बिहार के मुजफ्फरपुर में एक प्राइवेट अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 20 से ज्यादा लोग झुलस गए। इस पर अब कांग्रेस ने वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को घेरा है। बिहार कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने कहा कि, राज्य में इतनी बड़ी घटना हो जाती है और स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली दौरे पर हैं। पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था ऐसे ही धराशायी है। इस बात को वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री को समझना चाहिए। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था ICU में भर्ती डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने आगे कहा कि, बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही CAG के रिपोर्ट के मुताबिक, ICU में भर्ती है। ऐसे में इस तरह के लापरवाही से अब मरीज जाए तो जाए कहां। बिहार में जहां एक ओर रेफर सिस्टम को सुधारने की बात हो रही है। जहां अस्पताल को बताया जा रहा है कि किस तरीके से काम कीजिए, ऐसे में इतनी बड़ी घटना अस्पताल में घटित हो जाती है। आखिर अस्पताल प्रशासन को एनओसी किसने दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने जताया दुख मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आगजनी की घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दुख जताया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा- मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है। इस हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।
उन्होंने बताया कि, जिला प्रशासन को घायल मरीजों की सुरक्षा एवं उपचार के लिए हर संभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत के कार्य युद्धस्तर पर चलाने के आदेश भी दिये गए हैं। इस दुखद घटना की जांच होगी। जिम्मेवारी तय होगी।
उन्होंने आगे लिखा कि, ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य, शक्ति और संबल प्रदान करें। शॉर्ट सर्किट से लगी आग, एसी में हुआ ब्लास्ट यह हादसा बुधवार रात करीब 3 बजे हुआ। आग शॉर्ट सर्किट से लगी। इसके बाद ICU में लगे एसी में ब्लास्ट हुआ। इसकी वजह से आग तेजी से फैली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड अस्पताल पहुंची और आग पर काबू पाया। लोगों ने मौके से स्टाफ के गायब होने का आरोप लगाया। परिजन अपने मरीजों को स्ट्रैचर से बाहर ले जाते दिखे। ICU वार्ड 5वीं फ्लोर पर है, जिसकी वजह से रेस्क्यू में दिक्कत आई। दमकलकर्मियों ने ICU और अस्पताल के दूसरे वार्डों में फंसे मरीजों को खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला। तीन मृतकों की पहचान हो गई है, जिनमें, गीता देवी, चंचला कुमारी, 57 साल के उदय कुमार, 30 साल के शशांक कुमार शामिल हैं। एक की पहचान नहीं हो पाई है।
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मुजफ्फरपुर अस्पताल अग्निकांड, कांग्रेस ने निशांत को घेरा: प्रवक्ता बोले-राज्य में इतनी बड़ी घटना और स्वास्थ्य मंत्री दिल्ली दौरे पर, ICU में बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था – Patna News
शाजापुर वार्ड-4 की सड़क क्षतिग्रस्त: पानी निकासी न होने से टूटी, वाहन चालक परेशान; मरम्मत जल्द – shajapur (MP) News
शाजापुर शहर के वार्ड नंबर 4 में मुरतल्ली बाबा की दरगाह के पास की सड़क पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। एक साल पहले डामरीकरण के बावजूद, जल जमाव से सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है, जिससे वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश और गंदे पानी के लगातार जमाव से सड़क की स्थिति बिगड़ती जा रही है। ऑटो रिक्शा चालक रितेश राठौर ने बताया, “जब भी हम इस मार्ग से सामान लेकर गुजरते हैं, तो झटकों के कारण सामान गिर जाता है और ऑटो चलाना मुश्किल हो जाता है।” मोहम्मद नावेद खान ने जानकारी दी कि पानी की निकासी न होने से गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है। इससे राहगीरों को भी दिक्कत होती है और उनके कपड़े खराब हो जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से जल्द मरम्मत और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग की है। इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम जैन ने बताया कि पानी निकासी की समस्या के कारण ही सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मरम्मत कार्य आज या कल में शुरू कर दिया जाएगा, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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लौकी की सब्जी भी आएगी बेहद पसंद, जानिये चना दाल के साथ इसे बनाने का टेस्टी तरीका
सूखी लौकी चना दाल की सब्जी एक पौष्टिक और स्वादिष्ट डिश है, जो खासतौर पर घर के खाने में पसंद की जाती है. इसमें लौकी की हल्की मिठास और चना दाल की मजबूती का बेहतरीन संतुलन मिलता है. यह सब्जी न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान रेसिपी.
आवश्यक सामग्री
ताज़ी लौकी– 2 कप (छोटी कटी हुई)
चना दाल – ½ कप (भिगोई हुई, 1-2 घंटे)
तेल – 2 टेबलस्पून
जीरा – 1 छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
प्याज – 1 (बारीक कटा हुआ)
हरी मिर्च – 1-2 (कटी हुई)
अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 छोटा चम्मच
टमाटर – 1 (कटा हुआ)
हल्दी पाउडर – ½ छोटा चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
गरम मसाला – ¼ छोटा चम्मच
नमक – स्वादानुसार
हरा धनिया – सजाने के लिए
बनाने की विधि
1. दाल तैयार करें
सबसे पहले चना दाल को अच्छी तरह धोकर 1–2 घंटे के लिए भिगो दें. इससे दाल जल्दी पकती है और नरम रहती है.
2. लौकी तैयार करें
अगर आप सूखी लौकी का उपयोग कर रहे हैं, तो उसे पहले हल्के गुनगुने पानी में थोड़ी देर भिगो लें ताकि वह नरम हो जाए. अगर ताज़ी लौकी है, तो उसे छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें.
3. तड़का लगाएं
एक कढ़ाई या प्रेशर कुकर में तेल गरम करें. उसमें जीरा डालें. जब जीरा चटकने लगे, तो हींग डालें. इसके बाद कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें.
4. मसाले डालें
अब इसमें अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह चलाएं. फिर टमाटर डालें और उसे नरम होने तक पकाएं. इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक डालकर मसालों को भून लें.
5. लौकी और दाल मिलाएं
अब भिगोई हुई चना दाल और लौकी डालें. अच्छी तरह मिक्स करें. यदि आप थोड़ा ग्रेवी रखना चाहते हैं, तो थोड़ा पानी डाल सकते हैं.
6. पकाएं
अगर आप प्रेशर कुकर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो 2–3 सीटी आने तक पकाएं. कढ़ाई में बना रहे हैं तो ढककर मध्यम आंच पर 15–20 मिनट तक पकाएं, जब तक दाल नरम न हो जाए.
7. फाइनल टच
जब सब्जी पक जाए, तो ऊपर से गरम मसाला डालें और अच्छे से मिलाएं. गैस बंद करें और ताजा हरा धनिया डालकर सजाएं.
खाने के फायदे
चना दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है.
लौकी शरीर को ठंडक देती है.
पाचन के लिए भी यह सब्जी बेहद फायदेमंद होती है.
परोसने का तरीका
इस स्वादिष्ट सूखी लौकी चना दाल को आप गरम-गरम रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं.
कुत्ते के लिए भिड़े दो देश: 300 नस्लों से बने कारामेलो कुत्ते पर मेक्सिको का दावा, ब्राजील में करेंसी पर छापने की तैयारी थी
ब्राजीलिया/मेक्सिको सिटी13 मिनट पहले
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ब्राजील और मेक्सिको के बीच इन दिनों भूरे रंग के एक अवारा कुत्ते को लेकर विवाद छिड़ गया है। इसका नाम कारामेलो है। ब्राजील के लोग इस कुत्ते को देश की पहचान मानते हैं। उनका कहना है कि ब्राजील में कारामेलो उतना ही खास है जितना फुटबॉल और सांबा संगीत।
मेक्सिको ने इसी साल अप्रैल में कारामेलो को स्थानीय नस्ल घोषित कर दिया जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ। मेक्सिको के इस फैसले ने ब्राजील में नाराजगी पैदा कर दी। कई ब्राजीलियाई लोगों को लगा कि उनकी सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनसे छीना जा रहा है।
वैज्ञानिक दृष्टि से कारामेलो किसी एक शुद्ध नस्ल का कुत्ता नहीं है। ब्राजील की जेनेटिक्स कंपनी DNA पेट्स की स्टडी के मुताबिक, यह 300 से ज्यादा विदेशी नस्लों के कुत्तों के मिश्रण से बना है। यह किसी एक समय पर विकसित की गई नस्ल नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों में सैकड़ों नस्लों के प्राकृतिक मिश्रण से बना कुत्ता है।
कारामेलो नाम इन कुत्तों के हल्के भूरे या टॉफी जैसे रंग की वजह से पड़ा है। ब्राजील में इन कुत्तों की लोकप्रियता इतनी ज्यादा है कि इन पर मीम बनते हैं, टी-शर्ट छपती हैं, वायरल गाने बनाए जाते हैं और कार्निवल परेड में इनके सम्मान में झांकियां तक निकाली जाती हैं। यहां तक कि इन्हें ब्राजील की मुद्रा पर जगह देने का प्रस्ताव भी चर्चा में आया था।

