कौशांबी की पिपरी थाना पुलिस ने गुरुवार शाम 5 बजे चोरी के मामलों में किशन पासी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से चोरी की दो मोटरसाइकिलें, एक जोड़ी पायल और 2,000 रुपए नकद बरामद किए हैं। किशन पासी प्रयागराज जिले के पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मंदर गांव का रहने वाला है। वह संतोष पासी का बेटा है। पुलिस के मुताबिक, उसका साथी मौके से फरार हो गया। 10 अक्टूबर 2026 को फतेहपुर जिले के हथगवां थाना क्षेत्र के सहसुपुर गांव की बेला देवी ने पिपरी थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। बेला देवी, स्वर्गीय रोशन लाल की पत्नी हैं। उन्होंने बताया था कि रात में अज्ञात चोर उनके घर से नकदी और जेवर ले गए। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पिपरी पुलिस की टीम इलाके में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी में शामिल आरोपी अपने साथी के साथ मौजूद है। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी मोटरसाइकिल से भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर किशन पासी को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में किशन ने साथी के साथ सहसुपुर गांव के घर से जेवर चोरी करने की बात मानी। उसने बताया कि चोरी की पायल दोनों ने आपस में बांट ली थी। पुलिस ने जो पायल बरामद की, वह इसी चोरी की है। पुलिस जांच में पता चला कि बरामद मोटरसाइकिलों में से एक 1 सितंबर 2026 को मनौरी गुरुद्वारा के पास से चोरी हुई थी। दूसरी मोटरसाइकिल 23 अक्टूबर 2026 को राजनपुर से चोरी हुई थी। पुलिस के अनुसार, किशन पासी के खिलाफ कौशांबी और प्रयागराज के अलग-अलग थानों में पहले से कई केस दर्ज हैं। इनमें करारी थाने में चोरी और आर्म्स एक्ट, पिपरी थाने में चोरी और पुरामुफ्ती थाने में गंभीर धाराओं के मामले शामिल हैं। पुलिस ने किशन पासी को जेल भेज दिया है।
Source link
कौशांबी में चोरी के मामलों में आरोपी गिरफ्तार: 2 बाइक और पायल बरामद, फतेहपुर-प्रयागराज में हुई थी चोरी – Kaushambi News
इंदौर में 2 नवंबर से RSS की अखिल भारतीय बैठक: डॉ. मोहन भागवत, दत्तात्रेय होसबाले होंगे शामिल; नशे और डिजिटल कंटेंट पर होगी चर्चा – Indore News
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की वार्षिक बैठक 2 से 4 नवंबर तक इंदौर में होगी। इसमें संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित सभी छह सह सरकार्यवाह और अखिल भारतीय स्तर के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में हुए कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ मौजूदा सामाजिक और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर की ओर से 22 अक्टूबर को जारी जानकारी के अनुसार, बैठक मालवा प्रांत के इंदौर में आयोजित की जाएगी। इसमें संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ देशभर के 46 प्रांतों और 11 क्षेत्रों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल होंगे। आयोजन डेली कॉलेज मैदान में होगा। शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की होगी समीक्षा संघ की ओर से पिछले एक साल से देशभर में शताब्दी वर्ष के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे थे। हाल ही में विजयादशमी उत्सव के साथ इन कार्यक्रमों की श्रृंखला पूरी हुई है। बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान हुए कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही विजयादशमी पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के उद्बोधन में उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर आगे की कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा होगी। नशे की समस्या और डिजिटल कंटेंट पर मंथन बैठक में वर्तमान समय की सामाजिक चुनौतियों और महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा प्रस्तावित है। इनमें नशीली दवाओं की बढ़ती समस्या, नए माध्यमों पर प्रसारित होने वाले कंटेंट, बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप और वैश्विक परिदृश्य जैसे मुद्दे शामिल हैं। इन विषयों पर चर्चा के जरिए संघ की आगामी गतिविधियों और कार्यदिशा से जुड़े पहलुओं पर विचार किया जाएगा। देशभर के पदाधिकारी होंगे शामिल बैठक में संघ के सभी छह सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभागों के प्रमुख और कार्यकारिणी के सदस्य मौजूद रहेंगे। इसके अलावा सभी 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, प्रांत कार्यवाह, प्रांत प्रचारक और उनके सह पदाधिकारी तथा संघ के सभी 11 क्षेत्रों के प्रमुख पदाधिकारी भी अपेक्षित हैं। तीन दिवसीय बैठक में संघ के संगठनात्मक कार्यों की समीक्षा के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
