Saturday, June 27, 2026
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सुरियावां में 101 टीबी रोगियों को पोषण पोटली मिली: भदोही को प्रदेश में प्रथम स्थान, जनसहयोग से मिली सफलता – Bhadohi (Sant Ravidas Nagar) News




राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 101 क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व विधायक रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी, जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि जनपदवासियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, निक्षय मित्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के सक्रिय सहयोग से अब तक 2,200 से अधिक पोषण पोटलियों का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इसी जनसहयोग, सहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप जनपद ने इस अभियान में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद में 1,440 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बलगम की नियमित जांच के माध्यम से रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, प्रत्येक पात्र रोगी को भारत सरकार द्वारा प्रतिमाह ₹1,000 की पोषण सहायता भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है। यदि रोगी समय पर जांच कराकर चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार नियमित रूप से दवाओं का सेवन करे, तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष में तीन बार संचालित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के दौरान संभावित टीबी रोगियों का चिन्हीकरण कर उनकी जांच एवं उपचार भी सुनिश्चित कराया जाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने टीबी रोगियों के पोषण एवं उपचार में समाज की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से निक्षय मित्र बनकर इस मानवीय अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि टीबी रोगियों का मनोबल बढ़ाना, उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना तथा उन्हें समाज का सहयोग उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग से ही टीबी मुक्त समाज का सपना साकार होगा।



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DM ने स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया: कटिहार में 6 बच्चों की सुविधाओं, रिकार्ड्स की जांच; स्वच्छता पर फोकस – Katihar News




जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिला निरीक्षण समिति के साथ विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) का औचक निरीक्षण किया। किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत यह निरीक्षण बच्चों को दी जा रही बुनियादी सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और विधिक प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया गया। संस्थान में वर्तमान में कुल 06 बच्चे आवासित हैं। जिला पदाधिकारी ने संस्थान में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, खेल-कूद और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों से उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। डीएम ने प्रत्येक बच्चे की हेल्थ रिपोर्ट और टीकाकरण रिकॉर्ड की भी जांच की। CWC के आदेशों की गहन जांच की निरीक्षण समिति के सदस्यों ने बच्चों के व्यक्तिगत अभिलेख, दत्तक ग्रहण से जुड़ी पत्रावलियां, केस हिस्ट्री और बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेशों की गहन जांच की। बच्चों के शयनकक्ष, रसोईघर, शौचालय और परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्वच्छता मानकों को उच्च बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। रसोई में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता शामिल थी। इसके अतिरिक्त, संस्थान में कार्यरत कर्मियों की उपस्थिति पंजी, प्रशिक्षण रिकॉर्ड और बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संस्थान के प्रभारी को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित काउंसलिंग, खेल गतिविधियों और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने, CARINGS पोर्टल को अद्यतन रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सिविल सर्जन प्रतिनिधि और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।



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बेसन नहीं मूंग दाल से बनाएं सॉफ्ट खमन ढोकला, स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रेसिपी


Moong Dal Khaman Dhokla Recipe: आप रोज़ाना एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ हेल्दी, हल्का और स्वाद से भरपूर बनाना चाहते हैं, तो मूंग दाल का खमन ढोकला आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है. बेसन वाला ढोकला तो लगभग हर घर में बनता है, लेकिन इस बार थोड़ा नया एक्सपेरिमेंट कीजिए. मूंग दाल, सूजी और पोहे का अनोखा कॉम्बिनेशन इस रेसिपी को खास बनाता है. यही वजह है कि यह ढोकला अंदर से बेहद मुलायम, ऊपर से जालीदार और खाने में बिल्कुल बाजार जैसा लगता है. ‘अनिता की रसोई’ से मिली यह आसान रेसिपी उन लोगों के लिए भी बढ़िया है, जो हेल्दी खाने की तरफ ध्यान दे रहे हैं.

मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है और पचने में भी हल्की मानी जाती है. वहीं सूजी इसका टेक्सचर बेहतर बनाती है और पोहा इसे लंबे समय तक सॉफ्ट बनाए रखता है, अगर आप बच्चों के टिफिन, शाम की चाय या वीकेंड ब्रंच के लिए कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें.

