Saturday, October 17, 2026
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70 फीसदी कम होंगे 137 दवाओं के दाम, सरकार ने बना दी मुनाफे की लिमिट


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Cancer Drug Price : सरकार ने कैंसर दवाओं की कीमतों पर लगाम कसने के लिए इसका मुनाफा सीमित कर दिया है. अब कैंसर से जुड़ी 137 दवाओं पर 30 फीसदी से ज्यादा मुनाफा नहीं कमाया जा सकेगा. अनुमान है कि इस फैसले से 70 फीसदी कीमतें कम होने की संभावना है. सरकार का यह फैसला 9 नवंबर से लागू हो जाएगा.

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सरकार ने कैंसर दवाओं पर 30 फीसदी मार्जिन तय कर दिया है.

नई दिल्ली. कैंसर दवाओं पर बेलगाम मुनाफा कमाने वाली कंपनियों पर सरकार ने सख्त लगाम लगा दी है. सरकार ने कैंसर से जुड़ी करीब 137 दवाओं पर मार्जिन को 30 फीसदी पर फिक्स कर दिया है. इस फैसले से कैंसर दवाओं की मौजूदा कीमतों में करीब 70 फीसदी गिरावट की संभावना है. पिछले दिनों सोशल मीडिया पर इस बात की काफी चर्चा हो रही थी कि कैंसर की दवाओं पर अस्पताल व दवा कंपनियां बेलगाम मुनाफा कमाती हैं.

दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने 17 अक्टूबर को कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं के ट्रेड मार्जिन को 30 फीसदी तक सीमित कर दिया. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला 9 नवंबर से प्रभावी होगा. इससे इन जीवनरक्षक दवाओं की खुदरा कीमतें मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 फीसदी तक घटने की उम्मीद है. इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि उन्हें मौजूदा कीमत से 70 फीसदी कम दाम पर ये दवाएं उपलब्ध होंगी.

मंत्रालय ने क्यों उठाया ऐसा कदम
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने शनिवार को राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के अनुच्छेद 19 के तहत व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (टीएमआर) व्यवस्था लागू कर दी है. एनपीपीए औषधि विभाग के तहत काम करता है. मंत्रालय के अनुसार, यह कदम स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के तहत गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है. इस समिति में देशभर के प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ, चिकित्सा विशेषज्ञ, अस्पतालों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल थे.

पहले भी लिया गया है ऐसा फैसला
समिति ने व्यापार मार्जिन को तर्कसंगत बनाने के लिए 137 दवाओं की सिफारिश की थी. इस सूची को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा. यह पहल एनपीपीए की साल 2019 की प्रायोगिक योजना पर आधारित है. उस समय 42 कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 फीसदी तय किया गया था. इसके परिणामस्वरूप 526 ब्रांड की दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में 90 फीसदी तक की कमी आई थी.

बड़ी संख्या में ब्रांडेड दवाओं पर फायदा
मंत्रालय ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत कहीं अधिक संख्या में कैंसर की दवाओं को शामिल किया गया है. दवा कंपनियों को संशोधित मूल्य सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने और खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों तक इसकी जानकारी व्यापक रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को नौ नवंबर से संशोधित दरों पर ही दवाएं बेचनी होंगी और अपनी फार्मेसी में नई कीमतों को प्रदर्शित करना होगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मोतिहारी में फर्जी पुलिस वाला ड्यूटी करते पकड़ाया: दुर्गा पूजा सुरक्षा के बीच कचहरी चौक पर गिरफ्तारी, महिला सिपाही को हुआ था शक – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी में दुर्गा पूजा की सुरक्षा के बीच एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। नगर थाना पुलिस ने उसे कचहरी चौक से पकड़ा। वह पुलिस की वर्दी पहनकर ड्यूटी कर रहा था। कचहरी चौक पर तैनात एक महिला सिपाही को उसकी हरकतों पर शक हुआ। पूछताछ करने पर वह अटपटा जवाब देने लगा। महिला सिपाही ने तुरंत नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन को जानकारी दी। युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ – नगर थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आए। पूछताछ में उसने अपनी पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ठिकहा गांव निवासी मनोज कुमार के रूप में बताई। मनोज ने कहा कि उसने कचहरी से ही वर्दी सिलवाई थी और कुछ समय से ड्यूटी कर रहा था। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा है। वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा और बार-बार बयान बदल रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह ठगी का शिकार तो नहीं हुआ। वर्दी जब्त कर परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।



