Wednesday, July 1, 2026
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दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में लड़के की मौत: सीतापुर में हादसे में दो गंभीर घायल, दोनों वाहन जब्त – Sitapur News




सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के पोखराकलां- दिबियापुर मार्ग पर बुधवार शाम 7 बजे दो बाइकों की भिड़ंत में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां भेजा। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। थाना क्षेत्र के रजपारापुर सुहेला गांव निवासी रोहित (15) पुत्र देवता अपने मित्र मोहित (16) के साथ बाइक से शेखपुर बाजार जा रहा था। जब उनकी बाइक पोखराकलां- दिबियापुर मार्ग पर पहुंची, तभी सामने से दिबियापुर की ओर से आ रही दूसरी बाइक से उसकी आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उसके साथ बाइक पर सवार मोहित गंभीर रूप से घायल हो गया। दूसरी बाइक पर सवार युवक भी हादसे में घायल हुआ। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सदरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां भेजा, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है। ग्रामीणों की भी मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मुकेश वर्मा ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। घायलों को अस्पताल भेजा गया है तथा मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।



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शिवहर में SP के जनता दरबार में भीड़: जमीन विवाद, मारपीट सहित शिकायतों पर तुरंत एक्शन का निर्देश – Sheohar News




शिवहर जिले में पुलिस अधीक्षक ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने सीधे एसपी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, जिन पर उन्होंने गंभीरता से सुनवाई की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनता दरबार में भूमि विवाद, मारपीट, पारिवारिक विवाद, साइबर अपराध और आपसी विवाद सहित पुलिस से जुड़े कई मामलों की शिकायतें प्राप्त हुईं। एसपी ने सभी फरियादियों की बातों को धैर्यपूर्वक सुना। आम जनता को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों और पुलिस पदाधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। एसपी शैलेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि आम जनता को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित की शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया एसपी ने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपराध या किसी भी समस्या की सूचना तुरंत पुलिस को दें। उन्होंने साइबर अपराध से सतर्क रहने और अफवाहों से दूर रहते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का आह्वान किया। जनता दरबार में कुछ मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि गंभीर मामलों की जांच संबंधित अधिकारियों को सौंपकर शीघ्र रिपोर्ट मांगी गई। फरियादियों ने एसपी से सीधे संवाद के इस अवसर की सराहना की।



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जिंदा जली पत्नी, बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा पति: 8 में से 6 लोगों की सिर्फ हड्डियां बचीं; स्टेटस पर लिखा था- ढल गया दिन…हो गई रात – barwaha News


आंखों के सामने पत्नी जिंदा जलती रही…पति ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाता रहा, लेकिन कोई उसे बस से बाहर नहीं निकाल सका। जितेंद्र पांडे सीट के नीचे फंसी पत्नी प्रियंका को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन देखते ही देखते आग की लपटों ने चपेट में ले लिया

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वहीं बड़वाह के होटल संचालक दीपक सिंह तंवर भी इसी भीषण हादसे में जिंदा जल गए। मौत से कुछ घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था। दीपक सिंह तंवर ने सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…ढल गया दिन… हो गई रात।

राजस्थान के दौसा में हुए इस दर्दनाक बस हादसे ने मध्यप्रदेश के 6 समेत 8 लोगों की मौत हो गई। वे हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे। हादसा इतना भयावह था कि दोनों शव बुरी तरह जल गए। उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच करानी पड़ेगी। डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को शव बड़वाह लाए जा सकेंगे।

भाई की मौत की खबर मिलते ही दीपक की बहन बार-बार बेहोश हो रही हैं। वह रोते-रोते जमीन पर गिर जाती हैं। दैनिक भास्कर ने दीपक के परिवार और प्रियंका के पड़ोसियों से से बात की।

