अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का परिसर 15 अगस्त की शाम स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा नजर आया। विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक इमारतें तिरंगे और आकर्षक रोशनी से जगमगा उठीं। कैंपस के कोने-कोने में स्वतंत्रता दिवस की उमंग और देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया, जिसमें छात्र-छात्राओं से लेकर शिक्षक और गैर-शिक्षण स्टाफ तक सभी शामिल थे। एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय की प्रभारी सदस्य (एमआईसी) प्रो. विभा शर्मा ने विश्वविद्यालय के माहौल पर बातचीत करते हुए कहा कि आज यूनिवर्सिटी का हर कोना खूबसूरत नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा कैंपस आजादी के जोश और जुनून में डूबा हुआ है। यह उत्साह केवल इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों में भी स्वतंत्रता दिवस की उमंग साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय की इमारतों पर तिरंगा लहराने के साथ आकर्षक लाइटिंग की गई थी। प्रभात फेरी में स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया, जबकि एनसीसी कैडेट्स ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की। स्वतंत्रता दिवस को लेकर पिछले एक सप्ताह से विश्वविद्यालय में विभिन्न चर्चाओं और डिबेट्स का आयोजन भी किया गया था। इन चर्चाओं में आजादी के संघर्ष, देश के वर्तमान और भविष्य तथा समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विभा शर्मा ने बताया कि इन गतिविधियों में छोटे बच्चों से लेकर बड़े, प्रोफेसरों से लेकर गैर-शिक्षण स्टाफ तक, हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की गई। स्वतंत्रता दिवस की शाम एएमयू का वातावरण यह दर्शाता था कि राष्ट्रीय पर्व किस तरह लोगों को एक साझा उत्साह और जिम्मेदारी की भावना से जोड़ता है। तिरंगे की रोशनी और देशभक्ति से सराबोर कैंपस में शाम का यह नजारा एएमयू की विविधता के बीच राष्ट्रभक्ति के रंग को और गहरा करता दिखा।
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AMU में तिरंगे की रोशनी,देशभक्ति के रंग में डूबा कैंपस: स्वतंत्रता दिवस पर जगमगाया परिसर; प्रभात फेरी, एनसीसी कैडेट्स ने दिखाया उत्साह – Kol News
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उदयपुर पहुंचे: एयरपोर्ट पर सीएम भजनलाल शर्मा ने किया स्वागत, कल निम्बाहेड़ा में पूर्व PM वाजपेयी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण – Udaipur News
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार रात 10:30 बजे विशेष विमान से उदयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डबोक एयरपोर्ट गृहमंत्री की अगवानी कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता मंत्री गौतम दक, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद सीपी जोशी, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, शांता देवी और प्रताप भील ने भी गृहमंत्री का स्वागत किया। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली और सलूंबर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। संगठन के साथ हो सकती है चर्चा एयरपोर्ट से अमित शाह सीधे सर्किट हाउस पहुंचे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कई मंत्री भी सर्किट हाउस में ही रुक रहे हैं। रविवार सुबह गृहमंत्री अमित शाह सीएम और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ हेलिकॉप्टर से चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा जाएंगे। वहां शाह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासनिक अमला रहा तैनात गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए एयरपोर्ट और सर्किट हाउस पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, आईजी गौरव श्रीवास्तव, कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एसपी अमृता दुहन, एडीएम जितेंद्र ओझा और मावली एसडीएम रमेश सीरवी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
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‘आजादी का महापर्व’ में कविता कृष्णमूर्ति ने बांधा समां: रविंद्र भवन में देशभक्ति गीतों पर झूमे दर्शक; जान कुमार शानू ने भी दी प्रस्तुति – Bhopal News
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से रविंद्र भवन के हंसध्वनि सभागार में ‘आजादी का महापर्व’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने देशभक्ति गीतों से समां बांधा, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कविता कृष्णमूर्ति और साथी कलाकारों की प्रस्तुतियों का दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कविता कृष्णमूर्ति ने भगवान शिव का ध्यान करते हुए ‘ओम नम: शिवाय’ गीत से की। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘कर्मा’ का देशभक्ति गीत ‘हर करम अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए’ प्रस्तुत किया। गीत के साथ ही सभागार में मौजूद दर्शकों में जोश और उत्साह भर गया। इसके बाद कविता कृष्णमूर्ति ने ‘दिल ने कहा चुपके से’, ‘हवा हवाई’, ‘काहे छेड़े’, ‘आज मैं ऊपर आसमां नीचे’, ‘निंबोड़ा’, ‘इस तरह आशिकी’, ‘तुम मिले’, ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘तू ही रे’, ‘बोले चूड़ियां’, ‘कोई मिल गया’, ‘मेरा पिया घर आया’ और ‘डोला रे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां दीं। एक के बाद एक गीतों पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अमर सेनानियों को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर क्रांतिवीरों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि देश उन सभी वीरों का ऋणी है, जिन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा और देशवासियों को स्वतंत्र भारत में सांस लेने का सौभाग्य दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के इन महान सेनानियों के सपनों का भारत बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। कुमार शानू के पुत्र ने भी दी प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान कविता कृष्णमूर्ति के साथ साथी कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। मंच पर कुमार शानू के पुत्र जान कुमार शानू ने भी गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति ने खासतौर पर युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का समापन ‘आई लव माय इंडिया’ गीत के साथ हुआ।
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भोजपुर में तिरंगा थाम नन्हे स्केटर्स ने की स्केटिंग: लोगों ने ताली बजाकर बढ़ाया उत्साह, भारत माता की जय से गूंजा रमना मैदान – Bhojpur News
आरा के रमना मैदान में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को देशभक्ति का अनोखा नजारा देखने को मिला। भोजपुर जिला रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। हाथों में तिरंगा थामे छोटे-छोटे स्केटर्स जब स्केटिंग करते हुए रमना मैदान में पहुंचे तो पूरा परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। बच्चों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारे लगाते हुए लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया। स्केटर्स की रफ्तार और हाथों में लहराते तिरंगे ने स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को और खास बना दिया। हाथ में तिरंगा लेकर नन्हें स्केटर्स की स्केटिंग की 4 तस्वीरें देखिए तिरंगे के साथ बच्चों को स्केटिंग करता देख रमना मैदान में भीड़ उमड़ी रैली में सुमित, अवयुक्त, आयुष, विवान, देवश्री, अगस्त्या, आर्थव समेत एक दर्जन से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। अलग-अलग उम्र के बच्चे पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ स्केटिंग करते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चों को तिरंगे के साथ स्केटिंग करते देखने के लिए रमना मैदान में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही बच्चे मैदान से गुजरे, लोगों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कई लोग बच्चों की इस देशभक्ति और जोश को अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद करते नजर आए। रैली के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। स्केटिंग के साथ तिरंगा थामे बच्चों ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों को देशप्रेम और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी बच्चों को जलेबी खिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। ट्रेनर ने कहा- ये सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं सम्मान, जिम्मेदारी का प्रतीक है इस मौके पर ट्रेनर अभिषेक कुमार सिंह ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगे के साथ निकाली गई यह रैली महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने बच्चों से हमेशा अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे अपने परिवार, शहर और देश का नाम रोशन करने के लिए लगातार मेहनत करें। उन्होंने बच्चों से कहा कि स्केट्स की रफ्तार के साथ अपने सपनों को भी रफ्तार दें, मेहनत करते रहें और तिरंगे की शान हमेशा ऊंची रखें। कार्यक्रम के दौरान पूरा रमना मैदान देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
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राष्ट्रपति भवन में एट होम रिसेप्शन, PM मोदी पहुंचे: मुर्मू के इवेंट में 650 मेहमान शामिल, इनमें 100 VVIP; पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन भी खास मेहमान
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नई दिल्ली2 घंटे पहले
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स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में ‘एट होम’ रिसेप्शन हुआ।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन के अमृत उद्यान परिसर में पारंपरिक ‘एट होम’ रिसेप्शन आयोजित किया। समारोह में करीब 650 मेहमान शामिल हुए, जिनमें 100 VVIP गेस्ट रहे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, CJI सूर्यकांत, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत केंद्रीय मंत्री, राजनयिक और अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां समारोह में पहुंचीं।
पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन को भी खास मेहमान के तौर पर आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान के गायन से हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी समारोह में मौजूद रहे।
कार्यक्रम की 5 तस्वीरें…

