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income Tax Exemption : इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का सीजन चल रहा है. देश का हर आदमी, जिसकी वार्षिक आय एक तय सीमा से ज्यादा है, उसे इनकम टैक्स देना होता है. लेकिन, एक राज्य ऐसा भी है, जहां करोड़ों रुपये सालाना कमाने वाला भी सरकार को आयकर के रूप में एक पैसा भी नहीं देता. ऐसा क्यों है, आइये जानते हैं.
सिक्किम में टैक्स न लगने की कहानी साल 1948 से जुड़ी है.
नई दिल्ली. न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई टैक्स फ्री हो चुकी है. इससे ज्यादा कमाने पर आपको सरकार को टैक्स देना पड़ता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि भारत में राज्य ऐसा भी है, जहां यह नियम बेअसर है. वहां रहने वाले लोग चाहे करोड़ों कमाएं या अरबों, उन्हें सरकार को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता. यह अनोखा राज्य सिक्किम है. यहां के 95 फीसदी निवासियों को इनकम टैक्स से 100% छूट मिली हुई है.
सिक्किम को भारत का ‘टैक्स हेवन’ भी कहा जाता है. यहां के मूल निवासियों को यह छूट आज से नहीं, बल्कि भारत में सिक्किम के विलय के समय से ही मिली हुई है. हालांकि, अब इस टैक्स छूट पर सवाल भी उठने लगे हैं. इस खास रियायत को बंद करने की मांग तेज हो रही है. आरोप है कि बाहरी लोग भी टैक्स बचाने के लिए सिक्किम के इस नियम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.
इतिहास में छुपा है टैक्स फ्री होने का राज
सिक्किम में टैक्स न लगने की कहानी साल 1948 से जुड़ी है. तब सिक्किम के चोग्याल शासक ने एक इनकम टैक्स मैनुअल जारी किया था. इसके मुताबिक, राज्य के लोगों से कोई टैक्स नहीं लिया जाता था. साल 1975 में जब सिक्किम का भारत में पूर्ण विलय हुआ, तो यह शर्त रखी कि उनकी पुरानी टैक्स छूट जारी रहेगी. भारत सरकार ने इस शर्त को स्वीकार कर लिया. संविधान के आर्टिकल 371-एफ के तहत सिक्किम को विशेष दर्जा दिया गया. इसी लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (26एएए) के तहत सिक्किम के मूल निवासियों को टैक्स छूट दी गई है.
95 फीसदी आबादी टैक्स छूट के दायरे में
पहले केवल सिक्किम सब्जेक्ट सर्टिफिकेट रखने वालों को ही मूल निवासी माना जाता था. इन्ही को केवल इनकम टैक्स नहीं देना होता था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सिक्किम की 95 फीसदी आबादी टैक्स छूट के दायरे में आ गई. कोर्ट ने आदेश दिया कि 26 अप्रैल 1975 यानी भारत में विलय से ठीक एक दिन पहले तक, सिक्किम में बस चुके भारतीय मूल के लोग भी वहां के मूल निवासी हैं.









