भोपाल में व्यावसायिक संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में व्यापारी मंगलवार को सड़क पर उतर आए। रोशनपुरा चौराहे और आसपास के क्षेत्र में व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। व्यापारी हाथों में विरोध के बैनर-पोस्टर लेकर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि रहवासी क्षेत्रों में वर्षों से संचालित व्यावसायिक संस्थानों को अचानक बंद कराने से कारोबार के साथ बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। व्यापारी सरकार से नियमितीकरण का रास्ता निकालने की मांग कर रहे हैं।
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भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर व्यापारियों का चक्काजाम: रहवासी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी पर कार्रवाई का विरोध – Bhopal News
नवादा के निजी क्लीनिक में युवक की मौत: परिजन ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन – Nawada News
नवादा के दरमनियां बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के बाद 32 वर्षीय दिलीप कुमार की मौत हो गई। सोमवार को परिजनों ने शव के साथ गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग जाम कर दिया। उन्होंने क्लीनिक संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक दिलीप कुमार झारखंड के सतगावां थाना क्षेत्र निवासी शिवदानी राय के बेटे थे। परिजनों ने शव को एंबुलेंस से गोविंदपुर लाकर निजी क्लीनिक के सामने सड़क पर रख दिया। इससे गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। परिजनों ने क्लीनिक संचालक सरवन कुमार पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, दिलीप को बुखार की शिकायत के बाद क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। 5 दिनों तक इलाज के बाद तोड़ा दम लगभग पांच दिनों के इलाज के बाद जब उसकी हालत बिगड़ी, तो उसे नवादा और फिर पटना रेफर किया गया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता, पत्नी और भाई ने दावा किया कि दिलीप को मलेरिया था, लेकिन क्लीनिक में डेंगू का इलाज किया जा रहा था। परिजनों ने इलाज पर करीब 65 हजार रुपए खर्च होने की बात कही है। नवादा और पटना में भी अतिरिक्त खर्च का उल्लेख किया गया है। दिलीप की मौत की खबर मिलते ही परिजन शव लेकर दरमनियां बाजार स्थित क्लीनिक पहुंचे और हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया है। उन्होंने क्लीनिक की वैधता और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया सूचना मिलने पर बीडीओ कुमार शैलेंद्र और थानाध्यक्ष विजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि आवेदन मिलने पर क्लीनिक की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मृतक दिलीप अपने पीछे पत्नी नगीना देवी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। किन्नर समुदाय के गुरु बालों उर्फ रसभरी ने परिवार को 5,100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
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कहीं-कहीं और केवल 2 महीने मिलती है यह मिठाई, खरीदने के लिए लग जाती है होड़
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Anarse Sweet: यह मिठाई सागर के अलावा कहीं और नहीं बनती है. सागर से ही दूर-दूर तक यह मिठाई जाती है. लगभग 50 साल पहले सागर में मिठाई को बनाने की शुरुआत हुई थी आज हर कोई इसका दीवाना है. सीजन में 2 महीने मिलने वाली इन मिठाई को खऱीदने के लिए दुकान पर लोगों की भीड़ लग जाती है.
बुंदेलखंड का सागर अपनी लजीज खान पान के लिए जाना जाता है यहां पर अलग-अलग तरह की कई चीजें फेमस है जो केवल सागर ही नहीं बल्कि देश दुनिया तक अपना नाम बना चुकी हैं. ऐसे ही सागर शहर में बनने वाले ‘अनरसे’ विश्व फेमस है. जो केवल बारिश के सीजन में 2 महीने ही बनाए जाते हैं. जिनकी शुरुआत लगभग 1986 में हुई थी. आज यह सागर में गिने चुने स्थानों पर ही मिलते है.
सामान्य मिठाई की अपेक्षा यह बहुत सस्ती होते हैं लेकिन इनको ताजा गरमा गरम खाने पर बेहद ही स्वादिष्ट लगते हैं. वैसे इनको दो-तीन दिन तक भी घर में रखा जा सकता है. बता दें कि इसकी डिमांड ज्यादा होने और कम जगह मिलने से यह बनते ही बिक जाते हैं यह जिन स्थानों पर बनते हैं वहां शाम से ही भीड़ लगना शुरू हो जाती है.
