बृजपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत गहरा मुख्यालय में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से बिजली व्यवस्था खराब है। गांव में माध्यमिक शाला की बाउंड्री के अंदर लगा बिजली ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़ा है। बिजली विभाग ने इसे बदलने या सुधारने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है, जिस कारण पूरा गांव अंधेरे में है। बोरवेल बंद, पीने के पानी की परेशानी बिजली सप्लाई ठप होने से बरसात के मौसम में ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अंधेरे के कारण घरों में सांप-बिच्छू और जहरीले कीड़ों का खतरा बना हुआ है। बिजली न होने से बोरवेल बंद पड़े हैं, जिससे पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा मच्छरों के प्रकोप से गांव में लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं और छमाही परीक्षाएं पास आने के बावजूद बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। बिल भरने के बाद भी सुनवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे बिजली बिल और मीटर का पूरा भुगतान करते हैं। इसके बावजूद बिजली वितरण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने रविवार को फिर विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्या बताई और चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर बिजली सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी स्थानीय निवासी पहाड़ सिंह यादव ने बताया कि गांव में एक महीने से ट्रांसफार्मर खराब है। मच्छरों की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं और रोज 10-20 लोग इलाज के लिए जा रहे हैं। बिजली कंपनी का कोई कर्मचारी या लाइनमैन देखने तक नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि हम पूरा बिल भरते हैं, फिर भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रोहित यादव ने बताया कि एक महीने से बिजली न होने से पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की छमाही परीक्षाएं आ गई हैं, लेकिन वे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।
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पन्ना में एक महीने से ट्रांसफार्मर खराब: बिजली गुल से बोरवेल बंद, पीने के पानी की संकट; ग्रामीण बोले-बिल भरने के बाद भी सुनवाई नहीं – Panna News
असम में गोपालगंज के सिविल इंजीनियर की गला रेतकर हत्या: तालाब से मिला शव, 6 महीने पहले शादी; पत्नि बोली-‘दोषियों को सजा मिले’ – Gopalganj News
गोपालगंज के उचकागांव थाना क्षेत्र के दहींभत्ता गांव निवासी 32 वर्षीय सिविल इंजीनियर दीपक ठाकुर की असम के नवगांव में गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना 16 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने 17 सितंबर की सुबह तालाब से उनका शव बरामद किया। तीन दिन बाद शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान पिता रामप्रीत ठाकुर ने बेटे को मुखाग्नि दी। दीपक ठाकुर पिछले करीब तीन साल से असम के नवगांव जिले में नवहट्टा कंपनी में सिविल इंजीनियर के पद पर काम कर रहे थे। वह कंपनी परिसर में ही रहते थे। उनके पिता, भाई और चचेरे भाई भी असम में रहकर सैलून चलाते थे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रात में कमरे पर नहीं पहुंचे, साथी ने दी सूचना परिजनों के अनुसार, 16 सितंबर की रात दीपक अपने कमरे पर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके साथी ने उनके पिता को इसकी जानकारी दी। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका। तालाब के पास मिली चप्पल, फिर तलाश शुरू 17 सितंबर की सुबह दीपक की चप्पल उनके कमरे से करीब 100 मीटर दूर तालाब के पास मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तालाब में तलाशी अभियान चलाया, जहां से दीपक का शव बरामद किया गया। गले पर धारदार हथियार के निशान शव के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि दीपक की गला रेतकर हत्या की गई और शव को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया गया। हत्या की वजह और वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। छह महीने पहले ही हुई थी शादी दीपक की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। शादी के करीब एक महीने बाद मार्च में वह काम के सिलसिले में असम चले गए थे। शादी के महज छह महीने बाद ही उनकी हत्या की खबर ने पत्नी और परिवार को तोड़ दिया। पत्नी ने की हत्यारों को फांसी देने की मांग दीपक की पत्नी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और असम सरकार से हत्याकांड की जांच कर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है। विधायक सुबास सिंह ने परिवार से की मुलाकात घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक सुबास सिंह भी दहींभत्ता गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग दीपक का शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया। परिवार ने पुलिस और सरकार से जल्द से जल्द हत्यारों की पहचान कर गिरफ्तारी करने की मांग की है।
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पापड़ और दाना मेथी का ऐसा देसी कॉम्बिनेशन, स्वाद चखते ही बोल उठेंगे-वाह
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Papad Dana Methi Sabji: जालोर की पारंपरिक रसोई में बनने वाली पापड़-दाना मेथी की सब्जी कम सामग्री में तैयार होने वाला बेहद स्वादिष्ट देसी व्यंजन है. दाना मेथी, मसालों और सेंके हुए पापड़ से बनने वाली यह सब्जी खासकर बारिश के मौसम में खूब पसंद की जाती है. गरमा-गरम रोटी के साथ इसका स्वाद राजस्थानी देसी खाने की याद दिला देता है.
