समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बैंकिंग व्यवस्था को आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पिछले 12 वर्षों की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सरकार के सामने 12 सवाल रखे। इन सवालों में बैंक खातों से अलग अलग शुल्कों की कटौती, छोटे और बड़े कर्जदारों के साथ कथित भेदभाव, नोटबंदी, बुजुर्गों की जमा पूंजी पर ब्याज, बैंक लॉकर की सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी जैसे मुद्दे शामिल हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि 2014 से बैंकिंग सुधारों की बात कर रही भाजपा सरकार इन 12 सवालों का जवाब दे, ताकि बैंकिंग संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने सरकार के 12 साल के आधार पर 12 सवाल पूछे हैं।
1. बैंक खातों से पेनल्टी के नाम पर पैसे क्यों काटे गए? अखिलेश यादव ने बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने समेत दूसरे कारणों से लगाए जाने वाले जुर्माने पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह आम लोगों के खातों से बड़ी रकम काटी गई। उनका सवाल है कि बैंकिंग सेवाओं के नाम पर खाताधारकों से इस तरह शुल्क वसूलने की जरूरत क्यों पड़ी और इसका आम जनता पर क्या असर हुआ? 2. बैंकिंग सेवाओं पर बार-बार शुल्क और छोटे कर्जदारों पर सख्ती क्यों? सपा अध्यक्ष ने एसएमएस अलर्ट, एटीएम इस्तेमाल और खाता रखरखाव जैसी सेवाओं पर लगने वाले शुल्क का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बैंकिंग सेवाओं के लिए ग्राहकों से अलग-अलग चार्ज क्यों वसूले जाते हैं। साथ ही उन्होंने छोटे कर्जदारों से कुछ हजार रुपये की वसूली के लिए एजेंट भेजने और दूसरी ओर बड़े कर्जदारों के भारी कर्ज तथा कर्ज माफी के मामलों को लेकर कथित असमानता पर सवाल किया। 3. बुजुर्गों और पेंशन पर निर्भर लोगों को जमा पूंजी पर कम ब्याज क्यों? अखिलेश यादव ने बैंक जमा पर मिलने वाले ब्याज की दरों में कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बुजुर्गों और पेंशन पर निर्भर कई लोग अपनी बचत से मिलने वाले ब्याज के सहारे जीवनयापन करते हैं। ऐसे में ब्याज दरों में कमी से उनकी आमदनी प्रभावित होती है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इन लोगों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए क्या कदम उठाए? 4. नोटबंदी के दौरान आम लोगों को कतारों में क्यों लगना पड़ा? सपा अध्यक्ष ने नोटबंदी के फैसले और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आम लोगों, बुजुर्गों और महिलाओं को अपने ही पैसे बदलने के लिए बैंकों के बाहर लंबी कतारों में क्यों लगना पड़ा। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नोटबंदी के दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने अनुचित तरीकों से काले धन को सफेद किया। इस आरोप के समर्थन में उनकी पोस्ट में अलग से कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं दिया गया। 5. बैंक लॉकर में रखे सामान की सुरक्षा और मुआवजे की व्यवस्था कैसी है? अखिलेश यादव ने बैंक लॉकर से कीमती सामान, बहुमूल्य धातुओं और निवेश संबंधी दस्तावेजों के गायब होने की शिकायतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने लॉकर एग्रीमेंट के लिए स्टांप पेपर पर होने वाले खर्च, हर साल बढ़ने वाले किराये और कई साल का किराया अग्रिम लेने पर सवाल किया। उनका सवाल है कि लॉकर में रखे सामान के चोरी होने या नुकसान की स्थिति में ग्राहक को कितना मुआवजा मिलता है और उसकी पूरी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? 6. बार-बार केवाईसी कराने और खाते बंद होने का डर क्यों? सपा अध्यक्ष ने केवाईसी यानी ‘नो योर कस्टमर’ प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों को उठाया। उन्होंने पूछा कि ग्राहकों को बार-बार केवाईसी कराने की जरूरत क्यों पड़ती है और ऑनलाइन सत्यापन असफल होने पर क्या व्यवस्था है। उन्होंने बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली के निशान का सत्यापन नहीं होने से खाते के इस्तेमाल में आने वाली दिक्कतों का भी जिक्र किया। उनका सवाल है कि ऐसे मामलों में पेंशन रुकने या खाते में जमा पैसे तक पहुंच नहीं होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी? 