Thursday, August 27, 2026
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सपा विधायक हसन रूमी 18 फीट गहरे गड्ढे में उतरे: बोले- जिम्मेदारों की खुलनी चाहिए पोल, बारिश के बाद भी धरने पर बैठे – Kanpur News




कानपुर के जाजमऊ में सड़क धंसने से बने 18 फीट गहरे गड्ढे को लेकर गुरुवार को सियासत गरमा गई। कैंट विधानसभा से सपा विधायक हसन रूमी दोपहर करीब 12:45 बजे मौके पर पहुंचे और सीढ़ी के सहारे खुद गड्ढे में उतरकर स्थिति का जायजा लिया। विधायक के गड्ढे में उतरते ही मौके पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग जुट गए। यह गड्ढा जाजमऊ के सरैया चौराहे पर जलकल की लाइन में लीकेज के कारण बना है। मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद जाजमऊ से सर्किट हाउस जाने वाली वीआईपी सड़क पर अचानक यह बड़ा गड्ढा हो गया था, जो करीब 5 मीटर चौड़ा और 18 फीट गहरा है। इस घटना ने सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गड्ढे में एक बुजुर्ग और एक बच्चा भी गिर चुका है। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आसपास बैरिकेडिंग कर आवागमन को सुरक्षित किया है। गुरुवार को विधायक हसन रूमी ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सीढ़ी मंगवाकर गड्ढे के अंदर उतरकर उसकी गहराई और स्थिति का जायजा लिया। विधायक के गड्ढे में उतरने की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। विधायक हसन रूमी ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण और देखरेख के लिए जिम्मेदार विभागों की निगरानी कहां थी। उन्होंने मामले की जांच और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों व कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की मांग की। विधायक के साथ मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने भी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने गड्ढे का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।



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चाँदपूरा में पानी भरने से ग्रामीण परेशान: स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित, सड़े पानी के दुर्गंध से बीमारी फैलने का खतरा – Begusarai News




बेगूसराय सदर के चाँदपुरा पंचायत के वार्ड संख्या 6 में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। बैंक चौक से गाछी टोला जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी जमा होने से हजारों की आबादी प्रभावित है। बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर कई दिनों तक पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इसके साथ ही, सड़े हुए पानी से दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है। जलजमाव के कारण सड़क से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी के निकास की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा स्थानीय निवासियों के अनुसार, पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के बाद लंबे समय तक सड़क पर पानी जमा रहता है। इस स्थिति से सड़क की हालत भी लगातार खराब हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क आसपास के कई टोले और मोहल्लों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं, जिससे जलजमाव, गंदगी और दुर्गंध के कारण उन्हें भारी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों में रणधीर कुमार, संजय कुमार, विकास कुमार, ज्योतिशंकर कुमार और प्रमोद कुमार सहित अन्य लोगों ने मुखिया अरविंद कुमार साह से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है। उन्होंने पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और सड़क की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि स्थानीय लोगों को जलजमाव और दुर्गंध से राहत मिल सके।



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करैरा में दिवार तोड़कर किराना दुकान से चोरी: 15 हजार नकद सहित, करीब 40 हजार का सामान ले गया चोर; CCTV में कैद हुई वारदात – Shivpuri News




शिवपुरी जिले के करैरा में एक किराना दुकान में चोरी हुई है। अज्ञात चोरों ने दुकान की दीवार तोड़कर सामान और नकदी चुरा ली। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चुराया काजू-बादाम चोरों ने दुकान से काजू, बादाम, इलायची, सिगरेट और गुटखा जैसे सामान चुराए। इसके साथ-साथ लगभग 15 हजार रुपए नकद भी चुरा लिए। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। रात को हुई चोरी ग्राम करही निवासी चंद्रभान सिंह रावत (50) रोड किनारे अपनी किराना दुकान चलाते हैं। उन्होंने रात करीब 8 बजे दुकान बंद कर दी थी। गुरुवार सुबह लगभग 6 बजे संतोष परिहार ने उन्हें दुकान की दीवार टूटी होने की सूचना दी। आरोपी की तलाश जारी सूचना मिलने पर चंद्रभान सिंह ने दुकान खोलकर देखा तो बगल वाली दीवार टूटी हुई थी। अंदर जांच करने पर उन्हें सामान और नकदी गायब मिली। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उनकी तलाश जारी है।



