Friday, June 26, 2026
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बुलंदशहर के खुर्जा में निकला मोहर्रम का जुलूस: अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन को याद किया, सुरक्षा के कड़े इंतजाम – Bulandshahar News




बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में शुक्रवार शाम 6 बजे मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पूरी अकीदत, शांति और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच आयोजित किया गया। जुलूस इमामबाड़े से शुरू होकर शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न गलियों से होता हुआ निर्धारित मार्ग से कर्बला की ओर बढ़ा। इसमें शामिल अकीदतमंदों ने कानूनी दायरे और मर्यादा का पालन करते हुए अलम ध्वज और प्रतीकात्मक ताजिये उठाए। इस दौरान, अनुयायियों ने धार्मिक नारों के साथ कर्बला के शहीदों और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को नम आंखों से याद किया। माहौल भक्तिमय बना रहा। जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे, जिसमें जुलूस के रूट पर आगे और पीछे भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जुलूस के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी गई। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी भीड़ में तैनात रहे, ताकि किसी भी अफवाह या गड़बड़ी से तुरंत निपटा जा सके।



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कैमूर के गांगोडीह में 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध मौत: पिता बोले-दामाद ने शराब के नशे में बेटी का गला दबाया – Kaimur News




चैनपुर थाना क्षेत्र के गांगोडीह गांव में शुक्रवार को एक 28 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान दिहल कुमार की पत्नी अतवारी कुमारी के रूप में हुई है। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका के ससुर ने दावा किया है कि सुबह अतवारी की अचानक तबीयत खराब हुई थी। उन्हें उल्टी और दस्त हुए, जिसके कुछ ही देर बाद उनकी मृत्यु हो गई। ससुर के अनुसार, दवा लाकर रखी गई थी लेकिन अतवारी ने नहीं खाई। वहीं, दुर्गावती थाना क्षेत्र के भदैनी गांव से पहुंचे मृतका के पिता रामदुलार राम ने दामाद पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर जब वे बेटी के ससुराल पहुंचे, तो उसका शव पड़ा हुआ था। रामदुलार राम ने आरोप लगाया कि उनका दामाद शराब पीने का आदी है। उन्हें पूरा अंदेशा है कि दामाद ने शराब के नशे में उनकी बेटी का गला दबाकर हत्या की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है।



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नरसिंहपुर युवा कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का पुतला फूंका: अध्यक्ष बोले- जहां पर नया मास्टर प्लान लागू होना था, वहां सीएम ने जमीन खरीदी – Narsinghpur News




नरसिंहपुर में शुक्रवार शाम 7 बजे जिला युवा कांग्रेस ने सुभाष पार्क चौराहा पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। युवा कांग्रेस ने उज्जैन में हुए कथित भूमि घोटाले में भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विवेक पटेल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोहन यादव ने उज्जैन के उन चुनिंदा इलाकों में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी हैं, जहां भविष्य में सरकारी विकास कार्य होने थे और नया मास्टर प्लान लागू होना था। पटेल ने दावा किया कि कुछ साल पहले तक मुख्यमंत्री के पास बेहद सीमित जमीन थी, लेकिन अब उनके पास करीब 168 एकड़ जमीन होने की बात सामने आ रही है। निष्पक्ष जांच और आय के स्रोत सार्वजनिक करने की मांग युवा कांग्रेस के नेताओं ने साफ कहा कि इस पूरे भूमि सौदे की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री की इस जमीन खरीद के वित्तीय स्रोतों (कमाई के जरिए) का खुलासा जनता के सामने सार्वजनिक रूप से किया जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हुए कांग्रेसी कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में रुद्रेश तिवारी, अस्सू नेमा, बॉबी खान, मुकेश कटारे, आशीष राजवैद्य, धनीराम पटेल, विजय आजाद, अरविंद चौबे, बुद्धिप्रकाश विश्वकर्मा, अभय राय, छोटू त्रिवेदी सहित मिक्की राय, मयंक साहू, जितेंद्र लोधी, शुभम ठाकुर और भारी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा।



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दिल्ली में महान वायुसेना अधिकारी को दी श्रद्धांजलि: एलजी संधू बोले- पद नहीं-कर्तव्य सबसे बड़ा; अर्जन सिंह की विरासत हर लोकसेवक के लिए प्रेरणा – New Delhi News




