अशोकनगर जिले में भीषण गर्मी के बाद मौसम में बदलाव की संभावना है। शुक्रवार से इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा, जिसके बाद शनिवार और रविवार को भी जिले में हल्की बारिश हो सकती है। इस बदलाव से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से काफी हद तक राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, बादलों के छाए रहने और हल्के बारिश के कारण अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की जाएगी। यह परिवर्तन मई महीने के अंतिम दिनों में लंबे समय तक चली भीषण गर्मी के बाद आ रहा है। आज 44॰ से पार पहुंचा पारा
गुरुवार को भी जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी रहा। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच गया था। वहीं, न्यूनतम तापमान 31.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर के समय कई घंटों तक गर्म हवाएं चलीं, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। शाम तक लू का असर बना रहा और रात में भी गर्म हवाएं चलती रहीं। भीषण गर्मी के कारण दिनभर सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा और रौनक गायब दिखी। बाजार में केवल सुबह और शाम के समय ही कुछ चहल-पहल देखने को मिली।
उस नगरवधू की कहानी, जिसके नाम पर पड़ा आपके आम्रपाली आम का नाम
Amrapali Mango: गर्मी का मौसम आते ही बाजार में कई तरह के आम दिखाई देने लगते हैं, लेकिन आम्रपाली आम की बात ही अलग है. यह आम अपने मीठे स्वाद, तेज खुशबू और गहरे नारंगी गूदे के लिए काफी मशहूर है. आकार में छोटा होने के बावजूद इसकी महक दूर तक फैलती है, इसलिए इसकी बाजार में खूब मांग रहती है. आम्रपाली आम जून और जुलाई में ज्यादा मिलता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार, आम्रपाली आम दशहरी और नीलम किस्म के आमों को मिलाकर तैयार किया गया हाइब्रिड आम है. यह आम हर साल अच्छी पैदावार देता है, जबकि कई दूसरी किस्मों में एक साल ज्यादा और एक साल कम फल आते हैं. आम्रपाली नाम प्राचीन वैशाली की प्रसिद्ध नर्तकी आम्रपाली के नाम पर रखा गया था. इसका स्वाद और सुंदर रंग लोगों को बेहद पसंद आता है, इसलिए यह आम हर उम्र के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है.
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जोधपुर-साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस 30 मई तक रद्द रहेगी। वहीं रेगुलर चलने वाली पांच टेनें 29 मई बदले हुए रूट से चलेगी। इसका असर जालोर, भीनमाल और आसपास के यात्रियों पर पड़ेगा। क्योंकि अहमदाबाद-जोधपुर रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि मार्ग परिवर्तन के दौरान जालोर और मारवाड़ भीनमाल स्टेशन पर कुछ ट्रेनों का अस्थाई ठहराव भी दिया गया है, जिससे यात्रियों को सीमित राहत मिलेगी। ये ट्रेनें रहेंगी रद्द ट्रेन संख्या 14821 – जोधपुर-साबरमती एक्सप्रेस 28 और 29 मई को रद्द रहेगी। ट्रेन संख्या 14822 – साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस 29 और 30 मई को रद्द रहेगी। पांच प्रमुख ट्रेनें बदलेंगी मार्ग 29 मई को रणकपुर एक्सप्रेस, बांद्रा एक्सप्रेस, हडपसर-जोधपुर एक्सप्रेस और जम्मूतवी एक्सप्रेस सहित पांच प्रमुख ट्रेनें अपने नियमित मार्ग की बजाय लूनी-भीलड़ी-महेसाणा मार्ग से संचालित होंगी। इससे जालोर क्षेत्र के यात्रियों को कुछ ट्रेनों की अतिरिक्त सुविधा भी मिलेगी। जालोर और भीनमाल में अस्थाई ठहराव मार्ग परिवर्तन के कारण यात्रियों की सुविधा के लिए समदड़ी, जालोर, मारवाड़ भीनमाल, भीलड़ी और पाटन रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों का अस्थाई ठहराव दिया गया है। इससे जालोर और भीनमाल के यात्रियों को सीधे कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर का मौका मिलेगा। इन स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी ट्रेनें मार्ग परिवर्तन के चलते पाली मारवाड़, मारवाड़ जंक्शन, फालना, सुमेरपुर, पिंडवाड़ा, आबूरोड और पालनपुर रेलवे स्टेशनों पर इन ट्रेनों का ठहराव नहीं रहेगा। रेलवे बताया कि अजमेर मंडल के मदार-पालनपुर रेलखंड पर स्थित आऊवा स्टेशन यार्ड में ब्रिज संख्या-506 पर आरसीसी बॉक्स डालने का तकनीकी कार्य किया जा रहा है। इसके चलते रेल यातायात प्रभावित रहेगा।
Oppo Find X सीरीज में जल्द ही एक और दमदार फोन लॉन्च हो सकता है। ओप्पो के इस अपकमिंग फोन के बारे में लगातार डिटेल्स सामने आ रही है। यह दुनिया का पहला फोन होगा, जो स्क्वायर डिजाइन वाले सेल्फी कैमरे के साथ आएगा। इसमें 100MP का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है, जिसमें 1 इंच का सेंसर मिल सकता है। इसके सेल्फी कैमरे के बारे में डिटेल्स सामने आई है। चीनी कंपनी का यह फोन Oppo Find X9 का अपग्रेड होगा।
100MP का सेल्फी कैमरा
चीनी माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Weibo पर टिप्स्टर डिजिटल चैट स्टेशन ने दावा किया है कि यह फोन 100MP के सेल्फी कैमरा के साथ आएगा, जिसकी साइज 1:1 स्क्वायर mm का होगा। इसमें 2nm वाला प्रोसेसर दिया जएगा। यह MediaTek Dimensity 9600 चिपसेट के साथ लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, इसके अलावा ओप्पो के इस अपकमिंग फ्लैगशिप फोन के बारे में और जानकारी सामने नहीं आई है।
Image Source : DCSओप्पो फाइंड एक्स 10
Oppo Find X10 के सेल्फी कैमरे के बारे में पहले भी जानकारी सामने आ चुकी है। इस फोन में कंपनी iPhone 17 वाला सेंटर स्टेज सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। ओप्पो का यह सेल्फी कैमरा भी आईफोन 17 सीरीज की तरह ही ऑटोमैटिकली वर्टिकल और हॉरिजोन्टल ओरिएंटेशन में तस्वीर क्लिक कर पाएगा। यूजर्स को हॉरिजॉन्टल सेल्फी क्लिक करने के लिए फोन को घुमाने की जरूरत नहीं होगी। ओप्पो के अपकमिंग फोन के सेल्फी कैमरे के बारे में ये भी दावा किया गया है कि इसमें AI फीचर्स मिलेगा, जो फील्ड-ऑफ-व्यू को ऑटोमैटिकली एडजस्ट कर लेगा।
Find X9 Ultra, Find X9s हुए लॉन्च
ओप्पो ने हाल ही में भारतीय बाजार में Find X9 Ultra और Find X9s पेश किए हैं। ये फोन DSLR क्वालिटी वाले कैमरे के साथ आते हैं। ओप्पो के फोन में 200MP का कैमरा दिया गया है। Find X9 Ultra को भारत में 1,69,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। वहीं, Find X9s की शुरुआती कीमत 79,999 रुपये है।
Oppo Find X9 Ultra के बैक में 200MP के दो कैमरे दिए गए हैं। वहीं, इसमें 50MP के दो रियर और 50MP का एक सेल्फी कैमरा मिलेगा। यह फोन 7050mAh की दमदार बैटरी, 100W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग के साथ आता है।
CM Siddaramaiah Resignation LIVE:कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुरुवार को कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर अपने पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है. बेंगलुरु में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उन्हें पूरा भरोसा है कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राज्यपाल इसे जल्द ही स्वीकार कर लेंगे. सत्ता परिवर्तन के इस बड़े कदम के बीच सिद्धारमैया ने यह भी साफ किया कि राज्य में कांग्रेस के पास पूर्ण बहुमत बरकरार है, इसलिए संविधान के अनुसार नई सरकार बनाने का अधिकार भी उनकी पार्टी को ही मिलना चाहिए. इस बड़े सियासी उलटफेर के दौरान उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का आभार जताया, जिन्होंने उन्हें राज्य का नेतृत्व करने का यह अवसर प्रदान किया था. अब पूरे राज्य की नजरें राजभवन और अगले मुख्यमंत्री के चेहरे पर टिक गई हैं.
कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से चल रहे सत्ता हस्तांतरण के विवाद पर आखिरकार कांग्रेस हाईकमान ने निर्णायक कदम उठा लिया है. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में चली कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर पद छोड़ने का दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने पर सहमति जता दी. बताया जा रहा है कि सिद्दारमैया ने शुरुआत में दो सप्ताह का समय मांगा था, ताकि वह जातीय जनगणना रिपोर्ट को कैबिनेट में पेश कर सकें, लेकिन पार्टी नेतृत्व तत्काल नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में था. कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें याद दिलाया कि 2023 में कांग्रेस की प्रचंड जीत के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के साथ ढाई-ढाई साल के सत्ता साझेदारी फार्मूले पर सहमति बनी थी और सिद्दारमैया पहले ही तय अवधि से अधिक समय तक मुख्यमंत्री रह चुके हैं. ‘डेक्कन हेराल्ड’ की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने बंद कमरे में हुई बैठकों के दौरान सिद्दारमैया से कहा कि पार्टी की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पुराने वादे का सम्मान जरूरी है. इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी भी नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में बताए जा रहे हैं. राहुल गांधी ने दोनों नेताओं (सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार) से संयुक्त और अलग-अलग बैठकें कर पार्टी एकता बनाए रखने की अपील की.
बताया जाता है कि बैठक के दौरान सिद्दारमैया ने यह तर्क दिया कि 2025 में पद छोड़ने को लेकर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ था, लेकिन राहुल गांधी अपने रुख पर कायम रहे. पार्टी नेतृत्व ने यह भी कहा कि सिद्दारमैया पहले ही आठ वर्षों से अधिक समय तक मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं, इसलिए अब दूसरे नेताओं को अवसर देने का समय है. सूत्रों के मुताबिक, बाद में सिद्दारमैया ने वरिष्ठ नेताओं केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला से चर्चा की, जिन्होंने भी हाईकमान के निर्देश को मानने की सलाह दी. शाम को सिद्दारमैया ने ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज के आवास पर अपने करीबी सहयोगियों से मुलाकात की। कुछ मंत्रियों ने उन्हें जल्दबाजी में फैसला न लेने की सलाह दी, लेकिन सिद्धारमैया ने साफ कहा कि वह अब और इंतजार नहीं करेंगे. सूत्रों के अनुसार, सिद्दारमैया ने अपने सहयोगियों से कहा, ‘मैं शुरू से कहता आया हूं कि राहुल गांधी जब कहेंगे, मैं इस्तीफा दे दूंगा. अब जब उन्होंने कहा है, तो मैं तुरंत पद छोड़ दूंगा.’
कांग्रेस नेतृत्व इस फैसले को पार्टी अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण के लिहाज से अहम मान रहा है. 2014 के बाद कांग्रेस कई राज्यों में क्षेत्रीय नेताओं पर नियंत्रण बनाए रखने में संघर्ष करती रही है. राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सत्ता साझा करने के वादों के बावजूद नेतृत्व परिवर्तन नहीं हो सका था. ऐसे में कर्नाटक में हाईकमान का यह कदम पार्टी के भीतर स्पष्ट संदेश के तौर पर देखा जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व के फैसले सर्वोपरि होंगे.
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: ‘उस दिन, आज और हमेशा… एकता ही हमारी ताकत है’, सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस
सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा: सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस ने एक्स पर सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की एक साथ तस्वीरें शेयर कर एकजुटता का संदेश दिया. पार्टी ने इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा, ‘उस दिन, आज और हमेशा… एकता ही हमारी ताकत है! जनता की सेवा करना हमारी शाश्वत प्रतिबद्धता है.’ नेतृत्व परिवर्तन की इन सरगर्मियों और नए सीएम को लेकर चल रही अटकलों के बीच किए गए इस पोस्ट के जरिए कांग्रेस ने यह साफ करने की कोशिश की है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच कोई गुटबाजी या मतभेद नहीं है, और पूरा संगठन मजबूती के साथ एक साथ खड़ा है.
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: ‘अगला CM हाईकमान तय करेगा’, राहुल गांधी से मिलने दिल्ली रवाना हुए सिद्धारमैया
सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा: कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चल रही सियासी अटकलों के बीच, सिद्धारमैया कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं. नए मुख्यमंत्री के सवाल पर स्थिति स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, ‘अगला सीएम कौन होगा, इसका फैसला पूरी तरह से हाईकमान करेगा और वे जिसे भी चुनेंगे, वही राज्य का नेतृत्व करेगा.’ इस बीच, जब सिद्धारमैया दिल्ली जाने के लिए निकल रहे थे, तब उनके आवास के बाहर मौजूद उनके वफादार समर्थकों ने उनके पक्ष में जमकर नारेबाजी की और भारी उत्साह के साथ अपने नेता को विदाई दी.
