Sunday, August 30, 2026
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फलोदी नगरपरिषद चुनाव: दो दिन में भरे गए 47 नामांकन: 34 उम्मीदवारों ने जमा करवाए पर्चे, भाजपा-कांग्रेस की सूची का इंतजार – Phalodi News




फलोदी नगरपरिषद और बाप नगरपालिका चुनाव 2026 के लिए नामांकन प्रक्रिया जारी है। शनिवार को नामांकन के दूसरे दिन दोनों निकायों में दावेदारों की सक्रियता बढ़ी, लेकिन अब तक नामांकन की रफ्तार धीमी बनी हुई है। दो दिनों में फलोदी में 34 उम्मीदवारों ने 47 नामांकन पत्र, जबकि बाप में 35 उम्मीदवारों ने 39 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। फलोदी नगरपरिषद में शनिवार को 33 उम्मीदवारों ने 45 नामांकन पत्र सहायक निर्वाचन अधिकारी पूजा चौधरी के समक्ष प्रस्तुत किए। दो दिनों में अब तक 34 उम्मीदवारों के 47 नामांकन दाखिल हो चुके हैं। हालांकि, संभावित उम्मीदवारों की ओर से 549 नामांकन पत्र लिए जा चुके हैं। ऐसे में जारी किए गए और दाखिल हुए नामांकन पत्रों के आंकड़ों में बड़ा अंतर है। बाप में 20 वार्डों के लिए 39 नामांकन बाप नगरपालिका के 20 वार्डों के लिए दो दिनों में 35 उम्मीदवारों ने कुल 39 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। पहले दिन एक भी नामांकन जमा नहीं हुआ था। शनिवार को नामांकन प्रक्रिया में तेजी देखने को मिली, लेकिन अभी भी बड़ी संख्या में दावेदारों के पर्चे दाखिल होना बाकी है। राजनीतिक दलों की सूची का इंतजार नामांकन की धीमी रफ्तार की प्रमुख वजह भाजपा और कांग्रेस सहित राजनीतिक दलों की ओर से अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं होना माना जा रहा है। बड़ी संख्या में टिकट के दावेदार पार्टियों की सूची का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में 31 अगस्त को नामांकन के अंतिम दिन दोनों निकायों में भारी भीड़ और राजनीतिक गहमागहमी देखने को मिल सकती है। 31 अगस्त को नामांकन का अंतिम दिन 30 अगस्त रविवार को राजकीय अवकाश रहेगा। हालांकि, फलोदी और बाप के रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालयों में हेल्प डेस्क खुले रहेंगे। यहां अभ्यर्थियों को नामांकन से संबंधित जानकारी और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। 31 अगस्त को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि है। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही फलोदी नगरपरिषद और बाप नगरपालिका में चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ होगी।



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पहले चेयरमैन ने कुर्सी छोड़ी और अब एचडीएफसी बैंक के सीईओ लेने जा रहे रिटायरमेंट


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HDFC Bank MD-CEO: एचडीएफसी बैंक के एमडी और सीईओ ने अक्टूबर के बाद अपना कार्यकाल नहीं बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि 26 अक्टूबर को उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो रहा है और इसके बाद वह दोबारा अपनी नियुक्ति का प्रयास नहीं करेंगे.

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एचडीएफसी बैंक के सीईओ जगदीशन ने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है.

