Saturday, July 4, 2026
Home Blog

इन 5 स्टेप में बनाएं भुसावर स्टाइल आंवला मुरब्बा! स्वाद में बाजार वाला भी फेल


होमफोटोलाइफ़फूड

इन 5 स्टेप में बनाएं भुसावर स्टाइल आंवला मुरब्बा! स्वाद में बाजार वाला भी फेल

Last Updated:

Amla Murabba Recipe : भरतपुर जिले के भुसावर का आंवले का मुरब्बा वर्षों से अपने खास स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. अगर आप भी बाजार जैसा स्वाद घर पर पाना चाहते हैं, तो इसे बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले ताजे और बड़े आकार के आंवलों को अच्छी तरह धोकर हल्का उबालें, फिर उनमें छोटे-छोटे छेद करें ताकि चाशनी अंदर तक पहुंच सके. इसके बाद चीनी की गाढ़ी चाशनी तैयार कर उसमें आंवले डालें और स्वाद बढ़ाने के लिए काली मिर्च सहित पारंपरिक मसालों का संतुलित मिश्रण मिलाएं. कुछ दिनों तक चाशनी में रखने के बाद मुरब्बा पूरी तरह तैयार हो जाता है. यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि पाचन को बेहतर बनाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और शरीर को पोषण देने में भी मददगार माना जाता है. यही वजह है कि भुसावर का यह पारंपरिक मुरब्बा आज भी लोगों के बीच खास पहचान रखता है.

भरतपुर जिले के भुसावर क्षेत्र का आवले का मुरब्बा अपनी खास मिठास और औषधीय गुणों के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. अब आप इस पारंपरिक स्वाद को घर पर भी आसानी से तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि यह मुरब्बा सिर्फ स्वाद में ही नहीं बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पेट संबंधी समस्याओं से राहत देने के साथ-साथ यह इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है.

घर पर भुसावर जैसा आवले का मुरब्बा बनाने के लिए सबसे पहले अच्छे ताजे और मोटे आकार के आवलों का चयन करना बेहद जरूरी होता है. गुणवत्ता वाला आंवला ही मुरब्बे के स्वाद को बेहतरीन बनाता है. चयन के बाद इन आवलों को साफ पानी में अच्छी तरह धोया जाता है.ताकि उनमें मौजूद धूल-मिट्टी पूरी तरह निकल जाए.

इसके बाद अगला चरण आता है. आवलों को उबालने का आवलों को हल्का सा उबाल लिया जाता है जिससे वे नरम हो जाएं और उनमें मिठास अच्छी तरह समा सके. उबालने के बाद प्रत्येक आवले में हल्के-हल्के छेद किए जाते हैं. यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसी से चाशनी और मसाले आवले के अंदर तक पहुंच पाते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

अब बारी आती है मसालों की जो इस मुरब्बे को खास स्वाद देते हैं. आमतौर पर इसमें काली मिर्च सहित कई पारंपरिक मसालों का उपयोग किया जाता है. ये मसाले न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि इसे स्वास्थ्यवर्धक भी बनाते हैं. सही मात्रा में मसालों का मिश्रण इस मुरब्बे की पहचान है.

इसके बाद तैयार की जाती है चाशनी. चीनी को पानी में डालकर अच्छी तरह पकाया जाता है. जब तक कि गाढ़ी चाशनी तैयार न हो जाए. चाशनी तैयार होने के बाद उबले हुए आवलों को एक-एक करके इसमें डाल दिया जाता है. फिर इसे ढककर कुछ दिनों के लिए रखा जाता है ताकि आवले पूरी तरह चाशनी को सोख लें.

कुछ दिनों बाद यह मुरब्बा पूरी तरह तैयार हो जाता है. इसका स्वाद बेहद लाजवाब होता है और यह लंबे समय तक सुरक्षित भी रहता है. भुसावर का यह पारंपरिक मुरब्बा न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट है बल्कि शरीर के लिए भी लाभकारी माना जाता है. ऐसे में अब आप भी इसे घर पर बनाकर इसके स्वाद और सेहत के फायदों का आनंद ले सकते हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

ATM में कैश डालने वाले 2 कर्मचारी करोड़ो लेकर फरार: दो दिन तक सिस्टम को नहीं लगी भनक; ड्राइवर के घर खड़ी मिली कैश वैन – Jhunjhunu News




झुंझुनूं में एटीएम में कैश डालने वाले दो कर्मचारी 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। तीन दिन तक चली कंपनी की जांच में 28 एटीएम चेक किए गए, जिनमें 9 एटीएम में गड़बड़ी मिली। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि 3 एटीएम में कैश ही नहीं डाला गया। सिर्फ इन्हीं तीन एटीएम में करीब 59.50 लाख रुपए की कमी मिली। आरोप है कि दोनों कर्मचारी बैंक से कैश लेकर निकले, लेकिन पूरी रकम एटीएम में नहीं डाली और फरार हो गए। उनकी कैश वैन बाद में ड्राइवर के घर के बाहर खड़ी मिली। हैरानी की बात यह है कि करीब 48 घंटे तक कंपनी को इस गड़बड़ी की भनक तक नहीं लगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानें कैसे की लूट की तैयारी 1. एक ही गांव से थे दोनों आरोपी हर एटीएम की सुरक्षा दो स्तर पर होती है। पहली तकनीक और दूसरी इंसान। मशीन की सुरक्षा तकनीक करती है, लेकिन मशीन में कैश भरने की जिम्मेदारी कर्मचारियों की होती है। इसी वजह से कैश मैनेजमेंट कंपनियां अपने कर्मचारियों पर सबसे ज्यादा भरोसा करती हैं। जांच के अनुसार मुख्य आरोपी सुमेर सिंह नवंबर 2025 में कंपनी से जुड़ा था। इसके कुछ महीने बाद मार्च 2026 में उसने अपने गांव सुजडोला निवासी संदीप सिंह को भी कंपनी में नौकरी दिला दी। दोनों एक ही टीम में काम करने लगे। रोज एटीएम में कैश भरते-भरते दोनों ने पूरी कैश लोडिंग व्यवस्था समझ ली। किस एटीएम में कितना कैश जाता है, किस मशीन में सबसे ज्यादा ट्रांजेक्शन होता है, कौन-सा एटीएम कितनी जल्दी खाली होता है और कंपनी किस तरह निगरानी करती है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यहीं से पूरी योजना तैयार हुई। 2. खुद कैश वैन लेकर अलग-अलग एटीएम पहुंचे आरोपी जांच में सामने आया है कि 25 जून को दोनों कर्मचारी कैश लेकर निकले। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्होंने ड्राइवर और गनमैन को वापस भेज दिया। इसके बाद दोनों खुद कैश वैन लेकर अलग-अलग एटीएम तक पहुंचे। यहीं से पूरा खेल शुरू हुआ। कुछ मशीनों में पूरी नकदी नहीं डाली गई। कुछ मशीनों में कम नकदी डाली गई। तीन मशीनों में कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार कैश डाला ही नहीं गया, लेकिन रिपोर्ट में कैश लोडिंग पूरी दिखाई गई। अगर जांच में यह सही साबित होता है, तो यह सिर्फ गबन नहीं बल्कि पूरी कैश लोडिंग व्यवस्था को समझकर किया गया ऑपरेशन माना जाएगा। 3. ज्यादा ट्रांजेक्शन वाले एटीएम चुने ऑडिट रिपोर्ट में सामने आया कि जिन एटीएम में रोज सबसे ज्यादा ग्राहक आते थे, वहां कुछ कैश डाल दिया गया। इससे मशीनें तुरंत खाली नहीं हुईं। बैंक को तुरंत अलर्ट नहीं मिला और कंपनी को भी शुरुआत में शक नहीं हुआ। जांच के अनुसार आरोपियों ने सबसे पहले समय का पूरा हिसाब लगाया। 4. दो दिन की छुट्टी, सिस्टम को नहीं लगी भनक 25 जून के बाद 26 जून और फिर शनिवार व रविवार की छुट्टियां रहीं। लगातार चार दिन तक नियमित निगरानी प्रभावित रही। इस दौरान कई एटीएम धीरे-धीरे खाली होते गए। कुछ ग्राहकों को परेशानी हुई, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि मामला करोड़ों रुपए के गबन का है। 29 जून को जब दोनों कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल बंद मिले, तब कंपनी को बड़ा शक हुआ। 5. तीन दिन की ऑडिट में खुला पूरा मामला इसके बाद जयपुर से विशेष ऑडिट टीम झुंझुनूं पहुंची। 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई तक लगातार जांच की गई। कुल 28 एटीएम की जांच हुई। इनमें 9 एटीएम में गड़बड़ी मिली। तीन एटीएम में कैश नहीं मिला, जबकि छह एटीएम में तय राशि से कम नकदी मिली। जांच में कुल 1 करोड़ 13 लाख 3 हजार रुपए की कमी सामने आई। इसके अलावा ग्राहकों के 92 हजार रुपए के लेनदेन भी जमा नहीं किए गए। इस तरह कुल कथित गबन 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार रुपए का सामने आया। कैश वैन मिली, लेकिन दोनों कर्मचारी गायब करोड़ों रुपए ले जाने वाली कैश वैन चिड़ावा में ड्राइवर के घर खड़ी मिली। लेकिन जिन दो कर्मचारियों के जिम्मे कैश था, वे दोनों गायब मिले। उनके मोबाइल बंद हैं और उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। अब पुलिस मोबाइल लोकेशन, जीपीएस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बैंकिंग लॉग और दूसरे डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए पूरी कड़ी जोड़ रही है। एसपी और एएसपी को दी गई जानकारी एएसपी देवेंद्र राजावत ने बताया कि CMS कंपनी बैंकों से नकदी लेकर एटीएम में जमा करने का काम करती है। चिड़ावा थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में सुजडोला गांव के सुमेर सिंह और संदीप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बैंक से ली गई करीब 1 करोड़ 13 लाख रुपए से ज्यादा की राशि एटीएम में जमा नहीं की और फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गबन की गई राशि बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है।



Source link

जौनपुर में टीईटी का अंतिम दिन: जूते-मोजे, बेल्ट और घड़ी उतरवाकर मिली एंट्री, 23 केंद्रों पर 9584 अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा – Jaunpur News




जौनपुर में तीन दिवसीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का शनिवार को शांतिपूर्ण ढंग से समापन हो गया। जिले के 23 परीक्षा केंद्रों पर अंतिम दिन 9584 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। नकल रोकने के लिए प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश से पहले जूते, मोजे, बेल्ट और घड़ी उतारनी पड़ी। शर्ट की बाहें और कॉलर खोलकर भी जांच की गई। पानी की बोतल ले जाने वाले अभ्यर्थियों के रैपर हटाकर उनकी भी जांच की गई, ताकि कोई प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके। 23 केंद्रों पर तीन दिन चली परीक्षा जिले के 23 परीक्षा केंद्रों पर 2 जुलाई से शुरू हुई टीईटी परीक्षा तीन दिनों तक चली। परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो-दो पालियों में आयोजित हुई, जबकि 4 जुलाई को केवल प्रथम पाली में परीक्षा संपन्न कराई गई। तीन दिवसीय परीक्षा में कुल 56,882 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। निगरानी के लिए तैनात रहे मजिस्ट्रेट परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिले में 23 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 23 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 5 आरक्षित सेक्टर मजिस्ट्रेट और 8 आरक्षित स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की गई। डीएम ने दिए थे सख्त निर्देश जिलाधिकारी ने परीक्षा से पहले तैयारियों की समीक्षा करते हुए आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, विद्युत आपूर्ति, पेयजल और स्वच्छता की व्यवस्था दुरुस्त रखने के साथ केंद्र अधीक्षकों को परीक्षा की गोपनीयता, पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।



Source link

हरदा में उफनाई नदियों ने कई गांवों का संपर्क तोड़ा: तीन फीट पानी से स्टेट हाईवे बंद, घरों-दुकानों में घुसा बारिश का पानी – Harda News




