भिंड जिले में अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए खनिज विभाग की टीम लगातार गश्त और कार्रवाई कर रही है। बीती रात टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर रेत का अवैध परिवहन करते हुए तीन ट्रैक्टर पकड़े। इनमें दो ट्रैक्टर लहार क्षेत्र के मटियावली से रेत लेकर मिहोना की ओर जा रहे थे, जबकि एक ट्रैक्टर मेहगांव क्षेत्र में पकड़ा गया। टीम ने तीनों वाहनों को जब्त कर संबंधित थानों में खड़ा कराया है। सभी मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मटियावली में रेत से भरे दो ट्रैक्टर पकड़े खनिज विभाग की टीम को लहार, मिहोना और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने रात में पेट्रोलिंग शुरू की। अटेर क्षेत्र से गश्त करते हुए टीम लहार क्षेत्र के मटियावली पहुंची। यहां रावतपुरा सानी के पास दो ट्रैक्टर रेत का अवैध परिवहन करते मिले। दोनों ट्रैक्टर मटियावली से रेत लेकर मिहोना की ओर जा रहे थे। टीम ने दोनों वाहनों को रोककर जब्त किया और संबंधित थाने में खड़ा कराया। मेहगांव में भी ट्रैक्टर जब्त इधर, मेहगांव क्षेत्र में भी खनिज विभाग की टीम ने पेट्रोलिंग के दौरान एक ट्रैक्टर को अवैध रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा। टीम ने मौके पर वाहन जब्त किया और उसे मेहगांव थाने में खड़ा कराया। इस मामले में भी विभाग द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। भिंड समेत कई क्षेत्रों में लगातार निगरानी खनिज निरीक्षक गौरव साहू ने बताया कि जिले में अवैध रेत परिवहन रोकने के लिए लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। भिंड, मेहगांव, भारौली, अटेर, लहार और मिहोना क्षेत्र में सूचना मिलने पर टीम तत्काल कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि अवैध रेत परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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भिंंड में माइनिंग टीम ने तीन ट्रैक्टर पकड़े: मटियावली से दो और मेहगांव से 1 जब्त, गश्त के दौरान हुई कार्रवाई – Bhind News
‘ये मेरा नाती नहीं, मेरे घर भगवान आए हैं’: समस्तीपुर में नवजात के जन्म के बाद बोली नानी, मां बोली- व्रत रखा था, भगवान ने आशीर्वाद दिया – Samastipur News
समस्तीपुर सदर अस्पताल में जन्माष्टमी की रात सरस्वती कुमारी ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का जन्म देर रात करीब एक बजे हुआ। नवजात को गोद में लेकर उसकी नानी उषा देवी ने कहा कि ये मेरा सिर्फ नाती नहीं, मेरे घर जन्माष्टमी में भगवान आए हैं। वहीं, नवजात की मां सरस्वती कुमारी ने कहा कि कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मैंने व्रत रखा था और घर में जन्मोत्सव की तैयारी कर रही थीं। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर 11 सितंबर को प्रसव की संभावित तिथि बताई थी। इसलिए परिवार को उम्मीद नहीं थी कि कृष्ण जन्माष्टमी की रात ही बच्चे का जन्म होगा। देर रात 10 बजकर 30 मिनट पर लेबर पेन हुआ था उषा देवी ने बताया कि मेरी बेटी सरस्वती देवी को शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सरस्वती ने मुझे इसकी जानकारी दी। इसके बाद घर के अन्य सदस्य पूजा-अर्चना में जुटे रहे, जबकि सरस्वती अपनी मां के साथ रात करीब 11:30 बजे सदर अस्पताल पहुंचीं। यहां उन्हें भर्ती कराया गया। इसी दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का समय हुआ और कुछ ही देर बाद सरस्वती के घर भी बेटे की किलकारी गूंज उठी। तीन साल पहले जन्माष्टमी पर बेटी का जन्म हुआ था, राधा नाम रखा था बच्चे की नानी उषा देवी ने बताया कि तीन साल पहले भी कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर उनके घर नतनी का जन्म हुआ था, जिसका नाम राधा रानी रखा गया है। अब नाती के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि नाती का नाम कृष्ण-कन्हैया रखा जाएगा। ‘डॉक्टर ने 11 सितंबर की डेट दी थी, उम्मीद नहीं थी कि कान्हा आएंगे’ कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पुत्र रत्न की प्राप्ति से खुश सरस्वती कुमारी ने बताया कि उनके पति अमित कुमार प्रदेश में रहते हैं। वह रातलाट बसे पूरा गांव में जन्माष्टमी की तैयारी कर रही थीं और उन्होंने खुद भी व्रत रखा था। सुबह से ही उन्होंने कुछ नहीं खाया था। डॉक्टर ने 11 सितंबर को प्रसव की संभावित तिथि बताई थी, इसलिए उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उसी रात बच्चे का जन्म होगा। लेकिन रात करीब 10:30 बजे अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद वह अपनी मां के साथ सदर अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने बेटे को जन्म दिया। जन्माष्टमी पर सदर अस्पताल में तीन बच्चों का हुआ जन्म सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि कृष्ण जन्माष्टमी की रात अस्पताल में तीन बच्चों का जन्म हुआ। रात 12:01 बजे एक बच्ची का जन्म हुआ। इसके बाद रात 12:29 बजे सरस्वती कुमारी ने पुत्र को जन्म दिया। वहीं, रात करीब 3 बजे एक अन्य महिला ने बच्ची को जन्म दिया। तीनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं।
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कद्दूकस लौकी से बनाएं क्रिस्पी हाई-प्रोटीन टिक्की, नोट करें रेसिपी
Lauki Tikki Recipe Step By Step: लौकी में कैलोरी कम होती है और यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. इसके अलावा लौकी आसानी से पच भी जाता है, जो इसे कमजोर वाले लोगों और बच्चे-बुढ़ों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाता है. लेकिन कई परिवारों में लौकी बिल्कुल खाना पसंद नहीं किया जाता है. लौकी का नाम सुनते ही मुंह बना लेते हैं, खासकर बच्चों को लौकी की सब्जी बिल्कुल पसंद नहीं आती.
पर अगर इसी साधारण सब्जी को स्वादिष्ट और हेल्दी तरीके से तैयार किया जाए, तो यह हर किसी की पसंद बन सकती है. अगर आप ऐसी रेसिपी की तलाश में हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हेल्दी भी हो, तो हाई-प्रोटीन लौकी पनीर टिक्की एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है. इसे बनाने में बहुत कम तेल का इस्तेमाल होता है, इसलिए यह उन लोगों के लिए भी अच्छी है जो फिटनेस और हेल्दी डाइट पर ध्यान देते हैं.
लौकी टिक्की बनाने का तरीका (How To Make Lauki Tikki)
सामग्री
2 कप कद्दूकस की हुई लौकी (अतिरिक्त पानी निकाल लें)
200 ग्राम कद्दूकस किया हुआ लो-फैट पनीर
50 ग्राम बेसन
30 ग्राम सोया फ्लोर
1 बारीक कटा प्याज
¼ कप बारीक कटी शिमला मिर्च
2 बारीक कटी हरी मिर्च
1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
स्वादानुसार नमक
2 बड़े चम्मच हरा धनिया
थोड़ा सा तेल
बनाने की विधि
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में कद्दूकस की हुई लौकी, प्याज, पनीर, बेसन, सोया फ्लोर, नमक, लाल मिर्च पाउडर, जीरा पाउडर, हरी मिर्च और सफेद तिल डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं.
इसके बाद इसमें शिमला मिर्च और हरा धनिया डालें. ये दोनों सामग्री टिक्की में हल्का क्रंच और ताजगी जोड़ती हैं. अब मिश्रण से अपनी पसंद के आकार की टिक्कियां तैयार कर लें.
एक नॉन-स्टिक तवा या पैन गर्म करें और उसमें हल्का सा तेल लगाएं. तैयार टिक्कियों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंकें. जब टिक्कियां अच्छी तरह पक जाएं, तो उन्हें प्लेट में निकाल लें.गरमा-गरम लौकी पनीर टिक्की को हरी चटनी, दही या अपनी पसंदीदा डिप के साथ परोसें.
