मेरठ के कैथवाड़ी के रोहटा थाना क्षेत्र के कैथवाड़ी गांव के जंगल में रविवार सुबह एक 30 वर्षीय युवक का शव पेड़ से लटका मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, पारिवारिक विवाद के चलते युवक ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। रविवार सुबह जब कैथवाड़ी गांव के ग्रामीण खेतों की ओर गए, तो उन्होंने जंगल में पेड़ पर रस्सी से एक युवक का शव लटका देखा। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना रोहटा पुलिस और यूपी कंट्रोल रूम को दी। ससुराल में पत्नी से हुआ था विवाद थानाध्यक्ष पूजा पंवार ने बताया कि मृतक की पहचान कैथवाड़ी निवासी रघुवीर प्रजापत के 30 वर्षीय बेटे मोनू के रूप में हुई है। मोनू अपनी पत्नी पिंकी के साथ मुजफ्फरनगर के हड़ौली गांव (ससुराल) में रहकर मजदूरी करता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि शनिवार रात किसी बात को लेकर मोनू का अपनी पत्नी से विवाद हो गया था। पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव विवाद के बाद रविवार सुबह मोनू ससुराल से वापस अपने गांव कैथवाड़ी पहुंचा और खेतों की तरफ जाकर फांसी लगा ली। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
Source link
मेरठ में युवक ने पेड़ से लटककर की खुदकुशी: खेतों पर गए ग्रामीणों ने देखा, पत्नी से विवाद के बाद ससुराल से लौटा था – Rohta(Meerut) News
गया की पुष्पा ने नीरा से तैयार की मिठाई, नेपाल-तिब्बत तक पहुंचा स्वाद
Last Updated:
Gaya Business Women Success Story: बिहार के गया जिले के इलरा गांव की रहने वाली कुमारी पुष्पा राज ने घर संभालने से लेकर अपना कारोबार खड़ा करने तक का सफर तय किया है. करीब 5 साल पहले तक घरेलू कामकाज संभालने वाली पुष्पा ने 2022 में जीविका समूह से जुड़कर बोधगया महाबोधि मंदिर के बाहर एक गुमटी में नीरा से बनी मिठाई बेचने का काम शुरू किया. इसके लिए उन्होंने समूह से 80 हजार रुपये का लोन लिया और सरकार से गुमटी व नीरा कूलिंग मशीन की मदद मिली. शुरुआत में ग्राहकों की संख्या कम थी और दिनभर में 500 रुपये की कमाई भी मुश्किल होती थी, लेकिन धीरे-धीरे नीरा मिठाई का स्वाद लोगों को पसंद आने लगा. आज पुष्पा तीन स्टॉल और एक बड़ी दुकान का संचालन कर रही हैं, 6 लोगों को रोजगार दे रही हैं और उनके मुताबिक रोजाना करीब 3-4 हजार रुपये की आमदनी हो रही है, जबकि महीने की बचत 1 लाख रुपये से अधिक है.
5 साल पूर्व तक घर का कामकाज संभालने वाली कुमारी पुष्पा राज आज महीने की 1 लाख रुपए से अधिक की आमदनी कर रही हैं. बिहार के गया जिले के इलरा गांव की रहने वाली पुष्पा ने 2022 में बोधगया महाबोधि मंदिर के बाहर एक गुमटी में नीरा मिठाई का कारोबार शुरू किया था. जीविका समूह से जुड़े होने के कारण इन्हें सरकार से एक गुमटी और नीरा कूलिंग मशीन दी गई थी. फिर उन्होंने 80 हजार रुपए समूह से लोन लेकर मिठाई का काम शुरू किया और धीरे-धीरे इनका कारोबार बढ़ता ही चला गया.
शुरुआत के दिनों में नीरा से तैयार मिठाई की डिमांड कम थी. लेकिन जब लोगों को इसका टेस्ट पसंद आया तो इसकी डिमांड बढ़ने लगी. खासकर तिब्बत और नेपाल के विदेशी श्रद्धालु इसे ज्यादा पसंद करने लगे और हर दिन 500 से 800 रुपये की बचत होने लगी. धीरे-धीरे इन्होंने गया शहर में स्थित प्रमंडलीय कार्यालय के पास दूसरा स्टॉल लगाया और अब बोधगया के भागलपुर मोड़ के पास एक बड़ी दुकान खोल ली है. आज की तारीख में पुष्पा तीन स्टॉल का संचालन कर रही हैं.
