Tuesday, September 8, 2026
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अस्पताल में फोर्थ ग्रेड कर्मी ने मरीज को लगाए टांके: मोतिहारी में वीडियो वायरल होने पर CS बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई – Motihari (East Champaran) News




बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। मोतिहारी के पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फोर्थ ग्रेड कर्मी ने मरीज को टांके लगाए। इसका वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में कृष्णा नाम का एक फोर्थ ग्रेड कर्मी मरीज का इलाज करते और टांके लगाते दिख रहा है। फोर्थ ग्रेड कर्मी ने बच्चे को टांके लगाए जानकारी के अनुसार, एक किशोर के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उसका सिर फट गया था। वह अपने पिता के साथ इलाज के लिए पहाड़पुर सीएचसी पहुंचा था। वहां तैनात फोर्थ ग्रेड कर्मी ने उस बच्चे को टांके लगा दिए। अस्पताल में मौजूद किसी अन्य मरीज के परिजन ने इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो सामने आने के बाद लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रशिक्षित एएनएम और जीएनएम मौजूद हैं। इसके बावजूद फोर्थ ग्रेड कर्मी द्वारा टांके लगाना जांच का विषय है। इसकी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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सांप भगाने जलाई आग से पटाखे फूटे, युवक झुलसा: दमोह के किल्लाई गांव में हादसा, गंभीर हालत में एडमिट – Damoh News




दमोह के किल्लाई गांव में मंगलवार शाम एक घर में रखे पटाखों में आग लगने से विस्फोट हो गया। इस हादसे में 30 साल का निहाल कुंचबदिया गंभीर रूप से झुलस गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत रही पटाखे कम मात्रा में रखे थे जिससे घर के अन्य सदस्य इस हादसे में घायल होने से बच गए। नहीं तो कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती थी सांप भागने के लिए जलाई थी आग देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि निहाल के घर में लैट्रिन के पास पटाखे रखे थे। शाम के समय एक सांप घर में घुस आया था। सांप को भगाने के लिए निहाल ने आग जलाई और मिर्च पाउडर जलाया। मिर्च जलाने के दौरान पटाखों में आग लग गई और तेज धमाका हुआ। निहाल पटाखों के पास ही खड़ा था, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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आम-नींबू का अचार छोड़िए, इस बार बनाएं कटहल का चटपटा अचार, स्वाद ऐसा कि…

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कच्चे कटहल से बना चटपटा अचार खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. सरसों के तेल और मसालों से तैयार यह देसी अचार रोटी, पराठे और दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है.

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घर के खाने के साथ अचार मिल जाए तो साधारण खाना भी स्वादिष्ट लगने लगता है. अगर आप आम, नींबू और मिर्च के अचार से कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो कच्चे कटहल का अचार ट्राई कर सकते हैं. इसमें कटहल को मसालों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद खट्टा, मसालेदार और चटपटा हो जाता है. इसे बनाने के लिए ज्यादा मुश्किल सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती.

इस अचार के लिए करीब 1 किलो कच्चा कटहल लें. इसके अलावा 4 से 5 बड़े चम्मच सरसों, 2 बड़े चम्मच सौंफ, 1 बड़ा चम्मच मेथी दाना, 1 से 2 बड़े चम्मच कलौंजी, 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक लें. अचार का स्वाद बढ़ाने के लिए 3 से 4 बड़े चम्मच सिरका या नींबू का रस लिया जा सकता है. करीब 1 से 1.5 कप सरसों का तेल भी चाहिए.

सबसे पहले कटहल तैयार करें

कच्चे कटहल को काटना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए हाथ और चाकू पर थोड़ा तेल लगा लें. कटहल का छिलका हटाकर उसे मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें. अब इन टुकड़ों को अच्छी तरह धोकर पानी सुखा लें. इसके बाद कटहल को हल्का उबाल सकते हैं, लेकिन उसे पूरी तरह गलाना नहीं है. बस इतना पकाएं कि टुकड़े थोड़े नरम हो जाएं और अपना आकार बनाए रखें. अब इन्हें कपड़े या प्लेट पर फैलाकर अच्छी तरह ठंडा और सुखा लें.