जालोर. राजस्थान की पारंपरिक रसोई में ऐसी कई सब्जियां हैं, जो कम सामग्री और कम समय में तैयार हो जाती हैं, लेकिन स्वाद में किसी से कम नहीं होती. इन्हीं देसी स्वादों में शामिल है पापड़-दाना मेथी की सब्जी. घर में आसानी से उपलब्ध चीजों से बनने वाली यह सब्जी जालोर के ग्रामीण इलाकों में आज भी पारंपरिक स्वाद के साथ बनाई और खाई जाती है. बारिश के मौसम में जब हरी सब्जियों की आवक कम हो जाती है, तब घर में रखी दाना मेथी और पापड़ जैसी सामग्री से बनने वाली सब्जियों की याद आती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय या बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर के सामान्य मसालों और थोड़े से तेल के साथ यह सब्जी जल्दी तैयार हो जाती है.
गृहिणी प्रीति सैन ने लोकल18 को बताया कि पापड़-दाना मेथी हमारे यहां काफी समय से बनाई जाती है. इसे बनाने में ज्यादा सामान नहीं लगता और स्वाद भी बहुत अच्छा आता है. खासकर जब हरी सब्जी आसानी से नहीं मिलती, तब घर में रखे सामान से यह सब्जी झटपट तैयार हो जाती है. इसे गरम रोटी के साथ खाना ज्यादा पसंद किया जाता है, यह सब्जी पाचन के लिहाज से भी हल्की रहती है और ये सब्जी राजस्थान की पारंपरिक सब्जियों में भी शामिल है.
इसे बनाने के तरीका भी बहुत आसान
सबसे पहले दाना मेथी को पानी में उबाल लिया जाता है. इसके बाद कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म किया जाता है. तेल गर्म होने पर इसमें लहसुन का तड़का लगाया जाता है. तड़का लगते ही घर में इस्तेमाल होने वाले मसाले डालकर उन्हें अच्छी तरह भुना जाता है. मसाले तैयार होने के बाद इसमें उबली हुई दाना मेथी डाल दी जाती है. जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर सब्जी को अच्छी तरह उबलने दिया जाता है, ताकि मसाले और मेथी का स्वाद अच्छी तरह मिल जाए.
इस सब्जी की खासियत इसमें डाला जाने वाला पापड़ है, पापड़ को पहले सेंक लिया जाता है. इसके बाद उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर रखा जाता है. जब दाना मेथी की सब्जी अच्छी तरह उबल जाए और मसाला पक जाए, तब आखिर में सेंके हुए पापड़ के टुकड़े इसमें डाल दिए जाते हैं. पापड़ डालने के बाद सब्जी को ज्यादा देर तक पकाया नहीं जाता. पापड़ डालते ही गैस बंद कर दी जाती है, क्योंकि ज्यादा देर पकाने पर पापड़ बहुत नरम हो सकता है. गरम सब्जी में पापड़ हल्का नरम होकर अपना अलग स्वाद देता है. जालोर के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की पारंपरिक सब्जियां आज भी घर के देसी स्वाद को बनाए हुए हैं.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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रूस में चुनाव के आखिरी दिन सैकड़ों ड्रोन से हमला: मॉस्को में 2 की मौत, ऑयल रिफाइनरी को भी नुकसान; रूस ने 1600 ड्रोन मार गिराए
रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन रविवार को मॉस्को और आसपास के इलाकों में सैकड़ों ड्रोन से हमला किया गया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हुई। इनमें एक 44 साल की महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक राजधानी की एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल रिफाइनरी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। मेयर ने बताया कि शनिवार से रूस ने 1600 से ज्यादा ड्रोन को मार गिराया है। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। एक ड्रोन के 21 मंजिला अपार्टमेंट से टकराने के बाद आग लग गई। इसके बाद करीब 400 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। इनमें 70 बच्चे भी शामिल थे। रूस में यूक्रेन जंग के बाद पहला संसदीय चुनाव रूस में शुक्रवार से संसदीय चुनाव के लिए मतदान चल रहा है। यह फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस चुनाव को यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के लिए जनता के समर्थन की परीक्षा के तौर पर पेश किया है। चुनाव के नतीजों को रूस पुतिन की नीतियों और यूक्रेन युद्ध के समर्थन के तौर पर पेश कर सकता है। भारतीय समयानुसार रविवार रात 11:30 बजे से शुरुआती नतीजे आने की उम्मीद है। चुनाव के पूरे नतीजे सोमवार तक सामने आ सकते हैं। रूस ने चुनाव में यूक्रेन के दखल का आरोप लगाया रूसी अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में