बरेली के कोतवाली थाना क्षेत्र में आने वाले व्यस्त इंदिरा मार्केट में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कपड़ों की दुकान से अचानक धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते चंद मिनटों में आग ने इतना विकराल रूप ले लिया। रेडीमेड कपड़ों का बाजार होने के कारण आग बहुत तेजी से फैली। स्थानीय दुकानदारों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन कपड़ों की वजह से लपटें लगातार उग्र होती गईं। शुरुआती जांच में आग लगने की वजह बिजली के पोल या दुकान में हुआ शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में किसी जनहानि की खबर नहीं है, जो एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि सीजन के लिए मंगाया गया लाखों रुपये का रेडीमेड स्टॉक पूरी तरह जलकर बर्बाद हो गया है।
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जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी: बैतूल आते ही STF ने दबोचा, आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की – Bhopal News
भोपाल में 49,920 ऑनरेक्स कफ सिरप की बरामदगी मामले में फरार चल रहे 30 हजार रुपए के इनामी आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को मध्यप्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए जयपुर भाग गया था, लेकिन एक परिचित से मिलने बैतूल पहुंचते ही एसटीएफ की टीम ने उसे पकड़ लिया। एसपी एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार गांधी नगर इलाके में चल रही अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के खुलासे के बाद अर्जुन का नाम जांच में सामने आया था। इसके बाद एसटीएफ लगातार उसकी लोकेशन और संपर्कों की निगरानी कर रही थी। अर्जुन ट्रेडर्स के नाम से लिया था लाइसेंस
जांच में पता चला कि बागसेवनिया स्थित सुरेंद्र पैलेस में अर्जुन ट्रेडर्स के नाम से ड्रग लाइसेंस लिया था। इसी लाइसेंस के माध्यम से ऑनरेक्स कफ सिरप की खरीद-बिक्री के दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। एसटीएफ की जांच में सामने आया कि मौके पर मौजूद दुकान केवल दिखावे के लिए थी। करीब 10 महीने पहले लाइसेंस लेने के लिए दुकान खोली गई थी, लेकिन वहां ऑनरेक्स कफ सिरप की एक भी शीशी नहीं मिली। आरोपी को 5 दिन की रिमांड पर भेजा एसटीएफ को आशंका है कि लाइसेंस का इस्तेमाल केवल कागजी रिकॉर्ड तैयार करने और अवैध सप्लाई को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसटीएफ अब आरोपी से नेटवर्क और सप्लाई चैन को लेकर पूछताछ कर रही है।
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बिना ओवन के सिर्फ 10 मिनट में बनाएं कड़ाही पिज्जा, मैदा की जरूरत नहीं, जानें आसान रेसिपी
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Kadai Pizza Simple Recipe: अगर आपके पास ओवन नहीं है और आप मैदा से बचना चाहते हैं, तो कड़ाही पिज्जा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. सूजी या गेहूं के आटे से तैयार यह हेल्दी पिज्जा सिर्फ 10 मिनट में बन जाता है और स्वाद में भी किसी रेस्टोरेंट पिज्जा से कम नहीं होता. यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक स्वादिष्ट स्नैक है.
घर पर सिंपल रेसिपी से सिर्फ 10 मिनट में टेस्टी और हेल्दी पिज्जा बना सकते हैं.
Restaurant-Style Pizza Recipe: आजकल हर किसी को वीकेंड पर पिज्जा खाने का मन करता है. पिज्जा खाने के लिए तमाम लोग रेस्टोरेंट्स का रुख करते हैं. हर उम्र के लोगों को पिज्जा खूब पसंद आता है. पिज्जा को देखकर लगता है कि इसे घर पर बनाना बहुत मुश्किल काम होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. घर पर पिज्जा बनाने का नाम आते ही सबसे पहले ओवन का ख्याल आता है. अगर आपके पास ओवन नहीं है, तो भी आप टेस्टी और हेल्दी पिज्जा बना सकते हैं. सूजी या गेहूं के आटे से तैयार होने वाला कड़ाही पिज्जा सिर्फ 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है और इसका स्वाद भी किसी रेस्टोरेंट पिज्जा से कम नहीं लगता है.
