Wednesday, July 8, 2026
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यूपी- सरोगेसी मामलों के नोडल अधिकारी होंगे डीजी परिवार कल्याण: डिप्टी सीएम की बैठक में फैसला, डॉ.पवन कुमार अरुण को सौंपी गई जिम्मेदारी – Lucknow News




यूपी में सरोगेसी के लंबित प्रकरणों की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी को नामित किया गया है। डीजी परिवार कल्याण को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे सरोगेसी के लंबित प्रकरणों के जल्द एवं समयबद्ध निस्तारण को गति मिलेगी। यह जानकारी प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी। वे बुधवार को विधानसभा स्थित सभागार में सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी (विनियमन) अधिनियम 2021 के अंतर्गत गठित राज्य सहायता प्राप्त जननीय प्रौद्योगिकी- सरोगेसी बोर्ड की दूसरी बैठक को संबोधित कर रहे थे। डॉ.पवन कुमार अरुण को मिली जिम्मेदारी ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। इस पर हम सभी को संयुक्त रूप से कार्य करना है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार प्रदेश के सरोगेसी के लंबित प्रकरणों की देखरेख के लिए नोडल अधिकारी के तौर पर महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. पवन कुमार अरुण को नामित किया गया है। इनकी देखरेख में सरोगेसी के सभी लंबित प्रकरणों की देखरेख की जाएगी और उनका समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरोगेसी का प्रकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) अमित कुमार घोष, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ० पिंकी जोएल एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।



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बालाघाट नपाध्यक्ष पर चहेतों को ठेका दिलाने का आरोप: सत्ताधारी पार्षद सुधीर चिले बोले- जनता द्वारा चुने गए सभापति ही बन गए ठेकेदार – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट नगरपालिका अध्यक्ष भारती ठाकुर एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। इस बार विपक्ष के बजाय खुद उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ पार्षद सुधीर चिले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद चिले का कहना है कि नगरपालिका में जनता द्वारा निर्वाचित सभापति ही अब ठेकेदार और सप्लायर के रूप में काम कर रहे हैं। महिला सभापति के पति सहित कई पार्षदों पर आरोप पार्षद सुधीर चिले ने सीधे तौर पर महिला सभापति के पति खगेश कावरे, सभापति वकील वाधवा और कमलेश पांचे का नाम लेते हुए उन पर ठेकेदारी और सप्लायर होने के आरोप मढ़े। उन्होंने दावा किया कि नगरपालिका अध्यक्ष नियमों को ताक पर रखकर केवल अपने चहेतों को ही काम और ठेके बांट रही हैं। वार्ड के विकास कार्यों को मंजूरी न मिलने से फूटा गुस्सा पार्षद चिले की यह नाराजगी उनके खुद के वार्ड के विकास कार्यों को प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल में स्वीकृति न मिलने के कारण सामने आई है। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में सड़क और बिजली जैसी मूलभूत समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं, लेकिन पीआईसी में इन विकास कार्यों को मंजूरी नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि साथी पार्षद समीर जायसवाल के हस्तक्षेप के बाद ही उनके पांच में से केवल एक काम को जैसे-तैसे मंजूरी मिल सकी। पीआईसी को चेतावनी- ‘परिषद पीआईसी से बड़ी होती है’ पीआईसी के रवैए पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चिले ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि वे यह न समझें कि पीआईसी में काम रुकने से वार्ड का विकास रुक जाएगा। उन्होंने कहा, “हम परिषद में इन कार्यों को हर हाल में स्वीकृत करा लेंगे, क्योंकि पूरी परिषद पीआईसी से बड़ी और सर्वोपरि होती है।” संगठन पर उठाए सवाल एक सवाल के जवाब में सुधीर चिले ने दुख जताते हुए कहा कि वे संगठन के समर्पित सदस्य हैं, इसके बावजूद उनके साथ इस तरह का भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जिस पर पार्टी संगठन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। वर्तमान में बालाघाट नगरपालिका में अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष से ज्यादा उनकी खुद की पार्टी के पार्षद मोर्चा खोले हुए हैं। नगरपालिका अध्यक्ष कल रखेंगी अपना पक्ष मामले में नपाध्यक्ष ने बताया कि इन आरोपों का जवाब देने के लिए शनिवार को वह और सभापति संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रख सकते हैं।