नई दिल्ली. प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी ने एक बार फिर बाजार में हलचल मचा दी है. बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने साफ कह दिया है कि वे अक्टूबर के बाद अपना कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाएंगे. जगदीशन का कार्यकाल 26 अक्टूबर, 2026 को समाप्त हो रहा है. इससे पहले बैंक के कार्यकारी चेयरमैन ने भी अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. अब सीईओ के अपना कार्यकाल न बढ़ाने की खबरों ने एक बार फिर बैंक को लेकर बाजार में चर्चाएं शुरू कर दी हैं.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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कुलपति ने सरकारी आवास के बावजूद लिया HRA: हाईकोर्ट ने खाली करवाया आवास, गाड़ी भी वापस ली – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज की डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की पहली कुलपति डॉ. उषा टंडन वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में विवादों में घिर गई हैं। उन पर सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद हर महीने 19,700 रुपये हाउस रेंट अलाउंस (HRA) लेने का आरोप है। इस मामले के सामने आने के बाद अप्रैल में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनसे सरकारी आवास खाली करवा लिया और आधिकारिक गाड़ी भी वापस ले ली। एक अधिवक्ता ने इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत की है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में सितंबर 2023 में डॉ. उषा टंडन को पहली कुलपति नियुक्त किया गया था। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद वर्ष 2024 से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र शुरू करवाया। वर्ष 2023 में प्रयागराज आने पर डॉ. टंडन को डीएम आवास के निकट मिशन रोड पर एक बंगला आवंटित किया गया था। उन्होंने कुछ समय वहां निवास किया और प्रशासन से उसके रखरखाव का अनुरोध किया। लोक निर्माण विभाग ने मकान की मरम्मत के लिए 60 लाख रुपये का बजट बनाया, जो शासन से स्वीकृत भी हुआ, लेकिन मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका। बाद में, उन्हें हाईकोर्ट जजेज कॉलोनी में एक अन्य आवास आवंटित किया गया। साथ ही, उन्हें हाईकोर्ट की ओर से एक आधिकारिक वाहन भी उपलब्ध कराया गया। उन्होंने इस आवास और वाहन का उपयोग करना शुरू कर दिया। इस दौरान उनके नाम पर मिशन रोड वाला बंगला भी आवंटित रहा, जिससे उनके पास दो सरकारी आवास हो गए। दो सरकारी आवास आवंटित होने के बावजूद, डॉ. टंडन हर महीने सरकार से 19,700 रुपये हाउस रेंट अलाउंस (HRA) लेती रहीं। जब इस दोहरे आवंटन और HRA लेने की जानकारी हाईकोर्ट को मिली, तो अप्रैल में उनसे हाईकोर्ट जजेज कॉलोनी का आवास खाली करवा लिया गया और वाहन भी वापस ले लिया गया। कुछ महीने पहले, मिशन रोड स्थित डीएम कंपाउंड का आवास किसी अन्य अधिकारी को आवंटित कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार, कुलपति से वाहन और आवास के किराए के रूप में लगभग छह लाख रुपये वसूलने की तैयारी थी, लेकिन यह मामला फिलहाल लंबित है। यूनिवर्सिटी का पक्ष
यूनिवर्सिटी के पीआरओ प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि हाईकोर्ट में जजों की संख्या बढ़ने पर कुलपति से आवास खाली करवाया गया था। यूनिवर्सिटी का कैंपस और कुलपति आवास झलवा में निर्माणाधीन है। सरकारी आवास मिलने के बावजूद एचआरए लेने का मामला वित्त का है। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती पर विवाद
कुलपति पर 12 असिस्टेंट प्रोफेसरों को बिना हस्ताक्षर वाले नियुक्ति पत्र के आधार पर जॉइन करवाने का भी आरोप है।
12 पदों पर भर्ती के लिए 22 से 30 जुलाई के बीच इंटरव्यू हुए थे। 31 जुलाई की शाम 4 बजे कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई और उसी रात 10 बजे आनन-फानन में रिजल्ट घोषित कर दिया गया। भर्ती प्रक्रिया में कुछ खामियां दिखने पर जब रजिस्ट्रार ने जॉइनिंग लेटर पर साइन करने से मना कर दिया, तो कुलपति ने बिना हस्ताक्षर वाले पत्रों से ही 1 अगस्त को अभ्यर्थियों को जॉइन करवाकर अध्यापन शुरू करवा दिया। 70,000 रुपये एकेडमिक इंसेंटिव लेने के आरोप
कुलपति डॉ. ऊषा टंडन पर पिछले दो साल से वेतन के अतिरिक्त हर महीने 70 हजार रुपये ‘एकेडमिक इंसेंटिव’ लेने का आरोप लगा है। वित्त नियंत्रक सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने जुलाई में इस अतिरिक्त भुगतान पर रोक लगा दी है। यूनिवर्सिटी में अलग अलग कार्यो के लिए जो भी कमेटी बनती है, उसमें कुलपति को चेयरमैन के रूप रहना होता है। बताया जा रहा है कमेटी का चेयरमैन बनने का भी वह भत्ता लेती हैं।