ये तस्वीरें देखिए…

बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हादसे में 8 की मौत।

बस हादसे के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

बस हादसे के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।

हरिद्वार से लौटते वक्त बस हादसे में जान चली गई।

हरिद्वार से लौटते वक्त बस हादसे में जान चली गई।

दीपक सिंह तंवर: परिवार के साथ घर से निकले थे

हादसे में कस्तूरबा मार्ग के रहने वाले दीपक सिंह तंवर की मौत हो गई। वह पिता नन्नू सिंह के साथ सनावद में होटल चलाते थे। वह 22 जून को परिवार के पांच अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से वैष्णोदेवी दर्शन के लिए निकले थे। वैष्णोदेवी दर्शन के बाद अमृतसर और हरिद्वार के दर्शन कर लिए थे।

बुधवार को इंदौर और फिर घर आना था। वह भी इसी स्लीपर बस से बड़वाह लौट रहे थे। हादसे में नन्नूसिंह तंवर के छोटे बेटे सन्नी (24), उनकी पत्नी नेहा (26), दीपक की पत्नी दिव्या (25), बेटी यशिका (3), बेटा वंशराज (7) और इंदौर के रहने वाले नाती हर्षद पिता संजय तंवर घायल हुए हैं।

घर पर बहन बार-बार बेहोश हो रही

कस्तूरबा मार्ग पर होली टेकड़ा में घर पर सिर्फ दीपक की बहन कविता तंवर है। वह बार-बार बेहोश हुए जा रही है। पड़ोसी उन्हें संभाल रहे हैं। घर के बाहर पड़ोसी भी मौजूद हैं। बाकी सभी परिवारवाले राजस्थान गए हैं। वह ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं हैं।

कविता ने रोते हुए बताया कि रात करीब ढाई बजे सन्नी भैय्या का पिता को कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि हमारी बस का एक्सीडेंट हो गया है। दीपक भैया नहीं मिल रहे हैं। सभी लोग सुबह तक घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही मौत की खबर आ गई।

परिवार ने मौत से पहले स्टेटस पर लिखा था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे।

परिवार ने मौत से पहले स्टेटस पर लिखा था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे।

सोशल मीडिया पर लिखा– ट्रिप खत्म, फिर काम पर

घटना से पहले दीपक ने सोशल मीडिया पर स्टेटस शेयर किया। इसमें लिखा है… ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…। इसके बैक ग्राउंड पर ‘सो गया ये जहां…’ गाना भी चल रहा है। इसके अलावा, दीपक ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया है। इसमें ट्रेन में सभी हाथ उठाकर झूमते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में वैष्णो देवी के दर्शन करते भी दिख रहे हैं।

पड़ोसी ने बताया- जितेंद्र की पत्नी जिंदा जल गई

हादसे में बड़वाह में वन विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ जितेंद्र पांडे (40) की पत्नी प्रियंका पांडे (35) की भी मौत हो गई है। जितेंद्र 26 जून को ही पत्नी और बेटे अभिनव (7) के साथ हरिद्वार के लिए निकले थे। इसी बात से इंदौर लौट रहे थे।

जितेंद्र मूलत: रीवा के रहने वाले थे। यहां दशहरा मैदान के पास पटेल नगर में किराए से रहते थे। पड़ोसी दिलीप चौरे ने बताया कि सुबह जितेंद्र का फोन आया था। उसने कहा था कि टक्कर के बाद अफरा–तफरी में मैं और बेटा बाहर निकल आए, जबकि पत्नी अंदर रह गई।

परिवार ने ट्रेन में मस्ती करते हुए वीडियो अपलोड किया था।

परिवार ने ट्रेन में मस्ती करते हुए वीडियो अपलोड किया था।

सीट के नीचे फंसी पत्नी, मैं दौड़ता रहा, बचाने को चिल्लाता रहा

इंदौर निवासी वन विभाग में ऑपरेटर जितेन्द्र पांडेय बताते हैं- मैं, पत्नी और बच्चा इस बस में सवार थे। हमारी सीट ड्राइवर के पीछे थी और बच्चा साइड वाली बर्थ पर सो रहा था। बहुत तेज आवाज और झटके के कारण नींद खुली।

