खंडवा जिले में वन विभाग की वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के समर्थन में रविवार को आदिवासी कोरकू समाज का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। खंडवा और बुरहानपुर जिले से करीब 5 हजार कोरकू समाज के लोग खंडवा पहुंचे। वन विभाग की कार्रवाई के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को देखते हुए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया। कोरकू समाज के लोग पहले गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित की गई। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बोले- जंगल हमारी पहचान और आजीविका का आधार
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कोरकू समाज ने कहा कि उनका अस्तित्व, संस्कृति, परंपराएं और आजीविका जंगलों पर आधारित हैं। जलाऊ लकड़ी, महुआ, चार (चिरौंजी), गोंद, तेंदूपत्ता, औषधीय वन उपज, पशुओं के लिए चारा और अन्य लघु वनोपज से ही हजारों आदिवासी परिवारों का जीवन चलता है। कहा कि, लगातार हो रहे अवैध अतिक्रमण से जंगलों का क्षेत्रफल घट रहा है, वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है और आदिवासी समाज के पारंपरिक निस्तार अधिकारों पर भी असर पड़ रहा है। समाज ने वन विभाग द्वारा भिलाईखेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान का समर्थन करते हुए इसे वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और आदिवासी हितों के लिए जरूरी बताया। कोरकू समाज ने ज्ञापन में सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और ज्ञापन सौंपने के बाद समाज के लोग वापस लौट गए।
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खंडवा में कोरकू समाज का प्रदर्शन, 5 हजार लोग जुटे: बोले- तीर-गोफन खाएंगे और जंगल को बचाएंगे; वन अतिक्रमण हटाओ – Khandwa News
संडे प्रोफाइल : मरीन ली पेन: फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथ की सबसे बड़ी आवाज हैं ली पेन
फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन अदालत के फैसले के बाद फिर राजनीतिक वापसी की उम्मीदों को लेकर चर्चा में हैं। देश में दक्षिणपंथी राजनीति के बढ़ते प्रभाव से उनके समर्थकों में नया उत्साह दिखाई दे रहा है। फ्रांस की प्रमुख विपक्षी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन का राजनीतिक सफर संघर्ष, विवाद और वापसी की कोशिशों से भरा रहा है। तीन बार राष्ट्रपति चुनाव हारने के बावजूद उन्होंने 2027 के चुनाव में उतरने का इरादा जताया है। हाल ही में अदालत के फैसले ने उनके राजनीतिक भविष्य को फिर चर्चा में ला दिया है। पेरिस की एक अदालत ने 2024 में यूरोपीय संघ के फंड के दुरुपयोग मामले में ली पेन को दोषी ठहराते हुए उनके चुनाव लड़ने पर पांच साल की रोक लगाई थी। इसके बाद उनकी पार्टी ने 30 वर्षीय जोर्डन बारडेला को संभावित चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी थी, लेकिन 7 जुलाई को अपील कोर्ट ने प्रतिबंध की अवधि कम कर दी, जिसके बाद ली पेन ने 2027 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान कर दिया। 57 वर्षीय ली पेन इससे पहले 2012, 2017 और 2022 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ चुकी हैं। 2017 और 2022 में उन्हें इमैनुअल मैक्रों से हार मिली थी। हालांकि हर चुनाव में उनका वोट प्रतिशत बढ़ा है। ली पेन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता जीन मैरी ली पेन ने नेशनल फ्रंट पार्टी बनाई थी, जिसकी पहचान प्रवासियों के विरोध और कट्टर दक्षिणपंथी विचारों से जुड़ी रही। मरीन ने पार्टी की छवि बदलने के लिए इसका नाम नेशनल रैली रखा था। वे अब भी इमिग्रेशन नियंत्रण, फ्रांसीसी नागरिकों को नौकरियों में प्राथमिकता और यूरोपीय संघ की नीतियों की आलोचक हैं। उन्होंने युवाओं के लिए टैक्स राहत, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और ऊर्जा पर करों में कटौती जैसे वादे किए हैं। वे यूरोपीय संघ से दूरी, रूस के साथ बेहतर संबंध और फ्रांस की संप्रभुता बढ़ाने की समर्थक रही हैं। उनकी राजनीति को अक्सर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति से जोड़ा जाता है। कानून की पढ़ाई करने वाली ली पेन ने 1998 में राजनीति में प्रवेश किया था। आज वे फ्रांस में बढ़ते दक्षिणपंथी रुझान की सबसे प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। हालांकि अदालत की निगरानी के बीच 2027 की राह उनके लिए आसान नहीं होगी।
