मुजफ्फरनगर में सिविल लाइन थाना पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी बदमाश सतपाल उर्फ सत्तू को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी केवल किशोरी अपहरण का आरोपी नहीं, बल्कि नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने वाला शातिर अपराधी है। पूछताछ में सामने आया कि वह लुधियाना जेल से फरार होने के बाद उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नाबालिगों के अपहरण और दुष्कर्म जैसी वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस के अनुसार 19 जून को सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देश पर 10 विशेष टीमें गठित की गईं। आरोपी की तलाश में करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके अलावा टोल प्लाजा और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची। चेकिंग के दौरान पुलिस पर की फायरिंग सोमवार देर रात करीब 11:25 बजे रुड़की रोड स्थित बामनहेड़ी क्षेत्र में पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध ओरा कार दिखाई दी। पुलिस ने वाहन रोकने का प्रयास किया तो आरोपी कार लेकर भाग निकला। घेराबंदी होने पर उसने कार छोड़ दी और पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। बदमाश की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि पुलिस का एक वाहन भी गोलियों की चपेट में आ गया। जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें सतपाल उर्फ सत्तू के पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, कारतूस, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, वारदात में प्रयुक्त ओरा कार और अपहृत किशोरी की सोने की बालियां बरामद की गईं। 15 साल जेल में रहा, फरवरी में हुआ था फरार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह मूल रूप से चंडीगढ़ का रहने वाला है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, दुष्कर्म समेत करीब दो दर्जन संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह करीब 15 वर्ष जेल में रह चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि सतपाल कुख्यात माफिया सरगना छोटा राजन गैंग का शातिर शूटर रह चुका है। फरवरी 2026 में वह लुधियाना जेल से फरार हो गया था, जिसके बाद लगातार विभिन्न राज्यों में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा। घायल पुलिसकर्मियों का हाल जानने पहुंचे एसपी सिटी मुठभेड़ में घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं घायल दोनों पुलिसकर्मियों का इलाज चल रहा है। एसपी सिटी अमृत जैन ने अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल लिया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस आरोपी के आपराधिक नेटवर्क और उसके सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
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मुजफ्फरनगर में 25 हजार का इनामी बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार: नाबालिगों को बनाता था शिकार, छोटा राजन गैंग से भी जुड़ा रहा; फायरिंग में दो सिपाही घायल – Muzaffarnagar News
भोजपुर में बेगूसराय के टाइल्स मिस्त्री की मौत: काम करने के दौरान लगा करंट, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम – Bhojpur News
भोजपुर में बेगूसराय जिला के रहने वाले टाइल्स मिस्त्री की मौत हो गई। करंट की चपेट में आने से हादसा हुआ है। मृतक की पहचान हसनपुर के महुली वार्ड-12 निवासी धर्मेंद्र यादव(35) के तौर पर हुई है। पिछले 10 साल से टाउन थाना के पास किराए के मकान में रह रहे थे। मृतक की पत्नी तेतरी देवी ने बताया कि रोज की तरह सोमवार को काम के लिए गए थे। इलेक्ट्रिक मशीन से मार्बल की घिसाई कर रहे थे। इस दौरान करंट में चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक आठ भाई-बहन में छठे स्थान पर था। परिवार में पत्नी तेतरी देवी, दो पुत्र शिवम कुमार और शिव कुमार है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। पत्नी, बच्चों और परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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सतना CMHO और प्रशासनिक अधिकारी को नोटिस: महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता भर्ती विवाद में हाईकोर्ट पहुंची थी फरियादी – Satna News
महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (एएनएम) भर्ती परीक्षा-2023 से जुड़े विवाद में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एलके तिवारी तथा प्रशासनिक अधिकारी एवं विभागीय छननी समिति के अध्यक्ष साविन्द्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दोनों अधिकारियों पर अभ्यर्थी नाहिदा खातून के दस्तावेजों के परीक्षण और नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। संचालनालय ने 18 जून को अलग-अलग नोटिस जारी कर दोनों अधिकारियों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है। यह मामला नवंबर 2024 का है, जब महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता समूह-5 भर्ती परीक्षा के चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के परीक्षण के लिए जिला स्तर पर विभागीय छननी समिति गठित की गई थी। समिति का दायित्व अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों की जांच कर उनकी नियुक्ति के लिए पात्रता सुनिश्चित करना था। आरोप है कि अभ्यर्थी नाहिदा खातून के दस्तावेजों का निर्धारित मानकों के अनुरूप सूक्ष्म परीक्षण नहीं किया गया। बाद में समिति ने उन्हें अपात्र घोषित कर दिया, जिसके कारण वे नियुक्ति से वंचित रह गईं। इसके बाद उन्होंने न्याय के लिए हाईकोर्ट, जबलपुर का रुख किया। संचालनालय ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि दस्तावेजों का परीक्षण नियमानुसार और गंभीरता से किया गया होता, तो अभ्यर्थी की पात्रता अथवा अपात्रता का निर्णय प्रारंभिक स्तर पर ही हो जाता। इससे न तो विवाद उत्पन्न होता और न ही मामला न्यायालय तक पहुंचता। विभाग का मानना है कि संबंधित अधिकारियों ने अपने दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित सावधानी नहीं बरती, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई और विभाग को न्यायालयीन कार्यवाही का सामना करना पड़ा। दोनों अधिकारियों पर अलग-अलग कार्रवाई की प्रक्रिया तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. एल.के. तिवारी, जो वर्तमान में संविलियन पद पर कार्यरत हैं, को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के तहत नोटिस जारी किया गया है। वहीं प्रशासनिक अधिकारी साविन्द्र सिंह के विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। तीन दिन में मांगा जवाब दोनों अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, रीवा के माध्यम से अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर यह माना जाएगा कि संबंधित अधिकारियों को अपने पक्ष में कुछ नहीं कहना है और उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल इस कार्रवाई ने एक बार फिर जिला स्तर पर भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेज सत्यापन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि चयन प्रक्रियाओं में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े विवाद और न्यायालयीन मामलों का कारण बन सकती है। इसलिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
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’50 दिन के पिकनिक जैसा है’, मनोज बाजपेयी मेगा बजट की फिल्मों से क्यों रहते हैं दूर?
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मनोज बाजपेयी उन कलाकारों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने करियर में कभी खुद को एक तरह के किरदार या सिनेमा तक सीमित नहीं रखा. गैंगस्टर से लेकर पुलिस अफसर, आम आदमी से लेकर खलनायक तक, उन्होंने हर तरह के रोल निभाए हैं. लेकिन पिछले कुछ वर्षों में एक बात साफ नजर आई है कि जहां कई अभिनेता बड़े बजट और मसाला फिल्मों की ओर बढ़ रहे हैं. वहीं मनोज बाजपेयी लगातार कंटेंट आधारित और इंडिपेंडेंट फिल्मों को प्राथमिकता दे रहे हैं.
नई दिल्ली. इन दिनों बॉलीवुड में बड़े बजट की फिल्मों की होड़ है. हर एक्टर बड़े बैनर की भारी-भरकम बजट में बनी फिल्में साइन करना चाहता है, लेकिन मनोज बाजपेयी इस रेस से बाहर हैं. पिछले काफी समय से एक्टर बिग बजट फिल्मों से दूर इंडिपेंडेंट मेकर्स की फिल्मों का रुख कर रहे हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

