कोटपूतली पुलिस ने जाली नोटों के एक रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 500-500 रुपए के 135 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 67,500 रुपए है। पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के मुख्य सप्लायर को भी हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। निकाय चुनाव के चलके पुलिस रख रही थी नजर आगामी चुनावों के मद्देनजर जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 23 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाजार में नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहे दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निशीकांत (40) पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता और राहुल (22) पुत्र महेंद्र सैनी के रूप में हुई। दोनों बर्डोद, बहरोड़ सदर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। दो दिन से चला रहे थे नकली नोट तलाशी के दौरान दोनों के पास से 500-500 रुपए के 135 जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले दो दिनों से कोटपूतली कस्बे के बाजार में जाली नोट चला रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दुकानदारों से ठगी गई 14,440 रुपए की असली भारतीय करेंसी भी बरामद की। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। हरियाणा से पकड़ा गया मुख्य सप्लायर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के मुख्य सप्लायर के बारे में सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने 24 अगस्त को मुख्य सप्लायर चिराग (24) पुत्र लोकेश भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। चिराग जोनायचा खुर्द, शाहजहांपुर का निवासी है और वर्तमान में धारूहेड़ा, रेवाड़ी (हरियाणा) में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस अब मुख्य आरोपी चिराग भारद्वाज से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट कहां छापे जा रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।
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कोटपूतली में जाली नोट रैकेट का खुलासा: दो सप्लायर गिरफ्तार, 500-500 के 135 नकली नोट बरामद; हरियाणा से पकड़ा मास्टर माइंड – Kotputli-Behror News
महोबा में जलभराव से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम की: अंतरराज्यीय मार्ग रुका, प्रशासन ने जेसीबी से नाले साफ कराए – Mahoba News
महोबा में बीते 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लवकुशनगर तिराहे पर गंभीर जलभराव हो गया है। इससे गुस्साए स्थानीय निवासियों ने अंतरराज्यीय मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर सीओ सिटी, नायब तहसीलदार और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि करीब 300 घरों में गंदा पानी घुस गया है, जिससे उनकी गृहस्थी ठप हो गई है। उन्होंने बताया कि घरों में पानी भरने से चूल्हे डूब गए हैं और बच्चों को सुबह से भूखा रहना पड़ रहा है, क्योंकि खाना बनाने की जगह नहीं बची है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जलभराव की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। घरों में पानी भरने से कीड़े-मकोड़ों और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आक्रोशित नागरिकों को समझा-बुझाकर जल्द से जल्द जल निकासी का आश्वासन दिया। इसके बाद, जेसीबी मशीनों और सफाई कर्मियों की टीमों को तुरंत काम पर लगाया गया। बंद पड़े नालों और नालियों से कचरा हटाकर पानी की निकासी शुरू कराई गई।
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68 साल पुराने श्रीराम मंदिर विवाद पर फैसला: इंदौर हाईकोर्ट ने भगवान श्रीराम को माना संपत्ति का मालिक, राजस्व विभाग संभालेगा प्रबंधन; रतनदास रहेंगे पुजारी – Indore News
