Thursday, July 30, 2026
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Zepto आईपीओ पर बड़ा अपडेट, पहले अपने पुराने निवेशकों से जुटाएगी 1,000 करोड़


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क्विक कॉमर्स स्टार्टअप Zepto ने फिलहाल अपना IPO लाने का प्लान टाल दिया है. शेयर बाजार में उतरने से पहले अब कंपनी अपने पुराने निवेशकों से ही Pre-IPO फंडिंग के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है, जिसके चलते इसके मुख्य आईपीओ का आकार भी अब छोटा हो जाएगा.

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Zepto IPO पर बड़ा अपडेट आया है.

स्वराज सिंह धंजल/ चंद्र आर श्रीकांत / तुषार गोयनका
अगर आप जेप्टो (Zepto) के IPO का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है. जेप्टो ने फिलहाल अपना आईपीओ लाने का प्लान टाल दिया है. शेयर बाजार में आम जनता के बीच उतरने से पहले कंपनी ने एक अलग रास्ता चुना है और अब वह सीधे तौर पर बड़ी रकम जुटाने की तैयारी कर रही है.

आम जनता से पैसा मांगने के बजाय, जेप्टो ने अब Pre-IPO फंडिंग का रास्ता अपनाया है. कंपनी अपने पुराने और भरोसेमंद निवेशकों से ही करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है. इन निवेशकों में ग्लेड ब्रुक, जनरल कैटलिस्ट, गुडवाटर कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स जैसी बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने पहले भी कंपनी पर भरोसा जताया था.

आखिर जेप्टो ने अपना आईपीओ क्यों टाला?

इसका सबसे बड़ा कारण है कंपनी की वैल्यूएशन यानी उसकी कुल कीमत को लेकर हुआ मतभेद. जेप्टो चाहती थी कि बाजार में उसकी कीमत ज्यादा आंकी जाए, लेकिन घरेलू म्यूचुअल फंड्स कंपनी को वह भाव नहीं दे रहे थे. शर्तें और कीमत मनमुताबिक न होने के कारण कंपनी ने आम जनता के बजाय अपने पुराने निवेशकों के पास जाने का यह फैसला किया.

म्यूचुअल फंड्स जेप्टो की वैल्यू 2.5 से 3 अरब डॉलर यानी करीब 24,000 से 29,000 करोड़ रुपये के बीच लगा रहे थे, जो कि जेप्टो की 5 अरब डॉलर की उम्मीद से बहुत कम था. हैरानी की बात यह है कि सिर्फ छह महीने पहले एक प्राइवेट फंडिंग में जेप्टो की वैल्यू 7 अरब डॉलर आंकी गई थी. अब इस नए प्री-आईपीओ राउंड में कंपनी को 4 से 4.2 अरब डॉलर की वैल्यूएशन मिलने की उम्मीद है.

आगे असर क्‍या होगा

अब सवाल उठता है कि इस प्री-आईपीओ फंडिंग का आगे क्या असर होगा? शेयर बाजार के नियामक SEBI के नियमों के अनुसार, कोई भी कंपनी अपने आईपीओ से पहले 20 प्रतिशत तक रकम इस तरह जुटा सकती है. लेकिन नियम यह भी है कि अभी जेप्टो जितने पैसे जुटाएगी, उसे बाद में आने वाले मुख्य आईपीओ के कुल आकार में से घटा दिया जाएगा.

आईपीओ के आकार पर भी असर

इस पूरे घटनाक्रम और बाजार के मूड का असर जेप्टो के भविष्य के आईपीओ के आकार पर भी पड़ा है. पहले कंपनी बाजार से करीब 8,000 करोड़ रुपये जुटाने की बड़ी योजना बना रही थी. लेकिन अब इस आईपीओ के आकार को घटाकर 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यानी जब भी जेप्टो का आईपीओ शेयर बाजार में आएगा, वह पहले के अनुमान से थोड़ा छोटा होगा.



