Thursday, September 10, 2026
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iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro max और iPhone Duo की भारत में कितनी है कीमत?


Highlights

  • एप्पल के पहले फोल्डेबल iPhone Duo की कीमत भारत में 2,99,900 रुपये से शुरू होती है।
  • iPhone 18 Pro की भारत में कीमत 1,64,900 रुपये से शुरू होगी।
  • iPhone 18 Pro Max की भारत में शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये है।

Apple ने अपने लॉन्च हुए iPhone 18 Pro सीरीज और iPhone Duo की कीमत का खुलासा कर दिया है। एप्पल इवेंट में कंपनी ने अपनी इस सीरीज को भारत समेत ग्लोबल मार्केट में पेश किया है। एप्पल के नए लॉन्च हुए सभी आईफोन लेटेस्ट A20 Pro चिपसेट के साथ आते हैं। यह एप्पल का लेटेस्ट चिप है, जो 2nm टेक्नोलॉजी पर काम करता है। यह एप्पल का अब तक का सबसे एडवांस चिप है, जिसमें 6 कोर CPU और 7 कोर GPU मिलता है। इसमें इन-हाउस C2 मॉडम दिया गया है। नए लॉन्च हुए iPhone की इंडिया प्राइस और सेल डेट कंपनी ने अनाउंस कर दी है।

iPhone Duo की भारत में कीमत

iPhone Duo को भारत में दो कलर ऑप्शन- Night Sky और Star White में लॉन्च किया गया है। इसे चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 256GB, 512GB, 1TB और 2TB में खरीदा जा सकता है। इसकी शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है। वहीं, इसके अन्य वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 3,24,900 रुपये, 3,74,900 रुपये और 4,49,900 रुपये है। इसका भारत में प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर शाम 5:30 बजे से शुरू होगा और इसे 23 अक्टूबर से सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। फोन की खरीद पर 7,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है।

  • 256GB – 2,99,900 रुपये
  • 512GB – 3,24,900 रुपये
  • 1TB – 3,74,900 रुपये
  • 2TB – 4,49,900 रुपये

iPhone 18 Pro की भारत में कीमत

एप्पल का यह लेटेस्ट iPhone 18 Pro मॉडल भी चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 256GB, 512GB, 1TB और 2TB में आता है। इसकी कीमत भारत में 1,64,900 रुपये से शुरू होती है। अन्य तीनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 1,89,900 रुपये, 2,39,900 रुपये और 3,14,900 रुपये है। इसे चार कलर ऑप्शन – डीप ब्लैक, ग्लेशियर, सिल्वर और बरगंडी में खरीदा जा सकता है। इसे 12 सितंबर शाम 5:30 बजे से प्री-ऑर्डर किया जा सकेगा। वहीं, इसकी सेल 18 सितंबर से शुरू होगी। फोन की खरीद पर 7,000 रुपये तक का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिलेगा।

  • 256GB – 1,64,900 रुपये
  • 512GB – 1,89,900 रुपये
  • 1TB – 2,39,900 रुपये
  • 2TB – 3,14,900 रुपये

iPhone 18 Pro Max की भारत में कीमत

iPhone 18 Pro Max को भी चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 256GB, 512GB, 1TB और 2TB में लॉन्च किया गया है। इसकी कीमत भारत में 1,79,900 रुपये से शुरू होती है। अन्य तीनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 2,04,900 रुपये, 2,54,900 रुपये और 3,29,900 रुपये है। इसे भी चार कलर ऑप्शन – डीप ब्लैक, ग्लेशियर, सिल्वर और बरगंडी में खरीदा जा सकता है। इसे भी 12 सितंबर शाम 5:30 बजे से प्री-ऑर्डर किया जा सकेगा। वहीं, इसकी सेल 18 सितंबर से शुरू होगी। फोन की खरीद पर 7,000 रुपये तक का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिलेगा।

  • 256GB – 1,79,900 रुपये
  • 512GB – 2,04,900 रुपये
  • 1TB – 2,54,900 रुपये
  • 2TB – 3,29,900 रुपये

यह भी पढ़ें – iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च होते ही महंगे हुए iPhone 17, iPhone 17e और iPhone Air





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गोरखपुर में NSG-ATS ने किया मॉकड्रिल: हमले की स्थिति में VIP को बचाने की परखी तैयारी, सड़क पर निकला काफिला – Gorakhpur News