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एक नायब तहसीलदार के दो जगह ट्रांसफर: परबतसर और कुचामन में खाली पद पर पोस्टिंग – Nagaur News
नागौर में पुलिस विभाग में निरीक्षकों, उप निरीक्षकों और सैकड़ों कांस्टेबलों के तबादले किए गए हैं, जबकि राजस्व विभाग की सूची में सामने आई एक बड़ी प्रशासनिक चूक चर्चा का विषय बन गई है। एक ही नायब तहसीलदार का दो अलग-अलग स्थानों पर तबादला आदेश जारी होने से विभागीय अधिकारियों और संबंधित कार्मिक के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। एक नायब तहसीलदार के दो तबादले राजस्व मंडल की ओर से जारी तबादला सूची में चूक भी सामने आई है। एसडीएम कार्यालय किशनगढ़ में कार्यरत नायब तहसीलदार प्रेमसुख वैष्णव का एक ही आदेश में परबतसर और कुचामन दोनों स्थानों पर तबादला दर्शाया गया है। एक ही अधिकारी के दो अलग-अलग स्थानों पर तबादला आदेश जारी होने से विभाग में भ्रम की स्थिति बन गई है और यह मामला प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस विभाग में फेरबदल जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी दो अलग-अलग आदेशों में 16 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) और 17 उप निरीक्षकों (एसआई) का स्थानांतरण एवं पदस्थापन किया गया है। इससे पहले जिले में 251 कांस्टेबलों के भी तबादले किए जा चुके हैं। आदेश के अनुसार छोटीलाल मीणा को सुरपालिया, राजेश कुमार को मूंडवा, राकेश कुमार को पादूकलां, मनीष गुप्ता को महिला थाना, तुलसीराम को मेड़ता रोड, राजेश कुमार मीणा को मेड़ता सिटी, इमरत सिंह को साइबर थाना नागौर तथा रघुवीर सिंह को खाटू थानाधिकारी लगाया गया है। वहीं सुरेश बिजारणियां को मूंडवा से खींवसर, सुमन चौधरी को सुरपालिया से सदर नागौर, दिलीप सहल को खाटू से जायल, हरीश सांखला को डेगाना से श्रीबालाजी और विमला को महिला थाना नागौर से भावंडा थानाधिकारी बनाया गया है। रामनारायण भंवरिया और ओमप्रकाश गौरा को पुलिस लाइन भेजा गया है। नागौर कोतवाल का पद फिलहाल खाली तबादलों के बाद नागौर शहर कोतवाली के थानाधिकारी का पद फिलहाल रिक्त हो गया है। यहां महावीर प्रसाद मीणा की नियुक्ति प्रस्तावित थी, लेकिन उनकी रेंज कोटा होने के कारण फिलहाल उनकी पदस्थापना नहीं हो सकी। वहीं पूर्व कोतवाल वेदपाल शिवरान का तबादला बीकानेर रेंज कर दिया गया है। ऐसे में शहर कोतवाली को नए थानाधिकारी का इंतजार रहेगा।
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बदायूं में किसान की अज्ञात वाहन से कुचलकर मौत: खेत की रखवाली करते समय सड़क किनारे सो रहा था – Badaun News
बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में एक किसान की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई। किसान सड़क किनारे चारपाई पर सो रहा था और अपनी मक्के की फसल की रखवाली कर रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना वनकोटा-जखौलिया संपर्क मार्ग पर हुई। मृतक की पहचान कोठा गांव निवासी 45 वर्षीय रियासत पुत्र हाशिम के रूप में हुई है। रियासत हरीश सिंह की जमीन बटाई पर लेकर मक्के की खेती कर रहे थे। शनिवार रात रियासत अपनी फसल की रखवाली के लिए खेत के पास सड़क किनारे चारपाई पर सो रहे थे। देर रात एक अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रविवार सुबह राहगीरों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। परिजनों के अनुसार, रियासत खेती करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा और चार बेटियां हैं। पुलिस ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की जाएगी।
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सीवान में मद्य निषेध SI भर्ती परीक्षा आज: 16 केंद्रों पर 8,280 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, स्टूडेंट्स के लिए चलाई गई स्पेशल ट्रेन – Siwan News
