डूंगरपुर के सागवाड़ा थाना क्षेत्र के गोवाड़ी गांव में हरे पेड़ों की अवैध कटाई और लकड़ियों के परिवहन का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर हरी लकड़ियों से भरा एक ट्रक और लकड़ियां लोड करने में इस्तेमाल की गई क्रेन को जब्त किया है। इस मामले में ट्रक ड्राइवर को भी हिरासत में लिया गया है। डीएसटी प्रभारी पुलिस निरीक्षक मदनलाल के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के हरे पेड़ों की अवैध कटाई कर उनकी लकड़ियों को गुजरात तस्करी के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। सूचना के आधार पर डीएसटी टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां क्रेन की सहायता से हरी लकड़ियां ट्रक में भरी जा रही थीं। पुलिस ने गुजरात नंबर के ट्रक को लकड़ियों सहित और क्रेन को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान ट्रक ड्राइवर शंकरलाल पुत्र रंगाजी रोट, निवासी गरियाता, थाना चितरी को हिरासत में लिया गया। जब्त किए गए ट्रक, क्रेन और हिरासत में लिए गए ड्राइवर को अग्रिम कार्रवाई के लिए सागवाड़ा थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही, मामले की जानकारी वन विभाग को भी दी गई है। पुलिस ने बताया कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों और हरे पेड़ों की अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएसटी टीम में प्रभारी मदनलाल के साथ मोहनपाल सिंह, मगन, जितेंद्र और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
Source link
डूंगरपुर में हरे पेड़ काटकर तस्करी: लकड़ियों से भरा ट्रक और क्रेन जब्त, हिरासत में ड्राइवर – Dungarpur News
80 KM वाले तूफान के लिए रहें तैयार, IMD का दिल्ली से बिहार तक बारिश का अलर्ट
Last Updated:
AAJ Ka Mausam: उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज और बिगड़ने वाला है. मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान में 80 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी धूलभरी आंधी और अंधड़ चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है. इसका असर दिल्ली-एनसीआर और पंजाब पर भी पड़ेगा, जहां 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी ओले गिरने का अलर्ट जारी किया गया है.
बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है. (PTI)
राजस्थान के आसमान में हमने धूल का एक बड़ा बवंडर उठते देखा. अब मौसम विभाग दावा कर रहा है कि रेगिस्तान की तपती रेत पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने वाली हैं. IMD का कहना है कि प्रकृति एक बार फिर रौद्र रूप लेने जा रही है. राजस्थान की छाती पर धूल का गुबार खड़ा हो सकता है. जिसकी जद से दिल्ली-एनसीआर और पंजाब की सरहदें भी खुद को महफूज नहीं रख पाएंगी. जब मैदानी इलाकों में 80 की स्पीड से तूफानी थपेड़े चलेंगे, ठीक उसी वक्त उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में आसमान से सफेद आफत यानी ओलों का तांडव शुरू होगा. उत्तर भारत में इस वक्त गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों में पहाड़ों की ओर रुख करने का ट्रेंड काफी ज्यादा है. ऐसे में घूमने फिरने के शौकीन लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है.
मौसम का महा-अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, आगामी कुछ दिन देश के कई राज्यों के लिए बेहद संवेदनशील होने वाले हैं. प्रमुख राज्यों में स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी:
• राजस्थान (तूफानी बवंडर): राज्य के कई हिस्सों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी (Dust Storm) और थंडरस्कॉल चलने की गंभीर चेतावनी दी गई है.
• दिल्ली-एनसीआर (राहत के साथ आफत): राजधानी में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी. हालांकि इससे गर्मी से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन बारिश और कड़कती बिजली का खतरा बना रहेगा.
• पंजाब और हरियाणा (अंधड़ और बौछारें): पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू होने वाला है.
• उत्तराखंड और हिमाचल (आसमानी आफत): इन पहाड़ी राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी मात्रा में ओले गिरने और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है.
• तटीय आंध्र प्रदेश (70 की रफ्तार): दक्षिण भारत के इस हिस्से में हवा की रफ्तार 70 किमी/घंटा तक जा सकती है, जिससे तटीय इलाकों में अलर्ट है.
गहराता मौसम का संकट
इस बार का मौसम चक्र बेहद अप्रत्याशित नजर आ रहा है. एक तरफ जहां मानसून अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के रास्ते केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत में बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ ने मिलकर मैदानी इलाकों को बवंडर के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है.
इस मौसमी उथल-पुथल का सबसे बड़ा असर हमारी अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर पड़ने वाला है. 80 किमी/घंटे की हवाएं कमजोर मकानों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों को पलक झपकते ही मलबे में तब्दील कर सकती हैं. पहाड़ों में गिरने वाले ओले से सेब और अन्य नकदी फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है, जिसके लिए IMD ने किसानों को विशेष चेतावनी जारी की है. इसके साथ ही महाराष्ट्र के चंद्रपुर में पारा जहां 44.8°C तक जा पहुंचा है, वहीं देहरादून में यह न्यूनतम 17°C दर्ज हुआ है जो देश के भीतर मौसम के इस भारी विरोधाभास को साफ दर्शाता है.
राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने विशेष रूप से क्या चेतावनी जारी की है?
मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के कई हिस्सों के लिए धूलभरी आंधी (Dust Storm) का अलर्ट जारी किया है, जिसमें हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. निवासियों को इस दौरान घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई है.
क्या इस तूफानी मौसम से दिल्ली-एनसीआर को गर्मी से कोई राहत मिलेगी?
हां, दिल्ली में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं और गरज-चमक के साथ होने वाली छिटपुट बारिश से भीषण गर्मी और उमस से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इस दौरान तेज हवाओं के कारण सतर्क रहने की जरूरत है.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए क्या खतरा है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) और थंडरस्टॉर्म की चेतावनी है. ऐसे में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पर्यटकों को यात्रा टालने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को इस आपात स्थिति से निपटने के लिए क्या गाइडलाइंस दी हैं?
IMD ने नागरिकों को आंधी-तूफान के समय घरों के भीतर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है. साथ ही, किसानों को अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने, ओलावृष्टि से बचाने और पशुधन को सुरक्षित छायादार स्थानों पर पर्याप्त पानी के साथ बांधने का आग्रह किया है.
About the Author

