हाथरस में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिवार के सदस्यों ने पड़ोसी से झगड़े के बाद उसकी हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। रविवार देर रात गांव सठिया में राकेश (36) पुत्र फागुनी सिंह का अपने पड़ोसियों से झगड़ा हो गया। झगड़ा जल्द ही मारपीट और पथराव में बदल गया। झगड़े से बचने के लिए राकेश छत पर चढ़ गया। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया और अचेत होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत सासनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से उसे बांगला जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने राकेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। परिवार के लोगों का आरोप है कि करंट लगने के बाद जब राकेश बेहोश हो गया तो कुछ लोगों ने उसे छत से नीचे धक्का दे दिया। राकेश पेशे से ड्राइवर था और अपने पीछे तीन छोटे बच्चे छोड़ गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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हाथरस में पड़ोसी से झगड़े के बाद युवक की मौत: पथराव से बचने के लिए छत पर चढ़ा, करंट की चपेट में आकर जान गई – Hathras News
रेत चोर पकड़ने निकले अफसर, खदान मिली सुनी: रेत से भरा डंपर पकड़ा; मालिक बोला- मैं लक्ष्मण बैस का भतीजा; 18 घंटे बाद FIR – narmadapuram (hoshangabad) News
नर्मदापुरम जिले में तवा और नर्मदा नदी से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों के बीच राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने रविवार आधी रात कार्रवाई की। टीम ने जिंदबाबा मंदिर के पास रेत से भरा डंपर क्रमांक MP 49 H 1166 पकड़ा। संयुक्त दल ने रात करीब 1.45 बजे डंपर को रोककर चालक से रेत से संबंधित दस्तावेज और रॉयल्टी के बारे में जानकारी मांगी। जांच में सामने आया कि डंपर में ग्राम मनवाड़ा, तहसील माखननगर से रेत भरकर लाई जा रही थी। टीम को रेत के संबंध में वैध दस्तावेज और रॉयल्टी नहीं मिली। डंपर पकड़े जाने के दौरान उसका मालिक नमन परिहार भी मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों के पूछने पर उसने अपना परिचय नमन परिहार के रूप में दिया और बताया कि वह डिवाइन सिटी में रहता है। उसने खुद को लक्ष्मण सिंह बेस का भतीजा भी बताया। नमन ने अधिकारियों से कहा कि उनके स्टॉक से रेत उठाकर एक स्थान पर ले जाई जा रही थी। हालांकि, रेत से संबंधित रॉयल्टी और अन्य वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने डंपर को देहात थाने भेजने और रेत चोरी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। डंपर पकड़े जाने के करीब 18 घंटे बाद रात 8.20 बजे पुलिस ने उसके चालक हरिओम गोस्वामी, निवासी ग्राम गुजरबाड़ा, बाबई, नर्मदापुरम के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नर्मदा नदी से रेत भरकर भेजते है बुधनी बुधनी रोड पर नर्मदा पुल के पास डोंगरवाड़ा खदान से रेत की चोरी धड़ल्ले से जारी है। आधी रात को रेत माफिया खदान में ट्रैक्टर ट्रालियां उतारते है। रेत भरतकर तेजी से नर्मदा पुल के दूसरी ओर बुधनी तरफ ढाबे पर रेत खाली करने का सिलसिला चलता है। रेत खदान मिली सुनी, पहले सूचना मिलने की आशंका संयुक्त दल डोंगरवाड़ा, जासलपुर एवं निमसाड़िया क्षेत्र की खदानों पर पहुंचे। लेकिन अधिकारी के पहुंचने के पहले ही खदानों से रेत चुराने वाले मजदूर, लोग जेसीबी, लोडर और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर रफूचक्कर हो गए। जिस वजह से संयुक्त दल को रेत खदान सुनी पड़ी मिली। ऐसी आशंका है कि प्रशासन के पहुंचने की भनक रेत माफियों को मिल गई थी।
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दूसरी सोमवारी को लेकर स्पेशल ट्रैफिक प्लान लागू: सीवान के मेंहदार मंदिर में पहली सोमवारी के जाम के बाद प्रशासन एक्टिव – Siwan News
