Monday, July 20, 2026
Home Blog

ललितपुर में युवक को बाइक से टक्कर मारी: विरोध करने पर मारपीट, घटना CCTV में कैद, FIR दर्ज – Lalitpur News


कुंदन पाल | ललितपुर3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ललितपुर में एक युवक को पहले बाइक से टक्कर मारी गई और फिर विरोध करने पर बेरहमी से पीटा गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर रविवार रात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

यह घटना 17 जुलाई की शाम 7:45 बजे कोतवाली सदर क्षेत्र के नृसिंह मंदिर तालाबपुरा के सामने वाली गली में हुई। ग्राम कुम्हैड़ी निवासी प्रदीप कुमार पुत्र बृजकिशोर ने बताया कि वह उस समय गली से गुजर रहा था।

प्रदीप के अनुसार, तालाबपुरा निवासी श्रेयांश कुशवाहा, सक्षम कुशवाहा, अन्नू, केशव कुशवाहा और पीयूष ने मिलकर उसकी मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। जब प्रदीप ने इसका विरोध किया, तो सभी ने मिलकर लात-घूंसों और डंडों से उस पर हमला कर दिया। इस मारपीट में प्रदीप के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

मारपीट की यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। कोतवाली पुलिस ने रविवार को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली सदर प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी ने बताया कि मारपीट के इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।



Source link

अक्षरा सिंह ने MLC बनने पर पवन सिंह की तारीफ: कहा- भगवान करे इससे भी बड़ा पद मिले; शादी पर बोलीं अभी सोचना भी रिस्की – Patna News




