Sunday, August 30, 2026
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आवारा पशु से टकराई बाइक, किसान की मौत: जालौन में देर रात हुआ हादसा, देर तक इलाज न मिलने पर दम तोड़ा – Jalaun News




जालौन में एक सड़क हादसे में किसान की मौत हो गई। शनिवार देर रात सहबाजपुर के पास एक आवारा पशु से बाइक टकराने के बाद किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोहन थाना क्षेत्र के रहावली गांव निवासी 38 वर्षीय किसान पिंटू सिंह सेंगर शनिवार रात गोहन कस्बे से अपने गांव लौट रहे थे। सहबाजपुर के पास अचानक एक आवारा पशु सड़क पर आ गया। अंधेरा होने के कारण पिंटू बाइक को संभाल नहीं पाए और उनकी बाइक पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिंटू बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद पिंटू काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गोहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पिंटू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधौगढ़ ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिंटू की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिवार में पत्नी ज्योति, पुत्री रानी और पुत्र देव सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी हादसे की खबर फैलते ही शोक का माहौल हो गया। गोहन थानाध्यक्ष सतीश कुमार ने बताया कि पिंटू सिंह सेंगर खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।



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राष्ट्रीय खेल दिवस पर SSB जवानों ने दिखाया दमखम: सुपौल में हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल प्रतियोगिता के साथ निकली साइकिल रैली – Supaul News




सुपौल में राष्ट्रीय खेल दिवस और महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बीरपुर ने दो दिवसीय खेल गतिविधियों का आयोजन किया। कमांडेंट गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में वाहिनी के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर जवानों के लिए हॉकी, फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रविवार को एक साइकिल रैली भी निकाली गई। वाहिनी की विभिन्न टीमों ने इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया, जिसमें अनुशासन, टीम भावना और आपसी समन्वय स्पष्ट दिखा। टीम भावना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना उद्देश्य एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, इन खेल गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य जवानों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। नियमित खेल आयोजनों से जवानों को शारीरिक रूप से स्वस्थ और फिट रखने के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य, कार्यकुशलता और मनोबल को भी मजबूत करने में सहायता मिलती है। आयोजकों ने बताया कि खेलों के माध्यम से जवानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ भाईचारा और सौहार्द की भावना भी मजबूत होती है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। 45वीं वाहिनी ने यह भी कहा कि जवानों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह की खेल गतिविधियां आयोजित की जाती रहेंगी। जवानों ने इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेकर खेलों के प्रति अपनी रुचि और उत्साह का प्रदर्शन किया।



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मुरैना में बंदूकों से मटकी फोड़ प्रतियोगिता: तालाब के दूसरी तरफ रखी मटकियों पर निशाना साधा; पुलिस ने सरपंच-ग्रामीणों को थाने बुलाया – Morena News




मुरैना के जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम परसोटा में रक्षाबंधन के दूसरे दिन शनिवार को आयोजित भुजरिया मेले के दौरान लाइसेंसी बंदूकों से मटकी फोड़ प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिता में ग्रामीणों ने तालाब के एक किनारे से दूसरी तरफ रखी मटकियों पर बंदूकों से निशाना साधा। इस दौरान खुलेआम हथियारों का प्रदर्शन भी किया गया। रविवार को प्रतियोगिता के वीडियो सामने आए। बताया जा रहा है कि परसोटा गांव में यह आयोजन वर्षों से परंपरा के नाम पर होता आ रहा है। हालांकि, जिले के अन्य स्थानों पर इस तरह की प्रतियोगिताओं के मामले सामने आने के बाद करीब 10 साल पहले ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद परसोटा में लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल कर मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। तीन तस्वीरें देखिए…