यूक्रेन के दखल का आरोप लगाया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को की ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम पर साइबर हमला हुआ। हालांकि, हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी यूक्रेन पर चुनाव में बाधा डालने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने रूसी नियंत्रण वाले जपोरिज्जिया इलाके में एक चुनाव अधिकारी के घर पर हुए हमले का जिक्र किया। पुतिन के मुताबिक, हमले में अधिकारी एलेना अस्तानिना की मौत हुई। हालांकि रॉयटर्स के मुताबिक इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। ज्यादातर युद्ध विरोधी उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाए रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में ज्यादातर ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने नहीं दिया गया, जो यूक्रेन युद्ध के खिलाफ हैं। याब्लोको पार्टी के कुछ उम्मीदवार ही चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि युद्ध के खिलाफ बोलने पर उन्हें सरकार की कार्रवाई का डर है। रूस में सेना के खिलाफ बोलने या सरकार की नजर में झूठी खबर फैलाने पर जेल हो सकती है। याब्लोको पार्टी के नेता निकोलाई रिबाकोव ने विरोध जताया। उन्होंने बैलेट पर अपनी पार्टी का नाम लिख दिया। चुनाव का नतीजा राष्ट्रपति पुतिन के लिए अहम रॉयटर्स के मुताबिक, रूस की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी के संसद में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध की वजह से बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव का असर कुछ विपक्षी पार्टियों को मिल सकता है। बर्लिन के NEST थिंक टैंक के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी और न्यू पीपल्स पार्टी को सत्ता पक्ष के खिलाफ जाने वाले कुछ वोट मिल सकते हैं। हालांकि, दोनों पार्टियों ने कई बड़े मुद्दों पर यूनाइटेड रशिया का साथ दिया है। पुतिन ने चुनाव से पहले टीवी पर देश को संबोधित करते हुए कहा था कि लोगों का वोट यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन को दिखाएगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में दूतावासों को अलर्ट भेजा:ट्रम्प छुट्टी खत्म होने से पहले व्हाइट हाउस लौटे; दावा- अमेरिकी विमान ब्रिटिश एयरबेस से रवाना हुए मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका ने इलाके में मौजूद अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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भाजपा बोली- कांग्रेस जोकरों की पार्टी बनी: शिक्षा मंत्री बोले- PM की मां का अपमान किया, राहुल के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर विवाद
1 घंटे पहले
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राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कॉमेडियन पुलकित के साथ नजर आए।
राहुल गांधी के इंदौर में हुए कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पर विवाद हो गया है। BJP ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को X पर पोस्ट में लिखा- कांग्रेस पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं… रेस्ट इन पीस।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा- राहुल और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। छात्र संवाद का इस्तेमाल PM मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने और उनका अपमान करने के लिए करना बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी दिखाता है।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने BJP और RSS पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला और भ्रष्ट करने का आरोप लगाया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं, इसलिए सरकार से सवाल पूछ रहे हैं और जवाबदेही मांग रहे हैं।

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल के कार्यक्रम का वीडियो X पर शेयर कर आलोचना की।
राहुल बोले- सरकार के पास दिया जलाने का पैसा, हॉस्टल का नहीं
वहीं राहुल गांधी ने इंदौर में अपने कार्यक्रम का जिक्र करते हुए X पर अपने पोस्ट के जरिए हॉस्टल की कमी का मुद्दा उठाया।
उन्होंने लिखा- कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?
