राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय परियोजनाओं के विकास और औद्योगिक भूमि के आवंटन के लिए नए नियम तय किए हैं। इनके तहत औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट आधारित आवासीय विकास, रो-हाउसिंग, स्वतंत्र आवासीय भूखंड और भूखंडों के उप-विभाजन की अनुमति नहीं होगी। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। हालांकि ये नियम सिर्फ नई परियोजनाओं के लिए होंगे। पहले से चल रही योजनाएं या निर्माण इससे प्रभावित नही होंगे। यहां केवल फ्लैट या बहुमंजिला समूह आवास परियोजनाएं विकसित की जा सकेंगी। इन परियोजनाओं में सिंगल और डबल बेडरूम आवासीय इकाइयों के साथ छात्रावास तथा उनसे जुड़ी सामाजिक सुविधाएं भी बनाई जा सकेंगी। नियम अधिसूचित आवासीय भूमि पर विकसित होने वाली परियोजनाओं के साथ औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि पर बनाई जाने वाली कैप्टिव आवासीय सुविधाओं पर भी लागू होंगे। सभी परियोजनाओं के लिए सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी। विकास कार्य मास्टर प्लान, विकास योजना, भवन उपविधियों, भूमि आवंटन की शर्तों, अग्नि सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी मानकों के अनुरूप करने होंगे। जमीन की कीमत ₹250 प्रति वर्गमीटर से कम नहीं सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि के मूल्य निर्धारण का आधार भी तय किया है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विकसित या विकसित किए जाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में जमीन का मूल्य संबंधित क्षेत्र की असिंचित कृषि भूमि के लिए निर्धारित कलेक्टर गाइडलाइन को 0.6 से भाग देकर निकाला जाएगा। हालांकि, किसी भी स्थिति में भूमि का मूल्य ₹250 प्रति वर्गमीटर से कम नहीं होगा। यदि औद्योगिक क्षेत्र में तय गणना के आधार पर भूमि का मूल्य ₹250 प्रति वर्गमीटर से कम आता है, तो एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक को संचालक मंडल की अनुमति से मूल्य बढ़ाने का अधिकार होगा। अतिरिक्त क्षेत्रफल पर कोई छूट नहीं निर्धारित निवेश सीमा से अधिक भूमि के लिए आवेदन करने पर अतिरिक्त क्षेत्रफल पर छूट नहीं मिलेगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई इकाई संयंत्र और मशीनरी में ₹200 करोड़ का निवेश करती है और उसे 25 हेक्टेयर जमीन आवंटित होती है, तो 20 हेक्टेयर पर ही छूट मिलेगी। बाकी 5 हेक्टेयर पर छूट लागू नहीं होगी। नियमों में प्रीमियम की गणना के दौरान 40 हेक्टेयर तक भूमि आवंटन पर भूमि के मूल्य में 50% छूट का भी उल्लेख है। अन्य औद्योगिक प्रयोजनों के लिए प्रीमियम की गणना में भी भूमि के मूल्य पर 50% छूट का प्रावधान दिया गया है। अनुपयोगी जमीन का हिस्सा दूसरे को हस्तांतरित कर सकेंगे औद्योगिक इकाइयों को आवंटित जमीन का पूरा उपयोग नहीं होने की स्थिति में अनुपयोगी भूमि के विभाजन और हस्तांतरण के लिए भी नियम बनाए गए हैं। इसके तहत संचालित इकाई को आवंटित भूमि में से अधिकतम 50% या कम से कम 5,000 वर्गमीटर तक की अनुपयोगी जमीन अलग सड़क मार्ग उपलब्ध होने की शर्त पर विभाजित कर हस्तांतरित की जा सकेगी। इसके लिए मूल आवंटी को हस्तांतरण की तारीख तक भू-भाटक, संधारण शुल्क और अन्य सभी बकाया राशि का भुगतान करना होगा। हस्तांतरण के लिए मूल आवंटन अभिलेख में आवश्यक संशोधन करने के साथ समर्पण अभिलेख निष्पादित और पंजीकृत कराना होगा। भूमि आवंटन के अधिकार भी तय औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि और भवन आवंटन के लिए एमपीआईडीसी के अधिकारियों के अधिकार भी निर्धारित किए गए हैं। नियमों में क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी संचालक और प्रबंध संचालक की भूमिकाएं तय की गई हैं। औद्योगिक भवनों के आवंटन का अधिकार एमपीआईडीसी के क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी संचालक को दिया गया है। औद्योगिक क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक प्रयोजन के लिए भूमि आवंटन के संबंध में भी अलग सीमा तय की गई है। इसके अनुसार, क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी संचालक 10,000 वर्गमीटर तक और प्रबंध संचालक 10,000 वर्गमीटर से अधिक भूमि आवंटित कर सकेंगे। नियमों में पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक आवास परियोजनाएं शुरू करने का प्रावधान भी है। निजी औद्योगिक पार्कों के लिए भी दिशा-निर्देश राज्य सरकार ने निजी औद्योगिक पार्क, निर्यात पार्क, प्लग-एंड-प्ले पार्क और लॉजिस्टिक पार्क के लिए भूमि आवंटन संबंधी दिशा-निर्देश भी तय किए हैं। इनके तहत निजी डेवलपर को परियोजना का पूरा विकास अपने खर्च और जोखिम पर करना होगा। जरूरत के अनुसार डेवलपर विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) बना सकेगा और परियोजना की मान्यता, प्रोत्साहन तथा नियमों के अनुपालन के लिए एमपीआईडीसी के साथ समझौता कर सकेगा। नियम नए निर्माण के लिए एमपी सरकार द्वारा जारी यह नियम सिर्फ नए निर्माण पर लागू होंगे। इंडस्ट्रियल एरियों में रह रहे पुराने लोग व आवासीय परिसरों में यह लागू नहीं होंगे।न ही वे किसी तरह से प्रभावित होंगे। ये खबर भी पढ़ें… ₹116 करोड़ की बिल्डिंग में लिफ्ट बंद, मेंटेनेंस नहीं राजधानी के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर अब भाजपा के ही विधायक भगवानदास सबनानी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में उन्होंने कहा- मैं बुरे शब्दों में कह रहा हूं। शहर का नाश कर दिया हमने। बदले में शहर को हम कुछ नहीं दे पाए। कुछ भी नहीं। ये स्मार्ट सिटी है।पूरी खबर पढ़ें
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इंडस्ट्रियल एरिया में अब नहीं बनेंगे रो-हाउसिंग, प्लॉट: आवासीय के लिए नए नियम, सिर्फ बहुमंजिला फ्लैट बनाने की अनुमति, उसमें भी सिंगल और डबल बेडरूम – Bhopal News
महाराष्ट्र में पटाखे पूरे साल बैन, बनाने-बेचने पर रोक नहीं: दिवाली-क्रिसमस में नहीं फोड़ सकेंगे; बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- प्रदूषण से शहर गैस चैंबर बन सकते हैं
मुंबई36 मिनट पहले
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर लगी रोक पूरे साल लागू कर दी। यह रोक नवरात्रि, दिवाली, क्रिसमस और अन्य सभी त्योहारों पर लागू होगी।
आदेश पूरे महाराष्ट्र में त्योहारों के जुलूसों के दौरान शोर और वायु प्रदूषण रोकने के लिए दिया गया है। जस्टिस गिरीश एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला के. गोकले की खंडपीठ ने यह निर्देश दिया।
बेंच ने कहा, “जब तक नागरिक हालात की जरूरत को नहीं समझेंगे और शहरों में रहने के लंबे समय के खतरों के प्रति जागरूक नहीं होंगे, तब तक हालात बिगड़ते रहेंगे। ऐसे शहर गैस चैंबर में बदल सकते हैं।”
कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार, BMC और MPCB को जागरूकता अभियान और शिकायत व्यवस्था शुरू करने को कहा है।
हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि पटाखों के निर्माण और बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई है। अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।

गणेशोत्सव में दिया था आदेश
खंडपीठ ने 22 सितंबर के अपने आदेश का दायरा बढ़ाया। यह आदेश गणेशोत्सव के दौरान दिया गया था। कोर्ट ने त्योहारों के जुलूसों के दौरान गंभीर शोर और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए यह रोक लगाई थी। अब यह आदेश पूरे साल लागू रहेगा।
कोर्ट ने बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताई। जजों ने कहा कि कानून का पालन नहीं होना समस्या है। यह आदेश ‘हाईकोर्ट ऑन इट्स ओन मोशन बनाम महाराष्ट्र सरकार और अन्य’ मामले में दिया गया।
यह मामला सुओ मोटू जनहित याचिका (PIL) और अन्य याचिकाओं से जुड़ा है। इन याचिकाओं में सार्वजनिक सड़कों पर तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम और पटाखे फोड़ने को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी।
दिवाली के प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों पर असर
जजों ने कहा कि दिवाली के बाद होने वाला जहरीला प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर प्रभावित करता है। कोर्ट ने कानूनों को लागू करने में सख्ती की जरूरत बताई। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को निर्देश दिए गए।
- तीनों संस्थाओं को मिलकर जहरीले प्रभावों की जानकारी देने वाले सार्वजनिक नोटिस जारी करने होंगे।
- एक हफ्ते के भीतर स्कूलों और सार्वजनिक परिवहन में जागरूकता अभियान शुरू करना होगा।