बनाने की पूरी विधि
अनरसे को बनाने में चावल को फूलने के लिए पानी में डाल देते हैं और फिर इसको बारिक पीसा जाता है, और इसी तरह से बादाम, काजू, किशमिश, मखाना को भी पानी में भिगोकर लजीज बनाया जाता है और फिर उनको पीसा जाता है. इस तरह से चावल और मावा को मिक्स किया जाता है इसमें शक्कर को महीन पीसकर तीनों चीजों को मिलाया जाता है और कम से कम 6 घंटे के लिए छोड़ देते हैं. फिर इनको आटे के जैसा गूंथकर पुरी के जैसे छोटी-छोटी लोई बनाई जाती है, फिर भट्टी पर आग जलाकर कढ़ाई में डालडा को डालते हैं जब यह गर्म हो जाता है तो हल्की मध्य धीमी आंच में इनको तला जाता है, जब यह अच्छी तरह से पक जाते हैं तो इन्हें निकालकर ऐसी जगह रखते हैं जिससे इनमें भरा हुआ डालडा निचोड़ कर नीचे गिर सके. इसी मिठाई को लोग खरीदने के लिए लाइन लगते हैं.
सागर शहर की यह काफी मशहूर मिठाई है. यह ₹200 किलो बिकती है बनने के बाद यह सूखे हुए दही बड़ा की तरह दिखाई देते हैं. आधा किलो में लगभग 15 पीस चढ़ते हैं. और यह बारिश के मौसम में इसलिए बनाए जाते हैं क्योंकि इस समय मौसम में नमी होती है जिसकी वजह से चावल में रवा रहता है. जिससे इसमें स्वाद और टेस्ट अच्छा बन जाता है.
50 साल पहले हुई थी मिठाई बनाने की शुरुआत
अर्पित बिल्थरे बताते हैं कि यह मिठाई सागर में केवल दो-तीन जगह पर ही मिलती है क्योंकि इसको हर कोई नहीं बनाता है, लेकिन जहां पर भी यह मिठाई मिलती है वहां पर इसके शौकीनों की भीड़ लग जाती है और इसके खाने वाले दीवाने होते हैं.
शिवम बोहरे कहते हैं कि अगर आप सागर में रहते हैं और मानसून का सीजन है ऐसे में अनरसे नहीं खाए तो फिर आपने कुछ नहीं खाया, क्योंकि यह मिठाई सागर के अलावा कहीं और नहीं बनती है. सागर से ही दूर-दूर तक यह मिठाई जाती है. लोकल शहर में यह काफी मशहूर है, लगभग 50 साल से सागर में मिठाई को बनाने की शुरुआत हुई थी आज हर कोई इसका दीवाना है.
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फिलीपींस के स्कूल में छात्र ने क्लासमेट को गोली मारी: फिर खुदकुशी की; फायरिंग का वीडियो फेसबुक पर लाइव किया, 2 गार्ड की भी मौत
मनीला6 मिनट पहले
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फिलीपींस के स्कूल में फायरिंग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर में मंगलवार को एक स्कूल में गोलीबारी हुई है। एक छात्र ने अपने ही स्कूल के एक दूसरे छात्र को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद भी जान दे दी। फायरिंग में दो सुरक्षा गार्डों की भी मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं।
घटना एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी के स्कूल कैंपस में हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र ने हमले का कुछ हिस्सा फेसबुक पर लाइव भी दिखाया था। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और छात्रों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।

फायरिंग के बाद छात्र स्कूल परिसर से बाहर जाते नजर आए।
पहले शिक्षक पर गोली चलाई, फिर छात्र को निशाना बनाया
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कक्षा 9 का छात्र मोहम्मद मैल जलानी था। वह दो पिस्तौल लेकर स्कूल पहुंचा था।
जांच में पता चला है कि उसने सबसे पहले एक शिक्षक पर गोली चलाई, लेकिन गोली उन्हें नहीं लगी। इसके बाद उसने कक्षा 10 के एक छात्र को गोली मार दी। फिर वह स्कूल की ऊपरी मंजिल पर गया और वहां से कूदकर अपनी जान दे दी।
फिलीपींस के गृह मामलों के मंत्री जॉनविक रेमुल्ला ने बताया कि आरोपी सीढ़ियां चढ़ते समय फेसबुक लाइव कर रहा था।
घटना के बाद स्कूल ने सीनियर हाईस्कूल की कक्षाएं कुछ समय के लिए बंद कर दी हैं।
स्कूल ने बताया कि छोटे बच्चों को सुरक्षित रखा गया है। सभी बच्चों की गिनती कर ली गई है और वे अपने शिक्षकों की निगरानी में हैं।
पुलिस ने माता-पिता से घबराने के बजाय स्कूल की ओर से दी जा रही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
प्रभावित लोगों को मिलेगी मानसिक मदद
फिलीपींस के शिक्षा विभाग ने कहा है कि घटना से प्रभावित छात्रों, परिवारों और स्कूल कर्मचारियों को जरूरी मदद दी जाएगी।
इसके लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग इस सदमे से बाहर निकल सकें।
विभाग ने लोगों से यह भी कहा है कि बिना पुष्टि वाली खबरें, फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
दो महीने में फायरिंग की दूसरी बड़ी घटना
फिलीपींस में करीब दो महीने के भीतर स्कूल में गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है।
