Tuesday, October 6, 2026
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खैरथल-तिजारा जिले में पंचायत चुनाव को लेकर बैठक: बिना अनुमति जुलूस, सभा और बैठक पर रोक, प्रत्याशी नहीं निकाल सकेंगे विजय जुलूस – Khairthal-Tijara News




पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 को लेकर खैरथल-तिजारा जिले में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अतुल प्रकाश ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। आदेश जिला परिषद, पंचायत समितियों तथा जिले की सभी ग्राम पंचायतों के क्षेत्रों में प्रभावी रहेगा। निषेधाज्ञा 28 नवंबर 2026 की शाम 6 बजे तक अथवा आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। चुनाव प्रचार, मतदान और मतगणना के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति, विवाद या तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। निषेधाज्ञा के दौरान बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर राजनीतिक जुलूस, सभा, धरना, भाषण या सार्वजनिक बैठक आयोजित नहीं की जा सकेगी। इसके लिए संबंधित उपखंड मजिस्ट्रेट अथवा रिटर्निंग अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति आवश्यक होगी। हथियार लेकर चलने और प्रदर्शन पर रोक आदेश के तहत विस्फोटक, अत्यंत ज्वलनशील एवं घातक रासायनिक पदार्थों के साथ-साथ रिवॉल्वर, पिस्टल, राइफल, बंदूक सहित अन्य हथियारों के साथ चलने, उनके प्रदर्शन अथवा उपयोग पर रोक रहेगी। गंडासा, फरसा, तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, बरछी, गुप्ती, खुखरी और कटार आदि हथियार भी प्रतिबंध के दायरे में रहेंगे। चुनाव ड्यूटी में तैनात सुरक्षा बल, पुलिस एवं अधिकृत सुरक्षा कर्मियों तथा निर्धारित श्रेणी के लाइसेंसधारियों को नियमानुसार छूट रहेगी। लाउडस्पीकर के लिए भी लेनी होगी अनुमति राजनीतिक कार्यक्रमों में लाउडस्पीकर, एम्पलीफायर, रेडियो, टेप अथवा अन्य ध्वनि प्रसारक यंत्रों के इस्तेमाल के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। ध्वनि प्रसारण की अनुमति सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही दी जा सकेगी। बिना अनुमति वाहन पर लगे लाउडस्पीकर का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा। विजय जुलूस पर भी रोक निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत निर्वाचित सदस्यों, जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, प्रधान, उप प्रधान, सरपंच एवं उपसरपंचों द्वारा विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा। चुनाव परिणाम के बाद भी जुलूस, सभा अथवा सार्वजनिक आयोजन के लिए संबंधित रिटर्निंग अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति जरूरी होगी।



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वाराणसी में ग्रामीण महिलाओं का संवाद कार्यक्रम: हुनर से आत्मनिर्भरता की मिली जानकारी, डिजिटल बैंकिंग अपनाने पर दिया जोर – Varanasi News




वाराणसी में साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट (एआईआरडी) की ओर से वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, भारत सरकार और विभिन्न मंत्रालयों के सहयोग से प्रशिक्षित ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘विरासत से आत्मनिर्भरता हुनर, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से नई आजीविका की ओर’ विषय पर संवाद एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के प्रशिक्षण और पारंपरिक हुनर को रोजगार, उद्यमिता, बाजार और स्थायी आय से जोड़ना था। मुख्य अतिथि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बाबतपुर के वरिष्ठ प्रबंधक आशीष राय ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता परिवार और समाज की मजबूती का आधार है। उन्होंने महिलाओं से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं का लाभ लेने तथा सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक रहने की अपील की। एआईआरडी के निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा, “प्रशिक्षण तभी सार्थक है, जब उसका परिणाम रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता में दिखाई दे।” कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए।



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शाजापुर मंडी में सोयाबीन खरीदी रुकी: किसान परेशान, व्यापारियों को भुगतान के लिए बैंक से नहीं मिली राशि – shajapur (MP) News




