Friday, June 12, 2026
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दिल्ली होटल अग्निकांड में पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल: रसूखदारों को बचाने रसोइए को बनाया ‘बलि का बकरा’, हादसे में अब तक गईं 23 जानें


नई दिल्ली7 मिनट पहले

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दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है।

3 जून को हुए इस भयानक हादसे में अग्रवाल परिवार के 8 सदस्यों सहित नाइजीरिया, किर्गिस्तान, मोजाम्बिक, उज्बेकिस्तान, बांग्लादेश, कांगो, लाइबेरिया और इराक के 15 विदेशी नागरिकों समेत कुल 23 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने केशव पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाई हैं

पुलिस का आरोप है कि आग लगने पर रसोइया केशव दरवाजा और बिजली का स्विच बंद कर भाग गया था। पुलिस ने उस पर 5 गंभीर आपराधिक धाराएं लगाकर उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिसका अब चौतरफा विरोध हो रहा है।

लोगों का कहना है कि होटल में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और खामियों की मुख्य जिम्मेदारी प्रबंधन और मालिकों की होती है, न कि वहां काम करने वाले किसी मामूली कर्मचारी की।

लाइसेंस खत्म होने के बाद भी 2 महीने तक चलता रहा होटल

एमसीडी के सिटी जोन की पूर्व चेयरमैन रेणुका गुप्ता ने होटल हादसे के लिए जिम्मेदार अफसरों पर गैर-इरादतन हत्या (धारा 105) के तहत कार्रवाई न करने और गिरफ्तारी न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने अवैध रूप से बने 20 कमरों के लिए बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया और मार्च में लाइसेंस खत्म होने के बाद भी होटल चलने देने के लिए दिल्ली टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (डीटीडीसी) की भूमिका पर सवाल उठाए।

फॉर्म सी नियम की अनदेखी, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सरदार इंद्रजीत सिंह निरमान ने इस मामले में स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली पर बड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी नागरिकों को ठहराने वाले हर होटल या गेस्टहाउस के लिए 24 घंटे के भीतर ‘फॉर्म सी’ जमा करना कानूनन जरूरी है। स्थानीय पुलिस की जिम्मेदारी विदेशी मेहमानों का रिकॉर्ड रखने और उन पर नजर रखने की है, ताकि कोई संदिग्ध न रह सके।

दिल्ली पुलिस ने 3 जून की रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया था।

दिल्ली पुलिस ने 3 जून की रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया था।

एसडीएम ने माना कि बिजली बंद होने से टला बड़ा हादसा

सिविल सोसायटी का कहना है कि केशव नेगी की गिरफ्तारी पूरी तरह गलत है। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) समेत 5 धाराएं लगाई गई हैं। यह एक गैर-जमानती अपराध है, जिसमें 10 साल तक की जेल हो सकती है। धारा 105 तब लागू होती है जब किसी को पता हो कि उसके काम से मौत हो सकती है।

पुलिस का दावा है कि आग लगने पर बिजली बंद करने से अंधेरा हुआ, जिससे लोगों की जान गई। लेकिन, केशव नेगी ने फायर फाइटिंग के नियमों का पालन करते हुए सतर्कता दिखाई। ममगांई ने कहा कि वे सिविल डिफेंस के वालंटियर रहे हैं और फायर फाइटिंग, बचाव व आपातकालीन उपायों का प्रशिक्षण लिया है, जिसमें कहा जाता है कि आग से सुरक्षा के लिए विद्युत कनेक्शन बंद करना पहला कदम है।

खुद स्थानीय एसडीएम जितेंद्र कुमार ने माना है कि समय पर बिजली बंद होने से बड़ा हादसा टल गया। सिविल डिफेंस के जानकारों का भी यही मानना है।

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केशव नेगी को न्याय दिलाने के लिए उत्तराखंड भाजपा-कांग्रेस एक:हरीश रावत बोले- शेफ को बली का बकरा बनाया

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल अग्निकांड में गिरफ्तार उत्तराखंड के शेफ केशव नेगी के मामले में भाजपा और कांग्रेस एक नजर आ रही है। प्रदेश की दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक सुर में नेगी को न्याय दिलाने की बात कह रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दिल्ली होटल आग- लाइसेंस मालिक नहीं, कर्मचारी के नाम:अकाउंटेंट बोला- सारे दस्तावेज जले; घटना वाले दिन मेट्रो से शहर में घूम रहा था

दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में आग लगने के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे हुए हैं। पुलिस को होटल के लाइसेंस, संचालन और फायर सेफ्टी नियमों में संभावित गड़बड़ियों के बारे में जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़ें…

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बभनान बाजार की 66 दुकानों की नीलामी रद्द: गाजीपुर का चर्चित मामला, हाईकोर्ट ने नई प्रक्रिया के दिए निर्देश – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बस्ती जिले की नगर पंचायत बभनान बाजार द्वारा 66 दुकानों की नीलामी के लिए 8 मई 2026 को जारी सार्वजनिक सूचना को निरस्त कर दिया है।
साथ ही नगर पंचायत को कानून के अनुरूप नई नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति सत्य वीर सिंह की खंडपीठ ने कृष्ण कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। कोर्ट में पेश की गईं दलीलें याची की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि नीलामी प्रक्रिया में सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। साथ ही नीलामी के लिए केवल स्थानीय स्थायी निवासियों को आवेदन की अनुमति देकर अन्य पात्र व्यक्तियों को बाहर कर दिया गया। याची वर्ष 2018 से नियमित रूप से किराया जमा कर संबंधित दुकान का संचालन कर रहा है, फिर भी उसे नीलामी प्रक्रिया से वंचित कर दिया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि नीलामी के लिए प्रस्तावित दुकानों का आकार और सटीक स्थान सार्वजनिक सूचना में स्पष्ट नहीं किया गया था, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही। सुनवाई के दौरान नगर पंचायत की ओर से अदालत को बताया गया कि वह मौजूदा अधिसूचना वापस लेकर कानून के अनुरूप नई प्रक्रिया शुरू करेगी। इस पर हाईकोर्ट ने 8 मई 2026 की नीलामी सूचना को रद्द करते हुए नगर पंचायत को न्यायालय की टिप्पणियों के अनुरूप नई अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया।



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भोपाल-ग्वालियर के बीच बनेगा नया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: 80 किमी तक घटेगी दूरी; डीपीआर के टेंडर इसी महीने होंगे जारी – Bhopal News




मध्य प्रदेश में एक और ग्रीनफील्ड हाईवे प्रोजेक्ट आकार लेने जा रहा है। भोपाल और ग्वालियर के बीच नया 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए इसी महीने टेंडर जारी किए जाएंगे। नए मार्ग के बनने से दोनों शहरों के बीच की दूरी मौजूदा लगभग 425 किलोमीटर से घटकर 340-350 किलोमीटर रह जाएगी। इस नए कॉरिडोर के जरिए भोपाल से ग्वालियर की यात्रा में लगने वाला समय भी कम होगा। वर्तमान में यह सफर 7 से 8 घंटे में पूरा होता है, जबकि नई सड़क बनने के बाद करीब साढ़े पांच घंटे में गंतव्य तक पहुंचा जा सकेगा। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) इस परियोजना को बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर अगले तीन वर्षों में पूरा करने की योजना बना रहा है। राज्य स्तर पर नए कॉरिडोर की सहमति
जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में विकसित सड़क परियोजनाओं के अध्ययन के बाद राज्य स्तर पर इस नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को लेकर सहमति बनी है। प्रदेश में इससे पहले भोपाल-इंदौर, भोपाल-मंदसौर, सागर-सतना, सागर-जबलपुर और जबलपुर-आशापुर ग्रीनफील्ड मार्गों पर भी काम आगे बढ़ चुका है और उनकी डीपीआर तैयार की जा रही है। एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव के अनुसार प्रदेश में यातायात दबाव वाले मार्गों को प्राथमिकता देते हुए ग्रीनफील्ड सड़क नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे यात्रा समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आएगी। प्रदेश के प्रमुख ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट भोपाल-मंदसौर कॉरिडोर सागर-सतना कॉरिडोर जबलपुर-आशापुर कॉरिडोर क्या है बीओटी मॉडल?
बीओटी मॉडल में परियोजना लागत का 20 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 20 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है। शेष 60 प्रतिशत निवेश निर्माण एजेंसी या ठेकेदार द्वारा किया जाता है। इसके बदले तय अवधि तक टोल वसूली का अधिकार दिया जाता है। एमपीआरडीसी अब अधिक यातायात वाले अधिकांश नए सड़क प्रोजेक्ट इसी मॉडल पर विकसित करने की तैयारी में है।



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भीषण गर्मी से राहत पाने का देसी नुस्खा ‘खस का शरबत’, शरीर को दे ठंडक, ताजगी, जानें विधि


भीषण गर्मी और लू के मौसम में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे समय में कृत्रिम पेय पदार्थों की बजाय पारंपरिक खस का शरबत एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है. इसकी प्राकृतिक ठंडक, मनमोहक खुशबू और हल्का मीठा स्वाद शरीर के साथ-साथ मन को भी सुकून पहुंचाता है.

