बुंदेलखंड के कश्मीर कहे जाने वाले चरखारी में शारदीय नवरात्र की धूम है। सप्तमी शनिवार की रात चरखारी के विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा मां के दरबार में भव्य गुजराती डांडिया और गरबा का आयोजन किया गया। पेशेवर कोरियोग्राफर से प्रशिक्षण पाकर रंग-बिरंगी पोशाकों में सजी ग्रामीण और कस्बे की करीब 451 किशोरियों ने देर रात तक जमकर डांडिया नृत्य किया। इस दौरान विधायक ने भी बच्चियों के साथ डांडिया कर उनका उत्साह बढ़ाया। महोबा जनपद इन दिनों पूरी तरह से मां भगवती की भक्ति के रंगों में सराबोर है। शारदीय नवरात्र के मौके पर चरखारी में विधायक बृजभूषण राजपूत के आवास ड्योढ़ी प्रांगण में गुजराती डांडिया और गरबा का भव्य जगराता आयोजित किया गया। इस सांस्कृतिक आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी बड़े शहर की तर्ज पर स्थानीय ग्रामीण और कस्बे की बेटियों को मंच दिया गया। आयोजन से पहले एक पेशेवर कोरियोग्राफर की मदद से इन बच्चियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। सप्तमी शनिवार की देर रात 1 बजे तक मां शेरावाली के दरबार में भक्ति भजनों और पारंपरिक घूमर गीतों पर करीब 451 किशोरियों ने अलग अलग टोलियां बनाकर डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। माहौल तब और भी उत्साहपूर्ण हो गया जब स्वयं विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके पिता, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत हाथों में डांडिया लेकर बच्चियों के साथ नृत्य करने मैदान में उतर पड़े। विधायक को अपने बीच पाकर बेटियों का उत्साह दोगुना हो गया। विधायक बृजभूषण राजपूत ने इस आयोजन को मां दुर्गा का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि बेटियां जब पूरे मन से नृत्य करती हैं, तो साक्षात मां भगवती की झलक दिखाई देती है। कार्यक्रम के अंत में विधायक ने सभी प्रतिभागी बेटियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं स्थानीय किशोरी रूपा तिवारी और ज्योति यादव ने बताया कि वे साल भर इस दिन का इंतजार करती हैं और बड़े उत्साह से मां के चरणों में अपनी प्रस्तुति देती हैं।
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चरखारी में विधायक के साथ 451 बेटियों ने किया गरबा: बुंदेलखंड के चरखारी में विधायक बृजभूषण राजपूत ने कराया भव्य आयोजन, उत्साह से थिरकीं बेटियां – Mahoba News
पटना से अनंत सिंह फिर रोड शो पर निकले: बोले-जमानत जब्त करा देंगे; निशांत के प्रचार पर कहा- वे पार्टी के मालिक, कहीं भी जा सकते हैं – Patna News
मोकामा से जदयू विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह आज एक बार फिर रोड शो के लिए निकल रहे हैं। उनका रोड शो पटना से शुरू होकर अथमलगोला, बाढ़ और पंडारक होते हुए मोकामा पहुंचेगा। अनंत सिंह विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। अपने आवास से निकलते समय उन्होंने कहा कि आज अपने क्षेत्र जा रहे हैं, वहां पर अनुज सिंह के लिए प्रचार करेंगे। अनंत सिंह ने कहा, ‘उनका जमानत जब्त कर देंगे।’ निशांत कुमार के नीरज कुमार के पक्ष में प्रचार के सवाल पर अनंत सिंब ने कहा, ‘नीरज जी पार्टी के मालिक हैं, कहीं भी जा सकते हैं।’ संजय झा ने कहा है कि समय आने दीजिए, सब फैसला होगा? इस पर अनंत सिंह ने कहा, ‘आने दो समय, तब तुम लोग भी देख लेगा क्या फैसला आता है।’ जदयू के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आई इस दौरान उनके बयानों से जदयू के भीतर की खींचतान खुलकर सामने आई है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समर्थन में नौ लोगों की हत्या करवाने का दावा किया, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर हमला बोला और नीरज कुमार को भी निशाने पर लिया। इसके बाद नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए अनंत सिंह को तनाव में बताया। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग के साथ निशांत कुमार के चुनाव प्रचार में उतरने को लेकर भी बयानबाजी हुई। अनंत सिंह बोले- नीतीश कुमार के लिए 9 हत्याएं करवाई थीं मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए 9 हत्याएं करवाई थीं। अनंत सिंह ने कहा कि जब नीतीश कुमार की राजनीतिक स्थिति मजबूत नहीं थी और वे इधर-उधर घूमते रहते थे, तब भी वे उनके साथ खड़े थे। उन्होंने कहा, ‘हमने पार्टी के लिए कुर्बानी दी है। कोई भी मेरी तरह कुर्बानी नहीं दे सकता।’ हालांकि, कुछ समय बाद अनंत सिंह ने अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि मैंने कई कुर्बानियां दी हैं। लालू यादव की सरकार के दौरान मेरे 9 आदमी मारे गए थे, क्योंकि मैंने नीतीश कुमार का समर्थन किया था। अनंत सिंह के इस बयान से बिहार में जदयू की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। वे विधान परिषद चुनाव में अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इस बीच नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि उनका दिमाग नर्वस हो गया है और वे तनाव में हैं। निशांत कुमार के चुनाव प्रचार पर भी उठाए सवाल शुक्रवार को रोड शो के लिए पटना से निकलते समय अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के चुनाव प्रचार में जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निशांत को प्रचार के लिए नहीं जाना चाहिए था, क्योंकि यह छोटा चुनाव है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे नीतीश कुमार के साथ थे और आगे भी रहेंगे। जदयू में कोई उनके खिलाफ नहीं है। नीरज कुमार भी पार्टी में हैं और वे खुद भी पार्टी में हैं। नीरज कुमार बोले- राजनीति में अपनी औकात नहीं भूलनी चाहिए अनंत सिंह के बयान पर जदयू नेता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा, ‘मूर्ख मार्तंड से हम बहुत बात नहीं करते हैं। उनका दिमाग नर्वस कर गया है। दिमाग में तनाव है। राजनीति में तनाव तो संभव है। उनको कार्यकर्ता तो मिल ही नहीं रहा है।’ निशांत कुमार के प्रचार में जाने पर अनंत सिंह की टिप्पणी का जवाब देते हुए नीरज ने कहा कि निशांत को किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी और बिहार के राजनीतिक नेतृत्व ने निशांत को उनके पिता की विरासत के उत्तराधिकारी के रूप में स्वीकार किया है। ऐसे में उन्हें किसी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है। विजय सिन्हा के बयान पर भी भड़के अनंत सिंह अनंत सिंह बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के बयान से भी नाराज हैं। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने विजय सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा, ‘मेरी यात्रा में जुटने वाली भीड़ क्या अनपढ़ है? क्या सिर्फ विजय सिन्हा ही पढ़े-लिखे हैं?’ उन्होंने विजय सिन्हा को चोर बताते हुए कहा कि जनता उनसे परेशान है। दरअसल, अनंत सिंह के अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार करने को लेकर विजय सिन्हा से सवाल किया गया था। इस पर विजय सिन्हा ने कहा था, ‘उन्हें ऐसा करने दीजिए, यह पढ़े-लिखे वोटरों का चुनाव है।’ अनंत सिंह बोले- नीरज कुमार जैसे लोगों ने पार्टी की यह स्थिति कर दी अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हीं जैसे लोगों ने पार्टी की यह स्थिति कर दी थी। जब उनसे पूछा गया कि उनके इस रुख पर पार्टी कार्रवाई कर सकती थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी परवाह नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘न मरने का गम है, न जीने की खुशी है। अनंत सिंह आज तक किसी धमकी से न डरा है, न डरने वाला है।’ सबको उसका कर्म फंसाता है- नीरज कुमार कल गुरुवार को नीरज कुमार ने पटना के बाढ़ में जनसभा को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए बाहुबली विधायक पर हमला किया था। उन्होंने कहा था, ‘मैं आपके बीच न्याय मांगने आया हूं। क्या मैं अपराधी हूं, गुंडा हूं? बार-बार मेरा चरित्र हनन किया जा रहा है।’ तीन बार विधान पार्षद रह चुके नीरज कुमार ने कहा था कि वह डरने वाले नहीं, बल्कि अड़ने वाले हैं। नीरज कुमार ने बिना नाम लिए अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा था, ‘कभी कहा जाता है कि ललन सिंह ने फंसाया, कभी लेसी सिंह ने फंसाया। कोई किसी को नहीं फंसाता, उसके कर्म फंसाते हैं। मुझे कोई राजनीतिक संरक्षण नहीं मिला। जब मुझ पर आरोप लगा, तो मैंने पुलिस को प्रमाण दिया।’ क्या मैंने आपका सिर झुकाया? – नीरज कुमार नीरज कुमार ने चुनाव प्रचार के दौरान बिना नाम लिए अनंत सिंह को कड़ा संदेश दिया था। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला करने वालों को वह जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे। खुद को पीड़ित बताते हुए उन्होंने कहा था, ‘मैं जनता के बीच न्याय मांगने आया हूं। मैं हमेशा पार्टी और नीतीश कुमार के प्रति ईमानदार रहा हूं।’ ‘मैं कोई अपराधी-गुंडा नहीं’ उन्होंने लोगों से सवाल किया था कि क्या उन्होंने कभी उनका सिर झुकाया था। नीरज कुमार ने कहा था कि लोग उन्हें 30-40 साल से जानते हैं और उन्हें बताना चाहिए कि क्या वह अपराधी या गुंडे हैं। उन्होंने कहा था, ‘आप लोग मुझे 30-40 साल से जानते हैं। तो बताइए, क्या मैं कोई अपराधी हूं? हाथ उठाकर बोलिए। क्या हम बोल्डर हैं? हम बदमाश हैं? हम किसी के खिलाफ कोई अपशब्द बोलते हैं?’ नीरज कुमार ने कहा था कि कोई उन्हें कितनी भी गाली दे, इससे उन्हें फर्क नहीं पड़ता, लेकिन नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। जदयू कार्यालय में हुई थी NDA नेताओं की बैठक गुरुवार को जदयू कार्यालय में आयोजित बैठक में नीरज कुमार ने कहा था कि उन्होंने कार्यकर्ताओं को बुलाने में एक रुपया भी खर्च नहीं किया था। उनके मुताबिक, उनके साथ धनबल या बाहुबल नहीं, बल्कि कार्यकर्ता थे। उन्होंने निशांत कुमार को बधाई देते हुए कहा था कि वह अपने राजनीतिक जीवन में पिता का आशीर्वाद लेकर आगे बढ़ रहे थे। नीरज कुमार ने कहा था कि यह उनका सौभाग्य था कि निशांत कुमार ने सबसे पहले उनकी चुनावी सभा को संबोधित किया था। बैठक में मंत्री लेसी सिंह ने कहा था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को किस तरह संवारा था, यह सभी जानते थे। उन्होंने NDA प्रत्याशी को जिताने की अपील भी की थी। ललन सिंह ने अनंत सिंह से की थी बातचीत 5 अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने कहा था कि अनंत सिंह की कुछ शिकायतें थीं। अनंत सिंह का कहना था कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ प्रचार किया गया था, लेकिन पार्टी की ओर से उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई से चूक हुई थी। उन्होंने कहा था कि कोई क्रिया होगी, तो प्रतिक्रिया भी होगी। ललन सिंह के मुताबिक, उन्होंने अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयान नहीं देने को कहा था और अनंत सिंह ने उनकी बात मानने की बात कही थी। इसी दिन ललन सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुलाकात भी हुई थी।
