Monday, June 1, 2026
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अभिषेक बनर्जी से मारपीट पर दिल्ली में बयानबाजी, TMC-भाजपा में बढ़ी तल्खी


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अभिषेक बनर्जी से मारपीट पर दिल्ली में बयानबाजी, TMC-भाजपा में बढ़ी तल्खी

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पुलिस ने बताया कि 30 मई को चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर जाने पर अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने मारपीट की. अज्ञात लोगों ने सांसद पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके, और “चोर, चोर” के नारे लगाते हुए उन पर लात-घूंसे बरसाने की कोशिश भी की.

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अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है.

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घटनाओं को शर्मनाक बताए जाने के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है. भाजपा नेताओं का कहना है कि टीएमसी नेताओं के खिलाफ जनता में नाराजगी है, जबकि कपिल सिब्बल के बयान को देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान बताया.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कपिल सिब्बल को लेकर कहा कि उनका बयान देश विरोधी है और देश की जनता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है. इस बयान में जनता द्वारा बार-बार ठुकराए जाने का असर दिखाई देता है. जिस देश ने आपको नेता, मंत्री, सांसद और अधिवक्ता बनाया, उसी देश का आप अपमान कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सत्ता परिवर्तन भी लोकतांत्रिक तरीकों से होता है, “खेला होबे” से नहीं. हर नागरिक को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है, लेकिन देश को बदनाम करने वाले ऐसे बयान कपिल सिब्बल सहित विपक्ष के नेताओं की मानसिकता को उजागर करते हैं. विदेशी टूलकिट के हिसाब से राहुल गांधी के नेतृत्व में कुछ लोग देश की संस्थाओं, लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. लोकतंत्र की नींव कमजोर करने का काम कांग्रेस ने दशकों तक किया है.

उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि का फैसला रोकने और कसाब को बचाने के लिए देर रात कोर्ट खुलवाने वाले लोग आज देश को गाली दे रहे हैं. देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और कोई इसे रोक नहीं सकता. कपिल सिब्बल का बयान गैरजिम्मेदाराना है और देश का अपमान करने का प्रयास है.

वहीं, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अभिषेक बनर्जी या कल्याण बनर्जी पर हुआ हमला किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है. हम इसका विरोध करते हैं और भाजपा के कार्यकर्ता इन घटनाओं में शामिल नहीं हैं. यह जनता का गुस्सा है. उन्हें कुछ दिन एहतियात बरतनी चाहिए. सरकार सुरक्षा देगी, लेकिन पिछले 15 वर्षों में लोगों को जिस तरह परेशान किया गया, उसका प्रभाव अब दिखाई दे रहा है.

उन्होंने टीएमसी को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि उनकी हार क्यों हुई. आखिर लोगों में ऐसी क्या नाराजगी है कि वे बाहर निकलते हैं तो जनता उन पर टूट पड़ती है. भाजपा हिंसा और मारपीट के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में लोगों पर कितनी ज्यादतियां हुईं, यह किसी को याद नहीं आता. अब परिवार के किसी सदस्य के साथ जनता की नाराजगी सामने आई तो ममता बनर्जी प्रदर्शन कर रही हैं. उन्हें इसका अधिकार है, लेकिन यह भी सोचना चाहिए कि जनता उनसे नाराज क्यों है.

बता दें कि कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक बताया था और सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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गुजरात में 12 शेर, MP में 10 बाघों की मौत: इनके CDV वायरस से मरने का दावा, वन-विभाग ने अब तक रिपोर्ट नहीं की जारी


अमरेली13 मिनट पहले

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एशियाटिक लायंस के लिए फेमस गुजरात के पूर्वी और पश्चिमी गिर फॉरेस्ट में 12 शेरों की मौत का मामला केंद्र सरकार तक पहुंच गया है। वन विभाग ने 30 से अधिक शेरों को एनीमल केयर सेंटर में रखा है। हालांकि, शेरों की लेबोरेटरी रिपोर्ट अभी तक जारी नहीं की गई है।

ऐसा ही हाल मध्यप्रदेश में बाघों का है। कान्हा टाइगर रिजर्व में 2 अप्रैल से अब तक 10 बाघों की मौत हो चुकी है। बाघों में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) के गंभीर लक्षण मिलने के बाद वन विभाग ने अलर्ट मोड में अभियान शुरू किए हैं।

गुजरात के शेरों में CDV वायरस के लक्षण मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों और राज्य के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने रविवार को जसाधार पशु देखभाल केंद्र का दौरा किया। पिछले 15 दिनों में 12 शेरों की मौत के बावजूद रिपोर्ट जारी न होने से मामला गहराता जा रहा है।