अक्षय कुमार के साथ काम करने के बाद इन दोनों भोजपुरी स्टार अक्षरा सिंह सुर्खियों में बनी हुई है। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान जब उनसे शादी को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इतना न्यूज़ सुन रही हूं कि मुझे शादी से डर हो गया है। वहीं, अक्षरा सिंह ने पवन सिंह को सपोर्ट किया। एमएलसी बनने को लेकर उन्होंने कहा कि ईश्वर करें कि वह इससे भी बड़े पद पर जाएं और अच्छा काम करें। अभी शादी के लिए सोचना भी रिस्की है शादी को लेकर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शादी को लेकर मैं इतना न्यूज़ सुन रही हूं कि मुझे शादी को लेकर डर हो गया है। लड़का लड़की से डर रहा है और लड़की लड़के से डर रही है। अभी बहुत अलग तरीके का माहौल चल रहा है। यह वातावरण बदलना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान अक्षरा ने साल 2018 को याद किया, जब पवन सिंह ने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की और अक्षरा उनसे अलग हुई थीं। अक्षरा ने कहा कि वह 2018 का साल था, जिसे मैं जिंदगी में कभी भी पलट कर नहीं देखना चाहूंगी। मगर पॉजिटिव वे में सोचे तो उसी हिस्से ने मुझे मजबूत भी बनाया है। अक्षरा बोलीं- पवन सिंह और बड़े पद पर जाएं एक दूसरे इंटरव्यू के दौरान अक्षरा सिंह ने पवन सिंह की तारीफ की। अक्षरा सिंह से जब पूछा गया कि पवन सिंह के एमएलसी बनने को वह किस तरीके से देखती हैं, तो उन्होंने कहा कि मैं किसी का बुरा नहीं चाहती हूं। ईश्वर करें कि वह इससे भी बड़े पद पर जाएं और अच्छा काम करें। अक्षय के साथ काम करने को लेकर गणेश आचार्य का आया था पहला फोन अक्षय कुमार के साथ काम करने को लेकर अक्षरा ने बताया कि मुझे गणेश आचार्य का फोन आया था। फिर अहमद सर के प्रोडक्शन हाउस से कॉल आया था, जिसमें मुझे कहा गया की फिल्म का प्रमोशनल सॉन्ग करना है। मेरे लिए यह बहुत बड़ा मौका था और मैंने हां कह दिया। गाने के सेट पर ऐसा मुझे कभी नहीं लगा कि मुझे काम आंका जा रहा है। सभी लोगों ने मुझे बहुत अच्छा फील करवाया। अब जानिए पवन सिंह सिंह के लाइफ में कैसे हुई अक्षरा सिंह की हिस्ट्री पवन सिंह का दिल पहली बार बड़े भाई की साली नीलम सिंह पर आया। दोनों ने 1 दिसंबर, 2014 को शादी कर ली। शादी के सभी फंक्शन काफी धूमधाम से हुए थे। लेकिन, 8 मार्च 2015 को नीलम ने मुंबई में पवन सिंह के फ्लैट में पंखे से लटककर सुसाइड कर लिया। नीलम की मौत के बाद उनकी बहन और पवन सिंह की भाभी ने इसका रीजन बताया था। कहा था कि पवन सिंह अपने काम में काफी व्यस्त हो गए थे। जिस कारण नीलम मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगी थीं। देर रात घर लौटने और पत्नी को समय न दे पाने की वजह से नीलम ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। हालांकि अभी भी पवन सिंह अपनी पहली पत्नी को अक्सर करके याद करते रहते हैं। एक शो के दौरान पवन सिंह ने कहा था कि मैं भगवान के सामने खड़ा होता हूं और कहता हूं कि इतनी क्या परीक्षा लेनी? मैंने किसका क्या बिगाड़ा है? मैं सोता हूं और सोचता हूं कि मैंने किसका क्या बिगाड़ा है? मेरे जीवन में देवी मिली थी, मैंने अपनी जिंदगी में देवी को खोया है। ये मुमकिन नहीं कि वह देवी मुझे फिर से मिल पाएगी। वह मुझे कभी नहीं मिलेगी। इस कंधे पर दाग लिखा है। पवन सिंह बताते हैं कि नीलम और उनका साथ सिर्फ तीन साढ़े महीने तक का ही था। यह दूसरी बात है कि वह मेरी भैया की साली थी, लेकिन शादी के बाद हम एक-दूसरे को ठीक से जान भी नहीं पाए थे। जो लोग मेरे सामने बोल नहीं पाते, वे लोग भी मुझे सुनाकर चले जाते हैं और मैं सुन लेता हूं। अक्षरा सिंह की पवन सिंह की लाइफ में एंट्री
पहली पत्नी के जाने के बाद पवन सिंह अकेले पड़ गए। तभी उनकी लाइफ में एक्ट्रेस अक्षरा सिंह की एंट्री हुई। अक्षरा और पवन के अफेयर की चर्चाएं जोर-शोर से होने लगीं। एक समय ऐसा भी आया कि पवन सिंह अक्षरा से शादी करने वाले हैं। लेकिन, अचानक अक्षरा सिंह ने पवन सिंह पर धोखा देने का आरोप लगाया। दरअसल, दोनों की ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को खूब पसंद थी, लेकिन ऑफ स्क्रीन उनका रिश्ता कड़वाहट में बदल गया। शुरुआत में दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अक्षरा सिंह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह बहुत कम उम्र में पवन सिंह से मिली थीं और उन्हें बेहद सम्मान देती थीं। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। जिससे उनके बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। अक्षरा को लगने लगा था कि पवन ही उनके जीवनसाथी बनेंगे। लेकिन, ब्रेकअप के बाद अक्षरा पूरी तरह टूट गईं। उन्होंने मीडिया में खुलकर कहा था कि पवन सिंह ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। यहां तक कि कमरे में बंद कर मारपीट भी की। अक्षरा का कहना था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी। कुछ लोगों ने उन पर तेजाब फेंकने की कोशिश भी की। अक्षरा सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान ये भी कहा था कि उस दौरान उन्हें इंडस्ट्री से बाहर कर दिया गया था। फिल्मों के ऑफर आने बंद हो गए और लोग उन्हें यूपी-बिहार में रहने नहीं देना चाहते थे। इस मुश्किल वक्त में उनके पिता ने उन्हें संभाला और आगे बढ़ने का हौसला दिया। अक्षरा ने कहा था- मैंने बहुत कुछ सहा है, लेकिन जिंदा रहना ही मेरी सबसे बड़ी जीत है। उस समय पूरी इंडस्ट्री एक तरफ और मैं अकेली थी। मैंने आवाज उठाई, जंजीर तोड़ी, इसलिए मुझे सजा मिली। अक्षरा सिंह ने ये भी बताया था कि पवन सिंह ने अपनी दूसरी शादी के पहले उन्हें एक घर में बंद करवा दिया था। लेकिन, किसी तरह वह वहां से निकलने में सफल रहीं। आज दोनों अपने-अपने रास्तों पर हैं। पवन सिंह फिल्मी दुनिया में सक्रिय हैं, जबकि अक्षरा अपनी मेहनत और आवाज के दम पर अलग पहचान बना चुकी हैं। 2018 में पवन सिंह ने ज्योति से दूसरी शादी की थी
पवन सिंह ने ज्योति सिंह से दूसरी शादी की थी। ज्योति सिंह यूपी के बलिया जिले के मिड्ढी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई की है। वहीं उनके पति पवन सिंह 10th पास हैं। उन्होंने मध्यमा बोर्ड से पढ़ाई की थी। ज्योति ने पवन सिंह से 6 मार्च, 2018 को शादी की थी। शादी के बाद ज्योति आमतौर पर लोगों की नजरों से दूर रहती थीं। साल- 2022 में ज्योति ने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। उस समय उन्होंने पवन पर मारपीट और जबरन गर्भपात कराने जैसे आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि पवन ने उन्हें शादी के बाद परेशान किया। ज्योति ने यह खुलासा भी किया कि पवन का संबंध पहले भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह से था। अक्षरा 3 महीने की गर्भवती थीं और पवन हमेशा कहते थे कि अक्षरा उनकी पत्नी है।



Source link

सिंगरौली में NCL जयंत परियोजना में कोयले में आग: स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग; प्रबंधन बोला-आग बुझाने की प्रक्रिया जारी – Singrauli News




सिंगरौली जिले में एनसीएल की जयंत परियोजना में कोयले में आग लगने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परियोजना की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि परियोजना के फेस क्षेत्र में लंबे समय तक कोयला सुलगता रहा, जिससे बड़ी मात्रा में कोयला जल गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते आग पर प्रभावी नियंत्रण किया जाता तो नुकसान कम हो सकता था। फिलहाल जले हुए कोयले की राख को डंपिंग क्षेत्र में हटाया जा रहा है। प्रबंधन ने कहा- आग बुझाने की प्रक्रिया जारी एनसीएल के जनसंपर्क अधिकारी रामविजय सिंह ने बताया कि कोयले में आग लगना या सुलगन खदानों में सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। परियोजना की फायर फाइटिंग टीम लगातार आग पर नियंत्रण का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महाप्रबंधक से विस्तृत जानकारी मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच की मांग तेज घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आग लगने के कारण, वास्तविक नुकसान और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित लापरवाही की जांच की मांग की है। प्रबंधन का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।