दिल्ली के उपराज्यपाल टी.एस. संधू ने शुक्रवार को आयोजित मार्शल ऑफ द एयर फोर्स मेमोरियल लेक्चर में भारत के महान वायुसेना अधिकारी और दिल्ली के पूर्व उपराज्यपाल मार्शल ऑफ द एयर फोर्स अर्जन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जिस पद को अर्जन सिंह जैसे महान व्यक्तित्व ने सुशोभित किया हो, उसी पद पर सेवा करना सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। संधू ने कहा कि अर्जन सिंह का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक रहा। उनके आदर्श आज भी हर लोकसेवक और सैन्य अधिकारी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास के कई महत्वपूर्ण पड़ावों में अर्जन सिंह की भूमिका निर्णायक रही। विशेष रूप से 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व में भारतीय वायुसेना ने अपनी क्षमता और साहस का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उपराज्यपाल ने बताया कि अर्जन सिंह की असाधारण सेवाओं के लिए उन्हें पहले पद्म विभूषण और बाद में देश के इतिहास में पहली बार मार्शल ऑफ द एयर फोर्स की सर्वोच्च सैन्य रैंक से सम्मानित किया गया। सैन्य नेतृत्व से प्रशासन तक निभाई राष्ट्रसेवा की जिम्मेदारी संधू ने कहा कि सैन्य सेवा के बाद अर्जन सिंह ने राजनयिक, प्रशासक और वर्ष 1989-90 में दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में भी देश की सेवा की। उनका सैन्य नेतृत्व से सार्वजनिक प्रशासन तक का सफर इस बात का उदाहरण है कि राष्ट्रसेवा किसी एक पद या संस्था तक सीमित नहीं होती। उन्होंने हर जिम्मेदारी को ईमानदारी, विनम्रता और समर्पण के साथ निभाया। सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य सेवा और कर्तव्य उपराज्यपाल ने कहा कि मार्शल अर्जन सिंह का जीवन यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन का वास्तविक उद्देश्य पद प्राप्त करना नहीं, बल्कि कर्तव्य का निर्वहन और लोगों की निस्वार्थ सेवा करना है। उन्होंने कहा कि अर्जन सिंह के आदर्शों को अपने आचरण और संस्थागत कार्यसंस्कृति में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। देखें फोटो…



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ताजिया जुलूस में दिखी अकीदत: मुहर्रम पर मुस्लिम समाज ने निकाला तालियों का जुलूस, पलटन, धोलीबावड़ी और अलीपुरा के ताजिये प्रमुख रहे – Udaipur News




हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में शुक्रवार को मुहर्रम पर मुस्लिम समाज ने ताजियों का जुलूस निकाला। दोपहर को करीब 2 बजे ताजियों का जुलूस शुरू हो गया था। पहले गली-मोहल्लों से छोटे तालियों का जुलूस निकाला गया। जो हरवेन जी का खुर्रा, हाथीपोल, मोती चोहट्टा, घंटाघर, गणेशघाटी, तीज का चौक, चोखला बाजार, भड़भूजा घाटी, बड़ा बाजार, जगदीश चौक होकर लालघाट पहुंचे। इसके बाद देर शाम बड़े ताजियों का जुलूस शुरू हो गया। इसमें प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बड़ी पलटन, धोलीबावड़ी और अलीपुरा के ताजिये रहे। बड़ी संख्या में समुदाय के लोग परिवार सहित शामिल होने पहुंचे। इस अवसर पर ताजिये को रंग-बिरंगी रोशनी से सुंदर सजाया गया। रास्तेभर समुदाय के युवा या हुसैन के नारे लगाते रहे। जो लोग जुलूस में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने मस्जिदों में इबादत की। जुलूस के दौरान लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम किया और नोहे पढ़े।



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Vivo X Fold 6 हुआ लॉन्च, 7000mAh बैटरी वाला पहला फोल्डेबल फोन


Vivo ने अपना एक और फोल्डेबल फोन लॉन्च कर दिया है। वीवो ने अपने इस फोन को घरेलू मार्केट यानी चीन में पेश किया है। कंपनी ने अपने इस फोल्डेबल फोन को जून में आयोजित फ्लैगशिप इवेंट में पेश किया है। इस स्मार्टफोन में कंपनी ने Samsung का M14 फोल्डेबल डिस्प्ले यूज किया है। इसके अलावा फोन में 7000mAh की बैटरी दी गई है।

