कौशांबी के डॉ. ए.एच. रिजवी डिग्री कॉलेज में 17 यूपी बीएन एनसीसी का दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। शनिवार को छठे दिन करीब 600 कैडेट्स ने इसमें हिस्सा लिया। 14 जिलों से आए कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व की जानकारी दी गई। लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद सिंह शिविर का संचालन कर रहे हैं। छठे दिन कैडेट्स को गोलीबारी, अग्निशमन, ध्वज क्षेत्र और परेड का प्रशिक्षण मिला। गोलीबारी अभ्यास में सुरक्षा नियमों पर जोर रहा। अग्निशमन में आग से बचाव और आपातकालीन कार्रवाई सिखाई गई।
ध्वज क्षेत्र गतिविधि में कैडेट्स ने भारत का मानचित्र बनाया। मुख्य कक्षा में डॉ. रिजवी कॉलेज ऑफ लॉ के प्राचार्य डॉ. मुहम्मद जफर ने भारतीय संविधान और उसके मूल्यों पर जानकारी दी। परेड के दौरान कैडेट्स ने अनुशासन का अभ्यास किया। सांस्कृतिक गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। शिविर का मकसद कैडेट्स में राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है।
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NCC शिविर में कैडेट्स ने गोलीबारी और संविधान का प्रशिक्षण: कौशांबी के डॉ. ए.एच. रिजवी डिग्री कॉलेज में 600 कैडेट्स को प्रशिक्षण – Kaushambi News
सुपौल नहर में डूबने से युवक की मौत: पैर फिसलने से गहरे पानी में गिरा, तलाश के बाद मिला शव – Supaul News
सुपौल सदर थाना क्षेत्र के कर्णपुर वार्ड 11 स्थित सोनक गांव में नहर में डूबने से 39 वर्षीय संजय शाह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि संजय रात में शौच करने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान नहर किनारे पैर फिसलने से वे गहरे पानी में जा गिरे। रात का समय होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे उन्हें तत्काल मदद नहीं मिल सकी। देर रात तक घर नहीं लौटे तो शुरू हुई तलाश काफी देर तक संजय के घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान हो गए। इसके बाद परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। जानकारी मिलने पर ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और नहर के आसपास खोजबीन शुरू की। काफी प्रयास के बाद ग्रामीणों ने संजय को नहर से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मौत की खबर से गांव में पसरा मातम घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। संजय की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। नहर किनारे सुरक्षा इंतजाम की मांग ग्रामीणों ने बताया कि नहर किनारे रात में अंधेरा रहता है। ऐसे स्थानों पर हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नहर किनारे रोशनी और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की जानकारी मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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20 प्राचार्य-लेखापालों और 7 शिक्षकों को नोटिस: सीएम हेल्पलाइन के काम में लापरवाही और ललगुवां स्कूल में मिलीं कमियां – Chhatarpur (MP) News
छतरपुर जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही और स्कूल की व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर स्कूल शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने 20 प्राचार्य-लेखापालों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा ललगुवां स्कूल के 7 अधिकारियों-कर्मचारियों को भी नोटिस दिया गया है। निरीक्षण में कमजोर मिला छात्रों का पढ़ाई स्तर जन विश्वास अभियान के तहत 25 सितंबर को शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला ललगुवां का निरीक्षण किया गया था। इस दौरान छात्रों का पढ़ाई स्तर कमजोर मिला। स्कूल में बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता से जुड़ी गतिविधियां भी संचालित नहीं की जा रही थीं। स्कूल भवन के रखरखाव में भी कमियां मिलीं। इन अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस लगुवां स्कूल से जुड़े जिन अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें राजनगर बीआरसीसी अतुल चंद्रवती, जनशिक्षक अक्षय मिश्रा, ईपीईएस ललगुवां के प्रभारी प्रधानाध्यापक कृष्णपाल सिंह, शिक्षक सुधा गुप्ता, प्राथमिक शिक्षक शिवानी जायसवाल, कल्पना गुप्ता और रागिनी गुप्ता शामिल हैं।
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सर्दियों में बच्चों को भी पसंद आएगा सरसों का साग, जानिए आसान रेसिपी
Sarson Saag Makki Roti Recipe: सर्दियों की ठंडी शाम में गरमागरम सरसों का साग और मक्के की रोटी सामने आ जाए तो खाने का मजा ही अलग होता है, लेकिन घर में बच्चे हों तो अक्सर सवाल रहता है कि क्या वे साग जैसी सब्जी खुशी से खाएंगे. सरसों का साग अपने तेज स्वाद के लिए जाना जाता है, इसलिए कई बच्चों को यह पहली बार में पसंद नहीं आता. ऐसे में साग में पालक, बथुआ और मेथी मिलाने से स्वाद और बनावट दोनों में अच्छा फर्क आता है.