गोरखपुर में वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह के हमले या आपात स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को मॉकड्रिल की गई। यह अभ्यास एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक निर्धारित रूट पर किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखा गया। वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान सुरक्षा में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को परखा।
एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक रहा सुरक्षा घेरा
मॉकड्रिल के दौरान एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक के निर्धारित मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। काफिले के गुजरने से पहले पूरे रूट को सुरक्षित किया गया। इस दौरान यातायात को कुछ समय के लिए रोककर रोड को जीरो किया गया, ताकि वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
संभावित हमले की स्थिति का किया अभ्यास
अभ्यास के दौरान यह मानकर कार्रवाई की गई कि वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान अचानक हमला हो गया है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां किस तरह मौके पर पहुंचेंगी, मोर्चा कैसे संभालेंगी और वीआईपी को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाएगा, इसका अभ्यास किया गया।
एनएसजी और एटीएस समेत कई टीमें रहीं शामिल
मॉकड्रिल में एनएसजी, एटीएस, पुलिस, खुफिया विभाग समेत सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े कई विभागों की टीमें शामिल हुईं। सभी टीमों ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी आपात स्थिति में कौन सी टीम कितनी जल्दी मौके पर पहुंचेगी और किस तरह कार्रवाई करेगी, इसे भी परखा गया।
आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई पर फोकस
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता को परखना रहा। अधिकारियों ने यह भी देखा कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में सभी विभाग आपस में किस तरह समन्वय बनाकर काम करते हैं। मॉकड्रिल के दौरान वीआईपी को सुरक्षित निकालने, मार्ग को सुरक्षित करने, सुरक्षा घेरा बनाने और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया और जरूरी व्यवस्थाओं को भी परखा।



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7 दिन में रिपोर्ट; 30 दिन में ऑडिट के निर्देश: ई-हियरिंग में तकनीकी खामी पर हाई कोर्ट नाराज; आईटी स्टाफ की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल – Jabalpur News




हाई कोर्ट की नई वेबसाइट पर ई-हियरिंग के दौरान लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि पोर्टल का ई-हियरिंग को ठीक से सपोर्ट नहीं करना आईटी स्टाफ की कार्यप्रणाली और क्षमता पर सवाल खड़े करता है। न्यायिक कार्य में तकनीकी खामी के कारण समय बर्बाद होना स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की बेंच ने चीफ जस्टिस से संबंधित आईटी स्टाफ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करने की सिफारिश की है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (आईटी-सीएसए) केएस कुशवाहा को मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और 7 दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। पूरे आईटी सिस्टम का स्वतंत्र ऑडिट, 30 दिन में रिपोर्ट कोर्ट ने हाई कोर्ट के आईटी सिस्टम और नई वेबसाइट का स्वतंत्र ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए टीसीएस, इंफोसिस या एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज जैसी तकनीकी कंपनियों के विशेषज्ञों की टीम बनाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर सी-डॉट और नैस्कॉम के अधिकारियों को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। ऑडिट पूरा कर इसकी रिपोर्ट 30 दिन में पेश करनी होगी। 15 दिन बाद भी वेबसाइट की दिक्कतें दूर नहीं हुईं
25/26 अगस्त को भेजा था संदेश: कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने जजों के ग्रुप में व्हाट्सएप संदेश भेजकर वेबसाइट अपडेट में करीब 8 दिन लगने की जानकारी दी थी।
15 दिन बाद भी स्थिति में सुधार नहीं: तय समय बीतने के बावजूद नई वेबसाइट की तकनीकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
वकीलों ने भी बताई परेशानी: सुनवाई के दौरान मौजूद अधिवक्ताओं ने नई वेबसाइट में आ रही दिक्कतों की शिकायत की और पुरानी वेबसाइट को बेहतर बताया।
जांच में बफरिंग और हैंग की समस्या: रजिस्ट्रार केएस कुशवाहा की मौजूदगी में सिस्टम की जांच की गई तो वेबसाइट पर बफरिंग और हैंग होने जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आईं।
8 सितंबर को पारित हुआ आदेश: कोर्ट ने यह आदेश आदित्य सोनी बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई के दौरान 8 सितंबर 2026 को पारित किया।



