भोपाल के बावड़िया कलां स्थित शुभालय बिहार (गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित) में टीएंडसीपी के स्वीकृत नक्शे के विपरीत बने 22 मकानों को नगर निगम ने अवैध घोषित कर नोटिस जारी किए हैं। इनमें 17 मकान मालिकों को 15 दिन में अवैध निर्माण खुद हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि 5 अधूरे मकानों का निर्माण तत्काल रोकने को कहा गया है। खास बात यह है कि जिन मकानों को निगम अब अवैध मान रहा है, उनमें से निर्माण की बिल्डिंग परमिशन खुद निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने जारी की थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट में दायर अवमानना याचिका के बाद हुई है। उपायुक्त सहकारिता ने 13 फरवरी 2026 को नगर निगम को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा था। इसके बाद निगम ने पहले 17 और अब शेष 5 मकानों समेत सभी 22 निर्माणों को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता विवेक दीक्षित के मुताबिक, संस्था के 44 संस्थापक सदस्यों की करीब 5 एकड़ जमीन पर भू-माफिया ने 48 प्लॉट अवैध तरीके से बेच दिए। प्लॉट खरीदने वाले लोग संस्था के सदस्य नहीं हैं और उन्होंने संस्था को राशि भी नहीं दी। वहीं संस्था के संस्थापक सदस्यों को जमीन का हिस्सा नहीं मिला। सहकारिता विभाग ने इन रजिस्ट्रियों को शून्य कराने के लिए सिविल कोर्ट में केस दायर किया है। 38 रजिस्ट्रियों के 18.74 करोड़ रुपए संस्था के खाते में नहीं पहुंचे फरवरी 2026 में सहकारिता विभाग की जांच में सामने आया कि 2018 से 2023 के बीच वास्तविक सदस्यों को दरकिनार कर बाहरी लोगों के नाम करीब 50 रजिस्ट्रियां की गईं। इनमें से 32 रजिस्ट्रियां अवैध पाई गईं। जांच में 38 रजिस्ट्रियों की करीब 18.74 करोड़ रुपए की राशि संस्था के खाते में जमा नहीं होने की बात सामने आई। ऑपरेटर अनिल कुमार रावत की रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों और हैंडराइटिंग में हेरफेर के जरिए वास्तविक सदस्यों के अधिकार छीने जाने का उल्लेख है। ये रजिस्ट्रियां तत्कालीन अध्यक्ष अनिता विष्ट और तत्कालीन प्रबंधक मनोज साहू के कार्यकाल में हुई थीं।
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अरेराज में अनंत चतुर्दशी मेले की तैयारी पूरी: पहली बार सोमेश्वर हाई स्कूल मैदान में लगा जर्मन हैंगर, 1000 से अधिक गद्दों की व्यवस्था – Motihari (East Champaran) News
बिहार के काशी कहे जाने वाले अरेराज स्थित सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने उनके ठहरने, भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की तैयारी पूरी कर ली है। सोमवार को जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात समेत जिले के कई अधिकारी अरेराज पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने सोमेश्वर हाई स्कूल परिसर और मंदिर प्रांगण का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पेयजल, शौचालय, बिजली, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए। पहली बार लगाया गया जर्मन हैंगर, 1000 से ज्यादा गद्दे होंगे श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए इस बार सोमेश्वर हाई स्कूल मैदान में पहली बार विशाल जर्मन हैंगर लगाया गया है। डीएम ने हैंगर में 1000 से अधिक गद्दों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त टेंट लगाने को भी कहा गया। जर्मन हैंगर और टेंट में पंखे और कूलर लगाने के साथ पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को रात में ठहरने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो। अस्थायी शौचालय बन रहे, सफाई पर रहेगी विशेष नजर मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी शौचालय भी बनाए जा रहे हैं। डीएम ने नगर पंचायत अरेराज के कार्यपालक पदाधिकारी को शौचालयों की नियमित साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेला अवधि के दौरान स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने के कारण सफाई व्यवस्था लगातार बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है। मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए होगी बैरिकेडिंग मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सभी जरूरी स्थानों पर बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया गया। डीएम और एसपी ने श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए निर्धारित मार्ग, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। मंदिर में अधिक भीड़ जमा होने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल और अन्य जरूरी इंतजाम रखने को कहा गया। अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने पर विशेष जोर दिया। श्रद्धालुओं के सुरक्षित निकलने के लिए बनाए जाएंगे 2 निकास द्वार निरीक्षण के दौरान मंदिर से श्रद्धालुओं के सुरक्षित बाहर निकलने की व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए। मंदिर परिसर में दो निकास द्वार तैयार करने को कहा गया, ताकि भीड़ के समय श्रद्धालुओं को बाहर निकलने में परेशानी न हो। इसके साथ ही मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में जनरेटर उपलब्ध रखने को भी कहा गया। देवापुर संगम घाट पर गोताखोर और पुलिस बल रहेंगे तैनात मंदिर और मेला क्षेत्र के निरीक्षण के बाद डीएम-एसपी समेत अधिकारी देवापुर संगम घाट भी पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल भरने के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकारियों ने घाट की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। सुरक्षा के लिहाज से घाट पर गोताखोर और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को घाट पर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। भीड़ को देखते हुए घाट पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने का निर्देश दिया गया। भीड़ बढ़ने के साथ लगातार निगरानी के निर्देश निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाओं को लगातार सक्रिय रखने पर जोर दिया। प्रशासन की ओर से ठहरने, पेयजल, शौचालय, बिजली, प्रकाश, बैरिकेडिंग और सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिए गए हैं। अनंत चतुर्दशी के मौके पर सोमेश्वरनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन का फोकस भीड़ को व्यवस्थित रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और मंदिर-घाट क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर है।
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अस्थायी कैजुअल रेलवे कर्मियों के परिजनों को नहीं मिलेगी पेंशन: हाईकोर्ट की फुल बेंच ने साल पुराने विवाद का निपटारा किया; नियमित नियुक्ति से पहले मौत पर लाभ नहीं – Jodhpur News
राजस्थान हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय फुल बेंच ने रेलवे के कैजुअल कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े पुराने कानूनी विवाद को खत्म कर दिया है। कोर्ट ने कहा- अगर अस्थायी दर्जा प्राप्त कैजुअल कर्मचारियों की नियमित या अस्थायी पद पर नियुक्ति से पहले मौत हो जाती है तो उनके परिजन या विधवाएं पेंशन का लाभ पाने के हकदार नहीं होंगे। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण की फुल बेंच ने अल्मा और अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं के पति उत्तर रेलवे के जोधपुर मंडल में कैजुअल गैंगमैन और सब्स्टीट्यूट खलासी जैसे पदों पर काम करते थे। उनकी नौकरी के दौरान ही मौत हो गई थी। रेलवे ने जब पेंशन देने से मना कर दिया तो परिजनों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का दरवाजा खटखटाया। वहां से राहत न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। साल 2003 में एक पुराने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए इस मामले को फुल बेंच के पास भेजा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट ने चंदा देवी मामले (2008) में इस बारे में स्थिति पहले ही साफ कर दी थी। इंडियन रेलवे एस्टेब्लिशमेंट मैनुअल के पैरा 1501 के मुताबिक, ‘अस्थाई रेलवे कर्मचारी’ की परिभाषा में कैजुअल लेबर (भले ही उन्हें अस्थाई दर्जा मिला हो) शामिल नहीं हैं। केंद्र सरकार की तरफ से सीनियर पैनल काउंसिल प्रकाश चौधरी ने अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट की फुल बेंच ने माना कि याचिकाकर्ताओं के पति किसी अस्थाई पद पर नियुक्त होने से पहले ही गुजर गए थे। इसलिए, वे रेलवे मैनुअल के तहत पेंशन के हकदार नहीं थे। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।
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11 महीने के मासूम पर गर्म दूध गिरा, मौत: उन्नाव में पिता के हाथ से छूटा बर्तन, अस्पताल में दम तोड़ा – Unnao News
उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के जैस गांव में सोमवार शाम एक हादसा हुआ। यहां गर्म दूध से झुलसने के कारण 11 माह के मासूम राजेश चंद्र की मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले गए, लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। जैस गांव निवासी राजेश चंद्र की उम्र 11 माह थी। सोमवार शाम करीब छह बजे घर में गर्म दूध रखा था। परिजनों ने बताया कि बच्चे के पिता गर्म दूध का बर्तन टांगने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके हाथ से दूध का बर्तन छूट गया। बर्तन गिरने से खौलता हुआ दूध पास खड़े मासूम राजेश चंद्र पर गिर गया।
