Alia Bhatt Trolled for Alpha: क्या आलिया भट्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर साजिश हो रही है?’अल्फा’ टीजर के बाद आलिया की ट्रोलिंग पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने बॉलीवुड के एक बहुत बड़े डार्क सीक्रेट से पर्दा उठाया है. उन्होंने बताया कि कैसे कंपटीटर्स को बदनाम करने के लिए बोट्स और पेड ट्रोलिंग का सहारा लिया जाता है. नीचे पढ़ें विक्रम भट्ट का यह एक्सक्लूसिव और चौंकाने वाला बयान.
‘अल्फा’ टीजर के बाद फिर ट्रोल हुईं आलिया भट्ट
Vikram Bhatt Support Alia Bhatt: फिल्म मेकर विक्रम भट्ट ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा किया है. दरअसल बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक आलिया भट्ट इन दिनों बार-बार ट्रोलिंग का शिकार हो रही हैं. अभी कुछ दिन पहले वह कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर भारत का नाम रौशन करने पहुंची थी, जहां उनके लुक और विदेशी मीडिया का उन्हें कवर न करने को लेकर तमाम बातें बनाई गई थीं. आलिया जहां कान्स में अपने खूबसूरत लुक के साथ पोज दे रही थीं,वहीं ट्रोलर्स कह रहे थे कि उन्हें कोई नोटिस नहीं कर रहा है.
अब हाल ही में आलिया की एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ टीजर रिलीज हुआ है. जिसके बाद से एक्ट्रेस एक बार फिर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई. लेकिन अब इस पूरे मामले पर विक्रम भट्ट ने नाराजगी जताते हुए आलिया का खुलकर सपोर्ट किया है. इसके अलावा उन्होंने पेड पीआर के डार्क सीक्रेट का खुलासा किया है. जिसके बाद से हर जगह इसकी बात की चर्चा हो रही है.
अल्फा के टीजर का किया बचाव
आलिया भट्ट इन दिनों अपनी फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर चर्चा में हैं. वहीं इस मूवी का टीजर जब से सामने आया है, इंटरनेट पर कुछ लोग लगातार उनकी बुराई कर रहे हैं. इस बारे में बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि लोग आलिया को क्यों ट्रोल कर रहे हैं.बेचारी आलिया को बिना बात के परेशान किया जा रहा है.विक्रम भट्ट के मुताबिक उन्हें अल्फा का टीजर बिल्कुल ठीक लगा और उसमें कोई कमी नहीं है. उन्होंने ट्रोलर्स को सलाह देते हुए कहा कि अगर आपको कोई फिल्म नहीं देखनी है तो मत देखिए, लेकिन किसी कलाकार पर इस तरह पर्सनल अटैक करना बिल्कुल गलत है.
बुलंदशहर में 21 जून को होने वाली नीट (यूजी)-2026 परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी कुमार हर्ष की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया। यह परीक्षा जनपद के आठ केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को शासन की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। अभ्यर्थियों को सघन जांच और पहचान सत्यापन के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। जांच कार्य में लगी नामित एजेंसी के प्रतिनिधियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के सुचारु संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रत्येक केंद्र पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बल और पुलिस बल भी लगाया जाएगा, ताकि सुरक्षा पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नीतीश कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी प्रखर पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार सहित संबंधित अधिकारी और परीक्षा केंद्रों के प्रभारी उपस्थित रहे।
कटनी जिले में 1.06 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राही पिछले तीन महीने से पेंशन राशि से वंचित हैं। शासन स्तर से राशि का आवंटन न होने के कारण मार्च 2024 के बाद से इन हितग्राहियों के खातों में एक भी रुपया नहीं पहुंचा है। इससे दिव्यांग, वृद्ध, विधवा और
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सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं जिले में ठप पड़ी हैं। भीषण गर्मी में अपनी ट्राईसाइकिल और लाठी के सहारे बेसहारा लोग जनपद कार्यालयों और ग्राम पंचायतों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।
पेंशन न मिलने से भुखमरी की नौबत
बड़वारा जनपद क्षेत्र के ग्राम रोहनिया निवासी कुशल बर्मन (दृष्टिबाधित) की आपबीती स्थिति को दर्शाती है। बर्मन ने बताया कि परिवार में उनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं है और वह बिल्कुल अकेले हैं। शासन से मिलने वाली पेंशन ही उनका एकमात्र सहारा थी, जिससे दो वक्त की रोटी का इंतजाम होता था।
मार्च महीने से उनके खाते में पैसे नहीं आए हैं, जिससे अब भुखमरी की नौबत आ गई है। उन्हें दूसरों से मांगकर पेट भरना पड़ रहा है और वे दर-बदर भटक रहे हैं। यह कहानी सिर्फ कुशल बर्मन की नहीं, बल्कि जिले के हजारों दिव्यांगों और अन्य हितग्राहियों की है।
तीन महीने से पेंशन नहीं, हितग्राही परेशान
सामाजिक न्याय विभाग की ओर से संचालित जिन प्रमुख योजनाओं का लाभ पिछले तीन महीने से नहीं मिल पा रहा है, उनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना, बहुविकलांग एवं मानसिक रूप से अविकसित निःशक्तजनों को आर्थिक सहायता, निःशक्त पेंशन योजना, दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, परित्यक्ता और मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शामिल हैं।
तीन महीने से पेंशनधारी भुगतान को तरसे लाभार्थी
1 लाख 6 हजार लाभार्थियों का भविष्य अधर में विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले भर में इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 1 लाख 6 हजार है। मार्च, अप्रैल और मई बीत जाने के बाद अब जून का महीना भी आधा खत्म हो चुका है।
लेकिन इन लाचारों के खातों में पेंशन की राशि नहीं आई है। सबसे ज्यादा मार उन दिव्यांगों और बुजुर्गों पर पड़ रही है, जिनका कोई और सहारा नहीं है और जो पूरी तरह इसी राशि पर आश्रित रहे।
पेंशन अटकने से 1.06 लाख हितग्राही परेशान
उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग अनुराग मोदी ने बताया कि शासन स्तर से राशि का आवंटन नहीं होने के कारण पिछले तीन महीनों से दिव्यांगों और अन्य हितग्राहियों की पेंशन जारी नहीं हो सकी है। राशि उपलब्ध होते ही सभी पात्र हितग्राहियों के खातों में पेंशन की राशि तत्काल ट्रांसफर कर दी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों और शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार एक तरफ बड़ी-बड़ी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रही है। वहीं समाज के सबसे कमजोर वर्ग को तीन महीने से उनके हक की मामूली राशि भी नसीब नहीं हो रही है।
भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौंटी गांव में पुलिसकर्मियों पर हथियार तानने और उससे जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने मामले में घोर लापरवाही और कर्तव्यहीनता पाए जाने पर शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई भोजपुर एसपी राज की अनुशंसा पर की गई। साथ ही ड्यूटी पर तैनात एक सब इंस्पेक्टर और सिपाही को भी निलंबित किया गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बिलौंटी गांव में भरत भूषण तिवारी द्वारा अवैध हथियार लहराने की सूचना मिलने पर मंगलवार को पुलिस टीम जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान युवक ने पुलिसकर्मियों के सामने पिस्तौल निकाल ली और उन्हें निशाना बनाते हुए हथियार तान दिया। घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे। हालांकि पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान गोली लगी थी। एसपी की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई हैरानी की बात यह रही कि घटना के दौरान युवक को तत्काल काबू नहीं किया जा सका। वीडियो में युवक की मां भी मौजूद दिख रही है, जो पुलिसकर्मियों और अपने बेटे को समझाने का प्रयास कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने जांच कराई, जिसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर चूक सामने आई। इसके बाद एसपी की रिपोर्ट पर डीआईजी ने शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया। छत पर चढ़कर पुलिस टीम पर की फायरिंग बुधवार की सुबह भरत तिवारी फिर से फेसबुक पर लाइव आता है। वो छत पर खड़ा होकर पिस्टल लहराता और पुलिस को चुनौती देता है। वह खुद को व्यवस्था सुधार की लड़ाई लड़ने वाला बताते हुए सिस्टम में बदलाव की मांग दोहराता रहा। फेसबुक लाइव पर हथियार लहराने की खबर सुनकर पुलिस फिर से भरत तिवारी के घर पहुंचती है। पुलिस टीम उसके घर को घेर लेती है, लेकिन भरत तिवारी के घर का दरवाजा बंद रहता है। पुलिस ने सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन वो नहीं माना पुलिस को देखकर भरत तिवारी छत से ही पुलिस टीम पर फायरिंग कर देता है। वो काफी देर तक छत पर खड़ा होकर पिस्टल लहराता रहता है। कई घंटों तक ड्रामे के बाद आरोपी किसी तरह घर से निकलकर खेतों की ओर पहुंच जाता है। वो वहां भी पुलिस को खुलेआम ललकारता रहा। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी लगातार उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाते हैं। आखिरकार आरोपी एक और हवाई फायरिंग करता है। वो पुलिस को कहता है कि मेरी मांग मान लीजिए, मैं हथियार फेंक दूंगा। पुलिस कहती है तुम्हारी हर मांग मान ली गई है। जिसके बाद वो पुलिस के सामने हथियार फेंक देता है। लेकिन जैसे ही पुलिस उसे पकड़ने जाती है वो पिस्टल उठा लेता है। उसके बाद पुलिस फायरिंग करती है। 2 गोली भरत के पैर में लगती है और वो खेत में गिर जाता है। इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई।
भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा।
Gulgula Recipe: मीना द्विवेदी ने कहा कि स्वादिष्ट और मुलायम गुलगुले बनाने के लिए सबसे पहले एक कप गुड़ को डेढ़ कप गुनगुने पानी में अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इस घोल को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें. अब दो कप गेहूं के आटे में एक चम्मच सौंफ और एक चौथाई चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं.
सतना. बघेलखंड की पहचान सिर्फ उसकी बोली, लोकगीत और संस्कृति तक सीमित नहीं है बल्कि यहां के पारंपरिक व्यंजन भी लोगों के दिलों में खास जगह रखते हैं. इन्हीं में से एक है गुलगुला, जिसे कई लोग मीठा पुआ भी कहते हैं. गुड़, गेहूं के आटे और सौंफ से बनने वाला यह पारंपरिक पकवान आज भी गांवों से लेकर शहरों तक बड़े चाव से खाया जाता है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और बेहद साधारण सामग्री से तैयार होने वाला यह व्यंजन स्वाद में किसी मिठाई से कम नहीं होता. शाम की चाय हो, त्योहार का मौका हो या घर में कोई छोटा-मोटा शुभ कार्य, गुलगुले की खुशबू माहौल को मीठा बना देती है.
बघेलखंड के घरों में गुलगुला सिर्फ एक व्यंजन नहीं बल्कि परंपरा का हिस्सा माना जाता है. वर्षों से महिलाएं इसे घर में बनाती आ रही हैं. गुड़ की प्राकृतिक मिठास और सौंफ की खुशबू इसे खास स्वाद देती है. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मेहमानों के स्वागत या पारिवारिक आयोजनों में गुलगुले बनाए जाते हैं. यही वजह है कि नई पीढ़ी भी इस पारंपरिक स्वाद से जुड़ी हुई है.
ऐसे तैयार करें गुलगुले का घोल लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी मीना द्विवेदी ने बताया कि स्वादिष्ट और मुलायम गुलगुले बनाने के लिए सबसे पहले एक कप गुड़ को डेढ़ कप गुनगुने पानी में अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इस घोल को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें. अब दो कप गेहूं के आटे में एक चम्मच सौंफ और एक चौथाई चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं. फिर गुड़ का पानी धीरे-धीरे डालते हुए पकौड़े जैसा गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल में किसी तरह की गुठलियां न रहें. इसके बाद घोल को ढककर लगभग 15 से 20 मिनट तक रख दें ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए.
तलने का तरीका बनाता है स्वाद को खास तलने से ठीक पहले घोल में एक चुटकी बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह फेंट लेना चाहिए. इसके बाद कड़ाही में तेल या घी को मध्यम आंच पर गर्म करें. हाथों को हल्का गीला करके उंगलियों की मदद से घोल को छोटी-छोटी बॉल्स के रूप में तेल में डालें. गुलगुलों को लगातार अलट-पलट करते हुए मध्यम आंच पर लगभग पांच से छह मिनट तक तलें. जब उनका रंग सुनहरा और गहरा भूरा हो जाए, तब उन्हें बाहर निकाल लें. इस तरीके से बने गुलगुले बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम और जालीदार बनते हैं.
