चित्रकूट के रैपुरा थाना क्षेत्र के खोर गांव में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक 13 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। हल्की बारिश के दौरान हुई इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को क्षेत्र में हल्की बारिश के साथ मौसम बदला। तेज गर्जना और चमक के बीच आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में कम्पोजिट विद्यालय खोर की छात्रा रिंक्कू देवी आ गईं। बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं। आसपास मौजूद ग्रामीण और परिजन उन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने जांच के बाद रिंक्कू देवी को मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार और पूरे गांव में गहरा दुख व्याप्त है। घटना की सूचना मिलते ही रैपुरा थाना पुलिस और हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं राजस्व विभाग भी नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है। बरसात के मौसम में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा सुरक्षित स्थान पर ही शरण लें। यह हादसा बरसात के मौसम में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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चित्रकूट में आकाशीय बिजली गिरने से छात्रा की मौत: बारिश के दौरान चपेट में आईं, डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित किया – Ramnagar(Mau) News
E-20 पेट्रोल नीति पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा: बोले-30 करोड़ वाहनों को कबाड़ बनाने की जिद, दबाव में मारुति-टोयोटा ने बोला झूठ – New Delhi News
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की ‘E-20 पेट्रोल’ नीति को लेकर भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है। केजरीवाल ने साफ लफ्जों में कहा कि सरकार पूरे देश पर जबरदस्ती E-20 पेट्रोल थोप रही है। जनता के भारी विरोध के बावजूद सरकार अपनी जिद पर अड़ी है और लगातार झूठ के पुलंदे बांध रही है। अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों (Maruti Suzuki, Toyota, Hero MotoCorp) के ‘ओनर मैनुअल’ (गाड़ी के साथ मिलने वाली टर्म्स एंड कंडीशंस की किताब) को मीडिया के सामने लहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि 3 जुलाई को केंद्र सरकार ने 6 बड़ी कंपनियों को बुलाकर दबाव बनाया कि वे कहें कि पुरानी गाड़ियों में भी E-20 पेट्रोल से कोई नुकसान नहीं होगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा- “इन कंपनियों ने सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आकर देश की जनता से सफेद झूठ बोला। मारुति और टोयोटा जैसी कंपनियों के ओनर मैनुअल में साफ लिखा है कि उनकी गाड़ियों में 10 प्रतिशत से ज्यादा इथेनॉल (E-10) का इस्तेमाल न किया जाए। मैनुअल कहता है कि अगर गाड़ी चलाने में कोई भी दिक्कत आए, तो बिना इथेनॉल वाले पेट्रोल पर वापस आ जाएं। फिर ये कंपनियां टीवी पर आकर कैसे कह रही हैं कि E-10 गाड़ियों में E-20 डालने से कोई नुकसान नहीं होगा?” खतरे में देश के 30 करोड़ वाहन! केजरीवाल ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि भारत में 2023 से पहले बनी गाड़ियां (E10 compliant) इथेनॉल-फ्री या अधिकतम 10 प्रतिशत इथेनॉल के लिए बनी हैं। 22 करोड़ बाइक देश में ऐसी हैं जो E-20 के लायक नहीं हैं। वहीं 8 करोड़ कारें ऐसी हैं जिनमें E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब हो सकता है। केजरीवाल ने चेताया, “सरकार की इस जिद की वजह से देश के 30 करोड़ वाहनों का कबाड़ा होने का रिस्क पैदा हो गया है। लोगों की गाड़ियों का माइलेज 30 प्रतिशत तक गिर रहा है और इंजन का फ्यूल सिस्टम खराब हो रहा है।” दुनिया के देशों का दिया उदाहरण: ‘भारत में 3 साल में थोपा, ब्राजील को लगे 50 साल’ केजरीवाल ने केंद्र के इस दावे को आधा सच बताया कि बाकी दुनिया में भी E20 चल रहा है। उन्होंने वैश्विक आंकड़े रखते हुए कहा: जापान: अभी E-3 पर है और E-10 के लिए 2030 तक का समय लिया है। E-20 का टारगेट उनका 2040 (16 साल बाद) का है। ब्राजील: यहां E-100 (पूर्ण इथेनॉल) गाड़ियों के ट्रांजिशन में 50 साल का वक्त लगा (1931 से 1985)। भारत: यहां 2023 में सिर्फ 1900 पंपों पर ट्रायल शुरू हुआ और महज 3 साल के अंदर 1 अप्रैल 2026 को देश के 90 हजार पेट्रोल पंपों पर इसे जबरन थोप दिया गया। पीएम मोदी और कंपनियों को लिखेंगे चिट्ठी: “मांगेंगे हर्जाना” केजरीवाल ने ऐलान किया कि वह कल ही मारुति, टोयोटा और हीरो जैसी कंपनियों को चिट्ठी लिखेंगे और उनसे लिखित में गारंटी मांगेंगे कि अगर E20 पेट्रोल से जनता की गाड़ी का इंजन खराब हुआ या माइलेज गिरा, तो क्या कंपनियां उसका हर्जाना देंगी? इसके साथ ही, अगले हफ्ते वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखेंगे। केजरीवाल ने पीएम मोदी से अपील की, “जिद छोड़िए और जनता को पेट्रोल पंप पर ‘ऑप्शन’ (विकल्प) दीजिए। जिसे E0 (शुद्ध पेट्रोल) लेना हो वो वो ले, जिसे E10 या E20 लेना हो वो वो ले। जनता पर जबरदस्ती मत कीजिए।” राम मंदिर चंदा चोरी पर भी बरसे: “इस्तीफे से काम नहीं चलेगा, चंदा चोरों को फांसी दो!” प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने अयोध्या के राम मंदिर से चढ़ावे की चीजें लापता होने और चंपत राय व अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर सवाल पूछा, तो केजरीवाल बेहद आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा- “केवल इस्तीफे मंजूर होने से काम नहीं चलेगा। जनता बहुत आहत है, यह बहुत बड़े पैमाने पर हुई चोरी है। चोरी नहीं हुई होती तो ये इतनी आसानी से FIR नहीं करते। इन्होंने 8 छोटे लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन जनता की मांग है कि चंदा चोरी करने वाले बड़े मगरमच्छों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और फांसी चढ़ाया जाए।” केजरीवाल ने आगे कहा कि देश के कई बड़े मंदिरों और धार्मिक संस्थानों पर अपवित्र ताकतों और संगठनों का कब्जा हो गया है। इन सभी धार्मिक स्थलों को इनके कब्जे से मुक्त कराकर देश के असली संतों, महात्माओं और धर्मात्माओं को सौंप देना चाहिए। वीएचपी (VHP) द्वारा विपक्षी नेताओं के बयान दर्ज कराने की मांग पर केजरीवाल ने तंज कसा, “वीएचपी को अपने वाइस प्रेसिडेंट की चंदा चोरी से आपत्ति नहीं है, उन्हें आपत्ति हमसे है क्योंकि हमने मुद्दा उठाया। वो चोरों को जेल भेजने के बजाय केजरीवाल को जेल भेजने की बात कर रहे हैं।”
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सहरसा रेड लाइट एरिया में पुलिस की छापेमारी: 18 लोग पकड़े गए, 4-4 नाबालिग और पुरुष; 9 महिला हिरासत में, एक गिरफ्तार – Saharsa News
सहरसा जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित भारतीय नगर के रेड लाइट एरिया में मंगलवार को पुलिस ने अवैध देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जिनमें 4 नाबालिग, 9 महिलाएं भी शामिल हैं। साथ ही 4 पुरुष भी हिरासत में हैं। पुलिस ने अवैध धंधे में संलिप्त एक महिला को भी गिरफ्तार किया है। रेड से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानिए पूरा मामला…. साइबर DSP कल्याण आनंद ने मंगलवार दोपहर सदर थाने में प्रेस वार्ता कर बताया कि यह कार्रवाई उनके नेतृत्व में सदर थाना पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की संयुक्त टीम ने की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भारतीय नगर के रेड लाइट एरिया में अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। सील मकानों से युवतियां बरामद सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी की। इस दौरान फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम भी मौके पर पहुंची और जांच की, जिसमें कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पूर्व में सील किए गए मकानों से भी युवतियां बरामद हुई हैं, जिसकी जांच की जा रही है। अवैध गतिविधि दोबारा हुई संचालित साइबर डीएसपी ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इसी इलाके में छापेमारी कर 10 महिलाओं और चार नाबालिग लड़की को बरामद किया गया था और कई मकानों को सील किया गया था। इसके बावजूद अवैध गतिविधियों के दोबारा संचालित होने की सूचना मिलने पर यह ताजा कार्रवाई की गई। पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही – पुलिस साइबर डीएसपी ने कहा कि अभी पूछताछ की जा रही है। कौन महिलाएं नाबालिग और पुरुष किन इलाकों के हैं उनको लेकर तहकीकात की जा रही है। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बरामद नाबालिगों की काउंसलिंग और संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गिरफ्तार महिला से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
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डॉक्टर तीन जगह से लेता रहा वेतन: खरगोन में केवल साइन करने आता था, 3 दिन की ड्यूटी, शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े जाने पर खुला राज – Khargone News
शहडोल में रिश्वत लेते पकड़े गए संविदा चिकित्सक डॉ. महेशचंद्र शर्मा के मामले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि वह एक साथ शहडोल, खरगोन और श्योपुर में संविदा चिकित्सक के पद पर कार्यरत थे। तीनों जगह से उन्हें 65-65 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा था। मामले की विस्तृत जांच जारी है। 3 जुलाई को डॉ. महेशचंद्र शर्मा को ट्रांसफर आदेश निरस्त कराने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद जांच में उनकी नियुक्तियों और मौजूदगी से जुड़ी अनियमितताएं सामने आईं। भोपाल से मिले निर्देशों के बाद पूरे मामले की जांच की जा रही है। खरगोन में हाजिरी लग रही लेकिन ड्यूटी नहीं की जांच में पता चला कि डॉ. शर्मा खरगोन के सेगांव आदिवासी ब्लॉक के केली स्वास्थ्य केंद्र में सप्ताह में तीन दिन ड्यूटी के लिए नियुक्त थे। वहीं बाकी दिनों में वह श्योपुर और शहडोल में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते थे। खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. डीएस चौहान ने सेगांव के बीएमओ और डीपीएम से रिपोर्ट मांगी है। शुरुआती जांच में सामने आया कि डॉ. शर्मा खरगोन में सप्ताह के तीन दिन भी नियमित ड्यूटी नहीं कर रहे थे। वह केवल रजिस्टर में हाजिरी लगाकर वेतन ले रहे थे। इसी कारण उनका मई महीने का वेतन रोक दिया गया था। तीन जिलों में मिली थी नियुक्ति जानकारी के अनुसार, डॉ. महेश शर्मा ने वर्ष 2021 में श्योपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहसराम में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद 14 फरवरी 2023 को उन्होंने खरगोन के केली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा चिकित्सक के रूप में काम शुरू किया। फिर 9 फरवरी 2026 को उन्होंने शहडोल जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊफरी में भी तीसरी नौकरी शुरू कर दी। गैरहाजिर होने पर नोटिस भी मिला था सूत्रों के अनुसार, डॉ. शर्मा कई बार केवल रजिस्टर में हाजिरी लगाकर वेतन लेते थे। खरगोन में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें मई में दो नोटिस जारी किए गए थे। 8 जून 2026 को एक प्रसूता की मौत के मामले में भी उन्हें शोकॉज नोटिस दिया गया था। सीएमएचओ डॉ. डीएस चौहान ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि डॉ. शर्मा यहां सप्ताह में तीन दिन भी काम नहीं करते थे और अक्सर छुट्टी पर रहते थे। इसी वजह से उनका मई का वेतन रोका गया है। पूरे मामले की रिपोर्ट स्वास्थ्य मिशन भोपाल को भेजी जाएगी।
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चीन का नया ‘मिसाइल मैसेज’: परमाणु पनडुब्बी से बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हिंद-प्रशांत में बढ़ा तनाव, भारत के लिए क्या मायने
बीजिंग/नई दिल्ली31 मिनट पहले