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जनविश्वास शिविर में अफसरों पर भड़के महापौर: शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर लगाई फटकार; कहा- जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें – Indore News




इंदौर के मुसाखेड़ी स्थित नगर निगम के जोन-18 कार्यालय में शनिवार को आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शिविर में अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नाराजगी जताई। लोगों की शिकायतों के समाधान में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। शिविर में कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक महेंद्र हार्डिया, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और कलेक्टर शिवम वर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए थे, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं और आवेदन अधिकारियों के सामने रखे। कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। महापौर ने कहा कि जनता की समस्याओं को टालने और काम में देरी करने की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने एक कर्मचारी को कलेक्टर से बातचीत के दौरान जेब से हाथ बाहर रखने की भी हिदायत दी। अतिक्रमण, दस्तावेज और सड़क से जुड़ी शिकायतें शिविर में अतिक्रमण, सड़क, व्यक्तिगत दस्तावेज, सामाजिक न्याय और सरकारी योजनाओं से संबंधित मामले सामने आए। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौके पर निराकरण योग्य मामलों को तत्काल हल किया जाए और अन्य प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। सीएम हेल्पलाइन सहित अन्य माध्यमों से लंबित शिकायतों के समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया। महापौर भार्गव ने कहा कि मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान का उद्देश्य सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। अधिकारियों को लोगों की समस्याएं गंभीरता से सुनकर उनके समाधान में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर कैबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि अभियान के माध्यम से लोगों की समस्याएं सीधे सुनी जा रही हैं और उनके समाधान के लिए कार्रवाई की जा रही है। प्रधानमंत्री और भाजपा सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों और जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों ने क्षेत्र की विभिन्न शासकीय एवं जनसेवा संस्थाओं का निरीक्षण भी किया। टीम ने मुख्यमंत्री संजीवनी क्लिनिक, शासकीय हिंदी प्राथमिक विद्यालय, संदीपनी विद्यालय, लोकमान्य तिलक सहकारी उपभोक्ता भंडार, आरोग्य अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्रों सहित अन्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।



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कोसी बराज से 1.70 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज,जलस्तर बढ़ा: सुपौल में DM कर रहे मॉनिटरिंग, बोले-‘फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं’ – Supaul News




सुपौल से सटे पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार शाम 6 बजे कोसी बराज से स्थिर क्रम में 1,70,535 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं, बराह क्षेत्र से घटते क्रम में 1,15,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। पानी बढ़ने के कारण कोसी तटबंध के भीतरी और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। हालांकि, जिले में अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं और लोगों को तत्काल खतरे की स्थिति नहीं है। देखें, मौके से आई तस्वीर… नदी के उतार-चढ़ाव पर लोगों की नजर कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद तटबंध के अंदर बसे गांवों और निचले इलाकों में पानी का फैलाव बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में पहले से ही नदी के उतार-चढ़ाव पर लोगों की नजर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर में वृद्धि के बावजूद फिलहाल पानी का स्तर ऐसे खतरे के निशान पर नहीं पहुंचा है, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति बने। 5 प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शामिल सुपौल जिले के निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर, मरौना और सुपौल सदर प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इन प्रखंडों के तटबंध के अंदर और निचले इलाकों में पानी का असर अधिक दिखाई देता है। हालांकि, फिलहाल इन इलाकों में पानी कम रहने के कारण बाढ़ से कोई तत्काल खतरा नहीं है। डीएम के नेतृत्व में लगातार मॉनिटरिंग जलस्तर में बदलाव को देखते हुए डीएम सावन कुमार के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डीएम ने संबंधित अभियंताओं, अंचलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को जलस्तर, तटबंध और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।