राष्ट्रपति मुर्मू ने एट होम रिसेप्शन में विदेशी मेहमानों का स्वागत किया।

राष्ट्रपति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी मेहमानों से मिले।

राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, पीएम और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला साथ बैठे।

पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन एट होम रिसेप्शन में पहुंचे।

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन वायु सेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह और उनकी पत्नी से बातचीत करते हुए।
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद पत्नी के साथ पहुंचे
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपनी पत्नी सविता कोविंद के साथ ‘एट होम’ समारोह में पहुंचे। कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर बिड़ला भी उनके साथ आए थे। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और CJI सूर्यकांत भी मौजूद रहे।

पूर्व राष्ट्रपति कोविंद ने पत्नी के साथ बिड़ला और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का अभिवादन किया।
राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि दी
इससे पहले स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह भी मौजूद रहे।

राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम्
इस साल स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम् का गायन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से अपने संबोधन में भी राष्ट्रगीत का जिक्र किया।
उन्होंने कहा- आज हर दिल वंदे मातरम् की लय पर धड़क रहा है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है। PM मोदी ने कहा कि राष्ट्रगीत की आवाज पूरे देश में गूंज रही है और तिरंगा स्वतंत्रता दिवस की भावना का प्रतीक है।

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मोदी बोले- दिमागी नक्सलियों को पहचानें, उन्हें अलग करें:ये समाज को भटका रहे; महिलाओं के आरक्षण पर पार्टियां राजनीति न करें

