शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में अपने परिजनों के साथ चेकअप कराने आई एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। अस्पताल परिसर में लगी सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि महिला एक टैक्सी में बैठकर वहां से कहीं चली गई है। घटना के संबंध में ससुर की रिपोर्ट पर सरदारपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जैसलमेर जिले के रहने वाले एक व्यक्ति ने सरदारपुरा थाने में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दी । रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2026 को वह अपनी पत्नी के साथ अपनी पुत्रवधू को चेकअप कराने के लिए जोधपुर के गोयल अस्पताल लेकर आए थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद उनकी पुत्रवधू अपने सास-ससुर को एक जगह बैठाकर दवाइयां लेने चली गई। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसके ससुर ने अपने बेटे को फोन कर स्थिति बताई। बेटे ने जब अपनी पत्नी को कॉल किया तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। परिजनों ने अस्पताल परिसर में हर जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उसके भाई को भी सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। अस्पताल प्रबंधन की मदद से जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, तो उनकी पुत्रवधू बैठकर अस्पताल परिसर से जाती हुई नजर आई। परिजनों की रिपोर्ट पर सरदारपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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हॉस्पिटल में इलाज करवाने आई महिला: सास ससुर को छोड़कर टैक्सी में बैठकर हुई फरार, पुलिस कर रही गुमशुदा की तलाश – Jodhpur News
चंदौली में 4598 छात्रों को मिली 1.13 करोड़ की छात्रवृत्ति: विधायक सुशील सिंह ने बांटे प्रमाण पत्र, सीएम योगी ने किया संबोधित – Chandauli News
चंदौली जिला मुख्यालय के महेंद्र टेक्निकल इंटर कॉलेज में शनिवार को छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम हुआ। इस दौरान 4598 छात्रों के बैंक खातों में 113.97 लाख रुपए की छात्रवृत्ति डीबीटी के जरिए भेजी गई। कार्यक्रम में सैयदराजा से भाजपा विधायक सुशील सिंह मौजूद रहे। लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया, जिसका लाइव प्रसारण कॉलेज के सभागार में दिखाया गया।
अन्य पिछड़ा वर्ग के 2631 छात्रों को 73.89 लाख रुपए, अनुसूचित जाति के 1155 छात्रों को 15.17 लाख रुपए, अल्पसंख्यक वर्ग के 492 छात्रों को 15.31 लाख और सामान्य वर्ग के 320 छात्रों को 9.02 लाख रुपए मिले। विधायक सुशील सिंह ने छात्रों को छात्रवृत्ति स्वीकृत प्रमाण पत्र दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार छात्रों की पढ़ाई के लिए सभी सुविधाएं दे रही है। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी आर जगत साइ और बीएसए सचिन कुमार भी मौजूद थे।
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सड़क पर उतरे एसपी,गश्ती-ERSS वाहनों की जांच: महिलाओं-छात्राओं की सुरक्षा को इंग्लिश मोड़ से अमरपुर-ढाका मोड़ तक अभियान – Banka News
बांका में पुलिस मुख्यालय, पटना के निर्देश पर शनिवार को जिले में विशेष समकालीन अभियान के तहत सघन वाहन जांच और सुरक्षा अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार स्वयं सड़क पर उतरे और विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जिले के बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान अभियान में शामिल रहे। एसपी अमितेश कुमार ने अभियान के शत-प्रतिशत अनुपालन और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए इंग्लिश मोड़, अमरपुर बाजार, अमरपुर स्थित एमडीएन इंटर स्तरीय विद्यालय, डुमरामा और ढाका मोड़ के आसपास का भ्रमण किया। उन्होंने मौके पर वाहन जांच और पुलिस की तैनाती की स्थिति देखी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… गश्ती और ERSS वाहनों की सक्रियता परखी निरीक्षण के दौरान एसपी ने पुलिस गश्ती की सक्रियता, पुलिस दीदियों की कार्यप्रणाली, ईआरएसएस वाहनों और थाना गश्ती वाहनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में गश्त