इन्होंने 6 लोगों को रोजगार दे रखा है और अब इनकी महीने की बचत 1 लाख रुपए से अधिक है. लोकल 18 से बातचीत में पुष्पा राज बताती हैं कि जीविका समूह से जुड़ने के बाद नीरा को गुड़ तैयार कर मिठाई बनाने का प्रशिक्षण दिया गया. उसके बाद बोधगया में मिठाई स्टॉल खोलने के लिए सरकार से मदद भी की गई और 80 हजार रुपए लोन लेकर इस कारोबार को शुरू किया. हमारे स्टॉल का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा किया गया था. इतना ही नहीं, नीरा से तैयार गुड़ और मिठाई को देखने नीतीश कुमार हमारे गांव भी आए थे.
Add News18 as
Preferred Source on Google
शुरुआत के एक-दो साल काफी परेशानी हुई और ग्राहकों को नीरा मिठाई की खासियत के बारे में समझाना पड़ता था. ग्राहकों को नीरा के फायदे बताते थे, तब वे खरीदारी करते थे. एक-दो साल तो दिन भर में ₹500 भी कमाना मुश्किल होता था. लेकिन धीरे-धीरे जब लोगों की जुबान पर नीरा का स्वाद चढ़ गया तो इसकी डिमांड भरपूर आने लगी. अब तो लोग नीरा से तैयार मिठाई पैक करा कर नेपाल और तिब्बत तक ले जाते हैं.
एक गुमटी से शुरू हुआ यह कारोबार अब दो स्टॉल और एक बड़ी दुकान का रूप ले चुका है. बोधगया महाबोधि मंदिर के पास, गया शहर में प्रमंडलीय कार्यालय के नजदीक और तीसरा बोधगया के भागलपुर में दुकान खुल चुकी है. इन्होंने बताया अब हर दिन लगभग 3-4 हजार रुपए की आमदनी हो रही है और घर का हर सदस्य इसी कारोबार से जुड़ गया है.
सीवान में हाइवा ने बाइक सवार पिता-पुत्र को रौंदा, मौत: घर से 500 मीटर दूर हादसा, हाइवा के नीचे फंसे; JCB से निकाला, चालक फरार – Siwan News
सीवान के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बिद्रुति हाता गांव के पास रविवार शाम तेज रफ्तार हाइवा की चपेट में आने से बाइक सवार पिता-पुत्र की मौत हो गई। हादसा जवाहर नवोदय विद्यालय के समीप हाईवे पर हुआ। मृतकों की पहचान टड़वां गांव निवासी 35 वर्षीय मुकेश कुमार और उनके 10 वर्षीय बेटे बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई और परिजनों में कोहराम मच गया। बेटे को बाइक पर बैठाकर बाजार जा रहे थे मुकेश परिजनों के अनुसार, मुकेश कुमार हर रविवार की तरह रविवार शाम भी अपने बेटे बिट्टू को बाइक पर बैठाकर सब्जी खरीदने बाजार जा रहे थे। घर से करीब 500 मीटर दूर ही तेज रफ्तार हाइवा ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। बताया गया कि हाइवा हकाम की ओर से आ रहा था और जवाहर नवोदय विद्यालय के पास विपरीत दिशा में जाकर बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। बाइक समेत हाइवा के नीचे फंसे पिता-पुत्र टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक समेत मुकेश और उनका बेटा हाइवा के नीचे फंस गए। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों को निकालने का प्रयास किया। बाइक हाइवा के नीचे फंसी होने के कारण लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बाद में जेसीबी की मदद से हाइवा को हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद पिता-पुत्र को मृत घोषित कर दिया। एक ही परिवार के दो लोगों की मौत की सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया। निजी स्कूल और कोचिंग में पढ़ाते थे मुकेश परिजनों के अनुसार, मुकेश कुमार निजी विद्यालय और कोचिंग संस्थान में पढ़ाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं। बेटे के साथ रविवार को बाजार जाना उनकी सामान्य दिनचर्या का हिस्सा था, लेकिन इसी दौरान हुए हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हाइवा छोड़कर चालक फरार, पुलिस ने किया जब्त बताया गया कि हादसे के बाद गिट्टी लदा हाइवा मौके पर छोड़कर चालक फरार हो गया। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को जब्त कर लिया। मुफस्सिल थाना प्रभारी उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्र की मौत हुई है। हाइवा जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की पहचान व गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।
