Thursday, July 2, 2026
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गोरखपुर में शुक्रवार को कई इलाकों में होगी बिजली कटौती: 4 से 5 घंटे तक सप्लाई ठप रहेगी, रोड चौड़ीकरण-पोल शिफ्टिंग का होगा काम – Gorakhpur News




गोरखपुर में गुरुवार की रात 9 बजे बिजली विभाग ने कल यानी शुक्रवार को होने वाली कटौती की सूचना जारी की। शहर के कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण, लाइन और पोल शिफ्टिंग के कार्य के चलते कल यानी शुक्रवार को 4 से 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने पहले से शटडाउन की सूचना जारी कर उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। बक्शीपुर और दीवान बाजार में नहीं रहेगी बिजली बिजली विभाग के अनुसार बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दीवान बाजार और बक्शीपुर 11 KV फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। उपखंड अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। करीमनगर और रेल विहार फीडर भी रहेंगे बंद राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली आपूर्ति भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। इस दौरान इन फीडरों से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में भी रहेगा पांच घंटे का शटडाउन रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शहर के अन्य कई उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों पर भी शटडाउन लिया जाएगा। इनमें इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र का पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र का हनुमंत नगर फीडर, नईयापार उपकेंद्र का रजही फीडर, रायगंज उपकेंद्र का पोछिया-2 फीडर, खोराबार उपकेंद्र का सूबा बाजार फीडर तथा 33 KV खोराबार लाइन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील बिजली विभाग ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइनों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने के लिए यह शटडाउन जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग का कहना है कि कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी।



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पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में 2246 करोड़ के निवेश को मंजूरी: अगले 5 सालों में ₹20 हजार करोड़ के निर्यात का लक्ष्य; फार्मा कंपनियां करेंगी बड़ा निवेश – Indore News




पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के दूसरे चरण में 2246 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन निवेशों से लगभग 1900 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अगले पांच वर्षों में करीब 20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात की संभावना है। यह जानकारी मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति ने दी। उन्होंने बताया कि डेवलपमेंट कमिश्नर, एसईजेड की अध्यक्षता में आयोजित स्वीकृति समिति की वित्तीय वर्ष की पहली बैठक में इन निवेश प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। सभी निवेश पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। फार्मा सेक्टर का रहेगा दबदबा स्वीकृत निवेश प्रस्तावों में फार्मास्युटिकल क्षेत्र की कंपनियों की प्रमुख भागीदारी है। इनमें अजंता फार्मा का विस्तार और नई यूनिट की स्थापना शामिल है। इसके अलावा फेलिक्स जेनेरिक्स और शंकर न्यूट्रिकॉन जैसी कंपनियां भी नए निवेश के साथ अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगी। निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा एमपीआईडीसी के अनुसार इन नई इकाइयों के शुरू होने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पीथमपुर एसईजेड का निर्यात प्रदर्शन भी मजबूत होगा। अनुमान है कि आगामी पांच वर्षों में इन इकाइयों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात होगा। औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा पीथमपुर प्रजापति ने कहा कि पीथमपुर एसईजेड निवेशकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नई परियोजनाओं के आने से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा और प्रदेश फार्मा एवं विनिर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।



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मोहर्रम में कट्टा लहराने वाले का पिता गिरफ्तार: हथियार छुपाने का आरोप, पूर्णिया पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेजा; मुख्य आरोपी फरार – Purnia News




पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में मोहर्रम के दौरान भीड़भाड़ वाली जगह पर कट्टा लहराने और फायरिंग करने का एक वीडियो सामने आया था। अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लेकिन मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। व्हाट्सएप पर मिला था वीडियो मीरगंज थानाध्यक्ष रौशन सिंह को व्हाट्सएप पर फायरिंग का वायरल वीडियो प्राप्त हुआ था। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वीडियो का सत्यापन कराया गया, जिसमें फायरिंग करने वाले की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद आशिक, पिता मोहम्मद जुद्दीन साह के रूप में हुई। आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला वीडियो के आधार पर मीरगंज थाना में कांड संख्या 80/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी), 26 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को उसके घर पर छापेमारी की। घर से बरामद हुआ देसी कट्टा छापेमारी के दौरान मोहम्मद आशिक घर पर नहीं मिला और फरार पाया गया। हालांकि, पुलिस ने उसके घर से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया। हथियार छिपाकर रखने के आरोप में उसके पिता मोहम्मद जुद्दीन साह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मुख्य आरोपी की तलाश जारी मीरगंज थाना प्रभारी रौशन सिंह ने बताया कि कट्टा लहराकर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।



