Sunday, May 31, 2026
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दुधारू पशुओं का सबसे बड़ा दुश्मन है ये रोग, जानें कारण और बचाव


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Animal Husbandry: पलामू के पशु डॉ. विकास कुमार ने बताया कि दुधारू पशुओं में खुरपका मुंहपका एफएमडी तेजी से फैल रहा है. पशुपालक इसका घरेलू उपाय के साथ एफएमडी वैक्सीन और नियमित देखभाल से ठीक कर सकते हैं. आइये जानते हैं उपाय के बारे में.

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पलामू: आज के समय में पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीविकोपार्जन का बड़ा माध्यम बन चुका है. बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक दुधारू पशुओं के सहारे अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन बदलते मौसम और सही देखभाल की कमी के कारण पशुओं में कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. इनमें खुरपका-मुंहपका रोग यानी एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) सबसे खतरनाक बीमारी मानी जाती है. यह बीमारी पशुओं को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है और समय पर इलाज नहीं होने पर दुधारू पशु पूरी तरह बर्बाद हो सकता है.

बीमारी के लक्षण पहचानना जरूरी

पलामू के पशु चिकित्सक डॉ. विकास कुमार ने बताया की इस बीमारी की शुरुआत में पशु के मुंह से अधिक मात्रा में लार निकलने लगती है. पशु खाना-पीना छोड़ देता है और जुगाली करना बंद कर देता है. इसके साथ पशु को तेज बुखार भी हो सकता है. धीरे-धीरे उसके खुर में सड़न शुरू हो जाती है और जीभ में फोड़े पड़ जाते हैं. इस कारण पशु को खाने में परेशानी होती है और दूध उत्पादन तेजी से कम होने लगता है. कई बार स्थिति गंभीर होने पर पशु पूरी तरह कमजोर हो जाता है. इसके अलावा दुधारू पशुओं में कैल्सियम की कमी भी बड़ी समस्या बन रही है. खासकर बच्चा देने के बाद गाय और भैंस में कैल्सियम की भारी कमी हो जाती है, जिससे उन्हें उठने-बैठने में परेशानी होती है.

घरेलू उपाय से मिल सकती है राहत

उन्होंने कहा कि यदि पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. शुरुआती राहत के लिए एक मग पानी में एक चुटकी पोटैशियम परमैंगनेट मिलाकर हल्का गुलाबी घोल तैयार करें. इसके बाद पशु की जीभ और मुंह को इस पानी से साफ करें. फिर जीभ पर ग्लिसरीन लगाने से पशु को आराम मिलता है. वहीं, खुर की सड़न को पोटैशियम परमैंगनेट या फिटकरी वाले पानी से धोकर साफ करना चाहिए. इसके बाद प्रभावित जगह पर हिमेक्स क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह केवल शुरुआती राहत के उपाय हैं, सही इलाज के लिए पशु चिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है.

एफएमडी वैक्सीन से होगा बचाव

उन्होंने बताया कि एफएमडी रोग से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे जरूरी उपाय है. झारखंड सरकार द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से दुधारू पशुओं को एफएमडी वैक्सीन निशुल्क लगाया जा रहा है. यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है. समय पर वैक्सीन लगवाने से पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग होने की संभावना काफी कम हो जाती है. पशुपालकों को नियमित टीकाकरण और सही देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उनके पशु स्वस्थ रहें और दूध उत्पादन प्रभावित न हो.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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न ‘एनिमल’ न ‘आश्रम’, इस फ्लॉप मूवी को टर्निंग प्वॉइंट मानते हैं बॉबी देओल


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दर्शक भले बॉबी देओल के करियर के करियर का टर्निंग प्वॉइंट ‘एनिमल’ या ‘आश्रम’ को मानें, मगर वे 2017 की फ्लॉप फिल्म को टर्निंग प्वाॉइंट मानते हैं, जो सच्ची घटना से प्रेरित बताई जाती है. फिल्म में उनके भाई सनी देओल ने भी अहम रोल निभाया था. बाद में, ‘रेस 3’ में सलमान खान के साथ ने उनकी करियर में जान फूंकी. अब वे अपनी अगली फिल्म ‘बंदर’ में नजर आएंगे.

नई दिल्ली: बॉबी देओल ने अपनी पिछली फिल्मों और शोज से भारतीय दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है. दर्शक ‘आश्रम’ सीरीज को उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट मानते हैं, मगर वह 2017 की फ्लॉप फिल्म को अपने करियर का टर्निंग प्वॉइंट बताते हैं. इसमें बॉबी देओल के अलावा उनके बड़े भाई सनी देओल और श्रेयस तलपड़े ने अहम रोल निभाया था.

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साल 2017 में आई ‘पोस्टर बॉयज’ से एक्टर श्रेयस तलपड़े ने बतौर निर्देशक शुरुआत की थी. फिल्म को श्रेयस ने निर्देशित करने के साथ-साथ लिखा और को-प्रोड्यूस भी किया था. यह फिल्म असल में इसी नाम से बनी सुपरहिट मराठी फिल्म ‘पोस्टर बॉइज’ का ऑफिशियल हिंदी रीमेक है.

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कहते हैं कि ‘पोस्टर बॉयज’ मजेदार और असल जिंदगी की घटना से प्रेरित है, जिसमें तीन कुलियों को अचानक एक नसबंदी के सरकारी विज्ञापन (पोस्टर) पर अपनी तस्वीरें छपी हुई मिलती हैं, जिसके बाद उनकी जिंदगी में अजीब और कॉमेडी से भरपूर बवाल मच जाता है. विकीपीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 15 करोड़ में बनी फिल्म ने 30 करोड़ बॉक्स ऑफिस से कमाए थे.