7. बैंकिंग सेवाओं में अव्यवस्था और सरकारी बैंकों को कमजोर करने का आरोप अखिलेश यादव ने बैंकों में सर्वर डाउन होने, प्रिंटर खराब होने, ओटीपी नहीं आने और ग्राहकों को बार-बार लौटाए जाने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों को कामचोर बताकर बदनाम किया जाता है और सरकारी बैंकों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकारी बैंकों को बेचने की कोशिशों के पीछे क्या वजह है। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; इनके समर्थन में पोस्ट में अलग से प्रमाण नहीं दिए गए। 8. डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी होने पर ग्राहकों की सुनवाई क्यों नहीं? सपा अध्यक्ष ने ऑनलाइन लेनदेन में पैसे कटने, साइबर फ्रॉड और अनधिकृत ट्रांजैक्शन की शिकायतों के निस्तारण पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ऐसी घटनाओं के बाद ग्राहकों को समय पर सहायता क्यों नहीं मिलती और कस्टमर केयर से संपर्क करना मुश्किल क्यों होता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि ठगी की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने और लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए पर्याप्त जागरूकता अभियान क्यों नहीं चलाए जाते। 9. आम लोगों को कर्ज लेने में मुश्किल, बड़े कर्जदारों को आसानी क्यों? अखिलेश यादव ने छोटे कर्जदारों और बड़े कर्ज लेने वालों के बीच कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आम लोग बच्चों की पढ़ाई, घर बनाने या कारोबार बढ़ाने के लिए कुछ लाख रुपये का कर्ज लेने में आधार, पैन, गारंटर और सिबिल स्कोर जैसी शर्तों से गुजरते हैं। दूसरी ओर, बड़े कर्जदारों को भारी रकम के कर्ज मिलने और कुछ मामलों में कर्ज चुकाए बिना फरार होने की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने पूछा कि कर्ज देने और वसूली की प्रक्रिया में समान जवाबदेही क्यों नहीं दिखाई देती। 10. खाता खुलवाने के साथ बीमा, क्रेडिट कार्ड या एफडी लेने का दबाव क्यों? सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ ग्राहकों पर बैंक खाता खोलने के दौरान बीमा पॉलिसी खरीदने, क्रेडिट कार्ड लेने या एफडी कराने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने के लिए ग्राहकों को दूसरे वित्तीय उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए और ऐसी बिक्री से किसे फायदा होता है। 11. बैंक कर्मचारियों की समस्याओं और ग्राहकों की शिकायतों पर सरकार का ध्यान क्यों नहीं? अखिलेश यादव ने बैंक कर्मचारियों की कार्यदशा, सेवा शर्तों और उनकी मांगों को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को ग्राहकों की नाराजगी और शिकायतों का सामना करना पड़ता है, जबकि व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की जिम्मेदारी उच्च स्तर पर भी है। उन्होंने पूछा कि कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता और बार-बार हड़ताल की नौबत क्यों आती है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों के प्रति सरकार के रवैये को भी आलोचना का विषय बनाया। 12. जनधन खातों में पेनल्टी और गरीबों के साथ कथित धोखाधड़ी क्यों? अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जीरो बैलेंस खाते के नाम पर गरीबों के खातों से शुल्क काटे जाने के कारण कुछ खाते माइनस में चले जाते हैं। उन्होंने इसे गरीबों और वंचित तबकों के साथ अन्याय बताते हुए पूछा कि सरकार सरल भाषा में वित्तीय साक्षरता अभियान क्यों नहीं चलाती, ताकि लोग बैंकिंग नियमों, शुल्कों और अपने अधिकारों को समझ सकें। उन्होंने इस मुद्दे को पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। आपका खाता, भाग्यविधाता से आपका खाता, देता घाटा तक अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में भाजपा के बैंकिंग संबंधी नारे पर तंज कसते हुए लिखा कि आपका खाता, भाग्यविधाता कहने वालों को अब जनता से सच कहना चाहिए आपका खाता, देता घाटा। उन्होंने कहा कि इन 12 सवालों का जवाब मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े सैकड़ों अन्य सवाल भी पूछे जाएंगे।