30 से अधिक शेरों को जसाधार एनिमल केयर सेंटर में रखा गया है।

30 से अधिक शेरों को जसाधार एनिमल केयर सेंटर में रखा गया है।

जामवाला एनिमल केयर सेंटर में शेरों को आइसोलेशन में रखा गया है।

जामवाला एनिमल केयर सेंटर में शेरों को आइसोलेशन में रखा गया है।

गुजरात वन-विभाग चुप

गुजरात में करीब 8 दिन पहले 5 शावकों और 4 शेरों की मौत हुई थी। इनके विसरा नमूनों की जांच के बाद भी वन विभाग की ओर से अभी तक कोई रिपोर्ट जारी नहीं की गई है। हालांकि, CDV वायरस के लक्षणों के चलते वन विभाग ने सतर्कता बरतते हुए काम शुरू कर दिया है। लेकिन आशंका है कि स्थिति गंभीर होती जा रही है। वहीं दूसरी ओर, रिपोर्ट जारी न करने को लेकर राज्य सरकार और वन विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है: मोढवाडिया

पूर्वी और पश्चिमी गिर में शेरों में फैली महामारी और उससे हुई मौतों के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया जामवाला एनिमल केयर सेंटर भी पहुंचे थे। उन्होंने वन विभाग के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पिछले तीन दिनों से किसी भी शेर की मौत की खबर नहीं है। जामवाला में बैठक पूरी करने के बाद वन मंत्री जसधार एनिमल केयर सेंटर भी जाएंगे। वहां भी वे अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेंगे।

मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में 10 बाघों की मौत हो चुकी है।

मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में 10 बाघों की मौत हो चुकी है।

MP में 10 बाघों की मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंचा

मध्यप्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौत का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। जस्टिस विवेक जैन और जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की वेकेशन बेंच ने शुक्रवार को प्रारंभिक सुनवाई के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित पक्षों से जवाब तलब किया।

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने अदालत को बताया कि 2 अप्रैल 2026 से अब तक कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) संक्रमण के कारण 10 बाघों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।

2018 में गुजरात में 11 शेरों की मौत हुई

इससे पहले 2018 में गुजरात में एक महीने के भीतर 11 शेरों की मौत हुई थी। तब मौतों की वजह कैनाइन डिस्टेंपर वायरस और प्रोटोजोआ संक्रमण का मिश्रण माना गया था। 2025 गुजरात में एशियाई शेरों की संख्या बढ़कर 891 हो गई है।

————– गुजरात के शेरों से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें…

गुजरात में संक्रमण से 4 शेर शावकों की मौत:बेबेसिया वायरस फैलने की आशंका; 17 शेर आइसोलेशन में रखे

गुजरात के गिर में मंगलवार को संदिग्ध संक्रमण के कारण चार शेर शावकों की मौत हो गई थी। आशंका जताई जा रही है कि इनमें बेबेसिया वायरस का संक्रमण हो सकता है। बेबेसिया वायरस ‘टिक्स’ (कीड़ों) के जरिए फैलता है और इससे संक्रमित जानवरों में कमजोरी, खांसी और नाक से पानी बहने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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भारत में फीफा वर्ल्ड कप दिखाएगी ये कंपनी, निवेशकों में खुशी, शेयर 6% तक चढ़े


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भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्रसारण और डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं. इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली. माना जा रहा है कि यह सौदा जी के स्पोर्ट्स कारोबार को नई ऊंचाई दे सकता है.

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नई दिल्ली. जी एंटरटेनमेंट ने सोमवार को ऐलान किया कि उसने भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्रसारण और स्ट्रीमिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं. यह टूर्नामेंट 11 जून 2026 से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में शुरू होगा. इस बार विश्व कप पहले से बड़ा होगा क्योंकि इसमें 48 टीमें हिस्सा लेंगी. मैचों का प्रसारण जी के नए स्पोर्ट्स चैनल ‘Unite8 Sports’ पर किया जाएगा, जबकि डिजिटल दर्शक Zee5 पर मुकाबलों का सीधा प्रसारण देख सकेंगे. इस डील को कंपनी के स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

ऐलान के बाद शेयर बाजार में दिखा उत्साह
फीफा के साथ साझेदारी की खबर आते ही निवेशकों ने जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में खरीदारी शुरू कर दी. सोमवार को कंपनी का शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 6.4 प्रतिशत तक उछल गया. बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन शेयर फिर भी मजबूती के साथ कारोबार करता रहा. दोपहर बाद यह करीब 5.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.51 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े खेल आयोजनों के प्रसारण अधिकार मीडिया कंपनियों के लिए विज्ञापन और दर्शक संख्या दोनों बढ़ाने का अवसर बनते हैं.