पत्नी प्रियंका सीट के नीचे फंसी थी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे निकालने की कोशिश की। बहुत खींचा, उसके पैर नीचे की तरफ फंस गए थे। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, बच्चा भी साथ था।

मैंने उतर कर दौड़ लगाई और घूम कर खिड़की वाली तरफ आया और प्रियंका को खींचना शुरू किया। तब भी वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। इतने में बस में आग लग गई। जितेंद्र पांडे भी अपने परिवार के साथ हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे।

साहब मेरी वाइफ मेरे सामने जिंदा जल गई। सर मैंने लोगों को बहुत कहा निकालो इसे कोई मदद करो। किसी ने मदद नहीं की। सब ही परेशान थे और घबराए हुए थे। मेरे सामने मेरी पत्नी चली गई।

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हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…

राजस्थान- बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले

राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। एसपी ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी स्लीपर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। पढ़ें पूरी खबर



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नाश्ते में बनाएं बिहार की फेमस मकुनी रोटी, स्वाद में लाजवाब रेसिपी भी है आसान


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नाश्ते में बनाएं बिहार की फेमस मकुनी रोटी, स्वाद में लाजवाब रेसिपी भी है आसान

 

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अगर आप स्वादिष्ट और हेल्दी नाश्ता बनाना चाहते हैं, तो मकुनी रोटी एक शानदार विकल्प है. बिहार और झारखंड का यह पारंपरिक व्यंजन सत्तू से बनता है, जो प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है. इसे बनाने के लिए गेहूं के आटे में सत्तू, नमक, कलौंजी, अजवाइन, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाकर नरम आटा गूंथ लें. फिर रोटी बेलकर तवे पर दोनों तरफ सेंकें और घी या बटर लगाकर सुनहरा होने तक पकाएं. इसे दही, अचार या चटनी के साथ परोसें. यह स्वाद के साथ लंबे समय तक पेट भरा रखती है और बच्चों के टिफिन के लिए भी बेहतरीन है.

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फलोदी में 8 जुलाई को कांग्रेस का सर्व धर्म सम्मेलन: सीमावर्ती क्षेत्र में ऑपरेशन क्लीन का विरोध, कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन – Phalodi News




कांग्रेस ने 8 जुलाई को जिला मुख्यालय पर सर्व धर्म सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। यह सम्मेलन सीमावर्ती क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने के विरोध में किया जा रहा है। सम्मेलन के बाद कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। वरिष्ठ नागरिक और जनप्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा इस सर्व धर्म सम्मेलन की तैयारियों के लिए बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में एक बैठक हुई। पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्व धर्म समाज के वरिष्ठ नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। ऑपरेशन क्लीन का किया विरोध बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक किसनाराम बिश्नोई ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार में जनता परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रही है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति विकट हो गई है। बिश्नोई ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ के नाम पर मस्जिदों और मंदिरों को तोड़े जाने का भी जिक्र किया। ये रहे मौजूद इस बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सलीम नागौरी, वरिष्ठ नेता प्रकाश छंगाणी, कुंभ सिंह पातावत, पीसीसी सदस्य महेश व्यास, पंचायत समिति प्रधान हाजी उमरदीन, ताज मोहम्मद, गोपाल शर्मा, शीशपाल बिश्नोई, कीर्ति सिंह भील, प्रेम सिंह राजपुरोहित, श्रीगोपाल व्यास, हरभज नोखडा, सतीश पुरोहित एडवोकेट, नटवर मेघवाल सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



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दिल्ली सरकार ने लॉन्च किया ग्रीन ड्राइव पोर्टल: सीएम रेखा गुप्ता ने किया शुभारंभ, एक पेड़ मां के नाम अभियान को मिलेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म – New Delhi News




