Monday, July 6, 2026
Home Blog

एसएन में जल्द शुरू होंगे रोबोटिक ऑपरेशन: 25 करोड़ से आएंगे तीन हाईटेक रोबोट, जटिल सर्जरी होंगी आसान – Agra News




आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज की आधुनिक सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब यहां मरीजों को एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन और मेडिकल कॉलेज स्तर पर तीन सर्जिकल रोबोट खरीदे जाएंगे, जिससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। एसएन मेडिकल कॉलेज में 1200 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान पर काम चल रहा है। इसी योजना के तहत रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। योजना के अनुसार एक सर्जिकल रोबोट शासन उपलब्ध कराएगा, जबकि दो रोबोट मेडिकल कॉलेज अपने संसाधनों से खरीदेगा। वर्ष 2027 तक इन रोबोटों के उपलब्ध होने की उम्मीद है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि शासन प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों को एक-एक रोबोट उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक रोबोट की अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। ये रोबोट अमेरिका और जर्मनी की तकनीक पर आधारित होंगे। खरीद प्रक्रिया के लिए शासन ने टास्क फोर्स का गठन किया है और कंपनियों का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। रोबोटिक तकनीक के जरिए हड्डी रोग, पेट रोग, बाल रोग और ईएनटी विभाग में जटिल सर्जरी की जा सकेगी। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जनों को एम्स में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि सुविधा शुरू होने पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने करीब 90 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा लगभग 3700 छोटे-बड़े ऑपरेशन और साढ़े पांच हजार मरीज भर्ती होते हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलने के बाद गंभीर और जटिल मामलों का इलाज अधिक सटीकता के साथ किया जा सकेगा, जिससे आगरा ही नहीं, आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इंटीग्रेटेड प्लान के तहत रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के लिए 10 मंजिला नई इमारत भी बनाई जाएगी। यहां एआई आधारित सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इससे जटिल बीमारियों की पहचान पहले से अधिक सटीक और तेजी से की जा सकेगी। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी में कम चीरा लगता है, रक्तस्राव और दर्द कम होता है तथा संक्रमण का खतरा भी घट जाता है। थ्री-डी हाई-डेफिनेशन विजुअल और 360 डिग्री तक घूमने वाली रोबोटिक तकनीक के कारण शरीर के जटिल हिस्सों में भी अधिक सटीक सर्जरी संभव हो सकेगी।



Source link

सड़क नहीं होने पर खाट से 2 किमी लाए: रीवा में अस्पताल पहुंचने से पहले महिला की मौत; ग्रामीण बोले- स्वीकृत के बाद भी नहीं बनी रोड – Rewa News




रीवा के मनगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में सड़क नहीं होने के कारण एक आदिवासी महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। आकाशीय बिजली गिरने के बाद परिजनों ने उन्हें करीब दो किलोमीटर तक खाट पर उठाकर कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना रविवार शाम की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। मृतका की पहचान रामकली रावत, पत्नी स्वर्गीय राम स्वयंवर रावत, निवासी ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) के रूप में हुई है। सामने आए वीडियो में ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते दिखाई दे रहे हैं। सड़क नहीं होने पर उठे सवाल घटना के बाद गांव की सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण के लिए विधायक निधि से 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन सकी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने जांच की मांग की ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब महिला की मौत के बाद ग्रामीण पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।



Source link

पूर्णिया में सड़क दुर्घटना, एक व्यक्ति की मौत: श्रीनगर को-ऑपरेटिव बाजार के पास हुआ हादसा – Purnia News




पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीनगर को-ऑपरेटिव बाजार के पास एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान सत्यनारायण यादव (45) के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सत्यनारायण यादव कोऑपरेटिव बाजार के निवासी थे। मृतक सत्यनारायण यादव के बेटे ने बताया कि उनके पिता की मौत श्रीनगर चौक पर हुए सड़क हादसे में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक का इलाज कर रहे डॉक्टर गौरव कुमार ने जानकारी दी कि मरीज को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। प्राथमिक जांच में उन्हें मृत पाया गया। मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।



