Monday, June 29, 2026
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शाहिद कपूर की हीरोइन, डेब्यू फिल्म से रातोंरात बनीं स्टार, अब करती हैं ये काम


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साल 2003 की हिट फिल्म ‘इश्क विश्क’ से रातोंरात युवाओं की क्रश बनने वाली शहनाज ट्रेजरीवाला की कहानी बेहद दिलचस्प है. आज 29 जून को अपना जन्मदिन मना रहीं एक्ट्रेस मुंबई के एक पारसी परिवार में जन्मी शहनाज ने कॉलेज के दिनों में मॉडलिंग से शुरुआत की और एमटीवी की सबसे चहेती वीडियो जॉकी बनीं. बॉलीवुड में ‘हम तुम’ और ‘दिल्ली बेली’ जैसी फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरने के बाद, उन्होंने सिनेमा की चकाचौंध छोड़ अपने घूमने के शौक को करियर बनाया और आज एक सफल ग्लोबल ट्रैवल इन्फ्लुएंसर हैं.

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एक्ट्रेस का आज जन्मदिन है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम shenaztreasury)

नई दिल्ली. बॉलीवुड में अक्सर कहा जाता है कि किस्मत बदलने के लिए सिर्फ एक सही शुक्रवार की जरूरत होती है. साल 2003 में एक ऐसा ही शुक्रवार आया, जिसने एक युवा वीडियो जॉकी को रातोंरात हिंदी सिनेमा की नई ‘क्रश’ बना दिया. हम बात कर रहे हैं एक्ट्रेस शहनाज ट्रेजरीवाला की, जिन्हें फिल्म ‘इश्क विश्क’ ने वो शोहरत और पहचान दी, जिसने उनके जीवन के सफर को हमेशा के लिए एक अनोखी दिशा में मोड़ दिया. आज 29 जून को एक्ट्रेस शहनाज ट्रेजरीवाला अपना जन्मदिन मना रही हैं.

शहनाज ट्रेजरीवाला का जन्म मुंबई के एक पारसी परिवार में हुआ था. उनके पिता मर्चेंट नेवी में एक इंजीनियर थे, जिसके चलते बचपन से ही उनके घर का माहौल थोड़ा अलग रहा. मुंबई में ही अपनी स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के दौरान उनकी खूबसूरत मुस्कान और हाजिरजवाबी ने ऐड फिल्म के डायरेक्टर्स का ध्यान खींचा. कॉलेज के दिनों से ही उन्होंने मॉडलिंग की दुनिया में कदम रख दिया था और जल्द ही वे कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों का चेहरा बन गईं.

टीवी से शुरू किया था करियर

एक्ट्रेस शहनाज को असली पहचान टीवी से मिली. उनको एमटीवी के बेहद मशहूर शो ‘एमटीवी मोस्ट वॉन्टेड’ में बतौर वीडियो जॉकी काम करने का मौका मिला. उस दौर में यह शो युवाओं के बीच एक कल्ट बन चुका था. शहनाज के चुलबुले अंदाज, बात करने के अनोखे ढंग और गजब की एनर्जी ने उन्हें देश भर के युवाओं का चहेता बना दिया.

‘इश्क विश्क’ से मिली बॉलीवुड में बड़ी पहचान

छोटे पर्दे पर धूम मचाने के बाद शहनाज ट्रेजरीवाला ने अभिनय की दुनिया का रुख किया. उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 2001 में एक तेलुगु फिल्म ‘एडुरुलेनी मनीषी’ से की थी. लेकिन उनकी किस्मत का असली सितारा साल 2003 में चमका, जब उन्हें केन घोष के निर्देशन में बनी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘इश्क विश्क’ मिली. शाहिद कपूर और अमृता राव के साथ इस फिल्म में शहनाज ने ‘अलीशा’ का एक बेहद ग्लैमरस और आधुनिक किरदार निभाया. फिल्म ब्लॉकबस्टर रही और शहनाज का यह डेब्यू किरदार दर्शकों के दिलों में बस गया.

कई फिल्मों में किया काम

इस फिल्म की शानदार सफलता के बाद उनके पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स आए. उन्होंने सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की सुपरहिट फिल्म ‘हम तुम’ में एक छोटा लेकिन मजेदार किरदार निभाया. इसके बाद वे ‘लव का द एंड’ और आमिर खान के प्रोडक्शन की एडल्ट-कॉमेडी फिल्म ‘दिल्ली बेली’ में भी एक अहम और यादगार भूमिका में नजर आईं. भले ही उनका बॉलीवुड सफर बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से दर्शकों पर एक गहरी छाप छोड़ी.

