अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस एवं फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर सोमवार शाम को संविदा नर्सिंग अधिकारी, एएनएम एवं पैरामेडिकल कर्मियों द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। नेहरू गार्डन शुरू हुआ कैंडल मार्च गांधी तिराहा तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों और परमानेंट नर्सिंग ऑफिसरों ने भाग लिया। मेडिकल कर्मियों ने एप्रिन एवं आईडी कार्ड पहनकर हाथों में मोमबत्तियां एवं फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तस्वीर लेकर मार्च किया। राज्य स्तरीय आंदोलन तेज करेंगे
प्रदेशाध्यक्ष राकेश सैनी ने बताया कि प्रदेशभर में चल रहे राज्य स्तरीय आंदोलन के तहत कैंडल मार्च निकाला गया, ताकि सरकार तक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की आवाज पहुंचाई जा सके। मेडिकल कर्मियों ने राज्य सरकार से स्थाई नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम एवं पैरामेडिकल भर्तियों की विज्ञप्तियां मेरिट व बोनस अंक (10,20,30) के आधार पर भर्ती करने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष विजय मीणा ने बताया कि कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए तथा अंतिम सकारात्मक निर्णय तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक अरबाज खान, आरएनए जिलाध्यक्ष महेंद्र मीना, कर्मचारी महासंघ प्रमुख भगवान वर्मा, परमानेंट नर्सिंग ऑफिसर रामावतार मीणा, ओपी मीणा, अमरेश मीणा, समय गुर्जर, कपिल चौहान, शाहरुख खान, योगेश प्रजापत, भवानी सिंह, बाबू सरिया, शाहिद खान, कमलकांत शर्मा, पवन जैमन, चंद्रशेखर, खेमराज डाबर, नितेश नंदन आदि मौजूद रहे।
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दौसा में संविदा नर्सिंग कर्मियों ने निकाला कैंडल मार्च: स्थाई नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम एवं पैरामेडिकल भर्तियां मेरिट व बोनस अंक के आधार पर करने की मांग – Dausa News
मुर्गी खाती है पत्थर इसलिए कड़ा होता है अंडे का छिलका? जवाब सुन होंगे हैरान
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Poultry Farming Secrets: मुर्गी पालन व्यवसाय में अंडे के उत्पादन की प्रक्रिया जितनी सहज दिखती है. वास्तव में उतनी ही जटिल है. पोल्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार मुर्गियों के दाने में राजस्थानी पत्थर का इस्तेमाल अनिवार्य होता है. यदि मुर्गियां पत्थर न खाएं, तो अंडे का सफेद भाग और उसका सख्त बाहरी कवच (हार्ड सेल) सही ढंग से तैयार नहीं हो पाएगा. दिन-रात की कड़ी मेहनत और इस बारीक प्रबंधन के जरिए ही बाजार तक उच्च गुणवत्ता वाले अंडे पहुँचते हैं.
जहानाबाद: बिहार में अब धीरे-धीरे उद्योग धंधे पनपते जा रहे हैं. कृषि क्षेत्र से लेकर पशुपालन का दायरा बढ़ने लगा है. क्योंकि हर एक युवा को अब ऐसा एहसास होने लगा है कि नौकरी का दायरा सीमित है. ऐसे में हर हाथ को नौकरी मिल पाना मुश्किल है. इन्हीं कारणों से हमारे यहां पशुपालन में मुर्गी पालन, बकरी पालन और गो पालन जैसी कंपनी सेट अप हो रही है. साथ ही लेयर फार्मिंग का भी व्यवसाय धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. पोल्ट्री फार्म लेयर फार्मिंग से युवा अच्छी कमाई कर रहे हैं. यह सबको पता है कि मुर्गियां से अंडे तैयार होते हैं.
अंडे का उजला भाग कैसे तैयार होता है?