कड़ाही पिज्जा बनाने के लिए सामग्री
हेल्दी पिज्जा को बनाने के लिए आपको 1 कप सूजी या गेहूं का आटा, आधा कप दही, 1 छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर, नमक स्वादानुसार, 1 छोटा प्याज बारीक कटा हुआ, 1 छोटा टमाटर, शिमला मिर्च, कॉर्न, 2-3 चम्मच पिज्जा सॉस और आधा कप कद्दूकस किया हुआ चीज चाहिए. आप अपनी पसंद की अन्य सब्जियां भी इसमें शामिल कर सकते हैं, ताकि इसका स्वाद बढ़ाया जा सके और पिज्जा को पोषक तत्वों से लोड किया जा सके.
इस विधि से तैयार करें कड़ाही पिज्जा
सबसे पहले एक बाउल में सूजी या गेहूं का आटा लें और उसमें दही, नमक तथा बेकिंग पाउडर मिलाएं. जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा बैटर तैयार कर लें. बैटर को 5 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए. इससे पिज्जा का बेस नरम और स्वादिष्ट बनेगा.
इसके बाद एक नॉन-स्टिक पैन या कड़ाही को हल्का गर्म करें और उसमें थोड़ा तेल लगाएं. तैयार बैटर को पैन में फैलाकर गोल आकार दें. अब इसके ऊपर पिज्जा सॉस लगाएं और प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च, कॉर्न जैसी सब्जियां डालें. ऊपर से चीज छिड़क दें. कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकाएं.
जब चीज अच्छी तरह पिघल जाए और बेस नीचे से हल्का सुनहरा दिखने लगे, तो समझिए आपका कड़ाही पिज्जा तैयार है. इसे सावधानी से निकालें और मनपसंद सॉस के साथ सर्व करें. इसका कुरकुरा बेस और चीजी टॉपिंग बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी खूब पसंद आएगी. यह कड़ाही पिज्जा उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम समय में कुछ स्वादिष्ट और हेल्दी बनाना चाहते हैं. इसमें मैदे की जगह सूजी या गेहूं का आटा इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह पौष्टिक बन जाता है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
बिहार में 3 IG समेत 8 IPS का ट्रांसफर: पंकज कुमार को SCRB की भी जिम्मेदारी, एस. प्रेमलथा मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो गईं – Patna News
बिहार सरकार ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 8 आईपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल दी हैं। इसके साथ ही कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को लेकर वह किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। सबसे अहम बदलाव पंकज कुमार राज को लेकर हुआ है। नागरिक सुरक्षा के आईजी के तौर पर कार्यरत पंकज कुमार राज को अब राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (SCRB) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इतना ही नहीं, उन्हें रेलवे आईजी का अतिरिक्त प्रभार देकर सरकार ने उन पर दोहरी जिम्मेदारी का भरोसा जताया है। एस. प्रेमलथा मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में तैनात मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो में भी नई तैनाती की गई है। एस. प्रेमलथा को इस महत्वपूर्ण इकाई का आईजी बनाया गया है, जबकि सुधीर कुमार पोरिका को SCRB में डीआईजी की जिम्मेदारी मिली है। आतंकवाद और संगठित अपराध से निपटने वाली एजेंसियों में भी नए चेहरे उतारे गए हैं। सुशांत कुमार सरोज को एटीएस का डीआईजी और दीपक रंजन को सीआईडी का डीआईजी बनाया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से इन दोनों पदों को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। कुमार गौतम को बी-सैप-5 का समादेष्टा बनाया बी-सैप और विशेष सुरक्षा इकाइयों में भी बदलाव देखने को मिला है। कुमार गौतम को बी-सैप-5 का समादेष्टा बनाया गया है। वहीं मनीष कुमार सिन्हा को अश्वारोही विशेष सशस्त्र पुलिस और अजय कुमार को विशेष सुरक्षा दल की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा संजय कुमार को बी-सैप के आईजी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रशासनिक गलियारों में इस फेरबदल को पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
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अमेरिकी कांग्रेस से इजरायल की नेसेट तक, PM मोदी की कूटनीतिक विजयगाथा
नई दिल्ली. जब कोई प्रधानमंत्री किसी विदेशी संसद में भाषण देता है, तो उस पल का महत्व प्रोटोकॉल से कहीं ज़्यादा होता है. इसका मतलब है कि दूसरा देश न सिर्फ़ भारत के नेता की मेज़बानी कर रहा है, बल्कि अपनी लोकतांत्रिक संसद में – कानून बनाने वालों, राजनयिकों, मीडिया और पूरी दुनिया के सामने – भारत की आवाज़ को जगह भी दे रहा है. यहीं पर नेहरू और पीएम मोदी के बीच का अंतर अहम हो जाता है. जवाहरलाल नेहरू ने अपने कार्यकाल के दौरान तीन विदेशी संसदों को संबोधित किया था. वहीं, पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 से 2026 के बीच 19 विदेशी संसदों को संबोधित किया है, जो किसी भी भारतीय कार्यकारी प्रमुख के लिए सबसे ज़्यादा है.
