Monday, July 27, 2026
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मूंग खरीदी पर केंद्र-एमपी सरकार आमने-सामने: देश का 87% कोटा एमपी से… फिर भी प्रदेश में सिर्फ 2 फीसदी खरीद हुई, लेटर वॉर छिड़ा – Bhopal News




मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, हरदा और आसपास के जिलों में किसान समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से नाराज हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि प्रदेश को देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी का कोटा पहले ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार अब तक स्वीकृत मात्रा का महज 2 प्रतिशत ही खरीद सकी है। ऐसे में पहले स्वीकृत लक्ष्य पूरा करने के बाद ही अतिरिक्त कोटे पर विचार किया जाएगा। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे गए पत्र में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने 21 मई 2026 के अपने लेटर के माध्यम से मूंग खरीदी की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में केंद्र ने खरीद के नियमों और प्रदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। 16 जुलाई तक सिर्फ 7,947 टन खरीदी
केंद्र सरकार ने पत्र में कहा है कि 16 जुलाई 2026 तक राज्य में केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो सकी है। इससे लगभग 12 हजार किसानों से ही उपज खरीदी गई, जबकि यह स्वीकृत मात्रा का मात्र 2 प्रतिशत है। केंद्र ने राज्य सरकार से पहले मंजूर मात्रा की खरीदी तेजी से पूरी कराने को कहा है। एमपी में मूंग खरीदी का कोटा 4,54,580 मीट्रिक टन है। 16 जुलाई तक मात्र दो फीसदी ही मूंग खरीद हुई है। कोटा पूरा होने के बाद ही बढ़ेगी सीमा
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में स्पष्ट किया है कि पीएसएस (मूल्य समर्थन योजना) के दिशा-निर्देशों के तहत तूर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद के अलावा अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। इसलिए पहले स्वीकृत मात्रा की खरीद पूरी होने के बाद ही अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी के प्रस्ताव पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा। पिछले साल 1.22 लाख किसानों को मिला था लाभ पत्र के अनुसार, ग्रीष्मकालीन 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीद स्वीकृत हुई थी। इसके विरुद्ध 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई। इस पर 3,413.10 करोड़ रुपए का एमएसपी भुगतान हुआ और 1,22,776 किसानों को लाभ मिला। सोयाबीन का भी दिया उदाहरण केंद्र ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना (PDPS) के तहत मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत की गई। इसके लिए 1,093.13 करोड़ रुपए जारी किए गए, जिससे 7,10,257 किसानों को लाभ मिला। इधर किसान आंदोलन तेज, भोपाल तक पदयात्रा मूंग खरीदी समेत कई मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश ने 27 जुलाई से नर्मदापुरम के सेठानी घाट से किसान क्रांति पदयात्रा शुरू करने की घोषणा की है। पदयात्रा बुधनी, बरखेड़ा, ओबेदुल्लागंज और मंडीदीप होते हुए 29-30 जुलाई को भोपाल पहुंचेगी। किसानों की योजना मिसरोद, बाग सेवनिया, रानी कमलापति, बोर्ड ऑफिस, रोशनपुरा और पॉलीटेक्निक चौराहे से होते हुए मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालने की है। किसान अपने साथ ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य वाहनों में भोजन व दैनिक उपयोग की सामग्री भी लेकर चलेंगे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हुई या मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं निकला तो भोपाल में चक्काजाम किया जाएगा। साथ ही ओबेदुल्लागंज से मिसरोद के बीच रेल मार्ग बाधित करने की भी संभावना जताई गई है।



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जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध,VIDEO: युवक बोला- हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता; इनसो अध्यक्ष पकड़कर दूर ले गए – Fatehabad (Haryana) News




हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। एक युवक ने उनके पास पहुंचकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। युवक ने कहा, “अगर आप हरियाणा में बगावत करते तो आज ये हाल नहीं होते।” युवक के विरोध दर्ज कराने पर दिग्विजय चौटाला के साथ मौजूद इनसो के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक उसे पकड़कर वहां से दूसरी ओर ले गए। दिग्विजय और युवक के बीच करीब 26 सेकेंड तक बातचीत हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, दिग्विजय चौटाला 24 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। दिग्विजय का विरोध करने वाला युवक कौन है, उसका पता नहीं चल पाया। पहले ये दो तस्वीरें देखिए… पहले जानिए दोनों के बीच क्या बातचीत हुई… दिग्विजय: कैसे हैं?
युवक: क्या कर रही है बीजेपी, देख रहे हो। दिग्विजय: आज ये…
युवक: आप नहीं मिलते तो ये हाल नहीं होता। इनसो अध्यक्ष: भाई साहब नहीं मिले।
युवक: शुरुआत आपने की, देवीलाल परिवार ने की। आप हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता। दिग्विजय: नहीं, नहीं। इसके बाद इनसो अध्यक्ष युवक को पकड़ कर एक तरफ ले जाते हैं। दिग्विजय चौटाला का विरोध क्यों हुआ? 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और जजपा ने मिलकर सरकार बनाई, जिसमें दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने। 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान जजपा भाजपा सरकार में शामिल रही। किसान संगठनों और विपक्ष ने जजपा को घेरा, लेकिन वह भाजपा के साथ बनी रही। इसी वजह से किसानों और ग्रामीण इलाकों में जजपा का लगातार विरोध हुआ। करीब साढ़े चार साल बाद 12 मार्च 2024 को भाजपा-जजपा गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा ने नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में नई सरकार बना ली। जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध करने वाले युवक ने भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि अगर जजपा ने भाजपा के खिलाफ बगावत की होती, तो आज यह स्थिति नहीं होती। दिग्विजय बोले- मुझे उकसाने की कोशिश कर रहा था दैनिक भास्कर से बातचीत में दिग्विजय चौटाला ने कहा, “युवाओं ने अपने हकों की लड़ाई जीती है। हमने उनका समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े रहे। वहां एक युवक मुझे उकसाने (प्रोवोक) की कोशिश कर रहा था, लेकिन मैं पीछे हट गया। वह जिस मुद्दे पर बात करना चाहता था, उसका वहां के आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। मुझे लगता है कि वह किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ होगा, तभी वह वहां ऐसी बातें कर रहा था।” दिग्विजय चौटाला ने कहा, “इनेलो के लोग इस वीडियो को ज्यादा शेयर कर रहे हैं। उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही है। हालांकि, इन चीजों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।”



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तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा: हालत गंभीर, कानपुर में आरोपी चालक को ढूंढ रही पुलिस – Kanpur News




कानपुर के थाना रेलबाजार के टाटमिल चौराहे पर रविवार रात 9 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मौक़ा मिलते ही चालक फरार हो गया। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। बासमंडी निवासी रेहान बेग अपने निजी काम से बाबूपुरवा जा रहे थे। उनके दोस्त हसन ने बताया कि रेहान की कैब चालक है। वह टाटमिल चौराहे के पास पहुंचते ही तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे रेहान सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। जोरदार टक्कर घायल लहूलुहान अवस्था में सड़क पर तड़प रहा था। जिसके बाद एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहगीरों की मदद से घायल रेहान को तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया। घायल के दोस्त हसन ने बताया कि जांच में रेहान के सिर की हड्डी और हाथ तीन जगह से फ्रैक्चर सामने आए है। डॉक्टरों ने उनकी हालत चिंताजनक बताई है और इलाज जारी है। थाना प्रभारी अमान सिंह ने जानकारी दी कि फरार चालक की तलाशी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की मद्द ली जा रही है। जल्द गिरफ़्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।



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मुखिया पर ग्राम सभा सूचना न देने का आरोप: सहुरिया पश्चिमी पंचायत में अनियमितताओं की जांच की मांग – saur bazar News