हरदा जिले में शुक्रवार रात और शनिवार सुबह हुई तेज बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी वर्षा के कारण छोटी नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे कई निचले इलाकों में पानी भर गया। सड़कें और पुल-पुलियाएं जलमग्न होने से कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। जिले के ग्राम मांदला के पास काली माचक नदी उफान पर है। पुल पर करीब तीन फीट पानी आने के कारण नर्मदापुरम-खंडवा स्टेट हाईवे बंद हो गया है। इसके चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। ग्राम कमताड़ा में शनिवार सुबह लगभग 5 बजे एक नाला उफान पर आने से गांव की सड़क तालाब में बदल गई। इससे कई घरों और दुकानों में पानी भर गया। इसी तरह, ग्राम रोलगांव में माचक नदी के उफान पर आने से भी घरों में पानी घुस गया है। ग्राम पहटकला में स्यानी नदी भी रौद्र रूप में बह रही है, जो नए पुल से गुजर रही है। आमासेल, रहटाकला, मांदला, ढोलगांव, कडोला, बारंगा, टेमलावाड़ी और सारंगपुर सहित दर्जनों अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जलमग्न रास्तों और उफनते नालों को पार करने का जोखिम न लें। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ लोग जान जोखिम में डालकर उफनती नदियों के बीच से लकड़ियां पकड़ते हुए भी दिखाई दिए। इन लोगों को रोकने के लिए मौके पर कोई जवान तैनात नहीं था।



Source link

दलाल लिखता केस डायरी,पुलिस संग चला रहा था ड्रग सिंडिकेट: आरोपी के पास से कई थानों की फाइलें मिलीं; तीन जिलों के 11 SI सस्पेंड – Saharsa News




सहरसा के सलखुआ थाने में पुलिस-दलालों की मिलीभगत और मादक पदार्थों के सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है। DGP के निर्देश पर कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) ने सलखुआ थाने का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई के बाद थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस मुख्यालय को गुप्त सूचना मिली थी कि सलखुआ थाने में सतीश कुमार नामक दलाल, थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और महिला सब-इंस्पेक्टर रविता कुमारी के माध्यम से दलाली का रैकेट चला रहा था। इसके अतिरिक्त, आरोपी सतीश का भाई चंद्रकिशोर रजक क्षेत्र में मादक पदार्थों का एक बड़ा सिंडिकेट संचालित कर रहा था। इस गंभीर सूचना के सत्यापन के लिए 2 जुलाई को डीआईजी ने स्वयं सलखुआ थाने में औचक दबिश दी। जांच के दौरान थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और दलाल सतीश कुमार के बीच मोबाइल फोन के जरिए लगातार संपर्क में रहने के पुख्ता सबूत मिले।
पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार को रोका इसके बाद, गोसपुर मंदिर के पास एक नीले रंग की पल्सर बाइक पर जा रहे संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। उसकी तलाशी में एक काले बैग से लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस, चार्जर और पिपरा, सलखुआ तथा नवहट्टा थाने की गोपनीय मूल कांड दैनिकी (केस डायरी) बरामद हुई। मामले की संवेदनशीलता और गोपनीयता भंग होने की गंभीरता को देखते हुए सिमरी-बख्तियारपुर के SDPO के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कथित दलाल सतीश कुमार को हिरासत में ले लिया है। उसके खिलाफ सलखुआ थाना में कांड संख्या 0-107/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थानेदार समेत 11 पुलिसकर्मी पर कार्रवाई इस भ्रष्टाचार और दलाली के नेटवर्क में संलिप्तता पाए जाने के बाद सलखुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार और रविता कुमारी सहित कुल 11 पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा इन सभी के खिलाफ विभागीय और कानूनी जांच तेज कर दी गई है। इस कार्रवाई में 3 जिलों के थानाध्यक्ष समेत 11 पुलिसकर्मी पर कार्रवाई हुई है। इनमें सलखुआ थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह, सलखुआ थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सुबह लाल पासवान, सहरसा के नवहट्टा थाना के पुलिस और निरीक्षक पंकज कुमार शामिल है। इनके अलावा सुपौल के त्रिवेणीगंज थाना की पुलिस अवर निरीक्षक जूही कुमारी , राघोपुर थाना की पुलिस अवर निरीक्षक शिशुपाल रविदास, पुलिस और निरीक्षक पिंकी कुमारी सुपौल जिला बल को भी निलंबित किया गया है। वहीं, मधेपुरा के भर्राही थाना के पुलिस अवर निरीक्षक अमोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक चंद्रजीत प्रभाकर मधेपुरा जिला बल, सहायक और निरीक्षक मनीषा कुमारी मधेपुरा जिला बल, पुलिस अवर निरीक्षक ज्योतिष कुमार थाना अध्यक्ष घैलाढ़ मधेपुरा जिला बल, को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध डीआईजी ने अग्रतार कार्रवाई के लिए लिखा है।
दलाली की सूचना देने वालों की पहचान रहेगी गोपनीय कोशी क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक ने आम जनता और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी थाना परिसर या कार्यालय में बाहरी बिचौलियों या अवैध व्यक्तियों द्वारा पैरवी या दलाली की सूचना मिलती है, तो तुरंत वरीय पुलिस अधिकारियों को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



Source link

छप्पर के नीचे सजती है छपरा की यह 50 साल पुरानी मिठाई की दुकान, इनके कलाकंद की दुबई तक मांग


Last Updated:

Chapra Famous Kalakand Shop: छपरा के गरखा प्रखंड में 50 साल पुराना शंभू मिष्ठान भंडार है जहां का कलाकंद दुबई तक मशहूर है. शुद्ध दूध से बना यह कलाकंद इतना स्वादिष्ट होता है कि जिसने एक बार चख लिया वो लौटकर जरूर आता है. कई ग्राहक तो ऐसे हैं जो बचपन से आज तक इसी दुकान का कलाकंद खा रहे हैं.