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अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था पर उठाए 12 सवाल: नोटबंदी, बैंकिंग फीस, डिजिटल फ्रॉड जैसे मुद्दों पर सरकार से मांगा जवाब – Lucknow News
सीएम रेखा गुप्ता का AAP-कांग्रेस पर निशाना: कहा- विपक्ष को मेरी साड़ी और चप्पल की चिंता, गंभीर मुद्दों पर चुप्पी – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई काम नहीं बचा है। दोनों पार्टियों के नेता जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के बजाय उनकी साड़ी, चप्पल और निजी गतिविधियों पर नजर रखने में व्यस्त हैं। मुख्यमंत्री ने पंजाब में हत्याओं और नशे के कारोबार का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्राओं के कथित यौन शोषण के आरोपों का भी जिक्र किया। रेखा गुप्ता ने सवाल किया कि विपक्ष इन गंभीर मुद्दों पर आवाज क्यों नहीं उठाता। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जनता से जुड़े सवालों के बजाय उनकी व्यक्तिगत गतिविधियों को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटी हैं।
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जहानाबाद में 20 लाख की अंग्रेजी शराब जब्त: ट्रक से 1719 बोतलें मिलीं, क्रेटा कार सवार 2 तस्कर गिरफ्तार; उत्पाद पुलिसकर्मी की हत्या में भूमिका की जांच – Jehanabad News
जहानाबाद में पुलिस ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 20 लाख रुपये की अंग्रेजी शराब जब्त की है। घोसी थाना क्षेत्र के निरपुर में एक ट्रक से 1719 बोतल शराब बरामद की गई। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल क्रेटा कार भी जब्त की है और उसमें सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पंजाब से ट्रक में शराब लाने की सूचना मिली थी एसपी कोटा किरण ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पंजाब से ट्रक के जरिए अंग्रेजी शराब लाई जा रही है। इसके बाद घोसी थानाध्यक्ष और डीएसपी अंकित कुमार के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने निरपुर में नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध ट्रक को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसका ड्राइवर ट्रक लेकर भाग निकला। क्रेटा कार सवार दो लोग गिरफ्तार पुलिस ने ट्रक के पीछे चल रही क्रेटा कार को पकड़ा। उसमें सवार काको के अजीत कुमार और ओकरी के मुन्ना कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है, ताकि शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके। बिहारशरीफ में पुलिसकर्मी की हत्या में भूमिका की जांच पुलिस गिरफ्तार दोनों लोगों की बिहारशरीफ में उत्पाद विभाग के एक पुलिसकर्मी की हत्या के मामले में भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल इस मामले में उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है।
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गूगल पर डॉक्टर से अपॉइंटमेंट, खाते से ₹1.83 लाख निकले: 3 खातों से ट्रांजैक्शन, व्हाट्सऐप पर ली जानकारी; एक हफ्ते बाद FIR – narmadapuram (hoshangabad) News
नर्मदापुरम के सोहागपुर में मेडिकल व्यापारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। नागपुर के डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर संपर्क नंबर खोजने के बाद उनके तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल ₹1,83,323 निकल गए। पीड़ित राकेश कुमार कसेरा की शिकायत पर मामले की जांच की गई। इसके बाद सोहागपुर थाने में FIR दर्ज की गई। 29 सितंबर को गूगल से निकाला था नंबर सोहागपुर निवासी राकेश कुमार कसेरा की मेडिकल शॉप है। उन्होंने नागपुर के डॉक्टर के क्लीनिक में अपॉइंटमेंट लेने के लिए 29 सितंबर को गूगल पर संपर्क नंबर खोजा। उस पर कॉल किया।
