आगरा। थाना मलपुरा क्षेत्र की ककुआ चौकी के अंतर्गत आगरा-ग्वालियर हाईवे स्थित एक मार्केट में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास की दुकानों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई फायर टेंडरों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
मार्केट में मौजूद दुकानदारों ने समय रहते अपनी दुकानों से सामान निकालने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण काफी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे के आसपास लोगों की आवाजाही सीमित कर दी और भीड़ को मौके से दूर रखा।
फिलहाल आग बुझाने का कार्य जारी है तथा प्रशासन नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है। किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
खबर अपडेट की जा रही है..
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आगरा में ग्वालियर रोड पर मार्केट में भीषण आग: लाइब्रेरी में पढ़ रहे थे बच्चे, ऊपर दो परिवार रहते थे – Agra News
दिल्ली एयरपोर्ट पर दरभंगा के यात्रियों का हंगामा; VIDEO: स्पाइसजेट की फ्लाइट रद्द होने पर फूटा गुस्सा, कहा- कैंसिल करना था, तो टिकट क्यों किया कंफर्म – Darbhanga News
नई दिल्ली से दरभंगा आने वाले यात्रियों को आज परेशानी का सामना करना पड़ा। स्पाइसजेट की फ्लाइट संख्या SG495 को अचानक रद्द कर दिया गया। फ्लाइट के रद्द होने की सूचना मिलने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्रियों ने नाराजगी जताई और एयरलाइन प्रबंधन पर लापरवाही
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स्पाइसजेट की यह उड़ान शनिवार दोपहर 1 बजकर 25 मिनट पर दिल्ली से दरभंगा के लिए रवाना होने वाली थी। निर्धारित समय पर बोर्डिंग और उड़ान को लेकर यात्रियों को कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। काफी देर तक इंतजार कराने के बाद एयरलाइन की ओर से फ्लाइट रद्द किए जाने की सूचना दी गई, जिससे यात्रियों में आक्रोश फैल गया।
यात्रियों का आरोप है कि एयरलाइन कर्मचारियों ने उन्हें समय पर स्थिति की जानकारी नहीं दी। फ्लाइट के लगातार देरी होने के बावजूद न तो कोई आधिकारिक घोषणा की गई और न ही यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के बारे में स्पष्ट रूप से बताया गया। कई यात्रियों ने कहा कि वे घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे, जिससे उन्हें मानसिक तनाव के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।
यात्री और एयरलाइन कंपनी के कर्मी के बीच बहस।
तकनीकी खराबी को कारण बताया
एयरलाइन कर्मचारियों ने फ्लाइट रद्द होने के पीछे तकनीकी खराबी को कारण बताया। हालांकि यात्रियों का कहना है कि यदि विमान में तकनीकी समस्या थी, तो इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए थी, ताकि वे अन्य विकल्पों पर विचार कर सकते। यात्रियों ने एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बेहतर संचार व्यवस्था की मांग की।
अन्य उड़ानें सामान्य, केवल दिल्ली-दरभंगा सेवा प्रभावित
शनिवार को दरभंगा एयरपोर्ट पर संचालित सभी चार जोड़ी नियमित उड़ानें अपने निर्धारित समय से करीब 5 से 10 मिनट की मामूली देरी से पहुंचीं और रवाना हुईं। लेकिन दिल्ली-दरभंगा सेक्टर की स्पाइसजेट फ्लाइट SG495 के रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई।
एक दिन पहले भी यात्रियों को झेलनी पड़ी थी परेशानी
बता दें कि इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भी दरभंगा आने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। खराब मौसम के कारण कोलकाता से दरभंगा के लिए रवाना हुई इंडिगो उड़ान को आधे रास्ते से वापस कोलकाता डायवर्ट कर दिया गया था। विमान के वापस लौटने के बाद कोलकाता एयरपोर्ट पर यात्रियों ने नाराजगी जताई थी, जबकि दरभंगा एयरपोर्ट पर अपने परिजनों का इंतजार कर रहे लोगों को भी काफी असुविधा हुई थी।

यात्रियों ने हंगामा किया है।
लगातार दो दिनों में उड़ान संचालन से जुड़ी समस्याओं के सामने आने के बाद यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है। यात्रियों का कहना है कि दरभंगा जैसे महत्वपूर्ण हवाई अड्डे से जुड़ी उड़ानों में बार-बार हो रही अव्यवस्था पर एयरलाइंस और संबंधित एजेंसियों को गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।
यात्रियों ने मांगी जवाबदेही
फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित यात्रियों ने एयरलाइन से पारदर्शी सूचना व्यवस्था, समय पर अपडेट और वैकल्पिक यात्रा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि अचानक उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को असमंजस में छोड़ देना उचित नहीं है। फिलहाल एयरलाइन की ओर से यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
राजगढ़ में घर में घुसकर महिला से दुष्कर्म: आरोपी फरार, देर रात अकेली महिला को धमकाया था – rajgarh (MP) News
राजगढ़ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव में 22 वर्षीय महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने गांव के एक युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी घटना के बाद से फरार है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 28 मई की रात करीब 11 बजे हुई। आरोप है कि गांव का निवासी युवक देर रात महिला के घर में घुस गया। महिला उस समय घर पर अकेली थी। आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर दुष्कर्म किया। जाते समय उसने घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद महिला ने अपने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद शुक्रवार रात कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी गोकुल तंवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(1), 332(बी) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि आरोपी वारदात के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और मामले की जांच जारी है।
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सीएम रेखा गुप्ता ने की जल आपूर्ति पर समीक्षा बैठक: हरियाणा से अतिरिक्त जल आपूर्ति, 980 टैंकर- 6,000 से ज्यादा दैनिक ट्रिप के माध्यम से लोगों को राहत – New Delhi News
दिल्ली सरकार राजधानी के प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त पेयजल पहुंचाने के लिए युद्धस्तर पर कर रही है। सरकार तत्काल राहत उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक समाधान पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति को स्थायी रूप से नियंत्रित किया जा सके। सीएम रेखा गुप्ता ने शनिवार को मुख्यमंत्री सेवा सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राजधानी में उत्पन्न पेयजल संबंधी चुनौतियों और जल आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने भीषण गर्मी के चलते उत्पन्न जल संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा द्वारा मुनक नहर के माध्यम से न्यूनतम 1000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया गया है तथा 980 से अधिक टैंकर और 6,000 से ज्यादा दैनिक ट्रिप के माध्यम से लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल संकट को लेकर समीक्षा बैठक इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री ने शनिवार को बैठक में जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, सदस्य अजय महावर, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय बिधूड़ी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। हरियाणा से अतिरिक्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास बैठक के बाद सीएम रेखा ने बताया कि यमुना में वजीराबाद के निकट जल उपलब्धता प्रभावित होने के कारण आपूर्ति पर दबाव बना है। इस संबंध में उन्होंने हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी से बातचीत की, जिसके परिणामस्वरूप हरियाणा सरकार ने मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को न्यूनतम 1,000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के हितों की रक्षा और पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सीएम ने बताया कि वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली जल बोर्ड के 980 से अधिक जल टैंकर प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप संचालित कर रहे हैं। घनी आबादी और संकरी गलियों वाले क्षेत्रों में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए छोटे टैंकर भी तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल स्थापित कर प्रतिदिन 10.5 एमजीडी जल उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है। शिकायत निवारण और रिसाव रोकने के सख्त निर्देश