Vivo X Fold 6 की कीमत

वीवो का यह फोल्डेबल स्मार्टफोन को चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB, 12GB RAM + 512GB, 16GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 1TB में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 7,999 (लगभग 1,11,000 रुपये) है। वहीं, अन्य वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः CNY 8,999 (लगभग 1,25,000 रुपये), CNY 9,999 (लगभग 1,39,000 रुपये) और CNY 10,999 (लगभग 1,53,000 रुपये) है। वहीं, इसका स्पेशल ब्लैक गोल्ड एडिशन CNY 11,299 (लगभग 1,57,000 रुपये) में आता है।

Image Source : VIVOवीवो एक्स फोल्ड 6

Vivo X Fold 6 के फीचर्स

वीवो का यह फोन 8.02 इंच के फ्लेक्सिबल AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। इस फोन में कंपनी ने Samsung का M14 डिस्प्ले यूज किया है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके अलावा फोन में 6.51 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलेगा। यह फोन IP58 और IP59 रेटिंग दी गई है।










Vivo X Fold 6 फीचर्स
डिस्प्ले 8.02 इंच, HD+, 120Hz, कवर- 6.51 इंच
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 9500
स्टोरेज 16GB, 1TB
कैमरा 200MP + 50MP + 50MP, 20MP + 20MP
बैटरी 7000mAh, 80W, 40W
OS Android 16

यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट पर काम करता है। इसके साथ 16GB तक रैम और 1TB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। फोन के बैक में 200MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 50MP का अल्ट्रा वाइड और 50MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 20MP के दो सेल्फी कैमरे दिए गए हैं।

वीवो के इस फोल्डेबल स्मार्टफोन में कंपनी ने 7000mAh की बैटरी इस्तेमाल की है। इसके साथ 80W वायर्ड और 40W का वायरलेस चार्जिंग फीचर मिलेगा। फोन में कनेक्टिविटी के लिए WiFi, Bluetooth, NavIC, Bluetooth 5.4, 5G, 4G, LTE जैसे फीचर्स दिए गए हैं। यह फोन IR Blaster को भी सपोर्ट करता है। यह Andorid 16 पर बेस्ड OxygenOS पर काम करता है।





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हेल्दी मखाना चाट से मिटाए स्पाइसी खाने की क्रेविंग, स्वाद और पोषण से भरपूर, जानें रेसिपी


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Makhana Chaat Recipe: अक्सर लोग मखाने को भूनकर, दूध में डालकर या इसकी खीर बनाकर खाते हैं. लेकिन अगर आप कुछ नया और चटपटा ट्राई करना चाहते हैं, तो मखाना चाट जरूर बनाएं. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है और कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है.

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अगर शाम की हल्की भूख में आप कुछ स्वादिष्ट और हेल्दी खाना चाहते हैं, तो मखाना चाट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मखाना, जिसे फॉक्स नट या कमल गट्टा भी कहा जाता है, पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें कैलोरी कम और जरूरी विटामिन व मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी एक हेल्दी स्नैक माना जाता है.

100 ग्राम मखाना में लगभग 347 से 362 कैलोरी, करीब 9.7 ग्राम प्रोटीन, 76.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 14.5 ग्राम डाइटरी फाइबर होता है. इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम, पोटैशियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स भी मौजूद होते हैं. यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और बार-बार लगने वाली भूख को भी कम कर सकता है. इसे आप चाटे के रूप में भी खा सकते हैं. यहां जानें इसे बनाने की पूरी रेसिपी-

मखाना चाट बनाने के लिए सामग्री

1½ कप मखाना
½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
½ छोटा चम्मच आमचूर पाउडर
1 छोटा चम्मच चाट मसाला
¼ छोटा चम्मच नमक
2 बड़े चम्मच बारीक कटा टमाटर
2 बड़े चम्मच बारीक कटा प्याज
2 बड़े चम्मच बारीक कटा खीरा
2 बड़े चम्मच हरी चटनी
2 बड़े चम्मच इमली की चटनी
2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया
2 बड़े चम्मच भुनी हुई मूंगफली