उस अंडे का उजला भाग कैसे तैयार होता है? इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को होती है. यदि आप भी यह सच्चाई नहीं जानते हैं तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे शख्स से जो आपको बताएंगे कि मुर्गियों से प्राप्त होने वाले अंडे का उजला हिस्सा कैसे तैयार होता है? जहानाबाद के शुकुलचक गांव के रहने वाले सुबोध कुमार एक बड़े स्तर पर चल रहे लेयर फार्मिंग के केयर टेकर है. वह सुबह 8:00 से लेकर रात 8:00 बजे तक इसी कार्य में लगे रहते हैं. मुर्गियों के पानी खाना से लेकर दाना बनाने तक अंडा निकालने तक का कार्य निष्पादन करते हैं. वह पिछले 5 सालों से इसी कार्य में लगे हुए हैं.
बढ़ता ही जा रहा पोल्ट्री का दायरा
लोकल 18 से सुबोध कुमार ने बताया कि हमारे यहां मुर्गियों का चारा बाहर से मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ती है. क्योंकि खुद हम इसका दाना तैयार करते हैं. मुर्गियों के दानों को बनाने के लिए कुछ जरूरी आइटम्स उपयोग में आते हैं. जिसमें नीम का खली, सोया खली, राजस्थानी पत्थर का चूर्ण के साथ कई अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है. इन सबको मिक्स करके 1 घंटे में मिक्सर मशीन के सहयोग से मुर्गियों का दाना तैयार करने का काम किया जाता है. हालांकि सबसे खास बात यह है की जो दाना तैयार हो रहा है, उसमें पत्थर का भी इस्तेमाल हो रहा है.
ऐसे तैयार होता है अंडे का उजला हिस्सा
वो आगे बताते हैं कि मुर्गियां ही पत्थर खाती है. यदि वह पत्थर नहीं खाएगी तो अंडे का उजला भाग तैयार नहीं होगा. इस पत्थर की वजह से ही अंडे का हार्ड सेल तैयार होता है. यही कारण है कि हम लोग जब दाना बनाते हैं तो उसमें राजस्थानी पत्थर का इस्तेमाल करते हैं, ताकि मुर्गियां वह भी खाए और सही तरीके से अंडे बाहर दे. यह पूरी प्रक्रिया काफी जटिल होती है. हालांकि, हम लोग पूरे दिन मिलकर इस काम को करते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा’ बन गई रितेश देशमुख की फिल्म, कमाई में गिरावट भी नहीं रोक पाई रफ्तार
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रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ रही है. रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे सोमवार को फिल्म की कमाई में मामूली गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन इसने 70 करोड़ का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है. मराठी और हिंदी दोनों भाषाओं में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. ‘राजा शिवाजी’ अब मराठी सिनेमा की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है, जिसने रितेश के विजन और स्टारडम को एक नई ऊंचाई दी है.
नई दिल्ली. रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से डटी हुई है. 1 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपने 11 दिन पूरे कर लिए हैं. शानदार वीकेंड के बाद दूसरे सोमवार को फिल्म की कमाई में उम्मीद के मुताबिक थोड़ी गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन फिल्म का जलवा अब भी बरकरार है.

गौर करने वाली बात यह है कि अपने पहले ही हफ्ते में ‘राजा शिवाजी’ ने 50 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर यह फिल्म ब्लॉकबस्टर की राह पर निकल पड़ी थी. अब हर किसी की नजर इसके दूसरे हफ्ते के कुल कलेक्शन पर टिकी है.

ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ की कमाई में दूसरे सोमवार को थोड़ी गिरावट आई है और इसने 11वें दिन 2.40 करोड़ का कलेक्शन किया है. इसी के साथ भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई अब 70.65 करोड़ तक जा पहुंची है.
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राजा शिवाजी का ग्रोस कलेक्शन 83.80 करोड़ रुपये हो चुका है. फिल्म के लिए दूसरा वीकेंड काफी अच्छा रहा, जहां शुक्रवार को इसने 3.20 करोड़ बटोरे, वहीं शनिवार को 5.60 करोड़ और रविवार को 6.80 करोड़ की शानदार कमाई की. फिल्म की शुरुआत भी बेहद दमदार रही थी.

11.35 करोड़ की ओपनिंग लेने के बाद पहले शनिवार को 10.55 करोड़ और रविवार को 12 करोड़ का कारोबार करते हुए इसने अपने पहले हफ्ते का सफर 52.65 करोड़ पर खत्म किया था. दिलचस्प बात यह है कि हिंदी के मुकाबले मराठी वर्जन में फिल्म को दर्शकों का ज्यादा प्यार और बेहतर रिस्पॉन्स मिल रहा है.

रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी में सलमान खान का जीवा महाला के किरदार में कैमियो फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है. रितेश ने पीटीआई से बातचीत में खुलासा किया कि इस रोल के लिए खुद सलमान ने ही जिद की थी. रितेश बताते हैं कि एक दिन सलमान ने मुझसे कहा कि उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनना ही है. सच कहूं तो पहले मैंने इसके बारे में नहीं सोचा था, लेकिन भाईजान का कहना था कि तुम मेरे बिना यह फिल्म नहीं बना सकते, मुझे इसमें रहना ही है.

फिल्म राजा शिवाजी न केवल रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी है, बल्कि उन्होंने ही इसकी कहानी लिखी है और लीड रोल भी निभाया है. इसका निर्माण जेनेलिया डिसूजा और ज्योति देशपांडे ने मुंबई फिल्म कंपनी और जियो स्टूडियोज के बैनर तले किया है.

फिल्म की स्टारकास्ट में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, महेश मांजरेकर, भाग्यश्री, फरदीन खान और अमोल गुप्ते जैसे सितारे हैं. रितेश ने बताया कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के उनके ये तमाम दोस्त महज प्यार और सम्मान की खातिर इस फिल्म से जुड़े और किसी ने भी काम के बदले एक पैसा तक नहीं लिया. रिलीज के बाद राजा शिवाजी मराठी सिनेमा की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है.
गैस के बाद अब पेट्रोल में घटतौली: प्रगति पेट्रोल पंप के तीन नोजल से मिल रहा था कम पेट्रोल, नापतौल विभाग ने तीनों बंद कराए – Bhopal News
रसोई गैस सिलेंडर के वजन में गड़बड़ी के बाद शहर में कुछ पेट्रोल पंप पर कम देने की शिकायत सही निकली। नापतौल महकमे ने मंगलवार दोपहर भारत पेट्रोलियम के प्रगति पेट्रोल पंप पर जांच की तो 26 में से 3 नोजल तय मानक से कम पेट्रोल देते मिले। विभाग ने प्रकरण दर्ज कर तीनों नोजल सील कर दिए हैं। पंप संचालक पर जुर्माना किया जाएगा। उप नियंत्रक नसीम खान ने बताया कि अमला दोपहर 3 बजे पेट्रोल पंप पहुंचा। यहां कुल 6 मशीनें लगी थीं। इनमें 5 मशीनों में चार-चार नोजल और एक मशीन में छह नोजल संचालित थे। टीम ने जांच कीतो तीन नोजलों में 5 लीटर में 30 मिली तक कम पेट्रोल पाया गया। 25 मिलीलीटर से ज्यादा कमी तो दंडनीय अपराध
नापतौल विभाग के नियमों के मुताबिक पेट्रोल या डीजल की माप 5 लीटर के सत्यापित माप यंत्र से की जाती है। इसमें 25 मिलीलीटर तक की कमी पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। लेकिन, इससे ज्यादा की कमी दंडनीय श्रेणी में आती है। ऐसे में पेट्रोल पंप पर कार्रवाई की जाती है।
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चंदौली में साइको किलर गुरप्रीत सिंह मुठभेड़ में ढेर: 26 घंटे में 3 मर्डर, पुलिस अफसर की पिस्टल छीनकर फायरिंग करने लगा – Chandauli News
चंदौली जिले में 26 घंटे के भीतर तीन लोगों की सिर में गोली मारकर हत्या करने वाले कथित साइको किलर गुरप्रीत सिंह को सोमवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस, जीआरपी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई दरियापुर गांव के पास रेलवे लाइन किनारे हुई। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर घटनास्थल का क्राइम सीन रीक्रिएट कराने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने एक पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मी भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं। घायल आरोपी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि आरोपी ने जिले में 26 घंटे के भीतर अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की थी। सभी वारदातों में उसने पीड़ितों के सिर को निशाना बनाया।
गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र 2020 में आर्मी से रिटायर हुआ था। वह अमृतसर का रहने वाला बताया जा रहा था। उस पर तीन लोगों की हत्या करने का आरोप था। पुलिस का कहना है कि सीरियल किलिंग करने वाले गुरप्रीत का कोई परमानेंट ठिकाना नहीं था। वो शादीशुदा था। लेकिन पत्नी और बच्चों के बारे में कुछ भी बता नहीं रहा था। पकड़े जाने पर पुलिस से यह कहा था… मैं आर्मी जवान, अपने मन का राजा
