Wednesday, July 29, 2026
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सीकर में स्टेट जीएसटी की कई कोचिंग में रेड: जयपुर से आई टीमें कोचिंग्स के दस्तावेज चेक रही,एक कोचिंग IIT/NEET और 2 प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की – Sikar News




सीकर में आज स्टेट जीएसटी की टीम ने कई कोचिंग संस्थानों में रेड की है। जयपुर से स्टेट जीएसटी की कई टीम सीकर की कोचिंग संस्थानों में पहुंची। जहां वह पिछले कई घंटे से सर्च कर रही है। टीम इन कोचिंग संस्थानों के डॉक्यूमेंट आदि चेक कर रही है। दरअसल आज दोपहर में तीनों टीम आई थी। उसके बाद पाथ,बैंको और प्रयास कोचिंग में रेड की। जो फिलहाल जारी है। सूत्रों के अनुसार जीएसटी चोरी की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है। पाथ कोचिंग नीट/आईआईटी की तैयारी करवाती है। जबकि बैंकों और प्रयास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाती है।
देखिए रेड से जुड़ी तस्वीरें.…



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एविएशन सेक्टर में बड़े बदलाव की तैयारी, किसको होगा फायदा, जानिए


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Airport Rules to Change : देश के एयरपोर्ट और एविएशन सेक्‍टर में सुधार करने को बनी एक समिति ने कई सुझाव सरकार को दिए हैं. इन सुझावों पर अगर अमल होता है तो एयरपोर्ट और एयरलाइंन कंपनियों को तो फायदा होगा ही, इससे यात्रियों और एयरपोर्ट पर बिजनेस करने वालों को भी लाभ होगा.

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समिति ने ब्रिटेन के हीथ्रो एयरपोर्ट और आयरलैंड के डबलिन एयरपोर्ट की तरह ही भारत में रेवेन्यू-कैप मॉडल लागू करने का सुझाव दिया है.

नई दिल्ली. देश के एयरपोर्ट और एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाइयों देने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है. नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा की अध्यक्षता वाले एक उच्चस्तरीय सरकारी पैनल ने एयरपोर्ट्स के पुराने और सख्‍त नियमों को समाप्‍त कर नए और आसान रूल्‍स लागू करने की सिफारिश की है. अगर ये सिफारिशें मानी जाती हैं तो एविएशन सेक्टर की तस्वीर बदल सकती है. नए नियम लागू होने से हवाई सफर सस्‍ता हो सकता है. एयरलाइंस का खर्च भी घट सकता है और एयरपोर्ट्स पर बिजनेस करना भी आसान हो सकता है. एयरपोर्ट के आसपास ऊंची इमारतें बनाने को एनओसी लेना भी आसान हो जाएगा.

समिति ने भारत की मौजूदा आइटम-वार एयरपोर्ट टैरिफ प्रणाली की जगह तीन श्रेणियों वाली सरल टैरिफ व्यवस्था अपनाने की सिफारिश की है. इसे पिछले कई वर्षों में एयरपोर्ट टैरिफ नियमन में सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है. फिलहाल एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) एयरपोर्ट पर दी जाने वाली हर सेवा के लिए अलग-अलग शुल्क तय करती है. इसमें लैंडिंग फीस, पार्किंग चार्ज और यूजर डेवलपमेंट फीस जैसी सेवाएं शामिल हैं. कमेटी ने का कहना है कि हर सेवा का अलग-अलग टैरिफ तय करने के बजाय इन्हें केवल तीन बड़ी कैटेगरी, लैंडिंग और पार्किंग शुल्क, यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) और अन्य एयरपोर्ट सेवा शुल्क, में ही रखा जाए.