इससे पहले जून में ताकलोबान शहर के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
ताजा घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और छात्रों तक हथियार पहुंचने को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर रिजिजू बोले- गोली कहां चली: जेन-जी हमारे बच्चे, उनसे बातचीत जरूरी; अभिजीत दीपके AAP कार्यकर्ता, छात्र नेता कैसे बन गए
नई दिल्ली20 मिनट पहले
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किरेन रिजिजू ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ANI को दिए इंटरव्यू में जेन-जी आंदोलन, जंतर-मंतर प्रदर्शन, अभिजीत दीपके, राहुल गांधी और कांग्रेस पर कई बयान दिए। उन्होंने कहा कि जेन-जी हमारे अपने बच्चे हैं और उनसे लगातार बातचीत जरूरी है। उनसे बातचीत करने में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं है।
रिजिजू ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के प्रदर्शन के बावजूद एक भी गोली नहीं चली और किसी प्रदर्शनकारी को गंभीर चोट नहीं लगी। उन्होंने कहा- अगर ऐसा आंदोलन कांग्रेस के दौर में हुआ होता, तो हजारों लोगों की मौत हो सकती थी।
रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- दीपके AAP कार्यकर्ता हैं। छात्र कैसे बन गए? उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम के दिमागी नक्सल वाले बयान से लेकर जंतर-मंतर प्रदर्शन तक, रिजिजू के इंटरव्यू की पूरी बात…
1. रिजिजू बोले- राहुल को नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा रखनी चाहिए
रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन के अंदर जैसा व्यवहार करते हैं, क्या वे नेता प्रतिपक्ष जैसे दिखाई देते हैं? मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। हम मिलते हैं, बातचीत करते हैं। लेकिन नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए काम करना चाहिए और उसी हिसाब से सदन में बोलना चाहिए। राहुल ने एक खास तरह की शैली अपनाई है और उनके सांसद भी उसी तरह व्यवहार करने लगे हैं।
2. संसद में शाह के बयान पर बोले- कांग्रेस चर्चा से भागी
अमित शाह के बयान की विपक्ष की मांग पर रिजिजू ने कहा- जब सरकार संसद में हर सवाल का जवाब देने और परिस्थितियों की पूरी जानकारी देने के लिए तैयार थी, तब कांग्रेस सच्चाई का सामना करने की स्थिति में नहीं थी। कांग्रेस डर गई है, इसलिए चर्चा से भागने का बहाना बनाया।
रिजिजू ने कहा- कांग्रेस को लगता है कि उनका काम सिर्फ हंगामा करना, चिल्लाना और गाली देना है। अगर किसी सांसद को सिर्फ हंगामा करना है तो सांसद बनने की जरूरत क्या है? वे सड़क पर प्रदर्शन कर सकते हैं।

3. जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले- किसी की जान नहीं गई, पुलिस की तारीफ होनी चाहिए
रिजिजू ने कहा- दिल्ली प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान एक भी लाठी नहीं चलाई। पुलिस ने तब कार्रवाई की, जब प्रदर्शनकारी जबरदस्ती संसद की ओर बढ़ने लगे। किसी की हड्डी नहीं टूटी। कोई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। किसी की मौत नहीं हुई। पुलिस की तारीफ होनी चाहिए।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस एक्शन की 3 तस्वीरें…

प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की लाठीचार्ज में 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारी जख्मी हुए थे।

लाठीचार्ज के दौरान एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोटे आईं थीं।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों से अस्पताल में मिले थे।
4. दीपके पर बोले- AAP कार्यकर्ता हैं, छात्र कैसे बन गए
रिजिजू ने जेन-जी आंदोलन का नेतृत्व करने वाले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का जिक्र करते हुए कहा- दीपके महाराष्ट्र से हैं, लेकिन वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वे छात्र कैसे बन गए।

5. जेन-जी से BJP के जुड़ाव पर बोले- उनसे बात करनी होगी
रिजिजू ने कहा- जेन-जी बच्चों से कनेक्शन में कोई कमी नहीं है। वे हमारे अपने बच्चे हैं। हमें उनकी बात सुननी होगी और उन्हें अपनी बात भी समझानी होगी। अगर उन्हें लगातार सिर्फ मांगें करने के लिए उकसाया जाता रहेगा तो दूरी कम करने में समय लगेगा।
6. पीएम के दिमागी नक्सल वाले बयान पर बोले- कांग्रेस नक्सली पार्टी बनती जा रही
15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी दिमागी नक्सल’ बयान पर कांग्रेस के विरोध को लेकर रिजिजू ने कहा- एक तरह से कांग्रेस पार्टी माओवादी और नक्सली संगठन जैसी बनती जा रही है। उन्होंने आगे कहा-
- सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली नेशनल एडवाइजरी काउंसिल में पहले ऐसी विचारधारा रखने वाले लोगों का प्रभाव था। अब पूरी कांग्रेस पार्टी माओवादी पार्टी की तरफ बढ़ती दिख रही है। इससे पहले कांग्रेस मुस्लिम लीग जैसी पार्टी बन चुकी थी।
- जंगल में हथियार उठाने वाले नक्सलियों को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन उनकी विचारधारा शहरी इलाकों में अभी भी मौजूद है। उससे भी निपटना जरूरी है। कांग्रेस ने इसे अपने ऊपर क्यों लिया, यह समझ से परे है।

7. राहुल के PM मोदी पर तंज को लेकर बोले- खुद हंसी का पात्र बने
पीएम मोदी की विदेशी नेताओं से मुलाकातों पर राहुल की टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा- राहुल ने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन अंत में खुद ही हंसी का पात्र बन गए। उन्होंने अपनी छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है और इससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल होगा।
राहुल गांधी ने 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों पर तंज कसा था।
8. राम मंदिर चंदे के मामले पर बोले- चर्चा के लिए तैयार थे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा- हम संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थे। विपक्ष छात्र आंदोलन और दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा चाहता था। सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं हो सकती।
9. FCRA बिल पर बोले- JPC में जाने से सच सामने आएगा
FCRA संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC में भेजे जाने पर रिजिजू ने कहा- यह बहुत अच्छा फैसला है। उन्होंने विपक्ष के आरोप को खारिज किया कि FCRA कानून ईसाई मिशनरियों को निशाना बनाता है। रिजिजू ने कहा कि कानून में किसी खास धर्म या समुदाय को निशाना बनाने वाला कोई प्रावधान नहीं है।
10. डीलिमिटेशन बिल पर बोले- फैसला नेतृत्व करेगा
परिसीमन बिल को लेकर रिजिजू ने कहा- हमने कब कहा कि हम बिल ला रहे हैं? मीडिया में इसकी अटकलें चल रही हैं। बिल कब लाना है, इसका फैसला हमारा नेतृत्व पूरी चर्चा के बाद करेगा।
49 दिन चला CJP का प्रदर्शन, 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था। 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जबकि CJP ने पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाया। पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई।

राहुल घायल को साथ लाए, पैलेट गन चलाने के आरोप लगाए
- राहुल गांधी ने 24 जुलाई को घायल छात्र साहिल लोचब को अपने साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में लाकर पुलिस पर पैलेट गन चलाने का आरोप लगाया।
- उन्होंने कहा कि साहिल की आंख में गंभीर चोट लगी है और उसकी रोशनी जाने का खतरा है।
- 25 जुलाई को राहुल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूछा कि छात्रों के खिलाफ पैलेट गन समेत घातक बल के इस्तेमाल की मंजूरी किसने दी थी।

राहुल ने पैलेट गन से घायल छात्र के हाथ और पीठ में लगी चोट दिखाई थी।
संसद में विपक्ष ने शाह को जिम्मेदार ठहराया
20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र चला। इस दौरान कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों ने संसद में जंतर-मंतर की पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। विपक्ष ने कार्रवाई के लिए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।

कांग्रेस ने मानसून सत्र के दौरान सदन में लगातार शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए थे।
शाह बोले- जवाब दूंगा, राहुल बोले- लेक्चर नहीं चाहिए
12 अगस्त को अमित शाह ने कहा कि वे 13 अगस्त को विपक्ष के सभी मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। उनके प्रस्ताव पर राहुल ने कहा कि विपक्ष को लेक्चर नहीं, बल्कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाब चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
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संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आखिरी दिन लोकसभा 1 मिनट, राज्यसभा 1 घंटे चली

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे चली। विपक्षी सांसद संसद के बाहर बंदर का खिलोना लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूरी खबर पढ़ें…
2 किलोवाट सोलर पैनल पर कितना चलेगा लोड? लगवाने में क्या आएगा खर्च?