80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं। ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा और विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा।’ पूरी खबर पढ़ें…
बड़े होटलों में ₹1400 का तिरामिसु बोकारो में सिर्फ ₹149, जानिए इस अनोखे डेजर्ट की कहानी
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Bokaro Famous Dessert Tiramisu: इटली के मशहूर डेजर्ट तिरामिसु का स्वाद अब बोकारो में भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है. सेक्टर-4 स्थित ‘द डेजर्ट बॉक्स’ में होटल मैनेजमेंट और बड़े होटलों का अनुभव रखने वाले देवाशीष ने क्लासिक और लोटस बिस्कॉफ तिरामिसु को किफायती कीमत पर पेश किया है. बड़े होटलों में जहां इसकी कीमत करीब ₹1,200 से ₹1,400 तक पहुंच जाती है, वहीं यहां क्लासिक तिरामिसु ₹149 और लोटस बिस्कॉफ ₹210 में मिल रहा है. खास बात यह है कि स्टॉल पर रोजाना करीब 100 पीस की बिक्री हो रही है, जिससे यह अनोखा डेजर्ट बोकारो के लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं और बोकारो में कुछ नया मीठा डेजर्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो सेक्टर-4 स्थित ‘द डेजर्ट बॉक्स’ आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यहां होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुके देवाशीष ग्राहकों को इटली का मशहूर डेजर्ट तिरामिसु परोस रहे हैं. उनके स्टॉल पर दो खास वैरायटी, क्लासिक तिरामिसु और लोटस बिस्कॉफ तिरामिसु उपलब्ध हैं, जिन्हें ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.
देवाशीष ने बताया कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की है. इसके बाद उन्होंने JW Marriott, बेंगलुरु में बेकरी में काम किया और Radisson Blu समेत कई बड़े होटलों में अनुभव हासिल किया. उनका सपना अपना इंटरनेशनल होटल शुरू करने का था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें बोकारो लौटना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपने शहर में कुछ नया करने का फैसला किया और ‘द डेजर्ट बॉक्स’ नाम से अपना स्टॉल शुरू किया.
देवाशीष ने आगे बताया कि तिरामिसु दुनिया के सबसे लोकप्रिय इटालियन डेजर्ट्स में से एक है. इसे चार अलग-अलग लेयर में तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और टेक्सचर बेहद खास बनता है. बड़े होटलों में जहां इसकी कीमत करीब ₹1,200 से ₹1,400 तक होती है, वहीं वह इसे बोकारो के लोगों के लिए किफायती दाम पर उपलब्ध करा रहे हैं. यहां क्लासिक तिरामिसु 149 रुपये और लोटस बिस्कॉफ तिरामिसु ₹210 में मिलता है.
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तिरामिसु तैयार करने में उन्हें करीब 5 से 6 घंटे का समय लगता है. आने वाले दिनों में वह अपने मेन्यू में मैंगो तिरामिसु, माचा और बॉम्बोलिनी जैसे अन्य इंटरनेशनल डेजर्ट्स भी शामिल करेंगे.
वर्तमान में उनके स्टॉल पर प्रतिदिन करीब 100 पीस तिरामिसु की बिक्री हो रही है और ग्राहक शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक यहां आकर इस खास इटालियन डेजर्ट का स्वाद ले सकते हैं. तिरामिसु का स्वाद लेने पहुंचे ग्राहक अमन और ऋतिक ने बताया कि उन्होंने पहली बार बोकारो में तिरामिसु ट्राई किया. उनके अनुसार इसका स्वाद बेहद लाजवाब है.
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के 5 साल पूरे: महिलाओं की आजादी छीनी, प्रेस पर पाबंदियां बढ़ीं, लोगों पर कोड़े बरसाए गए
काबुल4 घंटे पहले
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तालिबान के काबुल पर कब्जे के आज पांच साल पूरे हो गए हैं। पांच साल में अफगानिस्तान की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। तालिबान ने पूरे देश पर अपना नियंत्रण मजबूत किया और अर्थव्यवस्था में कुछ सुधार आया।
लेकिन दूसरी तरफ महिलाओं के अधिकारों पर सख्त पाबंदियां लगीं, प्रेस की आजादी घटी और शारीरिक सजाएं फिर आम हो गईं।
ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से नवंबर 2022 के बीच अदालतों ने कम से कम 18 मामलों में शारीरिक सजा का आदेश दिया। इनमें ज्यादातर मामले तथाकथित नैतिक अपराधों से जुड़े थे।
दिसंबर 2022 में परवान प्रांत के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने 27 लोगों को सबके सामने कोड़े मारे गए। तालिबान से पहले की अफगान सरकारों के दौर में भी शारीरिक सजा मौजूद थी, लेकिन तालिबान के शासन में इसे खुले तौर पर और नियमित रूप से लागू किया जाने लगा।

15 अगस्त 2021: काबुल में दाखिल हुआ तालिबान
अफगानिस्तान में 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा कर लिया। कुछ ही घंटों में अफगान सरकार का पतन हो गया। कमर्शियल फ्लाइट्स रद्द हो गईं और हजारों लोग देश छोड़ने के लिए काबुल एयरपोर्ट पहुंच गए।
तालिबान ने उस समय महिलाओं के अधिकार बनाए रखने और अमेरिका व पिछली अफगान सरकार के साथ काम करने वालों को माफी देने का वादा किया था।
प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कहा था कि लोगों को अपनी संपत्ति, जान या सम्मान को लेकर खतरा नहीं होगा। लेकिन अगले पांच साल में तस्वीर इन वादों के बिल्कुल उलट नजर आई।

