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NRI Bank Account Rules: विदेश जाने की तैयारी में लोग वीजा, नौकरी और रहने की व्यवस्था में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि भारतीय बैंक खाते की तरफ ध्यान ही नहीं जाता. अकाउंट चलता रहता है, UPI भी काम करता है और डेबिट कार्ड से लेनदेन भी जारी रहता है, इसलिए लगता है कि सब ठीक है. लेकिन NRI बनने के बाद बैंक खाते से जुड़े कुछ नियम बदल जाते हैं. अगर समय रहते बैंक को अपनी नई रेजिडेंशियल स्टेटस की जानकारी नहीं दी गई, तो बाद में परेशानी आ सकती है. ऐसे में जानना जरूरी है कि विदेश शिफ्ट होने के बाद भारतीय बैंक खाते के साथ क्या करना चाहिए.
विदेश जाते ही बदल जाते हैं बैंक के नियम! (फोटो- एआई)
NRI Bank Account Rules: जब कोई इंसान नौकरी या पढ़ाई के लिए विदेश शिफ्ट होता है, तो उसके पास करने के लिए सौ काम होते हैं. वीजा का चक्कर, रहने का ठिकाना, नया शहर, नई नौकरी आदि के चक्करों में अक्सर लोग भारत में मौजूद अपने बैंक अकाउंट को अपडेट करना भूल जाते हैं. विदेश जाने के बाद भी भारत का बैंक अकाउंट चुपचाप बैकग्राउंड में काम करता रहता है. भले ही उसमें सैलरी आना बंद हो जाए, लेकिन UPI चलता रहता है, डेबिट कार्ड काम करता है और नेट बैंकिंग भी चालू रहती है. इसे देखकर ज्यादातर लोगों को लगता है कि सब कुछ ठीक है और कुछ भी करने की जरूरत नहीं है. लेकिन, हकीकत थोड़ी अलग है. भारतीय अकाउंट बंद नहीं होता, लेकिन नियम बदल जाते है.
विदेश जाने का मतलब यह नहीं है कि आपका भारतीय बैंक अकाउंट अचानक फ्रीज या बंद हो जाएगा. आप अपने बैलेंस को देख पाएंगे और लेन-देन भी कर पाएंगे. दिक्कत यह नहीं है कि अकाउंट काम कर रहा है या नहीं, दिक्कत यह है कि नियमों के मुताबिक वह अकाउंट सही कैटेगरी में है या नहीं. जब आप विदेश में रहने लगते हैं और नियमों के मुताबिक नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) बन जाते हैं, तो बैंकों की उम्मीद होती है कि आप उन्हें इस बदलाव के बारे में बताएं. भारत का जो नॉर्मल सेविंग्स अकाउंट होता है, वह सिर्फ भारत में रहने वाले लोगों के लिए होता है.
तो विदेश जाने के बाद क्या करना होगा?
नियमों के मुताबिक, एनआरआई बनने के बाद आपको अपने पुराने सेविंग्स अकाउंट को नॉन रेजिडेंट ऑर्डिनरी (NRO) अकाउंट में बदलवाना पड़ता है.
क्या NRO अकाउंट में पैसे रख सकते हैं?
हां, बिल्कुल रख सकते हैं. NRO अकाउंट का इस्तेमाल भारत से होने वाली कमाई (जैसे- मकान का किराया, शेयर बाजार का डिविडेंड या पेंशन) को संभालने के लिए किया जाता है.
क्या UPI और नेट बैंकिंग चलेगी?
हां, कई बैंक अब विदेशी मोबाइल नंबरों पर भी NRI ग्राहकों को UPI और डिजिटल बैंकिंग इस्तेमाल करने की सुविधा देते हैं.
अगर अकाउंट अपडेट नहीं किया, तो क्या होगा?
शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल चलता रहेगा. लेकिन असली परेशानी तब आती है जब बैंक आपसे KYC अपडेट करने को कहता है या कोई बड़ा लेन-देन होता है, जब बैंक को पता चलेगा कि आप विदेश में रह रहे हैं, तो वो आपसे जुड़े दस्तावेज और आपके रेजिडेंशियल स्टेटस की जानकारी मांगेंगे. अगर आपके कागजात सही नहीं हुए, तो अकाउंट पर रोक भी लग सकती है.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें









