Thursday, May 21, 2026
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लाखों की नौकरी को मारी लात, बॉलीवुड में सस्पेंस से मचाया भौकाल! कहलाया ‘थ्रिलर किंग’


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हम जिस शख्सियत की बात कर रहे हैं, वे बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक हैं. उन्होंने फिल्मों के प्रति अपने जुनून के चलते एक शानदार कॉर्पोरेट करियर और मीडिया कंपनी के हेड का पद छोड़ दिया था. इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री रखने वाले स्टार ने 1999 में जोखिम उठाया और 2003 में ‘झंकार बीट्स’ से डेब्यू किया. हालांकि शुरुआती सफर में कुछ फिल्में फ्लॉप रहीं, लेकिन 2012 में आई ‘कहानी’ ने उन्हें सस्पेंस-थ्रिलर का मास्टर बना दिया.

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सुजॉय घोष का फिल्मी सफर.

नई दिल्ली: शानदार नौकरी छोड़कर फिल्मी दुनिया में अपनी अलग जगह बनाने वाले सुजॉय घोष की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. उन्होंने बॉलीवुड को सस्पेंस और थ्रिलर का एक नया नजरिया दिया. सुजॉय का जन्म कोलकाता में हुआ था, लेकिन महज 13 साल की उम्र में वो लंदन चले गए. उन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई वहीं से पूरी की और मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग और एमबीए की डिग्री ली. इसके बाद, उन्होंने एक बड़ी मीडिया कंपनी में ऊंचे पद पर काम करना शुरू किया, जहां वो साउथ एशिया के हेड बन गए थे.

सुजॉय एक शानदार करियर का आनंद ले रहे थे, लेकिन उनका दिल हमेशा कहानियों में ही बसता था. उन्हें बचपन से ही फिल्मों का जबरदस्त शौक था. उन्होंने इसी जुनून की वजह से साल 1999 में एक बड़ा जोखिम उठाया और अपनी जमी-जमाई नौकरी को अलविदा कह दिया, ताकि वो फिल्मों में अपनी किस्मत आजमा सकें. सुजॉय ने साल 2003 में फिल्म ‘झंकार बीट्स’ से निर्देशन की शुरुआत की. यह फिल्म आरडी बर्मन साहब को एक ट्रिब्यूट थी. हालांकि, फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कोई धमाका नहीं किया, लेकिन इसकी फ्रेश कहानी और शानदार संगीत ने सुजॉय को इंडस्ट्री में एक अलग पहचान दिला दी. लोगों को समझ आ गया कि यह डायरेक्टर कुछ हटकर सोचता है.

‘कहानी’ ने बदल दी तकदीर
शुरुआती सफलता के बाद सुजॉय को थोड़े मुश्किल दौर से भी गुजरना पड़ा. उनकी फिल्में ‘होम डिलीवरी’ और ‘अलादीन’ दर्शकों को खास पसंद नहीं आईं और फ्लॉप रहीं. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी राइटिंग पर काम करते रहे. वह एक ऐसी कहानी की तलाश में थे जो दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दे. फिर साल 2012 में आई फिल्म ‘कहानी’, जिसने सुजॉय की तकदीर ही बदल दी. विद्या बालन की इस फिल्म ने सस्पेंस-थ्रिलर के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. कोलकाता के बैकड्रॉप पर बनी इस फिल्म ने न सिर्फ नेशनल अवॉर्ड जीता, बल्कि सुजॉय को रातों-रात सस्पेंस फिल्मों का बेताज बादशाह बना दिया.

फिल्ममेकिंग में मनवाया लोहा
सुजॉय घोष ने ‘बदला’, ‘टाइपराइटर’ और ‘जाने जां’ जैसी बेहतरीन फिल्में और सीरीज दीं. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी फिल्म ‘बदला’ को भी लोगों ने खूब सराहा. दिलचस्प बात यह है कि सुजॉय सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं हैं, बल्कि आईपीएल टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का मशहूर एंथम ‘कोरबो लोरबो जीतबो रे’ भी उन्हीं की कलम से निकला है. आज सुजॉय घोष बॉलीवुड के उन चुनिंदा निर्देशकों में से हैं, जिनकी फिल्मों का दर्शक बेसब्री से इंतजार करते हैं. वह लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं और एक्टिंग के साथ-साथ लेखन में भी अपना लोहा मनवा रहे हैं. उनकी कहानी सिखाती है कि अगर आप अपने सपनों के पीछे भागने की हिम्मत रखते हैं, तो मंजिल मिल ही जाती है.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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मीन राशि वालों की आज चमक उठेगी किस्मत! ग्रहो की बरसेंगी कृपा, कारोबार में मिलेंगे सफलता