एक्टिंग को अलविदा कह चुनी ट्रैवल की दुनिया

सिनेमा की चकाचौंध के बीच शहनाज के भीतर एक और शौक अंगड़ाइयां ले रहा था और वो था दुनिया ट्रैवलिंग का जुनून. उन्होंने जल्द ही समझ लिया कि उनका असली झुकाव अभिनय से ज्यादा घूमना और नए कल्चर को तलाशना है. उन्होंने अपने इस शौक को ही अपना प्रोफेशन बनाने का फैसला किया.शहनाज ने ‘कॉस्मोपॉलिटन’, ‘एले’ और ‘फेमिना’ जैसी दुनिया की मशहूर लाइफस्टाइल मैगजीन्स के लिए ट्रैवल आर्टिकल्स लिखना शुरू किया. उनके आर्टिकल्स और जर्नी के एक्सपीरियंस को काफी पसंद किया गया. इसके बाद उन्होंने एक इंटरनेशनल ट्रैवल चैनल पर ‘कल्चर शॉक’ नामक शो होस्ट किया, जिसने उन्हें वैश्विक स्तर पर पहचान दी.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें



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भास्कर अपडेट्स: जम्मू-कश्मीर में वैष्णो देवी जा रही CISF जवानों की बस पलटी, 8 जवान और ड्राइवर घायल


31 मिनट पहले

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जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में रविवार को माता वैष्णो देवी मंदिर के ताराकोट मार्ग पर CISF जवानों को लेकर जा रही एक बस पलट गई। हादसे में 8 CISF जवान और बस चालक घायल हो गए। इनमें तीन जवानों की हालत गंभीर बताई गई है।

अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के समय CISF के जवान ड्यूटी पूरी कर मंदिर क्षेत्र से अपने कैंप लौट रहे थे। इसी दौरान ताराकोट मार्ग पर बस अनियंत्रित होकर पलट गई। गंभीर रूप से घायल हेड कांस्टेबल सैमी कुमार, हेड कांस्टेबल एम.एम. दुबे और कांस्टेबल पी.के. त्राया को इलाज के लिए नारायणा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, एक सब-इंस्पेक्टर समेत अन्य घायल जवानों और बस चालक वीरेंद्र सिंह का कटड़ा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, उनकी हालत स्थिर है।

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अलेक्जेंडर क्लब के मैनेजर को मिली धमकी, पुलिस से शिकायत: क्लब में घुसकर धमकाया, बोले- हम लाल टोपी वाले हैं, गोली मार देंगे, जांच शुरू – Meerut News




मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित अलेक्जेंडर क्लब में रविवार देर रात चार अज्ञात युवक घुस गए। क्लब के स्टाफ ने उन्हें रोका तो वह अभद्रता पर उतर आए। उन्होंने क्लब के सदस्यों और स्टाफ को गोली मारने तक की धमकी दे दी। मामला क्लब के सचिव तक पहुंचा जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई है। अलेक्जेंडर एथलेटिक क्लब में हर रोज की तरह रविवार रात भी सदस्य मौजूद थे। इसी दौरान क्लब के सदस्य नंबर 1348 भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि उनके साथ क्लब में पहुंचे चार लोगों को नियमों का हवाला देकर रोकने का प्रयास किया गया तो वह अभद्रता पर उतर आए। गाली गलौज करने लगे। इसी दौरान भीड़ जमा हो गई। इन युवकों ने धमकी दी कि वह लाल टोपी वाले हैं। एक एक को गोली मार देंगे। सदस्य व कर्मचारियों को गोली मारने की धमकी
देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया। क्लब के सदस्यों ने मैनेजर को वहां बुला लिया। मैनेजर अभिषेक शर्मा वहां पहुंच गए और उन्होंने उन चारों युवकों को सदस्यों से अभद्रता ना करने के लिए बोला। इसके बाद भी वह युवक गाली-गलौज करने लगे और उन्होंने मैनेजर के साथ ही वहां विरोध कर रहे सदस्यों व कर्मचारियों को गोली मारने की धमकी दे दी। धमकी देते हुए चारों युवक हुए फरार
माहौल गर्म होता चला गया। मामले की जानकारी पहले अलेक्जेंडर क्लब के सचिव और अन्य पदाधिकारी को दी गई। इसके बाद पुलिस को बुलाने का निर्णय लिया गया। गहमा गहमी के बीच चारों युवक वहां से निकल गए। जब तक पुलिस वहां पहुंच पाती तब तक चारों युवक वहां से जा चुके थे। इसके बाद पुलिस ने क्लब के सदस्यों से पूरे मामले की जानकारी ली। क्लब के सचिव ने पुलिस से की शिकायत
कुछ ही देर में क्लब के पदाधिकारी भी पहुंच गए। मैनेजर अभिषेक शर्मा ने पूरे घटना के बारे में बताया। उसके बाद क्लब के सचिव ने पुलिस अफसरों से मामले में शिकायत की। उन्होंने पुलिस को बताया कि पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। पुलिस जब वह फुटेज मांगेगी, क्लब द्वारा उपलब्ध करा दी जाएगी।