2020 में 200 रियास के नोट पर भी इस कुत्ते की तस्वीर लगाने की मांग उठी, जिसे और ज्यादा समर्थन मिला।
ब्राजील में राष्ट्रीय विरासत बनाने की कोशिश
कारामेलो पुर्तगाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ कैरेमल या टॉफी जैसा हल्का भूरा रंग होता है। इसी रंग के कारण ब्राजील में भूरे रंग के अवारा कुत्तों को ‘कारामेलो’ कहा जाता है।
2019 में यह डॉग सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसकी लोकप्रियता इतनी बढ़ी कि लोगों ने ब्राजील के 10 रियास के नोट पर बने पक्षी की जगह कारामेलो डॉग की तस्वीर लगाने की मांग शुरू कर दी। इसके लिए शुरू हुई एक याचिका पर करीब 50 हजार लोगों ने साइन किए।
इसके बाद 2023 में ब्राजील के सांसदों ने एक बिल पेश किया था, जिसमें कारामेलो स्ट्रीट डॉग्स को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग की गई थी। हालांकि, यह कानून अब तक पास नहीं हो सका है।
इसके बाद साओ पाउलो समेत कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर इन्हें सांस्कृतिक विरासत का दर्जा देने वाले कानून बनाए। रियो डी जेनेरियो के एक डॉग पार्क में हाल ही में बड़ी संख्या में ऐसे भूरे कुत्ते दिखाई दिए।