Source link
गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट कार्यक्रम: DM बोले- नए विचारों के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर तलाशें युवा – Bettiah (West Champaran) News
पश्चिम चंपारण के उद्यमियों को बैंकिंग सुविधाओं, ऋण योजनाओं और वित्तीय मदद की जानकारी देने के लिए गुरुवार को गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में ‘स्टार्टअप-बैंक कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन उद्यमियों को हरसंभव सहयोग देगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार राज्य में उद्योगों और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। युवाओं को नए विचारों के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में अवसर तलाशने चाहिए। जिले में रोजगार के नए अवसर बनाने की कोशिश कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के स्टार्टअप सेल ने किया। इसका उद्देश्य स्टार्टअप संचालकों और नवाचारकर्ताओं को बैंकिंग सुविधाओं, ऋण योजनाओं और वित्तीय मदद से जोड़ना था। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। प्राचार्य डॉ. सुबोध कुमार यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। जिलाधिकारी ने कहा कि स्टार्टअप की सफलता के लिए बेहतर विचार, स्पष्ट कार्ययोजना, दृढ़ विश्वास और लगातार मेहनत जरूरी है। उन्होंने कहा कि वित्तीय मदद से स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में सहायता मिलती है। जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी जिला प्रशासन की कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र उद्यमियों तक पहुंचे और जिले में रोजगार के नए अवसर बनें। उन्होंने बताया कि हर जिले में जिला उद्योग केंद्र के तहत एमएसएमई केंद्र बनाए गए हैं। यहां उद्यमियों को उद्योग विभाग की योजनाओं, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रोहित राज, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक कामेश्वर सिंह, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अग्रणी जिला प्रबंधक राजेंद्र कुमार पांडेय और एक्सिस बैंक के क्लस्टर हेड बिनोद कुमार ने भी हिस्सा लिया। बैंकिंग संपर्क स्थापित करने पर जोर कार्यक्रम में स्टार्टअप बिहार की योजनाओं, बैंक ऋण, क्रेडिट गारंटी योजना, ऋण की पात्रता और जरूरी दस्तावेजों पर चर्चा हुई। रेजरपे के ऑनलाइन सत्र में डिजिटल भुगतान और व्यावसायिक वित्तीय सेवाओं की जानकारी दी गई। सफल स्टार्टअप संस्थापकों ने अपने अनुभव साझा किए। उद्यमियों और बैंक अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत बैठकें भी हुईं। इनमें उद्यमियों की वित्तीय जरूरतों के मुताबिक बैंकिंग संपर्क स्थापित करने पर जोर दिया गया।
Source link
हिमाचल का मशहूर शाही चना मदरा, दही और खड़े मसालों से आएगा जबरदस्त स्वाद
Himachali Chana Madra Recipe: भारत के अलग-अलग राज्यों में खाने की अपनी खास पहचान है. कहीं तीखी और मसालेदार सब्जियां पसंद की जाती हैं, तो कहीं दही और हल्के मसालों से तैयार व्यंजन लोगों को खूब पसंद आते हैं. हिमाचल प्रदेश भी अपने पारंपरिक खानपान के लिए जाना जाता है. यहां की पहाड़ी रसोई में कई ऐसे व्यंजन बनाए जाते हैं, जिनका स्वाद सामान्य सब्जियों से बिल्कुल अलग होता है. इन्हीं में से एक है शाही चना मदरा. यह हिमाचल की पारंपरिक धाम में परोसे जाने वाले खास व्यंजनों में शामिल है. खासकर कांगड़ा और चंबा जैसे इलाकों में शादी, त्योहार और दूसरे शुभ अवसरों पर मदरा बनाने की परंपरा रही है. इस डिश की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए प्याज और टमाटर की जरूरत नहीं पड़ती. इसमें उबले हुए काबुली चने, गाढ़ा दही और साबुत मसालों का इस्तेमाल किया जाता है.
दही की वजह से ग्रेवी हल्की खट्टी और मलाईदार बनती है, जबकि लौंग, दालचीनी, इलायची और जीरा इसमें अच्छी खुशबू लाते हैं. हालांकि, इस रेसिपी को बनाते समय सबसे ज्यादा ध्यान दही डालने के तरीके पर देना होता है. अगर दही को तेज आंच पर डाल दिया जाए या सही तरीके से न पकाया जाए, तो वह फट सकता है. सोशल मीडिया पर राहुल की रसोई से सामने आई इस रेसिपी में दही को सही तरीके से पकाने और चावल के आटे से ग्रेवी गाढ़ी करने का तरीका बताया गया है. अगर आप भी घर पर हिमाचल के पारंपरिक खाने का स्वाद लेना चाहते हैं, तो शाही चना मदरा की यह आसान रेसिपी आजमा सकते हैं.