शाजापुर कृषि उपज मंडी में मंगलवार दोपहर अचानक सोयाबीन की खरीदी बंद हो गई। इससे किसानों को परेशानी हुई। मंडी में इन दिनों रोजाना 10 से 12 हजार बोरी सोयाबीन की आवक हो रही है।
सुबह नीलामी शुरू होने के बाद कुछ समय तक खरीदी चली। लेकिन, व्यापारियों को भुगतान के लिए पर्याप्त राशि नहीं मिलने से दोपहर में खरीदी रोक दी गई। खरीदी बंद होने के बाद किसान तेज गर्मी में दोबारा नीलामी शुरू होने का इंतजार करते दिखे।
ग्राम बर्डिया गुर्जर के किसान इंदर सिंह पटेल ने बताया कि सुबह खरीदी शुरू होने के कुछ देर बाद ही बंद हो गई, जिससे किसानों को दिक्कत हुई।
मंडी सचिव मोहनलाल मालवीय ने बताया कि बैंकों द्वारा व्यापारियों को पर्याप्त राशि नहीं मिलने से खरीदी पर असर पड़ा है। किसानों को दो लाख रुपए तक नकद भुगतान का नियम है। समय पर भुगतान नहीं होने पर विवाद हो सकता है।
उन्होंने बताया कि भुगतान व्यवस्था के लिए बैंकों को पत्र लिखा है। सचिव ने यह भी कहा कि खरीदी कुछ समय के लिए रुकी है और जल्द ही नीलामी शुरू हो जाएगी।



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ग्राम कचहरी न्याय मित्र संघ का तीन दिवसीय धरना: 30 हजार मानदेय की मांग; सरकार को चेतावनी, मांगें नहीं मानीं तो करेंगे आमरण अनशन – Patna News




गर्दनीबाग धरना स्थल पर ग्राम कचहरी न्याय मित्र संघ द्वारा तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। आज सभी लोग ने प्रदर्शन करते हुए सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होगी तो फिर एक बड़े स्तर पर आंदोलन होगा और सभी कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठेंगे। उनकी मांग है कि उनके मानदेय को 7000 हजार रुपए महीना से बढ़ाकर 30 हजार रुपए महीना किया जाए। न्याय मित्र संघ के राज्य अध्यक्ष रामाशंकर राय ने कहा कि ये सभी कर्मचारी 2007 से काम कर रहे हैं और 2015 में मानदेय ₹7000 महीना किया गया। इसके बाद अन्य लोगों के मानदेय में बढ़ोतरी हुई मगर हम लोग का मानदेय फिर नहीं बढ़ाया गया। पंचायती राज विभाग के सेक्रेटरी ने एक पत्र जारी कर दिया जिसमें 1 जुलाई 2025 से हमारा मानदेय बढ़ाने की बात कही गई है। मगर ऐसा कुछ भी नहीं है हमारी मांग है कि अभी हमारा मानदेय जो ₹7000 है, उसमें सम्मानजनक वृद्धि करते हुए ₹30000 महीना किया जाए। 2015 से 7000 रुपए ही मानदेय मिल रहा नवल किशोर प्रसाद ने कहा कि 2007 में आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए हम लोग का नियोजन हुआ है। 2015 से लेकर आज तक हम लोगों को 7000 रुपए ही मानदेय मिल रहा है। ग्राम कचहरी में हम लोग जी- जान लगाकर लोगों को न्याय दिलाते हैं। हमारे कर्मी 50-60 किलोमीटर दूर जाकर काम करते हैं। मगर इस मानदेय से हमारा पेट्रोल का दाम भी निकलना मुश्किल हो जाता है। हम लोग लाॅ ग्रेजुएट हैं और हमें इतना कम मानदेय मिलना कहीं से भी सही नहीं है। हम चाहते हैं कि सरकार हमारे मानदेय में यथोचित वृद्धि कर



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बाजार से क्यों खरीदना मुरमुरा? घर में रखे चावल से ऐसे बनाएं हल्के और कुरकुरे मुरमुरे

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Murmura Recipe: बाजार से मुरमुरा लाकर भेल, चाट या नमकीन बनाना तो आसान है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही हल्के और कुरकुरे मुरमुरे घर पर भी बनाए जा सकते हैं? अगर घर में चावल रखे हैं तो इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती. सही चावल चुनना और उन्हें अच्छी तरह सुखाना इस रेसिपी की सबसे अहम बात है. थोड़ी सी सावधानी के साथ चावल के दाने फूलकर मुरमुरे जैसा रूप ले सकते हैं.