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नगरफोर्ट तहसील क्षेत्र में तेज-बारिश से खेतों में भरा पानी: रबी फसल की बुआई से फायदा मिलेगा, कई जगह देरी से बुवाई होगी – Tonk News
टोंक जिले के नगरफोर्ट तहसील मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार अलसुबह कई जगह मध्यम तो कहीं तेज बारिश हुई। इससे सड़कों पर पानी बह निकला और कई खेतों में पानी भर गया। अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में नमी जरूरत से ज्यादा होने के कारण रबी की फसलों की बुवाई में एक सप्ताह या उससे अधिक देरी होने की आशंका है। हालांकि, जिन किसानों ने अभी तक बुवाई नहीं की है, उन्हें खेतों में पर्याप्त नमी होने से बिना रलाई के बुवाई करने का मौका मिल सकता है। इससे खेतों की रलाई पर होने वाला खर्च बचने की उम्मीद है। खेतों में पानी भरने से बुवाई प्रभावित सुबह हुई बारिश के बाद निचले इलाकों और खेतों में पानी जमा हो गया। किसानों के अनुसार, इन दिनों चना, सरसों और गेहूं जैसी रबी की प्रमुख फसलों की बुवाई का काम चल रहा है। बारिश के कारण खेतों में कीचड़ होने से ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र चलाना मुश्किल हो गया है। जब तक खेतों से पानी नहीं निकलता और मिट्टी बुवाई के अनुकूल नहीं होती, तब तक किसान बुवाई शुरू नहीं कर पाएंगे। इससे पहले ही देरी से शुरू हुई बुवाई प्रक्रिया और आगे खिसकने की आशंका है। उत्पादन पर पड़ सकता है असर किसानों के अनुसार, रबी फसलों की बुवाई में देरी होने से फसल की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित हो सकता है। समय पर बुवाई नहीं होने से पौधों को सर्दियों के अनुकूल मौसम का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। ऐसे में फसल की पैदावार और गुणवत्ता पर असर पड़ने की आशंका है। किसानों को अब मौसम साफ होने और धूप निकलने का इंतजार है, ताकि खेतों से पानी सूख सके और बुवाई का काम दोबारा शुरू हो सके। रलाई का खर्च बचने की उम्मीद बारिश से नुकसान की आशंका के बीच किसानों को कुछ राहत भी मिली है। जिन किसानों ने अभी तक खेतों की रलाई नहीं करवाई थी, वे पर्याप्त नमी होने पर बिना रलाई के ही बुवाई कर सकते हैं। इससे खेत तैयार करने में लगने वाला खर्च बच सकता है। हालांकि, यह खेतों की मिट्टी और नमी की स्थिति पर निर्भर करेगा।
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3 हजार रुपये की SIP से शुरू करें निवेश, 30 हजार की सैलरी वालों के लिए टिप्स
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अगर आपकी मासिक सैलरी 30 हजार रुपये है और महीने के आखिर में बचत नहीं हो पाती, तो सही बजट बनाना आपके लिए मददगार हो सकता है. आगरा के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, किराया, बिजली, राशन और आने-जाने के खर्चों का हिसाब तय करके हर महीने बचत की जा सकती है. जानिए 30 हजार रुपये की सैलरी में इमरजेंसी फंड बनाने और SIP या FD जैसे निवेश विकल्पों पर विचार करने का तरीका.
Investment Plan for 30000 Salary: अगर आपकी सैलरी 30 हजार रुपये महीने है, तो घर का किराया, बिजली का बिल, राशन और आने-जाने के खर्च के बाद बचत करना मुश्किल लग सकता है. हालांकि, सही बजट बनाकर कम आय में भी हर महीने कुछ रकम बचाई जा सकती है और उसे भविष्य के लिए निवेश किया जा सकता है. आगरा के चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, सैलरी मिलते ही खर्चों का हिसाब तय कर लेने से बचत करना आसान हो सकता है.
चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की मासिक सैलरी 30 हजार रुपये है और उसमें से 7 हजार रुपये किराए में खर्च होते हैं, जबकि बिजली समेत दूसरे जरूरी बिलों पर करीब 3 हजार रुपये लगते हैं, तो उसके पास 20 हजार रुपये बचते हैं. इस रकम में राशन, आने-जाने, मनोरंजन और दूसरे छोटे-मोटे खर्चों का बजट बनाकर हर महीने करीब 6 से 7 हजार रुपये बचाने की कोशिश की जा सकती है. उन्होंने बताया कि सैलरी आते ही सबसे पहले जरूरी खर्चों के लिए रकम अलग कर लेनी चाहिए. आने-जाने, ट्रांसपोर्ट या पेट्रोल के लिए करीब 3 हजार रुपये का बजट रखा जा सकता है. वहीं, अगर घर में दो मोबाइल फोन हैं, तो उनके रिचार्ज के लिए करीब 1 हजार रुपये अलग रखे जा सकते हैं. जरूरी खर्चों का पहले से हिसाब रखने से महीने के आखिर में पैसों की कमी से बचने और बचत की रकम तय करने में मदद मिल सकती है.
सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, 30 हजार रुपये की मासिक आय में किराया, बिजली, राशन, ट्रांसपोर्ट और अन्य जरूरी खर्चों का बजट बनाने के बाद करीब 6 से 7 हजार रुपये तक बचाए जा सकते हैं. इसके लिए अनावश्यक खरीदारी और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखना जरूरी है. हर महीने छोटी-छोटी रकम बचाने से भी समय के साथ अच्छी राशि जमा हो सकती है. इसलिए सैलरी आने के बाद बची हुई रकम को बिना योजना के खर्च करने के बजाय बचत और निवेश के लिए पहले से एक हिस्सा निर्धारित करना बेहतर है.
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चार्टर्ड अकाउंटेंट के मुताबिक, बचत की शुरुआत इमरजेंसी फंड बनाने से करनी चाहिए. अचानक मेडिकल खर्च, नौकरी से जुड़ी परेशानी या किसी अन्य जरूरी स्थिति में यह रकम काम आ सकती है. इससे मुश्किल समय में दूसरों से पैसे लेने या तुरंत कर्ज लेने की जरूरत कम हो सकती है. इमरजेंसी फंड तैयार करने के बाद बचत की कुछ रकम बैंक सेविंग अकाउंट या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसे विकल्पों में रखने पर विचार किया जा सकता है. किसी भी विकल्प को चुनने से पहले उसकी ब्याज दर, नियम और जरूरत के समय पैसे निकालने की सुविधा समझना जरूरी है.
सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, भविष्य के लक्ष्यों के लिए करीब 3 हजार रुपये की SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान शुरू करने पर भी विचार किया जा सकता है. SIP के जरिए नियमित अंतराल पर म्यूचुअल फंड में निवेश किया जाता है. इसमें बाजार से जुड़ा जोखिम रहता है और मिलने वाला रिटर्न तय नहीं होता. हालांकि, लंबे समय तक निवेश करने पर चक्रवृद्धि का फायदा मिल सकता है. निवेश शुरू करने से पहले अपनी आय, जोखिम उठाने की क्षमता और भविष्य के लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए.
कम आय में बचत और निवेश की योजना बनाते समय बैंक सेविंग अकाउंट और FD के अलावा सरकार की अलग-अलग बचत योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है. किसी योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी ब्याज दर, निवेश की अवधि, निकासी के नियम और अन्य शर्तों को समझना जरूरी है. अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति के अनुसार ही निवेश का विकल्प चुनना चाहिए. चार्टर्ड अकाउंटेंट सुनील कुमार सिंह के मुताबिक, 30 हजार रुपये की मासिक सैलरी में भी सही वित्तीय प्रबंधन के साथ बचत और निवेश की शुरुआत की जा सकती है. इसके लिए जरूरी है कि सैलरी मिलते ही खर्चों का बजट बनाया जाए, अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित किया जाए और बचत की रकम नियमित रूप से अलग रखी जाए.
चमकीला रंग देखकर न खरीदें हल्दी-मिर्च, असली समझकर घर न ले आएं मिलावटी मसाले
Fake Masala Identification: बाजार से हल्दी, लाल मिर्च या धनिया पाउडर खरीदते समय ज्यादातर लोग ब्रांड, कीमत और पैकेट देखकर ही फैसला कर लेते हैं, लेकिन सिर्फ अच्छा पैकेट या चमकीला रंग देखकर मसाले की शुद्धता का पता नहीं लगाया जा सकता. पिसे हुए मसालों में कुछ दूसरी चीजों की मिलावट हो सकती है, जिसे पहचानना आसान नहीं होता. ऐसे में मसाला खरीदते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) भी खाने-पीने की चीजें खरीदते समय लेबल और पैकेट की हालत जांचने पर जोर देता है. आइए जानते हैं कि मसाले खरीदते समय किन बातों को देखना चाहिए और घर पर मिलावट का शक होने पर क्या करना सही रहेगा.
