लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) आवंटियों की सुविधा के लिए 15 अक्टूबर को गोमतीनगर स्थित प्राधिकरण कार्यालय में लोन मेला लगाएगा। इसमें राष्ट्रीयकृत और अधिसूचित बैंकों के अधिकारी अपनी टीम के साथ मौजूद रहेंगे। आवंटियों को एक ही जगह पर बैंक लोन से जुड़ी जानकारी, आवेदन और एनओसी जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। लोन नहीं मिलने से भुगतान में देरी की समस्या एलडीए के मुताबिक, प्राधिकरण की अलग-अलग आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में बड़ी संख्या में लोगों को संपत्तियां आवंटित की गई हैं। कई आवंटियों को बैंक से लोन मिलने में दिक्कत या सही जानकारी नहीं होने के कारण संपत्ति का पूरा भुगतान करने में परेशानी होती है। भुगतान में देरी होने पर अतिरिक्त ब्याज का बोझ बढ़ता है और कुछ मामलों में आवंटन निरस्त होने का खतरा भी रहता है। इसी को देखते हुए लोन मेले का आयोजन किया जा रहा है। एक ही जगह कई बैंकों से मिलेगा विकल्प मेले में कई बैंक मौजूद रहेंगे, जिससे आवंटियों को अलग-अलग बैंकों की लोन योजनाओं और ब्याज दरों की जानकारी एक ही जगह मिल सकेगी। एलडीए के अधिकारियों के अनुसार, मौके पर बैंक संबंधी सहायता के साथ एनओसी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आवंटियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ईडब्ल्यूएस और कम आय वर्ग के आवंटियों को भी राहत लोन मेले में ईडब्ल्यूएस और अल्प आय वर्ग के आवंटियों के लिए भी विशेष सुविधा रहेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना, अटल नगर योजना, सरदार वल्लभ भाई पटेल आवासीय योजना, पहले आओ-पहले पाओ योजना और अनंत नगर योजना समेत अन्य योजनाओं के आवंटी बैंक लोन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ये दस्तावेज साथ लाने होंगे लोन मेले में आने वाले आवंटियों को आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समेत जरूरी दस्तावेज साथ लाने होंगे। एलडीए का कहना है कि दस्तावेज पूरे होने पर बैंक स्तर की प्रक्रिया को मौके पर ही आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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IIT एडमिशन में बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद: टॉप-500 में 183 ने लिया एडमिशन; कोर्सेज में कंप्यूटर साइंस सबसे ज्यादा पसंद, एयरोस्पेस किसी ने नहीं चुनी
नई दिल्ली57 मिनट पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा
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IIT-JEE 2026 में भी IIT बॉम्बे टॉपर्स की पहली पसंद रहा। टॉप-100 में 68 और टॉप-500 तक रैंक पाने वाले 183 छात्रों ने IIT बॉम्बे में दाखिला लिया। यह जानकारी IIT-JEE 2026 की ज्वाइंट इंप्लीमेंटेशन कमेटी की रिपोर्ट में सामने आई है। इस बार JEE एडवांस का आयोजन IIT रुड़की ने किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 23 IIT में पुराने 7 संस्थानों पर छात्रों का भरोसा कायम है। JEE एडवांस में टॉप-5000 रैंक वालों में से 2,460 छात्रों ने इन्हीं संस्थानों में दाखिला लिया। वहीं, टॉप-500 में से किसी छात्र ने इंदौर, मंडी, भुवनेश्वर, जोधपुर, गांधीनगर, पटना, धनबाद, रोपड़ और वाराणसी समेत 15 IIT में एडमिशन नहीं लिया।

कंप्यूटर साइंस पहली पसंद, IIT बॉम्बे में 142 ने यही चुनी
कोर्स की बात करें तो टॉपर्स की पहली पसंद कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) रही। टॉप-500 में से 365 यानी 73% छात्रों ने अलग-अलग IIT में CSE चुनी।
इनमें सबसे ज्यादा 142 छात्रों ने IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस ली। इसके मुकाबले सिविल इंजीनियरिंग में टॉप-500 में से सिर्फ 2 यानी 0.4% छात्रों ने दाखिला लिया।