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शिवहर में SP का जनता दरबार: लोगों की शिकायतें सुनीं, लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी – Sheohar News




शिवहर में पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने आम लोगों की शिकायतें सुनीं और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए। जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने भूमि विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक मामलों से संबंधित शिकायतें सीधे एसपी के समक्ष रखीं। अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित थानाध्यक्षों व पुलिस पदाधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की शिकायतों का शीघ्र निष्पादन पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी ने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में कोताही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पुलिस व्यवस्था के प्रति आमजन का भरोसा
जनता दरबार में अपनी बात सीधे पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखने का अवसर मिलने पर लोगों ने संतोष व्यक्त किया। उनका मानना था कि इस व्यवस्था से उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की उम्मीद बढ़ी है। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जनता दरबार पुलिस और आमजन के बीच विश्वास व संवाद को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि पुलिस व्यवस्था के प्रति आमजन का भरोसा और बढ़े।



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जैसलमेर LDC परीक्षा मामले में स्वतंत्र SIT की मांग: सांसद उम्मेदाराम बोले-लोकल प्रशासन मामला दबाने में जुटा; माफिया को संरक्षण – Jaisalmer News




बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने LDC सेकेंड ग्रेड भर्ती परीक्षा में नकल के मामले में सरकार से स्वतंत्र उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) के गठन की मांग की है। बता दें कि 5 जुलाई को हुई एलडीसी द्वितीय ग्रेड भर्ती परीक्षा में जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल केंद्र में नकल के आरोप लगे थे। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि स्थानीय अधिकारियों और पुलिस के संरक्षण में आरोपियों को बचाने और धांधली को दबाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। खिड़की से प्रश्नपत्र बाहर फेंककर हल कराने का आरोप सांसद बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए इस पूरी परीक्षा प्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा- परीक्षा के दौरान एक रिलीवर और वीक्षक ने सुनियोजित तरीके से प्रश्नपत्र को परीक्षा कक्ष की खिड़की से बाहर फेंका। इसके बाद बाहर मौजूद साठ-गांठ वाले तत्वों से उसे हल करवाकर कुछ विशेष अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। परीक्षार्थियों ने मौके पर ही विरोध दर्ज कराया और हंगामा मचाया। इसके बावजूद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की। अधिकारियों की मिलीभगत और देर रात तक बैठक का दावा सांसद ने जिला शिक्षा कार्यालय के अधिकारियों की भूमिका को कटघरे में खड़ा करते सांसद ने कहा- प्रभावशाली राजनीतिक लोगों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए विवादित पृष्ठभूमि वाले कर्मचारियों की ड्यूटी जानबूझकर इसी केंद्र पर लगाई गई थी। बेनीवाल के अनुसार- सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परीक्षा समाप्त होने के बाद देर रात तक अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) और स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर रुककर मामले को दबाने और साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास किया। जब जिला प्रशासन खुद संदेह के घेरे में है, तो उससे न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती। विपक्ष हमलावर: सरकार के पारदर्शी दावों की खुली पोल इस प्रकरण के बाद राजस्थान की सियासत में उबाल आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित विपक्ष के तमाम शीर्ष नेताओं ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक तरफ मुख्यमंत्री मंचों से पेपर लीक और परीक्षा माफियाओं को पूरी तरह खत्म करने का दावा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके उलट है। प्रदेश में पेपर माफियाओं को सत्ता का खुला संरक्षण मिला हुआ है, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ बार-बार खिलवाड़ हो रहा है।



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दिल्ली में रोडरेज, टैक्सी ड्राइवर ने डंडों से किया हमला: द्वारका एक्सप्रेस-वे पर हुई वारदात, वायरल वीडियो के आधार पर केस दर्ज – New Delhi News