सौर बाजार प्रखंड की सहुरिया पश्चिमी पंचायत में ग्राम सभा के आयोजन को लेकर उपमुखिया और वार्ड सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि मुखिया और पंचायत सचिव ने ग्राम सभा की सूचना नहीं दी, जिसके कारण बैठक महज औपचारिकता बनकर रह गई। उपमुखिया फुदी देवी समेत 10 वार्ड सदस्यों ने रविवार को इस संबंध में बीडीओ आशा कुमारी और जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने मुखिया द्वारा पंचायत में संचालित विभिन्न योजनाओं की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उपमुखिया फुदी देवी ने आरोप लगाया कि मुखिया पुष्पा देवी के पति विष्णुदेव यादव वार्ड सदस्यों को किसी भी बैठक या ग्राम सभा की सूचना नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटें अपने चहेतों को दी गईं और पंचायत में किसी भी योजना का एस्टीमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। फुदी देवी के अनुसार, पंचायत की एक भी योजना जीपीएस पर दर्ज नहीं है। गलत लोकेशन दर्शाए गए हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अयोग्य लोगों को लाभ पहुँचाया गया है। फुदी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही वार्ड में एक ही योजना को बार-बार दिखाकर करोड़ों रुपये की उगाही की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच सालों में कभी भी कार्यकारिणी की बैठक नहीं हुई, इसके बावजूद विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड नंबर 9 में सोलर लाइटें लगाए हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन उनमें अभी तक लाइटें नहीं लगाई गई हैं। पंचायत के वार्ड सदस्य मुकेश कुमार, विनोद राम, मिंकी देवी, कंचन देवी, अर्चना कुमारी, रणधीर कुमार यादव, निर्मल शर्मा, जितनी देवी, मंजू देवी, दयानंद कुमार, चन्देश्वरी शर्मा, मिश्रीलाल साह, राजकिशोर पासवान, अमरेन्द्र पासवान, शिवशंकर साह, सुधीर यादव और उमेश साह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी ग्राम सभा की सूचना न मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने उच्चस्तरीय पदाधिकारियों से इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में सहुरिया पश्चिम पंचायत सचिव जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि ग्राम सभा की सूचना एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सभा में पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।



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ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी से ठगी: क्रेडिट कार्ड सर्विस डीएक्टिवेट कराने के नाम पर फाइल भेजी, ओपन करते ही ठगे ₹2.25 लाख – Gwalior News




शहर के महाराज बाड़ा क्षेत्र में खरीदारी कर रहे ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी को क्रेडिट कार्ड की ‘अनावश्यक सेवाएं’ (अनवांटेड सर्विसेज) बंद कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने ₹2,25,190 की चपत लगा दी। विकास अधिकारी उस वक्त अपने छोटे भाई की शादी की शॉपिंग में व्यस्त थे, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजी। जैसे ही उन्होंने ने लिंक खोलकर क्लिक किया, ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड का एक्सेस हासिल कर सवा दो लाख रुपए ठग लिए। घटना 01 जुलाई 2026 महाराज बाड़ा ग्वालियर की है। विकास अधिकारी ने अपने बैंक पहुंचकर डिटेल निकाली फिर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की थी। जहां से रविवार को विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
छोटे भाई की शादी की शॉपिंग के दौरान आया ठग का कॉल विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के महलगांव स्थित कर्मचारी आवास कॉलोनी निवासी अजय कुमार द्विवेदी पुत्र सुरेंद्र कुमार द्विवेदी दमोह जिले के हटा में ‘ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी’ के पद पर पदस्थ हैं। उनके छोटे भाई और अन्य परिजन ग्वालियर में रहते हैं। वे 15 जून को छुट्टी लेकर अपने भाई की शादी के सिलसिले में ग्वालियर आए हुए थे। 1 जुलाई को अजय द्विवेदी अपने परिवार के साथ महाराज बाड़ा पर शादी की खरीदारी कर रहे थे। उसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ‘आपके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड ऐप पर कुछ ऐसी सेवाएं चालू हैं जो आपके काम की नहीं हैं। यदि इन्हें तुरंत डीएक्टिवेट नहीं किया गया, तो आपके कार्ड से हर महीने भारी चार्जेस कटते रहेंगे।’ठग की बातों में आकर अजय, अनावश्यक सेवाएं बंद कराने के लिए तैयार हो गए। शातिर ठग ने उनके व्हाट्सएप पर एक अनधिकृत लिंक भेजी। खरीदारी की आपाधापी में अजय द्विवेदी ने लिंक ओपन कर उसमें दिए गए ऑप्शन पर क्लिक कर दिया और फिर अपना मोबाइल जेब में रख लिया। शाम करीब 8 बजे जब उन्होंने शॉपिंग खत्म कर अपना मोबाइल देखा, तो उनके बैंक मैसेजेस देखकर होश उड़ गए। शातिर ठगों ने उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 4 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹2,25,190 पार कर दिए थे। ई-एफआईआर दर्ज, पुलिस कर रही साइबर जांच ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। हेल्पलाइन की प्राथमिक जांच के बाद मामले में ई-एफआईआर दर्ज कर असल कायमी के लिए मामला विश्वविद्यालय थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।



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मधुबनी में गांजा तस्कर गिरफ्तार: 250 ग्राम मादक पदार्थ बरामद, पूछताछ जारी – Madhubani News