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने उज्जैन जिले के खाचरौद स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर से जुड़े करीब 68 साल पुराने विवाद पर मंगलवार को फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति विनय सराफ ने ट्रायल कोर्ट का फैसला निरस्त करते हुए अपील आंशिक रूप से मंजूर की। अदालत ने मंदिर और उससे जुड़ी चल-अचल संपत्तियों का मालिक स्वयं भगवान श्रीराम के देवता को माना है। वहीं मंदिर का प्रबंधन राज्य के राजस्व विभाग के अधीन रहने और औकाफ विभाग को पुजारी नियुक्त करने का अधिकार स्वीकार किया है। 1954 में शुरू हुआ विवाद, 1968 में हाईकोर्ट पहुंचा मामले की शुरुआत 1954 में हुई, जब रतनदास ने खाचरौद के श्रीराम मंदिर के प्रबंधन और पूजा-अर्चना से जुड़े अधिकारों को लेकर सिविल वाद दायर किया था। ट्रायल कोर्ट ने 1968 में वाद खारिज कर दिया। इसके बाद 3 अक्टूबर 1968 को प्रथम अपील क्रमांक 59/1968 हाईकोर्ट में दाखिल हुई, जो 25 अगस्त 2026 तक लंबित रही। 1930 में औकाफ विभाग ने संभाला था प्रबंधन रिकॉर्ड के मुताबिक मंदिर के प्रबंधन को लेकर विवाद बढ़ने पर महंत मुरलीदास ने 1930 में औकाफ विभाग से मंदिर और उसकी संपत्तियों को संरक्षण में लेने का अनुरोध किया था। 15 अक्टूबर 1930 को औकाफ विभाग ने मंदिर का प्रबंधन अपने अधीन ले लिया और मुरलीदास को पुजारी नियुक्त किया। उनकी मृत्यु के बाद रतनदास ने उत्तराधिकारी के रूप में अपना दावा किया। रामानंद संप्रदाय के साधुओं द्वारा भेख समारोह के जरिए उन्हें महंत की गद्दी के लिए नामित किए जाने की बात भी सामने आई। मंदिर प्राचीन, संपत्ति के मालिक देवता हाईकोर्ट ने मंदिर को प्राचीन धार्मिक स्थल माना। यहां श्रीराम, जानकीजी, लक्ष्मणजी, हनुमानजी, लक्ष्मीनारायणजी और गोपालजी की प्रतिमाएं विराजित हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मंदिर और उससे जुड़ी चल-अचल संपत्तियों के स्वामी देवता स्वयं हैं। फैसले के अनुसार श्रीराम मंदिर, राममोहल्ला, खाचरौद का प्रबंधन राज्य के राजस्व विभाग के अधीन रहेगा, जबकि औकाफ विभाग को पुजारी नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त था। रतनदास को पुजारी के रूप में मान्यता अदालत ने रतनदास के उस दावे को स्वीकार किया कि वह मंदिर के पुजारी रहे हैं। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों से उनकी नियुक्ति और मंदिर का प्रभार सौंपे जाने की पुष्टि हुई। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की उस राय को सही नहीं माना, जिसमें रतनदास का पुजारी के रूप में दावा पर्याप्त रूप से साबित नहीं होना बताया गया था। हालांकि महेश्वरी समाज के सदस्यों को अदालत ने मंदिर का श्रद्धालु माना, लेकिन उन्हें मंदिर में हस्तक्षेप से रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा जारी करने की मांग स्वीकार नहीं की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिर हुई सुनवाई इस मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 10 जुलाई 1993 को रतनदास के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी 2020 को 1993 का हाईकोर्ट फैसला निरस्त कर सभी मुद्दों पर नए सिरे से निर्णय के लिए मामला वापस भेज दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मंदिर की स्थापना, संपत्ति के स्वामित्व, रतनदास की नियुक्ति, भेख समारोह, औकाफ विभाग की भूमिका और महेश्वरी समाज के अधिकारों समेत सभी प्रमुख बिंदुओं पर दोबारा सुनवाई की और अब फैसला सुनाया।
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कटिहार में ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकला: DS कॉलेज से शुरू होकर नगर भवन के पास समापन – Katihar News
कटिहार शहर में बुधवार को हजरत पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने भाग लिया। जुलूस डीएस कॉलेज से शुरू होकर नगर भवन पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। जुलूस से जुड़ी तस्वीरें देखिए… जगह-जगह लोगों की भीड़ मौजूद जुलूस डीएस कॉलेज से निकलकर महमूद चौक, हरिगंज, पटेल चौक, दौलतराम चौक, पानी टंकी चौक, बनिया टोला, गोलछा कटरा चौक और शहीद चौक जैसे शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान जगह-जगह लोगों की भीड़ मौजूद रही। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के निर्देश पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस पदाधिकारी और जवानों को तैनात किया गया था। पूरे मार्ग पर पुलिस की कड़ी नजर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए एसडीओ प्रद्युम्न सिंह यादव सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। जुलूस के दौरान पुलिस पदाधिकारी मौके पर तैनात जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते नजर आए, जबकि पूरे मार्ग पर पुलिस की पैनी नजर बनी रही। प्रशासन ने शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती। प्रशासनिक निगरानी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद मिलादुन्नबी का यह जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिससे शहर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा।