शाही चना मदरा बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
हिमाचली शाही चना मदरा बनाने के लिए एक कप सूखे काबुली चने और करीब दो कप गाढ़ा दही लें. इसके अलावा दो बड़े चम्मच सरसों का तेल, एक छोटा चम्मच जीरा, दो तेजपत्ते, एक इंच दालचीनी, तीन से चार लौंग, चार से पांच साबुत काली मिर्च, दो छोटी इलायची और एक बड़ी इलायची की जरूरत होगी. मसालों में आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर और आधा छोटा चम्मच गरम मसाला लें. इसके अलावा दो साबुत हरी मिर्च और स्वादानुसार नमक रखें.
ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए एक छोटा चम्मच चावल का आटा भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आपके पास चावल का आटा नहीं है, तो इसे छोड़ सकते हैं. हालांकि, चावल का आटा डालने से ग्रेवी को गाढ़ा बनाने में मदद मिलती है.
सबसे पहले काबुली चने को अच्छी तरह भिगोएं
चना मदरा बनाने की शुरुआत काबुली चने तैयार करने से करें. इसके लिए सबसे पहले चनों को साफ पानी से दो से तीन बार धो लें. अब इन्हें एक बड़े बर्तन में डालें और पर्याप्त पानी मिलाकर करीब 6 से 8 घंटे या रातभर के लिए भिगोकर रख दें. चने अच्छी तरह भीगने के बाद आकार में बड़े हो जाएंगे और उन्हें पकाना आसान होगा. अगले दिन चनों का पानी निकालकर एक बार फिर साफ पानी से धो लें. अब इन्हें प्रेशर कुकर में डालें और इतना पानी मिलाएं कि चने अच्छी तरह डूब जाएं. इसमें थोड़ी मात्रा में नमक भी डाल सकते हैं.
कुकर का ढक्कन बंद करके चनों को नरम होने तक पकाएं. आमतौर पर चार से पांच सीटी लग सकती हैं, लेकिन पकने का समय चनों की किस्म और कुकर के अनुसार बदल सकता है. ध्यान रखें कि चने अच्छी तरह नरम होने चाहिए, लेकिन इतने ज्यादा नहीं गलने चाहिए कि वे टूटकर पेस्ट बन जाएं.
दही में मसाले मिलाकर तैयार करें मलाईदार मिश्रण
अब एक बड़े कटोरे में गाढ़ा दही निकाल लें. कोशिश करें कि दही बहुत ज्यादा खट्टा न हो, क्योंकि इससे मदरा का स्वाद जरूरत से ज्यादा खट्टा हो सकता है. दही को चम्मच या फेंटनी की मदद से अच्छी तरह फेंट लें. इसके बाद इसमें हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला डालें. सभी चीजों को तब तक मिलाएं, जब तक दही का मिश्रण एकदम मुलायम और बिना गांठों वाला न बन जाए.
अगर दही बहुत ज्यादा गाढ़ा है, तो इसमें थोड़ा पानी मिला सकते हैं. हालांकि, पानी ज्यादा न डालें, क्योंकि मदरा की ग्रेवी हल्की गाढ़ी और मलाईदार अच्छी लगती है. दही को पहले से अच्छी तरह फेंटना जरूरी है. इससे ग्रेवी की बनावट एक जैसी रखने में मदद मिलती है.
(इमेज AI)
सरसों के तेल में खड़े मसालों का लगाएं तड़का
अब गैस पर एक मोटे तले वाली कड़ाही रखें और उसमें सरसों का तेल डालें. तेल को अच्छी तरह गर्म करें, ताकि उसका कच्चापन कम हो जाए. इसके बाद गैस की आंच धीमी कर दें. अब गर्म तेल में जीरा, तेजपत्ता, दालचीनी, लौंग, साबुत काली मिर्च, छोटी इलायची और बड़ी इलायची डालें. सभी मसालों को कुछ सेकंड तक हल्का भूनें. जैसे ही मसालों की खुशबू आने लगे, समझ जाएं कि तड़का तैयार है.
ध्यान रखें कि मसालों को बहुत ज्यादा न भूनें. अगर ये जल गए, तो मदरा की ग्रेवी का स्वाद कड़वा हो सकता है. इन साबुत मसालों की वजह से बिना प्याज और टमाटर के भी मदरा में अच्छी खुशबू आती है.
दही डालते समय न करें यह गलती
अब बारी आती है इस रेसिपी के सबसे जरूरी हिस्से की. जब मसाले अच्छी तरह भुन जाएं, तो गैस की आंच बिल्कुल धीमी कर दें. इसके बाद तैयार दही का मिश्रण थोड़ा-थोड़ा करके कड़ाही में डालें और साथ ही चम्मच से लगातार चलाते रहें. ध्यान रखें कि दही को बहुत तेज गर्म तेल में एक साथ नहीं डालना चाहिए. ज्यादा तापमान के कारण दही के फटने की संभावना बढ़ सकती है.