Source link

वर्ल्ड अपडेट्स: ब्रिटेन में विपक्ष की मांग- पाकिस्तान की सहायता और वीजा पर लगे रोक


  • Hindi News
  • International
  • World News Updates; US Iran Israel Pakistan Breaking News UK Opposition Demands Ban On Pakistan Aid And Visas | Shabir Ahmed Case

6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ब्रिटेन में विपक्षी दलों ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पाकिस्तान द्वारा बाल यौन अपराधी शबीर अहमद को वापस लेने से इनकार करने के बाद विपक्ष ने कहा है कि जब तक पाकिस्तान ऐसे दोषियों को स्वीकार नहीं करता, तब तक उसे दी जाने वाली आर्थिक सहायता और नए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी जाए।

पाकिस्तान में जन्मा शबीर अहमद रोचडेल ग्रूमिंग गैंग का प्रमुख सदस्य था। उसे बच्चियों से दुष्कर्म के 30 मामलों में दोषी ठहराया गया था। 22 साल की सजा में से 14 साल जेल काटने के बाद इस महीने उसे रिहा किया गया।

ब्रिटेन ने 2016 में उसकी नागरिकता समाप्त कर दी थी, लेकिन 1971 के इमिग्रेशन एक्ट के तहत मिले कानूनी संरक्षण के कारण सरकार उसे निर्वासित नहीं कर सकी। गृह सचिव शबाना महमूद ने कहा है कि ऐसे अत्यंत गंभीर मामलों में कानून में संशोधन किया जाएगा।

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने स्पष्ट किया है कि अहमद ने दशकों पहले अपनी पाकिस्तानी नागरिकता छोड़ दी थी और उसकी जिम्मेदारी अब ब्रिटेन की है, जहां उसका पालन-पोषण हुआ और उसने अपराध किए।

इसी दौरान यह भी सामने आया कि ब्रिटेन ने अगले तीन वर्षों के लिए पाकिस्तान को 153 मिलियन पाउंड की विकास सहायता मंजूर की है। इस पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सहायता और वीजा दोनों तब तक रोके जाने चाहिए, जब तक पाकिस्तान शबीर अहमद जैसे दोषियों को वापस लेने के लिए तैयार नहीं होता।



Source link

मानसून में अपने आप उगती है ये जंगली सब्जी, स्वाद में चिनक-मटन को करती है फेल


Last Updated:

Kutumba Sabji Recipe: कोडरमा में मानसून के बाद उगने वाली कुटुंबा सब्जी बहुत ही ज्यादा पसंद की जाती है. इसे झारखंड में टर्की बेरी भी कहते हैं, ग्रामीण इलाकों में यह सब्जी बहुत ही लोकप्रिय है. यह पौष्टिक और औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसे लोग पारंपरिक तरीके से बनाते हैं. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में.

ख़बरें फटाफट

कोडरमा: झारखंड में कोडरमा जिले के ग्रामीण इलाकों में मानसून के मौसम के बाद झाड़ियों में अपने आप उगने वाली कुटुंबा इन दिनों लोगों की थाली की खास सब्जी बनी हुई है. इसे कई जगहों पर टर्की बेरी, जंगली बैंगन भी कहा जाता है. स्वाद में हल्की कड़वाहट होने के बावजूद यह अपने पौष्टिक और औषधीय गुणों के कारण ग्रामीणों और आदिवासी समुदायों के बीच बेहद लोकप्रिय है. वर्षों से लोग इसे पारंपरिक तरीके से बनाकर अपने भोजन का हिस्सा बनाते आ रहे हैं. कुटुंबा प्राकृतिक रूप से उगने वाली जंगली सब्जी है. जिसके लिए किसी विशेष खेती की आवश्यकता नहीं होती है. मानसून के बाद खेतों के किनारों, झाड़ियों और खाली जमीन पर इसकी झाड़ियां दिखाई देने लगती हैं. इसकी झाड़ी बैंगन के पौधे की तरह पत्ते और कांटे वाली होती है.

ऐसे तैयार होता है कुटुंबा की भुजिया

वहीं, ग्रामीण महिलाएं इसे तोड़कर घर लाती हैं और इसकी भुजिया तैयार करती हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यह सब्जी शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी पहुंचाती है. बहुमणि बिरहोर ने बताया कि इसकी भुजिया बनाने की विधि भी काफी आसान है. सबसे पहले कुटुंबा को अच्छी तरह धोकर उसकी डंडियों से अलग किया जाता है. इसके बाद हर दाने को बीच से दो भागों में काट लिया जाता है.

जहां स्वाद और मात्रा बढ़ाने के लिए इसमें बारीक कटे हुए आलू भी मिलाए जाते हैं. फिर कड़ाही में सरसों का तेल गरम कर उसमें साबुत जीरा, बारीक कटा लहसुन और प्याज डालकर सुनहरा होने तक भुना जाता है. इसके बाद कटे हुए कुटुंबा और आलू डालकर हल्दी, जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. धीमी आंच पर ढककर पकाने के बाद जब यह कुरकुरी हो जाती है तो इसकी खुशबू और स्वाद दोनों ही लोगों को खूब पसंद आते हैं.