ऊपर से थोड़ा मक्खन और साथ में गरम मक्के की रोटी इसे ऐसा देसी खाना बना देते हैं, जिसे बड़े ही नहीं बच्चे भी चाव से खा सकते हैं. सही तरीके से पकाया जाए तो यह खाना घर के सामान्य लंच या डिनर को खास बना सकता है.
सरसों के साग में कौन-कौन से पत्ते डालें
स्वादिष्ट साग बनाने के लिए ताजी सरसों, पालक, बथुआ और मेथी की पत्तियां लें. सभी पत्तों को पानी से अच्छी तरह धोकर मिट्टी और गंदगी साफ करें. इसके बाद मोटे डंठल अलग करके पत्तियों को बारीक काट लें. सिर्फ सरसों से भी साग बनाया जा सकता है, लेकिन पालक और बथुआ इसकी बनावट को नरम बनाने में मदद करते हैं. मेथी साग में अपनी खास खुशबू और स्वाद जोड़ती है. बच्चों के लिए साग बनाते समय सरसों की मात्रा थोड़ी कम और पालक की मात्रा अधिक रखी जा सकती है, जिससे स्वाद बहुत तीखा नहीं लगेगा.
कुकर में ऐसे पकाएं साग
कटे हुए साग को कुकर में डालें. इसमें थोड़ा पानी और नमक मिलाएं. कुकर बंद करके मध्यम आंच पर 2 से 3 सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें और कुकर का दबाव अपने आप निकलने दें. साग नरम हो जाए तो इसे मथनी या मैशर से हल्का मथ सकते हैं. इसे पूरी तरह पेस्ट बनाने की जरूरत नहीं है. थोड़ी मोटी बनावट रहने पर साग ज्यादा घरेलू और स्वादिष्ट लगता है.
(इमेज AI)
तड़के से आएगा असली स्वाद
अब कढ़ाही में देसी घी गर्म करें. इसमें जीरा, सूखी लाल मिर्च, बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक-लहसुन और चुटकीभर हींग डालें. मसालों की खुशबू आने लगे तो बारीक कटा प्याज और टमाटर डालकर अच्छी तरह भूनें. इसके बाद कश्मीरी लाल मिर्च, हल्दी और थोड़ा धनिया पाउडर डालें. मसाला अच्छी तरह पक जाए और घी अलग दिखाई देने लगे तो इसमें पका हुआ साग मिला दें. अब इसे धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकाएं. साग को थोड़ा और गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए इसमें मक्के का आटा मिलाया जा सकता है. आटा डालते समय इसे धीरे-धीरे मिलाएं, ताकि गांठें न बनें. साग को धीमी आंच पर पकने देने से मसालों का स्वाद अच्छी तरह मिल जाता है. आखिर में ऊपर से थोड़ा मक्खन डालें.
बच्चों को पसंद आएगा यह तरीका
अगर बच्चे सरसों का तेज स्वाद पसंद नहीं करते तो साग में पालक और बथुआ की मात्रा बढ़ा सकते हैं. हरी मिर्च कम रखें और ऊपर से मक्खन डालकर परोसें. साथ में मक्के की नरम रोटी और थोड़ा दही रखा जाए तो प्लेट बच्चों के लिए भी ज्यादा आकर्षक लग सकती है.
मक्के की रोटी बनाने का आसान तरीका
मक्के की रोटी बनाते समय सबसे ज्यादा परेशानी आटा संभालने में आती है. मक्के का आटा गेहूं के आटे की तरह लचीला नहीं होता, इसलिए इसे धीरे-धीरे गुनगुने पानी से गूंधना चाहिए. एक बर्तन में मक्के का आटा और थोड़ा नमक लें. इसमें गुनगुना पानी डालते हुए नरम आटा तैयार करें. आटे की छोटी लोई बनाकर उसे दो बटर पेपर शीट के बीच रखें. अब हाथ से हल्का थपथपाते हुए या बेलन की मदद से गोल आकार दें. रोटी तैयार होने के बाद इसे गरम तवे पर सावधानी से डालें. दोनों तरफ से अच्छी तरह सिकने दें. मिट्टी के तवे पर पकाने से इसका देसी स्वाद और खुशबू बढ़ सकती है. चाहें तो अंत में इसे हल्की सीधी आंच पर भी सेंक सकते हैं.
