Thursday, June 4, 2026
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दिल्ली अग्निकांड के बाद लखनऊ में अलर्ट: 290 होटलों का दोबारा होगा सेफ्टी ऑडिट – Lucknow News




लखनऊ में दिल्ली में हाल ही में हुए अग्निकांड के बाद राजधानी लखनऊ में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के करीब 290 होटलों का दोबारा सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला किया है। इसके लिए विभिन्न विभागों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो अगले 15 दिनों के भीतर जांच पूरी करेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि ऑडिट के दौरान फायर सेफ्टी, भवन मानकों, विद्युत व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गहन जांच की जाएगी। संयुक्त टीम में एलडीए, पीडब्ल्यूडी, आवास विकास, पुलिस, दमकल विभाग, आबकारी विभाग और नगर निगम के अधिकारी शामिल होंगे। जल्द ही इस अभियान के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी। फायर और बिजली सुरक्षा पर उठे सवाल प्रथमेश कुमार ने कहा कि एलडीए केवल भवन के नक्शे को मंजूरी देता है, जबकि विद्युत वायरिंग की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रमाणित करने की जिम्मेदारी संबंधित विद्युत एजेंसियों की होती है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बिना पर्याप्त जांच-पड़ताल के फायर एनओसी और विद्युत संबंधी मंजूरियां जारी कर दी जाती हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि फायर सेफ्टी मानकों और बिजली के लोड की वास्तविक जांच किए बिना एनओसी जारी होने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में दमकल विभाग और विद्युत नियामक संस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता है। 15 दिन में रिपोर्ट, खामियां मिलने पर कार्रवाई एलडीए के मुताबिक, संयुक्त टीम होटल भवनों में आपात निकास, फायर फाइटिंग सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, वायरिंग, बिजली लोड और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच करेगी। जिन प्रतिष्ठानों में खामियां मिलेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली में हुए अग्निकांड के बाद लखनऊ में शुरू हुई यह कवायद बड़े हादसों की आशंका को देखते हुए एहतियाती कदम मानी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना है।



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हनी ट्रैप 2- ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूली करता था गिरोह: कोर्ट में क्राइम ब्रांच का दावा; रेशू चौधरी और श्वेता जैन से 9 मोबाइल फोन, स्पाई कैमरा किए जब्त – Indore News




बिल्डर और शराब कारोबारी चिंटू उर्फ हितेंद्र ठाकुर को ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार सागर निवासी रेशू चौधरी और हनी ट्रैप-1 की मुख्य आरोपी श्वेता जैन को लेकर कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान क्राइम ब्रांच ने अदालत को बताया कि दोनों महिलाओं से जुड़ा गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग और वसूली का काम करता था। जांच एजेंसी के अनुसार रेशू चौधरी और श्वेता जैन से कुल 9 मोबाइल फोन, एक स्पाई कैमरा, पावर बैंक, 32 जीबी का मेमोरी कार्ड और दो पेन ड्राइव जब्त किए गए हैं। वहीं अन्य आरोपियों के पास से भी मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मामले की जांच के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं। इस पूरे मामले में गिरफ्तार लेडी शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके सहयोगी लाखन चौधरी, जितेंद्र पुरोहित, हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा और जयदीप ने जमानत के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार को लाखन चौधरी की ओर से जमानत याचिका दायर की गई, लेकिन क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इसका विरोध किया। संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही पुलिस ने कोर्ट को बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आरोपियों के पास से कई आपत्तिजनक सामग्री मिली है। जांच एजेंसी का कहना है कि इससे मामले का दायरा और बढ़ सकता है। वहीं अलका दीक्षित से पूछताछ के लिए पुलिस ने अतिरिक्त रिमांड भी मांगा है। मोबाइल डेटा में कई लोगों के नाम आने की आशंका सूत्रों के मुताबिक जांच अब केवल फरियादी चिंटू ठाकुर तक सीमित नहीं रह गई है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने कई प्रभावशाली लोगों को भी अपने जाल में फंसाया हो सकता है। जब्त मोबाइल फोन की जांच में रेशू, श्वेता, अलका और गिरफ्तार हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के बीच कुछ संवेदनशील फोटो साझा किए जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा अन्य लोगों से जुड़ी सामग्री भी मिलने की बात सामने आ रही है, हालांकि पुलिस ने अभी किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्पाई कैमरे से रिकॉर्डिंग, मेमोरी कार्ड में सुरक्षित रखता था डेटा जांच में सामने आया है कि रेशू चौधरी के पास से मिला स्पाई कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण संभावित रूप से गोपनीय रिकॉर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए जाते थे। पुलिस को 32 जीबी का मेमोरी कार्ड भी मिला है, जिसमें बड़ी मात्रा में डेटा होने की संभावना जताई जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्ड की गई सामग्री को और किन डिवाइस या स्टोरेज माध्यमों में सुरक्षित रखा गया था अथवा कहीं हटाया तो नहीं गया। पुलिस को आशंका है कि जब्त मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और मेमोरी कार्ड में कई लोगों से जुड़े फोटो और वीडियो मौजूद हो सकते हैं। फिलहाल डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच जारी है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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धनु राशि वालों जेब पर रखें काबू, व्यापार में सतर्कता और वाणी पर नियंत्रण जरूरी


