Friday, June 19, 2026
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रिलायंस रिटेल की कमाई ₹3.7 लाख करोड़ के पार, JioMart की बड़ी छलांग


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RIL AGM 2026: रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 11.8% बढ़कर 3,70,026 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. जियोमार्ट अब 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत के सबसे बड़े क्विक कॉमर्स नेटवर्कों में से एक बन चुका है.

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रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी

RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में रिलायंस रिटेल वेंचर्स की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने रिलायंस रिटेल की उपलब्धियों और भविष्य के रोडमैप को देश के सामने रखा. उन्होंने रिटेल कारोबार के शानदार प्रदर्शन की जानकारी देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रिलायंस रिटेल का रेवेन्यू 11.8% बढ़कर 3,70,026 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. वहीं कंपनी का EBITDA 7.9% बढ़कर 27,033 करोड़ रुपये रहा, जो उसके निकटतम प्रतिस्पर्धी की तुलना में 3.4 गुना ज्यादा है.

उन्होंने बताया कि रिलायंस रिटेल का रजिस्टर्ड कस्टमर बेस 11% बढ़कर 38.7 करोड़ हो गया है. इस दौरान कंपनी ने 193 करोड़ ट्रांजैक्शंस प्रोसेस किए, जो सालाना आधार पर 39% की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है.

‘जियोमार्ट’ के जरिए क्विक कॉमर्स में बड़ा धमाका
क्विक कॉमर्स सेगमेंट को लेकर ईशा अंबानी ने कहा कि क्विक कॉमर्स अब बड़े बास्केट वाली शॉपिंग में ग्रोथ की एक बेहद भरोसेमंद परत जोड़ रहा है. उन्होंने जानकारी दी कि जियोमार्ट अब 3,100 से ज्यादा स्टोर्स के साथ भारत के सबसे बड़े क्विक कॉमर्स नेटवर्कों में से एक बन चुका है. यह नेटवर्क वर्तमान में 1,200 से ज्यादा शहरों के 5,100 से अधिक पिन कोड्स में अपनी सेवाएं दे रहा है.

कैम्पा कोला और RCPL का जलवा
रिलायंस के एफएमसीजी ब्रांड्स ने भी इस साल बाजार में धूम मचाई है. कैम्पा कोला ने वित्त वर्ष 2026 में 4,700 करोड़ रुपये से ज्यादा की ग्रॉस सेल्स हासिल की है. इसके साथ ही कैम्पा ने बाजार में डबल-डिजिट की हिस्सेदारी पर कब्जा कर लिया है. रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 22,000 करोड़ रुपये का ग्रॉस रेवेन्यू हासिल किया है. इसके प्रोडक्ट्स की मौजूदगी अब दुनिया के 40 से ज्यादा देशों में है.

स्टोर्स का विस्तार और होम-केयर सेगमेंट
रिलायंस रिटेल के ‘स्मार्ट बाजार’ नेटवर्क ने 1,000 स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है. ईशा अंबानी के मुताबिक, यह दुनिया में सबसे तेजी से होने वाले बड़े पैमाने के रिटेल रोलआउट्स में से एक है. रिलायंस का होम और पर्सनल केयर सेगमेंट इंडस्ट्री की औसत रफ्तार से 5 गुना तेजी से बढ़ रहा है.

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)

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विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



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जब टूटने लगे थे शाहिद कपूर, तब मीरा ने दिया राधा स्वामी का सहारा, ब्यास किनारे बनाया घर


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फिल्मों की चकाचौंध और मुंबई के आलीशान महल को छोड़ आखिर क्यों पंजाब में वक्त बिताते हैं शाहिद और मीरा? एक्टर ने खुद खोला अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर का राज और बताया कि कैसे मीरा की सादगी और ब्यास के घर ने उन्हें एक नया जीवन दिया.

बॉलीवुड के चॉकलेट बॉय शाहिद कपूर और उनकी पत्नी मीरा राजपूत अक्सर अपनी ग्लैमरस लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्टार कपल असल जिंदगी में काफी धार्मिक भी है? शाहिद और मीरा जब भी मुंबई की भागदौड़ से थक जाते हैं, तो सुकून की तलाश में पंजाब पहुंच जाते हैं. दोनों लंबे समय से राधा स्वामी सत्संग ब्यास से जुड़े हुए हैं. पंजाब में इस कपल का बेहद खूबसूरत और आलीशान फार्महाउस है, जहां दोनों सुकून का वक्त बिताने जाते हैं.

शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म कॉकटेल 2 को लेकर चर्चा में हैं. लेकिन एक्टर को जब भी अपने बिजी शेड्यूल से टाइम मिलता है,तो वह अपनी पत्नी मीरा राजपूत के साथ सीधे पंजाब निकल जाते हैं. जहां ब्यास में बना राधा स्वामी सत्संग डेरा इन दोनों के लिए शांति और सुकून पाने का सबसे बड़ा ठिकाना है.