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UP में Special TET का विज्ञापन जारी, कब होगी परीक्षा और कब से शुरू होगा आवेदन


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली  Special TET परीक्षा को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने Special TET का विज्ञापन जारी कर दिया है। जारी विज्ञापन के मुताबिक Special TET की परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू होगी।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक होंगे पात्र

यह परीक्षा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों (CWSN) के लिए आयोजित की जा रही है। परीक्षा में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले संबंधित विद्यालयों के शिक्षक शामिल हो सकेंगे। खास बात यह है कि TET/CTET उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को भी इस विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है।

कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों के लिए पात्रता

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालय, स्थानीय निकाय एवं जिन विद्यालयों को राज्य सरकार/बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा समय-समय पर मान्यता/सम्बद्धता प्रदान की गई है, राज्य सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालय तथा विशेष एजुकेटर्स प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के शिक्षक पात्र होंगे। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्तर पर बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों, स्थानीय निकाय एवं मान्यता/सम्बद्धता प्राप्त विद्यालयों, राज्य सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालयों तथा विशेष एजुकेटर्स उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के शिक्षक पात्र होंगे

3 नवंबर को होगी परीक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार Special TET का विज्ञापन 3 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया गया है। परीक्षा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। यह परीक्षा विशेष शिक्षकों की पात्रता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

2028 तक TET पास करना जरूरी

नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी कार्यरत शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में शिक्षकों को ज्यादा मौके देने के लिए स्पेशल टीईटी एग्जाम का आयोजन किया जा रहा है।

कितने घंटे की होगी परीक्षा?

यह परीक्षा 2.30 घंटे की होगी और सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। कुल 150 प्रश्न होंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ 1 हजार रुपये जमा करना होगा। एससी, एसटी के लिए आवेदन फीस 500 रुपये एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये निर्धारित की गई है। फीस का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है।

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पाली में सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत: बाइक पर जाते समय गाड़ी ने मारी टक्कर; दोनों गुजरात में साथ काम करते थे – Pali (Marwar) News




पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र में जाडन-खारड़ी मार्ग पर बुधवार शाम भीषण सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई। मारवाड़ जंक्शन थाने के हेड कॉन्स्टेबल सम्पतराम के अनुसार, नरसिंहपुरा निवासी राकेश (35) पुत्र पुखाराम और राजकुमार सिंह (27) पुत्र दिलीप सिंह बाइक से मारवाड़ की ओर जा रहे थे। रास्ते में जाडन-खारड़ी के बीच एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद दोनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हेड कॉन्स्टेबल सम्पतराम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों मृतक आपस में परिचित थे और गुजरात में एक साथ काम करते थे। फिलहाल दोनों के शवों को बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।



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पारिवारिक विवाद में बांस लगने से मां की मौत: बेटा गिरफ्तार, दरभंगा में बेटे ने पत्नी-बच्चों से मारपीट के दौरान उठाया था बांस – Darbhanga News




दरभंगा के फेकला थाना क्षेत्र के घोरघटा विशबिगहा गांव में मंगलवार शाम पारिवारिक विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची 65 वर्षीय महिला के सिर में बांस लगने से मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल महिला को परिजन इलाज के लिए डीएमसीएच लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के मंझले बेटे ज्ञानी यादव को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका की पहचान घोरघटा विशबिगहा निवासी उपेंद्र यादव की पत्नी प्रमिला देवी के रूप में हुई है। पत्नी और बच्चों से विवाद के दौरान बीच-बचाव करने पहुंची थी मां मृतका के बेटे ध्यानी यादव ने बताया कि परिवार में किसी बात को लेकर उसका मंझला भाई ज्ञानी यादव अपनी पत्नी सुशीला देवी (25), बेटी नंदनी कुमारी (7), अंशिका कुमारी (5) और बेटे प्रिंस (3) के साथ मारपीट कर रहा था। इसी दौरान ज्ञानी ने हाथ में बांस उठा लिया और परिवार के सदस्यों पर हमला करने का प्रयास किया। परिवार के लोगों को बचाने के लिए प्रमिला देवी बीच में आ गईं। इसी दौरान ज्ञानी के हाथ में मौजूद बांस उनकी सिर के बीचोंबीच लग गया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद वह मौके पर ही गिर पड़ीं। परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए डीएमसीएच लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। डीएमसीएच पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने आरोपी बेटे को किया गिरफ्तार घटना की सूचना मिलने के बाद फेकला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद गांव में मातम पसरा फेकला थानाध्यक्ष वशिष्ठ कापर ने बताया कि पारिवारिक विवाद के दौरान महिला के सिर में बांस लगने से उसकी मौत हुई है। मामले में आरोपी बेटे ज्ञानी कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं, पारिवारिक विवाद में बीच-बचाव करने पहुंची मां की मौत और उसके बाद बेटे की गिरफ्तारी को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है।