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चीन ने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल का प्रशांत महासागर में परीक्षण कर अपनी रणनीतिक सैन्य ताकत का प्रदर्शन किया है।
अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ प्रशांत क्षेत्र का मामला नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता का संकेत है, जिसका सीधा असर भारत की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ सकता है।

सितंबर 2024 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की रॉकेट फोर्स ने प्रशांत महासागर से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया (फाइल फोटो)।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार परीक्षण में संभवतः चीन की नई पीढ़ी की JL-3 पनडुब्बी आधारित बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया गया। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मानी जाती है और इसकी मारक क्षमता इतनी है कि चीन के समुद्री क्षेत्र से भी हजारों किलोमीटर दूर लक्ष्य साधे जा सकते हैं। चीन इसे नियमित सैन्य अभ्यास बता रहा है, लेकिन क्षेत्रीय देशों का कहना है कि इससे हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रतिस्पर्धा और तेज होगी।
भारत के लिए चिंता
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता चीन की बढ़ती समुद्री मौजूदगी है। बीते कुछ वर्षों में चीनी नौसेना की पनडुब्बियां हिंद महासागर में कई बार देखी गई हैं। जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह और श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर चीन की सक्रियता पहले से नई दिल्ली के लिए रणनीतिक चुनौती है। यदि चीन अधिक आधुनिक और कम शोर वाली परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करता है, तो हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी सैन्य पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ सकते हैं।
हिंद महासागर में चीन की मौजूदगी लगातार बढ़ रही

अब तक चीन का फोकस दक्षिण चीन सागर और ताइवान तक माना जाता था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसकी परमाणु पनडुब्बियां हिंद महासागर में भी नियमित रूप से देखी गई हैं।
चीन का जिबूती में सैन्य अड्डा, पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट तक पहुंच और श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह पर प्रभाव भारत के लिए पहले से रणनीतिक चुनौती हैं।
यदि चीन की नई पनडुब्बियां स्टेल्थ और लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस हो जाती हैं, तो वे हिंद महासागर से भी भारत के अधिकांश हिस्सों को निशाना बना सकती हैं।
भारत के परमाणु प्रतिरोधक संतुलन पर असर
भारत की परमाणु नीति क्रेडिबल मिनिमम डेटेरेंस और नो फर्स्ट यूज पर आधारित है। चीन यदि समुद्र आधारित परमाणु क्षमता तेजी से बढ़ाता है तो भारत को भी अधिक परमाणु पनडुब्बियां, लंबी दूरी की K-4 और K-5 मिसाइलें और समुद्री निगरानी नेटवर्क तेजी से मजबूत करना होगा।
दो मोर्चों पर चुनौती
भारत पहले से उत्तरी सीमा पर चीन और पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान का सामना कर रहा है। यदि चीन समुद्री मोर्चे पर भी अपनी क्षमता बढ़ाता है तो भारत को भूमि, वायु और समुद्र—तीनों मोर्चों पर सैन्य संसाधन बढ़ाने पड़ सकते हैं।
अंडमान-निकोबार की रणनीतिक अहमियत बढ़ेगी

भारतीय नौसेना के अंडमान एंड निकोबार कमांड का क्रेस्ट।
भारत का अंडमान एवं निकोबार कमांड मलक्का स्ट्रेट की निगरानी करता है। चीन की पनडुब्बी गतिविधियां बढ़ने पर भारत को समुद्री निगरानी बढ़ाने के अलावा पनडुब्बी रोधी युद्ध (Anti-Submarine Warfare), ड्रोन एवं P-8I निगरानी विमान की क्षमताओं को और मजबूत करना पड़ेगा।
QUAD और इंडो-पैसिफिक साझेदारी मजबूत होगी
चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच QUAD सहयोग और मजबूत हो सकता है। समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त नौसैनिक अभ्यासों की आवृत्ति बढ़ सकती है।
चीन लगातार क्यों बढ़ा रहा है सैन्य ताकत?
