Saturday, August 29, 2026
Home Blog

दृश्यम देखकर रची साजिश, प्रेमिका को मारकर खेत में दफनाया: तालाब-श्मशान में बॉडी ढूंढती रही पुलिस, 5 महीने बाद खुदाई में निकला कंकाल – Rajasthan News


जोधपुर में प्रेमिका का मर्डर कर उसकी बॉडी खेत में गाड़ने वाले प्रेमी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने मर्डर से पहले 10 बार से ज्यादा अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ देखकर पूरी साजिश रची थी।

.

शव को ऐसी जगह छिपाया कि पुलिस उसे 5 महीने तक नहीं ढूंढ पाई। आरोपी फिल्मी स्टाइल में बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा।

श्मशान घाट में जली चिताओं में भी हड्डियों को तलाशने की कोशिश हुई। आखिरकार एक क्लू से पुलिस आरोपी के खेत तक पहुंची और खुदाई कर कंकाल में तब्दील हुई डेड बॉडी को रिकवर किया।

दरअसल, जोधपुर के बिलाड़ा का रहने वाले आरोपी प्रेमी राजू ने पुलिस को बताया कि ब्यावर की लीला देवी के साथ 2 साल से अफेयर था।

लेकिन उसने पैसों के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। इसी के चलते मर्डर को अंजाम दिया। 14 मार्च की रात को हुए इस मर्डर का पूरा खुलासा पुलिस ने 26 अगस्त को किया। पढ़िए- कैसे इस मर्डर का राज खुला…

होटल में मुलाकात के बाद शुरू हुई लव स्टोरी

जोधपुर के बिलाड़ा कस्बे में गांव पिचियाक निवासी राजू गिरी ट्रेवल एजेंट का काम करता था। उसकी ब्यावर की लीला देवी से 2 साल पहले जैतारण (पाली) के एक होटल में मुलाकात हुई थी।

उस मुलाकात के बाद वह महिला से मोहब्बत करने लगा। दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अफेयर के चलते राजू को उसकी दिव्यांग पत्नी छोड़ कर अपने पीहर चली गई थी।

प्रेमिका को खुश करने के लिए उसने पत्नी के गहने गिफ्ट कर दिए। लेकिन उसकी डिमांड बढ़ती जा रही थी। लीला ने 2 लाख रुपए और देने को कहा। यहीं से मर्डर की साजिश रचना शुरू कर दी।

अब सिलसिलेवार पढ़िए- वारदात की पूरी कहानी

1. घर से 40 किलोमीटर दूर खेत ले जाकर हत्या

ब्यावर एसपी रतनसिंह ने बताया- 13 मार्च, 2026 को पिचियाक निवासी आरोपी राजू गिरी के बुलाने पर लीला उससे मिलने पहुंच गई। आरोपी उसे 40 किमी दूर खोखरिया गांव के पास अपने खेत पर ले गया।

प्लानिंग के तहत उसने लीला को 14-15 मार्च की रात शराब पिलाई। फिर लाठी के वार से हत्या कर दी। शव को खेत के किनारे छोटी झाड़ियों के बीच ले जाकर पटक दिया। आरोपी को पता था कि इस सुनसान इलाके में जंगली जानवर बॉडी को खा जाएंगे।

खोखरिया गांव में वो खेत जहां लीला का मर्डर हुआ।

खोखरिया गांव में वो खेत जहां लीला का मर्डर हुआ।

2. एक माह बाद गुमशुदगी दर्ज, जानवर नोच चुके थे बॉडी

ब्यावर साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि – आरोपी राजू गिरी को पता था कि मृतका के परिजन उसकी तलाश नहीं करेंगे, क्योंकि लीला पहले भी कई दिन तक उसके साथ रह चुकी थी।

करीब एक माह बाद 11 अप्रैल 2026 को गणेशपुरा निवासी कालू सिंह ने साकेत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि उसकी बेटी लीला देवी अपने पति से अलग गंगा कॉलोनी में किराए के मकान में रहती थी।

13 मार्च 2026 को बिना बताए कहीं चली गई। इस पर पुलिस ने लीला की तलाश शुरू की। शक के आधार पर लीला के संपर्क में आए लोगों से पूछताछ शुरू की। राजू गिरी से पूछा गया तो उसने स्वीकार किया- लीला मेरे पास 15 मार्च को आई थी, लेकिन चली गई।

पुलिस को उसकी कहानी पर इसलिए यकीन हो गया क्योंकि मृतका का मोबाइल नंबर 15 मार्च तक चालू था। दूसरा- पुलिस को जानकारी थी कि लीला अक्सर घर से बाहर रहती थी।

ऐसे में पुलिस और परिजनों ने गुमशुदगी मामले में ज्यादा ध्यान नहीं दिया। करीब 4 महीने तक लीला का कोई अता-पता नहीं चल पाया।

साकेत नगर थाना पुलिस ने अगस्त में मृतका के बेटे की ओर से दर्ज मुकदमे के बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया।