सीएम ने अधिकारियों को जल रिसाव की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बूंद बहुमूल्य है और किसी भी प्रकार की बर्बादी स्वीकार्य नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारी प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों की व्यक्तिगत निगरानी करें तथा जरूरत पड़ने पर स्वयं क्षेत्र में जाकर स्थिति का सत्यापन करें। सीएम के अनुसार पिछले एक सप्ताह में दिल्ली जल बोर्ड हेल्पलाइन पर 11,055 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,500 से अधिक शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। सीएम ने शेष शिकायतों के भी त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि राजधानी के सभी प्रभावित क्षेत्रों में नियमित आधार पर पर्याप्त संख्या में जल टैंकर उपलब्ध कराए जाएं और आवश्यकता के अनुसार उनकी ट्रिप बढ़ाई जाएं। दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए नई योजनाएं सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्तमान परिस्थितियों से निपटने के लिए अल्पकालिक उपायों के साथ-साथ दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाओं पर भी समान गति से कार्य किया जाए, ताकि तत्काल राहत के साथ भविष्य की आवश्यकताओं को भी प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। इसके अंतर्गत हरियाणा से पाइपलाइन के माध्यम से जल लाने की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है, जिससे जल हानि और रिसाव को कम किया जा सके। इस संबंध में आईआईटी रुड़की द्वारा व्यवहार्यता अध्ययन किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त वजीराबाद के निकट यमुना में ड्रेजिंग और डी-सिल्टिंग कार्य, नए जल शोधन संयंत्रों की स्थापना तथा यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल विकसित करने जैसी योजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। सीएम ने यह भी निर्देश दिया कि शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से प्राप्त उपचारित जल का उपयोग बागवानी, वाहन धुलाई तथा अन्य गैर-पेय कार्यों के लिए सुनिश्चित करने हेतु ड्यूल वाटर सप्लाई सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।
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बैठक में कलेक्टर-जेडीसी के नहीं आने पर सांसद-विधायक भड़के: गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्यवती से नहीं, पैसे से मतलब; ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर उठाए सवाल – Jaipur News
जयपुर के द्रव्यवती प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में बुलाई गई बैठक में कलेक्टर संदेश नायक,जेडीसी सिद्धार्थ महाजन की गैर मौजूदगी पर बीजेपी सासंद और विधायकों ने जमकर नाराजगी जताई। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने खरी-खोटी सुनाते हुए ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि अफसरों को द्रव्यवती नदी से नहीं द्रव्य (पैसे) से मतलब है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए- ‘लगता है, कलेक्टर, कमिश्नर, जेडीसी सभी ने एक ही दिन छुट्टी ले ली।’ सांसद, विधायकों के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद कलेक्टर पहुंचे। सांसद-विधायकों ने जताई नाराजगी, पढ़िए- सांसद भड़के, विशेषाधिकार हनन में कार्रवाई की दे दी चेतावनी जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने अफसरों के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- द्रव्यवती पर बैठक है और जिम्मेदार अफसर गायब हैं। कितनी बार से द्रव्यवती पर चर्चा हो रही है लेकिन गंभीरता का आलम यह है कि जिम्मेदार ही बैठक में नहीं आते। सांसद ने गुस्से में विशेषाधिकार हनन में कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक का प्रोटोकॉल आपसे बहुत हाई होता है। हमें कुछ प्रिविलेज हैं, हम तो साधारण लोग हैं इसलिए कुछ करना नहीं चाहते। हम चाहें तो बहुत कुछ कर सकते हैं, एक तरफ लोकसभा है, दूसरी तरफ विधानसभा है।
