सिद्धार्थनगर के धेंसा-जोगिया ब्लॉक स्थित मां गायत्री देवी इंटर कॉलेज के कक्षा 9 के छात्र नैतिक श्रीवास्तव का 19 वर्ष आयु वर्ग की जिला स्तरीय क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। मंगलवार को हुए जिला स्तरीय क्रिकेट ट्रायल में 84 छात्र खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। नैतिक ने अपने खेल कौशल के दम पर टीम में जगह बनाई। नैतिक के चयन की जानकारी मिलते ही विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। सेबुई गांव निवासी अशोक श्रीवास्तव के बेटे नैतिक को विद्यालय के प्रधानाचार्य पद्माकर शुक्ल समेत शिक्षकों और परिजनों ने बधाई दी। परिजनों के मुताबिक नैतिक को बचपन से ही क्रिकेट में खास रुचि है। 84 खिलाड़ियों ने ट्रायल में लिया हिस्सा जिला स्तरीय क्रिकेट टीम के लिए मंगलवार को ट्रायल आयोजित किया गया था। इसमें जिले के अलग-अलग विद्यालयों से 84 छात्र खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच नैतिक ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और अंडर-19 टीम में जगह बना ली। बचपन से क्रिकेट का शौक नैतिक के पिता अशोक श्रीवास्तव सेबुई गांव के निवासी हैं। परिजनों ने बताया कि नैतिक को बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक रहा है। पढ़ाई के साथ वह लगातार क्रिकेट का अभ्यास करता है। जिला टीम में चयन को परिवार ने उसकी मेहनत का नतीजा बताया है। स्कूल में शिक्षकों ने दी बधाई प्रधानाचार्य पद्माकर शुक्ल ने नैतिक के चयन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उसकी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। शिक्षक अमित शुक्ल समेत विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी नैतिक को बधाई दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंडल और प्रदेश स्तर पर उम्मीद नैतिक के चयन से विद्यालय प्रबंधन को भी उससे आगे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। शिक्षकों और परिजनों का कहना है कि वह इसी तरह मेहनत करता रहा तो आने वाले समय में मंडल और प्रदेश स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकता है। परिवार को उम्मीद है कि नैतिक क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़कर जिले और विद्यालय का नाम रोशन करेगा।
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84 खिलाड़ियों में नैतिक ने बनाई जगह: सिद्धार्थनगर में कक्षा 9 के छात्र का अंडर-19 जिला क्रिकेट टीम में चयन – Siddharthnagar News
बीकानेर में डॉक्टर-कांग्रेस नेता से हॉस्पिटल में मारपीट: पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर हंगामा, लोगों ने किया बीच-बचाव – Bikaner News
बीकानेर के रानी बाजार स्थित अपेक्स अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला मरीज की मौत पर बुधवार रात हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले सीनियर डॉक्टर और कांग्रेस नेता डॉ. तनवीर मालावत के साथ मारपीट की। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर आक्रोशित लोगों को डॉक्टर के केबिन से बाहर निकाला। घटना की सूचना पर कोटगेट पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है। एक दिन पहले हुआ था पथरी का ऑपरेशन मामला रानी बाजार स्थित अपेक्स अस्पताल का है। यहां लूणकरनसर की रहने वाली रुकसाना बानो का एक दिन पहले पथरी का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और बुधवार शाम उनकी मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजन ऑपरेशन करने वाले डॉ. तनवीर मालावत के पास पहुंचे और मारपीट करने लगे। पार्षद नवल पुरोहित सहित कई लोगों ने बीच-बचाव कर मारपीट कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद डॉक्टर को केबिन से बाहर निकाला गया। अस्पताल में अचानक हुए घटनाक्रम से