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India-Peru FTA : भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत एक बार िफर अटक गई है. दोनों देशों ने इस पर साल 2017 में बातचीत शुरू की थी, लेिकन अभी तक अंितम पड़ाव नहीं आया है. केंद्रीय वािणज्य मंत्री ने कहा है िक िफलहाल इस पर बातचीत जल्द समाप्त होने की उम्मीद नहीं है.
भारत और पेरू के साथ एफटीए पर बातचीत साल 2017 में शुरू हुई थी.
नई दिल्ली. अमेिरका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर अभी बातचीत पूरी भी नहीं हुई है कि एक और देश के साथ एफटीए का पेच फंस गया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कुछ उत्पादों में बाजार पहुंच संबंधी चिंताओं के कारण भारत-पेरू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए चल रही बातचीत के जल्द संपन्न होने की संभावना नहीं है.
गोयल ने कहाकि कुछ चिंताएं हैं. कई ऐसे उत्पाद हैं जहां हम उन्हें बाजार पहुंच की अनुमति नहीं दे सकते. मुझे नहीं लगता कि पेरू के साथ एफटीए बहुत जल्द होने जा रहा है. उल्लेखनीय है कि भारत और पेरू के बीच प्रस्तावित एफटीए के लिए बातचीत साल 2017 में शुरू हुई थी. दूसरी ओर, भारत-कनाडा एफटीए के संबंध में मंत्री ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय अधिकारियों का एक दल बातचीत के अगले दौर के लिए सोमवार को कनाडा जाएगा.
कनाडा से जल्द समझौते की उम्मीद
गोयल ने कहा कि कनाडा के साथ एफटीए वार्ता अच्छी प्रगति पर है. हमारी टीम अगले दौर की बातचीत के लिए सोमवार को जा रही है. हमारी कोशिश है कि हम अगले छह महीनों में इसे अंतिम रूप दे दें. केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वह 13 जुलाई को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रेल, सूचना एवं प्रसारण व इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रसेल्स जाएंगे, जहां वे भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में हिस्सा लेंगे.
पेरू से समझौते का भारत को क्या फायदा
भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर 9 साल पहले बातचीत शुरू हुई थी. इस एफटीए का भारत को ज्यादा लाभ होगा. इससे पेरू से आने वाले तांबे, सोने और अन्य मेटल का आयात सस्ता हो जाएगा, इससे भारत के इलेक्ट्रॉिनक्स और मैन्युफैक्चिरंग सेक्टर को काफी लाभ होगा. भारत को इन उत्पादों के विनर्माण िलए सस्ता कच्चा माल िमलेगा और उत्पादन को बढ़ाने में आसानी होगी. इसकी लागत में भी कमी आएगी.
एक्सपोर्ट बढ़ाने में भी फायदा
पेरू के साथ एफटीए पूरा होने के बाद भारत का एक्सपोर्ट और बढ़ेगा. भारत से ऑटोमोबाइल, मशीनरी और सूती धागे का काफी एक्सपोर्ट पेरू में होता है. इन उत्पादों पर शुल्क खत्म होने के बाद पेरू को एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद िमलेगी. भारत की दवाओं की मांग भी पेरू में बढ़ेगी. फार्मा सेक्टर में भारत एक्सपोर्ट का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इसका मतलब है िक पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौते से भारत के कई उद्योगों को फायदा होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें