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सात दिन से लापता नाबालिग चित्रकूट में मिली: दो महीने पहले भी घर से गायब हुई थी छात्रा, वन स्टॉप सेंटर भेजी – Gwalior News




ग्वालियर में सात दिन पहले महाराजपुरा से लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा को पुलिस ने बरामद कर लिया है। नाबालिग दो महीने पहले अप्रैल 2026 में भी लापता हो गई थी, तब पुलिस ने चित्रकूट से उसे बरामद किया था। इस बार भी पुलिस ने बिना देर किए CCTV कैमरे खंगाले और रूट मैपिंग कर नाबालिग को ट्रैस कर बरामद किया है। नाबालिग ने घर जाने से इनकार कर दिया है, जि​स पर उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है। 21 जून को शताब्दीपुरम में घर से हुई थी लापता महाराजपुरा थाना पुलिस बताया कि 21 जून को शताब्दीपुरम में रहने वाली एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा अपने घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजन ने अपने स्तर पर तलाश करने के बाद महाराजपुरा थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। लापता नाबालिग मूल रूप से भिंड की रहने वाली है, लेकिन पढ़ाई के लिए अभी महाराजपुरा इलाके में रह रहे थे। मामला नाबालिग बच्ची के लापता होने से जुड़ा था, इसलिए सीएसपी महाराजपुरा नागेंद्र सिंह सिकरवार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक यशवंत गोयल ने तत्कासल एक सर्च टीम का गठन किया। ऐसे हुई बरामदगी पुलिस टीम ने शताब्दीपुरम और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, कुछ संदेहियों को राउंडअप कर पूछताछ की और अपने मुखबिर तंत्र को एक्टिव किया। पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी और त्वरित कार्रवाई के चलते रविवार शाम को पुलिस ने रूट मैपिंग कर छात्रा का पता लगाया और उसे शहर के पास से ही बरामद कर लिया है। पुलिस छात्रा को बरामद कर लाई, लेकिन उसने घर जाने से मना कर दिया है। जिस कारण फिलहाल उसे वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया है। अप्रैल माह में चित्रकूट से बरामद की थी नाबालिग पुलिस जांच और काउंसलिंग के दौरान इस बालिका से जुड़ा एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। थाना पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, यह नाबालिग पहले भी घर से बिना बताए भाग चुकी है। 1 अप्रैल 2026 को भी यह बालिका अचानक घर से लापता हो गई थी। तब महाराजपुरा पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) से सकुशल दस्तयाब कर माता-पिता के सुपुर्द किया था। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया- सात दिन पहले एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा लापता हो गई थी। मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए हमारी टीम ने सबसे पहले सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से रूट मैपिंग की और पता लगाया कि नाबालिग किस ओर गई है। इसके बाद एक्शन लेकर बालिका को बरामद किया है। प्रॉपर काउंसलिंग के लिए उसे अभी वन स्टॉप सेंटर में रखा है।



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बारिश के दिनों में निमाड़ वासियों पर राज करता है ये स्वादिष्ट व्यंजन, सभी लोग करते हैं पसंद, जानें रेसिपी


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बारिश के दिनों में निमाड़ वासियों पर राज करता है ये स्वादिष्ट व्यंजन

 

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Besan-Bhakar Recipe: बारिश के मौसम में मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र की पारंपरिक बेसन-भाकर लोगों की पहली पसंद मानी जाती है. एक्सपर्ट महिला वंदना के अनुसार, इसे बनाने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है. बेसन, प्याज, अदरक-लहसुन, मिर्च और मसालों से तैयार बेसन को ज्वार या बाजरे की चूल्हे पर बनी भाकर के साथ परोसा जाता है. बरसात और ठंड के मौसम में यह पारंपरिक व्यंजन निमाड़ क्षेत्र के घरों में खास तौर पर बनाया और पसंद किया जाता है.