विधायक गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्य (पैसे) से मतलब बैठक में सिविल लाइंस से बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने अफसरों के कामकाज की शैली पर जमकर सवाल उठाए और तंज कसा। गोपाल शर्मा ने कहा- अफसरों को द्रव्यवती से मतलब ही नहीं है। कोई काम ही नहीं करना चाहता। जनप्रतिनिधियों को पूछकर काम नहीं किए जा रहे हैं। द्रव्यती पर बैठक बुला ली लेकिन सभी छुट्टी पर चले गए हैं। जयपुर से सांसद मंजू शर्मा ने भी नाराजगी जतताते हुए कहा कि हम इस मुद्दे को लोकसभा तक उठाएंगे। अफसरों का यह बर्ताव ठीक नहीं है, ऐसा कैसे कर सकते है। बैठक बुलाकर खुद ही नहीं आए। बैठक में घंटे भर बाद पहुंचे कलेक्टर बैठक में कलेक्टर संदेश नायक घंटे भर की देरी से पहुंचे थे जबकि सासंद और विधायक पहले ही पहुंच गए थे। जेडीसी और नगर निगम आयुक्त बैठक में नहीं पहुंचे, उनकी जगह जूनियर अफसरों को भेजा गया। यह बैठक पहले से तय थी। आम तौर पर सांसद, विधायकों वाली बैठक में कलेक्टर सहित सभी सीनियर अफसर मौजूद रहते हैं। इसी बात पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। अफसरों के कामकाज के तरीकों पर पहले भी सवाल उठ चुके बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा पहले भी अफसरों के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। गोपाल शर्मा ने अफसरों पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने के आरोप लगाए थे। विधानसभा में भी कई बार यूडीएच सहित कई विभागों के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने बिना विधायक से पूछे सिविल लाइंस में जेडीए और नगर निगम की तरफ से विकास के कामों में मनमानी के आरोप लगाए थे।
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Paytm, GPay, PhonePe, BHIM UPI से ट्रांजैक्शन फेल होने पर कट गए पैसे? जानें कैसे मिलेगा वापस
Google Pay (GPay), PhonePe, Paytm, BHIM जैसे UPI ऐप इस्तेमाल करते हुए कभी ऐसा हुआ है कि आप कोई पेमेंट करते हैं और ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। साथ ही, बैंक अकाउंट से पैसे भी कट जाते हैं? वहीं, कई बार ऐसा भी होता है कि ट्रांजैक्शन बीच में अटक जाता है और आप दो बार पेमेंट करते हैं, कुछ देर बाद दोनों ट्रांजैक्शन सक्सेसफुल हो जाता है। ऐसे में आपका पैसा वापस कैसे मिलेगा? आइए, जानते हैं…
UPI पेमेंट करते समय रखें ये ध्यान
कई बार ऐप या बैंक के सर्वर पर ज्यादा लोड होने की वजह से पेमेंट प्रोसेस नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में आपको पेमेंट करने से पहले थोड़ा इंतजार कर लेना चाहिए। सर्वर की दिक्कत कुछ देर बाद ठीक हो जाती है, जिसके बाद आप पेमेंट को पूरा कर सकते हैं। हालांकि, इस दौरान अगर पैसे कट भी गए तो कम से कम 24 घंटे का इंतजार करना चाहिए। फेल हुए ट्रांजैक्शन का पैसा बैंक अकाउंट में 24 घंटे से 72 घंटे के बीच अपने आप वापस आ जाता है।
हालांकि, कई बार ऐसा भी होता है कि पैसा वापस नहीं आता है। ऐसे में आपको UPI एग्रीगेटर यानी ऐप के कस्टमर केयर से संपर्क करना चाहिए। शिकायत दर्ज करने के बाद वो आपके ट्रांजैक्शन को एनालाइज करेंगे और वापस बैंक अकाउंट में भेज देंगे। हालांकि, इसके लिए आपको संयम बरतने की जरूरत है। अगर, ऐप से कोई मदद न मिले तो बैंक या फिर NPCI से संपर्क करें।
क्या करता है NPCI?
NPCI भारतीय रिजर्व बैंक के तहत काम करने वाली संस्था है, जो डिजिटल पेमेंट का पूरा हिसाब-किताब रखती है। यूपीआई ऐप्स एक एग्रीगेटर का काम करते हैं, लेकिन हर ट्रांजैक्शन को NPCI द्वारा ही मैनेज किया जाता है। NPCI के द्वारा बैंक को सिग्नल दिया जाता है, फिर ट्रांजैक्शन पूरा होता है। यह सब फ्रैक्शन ऑफ सेकेंड्स में होता है। NPCI को आप बैंक और यूपीआई ऐप्स के बीच की एक कड़ी कह सकते हैं।
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न बेसन, न ज्यादा मेहनत! दही की ये आसान सब्जी बनते ही रोटी-पराठे हो जाएंगे खत्म
Dahi Sabji Recipe: हर घर में कभी न कभी ऐसा वक्त आता है जब किचन में ज्यादा सब्जियां नहीं होतीं, लेकिन कुछ टेस्टी और घर जैसा खाने का मन जरूर करता है. ऐसे में लोग अक्सर कढ़ी बनाने का सोचते हैं, मगर उसे बनाने में काफी समय लग जाता है, अगर आपके पास टाइम कम है और आप झटपट कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो दही की सब्जी आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकती है. खास बात ये है कि बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना भी इस देसी डिश के बड़े फैन हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके घर में दादी अक्सर दही की सब्जी बनाया करती थीं और ये उनकी पसंदीदा होममेड डिश में से एक है.