दिल्ली सरकार ने राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में बुधवार को बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीन ड्राइव पोर्टल लॉन्च किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के कार्यक्रम में इस डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम–एक पेड़ मां के नाम अभियान का प्रमुख डिजिटल मंच होगा। सीएम ने कहा दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब नागरिक इसमें सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। उन्होंने सभी दिल्लीवासियों से अधिक से अधिक पौधारोपण करने और अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि ‘रिज वन पुनरुद्धार कार्यक्रम’ का औपचारिक शुभारंभ इसी माह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। लोगों ने लिया ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण करने का संकल्प कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद दिल्ली ग्रीन वॉरियर्स और स्वयंसेवकों ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को घर-घर तक पहुंचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को पौधारोपण से जोड़ने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल 70 लाख पौधे लगाना नहीं, बल्कि हर नागरिक को हरित दिल्ली के निर्माण में भागीदार बनाना है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर दिल्ली की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में चिन्हित पौधारोपण स्थलों का विवरण उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार वृक्षारोपण के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण को तकनीक से जोड़ना महत्वपूर्ण पहल : सिरसा सिरसा ने कहा यह पोर्टल पर्यावरण संरक्षण को तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे नागरिकों, स्कूलों, आरडब्ल्यूए, कार्यालयों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी बढ़ेगी और पौधारोपण अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिलेगा। ग्रीन ड्राइव पोर्टल’ की प्रमुख सुविधाएं



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BSNL का 330 दिन वाला सस्ता प्लान, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ मिल रहे कई बेनिफिट्स


BSNL ने 330 दिन वाला एक सस्ता प्लान पेश किया है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ-साथ कई तरह के बेनिफिट्स मिलते हैं। वैसे तो सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर के पोर्टफोलियो में कई लंबी वैलिडिटी वाले प्लान हैं, जिनमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा के साथ कई सारे बेनिफिट्स मिलते हैं, लेकिन इस प्लान में यूजर्स को कई और बेनिफिट्स मिलेंगे। BSNL के इस प्लान की कीमत निजी कंपनियों के मुकाबले काफी कम है।

330 दिन वाला सस्ता प्लान

BSNL ने इस सस्ते रिचार्ज प्लान को कुछ समय पहले ही लॉन्च किया है। कंपनी ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स के बारे में बताया है। इस प्रीपेड प्लान की कीमत 1,999 रुपये है। इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो भारत संचार निगम से इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में कहीं भी अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग का लाभ मिलता है।

इसके अलावा यूजर्स को इस प्लान में फ्री नेशनल रोमिंग का भी लाभ मिलता है। BSNL के इस प्लान में यूजर्स को इसके अलावा डेली 1.5GB हाई स्पीड डेटा का लाभ मिलेगा। इस तरह यूजर्स को कुल मिलाकर 495GB डेटा ऑफर किया जा रहा है। यही नहीं, इस प्लान में यूजर्स को डेली 100 फ्री SMS का भी लाभ दिया जाएगा।

भारत संचार निगम लिमिटेड अपने सस्ते रिचार्ज प्लान के साथ BiTV का भी एक्सेस देता है। यूजर्स अगर प्रीमियम सब्सक्रिप्शन लेते हैं तो इसके लिए उन्हें हर महीने 151 रुपये देने होंगे। इस प्लान में यूजर्स को 1000 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल्स और OTT ऐप्स का एक्सेस दिया जाता है। BiTV पर यूजर्स अपने पसंदीदा मूवीज, टीवी शोज और वेबसीरीज का आनंद ले सकते हैं।

नेटवर्क हो रहे अपग्रेड

BSNL लगातार अपना नेटवर्क एक्सपेंड कर रहा है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी ने पूरे देश में एक साथ 4G सर्विस पिछले दिनों लॉन्च की है। कंपनी ने इसके लिए करीब 1 लाख नए 4G/5G टावर लगाए हैं, जो पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर बेस्ड हैं। साथ ही, सरकारी कंपनी 1 लाख और नए मोबाइल टावर लगाने वाली है। यही नहीं, कंपनी दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में इस साल 5G सर्विस भी लॉन्च कर सकती है।

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लॉक अप रियल्टी शो में कंटेस्टेंट के गले में क्या है, आपके मन में भी है ये सवाल? ये है जवाब


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रियलिटी शो ‘लॉक अप’ में कंटेस्टेंट्स के गले में चौबीसों घंटे दिखने वाला भारी गोल गैजेट न तो कोई माइक्रोफोन है और न ही कोई जीपीएस ट्रैकर. यह असल में खास तौर पर शो के लिए तैयार किया गया एक ‘स्टेटस बैंड’ है. इसका एकमात्र काम कंटेस्टेंट्स के खेल के आधार पर अपना रंग बदलना है, जिससे उनके अच्छे या खराब प्रदर्शन का पता चलता है.