जन्माष्टमी पर कान्हा का आशिर्वाद लेने पहुंची सीएम रेखा गुप्ता: कहा- श्रीकृष्ण का संदेश आज भी मानवता का मार्गदर्शक – New Delhi News
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर इस्कॉन मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया। उन्होंने देशवासियों और दिल्लीवासियों को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म का उत्सव होने के साथ-साथ श्रद्धा, भक्ति, आनंद और आध्यात्मिक चेतना का पर्व है। यह पर्व हमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को आत्मसात करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, धर्म, कर्तव्य और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और धर्म के पक्ष में खड़े रहने की उनकी सीख आज भी प्रासंगिक है और पूरी मानवता का मार्गदर्शन करती है। सीएम ने कहा कि जन्माष्टमी समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और भक्ति की भावना को मजबूत करने का अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। उन्होंने प्रार्थना की कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली आए तथा देश और दिल्ली निरंतर विकास एवं प्रगति के पथ पर आगे बढ़ें।
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मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस लाइन में DM-SSP ने मनाया कृष्ण जन्मोत्सव: परिवारों संग हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, मथुरा-उत्तराखंड दर्शन की झांकियां बनीं खास आकर्षण – Muzaffarnagar News
वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर3 मिनट पहले
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मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस लाइन स्थित मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जन्मोत्सव शुक्रवार रात धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर पूरा पुलिस लाइन परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कृष्णमय हो गया।
4 और 5 सितंबर की आधी रात को हुए इस कार्यक्रम में DM उमेश मिश्रा और SSP संजय कुमार वर्मा ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।
पुलिस लाइन के मंदिर को बिजली की आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था। SSP संजय कुमार वर्मा और उनकी पत्नी डॉ. नीलम राय वर्मा समेत कई पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों ने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में बने मंच पर पुलिस परिवार के बच्चों और कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण से जुड़े धार्मिक प्रसंगों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का मन मोह लिया।
इस दौरान मथुरा दर्शन और उत्तराखंड दर्शन पर आधारित भव्य झांकियां भी खास आकर्षण रहीं। इन झांकियों में धार्मिक और पर्यटन स्थलों को खूबसूरती से दिखाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर परिसर जयकारों और भजनों से गूंजता रहा। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
इस मौके पर DM उमेश मिश्रा और SSP संजय कुमार वर्मा ने पुलिसकर्मियों, उनके परिवारों और जिले के लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना भी की।
कार्यक्रम में SP सिटी अमृत जैन, SP देहात अक्षय संजय महाडीक, SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ, SP ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे सहित अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवार शामिल रहे।







सवा लाख पोस्टर-बैनर हटाए, फिर भी नहीं मान रहे प्रत्याशी: प्रचार सामग्री का खर्च खाते में जुड़ेगा, सीमा पार हुई तो अगला चुनाव लड़ना मुश्किल – Rajasthan News
निकाय चुनाव में सार्वजनिक स्थलों पर लगे पोस्टर बैनर नहीं हटाना प्रत्याशियों को भारी पड़ सकता है। आयोग इनका खर्च प्रत्याशी के कुल चुनावी खर्च में जोड़ेगा। चुनावी सीमा में खर्चा अधिक होने पर प्रत्याशी को अगले चुनाव से बैन भी किया जा सकेगा। वहीं सड़क, गलियों, चौराहों और सरकारी भवनों गंदा करने के जुर्म में प्रत्याशी के खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा। प्रदेश भर में एक सितंबर तक सवा लाख से ज्यादा बैनर पोस्टरों को हटाया जा चुका है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब तक सवा लाख से ज्यादा बैनर पोस्टर हटाए दरअसल, प्रदेश में 19 अगस्त को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई थी। आयोग के निर्देश पर अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर हटाने का अभियान शुरू हो गया था। लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद कई प्रत्याशी/राजनीतिक दल सार्वजनिक स्थलों जैसे- सड़कों, गलियों, चौराहों तथा सरकारी भवनों पर प्रचार सामग्री लगा रहे हैं। आयोग