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें
‘फोन पर फूट-फूट कर रोती थीं’, मां श्रीदेवी को याद कर इमोशनल हुईं जाह्नवी कपूर
Last Updated:
श्रीदेवी सुपरस्टार होने के बावजूद घर-परिवार के लिए समर्पित थीं. उन्होंने कभी अपने स्टारडम का बोझ बच्चों पर नहीं आने दिया. एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने एक इंटरव्यू में जब अपनी दिवंगत मां श्रीदेवी को याद किया, तो उनके कई इमोशनल यादों से यही बयां हुआ. जाह्नवी कपूर अपनी अगली फिल्म ‘पेड्डी’ में राम चरण के साथ काम करना का अनुभव भी बयां किया. जाह्नवी का मानना है कि श्रीदेवी जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता, वह सिर्फ उनकी विरासत का सम्मान करना चाहती हैं. आज भी वह कैमरे के सामने और तिरुपति मंदिर में अपनी मां को सबसे करीब महसूस करती हैं.
नई दिल्ली: जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी नई तेलुगु फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर काफी चर्चा में हैं. उन्होंने हाल में एक इंटरव्यू में अपनी मां यानी दिग्गज एक्ट्रेस श्रीदेवी को याद किया. जाह्नवी कपूर ने बताया कि सुपरस्टार होने के बावजूद उनकी मां घर-परिवार के लिए कितनी समर्पित थीं और आज भी वो अपनी मां को कहां सबसे करीब पाती हैं. (फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)

जाह्नवी कपूर ने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें पता तो था कि उनकी मां बहुत मशहूर हैं, लेकिन उनकी स्टारडम का असली अंदाजा नहीं था. श्रीदेवी स्वभाव से काफी शर्मीली थीं, मगर कैमरे के सामने उनका कोई मुकाबला नहीं था. 4 साल की उम्र से काम करने वाली श्रीदेवी ने जब घर बसाने का फैसला किया, तो वो पूरी तरह फैमिली में ही रम गईं. (फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)

जाह्नवी कपूर को अपनी मां की यही खूबी सबसे ज्यादा पसंद थी कि वो जो भी करती थीं, पूरे दिल से करती थीं. उन्होंने अपने करियर को पीछे छोड़कर एक मां और पत्नी की जिम्मेदारी बखूबी संभाली. जाह्नवी और खुशी के बड़े होने और श्रीदेवी के दोबारा फिल्मों में लौटने तक घर का माहौल ऐसा ही था. (फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)
Add News18 as
Preferred Source on Google