उत्तर भारत के कई घरों में बनने वाली ये आसान रेसिपी आज भी लोगों के दिल के काफी करीब है. इसका स्वाद हल्का, मसालेदार और बेहद क्रीमी होता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और सिर्फ 5 मिनट में तैयार हो जाती है, अगर आप भी रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो एक बार इस खास दही की सब्जी को जरूर ट्राई करें.
क्यों खास है दही की सब्जी?
दही की सब्जी एक ऐसी क्विक रेसिपी है जिसे तब बनाया जाता है जब घर में कोई दूसरी सब्जी मौजूद न हो या फिर हल्का लेकिन टेस्टी खाना खाने का मन हो. कई लोग इसे कढ़ी समझ लेते हैं, लेकिन दोनों में काफी फर्क होता है. कढ़ी में बेसन का इस्तेमाल होता है और उसे पकने में समय लगता है, जबकि दही की सब्जी बिना बेसन के बहुत जल्दी बन जाती है. इसका स्वाद हल्का खट्टा और मसालेदार होता है जो रोटी, पराठे या यहां तक कि चावल के साथ भी शानदार लगता है. गर्मियों में लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि दही शरीर को ठंडक देने का काम भी करता है.
दही की सब्जी बनाने के लिए जरूरी चीजें
-1 कप गाढ़ा दही
-1 प्याज बारीक कटा हुआ
-1 टमाटर बारीक कटा हुआ
-2 हरी मिर्च
-थोड़ा सा अदरक और लहसुन
-1 छोटा चम्मच जीरा
-आधा छोटा चम्मच राई
-कुछ करी पत्ते
-आधा छोटा चम्मच हल्दी
-आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
-1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
-स्वाद के हिसाब से नमक
-सरसों का तेल या घी
-हरा धनिया
ऐसे बनाएं आयुष्मान खुराना की पसंदीदा दही की सब्जी
सबसे पहले एक पैन गैस पर रखें और उसमें थोड़ा सरसों का तेल या घी डालें. तेल गर्म हो जाए तो उसमें जीरा और राई डालें. जैसे ही तड़का चटकने लगे, उसमें बारीक कटा लहसुन, अदरक, हरी मिर्च और करी पत्ता डाल दें. अब इसमें प्याज डालकर हल्का गुलाबी होने तक भूनें. प्याज अच्छी तरह पक जाए तो कटे हुए टमाटर डाल दें. इसके बाद हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और नमक मिलाएं. मसाले को तब तक पकाएं जब तक टमाटर गलकर तेल छोड़ना शुरू न कर दें.
अब सबसे जरूरी स्टेप आता है. गैस की आंच को धीमा कर दें या कुछ सेकंड के लिए बंद कर दें. इसके बाद फेंटा हुआ गाढ़ा दही डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. करीब 1 मिनट तक अच्छे से मिक्स करें और फिर गैस बंद कर दें. ऊपर से हरा धनिया डालें और गर्मागर्म रोटी या पराठे के साथ सर्व करें.
दही की सब्जी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
दही हमेशा ताजा और गाढ़ा लें. दही डालते वक्त गैस की आंच तेज नहीं होनी चाहिए. दही को पहले अच्छी तरह फेंट लें ताकि उसमें गांठें न रहें. अगर ज्यादा खट्टापन पसंद नहीं है तो ताजा दही इस्तेमाल करें. स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से थोड़ा देसी घी डाल सकते हैं.
क्यों लोगों को पसंद आ रही ये रेसिपी?
