Sunday, September 6, 2026
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सात्विक-चिराग ने जीता चीन मास्टर्स खिताब, एक घंटे 10 मिनट के फाइनल में चीन की जोड़ी को हराया

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भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी फाइनल में हे जी टिंग और रेन जियांग यू की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर चाइना मास्टर्स का खिताब जीता।

भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शनिवार को रोमांचक फाइनल में चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को हराकर चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। वर्ष 2023 और 2025 के चरणों में उपविजेता रहे सात्विक और चिराग की जोड़ी यहां अपना तीसरा फाइनल खेल रही थी। इस भारतीय जोड़ी ने एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में हे और रेन की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से शिकस्त दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सत्र का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।

दो हफ़्ते पहले घरेलू वर्ल्ड चैंपियनशिप में मिली निराशा के बाद, सात्विक-चिराग के लिए यह एक शानदार वापसी है और उन्होंने इस मौके को पूरी तरह भुनाया, जीत के प्रति उनके दृढ़ संकल्प ने उन्हें सबसे अलग साबित किया। 17-17 के स्कोर पर खेल की तेज गति के कारण दोनों जोड़ियों से गलतियां हुईं। हे के नेट पर स्मैश मारने से सात्विक-चिराग को बढ़त मिली, चिराग की शानदार रैली के बाद वे जीत से सिर्फ 2 पॉइंट दूर थे। नेट कॉर्ड की मदद से उन्हें 3 मैच पॉइंट मिले और उन्होंने पहले ही मौके पर जीत हासिल कर ली।

सेमीफाइनल में मलेशिया की जोड़ी को हराया

सेमीफाइनल में बैडमिंटन रैंकिंग में पांचवें पायदान पर मौजूद भारत की सात्विक और चिराग की जोड़ी ने मलेशिया के नूर मोहम्मद अजीरन अयूब और टैन वी किओंग की जोड़ी को एक घंटे छह मिनट तक चले मुकाबले में 21-16, 18-21, 21-11 से हराकर चाइना मास्टर्स के फाइनल में प्रवेश किया था। इस जीत के साथ सात्विक और चिराग पिछले चार संस्करणों में तीसरी बार चाइना मास्टर्स के फ़ाइनल में पहुंचे हैं। वे 2023 और 2025 में रनर-अप रहे थे और 2024 में सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।



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श्री संघ सभा पाली की नई कार्यकारिणी घोषित: सज्जनराज गुलेच्छा अध्यक्ष और छगनलाल सालेचा मंत्री बने – Pali (Marwar) News




पाली जैन समाज की सर्वोच्च संस्था श्री संघ सभा पाली की वर्ष 2026-27 की नई कार्यकारिणी की सर्वसम्मति से घोषणा की गई। श्री संघ सभा के पूर्व अध्यक्ष विनय भंसाली एवं पूर्व मंत्री गौतमचंद छाजेड़ ने बताया कि सभा के सभी घटकों की सहमति से सज्जनराज गुलेच्छा को अध्यक्ष और छगनलाल सालेचा को मंत्री मनोनीत किया गया। नई कार्यकारिणी में कांतिलाल बलाई को उपाध्यक्ष, महावीरराज मेहता को सहमंत्री और रमेश मरलेचा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं धनराज कांठेड़, हुकमीचंद संचेती, आनंदराज गांधी, रूपकुमार चौपड़ा, सज्जनराज धारोलिया, नरेंद्र पंच, उत्तमचंद मुथा, रमेश सांड, मदनलाल गेमावत, दिलीप मेहता सहित अन्य को कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष विनय भंसाली और पूर्व मंत्री गौतमचंद छाजेड़ ने सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया। नवनियुक्त अध्यक्ष सज्जनराज गुलेच्छा ने सभी का आभार जताया। उन्होंने समाज को मजबूत बनाने के साथ सामाजिक नियमों एवं आगतों की पालना सुनिश्चित करवाने का आह्वान किया। गुलेच्छा ने कहा कि समाज के सभी घटकों को साथ लेकर सामाजिक एकता और संगठन को और मजबूत किया जाएगा।



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बयान देने जा रही पीड़िता को उठा ले गया आरोपी: पुलिस ने कुछ घंटे में किशोरी को बरामद किया, आरोपी की तलाश जारी – Shravasti News




