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New Rules for OCI Holders: गृह मंत्रालय ने ओसीआई कार्डधारकों के लिए नया नियम जारी किया है, जिसमें गंभीर अपराध में सजा पाने पर उनका रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है. यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया …और पढ़ें
सरकार OCI को लेकर काफी सख्त है. (File Photo)2 साल सजा या 7 साल वाली चार्जशीट…
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है, “नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D के क्लॉज (da) के तहत केंद्र सरकार यह निर्धारित करती है कि जिस व्यक्ति को कम से कम दो साल की कैद की सजा मिली हो या जिसके खिलाफ सात साल या उससे अधिक की सजा वाले अपराध का आरोप पत्र दायर किया गया हो, उसका OCI पंजीकरण रद्द किया जाएगा.” OCI कार्ड भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को बिना वीजा भारत आने की सुविधा देता है. यह योजना अगस्त 2005 में शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रवासी भारतीयों को भारत से जोड़ना था. OCI के लिए वही व्यक्ति एलिजिबल होता है जो 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत का नागरिक था. या उस तारीख को भारत का नागरिक बनने के योग्य था. हालांकि, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों के नागरिक इस योजना के तहत पात्र नहीं हैं.
भारत में नहीं मिलेगी एंट्री
नई नीति को प्रवासी भारतीय समुदाय में एक सख्त कदम के रूप में देखा जा रहा है. सरकार का कहना है कि यह प्रावधान गंभीर अपराधों को रोकने और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी है. इससे सुनिश्चित होगा कि भारत के साथ विशेष दर्जा रखने वाले लोग आपराधिक गतिविधियों में शामिल न हों. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस बदलाव का सीधा असर उन OCI कार्डधारकों पर पड़ेगा जो विदेश में रहते हुए भी भारत आते-जाते रहते हैं. यदि उनके खिलाफ किसी भी गंभीर अपराध का मामला दर्ज होता है, तो उनका कार्ड तुरंत रद्द किया जा सकता है, जिससे उनकी भारत यात्रा और निवेश योजनाओं पर असर पड़ेगा. सरकार का यह कदम OCI धारकों को यह संदेश देता है कि भारत के विशेष दर्जे का लाभ उठाने के साथ-साथ उन्हें कानून का सम्मान और पालन भी करना होगा.

पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें
पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और… और पढ़ें