एयरपोर्ट ऑपरेटरों को मिले ज्‍यादा आजादी

समिति का मानना है कि मौजूदा बहुत सख्‍त है. इस वजह से एयरपोर्ट ऑपरेटर यात्रियों और एयरलाइंस को आकर्षित करने के लिए रूट इंसेंटिव, वॉल्यूम डिस्काउंट या सीजनल प्राइसिंग जैसी योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पाते. समिति ने ब्रिटेन के हीथ्रो एयरपोर्ट और आयरलैंड के डबलिन एयरपोर्ट की तरह ही भारत में रेवेन्यू-कैप मॉडल लागू करने का सुझाव दिया है. इस मॉडल में नियामक केवल कुल राजस्व की सीमा तय करता है, जबकि शुल्क किस प्रकार तय किए जाएं, इसका निर्णय एयरपोर्ट ऑपरेटर स्वयं लेते हैं. ऐसा होने पर यात्रियों को ज्‍यादा डिस्‍काउंट दिया जा सकेगा.

एयरपोर्ट पर बिजनेस हो आसान

एयरपोर्ट के अंदर नई दुकानें, रेस्तरां या लाउंज खोलने के लिए एयरपोर्ट ऑपरेटर को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) से अनुमति लेनी पड़ती है. समिति ने इस प्रक्रिया मे बदलाव की सिफारिश की है. समिति का मानना है कि वर्तमान प्रक्रिया के कारण अनावश्यक देरी होती है. इ‍सलिए सेल्‍फ सर्टिफिकेशन को अपनाया जाना चाहिए.

एयरलाइंस कंपनियों को मिले ज्‍यादा छूट

समि‍ति ने सुझाव दिया है कि जिस एयरलाइंस के पास स्वयं की ग्राउंड हैंडलिंग क्षमता है, उन्हें उन एयरपोर्टों पर अन्य एयरलाइंस को भी यह सेवा देने की अनुमति दी जाए, जहां पहले से कम-से-कम दो अन्य ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां कार्यरत हों. समिति का मानना है कि इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राउंड सर्विस का खर्च कम होगा.

दो साल के लिए मिले विदेशी पायलटों को मंजूरी

समिति ने विदेशी पायलटों के लिए मिलने वाली मंजूरी (FATA) की वैधता अब 1 साल से बढ़ाकर 2 साल करने का सुझाव दिया है. अगर यह मांग मान ली जाती है तो इससे एयरलाइंस में पायलटों की कमी दूर होगी और बार-बार कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी.

इमारतों के लिए NOC हो ऑटोमेटेड

समिति की एक अन्य महत्वपूर्ण सिफारिश एयरपोर्ट के आसपास बनने वाली इमारतों के लिए हाइट नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (Height NOC) से जुड़ी है. समिति ने सुझाव दिया है कि जो इमारत नियमों के अनुसा बनी है, उसे उसे एनओसी देने के लिए ऑटोमेटेड प्रणाली लागू की जाए. ऐसा होने पर इससे बिल्डरों को प्रोजेक्ट पूरे करने में निश्चितता मिलेगी और एयरपोर्ट के पास रियल एस्टेट का तेजी से विकास होगा.

ड्रोन इंडस्ट्री

समिति ने सरकार को 30 किलोग्राम तक के छोटे और कम जोखिम वाले ड्रोन के लिए भी ‘ऑटो-सर्टिफिकेशन’ व्यवस्था का प्रस्ताव है. परीक्षण के बाद तुरंत मंजूरी मिलने से देश में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.



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रश्मि देसाई ने आसान फॉर्मूले से 25 दिन में कम किया साढ़े 4 किलो वजन, छुट्टी वाले दिन अपनाई ये आदत


एक्ट्रेस रश्मि देसाई ने सिर्फ 25 दिनों में अपना साढ़े 4 किलो वजन कम कर लिया था, इसके लिए उन्होंने कोई डाइटिंग या हैवी एक्सरसाइज नहीं की। आइये जानते हैं रश्मि की वेट लॉस जर्नी के बारे में।