अफरातफरी मच गई। अन्य मरीजों के परिजन भी मौके पर एकत्र हो गए। डॉ. मालावत बोले- ऑपरेशन के 24 घंटे बाद दर्द और घबराहट हुई डॉ. तनवीर मालावत ने बताया कि रुकसाना के गॉल ब्लेडर में पथरी थी, जिसे ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया था। ऑपरेशन के 24 घंटे बाद महिला ने दर्द और घबराहट की शिकायत की। वार्ड में डॉक्टर ने ईसीजी कर कार्डियोलॉजिस्ट को भेजी थी। इसके बाद इको किया गया। पल्स रेट ज्यादा आ रहा था, इसलिए उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। वहां अलग टीम होती है, जो उसकी देखरेख कर रही थी। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। डॉ. मालावत ने बताया कि मरीज को चिरंजीवी योजना के तहत भर्ती किया गया था। उन्होंने कहा कि आज एफआईआर करवाने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। बीकानेर पूर्व से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके हैं मालावत डॉ. तनवीर मालावत बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके हैं। वे राजनीति के साथ सर्जन भी हैं और खासकर पथरी व फिशर के ऑपरेशन के लिए पहचान रखते हैं। जिस अपेक्स अस्पताल में यह हंगामा हुआ, इसी परिसर में वे पहले अपना स्वयं का डॉ. तनवीर मालावत अस्पताल संचालित करते थे। घटना से चिकित्सक संगठनों में भी आक्रोश घटना के बाद बीकानेर के चिकित्सक संगठनों में भी आक्रोश है। दोपहर में अगर डॉ. मालावत एफआईआर करवाते हैं तो चिकित्सक संगठन भी उनके साथ आ सकते हैं। बीकानेर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन सक्रिय हैं। दोनों संगठनों के पदाधिकारी आज दोपहर डॉ. मालावत से मुलाकात करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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पटना, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, भागलपुर में EOU की छापेमारी: एक्जीक्यूटिव इंजीनियर के 5 ठिकानों पर रेड; आय से 83.53 लाख रुपए अधिक संपत्ति का खुलासा – Muzaffarpur News
बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता नारद कुमार दास के 5 ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई है। मुजफ्फरपुर, भागलपुर, मुंगेर, पटना समेत 5 ठिकानों पर रेड हुई है। ईओयू बिहार पुलिस मुख्यालय के अनुसार, नारद कुमार दास के खिलाफ 7 अक्टूबर 2026 को भ्रष्टाचार कानून की धाराओं के तहत केस नंबर 28/26 दर्ज हुआ। जांच में उनके पास वैध आय से 83,53,200 रुपए की अधिक संपत्ति मिली, जो कानूनी आय से करीब 64.93 प्रतिशत ज्यादा है। खबर अपडेट की जा रही है।
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यूपीआई पर 0.4% चार्ज लगने से पहले आया बड़ा अपडेट, क्या जनवरी तक टल जाएगा नियम
15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होना है. लेकिन अब मर्चेंट संगठनों, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट इंडस्ट्री ने इसे कुछ समय के लिए टालने की मांग की है. इन कंपनियों और कारोबारियों का कहना है कि नए सिस्टम को लागू करने से पहले उन्हें तैयारी के लिए और समय चाहिए. खासकर अलग-अलग तरह के UPI पेमेंट पर अलग चार्ज तय होने से कई सवाल अभी साफ नहीं हैं.
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों ने जानकारी दी है कि NPCI के नियम को जनवरी 2027 तक टालने की मांग मिली है. इस मामले में वित्त मंत्रालय के साथ भी बातचीत चल रही है. NPCI अगले दो दिनों में इस पर फैसला ले सकता है. इंडस्ट्री चाहती है कि पहले त्यौहारी खरीदारी का सीजन निकल जाए और उसके बाद नई व्यवस्था लागू की जाए. कारोबारियों को डर है कि अगर इस समय अतिरिक्त लागत बढ़ी तो इसका असर बिक्री और ग्राहकों की खरीदारी पर पड़ सकता है. वहीं, सरकार भी ऐसे समय में नया खर्च बढ़ने को लेकर सतर्क है, जब महंगाई पहले से लोगों के बजट पर दबाव डाल रही है.
2,000 रुपये से ऊपर के पेमेंट पर कितना खर्च बढ़ेगा?
नए प्लान के तहत 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लगाया जाना है. यह पैसा सीधे ग्राहक से लिया जाएगा या दुकानदार इसकी भरपाई किसी दूसरे तरीके से करेगा, यह अलग मुद्दा है. MDR यानी Merchant Discount Rate वह फीस है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट के स्तर पर पेमेंट प्रोसेसिंग के लिए लगती है. छोटे कारोबारियों के लिए यह रकम अहम हो सकती है. जिन दुकानदारों का मुनाफा पहले से सीमित है, उनके लिए हर ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत कमाई को प्रभावित कर सकती है. यही वजह है कि कई मर्चेंट संगठन फिलहाल नियम को रोकने की मांग कर रहे हैं.
असली परेशानी सिर्फ चार्ज नहीं, नियमों की जटिलता भी
पेमेंट इंडस्ट्री की सबसे बड़ी चिंता MDR की दर को लेकर है. अलग-अलग तरह के भुगतान के लिए अलग नियम बनाए गए हैं. यूटिलिटी बिल, लोन की किस्त और कैपिटल मार्केट से जुड़े पेमेंट एक जैसे नहीं माने जाते. इससे बैंक, पेमेंट एग्रीगेटर और मर्चेंट के लिए यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि किसी ट्रांजैक्शन पर कौन-सा चार्ज लागू होगा.
कार्ड पेमेंट में मर्चेंट कैटेगरी कोड के आधार पर ट्रांजैक्शन की पहचान करना अपेक्षाकृत आसान है. UPI में तस्वीर ज्यादा मुश्किल है. कई ऐसे भुगतान हैं जिन्हें ग्राहक कार्ड से कर भी नहीं सकते. इसलिए इंडस्ट्री का कहना है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले सिस्टम में इन सभी कैटेगरी की सही पहचान जरूरी है.
लोन पेमेंट में सामने आई बड़ी उलझन
लोन की किस्त का उदाहरण इस समस्या को अच्छी तरह समझाता है. कुछ ऑटोपे ट्रांजैक्शन खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं होने के कारण फेल हो जाते हैं. इसके बाद ग्राहक अगर खुद भुगतान करता है तो सिस्टम के स्तर पर उसे अलग तरह के ट्रांजैक्शन के रूप में देखा जा सकता है. NPCI के निर्देशों में कुछ ऑटोपे आधारित लोन पेमेंट के लिए 5 रुपये की फ्लैट फीस का प्रावधान है. लेकिन मैन्युअल रिपेमेंट को लेकर बैंक और पेमेंट कंपनियों के बीच कैटेगरी तय करने में भ्रम की स्थिति बताई जा रही है. सवाल यह है कि सिस्टम कैसे पहचाने कि ग्राहक का पेमेंट वास्तव में लोन की किस्त है या सामान्य वित्तीय सेवा का भुगतान.
त्यौहारी खरीदारी पर पड़ सकता है असर
इस समय सबसे बड़ी चिंता त्योहारी सीजन को लेकर है. दिवाली और दूसरे त्योहारों के दौरान UPI से बड़े पैमाने पर खरीदारी होती है. अगर MDR की लागत दुकानदारों तक पहुंचती है, तो वे इसे अपनी कीमतों में शामिल कर सकते हैं. इससे ग्राहकों के लिए खरीदारी थोड़ी महंगी हो सकती है. इंडस्ट्री को यह भी डर है कि अतिरिक्त चार्ज से ग्राहक UPI के बजाय नकद या कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा सकते हैं.
ऐसे में डिजिटल पेमेंट की रफ्तार पर असर पड़ सकता है. यही वजह है कि मर्चेंट और पेमेंट कंपनियां सिस्टम को तैयार करने के लिए कुछ और समय चाहती हैं. फिलहाल अंतिम फैसला NPCI को लेना है. अगर नियम जनवरी 2027 तक टलता है, तो इंडस्ट्री को तकनीकी और नीतिगत उलझनें दूर करने के लिए अतिरिक्त समय मिल जाएगा.