2030 वर्ल्ड कप समेत कई बड़े टूर्नामेंट भी शामिल
यह समझौता केवल फीफा वर्ल्ड कप 2026 तक सीमित नहीं है. जी को फीफा वर्ल्ड कप 2030 के साथ-साथ पुरुष, महिला और युवा वर्ग की कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के प्रसारण अधिकार भी मिले हैं. इससे कंपनी को आने वाले वर्षों में लगातार बड़े फुटबॉल आयोजनों का फायदा मिलेगा. लंबे समय की यह साझेदारी जी को भारत में फुटबॉल प्रसारण के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल कर सकती है.

फुटबॉल की संभावनाओं पर भरोसा
जी एंटरटेनमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक को भारतीय दर्शकों तक पहुंचाना कंपनी के लिए गर्व की बात है. उनके अनुसार फुटबॉल ऐसा खेल है जो क्षेत्र, भाषा और उम्र की सीमाओं से परे जाकर लोगों को जोड़ता है. उन्होंने कहा कि मीडिया अधिकार खरीदने और समर्पित स्पोर्ट्स चैनल शुरू करने का फैसला इस खेल की दीर्घकालिक संभावनाओं पर कंपनी के भरोसे को दर्शाता है. उनका मानना है कि फीफा के साथ साझेदारी से कंपनी विकास और लाभप्रदता दोनों को आगे बढ़ा सकेगी.

भारत फीफा के लिए क्यों है इतना अहम बाजार
फीफा के मुख्य व्यवसाय अधिकारी रोमी गाई ने भारत को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बाजार बताया. उन्होंने कहा कि देश में युवा और उत्साही दर्शकों की बड़ी संख्या फुटबॉल के विकास के लिए शानदार अवसर प्रदान करती है. फीफा के आंकड़ों के अनुसार, कतर में आयोजित 2022 फीफा वर्ल्ड कप के दौरान भारत का योगदान वैश्विक टेलीविजन दर्शक संख्या में 2.9 प्रतिशत था. यह चीन के बाद सबसे अधिक सहभागिता वाले देशों में शामिल रहा. भारत में टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म मिलाकर लगभग 74.5 करोड़ दर्शकों ने टूर्नामेंट देखा था, जबकि केवल टेलीविजन पर करीब 8.4 करोड़ लोगों ने मुकाबलों का आनंद लिया. यही वजह है कि फीफा भारत को अपने सबसे महत्वपूर्ण और तेजी से बढ़ते बाजारों में गिनता है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ रिलीज, दिशा के डांस के बीच अक्षय ने कैटरीना को किया याद


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‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना ‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ रिलीज हो गया है, जो 2007 के हिट ट्रैक का रीमिक्स वर्जन है. अक्षय कुमार और दिशा पाटनी की जोड़ी और डांस ने गाने को खास बना दिया है. वहीं अंत में अक्षय का कैटरीना कैफ को याद करना फैंस के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज रहा.

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नई दिल्ली: फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का गाना ‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ रिलीज कर दिया गया है, जिसने एक बार फिर सभी को नॉस्टैल्जिया का अहसास करवाया. गाने में कैटरीना की कमी जहां फैंस को महसूस हुई, वहीं अक्षय कुमार भी उन्हें याद करते नजर आए. कैटरीना कैफ भले ही लंबे समय से पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनकी पॉपुलैरिटी अभी भी बरकार है.

एक्ट्रेस अक्सर ही लाइमलाइट में रहती हैं, फैंस उनसे जुड़ी हर अपडेट के बारे में जानने के लिए बेहद एक्साइडेट रहते हैं. अब अपने शानदार गाने के रिलीज होने पर अक्षय कुमार ने जो कहा, उसने फैंस का दिल जीत लिया.

‘वेलकम टू द जंगल’ का नया गाना हुआ रिलीज

दरअसल, फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ का गाना ‘ऊंचा लंबा कद फॉरएवर’ सोमवार को रिलीज कर दिया गया. जहां गाने में अक्षय कुमार के साथ दिशा पाटनी नजर आ रही हैं. नए वर्जन वाले गाने में अक्षय और दिशा शानदार डांस मूव्स करते नजर आ रहे हैं. हालांकि, यह गाना साल 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ के गाने ‘ऊंचा लंबा कद’ का रीमिक्स वर्जन है, जिसे नए तरीके से रीक्रिएट किया गया है.