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पाली स्टेशन पर बजट फ्रेंडली खाना: ₹50 से ₹150 में मिलेगा पेट भरकर जायका

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Pali Railway Station Food: पाली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बजट में खाना तलाशना आसान हो सकता है. यहां ₹50 से ₹150 के बीच अलग-अलग खाने के विकल्प मिल सकते हैं, जिससे कम बजट में पेट भरने के साथ स्वाद का आनंद भी लिया जा सकता है. ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों और पाली घूमने आए लोगों के लिए यह बजट फ्रेंडली फूड गाइड उपयोगी साबित हो सकती है.

पाली रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही मात्र 10 मीटर की दूरी पर स्थित ‘राजा रेस्टोरेंट’ स्वादिष्‍ट खाने के शौकीनों की पहली पसंद है. यहाँ श्याम भाई के हाथों का बना खाना लोगों के दिलों को जीत लेता है. इस रेस्टोरेंट में ख़ास तौर पर काजू करी, लज़ीज पालक पनीर और राजस्थान की प्रसिद्ध सेव-टमाटर की सब्ज़ी का जायका सबसे ज़्यादा लोकप्रिय है. अगर आप यहाँ आ रहे हैं, तो खाने के बाद पाली का विश्व प्रसिद्ध ‘गुलाब हलवा’ चखना बिल्कुल न भूलें.

अगर आप बरसों पुराने प्रामाणिक राजस्थानी स्वाद की तलाश में हैं, तो रेलवे स्टेशन के नज़दीक स्थित ‘महालक्ष्मी लॉज एंड रेस्टोरेंट’ एकदम सही ठिकाना है. दशकों से अपनी गुणवत्ता बनाए रख रहा यह रेस्टोरेंट अपने ठेठ राजस्थानी तड़के के लिए जाना जाता है. यहाँ मारवाड़ी शैली में तैयार पारंपरिक सब्ज़ियों का स्वाद इतना बेहतरीन होता है कि यात्री यहाँ बार-बार आना पसंद करते हैं.

पाली स्टेशन के पास मौजूद ‘खेतेश्वर रेस्टोरेंट’ उन लोगों के लिए बेहतरीन जगह है, जो राजस्थानी मिजाज़ के साथ पंजाबी ज़ायके के भी मुरीद हैं. यहाँ आपको मसालेदार और लज़ीज़ पंजाबी तड़के वाली सब्ज़ियों का शानदार वैरायटी तो मिलती ही है, साथ ही यहाँ की ‘स्पेशल दाल-बाटी-चूरमा’ भी पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच बेहद मशहूर है.

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राजस्थान की यात्रा दाल-बाटी के बिना अधूरी मानी जाती है. अगर आप इस पारंपरिक व्यंजन के शौकीन हैं, तो रेलवे स्टेशन के बिल्कुल पास स्थित ‘भैरव दाल बाटी’ पर ज़रूर रुकें. यहाँ आपको ठीक जोधपुर जैसी मशहूर और स्वादिष्ट दाल-बाटी का ठेठ प्रामाणिक स्वाद मिलेगा. यहाँ पेट भरकर दाल-बाटी खाने के बाद अंत में देशी घी का ‘लड्डू चूरमा’ आपके खाने के अनुभव में चार चांद लगा देता है.

सफ़र के दौरान अगर आपको घर के बने खाने की याद आ रही है, तो ‘जय श्री रेस्टोरेंट’ आपके लिए सबसे मुफ़ीद विकल्प है. यहाँ का भोजन आपको बिल्कुल घर जैसा सादा और ज़ायदेमंद अनुभव देता है. यहाँ रोज़मर्रा की घर जैसी स्वादिष्ट सब्ज़ियों और थाली के साथ-साथ युवाओं और बच्चों के लिए मैगी जैसे फ़ास्ट फ़ूड और पारंपरिक दाल-बाटी-चूरमा की सुविधा भी एक ही छत के नीचे मिल जाती है.

