सांसद हनुमान बेनीवाल समर्थकों के साथ मंगलवार रात 10:30 बजे श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। काफिले में 100 से अधिक गाड़ियां हैं। पुलिस ने महियावाली टोल नाके के पास चूनावढ़ थाना क्षेत्र में काफिला को रोक लिया है। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। श्रीगंगानगर शहर की ओर जाने वाली सड़क पर करीब 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया है। टोल नाके पर बड़ी संख्या में मौजूद समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं। समर्थकों ने सूरतगढ़-श्रीगंगानगर नेशनल हाईवे(NH-62) को जाम कर दिया है। मौके पर पुलिस के अफसर भी मौजूद है। फिलहाल बेनीवाल से समझाइश की जा रही है। इससे पहले शाम को सांसद हनुमान बेनीवाल नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट हटाने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में पहुंचे थे। बेनीवाल ने सरकार को आधे घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मंच पर पहुंचे। वार्ता में श्रीगंगानगर एडीएम सुभाष, एडिशनल एसपी दीपक कुमार सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन तीन दौर की वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद बेनीवाल ने अपने समर्थकों के साथ रात 10:30 बजे श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट के लिए कूच किया। बता दें कि श्रीगंगानगर के नरसिंहपुरा-मांझूवास-बिरानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन 5 महीने से जारी है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति नहीं बनने के बाद बुधवार को गोविंद गोधाम गोशाला, नरसिंहपुरा-बिरानी में महापंचायत हो रही थी। देखिए- प्रदर्शन की फोटोज
3 पॉइंट में समझें प्लांट शिफ्टिंग और विवाद खेती पर पड़ेगा असर ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट से आसपास की गोशालाओं, कृषि भूमि और जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। कचरा और प्लास्टिक उड़कर गोविंद गोधाम गोशाला तक पहुंच सकता है और दुर्गंध से धार्मिक-सामाजिक आयोजनों पर असर पड़ सकता है।
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हनुमान बेनीवाल का 100-गाड़ियों के साथ श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट कूच: महियावाली टोल नाके पर पुलिस ने रोका, समर्थकों के साथ हाईवे जाम किया – Sriganganagar News
शराब की दुकान विवाद: अधिकारियों पर एफआईआर के आदेश: पीलीभीत में कोर्ट ने थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर रिपोर्ट पेश करने के दिए निर्देश – Pilibhit News
पीलीभीत के माधोटांडा क्षेत्र में शराब की दुकान हटाने के विवाद में अपर सत्र न्यायाधीश राम किशोर की अदालत ने सख्त आदेश दिया है। अदालत ने कलीनगर के एसडीएम प्रमेश कुमार, तहसीलदार वीरेंद्र कुमार, आबकारी निरीक्षक दीपक कुमार, नायब तहसीलदार अक्षय कुमार, राजस्व निरीक्षक और पुलिसकर्मियों समेत कई अधिकारियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। माधोटांडा थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर इसकी रिपोर्ट तत्काल अदालत में पेश करनी होगी। स्कूल और मंदिर के पास शराब की दुकान होने का आरोप शिकायतकर्ता शीतल के मुताबिक, बूंदीभूड़ चौराहे पर खटीमा मुख्य मार्ग के किनारे लालदेव यादव ने अपनी दुकानें शराब ठेके के लिए किराए पर दी हैं। उनका आरोप है कि शराब की दुकान स्कूल और मंदिर से करीब 100 से 150 मीटर की दूरी पर है, जो आबकारी नीति के मानकों के विपरीत है। शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत की थी। उस समय दुकान हटवाने का भरोसा दिया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। महिलाओं के विरोध पर लाठीचार्ज का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 7 मई को दोपहर करीब 2 बजे एसडीएम, तहसीलदार, आबकारी निरीक्षक और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अधिकारियों की मौजूदगी में शराब की बिक्री शुरू कराई गई। शीतल के मुताबिक, महिलाओं ने इसका विरोध किया तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसमें शीतल और उनकी मां घायल हो गईं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा मामला शिकायतकर्ता के अनुसार, थाने में सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की, लेकिन वहां से भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत में लगाए गए आरोपों पर सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने माधोटांडा थानाध्यक्ष को 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