विशेषज्ञों के अनुसार चीन ताइवान पर दबाव बढ़ा रहा है, अमेरिका को प्रशांत क्षेत्र में चुनौती देना चाहता है, अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कर रहा है और हिंद-प्रशांत में सैन्य प्रभाव बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही चीन भविष्य में समुद्र आधारित परमाणु शक्ति के जरिए वैश्विक रणनीतिक संतुलन बदलना चाहता है।
भारत क्या कर रहा है?

भारतीय न्यूक्लियर सबमरीन आईएनएस अरिघात (फाइल)।
भारत पहले से अपनी समुद्री शक्ति बढ़ाने पर काम कर रहा है। इस दिशा में भारत जो कदम उठा रहा है उनमें INS अरिहंत और अरिघात जैसी परमाणु पनडुब्बियों का विकास, K-15 और K-4 बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, P-8I समुद्री निगरानी विमान, अंडमान-निकोबार कमांड का विस्तार और QUAD के तहत अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ संयुक्त नौसैनिक अभ्यास (मालाबार) शामिल हैं।
सूरत में 7 इंच बारिश से कई इलाके डूबे: करंट लगने से तीन की मौत, दक्षिण गुजरात में भारी बारिश का अलर्ट
सूरत और आसपास के जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ के हालात बन गए हैं। पिछले 24 घंटों में जिले में 7 इंच बारिश दर्ज की गई है। सूरत के कई इलाके में जलभराव की हालात हैं और फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, आगामी 24 घंटों के दौरान सूरत और दक्षिण गुजरात में भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। हालांकि, 9 जुलाई से बारिश में कमी आएगी। मनपा के आंकड़ों के मुताबिक, सेंट्रल जोन में सबसे ज्यादा 105 मिमी बारिश दर्ज की गई। करंट लगने से तीन और बिजली गिरने से एक की मौत सूरत के कापोद्रा में सोमवार को बिजली गिरने से एक महिला और करंट लगने से एक लड़की की मौत हो गई। करंट लगने की घटना रांदेर इलाके में हुई। बिजली का तार गिरने से आजम नाम का किशोर करंट की चपेट आ गया। उसे बचाने के लिए दौड़े एक सलमान शेख (35) को भी करंट लग गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। भारी बारिश के कारण शहर के कोट विस्तार, रांदेर, कतारगाम समेत कई निचले इलाके जलमग्न हो गए। शाम के पीक आवर्स में हजारों लोग ट्रैफिक में फंस गए। विजिबिलिटी घटकर महज 500 मीटर रह गई थी। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर मोपेड, बाइक और कार पानी में बंद हो गईं। वाहन चालकों को अपने वाहनों को धक्का मारकर बाहर निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। कई इलाकों में बड़े पेड़ों के गिरने की घटनाएं हुईं। जिले में 1077 हेल्पलाइन नंबर जारी दक्षिण गुजरात में भारी बारिश के अलर्ट के चलते प्रशासन ने नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी आपदा या परेशानी की सूचना तुरंत जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर दें और अफवाहों से दूर रहें। मौसम विभाग से हर तीन घंटे मिलने वाले मौसम अपडेट के आधार पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। सूरत-मुंबई रेल लाइन डूबने से 19 ट्रेनें रद्द, एक लाख यात्री परेशान सूरत के वसई-विरार क्षेत्र में कुछ ही घंटों में करीब 300 मिमी बारिश होने से सफाले, केलवे रोड, वसई रोड और नालासोपारा स्टेशनों के बीच रेल पटरियां जलमग्न हो गईं। इसके चलते मुंबई की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन ठप हो गया। वहीं मुंबई-पुणे घाट सेक्शन में भूस्खलन और चट्टानें गिरने से मध्य रेलवे की सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। जलभराव के कारण मुंबई से सूरत के बीच करीब एक लाख यात्री प्रभावित हुए। इनमें अकेले सूरत रेलवे स्टेशन पर लगभग 30 हजार यात्रियों को ट्रेनों के रद्द, विलंबित या बीच रास्ते में समाप्त किए जाने के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मुंबई की ओर जाने वाली 17 लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। रेलवे ने राहत के तौर पर भिलाड, संजान, वापी, वलसाड और नवसारी से मुंबई तथा सूरत की ओर यात्रियों को भेजने के लिए विशेष बसों की व्यवस्था की। वंदे भारत एक्सप्रेस को वापी, तेजस को बिलिमोरा और डबल डेकर को सूरत स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट किया गया। ————————
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अक्टूबर में लॉन्च हो सकता है Vivo X Fold 6, जानें कितनी होगी कीमत?
