Monday, October 26, 2026
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प्रिंटिंग इंडस्ट्री ने की सरकार से जीएसटी घटाने की मांग: सरकारी टेंडर में नई कंपनियों को अवसर नहीं मिलने का आरोप – Jaipur News




प्रिंटिंग इंडस्ट्री में इंक, पेपर, फिल्म, प्लेट और केमिकल की बढ़ती कीमतों से उद्यमी परेशान हैं। इन पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगने से कारोबार पर असर पड़ रहा है। द राजस्थान प्रिंटर्स एसोसिएशन (RPA) की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों ने सरकार से जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत करने और इंडस्ट्री के लिए स्पेशल पैकेज देने की मांग की है। इंडियन प्रिंटिंग पैकेजिंग एंड एलाइड मशीनरी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईपीएएमए) के प्रेसिडेंट कुलजीत सिंह और आरपीए अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा सहित प्रिंटिंग इंडस्ट्री से जुड़े उद्यमियों ने कारोबार की चुनौतियों पर चर्चा की। इस दौरान सरकारी प्रिंटिंग टेंडर में कुछ कंपनियों के दबदबे और नई कंपनियों को अवसर नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। सरकारी टेंडर में नई कंपनियों को अवसर नहीं मिलने का आरोप आरपीए अध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि सरकारी प्रिंटिंग टेंडर पर कुछ चुनिंदा कंपनियों का कब्जा है। टेंडर प्रक्रिया में खामियों के कारण नए उद्यमियों को काम करने का अवसर नहीं मिल पाता। आरपीए इस मुद्दे को उठाएगा और नई कंपनियों को भी अवसर दिलाने के लिए संघर्ष करेगा। तकनीक के साथ आगे बढ़ने की जरूरत आईपीएएमए के प्रेसिडेंट कुलजीत सिंह ने कहा कि दुनिया में प्रिंटिंग इंडस्ट्री की तकनीक तेजी से बदल रही है। कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए उद्यमियों को नई तकनीक अपनानी होगी और समय के साथ खुद को अपडेट रखना होगा। आईपीएएमए और आरपीए का उद्देश्य देश और प्रदेश की प्रिंटिंग इंडस्ट्री को आगे बढ़ाना है। सप्लायर और प्रिंटर के बीच भी हुआ संवाद कार्यक्रम में रॉ मैटेरियल की सप्लाई चेन को बेहतर बनाने के लिए सप्लायर और प्रिंटर के बीच विशेष संवाद सत्र रखा गया। इसमें कच्चे माल की उपलब्धता और उससे जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान राजस्थान की प्रिंटिंग इंडस्ट्री के वरिष्ठ उद्यमियों हरिकिशन रावत, रूपनारायण, राजेंद्र कुमठ, मनमोहन सिंह, आलोक जैन, दुर्गा प्रसाद शर्मा, उमेश शर्मा और सुनील मित्तल को सम्मानित किया गया।



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Gold-Silver Price : त्‍योहारी सीजन में आज महंगा हो गया सोने-चांदी


नई दिल्‍ली. घरेलू वायदा बाजार में आज, 26 अक्‍टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दिख रही है. मल्‍टी कमोडिटी एक्‍सचेंज (MCX) 24 कैरेट सोने की कीमत 0.21% बढ़कर ₹1,42,810 प्रति 10 ग्राम हो गई, जबकि चांदी की कीमत 0.36% बढ़कर ₹1,97,300 प्रति किलोग्राम पहुंच गई है.

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार यानी कॉमेक्स (Comex) पर भी सोना-चांदी आज तेज है. इंट्राडे में कॉमेक्स पर सोने की कीमत में 0.51 फीसदी चढ़कर 4,028.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई. कॉमेक्स पर चांदी की कीमतों में 0.90 फीसदी का उछाल आया और यह 54.435 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करने लगी.