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लॉक अप के कंटेस्टेंट ने गले में पट्टा क्यों पहना है? ये है जवाबZoom

इस गोल डिवाइस का काम किसी की जासूसी करना या बातचीत टेप करना बिल्कुल नहीं है. (youtube/netflix india)

नई दिल्ली. रियलिटी शो ‘लॉक अप’ देखने वाले दर्शकों के मन में अक्सर एक सवाल जरूर कौंधता है कि कंटेस्टेंट्स के गले में चौबीसों घंटे दिखने वाला वह भारी, गोल और काले रंग का गैजेट आखिर क्या है? सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं. कोई इसे कंटेस्टेंट्स की आवाज रिकॉर्ड करने वाला एडवांस माइक्रोफोन बताता है, तो कोई इसे जेल की थीम के तहत कैदियों को ट्रैक करने वाला जीपीएस (GPS) सर्विलांस कॉलर कहता है. लेकिन इंटरनेट पर चलने वाली इन तमाम थ्योरीज और दावों से अलग इस गैजेट की असलियत बेहद साधारण और दिलचस्प है.

तकनीकी रूप से यह गैजेट न तो कोई आवाज रिकॉर्ड करने वाला माइक्रोफोन है और न ही किसी को ट्रैक करने वाला कोई जीपीएस लोकेटर. यह असल में खास तौर पर इसी शो के लिए डिजाइन किया गया एक ‘स्टेटस बैंड’ (Status Band) है. मेकर्स ने शो में कैदियों जैसा माहौल बनाने और खेल के रोमांच को लाइव दिखाने के लिए इस खास गैजेट को तैयार करवाया है, जो सीधे कंट्रोल रूम से ऑपरेट होता है.

कैसे काम करता है यह स्टेटस बैंड और क्या है इसका काम?

इस गोल डिवाइस का काम किसी की जासूसी करना या बातचीत टेप करना बिल्कुल नहीं है. यह केवल एक विजुअल इंडिकेटर (रंग बदलने वाला बैंड) की तरह काम करता है. इस डिवाइस का मुख्य काम और खासियत निम्नलिखित हैं:

  • खेल का स्टेटस दिखाना: यह बैंड सीधे तौर पर कंटेस्टेंट्स के बर्ताव और शो में उनके प्रदर्शन को लाइव दर्शाता है. जब कोई प्रतियोगी शो के नियमों का पालन करता है, टास्क में बेहतरीन प्रदर्शन करता है या अच्छा काम करता है, तो कंट्रोल रूम से इस बैंड की ‘ग्रीन लाइट’ (हरी बत्ती) को ऑन कर दिया जाता है.
  • नियमों के उल्लंघन पर अलर्ट: इसके विपरीत, जब कोई कंटेस्टेंट जेल के नियमों को तोड़ता है, किसी से बदतमीजी करता है या टास्क में खराब प्रदर्शन करता है, तो इस स्टेटस बैंड की ‘रेड लाइट’ (लाल बत्ती) ऑन हो जाती है. यह लाल बत्ती इस बात का प्रतीक होती है कि वह कंटेस्टेंट अब खतरे में है या उसे कोई सजा मिल सकती है.
  • दर्शकों और जेलर के लिए सीधा संकेत: इस गैजेट का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि शो के होस्ट, जेलर या लाइव फीड देख रहे दर्शकों को तुरंत पता चल जाता है कि इस समय किस कैदी का स्टेटस सुरक्षित (जेल की भाषा में कहें तो उनका आचरण सही) है और कौन रेड ज़ोन में चल रहा है.