सऊदी एयरपोर्ट पर हूतियों का हमला, 3 की मौत: ड्रोन-मिसाइल हमले में 36 घायल; जवाब में यमन के 80 ठिकानों पर सऊदी की एयरस्ट्राइक
सऊदी अरब के दो एयरपोर्ट्स पर हूती विद्रोहियों ने ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई है। साथ ही 36 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने बुधवार को यह जानकारी दी। अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को 6 और 7 अक्टूबर को निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने दोनों हमलों की जिम्मेदारी ली है। वहीं, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यमन में हूतियों के 80 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। विदेशी नागरिकों ने हमले में जान गवाईं अबहा एयरपोर्ट पर हमले में मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिला नागरिकों की मौत हुई। साथ ही यहां 28 लोग घायल हुए, जिनमें सऊदी, बांग्लादेशी और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं। वहीं, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई। यहां 8 लोग घायल हुए, जिनमें 5 सऊदी नागरिक, 2 मिस्र के निवासी और एक पाकिस्तानी निवासी शामिल हैं। GACA ने बताया कि सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। साथ ही अधिकारी सुविधाओं की सुरक्षा की जांच कर रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। हूतियों ने अरामको रिफाइनरी पर हमले का भी दावा किया इससे पहले हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब में कई जगहों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने की जिम्मेदारी ली थी। इसमें रबीघ में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी अरामको पर हमला भी शामिल है। सरी ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा कि संगठन ने बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए तीन बड़े सैन्य अभियान चलाए। सरी ने दावा किया कि ये हमले यमन पर सऊदी अरब के हमलों के जवाब में किए गए। उनके मुताबिक, इससे पहले के 24 घंटों में सऊदी अरब ने यमन पर 60 हवाई और मिसाइल हमले किए थे। सऊदी ने यमन में मिसाइल लॉन्च करने वाला ठिकाना नष्ट किया इस बीच, यमन में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने दावा किया कि उसने रियाद पर हमले के लिए इस्तेमाल किए गए एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया है। गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मालिकी ने कहा कि यह कार्रवाई यमन की राजधानी सना में की गई। उनके मुताबिक, वहां सऊदी अरब पर एक और हमले की तैयारी चल रही थी और हमला जल्द किया जा सकता था। यमन में हूतियों के खिलाफ सैन्य अभियान जारी यमन सरकार हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रही है। इसका मकसद यमन और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कब्जाए इलाकों को वापस पाना है। इस सैन्य अभियान में यमन सरकार को सऊदी अरब से समर्थन मिल रहा है। सितंबर में हूतियों ने यमन के लाल सागर तट पर तेजी से बढ़ते हुए मोचा शहर और बाब अल-मंदेब के आसपास के कई अहम इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इससे इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर हूतियों की पकड़ मजबूत हो गई थी। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। 