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Aaj Ka Meen Rashifal 21 May 2026: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छे परिणाम लेकर आएगा. पारिवारिक जीवन में प्रेम और आपसी सामंजस्य बना रहेगा. सेहत अच्छी रहेगी और आप पूरे दिन सक्रिय बने रहेंगे. समय पर संतुलित और पोषक आहार लेने से सेहत और बेहतर होगी.

मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन शुभ संकेत लेकर आया है. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम देखने को मिल सकता है और सफलता के नए रास्ते खुलेंगे. नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, वहीं पदोन्नति या सम्मान मिलने के भी योग बन रहे हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और निवेश से जुड़े फैसलों के लिए समय अनुकूल रहेगा. दिनभर सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह बना रहेगा.

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, आज गुरुवार का दिन मीन राशि के जातकों के लिए बेहद अनुकूल रहने वाला है. प्रेम जीवन में अपनापन और विश्वास बढ़ेगा, जिससे रिश्ते पहले से ज्यादा मजबूत और खुशहाल बनेंगे. पार्टनर के साथ बेहतर संवाद आपकी बॉन्डिंग को और गहरा करेगा.

मीन राशि वालों का करियर राशिफल
मीन राशि के जातकों के लिए आज करियर के क्षेत्र में तालमेल और सूझबूझ सफलता की कुंजी बनेगी. कार्यस्थल पर सहकर्मियों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपके अधूरे काम तेजी से पूरे हो सकते हैं. आपका धैर्य, सकारात्मक सोच और विनम्र व्यवहार लोगों को प्रभावित करेगा. टीम के साथ बेहतर समन्वय आपकी छवि को मजबूत बनाएगा और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं.

मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल
मीन राशि के व्यापारियों के लिए आज का दिन सफलता और लाभ के नए संकेत लेकर आया है. कारोबार में सकारात्मक बदलाव दिखाई देंगे और काम की रफ्तार बढ़ेगी. किसी विश्वसनीय मित्र या बिज़नेस पार्टनर के सहयोग से नए अवसर आपके सामने आ सकते हैं. साथ ही किसी बड़े प्रोजेक्ट या महत्वपूर्ण ऑर्डर मिलने के भी प्रबल योग बन रहे हैं, जो आपके व्यापार को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है.

मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल
मीन राशि के जातकों के लिए आज स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद अनुकूल दिन रहेगा. शरीर में ऊर्जा और ताजगी बनी रहेगी, वहीं पुराने रोगों से राहत मिलने के भी सकारात्मक संकेत हैं. समय पर संतुलित और पोषक आहार लेने से सेहत और बेहतर होगी. बच्चों का स्वास्थ्य भी सामान्य और सुदृढ़ रहेगा. कुल मिलाकर आज का दिन स्वास्थ्य के मामले में संतोष और प्रसन्नता देने वाला रहेगा.

मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफल
आज आर्थिक मामलों में आपके लिए सकारात्मक और लाभकारी परिस्थितियां बनती नजर आ रही हैं. Bधन संबंधी जरूरत पड़ने पर मित्रों और करीबी लोगों का पूरा सहयोग मिलेगा. पुराने निवेश से अच्छे लाभ के संकेत हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. साथ ही नए निवेश के अवसर भी सामने आ सकते हैं.यदि आप धैर्य और समझदारी के साथ फैसले लेते हैं, तो आने वाले समय में आपको इसके शानदार परिणाम और लाभ मिलने की संभावना है.

मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफल
मीन राशि के जातकों के लिए आज प्रेम और वैवाहिक जीवन खुशियों से भरा रहने वाला है. शादीशुदा लोगों के रिश्तों में अपनापन और तालमेल बढ़ेगा, जिससे संबंध और मजबूत होंगे. प्रेमी जोड़ों के लिए दिन रोमांस से भरपूर रहेगा और साथी के साथ बिताए पल खास बनेंगे. वहीं जो लोग अभी सिंगल हैं, उनके जीवन में नई शुरुआत के संकेत हैं, मनपसंद साथी से मुलाकात या प्रेम प्रस्ताव मिलने के योग बन रहे हैं.