आजकल लोग ऐसी रेसिपी ज्यादा पसंद करते हैं जो जल्दी बन जाए और स्वाद में भी शानदार हो. दही की सब्जी ठीक वैसी ही डिश है. इसमें ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती और ये हेल्दी भी मानी जाती है. सोशल मीडिया पर भी लोग इस देसी रेसिपी को काफी पसंद कर रहे हैं. खासकर आयुष्मान खुराना का नाम जुड़ने के बाद लोग इसे और ज्यादा ट्राई कर रहे हैं. अगर आप भी कम समय में घर जैसा स्वाद चाहते हैं, तो ये रेसिपी आपके लिए एकदम परफेक्ट है.
विदेश यात्रा ही नहीं, राहु-शनि दिलाएंगे अपार दौलत और नागरिकता, जन्म कुंडली के इन शुभ योगों
Foreign Settlement Astrology Prediction: बेहतर लाइफस्टाइल, जॉब, एजुकेशन और व्यक्तिगत विकास की तलाश में आज भी लाखों लोग विदेश में बसने का सपना देखते हैं. कुछ लोग विदेश में बसने में सफल हो जाते हैं, जबकि कई लोगों को कड़ी मेहनत के बावजूद बार-बार रुकावट और देरी का सामना करना पड़ता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विदेश में बसना विशेष ग्रह योगों और जन्म कुंडली के कुछ खास भावों पर निर्भर करता है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि विदेश जाना केवल किस्मत का नहीं बल्कि भाग्य, ग्रहों और सही समय का मामला है. कुंडली के चौथे, नौवें और बारहवें भाव को मुख्य रूप से विदेश में बसने की संभावना के लिए देखा जाता है.
कुंडली का चौथा और बारहवां भाव
चौथा भाव घर, परिवार, जड़ों, भावनात्मक सुरक्षा और आराम का प्रतीक है. बारहवां भाव विदेश, जन्मस्थान से दूर रहना, अपरिचित जगहों पर जीवन और अलग माहौल का संकेत देता है. नौवां भाव लंबी दूरी की यात्रा, उच्च शिक्षा, भाग्य और दूरस्थ स्थानों से मिलने वाले अवसरों से जुड़ा है.
कुंडली में नौवां और बारहवां भाव
चौथे और बारहवें भाव के बीच मजबूत संबंध को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति अपने देश को छोड़कर विदेश में बस सकता है. इसी तरह, नौवें और बारहवें भाव का संबंध भी विदेश यात्रा, विदेश में पढ़ाई, अंतरराष्ट्रीय करियर और अपने स्थान से दूर अवसरों की ओर इशारा करता है.
कुंडली में राहु का प्रभाव
राहु को विदेश में बसने के लिए सबसे मजबूत ग्रहों में से एक माना जाता है. यह व्यक्ति को नए स्थानों की ओर आकर्षित करता है और अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाता है. राहु विदेशी संस्कृतियों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, अचानक मिलने वाले अवसरों और जीवन में अनोखे रास्तों का भी प्रतीक है.
राहु के साथ शनि की भी भूमिका
साथ ही, शनि की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो धैर्य और मेहनत की परीक्षा लेता है. इससे वीजा संबंधी समस्याएं, अस्वीकृति, आर्थिक परेशानी या लंबा इंतजार हो सकता है. लेकिन अगर कुंडली में विदेश में बसने के प्रबल योग हैं, तो ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि शनि अंत में लगातार प्रयास करने वालों को सफलता जरूर देता है.
गुरु ग्रह करेंगे कमाल
विदेश से जुड़े अवसरों में बृहस्पति भी मददगार होता है. इसका प्रभाव विकास, मार्गदर्शन, स्वीकृति, उच्च शिक्षा और विस्तार से जुड़ा है. बृहस्पति की अनुकूल दशा में अक्सर ऐसे मौके मिलते हैं, जो विदेश जाने या बसने में मदद करते हैं.