क्यों खास है मूंग दाल का यह ढोकला?
ढोकला आमतौर पर बेसन या चने की दाल से बनाया जाता है, लेकिन मूंग दाल वाला यह वर्जन स्वाद और सेहत दोनों के मामले में आगे है. इसमें इस्तेमाल होने वाली खट्टी छाछ बैटर को नेचुरल फ्लेवर देती है, जबकि सूजी और पोहा इसे बेहतरीन स्पंज जैसा टेक्सचर देते हैं. इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और कम समय में पौष्टिक नाश्ता तैयार हो जाता है.

सामग्री
1. 1 कप धुली हुई पीली मूंग दाल
2. ½ कप सूजी
3. ¼ कप धुला हुआ पोहा
4. ½ कप खट्टी छाछ
5. स्वादानुसार नमक
6. 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
7. 1 चम्मच तेल
8. 1 पैकेट इनो फ्रूट साल्ट
9 . 1 चम्मच पानी

तड़के के लिए
1. 1 चम्मच तेल
2. 1 चम्मच राई
3. 1 चम्मच सफेद तिल
4. 2 बारीक कटी हरी मिर्च
5. 8-10 कड़ी पत्ते
6. चुटकी भर हींग
7. ½ कप पानी
8. 1 चम्मच चीनी
9. बारीक कटा हरा धनिया
10. कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ऐसे करें तैयारी
सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धो लें. अब इसे 3 से 4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें, अगर सुबह नाश्ता बनाना है, तो दाल को रातभर भी भिगोकर रखा जा सकता है. दाल फूलने के बाद इसका पानी निकाल लें और मिक्सर जार में डालें. इसके साथ सूजी, पोहा और खट्टी छाछ डालकर बारीक पीस लें. बैटर ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए. अब इस बैटर को एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें नमक, हल्दी और एक चम्मच तेल डालकर करीब 2 मिनट तक एक ही दिशा में फेंटें. ऐसा करने से बैटर में अच्छी हवा भरती है और ढोकला ज्यादा स्पंजी बनता है.

इनो मिलाने का सही तरीका
स्टीमर या कढ़ाई में पहले से पानी गर्म होने के लिए रख दें. जिस थाली में ढोकला बनाना है, उसे तेल लगाकर चिकना कर लें. अब बैटर में इनो डालें और ऊपर से एक चम्मच पानी छिड़क दें. जैसे ही झाग बनने लगे, बैटर को हल्के हाथों से मिलाएं. ध्यान रखें कि इनो डालने के बाद ज्यादा देर न करें, वरना ढोकला अच्छी तरह फूल नहीं पाएगा.

स्टीम करने का तरीका
तुरंत बैटर को ग्रीस की हुई थाली में डालें और हल्का सा थपथपा दें. ऊपर से चुटकी भर लाल मिर्च पाउडर छिड़क दें. अब थाली को गर्म स्टीमर में रखें और मध्यम आंच पर 15 मिनट तक पकाएं. 15 मिनट बाद चाकू डालकर चेक करें, अगर चाकू साफ निकल आए, तो समझिए ढोकला तैयार है. इसे बाहर निकालकर 5 मिनट तक ठंडा होने दें और फिर मनचाहे आकार में काट लें.

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महू के भेरू घाट की ढलान पर फिर हादसा: पांच वाहन आपस में भिड़े, भोपाल की युवती की मौत, युवक घायल – Mhow News




शनिवार दोपहर महू के मानपुर थाना क्षेत्र में आगरा-मुंबई फोरलेन स्थित भेरू घाट पर एक सड़क हादसा हो गया। घाट की ढलान पर चार से पांच वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में भोपाल की एक युवती की मौत हो गई वहीं एक अधेड़ घायल हो गया। मानपुर थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले ने बताया कि भोपाल के नेहरू नगर निवासी रजनी पति विजय सिंह (34) और भोपाल निवासी एसके राय पिता केदारनाथ (59) घायल हुए थो। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए फोरलेन पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर आवागमन सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घाट की ढलान पर वाहनों की गति अनियंत्रित होने और एक के बाद एक ब्रेक लगने से यह टक्कर हुई। पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। अक्सर होते हैं भेरू घाट पर हादसे भेरू घाट की ढलान को लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। तेज रफ्तार, तीखा ढलान और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी राज किशन भी मौके पर पहुंचीं और जांच का जायजा लिया।



