Monday, November 2, 2026
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बार का अपराधीकरण न्याय व्यवस्था खोखला कर रहा: हाईकोर्ट में वकीलों की हिंसा पर खंडपीठ ने लिया संज्ञान, कार्रवाई को कहा – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 28 अक्टूबर 2026 को कोर्ट नंबर 49 में वकीलों के एक समूह द्वारा की गई मारपीट, तोड़फोड़ और कार्यवाही बाधित करने की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की पीठ ने 29 अक्टूबर के आदेश में प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना और आपराधिक अपराध का मामला बनता पाया। इतना शोर मचाया कि अदालतों को उठना पड़ा पीठ के अनुसार सुबह अदालत बैठने से पहले ही पीठ सचिव ने सूचना दी थी कि कोर्टरूम में जुटे वकील नारेबाजी कर रहे हैं। कार्यवाही शुरू होने पर वरिष्ठ अधिवक्ता वी.पी. श्रीवास्तव ने हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के 27 अक्टूबर के पत्र का हवाला दिया और कहा कि उनके साथ कोई अपमान नहीं हुआ। इसके बाद वकीलों ने इतना शोर मचाया कि अदालत को उठना पड़ा। कोर्ट रूम में पीटा गया कोर्ट के उठने के बाद अपर शासकीय अधिवक्ता (प्रथम) परितोष कुमार मालवीय को कोर्टरूम में पीटा गया। वे सूजे हुए चेहरे के साथ जज के चैंबर पहुंचे और जान बचाने की गुहार लगाई। उनका कहना था कि हमलावरों ने राज्य की ओर से पैरवी करने पर धमकी भी दी। हाई कोर्ट डिस्पेंसरी के डॉक्टर ने चैंबर में ही उपचार किया। अन्य एजीए संजीव पांडेय, प्रदीप जायसवार और संदीप तिवारी ने भी घटना की पुष्टि की। रजिस्ट्रार जनरल की रिपोर्ट के अनुसार अन्य एजीए, कोर्ट स्टाफ और तैनात सुरक्षाकर्मियों पर भी हमला हुआ तथा फर्नीचर तोड़ा गया। पीठ ने वीडियो भी देखे, जिनमें हमलावर वकील पहचाने जा सकते हैं। विवाद की जड़: 27 अक्टूबर का पत्र पीठ ने घटना की जड़ बार पदाधिकारियों डॉ. सी.पी. उपाध्याय (अध्यक्ष-निर्वाचित) और संतोष कुमार मिश्र (महासचिव-निर्वाचित) के 27 अक्टूबर के पत्र को बताया। पत्र में आरोप था कि पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अलग कुर्सी की व्यवस्था की गई, एक वकील से जबरन माफी मंगवाई गई, जज ने उंगली दिखाकर वकील को जेल भेजने का आदेश दिया और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीवास्तव का अपमान हुआ। कोर्ट ने इन्हें भ्रामक या असत्य बताया। बैठने की व्यवस्था- अदालत की सहायता के लिए बुलाए गए अधिकारी के लिए कुर्सी रखी जाती है। इस पर पहले कभी आपत्ति नहीं हुई। अधिवक्ता से माफी मंगवाई- एक वकील ने अदालत में मौजूद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को धक्का देने की कोशिश की थी। उसने स्वयं माफी मांगी, उसे बाध्य नहीं किया गया। जेल भेजने का आदेश -ऐसा कोई आदेश न दिया गया, न रिकॉर्ड में है। वी.पी. श्रीवास्तव- उन्होंने खुली अदालत में पत्र का खंडन किया। पीठ ने श्रीवास्तव के साहस की सराहना की और कहा कि उन्होंने उग्र भीड़ के बीच अकेले खड़े होकर सच बोला। पीठ ने पत्र की भाषा को भड़काऊ मानते हुए उसमें और हिंसा के बीच सीधा संबंध माना।
सोशल मीडिया पर टिप्पणी कोर्ट ने कहा कि घटना के बाद सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक दावों की बाढ़ आ गई, जिससे हाईकोर्ट की छवि को नुकसान पहुंचा। पीठ ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक सिद्धांतों पर नए सिरे से विचार की जरूरत बताई। साथ ही कहा कि निर्णयों की आलोचना का अधिकार है, पर जजों पर व्यक्तिगत हमले और धमकियां संरक्षित नहीं हैं। वकीलों के आपराधिकरण पर चिंता पीठ ने मोहम्मद कफील बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और लखनऊ बेंच के स्वतः संज्ञान वाले मामले (21 जुलाई 2026 की घटना) का हवाला दिया। इनमें वकीलों के आपराधिक पृष्ठभूमि वाले होने और बार एसोसिएशनों की निष्क्रियता पर चिंता जताई गई थी। पीठ ने कहा कि यह “बार का आपराधिकरण” न्याय1 व्यवस्था की नींव को खोखला कर रहा है। साथ ही कहा कि अदालतों में प्रवेश के नियमन की विफलता और चैंबर प्रणाली के कमजोर होने जैसे कारण भी इसके पीछे हैं। पीठ ने सरकारी अधिवक्ताओं को भी अन्य अधिवक्ताओं के बराबर सम्मान का हकदार बताया। कोर्ट के निर्देश- 1. संबंधित वकीलों के विरुद्ध प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना की कार्यवाही चलाई जाए। 2. मामला मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए, ताकि उसे उपयुक्त पीठ को भेजा जा सके। 3. मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया गया कि रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दें कि वे उकसावे, हिंसा की साजिश, हिंसा और तोड़फोड़ तथा अन्य अपराधों के लिए वकीलों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराएं। 4. 27 और 28 अक्टूबर की घटना पर झूठी सोशल मीडिया पोस्ट डालने वालों के विरुद्ध भी एफआईआर दर्ज हो और ऐसी पोस्ट ब्लॉक व डिलीट कराई जाएं। 5. रजिस्ट्रार जनरल की 28 अक्टूबर की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में रिकॉर्ड पर रखी जाए। सराहना और राज्य का दायित्व- पीठ ने वी.पी. श्रीवास्तव और एजीए परितोष कुमार मालवीय, संजीव पांडेय, प्रदीप जायसवार, शहनवाज खान तथा संदीप तिवारी की प्रशंसा की, जो सच बोलने और अदालत की प्रक्रिया की रक्षा के लिए डटे रहे। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य का कर्तव्य है कि वह अपने विधि अधिकारियों को सुरक्षा दे।