जाह्नवी ने ‘टाइम्स नाउ’ को दिए इंटरव्यू में ‘इंग्लिश विंग्लिश’ की शूटिंग का एक इमोशनल किस्सा भी शेयर किया. न्यूयॉर्क में शूटिंग का शेड्यूल बदलने की वजह से श्रीदेवी अपनी बेटी खुशी और पति बोनी कपूर का बर्थडे मिस कर गई थीं. वो इस बात पर इतनी दुखी हुईं कि पूरे एक हफ्ते तक हर दिन पैकअप के बाद फोन पर रोती थीं.
(फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)

जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी कभी भी अपने स्टारडम का घमंड घर नहीं लाती थीं. उनका पूरा ध्यान इस बात पर रहता था कि बाजार से अच्छी मछली लाकर चटनी के साथ परिवार के लिए क्या बनाया जाए. वो बोनी कपूर के सिर में प्यार से तेल मालिश भी किया करती थीं ताकि उनके बाल वापस आ जाएं.(फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)

फिल्म ‘पेड्डी’ के बारे में बात करते हुए जाह्नवी ने बताया कि इसमें वो राम चरण के साथ काम कर रही हैं. यह उनके लिए बहुत इमोशनल पल है क्योंकि राम चरण के पिता चिरंजीवी और श्रीदेवी ने भी कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया था. दोनों परिवारों के संस्कार काफी मिलते-जुलते हैं.
(फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)

जब जाह्नवी से उनकी मां के साथ होने वाली तुलना पर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि श्रीदेवी जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता. लोग सिर्फ देखते हैं कि क्या वो अपनी मां की विरासत को आगे बढ़ा पाएंगी. जाह्नवी कपूर का मानना है कि वो बस पूरी मेहनत से अपनी मां का नाम रोशन करना चाहती हैं. (फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)