वजन कम करने की जब भी बात आती है, तो हमारे मन में सबसे पहला ख्याल डाइटिंग और जिम का आ जाता है। ज्यादातर लोग वेट लॉस करने के लिए यही दोनों चीजें अपनाते हैं और तब जाकर वजन कम हो पाता है। सेलेब्स की बात की जाए तो वह भी हेल्दी फूड और एक्सरसाइज पर जोर देते हैं लेकिन एक्ट्रेस रश्मि देसाई ने वेट लॉस करने का दूसरा फॉर्मूला बताया है। उन्होंने बताया कि वह एक्सरसाइज भी करती थीं और हेल्दी खाना भी खाती थीं लेकिन इसके बाद भी उनका वजन कम होने के बजाय बढ़ रहा था। वह काम के चक्कर में शरीर पर ध्यान नहीं देती थीं और हर समय सिर्फ शूटिंग में लगी रहती थीं। फिर उन्होंने काम से ब्रेक लेकर घूमने का प्लान बनाया और वहां जाकर उन्होंने एक आदत के जरिए अपना साढ़े 4 किलो वजन कम कर लिया।

रश्मि देसाई ने कैसे कम किया वजन

रश्मि ने साल 2020 में दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका वजन काफी ज्यादा बढ़ गया था और शरीर के साथ चेहरा भी फूला हुआ दिखता था। काम के स्ट्रेस के चक्कर में वह फिटनेस और फूड पर ध्यान नहीं दे पा रही थीं। ऐसे में उन्होंने छुट्टी लेने का फैसला किया और करीब डेढ़ महीने काम से दूरी बना ली।

ट्रैवलिंग के दौरान अपनाई सिर्फ एक आदत

रश्मि ने बताया कि ट्रैवलिंग के दौरान मैं काम से पूरी तरह से अलग थी और कोई स्ट्रेस नहीं लिया। साथ ही मैं खूब चलती थीं, जब भी मन हुआ वॉक पर चली गई या फिर ऐसे ही चलने लगी। सिर्फ वॉक ही नहीं मैंने खाना भी हेल्दी खाया कोई जंक फूड या फिर बाहर का खाना नहीं खाया। सिर्फ इस आदत से 25 दिनों में मेरा करीब साढ़े 4 किलो वजन कम हुआ। फिर मुझे समझ आया कि वेट लॉस सिर्फ जिम जाकर वजन उठाने से नहीं होता बल्कि वॉक से भी हो सकता है।

वॉकिंग से मिला फायदा

रश्मि मानती हैं कि उन्हें वेट लॉस करने में टहलने से सबसे ज्यादा फायदा मिला। वॉक के साथ वह नॉर्मल एक्सरसाइज भी करती थीं और मेडिटेशन-योगा भी। ये सब करने से उन्हें मानसिक शांति मिलती थी, जिससे स्ट्रेस से दूर रहने में भी मदद मिली।

एक्सपर्ट की राय

डाइटिशियन का मानना है कि जब आप काम से दूर होते हैं और स्ट्रेस नहीं रहता, तो नींद भी अच्छी आती है। साथ में हेल्दी फूड, वॉक, फिजिकल एक्टिविटी वजन कम करने में मदद करते हैं। लेकिन सिर्फ टहलने से ही वजन कम नहीं होता है, साथ में कुछ एक्सरसाइज भी करनी पड़ती हैं। अगर आप हल्की एक्सरसाइज भी करते हैं और साथ में वॉक करते हैं, तो भी वजन कम करने में मदद मिलेगी।

वॉक करने के फायदे क्या है

रोजाना 30-45 मिनट वॉक करने से कैलोरी बर्न होती है, जिससे वजन घटाने और उसे कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। साथ ही यह दिल को स्वस्थ रखती है, ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक होती है और तनाव कम होता है। अगर आप भी वजन कम करना चाहते हैं, तो टहलने की आदत जरूर बनाएं। खासतौर पर रात के खाने के बाद 30 मिनट तक टहलने से वेट लॉस के साथ शुगर भी कंट्रोल में रहती है।

नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।



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मेरठ में लड़की को गोली मारकर सुसाइड किया: अफेयर के एंगल पर पुलिस जांच कर रही, युवती की हालत गंभीर – Meerut News




मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित डिफेंस एन्क्लेव कॉलोनी में बुधवार शाम गोलीबारी की घटना हुई। जोनल पार्क के पास एक युवक ने पहले युवती को गोली मारी और फिर खुद को भी शूट कर लिया। इस घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल युवती को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार, युवक और युवती स्कूटी व पल्सर बाइक से मौके पर पहुंचे थे। वे कुछ देर तक पार्क के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बातचीत के दौरान अचानक विवाद हुआ, जिसके बाद युवक ने तमंचा निकालकर युवती पर गोली चला दी। युवती के घायल होकर गिरने के तुरंत बाद युवक ने खुद को भी गोली मार ली। दो गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही यूपी-112 की पीआरवी पर तैनात दीवान अतुल यादव और होमगार्ड राम कुमार घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए गंभीर रूप से घायल युवती को एंबुलेंस की सहायता से कैलाश अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में घायल युवती की पहचान अनुष्का और मृत युवक की पहचान आदित्य के रूप में हुई है। चिकित्सकों ने आदित्य को घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया था, जबकि अनुष्का की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलने पर कंकरखेड़ा थाना पुलिस के साथ सीओ भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर फोरेंसिक टीम को बुलाया और साक्ष्य एकत्र करने शुरू किए। मौके से हथियार भी बरामद किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की गतिविधियों का पता चल सके। प्रारंभिक तौर पर यह मामला प्रेम प्रसंग और व्यक्तिगत विवाद से जुड़ा माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों के परिजनों से पूछताछ की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।



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SWM नियम उल्लंघन पर 5,700 रुपए जुर्माना: कटिहार में अतिक्रमण हटाने के अभियान में कार्रवाई – Katihar News




कटिहार नगर निगम ने बुधवार को शहर को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक संयुक्त विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 का उल्लंघन करने पर कुल ₹5,700 का जुर्माना वसूला गया। नगर निगम की टीम ने यह अभियान गर्ल्स स्कूल रोड स्थित क्वालिटी के समीप से शुरू किया, जो न्यू मार्केट सब्जी मंडी तक चला। ₹5,700 का जुर्माना भी वसूला इस दौरान सड़क और फुटपाथ पर किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटाया गया, जिससे आवागमन सुचारु हो सका। अभियान के दौरान दुकानदारों और आम नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग इकट्ठा करने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम-2026 का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। सख्त कार्रवाई जारी रहेगी नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों और अन्य व्यक्तियों से कुल ₹5,700 का जुर्माना भी वसूला गया। अधिकारियों ने बताया कि शहर को स्वच्छ और अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने के लिए इस तरह के विशेष अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



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उमरिया में उत्साह से मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव: छपडौर और अमोलखोह आश्रम श्रद्धालुओं की भीड़, गुरु का लिया आशीर्वाद – Umaria News




उमरिया जिले में गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न मंदिरों और गुरु स्थानों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने अपने गुरुओं की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और विशाल भंडारों का आयोजन किया गया। मानपुर क्षेत्र स्थित छपडौर आश्रम में गुरुजी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। आश्रम परिसर “गुरुदेव सरकार की जय” के जयघोष से गूंज उठा। आश्रम समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और प्रसाद वितरण सहित अन्य इंतजाम किए गए थे। इसी तरह, अमोलखोह आश्रम में बच्चू महाराज जी के दर्शन के लिए उमरिया जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने महाराज जी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया और प्रसाद ग्रहण किया। आश्रम में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अमोलखोह आश्रम के सदस्य देव लाल सिंह ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचे थे। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंदिर समिति, पुलिस प्रशासन और संबंधित अधिकारियों द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई थीं। दिन भर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा और श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ पर्व मनाया।



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दिल्ली लक्ष्मी योजना को मंजूरी: 1 अगस्त से शुरू होगा रजिस्ट्रेशन, हर महीने महिलाओं को मिलेंगे ₹2,500, मुख्यमंत्री बोलीं- आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम – New Delhi News




दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹2,500 की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं दिल्ली सचिवालय पहुंचीं और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिलाओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें जनता के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद से लगातार काम करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने घोषणा की कि 1 अगस्त से दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होगी। आर्थिक सहायता नहीं-महिलाओं का सम्मान : सीएम सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सभी के स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद के लिए हृदय से आभार। 1 अगस्त से दिल्ली लक्ष्मी योजना के लिए पंजीकरण प्रारंभ हो रहा है। यह योजना नारी शक्ति के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार हर बेटी, हर बहन और हर परिवार के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर समर्पित रहेगी।” सरकार का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन के साथ पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उन्हें दैनिक जरूरतों को पूरा करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने में मदद मिलेगी। योजना के पात्रता मानदंड और आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी पंजीकरण शुरू होने के साथ जारी की जाएगी।



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Sawan Vrat Special: कुट्टू पकौड़ों संग खाएं खट्टी-मीठी अमरूद की चटनी, पढ़ें रेसिपी


Guava Chutney Recipe : सावन(Sawan 2026) के पवित्र महीने में अगर आप व्रत के दौरान वही पुराना फलाहारी खाना खाकर बोर हो चुके हैं, तो थाली का स्वाद बदलने के लिए कच्चे अमरूद की चटनी एक बेहतरीन विकल्प है. कुट्टू के क्रिस्पी पकौड़ों और गरमा-गरम पराठों के साथ यह खट्टी-मीठी और तीखी चटनी बेहद स्वादिष्ट लगती है. सिर्फ स्वाद ही नहीं, अमरूद में मौजूद फाइबर, विटामिन-C और एंटीऑक्सीडेंट्स व्रत के दौरान आपकी सेहत और पाचन को भी दुरुस्त रखते हैं. आइए जानते हैं मात्र 5 मिनट में तैयार होने वाली इस टेस्टी और हेल्दी फलाहारी चटनी की आसान रेसिपी!

सिर्फ 5 मिनट में यह कच्चे अमरूद की चटनी बनाएं और अपने पूरे परिवार को एक नया स्वाद दें!(Canva)

सामग्री (Ingredients)-
कच्चे अमरूद: 1-2 (मध्यम आकार के, थोड़े सख्त)
हरी मिर्च: 1-2 (स्वादानुसार)
जीरा: 1 छोटा चम्मच
भुनी हुई मूंगफली या काजू: 1 बड़ा चम्मच (वैकल्पिक)
सेंधा नमक: स्वादानुसार (व्रत वाला नमक)
अदरक: 1 छोटा टुकड़ा
नींबू का रस: 1 बड़ा चम्मच
हरा धनिया: 1 मुट्ठी (ताजा)
चीनी या गुड़: थोड़ा सा (स्वाद को संतुलित करने के लिए)
पानी: 1-2 चम्मच (आवश्यकतानुसार)

बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Method)
अमरूद की तैयारी:
सबसे पहले कच्चे अमरूद को पानी से अच्छी तरह धो लें. अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और अंदर के सख्त बीजों को निकालकर अलग कर दें.

सामग्री को ब्लेंड करें: एक मिक्सी के जार में कटे हुए अमरूद, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक, जीरा, भुनी हुई मूंगफली और सेंधा नमक डालें.

चटनी पीसें: इसमें थोड़ा सा (1-2 चम्मच) पानी डालें ताकि चटनी आसानी से पिस सके. अब मिक्सी चलाकर इसे अच्छे से पीस लें.

स्वाद संतुलित करें: अब चटनी में तीखापन और खट्टा-मीठा स्वाद लाने के लिए नींबू का रस और थोड़ी सी चीनी या गुड़ मिलाएं. एक बार फिर से मिक्सी को हल्का सा घुमा लें ताकि सब कुछ अच्छी तरह मिक्स हो जाए.

परोसें: आपकी ताज़ा और चटपटी कच्चे अमरूद की फलाहारी चटनी तैयार है. इसे एक सुंदर कटोरी में निकालें और व्रत के खाने के साथ सर्व करें.