नई दिल्ली। द्वारका जिले के एक्सप्रेस वे टनल में रोडरेज के चलते एक टैक्सी ड्राइवर ने अन्य कार सवार युवक पर डंडे से हमला कर दिया। हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक शख्स दूसरे शख्स पर डंडे से हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। कापसहेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले में वीडियो के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस कॉलर का पता लगाने की कोशिश की जा रही है और टैक्सी ड्राइवर की पहचान करने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। द्वारका एक्सप्रेस-वे टनल में हुई वारदात डीसीपी कुशाल पाल सिंह ने बताया मंगलवार शाम करीब 7:44 बजे कापसहेड़ा पुलिस थाने को द्वारका एक्सप्रेस-वे टनल में हुई एक घटना के बारे में पीसीआर कॉल मिली। कॉलर ने आरोप लगाया कि उसकी वैगनआर कार और एक सफेद मारुति अर्टिगा टैक्सी के बीच मामूली टक्कर हो गई। इस पर टैक्सी ड्राइवर ने डंडे से उस पर हमला करने की कोशिश की। बचाव में कॉलर ने टैक्सी ड्राइवर को धक्का दिया, जिससे वह एक एक अन्य कार (किआ सेल्टोस) से टकराकर गिर गया। इसको लेकर गाड़ी को मामूली नुकसान पहुंचा। किआ सेल्टोस के मालिक ने उससे मुआवजे की मांग करते हुए कॉलर को रोक लिया, जबकि टैक्सी ड्राइवर मौके से भाग गया। आपसी सहमति से सुलझा लिया मामला मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। कॉलर ने उन्हें बताया कि टैक्सी ड्राइवर पहले ही भाग चुका था। कॉलर और किआ सेल्टोस के मालिक ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। पुलिस को मौके पर कोई क्षतिग्रस्त कार और घायल व्यक्ति नहीं मिला। पूछताछ करने पर कॉलर ने बताया कि वह घर पहुंच चुका है, मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है और वह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहता। पुलिस टैक्सी चालक की तलाश कर रही है।



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बारिश आते ही बदल जाता है कर्नाटक का बाजार! यहां मिलते हैं ऐसे स्वाद, लोग सालभर करते इंतजार


Karnataka Monsoon Food: बारिश का मौसम सिर्फ ठंडी हवाओं और हरियाली का ही नहीं, बल्कि नए स्वादों का भी मौसम होता है. देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून अपने साथ कई खास मौसमी व्यंजन लेकर आता है, लेकिन उत्तर कर्नाटक की बात कुछ अलग है. यहां पहली अच्छी बारिश के बाद स्थानीय बाजारों का रंग-रूप पूरी तरह बदल जाता है. साधारण दिखने वाली गलियां अचानक ऐसे बाजारों में बदल जाती हैं, जहां मिट्टी की खुशबू, ताजे मसालों की महक और पारंपरिक व्यंजनों की भाप हर किसी को अपनी ओर खींच लेती है. इन बाजारों में मिलने वाले कई खाद्य पदार्थ साल के बाकी महीनों में दिखाई ही नहीं देते.

यही वजह है कि स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले पर्यटक भी इन मौसमी स्वादों का इंतजार करते हैं, अगर आप खाने के शौकीन हैं और अलग-अलग जगहों की पारंपरिक डिशेज़ चखना पसंद करते हैं, तो उत्तर कर्नाटक के मानसून बाजार आपके लिए किसी फूड फेस्टिवल से कम नहीं हैं.

मानसून के साथ बदल जाती है बाजारों की पहचान
उत्तर कर्नाटक में बारिश शुरू होते ही स्थानीय किसान, जंगलों से जुड़े समुदाय और छोटे व्यापारी अपने-अपने खास उत्पाद लेकर बाजार पहुंचने लगते हैं. सुबह से शाम तक इन बाजारों में लोगों की भीड़ बनी रहती है. यहां मिलने वाले ज्यादातर खाद्य पदार्थ सीधे खेतों, जंगलों और नदियों से आते हैं, इसलिए इनमें ताजगी का अलग ही स्वाद महसूस होता है.