मानसून के बाद बढ़ जाती है मांग

कोडरमा के आदिवासी समाज में इस सब्जी का विशेष महत्व है. मानसून के मौसम में कोडरमा के गांवों में कुटुंबा की मांग बढ़ जाती है. कई ग्रामीण परिवार इसे अपने उपयोग के साथ-साथ स्थानीय हाट-बाजारों में भी बेचते हैं. प्राकृतिक रूप से उपलब्ध यह जंगली सब्जी आज भी झारखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति और आदिवासी जीवनशैली की एक महत्वपूर्ण पहचान बनी हुई है.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com  में स…और पढ़ें





Source link

Crude Oil Price : फिर उबला कच्‍चा तेल, 90 डॉलर के पार निकला भाव


Last Updated:

Fuel price : मिडिल-ईस्‍ट में चल रही जंग ने पूरी दुनिया की सांसे अटका दी है. दुनिया के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज फिर बंद हो गया है. इससे कच्‍चे तेल की सप्‍लाई बड़ी मात्रा में रुक गई है. इसका असर कच्‍चे तेल की कीमतों पर पड़ा है और ब्रेंट क्रूड एक बार फिर से 90 डॉलर को क्रॉस कर गया है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

कच्‍चे तेल की कीमत आज फिर करीब तीन फीसदी उछल गई है.

नई दिल्‍ली. अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने तेल बाजार में उबाल ला दिया है. दोनों के बीच युद्धविराम टूटने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्‍य फिर बंद हो गया है. इससे दुनिया में तेल की सप्‍लाई पर बुरा असर होगा. इसी चिंता से नए कारोबारी हफ्ते के पहले ही दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम होने पर यह टूटकर 71 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था. कच्‍चे तेल के रेट में रोज हो रही इस वृद्धि ने एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका का को जन्‍म दे दिया है.

ब्रेंट क्रूड आज 2.70 फीसदी उछलकर 90.52 डॉलर प्रति डॉलर हो गया है. इसी तरह अमेरिकी कच्‍चा तेल (WTI) 2.27 फीसदी चढ़कर 84.37 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. पिछले हफ्ते जो डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 72 डॉलर पर था. खाड़ी क्षेत्र में शांति की फिलहाल कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. अमेरिका की बड़ी सैन्‍य तैयारियों से निवेशकों के लग रहा है यह जंग लंबा खिंचेगी. यही वजह है कि तेल कारोबारी किसी भी जोखिम से बचने के लिए महंगे दामों पर क्रूड ऑयल खरीदने को मजबूर हैं.

क्‍या होगा आगे?

विश्‍लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में शांति नहीं होती और समुद्री रास्‍ते सुरक्षित नहीं होते, तब तक कच्‍चे तेल के तेवर ठंडे पड़ने की उम्‍मीद कम ही है. होर्मुज का लंबे समय तक बंद रहना और अमेरिका ईरान के बीच जंग का लंबा खिंचना कच्‍चे तेल को और भड़का सकता है.

महंगाई बढने का खतरा

कच्‍चे तेल की कीमत बढ़ने से सरकारों और तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने होंगे. इससे सामान की ढुलाई से लेकर कंपनियों की उत्पादन लागत तक सब बढ़ जाएगा. कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो दुनिया भर में महंगाई पर काबू पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा का सामान महंगा होने लगेगा. इसे रोकने के लिए बैंकों को अपनी ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी.  इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार और सुस्त हो सकती है.



Source link

राजस्थान के 24 जिलों में आज बारिश का अलर्ट: तीन जिलों में तापमान 41 डिग्री के पार पहुंचा, बीकानेर संभाग सबसे गर्म – Bikaner News


राजस्थान में मानसून पर ब्रेक लगने के बाद गर्मी बढ़ने लगी है। बीकानेर संभाग के तीन जिलों में रविवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। रविवार शाम जयपुर, अलवर और दौसा जिले में बारिश हुई। राज्यभर में कहीं भी तेज बरसात नहीं हुई।

.

मौसम विभाग ने 20 जुलाई (सोमवार) को 24 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जो अगले तीन दिन तक जारी रहेगा। इस दौरान तेज हवा के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।

पिछले 24 घंटे में झुंझुनूं, सीकर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, दौसा, करौली, बूंदी और अजमेर जिले में बादलों की आवाजाही रही। माउंट आबू में रविवार को जहां 2.5 एमएम बारिश हुई। वहीं, चित्तौड़गढ़ में हल्की बारिश हुई।

अब तक बारिश की स्थिति

राजस्थान में मौसम की तस्वीर

जयपुर में रविवार शाम बादल छाए। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।

जयपुर में रविवार शाम बादल छाए। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।

बीकानेर संभाग सबसे गर्म

कमजोर मानसून के चलते बीकानेर संभाग सबसे ज्यादा गर्म रहा। संभाग के बीकानेर, श्रीगंगानगर और चूरू जिले में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। चूरू सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस था। बीकानेर में 41.2 और श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। फतेहपुर में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। दौसा में 39.1, अलवर में 38, फलोदी में 39, झुंझुनूं में 38.9 और सीकर में 38.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

ये जिले सबसे गर्म रहे

आगे क्या…

राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम

जयपुर : राजधानी में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। यहां अब तक तापमान सामान्य से करीब साढ़े तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहता था, जो अब घट गया है। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जो एक दिन पहले की तुलना में करीब एक डिग्री सेल्सियस कम है। रात की तपन बढ़ी है। रात में न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस हो गया।

जयपुर में रविवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे उमस बढ़ गई।

जयपुर में रविवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे उमस बढ़ गई।

अजमेर : यहां पिछले 10 दिन से शहर वासियों को बरसात का इंतजार है। रविवार को दिनभर धूप खिली रही। गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। शनिवार के मुकाबले तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.7 और न्यूनतम 26.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होगा और अजमेर में बरसात होगी।

