टोंक जिले के उनियारा तहसील के सुरेली गांव की रहने वाली प्रिया प्रजापत को जयपुर में सम्मानित किया गया है। प्रिया ने आरबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा 2025-26 में 92.60 प्रतिशत अंक हासिल कर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुरेली में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। दैनिक भास्कर की ओर से 17 से 19 जून तक जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित विद्याश्रम स्कूल के महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दैनिक भास्कर प्रतिभा सम्मान समारोह 2026’ में गुरुवार शाम उसे प्रशस्ति पत्र, मेडल और शील्ड देकर सम्मानित किया गया। उस दिन सम्मानित होने वाली वह एकमात्र छात्रा थी। स्कूल टॉपर रही प्रिया शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सीबीएसई और आरबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जयपुर में यह राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसी क्रम में 18 जून को आयोजित कार्यक्रम में प्रिया प्रजापत पुत्री गोवर्धन प्रजापत को सम्मानित किया गया। प्रिया ने आरबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा में 92.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने स्कूल में पहला स्थान हासिल किया था। समारोह में अतिथियों ने उसे प्रशस्ति पत्र, मेडल और शील्ड प्रदान की। गांव में खुशी का माहौल प्रिया को राज्य स्तरीय मंच पर सम्मान मिलने से सुरेली गांव में खुशी है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों और ग्रामीणों ने उसे शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आरएएस बनना चाहती है प्रिया प्रिया का सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर आरएएस अधिकारी बनने का है। उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा जी, परिवार के सदस्यों और स्कूल के शिक्षकों को दिया है। प्रिया ने दैनिक भास्कर का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सम्मान समारोह केवल सम्मान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को नई पहचान दिलाने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। विद्यार्थियों को मिला सम्मान समारोह में सीबीएसई और आरबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा जगत से जुड़ी प्रतिष्ठित हस्तियां, शिक्षाविद, अभिभावक, विद्यार्थी और कई यूनिवर्सिटीज के डायरेक्टर मौजूद रहे। पिता मजदूर, मां गृहणी प्रिया के पिता गोवर्धन प्रजापत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि उनकी मां गृहणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। प्रिया पांच बहनों और एक भाई में तीसरे नंबर पर है। उसकी दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी है। परिवार के अन्य भाई-बहन पढ़ाई कर रहे हैं। उसका भाई आरएएस की तैयारी कर रहा है। बड़ी बहनों ने भी पढ़ाई में किया अच्छा प्रदर्शन प्रिया की बड़ी बहनों ने भी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया है। परिवार में शिक्षा को हमेशा महत्व दिया गया, जिसके कारण सीमित संसाधनों के बावजूद सभी भाई-बहन अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं।
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मजदूर की बेटी प्रिया को जयपुर में प्रतिभा सम्मान: 12वीं में 92.60% से स्कूल में प्रथम, आरएएस बनने का लक्ष्य – Tonk News
‘उन्होंने मुझे स्टार बना दिया’, देव आनंद को याद कर भावुक हुए शत्रुघ्न सिन्हा
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Shatrughan Sinha Emotional Remembering Dev Anand: म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर भावुक हुए शत्रुघ्न सिन्हा! दिग्गज अभिनेता ने सुनाया देव आनंद से जुड़ा वो यादगार किस्सा, जब एक लंबे डायलॉग के बाद खुद देव साहब ने उनके लिए सेट पर सबसे जोर से ताली बजाई थी और दी थी करियर की सबसे बड़ी सीख. जानिए क्या थी वो अनमोल सलाह!
देव आनंद को याद कर भावुक हुए शत्रुघ्न सिन्हा
दिल्ली: म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के मंच पर जल्द ही गुजरे जमाने की कुछ बेहद खूबसूरत यादें ताजा होने वाली हैं. दरअसल शो के आने वाले एपिसोड में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा मेहमान बनकर पहुंचने वाले हैं. यहां उन्होंने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए हिंदी सिनेमा के सदाबहार अभिनेता देव आनंद से जुड़ा एक ऐसा भावुक किस्सा सुनाया, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया.
शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि देव साहब सिर्फ एक बड़े स्टार नहीं थे, बल्कि उन्होंने एक मेंटर की तरह उनके करियर को संवारा था.