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खगड़िया- खेत में टूटे तार से बच्ची की मौत: करंट लगा, बचाने पहुंचे पिता भी झुलसे, जर्जर तारों पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल – Khagaria News




खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड की भिखारीघाट पंचायत के वार्ड नंबर 12 में सोमवार को बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से 8 साल की बच्ची की मौत हो गई। उसे बचाने पहुंचे पिता भी करंट लगने से बेहोश हो गए। मृत बच्ची की पहचान वार्ड नंबर 12 निवासी ढोलन यादव की बेटी स्वाटी कुमारी के रूप में हुई है। वह सोमवार को पिता के साथ खेत गई थी। वहां पहले से बिजली का तार टूटकर गिरा हुआ था। स्वाटी उसके संपर्क में आ गई और करंट लगने से झुलसकर बेहोश हो गई। बेटी को बचाने पहुंचे पिता भी करंट से बेहोश बेटी को बचाने पहुंचे ढोलन यादव भी टूटे तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने दोनों को वहां से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने स्वाटी को मृत घोषित कर दिया। अलौली थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। जर्जर तारों की जांच और मरम्मत की मांग घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि खेतों और ग्रामीण रास्तों के आसपास बिजली के तार टूटकर गिरना लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद जर्जर तारों की नियमित जांच और टूटे तारों की समय पर मरम्मत नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के अधिकारियों से क्षेत्र में जर्जर तारों की जांच कराने, टूटे तारों की तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।



