Thursday, September 24, 2026
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श्रावस्ती में 12 स्थानों की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन: श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ बूढ़ी राप्ती और भकला घाट में किया विसर्जन – Shravasti News


श्रावस्ती1 मिनट पहले

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श्रावस्ती जिले में 14 सितंबर से चल रहे गणेश महोत्सव का बुधवार रात्रि 10:00 बजे तक कई जगहों पर श्रद्धा के साथ समापन हुआ। लक्ष्मणपुर बाजार, परसिया राजा, हरैया तराई और संग्रामगंज समेत करीब 12 स्थानों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं।श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों और भक्ति गीतों के साथ पैदल विसर्जन स्थलों तक पहुंचे।

लक्ष्मणपुर बाजार से शाम करीब सात बजे रथ पर सजी गणेश प्रतिमा के साथ शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। वे करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर बहादुरपुर गोड़पुरवा स्थित बूढ़ी राप्ती नदी पहुंचे। यहां विधि-विधान से पूजा और आरती के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

भिनगा बाजार के चार स्थानों से शाम करीब छह बजे विसर्जन यात्रा निकली। डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर भकला घाट पहुंचे। यहां पूजा के बाद गणेश प्रतिमाओं को पवित्र जल में विसर्जित किया गया। लक्ष्मण नगर में भी गणेश महोत्सव के समापन पर शोभायात्रा निकालकर भकला घाट में प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

विसर्जन यात्राओं को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। शोभायात्रा के रास्ते और विसर्जन स्थलों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस की निगरानी में सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरे हुए। जिले के कई दूसरे इलाकों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 25 सितंबर को होगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि किसी भी शुभ काम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने पर सारी बाधाएं दूर होती हैं। इसी वजह से उन्हें विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य कहा जाता है।

गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक जगहों पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और प्रसाद बांटते हैं। उत्सव के आखिर में प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विसर्जन को गणपति को सम्मान के साथ विदाई देने का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु गणपति से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।



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UP-बिहार समेत 4 राज्यों के पुरुषों की No Entry! इस CEO के फैसले पर छिड़ी बहस


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बेंगलुरु की एक कंपनी के CEO कार्तिक एसजी ने उत्तर प्रदेश चार राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी न देने का ऐलान किया है. CEO ने इस फैसले की वजह एक पूर्व कर्मचारी पर महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी और जबरदस्ती की कोशिश के आरोपों को बताया. उनका कहना है कि कंपनी बच्चों के साथ भी काम करती है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. इस फैसले ने सोशल मीडिया पर हायरिंग, क्षेत्रीय पहचान और वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है. ये पूरा मामला क्या है और सीआईओ ने अपनी पोस्ट में क्या बताया है, इसके बारे में बताते हैं.

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पोस्ट की वजह से सोशल मीडिया पर हायरिंग, क्षेत्रीय पहचान और वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

जरा सोचिए, आप किसी कंपनी में नौकरी के लिए पहुंचते हैं, इंटरव्यू भी देते हैं, लेकिन तभी पता चलता है कि आपके राज्य की वजह से आपको नौकरी ही नहीं मिलेगी. सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन बेंगलुरु की एक कंपनी की हायरिंग पॉलिसी को लेकर ऐसा ही मामला सामने आया है. कंपनी ने कुछ राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देने का ऐलान किया है.

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है. कंपनी के CEO ने इस पॉलिसी के पीछे एक पूर्व कर्मचारी के साथ बदसलूकी करने की वजह बताई है. A1 Sports World के फाउंडर कार्तिक एसजी ने खुद 22 सितंबर को X पर पोस्ट कर कहा कि उनकी कंपनी अब उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देगी. उनके इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर हायरिंग, क्षेत्रीय पहचान और वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर बहस शुरू हो गई.

4 राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों पर रोक का ऐलान

कार्तिक ने अपनी पोस्ट में चार राज्यों के नाम साफ तौर पर बताए. इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश शामिल हैं. कार्तिक ने अपने फैसले की वजह एक पूर्व कर्मचारी से जुड़ी कथित घटना को बताया है. इस कंपनी में 32 कर्मचारी हैं, जिनमें 14 महिलाएं हैं. कार्तिक के मुताबिक, उनकी कंपनी बच्चों से जुड़े स्पोर्ट्स प्रोग्राम भी चलाती है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा उनके लिए अहम है. यह पोस्ट सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि किसी उम्मीदवार के राज्य के आधार पर भर्ती का फैसला करना कितना उचित है.

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे क्षेत्रीय भेदभाव से जोड़कर आलोचना की. वहीं कुछ लोगों ने कंपनी की सुरक्षा संबंधी चिंता पर बात की. इस तरह बहस सिर्फ एक कंपनी की भर्ती नीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सवाल भी उठा कि किसी कर्मचारी के कथित व्यवहार के बाद भर्ती प्रक्रिया में किस तरह बदलाव किए जाने चाहिए.

पूर्व कर्मचारी से जुड़ी घटना क्या थी?