बनाए रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। महिला और छात्राओं की सुरक्षा पर भी फोकस अभियान के दौरान जिले के सभी वरीय पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमणशील रहे। अधिकारियों ने छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों की सक्रियता की भी जांच की। संदिग्ध वाहनों और लोगों की हुई जांच विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने सघन वाहन जांच के साथ संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की भी जांच की। पुलिस के अनुसार, अभियान का उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
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चार बिस्वा जमीन के विवाद में चली गोली, 4 घायल: उमरी के खिरिका गांव में पड़ोसियों में चले लाठी-डंडे चले; छत पर चढ़कर की फायरिंग – Bhind News
भिंड के उमरी थाना क्षेत्र के खिरिका गांव में चार बिस्वा जमीन को लेकर चल रहा पुराना विवाद शनिवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पड़ोसी परिवारों के बीच पहले गाली-गलौज हुई और फिर दोनों पक्ष लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने पर एक पक्ष के व्यक्ति ने छत पर चढ़कर फायरिंग कर दी। गोली लगने से इंदर सिंह (67), मोहन सिंह (40), उसकी पत्नी नीतू और भतीजा विष्णु (21) घायल हुए हैं। मारपीट में कुछ अन्य लोगों को भी चोटें आई हैं। लंबे समय से चल रहा था जमीन का विवाद
प्राथमिक जानकारी के अनुसार खिरिका गांव निवासी इंदर सिंह और उनके पड़ोसी मोहन सिंह के बीच चार बिस्वा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। शनिवार को इसी जमीन को लेकर दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। शुरुआत कहासुनी और गाली-गलौज से हुई। इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चलने लगे। इसी दौरान एक पक्ष की ओर से छत पर चढ़कर गोली चलाने की बात सामने आई है। फायरिंग में चार लोगों के घायल होने की जानकारी है। गोली चलने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजा सूचना मिलते ही उमरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। फायरिंग किस हथियार से और किसने की, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। दोनों पक्षों के बीच पहले हुए विवाद और घटना के दौरान मौजूद लोगों से पुलिस जानकारी जुटा रही है। उमरी थाना प्रभारी बृजेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि घटना में पांच से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी है। गोली चलने की सूचना भी मिली है। पुलिस मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच कर रही है।
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राजमा की सब्जी से बोर हो गए, ट्राई करें राजमा मलाई कोफ्ता की ये रेसिपी
Rajma Malai Kofta Recipe: जब भी मलाई कोफ्ता का नाम आता है, तो ज्यादातर लोगों के मन में आलू और पनीर से बने नरम कोफ्तों की तस्वीर उभरती है. लेकिन अगर आप इस पारंपरिक डिश को एक नया और अलग स्वाद देना चाहते हैं, तो राजमा मलाई कोफ्ता एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह रेसिपी उन लोगों के लिए भी खास है जो कुछ नया ट्राई करना पसंद करते हैं, राजमा के रेगुलर सब्जी से अलग कुछ ट्राई करना चाहते हैं.
राजमा से बने कोफ्ते न सिर्फ स्वाद में शानदार लगते हैं, बल्कि इनका टेक्सचर भी काफी अच्छा होता है. वहीं, काजू, मखाने और क्रीम से तैयार की गई रिच ग्रेवी इस डिश को और भी खास बना देती है. फैमिली डिनर या किसी खास मौके पर ये रेसिपी मेहमानों को जरूर पसंद आएगी. आइए जानते हैं राजमा मलाई कोफ्ता बनाने का आसान तरीका.
राजमा मलाई कोफ्ता रेसिपी
सामग्री
उबला हुआ राजमा
बारीक कटा प्याज
हरा धनिया
हरी मिर्च
अदरक और लहसुन
भुना जीरा
गरम मसाला
धनिया पाउडर
नमक स्वादानुसार
सत्तू (बाइंडिंग के लिए)
कोफ्ता बनाने की विधि
उबले हुए राजमा को अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, भुना जीरा, गरम मसाला, धनिया पाउडर और नमक मिलाएं. मिश्रण को बांधने के लिए सत्तू डालें और छोटे-छोटे कोफ्ते तैयार कर लें. इन्हें हल्का सुनहरा होने तक तल लें या अपनी पसंद के अनुसार बेक भी कर सकते हैं.