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गुजरात के खेड़ा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका: 6 मजदूर घायल; इनमें दो गंभीर, आवाज 4 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी


नाडियाद1 घंटे पहले

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गुजरात में खेड़ा जिले के कपडवंज में अवैध पटाखा फैक्ट्री में शनिवार को धमाका हो गया

गुजरात में खेड़ा जिले के कपडवंज में अवैध पटाखा फैक्ट्री में शनिवार को धमाका हो गया। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिनमें से दो मजदूर गंभीर हैं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसा 9:30 बजे हुआ।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के गांवों में धरती कांप उठी। धमाके की आवाज 4 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई। दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दिए।

हादसे की 4 तस्वीरें:

दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दे रहे थे।

दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दे रहे थे।

दमकल की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।

दमकल की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।

धमाके से पूरी इमारत की छत ढह गई।

धमाके से पूरी इमारत की छत ढह गई।

धमाके के बाद दूर तक धुआं उठता देख लोगों की भीड़ जमा हो गई।

धमाके के बाद दूर तक धुआं उठता देख लोगों की भीड़ जमा हो गई।

विस्फोट की आवाज सुनकर भागे लोग

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भयभीत होकर अपने घरों से बाहर भागे और घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय विधायक अधिकारी और अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

इस बात का संदेह है कि कारखाना बिना अनुमति के चल रहा है।

प्रांतीय अधिकारी अनिल झाला ने बताया कि घटना के समय कारखाने में 5 से 6 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 2 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें आगे के इलाज के लिए नाडियाड और अहमदाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि कारखाना कितने समय से चल रहा था।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस कारखाने की जानकारी क्यों नहीं थी? कारखाने को बिजली कनेक्शन के लिए अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था। इसकी अनुमति किससे ली गई थी? फैक्ट्री का मालिक अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचा है। एक स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, इस फैक्ट्री का मालिक अहमदाबाद में रहता है।

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तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 23 की मौत:इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार (19 अप्रैल 2026) को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ। पुलिस के मुताबिक, हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है। 6 घायलों को ICU में भर्ती कराया गया है।

अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है। इनमें 16 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 मजदूर काम कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…



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दिल्ली में आज से त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल शुरू: मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 3 दिवसीय आयोजन, क्वीन पाइनएप्पल को मिलेगा वैश्विक मंच – New Delhi News




त्रिपुरा सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 27 से 29 जून तक नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल 2026’ का आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय पाइनएप्पल दिवस के मौके पर शुरू हुए इस 3 दिवसीय उत्सव में देश-विदेश के किसान, नीति-निर्माता, व्यापारी और निवेशक हिस्सा लेंगे। इनके अलावा इस फेस्ट में कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी शामिल होंगे। जिनमें केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य मंत्री, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद भी शामिल होंगे। पाइनएप्पल किसानों को सम्मानित किया जाएगा उत्सव का मुख्य आकर्षण त्रिपुरा की जीआई-टैग प्राप्त ‘क्वीन पाइनएप्पल’ होगी, जिसे उसकी मिठास और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य स्तर के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। त्रिपुरा के 5 उत्कृष्ट पाइनएप्पल किसानों को सम्मानित किया जाएगा और राज्य के 25 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ परियोजना शुरू राज्य सरकार ने हाल ही में 236 करोड़ रुपए की ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ परियोजना शुरू की है, जिसका लक्ष्य उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार ब्रोमेलेन निष्कर्षण, वैल्यू एडिशन और पाइनएप्पल फाइबर उद्योग के विकास पर भी काम कर रही है। यह उत्सव मीडिया, व्यापारिक खरीदारों और आम जनता के लिए निःशुल्क खुला रहेगा।