छपरा. छपरा शहर में ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में भी एक काफी स्वादिष्ट और मशहूर मिठाई मिलती है, जिसे खरीदने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. आज हम जिले के एक ऐसे मशहूर कलाकंद के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां से कलाकंद खरीदकर दुबई में रहने वाले लोग भी ले जाते हैं. शुद्ध दूध से इसको तैयार किया जाता है. दूसरी पीढ़ी के लोग इस दुकान को संभाल रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि जो स्वाद पहले मिलता था, वही स्वाद मिठाई में आज भी मिलता है. इसका कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्र से आसानी से दूध मिल जाता है.

करीब 50 साल पुरानी है दुकान
कोयले की आग पर लोगों के सामने खोवा निकालकर कलाकंद तैयार किया जाता है. यह मशहूर कलाकंद जिले के गरखा प्रखंड अंतर्गत बसंत बाजार में तैयार होता है, जहां दूसरी पीढ़ी के रूप में बबलू प्रसाद और उनके पुत्र मिलकर कलाकंद तैयार करते हैं. इस दुकान की शुरुआत उनके पिताजी ने की थी. लगभग 50 वर्ष से अधिक पुरानी यह दुकान बताई जा रही है. जो स्वाद 50 वर्ष पहले मिलता था, वही स्वाद आज भी मिलता है. जिसकी वजह से यहां मिठाई खाने वाले पुराने से पुराने ग्राहक भी आते हैं.

बचपन से आ रहे कलाकंद खाने
लोकल 18 से ग्राहक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि ‘यह काफी पुरानी यह दुकान है. मैं जब छोटा था, तो अपने पिताजी के साथ यहीं पर कलाकंद खाने के लिए आता था और आज भी मैं यहीं का कलाकंद खाता हूं. जो पहले स्वाद मिलता था, वही स्वाद आज भी मिलता है. पहले बबलू प्रसाद के पिताजी शंभू प्रसाद जी यहां पर मिठाई बनाते थे.

अब बबलू प्रसाद और उनके पुत्र के द्वारा कलाकंद तैयार किया जा रहा है. यह आज भी काफी स्वादिष्ट लगता है. शंभू मिष्ठान भंडार के नाम से यह दुकान पूरे जिले में मशहूर है. यहां के कलाकंद बहुत मशहूर हैं. दूर-दूर के लोग यहां के कलाकंद खाने आते हैं. यहां की मिठाई में आज भी शुद्धता बरकरार है.’

शुद्धता का रखते हैं ख्याल
दुकानदार बबलू प्रसाद ने बताया कि ‘ग्रामीण क्षेत्र से शुद्ध दूध लाकर कोयले की आग पर खोवा निकाला जाता है, जिसमें इलायची, किशमिश, काजू सहित कई सामग्री स्वाद बढ़ाने के लिए डाली जाती है. शुद्धता में कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि लगभग 50 वर्ष से इस बाजार में दुकान संचालित हो रही है. मेरे पिता शंभू प्रसाद ने इस दुकान की शुरुआत की थी. अब हम और मेरे पुत्र इसे संभाल रहे हैं. जिले के कोने-कोने से लोग मिठाई खाने के लिए आते हैं.

दुबई तक जाती है मिठाई
यहां से दुबई में रहने वाले लोग भी मिठाई खरीदकर ले जाते हैं. कल ही यहां से 3 किलो कलाकंद खरीदकर लोग दुबई ले गए हैं. यहां सफाई और शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाता है. यही वजह है कि आज भी स्वाद बरकरार है. जिसकी वजह से ग्राहकों का मेरी दुकान की मिठाई पर विश्वास है. छोटी दुकान है, लेकिन बड़े-बड़े दुकानों में भी इस तरह की स्वादिष्ट और शुद्ध मिठाई नहीं मिलती है. यही वजह है कि लोग मेरी मिठाई पर विश्वास करते हैं.’

About the Author

Raina Shukla

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें



Source link

मंगेतर की हत्या की आरोपी सिया का दूसरा मोबाइल मिला: चेतन से कोडवर्ड में चैटिंग करती थी; दोनों 14 दिन येरवदा जेल में रहेंगे


पुणे3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (फर्स्ट क्लास) ने दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है।

पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी।

वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा।

सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी।

चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें…

आरोपी सिया गोयल को शुक्रवार को उसके घर भी ले जाया गया था।

आरोपी सिया गोयल को शुक्रवार को उसके घर भी ले जाया गया था।

आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस को घटना वाले दिन का पूरा घटनाक्रम बता दिया है।

आरोपी चेतन चौधरी ने पुलिस को घटना वाले दिन का पूरा घटनाक्रम बता दिया है।

कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी।

दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है।

मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक

पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है।

दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है।

तस्वीर नवंबर 2025 की है। तब सिया और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी। सिया ने केतन की पहनाई अंगूठी दिखते हुए तस्वीर भी खिंचाई थी।

तस्वीर नवंबर 2025 की है। तब सिया और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी। सिया ने केतन की पहनाई अंगूठी दिखते हुए तस्वीर भी खिंचाई थी।

प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया

  • 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा।
  • 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ फोर्ट जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
  • 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों लोहगढ़ पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
  • 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।



Source link

अमेरिका 250 साल के लिए टाइम कैप्सूल दफन करेगा: 408 किलो वजन, इसमें व्हेल की हड्डी से AI की भविष्यवाणी तक; आखिर इसकी जरूरत क्यों


वॉशिंगटन डीसी51 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकाज टाइम कैप्सूल में 50 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से भेजी गई खास चीजें रखी गई हैं।

4 जुलाई को अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर 408 किलो का एक टाइम कैप्सूल जमीन में दफनाया जाएगा। इसे फिलाडेल्फिया के इंडिपेंडेंस नेशनल हिस्टोरिकल पार्क में दफनाया जाएगा और 250 साल बाद यानी 2276 में खोला जाएगा।

इसकी जानकारी नेशनल पार्क सर्विस के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज की गई है, ताकि 250 साल बाद आने वाली पीढ़ियां इसे ढूंढ़ सकें और इसके बारे में जान सकें।

इस कैप्सूल में 50 राज्यों और आम लोगों की ओर से चुनी गई यादगार चीजें रखी गई हैं, जिसमें व्हेल की हड्डी, दुनिया के सबसे बड़े जिप्सम रेगिस्तान की रेत, राइट बंधुओं के विमान का कपड़ा, AI की भविष्यवाणी और कई ऐतिहासिक दस्तावेज शामिल हैं।