मीन राशिफल वाले जरूर करें
यह उपाय आज आपके लिए लकी नंबर 4 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज देव गुरु ब्रह्मस्पति के मंदिर जाकर भगवान का पूजन करे. साथ ही गरीबों को पिली वस्तु का दान करें. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा.



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विदेशी महिला से 2.56 करोड़ की स्मैक, ड्रग्स खेप बरामद: मुंबई जा रही बस से पकड़ी गई अफ्रीकी मूल की महिला, ट्रॉली-बैग में छिपा रखे थे मेथामफेटामाइन, कोकीन, एमडीएमए – Jaipur News




जयपुर में राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) ने अफ्रीकी मूल की एक विदेशी महिला को भारी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई खुफिया सूचना के आधार पर की गई। बरामद मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2.56 करोड़ रुपये आंकी गई है। ट्रॉली बैग में निकली नशे की खेप डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, 19 मई को मुंबई जाने वाली एक बस में यात्रा कर रही विदेशी महिला को जयपुर में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया। इसके बाद महिला के ट्रॉली बैग की गहन जांच और तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने 2256 ग्राम मेथामफेटामाइन, 142 ग्राम कोकीन/मेथाक्वालोन और 46 ग्राम एमडीएमए (एक्स्टेसी टैबलेट) बरामद किए। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी महिला ने मादक पदार्थों को ट्रॉली बैग में रखे कपड़ों, तकिये के कवर और अन्य सामान में बेहद चतुराई से छिपाकर रखा था, ताकि जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला इन नशीले पदार्थों की तस्करी कर उन्हें अन्य राज्यों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआरआई ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। डीआरआई अधिकारियों का कहना है कि मामले में ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क, तस्करी में शामिल अन्य आरोपियों तथा अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किन राज्यों या नेटवर्क तक पहुंचाया जाना था।



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आज 17 हजार से अधिक देंगे लेखपाल की परीक्षा: गोरखपुर में बनाए गए है 39 केंद्र, CCTV से होगी निगरानी – Gorakhpur News




गोरखपुर में लेखपाल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आज यानी बृहस्पतिवार को होगा। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके लिए शहर में कुल 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए 17,832 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर केंद्राध्यक्ष के साथ एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई जाएगी। केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहेगा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ आयोजित कराया जाएगा।



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हनीट्रैप में श्वेता की करीबी बीजेपी नेता रेशु हिरासत में: वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत जुटाने में लगी जांच एजेंसियां; तीनों के टारगेट पर थे रसूखदार – Indore News




शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से एक करोड़ रुपए की वसूली के लिए धमकाने के मामले में सामने आए हनी ट्रैप-2 ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मामले की जांच अब सागर निवासी रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के इर्द-गिर्द घूम रही है, जिसे इस नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां कथित हनी ट्रैप वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, राजनीति में सक्रिय होने की महत्वाकांक्षा रखने वाली रेशू ने श्वेता विजय जैन के माध्यम से इंदौर की चर्चित लेडी तस्कर अलका दीक्षित से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई। निमाड़ के नेता को भी बनाया था निशाना जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। सूत्रों के मुताबिक, इस नेता का इंदौर स्थित मकान अलका दीक्षित के इलाके में है। जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया। इसके जवाब में अलका ने कथित हनी ट्रैप वीडियो दिखाते हुए कहा कि जिन बड़े लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनके वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। इसके बाद मामला भोपाल तक पहुंच गया। 19 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर बताया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से ही आजादनगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने दबिश देकर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, पार्टनर लाखन चौधरी, कथित पत्रकार जितेंद्र पुरोहित, श्वेता विजय जैन और संदेही हेड काॅन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र पुरोहित का एक रिश्तेदार पुलिस विभाग में पदस्थ है, जिसने अलका का उज्जैन में जमीन के सौदे को लेकर संपर्क कराया था। रेशू को भी बनाया आरोपी पुलिस ने बुधवार को श्वेता जैन और अलका दीक्षित के साथ रेशू उर्फ अभिलाषा को भी आरोपी बनाया। जानकारी के मुताबिक, रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है। क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि रेशू से पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वह अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। वहीं हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ हुई। पुलिस को अलका से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। श्वेता जैन ने खुद को बताया बेगुनाह पुलिस रिमांड के दौरान श्वेता जैन ने अधिकारियों को बताया कि अलका और रेशू दोनों उसके संपर्क में थीं। उसने अलका को समझाया था कि जिन लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद अलका नहीं मानी और उसने श्वेता को भी मामले में उलझा दिया। श्वेता ने खुद को सरकारी गवाह बनाने की इच्छा भी जताई है। वीडियो और डिजिटल सबूत जुटाने में पुलिस हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से रेशू की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक महिला अधिकारियों की टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस की प्राथमिकता रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त करने की है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है। कोर्ट पेशी के दौरान बनी थी साजिश सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन की अलका दीक्षित से जेल में दोस्ती हुई थी। कोर्ट पेशी के दौरान श्वेता, रेशू को लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना बनाई गई। रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेता, प्रॉपर्टी कारोबारी, फाइनेंसर, शराब कारोबारी और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर आसानी से रुपए ऐंठे जा सकते हैं।