परोसने का तरीका भी खास रखें
गरम मक्के की रोटी पर थोड़ा मक्खन लगाकर इसे सरसों के साग के साथ परोसें. प्याज, हरी मिर्च और दही भी साथ रख सकते हैं. बच्चों के लिए रोटी को छोटे टुकड़ों में काटकर साग के साथ परोसना आसान रहेगा.
कनाडाई लेखक पर AI से किताब लिखने का आरोप: फ्रांस के सबसे बड़े पुरस्कार की रेस से बाहर, लेखक बोले- 2019 में ये सब नहीं था
कनाडाई लेखक थेलीसन ओरेलियन की किताब को फ्रांस के सबसे बड़े साहित्यिक पुरस्कार ‘प्रिक्स गोनकोर्ट’ की दौड़ से बाहर कर दिया गया है। ओरेलियन पर उनकी किताब ‘इट वॉज ईदर दैट ऑर डाई’ लिखने में AI की मदद लेने का आरोप लगा है। लेखक ने इससे इनकार किया है। उन्होंने कहा कि किताब पर 2017 में काम शुरू हुआ था और 2019 में पहला ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया था। तब आम लोगों के लिए AI उपलब्ध नहीं थे। हालांकि गोनकोर्ट अकादमी इससे सहमत नहीं हुई। अकादमी ने कहा कि रिसर्चर्स और पत्रकारों की जांच में किताब का बड़ा हिस्सा AI की मदद से लिखने का संकेत मिला है। अकादमी ने कहा कि वे AI कंटेंट से तैयार साहित्य को किसी भी रूप में बढ़ावा नहीं देना चाहते। सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद ओरेलियन की किताब को लेकर विवाद एक छोटे से गुमनाम सोशल मीडिया अकाउंट से शुरू हुआ। बाद में फ्रांस के अखबार ले फिगारो के लेखक सैमुअल फिटूसी ने माना कि वह इस अकाउंट को चलाते थे। फिटूसी ने कहा कि कुछ यूजर्स ने उनसे ओरेलियन की किताब की जांच करने को कहा था। इसके बाद उन्होंने किताब को पैंग्राम नाम के AI से लिखावट पहचानने वाले टूल से जांचा। उनका कहना था कि इसका मकसद ओरेलियन को निशाना बनाना नहीं था। वह लोगों का ध्यान इस ओर खींचना चाहते थे कि AI अब किताबें लिखने में भी इस्तेमाल हो रहा है। तीन AI टूल्स की मदद से किताब की जांच ओरेलियन की किताब की जांच तीन AI पहचानने वाले टूल और कई एक्सपर्ट्स ने की। इन जांचों में किताब में AI के इस्तेमाल की संभावना बताई गई। हालांकि, एक्सपर्ट्स ने यह भी कहा कि ऐसे टूल्स के नतीजों को 100% सही नहीं माना जा सकता। पैंग्राम- किताब के 95% हिस्से में AI के इस्तेमाल की संभावना है। GPT जीरो- किताब के 87% हिस्से में AI के इस्तेमाल की संभावना है। विंस्टन- अलग-अलग हिस्सों में 12% से 66% इंसानी लेखन की संभावना बताई। फ्रांस के AI रिसर्चर थियरी पोइबो ने कहा कि किताब में AI इस्तेमाल होने की संभावना है, लेकिन अभी यह पूरी तरह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता। फ्रांस में किताब की बहुत चर्चा हो रही ओरेलियन की किताब फ्रांस में पहले से ही चर्चा में थी। इसमें एक हाईस्कूल शिक्षक की कहानी है, जो हैती में गैंग से बचकर निकलता है। इसके बाद वह डेरियन गैप (घने जंगलों, पहाड़ियों और दलदलों का एक खतरनाक रास्ता) पार कर अमेरिका और फिर कनाडा पहुंचता है। कुछ ही हफ्तों में किताब की 54 हजार से ज्यादा कॉपी बिक चुकी हैं। इसे अच्छी समीक्षाएं मिली थीं और कई साहित्यिक पुरस्कारों के लिए इसका नाम आया था। ओरेलियन इस महीने अपनी किताब के प्रचार के लिए फ्रांस पहुंचे थे। उनकी किताब को वहां अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही थी। उन्हें टीवी कार्यक्रमों में बुलाया जा रहा था और किताब गोनकोर्ट के अलावा भी कई बड़े साहित्यिक पुरस्कारों की दौड़ में शामिल थी। भूकंप के बाद हैती छोड़ा, कनाडा गए ओरेलियन 38 साल के हैं। उनका जन्म हैती के गोनाइव्स शहर में हुआ था। उनके पिता अकाउंटेंट और मां दर्जी थीं। 2010 के भूकंप के बाद उन्होंने हैती छोड़ दिया था। इस भूकंप में 2 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और उनका घर भी तबाह हो गया था। इसके बाद वे डोमिनिकन रिपब्लिक पहुंचे। वहां से उन्होंने कनाडा जाने के लिए वीजा की अर्जी दी, लेकिन पहली अर्जी खारिज हो गई। इसके बाद एक क्यूबेक की कांसुलर अधिकारी ने उनकी हालत देखकर उन्हें 30 दिन में यह साबित करने का मौका दिया कि कनाडा में उनके परिवार के लोग उनका खर्च उठा सकते हैं। उनके अंकल ने जरूरी दस्तावेज भेजे और इसके बाद उनका कनाडा जाने का रास्ता खुला। —————————–