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मैहर में सीमेंट फैक्ट्री में ट्रक से गिरकर क्लीनर घायल: कोयला खाली करने के बाद रस्सा-त्रिपाल बांधते वक्त पैर फिसला – Maihar News
मैहर जिले के भरौली में स्थित एक सीमेंट फैक्ट्री में बुधवार शाम को हादसा हो गया। कोयला खाली करने के बाद ट्रक के ऊपर त्रिपाल बांध रहा एक क्लीनर अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया।
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हादसा बुधवार शाम करीब 7:30 बजे का बताया जा रहा है। ट्रक से कोयला खाली हो चुका था, जिसके बाद 34 साल का क्लीनर शेख समीन (निवासी छिंदवाड़ा) ट्रक के ऊपर चढ़कर रस्सा और त्रिपाल लगाने का काम कर रहा था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे आ गिरा, जिससे उसके शरीर में गंभीर चोटें आईं।
एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया
क्लीनर के गिरते ही फैक्ट्री परिसर में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों की भीड़ जमा हो गई। तुरंत घटना की जानकारी फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
कंपनी प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए फौरन एंबुलेंस बुलाई और घायल शेख समीन को इलाज के लिए सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

बाजार की चाल से उल्टा काम करता है ये फंड, 12 अक्टूबर तक निवेश का मौका
नई दिल्ली. शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए मौजूदा गिरावट के बीच पैसे लगाने का एक बड़ा मौका आया है. वेटरन निवेश सलाहकार संकरन नरेन की अगुवाई में ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने ICICI प्रूडेंशियल कॉन्ट्रा फंड लॉन्च किया है. यह एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है जो कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी (बाजार के आम रुझान के उलट निवेश करने की रणनीति) पर काम करती है. कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टमेंट इस सोच पर आधारित है कि बाजार अक्सर अपने एसेट्स की गलत कीमत तय करते हैं और यह गलत कीमत तय होना हर एसेट क्लास (चाहे वह इक्विटी हो, डेट हो या रियल एस्टेट) की एक स्वाभाविक विशेषता है.
यह स्कीम ऐसे मौकों की पहचान करने के लिए आम राय से हटकर और रिसर्च पर आधारित तरीका अपनाती है. इसका लक्ष्य ऐसे निवेशक हैं जो लंबे समय के नजरिए से पैसे लगाना चाहते हैं और बाजार के मूड या धारणा के बदलने का इंतजार करने के लिए तैयार हैं. इस स्कीम को संकरन नरेन के अलावा धर्मेश कक्कड़, साक्षात गोयल और गौरव मिलकर मैनेज करेंगे. ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के ED और CIO संकरन नरेन ने बताया कि कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टिंग का मतलब सिर्फ सस्ती चीजें खरीदना नहीं है. इसके लिए मजबूत रिसर्च और लंबे समय का नजरिया चाहिए. कॉन्ट्रेरियन इन्वेस्टिंग की खासियत यह है कि हम तब खरीदते हैं जब किसी स्टॉक की मांग कम हो, जब खरीदारों के मुकाबले बेचने वाले ज्यादा हों और इसलिए उसकी कीमत काफी गिर गई हो.
कैसे होती है शेयरों की पहचान
नरेन का कहना है कि इस स्कीम में अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन में निवेश करने की सुविधा है, लेकिन हमारा मुख्य फोकस उन स्टॉक्स की पहचान करना होगा जिनका प्रदर्शन खराब रहा है. जरूरी बात यह है कि रिसर्च के जरिये सही निवेश को पहचाना जाए और इंतजार करने का धैर्य रखा जाए, क्योंकि कॉन्ट्रेरियन स्थिति में बदलाव जल्दी नहीं आता. स्कीम की कॉन्ट्रा स्ट्रैटेजी किसी एक फैक्टर या कई फैक्टर के कॉम्बिनेशन पर आधारित हो सकती है, जिन्हें VCTS फ्रेमवर्क के तहत व्यवस्थित किया गया है.
CLOUD से बनेगा पोर्टफोलियो
- Calculate : कोई भी फैसला लेने से पहले रिसर्च और गणना करें.
- Leverage : लीवरेज्ड स्टॉक्स के मामले में सावधानी बरतें.
- Ownership : कम इंस्टीट्यूशनल ऑनरशिप भी स्टॉक को चुनने में मददगार होगा.