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बॉबी देओल ने फिर सलमान खान के साथ अपनी बॉन्डिंग को करियर का सहारा बताया. वे बोले, ‘सलमान खान दिल के काफी करीब हैं. मैं काफी लोगों से मिला काम के लिए. करियर की शुरुआत में लोग आपके पास आते थे. बाद में लोग बढ़े, तो कॉम्पिटिशन बढ़ा. पीआर शुरू हुआ. सब अपने ढिंढोरे पीटने लग गए. कोई भी देओल इसका हिस्सा नहीं था.’

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बॉबी देओल ने फिर सलमान खान के साथ बिताए वक्त को याद किया. वे बोले, ‘हम सीसीएल खेला करते थे. सलमान उसके ब्रांड एंबेसडर थे. मैंने दाढ़ी उगाई हुई थी. सलमान बोले कि शेफ कर, तू इतना खूबसूरत है. देख मुझे, जब मेरा करियर चल नहीं रहा था, तो मैं संजय दत्त की पीठ पर चढ़ गया. आगे बढ़ा, फिर तेरे भैया की पीठ पर चढ़ा और आगे बढ़ा. मैं उसको प्यार से मामू बुलाता हूं, वो भी मुझको मामू बुलाता है.’

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बॉबी फिर बोले, ‘मैंने सलमान से कहा- मामू यार मुझे तेरी पीठ पर चढ़ने दे. उन्हें याद था. कुछ सालों बाद एक दिन फोन आता है- मामू शर्ट उतारेगा. मैंने कहा- मामू कुछ भी करूंगा. ‘रेस 3′ में मुझे पता था कि सलमान खान कितना बड़ा स्टार है, जिसे देखने करोड़ों लोग जाएंगे. वह देखेंगे कि बॉबी देओल भी एक एक्टर है. इस तरह आप आगे बढ़ते हैं.’ बॉबी की फिर किस्मत ने पलटी मारी. उन्होंने चुनौती भरे रोल निभाए और विलेन के किरदारों में सुपरहिट हो गए. वे अगली बार फिल्म ‘बंदर’ में नजर आएंगे, जो 5 जून को रिलीज होने जा रही है.

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फिल्म ‘रेस 3’ को एक बड़ी क्रिटिकल फ्लॉप, लेकिन कमर्शियल हिट माना जाता है. रिलीज के बाद दर्शकों ने इसे खराब रिव्यूज दिए थे. इसके कमजोर लॉजिक, बेतुके डायलॉग्स और खराब कहानी की सोशल मीडिया पर भारी आलोचना और ट्रोलिंग हुई थी. इसके बावजूद, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई करने में कामयाब रही. फिल्म का तगड़ा बिजनेस सिर्फ सलमान खान की जबरदस्त स्टार पावर की बदौलत संभव हो पाया था.

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युवकों को फंसाने रचा किडनेपिंग का ड्रामा: मेरठ में युवती को रूपयों का लालच देकर, गैर संप्रदाय के युवकों की कार में बैठाया, फिर पुलिस को कर दी शिकायत – Meerut News