मैं आर्मी जवान हूं। शराब पीने के बाद होश में नहीं रहता। मेरा दिमाग काम करना बंद कर देता है। इसके बाद मैं घूम-घूमकर जो मन में आता है, वो करता हूं। मैं लोगों को मार भी देता हूं। मुझे कोई रोक नहीं सकता। ‘ पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब समझिए गुरप्रीत ने तीन हत्याएं कैसे कीं… 2 ट्रेनों में चढ़ा, 2 यात्रियों की कनपटी पर मारी गोली रविवार सुबह आरोपी गुरप्रीत सिंह चंदौली में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (पीडीडीयू जंक्शन) पर एक पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ। वह अपनी पीठ पर एक बैग लादे था। सुबह के करीब 7 बज रहे थे। ट्रेन जिला मुख्यालय से करीब 16 किमी दूर पहुंच चुकी थी। कुचमन स्टेशन से पहले उसकी किसी बात पर यात्री मंगरू (34) से कहासुनी हो गई। तभी गुरप्रीत ने मंगरू की कनपटी पर गोली मार दी। मंगरू की मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होने पर कूदकर फरार हो गया। इसके बाद वह करीब 9 किमी दूर व्यासनगर गांव पहुंचा। फिर पीडीडीयू जंक्शन से जम्मूतवी जा रही एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ गया। रविवार रात करीब 2 बजे गुरप्रीत ने बिहार के दिनेश साहू (42) की हत्या कर दी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। व्यासनगर रेलवे स्टेशन के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर गुरप्रीत ट्रेन से उतर गया। पुलिस को चलती ट्रेन में दूसरी हत्या होने के बाद शक हुआ कि करीब 18 घंटे में दूसरी वारदात हुई है। मर्डर का तरीका एक जैसा है, ऐसे में हत्यारा एक ही हो सकता है। पुलिस ने अपनी पड़ताल इसी दिशा में शुरू की। अस्पताल में हत्या के बाद उलझी पुलिस
दूसरे मर्डर के 6 घंटे बाद ही व्यासनगर से करीब 3 किमी की दूरी पर जीवक अस्पताल में घुसकर महिला के सिर में गोली मार दी गई। करीब 26 घंटे में तीन हत्याओं से पुलिस परेशान हो गई। महिला के सिर पर गोली लगने से पुलिस का शक गहराया, लेकिन दो हत्याएं ट्रेन में और तीसरी अस्पताल में होने से पुलिस उलझ गई।
भीड़ ने पुलिस का काम किया आसान
मुगलसराय के सीओ अरुण कुमार सिंह के मुताबिक, तीनों हत्याओं की गुत्थी सुलझाने के लिए चंदौली के अलावा प्रयागराज पुलिस कमिश्नर प्रशांत राय भी जुटे थे। जब गुरप्रीत को पकड़ा गया तो वो घायल था। अस्पताल में महिला की हत्या करने के बाद आरोपी गुरप्रीत को पकड़ लिया था। उसे जमकर पीटा था। पुलिस ने इलाज कराया। जब वो कुछ बोलने लायक हुआ तो महिला की हत्या करने की वजह पूछी गई। इस दौरान वो खुद को अपने मन का राजा बताने लगा। कहने लगा कि एक नहीं दो–तीन को मारकर आया हूं। ये जवाब सुनकर पुलिस भी चौंक उठी। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया हुलिया
पुलिस ने गाजीपुर के रहने वाले प्रवेश कुमार यादव को बुलाया। जब पैसेंजर ट्रेन में मंगरू की हत्या की गई, वे वहीं मौजूद थे। उनसे पुलिस ने आरोपी का हुलिया पूछा। प्रवेश ने बताया, चेहरा साफ नहीं देख पाया। लेकिन हत्यारे ने सिर पर भगवा रंग का गमछा बांध रखा था। पैंट-शर्ट पहन रखी थी। कद करीब 6 फीट है। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत का हुलिया मैच कराया। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने ट्रेन में दो हत्याएं करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने हत्या की वजह पूछी तो कहने लगा कि शराब पीने के बाद जो मन में आता है, वो करता हूं। आर्मी का जवान हूं। इसके बाद नाम और पता खंगाला गया तो उसका पता अमृतसर का मिला। ऑटो चालक ने हाथ पकड़कर पिस्टल छीने
