Tuesday, October 13, 2026
Home Blog

चूरू में एबीवीपी का फूटा आक्रोश: जेएनयू में छात्राओं के यौन उत्पीड़न मामले को लेकर किया प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग – Churu News




चूरू में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न के मामले को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की। एबीवीपी के विभाग संयोजक कुलदीप सिंह जागावत ने कहा कि शिक्षण संस्थान सुरक्षित माहौल के केंद्र हों, यौन उत्पीड़न चिंताजनक है। जिला संयोजक नरेंद्र सिंह ने राजनीतिक दबाव के बिना निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। दोषियों पर कार्रवाई और पीड़िताओं को न्याय दिलाने की मांग
चूरू नगर मंत्री नरेंद्र सिंह रामसरा ने छात्राओं की सुरक्षा व न्याय को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कांग्रेस पर प्रतिक्रिया न देने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले दलों को जिम्मेदारी निभानी होगी। प्रदर्शन में जिला छात्रा प्रमुख पूजा भांभू, भाग संयोजक वरुण शर्मा, निखिल दहिया, नगर सहमंत्री गर्व रक्षक, विवेक जांगिड़, योगेंद्र जांगिड़, हर्षवर्धन सिंह ऊंटवालिय व पारुल कंवर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



Source link

भाजपा की महिलाओं ने फूंका कांग्रेस सांसद का पुतला: आजमगढ़ में बोली महिला जिला अध्यक्ष, चुप्पी तोड़े राहुल गांधी लड़कियों को मिले इंसाफ – Azamgarh News




JNU की 11 छात्राओं के साथ कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के विरोध में और पीड़ित छात्राओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आजमगढ़ में भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ अलका सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सांसद का पुतला फूंककर विरोध जताया गया। आजमगढ़ के कलेक्ट्रेट चौराहे पर बड़ी संख्या में उपस्थित भाजपा की महिला विंग ने इस मामले पर राहुल गांधी से चुप्पी तोड़ने कीमांग की है। इसके साथ ही अपने सांसद को पार्टी से निकालने और लड़कियों को इंसाफ दिलाए जाने की भी मांग की हैं। इसके साथ ही सौसर पर जमकर राहुल गांधी चुप्पी तोड़ो जवाब दो पीड़ित बेटियों को न्याय मिले जैसे नारे भी लगाए। चुप्पी तोड़े राहुल गांधी
प्रदर्शन कर रही भाजपा महिला की जिला अध्यक्ष डॉ अलका सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले पर राहुल गांधी को अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए और इस्तीफा ले लेना चाहिए। राहुल गांधी जिस तरह से मामले में चुप्पी साधे हुए हैं वह दुखद है। उन्हें तुरंत अपनी चुप्पी को तोड़नी चाहिए। हम लोगों की मांग है कि कांग्रेस सांसद का इस्तीफा हो और उन्हें जेल भेजा जाए इसके साथ ही जिन लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएं हुई है। उन्हें भी इंसाफ दिलाया जाए। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक जिला उपाध्यक्ष हरवंश मिश्रा मंत्री सुमन सिंह, विभा बरनवाल, वंदना सिंह सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।



Source link

बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने रैली निकाली: बोले- बच्चों की पढ़ाई, व्यापार और खेती-किसानी बंद पड़ी, 10 घंटे लाइट मिले – Umaria News




उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड के ग्राम चिल्हारी में अघोषित बिजली कटौती, लो वोल्टेज और ओवरलोड की समस्या से तंग आकर किसानों, व्यापारियों और युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। मंगलवार को गुस्साए ग्रामीणों ने बस स्टैंड से रैली निकाली और चिल्हारी बिजली दफ्तर पहुंचकर अफसरों को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि भरेवा बिजली स्टेशन के चिल्हारी उपकेंद्र से करीब 25 गांवों में सप्लाई होती है। लेकिन बिजली के बार-बार कटने और कम वोल्टेज आने से पढ़ाई, व्यापार और खेती-किसानी सब ठप पड़ा है। बारिश कम होने से धान की फसलें पहले ही सूख रही हैं और ऊपर से सिंचाई के लिए बिजली नहीं मिल रही। ग्रामीणों ने बस स्टैंड से रैली निकालते हुए चिल्हारी बिजली दफ्तर पहुंचकर जूनियर इंजीनियर अवनीश कुमार मिश्रा और डीई अभिषेक कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। अफसरों ने ग्रामीणों को मांगों पर विचार कर जल्द से जल्द समस्या दूर करने का भरोसा दिया है। इस दौरान युवा समाजसेवी राजर्षि मिश्रा, रामचरण गुप्ता, प्रशांत सोनी, वीर बहादुर कचेर, ललवा पटेल समेत बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें बिजली संकट से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने अफसरों के सामने ये शर्तें रखी हैं। किसानों को सिंचाई के लिए हर दिन कम से कम 10 घंटे बिना रुकावट बिजली दी जाए। चिल्हारी उपकेंद्र में 5 KVA की जगह 10 KVA का बड़ा ट्रांसफार्मर लगाया जाए और पुरानी जर्जर 33 KV व 11 KV लाइनों को बदला जाए। मुख्य बाजार क्षेत्र के लिए अलग 11 KV फीडर बनाया जाए। रामलीला स्टेज और प्रजापति मोहल्ले में मंजूर हो चुके 63 KVA व 100 KVA के ट्रांसफार्मर तुरंत लगाए जाएं और अच्छी केबल बिछाई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्याओं का पक्का समाधान नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और अनशन करेंगे।



Source link

मुंगेर में 8.92 ग्राम स्मैक के साथ 7 लोग गिरफ्तार: भागलपुर से ट्रेन के जरिए लाते थे स्मैक, SP ने किया खुलासा – Munger News




मुंगेर में जमालपुर पुलिस ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खलासी मोहल्ला स्थित रेलवे क्वार्टर में छापेमारी कर 8.92 ग्राम स्मैक बरामद की। मौके से 19 लाइटर, दो इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, दो पीस एल्युमिनियम फॉयल, एक चाकू और पांच मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। छापेमारी कर सातों आरोपियों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा साह, प्रीतम कुमार, सागर कुमार, सोनू कुमार, गोविंद कुमार, छोटू कुमार और स्वास्तिक कुमार के रूप में हुई है। एसपी सैयद इमरान मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जमालपुर थानाध्यक्ष से मिली सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। इसमें स्थानीय थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई की टीम शामिल थी। संयुक्त टीम ने बीती देर रात खलासी मोहल्ले के रेलवे क्वार्टर में छापेमारी कर सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रेन से लाते थे स्मैक की पुड़िया एसपी ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि इस धंधे से जुड़े लोग भागलपुर जिले से ट्रेन के माध्यम से स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया छिपाकर लाते थे। इसके बाद मुंगेर जिले में इसकी खरीद-बिक्री करते थे। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व पूरबसराय थाना पुलिस ने भी स्मैक के साथ कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। उस मामले में बरामद स्मैक भी भागलपुर से लाए जाने की जानकारी मिली थी। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में स्मैक की आपूर्ति करने और दूसरे स्थानों पर इसकी सप्लाई करने वाले लोगों के संबंध में जानकारी मिली है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी।



Source link

झोपड़ी से शुरू हुआ सफर, अब 800 लीटर दूध से बनती है बालूशाही

0


Last Updated:

Bhutahi Balushahi Mithai: बिहार के सीतामढ़ी जिले का भुतही गांव अपनी ऐतिहासिक मिठास के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी खास पहचान बनाया हुआ है. यहां पिछले 150 से 200 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक ‘बालूशाही’ स्वाद के शौकीनों के बीच बेहद लोकप्रिय है. मिट्टी और झोपड़ी की छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह सफर आज पांचवीं पीढ़ी तक पहुंच चुका है. सबसे खास बात यह है कि 10 दिनों तक बिना खराब हुए तरोताजा रहने वाली यह मिठाई अपनी शुद्धता और पारंपरिक विधि के कारण आज भी हर वर्ग की पहली पसंद बनी हुई है.