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‘बेटे के हत्यारे के टुकड़े होंगे, तभी मन शांत होगा’: मां बोली- 5 साल के बच्चे का चेहरा तेजाब से जलाया, दोनों हाथ-पैर काट ले गए अपराधी – Begusarai News




‘मेरे 5 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है। सिर को धड़ से अलग कर दिया। दोनों पैर और हाथों के पंजे काटकर अपराधी ले गए हैं। हमलोग मौके पर पहुंचे तो बच्चे का सिर धड़ से 10 मीटर दूर पड़ा था। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को तेजाब से जला दिया। कानून से मेरी गुजारिश है कि हत्यारे को खोजकर हमारे सामने लाया जाए। जैसे मेरे बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया है, वैसे ही उस हत्यारे के टुकड़े किए जाएं, तभी मेरे कलेजे को शांति मिलेगी।’ ये बातें बेगूसराय की शबाना खातून ने कही है। जिनके लापता 5 साल के बेटे सुफियान की हत्या हुई थी, 22 सितंबर को उसकी लाश मिली थी। लाश काफी सड़ चुकी थी, इसलिए उसे पोस्टमॉर्टम के लिए 23 सितंबर को DMCH भेजा गया है। मामला तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल गांव का है। बच्चे के साथ कब क्या हुआ, कैसे लापता हुआ, उसकी लाश तक परिजन-पुलिस कैसे पहुंचे, मां ने और क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट… पहले घटनास्थल से सामने आई कुछ तस्वीरें देखिए… अभी भी झाड़ियों और पेड़ के पत्तों पर हैं खून के दाग दैनिक भास्कर की टीम ने मृतक के घर से लेकर घटनास्थल तक को देखा। सुफियान का घर धनकौल गांव के रिहायशी हिस्से में है, जबकि उसकी लाश घर से महज 300 मीटर की दूरी पर बलान नदी के बांध किनारे पाई गई। नदी किनारे स्थित एक सीमल (सेमर) के पेड़ के पास पुलिस ने पीली टेप लगाकर क्राइम सीन को सील कर रखा है। सीमल के पेड़ के तने और नीचे झाड़ियों में अभी भी खून के गहरे धब्बे मौजूद हैं। ये वही जगह है, जहां बच्चे की काटकर हत्या हुई थी। स्थानीय लोगों को आशंका है कि नशेड़ियों के गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है। मौके पर देसी-विदेशी शराब की खाली बोतलें, स्मैक की पुड़िये मिले हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि दोपहर से देर रात 2 बजे तक यहां स्मैकर्स, शराबियों और असामाजिक तत्वों का हुड़दंग रहता है। बहन के साथ घर से निकला था सुफियान मृतक सुफियान की मां शबाना खातून ने कहा कि मेरे तीन बच्चें हैं। सबसे बड़ी आइसा (9), दूसरी बेटी रेहाना (7) और सबसे छोटा सुफियान (5) था। सुफियान की हत्या के बाद 2 बेटियां रह गईं। बड़ी बेटी आइसा कोचिंग में पढ़ती है। वो रोज घर से करीब 100 मीटर दूर ट्यूशन पढ़ने जाती है। उसके साथ सुफियान भी जाता था, वो वहां पढ़ाई नहीं करता था। बस अपनी बहन के साथ बैठा करता था। 17 सितंबर को भी आइसा कोचिंग गई थी। पीछे-पीछे सुफियान भी गया था। बेटी घर लौट आई, पर बेटा नहीं आया शबाना खातून ने कहा कि आइसा पढ़ाई के बाद घर लौट आई थी, पर सुफियान नहीं था। मैंने आइसा से पूछा कि सुफियान कहां है। उसने बताया कि वो तो कोचिंग के बाहर ही रुका हुआ था। मुझे लगा कि वो घर आ गया होगा। जिसके बाद हमने सुफियान को पूरे गांव में खोजा। लाउडस्पीकर से आवाजें दी गई, रिश्तेदारियों में फोन घुमाए गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात में गांव के लोगों ने टॉर्च लेकर खेतों, झाड़ियों और सुनसान इलाकों में छानबीन की, मगर हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मायूसी ही हाथ लगी। जेठ कब्रिस्तान की तरफ गए तो लाश देखी शबाना ने बताया कि 22 सितंबर को जब मेरे भैंसूर (जेठ) कब्रिस्तान और नदी किनारे की तरफ गए, तो देखा कि 4-5 कुत्ते एक जगह घेरा बनाए हुए थे। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनका कलेजा कांप गया, वहां मेरे सुफियान का शरीर पड़ा था। सिर और धड़ अलग थे। उन्होंने घर आकर हमें सूचना दी, फिर पुलिस भी आई। हमारी गांव में या बाहर किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। मेरे बेगुनाह मासूम को दरिंदगी से काटा गया है। परिजन-ग्रामीण को साजिश की आशंका परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार 16 सितंबर की शाम सुफियान घर में मकई का भुट्टा (कॉर्न) खाते हुए आया था। जब मां शबाना ने उससे पूछा कि यह भुट्टा कहां से मिला, तो मासूम ने बताया था कि एक आंटी ने खाने के लिए दिया है। अगले दिन, 17 सितंबर को 3:30 से 4:00 बजे के बीच, सुफियान रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गया। 16 सितंबर को इसी समय उसे किसी ने भुट्‌टा खाने के लिए दिया था। दिल्ली से इलाज कराने आए थे बीमार पिता सुफियान का परिवार आर्थिक और शारीरिक दुखों से जूझ रहा है। सुफियान के पिता मोहम्मद शकील लंबे समय से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। शकील सपरिवार दिल्ली में रहकर छोटी-मोटी मजदूरी करते थे, लेकिन कुछ महीने पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों के मुताबिक शकील की दोनों किडनियां और लीवर फेल हो चुके हैं, साथ ही उन्हें ब्रेन ट्यूमर की भी शिकायत है। दिल्ली में इलाज का खर्च न उठा पाने और स्थिति बिगड़ने पर वे करीब 6 महीने पहले अपने गांव धनकौल लौट आए थे। गांव वालों का कहना है कि जो व्यक्ति खुद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा हो और महीनों से बिस्तर पर पड़ा हो, उसकी भला किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है? किसी ने दुश्मनी निकाली है ग्रामीण मोहम्मद नासिर ने बताया कि तेजाब के असर से मासूम के सिर के पूरे बाल गायब हो चुके थे। स्किन जलकर काली पड़ चुकी थी और चेहरा पूरी तरह गल चुका था। कातिल ने बच्चे के हाथों की दोनों हथेलियों और पैरों के पंजों को धारदार हथियार से बेहद बेरहमी से काटा था। किसी ने अपनी दुश्मनी निकालने के लिए मासूम को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद से गांव में ऐसा खौफ है कि लोग अपने छोटे बच्चों को घर के आंगन से भी बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है- डीएसपी मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि 5 वर्षीय मोहम्मद सुफियान के 17 सितंबर को गायब होने की सूचना तेघड़ा थाना को दी गई थी। तेघड़ा थाना की पुलिस इस संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान 22 सितंबर को उसका शव बलान नदी के किनारे झाड़ी में मिला। शव को बरामद कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।