जन्मदिन और शुभ कार्यों का खास हिस्सा पहले के समय विंध्य क्षेत्र में केक काटने का चलन नहीं था. ऐसे में बच्चों के जन्मदिन, नामकरण, पूजा-पाठ या अन्य मांगलिक अवसरों पर सबसे पहले गुलगुले बनाए जाते थे. बुजुर्गों का मानना था कि घर में मीठा बनने और कड़ाही चढ़ने से सुख-समृद्धि आती है. समय के साथ खाने-पीने की आदतें जरूर बदली हैं लेकिन बघेलखंड में गुलगुले का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है. त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और खास मौकों पर इसकी मौजूदगी अब भी देखने को मिल जाती है. बघेली लोकगीतों और लोक-संस्कृति में भी इसका जिक्र मिलता है. यही वजह है कि गुलगुला आज भी लोगों को अपने बचपन, गांव और पुरानी परंपराओं की मीठी यादों से जोड़ने का काम करता है.
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी मल्टी स्टारर फिल्मों में से एक होने वाली है. इस फिल्म में कलाकारों की इस भारी-भरकम फौज के साथ काम करने के अनुभव पर सुनील शेट्टी ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि यह किसी एक स्टार की नहीं, बल्कि 25-30 धुरंधर एक्टर्स की फिल्म है और यही इसका सबसे बड़ा आकर्षण है. सुनील के मुताबिक, आजकल के युवा एक्टर्स को मल्टी-स्टारर फिल्मों से डरना नहीं चाहिए और किसी भी फिल्म की असली सफलता एक-दूसरे का सपोर्ट करने में हैं.
ख़बरें फटाफट
‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को रिलीज होगी.
नई दिल्ली. सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. दिलचस्प बात है कि इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार और परेश रावल की तिकड़ी भी नजर आएगी. यह एक जबरदस्त एक्शन-कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें बॉलीवुड सितारों की एक बहुत बड़ी फौज है. इस बीच सुनील शेट्टी ने ‘वेलकम टू द जंगल’ की शूटिंग और काम करने के अपने अनुभव को लेकर खुलकर बात की है. उनका कहना है कि ‘वेलकम टू द जंगल’ किसी एक एक्टर नहीं बल्कि 25-30 धुरंधर सितारों की फिल्म है.
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सुनील शेट्टी ने फिल्म के माहौल को लेकर एक मजेदार किस्सा शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘यह एक बेहतरीन एक्शन, कॉमेडी और फुल एंटरटेनिंग फिल्म है. लेकिन सच बताऊं तो हमारे लिए फिल्म में एक्शन करना कोई मुश्किल काम नहीं था. असली चुनौती तो यह थी कि सेट पर इतने मजेदार माहौल के बीच अपने चेहरे पर गंभीरता कैसे बनाए रखें. वहां इतने धुरंधर कलाकार थे कि जब भी कोई को-स्टार कोई मजेदार पंचलाइन मारता था, तो हम सब अपनी हंसी रोक ही नहीं पाते थे और हंसी छूटते ही शॉट कट करना पड़ता था.’
25-30 धुरंधर सितारों की फिल्म है ‘वेलकम टू द जंगल’
सुनील शेट्टी ने आगे कहा कि यह फिल्म किसी एक इंसान के भरोसे नहीं टिकी है, बल्कि यह 25-30 धुरंधर कलाकारों की फिल्म है. इस फिल्म की असली खूबसूरती और इसका बज भी इसी वजह से है. सेट पर मौजूद हर एक्टर की अपनी एक अलग फैन फॉलोइंग है और हम सब मिलकर इस फिल्म को आगे ले जा रहे हैं.
यंग सितारों को लेकर क्या बोले सुनील शेट्टी?