दही डालने के बाद इसे लगातार चलाते हुए धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं. जब मिश्रण धीरे-धीरे गर्म होकर उबलने लगे, तब भी बीच-बीच में चलाते रहें. दही को फटने से बचाने के लिए बहुत तेज आंच से बचना जरूरी है. अगर दही में पहले से गांठें नहीं होंगी और उसे धीरे-धीरे गर्म किया जाएगा, तो ग्रेवी की बनावट अच्छी रहने की संभावना बढ़ेगी.
दही की ग्रेवी को अच्छी तरह पकने दें
जब दही का मिश्रण कड़ाही में अच्छी तरह मिल जाए, तो इसे धीमी आंच पर पकाते रहें. कुछ देर बाद ग्रेवी का रंग बदलने लगेगा और मसालों की खुशबू भी आने लगेगी. पकने के दौरान मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो सकता है. इस समय ध्यान रखें कि ग्रेवी कड़ाही के तले में चिपकने न पाए. इसलिए बीच-बीच में चम्मच चलाते रहें. जब दही अच्छी तरह पक जाए और ग्रेवी में हल्की चिकनाई दिखाई देने लगे, तो इसमें उबले हुए काबुली चने डालने की तैयारी करें. अगर ग्रेवी जरूरत से ज्यादा गाढ़ी हो रही है, तो इसमें थोड़ा गर्म पानी मिला सकते हैं.
उबले हुए चने डालकर मसालों के साथ मिलाएं
अब तैयार दही की ग्रेवी में उबले हुए काबुली चने डाल दें. इसके बाद स्वादानुसार नमक और दो साबुत हरी मिर्च मिलाएं. सभी चीजों को हल्के हाथ से चलाएं, ताकि चने टूटें नहीं और उन पर दही की ग्रेवी अच्छी तरह चढ़ जाए. अब कड़ाही को धीमी आंच पर कुछ मिनट तक पकने दें. इससे चनों में मसालों का स्वाद अच्छी तरह मिल जाएगा. अगर आपको हल्का तीखा स्वाद पसंद है, तो हरी मिर्च को साबुत ही रहने दें. वहीं, ज्यादा तीखा स्वाद पसंद करने वाले लोग हरी मिर्च में हल्का चीरा लगा सकते हैं.
चावल के आटे से ग्रेवी को बनाएं गाढ़ा
शाही चना मदरा की ग्रेवी को थोड़ा गाढ़ा और मुलायम बनाने के लिए चावल के आटे का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए एक छोटे कटोरे में एक छोटा चम्मच चावल का आटा लें. अब इसमें दो से तीन बड़े चम्मच पानी डालकर अच्छी तरह घोल लें. ध्यान रखें कि चावल के आटे में गांठें नहीं रहनी चाहिए. इसके बाद इस घोल को धीरे-धीरे कड़ाही में डालें और साथ ही मदरा को चलाते रहें.
चावल का आटा डालने के बाद ग्रेवी धीरे-धीरे गाढ़ी होने लगेगी. हालांकि, इसकी मात्रा ज्यादा न रखें, क्योंकि इससे ग्रेवी जरूरत से ज्यादा गाढ़ी हो सकती है. अगर दही पहले से काफी गाढ़ा है, तो चावल का आटा डालना जरूरी नहीं है.
धीमी आंच पर पकाकर तैयार करें शाही चना मदरा
जब चावल के आटे का घोल ग्रेवी में अच्छी तरह मिल जाए, तो गैस की आंच धीमी कर दें. अब मदरा को करीब पांच से सात मिनट तक पकाएं. इस दौरान इसे बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि ग्रेवी नीचे चिपके नहीं. धीरे-धीरे दही, चने और मसालों का स्वाद आपस में मिल जाएगा. जब ग्रेवी अच्छी तरह पककर गाढ़ी और मलाईदार हो जाए, तो गैस बंद कर दें. तैयार मदरा को कुछ मिनट तक ढककर रख सकते हैं. इससे मसालों की खुशबू अच्छी तरह बनी रहेगी.
चावल और रोटी के साथ परोसें हिमाचली चना मदरा
तैयार शाही चना मदरा को एक बड़े कटोरे में निकाल लें. इसे गरमागरम चावल के साथ परोस सकते हैं. हिमाचल की पारंपरिक धाम में मदरा को चावल के साथ परोसने की परंपरा है. हालांकि, घर पर आप इसे अपनी पसंद के अनुसार रोटी के साथ भी खा सकते हैं. इसकी खास बात यह है कि बिना प्याज और टमाटर के भी दही और साबुत मसालों की मदद से अच्छी ग्रेवी तैयार हो जाती है. अगर आप रोज की चना मसाला या छोले की सब्जी से अलग कुछ बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकती है.