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वीआईपी पार्टी के जिलाध्यक्ष बने अजय साहनी: बलिया पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत, संगठन मजबूत करने का संकल्प – Ballia News




विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अजय साहनी का गुरुवार को बलिया पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। टीडी कॉलेज चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नारेबाजी की। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय साहनी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली जिम्मेदारी का वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। साहनी ने बताया कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। वे सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी के जनाधार को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। अजय साहनी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। साहनी ने विश्वास जताया कि जिले की सभी विधानसभा सीटों पर वीआईपी पार्टी प्रभावी भूमिका निभाएगी। संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग से पार्टी को नई पहचान दिलाने का प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि जिलाध्यक्ष के रूप में मिली जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है। वे पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे तथा आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। इस अवसर पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अजय साहनी के नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में वीआईपी पार्टी बलिया में संगठनात्मक रूप से और अधिक मजबूत होगी। कार्यकर्ताओं ने आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। स्वागत कार्यक्रम में पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



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दिल्ली में ‘Waste to Wealth’ को मिली नई रफ्तार: MCD और ऑयल इंडिया के बीच MoU, 800 TPD क्षमता के लगेंगे दो बायो-गैस प्लांट – New Delhi News




दिल्ली सरकार ने ‘कचरे से कंचन’ और प्रदूषण मुक्त राजधानी के अपने विज़न की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम और देश की दिग्गज ऊर्जा कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दिल्ली के तेहखंड और ओखला क्षेत्र में कुल 800 TPD (टन प्रतिदिन) क्षमता वाले आधुनिक कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे। कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगी नई दिशा मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुए इस MoU का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले गीले कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण करना है। इन बायो-गैस प्लांट्स के चालू होने से न केवल गीले कचरे की प्रोसेसिंग सुगम होगी, बल्कि दिल्ली को एक ग्रीन और क्लीन एनर्जी (सीबीजी) का स्रोत भी मिलेगा। तेहखंड और ओखला में स्थापित होने वाले संयंत्रों की कुल क्षमता 800 TPD (टन प्रतिदिन) होगी। बायो-गैस प्लांट्स के निर्माण से कूड़े के पहाड़ों को हटाने और उनके आकार को तेज़ी से कम करने के अभियान को एक बड़ी गति मिलेगी। गीले कचरे से बायो-गैस बनने के कारण हवा में फैलने वाली दुर्गंध और मीथेन गैस के उत्सर्जन पर लगाम लगेगी। कचरे से तैयार होने वाली कंप्रेस्ड बायो-गैस का उपयोग वाहनों और उद्योगों में स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जा सकेगा, जिससे पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी। दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने की प्रतिबद्धता इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल दिल्ली के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को कूड़े के ढेरों से मुक्ति दिलाना और राजधानी के नागरिकों को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। एमसीडी और ऑयल इंडिया का यह संयुक्त प्रयास न केवल कचरा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने में मददगार होगा, बल्कि यह सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा देगा।



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ग्वालियर में प्रेम विवाह के बाद बदली नीयत: 8 महीने की गर्भवती पत्नी को दहेज के लिए घर से निकाला, 10 लाख और बुलेट की मांग – Gwalior News




ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम विवाह के बाद आठ महीने की गर्भवती महिला को कथित रूप से पति, सास और ससुर ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर के सुरेश नगर निवासी 24 वर्षीय तनु शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसने दिसंबर 2025 में कृष्णा शर्मा से दिल्ली के एक मंदिर में प्रेम विवाह किया था। इसके बाद दोनों दिल्ली में साथ रहने लगे। मार्च 2026 में वह मायके आई और 29 अप्रैल को दोनों ने आर्य समाज में दोबारा विधिवत विवाह कर उसका पंजीकरण भी कराया। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद जब वह दर्पण कॉलोनी स्थित ससुराल ‘कृष्णाकुटी’ पहुंची तो सास आशा शर्मा और ससुर नरेंद्र शर्मा ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। उन्होंने ताना दिया कि शादी में मायके पक्ष ने कुछ नहीं दिया। पति ने कहा- अपने साथ नहीं रखेगा इसके बाद 10 लाख रुपए नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल लाने की मांग की गई। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। तनु ने पुलिस को बताया कि वह वर्तमान में आठ महीने की गर्भवती है। उसने कई बार पति कृष्णा शर्मा से अपने साथ रखने और होने वाले बच्चे का खर्च उठाने की बात कही, लेकिन पति ने भी दहेज की मांग दोहराते हुए साथ रखने से इनकार कर दिया। आरोप है कि पति ने कहा कि जब तक मायके से 10 लाख रुपए और बुलेट नहीं मिलेगी, तब तक वह उसे अपने साथ नहीं रखेगा। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता थाटीपुर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति कृष्णा शर्मा, सास आशा शर्मा और ससुर नरेंद्र शर्मा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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अमेरिका में इमिग्रेशन को लेकर नया बिल पेश: भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों प्रवासियों को हो सकता है फायदा