- Upside : अपसाइड की साफ संभावना हो तभी स्टॉक को पिक करना बेहतर.
- Disruption : डिसरप्शन के जोखिम को लेकर सावधानी बरतें और जल्दबाजी न करें.
क्या होती है निवेश की रणनीति
निवेश शुरू करते समय टीम आम राय से हटकर सोच-समझकर रास्ता चुन सकती है. यह ऐसी कंपनियां ढूंढती है जिनका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो सही हो, संस्थागत हिस्सेदारी पर नजर रखती है और ऐसे मौकों की तलाश करती है जहां सेंटीमेंट कमजोर हो लेकिन सामान्य होती कमाई से आगे बढ़ने की संभावना हो. साथ ही यह उन सेक्टरों का भी ध्यान से मूल्यांकन करती है जिनमें बड़े बदलाव या उथल-पुथल हुई हो. जब ‘कॉन्ट्रेरियन मिसप्राइसिंग’ (बाजार की गलत समझ के कारण गलत कीमत) खत्म हो जाए, सेंटीमेंट बदल जाए या कोई बेहतर स्टॉक मिल जाए (जिससे निवेश का कोई और बेहतर आइडिया मिल सके), तब उस स्टॉक से बाहर निकला जा सकता है.
कैसे होती है गलत प्राइसिंग
मार्केट के हर कोने में गलत प्राइसिंग होती है, जिससे कॉन्ट्ररियन (बाजार के आम रुख के उलट) मौके बनते हैं. इस उलझन में कई चुनौतियां शामिल हैं, जैसे ग्लोबल ग्रोथ की चिंताएं, वेस्ट-एशिया में तनाव, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का पैसा निकालना, सेक्टर में बड़े बदलाव, सेंट्रल बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी, साइक्लिक मंदी, बहुत ज्यादा कर्ज वाली कंपनियां, वैल्यूएशन और कमाई के अलावा रुपये की गिरती कीमत भी इस पर असर डालती है. उदाहरण के लिए, अमेरिका में S&P 500 इंडेक्स की टॉप 10 कंपनियों का हिस्सा अब 38% है, जबकि 2016 में यह 19% था. ऐसा इसलिए है, क्योंकि कुछ चुनिंदा कंपनियों का दबदबा और AI को लेकर भारी उत्साह वैल्यूएशन को ऐतिहासिक ऊंचाई पर ले जा रहा है. इसके उलट, भारत में ज्यादा कंपनियों की भागीदारी दिखती है, लेकिन अलग-अलग सेक्टर से मिलने वाला रिटर्न मिलाजुला और असमान है.
इंद्र पूजा पर मधुबनी में सघन वाहन जांच: गंगा सागर चौक पर ट्रैफिक पुलिस ने 4 वाहनों से 15 हजार रुपये वसूले – Madhubani News
मधुबनी शहर में 10 दिवसीय इंद्र पूजा से श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने से यातायात व अपराध रोकने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने गंगा सागर चौक पर वाहन जांच अभियान चलाया। वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार के निर्देश पर यह अभियान बुधवार शाम करीब 6:30 बजे शुरू हुआ। ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार ने इसकी निगरानी की। ट्रैफिक इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन की अगुवाई में एसआई अमन कुमार सहित पुलिस बल मौजूद था। टीम ने वाहनों के कागजात, हेलमेट व यातायात नियमों की जांच की। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चार वाहनों पर कार्रवाई हुई, जिनसे कुल 15 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। एसआई अमन कुमार ने बताया कि इंद्र पूजा के कारण भीड़ बढ़ने से यातायात नियंत्रित रखना जरूरी है। अभियान का मकसद जुर्माना वसूलने के बजाय नियमों का पालन करवाना और अपराध नियंत्रण में मदद करना है। उन्होंने वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और पूजा स्थलों के पास सावधानी बरतने की अपील की।
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सफाईमित्रों के लिए सुरक्षा एवं सम्मान शिविर: सिविक सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता समेत केंद्रीय मंत्री हुए शामिल – New Delhi News