ये पढ़ें : युद्ध की आहट से कच्चे तेल में लगी आग, क्या बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल और खाद के दाम? जानिए सरकार का प्लान

प्रमुख शहरों में सोने के भाव

मनीकंट्रोल के अनुसार, आज दिल्‍ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹14,272 प्रति ग्राम, 22 कैरेट का ₹13,084 प्रति ग्राम और 18 कैरेट का रेट ₹10,708 प्रति ग्राम है. मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और केरल में 24 कैरेट सोना आज ₹14,257 प्रति ग्राम, 22 कैरेट ₹13,069 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना ₹10,693 प्रति ग्राम मिल रहा है. चेन्नई में 24 कैरेट सोने का प्रति ग्राम भाव ₹14,257 रुपये है.

क्‍या होगा आगे?

एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी का कहना है कि ब्याज दरें ऊंची बने रहने की उम्मीद और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी की वजह से सोने और चांदी पर दबाव दिख रहा है. आने वाले समय में अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) का ब्‍याज दरों पर होने वाला नीतिगत फैसला सोने और चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.

मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्‍ट मानव मोदी का कहना है कि पिछले सप्ताह 4 फीसदी से अधिक की गिरावट के बाद सोने की कीमतें 4,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर रहीं. इस दौरान सोने का भाव कुछ समय के लिए इस मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे भी फिसल गया था. जुलाई के बाद पहली बार ऐसा हुआ.

मोदी का कहना है कि  पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 6 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी हुई. इससे यह चिंता और मजबूत हुई कि ऊर्जा की बढ़ती लागत अमेरिकी महंगाई को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकती है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के लिए ब्याज दरों में बदलाव करने की गुंजाइश सीमित कर सकती है. फेडरल रिजर्व का रुख सोने के लिए अहम होगा.



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चंद्रशेखर आजाद की प्रयागराज में आज जनसभा: फूलपुर में बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन करेंगे सांसद, दावा- 3 सीटों पर प्रत्याशी घोषित करेंगे – Prayagraj (Allahabad) News




आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद आज प्रयागराज आएंगे। वह फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में जनसभा करेंगे। भुलई का पूरा गांव में होने वाले बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए वे कार्यकर्ताओं में चुनावी जोश भरेंगे। पार्टी नेताओं का दावा है कि प्रयागराज की कोरांव, करछना और फूलपुर सीटों के प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए गए हैं। सभा में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भी की जा सकती है। दोपहर 1:30 बजे से होगा सम्मेलन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के मुख्य मंडल प्रभारी अशोक कुमार और शाहिद अख्तर खान के मुताबिक, कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे ग्राम पंचायत चक अब्दुल करीम उर्फ पूरे भुलई में भुलई शाह बाबा की मजार के पास खाली मैदान में होगा। चंद्रशेखर आजाद के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील चित्तौड़ भी मौजूद रहेंगे। सभा की तैयारी कई दिनों से चल रही है। इसमें जिलेभर से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को बुलाया गया है। पार्टी का फोकस बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने और आगामी चुनाव के लिए समर्थन जुटाने पर रहेगा। तीन सीटों पर नाम फाइनल होने का दावा पार्टी नेताओं ने बताया कि प्रयागराज की कोरांव, करछना और फूलपुर विधानसभा सीटों के लिए प्रत्याशियों के नाम फाइनल कर लिए गए हैं। चंद्रशेखर आजाद की सभा में इन नामों का ऐलान होने की संभावना है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि आजाद समाज पार्टी प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी है। नेताओं का कहना है कि बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के जरिए संगठन को मजबूत किया जाएगा। सरकार गठन में अहम भूमिका का दावा पार्टी नेताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी भूमिका को लेकर भी बड़ा दावा किया। उनका कहना है कि प्रदेश में उनके समर्थन के बिना किसी की सरकार नहीं बनेगी। फूलपुर की जनसभा को पार्टी की चुनावी रणनीति और राजनीतिक ताकत दिखाने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।



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दरभंगा में ‘न्यूरो सर्जन’ लिखी क्लीनिक सील: डॉक्टर नहीं दिखा सके डिग्री-सर्टिफिकेट, अवैध रूप से हो रहा था संचालित – Darbhanga News




