हरदोई में एक युवक का शव उसके मकान के पीछे सरिया से लटका मिला। यह घटना शनिवार शाम 4:30 बजे को सामने आई। युवक के माता-पिता देर रात हरियाणा से घर पहुंचे। रविवार दोपहर 2 बजे पुलिस ने शव का पंचनामा भरा। हरपालपुर इलाके के ललुवामऊ निवासी 22 साल के बृजेश शहर कोतवाली क्षेत्र के जंडैल पुरवा में पत्नी प्रियंका के साथ रहते थे। बृजेश के पिता बाबूराम ने ससुराल पक्ष पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि बृजेश के अपने ससुराल (बिलग्राम के नूरपुर हथौड़ा) के लोगों से संबंध अच्छे नहीं थे। बाबूराम के अनुसार, शुक्रवार को बृजेश अपनी बड़ी साली की बेटी को गुड़सेड़ा गांव छोड़ने गया था। जब वह लौटा और जंडैल पुरवा स्थित अपने घर पर ताला लगा देखा, तो वह अपनी पत्नी को ढूंढते हुए ससुराल पहुंच गया। आरोप है कि वहां बृजेश के ससुराल वालों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट के बाद बृजेश अकेला जंडैल पुरवा वापस आया। शनिवार शाम को उसका शव बरामद हुआ। ग्रामीणों की सूचना पर मृतक की बड़ी बहन सीमा ने माता-पिता को सूचित किया, जिसके बाद वे हरियाणा से हरदोई पहुंचे। पुलिस को मकान की छत से तलाशी के दौरान दो गिलास और शराब के दो खाली पौव्वे भी मिले हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Source link
घर के पीछे सरिया से लटका मिला युवक का शव: पिता ने ससुरवालों पर हत्या का लगाया आरोप, कहा- बेटे को बेरहमी से पीटा था – Hardoi News
बीएनएमयू में 20 जुलाई को शिक्षकों का धरना: निजी कॉलेज शिक्षक 22 जुलाई को पटना में करेंगे रोड मार्च – Madhepura News
मधेपुरा के गौशाला परिसर में बिहार राज्य संबद्ध डिग्री महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ की बीएनएमयू इकाई की बैठक हुई। इसमें महासंघ के आंदोलन को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। इसके तहत 20 जुलाई को बीएनएमयू मुख्यालय में धरना और 22 जुलाई को पटना में रोड मार्च का आह्वान किया गया है। यह बैठक शनिवार को आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष सह सीनेट सदस्य प्रो. अरविंद कुमार यादव ने की। बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का निर्णय लिया गया। बीएनएमयू मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा
महासंघ ने 20 जुलाई को बीएनएमयू मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, 22 जुलाई को पटना के गांधी मैदान से लोक भवन तक प्रस्तावित रोड मार्च में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों को शामिल होने की अपील की गई है। मधेपुरा, सहरसा और सुपौल जिले के सभी संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से इन कार्यक्रमों को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। महंगाई दर के अनुसार ब्याज सहित भुगतान की मांग
महासंघ की प्रमुख मांगों में संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए अनुदान के स्थान पर नियमित मासिक वेतनमान लागू करना शामिल है। साथ ही, नौ वर्षों के लंबित सहायक अनुदान का बढ़ती महंगाई दर के अनुसार ब्याज सहित भुगतान की मांग की गई है। शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या 1457, दिनांक 24 जुलाई 2015 के अनुरूप डिग्री महाविद्यालयों में सभी छात्राओं एवं अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों से लिए गए शिक्षण शुल्क की राशि सरकार द्वारा उनके बैंक खातों में वापस करने की व्यवस्था भी एक प्रमुख मांग है। संबंधित राशि का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा
इस अवसर पर विश्वविद्यालय महासचिव डॉ. बैद्यनाथ यादव, सुपौल जिला अध्यक्ष डॉ. चंद्र प्रकाश यादव, विश्वविद्यालय सचिव प्रो. अभय कुमार, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष प्रो. कुमार राजीव रमन, विश्वविद्यालय सचिव प्रो. ललन कुमार, प्रो. सतेन्द्र प्रसाद यादव, सहरसा जिला अध्यक्ष प्रो. समीउल्लाह, विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष प्रो. आलोक कुमार तथा प्रो. गोपाल प्रसाद यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद, प्रो. अरविंद कुमार यादव के नेतृत्व में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से मुलाकात की। उन्होंने कॉपी मूल्यांकन पारिश्रमिक सहित विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की। कुलसचिव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कॉपी मूल्यांकन पारिश्रमिक के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है और संबंधित राशि का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा।