- अभियान में सेलिब्रिटीज को शामिल करने और कम प्रदूषण वाले ग्रीन पटाखों को बढ़ावा देने को कहा है।
- पुलिस के साथ मिलकर एक प्रभावी शिकायत व्यवस्था भी बनानी होगी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- गणेश उत्सव में शराब पर रोक एकतरफा: इसके आदी बीमार होकर अस्पताल में भीड़ लगा देंगे

बॉम्बे हाई कोर्ट ने सितंबर में पुणे प्रशासन को गणेश उत्सव के दौरान 10 दिन तक शराब पर रोक लगाने के लिए फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था जो व्यक्ति शराब के आदी हैं उन्हें 10 दिनों तक शराब पीने को नहीं मिली, तो वे अस्पतालों में भीड़ लगा देंगे।
चीफ जस्टिस एम सी त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच ने सुनवाई के दौरान पूछा था कि सिर्फ पुणे को चुनने के पीछे क्या तर्क है? हम ऐसी प्रथा की निंदा करते हैं। यह पुणे के निवासियों के लिए एक कलंक है।
बॉम्बे हाईकोर्ट की फटकार के बाद पुणे प्रशासन ने गणेशोत्सव के दौरान 10 दिन की शराबबंदी घटाकर 2 दिन कर दी थी। पढ़ें पूरी खबर…
दीपके का दावा- कभी भी गिरफ्तार हो सकता हूं: सादे कपड़ों में पुलिस पीछा कर रही; कनॉट प्लेस में आज तिरंगा रैली; दिल्ली पुलिस बोली-लोग दूर रहें
दिल्ली में तिरंगा रैली से पहले कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार रात 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दावा किया कि आज रात या कल सुबह तक दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। दीपके ने कहा, “मैं नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूं कि हम इससे डरने वाले नहीं हैं। मैं यहां बैठा हूं, आओ उठा लो। अगर इस देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़ेगा तो हम उसके लिए तैयार हैं।” इससे पहले अभिजीत ने X पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं, और दावा किया कि सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी उनका पीछा कर रहे हैं। वे जहां ठहरे हैं, उसे चारों तरफ से पुलिस ने घेर रखा है। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। एक गाड़ी भी हर जगह पीछा कर रही है। CJP आज कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ रैली करने जा रही है। पार्टी ने शाम 5 बजे लोगों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में तिरंगा लेकर पहुंचने की अपील की है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने आम नागरिकों से रैली से दूर रहने की अपील की है। CJP यह रैली SIR के विरोध, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और अपने पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के विरोध में कर रही है। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू है। 3 दिनों में दूसरी बार हिरासत में लिए गए दो CJP लीडर्स, देखें टाइमलाइन
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सीजेरियन के बाद महिला की किडनी फंक्शन बंद: न्यू मेडिकल कॉलेज में फिर सामने आया केस, सांस में दिक्कत, एसएसबी में किया गया शिफ्ट – Kota News
न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की व्यवस्थाओं और लाचारी का खामियाजा एक बार फिर एक प्रसूता को भुगतना पड़ा। निमोदा हरीजी निवासी 30 साल की अनीता बैरवा (पत्नी हंसराज) को 13 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती किया गया था। महिला के रिश्तेदार श्याम लाल ने बताया कि 14 अक्टूबर को सुबह 11 बजे अनीता का सिजेरियन के जरिए प्रसव कराया गया था। 15 अक्टूबर तड़के करीब 5 बजे अचानक मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और यूरिन बनना बंद हो गया। कुछ देर बाद महिला की प्लेटलेट्स तेजी से गिरती पाई गईं, जिसके लिए डॉक्टरों ने तत्काल सिंगल डोनर प्लेटलेट्स चढ़ाने की सलाह दी। मरीज के परिजनों को प्लेटलेट्स की व्यवस्था के लिए एमबीएस अस्पताल स्थित ब्लड बैंक भागना पड़ा। इधर, मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल से एमबीएस अस्पताल आने जाने में मरीज के परिजनों को समय भी लगा। क्योंकि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में प्लेटलेटस ही नहीं मिल सकी। यहां मशीन खराब पड़ी होने के चलते प्लेटलेटस की उपलब्धता नहीं हो सकी। इधर, मरीज की स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। बाद में महिला की हालत को देखते हुए सुपर स्पेशियलिटी के नेफ्रोलॉजी विभाग में शिफ्ट किया गया।
