Saturday, May 16, 2026
Home Blog

नीट पेपर लीक: NTA में केंद्र का ऑपरेशन क्लीनअप, दो नए जॉइंट डायरेक्टर तैनात


होमताजा खबरदेश

नीट पेपर लीक: NTA में केंद्र का ऑपरेशन क्लीनअप, दो नए जॉइंट डायरेक्टर तैनात

Last Updated:

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के वास्ते वर्ष 2026 के लिए नीट-यूजी का आयोजन तीन मई को हुआ था, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों पर इस परीक्षा को गत 12 मई को रद्द कर दिया गया था. सरकार ने सीबीआई को ‘अनियमितताओं’ की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया.

ख़बरें फटाफट

Zoom

सात मई की शाम को पता चला था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक हुए थे. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को मजबूत और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने NTA में दो नए जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इन नियुक्तियों को एजेंसी में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक होने के कारण इस वक्त एनटीए पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

नियुक्त अधिकारियों में 2013 बैच के IRS (इनकम टैक्स) अधिकारी आकाश जैन और 2013 बैच के IA&AS (इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस) अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगढिया शामिल हैं. सरकार का मानना है कि इन दोनों अधिकारियों के अनुभव से NTA की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा सकेगा.

आकाश जैन को लेटरल शिफ्ट के आधार पर NTA में नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल 4 दिसंबर 2029 तक रहेगा. वहीं आदित्य राजेंद्र भोजगढिया की नियुक्ति भी एजेंसी में वित्तीय और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है.

सूत्रों के मुताबिक, हाल के वर्षों में परीक्षा प्रबंधन, पेपर लीक और प्रशासनिक कमियों को लेकर NTA लगातार सवालों के घेरे में रही है. ऐसे में केंद्र सरकार अब एजेंसी के भीतर सख्त आंतरिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने पर जोर दे रही है. माना जा रहा है कि यह कदम NTA में व्यापक सुधार और संस्थागत पुनर्गठन की शुरुआत है.

सरकार का कहना है कि ये नियुक्तियां केवल पद भरने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एजेंसी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की रणनीति का हिस्सा हैं. प्रशासनिक चुनौतियों और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए आने वाले समय में NTA में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

नीट-स्नातक भारत के 551 शहरों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. देश भर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था. एनटीए के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद सात मई की शाम को कथित अनियमितताओं की सूचना प्राप्त हुई. एनटीए ने बताया कि स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए अगली सुबह ही यह सूचना केंद्रीय एजेंसियों को भेज दी गई थी.

About the Author

authorimg

रवि सिंह Special Correspondent

रवि सिंह News 18 India में कार्यरत हैं. पिछले 20 वर्षों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में सक्रिय हैं. उनकी मुख्य रूप से रेलवे,स्वास्थ्य,शिक्षा मंत्रालय,VHP और राजनीतिक गतिविधियों पर पकड़ है. अयोध्या में मंदिर की कवरेज…और पढ़ें



Source link

नकुड़ तहसील में जमीन विवाद को लेकर मारपीट: वकील चेंबर के बाहर दो पक्षों में मारपीट, बेनामा कराने पहुंचे पक्ष का विरोध, पैमाइश की मांग पर बढ़ा विवाद – Saharanpur News




सहारनपुर की नकुड़ तहसील में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर तहसील परिसर में जमकर हंगामा हुआ। वकील चेम्बर के बाहर दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दिनदहाड़े हुई इस घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। शनिवार को एक पक्ष अपने हिस्से की जमीन का बेनामा कराने तहसील पहुंचा था। इसकी भनक दूसरे पक्ष को लग गई, जिसके बाद वह भी तहसील परिसर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन का वास्तविक रकबा कम दिखाया जा रहा है, जबकि विरोधी पक्ष के कब्जे में अधिक भूमि है। उनका कहना था कि पहले जमीन की पैमाइश कराई जाए और उसके बाद ही बिक्री की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। तहसील परिसर में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर लात-घूंसे चले। अचानक हुए हंगामे से मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। मारपीट और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कराया। पुलिस ने गंगोह क्षेत्र के खानपुर गांव के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद तहसील परिसर में कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा।



Source link

शिवहर में मादक पदार्थों की तस्करी पर सख्ती: DM ने अवैध बिक्री रोकने के लिए दिए कड़े निर्देश – Sheohar News