शाहिद और मीरा की लव स्टोरी जितनी स्पेशल है, उतना ही उनका आध्यात्मिक सफर भी है. इस बारे में शाहिद खुद बात कर चुके हैं. पंजाब के ब्यास में बना उनका घर उन्हें दुनिया में सबसे खूबसूरत लगता है.

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यहां तक कि उन्हें यह घर मुंबई वाले आलीशान घर से भी ज्यादा पसंद है. शाहिद कपूर और मीरा राजपूत दोनों ही राधा स्वामी सत्संग ब्यास में गहरी आस्था रखते हैं. दोनों परिवार लंबे समय से इस आध्यात्मिक संस्था से जुड़े हुए हैं. यही समान आस्था आगे चलकर उनकी शादी की एक बड़ी वजह भी बनी.

शाहिद ने बताया था कि हम अक्सर ब्यास जाते हैं. मीरा के मम्मी-पापा का वहां घर है और हमारा भी. वहां हमें सब कुछ मिल जाता है. वह जगह हमारे दिल के बहुत करीब है. उन्होंने कहा था कि 25 साल की उम्र में उन्होंने राधा स्वामी में ‘नाम’ लिया था. दिलचस्प बात यह है कि मीरा ने भी यही आध्यात्मिक मार्ग अपनाया. इसके अलावा शाहिद 19 साल की उम्र में ही शाकाहारी बन गए थे और तब से उसी जीवनशैली को फॉलो कर रहे हैं.

शाहिद ने मीरा से पहली मुलाकात का किस्सा भी सुनाया. उन्होंने कहा कि हम पहली बार दिल्ली में मिले थे. मैं 33 साल का था और मीरा 20 साल की थीं. उम्र का काफी अंतर था. हम दोनों सोच रहे थे कि आखिर बात किस बारे में करेंगे. मैं एक्टर था और वह अभी-अभी कॉलेज से निकली थीं. शुरुआत में दोनों के मन में झिझक थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.

शाहिद ने बताया कि मीरा की सबसे अच्छी बात जो उन्हें लगती थी, वह है उनका आध्यात्म से जुड़ाव और उनका आध्यात्मिक स्वभाव. उन्होंने कहा कि उनका अपने गुरु पर बहुत विश्वास है. उनके परिवार के संस्कार बेहद अच्छे हैं, वह बहुत सहज हैं और जैसी हैं, वैसी ही रहती हैं. यही सादगी और सच्चाई उन्हें मीरा की ओर खींचती है.

शाहिद ने बताया कि जब मीरा शादी के बाद मुंबई आईं तो उन्होंने खुद को चेंज करने या फिल्मी दुनिया के हिसाब से ढालने की कोशिश नहीं की. वह बहुत नैचुरली आगे बढ़ीं. कभी नहीं लगा कि वह खुद को बदल रही हैं. मुझे उनकी यही बात सबसे ज्यादा पसंद है. एक्टर ने बताया था कि ऐसा भी वक्त आया जब लगा कि कुछ भी नहीं है और जिंदगी में सब बेमायने लगने लगा था. तब उस मुश्किल दौर में मीरा ने मेरा साथ दिया और मुझे समझाया. बता दें कि आज यह कपल हंसी-खुशी अपनी लाइफ एन्जॉय कर रहा है, वहीं शाहिद अपनी फिल्म कॉकटेल को लेकर चर्चा में हैं.

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भदोही में ऑपरेशन दहन सफल: पुलिस ने नष्ट किए जब्त मादक पदार्थ, विशेष लोक अभियोजक सम्मानित – Bhadohi (Sant Ravidas Nagar) News




उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” के तहत भदोही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जनपद में जब्त किए गए भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण और निस्तारण सफलतापूर्वक किया गया। इस महत्वपूर्ण विधिक प्रक्रिया में उत्कृष्ट भूमिका निभाने और प्रभावी पैरवी के लिए विशेष लोक अभियोजक (एनडीपीएस एक्ट) माया मोहन पाण्डेय को सम्मानित किया गया। उन्हें पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। माया मोहन पाण्डेय ने एनडीपीएस अधिनियम की धारा 52A और अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी की। उनकी विधिक कुशलता के कारण न्यायालय से आवश्यक आदेश और अनुमतियां प्राप्त हुईं। इसके परिणामस्वरूप, जनपद भदोही के विभिन्न मुकदमों से संबंधित निम्नलिखित मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण सुनिश्चित हो सका। लगभग 2132.93 किलोग्राम गांजा, 65 डायजेपाम गोलियां और 0.065 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने विशेष लोक अभियोजक माया मोहन पाण्डेय की विधिक दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यशैली की सराहना की।



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सीहोर के इछावर में छत से घर में घुसे चोर: 11 लाख के जेवर और नकदी लेकर फरार; संदेह- बदमाशों ने पहले रैकी की – Sehore News