कॉल करने वाले ने खुद को डॉक्टर के क्लीनिक का स्टाफ बताया। इसके बाद उसने व्हाट्सऐप पर राकेश से कई जानकारियां लीं। 5 अक्टूबर को अपॉइंटमेंट होने का आया कॉल राकेश ने बताया कि 5 अक्टूबर को कॉल कर उन्हें बताया गया कि उनका अपॉइंटमेंट हो गया है। अगले दिन, 6 अक्टूबर को उनके तीन अलग-अलग बैंक खातों से कुल ₹1,83,323 कटने के मैसेज आए। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। बैंक और पुलिस से की शिकायत रकम कटने के बाद राकेश ने बैंक और पुलिस थाने से संपर्क किया। मामले की जांच साइबर सेल ने की। इसके करीब एक सप्ताह बाद सोहागपुर थाने में FIR दर्ज की गई। आरोप है कि गूगल पर मिला संपर्क नंबर डॉक्टर के क्लीनिक का न होकर साइबर ठगों का था।
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भारत पर 100% टैरिफ का फैसला 10 दिन में संभव: अमेरिकी राजदूत बोले- रूस से तेल खरीदने पर प्रतिबंध लगाएं या नहीं, ट्रम्प तय करेंगे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर 100% टैरिफ लगाने को लेकर करीब 10 दिन में फैसला ले सकते हैं। यह बात अमेरिकी दूत सर्जियो गोर ने ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कही। गोर ने कहा कि भारत को प्रतिबंधों से छूट मिलेगी या नहीं, यह भी ट्रम्प ही तय करेंगे। अमेरिकी संसद ने 18 सितंबर को रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास किया था। ट्रम्प ने भी इस कानून को मंजूरी दे दी है, लेकिन किसी देश पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि कानून पारित होने के 30 दिनों के भीतर फैसला लेना जरूरी है। गोर ने कहा कि इस कानून का मकसद किसी देश को सजा देना नहीं, बल्कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। अमेरिका दूसरे देशों के साथ मिलकर रूस को युद्ध के लिए मिलने वाले पैसे को धीरे-धीरे कम करना चाहता है। कानून में प्रतिबंध लगाने के तीन आधार सर्जियो गोर ने कहा कि संसद ने प्रतिबंधों के तीन विकल्प दिए हैं। इनमें तेल, गैस और प्रतिबंधों से बचने में मदद करना शामिल है। उन्होंने कहा, “इन प्रतिबंधों का निशाना किसी एक देश पर नहीं है। कांग्रेस ने तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। पहली तेल, दूसरी गैस और तीसरी प्रतिबंधों से बचने में मदद करना है।” गोर ने कहा कि इन श्रेणियों में शामिल लोगों की पहचान आंकड़ों के आधार पर की जाती है। उन्होंने कहा कि भारत भी कई अन्य देशों के साथ इनमें से एक श्रेणी में आता है। भारत से ट्रेड डील पर भी बातचीत जारी गोर ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। अब कुछ छोटे मुद्दों पर चर्चा बाकी है। दोनों देशों के बीच करीब डेढ़ साल से बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत के साथ डिफेंस, आईटी, डेटा सेंटर और चिप मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहता है। गोर ने भारत को AI डेवलपमेंट का बड़ा केंद्र बनने के लिए उपयुक्त बताया। उनके मुताबिक, भारतीय और अमेरिकी टेक कंपनियों की साझेदारी से दोनों देशों को फायदा होगा।
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न ओवन चाहिए, न मैदा! गेहूं के आटे से तवे पर बनाएं चीजी पिज्जा बॉम्ब
Wheat Flour Pizza Bombs Recipe: शाम को चाय के साथ कुछ ऐसा खाने का मन हो जो पिज्जा जैसा स्वाद दे, लेकिन बनाने के लिए न ओवन चाहिए और न ही बाजार से मैदा लाना पड़े, तो यह रेसिपी काम आ सकती है. घर में मौजूद गेहूं के आटे से तैयार होने वाले चीजी पिज्जा बॉम्ब बाहर से सिके हुए और अंदर से चीज़ी होते हैं. खास बात यह है कि इन्हें तवे पर बनाया जा सकता है.
पनीर, मोज़ेरेला चीज़, शिमला मिर्च और मसालों की स्टफिंग हर बाइट को स्वादिष्ट बनाती है. बच्चों के लिए शाम के स्नैक से लेकर अचानक आए मेहमानों के सामने परोसने तक यह एक आसान विकल्प हो सकता है. इसे बनाने का तरीका भी काफी सीधा है.