सीवान में बिहार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा आयोजित उत्पाद अवर निरीक्षक भर्ती परीक्षा रविवार, 12 जुलाई को होगी। यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच एकल पाली में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिले के 16 परीक्षा केंद्रों पर कुल 8,280 अभ्यर्थी इसमें शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी और प्रवेश के दौरान अभ्यर्थियों की सघन जांच की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर टाइम से पहुंचना अनिवार्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा से जुड़े सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। यातायात, विधि-व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर भी विशेष व्यवस्था की गई है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के आवागमन को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने भी विशेष पहल की है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, वाराणसी के अनुरोध पर अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन (संख्या 05106) का संचालन किया जाएगा। यह ट्रेन सीवान से मुजफ्फरपुर के बीच एकमा और छपरा होते हुए एक तरफा चलेगी। हाजीपुर-भगवानपुर होते हुए पहुंचेगी मुजफ्फरपुर रेलवे द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, परीक्षा स्पेशल ट्रेन सीवान से अपराह्न 3:00 बजे प्रस्थान करेगी। यह दुरौंधा, एकमा, छपरा, दिघवारा, सोनपुर, हाजीपुर, भगवानपुर, बेनीपुर, गोरौल, तुर्की सहित विभिन्न स्टेशनों पर ठहरते हुए शाम 7:40 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। जिला प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचें, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें। रेलवे प्रशासन ने भी परीक्षार्थियों से विशेष ट्रेन का लाभ उठाने और यात्रा के दौरान रेलवे के नियमों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन और रेलवे के समन्वित प्रयासों से हजारों परीक्षार्थियों को परीक्षा के बाद सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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बारिश के बीच कच्चे मकान की दीवार गिरी: घर में सो रहा था युवक; मलबा बाहर गिरने से परिवार सुरक्षित – Seoni News
सिवनी जिले के छपारा नगर में रविवार तड़के बड़ा हादसा टल गया। वार्ड क्रमांक-14 स्थित भगतसिंह वार्ड में लगातार बारिश के बीच एक कच्चे मकान की दीवार अचानक ढह गई। घटना के वक्त परिवार घर में सो रहा था, लेकिन मलबा बाहर की ओर गिरने से सभी सदस्य सुरक्षित बच गए। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मकान की मरम्मत की मांग की है। सुबह 5:30 बजे तेज धमाके के साथ गिरी दीवार घटना रविवार सुबह करीब 5:30 बजे मिशन स्कूल रोड स्थित केशरी भारती के कच्चे मकान में हुई। कच्ची ईंटों से बनी मुख्य दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला। परिजनों ने बताया कि जिस दीवार का हिस्सा गिरा, उसके ठीक अंदर दीपू (22) सो रहा था। संयोग से मलबा कमरे के भीतर गिरने के बजाय बाहर खुले हिस्से में गिरा, जिससे उसकी जान बच गई। लगातार बारिश से बढ़ा खतरा, सर्वे की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण नगर के कई पुराने और कच्चे मकान जर्जर हो चुके हैं। ऐसे मकानों की समय रहते जांच और आवश्यक कार्रवाई नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है। मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। परिवार ने स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार आर्थिक सहायता और मुआवजा देने की मांग की है, ताकि मकान की मरम्मत कर सुरक्षित आवास की व्यवस्था हो सके।
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मोमोज छोड़ बार-बार खाएंगे बिहार का फेमस बगिया, स्वाद ऐसा कि चट जाएंगे उंगलियां
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Bagiya Recipe: अगर आप रोज-रोज मोमोज या दूसरे स्नैक्स खाकर बोर हो गए हैं, तो बिहार की पारंपरिक डिश बगिया (दाल पिठा) जरूर ट्राई करें. चावल के आटे और चना दाल की स्टफिंग से बनने वाली यह डिश स्वाद के साथ पोषण से भी भरपूर मानी जाती है. इसे भाप में पकाया जाता है, इसलिए इसमें तेल का इस्तेमाल बहुत कम होता है. यही वजह है कि यह हल्का और हेल्दी विकल्प माना जाता है. आज हम आपको घर पर स्वादिष्ट बगिया बनाने की आसान रेसिपी और जरूरी टिप्स बताएंगे.