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: ‘संविधान न होता तो आज भेड़ चरा रहा होता’, सिद्धारमैया ने याद किया अपना राजनीतिक सफर
सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा: पांच गारंटी योजनाओं के जरिए समाज के सभी गरीब तबकों तक रोटी, कपड़ा, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरतें पहुंचाने का दावा करते हुए सिद्धारमैया ने अपने राजनीतिक सफर को भी गहराई से याद किया. उन्होंने बताया कि ‘अहिंदा’ (अल्पसंख्यक, ओबीसी और दलित) के हकों के लिए काम करने की वजह से जब उन्हें जेडीएस (JD-S) से निकाल दिया गया था, तब उन्होंने अहमद पटेल और सोनिया गांधी से मुलाकात कर कांग्रेस का हाथ थामा था. उस वक्त मल्लिकार्जुन खरगे ही प्रदेश अध्यक्ष थे. अपने भावुक संबोधन में सभी का आभार जताते हुए उन्होंने यह कड़ा संकल्प लिया कि वह राजनीति में अपनी आखिरी सांस तक सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ते रहेंगे. संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर को अपनी सफलता का पूरा श्रेय देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि अगर संविधान न होता, तो अनपढ़ माता-पिता का बेटा होने के नाते वह कभी शिक्षित होकर सीएम या नेता नहीं बन पाते, बल्कि आज भी कहीं भेड़ें चरा रहे होते.
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: राज्यसभा जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, राज्य की राजनीति में ही जमे रहेंगे सिद्धारमैया
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: कर्नाटक के निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान की तरफ से राज्यसभा जाने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उन्होंने विनम्रतापूर्वक ठुकरा दिया है. उन्होंने बताया कि उनकी गहरी दिलचस्पी राज्य की राजनीति में ही है. वह कर्नाटक छोड़कर दिल्ली नहीं जाना चाहते. अपने फैसले को स्पष्ट करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, ‘जनता ने मुझे 5 साल के लिए चुना है. अभी मेरे कार्यकाल के 2 साल बाकी हैं, इसलिए मैं यहीं रहूंगा.’ उनके इस बयान ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बावजूद वह कर्नाटक की सक्रिय राजनीति से दूर नहीं होने वाले हैं.
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: इस्तीफा देने के प्रेस को संबोधित करते हुए भावुक हुए सिद्धारमैया
सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा: कर्नाटक के राजनीति में एक बड़ा बदलाव हुआ है. कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए सिद्धारमैया काफी भावुक नजर आए. उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘हाई कमान के पहले ही इस्तीफा देने के लिए कहने के बाद, मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया है. मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संविधान के अनुसार ही किया जाना है.’ सिद्धारमैया ने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है और संवैधानिक रूप से नई सरकार बनाने का अधिकार भी कांग्रेस को ही मिलना चाहिए. इस अवसर पर उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें राज्य का नेतृत्व करने का मौका दिया.
#WATCH | बेंगलुरु | कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने कार्यकाल के बारे में बात करते हुए भावुक हो गए।
उन्होंने आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उनका इस्तीफ़ा अभी कर्नाटक के राज्यपाल द्वारा स्वीकार किया जाना बाकी है। pic.twitter.com/k3hroUcYrL
CM Siddaramaiah Resignation LIVE: सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री इस्तीफा दिया, सोनिया राहुल और मल्लिकार्जुन को धन्यवाद दिया
सीएम सिद्दारमैया का इस्तीफा: कांग्रेस आलाकमान के कहने पर सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है, इसलिए संवैधानिक रूप से नई सरकार बनाने की अनुमति कांग्रेस को ही मिलनी चाहिए. उन्होंने मौका देने के लिए सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का धन्यवाद किया.
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “हाई कमान के पहले ही इस्तीफ़ा देने के लिए कहने के बाद, मैंने आज अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है। मुझे पूरा भरोसा है कि जब राज्यपाल आएंगे, तो वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि यह संविधान के अनुसार ही किया जाना है… हमारे पास पूर्ण… pic.twitter.com/PCFxvffPX5
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: कर्नाटक में हलचल तेज, सिद्दारमैया के आवास पर पहुंचे डीके शिवकुमार
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला. उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar मुख्यमंत्री Siddaramaiah के बेंगलुरु स्थित आवास पहुंचे. इससे पहले मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित नाश्ता बैठक में शामिल मंत्रियों ने संकेत दिए कि सिद्दारमैया आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बैठक के बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें और तेज हो गई हैं. कांग्रेस आलाकमान के साथ लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं की गई है.
#WATCH | Bengaluru: Karnataka Deputy Chief Minister D.K. Shivakumar arrives at CM Siddaramaiah’s residence.
After the breakfast meeting called by CM earlier in the day, ministers of Karnataka cabinet said that the CM will resign today. pic.twitter.com/YVP30c52nZ
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: सिद्दारमैया दोपहर 3 बजे करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस, सबकी टिकी नजर
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक कांग्रेस में चल रही उठापटक के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि सीएम सिद्दारमैया आज तीन बजे अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं. कर्नाटक सरकार में मंत्री एचके पाटिल ने इसकी पुष्टि की है. नेतृत्व परिवर्तन की आहट के बीच सीएम सिद्दारमैया के सरकारी आवास कावेरी पर सुबह ब्रेकफास्ट मीटिंग में डीके शिवकुमार पहुंचे थे. इसी बैठक में एचके पाटिल भी शामिल थे. कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ सिद्धारमैया के करीबी कई विधायक भी इस बैठक में शामिल हुए. इस दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और एक-दूसरे को गले लगाकर यह सन्देश देने की कोशिश की कि पार्टी के अंदर के अंदर कोई गुटबाजी नहीं है. बैठक के बाद कर्नाटक के मंत्री एचके पाटिल ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘मुख्यमंत्री सिद्दारमैया 3 बजे इस्तीफा देंगे. सीएम सिद्दारमैया ने कहा कि हम डीके शिवकुमार को नया सीएम बनाएंगे.’ मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सीएम सिद्दारमैया आज दोपहर 2:30 बजे लोक भवन का दौरा करेंगे. इसके बाद वह दोपहर 3 बजे अपने दूसरे आधिकारिक आवास ‘कृष्णा’ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: सबकुछ स्मूद नहीं चल रहा – सदानंद गौड़ा
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता सदानंद गौड़ा ने कहा, ‘सब कुछ सुचारू रूप से नहीं चल रहा है. केंद्रीय नेताओं सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच लंबी चर्चाओं के बावजूद उनके द्वारा लिया गया फैसला स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि सिद्दारमैया आज इस्तीफा दे सकते हैं. दुर्भाग्य से राज्यपाल मौजूद नहीं हैं क्योंकि वह निजी कारणों से अपने गृह नगर गए हुए हैं. इस सत्ता परिवर्तन में कुछ गड़बड़ नजर आ रही है और मुख्यमंत्री पद डीके शिवकुमार को सौंपने की प्रक्रिया सुचारू रूप से नहीं हो रही है.’