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पति से झगड़े के बाद ससुराल से भागीं, बेटे के साथ पहुंची मायके, ‘गवाही’ ने बदल दी जिंदगी!


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दिग्गज एक्ट्रेस जीनत अमान ने सोशल मीडिया पर अपनी 1988 की फिल्म ‘गवाही’ से जुड़ी इमोशनल यादें बयां कीं. एक्ट्रेस ने बताया कि वह दौर उनकी शादीशुदा जिंदगी का सबसे मुश्किल समय था, जब वे मानसिक रूप से टूट चुकी थीं और बेटे अजान के साथ अपनी मां के घर रह रही थीं. उन्होंने मुश्किल वक्त में अपनी पहचान के लिए कम बजट की कोर्टरूम ड्रामा को चुना. कठिन सफर में उनकी मां ने उनके बेटे की जिम्मेदारी संभालकर उनका पूरा साथ दिया.

नई दिल्ली: बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्ट्रेस जीनत अमान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. वो अक्सर अपनी पुरानी यादें और अनसुने किस्से फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. उन्होंने हाल में अपनी 1988 की फिल्म ‘गवाही’ को याद किया और बताया कि कैसे यह फिल्म उनके निजी जीवन के एक बेहद कठिन दौर से जुड़ी हुई है.

जीनत ने खुलकर बात करते हुए बताया कि यह उस दौर की बात है जब उनके बड़े बेटे अजान का जन्म हो चुका था और छोटा बेटा जहान अभी होने वाला था. उस समय उन्हें लगता था कि शादी और परिवार उनकी जिंदगी को खुशियों से भर देंगे. लेकिन, धीरे-धीरे उनकी शादीशुदा जिंदगी में परेशानियां बढ़ने लगीं और वह मानसिक रूप से काफी टूट चुकी थीं.

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हालात इतने बिगड़ गए कि जीनत अपने बड़े बेटे अजान को साथ लेकर साउथ बॉम्बे अपनी मां के घर रहने चली गईं. वो पहले तो ग्लैमर की दुनिया से दूर जाना चाहती थीं, लेकिन जब निजी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ीं, तो उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें अपनी पहचान एक कलाकार के तौर पर वापस पानी होगी.

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कशमकश के बीच जीनत के पास फिल्म ‘गवाही’ का ऑफर आया. यह एक कम बजट की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म थी. इसके प्रोड्यूसर विवेक वासवानी और डायरेक्टर अनंत बलानी ने जीनत को कहानी इस तरह सुनाई कि उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के तनाव के बावजूद तुरंत फिल्म के लिए हां कह दिया.

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मुश्किल घड़ी में जीनत की मां उनके लिए सबसे बड़ी ढाल बनीं. मां ने न केवल जीनत को हौसला दिया, बल्कि उनके छोटे बेटे अजान की जिम्मेदारी भी पूरी तरह संभाल ली. जीनत का कहना है कि अगर उस वक्त उनकी मां का साथ न मिलता, तो शायद वो दोबारा कभी कैमरे के सामने नहीं लौट पातीं.