श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में नया मोड़ आ गया। शनिवार को मेडिकल और बयान के लिए अपनी मां के साथ जा रही किशोरी को रास्ते में युवक दोबारा अपने साथ ले गया। आज रविवार 1:00 बजे पुलिस ने बयान जारी कर बताया की पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कुछ ही घंटे में किशोरी को ढूंढ निकाला। आरोपी युवक की तलाश जारी है। क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि 3 सितंबर को एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाया था कि गांव का सूरज वर्मा उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू की। कुछ समय बाद किशोरी अपनी मां के साथ खुद थाने पहुंच गई थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को उसकी मां को सौंप दिया गया था। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस पुलिस के मुताबिक, 5 सितंबर को किशोरी अपनी मां के साथ बयान, मेडिकल और दूसरी कानूनी कार्रवाई के लिए भिनगा जा रही थी। इसी दौरान लालपुर चौराहे के पास विपक्षी सूरज वर्मा दोबारा बाइक से पहुंचा। किशोरी उसके साथ चली गई दावा किया जा रहा है कि इस घटना का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसकी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं है। सूचना मिलते ही गिलौला पुलिस ने तलाश शुरू की और शाम तक किशोरी को ढूंढ लिया। वहीं पुलिस ने किशोरी का बयान दर्ज करने के बाद उसे भिनगा के वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। आरोपी सूरज वर्मा की तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।वहीं इस मामले में परिवार का कहना है कि जब पीड़िता को बयान के लिए भेजा जा रहा था तो उसके साथ में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस भी होनी चाहिए थी।



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संडे प्रोफाइल : मैथ्यू बर्गमैन: सोशल मीडिया कंपनियों केखिलाफ बर्गमैन की लड़ाई




अमेरिकी वकील मैथ्यू बर्गमैन इन दिनों बच्चों को सोशल मीडिया से होने वाले नुकसान के खिलाफ अपनी कानूनी मुहिम के कारण चर्चा में हैं। वे सोशल मीडिया विक्टिम्स लॉ सेंटर के संस्थापक हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह में मेटा ने अमेरिका के दर्जनों राज्यों की ओर से दायर मामलों को निपटाने के लिए 18 अरब डॉलर यानी करीब 1.70 लाख करोड़ रुपए के समझौते पर सहमति दी। इन मुकदमों में आरोप है कि सोशल मीडिया की लत किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को खतरे में डाल रही है। बर्गमैन इस मुख्य मुकदमे की कार्रवाई में गहराई से जुड़े रहे हैं। बर्गमैन के मुताबिक, मेटा लगातार यह दलील देती रही है कि उसके प्लेटफॉर्म लोगों को लती नहीं बनाते। कंपनी का तर्क रहा है कि अगर बच्चों को कोई नुकसान हुआ है तो उसके लिए बच्चे या उनके माता-पिता जिम्मेदार हैं। इसके विपरीत बर्गमैन का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्रोडक्ट से जुड़े जोखिमों के लिए जवाबदेह होना चाहिए। बर्गमैन का लगभग पूरा समय अब सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ मुकदमों में बीतता है। अमेरिका में कम्युनिकेशन डिसेंसी एक्ट की धारा 230 डिजिटल कंपनियों को उनके प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट के लिए काफी हद तक कानूनी जिम्मेदारी से छूट देती है। यह प्रावधान लंबे समय से माता-पिता, वकीलों और पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी बाधा रहा है। बर्गमैन ने इसी के खिलाफ अलग कानूनी रास्ता अपनाया है। पिछले चार वर्षों में बर्गमैन इंस्टाग्राम, टिकटॉक और स्नैपचैट समेत प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ मामले लड़ चुके हैं। वे चार हजार से ज्यादा मुवक्किलों के करीब 1,500 मामलों से जुड़े हैं। सिएटल में पले-बढ़े बर्गमैन ने 1986 में ग्रेजुएशन के बाद कानून की डिग्री हासिल की। करिअर की शुरुआत उन्होंने सिएटल की एक बड़ी कानूनी फर्म से की। शुरुआत में वे एक एसबेस्टस कंपनी के वकील थे। बाद में उन्होंने पेसिफिक नॉर्थवेस्ट कंपनी बनाई, जो एसबेस्टस पीड़ितों को मुआवजा दिलाने के मामले लड़ती थी।
2021 में उन्होंने सोशल मीडिया लॉ सेंटर शुरू किया, जिसका फोकस बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले सोशल मीडिया मामलों पर है। बर्गमैन सोशल मीडिया कंपनियों की तुलना एसबेस्टस कंपनियों से करते हैं। उनका कहना है कि एसबेस्टस कंपनियां अपने प्रोडक्ट के खतरों से परिचित थीं, फिर भी सबूत छिपाती और वैज्ञानिक जानकारी को तोड़-मरोड़कर पेश करती थीं। उनके मुताबिक सोशल मीडिया कंपनियां भी कुछ इसी तरह के सवालों का सामना कर रही हैं।