Vivo जल्द ही अपने फोल्डेबल स्मार्टफोन X Fold 6 को लॉन्च करने वाला है। चीनी कंपनी का यह फोन इस साल अक्टूबर में पेश किया जा सकता है। यह फोन सीधे तौर पर Samsung Galaxy Z Fold 8 को टक्कर देगा। इस फोन के साथ कंपनी X Series वाले फोन भी पेश कर सकती है। यह वीवो का तीसरा फोल्डेबल फोन होगा जिसे भारतीय बाजार में लॉन्च किया जाएगा। इससे पहले कंपनी Vivo X Fold 5 और X Fold 3 Pro को भारत में पेश कर चुकी है।
कितनी होगी कीमत?
वीवो के इस फोन की कीमत भी ऑनलाइन लीक हो गई है। वीवो का यह फोन भारत में 1.5 लाख रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया जा सकता है। इस कीमत में Motorola का पहला बुक स्टाइल फोल्डेबल फोन लॉन्च किया गया है। वहीं, Samsung Galaxy Z Fold 7 को भारत में 1,74,999 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया गया था। वहीं, ओप्पो ने अपने फोल्डेबल फोन Find N6 को भारत में लॉन्च नहीं किया है।
Vivo X Fold 6 को पहले ही चीनी मार्केट में पेश किया जा चुका है। घरेलू मार्केट में वीवो का यह फोल्डेबल फोन CNY 7999 (लगभग 1.11 लाख रुपये) में लॉन्च किया गया है। इसके टॉप 16GB + 1TB वाले वेरिएंट की कीमत CNY 11,299 (लगभग 1.57 लाख रुपये) है। भारत में इस फोन की कीमत चीन के मुकाबले ज्यादा हो सकती है।
Vivo X Fold 6 के फीचर्स
वीवो का यह फोन 8.02 इंच के फोल्डेबल स्क्रीन के साथ आता है। इसमें कंपनी ने सैमसंग का M14 LTPO AMOLED डिस्प्ले यूज किया है। वहीं, फोन में 6.51 इंच का LTPO AMOLED कवर स्क्रीन दिया गया है। दोनों ही डिस्प्ले में 120Hz रिफ्रेश रेट का सपोर्ट मलिता है। यह फोन MediaTek Dimensity 9500 चिपसेट के साथ आता है। इस फोन में 16GB रैम के साथ 1TB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है।
कैमरे की बात करें तो वीवो के फोल्डेबल फओन में 200MP का मेन कैमरा मिलता है। इसके साथ 50MP का अल्ट्रावाइड और 50MP का पेरीस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए वीवो के इस फोन में 50MP का कैमरा मिलेगा। इस स्मार्टफोन में कंपनी ने 7000mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ 80W वायर्ड और 40W वायरलेस चार्जिंग फीचर का सपोर्ट दिया गया है।
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10 मिनट में बनाएं घर पर सूजी के गोलगप्पे और खट्टा-मीठा पानी, आसान है रेसिपी
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Khatta meetha Suji ke Golgappe recipe: बारिश के मौसम में बाहर का खाना हानिकारक होता है. काफी लोग चाट-पकौड़े, गोलगप्पे खूब खाते हैं, लेकिन ये कई बार बासी, अनहाइजीनिक होते हैं, जिससे फूड पॉयजनिंग होने का जोखिम बढ़ जाता है. यदि आपको गोलगप्पे खाना पसंद है तो आप घर पर भी सूजी के गोलगप्पे के साथ ही उसका खट्टा-मीठा बूंदी वाला पानी भी सिर्फ 10 मिनट में बना सकते हैं. जानिए यहां आसान सी सूजी के गोलगप्पे की रेसिपी.