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यूपी के 25 लाख युवाओं को फ्री में टैबलेट देगी योगी सरकार
उत्तर प्रदेश में 25 लाख युवाओं को सरकार मुफ्त टैबलेट देगी। यह टैबलेट ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत योग्य युवाओं को देगी। राज्य सरकार ने 2026-27 में इस योजना के लिए 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट रखा है। मंगलवार को योगी कैबिनेट ने मुफ्त टैबलेट बांटने के लिए 25 लाख टैबलेट खरीदने को मंज़ूरी दे दी।
राज्य सरकार की ओर से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फ़ैसला लिया गया। इसमें टेंडर प्रक्रिया के ज़रिए चुने गए संस्थानों को खरीद के ऑर्डर जारी करना भी शामिल है। इस पांच साल की योजना का मकसद युवाओं को मुफ्त टैबलेट देकर और उन्हें शिक्षा, ट्रेनिंग, रोज़गार और स्वरोज़गार के मौकों के लिए डिजिटल संसाधनों से जोड़कर तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है।
किसे मिलेंगे मुफ्त टैबलेट
अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स, डिप्लोमा प्रोग्राम, स्किल डेवलपमेंट कोर्स और दूसरे कई तरह के एजुकेशनल और ट्रेनिंग प्रोग्राम कर रहे योग्य युवाओं को मुफ्त टैबलेट मिलेंगे। इन टैबलेट का मकसद छात्रों को डिजिटल माध्यमों से अपना एकेडमिक कोर्स बेहतर ढंग से पूरा करने और टेक्नोलॉजी-बेस्ड लर्निंग सुविधाओं का लाभ उठाने में मदद करना है। इनसे युवा सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेनिंग और रोज़गार व स्वरोज़गार से जुड़ी सेवाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। इस योजना का लाभ सिर्फ छात्रों को ही मिलेगा। इसके लिए कहीं अप्लाई करने की जरुरत नहीं है। छात्र जहां पर पढ़ रहे हैं, उसी संस्थान से उसको टैबलेट मिलेंगे।
राज्य सरकार ने कहा कि इस पहल का मकसद सिर्फ़ डिवाइस देना नहीं, बल्कि युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और उन्हें शिक्षा, रोज़गार और स्वरोज़गार के नए मौकों से जोड़ना है। सरकार ने कहा कि इस योजना से केंद्र सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
मंत्री ने कही ये बातें
वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि कैबिनेट के इस फ़ैसले से हायर एजुकेशन, टेक्निकल एजुकेशन, हेल्थ एजुकेशन, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग और ITI से जुड़े रजिस्टर्ड कुशल युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। खन्ना ने कहा, “डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच से ट्रेनिंग की क्वालिटी बेहतर होगी और साथ ही युवाओं की रोज़गार पाने की क्षमता भी बढ़ेगी।” उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से सशक्त युवा वर्कफोर्स रोज़गार पैदा करने और सर्विस सेक्टर में अहम भूमिका निभा सकती है।
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Realme ने लॉन्च किया 8000mAh बैटरी वाला फोन, 12GB रैम के साथ मिलेगे दमदार फीचर्स
Highlights
- Realme P4 सीरीज में कंपनी ने एक और दमदार फोन लॉन्च किया है।
- रियलमी का यह फोन 8000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है।
- फोन में 12GB रैम समेत तगड़े फीचर्स दिए गए हैं।
Realme P4s भारत में लॉन्च हो गया है। रियलमी का यह फोन 8000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। कंपनी इस सीरीज में पहले भी कई मॉडल भारत में लॉन्च कर चुका है। इस सीरीज का Realme P4 Power भारत में 10001mAh की बैटरी के साथ लॉन्च होने वाला पहला फोन है। इसके अलावा इस सीरीज में Realme P4, Realme P4 Pro, Realme P4x और Realme P4 Lite भी लॉन्च किए जा चुके हैं।
कितनी है कीमत?