1. जंगली मशरूम की बढ़ जाती है मांग
मानसून के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा जंगली मशरूम की होती है. पहली तेज बारिश के कुछ ही दिनों बाद जंगलों की जमीन पर कई तरह के मशरूम उग आते हैं. इन्हें स्थानीय लोग बेहद सावधानी से इकट्ठा करते हैं और बाजार में बेचते हैं. इन मशरूम से बनने वाली कुम्मू पल्य नाम की पारंपरिक करी उत्तर कर्नाटक की पहचान मानी जाती है. ताजे पिसे मसालों और देसी तरीके से पकाई गई यह करी अपने मिट्टी जैसे गहरे स्वाद के लिए जानी जाती है.

2. आलंदी कुम्मु की खास पहचान
जंगली मशरूम की कई किस्मों में आलंदी कुम्मु सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. यह सीमित समय के लिए ही उपलब्ध होता है, इसलिए इसकी मांग भी काफी रहती है. स्थानीय परिवार इसे खास अवसरों पर बनाते हैं और इसे मानसून की सबसे अनमोल सौगात मानते हैं.

3. नदियों से बाजार तक पहुंचते ताजे केकड़े
बारिश के दिनों में नदियां और मौसमी नाले पानी से भर जाते हैं. इसी समय बड़ी संख्या में ताजे केकड़े भी मिलने लगते हैं. स्थानीय बाजारों में इनकी अच्छी खासी बिक्री होती है.

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4. मसालेदार केकड़े का स्वाद
सड़क किनारे लगे ठेलों और छोटे भोजनालयों में इन केकड़ों को पारंपरिक मसालों के साथ पकाया जाता है. कहीं इन्हें खुली आंच पर भुना जाता है तो कहीं गाढ़ी ग्रेवी में तैयार किया जाता है. बारिश की ठंडी शाम में यह व्यंजन स्थानीय लोगों की पहली पसंद माना जाता है.

5. केम्बु सुली भी मानसून की खास पहचान
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ने वाले छोटे अरबी यानी टारो के अंकुरों से बनने वाली केम्बु सुली भी काफी लोकप्रिय है. इसके कोमल डंठलों को काटकर खट्टे और मसालेदार स्वाद वाली करी में पकाया जाता है. यह व्यंजन ग्रामीण इलाकों के घरों में लंबे समय से बनाया जाता रहा है और आज भी इसकी लोकप्रियता बरकरार है.

6. हल्दी की पत्तियों में बनता है खुशबूदार कदुबु
मानसून के दौरान हल्दी के पौधे तेजी से बढ़ते हैं. उनकी बड़ी और सुगंधित पत्तियों का इस्तेमाल कदुबु बनाने में किया जाता है.

7. मौसमी भरावन से बढ़ता है स्वाद
कदुबु के अंदर खीरा, कद्दू, कटहल जैसी मौसमी सामग्री भरी जाती है. इसके बाद इसे हल्दी की पत्तियों में लपेटकर भाप में पकाया जाता है. पत्तियों की प्राकृतिक खुशबू इस व्यंजन का स्वाद और भी खास बना देती है. इसे अक्सर मसालेदार चटनी के साथ परोसा जाता है.

8. जोलड़ा रोटी के बिना अधूरा है भोजन
उत्तर कर्नाटक के पारंपरिक भोजन की बात हो और जोलड़ा रोटी का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता. ज्वार के आटे से बनने वाली यह पतली रोटी बिना तेल के तैयार की जाती है. गर्मागर्म रोटी को मसालेदार करी, दाल और चटनियों के साथ परोसा जाता है. इसके साथ परोसी जाने वाली बादनकेई एन्नेगई, झुणका और शेंगा चटनी पुड़ी जैसे व्यंजन इस क्षेत्र की समृद्ध पाक परंपरा को दर्शाते हैं. हर व्यंजन में स्थानीय मसालों का ऐसा संतुलन होता है जो स्वाद को लंबे समय तक यादगार बना देता है.