अब अभिनेता ने खुद बताया है कि आखिर इसकी वजह क्या है. हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी तब मिलती है, जब वह ऐसे किरदार निभाते हैं जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाएं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

मनोज बजपेयी कहते हैं कि वो हर फिल्म इस उम्मीद से करना चाहते हैं कि जब वो पर्दे पर आएं तो हर कोई बस देखते रह जाए. उनके मुताबिक, अभिनय का असली मजा तभी आता है, जब वह किसी किरदार में पूरी तरह खो जाएं और दर्शकों को कुछ ऐसा देखने को मिले, जिसकी उन्होंने उनसे उम्मीद न की हो. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)
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अभिनेता ने कहा कि यही वजह है कि वह अक्सर इंडिपेंडेंट और मिडिल-ऑफ-द-रोड सिनेमा की तरफ खिंचे चले जाते हैं. उनके लिए यह सिर्फ फिल्में करने का मामला नहीं है, बल्कि एक कलाकार के तौर पर खुद को चुनौती देने का तरीका भी है. उन्होंने माना कि ऐसे किरदार निभाने से उन्हें एक अलग तरह की संतुष्टि और उत्साह मिलता है.(फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

मनोज बाजपेयी ने यह भी स्वीकार किया कि बड़े बजट की फिल्मों का आकर्षण उन्हें भी महसूस होता है. उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कई बार उन्हें लगता है कि क्यों न ऐसी फिल्म कर ली जाए, जहां ज्यादा तनाव न हो, आरामदायक वैनिटी वैन मिले, मनपसंद चीजें खाने को मिलें और 40-50 दिन का काम किसी पिकनिक जैसा महसूस हो. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

उनका कहना था कि बड़े प्रोजेक्ट्स में काम करने का अपना अलग आनंद होता है और यह कहना गलत होगा कि उन्हें कभी ऐसा करने का मन नहीं करता. लेकिन अभिनेता ने साफ किया कि मेहनत करना उनकी आदत और स्वभाव का हिस्सा है. चाहे फिल्म किसी भी स्तर की हो, कैमरे के सामने आने पर वह अपना सौ फीसदी देने की कोशिश करते हैं.(फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

उन्होंने कहा कि वर्षों तक गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने के कारण अब कभी-कभी थकान महसूस होती है, इसलिए बड़े प्रोजेक्ट्स का आकर्षण स्वाभाविक है. मनोज बाजपेयी ने यह भी माना कि कई बार उनके मन में आता है कि एक हल्की-फुल्की कमर्शियल फिल्म की जाए, जिसमें दर्शक भी मनोरंजन करें और उन्हें भी काम का आनंद मिले. अगर फिल्म हिट हो गई तो अच्छी बात है और अगर नहीं चली, तो दर्शक उन्हें माफ भी कर देंगे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)