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बांग्लादेश सेना का चीनी टैंक फायरिंग अभ्यास में फटा: 2 सैनिकों की मौत, एक अधिकारी गंभीर; हादसे की वजह अभी साफ नहीं


ढाका4 घंटे पहले

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सेना अभ्यास के दौरान बुधवार को फटा टैंक।

बांग्लादेश के चटगांव में बुधवार को सेना के फायरिंग अभ्यास के दौरान चीन में बना टाइप 59 टैंक फट गया। हादसे में टैंक के अंदर मौजूद दो सैनिकों की मौत हो गई। एक सैन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल है।

इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस डायरेक्टोरेट (ISPR) के मुताबिक, सैनिक टैंक से फायरिंग कर रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।

घायल अधिकारी को बेहतर इलाज के लिए ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) ले जाया जा रहा है। हादसे की वजह अभी तक साफ नहीं है।

हादसे के दौरान की तस्वीरें…

हादसा हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ। यहां सैन्य अभ्यास चल रहा था। तस्वीर में दो सैनिक टेंक पर नजर आ रहे हैं।

हादसा हथाजारी फील्ड फायरिंग रेंज में हुआ। यहां सैन्य अभ्यास चल रहा था। तस्वीर में दो सैनिक टेंक पर नजर आ रहे हैं।

टाइप-59 टैंक अचानक फटा जिसके कारण सैनिक हवा में उछलते नजर आए। अंदर मौजूद दोनों सैनिक हादसे में मारे गए।

टाइप-59 टैंक अचानक फटा जिसके कारण सैनिक हवा में उछलते नजर आए। अंदर मौजूद दोनों सैनिक हादसे में मारे गए।

टैंक से फायरिंग करने की कोशिश के दौरान यह हादसा हुआ।

टैंक से फायरिंग करने की कोशिश के दौरान यह हादसा हुआ।

चीन में बने इस टैंक का इस्तेमाल पाकिस्तान भी करता है

हादसे में शामिल टैंक चीन में बना टाइप-59 है, जिसका इस्तेमाल बांग्लादेश की सेना करती है। टाइप-59 चीन में बना एक पुराना मुख्य युद्धक टैंक है। इसे चीन का पहला ऐसा टैंक भी माना जाता है, जिसे बड़ी संख्या में बनाया गया था।

चीन के अलावा पाकिस्तान, ईरान, उत्तर कोरिया जैसे कई देशों की सेनाओं ने इसका इस्तेमाल किया है। इनमें बांग्लादेश भी शामिल है।

इसके कुछ फीचर्स…

  • मूल टाइप-59 टैंक में 100 मिलीमीटर की मुख्य तोप लगी थी।
  • इसके साथ 7.62 मिलीमीटर की एक मशीन गन और 12.7 मिलीमीटर की एंटी-एयरक्राफ्ट मशीन गन भी होती है।
  • इसे चलाने और ऑपरेट करने के लिए 4 सैनिकों की जरूरत होती है।
  • टैंक का वजन करीब 36 टन है और यह सड़क पर अधिकतम करीब 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकता है।
  • इसमें करीब 520 हॉर्सपावर का डीजल इंजन लगा है। अतिरिक्त ईंधन टैंक के साथ यह करीब 600 किमी तक चल सकता है।
बीजिंग मिलिट्री म्यूजियम में एक चीनी टाइप 59 टैंक। (फाइल फोटो)

बीजिंग मिलिट्री म्यूजियम में एक चीनी टाइप 59 टैंक। (फाइल फोटो)

टाइप-59 का डिजाइन काफी पुराना है

टाइप-59 सैन्य टैंक काफी पुराना है, लेकिन समय के साथ इसके कई नए वर्जन और अपग्रेड तैयार किए गए। इनमें ज्यादा बेहतर तोप, फायर-कंट्रोल सिस्टम, रात में देखने की सुविधा और टैंक की सुरक्षा बढ़ाने वाले उपकरण जोड़े गए।

