शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से चल समारोह निकाला गया। भगवान श्री राधा-कृष्ण की भक्ति और धार्मिक उल्लास के बीच निकले समारोह में आकर्षक झांकी, सुसज्जित बग्घी, ढोल और दो बैंड शामिल रहे। चल समारोह के शीतलदास की बगिया पहुंचने पर आतिशबाजी की गई। यहां भगवान श्री राधा-कृष्ण ने नौका विहार किया। इसके बाद श्रद्धालुओं को खीर प्रसाद वितरित किया गया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि चल समारोह शाम 6:30 बजे घोड़ा निक्कास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुआ। यहां से जनकपुरी, सिंधी मार्केट, भवानी चौक, सोमवारा, रेतघाट और कमला पार्क होते हुए समारोह शीतलदास की बगिया पहुंचा। रास्ते में धार्मिक आयोजन और भगवान राधा-कृष्ण की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। समिति ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। आयोजन के सफल संचालन के लिए अशोक विश्वकर्मा को संयोजक बनाया गया था। समिति ने श्रद्धालुओं के सहभाग के लिए आभार जताया।
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शरद पूर्णिमा पर निकला हिंदू उत्सव समिति का चल समारोह: राधा-कृष्ण ने किया नौका विहार, शीतलदास की बगिया में हुई आतिशबाजी – Bhopal News
एमएलसी चुनाव में बूथ कैप्चरिंग की एफआईआर: सैंया में बूथ संख्या 21 पर घुसे 8-10 अज्ञात लोग, मतपत्र छीनकर जबरन किया था मतदान – Agra News
आगरा में 23 अक्टूबर को एमएलसी चुनाव के दौरान सैंया के बूथ पर अराजक तत्वों ने बूथ कैप्चरिंग की थी। मतपत्रों की गड्डी छीनकर जबरन मतपेटी में डाले थे। सपा की ओर से भी बूथ कैप्चरिंग का आरोप लगाया गया था। अब इस मामले में पीठासीन अधिकारी की ओर से 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पीठासीन अधिकारी राकेश कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई है। एफआईआर क अनुसार
घटना 23 अक्टूबर 2026 की है। सुबह 08:00 बजे जब मतदान प्रक्रिया पूरी तरह सकुशल शुरू कराई गई थी, उसके कुछ ही समय 8 से 10 अज्ञात लोग बूथ में जबरन घुस आए। बदमाशों ने पीठासीन अधिकारी द्वितीय (वरिष्ठ सहायक) श्री दिलीप कुमार से मतपत्रों की गड्डी जबरन छीन ली और उन पर खुद ही निशान लगाकर मतपेटिका में डाल दिया।
जब मौके पर मौजूद अधिकारियों द्वारा इसका विरोध किया गया, तो बेखौफ बदमाशों ने उन्हें डराया-धमकाया। इन 8-10 अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जानबूझकर और बलपूर्वक मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह बाधित किया गया, जिससे चुनाव की शुचिता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और कतिपय मतदाता अपने मत का प्रयोग करने से वंचित रह गए।
मामले की गंभीरता को भांपते हुए पीठासीन अधिकारी एवं राज्य कर अधिकारी राकेश कुमार ने तुरंत सेक्टर मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से इस पूरी घटना की जानकारी दी। इस संबंध में थाना सैंया में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 171(1) और 221 के तहत एफआईआर संख्या 0206 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार को सौंप दी है।
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यूपी: 15,000 करोड़ की लागत से बनेंगे 3 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
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UP Greenfield Expressway: सीएम योगी आदित्यनाथ की यूपी सरकार यूपी के रोड इंफ्रास्टक्चर में बदलाव के लिए कमर कस ली है. राज्य में यात्री और माल ढुलाई को रफ्तार देने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया है. इसके तहत तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. इस पूरी भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पर राज्य के खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी. इन परियोजनाओं को यूपीडा (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के साल 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के सपने को भारी बल मिलेगा.
उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलने वाला है. प्रदेश में यात्री परिवहन और माल ढुलाई (कार्गो मोबिलिटी) को पंख लगाने के लिए सरकार ने तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का निर्णय लिया है. इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार लगभग 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने जा रही है, जिस पर कुल 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम खर्च आएगा.