के अनुसार ये आदर्श आचार संहिता और राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 का उल्लंघन है। अब तक आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी सवा लाख से अधिक पोस्टर बैनर और होर्डिंग हटा चुके हैं। अब जानिए प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की लिमिट क्या है? राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए इस बार चुनावी खर्च सीमा को बढ़ाई है। इस बार नगर निगम व नगर परिषद के लिए एक-एक लाख और नगरपालिका के लिए 50 हजार रुपए खर्च ज्यादा कर पाएंगे। प्रत्याशियों को नोटिस जारी होगा आयोग ने व्यय पर्यवेक्षकों और कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उन्हें सख्त चेतावनी दी जाए। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, व्यय पर्यवेक्षक और नगर निगम अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए अवैध रूप से लगी सभी प्रचार सामग्री को तुरंत हटाया जाए। बिजली के खंभों, सरकारी दीवारों, सड़कों और चौराहों पर किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का प्रचार प्रसार पूर्णतः वर्जित होता है। बिना मालिक की लिखित अनुमति के निजी मकानों या दीवारों पर पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल का कहना है- राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 की धारा 3 के अनुसार सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को बिना अनुमति पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स या दीवार कुरूप करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पहली बार 5000 रुपए तक का जुर्माना और एक माह की जेल हो सकती है। गलती दोहराने पर सजा बढ़ने का प्रावधान भी है। यानी जुर्माना 10 हजार रुपए तक लग सकता है। 38 हजार 891 प्रत्याशी चुनावी मैदान में प्रदेश के 41 जिलों के 10 हजार 245 वार्डों में अब कुल 38 हजार 891 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। स्क्रूटनी के दौरान 17 हजार 137 नामांकन पत्र तकनीकी खामियों के चलते खारिज कर दिए गए। वहीं, 10 हजार 112 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए। पिछली बार 196 निकायों में करीब 27 हजार प्रत्याशी थे। इस बार अबतक 77 उम्मीदवार निर्विरोध पार्षद चुने जा चुके हैं।
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UN ने बदला दुनिया का नक्शा, अमेरिका ने विरोध किया: नए मैप में अफ्रीका बड़ा, यूरोप-US छोटे; जानिए भारत पर इसका क्या असर
34 मिनट पहले
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संयुक्त राष्ट्र में शुक्रवार को नए मैप के प्रस्ताव पर वोटिंग हुई थी।
दुनिया का नक्शा अब कुछ बदला नजर आएगा। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शुक्रवार को ऐतिहासिक प्रस्ताव पास किया है। भारत ने भी प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया। वहीं अमेरिका अकेला देश था जिसने प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया।
इस फैसले से देशों और महाद्वीपों के क्षेत्रफल पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बस इनका आकार पहले से थोड़ा छोटा या बड़ा दिख सकता है।
अब तक धरती पर देशों और महाद्वीपों को दिखाने के लिए मर्केटर वर्ल्ड मैप का उपयोग किया जाता था। इसमें देशों और महाद्वीपों का आकार उनके असली क्षेत्रफल से बड़ा या छोटा दिखता था।
नए नक्शे का नाम इक्वल अर्थ प्रोजेक्शन है। इसमें अफ्रीका पहले से काफी बड़ा, जबकि यूरोप और उत्तरी अमेरिका छोटे नजर आएंगे। एशिया के कुछ हिस्सों का आकार भी पहले से छोटा दिखेगा।

भारत: क्षेत्रफल वही, आकार बड़ा दिख सकता है
भारत की वास्तविक जमीन, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं या क्षेत्रफल में कोई बदलाव नहीं होगा। यह बदलाव देशों की सीमाएं बदलने वाला नहीं, बल्कि नक्शे पर पृथ्वी को दिखाने का तरीका बदलने वाला है।
भारत का नक्शा देखने में भी थोड़ा अलग दिख सकता है, लेकिन भारत के मामले में बदलाव बहुत बड़ा नहीं होगा।
नया नक्शा क्षेत्रफल सही अनुपात में दिखाता है। पुराने नक्शे में भूमध्य रेखा के आसपास के इलाके अपने आकार से छोटे और ध्रुवों के पास के इलाके बड़े दिखते हैं।
भारत भूमध्य रेखा से बहुत दूर नहीं है, इसलिए पुराने नक्शे में भी उसका आकार कुछ हद तक छोटा दिखता है।
भारत के लिए इसका मतलब
- क्षेत्रफल: बिल्कुल वही रहेगा।
- सीमाएं: नहीं बदलेंगी।
- भारत की आकृति: थोड़ी बदली हुई/कम खिंची हुई दिखाई दे सकती है।
- दूसरे देशों की तुलना में आकार: भारत कुछ बड़ा दिखाई दे सकता है, खासकर जब उसकी तुलना यूरोप, रूस, कनाडा जैसे ज्यादा उत्तरी देशों से की जाए।
- अफ्रीका पर असर: सबसे ज्यादा नजर आएगा, क्योंकि उसका वास्तविक आकार पुराने मर्केटर नक्शे की तुलना में बहुत बड़ा दिखाई देगा।
अमेरिका ने प्रस्ताव का विरोध क्यों किया?
संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव के पक्ष में 164 देशों ने वोट दिया, जबकि 6 देश वोटिंग से दूर रहे। अमेरिका ने इस पहल की कड़ी आलोचना की। अमेरिकी प्रतिनिधि यारिना फेरेन्सेविच ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को दुनिया की असली समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए, न कि 16वीं सदी के नक्शे को बदलने जैसी बहस पर।
उन्होंने इसे एक वैचारिक एजेंडा बताया और कहा कि ऐसी बहसों की वजह से संयुक्त राष्ट्र अपनी विश्वसनीयता खो रहा है।
वहीं, अफ्रीकी संघ ने इस फैसले का स्वागत किया। उसने इसे दुनिया का नक्शा ज्यादा सटीक और बराबरी वाला बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
मौजूदा नक्शे में आखिर दिक्कत क्या थी?
दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले नक्शों में से एक मर्केटर नक्शा है। इसे यूरोपियन मैप मेकर जेरार्डस मर्केटर ने 1569 में बनाया था।
इस नक्शे की एक बड़ी खासियत है कि यह समुद्र में रास्ता तय करने और जहाजों के नेविगेशन के लिए काफी उपयोगी है। लेकिन पूरी गोल धरती को सपाट नक्शे पर दिखाने की वजह से इसमें देशों और महाद्वीपों का आकार असल से अलग नजर आने लगता है।
जैसे-जैसे कोई इलाका भूमध्य रेखा से दूर जाता है, वह नक्शे पर जरूरत से ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही वजह है कि उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के कई इलाके असल से काफी बड़े नजर आते हैं।

मर्केटर प्रोजेक्शन में पृथ्वी का नक्शा। (फोटो: NASA)
ग्रीनलैंड इसका सबसे मशहूर उदाहरण है। मर्केटर नक्शे में ग्रीनलैंड दक्षिण अमेरिका के लगभग बराबर दिखाई देता है। लेकिन असल में दोनों के आकार में बहुत बड़ा अंतर है।
ग्रीनलैंड का क्षेत्रफल करीब 22 लाख वर्ग किलोमीटर है। यह लगभग डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बराबर है। वहीं अफ्रीका का क्षेत्रफल करीब 3 करोड़ वर्ग किलोमीटर है। यानी अफ्रीका ग्रीनलैंड से करीब 14 गुना बड़ा है।
फिर भी मर्केटर नक्शे को देखकर दोनों का आकार लगभग एक जैसा लग सकता है। यही वह फर्क है जिसे अब कम करने की कोशिश हो रही है।

अफ्रीकी देश नक्शा बदलने की मांग क्यों कर रहे थे?
