सहारनपुर में सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक 86 वर्षीय रिटायर्ड प्रिंसिपल ने अपने पोते पर बैंक खाते से धोखाधड़ी कर 5 लाख रुपए ट्रांसफर करने का आरोप लगाया है। बुजुर्ग का आरोप है कि बीमारी के दौरान 8 से 13 मई 2026 के बीच उनके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से UPI पेमेंट के जरिए बिना जानकारी दिए रकम पोते के खाते में ट्रांसफर की गई। जानकारी होने पर पूछताछ की तो पोते ने उनके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट और बदसलूकी की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। बीमारी के दौरान खाते से ट्रांसफर किए रुपए शिकायतकर्ता सत्यपाल सिंह सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य हैं। वह पहले अंबेहटा चांद स्थित जनता इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य थे। वर्तमान में सर्वोदय विहार, पंत विहार के पास रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी उम्र 86 वर्ष है। वह अपनी 78 वर्षीय पत्नी शिमला और बेटे करुणेंद्र के साथ रहते हैं। इसी मकान में उनके बड़े बेटे रविंद्र सैनी का पुत्र प्रताप सैनी भी रहता था। सत्यपाल सिंह के मुताबिक, 8 मई से 13 मई 2026 के बीच जब वह बीमार थे, तब उनके शिवाजी नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के खाते से UPI के माध्यम से पांच लाख रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। आरोप है कि यह रकम उनकी जानकारी और अनुमति के बिना प्रताप सैनी के खाते में भेजी गई। पूछताछ करने पर मारपीट का आरोप सत्यपाल सिंह ने शिकायत में बताया कि खाते से रुपए ट्रांसफर होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने प्रताप सैनी से पूछताछ की। आरोप है कि इस दौरान प्रताप ने उनके और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट व बदसलूकी की। इससे परिवार के लोगों को चोटें आईं। उन्होंने प्रताप के व्यवहार को भी गलत बताया है। परिवार से संबंध तोड़ने और संपत्ति से बेदखल करने का दावा शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि प्रताप के व्यवहार के कारण उन्होंने अपने बड़े बेटे रविंद्र सैनी, उसकी पत्नी रीना सैनी, बेटी वंदना सैनी और प्रताप सैनी से संबंध विच्छेद कर लिए हैं। साथ ही, उन्हें अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने की बात भी कही है। पुलिस से सुरक्षा और रकम वापस दिलाने की मांग सत्यपाल सिंह ने 15 अक्टूबर 2026 को थाना सदर बाजार में शिकायत दी और बैंक खाते से ट्रांसफर किए गए पांच लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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सहारनपुर में रिटायर्ड प्रिंसिपल के खाते से 5 लाख ट्रांसफर: बीमारी के दौरान UPI से निकाली रकम; पूछताछ करने पर परिवार से मारपीट और बदसलूकी की, पोते पर FIR – Saharanpur News
गगनयान ने मॉड्यूल अलग करने का टेस्ट पास किया: यह सुरक्षित वापसी में भी मददगार होगा; ISRO का लक्ष्य- 2026 में लॉन्च हो पहला मानवरहित मिशन
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17 मिनट पहले
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गगनयान-G1 की लॉन्चिंग अगले 2 महीनों में होने की उम्मीद है!