मसाला तैयार करने का तरीका

एक पैन में सरसों, सौंफ और मेथी दाने को हल्का सा भून लें. इन्हें ज्यादा काला नहीं करना है. ठंडा होने के बाद इन मसालों को दरदरा पीस लें. अब एक बड़े बर्तन में कटहल के टुकड़े डालें और इसमें पिसे हुए मसाले, कलौंजी, लाल मिर्च, हल्दी और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं.

ऐसे लगेगा अचार का असली स्वाद

अब सरसों के तेल को पैन में गर्म करें. जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो गैस बंद करके इसे थोड़ा ठंडा होने दें. हल्का गुनगुना तेल कटहल और मसालों के ऊपर डालें. इसके बाद इसमें सिरका या नींबू का रस डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला लें. ध्यान रखें कि कटहल के हर टुकड़े पर मसाला और तेल अच्छी तरह लग जाए.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

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दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी: सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा




सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले नेताओं में शामिल प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई अब करीब ₹11 करोड़ बढ़ जाएगी। वोंग को फिलहाल सालाना करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) मिलते हैं। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा का इजाफा होगा। तुलना करें तो भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी करीब ₹20 लाख है। इस हिसाब से वोंग की नई सालाना कमाई मोदी की सैलरी से करीब 135 गुना ज्यादा होगी। मंत्रियों की सैलरी भी बढ़ेगी अभी सिंगापुर के मंत्रियों को सालाना करीब 11 लाख सिंगापुर डॉलर (₹8.20 करोड़) मिलते हैं। नई व्यवस्था में यह बढ़कर करीब 12 लाख डॉलर (₹8.95 करोड़) हो जाएगी। वोंग के मुताबिक, मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक ज्यादातर मंत्रियों की सालाना कमाई 13.5 लाख डॉलर (करीब ₹10 करोड़) तक पहुंच सकती है। सैलरी का कुछ हिस्सा सरकार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। रोजगार बढ़ाने, लोगों की आय बढ़ाने और GDP ग्रोथ जैसे लक्ष्यों को हासिल करने पर उनकी कमाई बढ़ सकती है। सरकार का तर्क- ज्यादा सैलरी से भ्रष्टाचार कम होगा सिंगापुर सरकार लंबे समय से मंत्रियों को ज्यादा सैलरी देने के फैसले का बचाव करती रही है। सरकार का कहना है कि मंत्रियों को अच्छी सैलरी मिलनी चाहिए, ताकि योग्य लोग राजनीति में आएं और भ्रष्टाचार से दूर रहें। सिंगापुर दुनिया के सबसे कम भ्रष्ट देशों में शामिल है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भी वह लगातार ऊंची रैंकिंग पर रहा है। सरकार इसे अपनी ऊंची सैलरी वाली व्यवस्था के पक्ष में एक उदाहरण मानती है। आम लोगों में नाराजगी, नौकरी और महंगाई को लेकर चिंता सिंगापुर में मंत्रियों की इतनी ज्यादा सैलरी लंबे समय से विवाद का मुद्दा रही है। आम लोगों की कमाई इसके मुकाबले काफी कम है। देश में औसत सालाना आय 5,775 सिंगापुर डॉलर यानी करीब ₹4.30 लाख है। इस बार भी सैलरी बढ़ाने के फैसले की आलोचना हुई। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि सरकार ने आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज किया है। लोगों को नौकरी जाने, नए ग्रेजुएट्स को नौकरी मिलने और बढ़ती महंगाई की चिंता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछली तिमाही में नौकरी गंवाने वालों की संख्या 5 साल से ज्यादा समय में सबसे ज्यादा रही।
हालांकि, कुछ लोगों ने सरकार के फैसले का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि देश चलाने के लिए ‘सबसे अच्छे लोगों’ को जिम्मेदारी देना जरूरी है। ———————