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नेपाल- तबाही से पहले और बाद की 9 सैटेलाइट तस्वीरें: त्रिशूली नदी में बह गईं बस्तियां, 6 घंटे के सैलाब ने बदला नक्शा


3 मिनट पहले

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नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ से हुई तबाही सैटेलाइट से भी दिखाई दे रही है। सैलाब में गांव और बाजार बह गए, सड़कें और पुल मलबे में दब गए। हर तरफ मटमैला पानी और पहाड़ी मलबा नजर आ रहा है। इस बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पूरे इलाके का नक्शा बदल दिया।

नीचे देखिए तबाही से पहले और बाद की 9 सैटेलाइट तस्वीरें…

सभी तस्वीरें तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुआ जिले की हैं। जहां त्रिशूली नदी ने अपने किनारे बसे गांवों और बस्तियों को 6 घंटे की बाढ़ में अपने चपेट में ले लिया।

अब ग्राफिक्स में देखिए कहां और कैसे हुआ हादसा…

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तिब्बत में लैंडस्लाइड से नेपाल में आई बाढ़, 210 मौतें:1500 लापता; 300 भारतीय की तलाश जारी, आज 21 भारतीयों का रेस्क्यू

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ में 210 लोगों की मौत हो गई। इनमें नेपाल में 207 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक वहां कुल 826 लोग लापता हैं। इसमें 300 से ज्यादा भारतीय हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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पोहा-उपमा से हो गए बोर? बनाइए हैदराबादी बेसन का ये मजेदार नाश्ता

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Hyderabadi Besan Recipe in Hindi: हैदराबादी बेसन दक्कनी रसोई का एक पारंपरिक और स्वादिष्ट नाश्ता है. इसे बेसन, आलू और भारतीय मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है. राई, जीरे और करी पत्ते का तड़का इसे खास स्वाद देता है. यह डिश बनाने में बेहद आसान है और झटपट तैयार हो जाती है. इसे गरमा-गरम रोटी, पूरी या पराठे के साथ परोसा जाता है. रोज के साधारण नाश्ते से हटकर कुछ नया और जायकेदार खाने का मन हो तो यह रेसिपी बेस्ट ऑप्शन है.

ख़बरें फटाफट

Hyderabad: हैदराबाद अपने समृद्ध खान-पान और नवाबी जायके के लिए दुनिया भर में मशहूर है. जब भी हम हैदराबादी व्यंजनों की बात करते हैं, तो अक्सर बिरयानी, हलीम या मिर्ची का सालन का नाम दिमाग में आता है. लेकिन दक्कनी रसोई की असल खूबसूरती उसके साधारण और झटपट बनने वाले घरेलू पकवानों में छिपी है. इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक नाश्ता है हैदराबादी बेसन.

यह व्यंजन बेसन, उबले या भुने आलू और खुशबूदार भारतीय मसालों के अद्भुत संगम से बनता है. करी पत्ता, राई और जीरे का छौंक इसे एक अनूठा क्षेत्रीय स्वाद प्रदान करता है. यदि आप रोज के नाश्ते में पराठे, पोहा या उपमा खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है.

आवश्यक सामग्री
हैदराबादी बेसन बनाने के लिए आपको रसोई में आसानी से मिलने वाली इन सामग्रियों की जरूरत होगी:

  • बेसन घोल के लिए: 1 कप बेसन और 2 कप पानी.
  • तड़का और करी के लिए: 2 चम्मच तेल, 1/2 चम्मच राई, 1/2 चम्मच जीरा, 10-12 करी पत्ते.
  • सब्जियां और मसाले: 1 बारीक कटा प्याज, 2 हरी मिर्च (बारीक कटी), 1 आलू (छोटे टुकड़ों में कटा हुआ), 1 चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट.
  • सूखे मसाले: 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 चम्मच जीरा पाउडर और स्वादानुसार नमक.
  • गार्निशिंग: ताजा बारीक कटा हरा धनिया.