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कल्पना मिश्रा केस की CBI जांच कराने की मांग: विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने भोपाल में गांधी प्रतिमा के सामने दिया धरना – Bhopal News




कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में CBI जांच की मांग को लेकर विंध्य नागरिक अधिकार मंच ने रविवार को गांधी प्रतिमा के सामने एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। मंच के अध्यक्ष दिलीप तिवारी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में विंध्य क्षेत्र के नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘कल्पना मिश्रा को न्याय दो- CBI जांच लागू करो’, ‘स्वास्थ्य मंत्री होश में आओ’ और ‘बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था ठीक करो’ जैसे नारे लगाए। मंच ने कहा कि कल्पना मिश्रा ने मौत से पहले इलाज और मदद के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन उसकी आवाज नहीं सुनी गई। अब उसके साथ हुई घटना पूरे विंध्य क्षेत्र के लिए न्याय का सवाल बन गई है। मंच अध्यक्ष दिलीप तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही मामले की CBI जांच नहीं कराई तो पूरा विंध्य भोपाल में एकजुट होकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा। साथ ही मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी। धरने में अनीश शर्मा, भूपेन्द्र मिश्रा, अभिषेक तिवारी, प्रवीण शर्मा, सुरजन, संदीप विश्वकर्मा, देवराज राणा, अंकित रघुवंशी और धीरेंद्र राणा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। मजिस्ट्रियल जांच पर सवाल मंच ने मामले में कराई जा रही मजिस्ट्रियल जांच पर भी सवाल उठाए। दिलीप तिवारी ने कहा कि जिन प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं, उन्हीं के स्तर पर होने वाली जांच से निष्पक्षता को लेकर सवाल बने रहेंगे। इसलिए सरकार को मजिस्ट्रियल जांच के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच करानी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग में वसूली और मनमानी का आरोप मंच ने रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। आरोप लगाया गया कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल रहा और कुछ डॉक्टर निजी नर्सिंग होम में सेवाएं देने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। मंच का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों में बुलाने और इलाज के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है। मंच ने अस्पताल के अधीक्षक से जुड़े निजी अस्पताल के संचालन को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि दोहरे पदों से जुड़े लोगों तथा निजी चिकित्सा संस्थानों के संचालन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मंच ने ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर सेवा समाप्त करने तक की कार्रवाई की मांग की। ‘कागजों में मृत का इलाज, जिंदा को मृत दिखाने का खेल’ प्रदर्शनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग में दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड के रखरखाव को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। मंच का कहना है कि रीवा में ऐसी स्थिति सामने आ रही है, जहां कागजों में मृत व्यक्ति का इलाज चलता दिख रहा है और जिंदा व्यक्ति को मृत बताया जा रहा है। मंच ने इसे केवल कागजी खानापूर्ति और वसूली का हिस्सा बताते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की। सस्पेंड कर्मचारियों के प्रभाव की भी जांच की मांग मंच ने निलंबित किए गए लोगों के कथित प्रभाव और उनके द्वारा अब भी सरकारी तंत्र में प्रभाव इस्तेमाल किए जाने के आरोपों की जांच की मांग की। विशेष रूप से राहुल मिश्रा की बाइक के उपयोग से जुड़े मामले की भी जांच कराने की मांग रखी गई। ये हैं मंच की प्रमुख मांगें 25 अगस्त : डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंची थीं कल्पना रीवा जिले के हटवा गांव निवासी 25 वर्षीय कल्पना मिश्रा को 25 अगस्त की रात गांधी मेमोरियल अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया था। यह उनकी पहली डिलीवरी थी। परिवार के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान उनकी हालत सामान्य थी। अस्पताल की ओर से बाद में ब्लड प्रेशर बढ़ने और गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त जांच नहीं होने की बात कही गई। 26 अगस्त : ऑपरेशन के बाद मां-बच्चे की मौत 26 अगस्त की रात करीब 8.30 बजे कल्पना का सी-सेक्शन हुआ और बच्चे का जन्म हुआ। इसके कुछ समय बाद कल्पना और नवजात दोनों की मौत हो गई। मौत से पहले का एक वीडियो सामने आया, जिसमें कल्पना अस्पताल में मदद और वहां से ले जाने की गुहार लगाती नजर आईं। वीडियो सामने आने के बाद इलाज और अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे। डॉक्टर-नर्स सस्पेंड, अधीक्षक हटे; मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
मामले में कार्रवाई करते हुए दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग स्टाफ को निलंबित किया गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा को पद से हटाकर डॉ. प्रियंक शर्मा को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद जच्चा-बच्चा की मौत की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए। अब विंध्य नागरिक अधिकार मंच इस जांच को पर्याप्त नहीं मानते हुए CBI जांच की मांग कर रहा है।