Realme P4s को तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 34,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स क्रमशः 37,999 रुपये और 41,999 रुपये में आते हैं। इस फोन की खरीद पर 3,000 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। इसे दो कलर ऑप्शन- Titanium Gray और Electric Cyan में पेश किया गया है। फोन की पहली सेल 3 सितंबर को दिन के 12 बजे ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर आयोजित की जाएगी।
- 8GB RAM + 128GB – 34,999 रुपये
- 8GB RAM + 256GB – 37,999 रुपये
- 12GB RAM + 256GB – 41,999 रुपये
Realme P4s 5G के फीचर्स
रियलमी के इस फोन में 6.78 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले मिलता है। फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है और इसकी पीक ब्राइटनेस 1400 निट्स तक की है। फोन में सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है।
| Realme P4s | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.78 इंच, FHD+ AMOLED, 144Hz |
| प्रोसेसर | MediaTek Dimesity 7400 |
| स्टोरेज | 12GB, 256GB |
| बैटरी | 8000mAh, 80W |
| कैमरा | 50MP + 8MP, 16MP |
| OS | Android 16, Realme UI 7 |
Realme P4s में कंपनी ने MediaTek Dimensity 7400 चिपसेट यूज किया है, जिसके साथ 12GB रैम और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है। फोन में 8000mAh की बैटरी दी गई है। इसमें 80W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है।
रियलमी का यह फोन Android 16 पर बेस्ड Realme UI पर काम करता है। फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 50MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके साथ 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलता है। सेल्फी और वीडियो के लिए इसमें 16MP का कैमरा दिया गया है। इस फोन में WiFi, NFC, Bluetooth जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स भी दिए गए हैं।
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लाइक्स के लिए ‘रॉन्ग-वे ड्राइविंग’ का घातक ट्रेंड: ब्रिटेन में 32% केस बढ़े, पीएम भी चिंतित; तारीफ के लिए गलत दिशा में जा रहे युवा
अमेरिका, यूरोप में हाल के वर्षों में ‘टीन टेकओवर’ और ‘ब्लैकआउट चैलेंज’ जैसे खतरनाक ट्रेंड के बाद अब ब्रिटेन में ‘रॉन्ग-वे ड्राइविंग’ ट्रेंड में है। सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स हासिल करने की अंधी दौड़ ने युवाओं को नए और जानलेवा खेल में उलझा दिया है। ब्रिटेन में इन दिनों हाईवे पर गलत दिशा में तेज रफ्तार गाड़ी चलाने का का ट्रेंड तेजी से फैल रहा है। युवा भीड़भाड़ वाली सड़कों या हाईवे पर पर गलत दिशा में कार दौड़ाते हुए वीडियो शूट कर उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट करते हैं। इस खतरनाक ‘गेमिफाइड’ स्टंट के कारण हाल ही में कई हादसे हुए हैं। जैसे- 22 अगस्त को उत्तरी इंग्लैंड के मिडल्सब्रो में हाईवे पर गलत दिशा से आ रही कार ने पुलिस वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में कार सवार 5 युवाओं और दो पुलिस अधिकारियों की मौत हुई। जांच में कार चला रहे युवा के टिकटॉक अकाउंट पर मिले एक पुराने वीडियो में 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से कार चलाने और पुलिस से भागने के दृश्य मिले। इस ट्रेंड से चिंतित ब्रिटेन के पीएम एंडी बर्नहैम कहते हैं कि खतरनाक ड्राइविंग की रील्स वास्तव में निंदनीय काम है। अमेरिका में ‘स्ट्रीट टेकओवर’ और ‘नो-हेजिटेशन ड्राइविंग’ नाम से गलत दिशा में स्पीडिंग और पुलिस को