बनाने की आसान विधि
हैदराबादी बेसन को सही स्वाद और बनावट देने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • घोल तैयार करें: एक बर्तन में 1 कप बेसन और पानी मिलाकर बिना गांठ वाला चिकना घोल बना लें और एक तरफ रख दें.
  • तड़का लगाएं: कड़ाही में तेल गरम करें. राई और जीरा डालकर चटकने दें. इसके बाद प्याज, हरी मिर्च और करी पत्ता डालकर सुनहरा होने तक भूनें.
  • मसाले पकाएं: अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कच्चापन समाप्त होने तक भूनें. अब आलू, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा पाउडर और नमक मिलाएं. 1 कप पानी डालकर ढकें और आलू नरम होने तक पकाएं.
  • बेसन पकाएं: जब आलू पक जाएं, तो आंच धीमी करें. तैयार बेसन का घोल लगातार चलाते हुए डालें ताकि गुठलियां न बनें.
  • परोसें: धीमी आंच पर 4-5 मिनट बेसन के गाढ़े होने तक पकाएं. हरा धनिया डालकर गरमा-गरम रोटी, पूरी या पराठे के साथ परोसें.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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भाई को बचाने नाडी कूदी बहन, दोनों की मौत: स्कूल की छुट्‌टी थी, जंगल में बकरियां चराने गए थे – Pali (Marwar) News




स्कूल की छुट्टी होने के कारण 8 साल का राहुल और उसकी 10 साल की बहन रीना बकरियां चराने जंगल गए थे। दोनों भाई-बहन भीखा नाडा के पास थे। इसी दौरान नाडी के किनारे खड़े राहुल का अचानक पैर फिसल गया और वह पानी में गिर गया। राहुल को पानी में डूबता देख उसकी बहन रीना उसे बचाने के लिए तुरंत नाडी में कूद गई। उसने भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी गहरा होने के कारण दोनों संभल नहीं पाए और डूबने से दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले गए, जिसके बाद पुलिस ने शव रास हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए। दोनों की बॉडी देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यह घटना ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र में बुधवार को हुआ। बकरियां चराने जंगल की तरफ गए थे भाई-बहन रास थानाप्रभारी पन्नालाल सैनी ने बताया कि रूपनगर निवासी प्रकाश बावरी के 10 साल की बेटी रीना और 8 साल का बेटा राहुल बुधवार को भीखा नाडा की तरफ बकरियां चराने गए थे। स्कूल की छुट्टी होने के चलते दोनों भाई-बहन बकरियां चराने जंगल में गए थे। इस दौरान भीखा नाडा के पास राहुल खड़ा था। राहुल का पैर अचानक फिसल गया। इसके बाद वह नाडी में गिर गया। राहुल को नाडी में डूबता देखकर उसकी 10 साल की बहन रीना उसे बचाने के लिए नाडी में कूद गई। रीना ने राहुल को बचाने का प्रयास किया, लेकिन लाख प्रयास के बाद भी वह उसे नहीं बचा सकी। इसके बाद राहुल और रीना दोनों नाडी में डूब गए। जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे हादसे की जानकारी कुछ देर बाद ग्रामीणों को मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर एएसआई धर्माराम जाट पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को नाडी से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले गए। दोनों बच्चों की बॉडी नाडी से बाहर निकलने के बाद हादसे की जानकारी परिजन को हुई। बच्चों की बॉडी देखकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव रास हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



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BCom किया पर नौकरी नहीं ढूंढी! बुरहानपुर के 25 साल के युवा का ‘सीजनल फॉर्मूला’, 4 कामों से


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Nitesh Bhagat Seasonal Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में 25 वर्षीय नितेश भगत बीकॉम की पढ़ाई के बाद नौकरी की बजाय चार तरह के मौसमी व्यवसाय कर रहे हैं. वे पतंग, कपड़े, पटाखे और राखियों का व्यापार करते हैं, जिससे उन्हें सालभर अच्छी कमाई होती है और दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है.

Nitesh Bhagat Seasonal Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में युवा पढ़ाई-लिखाई के साथ कारोबार की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं. शहर के राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय नितेश भगत इसका उदाहरण हैं. बीकॉम फाइनल की पढ़ाई पूरी करने के बाद नितेश ने नौकरी की तलाश करने के बजाय अलग-अलग सीजन और त्योहारों के हिसाब से कारोबार शुरू किया. खास बात यह है कि वे साल के 12 महीनों में करीब चार तरह के व्यवसाय करते हैं. नितेश बताते हैं कि उन्होंने करीब 25 सालों से इस तरह के व्यवसाय से जुड़े परिवार के अनुभव को आगे बढ़ाया है. वे मौसम और त्योहार के अनुसार अलग-अलग सामान की बिक्री करते हैं. इनमें पतंग, कपड़े, पटाखे और राखियां शामिल हैं. साल के अलग-अलग समय पर इन वस्तुओं की मांग बढ़ती है जिसका फायदा नितेश अपने कारोबार में उठाते हैं.

