Saturday, June 13, 2026
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‘अशोक अच्छे इंसान हैं पर’, तलाक के सालों बाद Ex पति पर खुलकर बोलीं एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों


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बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों ने हाल ही में अपने एक्स पति अशोक ठकेरिया और शादीशुदा जिंदगी को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि अशोक आज भी एक अच्छे इंसान हैं और वह उनके बारे में कभी बुरा नहीं कहेंगी. उन्होंने यह भी माना कि सिर्फ अच्छा इंसान होना एक सफल शादी की गारंटी नहीं है. पूनम ने बताया कि उनकी शादी प्रेम विवाह थी और उस समय उन्हें जीवन का ज्यादा अनुभव नहीं था.

नई दिल्ली. पूनम ढिल्लों के लिए कभी प्यार में लिया गया एक फैसला जिंदगी का सबसे बड़ा सबक बन गया. सालों बाद एक्ट्रेस ने अपने टूटे रिश्ते और एक्स पति अशोक ठकेरिया को लेकर दिल की बात कही. एक्ट्रेस ने साफ कहा कि अशोक एक बहुत अच्छे इंसान हैं और वह आज भी उनके बारे में कोई गलत बात नहीं कह सकतीं. लेकिन उन्होंने यह भी माना कि हर अच्छा इंसान अच्छा जीवनसाथी साबित हो, यह जरूरी नहीं है. पूनम ने बताया कि उनकी शादी लव मैरिज थी. उस वक्त उन्हें जिंदगी का ज्यादा अनुभव नहीं था और प्यार में उन्हें लगा था कि उन्होंने सही फैसला लिया है. मगर शादी के बाद उन्हें समझ आया कि सिर्फ प्यार से रिश्ते नहीं चलते. सोच, परवरिश, जीवन-मूल्य और एक-दूसरे को समझने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी होती है. 

Actress Poonam Dhillon opens up about her ex husband Ashok Thakeria years after their love marriage divorce give Parenting Mantra

राजीव खंडेलवाल के शो ‘तुम हो ना’ में बातचीत के दौरान एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों ने अपने संघर्षों और परवरिश से जुड़े अपने अनुभव शेयर किए.उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता बेहद सख्त थे और उन्हें अपनी उम्र के लोगों से मिलने या डेट करने की इजाजत नहीं थी. उनका मानना है कि सख्त परवरिश अच्छी होती है लेकिन आज के माता-पिता को बच्चों को खुद फैसले लेने और दुनिया को समझने का अवसर देना चाहिए. फोटो साभार-@poonam_dhillon_/Instagram

Actress Poonam Dhillon opens up about her ex husband Ashok Thakeria years after their love marriage divorce give Parenting Mantra

एक्ट्रेस के संघर्षों के बारे में राजीव ने पूछा, ‘ऐसा लगता है जैसे सभी लड़कियों को आपसे प्रेरित होना चाहिए. लेकिन जब भी कोई सार्वजनिक हस्ती यहां आती है तो मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता हूं कि लोग कम से कम इतना समझें कि हम सभी इंसान हैं. हमारे पास भी चुनौतियां हैं और कभी-कभी शायद बड़ी चुनौतियां भी होती हैं क्योंकि हम सार्वजनिक सुर्खियों में रहते हैं. फोटो साभार-@poonam_dhillon_/Instagram

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इस पर पूनम ने कहा, ‘जब आप एक सेलिब्रिटी या पब्लिक फिगर होते हैं और सोमवार से शुक्रवार या सोमवार से रविवार तक काम करते हैं तो आपको बहुत कम लोगों से मिलने का मौका मिलता है. आधे लोग आपको ऐसे देखते हैं कि ‘ये तो मेरी पसंद के बाहर है’ और आधे लोग सोचते हैं ‘फिल्मी सितारे’ ऐसे ही होते हैं.’ दोनों स्थितियों में आपकी एक अलग छवि बन जाती है.’ फोटो साभार-@poonam_dhillon_/Instagram

Actress Poonam Dhillon opens up about her ex husband Ashok Thakeria years after their love marriage divorce give Parenting Mantra

पूनम ढिल्लों ने कहा, ‘मेरे केस में भी ऐसा ही हुआ था. हम बहुत कम लोगों से मिल पाते थे. मेरे माता-पिता बहुत सख्त थे. मुझे अपनी उम्र के लोगों से मिलने या डेट करने की इजाजत नहीं थी. एक्टर बनने के बाद भी एक्टर्स मुझे दोस्त नहीं मानते थे. अगर कोई ग्रुप मूवी देखने का प्लान बनाता था तो मुझे कहा जाता था ‘नहीं, तुम्हें जाने की अनुमति नहीं है.’ फोटो साभार-@poonam_dhillon_/Instagram

