Friday, October 23, 2026
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संतकबीरनगर में शिक्षक MLC चुनाव के लिए मतदान जारी: सुबह 10 बजे तक 14.48 प्रतिशत वोटिंग, 7 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच – Sant Kabir Nagar News




संतकबीरनगर जिले में शुक्रवार को गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए मतदान जारी है। सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हुई, जिसमें 10 बजे तक 14.48 प्रतिशत शिक्षक मतदाताओं ने वोट डाले। जिला प्रशासन ने चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए पूरी तैयारी की है। जिले में कुल सात मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 1540 शिक्षक मतदाता अपने वोट डालेंगे। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है ताकि कोई रुकावट न आए। इस चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। प्रशासन ने सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान केंद्रों पर पुलिस बल के साथ सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेट भी तैनात हैं, जो लगातार चुनाव प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।



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कृषि उपज मंडी में तीन दिन नीलामी बंद रहेगी: धान 4800 और सोयाबीन 7000 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका – Vidisha News




कृषि उपज मंडी में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए एक बार फिर इंतजार करना पड़ेगा। चार दिन बाद गुरुवार को मंडी खुली थी, लेकिन अब शनिवार से सोमवार तक नीलामी बंद रहेगी। मंडी में खरीदी और नीलामी की प्रक्रिया मंगलवार से दोबारा शुरू होगी। 18 हजार क्विंटल उपज की आवक गुरुवार को मंडी खुलने पर अच्छी आवक की उम्मीद थी, लेकिन करीब 18 हजार क्विंटल उपज ही मंडी पहुंची। धान के अधिकतम भाव 4,800 रुपए प्रति क्विंटल तक रहे। मॉडल भाव 3,800 रुपए और न्यूनतम भाव 1,700 रुपए प्रति क्विंटल रहा। सोयाबीन के भाव में भी तेजी देखने को मिली। इसके न्यूनतम भाव 3,200 रुपए, मॉडल भाव 6,000 रुपए और अधिकतम भाव 7,000 रुपए प्रति क्विंटल रहे। गेहूं और मक्का के भाव भी तेज रहे। चौथे शनिवार, रविवार और वाल्मीकि जयंती के कारण बंद मंडी शनिवार को चौथे शनिवार के कारण बंद रहेगी। इसके बाद रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा, जबकि सोमवार को वाल्मीकि जयंती के चलते नीलामी नहीं होगी। ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंगलवार तक इंतजार करना पड़ सकता है।



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रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह हत्याकांड: गोली मारने वाले शूटरों की हुई पहचान, सुपारी के तौर पर पिंटू को मिले थे लाख रुपए एडवांस – Bhojpur News




भोजपुर पुलिस ने कस्टम अधिकारी सह क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष रामकुमार सिंह की हत्या मामले में जांच तेज कर दी है। इस हत्याकांड में मुख्य आरोपी चंदन सिंह के सिंगही गांव स्थित घर से एक काले रंग की थार गाड़ी, देसी पिस्टल, मैगजीन और दो गोलियां बरामद की गई है। बरामद पिस्टल की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) से जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या में इसी हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। पुलिस ने हत्याकांड में संलिप्त तीन शूटरों पिंटू, पवन और नन्हें की पहचान कर ली है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए पिंटू को अक्टूबर के पहले सप्ताह में करीब दो लाख रुपए एडवांस के तौर पर दिए गए थे। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश को अंजाम दिया। तीन शूटरों की पहचान, राज्य से बाहर भी छापेमारी पुलिस के अनुसार, रामकुमार सिंह हत्याकांड में पिंटू, पवन और नन्हें की संलिप्तता सामने आई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस बिहार के बाहर भी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। जांच में वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपियों के आपसी संपर्क, घटना से पहले की गतिविधियों और हत्या की साजिश में उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।
चंदन के खिलाफ पहले से पांच आपराधिक मामले पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी चंदन सिंह के खिलाफ आरा टाउन थाना में तीन और मुफस्सिल थाना में दो पूर्व के आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके घर से थार गाड़ी और हथियारों की बरामदगी को भी जांच के दायरे में रखा गया है। बरामद पिस्टल की एफएसएल जांच से हत्या में उसके इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। गिरफ्तारी से बचने के लिए चंदन सिंह और अभिषेक कुमार ने सिलीगुड़ी और गंगटोक में नाम बदलकर ठिकाना बनाया था। बताया जा रहा है कि चंदन ने होटल में अपना नाम हर्षित बताया था। उसके पास हर्षित नाम से बना आधार कार्ड भी था। यहां तक कि उसने हवाई यात्रा का टिकट भी इसी नाम से बनवाया था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपितों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए किन-किन स्थानों पर शरण ली थी। घर के नीचे मारी थी गोली बता दें, 15 अक्टूबर की सुबह कनकपुरी मोहल्ले में रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए थे। इस मामले में मृतक के पुत्र अमित ने 14 नामजद आरोपितों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस अब शूटरों की गिरफ्तारी, हथियारों की जांच और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल में जुटी है।