खास बात यह है कि घर पर बने मुरमुरों का इस्तेमाल आप अपनी पसंद के हिसाब से मीठे या नमकीन स्नैक में कर सकते हैं. आइए जानते हैं चावल से मुरमुरा बनाने का आसान तरीका और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

चावल से मुरमुरा बनाने के लिए क्या चाहिए
घर पर मुरमुरा बनाने के लिए मुख्य रूप से चावल, पानी और नमक की जरूरत होती है. मोटे दाने वाले उसना चावल का इस्तेमाल करना इस तरीके में सुविधाजनक माना जाता है. करीब 2 कप चावल लेकर शुरुआत की जा सकती है. नमक का इस्तेमाल चावल को भिगोने और बाद में गर्म करने के लिए किया जाता है.

चावल को भिगोना है पहला जरूरी कदम
सबसे पहले चावल को साफ करके गर्म पानी में थोड़ा नमक डालकर करीब 30 मिनट के लिए भिगो दें. इससे चावल नरम होकर पानी सोख लेते हैं. इसके बाद चावलों को छलनी में डालकर पानी अच्छी तरह निकाल दें. अब चावल को साफ सूती कपड़े या बड़ी थाली में पतली परत में फैला दें. इन्हें धूप में तब तक सुखाएं जब तक चावल की नमी पूरी तरह खत्म न हो जाए. यह हिस्सा जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए, अगर चावल अंदर से नम रह गए तो वे अच्छी तरह फूलने के बजाय ठीक से तैयार नहीं होंगे.

गर्म नमक में ऐसे फूलेंगे चावल
अब एक भारी तले वाली कड़ाही को गैस पर रखें और उसमें करीब एक कटोरी सफेद नमक डालें. नमक को अच्छी तरह गर्म होने दें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि गर्मी एक जगह ज्यादा न रहे. जब नमक अच्छी तरह गर्म हो जाए तो इसमें पूरी तरह सूखे चावल डालें. अब तेज आंच पर चावल को लगातार चलाते रहें. गर्म नमक के संपर्क में आने पर चावल के दाने धीरे-धीरे फूलने लगेंगे. इसी दौरान ध्यान रखें कि चावल कड़ाही में ज्यादा देर तक बिना चलाए न रहें. जब ज्यादातर दाने फूलकर मुरमुरे जैसे दिखाई देने लगें तो गैस बंद कर दें. अब कड़ाही की सामग्री को सावधानी से बड़ी छलनी में डालकर छान लें. इससे गर्म नमक अलग हो जाएगा और आपको हल्के, कुरकुरे मुरमुरे मिल जाएंगे.

(इमेज AI)

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चावल की नमी पर रखें खास ध्यान
इस रेसिपी में सबसे ज्यादा ध्यान चावल को सुखाने पर देना पड़ता है. चावल बाहर से सूखे दिखाई दें लेकिन उनमें नमी बची हो तो परिणाम वैसा नहीं मिलेगा जैसा आप चाहते हैं. इसलिए चावल को अच्छी तरह फैलाकर सुखाना जरूरी है. साथ ही गर्म नमक को संभालते समय सावधानी रखें. कड़ाही और नमक दोनों काफी गर्म हो सकते हैं. मुरमुरे निकालते समय बच्चों को कड़ाही से दूर रखें और छलनी से छानते वक्त हाथों को गर्मी से बचाएं.

मुरमुरे बनाने का दूसरा तरीका
कुछ लोग चावल को पहले उबालकर भी मुरमुरा बनाने की कोशिश करते हैं. इस तरीके में चावल को उबालने के बाद अच्छी तरह सुखाया जाता है. जब चावल में नमी नहीं रहती तो उन्हें गर्म कड़ाही में थोड़े तेल के साथ चलाते हुए भुना जाता है. हालांकि, इस तरीके में चावल को सही तरह सुखाना और गर्मी को नियंत्रित करना जरूरी है.

घर के बने मुरमुरों से बनाएं कई स्नैक्स
तैयार मुरमुरों को आप सीधे भी खा सकते हैं या अपनी पसंद के हिसाब से मसाला मिलाकर नमकीन बना सकते हैं. प्याज, टमाटर, हरी चटनी और सेव के साथ इनसे झटपट भेल तैयार हो जाती है. गुड़ या चीनी के साथ मिलाकर मीठा स्नैक भी बनाया जा सकता है.