दुकान संचालक ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को बिजनेस मेन नितेश ने बताया कि पतंग का कारोबार खास सीजन में किया जाता है. जबकि त्योहारों के समय कपड़े, राखियां और पटाखों की बिक्री पर ध्यान दिया जाता है. इस तरह एक कारोबार का सीजन खत्म होने के बाद दूसरे कारोबार की शुरुआत हो जाती है. इससे उन्हें पूरे साल कमाई का जरिया मिलता रहता है. नितेश बताते हैं कि अलग-अलग सीजन में कारोबार करने से सालभर में करीब तीन से चार लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है. उनके इस कारोबार से दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है. सीजन के अनुसार सामान की खरीदी बिक्री और ग्राहकों की जरूरत को समझकर वे अपना कारोबार चलाते हैं.

बीकॉम की है पढ़ाई
नितेश का कहना है कि छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने के लिए सबसे जरूरी है मेहनत सही समय और बाजार की मांग को समझना यदि व्यक्ति मौसम और त्योहार के हिसाब से सामान का चयन करे और ग्राहकों की जरूरत के अनुसार काम करे तो कम पूंजी में भी अच्छा व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है. पढ़ाई के साथ कारोबार को आगे बढ़ाते हुए नितेश युवाओं के लिए भी मिसाल बन रहे हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…

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उन्नाव में तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र बदले: 6 अधिकारियों की नई तैनाती, न्यायिक तहसीलों की भी बदली जिम्मेदारी – Unnao News




उन्नाव जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व कार्यों के त्वरित निस्तारण के लिए तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बुधवार रात तहसीलदारों के स्थानांतरण और नवीन तैनाती के आदेश जारी किए। आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश से नायब तहसीलदार पद से तहसीलदार पद पर प्रोन्नत अधिकारियों को जिले की अलग-अलग तहसीलों में तैनाती दी गई है। इसके अलावा जिले में पहले से तैनात कुछ तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर आए अधिकारियों को भी विभिन्न तहसीलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बांगरमऊ में अखिलेश मौर्य, साक्षी राय को न्यायिक जिम्मेदारी जारी आदेश के मुताबिक अखिलेश कुमार मौर्य को तहसीलदार बांगरमऊ बनाया गया है। यहां पहले से तैनात तहसीलदार साक्षी राय का स्थानांतरण करते हुए उन्हें तहसीलदार (न्यायिक) बांगरमऊ की जिम्मेदारी दी गई है। हसनगंज में तहसीलदार के पद पर तैनात अविनाश चौधरी को अब तहसीलदार सफीपुर बनाया गया है। वहीं कीरत सेन को तहसीलदार हसनगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीघापुर और पुरवा में भी नई तैनाती प्रियंका तिवारी को तहसीलदार बीघापुर और शिवम राठौर को तहसीलदार पुरवा के पद पर तैनाती दी गई है। इसके अलावा प्रतीक्षारत चल रहीं सुरभि गौतम को तहसीलदार (न्यायिक) पुरवा बनाया गया है। तहसीलदार (न्यायिक) सदर उन्नाव राकेश कुमार यादव को अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ सर्वे का कार्य भी सौंपा गया है। तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश जिलाधिकारी के आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को नवीन तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार फेरबदल का उद्देश्य तहसील स्तर पर राजस्व कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करना, जनसमस्याओं का तेजी से निस्तारण करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। नई तैनातियों के बाद जिले की तहसीलों में राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी आने और आम लोगों से जुड़े कामकाज को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किए जाने की उम्मीद है।



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ककोड़ा-चना दाल की सब्जी का स्वाद बढ़ाएगा ये देसी तरीका, जरूर आजमाएं

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Kakoda Chana Dal Sajzi Recipe: बरसात आते ही बाजार में मिलने वाला ककोड़ा कई घरों की रसोई का स्वाद बदल देता है. अगर इसकी सब्जी को चना दाल के साथ बनाया जाए तो साधारण सी सब्जी भी बेहद स्वादिष्ट बन जाती है. खास बात यह है कि इसके लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. प्याज, हरी मिर्च और रोजाना इस्तेमाल होने वाले मसालों से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. ककोड़ा काटते समय इसके बीज निकालने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सब्जी का स्वाद बढ़ाते हैं. चना दाल और ककोड़ा की यह देसी सब्जी रोटी, पराठे या चावल के साथ स्वादिष्ट लगती है.