Source link
श्रीराम ने गुरु की आज्ञा से तोड़ा धनुष: प्रत्यंचा चढ़ाते ही दर्शकों ने लगाए जयकारे, सीता से विवाह; रामलीला का दूसरा दिन – Tikamgarh News
टीकमगढ़ जिले के बल्देवगढ़ नगर परिषद में इन दिनों पांच दिवसीय रामलीला महोत्सव की धूम है। रविवार रात ऐतिहासिक किला परिसर स्थित प्राचीन बलदाऊ जी मंदिर में रामलीला के दूसरे दिन का मंचन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी विश्व दीपक मिश्रा ने की। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग रामलीला देखने पहुंचे। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में चित्रकूट के गुरुकुल संस्थान के कलाकारों ने धनुष यज्ञ, श्रीराम विवाह, वन गमन और केवट प्रसंग का जीवंत मंचन किया। धनुष टूटते ही गूंजा जयकारा, चारों भाइयों का हुआ विवाह लीला के दौरान दिखाया गया कि राजा जनक की प्रतिज्ञा के अनुसार जब बड़े-बड़े राजा और योद्धा शिव धनुष ‘पिनाक’ को हिला भी नहीं सके, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर भगवान श्रीराम ने सहजता से धनुष को उठा लिया। जैसे ही उन्होंने प्रत्यंचा चढ़ाई, धनुष टूट गया और पूरी जनकपुरी श्रीराम के जयकारों से गूंज उठी। माता सीता ने श्रीराम के गले में वरमाला डाली। इसके बाद राजा दशरथ जनकपुर पहुंचे और वैदिक रीती-रिवाज के साथ चारों भाइयों-श्रीराम-सीता, लक्ष्मण-उर्मिला, भरत-मांडवी और शत्रुघ्न-श्रुतकीर्ति का विवाह संपन्न हुआ। आगे ये होंगे प्रमुख प्रसंग एसडीएम निशांत भूरिया ने बताया कि महोत्सव में आगे के कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे। 28 सितंबर: दशरथ देवलोक गमन, भरत मिलाप और सीता हरण का मंचन। 29 सितंबर: शबरी प्रसंग, श्रीराम-सुग्रीव मित्रता और लंका दहन। 30 सितंबर: लंका युद्ध, रावण वध और श्रीराम राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम निशांत भूरिया, तहसीलदार प्राची जैन, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी मिश्रा और संजय जैन समेत कई लोग मौजूद रहे।
Source link
बारिश में उगने वाली इस देसी सब्जी को पहचानते हैं? फाइबर के साथ हैं कई पोषक तत्व
Kakora Benefits: बारिश के मौसम में जब खेतों और जंगलों के आसपास हरियाली बढ़ने लगती है तो कई ऐसी देसी सब्जियां भी नजर आने लगती हैं, जिन्हें शहरों में बहुत कम लोग जानते हैं. ककोरा उन्हीं मौसमी सब्जियों में से एक है. ग्रामीण इलाकों में इसे ककोड़ा या कंटोला भी कहा जाता है. बेल पर उगने वाला यह छोटा फल बरसात के दिनों में सब्जी के रूप में खाया जाता है. कई जगह इसे आलू के साथ पकाकर बनाया जाता है.
पारंपरिक खानपान में ककोरे की अपनी खास जगह है. इसमें फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि डायबिटीज या बालों से जुड़ी किसी समस्या के इलाज के तौर पर इसे देखना सही नहीं होगा. इसे संतुलित आहार का हिस्सा मानना ज्यादा उचित है.
बेलों पर उगता है ककोरा
ककोरा बारिश के मौसम में बेलों पर दिखाई देता है. इसकी बेल अक्सर झाड़ियों और दूसरे पौधों का सहारा लेकर फैलती है. ग्रामीण इलाकों में लोग मौसम के दौरान इसे चुनकर घर लाते हैं और साफ करने के बाद इसकी सब्जी बनाते हैं. ककोरे का स्वाद हल्का अलग होता है. कई घरों में इसे आलू, प्याज और मसालों के साथ पकाया जाता है. देसी तरीके से बनी इसकी सब्जी रोटी के साथ खाई जाती है. यही वजह है कि जिन इलाकों में यह आसानी से मिलता है, वहां बरसात के मौसम में इसकी मांग बढ़ जाती है.