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जयपुर में किडनैप कर युवक से 1.08 लाख लूटे: घर लौटते समय पीछे पड़े बदमाश, गाड़ी से टक्कर मार बाइक से गिराया – Jaipur News




जयपुर में किडनैप कर एक युवक से 1.08 लाख रुपए लूटने का मामला सामने आया है। रात के समय घर लौटते समय बदमाशों ने उसके पीछे पड़ गए। गाड़ी से टक्कर मारकर बाइक सहित उसे रोड पर गिरा दिया। मारपीट कर गाड़ी में डालकर रुपए छीनने के बाद बदमाश रोड किनारे फेंक फरार हो गए। शिवदासपुरा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर गुरुवार शाम FIR दर्ज कर बदमाशों की तलाश शुरु कर दी है। ASI रामवतार ने बताया- भांकरोटा के रहने वाले दिनेश कुमार माली (26) के साथ लूट की वारदात हुई। बुधवार देर रात करीब 1 बजे वह चाकसू से बाइक लेकर अपने घर जा रहा था। इसी दौरान चाकसू कट से एक गाड़ी उसके पीछे लग गई। गाड़ी से बाइक को टक्कर मार गिराया कुछ दूरी पर अयोध्या नगरी के पास बदमाशों ने अपनी गाड़ी से उसकी बाइक को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर लगने से बाइक सहित वह रोड पर गिर गया। जिसके बाद गाड़ी से नकाबपोश चार बदमाश नीचे उतरे। जेब में रखे एक लाख से ज्यादा लूटे बदमाशों ने मारपीट करते हुए उसकी आंखों पर कपड़ा बांध दिया। जबरन पकड़कर उसको अपनी गाड़ी में डाल लिया। चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट करते रहे। सुनसान जगह ले जाकर उसकी जेब में रखे 1.08 लाख रुपए छीन लिए। गाड़ी से फेंककर भागे बदमाश रुपए लूटने के बाद उसे गाड़ी से नीचे रोड किनारे फेंक बदमाश फरार हो गए। जैसे-तैसे खुद को संभालते हुए मेन रोड पर पहुंचा। राहगीरों की मदद से शिवदासपुरा थाने पहुंचकर गाड़ी सवार नकाबपोश लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।



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हवा में उड़ते हुए पहुंचेंगे मां कामाख्या के दरबार, स्टेशन से 6 मिनट का सफर


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Kamakhya Temple Ropeway : कामख्‍या मंदिर रेलवे स्‍टेशन से दस किलोमीटर दूर है. मंदिर में दर्शन को हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं. अब सरकार रेलवे स्‍टेशन से मंदिर परिसर तक रोपवे बनाने जा रही है. कामख्‍या रोपवे प्रोजेक्‍ट के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है.

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असम में मां कामाख्या देवी के दर्शन को जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है.

नई दिल्‍ली. असम में मां कामाख्या देवी के दर्शन को जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी है. कामाख्या रेलवे स्टेशन से मंदिर तक पहुंचने के लिए अब भारी ट्रैफिक से जूझना नहीं पड़ेगा. श्रद्धालु जल्‍द ही रोपवे में हवा में उड़ते हुए रेलवे स्‍टेशन से महज 6 मिनट में सीधे मंदिर परिसर पहुंच सकेंगे. सड़क मार्ग से इस सफर को तय करने में कम से कम 20 मिनट का समय लगता है. 1.43 किलोमीटर लंबे इस रोपवे प्रोजेक्‍ट को धरातल पर उतारने के लिए 201.52 करोड़ रुपये का टेंडर जारी कर दिया गया है. नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने यह टेंडर जारी किया है.