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प्रोटीन के लिए वेजिटेरियन लोग रोजाना खाएं ये 4 चीजें, गैस्ट्रो डॉक्टर से जानें


अगर आप वेजिटेरियन हैं तो रोजाना के प्रोटीन इनटेक के लिए आपको 5 चीजों को अपने खाने की प्लेट में जरूर शामिल करना चाहिए। ये चीजें खुद गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने शेयर की हैं। 

बहुत से लोगों का मानना है कि प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने वाले लोगों के लिए जरूरी है। जबकि ये सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर के सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी है। नॉन वेजिटेरियन लोग प्रोटीन की पूर्ति के लिए अंडा और चिकन चीजों को खा लेते हैं लेकिन जो लोग सिर्फ वेजिटेरियन खाना खाते हैं उन्हें समझ नहीं आता की वह प्रोटीन की मात्रा सही रखने के लिए किन चीजों को खाएं। ऐसे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने 5 ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जो वेजिटेरियन लोगों को अपनी डायट में शामिल करनी चाहिए। हालांकि, इन चीजों के साथ ही इस आर्टिकल में जानिए कि आखिर प्रोटीन क्या है और ये शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं।

क्या है प्रोटीन और ये क्यों जरूरी है?

प्रोटीन एक मैक्रोन्यूट्रिएंट है, जो छोटे-छोटे अमीनो एसिड से बना होता है। शरीर इन अमीनो एसिड का इस्तेमाल कोशिकाओं, मांसपेशियों, एंजाइम, हार्मोन और कई जरूरी चीजों को बनाने और उनकी मरम्मत के लिए करता है। त्वचा, बाल, नाखून और शरीर के कई ऊतक प्रोटीन से जुड़े होते हैं। इसके अलावा हमारे इम्यून सिस्टम में कई जरूरी प्रोटीन शामिल होते हैं। जो पर्याप्त और संतुलित पोषण बनाने के अलावा शरीर को संक्रमणों से लड़ने वाली इम्यूनिटी को बनाए रखने में मदद करते हैं।

प्रोटीन के लिए क्या खाएं

1) ग्रीक योगर्ट

ये एक बेहतरीन चॉइस है क्योंकि इसके हर 100 ग्राम में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। इसके अंदर प्रोबायोटिक्स होते हैं जो गट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। इसे सामान्य दही को छानकर बनाया जाता है, जिससे उसका पानी कुछ हद तक निकल जाता है और वह ज्यादा गाढ़ा हो जाता है।

2) सोया चंक्स

ये एक पावरफुल वेजिटेरियन प्रोटीन ऑप्शन है। हर 100 ग्राम सूखे सोया चंक्स में 50 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें ल्यूसिन की भी अच्छी मात्रा होती है जो एक अमीनो एसिड है। जो मसल्स रिपेयर और ग्रोथ में मददगार साबित होता है। सुबह के नाश्ते में आप सोया चंक्स की टिक्की या रैप बनाकर खा सकते हैं।

3) पनीर, कोटेज चीज और टोफू

100 ग्राम पनीर में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। 100 ग्राम कोटेज चीज में 11 ग्राम प्रोटीन होता है और 100 ग्राम टोफू में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। इन तीनों चीजों को खाने पर आपको एक बात का ख्याल रखना होगा कि पनीर में फैट और कैलोरी भी हो सकती हैं। अगर वजन कम करना लक्ष्य है, तो कम-फैट वाला पनीर अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है।

4) दाल, बीन्स और चने

ये भले ही दूसरी चीजों की तरह बहुत ज्यादा मात्रा में प्रोटीन से भरपूर ना हो लेकिन इनमें प्रोटीन के साथ फाइबर की अच्छी मात्रा होती है और ये गट हेल्थ के लिए सुपफूड हैं। दाल में प्रोटीन कितना है ये दाल और पानी की मात्रा के अनुसार बदलता है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।