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रायसेन में टैक्स बकायादारों पर होगी तालाबंदी: 6 करोड़ से ज्यादा बकाया, दुकानों पर नोटिस चस्पा; वेतन के लिए हर माह 60 लाख रुपए चाहिए – Raisen News




रायसेन में नगर पालिका ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले बकायादारों के खिलाफ अब सख्ती शुरू कर दी है। शहरवासियों पर नगर पालिका का 6 करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्स बकाया है। सीएमओ सुरेखा जाटव ने कहा है कि बार-बार सूचना देने के बाद भी बकाया जमा नहीं करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका की ओर से बकायादारों को लगातार टैक्स जमा करने की सूचना दी जा रही है। इसके बावजूद कई बड़े बकायादार राशि जमा नहीं कर रहे हैं। अब ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हर महीने 60 लाख रुपए वेतन में खर्च नगर पालिका में 102 स्थायी कर्मचारी हैं। इनके वेतन पर हर महीने करीब 60 लाख रुपए खर्च होते हैं। नपा अधिकारियों के अनुसार, बड़ी मात्रा में टैक्स बकाया होने से राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है। इसका असर नगर पालिका की आर्थिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर टैक्स जमा होने से कर्मचारियों के वेतन के साथ शहर की जरूरी सेवाओं और दूसरे खर्चों के लिए भी पर्याप्त राशि उपलब्ध रहेगी। तीन दुकानों पर नोटिस, आवंटन रद्द करने की तैयारी महामाया चौक स्थित दीनदयाल परिसर की तीन दुकानों पर भी नगर पालिका ने नोटिस चस्पा किए हैं। दुकानदारों को बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में राशि जमा नहीं होने पर दुकानों का आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। नपा ने बकायादारों से टैक्स जमा करने की अपील की सीएमओ सुरेखा जाटव ने व्यापारियों और शहरवासियों से अपील की है कि वे अपना बकाया टैक्स समय पर जमा करें। उन्होंने कहा कि नगर पालिका अब बकाया टैक्स की वसूली के लिए अभियान तेज करेगी। उन्होंने बताया कि जो लोग लगातार सूचना के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नपा ने शहरवासियों से नगर पालिका की सेवाओं और विकास कार्यों के संचालन में सहयोग करने की अपील की है।



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पत्नी विधवा कोटे से बनी सरकारी टीचर,पति ने करवाई FIR: बोला- फर्जी डॉक्यूमेंट दिए; मोबाइल पर बोलते सुना- पति पसंद नहीं, रास्ते से हटाना पड़ेगा – Jaipur News