बनाने की विधि

  • सबसे पहले एक पैन को धीमी आंच पर गर्म करें और उसमें मखानों को बिना ज्यादा तेल के कुरकुरा होने तक भून लें. जब मखाने अच्छी तरह क्रिस्पी हो जाएं, तो उन्हें अलग निकाल लें.
  • अब एक बड़े बाउल में लाल मिर्च पाउडर, आमचूर, चाट मसाला और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद इसमें कटे हुए टमाटर, प्याज और खीरा डालें. अब हरी चटनी और इमली की चटनी मिलाकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें.
  • इसके बाद भुने हुए मखाने इस मिश्रण में डालें और हल्के हाथों से मिलाएं, ताकि मसाले और चटनी मखानों पर अच्छी तरह चढ़ जाएं. आखिर में ऊपर से हरा धनिया और भुनी हुई मूंगफली डालकर एक बार फिर मिक्स करें.
  • अब आपकी स्वादिष्ट, कुरकुरी और हेल्दी मखाना चाट तैयार है. इसे तुरंत परोसें, ताकि मखाने की कुरकुराहट बनी रहे. यह रेसिपी बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और शाम के नाश्ते के लिए एक बेहतरीन हेल्दी विकल्प साबित हो सकती है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



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‘विकिपीडिया पर तो मैं अभी भी भ्रूण हूं!’, उम्र के झोल पर महीप कपूर का मजेदार तंज


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महिलाएं अक्सर अपनी उम्र को लेकर दबाव महसूस करती हैं. वे अपनी असली आयु से कम उम्र की दिखने की कोशिश करती हैं, जिसे सुंदरता और फिटनेस से जोड़कर देखा जाता है. अब एक एक्ट्रेस ने अपनी उम्र से जुड़ी अफवाहों का खंडन किया है. महीप कपूर की उम्र विकीपीडिया में 43 साल दर्ज थी, मगर उन्होंने अपनी असली उम्र का खुलासा करके सबको चौंका दिया है. एक्ट्रेस ने अपनी उम्र पर बात करके महिलाओं को कम उम्र का दिखने के दबाव से बाहर निकालने की कोशिश की है. वे बढ़ती उम्र को छिपाने के बजाय उसे आत्मविश्वास, गर्व और बेहतर सेहत के साथ अपनाने के लिए प्रेरित करती दिखीं.

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महीप कपूर पेशे से एक ज्वैलरी डिजाइनर हैं. (फोटो साभार: Instagram@maheepkapoor)

नई दिल्ली: हम जिस शख्सियत की बात कर रहे हैं, वे मशहूर हीरो की पत्नी हैं और मशहूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनकी बेटी भी बॉलीवुड में एंट्री कर चुकी हैं. वे शो ‘फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स’ के जरिये लोगों के बीच लोकप्रिय हुईं. उन्होंने अब अपनी उम्र को लेकर गलतफहमियों पर चुप्पी तोड़ी है और महिलाओं की सुंदरता, उम्र को लेकर पुरानी धारणाओं पर खुलकर बात की. महीप कपूर ने सोहा अली खान के पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ पर जिंदगी और उम्र पर बेबाकी से राय जाहिर की.

महीप कपूर ने पॉडकास्ट ‘ऑल अबाउट हर’ में सोहा अली खान और डॉक्टर रश्मि रॉय के साथ उम्र और सेहत पर खुलकर बात की. एक्ट्रेस की उम्र को लेकर अफवाहें थीं कि वे 43 साल की हैं, मगर अब उन्होंने अपनी असली उम्र का खुलासा किया है. सोहा अली खान शुरू में महीप से उनकी उम्र पूछने से झिझक रही थीं, पर उनके कूल अंदाज ने माहौल को सहज बना दिया. महीप ने बेबाक अंदाज में हंसते हुए कहा कि अच्छा हुआ जो तुमने पूछ लिया. विकिपीडिया पर तो ऐसा लगता है जैसे मैं अभी भी पैदा ही हो रही हूं!

अफवाहों पर महीप कपूर का तंज
महीप कपूर ने साफ कहा, ‘मैं 43 साल की नहीं, बल्कि 52 साल की हूं. मुझे अपनी इस उम्र पर बहुत गर्व है.’ सोहा ने भी मौके की नजाकत को भांपते हुए कहा कि जब इंटरनेट पर उम्र 43 दिख रही थी, तो मुझे लगा कि तुम अपनी उम्र के हिसाब से ठीक-ठाक दिखती हो, लेकिन 52 के हिसाब से तो तुम वाकई कमाल दिखती हो! महीप ने आगे बताया कि उनका जन्म 29 अप्रैल 1973 को लंदन में हुआ था, उनकी राशि वृषभ है और ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है. महीप का बिंदास रवैया बताता है कि उम्र को छिपाने के बजाय उसे पूरे आत्मविश्वास के साथ स्वीकार करना चाहिए.