साकेत नगर थाना पुलिस ने अगस्त में मृतका के बेटे की ओर से दर्ज मुकदमे के बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया।

3. चार महीने बाद बेटे के मुकदमे पर एक्टिव हुई पुलिस

11 अगस्त को मृतका लीला के बेटे ने अपने ननिहाल पक्ष पर अपहरण और हत्या के आरोप में केस दर्ज कराया। उसे शक था कि प्रॉपर्टी के लिए मां लीला की हत्या करवाई गई है।

इस पर पुलिस ने संदेह और तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से लीला से आखिरी बार संपर्क में आए राजू गिरी को दुबारा पकड़कर पूछताछ की।

इस बार आरोपी ने हत्या करने की बात तो कबूल कर ली। लेकिन शातिर को यकीन था कि जबतक वह नहीं बताएगा पुलिस डेड बॉडी रिकवर नहीं कर पाएगी और वो जेल जाने से बच जाएगा। अब उसने डेड बॉडी की को लेकर गुमराह करना शुरू किया। झूठी कहानी बनाता रहा।

4 . कभी श्मशान की राख में खोजी हड्डियां, कभी तालाब में रेस्क्यू

पहला झूठ: एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि- आरोपी ने सबसे पहले बताया कि बॉडी को उसने तालाब में फेंका। लेकिन कई घंटे रेस्क्यू चलाने के बाद भी बॉडी नहीं मिली।

पुलिस ने तालाब में भी शव के लिए गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया।

पुलिस ने तालाब में भी शव के लिए गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया।

दूसरा झूठ: फिर गुमराह करते हुए कहा- श्मशान में एक आदमी की जलती हुई चिता में लीला के शव को जला दिया। पुलिस ने पता लगाया कि गांव में आखिरी मौत 19 मई, 2026 को हुई थी। वारदात के करीब 2 माह बाद महिला की बॉडी जलाने के बात पुलिस के भी गले नहीं उतर रही थी। फिर भी क्लू जुटाने के लिए पुलिस ने श्मशान की राख में हड्डियां खोजी, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला।

तीसरा झूठ : आरोपी ने पुलिस को फिर गुमराह करते हुए बताया- उसने पिचियाक निवासी विजयसिंह नाम के परिचित को 20 हजार रुपए में महिला की बॉडी ठिकाने लगाने को कहा था। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि विजयसिंह नाम के व्यक्ति की मौत तो आठ माह पहले जनवरी में हो चुकी थी।

खेत में ट्रैक्टर से खुदाई करवाकर शव की तलाश करते हुए पुलिस।

खेत में ट्रैक्टर से खुदाई करवाकर शव की तलाश करते हुए पुलिस।

5. खेत की खुदाई में निकला कंकाल

पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से पता लगा लिया कि मृतका का मोबाइल 15 मार्च तक एक्टिव था। तब लोकेशन बिलाड़ा स्थित आरोपी के गांव पिचियाक की आ रही थी।

लेकिन इससे 1-2 दिन पहले की लोकेशन घर से काफी दूर खोखरिया गांव की थी। इससे क्लू मिला की तब भी लीला आरोपी के साथ थी।

ब्यावर एसपी रतनसिंह ने बताया- विशेष टीम की मदद से खोखरिया गांव में आरोपी के खेत में ट्रैक्टर से खुदाई कराई गई। इस दौरान आरोपी राजू गिरी टूट गया।

उसने वारदात कबूल करते हुए पूरा सच उगल दिया। पुलिस ने मौके पर खेत में दबे मृतका के कंकाल, हड्डियां, बैग, आधार कार्ड बरामद कर लिए।

गायब होने के करीब 6 महीने के बाद लीला देवी का कंकाल राजू गिरी के खेत से मिला।

गायब होने के करीब 6 महीने के बाद लीला देवी का कंकाल राजू गिरी के खेत से मिला।

6. मर्डर के लिए 10 बार देखी थी दृश्यम मूवी

आरोपी राजू ने कबूल किया कि लीला को मारने की साजिश जनवरी-फरवरी से ही रच रहा था। इसके लिए उसने अजय देवगन की फिल्म दृश्यम के दोनों पार्ट कम से कम 10 बार देखे थे।

यहीं से उसे आइडिया मिला कि डेड बॉडी को ऐसी जगह ठिकाने लगाना है जहां से पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाए। लेकिन एक सुराग के चलते वह पकड़ा गया।

साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से पुलिस ने शव रिकवर कर लिया।

साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से पुलिस ने शव रिकवर कर लिया।

….