गर्म दूध गिरने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत बच्चे को मौरावां अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उन्नाव जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। जिला अस्पताल में करीब सवा सात बजे डॉक्टरों ने राजेश चंद्र को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने भी मामले की जांच की। परिजनों ने बताया कि कुछ देर पहले तक घर में सब सामान्य था, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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बक्सर में 23 सितंबर को आएंगे CM सम्राट चौधरी: आगमन-वामन द्वादशी पर बदलेगा ट्रैफिक, 22 की रात से बड़े वाहनों की नो-एंट्री – Buxar News
बक्सर में वामन द्वादशी पूजा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रस्तावित आगमन को लेकर जिला पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है। पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से 20 सितंबर को जारी सूचना के मुताबिक, 22 और 23 सितंबर को शहर में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। 23 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कई प्रमुख रास्तों पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक या नियंत्रण रहेगा। 23 सितंबर को इन रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक नियंत्रण पुलिस के अनुसार, आईटीआई मोड़ से मठिया मोड़, हवाई अड्डा मोड़, सेंट्रल जेल मोड़, ठोरा पुल होते हुए ताड़का नाच तक जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहेगा। इसी तरह आईटीआई मोड़ से डीएवी मोड़, ज्योति चौक, बस स्टैंड, सिंडिकेट मोड़ होते हुए गोलंबर तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। गोलंबर से अहिरौली, कठकौली मोड़, चुरामनपुर और पड़री मोड़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी निर्धारित समय में यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा। चारपहिया, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग रूट पुलिस ने चारपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए वैकल्पिक रूट भी तय किए हैं। गोलंबर से सेमरीपुर पुल, मठिया पुल, मुनीम चौक, जमुना चौक और ठठेरी बाजार होते हुए पुलिस चौकी तक जाने का रास्ता निर्धारित किया गया है। पुलिस चौकी से रामरेखा घाट, पीपी रोड और मुनीम चौक की ओर जाने के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। मंदिर और घाट जाने वालों के लिए भी रूट तय पुलिस चौकी से नाथ बाबा पुल, जेल मोड़, श्री सुमेश्वर नाथ मंदिर, श्री वामन देव मंदिर, सिपाही घाट और तीन मोहानी घाट तक जाने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया है। वहीं, पुलिस चौकी से ज्योति चौक, अंबेडकर चौक, रेलवे स्टेशन और इटाढ़ी गुमटी की ओर जाने वालों के लिए भी निर्धारित मार्ग से आवागमन की व्यवस्था की गई है। चार जगहों पर होगी वाहनों की पार्किंग पुलिस ने शहर में वाहनों की पार्किंग के लिए चार स्थान तय किए हैं। इनमें किला मैदान, बाजार समिति कैंपस, सिपाही घाट और रेलवे स्टेशन के बगल में माल गोदाम के सामने पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। किला मैदान और बाजार समिति कैंपस में ट्रैक्टर, पिकअप समेत छोटी-बड़ी गाड़ियों की पार्किंग की जा सकेगी। सिपाही घाट पर छोटे वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए पार्किंग रहेगी। माल गोदाम के सामने मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, ट्रक और चारपहिया वाहनों की पार्किंग निर्धारित की गई है। मरीज और एंबुलेंस को नो-एंट्री से छूट पुलिस ने मरीजों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को नो-एंट्री से मुक्त रखा है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अपने साथ रेलवे टिकट रखना होगा। पुलिस ने आम लोगों से अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहन लेकर शहर में नहीं निकलने की अपील की है। 22 सितंबर की रात से बड़े वाहनों की नो-एंट्री वामन द्वादशी और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए 22 सितंबर की रात 8 बजे से 23 सितंबर की रात 10 बजे तक बक्सर शहर में बड़े वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। पुलिस ने लोगों से निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
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अशोका गार्डन, दानिश हिल्स-हिनोतिया में कल बिजली कटौती: भोपाल के 35 इलाकों में असर; बसंतकुंज-कान्हाकुंज में भी सप्लाई नहीं – Bhopal News