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मैहर स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसले बुजुर्ग: प्लेटफॉर्म और कोच के बीच गिरने लगे यात्री; RPF के जवानों ने खींचकर बचाया – Maihar News


मैहर रेलवे स्टेशन पर 16 अक्टूबर को चलती ट्रेन में चढ़ते समय 70 वर्षीय सुजीत कुमार केसरी का संतुलन बिगड़ गया।

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वे प्लेटफॉर्म और कोच के बीच गिरने लगे, तभी ड्यूटी पर तैनात RPF के दो जवानों ने उन्हें पकड़कर सुरक्षित बाहर खींच लिया। घटना का CCTV फुटेज शनिवार देर रात सामने आया।

ट्रेन रवाना होते समय चढ़ने की कोशिश कर रहे थे बुजुर्ग

घटना प्लेटफॉर्म नंबर-1 की है। दोपहर 1:16 बजे ट्रेन नंबर 09821 रवाना होने लगी, तभी सुजीत कुमार केसरी ने उसमें चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे प्लेटफॉर्म व कोच के बीच गिरने लगे।

दो जवानों ने तुरंत संभाला

ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक सुजीत कुमार द्विवेदी और महिला आरक्षक सोनम सिंह ने तुरंत बुजुर्ग को पकड़ लिया और सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर खींच लिया। सुजीत कुमार केसरी बिहार के बक्सर जिले के अमला टोला के रहने वाले हैं।

रेलवे ने चलती ट्रेन में चढ़ने से बचने की अपील की

रेलवे ने इस कार्रवाई को ‘यात्री जीवन रक्षा’ ऑपरेशन के तहत यात्रियों की सुरक्षा के लिए की गई कार्रवाई बताया है। रेलवे ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचने की अपील की है।



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फ्रांस में महंगाई के खिलाफ येलो वेस्ट आंदोलन शुरू: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हिंसक झड़प; राजधानी पेरिस में 25 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए




फ्रांस में बढ़ती महंगाई और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। आंदोलन में छात्र, शिक्षक, मजदूर, किसान और बुजुर्ग शामिल हैं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। देशभर में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने हिंसा के लिए वामपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने राजधानी पेरिस में करीब 25 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं। इनमें राष्ट्रपति भवन, संसद व सरकारी कार्यालयों के आसपास के स्टेशन शामिल हैं। फ्रांस में प्रदर्शन से जुड़ीं 10 फोटोज… पुलिस से टकराव की 4 तस्वीरें आगजनी की 4 तस्वीरें… विरोध की 2 तस्वीरें स्कूलों से शुरू हुआ आंदोलन देशभर में फैला इस आंदोलन की शुरुआत पिछले महीने पेरिस के उत्तरी बाहरी इलाकों के स्कूलों में हुई थी। वहां शिक्षकों की गैरमौजूदगी और स्कूलों की खराब हालत को लेकर छात्रों में नाराजगी थी। धीरे-धीरे यह विरोध पूरे देश में फैल गया। अब इसमें सामाजिक असमानता, सरकारी खर्च में कमी और सार्वजनिक सेवाओं की खराब स्थिति जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए हैं। फ्रांस की प्रमुख मजदूर यूनियनों में शामिल सीजीटी ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। यूनियन ने ज्यादा वेतन और पेंशन, कम कीमतों और लोगों की जरूरतें पूरी करने वाली सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों की 4 अहम मांगें… 2018 के ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन को दोहराने की अपील प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर लोगों से 2018 के ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन को दोबारा शुरू करने की अपील की गई थी। इस आंदोलन में लोग पीले रंग की चमकदार जैकेट पहनकर सड़कों पर उतरते थे। फ्रांस में गाड़ियों के ड्राइवरों के लिए ऐसी जैकेट रखना जरूरी होता है, ताकि सड़क पर गाड़ी खराब होने या किसी आपात स्थिति में वे दूर से दिखाई दे सकें। प्रदर्शनकारियों ने इसी जैकेट को विरोध का प्रतीक बना लिया। इसलिए इस आंदोलन को फ्रेंच भाषा में ‘गिले जॉन’ और हिंदी में ‘येलो वेस्ट’ यानी ‘पीली जैकेट वाला आंदोलन’ कहा जाने लगा। मैक्रों ने शांति बनाए रखने की अपील की राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को लोगों से शांति बनाए रखने और सार्वजनिक व निजी संपत्ति का सम्मान करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसके साथ दूसरों का सम्मान करना भी जरूरी है।