महंगे बिजली बिल के बचने के लिए लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। सरकार की तरफ से पीएम सूर्य घर योजना की तहत मिल रही सब्सिडी की वजह से सोलर सिस्टम लगवाने का खर्च भी कम हो रहा है। आम तौर पर लोग अपने घर की छत पर 1 किलोवाट से लेकर 5 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगवा रहे हैं। अगर, आप अपने घर की छत पर 2 kW का सोलर पैनल लगवा रहे हैं तो कितना खर्च आएगा और कितना लोड इस पर चल सकता है? साथ ही, आपको इस पर कितनी सब्सिडी मिलती है? आइए जानते हैं…
सोलर पैनल लगाने वाली कंपनियों की वेबसाइट्स के मुताबिक, 1 किलोवाट का सोलर पैनल दिन भर में 4 से 5 यूनिट्स तक बिजली जेनरेट कर सकता है। हालांकि, यह मौसम पर भी निर्भर करता है।
2 kW के पैनल से कितनी मिलेगी बिजली?
इस तरह से कैल्कुलेट किया जाए तो 2 किलोवाट का सोलर पैनल दिन भर में 8 से 10 यूनिट्स बिजली जेनरेट कर सकता है। इस तरह से पूरे महीने में यह 240 से 300 यूनिट्स तक बिजली जेनरेट कर सकता है।
2 किलोवाट का हाइब्रिड या ऑफग्रिड सोलर सिस्टम लगाने का खर्च 2 लाख रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये के बीच हो सकता है। इसमें जो भी खर्च का अंतर आता है वो बैटरी का आता है। वहीं, ऑनग्रिड सिस्टम लगाने का खर्च 1 लाख रुपये से लेकर 1.3 लाख रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि, सरकार इसमें पीएम सूर्य घर योजना के तहत 50 हजार रुपये तक का सब्सिडी ऑफर करती है। ऐसे में यह खर्च 80 हजार रुपये से 1 लाख के बीच आता है।
कितना चलेगा लोड?
2kW का सोलर सिस्टम लगाने पर एक 1BHK से 2BHK घर में चलने वाले सारे लोड चल सकते हैं। इसमें वाटर पंप, फ्रिज, इंडक्शन चूल्हा, गीजर आदि का लोड आप चला सकते हैं। हालांकि, इस पर एसी चलाने में दिक्कत आ सकती है। आप 1 टन का एसी इस पर चला सकेंगे। हालांकि, यह सब सोलर पैनल के पावर जेनरेशन पर निर्भर करता है।
खास तौर पर गर्मियों के दिन में सोलर पैनल ज्यादा बिजली जेनरेट करता है। बारिश और सर्दियों के मौसम में इसकी पावर जेनरेशन कम हो जाती है। वहीं, अगर सोलर पैनल की मेन्टेनेंस सही नहीं रहती है तो भी पावर जेनरेशन प्रभावित होती है। आपको पैनल को समय-समय पर साफ करते रहना चाहिए ताकि धूल-मिट्टी से पैनल पर पड़ने वाले धूप को न रोक पाए।
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कच्चे तेल में लगी आग, गिफ्ट निफ्टी भी टूटा, किन फैक्टर्स पर रखें नजर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर मंगलवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल की कीमत में तेज उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड करीब 91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. आज 18 अगस्त को सुबह 7 बजे गिफ्ट निफ्टी करीब 79 अंक फिसलकर 24,313 के आसपास कारोबार करता दिखा. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है.
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला है. जापान का निक्कई करीब 0.89 फीसदी नीचे है, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.94 फीसदी चढ़ा है. चिप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से कोस्पी को मजबूती मिली है. ताइवान के बाजार में भी मामूली 0.02 फीसदी की बढ़त है. इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 281 अंक गिरकर 77,728 पर और निफ्टी 78 अंक टूटकर 24,287 पर बंद हुआ था.
कच्चे तेल में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड 14 फीसदी चढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. निवेशकों को डर है कि लंबे समय तक तनाव रहने से तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की लागत के साथ महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है.