उकसाने के वीडियो बनाए जाते हैं। कैलिफोर्निया और टेक्सास जैसे राज्यों में इसे रोकने के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन करना पड़ा है। रील्स की सनक, खतरे का अहसास खत्म सवाल है कि युवा ऐसे जानलेवा स्टंट क्यों कर रहे हैं? वॉशिंगटन में साइबर साइकोलॉजी की प्रो. मैरी एकन बताती हैं, ‘जब युवा इन जानलेवा कारनामों को रिकॉर्ड और ब्रॉडकास्ट करते हैं, तो उन्हें असली खतरे से काल्पनिक दूरी महसूस होने लगती है। उन्हें लगता है कि वे कोई वीडियो गेम खेल रहे हैं या लाइव परफॉर्मेंस दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक्स और व्यूज उन्हें जोखिम उठाने का सामाजिक इनाम महसूस कराते हैं।’ ब्रिटेन में इस वर्ष हाईवे पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने के 62 केस हो चुके हैं, जो पिछले साल से 32% अधिक हैं। इस ट्रेंड से जुड़े हादसों में एक ही हफ्ते में 12 लोगों की मौत हुई है। ध्यान दें – ये अब ‘लाइक्स’ देखने के लिए दुनिया में नहीं हैं जैकब माटुसियाक, मकाई सैडिंगटन, थियो रे, माइकल रॉबर्ट कैहिल और कोल रॉबर्ट वर्थी की पासैट कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई (बाएं से दाएं)। 17 से 23 साल के ये युवक अब सोशल मीडिया के अपने अकाउंट्स पर लाइक्स और व्यूज कभी नहीं देख सकेंगे।
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एप्पल के नाम पर नकली मोबाइल-एसेसरीज का कारोबार पकड़ा: 24 एडॉप्टर, 532 स्टीकर व 192 बॉक्स जब्त; कोतवाली पुलिस ने दो जगह मारा छापा, दो डिटेन – Ajmer News
अजमेर में कॉपीराइट एक्ट के तहत क्लॉक टावर व कोतवाली थाना क्षेत्र में मोबाइल कारोबार से जुड़ी दो जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई की। दोनों जगह देर रात तक कार्रवाई जारी थी, इन दोनों के मालिक को डिटेन कर पूछताछ की जा रही है। एक जगह से एप्पल मोबाइल के 45 बॉक्स, 114 यूएसबी चार्जिंग केबल और एपल के स्टीकर, वहीं, दूसरी जगह से एपल मोबाइल के 24 नकली पावर एडॉप्टर, 78 यूएसबी/सी2सी चार्जिंग केबल, 147 एपल मोबाइल बॉक्स और 532 सील स्टीकर जब्त किए। एप्पल मोबाइल के 45 बॉक्स जब्त क्लॉक टावर थाना एसएचओ भीखाराम के मुताबिक एपल के प्रतिनिधि की शिकायत पर अरमान मोबाइल वाली गली स्थित अग्रवाल धर्मशाला के गोदाम में दबिश दी गई। आरोप है कि एपल के बॉक्स पर कंपनी के स्टीकर लगाकर धोखाधड़ी की जा रही थी। पुलिस ने एप्पल मोबाइल के 45 बॉक्स, 114 यूएसबी चार्जिंग केबल और एपल के स्टीकर जब्त किए हैं। पुलिस ने नीतेश केशवानी को डिटेन किया है। देर रात तक चली कार्रवाई इसी प्रकार कोतवाली थाना क्षेत्र के सुंदर विलास स्थित भावेश मोबाइल शॉप पर भी पुलिस ने कार्रवाई की। यहां से एपल मोबाइल के 24 नकली पावर एडॉप्टर, 78 यूएसबी/सी2सी चार्जिंग केबल, 147 एपल मोबाइल बॉक्स और 532 सील स्टीकर जब्त किए गए। पुलिस ने दुकान के प्रोप्राइटर पवन मंगतानी को थाने लाकर पूछताछ की। मामले में देर रात तक कार्रवाई जारी थी।
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1 अगस्त से बदलेंगे 5 बड़े नियम, LPG से ITR तक आपकी जेब पर डालेंगे असर
अगस्त का महीना अब खत्म होने वाला है और सितंबर की शुरुआत के साथ कई अहम बदलाव लागू होने वाले हैं. इन बदलावों का असर आम लोगों की जिंदगी से लेकर खर्च और बचत तक पर पड़ सकता है. बैंकिंग, गैस सिलेंडर, टैक्स, क्रेडिट कार्ड, ट्रैवल या दूसरे जरूरी नियमों में होने वाले बदलाव आपकी जेब पर सीधा असर डाल सकते हैं. कई बदलावों की वजह से आपको पहले से ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है, जबकि कुछ बदलावों से राहत भी मिल सकती है.