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत बुधवार को सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की ओर से आयोजित शिविर का उद्देश्य सफाईमित्रों के योगदान को सम्मान देने के साथ उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में सीएम रेखा गुप्ता, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री बीएल वर्मा, एमसीडी के महापौर प्रवेश वाही और निगम आयुक्त संजीव खिरवार समेत कई अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान लोगों को स्वच्छता और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। शिविर में सफाई कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए सिंगल-विंडो सुविधा उपलब्ध कराई गई। यहां स्वास्थ्य जांच के साथ केंद्र और दिल्ली सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ दिया गया। सफाईमित्रों को पीपीई किट और सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सफाईमित्र अपने परिश्रम और सेवाभाव से हर दिन दिल्ली को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि सफाईमित्रों का सम्मान, सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जा रहा है। इस वर्ष इसकी थीम स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत है।
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घर पर बनाएं अफगानी मोमोज, क्रीमी सॉस का ऐसा स्वाद कि बार-बार बनाने का करेगा मन
मोमोज आज सिर्फ स्ट्रीट फूड नहीं रह गए हैं. अलग-अलग तरह की चटनी और सॉस के साथ मिलने वाले मोमोज लोगों को खूब पसंद आते हैं. इन्हीं में से एक है अफगानी मोमोज, जो अपने क्रीमी और हल्के मसालेदार स्वाद की वजह से बाकी मोमोज से अलग लगते हैं. इसमें मोमोज को एक गाढ़ी, मलाईदार सॉस के साथ तैयार किया जाता है. अगर आपको क्रीमी स्वाद पसंद है, तो घर पर यह रेसिपी आसानी से ट्राई कर सकते हैं.
अफगानी मोमोज के लिए सामग्री
मोमोज के लिए
1 कप मैदाथोड़ा नमकजरूरत के अनुसार पानी1 कप बारीक कटी पत्तागोभी1/2 कप बारीक कटा गाजर1/2 कप बारीक कटा प्याज1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट1/2 छोटा चम्मच काली मिर्चनमक स्वादानुसार1 छोटा चम्मच सोया सॉस1 छोटा चम्मच तेल
अफगानी सॉस के लिए
1/2 कप गाढ़ा दही2 बड़े चम्मच मेयोनेज़1-2 हरी मिर्च2 लहसुन की कलियां1 छोटा चम्मच नींबू का रस1/2 छोटा चम्मच काली मिर्चथोड़ा नमक1 बड़ा चम्मच मक्खन या तेलथोड़ा लाल मिर्च पाउडरसबसे पहले तैयार करें मोमोज की स्टफिंग
एक बड़े बाउल में पत्तागोभी, गाजर और प्याज डालें. इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, काली मिर्च, नमक और सोया सॉस मिलाएं. मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट के लिए रख दें.
अब मैदा में थोड़ा नमक डालकर पानी की मदद से नरम आटा गूंथ लें. आटे को करीब 15 मिनट ढककर रखें. इसके बाद इसकी छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पतली पूरी बेल लें.
पूरी के बीच में थोड़ा सा तैयार मिश्रण रखें और किनारों को मोड़कर मोमोज का आकार दें. इसी तरह सभी मोमोज तैयार कर लें.
अब इन्हें स्टीमर में रखें और करीब 10-12 मिनट तक भाप में पकाएं. जब मोमोज की बाहरी परत थोड़ी चमकदार और नरम दिखाई देने लगे, तो समझें कि ये तैयार हैं.
अब बनाएं क्रीमी अफगानी सॉस
एक मिक्सर में दही, मेयोनेज़, हरी मिर्च, लहसुन, नींबू का रस, काली मिर्च और थोड़ा नमक डालकर पीस लें. सॉस को बहुत ज्यादा पतला न रखें.
अब एक पैन में थोड़ा मक्खन या तेल गर्म करें. इसमें तैयार सॉस डालें और धीमी आंच पर हल्का गर्म करें. ऊपर से लाल मिर्च पाउडर डालकर मिला दें.
अब इसमें स्टीम किए हुए मोमोज डालें और धीरे-धीरे सॉस के साथ मिलाएं. करीब 1-2 मिनट तक पकाने के बाद गैस बंद कर दें.
ऐसे करें सर्व
तैयार अफगानी मोमोज को प्लेट में निकालें और ऊपर से थोड़ा हरा धनिया, चिली फ्लेक्स या बारीक कटा हरा प्याज डाल सकते हैं. इन्हें गर्मागर्म सर्व करें.