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जमीन विवाद में भतीजे ने की चाचा की हत्या: प्लॉट को लेकर लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक झगड़ा, चाकू से किया हमला – jhalawar News




झालावाड़ के खानपुर थाना क्षेत्र के गोलाना गांव में जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। धनवाड़ा स्थित एक प्लॉट को लेकर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के बीच मंगलवार शाम 45 वर्षीय नेमीचंद रेगर की उनके ही भतीजे ने चाकू मारकर हत्या कर दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्लॉट विवाद बना हत्या की वजह मृतक के पिता किशनलाल ने बताया कि झालावाड़ शहर के धनवाड़ा में स्थित एक प्लॉट को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मंगलवार शाम करीब पांच बजे गोलाना गांव में हरिओम (28) पुत्र पप्पूलाल ने अपने चाचा नेमीचंद रेगर पर चाकू से हमला कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई जिंदगी हमले में गंभीर रूप से घायल नेमीचंद को तत्काल झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही खानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस जुटी जांच में अस्पताल चौकी के हेड कांस्टेबल आशुतोष ने बताया कि मामले की सूचना खानपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस की मौजूदगी में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया नेमीचंद रेगर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी दिव्यांग हैं। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया गया कि इसी प्लॉट को लेकर परिवार में पहले भी कई बार विवाद और झगड़े हो चुके थे। अस्पताल में जुटे परिजन और समाज के लोग हत्या की खबर फैलते ही अस्पताल में परिजन, रिश्तेदार और समाज के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।



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कुणाल खेमू ने इंडस्ट्री की खोली पोल, कहा- पहले कुछ ही फैमिली बनाती थीं फिल्में


नई दिल्ली. कुणाल खेमू बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर हैं. अब उन्होंने रियलिटी शो ‘अलायंस’ के जरिए बतौर होस्ट डेब्यू किया है. हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने शो के कॉन्सेप्ट पर खुलकर बात की. कुणाल ने कहा कि यह शो असल जिंदगी से बहुत अलग नहीं है, क्योंकि असल जिंदगी में भी हमें सरवाइव करने के लिए कई तरह के अलायंस बनाने और तोड़ने पड़ते हैं. इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड में दिखने वाली गुटबाजी पर भी अपनी बात रखी और माना कि फिल्म इंडस्ट्री हमेशा सिर्फ टैलेंट के दम पर नहीं चलती.

हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में कुणाल खेमू ने कहा, ‘एक परिवार तो वो होता है, जिसमें आप पैदा होते हैं और एक परिवार वो होता है, जिसे आप खुद चुनते हैं या बनाते हैं- जैसे हमारे दोस्त, जो आगे चलकर परिवार जैसे ही हो जाते हैं. और कभी-कभी तो परिवार के रिश्ते भी टिक नहीं पाते. असल में इंसानी जिंदगी का पूरा ताना-बाना ही इन गठबंधनों पर टिका है. पुराने दौर में भी अगर आप खाना जुटाने में माहिर नहीं होते थे, तो जिंदा रहने के लिए आपको दूसरों से हाथ मिलाना ही पड़ता था. साफ कहें तो लाइफ में सरवाइव करने के लिए अलायंस बेहद जरूरी हैं.’

बॉलीवुड में होती है गुटबाजी

बॉलीवुड में होने वाली गुटबाजी पर बात करते हुए कुणाल ने कहा, ‘यह सच है कि इंडस्ट्री में कैम्प्स होते हैं. काम करने का सिर्फ यही एक तरीका नहीं है, लेकिन हर फील्ड की तरह यहां भी यह सब चलता है. आपको यह बात अच्छी लग सकती है या बुरी, पर सच यही है कि यह हमेशा रहेगा. आखिर यह इंसानी फितरत है. अगर मुझे कोई पसंद है और मैं उसके साथ काम करना चाहता हूं, तो कोई मुझे रोक नहीं सकता. हो सकता है इससे किसी दूसरे का नुकसान हो जाए, लेकिन बदकिस्मती से दुनिया ऐसे ही चलती है.’