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17 सितंबर से दिल्ली में चलेगा सेवा संकल्प अभियान: पीएम मोदी के जन्मदिन से 17 अक्टूबर तक होंगे विभिन्न सेवा कार्यक्रम – New Delhi News




दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की अध्यक्षता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में शुक्रवार को प्रदेश भाजपा की बैठक हुई। बैठक में दोनों नेताओं ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दिल्ली सरकार और भाजपा संयुक्त रूप से एक महीने का सेवा संकल्प अभियान चलाएंगे। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। हर्ष मल्होत्रा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर, महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर और प्रधानमंत्री के लोकसेवक के रूप में 25 वर्ष पूरे होने की तिथि 7 अक्टूबर प्रमुख कार्यक्रम दिवस होंगे। अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को रक्तदान शिविर से होगी। इसके बाद महीनेभर दिल्ली में विभिन्न सेवा और जनकल्याण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें कुछ कार्यक्रम दिल्ली सरकार के स्तर पर, कुछ भाजपा संगठन की ओर से और कुछ संयुक्त रूप से आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों के आयोजन और संचालन की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार के मंत्रियों, प्रदेश भाजपा पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को दी जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री कपिल मिश्रा, दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सतीश उपाध्याय, जयप्रकाश और जेपी समेत कई नेता मौजूद रहे।



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दही, लहसुन और धीमी आंच का कमाल! फराह खान के टिप्स से बनेगी परफेक्ट पंजाबी कढ़ी-पकोड़ा

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Punjabi Kadhi Pakora Recipe: पंजाबी कढ़ी-पकोड़ा बनाते समय कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है. फराह खान के मुताबिक, पकोड़ों के बैटर में थोड़ा दही मिलाने से उन्हें सॉफ्ट बनाने में मदद मिल सकती है. कढ़ी के बेस में कुटा हुआ कच्चा लहसुन डालने से इसका स्वाद और खुशबू अलग हो सकती है. कढ़ी को धीमी आंच पर पर्याप्त समय तक पकाने से बेसन का कच्चापन दूर होता है. आखिर में घी, जीरा, हींग, हरी मिर्च और सूखी लाल मिर्च का तड़का इसके स्वाद को और बढ़ा देता है. गरम चावल के साथ पंजाबी कढ़ी-पकोड़ा लंच या डिनर में सर्व किया जा सकता है.

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पंजाबी कढ़ी पकोड़ा रेसिपी (इमेज AI)

Punjabi Kadhi Pakora Recipe: कढ़ी-पकोड़ा का नाम सुनते ही गर्मागर्म चावल और ऊपर से घी का तड़का याद आ जाता है. लेकिन घर पर इसे बनाते समय अक्सर एक शिकायत रहती है पकोड़े सख्त हो जाते हैं या कढ़ी में वह ढाबे जैसा स्वाद नहीं आता. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो बॉलीवुड फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान के बताए ये किचन टिप्स काम आ सकते हैं. फराह अपने व्लॉग्स में खाने से जुड़े आसान और घरेलू तरीके साझा करती रहती हैं. पंजाबी कढ़ी-पकोड़ा बनाते हुए उन्होंने तीन छोटी लेकिन काम की बातें बताईं. इनमें पकोड़ों के बैटर में दही मिलाने से लेकर कढ़ी में कच्चा लहसुन डालने और इसे धीमी आंच पर पकाने तक के टिप्स शामिल हैं. खास बात यह है कि इन तरीकों के लिए किसी खास सामग्री या मुश्किल तकनीक की जरूरत नहीं पड़ती.