अगर आपको ज्यादा तीखा स्वाद पसंद है, तो सॉस में हरी मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं. वहीं क्रीमी स्वाद के लिए थोड़ा ज्यादा दही या मेयोनेज़ इस्तेमाल किया जा सकता है.
घर पर बने ये अफगानी मोमोज शाम की चाय के साथ स्नैक के तौर पर या पार्टी में स्टार्टर के रूप में परोसे जा सकते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें मसाले और तीखापन आप अपने स्वाद के हिसाब से बदल सकते हैं.
भारतीय पायलट ने विमान क्रैश होने से बचाया: चाकू मार रहे को-पायलट से लड़े, 180 पैसेंजर्स सवार थे; इजराइल बोला- 9/11 जैसा हमला हो सकता था
40 मिनट पहले
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इनसेट- भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर।
भारतीय पायलट स्मित ने दुबई से इजराइल जा रही फ्लाइट को क्रैश होने से बचा लिया। स्मित पर उनके साथी पायलट ने ही चाकू से हमला कर दिया था। घायल होने के बावजूद स्मित उससे लड़ते रहे और बाकी यात्रियों की मदद से काबू पाया।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। विमान में 180 लोग सवार थे। इजराइली अधिकारियों ने बताया कि जिस साथी पायलट ने स्मित पर हमला किया, वह ओमान का नागरिक था।
इजराइल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि पायलट की हिम्मत ने बड़ी घटना टाल दी। वरना 2001 में हुए अमेरिका के 9/11 जैसी घटना हो सकती थी।
हमलावर पर काबू पाने के बाद विमान में बैठे पैसेंजर्स ने ताली बजाकर खुशी मनाई। इस फ्लाइट में ज्यादातर इजराइली पैसेंजर्स थे।

वीडियो में घायल कैप्टन स्मित ऑक्सीजन मास्क पहने नजर आ रहे हैं। विमान में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट ने उनका इलाज किया।
स्पाइसजेट में 11 साल पायलट रह चुके हैं कैप्टन स्मित
फ्लाईदुबई से पहले स्मित ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। यहां उन्होंने 9500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6400 घंटे से ज्यादा समय विमान के मुख्य पायलट यानी पायलट-इन-कमांड के तौर पर था।
जून 2022 में उन्होंने फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमानों पर करीब 9750 घंटे उड़ान भरी है।
इसके अलावा वे पायलटों की ट्रेनिंग, उनकी जांच और उन्हें काम के दौरान गाइड करने का काम भी करते थे।
पॉडकास्ट में कैप्टन ने बताया था- मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान पायलट बनने का ख्याल आया
पिछले साल अक्टूबर में कैप्टन स्मित ने CS जलक मेहता नाम के यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट किया था। इस दौरान उन्होंने कहा,
स्कूलिंग के बाद फैमिली बिजनेस संभालने के लिए मैंने मैनेजमेंट की पढ़ाई की। लेकिन इसी दौरान मैं एविएशन से जुड़े एक सेमिनार में गया, वहीं मैंने पहली बार पायलट बनने का सोचा।

आगे उन्होंने बताया, ‘मेरी पहली कमर्शियल फ्लाइट बेंगलुरु से दिल्ली के लिए थी।’

पॉडकास्ट के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर। तस्वीर 17 अक्टूबर 2025 की है।
10 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ
- विमान ने पहले 7700 कोड भेजा, जो इमरजेंसी का संकेत है। कुछ सेकंड बाद 7500 कोड भेजा गया, जो हाईजैक का संकेत है।
- फ्लाइटरडार के मुताबिक, विमान कुथ ही मिनटों में 34 हजार से 16,600 फीट की ऊंचाई पर आ गया। इसके बाद इसका रास्ता ताबुक की ओर मोड़ा गया।
- पायलट और को-पायलट के बीच मारपीट हुई। झगड़े की वजह अभी साफ नहीं है।
- इजराइली मीडिया के मुताबिक, ओमानी पायलट ने विमान को जमीन की ओर मोड़ने की कोशिश की। आगे बैठे यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर उसे काबू किया।
- यात्रियों के मुताबिक, विमान में सादे कपड़ों में दो और पायलट मौजूद थे। इनमें से एक ने विमान का कंट्रोल संभाला।
- एक यात्री ने बताया कि उसने कॉकपिट से चीखें सुनीं। वहां एक पायलट घायल मिला, उसके हाथ में फोल्डिंग चाकू था और कॉकपिट में खून बिखरा था।