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Aaj ka Dhanu Rashifal 04 june 2026: धनु राशि वालों के लिए आज खर्च बढ़ सकते हैं. दोपहर में जोखिम भरे फैसलों से बचें. नौकरीपेशा को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, व्यापार में सतर्क रहें. वाणी पर नियंत्रण रखें, रिश्तों में धैर्य रखें. स्वास्थ्य पर ध्यान दें, पीला रंग शुभ है. जानें राशिफल और उपाय.

जमुई: 04 जून 2026 का दिन धनु राशि के जातकों के लिए मिला-जुला असर लेकर आएगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज आपको अपने जीवन के कई क्षेत्रों में सावधानी और समझदारी के साथ आगे बढ़ने की जरूरत होगी. आज आपके खर्चे बढ़ सकते हैं, जिस से आपको थोड़ी परेशानी उठानी पड़ सकती है. लेकिन आज आपको कई चीजों में नई जानकारी भी मिल सकती है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज आप पर गुरु ग्रह का प्रभाव पड़ेगा. आज के दिन के लिए आपका सबसे शुभ मुहूर्त 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा. इसके साथ ही आज के दिन दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक राहुकाल रहेगा, इसलिए इस दौरान नए निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना बेहतर होगा.

आज आपको चंद्रमा के कारण हो सकती है भावुकता
ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज चंद्रमा का प्रभाव आपको भावुक बना सकता है, लेकिन आपकी दूरदर्शिता और सकारात्मक सोच आपको सही दिशा में आगे बढ़ाने का काम करेगी. उन्होंने बताया कि नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं. आपके विचार और योजनाएं वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन जल्दबाजी में कोई फैसला लेने से बचना होगा. व्यापार से जुड़े लोगों के लिए दिन थोड़ा सतर्कता भरा रहेगा. व्यापार में नुकसान के संकेत दिखाई दे रहे हैं, इसलिए बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें. किसी पुराने ग्राहक या संपर्क से लाभ की संभावना भी बन सकती है. आर्थिक मामलों में अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट प्रभावित हो सकता है. यात्रा के योग भी बन रहे हैं, इसलिए जरूरी दस्तावेज और वित्तीय योजनाएं पहले से तैयार रखें. निवेश के मामले में लंबी अवधि की योजना बनाना अधिक लाभदायक साबित हो सकता है.

आज आपको अपनी वाणी पर रखना चाहिए नियंत्रण
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि पारिवारिक और प्रेम संबंधों में आज धैर्य और मधुर व्यवहार की आवश्यकता होगी. आज आपको अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए. जीवनसाथी या प्रेमी के साथ समय बिताने से रिश्तों में मजबूती आएगी. अविवाहित लोगों की मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से हो सकती है जो उनके विचारों और व्यक्तित्व से मेल खाता हो. स्वास्थ्य की बात करें तो भागदौड़ और मानसिक तनाव के कारण कमर या पैरों में हल्की परेशानी महसूस हो सकती है. आज के दिन के लिए आपका शुभ रंग पीला माना गया रहने वाला है. ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि आज के दिन आपको भगवान विष्णु को हल्दी मिश्रित जल अर्पित करें.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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देर रात आई ऐसी खबर, मार्केट खुलते ही दिखेगा लेंसकार्ट के शेयरों पर असर!