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OnePlus का सबसे सस्ता 5G स्मार्टफोन Amazon पर हुआ लिस्ट, जल्द भारत में होगा लॉन्च


OnePlus N6 सीरीज का एक और सस्ता फोन जल्द भारत में लॉन्च किया जाएगा। इस फोन को ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन पर लिस्ट किया गया है। इस फोन के लिए कंपनी ने डेडिकेटेड माइक्रोपेज बनाया है, जहां फोन की झलक देखी जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वनप्लस का यह फोन इस महीने के आखिर तक भारत में लॉन्च हो सकता है। यह अब तक लॉन्च हुआ वनप्लस का सबसे सस्ता फोन हो सकता है।

OnePlus N6 सीरीज में कंपनी दो सस्ते 5G फोन भारत में पहले ही लॉन्च कर चुकी है। चीनी ब्रांड भारत में OnePlus N6 और OnePlus N6x लॉन्च कर चुका है, जिसकी कीमत 20,000 रुपये की प्राइस रेंज में है। जुलाई की आखिर में कंपनी ने OnePlus N6x 5G लॉन्च किया है, जो 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। अब कंपनी इस सीरीज में OnePlus N6 Lite 5G पेश करने वाली है। इस फोन की कीमत भी 20,000 रुपये की रेंज में आ सकता है।

OnePlus ने ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon पर अपने अपकमिंग फोन को लिस्ट किया है। इस फोन के लिए डेडिकेटेड माइक्रो पेज बनाया गया है। लिस्टिंग के मुताबिक, यह फोन इसी महीने भारत में लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ कंपनी ने ‘Coming Soon’ टैग यूज किया है। हालांकि, लिस्टिंग में फोन की लॉन्च डेट आधिकारिक तौर पर कंफर्म नहीं की गई है। 

जल्द भारत में होगा लॉन्च

वनप्लस के अपकमिंग फोन के टीजर में इसका फ्लैट डिस्प्ले पैनल देखा जा सकता है। अमेजन पर इस फोन को OnePlus N6 Lite से जुड़ी लीक रिपोर्ट सामने आने के बाद लिस्ट किया गया है। यह फोन भी भारत में 4GB रैम के साथ पेश किया जा सकता है। यह OnePlus परिवार का अब तक लॉन्च हुआ सबसे सस्ता फोन हो सकता है। 

OnePlus N6x के फीचर्स

वनप्लस ने इस बजट फ्रेंडली 5G स्मार्टफोन को 18,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है। इसमें मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो यह फोन 6.8 इंच के HD+ LCD डिस्प्ले के साथ आता है, जिसका रेजलूशन 720 x 1570 पिक्सल है। फोन के डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 900 निट्स तक की है और यह 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। कंपनी ने फोन की बॉडी में मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी दी है। फोन 7000mAh की बैटरी 15W USB Type C चार्जिंग जैसे फीचर्स से लैस है। इस फोन को Android 16 पर बेस्ड OxygenOS पर काम करता है। इसमें 13MP का मेन और 5MP का सेल्फी कैमरा भी दिया गया है।

यह भी पढ़ें – एप्पल के पहले फोल्डेबल आईफोन की कीमत हुई लीक, जानें कितने में होगा लॉन्च





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रील बनाते समय ओवरब्रिज से 40 फीट नीचे गिरा युवक: ऑटो रिक्शा पर गिरने से बची जान, VIDEO; गुजरात के सूरत की घटना


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सूरत6 मिनट पहले

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युवक के ब्रिज से ऑटो पर गिरने का सीसीटीवी फुटेज।