Source link
दतिया उपचुनाव: 70 करोड़ से शुरू हुई सियासी जंग: कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, नरोत्तम बोले- घर-घर जाने के फुटेज मौजूद हैं – datia News
दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के 70 करोड़ रुपए की कथित खरीद-फरोख्त के आरोप पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने से चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। शनिवार को कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को 70 करोड़ रुपए का प्रलोभन देकर खरीदने की कोशिश की थी। नरोत्तम बोले- जरूरत पड़ी तो CCTV फुटेज भी दिखाएंगे कांग्रेस के आरोपों पर रविवार को पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रावतपुरा कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बिना किसी का नाम लिए जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग दल बदलने में माहिर हैं, लेकिन भाजपा अच्छी तरह जानती है कि किसे पार्टी में शामिल करना है और किसे नहीं। उन्होंने दावा किया कि संबंधित लोग भाजपा नेताओं के घर-घर तक पहुंचे थे। यदि इस बात से इनकार किया जाता है तो भाजपा के पास इसके सीसीटीवी फुटेज भी हैं। जरूरत पड़ने पर मंच लगाकर इन्हें जनता के सामने दिखाया जाएगा। भाजपा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भाजपा विकास और जनसेवा की राजनीति करती है, जबकि विपक्ष बेबुनियाद आरोप लगाकर चुनावी माहौल प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं कांग्रेस अपने आरोपों पर कायम है। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में चुनावी मुकाबला अब केवल संगठन और रणनीति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दोनों दलों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है।
Source link
प्याज-बेसन के घोल में मिला दें बस यह 1 जादुई चीज, फिर बरसात के मौसम में लें कुरकुरे पकोड़े
Last Updated:
Onion Besan Pakoda Recipe: बरसात के मौसम में गरमागरम पकोड़ों का स्वाद कौन नहीं लेना चाहता? अब प्याज और बेसन के पकोड़ों को और भी कुरकुरा बनाने का एक आसान तरीका सामने आया है. बस एक खास सामग्री मिलाने से आपके पकोड़े इतने क्रिस्पी बनेंगे कि हर कोई आपकी तारीफ करेगा. चाय के साथ इन कुरकुरे पकोड़ों का आनंद दोगुना हो जाएगा. जानिए क्या है वह जादुई चीज जो आपके पकोड़ों को बनाएगी लाजवाब…
Onion Besan Pakoda Recipe: देश के कई राज्यों में बारिश शुरू हो चुकी है और बरसात के आते ही दिमाग में सबसे पहले पकोड़ों का ध्यान आ जाता है. बारिश की रिमझिम फुहारें, मिट्टी की खुशबू और मौसम के ठंडक के बीच गर्म गर्म चाय के साथ प्याज-बेसन के पकोड़े हों तो बस मजा ही आ जाए. अगर आप भी इस मानसून अपने परिवार के लिए स्वादिष्ट और कुरकुरे पकोड़े बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए है. कम समय में तैयार होने वाले ये पकोड़े सुबह या शाम की चाय के साथ बेहतरीन स्नैक साबित हो सकते हैं. अगर आप इस रेसिपी के साथ प्याज के पकोड़े बनाते हैं तो मजा आपका दोगुना हो जाएगा. आइए जानते हैं प्याज बेसन पकोड़े बनाने की विधि और सामग्री…
प्याज-बेसन के पकोड़े बनाने की आवश्यक सामग्री:
2 बड़े प्याज (पतले और लंबे कटे हुए)
2 कप बेसन
2 बड़े चम्मच चावल का आटा (अधिक कुरकुरापन के लिए)
2-3 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
1 छोटा चम्मच अदरक (कद्दूकस किया हुआ)
2 बड़े चम्मच हरा धनिया (बारीक कटा हुआ)
1 छोटा चम्मच अजवाइन
आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर
एक चौथाई छोटा चम्मच गरम मसाला
स्वादानुसार नमक
आवश्यकतानुसार पानी
तलने के लिए रिफाइंड या सरसों का तेल
प्याज-बेसन के पकोड़े बनाने की विधि
प्याज-बेसन के पकोड़े बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में कटे हुए प्याज डालें और उसमें नमक मिलाकर 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें. इससे प्याज थोड़ा पानी छोड़ देगा और पकोड़ों का स्वाद बेहतर होगा. अब इसमें बेसन, चावल का आटा, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, थोड़ी सी अजवाइन, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह मिला लें. जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा मिश्रण तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल बहुत पतला ना हो, क्योंकि इससे पकोड़े कुरकुरे नहीं बनेंगे.