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पटना में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़: 10 शातिर गिरफ्तार, 2.86 लाख कैश बरामद; कई राज्यों तक फैले तार – Patna News
पटना पुलिस ने अगमकुआं इलाके में किराए के मकान से चल रहे साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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इनके ठिकाने से 2.86 लाख रुपए नकद, 89 एटीएम कार्ड, 82 चेकबुक, 76 पासबुक और 47 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े मिले हैं।
पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने 6 और 7 अक्टूबर को शीतलानगर नहर रोड स्थित मकान में छापा मारा। आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। वे बैंकिंग किट जमा करते, ठगी की रकम निकालते और उसे दूसरे खातों में भेजते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी छह महीने से मकान की तीसरी मंजिल पर दो फ्लैट किराए पर लेकर रह रहे थे। राहुल कुमार की जानकारी पर बाकी 9 आरोपी पकड़े गए। इनमें राहुल कुमार, कुलदीप सिंह, राजू कुमार, कन्हैया कुमार, शिशुपाल सिंह, विष्णु कुमार, राहुल हैला, धनराज कुमार, शादीक आलम और मो. मजीद शामिल हैं।
47 मोबाइल और 17 लोगों के आधार कार्ड मिले
पुलिस ने तलाशी के दौरान 6 की-पैड फोन, 47 मोबाइल, एक लैपटॉप, 9 सिम कार्ड, 9 पैन कार्ड और 17 अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड भी बरामद किए। इनमें आदित्य राज नाम के व्यक्ति का आधार कार्ड भी शामिल है।
इसके अलावा 89 एटीएम कार्ड, 82 चेकबुक और 76 पासबुक मिलने से पुलिस को आशंका है कि गिरोह बड़े पैमाने पर बैंक खातों और बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहा था। दूसरे लोगों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाने के भी प्रमाण मिले हैं।
दूसरे राज्यों तक नेटवर्क की जांच
शुरुआती जांच में गिरोह के तार बिहार से बाहर भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों के जरिए कितनी रकम की ठगी की गई और इसमें दूसरे राज्यों में सक्रिय लोगों की क्या भूमिका है। बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, ठगी की रकम और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
दुर्गा पूजा को लेकर डीएम-एसपी ने निकाला फ्लैग मार्च: रमेश चौक से शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे अधिकारी, संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारी तैनात – Aurangabad (Bihar) News
औरंगाबाद में गुरुवार को जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च निकाला गया। डीएम अभिलाषा शर्मा और एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने नेतृत्व किया। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आम नागरिकों को शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। फ्लैग मार्च की शुरुआत रमेश चौक से हुई। इसके बाद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का काफिला मस्जिद, महावीर मंदिर, नवाडीह, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम पार्क, बराटपुर, धर्मशाला और टिकरी रोड होते हुए बाइपास तक पहुंचा। इसके बाद फ्लैग मार्च फिर से रमेश चौक पहुंचकर संपन्न हुआ। इस दौरान अधिकारियों ने लोगों से दुर्गा पूजा को आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी है। भीड़ वाले इलाके में सतर्कता दुर्गा पूजा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। पूजा पंडालों, संवेदनशील स्थानों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इन स्थलों पर आवश्यकतानुसार दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन का प्रयास है कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और आम नागरिकों को आवागमन सहित अन्य जरूरी गतिविधियों में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। संयुक्त फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के प्रति अपनी तत्परता का संदेश भी दिया। डीएम और