मेरठ में हिंदू युवती के किडनैपिंग, छेड़छाड़ केस में फंसाने की एक फर्जी कहानी का खुलासा हुआ है। जिसमें युवक ने पहले हिंदू लड़की को नौकरी का झांसा देकर उसे फंसाया। इसके बाद युवती को अपने परिचित दो युवकों की कार में बैठा दिया। फिर युवक ने खुद पुलिस को बताया कि दो अन्य संप्रदाय के लड़के दूसरे संप्रदाय की युवती को रिंगरोड पर छोड़कर भाग रहे थे, मैंने पकड़ लिया है। पुलिस को मौके पर बुलाकर दोनों लड़के पकड़वाए और लड़की को बरामद करवा दिया।
आनन फानन में मौके पर पहुंची पुलिस ने युवती को सड़क से बरामद कर उसे मेडिकल अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका मेडिकल चैकअप किया गया। लेकिन युवती से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और जांच में पता चला कि उसे एक हिंदू युवक ने खुद इन लड़कों की कार में बैठाया था। क्योंकि वो इन दोनों युवकों को फंसाना चाहता था। ये है पूरी घटना पूरा मामला मेडिकल थानाक्षेत्र के रिंग रोड का है। जहां शनिवार को पुलिस को नकुल नामक लड़के ने फोन कर कहा कि दो मुस्लिम युवक जीशान, शावेज हिंदू लड़की को किडनैप कर भाग रहे थे। वो लड़की के साथ मिसबिहेव करने के बाद उसे रिंगरोड पर छोड़कर फरार हो रहे थे। लेकिन मैंने और मेरे दोस्तों ने मिलकर उन्हें मौके से पकड़ लिया है। लड़की यहीं बेहोश पड़ी है। यह सुनते ही पुलिस के हाथपांव फूल गए। सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। युवती को मौके से बेहोशी की हालत में बरामद किया। साथ ही दोनों मुस्लिम युवकों को पुलिस ने कार सहित हिरासत में लिया। इसके साथ सूचना देने वाला युवक नकुल व उसके तीन साथी भी थे। पुलिस ने युवती को मेडिकल अस्पताल में प्राथमिक जांच व इलाज के लिए भेज दिया। तीन दोस्तों संग थाने से गायब हुआ नकुल दोनों युवकों को पुलिस मेडिकल थाने ले आई। इनके साथ ही नकुल भी अपने तीनों दोस्तों के साथ थाने आ गया। जहां नकुल ने पुलिस को झूठी कहानी सुनाई कि इन लड़कों ने लड़की को किडनेप किया, उसके साथ मिसबिहेव किया और सड़क किनारे डालकर भाग रहे थे। मैंने मौके पर पहुंचकर सब बचा लिया और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। पुलिस ने इसके आधार पर दोनों युवकों पर मुकदमा लिखा। मौके से नकुल उसके दोस्त फरार हो गई। नकुल की सुनाई कहानी के अनुसार पुलिस मामले की छानबीन करने में जुट गई। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को नकुल के बयानों पर शक हुआ। युवती ने बताई पूरी सच्चाई वहीं अस्पताल में भर्ती पीड़िता को जब होश आया तो उसने पुलिस को अपना बयान दिया। युवती ने बताया कि उसकी पहचान नकुल नाम के एक लड़के से है। नकुल किसी हिंदूवादी संगठन से जुड़ा हुआ है। बताया कि नकुल ने उसे नौकरी दिलाने और रुपए देने का वादा किया था। नकुल ने ही उसे जीशान, शावेज दोनों मुस्लिम युवकों की कार में बैठाया, फिर पुलिस को फोन कर कहा कि जीशान, शावेज युवती को रिंगरोड पर छोड़कर भाग गए हैं। लड़की ने बताया कि नकुल इन दोनों लड़कों को इसी मामले में फंसाने की बात कर रहा था। इसके चलते उसने मुझे इनकी कार में बैठाया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दे दी। युवक बोले हमने कुछ नही ंकिया पुलिस ने हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वो लड़की को नही ंजानते हैं। इसके साथ ही बताया कि इसे नकुल ने बैठाया था। वहीं युवती ने अस्पताल में पुलिस को बताया कि उसे नुकल ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर बुलाया था। युवती का आरोप है कि नकुल ने दोनों युवकों को किसी मामले में फंसाने की योजना बनाई थी और इसके लिए उस पर दबाव बनाया गया था। इतना ही नहीं, कथित तौर पर उसे इस काम के बदले पैसे देने का भी लालच दिया गया। हालांकि अपने साथ अभद्रता और जबरन कार में ले जाने की बात भी युवती ने कही है। सीसीटीवी फुटेज में खुला पूरा सच
पूरी पूछताछ के बाद पुलिस ने इलाके के 500 से ज्यादा कैमरों के फुटेज देखे। दोनों लड़कों, लड़की की कॉल डिटेल चैक की और पूछताछ की तो सारा मामला सामने आ गया। पुलिस ने पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। नकुल फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। जबकि जीशान, शावेज को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। पुलिस की तीन टीमें नकुल की तलाश कर रही हैं। पुलिस का कहना है सीओ सिविल लाइन शुचिता सिंह ने बताया कि पीड़िता ने पूछताछ में बताया कि नकुल नाम के लड़के ने योजनाबद्ध तरीके से युवती को आरोपी जीशान व सावेज के साथ भेजा था। पूछताछ एवं प्रारम्भिक जांच में अभियुक्त नकुल द्वारा युवती को योजनाबद्ध तरीके से जीशान व सावेज के पास भेजा था जिनके द्वारा युवती को गाड़ी में बैठाकर रिंग रोड क्षेत्र में छोड़ना प्रकाश में आया है। प्रकरण में अन्य साक्ष्यों एवं तथ्यों के आधार पर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है तथा अभियुक्त नकुल की गिरफ़्तारी हेतु प्रयास किए जा रहे I



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भूजल स्तर बढ़ाने के लिए निगम की अनूठी पहल: IIT रुड़की और NIUA के टेक्निकल और वित्तीय सहयोग से होगा काम – Indore News


शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर और भविष्य में संभावित जलसंकट को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण परियोजना शुरू कर रहा है। इसमें IIT रुड़की और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के टेक्निकल मार्गदर्शन और वित्त

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ये काम महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर किया जाएगा।

देशभर में भूजल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए NIUA ने 75 शहरों का चयन किया है। इसमें एमपी से केवल इंदौर, देवास और उज्जैन को शामिल किया गया है। यह परियोजना शहरी क्षेत्रों में बारिश के पानी के संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

परियोजना में इंदौर शहर के 10 प्रमुख जगहों पर वैज्ञानिक तकनीक के माध्यम से बारिश के पानी का संचयन और शैलो एक्विफर के पुनर्भरण के लिए संरचनाओं को बनाया जाएगा। इन कामों के लिए 50 रुपए की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

महापौर और नगर निगम कमिश्नर के निर्देश पर किया जाएगा काम।

डिटेल सर्वे और स्टडी के बाद जगह चयनित

आईआईटी रुड़की ने इंदौर शहर की वर्षा पद्धति, भूगर्भीय संरचना (लिथोलॉजिकल डेटा), जलभराव की स्थिति, भूजल स्तर तथा अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया। इसके बाद जनवरी एवं अप्रैल माह में 20 संभावित स्थलों का साइट निरीक्षण किया गया। तकनीकी परीक्षण एवं व्यवहार्यता स्टडी के आधार पर पहले चरण में 10 जगहों को चयनित किया गया है।

ये हैं वह चयनित जगह

परियोजना की डीपीआर के अनुसार इन जगहों पर काम किया जाएगा। इनमें –

  • नेहरू स्टेडियम
  • लेबर कमिश्नर कार्यालय परिसर
  • गांधी हॉल स्थित सूखा बोरवेल
  • वाघमारे का बगीचा
  • रीजनल पार्क
  • रेवती हिल्स
  • निपानिया क्षेत्र
  • वल्लभनगर बावड़ी
  • सिद्धेश्वर मंदिर परिसर
  • पीएससी ऑफिस के सामने स्थित मैदान