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3.5 लाख कर्मचारियों की जानकारी होगी जांच के बाद लॉक: बिना परमिशन के नहीं होगा बदलाव; गलत सूचना पर शिक्षा विभाग करेगा कार्रवाई – Tonk News




स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब हर कार्मिक को शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज अपनी पूरी जानकारी खुद जांचनी होगी और उसे प्रपत्र-10 में लॉक करना होगा। इसके बाद विभाग उस जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान करेगा। टोंक समेत पूरे प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख कार्मिक इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके आदेश जारी किए हैं। अगर कोई कार्मिक तय प्रक्रिया पूरी नहीं करता या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई तक अपनी पूरी जानकारी जांचकर करनी होगी लॉक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्टाफ लॉगिन में जाकर स्टाफ प्रोफाइल के तहत उपलब्ध प्रपत्र-10 की सभी जानकारियां अपनी सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अनुसार जांचेंगे। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक, सेवा, पदोन्नति, पारिवारिक, बैंक, प्रशिक्षण समेत 15 अलग-अलग फॉर्मेट को 10 जुलाई तक लॉक करना होगा। 15 जुलाई तक अधिकारी करेंगे रिकॉर्ड से मिलान कार्मिक द्वारा जानकारी लॉक करने के बाद उसकी जांच होगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों में पीईईओ और यूसीईईओ, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान प्रपत्र-10 में दर्ज जानकारी का सेवा रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष यह सत्यापन करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में हमेशा के लिए रखा जाएगा प्रपत्र सत्यापन पूरा होने के बाद प्रपत्र-10 की प्रिंट कॉपी निकाली जाएगी। इस पर कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर होंगे और इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा। इसमें सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम और तारीख भी दर्ज होगी। यह दस्तावेज रिकॉर्ड का स्थायी हिस्सा रहेगा। बाद में यदि किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसकी संशोधित प्रति भी रिकॉर्ड में जोड़नी होगी। लॉक होने के बाद सीधे नहीं बदल सकेंगे रिकॉर्ड एक बार प्रपत्र-10 लॉक और सत्यापित होने के बाद उसमें सीधे कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि भविष्य में किसी जानकारी में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो संस्था प्रधान या कार्यालयाध्यक्ष को संबंधित ब्लॉक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर पहले प्रपत्र-10 अनलॉक कराना होगा। इसके बाद ही नई जानकारी दर्ज कर दोबारा लॉक और सत्यापन किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सभी कार्मिकों को जानकारी सावधानी से भरने और जांचने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम जो कर्मचारी नियम-144 (क) के तहत दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें भी शाला दर्पण के स्टाफ लॉगिन से अपनी जानकारी भरनी होगी। उनके प्रपत्र-10 का सत्यापन उनके अंतिम विद्यालय या कार्यालय के संस्था प्रधान, कार्यालयाध्यक्ष या पीईईओ द्वारा किया जाएगा। रिकॉर्ड और पोर्टल की जानकारी एक जैसी करना है उद्देश्य शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया – विभाग चाहता है कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाएं। इसी उद्देश्य से सभी कार्मिकों को पहले अपनी जानकारी जांचकर लॉक करने और फिर विभागीय स्तर पर उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।



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बरसात में कीड़ों से बचाना है बेसन और सूजी? अपनाएं ये आसान और असरदार किचन हैक्स


Monsoon Kitchen Tips: बरसात का मौसम आते ही रसोई में रखी कई जरूरी चीजों की देखभाल पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है. खासकर बेसन, सूजी और मैदा जैसी सूखी सामग्री, जिनका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है. कभी गरमा-गरम पकौड़े बनाने हों, मीठा हलवा तैयार करना हो या फिर केक और पूरी बनानी हो, ये तीनों चीजें किचन की जरूरत हैं. लेकिन बारिश के दिनों में हवा में बढ़ी नमी इनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है.