टॉप-500 में एयरोस्पेस किसी ने नहीं चुनी
टॉप-500 में किसी भी छात्र ने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग नहीं चुनी। वहीं, AI एंड डेटा एनालिटिक्स में 17 और सिविल इंजीनियरिंग में सिर्फ 2 छात्रों ने दाखिला लिया।

रैंक-1 शुभम कुमार ने चुना IIT दिल्ली
रैंक-1 हासिल करने वाले शुभम कुमार समेत टॉप-10 में शामिल 5 छात्रों ने IIT दिल्ली में दाखिला लिया। लड़कियों में टॉप रहीं आरोही देशपांडे ने भी IIT दिल्ली चुना। उनकी रैंक 77 थी।
वहीं, मद्रास जोन में दाखिला लेने वाली लड़कियों की संख्या सबसे ज्यादा रही। यहां 4,796 में से 1,260 सीटें लड़कियों को मिलीं।
एक्सपर्ट बोले- छात्र बिना रिस्क लिए ट्रेंड अपना रहे
प्रो. वी. रामगोपाल, पूर्व निदेशक, IIT दिल्ली और कुलपति, BITS पिलानी समूह के मुताबिक, किसी संस्थान या ब्रांच का ट्रेंड बनने के बाद उसे बदलने में काफी समय लगता है। बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, कानपुर और खड़गपुर जैसे पुराने IIT की फैकल्टी, सुविधाओं और स्तर में कोई कमी नहीं है। टॉपर बॉम्बे में इसलिए भी दाखिला लेना चाहते हैं क्योंकि पिछले साल के टॉपर्स ने भी वहां दाखिला लिया था।
उनके मुताबिक, छात्र रिस्क नहीं लेना चाहते। उन्हें लगता है कि पहले के टॉपर ने सोच-समझकर ही किसी संस्थान को चुना होगा। टॉप-7 IIT में यह ट्रेंड समय के साथ बदलता रहा है। कभी खड़गपुर और कानपुर के लिए ऐसा ट्रेंड था, फिर दिल्ली के लिए बना। CSE जैसी ब्रांच में टॉप-1000 रैंक वालों को सीट नहीं मिलती तो वे BITS को पसंद करते हैं।
एक्सपर्ट के मुताबिक, सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल जैसे कोर कोर्स में कम दिलचस्पी की एक वजह शुरुआती सैलरी पैकेज भी है। CSE का औसत पैकेज 30 लाख रुपए बताया गया है, जबकि सिविल में यह इसके आधे से भी कम है। हालांकि, अनुभव बढ़ने के साथ दोनों ट्रेड में करिअर बराबर हो जाता है।
इस बार JEE एडवांस कितनी मुश्किल था?
- कुल 102 प्रश्न थे, लेकिन सिर्फ 4 प्रश्न ऐसे रहे, जिन्हें 50% से ज्यादा छात्रों ने पूरी तरह सही हल किया। इनमें मैथेमेटिक्स के 2 और फिजिक्स व केमिस्ट्री के 1-1 सवाल थे।
- 32 प्रश्न ऐसे थे, जिनमें 50% से ज्यादा छात्रों ने गलत उत्तर दिया। इनमें मैथेमेटिक्स के 11, फिजिक्स के 9 और केमिस्ट्री के 12 प्रश्न शामिल थे।
- 21 प्रश्नों के जवाब 50% छात्रों ने नहीं दिए। इनमें मैथेमेटिक्स के 4, फिजिक्स के 11 और केमिस्ट्री के 6 प्रश्न थे।
बालाघाट में 400 करोड़ रुपए के काम होंगे: बच्चों की मौत वाले इलाकों में 20 हेल्थ सेंटर बनेंगे; सड़क, पानी पर भी फोकस – Bhopal News
बालाघाट के जिन आदिवासी इलाकों में कुपोषण और बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं, वहां अब बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने पर फोकस किया जा रहा है। सरकार पांच ब्लॉक किरनापुर, बिरसा, लांजी, बैहर और परसवाड़ा में करीब 1,500 कामों पर एक साल में लगभग 400 करोड़ रुपए खर्च करेगी। योजना में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र, पुलिया, स्टॉप डैम, सामुदायिक भवन और राशन दुकानों समेत कई काम शामिल हैं। मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने योजना को सैद्धांतिक सहमति दे दी है और काम शुरू हो गया है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी पूरे प्लान की जानकारी दी गई। 13 विभाग मिलकर योजना को जमीन पर उतारेंगे। सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जबकि जनजातीय विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा विभागों के बीच समन्वय कर रहे हैं। 