सीवान में सावन की पहली सोमवारी पर प्रसिद्ध बाबा महेंद्रनाथ मंदिर, मेंहदार में श्रद्धालुओं को भीषण जाम और अव्यवस्था से हुई परेशानी की खबर दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। पहली सोमवारी की बदहाल यातायात व्यवस्था से सबक लेते हुए अब दूसरी सोमवारी को लेकर महेंद्रगिरी मेंहदार मंदिर में श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष यातायात व्यवस्था लागू कर दी गई है। श्रावण मास के दौरान 30 जुलाई से 28 अगस्त तक मंदिर में संभावित भारी भीड़ को देखते हुए यातायात के सुगम संचालन के लिए यह व्यवस्था लागू रहेगी। इमरजेंसी संबंधित गाड़ियों को रोक से मुक्त इसके तहत बड़े वाहनों के प्रवेश पर निर्धारित समय में रोक लगाई गई है। अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस, शव वाहन, न्यायिक कार्य से जुड़े वाहन और अन्य आपातकालीन वाहनों को इससे मुक्त रखा गया है। व्यवस्था के तहत रसुलपुर बाजार से चैनपुर बाजार तथा चैनपुर बाजार से रसुलपुर बाजार की ओर जाने वाले बड़े वाहनों का गुरुवार रात 10 बजे से शुक्रवार दोपहर 2 बजे तक प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इसी तरह रविवार रात 10 बजे से सोमवार दोपहर 2 बजे तक भी दोनों दिशाओं में बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक रहेगी। सिसवन तिलौता नहर से चैनपुर बाजार की ओर जाने वाले बड़े वाहनों के लिए भी इन्हीं समयावधि में प्रवेश निषेध रहेगा। फोर व्हीलर गाड़ियों का एंट्री पूरी तरह रहेगा बंद मंदिर आने वाले चार पहिया वाहनों के लिए भी पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को अपने वाहन चैनपुर-रसुलपुर रोड पर बनाए गए बलिया कोठी स्टैंड में पार्क करने होंगे। वहीं स्टेट हाईवे के किनारे मंदिर द्वार से एक किलोमीटर पूर्व और एक किलोमीटर पश्चिम तक वाहनों को खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा चैनपुर-रसुलपुर रोड से मंदिर की ओर जाने वाली ग्रामीण सड़क पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। इस मार्ग को केवल दोपहिया वाहनों और पैदल आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुला रखा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य मंदिर के आसपास वाहनों का दबाव कम कर श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना है। पहली सोमवारी पर घंटों जाम में फंसे शिवभक्तों को हुई परेशानी के बाद अब प्रशासन की ओर से उठाए गए इन कदमों को अहम माना जा रहा है। पुलिस ने श्रद्धालुओं और आम लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात व्यवस्था का पालन करें और पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें, ताकि दूसरी सोमवारी पर जाम की स्थिति से बचा जा सके। आपात स्थिति में श्रद्धालु डायल-112 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला कंट्रोल रूम का नंबर 06154-242000 तथा यातायात थाना का नंबर 9031827226 जारी किया गया है।
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40 वर्षों से नहीं बदला मऊ के इस घाटी का स्वाद, मैदा नहीं शुद्ध आटा से होता है तैयार, जानें
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उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में लोग समोसा बड़े ही मन से खाते हैं, लेकिन मऊ जनपद में मिलने वाली घाटी की अलग ही मांग है. क्योंकि मऊ जनपद में खाने वाले व्यंजन में घाटी पहली पसंद है जो हर जनपद और हर प्रदेश में नहीं मिलती. यही वजह है कि लोग मऊ में इसे काफी पसंद करते हैं. बाजार में जयसवाल स्वीट हाउस पर मिलने वाला ₹7 का घाटी हर किसी की पहली पसंद बनी हुई है. इसका खास वजह है या घाटी ऐसे मनाई जाती है जो कभी नुकसान नहीं करती है क्योंकि यह घाटी शुद्ध आटा बनाया जाता है. यही वजह है कि लोग इसे खूब पसंद करते हैं. और एक बार इस घाटी को जो खा लेता है वह बार-बार घाटी खाने पर मजबूत हो जाता है.
उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेशों में लोग समोसा बड़े ही मन से खाते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में मिलने वाली घाटी की अलग ही मांग है. क्योंकि मऊ जनपद में खाने वाले व्यंजन में घाटी पहली पसंद है जो हर जनपद और हर प्रदेश में नहीं मिलती. यही वजह है कि लोग मऊ में इसे काफी पसंद करते हैं. आईए जानते हैं क्या है इसकी खासियत.