रहिका थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 250 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार ने रविवार रात करीब 8 बजे इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को रहिका थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति गांजा लेकर क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बसौली बलाट चेक पोस्ट के समीप सघन वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली, जिसमें उसके पास से 250 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के गजवा गांव निवासी रामप्रीत मंडल के पुत्र रामकुमार मंडल के रूप में हुई है। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी से गांजा की खरीद-बिक्री के नेटवर्क और उसके स्रोत के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद गांजा को जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।



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अवैध बजरी से भरे डंपर और ट्रैक्टर जब्त: बिना नंबर के वाहन जब्त; दोनों के ड्राइवर गिरफ्तार – Udaipur News




उदयपुर में अवैध बजरी से भरे एक डंपर और एक ट्रैक्टर को पुलिस ने जब्त किया। साथ ही दोनों वाहनों के ड्राइवरों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। अवैध बजरी परिवहन और खनन के खिलाफ सायरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया- जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर अवैध बजरी परिवहन और अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सायरा थाना क्षेत्र के कोविया रोड पर ढीकोड़ा में कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरे डंपर को रोककर जांच की। पुलिस ने डंपर ड्राइवर ढोलाराम पुत्र हमेरा निवासी गाडरिया बेकरिया को गिरफ्तार कर डंपर जब्त कर लिया। बिना नंबर के ट्रैक्टर को पकड़ा, ड्राइवर गिरफ्तार वहीं, दूसरी कार्रवाई में ढोल चौकी प्रभारी एएसआई शंभू सिंह की टीम ने नांदेशमा क्षेत्र के तिरोल में अवैध बजरी से भरे एक बिना नंबर के ट्रेक्टर को पकड़ा। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक कालू पुत्र चंद्रा बसलिया को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को सायरा थाने पर खड़ा करवाकर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही अवैध बजरी के संबंध में खनन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई है। थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया- क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन और अवैध खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी।



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पूर्वी राजस्थान की फेमस देसी डिश! गुड़, घी और आटे से मिनटों में तैयार


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Gud Ghee Atta Recipe: पूर्वी राजस्थान का यह पारंपरिक व्यंजन अपने सादे लेकिन लाजवाब स्वाद के कारण हर मौसम में लोगों की पहली पसंद बना रहता है. गुड़, शुद्ध घी और गेहूं के आटे से तैयार होने वाला यह देसी पकवान स्वाद के साथ पोषण भी देता है. त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर इसे बड़े चाव से बनाया जाता है. इसकी पारंपरिक विधि पीढ़ियों से चली आ रही है, जो इसे खास पहचान दिलाती है. कम सामग्री में बनने वाली यह रेसिपी आज भी ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में समान रूप से लोकप्रिय है और राजस्थान की समृद्ध खानपान संस्कृति की झलक पेश करती है.

पूर्वी राजस्थान की खानपान परंपरा में पुआ एक ऐसा व्यंजन है. जो हर मौसम में लोगों की पसंद बनी रहती है. खासकर ग्रामीण इलाकों में पुआ का स्वाद न सिर्फ घरों में बल्कि मेलों भंडारों और स्थानीय बाजारों में भी खूब देखने को मिलता है. मीठा, नरम और घी में तला हुआ यह व्यंजन अपनी खास खुशबू और स्वाद के कारण लोगों के दिलों में अलग जगह बनाए हुए है.

पुआ को सबसे ज्यादा पसंद का सबसे बड़ा कारण इसका पारंपरिक और देसी अंदाज है. यह कोई आधुनिक फास्ट फूड नहीं बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही एक ऐसी रेसिपी है. जो आज भी उसी सादगी और स्वाद के साथ तैयार की जाती है. पूर्वी राजस्थान भरतपुर, धौलपुर, करौली और डीग के कई गांव में त्योहारों, खास अवसरों और धार्मिक आयोजनों में पुआ बनाना शुभ माना जाता है. यही वजह है.

पुआ बनाने की प्रक्रिया भी बेहद खास और पारंपरिक है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले गुड़ या चीनी का घोल तैयार किया जाता है. जिसे स्थानीय भाषा में घोल कहा जाता है. इस घोल में गेहूं का आटा मिलाया जाता है और उसे अच्छे से फेंटा जाता है.इस मिश्रण को कुछ समय तक रखा जाता है. ताकि इसका स्वाद बेहतर हो सके यही प्रक्रिया पुआ को उसका खास नरमपन और मिठास देती है.