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आईवियर कंपनी लेंसकार्ट में जापान के दिग्गज निवेशक सॉफ्टबैंक ने अपनी 3.25 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है. करीब 2,873 करोड़ रुपये की इस ब्लॉक डील के बाद कंपनी में सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी घटकर 9.88 फीसदी रह गई है. इस सौदे में कई बड़े घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया है. सॉफ्टबैंक की आंशिक बिकवाली के बावजूद बाजार का भरोसा लेंसकार्ट पर कायम दिखाई दे रहा है. गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी लाइफ जैसे बड़े निवेशकों ने इस ब्लॉक डील में हिस्सेदारी खरीदी है. इससे साफ संकेत मिलता है कि निवेशकों को कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा है.

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हाल ही में ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने लेंसकार्ट को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट जारी की थी.

नई दिल्ली. जापान के टेक निवेश दिग्गज सॉफ्टबैंक ने लेंसकार्ट में अपनी हिस्सेदारी घटाने का फैसला किया है. देर रात सामने आई इस बड़ी ब्लॉक डील ने बाजार का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है और इसका असर आने वाले कारोबारी सत्र में निवेशकों की धारणा पर भी दिखाई दे सकता है. सॉफ्टबैंक ने लेंसकार्ट के 5.65 करोड़ शेयर बेचकर करीब 2,873 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस सौदे की औसत कीमत 508.55 रुपये प्रति शेयर रही. आपको बता दें कि बुधवार को लेंसकार्ट के शेयर एनएसई पर 1.13 चढ़कर 516.15 रुपये पर बंद हुए. इस ट्रांजैक्शन के बाद लेंसकार्ट में सॉफ्टबैंक की हिस्सेदारी 13.13 फीसदी से घटकर 9.88 फीसदी रह गई है. हालांकि यह पूरी तरह एग्जिट नहीं है, बल्कि आंशिक मुनाफावसूली है. यही वजह है कि बाजार इस डील को नकारात्मक संकेत के बजाय एक सामान्य निवेशक रणनीति के रूप में भी देख रहा है.

सॉफ्टबैंक द्वारा बेचे गए शेयरों को बाजार के कई बड़े निवेशकों ने खरीदा है. इनमें गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक म्यूचुअल फंड, क्वांट म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी लाइफ जैसे नाम शामिल हैं. किसी ब्लॉक डील में इतने बड़े संस्थागत निवेशकों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि लेंसकार्ट की ग्रोथ संभावनाओं को लेकर भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है.

एलारा कैपिटल की रिपोर्ट ने बढ़ाया उत्साह

हाल ही में ब्रोकरेज फर्म एलारा कैपिटल ने लेंसकार्ट को लेकर सकारात्मक रिपोर्ट जारी की थी. रिपोर्ट में कंपनी की तुलना टाटा समूह के सफल रिटेल ब्रांड तनिष्क से की गई और कहा गया कि आने वाले वर्षों में लेंसकार्ट भारतीय आईवियर बाजार का सबसे मजबूत और प्रमुख ब्रांड बन सकता है. ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का ओमनीचैनल मॉडल, मजबूत ब्रांड पहचान और तेजी से बढ़ता स्टोर नेटवर्क इसे लंबी अवधि में एक मजबूत कंपाउंडर स्टॉक बना सकता है.

रेवेन्यू ग्रोथ ने निवेशकों को किया प्रभावित

कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों पर नजर डालें तो खर्च बढ़ने की वजह से मुनाफे में करीब 7.5 फीसदी की मामूली गिरावट दर्ज की गई थी. हालांकि इसके बावजूद कंपनी के रेवेन्यू में 45 फीसदी से ज्यादा की मजबूत वृद्धि देखने को मिली. यही वजह है कि बड़े निवेशक अभी भी कंपनी की भविष्य की कमाई क्षमता को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं.

विदेशी कारोबार भी बन रहा बड़ी ताकत

लेंसकार्ट ने पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विस्तार पर भी जोर दिया है. ओंडेज (Owndays) और मेलर (Meller) जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के बाद कंपनी का वैश्विक कारोबार तेजी से बढ़ा है. फिलहाल कंपनी की कुल आय में अंतरराष्ट्रीय कारोबार की हिस्सेदारी करीब 42 फीसदी तक पहुंच चुकी है. इससे लेंसकार्ट केवल भारतीय बाजार पर निर्भर नहीं रह गई है और उसकी ग्रोथ के नए रास्ते खुल रहे हैं.