5 अक्टूबर को सऊदी समर्थित यमनी सेना ने हूतियों के खिलाफ बड़ा जवाबी अभियान शुरू किया। यमनी सेना ने बाब अल-मंदेब के पास धुबाब इलाके और कई अहम ठिकानों पर दोबारा कब्जे का दावा किया। इसके बाद सेना मोचा की तरफ बढ़ी और यमनी सरकार ने शहर को भी हूतियों से वापस लेने का दावा किया। रॉयटर्स के मुताबिक, सरकारी बलों ने हूतियों को पिछले महीने कब्जे में लिए गए ज्यादातर इलाकों से पीछे धकेल दिया है। हूतियों का दावा- यमन में सरकारी बलों पर 11 मिसाइलें दागीं अल जजीरा के मुताबिक, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में संगठन ने यमन में सरकारी बलों के 11 ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए। सरी के मुताबिक, यमनी सरकार के बलों को बाब अल-मंदेब के पास प्रमुख रास्तों पर निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में दर्जनों लोग हताहत हुए, जिनमें सैन्य कमांडर भी शामिल थे। कई गाड़ियां भी नष्ट हो गईं। हूती प्रवक्ता ने अलग से दावा किया कि संगठन ने सऊदी अरब के समर्थन वाले जायंट्स ब्रिगेड पर भी बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। उसके मुताबिक, इस हमले में 30 से ज्यादा लोग मारे गए या घायल हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 270 से ज्यादा सरकारी सैनिकों और हूती लड़ाकों की मौत हो चुकी है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में आटे के संकट से जूझ रहे लोग:20 किलो आटे का बैग 3300 रुपए पहुंचा, रोटी 20 से बढ़कर 30 रुपए हुई पाकिस्तान के पेशावर में आटे की कीमत तेजी से बढ़ने से लोग परेशान हैं। 20 किलो मोटे आटे का बैग 3,300 पाकिस्तानी रुपए तक पहुंच गया है। आटे की कीमत बढ़ने का असर तंदूरों पर भी पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें…
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156 परतें, मुलायम स्वाद और ₹240 किलो कीमत, पूर्णिया का पिपरा खाजा है बेहद खास
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Purnia Famous 156 Layer Khaja: पूर्णिया के भट्ठा बाजार में मिलने वाला पिपरा खाजा अपनी खास बनावट और स्वाद के लिए लोगों के बीच चर्चा में है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि इसमें 156 तह यानी परतें होती हैं, जो इसे सामान्य खाजे से ज्यादा मुलायम और स्वादिष्ट बनाती हैं. चौधरी मिष्ठान भंडार में तैयार होने वाला यह खाजा सालभर ₹240 प्रति किलो की कीमत पर मिलता है. खास बात यह है कि इसकी नरम परतों के कारण बच्चे, बुजुर्ग और बिना दांत वाले लोग भी इसे आसानी से खा सकते हैं.
आपने बाजार में कई तरह के खाजा का स्वाद चखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी 156 तह वाला पिपरा खाजा खाया है? अगर नहीं, तो पूर्णिया के भट्ठा बाजार स्थित कालीबाड़ी चौक के पास चौधरी मिष्ठान भंडार पहुंच सकते हैं. यहां खास कारीगरों द्वारा तैयार किया गया पिपरा खाजा सालभर उपलब्ध रहता है. इसकी कीमत ₹240 प्रति किलो है. इस खाजे की खासियत इसकी 156 परतें हैं. यह सामान्य खाजे की तुलना में काफी मुलायम और स्वादिष्ट होता है. यही वजह है कि इसे बच्चे, बुजुर्ग और यहां तक कि बिना दांत वाले लोग भी आसानी से खा सकते हैं. जानिए इसको कैसे तैयार किया जाता है.
दुकान में पिपरा खाजा तैयार करने वाले कारीगर पूरन मंडल बताते हैं कि वह पिछले कई वर्षों से यहां विशेष विधि से खाजा बना रहे हैं. उनके अनुसार खाजा की कई पतली परतें तैयार कर उन्हें एक-दूसरे के ऊपर लपेटा जाता है. यही प्रक्रिया इसे 156 तह वाला खास खाजा बनाती है.
कारीगर पूरन मंडल ने बतलाया कि 156 तह वाले खाजा को कैसे बनाया जाता है. सबसे पहले मैदा को पानी के साथ अच्छी तरह गूंथा जाता है. इसके बाद इसे कुछ समय के लिए रखा जाता है. फिर मैदा में निर्धारित सामग्री और मसाला मिलाकर इसे दोबारा तैयार किया जाता है.