गोलगप्पे बनाने की विधि.
Khatta meetha Suji ke Golgappe recipe: गोलगप्पे देखते ही ज्यादातर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है, लेकिन बारिश के मौसम में रोड साइड ठेले पर मिलने वाले पानी पुरी का सेवन करना अनहाइजीनिक और अनहेल्दी हो सकता है. ऐसे में आप चाहें तो गोलगप्पे घर पर भी बनाकर खा सकते हैं. ये खाने में सेहत के लिए हेल्दी भी होगा. घर का बना गोलगप्पा आप अपने बच्चे को भी खिला सकते हैं. गोलगप्पे दो तरह के बनते हैं आटे वाले और दूसरा सूजी वाले. काफी लोगों को सूजी वाले अच्छे लगते हैं. आपको भी सूजी वाले गोलगप्पे पसंद हैं तो आप घर पर ही बना सकते हैं. सूजी के गोलगप्पे की रेसिपी मास्टर शेफ पंकज भदौरिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की है. शेफ पंकज के अनुसार, यह 10 मिनट में तैयार होने वाली सूजी के गोलगप्पों की खास रेसिपी है. यह रेसिपी मेरी मां की पारंपरिक रेसिपी है. इसमें सिर्फ गोलगप्पे ही नहीं, बल्कि दो तरह का पानी (तीखा और मीठा) और पापड़ी चाट बनाने का तरीका भी शामिल है.
रेसिपी: सूजी के गोलगप्पे
तैयारी का समय: 10 मिनट
पकाने का समय: 5 मिनट
कितने लोगों के लिए: 4–5
गोलगप्पे बनाने के लिए सामग्री
सूजी (रवा)– 250 ग्राम
गर्म तेल- 50 मिली
आटा गूंथने के लिए गर्म पानी- आवश्यकतानुसार
तलने के लिए तेल
तीखा पानी बनाने के लिए
हरा धनिया- 1 गुच्छा
पुदीना- ½ गुच्छा
भुना जीरा पाउडर- 1 छोटा चम्मच
चाट मसाला- 1 छोटा चम्मच
नमक- 1 छोटा चम्मच
काला नमक- ½ छोटा चम्मच
अदरक- 2 इंच का टुकड़ा
हरी मिर्च- 5
टार्टरिक एसिड- ½ छोटा चम्मच या नींबू का रस- 6 बड़े चम्मच
सजाने के लिए बूंदी
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कौशांबी में सुबह से जोरदार बारिश: तापमान 5 डिग्री गिरा, लोगों को गर्मी से मिली राहत – Kaushambi News
कौशांबी में मंगलवार सुबह से ही जनपद के कई स्थानों पर जोरदार बारिश हुई। इससे एक ओर जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली, वहीं तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बीते 15 दिनों से जिले में तेज धूप और उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। सोमवार शाम से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। मंगलवार सुबह हुई बारिश के बाद कौशांबी का न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। देखें, 3 तस्वीरें… मौसम विभाग के अनुसार, कौशांबी में आने वाले तीन-चार दिनों में भी जोरदार बारिश की संभावना है। हालांकि, किसानों का कहना है कि अब तक हुई बारिश धान की रोपाई के लिए पर्याप्त नहीं है। धान की खेती करने वाले किसान अभी भी तेज और मूसलाधार बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक, यदि अगले दो-तीन दिनों में कौशांबी में अच्छी बारिश होती है, तो वे धान की रोपाई कर पाएंगे, जिससे उन्हें सिंचाई पर होने वाले खर्च से राहत मिलेगी और पानी की बचत भी होगी।
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