शिवहर में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में समाहरणालय में हुई इस जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (NCORD) समिति की बैठक में नशे के बढ़ते कारोबार और युवाओं पर इसके प्रभाव की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला औषधि निरीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिविल सर्जन और मद्यनिषेध विभाग के अधिकारी मौजूद थे। जिला पदाधिकारी ने ड्रग इंस्पेक्टर को सभी मेडिकल स्टोरों की नियमित और सघन जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। दुकानदारों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने की मांग उन्होंने कहा कि बिना डॉक्टर के पर्चे के प्रतिबंधित और नशीली दवाएं बेचने वाले दुकानदारों पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। पुलिस और मद्यनिषेध विभाग को अपना सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए गए। उन्हें ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा गया जहां मादक पदार्थों की अवैध खरीद-बिक्री की आशंका अधिक है। चिन्हित स्थानों पर त्वरित छापेमारी करने के भी आदेश दिए गए। शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय स्थापित करने का निर्देश युवाओं और छात्रों को नशे की लत से बचाने के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों में विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। डीएम ने सभी अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक में इन निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।



Source link

नूंह में एक्सीडेंट में एमपी के यूट्यूबर की मौत: दोस्तों के साथ जम्मू-कश्मीर जा रहे, बेकाबू होकर कैंटर से टकराई कार, दो घायल – Nuh News




नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई-बड़ौदा एक्सप्रेस-वे पर शनिवार को हुए एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय यूट्यूबर अंकित गायकवाड की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उनके दो दोस्त घायल हुए हैं। हादसा नूंह जिले के सदर थाना फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में गांव कोलगांव के पास चैनल नंबर 78 पर हुआ। मध्य प्रदेश के भोपाल से जम्मू-कश्मीर जा रहे तीन दोस्त टाटा नेक्सॉन कार में सवार थे। उनकी गाड़ी दिल्ली-मुंबई-बड़ौदा एक्सप्रेस-वे पर गांव कोलगांव के पास पहुंची, तभी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक कैंटर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में बैतूल, मध्य प्रदेश निवासी अंकित गायकवाड पुत्र सुरेश गायकवाड की मौके पर ही मौत हो गई। अंकित एक यूट्यूबर थे और सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे। इस हादसे में उनके साथी नवनीत और भूमिका घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर नजर रख रही है। हादसे की सूचना मिलते ही सदर थाना फिरोजपुर झिरका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। मृतक अंकित गायकवाड के शव को पोस्टमार्टम के लिए मांडीखेड़ा अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही को बताया जा रहा है।



Source link

Health Tips: गर्मियों में शरीर को रखे ठंडा, बिना तेल की ये देसी सब्जी बनी लोगों की पहली पसंद


X

गर्मियों में शरीर को रखे ठंडा, बिना तेल की ये देसी सब्जी बनी पहली पसंद!

 

arw img

Famous Recipe: भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच लोग अब ऐसे भोजन की तलाश कर रहे हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ शरीर को ठंडक भी पहुंचाए. ऐसे में बिना तेल की लौकी की सब्जी तेजी से लोगों की पसंद बनती जा रही है. नागौर में कई घरों में यह हल्की और हेल्दी डिश रोजाना की थाली का हिस्सा बन चुकी है. खास बात यह है कि इस सब्जी को बनाने में तेल का इस्तेमाल नहीं होता, फिर भी इसका स्वाद लोगों को खूब पसंद आ रहा है. लौकी में भरपूर पानी, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी गर्मियों में हल्का और कम तेल वाला भोजन खाने की सलाह देते हैं. गृहणी सुनीता कंवर के अनुसार इस सब्जी को बनाने की विधि बेहद आसान है और कम मसालों में तैयार होने के बावजूद इसका स्वाद काफी संतुलित रहता है. धीमी आंच पर पकने से लौकी का प्राकृतिक स्वाद बना रहता है और ऊपर से डाला गया नींबू रस व हरा धनिया इसे और ताजगी भरा बना देता है. फिटनेस पसंद करने वाले लोग, बुजुर्ग और डायबिटीज मरीज भी इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. गर्मियों में यह देसी रेसिपी स्वाद और सेहत दोनों का शानदार मेल बनकर सामने आ रही है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

ट्रम्प के बाद अब पुतिन अगले हफ्ते बीजिंग जाएंगे: राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात करेंगे, न्यूक्लियर डील और यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा संभव