अमेरिका में डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पडिला ने एक नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत सात साल से लगातार अमेरिका में रह रहे प्रवासी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावित कानून से भारतीय H-1B वीजाधारकों समेत लाखों लोगों को फायदा मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, रिपब्लिकन विरोध के कारण इसके पारित होने की राह आसान नहीं मानी जा रही है। क्या है प्रस्तावित विधेयक रिन्यूइंग इमिग्रेशन प्रोविजंस ऑफ द इमिग्रेशन एक्ट 1929 नाम के इस विधेयक के तहत ऐसे प्रवासी जो कम से कम सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे हैं, ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आवेदक का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए और उसे ग्रीन कार्ड की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। भारतीय H-1B वीजाधारकों के लिए क्यों अहम है प्रस्ताव यह प्रस्ताव भारतीय पेशेवरों के लिए खास महत्व रखता है, क्योंकि अमेरिका में H-1B वीजा धारकों का बड़ा हिस्सा भारतीयों का है। रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर लागू देशवार वार्षिक सीमा (Per-Country Cap) के कारण उन्हें स्थायी निवास के लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो सात वर्ष से लगातार अमेरिका में रह रहे पात्र H-1B वीजाधारकों को ग्रीन कार्ड पाने का एक वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। इससे वे लोग भी लाभान्वित हो सकते हैं, जो वर्षों से अस्थायी वर्क वीजा का नवीनीकरण कराते हुए रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, लंबे समय से वीजा पर रह रहे लोगों के 21 वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों, ड्रीमर्स (Dreamers), टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (TPS) धारकों, आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों और अन्य उच्च कौशल वाले पेशेवरों को भी इस प्रस्ताव से राहत मिल सकती है। सीनेटर एलेक्स पडिला के कार्यालय के अनुसार, इस विधेयक से 80 लाख से अधिक लोगों को फायदा हो सकता है। कानून में क्या बदलाव होगा विधेयक इमिग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट के सेक्शन 249 (रजिस्ट्री) में संशोधन का प्रस्ताव देता है। वर्तमान में इस प्रावधान का लाभ केवल उन लोगों को मिल सकता है जो 1 जनवरी 1972 से पहले अमेरिका में रह रहे हों। नया प्रस्ताव इस निश्चित तारीख को हटाकर सात साल के निरंतर निवास की शर्त लागू करेगा। कानून बनने के 60 दिन बाद यह व्यवस्था प्रभावी होगी। राजनीतिक समर्थन, लेकिन राह आसान नहीं इस विधेयक का नेतृत्व सीनेटर एलेक्स पडिला के साथ सीनेट के डेमोक्रेटिक व्हिप डिक डर्बिन कर रहे हैं। इसे 14 डेमोक्रेटिक सीनेटरों का समर्थन प्राप्त है, जबकि प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में इसी तरह का विधेयक सांसद जोई लोफग्रेन ने पेश किया है। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के विरोध के कारण इसके कानून बनने की राह फिलहाल चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।



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सावन में मीठा खाने का मन है? ट्राई करें ड्राई फ्रूट लड्डू की आसान रेसिपी!


Sawan Special Recipe: सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही कई लोग व्रत रखते हैं और इस दौरान हल्का, सात्विक और संतुलित भोजन करना पसंद करते हैं. अगर व्रत के दौरान आपका कुछ मीठा खाने का मन करे, तो बाज़ार की मिठाइयों के बजाय ड्राई फ्रूट के लड्डू एक बेहतरीन विकल्प हैं। ये न सिर्फ़ स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनमें भरपूर एनर्जी भी होती है. इनमें इस्तेमाल होने वाले नट्स और ड्राई फ्रूट्स शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व देते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। इन्हें घर पर बनाने की एक आसान रेसिपी यहां दी गई है…

सामग्री
½ कप बादाम, ½ कप काजू, ¼ कप अखरोट, ¼ कप पिस्ता, 10-12 खजूर, 2 बड़े चम्मच देसी घी, ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच सूखा नारियल.

बनाने का तरीका

सबसे पहले, बादाम, काजू, अखरोट और पिस्ते को धीमी आंच पर 3-4 मिनट तक हल्का भून लें. इससे इनका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं. इन्हें ठंडा होने दें और फिर मिक्सर में दरदरा पीस लें.