पकोड़ों को सॉफ्ट बनाने का आसान तरीका
बैटर में दही मिलाएं: पकोड़े अगर बाहर से सुनहरे और अंदर से मुलायम हों, तभी कढ़ी खाने का मजा आता है. फराह खान के मुताबिक, इसके लिए बेसन के घोल में थोड़ा दही मिलाना फायदेमंद हो सकता है. बेसन, बारीक कटा प्याज, नमक और पसंद के मसाले में दही डालकर बैटर तैयार करें. आखिर में चुटकीभर बेकिंग सोडा डालें और बैटर को बहुत ज्यादा पतला न रखें. दही और सही कंसिस्टेंसी पकोड़ों को तलने के बाद ज्यादा नरम रखने में मदद करती है. इन्हें बहुत तेज आंच पर तलने के बजाय मध्यम गर्म तेल में सुनहरा होने तक तलना बेहतर रहेगा.

कढ़ी में आएगा अलग स्वाद
कच्चे लहसुन का लगाएं तड़का: कढ़ी का स्वाद सिर्फ खट्टे दही और मसालों से नहीं बनता. फराह खान कढ़ी के बेस में कुटा हुआ कच्चा लहसुन मिलाने का तरीका बताती हैं. दही और बेसन का मिश्रण तैयार करते समय इसमें थोड़ा कुटा लहसुन डालने से कढ़ी में एक अलग तरह की खुशबू और स्वाद आ सकता है. इसके बाद कढ़ी को तड़के में डालकर अच्छी तरह पकाएं. जीरा, हींग, मेथी दाना और प्याज का तड़का इसके स्वाद को और गहरा कर देता है.

(इमेज AI)

कढ़ी को दें पर्याप्त समय
धीमी आंच है सबसे जरूरी: कढ़ी जल्दी तैयार करने के चक्कर में तेज आंच करना सबसे आम गलती है. दही-बेसन का मिश्रण डालने के बाद कढ़ी को धीमी आंच पर पकने दें. इससे बेसन का कच्चापन निकलता है और मसालों का स्वाद भी ग्रेवी में अच्छी तरह घुलता है. कढ़ी में उबाल आने के बाद भी इसे कुछ देर पकाते रहें. बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि नीचे बेसन चिपके नहीं.

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आखिर में लगाएं मसालेदार तड़का
कढ़ी तैयार होने के बाद घी में जीरा, हींग, करी पत्ता, हरी मिर्च, सूखी लाल मिर्च और थोड़ी कसूरी मेथी डालकर तड़का तैयार करें. चाहें तो इसमें लाल मिर्च पाउडर भी डाल सकते हैं. गरमा-गरम तड़का कढ़ी के ऊपर डालते ही खुशबू पूरे किचन में फैल जाएगी. अब तैयार पकोड़ों को कढ़ी में डालें और कुछ मिनट के लिए छोड़ दें, ताकि वे ग्रेवी को अच्छी तरह सोख लें. गरम चावल के साथ परोसी गई यह पंजाबी कढ़ी-पकोड़ा सादे लंच को भी खास बना सकती है.

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Mohit Mohit

मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…

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नेपाल बाढ़ में बैंक का लॉकर बहा, ₹57 लाख लूटे: सेफ तोड़कर कैश निकालने के आरोप में 29 हिरासत में