मऊ जनपद के द्वारा बाजार में जयसवाल स्वीट हाउस पर मिलने वाला ₹7 का घाटी हर किसी की पहली पसंद बनी हुई है. इसका खास वजह है या घाटी ऐसे मनाई जाती है जो कभी नुकसान नहीं करती है क्योंकि यह घाटी शुद्ध आटा बनाया जाता है. यही वजह है कि लोग इसे खूब पसंद करते हैं. और एक बार इस घाटी को जो खा लेता है वह बार-बार घाटी खाने पर मजबूत हो जाता है.
अक्सर देखा जाता है दुकानों पर घाटी मैदा का बनाया जाता है. जो काफी नुकसान करता है लेकिन इस घाटी में मैदा का प्रयोग ना करके घर का शुद्ध आटा का प्रयोग किया जाता है. जिसकी वजह से इस घाटी में घर का स्वाद मिलता है और लोग इसे काफी पसंद करते हैं और इसे खाने के लिए दूर-दराज से बहुत जाते हैं.
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सुनील जायसवाल बताते हैं कि इस घाटी को बनाने के लिए सबसे पहले बाजार से चना लाया जाता है और उसके बाद उसे अच्छे से भुना जाता है. फिर उसे चने को आटा चक्की पर पीसा जाता है और उसके बाद उसे घर लाकर घाटी बनाने के लिए ब्याज लहसुन और अन्य सामान डालकर घाटी का मसाला बनाया जाता है. और इसी घाटी मसाले का घाटी बनाई जाती है जिससे इसका स्वाद बेहतर होता है और स्वाद ही हर किसी को घाटी खाने पर मजबूर करती है.
जब घाटी का मसाला तैयार हो जाता है तब घर का आटा गुथा जाता है और उसे कुछ देर तक छोड़ दिया जाता है. जब कुछ देर तक छोड़ने के बाद गुथा हुआ आटा फूल जाता है अच्छे से तो फिर उसे घाटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है. और गोल आकार में काफी बनाई जाती है जो हर प्रदेश में घाटी नहीं मिलती है. यही वजह है मऊ में लोग काफी इस घाटी को पसंद करते हैं.
सुनील बताते हैं कि उनके यहां घाटी घर की तरह बनाई जाती है इस घाटी में घर का स्वाद मिलता है. इस वजह से लोग इस घाटी को काफी पसंद करते हैं. यही वजह है कि इस घाटी को लोग सिर्फ यहां खाते ही नहीं है बल्कि घर भी पैक करा कर लेकर जाते हैं क्योंकि इस घाटी में बिल्कुल घर जैसा स्वाद मिलता है. क्योंकि यह घाटी बिल्कुल घर जैसा बनाया जाता है. इस वजह से घर का स्वाद मिलता है अन्य बाजारों की तरह इस दुकान पर स्वाद घाटी का नहीं आता इस वजह से लोग इस घाटी को काफी पसंद कर रहे हैं.
अगर बात करें कीमत की की तो यह घाटी ₹7 प्रति पीस दिया जाता है क्योंकि काफी स्वादिष्ट होती है और अन्य लोगों का बजट देखते हुए इस घाटी को मात्र 7 रुपए में दिया जाता है. जिसकी वजह से यह घाटी कड़ाई से बाहर निकलते ही 10 मिनट के अंदर आसानी से बिक जाती है. क्योंकि इस घाटी का स्वाद ही ऐसा है कि लोग इसे खूब पसंद करते हैं और जो एक बार खा लेते हैं वह इस घाटी को खोजते हुए पहुंच जाते हैं.
यह घाटी मऊ मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर इंदरा बाजार में मिलती है. अक्सर इस घाटी को खाने के लिए लोग दूर-दूर से बहुत जाते हैं. और बगल में ही रेलवे स्टेशन होने के वजह से लोग इस घाटी को पैक करा कर अन्य शहरों में भी लेकर जाते हैं. यही वजह है कि उनकी घाटी की मांग हमेशा अधिक बनी रहती है. लगभग 40 वर्षों से उनकी दुकान का स्वाद बदल नहीं है वह शुद्ध आटे का ही घाटी बनाते हैं.