सॉफ्टबैंक ने क्यों बेची हिस्सेदारी

सॉफ्टबैंक जैसे बड़े वेंचर निवेशकों का बिजनेस मॉडल शुरुआती दौर में निवेश करना और सही समय आने पर मुनाफा निकालना होता है. लेंसकार्ट में निवेश के बाद कंपनी का वैल्यूएशन कई गुना बढ़ चुका है. ऐसे में करीब 2,873 करोड़ रुपये की यह नकदी सॉफ्टबैंक के लिए एक सफल आंशिक एग्जिट मानी जा रही है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह रकम अब नए स्टार्टअप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश के लिए इस्तेमाल की जा सकती है.



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मधुबनी में एसपी कार्यालय में सिपाही-महिला में झड़प: महिला हिरासत में, पुलिस कर रही पूछताछ – Madhubani News




मधुबनी शहर स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय परिसर में बुधवार को एक महिला और पुलिस कांस्टेबल के बीच झड़प हो गई। इस घटना से कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया। कहासुनी से शुरू हुआ विवाद, झड़प तक पहुंचा मामला
घटना बुधवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार समाहरणालय स्थित पुलिस कार्यालय की विधि शाखा में कार्यरत एक सिपाही और शहर के कोतवाली चौक मोहल्ला निवासी महिला के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते कहासुनी बढ़कर झड़प में बदल गई। इस दौरान कलेक्ट्रेट की ऊपरी मंजिल पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप
संबंधित पुलिसकर्मी ने महिला पर अपमानजनक टिप्पणी करने, दुर्व्यवहार करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया है। विवाद बढ़ने पर आसपास के कार्यालयों के कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को सामान्य कराया। महिला से देर रात तक हुई पूछताछ
घटना के बाद महिला को नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। देर रात तक उससे पूछताछ जारी रही। नगर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक मनोज कुमार ने बुधवार रात करीब 10 बजे घटना की पुष्टि की। जांच के बाद सामने आएंगे वास्तविक कारण
मनोज कुमार ने बताया कि महिला से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।



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आबकारी निरीक्षक मनरूपा राम एपीओ: पांच शराब दुकानों के लाइसेंस अस्थाई रूप से रद्द, मामले दर्ज – Jodhpur News




आबकारी विभाग ने जोधपुर आबकारी निरीक्षक मनरूपा राम चौधरी एपीओ कर दिया है। वहीं पांच दुकानों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं उनका लाइसेंस अस्थाई रूप से निलंबित किया गया और उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। आबकारी आयुक्त कार्यालय उदयपुर की सबसे ज्यादा आदेश में कहा- मनरूपा राम चौधरी आबकारी निरीक्षक, जोधपुर पश्चिम को प्रशासनिक कारणों से पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (APO) में रखा जाकर मुख्यालय प्रधान कार्यालय उदयपुर में किया जाता है। पांच मदिरा दुकानों के विरुद्ध दर्ज किए गए केस, लाइसेंस अस्थायी रूप से निलंबित अवैध रूप से रात 8 बजे के पश्चात शराब विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आबकारी विभाग, जोधपुर द्वारा बुधवार को कार्रवाई की गई है। जिला आबकारी अधिकारी डॉ. भवानी सिंह राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान रात्रि 8 बजे के पश्चात शराब विक्रय किए जाने के आरोप में तीन शराब की दुकानों के विरुद्ध मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त दो अन्य कम्पोजिट शराब दुकानों के विरुद्ध भी निर्धारित समयावधि के बाद शराब विक्रय करने पर कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए गए। इस प्रकार कुल पांच शराब दुकानों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना के लिए 11 विशेष दल गठित जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि नियमों के उल्लंघन में पाए गए सभी पांच कम्पोजिट शराब दुकानों के लाइसेंसों को 4 जून से 8 जून, 2026 तक के लिए निलंबित कर दिया गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय के बाद शराब विक्रय को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा नियमों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा 22 मई, 2026 को पारित आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए जिले में 11 विशेष निरीक्षण दलों का गठन किया गया है। ये दल मदिरा दुकानों का नियमित निरीक्षण करेंगे तथा रात 8 बजे के पश्चात शराब विक्रय पर शत-प्रतिशत रोक सुनिश्चित करेंगे। साथ ही दुकानों में आपातकालीन निकास, छोटी खिड़कियों या अन्य अनधिकृत माध्यमों से किए जाने वाले शराब विक्रय पर रोक लगाने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।