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OBC को 27% आरक्षण देने की मांग को लेकर प्रदर्शन: भोपाल में CM हाउस घेरने निकले ASP कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाया, लाठीचार्ज, कई घायल – Bhopal News




मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देने, 13% होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने और पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की रुकी हुई 14 सीटें तत्काल स्वीकृत करने की मांग को लेकर सोमवार को आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले थे। सीएम हाउस कूच के दौरान जैसे ही भीड़ ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें शुरू कर दीं और लाठीचार्ज कर दिया। इस टकराव में दामोदर यादव, अनिल गुर्जर सहित कई छात्र और युवा नेता मामूली घायल हो गए। सिंधु भवन से जा रहे थे सीएम हाउस मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रदर्शनकारी पीसीसी कार्यालय के पीछे स्थित ‘सिंधु भवन’ में जुटे, जहां सभा के बाद सीएम हाउस घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू हुआ। सिंधु भवन से निकला यह विशाल मार्च प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) होते हुए मुख्यमंत्री निवास की दिशा में आगे बढ़ा। 1250 चौराहे पर पुलिस की पहली कड़ी नाकाबंदी को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी आगे निकल गए। आंदोलनकारियों को सीएम हाउस पहुंचने से पहले रोकने के लिए पुलिस ने रेडक्रॉस अस्पताल के सामने मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब छात्रों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ तीखी झूमाझटकी हुई। इसी जगह पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) चलाई और हल्का बल प्रयोग किया। नेताओं के पुतले फूंके, बोले- 14% मंजूर नहीं, आबादी के अनुपात में 52% आरक्षण लेंगे मार्च से पहले सिंधु भवन में हुई सभा में आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव मंडल, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर, कमलेन्द्र पटेल (ओबीसी महासभा), राघवेंद्र सिंह गुर्जर (युवा नेता), कमल कुशवाहा, जय मूवमेंट ओबीसी के लखपत गुर्जर, सागर साहब, केशव यादव, अमोल रावत, अमित बंसोड़, बाबला सोनी, सोनालिका धुर्वे, मंजू दीपांकर, ज्योति पंथी, रामनिवास गुर्जर और भूपेंद्र कराड़ा सहित नेताओं ने संबोधित किया। भाषणों के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के पुतले जलाए। नेताओं ने दो-टूक कहा कि 9 अक्टूबर को हाईकोर्ट द्वारा 14% आरक्षण के फैसले से समाज में भारी नाराजगी है। जब सरकारें कोर्ट में सही पैरवी नहीं कर पा रही हैं, तो अब समाज अपनी 52% आबादी के अनुपात में पूरा आरक्षण लेकर रहेगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचे हबीबगंज एसीपी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:



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पटना में लिट्टी का ऑर्डर होता है नंबर में, 225-325 कोड से मिलती है स्पेशल लिट्टी

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Bihar Unique Litti: राजधानी पटना में लिट्टी-चोखा के शौकीनों की कमी नहीं है. यहां गली-मोहल्लों से लेकर बड़े बाजारों तक लिट्टी की कई दुकानें मिल जाएंगी, लेकिन क्या आपने कभी ऐसी दुकान के बारे में सुना है जहां लिट्टी खाने के लिए आपको अपना ऑर्डर नंबरों में देना पड़े? कोई 225 बोलता है तो कोई 325. पहली बार सुनने वालों को ये नंबर भले ही किसी पहेली जैसे लगें, लेकिन यहां के पुराने ग्राहकों के लिए यही लिट्टी ऑर्डर करने का खास अंदाज है. इतना ही नहीं, यहां लिट्टी बनाने का तरीका भी आम दुकानों से बिल्कुल अलग है. आटा पानी से नहीं, बल्कि दूध से गूंथा जाता है. यही वजह है कि पटना की इस करीब 45 साल पुरानी दुकान पर आज भी लिट्टी के शौकीन खिंचे चले आते हैं.