ककोरा और पारंपरिक खानपान
ककोरा यानी मोमोर्डिका डायोइका को अंग्रेजी में स्पाइनी गार्ड या स्पाइनी गॉर्ड भी कहा जाता है. यह कद्दूवर्गीय परिवार का पौधा है. इससे जुड़ी वैज्ञानिक सामग्री में इसके पारंपरिक उपयोग और पोषण संबंधी संभावनाओं पर अध्ययन मिलते हैं. एक अध्ययन में ककोरे के बीजों के अर्क पर मधुमेह से जुड़े प्रभावों की जांच चूहों पर की गई थी, लेकिन ऐसे परिणामों को सीधे इंसानों पर लागू नहीं किया जा सकता. इसलिए ककोरे को सामान्य मौसमी सब्जी के तौर पर खाना और इसे किसी बीमारी की दवा मानना, दोनों बातें अलग हैं.
(इमेज AI)
पाचन के लिए फायदेमंद हो सकता है फाइबर
ककोरे में फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. फाइबर वाला भोजन सामान्य तौर पर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी माना जाता है. रोज की डाइट में अलग-अलग तरह की सब्जियां शामिल करने से भोजन में फाइबर और दूसरे पोषक तत्वों की विविधता बढ़ती है. हालांकि केवल ककोरा खाने से कब्ज या पाचन की कोई समस्या ठीक होने की गारंटी नहीं है. इसे दाल, अनाज, दूसरी सब्जियों और पर्याप्त पानी के साथ संतुलित डाइट का हिस्सा बनाना ज्यादा बेहतर तरीका है.
क्या डायबिटीज में भी खा सकते हैं
ककोरे को लेकर पारंपरिक रूप से ब्लड शुगर से जुड़े फायदे बताए जाते हैं. ककोरे के बीजों पर किए गए कुछ प्रयोगशाला और पशु-अध्ययनों में ग्लूकोज से जुड़े प्रभाव देखे गए हैं, लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है. ककोरा और करेला एक ही सब्जी नहीं हैं. करेला यानी मोमोर्डिका चारैंटिया पर डायबिटीज के संदर्भ में ज्यादा शोध हुआ है, फिर भी मानव अध्ययनों के आधार पर इसे डायबिटीज की दवा के विकल्प के रूप में मानने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं. इसलिए डायबिटीज वाले व्यक्ति ककोरे को सब्जी के रूप में खा सकते हैं, लेकिन दवा या डॉक्टर की सलाह को इसकी वजह से बंद या बदलना नहीं चाहिए.
बालों के लिए ककोरा कितना उपयोगी
ककोरे को बालों का झड़ना रोकने वाली सब्जी बताना थोड़ा ज्यादा दावा होगा. इसमें मौजूद पोषक तत्व संतुलित आहार का हिस्सा जरूर हो सकते हैं, लेकिन केवल ककोरा खाने से बालों का झड़ना रुकता है, ऐसा पुख्ता मानव प्रमाण उपलब्ध नहीं है. बालों का झड़ना कई कारणों से हो सकता है. अगर समस्या लगातार बनी हुई है तो सिर्फ किसी एक सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय उसके कारण का पता लगाना जरूरी है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
यमन के बाजार पर हवाई हमले में 7 की मौत: 40 घायल; पिछले 2 महीने में यमन में 700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके
सना4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
यमन के बाजार पर हमले की यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हैं।
यमन में रविवार को एक हवाई हमले में 7 लोगों की मौत हो गई है। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इनमें बच्चे भी शामिल हैं। साथ ही, 40 लोग घायल हुए हैं।
हमले में ताइज प्रांत के एक बाजार की दुकानों को निशाना बनाया गया। रॉयटर्स के मुताबिक यमन की सरकार ने कहा कि उसकी सेना ने हूती सैन्य कैंप और वाहनों को निशाना बनाते हुए यह हमले किए।
रॉयटर्स ने यमनी सरकार के सूत्रों के हवाले से बताया कि हूती विद्रोहियों ने हाल ही में बाजार के पास एक सैन्य कैंप बनाया था।
UN के मुताबिक, पिछले 2 महीने में फिर तेज हुए यमन संघर्ष में नागरिकों समेत 700 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। साथ ही सितंबर की शुरुआत से अब तक यमन में 82 हजार से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।
घटना से जुड़ी तस्वीरें…

यमन के ताइज प्रांत के बाजार पर एयरस्ट्राइक के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीर में घुआं कई फीट ऊंचा उठता नजर आया।

हमले के बाद एक स्टोरेज बिल्डिंग की तस्वीर। बिल्डिंग की छत आगे से टूटी हुई है।

कई दुकानें हमले के बाद क्षतिग्रस्त नजर आईं।
2014 से चल रही है यमन में जंग
यमन में 2014 से गृहयुद्ध चल रहा है। एक तरफ हूती लड़ाके हैं और दूसरी तरफ यमन की सरकार के समर्थन में लड़ने वाली सेनाएं हैं। सऊदी अरब भी यमन की सरकार का समर्थन करता है।