पिसे मसालों में मिलावट पहचानना मुश्किल क्यों है?
साबुत मसालों को देखकर उनकी बनावट और हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन जब हल्दी, मिर्च या धनिया पीसकर पाउडर बना दिया जाता है, तो उसमें मिली दूसरी चीजों को पहचानना मुश्किल हो सकता है. कुछ मामलों में रंग बदलने वाले पदार्थ, स्टार्च या दूसरे पदार्थ मिलाए जा सकते हैं. हालांकि, हर पिसा हुआ मसाला मिलावटी नहीं होता. इसलिए केवल उसके रंग या कीमत के आधार पर उसे नकली मानना सही नहीं है. मसाला खरीदते समय पैकेट पर दी गई जानकारी और उसकी हालत पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है.
1. पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर देखें
पैक्ड मसाला खरीदते समय पैकेट पर FSSAI का लोगो और लाइसेंस नंबर जरूर देखें. साथ ही निर्माता या पैकर और ब्रांड से जुड़ी जानकारी भी पढ़ें. इससे आपको पता चलता है कि पैकेट पर जरूरी खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई है या नहीं. ध्यान रखें कि सिर्फ FSSAI नंबर लिखा होने से मसाले के पूरी तरह शुद्ध होने की गारंटी नहीं मिलती. इसलिए बाकी जानकारी भी जांचें.
2. पैकिंग की तारीख और बेस्ट बिफोर पढ़ें
मसाला खरीदते समय पैकेट पर लिखी पैकिंग या निर्माण की तारीख और बेस्ट बिफोर की जानकारी देख लें. इससे आपको मसाले की इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी समझने में मदद मिलेगी. बेस्ट बिफोर का मतलब यह नहीं है कि तारीख निकलते ही मसाला हमेशा असुरक्षित हो जाता है. फिर भी खरीदारी करते समय सही तारीख वाला पैकेट चुनें और उसे घर पर सूखी, ठंडी जगह पर रखें.
3. बहुत ज्यादा चमकीले रंग से रहें सावधान
अगर हल्दी या लाल मिर्च का रंग असामान्य रूप से चमकीला दिख रहा है, तो खरीदने से पहले बाकी जानकारी भी जांचें. कुछ मामलों में रंग बढ़ाने के लिए मिलावट की जा सकती है, लेकिन केवल रंग देखकर मसाले को नकली नहीं कहा जा सकता. अलग-अलग किस्मों और मसालों की प्राकृतिक रंगत भी अलग हो सकती है.
4. गांठें और अजीब गंध को नजरअंदाज न करें
पिसे मसाले में बहुत ज्यादा गांठें हों या उसमें से सीलन और अजीब गंध आए, तो सावधान रहें. ऐसा नमी लगने या गलत तरीके से रखे जाने के कारण भी हो सकता है, अगर पैकेट खोलने के बाद मसाले की गंध या बनावट असामान्य लगे, तो उसे खाने में इस्तेमाल न करें. शक होने पर दुकानदार से संपर्क करें या खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें.
5. पैकेट की सील और बैच नंबर जांचें
मसाला खरीदते समय देखें कि पैकेट फटा हुआ तो नहीं है और उसकी सील सही है या नहीं. खुली या खराब पैकिंग वाला सामान खरीदने से बचें. पैकेट पर बैच या लॉट नंबर, निर्माता की जानकारी और दूसरी जरूरी डिटेल भी पढ़ें, अगर बाद में उत्पाद को लेकर कोई शिकायत करनी पड़े, तो ये जानकारियां काम आ सकती हैं.