शाही चना मदरा बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
शाही चना मदरा बनाते समय सबसे जरूरी है कि दही ताजा और गाढ़ा हो. बहुत ज्यादा खट्टे दही का इस्तेमाल करने से ग्रेवी का स्वाद बिगड़ सकता है. दही को कड़ाही में डालने से पहले अच्छी तरह फेंट लें. इसके अलावा दही डालते समय आंच धीमी रखें और लगातार चलाएं. चनों को पहले से अच्छी तरह उबालना भी जरूरी है, क्योंकि दही की ग्रेवी में डालने के बाद उन्हें बहुत देर तक पकाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए.
अगर चावल के आटे से ग्रेवी गाढ़ी कर रहे हैं, तो उसे सीधे कड़ाही में डालने के बजाय पहले पानी में घोल लें. इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर घर पर हिमाचली स्टाइल का स्वादिष्ट और मलाईदार शाही चना मदरा तैयार किया जा सकता है.
iQOO ने लॉन्च किया 9020mAh बैटरी वाला दमदार गेमिंग टैबलेट
iQOO ने अपने गेमिंग स्मार्टफोन के साथ-साथ 9020mAh बैटरी वाला दमदार टैबलेट भी लॉन्च किया है। Vivo के सब्सिडियरी ब्रांड का यह गेमिंग लैपटॉप फ्लैगशिप लेवल एक्सपीरियंस के साथ पेश किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह यूजर्स को बड़ी स्क्रीन वाले स्मार्टफोन वाला फील देगा, जहां गेमिंग और कंटेंट का अच्छा एक्सपीरियंस मिलेगा।
iQOO Pad Pro की कीमत
आईकू का यह टैबलेट 5 स्टोरेज वेरिएंट्स में पेश किया गया है। इसे 8GB RAM + 256GB, 12GB RAM + 256GB, 16GB RAM + 256GB, 12GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 512GB में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 4299 (लगभग 61,400 रुपये) है। वहीं, इसके अन्य वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः CNY 4699 (लगभग 67,100 रुपये), CNY 5099 (लगभग 72,800 रुपये), CNY 5399 (लगभग 77,100 रुपये) और CNY 5799 (लगभग 82,800 रुपये) है। इसकी सेल भी iQOO Neo 12 के साथ चीन में लाइव हो गई है।
- 8GB RAM + 256GB – CNY 4299 (लगभग 61,400 रुपये)
- 12GB RAM + 256GB – CNY 4699 (लगभग 67,100 रुपये)
- 16GB RAM + 256GB – CNY 5099 (लगभग 72,800 रुपये)
- 12GB RAM + 512GB – CNY 5399 (लगभग 77,100 रुपये)
- 16GB RAM + 512GB – CNY 5799 (लगभग 82,800 रुपये)
iQOO Pad Pro के फीचर्स
iQOO का यह गेमिंग टैबलेट 8.8 इंच के कॉम्पैक्ट पॉकेट फ्रेंडली डिस्प्ले के साथ आता है। कंपनी ने इसमें फ्लैगशिप लेवल हार्डवेयर यूज किया है। इसके डिस्प्ले का रेजलूशन 2K पिक्सल और रिफ्रेश रेट 165Hz तक है। कंपनी ने इसमें Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 Plus चिपसेट यूज किया है, जो पिछले साल लॉन्च हुए कई फ्लैगशिप स्मार्टफोन में इस्तेमाल किया गया है। इस लैपटॉप में कंपनी ने डेडिकेटेड Q3 गेमिंग चिप दिया है।
यह लैपटॉप 16GB LPDDR5X Ultra रैम और 512GB तक UFS 4.1 स्टोरेज के साथ आता है। इसमें कंपनी ने कूलिंग के लिए आइस डोम क्वाड लेयर सिस्टम यूज किया है। यह गेमिंग लेपटॉप 9020mAh की दमदार बैटरी और 66W फास्ट चार्जिंग फीचर को सपोर्ट करता है। इस लैपटॉप में कनेक्टिविटी के लिए WiFi 7, Bluetooth 5.4 और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स दिए हैं। इसमें 13MP का रियर और 8MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा। यह टैबलेट Android 17 पर बेस्ड OriginOS 7 पर काम करता है।
यह भी पढ़ें – 15 साल बाद देसी ब्रांड की वापसी, Gen Z यूजर्स के लिए जल्द लॉन्च करेगा दमदार स्मार्टफोन
सुप्रीम कोर्ट बोला-पटाखों पर पूरे बैन के पक्ष में नहीं: लेकिन आदेश लागू नहीं हुए तो हर साल निर्देश देना मजाक बन जाएगा
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने के पक्ष में नहीं है। कोर्ट ने अधिकारियों से आदेशों को जमीन पर लागू करने को कहा। दिल्ली-NCR में पटाखे जलाने से जुड़े मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की बेंच ने की। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दिल्ली सरकार और कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की ओर से प्रदूषण रोकने के उपाय बताए। बेंच ने कहा, “जमीन पर लागू किए बिना आदेश और निर्देश देने का कोई मतलब नहीं है। ऐसा नहीं हुआ तो यह मजाक बन जाएगा।” सुप्रीम कोर्ट के 3 कमेंट… दिल्ली सरकार की योजना का जिक्र ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि दिल्ली सरकार और CAQM प्रदूषण से निपटने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। नवंबर से कई उपाय लागू होंगे। इनमें पुराने वाहनों पर रोक, निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर नियंत्रण और दिल्ली में दफ्तरों के समय में बदलाव शामिल है। भाटी ने कहा, “हम प्रदूषण के उस मौसम से निपटने के लिए तैयार हैं, जो दुर्भाग्य से हर साल आता है।” सुप्रीम कोर्ट में बेरियम के इस्तेमाल पर 3 हफ्ते बाद सुनवाई केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि पटाखों में बेरियम के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे पर आंतरिक चर्चा जारी है। भाटी ने इस चर्चा को पूरा करने के लिए तीन हफ्ते का समय मांगा। उन्होंने कहा, “बेरियम के मुद्दे पर हमारी आंतरिक चर्चा पूरी नहीं हुई है।” बेंच ने कहा कि वह इस मुद्दे पर तीन हफ्ते बाद विचार करेगी। दरअसल, 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण से जुड़े दो मामलों की सुनवाई कर रहा था। इस मामले में पटाखों के अलावा पराली जलाने और ठोस कचरा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी शामिल हैं। दूसरी याचिका पटाखों के निर्माण पर रोक से जुड़ी है। ग्रीन पटाखों की बिक्री और जांच पर सवाल सुप्रीम कोर्ट की मदद कर रहीं एमिकस क्यूरी वकील ने कहा कि पटाखे जलाने से बड़ी मात्रा में खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर (PM) निकलता है। यह मानव शरीर में जाकर फेफड़ों और दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते दशहरा के दौरान दिल्ली-NCR में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में बढ़ोतरी हुई। बिक रहे पटाखे वास्तव में ग्रीन पटाखे हैं या नहीं, इसकी जांच के लिए उचित व्यवस्था नहीं है। दूसरी याचिका में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी कई आदेश दे चुका है। उन्होंने कहा कि इन निर्देशों का उल्लंघन हुआ है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पटाखों के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, एक अन्य वकील ने पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने का विरोध किया। 30 सितंबर: कोर्ट ने कहा था- 24 घंटे पटाखे चलाने की परमिशन नहीं दे सकते 30 सितंबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह पटाखों पर पूरी तरह रोक नहीं लगाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि वह चौबीसों घंटे पटाखे जलाने की अनुमति नहीं देगा। बेंच ने कहा था कि बीच का रास्ता निकालना जरूरी है। इसके लिए पटाखे जलाने के तय समय निर्धारित किए जा सकते हैं। उस सुनवाई में भाटी ने एक नोट दिया था। इसमें CSIR-NEERI की सिफारिश के आधार पर कुछ खास नेक्स्ट-जेनरेशन जॉइन्ड ग्रीन क्रैकर्स के लिए सीमित और सशर्त छूट पर विचार करने की बात कही गई थी। इन पटाखों को शोर, उत्सर्जन और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च-नेशनल एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CSIR-NEERI) के सहयोग से इन नए ग्रीन पटाखों को तैयार किया गया है। ये कम उत्सर्जन वाले नए तरह के जुड़े हुए पटाखे हैं। इनमें उत्सर्जन घटाने के लिए बेरियम साल्ट की मात्रा कम की गई है। नोट में कहा गया था कि इन खास पटाखों की अनुमति तभी दी जा सकती है, जब इनका निर्माण केवल लाइसेंस प्राप्त निर्माता करें। इन पटाखों को 125 dB(AI)/145 dB(C) पीक की तय शोर सीमा का पालन करना होगा। इनमें प्रतिबंधित रसायन नहीं होने चाहिए। पिछले साल ग्रीन पटाखों को सशर्त अनुमति पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी थी। यह छूट परंपराओं और पर्यावरण व स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की शर्तों के साथ दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया था कि ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल दिवाली से एक दिन पहले और दिवाली के दिन तय समय के दौरान ही किया जा सकेगा। कोर्ट ने यह भी कहा था कि यह छूट टेस्ट केस के तौर पर दी जा रही है। यह केवल तय अवधि के लिए लागू होगी।
Source link
रूस का यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर हमला, 13 मौतें: ड्रोन से इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया; इस साल रेल नेटवर्क पर 1600 हमले
कीव3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
यूक्रेन के निप्रो शहर में रूस के ड्रोन हमले के बाद की तस्वीर।