थोड़ी-सी लापरवाही के कारण इनमें कीड़े लग सकते हैं, बदबू आने लगती है या फिर इनका स्वाद और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप इन्हें लंबे समय तक ताजा, सुरक्षित और इस्तेमाल के लायक रख सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे आसान किचन हैक्स, जो हर घर के लिए बेहद काम के साबित हो सकते हैं.

बारिश में क्यों जल्दी खराब हो जाते हैं बेसन, सूजी और मैदा?
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. यही नमी धीरे-धीरे किचन में रखे सूखे खाद्य पदार्थों तक पहुंच जाती है. यदि डिब्बा ठीक से बंद न हो या बार-बार खुलता रहे, तो हवा के संपर्क में आने से इनमें नमी जमा होने लगती है. यही नमी बाद में फफूंदी, बदबू और कीड़ों की वजह बन जाती है. कई लोग यह सोचकर बड़ी मात्रा में बेसन या मैदा खरीद लेते हैं कि बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन सही स्टोरेज न होने पर यह बचत नुकसान में बदल सकती है.

फ्रिज या फ्रीजर में रखना सबसे आसान उपाय
एयर टाइट कंटेनर का करें इस्तेमाल
अगर आप चाहते हैं कि बेसन, सूजी और मैदा लंबे समय तक सुरक्षित रहें, तो इन्हें पहले अच्छी तरह सूखे और साफ एयर टाइट कंटेनर में भरें. इसके बाद जरूरत के अनुसार इन्हें फ्रिज या फ्रीजर में रखा जा सकता है. ठंडे वातावरण में नमी का असर काफी कम हो जाता है, जिससे कीड़े लगने की संभावना भी घट जाती है. खासतौर पर अगर आपने बड़ी मात्रा में सामान खरीदा है, तो यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है.

पुदीने की सूखी पत्तियां रखें, कीड़े रहेंगे दूर
घरेलू नुस्खा जो आज भी कारगर है
पुराने समय से ही कई घरों में सूखी पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता रहा है. इनकी प्राकृतिक खुशबू कई तरह के छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों. गीली पत्तियां रखने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है.

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तेजपत्ता भी है बेहतरीन विकल्प
प्राकृतिक खुशबू से मिलता है संरक्षण
अगर आपके घर में तेजपत्ता मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है. कंटेनर में तीन से चार तेजपत्ते रख देने से कीड़ों के आने की संभावना कम हो जाती है. यह उपाय आसान होने के साथ-साथ पूरी तरह प्राकृतिक भी है और किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता.

नीम की सूखी पत्तियां भी आएंगी काम
नीम को प्राकृतिक कीटरोधी माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग आज भी अनाज और दालों को सुरक्षित रखने के लिए इसकी सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. यदि आप बेसन, सूजी या मैदा के डिब्बे में अच्छी तरह सूखी नीम की पत्तियां रखते हैं, तो उनमें कीड़े लगने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. बस यह ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों और उनमें नमी बिल्कुल न हो.

सूजी और बेसन को हल्का भूनकर करें स्टोर
स्टोरेज से पहले अपनाएं यह छोटी-सी ट्रिक
यदि आप सूजी और बेसन का लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन्हें हल्की आंच पर कुछ मिनट भूनकर पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद एयर टाइट डिब्बे में भर दें. ऐसा करने से इनमें मौजूद अतिरिक्त नमी निकल जाती है और इनके खराब होने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि मैदा को भूनने की जरूरत नहीं होती. उसे सीधे साफ और सूखे डिब्बे में स्टोर करना चाहिए.

साफ और सूखा कंटेनर ही करें इस्तेमाल
अक्सर लोग नया सामान पुराने डिब्बे में ही भर देते हैं, जबकि उसमें पहले से हल्की नमी या पुराने आटे के कण मौजूद हो सकते हैं. यही छोटी-सी गलती बाद में पूरे सामान को खराब कर सकती है. इसलिए हर बार कंटेनर को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. इसके बाद ही नया बेसन, सूजी या मैदा उसमें भरें. साथ ही हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें.