जैसे-जैसे पीएम मोदी 10 जून, 2026 को भारत के सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए और लगातार सेवा करने वाले प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ने के करीब पहुंच रहे हैं, ये भाषण दिखाते हैं कि कैसे भारत की ग्लोबल आवाज़ पहचान की शुरुआती कोशिशों से आगे बढ़कर दुनिया की राजधानियों में एक व्यापक और ज़्यादा आत्मविश्वास भरी मौजूदगी तक पहुंची है.
अमेरिकी सांसदों को नेहरू का संदेश
अमेरिकी सांसदों को नेहरू का 1949 का संबोधन तब हुआ था जब भारत-अमेरिका संबंध अभी शुरुआती दौर में थे. हाउस चैंबर की मरम्मत चल रही थी, इसलिए उन्होंने सीनेट जाने से पहले ‘वेज़ एंड मीन्स कमेटी रूम’ में एक स्वागत समारोह में लगभग 15 मिनट तक भाषण दिया; सीनेट की बैठक उस समय पुराने सुप्रीम कोर्ट चैंबर में हो रही थी, जहां उन्होंने वही भाषण फिर से दिया. उस समय, राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन का वॉशिंगटन नेहरू की गुटनिरपेक्षता और समाजवादी सोच को समझने की कोशिश कर रहा था. वहीं भारत, शीत युद्ध के गुटों में तेज़ी से बँट रही दुनिया में अपनी नई-नई मिली आज़ादी की रक्षा करने की कोशिश कर रहा था.
नेहरू का संदेश सावधानी भरा लेकिन स्पष्ट था. उन्होंने कहा कि वह अमेरिका के “दिमाग और दिल” को “जानने-समझने की यात्रा” पर आए हैं और उसके सामने भारत का अपना “दिमाग और दिल” रखना चाहते हैं. उन्होंने तकनीकी और यांत्रिक सहयोग का स्वागत किया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत सबसे पहले आत्मनिर्भरता पर भरोसा करेगा और अपनी “मुश्किल से हासिल की गई आज़ादी” के किसी भी हिस्से के बदले “कोई भौतिक फ़ायदा” नहीं चाहेगा. यह एक ऐसे नए आज़ाद देश की आवाज़ थी जो बिना निर्भरता के सहयोग चाहता था. मोदी ने कैसे बढ़ाई दुनिया में भारत की आवाज़
विदेशों की संसदों में पीएम मोदी का संबोधन भारत की वैश्विक यात्रा के एक अलग दौर का हिस्सा है. उनके भाषणों ने भारत का संदेश पड़ोसी देशों, प्रमुख पश्चिमी लोकतंत्रों, अफ्रीका, कैरिबियन, इंडो-पैसिफिक और पश्चिम एशिया की संसदों तक पहुंचाया है. 2014 में पद संभालने के तुरंत बाद, मोदी ने भूटान, नेपाल, ऑस्ट्रेलिया और फ़िजी की संसदों को संबोधित किया. 2015 में, उन्होंने मॉरीशस की नेशनल असेंबली, श्रीलंका की संसद, मंगोलिया की संसद, यूके की संसद और अफ़गानिस्तान की संसद को संबोधित किया. उन्होंने 2016 और फिर 2023 में अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित किया. बाद की सूची और भी बढ़ी: 2018 में युगांडा, 2019 में मालदीव, 2024 में गुयाना, 2025 में घाना, त्रिनिदाद और टोबैगो, नामीबिया और इथियोपिया, और 2026 में इज़रायल की नेसेट (संसद). नेसेट में, जो उनका हालिया संबोधन था, पीएम मोदी को इज़रायली संसद के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया.