अगर आप डेली एक जैसा नाश्ता खा खाकर बोर हो गए हैं और कुछ अलह हेल्दी और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो बिहार की पारंपरिक डिश बगिया बेहतरीन विकल्प हो सकती है. चना दाल और चावल के आटे की स्टफिंग से बनने वाली यह डिश भाप में पकाई जाती है, इसलिए इसमें तेल का इस्तेमाल बहुत कम होता है. इसका स्वाद लाजवाब होने के साथ यह हल्का और पौष्टिक भी मानी जाती है. अगर आप घर पर देसी और हेल्दी रेसिपी ट्राई करना चाहते हैं, तो बगिया जरूर बनाएं. एक बार इसका स्वाद चखने के बाद इसे बार-बार बनाकर खाना पसंद करेंगे. ( एआई फोटो )

बगिया बनाने के लिए आवश्यक सामग्री: स्वादिष्ट और पारंपरिक बगिया बनाने के लिए 2 कप चावल का आटा, ढाई कप पानी, 1 कप भीगी हुई चना दाल, 3-4 हरी मिर्च, 5-6 लहसुन की कलियां, 1 इंच अदरक का टुकड़ा, 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक और 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया चाहिए. इसके अलावा स्टीमर की जाली पर हल्का तेल लगाने के लिए थोड़ा-सा तेल भी रखें, ताकि बगिया चिपके नहीं. इन आसान सामग्रियों से घर पर स्वादिष्ट और हेल्दी बगिया तैयार की जा सकती है. ( एआई फोटो )

बगिया बनाने की विधि: सबसे पहले भीगी हुई चना दाल का पानी निकाल दें. फिर चना दाल, हरी मिर्च, लहसुन और अदरक को बिना पानी डाले दरदरा पीस लें. इसमें हल्दी, जीरा पाउडर, नमक और बारीक कटा हरा धनिया मिलाकर स्टफिंग तैयार करें. अब एक बर्तन में पानी और नमक उबालें. पानी उबलने पर धीरे-धीरे चावल का आटा डालते हुए लगातार चलाएं. गैस बंद करके मिश्रण को 5 मिनट ढककर रखें. हल्का ठंडा होने पर इसे अच्छी तरह गूंथकर मुलायम आटा बना लें. इसके बाद बगिया में स्टफिंग भरकर स्टीम करने के लिए तैयार करें. ( एआई फोटो )
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बगिया को आकार देने का तरीका: तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें हथेली से दबाकर कटोरी जैसा आकार दें. अब बीच में एक चम्मच दाल की स्टफिंग रखें और किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि भरावन बाहर न निकले. चाहें तो इसे गुझिया की तरह मोड़कर सुंदर आकार भी दे सकते हैं. ( एआई फोटो )

बगिया को स्टीम करने का तरीका: स्टीमर में पहले पानी गर्म करें और उसकी जाली पर हल्का-सा तेल लगा दें, ताकि बगिया चिपके नहीं. अब तैयार बगिया को जाली पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर रखें और ढक्कन बंद करके 12-15 मिनट तक स्टीम करें. जब बगिया अच्छी तरह पक जाए और नरम हो जाए, तो इसे सावधानी से निकाल लें. गरमागरम बगिया को हरी चटनी, धनिया की चटनी या टमाटर की चटनी के साथ परोसें. चाहें तो ऊपर से थोड़ा-सा घी डालकर इसका स्वाद और भी बढ़ा सकते हैं. ( एआई फोटो )
अमेरिका ने ईरान में 140 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की: होर्मुज में जहाज पर अटैक के जवाब में कार्रवाई; ईरान ने कुवैत, बहरीन को निशाना बनाया
अमेरिका ने शनिवार देर रात ईरान पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। CENTCOM के मुताबिक यह हमला होर्मुज में साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज पर हुए हमले के जवाब में किया गया। हमले में जहाज में आग लग गई, इंजन को भारी नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता है। एयरस्ट्राइक के कुछ ही देर बाद ईरान ने पलटवार का दावा किया। ईरानी सरकारी टीवी IRIB के मुताबिक, ईरानी सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। ईरान का दावा है कि कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, गोला-बारूद डिपो और रडार साइट, जबकि बहरीन में अमेरिकी कम्युनिकेशन सिस्टम और रडार साइट को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन हमलों की अमेरिका, कुवैत या बहरीन ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट के हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए…