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सड़क पर खड़े ट्रेलर में घुसी कार, 7 की मौत: इतनी तेज टक्कर कि ट्रेलर के भी पहिए टूटकर अलग हो गए, गुजरात का मामला


भावनगर35 मिनट पहले

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भावनगर-सोमनाथ नेशनल हाईवे पर हुआ हादसा।

गुजरात के भावनगर-सोमनाथ नेशनल हाईवे पर मंगलवार को भीषण सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। हादसा शिव शक्ति होटल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार बोलेरो एसयूवी सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पीछे जा टकराई।

बोलेरो में अलंग शिपयार्ड के 7 कर्मचारी सवार थे। सभी काम के सिलसिले में भावनगर से अलंग शिपयार्ड जा रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि भारी-भरकम ट्रेलर तक के अगले पहिए टूटकर अलग हो गए थे। हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।

मृतकों की पहचान विजयभाई चंदुभाई वोरा, पीयूषभाई बिपिनचंद्र शाह, प्रितेशभाई बिपिनचंद्र भयाणी, भार्गवभाई गोसाई, हिरेनभाई मेहता और योगेशभाई शाह और जयेशभाई हिम्मतभाई वसानी के रूप में हुई है।

हादसे ती तीन तस्वीरें…

बोलेरो की टक्कर से ट्रेलर में बैठा ड्राइवर जमीन पर गिर गया।

बोलेरो की टक्कर से ट्रेलर में बैठा ड्राइवर जमीन पर गिर गया।

स्थानीय लोग बोलेरो में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश करते हुए।

स्थानीय लोग बोलेरो में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश करते हुए।

हादसे में घायल जयेशभाई को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इलाज से पहले ही उनकी भी मौत हो गई थी।

हादसे में घायल जयेशभाई को अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन इलाज से पहले ही उनकी भी मौत हो गई थी।

अस्पताल में हादसे का शिकार हुए लोगों के बिलखते परिजन।

अस्पताल में हादसे का शिकार हुए लोगों के बिलखते परिजन।

CCTV में कैद हुआ हादसा हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में तेज रफ्तार बोलेरो सड़क के बाईं ओर खड़े ट्रक से टकराती दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि टक्कर से ट्रेलर कुछ इंच तक खिसक जाता है और ट्रेलर में बैठा ड्राइवर जमीन पर गिर जाता है।

टक्कर से बोलेरो के अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। स्थानीय लोगों ने किसी तरह तीन के शव और एक घायल को निकाला। इसके बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीमों ने अन्य शव निकाले। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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सिवनी में सूत्र सेवा बस पलटी, एक यात्री की मौत:बम्होड़ी पेट्रोल पंप के पास 10 घायल; 5 की हालत गंभीर

सिवनी जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत छिंदवाड़ा-सिवनी नेशनल हाईवे पर मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे एक भीषण सड़क हादसा हो गया। बम्होड़ी पेट्रोल पंप के पास भोपाल से बालाघाट जा रही यात्रियों से भरी सूत्र सेवा बस सड़क के गड्ढे और ढलान के कारण अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। पूरी खबर पढ़ें…



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Vivo के दो तगड़े फोन भारत में लॉन्च, मिलेगी 10000mAh की दमदार बैटरी


Highlights

  • Vivo ने अपने NEXT 2026 इवेंट में कई तगड़े फोन लॉन्च किए हैं।
  • कंपनी ने अपना 10,000mAh बैटरी वाला पहला फोन Vivo S2 FE पेश किया है।
  • इसके अलावा Vivo V80 5G को भी भारत में लॉन्च किया गया है।

Vivo ने भारत में अपने दो मिड बजट के फोन पेश कर दिए हैं। वीवो के इन दोनों फोन की खास बात ये है कि इनमें दमदार बैटरी के साथ तगड़े फीचर्स दिए गए हैं। Vivo S2 FE और Vivo V80 को कंपनी ने भारत में पेश किया है। इसके साथ कंपनी ने अपने फोल्डेबल फोन Vivo X Fold 6 भी भारतीय बाजार में उतार दिया है। यही नहीं, कंपनी ने पहला मिक्स्ड रियलिटी हेडसेट भी शोकेस किया है।