इस दुकान पर लिट्टी खाने पहुंचते ही सबसे पहले जो चीज आपका ध्यान खींचेगी, वह है ऑर्डर देने का अनोखा तरीका. यहां ग्राहक सीधे यह नहीं कहते कि हमें दो या तीन लिट्टी चाहिए. इसके बजाय कोई 225 बोलता है तो कोई 325. सुनने में ये नंबर किसी खास कोड जैसे लगते हैं, लेकिन इनके पीछे का गणित बेहद आसान है.

दरअसल, यहां लिट्टी को बटर में फ्राई करके परोसा जाता है. दुकानदार भोला कुमार ने बताया कि 225 का मतलब है दो लिट्टी और 25 ग्राम बटर, जबकि 325 का मतलब है तीन लिट्टी और 25 ग्राम बटर. इसी तरह ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से लिट्टी और बटर की मात्रा तय कर सकते हैं. किसी को 50 ग्राम बटर चाहिए तो कोई 100, 150 या 200 ग्राम तक बटर में अपनी लिट्टी फ्राई करवाता है. यानी यहां सिर्फ लिट्टी खाने का नहीं, बल्कि अपने स्वाद के हिसाब से उसे तैयार करवाने का भी पूरा इंतजाम है. दुकान का यह कोडवर्ड वाला अंदाज पुराने ग्राहकों के बीच इतना लोकप्रिय है कि वे बिना किसी उलझन के अपना ऑर्डर दे देते हैं.

लिट्टी की असली पहचान उसके स्वाद और सोंधी खुशबू में छिपी होती है. लेकिन इस दुकान में लिट्टी को खास बनाने की तैयारी आटा गूंथने के साथ ही शुरू हो जाती है. आमतौर पर लिट्टी बनाने के लिए आटे में पानी मिलाया जाता है, मगर यहां कारीगर दूध का इस्तेमाल करते हैं. दुकान में एक बार में करीब 30 से 35 किलो आटा गूंथा जाता है, जिसके लिए लगभग 20 किलो दूध का इस्तेमाल होता है. जब कारीगर से पूछा कि आटा पानी की जगह दूध से क्यों गूंथा जाता है, तो उनका सीधा जवाब था कि इससे खाने में अच्छा लगता है.

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लिट्टी के साथ चोखा न हो तो बिहारी स्वाद की बात अधूरी रह जाती है. इस दुकान में चोखा तैयार करने का तरीका भी काफी अलग है. यहां बैंगन और टमाटर को उबालकर उसमें उबले हुए आलू मिलाए जाते हैं. इसके बाद शुरू होता है मसालों का खेल. चोखे में जीरा, गोलकी, भुनी मिर्च, लहसुन, धनिया पत्ता और दूसरे मसालों के साथ हाजमोला पाउडर भी मिलाया जाता है. इन सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर चोखे को खास स्वाद दिया जाता है. कारीगर की मानें तो यहां चोखा बनाने के लिए एक बार में करीब 40 किलो आलू, 20 किलो बैंगन और 15 किलो टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है. आखिर में, सरसों का तेल भी मिलाया जाता है. इतनी बड़ी मात्रा में चोखा तैयार होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुकान पर लिट्टी के साथ चोखे की भी अच्छी मांग रहती है.

इस दुकान की खासियत सिर्फ लिट्टी बनाने का तरीका या ऑर्डर देने का कोडवर्ड नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़ी लोगों की पुरानी यादें भी हैं. यहां आने वाले कुछ ग्राहक ऐसे हैं जो बचपन से लिट्टी खाने के लिए पहुंच रहे हैं. इस लिट्टी दुकान का नाम गोपी कृष्णा लिट्टी भंडार है. इसको 1981 में गोपी कृष्णा जी ने शुरू किया था. आज भी वे अपने बेटे भोला के साथ इस दुकान को चलाते हैं.