योगी सरकार ने बताया कि वर्तमान और आगामी एक्सप्रेसवे परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (1 Trillion Dollar Economy) बनाने के लक्ष्य की तरफ तेजी से अग्रसर करने में मील का पत्थर साबित होंगी.
इन तीनों शानदार परियोजनाओं को राज्य की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है. सरकार ने इन तीनों एक्सप्रेसवे के संरेखण (Alignments) को भी अंतिम रूप दे दिया है, जो उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के लगभग 650 गांवों से होकर गुजरेंगे.
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विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway): यह तीनों परियोजनाओं में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग 4,615 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इसके लिए किया जाएगा, जो 109 गांवों से होकर गुजरेगा. यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, भदोही और मिर्ज़ापुर जिलों के रास्ते सीधे सोनभद्र से जोड़ेगा.
मेरठ-Haridwar एक्सप्रेसवे (Meerut-Haridwar Expressway): इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के मेरठ से आगे बढ़ाकर उत्तराखंड के हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा. इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और बिजनौर जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कुल 184 गांवों से लगभग 2,020 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा.
विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Vindhya Purvanchal Link Expressway): पूर्वी यूपी के चंदौली, गाजीपुर और मिर्ज़ापुर जिलों के 140 गांवों में लगभग 1,560 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इस तीसरे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल 2026 को देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यानी ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन किया जा चुका है. 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को भी यूपीडा (UPEIDA) द्वारा पीपीपी (PPP) मॉडल पर विकसित किया गया था, जो वर्तमान में यूपी के 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में जोड़ता है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही राज्य के निवेश माहौल को बेहतर बनाने की रीढ़ है. तेज और सुगम कनेक्टिविटी न केवल परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देती है, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण इलाकों और आंतरिक क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के विकास को भी तीव्र गति प्रदान करती है.
हाल ही में अपने उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने भी इस बात की सराहना की थी कि अब यूपी में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बड़े महानगरों से निकलकर टायर-II और टायर-III शहरों तक तेजी से फैल रही हैं, जिससे राज्य में भारी मात्रा में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं. इन नए एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अनगिनत नए द्वार खुलेंगे.
बेहतर चिकित्सा सेवा देने वाले डॉक्टर सम्मानित: भागलपुर में हेल्थ इमिनेंस अवार्ड, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद – Bhagalpur News
भागलपुर में दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित हेल्थ इमिनेंस अवार्ड समारोह में भागलपुर समेत कई जिलों के वरिष्ठ चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें अवार्ड दिए गए। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और चिकित्सा जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर जिले के प्रभारी डीएम राकेश कुमार और भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल शामिल हुईं। इनके अलावा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएन झा, डॉ. एचपी दूबे, डॉ. बिहारी लाल और डॉ. हेमशंकर शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह में चिकित्सकों को उनके कार्यों और समाज के प्रति योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के काम को पहचान देना और उनका उत्साह बढ़ाना था। बच्चियों की नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में बांधा समां समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। शरण्या नृत्य कला से जुड़ी बच्ची ने नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। आयोजन में सम्मान समारोह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी शामिल किया गया, जिससे उपस्थित अतिथियों को कला और संस्कृति की झलक देखने को मिली।