मनोज बाजपेयी ने साफ किया कि आज भी इंडिपेंडेंट फिल्में ही उनका पहला प्यार हैं. वो चैलेंजिंग रोल्स करना चाहते हैं लेकिन खुदको किसी एक दायरे में बांधकर भी नहीं रखना चाहते हैं. हाल ही में मनोज बाजपेयी ‘गवर्नर’ में दिखे थे. (फोटो साभार इंस्टाग्राम bajpayee.manoj)
बारिश में बनाएं चने की दाल का हलवा, स्वाद ऐसा कि भूल जाएंगे महंगी मिठाइयां
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Chana Dal Halwa Recipe: मानसून की दस्तक के साथ अगर कुछ मीठा और पौष्टिक खाने का मन हो तो चने की दाल का हलवा बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. भीलवाड़ा की दीपिका के अनुसार, यह पारंपरिक मिठाई कम सामग्री और कम समय में आसानी से तैयार की जा सकती है. चने की दाल, देसी घी, दूध, चीनी और सूखे मेवों से बनने वाला यह हलवा स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है. इसमें मौजूद प्रोटीन, फाइबर और आयरन शरीर को ऊर्जा देने और पोषण पहुंचाने में मदद करते हैं. यही कारण है कि यह हलवा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है.
भीलवाड़ा. आमतौर पर आपने कई प्रकार के हलवों का स्वाद जरूर लिया होगा. प्री-मानसून की बारिश के साथ अब धीरे-धीरे मानसून का सीजन भी शुरू होने वाला है. ऐसे में बारिश और हल्की ठंडक के मौसम में कुछ मीठा और पौष्टिक खाने का मन हो तो चने की दाल का हलवा एक बेहतरीन विकल्प है. यह राजस्थान के कई हिस्सों में बड़े चाव से बनाया जाता है. चने की दाल में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि यह हलवा स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ऊर्जा देने वाला भी माना जाता है. इसे घर में आसानी से कम सामग्री के साथ तैयार किया जा सकता है. इस हलवे को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसे कोई भी आसानी से तैयार कर सकता है.
ऐसे बनाएं चने की दाल का हलवा
चने की दाल का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कप चने की दाल को 4 से 5 घंटे तक पानी में भिगो दें. इसके बाद दाल का पानी निकालकर उसे दरदरा पीस लें. अब एक कड़ाही में 4 से 5 चम्मच देसी घी गर्म करें और उसमें पिसी हुई दाल डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सुनहरा होने तक भूनें. जब दाल से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का भूरा हो जाए, तब इसमें स्वादानुसार चीनी और एक कप गर्म दूध या पानी डालें. आखिर में इलायची पाउडर, कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डालकर कुछ मिनट तक पकाएं. तैयार है स्वादिष्ट चने की दाल का हलवा.
सेहत के लिए भी है फायदेमंद
यह हलवा सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. चने की दाल में मौजूद प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, जबकि फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक होता है. इसमें मौजूद आयरन शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है. देसी घी शरीर को ऊर्जा देता है और सूखे मेवे इसमें अतिरिक्त पोषण जोड़ते हैं. हालांकि, इसे संतुलित मात्रा में ही खाना चाहिए, खासकर उन लोगों को जो मधुमेह या वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं.
About the Author
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
ट्रम्प बोले- ईरान परमाणु ठिकानों की जांच कराने को तैयार: इससे भरोसा बनेगा; ईरान का इनकार, कहा- एटमी मुद्दे पर कोई नई सहमति नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए तैयार हो गया है। ट्रम्प के मुताबिक, इससे दुनिया को लंबे समय तक भरोसा रहेगा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम हथियार बनाने के लिए नहीं है। इसके तहत संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी IAEA के अधिकारी फिर से ईरान में तैनात किए जा सकते हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के इस दावे को खारिज किया है। सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि IAEA के साथ सहयोग पहले से तय नियमों के तहत जारी रहेगा। ईरान ने कोई नया वादा नहीं किया है। स्विट्जरलैंड में करीब 18 घंटे चली बातचीत के दौरान परमाणु मुद्दे पर कोई नई सहमति नहीं बनी। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई हालिया वार्ता के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल पर लगी कुछ पाबंदियों में 60 दिन की ढील दी है। वहीं, परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार से जुड़े सबसे कठिन मुद्दों पर बातचीत अभी बाकी है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. PAK पीएम बोले- अमेरिका-ईरान वार्ता सफल: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत सकारात्मक रही। दोनों पक्ष 60 दिन के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ने, हाई लेवल कमेटी बनाने और तकनीकी स्तर की वार्ता जारी रखने पर सहमत हुए। 2. अमेरिका ने ईरान को 60 दिन तेल बेचने की छूट दी: ट्रम्प प्रशासन ने ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन और बिक्री पर 21 अगस्त तक के लिए प्रतिबंधों में ढील दे दी। अमेरिका का कहना है कि यह फैसला होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही जारी रखने पर ईरानी सहमति के बाद लिया गया। 3. ईरान ने कहा- बातचीत के बीच भी सेना पूरी तरह अलर्ट: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी गदीर नेजामी ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत जारी रहने के बावजूद सेना की तैयारियों में कोई कमी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है। 4. होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर बढ़ने लगी: करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर दो टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुके हैं। यह टैंकर किस देश के हैं इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई हैं। हालांकि, जहाजों की संख्या अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है। 5. स्विट्जरलैंड वार्ता के बाद गालिबाफ और अराघची ओमान रवाना: ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका के साथ बातचीत के बाद ओमान पहुंचे हैं। वहां होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन पर चर्चा होगी। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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यूपी में आंधी-बारिश से पेड़-पोल उखड़े, कार पर गिरे: एमपी में बिजली, पंजाब में पेड़ गिरने से 2 मौतें, मानसून 48 घंटे में मुंबई पहुंचेगा
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भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना5 मिनट पहले
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देश में 15 दिन से छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर अटका मानसून सोमवार को आगे बढ़ा है। पश्चिमी तट पर मुंबई से 20 किमी दूर अलीबाग तक पहुंच गया है। अगले 24 से 48 घंटे में मुबंई पहुंच सकता है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में प्री-मानसून बारिश हो रही है।
एमपी के 17 जिलों में सोमवार को बारिश हुई। छतरपुर में बिजली गिरने से दो लड़कियां झुलस गईं। इनमें से एक की अस्पताल में मौत हो गई।
उत्तर प्रदेश के 6 शहरों में सोमवार दोपहर बाद बारिश हुई। बस्ती में आंधी-बारिश की वजह से पेड़-पोल उखड़ गए। एक पेड़ कार पर गिरा। सड़क पर पोल गिरने से ट्रैफिक जाम हो गया।
पंजाब के अमृतसर में आंधी से पेड़ गिरने से बच्चे की मौत हो गई। राजस्थान के बीकानेर, जयपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में सोमवार को तेज बारिश हुई। श्रीगंगानगर जिले में बारिश के साथ ओले भी गिरे।
पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून…