ISRO ने गगनयान कार्यक्रम के क्रू मॉड्यूल (CM) और सर्विस मॉड्यूल (SM) को अलग करने वाले सिस्टम की टेस्टिंग पूरी कर ली है। इसके बाद इस सिस्टम के डिजाइन की क्षमता की पुष्टि हुई है।
ये परीक्षण तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) में किए गए। गगनयान का पहला मानवरहित मिशन G1 साल 2026 में लॉन्च करने का लक्ष्य है।

पहले ‘ह्यूमन-रेटेड LVM3’ (HLVM3) रॉकेट के जरिए लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।
मॉड्यूल सेपरेशन को ऐसे समझिए…
गगनयान का ऑर्बिटल मॉड्यूल क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल से मिलकर बना है। दोनों मॉड्यूल एक सेपरेट सिस्टम के जरिए जुड़े होते हैं। अंबिलिकल कनेक्शनों से इनके बीच बिजली और लिक्विड की सप्लाई होती है।
लॉन्च से पहले दोनों मॉड्यूल को एक साथ जोड़ा जाता है। मिशन के ऑर्बिट में रहने वाले चरण के खत्म होने तक ये एक यूनिट की तरह काम करते हैं।
पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश से पहले क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल से अलग होता है। इसके लिए कई घटनाएं तय क्रम में होती हैं।
परीक्षण में क्या जांचा गया
ISRO ने सेपरेशन सिस्टम के पूरे डिजाइन की पुष्टि के लिए विक्रम साराभाई सेंटर में ये परीक्षण किए। टेस्ट सेटअप में क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल की एक साथ जुड़ी संरचना तैयार की गई थी। पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए इसमें बड़ी संख्या में इंस्ट्रूमेंट लगाए गए थे।
ISRO के मुताबिक, इन परीक्षणों से सेपरेशन सिस्टम के डिजाइन की क्षमता की पुष्टि हुई। साथ ही, क्रू मॉड्यूल के कई अहम सिस्टम की मजबूती और झटके सहने की क्षमता भी जांची गई।
इनमें एवियोनिक्स सिस्टम, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और पिछले हिस्से, शंकु के आकार वाले हीट शील्ड में लगा थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम शामिल है।
क्रू मॉड्यूल डिप्लॉयबल अंबिलिकल शील्ड की भी जांच की गई। इसके अलावा, क्रू मॉड्यूल अप राइटिंग सिस्टम और थर्मल एंड ह्यूमिडिटी कंट्रोल सिस्टम से जुड़े पाइरोटेक्निक डिवाइस भी परीक्षण में शामिल थे।
मॉड्यूल सेपरेशन को सवाल-जवाब में समझें…
मॉड्यूल अलग करना क्यों जरूरी है: गगनयान के क्रू मॉड्यूल को पृथ्वी पर लौटना है, जबकि सर्विस मॉड्यूल अंतरिक्ष में जरूरी सेवाएं देता है। वापसी के समय सर्विस मॉड्यूल को अलग करना जरूरी है, ताकि क्रू मॉड्यूल अपने हीट शील्ड के साथ वायुमंडल में प्रवेश कर सके।

बिजली और तरल पदार्थों के कनेक्शन भी अलग होंगे: दोनों मॉड्यूल के बीच बिजली, संचार और पर्यावरण नियंत्रण, जीवन समर्थन प्रणाली से जुड़े तरल पदार्थों के लिए अम्बिलिकल कनेक्शन होते हैं। सेपरेशन के दौरान ये कनेक्शन भी सही क्रम में टूटने चाहिए।
हीट शील्ड बचाएगी तेज गर्मी से: पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान क्रू मॉड्यूल को बहुत तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसके लिए थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम और हीट शील्ड जरूरी हैं। हालिया परीक्षण में इनसे जुड़े हिस्सों की झटके सहने की क्षमता भी जांची गई।
सिर्फ अंतरिक्ष में पहुंचना नहीं, सुरक्षित लौटना भी लक्ष्य: क्रू मॉड्यूल की वापसी में पैराशूट अहम भूमिका निभाएंगे। पैराशूट मॉड्यूल की गति कम करने में मदद करते हैं, ताकि समुद्र में उतरते समय सुरक्षित रिकवरी की जा सके।

जुलाई 2026 में ISRO ने क्रू मॉड्यूल के पैराशूट और अन्य सुरक्षा प्रणालियों से जुड़े परीक्षणों की जानकारी दी थी।
समुद्र में उतरने के बाद मॉड्यूल को सीधा रखना: समुद्र में उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल को सही स्थिति में बनाए रखने के लिए क्रू मॉड्यूल अप-राइटिंग सिस्टम विकसित किया गया है। जुलाई 2026 में इसके फ्लोटेशन सिस्टम का परीक्षण भी किया गया था।
इमरजेंसी में अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने की व्यवस्था: गगनयान में क्रू एस्केप सिस्टम भी है। उड़ान के दौरान गंभीर समस्या आने पर यह अंतरिक्ष यात्रियों वाले मॉड्यूल को रॉकेट से दूर ले जाने के लिए बनाया गया है। अक्टूबर 2023 में ISRO ने TV-D1 परीक्षण के जरिए इस सिस्टम का उड़ान के दौरान प्रदर्शन जांचा था।