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सख्त परवरिश के बारे में बात करते हुए पूनम ने कहा, ‘मुझे लगता है कि सख्त परवरिश अच्छी होती है, लेकिन आज मैं माता-पिता से कहूंगी कि बच्चों को थोड़ा मौका दीजिए. उन्हें उड़ने और नई चीजें सीखने का अवसर दीजिए, ताकि वे सही फैसले लेना सीख सकें. अगर हम उन्हें जरूरत से ज्यादा सुरक्षित रखेंगे, तो उनका नजरिया सीमित रह जाएगा.’ पूनम ने कहा कि उनकी जिंदगी भी काम और घर तक ही सीमित थी. फोटो साभार-@poonam_dhillon_/Instagram

अपने पूर्व पति अशोक के बारे में बात करते हुए पूनम ने कहा, ‘मेरे पति अशोक बहुत अच्छे इंसान हैं. आज भी मैं उनके बारे में बुरा नहीं कहूंगी, क्योंकि वह वास्तव में अच्छे इंसान हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि दो अच्छे लोग हमेशा एक अच्छे जीवनसाथी साबित हों’. उन्होंने आगे कहा, ‘शादी सिर्फ दो अच्छे लोगों के साथ होने से नहीं चलती. परवरिश, सोच, शिक्षा और जीवन-मूल्य जैसी कई चीजों का मेल होना जरूरी होता है. जब ये बातें मेल नहीं खातीं, तो वैवाहिक जीवन कठिन हो जाता है.’

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पूनम ढिल्लों ने बताया कि उनकी शादी प्रेम विवाह थी. उन्होंने कहा, ‘मुझे जीवन का ज्यादा अनुभव नहीं था. अशोक जी ने मुझे काफी समय तक मनाया. वह अच्छे इंसान थे, इसलिए मुझे लगा कि यही सही फैसला है. उस समय मुझे अंदाजा नहीं था कि आगे की जिंदगी कितनी चुनौतीपूर्ण होगी.’ फोटो साभार-@poonam_dhillon_/Instagram

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बस्ती में स्थापित हुआ प्रदेश का सबसे बड़ा खंडा साहिब: सिख समुदाय के लिए गौरव का प्रतीक, श्रद्धा और उत्साह से हुआ लोकार्पण – Basti News




बस्ती में सिख समुदाय के लिए आस्था और गौरव का प्रतीक खंडा साहिब शनिवार को स्थापित किया गया। पंजाब से विशेष रूप से लाया गया यह खंडा साहिब सुबह करीब 9:30 बजे बस्ती जनपद की सीमा में पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं और समाज के लोगों ने इसका भव्य स्वागत किया। इसके बाद गुरु गोविंद सिंह स्मृति चौक पर विधि-विधान से पूजा-पाठ और अरदास संपन्न कर खंडा साहिब को स्थापित किया गया। आयोजकों के अनुसार, स्थापित खंडा साहिब 15 फीट ऊंचा और 9 फीट चौड़ा है। दावा किया गया है कि यह पूरे उत्तर प्रदेश में स्थापित होने वाला अपने प्रकार का सबसे बड़ा खंडा साहिब है। इसकी स्थापना से सिख समाज में उत्साह का माहौल है। इसे जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से भी जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु परंपरा को याद करते हुए समाज में भाईचारा, सेवा और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। अरदास के बाद उपस्थित लोगों ने खंडा साहिब के दर्शन कर मत्था टेका और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। ये लोग मौके पर रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण आयोजन को सफल बनाने में मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) कीर्ति प्रकाश भारती और वरिष्ठ समाजसेवी सरदार जगवीर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके अथक प्रयासों से यह ऐतिहासिक स्थापना संभव हो सकी। इस अवसर पर हरिभजन सिंह, जोगेंद्र सिंह, ज्ञानी प्रदीप सिंह, हरि सिंह बब्लू, कुलदीप सिंह, ओम प्रकाश अरोरा, जय प्रकाश अरोरा, हिमांशु सेन, इंद्रपाल सिंह सैंटी, प्रभुजोत सिंह, दिलप्रीत सिंह करन, राजेंद्र सिंह काका, तरनजीत सिंह, जितेंद्र यादव, अखिलेश शुक्ला मंटू, राजेंद्र चित्रगुप्ता, शैलेंद्र दुबे और सनम सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित थे। खंडा साहिब की स्थापना को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखा गया, और लोगों ने इसे बस्ती के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।