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आरा स्टेशन के पास ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत: बक्सर का रहने वाला था, दोस्त के घर जाने के लिए निकला था; दूसरे दिन शव की पहचान – Bhojpur News




दानापुर-पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलखंड पर आरा स्टेशन के पश्चिम साइड अप लाइन पर शनिवार को ट्रेन से गिरकर बक्सर के रहने वाले युवक की मौत हो गई। घटना को लेकर लोगों के बीच अफरा-तफरी मची रही। घटना की सूचना पाकर रेल पुलिस घटनास्थल पर पहुंच और शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। मृतक की पहचान बक्सर जिला के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र के खारा टांड़ के टोला के रहने वाले दशरथ यादव के 35 साल के बेटे निखिल यादव के रूप में हुई है। तीन सितंबर को दोस्त के घर जाने के दौरान ट्रेन से गिरा मृतक के परिजन सुदामा सिंह ने बताया कि निखिल यादव 3 सितंबर की शाम अपने दोस्त के घर जाने के लिए निकला था। लेकिन शाम तक वो दोस्त के घर नहीं पहुंचा। इसकी जानकारी तब हुई, जब देर शाम को ये पूछने के लिए कॉल किया गया कि वो कब लौटेगा। सुदामा सिंह ने बताया कि जब परिवार के लोगों ने कॉल किया तो फोन नहीं लगा। मोबाइल स्विचऑफ था। इसके बाद परिजन ने निखिल के दोस्त को फोन किया, उसने बताया कि निखिल मेरे पास आने के लिए कह रहा था, लेकिन वो यहां नहीं आया है। खोजबीन के दौरान स्टेशन पहुंचे, तब हुई जानकारी सुदामा ने बताया कि चार सितंबर को दिनभर निखिल की तलाश की गई। अगले दिन यानी 5 सितंबर को हम लोग बिहिया रेलवे स्टेशन पहुंचे, तो वहां जानकारी मिली कि एक दिन पहले एक युवक ट्रेन हादसे का शिकार हुआ है, ट्रेन से गिरकर युवक की मौत हुई है। इसके बाद परिजन आरा रेल थाना पहुंचे और शव को देख उसकी पहचान की। इसके पश्चात परिजन शव दाह-संस्कार के लिए वापस गांव ले गए। बताया जाता है कि मृतक अपने चार भाइयों में तीसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां पार्वती देवी व तीन भाई शिवजी यादव, संजय यादव एवं चंदन यादव है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उसकी मां पार्वती देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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न मैदा, न ज्यादा झंझट! गेहूं के आटे से बनाएं कुरकुरी मेथी मठरी, चाय का मजा होगा दोगुना

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Methi Mathri Recipe: शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन है तो घर पर गेहूं के आटे से मेथी मठरी तैयार कर सकते हैं. इस रेसिपी में मैदा की जगह गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया गया है. ताजी मेथी, धनिया, तिल, अजवाइन और मसाले मठरी का स्वाद बढ़ाते हैं. घी और आटे से तैयार साटा लगाने से मठरी में खूबसूरत परतें बनाने में मदद मिलती है. इसे धीमी से मध्यम आंच पर तलने से मठरी अच्छी तरह सिकती है और कुरकुरी बनती है. पूरी तरह ठंडी होने के बाद इसे सूखे एयरटाइट कंटेनर में स्टोर किया जा सकता है.