टाइम कैप्सूल बंद पेटी या कंटेनर होता है, जिसमें किसी दौर की चीजें सुरक्षित रखी जाती हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ियां उस समय के समाज, तकनीक, संस्कृति और जीवन को समझ सकें।

फिलाडेल्फिया को अमेरिका की आजादी का जन्मस्थान माना जाता है। 4 जुलाई 1776 को यहीं स्वतंत्रता घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) को मंजूरी दी गई थी। इसी वजह से टाइम कैप्सूल को दफनाने के लिए इस शहर को चुना गया।

फिलाडेल्फिया को अमेरिका की आजादी का जन्मस्थान माना जाता है। 4 जुलाई 1776 को यहीं स्वतंत्रता घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन ऑफ इंडिपेंडेंस) को मंजूरी दी गई थी। इसी वजह से टाइम कैप्सूल को दफनाने के लिए इस शहर को चुना गया।

कैप्सुल सुरक्षित रखने के लिए अपनाई गई खास तकनीकें

टाइम कैप्सूल बनाना जितना मुश्किल नहीं था, उससे बड़ी चुनौती उसे 250 साल तक सुरक्षित रखना था। वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि जमीन के नीचे रखी चीजें ढाई सौ साल बाद भी सुरक्षित कैसे मिले।

इस वजह से प्रोजेक्ट से जुड़े कई विशेषज्ञों को इसमें शामिल किया गया। कई साल की रिसर्च के बाद ऐसा डिजाइन तैयार किया गया, जो पानी, नमी, जंग और मौसम के असर से कैप्सूल को बचा सके।

यह कैप्सूल चौकोर नहीं, बल्कि बेलन (सिलेंडर) के आकार का है। वैज्ञानिकों के अनुसार चौकोर डिब्बों के कोने समय के साथ कमजोर पड़ जाते हैं और वहीं से पानी अंदर जाने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

टाइम कैप्सूल के सिलेंडर को प्रिसिजन-माइल्ड स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल जंग से बचाने वाले वैज्ञानिक उपकरणों में होता है।

टाइम कैप्सूल के सिलेंडर को प्रिसिजन-माइल्ड स्टेनलेस स्टील से बनाया गया है। इसका इस्तेमाल जंग से बचाने वाले वैज्ञानिक उपकरणों में होता है।

टाइम कैप्सूल को कैसे सील किया गया?

कैप्सूल को कार्यक्रम के दिन सील नहीं किया जाएगा। इसे पहले ही पूरी तरह सील किया जा चुका है। 4 जुलाई को इसे सिर्फ फिलाडेल्फिया में जमीन के नीचे स्थापित किया जाएगा।

कैप्सूल को सील करने के लिए खास धातु इंडियम का इस्तेमाल किया गया है। यह नरम धातु ढक्कन बंद करते समय छोटी-से-छोटी दरार भर देती है। इससे कैप्सूल पूरी तरह सील रहता है और अंदर रखा सामान लंबे समय तक सुरक्षित रहता है।

अगर कैप्सूल में बहुत ज्यादा नमी होती तो कागज और दूसरी वस्तुएं खराब हो सकती थीं। वहीं नमी पूरी तरह खत्म करने पर कुछ चीजें सूखकर टूट सकती थीं। इसलिए वैज्ञानिकों ने कैप्सूल के अंदर 35% नमी रखी है।

कैप्सूल को करीब 10 फीट नीचे दफनाया जाएगा। इस गहराई पर तापमान में उतार-चढ़ाव कम होता है। तेज गर्मी, कड़ाके की ठंड और सतह पर आने वाले तूफानों का असर भी बहुत कम पड़ता है।

टाइम कैप्सूल को बनाने वाली टीम। कैप्सूल की तैयारी में 10 साल लगे।

टाइम कैप्सूल को बनाने वाली टीम। कैप्सूल की तैयारी में 10 साल लगे।

250 साल तक न पानी पहुंचेगा, न जंग लगेगी

वैज्ञानिकों के मुताबिक, जमीन के नीचे रखे जाने वाले किसी भी टाइम कैप्सूल का सबसे बड़ा दुश्मन पानी होता है। इसीलिए कैप्सूल के ऊपर एक और स्टील का सिलेंडर लगाया जाएगा। दोनों के बीच हवा की एक परत रहेगी, जो बाहर से आने वाले पानी को रोकने में मदद करेगी।

यह ठीक उसी सिद्धांत पर काम करेगा, जैसे पानी में उल्टी बाल्टी डुबोने पर उसके अंदर हवा फंसी रहती है। अगर भविष्य में भूजल का स्तर बढ़ जाए या बाढ़ आ जाए, तब भी बेल जार के भीतर मौजूद हवा पानी को कैप्सूल तक पहुंचने से रोकेगी।

इसे बनाने वाली टीम के प्रमुख वैज्ञानिक माइकल बेरिला ने कहा,

QuoteImage

अगर इस टाइम कैप्सूल में पानी पहुंचा, तो इसका मतलब होगा कि फिलाडेल्फिया शहर करीब 6 फीट पानी में डूब चुका है। और अगर ऐसा हुआ तो टाइम कैप्सूल नहीं, बल्कि पूरी दुनिया एक बड़े प्राकृतिक संकट से जूझ रही होगी।

QuoteImage

आखिर अमेरिका टाइम कैप्सूल क्यों दफना रहा है?