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उदयपुर में सीआई को हटाने की मांग पर अड़े वकील: 3 घंटे थाने में विरोध-प्रदर्शन; एएसपी-डीएसपी ने की समझाइश – Udaipur News
उदयपुर में एक वकील को जान से मारने की धमकी देने के मामले में कानूनी कार्रवाई नहीं करने से नाराज वकील थाने में धरने पर बैठ गए। आक्रोशित वकील रविवार दोपहर को सवीना थाने के सीआई दलबीर सिंह के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उन्हें हटाने की मांग पर अड़ गए। वकीलों का आरोप था कि साथी वकील राजेश जाजोदिया रविवार दोपहर को शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो आरोपी कौशल आमेटा भी थाने पहुंचा। वहीं पुलिस के सामने ही वकील को जान से मारने की धमकी दे डाली। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। माहौल गर्माया तो एडिशनल एसपी उमेश ओझा, डीएसपी छवि शर्मा जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और वकीलों से समझाइश का प्रयास किया। करीब 3 घंटे बाद रात करीब 9 बजे मामला शांत हुआ। सीआई की लापरवाही से पनप रहे भूमाफिया: चेतनपुरी गोस्वामी वकीलों ने एएसपी उमेश ओझा को सीआई दलबीर के खिलाफ लिखित शिकायत देते हुए उन्हें हटाने की मांग की। मामले में एएसपी ओझा ने बताया कि वे इसे एसपी डॉ अमृता दुहन के समक्ष रखेंगे और एसपी स्तर से ही मामले में संज्ञान लिया जाएगा। पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी ने बताया- मामला साथी वकील राजेश जाजोदिया के रिश्तेदार गोविंद नगर में देवेन्द्र अग्रवाल के प्लॉट से जुड़ा है। आरोपी कौशल आमेटा प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। प्लॉट मालिक प्लॉट की रविवार को सफाई कर रहे थे। तब आरोपी आमेटा ने वकील और प्लॉट मालिक पर पथराव किया। वकील ने इसकी रिपोर्ट थाने में दी तो कोई सुनवाई नहीं हुई। सीआई की लापरवाही से भूमाफिया पनप रहे हैं। सीआई को लाइन हाजिर किया जाए और थाने से हटाया जाए। सीआई बोले- पुलिस ने शिकायत मिलते ही शुरू कर दी थी कार्रवाई थानाधिकारी दलबीर सिंह ने बताया- गोविंद नगर स्थित प्लॉट पर शनिवार को तोड़फोड़ हुई थी। इस संबंध में थाने में वकील राजेश जाजोदिया और कौशल आमेटा दोनों ने परिवाद दिया। दोनों में थाने में बहस हो गई थी। हम कौशल आमेटा को पकड़ने का लगातार प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान सभी वकील आज थाने आ गए और आमेटा को पकड़ने की मांग करने लगे। इससे पहले विवादित प्लॉट पर दोनों पक्षों में पथराव हो गया था। मैं सूचना पर मौके पर पहुंचा। देखा तो कौशल आमेटा घायल पड़ा था। एक वकील को भी चोट लगी है। जिन्हें तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया।
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कुंभ से पहले नासिक में बना शंखनाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड: 517 लोग शामिल हुए, पिछला रिकॉर्ड 303 का था; 31 अक्टूबर से शुरू हो रहा मेला
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- Nashik Shankhnaad World Record | Godavari Kumbh Mela Inauguration Update
3 घंटे पहले
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प्रतिभागियों ने साढ़े पांच मिनट तक शंख बजाए।
महाराष्ट्र के नाशिक में रविवार को 517 श्रद्धालुओं ने एक साथ शंख बजाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाया। यह कार्यक्रम गोदावरी नदी के किनारे हुआ। यह आयोजन सिंहस्थ कुंभ मेले के ध्वजारोहण समारोह से पहले किया गया।
प्रतिभागियों ने पांच मिनट 30 सेकंड तक शंख बजाए। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए चेन्नई से खास तौर पर प्रमाणित शंख मंगाए गए थे।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के सीनियर जज ऋषि नाथ ने देवमामलेदार यशवंत महाराज पटांगण में रिकॉर्ड की घोषणा की। इससे पहले एक साथ शंख बजाने का रिकॉर्ड 2019 में अमेरिका के न्यू जर्सी में 303 लोगों के नाम था।
नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला दोनों पवित्र शहरों में हर 12 साल में होने वाला बड़ा हिंदू धार्मिक आयोजन है। यह मेला 31 अक्टूबर से 24 जुलाई 2028 तक चलेगा।

ध्वजारोहण में शामिल होंगी राष्ट्रपति मुर्मू
NTKMA के कमिश्नर शेखर सिंह ने कहा कि इस पहल से परंपरा को कुंभ मेले की शुभ शुरुआत से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को ध्वजारोहण समारोह के समय 251 प्रतिभागी शंख बजाएंगे।