इसके बाद, खजूर को मिक्सर में पीसकर एक मुलायम पेस्ट बना लें. एक पैन में थोड़ा घी गरम करें और खजूर के पेस्ट को 2-3 मिनट तक भूनें. फिर, इसमें पिसे हुए ड्राई फ्रूट्स, इलायची पाउडर और कद्दूकस किया हुआ नारियल अच्छी तरह मिला लें.

जब मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए, तो अपनी हथेलियों पर थोड़ा घी लगाएं और मिश्रण से अपनी पसंद के आकार के लड्डू बना लें. आप इन्हें कटे हुए पिस्ते या बादाम से सजा भी सकते हैं.

क्यों हैं ये हेल्दी?
खजूर में प्रोटीन, फ़ाइबर और कई ज़रूरी विटामिन होते हैं. ये कुदरती तौर पर मीठे होते हैं, इसलिए इनमें अलग से चीनी मिलाने की ज़रूरत नहीं पड़ती. इस वजह से ये पारंपरिक मिठाइयों का एक बेहतर विकल्प हैं. हालांकि, इनमें चीनी की मात्रा ज़्यादा होती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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जहानाबाद में छात्र संगठनों ने मनाया संकल्प दिवस: NEET पेपर लीक मामले में कार्रवाई और गिरफ्तार छात्रों की रिहाई की मांग – Jehanabad News




जहानाबाद में बुधवार को आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के बैनर तले ‘संकल्प दिवस’ मनाया गया। इस दौरान छात्र संगठनों ने एक संकल्प यात्रा निकाली, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में सुधार, नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहाई की मांग की गई। यह यात्रा माले कार्यालय से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अरवल मोड़ पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-युवा और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। आश्वासन अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया – RYA यात्रा के समापन पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए के जिला संयोजक धनंजय कुमार ने कहा कि सरकार ने पहले छात्र आंदोलन में शामिल सभी छात्रों को बिना शर्त रिहा करने की घोषणा की थी। हालांकि, उनका आरोप है कि यह आश्वासन अब तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है और कई जिलों में छात्र आज भी जेल में बंद हैं। धनंजय कुमार ने यह भी बताया कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर संगठन ने जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। व्यापक सुधार के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उन्होंने जोर दिया कि केवल एक व्यक्ति के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि नीट पेपर लीक मामले में संलिप्त अन्य सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने सरकार से तत्काल सभी गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त रिहा करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करेगा। इस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग भी उठाई गई।



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16GB रैम के साथ लॉन्च होगा Redmi K100 Pro? गीकबेंच लिस्टिंग में कई फीचर्स आए सामने


Redmi जल्द ही K सीरीज के अगले फ्लैगशिप फोन को लॉन्च करने के लिए तैयार है। Xiaomi के सब ब्रांड का यह फोन हाल ही में सर्टिफिकेशन वेबसाइट गीकबेंच पर लिस्ट किया गया है। लिस्टिंग में फोन के रैम और चिपसेट की डिटेल्स सामने आई है। चीनी कंपनी ने जुलाई की शुरुआत में ही इस सीरीज में K90 Ultra को घरेलू मार्केट में लॉन्च किया है। यह K90 सीरीज का अब तक लॉन्च हुआ सबसे तगड़ा फोन है।

गीकबेंच पर हुआ लिस्ट

Redmi अब K100 Pro स्मार्टफोन पर काम कर रहा है। इस फोन को गीकबेंच लिस्टिंग में देखा गया है। लिस्टिंग में फोन का मॉडल नंबर M511CD है। लिस्टिंग के मुताबिक, फोन में QTI SM8850 यानी Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा फोन में 14.73GB यानी 16GB रैम दिया जा सकता है। गीकबेंच पर रेडमी के इस फोन को सिंगल कोर में 3,429 और मल्टीकोर में 10,671 का स्कोर मिला है।

Redmi K100 Pro के नाम से होगा लॉन्च

रिपोर्ट के मुताबिक, Redmi K100 सीरीज में कंपनी तीन मॉडल लॉन्च कर सकती है। रेडमी के इस फोन में Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 मिलेगा। पिछले दिनों लॉन्च हुए Redmi K90 Ultra के फीचर्स की बात करें तो यह रेडमी का अब तक लॉन्च हुआ सबसे तगड़ा फोन है। रेडमी के इस फ्लैगशिप फोन में 6.83 इंच का 1.5K M10 AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 165Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन के डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 3500 निट्स तक की है। फोन IP66, IP68 और IP69 रेटेड है।