राहुल ने कहा कि गांव से शहर पढ़ने आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर PG में रहना पड़ता है। किराए और सुरक्षित रहने का खर्च इतना ज्यादा है कि कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं।

राहुल ने छात्रों से शिक्षा-रोजगार जैसे मुद्दों पर बात की
राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें एडिशन में हिस्सा लिया। इसका विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ था। यह कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी हो चुका है। इंदौर में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए।
एक छात्रा ने सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद OBC आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण रुकी नियुक्तियों का मुद्दा उठाया। एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर खुद और अन्य लोगों पर कार्रवाई होने की बात कही।
आदिवासी छात्रों ने हॉस्टल और दूसरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का मुद्दा भी कार्यक्रम में उठा, जिस पर राहुल ने उनके आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। राहुल ने कहा कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, कोई एहसान या सुविधा नहीं।

राजगढ़ की सपना गुर्जर और यशिका ने राहुल के सामने अपनी बात रखी।
कार्यक्रम में कॉमेडियन ने राहुल के साथ PM मोदी की नकल की
कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते हाव-भाव और संवाद किए। राहुल गांधी भी उनके साथ हंसते नजर आए। राहुल ने पुलकित से कहा- हाउ आर यू मोदी जी। नाइस टू मीट यू। और बताइए थोड़ा।
पुलकित ने इस दौरान कई डायलॉग्स बोले, जिन्हें प्रधानमंत्री की नकल के तौर पर देखा गया। कार्यक्रम का वीडियो कांग्रेस के X हैंडल पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई।

राहुल और पुलकित मणि ने मंच पर PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते कुछ संवाद और हाव-भाव किए, जिन्हें कई लोगों ने पीएम की नकल के तौर पर देखा।
राहुल बोले- सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है
राहुल ने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं और संस्थानों के कामकाज, भर्ती, परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर सवाल पूछते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक ऐसा सिस्टम बन गया है, जो छात्रों के सवालों से डरता है और सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय अंधभक्त चाहता है।
उन्होंने इस सिस्टम की अलग-अलग परतों का जिक्र करते हुए PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजित डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपतियों गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी के नाम लिए। राहुल ने आरोप लगाया कि इनका देश के राजनीतिक, संस्थागत और आर्थिक क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों पर प्रभाव है।

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राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा, पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें

पुणे के ऑल इंडिया श्री शिवाजी मेमोरियल सोसायटी कॉलेज ग्राउंड में राहुल गांधी ने छात्राओं से बात की। राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…
मुंबई में तेज रफ्तार BMW ने 4 लोगों को कुचला: 3 की मौत, एक गंभीर; मरीन ड्राइव से हाजी अली जा रही थी कार
मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार सुबह तेज रफ्तार BMW ने चार पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक 20 साल का युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा सुबह करीब 5:20 बजे लाला कॉलेज के सामने, लोटस जेट्टी के पास हुआ। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम के मुताबिक, BMW मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी। 20 साल के युवक की हालत गंभीर हादसे के बाद चारों घायलों को नायर अस्पताल ले जाया गया, जहां CMO के अनुसार तीन को मृत घोषित कर दिया गया। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम के मुताबिक, BMW तेज रफ्तार में थी। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह ओवरस्पीडिंग बताई गई है। दो मृतकों की पहचान शनाय गज्जल और धिर्या सेठ के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी सामने नहीं आई है। वहीं 20 साल के घायल युवक को नायर अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी का इंतजार है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
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नर्मदापुरम में 7500 उपभोक्ताओं को राहत: नया सब-स्टेशन तैयार, ट्रिपिंग-ओवरलोडिंग होगी कम; चार फीडरों से सप्लाई – narmadapuram (hoshangabad) News
