Success Story: दरभंगा के कसनौरैनी गांव में बिना बैंक लोन के शुरू हुआ श्याम किशोर महतो का बकरी फार्म अब ग्रामीण आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन रहा है. सरकारी योजना के तहत बकरी पालन के लिए आवेदन देने के बावजूद महीनों तक बैंक से लोन न मिलने पर महतो ने हार मानने के बजाय खुद की छोटी पूंजी से रास्ता चुना. उन्होंने 6 देसी बकरियों से शुरुआत की, जो अब बढ़कर 12 हो चुकी हैं. गांव में पारंपरिक बकरी पालन को महतो ने व्यवस्थित फार्म का रूप दिया है. जहां बकरियों को बांधकर रखना, साफ-सफाई, संतुलित चारा और बीमारी से बचाव पर खास ध्यान दिया जाता है. सीमित संसाधनों के कारण उन्होंने विदेशी नस्ल की जगह देसी बकरियां चुनीं, जो स्थानीय मौसम में ज्यादा टिकाऊ साबित हो रही हैं. दूध और बकरियों की समय-समय पर होने वाली बिक्री से उनकी नियमित आमदनी बन गई है. महतो की यह पहल अब गाँव के युवाओं को भी छोटे उद्यम की ओर प्रेरित कर रही है.