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क्या आपने खाया है पोई का साग? पोषक तत्वों से भरपूर है ये सब्जी

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हरी पत्तेदार सब्जियों को सेहतमंद खानपान का अहम हिस्सा माना जाता है. पालक और मेथी की तरह पोई का साग भी कई जगहों पर बड़े चाव से खाया जाता है. इसकी पत्तियां मोटी, मुलायम और हल्की चिकनी होती हैं. इसे मालाबार पालक भी कहा जाता है. पोई का साग सब्जी, दाल और दूसरी पारंपरिक डिशेज में इस्तेमाल किया जाता है. इसमें फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं. आइए जानते हैं पोई का साग खाने से सेहत को क्या फायदे मिल सकते हैं.

1. पाचन के लिए फायदेमंद
पोई के साग में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है. पर्याप्त फाइबर लेने से मल त्याग नियमित रखने में मदद मिल सकती है और कब्ज की परेशानी से बचाव में सहूलियत होती है. हालांकि, इसका फायदा इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप पूरे दिन में कितना फाइबर ले रहे हैं और कितना पानी पीते हैं.

2. शरीर को मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व
पोई का साग विटामिन, खनिज और दूसरे जैव सक्रिय यौगिकों का स्रोत है. इसमें कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं. ये पोषक तत्व शरीर के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी हैं. संतुलित आहार में पोई का साग शामिल करने से रोजाना के पोषण में विविधता आती है. हालांकि, इसमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा साग की किस्म और उसे उगाने की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकती है.

3. हड्डियों के स्वास्थ्य में मददगार
पोई के साग में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाते हैं. इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है. लेकिन केवल पोई का साग खाने से हड्डियां मजबूत होने या ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव की गारंटी नहीं मिलती. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए पर्याप्त कैल्शियम, विटामिन डी और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी हैं.

4. एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत
पोई के साग में कैरोटेनॉयड और दूसरे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. प्रयोगशाला अध्ययनों में इन यौगिकों की एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि देखी गई है. एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभाते हैं. हालांकि, केवल इस साग को खाने से किसी बीमारी का इलाज होने या गंभीर बीमारियों का खतरा कम होने का दावा नहीं किया जा सकता.

5. कम कैलोरी वाले आहार का हिस्सा
पोई का साग पानी से भरपूर और कम कैलोरी वाली पत्तेदार सब्जी है. इसलिए इसे रोजमर्रा के संतुलित भोजन में शामिल किया जा सकता है. अगर आप अपने खानपान में सब्जियों की मात्रा बढ़ाना चाहते हैं, तो पोई का साग अच्छा विकल्प हो सकता है. इसे दाल, लहसुन और हल्के मसालों के साथ पकाकर रोटी या चावल के साथ खाया जा सकता है. हालांकि, इसे बनाते समय तेल और नमक की मात्रा का ध्यान रखना भी जरूरी है.

पोई का साग खाते समय किन बातों का रखें ध्यान?
पोई का साग बनाने से पहले पत्तियों और डंठलों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसे अपनी पसंद के अनुसार पकाकर खाएं और भोजन में दूसरी हरी सब्जियां भी शामिल करें. अगर आपको किडनी की बीमारी है या डॉक्टर ने पोटैशियम जैसे खनिजों का सेवन सीमित करने को कहा है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ की सलाह लें.