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तैमूर-जेह को कैसा ‘धार्मिक’ पाठ पढ़ा रहे सैफ अली खान? बोले- ‘ईश्वर एक है, बस नाम अलग हैं’


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एक्टर सैफ अली खान और उनका परिवार अक्सर अपनी धार्मिक आस्था की वजह से ट्रोल्स के निशाने पर रहा है. करीना कपूर से शादी के वक्त ‘लव जिहाद’ जैसे आरोप लगे. एक्टर ने बताया कि वे अपनी पत्नी करीना कपूर और बच्चों के साथ धर्म और आध्यात्मिकता पर खुलकर बात करते हैं. सैफ अली खान का मानना है कि ईश्वर एक है, बस उसके नाम अलग हैं. वे बच्चों को धर्म से परे प्यार और माफी की सीख देते हैं.

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सैफ अली खान का धर्म पर बेबाक राय

नई दिल्ली: सैफ अली खान एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं जहां माता-पिता अलग-अलग धर्मों से थे. एक्टर के पिता मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी मुस्लिम थे और मां शर्मिला टैगोर हिंदू थीं. सैफ ने खुद भी दो बार अलग-अलग धर्मों में शादियां की हैं, पहले अमृता सिंह से और फिर साल 2012 में करीना कपूर से. बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान आमतौर पर निजी मसलों पर बात करने से बचते हैं, मगर अब उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और उनका बच्चों पर प्रभाव पर बात की है. वे अपने करीबियों के साथ धर्म और अध्यात्म पर बात करते हैं. सैफ ने एक इंटरव्यू में खुलकर बताया कि वे करीना से हुए अपने दोनों बेटों तैमूर और जहांगीर के साथ अक्सर धर्म और आध्यात्मिकता पर खुलकर बातचीत करते हैं.

सैफ अली खान का मानना है कि वे खुद ज्यादा धार्मिक इंसान नहीं हैं, इसलिए वे बच्चों पर कोई खास विचारधारा थोपने के बजाय उन्हें एक खुली सोच देना पसंद करते हैं. उन्हें उनकी मां शर्मिला टैगोर ने सिखाया था कि ईश्वर एक ही है, बस उसके नाम और उसे पूजने के तरीके अलग-अलग हैं. यही खूबसूरत सीख वे अब अपने बच्चों को भी दे रहे हैं. सैफ ने हंसते हुए एक मजेदार किस्सा भी सुनाया. उन्होंने ‘वी द वुमन’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे बचपन में एक ऐसे स्कूल और माहौल में पले-बढ़े जहां रोज सुबह चर्च में ईसाई प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत होती थी. एक बार उन्होंने इस प्रार्थना से बचने के लिए स्कूल में कह दिया कि वे दूसरे धर्म के हैं, तो स्कूल वालों ने उनके लिए अलग से एक मौलवी साहब को ही बुला लिया, जिसके बाद उनका यह बहाना धरा का धरा रह गया.

सेक्युलर होता है घर का माहौल
सैफ का कहना है कि उनके घर में शुरू से ही बहुत सेक्युलर माहौल रहा है, जहां दिवाली और क्रिसमस दोनों ही त्योहार बराबर उत्साह के साथ मनाए जाते हैं. सैफ ने अपने 9 साल के बेटे तैमूर के साथ हुई एक हालिया बातचीत का जिक्र भी किया, जहां उन्होंने तैमूर से पूछा था कि धर्म और काम करने के तरीके (मैथोडोलॉजी) में क्या अंतर है? इस पर छोटे से तैमूर ने बड़ा ही समझदारी भरा जवाब दिया कि धर्म में हम प्रार्थना करते हैं, जबकि मैथोडोलॉजी में ऐसा नहीं होता. सैफ अपने बेटे के इस जवाब से बेहद खुश हुए और उन्होंने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें और उनकी पत्नी करीना को एक जैसी खुली और आध्यात्मिक सोच मिली है.