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कैंसर स्क्रीनिंग के बाद 30 मरीज भोपाल रवाना: चिरायु हॉस्पिटल में होगा आगे का इलाज और जांच – Vidisha News




विदिशा जिले में आयोजित कैंसर स्क्रीनिंग शिविर के बाद मरीजों के इलाज की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शनिवार को कैंसर की पुष्टि या संभावित लक्षण वाले 30 मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए भोपाल के चिरायु हॉस्पिटल भेजा गया। इन्हें बस द्वारा रवाना किया गया। यह स्क्रीनिंग शिविर 6 और 7 जून को विदिशा के अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में आयोजित किया गया था। इसमें मुंबई के टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और एम्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने लोगों की जांच की थी। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आए जिनमें कैंसर के लक्षण या बीमारी की पुष्टि हुई थी। इन्हीं मरीजों में से पहले चरण में 30 लोगों को भोपाल भेजा गया है। चिरायु हॉस्पिटल में टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल और चिरायु के डॉक्टरों की एक संयुक्त टीम मरीजों का इलाज और आगे की चिकित्सीय जांच करेगी। मरीजों के रहने, खाने और उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इस दौरान विदिशा विधायक मुकेश टंडन सहित भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। विधायक मुकेश टंडन ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर यह पूरा अभियान संचालित किया गया है। शिविर में कैंसर के लक्षण पाए गए लोगों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था बनाई गई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों और प्रशासन के साथ समन्वय कर कार्य योजना तैयार की गई है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुसार मरीजों का इलाज किया जाएगा। साथ ही, इलाज को लेकर आशंकित मरीजों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। जनजागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को कैंसर के प्रति जागरूक करने और नशे से दूर रहने की अपील भी की जाएगी।



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गोपालगंज में बाइक की टक्कर से मजदूर की मौत: काम कर घर लौटने के दौरान हादसा, 2 मोटरसाइकिल सवार गिरफ्तार – Gopalganj News




गोपालगंज में बाइक की टक्कर से साइकिल सवार मजदूर की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में दो बाइक सवारों को गिरफ्तार किया है। घटना नगर थाना क्षेत्र के सुंदर पट्टी गांव की है। मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के कोन्हवा गांव निवासी बैजनाथ यादव (55) के रूप में हुई है। घटना के संबंध में बताया गया कि बैजनाथ यादव रोज की तरह थावे के वृंदावन गांव से मजदूरी कर साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। सुंदर पट्टी गांव के पास पहुंचते ही एक अनियंत्रित बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बैजनाथ यादव और बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मजदूर बैजनाथ यादव की मौत हो गई। पुलिस ने 2 बाइक सवार को किया गिरफ्तार घायल बाइक सवारों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के बसडिला निवासी 16 वर्षीय रेयाज अली और छपरा निवासी 19 वर्षीय मोहम्मद इब्राहम के रूप में हुई है, जो अपने मामा के घर आया था। स्थानीय लोगों की तत्परता से पुलिस ने दोनों बाइक सवारों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया और परिजनों को सौंप दिया। मृतक बैजनाथ यादव अपनी पत्नी और 4 साल के बेटे के साथ रहते थे। उनकी पत्नी दोनों आंखों से अंधी हैं। बैजनाथ ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। दृष्टिबाधित पत्नी के सामने अब जीवन-यापन का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।वहीं, दुर्घटना में घायल दोनों बाइक सवार युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जिनका इलाज पुलिस की निगरानी में चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।



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जानिये अरहर की दाल बनाने का परफेक्ट तरीका, मिलेगा एक स्पेशल स्वाद, जानिये रेसिपी


अरहर की दाल (तूर दाल) भारतीय रसोई की एक बेहद लोकप्रिय और पौष्टिक डिश है. इसे सही तरीके से बनाया जाए तो इसका स्वाद साधारण होते हुए भी बेहद लाजवाब लगता है. आइए जानते हैं अरहर की दाल बनाने का परफेक्ट तरीका.