जाह्नवी ने आखिर में बताया कि मां के जाने का गम कभी कम नहीं होता, लेकिन दो जगहें ऐसी हैं जहां वो श्रीदेवी को अपने सबसे करीब महसूस करती हैं. पहली जगह है कैमरे के सामने एक्टिंग करना और दूसरी जगह है तिरुपति मंदिर जाना. इन दोनों जगहों पर जाकर उन्हें सबसे ज्यादा शांति और अपनी मां का अहसास मिलता है. (फोटो साभार: Instagram@janhvikapoor)
क्या देश में खत्म हुई क्रूड ऑयल की किल्लत, एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर सरकार ने कर दिया इशारा?
नई दिल्ली. सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती कर दी है. 1 जून से शुरू होने वाले अगले पखवाड़े के लिए पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर शुल्क लगेगा. वहीं, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर 9.5 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी देनी होगी. इस फैसले के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. क्या भारत के पास अब कच्चे तेल की इतनी पर्याप्त आपूर्ति होने लगी है कि वह पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की स्थिति में पहुंच गया है. या फिर इसके पीछे कोई दूसरी मजबूरी और रणनीति काम कर रही है.
पहली नजर में यह फैसला थोड़ा हैरान करने वाला लगता है. वजह यह है कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइन बना हुआ है और भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे माहौल में सामान्य सोच यही कहती है कि सरकार को घरेलू बाजार के लिए ईंधन बचाने पर जोर देना चाहिए, न कि निर्यात को बढ़ावा देने पर.
क्या भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ गई है?
असलियत यह है कि भारत में घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन कोई बड़ी छलांग नहीं लगा रहा है. देश आज भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. इसलिए निर्यात शुल्क में कटौती का मतलब यह नहीं है कि भारत अचानक तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गया है या उसके पास अतिरिक्त कच्चे तेल का भंडार जमा हो गया है.
दरअसल भारत दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग केंद्रों में शामिल है. भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है, उसे रिफाइन करता है और फिर पेट्रोल, डीजल तथा अन्य उत्पादों के रूप में दुनिया के कई देशों को बेचता है. यही वजह है कि कच्चा तेल आयात करने वाला देश होने के बावजूद भारत पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा निर्यातक भी है.
फिर सरकार ने टैक्स क्यों घटाया?
इसका जवाब रिफाइनिंग कंपनियों के कारोबार में छिपा है. जब निर्यात पर ड्यूटी ज्यादा होती है तो रिफाइनरियों का मार्जिन घट जाता है. इससे उनके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है. सरकार समय-समय पर वैश्विक कीमतों और बाजार की स्थिति के आधार पर इन ड्यूटी को घटाती या बढ़ाती रहती है.
संकेत यह हैं कि फिलहाल सरकार को घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता को लेकर तत्काल कोई बड़ा संकट नहीं दिख रहा. इसलिए उसने रिफाइनिंग कंपनियों को कुछ राहत देने का फैसला किया है. हालांकि ड्यूटी पूरी तरह खत्म नहीं की गई है, बल्कि सिर्फ कम की गई है. इसका मतलब सरकार अभी भी हालात पर नजर बनाए हुए है.
एक और वजह
वैश्विक अनिश्चितताओं और कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, भारत का क्रूड ऑयल इम्पोर्ट बढ़ा है. मई के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का तेल आयात 11.2% बढ़कर 5.04 मिलियन बैरल प्रति दिन के स्तर पर पहुंच गया है. यह इस पूरे युद्ध काल का सबसे उच्चतम स्तर माना जा रहा है.रिफाइनरियों ने घरेलू स्टॉक को सुरक्षित करने के लिए खरीदारी तेज की है. यानी स्थिति अभी भले ही एकदम सामान्य न हो लेकिन पहले से बेहतर जरूर हुई है.
क्या इससे भारत में महंगाई बढ़ सकती है?
यही सबसे अहम चिंता है. अगर ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात होने लगते हैं और घरेलू बाजार में आपूर्ति पर दबाव बनता है तो डीजल और पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ सकता है. खासतौर पर डीजल भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी माना जाता है. ट्रकों से लेकर खेती और उद्योग तक, बड़ी गतिविधियां डीजल पर निर्भर हैं. अगर डीजल महंगा होता है तो माल ढुलाई की लागत बढ़ती है. इसका असर सब्जियों, अनाज, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं तक पहुंच सकता है. यानी महंगाई का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. लेकिन भारत ने अपना काफी इम्पोर्ट डायवर्सिफाई कर दिया है और आयात लगभग नॉर्मल हो गया इसलिए निकट भविष्य में यह कोई परेशानी का कारण बनता नहीं नजर आता है.
सरकार का दांव क्या है?
सरकार फिलहाल एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. एक तरफ वह रिफाइनिंग सेक्टर की कमाई और निर्यात प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू बाजार में कीमतों को भी नियंत्रण में रखना चाहती है. यही कारण है कि निर्यात शुल्क में सीमित कटौती की गई है, कोई बड़ा और आक्रामक फैसला नहीं लिया गया.
आगे क्या देखना होगा?
आने वाले हफ्तों में तीन चीजें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगी. पहली, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें किस दिशा में जाती हैं. दूसरी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति सामान्य रहती है या नहीं. और तीसरी, रुपये की चाल कैसी रहती है. अगर पश्चिम एशिया का संकट दोबारा गहराता है, तेल की कीमतें तेज उछाल लेती हैं या रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो सरकार फिर से निर्यात ड्यूटी बढ़ाने जैसे कदम उठा सकती है. इसलिए आज की कटौती को भारत में तेल की भरमार का संकेत मानना गलत होगा. यह ज्यादा एक कारोबारी और रणनीतिक फैसला दिखता है, जिसका मकसद रिफाइनिंग उद्योग और घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाना है.
अब ऑनलाइन मिलेगी UP पुलिस कांस्टेबल परीक्षा 2026 की सारी जानकारी, जानिए एग्जाम सेंटर और शिफ्ट टाइमिंग
UP Police Constable Exam 2026, How To Download Exam City Intimation Slip : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 30 मई को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यूपी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा शहर सूचना पर्ची 2026 जारी कर दी है। 32,679 कांस्टेबल पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार अब ऑनलाइन अपने आवंटित परीक्षा शहर, जिले, शिफ्ट विवरण और निर्धारित परीक्षा तिथि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
कब-कब आयोजित होगी परीक्षाएं
उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को उत्तर प्रदेश भर में कई चरणों में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा ऑफलाइन मोड में सुबह और दोपहर के चरणों में आयोजित की जाएगी।
कब जारी होगा एडमिट कार्ड
उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट को नियमित रूप से देखने की सलाह दी गई है। एडमिट कार्ड 1 जून से 3 जून के बीच जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए सीधा लिंक
एग्जाम शहर की डिटेल कैसे मिलेगी
बता दें कि 32,679 कांस्टेबल पदों के लिए भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। उम्मीदवार अपने लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग करके आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपने शहर की सूचना पर्ची प्राप्त कर सकते हैं।
सिटी स्लिप में होगी ये जानकारी
- उम्मीदवार का नाम और पंजीकरण संख्या
- एग्जाम सिटी और जिला
- निर्धारित परीक्षा तिथि
- शिफ्ट विवरण
कैसे डाउनलोड करें सिटी इंटिमेशन स्लिप
- सिटी इंटिमेशन स्लिप डाउनलोड करने के लिए www.upprpb.in पर जाएं
- “यूपी पुलिस कांस्टेबल सिटी स्लिप 2026” लिंक पर क्लिक करें
- पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि दर्ज करें
- सबमिट पर क्लिक करें
- परीक्षा शहर का विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा
- इस पर्ची को डाउनलोड करके भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रख लें
उम्मीदवारों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना है कि, सिटी इंटिमेशन स्लिप में दी गई सभी जानकारी को ध्यानपूर्वक जांच लें। ये स्लिप केवल उन्हें परीक्षा शहर और समय सारिणी के बारे में सूचित करने के लिए है। परीक्षा हॉल में प्रवेश के लिए आवश्यक एडमिट कार्ड अलग से जारी किया जाएगा।
ये भी पढ़ें –
वंदे भारत से कितनी अलग है हाइड्रोजन ट्रेन ? स्पीड, लागत या डिजाइन कौन सी चीज है सबसे बेस्ट
IPL फाइनल, अहमदाबाद में आज बारिश की संभावना: डेढ़ घंटे में ही 45 हजार ऑनलाइन टिकट बिके, गुजरात-बैंगलौर के बीच होना है मुकाबला – Gujarat News
आईपीएल का फाइनल मैच गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। देश भर से क्रिकेट फैंस का अहमदाबाद पहुंचने का सिलसिला शनिवार से ही जारी है। हालांकि, मौसम विभाग ने रविवार को अहमदाबाद में
.
60 से 70 प्रतिशत टिकट बिक चुके
फाइनल मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शनिवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई। सिर्फ डेढ़ घंटे में ही करीब 45 हजार टिकट बिक गए थे। रविवार सुबह जोमैटो के डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर टिकटों की बिक्री दोबारा शुरू हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, 11 बजे तक 60 से 70 प्रतिशत टिकट बिक चुके थे।
ऑफलाइन टिकट के लिए काउंटरों पर लंबी कतारें लगी हैं।