अक्षय संग दिशा का डांस मूव वायरल

इस रीमिक्स ट्रैक पर दुबई में अक्षय कुमार और दिशा पाटनी का एक डांस सीक्वेंस फिल्माया गया है. गाने के अंत में, अभिनेता कैटरीना को याद करते हुए बोलते हैं, “कैटरीना हम तुम्हें याद कर रहे हैं.”2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’ के गाने ‘ऊंचा लंबा कद’ में कैटरीना और अक्षय कुमार नजर आए थे. गाने में कटरीना के डांस मूव्स को आज भी पसंद किया जाता है. साथ ही, यह गाना आज भी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करता रहता है.

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‘एनटीए पर पहले से ही भारी दबाव है..’- नीट री-एग्जाम याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी


नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर सामने आ रही है. कोर्ट ने आगामी 21 जून को होने वाले नीट यूजी री-टेस्ट को पेन-पेपर मोड के बजाय कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित कराने की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है. इस याचिका को आज वेकेशन बेंच के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार के सामने अर्जेंट लिस्टिंग के लिए मेंशन किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस पर तुरंत दखल देने की जरूरत नहीं समझी और मामले को गर्मियों की छुट्टियों के बाद सामान्य दिनों के लिए लिस्ट कर दिया है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: 21 जून को ही होगी नीट यूजी री-टेस्ट

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया है कि आगामी 21 जून को होने वाला नीट यूजी री-टेस्ट अपने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: छुट्टियों के बाद होगी सुनवाई

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका की गंभीरता को देखते हुए इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया है, बल्कि गर्मियों की छुट्टियों के बाद सुनवाई के लिए लिस्ट किया है.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: एनटीए के दबाव का जिक्र

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने सहानुभूति जताते हुए कहा कि एनटीए दोबारा परीक्षा आयोजित करा रहा है और इस समय एजेंसी पर काम का बहुत भारी दबाव है.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE:वेकेशन बेंच का फैसला

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: इस मामले को आज आंशिक कार्यदिवस (Partial-working-day) बेंच के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार के समक्ष अर्जेंट लिस्टिंग के लिए लाया गया था.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: सुप्रीम कोर्ट का अर्जेंट हियरिंग से इनकार

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को होने वाली नीट यूजी री-परीक्षा को कंप्यूटर-बेस्ड (CBT) मोड में कराने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ मना कर दिया है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी नोटिफिकेशन को चुनौती

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में मुख्य रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की तरफ से जारी की गई हालिया नीट-यूजी अधिसूचना की उन शर्तों को चुनौती दी गई है, जो पुरानी परीक्षा पद्धति को ही जारी रखती हैं. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि बिना किसी कठिन सुरक्षा बदलाव के उसी पुरानी लीक-संभावित प्रणाली से परीक्षा कराना छात्रों के साथ धोखा है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: क्या लीक प्रूफ हो सकती है नीट यूजी परीक्षा?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और उनकी टीम आज अदालत कक्ष के अंदर याचिकाकर्ताओं की तरफ से मुख्य दलीलें पेश करेंगे. इस लीगल टीम ने अपनी याचिका में उन सभी कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया है, जो साबित करते हैं कि मौजूदा व्यवस्था के तहत एक पारदर्शी, सुरक्षित और पूरी तरह से लीक-प्रूफ परीक्षा का आयोजन करना लगभग नामुमकिन हो चुका है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: अदालत में कौन लड़ रहा है छात्रों की लड़ाई?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की तरफ से इस महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई की कमान देश के जाने-माने और अनुभवी अधिवक्ताओं की टीम संभाल रही है. इस पूरी पिटीशन को मुख्य अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड नीमा और उनकी सहयोगी लीगल टीम द्वारा बेहद बारीकी से तैयार और दाखिल किया गया है, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली की तकनीकी खामियों को अदालत के सामने रखा है.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है नीट यूजी पेपर लीक मामला