जयपुर में महिला पर दूसरी शादी करने के बावजूद फर्जी डॉक्यूमेंट से विधवा कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। यह आरोप उसके दूसरे पति ने लगाया है। आरोप है कि महिला ने दूसरी शादी से तीसरी संतान होने की बात भी छुपाई। झूठे शपथ-पत्रों को पेश कर कई सरकारी लाभ तक उठा लिए। महिला के तलाक का दबाव बनाने पर दूसरे पति ने जयपुर पुलिस में 22 सितंबर को FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले 45 साल के युवक ने FIR करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार- मई 2021 में युवक की महिला से लव मैरिज हुई थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी। उसकी पहले पति से दो बेटियां थी। शादी के बाद से दोनों बेटियों को दूसरे पति के परिवार में स्वीकार किया गया। दूसरी शादी के बाद महिला ने मार्च 2022 में एक बेटी को भी जन्म दिया। पति का आरोप है- उसने पत्नी को मोबाइल पर किसी से बातचीत करते सुना था। इस दौरान वह कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, उसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। SHO ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पति के आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जॉब लगने पर बदला व्यवहार शिकायत में बताया- शादी से पहले महिला ने आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर कई बार रुपए ऐंठे थे। अलग-अलग जरूरत बताकर लाखों रुपए हड़प लिए। शादी के समय महिला कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। साल 2022 में महिला का सिलेक्शन ग्रेड थर्ड टीचर के पद पर हो गया। उसकी नियुक्ति जयपुर में ही टीचर के पद पर हो गई। इसके बाद महिला का व्यवहार बदल गया। स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद काफी समय तक घर नहीं लौटती थी। घर आने के बाद भी घंटों मोबाइल पर बातचीत और सोशल मीडिया पर बिजी रहती थी। पूछने पर स्कूल में ज्यादा काम और अन्य कारण बताकर बात टाल देती थी। स्कूल पहुंचने पर मिली गायब पति का आरोप है कि साल 2023 में एक दिन वह किसी जरूरी काम के कारण स्कूल पहुंच गया। पत्नी स्कूल में नहीं मिली। प्रिंसिपल के साथ बाहर जाने का पता चला। फोन भी नहीं उठाया। कुछ देर बाद प्रिंसिपल के साथ स्कूल लौटी। वह ऐसे दिखाने लगी, जैसे वह मुझे नहीं जानती। प्रिंसिपल ने पूछा तो मैंने खुद का परिचय उसके पति के रूप में दिया। ये सुनकर प्रिंसिपल ने चौंकते हुए मेरी पत्नी को कहा कि आप खुद को विधवा और सिंगल मदर बताती हैं। इसके बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। प्रिंसिपल से अफेयर का शक युवक ने प्रिंसिपल से नजदीकियों का विरोध किया तो वह उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगी। साल 2025 में दीपावली से कुछ समय पहले महिला बिना बताए घर से चली गई। कॉन्टैक्ट करने पर कॉल नहीं उठाया। देर रात घर लौटने पर गाली-गलौज किया। इसके दो दिन बाद फिर बिना बताए घर से चली गई। लौटने पर गुस्सा कर कुछ नहीं बताया। ‘पति पसंद नहीं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा’ पति का आरोप है कि एक दिन वह अपने काम पर जाने के लिए घर से निकला। कोई काम याद आने पर घर लौट आया। घर लौटने पर पत्नी मोबाइल पर बात कर रही थी। उसे मेरे घर लौटने का पता नहीं था। बातचीत सुनने पर पता चला कि वह किसी से कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। तुम कोई व्यवस्था करो, चाहे कितना भी पैसा लगे। यह डराने-धमकाने से नहीं मानेगा। इसे तो रास्ते से ही हटाना पड़ेगा। मुझे अचानक घर पर देखकर वह घबरा गई। कॉल बंद कर दी। पूछने पर झगड़ा करते हुए दोनों बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई। कुछ दिन बाद घर में रखे डॉक्यूमेंट मिले। चेक करने पर पता चला कि उसने खुद को विधवा बताकर नौकरी हासिल की है। विधवा कोटे का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल की। तीसरी संतान के जन्म की बात भी छुपाई गई थी। झूठा शपथ-पत्र किया था पेश शिकायत में बताया- सरकारी नौकरी के लिए महिला ने जून 2022 को शिक्षा विभाग में शपथ-पत्र पेश किया था। घोषणा की कि उसने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं की है। जबकि शपथ-पत्र दिए जाने के 13 महीने पहले उसकी शादी हो चुकी थी। शपथ-पत्र पेश करने के 3 महीने बाद ही एक ओर बेटी का जन्म हो चुका था। RTE का भी उठाया फायदा सरकारी नौकरी होने के बाद भी राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बेटी के फेक डॉक्यूमेंट बनाकर निशुल्क एडमिशन करवाया। आरटीई कानून के तहत सालाना आय 2.50 लाख रुपए तक की है, जबकि उसकी नौकरी लगने के बाद अधिक सैलरी मिल रही थी। सरकारी नौकरी होने के बाद भी झूठे डॉक्यूमेंट से आरटीई के सरकारी लाभ का फायदा उठाया। नगर निगम में भी जालसाजी पति का आरोप है कि उसके कम पढ़े-लिखे होने का पत्नी ने फायदा उठाया। मई 2021 में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल तैयार करवाई गई थी। इसके आधार पर फेक विवाह प्रमाण-पत्र भी नगर निगम से बनवा लिया। इसमें शादी की तारीख अगस्त 2022 लिखवाई गई। इसके तहत तीसरी बेटी शादी से पहले ही हो गई। नगर निगम, शिक्षा विभाग और स्कूल में फेक डॉक्यूमेंट पेश कर सरकारी सेवा का लाभ उठाकर धोखाधड़ी की। शिक्षा विभाग ने शुरू की विभागीय जांच शिकायत में बताया- जालसाजी का पता चलने पर पत्नी की नियुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट और शिकायत प्रिंसिपल को दी। प्रिंसिपल ने भी फर्जीवाड़े में शामिल होकर शिकायत को दबाने का प्रयास किया। उसने शिकायत को अधिकारियों को नहीं भेजा। न ही विभागीय कार्रवाई शुरू करवाई। शिक्षा विभाग को नियुक्ति के संबंध में शिकायत और डॉक्यूमेंट पेश किए गए, जिसके आधार पर महिला के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला गंभीर पाते हुए विभागीय जांच प्रारंभ कर दी। झूठे केस में फंसाने की धमकी नवंबर 2025 में जांच शुरू होने पर पत्नी चुपचाप रहने लगी। पति की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। करीब 8 महीने चुप रहने के बाद जुलाई 2026 में विधिक नोटिस का जवाब भेजा। इसमें झूठे, गंभीर और पॉक्सो जैसे क्राइम के आरोप लगाए। नोटिस में धमकी दी कि या तो तलाक दे, नहीं तो झूठे केस में फंसाएगी। पुलिस के सामने बनाया दबाव पति का आरोप है कि साल 2021 में हुई शादी को लिव-इन में रहना बताया। जब वह FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई कर रहा था। इस दौरान थाने में उसे यह कहकर बुलाया गया कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद के संबंध में काउंसलिंग करनी है। थाने पहुंचने पर पत्नी ने शिक्षा विभाग में की गई शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया। यह लिखकर देने के लिए कहा कि शिक्षा विभाग में झूठी शिकायत की है। इसके साथ बिना किसी शर्त तलाक देने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर झूठे आरोपों के आधार पर पुलिस के सामने ही मारने और झूठी आपराधिक कार्रवाई करने की धमकियां दी। प्रिंसिपल की बहुत पहुंच होना बताकर धमकाया कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुलिस ने भी महिला पर कार्रवाई करने की बजाय उसे ही शांतिभंग में अरेस्ट कर लिया।