Top Deals Inside

​भुतही बाजार स्थित सबसे पुराना सुंदर मिष्ठान भंडार के वर्तमान संचालक और स्वर्गीय लक्ष्मी साह के चौथी पीढ़ी के वंशज पवन कुमार बताते हैं कि इस दुकान की नींव उनके परदादाजी ने रखी थी. शुरुआत में झोपड़ी में बनने वाली यह मिठाई धीरे-धीरे अपनी गुणवत्ता के बल पर दूर-दूर तक प्रसिद्ध हो गई. पवन कुमार के अनुसार, 1980-85 के दशक में जहां यह बालूशाही 40 से 45 रुपये प्रति किलो बिकती थी.

शुरुआती दिनों में इसकी कीमत महज 15 से 20 रुपये थी. आज समय के साथ बदलाव जरूर आया है और वर्तमान में यह 200 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रही है, लेकिन इसके पारंपरिक स्वाद में कोई कमी नहीं आई है. जहां बाजार में अमूमन बालूशाही बनाने के लिए मैदा या सूजी का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, भुतही की बालूशाही की असली यूएसपी इसका शुद्ध छेना है.

कारीगर राजकुमार साह, जो पिछले 20 वर्षों से यहां काम कर रहे हैं, बताते हैं कि वे किसी भी तरह के मिल्क पाउडर या मिलावटी चीजों का प्रयोग नहीं करते है. यहां शुद्ध भैंस के दूध से छेना तैयार किया जाता है. 7 किलो छेना में केवल 200 से 300 ग्राम सूजी मिठाई को खिलने के लिए मिलाई जाती है. इसके अलावा, इसे पकाने के लिए एलपीजी गैस के बजाय कोयले की भट्टी और गाय के गोबर के उपलों का इस्तेमाल होता है, जिससे इसमें एक खास सौंधा स्वाद आता है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

​भुतही की इस बालूशाही की मांग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां एक दुकान में रोजाना लगभग 8 क्विंटल (800 लीटर) शुद्ध दूध की खपत होती है. स्थानीय गांव-देहात और आसपास के इलाकों जैसे बिसनपुर और संपुर के वेंडर हर सुबह ताजा दूध लेकर पहुंचते हैं. कारीगरों की मेहनत और शुद्धता के चलते यहां रोजाना औसतन 6 से 7 क्विंटल बालूशाही तैयार होकर हाथों-हाथ बिक जाती है.10 किलो छेना को पकाने के लिए लगभग 20 किलो चीनी की चाशनी का उपयोग किया जाता है. इसमें कोई तेल या घी का प्रयोग नहीं किया जाता है और नहीं इसे फ्राई किया जाता है. ये चीनी की चाशनी में पकता है.

​भुतही की बालूशाही की शेल्फ लाइफ यानि टिकाऊपन काफी अधिक होती है, जिसके कारण यह 10 दिनों तक बिना किसी प्रिजर्वेटिव के भी खराब नहीं होती है. यही वजह है कि जब भी कोई स्थानीय निवासी या रिश्तेदार बाहर जाता है, तो भुतही की बालूशाही सौगात के रूप में साथ ले जाना नहीं भूलता है. सीतामढ़ी आने वाले पर्यटक और प्रवासी भारतीय इसे विशेष रूप से पैक करवाकर देश के कोने-कोने और विदेशों तक ले जाते हैं, जिससे यह पारंपरिक मिष्ठान बिहार का गौरव बनी हुई है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। ‘लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया देखें.’