मलाईदार ग्रेवी के लिए सामग्री
प्याज
मखाने
काजू
अदरक और लहसुन
टमाटर प्यूरी
साबुत मसाले
भुना मसाला
मिर्च
हल्दी
भुना जीरा
धनिया पाउडर
हींग
फ्रेश क्रीम
हरा धनिया
ग्रेवी बनाने की विधि
सबसे पहले प्याज, मखाने, काजू, अदरक और लहसुन को पकाकर पीस लें. एक पैन में तेल या घी गर्म करें और साबुत मसालों का तड़का लगाएं. फिर टमाटर प्यूरी डालकर भूनें. इसके बाद मिर्च, हल्दी, भुना जीरा, धनिया पाउडर और हींग डालकर मसाले को अच्छी तरह पकाएं. तैयार पेस्ट मिलाएं और कुछ मिनट तक भूनें. जरूरत के अनुसार पानी डालकर ग्रेवी तैयार करें. अंत में फ्रेश क्रीम और हरा धनिया मिलाएं.
लगाएं खास तड़का
डिश को और ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के लिए लहसुन और सूखी लाल मिर्च का तड़का तैयार करें. इसे गर्म घी में भूनकर तैयार ग्रेवी और कोफ्तों के ऊपर डालें. यह छोटा सा कदम राजमा मलाई कोफ्ता के स्वाद को और भी शानदार बना देता है. गरमा-गरम राजमा मलाई कोफ्ता को नान, रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ परोसें और परिवार के साथ इसका आनंद लें.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 4 पायलट क्यों थे: 2 के बीच झड़प हुई तो बाकी ने विमान संभाला; 5 सेकेंड और लगते तो क्रैश हो जाता
तेल अवीव1 घंटे पहले
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फ्लाईदुबई की दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाइट में कुल 4 पायलट सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए।
हमले के बाद कैप्टन ने जैसे-तैसे कॉकपिट का दरवाजा खोला। इसके बाद विमान में बैठे 2 अन्य पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान की कमान संभाली। उन्होंने बोइंग 737 मैक्स 8 को सुरक्षित सऊदी अरब में उतारा।
एविएशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर विमान को संभालने में करीब 5 सेकेंड और लग जाते तो वह ऐसी स्थिति में पहुंच सकता था, जहां उसे दोबारा ऊपर लाना और क्रैश होने से बचाना संभव नहीं होता।
17 हजार फीट नीचे आ गया था विमान, GFX देखें…

अब सबसे बड़ा सवाल है कि 3.5 घंटे की इस फ्लाइट में 2 अतिरिक्त पायलट आखिर क्यों मौजूद थे…
विमान में अतिरिक्त पायलट का होना आम नहीं
एयरलाइंस छोटी फ्लाइट में सिर्फ इस डर से अतिरिक्त पायलट नहीं बैठातीं कि अगर मुख्य पायलटों को कुछ हो गया तो दूसरा पायलट काम संभाल लेगा। यानी इस फ्लाइट में 4 पायलट होने का मतलब यह नहीं था कि एयरलाइन ने जानबूझकर 2 पायलटों को इमरजेंसी बैकअप के तौर पर भेजा था।
रिटायर्ड एयरलाइन कैप्टन और एविएशन सेफ्टी सलाहकार जॉन कॉक्स के मुताबिक, किसी छोटी फ्लाइट में सिर्फ संभावित देरी से निपटने के लिए अतिरिक्त पायलट रखना आम तरीका नहीं है।
पायलटों की ट्रेनिंग और सैलरी पर काफी खर्च होता है, 2 की जगह 4 पायलट रखने पर कंपनी का खर्च बढ़ता है। इसलिए एयरलाइंस जरूरत के मुताबिक ही क्रू रखती हैं।
फ्लाईदुबई विमान में 2 अतिरिक्त पायलट होने की 2 वजहें
पहली वजह
जॉन कॉक्स के मुताबिक दोनों पायलटों को शायद उनकी अगली फ्लाइट के लिए जरूरी जगह पर भेजा जा रहा था।
पायलटों को अक्सर ऐसी फ्लाइट में भेजा जाता है, जिसे वे खुद नहीं उड़ा रहे होते। उन्हें उनकी अगली ड्यूटी वाली जगह तक पहुंचाने के लिए ऐसा किया जाता है। एविएशन इंडस्ट्री में इसे ‘डेडहेडिंग’ कहते हैं।
फ्लाईदुबई ने बताया कि विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलट कंपनी के ड्यूटी पर तैनात क्रू का हिस्सा थे। ऐसे पायलट कंपनी के काम से यात्रा करते हैं, इसलिए उन्हें ड्यूटी पर माना जाता है और उन्हें वेतन मिलता है। वे शराब नहीं पी सकते, जबकि यूनिफॉर्म पहनना जरूरी नहीं होता।
दूसरी वजह
एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक वजह यह भी हो सकती है कि तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट के लिए दूसरे क्रू की जरूरत हो।