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जेलेंस्की बोले- रूस भारतीयों को बहला-फुसलाकर जंग में भेज रहा: 47 देशों के नागरिकों को भर्ती किया; जंग में भारत के 51 लोगों की मौत




यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बुधवार को UN महासभा में दावा किया कि रूस 47 देशों के नागरिकों को बहला-फुसलाकर अपनी सेना में भर्ती कर रहा है। इनमें भारत के लोग भी शामिल हैं। जेलेंस्की ने कहा कि इन देशों के नागरिकों को धोखे से रूस लाया गया और बाद में युद्ध के मैदान में भेज दिया गया। उन्होंने दूसरे देशों से अपने नागरिकों को रूस-यूक्रेन युद्ध से दूर रखने की अपील की। भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना में 227 भारतीय नागरिक भर्ती हुए थे। इनमें से 51 की मौत हो चुकी है और 139 को सेना से छुट्टी मिल चुकी है। भारत सरकार बाकी भारतीयों की वापसी के लिए रूस से बातचीत कर रही है। जेलेंस्की बोले- पुतिन ज्यादा जमीन कब्जाना चाहते हैं जेलेंस्की ने कहा कि रूस ज्यादा से ज्यादा लोगों को युद्ध में उतारकर यूक्रेन में अपनी पकड़ बढ़ाना चाहता है। उन्होंने दूसरे देशों से रूस पर दबाव बढ़ाने और उसकी युद्ध क्षमता कम करने की अपील की। रूस की कमाई रोकने की अपील जेलेंस्की ने रूस की आर्थिक कमाई पर रोक लगाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि रूस के युद्ध को जारी रखने के लिए उसकी आर्थिक ताकत को कमजोर करना जरूरी है। उन्होंने भारत, चीन और तुर्किये से रूस के साथ ऊर्जा कारोबार कम करने की अपील की। द वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में जेलेंस्की ने कहा कि इन देशों के साथ रूस का ऊर्जा कारोबार उसकी अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। उनके मुताबिक, अगर ये देश रूस से ऊर्जा खरीद कम करते हैं तो मॉस्को पर युद्ध रोकने का दबाव बढ़ेगा। उत्तर कोरिया पर रूस की मदद करने का आरोप जेलेंस्की ने उत्तर कोरिया पर भी रूस की मदद करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने रूस की मदद के लिए अपने सैनिक भेजे हैं। जेलेंस्की का दावा है कि इसके बदले उत्तर कोरिया को आधुनिक सैन्य तकनीक मिल रही है। इसमें बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन तकनीक से जुड़ी मदद भी शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन ने दो उत्तर कोरियाई युद्धबंदियों को दक्षिण कोरिया भेजा है। उनके मुताबिक, दोनों सैनिकों को जिंदा पकड़ना आसान नहीं था। सर्दियों में रूस की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले की चेतावनी जेलेंस्की ने चेतावनी दी कि अगर रूस यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रखता है तो यूक्रेन भी रूस की हीटिंग और ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बना सकता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने को लेकर समझौता कराने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा है कि अमेरिका ऐसे हमले रोकने के लिए समझौते की कोशिश कर रहा है। रूस के साथ व्यापार कम करने की अपील जेलेंस्की ने दूसरे देशों से रूस के साथ व्यापार कम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि रूस को व्यापार से जितना ज्यादा पैसा मिलेगा, उसके पास युद्ध जारी रखने के लिए उतने ही ज्यादा संसाधन रहेंगे। ——————— ये खबर भी पढ़ें… ईरानी राष्ट्रपति ने दिखाई मृत बच्चों की तस्वीर: UN में बोले- 200 साल में कोई हमला नहीं किया ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया। वे अपने साथ ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीर लेकर पहुंचे थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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1 मिठाई के लिए 3 km का बाजार… 150 दुकानें, 100 साल से जुबान पर राज कर रहा MP का ये स्वाद