Source link

पीयूष गोयल बोले- कांग्रेस चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल-मंत्री बनाती थी: CEC रहते एमएस गिल को पद्म विभूषण देना क्या रिश्वत नहीं; राहुल से 10 सवाल किए


  • Hindi News
  • National
  • Piyush Goyal Attacks Rahul Gandhi | Shashi Tharoor Statement On Congress

48 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस पर अपने शासन के दौरान चुनाव आयुक्तों को राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) रहते एमएस गिल को पद्म विभूषण देना क्या रिश्वत नहीं थी।

गोयल ने कांग्रेस के पुराने फैसलों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों और चुनाव अधिकारियों को बाद में राजनीतिक पद दिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव हारने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, लेकिन जीतने पर चुनाव प्रक्रिया को सही बताती है।

गोयल ने राहुल गांधी से 10 सवाल करते हुए उन्हें वोट चोरी के आरोपों के सबूत देने और चुनाव आयोग के सामने हलफनामा दाखिल करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा- पिछले कुछ दिनों से हम राहुल गांधी का व्यवहार, उनके दोहरे मापदंड और बचकानी हरकतें देख रहे हैं। कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है, लेकिन अपना पुराना रिकॉर्ड भूल जाती है।

राहुल गांधी से पीयूष गोयल के 10 सवाल

1. वोट चोरी के आरोपों पर हलफनामा क्यों नहीं दिया?

राहुल गांधी हर दिन वोट चोरी की बात करते हैं। चुनाव आयोग की आलोचना करते हैं और उसके लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने चुनाव आयोग के सामने एक भी हलफनामा दाखिल नहीं किया। अगर उनके पास सबूत हैं, तो उन्हें सामने रखें और शपथ लेकर अपने आरोपों की पुष्टि करें।

2. बिहार में SIR के दौरान चुप क्यों रहे?

अगर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) इतनी बड़ी समस्या थी, तो बिहार में इसके दौरान राहुल गांधी चुप क्यों रहे? उन्होंने तब आवाज क्यों नहीं उठाई? तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में SIR की प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस ने नाम जोड़ने या हटाने के लिए एक भी दावा क्यों दाखिल नहीं किया? उस समय कांग्रेस कहां थी?

3. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सवाल क्यों?

पहले सरकार ही चुनाव आयुक्तों को नियुक्त करती थी। किसी से सलाह या चर्चा नहीं होती थी। सरकार जिसे चाहती थी, उसे चुनाव आयुक्त या मुख्य चुनाव आयुक्त बना देती थी। 2023 में पीएम मोदी की सरकार एक नया कानून लेकर आई। इसके तहत चयन समिति में नेता प्रतिपक्ष को भी सदस्य बनाया गया। अब प्रधानमंत्री और नेता प्रतिपक्ष मिलकर तय करते हैं कि कौन चुनाव आयुक्त और कौन मुख्य चुनाव आयुक्त बनेगा।

4. कांग्रेस नेताओं ने SIR की तारीफ क्यों की?

अगर कांग्रेस को सच में लगता है कि SIR में गड़बड़ी हुई है, तो वह जीतने पर यह कैसे कह सकती है कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहा है और चुनाव बिल्कुल सही हुए हैं, लेकिन हारने पर कहती है कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है?

शशि थरूर, रमेश चेन्निथला और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने SIR को लेकर बयान दिए। अधीर रंजन चौधरी ने भी कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव ठीक और निष्पक्ष तरीके से कराए गए। बार-बार झूठ बोलकर कांग्रेस कभी जनता का भरोसा नहीं जीत सकती। राहुल गांधी कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा रेड फ्लैग हैं।

5. टीकाराम मीणा को कांग्रेस की समिति में जगह क्यों मिली?

केरल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी टीकाराम मीणा को बाद में राजस्थान में कांग्रेस की घोषणापत्र समिति में शामिल किया गया और पार्टी का सदस्य बनाया गया।

6. रतन यू. केलकर को मुख्यमंत्री का सचिव क्यों बनाया गया?