इन सभी जगहों पर बारिश के पानी को वैज्ञानिक प्रक्रिया के माध्यम से संग्रहित कर शैलो एक्विफर में पहुंचाया जाएगा, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा।

किए जाएंगे ये प्रमुख काम परियोजना के तहत वर्षा जल संरक्षण एवं पुनर्भरण के लिए विभिन्न संरचनात्मक एवं तकनीकी काम किए जाएंगे, जिनमें प्रमुख रूप से

  • वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) संरचनाओं का निर्माण
  • डायवर्जन चैनलों का निर्माण
  • कलेक्शन टैंक एवं फिल्टर चैंबर की स्थापना
  • रिचार्ज शाफ्ट के माध्यम से भूजल पुनर्भरण
  • पुरानी बावड़ियों एवं जल संरचनाओं का पुनर्जीवन
  • जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी एवं संरक्षण व्यवस्था
  • रेत, एग्रीगेट, सक्रिय कार्बन (Activated Charcoal) सहित आधुनिक फिल्टर मीडिया के माध्यम से वर्षा जल का शोधन
  • शुद्ध किए गए वर्षा जल को पुनः धरती के भीतर पहुंचाकर भूजल संवर्धन

नेहरू स्टेडियम बनेगा मॉडल रिचार्ज साइट

परियोजना के तहत नेहरू स्टेडियम को मॉडल साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लगभग 5315 वर्गमीटर क्षेत्रफल से बारिश के पानी का संग्रहण किया जाएगा और रोजाना लगभग 51 घन मीटर पानी को भूजल स्तर में रिचार्ज किया जा सकेगा। यह व्यवस्था वर्षा ऋतु में बड़ी मात्रा में जल संरक्षण का माध्यम बनेगी।

शहर को मिलेगा लाभ

इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन से शहर को अनेक दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होंगे, इसमें मुख्य रूप से –

  • भूजल स्तर में वृद्धि एवं जल उपलब्धता में सुधार
  • बारिश के पानी का अधिकतम उपयोग
  • जल संकट की समस्या में कमी
  • अत्यधिक वर्षा के दौरान जलभराव एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों में नियंत्रण
  • पर्यावरण संरक्षण एवं जल संसाधनों का सतत प्रबंधन
  • भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • शहरी क्षेत्रों में जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को बढ़ावा

सस्टेनेबल वाटर मैनेजमेंट की दिशा में बड़ा कदम

यह परियोजना कम लागत में अधिक प्रभाव देने वाली योजना के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके माध्यम से इंदौर शहर शहरी जल प्रबंधन एवं भूजल संवर्धन के क्षेत्र में देश के अन्य शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो सकेगा।

इंदौर नगर निगम के ड्रेनेज विभाग ने इन कामों का काम के लिए टेंडर प्रोसेस शुरू कर दी है। जल्द ही निर्माण काम शुरू किया जाएगा।



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ईरान से नहीं पंजाब की महफिलों से आया था ‘जमाल कुडु’ डांस, ‘बंदर’ की रिलीज से पहले बॉबी देओल ने दिल खोलकर की बात


 

नई दिल्ली: बॉबी देओल ने फिल्म ‘बंदर’ की रिलीज से पहले ‘न्यूज18 इंडिया’ से खास बातचीत में अपनी जिंदगी और करियर के तमाम पहलुओं पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि फिल्म ‘एनिमल’ से कैसे उनके लिए चीजें बदल दीं. बॉबी देओल फिल्म को लेकर इसलिए भी रोमांचित थे, क्योंकि उन्हें अपने पसंदीदा एक्टर रणबीर कपूर के साथ काम करने का मौका मिला था. वे कहते हैं, ‘कभी सोचा नहीं था कि मैं सिर पर ग्लास रखूंगा और मेरे लिए सबकुछ बदल जाएगा.’ ‘एनिमल’ का जब शादी का सीन शूट किया जा रहा था, तब संदीप रेड्डी वांगा ने बॉबी को डांस करने को कहा. बॉबी बोले कि कोरियोग्राफर के बगैर नहीं हो सकता. उन्होंने कोशिश करने को कहा. बॉबी सीन याद करते हुए कहते हैं, ‘मैंने सौरव सचदेवा को डांस करने को कहा. मैंने सोचा कि उसके स्टाइल को ट्राई करता हूं ताकि अलग लगे. मेरे हाथ में एक गिलास था. पता नहीं क्या हुआ मुझे. वह पुराने अनुभव होते है न जिंदगी के.’ वे आगे कहते हैं, ‘बचपन में हम गर्मियों की छुट्टियों में पंजाब जाया करते थे. पापा होते थे साथ में. पंजाब का तो पता है कि सबको दारू का शौक है. वह महफिल जमती थी और सब पीते थे. वह कभी बोतल सिर पर रखकर डांस करते थे, तो कभी गिलास रखकर. मैंने सोचा कि मैं गिलास रखकर डांस कर लेता हूं. संदीप को अच्छा लगा और फिर आप जानते हैं कि वह सीन वायरल हो गया. मगर पापा ने इससे पहले ‘प्रतिज्ञा’ में ‘जट यमला पगला दीवाना’ में सिर पर बोतल रखकर डांस किया था. मैं पहला नहीं था, पर भगवान चाहते थे कि मेरा स्टाइल पॉपुलर हो जाए. मैं खुद में सौभाग्यशाली महसूस करता हूं.’