Vivo S2 FE की कीमत

Vivo S2 FE को भारत में दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 6GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 128GB में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत 38,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 42,999 रुपये में आता है। इस फोन को Stellar Green, Titan Black और Zen White कलर ऑप्शन में लॉन्च किया गया है। इसकी सेल 20 अक्टूबर को फ्लिपकार्ट, अमेजन समेत सभी लीडिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेलर्स के पास आयोजित की जाएगी। कंपनी फोन की खरीद पर 10% इंस्टैंट कैशबैक और 10% एक्सचेंज बोनस ऑफर कर रही है।

  • 6GB RAM + 128GB – 38,999 रुपये
  • 8GB RAM + 128GB – 42,999 रुपये

Vivo V80 की कीमत

वीवो V सीरीज के इस फोन को कंपनी ने तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 8GB RAM + 512GB में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत 62,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 69,999 रुपये और 79,999 रुपये है। इस फोन को Stellar Black, Horizon Blue और Sunrise Anthem कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है। वीवो का यह फोन 13 अक्टूबर से फ्लिपकार्ट और कंपनी के ऑनलाइन स्टोर से खरीदा जा सकता है।

  • 8GB RAM + 128GB – 62,999 रुपये
  • 8GB RAM + 256GB – 69,999 रुपये
  • 8GB RAM + 512GB – 79,999 रुपये

Image Source : VIVOवीवो वी80 5जी

Vivo S2 FE के फीचर्स

वीवो का यह फोन हाल में लॉन्च हुए Vivo S2 का फैन एडिशन है। इस फोन में 6.83 इंच का 1.5K AMOLED Q10 डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 2000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 7300e चिपसेट पर काम करता है, जिसके साथ 8GB रैम और 128GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा।

इस स्मार्टफोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 50MP का मेन और 2MP का सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 32MP का कैमरा दिया गया है। यह स्मार्टफोन IP68 + IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने पर यह खराब नहीं होगा।










Vivo S2 FE फीचर्स
डिस्प्ले 6.83 इंच, 1.5K AMOLED, 120Hz
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 7300e
स्टोरेज 8GB, 128GB
बैटरी 10000mAh, 44W
कैमरा 50MP + 2MP, 32MP
OS Android 16, OriginOS 6

Vivo S2 FE में 10,000mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ 44W वायर्ड फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। यह Android 16 पर बेस्ड OriginOS 6 पर काम करता है। इसमें कनेक्टिविटी के लिए 5G, Wi-Fi, Bluetooth 5.4, USB Type-C, OTG, GPS, BeiDou, GLONASS, GALILEO और QZSS जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

Vivo V80 के फीचर्स

वीवो का यह फोन 6.59 इंच के AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। यह फोन Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट पर काम करता है। इसमें 8GB रैम और 512GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। यह Android 17 पर बेस्ड OriginOS 7 पर काम करता है।










Vivo V80 फीचर्स
डिस्प्ले 6.59 इंच, AMOLED, 144Hz
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4
स्टोरेज 8GB, 512GB
बैटरी 7200mAh, 90W
कैमरा 50MP + 50MP + 8MP, 50MP
OS Android 17, OriginOS 7

इस स्मार्टफोन के बैक में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP का OIS कैमरा दिया गया है। इसके साथ 50MP का टेलीफोटो OIS और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 50MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन 7,200mAh की बैटरी और 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। यह फोन IP68 + IP69 रेटेड है।

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अमेरिकी सैनिक को गोली मारकर मौत की सजा दी जाएगी: 65 साल में पहला ऐसा मामला; धार्मिक नारा लगाकर 13 लोगों को मार दिया था