गुजरात के सूरत शहर में रील बनाने के चक्कर में एक युवक 40 फीट ऊंचे ओवरब्रिज से नीचे गिर गया। खुशकिस्मती से वह एक ऑटो रिक्शा के शेड पर गिरा था, जिससे उसकी जान बच गई। मामला सोमवार का है, जिसका सीसीटीवी फुटेज आज सामने आया है।

दोस्त के साथ ब्रिज पर रील बना रहा था

मूल रूप से बिहार का रहने वाला 21 साल का मोनू अपने दोस्त के साथ रील बनाने किम रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंचा था। दोनों रील बनाने ब्रिज के पिलर पर चढ़ गए।

इसी दौरान मोनू का बैलेंस बिगड़ गया और वह नीचे ऑटो पर जा गिरा। गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसकी मदद की।

सूचना मिलते ही किम पुलिस थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम उसे पास के अस्पताल ळे गई। युवक के हाथ-पैर में मामूली चोटें थीं। पुलिस ने समझाइश देकर उसे छोड़ दिया।

ओवरब्रिज के इसी पिलर पर खड़े होकर बना रहे थे रील।

ओवरब्रिज के इसी पिलर पर खड़े होकर बना रहे थे रील।

ओवरब्रिज के नीचे खड़ा ऑटो रिक्शा, जिसके शेड पर युवक गिरा।

ओवरब्रिज के नीचे खड़ा ऑटो रिक्शा, जिसके शेड पर युवक गिरा।

ऑटो पर गिरने के बाद युवक खुद ही उठा। आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए थे।

ऑटो पर गिरने के बाद युवक खुद ही उठा। आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए थे।

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रील बनाते समय इटमा वाटरफॉल में गिरा युवक, मौत: रीवा में पोज देते समय पैर फिसलने से गिरा

रीवा के प्रसिद्ध इटमा वाटरफॉल में मंगलवार को युवक का पैर फिसल गया जिससे वह झरने में गिर गया। हादसे में युवक की मौत हो गई। युवक मोहम्मद तनवीर (पिता निसार अहमद) प्रयागराज के अनापुर का रहने वाला था। पूरी खबर पढ़ें…



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जयपुर की होटल में युवक ने किया सुसाइड: खरीदकर लाई रस्सी से लगाया फंदा; मरने से पहले इंस्टाग्राम पर की पोस्ट – Jaipur News




जयपुर में एक होटल में युवक ने सुसाइड कर लिया। युवक ने बाजार से खरीदी रस्सी से होटल के कमरे में फंदा लगाया। युवक ने सुसाइड से पहले इंस्टाग्राम पर अपनी मौत के बारे में पोस्ट भी किया था। वैशाली नगर थाने के ASI मुकेश ने बताया- जयपुर ग्रामीण के नारायणा निवासी राकेश (22) पुत्र गणेश ने सुसाइड किया है। राकेश जयपुर में पीजी में रहकर कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रहा था। वह रविवार रात करीब 10 बजे सिरसी रोड पर खातीपुरा तिराहे के पास स्थित होटल गर्वित आया था। होटल में आकर नाइट बिताने के लिए रुम लिया। अगले दिन सुबह 6-7 जल्दी दोस्तों के मिलने आने पर चेकआउट के समय रुम रेंट 1 हजार रुपए देने करने की कहा। वैशाली नगर थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर कांवटिया हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। इंस्टाग्राम पोस्ट डाल किया मोबाइल बंद
नशा करने के बाद रात करीब 1 बजे उसने इंस्टाग्राम पर अपनी मौत की पोस्ट का स्टेट्स लगाया। पोस्ट में लिखा- अब मेरा लास्ट आ गया है। अब मैं आपकी कोई मदद नहीं कर पाऊंगा। मैं अपने मां-बाप की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। अब मैं ओर नहीं जीना चाहता। होटल का नाम-एड्रेस लिखकर सुसाइड करने की बात लिखी। चचेरे भाई मंगल चंद के पोस्ट पढ़कर कॉल करने पर मोबाइल नहीं उठाया। बार-बार कॉल कर बात करने की कोशिश करने पर उसने मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। खरीदी रस्सी से लगाया फंदा
सुसाइड के लिए वह रस्सी खरीदकर अपने बैग में रखकर लाया था। बैग से रस्सी निकाल फंदा लगाकर उसने सुसाइड कर लिया। रात करीब 2:30 बजे चचेरा भाई अपने दो-तीन परिचितों को लेकर ढूंढते हुए होटल पहुंचा। होटल प्रशासन के रुम की जानकारी देने पर काफी आवाज लगाने के साथ गेट खटखटाया। अंदर से जबाव नहीं मिलने पर गेट का लॉक तोड़ा। कमरे के अंदर जाने पर वह फंदे से लटका मिला। सुसाइड की सूचना पर वैशाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव को कांवटिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया।