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Rampur Khurchan Sweet: क्या आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश के रामपुर में एक ऐसी पारंपरिक मिठाई बनती है, जिसका स्वाद 100 साल से बरकरार है? पीढ़ियों से चले आ रहे इस खास जायके के मुरीद न केवल देश में हैं, बल्कि इसकी मांग अब अमेरिका तक पहुंच चुकी है. आखिर क्या है इस मशहूर खुरचन का अनोखा रहस्य? जानिए…

Satna News: अगर आप मीठे के शौकीन हैं और कभी मध्य प्रदेश के रामपुर इलाके से गुजरे हैं तो सड़कों के किनारे एक खास मिठाई की धीमी खुशबू आपको अपनी तरफ जरूर खींच लेगी. यहां की मशहूर खुरचन केवल एक मिठाई नहीं बल्कि 100 साल पुरानी परंपरा और बेमिसाल स्वाद की पहचान है. शुद्ध दूध को धीमी आंच पर पकाकर तैयार की जाने वाली यह खुरचन अपने गाढ़े स्वाद और खास बनावट के लिए जानी जाती है. स्थानीय लोगों के अलावा रामपुर आने वाले बाहरी लोग भी इसे चखना नहीं भूलते. यही वजह है कि इस खुरचन की पहचान अब केवल रामपुर तक सीमित नहीं है बल्कि देश-विदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंच चुकी है. यहां के परिवारों की पुरानी रेसिपी और वर्षों के अनुभव ने इसे रामपुर की खास शान बना दिया है.

40 साल का अनुभव और माता-पिता से मिली सीख
रामपुरबघेलन क्षेत्र के ग्राम नेमुआ वार्ड नंबर 5 के रहने वाले कमलेश पांडे पिछले 40 से भी ज्यादा सालों से यह मिठाई बेच रहे हैं. लोकल 18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी हैं जो इस कारोबार में लगी है. उन्होंने खुरचन बनाना अपने माता-पिता से सीखा था. कमलेश ने बताया कि शुरुआत में वह एक स्थायी ढाबा बनाकर खुरचन बेचते थे. फिर बाद में उन्होंने भी सड़क किनारे बाकी दुकानदारों की तरह टीन शेड की दुकान खोल ली. आज वह अपने गांव में बैठ के ही इस टीन शेड की दुकान से बस कम से कम 5 से 10 किलो खुरचन आसानी से बेच लेते हैं और इसके अलावा ऑर्डर में सप्लाई अलग से होती है.

3 किलोमीटर लंबा बाजार और 150 दुकानें 
पांडे जी ने बताया कि यह खुरचन बाजार 100 साल से भी ज्यादा पुराना है जो देश की आजादी से पहले से चला आ रहा है. आज इस तीन किलोमीटर लंबी नेशनल हाईवे की इस रोड में लगभग 150 दुकानें इस खुरचन मार्केट में सजी हुई हैं. पांडे जी ने बताया कि उनका खुद का बनाया खुरचन अमेरिका तक जाता है. वहीं पूरे रामपुर के खुरचन की बात करें तो यह देश के विभिन्न राज्यों के अलावा दुनिया के कई देशों तक सप्लाई किया जाता है.