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे के बाद अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी वहां जाएंगे। दोनों देशों ने इसकी पुष्टि कर दी है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक पुतिन 19 से 20 मई के बीच बीजिंग में रहेंगे। वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के न्योते पर वहां जा रहे हैं। यह इस साल पुतिन की पहली विदेश यात्रा होगी। यहां पर वे चीनी राष्ट्रपति से यूक्रेन जंग खत्म करने और परमाणु हथियार नियंत्रण समझौते को लेकर बातचीत कर सकते हैं। इसके अलावा वे चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से अलग मुलाकात करेंगे। इसमें व्यापार और आर्थिक सहयोग पर चर्चा होगी। दरअसल, ट्रम्प ने चीन की यात्रा के बाद कहा था कि अमेरिका, रूस और चीन के बीच संभावित तीन-तरफा न्यूक्लियर हथियार नियंत्रण समझौते का प्रस्ताव रखा है। इस पर तीनों देश बातचीत कर सकते हैं। ट्रम्प ने कहा कि रूस का न्यूक्लियर हथियार भंडार अमेरिका और चीन दोनों के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में यह संभव है कि पुतिन और जिनपिंग के बीच इस मामले पर भी चर्चा होगी। चीनी मीडिया बोली- पुतिन का दौरा ट्रम्प से ज्यादा अहम ट्रम्प के बाद अब पुतिन के दौरे को लेकर जानकारों का कहना है कि लगातार हो रहे ये बड़े दौरे दिखाते हैं कि चीन एक साथ अमेरिका और रूस दोनों के साथ रिश्ते संतुलित रखने की कोशिश कर रहा है, खासकर ऐसे समय में जब यूक्रेन और ईरान से जुड़े मुद्दों पर वैश्विक तनाव बना हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि चीन के पास यह मौका है कि वह एक साथ अमेरिका और रूस दोनों के साथ बातचीत करके अपनी वैश्विक भूमिका को मजबूत दिखाए। हालांकि दोनों दौरों में फर्क भी साफ दिखेगा। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) के मुताबिक जहां ट्रम्प का दौरा ज्यादा औपचारिक और दिखावटी था, वहीं पुतिन का दौरा ज्यादा गंभीर और रणनीतिक मुद्दों पर केंद्रित रहेगा। पुतिन 40 से ज्यादा बार जिनपिंग से मिल चुके रूस के राष्ट्रपति पुतिन अब तक 20 से ज्यादा बार चीन का दौरा कर चुके हैं। दोनों नेता अब तक 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं। पुतिन और जिनपिंग की दोस्ती दुनिया की सबसे मजबूत राजनीतिक साझेदारियों में मानी जाती है। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा रूस की की थी। वहीं पुतिन भी कई बार चीन को अपनी शुरुआती विदेशी यात्राओं में प्राथमिकता देते रहे हैं। दोनों नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे को करीबी दोस्त और रणनीतिक साझेदार बता चुके हैं। क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि लगातार निजी संवाद भी होता रहा है। फरवरी 2026 में हुई वीडियो बैठक में शी जिनपिंग ने पुतिन को चीन आने का न्योता दिया था, जिसे पुतिन ने तुरंत स्वीकार कर लिया। दोनों नेता BRICS, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और एशिया-प्रशांत मंचों पर भी अक्सर साथ नजर आते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के मुकाबले रूस और चीन खुद को मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर के समर्थक के रूप में पेश करते रहे हैं। मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर यानी ऐसी दुनिया, जहां ताकत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई बड़े देशों में बंटी हो। चीन-रूस के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए अमेरिकी प्रभाव को लेकर साझा चिंता के चलते चीन और रूस ने पिछले कुछ सालों में अपने रिश्ते काफी मजबूत किए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, विदेश नीति, कानून व्यवस्था और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर लगातार उच्च स्तरीय बैठकें होती रही हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद चीन और रूस के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है। चीन ने रूस से तेल, कोयला और गैस की खरीद बढ़ाई है। वहीं, चीन रूस को कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी बड़ी वस्तुओं का निर्यात भी कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार 228.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। रूस को इसमें 21.49 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस मिला, जो 2024 के मुकाबले 55% ज्यादा है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस को आर्थिक सहारा दे रहा है। पावर ऑफ साइबेरिया-2 पाइपलाइन पर भी नजर माना जा रहा है कि पुतिन और शी जिनपिंग की आगामी बैठक में इस प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हो सकती है। रूस लंबे समय से ‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह एक बहुत बड़ा गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट है, जिसे रूस और चीन मिलकर बना रहे हैं। इसका मकसद रूस की गैस सीधे चीन तक पहुंचाना है, ताकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पाइपलाइन के जरिए रूस के यामाल प्रायद्वीप से हर साल करीब 50 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस मंगोलिया के रास्ते उत्तरी चीन भेजी जा सकेगी। इतनी गैस से 15 से 20 करोड़ घरों की एक साल की जरूरत पूरी हो सकती है। ईरान संकट और तेल कीमतों से रूस को राहत अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने जैसी स्थिति से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे दुनियाभर में आर्थिक मंदी का खतरा भी गहराया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से फिलहाल रूस को कुछ फायदा मिला है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस भंडार वाले देशों में शामिल है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के कारण रूस अब भी अमेरिका और यूरोपीय देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों का असर रूसी अर्थव्यवस्था पर लगातार बना हुआ है।



