भास्कर संवाददाता| चारूवा दीपावली पर इस बार रोशनी के साथ आतिशबाजी का शौक महंगा पड़ेगा। खिरकिया के पटाखा बाजार में पिछले साल के मुकाबले इस साल पटाखों के दाम 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ने की बात सामने आ रही है। महंगाई का असर त्योहार की खरीदारी पर पड़ सकता है। ग्राहकों को पटाखे खरीदने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। कारोबारियों को बिक्री कम होने की चिंता सता रही है। पटाखा व्यवसायी आशिष साकल्ये ने बताया, तमिलनाडु के शिवकाशी में देशभर के लिए बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण होता है। इस बार चुनाव के कारण वहां करीब छह महीने तक उत्पादन और कामकाज प्रभावित रहने की बात कही जा रही है। इसका असर बाजार में पटाखों की उपलब्धता पर पड़ा है। कीमतों पर भी असर पड़ा है। उत्पादन प्रभावित रहने की अवधि की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। व्यापारियों का कहना है कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले बारूद, रसायन, गत्ता, कागज और सूतली सहित अन्य कच्चे माल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही परिवहन खर्च बढ़ने से भी पटाखों की लागत में इजाफा हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक, लागत बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाले दामों पर दिखाई दे रहा है।
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महंगी दिवाली: इस बार 30 से 40 प्रतिशत तक महंगे मिलेंगे पटाखे, जेब पर पड़ेगा भारी असर – Harda News
गोरखपुर में आज से 2 दिन रहेगा डायवर्जन: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन तक यातायात व्यवस्था में बदलाव, बदले रास्ते से गुजरेंगे वाहन – Gorakhpur News
गोरखपुर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को देखते हुए 21 और 22 अक्टूबर को यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। दोनों दिन शाम चार बजे से प्रतिमा विसर्जन समाप्त होने तक महानगर क्षेत्र में वाहनों का डायवर्जन लागू रहेगा। एसपी यातायात अमित श्रीवास्तव ने लोगों से निर्धारित मार्गों से आवागमन का पालन करने की अपील की है। इस दौरान एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को डायवर्जन से छूट दी गई है। इन मार्गों से होगा आवागमन – लखनऊ की तरफ से गोरखपुर आने वाले भारी वाहन, सहजनवा बाइपास जीरो प्वाइंट से ही डायवर्ट किए जाएंगे। ये वाहन बाघागाड़ा, रामनगर करजहां होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। – वाराणसी, आजमगढ़, मऊ एवं सहजनवा से गोरखपुर आने वाले भारी वाहन, बेलीपार थाना क्षेत्र बाघागाड़ा स्थित फोरलेन पर डायवर्ट किए जाएंगे। ये वाहन रामनगर करजहां एवं कालेसर होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे।
– कुशीनगर से आने वाले वाहन, कोनी फोरलेन से रामनगर करजहां होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। शहर की तरफ प्रवेश वर्जित रहेगा। – देवरिया से आने वाले भारी वाहन, रामनगर करजहां फोरलेन, बाघागाड़ा होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। शहर की तरफ प्रवेश वर्जित रहेगा।
– गोरखपुर बस अड्डा से लखनऊ व वाराणसी की तरफ जाने वाली रोडवेज बसें, देवरिया बाइपास से डायवर्ट होंगे। ये वाहन देवरिया बाइपास रोड से सिक्टौर होकर रामनगर करजहां होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगी। आवश्यकता पड़ने पर चार पहिया वाहन भी डायवर्ट होंगे। – नौसढ़ चौराहे से ट्रांसपोर्टनगर चौराहे की तरफ आने वाली रोडवेज बसें, बाघागाड़ा, रामनगर करजहां, देवरिया बाइपास, सिक्टौर, होते हुए अपने गंतव्य की ओर जाएंगी।
– रोडवेज बस, आयल टैंकर, गैस टैंकर, दुग्ध वाहन एवं राजकीय वाहन, विश्वविद्यालय चौराहा, मोहद्दीपुर चौराहा होते हुए चारफाटक ओवरब्रिज से कौवाबाग बाइपास मार्ग से असुरन चौराहा, खजांची चौराहा होते हुए स्पोर्ट कालेज चौराहा, नक़हा ओवरब्रिज से बरगदवा चौराहा होकर फरेंदा सोनौली की तरफ जाएंगी। – फरेंदा, पीपीगंज से गोरखनाथ मंदिर की तरफ आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे, ये वाहन बरगदवा चौराहा से नकहा ओवरब्रिज से स्पोर्ट कालेज खजांची चौराहा से असुरन चौराहा, कौवाबाग मार्ग से चारफाटक ओवरब्रिज मोहद्दीपुर होते हुए देवरिया एवं कुशीनगर की ओर जाएंगे।