भोपाल के करीब 35 इलाकों में मंगलवार को 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिश हिल्स, कान्हाकुंज, राजीव नगर, हिनोतिया, अनंतपुर कोकता, अशोका गार्डन, प्रकाश नगर, भेल नगर, बसंतकुंज, वर्धमान नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
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ईरान के आसमान में फिर UFO दिखने का दावा: 1976 में भी दिखा था; पीछा करने वाले फाइटर जेट के सिस्टम फेल हो गए थे
तेहरान6 घंटे पहले
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ईरान के तेहरान में एक अनजान ऑब्जेक्ट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में चमकती अलग-अलग रंगों की लाइट वाला एक ऑब्जेक्ट दिखाई देने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो सामने आए हैं। लोग दावा कर रहे हैं की यह UFO हो सकता है।
50 साल पहले 19 सितंबर 1976 में भी तेहरान के आसमान में ऐसा ही एक चमकीला ऑब्जेक्ट दिखने की घटना सामने आई थी। इस ऑब्जेक्ट की जांच के लिए ईरान ने F-4 फाइटर जेट भेजे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक फाइटर जेट जब ऑब्जेक्ट के करीब पहुंचा तो उसके कुछ सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। पायलट पीछे हटा तो सिस्टम फिर सामान्य हो गया।
आधिकारिक रिकॉर्ड में यह साबित नहीं हुआ कि वह चीज आखिर थी क्या। बाद में यह घटना UFO पर रिसर्च करने वाले लोगों के बीच काफी चर्चित हो गई।

राजधानी तेहरान में आसमान में दिख रहे इस ऑब्जेक्ट पर सोशल मीडिया पर बहस तेज है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर सामने आया यह वीडियो रविवार 20 सितंबर का बताया जा रहा है। एक पोस्ट में दावा किया गया कि इसे तेहरान के आजादेगान एक्सप्रेसवे के पास देखा गया।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ऑब्जेक्ट वास्तव में किस जगह था, कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसकी रफ्तार कितनी थी और उसका आकार कितना बड़ा था।
ईरानी अधिकारियों ने भी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि यह ऑब्जेक्ट क्या था या इससे कोई खतरा था।
ड्रोन से लेकर पतंग तक के दावे
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं। कुछ लोगों ने अमेरिका के साथ चल रही जंग के कारण कहा कि यह कोई सैन्य ड्रोन हो सकता है। कुछ ने एक साथ उड़ रहे कई ड्रोन होने की बात कही।
वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दूर से देखने पर ये लाइट किसी पतंग की भी हो सकती हैं। साइबर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी इनमें से किसी दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर यह तस्वीर शेयर की जा रही है। दावा है कि तेहरान के आसमान में दिखा UFO जैसा ऑब्जेक्ट असल में एक पतंग थी।
अमेरिकी रिकॉर्ड में भी 1976 की घटना का जिक्र
1976 की घटना अमेरिकी सरकार के रिकॉर्ड में भी मौजूद हैं। अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के आर्काइव में इस घटना से जुड़ी जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ की रिपोर्ट, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट और अमेरिकी डिफेंस की रिपोर्ट शामिल हैं।
इन दस्तावेजों से इतना जरूर पता चलता है कि 1976 में तेहरान में ऑब्जेक्ट देखे जाने की घटना की आधिकारिक रिपोर्ट बनी थी और इसकी जांच की गई थी।
हालांकि, ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि वह ऑब्जेक्ट और इस हफ्ते तेहरान में रिकॉर्ड किए गए वीडियो का आपस में कोई संबंध है।

ईरान की US को धमकी- नए ठिकानों पर हमला करेंगे
ये वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी दी।
IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका के साथ तनाव और बढ़ता है तो ईरान नए हथियार और नई सैन्य रणनीति इस्तेमाल करेगा। साथ ही उन जगहों को भी निशाना बनाया जाएगा, जहां पहले हमला नहीं किया गया है।
IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरान लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। अगर लड़ाई और बढ़ती है तो ईरान अपनी रक्षा और जवाबी कार्रवाई के तरीके में बड़े बदलाव करेगा।

अमेरिका की ईरानी एयरलाइंस पर कार्रवाई की धमकी
अमेरिका ईरानी एयरलाइंस के लिए विदेशों में उड़ान भरना मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहा है। US ने ईरानी एयरलाइंस की 23 सितंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रोकने की धमकी दी है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि बुधवार से ईरानी एयरलाइंस को दुनिया भर में बंद करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
