हमीरपुर में शुक्रवार शाम एक आवारा कुत्ते ने लोगों पर हमला किया। यमुना तटबंध के आसपास महज तीन घंटे के भीतर कुत्ते ने चार लोगों को काटकर घायल कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, कुत्ते के काटने से सभी के शरीर पर गहरे घाव हुए हैं। यह घटना हमीरपुर मुख्यालय की है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे से सात बजे के बीच यमुना तटबंध के आसपास एक आवारा कुत्ते ने लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जो भी व्यक्ति कुत्ते को भगाने की कोशिश करता, वह उसी पर हमला कर देता था। घायल बलवीर सिंह ने बताया कि वह कुछ लोगों के साथ यमुना तटबंध पर खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक कुत्ता उनके पास पहुंचा और अचानक उन पर हमला कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, कुत्ते ने उन्हें काट लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने काफी कोशिश के बाद कुत्ते को वहां से भगाया। शरीर पर कुत्ते के काटने के गहरे घाव वहीं, छानी खुर्द गांव निवासी श्री राम ने बताया कि वह शाम करीब छह बजे तटबंध पर टहल रहे थे। इसी दौरान सफेद रंग के एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैरों से लिपट गया। आसपास के लोगों ने कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक वह उनके पैर में काट चुका था। जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टर दिलीप ने बताया कि करीब तीन घंटे में कुत्ते के काटने से घायल चार लोग अस्पताल पहुंचे हैं। लोगों के अनुसार, हमला करने वाला कुत्ता पागल था। घायलों में सुनीत, अजय, श्री राम और बलवीर सिंह शामिल हैं। चारों के शरीर पर कुत्ते के काटने के गहरे घाव हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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आवारा कुत्ते ने 3 घंटे में 4 लोगों को काटा: सभी जिला अस्पताल में भर्ती, कुत्ते के पागल होने की आशंका – Hamirpur News
बेटे को पढ़ाकर क्या प्रोफेसर बनाओगी? पंकज असिस्टेंट प्रोफेसर बन पूरा किया सपना
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Assistant Professor Success Story: पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के चंद्रही गांव के पंकज कुमार साह ने असिस्टेंट प्रोफेसर का पद हासिल किया है. उन्होंने अपनी मां के सपनों को पूरा करने और गांव वालों के तानों का जवाब देने के लिए यह उपलब्धि हासिल की है.
पूर्णिया: कहते हैं कि किसी का दिया हुआ ताना कई बार इंसान के लिए चुनौती बन जाता है. कुछ लोग तानों से टूट जाते हैं, तो कुछ उसे अपनी ताकत बना लेते हैं. पूर्णिया के पंकज कुमार साह ने भी गांव वालों के ताने को अपनी मेहनत का हथियार बनाया. कभी उनकी मां से लोग कहते थे कि बेटे को इतना पढ़ाकर क्या प्रोफेसर बनाओगी? मां उन बातों को सुनकर चुप रहती थीं, लेकिन बेटे के मन में यह बात बैठ गई थी. उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वह मां के सपने को पूरा करके दिखाएंगे. आज पंकज असिस्टेंट प्रोफेसर बन चुके हैं.
साधारण किसान परिवार से आते हैं पंकज
पंकज कुमार साह पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के चंद्रही गांव के रहने वाले हैं. वह एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. परिवार में चार भाई और एक बहन हैं. पंकज बताते हैं कि आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी. खासकर उनकी मां चाहती थीं कि बेटा पढ़-लिखकर प्रोफेसर बने. गांव में जब लोग उनकी मां को ताना मारते थे, तब शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही बातें एक दिन पंकज की सफलता की वजह बनेंगी.
मां के निधन के बाद भी नहीं मानी हार
पंकज की जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब आया जब उनकी मां का अचानक निधन हो गया. जिस मां ने बेटे को प्रोफेसर बनाने का सपना देखा था. वह उसकी मंजिल देखने के लिए मौजूद नहीं थीं. लेकिन पंकज ने मां के सपने को अधूरा नहीं छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद NET की तैयारी शुरू कर दी.
उन्होंने कई बार NET परीक्षा में सफलता हासिल की, लेकिन आगे की चयन प्रक्रिया में उनका चयन नहीं हो सका. बार-बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा. पंकज के लिए यह सिर्फ करियर बनाने की लड़ाई नहीं थी, बल्कि मां से किया हुआ एक वादा पूरा करने की कोशिश थी.