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इसके बाद मैदा की पतली परतें बनाई जाती हैं. फिर उन्हें एक के ऊपर एक लपेटा जाता है. कई परतें तैयार होने के बाद इसकी कटिंग की जाती है. विशेष सांचे में दबाकर आकार दिया जाता है. इसके बाद खाजे को गर्म तेल में तलकर हल्का सुनहरा होने तक पकाया जाता है. तलने के बाद इसे चीनी की चाशनी में डाला जाता है. कुछ देर तक चाशनी में रखा जाता है. इसके बाद इसे बाहर निकालकर ग्राहकों के लिए तैयार कर दिया जाता है.
चौधरी मिष्ठान भंडार में यह खास पिपरा खाजा ₹240 प्रति किलो की कीमत पर मिलता है. खाजा के शौकीन लोग यहां पहुंचकर 156 तह वाले इस खास खाजे का स्वाद ले सकते हैं. दुकान संचालक के अनुसार इसकी बिक्री सालभर होती है. स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले ग्राहक भी इसे पसंद करते हैं.
Amazon पर शुरू हुई साल की सबसे बड़ी सेल, 40% तक सस्ते मिल रहे स्मार्टफोन
Highlights
- Amazon पर साल की सबसे बड़ी फेस्टिव सीजन सेल की शुरुआत हो गई है।
- इस सेल में स्मार्टफोन की खरीद पर बंपर डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है।
- एसी, टीवी, फ्रिज जैसे होम अप्लायंसेज भी 80% तक सस्ते में लिस्ट किए गए हैं।
Amazon पर साल की सबसे बड़ी Great Indian Festival Sale की शुरुआत हो गई है। प्राइम मेंबर्स के लिए यह सेल 7 अक्टूबर को ही लाइव हो गई थी। आज रात 12 बजे से सभी यूजर्स के लिए यह सेल शुरू हो गई है। इस सेल में स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स, एक्सेसरीज, होम और किचन अप्लायंसेज के साथ-साथ फैशन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स पर 80% तक डिस्काउंट मिल रहा है। वहीं, सेल में OnePlus, Samsung, iQOO, Apple जैसे ब्रांड्स के फोन 40% तक सस्ते में मिलेंगे।
शुरू हुई साल की सबसे बड़ी फेस्टिव सेल
ई-कॉमर्स वेबसाइट ने सेल से पहले ही मिलने वाले ऑफर्स की घोषणा कर दी थी। Amazon पर शुरू हुए इस Great Indian Festival सेल में SBI कार्ड धारकों को 10% का इंस्टैंट डिस्काउंट EMI ट्रांजैक्शन पर ऑफर किया जाएगा। वहीं, Prime मेंबर्स को 10% अतिरिक्त डिस्काउंट ऑफर किया जाएगा।
अमेजन सेल के लिए बने डेडिकेटेड मैक्रो पेज के मुताबिक, सेल के दौरान इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट के साथ-साथ कूपन डिस्काउंट, ब्लॉकबस्टर डील्स, टॉप 100 डील्स, मेगा डील्स, 8PM डील्स, बाई मोर सेव मोर, एक्सचेंज मेला, सैंपल मेनिया और अमेजन कॉम्बो जैसे डील्स ऑफर किए जाएंगे। इस दौरान नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर का भी लाभ भी मिलेगा।
सस्ता मिलेगा स्मार्टफोन
अमेजन पर आज यानी 8 अक्टूबर से आयोजित सेल में OnePlus और iQOO के स्मार्टफोन पर तगड़े ऑफर मिल रहे हैं। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर OnePlus 15, OnePlus 15R, OnePlus Nord 6, OnePlus Nord CE 6, iQOO 15, iQOO 15R, iQOO Z11, iQOO Z11x जैसे फोन काफी सस्ते में खरीदे जा सकते हैं। इसके अलावा Samsung Galaxy S25 Ultra को भी काभी सस्ते में खरीदा जा सकेगा। ई-कॉमर्स वेबसाइट के मुताबिक, स्मार्टफोन की कीमत में 40% तक की कटौती की गई है।
80% तक डिस्काउंट
ई-कॉमर्स वेबसाइट के मुताबिक, इस सेल में इलेक्ट्रॉनिक्स और एक्सेसरीज को 80% तक डिस्काउंट के साथ खरीदा जा सकता है। वहीं, होम और किचन अप्लायंसेज जैसे कि फ्रिज, एसी, टीवी, वॉशिंग मशीन, चिमनी आदि को 65% तक सस्ते में घर ला सकते हैं। वहीं, फैशन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स की खरीद पर 50 से 80% तक का डिस्काउंट मिलेगा।