ऐसे में सितंबर शुरू होने से पहले इन सभी बदलावों की जानकारी रखना आपके लिए जरूरी है. अगर किसी नियम के तहत कोई जरूरी काम पूरा करना है, तो उसकी डेडलाइन का इंतजार न करें. समय पर जरूरी प्रोसेस पूरा करने से एक्स्ट्रा चार्ज से बचा जा सकता है. इसलिए सितंबर में लागू होने वाले हर बड़े बदलाव पर नजर रखें.
आपकी यात्रा से जुड़ा बदलाव
1 सितंबर से भारत से विदेश जाने वाले यात्रियों को इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टैम्प नहीं लगवाना पड़ेगा. अब यात्री मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास या उसकी प्रिंटेड कॉपी दिखाकर इमिग्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकेंगे. अधिकारियों की ओर से बोर्डिंग पास पर कोई स्टैम्प नहीं लगाया जाएगा. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने यह बदलाव प्रोसेस को आसान और तेज बनाने के लिए किया है. इससे यात्रियों का एक अतिरिक्त काम कम होगा और स्टैम्प के साफ न दिखने जैसी परेशानी भी नहीं होगी. यह नियम भारत से बाहर जाने वाले इंटरनेशनल यात्रियों पर लागू होगा.
इनकम टैक्स से जुड़ा नियम
अगर आपकी कमाई बिजनेस या किसी प्रोफेशन से होती है, तो ITR भरते समय सही फॉर्म चुनना जरूरी है. एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए जिन लोगों के खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उन्हें 31 अगस्त 2026 तक रिटर्न फाइल करना है. ITR-4 यानी सुगम फॉर्म उन लोगों के लिए है, जो अनुमानित टैक्स योजना के तहत रिटर्न भरते हैं और कारोबार से आय 50 लाख रुपये तक है. वहीं, ITR-3 उन लोगों के लिए है जो ITR-4 के दायरे में नहीं आते, जैसे 50 लाख रुपये से ज्यादा आय, पूरे खाते रखने वाले या F&O ट्रेडिंग करने वाले लोग.
एफडी से जुड़े नियम
बैंक एफडी से जुड़े कुछ नियम बदलने जा रहे हैं. नए नियमों के तहत 3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की बड़ी जमा राशि पर बैंक को ब्याज दर अपनी वेबसाइट पर हर कारोबारी दिन सुबह 10:10 बजे तक बतानी होगी. एक ही दिन जमा की गई समान रकम पर बैंक की अलग-अलग ब्रांच अलग ब्याज नहीं दे सकेंगी. हालांकि, बड़ी जमा रकम के लिए बैंक अलग-अलग ब्याज दर तय कर सकते हैं. आम लोगों की छोटी एफडी पर इन बदलावों का असर ज्यादा नहीं होगा. नए नियमों का मकसद ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना और बैंकिंग व्यवस्था को ज्यादा स्पष्ट बनाना है. हालांकि, ये बदलाव 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे.
एलपीजी गैस सिलेंडर बुकिंग के लिए बदलाव
खाना पकाने वाली गैस वाले घरों को राहत मिली है. जो लोग 23 अगस्त तक एलपीजी कनेक्शन का ई-केवाईसी नहीं कर पाए थे, उनके लिए आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है. यानी 1 सितंबर से आप ईकेवाईसी नहीं कर पाएंगे. यह ई-केवाईसी या आधार बायोमेट्रिक कंफर्मेशन जरूरी है, नहीं तो घरेलू रेट पर सिलेंडर नहीं मिलेगा. इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल कंपनियां लोगों से जल्दी पूरा करने की जानकारी दे चुकी है. बाकी बचे लोगों को मैसेज भी आएगा जिसमें नई तारीख बताई जाएगी. समय रहते काम निपटा लें ताकि गैस सप्लाई न रुके.
ये बदलाव भी होंगे लागू
इसके अलावा सितंबर में एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है. वहीं, बैंक एफडी की ब्याज दरों में बदलाव की संभावना है, जिसका असर आपकी बचत और रिटर्न पर पड़ सकता है. साथ ही, एटीएफ की कीमतों में भी बदलाव हो सकता है. इसके अलावा एटीएम चार्ज में भी बदलाव की उम्मीद है. इन सभी बदलावों का असर अलग-अलग तरह से आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है, इसलिए सितंबर की शुरुआत में इनकी नई दरों और नियमों पर नजर रखना जरूरी होगा.