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घर पर मठरी कैसे बनाएं (इमेज AI)

Without Maida Methi Mathri Recipe: शाम की चाय के साथ जब कुछ कुरकुरा खाने का मन हो, तो अक्सर रसोई में सबसे पहले मठरी का ख्याल आता है. बाजार की मठरी स्वाद में अच्छी लग सकती है, लेकिन उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और तेल की गुणवत्ता को लेकर हर कोई आश्वस्त नहीं होता. ऐसे में घर पर गेहूं के आटे और ताजी मेथी से तैयार की गई मठरी अच्छा विकल्प बन सकती है. शाहीन की बताई इस रेसिपी की खासियत इसका परतदार और कुरकुरा टेक्सचर है.

इसमें मैदा की जगह गेहूं का आटा इस्तेमाल किया गया है. ऊपर से मेथी, धनिया और मसालों का स्वाद इसे सामान्य मठरी से थोड़ा अलग बनाता है. इसे बनाने में कुछ अतिरिक्त मेहनत जरूर लगती है, लेकिन एक बार तरीका समझ आ जाए तो घर पर आसानी से तैयार की जा सकती है.

मेथी और धनिया से शुरू करें तैयारी
सबसे पहले एक मुट्ठी ताजी मेथी और हरा धनिया लें. पत्तियों को अच्छी तरह साफ करके पानी से धोएं और फिर कपड़े या छलनी की मदद से उनकी अतिरिक्त नमी निकाल दें. यह छोटा-सा कदम मठरी की शेल्फ लाइफ के लिए काफी जरूरी है. मेथी और धनिया को बारीक काट लें. पैन में थोड़ा तेल डालकर इन्हें हल्का भूनें. इससे मेथी की कड़वाहट कुछ कम होगी और उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी भी निकल जाएगी. अगर मेथी उपलब्ध नहीं है, तो मौसम के अनुसार इसे छोड़कर भी मठरी बनाई जा सकती है.

गेहूं के आटे से गूंथें सख्त आटा
अब डेढ़ कप गेहूं का आटा एक परात में लें. इसमें तैयार मेथी-धनिया, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच हल्दी, एक चम्मच जीरा, आधा चम्मच कुटी काली मिर्च, नमक, एक चम्मच सफेद तिल और आधा चम्मच अजवाइन डालें. मठरी को खस्ता बनाने के लिए दो चम्मच तेल या घी मोयन के तौर पर डालें. सभी सामग्री को हाथों से अच्छी तरह मिलाने के बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथें. आटा नरम नहीं होना चाहिए. इसे ढककर करीब 30 मिनट के लिए रख दें.

(इमेज AI)

परतों के लिए जरूरी है साटा
अगर आपको मठरी में हलवाई जैसी परतें चाहिए, तो साटा तैयार करना होगा. इसके लिए तीन चम्मच पिघला हुआ घी और दो चम्मच आटा लेकर अच्छी तरह फेंटें. इससे क्रीमी पेस्ट जैसा मिश्रण तैयार हो जाएगा. अब आटे की करीब नौ लोइयां बनाएं. प्रत्येक लोई को पतला बेलें और उस पर साटा लगाएं. इसके ऊपर दूसरी रोटी रखें, फिर साटा लगाकर तीसरी रोटी रखें. इस तरह तीन परतें तैयार करें. इन्हें हल्के हाथ से बेलने के बाद किनारे से कसकर रोल करें. रोल में ज्यादा हवा नहीं रहनी चाहिए.

छोटे टुकड़ों को हल्के हाथ से बेलें
तैयार रोल को चाकू से छोटे टुकड़ों में काटें. हर टुकड़े को पहले हथेली से थोड़ा दबाएं और फिर बेलन से हल्के हाथ से बेलें. यहां जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है. बहुत ज्यादा दबाव देने पर मठरी की परतें खराब हो सकती हैं और तलने के बाद मनचाहा टेक्सचर नहीं आएगा. मठरी को बहुत पतला भी न बेलें. हल्की मोटाई रहने पर बाहर से कुरकुरी और अंदर से परतदार बनावट बेहतर मिलती है.