कामाख्या देवी मंदिर असम के गुवाहाटी में नीलांचल पर्वत पर स्थित एक प्रमुख और प्राचीन शक्तिपीठ है. गुवाहाटी रेलवे स्टेशन से यह लगभग 10 किलोमीटर दूर है.सामान्य दर्शन निःशुल्क होते हैं, जबकि जल्दी दर्शन के लिए वीआईपी टिकट काउंटर से लिए जा सकते हैं. हर साल यहां देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु मां कामाख्‍या के दर्शन करने आते हैं.

कामख्‍या रोपवे प्रोजेक्‍ट जिस कंपनी को सौंपा जाएगा, वो रोपवे का निर्माण करेगी और तय समय तक इसका संचालन करने के बाद सरकार को सौंप देगी. सरकारी ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर इस प्रोजेक्ट से जुड़ा टेंडर डॉक्‍यूमेंट उपलब्ध करा दिए हैं. इच्छुक कंपनियां 8 दिसंबर 2026 दोपहर 3 बजे तक ऑनलाइन अपने प्रस्‍ताव जमा कर सकती हैं.. 9 दिसंबर को दोपहर 3:30 बजे बोलियां खोली जाएंगी. टेंडर के लिए कंपनी का चयन होने के बाद कामख्‍या रोपवे के निर्माण कार्य के शुरुआत की तारीख तय कर दी जाएगी.

रोजाना 16,500 यात्री कर सकेंगे सफर

कुछ समय पहले केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कामख्‍या रोपवे के बारे में कहा था कि यह प्रोजेक्ट ‘विकास भी, विरासत भी’ की सोच का बेहतरीन उदाहरण है. इस रोपवे सिस्टम में 18 अत्याधुनिक गोंडोला (केबिन) लगाए जाएंगे. हर रोज 16,500 से अधिक श्रद्धालु इस रोपवे के जरिए मंदिर आ जा सकेंगे. पर्यावरण के अनुकूल यह केबल कार सिस्टम नीलाचल पहाड़ी क्षेत्र की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव कम करेगा और स्थानीय पर्यटन व रोजगार को नए अवसर देगा.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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दादी-नानी के नुस्खे को आज भी नहीं भूले लोग, 32 जड़ी-बूटियों से बनता है बत्तीसा

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Jalor traditional Battisa recipe and health benefits: राजस्थान के जालोर जिले में आज भी दादी-नानी के जमाने की पारंपरिक जड़ी-बूटियों से ‘बत्तीसा’ बनाने की परंपरा कायम है. इसमें 32 प्रकार की शक्तिशाली जड़ी-बूटियों और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. प्रसव के बाद महिलाओं की सेहत सुधारने, हड्डियों को मजबूत करने और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए इसके पौष्टिक लड्डू बनाए जाते हैं. यह देसी नुस्खा पीढ़ियों से ग्रामीण परिवारों की सेहत का अहम हिस्सा रहा है.



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पीयूष गोयल बोले- जलवायु संकट के लिए यूरोप बड़ा जिम्मेदार: भारत से आधी आबादी फिर भी कार्बन उत्सर्जन 8 गुना करता है




केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जलवायु संकट के लिए यूरोप को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि भारत की तुलना में यूरोप की आबादी आधी है, लेकिन वहां प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन 7 से 8 गुना ज्यादा है। गोयल ने जर्मनी में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत को जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अपनी जिम्मेदारियां निभाने के साथ 1.4 अरब लोगों की जरूरतें भी पूरी करनी हैं। देश की आबादी दुनिया की कुल आबादी का 17% है। फैक्ट चेक- यूरोप में प्रति व्यक्ति सालाना कार्बन उत्सर्जन 6-7 टन है, जबकि भारत में यह करीब 2 टन है, यानी एक यूरोपीय नागरिक औसतन एक भारतीय से 3 गुना से ज्यादा उत्सर्जन करता है। ‘इस संकट के लिए सबसे पहले कौन जिम्मेदार?’ गोयल ने यूरोपीय देशों से सवाल करते हुए कहा, “इस पूरी गड़बड़ी के लिए सबसे पहले कौन जिम्मेदार है? ओजोन परत को नुकसान कहां से पहुंचा? किसने वातावरण में इतना सारा कार्बन छोड़ा?” उन्होंने कहा कि वैश्विक उत्सर्जन में यूरोप की हिस्सेदारी और वहां प्रति व्यक्ति पर्यावरण पर पड़ने वाला असर भारत के मुकाबले काफी ज्यादा रहा है। गोयल ने कहा, “आज भी यहां बैठे हुए मेरा प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन शायद आपके मुकाबले 10% या 15% से भी कम है।” भारत हवा-सौर ऊर्जा से बिजली बनाने में तीसरे नंबर पर गोयल ने कहा कि भारत संसाधनों की बर्बादी रोकने और चीजों को दोबारा इस्तेमाल करने पर जोर दे रहा है। इन चुनौतियों के बावजूद भारत स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश का स्वच्छ ऊर्जा कार्यक्रम दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाले कार्यक्रमों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र पर नजर रखने वाली संस्था एंबर के मुताबिक, 2024 में भारत हवा और सौर ऊर्जा से बिजली बनाने के मामले में जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया था। वहीं, 2025 में भारत में नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई। सौर, पवन, जलविद्युत और जैव ऊर्जा से बिजली उत्पादन कुल 98 टेरावाट-घंटे बढ़ा। ——————- यह खबर भी पढ़ें… तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप, 16 मौतें, 54 घायल: 10 किमी गहराई में था केंद्र; पाकिस्तान-अफगानिस्तान में भी झटके तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप आया है। भारतीय समयानुसार गुरुवार रात 8:03 बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। इसमें 16 लोगों की मौत हो गई और 54 लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…