साल 2025 में कारामेलो कुत्ते पर नेटफ्लिक्स की एक फिल्म भी बनी थी।
100 साल में विकसित हुआ कारामेलो
शोध के अनुसार कारामेलो की जड़ें उन कुत्तों तक जाती हैं जिन्हें पुर्तगाली उपनिवेशवादी अपने साथ ब्राजील लाए थे। बाद में इटली, जर्मनी, स्पेन और जापान से आए प्रवासी भी विभिन्न नस्लों के कुत्ते लेकर आए।
1930 से 1970 के बीच ब्राजील में औद्योगीकरण बढ़ा। इस दौरान ग्रामीण इलाकों के लोग शहरों की ओर आए तो वे अपने साथ खेतों और पशुओं की रखवाली करने वाले कुत्तों को भी लेकर आए।
शहरों में पहले से मौजूद छोटे पालतू कुत्तों के साथ इनका मेल हुआ। कई पीढ़ियों तक बिना किसी नियंत्रण के प्रजनन होने के बाद आज के कारामेलो कुत्ते अस्तित्व में आए।
मेक्सिको में भी पाए जाते है ये भूरे कुत्ते
अप्रैल में मेक्सिको के पर्यावरण अभियोजक कार्यालय ने कारामेलो को मेक्सिकन नस्ल घोषित किया। अपने बयान में कार्यालय ने कहा कि इस कदम का मकसद देसी और आवारा कुत्तों को लेकर लोगों की नकारात्मक सोच बदलना है।
मेक्सिको में जानवरों की संस्था से जुड़ी क्लाउडिया एडवर्ड्स ने कहा कि मेक्सिको में भी ऐसे भूरे कुत्ते बड़ी संख्या में मिलते हैं। इसकी वजह दोनों देशों का मिलता-जुलता इतिहास और मौसम है।
उन्होंने कहा कि ब्राजील ने सबसे पहले इन कुत्तों को पहचान जरूर दिलाई। लेकिन कारामेलो सिर्फ एक देश का नहीं, पूरे लैटिन अमेरिका का है।