नौकरी के साथ पढ़ाई भी जारी रखी
पंकज ने पूर्णिया जिला समाहरणालय परिसर में सामान्य प्रशासन विभाग के तहत करीब चार वर्षों तक लिपिक के पद पर काम किया. नौकरी के बाद थकान के बावजूद उन्होंने पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा. ड्यूटी से मिलने वाले समय का इस्तेमाल वह तैयारी में करते थे. परिवार की जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उनका लक्ष्य स्पष्ट था. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उनका चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हो गया. वर्तमान में वह पूर्णिया विश्वविद्यालय के अधीन रुपौली-बिरौली स्थित कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
अब बच्चों के भविष्य के लिए काम करना चाहते हैं
पंकज अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद को देते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने जीवन में कभी हार मानना नहीं सीखा. जिस ताने ने कभी उन्हें परेशान किया था, आज वही उनकी सफलता की कहानी का हिस्सा बन चुका है. पंकज कहते हैं कि मां का सपना पूरा होने की खुशी सबसे बड़ी है. अब उनका लक्ष्य केवल अपनी नौकरी तक सीमित नहीं है. वह गांव और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने और बच्चों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करना चाहते हैं. उनका मानना है कि अगर ग्रामीण बच्चों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे भी बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल कर सकते हैं.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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केनरा बैंक ने मेधावी छात्राओं को दी प्रोत्साहन राशि: बेगूसराय के उत्क्रमित मध्य विद्यालय की स्मृति और अंशु को मिले 3-3 हजार रुपये – Begusarai News
बेगूसराय सदर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरैठ की दो छात्राओं को शुक्रवार को सम्मानित किया गया। केनरा बैंक की बेगूसराय मुख्य शाखा ने उन्हें अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन राशि दी। बैंक प्रबंधन ने सातवीं कक्षा की स्मृति कुमारी और छठी कक्षा की अंशु कुमारी को तीन-तीन हजार रुपये दिए। यह राशि उनके बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए दी गई। विद्यालय में हुए एक कार्यक्रम के दौरान बैंक अधिकारियों ने छात्राओं को यह राशि सौंपी। प्रोत्साहन राशि मिलने से दोनों छात्राएं काफी खुश थीं। बैंक हर साल विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से इस तरह की मदद देता है। इस मौके पर केनरा बैंक की मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक मुकेश कुमार, प्रेम प्रकाश कुमार, राजन कुमार और प्रधानाध्यापक राजीव कुमार सहित बैंक के अन्य कर्मचारी मौजूद थे। प्रधानाध्यापक ने बैंक के इस काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को मिलने वाला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने दोनों छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।
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12 सोने के नकली बिस्किट 5 लाख में बेचे: मऊगंज में 3 लाख लिए, दोबारा 2 लाख लेने आए तो पुलिस ने पकड़ा – Mauganj News
मऊगंज पुलिस ने फर्जी सोने के बिस्किट देकर 3 लाख रुपए ठगने वाले 5 युवकों को पकड़ा है। शुक्रवार को पुलिस ने इनके पास से ठगी के 2 लाख 50 हजार रुपए नकद, नकली बिस्किट और भागने में इस्तेमाल बलेनो कार जब्त की है। आरोपी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले हैं। पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर निवासी राहुल सिसोदिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। ठगों ने फोन पर खुद को मऊगंज का बताकर झांसा दिया कि उन्हें मजदूरी के दौरान जमीन से सोना मिला है। राहुल के भाई और दोस्त ने जब ठगों के दिए सैंपल की सुनार से जांच कराई, तो वह असली निकला। भरोसा होने पर 100-100 ग्राम के 12 सोने के बिस्किट 5 लाख रुपए में खरीदने का सौदा पक्का हुआ। 31 अगस्त को बाबा ढाबा के पास 3 लाख रुपए नकद देकर बिस्किट लिए गए, जो बाद में जांच कराने पर पीतल निकले। नाला में फंसी कार, बस से भी उतारे गए आरोपी ठगी का एहसास होते ही फरियादी ने समझदारी दिखाई और ठगों को भनक नहीं लगने दी। उसने बाकी के 2 लाख रुपए देने के बहाने आरोपियों को फिर बुलाया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस को पीछे देखकर बलेनो कार से भाग रहे 3 आरोपियों की गाड़ी डगडौआ गांव के पास नाले में फंस गई, जिन्हें पुलिस ने तुरंत पकड़ लिया। वहीं 2 अन्य आरोपियों को मिर्जापुर जाने वाली बस से नीचे उतारकर पकड़ा गया। पुलिस ने इन्हें पकड़ा आरोपियों में विमल कुमार बिन्द, आकाश बिन्द, भगवानदास बिन्द, राजू उर्फ उमेश कुमार बिन्द और पप्पू उर्फ विक्रम कुमार बिन्द शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
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बरसात में कुछ चटपटा खाने का है मन? घर पर ऐसे तैयार करें क्रिस्पी कॉर्न चाट
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Crispy Corn Chat Recipe: बरसात का मौसम आते ही लोगों का मन चाट-पकौड़ी की ओर ललचा जाता है. अगर आपका मन कुछ चटपटा खाने का कर रहा है, तो आज आपको ऐसी ही एक टेस्टी क्रिस्पी कॉर्न चाट की रेसिपी बताने वाले हैं, जिसका स्वाद लेते ही आपका दिल खुश हो जाएगा.
बरसात के मौसम में लोगों का चपचटा खाने का काफी मन करता है. आज हम आपको एक ऐसी चटपटी डिश के बारे में बताने वाले हैं, जिसे खाते ही आपको मौसम का मजा आ जाएगा. ये स्पेशल डिश के क्रिस्पी कॉर्न चाट, जिसे बनाने की रेसिपी काफी आसान है. सबसे पहले आपको स्वीट कॉर्न बाजार से लेना है और इसे पहले उबाल लेना है. इन्हें उबालने के बाद पानी पूरी तरह निकाल दें और कॉर्न को कुछ देर सूखने दें.
इसके बाद एक बाउल में कॉर्न डालकर उसमें तीन चम्मच कॉर्नफ्लोर, एक चम्मच मैदा, थोड़ा नमक, लाल मिर्च पाउडर और काली मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं. जरूरत पड़ने पर इसमें थोड़ा सा पानी डालकर कॉर्न पर मसालों और कॉर्नफ्लोर की हल्की कोटिंग कर लें.
कोटिंग करते समय इस बात का ध्यान दें कि कोटिंग सही तरीके से सभी कॉर्न पर हो जाए, क्योंकि कोटिंग सही नहीं हो पाएगी तो कॉर्न कहीं-कहीं कुरकुरा नहीं हो पाएगा. इसके लिए आपको अपने हाथों का इस्तेमाल करके इसे अच्छे से मिलाना चाहिए.
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अब कड़ाही में तेल गर्म करें और उसमें तैयार किए गए कॉर्न को सावधानी से डालकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. कॉर्न तलते समय थोड़ी सावधानी जरूरी है, क्योंकि गर्म तेल में कॉर्न के छींटे पड़ सकते हैं. तलने के बाद इसे निकालकर अतिरिक्त तेल सोखने दें. ये काम आपको बिल्कुल सावधानी से करनी है और इस बाद का भी ध्यान देना है कि कॉर्न ज्यादा ना तल जाए, वरना फिर इसकी क्रिस्पनेस चली जाएगी.
अब एक बड़े बाउल में तले हुए क्रिस्पी कॉर्न डालें. इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर और हरी मिर्च मिलाएं. इसके बाद स्वादानुसार चाट मसाला, थोड़ा नींबू का रस और हरा धनिया डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. आप चाहें तो अपने स्वाद के अनुसार थोड़ी लाल मिर्च भी डाल सकते हैं. इसमें स्वादानुसार नमक भी डाल दें और इसे अच्छी तरह से गर्म कहाड़ी में मिलाएं.
कुछ मिनटों तक इसे अच्छे से मिलाएं सबतक इसका रंग थोड़ा सुनहरा ना हो जाए. इसके बाद तैयार है आपकी गरमा-गरम क्रिस्पी कॉर्न चाट. बारिश के मौसम में शाम की चाय के साथ परोसने के लिए तैयार है. इसका कुरकुरा स्वाद और चटपटा मसाला बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आ सकता है.
बारिश का मौसम आते ही लोगों का मन इस गरमा-गरम क्रिस्पी कॉर्न चाट की ओर झुक जाता है. बारिश में अगर आप पकौड़े और समोसे से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो क्रिस्पी कॉर्न चाट एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकती है. स्वीट कॉर्न से तैयार होने वाली यह चाट बाहर से कुरकुरी और अंदर से स्वादिष्ट होती है. इसे घर पर कम समय में आसानी से तैयार किया जा सकता है.