अगर आप भी दूध से गूंथे आटे और बटर में फ्राई की गई लिट्टी का स्वाद चखना चाहते हैं, तो आपको पटना के जीपीओ गोलंबर के पास पहुंचना होगा. यहां मल्टीमॉडल हब से सटे सबवे के एंट्री पॉइंट पर, कबाड़ी मार्केट में पीपल के पेड़ के पास गोपी कृष्णा जी की यह दुकान मौजूद है. दुकान पर लिट्टी खाने का समय शाम 4:30 बजे से रात 10:30 बजे तक बताया गया है. इसलिए अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो शाम के समय पहुंचना बेहतर रहेगा.

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बांग्लादेश में ढाई गुना वेतन की मांग के लिए प्रदर्शन: मजदूरों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प, हाईवे जाम; सरकार बोली- हिंसा के पीछे हसीना के लोग


ढाका49 मिनट पहलेलेखक: मोहम्मद आरिफुल इस्लाम

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बांग्लादेश में हुए प्रदर्शन के दौरान कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।

बांग्लादेश में कपड़ा मजदूर ढाई गुना वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को कई जगह पुलिस से उनकी झड़प हुई।

प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं और पुलिस की गाड़ियों समेत कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन के चलते ढाका, गाजीपुर और मयमनसिंह में करीब 670 फैक्ट्रियां बंद रहीं। रविवार को भी 529 फैक्ट्रियों में काम बंद था। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्व पीएम शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े कुछ फैक्ट्री मालिक हिंसा भड़का रहे हैं।

मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़ी 2 तस्वीरें

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी भागते हुए नजर आए।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी भागते हुए नजर आए।

प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रक में आग लगा दी।

प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रक में आग लगा दी।

हाईवे जाम किया, पुलिस की 3 गाड़ियों में आग लगाई

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर के औद्योगिक इलाके से गुजरने वाला ढाका-टांगाइल हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस की तीन वैन और कई दूसरे वाहनों में आग लगा दी गई।

ढाका से नारायणगंज जाने वाली सड़क पर भी प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोका और वाहनों के टायर जलाए। इन घटनाओं में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के कम से कम दो जवान और कई अन्य लोग घायल हुए। घायलों में पत्रकार भी शामिल हैं।

गाजीपुर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद नुरुल करीम भुइयां ने बताया कि औद्योगिक इलाके में BGB की 10 प्लाटून तैनात की गई हैं।

गाजीपुर में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों से झड़प के दौरान पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।

गाजीपुर में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों से झड़प के दौरान पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।

गाजीपुर में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद, 14 लोग गिरफ्तार

गाजीपुर इंडस्ट्रियल पुलिस के अधीक्षक अमजद हुसैन के मुताबिक, सोमवार को जिले में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद रहीं। वहीं, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पिछले दो दिनों में तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में कम से कम 14 फैक्ट्री मजदूरों और अवामी लीग के नेताओं-कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।

रविवार को भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। उस दिन करीब 50 लोग घायल हुए थे, जिनमें लगभग 15 पुलिसकर्मी शामिल थे।

गाजीपुर में मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान टायर भी जलाए गए। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।

गाजीपुर में मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान टायर भी जलाए गए। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।

प्रधानमंत्री ने आपात बैठक बुलाई

मजदूरों के प्रदर्शन और पुलिस से झड़प के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार शाम मंत्रियों और सलाहकारों के साथ आपात बैठक बुलाई थी।

गृह मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को फैक्ट्रियां चालू रखने और मजदूरों के हितों की रक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्यात पर असर न पड़ने देने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।

मजदूर न्यूनतम वेतन 23 हजार रुपए करने की मांग कर रहे

मजदूरों की मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन 9600 रुपए से बढ़ाकर 23 हजार रुपए किया जाए।