अजमेर में रविवार को तेज धूप ने लोगों को परेशान किया।

अजमेर में रविवार को तेज धूप ने लोगों को परेशान किया।

कोटा : यहां रविवार को अधिकतम 33.8 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री रहा। रविवार को बादल छाए रहे। हवा नहीं चलने से उमस का दौर जारी रहा। बारिश नहीं होने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई है।

कोटा में सुबह से ही बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप ने भी परेशान किया।

कोटा में सुबह से ही बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप ने भी परेशान किया।

अलवर : जिले में रविवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। पिछले कुछ दिनों की तुलना में गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38 डिग्री से घटकर 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए, जिससे मौसम सुहावना हो गया। जिले के माधोगढ़, नटनी का बारा, कुशलगढ़, अकबरपुर, सिलीसेढ़ सहित कई इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। बारिश और बादलों के कारण उमस में भी कुछ कमी महसूस की गई।

अलवर में रविवार शाम बारिश हुई। इससे लोगों को राहत मिली।

अलवर में रविवार शाम बारिश हुई। इससे लोगों को राहत मिली।

जोधपुर : जिले में रविवार को मौसम गर्म और उमस भरा रहा। अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 21 जुलाई तक मौसम के ड्राई रहने का अनुमान जताया है। 22 से 24 जुलाई के बीच बारिश की संभावना जताई है।

जोधपुर में रविवार को मौसम साफ रहा। पारा सामान्य से ऊपर पहुंच गया।

जोधपुर में रविवार को मौसम साफ रहा। पारा सामान्य से ऊपर पहुंच गया।

उदयपुर : लेक सिटी में रविवार को भी उमस रही। इसके कारण शहर के पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट की संख्या कम नजर आई। दिन के तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। दिन का तापमान 31.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से मौसम में कुछ बदलाव देखा जा सकता है।

उदयपुर में बादल छाए, लेकिन गर्मी कम नहीं हुई। उमस के कारण टूरिस्ट भी कम हुए।

उदयपुर में बादल छाए, लेकिन गर्मी कम नहीं हुई। उमस के कारण टूरिस्ट भी कम हुए।

सीकर : जिले में रविवार सुबह से लेकर शाम तक आसमान में बादलों की आवाजाही रहने के साथ उमस रही। आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया।

सीकर में दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।

सीकर में दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।



Source link

विजेता दहिया बोले-वॉलंटियर्स पीटे, अब मेरी अरेस्टिंग कभी भी: सोनम वांगचुक को किडनैप कर ले गई पुलिस, मैं हरियाणवी हूं, किसी से डरता नहीं – Sonipat News