छोटी-छोटी आदतें बचा सकती हैं बड़ा नुकसान
कई बार लोग गीले हाथों से डिब्बा खोलते हैं या इस्तेमाल के बाद उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं करते. ऐसी छोटी गलतियां धीरे-धीरे नमी बढ़ा देती हैं. अगर परिवार में रोजाना इन चीजों का इस्तेमाल होता है, तो कोशिश करें कि बड़े डिब्बे की बजाय थोड़ा-थोड़ा सामान अलग डिब्बे में निकालकर रखें. इससे मुख्य स्टॉक बार-बार हवा के संपर्क में नहीं आएगा और ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेगा. बरसात में नमी के कारण बेसन, सूजी और मैदा जल्दी खराब हो सकते हैं. एयर टाइट डिब्बा, फ्रिज स्टोरेज, तेजपत्ता, नीम और सूखी पुदीने की पत्तियों जैसे आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी शिफ्टिंग ट्रायल फेज में: राजीव गांधी अस्पताल में शुरू हुई नई व्यवस्था, न्यूरोसर्जरी और ऑर्थोपेडिक की पहली सफल सर्जरी – New Delhi News




नई दिल्ली। गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अब ट्रायल चरण में पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग ने चरणबद्ध तरीके से सेवाओं के स्थानांतरण की शुरुआत करते हुए नए इमरजेंसी ब्लॉक में मरीजों की भर्ती और चिकित्सा व्यवस्थाओं का परीक्षण शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवाओं के पूर्ण स्थानांतरण के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। गुरुवार को नए ऑपरेशन थिएटर कॉम्प्लेक्स में दो सफल सर्जरी भी की गईं। इनमें एक न्यूरोसर्जरी और एक ऑर्थोपेडिक ऑपरेशन शामिल रहा। इमरजेंसी ब्लॉक में 24 घंटे लैब सुविधा अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इन सफल प्रक्रियाओं से नए परिसर की तकनीकी और चिकित्सीय तैयारियों की पुष्टि हुई है। स्थानांतरण योजना के तहत मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक और ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित की जाएंगी। मरीजों की जांच प्रभावित न हो, इसके लिए नए इमरजेंसी ब्लॉक में 24 घंटे लैब सेवाएं भी जीटीबी अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार ट्रायल रन के दौरान बुनियादी ढांचे, क्लीनिकल वर्कफ्लो और सहयोगी सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। यदि सभी व्यवस्थाएं तय मानकों पर सफल रहीं तो 7 जुलाई तक इमरजेंसी सेवाओं का पूरा संचालन नए अस्पताल से शुरू कर दिया जाएगा।



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iPhone 17 सीरीज की घटी डिमांड, Apple ने लिया बड़ा फैसला


iPhone 17 सीरीज के लॉन्च हुए कई महीने बीत चुके हैं। कंपनी ने अब इस सीरीज के प्रोडक्शन में कटौती करने का फैसला कर लिया है। यह सीरीज पिछले साल सितंबर में भारत समेत ग्लोबल मार्केट में पेश हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 17 की लगातार कम हो रही डिमांड की वजह से एप्पल ने इसके प्रोडक्शन में कटौती करने का फैसला किया है। इस सीरीज के प्रोडक्शन में कंपनी ने फिलहाल 15 प्रतिशत की कटौती कर दी है।

सितंबर में लॉन्च होगी नई सीरीज

एप्पल सितंबर में iPhone 18 सीरीज लॉन्च करने वाला है। नई सीरीज लॉन्च से पहले पिछली सीरीज के प्रोडक्शन को कम कर दिया है, ताकि नई सीरीज पर फोकस किया जा सके। हर साल कंपनी जब भी नई सीरीज लॉन्च करने वाली होती है तो पुरानी सीरीज के प्रोडक्शन को धीरे-धीरे कर कर देती है। 

चीनी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Weibo पर एक टिप्स्टर ने दावा किया है कि Xiaomi ने भी अपने फ्लैगशिप फोन के पुराने मॉडल की प्रोडक्शन में 20 से 30 प्रतिशत की कटौती की है। वहीं अन्य चीनी ब्रांड्स जैसे कि Oppo, Vivo, Honor को भी शिपमेंट में 15 से 30 प्रतिशत की कमी का अंदेशा है, जिसे लेकर प्रोडक्शन में कटौती की जा रही है।

iPhone 17 बना बेस्ट सेलिंग फोन

ग्लोबल रिसर्च फर्म Counterpoint की रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 17 साल की पहली तिमाही में दुनिया का बेस्ट सेलिंग स्मार्टफोन रहा है। इस फोन का ग्लोबल मार्केट शेयर 6 प्रतिशत रहा है। वहीं, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max भी साल की पहली तिमाही में क्रमशः दूसरे और तीसरे बेस्ट सेलिंग फोन रहे हैं।