जब देव साहब ने दिया पहला ब्रेक
शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया कि उनके फिल्मी सफर की शुरुआत देव साहब के आशीर्वाद से ही हुई थी. देव आनंद ने उन्हें अपनी फिल्म ‘प्रेम पुजारी’ में एक छोटा सा रोल दिया था. यह वही फिल्म है जिसमें मशहूर गाना ‘फूलों के रंग से, दिल की कलम से’ फिल्माया गया था. फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा को एक पाकिस्तानी अफसर का किरदार निभाना था. रोल भले ही छोटा था, लेकिन जैसे ही उन्होंने सेट पर अपना पहला डायलॉग बोला, वहाँ मौजूद सभी लोगों ने उनके लिए जमकर तालियां बजाईं.
देव आनंद की वो अनमोल सलाह
शत्रुघ्न सिन्हा की तारीफ तो बहुत हुई, लेकिन उसी समय देव आनंद धीरे से उनके पास आए. उन्होंने फिल्म के डायरेक्टर के सामने शत्रुघ्न सिन्हा को जीवन भर काम आने वाली एक बहुत ही अनमोल सलाह दी. देव साहब ने उनसे कहा कि किसी बड़े कलाकार से प्रभावित होना, उससे सीखना और उसकी एनर्जी को अपनाना बहुत अच्छी बात है, लेकिन कभी किसी की नकल मत करो. कैमरे के सामने हमेशा अपनी खुद की ओरिजिनैलिटी यानी अपना असली अंदाज बनाए रखो.
खुद देव साहब ने बजाई सबसे जोर से ताली
देव आनंद की यह बात युवा शत्रुघ्न सिन्हा के दिल में उतर गई. इसके बाद जब वो अगला शॉट देने गए, जिसमें एक बहुत लंबा डायलॉग बोलना था, तो उन्होंने किसी की नकल किए बिना बिल्कुल अपने अंदाज में परफॉर्म किया. शॉट खत्म होते ही जो हुआ उसने शत्रुघ्न सिन्हा का दिन बना दिया. सेट पर सबसे आगे आकर जिसके हाथ सबसे जोर से और सबसे पहले ताली बजाने के लिए उठे, वो खुद देव आनंद थे. देव साहब उनका काम देखकर उस दिन बेहद खुश हुए थे. इसके बाद देव आनंद ने उन्हें अपनी अगली फिल्म ‘गैंबलर’ में भी एक छोटा लेकिन दमदार रोल ऑफर किया था.
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भैंस चोर से पुलिस की मुठभेड़, पैर में लगी गोली: एक साथी मौके से हुआ फरार, बदमाश के कब्जे से करीब एक लाख की नकदी बरामद – Muzaffarnagar News
मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात करीब 11 बजे पुलिस और भैंस चोरी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। रामनगर तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध टाटा मैजिक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर खेतों की ओर भाग निकला। पुलिस के मुताबिक, पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान मेरठ जिले के सरधना निवासी उस्मान पुत्र इसरार के रूप में की है। उसके कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस, 97,500 रुपये नकद और भैंस चोरी में इस्तेमाल की गई टाटा मैजिक बरामद की गई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।
CO खतौली रुपाली रॉय चौधरी ने बताया कि पूछताछ में उस्मान ने चार दिन पहले रसूलपुर गांव में हुई भैंस चोरी की वारदात कबूल की है। चोरी की गई भैंसों को इसी टाटा मैजिक में ले जाया गया था। आरोपी ने पूछताछ में अपने फरार साथी फैजान और एक अन्य आरोपी नाफिज का भी नाम बताया है। पुलिस के मुताबिक नाफिज चोरी की घटनाओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहता था। पुलिस के अनुसार उस्मान के खिलाफ लूट, चोरी और अन्य संगीन धाराओं में कई मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज हैं। फरार आरोपी फैजान की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
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पूर्णिया को नए एसपी बने शौर्य सुमन: 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं, स्वीटी शहरावत का पटना में हुआ तबादला – Purnia News