Redmi K90 Ultra में Qualcomm Snapdragon 8 Elite चिपसेट दिया गया है। फोन के साथ D2 डेडिकेटेड ग्राफिक्स चिप मिलेगा। साथ ही, यह 16GB तक रैम और 512GB तक स्टोरेज के साथ आता है। फोन में सिक्योरिटी के लिए 3D अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है। 

रेडमी का यह फोन 8550mAh की बैटरी के साथ आता है। इसमें 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है। कैमरे की बात करें तो इस फोन के बैक में 50MP का मेन OIS और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 20MP का कैमरा दिया गया है।

Redmi K90 Ultra की कीमत

K90 Ultra चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB, 16GB RAM + 256GB, 12GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 512GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 2999 यानी लगभग 41,790 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट CNY 3699 यानी लगभग 51,535 रुपये में आता है।

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उदयपुर में ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर भागे चोर, VIDEO: बिजली डीपी से तेल चोरी करने गए थे, दो बाइक से पहुंचे थे 6 बदमाश – Udaipur News




उदयपुर में देर रात बिजली की चालू डीपी में से तेल चोरी करने आए बदमाश ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर भाग गए। 6 चोर दो बाइकों पर सवार होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों की सतर्कता के चलते उन्हें मौके से भागना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बदमाश ग्रामीणों के चंगुल से बचकर भागते हुए दिखाई दे रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। घटना डबोका थाना क्षेत्र के दरौली गांव में बुधवार देर रात करीब 1 बजे की है, जहां दो बाइक पर सवार होकर आए 6 बदमाशों ने बिजली की चालू डीपी में से लाइट काटकर तेल चोरी करने लग गए। एक डीपी में से तेल चोरी करने में सफल रहे, लेकिन दूसरी डीपी में से तेल चोरी करने वाले थे। करीब आधा घंटे तक लाइट नहीं आने पर ग्रामीण डीपी के पास पहुंचे, तो चोरों ने ग्रामीणों को दूर से ही देख लिया और भागने लगे। ग्रामीणों ने चोरों की पकड़ने की कोशिश की लेकिन चोर भाग निकलने में कामयाब रहे। चोर अपने साथ लेकर आए पाने, पिलास, रस्सी सहित अन्य लोहे के औजार वहीं पर छोड़ गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सामानों को जब्त कर लिया और जांच में जुट गई। इधर, पूरी रात बिजली गुल रहने से ग्रामीण परेशान होते रहे। सुबह बिजली विभाग के कर्मचारी पहुंचे और डीपी रिपेयर का काम शुरू किया। ग्रामीण पकड़ने दौड़े तो बचकर भागे चोर क्षेत्रवासी रवि सेन और लोकेश पटेल ने बताया कि दरोली गांव में तंबोलियों के मोहल्ले में बीती रात करीब 1 बजे लाइट गुल हो गई। हम गर्मी से परेशान हो रहे थे। आधे घंटे तक लाइट नहीं आई तो हम दो-तीन लोग डीपी चेक करने गए थे। तभी दूर से हमारी आवाज सुनकर डीपी के पास खड़े चोर सतर्क हो गए और बाइक स्टार्ट कर भागने लगे। हमने तुरंत दौड़कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे हाथ छुड़ाकर भाग गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। शिकायत के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।



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नीली नहीं, हॉकी वर्ल्ड कप में अब भगवा जर्सी में नजर आएंगी भारतीय टीमें


हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पेज पर नयी जर्सी का अनावरण करते हुए कहा कि जर्सी का डिजाइन और रंग एक कहानी बताने और भारत का गौरव दिखाने के लिये है। हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है।

भारतीय पुरूष और महिला हॉकी टीमें अगले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले एफआईएच वर्ल्ड कप में पारंपरिक नीली जर्सी नहीं बल्कि भगवा रंग की जर्सी पहनेगी। इस फैसले पर हालांकि पूर्व कप्तान वीरेन रासकिन्हा ने सवाल उठाया है। हॉकी इंडिया ने अपने सोशल मीडिया पेज पर नयी जर्सी का अनावरण करते हुए कहा कि जर्सी का डिजाइन और रंग एक कहानी बताने और भारत का गौरव दिखाने के लिये है। हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग साहस, बलिदान और जीत का प्रतीक है। वर्ल्ड कप 15 से 30 अगस्त के बीच खेला जायेगा।