बिना ओवन ऐसे तैयार करें चीजी पिज्जा बॉम्ब
इस स्नैक को बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं के आटे से सॉफ्ट डो तैयार किया जाता है. इसके बाद इसमें पनीर और चीज़ वाली स्टफिंग भरी जाती है. तैयार बॉल्स को तवे पर अच्छी तरह सेंककर ऊपर से बटर और धनिया लगाया जाता है. इस तरह घर पर ही पिज्जा जैसा स्वाद वाला स्नैक तैयार हो जाता है.
सॉफ्ट डो तैयार करने का तरीका
एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा लें. इसमें आधा छोटा चम्मच नमक, एक छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर और दही डालें. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंध लें. आटा न बहुत सख्त हो और न ज्यादा चिपचिपा. इसे ढककर करीब 10 मिनट के लिए रख दें, ताकि आटा अच्छी तरह सेट हो जाए.
चीज़ी स्टफिंग में आएगा पिज्जा वाला स्वाद
अब एक दूसरे बाउल में कद्दूकस किया हुआ पनीर और मोज़ेरेला चीज़ लें. इसमें बारीक कटा प्याज, शिमला मिर्च और हरा धनिया डालें. स्वाद के अनुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर और कुटी काली मिर्च मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें. अगर बच्चों के लिए बना रहे हैं तो मसालों की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार कम रख सकते हैं. इसी तरह स्टफिंग में अपनी पसंद की सब्जियां भी थोड़ी मात्रा में शामिल की जा सकती हैं.
लोई में स्टफिंग भरने का सही तरीका
तैयार आटे की मध्यम आकार की लोइयां बना लें. एक लोई को बेलन से थोड़ा मोटा और गोल बेलें. इसके बीच में करीब 2 से 3 चम्मच पनीर-चीज़ की स्टफिंग रखें. अब किनारों को ऊपर की तरफ लाकर अच्छी तरह बंद करें. इसे मोमोज की तरह सील किया जा सकता है. इसके बाद हाथ से हल्का दबाकर गोल आकार दें. ध्यान रखें कि किनारे ठीक से बंद हों, वरना सेंकते समय चीज़ बाहर निकल सकती है.
तवे पर पकाने की खास ट्रिक
अब गैस पर तवा रखें और उसे अच्छी तरह गर्म होने दें. तैयार पिज्जा बॉम्ब के उस हिस्से पर थोड़ा पानी लगाएं, जहां से इसे बंद किया गया है. पानी लगे हिस्से को गर्म तवे पर रखें. इससे बॉम्ब तवे पर चिपक जाता है और आगे सेंकने के दौरान आसानी रहती है. जब नीचे की सतह हल्की सिक जाए तो तवे को हैंडल की मदद से उल्टा करें. अब पिज्जा बॉम्ब को सीधी आंच पर घुमाते हुए चारों तरफ से सेंकें. आंच धीमी से मध्यम रखें. धीरे-धीरे सेंकने से बाहर की परत सुनहरी और कुरकुरी हो सकती है.
आखिर में लगाएं बटर
जब पिज्जा बॉम्ब अच्छी तरह सिक जाएं तो इन्हें तवे से निकाल लें. ऊपर से थोड़ा पिघला हुआ बटर लगाएं और बारीक कटा हरा धनिया डालें. इन्हें टोमैटो सॉस या मयोनीज़ के साथ गरमा-गरम परोसा जा सकता है.