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क्या है BharatFS AI सिस्टम? 24 घंटे मिलेगा भारी बारिश का अलर्ट, जानें कैसे करता है काम


महाराष्ट्र ने हाल ही में AI बेस्ड BharatFS सिस्टम लागू किया है। यह स्वदेशी सिस्टम 24 घंटे पहले बारिश और खराब मौसम की जानकारी देता है। देश के अन्य राज्यों में भी इस सिस्टम को आने वाले दिनों में अपनाया जा सकता है। इस सिस्टम की मदद से बारिश का सटीक अनुमान लगाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम की वजह से महाराष्ट्र के नासिक में बादल फटने से होने वाली तबाही से बचा जा सका है।

लगा सकता है सटीक अनुमान

BharatFS AI यानी भारत फोरकास्ट सिस्टम को देश के दो सबसे हाई-परफॉर्मेंस सुपर कम्प्यूटर्स Arka-IITM पुणे और अरुणिका (NCMRWF नोएडा) की मदद से चलाया जाता है। यही कारण है कि भारत का यह घरेलू फोरकास्ट सिस्टम बेहद सटीक अनुमान लगा सकता है। इसकी खास बात ये है कि यह रियल टाइम में फोरकास्ट को समय-समय पर अपडेट करता है। एआई फीचर होने की वजह से इस सिस्टम के जरिए कम रेंज में भी बेहतर सटीकता के साथ मौसम का अनुमान लगाया जा सकता है।

क्या है खास?

BharatFS AI सिस्टम को IITM पुणे ने डेवलप किया है। इस सिस्टम में मौसम की सटीक जानकारी जुटाने के लिए एआई बेस्ड डिसीजन सपोर्ट सिस्टम और सुपर कम्प्यूटर्स का इस्तेमाल किया जाता है। यह सिस्टम 6 किलोमीटर के एरिया में होने वाले मौसम में बदलाव को बारीकी को समझ सकता है। यही नहीं, बहुत कम एरिया में होने वाली घटनाओं को बारीकी से समझ सकता है। इसकी मदद से खराब मौसम की वजह से होने वाली घटनाओं जैसे कि कलाउड ब्रस्ट, फ्लैश फ्लड, लैंडस्लाइट आदि का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।

BharatFS AI सिस्टम को महाराष्ट्र ने मई में अपनाया था। इसे राज्य आपदा प्रबंधन सिस्टम में शामिल किया गया है। जुलाई में हुई भारी बारिश को लेकर इस सिस्टम ने अपनी उपयोगिता साबित की, जिसकी वजह से नासिक में बादल फटने का अलर्ट 24 घंटे पहले मिल गया। आपदा विभाग ने इसकी वजह से पहले ही लोगों को अलर्ट कर दिया। इसकी वजह से प्रशासन को इसे लेकर तैयारी करने का मौका मिल गया। केरल के वायनाड में हुए भयंकर लैंडस्लाइड को भी इस सिस्टम की मदद से रोका जा सकता था। हालांकि, अन्य राज्यों में भी इस सिस्टम को जल्द लगाया जा सकता है।

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ऐसा क्या बोल गए ट्रंप जो 30 मिनट में 1000 अंक टूट गया सेंसेक्स


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Indian Share Market : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट दिखी. उन्होंने ईरान पर दोबारा हमले किए जाने और आगे समझौते पर कोई विचार नहीं करने की बात कही, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया और महज 30 मिनट में सेंसेक्स 1000 अंक टूट गया.

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अमेरिका -ईरान के बीच दोबारा तनाव बढ़ने से शेयर बाजार में गिरावट दिख रही है.