सीहोर के इछावर नगर में एक बार फिर चोरी की बड़ी वारदात हो गई। खेड़ीपुरा स्थित राजेश श्रीवास्तव के घर से चोर गुरुवार देर रात करीब 11 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। बड़ी सफाई से वारदात को अंजाम दिया। सुबह घटना की जानकारी मिली। जिस तरह से चोरी को अंजाम दिया गया है, उससे यह आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को घर और परिवार की गतिविधियों की पहले से जानकारी थी। स्थानीय लोगों के बीच इस वारदात में किसी परिचित की संलिप्तता की भी चर्चा है, हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए छानबीन में जुटी है और संदिग्धों की तलाश कर रही है। ​एक साल में दर्जनों वारदातें, पुलिस के हाथ अब भी खाली
​यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते एक साल में इछावर में कई बड़ी चोरियां हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण आज तक कोई बड़ा खुलासा नहीं हो सका। हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया है।



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महागठबंधन में दिखी खटास, कांग्रेस ने जाहिर की नाराजगी: राजेश राम ने कहा- गठबंधन के साथी को ना साथ लेना आता है और ना साथ देना आता है, राज्यसभा चुनाव में भी कोई – Patna News




बिहार में महागठबंधन में खटास देखने को मिल रही है। अपने ही सहयोगी पार्टी राजद और माले से कांग्रेस नाराज चल रही है। बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, ‘हमारे गठबंधन के साथी को ना साथ लेना आता है और ना साथ देना आता है।’ झारखंड में हालिया राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के हार के बाद उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी है। इसके साथ ही बिहार में हुए राज्यसभा चुनाव में राजद द्वारा कैंडिडेट के नाम घोषित करने पर भी उन्होंने कहा कि, ‘इसमें कोई कोआर्डिनेशन नहीं था।’ राज्यसभा चुनाव में कोई कोऑर्डिनेशन नहीं था- राजेश राम राजेश राम ने कहा कि, ‘इन तीन राज्यों के अगर ट्रैक रिकॉर्ड देखेंगे तो हमारे साथी हमारे साथ नहीं थे। बिहार में संपन्न राज्यसभा चुनाव में केवल व्हिप जारी कर दिया गया कि उनका कैंडिडेट होगा, मगर उनकी कोई कोऑर्डिनेशन नहीं थी। इसलिए मैंने कहा कि हमारे गठबंधन के साथी को ना साथ लेना आता है और ना साथ देना आता है।’ बिना इनपुट के एनकाउंटर से सरकार कटघरे में खड़ी है- राजेश राम भोजपुरी में हुए एनकाउंटर पर भी राजेश राम ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, ‘एनकाउंटर शब्द से बिहार लगातार चर्चा में घिरा हुआ है। जब भी एनकाउंटर होता है, तो सरकार के पास गृह विभाग के पास, पुलिस अधिकारियों के पास पूरी तरह से इनपुट होती है। लेकिन अगर बिना इनपुट के एनकाउंटर हो रहे तो सरकार अपने आप कटघरे में खड़ी है।’ बच्चों के साथ केक काटकर मनाया राहुल गांधी का जन्मदिन आज सदाकत आश्रम में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का 56वां जन्मदिन मनाया गया। इस दौरान छोटे बच्चों के साथ मिलकर राजेश राम ने केक भी काटा। जन्मदिन को लेकर राजेश राम ने कहा कि, मैं राहुल गांधी को जन्मदिन पर बधाई देता हूं। मैं ब्रह्मांड की जितनी भी ऊर्जावान और पॉजिटिव शक्तियां हैं, उनसे प्रार्थना करता हूं कि राहुल गांधी के मार्गदर्शन में हम लोग आगे बढ़े।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘आज का दिन संकल्प लेने का दिन है। राहुल जी हमारे नेता हैं और जननायक के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने ट्रक, रेड़ी, ऑटो, बस चलाने वालों के दुख दर्द को देखा और आज पूरे देश में स्टूडेंट की समस्या को लेकर के क्रांति लाने वाले हैं।’



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इस मानसून गमले में जरूर लगाएं तेजी से उगने वाली ये 9 सब्जियां, पैसों की भी होगी बचत


मॉनसून के सीजन में कई तरह की सब्जियों को आप अपने होम गार्डन में उगा सकते हैं, क्योंकि ये मौसम सब्जियों की खेती के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है. बारिश और नमी के कारण पौधे तेजी से बढ़ते हैं. आपको गार्डनिंग का शौक है तो बारिश के मौसम में आप अपनी बालकानी, होम गार्डन, छत पर भिंडी, करेला, खीरा, हरी मिर्च आदि उगा सकते हैं. आप हर दिन सब्जी मार्केट से ये सब्जियां खरीद कर लाते होंगे. एक बार ये सही तरीके से उग जाएं तो आपके पैसे भी बचेंगे. आप यहां बताई गई कुछ सब्जियों को किचन गार्डन, गमले या ग्रो बैग में लगा सकते हैं. इन्हें मॉनसून में आसानी से लगाकर कुछ ही महीनों के अंदर मुफ्त में घर की उगाई ताजी सब्जियों का आनंद ले सकते हैं. जानिए कौन-कौन सी हैं ये सब्जियां और उगाने का तरीका…

मॉनसून में जरूर उगाएं ये सब्जियां

करेला- स्वाद में कड़वे करेले को वैसे तो काफी कम लोग ही खाना पसंद करते हैं. ऐसे में आप इसे हर दिन नहीं खरीदते होंगे, क्योंकि आपके घर में लोग करेला नहीं खाते हैं. क्यों ना आप इसे अपने होम गार्डन में ही उगा लें. मॉनसून में करेले आसानी से बढ़ते हैं. इसकी लताएं भी तेजी से ग्रोथ करती हैं. ये नम मौसम में अच्छी तरह से बढ़ता है. चूंकि, करेला एक बेल वाला पौधा है, इसलिए इसे प्रॉपर सहारे की जरूरत होती है.