स्टेडियम के बाहर टी-शर्ट, कैप की खूब बिक्री हो रही।
शहर भर में 3,043 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात
फाइनल से पहले अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। शहर भर में 3,043 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा में क्राइम ब्रांच, एसओजी, बीडीडीएस और एंटी-ड्रोन टीमें भी शामिल हैं। वहीं, टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस ने विशेष आदेश जारी कर ब्लैक मार्केटिंग पर प्रतिबंध लगाया है। कार्रवाई के दौरान 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये ₹3,500 की टिकटें ₹10,000 से ₹15,000 तक में बेच रहे थे।
स्टेडियम के अंदर और बाहर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए पहली बार तीन ‘एंटी-ड्रोन’ प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आसमान से होने वाले किसी भी खतरे या अनाधिकृत ड्रोन गतिविधि को तुरंत विफल कर दिया जाएगा।

रात 1.30 बजे तक चलेंगी मेट्रो
3 मार्च को मेट्रो सेवाएं नियमित समय से ज्यादा रात 1.30 बजे तक चलेंगी। मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए जीएमआरसी ने आईपीएल मैच के दिन वापसी यात्रा के लिए एक विशेष पेपर टिकट पेश किया है। इसी टिकट से ही यात्रा करने की अनुमति होगी।
ये पेपर टिकट मैच के दिन क्रॉस रोड, अपैरल पार्क, कालूपुर, ओल्ड हाईकोर्ट, थलतेज, मोटेरा, साबरमती, रानिप, वडाज और जीवराज मेट्रो स्टेशनों से एडवांस भी खरीदे जा सकते हैं। इसका प्रति व्यक्ति 50 रुपए किराया होगा।
नगर निगम चलाएगा देर रात तक बसें
फाइनल मैच देखने आए लोग देर रात घर लौटेंगे। इसके चलते निगम ने अतिरिक्त एएमटीएस बसें चलाने का फैसला किया है। बसें रात 10 बजे से 1:30 बजे तक चलेंगी। मोटेरा में नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास अचेर डिपो से ये बसें मणिनगर, ओधव, वासना, उजाला सर्कल और नारोल क्षेत्रों तक का सफर तय करेंगी। अतिरिक्त रात्रि बसों का किराया 30 रुपए प्रति यात्री तय किया गया है।
————————-
IPL फाइनल मैच से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
IPL फाइनल, अहमदाबाद की फ्लाइट ₹35,000 तक महंगी:होटलों का किराया 6 से 36 हजार तक पहुंचा