6. साबुत मसाले खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है
अगर घर पर मसाले पीसने की सुविधा है, तो साबुत धनिया, जीरा, काली मिर्च और हल्दी खरीदने पर विचार कर सकते हैं. साबुत मसालों की बनावट और हालत देखना आसान होता है. हालांकि, साबुत मसाले भी हमेशा मिलावट से मुक्त हों, यह जरूरी नहीं है. इन्हें खरीदते समय भी साफ-सफाई, गुणवत्ता और पैकिंग का ध्यान रखें.
7. खुले में बिकने वाले पिसे मसालों से बचें
खुले में रखे पिसे मसालों में धूल, नमी और दूसरी चीजें मिल सकती हैं. इसलिए पैक्ड मसाले खरीदना बेहतर विकल्प है, जिन पर निर्माता, बैच नंबर और जरूरी लेबल की जानकारी दी गई हो. खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत मसालों की बिक्री और पैकिंग से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है. खरीदारी करते समय साफ-सुथरी दुकान और सही पैकिंग को प्राथमिकता दें.
Airtel ने पेश किए तीन सस्ते प्लान, कम खर्च में पूरे महीने चलेगा सिम
Airtel ने TRAI के पिछले महीने दिए गए आदेश के बात यूजर्स के लिए तीन सस्ते रिचार्ज प्लान पेश किए हैं। एयरटेल के ये सस्ते रिचार्ज प्लान खास तौर पर उन यूजर्स के लिए उतारे गए हैं, जो अभी भी 2G सिम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं और डेटा वाले महंगे प्लान अफोर्ड नहीं कर सकते हैं। पिछले महीने ट्राई ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट में 13वां संशोधन किया है। इसमें नियामक ने दूरसंचार कंपनियों को बिना डेटा वाला सस्ता प्लान लॉन्च करने का निर्देश दिया था। एयरटेल पहली कंपनी है, जिसने अभी ये सस्ते पैक उतारे हैं।
Airtel के ये सस्ते वॉइस ओनली रिचार्ज प्लान 185 रुपये से शुरू होते हैं। कंपनी ने 185 रुपये, 203 रुपये और 206 रुपये में ये तीनों प्लान उतारे हैं। ये सभी रिचार्ज प्लान केवल अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री SMS के साथ आते हैं। एयरटेल के पास पहले से ही दो वॉइस ओनली प्लान हैं, जिनमें यूजर्स को 84 दिन और 365 दिनों की वैलिडिटी ऑफर की जाती है। ये प्लान भी कंपनी ने TRAI के आदेश पर पिछले साल की शुरुआत में लॉन्च किया था। कंपनी अपने यूजर्स को फ्री में हैलोट्यून्स का सब्सक्रिप्शन ऑफर करती है, जिसे वो Airtel Thanks ऐप्स के जरिए एक्टिवेट कर सकते हैं।
185 रुपये वाला प्लान
एयरटेल का यह सस्ता रिचार्ज प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलेगा। साथ ही, कंपनी अपने इस प्लान में 300 फ्री SMS का लाभ देती है।
203 रुपये वाला प्लान
टेलीकॉम कंपनी के इस सस्ते रिचार्ज प्लान में यूजर्स 30 दिनों की वैलिडिटी ऑफर की जाती है। इस प्लान में भी मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो उन्हें पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग और 300 फ्री SMS का लाभ मिलेगा।
206 रुपये वाला प्लान
एयरटेल का यह सस्ता प्लान पूरे महीने की वैलिडिटी के साथ आता है। इसका मतलब है कि इसमें कैलेंडर मंथ के हिसाब से वैलिडिटी मिलेगी। इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग के साथ-साथ 300 फ्री SMS का भी लाभ मिलेगा।
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वायुसेना का नया संचार कवच ‘जीसैट-7सी’: ₹2563 करोड़ का सैटेलाइट, पूरी तरह स्वदेशी; रेडियो ठप होने पर भी फाइटर जेट तक पहुंचेंगे संदेश
नई दिल्ली5 घंटे पहले