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: इन दिग्गजों का एक साथ आना साफ तौर पर दर्शाता है कि नीट यूजी परीक्षा की शुचिता का मामला अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन आईएमए और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बुनियाद रखने वाली इस परीक्षा में किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: सुप्रीम कोर्ट में किसने खोला मोर्चा?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: नीट यूजी परीक्षा प्रणाली में बड़े और आमूल-चूल सुधारों की मांग को लेकर देश के कई क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों ने एक साथ आकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संयुक्त याचिका को आरजेडी (RJD) सांसद सुधाकर सिंह, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामला क्या है?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: इस बार का मुख्य विवाद नीट यूजी की मौजूदा परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, सुरक्षा खामियों और पेपर लीक की लगातार बनी रहने वाली संभावनाओं से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ताओं का मानना है कि पारंपरिक ढर्रे पर कराई जाने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सेंध लगाना बेहद आसान है, जिससे हर साल लाखों होनहार और दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य और करियर दांव पर लग जाता है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: याचिका की पृष्ठभूमि: क्या है यह पूरा मामला?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी की हालिया अधिसूचना जारी होने के बाद से ही परीक्षा प्रणाली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. इस अधिसूचना की कानूनी वैधता और इसमें सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसने एक बार फिर देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों का ध्यान सुप्रीम कोर्ट की तरफ खींच लिया है.



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पंचायत सहायकों ने विकास भवन पर प्रदर्शन किया: एटा में स्थायीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग उठाई – Etah News




एटा में पंचायत सहायकों ने सोमवार को विकास भवन परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। पंचायत सहायक कर्मचारी संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पंचायत सहायक विकास भवन पहुंचे और नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष अनुराग के नेतृत्व में पंचायत सहायकों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राजकुमार मौर्य को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पंचायत सहायकों के स्थायीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिल रहा ₹6000 मासिक मानदेय महंगाई के इस दौर में बेहद कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मानदेय बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह करना, स्थायी सेवा नियमावली लागू करना, रिक्त पदों पर समायोजन नीति बनाना, ग्राम पंचायत अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पदों की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देना और पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ना शामिल है। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जून 2026 को इको गार्डन, लखनऊ में प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की।



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महिला के गले से झपटा 1.20 लाख का चेन: कोई पीछा न करे ई-रिक्शा के टायर की निकाली हवा, टोटो रिजर्व कर आई थी टीचर की पत्नी – Patna News




पटना में सोमवार को बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा में बैठी महिला की चेन छीन ली। मौके पर मौजूद संजीत के अनुसार महिला शॉपिंग करने के बाद पार्किंग में निकली। फिर ई-रिक्शा में बैठ गई। इसी बीच बदमाश आए और गले से चेन स्नेचिंग कर भाग गए। जिसकी कीमत 1,20,000 रुपए है। पीड़िता दिव्या कुमारी (38) है। जो शिक्षक की पत्नी है। दिव्या रूपसपुर कालिकेत नगर से ई-रिक्शा रिजर्व कर सेविका ज्वेलर्स, लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स आई थी। जैसे ही दुकान से बाहर पार्किंग में आई। इसी बीच उनके साथ घटना हुई। पीड़िता ने ई-रिक्शा के चालक से कहा कि बदमाशों का पीछा करो, पर किसी ने ई-रिक्शा के आगे वाले पहिए की हवा निकाल दी थी। घटना श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र के चुन्नीलाल मेगा मार्ट के कैंपस की है। तस्वीरों में देखिए कैसे हुई छिनतई… बाइक पर गलत रजिस्ट्रेशन नंबर का प्लेट लगा था पीड़ित दिव्या ने बताया कि सोने की चेन 12 ग्राम की थी। दिव्या के पति शिक्षक हैं। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी आया है। जिसमें डेढ़ मिनट तक दोनों बदमाश रेकी करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद स्नेचिंग कर के डाकगबंगला चौराहा की ओर भागते दिख रहे हैं। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने बाइक नंबर से आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पता चला कि जिस शख्स के नंबर प्लेट का इस्तेमाल बदमाश कर रहे हैं, उसकी गाड़ी घर पर खड़ी है।
16 दिन पहले भी हुई थी वारदात 16 दिन पहले बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से सटे थोड़ी ही दूरी पर सरोज मिश्रा और उनकी बहू गौरी मिश्रा के साथ भी चेन स्नेचिंग की वरदात हुई थी। जिसकी अभी तक कोई खोज खबर नहीं है। बदमाशों ने तकरीबन 15 लाख की चेन वट सावित्री पूजा के दिन गायब कर दी थी। हथियार दिखाकर दंपती से चेन छीन लिया था इसके अलावा पटना में 28 दिन पहले दिनदहाड़े दंपती से पिस्टल के बल पर लूट हुई थी। घटना शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के समनपुरा इलाके में हुई थी। दंपती बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार 3 बदमाशों ने उन्हें बीच सड़क पर रोक लिया था और पिस्टल सटाकर सोने की चेन छीन ली थी। जब दंपती ने विरोध किया था तो बदमाशों ने पिस्टल तान दिया था और उनके साथ मारपीट की थी। फिर हथियार लहराकर मौके से फरार हो गए थे। पीड़ित दामोदरम केपी और अलया फतीमा पटना के हाई कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ हैं। सुबह के वक्त पत्नी के साथ कॉलेज जा रहे थे। इसी बीच कॉलेज से चंद कदम की दूरी पर घटना को बदमाशों ने अंजाम दिया था।