दरभंगा में स्वास्थ्य विभाग ने बिना वैध लाइसेंस संचालित किए जा रहे एक निजी क्लीनिक के खिलाफ कार्रवाई की है। बेंता थाना क्षेत्र के अस्पताल रोड स्थित डॉ. नक्की की क्लीनिक को दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर तत्काल सील कर दिया गया। क्लीनिक के बाहर न्यूरो सर्जन लिखा हुआ था, लेकिन जांच के दौरान डॉक्टर अपनी डिग्री और प्रमाणपत्र टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सके। अब स्वास्थ्य विभाग उनके प्रमाणपत्रों की जांच करेगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि अस्पताल रोड में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम के साथ वहां छापेमारी की गई। जांच के दौरान क्लीनिक में उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों की पड़ताल की गई। साथ ही डॉक्टर के प्रमाणपत्रों की जांच की गई। प्रमाणपत्र देखने के दौरान संदेह होने पर संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मौके पर कोई प्रमाणपत्र नहीं दिखाया गया। इसके बाद क्लिनिक को तत्काल सील कर दिया गया। बिना लाइसेंस चल रहा था क्लीनिक सिविल सर्जन ने कहा कि जिले में अस्पताल या क्लीनिक संचालित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस लेना आवश्यक है। प्रारंभिक जांच में संबंधित क्लीनिक का लाइसेंस भी सामने नहीं आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉक्टर की शैक्षणिक योग्यता और विशेषज्ञता के संबंध में अंतिम निष्कर्ष प्रमाणपत्रों के सत्यापन के बाद ही निकाला जाएगा। डॉक्टर को अपने प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि संबंधित डॉक्टर के पास वैध डिग्री और आवश्यक दस्तावेज हैं, तो उन्हें नियमानुसार लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिविल सर्जन के अनुसार, क्लिनिक संचालक पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई भी की जाएगी। अवैध अस्पतालों के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी का स्पष्ट निर्देश है कि जिले में कहीं भी बिना लाइसेंस अस्पताल या क्लीनिक संचालित होने या फर्जी डॉक्टरों के इलाज करने की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाए। इसी निर्देश के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम जिले के विभिन्न प्रखंडों, ग्रामीण इलाकों और अन्य क्षेत्रों में जांच अभियान चला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल रोड स्थित क्लीनिक को फिलहाल पूरी तरह सील कर दिया गया है। डॉक्टर की डिग्री, प्रमाणपत्र और क्लिनिक के लाइसेंस की जांच के बाद ही मामले में आगे का निर्णय लिया जाएगा।



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रजिस्ट्री व ई-केवाईसी तय समय में करने के निर्देश – Sagar News



सागर| स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सागर जिले में जिला स्तर पर कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क शुरू किया गया है। यह सुविधा कार्यालय भू-संसाधन प्रबंधन, जिला सागर के कक्ष क्रमांक 24 में स्थापित की गई है। इसका उद्देश्य मैदानी कार्य के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। हेल्प डेस्क के संचालन और तकनीकी दिक्कतों के निराकरण के लिए डॉ. राकेश कुमार अहिरवार और अनिल कुशवाहा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने योजना के तहत रजिस्ट्री और आधार आधारित समग्र ई-केवाईसी का काम समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पहचान से जुड़े निर्धारित कार्य हल्का पटवारी करेंगे।



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भास्कर अपडेट्स: अरुणाचल के पासीघाट भेजे गए आरएएफ के 250 जवान, बांध के विरोध में हो रही है हिंसा