उन्होंने कहा, ‘आजकल के युवा सितारे अक्सर दो हीरो या मल्टी-स्टारर फिल्मों में काम करने से असुरक्षित महसूस करने लगते हैं. लेकिन मेरा मानना है कि आपकी असली मजबूती ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनने और मिलकर दर्शकों का मनोरंजन करने में है. जब आप अपने साथी कलाकार के साथ खड़े होते हैं, एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं, तभी फिल्म कमाल करती है. किसी भी एक्टर के लिए सबसे बड़ी असुरक्षा फिल्म का फ्लॉप होना होना चाहिए, सक्सेस कभी असुरक्षित नहीं हो सकती.’
‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टार कास्ट
बताते चलें कि ‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टारकास्ट में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल के अलावा दिशा पाटनी, जैकलिन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन और लारा दत्ता जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इनके अलावा फिल्म में फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार और जाकिर हुसैन जैसे कई जाने-माने चेहरे एक साथ पर्दे पर धमाल मचाते दिखाई देंगे. कॉमेडी से भरपूर यह एंटरटेनर फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है.
कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें
Shiv Sena (UBT) Issues Whip, Directs All LS MPs To Attend Parliamentary Party Meeting
मुंबई2 घंटे पहले
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शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर गुरुवार को होने वाली संसदीय दल की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
पार्टी की ओर से 16 जून को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि विभिन्न संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक गुरुवार सुबह 11 बजे संसद भवन स्थित संसदीय दल के कार्यालय में होगी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब यूबीटी के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छह सांसदों ने बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजी। हालांकि, अभी स्पीकर या बागी गुट की तरफ इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
स्पीकर को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजने की चर्चा
यूबीटी के बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। संजय ने बुधवार सुबह ही पार्टी छोड़ने की खबरों को खारिज किया था। इस बीच दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी।
राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। राउत ने बाद में सफाई देते हुए कहा- मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं। राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि बाकी सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए।
शिवसेना में चार साल में यह दूसरी बड़ी टूट है। जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना का अलग गुट बनाया था।
6 सांसदों के गुट को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत
लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है।
यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं।
इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा।
आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके।
कांग्रेस बोली- शाह लोकसभा में अपनी बेइज्जती की भरपाई कर रहे
कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों के सांसदों को भाजपा में शामिल कराने की कोशिश करने और भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने X पर कहा- शाह यह सब 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में हुई अपनी बेइज्जती की भरपाई के लिए कर रहे हैं, जब वे परिसीमन विधेयकों को पास नहीं करवा पाए थे।
रमेश ने कहा- शाह के प्रलोभन ऐसे कई लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, जो सिर्फ दो साल पहले मजबूत भाजपा-विरोधी एजेंडे पर चुने गए थे और अब भाजपा में शामिल हो रहे हैं। …………………………
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उद्धव की पार्टी टूटी, राउत ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में गाली दी:9 में से 6 सांसद बागी; 4 साल पहले शिंदे 39 विधायकों के साथ अलग हुए थे
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छह सांसदों ने बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजी। हालांकि, अभी स्पीकर या बागी गुट की तरफ इसकी पुष्टि नहीं की गई है। पूरी खबर पढ़ें…
मानसून 8 जून से तेलंगाना के भद्राचलम में अटका हुआ है। यह यूपी में 18 से 20 जून, मध्य प्रदेश में 15-16 जून और राजस्थान में 20 जून तक पहुंच जाता था, लेकिन इस बार इन सभी राज्यों में 22 जून के बाद ही एंट्री लेगा। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है।