बिहार में बड़े पैमाने पर हुए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के बाद पूर्णिया जिले को नए पुलिस अधीक्षक मिल गए हैं। शौर्य सुमन को पूर्णिया का वरीय पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। निवर्तमान एसपी स्वीटी शहरावत का तबादला कर दिया गया है। इन तबादलों की जानकारी गुरुवार देर शाम बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी अधिसूचना से मिली। शौर्य सुमन 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पूर्णिया की कमान संभालने से पहले वे बिहार के बेतिया जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। पूर्णिया की निवर्तमान पुलिस अधीक्षक स्वीटी शहरावत को पुलिस अधीक्षक (जी०) विशेष शाखा, बिहार, पटना के पद पर नियुक्त किया गया है। यह तबादला भी बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेश के तहत हुआ है।
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युवकों ने की अभद्रता फिर नर्स ने बोतल फेंक मारी: कृषि मंत्री के साथ फोटो दिखाकर नौकरी से हटाने की दी धमकी; मुरैना में पहले इलाज की मांग पर हंगामा – Morena News
मुरैना जिला अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड में गुरुवार दोपहर इलाज को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। एक भर्ती मरीज को ड्रिप लगाने की मांग को लेकर दो युवकों और ड्यूटी पर तैनात नर्स के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि युवकों ने नर्स के साथ अभद्रता की, भद्दे कमेंट किए और खुद को भाजपा नेता बताते हुए नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। वहीं विवाद बढ़ने पर नर्स ने भी एक युवक पर ड्रिप की बोतल फेंक दी और गुस्से में अपशब्द कह दिए। मामला अस्पताल चौकी से होते हुए कोतवाली थाने तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत की है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है। गंभीर मरीज को अटेंड कर रही थी नर्स जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर मेल मेडिकल वार्ड में ड्यूटी नर्स एक गंभीर हालत में भर्ती किए गए नए मरीज को अटेंड कर रही थी। वह मरीज को भर्ती करने और ड्रिप लगाने की तैयारी में जुटी थी। इसी दौरान वार्ड में पहले से भर्ती एक मरीज का अटेंडर वहां पहुंचा और अपनी तरफ से पहले ड्रिप लगाने की मांग करने लगा। नर्स ने युवक से कुछ देर इंतजार करने को कहा और बताया कि पहले गंभीर मरीज का उपचार करना जरूरी है। लेकिन युवक बार-बार अपने मरीज को प्राथमिकता देने की बात करता रहा। दूसरा युवक पहुंचा, बढ़ा विवाद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ देर बाद युवक का एक अन्य साथी भी वहां पहुंच गया। आरोप है कि इसके बाद दोनों युवकों ने नर्स पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए भद्दे कमेंट करने लगे। नर्स ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उन्हें इतनी जल्दी है तो वे मरीज को निजी अस्पताल ले जा सकते हैं, क्योंकि सरकारी अस्पताल में गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देना जरूरी होता है। भाजपा नेता और मंत्री का करीबी बताकर दी धमकी नर्स का आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने खुद को भाजपा से जुड़ा हुआ बताया और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के साथ अपनी तस्वीर दिखाते हुए उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि युवक लगातार अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू होते ही भड़की नर्स विवाद के दौरान युवकों में से एक ने मोबाइल निकालकर वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। वीडियो में युवक बार-बार नर्स से पूछता दिखाई दे रहा है कि वह ड्रिप क्यों नहीं बदल रही है। रिकॉर्डिंग शुरू होने और लगातार बहस बढ़ने के बीच नर्स अपना आपा खो बैठी। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि नर्स ने हाथ में मौजूद ड्रिप की बोतल युवक की ओर फेंक दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। वीडियो में क्या-क्या हुआ वायरल वीडियो के अनुसार युवक नर्स से लगातार कहता सुनाई दे रहा है कि वह मरीज की बोतल क्यों नहीं बदल रही है। इसी दौरान रिकॉर्डिंग देख नर्स नाराज हो जाती है और फोन पर हाथ मार देती है साथ ही हाथ में ली बोतल युवक की तरफ फेंक देती है। इसके बाद युवक कहता है कि “मैडम ने मुझे बोतल मारी है।” वीडियो में दोनों युवकों के बीच बातचीत भी सुनाई देती है, जिसमें एक युवक दूसरे से पूछता है कि क्या हुआ, तो जवाब मिलता है कि नर्स ने बोतल मारी है। इसके बाद युवक नर्स से सवाल करता है कि उसने ऐसा क्यों किया। वहीं नर्स भी युवकों की हरकतों पर नाराजगी जताती दिखाई देती है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप सुनाई देते हैं। अस्पताल चौकी और थाने तक पहुंचा मामला विवाद बढ़ने के बाद मामला अस्पताल चौकी तक पहुंच गया। बाद में ड्यूटी नर्स ने कोतवाली थाने पहुंचकर युवकों के खिलाफ अभद्रता करने, धमकी देने और काम में बाधा पहुंचाने की शिकायत दर्ज कराई। वहीं दूसरी ओर युवकों ने भी अस्पताल प्रबंधन से शिकायत करते हुए नर्स के व्यवहार पर सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच की मांग की है। नर्सों ने भी जताई नाराजगी अस्पताल स्टाफ का कहना है कि वार्ड में लगातार मरीजों का दबाव रहता है और सीमित स्टाफ के बीच सभी मरीजों को एक साथ अटेंड करना संभव नहीं होता। ऐसे में गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देना चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा है। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू होने से पहले युवकों और नर्स के बीच काफी देर तक बहस हुई थी और कथित तौर पर नर्स को उकसाया गया था, जिसके बाद उसने अपना धैर्य खो दिया। सिविल सर्जन बोले- दोनों पक्षों की शिकायत की जांच होगी जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि युवकों ने नर्स की शिकायत की है, जबकि नर्स ने भी युवकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्स की ओर से कोतवाली थाने में आवेदन दिया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में पहले से ही स्टाफ की कमी है और मरीजों का दबाव लगातार बना रहता है। शिकायतकर्ता का मरीज पहले से भर्ती था, जबकि उसी समय एक गंभीर मरीज वार्ड में लाया गया था। ऐसे में गंभीर मरीज को प्राथमिकता देना स्वाभाविक था। डॉ. तोमर ने कहा कि नर्सिंग का कार्य धैर्य और मानव सेवा से जुड़ा होता है। आखिर विवाद क्यों हुआ और किसकी कितनी गलती है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच की जा रही है।
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वर्ल्ड अपडेट्स: यूक्रेन के ड्रोन हमले के बाद रूस की राजधानी मॉस्को में हुई काली बारिश, सड़के और गाड़िया काली पड़ी
रूस की राजधानी मॉस्को और आसपास के कई इलाकों में लोगों ने काली बारिश (ब्लैक रेन) होनी की शिकायत की। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बारिश के साथ कालिख और तेल जैसे कण गिर रहे थे, जिससे गाड़ियां, सड़कें और कपड़े काले रंग से ढक गए। दरअसल, यूक्रेन ने गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया था। करीब 200 लंबी दूरी के ड्रोन मॉस्को की ओर भेजे गए, जिनमें से एक ने शहर की मॉस्को ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया। हमले के बाद रिफाइनरी में भीषण आग लग गई और आसमान में काले धुएं के बड़े-बड़े गुबार उठने लगे। यह रिफाइनरी रूस की सरकारी तेल कंपनी गजप्रोम नेफ्ट संचालित करती है और मॉस्को की करीब 40% पेट्रोल तथा 50% डीजल जरूरत पूरी करती है। हमले के बाद पर्यावरण और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। शुरुआत में स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को सामान्य बताया, लेकिन बाद में बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को घरों के अंदर रहने या प्रभावित इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… चीन ने पाकिस्तान के साथ 8 पनडुब्बी सौदा किया था , 11 साल बाद मिली पहली पनडुब्बी पाकिस्तान ने चीन में निर्मित अपनी नई हैंगोर क्लास पनडुब्बी को शामिल किया है। 