Flipkart पर भी कल यानी 9 अक्टूबर से बिग बिलियन डेज सेल शुरू हो रही है। फ्लिपकार्ट ब्लैक और प्लस यूजर्स के लिए यह सेल रात 12 बजे से ही लाइव हो गई है। फ्लिपकार्ट ने कंफर्म किया है कि इस सेल में Axis Bank और ICICI Bank कार्ड पर 10% का इंस्टैंट डिस्काउंट ऑफर किया जाएगा। इसके अलावा फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक कार्ड पर 10% का अतिरिक्त डिस्काउंट मिलेगा। यही नहीं, सुपरमनी से प्रोडक्ट खरीदने पर भी हर ट्रांजैक्शन पर 10% का डिस्काउंट मिलेगा।
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आरोप-सफदरजंग अस्पताल में एक ही वेंडर की मैनपावर सप्लाई: 2014 में साईं कम्युनिकेशन को दी गई थी; पीएमओ, स्वास्थ्य मंत्रालय और सीबीआई से जांच की मांग
देश के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल सफदरजंग अस्पताल में मैनपावर सप्लाई को लेकर गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, अस्पताल में एडमिनिस्ट्रेटिव और पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी 2014 में साईं कम्युनिकेशन को दी गई थी। शिकायतकर्ता ने अस्पताल प्रशासन और मैनपावर एजेंसियों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। उसने पीएमओ, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और सीबीआई को शिकायत भेजकर मामले की जांच की मांग की है। शिकायत में मैनपावर के टेंडर, कर्मचारियों के वेतन, जीएसटी भुगतान और बिलिंग की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। आरोप है कि 2014 के बाद कंपनी को लगातार एक्सटेंशन दिया गया और बिना नया टेंडर जारी किए वही कंपनी मैनपावर सप्लाई करती रही। 1700 कर्मचारियों की मंजूरी के बावजूद करीब 2150 कर्मचारी रखे गए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मंत्रालय से 1,700 कर्मचारियों की मंजूरी के बावजूद करीब 2,150 कर्मचारी रखे गए। यानी करीब 450 कर्मचारी अतिरिक्त हैं। दावा है कि ये कर्मचारी कोरोना काल से ही काम कर रहे हैं और इनके लिए अब तक मंजूरी नहीं ली गई है। वहीं, वेंडर रविंदर कुमार ने शिकायतकर्ता के आरोपों को गलत बताया। उनके मुताबिक, गौरीशा फैसिलिटीज को मार्च 2024 में टेंडर मिला था और पिछले सप्ताह 6 महीने का एक्सटेंशन मिला है। वहीं, साईं कम्युनिकेशन को साल 2023 में 2 साल के लिए टेंडर मिला था, जिसका अगस्त में एक्सटेंशन हुआ। अस्पताल की प्रवक्ता बोलीं- रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज आते हैं सफदरजंग अस्पताल की प्रवक्ता साक्षी चुघ ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी और नियमों के तहत जरूरत के मुताबिक आउटसोर्स मैनपावर को जारी रखा या बढ़ाया जाता है। अस्पताल में रोजाना 10 हजार से ज्यादा मरीज आते हैं, इसलिए पर्याप्त मैनपावर जरूरी है। उन्होंने कहा कि नया टेंडर तय प्रक्रिया के तहत जारी किया जाएगा। एजेंसियों को सत्यापित उपस्थिति और दी गई सेवाओं के आधार पर नियमों के मुताबिक भुगतान किया जाता है। हर माह 10 करोड़ का भुगतान, जांच की मांग शिकायतकर्ता ने अस्पताल के अकाउंट्स विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मैनपावर के वेतन भुगतान के लिए कर्मचारियों के बैंक लेजर की जगह एक्सेल शीट का इस्तेमाल किया जा रहा है। वेंडर को हर माह करीब 10 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने कर्मचारियों के बैंक स्टेटमेंट की जांच कराने की मांग की है। इसके अलावा श्रमिकों के वेतन, जीएसटी भुगतान और बिलिंग की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। अस्पताल में