अमेरिका ने एयरपोर्ट, फ्यूल सप्लायर और दूसरी एविएशन कंपनियों को भी चेतावनी दी कि अगर ये कंपनियां ईरानी एयरलाइंस को ईंधन, लैंडिंग सुविधा या टिकट बिक्री जैसी सेवाएं देती हैं तो उन पर भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
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अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति

अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
ईरान के आसमान में फिर UFO का दावा: 1976 में भी दिखा था ऐसा ऑब्जेक्ट, पीछा करने पहुंचे फाइटर जेट के सिस्टम फेल हुए थे
7 मिनट पहले
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ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में चमकती अलग-अलग रंगों की लाइट वाला एक ऑब्जेक्ट दिखाई देने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो सामने आए हैं। लोग दावा कर रहे हैं की यह UFO हो सकता है।ऑब्जेक्ट काफी नीचे उड़ रहा था।
50 साल पहले 19 सितंबर 1976 में भी तेहरान के आसमान में ऐसा ही एक चमकीला ऑब्जेक्ट दिखने की घटना सामने आई थी। इस ऑब्जेक्ट की जांच के लिए ईरान ने F-4 फाइटर जेट भेजे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक फाइटर जेट जब ऑब्जेक्ट के करीब पहुंचा तो उसके कुछ सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। पायलट पीछे हटा तो सिस्टम फिर सामान्य हो गया।
आधिकारिक रिकॉर्ड में यह साबित नहीं हुआ कि वह चीज आखिर थी क्या। बाद में यह घटना UFO पर रिसर्च करने वाले लोगों के बीच काफी चर्चित हो गई।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर सामने आया यह वीडियो रविवार 20 सितंबर का बताया जा रहा है। एक पोस्ट में दावा किया गया कि इसे तेहरान के आजादेगान एक्सप्रेसवे के पास देखा गया।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ऑब्जेक्ट वास्तव में किस जगह था, कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसकी रफ्तार कितनी थी और उसका आकार कितना बड़ा था।
ईरानी अधिकारियों ने भी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि यह ऑब्जेक्ट क्या था या इससे कोई खतरा था।
ड्रोन से लेकर पतंग तक के दावे
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं। कुछ लोगों ने अमेरिका के साथ चल रही जंग के कारण कहा कि यह कोई सैन्य ड्रोन हो सकता है। कुछ ने एक साथ उड़ रहे कई ड्रोन होने की बात कही।
वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दूर से देखने पर ये लाइट किसी पतंग या किसी दूसरे ऑब्जेक्ट की भी हो सकती हैं। साइबर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी इनमें से किसी दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान की US को धमकी- नए ठिकानों पर हमला करेंगे
ये वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी दी।
IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका के साथ तनाव और बढ़ता है तो ईरान नए हथियार और नई सैन्य रणनीति इस्तेमाल करेगा। साथ ही उन जगहों को भी निशाना बनाया जाएगा, जहां पहले हमला नहीं किया गया है।
IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरान लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। अगर लड़ाई और बढ़ती है तो ईरान अपनी रक्षा और जवाबी कार्रवाई के तरीके में बड़े बदलाव करेगा।
अमेरिकी रिकॉर्ड में भी 1976 की घटना का जिक्र
1976 की घटना अमेरिकी सरकार के रिकॉर्ड में भी मौजूद हैं। अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के आर्काइव में इस घटना से जुड़ी जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ की रिपोर्ट, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट और अमेरिकी डिफेंस की रिपोर्ट शामिल हैं।
इन दस्तावेजों से इतना जरूर पता चलता है कि 1976 में तेहरान में ऑब्जेक्ट देखे जाने की घटना की आधिकारिक रिपोर्ट बनी थी और इसकी जांच की गई थी।
हालांकि, ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि वह ऑब्जेक्ट और इस हफ्ते तेहरान में रिकॉर्ड किए गए वीडियो का आपस में कोई संबंध है।
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अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण का मामला उठाया: बोला- हम किसी धर्म-त्योहार के नहीं, शोर के खिलाफ; राज्य सरकार से गाइडलाइन मांगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं है। चिंता केवल त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होने वाले शोर को लेकर है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर चिंता जताई। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 22 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह भी बताने को कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों के दौरान इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जुलूसों में शोर-वायु प्रदूषण पर भी निशाना साधा बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण पर भी ध्यान दिया। साथ ही DJ और रंगीन धुआं छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारों का जश्न नागरिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक उत्सव संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते। जश्न जरूर मनाए जाने चाहिए, लेकिन वे हजारों नागरिकों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं मनाए जा सकते, जो इससे गंभीर रूप से और बुरी तरह प्रभावित होते हैं और चुपचाप परेशानी झेलते हैं। आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की परमिशन पर भी सवाल बेंच ने कहा, “हमें इन जुलूसों में आधी रात यानी 12:00 बजे तक इतना तेज संगीत बजाने की इजाजत देने में कोई तर्क समझ नहीं आता, जबकि हमें बताया गया है कि ऐसे जुलूसों के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर के इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ रात 10 बजे तक ही होती है।” कोर्ट ने कहा कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रहा है। बेंच ने कहा, “मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यह सही समय है कि शोर और वायु प्रदूषण फैलाने वाले और हवा को जहरीला बनाने वाले पटाखों पर रोक लगाई जाए, ताकि एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।” कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। पटाखे 140-175 डीबी, बड़े लाउडस्पीकर 100-120 डीबी का शोर पैदा करते हैं ध्वनि की तीव्रता डेसीबल (dB) में मापी जाती है। 85 डेसीबल से ज्यादा की आवाज में लंबे समय तक रहना स्थायी बहरेपन का कारण बन सकता है, क्योंकि कान की कोशिकाएं बहुत नाजुक होती हैं। एक सामान्य पटाखा 140 dB से 175 dB तक की आवाज पैदा कर सकता है। यह स्तर तत्काल कान के पर्दे फाड़ने और स्थायी बहरेपन के लिए पर्याप्त है। त्यौहारों या कार्यक्रमों में बजने वाले बड़े साउंड सिस्टम आमतौर पर 100 dB से 120 dB तक पहुंच जाते हैं। इतने शोर में लंबे समय तक रहने से स्थायी श्रवण क्षति की संभावना बहुत ज्यादा होती है। 140 dB तक का शोर “पीड़ा की दहलीज” है, जिससे कान का पर्दा फट सकता है और दिमाग पर असर हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर तुरंत मौत का कारण नहीं बनता। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण का मामला उठाया: बोला- हम किसी धर्म-त्योहार के नहीं, शोर के खिलाफ; राज्य सरकार से गाइडलाइन मांगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं है। चिंता केवल त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होने वाले शोर को लेकर है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर चिंता जताई। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 22 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह भी बताने को कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों के दौरान इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जुलूसों में शोर-वायु प्रदूषण पर भी निशाना साधा बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण पर भी ध्यान दिया। साथ ही DJ और रंगीन धुआं छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारों का जश्न नागरिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक उत्सव संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते। जश्न जरूर मनाए जाने चाहिए, लेकिन वे हजारों नागरिकों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं मनाए जा सकते, जो इससे गंभीर रूप से और बुरी तरह प्रभावित होते हैं और चुपचाप परेशानी झेलते हैं। आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की परमिशन पर भी सवाल बेंच ने कहा, “हमें इन जुलूसों में आधी रात यानी 12:00 बजे तक इतना तेज संगीत बजाने की इजाजत देने में कोई तर्क समझ नहीं आता, जबकि हमें बताया गया है कि ऐसे जुलूसों के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर के इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ रात 10 बजे तक ही होती है।” कोर्ट ने कहा कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रहा है। बेंच ने कहा, “मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यह सही समय है कि शोर और वायु प्रदूषण फैलाने वाले और हवा को जहरीला बनाने वाले पटाखों पर रोक लगाई जाए, ताकि एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।” कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
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