1971 के युद्ध और बांग्लादेश के बनने के बाद से यह पहली बार है जब पाकिस्तान बंगाल की खाड़ी में अपनी नौसैनिक उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास कर रहा है। चीन के साथ पनडुब्बी सौदे पर हस्ताक्षर करने के एक दशक से ज्यादा समय बाद पाकिस्तान को पहली पनडुब्बी मिली है। यह सौदा पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा अधिग्रहण माना जाता है। अप्रैल 2015 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की इस्लामाबाद यात्रा के दौरान पाकिस्तान और चीन के बीच 8 हैंगोर-क्लास पनडुब्बियों की खरीद का समझौता हुआ था। समझौते के अनुसार, इनमें से 4 पनडुब्बियां चीन में बननी थीं और 2022-23 तक पाकिस्तान को सौंप दी जानी थीं। बाकी 4 पनडुब्बियों को कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स (KSEW) में 2028 तक असेंबल किया जाना था। हालांकि, 2026 तक पाकिस्तान नौसेना में सिर्फ एक पनडुब्बी ही शामिल हो पाई है। चीन में बनने वाली बाकी तीन पनडुब्बियां- पीएनएस गाजी (PNS Ghazi), पीएनएस शुशुक (PNS Shushuk) और पीएनएस मंग्रो (PNS Mangro) लॉन्च हो चुकी हैं और फिलहाल समुद्री परीक्षण (सी ट्रायल) से गुजर रही हैं। यानी चीन में बनी पहली चार पनडुब्बियों को तय समय सीमा तक पाकिस्तान को सौंपने का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि सभी 8 पनडुब्बियां 2028 से 2030 के बीच पाकिस्तान को मिलेंगी। पनडुब्बी निर्माण के लिए कराची शिपयार्ड में बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है। इसके तहत नया शिप लिफ्ट और ट्रांसफर सिस्टम भी लगाया गया है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का कहना है कि किसी नई पनडुब्बी श्रेणी का निर्माण बेहद जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया होती है। पाकिस्तान इससे पहले अगोस्ता 90बी (Agosta 90B) श्रेणी की पनडुब्बी PNS Hamza का निर्माण कर चुका है, जिसे 2008 में नौसेना में शामिल किया गया था। लेकिन हैंगोर-क्लास परियोजना आकार, लागत और तकनीक तीनों मामलों में उससे कहीं बड़ी है। हैंगोर-क्लास पनडुब्बी कार्यक्रम की अनुमानित लागत 4 से 5 अरब डॉलर (करीब 34 से 43 हजार करोड़ रुपए) है। यही वजह है कि इसे पाकिस्तान के इतिहास का सबसे महंगा नौसैनिक कार्यक्रम माना जाता है।
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रात के बचे चावल से चुटकियों में तैयार करें बखरी, बस रविवार-बुधवार को मत खाना
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Satna News: स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी ने लोकल 18 से कहा कि सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार रविवार और बुधवार को घर में न तो बखरी बनाई जाती है और न ही इसका सेवन किया जाता है. इसके पीछे कई पारंपरिक और सांस्कृतिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें लोग आज भी बड़े सम्मान के साथ मानते हैं.
सतना. क्या आपके घर में भी अक्सर रात को चावल बच जाते हैं और आप सुबह उठकर यही सोचते हैं कि अब इस बचे हुए चावल का क्या किया जाए, तो टेंशन को कहिए बाय-बाय क्योंकि भारत के पारंपरिक खानपान में हर समस्या का एक बेहद स्वादिष्ट समाधान छिपा है. आज हम आपको लेकर चल रहे हैं बघेलखंड की एक ऐसी पारंपरिक रसोई में, जहां दूध और चावल के मेल से एक ऐसी जादुई डिश तैयार होती है, जिसके बिना वहां का हर त्योहार, हर जश्न बिल्कुल अधूरा माना जाता है. इस पारंपरिक और मुंह में पानी ला देने वाली खीर को लोग लोकल भाषा में बखीर या बखरी कहते हैं. यह न सिर्फ आपकी मीठे की क्रेविंग को शांत करेगी बल्कि बचे हुए चावलों का ऐसा लाजवाब इस्तेमाल होगा कि आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे.
बघेलखंड की लोक संस्कृति और खानपान में बखरी का स्थान किसी शाही पकवान से कम नहीं है. पुराने समय से लेकर आज के आधुनिक दौर तक इसे खास अवसरों, तीज-त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में बड़े चाव से बनाया जाता है. इसे खासतौर पर गरमागरम दाल पूरी या सुहारी के साथ परोसने की परंपरा आज भी उतनी ही जिंदा है, जितनी सदियों पहले थी. यह सिर्फ एक पकवान नहीं बल्कि बघेलखंड के लोगों का अपनी जड़ों से जुड़े रहने का एक जरिया भी है.