Source link

गोरखपुर में कैमरे की मदद से पकड़ा गया चोर: सराफा की दुकान से उड़ाया था 22 ग्राम सोना और 22 हजार रुपए – Gorakhpur News




गोरखपुर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गाबाड़ी रोड स्थित एक सराफा की दुकान से 22 ग्राम सोना और 22 हजार रुपये चोरी हो गए थे। सीसीटीवी कैमरे की मदद से पहचान होने के बाद कोतवाली पुलिस ने रविवार की सुबह करीब 10 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान आर्यनगर के कुर्मियान टोला निवासी रोहित वर्मा के रूप में हुई। उसके कब्जे से चोरी की 41 सोने की नोज पिन और 620 रुपये बरामद हुए। दोपहर बाद आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। 2 जुलाई को शाम के समय हुई थी चोरी
दुर्गाबाड़ी के पास रहने वाले रामनारायण ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर बताया था कि 2 जुलाई की शाम करीब पांच बजे वह चाय पीने के लिए दुकान से बाहर गए थे। इसी दौरान काउंटर में रखी करीब 22 ग्राम वजन की 41 सोने की नोज पिन और 22 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। लौटने पर सामान गायब देख उन्होंने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज में आर्यनगर का रोहित वर्मा चोरी करते हुए दिखा। जब वह उसके घर पहुंचे तो फरार हो गया। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि रविवार सुबह आरोपी को क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया गया।



Source link

साबूदाना भिगोने का सही तरीका, खिले-खिले रहेंगे दाने, खिचड़ी बनेगी बिल्कुल परफेक्ट


Last Updated:

Tricks To Make Non Sticky Sabudana: यदि आप हर बार स्वादिष्ट, दानेदार और बिल्कुल नॉन-स्टिकी साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं लेकिन बार-बार दाने चिपचिपे हो जाते हैं? तो यहां इस लेख में जानें खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का सबसे आसान तरीका.

ख़बरें फटाफट

Zoom

साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डिश में से एक है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मदद करती है. हालांकि, कई लोगों की शिकायत होती है कि खिचड़ी बनाते समय साबूदाना चिपक जाता है या फिर बहुत ज्यादा गीला हो जाता है. ऐसे में खिचड़ी का स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं. अगर आप भी हर बार खिला-खिला और दानेदार साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान कुकिंग टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं.

सही साबूदाना चुनना है जरूरी
अच्छी खिचड़ी बनाने के लिए सही साबूदाना चुनना सबसे जरूरी कदम है. बाजार में कई तरह के साबूदाने मिलते हैं, लेकिन मध्यम आकार वाला गोल साबूदाना खिचड़ी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. यह आसानी से पकता है और चिपचिपा भी नहीं होता.

भिगोने का सही तरीका अपनाएं
साबूदाना बनाने से पहले उसे 2-3 बार साफ पानी से धो लें ताकि एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाए. इसके बाद 1 कप साबूदाना में लगभग 3/4 कप पानी डालकर भिगो दें. ध्यान रखें कि ज्यादा पानी डालने से साबूदाना गीला और चिपचिपा हो सकता है. इसे लगभग 2 से ढाई घंटे के लिए ढककर छोड़ दें.

ऐसे पहचानें कि साबूदाना तैयार है
जब साबूदाना अच्छी तरह भीग जाए, तो उसके दाने आपस में चिपके नहीं होने चाहिए. दाने को हाथ से दबाने पर वह आसानी से टूट जाए और उसमें हल्की नमी महसूस हो, लेकिन वह ज्यादा गीला न लगे. यह संकेत है कि साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए तैयार है.

खिचड़ी बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान
सबसे पहले कढ़ाई में थोड़ा घी गर्म करें. फिर जीरा, अदरक और हरी मिर्च डालकर भून लें. इसके बाद उबले हुए आलू और भुनी हुई मूंगफली डालें. अब भीगा हुआ साबूदाना, सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाएं. हमेशा धीमी आंच पर पकाएं और लगातार हल्के हाथों से चलाते रहें.