इंटरफेथ मैरिज में आई दिक्कतें
सैफ की छोटी बहन और एक्ट्रेस सोहा अली खान ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि जब उन्होंने कुणाल खेमू से शादी की थी तो उन्हें समाज में काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. उस दौरान ‘लव जिहाद’ और ‘घर वापसी’ जैसी अजीबोगरीब बातें और हेडलाइंस बनाई जा रही थीं, जैसे लोग धर्म को कोई खेल समझ रहे हों. सैफ की मां शर्मिला टैगोर को भी पटौदी साहब से शादी करने के लिए अपना नाम बदलकर आयशा रखना पड़ा था.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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गयाजी में डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी: विकास योजनाओं का जायजा भी लिया, उच्च विद्यालय में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम – Gaya News




गयाजी रविवार को नगर प्रखंड के चाकंद स्थित उच्च विद्यालय में पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस खास मौके पर डीएम शशांक शुभंकर खुद मौजूद रहे और उन्होंने ग्रामीणों के साथ सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और विकास योजनाओं का जायजा लिया। ​कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए अधिकारियों ने बताया कि पंचायत विकास दिवस को आयोजित करने का असली मकसद सिर्फ फाइलों में काम देखना नहीं है बल्कि जमीन पर उतर कर ग्रामीणों की समस्याओं और उनके कीमती सुझावों को सुनना है। अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों चर्चा ​कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा के सदस्यों ने हिस्सा लिया। गांव की तरक्की के लिए पहले से चल रही योजनाओं और आने वाले समय में होने वाले नए विकास कार्यों को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच घंटों चर्चा हुई। डीएम ने चाकंद उच्च विद्यालय के प्रांगण में मौजूद सभी विभागों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि हर सरकारी योजना का लाभ समाज के आखिरी पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान गांव से जुड़ी तमाम बड़ी और महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की गई। कमियों को दूर करने के दिए निर्देश ​अधिकारियों ने योजनाओं की मौजूदा स्थिति को देखा और जहां भी कमी पाई गई, उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के तहत चुनी गई अलग-अलग थीमों पर भी गहराई से विचार-विमर्श किया गया। ​इस बार के पंचायत विकास दिवस में सबसे ज्यादा ध्यान LSDG थीम-9 यानी महिला हितैषी पंचायत पर दिया गया। इस विषय पर चर्चा करते हुए डीएम शशांक शुभंकर और अन्य वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक हमारी माताएं-बहनें आगे नहीं बढ़ेंगी। तब तक किसी भी गांव या पंचायत का विकास अधूरा है। ​कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायक बनाने के लिए वहां मौजूद लोगों को कुछ ऐसी उत्कृष्ट पंचायतों के विकास कार्यों का वीडियो दिखाया गया जिन्होंने अपने बेहतरीन काम से मिसाल कायम की है। इस वीडियो प्रदर्शन को देखकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भी अपने गांव को सुंदर और विकसित बनाने का नया जोश देखा गया।




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रालोद कार्यकर्ताओं ने खुद किया केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन: शामली में भीड़ की वजह से जयंत चौधरी नहीं पहुंच सके, एसपी ने संभाली कमान – Shamli News




शामली के कांबडौत गांव में केंद्रीय विद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल गई। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी भीड़ के कारण उद्घाटन स्थल तक नहीं पहुंच पाए। कार्यकर्ताओं ने खुद ही विद्यालय का उद्घाटन कर दिया। बाद में जयंत चौधरी ने शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने भारी अव्यवस्था फैलाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शामली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एनपी सिंह को स्वयं कमान संभालनी पड़ी। एसपी ने ही जयंत चौधरी को उद्घाटन स्थल और फिर शिलान्यास के लिए मंच तक पहुंचाया। केंद्रीय विद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर रालोद ने एक जनसभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ गांव के किसानों तक पहुंच रहा है।
जयंत चौधरी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ गठबंधन जारी रहेगा। राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा है। रालोद प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में उनकी पार्टी की भागीदारी है और केंद्र सरकार एक ऐसा कानून लाने जा रही थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्हू और क्रशर आधारित रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता था। उन्होंने कहा कि रालोद ने किसानों और ग्रामीणों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाई, जिसके बाद वह कानून लागू नहीं हो सका। इसका लाभ आज उत्तर प्रदेश के हजारों किसानों और इससे जुड़े लोगों को रोजगार के रूप में मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। शामली में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शामली को जिला बने काफी समय हो गया था, लेकिन यहां केंद्रीय विद्यालय नहीं था। अब भारत सरकार ने जिले को केंद्रीय विद्यालय की सौगात दी है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
युवाओं को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि वे सरकार की योजनाओं पर भरोसा रखें और आईटीआई, पॉलिटेक्निक जैसे तकनीकी शिक्षण संस्थानों से जुड़ें। उन्होंने कहा कि ये संस्थान युवाओं के बेहतर भविष्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। वहीं, राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। उन्हें विश्वास है कि जांच निष्पक्ष होगी और “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक संस्थाओं में आस्था है और जांच एजेंसी तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाएगी।