ऑटो चालक आलोक दुबे ने बताया- मैंने दोनों हाथों में उसे पिस्टल लिए देखा तो जीवक हॉस्पिटल की बाउंड्रीवाल के पास दौड़ाकर उसके हाथ ऐंठ दिए। जब उसकी पकड़ कमजोर हुई तो बाकी लोगों की मदद पिस्टल छीनी। तब जाकर लोगों ने उसे पीटा। तब पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया। अब सिलसिलेवार तीनों वारदातें जानिए… 1- अस्पताल में घुसकर महिला गोली मारी जगह- चंदौली का जीवक अस्पताल, समय- सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे…। चंदौली जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर अलीनगर थाना क्षेत्र में जीवक अस्पताल है। बिहार के भभुआ जिले के चैनपुर थाना के बहोवना गांव की रहने वाली लक्ष्मीना देवी (55) का पैर टूट गया था। उन्हें पिछले माह 5 अप्रैल को जीवक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक रिश्तेदार भी उसके साथ था। हमलावर वीरेंद्र सोमवार सुबह मुंह बांधकर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा। वह बेड पर लेटी महिला के पास गया। सीधे कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। हत्या से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। वारदात के बाद आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। इसी दौरान एक ऑटो चालक ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और उससे पिस्टल छीन ली। इसके बाद भीड़ ने आरोपी की पिटाई कर दी और पुलिस के हवाले कर दिया। ऑटो ड्राइवर बोला- फायरिंग करते हुए हमलावर भागा
एडीजी पीयूष मोर्डिया ने भी अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऑटो चालक विनोद दुबे ने बताया कि महिला की हत्या के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए भाग रहा था। उस समय वह अस्पताल के बाहर एक मरीज को उतार रहा था। भीड़ के चिल्लाने पर उन्होंने उसे पकड़ लिया। आरोपी ने उन पर असलहा तान दिया, लेकिन उन्होंने उसके हाथ मरोड़ दिए। असलहा जमीन पर गिर गया। इसके बाद उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। तभी भीड़ इकट्ठा हो गई और लोगों ने उसे घेर लिया। उसके दोनों हाथ गमछे से बांध दिए गए। कुछ लोगों ने आरोपी को ईंट-पत्थरों से भी मारा। इससे वह घायल हो गया। हालांकि, समय रहते पुलिस मौके पर पहुंच गई और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। स्टाफ ने बेड के नीचे छिपकर बचाई जान
जीवक अस्पताल स्थानीय डॉक्टर सुनील कुमार गौतम का है। सुनील ने बताया- हमलावर इलाज कराने के बहाने अस्पताल में घुसा था। स्टाफ नर्स को उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं, तो उसने उसे वार्ड बॉय के पास भेज दिया। इसी बीच, आरोपी भर्ती मरीजों के वार्ड में घुस गया और वहां महिला पर गोली चला दी। आरोपी ने स्टाफ पर भी गोली चलाने की कोशिश की। लोगों ने बेड के नीचे छिपकर अपनी जान बचाई। मुंह बांधकर वार्ड में घुसा था व्यक्ति
मृतका की रिश्तेदार सुनीता देवी ने बताया कि घटना के समय वह जीवक अस्पताल में मौजूद थीं। उसी दौरान एक व्यक्ति मुंह बांधकर वार्ड में घुस आया और अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। उन्होंने बताया कि शुरू में लोगों को लगा कि वह पागल है, इसलिए सभी उससे दूरी बना लिए। इसके बाद वह लक्ष्मीना देवी के पास पहुंचा और असलहे से उनके सिर में गोली मार दी। घटना को देखकर सभी लोग दंग रह गए। इसके बाद आरोपी वार्ड से बाहर भाग गया। उसकी हरकतों से अस्पताल में मौजूद लोग काफी डर और दहशत में आ गए थे। 2- ट्रेन में बाथरूम से निकलते ही मारी गोली जगह- वाराणसी, रविवार, समय- रात 2 बजे…। बिहार के गया जिले में पिपरिया गांव के रहने वाले दिनेश साहू (42) कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस से सीतापुर के नैमिषारण्य धाम जा रहे थे। वह पत्नी के साथ कोच S-2 में सवार थे, जबकि उनकी बहन, उनके दो बच्चे और सास जनरल कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 2 बजे मुगलसराय रेलवे स्टेशन से पहले ब्लॉक हट-बी के पास ट्रेन पहुंची थी। उस समय दिनेश बाथरूम गए थे। जैसे ही वह बाहर निकले, आरोपी वीरेंद्र ने गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर यात्री मौके पर पहुंचे। पत्नी भी दौड़कर पहुंची और देखा कि दिनेश का शव खून से लथपथ पड़ा था। ब्लॉक हट-बी के चलते ट्रेन की स्पीड धीमी थी, मौका पाकर वीरेंद्र ट्रेन से उतर गया। यात्रियों ने पुलिस को सूचना दी। रात 2:42 बजे ट्रेन वाराणसी जंक्शन पहुंची, जहां शव को नीचे उतारा गया।