मूंगफली पाउडर है सीक्रेट ट्रिक
खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का सबसे आसान तरीका है मूंगफली पाउडर का इस्तेमाल. ये इंग्रीडिएंट नमी को सोख लेता है और साबूदाने के दानों को अलग-अलग रखने में मदद करता है. इसी वजह से खिचड़ी चिपकती नहीं है. अंत में जब खिचड़ी तैयार हो जाए तो ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालें. फिर 1-2 मिनट के लिए ढककर रखें ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिल जाएं.इसे दही, व्रत की चटनी या भुनी मूंगफली के साथ परोसकर स्वाद को और बढ़ाया जा सकता है.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



Source link

जहानाबाद में सड़क प एसपी उतरे एसपी: वाहन जांच अभियान का नेतृत्व करते हुए नियमों का सख्ती से कराया पालन – Jehanabad News




जहानाबाद में रविवार को पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने स्वयं सड़क पर उतरकर वाहन जांच अभियान का नेतृत्व किया। इस दौरान हेलमेट, बीमा, नंबर प्लेट और यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्त कार्रवाई की गई। एसपी के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में 50 से अधिक वाहनों की जांच की गई। बिना हेलमेट, वैध दस्तावेजों की कमी और बीमा नहीं होने पर कई वाहन चालकों के चालान काटे गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी वाहनों की नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। नंबर प्लेट पर किसी भी प्रकार का नाम, पद, प्रचार सामग्री या अन्य शब्द लिखना कानूनी अपराध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नियम पुलिस अधिकारियों, सरकारी पदाधिकारियों और आम नागरिकों सहित सभी पर समान रूप से लागू होता है। एसपी ने ट्रिपल लोडिंग और तेज रफ्तार पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी वाहन पर तीन लोग सवार पाए जाते हैं, तो चालान के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त भी किया जा सकता है। उन्होंने चार पहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट का उपयोग करने और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह अभियान जिले के विभिन्न चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, सभी दस्तावेज दुरुस्त रखें और यातायात नियमों का पालन कर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। फिलहाल, काटे गए चालानों की कुल राशि की जानकारी नहीं दी गई है।



Source link

राजुला-खांभा में 12 इंच बारिश से बाढ़ के हालात: अमरेली में नदियां उफान पर आईं, हाईवे बंद होने से 20 गांवों का संपर्क टूटा – Gujarat News


गुजरात में अमरेली जिले के राजुला और खम्भा पंथक में बारिश ने भयंकर रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में खांभा ग्रामीण और राजुला पंथक में 12 इंच से अधिक भारी बारिश हुई है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। धत्रावाडी और रायडी बांधों के ओवरफ्लो होने के बा

.

खांभा के ग्रामीण इलाकों में 8 इंच और पंथक में कुल 12 इंच बारिश के कारण नागेश्री नेशनल हाईवे पूरी तरह से ठप हो गया है। चोटिला-खम्भा से नागेश्री जाने वाला नेशनल हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है। रानीगापारा गांव के पास कोजीखान के नजदीक बने अस्थायी पुल का मार्ग बाढ़ के तेज पानी में बह गया है।

शहर और जिले में लगातार दो दिन तक भारी बारिश के चलते तापी नदी में 51 हजार क्यूसेक पानी की भारी आवक होने से सीजन में पहली बार वियर-कम-कॉजवे ओवरफ्लो हो गया है। जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 6.80 मीटर तक पहुंच गया। इस बीच यहां बने मनमोहक दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए कॉजवे के पास लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

अमरेली जिले में बाढ़ की 5 तस्वीरें…

राजुला तालुका की धातरवाडी-2 डैम के गेट खोले जाने से रायडी नदी उफान पर आ गई।

राजुला तालुका के भेराई गांव के पास पानी घुस गया, 50 से अधिक लोग फंस गए,जिन्हें बचाया गया।

राजुला तालुका के भेराई गांव के पास पानी घुस गया, 50 से अधिक लोग फंस गए,जिन्हें बचाया गया।