हरी मिर्च- बारिश के सीजन में आप अपने किचन गार्डन में हरी मिर्च उगा सकते हैं. नमी वाले मौसम में हरी मिर्च का पौधा तेजी से बढ़ता है. हां, इन्हें डायरेक्ट धूप नहीं चाहिए, बल्कि कभी-कभी कुछ घंटे के अंतराल में भी धूप में रख देंगे तो हरी मिर्च का पौधा बढ़ता रहेगा. जल निकासी का भी ध्यान रखना जरूरी है.

भिंडी- बारिश की नमी वाले मौसम में भिंडी का पौधा बहुत अच्छी तरह से बढ़ता है. बस पानी डालें तो पानी सही से निकल जाए वरना जड़ें सड़ सकती हैं. साथ ही धूप भी जरूरी है. बुवाई के 50-60 दिनों में पौधे में फल नजर आने लगते हैं.

लौकी- आप बारिश के मौसम में लौकी की सब्जी भी गमले या गार्डन, छत पर उगा सकते हैं. इस सीजन में इसकी बेल तेजी से फैलती है. आप आंगन, गार्डन या छत पर मचान बनाकर बेलों को बढ़ने के लिए सहारा दे सकते हैं. लौकी को अधिक देखभाल की जरूरत भी नहीं होती है.

तोरी- इसे भी आप खूब खाते होंगे. तोरी को काला चना या फिर चना दाल डालकर पकाया जाता है, जो बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट सब्जी है. इसे बारिश के सीजन में जरूर लगाएं. रेगुलर पानी और धूप मिले तो ये सब्जी भरपूर फल देती है.

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पालक- Spinach को आप बेहद कम जगह में उगा सकते हैं. एक से दो महीने में ही इसकी पत्तियां आप तोड़कर पका सकते हैं. आयरन से भरपूर पालक बेहद ही हेल्दी होता है. घर का फ्रेश पालक खाने में स्वाद भी आएगा. मॉनसून में लगाएंगे तो ठंड के मौसम में ताजे पालक के साग को खाने का आनंद उठा सकेंगे.

मेथी- बारिश के सीजन में आप गमले में मेथी का भी पौधा उगा सकते हैं. इसे अभी उगाएंगे तो सर्दियों में भी मेथी के पराठे खाने का लुत्फ उठा सकेंगे.

धनिया-मॉनसून में तेजी से हरी धनिया पत्ती भी बढ़ती है. काफी लोग गमले में धनिया उगाते हैं. हरी-हरी फ्रेश धनिया की पत्ती आप हर दिन अपने भोजन में इस्तेमाल कर सकते हैं.

बैंगन- बैंगनी रंग की बैंगन की सब्जी भी बारिश के मौसम में अच्छी पैदावार देती है. इसे कीटों से बचाए रखने के लिए रेगुलर देखभाल की जरूरत होगी. बस आप जिस भी सब्जी के पौधे गमले में लगाएं, उसमें बहुत ज्यादा पानी ना जमा होने दें. प्रॉपर तरीके से पानी निकलने के लिए गमले में छेद बना हो. कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट का इस्तेमाल आप करते रहें. इन्हें फफूंद से बचाने के लिए नीम के तेल का छिड़काव कर सकते हैं. इन सभी पौधों को कड़क धूप में लगातार ना रखें. 3 से 4 घंटे की धूप भी इनके लिए काफी है.



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शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस आज: दोनों गुटों की अलग-अलग रैली; शिंदे के कार्यक्रम में 6 बागी सांसद पहुंच सकते हैं


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मुंबई2 घंटे पहले

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शिवसेना स्थापना दिवस को लेकर दोनों गुटों के पोस्टर्स लगे है।

आज शिवसेना का 60वां स्थापना दिवस है। इस मौके पर एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट मुंबई में अलग-अलग रैली करेंगे। उद्धव गुट का कार्यक्रम सायन के षणमुखानंद हॉल में होगा, जबकि शिंदे गुट गोरेगांव के नेस्को सेंटर में रैली करेगा।

यह स्थापना दिवस ऐसे समय हो रहा है, जब शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। गुरुवार को इन सांसदों ने पार्टी की संसदीय दल की बैठक का बहिष्कार किया। लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग होने की वजह बताई।

शिवसेना (शिंदे) गुट के कार्यक्रम के लिए गोरेगांव के नेस्को सेंटर पर तैयारी।

शिवसेना (शिंदे) गुट के कार्यक्रम के लिए गोरेगांव के नेस्को सेंटर पर तैयारी।

शिंदे गुट के कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं बागी सांसद

शिंदे गुट के कार्यक्रम को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इन 6 सांसदों की है। माना जा रहा है कि वे नेस्को सेंटर में होने वाले कार्यक्रम में पहुंच सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