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100 साल बाद भी नहीं बदला स्वाद! बेंसन की भुजिया के लिए आज भी लगती है लंबी कतार


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Famous Bhujia Rajasthan: राजस्थान की खान-पान संस्कृति में कई ऐसे स्वाद शामिल हैं, जो पीढ़ियों से लोगों की पसंद बने हुए हैं. इन्हीं में से एक नाम है बेंसन की भुजिया, जिसकी लोकप्रियता करीब 100 वर्षों बाद भी बरकरार है. पारंपरिक विधि, खास मसालों और गुणवत्ता के कारण यह भुजिया आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. स्थानीय लोगों से लेकर बाहर से आने वाले पर्यटक तक इसके स्वाद के दीवाने हैं. दुकान पर रोजाना ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है और कई लोग विशेष रूप से इस मशहूर भुजिया का स्वाद लेने पहुंचते हैं. समय के साथ खाने-पीने की आदतें भले बदल गई हों, लेकिन बेंसन की भुजिया ने अपनी पहचान और गुणवत्ता को कायम रखा है. यही वजह है कि यह सिर्फ एक नमकीन नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा की विरासत बन चुकी है.

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जयपुर: जयपुर का चारदीवारी बाजार खरीदारी के साथ साथ स्वादिष्ट जायके का खजाना भी है. जहां हर बाजार में वर्षों पुराने जायके की खुशबू बहती रहती हैं. हर दुकान अपने खास जायके के लिए प्रसिद्ध हैं. ऐसे चारदीवारी बाजार के त्रिपोलिया बाजार में स्थित जगन्नाथ शर्मा पकौड़ी वाले जहां सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. लोकल-18 ने जगन्नाथ शर्मा पकौड़ी वाले की दुकान पर पहुंच कर यहां के ऑनर मुकेश कुमार से बात की तो वह बताते हैं हमारे यहां की बेसन भूजिया पूरे जयपुर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं जिसकी शुरुआत 100 साल पहले उनके दादा जगन्नाथ शर्मा ने की थी.

चारदीवारी बाजार में खरीददारी करने आने वाले लोगों से लेकर पर्यटक और दुनियाभर की नामचीन हस्तियां उनकी बेसन भूजिया के स्वाद के लिए यहां लाइन लगाएं खड़े रहते हैं मुकेश बताते हैं. इस दुकान और भूजिया-पकौड़ी के जायके की शुरुआत उनके दादाजी ने की थी, लेकिन अब वह चौथीं पीढ़ी हैं जिन्होंने 100 सालों बाद भी इस जायके के स्वाद को बरकरार रखा हैं. आज भी दुकान दादाजी के समय की की हैं. जिसमें कोई चमक धमक नहीं हैं बस हर समय गरम-गरम भूजिया-पकौड़ी बनती रहती हैं और लोग चलते फिरते स्वाद लेते रहते हैं.

राजगढ़ से जयपुर आकर शुरू किया था भूजिया-पकौड़ी का जायका 
लोकल-18 से बात करते हुए मुकेश कुमार बताते हैं वर्षों पहले उनके दादा अलवर के राजगढ़ से काम की तलाश में जयपुर आए थे लम्बे समय तक उन्होंने यहां हलवाई के रूप में काम किया और फिर उन्होंने यहां भूजिया-पकौड़ी के जायके की शुरुआत की लोगों को उनके हाथ का स्वाद पंसद आया उस जमाने में जब भूजिया-पकौड़ी की शुरुआत हुई थी, तब 1 किलों भूजिया की कीमत 1 आना हुआ करती थी लेकिन बदलते समय और महंगाई के साथ अब 1 किलों भूजियां की कीमत 240 रूपए किलो हैं. मुकेश बताते हैं कि दुकान पर हर दिन अलग-अलग प्रकार की पकौड़ी और कचौड़ी तैयार होती हैं इनमें बेंसन की भुजियां, आलू की पकौड़ी, दाल की पकौड़ी जिसे अलग-अलग चटनी और कढ़ी के साथ ग्राहकों को सर्व की जाती हैं. सुबह से शाम तक ग्राहकों की इतनी ही भीड़ रहती हैं पूरे दिन पकौड़ी और भुजिया बनती हैं. हर दिन 20 से 30 लोगों भूजिया-पकौड़ी की लोगों में डिमांड रहती हैं.