अमरेली-पिपावाव सड़क डूब गई है। खतरा उठाकर सड़क पार कर रहे वाहनों को रोका जा रहा है।

अमरेली-पिपावाव सड़क डूब गई है। खतरा उठाकर सड़क पार कर रहे वाहनों को रोका जा रहा है।

राजुला-सावरकुंडला राजमार्ग पर बाढ़ से सड़क बह गई। इससे दोनों तरफ का यातायात ठप हो गया।

राजुला-सावरकुंडला राजमार्ग पर बाढ़ से सड़क बह गई। इससे दोनों तरफ का यातायात ठप हो गया।

सावरकुंडला में दीवार गिरने से खाना पका रही महिला मलबे में दब कर गंभीर रूप से घायल हो गई।

सावरकुंडला में दीवार गिरने से खाना पका रही महिला मलबे में दब कर गंभीर रूप से घायल हो गई।

———————–

ये खबर भी पढ़ें…

महाराष्ट्र में वाटरफॉल में फंसे 100 टूरिस्ट:रस्सी के सहारे रेस्क्यू; वसई में 20 कारें डूबीं; बिहार की कोसी नदी में समाए 6 घर

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जेनिथ वाटरफॉल में अचानक पानी का लेवल बढ़ गया, जिसमें 100 टूरिस्ट फंस गए। उन्हें रस्सी की मदद से निकाला गया। नालासोपारा में सड़क पर पानी भरने से 20 कारें उसमें डूब गईं। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

निगम कमिश्नर ने जलूद में कामों को किया चेक: एक्स्ट्रा मशीनरी और संसाधन बढ़ाने को कहा, बोले – सुरक्षा का ध्यान रखे – Indore News




जलूद में चल रहे कामों को देखने के लिए रविवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल जलूद पहुंचे। यहां उन्होंने नर्मदा फेस 4 अमृत 2 परियोजना के अंतर्गत 1650 एमएलडी निर्माणाधीन इंटेक वेल और 180 एमएलडी फेज-1 और फेज-2 इंटेकवेल परियोजनाओं का दौरा किया। नगर निगम कमिश्नर ने बाकी खुदाई कामों में तेजी लाने के लिए एक्स्ट्रा मशीनरी और संसाधनों को तत्काल मोबिलाइजेशन करने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कहा। इसके बाद रॉ वाटर मेन पंपिंग मेन पाइपलाइन निर्माण काम को भी देखा। उन्होंने यहां पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और निर्माण की उच्च क्वालिटी बनाए रखने व काम में ज्यादा तेजी लाने को कहा है। निगम कमिश्नर ने बताया कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और समन्वित रूप से पूरा करना नगर निगम की प्राथमिकता है।



Source link

RBSE ने 10-12वीं बोर्ड परीक्षा की फीस 200 रुपए बढ़ाई: 20 लाख स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित; आवेदन कल से होंगे शुरू – Tonk News




राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(RBSE), अजमेर ने राज्य में वर्ष 2027 में होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, सोमवार (6 जुलाई) से परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे, लेकिन इस बार सामान्य परीक्षा शुल्क में प्रति नियमित विद्यार्थी पर 200 रुपए बढ़ा दिए है। जिससे पूर्व में लगने वाले परीक्षा शुल्क 650 रुपए के स्थान पर 850 रुपए देने होंगे। इसका सीधा असर टोंक समेत राज्य भर में निजी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 20 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इस बार 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले समस्त नियमित एवं स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आवेदन 6 जुलाई से भरना शुरू होंगे। बिना बिलंब शुल्क के 6 अगस्त तक आवेदन भरे जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक चरण में विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क बढ़ता जाएगा। प्रायोगिक विषयों की फीस में भी 100 रुपए की वृद्धि की गई है। अब प्रत्येक प्रायोगिक विषय के लिए 200 रुपए अलग से देने होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों की उच्च माध्यमिक स्तर की संबद्धता संबंधी प्रक्रिया अभी लंबित है, उन्हें निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। हालांकि बोर्ड परीक्षा शुल्क बढ़ाने को लेकर शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद का कहना है कि यह परीक्षार्थियों के हित में नहीं है। इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। इन कैटेगरी के परीक्षार्थियों को मिलेगी फीस में छूट विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थियों, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों और पुलवामा हमले के शहीदों के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से छूट रहेगी। ऐसे विद्यार्थियों को केवल 50 रुपए टोकन शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन से जुड़े दिशा-निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार कीजानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। पढ़िए… बोर्ड परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम और महत्वपूर्ण डेट्स बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन का प्रस्तावित कार्यक्रम आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां: परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत के कारण बढ़ाई फीस जानकारी के अनुसार, परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए शुल्क संशोधित किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए समय पर आवेदन करना सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि 6 अगस्त के बाद हर चरण में लेट फीस के साथ शुल्क तेजी से बढ़ेगा। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महंगी साबित हो सकती है, जो अंतिम समय तक आवेदन टालते हैं। 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में बोर्ड के बदलाव शिक्षक संघ ने कहा- बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क बढ़ाना सही नहीं शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10 एवं 12 वीं के विद्यार्थियों पर परीक्षा शुल्क 650 से बढ़ाकर 850 यानि 200 रुपए की वृद्धि कर दी है,जो सही नहीं है। बोर्ड को अपने निर्णय पर फिर से विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। परीक्षा शुल्क में 200 रुपए की वृद्धि और प्रायोगिक विषयों की फीस बढ़ने से इस बार विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।