अफ्रीकी देशों का कहना है कि बात सिर्फ नक्शे पर किसी देश या महाद्वीप के छोटा-बड़ा दिखने की नहीं है। दुनिया का नक्शा यह भी तय करता है कि हम अलग-अलग हिस्सों को किस नजर से देखते हैं।
UN के सामने रखे गए प्रस्ताव में कहा गया था कि मर्केटर नक्शे में अफ्रीका का वास्तविक आकार काफी छोटा नजर आता है। लंबे समय तक ऐसी तस्वीर देखने से लोगों के मन में अफ्रीका के आकार और वैश्विक महत्व को लेकर गलत धारणा बन सकती है।
प्रस्ताव में लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया का भी जिक्र है। इसमें कहा गया है कि नक्शे में इन क्षेत्रों का छोटा नजर आना उनकी विकास जरूरतों, बुनियादी ढांचे और आर्थिक क्षमता को भी कम करके आंकने की धारणा बना सकता है।
अफ्रीकी देश टोगो के विदेश मंत्री रॉबर्ट डुसे ने कहा कि नक्शे सिर्फ भूगोल समझने का साधन नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा और लोगों की सोच को भी प्रभावित करते हैं। यह प्रस्ताव टोगो ने पेश किया था और इसे अफ्रीकी संघ का समर्थन मिला।
न्यूजीलैंड भी पुराने नक्शे से परेशान था
अफ्रीका अकेला ऐसा इलाका नहीं है जिसे पुराने नक्शे से शिकायत रही है। न्यूजीलैंड भी लंबे समय से दुनिया के नक्शे पर अपनी जगह को लेकर मजाक करता रहा है।
2018 में न्यूजीलैंड के एक पर्यटन विज्ञापन में तत्कालीन प्रधानमंत्री जैसिंडा आर्डर्न भी नजर आई थीं। इसमें मजाकिया अंदाज में दिखाया गया था कि दुनिया के कई नक्शों में न्यूजीलैंड जैसे गायब ही हो जाता है।
दरअसल, मर्केटर नक्शे में न्यूजीलैंड नीचे दाईं ओर एकदम किनारे पर दिखाई देता है। कई बार नक्शे में वह पूरी तरह छूट भी जाता है।
इक्वल अर्थ नक्शे के कुछ रूपों में ओशिनिया को केंद्र के करीब लाया जाता है। इससे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों की स्थिति भी ज्यादा प्रमुख नजर आती है।

मर्केटर नक्शे में न्यूजीलैंड।
क्या UN का फैसला सभी पर लागू होगा?
नहीं। संयुक्त राष्ट्र महासभा का यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्य नहीं है। यानी यह देशों, स्कूलों, किताबों के प्रकाशकों या टेक कंपनियों को मर्केटर नक्शा हटाने के लिए मजबूर नहीं करता।
लेकिन इससे नक्शे बनाने और पढ़ाने में ऐसे तरीकों को बढ़ावा मिल सकता है, जिनमें देशों और महाद्वीपों का वास्तविक क्षेत्रफल ज्यादा सही दिखाई दे।
मर्केटर नक्शे को पूरी तरह खत्म करने की भी बात नहीं कही गई है। समुद्री और हवाई नेविगेशन में इसका इस्तेमाल जारी रह सकता है, क्योंकि इसमें दिशाओं को सही रखने की खासियत है।
भास्कर नॉलेज: मैप, नक्शा और मानचित्र ये शब्द कहां से आए
- मैप: यह अंग्रेजी का शब्द है। माना जाता है कि यह लैटिन के माप्पा से आया। जिसका अर्थ कपड़ा या चादर है, जिस पर नक्शा बनाया जाता था। बाद में इसका अर्थ मानचित्र हो गया।
- नक्शा: यह अरबी मूल का शब्द है। अरबी में नक्श का अर्थ है चित्र या नक्काशी। इसी से नक्शा बना और हिंदी-उर्दू में किसी जगह का चित्र/मानचित्र बताने के लिए इस्तेमाल होने लगा।
- मानचित्र: संस्कृत मूल का शब्द है। मान + चित्र, यानी किसी स्थान को माप या अनुपात के साथ चित्र के रूप में दिखाना।
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महीने के पहले शनिवार को बैंकों में छुट्टी नहीं होती है.