उत्तर भारत में मानसून लेट, जुलाई में पहुंचेगा
महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के भी कुछ जिलों में मानसून आगे बढ़ा है। हालांकि, मानसून के ज्यादा तेजी पकड़ने के आसार कम हैं।
मानसूनी हवाएं कमजोर हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश, विदर्भ और उत्तर प्रदेश को मानसून के लिए एक हफ्ता और इंतजार करना पड़ सकता है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब को जुलाई तक इंतजार करना होगा। सोमवार तक देश में सामान्य 106 मिमी की तुलना में सिर्फ 60.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। यानी अभी तक 43% कम बारिश हुई है।
देशभर से मौसम की तस्वीरें…

पंजाब के लुधियाना में बिजली के तारों पर पेड़ गिर गया।

यूपी के बस्ती में आंधी से कार पर पेड़ गिर गया।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। यहां ओले भी गिरे।
8 राज्यों में गर्मी का असर, तापमान 40°C पार
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा और तेलंगाना के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 43.3°C दर्ज किया गया।
वहीं महाराष्ट्र के वर्धा में 43°C, यूपी के बांदा में 41.4°C, तेलंगाना के आदिलाबाद में 41.3°C, गुजरात के गांधीनगर में 41°C, एमपी के खजुराहो 40.6°C, ओडिशा के बौध में 40.2°C और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 40°C रहा।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल
24 जून:
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
- मानसून के कारण ओडिशा, केरलम, कर्नाटक, तेलंगाना, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भारी बारिश होगी।
- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ में हीटवेव रहेगी, विदर्भ के 8 जिलों में रातें भी गर्म होंगी।
- राजस्थान, हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा में प्री-मानसून एक्टिव रहने से आंधी-बारिश हो सकती है।
25 जून:
- असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में लगातार दूसरे दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
- मानसून के कारण सिक्किम, कोंकण-गोवा, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश होगी।
- आंध्र प्रदेश, मराठवाड़ा, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
- मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश और विदर्भ में लगातार तीसरे दिन हीटवेव की चेतावनी जारी की गई है।
राज्यों से मौसम की खबरें…
1. राजस्थान: 19 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, प्री मानसून में सामान्य से 41% ज्यादा बरसात, जयपुर में तापमान 40°C के पार

मौसम विभाग ने 19 जिलों में आज आंधी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इस बार 1 से 21 जून तक राज्य में सामान्य से 41% ज्यादा बरसात हो चुकी है। इस दौरान औसत बारिश 28 मिमी होती है, जबकि इस सीजन में अब तक 39.3 मिमी बरसात हो चुकी है। सोमवार को बीकानेर, जयपुर और बाड़मेर में तापमान 40°C के पार रहा। पूरी खबर पढ़ें…
2. मध्य प्रदेश: 4 जिलों में आज लू का अलर्ट, 30 शहरों में बारिश होगी; राज्य में सामान्य से 52% कम बारिश

राज्य में जबलपुर और मंडला समेत आज 4 जिलों में लू का अलर्ट है। ग्वालियर समेत 30 जिलों में बारिश हो सकती है। वहीं, मानसून के लेट होने से इंदौर और ग्वालियर समेत 48 जिलों में सामान्य से कम बरसात हुई है। 1 जून से अब तक औसत 70.9 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन 34.3 मिमी पानी ही गिरा, जो सामान्य से 52% कम है। पूरी खबर पढ़ें…
3. उत्तर प्रदेश: 39 जिलों में हीटवेव का अलर्ट, प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर, तापमान 43.3°C; मानसून बॉर्डर पर अटका

यूपी में आज 39 जिलों में हीटवेव का अलर्ट है। सोमवार को 43.3°C के साथ प्रयागराज देश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं, सोमवार दोपहर बाद गोरखपुर, बस्ती, मऊ, गाजीपुर और बलिया में बारिश हुई। बस्ती में आंधी-बारिश की वजह से पेड़-पोल उखड़ गए। मानसून पिछले 12 दिनों से यूपी-बिहार बॉर्डर पर रुका हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…
4. बिहार: पटना और गया में गर्मी रहेगी, किशनगंज समेत 4 जिलों में बादल छाए रहेंगे; कैमूर में तापमान 40°C के पार

राज्य के सभी जिलों में मंगलवार को मौसम सामान्य रहेगा। पटना और गया समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में बादल छाए रह सकते हैं। सोमवार को बक्सर-कैमूर में अधिकतम तापमान 40°C के पार है। पूरी खबर पढ़ें…
5. उत्तराखंड: 8 जिलों में बारिश का अलर्ट, 50kmph की रफ्तार से हवाएं चलेंगी; 38.5°C के साथ रुड़की सबसे गर्म

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरकाशी और देहरादून समेत 8 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। इस दौरान 50kmph की रफ्तार से हवाएं भी चलेंगी। वहीं, इससे पहले सोमवार को 6 जिलों में बारिश हुई। वहीं, 38.5°C के साथ रुड़की सबसे गर्म शहर रहा। पूरी खबर पढ़ें…
6. पंजाब: 12 जिलों में बारिश का अलर्ट; चंडीगढ़ में तापमान 3.6°C गिरा, आंधी से पेड़ गिरने के कारण बच्चे की मौत

राज्या में अमृतसर और तरनतारन समेत 12 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। चंडीगढ़ में तेज हवाएं और बादल छाए रहने से तापमान में 3.6°C की गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तापमान बठिंडा में 38.6°C दर्ज किया गया। सोमवार को अमृतसर में आंधी के कारण पेड़ गिरने से बच्चे की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…

