नई दिल्ली (Viral Post). भारत की सिलिकॉन वैली के तौर पर मशहूर बेंगलुरु अपनी हाई टेक्निकल जॉब्स और स्टार्टअप की दुनिया के लिए जाना जाता है. यहां इंजीनियर्स को हाई पैकेज वाली नौकरी मिलती है. लेकिन इस बार हम इंजीनियर नहीं, बल्कि एक ऑटो ड्राइवर की बात कर रहे हैं. शहर के एक साधारण ऑटो-रिक्शा ड्राइवर ने अपनी असाधारण प्रॉपर्टी का खुलासा करके पूरे इंटरनेट जगत में अविश्वास और जिज्ञासा का तूफान खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा पोस्ट वायरल हो रहा है.
गैजेट्स के चक्कर में ठनका माथा
आकाश आनंदानी कम्यूट के लिए जिस ऑटो में बैठे, उसके ड्राइवर के गैजेट्स देखकर चौंक गए. ड्राइवर की कलाई पर एपल वॉच थी और कानों में एयरपॉड्स. उत्सुकता में बातचीत शुरू हुई तो ड्राइवर ने फिल्मी कहानी जैसी लाइफ स्टोरी सुना दी. चालक ने बताया कि पहले ऑटो चलाना ही उनका प्राइमरी काम था लेकिन अब वह केवल वीकेंड पर पुरानी यादों को ताजा करने या हॉबी के लिए ऑटो चलाते हैं. उनकी मुख्य कमाई किराए और निवेश से आती है.
Bangalore is fucking crazy the auto wala bhaiya said he has 2 houses worth 4-5 crs both on rent earns close to 2-3 lakhs per month , and is a startup founder / investor in a ai based startup bruh
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. लोग कह रहे हैं कि क्या यह कहानी बेंगलुरु के शहरी मिथकों (Urban Legends) की ही कोई कड़ी है या फिर यह सच में उन किस्मत के धनी स्थानीय लोगों की कहानी है, जिन्होंने सालों पहले सस्ती जमीनें खरीदकर सोने की खान बना ली थी. यह विवादित और दिलचस्प दावा इस बात का प्रमाण है कि बेंगलुरु एक ऐसा शहर है, जहां धन और अवसर की परतें काफी छिपी हुई हैं.
‘सच’ और ‘झूठ’ की बहस
ऑटो ड्राइवर के इस हैरान करने वाले दावे पर सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं हैं:
पच नहीं रही कहानी
सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग इस कहानी को पचा नहीं पाया. कई यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए कहा कि वह निवेश करने के लिए संभावित स्टार्टअप फाउंडर्स को ढूंढ रहा होगा. कुछ ने इसे पूरी तरह से मनगढ़ंत कहानी करार दिया. 2-3 लाख रुपये की कमाई और AI स्टार्टअप में निवेश जैसी बातें ऑटो-चालक के प्रोफाइल के साथ मेल नहीं खा रहे. कई लोगों ने शिकायत भी की कि यह ‘अमीर ऑटो-चालक’ वाली कहानी हर महीने सोशल मीडिया पर क्यों आती है.
‘सच्चे’ करोड़पतियों के पक्ष में तर्क
पुरानी जमीनों का जादू: कुछ यूजर्स ने कमेंट में लिखा कि व्हाइटफील्ड जैसे क्षेत्रों में कई बुजुर्ग स्थानीय ड्राइवर हैं, जिन्होंने कई दशक पहले पानी के भाव पर बड़े भूखंड खरीदे थे. आज उन भूखंडों की कीमत करोड़ों में है और वे किराए पर दिए गए हैं.
निवेशक की भूमिका: इन लोगों ने तर्क दिया कि वह व्यक्ति ‘फाउंडर’ भले न हो, लेकिन अपने धन का सही इस्तेमाल छोटे स्टार्टअप्स में एंजर इन्वेस्टर के रूप में जरूर कर सकता है. इससे उसके इनकम सोर्स में काफी डायवर्सिटी आ सकती है.