सबसे अहम सवाल-1 में इंसानों की जगह क्या होगा: G1 पहली मानवरहित उड़ान है। इसमें मानव यात्रियों के बजाय सिस्टम की कार्यक्षमता जांची जाएगी; मिशन की योजना में व्योममित्र नाम के अर्ध-मानवाकार रोबोट को भी शामिल किया गया है।

गगनशन मिशन: 2027 में शुभांशु समेत पायलट अंतरिक्ष जाएंगे
गगनयान ISRO का ह्यूमन स्पेस मिशन है। इसके तहत 2027 में स्पेसक्राफ्ट से वायुसेना के तीन पायलट्स को स्पेस में भेजा जाएगा। ये पायलट 400 किमी के ऑर्बिट पर 3 दिन रहेंगे, जिसके बाद हिंद महासागर में स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग कराई जाएगी। मिशन की लागत करीब 20,193 करोड़ रुपए है।
गगनयान मिशन के लिए अभी वायुसेना के चार पायलट्स को चुना गया है, जिनमें से एक ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हैं। शुभांशु इसीलिए एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए थे।
गगनयान के जरिए पायलट्स को स्पेस में भेजने से पहले इसरो दो खाली टेस्ट फ्लाइट भेजेगा। तीसरी फ्लाइट में रोबोट को भेजा जाएगा। इसकी सफलता के बाद चौथी फ्लाइट में इंसान स्पेस पर जा सकेंगे। पहली टेस्ट फ्लाइट इस साल के अंत तक भेजी जा सकती है।

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रात में सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी: अंतरिक्ष में लगेंगे बड़े शीशे; भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस और अमेरिकी स्टार्टअप का प्रोजेक्ट

अमेरिकी स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल रात में धरती के चुनिंदा स्थानों पर सूरज की रोशनी बेचने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पृथ्वी की कक्षा में बड़े शीशे लगाए जाएंगे। कैलिफोर्निया की यह स्टार्ट-अप भारत की स्काईरूट एयरोस्पेस की मदद से सैटेलाइट लॉन्च करेगी। दोनों कंपनियों के बीच दो लॉन्च का कॉन्ट्रैक्ट हुआ है।
इन सैटेलाइट से आपदा प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान के लिए रोशनी दी जा सकेगी। सोलर फार्म में बिजली बनाने का समय भी बढ़ाया जा सकेगा। पढ़ें पूरी खबर…
उदयपुर में आज कई कालोनियों में पॉवर कट: सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बंद रहेगी बिजली, जानें कौनसे एरिया होंगे प्रभावित – Udaipur News
बिजली के मेंटेनेंस कार्य के चलते उदयपुर शहर के कई इलाकों में 17 अक्टूबर शनिवार को पावर कट रहेगा। इसका प्रभाव करीब 30 से ज्यादा इलाकों में रहेगा। अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता के अनुसार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। ये एरिया होंगे प्रभावित
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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ की बबीताजी उज्जैन पहुंचीं: पार्क पैलेस में सिंधी समाज के गरबा आयोजन में हुईं शामिल, स्टेज पर किया गरबा – Ujjain News
उज्जैन में शुक्रवार रात सिंधी समाज के गरबा महोत्सव में टीवी अभिनेत्री मुनमुन दत्ता पहुंचीं। धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में बबीता जी का किरदार निभाने वाली मुनमुन ने गरबे का आनंद लिया और मंच पर थिरकती नजर आईं। मुनमुन दत्ता ने जय महाकाल के जयकारों के साथ लोगों का अभिवादन किया। उन्हें देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। फैंस उनके साथ सेल्फी और फोटो लेने के लिए मशक्कत करते रहे। मंच पर मुनमुन के साथ गरबे में झूमे लोग पार्क पैलेस में संस्था संरक्षक नारायण यादव एवं महेश परियानी द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव में मुनमुन दत्ता विशेष रूप से शामिल हुईं। उन्होंने प्रतियोगियों और अन्य संस्थाओं के गरबे देखे। इसके बाद वे खुद भी मंच पर गरबा करती नजर आईं। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से जय महाकाल के जयकारे लगवाए। महोत्सव में युवतियों, पुरुषों और महिलाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। पारंपरिक गरबा आराधना के साथ प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही।