स्थापना दिवस से पहले मुंबई में शिंदे गुट ने बड़े पैमाने पर पोस्टर और बैनर लगाए हैं। इनमें बालासाहेब ठाकरे, आनंद दिघे, छत्रपति शिवाजी महाराज और एकनाथ शिंदे की तस्वीरें लगाई गई हैं। इधर, उद्धव ठाकरे गुट ने भी राज्यभर से कार्यकर्ताओं को मुंबई बुलाया है।

उद्धव ठाकरे की बैठक में 3 सांसद नहीं पहुंचे थे

बागी सांसद बोले- ठाकरे गुट कांग्रेस में विलय चाहता था

बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को सौंपे पत्र में दावा किया है कि ठाकरे गुट के कुछ वरिष्ठ नेता शिवसेना का कांग्रेस में विलय चाहते थे। उनका कहना है कि उद्धव ठाकरे पार्टी की मूल विचारधारा से दूर चले गए हैं, इसलिए पार्टी का अस्तित्व बचाने के लिए अलग होना जरूरी है।

शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे ने दावा किया है कि ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो चुके हैं। इसे उन्होंने महाराष्ट्र में चल रहे “ऑपरेशन टाइगर” का हिस्सा बताया।

पार्टी में 4 साल में दूसरी बार टूट

जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना को दो हिस्सों में बांट दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को शिवसेना नाम और धनुष-बाण चुनाव चिह्न दिया था। अब 6 सांसदों की बगावत को पिछले चार साल में पार्टी के लिए दूसरी बड़ी टूट माना जा रहा है।

6 सांसदों के गुट को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत

लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है। यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं।

इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा।

आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके।

पिछले चार दिन में क्या-क्या हुआ…

18 जून: उद्धव ठाकरे की बुलाई संसदीय दल की बैठक से 6 सांसद दूर रहे। सांसदों ने स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग होने की वजह बताई।

17 जून: शिंदे गुट के नेताओं ने दावा किया कि 6 सांसद अलग गुट बनाने के लिए सहमत हो चुके हैं। इसके बाद संजय राउत, अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की।

16 जून: अलग-अलग शहरों से सांसदों को दिल्ली लाया गया। संजय राउत ने आरोप लगाया कि सांसदों को तोड़ने के लिए 50 करोड़ रुपए तक का ऑफर दिया गया।

15 जून: ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा शुरू हुई। दावा किया गया कि उद्धव गुट के 6 सांसद शिंदे गुट में जा सकते हैं। संजय राउत ने इन दावों को खारिज किया था।

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ये खबर भी पढ़ें…

बागी सांसद बोले- ठाकरे गुट कांग्रेस में विलय चाहता है:इसलिए अलग हुए; स्पीकर को चिट्ठी सौंपी, शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होंगे

शिवसेना में उसके स्थापना दिवस यानी 19 जून से ठीक एक दिन पहले बड़ी टूट हो गई। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 ने बगावत कर दी है। एक दिन पहले इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी सौंपी थी। पूरी खबर पढ़ें…

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स्लीवलेस ड्रेस पहनी, ईरानी सिंगर को 74 कोड़ों की सजा: 2 साल तक देश छोड़ने पर भी बैन, बिना हिजाब के 2024 में गाना गाया था


तेहरान18 मिनट पहले

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ईरान की मशहूर सिंगर परस्तू अहमदी और उनके साथ काम करने वाले 8 लोगों को ऑनलाइन कॉन्सर्ट के लिए 74-74 कोड़े मारने की सजा सुनाई गई है। उन पर 2 साल तक देश छोड़ने और 2 साल तक किसी भी आर्टिस्टिक एक्टिविटीज पर रोक लगाई गई है।

यह सजा ईरान के कोम प्रांत की अदालत ने यूट्यूब पर पब्लिश किए गए एक कॉन्सर्ट के मामले में सुनाई है। अदालत ने आर्टिस्ट पर अश्लील कंटेट पब्लिश करने और सार्वजनिक शालीनता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

यह मामला दिसंबर 2024 का है। उस समय 29 साल की परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब पहने यूट्यूब पर एक लाइव कॉन्सर्ट किया था। इस दौरान उन्होंने ईरान का लोकप्रिय देशभक्ति गीत ‘अज खूने जवानाने वतन’ (मातृभूमि के युवाओं के खून से) गाया था। इस दौरान वह बिना हिजाब और स्लीवलेस ड्रेस में थीं।

कॉन्सर्ट का वीडियो कुछ ही समय में वायरल हो गया। यूट्यूब पर इसे लाखों लोगों ने देखा। वीडियो जारी होने के बाद ईरानी अधिकारियों ने परस्तू अहमदी और कई संगीतकारों को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया, लेकिन वीडियो प्रकाशित करने के मामले में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रही।