अमेरिकी कांग्रेस में पीएम मोदी ने क्या कहा
पीएम मोदी का 2016 का संबोधन नेहरू के 1949 के भाषण से बिल्कुल अलग स्थिति में हुआ था. तब तक, राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंध एक मज़बूत रणनीतिक दौर में पहुंच चुके थे; ओबामा अपने कार्यकाल के दौरान दो बार भारत का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बने थे. व्यापार 2009 में $60 बिलियन से बढ़कर 2015 में $107 बिलियन हो गया था, अमेरिका से भारत की रक्षा खरीद $14 बिलियन तक पहुंच गई थी, और अमेरिका में भारतीय FDI तीन गुना हो गया था. वह आत्मविश्वास पीएम मोदी की भाषा में झलकता था. अटल बिहारी वाजपेयी के ‘हिचकिचाहट की छाया’ से बाहर निकलने के आह्वान का ज़िक्र करते हुए, मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका ने ‘इतिहास की हिचकिचाहटों’ को पार कर लिया है. उन्होंने संबंधों को परिभाषित करने के लिए ‘सहजता, स्पष्टता और तालमेल’ (Comfort, Candour and Convergence) जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि अमेरिकी कांग्रेस ने ‘बाधाओं को साझेदारी के पुलों में बदलने’ में मदद की है.
2023 में, पीएम मोदी अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को दो बार संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने. इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बाद, वे ऐसे दूसरे अंतरराष्ट्रीय नेता भी हैं जिन्हें एक से ज़्यादा बार यह सम्मान मिला है. उनके 2023 के भाषण से पता चला कि दुनिया में भारत की स्थिति कितनी बदल गई है. पीएम मोदी ने कहा कि जब वह पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर अमेरिका गए थे, तब भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, और अब यह पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. उन्होंने कहा, ‘जब भारत आगे बढ़ता है, तो पूरी दुनिया आगे बढ़ती है.’ पीएम मोदी ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ – यानी दुनिया एक परिवार है – के विचार के ज़रिए दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव को भी पेश किया. इसे भारत की G20 थीम “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया के साथ भारत का जुड़ाव सभी के फ़ायदे के लिए है.
दूसरे देशों की संसद में भाषण क्यों मायने रखते हैं
दूसरे देशों की संसद में दिए गए भाषण प्रतीकात्मक होते हैं, लेकिन कूटनीति में प्रतीकों का महत्व होता है. ऐसे निमंत्रण तब दिए जाते हैं जब कोई देश सम्मान दिखाना चाहता है, राजनीतिक संबंध मज़बूत करना चाहता है या आने वाले नेता के महत्व को मान्यता देना चाहता है. इसीलिए पीएम मोदी के 19 भाषण मायने रखते हैं. ये न सिर्फ़ व्यक्तिगत कूटनीति को दिखाते हैं, बल्कि एक ऐसे देश के तौर पर भारत की व्यापक स्वीकार्यता को भी दर्शाते हैं जिसकी स्थिति अलग-अलग क्षेत्रों और मुद्दों पर अहम है.
कभी टीचर था धुरंधर में नजर आ चुका ये एक्टर, क्लास में हुई पत्नी से पहली मुलाकात
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बॉलीवुड के जाने माने एक्टर आर. माधवन ने अपने करियर में कई रोमांटिक रोल किए हैं. पर्दे पर उनका रोमांटिक अंदाज फैंस का दिल जीत लेता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धुरंधर स्टार असल जिंदगी में भी काफी रोमांटिक हैं. उनकी लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नही. अपनी पत्नी सरिता संग अपनी लव स्टोरी पर उन्होंने खुलकर बात की है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड और साउथ में एक्टिंग का डंका बजा चुके आर. माधवन कभी पब्लिक स्पीकिंग और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की क्लासेस लिया करते थे. इसी बीच कोल्हापुर में उनकी मुलाकात सरिता बिरजे यानी उनकी पत्नी से हुई थी.

सरिता उस दौरान एयरलाइन इंडस्ट्री में नौकरी करने के सपने देखा करती थीं. उन्होंने माधवन की क्लास भी जॉइन की थी.माधवन ने अपने एक इंटरव्यू खुलासा किया कि सरिता ने उनकी क्लास के बाद एयर होस्टेस की जॉब ली.

उन्होंने बताया कि इसमें माधवन की ट्रेनिंग का भी बड़ा अहम योगदान रहा है. नौकरी मिलने की खुशी में उन्होंने माधवन को डिनर पर भी इनवाइट किया था. इसके बाद दोनों की दोस्ती की शुरुआत हुई. लेकिन प्रेम कहानी उस वक्त नहीं शुरू हुई, जब वह उनकी स्टूडेंट थी.