धीमी आंच और कड़ाही में खुरचन बनाने की आसान प्रक्रिया
इस मशहूर मिठाई को बनाना बेहद सरल और पारंपरिक है. सबसे पहले एक साथ 6 कड़ाहियों को धीमी आंच पर चढ़ा दिया जाता है और हर कड़ाही में एक-एक पाव दूध डाला जाता है. जैसे-जैसे दूध उबलता है उसकी सतह और कड़ाही के किनारों पर मलाई की गाढ़ी परत जमने लगती है. उस मलाईदार परत को कड़ाही के किनारों पर ही चिपकाते जाना होता है. इसके बाद खुरचनी से कुरेदकर मलाई अलग कर ली जाती है और उसमें हल्की शक्कर मिलाई जाती है. फिर यही प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है और मलाई को खुरच-खुरचकर एक के ऊपर एक रखते जाते हैं इसके साथ ही बीच में शक्कर मिलाते रहते हैं.

रोल और पीसेस वाली खुरचन के प्रकार और दाम
यह खुरचन मिठाई मुख्य रूप से दो प्रकार से तैयार की जाती है. पहला प्रकार है रोल वाली खुरचन जो 600 रुपये किलो मिलती है. इसमें मलाई की सभी परतों को एक साथ रखकर रोल कर दिया जाता है. वहीं दूसरा प्रकार 400 रुपये किलो मिलता है जिसमें मलाई को एक के ऊपर एक रखकर छोटे-छोटे मिठाई के पीसेस में काट लिया जाता है.

महीने की 60000 कमाई और करोड़ों का कारोबार
कमाई के मामले में भी यह व्यवसाय बहुत बड़ा जरिया है. यहां की हर छोटी और मझोली दुकान दिन में 5 किलो खुरचन रोज बेच लेती है, जिससे महीने के हिसाब से 60 हजार रुपये तक की कमाई आसानी से हो जाती है. वहीं कई बड़े कारोबारियों का व्यवसाय तो करोड़ों से ऊपर पहुंच चुका है. रामपुर और आसपास के गांवों के 150 से अधिक परिवार इस व्यापार में लगे हुए हैं. वहीं पूरे क्षेत्र में हजारों लोगों के लिए खुरचन कमाई का मुख्य जरिया है क्योंकि इसके चलते स्थानीय डेयरी व्यापार भी लगातार फल फूल रहा है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…

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खाद्य विभाग पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप: बोले- रिपोर्ट से पहले व्यापारी का नाम क्यों, चैंबर ने की CM से जांच की मांग – Gorakhpur News




गोरखपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग के कुछ अधिकारियों पर व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। चेम्बर के अध्यक्ष संजय सिंघानिया ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच होने पर पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी। अंतिम रिपोर्ट से पहले व्यापारियों के नाम सार्वजनिक करने का आरोप संजय सिंघानिया ने कहा कि त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि कई मामलों में सैंपल की अंतिम जांच रिपोर्ट आने से पहले ही अखबारों में सैंपलिंग की खबर प्रकाशित कराकर व्यापारियों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को सैंपल की दोबारा जांच कराने का अधिकार है। इसके अलावा व्यापारी निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक अपना पक्ष रख सकता है। ऐसे में अंतिम निर्णय आने से पहले किसी व्यापारी का नाम सार्वजनिक करना उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। व्यापारी-बंधु बैठक में धमकी देने का आरोप चेम्बर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मार्च 2026 में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई व्यापारी-बंधु बैठक में भी व्यापारियों के साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया। उनका कहना है कि बैठक में व्यापारियों को “दो मिनट में ठीक कर देंगे” जैसी बात कही गई। सिंघानिया ने कहा कि व्यापारियों में इस तरह की कार्रवाई को लेकर डर का माहौल है। उनका आरोप है कि अधिकारियों की कार्रवाई से कारोबारियों की सामाजिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है। अगस्त 2025 से शिकायत का दावा चेम्बर अध्यक्ष के मुताबिक, संस्था की ओर से अगस्त 2025 से अधिकारियों के खिलाफ साक्ष्यों के साथ शिकायतें की जा रही हैं। उनका दावा है कि करीब 13 महीने बीतने के बाद भी इन शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायतों में भी कथित तौर पर भ्रामक और गलत आख्या लगाकर शिकायतों का निस्तारण दिखा दिया गया। सिंघानिया के अनुसार, अधिकारियों की ओर से यह भी कहा गया कि “जहां शिकायत करनी है कर लो, हमारी पहुंच बहुत ऊपर तक है।” मुख्यमंत्री से बाहर के अधिकारी से जांच की मांग चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गोरखपुर से बाहर के किसी वरिष्ठ अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को गोरखपुर से हटाने की मांग भी की गई है। चेम्बर ने मांग की है कि खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग के मामलों में जब तक न्यायालय की ओर से अंतिम आदेश न हो जाए, तब तक जांच रिपोर्ट से पहले किसी व्यापारी का नाम मीडिया में सार्वजनिक न किया जाए। ‘उच्च स्तरीय जांच करा लीजिए, सच्चाई सामने आ जाएगी’ संजय सिंघानिया ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि व्यापारी मुख्यमंत्री को अपना संरक्षक मानते हैं और उन्हें भरोसा है कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी। उन्होंने कहा, “आप उच्च स्तरीय जांच करा लीजिए, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। सच्चाई खुद सामने आ जाएगी कि किस तरह व्यापारियों का शोषण हो रहा है।” चेम्बर अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों को उम्मीद है कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और व्यापारी बिना भय के अपना कारोबार कर सकेंगे।