तालाब के दूसरी तरफ रखी मटकियों पर साधा निशाना
सामने आए वीडियो में कुछ लोग लाइसेंसी बंदूकें लेकर नजर आ रहे हैं। तालाब के दूसरी तरफ मटकियां रखी गई थीं और लोग बंदूकों से उन पर निशाना साधते दिखाई दे रहे हैं। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आयोजन के लिए अनुमति ली गई थी या नहीं और हथियारों के प्रदर्शन एवं इस्तेमाल के दौरान किसी नियम का उल्लंघन हुआ है या नहीं। प्रशासन के लौटने के बाद हुआ आयोजन
जौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव के अनुसार, पुलिस को प्रतियोगिता का वीडियो मिला है और उसके आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार (29 अगस्त) को मुख्यमंत्री जनसंवाद योजना के तहत प्रशासन की टीम भी परसोटा गांव पहुंची थी। संभावना है कि प्रशासनिक अमले के लौटने के बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। थाना प्रभारी के मुताबिक, वीडियो के आधार पर प्रतियोगिता में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी। मामले में स्थानीय सरपंच और कुछ ग्रामीणों को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। पुलिस आयोजन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका और हथियारों के इस्तेमाल से संबंधित नियमों की भी जांच कर रही है।



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नेपाल बाढ़ में मौत को मात देने की 3 कहानियां: टी ब्रेक ने 5 भारतीयों को बचाया, शिक्षक की समझदारी से बची सोलह सौ बच्चों की जान


9 मिनट पहले

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नेपाल में आई बाढ़ ने करीब 750 लोगों की जान ले ली। 2500 लोग लापता हैं। हर तरफ तबाही, दर्द और बिछड़ने की कहानियां हैं, लेकिन इसी तबाही के मंजर के बीच कुछ ऐसे किस्से भी सामने आए, जिन्होंने उम्मीद जिंदा रखी है।

पढ़िए, नेपाल बाढ़ में मौत को मात देने वाली ऐसी ही 3 सच्ची कहानियां…

केस 1- ‘चाय के लिए नहीं रुकते तो जान जा सकती थी’

तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को बताया कि उनका ग्रुप तीन बसों में काठमांडू से सफर कर रहा था। रास्ते में सभी लोग चाय पीने के लिए कुछ देर के लिए रुक गए। यह रुकना बाद में उनकी जिंदगी का सबसे अहम फैसला साबित हुआ।

उन्हें बाद में पता चला कि उनसे करीब आधे घंटे पहले निकली दो बसें बाढ़ की तेज धारा में बह गईं और उनका कोई पता नहीं चला।

एलावेनी ने कहा कि उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि रास्ते में इतनी बड़ी आपदा आने वाली है। उन्होंने कहा, “हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे साथ ऐसा होगा। खैर, हमें दर्शन नहीं मिले, लेकिन भगवान हमें सुरक्षित घर ले आए।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने काठमांडू से करीब 80 किलोमीटर का सफर तय किया था और तीनों बसों में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं।

तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में अपनी आपबीती सुनाई।

तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने ANI को दिए इंटरव्यू में अपनी आपबीती सुनाई।

केस 2- आंखों के सामने पूरा स्कूल बह गया, गनीमत- बच्चे बचा लिए

त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी एक कक्षा में पढ़ा रहे थे। तभी उनका साथी दौड़ता हुआ आया। उसने बताया कि नदी के ऊपरी क्षेत्र में रहने वाले किसी व्यक्ति ने फोन करके बाढ़ आने की जानकारी दी है।

दवाड़ी ने भास्कर को बताया, ‘मैंने तत्काल स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया, ताकि खतरे का अलार्म दिया जा सके। स्कूल में 1,600 स्टूडेंट थे। बाढ़ वाले दिन कितने थे, पता नहीं। मेरी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया।’

‘गनीमत रही कि बच्चे बच गए। बाद में मुझे हेलिकॉप्टर से बचाया गया। स्कूल में बाढ़ प्रभावित इलाकों के बच्चे पढ़ते थे। कई बच्चों ने पूरे परिवार खो दिए हैं।’

केस 3- 6 साल की बच्ची 3 दिन तक मलबे में दबी रही, रेस्कयू टीम ने बचाया

रसुवा के तिमुरे इलाके में रेस्कयू टीम ने 6 साल की एक बच्ची को बाढ़ के तीन दिन बाद मलबे के नीचे से जिंदा निकाला।

टीम जब लापता लोगों की तलाश कर रही थी, तब उन्हें मलबे के नीचे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद जवानों ने मिट्टी और मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद बच्ची को तिमुरे की पुलिस चौकी ले जाया गया। उसकी तबीयत खराब होने पर उसे काठमांडू भेजने की तैयारी की गई, लेकिन खराब मौसम और अंधेरा होने के कारण उसे एयरलिफ्ट नहीं किया जा सका।

