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उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक किसान प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए अनोखी पहल कर रहा है. ओमप्रकाश सिंह अपने घर और खेत में वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत और केंचुआ खाद की मदद से ऑर्गेनिक बैंगन उगा रहे हैं. खास बात यह है कि वह इन जहरमुक्त बैंगनों को खुद इस्तेमाल करने के साथ पड़ोसियों को मुफ्त में देकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक भी कर रहे हैं.
मुरादाबाद: उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद के किसान अब तेजी से ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ रहे हैं. रासायनिक खाद छोड़कर वे सेहतमंद और प्राकृतिक तरीके से फसलें उगा रहे हैं. कई किसान लोगों को जागरूक करने के लिए अपने घरों और खेतों में भी ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं.

ऐसा ही एक किसान है जिसने घर और खेतों पर ऑर्गेनिक बैंगन उगाए हैं. वह खुद तो इन बैंगनों का इस्तेमाल करता ही है. साथ ही पड़ोसियों को मुफ्त में बांटकर ऑर्गेनिक खेती के फायदे समझा रहा है. उसकी पहल से आसपास के लोग भी जहरमुक्त सब्जियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं और ऑर्गेनिक लाइफस्टाइल की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.

किसान ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि हम अपने घर पर भी बैगन की खेती कर रहे हैं. इसके अलावा खेतों में भी तरह-तरह की ऑर्गेनिक खेती करते हैं. इस आर्गेनिक खेती में हम किसी भी प्रकार के रसायन का प्रयोग नहीं करते हैं.
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यह खेती पूरी तरह से ऑर्गेनिक रूप में करते हैं. जिसमें वर्मी कंपोस्ट, जीवामृत और केंचुआ खाद का ही प्रयोग किया जाता है. ज्यादातर खेती हम प्राकृतिक रूप में और ऐसे ही कर रहे हैं.

इसके साथ ही यह बैगन की खेती भी हम घर में बागवानी में कर रहे हैं. जो करीब एक बिसा जमीन के आसपास कर रहे हैं. यह बैंगन हम पूरी तरीके से प्राकृतिक रूप में आकार तैयार कर रहे हैं. इन बैगन को हम खुद तो प्रयोग में लेते ही हैं इसके अलावा आसपास के लोगों को यह बैगन मुफ्त में देते हैं.

उन्होंने बताया कि मैं आसपास के लोगों को यह मुफ्त में इसलिए देता हूं कि जिससे लोग प्राकृतिक खेती को अपना सकें और प्राकृतिक चीजों का ज्यादा सेवन कर सकें.

इसके साथ ही लोगों को बता सके की प्राकृतिक चीज हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. इसलिए आप भी अपने घर पर या खेत खलियानों में प्राकृतिक खेती को अपनाकर प्राकृतिक चीजों का सेवन करें. प्राकृतिक चीज हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं इसीलिए प्राकृतिक खेती को अपनाकर प्राकृतिक चीजों का सेवन करना चाहिए.
