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LNIPE में छात्रों के आगे झुका प्रशासन: 16 दिन से जारी प्रदर्शन रात 12:15 बजे खत्म, हॉस्टल वार्डन भी हटाए गए – Gwalior News



लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) में छात्रों का 15 दिन से चला आ रहा आंदोलन बुधवार देर रात खत्म हो गया। संस्थान प्रशासन को छात्रों की मांगों के आगे झुकना पड़ा। छात्र प्रभारी रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग पर अड़े थे।

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बुधवार देर रात प्रभारी रजिस्ट्रार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे स्वीकार कर लिया गया। छात्रों की शिकायत पर हॉस्टल वार्डन को भी तुरंत हटा दिया गया।

बुधवार को केंद्रीय मंत्रालय से आए एक प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों और प्रशासन से बात की। हालांकि, इस बातचीत में कोई सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद छात्रों ने पूरे संस्थान का कामकाज ठप कर दिया और प्रशासनिक भवन पर ताला लगा दिया।

देर रात तक प्रशासनिक स्तर पर कई बैठकें हुईं। आखिरकार छात्रों की मांगें मान ली गईं। इसके बाद प्रभारी रजिस्ट्रार ने कुलपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया। जानकारी के अनुसार, प्रभारी रजिस्ट्रार ने संस्थान के गेट पर छात्रों के सामने कुलपति को इस्तीफा दिया। हॉस्टल वार्डन को हटाने की मांग पर भी तुरंत कार्रवाई की गई।

अपनी मांगें पूरी होने की खबर मिलते ही छात्रों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला किया। रात करीब 12:15 बजे संस्थान में चल रहा प्रदर्शन समाप्त हो गया। छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल भी खत्म कर दी। छात्रों ने बताया कि उनकी सभी मुख्य मांगों पर कार्रवाई होने के बाद ही आंदोलन समाप्त किया गया है।



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पप्पू यादव समर्थकों पर सरकारी कर्मचारी से मारपीट का आरोप: पिस्टल की बट से सिर पर हमला, गर्दनीबाग थाने में FIR दर्ज – Patna News




गर्दनीबाग धरना स्थल पर सांसद पप्पू यादव के काफिले के पहुंचने के दौरान हंगामा और मारपीट सामने आई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग में वेलफेयर ऑफिसर अरविंद कुमार ने पप्पू यादव के समर्थकों पर मारपीट और पिस्तौल की बट से सिर पर हमला करने का आरोप लगाया है। उन्होंने गर्दनीबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गर्दनीबाग थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने इसकी पुष्टि की है। अरविंद कुमार के मुताबिक, घटना शाम को हुई जब पप्पू यादव अपने काफिले के साथ गर्दनीबाग धरना स्थल पहुंचे। काफिले की वजह से सड़क पर जाम लग गया था। इसी दौरान अरविंद कुमार वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे। काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार से हुआ विवाद उनका आरोप है कि काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार एक व्यक्ति ने उन्हें रास्ते से हटने को कहा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। अरविंद कुमार ने बताया कि उनसे यह कहते हुए मारपीट की गई कि यह पप्पू यादव का काफिला है और उन्होंने गाड़ी क्यों रोकी। अरविंद कुमार का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके सिर पर पिस्तौल की बट से हमला किया गया। हमले में उनके सिर से खून निकलने लगा। इसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद पप्पू यादव से घटना की शिकायत करने की बात कही। अरविंद कुमार के अनुसार, शिकायत के बावजूद उन्हें मौके पर कोई आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद वह गर्दनीबाग थाने पहुंचे, जहां उनका मेडिकल कराया गया। अरविंद कुमार ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में मारपीट की असली वजह, इसमें शामिल लोगों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जाएगी। समर्थकों का अलग दावा वहीं, पप्पू यादव के समर्थकों की ओर से घटना को लेकर अलग दावा किया गया है। समर्थकों का कहना है कि विवाद की शुरुआत अरविंद कुमार द्वारा उनकी गाड़ी का शीशा तोड़े जाने के बाद हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। पुलिस शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और मौके पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। हालांकि गर्दनीबाग थाना अध्यक्ष ने बताया कि पप्पू यादव उनके 3 समर्थकों के साथ अन्य 10 अज्ञात पर मामला दर्ज किया गया है। हालांकि इस मामले में दोनों पक्षों के द्वारा आवेदन दिया गया है। जहां घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच के बाद साफ होगी तस्वीर गर्दनीबाग धरना स्थल पर हुई इस घटना के बाद सांसद के काफिले और सरकारी कर्मचारी के बीच हुए विवाद को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।



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