अरहर की दाल बनाने की सामग्री
अरहर की दाल – 1 कप
पानी – 3 से 4 कप
हल्दी – ½ छोटा चम्मच
नमक – स्वाद अनुसार
टमाटर – 1 (बारीक कटा हुआ)
हरी मिर्च – 1 (कटी हुई)
अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
जीरा – 1 छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
सूखी लाल मिर्च – 1–2
लहसुन – 3–4 कली (यदि पसंद हो)
घी या तेल – 2 बड़े चम्मच
धनिया पत्ती – सजाने के लिए

बनाने की विधि
1. दाल की तैयारी
सबसे पहले अरहर की दाल को अच्छी तरह साफ करके धो लें. फिर इसे 20–30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें. इससे दाल जल्दी पकती है और नरम बनती है.

2. दाल पकाना
प्रेशर कुकर में दाल डालें, साथ में 3–4 कप पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डाल दें. चाहें तो इसमें टमाटर, अदरक और हरी मिर्च भी इसी समय डाल सकते हैं. अब कुकर का ढक्कन बंद करके मध्यम आंच पर 3–4 सीटी आने दें.
सीटी आने के बाद गैस बंद कर दें और कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें.

3. दाल को मिक्स करना
कुकर खुलने के बाद दाल को चम्मच से हल्का मैश कर लें ताकि उसका टेक्सचर स्मूद हो जाए. अगर दाल ज्यादा गाढ़ी लगे, तो थोड़ा गरम पानी डालकर उसे अपनी पसंद के अनुसार पतला कर सकते हैं.

4. तड़का लगाना
एक छोटी कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. इसमें सबसे पहले जीरा डालें. जब जीरा चटकने लगे, तो हींग, सूखी लाल मिर्च और लहसुन डाल दें.
लहसुन हल्का सुनहरा होने पर इसमें बारीक कटा टमाटर डालें और उसे अच्छे से भूनें. जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तब यह तड़का तैयार है.
अब इस गर्म तड़के को दाल में डाल दें और तुरंत ढक्कन से ढक दें ताकि तड़के की खुशबू दाल में समा जाए.

5. अंतिम चरण
अब दाल को धीमी आंच पर 5 मिनट तक उबाल लें ताकि सारे फ्लेवर अच्छे से मिक्स हो जाएं. अंत में ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.

परफेक्ट दाल के लिए टिप्स
घी का उपयोग करें तो स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ते हैं.
लहसुन डालने से दाल का फ्लेवर काफी बेहतर हो जाता है.
दाल ज्यादा पतली या गाढ़ी न रखें, मध्यम कंसिस्टेंसी सबसे अच्छी होती है.
अंत में थोड़ा नींबू रस डालने से स्वाद और बढ़ सकता है.

परोसने का तरीका
गरमा-गरम अरहर की दाल को चावल, रोटी या जीरा राइस के साथ परोसें. ऊपर से थोड़ा घी डालें, यह स्वाद को और शानदार बना देता है.



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चीन में जमीन पर गिरकर हैलिकॉप्टर चरखी जैसा घूमता रहा: 2 टुकड़ों में टूटा, सीट बेल्ट ने बचाई कॉकपिट में फंसे पायलटों की जान




चीन में हेलिकॉप्टर क्रैश का एक वीडियो सामने आया है। इसमें एक हेलिकॉप्टर खेत में क्रैश होकर दो हिस्से में टूट गया, इसके बावजूद उसके रोटर ब्लेड तेज रफ्तार में काफी देर तक घूमते रहे। कॉकपिट के अंदर फंसे पायलट और उसका साथी इधर-उधर झटके खाते रहे। एक पायलट तो हेलिकॉप्टर के दरवाजे से आधा बाहर लटका हुआ था। वह कई बार जमीन और हेलिकॉप्टर के किनारे से टकराया। पास की सड़क पर मौजूद लोग यह सब देखकर इकट्ठा हो गए, लेकिन हेलिकॉप्टर के रोटर ब्लेड लगातार घूम रहे थे, इसलिए कोई भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं बढ़ सका। दोनों पायलटों की जान सीट बेल्ट की वजह से बच गई। द सन की रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना चीन के वुजिन शहर में गुरुवार दोपहर 2 बजे हुई। 3 तस्वीरों में देखिए पूरा घटनाक्रम… एक डिस्चार्ज हुआ दूसरा अब भी अस्पताल में भर्ती हादसे की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। दोनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से एक व्यक्ति को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि दूसरा अभी डॉक्टरों की निगरानी में है। राहत की बात यह है कि किसी की भी हालत जानलेवा नहीं बताई गई है। हेलिकॉप्टर हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना चीन में हाल के कुछ साल में सामने आई कई विमान दुर्घटनाओं की कड़ी में एक और मामला है। पिछले साल एक मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर तांग फेइजी की लाइवस्ट्रीम के दौरान मौत हो गई थी। उनका अल्ट्रालाइट विमान अचानक आसमान से नीचे गिर गया था। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। रिपोर्टों के मुताबिक उस समय उन्होंने न तो हेलमेट पहना था और न ही पैराशूट। तांग फेइजी इससे पहले भी तकनीकी खराबी के कारण दो विमान हादसों से बच चुके थे, जिनमें एक दुर्घटना ईंधन मापने वाले उपकरण में खराबी की वजह से हुई थी। —————————— हेलिकॉप्टर क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें PoK में पाकिस्तानी सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश:21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर, दावा- प्रदर्शन रोकने के लिए जा रहे थे सैनिक पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सेना का एक MI-17 हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा मुजफ्फराबाद के पास उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद हुआ। हेलिकॉप्टर में सवार सभी 21 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की खबर है। पूरी खबर पढ़ें