- घायल पायलट की हालत गंभीर थी। विमान में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट ने उसका इलाज कर जान बचाने में मदद की।
- हाईजैक अलर्ट के बाद इजराइली एयरफोर्स ने फाइटर जेट रवाना किए। पीएम नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की।
- विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। इजराइल ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस भी बंद किया।
- इजराइली एजेंसियां आतंकी हमले की आशंका की भी जांच कर रही हैं। शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय जांच में शामिल हैं।

नेतन्याहू ने कैप्टन पायलट और क्रू मेंबर्स की तारिफ की
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे बेहद गंभीर सुरक्षा घटना बताया। उन्होंने दावा किया कि को-पायलट का इरादा विमान को नुकसान पहुंचाने का था।
उन्होंने बताया कि सऊदी अरब के अधिकारी संदिग्ध पायलट से पूछताछ कर रहे हैं। नेतन्याहू ने विमान में सवार लोगों की जान बचाने वाले कैप्टन, यात्रियों और क्रू सदस्यों की तारीफ करते हुए कहा कि वह इन हीरोज को सलाम करते हैं।
घटना के बाद नेतन्याहू ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और मिलिट्री सेक्रेटरी के साथ इमरजेंसी बैठक भी की।
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दुबई से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
Oppo ने लॉन्च किए दो तगड़े फोन, मिलेगी 8000mAh की दमदार बैटरी
Oppo K15 सीरीज में दो तगड़े फोन लॉन्च हो गए हैं। चीनी कंपनी के ये दोनों फोन 8,000mAh तक की तगड़ी बैटरी के साथ आते हैं। कंपनी पहले ही इस सीरीज में Oppo K15 और Oppo K15 Pro को लॉन्च कर चुकी है। ये दोनों फोन जुलाई में लॉन्च हुए हैं। अब इस सीरीज में कंपनी ने Oppo K15s और Oppo K15x पेश किए हैं। Oppo ने भारत में हाल ही में K14 Plus लॉन्च किया है।
Oppo 15s, Oppo K15x की कीमत
Oppo K15s को दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 6GB RAM +128GB और 8GB RAM + 256GB में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 1699 (लगभग 24,300 रुपये) है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट CNY 1999 (लगभग 28,600 रुपये) में आता है। इस फोन को दो कलर ऑप्शन – Shadow Grey और Wind Trail Purple में खरीदा जा सकता है।
- 6GB RAM + 128GB – CNY 1699 (लगभग 24,300 रुपये)
- 8GB RAM + 256GB – CNY 1999 (लगभग 28,600 रुपये)
Oppo K15x को भी दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 6GB RAM +128GB और 6GB RAM + 256GB में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 1399 (लगभग 20,000 रुपये) है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट CNY 1699 (लगभग 24,300 रुपये) में आता है। इस फोन को भी दो कलर ऑप्शन – Glacier White और Prism Purple में खरीदा जा सकता है।
- 6GB RAM + 128GB – CNY 1399 (लगभग 20,000 रुपये)
- 6GB RAM + 256GB – CNY 1699 (लगभग 24,300 रुपये)
Oppo 15s, Oppo K15x के फीचर्स
Oppo K15s में कंपनी ने 6.57 इंच का AMOLED पैनल दिया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन का डिस्प्ले 1400 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। वहीं, Oppo K15x में 6.75 इंच का HD+ डिस्प्ले मिलता है। इस फोन का डिस्प्ले भी 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 1125 निट्स तक की है।
K15s में कंपनी ने MediaTek Dimensity 6360 Max चिपसेट दिया है। फोन में 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज तक का सपोर्ट मिलेगा। वहीं, Oppo K15x में कंपनी ने MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट यूज किया है। यह फोन 6GB रैम और 256GB तक स्टोरेज को सपोर्ट करता है। इन दोनों फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है।
| Oppo K15s | Oppo K15x | |
| डिस्प्ले | 6.57 इंच, AMOLED, 120Hz | 6.75 इंच, 120Hz, LCD |
| प्रोसेसर | MediaTek Dimensity 6360 Max | MediaTek Dimensity 6300 |