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पूर्व अमेरिकी सैनिक निदाल हसन को गोली मारकर मौत की सजा देने का आदेश दिया है। पेंटागन ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। अगर हसन की सजा लागू होती है तो वह 1961 के बाद अमेरिकी सैन्य न्याय व्यवस्था के तहत मौत की सजा पाने वाला पहला व्यक्ति होगा। सैन्य व्यवस्था में आखिरी बार प्राइवेट जॉन ए. बेनेट को मौत की सजा दी गई थी। हसन ने 2009 में टेक्सास के सैन्य अड्डे पर धार्मिक नारा लगाते हुए गोलीबारी की थी, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। हमले के बाद माना- जिहाद के लिए किया 5 नवंबर 2009 को सेना के मनोचिकित्सक मेजर निदाल हसन निजी पिस्तौल लेकर फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पहुंचा और सैनिकों व अन्य लोगों पर अचानक गोलीबारी कर दी। यह अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हुई सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी थी। उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में युद्ध लड़ रहा था। हसन ने बाद में कहा कि वह इन युद्धों को गैरकानूनी और अनैतिक मानता था और जिहाद के लिए हमला किया था। गोलीबारी में हसन भी घायल हुआ और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गया। सैन्य अदालत में उसने हत्याओं की बात स्वीकार की। 2013 में उसे पहले से हत्या की योजना बनाने और हत्या की कोशिश के कुल 45 मामलों में दोषी ठहराया गया। हसन ने हमले पर कोई पछतावा नहीं जताया। सैन्य मानसिक स्वास्थ्य पैनल के सामने उसने कहा कि वह चाहता था कि हमले में उसकी भी मौत हो जाती, ताकि वह शहीद बन सके। उसका यह तक कहा कि मौत की सजा मिलने पर भी वह खुद को शहीद मानेगा। हमले से पहले कट्टर हुए थे धार्मिक विचार मेजर हसन का जन्म वर्जीनिया के अर्लिंगटन में फिलिस्तीनी मूल के मुस्लिम माता-पिता के घर हुआ था। उसने वर्जीनिया टेक में पढ़ाई की और 1997 में सैन्य मेडिकल स्कूल की ट्रेनिंग शुरू की। हमले से पहले के कुछ सालों में इस्लाम को लेकर उसके विचार कट्टर होते गए थे। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने अपने बयान में हसन के जिहादी मकसद का जिक्र करते हुए उसे आतंकवादी बताया। हालांकि, हसन पर आतंकवाद से जुड़ी धाराओं में मुकदमा नहीं चलाया गया था। राष्ट्रपति बुश ने भी सैन्य कैदी की मौत की सजा मंजूर की थी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने 2008 में प्राइवेट रोनाल्ड ए. ग्रे की मौत की सजा मंजूर की थी। ग्रे को 1980 के दशक में बलात्कार और हत्याओं की एक सीरीज में दोषी ठहराया गया था। लेकिन एक जज ने उसकी मौत की सजा पर रोक लगा दी थी। जज ने कहा था कि ग्रे को संघीय अदालत में अपील करने के लिए और समय मिलना चाहिए। 2026 तक ग्रे सैन्य डेथ रो में ही है। अमेरिकी सैन्य डेथ रो में फिलहाल चार कैदी मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं। सैन्य व्यवस्था में किसी कैदी को तब तक मौत की सजा नहीं दी जा सकती, जब तक राष्ट्रपति खुद उस सजा की पुष्टि न करें। हसन के मामले में ट्रम्प की मंजूरी के बाद अब सेना के सचिव को सजा की तारीख और जगह तय करनी है। इसके बाद भी कानूनी अपील के कारण सजा पर रोक लग सकती है। गोली मारकर अब तक सिर्फ 6 को मौत की सजा अमेरिका में मौत की सजा देने का सबसे आम तरीका इंजेक्शन है। 1976 में मौत की सजा दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक 1488 लोगों को इंजेक्शन के जरिए मौत दी जा चुकी है। इसके मुकाबले गोली मारकर सिर्फ 6 लोगों को मौत की सजा दी गई है। यानी यह तरीका अमेरिका में बेहद रेयर है। ———————- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिकी उपराष्ट्रपति बोले- हमलावर पायलट मुसीबत था: मालूम होने पर भी प्लेन क्यों उड़ाने दिया; ओमान बोला- किसी देश ने हमामी की जानकारी नहीं मांगी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार को कहा कि फ्लाईदुबई का को-पायलट हमाम अल-हमामी पहले से मुसीबत था। इसके बावजूद उसे पैसेंजर विमान उड़ाने की अनुमति कैसे मिली, यह सवाल उठता है। पूरी खबर पढ़ें…



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थप्पड़ कांड से बढ़ गया नगीना साहनी का राजनीतिक रसूख: शीर्ष नेतृत्व की नजर में आ गए; सहानुभूति मिली; टिकट की दावेदारी मजबूत हुई – Gorakhpur News