संग्रहालय की चीजें समय के साथ बदली या दूसरी जगह भेजी जा सकती हैं। लेकिन टाइम कैप्सूल को एक बार सील करने के बाद तय समय तक नहीं खोला जाता। इसलिए 250 साल बाद लोग 2026 के अमेरिका को उसी रूप में देख पाएंगे, जैसा वह आज है।

इसका मकसद सिर्फ इतिहास बचाना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि 2026 का अमेरिका कैसा था। इसलिए इसमें सरकारी दस्तावेजों के साथ 50 राज्यों और आम लोगों की चुनी हुई चीजें भी रखी गई हैं।

टाइम कैप्सूल सिर्फ वस्तुएं नहीं, बल्कि उस दौर की सोच, जीवनशैली और पहचान भी सहेजता है। यानी यह 250 साल बाद के लोगों के लिए 2026 की दुनिया का एक संदेश है।

दुनिया के सबसे चर्चित टाइम कैप्सूल

  • दुनिया के सबसे प्रसिद्ध टाइम कैप्सूल में सबसे पहला नाम क्रिप्ट ऑफ सिविलाइजेशन का आता है। इसे 6,000 साल तक बंद रखने के लिए बनाया गया है।
  • इसे अमेरिका के अटलांटा राज्य के ओगलेथॉर्प यूनिवर्सिटी के परिसर में जमीन के नीचे बनाया गया था और उसी दिन स्टेनलेस स्टील का दरवाजा वेल्ड करके हमेशा के लिए बंद कर दिया गया।
  • इसमें उस दौर किताबें, फिल्में, ऑडियो रिकॉर्डिंग, घरेलू सामान, अखबार, वैज्ञानिक उपकरण और रोजमर्रा की वस्तुएं रखी गई हैं। इसे साल 8113 में खोला जाएगा।
  • इसी तरह न्यूयॉर्क में वेस्टिंगहाउस टाइम कैप्सूल को 1939 में दफनाया गया था। इसमें भी उस दौर के रोजमर्रा की चीजें रखी गई हैं। इसे साल 6939 में खोलने की योजना है।
  • भारत में भी टाइम कैप्सूल दफन किए गए हैं। सबसे चर्चित उदाहरण 1973 का है, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने दिल्ली के लाल किले के पास एक टाइम कैप्सूल दफन कराया था। इसका नाम ‘कलपात्र’ रखा गया था।
  • इंदिरा सरकार का कहना था कि इसमें आजादी के बाद देश की 25 साल की उपलब्धियां लिखी हैं। वहीं, विरोधियों ने कहा इसमें सिर्फ नेहरू-इंदिरा परिवार का महिमामंडन है। 1977 में मोरारजी देसाई की सरकार बनने के बाद इसे जमीन से निकाल लिया गया। हालांकि यह पता नहीं चल सका कि उसमें लिखा क्या था।
इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1973 को लाल किले में 32 फीट नीचे टाइम कैप्सूल को दबाया था। दावा किया जाता है कि इस टाइम कैप्सूल में आजादी के बाद 25 साल का घटनाक्रम सबूत के साथ मौजूद था।

इंदिरा गांधी ने 15 अगस्त 1973 को लाल किले में 32 फीट नीचे टाइम कैप्सूल को दबाया था। दावा किया जाता है कि इस टाइम कैप्सूल में आजादी के बाद 25 साल का घटनाक्रम सबूत के साथ मौजूद था।

————————————-

ट्रम्प ने जन्मदिन पर व्हाइट हाउस में UFC फाइट कराई:अब तक का सबसे महंगा शो, ₹567 करोड़ खर्च; जीत के बाद विजेता राष्ट्रपति से मिला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 14 जून को व्हाइट हाउस के साउथ लॉन में अल्टीमेट फाइटिंग चैम्पियनशिप यानी UFC मुकाबलों के साथ अपना 80वां जन्मदिन मनाया। UFC ने इस आयोजन पर करीब 6 करोड़ डॉलर (567 करोड़ रुपए) खर्च किए। ये अब तक का सबसे महंगा UFC आयोजन है। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

कोटा के 4 भाइयों का कमाल, सूई-धागे के बिजनेस से खड़ा किया बड़ा मुकाम


Last Updated:

Success Story: कोटा के गुमानपुरा में स्थित ‘जनता अल्टरेशन’ पिछले 45 सालों से कपड़ों की परफेक्ट फिटिंग के लिए पूरे शहर में मशहूर है. 3 कारीगरों और ₹3,000 की पगड़ी से शुरू हुए इस पुश्तैनी कारोबार को आज 4 भाई मिलकर संभाल रहे हैं और अब इसमें तीसरी पीढ़ी की भी एंट्री हो चुकी है. आज इस हुनर के दम पर 4 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे न केवल इस परिवार का बल्कि 15 अन्य कारीगरों के परिवारों का भी भरण-पोषण हो रहा है. प्रतिदिन 100 से अधिक ग्राहकों का भरोसा ही इनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.

ख़बरें फटाफट

Success Story Kota: वह समय जब एक चद्दर के नीचे दुकान लगाई जाती थी लेकिन फैशन के इस बदलते दौर में जहाँ हर दिन नए ब्रांड्स बाजार में आ जाते हैं, वहीं राजस्थान के कोटा शहर में कपड़ों की फिटिंग यानी ‘अल्टरेशन’ का एक ऐसा ठिकाना भी है, जिसने खुद में एक बड़ा इतिहास समेट रखा है. कोटा के गुमानपुरा में स्थित ‘जनता अल्टरेशन’ आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है. कपड़ों को परफेक्ट शेप देने वाले इस हुनर को चमकाते-चमकाते आज इस परिवार की तीसरी पीढ़ी भी दुकान पर कैंची और फीता थाम चुकी है. सूई-धागे के इस पुश्तैनी कारोबार ने सफलता की एक अनोखी इबारत लिखी है.

जनता अल्टरेशन के साबिर हुसैन ने बताया कि यह सफर आज से करीब 45 साल पहले उनके वालिद (पिता) साहब ने शुरू किया था. उस दौर में कोटा शहर के लोग ‘अल्टरेशन’ शब्द से पूरी तरह वाकिफ भी नहीं थे. लोगों के लिए अल्टरेशन का मतलब सिर्फ पैंट की लंबाई कम करना या ढीली ढाली सिलाई को ठीक कर देना भर था. फैशन की समझ और कपड़ों के सही नाप की बारीकियों को इस दुकान ने पूरे शहर को सिखाया. बुजुर्गों ने पहले भी कई तरह के व्यापार आजमाए थे, लेकिन बरकत इसी टेलरिंग लाइन में लिखी थी. शुरुआत बेहद मुश्किलों भरी थी. एक छोटी सी दुकान किराए पर ली गई और उस ज़माने में ₹3,000 की पगड़ी देकर इस काम की मजबूत बुनियाद रखी गई, जो आज एक मिसाल बन चुकी है.