मर्डर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…

जयपुर-पति की हत्या के लिए पिता से मंगवाया था जहर:प्यार का वास्ता देकर कीटनाशक मिला जूस पिलाया, डेढ़ घंटा तड़पते देखती रही

जयपुर में पति को जहर देकर हत्या करने की आरोपी पत्नी ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी कविता मीणा (23) ने बताया कि- घर पर जहर देकर मारने पर फंसने का डर था। 5 अगस्त को मंदिर जाने के बहाने उसे बाहर लेकर गई। पूरी खबर पढ़िए…



Source link

पैकेट देखकर ही समझ जाएंगे कोल्‍ड ड्रिंक-चिप्‍स में ज्‍यादा तो नहीं नमक-चीनी


Last Updated:

प्रोसेस्‍ड फूड में ज्‍यादा नमक-चीनी को लेकर एक मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने ऐसे प्रोडक्‍ट पर लाल चेतावनी लगाने का प्रस्‍ताव दिया है.

Zoom

सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में एक सुनवाई में एफएसएसएआई से कहा था कि वह इन लेबलों को लागू करने में तेजी लाए. (photo : Canva)

नई दिल्‍ली. बाजार में ज्‍यादा नमक-चीनी वाले प्रोडक्‍ट्स खूब बिकते हैं. सेहत के लिए खतरनाक इन उत्‍पादों की पहचान करना भी मुश्किल होता है. इसका कारण यह है कि चिप्स, बिस्कुट या कोल्ड ड्रिंक के पैकेट के पीछे न्यूट्रिशन चार्ट इतने छोटे अक्षरों में छपा होता है कि अक्‍सर लोग उसे पढ़ ही नहीं पाते. अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ऐसा काम करने जा रही है, जिससे पैकेट के फ्रंट यानी सामने की तरफ देखते ही पता चल जाएगा कि उस सामान में नमक, चीनी या अनहेल्दी फैट की मात्रा ज्‍यादा तो नहीं है.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने प्रोसेस किए गए खाने-पीने की उन चीजों के पैकेट के सामने लाल रंग का वॉर्निंग लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें चीनी, नमक या फैट की मात्रा ज्यादा होती है. यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि ग्राहक सोच-समझकर सही चुनाव कर सकें. इसका सीधा मकसद यह है कि आम खरीदार बिना किसी भ्रामक विज्ञापन के चक्कर में पड़े तुरंत फैसला कर सके कि यह प्रोडक्ट उसकी सेहत के लिए कितना सही है.

सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है मामला

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि चेतावनी लेबल पर साफ-साफ लिखा होगा- जैसे ‘ज्यादा वसा वाला’, ‘ज्यादा चीनी वाला’, ‘ज्यादा नमक वाला’ या ‘बहुत ज्यादा मीठा पेय’… ताकि लोग आसानी से समझ सकें कि किस प्रोडक्ट में कौन सी चीज ज्यादा मात्रा में है. सुप्रीम कोर्ट में यह दलील इसलिए दी गई क्योंकि वह पश्चिमी देशों की तर्ज पर चेतावनी लेबल लगाने की मांग करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में एक सुनवाई में एफएसएसएआई से कहा था कि वह इन लेबलों को लागू करने में तेजी लाए.

बहुराष्‍ट्रीय कंपनियां कर रही हैं विरोध

नेस्ले, पेप्सिको और कोका-कोला जैसी बड़ी खाद्य कंपनियां इस कदम का विरोध कर रही हैं क्योंकि इससे बिक्री प्रभावित होने की आशंका है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान अनिवार्य पैकेज्ड फूड अलर्ट लेबल को लागू करने में लंबी देरी पर एफएसएसएआई की खिंचाई की थी. एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों, विशेषकर छोटे बच्चों को मोटापे जैसी बीमारियों के खतरे से बचाने के लिए पारदर्शी पोषण संबंधी खुलासे महत्वपूर्ण हैं.

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने वैधानिक नियामक की धीमी गति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. न्यायाधीशों ने सवाल किया कि क्या रेगुलेटरी अथॉरिटी वास्तव में भारतीय आबादी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं. नतीजतन, अदालत ने चेतावनी दी कि यदि कार्यकारी शाखा स्वतंत्र रूप से कार्य करने में विफल रही तो न्यायिक आदेशों का पालन किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने उन तर्कों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि पैकेज के सामने चेतावनी लेबल पारंपरिक भारतीय पैक किए गए स्नैक्स पर गलत तरीके से जुर्माना लगा सकते हैं. पीठ ने कहा कि व्यावसायिक हित सार्वजनिक स्वास्थ्य अनिवार्यताओं पर हावी नहीं हो सकते. इसने नियामक संस्था को एक निश्चित रूपरेखा स्थापित करने के लिए दो सप्ताह की सख्त अवधि प्रदान की. न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि युवा उपभोक्ताओं को अल्टा-प्रोसेस्ड वस्तुओं के एग्रेसिव मार्केटिंग का सामना करना पड़ता है.