2022 में UN की कोशिश से दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ था। लेकिन पिछले कुछ महीनों में यह सीजफायर टूट गया। इसके बाद फिर मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमले होने लगे।
यमन के पास बाब अल-मंदेब स्ट्रेट है। यहां से लाल सागर के रास्ते कई जहाज गुजरते हैं। इसलिए यहां लड़ाई बढ़ने का असर दूसरे देशों के कारोबार और जहाजों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है।

यमन की सेना का दावा- हूतियों ने सऊदी पर दो ड्रोन दागे
यमन सरकार की सेना ने शनिवार को कहा कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी की राजधानी रियाद पर दो ड्रोन दागे थे। लेकिन उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने दोनों ड्रोन्स को रोक दिया।
सेना के मुताबिक, इसके अलावा हूतियों ने सऊदी अरब के दक्षिणी सीमा क्षेत्र खमिस मुशैत को निशाना बनाकर एक बैलिस्टिक मिसाइल भी दागी थी।
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि रात में अबहा और जिजान में भी संभावित खतरे की चेतावनी जारी की गई थी।

सऊदी पर हूतियों के हमले क्यों बढ़े?
यमन की लड़ाई में सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूती विद्रोही उसके खिलाफ लड़ रहे हैं। इसी वजह से हूतियों ने सऊदी अरब को भी निशाना बनाना शुरू किया है।
जुलाई से हूतियों ने रियाद समेत अबहा, जिजान, नजरान, ताइफ, जेद्दा और यानबू जैसे शहरों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। उन्होंने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया है। लाल सागर में सऊदी जहाजों पर भी हमले हुए हैं।
इसके जवाब में सऊदी अरब यमन में हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव और बढ़ गया है।

हूती विद्रोहियों द्वारा 19 सितंबर को रियाद पर किए गए बैलिस्टिक मिसाइल से हमले की तस्वीर।
हूतियों ने तेजी से अहम द्वीपों पर कब्जा किया
यमन के हूतियों ने इस महीने लाल सागर के तट की ओर तेजी से बढ़ते हुए बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास के इलाकों पर कब्जा किया है।
यह स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। इसलिए इस इलाके में लड़ाई का असर समुद्री रास्तों पर भी पड़ सकता है।
इसके साथ ही, हुती विद्रोहियों ने सऊदी के जहाज या सऊदी से सामान ले जा रहे सभी जहाजों को निशाना बनाने की बात कही है।

———————-
यह खबर भी पढ़ें…
दावा- सऊदी अरब ने यमन में मिसाइल अटैक किया

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हूतियों ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास एक गांव के लोकल मार्केट पर मिसाइल अटैक किया। पूरी खबर पढ़ें…
भाजपा राज में सिरोही में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बने: संयम लोढ़ा ने कानून व्यवस्था, किसानों और विकास परियोजनाओं को लेकर भाजपा सरकार को घेरा – Sirohi News
सिरोही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक डोदुआ स्थित भुवनेश्वर मंदिर में पूर्व विधायक एवं मुख्यमंत्री के पूर्व सलाहकार संयम लोढ़ा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में लोढ़ा ने भाजपा सरकार पर सिरोही में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बनाने, कानून व्यवस्था बिगड़ने और विकास कार्यों में देरी का आरोप लगाया। उन्होंने रामझरोखा मंदिर, हिंदू श्मशान भूमि और नगर परिषद की जमीन के पट्टे काटने को लेकर सवाल उठाए। साथ ही अधूरे प्रोजेक्ट्स, किसानों की समस्याओं और महंगाई को लेकर भी केंद्र व राज्य सरकार पर निशाना साधा। पट्टों के मुद्दे पर सरकार को घेरा लोढ़ा ने कहा कि सिरोही में भाजपा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड बन रहे हैं। उन्होंने रामझरोखा मंदिर, हिंदू श्मशान भूमि और नगर परिषद की जमीन के पट्टे काटे जाने के उदाहरण देते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक और धार्मिक उपयोग की जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। रुपए की कीमत और पुराने वादों पर सवाल मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए लोढ़ा ने कहा कि रुपया 95 तक पहुंच गया है, जबकि पहले सरकार कहा करती थी कि रुपये के गिरने से देश की साख गिरती है। उन्होंने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने और लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराने जैसे वादों पर भी सवाल उठाए। कर्जमाफी और किसानों की परेशानी का मुद्दा किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए लोढ़ा ने कहा कि ऐप के नाम पर गांवों में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2008 में मनमोहन सरकार ने 85 करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने 12 साल में किसानों का कोई कर्ज माफ नहीं किया। 71 गांवों में पानी पहुंचाने का मुद्दा उठाया लोढ़ा ने सिरोही जिले की अधूरी परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शिवगंज के 71 गांवों को 2025 तक जवाई का पानी मिलना था, लेकिन यह काम पूरा नहीं हुआ। इसी तरह सिरोही के 8 गांवों में अप्रैल 2025 तक बत्तीसा नाला का पानी पहुंचाने की बात थी, लेकिन ग्रामीणों को इसका इंतजार है। जवाई परियोजना से शिवगंज के 71 गांवों को पानी उपलब्ध कराने की योजना का उल्लेख पूर्व में भी किया गया था। उन्होंने कहा कि नर्सिंग कॉलेज, 300 बेड का अस्पताल, संस्कृत कॉलेज और वेटेनरी कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट्स का काम भी तय समय पर शुरू नहीं हुआ। शराब-ड्रग्स के अड्डों का लगाया आरोप सिरोही की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लोढ़ा ने कहा कि शहर में शराब और ड्रग्स के अड्डे बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि तीन साल में सिरोही के एडिशनल एसपी पांच बार बदले गए हैं। लोढ़ा ने कहा कि सरकार का काम जाति और धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि आमजन के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पानी जैसी मूलभूत जरूरतों पर योजनाबद्ध तरीके से काम करना है। नगर निकाय चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी विधानसभा समन्वयक अश्विनी कुमार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ता अपने-अपने वार्ड में जिताऊ उम्मीदवार का चयन कर पार्टी के सामने रखें, ताकि सभी मिलकर पार्टी के बोर्ड बनाने के लिए काम कर सकें। ये पदाधिकारी रहे मौजूद बैठक में ब्लॉक अध्यक्ष रतन माली, जिला उपाध्यक्ष नारायणलाल सुथार, तेजाराम मेघवाल, मोहन लाल सीरवी, पुनीत अग्रवाल, भूराराम मेघवाल, पूर्व प्रदेश सचिव गुमान सिंह देवड़ा, पीसीसी सदस्य किशोर पुरोहित, महिला जिलाध्यक्ष रेनुलता व्यास, प्रदेश महासचिव हेमलता शर्मा, एनएसयूआई के दशरथ नरुका और नेपाल सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बैठक को संबोधित किया।
Source link
अब NTA ऑफिस की सुरक्षा CISF के हवाले: NEET पेपर लीक के बाद बदलाव, संवेदनशील क्षेत्रों में होगी कड़ी निगरानी
नई दिल्ली2 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
दिल्ली के मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में NTA को 55,000 वर्ग फुट से अधिक जगह दी गई है।
NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में हुई प्रशासनिक लापरवाही को लेकर विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपना काम नए ऑफिस में ट्रांसफर कर दिया है।
अब इस परिसर की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) करेगा। खासतौर पर ऑफिस के गोपनीय और संवेदनशील क्षेत्रों में आने-जाने और कामकाज पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस भवन में NTA को 55,000 वर्ग फुट से अधिक जगह दी गई है।
इमारत की पांचवीं मंजिल और चौथी व छठी मंजिल के कुछ हिस्से NTA को मिले हैं। पिछले एक महीने में NTA के गोपनीय और संवेदनशील कामकाज को नए भवन में ट्रांसफर किया गया है।

जवान सुरक्षा के साथ-साथ प्रवेश नियंत्रण और स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
39 CISF जवानों की तैनाती