26/11 हमले से जुड़े लश्कर आतंकी अब्दुल-अजीज की मौत: इस्लामाबाद में मस्जिद के बाहर अचानक गिरा; रेस्टोरेंट में खाना खाया था
26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी कारी सईद अब्दुल-अजीज की पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मौत हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह कुबा मस्जिद के बाहर अचानक गिर पड़ा, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मस्जिद पहुंचने से पहले अजीज ने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया था। इसके बाद नमाज के लिए पहुंचने पर वह अचानक गिर पड़ा। मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने भी घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अजीज पर 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की साजिश में शामिल होने का आरोप था। हमले में लश्कर के 10 आतंकियों ने मुंबई के कई ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। उस पर लश्कर की एक यूनिट संभालने का भी आरोप था, जो आतंकियों के बीच कम्युनिकेशन और जम्मू-कश्मीर में मारे गए लश्कर आतंकियों के परिवारों को आर्थिक मदद से जुड़े काम देखती थी। पाकिस्तान में लश्कर आतंकियों की रहस्यमय मौतों का सिलसिला जारी अजीज की मौत ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई आतंकियों और ऑपरेटिव्स की रहस्यमय तरीके से हत्या की खबरें सामने आती रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलग-अलग घटनाओं में 30 से 40 लश्कर ऑपरेटिव्स मारे जा चुके हैं। हालांकि, इन घटनाओं और अजीज की मौत के बीच कोई सीधा संबंध होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल यह भी साफ नहीं है कि अजीज की मौत बीमारी या किसी दूसरे कारण से हुई। मामले में पाकिस्तानी अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। 26/11 हमले की पूरी टाइमलाइन 26 नवंबर 2008 की रात समुद्र के रास्ते आए 10 लश्कर-ए-तैयबा आतंकियों ने मुंबई में कई जगहों पर हमला किया। CST, ताज होटल, ओबेरॉय-ट्राइडेंट और नरीमन हाउस मुख्य निशाने थे। 29 नवंबर की सुबह ताज होटल में आखिरी आतंकियों के मारे जाने के साथ ऑपरेशन खत्म हुआ। बॉम्बे हाईकोर्ट के मुताबिक, हमले में 166 लोगों की मौत और 238 लोग घायल हुए थे। 26 नवंबर | हमले की शुरुआत CST के बाद पुलिस पर हमला 27 नवंबर | कमांडो ऑपरेशन शुरू 28 नवंबर | दो जगह ऑपरेशन खत्म 29 नवंबर | ताज में आखिरी ऑपरेशन 10 आतंकियों का क्या हुआ? 9 आतंकी मारे गए | 1 आतंकी अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। जांच और अदालत की कार्रवाई में सामने आया कि हमले के पीछे लश्कर-ए-तैयबा का नेटवर्क था। लश्कर का आतंकी नेटवर्क कैसे काम करता है लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन का नेटवर्क केवल हमले करने वाले आतंकियों तक सीमित नहीं होता। इसके पीछे भर्ती, ट्रेनिंग, कम्युनिकेशन, फंडिंग और संगठन से जुड़े लोगों के परिवारों की मदद जैसे अलग-अलग काम संभालने वाले नेटवर्क होते हैं।
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तीन बागी TMC सांसदों का भाजपा में जाने से इनकार: इनमें यूसुफ-अबू ताहिर, बोले- हम NDA में नहीं; 20 सांसदों ने NCPI में विलय किया था
कोलकाता/नई दिल्ली5 मिनट पहले
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पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के तीन बागी मुस्लिम सांसद अबू ताहिर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान ने कहा है कि वे BJP में शामिल नहीं होंगे और वे NDA का हिस्सा भी नहीं हैं। तीनों सांसदों के मुताबिक, वे BJP की राजनीति से सहमत नहीं हैं, लेकिन अपने क्षेत्रों के लोगों के हित में केंद्र और राज्य सरकार के साथ काम करेंगे।
ये तीनों उन 20 बागी TMC सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने बंगाल विधानसभा चुनाव के कुछ हफ्तों बाद ममता बनर्जी की पार्टी से अलग होकर नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय किया था। इसके बाद NDA को समर्थन देने की घोषणा की थी।