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नाबालिग का अपहरण कर भागा आरोपी दमोह से गिरफ्तार: 16 वर्षीय नाबालिग को विनायका से लेकर गया, लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने पकड़ा – Sagar News




सागर की विनायका थाना पुलिस ने नाबालिग का अपहरण कर भागे आरोपी को दमोह से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया गया है। थाने लाकर आरोपी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, रविवार को फरियादी ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि उनकी 16 वर्ष 7 माह आयु की नाबालिग भतीजी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया। तत्काल टीम गठित कर आरोपी की तलाश में लगाई गई। टीम ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। संदिग्ध आरोपी की लोकेशन दमोह में मिली। पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर दमोह में दबिश दी और आरोपी लाल सिंह पिता नंदराम अहिरवार उम्र 25 साल को ग्राम कुमेरिया दमोह को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। आरोपी को सागर लाकर पूछताछ की। नाबालिग को परिवार के सुपुर्द किया विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी लाल सिंह को न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायालय ने आरोपी को बंडा उप जेल भेज दिया है। दस्तयाब की गई नाबालिग को कार्रवाई के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया है।



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दरभंगा में मारपीट मामले में 4 को पुलिस ने पकड़ा: दो समुदायों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर फेंके थे, 18 को किया नामजद – Darbhanga News




दरभंगा में शनिवार को दो समुदायों के बीच मारपीट हो गई। पथराव और लाठी-डंडे भी चले। मामले में 18 नामजद और 10 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। एफआईआर थानाध्यक्ष हायाघाट रविन्द्र कुमार भारती ने दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार, वे पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्ती पर निकले थे। इसी दौरान शाम करीब 6:45 बजे सूचना मिली कि रजौली गांव में 2 पक्षों के बीच मारपीट और जानलेवा हमला हो रहा है। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना हायाघाट थाना क्षेत्र के रजौली गांव की है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर पहुंचने पर करीब 20 से 30 लोग सड़क पर दो गुटों में बंटकर एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडा और भाला से हमला कर रहे थे। पुलिस ने समझाने और रोकने की कोशिश की बावजूद दोनों पक्षों के लोग शांत नहीं हुए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने इन लोगों को पकड़ा पुलिस ने मौके से रजौली निवासी मो. डब्लू, मो. एजाज, मो. राजा और शिवम कुमार को पकड़ा। बाद में स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान की गई।
प्राथमिकी में बताया गया है कि ग्रामीणों के अनुसार विवाद की शुरुआत एक बगीचे (गाछी) में हुई थी। बताया गया कि राज सहनी ने मो. फैयाज का मोबाइल नंबर मांगा। मोबाइल नंबर नहीं देने को लेकर कहासुनी हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग जुट गए और विवाद सामुदायिक तनाव का रूप ले बैठा।
इन लोगों को बनाया गया आरोपित
मामले में मुस्लिम समुदाय के मो. अशरफ, मो. बब्लू, मो. फैयाज, मो. अख्तर, मो. जफर, मो. खुर्शीद, मो. सोनू समेत अन्य अज्ञात लोगों और दूसरे पक्ष के राज सहनी, पवन कुमार सहनी, अमरजीत महतो, मोनू पंडित, रंजन महतो, कुमोद महतो, चंदन महतो सहित अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। हायाघाट थाना में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(2), 191(3), 109, 115(2), 126(2), 118(1), 117(2), 352 एवं 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शांति भंग करने का प्रयास किया गया। पुलिस की निगरानी जारी
घटना के बाद गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मामले में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।



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