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राहु काल का साया या अमृत काल का सुख? आज कन्या राशि के भाग्य में ये पड़ेगा भारी


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Aaj ka Kanya Rashifal 31 may 2026: सुबह के समय वाणी और व्यवहार पर संयम रखें, लेकिन दोपहर बाद किस्मत आपका साथ देती नजर आएगी.प्रॉपर्टी, व्यापार और निवेश के मामलों में शुभ अवसर मिल सकते हैं, वहीं छात्रों को भी अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं.

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देवघर: कन्या राशि वालों आज ग्रह नक्षत्रों की चाल का प्रभाव हर राशि के ऊपर अलग-अलग तरीके से देखने को मिलता है. पंचांग और ग्रहों की स्थिति के अनुसार कभी दिन बहुत शुभ रहता है तो कभी थोड़ी सावधानी बरतने की जरूरत होती है. ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आज दिन रविवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि,ज्येष्ठा नक्षत्र और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है. वहीं चंद्रमा का संचार वृश्चिक राशि में होने जा रहा है. जिसका असर कन्या राशि वालों के जीवन पर भी दिखाई देगा.

आज राहु का समय शाम 05 बजकर 24 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 26 मिनट तक रहने वाला है. इस समय कोई शुभ काम ना करें. वही सुबह 04 बजकर 33 मिनट से लेकर 07 बजकर 58 मिनट तक अमृत काल रहने वाला है. वही देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल ने बताया कि आज का दिन कन्या राशि वालों के लिए सामान्य रहने वाला है, लेकिन दोपहर के बाद समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा. सुबह से दोपहर तक थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है, जबकि शाम और रात का समय राहत और खुशी देने वाला रहेगा

कार्यक्षेत्र में आज आलस्य बिल्कुल ना दिखाएं 
ज्योतिषाचार्य के अनुसार आज सुबह के समय कन्या राशि वालों को अपने व्यवहार और वाणी पर विशेष नियंत्रण रखने की जरूरत है. छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए किसी भी व्यक्ति से बेवजह बहस करने से बचें. कार्यक्षेत्र में भी आज आलस्य बिल्कुल ना दिखाएं, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपके काम को बिगाड़ सकती है. नौकरी करने वाले लोगों को अपने अधिकारियों के साथ संयमित व्यवहार रखना होगा. वहीं व्यापार से जुड़े लोगों को सुबह के समय किसी बड़े फैसले से बचना चाहिए. यदि आप व्यापार, जमीन, प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में धन निवेश करने की सोच रहे हैं तो दोपहर के बाद का समय आपके लिए ज्यादा शुभ माना जा रहा है. दोपहर बाद परिस्थितियां आपके पक्ष में होती नजर आएंगी और मन में चल रही चिंता भी धीरे-धीरे कम होगी.

दोपहर के बाद छात्रों को मिल सकता है शुभ समाचार
छात्रों के लिए भी आज का दिन अच्छा संकेत दे रहा है. विशेष रूप से दोपहर के बाद किसी परीक्षा या प्रतियोगिता से जुड़ी शुभ खबर मिल सकती है. जिन छात्रों को लंबे समय से किसी रिजल्ट का इंतजार था, उन्हें आज राहत मिलने की संभावना है. परिवार के वातावरण की बात करें तो घर में शांति और सौहार्द बना रहेगा. शाम के समय मन काफी शांत और प्रसन्न रहेगा. परिवार के लोगों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर में अच्छा भोजन या कोई विशेष व्यंजन भी बन सकता है, जिससे माहौल खुशनुमा रहेगा. दांपत्य जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी और पुराने तनाव कम हो सकते हैं.

वाहन चलाते समय बरतें सावधानी 
हालांकि आज वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. ज्योतिष के अनुसार मार्केश का योग बना हुआ है, इसलिए जल्दबाजी या लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है. सड़क पर सतर्क रहें और यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन काफी अच्छा रहने वाला है. पुराने रोगों से राहत मिल सकती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी. मानसिक रूप से भी आज आप पहले से बेहतर महसूस करेंगे.

आज का उपाय
आज सुबह स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को जल अर्पण करे और भगवान सूर्य के बीज मंत्र का जाप करे.मन शांत हो जायेगा शारीरिक कष्ट दूर होगा.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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बिना चीनी के भी मीठा स्वाद! सूजी हलवा का ऐसा स्वाद जो देगा असली मिठाई का मजा


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अगर आप मीठा खाना पसंद करते हैं लेकिन चीनी से परहेज करना चाहते हैं, तो यह शुगर फ्री सूजी हलवा एक बेहतरीन विकल्प है. इसमें खजूर, दूध और ड्राई फ्रूट्स से नैचुरल मिठास आती है, जिससे यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी डेजर्ट भी बन जाता है. यह हल्का हलवा डायबिटीज मरीज भी डॉक्टर की सलाह से खा सकते हैं.

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सूजी हलवा की शुगर फ्री रेसिपी.

अगर आपको मीठा खाने का मन तो करता है लेकिन चीनी से दूरी बनानी पड़ती है, तो यह sugar free सूजी हलवा आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है. इसमें न तो रिफाइंड शुगर का इस्तेमाल होता है और न ही स्वाद में कोई कमी रहती है. खजूर और ड्राई फ्रूट्स की नैचुरल मिठास इसे इतना टेस्टी बना देती है कि यह असली मिठाई जैसा मजा देता है. खास बात यह है कि इसे बहुत आसानी से घर पर बनाया जा सकता है और यह सेहत के लिए भी हल्का रहता है.