कुंभ मेले का ध्वजारोहण समारोह 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे रामकुंड में होगा। इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है। इसी कार्यक्रम में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र भी सौंपा जाएगा।
कुंभ मेले में करोड़ों लोगों के पहुंचने की संभावना
20 महीने तक चलने वाले कुंभ मेले के 44 मुहूर्त नासिक में और 53 मुहूर्त त्र्यंबकेश्वर में स्नान के हैं। सरकार का अनुमान है कि नासिक में 8-10 करोड़ और त्र्यंबकेश्वर में 4 करोड़ श्रद्धालु आएंगे।
नासिक कुंभ की खास बात है कि यहां वैष्णव और शैव अखाड़ों के स्नान अलग-अलग तीर्थस्थलों पर होते हैं। नासिक और त्र्यंबकेश्वर को एक ही आयोजन के दो प्रमुख केंद्रों के रूप में देखा जाता है।
इसे सिंहस्थ कुंभ क्यों कहते हैं
नासिक के कुंभ को सिंहस्थ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी पारंपरिक ज्योतिषीय गणना में बृहस्पति के सिंह राशि में प्रवेश का विशेष महत्व है। कुंभ की तिथियां केवल सामान्य कैलेंडर के आधार पर तय नहीं होतीं; इनमें धार्मिक परंपराओं, ग्रहों की स्थिति और अखाड़ों की सहमति की भूमिका होती है।
हिंदू मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश को लेकर देवताओं और असुरों के बीच संघर्ष हुआ था। मान्यता है कि अमृत की बूंदें चार स्थानों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरी थीं। इसी वजह से इन स्थानों पर कुंभ मेले की परंपरा जुड़ी है।
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महाराष्ट्र के नासिक में अगस्त 2027 में होने वाले कुंभ मेले के आयोजन स्थल के पास अंबड औद्योगिक क्षेत्र के भूजल में कैंसर से जुड़ा जहरीला तत्व क्रोमियम-6 मिला है। एक प्रयोगशाला जांच में इसकी मात्रा 50.3 मिलीग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई, जो पेयजल की निर्धारित सीमा 0.05 मिलीग्राम प्रति लीटर से 1,000 गुना से भी अधिक है। पढ़ें पूरी खबर…
बस्तर की खास देसी सब्जी केउ का स्वाद है लाजवाब, चना और कम मसालों से ऐसे करें तैयार
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बस्तर के लोग केउ कंद की सब्जी को बड़े चाव से खाते हैं. इस कंद को बस्तर में चना के साथ भी बनाया जाता है और इसे अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है. केउ की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले केउ को उबालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। यह सब्जी बेहद आसानी से और कम मेहनत में तैयार हो जाती है.
बस्तर क्षेत्र में केउ नामक कंद की सब्जी को बहुत पसंद किया जाता है, जिसे ग्रामीण बरसात के दिनों में उगाते हैं. इसका आयुर्वेदिक महत्व भी है और इसे चना के साथ तथा कम मसालों में बेहद स्वादिष्ट तरीके से बनाया जाता है.
परिचय
छत्तीसगढ़ के बस्तर में केउ की सब्जी अपनी अनूठी और लाजवाब स्वाद के लिए काफी प्रसिद्ध है. स्थानीय ग्रामीण बरसात के दिनों में इस कंद को अपने घरों के बड़े आंगन में उगाते हैं. बहुत कम मसालों के साथ बनने वाली इस देसी सब्जी को बनाने के लिए कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो किया जाता है, जिसे एक बार खाने के बाद लोग बार-बार खाना पसंद करते हैं.
मामला क्या है
बस्तर के लोग केउ कंद की सब्जी को बड़े चाव से खाते हैं. इस कंद को बस्तर में चना के साथ भी बनाया जाता है और इसे अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है. केउ की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले केउ को उबालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। यह सब्जी बेहद आसानी से और कम मेहनत में तैयार हो जाती है.
आवश्यक सामग्री
केउ की सब्जी बनाने के लिए जरूरी सामग्री में 50 ग्राम केउ, 2 प्याज, 2 लाल मिर्च, 2 हरी मिर्च, 2 टमाटर, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक शामिल है.
बनाने की विधि
केउ की देसी सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है. इसके बाद इसमें जीरा डालकर भूना जाता है और फिर कटी हुई प्याज व मिर्च डालकर पकाया जाता है. इसके बाद उबला हुआ केउ और कटे हुए टमाटर डालकर कुछ देर पकाया जाता है. अंत में हल्दी, मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर करीब 20 मिनट तक अच्छी तरह पकाने के बाद सब्जी को कड़ाही से उतार लिया जाता है.
परोसने का तरीका और निष्कर्ष
तैयार होने के बाद बस्तर की यह देसी केउ की सब्जी रोटी या चावल के साथ परोसी जाती है. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि इसे खाने के बाद आपका दोबारा खाने का मन करेगा और परिवार के लोग भी इसे बहुत पसंद करते हैं.