नई दिल्ली. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मानों खसम खा ली है कि न तो खुद शांति से बैठेंगे और न ही दुनिया को शांत रहने देंगे. यही वजह है कि उन्होंने एक बार फिर ईरान को लेकर जहर उगलना शुरू कर दिया है. ट्रंप के इस बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट दिखने लगी और देखते ही देखते महज 30 मिनट के भीतर सेंसेक्स में 1,000 अंकों की गिरावट आ गई. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अब किसी भी तरह के समझौते पर विचार नहीं किया जाएगा और उसके साथ पहले किया गया समझौता खत्म हो चुका है. फिलहाल ईरान के साथ किसी भी तरह की डील पर आगे बातचीत नहीं की जाएगी, क्योंकि वहां के सभी नेता बीमार लोग हैं.

नाटो के महासचिव मार्ग रेट्टी के साथ सैन्य गठबंधन की सालाना बैठक में मौजूद ट्रंप ने कहा कि फिलहाल मेरे लिए ईरान का चैप्टर बंद हो चुका है और मैं उनके ऊपर आगे कोई भी समय बर्बाद नहीं करना चाहता. ट्रंप के इस बयान के बाद ग्लोबल मार्केट में एक बार फिर से हलचल मच गई और 8 जुलाई को दोपहर 1:40 बजे भारतीय शेयर बाजार का सेंसेक्स जो 77,603.99 पर ट्रेड कर रहा था वह अगले 40 मिनट के अंदर 1000 प्वाइंट गिरकर 76,587.81 पर आ गया. इसका मतलब है कि कुछ ही मिनट के भीतर शेयर बाजार में 1.4 फ़ीसदी की तगड़ी गिरावट दिखी. इतना ही नहीं भारतीय शेयर बाजार का वोलैटिलिटी इंडेक्स भी 27 फीसदी चढ़कर 14.77 पर पहुंच गया.

ट्रंप के बयान से पहले ही शुरू हो गया था हमला
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के कुछ ही समय पहले ही अमेरिका ने ईरान पर नए सिरे से हवाई हमले शुरू कर दिए थे. साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने के लिए दी गई छूट भी अचानक खत्म कर दी. ताजा हालात की वजह से बदले समीकरणों में अब होर्मुज जलडमरू मध्य से होकर गुजरने वाली जहाज पर वाशिंगटन और तेहरान दोनों की निगाहें टेढ़ी हो चुकी है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में इस रास्ते से गुजरने वाले तेल के जहाज पर एक बार फिर हमले किए जाने की आशंकाएं पैदा हो गई हैं.

ईरान कर सकता है परमाणु हथियार का इस्तेमाल
ट्रंप आज पूरी तरह से ईरान पर भड़के हुए नजर आए. उन्होंने कहा कि मैं बेकार लोगों के साथ किसी भी तरह की डील नहीं करना चाहता. ईरान के नेता और वहां के लोग पूरी तरह बीमार मानसिकता वाले और हिंसक लोग हैं. अगर उनके पास परमाणु हथियार होंगे तो निश्चित रूप से वह इसका इस्तेमाल भी कर सकते हैं. ट्रंप के जुबानी हमले के कुछ समय पहले ही अमेरिका के हवाई हमले के जवाब में ईरान ने अमेरिकी देश को भी निशाना बनाया था. तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद से ही ट्रंप का मूड पूरी तरह से बिगड़ गया और वह ईरान पर बरस उठे.

सेंसेक्स में तगड़ी गिरावट दिखी
अमेरिका और ईरान के बीच स्थानीय तनाव की वजह से भारतीय शेयर बाजार में भी निवेशकों की मानसिकता पर गहरा आघात पड़ा. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल मार्केट में बढ़ रहे दबाव की वजह से भारतीय निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी. भारी मुनाफावसूली की वजह से सेंसेक्स 1,677 अंकों की गिरावट के साथ 76,503.60 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 516.65 अंकों की गिरावट के साथ 23,882 अंकों पर बंद हुआ. इस दौरान बीएसई सेंसेक्स में 2.5 फ़ीसदी की गिरावट आई तो निफ्टी 2.12 फीसदी के नुकसान पर बंद हुआ. बीएससी पर सूचीबद्ध कंपनियों में से 1000 कंपनियों के स्टॉक में तेजी दिखी तो 3,095 स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुए.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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भारत में टीचर्स की संख्या अब 1 करोड़ के हुई पार, वहीं छात्रों के Dropout रेट में भी आई कमी, सरकार ने जारी किए आंकड़े