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RSS महिला शाखा प्रमुख बोलीं-दिमागी नक्सलवाद जहरीले विचारों वाला इकोसिस्टम: यह जेन जी का ब्रेनवॉश कर रहा; जंतर-मंतर जैसे प्रदर्शन युवाओं और महिलाओं को भड़का रहे
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नागपुर53 मिनट पहले
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शांताकुमारी नागपुर में राष्ट्र सेविका समिति के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम में सभा को संबोधित कर रही थीं।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी ने जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा भारत में काफी अस्थिरता पैदा कर रहा है।
शांतक्का ने दावा किया कि ‘दिमागी नक्सलवाद’ जहरीले विचारों का सबसे खतरनाक और अदृश्य इकोसिस्टम है। यह जेन जी का ब्रेनवॉश कर रहा है और महिलाओं के मन में भी अशांति पैदा कर रहा है।
शांताकुमारी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन को असंवैधानिक बताया और कहा कि प्रदर्शनकारी समाज में रचनात्मक बदलाव नहीं चाहते, बल्कि देश में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं।
देश की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, “दिमागी नक्सली देश के सामने मौजूद हैं।
नागपुर में 16 अक्टूबर को राष्ट्र सेविका समिति के वार्षिक विजयादशमी उत्सव और शस्त्रपूजन कार्यक्रम हुआ, शांताकुमारी इसी सभा को संबोधित कर रही थीं।
राष्ट्र सेविका समिति RSS का महिला संगठन है। इसकी प्रमुख संचालिका वी. शांताकुमारी को शांताक्का के नाम से भी जाना जाता है।
विजयादशमी समारोह की तस्वीरें…



जंतर-मंतर प्रदर्शन अराजकता फैला रहे
राष्ट्र सेविका समिति संचालक ने कहा, “हमने जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन देखे हैं। हम इन्हें असंवैधानिक प्रदर्शन कह सकते हैं। देश अराजकता का सामना कर रहा है। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य भारत में अस्थिरता पैदा करना और देश की संस्कृति को नष्ट करना है। वे इसी इरादे से यह सब कर रहे हैं।”
शांताकुमारी ने कहा, “ऐसा नहीं है कि वे समाज में कोई रचनात्मक बदलाव लाना चाहते हैं। इसके बजाय, वे अस्थिरता पैदा कर रहे हैं और अपने फायदे के लिए जेन जी का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री के भाषण में हुआ था इस्तेमाल
‘दिमागी नक्सल’ शब्द का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पहली बार किया था। प्रधानमंत्री ने कहा था, “हम जंगलों से सशस्त्र नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से मुक्त कराने में सफल हुए हैं। हालांकि, सशस्त्र नक्सली चले गए हैं, लेकिन दिमागी नक्सली आसपास मौजूद हैं।”
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भागवत बोले- धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा: धर्म और राष्ट्र अलग-अलग नहीं, दोनों एक-दूसरे पर निर्भर

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने 2 अक्टूबर को कहा कि भारत में धर्म और राष्ट्र अलग नहीं हैं। राष्ट्र का उद्देश्य धर्म है और धर्म राष्ट्र को बनाए रखने में मदद करता है। धर्म संकट में आया तो देश खामियाजा भुगतेगा।
भागवत ने मुंबई में ऑल इंडिया विहार सेवा ग्रुप के 14वें सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनिया विकास और पर्यावरण सुरक्षा, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन खोज रही है। पढ़ें पूरी खबर…
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के सीनियर रेजिडेंट की बर्खास्तगी रद्द: हाईकोर्ट ने कहा- बिना जांच के 4 लाइन का आदेश नहीं चलेगा – Prayagraj (Allahabad) News
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ट्रॉमा सेंटर के सीनियर रेजिडेंट डॉ. विनय कुमार पाठक की बर्खास्तगी रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि बिना विधि अनुसार जांच के सिर्फ 4 लाइन में सेवा समाप्ति आदेश जारी करना गलत है। डॉ. विनय कुमार पाठक की याचिका पर न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू रानी चौहान ने यह आदेश दिया। क्या है मामला जानिये याची ने डायरेक्टर द्वारा 18.सितंबर.2026 को जारी बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी थी। साथ ही मांग की थी कि उनके द्वारा दिए गए इस्तीफे पर उचित आदेश पारित किया जाय। कोर्ट ने डायरेक्टर को निर्देश दिया है कि वह याची को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार ताजा, तर्कसंगत और कारण सहित आदेश पारित करें।