पायलट की ड्यूटी सिर्फ उड़ान के समय से नहीं गिनी जाती। एयरपोर्ट पहुंचने के साथ उनका ड्यूटी टाइम शुरू हो जाता है। ऐसे में ज्यादा देरी या लंबे रूट के कारण वे तय ड्यूटी सीमा पूरी कर सकते हैं। इसे ‘टाइमिंग आउट’ कहते हैं, जिसके बाद पायलट विमान नहीं उड़ा सकते।
मौजूदा क्रू की कानूनी ड्यूटी सीमा पूरी होने पर उन्हें जरूरी आराम देना पड़ता है। ऐसे में वापसी की उड़ान के लिए दूसरे पायलटों को पहले ही वहां भेजा जा सकता है।
फ्लाईदुबई ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन दोनों पायलटों को इस फ्लाइट में क्यों भेजा गया था।
एक्सपर्ट बोले- इमरजेंसी में भी विमान का उड़ते रहना बड़ी बात
रिटायर्ड कैप्टन रिचर्ड लेवी ने क्रू और यात्रियों की भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हमले के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर का कॉकपिट का दरवाजा खोल पाना और इमरजेंसी सिग्नल भेजना बेहद अहम था।
लेवी के मुताबिक, विमान का पिछला हिस्सा टूट जाने के बावजूद वह उड़ने की स्थिति में बना रहा। इतनी गंभीर स्थिति के बाद भी विमान का सुरक्षित रूप से उड़ते रहना असाधारण था।

अतिरिक्त पायलट से फायदा- क्रू और शेड्यूल संभालना आसान
एविएशन सिक्योरिटी एक्सपर्ट सैली लीव्सली के मुताबिक, इलाके में बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के चलते उड़ानों में देरी हो सकती है। ऐसे माहौल में अतिरिक्त पायलट होने से क्रू की कमी और फ्लाइट शेड्यूल को संभालने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि फ्लाईदुबई की इस फ्लाइट में अतिरिक्त पायलट किसी खास सुरक्षा चेतावनी के चलते रखे गए थे।

ओमानी को-पायलट ने क्रैश ऐक्स से हमला किया था
इजराइली पीएम नेतन्याहू ने दावा किया था कि भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में रखी क्रैश ऐक्स (खास कुल्हाड़ी) से हमला किया था। अब UAE के सरकारी वकील ने रविवार को इसकी पुष्टी की है।
क्रैश ऐक्स एक खास तरह की कुल्हाड़ी होती है। बोईंग 737 जैसे विमानों में इसे इमरजेंसी उपकरण के तौर पर रखा जाता है। फ्लाईदुबई भी बोईंग 737 विमान चलाती है। इसलिए कॉकपिट में क्रैश ऐक्स रखी थी।

क्रैश ऐक्स का इस्तेमाल फ्लाइट में आपातकाल के समय किया जाता है।
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भारतीय पायलट पर हमले के आरोपी का नाम हमाम अल-हमामी: दावा- अलकायदा से प्रभावित था, कट्टरपंथी सोच के चलते ओमान एयर से निकाला गया

इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। वह ओमान का रहने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…
मेरठ में हत्या के दो आरोपी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार: पुलिस टीम पर फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में लगी गोली – Meerut News
मेरठ के हस्तिनापुर की बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को शनिवार तड़के पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मवाना-हस्तिनापुर बॉर्डर पर रजवाहे की पुलिया के पास पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में पुलिस का वाहन क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। इसके बाद हस्तिनापुर पुलिस, मवाना पुलिस और स्वाट टीम देहात ने संयुक्त रूप से जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान आरोपी शिवम उर्फ शुभम उर्फ भगत उर्फ बारवी के दोनों पैरों में गोली लगी और वह घायल होकर गिर गया। उसका साथी कोशेन्द्र उर्फ गुल्लू भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। 13 सितंबर को हुई थी बुजुर्ग महिला की हत्या पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर की सुबह करीब 5:15 बजे ग्राम गणेशपुर निवासी विमला देवी पत्नी सुरेश चंद घर से टहलने के लिए निकली थीं। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उनके सिर पर ईंट से हमला कर उनकी हत्या कर दी थी। वारदात के बाद महिला के कानों की सोने की बालियां, गले में पहना सोने का ओम, पैरों की पायल और कीपैड मोबाइल फोन लेकर आरोपी फरार हो गया था। मामले में हस्तिनापुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के लिए लगाया गया था। लगातार प्रयास के बाद पुलिस टीमों को आरोपियों के बारे में जानकारी मिली। तमंचा-कारतूस और जेवर बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी शिवम के कब्जे से .315 बोर का अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से दो मोबाइल फोन, एक जोड़ी पाजेब और एक जोड़ी कान के कुंडल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास और हत्या की वारदात में उनकी भूमिका से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
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बतरे नदी पर बना ब्रिटिशकालीन पुल का निरीक्षण: जूनियर इंजीनियर बोले- क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द होगी मरम्मत, दोनों ओर लगाई जाएगी रेलिंग – Aurangabad (Bihar) News
औरंगाबाद में अंबा-नवीनगर मुख्य पथ पर बतरे नदी पर बने करीब 100 वर्ष पुराने ब्रिटिशकालीन पुल की हालत जर्जर है। शुक्रवार को पथ निर्माण विभाग के कनीय अभियंता मो. अशफाक ने पुल का निरीक्षण किया। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सों, टूट चुकी ढलाई और बाहर निकले लोहे के सरियों का जायजा लिया। उन्होंने पुल के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण कर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। अभियंता ने बताया कि पुल काफी पुराना है, जिसके कारण इसके कुछ हिस्सों में क्षति हुई है। क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा। विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। पुल के निचले हिस्से में कई स्थानों पर ढलाई टूटकर अलग हो गई है। कई जगहों पर लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। पुल के किनारे के हिस्सों में भी टूट-फूट दिखाई दे रही है। पुराने पुल से लगातार छोटे-बड़े वाहनों का परिचालन होने के कारण स्थानीय लोगों में इसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। निरीक्षण के दौरान बीस सूत्री अध्यक्ष प्रवीण कुमार, अजीत कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मेह पुल क्षतिग्रस्त होने से बढ़ा भारी वाहनों का दबाव स्थानीय लोगों के अनुसार बारुण प्रखंड के मेह के समीप पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद अंबा-नवीनगर मुख्य पथ पर भारी वाहनों का दबाव काफी बढ़ गया है। एनटीपीसी के दोनों पावर प्लांट से जुड़े भारी वाहनों के अलावा कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेसवे निर्माण में लगी कंपनियों के बड़े वाहन भी इसी मार्ग से गुजर रहे हैं। स्थानीय व्यवसायियों के अनुसार कुछ भारी वाहनों का भार करीब 90 से 120 टन तक बताया जा रहा है। ऐसे में पुराने पुल से लगातार भारी वाहनों के गुजरने से इसकी स्थिति को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गयी है। लोगों का कहना है कि पुल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए समय रहते मरम्मत और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं। भारी वाहनों के बढ़ते परिचालन का असर अंबा बाजार की सड़क पर भी दिखाई देने लगा है। सड़क कई जगहों पर टूट गई है और जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों ने पुल के साथ-साथ सड़क की भी आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। दोनों ओर लगेगी रेलिंग, जल्द होगी मरम्मत पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता गोपाल सिंह ने बताया कि पुल के निर्माण काल और उसकी निर्धारित भार क्षमता से संबंधित दस्तावेज फिलहाल विभाग के पास उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत करायी जाएगी। साथ ही पुल के दोनों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगायी जाएगी। स्थानीय लोगों ने विभागीय टीम के निरीक्षण को खबर का असर बताते हुए पुल की जल्द मरम्मत की उम्मीद जताई है। लोगों का कहना है कि यह पुल अंबा-नवीनगर मार्ग पर यातायात का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मेह पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद इस मार्ग पर बढ़े भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए पुल की तकनीकी जांच, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। रेलिंग लगने से पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों की सुरक्षा भी बेहतर होने की उम्मीद है।