अब देश भर के लगभग 14.66 लाख (14,66,682) स्कूलों में 1.02 करोड़ (1,02,73,020) से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं। इसके साथ देश में लगभग 24.72 करोड़ स्टूडेंट हैं। वहीं बात अगर स्कूल छोड़ने वाले छात्रों यानी Dropout की करें तो उनका दर 2024-25 में 2.3 प्रतिशत था जो घटकर अब यानी 2025-26 में 1.8 प्रतिशत हो गया है। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय की UDISE रिपोर्ट में दी गई है।

जारी रिपोर्ट में और क्या बताया है?

शिक्षा मंत्रालय की तरफ  से जारी रिपोर्ट की मानें तो देश भर के सभी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों की संख्या 2022-23 में 94.8 लाख थी जो 2023-24 में बढ़कर 98 लाख हो गई और 2024-25 में 1.01 करोड़ के साथ एक करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया। अगर 2025-26 की बात करें तो इस वर्ष में शिक्षकों की यह संख्या 1.02 करोड़ हो गई है। शिक्षा मंत्रालय ने इसे ‘भारत में स्कूली शिक्षा के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि’ बताया है और इस उपलब्धि का श्रेय समग्र शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 जैसी योजनाओं को दिया है।

स्कूल छोड़ने वालों की दर में आई कमी

उसी रिपोर्ट में बताया गया है कि प्राइमरी और सेकेंडरी लेवल पर स्कूल छोड़ने वालों की दर में उल्लेखनीय कमी आई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, ‘प्रिपरेटरी लेवल पर स्कूल छोड़ने वालों की दर 2024-25 में 2.3 प्रतिशत थी जो घटकर 2025-26 में 1.8 प्रतिशत हो गई। वहीं सेकेंडरी लेवल पर यह 8.2 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत हो गई।’

स्कूलों में एडमिशन भी बढ़े

ड्रापआउट कम होने के साथ ही साथ स्कूलों में कुल दाखिले भी बढ़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में 24.6 लाख से बढ़कर 24.72 लाख हो गए हैं, हालांकि सरकारी संस्थानों में दाखिले 26.8 लाख कम हुए हैं, जो 2024-25 में 12.1 करोड़ से घटकर इस साल 11.8 करोड़ हो गए। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूलों में दाखिले में लगभग 30 लाख छात्रों की बढ़ोतरी देखी गई।

इसके अलावा, अलग-अलग स्तरों पर दाखिले के पैटर्न में भी बदलाव आया है। 2023-24 और 2025-26 के बीच सेकेंडरी स्कूल में दाखिले लगभग 31.5 लाख बढ़े, जबकि प्रीपरेटरी स्तर पर दाखिले 42 लाख कम हुए। सेकेंडरी स्तर पर GRE 2023-24 में 68.5 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 71.7 प्रतिशत हो गया।

ज़ीरो एनरोलमेंट और सिंगल टीचर वाले स्कूल

यह रिपोर्ट ज़ीरो एनरोलमेंट (बिना दाखिले वाले) स्कूलों और सिंगल टीचर (एक शिक्षक) वाले स्कूलों की संख्या में कमी को भी दिखाती है। पिछले सालों की तुलना में इस साल सिंगल टीचर वाले स्कूलों की संख्या में लगभग 3% की कमी आई है। इसी तरह, ज़ीरो एनरोलमेंट वाले स्कूलों की संख्या में भी लगभग 2 प्रतिशत की कमी आई है।