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भारत को लक्ष्य पाने के लिए कितनी विकास दर की जरूरत, सरकार ने बताया आंकड़ा
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Indias GDP Growth : भारत ने अगले 2 दशक में विकसित राष्ट्र बनने का सपना संजोया है और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी बनने का लक्ष्य भी लेकर चल रहा है, लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कितनी विकास दर की जरूरत होगी. सांख्यिकी सचिव सुभाष गर्ग ने वह आंकड़ा बताया है, जिस विकास दर पर भारत अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है.
भारत की विकास दर इस साल 7 फीसदी के आसपास रहने की संभावना है.
नई दिल्ली. भारत ने साल 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य बनाया है, लेकिन इसके लिए कितनी विकास दर की जरूरत होगी. सांख्यिकी सचिव सुभाष गर्ग ने 16 अक्टूबर को बताया कि भारत को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए हर साल कम से कम 8 से 9 फीसदी विकास दर की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि अगर लंबे समय में अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना है तो भारत को अगले 2 दशक तक 8 से 9 फीसदी की दर से ग्रोथ करना होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
इंदौर के देसी मसाला रेस्टोरेंट का लाइसेंस सस्पेंड: कमियां दूर नहीं करने पर कार्रवाई; मानपुर में मसाले, घी और मिठाई के 10 सैंपल लिए – Indore News
खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर रेस कोर्स रोड स्थित सांची वीनस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ‘देसी मसाला’ रेस्टोरेंट का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए पहले सुधार सूचना पत्र जारी किया था। निर्धारित समय में कमियों का संतोषजनक निराकरण नहीं होने और जवाब में भी खामियां मिलने पर 15 अक्टूबर को पंजीयन निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। निलंबन अवधि में रेस्टोरेंट में खाद्य कारोबार नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने 15 और 16 अक्टूबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। मानपुर में किराना दुकानों, गणेश नगर में दुग्ध डेयरियों और नौलखा में मेवा प्रतिष्ठान से कुल 17 नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, ट्रेजर आइलैंड मॉल के फूड कोर्ट स्थित सुरुचि फूड्स चटोरी से भी पांच नमूने लिए गए। मानपुर में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से 25 खाद्य नमूनों की मौके पर त्वरित जांच की गई। कार्रवाई की खास बातें… खुले में मसाले बेचने पर व्यापारियों को निर्देश मानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कुछ किराना दुकानों पर धनिया, मिर्च और हल्दी खुले में बिकते मिले। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्यापारियों को खुले खाद्य पदार्थों की बिक्री से बचने और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पैक्ड सामग्री बेचने के निर्देश दिए। सुरेश चंद एवं ब्रदर्स किराना दुकान से नमकीन, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और गुलाब जामुन मिक्स के चार नमूने लिए गए। माहेश्वरी किराना से गुलाब जामुन मिक्स, खड़ा मसाला, चाय और अजवाइन के चार नमूने लिए गए। राजेश किराना, सदर बाजार मानपुर से घी और स्वामीनारायण आटे के दो नमूने संग्रहित किए गए। दूध, घी-पनीर और मेवों की भी होगी जांच गणेश नगर की सांवरिया डेयरी से दूध, घी और पनीर के नमूने लिए गए। श्री डेयरी से घी और कृष्णा डेयरी से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया। नौलखा स्थित नेचुरल मेवा से बादाम और काजू के नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार, मानपुर, गणेश नगर और नौलखा से लिए गए कुल 17 नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फूड कोर्ट में सफाई की कमी, पांच नमूने लिए ट्रेजर आइलैंड मॉल के फूड कोर्ट स्थित सुरुचि फूड्स चटोरी का निरीक्षण किया गया। यहां साफ-सफाई संबंधी कमियां मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रतिष्ठान से पांच खाद्य नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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मेडिकल कॉलेजों चलाने के लिए PPP मॉडल अपनाने की तैयारी: CM सम्राट बोले- स्थानीय निवेशकों-डॉक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता, जिला अस्पतालों को भी आधुनिक बनाएंगे – Patna News
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई जिस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अस्पतालों को आधुनिक बनाने से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के संचालन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत बिहार के निवेशकों और राज्य के उन डॉक्टरों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जो इस व्यवस्था में भागीदारी करना चाहते हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा। इनके निजीकरण या स्वामित्व को निजी भागीदारों को सौंपने का प्रावधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी भागीदारों की जिम्मेदारियां पहले से स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि अस्पतालों के संचालन में पारदर्शिता बनी रहे और जवाबदेही तय की जा सके। इस मॉडल का उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। बिहार के निवेशकों और डॉक्टरों को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों के संचालन में बिहार के निवेशकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही, राज्य के जो डॉक्टर इस व्यवस्था में भागीदारी करना चाहते हैं, उन्हें भी मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ”हमारा उद्देश्य है कि बिहार के लोगों को लाभ हो। बिहार के चिकित्सक जो इसमें भागीदारी करना चाहते हैं, उन्हें प्राथमिकता मिले। स्टेकहोल्डर को पब्लिक इंटरेस्ट में काम करना होगा।” सरकार का जोर इस बात पर है कि निजी भागीदारी से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जाए और इसका सीधा लाभ राज्य के लोगों को मिले। मरीजों को हिंदी और अंग्रेजी में मिलेगी जानकारी बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में इलाज के लिए निर्धारित शुल्क, मरीजों की पात्रता, बेड की अलग-अलग श्रेणियों और मरीजों के अधिकारों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह जानकारी अस्पताल परिसर के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम पर भी उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए यह जानकारी हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएगी। इससे लोगों को अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, इलाज के खर्च और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाने पर जोर मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालयों में स्थित अस्पतालों को मजबूत और आधुनिक बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को जिला स्तर पर ही आधुनिक और आसानी से उपलब्ध होने वाली चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो और लोगों को इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। आयुर्वेदिक कॉलेज को देश के बड़े संस्थानों से जोड़ने की तैयारी मुख्यमंत्री ने पटना स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस संस्थान को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाए और इसे देश के बड़े आयुर्वेद संस्थानों से जोड़ा जाए। इससे संस्थान के विकास और आयुर्वेद से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर आगे काम करते समय भवन और दूसरी आधारभूत सुविधाओं, संचालन व्यवस्था, पढ़ाई की गुणवत्ता और आम लोगों को मिलने वाले लाभ को ध्यान में रखा जाए।
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