लखनऊ के अग्निकांड में कानपुर के दो दोस्त जिंदा जले: संयम को आज दादी की तेहरवीं में आना था, बेटे की मौत से अनजान सूरजभान की मां – Kanpur News
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने शहर के दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गोविंद नगर निवासी 28 वर्षीय संयम विज और बर्रा-सात के 25 वर्षीय सूरजभान सिंह की हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वह एक एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे। एक साथ काम करने की वजह से दोनों बहुत अच्छे दोस्त भी थे। युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोहल्ले के लोग और दोस्त जानकारी मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। वहीं लोग परिवार को सांत्वना देते रहे। इसके साथ ही बर्रा सात निवासी सूरजभान की मौत की खबर परिजनों ने उनकी मां को नहीं दी। गोविंद नगर ब्लाक-11 निवासी संयम विज के परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। महज 10 दिन पहले उनकी दादी का निधन हुआ था और मंगलवार को उनका 17 वां (तेरहवीं) होनी थी। परिवार के लोग उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही मौत की खबर पहुंच गई। संयम के मामा मोनू सेठी ने बताया कि वह दादी के निधन पर घर आया था और तेरहवीं में शामिल होने के लिए मंगलवार को फिर आना था। इससे पहले ही ऐसी खबर आई कि जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। संयम के पिता पुष्पराज का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो गया था, उनका लाटूश रोड में पुली का कारोबार था। पिता की मौत के पांच वर्ष बाद उनकी मां सोनिया ने सीमू देसाई से दूसरी शादी कर ली थी। परिवार में बड़े भाई शुभम हैं, जो गुरुग्राम में नौकरी करते हैं और अपनी पत्नी पलक के साथ वहीं रहते हैं। हादसे की खबर सुनते ही दोनों की परिवारों का रो का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बर्रा-सात निवासी सूरजभान सिंह की मौत ने भी पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सूरजभान के पिता शिवराम का पहले ही निधन हो चुका है। वह नौकरी के सिलसिले में लखनऊ में रहते थे, लेकिन हर शनिवार घर आते और रविवार शाम वापस लौट जाते थे। उनके भतीजे करन ने बताया कि रविवार को ही वह काम पर लखनऊ गए थे लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी अंतिम विदाई साबित होगी। सूरजभान के परिवार में उनकी मां मीरा और छोटा भाई सम्राट हैं। घटना की सूचना मिलते ही सम्राट जो घटना के समय ऋषिकेश गए हुए थे, तुरंत ही कानपुर के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने मां मीरा को सूरजभान के मौत के बारे में नहीं बताया ताकि कहीं उन्हें सदमा न लग जाए। दोनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों के साथ-साथ पड़ोस और परिचित भी गमगीन हैं। दोनों युवकों के परिजनों ने बताया कि वह हंसमुख,जिंदादिल और हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। एक ओर जहां घर में तेरहवीं की तैयारी थी, वहीं अब अंतिम संस्कार की तैयारी ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया है। मंगलवार दोपहर तक पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव उनके घर पहुंचेगे। शादी का चल रही थी तैयारी परिजन ने बताया कि संयम की अच्छी नौकरी कर रहा था। परिजन उनकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। जल्द ही उसकी शादी होने की उम्मीद थी। मगर किसी को इस हादसे की उम्मीद नहीं थी। सेंसर वाला गेट होने के कारण नहीं भाग सका भांजा संयम के मामा सौरभ दुआ ने बताया कि भांजा जिस कॉम्प्लेक्स में काम करता था। वहां सेंसर वाले गेट लगे हुए थे। आग लगने के कारण सेंसर काम नहीं कर रहा था। जिस कारण हादसे के बाद गेट नहीं खुल सका। कई लोग गेट से बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन अंदर दम घुटने के कारण भांजे से कई लोगों की मौत हो गई। अगर कॉम्प्लेक्स में सेंसर वाला गेट नहीं होता या गेट खुल जाता तो इतने लोगों की मौत नहीं होती।
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जेल से छूटते ही फिर शुरू की वाहन चोरी: GPS हटाकर ले गए थे स्कॉर्पियो, 1000 CCTV कैमरों की पड़ताल के बाद वाहन हिस्ट्रीशीटर चोर गिरफ्तार – Jaipur News
