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बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर आज अपनी फिल्मों और शानदार स्टोरीटेलिंग के लिए जाने जाते हैं. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब वह न्यूमरोलॉजी पर आंख बंद करके भरोसा करते थे और अपनी हर फिल्म का नाम ‘के’ अक्षर से रखते थे. फिर राजकुमार हिरानी की एक फिल्म ने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी.
नई दिल्ली. करण जौहर आज बॉलीवुड के सबसे बड़े फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्में दी हैं और हिंदी सिनेमा को फैमिली ड्रामा, प्यार और रिश्तों की नई पहचान दी है. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था, जब करण फिल्मों से ज्यादा न्यूमरोलॉजी पर भरोसा करते थे. उन्हें लगता था कि ‘के’ अक्षर उनके लिए बेहद लकी है. यही वजह थी कि उनकी ज्यादातर फिल्मों के नाम ‘के’ से शुरू होते थे.

इस बीच, करण जौहर ने अपनी शेल्फ हुई फिल्म ‘तख्त’ पर भी बात की. यह फिल्म साल 2021 में अनाउंस हुई थी, जिसमें रणवीर सिंह, आलिया भट्ट, अनिल कपूर, करीना कपूर खान, विक्की कौशल, जाह्नवी कपूर और भूमि पेडनेकर जैसे सितारे थे. कोविड-19 के कारण फिल्म में देरी हुई और अब तक यह रिलीज नहीं हो सकी है.

साल 1995 में आई फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में उन्होंने असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया था. इस फिल्म में वह छोटे से रोल में भी नजर आए थे. ये फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. इसके बाद साल 1998 में करण ने बतौर डायरेक्टर फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ बनाई. शाहरुख खान, काजोल और रानी मुखर्जी स्टारर यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई.
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पहली ही फिल्म से करण ने साबित कर दिया कि वह बड़े डायरेक्टर बनने वाले हैं. इसके बाद उन्होंने ‘कभी खुशी कभी गम’ और ‘कभी अलविदा ना कहना’ जैसी कई बड़ी फिल्में बनाईं.उस दौर में करण न्यूमरोलॉजी पर काफी भरोसा करते थे. उन्हें लगता था कि ‘के’ अक्षर उनकी फिल्मों के लिए शुभ है. यही वजह थी कि वह लगातार अपनी फिल्मों के नाम ‘के’ से रखने लगे. उस समय बॉलीवुड में कई स्टार्स और फिल्ममेकर्स नामों की स्पेलिंग तक बदलते थे ताकि किस्मत साथ दे.

लेकिन फिर एक फिल्म ने करण की सोच पूरी तरह बदल दी. करण ने खुद बताया था कि जब उन्होंने राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ देखी, तो उसमें न्यूमरोलॉजी का मजाक उड़ाया गया था. फिल्म का मैसेज देखकर उन्हें एहसास हुआ कि किसी इंसान की मेहनत, कहानी और टैलेंट ज्यादा जरूरी होता है, ना कि नाम का पहला अक्षर.

इसके बाद करण ने ‘के’ अक्षर वाला फॉर्मूला छोड़ दिया. फिर उन्होंने ‘माय नेम इज खान’, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’, ‘ऐ दिल है मुश्किल’ और ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ जैसी कई सफल फिल्में बनाईं.

करण जौहर सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं, बल्कि बड़े प्रोड्यूसर भी हैं. उन्होंने आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा जैसे सितारों को लॉन्च किया. साल 2020 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया था. आज करण जौहर बॉलीवुड के सबसे बड़े और सफल फिल्ममेकर्स में गिने जाते हैं.

बता दें फिल्म बॉम्बे वेलवेट में उन्होंने बतौर एक्टर काम किया था. फिल्म में विलेन के रूप में करण जौहर दर्शकों का दिल जीतने में नाकामयाब हुए थे. अनुराग कश्यप की इस फिल्म में खलनायक का रोल निभाने के लिए उनकी खूब किरकरी हुई थी. फिल्म भी डिजास्टर साबित हुई थी.

