गृह मंत्रालय ने NTA परिसर के लिए CISF सुरक्षा को मंजूरी दी है। फिलहाल 39 CISF जवानों को तैनात किया गया है। ये जवान सुरक्षा के साथ-साथ एंट्री गेट और स्क्रीनिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। कैंपस में आते-जाते समय तलाशी के लिए एक्स-रे बैगेज स्कैनर और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) का इस्तेमाल किया जाएगा।
NTA के गोपनीय क्षेत्रों में प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर CISF की तैनाती की जाएगी।
NTA में CISO की नियुक्ति
सूचना सुरक्षा मजबूत करने के लिए NTA ने चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर (CISO) के लिए पद निर्धारित किया है। जनरल मैनेजर और CISO पद के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है और चयन अंतिम चरण में बताया गया है।
इसके अलावा CERT-In और C-DAC से मान्यता प्राप्त एजेंसियों के जरिए स्वतंत्र थर्ड-पार्टी साइबर सुरक्षा ऑडिट भी जारी हैं।

NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून 2026 से आंदोलन शुरू हुआ था।
अब CCTV और साइबर सुरक्षा पर भी जोर
नए कार्यालय में गोपनीय क्षेत्रों को अलग से चिन्हित किया गया है। यहां गतिविधियों और लोगों की आवाजाही की सख्त निगरानी की जाएगी। परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम में सख्त एक्सेस कंट्रोल, एन्क्रिप्शन, सुरक्षित लॉगिंग और छेड़छाड़ का पता लगाने वाली स्टोरेज व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
हर परीक्षा से पहले सुरक्षा की समीक्षा की जाएगी। इसमें बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, फेस मैचिंग, CCTV और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम की तकनीकी सुरक्षा भी शामिल होगी।
NTA परीक्षा के दिनों के लिए अलग साइबर-इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम भी तैयार कर रहा है। इसके तहत सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC) की निगरानी बढ़ाई जाएगी और किसी साइबर घटना पर तुरंत कार्रवाई की व्यवस्था होगी।

NEET (UG) पेपर लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
टेलीग्राम ग्रुप पर शेयर हुआ था लीक पेपर
NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के बाद सरकार और NTA ने परीक्षा रद्द कर दी। 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई थी। इस दौरान देश भर में 22 से ज्यादा छात्रों ने सुसाइड किया था।
CBI की जांच में यह भी सामने आया है कि NEET 2026 का पेपर 1 मई को ही लीक कर दिया गया था। इसे प्राइवेट माफिया नाम के टेलीग्राम ग्रुप पर डाला गया था। इसका एक वीडियो भी सामने आया था।

—————– ये खबर भी पढ़ें…
NEET पेपर लीक में पुणे का केमेस्ट्री प्रोफेसर अरेस्ट:CBI ने मास्टरमाइंड बताया; कोचिंग में छात्रों को सवाल बताए

NEET (UG) पेपर लीक मामले में शुक्रवार को 8वीं गिरफ्तारी हुई। पुणे से केमेस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी आरोप है कि उन्होंने परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स को सवाल और उनके सही जवाब बता दिए थे। पूरी खबर पढ़ें…
मुजफ्फरनगर में जमीन विवाद को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं महिलाएं: हाईकोर्ट के स्टे के बावजूद जेसीबी चलाने का आरोप, प्रशासन से जांच की मांग – Muzaffarnagar News
मुजफ्फरनगर में सदर तहसील क्षेत्र के सादपुर गांव में जमीन को लेकर विवाद गहरा गया है। रविवार दोपहर करीब 2 बजे गांव की महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और प्रदर्शन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकारी बंजर भूमि को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे होने के बावजूद दूसरे पक्ष के लोगों ने जेसीबी चलाकर जमीन पर कब्जे की कोशिश की। महिलाओं का आरोप है कि खसरा संख्या 990 की जमीन का ग्रामीण लंबे समय से रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे हैं, लेकिन अब इसे कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विवादित जमीन सरकारी बंजर भूमि है। उनका कहना है कि ग्रामीण लंबे समय से इस जमीन का इस्तेमाल आने-जाने के रास्ते के तौर पर करते रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि वे करीब 100 वर्षों से इस स्थान पर गोबर