जयपुर वेस्ट पुलिस ने वाहन चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह (38) को गिरफ्तार किया है। आरोपी सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले
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डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि चित्रकूट निवासी सयानारायण यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून की रात उनके घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो एस-11 क्लासिक कार अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर एक टाटा अल्ट्रोज कार के साथ वारदात को अंजाम देते दिखाई दिए। चोरों ने वाहन में लगे जीपीएस उपकरण को भी निकाल दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के डाटा का अध्ययन किया। करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह की संलिप्तता के संकेत मिले।
पुलिस ने लगातार दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दीपावली के बाद जेल से छूटा था और इसके बाद अपने साथी अमोल मीणा उर्फ मनोहरी के साथ मिलकर वाहन चोरी की वारदातें करने लगा। आरोपियों ने पहले सांगानेर क्षेत्र से टाटा अल्ट्रोज कार चोरी की और बाद में दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से वाहन चुराए। आरोपी ने चित्रकूट से स्कॉर्पियो चोरी करने और 10 जून को भीलवाड़ा से एक अन्य स्कॉर्पियो चोरी करने की बात भी स्वीकार की है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चित्रकूट क्षेत्र से चोरी हुई स्कॉर्पियो और सांगानेर से चोरी की गई टाटा अल्ट्रोज कार बरामद कर ली है। पुलिस अन्य चोरी के वाहनों की बरामदगी और फरार आरोपी अमोल मीणा की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह के खिलाफ जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, जोधपुर, सवाई माधोपुर सहित विभिन्न जिलों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
महाकाल क्षेत्र में साड़ी बेचते 11 संदिग्ध युवक पकड़े: हिंदूवादी संगठन ने दस्तावेजों और मंदिर परिसर के वीडियो की जांच मांगी – Ujjain News
उज्जैन में महाकाल क्षेत्र से देर रात 11 संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने इन लोगों को चिह्नित कर पुलिस के हवाले किया। इनमें से कुछ को मौके से पकड़कर थाने भेजा गया, जबकि अन्य के संबंध में भी पुलिस को जानकारी दी गई है। संगठन के पदाधिकारी अर्जुन प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पकड़े गए लोगों के पास पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के आधार कार्ड मिले हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिन संदिग्धों को पुलिस को सौंपा था, उनके दस्तावेज भी मुर्शिदाबाद से जुड़े पाए गए थे। सिंह ने सभी मामलों की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल आधार कार्ड के आधार पर नागरिकता मान लेना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, ये लोग शहर में साड़ी बेचने का काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मार्कशीट सहित कई दस्तावेज मिले। संगठन ने इन सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की मांग की है। संगठन ने यह भी दावा किया है कि कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन में महाकाल मंदिर और महाकाल लोक परिसर के वीडियो मिले हैं। इसे लेकर उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि महाकाल क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है और यहां आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन आवश्यक है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ये लोग शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। उन्होंने पुलिस से होटल, उनके ठहरने की व्यवस्था और स्थानीय संपर्कों की भी जांच करने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि उन्हें शहर में किसने ठहराया और वे कब से यहां रह रहे थे। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। कई राज्यों में पहचान और सत्यापन अभियान भी चलाए गए हैं।
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