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फिल्म ‘गवाही’ में जीनत ने जाह्नवी कौल नाम की एक ऐसी महिला का रोल प्ले किया था, जिस पर मर्डर का इल्जाम होता है. उनका किरदार एक अमीर बिजनेसमैन की सेक्रेटरी का था, जिसे समाज ‘दूसरी औरत’ की नजर से देखता था. उस बिजनेसमैन की रहस्यमयी मौत के बाद पूरी कहानी कोर्ट के इर्द-गिर्द घूमती है.

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फिल्म की पूरी शूटिंग मुंबई में ही हुई थी और इसमें शेखर कपूर और आशुतोष गोवारिकर जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी काम किया था. जीनत ने बताया कि हाल में जब उन्होंने इस फिल्म को दोबारा देखा, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह फिल्म अपने समय से काफी आगे की थी.

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जीनत अमान के लिए ‘गवाही’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके खुद को दोबारा समेटने और खड़े होने की कहानी है. एक्ट्रेस का पोस्ट बताता है कि पर्दे पर हमेशा मुस्कुराने वाले सितारों के पीछे भी एक स्ट्रगल छिपा होता है, जिससे लड़कर वो और मजबूत बनते हैं.

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घर पर खत्म हो गयी सब्जियां, तो प्याज से बनाएं ये 3 तरह की सब्जी, शेफ ने की रेसिपी


 


Pyaz Sabji Recipe: अगर आपके घर में सब्जियां न हों तो आप क्या करते हैं? अगर गर्मी के कारण आप रसोई से दूर रहना चाहते हैं तो आप क्या करते हैं? आप इन 3 प्याज की सब्जियों को आजमा सकते हैं, और हर सब्जी 10 मिनट में बन सकती है! ये न केवल झटपट बनने वाली रेसिपी है, बल्कि आसान भी हैं. इतना ही नहीं स्वादिष्ट और स्वाद में भी लाजवाब होती है.पंकज भदौरिया ने इस वीडियो में दही, मलाई और बेसन के साथ प्याज की सब्जी बनाने की रेसिपी शेयर की है. जिसे आप कभी भी बना सकते हैं.

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मेहरानगढ़ का वो शाही कक्ष, दीवारों पर सोना…पहली नजर में ठहर जाती हैं निगाहें


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Jodhpur Famous Palace: जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किला में स्थित फूल महल आज भी राजपूताना वैभव और शाही संस्कृति की अनोखी झलक दिखाता है. सोने की कारीगरी, शीशों की सजावट, भव्य चित्रकारी और बारीक नक्काशी से सजा यह महल पर्यटकों को खास आकर्षित करता है. कभी राजाओं के निजी दरबार और विशेष मेहमानों के स्वागत का केंद्र रहा.

जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले में स्थित फूल महल अपनी भव्यता और शाही सजावट के कारण पर्यटकों को पहली नजर में ही आकर्षित कर लेता है. यह महल राजसी ठाठ, सुनहरी कलाकारी और पारंपरिक राजपूत स्थापत्य का शानदार उदाहरण माना जाता है. महल के भीतर प्रवेश करते ही दीवारों और छतों पर बनी बारीक नक्काशी लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है. सोने की परत और शीशों की सजावट इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है. यहां का माहौल आज भी राजघराने के गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाता है. यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस शाही हॉल को देखने जरूर पहुंचते हैं.

जोधपुर

फूल महल का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराजा अभय सिंह ने करवाया था. उस समय इस महल का उपयोग राजपरिवार के निजी विश्राम और खास मेहमानों के स्वागत के लिए किया जाता था. महल के हर हिस्से में उस दौर की शाही जीवनशैली साफ दिखाई देती है. भव्य दरबार शैली में बने इस कक्ष में कभी संगीत सभाएं और विशेष आयोजन भी आयोजित होते थे. इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान मारवाड़ की विरासत को करीब से महसूस करने का अवसर देता है. आज भी यह हॉल राजपूताना गौरव की अनमोल धरोहर माना जाता है.

जोधपुर

फूल महल की सबसे बड़ी खासियत इसकी आकर्षक कलाकृतियां और रंगीन भित्तिचित्र हैं. दीवारों और छतों पर बने चित्र राजपूत काल की परंपराओं, युद्धों और सांस्कृतिक आयोजनों को दर्शाते हैं. महल में मौजूद बारीक शीशा कार्य और सजावटी डिजाइन पर्यटकों को लंबे समय तक अपनी ओर खींचे रखते हैं. यहां की हर दीवार मानो इतिहास की कोई कहानी सुनाती नजर आती है.