घर के मसालों से तैयार होती हैं अलग-अलग पकौड़ी-भुजियां 
लोकल-18 से बात करते हुए मुकेश कुमार बताते हैं कि वैसे तो चारदीवारी बाजार में हर नुक्कड़ पर एक कचौड़ी-पकौड़ी की दुकान देखने को मिल जाएंगी. लेकिन हमारे यहां का स्वाद सबसे अलग हैं क्योंकि दादाजी के समय से ही हमारे यहां अलग-अलग भुजिया और पकौड़ी के लिए घर के पीसे हुए सीक्रेट मसालों का उपयोग किया जाता हैं, इसलिए हमारी बेसन भुजियां का स्वाद सबसे खास होता हैं. दुकान के अलावा जयपुर में शादी विवाह के कार्यक्रमों तक हमारी बेसन भुजिया की डिमांड रहती हैं. बेंसन की भुजिया ख़ासतौर पर लकड़ी की भट्टी पर तैयार होती हैं, इसलिए इसका स्वाद खास होता हैं. पूरे दिन भट्टी चलती हैं जिसके चलते पूरी दुकान काले रंग में रंगी हुई हैं.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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बैतूल में श्रद्धालुओं से भरा ट्रक पलटा, एक की मौत: 28 घायल हुए; चंडी दरबार से लौटते समय इंदौर हाईवे पर हुआ हादसा – Betul News




बैतूल में इंदौर हाईवे पर चंडी दरबार से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के हिवरखेड़ी के पास बीती रविवार रात हुए इस सड़क हादसे में 28 लोग घायल हो गए, जबकि 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई, जो घटना के बाद मौके से फरार है। हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत बैतूल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां गंभीर रूप से घायल सलाईढाना निवासी 65 वर्षीय सुखीराम धुर्वे को आईसीयू में भर्ती किया गया था, जहां देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, हादसे में घायल हुए दो अन्य लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया है। प्राथमिक उपचार के बाद कई घायलों को मिली छुट्टी
खेड़ी पुलिस चौकी अंतर्गत हुए इस हादसे में कुल 28 लोग घायल हुए थे। इनमें से कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज अभी जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीम घायलों के समुचित उपचार की निगरानी कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद मृतक सुखीराम का शव उनके परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के बाद से आरोपी ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है और फरार ड्राइवर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। देखिए अस्पताल की 2 तस्वीरें…



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कविता से निकली कहानी, चाचा-भतीजे की फिल्म ने रचा इतिहास, सुपरहिट निकली मूवी


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फिल्म बनाने के लिए डायरेक्टर-राइटर को प्रेरणा कहीं से भी मिल सकती है. बॉलीवुड में ऐसा कई बार हुआ है कि सिर्फ एक लाइन के आइडिया के डेवलप किया गया. कहानी का रूप देकर फिल्म बनाई गई. 70 के दशक में ऐसे ही एक फिल्म की स्टोरी का जन्म कविता से हुआ था. चाचा-भतीजे की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. मजेदार बात यह है कि डायरेक्टर हीरो को एयरपोर्ट से पकड़कर लाया था. गाने आज भी पॉप्युलर हैं.

‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘शोले’ जैसे कालजयी फिल्मों का जन्म सिर्फ एक लाइन के आइडिया से हुआ. 70 के दशक में बीआर चोपड़ा के भाई यश चोपड़ा ने एक ऐसी फिल्म बनाई जिसकी प्रेम कहानी को आज भी याद किया जाता है. मजेदार बात यह है कि इस सुपरहिट फिल्म का जन्म एक कविता से हुआ. चाचा-भतीजे की जोड़ी भी फिल्म में नजर आई थी. अमिताभ बच्चन का एक ही रंग दर्शकों को देखने को मिला था. यह फिल्म ‘कभी-कभी’ थी जो कि 1976 में रिलीज हुई थी.