बेहतर ट्रांज़िशन रेट भी दिखा

जारी रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा एकेडमिक ईयर में शिक्षा के अलग-अलग चरणों के बीच ट्रांज़िशन रेट (एक चरण से दूसरे चरण में जाने की दर) में भी सुधार देखा गया है। मंत्रालय के अनुसार, यह सुधार शिक्षा प्रणाली में छात्रों की बेहतर प्रगति को दर्शाता है और यह भी बताता है कि ज्यादा छात्रों ने पढ़ाई बीच में छोड़े बिना अपनी पढ़ाई जारी रखी। वहीं फाउंडेशनल से प्रीपरेटरी लेवल तक ट्रांज़िशन रेट 2024-25 में 98.6 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 99.2 प्रतिशत हो गया।

शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी डेटा से यह भी पता चलता है कि मिडिल और सेकेंडरी चरणों में भी ट्रांज़िशन रेट बढ़ा है। प्रीपरेटरी से मिडिल लेवल में 92.2 प्रतिशत से बढ़कर 93.8 प्रतिशत और मिडिल से सेकेंडरी चरण में 2024-25 में 86.6 प्रतिशत से बढ़कर 2025-26 में 88.3 प्रतिशत हो गया है।

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मां के लिव-इन-पार्टनर की बेटे ने की हत्या, VIDEO: मृतक चिल्लाता रहा- मैंने कुछ नहीं किया, गुजरात के राजकोट की घटना




गुजरात के राजकोट जिले के जेतपुर शहर में मां के 12 साल पुराने लिव-इन रिश्ते से नाराज बेटे ने बीच सड़क पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर व्यक्ति की हत्या कर दी। आरोपी ने दौड़ाकर मृतक के शरीर पर चाकू के 6 वार किए। इस दौरान मृतक मदद की गुहार लगाकर चिल्लाता रहा कि मैंने कुछ नहीं किया है, लेकिन आरोपी उस पर चाकुओं के वार करता गया। आरोपी उसे घायल हालत में छोड़कर फरार हो गया था, जिसे मंगलवार की देर रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। CCTV में वारदात की 3 तस्वीरें… मजदूरी करता था मृतक पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक कमलेश वाघेला पेशे से मजदूर था और इसी इलाके में रहता था। वह आरोपी की मां के साथ पिछले 12 सालों से लिव-इन रिलेशन में था। वायरल CCTV फुटेज के ऑडियो में सुनाई देता है कि घायल कमलेश वाघेला आसपास मौजूद लोगों से अपनी जान बचाने की गुहार लगा रहा है. साथ ही वह आरोपी जयंत वाघेला से भी रहम की अपील करता दिखाई देता है। कमलेश कहता है-मैंने किसी का कुछ नहीं किया है। वहीं, जवाब में जयंत कहता है- मैंने तुम्हें मना किया था कि नहीं। CCTV फुटेज में जयंत के साथ एक अन्य व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है। वह व्यक्ति कौन है, इसे लेकर भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मां के साथ रहना पसंद नहीं था पुलिस की पूछताछ में जयन वाघेला ने बताया कि उसे कमलेशभाई वाघेला का उसकी मां के साथ रहना पसंद नहीं था। वह पहले भी कई बार उसे समझाइश दे चुका था कि वह उसकी मां से मिलने घर न आया करे। लेकिन वाघेला इसके बाद भी हर कभी उसके घर आ जाया करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमलेश और आरोपी की मां नीता पिछले 12 साल से लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे थे। इस दौरान मृतक कमलेश वाघेला ने नीता की बेटी की भी शादी करवाई थी। वहीं, नीता के अन्य दो बेटे राजकोट के कोठारिया इलाके में रहते हैं। इन्हीं में से एक जयंत ने कमलेश की हत्या की। —————– ये खबर भी पढ़ें… एक पति, दो लिव इन पार्टनर, फिर मर्डर:भाई को फोन पर कहा था- वो धमकी दे रहा है 11 साल पहले सात फेरे लेकर नई जिंदगी शुरू की। दो बच्चों की मां बनी, लेकिन वक्त के साथ रिश्ते बदलते चले गए। पति से अलग होकर उसी के दोस्त से शादी कर ली। वहां भी रिश्ता नहीं टिक पाया तो दूसरे पति के रिश्तेदार के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगी। पूरी खबर पढ़ें…



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