ब्राजील में कारामेलो डॉग लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है।
गर्म मौसम में आसानी से ढल जाते हैं कारामेलो कुत्ते
ब्राजील के लगभग हर शहर में ये भूरे कुत्ते दिखाई देते हैं। स्थानीय लोग अक्सर इन्हें खाना खिलाते हैं और इनकी देखभाल भी करते हैं। कई जगह ये मोहल्लों के साझा कुत्ते बन चुके हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इनका छोटा और हल्का भूरा फर इन्हें गर्म मौसम में फायदा देता है। इससे शरीर पर कम कीड़े लगते हैं और तेज धूप में भी ये आसानी से रह पाते हैं। मिश्रित नस्ल होने की वजह से इनमें कई जन्मजात बीमारियों का खतरा भी कम रहता है।
यही वजह है कि ये कुत्ते काफी मजबूत और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढाल लेने वाले होते हैं।
कई कारामेलो लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद शेल्टर होम्स में है
कारामेलो कुत्तों की लोकप्रियता बढ़ी है लेकिन बड़ी संख्या में ये अब भी शेल्टर होम्स में पड़े हैं। ब्राजील की सबसे बड़ी एनिमल वेलफेयर संस्था अम्पारा की संस्थापक जूलियाना कैमर्गो ने कहा कि लोग अब भी इन्हें सबसे पहले गोद लेने के लिए नहीं चुनते।
एनिमल वेलफेयर ग्रुप्स की एक ग्लोबल स्टडी के मुताबिक, ब्राजील में दो करोड़ से ज्यादा आवारा कुत्ते हैं। कैमर्गो का अनुमान है कि इनमें 90% से ज्यादा कारामेलो हैं।
जूलियाना कैमर्गो का मानना है कि अगर ब्राजील और मेक्सिको दोनों जगह कारामेलो कुत्तों को पहचान मिलेगी तो ज्यादा लोग इन्हें अपनाने के लिए आगे आएंगे।
Motorola Edge 70 Pro Plus 5G भारत में लॉन्च, मिलेगी 6500mAh की बैटरी, जानें कीमत
Motorola Edge 70 सीरीज का सबसे तगड़ा फोन भारत में लॉन्च हो गया है। यह पिछले दिनों लॉन्च हुए Edge 70 Fusion, Edge 70 और Edge 70 Pro के बाद इस सीरीज में लॉन्च होने वाला चौथा फोन है। Motorola Edge 70 Pro Plus 5G को भारत में 6,500mAh की बैटरी, 50MP सेल्फी कैमरा, 12GB रैम जैसे फीचर्स के साथ उतारा गया है। इसके अलावा इसमें मीडियाटेक का एक्स्ट्रीम चिपसेट भी दिया गया है।
Motorola Edge 70 Pro Plus 5G की कीमत
मोटोरोला का यह फोन भारत में एक ही स्टोरेज वेरिएंट – 12GB RAM + 256GB में लॉन्च किया गया है। इस फोन की कीमत 47,999 रुपये है। कंपनी ने फोन की खरीद पर 3,000 रुपये का इंस्टैंट डिस्काउंट ऑफर किया है। इसकी पहली सेल 11 जून को ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर आयोजित की जाएगी। इस फोन को कंपनी तीन कलर ऑप्शन- Panatone Stromy Sea, Panatone Chicory Coffee और Panatone Zinfandel में खरीद सकते हैं।
Motorola Edge 70 Pro Plus 5G के फीचर्स
डिस्प्ले- इस फोन में 6.8 इंच का कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो सुपर एचडी रेजलूशन को सपोर्ट करता है। इस फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1.5K पिक्सल है। साथ ही, इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। यह 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है।
प्रोसेसर- मोटोरोला का यह मिड बजट फोन MediaTek Dimensity 8500 Extreme चिपसेट पर काम करता है। यह प्रोसेसर 4nm फेब्रिकेशन टेक्नोलॉजी पर काम करता है।
स्टोरेज- Motorola Edge 70 Pro Plus में 12GB रैम और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है।
कैमरा- मोटोरोला के इस फोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप मिलता है। इसमें 50MP का मेन, 50MP का सेकेंडरी और 50MP का तीसरा कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए भी इस फोन में 50MP का कैमरा मिलेगा।
बैटरी- इस स्मार्टफोन में 6,500mAh की दमदार बैटरी दी गई है। इसके साथ 90W टर्बो चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा। इस फोन में 15W वायरलेस चार्जिंग का भी सपोर्ट मिलता है।
मोटोरोला का यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इसमें IP68 और IP69 रेटिंग दी गई है, जिसकी वजह से पानी और धूल-मिट्टी में यह खराब नहीं होगा। इसके अलावा फोन Google Gemini AI फीचर्स से लैस है।
यह भी पढ़ें – Oppo ला रहा 10,000mAh बैटरी वाला धांसू फोन, लॉन्च से पहले कई डिटेल लीक
अलवर में आज फिर बदलेगा मौसम,आंधी-बारिश का अलर्ट: जानिए अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम;9 जून को वापस तापमान बढ़ेगा – Alwar News
अलवर जिले में पिछले पांच दिनों तक मौसम में बदलाव और रुक-रुक कर हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन बुधवार को एक बार फिर गर्मी का असर देखने को मिला तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। गुरूवार को सुबह से धूप निकली हुई हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार से अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 4 से 7 जून तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक, हल्की बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। गुरुवार और शुक्रवार के लिए भी इसी प्रकार की चेतावनी जारी की गई है, जबकि 6 और 7 जून को भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार यदि जिले में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलती हैं तो तापमान फिर से 36 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है। हालांकि 8 और 9 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इन दिनों मौसम साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे 9 जून तक पारा फिर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों जिले के कई क्षेत्रों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश और आंधी दर्ज की गई थी, जिससे तापमान में गिरावट आई थी। अब मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक बादल, बारिश और