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पहले टूटी 3 साल की शादी, अब 56 की उम्र में एक्ट्रेस पर फिर चढ़ा प्यार का खुमार


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हॉलीवुड की जानी मानी सिंगर और एक्ट्रेस जेनिफर लोपेज इन दिनों फिर से अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं.जेनिफर की शादी बेन एफ्लेक से टूटने के बाद ही वह सुर्खियों में छाई हुई थीं. अब 56 की उम्र में फिर से उन पर प्यार का खुमार चढ़ गया है. अपने नए रिलेशनशिप को लेकर वह लगातार सुर्खियों में हैं.

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अफेयर को लेकर खूब होते आए हैं चर्चे

नई दिल्ली. अमेरिकन सिंगर और एक्ट्रेस जेनिफर लोपेज की शादी जब बेन एफ्लेक से टूटी तो उनके फैंस को काफी बुरा लगा था. लेकिन अब उनकी जिंदगी में फिर से प्यार ने दस्तक दी है. 56 साल की उम्र में वह फिर से प्यार में पड़ गई हैं. पॉप कल्चर की आइकॉन जेनिफर की शादी साल 2025 में बेन एफ्लेक से टूटी थी.

तीन साल का ये रिश्ता जब टूटा तो उनके फैंस भी काफी हैरान थे. बेन एफ्लेक से अलग होने के बाद अब उनका नाम फिर से एक हैंडसम हंक संग जोड़ा जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब उनका नाम ब्रेट गोल्डस्टीन संग जोड़ा जा रहा है.

को-स्टार को ही दिल दे बैठी जेनिफर लोपेज?

खबरों की मानें तो जेनिफर लोपेज, बेन एफ्लेक से अलग होने के बाद अब जाने माने एक्टर ब्रेट गोल्डस्टीन को डेट कर रही हैं. दोनों जल्द ही नेटफ्लिक्स (Netflix) पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘ऑफिस रोमांस’ में नजर आएंगे. इस सीरीज में दोनों ने साथ काम किया है. उनकी ये फिल्म ओटीटी पर 5 जून को रिलीज होगी. इससे पहले दोनों फिल्म ऑफिस रोमांस की रैपअप पार्टी में साथ नजर आए थे. दोनों की केमिस्ट्री देख लोग उनके मुरीद हो गए थे. तभी से ही दोनों के अफेयर के चर्चे होने लगे थे.

क्या सच में ब्रेट पर मर मिटी हैं जेनिफर लोपेज?

पीपल मैगजीन के सूत्र की मानें तो जेनिफर लोपेज और ब्रेट के बीच कुछ सीरियस चल रहा है. जेनिफर उन्हें पसंद करने लगी हैं. वहीं जेनिफर लोपेज से जुड़े सूत्रों की मानें तो वह अपनी जिंदगी में काफी खुश हैं और उन्हें किसी और की जरूरत नहीं है. फिलहाल वह अपने काम पर फोकस कर रही हैं और परिवार और करीबी लोगों के बीच जिंदगी गुजार रही हैं.

बता दें कि जेनिफर लोपेज अपने लव अफेयर को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं. बेन एफ्लेक संग शादी के रिश्ते में बंधने से पहले वह मार्क एंथनी, क्रिस जुद्द, एलेक्स रोद्रिगुज, ड्रेक, कैस्पर स्मार्ट जैसे कई स्टार्स संग रिश्ते में रह चुकी हैं. ऐसे कई चर्चित हस्तियों के साथ उनका नाम जुड़ चुका है.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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India Nepal Relations: पीएम मोदी ने सेट कर दिया नेपाल से रिश्तों का नया टोन


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नेपाल के सत्‍ताधारी दल केनेता रबी लामिछाने की दिल्ली यात्रा से जो सबसे बड़ा संदेश निकलकर सामने आता है, वह यह है कि प्रधानमंत्री मोदी नेपाल के साथ रिश्तों को नए ढंग से परिभाषित करना चाहते हैं. पीएम मोदी ने नेपाल के नेताओं को संकेत दिया है कि अगर नेपाल भविष्य की राजनीति को विकास के रास्ते पर ले जाना चाहता है, तो भारत उसका सबसे भरोसेमंद साझेदार बनने के लिए तैयार है.