क्यों खास है खस का शरबत?

खस का शरबत लंबे समय से भारतीय घरों में गर्मियों का पसंदीदा पेय रहा है. उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में इसे गर्मी से राहत पाने के लिए पारंपरिक रूप से पिया जाता है. एक गिलास ठंडा खस शरबत न केवल प्यास बुझाता है बल्कि दिनभर की थकान और शरीर की गर्मी को भी कम करने में मदद करता है.

शरीर को देता है प्राकृतिक ठंडक

खस की जड़ों में प्राकृतिक रूप से शीतल गुण पाए जाते हैं. इन्हें पानी में भिगोने पर पानी में ठंडक का प्रभाव आ जाता है, जो शरीर के अंदरूनी तापमान को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है. यह गर्मी के कारण होने वाली बेचैनी और अधिक पसीने से होने वाली कमजोरी को भी कम करने में मदद कर सकता है.

मन को रखे शांत और तरोताजा

खस की सुगंध का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह मानसिक ताजगी और सुकून का एहसास भी कराती है. गर्मी में तनाव और थकावट महसूस होने पर इसका सेवन मन को शांत रखने और तरोताजा महसूस कराने में मददगार हो सकता है.

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पाचन और हाइड्रेशन में भी सहायक

आयुर्वेद में खस को पाचन के लिए लाभकारी माना गया है. इसका शरबत शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है और गर्मियों में डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करने में सहायक हो सकता है. यही वजह है कि इसे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए उपयुक्त माना जाता है.

घर पर ऐसे बनाएं खस का शरबत

खस की साफ की हुई जड़ों को दो से तीन घंटे पानी में भिगोकर रखें. इसके बाद पानी को छान लें और उसमें स्वादानुसार चीनी या गुड़, थोड़ा नींबू का रस और इलायची पाउडर मिलाएं. चाहें तो पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं. इसे ठंडा करके परोसने से स्वाद और ताजगी दोनों बढ़ जाते हैं.

बाजार के पेयों से बेहतर विकल्प

घर पर तैयार किया गया खस का शरबत कृत्रिम रंग, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव से मुक्त होता है. इसलिए यह कई पैकेज्ड ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स की तुलना में अधिक प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प माना जाता है.

रोजाना सेवन से मिल सकते हैं कई फायदे

विशेषज्ञों के अनुसार, सीमित मात्रा में खस का शरबत पीने से शरीर का तापमान संतुलित रखने, पानी की कमी से बचाने और दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद मिल सकती है. साथ ही इसकी ताजगी भरी खुशबू और स्वाद गर्मियों के मौसम को और भी सुखद बना देते हैं.



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डिप्टी सीएम विजेंद्र यादव को मिली धमकी: पार्सल बुकिंग का झांसा दिया, अपशब्दों का इस्तेमाल किया; साइबर थाने में शिकायत दर्ज – Patna News




बिहार के उपमुख्यमंत्री विजेन्द्र प्रसाद यादव को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर अपशब्द कहे। धमकी भी दी है। कॉल करने वाले ने पार्सल बुकिंग का झांसा देकर संपर्क किया और बाद में लगातार अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए परेशान किया। मामला 5 जून का है। आप्त सचिव ने दर्ज कराई शिकायत इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उपमुख्यमंत्री के आप्त सचिव वीरेंद्र कुमार ने 5 जून को पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर फ्रॉड गिरोह की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस को यह मामला साइबर फ्रॉड और ठगी गिरोह से जुड़ा लग रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह पार्सल बुकिंग के नाम पर लोगों को डराने-धमकाने और फंसाने की कोशिश करता है। पुलिस जांच तेज, नंबर ट्रेस करने में जुटी टीम साइबर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल और नंबर की ट्रेसिंग की जा रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। पुलिस जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा कर रही है।



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आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत: जालौन में एक घायल, भैंस और तीन बकरियों की भी जान गई – Jalaun News