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भारतीय वायुसेना की संचार क्षमता मजबूत करने के लिए देश में जीसैट-7सी सैन्य उपग्रह लॉन्च किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड के साथ 2,563 करोड़ रुपए का करार किया। इसके तहत उपग्रह का डिजाइन, विकास और निर्माण किया जाएगा।
इस उपग्रह की सबसे बड़ी खासियत दूर तक सुरक्षित संचार उपलब्ध कराने की क्षमता होगी। इससे लड़ाकू विमानों, निगरानी विमानों, मानवरहित विमानों और जमीन पर मौजूद सैन्य केंद्रों के बीच संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी। सामान्य रेडियो संचार की पहुंच से बाहर होने पर भी उपग्रह के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान संभव हो सकेगा।
भारतीय वायुसेना का यह दूसरा समर्पित संचार उपग्रह होगा। पहला उपग्रह जीसैट-7ए दिसंबर 2018 में प्रक्षेपित किया गया था। उसकी निर्धारित कार्य अवधि 8 साल थी और उसकी क्षमता का लगभग 30% हिस्सा सेना को भी आवंटित किया गया था।

अंतरिक्ष में संचार केंद्र का काम करेगा सैटेलाइट
जीसैट-7सी अंतरिक्ष में संचार केंद्र की तरह काम करेगा। यह विमानों और जमीन पर मौजूद सैन्य इकाइयों के बीच संपर्क बनाने में मदद करेगा। जब विमान सामान्य रेडियो की सीधी पहुंच से दूर होंगे, तब उपग्रह के जरिए संदेश एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाए जा सकेंगे। इससे लड़ाकू विमान, हवाई निगरानी और नियंत्रण विमान, मानवरहित विमान और जमीन पर मौजूद कंट्रोल सेंटर सूचनाएं साझा कर सकेंगे।
भारतीय सेनाओं के लिए 52 सैटेलाइट
दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने सैन्य अंतरिक्ष क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है। सरकार ने 26,968 करोड़ रुपए के अंतरिक्ष आधारित निगरानी कार्यक्रम (एसबीएस-3) को तेजी दी है। इसके तहत 52 सैन्य उपग्रह अंतरिक्ष में स्थापित करने की योजना है। इनके लॉन्च की तैयारी जारी है।

सेना और नौसेना के पास भी अपने उपग्रह
सेना के लिए जीसैट-7बी बनाने का 3,000 करोड़ रुपए का करार मार्च 2023 में हुआ था। नौसेना का जीसैट-7आर नवंबर 2025 में प्रक्षेपित किया गया था। ये परियोजनाएं तीनों सेनाओं की अलग-अलग संचार जरूरतों के लिए अंतरिक्ष आधारित क्षमता बढ़ाने की योजना का हिस्सा हैं।
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कॉर्न फ्लेक्स-मौली, गरम मसाले से बनी मां की प्रतिमा: तोते और रंग-बिरंगे पक्षियों से सजावट, 120 फीट का रॉयल पैलेस; बिहार में अलग-अलग थीम पर पंडाल – Patna News
सप्तमी को मां दुर्गा का पट खुलना के बाद पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। पूरे बिहार में अलग-अलग थीम पर पंडाल बनाए गए हैं, जो लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। गली-मोहल्ले को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया हैं। पटना में श्रद्धालुओं को काॅर्न फ्लेक्स, सोलह श्रृंगार, मौली और गरम मसाला से बनी माता की अनोखी प्रतिमा देखने को मिले। पटना सिटी के काजीबाग महावीर मंदिर गली में जंगल थीम पर पंडाल बनाया गया है। यहां पर असली पक्षियां पंडाल की शोभा बढ़ा रही है। तोता, रंग-बिरंगे पक्षी पिंजरे में टांगे गए हैं, जिनके चहचहाहट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। वहीं, महावीर मंदिर में 3D डिजाइन में पांडाल तैयार किया गया है। इसके साथ ही पुनाईचक में यूरोप के रॉयल पैलेस के तर्ज पर 120 फीट ऊंचा पंडाल बनाया गया है। माता के प्रतिमा के साथ ही आसपास 22 शेरों के चेहरों को बनाया गया है। माता को विकराल रूप में दिखाया गया है। वीडियो देखने के लिए ऊपर क्लियर करें…
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