यह खबर भी पढ़ें… ओपन AI का 90 साल पुरानी गणित पहेली सुलझाने का दावा:यह दुनिया के 7 सबसे मुश्किल सवालों में एक; 88 घंटे में जवाब ढूंढा
ओपनएआई ने दावा किया है कि उसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने गणित की दुनिया के सबसे मुश्किल सवालों में से एक को सॉल्व कर दिया है। AI को इसे सुलझाने में सिर्फ 88 घंटे लगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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कांग्रेस बोली- ज्ञानेश कुमार को पीएम बना देना चाहिए: पद्म भूषण उनके लिए छोटी चीज; बंगाल BJP अध्यक्ष ने कहा था- CEC सम्मान के हकदार
कांग्रेस ने शनिवार को बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के बयान पर तंज कसा। कांग्रेस प्रवक्ता नेता पवन खेड़ा कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए पद्म भूषण बहुत छोटी चीज है। उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। जो दूसरों को पीएम बना सकता है, उसे खुद पीएम बनना चाहिए। दरअसल, समिक भट्टाचार्य ने एक दिन पहले कहा था कि ज्ञानेश कुमार ने बंगाल में हिंसा मुक्त विधानसभा चुनाव कराने और मतदाता सूची को साफ करने में अहम भूमिका निभाई। इस काम के लिए वह कम से कम पद्म भूषण के हकदार हैं। भट्टाचार्य ने कहा था- बंगाल में लोगों ने बिना डरे वोट किया समिक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने लंबे समय बाद ऐसा चुनाव देखा, जिसमें डर का माहौल नहीं था। उनके मुताबिक, लोगों को वोट डालने का मौका मिला और चुनाव के दौरान हत्या की घटनाएं नहीं हुईं। भट्टाचार्य ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अहम पहल की। सीमा से लगे राज्य पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाए गए। बंगाल की जनता ज्ञानेश कुमार के काम से खुश है। समिक भट्टाचार्य के बयान पर विपक्षी नेताओं का पलटवार शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा- समिक भट्टाचार्य जैसे परिपक्व नेता से इस तरह की टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। हो सकता है कि पश्चिम बंगाल में BJP की बड़ी जीत के बाद वह विशेष तौर पर धन्यवाद कहना चाहते हों। RJD सांसद मनोज झा ने भट्टाचार्य के बयान पर तंज कसते हुए कहा- मैं उनकी बुद्धिमत्ता को नमन करता हूं। चोरी-डकैती के आरोपों के सबूतों के बीच ऐसी सोच के लिए समिक को सबसे पहले भारत रत्न मिलना चाहिए। उसके बाद ही किसी और के बारे में सोचा जाना चाहिए। ममता बनर्जी और एमए बेबी के बीच 30 साल बाद फोन पर बात इधर, ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने फोन पर बात की। करीब तीन दशक में दोनों के बीच यह पहली सीधी बातचीत बताई जा रही है। दरअसल, एमए बेबी ने 23 सितंबर को गैर-NDA दलों को लेटर लिखकर चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक बुलाने की अपील की थी। इसमें DMK, TVK, BRS, BJD और AAP जैसे I.N.D.I.A. ब्लॉक से बाहर के दलों को भी शामिल किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, ममता ने पहले बेबी के लेटर का जवाब दिया और फिर उनसे फोन पर बात की। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई अपनी बातचीत का भी जिक्र किया और I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने की जरूरत बताई। CPI(M) और TMC पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं। दोनों दल I.N.D.I.A. ब्लॉक में साथ हैं, लेकिन राज्य में राजनीतिक मतभेदों के कारण ममता और बेबी के बीच सीधे संपर्क से दोनों पक्ष बचते रहे हैं। I.N.D.I.A. ब्लॉक में बैठक को लेकर चर्चा जारी विपक्षी दलों का एक वर्ग I.N.D.I.A. ब्लॉक की जल्द बैठक बुलाने के पक्ष में है। इसमें चुनाव आयोग के मुद्दे पर मिलकर आगे की रणनीति तय करने की बात हो रही है। हालांकि, अब तक गठबंधन ने कोई साझा एक्शन प्लान जारी नहीं किया है। CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य भी राहुल गांधी से SIR के मुद्दे पर I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक बुलाने की बात कह चुके हैं। वहीं, एमए बेबी 27 सितंबर को AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने वाले हैं। SIR को लेकर विवाद, कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन किया यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई। कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है। दो चुनाव आयुक्तों ने 4 बड़े सवाल उठाए 1. फॉर्म-6 में बदलाव: नए वोटरों से पिछली SIR लिस्ट में खुद या परिवार के नाम की जानकारी मांगने पर दोनों ने सवाल उठाया। संधू ने इसे गैरकानूनी बताते हुए हटाने की मांग की। 2. वोटर डेटा का कंट्रोल: दोनों ने सवाल किया कि वोटर डेटाबेस का कंट्रोल दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है और राज्यों की पहुंच क्यों सीमित हो रही है। 3. बंगाल में 16 लाख अपीलें: संधू ने पूछा कि हटाए गए नामों को लेकर करीब 16 लाख अपीलें किसने और किसकी अनुमति से दायर कीं। 4. गोवा के 97 वोटर: जांच में योग्य पाए गए 97 वोटरों को सॉफ्टवेयर की समस्या के कारण अंतिम लिस्ट में नहीं जोड़ा जा सका। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की:वे देशद्रोही; 2 चुनाव आयुक्तों ने भी 14 बार आपत्तियां जताईं, देखें पूरी टाइमलाइन राहुल गांधी ने चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवादों पर गुरुवार को 55 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश ने वोट चोरी की है। वे देशद्रोही हैं। मैंने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, लेकिन सरकार ने मेरी बात नहीं मानी। पूरी खबर पढ़ें…
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भतीजे ने दोस्त संग मिलकर की थी चाचा की हत्या: कमरे में मिला था करोड़पति साधु का खून से लथपथ शव – Agra News
आगरा के थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव सहाई में साधु की उसके भतीजे ने अपने दोस्त संग मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने बताया कि पारिवारिक विवाद व जमीन के लिए चाचा की हत्या की। गांव सहाई निवासी सौरभ सोलंकी ने बताया कि उनके चाचा गांव के बाहर प्लाट पर बने एक कमरे में रहते थे। उन्होंने संन्यास ले लिया था और साधु बन गए थे। हर दिन वो सुबह अपनी गाय को चारा डालने के लिए आते थे। शुक्रवार सुबह 9 बजे तक जब वो नहीं आए तो उन्हें देखने प्लॉट पर आया। कमरे की बाहर से कुंडी लगी हुई थी। फोन किया तो मोबाइल की घंटी की आवाज कमरे से आई। उन्होंने कमरा खोला तो देखा अंदर चाचा की लाश पड़ी हुई है। सिर पर चोट के निशान हैं। शरीर पर भी निशान हैं। पास ही खून से सनी ईंट पड़ी थी। ऐसा लग रहा है कि सिर को कूच कर हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार ने बताया कि मृतक के भतीजे दुष्यंत से पूछताछ में पुलिस को मामला कुछ संदिग्ध लगा। इसके बाद कड़ाई से पूछताछ पर उसने जुर्म कबूल लिया। उसने अपने दोस्त शिवा के साथ मिलकर चाचा की बट्टे से सिर पर प्रहार कर हत्या की थी।
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किशनगंज में कोर्ट परिसर से युवक का अपहरण: बाइक पर जबरन बैठाकर ले गए, पिता की शिकायत पर FIR; 14 दिन से लापता – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज में एक युवक को जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाने का आरोप लगा है। गलगलिया के बेमुगुही वार्ड-12 निवासी होमा पासवान ने सदर थाना में अपने बेटे गुप्ता पासवान के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी है। होमा पासवान के अनुसार, उनकी बहू लखी देवी ने ससुराल पक्ष के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने के लिए 12 सितंबर 2026 को परिवार को किशनगंज कोर्ट बुलाया था। परिवार के लोग कोर्ट पहुंचे थे। वहां बहू के भाई सोनू पासवान, उमेश पासवान और उनके 4-5 साथी मौजूद थे। जेरॉक्स दुकान के पास मारपीट का आरोप शिकायत के मुताबिक, कोर्ट के पास एक जेरॉक्स दुकान पर आरोपियों ने परिवार के लोगों के साथ मारपीट की। इसी दौरान गुप्ता पासवान को कथित तौर पर जबरन बाइक पर बैठाकर ले गए। परिवार का कहना है कि घटना के बाद से गुप्ता पासवान का कोई पता नहीं चला है। गलगलिया थाने से सदर थाना भेजा गया घटना के बाद परिवार ने पहले गलगलिया थाना में शिकायत दी थी। वहां से मामला किशनगंज सदर थाना क्षेत्र का होने के कारण शिकायत सदर थाना भेजी गई। सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस लापता युवक की तलाश कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।