Source link

VHP अध्यक्ष के पत्र पर संजय सिंह का पलटवार: राम मंदिर चढ़ावा विवाद; बोले- आलोक कुमार चोरों को बचा रहे – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार के पत्र पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि आलोक कुमार राम मंदिर के चढ़ावा चोरों को बचा रहे हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो उनके पत्र में राजनीति नहीं होती है। उन्होंने अपने पत्र में भाजपा, आरएसएस और वीएचपी के उन लोगों का नाम नहीं लिखा है, जिन्होंने अपनी आंखों से चोरी होते देखा है। मंदिर निर्माण का कार्य देख रहे नृपेंद्र मिश्रा ने तो कई बार कहा कि मंदिर में सिर्फ चोरी नहीं, डकैती हुई है, लेकिन पत्र में उनका भी नाम नहीं है। 5 साल तक अनजान बने रहे संजय सिंह ने कहा कि इन सब के बाद भी आलोक कुमार के पत्र का स्वागत है। मैं जांच में शामिल होने को तैयार हूं। मैं अपने साथ उन्हें भी लेकर जाऊंगा, जो दान में दिए पदुकाएं, हार, राम चरित मानस चोरी होने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2021 में ही मैं अयोध्या कोतवाली में तहरीर देकर जमीन खरीद घोटाले की जांच की मांग की थी, लेकिन 5 साल तक आलोक कुमार अनजान बने रहे। ऐसे में जांच अधिकारी को आलोक कुमार से भी पूछताछ करनी चाहिए कि सार्वजनिक बयान देने वालों के नाम पत्र में क्यों नहीं दिए? अब सोमवार को मैं जांच अधिकारी को एक पत्र लिखूंगा और राम मंदिर ट्रस्ट में केंद्र के प्रतिनिधि रहे ज्ञानेश कुमार से पूछताछ करने की मांग करूंगा। पूर्व गृह सचिव को नहीं मिली रसीद संजय सिंह ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या में चंदा चोरी मामले की जांच कर रहे डीएसपी व जांच अधिकारी को एक चिट्ठी लिखी है। इस पत्र में उन्होंने मांग की है कि अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और अन्य नेताओं से पूछताछ की जाए। उन्होंने कहा कि वहां चोरी कई प्रकार की हुई है। धन की चोरी, जमीन के नाम पर चोरी, आभूषणों की चोरी और मंदिर निर्माण में 40-40 फीसद कमीशन खाने की बात है। इसके अलावा प्रभु श्री राम की पादुका, हार और शिलाएं तक चोरी हो गई हैं। एक पूर्व गृह सचिव का भी बयान आया कि एक किलो सोने से लिखी गई पवित्र राम चरित मानस भी चोरी हो गई है और उसका भी कुछ पता नहीं है। पूर्व गृह सचिव बार-बार अनुरोध करते रहे, लेकिन अब तक उन्हें इसकी कोई रसीद नहीं मिली। जमीन माफिया गैंग में सदस्य और मेयर शामिल संजय सिंह ने कहा कि इतने सब कुछ के बावजूद खुद को दुनिया का सबसे बड़ा हिंदू संगठन कहने वाले विश्व हिंदू परिषद और उसके अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार इन सारे मामलों से पूरी तरह अनभिज्ञ हैं और उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वे आज डीएसपी को पत्र लिख रहे हैं, जबकि मैंने तो वर्ष 2021 में ही अयोध्या की कोतवाली में बाकायदा तहरीर दी थी कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी से 2 करोड़ रुपए की जमीन महज 5 मिनट के अंदर 18.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। इस जमीन माफिया गैंग में ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा और तत्कालीन भाजपा मेयर ऋषिकेश उपाध्याय भी शामिल थे। मैंने ये सारे कागजात सौंपे थे, लेकिन आलोक कुमार 5 साल तक उन कागजातों से अनजान बने रहे। संपूर्ण प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराया संजय सिंह ने कहा कि आलोक कुमार इस बात से भी अनभिज्ञ हैं कि 9 और 12 जून को आम आदमी पार्टी ने नहीं, बल्कि भाजपा के ही नेता और पूर्व मीडिया प्रभारी डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी को काफी विवरण के साथ चिट्ठियां लिखी थीं। संजय सिंह ने कमल के निशान वाला पत्र दिखाते हुए बताया कि भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री से मांग की थी कि इस पूरे प्रकरण की ईडी और सीबीआई से जांच कराई जाए। साथ ही दान राशि के संग्रहण, गणना, परिवहन और बैंक में जमा करने की संपूर्ण प्रक्रिया का विशेष ऑडिट कराया जाए। वेबसाइड बनाकर सार्वजनिक किया जाए अभिलेख डॉ. रजनीश