कुछ ही फैमिलीज बना रही थीं फिल्में

उन्होंने आगे कहा, ‘पहले कैम्प्स बहुत ज्यादा होते थे, अब थोड़े कम हुए हैं क्योंकि उस दौर में कुछ गिने-चुने परिवार ही फिल्में बना रहे थे लेकिन फिर कॉपोरेट्स की एंट्री हुई. आज भी फिल्म बिजनेस हमेशा सिर्फ टैलेंट के दम पर तय नहीं होता. इसके पीछे कई बार ऐसा गणित काम करता है, जिसका कोई सिर-पैर ही नहीं होता.’

अच्छी कहानियों के बिना फिल्में हो जाती हैं फ्लॉप

कुणाल खेमू ने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे बिना टैलेंट और बिना अच्छी कहानी की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ढेर हो जाती हैं. उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि हमने फिल्में बनाना छोड़कर प्रोजेक्ट्स बनाना शुरू कर दिया था. लेकिन खुशकिस्मती से समय सब कुछ सिखा देता है. अब दर्शक ऐसी फिल्में देखने थिएटर्स में नहीं जा रहे हैं. वे साफ कह रहे हैं कि उन्हें सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स नहीं, बल्कि दमदार कंटेंट चाहिए.’

प्राइम वीडियो पर दस्तक दे चुका है ‘अलायंस’

बताते चलें कि कुणाल खेमू का शो ‘अलायंस’ 26 जून को प्राइम वीडियो पर दस्तक दे चुका है. इस रियलिटी शो में रवि किशन, जैद दरबार, नीति टेलर, मिनी माथुर, डॉली जावेद, कुशाल टंडन, अर्सलान गोनी, पायल गेमिंग, सैबी सूरी, रूही दोसानी, रीवा किशन, डेजी शाह और वंशज समेत कई जाने-माने चेहरे नजर आ रहे हैं.



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ट्रम्प अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं: हैदराबाद में सड़क उनके नाम पर की गई, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- शुक्रिया


वॉशिंगटन/नई दिल्ली3 घंटे पहले

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ट्रम्प 2020 में भारत आए थे। तब अहमदाबाद का दौरा किया था। साबरमती आश्रम भी गए थे। यह फोटो उसी समय की हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प साल 2027 की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ये बयान दिया। ये ट्रम्प की राष्ट्रपति रहते हुए दूसरी भारत यात्रा हो सकती है। इससे पहले ट्रम्प साल 2020 में पहली बार भारत यात्रा पर आए थे। वे अहमदाबाद में ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

रूबियो से पूछा गया कि वे भारत की प्रगति, विकास और वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं, तो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, ‘हम PM मोदी और उनके द्वारा किए गए कार्यों के बहुत बड़े प्रशंसक हैं।’

हैदराबाद में ट्रम्प के नाम पर सड़क

ट्रम्प के नाम पर सड़क की घोषणा मंगलवार को हैदराबाद में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित 'फ्रीडम 250' समारोह में की गई। इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का मौजूद थे।

ट्रम्प के नाम पर सड़क की घोषणा मंगलवार को हैदराबाद में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘फ्रीडम 250’ समारोह में की गई। इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का मौजूद थे।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हैदराबाद में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास की सड़क का नाम ‘डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू’ रखे जाने पर भारत का धन्यवाद किया है।

उन्होंने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, “भारत के हैदराबाद में नया डोनाल्ड ट्रम्प एवेन्यू। इस तरह सम्मानित होने वाला मैं पहला अमेरिकी राष्ट्रपति हूं। धन्यवाद!”

ट्रम्प के भारत दौरे पर टैरिफ, डिफेंस और AI पर बातचीत संभव

  • ट्रेड डील और टैरिफ: दोनों देश एक बड़े द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के बेहद करीब हैं। ट्रम्प की नई टैरिफ नीतियों और भारतीय सामानों पर लगने वाले टैक्स को कम करने पर सीधी बात हो सकती है।
  • डिफेंस और मिलिट्री डील: ‘इंडिया-यूएस कॉम्पैक्ट’ के तहत दोनों देशों के बीच सैन्य ताकत बढ़ाने और अत्याधुनिक हथियार बनाने की तकनीक शेयर करने पर फैसला हो सकता है।
  • भविष्य की टेक्नोलॉजी (AI): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और सुरक्षित ग्लोबल सप्लाई चेन बनाने के लिए दोनों नेता मिलकर काम करने की रणनीति तैयार हो सकती है।
  • वैश्विक सुरक्षा और शांति: मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने और वैश्विक तनाव के बीच दोनों देशों के सुरक्षा हितों की रक्षा करने पर अहम चर्चा हो सकती है।