वहीं, एक और रिसर्च फर्म TrendForce के मुताबिक, एप्पल का प्रोडक्शन ग्रोथ साल-दर-साल 19.7 प्रतिशत रहा है। iPhone 17e के लॉन्च के बाद इसमें और बढ़ोतरी हुई है। एप्पल ने पिछले दिनों अपने की प्रोडक्ट्स की कीमत में इजाफा किया है, जिनमें iPad, Mac जैसे डिवाइसेज शामिल हैं। कंपनी ने अब तक iPhone की कीमत में इजाफा नहीं किया है। हालांकि, रिपोर्ट की माने तो एप्पल की अपकमिंग iPhone 18 सीरीज को कंपनी पिछली iPhone 17 सीरीज के मुकाबले ज्यादा प्राइस में लॉन्च करेगा।

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बियर बनाने वाली विदेशी कंपनी का तगड़ा प्‍लान, 6600 करोड़ जुटाने की तैयारी


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Carlsberg India Ipo : डेनमार्क की बियर कंपनी कार्ल्‍सबर्ग इंडिया ने भारतीय बाजार में अपनी यूनिट को लिस्‍ट कराने का प्‍लान बनाया है. कंपनी आईपीओ के जरिये 6,600 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है. कार्ल्‍सबर्ग की भारतीय ब्रेवरेज बाजार पर 22 फीसदी हिस्‍सेदारी और यह दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है.

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कार्ल्‍सबर्ग इंडिया का आईपीओ 2026 के आखिर तक आने की संभावना है.

नई दिल्‍ली. बियर बनाने वाली डेनमार्क की कंपनी कार्ल्‍सबर्ग (Carlsberg) ने भारत में अपना कारोबार बढ़ाने के लिए धांसू प्‍लान बनाया है. कंपनी ने शेयर बाजार से करीब 6,600 रुपये जुटाने की तैयारी भी गुप्‍त रूप से शुरू कर दी है. इस कंपनी का भारतीय बेवरेज मार्केट पर 22 फीसदी कब्‍जा है और दूसरी सबसे ज्‍यादा हिस्‍सेदारी वाली कंपनी है. कार्ल्‍सबर्ग ने आईपीओ के जरिये भारतीय शेयर बाजार से 70 करोड़ डॉलर यानी करीब 6.6 हजार करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी चुपके से शुरू कर दी है.

मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कार्ल्‍सबर्ग की मूल स्‍वामित्‍व कंपनी डैनिश ब्रेवर ने इस साल के आखिर तक अपनी लिस्टिंग का प्‍लान बनाया है. हालांकि, इस बारे में अधिक जानकारी देने से इनकार किया है, क्‍योंकि यह गोपनीय बताया जा रहा है. कार्ल्‍सबर्ग फिलहाल कोटक महिंद्रा कैपिटल के साथ मिलकर काम कर रही है. इसके अलावा जेपी मॉर्गन चेज और सिटीग्रुप इंक के सहयोग से भी आईपीओ पर काम कर रही है.

पिछले साल ही शुरू कर दिया था काम
मनीकंट्रोल ने 16 सितंबर, 2025 को ही कार्ल्‍सबर्ग को लेकर खुलासा कर दिया था कि कंपनी ने अपनी भारतीय इकाई को शेयर बाजार में लिस्‍ट कराने की कोशिश में है. इसके बाद 6 नवंबर, 2025 को भी बताया था कि कंपनी ने जेपी मॉर्गन और सिटी ग्रुप को अपने प्रस्‍तावित आईपीओ के लिए एडवाइजर चुना है. अब मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आईपीओ के साइज, स्‍ट्रक्‍चर और टाइमिंग को जानकारी अभी नहीं सामने आई है. इस आईपीओ के साथ ही कार्ल्‍सबर्ग इस साल बाजार में कदम रखने वाली तीसरी बड़ी कंपनी बन जाएगी. इससे पहले एनएसई और जियो ने अपना आईपीओ लाने का ऐलान किया था.