सरकार ने रविवार को वेतन तय करने के लिए एक वेतन बोर्ड बनाने का ऐलान किया था। इसके बावजूद मजदूरों का प्रदर्शन जारी रहा। श्रम मंत्री अरिफुल हक चौधरी ने मजदूरों से काम पर लौटने की अपील की थी।

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है कपड़ा उद्योग

बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। देश के कुल निर्यात में इस उद्योग की हिस्सेदारी 80% से अधिक है। बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है।

वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश ने 3.68 लाख करोड़ के कपड़े निर्यात किए। यहां बने कपड़े 150 से ज्यादा देशों में भेजे जाते हैं। अमेरिका और यूरोप इसके बड़े बाजार हैं।

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शरद पवार अस्पताल में भर्ती, सीने में दर्द की शिकायत: हालत स्थिर, लेकिन हॉस्पिटल में ही रहेंगे; 85 साल के नेता कैंसर सर्वाइवर हैं




NCP (SP) प्रमुख शरद पवार को सोमवार को पुणे के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें सांस लेने पर बढ़ने वाले सीने के दर्द की शिकायत थी। 85 साल के पवार को खांसी होने के बाद पुणे के प्राइवेट हॉस्पिटल रूबी हॉल क्लिनिक लाया गया। उनकी बेटी, बारामती सांसद और NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने यह जानकारी दी। सुले के मुताबिक, पवार के मेडिकल टेस्ट चल रहे हैं। उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी पैरामीटर स्थिर हैं। डॉक्टर बोले- हालत स्थिर, टेस्ट जारी, फिलहाल निगरानी में रहेंगे रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ, चेयरमैन और मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. पुरवेज के. ग्रांट ने बताया कि पवार की हालत जल्द सामान्य होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर पवार को निगरानी में रखा जाएगा। डॉक्टर का कहना है कि ये इमरजेंसी नहीं है अगर ऑक्सीजन, हार्ट रेट नॉर्मल हो, लेकिन एंटीबायोटिक, दर्द की दवा और आराम से 3-5 दिन में ठीक हो जाता है। क्या होता है प्ल्यूरिटिक पेन प्ल्यूरिटिक पेन सीने में होने वाला ऐसा दर्द है, जो सांस लेने, खांसने या छींकने पर आमतौर पर बढ़ जाता है। प्ल्यूरिटिक पेन यानी फेफड़ों के बाहर की झिल्ली में दर्द। हमारे फेफड़ों के चारों तरफ 2 पतली झिल्लियां होती हैं – इन्हें प्ल्यूरा कहते हैं। दोनों झिल्लियों के बीच थोड़ा सा लुब्रिकेंट फ्लूइड होता है, ताकि सांस लेते समय फेफड़े आसानी से फूल-पिचक सकें। जब इन झिल्लियों में सूजन, इन्फेक्शन या फ्लूइड भर जाता है तो सांस लेते, खांसते या छींकते समय दोनों झिल्लियां आपस में रगड़ खाती हैं। इसी रगड़ से सीने में तेज, चुभने वाला दर्द होता है – इसे ही प्ल्यूरिटिक पेन या प्ल्यूरिसी कहते हैं।



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iPhone 16 की कीमत में कटौती, Amazon Diwali Sale में मिल रहा 21000 रुपये सस्ता


Amazon पर चल रहे Diwali Sale में एप्पल के 2024 में लॉन्च हुए iPhone 16 की कीमत में भारी कटौती की है। कंपनी ने हाल ही में अपनी iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च की है। नए आईफोन लॉन्च के साथ ही कंपनी ने अपने कई पुराने मॉडल की कीमत में भी इजाफा किया है। पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 के साथ-साथ iPhone 16 की कीमत में भी इजाफा किया गया है। Amazon पर चल रही दिवाली सेल में यह फोन MRP से 21,000 रुपये तक सस्ता मिल रहा है।

कितना सस्ता मिलेगा iPhone 16?