हालांकि, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक उन्हें औपचारिक रूप से NCPI सांसद के तौर पर मान्यता नहीं दी है। अबू ताहिर और खलीलुर रहमान के मुताबिक, स्पीकर अभी भी उन्हें संसद में TMC सांसद कहकर संबोधित करते हैं और उनके नाम के साथ TMC लिखा जाता है।

पीएम मोदी ने 7 जुलाई को दिल्ली स्थित अपने आवास पर NDA सांसदों के साथ बैठक की थी, जिसमें अबू ताहिर, खलीलुर और यूसुफ शामिल हुए थे।
PM की बैठक के बाद BJP से नजदीकी की अटकलें बढ़ी थीं
पीएम मोदी ने 7 जुलाई को अपने आवास पर NDA के सांसदों के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग आयोजित की थी। इस दौरान NCPI में शामिल हुए TMC के बागी सांसद और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय करने वाले शिवसेना (UBT) के सांसद भी मौजूद थे।
ब्रेकफास्ट मीटिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, BJP अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ TMC के बागी सांसद खलीलुर रहमान, यूसुफ पठान और अबू ताहिर खान भी मौजूद थे। इसके बाद उनके BJP और NDA के करीब जाने की अटकलें तेज हो गई थीं।

PM ने 4 जुलाई को NDA सांसदों के साथ बैठक की थी। इसमें पहली बार NCPI के सांसद शामिल हुए थे।
CM शुभेंदु से मुलाकात के बाद बोले- BJP जॉइंन नहीं करेंगे
अगले दिन यानी 8 जुलाई को अबू ताहिर और खलीलुर रहमान ने बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। बैठक के बाद खलीलुर रहमान से BJP में शामिल होने को लेकर सवाल पूछा गया।
उन्होंने साफ कहा- नहीं, हम BJP में शामिल नहीं हो रहे हैं। हम NCPI के साथ रहेंगे। भविष्य में पार्टी के साथ बने रहने या कोई दूसरा राजनीतिक रास्ता चुनने के सवाल पर उन्होंने कहा- समय ही बताएगा।
अबू ताहिर ने भी कहा कि वे BJP के साथ नहीं जाएंगे और NDA का हिस्सा नहीं बनेंगे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय, खासकर पिछड़े और जरूरतमंद लोगों के मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बताई।
शाह से मिलकर मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर बैन को लेकर चर्चा की
तीनों सांसदों ने 6 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। तीनों ने शाह को एक ज्ञापन सौंपा था। इसमें मस्जिदों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पाबंदियों और SIR के दौरान बंगाल के वोटरों के नाम हटाए जाने की शिकायतों को लेकर चिंता जताई गई थी।
NCPI के अंदर मतभेद पर पार्टी ने कहा- बड़ी दरार नहीं
बागी सांसदों के गुट में मतभेद की अटकलों के बीच NCPI की सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने कहा कि पार्टी में कोई दरार नहीं है। उन्होंने कहा कि NCPI सांसदों के साथ पीएम मोदी की दो घंटे से ज्यादा की बैठक हुई, जिसमें बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई और अबू ताहिर भी इसमें मौजूद थे।
वहीं, पिछले हफ्ते 4 जुलाई को NDA सांसदों की ‘मंगल मिलन’ बैठक में NCPI के 17 सांसद शामिल हुए थे। अबू ताहिर, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
TMC ने तीनों सांसदों को BJP की बी-टीम बताया
दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने इन सांसदों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि इन सांसदों ने स्पीकर को NCPI के साथ होने की जानकारी दी थी और NCPI को NDA का सहयोगी बताया जा चुका है। TMC विधायक कुणाल घोष ने NCPI को BJP की ‘बी-टीम’ बताया।
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ममता बोलीं- मेरी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए:पुलिस के सामने लोगों ने हमला किया, खिड़की खुली होती तो सिर चकनाचूर हो जाता

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि उनकी गाड़ी पर पत्थरों से हमला किया गया। पुलिस के सामने भीड़ ने गाड़ी रोक ली। कार पर मिट्टी और कीचड़ लगा दिया। कुछ लोगों ने जूते-पत्थर भी फेंके। अगर खिड़की खुली होती तो सिर चकनाचूर हो जाता, मौत भी हो सकती थी। पूरी खबर पढ़ें…
IPO Boom: इस हफ्ते आएंगे 9 नए IPO, 8 कंपनियों की होगी लिस्टिंग
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IPO This Week : इस हफ्ते मेनबोर्ड सेगमेंट में पांच और एसएमई सेंगमेंट 4 आईपीओ लॉन्च होंगे. इन इश्यू के माध्यम से कंपनियां बाजार से करीब 7700 करोड़ रुपये जुटाएगी.