यूक्रेन के मध्य में स्थित निप्रो शहर में गुरुवार सुबह रूसी ड्रोन ने रेलवे स्टेशन पर हमला किया। अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए हैं।
शहर के मेयर बोरिस फिलातोव ने कहा कि ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हमले को भयावह बताया। उन्होंने रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की, ताकि ऐसे हमलों को रोका जा सके।
रूस के ट्रेन पर हमले के बाद की 4 तस्वीरें

ड्रोन हमले के बाद स्टेशन पर खड़ी दो ट्रेनों से धुआं निकलता दिखाई दिया।

रूसी ड्रोन हमले के बाद रेलवे स्टेशन पर राहत और बचाव कार्य करते कर्मचारी।

रेलवे स्टेशन पर राहत और बचाव कार्य में जुटे आपातकालीन कर्मचारी।

रूसी ड्रोन हमले के बाद अपनी बेटी के शव के पास दुख जताता पिता।
हमले के वक्त प्लेटफॉर्म पर खड़ी थी ट्रेन
यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के मुताबिक, ड्रोन ने उस प्लेटफॉर्म को निशाना बनाया, जहां निप्रो से जापोरिजिया जाने वाली ट्रेन नंबर 866 खड़ी थी।
ट्रेन रवाना होने की तैयारी में थी। रेलवे कंपनी ने बताया कि खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
रेलवे नेटवर्क पर 8 महीने में 1600 से ज्यादा हमले
- रूस ने 2026 के पहले 8 महीनों में यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर 1,600 से ज्यादा हमले किए। इनमें ट्रेन, रेल इंजन और रेलवे से जुड़े दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया गया।
- विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के मुताबिक, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस 500 से ज्यादा रेल इंजनों को नुकसान पहुंचा चुका है या नष्ट कर चुका है। इनमें से आधे से ज्यादा घटनाएं इसी साल हुईं।
- यूक्रेन के लिए रेलवे यात्रियों के साथ-साथ जरूरी सामान और अनाज की आवाजाही का भी अहम साधन है। ऐसे में रेलवे पर हमलों से देश की परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
- यूक्रेन के पूर्व उप परिवहन मंत्री वासिल शेवचेंको के मुताबिक, रेल इंजन पर हमला होने से पूरे रेल मार्ग पर यातायात ठप हो जाता है। डीजल इंजन में बड़ी मात्रा में ईंधन होने के कारण विस्फोट के बाद भीषण आग लग जाती है।

ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले यात्रियों के शव स्टेशन पर मौजूद
रेल नेटवर्क पर हमला क्यों करता है रूस
यूक्रेन के रेलवे नेटवर्क पर हमलों का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। रेलवे के जरिए अनाज, जरूरी सामान और युद्ध प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जाती है।
रेलवे की आवाजाही बाधित होने से अर्थव्यवस्था और देश की आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।
रेलवे को सुरक्षित रखने के लिए यूक्रेन की तैयारी
रूसी ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी ने ट्रेनों और ड्रोन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी केंद्र बनाए हैं। खतरे का संकेत मिलने पर ट्रेनों को रोककर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश की जाती है।
यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के मुताबिक, सितंबर में ड्रोन हमलों के खतरे के कारण 5,831 ट्रेनों से यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया। यानी औसतन हर दिन करीब 205 ट्रेनों को रोकना पड़ा।
कुछ यात्रियों को खतरा टलने तक रेलवे ट्रैक के पास या खुले मैदानों में इंतजार करना पड़ा। एक ट्रेन को सितंबर में 6.5 घंटे तक रोकना पड़ा था।
——————————–
ये खबर भी पढ़ें…
रूसी डीजल की पहली खेप अमेरिका रवाना:जहाज पर करीब 3 लाख बैरल डीजल लदा; देश में डीजल की कीमतें कम करना चाहते हैं ट्रम्प

अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच रूस से करीब 3 लाख बैरल डीजल लेकर एक टैंकर अमेरिका के लिए रवाना हुआ है। जहाज 10 नवंबर को न्यूयॉर्क पहुंच सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
टिमरनी में दो जगहों से अवैध पटाखे जब्त: कुशवाहा कॉलोनी के मकान से करीब 2 लाख रुपए का स्टॉक मिला, केस दर्ज – Harda News