हफ्ते के इन दो दिनों में भूलकर भी न बनाएं बखरी
स्वाद की इस महफिल में एक बेहद दिलचस्प ट्विस्ट भी है. भले ही यह डिश बेहद लोकप्रिय हो लेकिन इसे बनाने और खाने को लेकर कुछ कड़े नियम भी हैं, जिनका पालन आज भी बघेलखंड के घरों में कड़ाई से किया जाता है. स्थानीय निवासी अंजलि चतुर्वेदी लोकल 18 को बताती हैं कि सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार हफ्ते के रविवार और बुधवार को घर में न तो बखरी बनाई जाती है और न ही इसका सेवन किया जाता है. इसके पीछे कई सांस्कृतिक और पारंपरिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें लोग आज भी बड़े सम्मान के साथ मानते हैं.
बखरी बनाने का सबसे आसान तरीका
अगर आप भी इस पारंपरिक स्वाद को अपने घर पर चखना चाहते हैं, तो इसकी मेकिंग प्रोसेस बेहद सिंपल है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन या कड़ाही में एक लीटर दूध लेकर उसे अच्छी तरह गर्म करें. जब दूध में एक बढ़िया उबाल आ जाए, तो उसमें आधा कप अच्छी तरह धुले हुए और करीब आधे घंटे के लिए पानी में भीगे हुए बासमती चावल डालें. ध्यान रहे कि चावल को दूध में डालने से पहले हल्के हाथों से थोड़ा मैश कर लें. अब गैस की आंच को धीमा कर दें. फिर दूध और चावल के इस मिक्सचर को बीच-बीच में चमचे से चलाते रहें ताकि यह तली में चिपके नहीं. इसे तब तक पकाना है, जब तक चावल पूरी तरह से मुलायम न हो जाएं और दूध गाढ़ा होकर अपनी मात्रा का आधा न रह जाए.
काजू-बादाम और इलायची का तड़का
जब दूध गाढ़ा हो जाए और चावल अच्छी तरह मिक्स हो जाएं, तब इसमें आधा कप चीनी, एक छोटा चम्मच हरी इलायची का पाउडर और अपनी पसंद के बारीक कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डालें. अब इस मलाईदार खीर जैसी बखरी को चीनी पूरी तरह घुलने तक पांच मिनट और धीमी आंच पर पकाएं. आपकी गरमागरम खुशबूदार बखरी तैयार है. आप चाहें तो इसे एकदम गरमागरम परोसें या फिर फ्रिज में रखकर ठंडी-ठंडी रबड़ी जैसी बखरी का आनंद लें.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ हस्ताक्षर अभियान: बोले- पेपर लीक, महंगी फीस और बेरोजगारी पर छात्रों की आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे
नई दिल्ली3 मिनट पहले
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राहुल गांधी 17 जून को राजस्थान के कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने को ‘छात्रों की गूंज’ नाम से देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। उन्होंने गुरुवार को कहा कि यह अभियान पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ियां, महंगी शिक्षा और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने का मंच बनेगा। राहुल ने छात्रों से अभियान से जुड़ने, अपने सुझाव देने और याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की।
राहुल गांधी ने X पोस्ट में अभियान का लिंक शेयर किया। लिखा कि जिन छात्रों के सपने पेपर लीक, परीक्षा संबंधी समस्याओं या बढ़ती फीस की वजह से प्रभावित हुए हैं, उनके लिए यह अभियान एक आवाज बनेगा। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा छात्र इसमें शामिल होंगे तो उनकी मांगें उतनी ही मजबूती से सरकार तक पहुंचेंगी।
राहुल गांधी ने वीडियो मैसेज में कहा- कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को देशभर के छात्रों का जबरदस्त समर्थन मिला। लाखों युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था पर उनकी प्रेजेंटेशन देखी और अपने विचार साझा किए।

शिक्षा का बढ़ता खर्च सबसे बड़ी चिंता
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा का लगातार बढ़ता खर्च देश के लाखों परिवारों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। लाखों परिवार अपने बच्चों को NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराने में भारी रकम खर्च कर रहे हैं। यह स्थिति चिंता का विषय है और इस पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दे किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के मुद्दे हैं। इसलिए छात्रों को खुलकर अपने अनुभव और सुझाव सामने रखने चाहिए।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि हर साल NEET परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्र और उनके परिवार से सिस्टम के जरिए ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। यह रकम देश के पूरे शिक्षा बजट ₹1.40 लाख करोड़ के लगभग बराबर है।
प्रियंका गांधी ने बुधवार रात X पोस्ट में ये भी लिखा- मैं एक बात और जोड़ना चाहती हूं कि भारत सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के जो लोन माफ किए, वे 16 लाख करोड़ रुपए हैं।
प्रियंका की यह टिप्पणी राहुल गांधी के कोटा दौरे के बाद आई। राहुल ने बुधवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत छात्रों से बातचीत में शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते दबावों पर चर्चा की थी।
राहुल ने कहा- भारत की पांच बड़ी परीक्षाओं- NEET, JEE, SSC, UPSC और RRB की तैयारी में छात्र और उनके परिवार हर साल ₹3.5 लाख करोड़ खर्च करते हैं।

17 जून: कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम हुआ
राहुल गांधी ने 17 जून को कोटा के दशहरा मैदान में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में सैकड़ों छात्रों से चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि हिंदुस्तान का एजुकेशन सिस्टम अपने बच्चों को प्रेशराइज करता है। यह उन्हें स्ट्रेस (तनाव) देता है। मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें, ताकि आगे से किसी भी बच्चे को ऐसा (आत्महत्या जैसा) आत्मघाती कदम न उठाना पड़े।
राहुल गांधी ने कहा कि पांच प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आपके परिवारों की जेब से उतना पैसा छीन लिया जाता है, जितना पांच मंत्रालयों का बजट है। NEET, JEE सहित 5 परीक्षाओं की तैयारी पर परिवारों की जेब से 5 लाख करोड़ चले जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान के कोटा में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल ने छात्रों से चर्चा की।
18 जून: प्रियंका का आरोप- NEET स्टूडेंट्स से ₹1.32 लाख करोड़ वसूले
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि हर साल NEET परीक्षा देने वाले 22 लाख छात्र और उनके परिवार से सिस्टम के जरिए ₹1.32 लाख करोड़ खर्च कराए जाते हैं। यह रकम देश के पूरे शिक्षा बजट ₹1.40 लाख करोड़ के लगभग बराबर है।
प्रियंका गांधी ने X पोस्ट में ये भी लिखा- मैं एक बात और जोड़ना चाहती हूं कि भारत सरकार ने अपने पसंदीदा कारोबारियों के जो लोन माफ किए, वे 16 लाख करोड़ रुपए हैं।
21 जून को होगा री-एग्जाम
NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। री-एग्जाम एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगा। प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए छात्रों को अतिरिक्त 15 मिनट का समय भी दिया जाएगा। NTA के मुताबिक, दोबारा होने वाली इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के शामिल होने की उम्मीद है।
12 जून: रीएग्जाम 3:15 घंटे का होगा, 4 रफ वर्क शीट मिलेंगी
NTA ने NEET-UG रीएग्जाम में कुछ बदलाव किए हैं। 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस के मुताबिक, परीक्षा का समय अब 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। इसके अलावा आंसर शीट में रफ वर्क के लिए भी जगह बढ़ाई गई है।

पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई परीक्षा रद्द हुई
3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा देशभर में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने और कुछ अभ्यर्थियों को पहले से पेपर मिलने के आरोप सामने आए। जांच में गड़बड़ियों के संकेत मिलने पर NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। इसके बाद केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की समीक्षा के आधार पर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया।
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में एडमिशन के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में एडमिशन मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं।
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टेलीग्राम बैन पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब: CEO बोले- पेपर लीक करने वालों की जगह भारत के 15 करोड़ यूजर्स को सजा मिली

दिल्ली हाईकोर्ट ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम की उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें NEET 2026 री-एग्जाम से पहले प्लेटफॉर्म पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी गई है। हालांकि अदालत ने फिलहाल टेलीग्राम को कोई अंतरिम राहत नहीं दी है। जस्टिस तेजस करिया की पीठ ने केंद्र सरकार को गुरुवार तक जवाब दाखिल करने की अनुमति दी और मामले की अगली सुनवाई दोपहर 2:30 बजे तय की है। पूरी खबर पढ़ें…