Source link

फर्जी किरायानामा से मकान पर कब्जे की कोशिश: टोरंट के जीएम-एजीएम समेत चार पर केस, कोर्ट ने दिए आदेश – Agra News




न्यू आगरा थाना क्षेत्र में मकान के हिस्से पर अवैध कब्जे के लिए फर्जी किरायानामा तैयार कर बिजली कनेक्शन लेने के मामले में कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना न्यू आगरा पुलिस ने वैभव कुंज निवासी नवीन पालीवाल, उसके भाई गौरव पालीवाल के साथ टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह और सहायक महाप्रबंधक पीयूष कुमार सिन्हा को आरोपी बनाया है। शिकायत न्यू आगरा निवासी दिनेश कालरा ने की थी। फर्जी हस्ताक्षर कर तैयार किया किरायानामा
शिकायतकर्ता दिनेश कालरा ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नवीन पालीवाल और गौरव पालीवाल ने उनके मकान के हिस्से पर कब्जा करने की नीयत से 15 अप्रैल 2014 का कूटरचित किरायानामा तैयार कर लिया। इसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए और परिवार के सदस्यों की फोटो का भी गलत इस्तेमाल किया गया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर टोरंट पावर से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया।कालरा का आरोप है कि उन्होंने 7 अप्रैल 2015 को टोरंट पावर के अधिकारियों को लिखित में सूचना दी थी कि किराया अनुबंध खत्म हो चुका है और आरोपियों के दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बावजूद नोटिस के बाद वर्ष 2015 में कनेक्शन जारी कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि सरकारी विभागों में जमा दस्तावेज जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट में भी फर्जी पाए गए हैं। 14 मई 2026 को पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, तब कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर 27 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।वहीं टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह का कहना है कि नया कनेक्शन नियमानुसार दस्तावेजों की जांच और सर्वे के बाद ही दिया जाता है। शिकायत मिलने पर दो महीने के अंदर कनेक्शन काट दिया गया था।



Source link

‘गंगा का बढ़ा जलस्तर, हमारी बोहनी पर भी आफत’: गंगा पथ पर 500 दुकानों तक पहुंचा पानी, दुकानदार बोले- जिसे वोट दिया, उनसे अब उम्मीद नहीं – Patna News




पटना में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है। राजधानी का सबसे बड़ा फूड हब अब पानी से घिर चुका है। इस दौरान जेपी गंगा पथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। 500 से ज्यादा दुकानों तक पानी पहुंच गया है। इनमें से कई दुकानदारों के सामान भी डूब गए हैं। इस कारण दुकानदार अपना ठेला लेकर दुकान लगाने की जगह तलाश रहे हैं। दुकानदारों का कहना है, पानी नहीं था तो 2 रुपए कमा लेते थे, लेकिन अब तो बोहनी पर भी आफत है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें उनसे कोई उम्मीद नहीं है। बीजेपी वाले बोलते थे कि हम गरीबों के नेता है, लेकिन अब वे कहां हैं। दिल्ली में ठेला लगाता था तो बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनता था। यहां आया हूं तब भी स्थिति अच्छी नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है।…पढ़िए जलस्तर बढ़ने से दुकानदारों को क्या-क्या परेशानी हो रही…. जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा चाट की दुकान लगाने वाले नंदकिशोर दास ने कहा, पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद हमें बोला गया था कि हम ऊपर जेपी गंगा पथ पर लगा सकते हैं। लेकिन जब हमलोग लगाने गए तो नगर निगम ने हमें वहां से हटा दिया। उन्होंने हमें डराते हुए कहा कि सामान टांगकर ले जाएंगे। इस डर से हम लोग यहां नीचे मजबूरी में लगा रहे हैं। पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के कचरे पूरी तरह से गीले हो गए हैं जिससे काफी बदबू आती है। मेरा यहां से सामान भी चोरी हो गया था। ताला काटकर चोरों ने मेरे दुकान से सामान चुरा लिए थे। इसके लिए मैंने थाना में कंप्लेंट भी किया था। हमें काफी परेशानी हो रही है। दुकान लगा कर बैठे रहते हैं लेकिन बोहनी नहीं होती है। सम्राट चौधरी से तो कोई उम्मीद ही नहीं है इसलिए अब उन्हें कुछ बोलना ही नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है। ठेला लगाकर खड़े रहते 3 घंटे तक का कस्टमर नहीं आते बटाटापुरी दुकानदार मुन्ना महतो ने कहा कि पानी नहीं था तो दो रुपए कमा भी लेते थे। अब पानी आने से हमें इधर-उधर ठेला लगाना पड़ रहा है और पुलिस वाले हमें भाग रहे हैं। ठेला लगाकर हम लोग खड़े रहते हैं लेकिन 3 घंटे तक एक भी कस्टमर नहीं आता है। अटल पथ के पास खाली जमीन पर बने वेंडिंग जोन में हमें ठेला लगाने बोला गया है। वहां पर कोई ढंग से लाइट की व्यवस्था नहीं है। नाले में कुत्ता मरा रहता है, मगर कोई उठाने नहीं आता। ऐसी बदबू में कौन कस्टमर आएगा। जितना पूंजी लगाते हैं उससे ज्यादा हमें नुकसान होता है। इसपर सम्राट चौधरी को ध्यान देना चाहिए। बीजेपी वाले बोलते हैं कि हम गरीबों के नेता है। आखिर अब वे सब कहां है। इससे पहले मैं दिल्ली में ठेला लगाकर कमाता था। वहां पर सब बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनते थे। जब से यहां मरीन ड्राइव बना है तो अपने राज्य कमाने आया हूं, मगर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पानी में कई सामान डूब गए करीब 4 साल से पाव भाजी की दुकान गंगापथ पर लगा रहे भोला शर्मा ने कहा कि हमें हद से ज्यादा परेशानी हो रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। पहले नीचे भेज दिया गया फिर उम्मीद दी गई कि हमें जगह बनाकर दिया जाएगा। 45 दिन हम लोग इंतजार किए, मगर सिर्फ ढलईया करके हमें लगाने के लिए बोल दिया गया। वहां ना तो लाइट ना हीं नाले की व्यवस्था है। हम लोग फिर वहां से यहां आ गए हैं और कैसे भी गुजारा कर रहे हैं। हमारा कई सामान भी पानी में डूब गया और नुकसान हुआ है। पहले से ही हम लोग के ऊपर कर्ज का बोझ है। सरकार से हमें कोई उम्मीद नहीं है। पानी के बहाव से पत्थर-गिट्टी दुकान के पास जमा हो रहे लिट्टी चोखा दुकानदार प्रमोद साव ने कहा, जलस्तर बढ़ने से हमें काफी परेशानी हो रही है। पानी के बहाव से पत्थर गिट्टी दुकान के पास ही जमा हो जा रही है जिससे हमें पैरों में चुभ जाती है। हमने दो दिन ऊपर गंगा पथ पर लगाया गया था, मगर फिर हमें वहां से हटा दिया गया। पटना नगर निगम की ओर से कहा गया है कि अभी फिलहाल मरीन ड्राइव दुकानदारों को निगम की ओर से कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है। वह अपने सुविधा अनुसार दुकान लगा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद हमने टूरिस्ट घाट पर जाने को कहा था। निगम की ओर से ना अभी दुकानदारों को हटाया जा रहा है ना बसाया जा रहा है। क्योंकि अभी उस तरह की क्राइसिस सिचुएशन नहीं आई है। अगर हमें ऊपर से आदेश आएगा तो जिला प्रशासन के साथ मिलकर हम उचित कदम उठाएंगे।