रतन यू. केलकर केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी थे। मई 2026 के चुनाव के एक महीने के भीतर उन्हें मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन का सचिव नियुक्त कर दिया गया। क्या यह राजनीतिक लेन-देन नहीं है? क्या यह संदेश नहीं है कि चुनाव में हमारी मदद करो और हम तुम्हें पद दे देंगे?

7. CEC रहते एमएस गिल को पद्म विभूषण देना क्या रिश्वत थी?

एमएस गिल 1996 से 2001 तक पांच साल मुख्य चुनाव आयुक्त रहे। उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। साल 2000 में, जब वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर थे, तब उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान दिया गया। क्या यह उन्हें प्रलोभन देना नहीं था? क्या यह एक तरह की रिश्वत नहीं थी?

8. ममता बनर्जी को लेकर कांग्रेस का रुख क्या है?

राहुल और उनके साथी ममता बनर्जी को गालियां देते हैं और उनके खिलाफ चुनाव लड़ते हैं। वे आरोप लगाते हैं कि ममता बनर्जी की कथित गलतियों और गड़बड़ियों ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता खोल दिया।

9. आरके त्रिवेदी को राज्यपाल और टीएन शेषन को टिकट क्यों दिया गया?

आरके त्रिवेदी का मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यकाल 31 दिसंबर 1985 को समाप्त हुआ। 26 फरवरी 1986 को राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने उन्हें गुजरात का राज्यपाल नियुक्त कर दिया।

कांग्रेस टीएन शेषन की ईमानदारी और निडरता की तारीफ करती थी, लेकिन 1999 में पार्टी ने उन्हें लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया। क्या यह उन्हें पुरस्कृत करने जैसा नहीं था?

10. नवीन चावला की नियुक्ति को लेकर सवाल क्यों उठे?

2005 के अखबारों और टीवी फुटेज में कहा गया था कि सोनिया गांधी ने नवीन चावला को चुनाव आयुक्त नियुक्त किया। सोनिया गांधी के पास कोई सरकारी पद नहीं था, तो वह किस हैसियत से तय कर रही थीं कि किसे कौन-सा पद दिया जाए?

एक मुख्य चुनाव आयुक्त ने शिकायत की थी कि उनके अधीन काम करने वाला चुनाव आयुक्त कांग्रेस के एजेंट की तरह काम कर रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने उसे नहीं हटाया।

——————————-

यह खबर भी पढ़ें….

SIR के खिलाफ विपक्ष की याचिका में 14 खामियां:सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने बताया- कोर्ट फीस ₹220 कम दी, पेज गायब, खड़गे का आईडी कार्ड धुंधला

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं की ओर से दायर SIR याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं। यह याचिका SIR में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी है। इन खामियों के कारण मंगलवार को याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Vivo V80 और Vivo X Fold 6 की भारत में सेल शुरू, मिल रहा स्पेशल ऑफर


Vivo के पिछले सप्ताह लॉन्च हुए फोल्डेबल फोन X Fold 6 की सेल शुरू हो गई है। साथ ही, Vivo V80 की सेल भी आज यानी 13 अक्टूबर से भारत में शुरू हो गई है। वीवो के ये दोनों फोन पहली सेल में काफी सस्ते में खरीदे जा सकते हैं। कंपनी फोन की खरीद पर बैंक डिस्काउंट, कैशबैक के साथ-साथ नो-कॉस्ट EMI ऑफर दे रही है।

Vivo X Fold 6 पर ऑफर

वीवो का यह फोन एक ही स्टोरेज वेरिएंट- 12GB RAM + 512GB में आता है। इसकी कीमत 2,19,999 रुपये है। इसे Nebula Teal और Prism Black कलर ऑप्शन के साथ खरीदा जा सकता है। इस फोन को 7,333 रुपये की EMI पर खरीदा जा सकता है। इसकी खरीद पर 26,400 रुपये तक का कैशबैक मिल सकता है।