हॉकी इंडिया ने अपनी रिलीज में लिखा, ‘हम आपको बताना चाहते हैं कि यूनिफॉर्म का रंग बदलने का फैसला सपोर्ट स्टाफ और खिलाड़ियों की सलाह और उनके साथ डिटेल में बातचीत के आधार पर लिया गया था। सबसे पहली बात टेक्निकल थी। यह देखा गया कि नीली खेलने वाली यूनिफॉर्म, नीले सिंथेटिक खेलने वाले मैदान के साथ मिल जाती थी, जो अब इंटरनेशनल हॉकी पिचों का स्टैंडर्ड रंग है। इस दिखने में एक जैसी होने की वजह से खिलाड़ियों के लिए मैदान पर साफ-सफाई और विजिबिलिटी पर असर पड़ा।

इस बात को ध्यान में रखते हुए, कोच और खिलाड़ियों ने पीले या केसरिया जैसे दूसरे रंगों का सुझाव दिया। ध्यान से सोचने के बाद, केसरिया को फाइनल किया गया। टेक्निकल जरूरतों को पूरा करने के अलावा, केसरिया हमारे नेशनल फ़्लैग के रंगों में से एक होने के नाते भी बहुत अहमियत रखता है, जो हिम्मत, कुर्बानी और देश के गर्व की निशानी है।

यह भी ध्यान दें कि भारतीय हॉकी में जर्सी के रंग में बदलाव कोई नई बात नहीं है। समय-समय पर, नेशनल टीम की खेलने वाली किट का रंग काम और दूसरी ज़रूरतों के हिसाब से बदला गया है। जैसे, 2014 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान, टीम की जर्सी का रंग बदलकर पीला कर दिया गया था और 2018 FIH हॉकी वर्ल्ड कप के दौरान रंग बदलकर आसमानी नीला कर दिया गया था, जिसका डिज़ाइन बिल्कुल अलग था।

केसरिया रंग में मौजूदा बदलाव कोच और खिलाड़ियों से मिले टेक्निकल फीडबैक और हमारे नेशनल फ्लैग का हिस्सा होने के कारण इस रंग से जुड़ी सिंबॉलिक वैल्यू, दोनों को ध्यान में रखकर किया गया है।’

जर्सी पर ‘मंडाला’ कला से प्रेरित पैटर्न हैं जो भारत की सांस्कृतिक विरासत दर्शाते हैं । हॉकी इंडिया ने कहा कि इस पर गहरा नेवी ब्लू रंक अशोक चक्र से प्रेरित है जो प्रगति, शांति और फोकस का प्रतीक है ।

हॉकी इंडिया ने कहा कि छाती पर बना ग्राफिक सुदर्शन चक्र का एक आधुनिक रूप है, जो “ताकत, एकता और गति” का प्रतीक है।

कंधों और बाजुओं पर तिरंगे की पाइपिंग है जो राष्ट्रीय गौरव की द्योतक है ।

जर्सी के आगे के हिस्से पर देवनागरी लिपि में ‘इंडिया’ लिखा है जो भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है ।

हॉकी इंडिया ने कहा ,” नयी जर्सी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना की परिचायक है।”

भारतीय टीम के पास भगवा के साथ इसी तरह की सफेद जर्सी भी होगी।

पूर्व कप्तान रासकिन्हा ने हालांकि जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर सवाल किया था। उन्होंने एक्स पर लिखा ,” हॉकी इंडिया ने खेल के लिये बहुत कुछ किया है लेकिन यह निराशाजनक है। भारतीय टीम की विरासत और पहचान नीला रंग रही है। मैंने कई साल तक गर्व से नीली जर्सी पहनी है। प्रशंसक हमारी टीम को नीले रंग में देखना चाहते हैं। यह भगवा का क्या तुक है।”

ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट के सीईओ ने कहा, ‘’मेरा सरल और सीधा प्रश्न अपने गर्व, पहचान और विरासत से जुड़ा है।”

हॉकी इंडिया ने हालांकि इस फैसले का बचाव किया और एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा ,”इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। भगवा जर्सी होने में क्या खराबी है। यह हमारे तिरंगे का एक रंग है और परिवर्तन तो होते रहना चाहिये।”



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