Source link

डिलीवरी बॉय हत्याकांड: CCTV फुटेज में गोली मारते दिखे बदमाश: विवाद सुलझाने गया था विवेक, 36 घंटे बाद भी तीनों आरोपी फरार, सात जिलों में पुलिस की दबिश – Gwalior News


ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर में डिलीवरी बॉय विवेक मीणा की हत्या का नया CCTV फुटेज सामने आया है। 51 सेकंड के इस फुटेज में बाइक सवार तीन बदमाश मोमोज ठेले वाले से बहस करते और इसके बाद बीच-बचाव करने आए विवेक को गोली मारते दिखाई दे रहे

.

फुटेज में नजर आ रहा है कि तीनों बदमाश बाइक से ठेले के पास पहुंचते हैं। वे काफी देर तक मोमोज वाले से विवाद करते हैं। इसी दौरान विवेक बीच-बचाव करने पहुंचता है। बदमाश उससे भी बहस करते हैं और फिर उसके माथे में गोली मार देते हैं। इसके बाद तीनों बाइक से फरार हो जाते हैं।

वारदात को करीब 36 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस की छह विशेष टीमें आरोपियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।

ऐसे हुई थी वारदात

नई सड़क निवासी 28 वर्षीय विवेक मीणा ऑनलाइन कंपनी में डिलीवरी बॉय था। गुरुवार रात वह आनंद नगर में डिलीवरी देने गया था। इसके बाद वह एक मोमोज के ठेले पर रुका था। इसी दौरान वहां बाइक से तीन बदमाश पहुंचे और ठेले वाले से विवाद करने लगे।

विवेक ने विवाद शांत कराने की कोशिश की। इसी बात पर बदमाशों ने उससे बहस की और गोली मार दी। गोली माथे में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान राहुल गट्टा, सौरभ यादव और लाला अग्रवाल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

पोस्टमार्टम के दौरान चक्काजाम, पुलिस ने खदेड़ा

शुक्रवार को पोस्टमार्टम के दौरान आरोपी गिरफ्तार नहीं होने से परिजन और विवेक के साथी आक्रोशित हो गए। उन्होंने मानसिक आरोग्यशाला तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाया।

सात जिलों में छापेमारी, भोपाल में छिपने का शक

SSP धर्मवीर सिंह के निर्देशन में छह विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया और भोपाल में आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस को एक आरोपी की महिला मित्र के भोपाल में रहने की जानकारी मिली है। इसी आधार पर वहां भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन शुक्रवार देर रात तक पुलिस के हाथ कोई आरोपी नहीं लगा।