चीनी कंपनी ने लॉन्च किया 8400mAh बैटरी वाला गेमिंग फोन, मिलेगा सबसे तेज प्रोसेसर
Red Magic ने अपना एक और तगड़ा गेमिंग फोन लॉन्च कर दिया है। चीनी कंपनी का यह गेमिंग फोन Red Magic 12 Pro+ के नाम से पेश किया गया है। इस फोन में कंपनी ने 8,400mAh की दमदार बैटरी दी है। साथ ही, यह Qualcomm के नए लॉन्च हुए 2nm चिपसेट के साथ आता है। यह फोन फिलहाल केवल घरेलू मार्केट यानी चीन में लॉन्च किया गया है।
Red Magic 12 Pro+ की कीमत
रेड मैजिक का यह फोन तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB, 16GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 1TB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 6999 (लगभग 99,000 रुपये) है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः CNY 7999 (1,13,500 रुपये) और CNY 8999 (लगभग 1,27,500 रुपये) है। इसे तीन कलर ऑप्शन- Dark Night Transparent, Silver Wing Transparent और Ice Blue Transparent में खरीदा जा सकता है।
- 12GB RAM + 256GB – CNY 6999 (लगभग 99,000 रुपये)
- 16GB RAM + 512GB – CNY 7999 (1,13,500 रुपये)
- 16GB RAM + 1TB – CNY 8999 (लगभग 1,27,500 रुपये)
चीनी कंपनी इसके अलावा एक लिमिटेड एडिशन मॉडल भी शोकेस किया है, जो गोल्डेन सागा कलर में आता है। इस फोन में 24GB रैम और 1TB स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। हालांकि, कंपनी ने इसके लिमिटेड एडिशन वाले मॉडल की उपलब्धता के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है।
Red Magic 12 Pro+ के फीचर्स
इस गेमिंग फोन में 6.85 इंच का 2K X11 OLED पैनल यूज किया गया है। फोन का डिस्प्ले 185Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसकी पीक ब्राइटनेस 5,000 निट्स तक की है। OnePlus 16 में भी यही डिस्प्ले पैनल यूज किया गया है। यह स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है। फोन में इसके साथ डेडिकेटेड R5 गेमिंग और G1 डिस्प्ले चिप दिया गया है।
| RedMagic 12 Pro+ 5G | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.85 इंच, X11 OLED, 185Hz |
| प्रोसेसर | Qualcomm Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 |
| स्टोरेज | 16GB, 1TB |
| बैटरी | 8400mAh, 100W, 80W |
| कैमरा | 50MP + 50MP, 16MP |
| OS | Android 17, RedMagicOS 17 |
इस फोन में 16GB तक LPDDR5T रैम और 1TB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। यह गेमिंग फोन 8,400mAh की बैटरी के साथ 100W वायर्ड और 80W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है। फोन में हीट मैनेजमेंट के लिए लिक्विड कूलिंग सिस्टम दिया गया है। फोन IP68 और IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में डूबने पर भी खराब नहीं होगा।
फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का मेन OIS कैमरा मिलता है। साथ ही, यह फोन 50MP के अल्ट्रा वाइड और 16MP के सेल्फी कैमरा के साथ आता है। यह Android 17 पर बेस्ड RedMagic OS पर काम करता है। इसमें कनेक्टिविटी के लिए WiFi 7, Bluetooth 5.3, NFC, IR ब्लास्टर जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
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छात्र को थप्पड़ मारा तो साथियों संग शिक्षक को पीटा: बुलंदशहर के कॉलेज जाते समय बस स्टैंड पर किया हमला, बुलंदशहर रेफर – Jhangirabad(Bulandshahar) News
बुलंदशहर के जहांगीराबाद में गुरूवार को बीसीए छात्र को थप्पड़ मारने के विवाद में शिक्षक पर छात्रों के गुट ने हमला कर दिया। आरोप है कि सत्यदेव कॉलेज ऑफ इंस्टीट्यूट के शिक्षक अनुज कुमार ने कक्षा में अनुशासनहीनता करने पर छात्र राहुल को थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर गुरुवार सुबह अनूपशहर बस स्टैंड के पास शिक्षक पर हमला कर दिया। मारपीट में शिक्षक लहूलुहान हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से बुलंदशहर रेफर कर दिया गया। कॉलेज में अनुशासनहीनता को लेकर हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, सत्यदेव कॉलेज ऑफ इंस्टीट्यूट में अनुज कुमार शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि बीसीए के छात्र राहुल पर कक्षा में अनुशासनहीनता करने का आरोप था। इसी बात को लेकर शिक्षक ने छात्र को थप्पड़ मार दिया था। आरोप है कि इस घटना से नाराज छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिक्षक से मारपीट की। बस स्टैंड के पास शिक्षक पर हमला बताया गया कि गुरुवार सुबह अनुज कुमार कॉलेज जाने के लिए निकले थे। वह अनूपशहर बस स्टैंड के पास पहुंचे, तभी उनके साथ मारपीट की गई। अचानक हुए हमले में शिक्षक को चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में हलचल मच गई। घायल शिक्षक को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए बुलंदशहर रेफर कर दिया गया। तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र राठौर ने बताया कि मामले में तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। फिलहाल मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद आगे बढ़ेगी।
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किसानों के खाते में कब आएंगे 2,000 रुपये, जानें किस्त की तारीख
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की अगली किस्त का देशभर के किसानों को इंतजार है. इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹2,000 की तीन किस्तों को सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है. पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून को जारी की गई थी. अब किसानों के मन में सवाल है कि 24वीं किस्त कब आएगी और खाते में पैसे कब तक पहुंचेंगे? खासकर बारिश और बाढ़ से फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए यह रकम काफी मददगार हो सकती है.