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JNU में प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप: 11 छात्रों ने शिकायत की; छात्रसंघ ने कहा- प्रोफेसर देर रात तक लैब में रोकते हैं




दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के 11 छात्रों ने एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) में शिकायत की है। यूनिवर्सिटी सूत्रों के मुताबिक, छात्रों ने मई में शिकायत दी थी। इसके बाद ICC ने मामले की जांच शुरू कर दी। इधर, JNU छात्रसंघ (JNUSU) ने साइंस लैब की सेफ्टी और छात्रों के साथ प्रोफेसरों के व्यवहार को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को ईमेल भेजा है। छात्रसंघ ने लैब का पूरा ऑडिट कराने, जरूरी सेफ्टी गियर देने और लैब की टाइमिंग तय करने की मांग की है। छात्रों को आधी रात तक लैब में रोकने का आरोप JNUSU ने आरोप लगाया कि कुछ प्रोफेसर छात्रों को बिना जरूरत रात 12 बजे तक लैब में काम करने के लिए कहते हैं। साइंस स्कॉलर्स को लंबे समय तक लैब में काम करना पड़ता है, जिससे उनकी सेहत पर असर पड़ रहा है। उसने स्कॉलर्स के लिए आरामदायक कुर्सियां देने की मांग भी की है। छात्रसंघ ने कहा कि लैब की टाइमिंग UGC की गाइडलाइन के मुताबिक तय होनी चाहिए। रिसर्च प्रोजेक्ट में देर रात काम जरूरी है या नहीं, इसका फैसला स्कॉलर को करने दिया जाना चाहिए। बिना ग्लव्स पारा संभालने का आरोप छात्रसंघ ने कहा कि कुछ लैब में जरूरी सेफ्टी गियर नहीं हैं। उसने आरोप लगाया कि छात्रों को पारा (Mercury) जैसे पदार्थ भी बिना सही ग्लव्स के संभालना पड़ रहा है। JNUSU ने सभी साइंस लैब का सेफ्टी ऑडिट कराने और यह पता लगाने की मांग की कि लैब में काम करने से कितने छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें हुई हैं। प्रोफेसरों पर डराने और मॉरल पुलिसिंग का आरोप JNUSU ने आरोप लगाया कि स्कॉलर्स और सुपरवाइजर्स के बीच सख्त हायरार्की बनाई जा रही है। छात्रों को डराने और उनकी निजी जिंदगी में दखल देने की शिकायतों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है। छात्रसंघ ने सभी प्रोफेसरों के लिए जेंडर और कास्ट से जुड़ी संवेदनशीलता वर्कशॉप कराने की मांग की। साथ ही, छात्रों को परेशान करने वाले प्रोफेसरों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने को कहा है। JNU में पहले भी प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का मामला यह शिकायत JNU में पहले सामने आए एक यौन उत्पीड़न मामले के बीच आई है। अप्रैल 2025 में यूनिवर्सिटी की एग्जीक्यूटिव काउंसिल ने चार कर्मचारियों को बर्खास्त किया था। इनमें स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर प्रोफेसर स्वर्ण सिंह भी शामिल थे। सिंह पर जापान एंबेसी की एक अधिकारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। वह अधिकारी JNU के प्रोफेसरों के साथ अकादमिक कार्यक्रमों के लिए कोऑर्डिनेट करती थीं। एक अधिकारी के मुताबिक, सिंह के साथ आखिरी मीटिंग के बाद उन्होंने शिकायत की थी। जांच में सिंह के खिलाफ सबूत मिलने के बाद उन्हें बर्खास्त किया गया था। उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें होने की बात कही गई थी। एक सीनियर फैकल्टी मेंबर ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि यह घटना मई 2024 में हुई थी। कमेटी ने इस मामले की विस्तार से जांच की थी और दोनों पक्षों को अपने गवाह पेश करने का मौका दिया था। 11 छात्रों की नई शिकायत पर ICC की जांच जारी है। JNU प्रशासन ने इस मामले पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है।



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पूर्व थानाध्यक्ष की मौत के 7 दिन बाद केस: बेटे ने 3 लोगों पर ब्लैकमेलिंग का लगाया आरोप; आत्महत्या के लिए उकसाने समेत धाराओं में FIR – Basti News