IPL का फाइनल मैच रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। अगर आप भी इस मैच को देखने के लिए फ्लाइट से अहमदाबाद जाना चाहते हैं, तो आपको 17,000 से 35,000 रुपए तक किराया ज्यादा चुकाना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
अभिषेक बनर्जी के बाद अब संसद में ‘कित-कित-कित वाले सांसद की हो गई कुटाई
Last Updated:
Abhishek Banerjee Attack Latest News: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पिछले 24 घंटों में बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत में भूचाल आ चुका है. राहुल गांधी और अखिलेश य…और पढ़ें
अभिषेक बनर्जी पर हमला के बाद सुवेंदु सरकार पर हो रहा है चौतरफा हमला.
कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पिछले 20-24 घंटों के भीतर पूरे देश की राजनीति में एक बड़ा उबाल आ गया है. इस घटना ने बंगाल के उस हिंसक इतिहास की यादें ताजा कर दी हैं, जब ठीक दो-तीन दशक पहले वामपंथी शासन के दौरान तत्कालीन युवा नेता ममता बनर्जी पर जानलेवा हमले हुए थे. राजनीतिक गलियारों में अब यह गंभीर सवाल तैर रहा है कि ‘अगर अभिषेक बनर्जी ने समय रहते हेलमेट नहीं पहना होता, तो क्या उनकी जान चली जाती?’ इस घटना के बाद से टीएमसी समर्थकों में भारी आक्रोश है, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है.
राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने केंद्र व राज्य सरकार को घेरा
अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के तुरंत बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सुवेंदु अधिकारी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
राहुल गांधी का बयान: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है. विपक्ष के एक प्रमुख युवा सांसद पर सरेआम इस तरह का हिंसक हमला बेहद चिंताजनक है. राज्य प्रशासन को राजनीतिक प्रतिशोध से ऊपर उठकर तुरंत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.”
अखिलेश यादव का तीखा हमला: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने कहा, “यह हमला केवल अभिषेक बनर्जी पर नहीं, बल्कि बंगाल की लोकतांत्रिक चेतना पर है. जब सरकारी एजेंसियां ED, CBI किसी को झुका नहीं पातीं, तो इस तरह की हिंसक ताकतों को आगे कर दिया जाता है. यह बेहद निंदनीय है और देश की जनता इस तानाशाही को देख रही है.”
क्या बंगाल में टीएमसी नेताओं पर जानबूझकर हो रहे हैं हमले?
सोनारपुर की घटना के बाद यह नैरेटिव तेजी से मजबूत हो रहा है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष और खुद ममता बनर्जी ने इसे सुवेंदु सरकार की शह पर रची गई एक ‘पूर्व-नियोजित साजिश’ बताया है. टीएमसी का आरोप है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बने रहे, जिससे उग्र भीड़ को सांसद के बिल्कुल करीब जाने और उनके कपड़े फाड़ने का मौका मिल गया.
बीजेपी ने हमले पर क्या कहा?
इसके विपरीत, सत्तारूढ़ भाजपा का तर्क है कि यह कोई प्रायोजित हमला नहीं था, बल्कि पिछले 15 वर्षों के सिंडिकेट राज, कट-मनी और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय जनता का आक्रोश था, जो अब सड़कों पर फूट रहा है.
संसद से सड़क तक प्रदर्शन की तैयारी: दिल्ली में टीएमसी के सांसदों ने इस घटना के खिलाफ संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने बड़े विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की है. विपक्षी दल इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने जा रहे हैं.
इंटरनेशनल मीडिया की नजर: बीबीसी, अल जज़ीरा और अन्य अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों ने बंगाल की इस घटना को ‘भारत के एक प्रमुख राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा’ के रूप में रिपोर्ट किया है. विदेशी विश्लेषकों का मानना है कि यदि बंगाल में इस तरह की राजनीतिक हिंसा नहीं थमी, तो इसका सीधा असर राज्य में आने वाले औद्योगिक निवेश पर पड़ेगा.
मानवाधिकार संगठनों की चिंता: कई नागरिक अधिकार और मानवाधिकार संगठनों ने बंगाल के बदलते राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और लोकतंत्र की मर्यादा का पालन करने की अपील की है.
अभिषेक बनर्जी फिलहाल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जहां उनकी सुरक्षा को ‘जेड प्लस’ (Z+) स्तर तक बढ़ा दिया गया है. लेकिन पिछले 24 घंटों का यह घटनाक्रम साफ इशारा कर रहा है कि बंगाल की राजनीति एक बार फिर उसी पुराने दौर में लौट रही है, जहां सत्ता और विपक्ष का फैसला अब बैलेट बॉक्स के साथ-साथ सड़कों पर पत्थरों, अंडों और लाठियों से होने लगा है.
Kalyan Banerjee Attack Row : अभिषेक बनर्जी के बाद अब कल्याण बनर्जी पर भी बंगाल में हमला, सिर से निकल रहा खून, आंखों में आंसू और माइक पकड़ कर दे रहे भाषण
शनिवार को अभिषेक बनर्जी के बाद अब टीएमसी एक और सांसद कल्याण बनर्जी के साथ भी रविवार को हुगली जिले में कथित तौर पर मारपीट की गई. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की. आरोप है कि इसी दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और सांसद के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट की गई. कल्याण बनर्जी के सिर से खून निकल रहा है.
हुगली, पश्चिम बंगाल: TMC सांसद कल्याण बनर्जी पर हुगली में उस समय हमला किया गया, जब वे चंडीतला पुलिस स्टेशन में ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। उन्हें प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया, जिन्होंने काले झंडे दिखाए, नारे लगाए और कथित तौर पर इस घटना के दौरान उनके साथ मारपीट भी की। pic.twitter.com/fau5IzG8EL
— IANS Hindi (@IANSKhabar) May 31, 2026