#WATCH | Bengaluru | Former Karnataka CM and BJP leader D. V. Sadananda Gowda says, “…Everything is not going smoothly. In spite of lengthy discussions between the central leaders, Siddaramaiah, and DK Shivakumar, the decision taken by them has not been clearly communicated.… pic.twitter.com/CJPwjWVnd8
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: डीके शिवकुमार का ब्रेकफास्ट मीटिंग में मास्टरस्ट्रोक
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को बेंगलुरु स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित ब्रेकफास्ट बैठक में एक-दूसरे को गले लगाया. बैठक के दौरान डीके शिवकुमार ने सिद्दारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया. दोनों नेताओं की यह तस्वीर ऐसे समय सामने आई है, जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री पद को लेकर चर्चाएं तेज हैं. कांग्रेस नेताओं और मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को पार्टी एकजुटता और राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
#WATCH | Karnataka CM Siddaramaiah and Deputy CM DK Shivakumar share a hug at the CM residence in Bengaluru at the breakfast meeting. Deputy CM DK Shivakumar also touched the feet of CM Siddaramaiah.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: सिद्दारमैया के आवास पर पहुंचने लगे विधायक
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच गृह मंत्री जी परमेश्वर ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जल्द इस्तीफा दे सकते हैं. परमेश्वर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को नाश्ते पर बुलाया है और इस्तीफा सौंपने से पहले वह मंत्रियों को सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं. वहीं, सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में फैसला कांग्रेस हाईकमान को लेना है. परमेश्वर ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि सिद्धारमैया को दिल्ली में कोई पद देने की पेशकश की गई है या नहीं. कांग्रेस में जारी राजनीतिक हलचल पर सबकी नजर बनी हुई है.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: सिद्दारमैया की ब्रेकफास्ट पॉलिटिक्स, डीके शिवकुमार भी होंगे शामिल
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा बुलाई गई अहम ब्रेकफ़ास्ट मीटिंग में शामिल होंगे. माना जा रहा है कि इस बैठक में सरकार और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. हाल के दिनों में मुख्यमंत्री बदलने को लेकर लगातार राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई हैं. कांग्रेस नेतृत्व की दिल्ली बैठकों के बाद यह मुलाकात और भी अहम मानी जा रही है. हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक किसी बदलाव को लेकर आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: तो राज्यसभा जाएंगे सिद्दारमैया
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजकर उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने के विकल्प पर विचार कर रहा है. हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर नेतृत्व परिवर्तन की खबरों से इनकार किया है, लेकिन दिल्ली में हुई मैराथन बैठकों के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस डीके शिवकुमार के नेतृत्व में नई सरकार का रास्ता साफ करने के लिए सम्मानजनक फॉर्मूला तलाश रही है. माना जा रहा है कि सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजे जाने से कर्नाटक में नेतृत्व बदलाव आसान हो सकता है, जबकि पार्टी राज्य में संतुलन बनाए रखने की कोशिश कर रही है.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: आलाकमान के सख्त रुख के बाद सिद्दारमैया इस्तीफा देने को हुए तैयार
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को नई दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात की. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने सिद्धारमैया से मुख्यमंत्री पद छोड़कर डीके शिवकुमार के लिए रास्ता साफ करने को कहा है. इसके बाद सिद्धारमैया ने अपने आवास पर मंत्रियों और पार्टी नेताओं के साथ ब्रेकफास्ट बैठक बुलाई. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सिद्धारमैया आज बाद में राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक नेतृत्व परिवर्तन पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: रणदीप सुरजेवाला ने सिद्दारमैया के इस्तीफा पर क्या बोले?
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के इस्तीफे के संकेत तेज हो गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान का संदेश मिलने के बाद कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से बातचीत की. बताया जा रहा है कि सुरजेवाला ने संकेत दिए हैं कि मुख्यमंत्री गुरुवार को इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं. दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: कांग्रेस विधायक का दावा आज शाम 3 बजे तक इस्तीफा देंगे सिद्दारमैया
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं. कांग्रेस विधायक अशोक एम. पट्टन ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया गुरुवार दोपहर 3 बजे के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं. पट्टन के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने बदलाव का संकेत दे दिया है और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है. हालांकि, कांग्रेस की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की गई है. पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ लगातार बैठकों के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की चर्चाएं तेज हैं. पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल बनी हुई है.
CM Siddaramaiah Resignation Today LIVE: सिद्दारमैया के आवास पर पहुंचने लगे विधायक
सीएम सिद्दारमैया बनाम डीके शिवकुमार लाइव: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच गुरुवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आधिकारिक आवास ‘कावेरी’ में कांग्रेस नेताओं की अहम ब्रेकफास्ट बैठक हुई. बैठक में मंत्री प्रियांक खड़गे, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी और एचके पाटिल समेत कई वरिष्ठ नेता पहुंचे. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के भी बैठक में शामिल होने की संभावना जताई गई. राज्य में कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद नेतृत्व बदलाव की चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है. सूत्रों के मुताबिक डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर पार्टी के भीतर लगातार मंथन जारी है. इससे पहले सिद्धारमैया और शिवकुमार ने दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की थी.
Bharat Taxi : भारत टैक्सी ने ड्राइवर-ओन्ड मॉडल को धरातल पर उतारकर यह सुनिश्चित किया है कि राइड की 100 प्रतिशत कमाई बिना किसी कटौती के सीधे ड्राइवर्स तक पहुंचे. इसके साथ ही इसका किराया भी ओला-उबर से कम है.
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भारत टैक्सी ने किराया संरचना को स्थिर और पारदर्शी रखा है.
नई दिल्ली. जब भी भारत में सहकारिता या ‘कोऑपरेटिव’ शब्द का जिक्र होता है, तो सबसे पहले श्वेत क्रांति लाने वाले ‘अमूल’ (Amul) ब्रांड का चेहरा सामने आता है. लेकिन अब एक और कोऑरेटिव भी सफलता के झंडे गाड़ रही है जिसका नाम है भारत टैक्सी. 5 फरवरी को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च की गई भारत टैक्सी महज तीन महीने के भीतर दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के रूप में उभरकर सामने आई है.
35 लाख से ज्यादा ग्राहकों ने इस स्वदेशी ऐप को डाउनलोड किया है. गुजरात में 1 लाख से अधिक चालकों समेत देशभर में 6 लाख से अधिक सारथी इस कोऑपरेटिव का हिस्सा बन चुके हैं. भारत टैक्सी की लगातार विस्तार कर रही है. गुजरात में अहमदाबाद और सूरत के बाद अब यह वडोदरा में अपनी सर्विस शुरू करने जा रही है.