नेपाल में भीषण बाढ़ के दौरान भोटेकोशी इलाके से एक बैंक का लॉकर बहकर कई किलोमीटर दूर पहुंच गया। बाद में धादिंग में मिले इस लॉकर को तोड़कर उसमें रखी नकदी निकालने के आरोप में पुलिस ने 29 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक लॉकर बाढ़ में बहने के बाद बेलखुखोला के पास मिला था। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्थानीय लोगों ने लॉकर तोड़कर उसके अंदर रखा कैश निकाल लिया है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती तलाशी में पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों के पास से 92.68 लाख नेपाली रुपए यानी करीब 57 लाख रुपए बरामद किए। कैश निकालने के आरोपी 19 से 49 साल के बीच पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए ज्यादातर लोग गलछी-4 के मस्तार के रहने वाले हैं। कुछ गलछी-6 के आदमघाट और सिद्धलेक-7 के आदमतार के रहने वाले हैं। वहीं कुछ लोग मूल रूप से चितवन और परसा के हैं और फिलहाल धादिंग में रह रहे हैं। सभी की उम्र 19 से 49 साल के बीच है। पुलिस अब बरामद रकम के स्रोत की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मामले में और लोग शामिल हैं या नहीं। महिला के शव से बालियां चुराने वाले 2 गिरफ्तार इसी दौरान नेपाल में बाढ़ से जुड़ी एक और चोरी का मामला सामने आया। नारायणी नदी में बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए एक महिला के शव से सोने की बालियां निकालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई की। वीडियो में दो लोग बाढ़ में बहकर आए महिला के शव से कथित तौर पर सोने की बालियां निकालते दिखाई दे रहे हैं। नेपाल की बाढ़ में में 626 मौतें, 2426 लापता नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ में 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग लापता हैं। शुक्रवार रात तक 1,924 लोगों के लापता होने की जानकारी थी। वहीं, 517 विदेशी नागरिक अब भी लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान जारी है। ग्लेशियर धंसने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी के ऊपरी क्षेत्र में ग्लेशियर धंसने और भारी मात्रा में चट्टान व मलबा नदी में गिरने के बाद अचानक भीषण बाढ़ आ गई। पानी और मलबे का तेज बहाव भोटेकोशी से होते हुए त्रिशूली नदी तक पहुंचा, जिससे रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और आसपास के कई जिलों में भारी तबाही मच गई। बाढ़ ने घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाया, जबकि सैकड़ों लोगों की मौत हुई और हजारों लोग प्रभावित हुए। ये खबर भी पढ़ें… नेपाल में तबाही लाने वाले ग्लेशियर टूटने का VIDEO:800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर गिरा था; अब तक 633 मौतें, 2500 लापता नेपाल में 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आई थी। अब घटना के तीन दिन बाद ग्लेशियर टूटने का वीडियो सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में रिकॉर्ड किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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सागवाड़ा में 7 सूने घरों में चोरी: चोर लाखों के जेवर और हजारों की नकदी ले गए, राखी पर बाहर गए हुए थे परिवार – Dungarpur News




डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र की मंगलम विहार कॉलोनी में शनिवार अलसुबह 2 से 4 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने 7 सूने मकानों को निशाना बनाया। चोरों ने इन मकानों के ताले तोड़कर लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण, हजारों की नकदी और अन्य कीमती सामान चुरा लिए। राखी के त्योहार पर परिवार घरों से बाहर गए हुए थे। सुबह लौटने पर उन्हें चोरी का पता चला। मंगलम विहार निवासी श्रीपाल निनामा के अनुसार राखी के त्योहार के कारण वे और कॉलोनी के छह अन्य परिवार अपने घरों से बाहर थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाकर सूने मकानों को निशाना बनाया। उन्होंने मुख्य दरवाजों के ताले तोड़े, घरों में प्रवेश किया और अलमारियों व कमरों में रखे सामान को खंगालकर कीमती वस्तुएं चुरा लीं। चोरी हुए सामान में सोने-चांदी के आभूषण और हजारों रुपए की नकदी शामिल है। चोरी गए कुल सामान की कीमत का आकलन अभी किया जा रहा है। परिवारों ने सागवाड़ा थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और चोरी का सामान बरामद करने की मांग की गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात को कितने बदमाशों ने अंजाम दिया और वे किस रास्ते से आए-गए। एक साथ सात मकानों में चोरी की यह घटना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।