हुगली, पश्चिम बंगाल: TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, “मैं अकेला आ रहा था। मेरे साथ कोई नहीं था। भाजपा सदस्यों ने गाली-गलौज की और मेरे सिर पर ड्यूस बॉल से मारा। मेरे सिर से खून बह रहा है… अब लोग तय करेंगे कि यह सही है या गलत कि सांसदों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है…” pic.twitter.com/8EKg6fbKGS
— IANS Hindi (@IANSKhabar) May 31, 2026
Abhishek Banerjee Attack Row : ‘अभिषेक को एडमिट न करने के लिए डॉक्टरों को दी जा रही थी धमकी’: ममता बनर्जी का सुवेंदु सरकार पर बेहद सनसनीखेज आरोप!
Abhishek Banerjee Attack Row : अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति अब एक बेहद खतरनाक और अप्रत्याशित मोड़ पर पहुंच गई है। घायल अभिषेक बनर्जी से मुलाकात करने कल शाम कोलकाता के अपोलो अस्पताल पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर बेहद सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए थे. आज ममता के आरोप पर देश के अलग-अलग पार्टियों के नेताओं का रिक्शन आना शुरू हो गया है. पहले सुनें कल ममता ने बंगाल के सुवेंदु सरकार में क्या-क्या आरोप लगाए थे.
VIDEO | Kolkata: Reacting to the attack on TMC MP Abhishek Banerjee, Former West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee says, “When I was sitting with Mr Tandon, the administrator of the hospital, he was requesting me because he was allegedly receiving threat calls from the police… pic.twitter.com/RZpk2XSEMW
— Press Trust of India (@PTI_News) May 30, 2026
राजगढ़ में धूलभरी आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: घंटों अंधेरे में डूबे शहर-कस्बे, कई पेड़ गिरे; उमस ने परेशानी बढ़ाई – rajgarh (MP) News
दिनभर की झुलसाने वाली गर्मी के बाद शनिवार रात राजगढ़ जिले में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि शहर से लेकर कस्बों तक अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। रात करीब 10 बजे तेज धूलभरी आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हवा इतनी तेज चली कि कई जगहों पर छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर पड़े और बिजली लाइनों में फाल्ट आ गया। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में तेज बिजली चमकने लगी और फिर बारिश शुरू हो गई। बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और बेचैनी से राहत नहीं मिल सकी। आंधी के दौरान उड़ती धूल ने शहरों और कस्बों को धुंध जैसा बना दिया। घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने के बावजूद धूल अंदर तक पहुंच गई। बिजली बंद होते ही कूलर और पंखे थम गए। उमस इतनी बढ़ गई कि लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोग छतों और गलियों में रात बिताते नजर आए, जबकि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान रहे। ढाई बजे बिजली सप्लाई हो सकी
राजगढ़ शहर में रात 10 बजे के आसपास तेज हवा के साथ बिजली गुल हो गई। कई इलाकों में रात ढाई बजे सप्लाई शुरू हो सकी, लेकिन कुछ मोहल्लों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। गर्मी और मच्छरों के बीच लोगों की रात करवटें बदलते बीती। लोगों का कहना था कि बारिश से गर्मी तो कम हुई, लेकिन बिजली नहीं रहने से राहत महसूस नहीं हो सकी। खिलचीपुर में तूफान का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तेज आंधी के कारण 11 केवी लाइन में फाल्ट आ गया और पूरा नगर अंधेरे में डूब गया। बिजली कर्मचारी रातभर अलग-अलग इलाकों में फाल्ट तलाशते रहे। कई जगह तारों और पोल की जांच करनी पड़ी। सुबह करीब 7 बजे नगर के आधे हिस्से में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी, जबकि पूरे नगर में बिजली सुबह 9 बजे तक बहाल हुई। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद उड़ गई। उमस और गर्मी से परेशान लोग सुबह तक जागते रहे। बिजली बाधित होने से नगर परिषद की पानी सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सुबह लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा भी प्रभावित
जीरापुर में भी तेज आंधी के साथ रात 10 बजे बिजली चली गई थी। अधिकांश इलाकों में रात करीब 1:30 बजे सप्लाई बहाल हो गई, लेकिन बंसल कॉलोनी सहित कुछ क्षेत्रों में पूरी रात बिजली नहीं आई। यहां लोगों ने मोबाइल की रोशनी और हाथ के पंखों के सहारे रात बिताई। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा में भी तूफान का असर दिखाई दिया। माचलपुर में रात 10 बजे बंद हुई बिजली करीब डेढ़ बजे के बाद शुरू हो सकी। वहीं छापीहेड़ा में रात 2 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने का असर
मौसम विभाग के अनुसार जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के असर से वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर बन रहा है। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है।
Source link
मैट्रिक फेल हितेश का कमाल, पिज्जा बेचकर रोज कमा रहा 20 हजार, कमाई
Last Updated:
Success Story: हितेश रांची के बिग बाजार के पास अपना एक छोटा सा आउटलेट लगाते हैं. वह पिज्जा बनाने का काम करते हैं. हितेश बताते हैं कि वह मैट्रिक फेल हैं, घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो आगे पढ़ नहीं पाए. उसके बाद भैया ने पिज्जा बनाना सिखाया. आज आलम यह है कि लोग कहते हैं कि हम डोमिनोज छोड़कर आपके पास आए हैं. वह हर दिन 200 से अधिक लोग उनके पास पिज्जा खाने के लिए आते हैं. जहां एक पिज्जा की कीमत 70 रुपये से लेकर ₹150 तक होती है.
हितेश बताते हैं कि वह मूल रूप से बिहार के हाजीपुर के रहने वाले हैं. उनका पूरा परिवार काफी समय से रांची में रहता है. शुरू से ही घर में पैसे को लेकर तंगी थी. ऐसे में पढ़ाई ठीक से हो ही नहीं पाती थी. इस वजह से फेल भी हो गए और फिर पढ़ने का मन भी नहीं किया.