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कहा जाता है कि प्यार वही अच्छा होता है जिसे मंजिल मिल पाए. अधूरा प्यार जिंदगी का दर्द बन जाता है. इसी थीम पर 1976 में अमिताभ बच्चन-राखी, शशि कपूर-ऋषि कपूर और नीतू सिंह स्टारर एक फिल्म ‘कभी-कभी’ आई थी. फिल्म का जन्म मशूर शायर-गीतकार साहिर लुधियानवी की एक नज्म से हुआ था. यह नज्म थी : कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है.

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दरअसल, साहिर लुधियानवी की कविताओं का संग्रह 1940 के दशक में ‘तल्खियां’ नाम से छपा था. ‘तल्खियां’ में एक दर्द भरी नज्म ‘कभी-कभी’ थी. इस कविता को धुन में पिरोने का काम संगीतकार खय्याम ने किया था. 1960 के दशक में देवानंद के भाई चेतन आनंद काफिर’ फिल्म में सुधा मल्होत्रा और गीता बाली से गाना ‘कभी-कभी मेरे दिल में, ख्याल आता है’ रिकॉर्ड करवाया. आगे चलकर यह फिल्म बंद कर दी गई. 1966 में जब चेतन आनंद राजेश खन्ना-इंद्राणी मुखर्जी को लेकर ‘आखिरी खत’ बना रहे थे तो संगीतकार खय्याम ने ‘काफिर’ फिल्म के रिकॉर्ड किए गए गाने ‘कभी-कभी’ को ‘आखिरी खत’ में लेने के बारे में पूछा लेकिन बात नहीं बनी.

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आगे चलकर ‘रोमांस के जादूगर’ यश चोपड़ा ने ‘कभी-कभी’ फिल्म बनाई. वैसे भी यश चोपड़ा गीतकार साहिर लुधियानवी को बहुत पसंद करते थे. उन्होंने ‘कभी-कभी’ नज्म का इस्तेमाल अपनी फिल्म में किया. इतना ही नहीं फिल्म का टाइटल ही ‘कभी-कभी’ रख दिया. ‘कभी-कभी’ में वहीदा रहमान, शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, ऋषि कपूर, नीतू सिंह जैसे सितारे थे. म्यूजिक खय्याम ने कंपोज किया था. खैय्याम ने ऐसा कालजयी म्यूजिक तैयार किया, जो तब भी हिट था और आज भी हिट है.

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वैसे यश चोपड़ा चाहते थे कि लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल फिल्म का म्यूजिक दें लेकिन साहिर लुधियानवी को उन पर भरोसा नहीं था. उन्होंने खय्याम से म्यूजिक लेने पर जोर दिया. कहा जाता है कि ‘कभी-कभी’ फिल्म की कहानी गीतकार साहिर लुधियानवी की निजी जिंदगी से इंस्पायर्ड थी. साहिर साहब ने अपनी कविता के कई अल्फाज बदल दिए थे. खय्याम ने ऐसा रोमांटिक गाना तैयार हुआ जिसे सुनकर आज भी प्रेमी जोड़ी दुनिया भूल जाते हैं.

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‘कभी-कभी’ फिल्म स्क्रीनप्ले सागर सरहदी ने लिखा था. फिल्म में कुल 9 गाने रखे गए थे. फिल्म का यूथफुल सॉन्ग ‘तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें’ किशोर कुमार की आवाज में था. फिल्म में नीतू सिंह और ऋषि कपूर का आइडिया पामेला चोपड़ा को अखबार के एक आर्टिकल से मिला था. फिल्म रिलीज होने के बाद राजेश खन्ना ने दावा किया था कि अमिताभ बच्चन वाला रोल पहले उन्हें ऑफर किया गया था.

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फिल्म में नजर आए शशि कपूर-ऋषि कपूर का असल रिश्ता चाचा-भतीजे का था जबकि फिल्म में दोनों पिता-पुत्र के रोल में दिखाई दिए थे. मजेदार बात यह है कि ऋषि कपूर ने शुरुआत में यह फिल्म ठुकरा दी थी. यश चोपड़ा ने शशि कपूर से बात की. शशि कपूर ने वादा किया था कि वो भतीजे ऋषि कपूर के कान पकड़कर सेट पर लाएंगे. शशि कपूर के दबाव में ऋषि ने फिल्म के लिए हामी भर दी. इसी फिल्म के दौरान ऋषि कपूर-नीतू सिंह का प्यार परवान चढ़ा.

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‘कभी-कभी’ फिल्म का बजट करीब 1.4 करोड़ था और मूवी ने 3 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. यह 1976 की आठवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. खय्याम को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का जबकि साहिर लुधियानवी को बेस्ट गीतकार का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.

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