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जोधपुर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का पूतला फूंका: कांग्रेस नेता बोले- राठौड़ पर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए, प्रदेशाध्यक्ष ने पाकिस्तान को लेकर दिया था बयान – Jodhpur News




भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ की ओर से पाकिस्तान को लेकर दिए विवादित बयानों को लेकर जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उनका पूतला फूंका और नारेबाजी की। वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ऐसे बयान के बाद उन पर मामला दर्ज होना चाहिए। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने जयपुर में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित सेमिनार में पाकिस्तान को लेकर विवादित बयान दिया था। मदन राठौड़ ने कहा था- अगर भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट का मैच हो और दुर्भाग्य से भारत हार जाए। उस समय जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं है। हां, मैं यह कहता हूं कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है। कांग्रेस नेताओं ने किया विरोध प्रदर्शन
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओमकार वर्मा ने कहा कि उनके पाकिस्तान के समर्थन करने के बयान के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया गया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहाा- इस बयान से स्पष्ट होता है कि वह पाकिस्तानी समर्थक है। मदन राठौड़ को यह मालूम होना चाहिए कि भारत में हुए जितने भी आतंकी हमले चाहे वह पुलवामा मुंबई टेररिस्ट अटैक संसद पर हमला जैसी अनेकों घटनाओं का सीधे रूप से पाकिस्तान जिम्मेदार रहा है। मदन राठौड़ पर देशद्रोह का मुकदमा होना चाहिए- कांग्रेसी उन्होंने कहा- ऐसे व्यक्ति पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उनके विरुद्ध कार्रवाई होने चाहिए। उनके इस देशद्रोही बयान के बावजूद भी वह अभी तक अपने पद पर हैं यह बड़े शर्म की बात है। इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह सोलंकी, पूर्व राज्य मंत्री रमेश बोराणा, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, गणपत सिंह चौहान, पूर्व महापौर कुंती देवड़ा, पूर्व जिला अध्यक्ष सलीम खान, अनिल जोशी, जगदीश सांखला, लियाकत अली रंगरेज, मयंक देवड़ा, राजेश रामदेव, तीर्थराज कल्ला, हेमंत शर्मा, धनपत गुर्जर, गोपाल राज कल्ला, मनोज व्यास, सुरेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



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श्रावस्ती में दुष्कर्म और अपहरण के मामले में आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने भेसड़ी नहर पुल के पास से पकड़ा, वाहन का इंतजार कर रहा था आरोपी – Shravasti News




श्रावस्ती में दुष्कर्म और अपहरण से जुड़े मामले में वांछित आरोपी को गिलौला पुलिस ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भेसड़ी नहर पुल के पास कार्रवाई की। आरोपी की पहचान अलखराम पुत्र छेदीराम निवासी ग्राम मनिहार तारा, थाना हरदत्तनगर गिरंट, श्रावस्ती के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार 17 अक्टूबर की सुबह उपनिरीक्षक इन्द्रजीत प्रसाद पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गिलौला थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 180/2026 में वांछित आरोपी भेसड़ी नहर पुल के पास खड़ा होकर वाहन का इंतजार कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मुखबिर ने सड़क के बाईं ओर खड़े व्यक्ति की आरोपी के रूप में पहचान कराई। इसके बाद पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और सुबह करीब 5:15 बजे ग्राम पकड़िया क्षेत्र में भेसड़ी नहर पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ गिलौला थाने में पॉक्सो एक्ट की धारा 5L(N)/6 के तहत मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह और क्षेत्राधिकारी इकौना भरत पासवान के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।



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MLC चुनाव- दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में रिंकी: वीमेंस कॉलेज की प्रोफेसर हैं, बोलीं- युवा, महिला मतदाताओं का समर्थन; शिक्षा, रोजगार के लिए काम करुंगी – Samastipur News




समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रिंकी कुमारी दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। शनिवार को समस्तीपुर में प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपनी प्राथमिकताओं और चुनावी एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह छात्रों और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि शिक्षक के रूप में लंबे समय से छात्रों के बीच रहने के कारण वह उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझती हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उनके पास कई योजनाएं हैं। निर्वाचित होने पर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा और रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। कई कॉलेजों में शुरू हो पीजी की पढ़ाई उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। कॉलेजों में खेल मैदान और बेहतर संसाधन की व्यवस्था पर जोर उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगी। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। पिछले दो वर्षों से वह लगातार एमएलसी चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक सम्मेलन के दौरान वास्तु विहार में लोगों ने मिथिला की संस्कृति के अनुसार पाग और चादर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।



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कोटवार बोले-कार्य के बदले मिली भूमि का मालिकाना हक मिले: सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांगा, निवाड़ी में किया प्रदर्शन – Niwari News




कोटवारों ने अपनी बरसों पुरानी मांगों को लेकर निवाड़ी जिले के ओरछा तहसील दफ्तर के बाहर जिला स्तरीय सम्मेलन किया और जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कोटवार संघ ने सरकार से मांग रखी कि सेवा के बदले जो जमीन उन्हें मिली हुई है, उस पर उन्हें पूरा मालिकाना हक दिया जाए। कोटवार संघ ने सरकार के सामने मांग रखी कि उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा मिले और तय तनख्वाह दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व पंचायत से जुड़े पुराने सरकारी आदेशों को तुरंत लागू करने पर भी जोर दिया। दरअसल, कोटवारों को सरकार काम के बदले सेवा भूमि देती है और अलग से कोई तय तनख्वाह नहीं मिलती। वे इसी जमीन पर खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। इसीलिए अब वे इस जमीन पर अपना पक्का हक मांग रहे हैं। अकेले निवाड़ी जिले में ही ऐसे 80 कोटवार काम कर रहे हैं। सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश जिला कोटवार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कोटवार ने बताया कि वे अपनी वाजिब मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में कोटवारों का साथ देने पटवारी संघ के अध्यक्ष भगवत दांगी, रविंद्र भास्कर और विवेक भास्कर समेत कई बड़े नेता भी पहुंचे।



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दिल्ली में स्वच्छता को बड़ा बूस्ट: सीएम रेखा गुप्ता ने सरिता विहार में हरी झंडी दिखाकर लॉन्च किए MCD के नए संसाधन – New Delhi News




राजधानी में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक तथा सुदृढ़ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सरिता विहार इलाके में नगर निगम के नए स्वच्छता संसाधनों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल से शहर के विभिन्न इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सड़कों की सफाई और कूड़े के उठान की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। दिल्ली नगर निगम को मिले आधुनिक मशीनें और वाहन दिल्ली में अब नए स्वच्छता संसाधनों के तहत बेड़े में अत्याधुनिक कचरा संग्रहण गाड़ियां और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग से जुड़ी मशीनें शामिल की गई हैं। इन संसाधनों के जुड़ने से अब रिहायशी और कमर्शियल इलाकों से कूड़े का उठान समय पर सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कूड़े के ढेरों की समस्या से निजात मिलेगी। नए वाहनों और उपकरणों की मदद से निगम के सफाई कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली का संकल्प- सीएम इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के इन नए स्वच्छता संसाधनों के आने से राजधानी के कोने-कोने में सफाई व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा। सीएम ने सफाई कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए नागरिकों से भी अपील की कि वे दिल्ली को स्वच्छ रखने में सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। कचरे को खुले में न फेंकें और सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग करके ही निगम की गाड़ियों में दें। स्थानीय जनता और अधिकारियों में उत्साह कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया। लोगों का मानना है कि यदि नए संसाधनों का सही ढंग से संचालन हुआ, तो सरिता विहार सहित आसपास के इलाकों में स्वच्छता के स्तर में और अधिक सुधार आएगा। इस शुभारंभ कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।



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