Vivo V80 पर ऑफर

वीवो V सीरीज का यह फोन तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 8GB RAM + 512GB में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत 62,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 69,999 रुपये और 79,999 रुपये है। इस फोन को Stellar Black, Horizon Blue और Sunrise Anthem कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है। इसकी खरीद पर भी कैशबैक और नो-कॉस्ट EMI का लाभ मिल सकता है।

Image Source : VIVOवीवो वी80 की सेल

Vivo X Fold 6 के फीचर्स

वीवो का यह फोन 8.02 इंच के फोल्डेबल AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। वहीं, इसमें 6.51 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया ह। फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट फीचर को सपोर्ट करता है। यह फोन MediaTek Dimensity 9500 Super Edition चिपसेट के साथ आता है, जिसके साथ  12GB रैम और 512GB स्टोरेज के साथ आता है।

इसमें 6900mAh की बैटरी और 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है। इसके बैक में 200MP का मेन कैमरा मिलेगा। इसके अलावा फोन में 50MP के दो कैमरे दिए गए हैं। वहीं, सेल्फी के लिए 20MP का कैमरा मिलेगा। यह Android 17 पर बेस्ड OriginOS 7 पर काम करता है।

Vivo V80 के फीचर्स

Vivo V सीरीज के इस फोन में 6.59 इंच के AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। यह Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट पर काम करता है। इसमें 8GB रैम और 512GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। यह फोन 7200mAh की बैटरी और 90W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। इसमें 50MP के दो और 8MP का तीसरा कैमरा मिलेगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 50MP का कैमरा दिया गया है।

यह भी पढ़ें – Oppo Find X10 सीरीज की भारत में लॉन्च डेट हुई कंफर्म, मिलेगा 200MP कैमरा





Source link

चीन ने लद्दाख की 28 जगहों को अपना बताया: भारत ने नाम बदले थे; इनमें गोगरा-हॉट स्प्रिंग, जहां 2020 में दोनों देशों की सेनाएं टकराईं


बीजिंग/नई दिल्ली16 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

चीन ने लद्दाख की 28 जगहों पर अपना बताया है। चीन ने मंगलवार को इन जगहों के नाम तय करने के भारत के फैसले पर आपत्ति भी जताई। चीन ने कहा- ये इलाके हमारे हैं और भारत के नाम बदलने या नया नाम रखने से जमीन पर मालिकाना हक नहीं बदलेगा।

भारत ने 2 अक्टूबर को इन जगहों के नाम आधिकारिक तौर पर तय किए थे। इनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग जैसे इलाके भी शामिल हैं, जहां 2020 में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव हुआ था।

चीन बोला- लद्दाख को भारत का UT नहीं मानते

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को कहा कि चीन लद्दाख को भारत की ओर से बनाया गया केंद्र शासित प्रदेश नहीं मानता। चीन ने भारत के इस कदम को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि सीमा के पश्चिमी हिस्से के ये इलाके उसके हैं।

माओ के मुताबिक, भारत के इस फैसले से सीमा के पश्चिमी हिस्से में उन इलाकों पर चीन का दावा नहीं बदल सकता, जिन्हें वह अपना क्षेत्र मानता है।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को भारत के लद्दाख के इलाकों का नाम तय करने या बदलने का विरोध किया।

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को भारत के लद्दाख के इलाकों का नाम तय करने या बदलने का विरोध किया।

भारत ने 28 जगहों के नाम क्यों तय किए?

  • भारत के गृह मंत्रालय ने 2 अक्टूबर को आधिकारिक तौर पर लद्दाख की 28 जगहों और क्षेत्रों के नाम तय किए थे।
  • भारत का फैसला 2023 में चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के इलाकों के नाम बदलने के जवाब में उठाया गया था। चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘जांगनान’ यानी दक्षिणी तिब्बत कहता रहा है।
  • भारत सरकार का कहना था कि उसका मकसद सरकारी नक्शों और दस्तावेजों में इन जगहों की पहचान को साफ और एक जैसा रखना है। इससे इन संवेदनशील इलाकों को पहचानना भी आसान होगा।