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भारत के S-400 की एक स्क्वाड्रन में कितनी मिसाइलें होती हैं? जानकर चौंक जाएंगे
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भारत की वायु रक्षा को बड़ा बूस्ट मिला है. चौथे S-400 स्क्वाड्रन के पहुंचने के बाद जानिए एक स्क्वाड्रन में कितनी मिसाइलें होती हैं और क्यों इसे दुनिया के सबसे खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है.
भारत की लंबी दूरी की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रूस से S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन भारत पहुंच गया है. रक्षा सूत्रों के अनुसार यह सिस्टम कुछ दिन पहले जहाज के जरिए भारत पहुंचा और इसे जल्द ही परिचालन क्षेत्र में तैनात किया जाएगा.
S-400 सुदर्शन रूस का एक लंबी दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला एयर डिफेंस सिस्टम है. यह 2018 में हुए उस समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत भारत ने रूस से कुल पांच S-400 स्क्वाड्रन खरीदने का फैसला किया था. इनमें से तीन स्क्वाड्रन दो वर्ष पहले ही भारत पहुंच चुके थे और वर्तमान में परिचालन में हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण शेष दो स्क्वाड्रन की आपूर्ति में देरी हुई थी.
एक S-400 स्क्वाड्रन में आमतौर पर 8 से 12 मोबाइल ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (TEL) होते हैं. प्रत्येक TEL में 4 मिसाइल ट्यूब लगी होती हैं, जिससे लॉन्चरों पर किसी भी समय 48 मिसाइलें तुरंत दागने के लिए तैयार रहती हैं. दोबारा लोडिंग और सहायक वाहनों के साथ एक स्क्वाड्रन में कुल मिलाकर 128 मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं.
प्रत्येक S-400 स्क्वाड्रन में 16 वाहन होते हैं, जिनमें कमांड एंड कंट्रोल यूनिट, रडार, मिसाइल लॉन्चर और अन्य सहायक वाहन शामिल हैं. S-400 प्रणाली की लंबी दूरी की निगरानी क्षमता 600 किलोमीटर तक है. यह एक साथ कई हवाई खतरों, जैसे लड़ाकू विमान, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को विभिन्न ऊंचाइयों और दूरियों पर पहचानकर निशाना बना सकती है.
भारत ने इस सौदे के तहत कुल 60 लॉन्चर और 6,000 मिसाइलें खरीदी हैं. इन मिसाइलों की लक्ष्य भेदन क्षमता 120 किलोमीटर से 400 किलोमीटर तक है. S-400 सुदर्शन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस सिस्टम ने पाकिस्तान वायुसेना की क्षमताओं को विफल करने में बड़ी भूमिका निभाई. ऑपरेशन के दौरान इसने 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर उड़ रहे पाकिस्तान वायुसेना के एक उच्च-मूल्य निगरानी विमान को मार गिराकर सबसे लंबी दर्ज सतह से हवा में मार करने का रिकॉर्ड बनाया था.
भारत को मिलने वाला यह स्क्वाड्रन पांच में से चौथा है. पांचवें और अंतिम S-400 स्क्वाड्रन के भी अगले कुछ महीनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है. इस बीच रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) पांच अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन की खरीद को पहले ही मंजूरी दे चुकी है. साथ ही भारत ‘प्रोजेक्ट कुशा’ नामक स्वदेशी कार्यक्रम पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य रूस के S-400 जैसी क्षमता वाली एयर डिफेंस प्रणाली विकसित करना है, जो दुश्मन के ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को लंबी दूरी से मार गिरा सके. इस परियोजना में भारतीय रक्षा कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज भी विकास और उत्पादन साझेदार के रूप में शामिल है.
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Mohit Chauhan is an Editorial Researcher with over eight years of experience in digital and television journalism, specializing in Defence, Weapons, International Relations, and Strategic Military Affairs. He c…और पढ़ें
बॉलीवुड की ‘बदनसीब’ हीरोइन, 10 फिल्मों में किया काम, हाथ लगी सिर्फ 1 हिट मूवी
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आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी बेहद खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेस की, जिसने साउथ सिनेमा में तो सफलता के झंडे गाड़े, लेकिन बॉलीवुड में उसकी किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया. करीब 12 साल के लंबे करियर और 10 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद भी इस एक्ट्रेस के खाते में बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ एक इकलौती हिट फिल्म आई है. लगातार फ्लॉप फिल्मों के इस सिलसिले ने इन्हें बॉलीवुड की फ्लॉप हीरोइन की लिस्ट में लाकर खड़ा कर दिया है.
नई दिल्ली. मनोरंजन की दुनिया में यह बात अक्सर कही जाती है कि बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ और सिर्फ सफलता बोलती है. कोई स्टार कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर उसकी फिल्में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहती हैं, तो उसे अनलकी का टैग मिलते देर नहीं लगती. कुछ ऐसा ही हुआ है इस मशहूर हसीना के साथ, जिनका नाम है- रकुल प्रीत सिंह.