हालांकि, 24वीं किस्त जारी करने की तारीख को लेकर सरकार की ओर से अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. किस्त अगस्त से नवंबर के बीच आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन किसी तय तारीख को पक्का नहीं माना जा सकता. ऐसे में किसानों को सही अपडेट के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए. साथ ही, अपनी ई-केवाईसी, आधार से जुड़े बैंक खाते और जमीन के सत्यापन की स्थिति भी जांच लेनी चाहिए, ताकि किस्त जारी होने पर भुगतान में कोई परेशानी न आए.
पीएम किसान योजना में सालाना कितने रुपये मिलते हैं?
केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2018 को की थी. इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है. यह रकम एक साथ नहीं, बल्कि तीन किस्तों में मिलती है. हर किस्त ₹2,000 की होती है. आमतौर पर पहली किस्त अप्रैल से जुलाई, दूसरी अगस्त से नवंबर और तीसरी दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है. 20 जून को जारी हुई 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹2,000 भेजे जा चुके हैं. हालांकि, 24वीं किस्त की तारीख अभी तय नहीं हुई है.
किन किसानों को मिल सकता है योजना का फायदा?
इस योजना का फायदा लेने के लिए किसान परिवार के पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए और उसे योजना के नियमों के तहत पात्र होना जरूरी है. हालांकि, सभी किसान इसके पात्र नहीं हैं. डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी कर्मचारी, आयकर देने वाले और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों के लोग योजना का फायदा नहीं ले सकते. ₹10,000 से अधिक मंथली पेंशन पाने वाले कुछ पेंशनभोगी भी इसके दायरे से बाहर हैं.
योजना के नियमों के अनुसार, एक किसान परिवार से पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले सदस्य को ही लाभ मिलता है. आवेदन के लिए जमीन के कागजात, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. रजिस्ट्रेशन आधिकारिक पोर्टल, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या कृषि विभाग के जरिए कराया जा सकता है.
पीएम किसान का पेमेंट स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
किसानों को यह जानने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं है कि उनकी किस्त का स्टेटस क्या है. वे घर बैठे ऑनलाइन जानकारी देख सकते हैं.
- सबसे पहले PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
- ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें.
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें.
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें.
- ‘Get OTP’ पर क्लिक करके वेरिफिकेशन पूरा करें.
- इसके बाद स्क्रीन पर रजिस्ट्रेशन और भुगतान से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं.
- अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता है, तो वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित ऑप्शन से उसे पता करने की कोशिश करें.
किस्त अटकने से बचने के लिए तुरंत करें ये 3 काम
कई बार किस्त जारी होने के बावजूद पैसा खाते में नहीं पहुंचता. इसकी वजह जरूरी जानकारी अधूरी होना या वेरिफिकेशन में समस्या हो सकती है। इसलिए किसान इन तीन बातों की जांच जरूर करें.
ई-केवाईसी पूरी करें: अगर ई-केवाईसी अधूरी है, तो उसे आधिकारिक पोर्टल या उपलब्ध अधिकृत माध्यम से पूरा करें.
आधार और बैंक खाते की जांच करें: सुनिश्चित करें कि बैंक खाते से आधार जुड़ा हो और खाते में DBT के जरिए पैसा पाने की जरूरी प्रक्रिया पूरी हो.
जमीन का वेरिफिकेशन कराएं: पोर्टल पर लैंड सीडिंग का स्टेटस देखें. अगर जमीन का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो संबंधित कृषि विभाग या अधिकारी से संपर्क करें.
इस बात का भी ध्यान रखें कि पीएम किसान की 24वीं किस्त की तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है. सही जानकारी के लिए केवल सरकारी पोर्टल और आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें.