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जयवर्धन सिंह बोले, सुसनेर उपचुनाव तय करेगा 2028-29 की राजनीति: बीजेपी को 5 गुटों में बंटा बताया; वोटर लिस्ट पर दिल्ली से फैसले का आरोप – Agar Malwa News
आगर मालवा में शुक्रवार देर रात पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सुसनेर नगर परिषद अध्यक्ष उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में सभा की। उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ नगर परिषद अध्यक्ष का नहीं, बल्कि 2028 और 2029 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों की दिशा तय करेगा। सिंह ने बीजेपी को पांच गुटों में बंटा बताया और कहा कि कांग्रेस एकजुट है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस प्रत्याशी विष्णु पाटीदार के साथ चार विधायक खड़े हैं। उन्होंने वोटर लिस्ट को लेकर भी आरोप लगाए। सिंह ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के फैसले दिल्ली से हो रहे हैं। उन्होंने दतिया चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बीजेपी ने 40 करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन जनता ने धनबल को नकार दिया। सभा के दौरान नलखेड़ा मां बगलामुखी मंदिर हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए मौन भी रखा गया।
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अलवर में तापमान 3 डिग्री गिरा: सुबह से धूप खिली,जिले में अब तक 7 प्रतिशत कम बरसात ;अगले 6 दिन बारिश के आसार नहीं – Alwar News
अलवर जिले में का तापमान में आज 3 डिग्री की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 6 दिन बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है, हालांकि शुक्रवार को मौसम विभाग ने शनिवार को बादल छाने के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन सुबह इसके उलट मौसम साफ नजर आया। पिछले दिनों की तुलना में गर्मी का असर भी कम है। तापमान में करीब 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है। गुरुवार को जिले में दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद शुक्रवार को मौसम में बदलाव आया। दिनभर बादल छाए रहने से धूप और गर्मी का असर कम रहा। इसी वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अब शनिवार को मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान जताया है। अगले 6 दिन कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार अलवर में अगले छह दिन मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। 26 सितंबर को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। अधिकतम तापमान 36 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। 27 सितंबर को भी तापमान 24 से 36 डिग्री के बीच रह सकता है। 28 और 29 सितंबर को अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री रह सकता है। इस दौरान कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है और बारिश का भी पूर्वानुमान नहीं है। सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश अलवर में मानसून सीजन के दौरान अब तक 506 मिमी बारिश दर्ज हुई है। जबकि 26 सितंबर तक सामान्य रूप से 543.6 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से जिले में अब तक सामान्य से करीब 37.6 मिमी यानी 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। अगले दिनों में बारिश का पूर्वानुमान नहीं होने से तापमान बढ़ने की संभावना के बीच मौसम शुष्क रहने की स्थिति बनी रहेगी।
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