अगले दिन हेलिकॉप्टर से उसे काठमांडू पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। इस रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है। इसमें जवान भारी मलबे के बीच बच्ची को सुरक्षित निकालते नजर आ रहे हैं।

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नेपाल बाढ़, लोगों को 7:30 बजे खतरे का पता चला: अलर्ट डेढ़ घंटे बाद आया; आरोप- चीन ने नहीं चेताया, वरना सैकड़ों जानें बच जातीं

नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई बाढ़ के बाद अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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आगरा में पेठा के साथ अब इस खास मिठाई की बढ़ी डिमांड, दुनियाभर में मचा रखी धूम

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आगरा में पेठा के साथ अब इस खास मिठाई की बढ़ी डिमांड, दुनियाभर में मचा रखी धूम

Last Updated:

आगरा में पेठा ही नहीं, अब घेवर भी त्योहारों की खास पहचान बन चुका है. सावन, रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों पर इसकी मांग बढ़ जाती है. यह गोल, जालीदार और मीठा घेवर आगरा के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. आइए जानते हैं कि आखिर घेवर तैयार कैसे होता है.

ताज नगरी आगरा अपनी ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ खानपान के लिए भी प्रसिद्ध है. आगरा की सबसे बड़ी मिठाई पहचान पेठा है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने भी जिले के पारंपरिक उत्पाद के रूप में विशेष पहचान दी है. वहीं सावन, रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों के दौरान घेवर की मांग बाजारों में काफी बढ़ जाती है और यह स्वाद सितंबर व अक्टूबर तक बाजारों में रहता है. गोल आकार, जालीदार बनावट और मीठे स्वाद वाला घेवर आगरा के लोगों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है.

घेवर को मुख्य रूप से राजस्थान की पारंपरिक और प्रसिद्ध मिठाई माना जाता है. माना जाता है कि शुष्क और गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में उपलब्ध सामग्री से इस खास मिठाई को विकसित किया गया. समय के साथ घेवर राजस्थान से निकलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से आगरा जैसे शहरों तक पहुंचा. आज यह सिर्फ एक क्षेत्रीय मिठाई नहीं, बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों की खास पहचान बन चुका है.

घेवर बनाने की शुरुआत मैदा, शुद्ध घी और बर्फ जैसे ठंडे पानी से की जाती है. सबसे पहले घी को अच्छी तरह फेंटकर उसमें धीरे-धीरे मैदा और ठंडा पानी मिलाया जाता है. इसका घोल न ज्यादा गाढ़ा और न बहुत पतला होना चाहिए. घेवर की जालीदार बनावट पूरी तरह घोल की सही कंसिस्टेंसी और गर्म घी या तेल में डालने की तकनीक पर निर्भर करती है.

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घेवर बनाने के लिए गहरे और गोल बर्तन में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल गर्म किया जाता है. इसके बाद पतले घोल को ऊंचाई से धीरे-धीरे बीच में डाला जाता है. गर्म तेल में गिरते ही घोल फैलता है और उसमें छोटे-छोटे छेद बनने लगते हैं. यही प्रक्रिया कई बार दोहराई जाती है, जिससे घेवर की प्रसिद्ध जालीदार संरचना तैयार होती है. इसके बीच में खाली जगह छोड़ना भी जरूरी होता है.

घेवर बनने के बाद उसे चीनी की तैयार चाशनी में डुबोया जाता है या ऊपर से चाशनी डाली जाती है. इसके बाद इसे कुछ समय तक रखा जाता है, ताकि मिठास अच्छी तरह अंदर तक पहुंच सके. ऊपर से बादाम, पिस्ता और केसर डालकर सजाया जाता है. यह पारंपरिक सादा घेवर कहलाता है और आज भी त्योहारों के दौरान इसकी बिक्री सबसे अधिक देखने को मिलती है.

समय के साथ घेवर के कई नए स्वाद तैयार किए जाने लगे हैं. कारीगर ने बताया कि मलाई घेवर में ऊपर से मलाई और मीठा मिश्रण लगाया जाता है, जबकि रबड़ी घेवर में गाढ़ी रबड़ी की परत इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाती है. इसके अलावा मावा घेवर, केसर घेवर और ड्राई फ्रूट घेवर भी लोगों की पसंद बन चुके हैं. मलाई और रबड़ी वाले घेवर खासतौर पर युवाओं और मिठाई प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं.