4 अक्टूबर को सपा की पत्रकारवार्ता में हुए थप्पड़ कांड ने किसी को फर्श पर पहुंचा दिया तो किसी के लिए अर्श पर पहुंचने का मार्ग प्रशस्त कर दिया। इस कांड के पीड़ित नगीना प्रसाद साहनी अपने राजनीतिक भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे थे लेकिन उनपर पड़े थप्पड़ ने अचानक उनका राजनीतिक रसूख बढ़ा दिया। गोरखपुर ग्रामीण सहित जिले की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावशाली मौजूदगी रखने वाले निषाद समाज में उनको लेकर सहानुभूति पैदा हो गई। ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट को लेकर उनकी दावेदारी पहले से थी लेकिन ऐसे कोई संकेत नहीं थे, जिससे उनकी दावेदारी को मजबूत माना जाता। लेकिन थप्पड़ कांड के बाद उनकी दावेदारी अब मजबूत हो गई है। राष्ट्रीय नेतृत्व की नजर में आ चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने घर पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना और साथ ही उनके बढ़े कद और राजनीतिक महत्व की ओर इशारा भी कर दिया। इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि या तो नगीना साहनी को टिकट मिलेगा या फिर संगठन में कोई महत्वपूर्ण पद। पहले जानिए क्या था थप्पड़ कांड 4 अक्टूबर को सपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के अंतर्गत पत्रकारवार्ता की। इसमें सपा के प्रमुख नेताओं को बुलाया गया था। वहां पूर्व जिलाध्यक्ष एवं गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से टिकट के दावेदार नगीना प्रसाद साहनी भी पहुंचे थे। इसी विधानसभा क्षेत्र से तैयारी कर रहे अंशुमान सिंह को भी बुलाया गया था। अपराह्न 2 बजे के करीब वह भी अपने पुत्र कमलेश व समर्थकों के साथ प्रेसक्लब पहुंचे। नगीना प्रसाद साहनी, लोकसभा का चुनाव लड़ चुकीं काजल निषाद के बगल में बैठे थे। काजल व नगीना प्रसाद साहनी की कुर्सियों के बीच में थोड़ा गैप था। अंशुमान सिंह के लिए कुर्सी लगाने के लिए उनके पुत्र कमलेश सिंह ने नगीना प्रसाद साहनी को कुर्सी खिसकाने को कहा। जिसके बाद जगह न होने का हवाला दिया गया। इसी बात पर बहस शुरू हो गई। नगीना प्रसाद साहनी भी कुर्सी से खड़े हो गए। वीडियो में कमलेश भी उनके पास आते दिखे। वहां भी बहस हुई और फिर कमलेश ने नगीना को थप्पड़ मार दिया। इसी के बाद से इस मामले ने तूल पकड़ लिया। मामले में राजनीति शुरू हो गई। थोड़ी ही देर में सपा प्रमुख ने अंशुमान सिंह को पार्टी से निकाल दिया।
इधर अधिवक्ताओं के साथ नगीना प्रसाद साहनी कैंट थाने पहुंचे और अंशुमान, उनके पुत्र कमलेश सिंह एवं अन्य पर एफआईआर दर्ज कराई। अगले ही दिन अखिलेश यादव ने गोरखपुर की जिला एवं महानगर कार्यकारिणी एवं सभी फ्रंटल संगठनों को भंग कर दिया। मामला निषाद समाज से जुड़ा होने के कारण भाजपा भी इस मामले में कूद पड़ी है। भाजपा के कई नेताओं ने इसे सपा की अराजकता के रूप में प्रस्तुत करना शुरू किया है। इधर, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद ने भी सपा कार्यालय घेरने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद सपा प्रमुख ने गोरखपुर की जिला व महानगर कार्यकारिणियों को भंग कर दिया। इसी बीच संजय निषाद का सुल्तानपुर में संबोधन का एक वीडिया आया, जिसमें वह हाथ उठाने वालों का हाथ काटने की बात कर रहे हैं। क्षत्रिय समाज ने इसे खुद से जोड़कर देखा है। अब नगीना साहनी के बारे में जानिए निषाद समाज से आने वाले नगीना साहनी नौसढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने गोरखपुर विश्वविद्यालय से एमए एवं एलएलबी किया है। वह छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। 1998 में वह गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्र संघ में कला संकाय प्रतिनिधि रहे। 1999 में उन्होंने छात्र संघ उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2008 में वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। 2009 में उन्हें गोरखपुर ग्रामीण सीट का प्रभारी बनाया गया। 2010 से 2012 तक वह सपा के जिला महासचिव रहे। 2013 से 2016 तक जिला उपाध्यक्ष रहे। मार्च 2020 में पार्टी ने उन्हें जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी। लेकिन 2021 में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा प्रत्याशी के नामांकन न कर पाने के चलते उन्हें सितंबर 2021 में पद से हटा दिया गया। उसके बाद उनके पास संगठन में कोई जिम्मेदारी नहीं थी। 2027 चुनाव के लिए वह गोरखपुर ग्रामीण सीट से दावेदारी कर रहे हैं। डा. संजय निषाद के कदम से बढ़ा नगीना का कद इस घटना के तुरंत बाद निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. संजय निषाद ने सपा को घेरना शुरू कर दिया। उन्होंने इसे निषाद समाज पर हमला बताते हुए कार्रवाई न होने पर सपा मुख्यालय घेरने की चेतावनी दे दी। जिसके बाद पार्टी ने इस कांड के आरोपी अंशुमान सिंह को पार्टी से निकाल दिया। अंशुमान भी गोरखपुर ग्रामीण से टिकट मांग रहे थे। उन्हें निकालने के साथ ही पार्टी ने निषाद समाज से आने वाले नगीना प्रसाद साहनी के साथ खुद को खड़ा दिखाया। संजय निषाद के बयानों का असर था कि डैमेज कंट्रोल के लिए सपा प्रमुख ने प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को नगीना साहनी के घर भेजा। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष ने इस मुलाकात को संयोग से शिष्टाचार भेंट बताया था लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि यह सोची-समझाी रणनीति थी। अब नगीना के लिए कुछ बेहतर करके अखिलेश निषाद समाज को संदेश दे सकते हैं। जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ वरिष्ठ पत्रकार शफी आजमी का कहना है कि इस थप्पड़ कांड के बाद समाजवादी पार्टी के एक्शन ने PDA समाज को संदेश देने का प्रयास किया है कि पार्टी किसी भी परिस्थिति में उनके साथ है। राजनीति में एक सही कदम अर्श तक पहुंचा देता है और एक गलत कदम फर्श पर पहुंचा देता है। इस कांड ने गोरखपुर राजनीति का सूरते हाल बदल दिया है। पीडीए समाज से होने के नाते निश्चित रूप से इसका फायदा नगीना साहनी को मिलेगा।