इस हफ्ते बाजार में जोरदार हलचल रहने वाली है.
नई दिल्ली. आईपीओ मार्केट में इस हफ्ते जबरदस्त हलचल रहेगी. नए हफ्ते में करीब ₹7,700 करोड़ की कुल राशि जुटाने के उद्देश्य से 9 नए आईपीओ (IPO) निवेश के लिए खुलेंगे. इसके साथ ही, 8 अलग कंपनियों के पब्लिक इश्यूज के शेयर शेयर बाजार में लिस्ट होंगे. इस हफ्ते आ रहे 9 नए आईपीओ में 5 मेनबोर्ड आईपीओ हैं और 4 एसएमई सेगमेंट से हैं.
हफ्ते के पहले दिन यानी आज, धूत ट्रांसमिशन (Dhoot Transmission) और मोलबायो डायग्नोस्टिक्स (Molbio Diagnostics) के आईपीओ खुलेंगे. ये 12 अगस्त को बंद होंगे. बैन कैपिटल समर्थित महाराष्ट्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी धूत ट्रांसमिशन ₹3,066.9 करोड़ जुटाने के लिए अपना आईपीओ ला रही है. इसका प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया गया है. आईपीओ में ₹1,400 करोड़ के फ्रेश शेयर और ₹1,666.9 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है.
मोलबायो डायग्नोस्टिक्स आईपीओ खुलेगा आज
गोवा की मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स कंपनी मोलबायो डायग्नोस्टिक्स आईपीओ से ₹939.70 करोड़ जुटा रही है. इसका प्राइस बैंड ₹768 से ₹807 प्रति शेयर तय किया गया है. आईपीओ में ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे, जबकि ₹739.70 करोड़ के शेयर ओएफएस के जरिए बेचे जाएंगे.
कानपुर में आज 309 साल पुराने अखाड़ा में दंगल: देश-विदेश के पहलवान लडेंगे कुश्ती, कभी नानाराव पेशवा, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई ने दांव-पेंच लड़े थे – Kanpur News
कानपुर में 10 अगस्त, सावन के दूसरे सोमवार को जागेश्वर धाम, नवाबगंज के अखाड़े में ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया जा रहा है। इस दंगल में देश-विदेश के पहलवान कुश्ती में एक-दूसरे को पटखनी देंगे। भूटान से आ रहे चिमचिम डोगरा पहलवान इस दंगल में मुख्य आकर्षण होंगे। चिमचिम पहलवान अपने फुर्तीले अंदाज के लिए मशहूर हैं। लोग कहते हैं कि अखाड़े की मिट्टी में मानो उनकी फुर्ती किसी सांप की तरह दिखाई देती है। नेपाल के मशहूर पहलवान शंकर थापा, देवा थापा, लकी थापा और मेवा थापा भी कुश्ती में शामिल होंगे। कुश्ती में सबसे बड़ा इनाम 1 लाख रुपये का होगा। इसके अलावा विभिन्न कुश्तियों के लिए इनाम की राशि अलग-अलग रखी गई है। शहर में जागेश्वर धाम अखाड़े में 309वें दंगल का आयोजन किया जा रहा है। भूटान और नेपाल के अलावा दंगल में देशभर के अलग-अलग राज्यों से पहलवान मुकाबले के लिए आ रहे हैं। खास बात यह भी है कि इस दंगल में देशभर से महिला पहलवान भी मुकाबले में शामिल हो रही हैं। दंगल संयोजक जितेंद्र उर्फ जीतू पांडेय ने बताया कि पूर्वज बताते आए हैं कि यूपी का पहला कुश्ती का अखाड़ा जागेश्वर धाम परिसर का ही है। यहां लगभग 300 साल पहले दंगल की शुरुआत हुई थी। इसी अखाड़े में नाना राव पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई और चंद्रशेखर आजाद कुश्ती के दांव-पेंच की आजमाइश किया करते थे। ये पहलवान देशभर से आ रहे हैं बाबा लाड़ी, हिमाचल, बिल्ला पहलवान, हरियाणा, विक्की पहलवान, पंजाब, राहुल