महिलाओं में रहता है उम्र को लेकर दबाव
महीप कपूर की उम्र और सेहत पर बिंदास चर्चा का मकसद महिलाओं को कम उम्र का दिखने के दबाव से बाहर निकालना था. डॉक्टर रश्मि रॉय ने भी समझाया कि कैसे महिलाएं बढ़ती उम्र में अपने शरीर का ध्यान रख सकती हैं और सेहत को पहली प्राथमिकता दे सकती हैं. महीप कपूर ने साफ कहा कि असली खूबसूरती उम्र को नकारने में नहीं, बल्कि उसे शान से अपनाने में है. जाहिर है कि महीप कपूर इंटरनेट की गलत जानकारियों के चक्कर में खुद को कम उम्र का दिखाने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं. वे अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने में यकीन करती हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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3 महीने का बेटा लेकर मीटिंग में पहुंचीं मिनिस्टर, VIDEO: स्वीडन की मंत्री ने बच्चे को गोद में लेकर स्पीच दी; कहा- मां बनने से करियर नहीं रुकता




स्वीडन की जलवायु मंत्री रोमिना पोरमोख्तारी अपने तीन महीने के बेटे एडम को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के जलवायु मंत्रियों की बैठक में पहुंचीं। लक्जमबर्ग में गुरुवार को हुई इस बैठक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में रोमिना अपने बेटे को गोद में लेकर मीटिंग में हिस्सा लेती और भाषण देती नजर आ रही हैं। इस दौरान वह बच्चे को शांत भी कराती रहीं, लेकिन साथ ही बैठक में अपनी बात भी रखती रहीं। इसके बाद पोरमोख्तारी ने रॉयटर्स से बातचीत में कहा, मैंने जानबूझकर ऐसा किया, ताकि यह मैसेज दिया जा सके कि महिलाओं को करियर और परिवार में से किसी एक को चुनने के लिए मजबूर नहीं होना चाहिए। मां बनने का मतलब यह नहीं है कि किसी महिला का करियर रुक जाए। EU काउंसिल के एक अधिकारी के मुताबिक, उनकी जानकारी में पहली बार किसी EU मंत्रियों की बैठक में एक बच्चा शामिल हुआ है। बेटे के साथ रोमिना की 2 तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों ने मंत्री की सराहना की सोशल मीडिया पर कई लोगों ने स्वीडन की मंत्री के इस कदम की तारीफ की है। लोगों ने इसे कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया। उनका कहना है कि मां बनने के बाद भी महिलाएं परिवार और करियर दोनों की जिम्मेदारियां एक साथ निभा सकती हैं। बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत में रोमिना पोरमोख्तारी ने कहा कि वह यही मैसेज देना चाहती हैं कि मां बनने के बाद भी महिलाएं सार्वजनिक जीवन और नौकरी में सक्रिय रह सकती हैं। उन्होंने कहा कि यूरोप में परिवार के हित में बनाई गई नीतियां माता-पिता को बच्चों की देखभाल और काम के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करती हैं। रोमिना ने अपने पार्टनर का जिक्र करते हुए कहा, “सिर्फ सरकार की नीतियां ही काफी नहीं होतीं। इसके लिए ऐसा साथी भी होना चाहिए, जो पुराने विचारों वाला न हो, बल्कि आधुनिक सोच रखता हो और जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हो।” उन्होंने कहा कि अब स्वीडन में पिता का बच्चे की देखभाल के लिए घर पर रहना पहले जितना असामान्य या विवादित नहीं माना जाता। यह बदलाव देश की पारिवारिक नीतियों और समाज की बदलती सोच का नतीजा है। पोरमोख्तारी स्वीडन की सबसे युवा मंत्री हैं रोमिना पोरमोख्तारी 2022 में सासंद बनी थीं। उसे साल उन्हें सरकार में मंत्री बनाया गया। उस समय वह देश के इतिहास की सबसे कम उम्र की मंत्री बनी थीं। हाल ही में वह पैरेंटल लीव पूरी कर काम पर लौटी हैं। उनके पति फिलहाल स्वीडन में सितंबर में होने वाले चुनाव तक पैरेंटल लीव पर हैं। वह भी लक्जमबर्ग पहुंचे थे और बैठक के दौरान एडम