सूजी का हलवा वैसे तो हर घर में बनता है, लेकिन जब इसे बिना चीनी के बनाया जाता है तो इसका स्वाद और भी खास हो जाता है. खजूर, किशमिश और दूध की मिठास मिलकर इसे एक हेल्दी डेजर्ट बना देती है. यह हलवा बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है और त्योहारों या खास मौकों पर भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है. इसका टेक्सचर नरम और खुशबूदार होता है जो हर किसी का दिल जीत लेता है.

Ingredients (सामग्री)
सूजी 1 कप
घी 3-4 बड़े चम्मच
दूध 2 कप
खजूर 8-10 (बीज निकाले हुए)
बादाम 5-6 (कटे हुए)
काजू 5-6 (कटे हुए)
किशमिश 1 बड़ा चम्मच
इलायची पाउडर 1/2 छोटा चम्मच

बनाने की विधि

सबसे पहले खजूर को गर्म दूध में 15-20 मिनट भिगो दें ताकि वह नरम हो जाए. फिर उसे मिक्सी में पीसकर पेस्ट बना लें.

अब एक कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें सूजी डालकर धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें. जब हल्की खुशबू आने लगे तो समझ जाएं कि सूजी अच्छे से भुन गई है.

इसके बाद धीरे-धीरे दूध डालते जाएं और लगातार चलाते रहें ताकि गांठ न बने. अब इसमें खजूर का पेस्ट डालकर अच्छे से मिलाएं.

फिर इसमें इलायची पाउडर, कटे हुए ड्राई फ्रूट्स और किशमिश डालकर 3-4 मिनट तक पकाएं. आपका  sugar free सूजी हलवा तैयार है.

फायदे
यह हलवा बिना रिफाइंड चीनी के बनने की वजह से हेल्दी विकल्प है. खजूर से मिलने वाली नैचुरल शुगर शरीर को एनर्जी देती है. सूजी पचने में हल्की होती है और पेट के लिए आसान रहती है. ड्राई फ्रूट्स इसमें प्रोटीन और हेल्दी फैट जोड़ते हैं. यह डायबिटीज वाले लोग भी डॉक्टर की सलाह से खा सकते हैं. यह हलवा खासकर उन लोगों के लिए अच्छा है जो हेल्दी डेजर्ट की तलाश में रहते हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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क्या एक ही बैंक में सारी बचत रखना सही है? जानिए इससे जुड़े छिपे हुए जोखिम


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अधिकांश लोग अपनी पूरी बैंकिंग जरूरतों के लिए सिर्फ एक ही बैंक पर भरोसा करते हैं. वेतन उसी खाते में आता है, ईएमआई वहीं से कटती है, एफडी भी उसी बैंक में होती है और इमरजेंसी फंड भी वहीं रखा रहता है. यह व्यवस्था देखने में आसान और सुविधाजनक लगती है, लेकिन वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि सारी बचत को एक ही जगह रखना हमेशा समझदारी नहीं होती. किसी अप्रत्याशित स्थिति में यह आदत बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.

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समझिए क्यों एक से ज्यादा बैंक खाते हैं फायदेमंद. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. एक ही बैंक में सभी वित्तीय गतिविधियां रखना लोगों को व्यवस्थित महसूस कराता है. अलग-अलग खातों और संस्थानों को संभालने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे बैंकिंग आसान हो जाती है. लेकिन जब वेतन, बचत, निवेश और इमरजेंसी फंड सब कुछ एक ही बैंक पर निर्भर हो जाता है, तो जोखिम भी उसी अनुपात में बढ़ जाता है. विशेषज्ञों के अनुसार बैंकिंग जोखिम का मतलब केवल किसी बैंक का बंद हो जाना नहीं है. कई बार समस्या पैसे के नुकसान से नहीं, बल्कि पैसे तक पहुंच न होने से पैदा होती है. यदि किसी कारणवश बैंक की सेवाएं बाधित हो जाएं या खाते पर अस्थायी रोक लग जाए, तो दैनिक जीवन की जरूरतें प्रभावित हो सकती हैं. ऐसे समय में वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर व्यक्ति आर्थिक दबाव महसूस कर सकता है.

5 लाख रुपये की जमा बीमा सीमा को समझना जरूरी
भारत में बैंक जमा पर सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण नियम लागू है. जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) के तहत प्रत्येक जमाकर्ता को प्रति बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये तक की जमा राशि का बीमा कवर मिलता है. इस सीमा में बचत खाता, फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट जैसी सभी जमा राशियां शामिल होती हैं. इसका अर्थ यह है कि यदि किसी व्यक्ति ने एक ही बैंक में 30 लाख रुपये जमा कर रखे हैं और उस बैंक पर किसी कारणवश प्रतिबंध लग जाता है, तो औपचारिक रूप से केवल 5 लाख रुपये तक की राशि ही बीमा सुरक्षा के दायरे में आती है. पिछले कुछ वर्षों में कुछ सहकारी बैंकों के ग्राहकों ने निकासी प्रतिबंधों का सामना किया है, जिससे उन्हें अपने ही पैसे तक पहुंचने में कठिनाई हुई. ऐसे मामलों में पैसा पूरी तरह खोना जरूरी नहीं होता, लेकिन जरूरत के समय उपलब्ध न होना भी बड़ी समस्या बन सकता है.