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कानपुर में दो थानों के नए भवन बनकर तैयार: घाटमपुर-साढ़ थाने में शिफ्टिंग का काम शुरू, ACP बोले- जल्द हाईटेक भवन में संचालित होंगे – Kanpur News




कानपुर के घाटमपुर और साढ़ थाने को अब जल्द नए और आधुनिक भवन मिल जाएंगे। दोनों थानों के नए भवन करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुके हैं। फिलहाल पुराने थानों से सामान और जरूरी अभिलेख नए भवनों में शिफ्ट किए जा रहे हैं। बिजली ट्रांसफार्मर लगने के बाद दोनों नए भवनों से थाना संचालन शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक नए भवन शुरू होने के बाद पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और थानों का स्वरूप भी हाईटेक हो जाएगा। तीन इंस्पेक्टर और सात एसआई के लिए बनाए गए क्वार्टर घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि घाटमपुर और साढ़ थाने के नए भवन करीब 17-17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए हैं। दोनों भवनों में थाना परिसर के साथ पुलिसकर्मियों के रहने के लिए आवासीय सुविधाओं का भी निर्माण कराया गया है। इससे पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के साथ रहने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। जिससे इमरजेंसी के समय से पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंच सकेंगे। नए थाना परिसर में तीन इंस्पेक्टर के क्वार्टर बनाए गए हैं। इसके अलावा सात सब इंस्पेक्टर के लिए आवासीय क्वार्टर की व्यवस्था की गई है। वहीं 16 हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल के लिए भी क्वार्टर बनाए गए हैं। पुलिसकर्मियों के आवास की व्यवस्था थाना परिसर में ही होने से उन्हें ड्यूटी करने में काफी सुविधा होगी। वाहन पार्किंग और ग्राउंड की भी व्यवस्था नए भवन में पुलिस वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह दी गई है। इसके साथ ही परिसर में छोटा ग्राउंड भी बनाया गया है। थाना भवन में पुलिसकर्मियों और फरियादियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। ट्रांसफार्मर लगते ही शुरू होगा संचालन घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि दोनों थानों में शिफ्टिंग का काम चल रहा है। विद्युत ट्रांसफार्मर लगने के बाद नए भवन में थाना संचालन शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही घाटमपुर और साढ़ थाने नए भवन से संचालित होंगे। नए भवन शुरू होने के बाद पुलिसकर्मियों को बेहतर कार्यस्थल मिलने के साथ आम लोगों को भी थाने में पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेगी।



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भागलपुर- जगदीशपुर में 228 बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिला ठिकाना: पॉलिटेक्निक कॉलेज में राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और अस्थायी स्कूल की व्यवस्था – Bhagalpur News