क्यों लोकप्रिय हो रही है भारत टैक्सी
भारत टैक्सी के चेयरमैन और अमूल के एमडी जयेन मेहता इस बदलाव को एक बड़ी क्रांति के रूप में देखते हैं. उनके अनुसार, “भारत टैक्सी ने ड्राइवर-ओन्ड मॉडल को धरातल पर उतारकर यह सुनिश्चित किया है कि राइड की 100 प्रतिशत कमाई बिना किसी कटौती के सीधे ड्राइवर्स तक पहुंचे. आज यह दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव के रूप में उभरकर न केवल सारथियों की गरिमा बहाल कर रही है, बल्कि ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन को वैश्विक स्तर पर एक नया बेंचमार्क दे रही है.”
ड्राइवरों की कमाई ज्यादा
भारत टैक्सी मोबिलिटी सेक्टर के उस पुराने ढर्रे को ध्वस्त कर दिया जिसमें ड्राइवर्स को कम कमाई होती है और ज्यादा फायदा कंपनियों को. भारत टैक्सी में कोई बिचौलिया या कॉर्पोरेट नहीं है, बल्कि सारथी यानी ड्राइवर ही इस कोऑपरेटिव के स्टेकहोल्डर्स हैं. इसका सीधा असर उनकी आय पर दिखता है. प्लेटफॉर्म से जुड़ने के बाद एक औसत सारथी की मासिक आय में 25 से 30 प्रतिशत तक का उछाल आया है.
फिल्मों में सिचुएशन के हिसाब से गाने लिखे जाते हैं. इस काम को गीतकार अंजाम देता है. वो फिल्म के किरदार की भावनाओं को ऐसा रंग देता है जिससे दर्शक जुड़ जाते हैं. कई डायरेक्टर-प्रोड्यूसर फिल्मों में भजन को भी शामिल कर लेते हैं. बॉलीवुड इंडस्ट्री के एक मुस्लिम संगीतकार और मुस्लिम गीतकार ने दो फिल्मों में कृष्ण भगवान पर ऐसे भजन बनाए जिन्हें सुनकर पूरी दुनिया झूम उठी. मन भावविभोर हो उठा. सबसे दिलचस्प बात यह है कि दो फिल्में मैसिव हिट रहीं. आज भी स्कूल-कॉलेज के फंक्शन में, विपदा के समय लोग इन कृष्ण भजनों को गाते हैं.
‘यशोदा का नंदलाला, बृज का उजाला है’, ‘यशोमत मइया से बोले नंदलाला’ और ‘श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम, लोग करे मीरा को यूं ही बदनाम’ कृष्ण भजन सुनते ही मन खुश हो जाता है. इन भजनों को सुनते ही इंसान दुख-दर्द भूल जाता है. बॉलीवुड में समय-समय पर फिल्मों में कृष्ण भगवान के भजन सुनाई देते रहे हैं. बॉलीवुड के एक मुस्लिम संगीतकार और गीतकार ने अपनी दो फिल्मों में भगवान कृष्ण पर ऐसे गाने बनाए जिन्हें संकट के समय लोग आज भी सुनते हैं. हम संगीतकार एआर रहमान और गीतकार जावेद अख्तर की बात कर रहे हैं. दोनों ने ‘लगान’ और ‘जोधा अकबर’ फिल्म में भगवान कृष्ण पर भजन बनाए. दोनों ही फिल्में हिट रहीं. आइये जानते हैं इन फिल्मों से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स………
एआर रहमान का म्यूजिक रूह में उतर जाता है. 1992 में आई फिल्म ‘रोजा’ उनकी संगीतबद्ध की गई पहली हिंदी फिल्म थी. यह मूल रूप से तमिल फिल्म का हिंदी डब वर्जन था. इस फिल्म के गाने खूब पॉप्युलर हुए थे. खासकर ‘दिल है छोटा सा, छोटी सी आशा’ गाना तो आज भी फेमस है. फिर 1995 में रंगीला, 1999 में ‘ताल’ फिल्म से एआर रहमान ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई. उनका म्यूजिक बहुत ही सुरीला था और हिंदी सिनेमा के बाकी संगीतकारों से हटकर था. एआर रहमान ने गीतकार जावेद अख्तर के साथ मिलकर फिल्मों के लिए कृष्ण भजन भी संगीतबद्ध किए. ये फिल्में थीं : लगान और जोधा अकबर.
गीतकार जावेद अख्तर खुद को नास्तिक कहते हैं लेकिन फिल्मों में उन्होंने एक से बढ़कर एक कृष्ण भजन लिखे हैं. 1993 में रिलीज हुई फिल्म फिल्म युगांधर में उन्होंने ‘ओह कृष्ण कन्हैया, मुरलीधर’ आरती लिखी थी. आरती में भगवान कृष्ण के कई रूपों (गोपाल, मनमोहन, कुंजबिहारी) का गुणगान है. उन्होंने भगवान कृष्ण के लगभग 20 अलग-अलग नामों का खूबसूरती से इस्तेमाल किया है. संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसे कंपोज किया था.
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जावेद अखतर की संगीतकार एआर रहमान से जोड़ी ऐसे ही नहीं बनी थी. ‘रोजा’ फिल्म के गाने सुनकर जावेद अख्तर हैरान रह गए थे. उन्होंने फिल्म के गाने बार-बार सुने. फिर खुद एआर रहमान के घर उनसे मिलने गए. साथ में काम करने की इच्छा जताई. जावेद साहब ने अपने एक इंटरव्यू में खुद इसका खुलासा किया था. एआर रहमान-जावेद अख्तर की जोड़ी ने ही ‘लगान’ फिल्म में कृष्ण भगवान से जुड़े दो गाने ‘ओ पालनहारे’ और ‘राधा कैसे ना जले’ बनाए थे. ‘ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे’ भजन लता मंगेशकर-उदित नारायण ने गाया था.
इस बारे में जावेद अख्तर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने आमिर खान को ‘लगान’ फिल्म को ना बनाने के लिए कहा था. फिर भी वो नहीं माने तो मैंने कहा कि मैं सिर्फ गाने लिखूंगा. ‘ओ पालनहारे’ गाना मेरी जिंदगी के कुछ मुश्किल गानों में से एक था. सादगी, श्रद्धा भोलापन और मासूमियत को अपने अंदर ढूंढकर गाना लिखना आज की दुनिया में बहुत मुश्किल काम है. मुझे गाने की सिचुएशन पता थी. मैं समझ गया था कि यह गाना होशियारी से नहीं लिखा जा सकता. अपने अंदर एक स्थिरता, ठहराव और सुकून चाहिए था. उस ठहराव में दुख महसूस किया.’
‘लगान’ फिल्म में भगवान कृष्ण-राधा पर एक गाना रखा गया था. इस गाने के बोल थे : राधा कैसे ना जले. गाना आशा भोसले और उदित नारायण ने गाया था. यह गाना भी खूब पॉप्युलर हुआ. इस गाने को आज भी स्कूल फंक्शन में गाते हैं.