यूट्यूब पर अपलोड होने के बाद परस्तू के गाने को 24 घंटे में 2 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे।

यूट्यूब पर अपलोड होने के बाद परस्तू के गाने को 24 घंटे में 2 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिले थे।

गाने में 4 पुरुषों के साथ स्लीवेस ड्रेस में दिखीं

परस्तू अहमदी ने 27 मिनट का एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह बिना हिजाब और स्लीव ड्रेस पहनकर चार पुरुष संगीतकारों के साथ गाना गाती नजर आ रही थीं। वीडियो के कैप्शन में उन्होंने इसे काल्पनिक कॉन्सर्ट बताया था।

परस्तू के इस प्रोग्राम का वीडियो यूट्यूब पर लाखों बार देखा गया। कई लोगों ने इसे महिलाओं की अभिव्यक्ति की आजादी का प्रतीक बताया, जबकि ईरानी अधिकारियों ने इसे कानून के खिलाफ माना।

ईरान में महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगहों पर हिजाब पहनना अनिवार्य है। अधिकारियों ने बिना हिजाब पहनकर गाने को नियमों का उल्लंघन माना।

परस्तू कई तस्वीरों में स्लीवलैस ड्रेस और बिना हिजाब के नजर आ चुकी हैं।

परस्तू कई तस्वीरों में स्लीवलैस ड्रेस और बिना हिजाब के नजर आ चुकी हैं।

पब्लिक में अकेले गाना नहीं गा सकती ईरानी महिलाएं

ईरान में महिलाओं पर कई सामाजिक प्रतिबंध हैं। कानून के अनुसार वे सार्वजनिक जगह पर अकेले गाना नहीं गा सकतीं और बिना हिजाब लोगों के सामने नहीं आ सकतीं। गायिका परस्तू अहमदी ने बिना हिजाब और स्लीवलेस ड्रेस में परफॉर्म कर इन नियमों का खुलकर विरोध किया।

परस्तू पहली बार 2022 में हिजाब विरोधी प्रदर्शनों के दौरान चर्चा में आई थीं। उन पर इन प्रदर्शनों के समर्थन में गाना गाने का आरोप लगा था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की और उनके घर की तलाशी भी ली थी।

ईरान में हिजाब प्रदर्शन के समय महिलाओं के समर्थन में गाना गाने के लिए ईरान सरकार ने परस्तू पर कार्रवाई की थी।

ईरान में हिजाब प्रदर्शन के समय महिलाओं के समर्थन में गाना गाने के लिए ईरान सरकार ने परस्तू पर कार्रवाई की थी।

मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई

अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन सेंटर फॉर ह्यूमन राइट्स इन ईरान की एडवोकेसी डायरेक्टर बहार घंदेहरी ने इस सजा की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि सिर्फ गाना गाने और बिना हिजाब सार्वजनिक रूप से नजर आने पर 74 कोड़ों की सजा देना दिखाता है कि ईरान में मानवाधिकारों की स्थिति अब भी नहीं बदली है।

मानवाधिकार वकील मोइन खजाएली ने भी फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी कानून में महिलाओं के गाना गाने, संगीत कार्यक्रम करने या संगीत से जुड़ा कंटेंट बनाने को अपराध नहीं माना गया है। ऐसे में इन कामों को अश्लीलता फैलाने जैसा अपराध बताकर सजा देना कानूनी तौर पर भी कमजोर दलील है।

ईरान में हिजाब को लेकर लंबे समय से विवाद

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना कानूनी रूप से जरूरी है। कानून के मुताबिक महिलाओं को पुरुषों की मौजूदगी में सिर ढकना होता है। हालांकि कई महिलाएं इन नियमों का विरोध करती रही हैं।

यह मुद्दा 2022 में पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया था, जब 22 साल की महसा अमिनी को तेहरान में हिजाब सही तरीके से न पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। गिरफ्तारी के तीन दिन बाद उनकी मौत हो गई थी।

ईरानी सरकार ने कहा था कि उनकी मौत पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई। लेकिन मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र की जांच टीम ने इस दावे पर सवाल उठाए। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमीनी की मौत ईरानी अधिकारियों की पिटाई के कारण हुई।

महसा अमीनी की मौत के बाद पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। हजारों महिलाएं सड़कों पर उतरीं और हिजाब कानूनों के खिलाफ आवाज उठाई। हालांकि सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाया।

ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद कई महीने तक देश विरोधी प्रदर्शन हुए थे।

ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद कई महीने तक देश विरोधी प्रदर्शन हुए थे।

ईरान में पहले भी महिलाओं को सजा मिली

  • जनवरी 2024- रोया हेशमती पर बिना हिजाब के कई बार घूमने का आरोप लगा। कोर्ट ने 74 कोड़े मारने की सजा सुनाई। 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा।
  • अप्रैल 2023- हिजाब न पहनने पर एक आदमी ने 2 महिलाओं के सिर पर दही डाल दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन दोनों महिलाओं को ही गिरफ्तार कर लिया था।

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ईरान पीस डील का सबसे बड़ा चेहरा बने जेडी वेंस:जंग रुकी तो अगले राष्ट्रपति बनने के सबसे बड़े दावेदार, फेल हुई तो करियर तबाह