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कंगना के ‘गटर जनरेशन’ बयान मामले रिवीजन पर सुनवाई: वादी पक्ष ने कोर्ट में पेश किए दस्तावेज, 3 सितंबर को खारिज हुआ था परिवाद – Agra News




भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कंगना रणौत के खिलाफ छात्रों को ‘गटर जनरेशन’ कहने और उनके अभिभावकों का अपमान करने के मामले में गुरुवार को जिला जज संजय कुमार मलिक की अदालत में सुनवाई हुई। वादी पक्ष ने मामले से जुड़े दस्तावेज पेश किए। यह मामला कंगना रणौत की सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। आरोप है कि उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों को ‘गटर जनरेशन’ कहा था और उनके अभिभावकों का अपमान किया था। इस मामले में राजीव गांधी बार के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने परिवाद दायर किया था। 3 सितंबर को खारिज हुआ था परिवाद एमपी-एमएलए अदालत में 3 सितंबर को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुज कुमार सिंह ने परिवाद खारिज कर दिया था। आदेश में कहा गया था कि परिवाद में जिस घटना का उल्लेख किया गया है, उससे वादी न तो पीड़ित है और न ही व्यथित। इसके बाद इस आदेश को चुनौती देते हुए जिला अदालत में रिवीजन दाखिल किया गया। नीट पेपर लीक का भी किया उल्लेख परिवाद में नीट और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने से करोड़ों छात्रों के प्रभावित होने का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया कि कई छात्र तनाव में आकर आत्महत्या कर चुके हैं। पेपर लीक के विरोध में अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन भी हुए थे। परिवाद में कंगना रणौत की 27 जुलाई को सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम पर आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ की गई टिप्पणी का भी हवाला दिया गया है।



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फिर नया प्लान …: 74 बंगला से चार इमली तक बनेंगे 23 मंजिला टॉवर – Bhopal News