एसपी ने नागरिकों से प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। अफवाहों से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने आम नागरिकों से विशेष रूप से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट सूचनाओं को बिना सत्यापन के साझा करने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन या पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में आम जनता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। सभी समुदायों के लोगों से आपसी सहयोग, सद्भाव और भाईचारे की परंपरा को मजबूत बनाए रखने की अपील की गई है। संयुक्त फ्लैग मार्च में अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अपर समाहर्ता (आपदा) उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी गौरव सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
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Opinion : आईटी शेयरों में आ रही तेजी किसी और सेक्टर के गिरने पर इतराने जैसी तो नहीं
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ महीनों से कई तरह के रंग दिखा रहा है. साल की शुरुआत से ही दबाव में चल रहे भारतीय आईटी सेक्टर ने अचानक उछाल मारना शुरू कर दिया. आप अक्टूबर के आंकड़े देखें तो भारतीय आईटी सेक्टर की लगभग सभी कंपनियों में तेजी दिख रही है. एक निवेशक के तौर पर भले ही आप यह तेजी देख खुश हो रहे हों और यह खुशफहमी भी पैदा कर ली हो कि अब आईटी शेयरों के दिन लौट आए हैं. लेकिन, जब आपकी नजरें ग्लोबल मार्केट की तरफ उठेंगी तो यह सवाल खुद ब खुद सामने आ जाएगा कि कहीं यह तेजी किसी और सेक्टर में आ रही गिरावट पर इतराने जैसी तो नहीं. मसलन, ग्लोबल मार्केट में अन्य सेक्टर में आई बिकवाली ही तो भारतीय आईटी सेक्टर में खरीदारी की वजह तो नहीं बन गई.
सबसे पहले आपको भारतीय आईटी सेक्टर के अक्टूबर के प्रदर्शन के बारे में बताते हैं. एक से 14 अक्टूबर तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान सबसे ज्यादा 12.8 फीसदी उछाल एचसीएल टेक में दिख रहा है, जबकि टीसीएस ने इस दौरान 11 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है. इन्फोसिस ने भी 9.6 फीसदी का उछाल मारा है और विप्रो तो 7.6 फीसदी की तेजी हासिल करने में कामयाब रही है. कोफोर्ज (Coforge) में 6.2 फीसदी की तेजी दिख रही है तो टेक महिंद्रा ने भी 4.4 फीसदी ग्रोथ बनाई है. आपको बता दें कि यह तेजी तब दिख रही है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीन कार्ड और वीजा नियमों में सख्त बदलाव किया है. इसका भारतीय आईटी सेक्टर्स पर गहरा असर पड़ा है.
अब डालते हैं ग्लोबल मार्केट पर नजर
आपने घरेलू बाजार में आईटी सेक्टर में आई तेजी तो देख ली, अब इसका दूसरा पहलू भी देखते हैं. दरअसल, इसी दौरान ग्लोबल मार्केट में एआई और चिप कंपनियों के शेयरों में लगातार गिरावट आती दिख रही है. अमेरिका सहित तमाम एशियाई बाजारों में एआई और चिप कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट दिखी है. एक्सपर्ट का मानना है कि इस दौरान भारतीय बाजार में आई तेजी सेक्टर रोटेशन का नतीजा हो सकती है. निवेशकों को जब चिप और एआई सेक्टर में कमजोरी दिखी तो यहां से पैसे निकालकर आईटी कंपनियों में डाल रहे हैं, वह भी भारतीय बाजार में जो सबसे ज्यादा अमेरिकी बाजार पर ही निर्भर है.
दूसरे फैक्टर भी करते हैं काम
एचसीएल टेक में सबसे ज्यादा तेजी दिख रही है, लेकिन यह सिर्फ सेक्टर रोटेशन की वजह से नहीं है, बल्कि कंपनी की मजबूत तिमाही ग्रोथ ने भी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है. 15 अक्टूबर को निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी का उछाल दिखा और महज 3 कारोबारी सत्र में यह 8 फीसदी चढ़ चुका है. इस पूरे सिनेरियो में आपको यह समझना भी जरूरी है कि आखिर अमेरिका और एशिया में एआई शेयर क्यों गिर रहे हैं. दरअसल, इस बार की गिरावट सिर्फ मुनाफावसूली नहीं है, बल्कि एआई के भविष्य और उस पर हो रहे भारी-भरकम निवेश पर उठ रहे सवालों का नतीजा हैं. इसके अलावा अमेरिका में बढ़ती महंगाई से ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी है. अगर फेड रिजर्व ऐसा करता है तो ऊंचे वैल्यूएशन वाली टेक कंपनियों पर भी दबाव बढ़ सकता है.