यहां पुलिस के बहुत सारे लोग आए, वो प्लेन क्लोथ्स (सादी वर्दी) में थे। उन्होंने आते ही वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की। एक के पैर पे चोट लगी तो दूसरे की टीशर्ट्स फट गई। हमारे वॉलंटियर्स बेचारे कुछ कर नहीं सके, उनको घूंसे और लातें भी मारे पुलिस वालों ने, और फिर वो सर (सोनम वांगचुक) तक पहुंचे और उनको एक वाइट चद्दर में लपेट के पहले थोड़ा घसीटा, फिर उठाकर ले गए। एक तरीके से उनकी किडनैपिंग हुई। ये कहना है CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया का। उन्होंने बताया 21 दिन से आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के सुबह जबरन उठा लिया। हाई वोल्टेज ड्रामे के बीच पुलिस वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले गई। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज हरियाणा के सोनीपत के विजेता दहिया ने इसे ‘लोकतंत्र के लिए काला दिन’ करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने गुंडों की तरह बर्ताव किया और वांगचुक को किडनैप कर ले गई। आज सीजेपी के संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर दैनिक भास्कर टीम से हुई बातचीत में विजेता दहिया ने आशंका जताई कि अब पुलिस उन्हें और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को कभी भी अरेस्ट कर सकती है। मगर, हरियाणवी डरते नहीं हैं। पढ़िए पूरी बातचीत… भास्कर टीम: शनिवार को जंतर-मंतर पर क्या हुआ?
विजेता दहिया: NEET पेपर लीक और शिक्षा तंत्र की खामियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रोटेस्ट चल रहा है। शनिवार को जो हुआ, वो भारत के लोकतंत्र के लिए काला दिन था। सुबह पुलिस वालों ने निहत्थे वॉलंटियर्स के साथ धक्का-मुक्की की और लात-घूंसे मारे। जब सोनम जी अपना अनशन नहीं तोड़ना चाहते थे, तो क्यों जबरदस्ती की जा रही है। भास्कर टीम: अभी वांगचुक कहां है और उनकी मांग क्या?
विजेता दहिया: उनको सफदरजंग हॉस्पिटल में जबरदस्ती डिटेन किया हुआ है। जब वो भूख हड़ताल नहीं तोड़ना चाहते, तो आप क्यों फालतू कोशिश कर रहे हैं? अगर सरकार को इतनी ही चिंता है उनकी, तो जो चीज डिमांड कर रहे हैं आप उनकी बात सुन लीजिए। वो यही तो कह रहे थे कि आप एक बार बात तो कर लो। वह अपने लिए नहीं देश की जनता-युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। भास्कर टीम: वांगचुक को यहां से हटाने के बाद आगे क्या होगा? विजेता दहिया: अभी ये आशंका बनी हुई है या यू कहें कि यह कभी भी हो सकता है कि हमें डिटेन कर लिया जाए। हम गिरफ्तारी से नहीं डरते। हमें गिरफ्तार करना है तो आओ गिरफ्तार कर लो। भास्कर टीम: अभी कौन-कौन अनशन पर बैठे हैं? विजेता दहिया: बाकी पहले से जो लोग थे… नेहा, मनीष, आमिन ये तो हैं ही। एक बहादुर सिंह हैं वहां पर और आज अभिजीत दीपके ने भी जॉइन कर लिया हैं। भास्कर टीम: दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला भी आए थे यहां? विजेता दहिया: संसद मार्च के लिए हरियाणा से भी काफी लोग आ रहे हैं, क्योंकि अगर उसूलों पर आंच आएगी तो बोलना जरूरी है। हरियाणा में तो हम ऐसे कहते हैं कि भाई वीरों की भूमि है, हम किसी से डरते नहीं हैं। पेपर लीक के विरोध में हम सभी को एक साथ खड़ा होना होगा। यहां पर देखिए उन बच्चों की फोटो लगी हुई है जिन्होंने पेपर लीक के बाद सुसाइड कर लिया। मगर सरकार को कोई मतलब नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी विदेश में जाकर मेलोडी- मेलोडी कर रहे थे। भास्कर टीम: लोगों की भीड़ बढ़ी है या इसमें कमी आई है? विजेता दहिया: जब हम 20 जून को यहां पर आए तब पहले कुछ दिनों तक काफी भीड़ थी, फिर थोड़ी कम हुई, फिर सोनम सर आए तो भीड़ बढ़ गई, फिर थोड़ी कम हुई, तो ऐसे ऊपर नीचे चलता रहता है। पिछले तीन-चार दिन से ये काफी ज्यादा मोमेंटम पकड़ रहा था और आज तो मतलब एकदम से बहुत ज्यादा ऊपर चला गया। भास्कर टीम: हरियाणा में मोदी जी ने हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन किया? विजेता दहिया: ये कभी कहते हैं स्पेस टेक्नोलॉजी से रोड बनाएंगे, कभी वो नाले की गैस से चाय बनाएंगे। कभी बादलों से रडार को रोक देंगे। मगर जमीनी हकीकत ये है कि हरियाणा में कितने सरकारी स्कूल बंद हो रहे हैं, ओवरऑल पूरे देश में ही हो रहे हैं। पिछले 10 साल में 94,000 के आसपास स्कूल बंद हो चुके। सरकार को सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था पर जोर देना चाहिए और इसे बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। ऐसी-ऐसी सिचुएशन हमने सुनी है कि डेड बॉडी को चूहों ने कुतर दिया, सरकार को बेसिक चीजों पर ध्यान देना चाहिए। क्या है पूरा मामला? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत द्वारा बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने के विरोध में 16 मई 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी की डिजिटल शुरुआत हुई थी। 6 जून 2026 से इसका जमीनी प्रदर्शन शुरू हुआ, जो मुख्य रूप से NEET-UG पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। शिक्षाविद और समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के अधिकारों के समर्थन में खुद को “मानद कॉकरोच” बताकर 28 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। 21 दिनों के उपवास के कारण वांगचुक का स्वास्थ्य गंभीर रूप से बिगड़ा और 9.5 किलो वजन घट गया। इसके बाद 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया। उनकी पत्नी ने इसे ‘अवैध हिरासत’ बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। हरियाणा के रहने वाले हैं विजेता दहिया विजेता दहिया हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के बाद विदेश मंत्रालय में एसएससी-सीजीएल (SSC-CGL) के जरिये नौकरी की। सिस्टम से मोहभंग होने पर सरकारी नौकरी छोड़ दी और ‘भाड़ में जाए वो नौकरी’ नाम की चर्चित किताब लिखी। वे यूट्यूबर ध्रुव राठी के लिए रिसर्च और स्क्रिप्ट राइटिंग का काम भी कर चुके हैं और अब CJP मूवमेंट का प्रमुख चेहरा हैं। बोले- डर गए तो समझो मर गए
भास्कर टीम से बातचीत के अंत में दहिया ने तीखे तेवर में कहा कि आज देश में हर इंसान असुरक्षित है, चाहे वो अस्पताल हो, सड़क हो या ट्रेन। उन्होंने दो टूक कहा, “हम डरने वाले नहीं हैं, अगर मुझे भी गिरफ्तार करना है तो कर लें। मैं यहीं जंतर-मंतर पर बैठा हूं”। अपनी बात के अंत में उन्होंने मशहूर शायर फैज अहमद फैज की नज़्म – “बोल के लब आज़ाद हैं तेरे….” का जिक्र करते हुए युवाओं से हक की आवाज बुलंद करने की अपील की। ———————— ये खबर भी पढ़ें… यूट्यूबर ध्रुव राठी का साथी कॉकरोच जनता पार्टी का प्रवक्ता:विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिल्में बना चुके; पढ़िए सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पार्टी की कोर टीम में शामिल सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी भी काफी दिलचस्प है। विजेता CJP के तीन प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने दिल्ली से इंजीनियरिंग की, विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिर उसे छोड़कर हरियाणवी फिल्में, लेखन और कंटेंट क्रिएशन की राह चुनी। (पूरी खबर पढ़ें)



Source link

संसद का मानसून सत्र आज से: पेपर लीक, राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर हंगामे के आसार; राज्यसभा में अमित शाह वंदेमातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे


  • Hindi News
  • National
  • Parliament Monsoon Session 2026 Bill LIVE Update; PM Narendra Modi Rahul Gandhi | BJP Congress

नई दिल्ली52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सरकार ने रविवार19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 40 दलों के 58 नेता शामिल हुए।

संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष सोनम वांगचुक के अनशन, NEET-UG पेपर लीक, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), महंगाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

वहीं, सरकार इस सत्र में 7 विधेयक पेश करेगी। लोकसभा में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा ‘सुप्रीम कोर्ट (संशोधन) विधेयक’ पेश किया जाएगा। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित संशोधन विधेयक पेश करेंगे।

इस बार मानसून सत्र में TMC के बागी सांसदों की नई पार्टी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ भी पहली बार संसद में नजर आएगी। TMC छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नए सांसद राज्यसभा में शपथ लेंगे।

सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करेंगे। 18वीं लोकसभा का नौवां संसदीय सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।

पहले जानते हैं उन 7 बिलों के बारे में, सरकार जिन्हें पेश करेगी

चर्चा के लिए समय तय, सबसे ज्यादा वक्त MSME बिल को

आज पेश होंगे 2 अहम बिल…

राज्यसभा: वंदेमातरम का अपमान अपराध होगा, कानून बना तो सजा और जुर्माना भी

मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 पहले राज्यसभा में पेश करने वाली है। 1971 के अधिनियम के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

सरकार ने इसी अधिनियम की धारा 3 में संशोधन किया है। वह राष्ट्रगीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिलाना चाहती है। यानी बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है।

बिल के प्रावधानों के अनुसार अब वंदेमातरम् गाने में रुकावट डालने, किसी भी तरह से उसका अपमान करने वाले काम को दंडनीय बनाया जाएगा।

लोकसभा: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल ऑर्डिनेंस की जगह लेगा

लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश, 2026 पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी। यह बिल मई में जारी ऑर्डिनेंस की जगह लेगा।

ऑर्डिनेंस लागू होने के बाद बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जज नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसे पारित करने के लिए संसद में साधारण बहुमत चाहिए।

भास्कर नॉलेज: ऑर्डिनेंस क्या होता है जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता, तब सरकार तत्काल कानून बनाने के लिए ऑर्डिनेंस या अध्यादेश जारी कर सकती है। लेकिन संसद का सत्र शुरू होने के बाद उसे 6 सप्ताह (42 दिन) के भीतर दोनों सदनों से पारित कराना जरूरी होता है, अन्यथा ऑर्डिनेंस अपने आप ही समाप्त माना जाता है।

TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग सीटें मिलीं

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को नई सीटें अलॉट की हैं ताकि वे अलग बैठ सकें। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, कुल 39 सांसदों को नई सीटें दी गई हैं। उन्हें अलग बैठाने के लिए बाकी सदस्यों को नई सीटें देनी पड़ी हैं।

TMC के नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है। इसके अलावा, YSR कांग्रेस के पीवी मिथुन रेड्डी, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल की सीटें भी बदली गई हैं।

लोकसभा में एनडीए के 2 साल में 19 सांसद बढ़े

राज्यसभा में एनडीए के 40 सांसद बढ़े

सरकार परिसीमन बिल ला सकती है, लेकिन कुछ बिल अटके

सरकार ने संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों की सूची में 2 पुराने और 5 नए विधेयक हैं। इनमें 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, एक देश-एक चुनाव बिल, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन बिल का जिक्र नहीं है।

1. 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल: मानसून सत्र में आना मुश्किल। वजह- यह अभी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के पास विचाराधीन है। JPC ने 17 जुलाई को बैठक में अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट टाल दी। JPC ने पांच सिफारिशें दी हैं। समिति की अध्यक्ष बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी का कहना है कि इस पर और चर्चा की जरूरत है।

2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक: इस बिल के भी मानसून सत्र में पेश होने की संभावना कम है। वजह- जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी इस पर विचार कर रही है। समिति ने 17 जुलाई को मीटिंग बिल से जुड़े तीन अहम कानूनों पर अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी देने का फैसला टाल दिया। समिति का कहना है कि संबंधित पक्षों यानी स्टेकहोल्डर्स के साथ और बातचीत की जरूरत है।

3. एक देश-एक चुनाव बिल: इस बिल को भी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है। अभी कई पक्षों से बातचीत करना बाकी है। इसलिए मानसून सत्र में इसे भी पेश किए जाने की संभावना कम है।

4. परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल: ये बिल सरकार कभी भी ला सकती है। सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत, लेकिन फिलहाल उसके पास बहुमत नहीं है।

16-17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर कुल 21 घंटे 27 मिनट तक बहस हुई थी। 131 सांसदों ने अपनी बात रखी थी। संविधान का 131वां संशोधन बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। बिल 54 वोट से गिर गया था। इसके बाद बाकी दो बिल पर वोटिंग नहीं हुई।

16-17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर कुल 21 घंटे 27 मिनट तक बहस हुई थी। 131 सांसदों ने अपनी बात रखी थी। संविधान का 131वां संशोधन बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। बिल 54 वोट से गिर गया था। इसके बाद बाकी दो बिल पर वोटिंग नहीं हुई।

परिसीमन से जुड़ा बिल लाने सरकार नंबर जुटाने में लगी, समझें कैसे करेगी

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार DMK और शरद पवार की पार्टी को साथ लाने की कोशिश कर रही है। DMK के साथ परिसीमन से जुड़े आश्वासनों को संविधान संशोधन विधेयक में लिखित रूप से शामिल करने पर सहमति बनाई है।