151 सड़क और सीसी रोड पर खर्च होंगे 269 करोड़ योजना में सबसे ज्यादा राशि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जरिए खर्च होगी। पांचों ब्लॉक में 151 सड़क और सीसी रोड के काम किए जाएंगे, जिन पर 268.94 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा 69 पुलिया और कल्वर्ट के लिए 34.02 करोड़ तथा 60 स्टॉप डैम के लिए 35.97 करोड़ रुपए का प्रावधान है। 20 से ज्यादा स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण पांचों ब्लॉक में 20 से ज्यादा हेल्थ सेंटर यानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे। सामुदायिक और उपस्वास्थ्य केंद्रों के भवन भी तैयार किए जाएंगे। इन केंद्रों में बिजली की व्यवस्था के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। जिन गांवों में बच्चों की मौत, वहां सुविधाओं पर फोकस डोंगरगांव, बोंदारी, कोंडेकसा, मछरदा, मातला और कोरका जैसे बैगा-गोंड बहुल गांवों में कुपोषण और बीमारी से बच्चों की मौत के मामले सामने आए थे। अब इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। पांचों ब्लॉक में पेयजल की जिम्मेदारी पीएचई को दी गई है। किरनापुर और लांजी में नल-जल योजना का काम पूरा हो चुका है। जिन गांवों में नल-जल योजना के मापदंड पूरे नहीं होते, वहां पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
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रिपोर्ट- सऊदी अरब हूती विद्रोहियों पर हमला करेगा: 1 लाख सैनिक उतारने की तैयारी, बाब-अलमंदेब से कब्जा छुड़ाएगा; यहां से दुनिया का 12% तेल गुजरता है
सऊदी अरब यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिकों को उतार सकता है। इसका मकसद लाल सागर के दक्षिणी छोर पर स्थित बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को हूतियों के कब्जे से छुड़ाना और समुद्री व्यापार का रास्ता सुरक्षित करना है। हूतियों की इस इलाके में बढ़ती पकड़ से दुनिया के अहम समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है। यह रास्ता एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। बाब-अल-मंदेब दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया का 12% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।
बाब-अल-मंदेब पर कब्जे के लिए जंग क्यों? पिछले महीने हूतियों ने यमन के तटीय इलाकों में आगे बढ़ते हुए इस रास्ते के आसपास अपनी पकड़ मजबूत की। उन्होंने सऊदी समर्थित यमन के सरकारी बलों और UAE समर्थित नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज को पीछे धकेला। बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट लाल सागर को अदन की खाड़ी और हिंद महासागर से जोड़ता है। इसके रास्ते जहाज एशिया से लाल सागर और स्वेज नहर होते हुए यूरोप तक पहुंचते हैं। इस वजह से यह वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई के लिए अहम है। सऊदी अरब को आशंका है कि हूतियों का नियंत्रण बना रहा तो इस रास्ते से होने वाले व्यापार और तेल की ढुलाई पर खतरा बढ़ सकता है। हूतियों के खिलाफ दो तरह के सैन्य ऑपरेशन पर विचार रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के सामने सैन्य कार्रवाई के दो विकल्प हैं। पहले विकल्प में बाब-अल-मंदेब के आसपास सीमित हमला करके समुद्री रास्ते को सुरक्षित करने की कोशिश की जाएगी। दूसरे विकल्प में यमन के कई इलाकों में एक साथ ऑपरेशन चलाया जा सकता है। इसमें अल-बायदा, मारिब, ताइज और अल-जौफ जैसे इलाके शामिल हो सकते हैं। इस ऑपरेशन का नेतृत्व यमन की सेनाएं करेंगी, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन मिलेगा। जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब हवाई हमले भी कर सकता है। ऑपरेशन के दायरे के हिसाब से 1 लाख से ज्यादा यमनी सैनिक