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राहुल गांधी राजस्थान करेंगे पेपरलीक के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत: 17 जून को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन, इसके बाद देश में दूसरी जगह होंगे – Jaipur News


जयपुर1 मिनट पहले

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नीट पेपरलीक मामले के बाद अब कांग्रेस ने इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। इसकी शुरुआत 17 जून से कोटा से की जाएगी।

राहुल गांधी 17 जून को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन करेंगे। इस सम्मेलन में पेपरलीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बयान जारी कर देशव्यापाी आंदोलन की शुरुआत की घोषणा की है। वेणुगोपाल ने कहा- राहुल गांधी देश के छात्रों और युवाओं के लिए लगातार आवाज उठाने में एक विश्वसनीय आवाज बनकर उभरे हैं।

राहुल गांधी देश भर में बड़े स्टूडेंट सम्मेलन करेंगे। इसकी शुरुआत 17 जून को कोटा से होगी। इसके बाद 10 जुलाई को प्रयागराज, 11 जुलाई को पटना और 14 जुलाई को दिल्ली में स्टूडेंट सम्मेलन होंगे।

पेपरलीक से प्रभावित सभी पक्षों को सम्मेलनों में बुलाया जाएगा

वेणुगोपाल ने कहा- स्टूडेंट सम्मेलनों में प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों, युवा संगठनों, शिक्षकों और पेपरलीक टालों से सीधे प्रभावित सभी लोगों को एक साथ लाया जाएगा।

यह अभियान उन लाखों युवा भारतीयों की समस्याओं को सामने लाएगा जिनका भविष्य पेपर लीक, परीक्षा की बढ़ती लागत और एक निष्पक्ष पारदर्शी भर्ती प्रणाली नहीं होने से प्रभावित हो रहा है।

स्टूडेंट सम्मेलन में पेपरलीक से प्रभावित युवा अपने अनुभव साझा करेंगे

वेणुगोपाल ने कहा कि इन सम्मेलनों में पेपरलीक और भर्ती घोटोलों से प्रभावित युवाओं को अपने अनुभव साझा करने और बार-बार होने वाली परीक्षा विफलताओं व पेपर लीक घोटालों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग करने का एक मंच दिया जाएगा।

एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस को खास जिम्मेदारी

वेणुगापेाल ने कहा- इस देशव्यापी अभियान के तहत देश भर में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस के साथ सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों और जिला कांग्रेस कमेटियां छात्रों को लामबंद करेंगी। छात्रों और शिक्षकों से कॉन्टैक्ट करके पेपरलीक के खिलाफ लामंबद होकर सुधार पर जोर दिया जाएगा।

राहुल गांधी एक जून को भी राजस्थान के अजमेर में आए थे। वे कांग्रेस के चिंतन शिविर में शामिल हुए थे।

राहुल गांधी एक जून को भी राजस्थान के अजमेर में आए थे। वे कांग्रेस के चिंतन शिविर में शामिल हुए थे।

राजस्थान से अभियान शुरू करने के क्या मायने हैं?