जालौन में गुरुवार शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक भैंस और तीन बकरियों की भी जान चली गई। यह घटना थाना कोटरा क्षेत्र के मौजा हिलगना में हुई। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब पांच बजे शानू पठान पुत्र वहीद पठान और गोविंद दास यादव पुत्र गोपाल यादव, जो कस्बा कोटरा के निवासी हैं, खेत में बनी एक झोपड़ी के नीचे बैठे थे। इसी दौरान अचानक झोपड़ी के पास आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आकर दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बिजली गिरने से झोपड़ी में बंधी एक भैंस और तीन बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज उरई पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने गोविंद दास यादव की गंभीर हालत देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शानू पठान का उपचार जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर ज्योति सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने घायल युवक के उपचार की जानकारी ली और चिकित्सकों को इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। एसडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि इस घटना को दैवीय आपदा की श्रेणी में दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक के परिजनों को शासन द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता दिलाने और पशुहानि का आकलन कर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।



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कोचिंग-ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी टीचर्स पर होगी कार्रवाई: शिक्षा विभाग का सख्त आदेश, कहा- सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स की पढ़ाई होती है प्रभावित – Patna News




बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने पर सख्ती दिखाई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। अब विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। ऐसे में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने विद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। कोचिंग में पढ़ाने को माना जाएगा नियमों का उल्लंघन विभाग के अनुसार, कुछ शिक्षक विद्यालय परिसर या अन्य स्थानों पर कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने का कार्य करते हैं। इससे सरकारी विद्यालयों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए इसे शिक्षकों की आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। दोषी शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक कोचिंग, निजी ट्यूशन या व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या निजी ट्यूशन में संलिप्त न रहे। विभाग ने इस मामले में निगरानी बढ़ाने को भी कहा है।



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पुणे एसिड अटैक की शिकार युवती ने तोड़ा दम: 80 फीसदी झुलसी पीड़िता की 21 दिन बाद मौत; बैतूल का रहने वाला है आरोपी – Betul News




पुणे में हुए एसिड अटैक में गंभीर रूप से झुलसी 21 वर्षीय युवती की 21 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है। युवती ने मंगलवार, 10 जून को मुंबई के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। बुधवार को उसका शव उसके पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना 20 मई 2026 की रात करीब 1:55 बजे पुणे के ताड़ीवाला रोड स्थित जनता विद्यालय के सामने हुई थी। आरोपी ने युवती और उसके 21 वर्षीय मित्र पर ज्वलनशील पदार्थ फेंका था, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे। पहले से एक-दूसरे को जानते थे
पुणे के बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी की पहचान बैतूल जिले के आमला तहसील अंतर्गत तोरणवाड़ा गांव निवासी श्रीराम मधु सावनेर (30) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, युवती मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली थी और पुणे में निजी कार्य कर रही थी। आरोपी और युवती एक-दूसरे को पहले से जानते थे। हमले के बाद दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। युवती की हालत बेहद गंभीर थी और वह लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गई थी, जिसमें उसके शरीर का पिछला हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ था। युवती का पहले सरकारी अस्पताल में चार दिन और फिर पृथ्वी अस्पताल में आठ दिन तक इलाज चला। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे मुंबई ले गए, जहां 10 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती का एक दोस्त भी घायल हुआ था
बंडगार्डन पुलिस स्टेशन के पीएसआई गणेश चौहान ने बताया कि हमले में युवती के साथ मौजूद उसका मित्र भी घायल हुआ था। उसके पैर पर एसिड गिरने से वह झुलस गया था, हालांकि अब वह स्वस्थ है। पुलिस ने आरोपी को घटना के कुछ घंटों बाद 21 मई की सुबह गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। हमले की वास्विक वजह पता करने में जुटी पुलिस
पीएसआई गणेश चौहान ने बताया कि युवती की मौत के बाद अब मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी जाएंगी। फिलहाल आरोपी गिरफ्तार है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमले के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। बुधवार को जब युवती का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो शोक की लहर फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मृतका की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और संवेदनशीलता को देखते हुए उसकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी गई है।



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दिल्ली में 39 जन कल्याण शिविरों की तैयारी: 18 से 20 जून तक लगेंगे, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश – New Delhi News




नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 18 से 20 जून तक दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 39 जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जाएगा। इन जन कल्याण शिविरों की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने की। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एमसीडी, बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान शिविरों के सफल आयोजन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा नागरिकों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य इन शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना भी है।



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