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जब यह मिश्रण पूरी तरह तैयार हो जाता है. तब इसे धीमी आंच पर घी में तला जाता है. पुआ को गोल आकार में डालकर तब तक पकाया जाता है. जब तक वह सुनहरा और कुरकुरा न हो जाए घी में तलने के कारण इसकी खुशबू और स्वाद और भी बढ़ जाता है. बाहर से हल्का क्रिस्प और अंदर से नरम पुआ खाने में बेहद लाजवाब लगता है.

पुआ को आमतौर पर खीर या सब्जी के साथ परोसा जाता है. जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता हैं. खासकर भंडारों और धार्मिक आयोजनों में पुआ-खीर काफी लोकप्रिय है. वहीं बाजारों में भी यह आसानी से मिल जाता है और लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. कई जगहों पर इसे नाश्ते और मिठाई दोनों के रूप में परोसा जाता है.

आज के दौर में जहां फास्ट फूड का चलन तेजी से बढ़ रहा है.वहीं पुआ जैसे पारंपरिक व्यंजन अपनी पहचान बनाए हुए हैं.पूर्वी राजस्थान में इसकी मांग बनी रहती है और लोग आज भी इसके देसी स्वाद को उतना ही पसंद करते हैं. पुआ न सिर्फ एक व्यंजन है. बल्कि यह यहां की संस्कृति, परंपरा और स्वाद की एक मीठी पहचान बन चुका है.

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संसद मार्च में पुलिस एक्शन के खिलाफ सुनवाई कल: सुप्रीम कोर्ट में 2 याचिकाएं पहुंचीं; पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग का आरोप


1 घंटे पहले

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सुप्रीम कोर्ट सोमवार को दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इन याचिकाओं में आरोप है कि NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने ज्यादती की। ये याचिकाएं 20 जुलाई के संसद मार्च से जुड़ी है, जिसे कॉकरोच जनता पार्टी ने आयोजित किया था।

27 जुलाई की कॉज लिस्ट के मुताबिक, इन याचिकाओं को CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच में रखा जाएगा। CJI की अध्यक्षता वाली बेंच ने 24 जुलाई को इन याचिकाओं पर सुनवाई करने पर सहमति जताई थी।

सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने बेंच से कहा था, “पुलिस छात्रों के खिलाफ बहुत ज्यादा बल प्रयोग कर रही है।” अब सुप्रीम कोर्ट इन याचिकाओं पर सुनवाई कर यह तय करेगा कि आगे क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

20 जुलाई के संसद मार्च की 2 तस्वीरें…

पुलिस-रैपिड एक्शन फोर्स ने लाठीचार्ज किया,आंसू गैस के गोले छोड़े, पथराव भी हुआ।

पुलिस-रैपिड एक्शन फोर्स ने लाठीचार्ज किया,आंसू गैस के गोले छोड़े, पथराव भी हुआ।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी घायल हुए। 100 से ज्यादा लोगों काे चोटें आईं थीं।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी घायल हुए। 100 से ज्यादा लोगों काे चोटें आईं थीं।

संसद मार्च के दौरान लाठीचार्ज, 100 से ज्यादा घायल

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला था। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन में कई बार प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी।

कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े, संसद की ओर मार्च किया। ये लोग जंतर-मंतर से संसद मार्ग, जनपथ चौराहा, वॉर मेमोरियल, कर्तव्य पथ, विजय चौक से संसद के करीब पहुंच गए थे।।

इन लोगों ने संसद में घुसने की कोशिश की थी। जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। देर शाम को पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं। इसमें 100 से ज्यादा लोग घायल हुए।

हालांकि पुलिस ने शाम 5 बजे तक जंतर-मंतर को खाली करा लिया। लेकिन, रात करीब 11 बजे CJP समर्थक जंतर-मंतर पहुंचे और फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया था।

36 दिन चला CJP का प्रदर्शन, प्रधान के इस्तीफे से खत्म

3 मई को नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का गुस्सा आंदोलन में बदला। सोशल मीडिया पर 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी बनी। 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी धरने पर बैठे।

36 दिन तक चला यह आंदोलन 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफे के बाद खत्म हुआ। प्रधान ने एक बयान में इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा- पिछले 10 दिन की घटनाओं ने उन्हें बहुत दुखी किया है और यह मुद्दा व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है।