पांडेय, हरिद्वार, बग्गा, पंजाब; सोनू, अंबाला, शमशेर, राजस्थान, मोंटी पहलवान, दिल्ली, नकाबपोश पहलवान, महाराष्ट्र, बाबर पहलवान, जम्मू, टाइगर पहलवान, कुकड़ामंडी से दंगल में शामिल होने के लिए आ रहे हैं। महिला पहलवानों में बाबी, गाजीपुर और ब्यूटी पहलवान, गाजियाबाद से दंगल में शामिल हो रही हैं। कानपुर से संजू और बालचंद्र पहलवान कुश्ती में दांव-पेंच की आजमाइश करेंगे। उन्नाव से सुरेंद्र और मनीष पहलवान दंगल में कुश्ती के मैदान में शामिल होंगे।
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पटना मेट्रो निर्माण के कारण चिड़ियाघर के पास ट्रैफिक बदला: सगुना मोड़ से आने वाले वाहनों का दो जगह डायवर्जन, डुमरा चौकी और एलएनजेपी से रूट डायवर्ट – Patna News
पटना में मेट्रो निर्माण के चलते चिड़ियाघर के पास करीब 200 मीटर हिस्से में सड़क की एक लेन से ही वाहनों का परिचालन हो रहा है। इससे पीक आवर में ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है। पुलिस ने जाम की समस्या को देखते हुए सोमवार से सगुना मोड़ की ओर से आने वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए नया डायवर्जन प्लान लागू किया है। पटना जंक्शन की ओर जाने के लिए नया रूट राजाबाजार पुल के नीचे से आने वाले व्यावसायिक वाहनों को चिड़ियाघर पहुंचने से पहले डुमरा चौकी के पास डायवर्ट किया जाएगा। यहां से वाहन एयरपोर्ट के मुख्य गेट के सामने से पटेल गोलंबर और हार्डिंग रोड होते हुए आयकर गोलंबर या पटना जंक्शन की ओर जा सकेंगे। एलएनजेपी अस्पताल की ओर भी भेजे जाएंगे वाहन कुछ व्यावसायिक वाहनों को चिड़ियाघर से पहले एलएनजेपी अस्पताल की ओर मोड़कर पुनाईचक की तरफ भेजा जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य चिड़ियाघर के पास बंद लेन पर वाहनों का दबाव कम करना है। चिड़ियाघर के पास सड़क की एक लेन बंद होने के कारण राजवंशी नगर स्थित हनुमान मंदिर के पास पीक आवर में जाम की स्थिति बन रही है। वाहनों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रभावित हो रही है। इसी वजह से व्यावसायिक वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजने का फैसला लिया गया है। विकास भवन और विद्युत भवन के पास भी बदलेगा रूट यातायात पुलिस के अनुसार, मेट्रो का अगला निर्माण कार्य विकास भवन और विद्युत भवन के आसपास शुरू होना है। वहां काम शुरू होने के बाद आयकर गोलंबर से ही व्यावसायिक वाहनों को डायवर्ट करने की योजना है। एलएनजेपी अस्पताल से पुनाईचक जाने वाली सड़क संकरी है। ऐसे में इस रास्ते पर व्यावसायिक वाहनों की संख्या बढ़ने से जाम की समस्या पैदा हो सकती है। यातायात पुलिस स्थिति पर नजर रखेगी और जरूरत के अनुसार डायवर्जन में बदलाव किया जाएगा। दो स्थानों से होगा व्यावसायिक वाहनों का डायवर्जन ट्राफिक प्रशासन के अनुसार सगुना मोड़ की तरफ से आने वाले व्यावसायिक वाहनों को दो जगहों पर डायवर्ट किया जाएगा। पहला रास्ता डुमरा चौकी से एयरपोर्ट की ओर और दूसरा एलएनजेपी अस्पताल की ओर होगा। विकास भवन और विद्युत भवन के पास मेट्रो निर्माण शुरू होने के बाद यातायात व्यवस्था में फिर बदलाव किया जाएगा।
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