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नेपाल की सत्‍ताधारी पार्टी के चीफ द‍िल्‍ली पहुंचे तो पीएम मोदी से मुलाकात की.

भारत-नेपाल के रिश्तों में पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद, राजनीतिक अस्थिरता और चीन की बढ़ती मौजूदगी जैसे मुद्दे हावी रहे हैं. लेकिन सत्‍ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के चीफ रबी लामिछाने की दिल्ली यात्रा ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब नेपाल के साथ संबंधों का नया फ्रेमवर्क तैयार करना चाहते हैं. यह फ्रेमवर्क विवादों से ज्यादा विकास, निवेश और राजनीतिक स्थिरता पर आधारित दिखाई देता है.नेपाल के नेताओं ने भी मैसेज द‍िया क‍ि व‍िवाद दूर की बात है, हमें साथ चलकर व‍िकास करना चाह‍िए.

नेपाल के किसी विपक्षी या गैर-पारंपरिक नेता को भारत में शायद ही कभी इतना महत्व मिला हो. रबी लामिछाने की मुलाकात सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी तक सीमित नहीं रही. उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और भाजपा नेतृत्व से भी बातचीत की. यह दिखाता है कि भारत नेपाल की नई राजनीतिक शक्तियों को समझने और उनके साथ सीधे संवाद स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहा है. असल में भारत ने यह संकेत दिया है कि वह सिर्फ पुराने राजनीतिक चेहरों पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि नेपाल में उभर रही नई राजनीतिक ताकतों के साथ भी रिश्ते मजबूत करेगा.

मोदी का संदेश- प्राथमिकताएं तय करो, भारत साथ खड़ा है

प्रधानमंत्री मोदी ने लामिछाने से कहा कि नेपाल अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करे, भारत हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है. यह बयान सामान्य कूटनीतिक टिप्पणी नहीं है. इसके पीछे एक स्पष्ट रणनीति दिखाई देती है. भारत नेपाल को यह बताना चाहता है कि यदि काठमांडू विकास, आर्थिक प्रगति, ऊर्जा और पर्यटन को प्राथमिकता देता है तो दिल्ली उसका सबसे बड़ा साझेदार बनने को तैयार है. यानी रिश्तों का आधार अब केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव नहीं, बल्कि आर्थिक साझेदारी भी होगा.





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डेब्यू के लिए 15 साल तरसता रहा एक्टर, रिलीज हुई तो 3 दिन में थिएटर से उतरी फिल्म


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एक्टिंग की दुनिया में करियर बनाना कोई आसान काम नहीं.कितने लोग सपने लेकर आते हैं और चले जाते हैं. लेकिन कुछ एक्टर्स कभी हार नहीं मानते. उन्हीं में से एक हैं, संघर्ष की मिसाल कहलाने वाला ये एक्टर. जिसने 1 सीरीज से ऐसा तहलका मचाया कि रातोंरात स्टार बन गया.

नई दिल्ली. वो टैलेंटेड एक्टर, जिसने अपनी डेब्यू फिल्म के लिए 15 साल लंबा इंतजार किया. किसी तरह फिल्म रिलीज हुई तो, तीसरे दिन ही फिल्म थिएटर से उतर गई. लेकिन एक्टर की वही फिल्म बाद में कल्ट क्लासिक साबित हुई.

Avinash Tiwary grew up in a family that deeply valued traditional education. He chose to pursue acting professionally as a proper discipline. He packed his bags and went all the way to New York to train himself at a prestigious institute, believing that formal education would guarantee a smooth entry into show business.

वो जाने माने एक्टर हैं, अविनाश तिवारी. आज अविनाश बॉलीवुड एक टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं. लेकिन करियर के इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा है. 15 साल तक मौके का इंतजार करने के बाद उन्हें पहली बार लीड रोल मिला. लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया.

In an interview with The Hollywood Reporter India, he said, “I came back, and I thought I was ready for it. After a degree, kaam milta hai. And this was in 2007—I thought there would be a red carpet for me, but nobody turned up. I didn’t even know where to go.”

अविनाश को जिस फिल्म से अपनी पहचाने बनाने की सबसे ज्यादा उम्मीद थी, उनकी वहीं फिल्म महज तीन दिन बाद सिनेमाघरों से हटा दी गई थी. हाल ही में उन्होंने अपने पुराने दौर को याद किया और कई अहम बातें कही.