SSP धर्मवीर सिंह ने कहा

आरोपियों की पहचान हो चुकी है। उन्हें पकड़ने के लिए कई जिलों में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। नए CCTV फुटेज में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

QuoteImage

ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर में हुई डिलीवरी बॉय विवेक मीणा की हत्या में शुक्रवार रात को एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। जिसमें बाइक सवार तीन बदमाश डिलीवरी बॉय विवेक को गोली मारते हुए नजर आ रहे हैं। बाइक सवार बदमाश पहले आते हैं और काफी देर तक वहां “मोमो’ वाले से बहस करते हैं।

जब विवेक बीच बचाव करता है तो उससे बहस करते हुए गोली मार देते हैं। 51 सेकंड का यह फुटेज वीडियो घटना के समय की पूरी कहानी बंया कर रहा है। इस हत्याकांड को 36 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक एक भी हत्या आरोपी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस की टीम हत्या आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जबकि परिजन पहले ही काफी नाराजगी जता चुके हैं।

ऐसे समझिए पूरा मामला

शहर के नई सड़क निवासी विवेक मीणा एक ऑनलाइन कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। गुरुवार रात वह आनंद नगर क्षेत्र में डिलीवरी देने गया था, जहां एक ठेले पर मोमोज खा रहा था। उसी दौरान पहुंचे तीन बदमाशों से ठेले वाले का विवाद हो गया।

विवेक ने जब ठेले वाले का बचाव किया, तो बदमाशों ने कुछ बहस के बाद सीधे उसके माथे में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे आरोपियों की पहचान राहुल गट्टा, सौरभ यादव और लाला अग्रवाल के रूप में हुई। तीनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर बाइक से फरार होते दिखाई दिए हैं। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

पोस्टमार्टम के दौरान चक्काजाम, पुलिस ने खदेड़ा था

शुक्रवार को जब पोस्टमार्टम कराया जा रहा था, तभी आरोपी नहीं पकड़े जाने से नाराज परिजन और साथियों ने मानसिक आरोग्यशाला तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला था। लाख समझाइश के बाद भी जब उग्र प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस को हल्का सा बल प्रयोग भी करना पड़ा था।

मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया, भोपाल में दी दबिश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह के निर्देशन में पुलिस की 6 विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस टीम मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया और भोपाल तक दबिश दे रही है। पुलिस को सूचना मिली है कि एक आरोपी की महिला मित्र भोपाल में रहती है, जहां आरोपियों के छिपने की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार देर रात तक कई स्थानों पर दबिश के बाद भी पुलिस खाली हाथ रही है।

एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह का कहना

“आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें पकड़ने के लिए कई जिलों में दबिश दी जा रही है। एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें बदमाश गोली मारते नजर आ रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”



Source link

NTA ने जारी किया UGC-NET का रिजल्ट, 4000 से ज्यादा छात्र JRF के लिए क्वालिफाई


राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार देर रात यूजीसी नेट का रिजल्ट जारी कर दिया। एजेंसी ने बताया कि 84 विषयों के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में शामिल होने वाले 4,000 से ज्यादा अभ्यर्थियों ने जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए क्वालिफाई कर लिया है। एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”84 विषयों की परीक्षा में शामिल हुए 6.07 लाख अभ्यर्थियों में से 97,000 से अधिक ने पीएचडी में दाखिले के लिए और 4,000 से अधिक ने जेआरएफ के लिए अर्हता हासिल की है।” उम्मीदवार अपने एप्लीकेशन नंबर के जरिए आधिकारिक वेबसाइट https://ugcnet.nta.nic.in पर लॉग इन कर सकते हैं और अपना स्कोरकार्ड हासिल कर सकते हैं।

एनटीए ने इस साल जून में अंग्रेजी, वाणिज्य और समाजशास्त्र की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया था। यह फैसला एक विशेषज्ञ समिति को प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और भाषा संबंधी गलतियां मिलने के बाद किया गया था। इन विषयों की परीक्षा सितंबर में होने वाली है। एनटीए ने बताया है कि अगर इन विषयों की परीक्षा देने वाले लोग रिजल्ट चेक करते हैं तो इनवैलिड पासवर्ड का मैसेज आ सकता है।

एनटीए ने एक्स पर दी जानकारी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने रिजल्ट जारी करने की जानकारी एक्स पोस्ट पर दी। एजेंसी ने लिखा, “नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने आज, 28 अगस्त 2026 को 84 सब्जेक्ट्स के लिए UGC-NET जून 2026 के रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। रिजल्ट/स्कोर कार्ड ऑफिशियल UGC-NET वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। कैंडिडेट्स अपना स्कोर कार्ड देखने, डाउनलोड करने और प्रिंट करने के लिए https://ugcnet.nta.nic.in पर लॉग इन कर सकते हैं।”