शहरी सरकार का चुनाव: दंडवत करते हुए चुनाव चिह्न लेने पहुंची निर्दलीय प्रत्याशी – Rajasthan News
जोधपुर में निर्दलीय प्रत्याशी सीता अपने पति श्रवण के साथ दंडवत करते हुए सहायक रिटर्निंग अधिकारी के पास चुनाव चिह्न लेने पहुंची। बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में चुनाव लड़ रहे 49 निर्दलीय प्रत्याशियों में से 24 को सेब चुनाव चिह्न मिला है। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
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Poco X8 Power और Poco X8 भारत में हुए लॉन्च, मिलेगी 10000mAh की जंबो बैटरी
Highlights
- Poco ने भारत में 10000mAh बैटरी वाला फोन लॉन्च कर दिया है।
- Poco X8 सीरीज में कंपनी ने दो फोन उतारे हैं, जो दमदार बैटरी के साथ आते हैं।
- Poco X8 को हाल ही में ग्लोबल मार्केट में भी लॉन्च किया जा चुका है।
Poco ने अपना पहला 10000mAh बैटरी वाला फोन भारत में लॉन्च कर दिया है। Poco X8 सीरीज में कंपनी ने दो फोन भारतीय बाजार में उतारे हैं। ये दोनों फोन दमदार बैटरी और 50MP कैमरा के साथ आते हैं। पोको के ये दोनों फोन ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर सेल के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। कंपनी ने हाल ही में Poco M8 सीरीज के दो फोन भी भारत में लॉन्च किए हैं। Poco X8 को हाल ही में ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया गया है।
कितनी है कीमत?
Poco X8 को कंपनी ने तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में लॉन्च किया है। इसकी शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 32,999 रुपये और 35,999 रुपये है। इसे तीन कलर ऑप्शन- Fiery Orange, Black और Frost White में खरीदा जा सकता है।
- 6GB RAM + 128GB – 29,999 रुपये
- 8GB RAM + 128GB – 32,999 रुपये
- 8GB RAM + 256GB – 35,999 रुपये
Poco X8 Power को दो स्टोरेज वेरिएंट्स – 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 35,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 38,999 रुपये में आता है। इसे ब्लैक और यैलो कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है। इन दोनों फोन की सेल 11 सितंबर को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर आयोजित की जाएगी। फोन की खरीद पर 2,000 रुपये का कूपन डिस्काउंट और 1,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस मिलेगा।
- 8GB RAM + 128GB – 35,999 रुपये
- 8GB RAM + 256GB – 38,999 रुपये
Poco X8, Poco X8 Power के फीचर्स
पोको के ये दोनों फोन 6.83 इंच के 1.5K AMOLED डिस्प्ले के साथ आते हैं। इन दोनों फोन के डिस्प्ले में 120Hz रिफ्रेश रेट और HDR10+ का सपोर्ट मिलता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1280 x 2772 पिक्सल है और इसकी पीक ब्राइटनेस 3500 निट्स तक की है। इसके प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 मिलता है। ये दोनों फोन IP66 + IP68 + IP69 और IP69K रेटिंग के साथ आते हैं। पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में ये खराब नहीं होंगे।
पोको एक्स 8
पोको के ये दोनों फोन Qualcomm के ऑक्टाकोर चिपसेट के साथ आते हैं। X8 Power में Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। वहीं, X8 में Snapdragon 6s Gen 4 चिपसेट मिलता है। ये दोनों फोन 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज को सपोर्ट करते हैं। ये Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 पर काम करते हैं।
| Poco X8 Power | Poco X8 | |
| डिस्प्ले | 6.83 इंच, 120Hz, AMOLED | 6.83 इंच, 120Hz, AMOLED |
| प्रोसेसर | Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 | Qualcomm Snapdragon 6s Gen 4 |
| स्टोरेज | 8GB + 256GB | 8GB + 256GB |
| बैटरी | 10000mAh, 100W | 9000mAh, 67W |
| कैमरा | 50MP + 8MP, 32MP | 50MP + 2MP, 16MP |
| OS | Android 16, HyperOS 3 | Android 16, HyperOS 3 |
Poco X8 Power में 10,000mAh की बैटरी मिलती है, जिसके साथ 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। वहीं, Poco X8 में कंपनी ने 9,000mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 67W वायर्ड फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। कैमरे की बात करें तो ये दोनों फोन डुअल कैमरा सेटअप के साथ आते हैं। इनमें 50MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। Poco X8 Power में 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलता है और इसमें 32MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है। वहीं, Poco X8 में 2MP का डेप्थ सेंसर मिलेगा। सेल्फी के लिए इसमें 16MP का कैमरा मिलेगा।
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तीन दिन से लापता युवक का शव गड्ढे में मिला: पीलीभीत में रेलवे लाइन किनारे मिला, फसल खराब होने से था परेशान – Pilibhit News
पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र के खजुआ दिननगर गांव में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन दिन से लापता 28 वर्षीय युवक का शव रेलवे लाइन के किनारे पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में तैरता हुआ मिला। मृतक की पहचान गांव के ही रहने वाले धर्मेंद्र कुमार (पुत्र रामपाल) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में मातम पसरा है। परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र बुधवार शाम करीब छह बजे घर से खेत देखने जाने की बात कहकर निकला था। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो परिवार वालों ने कई जगह उसकी तलाश की। कोई जानकारी न मिलने पर परिजनों ने न्यूरिया थाने में उसके लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। धर्मेंद्र के परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब है। उसके तीन छोटे भाई हैं और पूरा परिवार मजदूरी करके गुजारा करता है। इस बार धान की फसल पूरी तरह खराब हो जाने के कारण धर्मेंद्र काफी परेशान था। इसी चिंता में वह बुधवार को खेत की ओर गया था। शुक्रवार सुबह गांव के कुछ लोग खेतों की तरफ जा रहे थे। तभी उन्होंने रेलवे लाइन के किनारे बारिश के पानी से भरे गड्ढे में एक शव को तैरते हुए देखा। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना गांव में दी। खबर मिलते ही मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। परिजनों ने भी वहां पहुंचकर शव की पहचान धर्मेंद्र के रूप में की। सूचना मिलते ही न्यूरिया थाना अध्यक्ष दिगंबर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को पानी से बाहर निकलवाया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौत का असल कारण पानी में डूबना है या कोई और वजह, इसका सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा।
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मुंगेर में गंगा खतरा निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर: जिले के 6 प्रखंडों की 38 पंचायतों के 3.63 लाख लोग प्रभावित, कृष्णानगर में 30 घर डूबे – Munger News
मुंगेर में गंगा का जलस्तर गुरुवार से तेजी से बढ़ रहा है। गंगा यहां खतरा निशान 39.33 मीटर को पार कर 39.38 मीटर पर पहुंच गई है, जो खतरे के निशान से 5 सेंटीमीटर ऊपर है। पानी हर घंटे करीब 2 सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। मुंगेर जिले के 6 प्रखंडों की 38 पंचायतों के 3,63,138 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने बताया कि ऊपरी इलाकों से मिली रिपोर्ट के अनुसार, इस बार गंगा 2016 के रिकॉर्ड जलस्तर को भी पार कर सकती है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रभावित इलाकों में अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से भी सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है। कृष्णानगर में 30 से अधिक घर डूबे गंगा के बढ़ते पानी का सबसे अधिक असर दियारा और निचले इलाकों में दिखाई देने लगा है। हवेली खड़गपुर अनुमंडल क्षेत्र के कृष्णानगर गांव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां 30 से अधिक घर पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं। गांव में पानी प्रवेश करने के बाद कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। वहीं कुछ परिवार अभी भी घर की दूसरी मंजिल या छत पर छोटे बच्चों और बकरियों के साथ रहने को मजबूर हैं। ग्रामीण परमानंद यादव ने बताया कि उनके घर में करीब पांच फीट पानी जमा हो गया है। घर के सभी सदस्यों को रिश्तेदार के यहां भेज दिया गया है। गांव के कई अन्य लोग भी घरों में ताला लगाकर ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं। ग्रामीण भोगी यादव ने कहा कि गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब तक उन लोगों को किसी प्रकार की राहत नहीं मिली है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बावजूद कोई अधिकारी गांव का हाल देखने नहीं पहुंचा है।
जाफरनगर, कुतलूपुर और सीताकुंड डीह में कटाव जलस्तर बढ़ने के साथ गंगा किनारे कटाव का खतरा भी बढ़ गया है। सदर प्रखंड के जाफरनगर, कुतलूपुर और नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीताकुंड डीह गांव में कटाव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह नदी का दबाव बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है। फ्लड कंट्रोल विभाग की ओर से कटाव रोकने के लिए बचाव कार्य शुरू किया गया है। जिला प्रशासन की टीम भी प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो कटाव का दायरा और बढ़ सकता है। छह प्रखंडों में बाढ़ का असर, धान की फसल डूबी गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर जिले के कई प्रखंडों में दिखाई देने लगा है। सदर मुंगेर, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर और असरगंज प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। दियारा क्षेत्र के अलावा निचले इलाकों में भी पानी तेजी से फैल रहा है। कई गांव और पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं।
सबसे अधिक असर सदर मुंगेर और बरियारपुर प्रखंड में बताया जा रहा है। खेतों में पानी फैलने से धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण दियारा क्षेत्र के ग्रामीण जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी कर रहे हैं। सीएम करेंगे बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक जिला आपदा पदाधिकारी कमल किशोर ने बताया कि गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। स्थिति को देखते हुए डीएम ने गुरुवार शाम सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित जिलों के अधिकारियों और डीएम के साथ बैठक करेंगे। बैठक में मिलने वाले निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें और नदी तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें। प्रशासन की ओर से भी प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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