सिर्फ बैंक फेल होना ही नहीं, तकनीकी समस्याएं भी बन सकती हैं मुसीबत
बड़े सार्वजनिक और निजी बैंकों के पूरी तरह विफल होने की संभावना काफी कम मानी जाती है. इसके बावजूद तकनीकी गड़बड़ियां, साइबर सुरक्षा जांच, नियामकीय प्रतिबंध या अन्य प्रशासनिक कारणों से बैंकिंग सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं. यदि किसी व्यक्ति का किराया, बच्चों की फीस, क्रेडिट कार्ड भुगतान और अन्य जरूरी लेनदेन केवल एक ही बैंक खाते पर निर्भर हैं, तो कुछ दिनों की रुकावट भी परेशानी खड़ी कर सकती है. ऐसे समय में दूसरे बैंक में मौजूद सक्रिय खाता और पर्याप्त राशि राहत प्रदान कर सकती है. यही कारण है कि विशेषज्ञ कम से कम एक वैकल्पिक बैंकिंग व्यवस्था बनाए रखने की सलाह देते हैं.

क्या कई बैंक रखने से विशेष सुविधाएं खत्म हो जाती हैं?
कई लोगों का मानना है कि यदि वे अपनी बचत कई बैंकों में बांट देंगे तो उन्हें प्रीमियम ग्राहक के रूप में मिलने वाले लाभ कम हो जाएंगे. हालांकि वित्तीय विशेषज्ञ इस धारणा को पूरी तरह सही नहीं मानते. बैंक अक्सर अपने बड़े ग्राहकों को बेहतर सेवा, आसान ऋण प्रक्रिया या कुछ मामलों में बेहतर ब्याज दर जैसी सुविधाएं देते हैं. लेकिन इन लाभों का फायदा उठाने के लिए जरूरी नहीं कि पूरी संपत्ति एक ही बैंक में रखी जाए. कोई व्यक्ति अपना वेतन खाता और मुख्य बैंकिंग संबंध एक बैंक में बनाए रख सकता है, जबकि इमरजेंसी फंड और कुछ बचत दूसरे बैंक में रख सकता है. इस तरह वह दोनों फायदे हासिल कर सकता है-सुविधा भी और सुरक्षा भी.

बचत को उद्देश्य के अनुसार बांटना हो सकता है बेहतर विकल्प
विशेषज्ञों का सुझाव है कि अलग-अलग बैंक खातों को अलग-अलग उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. उदाहरण के लिए मुख्य बैंक खाता वेतन और नियमित खर्चों के लिए रखा जा सकता है, जबकि दूसरे बैंक में इमरजेंसी फंड और लंबी अवधि की बचत रखी जा सकती है. यदि कोई व्यक्ति व्यवसाय करता है, तो उसके कारोबारी और व्यक्तिगत लेनदेन को अलग-अलग खातों में रखना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है. इससे न केवल वित्तीय प्रबंधन आसान होता है, बल्कि आपातकालीन निधि को अनावश्यक खर्चों से बचाने में भी मदद मिलती है. यह तरीका व्यक्ति को अपने वित्तीय लक्ष्यों पर बेहतर नियंत्रण देता है.

संतुलित रणनीति ही है सबसे सुरक्षित रास्ता
वित्तीय योजनाकारों का मानना है कि पूरी बचत को एक ही बैंक में रखना सुविधा तो दे सकता है, लेकिन इसे एक मजबूत रणनीति नहीं कहा जा सकता. कम से कम दो बैंकों में राशि बांटने से जमा बीमा कवरेज बढ़ता है, तरलता संबंधी जोखिम कम होता है और किसी अप्रत्याशित स्थिति में वित्तीय लचीलापन बना रहता है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को पांच या छह बैंक खाते खोलने चाहिए. लेकिन केवल एक ही बैंक पर पूरी तरह निर्भर रहना भी समझदारी नहीं माना जाता. थोड़ी सी योजना बनाकर बचत को अलग-अलग संस्थानों में बांटना भविष्य में आने वाली संभावित परेशानियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. यही कारण है कि विशेषज्ञ सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा को भी उतनी ही प्राथमिकता देने की सलाह देते हैं.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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VHP ने पंचमुखी मंदिर में किया हनुमान चालीसा का वितरण: संगठन के राष्ट्रीय मंत्री भी हुए शामिल, कहा- यह केवल संगठन नहीं, सनातन संस्कृति, सेवा और समर्पण का परिवार है – Purnia News




विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ की ओर से शनिवार को पंचमुखी मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन संगठन के राष्ट्रीय मंत्री खगेश कुमार के पुत्र रेवांश कुमार के जन्मोत्सव के अवसर पर किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने किया। कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रेवांश कुमार के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में भाग लेकर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। हनुमान चालीसा का किया गया वितरण धार्मिक आयोजन के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच हनुमान चालीसा का वितरण किया गया। इससे मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक रंग में रंग गया। सनातन संस्कृति और सेवा का दिया संदेश राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष गोस्वामी ने कहा कि विश्व हिंदू युवा वाहिनी संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा और समर्पण का परिवार है। उन्होंने कहा कि संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता उसकी ताकत है और संगठन हर कार्यकर्ता तथा उसके परिवार के सुख-दुख में साथ खड़ा रहता है। धर्म, समाज और राष्ट्र सेवा को उन्होंने संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। नेतृत्व के लिए जताया आभार राष्ट्रीय मंत्री खगेश कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थित राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आशीष गोस्वामी संगठन के लिए प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक हैं। उनके नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और समाज व धर्म सेवा के कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण सीमांचल अध्यक्ष दिलीप कुमार दीपक ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सनातन एकता, सेवा और संस्कारों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद कार्यक्रम में विक्की गोस्वामी, राष्ट्रीय आईटी सेल प्रभारी नीतीश कुमार, पूर्णिया जिला अध्यक्ष विजय कुमार, जिला मंत्री अशोक कुमार, जिला कार्यकारिणी सदस्य अरुण कुमार यादव, नगर अध्यक्ष अमरेंद्र भगत, नगर उपाध्यक्ष धीरज भगत, नगर महामंत्री कमल कृष्ण रंजन, सोशल मीडिया प्रभारी तनु सिंह सहित महिला मोर्चा और संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।