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माधवन ने अपनी बातचीत में बताया था कि कोर्स पूरा होने और नौकरी मिलने के बाद दोनों एक दूसरे के करीब आने लगे थे. कैसे एक डिनर मीटिंग दोनों को मिलाने की वजह बन गई. इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को 8 साल तक डेट किया. लेकिन दोनों ने किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी थी.

साल 1999 में जब दोनों एक दूसरे के प्यार में डूब चुके थे, तब माधवन और सरिता ने चेन्नई में तमिल रीति-रिवाजों से शादी रचाई. लेकिन इस शादी में भी खास ही लोगों को शामिल किया गया था. फिर 6 साल बाद दोनों साल 2005 में उनके बेटे वेदांत का जन्म हुआ.

इसके बाद माधवन एक्टिंग की दुनिया में दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की करते गए. लेकिन सरिता हमेशा उनके साथ हर मौके पर खड़ी रहीं. दोनों ने अपने रिश्ते को भरोसे, सम्मान और समझदारी के साथ हर उतार चढ़ाव को देखा.

माधवन और सरिता की शादी को हाल ही में 27 साल पूरे हुए हैं. लेकिन सालों बाद भी दोनों का रिश्ता मजबूती से टिका हुआ है. ठीक वैसे ही जैसा कि शादी से पहले शुरुआत में बना हुआ था. आज लोग उनकी प्रेम कहानी की मिसाल देते हैं.
एलजी की अध्यक्षता में हुई डीडीएमए की बैठक: रिटायर्ड अग्निवीरों को फायर डिपार्टमेंट में रखने की तैयारी; मानसून और हीटवेव तैयारियों की समीक्षा – New Delhi News
दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (डीडीएमए) की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजधानी में अग्नि सुरक्षा, अवैध निर्माण, हीट वेव प्रबंधन और मानसून पूर्व तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री आशीष सूद और प्रवेश वर्मा सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। एलजी ने अग्निशमन विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए पूर्व अग्निवीरों की सेवाएं लेने और राजधानी में नए फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया गया। अवैध निर्माण की निगरानी के लिए एमसीडी के 311 पोर्टल पर नागरिकों को तस्वीरें अपलोड करने की सुविधा देने का सुझाव भी दिया गया। अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग पर रोक लगाने के निर्देश बैठक में अवैध और जर्जर भवनों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और अग्नि सुरक्षा संबंधी लाइसेंसों के दुरुपयोग की स्थिति पर चर्चा की गई। बैठक में एलजी ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर आम नागरिकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने शहर में जारी अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। बहुमंजिला इमारतों में अनिवार्य हो अग्नि सुरक्षा उपाय दिल्ली अग्निशमन सेवा द्वारा अब तक एक भी नोटिस जारी नहीं किए जाने पर एलजी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा लापरवाही या कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) पर इसका सीधा असर पड़ेगा। वहीं बैठक में गृहमंत्री आशीष सूद के सुझाव पर दिल्ली फायर सर्विसेज एक्ट, 2007 की धारा-32 को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपाय अनिवार्य होंगे। वहीं मानसून तैयारियों की समीक्षा करते हुए एलजी ने जलभराव और बाढ़ के प्रति “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाने तथा नालों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से हर व्यावहारिक सुझाव को अपनाकर आपदा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा: 75% से अधिक रही उपस्थिति, मथुरा में डीएम-एसएसपी ने संभाली कमान – Mathura News
मथुरा में पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार को जिले के 16 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वीडीपी राजकीय इंटर कॉलेज, सेठ बी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज और श्री गुरु कार्ष्णि इंटर कॉलेज सहित कई केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सीसीटीवी कंट्रोल रूम, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा इंतजाम, प्रकाश व्यवस्था और शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाओं को परखा गया। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक चली। जिले के सभी केंद्रों पर पहले दिन कुल 12 हजार 480 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 4,781 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 1,459 अनुपस्थित थे, जिससे उपस्थिति प्रतिशत 76.61 रहा। दूसरी पाली में 4,891 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 1,349 अनुपस्थित रहे, इस हिसाब से पहली पाली में 76.61 प्रतिशत व दूसरी पाली में उपस्थिति प्रतिशत बढ़कर 78.38 प्रतिशत दर्ज किया गया। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को अपेक्षाकृत आसान बताया। नोएडा से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि पेपर सरल था और अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम पर आधारित थे। वहीं, बुलंदशहर से आए एक अन्य परीक्षार्थी ने अनुमान लगाया कि प्रश्नपत्र आसान होने के कारण इस बार मेरिट अधिक जा सकती है। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की गई। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर संतोष व्यक्त किया।