जुटाए जा सकते हैं। हालांकि, सैन्य कार्रवाई की समयसीमा को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है। अमेरिका सीधे युद्ध में उतरने को तैयार नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका सऊदी अरब को खुफिया जानकारी, लक्ष्य तय करने में मदद और सैन्य सलाह दे रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सऊदी नेतृत्व की सीधे सैन्य मदद और हवाई हमले करने की मांग पर सहमति नहीं दी है। फिलहाल अमेरिका के सीधे युद्ध में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। सऊदी अरब को पाकिस्तान और तुर्किये से भी सैन्य मदद मिली है। पाकिस्तान ने पिछले महीने अदन में एयर डिफेंस सिस्टम, हल्की तोपें, ड्रोन और ड्रोन रोधी उपकरण भेजे थे। पाकिस्तानी सैन्य सलाहकार सऊदी अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान ने यमन में लड़ाई के लिए अपने सैनिक भेजने का फैसला नहीं किया है। तुर्किये के ड्रोन भी यमन में तैनात किए गए हैं। वहीं, फ्रांस ने यानबू में रक्षात्मक प्रणालियां और सैनिक भेजने की घोषणा की है। सऊदी अरब के सामने क्या चुनौती है? यमन में हूतियों के विरोधी गुटों के बीच एकता की कमी सऊदी अरब के लिए बड़ी चुनौती है। इन गुटों के हित और राजनीतिक लक्ष्य अलग-अलग हैं। ऐसे में केवल सैनिकों की संख्या बढ़ाने से ऑपरेशन की सफलता तय नहीं होगी। सऊदी अरब की चिंता अपने तेल ठिकानों की सुरक्षा को लेकर भी है। हूती पहले भी ड्रोन और मिसाइलों से सऊदी अरब को निशाना बना चुके हैं। अगर यमन में लड़ाई तेज होती है, तो सऊदी तेल ठिकानों और समुद्री व्यापार पर हमलों का खतरा भी बढ़ सकता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें…. नेतन्याहू बोले- हमलावर को किसने भेजा, जांच कर रहे:उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी; रिपोर्ट- चुनाव में हार रहे थे नेतन्याहू, हादसे का फायदा मिला इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कैप्टन पर हमले के आरोपी ओमानी पायलट को किसने भेजा था, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस घटना के पीछे कोई व्यक्ति या संगठन मिला, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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चाट बेचकर रोज 3000 की कमाई, बीकॉम पास पोखन ने 1 लाख में ऑटो को बनाया चलता फिरता ठेला
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Chhattisgarh Street Food: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के निपानी गांव के युवा पोखन लाल साहू ने नौकरी की तलाश करने के बजाय अपने पारिवारिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने का फैसला किया. आज उनका चलता-फिरता चाट सेंटर आसपास के बाजारों में पहचान बना चुका है. बाजार चौक पर अक्सर मिलने वाले इस चाट सेंटर में चाट और गुपचुप की सबसे ज्यादा मांग रहती है. खास बात यह है कि यहां मिलने वाला फ्राई चाट महज 20 रुपये में ग्राहकों को मिल जाता है.
पोखन लाल साहू लोकल 18 को बताते हैं कि फ्राई चाट तैयार करने से पहले इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री को अच्छी तरह फ्राई किया जाता है. इसके बाद उसे चाट के रूप में तैयार किया जाता है. यही तरीका इसके स्वाद को अलग बनाता है.
कम कीमत और स्वाद की वजह से ग्राहक इसे काफी पसंद करते हैं. पोखन के मुताबिक, इस चाट सेंटर की शुरुआत उनके पिता ने की थी. करीब 11 साल पहले उन्होंने इसकी जिम्मेदारी संभाली और धीरे-धीरे काम को अपने तरीके से आगे बढ़ाया.
पोखन ने बीकॉम तक पढ़ाई की है लेकिन उन्होंने नौकरी को अपना लक्ष्य नहीं बनाया. उनका कहना है कि परिवार के पहले से चल रहे व्यवसाय को आगे बढ़ाने में ही उन्होंने अपना भविष्य देखा.