सिंह ने अपने पत्र में लिखा था कि यदि किसी व्यक्ति, कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की थी कि यह मामला एक दिन का नहीं है, इसलिए शुरुआत से ही जमीन की खरीद-फरोख्त, मंदिर निर्माण के प्रशासनिक व्यय और अन्य मदों में खर्च की गई राशि की मदवार जांच कराई जाए। साथ ही सभी ऑडिट रिपोर्ट, लेखा परीक्षण और वित्तीय निरीक्षण संबंधी अभिलेखों को वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन और सार्वजनिक किया जाए। संजय सिंह ने आलोक कुमार से कहा कि यह सारा पत्र मैंने नहीं, बल्कि खुद भाजपा नेता ने लिखा था, लेकिन आलोक कुमार को इसकी भी कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में एसआईटी जांच चल रही संजय सिंह ने बताया कि भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह के पत्र पर प्रधानमंत्री मोदी ने संज्ञान लिया और प्रधानमंत्री कार्यालय ने अयोध्या के जिलाधिकारी को पत्र लिखा। इसके जवाब में अयोध्या के एडीएम इंद्रकांत द्विवेदी ने लिखा कि डॉ. रजनीश सिंह द्वारा 12 जून को प्रधानमंत्री को दी गई ऑनलाइन शिकायत के संदर्भ में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव से वांछित सूचना मांगी गई थी। ट्रस्ट की ओर से अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में एसआईटी जांच चल रही है और सभी सूचनाएं उनके द्वारा संकलित की जानी हैं, इसलिए इस स्तर पर ट्रस्ट से कोई भी सूचना मिल पाना संभव नहीं है। पीएम कार्यालय को जानकारी देने से इनकार संजय सिंह ने आलोक कुमार से पूछा कि क्या उन्हें इस बात की भी जानकारी नहीं है कि जब जिलाधिकारी कार्यालय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने डॉ. रजनीश सिंह के पत्र पर जानकारी चाही, तो ट्रस्ट ने यह कहते हुए जानकारी देने से साफ मना कर दिया कि एसआईटी जांच चल रही है। ट्रस्ट ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय को कोई भी जानकारी देने से मना कर दिया। मंदिर में सिर्फ चोरी नहीं, डकैती हुई संजय सिंह ने कहा कि आलोक कुमार ने पत्र लिखने में भी बेईमानी कर दी। उन्हें अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और प्रो. रामगोपाल यादव का नाम तो याद रहा, लेकिन वे नृपेंद्र मिश्रा का नाम भूल गए। नृपेंद्र मिश्रा जो ट्रस्ट में प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण का कार्य देखते हैं, उन्होंने एक नहीं बल्कि कई इंटरव्यू में स्पष्ट कहा है कि राम मंदिर में सिर्फ चोरी नहीं हुई है, डकैती हुई है। आलोक कुमार ने उनका नाम क्यों नहीं लिखा और नृपेंद्र मिश्रा से पूछताछ क्यों नहीं होनी चाहिए? वे तो ट्रस्ट के एक सम्मानित और निर्माण कार्य देखने वाले व्यक्ति हैं। जब वे खुद कह रहे हैं कि डकैती हो रही है, तो उनका नाम पत्र में क्यों नहीं लिखा गया। मंदिर बनवाने में 40 फीसद कमीशन संजय सिंह ने कहा कि पूर्व भाजपा सांसद विनय कटियार कह रहे हैं कि वहां चोरी, बेईमानी और भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन उनका नाम भी आलोक कुमार ने नहीं लिखा कि उनसे पूछताछ होनी चाहिए। मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे रहे महंत धर्मदास ने भी वहां चोरी और भ्रष्टाचार होने की बात कही है, लेकिन उनका नाम भी पत्र में नहीं है। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास ने भी कहा कि वहां चोरी और भ्रष्टाचार हो रहा है, लेकिन उनका नाम भी पत्र से गायब है। इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने आरोप लगाया कि अनिल मिश्रा मंदिर बनवाने में 40 फीसद कमीशन खाते थे, लेकिन उनका नाम भी पूछताछ के लिए नहीं लिखा गया। चोरों को बचाने का काम कर रहे आलोक संजय सिंह ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस के ही व्यक्ति महिपाल सिंह ने सार्वजनिक बयान दिया था कि वर्ष 2020-21 में ही उन्होंने बता दिया था कि मंदिर के चढ़ावे में चोरी हो रही है। उन्होंने इसकी जानकारी गोपाल राव को दी, गोपाल राव ने चंपत राय को बताया और फिर चंपत राय ने उल्टा महिपाल सिंह को ही निकालकर बाहर कर दिया। संजय सिंह ने आलोक कुमार से पूछा कि