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नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से हुए बाहर, टखने की चोट के कारण डायमंड लीग फाइनल भी नहीं खेलेंगे

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नीरज चोपड़ा ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टियर होने के बाद 2026 सीजन के बाकी हिस्से से बाहर हो गए हैं। इसके साथ ही ओलंपिक मेडलिस्ट चोपड़ा एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल से भी बाहर हो गए हैं।

ओलंपिक मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा टखने में चोट के कारण 2026 के सत्र में आगे नहीं खेल पाएंगे। इस चोट के कारण दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल से भी बाहर हो गए हैं। चोपड़ा ने डायमंड लीग में सीजन बेस्ट थ्रो किया था और अच्छी लय में नजर आ रहे थे। शनिवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने पुष्टि की कि चोट के कारण उन्हें और उनकी टीम को सीजन खत्म करने का फैसला लेना पड़ा।

नीरज चोपड़ा ने पोस्ट शेयर करके दी अपडेट

चोपड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद उन्हें चोट लगी। चोपड़ा ने कहा, ”कड़ी मेहनत के बाद मुझे लग रहा था कि मैं आखिरकार अच्छी लय हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी और लुसाने में मैंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।”

उन्होंने कहा, ”दुर्भाग्य से कुछ समय बाद ही अभ्यास के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशविरा करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सत्र में आगे नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं।”

चोपड़ा ने कहा, ”अब मेरा ध्यान पूरी तरह से फिट होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।”

क्या एशियाई खेल से बाहर हुए नीरज चोपड़ा?

भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के लिगामेंट में चोट लग गई है, जिसके कारण वह आगामी एशियाई खेलों में नहीं खेल पाएंगे। उन्होंने बताया कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के बाद वह चोटिल हुए।

डायमंड लीग फाइनल के लिए किया था क्वालीफाई

भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को ही डायमंड लीग फाइनल 2026 के लिए क्वालिफाई किया था। उन्होंने सीजन के आखिरी एथलेटिक्स मीट के लिए आखिरी जगह हासिल की, जो बेल्जियम में 4 और 5 सितंबर को आयोजित होगा। पूरे सीजन में 12 पॉइंट हासिल करके नीरज चोपड़ा ने छह खिलाड़ियों वाले फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पोलैंड के डेविड वेग्नर और जर्मनी के रियो 2016 ओलंपिक चैंपियन थॉमस रोहलर, दोनों ने डायमंड लीग जैवलिन थ्रो स्टैंडिंग में 10-10 पॉइंट हासिल किए।

वेग्नर ने गुरुवार को ज्यूरिख डायमंड लीग में तीसरा स्थान हासिल करके छह पॉइंट बटोरे, जबकि रोहलर ने आठवें स्थान पर रहकर एक पॉइंट जोड़ा; इस तरह दोनों नीरज से दो पॉइंट पीछे रह गए। इस सीज़न में पुरुषों के जैवलिन थ्रो इवेंट वाले पांच डायमंड लीग मीट में से भारतीय एथलीट ने केवल दो में हिस्सा लिया। जून में दोहा में उन्होंने 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया, और फिर पिछले हफ़्ते लुसाने में अपने सीज़न के सर्वश्रेष्ठ 88.05 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया। इन दो प्रदर्शनों से उन्हें क्रमशः पांच और सात पॉइंट मिले, जो अंततः ब्रसेल्स में उनकी जगह पक्की करने के लिए काफ़ी साबित हुए।

हर डायमंड लीग मीट में, जैवलिन थ्रो में शीर्ष आठ खिलाड़ियों को पॉइंट मिलते हैं; विजेता को आठ और आठवें स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को एक पॉइंट मिलता है। सीरीज़ के अंत में पॉइंट के आधार पर शीर्ष छह खिलाड़ी सीज़न के आखिरी फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करते हैं



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