यात्री के पास 15 हजार रुपए मिले, पत्नी के जेवर सुरक्षित
पुलिस ने बताया, दिनेश साहू के पास करीब 15 हजार रुपए नकद मिले। उनकी पत्नी के जेवर सुरक्षित हैं। घटना के बाद रेलवे पुलिस की एक टीम ट्रेन के साथ आगे गई, ताकि यात्रियों से पूछताछ कर हमलावर के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। वहीं दूसरी टीम दिनेश के गांव भेजी गई है, जहां परिजनों से पूछताछ की जाएगी। 3. पैसेंजर ट्रेन में मारी गोली, रफ्तार कम होते ही भागा जगह- चंदौली, रविवार, समय सुबह 7 बजे…। गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के चौधरी मोहल्ला का रहने वाला मंगरू (34) 15 दिन पहले काम की तलाश में कर्नाटक गया था। वहां पर मछली पकड़ने का काम करने लगा। काम पसंद नहीं आया। इसके बाद मंगरू वापस अपने घर लौट रहा था। वह कर्नाटक से सुपरफास्ट ट्रेन पकड़कर प्रयागराज (डीडीयू) जंक्शन पहुंचा था। यहां से घर जाने के लिए डीडीयू-ताड़ीघाट पैसेंजर में सवार हुआ था। ट्रेन सुबह 6:30 बजे डीडीयू जंक्शन से रवाना हुई थी। यात्रियों ने बताया- ट्रेन चंदौली में कचमन स्टेशन से पहले अलीनगर थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास पहुंची थी। तभी एक व्यक्ति ने मंगरू के माथे पर तमंचा सटाकर गोली मार दी। मंगरू घायल होकर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी ने शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। इसके बाद ताजपुर गांव के पास ट्रेन धीमी होने पर कूदकर फरार हो गया। आरोपी ने अस्पताल में वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया
अलीनगर थाना प्रभारी घनश्याम शुक्ला ने बताया, आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ वीरेंद्र सोमवार सुबह जीवक अस्पताल पहुंचा था, जहां उसने वीरेंद्र नाम से पर्चा बनवाया था। पर्चे पर डॉक्टर ने चार दवाइयां और एक सिरप लिखा था। इसके बाद वह सीढ़ियों से चढ़कर महिला वार्ड में गया और वहां एक महिला के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। आरोपी बिहार के आरा में गार्ड की नौकरी करता था। वह पूर्व सैनिक है। इसलिए आर्मी और केंद्रीय एजेंसियां भी उसके बैकग्राउंड की जांच कर रही हैं। सीओ बोले- तीनों हत्याएं गुरप्रीत ने की
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर के सीओ अरुण कुमार सिंह ने बताया- पूछताछ के दौरान आरोपी गुरप्रीत सिंह ने चंदौली में हुई तीनों हत्याओं को अंजाम देने की बात कबूल ली है। दो हत्याएं ट्रेन में और एक महिला को अस्पताल में गोली मारी है। आरोपी को अलीनगर थाने की पुलिस की कस्टडी में रखा गया है। ……………………… ये खबर भी पढ़ें थार ने मां- 5 साल की बेटी को कुचला, मौत:हाईवे पर 200 मीटर घसीटा, गुस्साए लोगों ने पथराव किया; रिंग सेरमनी से लौट रही थीं
वाराणसी में रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे थार सवारों ने बाइक सवार मां- मासूम बेटी और देवर को कुचल दिया। हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि देवर गंभीर रूप से घायल हो गया। महिला मौसी की बेटी की रिंग सेरेमनी से लौट रही थी। हादसा शहर के मंडुवाडीह क्षेत्र में प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर हुआ। पूरी खबर पढ़िए…
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राजस्थान का बाड़मेर लगातार दूसरे दिन सबसे गर्म, पारा 47.3°C: यूपी-बिहार समेत 5 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; हिमाचल में घरों-गोशालाओं की छतें उड़ीं
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भोपाल/लखनऊ/जयपुर/देहरादून34 मिनट पहले
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राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हीटवेव जारी है। देश में सोमवार को सबसे गर्म राजस्थान का बाड़मेर रहा। यहां तापमान 47.3°C दर्ज किया गया। वहीं जैसलमेर में तापमान 46.5°C, फलोदी में 45.6°C, बीकानेर में 45.3°C और जोधपुर में 44.9°C रहा।