लगातार तीसरे साल जून में मानसून ने लंबा ब्रेक लिया है। हालांकि, 2024 और 2025 में मानसून के शुरुआती ब्रेक के बावजूद सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस साल 17 जून तक देश में सामान्य से 37.8% कम बारिश हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4-5 दिनों में मानसून आगे बढ़ सकता है। ऐसे में मानसून में कुल 13 से 15 दिन का ब्रेक दर्ज हो सकता है।
मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून
अल नीनो के हालात भी बन रहे
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOA) ने उपग्रह के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन पर्याप्त गति से सक्रिय नहीं हो पाया है, इससे मानसून की रफ्तार धीमी है। यह सामान्य रूप से जून के मध्य तक उत्तर की ओर बढ़कर भारत में नमी खींचता है।
अल नीनो की परिस्थितियां भी बन रही हैं। इससे लंबे समय तक सूखा और असमान बारिश देखने को मिल सकती है। उपग्रह के आंकड़े पूर्वी भारत में सक्रिय गरज-चमक का संकेत देते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी भारत में बादलों का घनापन कम है।
देशभर में प्री-मॉनसून एक्टिव, मौसम की 2 तस्वीरें…
बिहार के लखीसराय में बुधवार को तेज हवा के साथ बारिश हुई।
राजस्थान के जयपुर में तेज हवा से नीम का पेड़ 3 कारों पर गिर गया।
8 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40°C पार
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 45°C दर्ज किया गया।
वहीं महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी और यूपी के वाराणसी में 42.8°C, ओडिशा के बौध में 42.7°C, झारखंड के डाल्टनगंज में 42.4°C, तेलंगाना के रामागुंडम में 42°C और एमपी के खजुराहो 41.4°C रहा।
अगले दो दिन के मौसम का हाल
19 जून:
बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना। बिहार में कुछ जगहों पर 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
20 जून:
सिक्किम, उत्तर बंगाल, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के साथ 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं।
जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली बहुत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।
राज्यों से मौसम की खबरें…
राजस्थानः 25 जून बाद मानसून आने की संभावना; प्री-मानसून की बारिश जारी
पिछले 24 घंटे में उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, करौली और इनके आसपास के इलाकों में हल्की बारिश हुई। राज्य में बैक-टु-बैक वेदर सिस्टम आने से प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को एक नया वेदर सिस्टम राज्य में एक्टिव होगा। पूरी खबर पढ़ें…
बिहारः अररिया में बिजली गिरने से 2 की मौत; मुजफ्फरपुर और लखीसराय में भी बारिश
बिहार में मौसम का दोहरा रूप दिख रहा है। राज्य के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी से लोग परेशान हैं। वहीं कई इलाकों में आंधी के साथ बारिश हो रही है। बीते 24 घंटे में मुजफ्फरपुर, लखीसराय सहित कई जिलों में बारिश हुई। वहीं अररिया में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
उत्तर प्रदेशः मानसून पूर्वांचल से एंट्री लेगा; सोनभद्र-बलिया के रास्ते 20-25 जून तक आ सकता है
यूपी के लखनऊ में बुधवार को तेज बारिश हुई।
यूपी में मानसून 4 से 5 दिन लेट एंट्री ले रहा है। 24-25 जून के बीच मानसूनी बारिश शुरू होने का अनुमान है। इस बार मानसून बुंदेलखंड से नहीं, बल्कि पूर्वांचल के जिलों में पहले पहुंचेगा। मानसून पिछले 2 साल से बुंदेलखंड के रास्ते आ रहा था। यूपी में मानसून आने की सामान्य तारीख 18 से 20 जून मानी जाती है। पूरी खबर पढ़ें…
मध्य प्रदेशः छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद एंटर होगा मानसून; एक्सपर्ट बोले- 4 इंच पानी गिरे, तभी बोवनी करें
मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार और लंबा हो सकता है। अब यह 22 से 24 जून के बीच प्रदेश में एंटर हो सकता है। जून की बारिश के आंकड़ों में प्रदेश पिछड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 1 से 17 जून के बीच औसत 41.6 मिनी यानी, 1.6 इंच बारिश होती है। इस बार यह 1 इंच ही हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
हिमाचलः 50 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 23 जून तक बरसेंगे बादल
शिमला में अगले 48 घंटे तक तूफान की चेतावनी।
चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आज और कल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि होने की आशंका है। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाबः 5 दिन बारिश-आंधी का अलर्ट; तापमान 2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा
चंडीगढ़ की सुखना लेक पर सुबह के समय वोटिंग करते हुए लोग।
पंजाब और चंडीगढ़ में आज से मौसम बदलने वाला है। आज 15 जिलों बारिश की संभावना है। इनमें नवांशहर, यानी शहीद भगत सिंह नगर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, यानी रोपड़, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
हरियाणाः रोहतक, सोनीपत, पानीपत और जींद समेत 15 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
हिसार में गुरुवार सुबह बादल छाए रहे।
आज पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत और जींद जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की चेतावनी है। पूरी खबर पढ़ें…
खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम (CST) ने राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई गोदामों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की है। बुधवार देर रात कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए गए हैं और कई गोदामों को सील किया गया है। जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर एक लाइसेंसधारी गोदाम में तय सीमा से कहीं अधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली। गोदाम का लाइसेंस 600 किलो भंडारण की अनुमति का था, लेकिन मौके पर 1,000 किलो से अधिक बारूद और पटाखे करीब 300 से ज्यादा कार्टूनों में बंद पाए गए। सीएसटी टीम ने इलेक्ट्रॉनिक कांटे से सामग्री का वजन करवाकर गोदाम को सील कर दिया। ये गोदाम स्थानिय निवासी से किराये पर लिया था। जो कि दो दुकानों में चलाया जा रहा था। मौके पर 18 दुकानें बनी हुई थी। जिनमें 2 गोदामों में चूरी और पशु आहार के काम पर किराये पर दे रखा था। लेकिन 2 दुकानों में भारी मात्रा में बारूद और पटाखे स्टोर किए हुए थे। जयसिंहपुरा थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि गोदाम को किराये पर लेने वाले व्यक्ति की पहचान दीपक खंडेलवाल के रूप में हुई है। इनकी दुकान जयपुर के चांदी की टकसाल स्थित भारतीय पटाखा शॉप के रुप में हुई है। बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर इनके लाइसेंसधारी गोदाम में 1000 किलों से ज्यादा पटाखे और उससे संबंधित सामान मिलने पर उसे सील किया गया है। इसी क्षेत्र में एलएन मित्तल कॉलेज से करीब 300 मीटर पहले सुमेल रोड पर पूर्णिमा नामक संचालक के दो गोदाम और कारखाने भी मिले। गोदाम संचालक अनिल अग्रवाल ने 1,500-1,500 किलो के लाइसेंस होने का दावा किया, उन्होंने झूठ कॉलेज से महज 300 मीटर की दूरी होने के बावजूद कहा कि गोदाम कॉलेज से डेढ़ किलोमीटर दूर है। गोदाम संचालक ने ये तक कहा कि खोनागोरियान में जहां हादसा हुआ वो लोग तो फैक्ट्री वाले थे। हम तो स्टॉक कर रहे है। हम तो खाली पटाखे बेचते है। उन्होंने बताया कि उनके गोदाम में फिलहाल 600 से 700 किलो पटाखे है। उन्होंने खुद कहा कि पुलिस सर्च करने आई थी और पुलिस ने कहा कि थोड़ा सा स्टॉक ज्यादा है। यहां करीब पुलिस के 6 से 7 जवानों ने दबीश दी। हालांकि ये गोदाम एक शैक्षणिक संस्थान और छात्रावास के बेहद नजदीक संचालित पाए गए, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार स्थानीय क्षेत्र में पांच से अधिक पटाखा गोदाम संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा चेनपुरा में फोर्थ आरएसी के पास मैजिक फायर वर्क्स नाम से एक अवैध कारखाना और गोदाम भी मिला। वहीं जमवारामगढ़ थाना क्षेत्र में हीरावाला बस स्टैंड से करीब 300 मीटर पहले जयपुर मार्ग पर शराब के ठेके के पीछे दो अवैध गोदामों पर कार्रवाई की गई। बता दें कि ये आवासीय क्षेत्र में गोदाम संचालित किए जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस गोदाम मालिकों की पहचान करने में जुटी है। हीरावाला से रूपवास लिंक रोड पर मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर आवासीय इलाके में दो अन्य पटाखा गोदाम पकड़े गए। इसके अलावा हीरावाला से जमवारामगढ़ जाने वाले मार्ग पर भी दो गोदामों का पता चला, जहां सीएसटी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशन में एसीपी आमेर और जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और गोदाम संचालकों से पूछताछ जारी है। हालांकि, इन अवैध गोदामों और फैक्ट्रियों के लंबे समय से संचालित होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बीट सिस्टम होने के बावजूद कई स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक बारूद और पटाखे मिले, जबकि कई जगहों पर अवैध फैक्ट्रियां और गोदाम खुलेआम संचालित हो रहे थे। गौरतलब है कि खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर सर्वे और विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सीएसटी की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग भी तेज हो गई है।