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आत्मसमर्पण करने को कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हर हफ्ते लाखों बैरल तेल निकाल रहा है और होर्मुज खुला है. हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के संकेत फिलहाल कमजोर नजर आ रहे हैं. अस्थायी संघर्षविराम को आगे बढ़ाने को लेकर भी कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है.
एशियाई बाजारों का हाल
मंगलवार को एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुख रहा. जापान का निक्कई दबाव में है, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2 फीसदी चढ़ा. कोस्पी में तेजी की बड़ी वजह चिप शेयरों में खरीदारी रही है. ताइवान के बाजार में भी हल्की बढ़त है. वहीं, अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए.
वॉल स्ट्रीट भी फिसला
सोमवार को डाउ जोन्स 0.51 फीसदी गिरकर 53,459 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 में 0.52 फीसदी की गिरावट रही, जबकि नैस्डेक 0.32 फीसदी नीचे बंद हुआ. अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.7 फीसदी के पार चली गई. इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ी है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी दबाव बढ़ा रही है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में करीब 2,535 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. कैश और वायदा बाजार को मिलाकर यह बिकवाली करीब 3,175 करोड़ रुपये रही. ऐसे में आज निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमत, ईरान-अमेरिका तनाव, विदेशी निवेश और ग्लोबल बाजारों के रुख पर रहेगी.
ट्रेलर दिलाने के नाम पर 3.20 लाख की ठगी: सुल्तानपुर में पैसे मांगने पर घर में घुसकर मारपीट, कोर्ट के आदेश पर FIR – Sultanpur News
सुल्तानपुर एक व्यक्ति से सेकंड हैंड ट्रेलर दिलाने के नाम पर 3.20 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर दो नामजद और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। पुरैना चन्द्रभान हरदासपुर निवासी विपिन कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके पड़ोसी संजय कुमार धुरिया (पुरैना निवासी) और शिव कुमार यादव (गोपालपुर, चांदा निवासी) ने खुद को पुराने ट्रकों के कारोबार से जुड़ा बताकर उसे सस्ते में ट्रेलर दिलाने का झांसा दिया था। विपिन ने आरोपियों को अलग-अलग किस्तों में कुल 3.20 लाख रुपये ऑनलाइन और नकद माध्यम से दिए। यह रकम बैंक ऑफ बड़ौदा, कामतागंज शाखा के खाते और गूगल पे के जरिए ट्रांसफर की गई थी। तय समय सीमा के भीतर ट्रेलर न मिलने पर विपिन ने अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि बीती 1 जून को शाम लगभग 6:30 बजे, संजय कुमार धुरिया और शिव कुमार यादव अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ विपिन के घर पहुंचे। पैसे मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। जब विपिन ने जान बचाने के लिए घर के भीतर भागने का प्रयास किया, तो आरोपी भी अंदर घुस आए और लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की। पड़ोसियों के हस्तक्षेप के बाद मारपीट रुकी। विपिन ने बताया कि घटना के बाद वह लंभुआ थाने गया, लेकिन पुलिस ने न तो उसका मेडिकल कराया और न ही प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद उसने एसपी सुल्तानपुर और डीजीपी लखनऊ को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत पत्र भेजा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः, विपिन ने सिविल जज (अवर खंड)/एफटीसी/न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर के न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत के आदेश के बाद, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच उप-निरीक्षक हीरालाल यादव को सौंपी गई है।
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त्रिशूल गदा तलवार, धीरज गुर्जर ‘तैयार’: डांगाजी को ‘खींच’ ले गए अधिकारी; राजेंद्र राठौड़ की ‘टीस’ – Rajasthan News