चार भाइयों का मजबूत साथ और तीसरी पीढ़ी की शानदार एंट्री
वक्त बदला, कोटा शहर बदला और यह देश के सबसे बड़े कोचिंग हब के रूप में स्थापित हो गया, लेकिन जनता अल्टरेशन पर लोगों का भरोसा कभी नहीं बदला. परिवार के सबसे बड़े भाई शाकिर हुसैन हैं और उनसे छोटे भाई इकबाल हुसैन हैं. दोनों ने इस काम को दिन-रात एक करके सींचा. अब साबिर हुसैन और उनके छोटे भाई भी इसी विरासत को आगे लेकर साथ चल रहे हैं. इस कहानी का सबसे खूबसूरत मोड़ यह है कि अब इस दुकान में परिवार की तीसरी पीढ़ी की भी शानदार एंट्री हो चुकी है. साबिर हुसैन का भतीजा भी अब इस पुश्तैनी काम को और आधुनिक व बड़ा करने के लिए पूरी शिद्दत से जुट गया है.

3 कारीगरों से शुरू हुआ सफर, आज 15 परिवारों का सहारा
साबिर हुसैन कहते हैं, “आज से 45 साल पहले जब काम शुरू हुआ था, तब हमारे पास सिर्फ 3 कारीगर हुआ करते थे. लेकिन आज हमारे पास 10 से ज्यादा पक्के कारीगर काम कर रहे हैं. इनमें से कुछ कारीगर तो ऐसे हैं जो पिछले 15 से 20 सालों से हमारे साथ एक परिवार की तरह जुड़े हुए हैं.” शुरुआत भले ही एक दुकान से हुई थी, लेकिन आज इनके पास 4 दुकानें हैं. जिनमें तीन दुकान किराए की है. ऊपर वाले के करम और मेहनत की बदौलत आज इस काम के जरिए केवल इस एक परिवार का ही नहीं, बल्कि दुकान में काम करने वाले 14 से 15 अन्य कारीगरों के परिवारों का भी पेट पल रहा है.

रोजाना 100 ग्राहक, ‘संतुष्टि’ ही सबसे बड़ी यूएसपी
इस दुकान पर रोजाना औसतन 100 से ज्यादा ग्राहक अपने कपड़ों की फिटिंग दुरुस्त कराने आते हैं. साबिर हुसैन पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताते हैं कि पहले के जमाने में भी इस काम से इतनी अच्छी कमाई हो जाती थी कि घर का खर्च आराम से चल जाए और आज भी मेहनत का पूरा फल मिल रहा है. ग्राहकों का अटूट विश्वास और उनके चेहरे की खुशी ही हमारी सबसे बड़ी यूएसपी है. 45 साल पहले बोया गया वो छोटा सा बीज आज एक ऐसा बरगद बन चुका है, जिसके सूई-धागे के मजबूत रिश्ते ने पूरे कोटा शहर को अपना मुरीद बना रखा है.

About the Author

vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें



Source link

गुजरात में बाढ़, 19 लोगों का रेस्क्यू: उज्जैन में युवक बहा; महाराष्ट्र में स्टेशन के बाहर पानी भरा, पालघर में स्कूल-कॉलेज बंद


भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मानसून देश के लगभग सभी राज्यों में पहुंच चुका है। गुजरात-महाराष्ट्र के कुछ हिस्से बाकी हैं, हालांकि उससे पहले इन दोनों राज्यों में बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

गुजरात के मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में चार गाड़ियां फंस गईं। जिसमें से 19 लोगों का रेस्क्यू किया गया।

उधर महाराष्ट्र के नालासोपारा में रेलवे स्टेशन के बाहर घुटनों तक पानी भर गया। पैसेंजर्स को पानी में घुसकर स्टेशन पहुंचना पड़ रहा है। पालघर में बारिश के बीच स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।

राजस्थान के जयपुर में तेज बारिश के बाद सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के माइनर ओटी में पानी भर गया। यहां से मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया।

मध्य प्रदेश के भोपाल-इंदौर समेत 26 से ज्यादा जिलों में शुक्रवार को तेज बारिश हुई। उज्जैन में पुलिया पार करने की कोशिश में युवक मोटरसाइकिल समेत बह गया।

यूपी के 20 जिलों में बारिश हुई। मथुरा में भारी बारिश से रेलवे अंडरपास में गर्दन तक पानी भर गया। कानपुर में GSVM मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया। कारें-बाइक आधी डूब गईं। झांसी में बिजली गिरने से किसान की मौत हो गई।

मानसून 5 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर सकता है…

देशभर से बारिश की 5 तस्वीरें…

गुजरात के जूनागढ़ में मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में फंसे 19 लोगों को बचाया गया।

गुजरात के जूनागढ़ में मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में फंसे 19 लोगों को बचाया गया।

यूपी के कानपुर में GSVM मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया।

यूपी के कानपुर में GSVM मेडिकल कॉलेज में पानी भर गया।

एमपी के उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे मंदिर पानी में डूबे हैं।

एमपी के उज्जैन में शिप्रा नदी के किनारे मंदिर पानी में डूबे हैं।

मध्य प्रदेश के डिंडौरी में पुल पार करते समय कार नदी में बह गई।

मध्य प्रदेश के डिंडौरी में पुल पार करते समय कार नदी में बह गई।

यूपी के कानपुर में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। कार-बाइक डूब गईं।

यूपी के कानपुर में मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। कार-बाइक डूब गईं।

देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

महाराष्ट्र के 2 VIDEO; वसई-विरार में घुरों में घुसा पानी, सड़कें डूबीं

महाराष्ट्र के वसई-विरार में बारिश के चलते तुलिंज और अलायंस हॉस्पिटल रोड इलाकों में पानी भर गया। कई रिहायशी सोसायटियों व दुकानों में भी पानी घुस गया है।

महाराष्ट्र में मुंबई में शनिवार सुबह बारिश हुई। मुंबई, ठाणे, रायगढ़, पालघर, नासिक और पुणे के घाट क्षेत्रों के लिए IMD ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