रकुल प्रीत सिंह ने तमिल और तेलुगु सिनेमा में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और वहां वह टॉप एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शुमार रही हैं. लेकिन जब बात हिंदी सिनेमा यानी बॉलीवुड की आती है, तो पिछले 12 सालों का उनका बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला और निराशाजनक रहा है. 10 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद भी उनके हिस्से महज एक क्लीन हिट फिल्म आई है.

रकुल प्रीत सिंह ने साल 2014 में आई फिल्म ‘यारियां’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. दिव्या खोसला कुमार के निर्देशन में बनी इस यूथ-ओरिएंटेड फिल्म का संगीत बेहद सफल रहा था, जिसने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर एवरेज सफलता दिलाई. हालांकि, इस फिल्म से रकुल को वह स्टारडम नहीं मिला जिसकी उन्हें तलाश थी. इसके बाद वह दोबारा साउथ इंडस्ट्री की तरफ लौट गईं.
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इसके बाद साल 2018 में उन्होंने सिद्धार्थ मल्होत्रा और मनोज बाजपेयी के साथ नीरज पांडे की फिल्म ‘अय्यारी’ से वापसी की. बड़े डायरेक्टर और शानदार स्टारकास्ट होने के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई.

रकुल प्रीत सिंह के पूरे बॉलीवुड करियर का सबसे सुनहरा पल साल 2019 में आया. इस साल रिलीज हुई लव रंजन की रॉम-कॉम फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ में वह अजय देवगन और तब्बू के साथ नजर आईं. फिल्म में रकुल की एक्टिंग और उनकी ग्लैमरस अदाओं को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस किया और यह रकुल के करियर की पहली और आखिरी क्लीन हिट फिल्म साबित हुई.

‘दे दे प्यार दे’ की बड़ी कामयाबी के बाद ऐसा लगा कि रकुल प्रीत सिंह का बॉलीवुड करियर अब उड़ान भरेगा, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया. साल 2019 के आखिर में आई ‘मरजावां’ बॉक्स ऑफिस पर महज औसत रही. इसके बाद तो जैसे फ्लॉप फिल्मों की झड़ी लग गई.

पिछले कुछ सालों में रकुल की कई फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुईं, जिनमें ‘रनवे 34’, ‘थैंक गॉड’, ‘डॉक्टरजी जैसी फिल्मों को दर्शकों ने पूरी तरह नकार दिया. थिएटर्स में रिलीज हुई उनकी ज्यादातर फिल्में या तो फ्लॉप रहीं या बेहद कम कमाई करके सिमट गईं.

हालांकि, थिएटर में लगातार मिल रही असफलताओं के बीच रकुल को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों का थोड़ा प्यार जरूर मिला. उनकी फिल्म ‘छतरीवाली’ सीधे ओटीटी पर रिलीज हुई, जहां उनकी एक्टिंग की तारीफ की गई. वहीं, इस बीच साल 2025 में अजय देवगन के साथ रिलीज हुई ‘दे दे प्यार दे 2’ भी बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. दुनियाभर में 104 करोड़ की कमाई के साथ फिल्म औसत साबित हुई.

कुछ दिनों पहले ही सिनेमाघरों में रकुल प्रीत सिंह की फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ रिलीज हुई, जिसे क्रिटिक्स से मिक्स रिव्यूज मिले हैं. इस मूवी को भारत में महज 4 करोड़ करोड़ की ओपनिंग मिली. 20 दिनों में यह जैसे-तैसे घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 49 करोड़ की कमाई कर पाई है. इस फिल्म का भी बॉक्स ऑफिस हिट हो पाना मुश्किल लग रहा है.
मानसून केरलम पहुंचा, इस बार 3 दिन लेट: 7 दिन तक भारी बारिश का अनुमान; MP-राजस्थान समेत 24 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट
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भोपाल/जयपुर/लखनऊ/शिमला/देहरादून3 मिनट पहले
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IMD की वेबसाइट पर भारत में मानसून की एंट्री का सैटेलाइट मैप, इसे नीले-सफेद बादलों से दिखाया गया है।
मानसून की केरलम में एंट्री हो गई है। इसके असर से केरलम के अलावा तमिलनाडु और कर्नाटक में कुछ जगहों पर अगले 7 दिन भारी बारिश हो सकती है।
अगले 2-3 दिन में मानसून पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों के अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में आगे बढ़ सकता है।
इस बार मानसून 3 दिन लेट है। आमतौर पर यह 1 जून को केरलम पहुंचता है। इसके बाद डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर कर लेता है। 17 सितंबर के आसपास राजस्थान के रास्ते वापसी शुरू करता है और 15 अक्टूबर तक पूरा हो जाता है।
मानसून कितना आगे बढ़ा, मैप से समझिए…