उस समय की सबसे चर्चित तस्वीरों में अमेरिकी वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमान से लटके लोगों की तस्वीर शामिल थी। अमेरिकी सैनिकों को रनवे खाली कराने के लिए अभियान रोकना पड़ा। यह फुटेज 16 अगस्त 2021 का है।
छात्राओं को स्कूल और यूनिवर्सिटी जाने से रोका
अफगानिस्तान अब दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां छात्राओं को औपचारिक रूप से सेकेंडरी स्कूल और यूनिवर्सिटी में पढ़ने से रोक दिया गया है।
तालिबान के सत्ता में आने के बाद महिलाओं पर पाबंदियां लगातार बढ़ती गईं। नौकरी करने, और सार्वजनिक जगहों पर जाने को लेकर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं।
UN की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान के राज में अब तक महिलाओं के खिलाफ 100 से ज्यादा फरमान जारी हो चुके हैं। सर्वे में शामिल 10 में से 7 महिलाओं ने अपनी मानसिक स्थिति खराब या बहुत खराब बताई।
आधे से ज्यादा महिलाओं ने कहा कि वे महीने में सिर्फ एक या दो बार घर से बाहर निकलती हैं। करीब तीन-चौथाई महिलाओं ने किसी पुरुष के बिना घर से बाहर निकलने में असुरक्षा महसूस करने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान में सिर्फ 7% महिलाएं नौकरी कर रही हैं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 84% है।

अफगानिस्तान के पहाड़ी इलाके में नीले बुर्के पहने महिलाओं का एक ग्रुप।
प्रेस पर दबाव बढ़ा, पत्रकारों ने देश छोड़ा
तालिबान शासन में पत्रकारिता भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स यानी CPJ ने अफगानिस्तान को पत्रकारों के लिए दुनिया की सबसे खतरनाक और मुश्किल जगहों में शामिल किया है। 2021 के बाद से कई अफगान पत्रकार देश छोड़ चुके हैं।
- 2024 में तालिबान अधिकारियों ने लाइव राजनीतिक टीवी प्रसारण पर रोक लगा दी।
- तालिबान नेतृत्व की आलोचना को अपराध बना दिया गया।
- मीडिया संस्थानों को इंटरव्यू के लिए मेहमान चुनने में भी पाबंदियों का सामना करना पड़ा।
- तालिबान ने अपना मीडिया नेटवर्क मजबूत किया।
- 2025 तक तालिबान के नियंत्रण में करीब 15 बड़े टीवी और रेडियो स्टेशन, अखबार और डिजिटल मीडिया संस्थान थे।
तालिबान शासन में अफगानिस्तान की इकोनॉमी में सुधार
तालिबान के शासन में अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह बर्बाद नहीं हुई। कुछ क्षेत्रों में सुधार के संकेत मिले हैं। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक 2025 में अफगानिस्तान की वास्तविक GDP 4.8% बढ़ी। सरकार का घरेलू राजस्व भी बढ़कर GDP का 19.8% हो गया।
लेकिन इस ग्रोथ का फायदा आम लोगों तक व्यापक रूप से नहीं पहुंचा। प्रति व्यक्ति आय घटी है और महंगाई बढ़ी है। देश अभी भी बड़े स्तर पर आयात पर निर्भर है। बिजली की कमी, बैंकिंग सुविधाओं तक सीमित पहुंच, बड़े अनौपचारिक कैश सेक्टर और विदेशी मदद में कमी भी आर्थिक विकास के लिए बड़ी चुनौती हैं।
अफीम की खेती में 95% गिरावट
तालिबान के सत्ता में आने के समय अफगानिस्तान दुनिया में अफीम का सबसे बड़ा स्रोत था। UNODC के मुताबिक 2022 में दुनिया की करीब 80% अफीम अफगानिस्तान से आती थी।
अप्रैल 2022 में तालिबान ने पोस्ता (अफीम का पौधा) की खेती पर रोक लगा दी। इसका सीधा असर खेती पर पड़ा। UNODC के 2023 के सर्वे के मुताबिक पोस्ता की खेती में 95% की गिरावट आई।