कांग्रेस राजस्थान के कोटा से पेपरलीक के खिलाफ देशव्यापी अभियान शुरू कर रही है, इसके सियासी मायने होने के साथ एक दूसरा पहलू भी है। कोटा की पहचान देश भर में कोचिंग हब के रूप में है।

कोटा में देश भर के स्टूडेंट नीट और जेईई की कोचिंग करने के लिए आते हैं। एक जगह उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों के स्टूडेंट मिलेंगे जो नीट पेपरलीक से प्रभावित रहे हैं।

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी कोटा में स्टूडेंट से मिले थे

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कोटा के कोचिंग स्टूडेंट से बात की थी। दिसंबर 2022 में यात्रा जब कोटा शहर से गुजरी थी, तब राहुल गांधी यात्रा के बीच ही कुछ समय निकालकर कोचिंग स्टूडेंट से मिले थे।

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राजस्थान में राहुल गांधी… ये खबर भी पढ़िए

राहुल गांधी बोले- डोटासरा-जूली की जोड़ी जय-वीरू जैसी:जो जिलाध्यक्ष कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा, उसे भविष्य में अच्छी पोस्ट मिलेगी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के लिए कहा- इन दोनों की जोड़ी जय-वीरू जैसी है। यह लंबी चलेगी और कांग्रेस को मजबूत रखेगी। पूरी खबर पढ़िए



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धर्म के नाम पर गाने से दूरी, सिंगर ने कहा- रब के लिए सबकुछ छोड़ सकता हूं


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म्यूजिक इंडस्ट्री का एक बेहद लोकप्रिय और जाना-माना नाम इन दिनों अपने एक चौंकाने वाले बयान को लेकर सुर्खियों में है. पॉडकास्ट के दौरान सिंगर ने खुलासा किया कि वक्त आने पर वह संगीत की दुनिया को पूरी तरह अलविदा कह देगा. सिंगर ने बताया कि उसके बड़े भाई ने हज करने के बाद गाना छोड़ दिया है और वह खुद भी भविष्य में ऐसा ही करना चाहता है. सिंगर के मुताबिक, वह आगे चलकर अल्लाह की इबादत पर ध्यान देगा, क्योंकि वह रब के लिए सबकुछ छोड़ सकता है.

नई दिल्ली. सिंगर सलमान अली आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. उनकी सुरीली आवाज के लाखों-करोड़ों लोग दीवाने हैं. इन दिनों वह वह अपने एक बयान को लेकर अचानक चर्चा में आ गए हैं. दरअसल, सलमान अली ने हाल ही में बताया कि उनके बड़े भाई ने हज के बाद गाना छोड़ा दिया है और वह भी ऐसा करना चाहते हैं.

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सलमान अली ने कहा कि वक्त आने पर वह संगीत की दुनिया छोड़कर पूरी तरह से अपने धर्म के रास्ते पर चल पड़ेंगे. ‘एक मुलाकात आपके साथ’ पॉडकास्ट पर बात करते हुए बताया सिंगर ने बताया, ‘मेरे बड़े भाई अभी हज करके आए थे तो फिर उन्होंने पूरी तरह गाना छोड़ दिया है.’

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इसके बाद पूछा गया कि आप भी गाना तो नहीं छोड़ेंगे? इस सवाल के जवाब में सलमान अली ने कहा, ‘वक्त आने पर मैं भी छोड़ दूंगा. वास्तव में मैंने सोचा है कि आगे चलकर मैं भी गाना बंद कर दूंगा.’

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सलमान अली से पूछा गया कि क्या आप भी मानते हैं कि मुस्लिमों में गाना हराम है? फिर उन्होंने जवाब में कहा, ‘देखो वो चीज अलग है. आजकल हराम की बात तो ऐसी है कि ये चीजें कहां पर नहीं हो रही हैं, हर जगह हो रही है. लेकिन मैंने सोचा है कि जब मैं गाना छोड़ूंगा तो पूरी तरह अल्लाह के रास्ते पर लग जाऊंगा.’

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सलमान अली ने यह भी बताया कि जब वह ऐसा फैसले लेंगे तो पूरी तरह अल्लाह की इबादत में लग जाएंगे और फिर गाना पूरी तरह से छोड़ देंगे. उन्होंने कहा, ‘जब मैं ऐसा करूंगा तो मेरा छोटा-मोटा बिजनेस चलता रहेगा और मैं अल्लाह के रास्ते पर निकल पड़ूंगा और उनके लिए जीऊंगा. मैं रब के लिए सबकुछ छोड़ सकता हूं.’

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साल 2018 में ‘इंडियन आइडल सीजन 10’ की ट्रॉफी अपने नाम करने वाले सलमान अली आज देश के सबसे लोकप्रिय और प्रतिभाशाली युवा प्लेबैक सिंगर्स में से एक हैं. हरियाणा के नूंह जिले में स्थित पुनहाना में जन्मे सलमान के परिवार की नस-नस में संगीत बसता है. उनका परिवार कोई आज या कल से संगीत की दुनिया में नहीं है, बल्कि पिछली चार पीढ़ियों से गायकी ही उनकी जिंदगी और आजीविका का जरिया रही है.