तेल गर्म करें
अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें. जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब तैयार मिश्रण को हाथ या चम्मच की मदद से छोटे-छोटे हिस्सों में तेल में डालें. मीडियम आंच पर पकोड़ों को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. दोनों तरफ से अच्छी तरह पकने के बाद इन्हें निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें, ताकि बचा हुआ तेल निकल जाए.
इन चीजों के साथ ले सकते हैं आनंद
गरमा-गरम प्याज-बेसन के पकोड़ों को हरी धनिया की चटनी, इमली की मीठी चटनी या टमाटर सॉस के साथ परोसें. साथ में अदरक, इलायची या मसाला चाय हो तो बरसात का आनंद और भी बढ़ जाता है.
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स
अगर पकोड़ों को ज्यादा कुरकुरा बनाना चाहते हैं तो बेसन में थोड़ा चावल का आटा या सूजी मिला सकते हैं. मिश्रण को अधिक देर तक ना रखें और हमेशा मीडियम आंच पर ही पकोड़े तलें. इससे वे बाहर से कुरकुरे और अंदर से अच्छी तरह पके हुए बनेंगे. बरसात के मौसम में घर पर बने ताजे और गर्मागर्म प्याज-बेसन के पकोड़े ना केवल स्वाद का आनंद बढ़ाते हैं बल्कि परिवार के साथ बिताए गए खुशनुमा पलों को भी यादगार बना देते हैं.
About the Author

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें
अल्ट्रा-रिच का ट्रेंड: अमीर लोग दर्जनों-सैकड़ों बच्चे पैदा करने को ‘प्रोजेक्ट’ मान रहे; यह वंश बचाने नहीं, शक्ति-प्रभाव का नया प्रतीक बना
- Hindi News
- International
- Wealthy People Are Treating Having Dozens And Hundreds Of Children As A ‘project’; It’s Not About Preserving Lineage, But Rather About Becoming A New Symbol Of Power And Influence.
द न्यू यॉर्क टाइम्स. वॉशिंगटन28 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मीडिया रिपोर्टों में कहीं स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे, कहीं 200 बच्चों की इच्छा तो कहीं 300 बच्चे पैदा करने के दावे सामने आए हैं। इस ट्रेंड को ‘किडमैक्सिंग’ कहा जा रहा है। – प्रतीकात्मक फोटो
विकसित देशों में जन्मदर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। बहुत से लोग कहते हैं कि वे एक बच्चे का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं। वहीं, एक छोटा-सा वर्ग अति धनी लोगों का है, जो तकनीक और लगभग असीम संसाधनों के दम पर ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा कर रहा है।
मीडिया रिपोर्टों में कहीं स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे, कहीं 200 बच्चों की इच्छा तो कहीं 300 बच्चे पैदा करने के दावे सामने आए हैं। इस ट्रेंड को ‘किडमैक्सिंग’ कहा जा रहा है। यानी बच्चों की संख्या का ही ताकत, विरासत, प्रभाव और भविष्य पर कब्जे का प्रतीक बन जाना। यह कहानी असमानता का सबसे ठोस रूप भी दिखाती है।
एक ओर लोग आईवीएफ के लिए कर्ज लेते हैं। दूसरी तरफ अरबपति दो करोड़ रु. या इससे ज्यादा खर्च कर सरोगेसी और डोनर एग्स से ‘ऑर्डर’ की तरह बच्चे बनवा रहे हैं। इसमें सबसे चर्चित नामों में इलॉन मस्क हैं। उनके 14 बच्चे हैं।
टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव का दावा है कि उनके स्पर्म डोनेशन से 100 से ज्यादा बच्चे पैदा हुए हैं। अमेरिकी बीमा उद्योगपति ग्रेग लिंडबर्ग ने ‘बेबी प्रोजेक्ट’ चलाया। इसमें मॉडल्स को धोखे से एग डोनेशन के लिए फंसाने के आरोप भी लगे। उनके 12 बच्चों की बात सामने आई है। वहीं, यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने एक समय अपने डीएनए को ‘फैलाने’ की सनक तक जाहिर की थी।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की आर्ली रसेल कहती हैं, ‘अरबपति एक साथ कई सरोगेट्स के जरिए ‘बैच’ में बच्चे पैदा करवा सकते हैं। आईवीएफ तकनीक अब सिर्फ संतान पाने का जरिया नहीं है। यह लिंग चयन, बीमारी और कुछ जीन संबंधी गुणों को चुनने का औजार बन चुकी है। इसका खर्च अरबपति ही उठा सकते हैं।’
मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि जैसे पुराने समय के राजा अपनी वंशावली को शक्ति का स्रोत मानते थे, वैसे ही आज के कुछ टेक-किंग्स अपने खून को भविष्य की पूंजी मान रहे हैं। फर्क बस इतना है कि अब तलवार की जगह तकनीक है।
नतीजा: ‘परिवार’ की भावना और सोच ही खतरे में पड़ी
अमेरिकी लेखिका अन्ना लोई सुसमैन के अनुसार, अरबपतियों की इस सनक की शिकार कुछ महिलाएं और बच्चे हैं। सरोगेट माताओं के शोषण, सहमति उल्लंघन, बच्चों की देखभाल पर सवाल उठे हैं। कई मामलों में बच्चे ननों के भरोसे, दूसरे देशों में पले-बढ़े, जबकि पिता के लिए वे सिर्फ आंकड़े बनकर रह गए। समाजशास्त्री इवा इलूज चेतावनी देती हैं, ‘अगर इस पर सख्ती और नैतिक चर्चा नहीं हुई, तो परिवार की नींव ही हिल जाएगी।’