थीम और ड्रामे को बढ़ाने वाला गैजेट

चूंकि ‘लॉक अप’ शो का पूरा कॉन्सेप्ट एक सख्त और असली जेल पर आधारित है, इसलिए मेकर्स ने कंटेस्टेंट्स के लिए इसे चौबीसों घंटे गले में पहनना अनिवार्य कर दिया है. यह भारी और अजीब दिखने वाला गोल बैंड जब गले में लटका रहता है, तो दर्शकों को भी स्क्रीन पर एक असली कैदी वाली फीलिंग आती है. इस स्टेटस बैंड का केवल यही एक काम है कि यह कंटेस्टेंट्स के अच्छे-बुरे काम के हिसाब से अपना रंग बदलता रहता है, जिससे शो का रोमांच और ड्रामा कई गुना बढ़ जाता है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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NEET UG 2026 की पुनर्परीक्षा के जल्द घोषित होंगे नतीजे, कॉपियों की चेकिंग जारी होने का किया जा रहा दावा


राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा जल्द ही एनईटी यूजी 2026 का परिणाम जारी किए जाने की उम्मीद है। एजेंसी ने 21 जून, 2026 को आयोजित एनईटी यूजी पुनर्परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू कर दिया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अनंतिम उत्तर कुंजी के संबंध में 10,000 से अधिक आपत्तियां प्राप्त हुई हैं और प्रत्येक आपत्ति की गहनता से जांच की जा रही है। 

14 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा 

गौरतलब है कि, पुनर्परीक्षा 21 जून, 2026 को भारत के 5440 केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। परीक्षा एक ही शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक चली। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी। पुनर्परीक्षा में 20 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे। अंतिम आंसर—की 25 जून, 2026 को जारी की गई थी और आपत्ति दर्ज करने की समय सीमा 28 जून, 2026 को समाप्त हो गई थी।  

पारदर्शी परीक्षा के लिए किए गए थे इंतजाम 

एजेंसी ने निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया था, जिसमें गोपनीय सामग्रियों को सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत निर्दिष्ट स्थानों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाना, पुलिस सुरक्षा के साथ जीपीएस-सक्षम वाहन, सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, ​​प्रवेश से पहले उच्च संवेदनशीलता वाले मेटल डिटेक्टरों से अनिवार्य तलाशी, प्रतिरूपण को रोकने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और केंद्रीकृत नियंत्रण प्रणालियों के माध्यम से वास्तविक समय की निगरानी शामिल थी।

NTA ने कहा 

परीक्षा के बाद एएनआई से बात करते हुए एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा, “यह परीक्षा त्रुटिरहित और त्रुटिमुक्त थी। हमने सुरक्षा और छात्रों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया… हमने सभी एजेंसियों, सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि हम न केवल त्रुटिरहित परीक्षा आयोजित कर सकें, बल्कि त्रुटि-मुक्त परीक्षा भी हो, जिसमें किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि के लिए कोई सहनशीलता नहीं है।” 

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क्या NEET 2026 की पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक हुआ? NTA ने वायरल दावों का किया खंडन, जानिए क्या कहा

NEET री-एग्जाम में आपके कितने जवाब सही? NTA की तरफ से जारी आंसर की से मिलाकर कर लें चेक

 

 





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4 हीरो के साथ नजर आई थीं 4 हीरोइन, 3 करोड़ी मूवी ने तोड़ डाले थे कमाई के सारे रिकॉर्ड


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जब भी बॉलीवुड का इतिहास देशभक्ति और शानदार सिनेमा के इर्द-गिर्द घूमता है, तो एक फिल्म का नाम अक्सर दिमाग में आता है. ठीक 45 साल पहले, 1981 में थिएटर में एक जबरदस्त फिल्म रिलीज हुई थी जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. हम बात कर रहे हैं ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर ‘क्रांति’ की, जिसे मशहूर मनोज कुमार ने डायरेक्ट और लिखा था. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत सिल्वर स्क्रीन पर इसकी बेमिसाल मौजूदगी थी, जिसमें चार मशहूर हीरो और चार टॉप हीरोइन थीं.