88.5 हजार करोड़ का आईपीओ
कार्ल्‍सबर्ग का नाम सामने आने के बाद इस साल 12 कंपनियां सामने आ चुकी हैं, जो आने वाले समय में 9 अरब डॉलर से भी ज्‍यादा यानी करीब 88,500 करोड़ रुपये का आईपीओ लॉन्‍च करने वाली हैं. प्राइमडाटाबेस के अनुसार, यह आंकड़ा पिछले साल जुलाई में दाखिल किए गए 70 हजार करोड़ के आईपीओ लक्ष्‍य से भी कहीं ज्‍यादा है. तब 32 कंपनियों ने अपने डॉक्‍यूमेंट जमा कराए थे.

कार्ल्‍सबर्ग दूसरी बड़ी कंपनी
कार्ल्‍सबर्ग इंडिया बेवरेज कारोबारी से जुड़ी देश की दूसरी बड़ी कंपनी है. इस कंपनी की भारतीय बाजार में कुल हिस्‍सेदारी 22 फीसदी है. इसकी मूल कंपनी दानिश फर्म ने भारत में साल 2007 में प्रवेश किया था, जो देशभर में 14 ब्रेवरीज चलाती है. इसमें से 8 प्‍लांट तो कंपनी के ही हैं, जबकि 6 प्‍लांट को अन्‍य मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट से कॉन्‍ट्रैक्‍ट के जरिये चलाया जा रहा है. फिलहाल कंपनी हर साल बड़ी मात्रा में अपने प्रोडक्‍ट भारत में बेचती है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष के स्वागत में शहर जाम: कानपुर देहात में टीईटी परीक्षा के बीच सड़क पर मंच और पुष्पवर्षा – Kanpur Dehat News




कानपुर देहात में भाजपा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू के प्रथम आगमन पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और मुख्य मार्ग पर घंटों लंबा जाम लग गया। यह घटना गुरुवार को TET परीक्षा के आयोजन के बीच हुई, जिससे सड़कों पर पहले से ही दबाव था। क्षेत्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए बीच सड़क पर एक मंच तैयार किया गया था। रामकिशोर साहू के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर उन्हें क्रेन की मदद से एक विशाल माला पहनाई गई। इसके अतिरिक्त, बुलडोजर से पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रम के कारण सड़क पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई। क्षेत्रीय अध्यक्ष के आगमन पहले भी स्वागत तैयारियों की वजह से घंटों जाम लगा रहा रहा जाम में आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय विधायक एवं राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, पूर्व विधायक निर्मला संखवार सहित कई भाजपा नेताओं का काफिला भी फंस गया। यहां तक कि स्थानीय थाने की पुलिस की गाड़ी भी जाम में फंसी दिखाई दी। कार्यक्रम में भाजपा की जिला अध्यक्ष रेणुका सचान और रसूलाबाद से विधायक पूनम संखवार समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूरे आयोजन के दौरान यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा, जिससे TET परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों और आम राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन सड़क पर आयोजित स्वागत समारोह और उससे लगे लंबे जाम को लेकर चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण दिन पर ऐसे आयोजन से यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से बचाया जा सकता था।



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DM बोले-‘सरकारी कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं’: अररिया में राजस्व के 5 कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई – Araria News




अररिया जिला प्रशासन ने राजस्व विभाग में अनियमितता और लापरवाही के आरोप में पांच कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की है। यह कदम डीएम विनोद दूहन के निर्देश पर उठाया गया है, जिसका उद्देश्य सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करना है। सभी संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध आरोप पत्र (प्रपत्र-क) गठित किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, अंचल कार्यालय अररिया में कार्यरत रहे और वर्तमान में पलासी में पदस्थापित राजस्व कर्मचारी पवन कुमार पंडित पर जमाबंदी में छेड़छाड़ का आरोप है। इसी तरह, अंचल कार्यालय नरपतगंज की राजस्व कर्मचारी रेणु कुमारी पर भी जमाबंदी में हेरफेर करने के आरोप में कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त, नरपतगंज में कार्यरत रहे और वर्तमान में जोकीहाट अंचल कार्यालय में पदस्थापित जितेंद्र कुमार पर आय से अधिक संपत्ति सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फारबिसगंज अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी विकास कुमार और राजेश कुमार शशि पर नामांतरण तथा कंप्यूटरीकृत परिमार्जन से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने का आरोप है। डीएम विनोद दूहन ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई डीएम ने यह भी कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को राजस्व व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले कर्मियों को यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्रशासन जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाए हुए है।



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