नई दिल्ली. देशभर में आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम होंगे. लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि आज बैंकों की भी छुट्टी है तो आप गलत हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक, HDFC और ICICI बैंक समेत देश के सभी सरकारी व निजी बैंक आज खुलेंगे.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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सीमेंट प्लांट पर 11 घंटे प्रदर्शन,5 लाख पर बनी सहमति: मैहर में गेट पर अंतिम संस्कार की तैयारी में थे परिजन; देर रात मौके से हटे – Maihar News
मैहर में सीमेंट प्लांट कर्मचारी संजय पटेल की सड़क हादसे में मौत के बाद शुक्रवार को प्लांट के मुख्य गेट पर परिजनों ने करीब 11 घंटे प्रदर्शन किया। परिजन शव को गेट के सामने रखकर आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। देर शाम मामला तब तनावपूर्ण हो गया, जब उन्होंने गेट के सामने अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए लकड़ियां जमा करना शुरू कर दिया। देर रात प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत के बाद 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पर सहमति बनी। कंपनी ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक दिया, जिसके बाद रात करीब 11:30 बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। ड्यूटी जाते समय बोलेरो ने बाइक को मारी टक्कर संजय पटेल (35) रगौली, उचेहरा, जिला सतना के रहने वाले थे। गुरुवार रात करीब 10 बजे वे घर से सीमेंट प्लांट में ड्यूटी के लिए बाइक से निकले थे। कटिया कला के पास एक बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मैहर अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सतना रेफर किया गया। देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोपहर 12 बजे शव लेकर प्लांट पहुंचे परिजन संजय की मौत की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे परिजन और अन्य लोग शव लेकर सीमेंट प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंचे। शव गेट के सामने रखकर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि कंपनी की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेत्री डॉ. रश्मि सिंह ने किया। स्थिति को देखते हुए प्लांट गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया। अंतिम संस्कार के लिए गेट पर लकड़ियां रखीं प्रदर्शन कई घंटे तक चलता रहा। शाम तक मांग पूरी नहीं होने पर परिजन गेट के सामने ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए। उन्होंने वहां लकड़ियां जमा कर दीं। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। बातचीत के बाद 5 लाख की मदद पर बनी सहमति देर रात सीएसपी महेंद्र सिंह और एसडीएम दिव्या पटेल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन और परिजनों से बातचीत की। काफी देर की चर्चा के बाद कंपनी की ओर से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया और शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए।
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‘बच्चे को जन्म दूंगी, फिर हैदराबाद जाकर पति को बचाऊंगी’: गिरफ्तारी पर पत्नी बोली- हत्या-दुष्कर्म में फंसाया, गर्भवती का दावा; पति 3 महीने से गांव में थे – Begusarai News
‘हैदराबाद पुलिस कहती है कि 3 महीने से मेरे पति नर्स की रेकी कर रहे थे, पर वे इन 3 महीनों में हैदराबाद में नहीं थे। दिसंबर 2025 में वो बीमार हो गए थे। इसके बाद गांव आ गए थे और समस्तीपुर के खानपुर में ऑपरेशन हुआ। 7 जुलाई को हैदराबाद गए थे। मैं 9 महीने की गर्भवती हूं। हैदराबाद में मेरे पति सनाउल्लाह को नर्स से रेप-हत्या मामले में फंसाया गया है। उनको जेल भेज दिया गया है। मैं क्या करूं, मैं प्रेग्नेंट हूं। उतनी दूर अभी नहीं जा सकती हूं। इसी महीने में डिलीवरी होनी है। इसके बाद मैं हैदराबाद जाऊंगी। पति के लिए जो करना होगा, वो मैं करूंगी।’ ये बातें नसीमा खातून ने कही हैं। जिनके पति सनाउल्लाह (34) को हैदराबाद में पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था, हालांकि अभी कोर्ट में ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है। सनाउल्लाह रेप-मर्डर केस में कब और कैसे जुड़ा, पत्नी ने क्या दावा किया, परिवार को कैसे पता चला कि सनाउल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पढ़ें रिपोर्ट… जानिए पत्नी-बहन और परिवार के लोगों ने क्या कहा…. गैराज के मालिक ने फोन कर परिजन को गिरफ्तारी की जानकारी दी सनाउल्लाह की पत्नी ने बताया कि 2022 में हमारी शादी हुई। 2 साल का बेटा सुल्तान है। दूसरा बच्चा पेट में है। पति हैदराबाद में एक गैराज में काम करते हैं। पहले वे गांव में ही ड्राइवरी करते थे, लेकिन पिछले 3 साल से हैदराबाद में काम कर रहे हैं। इस बीच मैं दोबारा गर्भवती हुई। मुझे बहुत समझा-बुझाकर वे हैदराबाद गए थे। कहा था कि जा रहा हूं, खूब कमाऊंगा, अपने बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण करूंगा। हमारी रोज बात होती थी। 28 अगस्त को भी रात 12:00 बजे तक हमारी लंबी बातें हुई, उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 29 अगस्त को जिसके यहां वे काम करते थे, उसी सेठ ने फोन करके बताया कि तुम्हारे पति को एक नर्स के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पुलिस पकड़ कर ले गई है। कभी किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ- बहन बहन इशरत खातून ने बताया कि 4 भाइयों में सनाउल्लाह तीसरे नंबर पर है। 34 साल का हो गया, लेकिन आज तक हमने उसकी कभी कोई शिकायत नहीं सुनी। बचपन से हमने पाल-पोसकर बड़ा किया। उसकी शादी भी हमने कराई। बहुत मिलनसार लड़का, हमेशा हंसते-बोलते रहता था। 3 साल से वह हैदराबाद में काम करता था। 4-5 महीना वहां रहता था। फिर गांव आ जाता था और कुछ दिन हम सब के साथ रहता था। नवंबर में हैदराबाद गया और दिसंबर 2025 में तबीयत खराब होने पर गांव आ गया। यहां ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से घर पर ही रह रहा था। जिस सेठ के गैराज में काम करता था। वह बराबर फोन करके बुलाता था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण वह वहां जा नहीं रहा था। पुलिस ने हमें गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी- चाचा सनाउल्लाह के चाचा मोहम्मद शाहजहां ने बताया कि भतीजे के साथ बहुत गलत हुआ है। मेरे समझ से भतीजा निर्दोष है। गांव में उसका कभी किसी से कोई झगड़ा-झंझट तक नहीं हो रहा था। उसे जरूर फंसाया गया है। पुलिस ने भी सूचना नहीं दी। पुलिस ने अगर पकड़ा तो फोन करना चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए वार्ड प्रतिनिधि जफीर अंसारी ने बताया 3 सितंबर को खबर देखकर हमें जानकारी मिली। परिजनों से पूछा तो जानकारी मिली कि पकड़ा गया है। हैदराबाद के लोकल न्यूज में पिता का नाम हैदर बताया जा रहा है, जबकि सनाउल्लाह के पिता का नाम हैदर नहीं मरहुम कमरुद्दीन है। महिला के साथ जो घटना हुई उसकी हम निंदा करते हैं, ऐसा नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह खिड़की तोड़कर अंदर गया होगा तो उसका फिंगर प्रिंट होगा, उसकी जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह उस घटना में दोषी है तो उसे फांसी की सजा होनी चाहिए, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिलता है तो उसे छोड़ देना चाहिए। परदेश से 2 महीना के लिए भी गांव आता था तो यहां टोटो चलाता था, मजदूरी करता था। उसे फंसाया गया है। मामले की जांच होनी चाहिए। तेलंगाना की सरकार इसकी जांच कराए। कमरे में नर्स की लाश मिली थी श्मशाबाद (हैदराबाद) जोन के डीसीपी बी राजेश के अनुसार सनाउल्लाह पोर्नोग्राफी देखने का आदी था। वो मृतका के कमरे के ठीक पीछे स्थित एक बाइक गैराज में काम करता था। 28 की रात जब नर्स अपने कमरे में सो रही थी। तभी आरोपी खिड़की के रास्ते उसके कमरे में घुस आया। नर्स ने विरोध किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। 29 अगस्त को नर्स जब हॉस्पिटल नहीं पहुंची तो अस्पताल से उसे फोन किया गया। फोन रिसीव नहीं किया तो नर्स की सहेली कमरे में देखने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, फिर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर नर्स मृत पाई गई थी। इस मामले में डीसीपी का कहना है कि सनाउल्लाह पिछले 3 महीने से नर्स की रेकी कर रहा था और अस्पताल से घर लौटने के बाद उस दिन घटना को अंजाम दिया। मोबाइल टावर डेटा और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।
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