नई दिल्ली. साल 1981 को बॉलीवुड के इतिहास में ‘क्रांति’ के साल के तौर पर याद किया जाता है. जब मनोज कुमार ने 19वीं सदी में ब्रिटिश राज के खिलाफ भारत के विद्रोह और उसकी गहरी देशभक्ति पर आधारित इस फिल्म को पर्दे पर लाने का फैसला किया, तो उन्होंने उस समय सोच से भी परे एक बोल्ड कास्टिंग का फैसला किया. यह फिल्म न सिर्फ एक्टिंग का सुपर-स्कूल साबित हुई, बल्कि उस समय के शानदार बिजनेस फिगर भी हासिल किए, जो आज के समय में कई सौ करोड़ के बराबर हैं.

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‘क्रांति’ की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कल्ट और बड़ी स्टार कास्ट थी. मनोज कुमार ने देश के कुछ सबसे बड़े एक्टर्स को एक ही फ्रेम में एक साथ लाया. ‘ट्रेजेडी किंग’ दिलीप कुमार ने इस फिल्म में लीड और दमदार रोल निभाया, जो पांच साल के ब्रेक के बाद एक्टिंग में लौटे थे. मनोज कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर और राइटर होने के साथ-साथ मुख्य क्रांतिकारी, भारत का रोल भी निभाया.

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शशि कपूर ने एक सख्त और वफादार राजा/मिलिट्री ऑफिसर का रोल किया था, जो बाद में क्रांतिकारियों में शामिल हो जाता है, जबकि शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने सख्त व्यवहार और दमदार आवाज से एक शेर दिल क्रांतिकारी का रोल किया था. फिल्म की मेन लीड हेमा मालिनी, दिलीप कुमार और मनोज कुमार के साथ उनके मिशन पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थीं.

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परवीन बॉबी ने अपनी ग्लैमरस परफॉर्मेंस और बेहतरीन एक्टिंग से फिल्म को और बेहतर बनाया. सारिका ने फिल्म में बहुत सीरियस और जरूरी रोल किया था. बॉलीवुड की मशहूर ‘मां’ निरूपा रॉय ने भी अपनी जबरदस्त और इमोशनल परफॉर्मेंस से दर्शकों को रुला दिया. इन आठ मेन स्टार्स के अलावा फिल्म में प्रेम चोपड़ा, मदन पुरी और टॉम ऑल्टर जैसे मजबूत विलेन भी थे.

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फिल्म के बिजनेस साइकिल और आंकड़ों को देखें तो, यह उस समय भी एक बड़ा इन्वेस्टमेंट था. शानदार सेट, असली जहाजों पर जबरदस्त एक्शन सीन और हजारों जूनियर आर्टिस्ट के साथ, इसका कुल बजट लगभग 3 करोड़ तक पहुंच गया, जिसे 1981 में बहुत बड़ा और रिस्की बजट माना गया था.

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जब फिल्म रिलीज हुई, तो थिएटर के बाहर मीलों तक लाइनें लगी हुई थीं. कई सेंटर महीनों तक हाउसफुल रहे. इसने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 3 करोड़ की नेट कमाई की, जबकि इसकी कुल कमाई 19-20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई. यह 1981 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई. इसके ऐतिहासिक मुनाफे को देखते हुए, ट्रेड पंडितों ने इसे ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ का साफ फैसला दिया.

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फिल्म का म्यूजिक इस जबरदस्त सफलता की रीढ़ था. ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’ और ‘चना जोर गरम’ जैसे गाने 45 साल बाद भी हर किसी की जुबान पर हैं. दर्शकों के लिए दिलीप कुमार को पांच साल बाद बड़े पर्दे पर देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला, जबरदस्त अनुभव था. उनके और मनोज कुमार के बीच के सीन सिनेमा के इतिहास का खजाना हैं. फिल्म में जोरदार ड्रामा, साफ डायलॉग डिलीवरी और अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त एक्शन का एकदम सही मेल था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था.

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