9 और 10 सितंबर को होगा रीएग्जाम

एनटीए ने अपने पोस्ट में यह भी बताया है कि जिन तीन विषयों का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है, उनकी परीक्षा सितंबर के दूसरे सप्ताह में होगी। एजेंसी ने लिखा, “इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी सब्जेक्ट्स के कैंडिडेट्स, जिनके एग्जाम 09 और 10 सितंबर 2026 को दोबारा होने वाले हैं, अगर वे UGC-NET जून 2026 स्कोरकार्ड एक्सेस करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें “इनवैलिड एप्लीकेशन नंबर/पासवर्ड” मैसेज मिल सकता है। इन कैंडिडेट्स का स्कोरकार्ड/रिजल्ट उनके एग्जाम के दोबारा होने के बाद ही उपलब्ध कराया जाएगा।”

यह भी पढ़ें-

बोर्ड, JEE और NEET उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी! बिहार सरकार ने लॉन्च किया ‘विद्या साथी’ शिक्षक सहायता ऐप; ये होंगे फायदे

डाक विभाग में निकली 25 हजार से ज्यादा नौकरी, योग्यता, लास्ट डेट्स और आवेदन कैसे करें; यहां जानें





Source link

नेपाल बाढ़- लापता लोगों का आंकड़ा 2500 पहुंचा: 400 भारतीय तिब्बत में फंसे; सुरंग में फंसे लोगों को निकालने में मदद करेगा भारत




नेपाल-तिब्बत में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या करीब 2,500 पहुंच गई है। अब तक 584 शव बरामद हो चुके हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल में अभी भी 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इसके अलावा करीब 400 भारतीय तिब्बत में फंसे हुए हैं। MEA ने बताया कि चीन की तरफ फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल पहुंच चुके हैं। इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सीनियर अफसरों के साथ हाईलेवल मीटिंग की और नेपाल में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। जयशंकर ने कहा कि एक जलविद्युत परियोजना वाली जगह पर लोगों के सुरंग में फंसे होने की आशंका है। इसलिए भारत मदद के लिए एक टीम भेज रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों में बाढ़ से पहले और बाद का मंजर … नेपाल में तबाही के बाद की 4 तस्वीरें… खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link

मुंबई में दूध ₹100 के पार, थोक भाव ₹9 बढ़े: दही-पनीर के दाम भी बढ़ सकते हैं; चारा और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने का असर


मुंबई10 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अभी दूध की थोक कीमत बढ़ी है। आम ग्राहक को मिलने वाला खुदरा दूध इससे अलग कीमत पर बिक सकता है।

त्योहारी सीजन से पहले मुंबई के लोगों को महंगाई का झटका लगा है। बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) ने थोक दूध की कीमत में ₹9 प्रति लीटर बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

नई कीमत 1 सितंबर से लागू होगी। इसके बाद मुंबई और आसपास के मेट्रोपॉलिटन इलाकों में थोक दूध का भाव ₹93 से बढ़कर ₹102 प्रति लीटर हो जाएगा।

यह नई कीमत अगले 6 महीने यानी 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। एसोसिएशन के मुताबिक, यह हाल के वर्षों में दूध की कीमत में हुई सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी में से एक है।

चारा, ट्रांसपोर्ट और पशुओं की देखभाल का खर्च बढ़ा

दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे डेयरी किसानों और तबेला संचालकों ने बढ़ती उत्पादन लागत को मुख्य वजह बताया है। पिछले एक साल में पशुओं के लिए जरूरी हरा चारा, चुनी और खली जैसी चीजों की कीमत लगातार बढ़ी है।

इसके अलावा दूध की ढुलाई, पशुओं की देखभाल और तबेले के संचालन का खर्च भी बढ़ गया है। बढ़ती लागत के कारण दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था।

खुदरा दूध से लेकर मिठाइयों तक पड़ेगा असर

थोक दूध महंगा होने का सीधा असर मुंबई के आम ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। स्थानीय दूध विक्रेता, डेयरी और घर तक दूध पहुंचाने वाले सप्लायर 1 सितंबर से बढ़ी हुई कीमत ग्राहकों से वसूल सकते हैं।

कुछ जगहों पर खुदरा कीमत में थोक बढ़ोतरी से थोड़ा ज्यादा इजाफा भी हो सकता है। इसका असर सिर्फ दूध तक सीमित नहीं रहेगा। दूध महंगा होने से दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

त्योहारी सीजन में दूध की बड़ी खपत होने के कारण मिठाई की दुकानों, बेकरी और खाने-पीने की दुकानों पर भी लागत बढ़ेगी। ऐसे में त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दूसरे दूध से बने उत्पादों के दाम बढ़ने की संभावना है।

——————————-

यह खबर भी पढ़ें…

चीनी ₹70 प्रति किलो, खड़गे बोले- ये कैसा आत्मनिर्भर भारत:3 महीने में 40% महंगी हुई; सरकार का बयान- एथेनॉल बनाने से नहीं बढ़े दाम