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Avinash shared that he avoided leaving his photos or portfolios at studios, convinced they would be discarded. “People would have portfolios in New York, and they would be thrown in trash cans for some reason. So, I used to make DVDs and go to Famous Studios to show them how I look on screen. Films were what I wanted to do, but they seemed so far away,” he said.

हाल ही में दिए अपने एक इंटरव्यू में अविनाश तिवारी ने अपने संघर्ष पर बात की. उनकी मानें तो उनका परिवार पढ़ाई-लिखाई को काफी अहमियत देता था. इसलिए उन्होंने एक्टिंग को कभी भी एक प्रोफेशनल के तौर पर नहीं देखा. एक्टिंग की पढ़ाई के लिए वह न्यूयॉर्क भी गए. क्योंकि उनका मानना था कि डिग्री पाने के बाद काम पाना मुश्किल नहीं होगा.

The elusive breakthrough finally knocked on his door after 15 long years of relentless rejection, auditions, and waiting. Avinash was cast as the lead in Sajid Ali’s romantic saga Laila Majnu.

साल 2007 में जब भारत लौटे, तो उन्हें लगा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद इंडस्ट्री उनका दिल खोलकर स्वागत करेगी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि वह उस दौर में अपने फोटो या पोर्टफोलियो स्टूडियो में छोड़ना पसंद नहीं करते थे. उन्हें डर रहता था कि लोग उनकी फोटोज कूडेदान में न डाल दे.

Securing the film was only half the battle. Avinash dedicated three years of his life to perfecting the intense, madness-driven role of Majnu. However, when Laila Majnu finally hit theatres in 2018, it failed to attract audiences initially and was completely pulled down from theatres within just three days of its release.

कभी रिजेक्शन झेलने के बाद उन्हें डायरेक्टर साजिद अली की फिल्म लैला मजनू में लीड रोल निभाने का मौका मिला. इस फिल्म में उनके अपोजिट तृप्ति डिमरी नजर आई थीं.इस रोल के लिए उन्होंने 3 साल तक तैयारी की.लेकिन फिल्म कुछ खास नहीं चली.

Avinash was left utterly shattered, questioning if he should even try to look for another film or give up entirely. “It took me 15 years to get that one film. I was exhausted because I didn’t know what to do after this. I worked for three years on the film, and it got removed from theatres within three days. I didn’t know what to do. ‘Should I try for one more film?’ This is when you realize this is a game,” he said.

ये फिल्म पाने से पहले उन्होंने 15 साल तक इंतजार किया. लेकिन उनकी ये फिल्म रिलीज के महज तीन दिन बाद ही सिनेमाघरों से हटा दी गई.लेकिन बद में ओटीटी पर आने के बाद ये फिल्म लोगों का दिल जीतने में कामयाब रही और कल्ट क्लासिक बन गई.

Avinash Tiwary has since starred in several projects such as Bulbbul, Ghost Stories, The Girl On The Train, Madgaon Express, The Mehta Boys, O'Romeo among others.

बता दें कि असली पहचान मिलना अविनाश तिवारी को अभी भी बाकी थी. इस फिल्म से काफी बड़ी पहचान उन्हें पॉपुलैर वेब सीरीज ‘खाकीः द बिहार चैप्टर’ से मिली. इसमें चंदन महतो का किरदार निभाकर वह रातोंरात स्टार बन गए. आज उनकी गिनती बॉलीवुड के बेहतरीन और टैलेंटेड एक्टर्स में की जाती है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @avinashtiwary15)

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बाजार में 1 महीने ही मिलती ये सब्जी! खरीदने के लिए लाइन लगाते हैं लोग, जानें खासियत


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छतरपुर जिले में जून महीने में एक ऐसी सब्जी बाजार में बिकना शुरू हो जाती है जिसे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जम जाती है. इस सब्जी को कमल ककड़ी के नाम से जाना जाता है और क्षेत्रीय भाषा में इसे भसीड़ा कहा जाता है. कमल ककड़ी की बनावट आलू की तरह होती है और इसका स्वाद थोड़ा मीठा और नारियल की तरह होता है. कमल ककड़ी में विटामिन, खनिज और फाइटोन्यूटरिएंट्स होते हैं.