भारत-अमेरिका के बीच ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार

भारत और अमेरिका के बीच साल 2025 में ₹12.54 लाख करोड़ का व्यापार हुआ। भारत ने अमेरिका को लगभग ₹8 लाख करोड़ का सामान एक्सपोर्ट किया। वहीं अमेरिका से भारत ने लगभग ₹4.6 लाख करोड़ का सामान इंपोर्ट किया।

भारत-अमेरिका में मुश्किलें क्या हैं?

भारत-अमेरिका में फरवरी 2026 में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी। इसका मकसद लंबे समय से अटके व्यापारिक मुद्दों को सुलझाना था।

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प के कुछ टैरिफ को अवैध बता दिया। इसके बाद साफ नहीं हो रहा था कि कौन से टैरिफ लागू रहेंगे, कौन से नहीं। इसका असर अमेरिका-भारत के व्यापार समझौते पर पड़ा। अब तक अंतरिम व्यापार समझौता फाइनल नहीं हो पाया है।

भारत चाहता है कि अमेरिका भारतीय वस्त्र, जेम्स-एंड-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान, दवाइयों और कृषि उत्पादों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ कम करे। वहीं अमेरिका चाहता है कि भारत अपने बाजार को अमेरिकी कृषि उत्पादों, डेयरी सामान, शराब, मेडिकल उपकरणों और डिजिटल कंपनियों के लिए और ज्यादा खोले।

सबसे बड़ा विवाद कृषि क्षेत्र को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि उसके मक्का, सोयाबीन, बादाम, सेब और दूसरे कृषि उत्पादों को भारत में ज्यादा पहुंच मिले। लेकिन भारत को डर है कि इससे भारत के करोड़ों किसानों पर असर पड़ सकता है।

डेयरी सेक्टर भी एक बड़ी बाधा है। अमेरिका भारत में मांसाहारी गायों का दूध और उससे बने प्रोडक्ट बेचना चाहता है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना महान दोस्त बताया और कहा कि वे मोदी के बहुत बड़े फैन हैं। ट्रम्प ने कहा कि भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को फोन करके लोगों को संबोधित किया। पूरी खबर पढ़ें…

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दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन शुरू, CBSE से रिवैल्यूएशन कराने वाले छात्रों के लिए छूट


दिल्ली यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक सेशन 2026-27 के लिए एडमिशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूनिवर्सिटी ने अपने अलग-अलग अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन फेज की शुरुआत की घोषणा की है। यूनिवर्सिटी के 67 कॉलेजों में ऑफर किए जाने वाले 73 प्रोग्राम और सौ से ज्यादा बीए प्रोग्राम में एडमिशन सिर्फ सीयूईटी (यूजी)- 2026 में मिले स्कोर के आधार पर होंगे। उन्हीं छात्रों को एडमिशन मिलेगा, जो यूजी बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन 2026-27 में पब्लिश प्रोग्राम-स्पेसिफिक एलिजिबिलिटी को पूरा करते हैं।

सीबीएसई छात्रों के लिए गाइडलाइन

दिल्ली यूनिवर्सिटी के एडमिशन डीन हनीत गांधी ने बताया कि 12वीं कक्षा के जिन छात्रों ने री-इवैल्यूएशन के लिए अप्लाई किया है, लेकिन उन्हें अभी तक रिवाइज्ड स्कोर नहीं मिले हैं, उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए सीएसएएस पोर्टल पर अपने प्री-इवैल्यूएशन मार्क्स डालने चाहिए। रिवाइज्ड रिजल्ट घोषित होने के बाद वे अपने मार्क्स अपडेट कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सीएसएएस पोर्टल कई हफ्तों तक खुला रहेगा, जिससे उन्हें बदलाव करने के लिए काफ़ी समय मिलेगा।