‘लगान’ फिल्म 15 जून 2001 को सिनेमाघरों में आई थी. आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी इस फिल्म में आमिर खान-ग्रेसी सिंह लीड रोल में थे. ब्रिटिश एक्टर्स पॉल ब्लैकथॉर्न और रेचल शेली ने भी अहम रोल निभाए थे. प्रोड्यूसर आमिर खान ही थे. फिल्म की कहानी 1893 के आसपास की थी. स्क्रीनप्ले-डायलॉग आशुतोष गोवारिकर-कुमार दवे ने मिलकर तैयार किए थे. स्लिप डिस्क की वजह से आशुतोष गोवारिकर ने बेड पर लेटकर फिल्म का डायरेक्शन किया था. शूटिंग गुजरात के भुज जिले के एक गांव में हुई थी. मजेदार बात यह है कि आमिर खान ने शुरुआत में यह फिल्म रिजेक्ट कर दी थी. तीन माह बाद जब पूरी स्क्रिप्ट गोवारिकर ने आमिर खान को सुनाई तो फिल्म में काम करने और इसे प्रोड्यूस करने के लिए तैयार हो गए.
‘लगान’ फिल्म में म्यूजिक एआर रहमान का था. आज लगान फिल्म की गिनती इंडियन सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है. ‘लगान’ ऑस्कर के लिए बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी. फिल्म ने 8 नेशनल अवॉड जीते थे. इतने ही फेयर अवॉर्ड इस फिल्म की झोली में आए थे. 24 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 66 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का क्लैश सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ से हुआ था.
आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर दोस्त हैं. दोनों ने कई फिल्मों में काम भी किया है. 2008 में आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में एक फिल्म ‘जोधा अकबर’ बनी. फिल्म में जोधा और अकबर की प्रेम कहानी, अकबर की वीरता-दरियादिली को खूबसूरती से दिखाया गया था. ऋतिक रोशन, ऐश्वर्या राय बच्चन लीड रोल में थे. इसके अलावा, सोनू सूद और इला अरुण ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं. इस फिल्म में भी एक कृष्ण भजन था जिसके बोल थे : मन मोहना बड़े झूठे, हार के हार नहीं माने. बने थे खिलाड़ी पिया, निकले अनाड़ी, मुसे बेमानी करे मुझसे ही रूठे.’ फिल्म में यह गाना ऐश्वर्या राय पर फिल्माया गया है. वो भगवान कृष्ण की मूर्ति के सामने यह गाना गाती हैं. गाने की आवाज अकबर के दरबार तक पहुंचती है. बेला शेंडे ने यह गाना गाया है. गीतकार जावेद अख्तर ही थे. संगीत एआर रहमान का था.
जोधा अकबर फिल्म बहुत ही भव्य तरीके से बनाई गई थी. अकबर-जोधा के बीच आपसी सम्मान और एकदूसरे की प्रशंसा कैसे सच्चे प्यार में बदल जाती है. इसे बहुत ही अनोखे अंदाज फिल्म में दिखाया गया है. फिल्म में भव्य सेट देखने को मिले थे. फिल्म को 5 फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. दो नेशनल अवॉर्ड मिले थे. 40 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म ने 112 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था. IMDb पर इसे 7.5 रेटिंग मिली थी. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.
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गुजरात के सूरत शहर में 6 से 7 दिन के नवजात को किसी अज्ञात व्यक्ति ने जली हुई हालत में फेंक दिया। गुरुवार सुबह उधना क्षेत्र के भीमनगर गरनाला में कुछ लोगों ने नवजात का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नवजात को किसी केमिकल से जलाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सूरत में सात दिनों के भीतर नवजातों से जुड़ी यह तीसरी घटना है। इससे पहले 21 मई को पांडेसरा इलाके में एक नवजात बच्ची जीवित मिली थी, जो अब स्वस्थ है। जबकि 24 मई को कतारगाम इलाके में झाड़ियों से एक नवजात बच्ची का शव बरामद हुआ था। इन दोनों मामलों में भी अब तक आरोपियों का पता नहीं चल सका है। केमिकल से जलाया गया था नवजात को उधना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, नवजात का पूरा शरीर जला हुआ था। प्राथमिक मेडिकल जांच में पता चला है कि नवजात को किसी केमिकल से जलाया गया है। नवजात का शव पोस्टमॉर्टम के लिए सूरत की स्मीमेर अस्पताल भेजा गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि नवजात कितने दिन का था, उसकी लिंग पहचान क्या थी और मौत का सही कारण क्या था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नवजात की पहचान छिपाने के उद्देश्य से उसे किसी ज्वलनशील पदार्थ या केमिकल से जलाने का प्रयास किया गया हो सकता है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी धाराएं जोड़ने की तैयारी में है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए उधना पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। आसपास की दुकानों, मुख्य सड़कों और गरनाला क्षेत्र में देर रात या सुबह संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। साथ ही स्थानीय क्लीनिक और गायनेकोलॉजिस्ट अस्पतालों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। —————-
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। इस मौके पर व्हाइट हाउस में अल्टीमेट फाइटिंग चैंपियनशिप (UFC) के मुकाबले करााए जाएंगे। UFC दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसमें अलग-अलग फाइटिंग खेलों के खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करते हैं।
UFC चीफ डाना व्हाइट ने बताया कि व्हाइट हाउस में फाइट कराने का विचार खुद ट्रम्प ने दिया था। उनके मुताबिक इसके लिए व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में खास फाइटिंग एरिया बनाया जा रहा है, जहां 4 हजार से ज्यादा लोग बैठ सकेंगे।
इसके अलावा व्हाइट हाउस के पास एलिप्स फील्ड में फाइट्स दिखाने के लिए बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। यहां 75 हजार से लेकर 1 लाख लोग मुफ्त में मुकाबला देख सकेंगे।