देश के कई शहरों में चीनी की कीमत 70 रुपए किलो तक पहुंच गई है। पिछले 3 महीने में इसके दाम करीब 40% यानी ₹19 प्रति किलो तक बढ़े हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की बढ़ती कीमतों और स्टॉक पर सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि ये कैसा आत्मनिर्भर भारत है, जहां विदेश से चीनी आयात की जा रही है और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल में झोंका जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

मुंबई में दूध ₹100 के पार, थोक भाव ₹9 बढ़े: दही-पनीर के दाम भी बढ़ सकते हैं; चारा और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने का असर


मुंबई2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

अभी दूध की थोक कीमत बढ़ी है। आम ग्राहक को मिलने वाला खुदरा दूध इससे अलग कीमत पर बिक सकता है।

त्योहारी सीजन से पहले मुंबई के लोगों को महंगाई का झटका लगा है। बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (BMPA) ने थोक दूध की कीमत में ₹9 प्रति लीटर बढ़ोतरी का ऐलान किया है।

नई कीमत 1 सितंबर से लागू होगी। इसके बाद मुंबई और आसपास के मेट्रोपॉलिटन इलाकों में थोक दूध का भाव ₹93 से बढ़कर ₹102 प्रति लीटर हो जाएगा।

यह नई कीमत अगले 6 महीने यानी 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। एसोसिएशन के मुताबिक, यह हाल के वर्षों में दूध की कीमत में हुई सबसे बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी में से एक है।

चारा, ट्रांसपोर्ट और पशुओं की देखभाल का खर्च बढ़ा

दूध की कीमत बढ़ाने के पीछे डेयरी किसानों और तबेला संचालकों ने बढ़ती उत्पादन लागत को मुख्य वजह बताया है। पिछले एक साल में पशुओं के लिए जरूरी हरा चारा, चुनी और खली जैसी चीजों की कीमत लगातार बढ़ी है।

इसके अलावा दूध की ढुलाई, पशुओं की देखभाल और तबेले के संचालन का खर्च भी बढ़ गया है। बढ़ती लागत के कारण दूध उत्पादकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा था।

खुदरा दूध से लेकर मिठाइयों तक पड़ेगा असर

थोक दूध महंगा होने का सीधा असर मुंबई के आम ग्राहकों पर पड़ने की आशंका है। स्थानीय दूध विक्रेता, डेयरी और घर तक दूध पहुंचाने वाले सप्लायर 1 सितंबर से बढ़ी हुई कीमत ग्राहकों से वसूल सकते हैं।

कुछ जगहों पर खुदरा कीमत में थोक बढ़ोतरी से थोड़ा ज्यादा इजाफा भी हो सकता है। इसका असर सिर्फ दूध तक सीमित नहीं रहेगा। दूध महंगा होने से दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं।

त्योहारी सीजन में दूध की बड़ी खपत होने के कारण मिठाई की दुकानों, बेकरी और खाने-पीने की दुकानों पर भी लागत बढ़ेगी। ऐसे में त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दूसरे दूध से बने उत्पादों के दाम बढ़ने की संभावना है।

——————————-

यह खबर भी पढ़ें…

चीनी ₹70 प्रति किलो, खड़गे बोले- ये कैसा आत्मनिर्भर भारत:3 महीने में 40% महंगी हुई; सरकार का बयान- एथेनॉल बनाने से नहीं बढ़े दाम

देश के कई शहरों में चीनी की कीमत 70 रुपए किलो तक पहुंच गई है। पिछले 3 महीने में इसके दाम करीब 40% यानी ₹19 प्रति किलो तक बढ़े हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की बढ़ती कीमतों और स्टॉक पर सरकार से सवाल किए। उन्होंने पूछा कि ये कैसा आत्मनिर्भर भारत है, जहां विदेश से चीनी आयात की जा रही है और दूसरी तरफ गन्ने को पेट्रोल में मिलाने के लिए एथेनॉल में झोंका जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

लेटे हनुमान जी को बांधी गई श्री-राम नाम की राखी: प्रयागराज के संगम के मंदिरों में रही रक्षाबंधन की धूम, भव्य श्रृंगार और आरती हुई – Prayagraj (Allahabad) News




रक्षाबंधन के पावन पर्व पर संगम स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर में भगवान श्री बड़े हनुमान जी का भव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर को भी रक्षाबंधन की थीम पर आकर्षक ढंग से सजाया गया। सुबह और शाम की आरती विशेष रूप से रक्षाबंधन के पर्व को ध्यान में रखते हुए भव्य तरीके से संपन्न हुई। इस अवसर पर श्री बड़े हनुमान जी के हाथों में श्रीराम नाम लिखी विशेष राखी बांधी गई। मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के बीच बड़े धूमधाम से रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया। भव्य श्रृंगार, विशेष सजावट और आरती के दौरान मंदिर परिसर का माहौल भक्तिमय नजर आया और दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने इस विशेष आयोजन का आनंद लिया। देखें VIDEO……..



Source link