Kamal Kakadi Benifits: छतरपुर जिले में जून महीने में एक ऐसी सब्जी बाजार में बिकना शुरू हो जाती है जिसे खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जम जाती है. इसलिए कुछ ही घंटों में ये बाजार से गायब हो जाती है. यह अपने बेहतरीन स्वाद के लिए जानी जाती है और इसे कमल ककड़ी के नाम से जाना जाता है. हालांकि क्षेत्रीय भाषा में इसे भसीड़ा कहा जाता है और 1 महीने तक ही बाजार में देखने को मिलती है. बता दें इस सब्जी की कोई स्थायी दुकान नहीं होती है. इसके लिए लोगों को शहर में घूमना होता है.

छतरपुर के बाजार में कमल ककड़ी बेचने वाले राजू लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि वह हर साल 1 महीने तक कमल ककड़ी बेचने का धंधा शुरू कर देते हैं, क्योंकि यह मिलती कम है और इसकी डिमांड ज्यादा रहती है. इस समय तालाबों में पानी कम हो जाता है तो कमल की जड़ खोदना आसान हो जाता है.

राजू बताते हैं कि कमल ककड़ी फसल पानी में ही होती है. पानी के अंदर ही इसकी खुदाई करनी होती है. जमीन से एक से डेढ़ फुट नीचे यह फैली रहती है. मैं खुद गांव के लोगों से मंगवाता हूं. अभी जून महीने मेंछतरपुर बाजार में आना शुरू हो जाती है, लेकिन कुछ ही लोग बेचते दिखाई देते हैं. अभी मैंने यहां ठेला लगा रखा है लेकिन मैं अपनी लोकेशन बदलता रहता हूं. क्योंकि हमारी कोई स्थायी दुकान नहीं होती है.

70 से 80 रुपए किलो फुटकर बेच रहे 

राजू बताते हैं कि कमल ककड़ी की डिमांड इतनी रहती है कि यह बाजार में आते ही कुछ ही घंटों में बिक जाती है. भले ही कमल ककड़ी का भाव अभी तेज चल रहा है. मैं खुद 45 से 50 रुपए किलो कमल ककड़ी गांव से शहर मंगवाता हूं. इसके बाद 70 से 80 रुपए किलो बेच रहा हूं. अभी ठेले में जितनी दिख रही है वह पूरी बिक जाएगी.

बनती है लाजवाब सब्जी

राजू बताते हैं कि कमल ककड़ी सूखी खाने में भी स्वादिष्ट रहती है और सब्जी बनाकर खाने में भी स्वादिष्ट रहती है. कमल ककड़ी की बढ़ती डिमांड के पीछे इसकी सब्जी का लाजवाब स्वाद है. साथ ही ये बाजार में मुश्किल से 1 महीने ही मिलती है. इसलिए कमल ककड़ी को खरीदने के लिए लोग टूट पड़ते हैं.

कमल ककड़ी के फायदे 

डॉ आरसी द्विवेदी बताते हैं कि कमल ककड़ी सेहत का खजाना होता है. इसमें ढेर सारा फाइबर होता है, जो शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है. साथ ही यह कब्ज से बचाता है और कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है. इसका रस निकालकर मुंह, हाथ, पैर पर लगाने से वे फटते नहीं हैं. चेहरे की सुंदरता बढ़ती है. इसमें ढेर सारा विटामिन-सी होने से यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, जो संक्रमण से बचाता है. इसके सेवन से हड्डियां भी मजबूत बनती हैं.

क्या है कमल ककड़ी?

कमल ककड़ी की बनावट आलू की तरह होती है और इसका स्वाद थोड़ा मीठा और नारियल की तरह होता है. कमल ककड़ी में विटामिन, खनिज और फाइटोन्यूटरिएंट्स हैं, जिनमें पोटेशियम, फास्फोरस, तांबा, लोहा, मैंग्नीज के साथ साथ थियामिन, पैंटोफेनीक एसिड, जस्ता, विटामिन बी 6, विटामिन सी. इसके साथ-साथ यह फाइबर और प्रोटीन का बहुत ही महत्वपूर्ण स्रोत है.

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गोविन्द सिंहSenior Sub Editor

गोविन्द सिंह जनवरी 2026 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर Senior Sub Editor कार्यरत हैं, जहां वह मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ स्टेट टीम का हिस्सा हैं. किस्सागोई के अंदाज में खबरें पेश कर…और पढ़ें



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