अफगानिस्तान में अफीम की खेती। (फाइल फोटो)
रूस ने तालिबान सरकार को मान्यता दी
तालिबान सरकार को अब तक सिर्फ रूस ने औपचारिक रूप से मान्यता दी है। हालांकि तालिबान का कहना है कि वह करीब 40 देशों के संपर्क में है और औपचारिक मान्यता के लिए जरूरी शर्तें पूरी कर चुका है।
भारत ने भी तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता दिए बिना काबुल के साथ अपने रिश्ते मजबूत किए हैं। अक्टूबर 2025 में तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी भारत आए थे। यह तालिबान सरकार के किसी वरिष्ठ अधिकारी की भारत की पहली यात्रा थी।
चीन और UAE ने भी तालिबान द्वारा नियुक्त राजदूतों को स्वीकार किया है, हालांकि दोनों ने अब तक तालिबान सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी है।
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PM रहमान की भारत यात्रा से पहले बांग्लादेश की शर्त: शेख हसीना को राजनीति से दूर रखा जाए; 21 अगस्त को दिल्ली आ सकते हैं

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 21 अगस्त को पहली बार भारत दौरे पर आ सकते हैं। यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले दोनों देशों के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। इनमें सबसे बड़ा मुद्दा पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का है। पूरी खबर पढ़ें…
बंगाल के कूचबिहार से 3 संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार: भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेज रहे थे; नकली नोट भी बनाते थे
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 3 संदिग्धोंं को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राशिदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। जांच अधिकारियों के मुताबिक, तीनों भारत में ISI एजेंट के तौर पर अंडरकवर काम कर रहे थे। उन पर बांग्लादेश के रास्ते भारतीय मोबाइल सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने का आरोप है। ये तीनों आरोपी नकली नोट भी बनाते थे। तीनों आरोपियों को स्वतंत्रता दिवस से पहले शुक्रवार देर शाम उत्तर बंगाल के दिनहाटा इलाके के साहेबगंज से पकड़ा गया। इन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। बंगाल में आतंकी लिंक के शक में कई गिरफ्तारियां बंगाल पुलिस ने पिछले एक महीने में आतंकी संगठनों से जुड़े होने के शक में कई लोगों को पकड़ा है। इससे पहले 31 जुलाई को पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े संदिग्ध ऑपरेटिव हामिम मंडल को बर्धमान से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद मंडल की गर्लफ्रेंड और सहयोगी अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया। उसके तीसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राजू को हावड़ा से पकड़ा गया। इसके बाद राज्य में संदिग्ध आतंकी संबंधों के मामले में 4 गिरफ्तारियां और हुईं। पाकिस्तानी नागरिक पर जासूसी का शक इनमें पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ उर्फ वहाब आलम भी शामिल था। उसे बांग्लादेश सीमा के पास उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक, रऊफ 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत आया था। उसने भारतीय वोटर कार्ड और आधार कार्ड समेत फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। रऊफ ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रेकी की थी। वह कोलकाता की संवेदनशील जगहों पर नजर रखता था, इनमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण फोर्ट विलियम भी शामिल था। राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस की पूछताछ के बाद अब NIA भी रऊफ से पूछताछ करेगी। रऊफ की नोटबुक अहम सबूत जांचकर्ताओं के मुताबिक, रऊफ की नोटबुक इस मामले में अहम सबूत मानी जा रही है। संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकी से जुड़े लिंक की जांच के दौरान अधिकारियों को कई अहम जानकारियां मिलने का दावा है। STF सूत्रों के अनुसार, रऊफ से पूछताछ के बाद जांचकर्ताओं ने ISI से कथित रूप से जुड़े पांच लोगों की पहचान की है। हालांकि, यह तुरंत साफ नहीं हो सका कि कूचबिहार में हुई गिरफ्तारियां रऊफ से मिले लिंक के आधार पर की गई थीं या नहीं।
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