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जोधपुर

महल के भीतर रखा चंदन की लकड़ी से बना विशेष शाही आकर्षण पर्यटकों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचता है.हाथीदांत, सोने और कीमती पत्थरों से सजा यह हिस्सा कभी राजसी मेहमानों के स्वागत का केंद्र हुआ करता था. इसकी बारीक कारीगरी उस समय के कलाकारों की अद्भुत कला को दर्शाती है. पर्यटक यहां पहुंचकर इसकी नक्काशी और डिजाइन को बेहद करीब से निहारते हैं.कई लोग इसे फूल महल का सबसे आकर्षक हिस्सा मानते हैं. पारंपरिक राजस्थानी कला का यह अद्भुत नमूना फोटोग्राफी प्रेमियों के बीच भी काफी लोकप्रिय है. शाम की रोशनी में चमकती सुनहरी सजावट इसकी खूबसूरती को और खास बना देती है. कई पर्यटक यहां पहुंचकर लंबे समय तक इसकी कलाकृतियों और नक्काशी को निहारते रहते हैं.

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महल के भीतर रखा चंदन की लकड़ी से बना विशेष शाही आकर्षण भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है. हाथीदांत, सोने और कीमती पत्थरों से सजा यह हिस्सा कभी राजसी मेहमानों के स्वागत का केंद्र माना जाता था. इसकी बारीक कारीगरी उस समय के कलाकारों की अद्भुत कला को दर्शाती है. कई लोग इसे फूल महल का सबसे आकर्षक हिस्सा बताते हैं.

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फूल महल आज जोधपुर आने वाले पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल हो चुका है. यहां पहुंचने वाले लोग राजसी स्थापत्य और ऐतिहासिक विरासत को करीब से महसूस करते हैं. शाम ढलते ही महल की खूबसूरती और भी ज्यादा निखरकर सामने आती है. सुनहरी रोशनी में चमकती दीवारें, शीशों की सजावट और कलात्मक छतें लोगों को अलग ही अनुभव कराती हैं.

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फूल महल केवल एक शाही कक्ष नहीं, बल्कि मारवाड़ की समृद्ध संस्कृति और इतिहास का जीवंत प्रतीक माना जाता है. इसकी भव्य वास्तुकला और पारंपरिक सजावट आज भी लोगों को राजपूत काल की याद दिलाती है. जोधपुर शहर से मेहरानगढ़ किले तक आसानी से स्थानीय परिवहन उपलब्ध हो जाता है. वहीं शाम के समय किले से दिखाई देने वाला नीले शहर का दृश्य भी पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है. यही वजह है कि फूल महल आज जोधपुर पर्यटन की खास पहचान बन चुका है.

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UPI ने बदल डाला गेम! कई क्रेडिट कार्ड रखने लोग, SBI Card रिपोर्ट में खुलासा


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कभी वह दौर था जब लोग क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ कोई बहुत बड़ा सामान खरीदने, हवाई जहाज का टिकट बुक करने या किसी इमरजेंसी के समय ही करते थे. लेकिन अब ग्रोसरी लेना हो, गाड़ी में पेट्रोल भरवाना हो या बिजली का बिल देना हो, हर जगह क्रेडिट कार्ड की एंट्री हो चुकी है. एसबीआई कार्ड (SBI Card) की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि भारतीय न सिर्फ ज्यादा क्रेडिट कार्ड रख रहे हैं, बल्कि उनके इस्तेमाल करने का तरीका भी पूरी तरह बदल गया है.

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हर छोटे-बड़े खर्च के लिए क्रेडिट कार्ड यूज कर रहे हैं भारतीय (फोटो- एआई)

नई दिल्ली. अब भारत में क्रेडिट कार्ड सिर्फ बड़े खर्च के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है. एसबीआई कार्ड (SBI Card) की ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि लोग किराना, पेट्रोल और छोटे UPI पेमेंट तक क्रेडिट कार्ड से करने लगे हैं. इतना ही नहीं, अब एक ही नहीं बल्कि अलग-अलग जरूरतों के लिए कई क्रेडिट कार्ड रखने का ट्रेंड भी तेजी से बढ़ रहा है. खास बात यह है कि छोटे शहरों के लोग भी यूपीआई से लिंक होने वाले क्रेडिट कार्ड का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे देश का पूरा क्रेडिट कल्चर बदलता नजर आ रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय न सिर्फ ज्यादा क्रेडिट कार्ड रख रहे हैं, बल्कि उनके इस्तेमाल करने का तरीका भी पूरी तरह बदल गया है. वित्त वर्ष 2026 (FY26) में भारत में करीब 11.86 करोड़ क्रेडिट कार्ड चलन में थे और इनके जरिए 23.62 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए.