शहर के सबसे हरे-भरे आवासीय इलाकों शिवाजी नगर, तुलसी नगर, चार इमली और 74 बंगले की तस्वीर बदलने की तैयारी है। हाउसिंग बोर्ड ने इन इलाकों के 4,537 सरकारी मकानों के रीडेवलपमेंट का नया प्लान तैयार किया है। पुराने क्वार्टरों की जगह 75 मीटर यानी करीब 23 मंजिल तक ऊंची इमारतें बनाने का प्रस्ताव है। पूरे इलाके को कछुए के आकार में विकसित करने का कॉन्सेप्ट तैयार किया है। इसे ‘कूर्म मंडल’ या ‘टॉरटॉइज सिटी’ नाम दिया गया है। प्लान के मुताबिक करीब 500 एकड़ के पूरे इलाके में सिर्फ 30% जमीन पर निर्माण होगा। बाकी हिस्से में बड़े पार्क, हरियाली से घिरी सड़कें, पैदल रास्ते और खुली जगहें होंगी। मकसद बहुमंजिला इमारतों से जमीन का बेहतर उपयोग और हरियाली बढ़ाना है। अभी इस इलाके में करीब 40 हजार पेड़ हैं। इन पेड़ों को अधिकतम बचाते हुए विकास का प्रस्ताव है। 26 को साधिकार समिति में…
12 जून को अपर मुख्य सचिव संजय दुबे की अध्यक्षता में हुई बैठक के 16 सुझावों के आधार पर प्लान तैयार किया गया। आगे विस्तृत योजना बनेगी। 26 अक्टूबर को मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली साधिकार समिति में इस पर चर्चा होगी। यूरोप के शहरों जैसा विकास
हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन ओम जैन के मुताबिक सीएम की मंशानुरूप भोपाल को यूरोप के शहरों की तरह ऐसे डेवलप करना है, जहां हरियाली के बीच लोग रहें। इसी कॉन्सेप्ट पर यह प्लान बनाया है। जल्द सारी औपचारिकताएं पूरी कराएंगे। यह है कूर्म मंडल का कॉन्सेप्ट हिंदू मान्यता में भगवान विष्णु के दूसरे अवतार कूर्म यानी कछुए को स्थिरता, संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक माना है। इसी कॉन्सेप्ट पर तैयार डिजाइन में कछुए का सिर शासन और नेतृत्व का प्रतीक होगा। कवच वाले हिस्से में आवासीय इमारतें और बीच में बड़ा पार्क होगा। अन्य हिस्सों में बाजार व जरूरी सुविधाएं होंगी। बड़ा आकर्षण… सेंट्रल पार्क, चारों ओर हाईराइज बिल्डिंग
मुख्य आकर्षण बीच में बनने वाला सेंट्रल पार्क होगा। इसके चारों ओर हाईराइज रेसीडेंशियल भवन होंगे। लिंक रोड नंबर 1, 2 और 3 के आसपास ग्रीन कॉरिडोर विकसित होगा। मेन रोड के किनारे बाजार और दुकानों के लिए जगह होगी। मौजूदा स्कूल, अस्पताल, निगम मुख्यालय और दूसरे प्रमुख भवनों को बनाए रखते हुए आसपास विकास होगा। टीओडी… यानी हर सुविधा वॉ़किंग डिस्टेंस पर मिलेगी
यह प्लान ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) के आधार पर बनाया है। लोगों को स्कूल, अस्पताल, बाजार व अन्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े। पैदल रास्तों और साइकिल ट्रैक के साथ मेट्रो-इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा को भी जोड़ा जाएगा। प्राकृतिक ढलान के अनुसार छोटे तालाब और पोखर विकसित करने की योजना भी है। तीन चरणों में होगा विकास
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार शहर के बीच इस पूरे इलाके का विकास 3 चरणों में प्रस्तावित है। फिलहाल यह शुरुआती प्लान है। आगे इसकी विस्तृत योजना बनाई जाएगी। 9 साल में 3 योजनाएं रुकीं, अब चौथी पर कोशिश… 2017 : स्मार्ट सिटी का विरोध। शिवाजी नगर और तुलसी नगर को एबीडी एरिया में शामिल कर नए सिरे से बसाने की योजना स्थानीय विरोध के कारण आगे नहीं बढ़ी। 2022 : चार इमली का प्लान रुका। 178 बंगले तोड़कर 20 इमारतों में 218 फ्लैट और 3 हेक्टेयर में प्लॉट-बंगले बेचने का प्रस्ताव था। तत्कालीन सीएस इकबाल सिंह बैस की मौजूदगी में समिति ने पर्यावरणीय नुकसान की आशंका पर इसे रोका। 2024 : शिवाजी-तुलसी नगर में 29 हजार पेड़ों पर खतरे का खुलासा। मंत्रियों के नए बंगलों की योजना का भास्कर ने खुलासा किया। विरोध के बाद योजना रुकी।



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सभी वार्डों में चलेगा ‘स्वच्छता संकल्प’ अभियान: छठ महापर्व तक दिन में 3 बार उठेगा कूड़ा, खुले में फेंका तो सील होंगी दुकानें – Patna News