व्हाइट ने बताया कि ट्रम्प चाहते थे कि यह मुकाबला अमेरिका के 250वें स्थापना वर्ष के जश्न का हिस्सा बने। अल जजीरा के मुताबिक, मुख्य मुकाबले में अमेरिकी फाइटर जस्टिन गेथजी और जॉर्जिया के स्टार फाइटर इलिया टोपूरिया आमने-सामने होंगे।
UFC ने फाइटिंग एरिया की तस्वीरें जारी की…
UFC ने ऑक्टागन पिंजरे का नया डिजाइन जारी किया है। इसे व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में बनाया जा रहा है।
तस्वीर में फाइटिंग केज के ऊपर अमेरिकी झंडे की थीम वाला बड़ा आर्क दिखाई दे रहा है।
ट्रम्प के जन्मदिन पर आयोजित हो रहे इस शानदार मुकाबला के लिए लाइटिंग का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। इस फायटिंग एरिया को बनाने का काम बेहद तेजी से चल रहा है।
UFC चीफ डाना ने बताया कि यह आयोजन अमेरिका की स्थापना के 250 साल पूरे होने के कार्यक्रमों का हिस्सा है।
ट्रम्प 1000 टिकट बांटेंगे
डाना व्हाइट ने कहा कि उनके पास बांटने के लिए 200 टिकट होंगे, जबकि ट्रम्प 1000 टिकट देंगे। UFC की मालिक कंपनी TKO ग्रुप के चीफ एरी इमैनुएल के पास भी 200 टिकट होंगे। बाकी टिकट अमेरिकी सैनिकों को दिए जाएंगे।
ट्रम्प ने हाल ही में कहा था कि UFC मुकाबले के टिकटों की बहुत ज्यादा मांग है। उन्होंने कहा, मैंने कभी लोगों को किसी चीज के लिए इतना उत्साहित नहीं देखा। यह एक अलग और खास UFC इवेंट होगा। अधिकारियों ने बताया कि मुकाबले से पहले खिलाड़ियों का वजन मापने की प्रोसेस लिंकन मेमोरियल में होगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस में इस इवेंट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसके अलावा, ट्रम्प अगस्त में वॉशिंगटन की सड़कों पर इंडीकार कार रेस कराने की भी तैयारी कर रहे हैं। यह रेस वॉशिंगटन मॉन्यूमेंट और अमेरिकी संसद भवन जैसी मशहूर जगहों के पास से गुजरेगी।
ट्रम्प 11 अप्रैल को UFC का मुकाबला देखने पहुंचे थे।
ट्रम्प और UFC चीफ की दोस्ती काफी पुरानी
ट्रम्प और डाना व्हाइट की दोस्ती काफी पुरानी है। राजनीति में आने से पहले ट्रम्प ने UFC को अपने होटल और प्रॉपर्टी में फाइटिंग इवेंट आयोजित कराने की इजाजत दी थी। उस समय कई लोग इस खेल की आलोचना करते थे।
इसके बदले डाना व्हाइट कई बार ट्रम्प के समर्थन में खुलकर बोल चुके हैं। रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में भी उन्होंने ट्रम्प के पक्ष में भाषण दिया था।
डाना व्हाइट ने भी माना कि कई बार उन्हें खुद यकीन नहीं होता कि उनका खेल इस स्तर तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी वह सोचते हैं कि मैं आखिर करता क्या हूं? क्योंकि आज दुनिया का सबसे ताकतवर व्यक्ति खुद UFC का सबसे बड़ा प्रमोटर बन चुका है।
ट्रम्प खुले तौर पर UFC के बड़े प्रशंसक हैं और अक्सर मुकाबलों में दिखाई देते हैं। जब वे एरीना में पहुंचते हैं तो उन्हें किसी फिल्म स्टार जैसा रिएक्शन मिलता है।
33 साल पहले UFC की शुरुआत हुई
अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप (UFC) दुनिया की सबसे बड़ी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) संस्था है। इसकी शुरुआत 1993 में अमेरिका में हुई थी।
उस समय अलग-अलग मार्शल आर्ट्स के लोग दावा करते थे कि उनकी तकनीक सबसे खतरनाक है। कोई बॉक्सिंग को सबसे बेहतर मानता था, कोई कराटे को, तो कोई कुश्ती या जिउ-जित्सु को।
इसी बहस को असली मुकाबले में बदलने का आइडिया UFC बना। पहले टूर्नामेंट में जिउ-जित्सु का इस्तेमाल करने वाले रॉयस ग्रेसी की जीत हुई।
ग्रेसी बाकी फाइटर्स जितने ताकतवर या भारी-भरकम नहीं दिखते थे, लेकिन उन्होंने बड़े-बड़े बॉक्सर और कराटे फाइटर्स को जमीन पर गिराकर सबमिशन से हरा दिया।
बाद में खेल बदला और लोग जीतने के लिए बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, कराटे, ताइक्वांडो, जिउ-जित्सु और किकबॉक्सिंग जैसी कई फाइटिंग तकनीकों का तकनीकों का इस्तेमाल करने लगे।
डाना व्हाइट ने UFC खरीदा, बिकने के बाद भी चेहरा बने रहे
2001 में डाना व्हाइट ने अपने पुराने दोस्तों लोरेन्जो और फ्रैंक फर्टिटा के साथ मिलकर UFC खरीदा था। उस समय यह संस्था लगभग दिवालिया होने वाली थी। सिर्फ 20 लाख डॉलर में UFC खरीदा गया।
दिलचस्प बात यह है कि डाना व्हाइट के अध्यक्ष बनने के बाद पहला बड़ा UFC इवेंट ट्रम्प की प्रॉपर्टी ‘ट्रम्प ताज महल’ में हुआ था।
उस समय जब बड़े कारोबारी UFC से दूरी बना रहे थे, ट्रम्प ने इसे अपने होटल और कैसीनो में जगह दी। डाना व्हाइट आज भी कहते हैं कि ट्रम्प उन शुरुआती लोगों में थे जिन्होंने UFC पर भरोसा दिखाया।
2016 में हॉलीवुड एजेंट एरी इमैनुएल की कंपनी ने UFC को 4 अरब डॉलर में खरीद लिया। उस डील में डाना व्हाइट को करीब 36 करोड़ डॉलर मिले। लेकिन कंपनी बदलने के बाद भी UFC का चेहरा वही रहे।
उसी साल ट्रम्प ने डाना व्हाइट को रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में भाषण देने बुलाया। लोगों ने उन्हें राजनीति से दूर रहने की सलाह दी थी, क्योंकि उस समय कई लोगों को लगता था कि ट्रम्प चुनाव नहीं जीतेंगे। लेकिन डाना व्हाइट ने कहा कि ट्रम्प उनके अच्छे दोस्त रहे हैं, इसलिए वह उनका साथ नहीं छोड़ेंगे।
कोविड महामारी के दौरान भी डाना व्हाइट ने UFC मुकाबले बंद नहीं किए। उन्होंने अबू धाबी में फाइट आइलैंड बनाया, जहां बायो-बबल के अंदर मुकाबले कराए गए। उस समय जब बाकी खेल रुके हुए थे, UFC लगातार चल रहा था और इससे इसकी लोकप्रियता और बढ़ गई।
UFC की 5 खास बातें
पहले UFC को बहुत हिंसक खेल माना जाता था, जिसमें कोई भी रूल नहीं होता था। कई बार 60 किलो का फाइटर 120 किलो के खिलाड़ी से भिड़ जाता था। बाद में सुरक्षा नियम बनाए गए।
इस खेल में फाइटर एक खास आठ कोनों वाले पिंजरेनुमा रिंग में लड़ते हैं, जिसे ऑक्टागन कहा जाता है। इसमें खिलाड़ी सिर्फ मुक्के ही नहीं मारते, बल्कि किक, पकड़कर गिराना और जमीन पर लड़ाई जैसी तकनीकें भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