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पोखन ने अपने व्यवसाय को अलग पहचान देने के लिए एक पुराने ऑटो को खरीदकर उसे मॉडिफाई कराया और उसे चलता-फिरता चाट ठेला बना दिया. ऑटो की खरीद और उसे चाट सेंटर के रूप में तैयार कराने में करीब एक लाख रुपये खर्च हुए. इसका फायदा यह है कि वह जरूरत के अनुसार अलग-अलग बाजारों में आसानी से पहुंच जाते हैं.
पोखन रोजाना दोपहर 12 बजे से शाम 7 बजे तक चाट सेंटर लगाते हैं. इस काम से रोजाना 3000 रुपये से ज्यादा की आय होने का दावा है. इसके अलावा वह आसपास के चार-पांच बाजारों में जाकर भी चाट और गुपचुप बेचते हैं. पोखन की यह पहल बताती है कि स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार को नए तरीके से चलाकर भी युवा अपनी अलग पहचान बना सकते हैं.
सूरत से चली वंदे भारत पहुंची उदयपुर: सिटी स्टेशन पर दिखा उत्साह; कल से ट्रेन का होगा नियमित संचालन – Udaipur News
उदयपुर और सूरत के बीच नई रेल कनेक्टिविटी की शुरुआत हो गई है। सूरत से रवाना हुई वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार शाम करीब 5:40 बजे उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के उदयपुर पहुंचते ही स्टेशन पर लोगों में उत्साह देखने को मिला। नई ट्रेन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और इसके साथ तस्वीरें भी लीं। उदयपुर में इससे पहले सफेद-नीले रंग के कॉम्बिनेशन वाली वंदे भारत दौड़ रही थी, लेकिन सूरत से उदयपुर आई ये ट्रेन केसरिया-ग्रे का कॉम्बिनेशन में है। इससे पहले सुबह सूरत में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही सूरत से उदयपुर के बीच बहुप्रतीक्षित सीधी व तेज रेल सेवा की शुरुआत हुई। 3 अक्टूबर से इस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। गाड़ी संख्या 26904 उदयपुर सिटी-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस 3 अक्टूबर से हर मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन दोपहर 15:35 बजे उदयपुर सिटी से चलकर रात 23:00 बजे सूरत पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 26903 सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस 4 अक्टूबर से मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन सुबह 06:10 बजे सूरत से रवाना होकर दोपहर 13:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी।
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दो महिलाओं ने महिला को स्प्रे कर किया बेहोश,चोरी की: सोने-चांदी की ज्वेलरी-2.27 लाख रुपए उड़ाए – Jodhpur News
जोधपुर में झंवर थाना क्षेत्र के दईपड़ा खींचियान गांव में घर में अकेली महिला को स्प्रे कर बेहोश करने के बाद चोरी का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार- दो महिलाएं घर के गेट पर पहुंचीं और बातचीत के दौरान महिला के मुंह पर स्प्रे कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। करीब एक घंटे बाद होश आने पर घर का सामान बिखरा मिला और संदूक में रखे आभूषण व नकदी गायब थी। झंवर थाने में दी रिपोर्ट में दईपड़ा खींचियान निवासी वरजू कंवर (39) पत्नी सुजान सिंह ने बताया- 29 सितंबर को सुबह करीब 11 बजे वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान दो महिलाओं ने गेट पर आवाज लगाई। वह बाहर आई तो दोनों महिलाओं ने उसके मुंह पर स्प्रे कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। महिला ने बताया- करीब एक घंटे बाद जब उसे होश आया तो घर का सामान इधर-उधर बिखरा हुआ था। उसने अपने देवर धनसिंह को फोन कर बुलाया। जांच करने पर घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब मिली। जेवर और नकदी चोरी रिपोर्ट के मुताबिक- चोरी गए सामान में करीब 2 तोला सोने के कानों के आभूषण, आधा तोला सोने का मांदलिया, आधा तोला सोने की अंगूठी तथा करीब 30 तोला चांदी की तीन जोड़ी पायल, छड़ें शामिल हैं। इसके अलावा लोहे के संदूक में रखे 2 लाख 27 हजार रुपए नकद चोरी होने की बात कही गई है। महिला के पति मुंबई में रहते हैं। पुलिस ने रिपोर्ट कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बिना घोषणा पत्र भरे अब बन सकेंगे वोटर: फार्म 6 भरना होगा, ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे – Gorakhpur News
वोटर बनने के लिए अब कोई घोषणा पत्र नहीं भरना होगा। इसको लेकर जो बाध्यता थी, उसे खत्म कर दिया गया है। अब 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवा, पहली बार मतदाता बनने वाले, ऐसे लोग जो एसआईआर के समय छूट गए थे, जिनके पास घर नहीं है, महिला व दिव्यांग मतदाता को फार्म 6 भरकर जमा करना होगा। इसके जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़ जाएगा। आवेदक आनलाइन या आफलाइन, दोनों ही माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों के लिए फार्म-6 के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा देता है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि जिन पात्र लोगों का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर के संबंध में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे भी फार्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। एसआईआर के समय जरूरी कर दिया गया था घोषणा पत्र एसआईआर के समय फार्म 6 के साथ घोषणा पत्र भरना जरूरी थी। इसमें 2003 की सूची के अनुसार अपने घर के लोगों के नाम देने थे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता निर्वाचन आयोग ने समाप्त कर दी है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरकर लगाना अनिवार्य नहीं है।