उत्तर भारत में घेवर का संबंध विशेष रूप से हरियाली तीज, रक्षाबंधन और सावन के मौसम से माना जाता है. कई परिवारों में तीज के अवसर पर बेटियों और बहनों को घेवर भेजने की परंपरा भी रही है. बारिश और त्योहारों के मौसम में बाजारों में घेवर की खुशबू और अलग-अलग वैरायटी लोगों को आकर्षित करती हैं. यही कारण है कि सावन आते ही मिठाई की दुकानों पर घेवर की बिक्री तेजी से बढ़ जाती है.

आज घेवर सिर्फ पारंपरिक मिठाई नहीं रहा, बल्कि इसमें आधुनिक प्रयोग भी किए जा रहे हैं. घेवर कारीगर सचिन ने कहा कि चॉकलेट घेवर, पनीर घेवर और अलग-अलग ड्राई फ्रूट टॉपिंग वाले घेवर बाजार में उपलब्ध हैं. हालांकि पारंपरिक सादा और मलाई घेवर की लोकप्रियता आज भी बरकरार है. आगरा में पेठा शहर की सबसे बड़ी मिठाई पहचान है, लेकिन त्योहारों के मौसम में घेवर भी लोगों की खास पसंद बन जाता है और स्थानीय मिठाई बाजारों में अपनी अलग जगह बनाए हुए है.

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सिर पर आ गई ITR की डेडलाइन, किसे 31 अगस्‍त तक भरनी है रिटर्न, जानिए


Last Updated:

ITR Filing Deadline : सेलरीड पर्सन और आम आदमी के लिए आईअीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी. जिन बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स के खातों का ऑडिट नहीं होना है, वो 31 अगस्‍त तक बिना कोई शुल्‍क दिए रिटर्न भर सकते हैं.

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रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है. (Photo : canva)

नई दिल्‍ली. आप अपना बिजनेस चलाते हैं, फ्रीलांसिंग करते हैं या किसी प्रोफेशन से जुड़े हैं और अभी तक आईटीआर नहीं भरा है, तो यह काम तुरंत कर लें. सैलरीड क्लास के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख पहले ही निकल चुकी है, लेकिन ऐसे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स जिनके खातों का ऑडिट नहीं होना है के रिटर्न भरने की डेडलाइन बिल्‍कुल सिर पर आ गई है. अगर आपने कल तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं किया तो बाद में आपको रिटर्न दाखिल करने के लिए जुर्माना भरना पड़ सकता है.

जिन लोगों को 31 अगस्‍त तक आईटीआर दाखिल करनी है उनमें सभी फ्रीलांसर्स व कंसल्टेंट्स जैसे कंटेंट राइटर्स, डिजाइनर्स, आईटी प्रोफेशनल्स और स्वतंत्र रूप से काम करने वाले सभी प्रोफेशनल्स शामिल हैं. इसके साथ ही छोटे कारोबारी व दुकानदार जो प्रोप्राइटरशिप फर्म चलाते हैं या ऐसे बिजनेसमैन जिनके खातों का ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, उनको भी 31 अगस्‍त यानी कल तक आईटीआर भरनी होगी. वे संस्थाएं जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन चुनती हैं या सामान्य रिटर्न दाखिल करती हैं, उनके लिए भी आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्‍त ही है.

कौन-सा फॉर्म भरना है सही?

रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है ताकि आईटीआर इनवैलिड न हो.

  • ITR-3: यह उन व्यक्तिगत कारोबारियों, प्रोफेशनल्स और HUFs के लिए है जो विस्तृत बहीखाते बनाते हैं और ITR-4 की शर्तों के तहत नहीं आते
  • ITR-4 (Sugam): यह उन छोटे व्यापारियों, प्रोफेशनल्स और फर्म्स के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (बिना बहीखाता मेंटेन किए अनुमानित आय) का विकल्प चुनते हैं.

किसे कराना होता है अपने खातों का ऑडिट?