हरदा के टिमरनी में बुधवार को प्रशासन और पुलिस ने दो जगहों पर कार्रवाई कर करीब 4 लाख रुपए के पटाखे जब्त किए। देर रात एसडीएम अशवनराम चिरावन के नेतृत्व में टीम ने कुशवाहा कॉलोनी स्थित एक मकान से करीब 2 लाख रुपए के पटाखे जब्त किए। इससे पहले बुधवार सुबह टिमरनी थाना पुलिस ने वार्ड नंबर 12 स्थित एक मकान से भी करीब 2 लाख रुपए के पटाखे जब्त किए थे। मकान के ऊपर वाले कमरे में रखा था पटाखों का स्टॉक देर रात की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुशवाहा कॉलोनी के मकान से करीब एक ट्रॉली पटाखे अपने कब्जे में लिए। पटाखों का स्टॉक मकान के ऊपर वाले कमरे में रखा हुआ था। प्रशासन के मुताबिक, मकान मालिक जुगलकिशोर पिता शिवदयाल दुबे पटाखों के लाइसेंस और खरीद से संबंधित दस्तावेज नहीं दिखा पाए। इसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वार्ड 12 में भी सुबह हुई थी कार्रवाई इससे पहले बुधवार सुबह टिमरनी थाना पुलिस ने वार्ड नंबर 12 में रहने वाले नीरज अग्रवाल के मकान पर कार्रवाई की थी। पुलिस ने यहां से भी करीब 2 लाख रुपए के पटाखे जब्त किए। दीपावली को लेकर प्रशासन की कार्रवाई प्रशासन के अनुसार दीपावली के दौरान लोगों की सुरक्षा को देखते हुए अवैध रूप से पटाखों के भंडारण और बिक्री पर कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पटाखों के भंडारण और बिक्री से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।
Source link
LLB के नतीजे में छात्रों की 5 विषयों में बैक: मुरादाबाद में 4 महीने बाद जारी रिजल्ट में शून्य ग्रेड प्वाइंट, जांच की मांग – Moradabad News
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय ने LLB द्वितीय सेमेस्टर का रिजल्ट चार महीने बाद जारी किया है। रिजल्ट सामने आने के बाद विद्यार्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। कई विद्यार्थियों के अंकपत्र में पांचों विषयों में बैक दर्ज है, जबकि कुछ के सभी विषयों में ग्रेड प्वाइंट शून्य हैं। कई विद्यार्थी एक या दो विषयों में ही पास हुए हैं। विद्यार्थियों ने आंतरिक मूल्यांकन और प्रैक्टिकल के अंकों में गड़बड़ी की आशंका जताई है। उनका कहना है कि सरकारी और निजी कॉलेजों के विद्यार्थियों के अंकों में अंतर दिखाई दे रहा है। सरकारी कॉलेज में कम, निजी में 24-24 अंक मिलने का दावा केजीके पीजी कॉलेज के छात्र सचिन चौधरी ने बताया कि सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थियों को कुछ विषयों में 11, 15 और 18 अंक मिले हैं। वहीं, निजी कॉलेजों के कुछ विद्यार्थियों को पांचों विषयों में 24-24 अंक दिए गए हैं। विद्यार्थियों ने इस अंतर की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। सचिन चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को विद्यार्थियों की शिकायतों पर ध्यान देकर अंकों की जांच करानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। विद्यार्थियों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने की मांग की है। प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट पर भी उठे थे सवाल विद्यार्थियों के मुताबिक, LLB प्रथम सेमेस्टर के रिजल्ट में भी प्रैक्टिकल और आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को लेकर आपत्ति जताई गई थी। अब द्वितीय सेमेस्टर के रिजल्ट में भी ऐसे आरोप सामने आने से विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
Source link
जमीन विवाद में किसान की पीटकर हत्या: गोपालगंज में 17 साल से चल रहा था विवाद, परिजन ने पड़ोसियों पर लगाया आरोप – Gopalganj News
गोपालगंज में जमीन विवाद को लेकर किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना गोपालपुर थाना क्षेत्र के बसावनापुर गांव की है। मृतक की पहचान बसावनापुर निवासी स्वर्गीय रघु खरवार के बेटे छठू खरवार (65) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गोपालगंज भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। जमीन कब्जा करने से मना करने पर किया हमला परिजन के मुताबिक, पड़ोसियों के साथ ढाई बीघा जमीन को लेकर साल 2009 से विवाद चल रहा था। परिजन का आरोप है कि घटना वाले दिन पड़ोसी विवादित जमीन पर ईंटें रखकर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। छठू खरवार और उनके परिवार ने इसका विरोध किया, जिसके बाद पड़ोसी पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
हमले में छठू खरवार गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
गोपालपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, परिजनों के बयान के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
Source link