काम कर रही दोनों एजेंसियों के पिछले 6 साल के रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की गई है। —— ये खबर भी पढ़ें… सफदरजंग अस्पताल में अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम:युवाओं को खेल-योग से जोड़ने का अभियान, खिलाड़ियों और विशेषज्ञों ने दिखाई नई राह नशे को कहें ना- जिंदगी को कहें हां, के नारों के बीच दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल परिसर में युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
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ट्रम्प ने फिर मांगा नोबेल शांति पुरस्कार: कहा- मैंने 8 युद्ध खत्म कराए, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं; 2025 में भी मांग की थी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर अपना दावा जताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 8 युद्ध खत्म कराए हैं। ट्रम्प ने कहा, मैं अपनी तारीफ नहीं कर रहा हूं, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं। शायद किसी भी राष्ट्रपति ने इतने युद्ध नहीं सुलझाए हैं। शांति प्रयास जारी हैं और जल्द एक और युद्ध सुलझा सकते हैं। ट्रम्प लंबे समय से अपने कूटनीतिक प्रयासों के लिए इस पुरस्कार के हकदार होने का दावा करते रहे हैं। बुधवार को व्हाइट हाउस लौटने के बाद उन्होंने पत्रकारों से यह बात कही। पुरस्कार की घोषणा 9 अक्टूबर को नॉर्वे की नोबेल समिति करेगी। इससे पहले जून 2025 में भी ट्रम्प ने इस पुरस्कार पर अपना दावा जताया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें यह पुरस्कार 4 या 5 बार मिल जाना चाहिए था। ट्रम्प ने 3 बार इस पुरस्कार को लेकर दावे किए ट्रम्प ने पुरस्कार नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी जनवरी 2026 में ट्रम्प की इस पुरस्कार को लेकर नाराजगी नॉर्वे के साथ विवाद तक पहुंच गई थी। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की कोशिश को लेकर विवाद के बीच ट्रम्प ने नॉर्वे के पीएम जोनास गार स्टोर को मैसेज भेजा था। ट्रम्प ने शिकायत की थी कि 8 युद्ध रोकने के बावजूद नॉर्वे ने उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया। इसके बाद स्टोर ने कहा था कि इस पुरस्कार का फैसला नॉर्वे की सरकार नहीं करती, बल्कि स्वतंत्र नॉर्वेजियन नोबेल समिति करती है। 2025 में मारिया मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था ट्रम्प की नोबेल दावेदारी का एक मामला वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो से भी जुड़ा है। मचाडो को 2025 का यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके काम के लिए दिया गया था। बाद में उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की और उन्हें अपना नोबेल मेडल दिया। हालांकि, इससे नोबेल पुरस्कार ट्रम्प को नहीं मिला। पुरस्कार मचाडो के पास ही रहा। नोबेल समिति के मुताबिक, पुरस्कार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर, साझा या वापस नहीं किया जा सकता। ——————— यह खबर भी पढ़ें… 2026 का केमिस्ट्री नोबेल फ्रांस-जापान के वैज्ञानिकों को:अणुओं के मिरर इमेज की 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई; दवाएं बनाने में मदद मिली 2026 का केमिस्ट्री नोबेल पुरस्कार फ्रांस के वैज्ञानिक हेनरी बी. कागन और जापान के केन्सो सोआई को दिया गया है। दोनों वैज्ञानिकों ने रसायन विज्ञान की करीब 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई है। पूरी खबर पढ़ें…
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