व्यापारियों के लिए आमतौर पर ₹1 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर ऑडिट जरूरी होता है. डिजिटल लेन-देन 95% होने पर यह सीमा ₹10 करोड़ तक है. वहीं प्रोफेशनल्स के लिए ₹50 लाख से अधिक की ग्रॉस रिसीट्स पर ऑडिट अनिवार्य हो जाता है. अगर आप इस सीमा से नीचे हैं, तो 31 अगस्त ही आपकी आखिरी तारीख है. बिना देरी किए आज ही अपना रिटर्न फाइल करें.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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नामांकन के लिए रविवार को भी हेल्प डेस्क: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक मिलेगी मदद, कल आखिरी दिन – Sawai Madhopur News




सवाई माधोपुर में नगर निकाय आम चुनाव-2026 के नामांकन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। नामांकन के आखिरी दिन होने वाली संभावित भीड़ और उम्मीदवारों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विशेष हेल्पडेस्क शुरू की है। अभ्यर्थी यहां नामांकन पत्र भरने, जरूरी दस्तावेज, प्रतिभूति निक्षेप राशि और अन्य औपचारिकताओं की जानकारी ले सकेंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है और सोमवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील की है। इन जगहों पर जमा हो रहे नामांकन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सवाई माधोपुर में नाम निर्देशन पत्र रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के कमरा नंबर 30 और 32 तथा संयुक्त निदेशक, डीओआईटी कार्यालय के हॉल में जमा किए जा रहे हैं। अंतिम दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के नामांकन दाखिल करने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को विशेष हेल्पडेस्क शुरू की है। नामांकन से जुड़ी जरूरी जानकारी मिलेगी हेल्पडेस्क पर अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र भरने, आवश्यक दस्तावेज, प्रतिभूति निक्षेप राशि और नामांकन से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं की जानकारी दी जाएगी। इससे अभ्यर्थी अंतिम दिन नामांकन के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बच सकेंगे। कल 3 बजे बाद स्वीकार नहीं होंगे नामांकन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। सोमवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 3 बजे के बाद किसी भी स्थिति में नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जरूरी दस्तावेज तैयार कर समय रहते अपना नामांकन दाखिल करें। किसी तरह की जानकारी या मार्गदर्शन के लिए आज हेल्पडेस्क की सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।



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अंकित बालियान हत्याकांड में 4 संदिग्ध हिरासत में: करनाल से बिडौली होकर शामली पहुंचे थे हमलावर, जिम के बाहर एक घंटे की रेकी – Shamli News




हरियाणवी लोकगायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हमलावरों के आने-जाने का रूट भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि हमलावर करनाल से बिडौली होते हुए शामली पहुंचे थे। पुलिस अब करनाल से बिडौली और बिडौली से शामली तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जोड़कर हमलावरों की पूरी मूवमेंट ट्रेस कर रही है। फुटेज के जरिए उनके वाहन, उसमें सवार लोगों और रास्ते में उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिम के आसपास एक घंटे से ज्यादा रुके, अंकित की रेकी की जांच में सामने आया है कि हमलावर शामली पहुंचने के बाद अंकित के जिम के आसपास एक घंटे से ज्यादा समय तक रुके थे। इस दौरान उन्होंने अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी रेकी की। पुलिस के मुताबिक, अंकित के जिम से बाहर निकलते ही हमलावरों ने उसे घेर लिया और गोलियां बरसा दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। 4 संदिग्धों से पूछताछ, साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश पुलिस ने हत्याकांड के संबंध में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची थी, शूटरों को अंकित की लोकेशन की जानकारी किसने दी और वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज जोड़कर तलाश रही पुलिस पूरी कड़ी पुलिस अब करनाल से शामली तक हमलावरों के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद फुटेज का आपस में मिलान किया जा रहा है। पुलिस का फोकस हमलावरों के वाहन की पहचान करने के साथ यह पता लगाने पर है कि रास्ते में उनके साथ कौन-कौन लोग थे। अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड की साजिश और हमलावरों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।



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सुपौल में पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा: DM ने बैंकों को पात्र आवेदकों का लोन समय पर मंजूर करने का दिया निर्देश – Supaul News