किन चीजों के साथ खाएं यह चटनी?
अमरूद की यह चटनी काफी वर्सेटाइल है. इसे आप साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा, कुट्टू के पकौड़े, कुट्टू या सिंघाड़े के आटे के पराठे और आलू के क्रिस्पी पकौड़ों के साथ मजे से खा सकते हैं. अमरूद का खट्टा, मसालेदार और हल्का मीठा स्वाद आपके हर स्नैक्स को खास बना देगा.

स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना
अमरूद की यह फलाहारी चटनी सिर्फ आपके स्वाद कलिकाओं (taste buds) को ही शांत नहीं करती, बल्कि शरीर को कई हेल्थ बेनिफिट्स भी देती है.अमरूद में भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो व्रत के दौरान पेट को हल्का रखता है और पाचन क्रिया को दुरुस्त बनाता है. यह विटामिन-C और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है, जो व्रत के समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बनाए रखने में मदद करता है.

तो इस बार व्रत में अपनी फलाहारी थाली को बोरिंग बनाने के बजाय सिर्फ 5 मिनट में यह कच्चे अमरूद की चटनी बनाएं और अपने पूरे परिवार को एक नया स्वाद दें!



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अमेरिका ने इंसानों जैसे दिखने वाले रोबोट पर रोक लगाई: देश की सुरक्षा को खतरा बताया; चीन बोला- बेवजह हमारी कंपनियों को निशाना बनाना गलत




अमेरिका ने चीन समेत दूसरे देशों से आने वाले इंसानों जैसे दिखने वाले (ह्यूमनॉइड) और चार पैरों पर चलने वाले (क्वाड्रुपेड) रोबोट के आयात पर रोक लगा दी है। अमेरिका के फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) ने इस फैसले के पीछे राष्ट्रीय सुरक्षा और साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों का हवाला दिया है। यह प्रतिबंध उन रोबोट पर लागू होगा जो अब तक अमेरिका में नहीं पहुंचे हैं। पहले से इस्तेमाल हो रहे रोबोट इस दायरे में नहीं आएंगे। इस फैसले पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने कहा कि अमेरिका बिना किसी ठोस सबूत के चीनी कंपनियों को निशाना बना रहा है। चीन ने चेतावनी दी कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। अमेरिका बोला- अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करना जरूरी FCC चेयरमैन ब्रेंडन कार ने कहा कि यह फैसला अमेरिका की अहम सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए लिया गया है। उनके मुताबिक विदेशों में बने एडवांस रोबोट अमेरिकी इन्फ्रास्ट्रक्चर, डेटा और सप्लाई नेटवर्क के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का जोखिम पैदा कर सकते हैं। FCC के इस आदेश में ह्यूमनॉइड रोबोट के अलावा रोबोट डॉग और पावर इनवर्टर शामिल हैं। पावर इन्वर्टर का इस्तेमाल सोलर और दूसरी रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम, डेटा सेंटर और कई घरेलू उपकरणों में होता है। इसलिए इस फैसले का असर ऊर्जा और टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी पड़ सकता है। दुनिया के 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं चीन इस समय दुनिया का सबसे बड़ा ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माता है। AP के मुताबिक दुनिया में तैनात करीब 85% ह्यूमनॉइड रोबोट चीन के हैं। अमेरिकी निवेश बैंक मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2030 तक चीन का ह्यूमनॉइड रोबोट बाजार 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। टेक्नोलॉजी रिसर्च फर्म ओम्डिया के मुताबिक 2025 में दुनिया भर में करीब 15 हजार ह्यूमनॉइड रोबोट भेजे गए। इनमें चीन की दो बड़ी कंपनियां ‘यूनिट्री’ और ‘एजीआईबॉट’ ने अकेले पांच-पांच हजार से ज्यादा रोबोट की सप्लाई की। दूसरी तरफ अमेरिकी कंपनियां ‘टेस्ला’ और ‘फिगर एआई’ कुछ 100 या उससे भी कम रोबोट भेज सकीं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीनी कंपनियों ने कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की क्षमता बहुत तेजी से विकसित की है। ऐसे में अमेरिकी बाजार बंद होने से उन्हें एक बड़े खरीदार का नुकसान जरूर होगा। हालांकि, चीन अब यूरोप जैसे बाजारों पर भी तेजी से फोकस कर रहा है, ताकि अमेरिका पर निर्भरता कम हो सके। चीन ने दी कड़ी प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की आलोचना करते हुए अमेरिका पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर चीनी कंपनियों को दबाने का आरोप लगाया है। मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि बीजिंग चीनी व्यवसायों के वैध अधिकारों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि संरक्षणवाद से अमेरिका अधिक प्रतिस्पर्धी नहीं बनेगा, बल्कि इससे अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं का ही नुकसान होगा। तकनीकी सहयोग पर असर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रतिबंध से अमेरिकी और चीनी तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। उदाहरण के लिए, एनवीडिया (Nvidia) ने जून में एक ह्यूमनॉइड रोबोट डिजाइन पेश किया था, जिसमें चीन की यूनिट्री कंपनी के चेसिस का उपयोग किया गया था। हाल ही में पेंटागन ने यूनिट्री को उन कंपनियों की सूची में शामिल किया है, जिन पर चीनी सेना की मदद करने का आरोप है, हालांकि बीजिंग ने इन दावों को खारिज किया है।