| स्टोरेज | 8GB, 256GB | 6GB, 256GB |
| बैटरी | 8000mAh, 45W | 6,500mAh, 45W |
| कैमरा | 50MP, 8MP | 13MP, 5MP |
| OS | Android 16, ColorOS 16 | Android 16, ColorOS 16 |
Oppo K15s के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का मेन और एक सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का कैमरा मिलेगा। वहीं, Oppo K15x के बैक में 13MP कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 5MP कैमरा मिलेगा।
ओप्पो के नए लॉन्च हुए K15s में 8000mAh की दमदार बैटरी दी गई है। वहीं, K15x में कंपनी ने 6,500mAh की बैटरी दी गई है। इन दोनों फोन में 45W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है। ये दोनों डिवाइस Android 16 पर बेस्ड ColorOS 16 पर काम करते हैं।
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राजस्थान के प्रशासक एक साथ हटाए जा सकते हैं: पंचायत चुनाव लड़ने से पहले खुद छोड़नी पड़ेगी कुर्सी, सरपंचों को नियुक्त किया गया था – Jaipur News
राजस्थान में पंचायत चुनाव लड़ने वाले निवर्तमान सरपंचों को प्रशासक की कुर्सी छोड़नी होगी। अगर कोई निवर्तमान सरपंच नामांकन भरने से पहले प्रशासक पद से इस्तीफा नहीं देता तो वह पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेगा। सरकार स्तर पर भी ये मंथन चल रहा है कि प्रदेश में जितनी की ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर रखे हैं, उन्हें एक साथ हटाया जाए। राज्य की 10 हजार 290 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल खत्म होने के बाद सरकार ने वहां प्रशासक नियुक्त किए थे। इस पद पर ग्राम पंचायतों में रहे सरपंचों को ही प्रशासक पद पर नियुक्त किया गया था। लेकिन अब आगामी दिनों में पंचायती राज संस्थाओं (जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत) के चुनाव होने हैं। ऐसे में अगर कोई निवर्तमान सरपंच जो प्रशासक के पद पर नियुक्त है और वापस चुनाव लड़ना चाहता है। उसे प्रशासक के पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। नामांकन पत्र भरने से पहले देना होगा इस्तीफा राज्य निर्वाचन आयोग से जारी गाइडलाइन के मुताबिक जब भी पंचायत चुनावों के नामांकन पत्र भरे जाएंगे तो उससे पहले इस्तीफा देना पड़ेगा। नामांकन पत्रों की जांच में त्यागपत्र देखा जाएगा, अगर त्यागपत्र स्वीकार नहीं हुआ तो ऐसे उम्मीदवार का नामांकन खारिज किया जाएगा। दरअसल, आयोग ने प्रशासक के पद को ‘लाभ का पद’ माना है। इसलिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे प्रशासकों को नामांकन के अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय त्यागपत्र स्वीकार कराने की प्रक्रिया पूरी करवानी होगी। सरकार भी हटाने की तैयारी में इधर, सरकार के स्तर पर भी मंथन चल रहा है कि इन सभी प्रशासकों को चुनाव आयोग की घोषणा से पूर्व ही प्रशासक के पद से हटा दिया जाए। ताकि सभी निवर्तमान सरपंच चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र हो सके। अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो प्रशासक के स्वैच्छिक इस्तीफे के मामलों में संबंधित जिला कलेक्टर त्यागपत्र स्वीकार कर पदमुक्त करने का आदेश अपने स्तर पर जारी कर सकता है। ये भी पढ़ें… राठौड़ बोले-पंचायत और निकाय चुनाव में दलबदल कानून लागू हो:राजस्थान में जल्द होगा मंत्रिमंडल फेरबदल, सत्ता का दुरुपयोग करते तो कांग्रेस एक बोर्ड नहीं बना पाती भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने राजस्थान में मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार का दावा किया है। दैनिक भास्कर से राठौड़ ने कहा- पंचायत चुनाव के तुरंत बाद बदलाव होगा। कुछ चेहरों को संगठन से मंत्रिमंडल में और कुछ को मंत्रिमंडल से संगठन में भेजा जाएगा। उन्होंने पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव में संसद और विधानसभा की तर्ज पर दलबदल विरोधी कानून लागू करने की पैरवी की। (पूरी खबर पढ़ें)
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