4 साल में ₹94 हजार करोड़ GST कलेक्शन: चीमा बोले- पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत; AAP ने टैक्स कलेक्शन में बनाया रिकॉर्ड – Chandigarh News
पंजाब के वित्त एवं कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। चीमा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल के दौरान टैक्स कलेक्शन में हुए ऐतिहासिक सुधार का दावा किया है। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में जब कांग्रेस पार्टी का राज था, तब 5 सालों में कुल टैक्स कलेक्शन (जीएसटी संग्रह) सिर्फ ₹64 हजार करोड़ हुआ था। इसकी तुलना में, मौजूदा ‘आप’ सरकार ने महज 4 सालों में ही लगभग ₹94 हजार करोड़ का जीएसटी कलेक्शन कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। ₹10 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी हर साल पंजाब के खजाने में लगभग ₹10 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी लगातार हो रही है। इस साल के लिए हमने ₹32 हजार करोड़ का टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य रखा है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब की जनता एक ईमानदार सरकार का पूरा साथ दे रही है और टैक्स का एक-एक पैसा सीधे सरकारी खजाने में ईमानदारी से पहुंच रहा है। चीमा ने साफ किया कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के सख्त निर्देश हैं कि खजाने में आने वाले एक-एक पैसे को पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे जनता की भलाई और उनके वेलफेयर (कल्याण) पर ही खर्च किया जाए। राज्य में हो रहे विकास कार्य और सुविधाएं सरकारी खजाने में हुई इस बढ़ोतरी के बदौलत राज्य में चल रहे विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं। पंजाब के अंदर वर्तमान में 45,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार: सरकारी स्कूलों की कायाकल्प की जा रही है, जिनमें आधुनिक क्लासरूम, शानदार लैब, लाइब्रेरी और बच्चों के लिए प्ले-ग्राउंड बनाए जा रहे हैं। गांवों में 3,000 से ज्यादा ग्राउंड बनकर तैयार हो चुके हैं और 6,000 नए ग्राउंड्स पर काम जारी है। मुफ्त बिजली: पिछले साढ़े चार सालों से पंजाब के हर परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली लगातार दी जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाएं: पूरे राज्य में मोहल्ला क्लीनिक खोले जा चुके हैं, जिससे लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। थर्मल प्लांट की खरीद: सरकार ने एक निजी कंपनी से ‘गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट’ (GVK Thermal Plant) खरीदकर उसे पंजाब की जनता के नाम समर्पित किया है। ‘आप’ ने पूरी की अपनी 5वीं और आखिरी गारंटी हरपाल सिंह चीमा ने गर्व जताते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ‘आप’ ने चुनाव के समय पंजाब की जनता को 5 मुख्य गारंटियां दी थीं। सरकार का कार्यकाल खत्म होने से करीब 8 महीने पहले ही इन सभी 5 गारंटियों को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आखिरी और पांचवीं गारंटी ‘मामा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत भी पैसे जारी कर दिए गए हैं, जिससे पंजाब की महिलाएं और बेटियां बेहद खुश हैं। अंत में उन्होंने समय-समय पर सही मार्गदर्शन देने के लिए पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद व्यक्त किया।
Source link
जैसलमेर आर्मी कैंट में लगी भीषण आग: रेवन्तसिंह की ढाणी के सामने स्थित सीएसडी कैंटीन जलकर राख; 8 दमकलों ने एक घंटे में पाया काबू – Jaisalmer News
सीमावर्ती जिले जैसलमेर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां रेवन्तसिंह की ढाणी के सामने स्थित आर्मी कैंट में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इसने परिसर में स्थित सीएसडी (CSD) कैंटीन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कैंटीन और वहां रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सैन्य प्रशासन सहित प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने के लिए भारतीय सेना, सिविल डिफेन्स और नगर परिषद की दमकल गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया। करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। सुबह कैंट से उठा धुआं, मची अफरा-तफरी रविवार सुबह करीब 8 बजे आर्मी कैंट परिसर से अचानक धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देख वहां तैनात जवानों और सुरक्षाकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। आग कैंट के भीतर स्थित सीएसडी कैंटीन वाले हिस्से में लगी थी। जब तक लोग कुछ समझ पाते और आंतरिक संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी कैंटीन को अपनी आगोश में ले लिया। तीन विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से संभाला मोर्चा आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत सैन्य अधिकारियों ने नागरिक प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर ब्रिगेड की टीम बिना वक्त गंवाए उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हो गई। कैंट पहुंचने पर देखा कि सेना की अपनी दमकलें और सिविल डिफेंस की टीमें पहले से ही आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई थीं। स्थिति को भांपते हुए एयरफोर्स के फायर टेंडर भी तुरंत बुलाए गए। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शांत हुईं लपटें सेना, नगर परिषद और सिविल डिफेंस के फायर फाइटर्स ने मिलकर चारों तरफ से कैंटीन पर पानी की बौछारें शुरू कीं। संयुक्त टीम की मुस्तैदी और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। समय रहते उठाए गए कदमों के कारण आग को कैंट के अन्य संवेदनशील हिस्सों और बैरकों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। लाखों के नुकसान की आशंका, कारणों की जांच शुरू मिली जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, कैंटीन में रखा घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रोसरी और अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई है, जिससे लाखों रुपये के भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सैन्य अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को इसका कारण माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
Source link
जौनपुर में अवैध असलहों पर अंकुश: पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया, पहचान गोपनीय रहेगी – Jaunpur News
जौनपुर पुलिस ने अवैध असलहों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एक नई पहल की है। इसके तहत एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जिस पर आम नागरिक अवैध हथियारों के निर्माण, बिक्री, तस्करी या उन्हें रखने से संबंधित जानकारी सीधे पुलिस को दे सकेंगे। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यह पहल जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से शुरू की गई है। यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने, उनके निर्माण, खरीद-फरोख्त या तस्करी की जानकारी है, तो वे तत्काल हेल्पलाइन नंबर 9214169135 पर सूचना दे सकते हैं। सूचना प्राप्त होने पर पुलिस टीम तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अक्सर लोग पहचान उजागर होने के डर से अवैध गतिविधियों की जानकारी देने से कतराते हैं, जिससे अपराधियों के हौसले बढ़ते हैं। इस हेल्पलाइन व्यवस्था से नागरिक बिना किसी भय के पुलिस की मदद कर सकेंगे। अधिकारियों ने नागरिकों से समाज को अपराधमुक्त बनाने में सहयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है। इस हेल्पलाइन नंबर पर अवैध असलहों के साथ रील बनाने, फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने, या किसी भी आपराधिक व असामाजिक गतिविधि में लिप्त होने की जानकारी भी साझा की जा सकती है। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि यह ‘ऑपरेशन वज्रपात’ का एक हिस्सा है। हेल्पलाइन पर आने वाली हर सूचना का त्वरित संज्ञान लिया जाएगा और इसकी चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी। शिकायतकर्ताओं की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
Source link
दरभंगा में 5वीं क्लास के छात्र की पिटाई: स्कूल के टीचर पर आरोप, विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण; परिजन से मिले विधायक – Darbhanga News
दरभंगा में 5वीं क्लास के छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। आरोप स्कूल के टीचर राम प्रसाद राम पर लगा है। तबीयत बिगड़ने के बाद बच्चे को अस्पताल में एडमिट कराया गया है। मामला मनीगाछी प्रखंड क्षेत्र के फुलवन-देवीपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय से जुड़ा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार को देर शाम तक बहुअरवा-मनीगाछी मार्ग पर विद्यालय के पास जमकर प्रदर्शन किया। दोषी शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित छात्र के पिता अरुण यादव ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार को लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत की है। आवेदन पर 72 ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। उचित कार्रवाई का दिया भरोसा मामले की सूचना पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। वहीं स्थानीय विधायक राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने सकरी स्थित रामशीला अस्पताल पहुंचकर घायल छात्र और उसके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। आरोपी टीचर से मांगा स्पष्टीकरण इस संबंध में पंचायत राज पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि आरोपी शिक्षक राम प्रसाद राम से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source link