सुपौल में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को गति देने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार शाम जिलाधिकारी सावन कुमार ने विद्युत आपूर्ति प्रमंडल राघोपुर के अंतर्गत योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों को पात्र आवेदकों के ऋण आवेदनों का समय पर निष्पादन कर लोन स्वीकृत करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका लाभ अधिक से अधिक पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बैंकों से इस योजना को प्राथमिकता देने और लंबित ऋण आवेदनों को तेजी से निपटाने का आग्रह किया। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी सहायक विद्युत अभियंताओं और कनीय विद्युत अभियंताओं को भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप योजना से है जोड़ना उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को आवेदन प्रक्रिया से लेकर योजना के क्रियान्वयन तक उपभोक्ताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करना चाहिए। अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप योजना से जोड़कर लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष जोर देने को कहा गया।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करके सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। यह पहल घरेलू उपभोक्ताओं को स्वच्छ और हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके बिजली के खर्च को कम करने में भी सहायक होगी। 1 किलोवाट पर 40 हजार तक अनुदान

योजना के तहत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिए केंद्र और बिहार सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। वर्तमान प्रावधान के अनुसार 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने पर भारत सरकार की ओर से 30 हजार रुपए और बिहार सरकार की ओर से 10 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। यानी उपभोक्ता को कुल 40 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है।

वहीं 2 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार और बिहार सरकार की ओर से 20 हजार रुपए, यानी कुल 80 हजार रुपए तक अनुदान का प्रावधान है। 3 किलोवाट या अधिक पर 98 हजार तक सब्सिडी

3 किलोवाट और उससे अधिक क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए और बिहार सरकार की ओर से 20 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। इस तरह पात्र उपभोक्ताओं को कुल 98 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है।

वेबसाइट से कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक उपभोक्ता केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध है।

समीक्षा बैठक में विद्युत कार्यपालक अभियंता राघोपुर धनंजय कुमार सिंह, वीरपुर, राघोपुर एवं निर्मली के सहायक विद्युत अभियंता, राघोपुर प्रमंडल के सभी कनीय विद्युत अभियंता, सुपरवाइजर तथा कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



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बड़ौनी शिविर में CMO पर भड़के कलेक्टर, VIDEO: पूछा- ‘आवास योजना कौन देखता है?’ नहीं दिया जवाब; माथा पकड़कर कहा- यह सीएमओ है – datia News




दतिया में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत बड़ौनी में लगाए गए शिविर में उस समय हंगामा जैसा माहौल बन गया। जब पीएम आवास योजना की शिकायतों की सुनवाई के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े नगर परिषद सीएमओ इम्तियाज खान पर भड़क गए। आवास योजना का प्रभारी कौन है, यह सवाल पूछने पर सीएमओ सही जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर की नाराजगी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शनिवार को शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा चल रही थी। कलेक्टर ने अधिकारियों से योजना से संबंधित जानकारी मांगी। इसके बाद उन्होंने सीएमओ से पूछा कि नगर परिषद में आवास योजना का काम कौन देखता है। सीएमओ ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब सीएमओ इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा- अरे कोई न कोई तो बाबू होगा न भाई? यह जो देखता है, बाबू होता है, इंजीनियर होता है। इस तरीके से काम करेंगे? आवास का प्रभारी कौन है? यह सीएमओ है, आपको यह भी नहीं पता कि आवास कौन देखता है। कलेक्टर ने आगे कहा कि कहा कि यदि समय पर लोगों की सुनवाई नहीं होगी तो स्थिति गंभीर होगी। उन्होंने पूछा कि यदि संबंधित कर्मचारी नौकरी छोड़कर चला गया तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। कलेक्टर बोले-अपात्र को पात्र करने के लिए नहीं कह रहा कलेक्टर ने आवास योजना के आवेदनों में पात्र और अपात्र किए गए हितग्राहियों की प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अपात्र व्यक्ति को पात्र करवाना नहीं है,लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह सही और पारदर्शी होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि इनका रिजेक्ट क्यों हुआ, इससे मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं यह नहीं बोल रहा कि अपात्र को पात्र करो और पात्र को अपात्र करो। लेकिन अपात्र सही अपात्र है,पात्र सही पात्र है। इसकी पूरी जानकारी निकालो। कलेक्टर ने अधिकारियों से संबंधित मामलों की पूरी जानकारी तैयार कर उन्हें देने के निर्देश दिए। कलेक्टर की फटकार के बाद अफसरों में हड़कंप शिविर में कलेक्टर के सख्त तेवर देखकर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी सतर्क हो गए। कलेक्टर ने साफ किया कि जनसुनवाई में लापरवाही, योजनाओं की जानकारी नहीं होना और रिकॉर्ड के रखरखाव में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



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