इस पोर्टल पर करें रजिस्ट्रेशन

दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरफ से कहा गया है कि जो कैंडिडेट कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट में शामिल हुए थे और दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम-2026 पोर्टल (https://ugadmission.uod.ac.in) पर खुद को रजिस्टर करें।

73 प्रोग्राम और सौ से ज्यादा बीए में एडमिशन

दिल्ली यूनिवर्सिटी के 67 कॉलेजों में एडमिशन दिया जा रहा है। इसमें ऑफर किए जाने वाले प्रोग्राम में एडमिशन सिर्फ सीयूईटी- यूजी 2026 में मिले स्कोर के आधार पर मिलेगा। कैंडिडेट सिर्फ अपने सीयूईटी एप्लीकेशन नंबर के जरिए सीएसएस पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं। यूनिवर्सिटी की सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के रजिस्ट्रेशन एक्सपीरियंस पक्का करने की पहल के तहत, कैंडिडेट के जरूरी क्रेडेंशियल, जैसे नाम, जन्म तिथि, फोटोग्राफ और सिग्नेचर, भारत सरकार के सिक्योर एपीआई सेतु के जरिए ऑटो-इंटीग्रेटेड हो गए हैं। इससे डुप्लीकेट डेटा मैनेज करने की परेशानी खत्म हो जाती है, जिससे डेटा सिक्योरिटी मजबूत होती है और स्टूडेंट-स्पेसिफिक एंट्री की गलतियां कम होती हैं। 

रजिस्ट्रेशन से जुड़ी अहम जानकारियां

रजिस्ट्रेशन शुरू: शुक्रवार, 26 जून, 2026.

रजिस्ट्रेशन पोर्टल: https://ugadmission.uod.ac.in
रजिस्ट्रेशन फीस: एक बार की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस लागू होगी
एप्लीकेशन फीस: UR/OBC-NCL/EWS- 250.00 (दो सौ पचास रुपये), SC/ST/PwBD- 100.00 (सौ रुपये)

रजिस्ट्रेशन के दूसरे फेज की प्रक्रिया

पहला फेज पूरा करने के बाद कैंडिडेट्स को प्रोग्राम कॉलेज कॉम्बिनेशन के लिए अपनी पसंद भी बतानी होगी। यह सीएसएएस का दूसरा फेज होगा। इसमें, कैंडिडेट्स को सीयूईटी टेस्ट पेपर्स को 12वीं कक्षा में पढ़े गए सब्जेक्ट्स से मैच करना होगा। यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रोग्राम-स्पेसिफिक एलिजिबिलिटी पता करने के लिए, सिर्फ उन्हीं भाषा या डोमेन-स्पेसिफिक पेपर्स पर विचार किया जाएगा, जिनमें कैंडिडेट ने 12वीं कक्षा पास की हो। सब्जेक्ट-मैपिंग के आधार पर, यूनिवर्सिटी कैंडिडेट की एलिजिबिलिटी का पता लगाएगी और सभी सब्जेक्ट्स के लिए कुल स्कोर कैलकुलेट करेगी। जिन प्रोग्राम के लिए कैंडिडेट एलिजिबल पाया जाता है। इसके बाद, कैंडिडेट को प्रोग्राम/कॉलेजों और कॉलेज/कॉलेजों के लिए अपनी पसंद बतानी होगी। फेज II का शेड्यूल जल्द ही अनाउंस किया जाएगा।

छात्रों के लिए गाइडलाइन

कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि अप्लाई करने से पहले वे मिनिमम एलिजिबिलिटी, प्रोग्राम-स्पेसिफिक जरूरतों और एलोकेशन गाइडलाइन्स को समझने के लिए वेबसाइट पर मौजूद यूजी बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन और सीएसएएस पर नियमों को देखें। सभी कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि वे आगे के अपडेट्स, शेड्यूल और ऑफिशियल अनाउंसमेंट के लिए रेगुलर ऑफिशियल एडमिशन वेबसाइट (admission.uod.ac.in) देखते रहें।

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