नमस्कार, गदा..त्रिशूल..तलवार..भीलवाड़ा में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने हर हथियार आजमा कर देखा। नागौर में प्रशासन की टीम के लोग डांगा जी को ‘खींचकर’ ले गए। चूरू में अपनों के बीच राठौड़ साहब की टीस उभर आई और शाहपुरा में तिरंगे पाइप से सांप निकल आया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. गदा..त्रिशूल..तलवार.. उनका नाम धीरज गुर्जर है। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव हैं। भीलवाड़ा के जहाजपुर से विधायक रहे हैं। कांग्रेस के बाकी साथी मानें या न मानें, लेकिन धीरज गुर्जर समझ चुके हैं कि जहाजपुर में सत्ता का रास्ता सनातन से होकर ही जाता है। ऐसे में उन्होंने स्थानीय धाम पर अपने जन्मदिन को जन्मोत्सव के रूप में मनाया। भिन्न-भिन्न प्रकार के धार्मिक आयोजन किए। आयोजन में तमाम तरह के देवी-देवताओं की सजीव झांकी नजर आई। उन्होंने श्रीराम और सीता माता का आशीर्वाद लिया। हनुमानजी ने उन्हें गदा थमाई तो वे गदा घुमाने को मचल उठे। गदा जोरदार ढंग से घूमी। इस चक्कर में नेताजी एक हल्का सा प्रहार खुद पर भी कर बैठे। इसके बाद उन्हें तलवार थमाई गई। उन्होंने एक हाथ से तलवारबाजी का हुनर दिखाया। फिर संभावित डबल चुनौती के मद्देनजर दोनों हाथों में तलवारें लेकर घुमाने लगे। उन्होंने भगवान शिव का भी आशीर्वाद लिया और कुछ देर के लिए उनका त्रिशूल भी हाथ में उठाकर आशीर्वाद की तरह जनता को दिखाते हुए फिराया। वे इन दिनों एक मुहिम भी चलाए हुए हैं। गोमाता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। लोगों से कह रहे हैं कि मेरे लिए माला-शॉल-साफा मत लेकर आओ। कहीं गाय दिखे तो चारा डाल दो। धीरज गुर्जर आशान्वित हैं। ओबीसी का शोर है ही। हिंदू वोट बैंक साध लिया तो विजयश्री तय। लेकिन जहाजपुर विधायक गोपीचंद भी चंदन थोड़े घिस रहे हैं। तीर-कमान लेकर मुस्तैद हैं। 2. प्रशासन की टीम ‘भारी पड़ गई’ यूं तो नेतागण और प्रशासन के बीच रस्साकशी चलती ही रहती है। लेकिन नागौर में सचमुच ही ऐसा आयोजन हो गया। एक तरफ खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा और उनकी टीम थी, तो दूसरी तरफ प्रशासन की टीम। नेताजी आत्मविश्वास से भरपूर थे। उन्होंने चौड़े होकर बांहें चढ़ाई। धोती की लांग को कसा। उधर अधिकारियों ने भी वे सभी बातें याद कीं, जब किसी न किसी नेता ने उन्हें सार्वजनिक तौर पर फटकार लगाई थी। खेल अगर पाला बदलने का होता तो फिर भी डांगा जी कुछ करतब करके दिखा सकते थे। लेकिन यहां बात पाला बचाने और प्रशासन के अधिकारियों को अपने पाले में लाने की थी। लेकिन वही हुआ जिसकी शिकायत आजकल नेतागण करते हैं। जैसे कि- अधिकारी भारी पड़ रहे हैं। रस्साकशी के खेल में भी अधिकारी भारी पड़ गए। इधर सीटी बजी और उधर अधिकारी गण ने एक राय होकर सामूहिक जोर लगाया। डांगा जी धोती समेत घिसटते हुए अधिकारियों के पाले में पहुंच गए। शोर और तालियों की गड़गड़ाहट चारों दिशाओं में फैल गई। 3. राजेंद्र राठौड़ की ‘टीस’ नेता की परीक्षा चुनाव होते हैं। राजेंद्र राठौड़ ऐसे नेता रहे जिन्होंने कई बार यह परीक्षा दी और अच्छे नंबरों से पास हुए। लेकिन पिछले चुनाव में कुछ ऐसा हुआ कि पार्टी जीत गई और तारानगर सीट से राठौड़ साहब हार गए। वह हार उनके लिए टीस बन गई। यह टीस कभी-कभी उभर आती है। अब चूंकि सरकार का आधे से अधिक कार्यकाल निकल चुका है। निकाय-पंचायत चुनाव सामने खड़े हैं। देखते-देखते अगले विधानसभा चुनाव आ जाएंगे। ऐसे में राठौड़ जी ने जनता को पुराना चुनाव याद दिलाते हुए कहा- पिछला चुनाव भूल गए? मेरा क्या कसूर था? मुझे सामंतवादी कहा गया। मैं अगर जातिवादी होता तो हरलाल सहारण विधायक नहीं होते, कमला कसवां जिला प्रमुख नहीं होतीं और बलराम जी के सामने रामसिंहजी चुनाव जीत नहीं पाते। गांव के ग्वाड़ में खड़े होकर सामंत कहकर मुझे सामूहिक गाली झेलनी पड़ी। मैं गांव आया तो आप चौपाल में नहीं आए। इसके बाद राठौड़ जी ने लोगों को आगे के लिए सतर्क करते हुए कहा- न तुम एका (एकता) रखते हो और न चेता (चेतना) रखते हो। एक दूसरे की कमी निकालना छोड़ दो। भगवान के अलावा सब में कमी होती है। कोई सामूहिक रूप से ललकारे तो विरोध न सही, उनके बीच जाकर ताली तो मत पीटो। आपको जलन होनी चाहिए। ये चेहरा 4 साल पहले ऐसा ही था क्या? राजेंद्र राठौड़ का यही रूप था क्या? समझदारी से आगे बढ़ो। 