अमेरिका और ईरान के बीच बुधवार रात ऐतिहासिक और विवादित पीस डील हुई। इसके बाद से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इसका सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे हैं। ‌BBC की रिपोर्ट के मुताबिक वेंस लगातार फ्रंट फुट पर आकर इस फैसले का बचाव कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें

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6G लॉन्च से पहले टेलीकॉम कंपनियों की बढ़ी टेंशन, नेटवर्क अपग्रेड करना नहीं होगा आसान


भारत में 5G लॉन्च हुए अभी लगभग 4 साल हो गए हैं। टेलीकॉम कंपनियां अभी भी देश के कई एरिया में 5G नेटवर्क अपग्रेड करने में लगी हैं। वहीं, 6G को लेकर भी तैयारी चल रही है। हालांकि, 6G में नेटवर्क अपग्रेड करना टेलीकॉम कंपनियों के लिए आसान नहीं होने वाला है। इसके लिए कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।

5G के लॉन्च के समय इसे नेक्स्ट जेनरेशन और भविष्य की टेक्नोलॉजी कहा जा रहा था। खास तौर पर रोबोटिक्स और ऑटोमेशन आदि को लेकर 5G को लेकर कई सारे वादे किए गए थे। अब 6G को लेकर भी ऐसे ही कुछ दावे किए जा रहे हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर्स अभी से अपकमिंग मोबाइल नेटवर्क को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही हैं।

सॉफ्टवेयर अपग्रेड से नहीं चलेगा काम

सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, 5G से 6G में अपग्रेड करना आसान नहीं होने वाला है। यह 4G से 5G के ट्रांसफॉर्मेशन जैसा नहीं होगा कि बस सॉफ्टवेयर अपग्रेड करें और नेटवर्क स्पीड बढ़ जाए। AI के बूम ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स की टेंशन और बढ़ा दी है। पहले कहा जा रहा था कि 6G बस 5G की अपग्रेडेड नेटवर्क टेक्नोलॉजी होगी। हालांकि, सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, यह इतना आसान नहीं है। AI और स्मार्ट ग्लासेज आदि आने के बाद से नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों को हार्डवेयर में बड़ा निवेश करना पड़ेगा।

नेटवर्क गियर बनाने वाली कंपनियों Nokia और Ericssion का कहना है कि 6G मार्केट में भारी निवेश का दौर शुरू कर सकता है। ऑपरेटर्स को न चाहते हुए भी महंगे हार्डवेयर खरीदने होंगे, जो इनका बजट बिगाड़ सकता है। यह नेटवर्क टेक्नोलॉजी 7GHz स्पेक्ट्रम बैंड पर काम करेगी, जो मौजूदा 5G के 6GHz बैंड के मुकाबले महंगा है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स के पास मौजूद बैंड पहले से ही 4G और 5G की वजह से फुल हो गए हैं।

6G के लिए चुनौती

6G की सबसे बड़ी खामी ये है कि इसके सिग्नल ज्यादा दूर तक नहीं जा पाते हैं और दीवारों को भी नहीं पार कर सकते हैं। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियों को महंगे एंटिना और बीमफॉर्मिंग रेडियो पर शिफ्ट होनेा होगा ताकि टेलीकॉम सिग्नल को यूजर्स तक आसानी से पहुंचाया जा सके।

नेटवर्क अपग्रेड में भारी निवेश

इसके अलावा 6G को लॉन्च करने से पहले टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 5G SA यानी स्टैंड अलोन में शिफ्ट होना होगा। जियो पहले से ही SA नेटवर्क पर काम कर रहा है। वहीं, Airtel और Vi जैसी कंपनियां NSA से SA पर शिफ्ट होने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी हैं। वहीं, यूरोपीय देशों में तो 5G सर्विस पहले से बनाए गए 4G नेटवर्क के सहारे यानी NSA मोड में चल रहे हैं। ऐसे में ऑपरेटर को पहले 5G स्टैंडअलोन कोर में अपग्रेड होना होगा। इसके बाद ही 6G की लॉन्चिंग संभव होगी।

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राहुल 56 साल के हुए, कांग्रेस मुख्यालय में जन्मदिन मनाएंगे: प्रियंका गांधी के साथ पहुंचे; कार्यकर्ताओं ने पोस्टर पर दूध चढ़ाया


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नई दिल्ली9 मिनट पहले

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राहुल गांधी बहन प्रियंका गांधी के साथ कांग्रेस ऑफिस पहुंचे।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज 56 साल के हो गए। वे कार्यकर्ताओं के साथ जन्मदिन मनाने के लिए कांग्रेस ऑफिस पहुंच गए हैं। उनके साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद हैं।

उनके जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और INDIA ब्लॉक के कई नेताओं ने शुभकामनाएं दीं।

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन के बाहर राहुल गांधी के जन्मदिन के पोस्टर लगाए गए। वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर दूध चढ़ाया।