और कूड़ा डालती आ रही हैं। उनका आरोप है कि अब मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों की ओर से जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही है और इसे कब्रिस्तान के रूप में दर्शाने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि जमीन को लेकर मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है। उनके अनुसार, हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2025 को मामले में स्टे का आदेश दिया था। आरोप है कि इसके बावजूद जेसीबी मशीन चलाकर खेतों की मेढ़ और पुस्ते तोड़ दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि इससे खेतों तक आने-जाने का रास्ता बाधित हो गया है। किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि रास्ता बंद होने के कारण उनके मवेशियों के लिए चारा लाने में भी दिक्कत हो रही है। उनका दावा है कि उनकी निजी जमीन के करीब एक से दो बीघा हिस्से को भी कब्रिस्तान के दायरे में दिखाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से मौके पर जांच कराकर राजस्व अभिलेखों के आधार पर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की। कलेक्ट्रेट पहुंची महिलाओं ने डीएम कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। महिलाओं के अनुसार, मौके पर कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि हाईकोर्ट का स्टे प्रभावी है तो उसके बावजूद जमीन पर निर्माण या कब्जे की कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। महिलाओं ने कथित तौर पर जेसीबी चलाने और ग्रामीणों का रास्ता बाधित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही सरकारी बंजर भूमि से कथित कब्जा हटाने और ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता बहाल कराने की मांग रखी। हालांकि, जमीन के स्वामित्व, कब्रिस्तान की स्थिति और हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन के आरोपों पर प्रशासन या दूसरे पक्ष का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। ऐसे में इन आरोपों की पुष्टि राजस्व अभिलेखों और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
Source link
4 महीने पहले हुई शादी, अब जहर खाकर जान दी: इंदौर के युवक का सुसाइड नोट मिला; लिखा- पत्नी का अफेयर, ससुराल वाले मांग रहे थे 5 लाख – Indore News
इंदौर के सांवेर रोड इलाके में शादी के चार महीने बाद 24 वर्षीय युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा है। इसमें उसने पत्नी कविता के अपने साढ़ू भाई से बातचीत और अफेयर होने का आरोप लगाया है। साथ ही ससुराल पक्ष पर 5 लाख रुपए मांगने और रुपए नहीं देने पर पत्नी को बेचने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जहर खाने के बाद छोटे भाई को दी जानकारी खुड़ैल पुलिस के मुताबिक, भवानीपुर कॉलोनी निवासी मनोज (24) पिता रामू ने शनिवार रात जहर खा लिया था। जहर खाने के बाद उसने अपने छोटे भाई को इसकी जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे पहले अरविंदो अस्पताल और वहां से इंडेक्स अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। सुसाइड नोट में मनोज ने पत्नी कविता और उसके साढ़ू भाई के बीच बातचीत होने की बात लिखी है। साथ ही उसने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग उससे लगातार 5 लाख रुपए की मांग कर रहे थे और रुपए नहीं देने पर पत्नी को बेचने की धमकी दे रहे थे। शादी के कुछ दिन बाद ही मायके चली गई थी पत्नी परिजनों के मुताबिक, कविता काकरिया की रहने वाली है। मनोज और कविता की शादी चार महीने पहले हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही कविता अपने मायके चली गई थी। परिवार का आरोप है कि कविता अपने रिश्तेदार से मोबाइल पर बातचीत करती थी। निजी कंपनी में काम करता था मनोज परिवार के मुताबिक, मनोज निजी कंपनी में काम करता था, जबकि उसके पिता मजदूरी करते हैं। सुसाइड नोट में मनोज ने मानसिक दबाव और परेशानी का जिक्र किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है और मामले की जांच कर रही है। पुलिस सुसाइड के बाद मामले की जांच मे जुट गई है।
Source link