विदेश में बसने के मजबूत योग
ज्योतिष में दशा और गोचर को भी बहुत महत्व दिया जाता है. अगर कुंडली में विदेश में बसने के मजबूत योग हैं, तो भी परिणाम तभी मिलते हैं जब ग्रहों का सही समय आता है. बड़े बदलाव जैसे शिफ्टिंग, वीजा अप्रूवल, विदेश में नौकरी के मौके या स्थायी रूप से बसना, तब एक्टिव होते हैं जब राहु, शनि या बृहस्पति की दशा या गोचर चौथे, नौवें या बारहवें भाव से जुड़े होते हैं.
कुंडली का जानना जरूरी
पढ़ाई, नौकरी और बेहतर लाइफ के लिए विदेश जाने की प्रवृत्ति बढ़ने के साथ ही विदेश में बसने से जुड़ी ज्योतिषीय सलाह लेने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. आज कई लोग अपनी कुंडली दिखाकर जानना चाहते हैं कि क्या उनकी जन्म कुंडली विदेश में जीवन के लिए अनुकूल है और सही समय कब है. ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि किसी एक योग को विदेश में बसने का संकेत नहीं माना जा सकता, बल्कि पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी है. हालांकि, चौथे, नौवें और बारहवें भाव के बीच मजबूत संबंध और अनुकूल ग्रह दशाएं आमतौर पर देश से बाहर जीवन के प्रमुख संकेत माने जाते हैं.
टॉयलेट में बर्तन धोने पर IRCTC vs FSSAI, रेलवे बोला- कोई नोटिस नहीं मिला
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लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में कथित तौर पर ट्रेन के टॉयलेट परिसर में खाने के बर्तन धोने का वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. एक तरफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने दावा किया है कि उसने इस मामले में रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC) को नोटिस जारी किया है, वहीं दूसरी ओर IRCTC ने कहा है कि उसे FSSAI की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है. हालांकि रेलवे कैटरिंग कंपनी ने यह भी माना है कि घटना के बाद कार्रवाई की गई है.
ट्रेन टॉयलेट में धोए जा रहे थे बर्तन
अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपको हैरान कर सकती है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसने ट्रेन के खाने की सफाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12223) का है. इस ट्रेन के टॉयलेट में खाने के बर्तन धोए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. इस पूरे मामले पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) और रेलवे की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के बीच बयानों की जंग छिड़ गई है.
एक तरफ जहाँ FSSAI ने इसे यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ बताते हुए कड़ा नोटिस जारी करने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ IRCTC ने साफ कर दिया है कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है. हालांकि, रेलवे ने यह भी जोड़ा कि वीडियो सामने आते ही उन्होंने आरोपी स्टाफ पर तुरंत सख्त एक्शन ले लिया था.
FSSAI का दावा, स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन
वीडियो सामने आने के बाद FSSAI ने इसे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया. FSSAI ने इस घटना को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2011 का सीधा उल्लंघन माना है. FSSAI के मुताबिक, उन्होंने 28 मई 2026 को IRCTC को एक वैधानिक नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में IRCTC से तुरंत पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है और चेतावनी दी गई है कि लापरवाही जारी रहने पर फूड सेफ्टी एक्ट, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
IRCTC की सफाई- FSSAI से कोई नोटिस नहीं मिला.
आईआरसीटीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर FSSAI के दावों को खारिज करते हुए स्थिति साफ की है. आईआरसीटीसी ने साफ किया कि उन्हें इस मामले में FSSAI की तरफ से कोई नोटिस हासिल नहीं हुआ है. रेलवे कैटरिंग कंपनी ने यह भी साफ किया कि उसके सभी मोबाइल कैटरिंग यूनिट्स FSSAI लाइसेंस के तहत संचालित होते हैं, लेकिन उनका निरीक्षण और नियमन रेलवे के नामित अधिकारियों की ओर से किया जाता है, न कि FSSAI अधिकारियों की ओर से.
This is to clarify that IRCTC has received no notice from FSSAI in this case. All mobile catering units operates with FSSAI licenses issued by designated Railway authorities as per rules and regulations and not FSSAI authorities.