10 साल में 7वीं बार लेट हुआ मानसून
मानसून की लेट-लतीफी पिछले कई सालों से जारी है। पिछले 10 साल में यह 7वीं बार है जब मानसून लेट हुआ है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक बीते 150 साल में मानसून के केरल पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरलम पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरलम पहुंचा था।

मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले सेहत का ख्याल रखने वाली ये खबर पढ़ लीजिए…
जरूरत की खबर- गर्मियों में बढ़ती सन टैनिंग, डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें टैनिंग से बचाव के 10 टिप्स, टैनिंग दूर करने के घरेलू उपाय
गर्मियों में स्किन टैनिंग एक कॉमन प्रॉब्लम है। ज्यादा सन लाइट एक्सपोजर में UV (अल्ट्रावायलेट) रेज से स्किन टैन हो सकती है। मामूली दिखने वाली टैनिंग कई बार मेलानोमा जैसे स्किन कैंसर का रिस्क बढ़ा सकती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानेंगे कि- स्किन टैनिंग क्या है, किन लोगों में इसका रिस्क ज्यादा है और इससे बचाव के लिए क्या करें। पढ़ें पूरी खबर…
24 राज्यों में अलर्ट, केरलम में 11 से 20cm तक बारिश की संभावना
- मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और तेलंगाना समेत 24 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं की संभावना जताई है। वहीं राजस्थान, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश, ओले गिरने और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली में भी दो दिन के लिए यलो अलर्ट है।
- क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड्स यहां 50 से 70kmph की रफ्तार से आंधी-बारिश करवा सकते हैं। क्यूम्युलोनिम्बस क्लाउड या CB क्लाउड (बादल) मौसम के पावरहाउस माने जाते हैं। तेज आंधी, बिजली और गरज वाले तूफान इन्हीं बादलों के कारण बनते हैं।
- कल से केरल के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो रही है, जिसके चलते IMD ने अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए 3 घंटे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है 11cm से 20cm तक की बहुत भारी बारिश हो सकती है।
- हालांकि, देश के कई राज्यों में अभी भी गर्मी कम नहीं हुई है। गुजरात, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में तापमान 40°C से ऊपर बना हुआ है।
राज्यों से मौसम की तस्वीरें…

उत्तराखंड के देहरादून में पार्किंग में गाड़ियों के ऊपर पेड़ गिरे।

मध्य प्रदेश के भोपाल में सुबह 6 बजे मौसम अचानक बदल गया, बारिश और धूप के बीच इंद्रधनुष नजर आया।

एमपी के श्योपुर में बारिश की वजह से सड़कों पर पानी भर गया।
अगले दो दिन के मौसम का हाल
5 जून:
- राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में आंधी-तूफान की आशंका के साथ ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- शनिवार तक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरलम, कर्नाटक, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में तेज बारिश होने का अनुमान है।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर आंधी-तूफान के साथ ओले गिरने का भी अनुमान लगाया है।
6 जून:
- पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में 40-50kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है।
- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ क्षेत्रों में बारिश और आंधी की स्थिति रह सकती है।
- केरलम, कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश में बारिश का अनुमान है। तटीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश भी हो सकती है।
- असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश और आंधी-तूफान का असर रहेगा।
राज्यों से मौसम की खबरें…
1. राजस्थान: 9 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट; डूंगरपुर में ओले गिरे, बीकानेर में सबसे ज्यादा गर्मी

नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के बनने से राज्य में बुधवार से फिर आंधी-बारिश का दौर शुरू हो गया। इस सिस्टम के असर से उदयपुर में बरसात हुई। डूंगरपुर में ओले गिरे। हालांकि सबसे ज्यादा गर्मी बीकानेर में रही। यहां तापमान 43 डिग्री के ऊपर रहा। गुरुवार को 9 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पढ़ें पूरी खबर…
2. मध्य प्रदेश: 39 जिलों में प्री-मानसून बारिश; उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग में ओले गिर सकते हैं

प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री 20 जून के बाद होगी, लेकिन प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। गुरुवार को 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। इनमें से उज्जैन, ग्वालियर, सागर और चंबल संभाग में ओले भी गिर सकते हैं। नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर में 60kmph की रफ्तार से आंधी चल सकती है। पढ़ें पूरी खबर…
3. उत्तर प्रदेश: 42 जिलों में बारिश का अलर्ट; गर्मी भी बरकरार, 42°C के साथ बस्ती सबसे गर्म

यूपी में 10 दिनों से आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। पश्चिमी यूपी के ज्यादातर जिलों में बादल छाए हैं। गुरुवार को भी 42 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। 60 से 80kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने की भी आशंका है। अनुमान है कि 18 से 20 जून तक यूपी में मानसून पहुंच जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
4. बिहार: 6 जिलों में हीटवेव का अलर्ट, 8 जून तक कई जिलों में बने रहेंगे लू के हालात