अरुणाचल में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर मल्टीपर्पज परियोजना के विरोध में हिंसा के बाद रविवार को भी हालात तनावपूर्ण बने रहे। पासीघाट को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। केंद्र ने सुरक्षा के लिए आरएएफ की 2 कंपनियां भेजी हैं। इनमें 250 जवान हैं। इन्हे भारतीय वायुसेना के एयरक्राफ्ट के जरिए अरुणाचल पहुंचाया गया है। इस बीच, पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। 40 से ज्यादा जवान भी घायल हुए हैं। आज की अन्य बड़ी खबरें… असम में बिहू कलाकारों पर हमला करने के मामले में 13 लोग गिरफ्तार
असम के श्रीभूमि जिले में बिहू कलाकारों के एक दल पर हमला करने के मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शुक्रवार को श्रीभूमि जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान यह घटना हुई थी। आरोप है कि कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बुलाए गए बिहू कलाकारों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह झगड़ा बराक वैली में असमिया गाने बजाने के खिलाफ हुआ था। इस दौरान कलाकारों के कई सदस्य घायल हो गए और उनके संगीत वाद्ययंत्रों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। मणिपुर के कैंप से 150 कुकी उग्रवादी लापता; गृह मंत्रालय को दी गई जानकारी मणिपुर के कांगपोक्पी में समझौते के तहत बने सिनाई कैंप से 150 कुकी उग्रवादी लापता हो गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी दी है। कैंप की जांच में सिर्फ एक पंजीकृत उग्रवादी मिला, जबकि वहां मौजूद 17 अन्य लोगों की पहचान रिकॉर्ड से मेल नहीं खाई। लापता उग्रवादियों को गिरफ्तार कर 24 हथियार जब्त किए गए थे। यह कार्रवाई तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद हुई थी।



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शरद पूर्णिमा पर निकला हिंदू उत्सव समिति का चल समारोह: राधा-कृष्ण ने किया नौका विहार, शीतलदास की बगिया में हुई आतिशबाजी – Bhopal News




शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से चल समारोह निकाला गया। भगवान श्री राधा-कृष्ण की भक्ति और धार्मिक उल्लास के बीच निकले समारोह में आकर्षक झांकी, सुसज्जित बग्घी, ढोल और दो बैंड शामिल रहे। चल समारोह के शीतलदास की बगिया पहुंचने पर आतिशबाजी की गई। यहां भगवान श्री राधा-कृष्ण ने नौका विहार किया। इसके बाद श्रद्धालुओं को खीर प्रसाद वितरित किया गया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि चल समारोह शाम 6:30 बजे घोड़ा निक्कास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुआ। यहां से जनकपुरी, सिंधी मार्केट, भवानी चौक, सोमवारा, रेतघाट और कमला पार्क होते हुए समारोह शीतलदास की बगिया पहुंचा। रास्ते में धार्मिक आयोजन और भगवान राधा-कृष्ण की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। समिति ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। आयोजन के सफल संचालन के लिए अशोक विश्वकर्मा को संयोजक बनाया गया था। समिति ने श्रद्धालुओं के सहभाग के लिए आभार जताया।



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एमएलसी चुनाव में बूथ कैप्चरिंग की एफआईआर: सैंया में बूथ संख्या 21 पर घुसे 8-10 अज्ञात लोग, मतपत्र छीनकर जबरन किया था मतदान – Agra News




आगरा में 23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव के दौरान सैंया के बूथ पर अराजक तत्वों ने बूथ कैप्चरिंग की थी। मतपत्रों की गड्‌डी छीनकर जबरन मतपेटी में डाले थे। सपा की ओर से भी बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया गया था। अब इस मामले में पीठासीन अधिकारी की ओर से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर क अनुसार
​घटना 23 अक्टूबर 2026 की है। सुबह 08:00 बजे जब मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सकुशल शुरू कराई गई थी, उसके कुछ ही समय 8 से 10 अज्ञात लोग बूथ में जबरन घुस आए। बदमाशों ने पीठासीन अधिकारी द्वितीय (वरिष्ठ सहायक) श्री दिलीप कुमार से मतपत्रों की गड्डी जबरन छीन ली और उन पर खुद ही निशान लगाकर मतपेटिका में डाल दिया।
​जब मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा इसका विरोध किया गया, तो बेखौफ बदमाशों ने उन्हें डराया-धमकाया। इन 8-10 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर और बलपूर्वक मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह बाधित किया गया, जिससे चुनाव की शुचिता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और कतिपय मतदाता अपने मत का प्रयोग करने से वंचित रह गए।
​मामले की गंभीरता को भांपते हुए पीठासीन अधिकारी एवं राज्य कर अधिकारी राकेश कुमार ने तुरंत सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से इस पूरी घटना की जानकारी दी। इस संबंध में थाना सैंया में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 171(1) और 221 के तहत एफआईआर संख्या 0206 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार को सौंप दी है।



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यूपी: 15,000 करोड़ की लागत से बनेंगे 3 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे


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UP Greenfield Expressway: सीएम योगी आदित्यनाथ की यूपी सरकार यूपी के रोड इंफ्रास्टक्चर में बदलाव के लिए कमर कस ली है. राज्य में यात्री और माल ढुलाई को रफ्तार देने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया है. इसके तहत तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. इस पूरी भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पर राज्य के खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी. इन परियोजनाओं को यूपीडा (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के साल 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के सपने को भारी बल मिलेगा.

उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलने वाला है. प्रदेश में यात्री परिवहन और माल ढुलाई (कार्गो मोबिलिटी) को पंख लगाने के लिए सरकार ने तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का निर्णय लिया है. इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार लगभग 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने जा रही है, जिस पर कुल 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम खर्च आएगा.

योगी सरकार ने बताया कि वर्तमान और आगामी एक्सप्रेसवे परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (1 Trillion Dollar Economy) बनाने के लक्ष्य की तरफ तेजी से अग्रसर करने में मील का पत्थर साबित होंगी.

इन तीनों शानदार परियोजनाओं को राज्य की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है. सरकार ने इन तीनों एक्सप्रेसवे के संरेखण (Alignments) को भी अंतिम रूप दे दिया है, जो उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के लगभग 650 गांवों से होकर गुजरेंगे.

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विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway): यह तीनों परियोजनाओं में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग 4,615 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इसके लिए किया जाएगा, जो 109 गांवों से होकर गुजरेगा. यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, भदोही और मिर्ज़ापुर जिलों के रास्ते सीधे सोनभद्र से जोड़ेगा.

मेरठ-Haridwar एक्सप्रेसवे (Meerut-Haridwar Expressway): इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के मेरठ से आगे बढ़ाकर उत्तराखंड के हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा. इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और बिजनौर जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कुल 184 गांवों से लगभग 2,020 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा.

विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Vindhya Purvanchal Link Expressway): पूर्वी यूपी के चंदौली, गाजीपुर और मिर्ज़ापुर जिलों के 140 गांवों में लगभग 1,560 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इस तीसरे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल 2026 को देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यानी ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन किया जा चुका है. 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को भी यूपीडा (UPEIDA) द्वारा पीपीपी (PPP) मॉडल पर विकसित किया गया था, जो वर्तमान में यूपी के 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में जोड़ता है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही राज्य के निवेश माहौल को बेहतर बनाने की रीढ़ है. तेज और सुगम कनेक्टिविटी न केवल परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देती है, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण इलाकों और आंतरिक क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के विकास को भी तीव्र गति प्रदान करती है.

हाल ही में अपने उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने भी इस बात की सराहना की थी कि अब यूपी में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बड़े महानगरों से निकलकर टायर-II और टायर-III शहरों तक तेजी से फैल रही हैं, जिससे राज्य में भारी मात्रा में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं. इन नए एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अनगिनत नए द्वार खुलेंगे.

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बेहतर चिकित्सा सेवा देने वाले डॉक्टर सम्मानित: भागलपुर में हेल्थ इमिनेंस अवार्ड, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद – Bhagalpur News




भागलपुर में दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित हेल्थ इमिनेंस अवार्ड समारोह में भागलपुर समेत कई जिलों के वरिष्ठ चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें अवार्ड दिए गए। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और चिकित्सा जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर जिले के प्रभारी डीएम राकेश कुमार और भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल शामिल हुईं। इनके अलावा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएन झा, डॉ. एचपी दूबे, डॉ. बिहारी लाल और डॉ. हेमशंकर शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह में चिकित्सकों को उनके कार्यों और समाज के प्रति योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के काम को पहचान देना और उनका उत्साह बढ़ाना था। बच्चियों की नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में बांधा समां समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। शरण्या नृत्य कला से जुड़ी बच्ची ने नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। आयोजन में सम्मान समारोह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी शामिल किया गया, जिससे उपस्थित अतिथियों को कला और संस्कृति की झलक देखने को मिली।



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