नर्मदापुरम में शहर के मिल्क डेयरी बिजली सब-स्टेशन से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। लंबे समय से ओवरलोडिंग व बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की मार झेल रहे मालाखेड़ी क्षेत्र के 7,500 उपभोक्ताओं को अब इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। बिजली कंपनी ने क्षेत्र में बढ़ते लोड को देखते हुए नया मालाखेड़ी सब-स्टेशन पूरी तरह तैयार कर लिया है। जिसका लोकार्पण आज रविवार को लोक निर्माण विभाग एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह करेंगे। दोपहर 12 बजे नवनिर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के लिए सब स्टेशन पर टेंट लगाकर मंच तैयार किया गया है। मिल्क डेयरी सब-स्टेशन का लोड हो जाएगा आधा एई राहुल बोवड़े ने बताया अबतक मिल्क डेयरी सब-स्टेशन से ही मालाखेड़ी फीडर चलता था। जिस पर क्षमता से दोगुना दबाव था। इसके कारण ग्रिड के किसी भी हिस्से में तकनीकी खराबी या फॉल्ट आने पर उससे जुड़े सभी 14 हजार उपभोक्ताओं की बिजली एक साथ बंद हो जाती थी। गर्मियों व पीक ऑवर्स में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। इससे स्थानीय निवासियों की मांग थी। मालाखेड़ी में तेजी से ग्रोथ हो रही है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को राहत देने मालाखेड़ी विद्युत सब स्टेशन बनाया गया। इसमें चार फीडर तैयार किए है। गोदावरी फीडर, रेशम केंद्र, माखननगर रोड और राधा कृष्ण फीडर है। जो मालाखेड़ी सब स्टेशन से संचालित होगा। आधुनिक सिस्टम से सुधरेगी सप्लाई उपभोक्ताओं की इसी मांग को देखते हुए नया पावर ग्रिड अत्याधुनिक कंट्रोल रूम व एडवांस पैनल सिस्टम के साथ तैयार किया है। मिल्क डेयरी ग्रिड के आधे कनेक्शन यहां शिफ्ट होने से दोनों क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी। 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सकेगी।
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खाद्य सुरक्षा विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा: पटना में 10×15 फीट के कमरे में दफ्तर, 7 जिलों का जिम्मा एक अधिकारी पर – Patna News
पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग खुद संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिले में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त दफ्तर है, न जरूरत के मुताबिक अधिकारी-कर्मचारी और न ही सैंपल सुरक्षित रखने की पूरी व्यवस्था। विभाग के अधिकारी करीब 10×15 फीट के एक छोटे कमरे में दफ्तर चला रहे हैं। संसाधनों की कमी के कारण खाद्य संरक्षा विभाग के लिए पदार्थों की नियमित जांच करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इससे मिलावटखोरों पर ठीक से लगाम नहीं लग पा रही है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। पटना में एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी, 6 अन्य जिलों का भी प्रभार पटना जिले में फिलहाल एक खाद्य संरक्षा अधिकारी तैनात हैं। उनके पास पटना के अलावा नालंदा, भोजपुर, बक्सर, अरवल, रोहतास और कैमूर का भी अतिरिक्त प्रभार है। यानी एक अधिकारी के जिम्मे कुल 7 जिलों की जिम्मेदारी है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, सैंपलिंग, शिकायतों पर कार्रवाई और जब्त सामग्री की निगरानी जैसे कामों के लिए लगातार फील्ड में जाना पड़ता है। ऐसे में सभी कार्रवाई का जिम्मा अकेले एक अधिकारी पर है, जिससे नियमित जांच कर पाना बहुत मुश्किल हो गया है। 6 रेफ्रिजरेटर की जरूरत, उपलब्ध सिर्फ एक खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के बाद उन्हें सही परिस्थितियों में सुरक्षित रखना जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। पटना जैसे बड़े शहर के लिए करीब 6 रेफ्रिजरेटर की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास सिर्फ एक रेफ्रिजरेटर है। यह भी कई बार खराब हो जाता है। ऐसे में अलग-अलग तरह के खाद्य नमूनों को सही तापमान और परिस्थितियों में सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। सीज खाद्य सामग्री रखने के लिए पर्याप्त वेयरहाउस नहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान कई बार खाद्य सामग्री जब्त की जाती है। ऐसी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए सही स्टोरेज की जरूरत होती है। लेकिन पटना में जब्त किए गए खाद्य पदार्थों को रखने के लिए पर्याप्त वेयरहाउस की सुविधा नहीं है। यह भी विभाग की बड़ी समस्याओं में से एक है। एक अधिकारी के जिम्मे 7 जिले, वाहन और स्टाफ भी कम खाद्य सुरक्षा विभाग का ज्यादातर काम फील्ड में होता है। बाजारों, होटल-रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, डेयरी, फूड आउटलेट और पैकेज्ड फूड की दुकानों में निरीक्षण और सैंपलिंग के लिए अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में जाना पड़ता है।
लेकिन पटना में तैनात एक अधिकारी के पास 7 जिलों का प्रभार है। पर्याप्त फील्ड स्टाफ और वाहन की कमी के बीच एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचना भी चुनौती है। इससे राजधानी में नियमित निरीक्षण की क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