- एआई और चिप पर क्या है चिंता
- एआई पर रिटर्न की चिंता : अमेरिकी और एशियाई बाजारों में एआई कंपनियों के शेयरों में आ रही गिरावट की वजह निवेशकों में एआई पर रिटर्न की चिंता है. दरअसल, एआई कंपनियां अपने डाटा सेंटर, चिप और कंप्यूटिंग क्षमता पर काफी पैसा खर्च कर रही हैं. इससे निवेशकों को चिंता है कि बढ़ती महंगाई के बीच उनका मुनाफा लौटेगा या नहीं.
- चिप कंपनियों में बिकवाली : दक्षिण कोरिया सहित तमाम चिप बाजारों में दबाव दिख रहा है. 15 अक्टूबर को कॉस्पी 8 फीसदी से भी ज्यादा टूट गया, जबकि जापान का निक्केई भी 5 फीसदी नीचे आया है. दुनिया के बड़े चिप विनिर्माताओं जैसे सैमसंग, हायनिक्स के शेयरों पर भारी दबाव है.
इस दबाव से आईटी को क्यों हो रहा फायदा
बाजार के एक्सपर्ट का मानना है कि एआई और चिप से जुड़ी कंपनियों में दबाव और बिकवाली बढ़ने की वजह से निवेशक पारंपरिक आईटी सेवाओं वाली कंपनियों की ओर लौट रहे हैं. दरअसल, भारतीय आईटी कंपनियां दुनिया की तमाम कंपनियों को सॉफ्टवेयर सर्विस, क्लाउड माइग्रेशन, साइबर सुरक्षा, सिस्टम इंटीग्रेशन और एआई के इस्तेमाल में मदद करती हैं. इन कंपिनयों का कारोबार सिर्फ चिप बनाने तक सीमित नहीं है. यही वजह है कि उन्हें एआई और चिप से ज्यादा पारंपरिक भारतीय आईटी कंपनियों में अवसर दिख रहा है. शेयर बाजार एक्सपर्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि एआई शेयरों में आई गिरावट भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव मूव बना सकता है. इससे भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार हो रही निकासी पर भी लगाम लगाई जा सकती है.
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी
ऊपर दिए गए आंकड़ों से एक बात तो तय है कि भारतीय आईटी सेक्टर में आ रही तेजी सिर्फ एआई और चिप कंपनियों में गिरावट का नतीजा नहीं है. HCLTech को बाजार नतीजों का काफी साथ मिला है.कंपनी ने सितंबर तिमाही में 21 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ हासिल की है और एआई से उसकी सालाना कमाई करीब 22 करोड़ डॉलर पहुंच चुकी है. हालांकि, विप्रो जैसी कंपनियों को तिमाही नतीजों का उतना साथ नहीं मिला लेकिन सेक्टर में आ रही तेजी का फायदा जरूर मिल रहा है, क्योंकि टीसीएस के शेयरों में भी तगड़ा उछाल आया है. हालांकि, आगे इसमें तेजी बनी रहेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से निकासी कम कर सकते हैं या फिर जारी रखेंगे. साथ ही अगर अमेरिका में आईटी खर्च और ब्याज दरें बढ़ती हैं तो कंपनियां अपना खर्च रोक सकती हैं. इससे भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दबाव आ सकता है.