देश के अन्य राज्यों में महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 45.1°C, जलगांव में 44.3°C, अमरावती में 44°C, गुजरात के अहमदाबाद और अमरेली में 44.3°C और मध्य प्रदेश के धार में 44°C दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश में सोमवार सुबह तेज आंधी-तूफान, बारिश और 65 किमी प्रति घंटे तक चली हवाओं से भारी नुकसान हुआ। कुल्लू में 5 घरों और 7 गोशालाओं की छतें उड़ गईं, जबकि मंडी, शिमला और कांगड़ा में पेड़ गिरने से सड़कें जाम हो गईं।
राजस्थान के हनुमानगढ़ में सोमवार सुबह करीब एक घंटे बारिश हुई। शाम को श्रीगंगानगर में ओले गिरे। उत्तराखंड के 9 जिलों में बारिश हुई। पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश हुई। यहां सड़कें नदी की तरह बन गईं। हरियाणा के 3 जिलों में बारिश हुई।
उत्तर प्रदेश में आज आंधी-बारिश और ओले गिर सकते हैं। वहीं बिहार, छत्तीसगढ़, पंजाब में 15 मई और हिमाचल प्रदेश में 16 मई तक आंधी-बारिश, बिजली गिरने का अलर्ट है।
देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए

अगले दो दिन मौसम का हाल
13 मई:
पूर्वी यूपी, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और ओलावृष्टि का असर बना रह सकता है। पंजाब और हरियाणा में भी तेज हवाएं चलने की आशंका है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में बारिश के साथ बिजली गिर सकती है।
14 मई:
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश, गरज-चमक और 30-60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते है। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।
देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें

सूरत के चिड़ियाघर में टाइगर के केज को पानी डालकर ठंडा रखा गया।

उत्तराखंड के देहरादून में सोमवार दोपहर तेज बारिश हुई।

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ बारिश हुई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर सोमवार शाम बारिश के साथ ओले गिरे।

मुरलीपुरा में किराए के मकान में महिला की संदिग्ध मौत: मकान से दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी; हत्या का मामला दर्ज – Jaipur News
जयपुर के मुरलीपुरा इलाके की जीवन दीप कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही एक 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मकान से दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहां महिला का शव मिला। शव करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर शिनाख्त कराई, जिसमें मृतका की पहचान टोंक जिले के बरौनी निवासी अंबिका के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, अंबिका फरवरी माह में अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर रामकल्याण गुर्जर के साथ घर से चली गई थी। इसके बाद 3 मई को दोनों ने मुरलीपुरा में किराए का मकान लेकर रहना शुरू किया था। थानाधिकारी वीरेंद्र कुरील ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर रामकल्याण गुर्जर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
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बिना अधिक मेहनत किए थकान कमजोरी हो रही महसूस, एनीमिया के संकेत तो नहीं? खाएं ये फूड्स
Anemia causes and foods to eat: आज के समय में एनीमिया एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसका असर खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में ज्यादा देखने को मिलता है. शरीर में आयरन और जरूरी विटामिन्स की कमी होने पर थकान, कमजोरी, चक्कर आना, ध्यान न लगना और चेहरे की रंगत फीकी पड़ने जैसी परेशानियां होने लगती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि सही खानपान अपनाकर एनीमिया से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है. जानिए यहां क्या है एनीमिया, कैसे दिखते हैं इसके लक्षण और किन चीजों से इसकी कमी करें दूर.