जाह्नवी कपूर ने मलयालम फिल्मों से क्यों किया तौबा? कभी नहीं करेंगी काम
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जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चर्चा में हैं. बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के बाद अब वह साउथ सिनेमा में भी लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में मलयालम भाषा को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसने उनके फैंस का ध्यान खींच लिया. जाह्नवी ने साफ कहा कि वह फिलहाल दोबारा मलयालम फिल्मों में काम करने के बारे में नहीं सोच रही हैं. एक्ट्रेस ने इसके पीछे की वजह का खुलासा किया.
नई दिल्ली. एक इंटरव्यू में जाह्नवी कपूरने बताया कि वह अलग-अलग भारतीय भाषाओं को सीखने और उनमें काम करने को लेकर काफी उत्साहित रहती हैं. उनका मानना है कि एक कलाकार के तौर पर नई भाषाएं और संस्कृतियां सीखना उनके अनुभव को और समृद्ध बनाता है. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि मलयालम भाषा उनके लिए अब तक की सबसे कठिन भाषाओं में से एक साबित हुई है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

जाह्नवी ने कहा, ‘मैं सच में सभी भाषाएं सीखना चाहती हूं. मुझे नई भाषाएं और नई संस्कृतियां बहुत आकर्षित करती हैं, लेकिन मलयालम की फोनेटिक्स यानी उच्चारण मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे. मुझे नहीं लगता कि मुझे दोबारा मलयालम भाषा में काम करना चाहिए, क्योंकि इसे सही तरीके से बोलना मेरे लिए काफी मुश्किल है. हालांकि यह बेहद खूबसूरत और मधुर भाषा है.’ (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

अभिनेत्री ने आगे बताया कि तमिल और तेलुगु भाषाओं के साथ वह अधिक सहज महसूस करती हैं. उनके अनुसार इन भाषाओं की ध्वनियों और बोलने के तरीके से वह काफी हद तक परिचित हैं, इसलिए उनमें अभिनय करना उनके लिए आसान रहता है. यही वजह है कि वह भविष्य में तेलुगु और तमिल सिनेमा में और अधिक काम करने की इच्छुक हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)
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जाह्नवी कपूर ने साल 2024 में फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के जरिए तेलुगु सिनेमा में कदम रखा था. इस फिल्म में उन्होंने अभिनेता राम चरण के साथ काम किया और दक्षिण भारतीय दर्शकों के बीच भी अपनी पहचान बनाई. अभिनेत्री का कहना है कि तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव उनके लिए बेहद सुखद रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें वहां की कार्यशैली, दर्शकों का प्यार और फिल्मों की भव्यता काफी पसंद आई है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

साल 2018 में फिल्म ‘धड़क’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली जाह्नवी कपूर ने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं. ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’, ‘मिली’, ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ और ‘देवरा: पार्ट 1’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया है. अब वह अपने करियर के नए दौर में रीजनल सिनेमा में भी लगातार संभावनाएं तलाश रही हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

इस बीच जाह्नवी अपनी अपकमिंग तेलुगु फिल्म ‘पेड्डी’ की रिलीज की तैयारियों में व्यस्त हैं. निर्देशक बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी यह एक एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसमें उनके साथ सुपरस्टार राम चरण मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

ट्रेलर में गांव की पृष्ठभूमि, संघर्ष, मेहनत और खेलों के प्रति जुनून को प्रभावशाली अंदाज में दिखाया गया है. राम चरण फिल्म में ‘पेड्डी’ नाम के एक एथलीट का किरदार निभा रहे हैं, जो क्रिकेट, कुश्ती और दौड़ जैसे विभिन्न खेलों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करता है. फिल्म में खेल, एक्शन और भावनाओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

‘पेड्डी’ में राम चरण और जाह्नवी कपूर के अलावा शिव राजकुमार, दिव्येंदु और बोमन ईरानी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. मजबूत कलाकारों से सजी यह फिल्म ग्रामीण परिवेश, प्रेरणादायक कहानी और दमदार एक्शन के साथ दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है.फिल्म 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