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अग्निशमन विभाग का 17 होटल्स, प्रतिष्ठानों में छापा:: कंकड़बाग इलाके में पहुंची टींम, लापरवाही और मानकों का उल्लंघन करते पकड़े गए होटल्स – Patna News
अग्निशमन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है। कंकड़बाग इलाके में आज 17 होटल्स और अन्य प्रतिष्ठानों में अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार के नेतृत्व में औचक निरीक्षण और धावा बोला गया। इसमें राजेंद्र नगर टर्मिनल के ठीक सामने स्थित होटल रॉयल पैलेस हंग्री हाउस रेस्टोरेंट, HOTEL PANASIA, समेत अन्य दो होटल्स में औचक धावा दल पहुंचा। इस दौरान घोर लापरवाही पाई गई। खानापूर्ति के लिए फायर एक्सटिंग्विशर रखे गए थे। जब इसकी जांच हुई तो इन सभी के डेट एक साल पहले ही लेप्स पाए गए। एंट्री एग्जिट गेट पर साइनेज नहीं मिले पानी टैंक भी मानकों के मुताबिक नहीं पाया गया। एंट्री एग्जिट गेट पर साइनेज नहीं मिले। सीढ़ियों की चौड़ाई और गैलरी भी मानकों के मुताबिक नहीं थी। फायर सर्टिफिकेट की जांच जब अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ने की तो वो भी 1 वर्ष पहले के लेप्स प्रस्तुत किए गए। अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार लगातार कार्रवाई की जा रही है। आज कंकड़बाग इलाके के 17 प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। खासकर के होटल्स में खामियां पाई गई हैं। 15 दिन की मोहल्लत दी गई है इन सभी को 7 से 15 दिन की मोहल्लत दी गई है। सभी को नोटिस दिया गया है। इसके बाद एक बार फिर आकर देखा जाएगा। उस समय अवधि तक इसे दुरुस्त नहीं किया जाता है, तो बिल्डिंग सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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500 CCTV खंगालकर बाइक लूट गैंग का खुलासा: देवास में , 2 नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, चोरी के बाद पार्ट्स निकालकर कबाड़ी को बेचे थे – Dewas News
देवास में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत बाइक लूटने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो नाबालिगों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटी गई बाइक के विभिन्न पार्ट्स, चोरी की एक अन्य मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी 2026 की रात मांगलिया निवासी अनिल प्रजापति क्षिप्रा स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। एक आरोपी ने पीछे से अनिल की गर्दन पकड़ ली, जबकि दूसरे ने बियर की कांच की बोतल से उनके सिर और जांघ पर वार किया। इसके बाद आरोपी बाइक की चाबी छीनकर उन्हें नाली की ओर धकेलते हुए मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाली मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर 7 जून को आरोपी आकाश पटेल उर्फ अप्पु खोटा और दो नाबालिगों को पकड़ा गया। पूछताछ में आकाश पटेल और नाबालिगों ने बताया कि लूटी गई बाइक शहजाद कुरैशी को बेच दी गई थी। पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार किया। उसने स्वीकार किया कि बाइक के पार्ट्स अलग-अलग कर कबाड़ी विनोद योगी और सद्दाम गौरी को बेच दिए थे। इसके बाद पुलिस ने विनोद योगी और सद्दाम गौरी को भी गिरफ्तार कर बाइक के विभिन्न पार्ट्स बरामद किए। एक और चोरी की बाइक बरामद जांच में सामने आया कि आरोपियों ने क्षिप्रा थाना क्षेत्र से एक अन्य मोटरसाइकिल भी चोरी की थी। पुलिस ने वह बाइक भी बरामद कर ली है। आरोपियों ने नागदा पहाड़ी क्षेत्र में केबल चोरी की कई वारदातों में शामिल होना भी स्वीकार किया है। पुलिस इन मामलों में पूछताछ कर रही है और चोरी का अन्य सामान बरामद करने का प्रयास जारी है। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में प्रआर अजय बैस, शैलेन्द्र राणा, आरक्षक अजय जाट, राबी यादव, अर्पित जायसवाल, सैनिक ज्ञानेन्द्र द्विवेदी एवं तेजसिंह मण्डलोई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे ऑपरेशन त्रिनेत्रम की बड़ी सफलता बताया।
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