02:53 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

उत्तरप्रदेश: कानपुर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा

यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। आज मौसम विभाग ने 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। आंधी के साथ बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। कानपुर में बारिश ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। 3 जुलाई को यहां 108 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे पहले, 1 जुलाई 2011 को 101 मिमी बारिश हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…

02:35 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

गुजरात के 2 VIDEO; जूनागढ़ में बाढ़, राजकोट में सड़कें डूबीं

गुजरात के जूनागढ़ में मेंडरडा इलाके में समधियाला गांव के पास बाढ़ के पानी में फंसे 19 लोगों को बचाया गया। बाढ़ का पानी बढ़ने से एक फोर-व्हीलर, एक ऑटो-रिक्शा और एक ईको गाड़ी उसमें फंस गई थीं।

गुजरात के राजकोट में भारी बारिश के बाद ध्रोल इलाके में जगह-जगह पानी भर गया। एक शख्स की बाइक बंद हो गई। वह उसे घसीटकर ले गया।

02:28 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

मध्यप्रदेश: इंदौर-उज्जैन समेत 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

इंदौर-उज्जैन समेत मध्य प्रदेश के 19 जिलों में शनिवार को बारिश की संभावना है। बड़वानी और खंडवा में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। यहां अगले 24 घंटे में 8 इंच पानी गिर सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

02:16 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

राजस्थान: 22 जिलों में पहुंचा मानसून, आज पूरे राज्य में अलर्ट

मानसून की रफ्तार बढ़ने के साथ ही राजस्थान में बारिश का दौर भी तेज होने लगा है। लेट आए मानसून ने 22 जिलों को कवर कर लिया है। शुक्रवार को जोधपुर, फलोदी, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 3 दिन पूरे राज्य में हल्की से मध्यम और कहीं-कहीं भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…

01:49 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

बिहार: सामान्य से 50% कम बारिश हुई, 5 जुलाई के बाद बारिश की संभावना

बिहार में मानसून एक्टिव तो है, लेकिन बारिश नहीं हो रही है। 5 जुलाई के बाद बारिश की संभावना है। इस मानसून सीजन में अब तक बिहार में सामान्य से 50% कम बारिश दर्ज की गई है। अब तक राज्य में लगभग 196.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 98.4 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

01:40 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

हिमाचल प्रदेश: अब तक नॉर्मल से 106% ज्यादा बारिश, अगले 48 घंटे राहत

हिमाचल प्रदेश में स्ट्रांग एंट्री के बाद मानसून की रफ्तार अगले दो दिन थोड़ी धीमी रहेगी। सोलन और सिरमौर में हल्की बारिश हो सकती है। राज्य में बीते तीन दिनों के दौरान सामान्य से 106 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। IMD के अनुसार, 1 से 3 जुलाई के बीच सामान्य तौर पर 15 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस बार 30.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

01:35 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

पंजाब-चंडीगढ़: 24 घंटे में गुरदासपुर में सबसे ज्यादा बारिश

पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून लगातार एक्टिव है। पिछले 24 घंटों के दौरान गुरदासपुर में सबसे ज्यादा 48.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। 9 जुलाई तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। आज पंजाब के ज्यादातर जिलों में 40 से 50kmph की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

01:31 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

उत्तराखंड: 3 जिलों में बारिश का अलर्ट, चारधाम रूट पर लैंडस्लाइड का खतरा

उत्तराखंड के पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में आज भारी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने और पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें…

01:13 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

गिर सोमनाथ में खतरे का संकेत, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

गुजरात के गिर सोमनाथ में समुद्र में तेज़ हवाओं और भारी बारिश की आशंका के चलते एहतियात के तौर पर वेरावल बंदरगाह पर ‘खतरे का संकेत नंबर 3’ लगाया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

01:07 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

दक्षिण गुजरात में भारी बारिश, मालिया हतिना ​​में मेघल नदी में बाढ़

मानसून उत्तर अरब सागर और गुजरात में और आगे बढ़ गया है। इसके साथ शुक्रवार को गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे जलजमाव और बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। भारी बारिश के कारण मालिया हतिना ​​में मेघल नदी में बाढ़ आ गई, जिससे आसपास के गांवों के निचले इलाकों में पानी भर गया।

12:32 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

कोल्हापुर में भारी बारिश, भोगवती नदी पर बना राधानगरी डैम ओवरफ्लो

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में भोगवती नदी पर बना राधानगरी बांध, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने से ओवरफ्लो हो गया है।

12:07 AM4 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

मराठवाड़ा में बाढ़ से निबटने की तैयारी, नांदेड़ में 30 सितंबर तक SDRF तैनात

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में मानसून के दौरान बाढ़ की तैयारी के हिस्से के रूप में धुले से 36 सदस्यों वाली SDRF की टीम को नांदेड़ जिले में तीन महीने के लिए तैनात किया गया है।

मौसम विभाग (IMD) ने 3 और 4 जुलाई को नांदेड़ जिले के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। यहां बिजली कड़कने, तेज हवाओं और बारिश के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।

साथ ही 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

11:54 PM3 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

मानसून 3 दिन देरी से आया, 3 दिन पहले पूरे देश कवर करेगा

मानसून ने 1 जून की जगह 3 दिन लेट 4 जून को भारत में एंट्री ली थी। इस दौरान कई राज्यों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। बीच-बीच में ‘ब्रेक मानसून’ जैसी स्थिति बनने से यह आशंका जताई जाने लगी थी कि इस बार मानसून पूरे देश को सामान्य समय से देर से कवर करेगा। हालांकि, जुलाई की शुरुआत में बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र और अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली।

11:51 PM3 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

देश के 16 प्रमुख शहरों में आज का तापमान

11:46 PM3 जुलाई 2026

  • कॉपी लिंक

अगले 2 दिन मौसम का हाल

5 जुलाई

  • छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरलम, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
  • बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी।
  • राजस्थान में अगले दो सप्ताह बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

6 जुलाई

  • आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
  • असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
  • सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।

खबरें और भी हैं…



Source link