की देखभाल कर रहे थे। पोरमोख्तारी का कहना है कि उनके सहयोगियों का समर्थन भी इसे आसान बनाता है। स्वीडन में माता-पिता बनने पर 16 महीने की पेड लीव स्वीडन उन देशों में शामिल है जहां माता-पिता को बच्चों की देखभाल के लिए सबसे ज्यादा सुविधाएं मिलती हैं। इन सुविधाओं का खर्च सरकार उठाती है और इन दिनों यह मुद्दा वहां चुनावी बहस का भी हिस्सा बना हुआ है। स्वीडन में माता-पिता को बच्चे के जन्म के बाद करीब 16 महीने की सवेतन छुट्टी (पेड लीव) मिलती है। इसमें 90 दिन सिर्फ मां के लिए और 90 दिन सिर्फ पिता के लिए तय होते हैं। बाकी करीब 300 दिन दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से आपस में बांट सकते हैं। ये छुट्टियां एक-दूसरे को नहीं दी जा सकतीं। अगर कोई अपनी तय छुट्टी नहीं लेता, तो वह खत्म हो जाती है। पिता के लिए तय इन छुट्टियों को आमतौर पर ‘डैड मंथ्स’ कहा जाता है। इसका मकसद यह है कि पिता भी बच्चों की परवरिश में बराबर की जिम्मेदारी निभाएं। इटली, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया में भी ऐसे उदाहरण 2010: इटली की सांसद बच्ची को लेकर यूरोपीय संसद पहुंचीं इटली की यूरोपीय सांसद लिसिया रोंजुली अपनी छह हफ्ते की बेटी विट्टोरिया को गोद में लेकर यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई थीं। उस दौरान उनकी बच्ची उनकी गोद में ही बैठी रही, जबकि रोंजुली संसद में वोटिंग और बहस में हिस्सा लेती रहीं। तब पहली बार था जब कोई सांसद यूरोपीय संसद की कार्यवाही में शामिल हुई। बाद में भी वह कई मौके पर ऐसा करती नजर आईं। 2018: न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री 3 महीने की बेटी के साथ UN पहुंचीं सितंबर 2018 में न्यूजीलैंड की तत्कालीन प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न अपनी तीन महीने की बेटी नेवे को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) पहुंची थीं। ऐसा करने वाली वह दुनिया की पहली निर्वाचित महिला प्रधानमंत्री बनी थीं। उस समय उनके पार्टनर क्लार्क गेफोर्ड भी न्यूयॉर्क गए थे और बैठकों के दौरान बेटी की देखभाल करते थे। जेसिंडा ने कहा था कि मां बनने के बाद भी महिलाएं दुनिया की सबसे बड़ी जिम्मेदारियां निभा सकती हैं। 2017: ऑस्ट्रेलियाई सांसद ने संसद में बच्चे को स्तनपान कराया जून 2017 में ऑस्ट्रेलिया की सीनेटर लारिसा वॉटर्स ने संसद की कार्यवाही के दौरान अपनी दो महीने की बेटी आलिया जॉय को स्तनपान कराते हुए भाषण दिया था। उस समय ऑस्ट्रेलिया ने हाल ही में संसद में स्तनपान कराने की अनुमति देने वाला नियम लागू किया था। उनकी तस्वीरें दुनियाभर में वायरल हुईं और उन्हें कामकाजी माताओं के लिए एक मजबूत संदेश माना गया। ——————– ये खबर भी पढ़ीं… अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:इसके फीचर से रेपिस्ट बच्ची तक पहुंचा, भारत में इसके 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजरॉ सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। पूरी खबर पढ़ें…



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फ्लैट की बुकिंग कैंसल करने पर डूब जाएगा पैसा या मिलेगा रिफंड? जानिए अहम नियम


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घर खरीदना हर परिवार का बड़ा सपना होता है, लेकिन कई बार हालात बदल जाते हैं. होम लोन मंजूर न होना, आर्थिक परेशानी या बिल्डर की देरी जैसी वजहों से खरीदार को फ्लैट की बुकिंग रद्द करनी पड़ सकती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बुकिंग के समय जमा किया गया पैसा वापस मिलेगा या नहीं. अच्छी बात यह है कि RERA कानून खरीदारों को कई मामलों में मजबूत कानूनी सुरक्षा देता है.