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‘शिक्षा के मंदिर में गुरुजी की बदजुबानी’: रीवा में शिक्षक की अभद्रता से तंग आए छात्र और स्टाफ, प्राचार्य पहुंचे अधिकारियों के पास – Rewa News
रीवा के त्योंथर के पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गढ़ी में स्थानीय शिक्षक कैलाश नारायण द्विवेदी को लेकर विवाद सामने आया है। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनीष प्रकाश उपाध्याय ने शिक्षक पर गाली-गलौज, डराने-धमकाने और गोली मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। स्कूल के कुछ विद्यार्थियों ने भी शिक्षक के व्यवहार को लेकर इसी तरह की बातें कही हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। प्राचार्य ने शिकायत में लगाए गंभीर आरोप प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनीष प्रकाश उपाध्याय ने अधिकारियों को दी शिकायत में आरोप लगाया कि संबंधित शिक्षक के व्यवहार के कारण स्कूल के अन्य शिक्षक दबाव और भय के माहौल में काम कर रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, शिक्षक कथित तौर पर खुद को इलाके का जमींदार बताते हैं और कहते हैं कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। प्राचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक विधायक से नजदीकी होने और अधिकारियों-कर्मचारियों को खरीद लेने जैसी बातें कहते हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में शिक्षक पर स्कूल में गाली-गलौज करने और गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की गई है। छात्रों ने भी शिक्षक के व्यवहार की शिकायत की मामले में स्कूल के विद्यार्थियों ने भी संबंधित शिक्षक के व्यवहार को लेकर आरोप लगाए हैं। छात्रों की शिकायतें सामने आने के बाद मामला केवल शिक्षकों के बीच विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि स्कूल के शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की सुरक्षा से भी जुड़ गया है। प्रभारी प्राचार्य ने अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। शिक्षक का पक्ष सामने नहीं आया मामले में जिन शिक्षक कैलाश नारायण द्विवेदी पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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अलवर में रात में होने लगा सर्दी का अहसास: अक्टूबर की शुरुआत से बदला मौसम का मिजाज; अगले 7 दिन बारिश की संभावना नहीं – Alwar News
अलवर में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी का असर महसूस हो रहा है, वहीं सुबह और रात के समय मौसम में ठंडक बढ़ने लगी है। दिन-रात के तापमान में अंतर के कारण लोगों को एक ही दिन में गर्मी और ठंडक दोनों का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 3 से 6 अक्टूबर तक अधिकतम तापमान 38 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री रहेगा। 7 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 37 और 8 अक्टूबर को 35 डिग्री तक रहने का अनुमान है। अगले सात दिनों में बारिश की संभावना नहीं है और कोई चेतावनी भी जारी नहीं की गई है। सामान्य से करीब 7 फीसदी कम रही बारिश इस बार मानसून में अलवर में 506.9 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 546.4 मिमी है। यानी बारिश सामान्य से करीब 7 फीसदी कम रही। मानसून की विदाई के बाद अब दिन में गर्मी और रात में ठंडक का असर महसूस होने लगा है।
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