– नौसड़ तिराहे से शहर के तरफ आने वाले भारी वाहन, 20 व 21 अक्टूबर को पूर्ण रूप से प्रतिमा विसर्जन तक प्रतिबंधित रहेंगे। ये भारी वाहन नौसड़ तिराहा से बाघागाड़ा से रामनगर करजहां होकर अपने गंतव्य स्थान पर जाएंगे।
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नीरज कुमार का नब्ज नाप रहे अनंत सिंह!: आनंद मोहन ने चायवाला चैप्टर खोला, अक्षरा सिंह ने किसकी बजाई बैंड? – Bihar News
बात खरी है… इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…
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अमेरिका बोला- पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार, उससे बातचीत जरूरी: रुबियो बोले- विदेश नीति के लिए ये जरूरी, भारत भी ईरान से दोस्ती रखता है
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और उसकी भौगोलिक स्थिति भी ऐसी है कि अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी है। नेटवर्क18 को दिए एक इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि अमेरिका को उन देशों के साथ भी राजनयिक संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, जिनसे उसके मतभेद हैं। रुबियो ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत भी ईरान के साथ संबंध रखता है और वहां के नेताओं से मुलाकात करता है। उनके मुताबिक, विदेश नीति में अलग-अलग देशों के साथ रिश्तों का संतुलन बनाए रखना मुश्किल है, लेकिन ऐसा करना जरूरी है। रुबियो बोले- अमेरिका आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद का समर्थन करने वालों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत जारी रहने से अमेरिका को उन गतिविधियों को रोकने की कोशिश करने का मौका मिल सकता है, जिनसे भारत को चिंता होती है। रुबियो ने कहा, ये मुश्किल फैसले हैं, लेकिन विदेश नीति के तहत हमें ऐसा करना पड़ता है। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक भी हो सकता है। अगर हमारे पाकिस्तान के साथ संबंध हैं और हम उससे बात कर सकते हैं, तो इससे हमें उन गतिविधियों को हतोत्साहित करने में मदद मिल सकती है, जिनसे भारत चिंतित है। रुबियो बोले- ईरान पर कट्टरपंथी शिया धर्मगुरुओं का कंट्रोल रुबियो ने ईरान के नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि वहां की सरकार के साथ किसी समझौते पर पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से, वे समझौता करना नहीं जानते। वहां कट्टरपंथी शिया धर्मगुरुओं का नियंत्रण है। मैं सभी शिया धर्मगुरुओं की बात नहीं कर रहा, बल्कि उन कट्टरपंथी धर्मगुरुओं की बात कर रहा हूं, जो धार्मिक विचारधारा से प्रेरित हैं। ऐसे लोगों के साथ समझौता करना बहुत मुश्किल है। होर्मुज में तेल की आवाजाही 80 से 100% हुई रुबियो ने कहा कि होर्मुज से तेल और दूसरे ऊर्जा संसाधनों की सप्लाई जारी है। उनके मुताबिक, इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही और तेल की सप्लाई संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तर की 80 से 100% तक बनी हुई है। रुबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह उन व्यापारिक जहाजों पर हमले कर रहा है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इन जहाजों पर सवार नाविकों की जान भी खतरे में पड़ रही है। रुबियो ने दुनिया के देशों से ऐसे हमलों की निंदा करने की अपील की। उन्होंने ईरान के इन हमलों की तुलना दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की नाजी सेना की पनडुब्बियों से की। रुबियो के मुताबिक, उस दौर में भी पनडुब्बियों से व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि दुनिया को ऐसे हमलों के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। फैक्ट चेक: स्ट्रैटेजिक एनर्जी मैप वेबसाइट के मुताबिक 20 अक्टूबर को होर्मुज से गुजरने वाले तेल टैंकरों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले करीब 99% घट गई थी। यानी, अगर युद्ध से पहले एक दिन में 100 टैंकर गुजरते थे, तो इस आंकड़े के मुताबिक अब केवल 1 टैंकर गुजर रहा था। भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों से समुद्री जहाजों की रक्षा कर रहा है। उनके मुताबिक, जहाजों को निशाना बनाने के लिए दागे जाने वाले ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले जहाजों तक पहुंच जाते हैं और नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने खास तौर पर भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया। रुबियो ने कहा कि इन हमलों में कई भारतीय नाविकों की जान गई है। इसकी एक वजह यह भी है कि समुद्री व्यापार में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। नोट- पश्चिम एशिया में युद्ध के दौरान अब तक 11 भारतीय नाविकों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं 2 भारतीय नाविक लापता बताए गए हैं। ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाता रहेगा अमेरिका रुबियो ने कहा कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अपने संसाधनों का इस्तेमाल आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के बजाय आतंकवाद को समर्थन देने और मिसाइल-ड्रोन बनाने में करता है। रुबियो ने आरोप लगाया कि ईरान को मिलने वाले पैसे और संसाधनों का इस्तेमाल देश के विकास के बजाय आतंकवाद को समर्थन देने और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाने वाले हथियार तैयार करने में किया जाता है। रुबियो के बयान के तीन बड़े संकेत
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डंपर में पीछे से भिड़ी बाइक, अधेड़ की मौत: लखनऊ में बुआ-भतीजी घायल, KGMU रेफर; ससुराल से लौटते समय हादसा – Lucknow News
लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में मोहिद्दीनपुर रिंग रोड ब्रिज पर मंगलवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार श्यामलाल (50) की मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार सुषमा राजपूत (38) और मुस्कान राजपूत (13) गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसा उस समय हुआ, जब बाइक सड़क पर खराब होने के कारण खड़े डंपर में पीछे से टकरा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को दुर्गागंज स्थित किंग हॉस्पिटल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को KGMU रेफर कर दिया गया। श्यामलाल की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ससुर को अस्पताल में देखकर लौट रहे थे पुलिस के मुताबिक, श्यामलाल दुबग्गा थाना क्षेत्र के मुन्नालाल खेड़ा, मजरा गुलरियाखेड़ा के निवासी थे। मंगलवार को वह अपनी ससुराल मुजफ्फरनगर, काकोरी गए थे। वहां अपने ससुर को अस्पताल में देखने के बाद सुषमा और मुस्कान के साथ बाइक से घर लौट रहे थे। शाम करीब 7:50 बजे मोहिद्दीनपुर रिंग रोड ब्रिज पर उनकी बाइक सड़क पर खराब होने के कारण खड़े डंपर में पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि श्यामलाल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शुरू की जांच हादसे की सूचना मिलते ही काकोरी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए KGMU रेफर कर दिया गया। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में शामिल बाइक और डंपर के संबंध में भी जांच की जा रही है। दो साल पहले सड़क हादसे में हुई थी सुषमा के पति की मौत श्यामलाल की मौत से परिवार में मातम छा गया। परिजनों के मुताबिक, परिवार में तीन बेटियां और 18 वर्षीय सबसे छोटा बेटा सिद्धांत है। तीन बेटियों में से एक की शादी अभी होनी बाकी है। परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे श्यामलाल की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे में घायल सुषमा, श्यामलाल की भतीजी हैं। बताया गया कि करीब दो साल पहले सुषमा के पति की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अब इस हादसे ने परिवार को एक बार फिर गहरे सदमे में डाल दिया है।
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नाश्ते में बनाएं पोटैटो ट्विस्टर, बोकारो के कुक से जानें 15 मिनट में तैयार करने की रेसिपी
कैलाश कुमार/बोकारो: अगर आप शाम के वक्त बच्चों के लिए कुछ टेस्टी और खास बनाना चाहते हैं, तो पोटैटो ट्विस्टर एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. आलू से बनने वाला यह क्रिस्पी स्नैक्स बच्चों को खूब पसंद आता है, वहीं इसे घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है बोकारो के कुक आदित्य ने पोटैटो ट्विस्टर बनाने की आसान रेसिपी साझा की है, जिसकी मदद से आप महज 15 से 20 मिनट में बच्चों के लिए स्वादिष्ट नाश्ता तैयार कर सकते हैं.
इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
पोटैटो ट्विस्टर बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़ा आलू, एक सोया स्टिक, कॉर्न फ्लोर, चावल का आटा, चिली फ्लेक्स, स्वादानुसार मसाले और तलने के लिए तेल की जरूरत होती है इसके अलावा स्वाद बढ़ाने के लिए पेरी-पेरी मसाला, मेयोनीज, लावा सॉस या तंदूरी सॉस का इस्तेमाल भी किया जा सकता है
मशीन नहीं है तो चाकू से भी काट सकते हैं आलू
कुक आदित्य के अनुसार, पोटैटो ट्विस्टर बनाने के लिए बाजार में एक खास मशीन मिलती है, जिसकी मदद से आलू को घुमावदार आकार दिया जाता है हालांकि, अगर आपके पास यह मशीन नहीं है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है आप घर पर चाकू की मदद से आलू को पतले-पतले चिप्स की तरह काट सकते हैं इसके बाद आलू के स्लाइस को सोया स्टिक में इस तरह लगाएं कि वे स्प्रिंग की तरह दिखाई दें
इस तरह तैयार करें क्रिस्पी पोटैटो ट्विस्टर
पोटैटो ट्विस्टर को स्वादिष्ट और कुरकुरा बनाने के लिए सबसे पहले कॉर्न फ्लोर, चावल का आटा, चिली फ्लेक्स और स्वादानुसार मसालों को पानी के साथ मिलाकर एक घोल तैयार कर लें अब आलू से लगी सोया स्टिक को इस घोल में अच्छी तरह डुबोएं, ताकि आलू के सभी हिस्सों पर मसाले और घोल की परत चढ़ जाए
इसके बाद आलू को अतिरिक्त कुरकुरापन देने के लिए सोया क्रम्ब्स में लपेट सकते हैं अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और तैयार आलू को मध्यम आंच पर सुनहरा और क्रिस्पी होने तक डीप फ्राई करें आलू अच्छी तरह पक जाने और कुरकुरे हो जाने पर इसे तेल से निकाल लें
ऊपर से डालें पेरी-पेरी मसाला और मनपसंद सॉस
पोटैटो ट्विस्टर को और ज्यादा स्वादिष्ट बनाने के लिए ऊपर से पेरी-पेरी मसाला छिड़कें इसके साथ अपनी पसंद के अनुसार मेयोनीज, लावा सॉस या तंदूरी सॉस भी डाल सकते हैं इससे स्नैक्स का स्वाद और बढ़ जाता है
कुक आदित्य के मुताबिक, पोटैटो ट्विस्टर को गर्मागर्म खाना ज्यादा बेहतर रहता है, क्योंकि इससे इसका कुरकुरापन बना रहता है ऐसे में आप शाम के नाश्ते में बच्चों और परिवार के साथ इस स्वादिष्ट स्नैक्स का आनंद ले सकते हैं
फूलबाग मैदान में 60 फीट ऊंचे रावण का दहन: कुंभकरण-मेघनाथ के पुतले भी जले, जोरदार आतिशबाजी के साथ मना विजयदशमी पर्व – Gwalior News
शहर के फूलबाग मैदान में विजयदशमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। यहां 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया, जबकि कुंभकरण और मेघनाथ के 55-55 फीट ऊंचे पुतले भी जलाए गए। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों की भीड़ से फूलबाग मैदान पूरी तरह खचाखच भरा रहा। इस दौरान हुई जोरदार आतिशबाजी ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित रावण दहन कार्यक्रम को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। शाम से ही फूलबाग मैदान में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रावण दहन के समय मैदान में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जैसे ही विशालकाय पुतलों का दहन हुआ, पूरा मैदान आतिशबाजी की गूंज से भर गया। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी देखने के लिए लोग उत्साहित नजर आए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने इस आयोजन का आनंद लिया। श्रीराम-लक्ष्मण की आरती उतारकर दिया अच्छाई का संदेश रावण दहन के बाद भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की आरती उतारी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता नजर आया। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम फूलबाग मैदान में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई थी। पुतला दहन के बाद आग को पूरी तरह बुझाने के लिए दमकलकर्मियों ने पानी के तेज प्रेशर का इस्तेमाल किया। फायर ब्रिगेड की मदद से पुतलों में लगी आग को शांत किया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। इस तरह फूलबाग मैदान में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। रावण दहन, आतिशबाजी और भगवान श्रीराम-लक्ष्मण की आरती के साथ लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया।
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ऐपल के लिए भारत बना नोट छापने की मशीन, सालभर में कमाई 1 लाख करोड़ रुपए के पार
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Apple India Earning : भारत में वित्त वर्ष 2026 में ऐपल की आय सालाना आधार पर 31 फीसदी बढ़कर 1,03,853 करोड़ रुपए हो गई है. कंपनी के मुनाफे में भी जोरदार उछाल आया है. कंपनी का यह मजबूत प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में अपेक्षाकृत सीमित विस्तार हुआ है.
महंगे स्मार्टफोन की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान का ऐपल को फायदा मिला. (Photo : Canva)
नई दिल्ली. दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी ऐपल के लिए भारतीय बाजार नोट छापने की मशीन साबित हो रहा है. देश में प्रीमियम स्मार्टफोन की बढ़ती मांग के दम पर ऐपल इंडिया ने वित्त वर्ष 2026 में 1 लाख करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है. कंपनी द्वारा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल किए गए दस्तावेजों के अनुसार, ऐपल की कमाई और शुद्ध मुनाफे, दोनों में जोरदार उछाल आया है.
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में फाइल किए गए दस्तावेजों के हवाले से बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म एएलटीइन्फो की रिपोर्ट में बताया गया कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की परिचालन से आय सालाना आधार पर 31 फीसदी बढ़कर 1,03,853 करोड़ रुपए हो गई है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 79,060 करोड़ रुपए थी. यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष में दर्ज 18 फीसदी की बढ़ोतरी से काफी अधिक है.
मुनाफा 66 फीसदी बढ़ा
कंपनी के शुद्ध मुनाफे में इससे भी तेज वृद्धि हुई. वित्त वर्ष 2026 में शुद्ध मुनाफा 66 प्रतिशत बढ़कर 5,311 करोड़ रुपए हो गया, जबकि एक साल पहले यह 3,196 करोड़ रुपए था. वित्त वर्ष 2025 में ऐपल इंडिया के मुनाफे में 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी.
कंपनी का यह मजबूत प्रदर्शन ऐसे समय में आया है, जब भारत के कुल स्मार्टफोन बाजार में अपेक्षाकृत सीमित विस्तार हुआ है.
काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में स्मार्टफोन बाजार में बिक्री की मात्रा के लिहाज से केवल 2 फीसदी और मूल्य के लिहाज से 9 फीसदी की वृद्धि हुई. हालांकि, 30,000 रुपए से अधिक कीमत वाले स्मार्टफोन के प्रीमियम सेगमेंट ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और इसकी बिक्री की मात्रा में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. महंगे स्मार्टफोन की ओर ग्राहकों के बढ़ते रुझान का ऐपल को फायदा मिला. वित्त वर्ष 2026 में आईफोन की बिक्री की मात्रा में 24 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह वृद्धि 11 फीसदी थी.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