UFC अब सिर्फ खेल नहीं, बहुत बड़ा बिजनेस भी बन चुका है। इसके बड़े मुकाबले पे-पर-व्यू पर दिखाए जाते हैं और करोड़ों डॉलर की कमाई होती है।
UFC के बड़े स्टार्स में कॉनर मैकग्रेगर, खबीब नूरमगोमेदोव और जॉन जोन्स जैसे नाम शामिल हैं। खबीब नूरमगोमेदोव का नाम UFC इतिहास के सबसे खतरनाक फाइटर्स में लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में एक भी मैच नहीं हारा।
महिलाओं की फाइट भी UFC का बड़ा हिस्सा हैं। रोंडा राउजी पहली महिला सुपरस्टार मानी जाती हैं जिन्होंने महिलाओं के मुकाबलों को मेनस्ट्रीम बनाया।
UFC ने रोंडा राऊसी को पहली महिला खिड़ी के तौर पर 2012 में साइन किया था। वह अब तक की सबसे बड़ी MMA स्टार्स है।
WWE से कितना अलग है UFC
UFC असली फाइट होती है। इसमें खिलाड़ी सच में एक-दूसरे से मुकाबला करते हैं और जीत-हार पहले से तय नहीं होती। फाइटर मुक्के, किक, कुश्ती और सबमिशन तकनीकों से जीतने की कोशिश करते हैं। इसमें चोट लगना भी आम बात है।
वहीं WWE मुख्य रूप से मनोरंजन यानी एंटरटेनमेंट है। उसमें मैच का रिजल्ट पहले से तय होता है। फाइटर्स स्क्रिप्ट के हिसाब से काम करते हैं। वहां कहानी, ड्रामा, एंट्री म्यूजिक और किरदारों पर ज्यादा जोर होता है।
UFC में खिलाड़ी असली एथलीट की तरह ट्रेनिंग करते हैं ताकि सच में विरोधी को हराया जा सके। WWE में भी खिलाड़ी बहुत फिट और ताकतवर होते हैं, लेकिन उनका फोकस सुरक्षित तरीके से शो करना होता है।
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ट्रम्प मुस्लिम देशों से बोले- इजराइल से दोस्ती करें:पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ेंगी, वह इजराइल को देश भी नहीं मानता
ट्रम्प ने मुस्लिम देशों से इजराइल के साथ रिश्ते बेहतर करने को कहा है। उन्होंने शनिवार को सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्र और जॉर्डन के नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की।
ट्रम्प ने सोमवार को सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा कि अमेरिका ने ईरान संकट को सुलझाने के लिए बहुत मेहनत की है। अब जरूरी है कि ये सभी देश अब्राहम अकॉर्ड्स (समझौते) में शामिल हों। यानी इजराइल के साथ रिश्ते बेहतर करें। पूरी खबर पढ़ें…
ब्रह्मोस की नोक पर इस्लामिक NATO का खलीफा, तीन तरफ से घेरेबंदी देख हुआ बेदम
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India Brahmos Diplomacy: बदलते सामरिक माहौल को देखते हुए भारत इंटरनेशनल लेवल पर अपने पैर मजबूती से जमाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. इस्लामिक NATO बनाकर जिस तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद की थी, अब उसका अपने ही आवोहवा में दम घुटने लगा है. भारत ने तुर्की के पड़ोस में ऐसी डिप्लोमेसी शुरू की है, जिससे तुर्की का बीपी बढ़ने लगा है.
भारत इस्लामिक NATO के अगुआ तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की तैयारी कर रहा है. तुर्की के तीन पड़ोसी देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल में अपनी दिलचस्पी दिखाइ है. (फाइल फोटो/Reuters)
India Brahmos Diplomacy: भारत की एक कूटनीतिक चाल से इस्लामिक NATO के खलीफ तुर्की का दम घुटने लगना है. तुर्की ने जिस तरह से आतंकवादियों के पनाहगार पाकिस्तान का साथ दे रहा है, उससे भारत को अपनी नीति पर पुनर्विचार करने और उसे बदलने पर मजबूर होना पड़ा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की एक्सपर्ट पाकिस्तान में मौजूद थे. इससे भारत की चिंता और भी बढ़ गई. इसके बाद तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की कवायद शुरू कर दी गई. अब इसका असर दिखने लगा है. तुर्की की बौखलाहट बढ़ गई है. दरअसल, भारत ने भूमध्य सागर में अपनी डिफेंस डिप्लोमेसी को रफ्तार के साथ धार देना भी शुरू कर दिया है. अभी तो बस शुरुआत भर है, लेकिन उससे ही इस्लामिक NATO के इस खलीफा का दम निकलने लगा है. भारत तुर्की के तीन पड़ोसी देशों के साथ अपने रक्षा संबंधों को लगातार नई ऊंचाई दे रहा है. इन तीनों देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की खरीद में दिलचस्पी भी दिखाई है. ब्रह्मोस का नाम सुनकर ही तुर्की में घबराहट है. तुर्की की मीडिया में इस बात की डिमांड भी बढ़ गई है कि इससे पहले कि ग्रीस की हाथों में ब्रह्मोस जैसी मिसाइल और मॉडर्न वेपन सिस्टम पहुंचे, उसपर अटैक कर देना चाहिए.
पिछले कुछ सालों में भारत ने भूमध्य सागर में तुर्की के तीन पड़ोसी देशों – अर्मेनिया, ग्रीस और साइप्रस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर काम करना शुरू किया है. खासकर रक्षा के क्षेत्र में तीनों देशों ने भारत के साथ संबंधों को नया आयाम देने की गंभीर कोशिश की है. तुर्की के मनमाने रवैये से परेशान अर्मेनिया के भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध हैं. अर्मेनिया को भारत से कई तरह के मॉडर्न वेपन सिस्टम भी मिले हैं. दूसरी तरफ, साइप्रस और ग्रीस भी भारत के साथ रक्षा संबंधों को बढ़ाने में जुटे हैं. कुछ दिनों पहले ही साइप्रस के प्रधानमंत्री निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत के दौरे पर आए थे. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही साइप्रस और भारत के बीच रक्षा संबंध आने वाले दिनों में और भी मजबूत होने की संभावना प्रबल हो गई है. भारत और ग्रीस के बीच भी स्ट्रैटजकि पार्टनरशिप को लेकर एग्रीमेंट हुआ है. एथेंस ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है.
🇬🇷🇮🇳🇹🇷 Turkish fears became reality. They’re so shit scared of Greece getting armed with Indian weapons thay they’re calling for a preemptive attack. Too bad Turkey, their predicament is only getting worse by the day, and is only accelerating now that India has joined the game. https://t.co/7XUHvJgz6A