गोगरा और हॉट स्प्रिंग पूर्वी लद्दाख के संवेदनशील इलाके

भारत ने जिन जगहों के नाम तय किए, इनमें गोगरा और हॉट स्प्रिंग भी शामिल हैं। ये पूर्वी लद्दाख के संवेदनशील इलाके हैं, जहां भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा पर तनाव रहा है। इन जगहों पर भारतीय सैनिक गश्त भी करते हैं।

मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बढ़ गया था। 5 मई को पैंगोंग झील के पास दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।

2020 के जून में गलवान घाटी में भी दोनों सेनाओं के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने और सैनिकों को पीछे हटाने के लिए बातचीत शुरू की। सैनिकों को पीछे हटाने की प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई।

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर पैंगोंग झील के इलाके में दोनों देशों के सैन्य अधिकारी मिले थे। तस्वीर 10 फरवरी 2022 की है।

लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर पैंगोंग झील के इलाके में दोनों देशों के सैन्य अधिकारी मिले थे। तस्वीर 10 फरवरी 2022 की है।

28 जगहों में कौन-कौन से नाम शामिल हैं?

भारत की ओर से तय किए गए 28 नामों में पहाड़, दर्रे, ग्लेशियर, जमीन के हिस्से, घाटियां और जल स्रोत शामिल हैं।

पहाड़-चोटियां: अतीशा गिरि, कनीष्क पीक, करुण पीर पर्वत, मार्तंड गिरि, द्रक कार्पो, जोलमोरी, रिनचेन जांगपो, साक्यश्री गिरि, मारपा लोत्सावारी, मिलारेपा कांगरी, शिव री, जोरावर पीक और महेश्वररी।

दर्रे-ग्लेशियर: चापचिंगल दर्रा, शाचमिरिक दर्रा, पारपिक ग्लेशियर और स्कामरी ग्लेशियर।

जमीन के इलाके: ब्रांगसा, कुकसेल, देहरा कम्पास, गोगरा, कुमारायण पॉइंट, पंगलुंग और शमाल लुंगपा।

घाटी-जल स्रोत: श्कोर्गा घाटी, गुरु रिनपोछे झील, यांगपा नदी और हॉट स्प्रिंग।

इन जगहों के नाम तय करके सरकारी नक्शे में शामिल करने का मकसद उनकी सही पहचान बताना है।

गलवान में भारत और चीन के बीच हिंसक झड़प हुई थी

जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच सीमा विवाद को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। भारत के मुताबिक, 6 जून को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति बनी थी, लेकिन 15 जून की रात फिर टकराव हो गया।

इस दौरान सैनिकों के बीच पत्थरों और डंडों से लड़ाई हुई। झड़प में भारत के 20 सैनिकों की मौत हुई थी। चीन ने फरवरी 2021 में अपने 4 सैनिकों की मौत की बात स्वीकार की थी। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया और सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी गई।

जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर झड़प के दौरान आमने-सामने खड़े दोनों देशों के सैनिक।

जून 2020 में गलवान घाटी में भारत-चीन सीमा पर झड़प के दौरान आमने-सामने खड़े दोनों देशों के सैनिक।

अरुणाचल प्रदेश को लेकर भी दोनों देशों के बीच विवाद

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद है। चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और इसे ‘जांगनान’ यानी दक्षिणी तिब्बत कहता है।

इसी दावे के तहत चीन 2017 से कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नाम जारी कर चुका है। 2023 में चीन ने 11 और 2024 में करीब 30 जगहों के नाम जारी किए थे। भारत हर बार इसका विरोध करता रहा है।

भारत का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश उसका अभिन्न हिस्सा है और चीन के नाम बदलने से जमीन पर स्थिति नहीं बदल सकती। भारत की नजर में यह सिर्फ नामों का मामला नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र पर चीन के दावे से जुड़ा विवाद है।