Source link

79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल: रेड कार्पेट पर गुजराती फिल्ममेकर का जलवा


Last Updated:

गुजरात की फिल्ममेकर चंदा पटेल ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म ‘तेरा मेरा नाता’ के ग्लोबल प्रीमियर के साथ भारतीय सिनेमा का गौरव बढ़ाया है. रेड कार्पेट पर आइवरी और पेस्टल शेड्स के शानदार डिजाइनर आउटफिट में उनकी मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा. फिल्म की इमोशनल कहानी और कल्चरल जुड़ाव को ग्लोबल स्टेज पर काफी सराहना मिली, जो भारतीय रीजनल सिनेमा के लिए एक बड़ी अचीवमेंट है. चंदा पटेल ने इस अनुभव को अपने लिए बेहद सम्मानजनक बताया. यह सफलता ग्लोबल मंच पर भारतीय निर्माताओं की बढ़ती ताकत और पहचान को मजबूती से बयां करती है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

चंदा पटेल ने रेड कार्पेट पर शिरकत की.

नई दिल्ली: गुजरात की मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर चंदा पटेल ने एक बार फिर ग्लोबल स्टेज पर भारत का नाम रोशन कर दिया है. 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर जब चंदा पटेल ने कदम रखा, तो उनकी सादगी और आत्मविश्वास ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. इस खास मौके की सबसे बड़ी बात उनकी फिल्म ‘तेरा मेरा नाता’ का ग्लोबल प्रीमियर रहा. दुनिया भर के सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म को जिस तरह पेश किया गया, उसने न केवल भारतीय कल्चर की झलक दिखाई, बल्कि रीजनल सिनेमा को भी एक नई ऊंचाई दी. चंदा पटेल की यह कामयाबी दिखाती है कि भारतीय कहानियां अब सरहदों के पार जाकर लोगों के दिलों को छू रही हैं.

कान्स फिल्म फेस्टिवल के ग्लैमरस माहौल में चंदा पटेल का लुक किसी रानी से कम नहीं लग रहा था. उन्होंने आइवरी और पेस्टल शेड्स का एक बेहद खूबसूरत डिजाइनर गाउन पहना था, जिस पर की गई बारीक एम्ब्रॉयडरी भारतीय कारीगरी का बेजोड़ नमूना पेश कर रही थी. उनके आउटफिट का लंबा ट्रेल और मॉडर्न स्टाइल भारतीय परंपरा और ग्लोबल फैशन का एक परफेक्ट फ्यूजन नजर आया. सटल मेकअप और एलिगेंट ज्वेलरी के साथ जब वो रेड कार्पेट पर चलीं, तो वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और मेहमान उन्हें देखते रह गए. उनका यह अंदाज न केवल स्टाइलिश था, बल्कि इसमें भारतीय गरिमा की साफ झलक मिल रही थी.

सराही गई ‘तेरा मेरा नाता’ की कहानी
चंदा पटेल हमेशा से ही ऐसी कहानियों पर काम करती आई हैं जो भावनाओं और हमारी जड़ों से जुड़ी हों. ‘तेरा मेरा नाता’ की इमोशनल कहानी को कान्स में काफी सराहा गया, जो भारतीय फिल्मकारों के लिए गर्व की बात है. चंदा ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बेहद भावुक होकर कहा कि इतने मंच पर अपनी फिल्म को लेकर आना और देश को रीप्रेजेंट करना उनके लिए एक बड़े सम्मान की बात है. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि अगर कहानी में दम हो और जज्बा सच्चा हो, तो भारतीय सिनेमा का परचम पूरी दुनिया में लहराया जा सकता है.