दीपावली और छठ महापर्व के दौरान शहर को चकाचक रखने के लिए पटना नगर निगम ने विशेष सफाई का शेड्यूल जारी किया है। 25 अक्टूबर से 10 नवंबर तक सभी वार्डों में ‘स्वच्छता संकल्प’ अभियान चलाया जाएगा। पर्व-त्योहारों में घरों और दुकानों से निकलने वाले अतिरिक्त कचरे को देखते हुए निगम ने दिन में तीन बार कचरा उठाव अनिवार्य कर दिया है। गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य सड़कों, नालों और सार्वजनिक स्थलों की मुस्तैदी से सफाई के साथ ही खुले में कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार उल्लंघन करने वाली दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील भी किया जाएगा। खाली प्लॉट और ट्रांसफॉर्मर के पास बने कचरा प्वाइंट होंगे साफ, दोबारा फेंका तो जुर्माना : शहर के निजी खाली प्लॉटों, ट्रांसफॉर्मर के आसपास, सड़क किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बने अवैध कचरा प्वाइंट्स को चिह्नित कर विशेष तौर पर साफ कराया जाएगा। दोबारा कचरा न जमा हो, इसके लिए स्थानीय लोगों से समन्वय के साथ निगरानी रखी जाएगी। खुले में कचरा फेंकने वाले घरों और दुकानों पर भारी जुर्माना ठोका जाएगा। नियम तोड़ने पर प्रतिष्ठानों पर ताला लगाने तक की कार्रवाई होगी। कचरा गाड़ियों के 3 ट्रिप अनिवार्य, फेरे कम हुए तो कटेगा एजेंसी का भुगतान वार्डों से कचरे के त्वरित निष्पादन के लिए हर कचरा वाहन को प्रतिदिन अनिवार्य रूप से तीन ट्रिप लगाने होंगे। जीपीएस और मॉनिटरिंग सेल के जरिए वाहनों के फेरों पर नजर रखी जाएगी। निर्धारित तीन ट्रिप पूरे नहीं करने वाले वाहनों और संबंधित एजेंसियों के भुगतान में कटौती की जाएगी। येलो-रेड स्पॉट और ओवरब्रिज की होगी रोजाना धुलाई निगम प्रशासन ने शहर के सभी छह अंचलों में येलो स्पॉट (अक्सर गंदे रहने वाले स्थान) और रेड स्पॉट (कचरा डंपिंग प्वाइंट) चिह्नित कर उनकी नियमित धुलाई और विशेष सफाई के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा शहर के सभी ओवरब्रिज के ऊपर और नीचे की सड़कों की भी रोजाना धुलाई कराई जाएगी, ताकि धूल और गंदगी न रहे। खुले एवं क्षतिग्रस्त मैनहोल और नालों की मरम्मत का काम भी अभियान के तहत तुरंत पूरा किया जाएगा। अपील : सड़क पर न गिराएं निर्माण सामग्री, प्लास्टिक पर पूरी तरह रोक नगर निगम ने शहरवासियों, दुकानदारों और व्यवसायियों से अपील की है कि वे कूड़ा केवल निर्धारित गाड़ी या डस्टबिन में ही डालें। सड़कों के किनारे गिट्टी-बालू या अन्य निर्माण सामग्री जमा करने और प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज करें। जलस्तर घटा : गंगा घाटों पर दो पालियों में सफाई शुरू 15 दिनों में तय होंगे सुरक्षित और खतरनाक घाट छठ महापर्व को लेकर पटना नगर निगम ने 109 गंगा घाटों को चिह्नित किया है। गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही इन घाटों पर विशेष सफाई अभियान तेज कर दिया गया है। अगले 15 दिनों में जलस्तर और सुरक्षा मानकों के आधार पर सुरक्षित और खतरनाक घाटों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। जेपी सेतु, पाटीपुल, मीनार घाट, कलेक्ट्रेट, भद्र घाट, नौजर, दमराही, मंगल तालाब क्षेत्र और दीघा श्मशान घाट समेत कई इलाकों में पानी उतरने के बाद भारी मात्रा में गाद और कचरा जमा हो गया है। इसे हटाने के लिए निगम ने प्रत्येक घाट पर 2-3 सफाईकर्मियों को तैनात कर दो पालियों में काम शुरू कराया है। कुदाल एवं जरूरी उपकरणों से गाद हटाई जा रही है और कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा है। जलजमाव वाले हिस्सों में मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव भी शुरू हो गया है। इन दो मोर्चों पर भी निगम की तैयारी 1. घाटों पर नागरिक सुविधाएं : श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एप्रोच रोड की मरम्मत, अस्थायी चेंजिंग रूम, हाई-मास्ट लाइट, वॉच टावर, सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 2. पार्क और तालाबों में वैकल्पिक व्यवस्था : गंगा घाटों पर भीड़ का दबाव कम करने के लिए शहर के 45-50 पार्कों, मैदानों और तालाबों में कृत्रिम घाट बनाए जाएंगे। यहां निगम पानी के टैंकरों और रोशनी की मुकम्मल व्यवस्था करेगा।



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