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धनौरा की चौपाल में चाचा-भतीजी ने दिया संदेश: पुलिस अधिकारी चाचा और RAS भतीजी ने लोकतंत्र-कानून व्यवस्था पर की बात – Dholpur News




धौलपुर के धनौरा गांव में पंचायत चुनाव से पहले हुई रात्रि चौपाल खास रही। यहां एक ही मंच पर चाचा-भतीजी ने ग्रामीणों को लोकतंत्र और कानून व्यवस्था का संदेश दिया। कंचनपुर थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने पुलिस की जिम्मेदारी संभालते हुए निष्पक्ष चुनाव का भरोसा दिलाया। उनकी भतीजी प्रशिक्षु RAS और सहायक जिला कलेक्टर प्रीती सिंह ने मतदाताओं से सीधा संवाद किया। निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की
एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर हुई इस चौपाल में प्रीती सिंह ने महिलाओं और युवा मतदाताओं से निर्भीक, निष्पक्ष और जागरूक होकर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में हर मतदाता की भूमिका अहम है। भयमुक्त चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार
थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह ने ग्रामीणों और संभावित प्रत्याशियों को साफ संदेश दिया कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह का दबाव, प्रलोभन या विवाद स्वीकार नहीं होगा। पुलिस-प्रशासन शांतिपूर्ण और भयमुक्त चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। चाचा-भतीजी का एक ही मंच पर होना चौपाल में चर्चा का विषय रहा। रिश्ते में चाचा और प्रशासनिक जिम्मेदारी में पुलिस अधिकारी-प्रशासक, दोनों ने अपने दायित्व से ग्रामीणों के बीच कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश दिया।



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