इसके अलावा, छात्रों के साथ अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक ने भी 26 दिन की भूख हड़ताल सरकार के आश्वासन के बाद खत्म कर दी थी। वे भी सोमवार को मेदांता हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट में भी पुलिस के एक्शन के खिलाफ दायर हैं 2 याचिकाएं

  • इससे पहले 22 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को संसद तक हुए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों वाली दो अलग-अलग याचिकाओं पर केंद्र और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था।
  • हाईकोर्ट ने अधिकारियों को पुलिस कार्रवाई से जुड़े सभी जरूरी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश दिया था, जिसमें CCTV कैमरे की फुटेज और कोई भी वीडियोग्राफी शामिल है।

CJP का प्रदर्शन खत्म, रिएक्शन जारी

1. PM मोदी का ऐलान- परीक्षा सुधार के लिए हाईपावर टास्क फोर्स बनाई:पीएम मोदी ने रविवार शाम 7 बजे के करीब इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। मोदी ने कहा- फ्रेंड्स स्टूडेंट के भविष्य के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी जी के नेतृत्व में एक हाईपावर टॉस्क फोर्स बनाने का निर्णय लिया है। जो एग्जॉनेशन रिफॉर्म की तरफ फोकस करेगा। पढ़ें पूरी खबर…

2. राहुल गांधी की अमित शाह को लेटर, पूछा- पैलेट गन किसने चलवाई: राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। इसमें राहुल ने दो सवाल पूछे हैं। पहला- प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? अगर आपने नहीं तो फिर किसने दिया? दूसरा- सामान्य कपड़ों में आए जिन लोगों ने लाठीचार्ज किया, वे पुलिसकर्मी थे या वॉलंटियर्स? उनकी तैनाती किसने की। पढ़ें पूरी खबर…

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कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी भास्कर की ये खबरें भी पढ़ें…



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प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए नाश्ते में खाएं ये 5 देसी चीजें, शरीर को मिलेगी भरपूर ताकत


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प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए महंगे सप्लीमेंट की जरूरत नहीं है. नाश्ते में मूंग दाल चीला, बेसन चीला, पनीर और अंकुरित दालों जैसी देसी चीजों को शामिल करके शरीर को पर्याप्त प्रोटीन दिया जा सकता है.

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प्रोटीन स्रोतों को डाइट में शामिल करना ज्यादा बेहतर होता है.

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खानपान का ध्यान रखना काफी जरूरी हो गया है. शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कार्बोहाइड्रेट, फैट, विटामिन और मिनरल्स के साथ प्रोटीन भी बेहद जरूरी पोषक तत्व है. प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाने, कोशिकाओं की मरम्मत करने और शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करता है. हालांकि, कई लोगों की डाइट में प्रोटीन की मात्रा कम रह जाती है. ऐसे में महंगे सप्लीमेंट लेने के बजाय रोज के नाश्ते में कुछ देसी चीजों को शामिल करके प्रोटीन की जरूरत को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है.

1. मूंग दाल चीला
मूंग दाल को प्रोटीन का अच्छा शाकाहारी स्रोत माना जाता है. इससे बना चीला न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद कर सकता है. मूंग दाल में प्रोटीन के साथ फाइबर, आयरन और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं. नाश्ते में मूंग दाल चीले के साथ दही या पनीर शामिल करने से इसकी पौष्टिकता और बढ़ सकती है.

2. बेसन चीला
बेसन यानी चने का आटा भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली चीज है. इसमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा मौजूद होती है. बेसन चीला जल्दी बनने वाला और हेल्दी नाश्ता हो सकता है. इसमें प्याज, टमाटर, पालक और अन्य सब्जियां मिलाकर इसे स्वादिष्ट और ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है. यह खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो मांसाहारी भोजन नहीं खाते.

3. पनीर
पनीर भारतीय घरों में पसंद किया जाने वाला एक प्रोटीन से भरपूर फूड है. इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए जरूरी होता है. नाश्ते में पनीर भुर्जी, पनीर सैंडविच या पनीर के टुकड़ों को शामिल किया जा सकता है. यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकता है.

4. अंकुरित दालें और चना
अंकुरित मूंग, चना और अन्य दालें प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होती हैं. स्प्राउट्स को सलाद, चाट या हल्का मसाला डालकर नाश्ते में खाया जा सकता है. अंकुरित करने से दालों में मौजूद कुछ पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ सकती है. यह हल्का होने के साथ-साथ पौष्टिक विकल्प भी है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …

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