क्या होता है एनीमिया?
एनीमिया होने पर शरीर में पर्याप्त मात्रा में लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) या हीमोग्लोबिन नहीं बन पाता. हीमोग्लोबिन एक महत्वपूर्ण प्रोटीन है, जो फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाने का काम करता है. जब शरीर में आयरन की कमी होती है, तो हीमोग्लोबिन का लेवल कम होने लगता है. इस कारण से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. व्यक्ति हर समय थकान और कमजोरी महसूस करने लगता है.
एनीमिया के सामान्य लक्षण
हर समय थकान और कमजोरी महसूस होना.
थोड़ा काम करने पर जल्दी थक जाना.
चक्कर आना, सिर भारी लगना.
सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना.
त्वचा का पीला पड़ना.
होंठ और आंखों के अंदर सफेदी दिखना.
बालों का तेजी से झड़ना.
नाखून कमजोर होकर टूटना.
संतुलित आहार है सबसे असरदार उपाय
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मुताबिक, रोजाना पौष्टिक और संतुलित भोजन लेने से शरीर में आयरन, विटामिन और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी नहीं होती. इससे न सिर्फ एनीमिया का खतरा कम होता है, बल्कि संपूर्ण सेहत भी बेहतर बनी रहती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि महंगे सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक और घरेलू खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होता है. खासकर महिलाओं, गर्भवती मांओं और बच्चों को अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए.
एनीमिया से बचने के लिए क्या खाएं?
हरी पत्तेदार सब्जियां करें डाइट में शामिल- पालक, मेथी, सरसों का साग और बथुआ जैसी हरी सब्जियां आयरन का बेहतरीन स्रोत मानी जाती हैं. इनका नियमित सेवन शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है. इन्हें हल्का पकाकर या सलाद के रूप में खाना ज्यादा लाभकारी हो सकता है.
प्रोटीन युक्त भोजन बढ़ाए हीमोग्लोबिन- दालें, राजमा, छोले और सोयाबीन जैसे प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शरीर को ऊर्जा देने के साथ ही हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी मदद करते हैं. शाकाहारी लोगों के लिए ये बेहतरीन विकल्प हैं.
फल भी हैं बेहद जरूरी-केला, अनार, पपीता, संतरा और खजूर जैसे फल आयरन और विटामिन सी से भरपूर होते हैं. विटामिन सी शरीर में आयरन को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है, इसलिए फलों और आयरन युक्त चीजों का साथ में सेवन करना फायदेमंद माना जाता है.
नट्स और बीज से मिलेगी ताकत- अखरोट, अलसी के बीज और कद्दू के बीज शरीर को जरूरी मिनरल्स और हेल्दी फैट्स प्रदान करते हैं. रोजाना थोड़ी मात्रा में इनका सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है.
दूध और पनीर भी रखें सेहत का ख्याल- दूध, दही और पनीर कैल्शियम और प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं. ये हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं.
खानपान में विविधता है जरूरी- हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि रोजाना की डाइट में अलग-अलग तरह की मौसमी फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए. संतुलित और पौष्टिक भोजन अपनाकर एनीमिया जैसी समस्या से आसानी से बचाव किया जा सकता है.