मैहर में दुर्गा प्रतिमा जुलूस में घुसी बाइक: डीजे पर नाच रहे 6 श्रद्धालु घायल, सभी अमरपाटन के रहने वाले – Maihar News
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में एनएच-30 पर स्थित पड़हा गांव में गुरुवार रात पंचमी के मौके पर दुर्गा प्रतिमा ले जा रहे श्रद्धालुओं के जुलूस में एक तेज रफ्तार बाइक घुस गई, जिसकी चपेट में आने से बाइक सवार समेत कुल छह लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण पिकअप वाहन में दुर्गा प्रतिमा रखकर स्थापना स्थल की ओर जा रहे थे। वाहन के साथ बड़ी संख्या में लोग पैदल चल रहे थे और डीजे की धुन पर नाच रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर भीड़ के बीच जा घुसी। इस हादसे में श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को ले जाया गया अस्पताल विपिन विश्वकर्मा (29 वर्ष, पिता रामहित विश्वकर्मा) – बाइक सवार रामेश्वर साकेत (60 वर्ष, पिता शिवबालक साकेत) जगदीश साकेत (50 वर्ष, पिता शिवबालक साकेत) शोभनाथ साकेत प्यारे लाल कोल कलावती यादव फूलमती कोल ये सभी घायल अमरपाटन, मैहर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। हादसे की सूचना मिलते ही समाजसेवी दीपू पड़हा और 1033 हाईवे एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
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फूलगोभी के पत्ते आते हैं काम! जानिए घर पर देसी साग बनाने का आसान तरीका
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Lakhimpur Kheri: सर्दियों में फूलगोभी की मांग बढ़ जाती है और घरों में इसकी सब्जी भी खूब बनाई जाती है. लेकिन फूलगोभी के बड़े-बड़े हरे पत्तों को अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं. इन पत्तों से भी स्वादिष्ट देसी साग तैयार किया जा सकता है. इसे बनाने के लिए सरसों का तेल, लहसुन और हरी मिर्च जैसी सामान्य सामग्री की जरूरत होती है. जानिए फूलगोभी के पत्तों से साग बनाने की आसान विधि.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी समेत पूरे तराई इलाके में सर्दियों के मौसम में हरी सब्जियों की मांग बढ़ जाती है. बाजार में फूलगोभी, पालक, सरसों, बथुआ और मेथी जैसी सब्जियां आसानी से मिल जाती हैं.
घरों में फूलगोभी की सब्जी तो खूब बनाई जाती है, लेकिन इसके साथ निकलने वाले हरे पत्तों से भी स्वादिष्ट देसी साग तैयार किया जा सकता है. अक्सर लोग इन पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि सही तरीके से पकाने पर इनसे लाजवाब साग बन सकता है.
गोभी के पत्तों का साग बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. घर में मौजूद सामान्य मसालों, लहसुन और हरी मिर्च की मदद से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. हालांकि, साग बनाने से पहले पत्तों की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है. पत्तों पर मिट्टी, धूल या छोटे कीड़े हो सकते हैं. इसलिए सबसे पहले पीले, सड़े हुए और खराब हिस्सों को अलग कर दें. इसके बाद पत्तों को साफ पानी से कई बार धो लें.
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प्राची बताती हैं कि जब भी वह बाजार से फूलगोभी लाती हैं, तो उसकी सब्जी बनाने के बाद बचे हुए पत्तों से साग तैयार करती हैं. उनके मुताबिक, साग का स्वाद अच्छा बनाने के लिए पत्तों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. इसके लिए पत्तों को अलग-अलग करके देखें और पीले या खराब हिस्सों को चाकू से काटकर निकाल दें. इसके बाद पत्तों को पानी में अच्छी तरह धोकर कुछ देर छलनी में रख दें, ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए. अब इन्हें बारीक काट लें. अगर पत्तों की डंठल ज्यादा मोटी और सख्त है, तो उसे अलग कर दें.
साग बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें एक से दो बड़े चम्मच सरसों का तेल डालें. तेल गर्म होने पर इसमें बारीक कटा लहसुन और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक भूनें. इसके बाद कटे हुए गोभी के पत्ते डाल दें. कुछ देर पकाने पर पत्तों से पानी निकलने लगेगा. अब कड़ाही को ढककर करीब 8 से 12 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में ढक्कन हटाकर साग को चलाते रहें, ताकि वह कड़ाही के तले में चिपके नहीं. जब पत्ते अच्छी तरह नरम हो जाएं और साग पक जाए, तो गैस बंद कर दें.
गोभी के पत्तों से तैयार यह देसी साग गर्मागर्म रोटी के साथ स्वादिष्ट लगता है. इसे पराठे, चावल या दाल-चावल के साथ भी खाया जा सकता है. ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी अपने भोजन में तरह-तरह के साग खाना पसंद करते हैं. ऐसे में फूलगोभी के ताजे पत्तों को फेंकने के बजाय उनसे स्वादिष्ट साग तैयार किया जा सकता है.