पात्र व्यक्ति संबंधित बीएलओ के माध्यम से आफलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिक भारतीय नागरिक होना, संबंधित क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और अयोग्य न होना जरूरी है। एसआइआर में कटे थे 6.45 लाख नाम गोरखपुर में एसआइआर से पहले 36.66 लाख से अधिक मतदाता थे। अभियान में 6.45 लाख से अधिक नाम हटे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो मतदाता तो थे, लेकिन 2003 की मतदाता सूची में अपने, माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से संबंधित जरूरी जानकारी या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। जिला स्तर पर एसआइआर के बाद जारी आंकड़ों में 6,45,634 नाम हटने और मतदाताओं की संख्या घटकर 30,20,908 होने की जानकारी दी गई थी। एसआइआर के दौरान फार्म छह के साथ घोषणा पत्र के जरिए 2003 के रिकार्ड की जानकारी देना महत्वपूर्ण हो गया था। अब इस अतिरिक्त बाध्यता के हटने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी , जो पुराने पारिवारिक रिकार्ड की जानकारी न होने के कारण आवेदन की प्रक्रिया में अटक रहे थे।
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भागलपुर- जीविका के 20 साल पूरे होने पर नीतीश संवाद: महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता पर चर्चा, जदयू नेता बोले- महिलाओं की भागीदारी से बदलेगा बिहार – Bhagalpur News
जीविका के 20 साल पूरे होने पर जनता दल यूनाइटेड ने भागलपुर में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम किया। इसमें जीविका से जुड़ी कई महिलाएं शामिल हुईं। मंच से जीविका के दो दशक के सफर, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर बात हुई। जेडीयू नेताओं ने इसे नीतीश कुमार की पहल बताया। कार्यक्रम में कदवा विधायक दुलाल चंद गोस्वामी, विधान परिषद सदस्य विजय सिंह, सुल्तानगंज विधायक ललित नारायण मंडल, जेडीयू नेता सुड्डू साईं और प्रवक्ता शैलेन्द्र तोमर मौजूद रहे। ग्रामीण और शहरी इलाकों से आई जीविका दीदियों की भागीदारी खास रही। ‘बिहार की आधी आबादी रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही’ दुलाल चंद गोस्वामी ने कहा कि बिहार की आधी आबादी रोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है। विजय सिंह ने जीविका दीदियों के योगदान और उनकी बढ़ती सामाजिक-आर्थिक भागीदारी पर जोर दिया। ललित नारायण मंडल ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक रूप से मजबूत होने से पूरे परिवार और समाज पर अच्छा असर पड़ता है। सुड्डू साईं ने जीविका के 20 साल के सफर पर रखी बात जेडीयू नेता सुड्डू साईं ने जीविका के 20 वर्षों के सफर और इसके जरिए महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की पहल पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि जीविका से जुड़ी महिलाओं ने समूह के स्तर से आगे बढ़कर रोजगार और छोटे कारोबार के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। कार्यक्रम में उन्होंने महिला भागीदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
शैलेन्द्र तोमर बोले- महिलाओं की भागीदारी से बदलेगा बिहार जेडीयू प्रवक्ता शैलेन्द्र तोमर ने महिला सशक्तिकरण को बिहार के विकास से जोड़ते हुए जीविका दीदियों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करना विकास की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जीविका से जुड़ी महिलाओं के प्रयासों को आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। ‘नीतीश संवाद’ में जीविका के 20 साल की चर्चा कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2006 में शुरू हुई जीविका ने ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का काम किया। महिलाओं को बैंकिंग, बचत, ऋण और स्वरोजगार से जोड़ने की पहल ने ग्रामीण स्तर पर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने का रास्ता तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान जीविका से जुड़ी महिलाओं के प्रयासों की सराहना की गई। नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में भी महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में काम जारी रहना चाहिए।
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अपने ही खेल में फंस गए ट्रंप, जनता को बचाने के लिए जी-7 देशों ने खोला अपना भंडार
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America Crisis : अमेरिका में अगले महीने मध्यावधि चुनाव आने वाले हैं और इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है. अमेरिका में तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं और हालात इतने गंभीर हो गए कि ट्रंप को जी -7 देशों से मदद की गुहार लगानी पड़ी. हालांकि, जी-7 देशों ने इसे स्वीकार कर लिया और 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जता दी है.