बिलों को पास करवाने के लिए सदन की मौजूदा संख्या के आधार पर सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई सासंदों यानी लोकसभा में 360 और राज्यसभा में 161 सांसदों का समर्थन चाहिए।

विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल और परिसीमन संशोधन संविधान 2026 बिल लोकसभा में रखा गया था। जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण ये बिल पारित नहीं हो सके थे।

बिल पास कराने के लिए सरकार का गुणा-भाग

लोकसभा में 2 विकल्प

  • 42 सांसद और जुटाने होंगे: विपक्ष के 42 सांसद टूट, विलय या समर्थन से एनडीए में शामिल हों या अलग गुट बनाकर समर्थन करें।
  • विपक्ष के सांसद गैरहाजिर रहें: ऐसा करने से संसद में प्रभावी सदस्य संख्या घट जाएगी। फिर दो-तिहाई आंकड़ा 318 पर आ जाएगा। इसके लिए सपा (37), डीएमके (22), एनसीपी-शरद (8) और टीएमसी (8), यानी कुल 75 सांसदों में से 62 को गैरहाजिर कराना होगा। 7 निर्दलीय और छोटी पार्टियों के 10 सांसदों पर भी नजर है। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस (98) के भी कुछ सांसदों को गैरहाजिर रखने का प्रयास हो सकता है।

राज्यसभा में 2 विकल्प

  • 11 सदस्य और जुटाने होंगे: राज्यसभा में अभी प्रभावी सदस्य संख्या 244 (1 सीटें खाली) है। संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 163 है। सरकार/एनडीए के पास 152 सदस्य हैं। ऐसे में उसे 11 और सदस्यों का समर्थन, दल-बदल या अन्य सहयोग के जरिए जुटाना होगा।
  • विपक्ष के सदस्य गैरहाजिर रहें: अगर मतदान के दौरान विपक्ष या अन्य दलों के सदस्य गैरहाजिर रहते हैं तो प्रभावी सदस्य संख्या घट जाएगी और दो-तिहाई का आंकड़ा भी नीचे आ जाएगा। मौजूदा गणित के हिसाब से सरकार के 152 वोट पर्याप्त होने के लिए कम से कम 16 सदस्यों का गैरहाजिर रहना जरूरी होगा।



Source link

‘प्रधानमंत्री की कार भी नहीं बख्शी’: कानपुर में डॉ. किरण बेदी ने सुनाया इंदिरा गांधी का चालान वाला किस्सा – Kanpur News




रोटरी क्लब ऑफ कानपुर ग्रेटर का 31वां अधिष्ठापन समारोह रविवार को आयोजित किया गया। रात 9 बजे शुरू हुए समारोह में साल 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की। क्लब के नए अध्यक्ष के रूप में रोटेरियन विकास जायसवाल, सचिव के रूप में रोटेरियन अनुप केसरवानी और उनकी पूरी कार्यकारिणी ने पद संभाला। कार्यक्रम में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। नवनिर्वाचित अध्यक्ष विकास जायसवाल ने कहा कि क्लब समाज सेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनहित के ऐतिहासिक और प्रभावी कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने सभी सदस्यों से सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। समारोह के मुख्य अतिथि रोटेरियन सीए जसबीर सिंह भाटिया रहे। कानपुर आने के लिए अच्छी हो गई कनेक्टिविटी पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने रोटरी क्लब के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ईमानदार नेतृत्व, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि रोटरी जैसे संगठन समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. किरण बेदी ने कहा कि अब कानपुर आने के लिए कनेक्टिविटी अच्छी हो गई है। दिल्ली से सीधे कानपुर आई हूं और कानपुर का ट्रैफिक भी अच्छा हो गया है। पहले लखनऊ से कार से आना पड़ता था। उन्होंने आईपीएस रहते हुए अपने कार्यकाल के दौरान किए गए सराहनीय कार्यों को याद किया। इंदिरा गांधी के चालान वाला किस्सा सुनाया एक रोटेरियन के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कार का चालान काटने की घटना के सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली की डीसीपी (ट्रैफिक) रहते हुए वह सुबह 8 बजे ही सड़क पर निकल जाती थीं। ताकि वह यातायात नियमों को सख्ती से लागू करवा सके। उन्होंने कहा कि एक दिन कनॉट प्लेस के ऑउटर सर्किल के पास इंदिरा गांधी की कार आई। देखा गया कि वह कार नियमों का पालन नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि मेरे साथ एक सब इंस्पेक्टर थे। वह तुरंत इंदिरा गांधी की कार के पास गए और ड्राइवर से कहा कि इस गाड़ी को हटाओ। अगर आप चेतावनी नहीं मानेंगे तो क्रेन लग जाएगी, लेकिन उसके बाद भी ड्राइवर ने कार नहीं हटाई। फिर प्रधानमंत्री की कार क्रेन से हटाई गई। इसके अलावा गाड़ी का चालान भी किया गया। कार्यक्रम में यह लोग रहे मौजूद कार्यक्रम का संचालन रोटेरियन रोकेश कपूर और संगीता कपूर ने किया। समारोह में रोटेरियन संदीप गुप्ता, अतुल कपूर, रवि कपूर, आलोक लोढिया, श्रीराम अग्रवाल, भरत चंद्र सेठ, विपुल जैन, अनिल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में क्लब के सदस्य मौजूद रहे।



Source link