पटना में लगातार होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, डेयरी और अन्य फूड आउटलेट बढ़ रहे हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए विभागीय संसाधनों का पर्याप्त होना जरूरी है। असिस्टेंट से लेकर आदेशपाल तक की कमी विभाग के स्थानीय कार्यालय में सिर्फ अधिकारी और फील्ड स्टाफ की ही कमी नहीं है। असिस्टेंट और आदेशपाल जैसे कर्मचारियों की भी कमी है। कार्यालय में वाई-फाई जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को बाजारों में खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग, शिकायतों पर कार्रवाई और सीज सामग्री की निगरानी जैसे कई काम करने होते हैं। इसके लिए फील्ड संसाधनों के साथ कार्यालयी ढांचे की भी जरूरत होती है। विभाग का दावा- नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग पर असर नहीं विभाग के अनुसार पटना जैसे बड़े शहर में नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और खाद्य नमूनों के सुरक्षित रखरखाव के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन, वाहन, कार्यालयी सुविधाओं और स्टोरेज की आवश्यकता है। हालांकि, उपलब्ध संसाधनों के आधार पर विभागीय कार्य नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं। खाद्य संरक्षा अधिकारी सुदामा चौधरी का कहना है कि संसाधनों को लेकर कुछ आवश्यकताएं जरूर हैं, लेकिन नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और कार्रवाई की प्रक्रिया पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
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गृह राज्यमंत्री बेढम ने खैरथल में की 5 घंटे बैठक: निकाय चुनाव की रणनीति पर मंथन, निर्दलियों के हाथ सत्ता की चाबी – Khairthal-Tijara News
खैरथल में नगर निकायों के अध्यक्ष पद चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार को राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम खैरथल पहुंचे। उन्होंने ग्रीनलैंड होटल में भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ करीब साढ़े पांच घंटे बैठक की। यह बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई और शाम 7:30 बजे तक चली। इसमें खैरथल नगर परिषद समेत जिले की सभी निकायों में भाजपा का बोर्ड बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खैरथल पहुंचने पर किशनगढ़बास के पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने गृह राज्य मंत्री बेढम का स्वागत किया। बैठक में अलवर सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, भाजपा जिला संगठन प्रभारी अशोक सैनी और खैरथल नगर परिषद भाजपा के चुनाव प्रभारी बलवान सिंह यादव समेत कई भाजपा नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। मंत्री बेढम ने बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, निकाय चुनाव की तैयारियों और पार्षदों के समर्थन पर फीडबैक लिया। जवाहर सिंह बेढम ने बताया – कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी संगठन पर विचार-विमर्श हुआ है। खैरथल-तिजारा जिले के सभी निकायों में भाजपा चुनाव जीतेगी। निर्दलियों को मनाने में लगी पार्टियां खैरथल नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव काफी चर्चा में है। यहां कुल 45 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव में भाजपा के 8, कांग्रेस के 20 और 17 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। सभापति के लिए बहुमत का आंकड़ा 23 है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। इस बीच, खैरथल नगर परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के बड़े चेहरे विक्रम सिंह चौधरी उर्फ विक्की चौधरी ने भाजपा जॉइन कर ली है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली। इससे चुनावी समीकरण बदल गए हैं। भाजपा ने विक्रम सिंह चौधरी को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने ओमप्रकाश रोघा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। 21 सितंबर को होगा सभापति पद का फैसला
खैरथल नगर परिषद के सभापति पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमे अपने-अपने पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाने में जुटे हैं। निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
दो पार्षदों के अपहरण के मामले से माहौल गरमाया
सभापति चुनाव से पहले खैरथल में दो पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर भी विवाद सामने आया है। वार्ड 3 के पार्षद रामधन और वार्ड 20 के पार्षद भगवानदास के अपहरण को लेकर उनके परिजनों की ओर से खैरथल थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए हैं। मामलों में कांग्रेस नेताओं और व्यापारियों पर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। शनिवार को बंद रहे बाजार
मामले को लेकर व्यापारियों में आक्रोश देखने को मिला। शनिवार को खैरथल कस्बे के प्रमुख बाजारों के साथ अनाज मंडी और सब्जी मंडी में भी बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने अनाज मंडी में पुलिस-प्रशासन की ओर से कराई गई व्यापारी के अपहरण की मॉक ड्रिल पर भी आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की मॉक ड्रिल से किसानों और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा हुआ है।
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