About the Author

authorimg

Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





Source link

बारां में जनजाति गरिमा उत्सव के तहत लगेंगे सैच्यूरेशन कैंप: 18 से 25 मई तक होंगे आयोजित, 17 विभागों की रहेगी सहभागिता – Baran News




बारां जिले में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा ‘जनजाति गरिमा उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह उत्सव 10 मई से 9 जून तक चलेगा। इसके तहत जिले में 18 से 25 मई के बीच विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जिला कलेक्टर बाल मुकुन्द असावा ने बताया कि 18 से 25 मई तक ‘जन भागीदारी-सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान के तहत सैच्यूरेशन कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और ‘पीएम जनमन’ से कवर होने वाले गांवों के आदि सेवा केंद्रों पर आयोजित होंगे। इन कैंपों में ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से जुड़े 17 विभागों के अधिकारी अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। इस अभियान के सुचारु संचालन के लिए शाहबाद के अतिरिक्त कलेक्टर और सहरिया विकास परियोजना अधिकारी जब्बर सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।



Source link

NCB ने ₹182 करोड़ की कैप्टागॉन ड्रग जब्त की: शाह बोले- यह जिहादी ड्रग, नारकोटिक्स ब्यूरो ने ऑपरेशन रेजपिल चलाकर पहली खेप जब्त की


  • Hindi News
  • National
  • Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update | Delhi News

2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागॉन जब्त किया गया है। जिसे जिहादी ड्रग भी कहते हैं, इसकी कीमत 182 करोड़ रुपए है।

गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कैप्टागॉन की पहली खेप जब्त करने के लिए एजेंसी की सराहना की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है।

ऑपरेशन से जुड़ी दो तस्वीरें…

क्यों कहते हैं जिहादी ड्रग

कैप्टागॉन एक आम नाम है जो फेनेथिलिन से जुड़ा है। यह 1960 के दशक में बनाया गया एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। इसका गलत इस्तेमाल और तस्करी पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एक्टिविस्ट और कॉन्फ्लिक्ट जोन के नेटवर्क से जुड़ी है।

इसे जिहादी ड्रग का नाम इसलिए मिला क्योंकि इस ड्रग के असर से इसका इस्तेमाल करने वाले लोग लंबे समय तक जाग पाते थे। डर और थकान को दबाया जा सकता है।

इतना ही नहीं एग्रेसिव और जोखिम लेने वाला व्यवहार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से तनाव वाले हालात में लंबे समय तक लड़ाई जैसी गतिविधियों को जारी रखा जा सकता है।

गृह मंत्रालय बोला- ऑपरेशन रेजपिल नशामुक्त भारत के लिए चलाया

MHA ने एक बयान में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से जानकारी मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागॉन की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा है।

नई दिल्ली के नेब सराय में एक घर की पहचान की गई, और 11 मई को वहां तलाशी ली गई, जिसके दौरान एक कमर्शियल चपाती-काटने वाली मशीन में छिपाई गई लगभग 31.5 किलो कैप्टागॉन टैबलेट बरामद हुई। इस मशीन को सऊदी अरब के जेद्दाह में एक्सपोर्ट करने का इरादा था।

दिल्ली में रह रहे सीरिया के नागरिक से मिला था इनपुट

नेब सराय का यह घर एक सीरियाई नागरिक ने किराए पर लिया था, जो 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। MHA ने बताया कि उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। वह गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था।

उससे पूछताछ के आधार पर 14 मई को गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में रखे एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलो कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। यह कंटेनर सीरिया से मंगाया गया था, जिसमें भेड़ की ऊन बताई गई थी।

कंटेनर की पूरी तरह से तलाशी लेने पर, उसमें से 3 बैग बरामद हुए जिनमें 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर भरा हुआ था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बरामद किए गए इस सामान को खाड़ी क्षेत्र खासकर सऊदी अरब और आस-पास के मध्य-पूर्वी देशों में भेजा जाना था।

——————

ये खबर भी पढ़ें…

जम्मू-कश्मीर में 28 दिनों में 733 ड्रग तस्कर गिरफ्तार:47 के घर पर बुलडोजर चला; 114 केमिस्ट दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड

जम्मू और कश्मीर में पिछले 28 दिनों में ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े 733 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान आरोपी ड्रग पेडलर्स के 47 घरों पर बुलडोजर चलाया गया।

अपराधियों की आवाजाही रोकने के लिए 373 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए और नियमों का उल्लंघन करने पर 114 केमिस्ट दुकानों के लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।

दरअसल, एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी खत्म करने के लिए 100 दिनों का अभियान शुरू किया था। पूरी खबर पढ़ें

खबरें और भी हैं…



Source link

TV-फोन खरीदने से पहले जान लें ये बातें, लो-कॉस्ट EMI बन सकती है घाटे का सौदा


नई दिल्ली. टीवी, स्मार्टफोन या नया लैपटॉप खरीदते समय ‘आसान मासिक किस्त’ वाला ऑफर लोगों को तुरंत आकर्षित कर लेता है. छोटी-छोटी EMI देखकर महंगा सामान भी बजट में लगता है, लेकिन कई बार यही सुविधा बाद में जेब पर भारी पड़ सकती है. ‘नो-कॉस्ट’ या ‘लो-कॉस्ट’ EMI के नाम पर ग्राहक डिस्काउंट, कैशबैक और दूसरे फायदे गंवा देते हैं. इतना ही नहीं, कई EMI एक साथ चलने पर हर महीने का बजट भी बिगड़ सकता है.

सच तो यह है कि ‘लो-कॉस्ट EMI’ के चक्कर में कई बार आपकी जेब से ज्यादा पैसे कट जाते हैं. किसी भी लो-कॉस्ट EMI ऑफर को चुनने से पहले उसकी असली कीमत समझना बेहद जरूरी है.

1. छिपा हुआ ब्याज
कंपनियां कहती हैं कि वे आपसे कोई ब्याज नहीं ले रहीं, लेकिन असल में वो ब्याज के पैसे को प्रोडक्ट की कीमत में ही जोड़ देती हैं। या फिर, अगर आप एक बार में पूरा कैश देकर सामान खरीदते, तो आपको जो डिस्काउंट या कैशबैक मिलता, वो EMI चुनने पर नहीं मिलता यानी डिस्काउंट न मिलना भी एक तरह का नुकसान ही है.

2. प्रोसेसिंग फीस का चक्कर
भले ही ब्याज जीरो हो, लेकिन बैंक या कंपनियां आपसे ‘प्रोसेसिंग फीस’ और उस पर GST वसूल लेती हैं. दिखने में ये 199 रुपये या 299 रुपये जैसी छोटी रकम होती है, लेकिन बार-बार EMI पर सामान लेने से ये छोटे-छोटे खर्चे मिलकर बड़ा झटका देते हैं.

3. जरूरत से ज्यादा खर्च करने की आदत
जब 60,000 रुपये का फोन सिर्फ 3,000 रुपये महीने में मिलने लगता है, तो इंसान का दिमाग सोचता है कि ‘इतना तो मैं हर महीने दे ही सकता हूं’. इस चक्कर में हम वो चीजें भी खरीद लेते हैं जिनकी हमें सच में जरूरत नहीं होती.

4. एक के बाद एक EMI का बोझ
एक फोन की EMI, एक लैपटॉप की EMI, फिर एक टीवी की EMI धीरे-धीरे ये सब मिलकर आपकी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा निगल जाती हैं. इससे आपके पास इमरजेंसी के लिए पैसे नहीं बचते.

5. लोन मिलने में दिक्कत
अगर आपके नाम पर बहुत सारी छोटी-छोटी EMI चल रही हैं, तो बैंकों को लगता है कि आप बहुत ज्यादा कर्ज लेते हैं. इसका असर आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है और भविष्य में घर या गाड़ी के लिए बड़ा लोन मिलने में मुश्किल हो सकती है.

तो क्या EMI पर सामान नहीं खरीदना चाहिए?
ऐसा नहीं है. अगर आपको लैपटॉप या फ्रिज जैसे किसी बहुत जरूरी सामान की तुरंत जरूरत है और आपके पास एक बार में देने के लिए पैसे नहीं हैं, तो EMI एक अच्छा जरिया है. बस खरीदने से पहले खुद से एक सवाल पूछिए कि अगर मुझे आज ही इसके पूरे पैसे कैश देने पड़ें तो क्या मैं इसे खरीदूंगा? अगर जवाब ‘ना’ है, तो समझ जाइए कि आप EMI के जाल में फंस रहे हैं.



Source link