अमेजन पर आयोजित दिवाली सेल में एप्पल का यह आईफोन 68,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। एप्पल ने इसे 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। हालांकि, प्राइस हाइक के बाद इसे 89,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। सेल में यह फोन 76,999 रुपये की लिस्ट प्राइस में मिल रहा है।

इस कीमत पर 5,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। साथ ही, 3,000 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी लिया जा सकता है। इस तरह से फोन की कीमत में 21,000 रुपये तक की कटौती की जा सकती है। इसके अलावा आप पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज भी करवा सकते हैं। इसके बाद फोन की कीमत और कम हो सकती है। साथ ही, नो-कॉस्ट EMI ऑफर का भी लाभ मिल सकता है।

iPhone 16 के फीचर्स

एप्पल ने इस आईफोन को तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 128GB, 256GB और 512GB में लॉन्च किया है। इसमें 6.1 इंच का OLED डिस्प्ले मिलता है। इसमें सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले मिलता है, जिसके साथ डायनैमिक आईलैंड डिजाइन दिया गया है। यह आईफोन A18 Bionic चिपसेट पर काम करता है। फोन में एप्पल इंटेलिजेंस यानी AI फीचर दिया गया है।

iPhone 16 के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 48MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 12MP का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए एप्पल के इस आईफोन में 12MP का कैमरा मिलेगा। यह आईफोन USB Type C चार्जिंग, iOS 18 जैसे फीचर्स से लैस है। फोन के बैक में वायरलेस और MagSafe चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है।

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दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर के खिलाफ पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन: वकीलों से झड़प के बाद एसीपी और इंस्पेक्टर का तबादला हुआ था


नई दिल्ली3 घंटे पहले

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दिल्ली पुलिस हेडक्वॉर्टर के गेट नंबर-1 के बाहर 80 पुलिसकर्मी प्रदर्शन करते हुए।

ईस्ट दिल्ली में एक एसीपी और एक इंस्पेक्टर का तबादला किए जाने के विरोध में दिल्ली पुलिस के जवानों ने पुलिस हेडक्वॉर्टर का घेराव किया। पुलिस जवानों का कहना था कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुचित है और इससे पुलिस का मनोबल गिरता है।

सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस हेडक्वॉर्टर के गेट नंबर-1 के बाहर 80 पुलिसकर्मी नारेबाजी करने लगे। इससे पुलिस मुख्यालय में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें प्रदर्शन खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश करने लगे।

प्रदर्शन कर रहे पुलिसकर्मी नहीं माने तो डीसीपी (नई दिल्ली) सचिन शर्मा मौके पर पहुंचे। शर्मा ने एसीपी और अन्य पुलिसकर्मियों से कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों की तरह बर्ताव नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पुलिस हेडक्वॉर्टर के अंदर चलने का भी आग्रह किया, लेकिन कोई भी तैयार नहीं हुआ।

पुलिस जवानों का कहना था कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुचित है और इससे पुलिस का मनोबल गिरता है।

पुलिस जवानों का कहना था कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अनुचित है और इससे पुलिस का मनोबल गिरता है।

दिल्ली पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजे गए थे

दिल्ली पुलिस के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज भेजे गए थे। इनमें पुलिसकर्मियों से सोमवार सुबह मुख्यालय के बाहर इकट्ठा होने के लिए कहा गया था। इसका मकसद तबादले का सामना करने वाले अधिकारियों के प्रति समर्थन जताना और उन्हें उनकी पुरानी पोस्टिंग पर वापस लाने की मांग करना था।

सभी जिलों के डीसीपी और यूनिट प्रमुखों से कहा गया था कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारी इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए पुलिस मुख्यालय न पहुंचें।

तबादले के आदेश जारी होने के बाद, 28 अक्टूबर को वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।

तबादले के आदेश जारी होने के बाद, 28 अक्टूबर को वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।