4. चलते-चलते… जयपुर ग्रामीण का कस्बा शाहपुरा। यहां के हनूतपुरा गांव में आजादी का जश्न मनाया जा रहा था। सरकारी स्कूल में तिरंगा फहराया गया। सारा प्रोग्राम हो गया। दोपहर हो गई। शाम ढलने लगी। बच्चे ग्राउंड में खेल रहे थे। अचानक एक बच्चे की नजर पाइप के टॉप पर गई। वहां कुछ हिल रहा था। देखा कि पाइप से निकलकर एक सांप फन फैलाकर इधर-उधर देख रहा था। बच्चों ने बड़ों को बताया। हड़कंप मच गया। लोग भागे आए। तिरंगे को सम्मान से उतारा गया। इसके बाद रेस्क्यू टीम को बुलाकर नागदेवता को सकुशल उतार कर जंगल में छोड़ दिया गया। इस घटना को जिस चश्मे से देखेंगे यह वैसी ही नजर आएगी। राजनीतिक चश्मे से देखेंगे तो लगेगा कि देश में भी कई छुपे हुए नाग हैं। इनको भी पकड़कर सही जगह रेस्क्यू कर देना चाहिए। धार्मिक नजरिए से देखेंगे तो लगेगा कि जैसे भगवान भोलनाथ के गले में नागों के देवता वासुकी विराजमान होते हैं। ऐसे ही तिरंगे की शान बढ़ाने नाग देवता इतना ऊपर चढ़ गए। खरी बात ये कि ध्वजारोहण के वक्त नागदेवता चुपचाप पाइप में घुसे रहे। डोरी खींचने पर कूद पड़ते तो मुख्य अतिथियों की शामत आ जाती। इनपुट सहयोग- मनीष जैन (भीलवाड़ा), प्रकाश तंवर (नागौर), नरेश भाटी (चूरू), धर्म सिंह यादव (कोटपूतली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
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मुजफ्फरपुर: गरीबनाथ धाम में विशेष पूजा-अर्चना: साढ़े सात क्विंटल गेहूं से बाबा का महाश्रृंगार किया गया, आरती में हजारों शिवभक्त हुए शामिल – Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ धाम में नाग पंचमी और सावन की तीसरी सोमवारी के अवसर पर भगवान शिव का विशेष महाश्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा गरीबनाथ को साढ़े सात क्विंटल (750 किलोग्राम) गेहूं से सजाया गया, जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। इस अलौकिक रूप के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सावन की सोमवारी पर होने वाला यह विशेष महाश्रृंगार वर्षों पुरानी परंपरा का हिस्सा है। महाआरती में उमड़े श्रद्धालु, गूंजा मंदिर परिसर महाश्रृंगार के बाद मंदिर में भव्य महाआरती हुई। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। जैसे ही बाबा का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के सामने आया, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भगवान शिव के दिव्य स्वरूप के दर्शन कर भाव-विभोर हो गए और देर रात तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। गेहूं से बाबा का महाश्रृंगार किया गया बाबा गरीबनाथ धाम के प्रधान पुजारी पंडित विनय पाठक ने बताया कि इस वर्ष सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी का एक साथ पड़ना दुर्लभ संयोग है। इस विशेष महासंयोग को और खास बनाने के लिए बाबा का गेहूं से महाश्रृंगार किया गया। सावन के महीने में तिथियों और शुभ मुहूर्तों के अनुसार विशेष संयोग बनते हैं। इन मुहूर्तों की धार्मिक महत्ता को देखते हुए हर वर्ष अलग-अलग पवित्र सामग्रियों से बाबा का श्रृंगार किया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस बार गेहूं का उपयोग किया गया, जिसे समृद्धि और प्रकृति का प्रतीक माना जाता है। बाबा के अनूठे रूप का दर्शन इस अलौकिक दृश्य के दर्शन के लिए मुजफ्फरपुर के अलावा आसपास के कई जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने कतारबद्ध होकर बाबा के इस अनूठे रूप का दर्शन किया और जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे।
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