1. UPI और क्रेडिट कार्ड का मेल, रोजमर्रा के खर्च हुए आसान
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह है रुपे क्रेडिट कार्ड का UPI से जुड़ना. अब लोग दुकान पर जाकर सिर्फ QR कोड स्कैन करते हैं और पेमेंट हो जाता है. देखने में यह आम डिजिटल पेमेंट जैसा लगता है, लेकिन असल में पैसा बैंक अकाउंट से कटने के बजाय क्रेडिट कार्ड से कटता है. एसबीआई कार्ड के मुताबिक, UPI से जुड़े कार्ड्स का इस्तेमाल हर तिमाही 10 फीसदी से ज्यादा की रफ्तार से बढ़ रहा है.

2. छोटे शहरों और कस्बों का जलवा
पहले माना जाता था कि क्रेडिट कार्ड सिर्फ बड़े महानगरों के अमीर लोगों की चीज है. लेकिन रिपोर्ट बताती है कि अब छोटे शहर और कस्बे इसमें आगे निकल रहे हैं.  UPI पर क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले लगभग 77% लोग और इसके जरिए होने वाले कुल खर्च का 81% हिस्सा छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3) से आ रहा है.

3. एक नहीं, जेब में कई-कई कार्ड्स
आज का उपभोक्ता काफी समझदार हो गया है. लोग अब किसी एक क्रेडिट कार्ड पर निर्भर नहीं रहते. वे अपने अलग-अलग खर्चों के हिसाब से कई कार्ड रखते हैं. जैसे- ट्रेवल के लिए अलग कार्ड, पेट्रोल के लिए अलग, और ऑनलाइन शॉपिंग या डिस्काउंट ऑफर्स के लिए अलग कार्ड. लोग अब रिवॉर्ड पॉइंट्स और कैशबैक का पूरा फायदा उठाना सीख गए हैं.

4. EMI पर सामान खरीदने का बढ़ता क्रेज
मोबाइल फोन, गैजेट्स या घर का कोई बड़ा इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना हो, तो लोग अब एक बार में पूरा पैसा देने के बजाय EMI का ऑप्शन चुन रहे हैं. छोटे शहरों में भी EMI का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है. इससे लोगों के लिए महंगे सामान खरीदना आसान हो जाता है और उनके बजट पर एक साथ बोझ नहीं पड़ता.

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विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



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सुबोध कुशवाहा आरएलएम कटिहार प्रखंड अध्यक्ष निर्वाचित: शांतिपूर्ण चुनाव में निर्विरोध चयनित – Katihar News




राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) की कटिहार प्रखंड इकाई के अध्यक्ष पद का चुनाव बुधवार को आनंद भवन में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव में सुबोध कुशवाहा को निर्विरोध प्रखंड अध्यक्ष चुना गया। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान, निर्वाचन पदाधिकारी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन आमंत्रित किए। हालांकि, सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से सुबोध कुशवाहा के नाम पर सहमति जताई। इसके बाद, सुबोध कुशवाहा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसमें पुतुल देवी प्रस्तावक और अमन कुमार समर्थक के रूप में शामिल थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जिला संयोजक और निर्वाचन पदाधिकारी ने सुबोध कुशवाहा को प्रखंड अध्यक्ष का प्रमाण पत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने माला और बुके भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर, जिला संयोजक उमाकांत आनंद ने बताया कि सुबोध कुशवाहा पहले भी कटिहार प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी। आनंद ने यह भी जानकारी दी कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की नीतियों और विचारों से प्रभावित होकर सहदेव कुशवाहा के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सभी नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। बैठक में कटिहार प्रखंड के सभी पंचायत अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला निर्वाचन पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह, जिला संयोजक उमाकांत आनंद और प्रखंड निर्वाचन पर्यवेक्षक पिंकू कुमार मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी दयानंद कुशवाहा ने की।



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