बस्ती के वाल्टरगंज थाने के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने घटना के सात दिन बाद केस दर्ज किया है। उनके बेटे संदीप सिंह ने तीन लोगों पर पिता को ब्लैकमेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। संदीप का कहना है कि लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उनके पिता ने 29 अगस्त को आत्महत्या कर ली थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत कई धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अप्रैल से वाल्टरगंज थाने में थे तैनात संदीप सिंह ने कोतवाली में दी शिकायत में बताया कि उनके पिता अप्रैल 2026 से वाल्टरगंज थाने में थानाध्यक्ष के पद पर तैनात थे। 29 अगस्त को उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद संदीप ने पुलिस को शिकायत देकर पूरे मामले की जांच की मांग की। शिकायत में संदीप ने प्रियंका चौधरी पत्नी हेन्द्र चौधरी निवासी वावनपार, थाना पैकोलिया, हाल पता गंधार थाना वाल्टरगंज; रानयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी निवासी गंधार और विजय प्रकाश पुत्र रतरा निवासी पिपरा काजी, थाना पैकोलिया को नामजद किया है। बेटे का आरोप- ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से करते थे परेशान संदीप का आरोप है कि तीनों लोग उनके पिता को लगातार ब्लैकमेल करते थे और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उनका कहना है कि इसी ब्लैकमेलिंग और मानसिक दबाव से परेशान होकर सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या कर ली। 5 सितंबर की रात 11:56 बजे दर्ज हुई FIR घटना 29 अगस्त की है, जबकि पुलिस ने संदीप की शिकायत पर 5 सितंबर की रात 11:56 बजे केस दर्ज किया। मामले की जांच उपनिरीक्षक जयविंद कुमार यादव को सौंपी गई है। FIR दर्ज होने के बाद पुलिस नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के बीच संबंध से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।



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कोटा में आज 3 से 4 घंटे तक बिजली कटौती: रोड नंबर 5, 6, 7, गोमती सर्कल, हरियाली किसान मार्केट में रहेगा पावर कट – Kota News




कोटा शहर में बिजली की लाइनों के मेंटेनेंस कार्य के चलते आज सुबह से शाम तक कई इलाकों में निर्धारित समय तक बिजली कटौती रहेगी। निजी बिजली कंपनी की ओर से यह शटडाउन लिया गया है ताकि लाइनों और ट्रांसफॉर्मरों का रखरखाव किया जा सके। इस दौरान तकनीकी टीमों द्वारा वायरिंग, पोल और फीडर की जांच का कार्य किया जा रहा है। कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें और सहयोग बनाए रखें। मेंटेनेंस पूरा होते ही प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। इन इलाकों में की जाएगी बिजली कटौती सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक: रोड नंबर 5, ऑटोमोबाइल जोन, गौतम इलेक्ट्रिकल वाली गली, सीएनजी पेट्रोल पंप के आसपास, प्रमोद इलेक्ट्रिकल वाली गली, राजेंद्र इंजीनियरिंग, कैलोरी ब्रेड, मूंदड़ा ट्रैक्टर्स के आसपास, निमोदिया स्टोन्स एसएस आनंद के आसपास, प्रकाश ट्रांसफार्मर, होटल जी-20 के आसपास, बीएसएनएल कार्यालय, श्रीराम सर्किल, ओम मेटल, कैप्टन मोहन वाली गली, मिल्की वे, मधुश्री चाय वाली गली, अशोक चॉकलेट व आसपास के इलाकों की चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी। सुबह 10:30 से दोपहर 2:30 बजे तक: राजेश मोटर्स, आरटीएल, राठी वाली गली, आरटीएल के आसपास, झंवर स्टोन के पास, पाषाण भवन, हरियाली किसान मार्केट के आसपास, गोमती सर्किल इलाकों की चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 12 से 3 बजे तक: रोड नंबर 6, चांवला इंडस्ट्री, स्टोन शिपर, गणेश उद्योग, अशोक बोतल इंडस्ट्री, अग्रवाल स्टोन, उत्तम इंडस्ट्री, जम्बू इंडस्ट्री, देवेंद्र स्टोन, अग्रवाल मार्बल, मंगल दाल एंड आॅयल मिल, ढाका इंडस्ट्री, एनके इंडस्ट्री के आसपास के इलाकों की 3 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक: रोड नं. 7, रोड नं. 6 का कुछ भाग, रूंग्टा इंडस्ट्रीज, ट्रॉली मार्केट के आसपास, मजार के पास, गंभीर उद्योग के पास, बुरहानी वाली गली, भामाशाह मंडी क्षेत्र के सामने, प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय के आसपास 4 घंटे बिजली कटौती की जाएगी।



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