प्रदेश के 6 जिलों बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गयाजी, सासाराम में आज हीटवेव का यलो अलर्ट है। इन जिलों में तापमान 42 डिग्री तक पहुंच सकता है। बिहार में फिलहाल पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी दिशा से गर्म हवा चल रही है। इसकी वजह से दिन में तापमान लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में 40.6 डिग्री के साथ बक्सर सबसे ज्यादा गर्म रहा। पढ़ें पूरी खबर…
5. झारखंड: 16 जिलों में बारिश का अलर्ट, बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी

राज्य में प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और लोकल वेदर सिस्टम के असर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
6. हरियाणा: 10 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट, वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी एक्टिव; रोहतक-सिरसा सबसे गर्म

प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहेगा। कुछ जिलों में 40 से 50kmph की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चलने का अनुमान है। हालांकि गर्मी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। बीते 24 घंटों में रोहतक सबसे गर्म इलाका रहा, जहां तापमान 42.1°C दर्ज किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
7. पंजाब-चंडीगढ़: आंधी-बारिश का अलर्ट, हीटवेव से राहत, लेकिन गर्मी बढ़ी

मौसम विभाग ने 6 जून तक बारिश और आंधी का अलर्ट ऑरेंज जारी किया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60kmph रह सकती है, जबकि इसके बाद मौसम ड्राई रहेगा। अभी हीटवेव से राहत बनी रहेगी। सभी जिलों में तापमान 35 से 42 डिग्री के बीच दर्ज किया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
8. हिमाचल प्रदेश: तूफान का अलर्ट, तेज हवाएं चलेंगी; ओले गिरने की भी आशंका

प्रदेश में अगले छह दिन तक मौसम बदला रहेगा। इस दौरान कई जिलों में तेज बारिश, आंधी, तूफान और ओले गिरने की आशंका है। कई भागों में 50 kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आज कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है। यहां तेज बारिश के साथ तूफान की आशंका जताई गई है। पढ़ें पूरी खबर…
9. उत्तराखंड: 5 जिलों में भारी बारिश-ओले गिरने की चेतावनी, बाकी में यलो अलर्ट

सभी जिलों में आज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 5 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और टिहरी शामिल हैं। यहां गर्जन के साथ ओलावृष्टि और भारी बारिश हो सकती है और 60kmph की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पढ़ें पूरी खबर…
10 महाराष्ट्र: मुंबई में सिर्फ 45 दिन का जल भंडार बचा
मुंबई के सामने जल संकट की आशंका गहराने लगी है। शहर को पानी देने वाली झीलों में केवल 45 दिनों का वाटर स्टोरेज बचा है। मौसम विभाग ने जब से सूखे का अलर्ट जारी किया है तब से बीएमसी की चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने 2027 की गर्मियों तक पीने का पानी मुहैया कराने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। मुंबई को पानी देने वाली 7 प्रमुख झीलों में वाटर लेवल पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल किसी तरह की कटौती का फैसला नहीं लिया गया है।

गंगा में नहाने गए किशोर-युवक की डूबने से मौत: ईद पर चंडीगढ़ से गांव आए थे, घंटों चले तलाशी अभियान के बाद मिले शव – Bijnor News
बिजनौर के मंडावर थाना क्षेत्र में बालावाली गंगा पुल के पास बुधवार दोपहर गंगा में नहाने गए एक किशोर और एक युवक की डूबने से मौत हो गई। काफी देर तक चले तलाशी अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मृतकों की पहचान गांव गोपालपुर भरूका निवासी 16 वर्षीय दिलशाद पुत्र फानूस और 18 वर्षीय शहबाज पुत्र साहिद के रूप में हुई है। ये दोनों अपने कुछ साथियों के साथ बुधवार दोपहर बाद गंगा में स्नान करने गए थे। नहाने के दौरान दिलशाद और शहबाज गहरे पानी में उतर गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद अन्य युवकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की अधिक गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके और दोनों गंगा में समा गए।
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और डूबे हुए किशोर व युवक की तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद पहले शहबाज का शव बरामद हुआ। परिजन उसे उत्तराखंड के रायसी स्थित एक चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके कुछ देर बाद चले अभियान के दौरान दिलशाद का शव भी गंगा से बरामद कर लिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि दिलशाद और शहबाज दोनों चंडीगढ़ में फर्नीचर बनाने का काम करते थे। वे ईद के अवसर पर अपने गांव आए हुए थे। गांव के युवक अक्सर गंगा में नहाने जाते हैं, और ये दोनों भी ग्रामीणों के साथ ही नहाने गए थे। इस संबंध में मंडावर थाना प्रभारी संजय कुमार ने जानकारी दी कि गंगा में डूबे किशोर और युवक के शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है।
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