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बिहार में होगी 32 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती, मुख्यमंत्री ने युवाओं को दी खुशखबरी; जल्द जारी होगी अधिसूचना


पटनाः बिहार में जल्द ही 32 हजार से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती होने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पोस्ट में बताया कि बिहार के युवाओं के लिए 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। सीएम ने बताया कि TRE-4 के अंतर्गत 32,388 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए शिक्षा विभाग द्वारा अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, युवाओं को रोजगार और विकसित बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। 

इसके बाद अब जल्द ही बिहार लोक सेवा आयोग शिक्षकों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी करेगा। माना जा रहा है कि अधिसूचना अगस्त में जारी हो सकती है। इसके बाद लोग आवेदन कर सकेंगे। 

क्लास 1-12 तक के लिए भर्ती होंगे टीचर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अनुसार, कक्षा 1–5 तक के लिए 3,847 शिक्षकों की भर्ती होगी। कक्षा 6–8 तक के लिए 8,563 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कक्षा 9–10 तक के लिए 3,877 टीचर भर्ती किए जाएंगे। सबसे ज्यादा 16,101 शिक्षक कक्षा 11–12 तक के लिए भर्ती किए जाएंगे। इस तरह से कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती होगी। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

पदों का विवरण:


• कक्षा 1–5 : 3,847

• कक्षा 6–8 : 8,563

• कक्षा 9–10 : 3,877

• कक्षा 11–12 : 16,101

कुल पद : 32,388

सितंबर में हो सकती है परीक्षा

जानकारी के मुताबिक, स्कूल शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4)  सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाली है। अभी तक आयोग ने BPSC TRE 4 नोटिफिकेशन जारी होने की सही तारीख और समय की घोषणा नहीं की है, लेकिन चूंकि परीक्षाएं सितंबर में होंगी, इसलिए उम्मीद है कि नोटिफिकेशन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अगस्त तक शुरू हो जाएगी।  

परीक्षा में दो पेपर होंगे। पेपर 1 भाषा (क्वालिफाइंग) और सामान्य अध्ययन विषय का होगा और पेपर 2 भाषा (क्वालिफाइंग), सामान्य अध्ययन और विषय-विशिष्ट होगा। परीक्षा 150 अंकों की होगी। परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट है। शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा ऑब्जेक्टिव और मल्टीपल-चॉइस (MCQ) आधारित होगी। हर सवाल के लिए एक अंक होगा। गलत जवाब के लिए कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

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