महिपाल सिंह का नाम पत्र में क्यों नहीं लिखा गया। इसका सीधा मतलब यह है कि आलोक कुमार चोरों को बचाने का काम कर रहे हैं। पूछताछ तो खुद आलोक कुमार से होनी चाहिए कि उन्होंने सार्वजनिक बयान देने वाले इन प्रत्यक्षदर्शियों के नाम जांच अधिकारी को क्यों नहीं दिए ताकि इन्हें बुलाकर पूछताछ की जा सके। श्री राम की पादुकाएं और हार चोरी संजय सिंह ने कहा कि इसके बावजूद मैं आलोक कुमार के पत्र का स्वागत करता हूं और अयोध्या के जांच कर रहे डीएसपी से कहना चाहता हूं कि वे मुझे बुलाएं। मेरी सुबह से बहुत सारे लोगों से बातचीत हो चुकी है और मैं सभी से संपर्क करके उन सबको अपने साथ ले जाऊंगा। मैं उन लोगों को भी ले जाऊंगा जो कह रहे हैं कि उनकी 60 किलो और 200 किलो चांदी चोरी हो गई है। जो कह रहे हैं कि प्रभु श्री राम की पादुकाएं और हार चोरी हो गए हैं। मैं पूर्व गृह सचिव को भी ले जाने का प्रयास करूंगा, जो कह रहे हैं कि एक किलो सोने से जड़ी पवित्र राम चरित मानस चोरी हो गई है। मैं संतोष दुबे से भी बातचीत करके उन्हें ले जाऊंगा, जो कह रहे हैं कि चांदी की प्राण-प्रतिष्ठित राम शिलाएं और मॉरीशस से आई एक बहुमूल्य राम शिला भी चोरी हो गई है। पत्र में बेईमानी साफ तौर पर दिख रही संजय सिंह ने आलोक कुमार से कहा कि उन्होंने पत्र लिखकर अच्छा किया, लेकिन उनके पत्र में बेईमानी और उनके मन का चोर साफ तौर पर दिख रहा है। उन्होंने उन लोगों के नाम जानबूझकर नहीं लिखे जो वास्तव में मंदिर की व्यवस्था में शामिल थे, जो अपनी आंखों से देख रहे थे कि वहां रोजाना चोरी का कार्य चल रहा है और जिनके पास इसके पुख्ता साक्ष्य और प्रमाण मौजूद हो सकते हैं। 20 लाख की जमीन 2.5 करोड़ में खरीदी संजय सिंह ने बताया कि लोगों को लग रहा था कि यह मजाक है, लेकिन जैसे ही एसआईटी ने मुझे बुलाया, मैं 13 महत्वपूर्ण दस्तावेज वहां देकर आ चुका हूं। मेरे पास और भी नए दस्तावेज आ गए हैं, जिनका मैं जल्द ही खुलासा करूंगा। इसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पूरे देश को पता चल जाएगा कि 2 करोड़ रुपए की जमीन 18.5 करोड़ में, 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ में और नजूल की जमीन 24 करोड़ में खरीदने वाले चंपत राय अभी भी जेल से बाहर कैसे हैं। 92 लाख की जमीन को 5 करोड़ 60 लाख में खरीदा। तत्कालीन भाजपा मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के भतीजे दीप नारायण से 20 लाख की जमीन 2.5 करोड़ में खरीदी गई और जो जमीन दीप नारायण को मुफ्त में मिली थी, उसे 1 करोड़ में खरीदा गया। चंपत राय का केवल महासचिव पद से इस्तीफा संजय सिंह ने कहा कि ये तमाम कागजात एसआईटी को देने के बावजूद बड़े अफसोस की बात है कि अभी भी लीपापोती चल रही है। कहा जा रहा है कि चंपत राय ने केवल महासचिव पद से इस्तीफा दिया है, अभी ट्रस्ट से इस्तीफा नहीं दिया है। भारत के प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और पूरी चंदा चोर पार्टी भाजपा इस पूरे चंदा चोरी प्रकरण में मजबूती के साथ चोरों के बचाव में खड़ी है। जांच अधिकारी को एक पत्र लिखूंगा संजय सिंह ने एलान किया कि मैं भी सोमवार को जांच अधिकारी को एक पत्र लिखूंगा और मांग करूंगा कि चार साल तक ट्रस्ट के सदस्य के रूप में केंद्र सरकार और मोदी जी के प्रतिनिधि रहे ज्ञानेश कुमार से भी पूछताछ होनी चाहिए, क्योंकि ये सारी खरीद-फरोख्त उनकी पूरी जानकारी में हुई है। मैं पत्र में उन सभी लोगों के नाम लिखूंगा, जिन्हें आलोक कुमार अपनी चिट्ठी में भूल गए हैं या जिनके बारे में वे गजनी मोड में चले गए हैं। मैं तहरीर देकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जिक्र भी करूंगा। आनन-फानन में राम फकीर मंदिर तुड़वाया संजय सिंह ने बताया कि अभी यह जानकारी सामने आ रही है कि चंपत राय ने आनन-फानन में राम फकीर मंदिर ही पूरा तुड़वा दिया है। मैं इसकी गहनता से जानकारी जुटाकर इस विषय को भी मजबूती से सामने रखूंगा। उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली यह धमकी और पत्र लिखकर बंदर घुड़की देने का प्रयास आम आदमी पार्टी के साथ बिल्कुल नहीं चलेगा।



Source link