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सलमान अली के हुनर की पहचान बचपन में ही हो गई थी, जब उन्होंने साल 2011 में ‘सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स’ के रनर-अप का खिताब जीता था. अपनी जादुई और बुलंद आवाज के दम पर कई कई बेहतरीन गाने गाए हैं. साल 2019 में आई फिल्म ‘सैटेलाइट शंकर’ के गाने ‘जय हे’ से उन्होंने बतौर प्लेबैक सिंगर अपना पहला कदम रखा.

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इसके बाद उन्होंने सलमान खान की फिल्म ‘दबंग 3’ के सुपरहिट गाने ‘आवारा’ को अपनी आवाज दी, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला. सिर्फ फिल्में ही नहीं, उन्होंने मशहूर भारतीय टेलीविजन सीरियल ‘चंद्रगुप्त मौर्य’ के टाइटल ट्रैक के लिए भी अपनी बुलंद आवाज का जादू बिखेरा है. फिल्मों में प्लेबैक सिंगिंग के अलावा वह लाइव कॉन्सर्ट्स की दुनिया का भी एक बड़ा नाम हैं और कई रियलिटी शोज में बतौर मेंटॉर भी नजर आ चुके हैं.

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भारतीय मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कामयाब: 5000km से आ रही मिसाइल को मार गिराएगा, यह तकनीक हासिल करने वाला भारत 5वां देश


4 घंटे पहले

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बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम का परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर रेंज में किया गया। इस टेस्ट के लिए यहां 11 गांव खाली कराए गए थे।

भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। DRDO ने 10 और 11 जून को लगातार 3 फ्लाइट टेस्ट किए गए, जिनमें मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम का प्रदर्शन किया गया।

इसमें इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) क्लास तक के खतरों समेत बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और बेअसर करने की क्षमता भी शामिल है।

यह स्वदेशी तकनीक दुश्मन की मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले हवा में ही नष्ट कर देती है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जून को टेस्टिंग की तस्वीरें X अकाउंट पर शेयर की हैं।

इसके साथ-साथ नेवल एंटी शिप मिसाइल-मीडियम रेंज का भी टेस्ट किया गया। इसे भारत की समुद्री स्ट्राइक और डिफेंस स्किल को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

भारत अब उन खास देशों के ग्रुप में शामिल हो गया है, जिनके पास ऑपरेशनल-लेवल की बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस क्षमता है। भारत से पहले यह तकनीक अमेरिका, रूस, इजराइल और चीन के पास थी।

मिसाइल डिफेंस सिस्टम टेस्टिंग की तस्वीरें…

क्या होती है इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल या ICBM

आसान भाषा में इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल को बहुत लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल कहा जा सकता है। यह ऐसी मिसाइल होती है जो एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक पहुंच सकती है। आमतौर पर 5,500 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक मार कर सकती है। इसके अलावा यह परमाणु हथियार ले जाने में भी सक्षम होती है।

यह मिसाइल रॉकेट की तरह ऊपर अंतरिक्ष की ओर जाती है, फिर बहुत ऊंचाई से पृथ्वी की ओर लौटती है और बहुत तेज स्पीड से टारगेट पर हमला करती है। इसी वजह से इसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली रणनीतिक हथियारों में गिना जाता है।

मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम को ऐसे समझें

मल्टी लेयर्ड BMD का काम दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल को उसके टारगेट तक पहुंचने से पहले ही मार गिराना है। यह कई लेवल पर काम करता है- जैसे पहले रडार मिसाइल का पता लगाते हैं। कमांड सेंटर खतरे का आकलन करता है। इसके बाद इंटरसेप्टर मिसाइल छोड़ी जाती है, जो हवा में जाकर दुश्मन की मिसाइल को नष्ट कर देती है।

बात लेयर्ड मिसाइल डिफेंस की करें तो अगर पहली इंटरसेप्टर मिसाइल लक्ष्य को नष्ट नहीं कर पाती, तो दूसरी परत एक्टिव हो जाती है। यानी एक डिफेंस लेयर फेल हो जाए, तब भी दूसरी लेयर मौजूद रहती है।

बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के फेज-II का परीक्षण हो चुका