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कैबिनेट मंत्री पटेल बोल-तीन साल में प्रदूषण मुक्त होगी जोजरी: गंदे पानी और सीवरेज को पूरी तरह ट्रीट करके किया जाएग स्थायी समाधान – Jodhpur News




जोधपुर की जोजरी नदी पर कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- प्रशासन को इस पाइपलाइन के बारे में जानकारी नहीं थी। सरकार इस समस्या को लेकर गंभीर है और इसका स्थाई समाधान किया जाएगा। मंत्री जोगाराम पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा- जोजरी नदी का विषय सबसे महत्वपूर्ण है। न्यायालय द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए सभी अवैध फैक्ट्रियों को बंद करने का आदेश दिया गया है। उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि लगातार निरीक्षणों के बावजूद जो गुप्त पाइपलाइन मिली, वह पहले प्रशासन की जानकारी में भी नहीं थी। पटेल ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार और सर्वोच्च न्यायालय दोनों इस विषय पर बेहद गंभीर हैं, जिससे अब इस पुरानी समस्या का हमेशा के लिए निदान हो जाएगा। दोनों नदियों को दो तीन साल में प्रदूषण मुक्त करने की योजना
पटेल ने प्रदूषण के स्थायी समाधान के बारे में बताते हुए कहा कि बजट में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने और प्रदूषित जल को जोजरी व लूणी नदी में जाने से रोकने की योजना बनाई गई है। गंदे पानी और सीवरेज को पूरी तरह ट्रीट किया जाएगा। आने वाले दो-तीन वर्षों में दोनों नदियों को प्रदूषण मुक्त करने का सरकार का पक्का संकल्प है। साथ ही जोधपुर आईआईटी (IIT) के साथ भी एक प्रोजेक्ट प्लानिंग स्टेज में है। यह था मामला जोजरी को दूषित होने से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाईपावर कमेटी ने बुधवार रात औचक निरीक्षण कर अवैध पाइपलाइन को पकड़ा था। सांगरिया स्थित सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में ही एक अवैध पाइपलाइन के जरिए टेक्सटाइल फैक्ट्रियों के पानी को साफ किए बिना ही सीधे जोजरी नदी में छोड़ा जा रहा था। यह लाइन सीधी जोजरी नदी में जा रही थी। गुरुवार को इस पाइपलाइन को जेसीबी की सहायता से उखाड़ दिया गया था। दरअसल, हाईपावर कमेटी को गोपनीय सूचना से इस पाइपलाइन की जानकारी मिली। कमेटी ने तुरंत ही सीईटीपी पर छापा मार दिया। कमेटी ने आसपास जांच की तो एक किमी लंबी यह लाइन पकड़ में आ गई। इतनी बड़ी गड़बड़ी मिलने से हड़कंप मच गया। जिला कलेक्टर सहित तमाम आला अधिकारी भी आधी रात ही प्लांट पर पहुंच गए थे। सूचना पर प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी पहुंचे। अब मामले की जांच करवाकर दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। जोजरी संरक्षण के लिए पिछले साल बनी थी कमेटी जोजरी नदी में लगातार बह रहे फैक्ट्रियों के केमिकल और रीको क्षेत्र के गंदे पानी के कारण उसका अस्तित्व खतरे में आ गया है। स्थानीय निवासियों और पर्यावरणविदों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 21 नवंबर को हाईपावर कमेटी का गठन किया था। कोर्ट ने इस कमेटी को सीधे तौर पर जोजरी नदी की मॉनिटरिंग करने, प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने के असीमित अधिकार दिए थे। हर महीने टीम करती है दौरा इस पूरे मामले में जोधपुर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका और कार्यशैली पर सबसे बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए थे। मामला विभागीय अधिकारियों की उद्योगपतियों के साथ गहरी मिलीभगत की ओर भी इशारा करता है, क्योंकि विभाग की आंखों के सामने इतनी बड़ी पाइपलाइन डाल दी गई और किसी को पता तक नहीं चला, जबकि विभागीय टीम हर महीने बाकायदा इस सीईटीपी प्लांट का दौरा करती है, औपचारिकताएं पूरी करने के लिए पानी के सैंपल लेती हैं और कागजी रिपोर्ट तैयार करती हैं। इसके अलावा जेपीसीआरएफ की भूमिका भी संदिग्ध है। मामला सामने आने के बाद राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने रीजनल ऑफिसर कामिनी सोनगरा को एपीओ कर दिया था। वहीं, लैब इंचार्ज देवेंद्र सिंह और रीजनल ऑफिस में एईई कुणाल खत्री को सस्पेंड किया गया। लापरवाही पर सीईटीपी ट्रस्टियों के खिलाफ केस दर्ज कर दो औद्योगिक इकाइयों को सील भी किया गया है। जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने आगामी आदेश तक सीईटीपी-टेक्सटाइल और इसकी सदस्य इकाइयों को बंद रखने तथा 24 घंटे सख्त निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।



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