वकीलों की मांग पर हुआ था दो पुलिस ऑफिसर्स का ट्रांसफर

गांधी नगर सब-डिवीजन में तैनात एसीपी वशिष्ठ और शाहदरा पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया था। यह कार्रवाई 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना के बाद की गई, जिसमें एक वकील के सिर पर हाथापाई के दौरान गंभीर चोट लग गई थी।

इस घटना के बाद जिला अदालत के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तबादले के आदेश जारी होने के बाद, 28 अक्टूबर को वकीलों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली थी।

हालांकि, वकीलों की मांग पर पुलिस ऑफिसर्स के तबादलों से दिल्ली पुलिस के कुछ कर्मियों में असंतोष फैल गया। वे पुलिस कमिश्नर से मिलकर इन दो अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर करना चाहते थे।

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भोपाल में वकील-पुलिसकर्मी विवाद, दोनों तरफ से FIR:जहांगीराबाद थाने में वकीलों का प्रदर्शन

भोपाल के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में अधिवक्ता राकेश रावल और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद में दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। राकेश रावल की शिकायत पर थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें…



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पीलीभीत में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी: दूसरे दिन हुई पहचान, पत्नी और ससुर पर प्रताड़ना का आरोप – Pilibhit News




पीलीभीत की शारदा कॉलोनी में रविवार शाम करीब 4 बजे प्रदीप ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सोमवार सुबह 10 बजे उसकी पहचान हुई। परिजनों ने पत्नी और ससुर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रदीप सदर कोतवाली क्षेत्र की शारदा कॉलोनी में रहता था। उसकी शादी करीब तीन साल पहले सुषुम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, यह सुषुम की दूसरी शादी थी। शादी के करीब डेढ़ साल बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद अक्सर कहासुनी और झगड़े होते थे। परिजनों का आरोप है कि प्रदीप का ससुर भी उससे विवाद करता था।
रविवार शाम करीब 4 बजे प्रदीप का पत्नी से किसी बात पर विवाद हुआ। इसके बाद वह घर से निकलकर रेलवे लाइन पर पहुंचा और ट्रेन के आगे कूद गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर लोग जुटे, लेकिन रविवार को उसकी पहचान नहीं हो सकी। सोमवार को उसकी पहचान शारदा कॉलोनी निवासी प्रदीप के रूप में हुई। जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पत्नी और ससुर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों की भी पड़ताल होगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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रीवा स्टेशन पर लगेंगे 6 एस्केलेटर और 4 लिफ्ट: यात्रियों को मिलेगी राहत; ऑटो पार्किंग से प्लेटफॉर्म तक आसान होगी आवाजाही – Rewa News




रीवा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होने जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए स्टेशन पर 6 एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) और 4 नई लिफ्ट लगाई जा रही हैं। इनके शुरू होने के बाद बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और भारी सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने में राहत मिलेगी। तीन स्थानों पर लगेंगे 6 एस्केलेटर स्थानीय रेलवे के मुताबिक, स्टेशन पर 6 एस्केलेटर तीन प्रमुख स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। इनमें ऑटो पार्किंग क्षेत्र, नया फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म नंबर 4 शामिल हैं। एस्केलेटर शुरू होने के बाद यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए बार-बार सीढ़ियों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। नए फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म पर लगेंगी 4 लिफ्ट यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर 4 नई लिफ्ट भी स्थापित की जाएंगी। ये लिफ्ट नए फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म नंबर 2 व 4 पर लगाई जाएंगी। इससे खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के साथ बच्चों व सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी। एस्केलेटर लगाने का काम शुरू स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने का काम शुरू हो चुका है। विकास कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को स्टेशन परिसर में आवाजाही के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, सभी एस्केलेटर और लिफ्ट के शुरू होने की आधिकारिक समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने, पहुंच मार्गों को व्यवस्थित करने और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। रीवा स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट की स्थापना भी इसी विकास कार्य का हिस्सा है।



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