————————–

यह खबर भी पढ़ें…

अफगानिस्तान ने चीन तक बनाई सड़क, भारत के लिए चिंता: 121 किमी का वाखान कॉरिडोर चीन के लिए सीधा रास्ता

अफगानिस्तान ने उत्तर-पूर्वी बदख्शां प्रांत में वाखान कॉरिडोर के जरिए चीन के शिनजियांग तक 121 किलोमीटर लंबी सड़क बना ली है। करीब 55 लाख डॉलर की लागत से बनी इस सड़क का उद्घाटन भी हो गया है। यह सड़क अफगानिस्तान और चीन के बीच पहला सीधा जमीनी रास्ता है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

महराजगंज में नाली निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप: पीडब्ल्यूडी करा रहा काम, ग्रामीणों ने शिकायत कर जांच की मांग की – Maharajganj News




महराजगंज। शहर से सटे रामपुर बुजुर्ग गांव में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड विभाग की ओर से कराए जा रहे नाली निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन किलोमीटर लंबी नाली के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार, रामपुर बुजुर्ग गांव में पिछले करीब 15 दिनों से नाली का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि नाली का निर्माण बेहतर तरीके से होगा, लेकिन काम शुरू होने के बाद गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। ग्रामीणों ने निर्माण करा रहे ठेकेदार से शिकायत की, लेकिन उनका आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नियम-कानून का हवाला देकर चुप करा दिया गया। घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप गांव के मकसूद अली का आरोप है कि नाली निर्माण में खराब गुणवत्ता वाली रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीमेंट की मात्रा भी बेहद कम रखी जा रही है। इससे नाली की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। इंद्रजीत मौर्य ने कहा कि मनमाने तरीके से बनाई जा रही नाली कितने दिनों तक टिकेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। उनका आरोप है कि जहां दीवार का सहारा है, वहां भी निर्माण में जरूरी मजबूती का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। वहीं, नसरूल ने आरोप लगाया कि नाली निर्माण में अनियमितता कर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। नाली में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता पर भी उन्होंने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में जब पीडब्ल्यूडी के एक्सिएन राजकुमार मिश्रा से जानकारी लेना चाहा तो उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया उनके जवाब न देने से साफ जाहिर होता है कि नाली निर्माण में काफी अनमिता हो रहा है



Source link

ट्रांसफॉर्मर ऑयल ड्रम में भर रहे थे चोर: ग्रामीणों को देख पिकअप दौड़ाई, पुलिस ने तीनों को मौके से धर-दबोचा – Jaisalmer News




जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के चाहड गांव स्थित 33 केवी जीएसएस से चोरों ने ट्रांसफॉर्मर ऑयल चोरी कर लिया। अलसुबह जीएसएस परिसर में संदिग्ध आवाजें सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो चोर पिकअप लेकर भाग निकले। मोहनगढ़ पुलिस ने आरोपियों का करीब 100 किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान नाचना-रामदेवरा मार्ग पर दिधु गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। ट्रांसफॉर्मर से ड्रमों में भर रहे थे तेल 33 केवी जीएसएस पर चोर ट्रांसफॉर्मरों के नट-बोल्ट खोलकर उनमें भरा ऑयल ड्रम और कैन में भर रहे थे। इस दौरान बिजली की लाइनें भी चालू थीं। ग्रामीणों को परिसर से संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं और मौके पर पहुंचे तो चोर तेल चोरी करते मिले। ग्रामीणों को देखकर चोरों ने अपनी पिकअप को दौड़ा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू किया पीछा ग्रामीणों ने तुरंत मोहनगढ़ पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पिकअप का रूट पता चलने पर पुलिस ने उनका करीब 100 किलोमीटर तक पीछा किया। नाचना-रामदेवरा मार्ग पर दिधु गांव के पास पुलिस को पीछे आता देख आरोपियों ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पिकअप पलटने के बाद पुलिस ने मौके से 3 आरोपियों को पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही, इस वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों और चोरी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।



Source link