भागलपुर के नाथनगर प्रखंड में स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक अस्थायी राहत शिविर बनाया गया है। इस शिविर में फिलहाल 228 परिवारों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 200 से अधिक परिवार रह रहे हैं। यह शिविर उन परिवारों के लिए सहारा बना है, जिन्हें बाढ़ के कारण अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है। खास बात यह है कि जगदीशपुर अंचल खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता। इसके बावजूद, प्रशासन ने आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों से विस्थापित होकर आ रहे लोगों के लिए यहां रहने और राहत की व्यवस्था की है। शिविर में लोगों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं, बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, मवेशियों के चारे का भी इंतजाम है। प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी दी है, ताकि शिविर में रह रहे परिवारों को कोई परेशानी न हो। बाढ़ की वजह से बच्चों के लिए खोला गया अस्थायी स्कूल बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े, इसके लिए राहत शिविर में एक अस्थायी स्कूल खोला गया है। छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र भी चलाया जा रहा है। इससे शिविर में रह रहे बच्चों को एक ही जगह पढ़ाई और पोषण दोनों की सुविधा मिल रही है। शिविर में रहने वाले लोगों के लिए सामुदायिक रसोई से दो समय का भोजन तैयार किया जा रहा है। सुबह और शाम दोनों समय खाना मिलता है। शिविरार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि खाना स्वादिष्ट है और उसमें तेल-मसाले का सही इस्तेमाल किया गया है। मवेशियों के लिए भी चारा और स्वास्थ्य सुविधा राहत शिविर में केवल लोगों की ही नहीं, बल्कि उनके साथ आए मवेशियों की भी चिंता की गई है। पशुओं के लिए अलग से जगह, हरा चारा और सूखा पशु आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मवेशियों के स्वास्थ्य की निगरानी भी की जा रही है। पशुओं से संबंधित व्यवस्था की देखरेख डीएचओ मैडम की ओर से की जा रही है। शिविर की व्यवस्था देखने पहुंचे विधायक, स्वास्थ्य सेवा पर जताई नाराजगी राहत शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने स्थानीय विधायक मिथुन यादव अधिकारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने शिविर में रह रहे परिवारों से बातचीत कर भोजन, रहने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाओं को उन्होंने संतोषजनक पाया, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के शुरुआती दौर में मौके पर स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सा व्यवस्था मौजूद नहीं होने तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसे लेकर विधायक ने संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया और राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया। बाद में मेडिकल टीम के मौके पर पहुंचने के बाद शिविरार्थियों की स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से बताया गया कि नया शिविर स्थापित होने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों के पहुंचने और बैठने की व्यवस्था में शुरुआती परेशानी हुई थी, जिसे तत्काल दूर किया जा रहा है। ब्लीचिंग का छिड़काव और स्वच्छता पर भी जोर बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए राहत शिविर में साफ-सफाई और ब्लीचिंग के छिड़काव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। शिविर में नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। कुछ परिवारों के पास पॉलीथिन की कमी, जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ परिवारों के पास तिरपाल या पॉलीथिन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस पर विधायक और अधिकारियों ने जरूरतमंद परिवारों को जल्द पॉलीथिन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार कल तक सभी जरूरतमंद परिवारों को पॉलीथिन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। तीन पालियों में आपदा मित्रों की तैनाती राहत शिविर की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए तीन पालियों में आपदा मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। आपदा मित्र शिविर में रह रहे परिवारों की समस्याओं पर नजर रखने के साथ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहयोग करेंगे। गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था अंचल अधिकारी के अनुसार शिविर में किए गए सर्वे के दौरान अभी तक कोई गर्भवती महिला चिन्हित नहीं हुई है। हालांकि प्रशासन ने ऐसी स्थिति के लिए भी तैयारी रखी है। यदि शिविर में कोई गर्भवती महिला सामने आती है तो चिकित्सा टीम की ओर से तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ जरूरत पड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि राहत शिविर की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो भी छोटी-मोटी कमियां सामने आई हैं, उन्हें आज दिनभर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन लगातार शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ले रहा है, ताकि बाढ़ के इस संकट के बीच उन्हें अधिकतम राहत उपलब्ध कराई जा सके।



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