राहुल के जन्मदिन से जुड़ी 2 तस्वीरें…

वाराणसी में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राहुल की तस्वीर का दुग्धाभिषेक किया। इस तस्वीर में राहुल को परशुराम के वेश में दिखाया गया है।

वाराणसी में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने राहुल की तस्वीर का दुग्धाभिषेक किया। इस तस्वीर में राहुल को परशुराम के वेश में दिखाया गया है।

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर राहुल गंधी के पोस्टर्स लगे। पोस्टर में उनके हाथ में संविधान हैं।

कांग्रेस मुख्यालय के बाहर राहुल गंधी के पोस्टर्स लगे। पोस्टर में उनके हाथ में संविधान हैं।

राहुल के जन्मदिन पर शुक्रवार को यूथ कांग्रेस ने दिल्ली के टॉकटोरा स्टेडियम में जॉब फेयर आयोजित किया। इसमें करीब 35 हजार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

राहुल के जन्मदिन पर शुक्रवार को यूथ कांग्रेस ने दिल्ली के टॉकटोरा स्टेडियम में जॉब फेयर आयोजित किया। इसमें करीब 35 हजार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था।

खड़गे बोले- राहुल ने हमेशा कमजोर वर्गों की आवाज उठाई

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुल गांधी संविधान के आदर्शों के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने हमेशा उन लोगों की आवाज उठाई है, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

खड़गे ने कहा कि लोगों के बीच लगातार रहने और सत्ता से सच बोलने के साहस के जरिए राहुल गांधी ने समाज के सबसे कमजोर और वंचित तबकों के लिए लगातार संघर्ष किया है। समावेशिता, सामाजिक न्याय, सद्भाव और करुणा जैसे कांग्रेस के मूल्यों की झलक राहुल गांधी के सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व में दिखाई देती है।

PM मोदी ने भी शुभकामनाएं दी

  • PM मोदी ने X पर लिखा– लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करता हूं।
  • तमिलनाडु CM विजय- राहुल गांधी देश की प्रगति, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और सभी वर्गों के लोगों के कल्याण के लिए लगातार आवाज उठाते रहे हैं। मैं उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन की कामना करता हूं।
  • तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी- लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और लोगों के कल्याण के प्रति राहुल गांधी की प्रतिबद्धता कई लोगों को प्रेरित करती है।
  • कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल- आज जब देश लोकतंत्र और संविधान से जुड़े संकट का सामना कर रहा है, राहुल गांधी समावेशी और लोकतांत्रिक भारत की मजबूत आवाज बनकर उभरे हैं। वे युवाओं, गरीबों और वंचितों के लिए उम्मीद की किरण हैं।
  • शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत- राहुल गांधी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। आपके अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और देश सेवा के लिए निरंतर शक्ति की कामना करता हूं। आने वाला साल आपके लिए सफलता और संतुष्टि लेकर आए।

राहुल ने नाम बदलकर तीन साल तक नौकरी की

राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। वे पूर्व पीएम राजीव गांधी और कांग्रेस प्रेसिडेंट सोनिया गांधी के बेटे हैं। दो भाई-बहनों में राहुल गांधी बड़े हैं। उनसे छोटी प्रियंका हैं।

  • राहुल ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के मॉडर्न स्कूल से की है। इसके बाद वे पढ़ने के लिए देहरादून के दून स्कूल चले गए। हालांकि, 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें अपनी पढ़ाई घर से ही करनी पड़ी।
  • 1989 में राहुल ने दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन यहां भी सुरक्षा कारणों से उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी। आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका चले गए। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, लेकिन उसके एक साल बाद 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सिक्योरिटी के कारण उन्हें यहां भी पढ़ाई छोड़नी पड़ी।
  • इसके बाद उन्होंने फ्लोरिडा के रोलिन्स कॉलेज में दाखिला लिया। 1994 में आर्ट्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। फ्लोरिडा में पढ़ाई के दौरान सुरक्षा कारणों से राहुल की पहचान सिर्फ यूनिवर्सिटी और सिक्योरिटी को बताई गई थी। 1995 में राहुल गांधी ने ब्रिटेन की ट्रिनिटी कॉलेज (कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी) से एमफिल की डिग्री ली।
  • ग्रेजुएशन के बाद राहुल ने 3 साल तक लंदन में मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म मॉनिटर ग्रुप में काम किया। इस दौरान सुरक्षा कारणों से उनकी पहचान किसी को मालूम नहीं थी। वे रॉल विंसी (Raul Vinci) के नाम से काम करते थे।
  • राहुल गांधी 2002 में भारत आ गए और मुंबई बेस्ड टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग कंपनी बैकऑप्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर बने। राहुल ने मार्च 2004 में पॉलिटिक्स में एंट्री ली।

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राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ हस्ताक्षर अभियान:बोले- पेपर लीक, महंगी फीस और बेरोजगारी पर छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने को ‘छात्रों की गूंज’ नाम से देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि यह अभियान पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियां, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का मंच बनेगा। राहुल ने छात्रों से अभियान से जुड़ने, अपने सुझाव देने और याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की। पूरी कॉपी पढ़ें…

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