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- NEET UG Paper Leak Case | Delhi Court Hearing Prahlad Kulkarni Statement
नई दिल्ली14 मिनट पहले
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फाइल फोटो
नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को NEET-UG पेपर लीक केस में आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई हुई। प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी के वकील ने कहा कि कुलकर्णी पब्लिक सर्वेंट नहीं हैं, जैसा कि CBI ने आरोप लगाया है।
वकील हेमंत शाह ने कहा कि किसी व्यक्ति को पब्लिक सर्वेंट घोषित करने के लिए कानून के मुताबिक उसके पद की अधिसूचना जारी होना जरूरी है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पब्लिक अथॉरिटी है और पब्लिक परीक्षाएं कराती है। लेकिन कुलकर्णी के पद को लेकर ऐसी कोई अधिसूचना नहीं है।
वकील ने CBI के आरोप पर भी सवाल उठाया कि कुलकर्णी समेत एक्सपर्ट्स को NEET प्रश्नपत्र तैयार करने का काम सौंपा गया था।
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई काम सौंपे जाने का सवाल ही नहीं है। न भरोसा तोड़ने का मामला बनता है और न ही कोई अपराध हुआ है।
स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट स्पेशल जज (CBI) अजय गुप्ता की बेंच 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रही है।
इस मामले में आज भी सुनवाई होगी, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के वकील दलीलें रखेंगे।

वकील ने पेपर लीक और पैसों के आरोपों पर सवाल उठाए
कुलकर्णी के वकील ने कहा कि किसी भी छात्र को लीक हुआ पेपर नहीं दिया गया था। किसी ने यह भी नहीं कहा है कि सवालों के बदले पैसे दिए गए। पैसे से जुड़ी बात विवादित है। उन्होंने कहा कि कुलकर्णी का परीक्षा प्रश्नपत्र की छपाई से कोई लेना-देना नहीं था।
वकील ने कहा कि आरोपों के मुताबिक NEET-UG परीक्षा से पहले छात्रों ने कुलकर्णी के घर पर स्पेशल क्लास की थी। लेकिन रिकॉर्ड में छात्रों के उनके घर जाने का कोई सबूत नहीं है। रिकॉर्ड में MyGate की एंट्री भी नहीं है।
NTA के साथ हुए समझौते को लेकर भी दलील
कुलकर्णी के वकील ने कहा कि उनके और NTA के बीच हुआ गोपनीयता प्रमाणपत्र सिर्फ एक अंडरटेकिंग है। यह केवल एक कॉन्ट्रैक्ट है। इस अंडरटेकिंग से यह पता चलता है कि काम किया गया था।
धनंजय लोखंडे की ओर से एडवोकेट विक्रम सिंह ने दलीलें रखीं। मंगलवार को स्पेशल जज (CBI) अजय गुप्ता ने आरोपियों की ओर से बहस सुनी। CBI आरोप तय करने के मुद्दे पर सोमवार को अपनी दलीलें पूरी कर चुकी है।
मंगलवार की सुनवाई में प्रह्लाद कुलकर्णी, मनीषा मंधारे, तेजस हर्षद कुमार शाह, यश यादव, धनंजय लोखंडे और शुभम खैरनार के वकीलों ने बहस की।