अमेरिका में डीजल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं.
नई दिल्ली. ईरान और रूस पर प्रतिबंध लगाकर डोनाल्ड ट्रंप जिस संकट में दुनिया को धकेलना चाहते थे, अब उसमें खुद उनके ही देश के लोग घिरते नजर आ रहे हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति को जी-7 देशों के समूह से मदद की गुहार लगानी पड़ी. अब जी-7 देशों ने अमेरिका को इस संकट से बचाने के लिए अपना भंडार खोल दिया है. इस मदद में सबसे बड़ी हिस्सेदारी यूरोपीय देशों की है, जिसे ट्रंप आजकल खुलेआम धमकी देते नजर आते हैं.
यह सारा मामला जुड़ा है अमेरिका में डीजल की आसमान छूती कीमतों से. दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला अमेरिका इन दिनों ईंधन के संकट से जूझ रहा है. ऊपर से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पार्टी पर काफी दबाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में देश के लोगों पर इस बोझ को कम करने के लिए ट्रंप ने जी-7 देशों से मदद की गुहार लगाई और वहां से हरी झंडी भी मिल गई है. सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी7 ने अपने रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है. इसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर डीजल जारी करने से होगी.
ट्रंप ने जताई फैसले पर खुशी
यह कदम अमेरिका में ईंधन की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद उठाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डीजल जारी करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी. नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने का भारी दबाव है. यही वजह है कि ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यूरोप अपने भारी भंडार वाले डीजल तेल की एक बड़ी मात्रा जारी करने पर सहमत हो गया है और यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी.
क्यों आया कीमतों में इतना उछाल
ईरान युद्ध और व्यापारिक टकरावों के कारण अमेरिका में तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग में गिरावट देखी जा रही है. आठ महीने से जारी इस युद्ध के दौरान अमेरिका और अन्य देशों में गैस और ईंधन की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं. हालांकि, ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना जायज है. उनका दावा रहा है कि युद्ध समाप्त होने के बाद कीमतें नीचे आ जाएंगी,लेकिन फिलहाल इस युद्ध का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है.
कितनी पहुंच गई अमेरिका में कीमत
अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (एएए) के अनुसार अमेरिका में एक गैलन डीजल का राष्ट्रीय औसत 22 सितंबर को 6.52 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद शुक्रवार को 6.37 डॉलर रहा. अमेरिका स्थित फ्रांसीसी दूतावास के अनुसार, ट्रंप ने बढ़ती ईंधन कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर जी7 के अध्यक्ष व फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से रात में चर्चा की थी. इसके बाद मैक्रों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जी7 नेताओं की एक बैठक की. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ईंधन की बढ़ती कीमतों से निपटने के इस प्रयास को आगे ले जाएगी. फ्रांस का कहना है कि आईईए के जरिये 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की अपनी प्रतिबद्धताओं को तत्काल लागू करेंगे, जो चार महीनों तक चलेगा. इसके तहत जी7 सदस्य और साझेदार देश पहले 20 दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर डीजल जारी करेंगे.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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