इससे पहले, भारत ने बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के फेज-II का सफलतापूर्वक फ्लाइट टेस्ट किया था। डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के टेस्ट के तहत ओडिशा के धामरा स्थित लॉन्चिंग कॉम्प्लेक्स LC-IV से एक टारगेट मिसाइल लॉन्च की गई। यह मिसाइल दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइल जैसी थी। जमीन और समुद्र पर तैनात वेपन सिस्टम रडार ने इसे डिटेक्ट किया और AD इंटरसेप्टर सिस्टम को एक्टिवेट कर दिया।

टेस्टिंग से पहले 11 गांव खाली कराए गए थे

चांदीपुर रेंज के पास से हटाए गए लोगों को चक्रवात केंद्रों में रखा गया था।

चांदीपुर रेंज के पास से हटाए गए लोगों को चक्रवात केंद्रों में रखा गया था।

ओडिशा के बालासोर जिले में DRDO के तय मिसाइल टेस्ट से पहले दोनों दिन 11 गांव खाली कराए थे। चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) के लॉन्च पैड-3 के 3.5 किमी के दायरे से 11,442 लोगों को अस्थायी तौर पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। हालांकि टेस्टिंग के बाद शाम को उन्हें घर लौटने की अनुमति दे दी गई थी।

चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से जब भी लंबी दूरी और रणनीतिक महत्व की मिसाइलों का टेस्ट होता है, तब-तब लॉन्च पैड के आस-पास के गांवों को एहतियातन खाली करा लिया जाता है। पढ़ें पूरी खबर…

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भारतीय सेना को मिले 106 कामिकाजे ड्रोन: 180 किमी की रेंज, 450kmph की रफ्तार; न जैमिंग का असर, न टारगेट से भटकेंगे

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संभल रोड पर गांगन नदी का वजूद खतरे में: गांगन नदी में बनी 1500 से ज्यादा अवैध फैक्ट्रियां; नदी सिकुड़कर नाले में तब्दील हुई – Moradabad News




मुरादाबाद में गांगन नदी का वजूद खात्मे की कगार पर पहुंच चुका है। संभल रोड पर लाकड़ी बाईपास किनारे नदी के भीतर 1500 से अधिक अवैध फैक्ट्रियां बस चुकी हैं। इनमें से किसी का भी मानचित्र मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से पास नहीं है। मानचित्र पास हो भी नहीं सकता, क्योंकि जिस जमीन पर फैक्ट्री बनी हैं वो नदी की सरकारी जमीन है और आसपास का एरिया ग्रीन बेल्ट घोषित है।
संभल रोड पर नया मुरादाबाद की सीमा तक तो फिर भी नदी का कुछ हिस्सा सुरक्षित है, लेकिन जैसे ही मझोला थाने के पास नदी पर बने पुल को क्रॉस करके लाकड़ी की तरफ बढ़ते हैं तो नदी एकदम नाले की शक्ल ले लेती है। यहां नदी की हजारों बीघा जमीन पर अवैध कब्जे करके कुछ निर्यातकों ने फैक्ट्रियां बना ली हैं। इन अवैध निर्मााणों को रोकने का जिम्मा मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन का था। लेकिन किसी ने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। एनजीटी के बार-बार आदेश करने के बाद भी जिला प्रशासन गांगन नदी पर हुए अवैध कब्जों को नहीं रोक सका। इतना ही नहीं एनजीटी के आदेश पर भी ये अवैध कब्जे ढहाए नहीं जा सके, क्योंकि ये सभी अवैध कब्जे रसूखदार लोगों के हैं।
पहले देखिए गांगन नदी में अवैध कब्जों की तस्वीरें
मुद्दे से जुड़े मुख्य बिंदु: नियमों का उल्लंघन: नदियों की धारा से 74 मीटर की दूरी तक निर्माण प्रतिबंधित है। बावजूद इसके, बड़े निर्यातकों ने मिट्टी डालकर नदी के हिस्से को पाटकर पक्के निर्माण कर लिए हैं। प्रदूषण की मार: इन अवैध फैक्ट्रियों और पीतल की इकाइयों का केमिकल युक्त पानी सीधे नदी में गिर रहा है, जिससे गांगन नदी बुरी तरह प्रदूषित हो रही है। विभागों की मिलीभगत: मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA), सिंचाई विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कथित मिलीभगत के कारण इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अतिक्रमण पर सियासत: एनजीटी (NGT) के आदेशों के बाद भी अधिकारियों द्वारा कभी-कभार केवल औपचारिकता (नोटिस या सीलिंग) की जाती है। इन अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए प्रभावी कार्रवाई कभी नहीं की गई है।



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