बारिश के मौसम में अगर कुछ अलग और स्वादिष्ट खाने का मन हो तो ककोड़ा की सब्जी एक अच्छी सब्जी है. ककोड़ा इस मौसम में आसानी से मिलने वाली सब्जी है. इसे चना दाल के साथ बनाया जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. खास बात यह है कि इसे घर में मौजूद मसालों से आसानी से तैयार किया जा सकता है. कम समय में बनने वाली यह सब्जी रोटी, पराठे और चावल के साथ खूब पसंद की जाती है.

चना दाल और ककोड़ा की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को सब्जी बनाने से करीब एक घंटे पहले पानी में भिगोकर रख दें. इसके बाद ककोड़ा को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उस पर लगी मिट्टी पूरी तरह निकल जाए. अब ककोड़ा को दो टुकड़ों में काट लें. इसके अंदर के बीज और बीच के हिस्से को फेंकने की जरूरत नहीं है. इसे भी सब्जी में इस्तेमाल किया जा सकता है. ककोड़ा के बीज सब्जी का स्वाद बढ़ाते हैं और खाने में भी अच्छे लगते हैं.

इसके बाद प्याज और हरी मिर्च को बारीक काट लें और लहसुन को छीलकर तैयार कर लें. अब गैस पर कढ़ाई रखें और उसमें सरसों का तेल डालें और तेल गर्म होने पर जीरा डालें. इसके बाद कटी हुई प्याज और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी, स्वादानुसार नमक, गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें. मसालों को अच्छी तरह पकाएं.

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जब मसाला तेल छोड़ने लगे तो इसमें भिगोई हुई चना दाल डालें. कढ़ाई को ढककर करीब पांच मिनट तक दाल को पकाएं. जब दाल थोड़ी नरम हो जाए तो इसमें कटे हुए ककोड़ा डाल दें. अब इसे अच्छी तरह मिलाकर करीब 10 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें, ताकि यह कढ़ाई में लगे नहीं.

जब ककोड़ा और चना दाल अच्छी तरह पक जाएं तो गैस बंद कर दें. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें. इस तरह चना दाल और ककोड़ा की स्वादिष्ट सब्जी बनकर तैयार हो जाएगा. इसे गरमा-गरम रोटी, पराठे या चावल के साथ परोसा जा सकता है. बारिश के मौसम में कम सामग्री और आसान तरीके से बनने वाली यह देसी सब्जी खाने का स्वाद बढ़ा सकती है.

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बांका में हाईवा ने 60 साल के शख्स को कुचला;मौत: 30 फीट तक घसीटा; सड़क पर क्षत-विक्षत हुआ शव, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम – Banka News




बांका में बुधवार शाम तेज रफ्तार हाईवा ने 60 साल के शख्स को कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन उन्हें लगभग 30 फीट तक घसीटता ले गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना धोरैया थाना क्षेत्र के धोरैया-पंजवारा स्टेट हाईवे पर बेलडीहा के पास हुई। मृतक की पहचान मयंक कुमार सिंह उर्फ धर्मप्रकाश सिंह (60) के रूप में हो रही है। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और फरार चालक की गिरफ्तारी की मांग की। बुधवार देर रात तक जाम की समस्या बनी रही। सड़क पर बुरी तरह क्षत-विक्षत हुआ शव दरअसल, मयंक कुमार सिंह बुधवार देर शाम अपने घर से पास के शिव मंदिर में आरती में शामिल होने जा रहे थे। पंजवारा की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन उन्हें लगभग 30 फीट तक घसीटता ले गया, जिससे मयंक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए और सड़क जाम कर दिया। सूचना पाकर बीडीओ अरविंद कुमार और धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने ग्रामीणों को फरार हाईवा चालक को जल्द पकड़ने और सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।हालांकि,ग्रामीण तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। स्टेट हाईवे पर लगा जाम जाम के कारण स्टेट हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे।काफी मशक्कत के बाद,फरार वाहन चालक को जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और सड़क जाम समाप्त किया गया। मृतक मयंक सिंह की पत्नी उर्मिला देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके दो बेटे राहुल और ऋतिक तथा एक पुत्री ब्यूटी हैं। बड़ा बेटा राहुल आंख से दिव्यांग है,जबकि छोटा बेटा ऋतिक जमशेदपुर की एक निजी कंपनी में काम करता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया। धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार हाईवा और उसके चालक की तलाश की जा रही है।



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