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होम लोन रिजेक्ट होने पर फ्लैट की बुकिंग रद्द की तो कितना पैसा लौटेगा, समझें पूरा नियम. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. अगर आपने अंडर-कंस्ट्रक्शन फ्लैट बुक किया है और बाद में उसे रद्द करना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह देखना होगा कि कैंसिलेशन की वजह क्या है. रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 यानी RERA के तहत खरीदार और बिल्डर दोनों के अधिकार तय किए गए हैं. कानून के अनुसार, बिल्डर बिना बिक्री समझौते (Agreement for Sale) पर हस्ताक्षर और रजिस्ट्रेशन किए किसी खरीदार से फ्लैट की कुल कीमत का 10 प्रतिशत से अधिक एडवांस या बुकिंग अमाउंट नहीं ले सकता. अगर कोई बिल्डर इससे ज्यादा रकम मांगता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

खुद बुकिंग रद्द करने पर कितना कट सकता है पैसा?
अगर खरीदार अपनी व्यक्तिगत वजहों, जैसे होम लोन रिजेक्ट होना या आर्थिक दिक्कत के कारण फ्लैट की बुकिंग रद्द करता है, तो बिल्डर कुछ राशि काट सकता है. हालांकि वह पूरी बुकिंग राशि जब्त नहीं कर सकता. कई राज्यों के RERA नियमों में कटौती की अधिकतम सीमा तय की गई है. उदाहरण के तौर पर, अगर बुकिंग के 15 दिनों के भीतर कैंसिलेशन किया जाता है तो पूरा पैसा वापस मिल सकता है. 16 से 30 दिनों के बीच सीमित कटौती, 31 से 60 दिनों के बीच थोड़ी अधिक कटौती और 61 दिनों के बाद अधिकतम 2 प्रतिशत तक की कटौती की जा सकती है. अदालतें और रियल एस्टेट अपीलीय ट्रिब्यूनल कई बार ऐसे मामलों में खरीदारों के पक्ष में फैसला दे चुके हैं, जहां बिल्डरों ने मनमाने तरीके से बड़ी रकम काटने की कोशिश की.

बिल्डर की गलती होने पर मिलेगा पूरा रिफंड
अगर फ्लैट की बुकिंग इसलिए रद्द करनी पड़ रही है क्योंकि बिल्डर ने तय समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया या आपकी मंजूरी के बिना निर्माण योजना में बदलाव कर दिया, तो स्थिति पूरी तरह बदल जाती है. RERA के तहत ऐसे मामलों में खरीदार को बिना किसी कटौती के अपनी पूरी जमा राशि वापस पाने का अधिकार है. इतना ही नहीं, बिल्डर को जमा रकम पर ब्याज भी देना पड़ता है. यह ब्याज भुगतान की तारीख से लेकर पैसा लौटाने तक की अवधि के लिए लागू होता है. इसका मकसद खरीदार को आर्थिक नुकसान से बचाना और बिल्डरों की जवाबदेही तय करना है.

कुछ खर्च ऐसे हैं जो वापस नहीं मिलते
हालांकि RERA आपकी मूल जमा राशि की सुरक्षा करता है, लेकिन कुछ खर्च ऐसे होते हैं जो कैंसिलेशन के बाद भी वापस नहीं मिलते. इनमें बैंक का होम लोन प्रोसेसिंग शुल्क, स्टांप ड्यूटी से जुड़े कुछ खर्च और रजिस्ट्रेशन से संबंधित फीस शामिल हो सकती है. यदि आपने किसी प्रॉपर्टी ब्रोकर की सेवा ली है, तो उसकी फीस भी आमतौर पर वापस नहीं मिलती. इसी तरह जीएसटी से जुड़े मामलों में रिफंड की प्रक्रिया अलग होती है और समय पर जरूरी दस्तावेज पूरे करने पड़ते हैं.

बुकिंग से पहले जरूर पढ़ें कैंसिलेशन क्लॉज
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फ्लैट की बुकिंग करने से पहले आवेदन फॉर्म और एग्रीमेंट में दिए गए कैंसिलेशन नियमों को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है. यह भी सुनिश्चित करें कि बिल्डर की शर्तें आपके राज्य के RERA नियमों के अनुरूप हों. अगर किसी क्लॉज में मनमानी कटौती या एकतरफा शर्तें दिखाई दें, तो उस पर सवाल जरूर उठाएं. थोड़ी सी सावधानी आपको भविष्य में बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है और जरूरत पड़ने पर अपने अधिकारों का सही तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करेगी.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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