फिर लगा अब मुझे कमाना है, अपने दम पर कमाना है, लेकिन बात है कि मैट्रिक फेल को नौकरी कौन देगा. हितेश ने बताया कि उन्होंने पिज्जा बनाना शुरू किया. उनके भैया को बहुत अच्छा पिज्जा बनाना आता था, वह भी यही काम करते हैं. ऐसे में घर पर खूब प्रेक्टिस किया.

इसके बाद बिग बाजार के सामने अपना एक आउटलेट लगाया और यहां पर पिज्जा बनाने का काम करने लगे. आज मुश्किल से 15-20 मिनट में 20 से 25 पिज्जा बना लेते हैं. क्योंकि, इतना डिमांड है और एकदम बड़े ब्रांड के स्टाइल में पैकिंग करके भी लोगों को खिलाते हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

हितेश ने बताया कि उनके पिज्जा की खास बात ये है कि उनके पास आपको ऐसी क्वॉलिटी मिलेगी, खाकर आप तारीफ जरूर करेंगे. आप खाने के बाद कहेंगे ये तो डोमिनोएस वाला है, चीज से लेकर मेयोनेज सॉस हर चीज क्वालिटी का होता है और किसको कितनी क्वांटिटी में डालना है.

इस बात की एकदम ट्रेनिंग ले रखी है. क्वालिटी और क्वांटिटी के साथ कोई समझौता नहीं करते हैं. बस इसी को मूलमंत्र बनाया और उनका बिजनेस चल रहा है. हितेश आगे बताते हैं कि हर दिन आराम से 200 से अधिक लोग आ जाते हैं. सैटरडे संडे को तो उससे भी अधिक लोग पहुंचते हैं.

ऐसे में अच्छी खासी हर दिन की 20,000 से ऊपर की कमाई हो जाती है. हालांकि, इसमें लागत भी लगता है. आज उन्होंने अपने कई सपने पुरे किये हैं. अपना घर बनवाया है, कंप्यूटर, लैपटॉप, बाइक सब कुछ ले लिया है और भी सपने हैं. जैसे फॉरेन ट्रिप का यह भी बहुत जल्द पूरा करने वाले हैं.