बांग्लादेश ने भी अपने पुराने T-59 टैंकों को अपग्रेड किया है। द डेली स्टार ने 2015 में रिपोर्ट किया था कि बांग्लादेश अपनी सेना के करीब 174 T-59 टैंकों को अपग्रेड करने की योजना पर काम कर रहा था।

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यह खबर भी पढ़ें…

अमेरिका का 5 ईरानी टैंकरों पर हमला: जवाब में ईरान ने जॉर्डन में US बेस पर 20 मिसाइलें दागीं; इससे पहले अमेरिकी सब-मरीन ड्रोन भी पकड़ा

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने मंगलवार (8 सितंबर) को ईरान से जुड़े 5 तेल टैंकरों पर हमला किया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



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मथुरा में खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा पर हुई चर्चा: मिठाई एसोसिएशन की बैठक में व्यापारियों ने दिए सुझाव, अधिकारियों ने दिए निर्देश – Mathura News




मथुरा में मिठाई एसोसिएशन ने बुधवार शाम करीब 5 बजे एक बैठक की। इसमें मिठाई और खाद्य पदार्थ कारोबार से जुड़े व्यापारी शामिल हुए। बैठक में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और ग्राहकों को सुरक्षित सामान देने पर विस्तार से बात हुई। जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी इसमें मौजूद थे। व्यापारियों ने अधिकारियों को अपने कारोबार से जुड़ी समस्याएं और चुनौतियां बताईं। उन्होंने इस पर अपने सुझाव भी दिए। व्यापारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमों का पालन करने पर भी चर्चा की। बैठक में मौजूद सभी व्यापारियों का सम्मान भी किया गया। अधिकारियों ने व्यापारियों को सलाह दी कि वे खाद्य पदार्थ बनाते और बेचते समय साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि मिठाई और दूसरे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। खाने का सामान बनाने, स्टोर करने और बेचने में खाद्य सुरक्षा के तय नियमों का पालन जरूरी है। बैठक में व्यापारियों को नॉन-प्रोजेक्ट से जुड़े नए नियमों की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों ने साफ किया कि जो दुकानें खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलग-अलग नियमों के बारे में बताया। उन्होंने जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इन नियमों का मकसद व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि ग्राहकों को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना देना है। बैठक के आखिर में व्यापारियों ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को अपने सुझाव दिए। उन्होंने नियमों का पालन करने में सहयोग का भरोसा भी दिलाया।



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दिल्ली की स्वच्छ हवा के लिए बने रणनीति: साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पर्यावरण मंत्री को सौंपी रिपोर्ट – New Delhi News




दिल्ली को विश्वस्तरीय, पर्यावरण-अनुकूल और हरित शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बीच साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से मुलाकात की। छात्रों ने दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ वायु को बढ़ावा देना विषय पर तैयार अध्ययन रिपोर्ट मंत्री को सौंपी। इस दौरान पर्यावरण एवं वन विभाग के सचिव विजय कुमार बिधूड़ी भी मौजूद रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली का वायु प्रदूषण केवल राजधानी तक सीमित समस्या नहीं, बल्कि पूरे एयरशेड से जुड़ा मुद्दा है। इसके समाधान के लिए पूर्वानुमान आधारित क्षेत्रीय रणनीति, एकीकृत निगरानी व्यवस्था और पूरे एनसीआर में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। छात्रों ने ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, ग्रीन मोबिलिटी और उत्सर्जन मानकों में सुधार जैसे उपाय भी सुझाए। छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली की पर्यावरणीय चुनौतियां जटिल हैं, लेकिन नवाचार, तकनीक और सामूहिक प्रयासों से इनका समाधान संभव है। कचरा प्रबंधन और ई-बसों पर फोकस मंत्री ने कहा कि दिल्ली में रोजाना करीब 13 हजार मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, जबकि 30-35 हजार मीट्रिक टन पुराना कचरा मौजूद है। इसके निपटान के लिए सरकार सर्कुलर इकोनॉमी और संसाधन पुनर्प्राप्ति पर काम कर रही है। प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा भी लगातार बढ़ाया जा रहा है। यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए औद्योगिक अपशिष्ट जल के उच्चस्तरीय उपचार को अनिवार्य किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार तात्कालिक उपायों के साथ दीर्घकालिक व्यवस्थाओं पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आर्थिक विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ दिल्ली को हरित राजधानी बनाने का लक्ष्य है।



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