दिल्ली CM पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से मिलने पहुंची: निर्माण के लिए ₹5 लाख की मदद और सख्त कार्रवाई का ऐलान – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पशु कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय कार्यकर्ता जागृति मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया है। मुलाकात के दौरान सीएम ने पशुओं के संरक्षण और उनके कल्याण के लिए चलाई जा रही गतिविधियों की सराहना करते हुए प्रशासन को त्वरित कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। पशु आश्रय स्थल के लिए जिलाधिकारी को निर्देश मुख्यमंत्री ने राजधानी में एक बेहतर और सुरक्षित पशु आश्रय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने संबंधित जिलाधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे आश्रय स्थल के निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं में कार्यकर्ता जागृति मिश्रा को पूरी सहायता प्रदान करें, ताकि बेसहारा व घायल पशुओं को समय पर आश्रय मिल सके। मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता पशु सेवा के कार्यों को गति देने और वित्तीय दिक्कतों को दूर करने के लिए सीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल प्रभाव से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। इस राशि का उपयोग पशुओं के इलाज, चारे और आश्रय स्थल की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, अधिकारों के दुरुपयोग पर होगी सख्त कार्रवाई पशु कल्याण कार्यकर्ताओं के सामने आने वाली कठिनाइयों और उत्पीड़न के मामलों पर सीएम ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि पशु सेवा में बाधा डालने वालों, कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न या अपने अधिकारों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर दिए गए इन निर्देशों के बाद पशु कल्याण से जुड़े कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है और उम्मीद जताई जा रही है कि दिल्ली में बेसहारा पशुओं के लिए राहत के इंतजाम और अधिक मजबूत होंगे।
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तिब्बत में फिर भूकंप, तीव्रता 5.9 रही: पिछले 5 दिनों में दूसरा बड़ा भूकंप; चीन और नेपाल में भी झटके
तिब्बत में रविवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई जमीन से 9 किलोमीटर नीचे थी। तिब्बत में पिछले 5 दिनों में यह दूसरा बड़ा भूकंप आया है। इससे पहले 22 अक्टूबर को तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, चीन के चिंघाई इलाके में 5.7 और नेपाल में भी 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। तिब्बत में पहले भी भूकंप मचा चुके तबाही तिब्बत दुनिया के उन इलाकों में शामिल है, जहां भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनकी हलचल से हिमालय पर्वत बना है, लेकिन इसी वजह से इलाके में भूकंप भी आते रहते हैं। जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें तिब्बत में करीब 400 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पड़ोसी नेपाल में 13 लोगों की जान गई थी। इसके झटके उत्तर भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए थे। इससे पहले 2010 में पड़ोसी चीनी प्रांत छिंगहाई के युशू में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें कम से कम 2,698 लोगों की मौत हुई थी और करीब 300 लोग लापता हो गए थे। तिब्बत में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं? नेपाल के बैतड़ी जिले में भी भूकंप नेपाल के भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, रविवार दोपहर बैतड़ी जिले के दिलासैनी इलाके में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। यह इलाका सुदूरपश्चिम प्रांत में नेपाल-भारत सीमा के पास है। भूकंप के झटके बैतड़ी और दार्चुला जिलों के आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल खबर नहीं है। अगस्त में बाढ़ से भी मची थी तबाही नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। चीन के तिब्बत से लगी सीमा के पास शुरू हुई इस बाढ़ का असर भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में देखने को मिला। अचानक आए तेज पानी ने घरों, सड़कों, पुलों और बिजली बनाने वाली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। इसमें 1455 लोगों की मौत हुई थी। साथ ही 5,285 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल में भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है नेपाल में हर साल कई बार भूकंप आते हैं। इसकी वजह यह है कि देश हिमालय के ऐसे इलाके में स्थित है, जहां जमीन के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती रहती है। नेपाल के कई हिस्से भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। यहां के इलाके भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में आते हैं, जहां भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका के फ्लोरिडा में स्टेडियम के पास फायरिंग, 12 घायल: इनमें 6 बच्चे शामिल; गोलीबारी से पहले छात्रों के बीच झगड़ा हुआ था अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के तलहासी में शनिवार रात फुटबॉल स्टेडियम के पास फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
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