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पंजाबी सिंगर ने परफॉर्मेंस रोककर सगाई का ऐलान किया: शख्स को स्टेज पर बुला बोलीं- दिस इज माय मैन, दौड़कर गले लगीं; मंगेतर ने बाहों में उठाया – Ludhiana News
स्टेज दौड़कर गले लगीं जैस्मीन सैंडलस, फिर मंगेतर ने बाहों में उठाया।
पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर’ के पहले कॉन्सर्ट के दौरान एक ऐसा पल सामने आया, जिसने हजारों फैंस को हैरान कर दिया। लाइव परफॉर्मेंस के बीच जैस्मिन ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक करते हुए स्टेज पर एक शख्स को बुलाया और बताया कि वही
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कॉन्सर्ट अपने पूरे रंग में था और फैंस जैस्मिन के गानों पर झूम रहे थे। इसी दौरान अचानक म्यूजिक धीमा हो गया। जैस्मिन ने एक शख्स का हाथ पकड़कर उन्हें स्टेज पर बुलाया और कहा- आई हैव अ लिटिल सीक्रेट… आई हैव अ लिटिल, मैसिव सीक्रेट। यानी मेरे पास एक छोटा सा राज है… मेरे पास एक बहुत बड़ा राज है।
इसके बाद उन्होंने फैंस से उत्साह के साथ कहा- कैन यू से शेखर? कैन यू से शेखर? कैन यू से चौधरी साहब?” इस दौरान पूरा स्टेडियम तालियों और हूटिंग से गूंज उठा।
इसके बाद जैस्मिन ने अपने रिश्ते का खुलासा करते हुए कहा- मैं बुला लिया स्टेज पे… दिस इज अ मैन हू पुट अ रिंग ऑन इट। दिस इज माय मैन, एवरीबडी। यानी ये वही शख्स हैं जिन्होंने मुझे अंगूठी पहनाई है। आप सभी जान लीजिए, यही मेरे जीवनसाथी हैं।
जैस्मिन की यह घोषणा सुनते ही स्टेडियम में मौजूद हजारों फैंस खुशी से झूम उठे। इसके बाद जैस्मिन दौड़कर शेखर के गले लग गईं। शेखर ने उन्हें प्यार से अपनी बाहों में उठाया। दोनों ने बैकग्राउंड में बज रहे रोमांटिक पंजाबी गाने पर साथ में डांस भी किया। स्टेज पर चल रही स्पार्कलर्स की आतिशबाजी ने इस खास पल को और भी यादगार बना दिया।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में शनिवार रात आयोजित कॉन्सर्ट का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। फैंस जैस्मिन सैंडलस को नई शुरुआत के लिए बधाई दे रहे हैं, जबकि वीडियो पर लाखों व्यूज और हजारों प्रतिक्रियाएं आ चुकी हैं।
जैस्मीन के कॉन्सर्ट के PHOTOS देखिए….
अपने मंगेतर को जैस्मिन स्टेज पर लेकर आते हुए।

स्टेज पर फैंस को इंगेजमेंट की रिंग दिखाते हुए।

अपने साथी की उंगली पड़कर घूमते हुए जैस्मिन!
अब पढ़िए जैस्मिन का सिंगर बनने का पूरा सफर…
- 1985 में पंजाब के जालंधर में जन्म: जालंधर में 1985 में जन्मी जैस्मिन को स्कूल की पढ़ाई से ज्यादा संगीत की क्लास पसंद थी। आज ग्लोबल पंजाबी पॉप स्टार बन चुकीं जैस्मिन को फैंस ने गुलाबी क्वीन का टैग दिया है। उनके जीवन की कहानी सिर्फ हिट गानों की नहीं है, बल्कि यह कहानी दूसरे देश में किए संघर्ष की है। फिल्म धुरंधर की हालिया ब्लॉकबस्टर सफलता और जैस्मिन के गीत ने फिर साबित कर दिया है कि उनका जादू बरकरार है।
- 6 साल की उम्र में शुरू कर दिया था गाना: जैस्मिन सैंडलस बताती हैं कि स्कूल में उन्हें मैथ या साइंस की क्लास बोरिंग लगती थी। उनका मन हमेशा म्यूजिक क्लास में रमता था। 6 साल की उम्र में उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। उनकी मां ने हमेशा उनके इस जुनून को समझा और उन्हें प्रोत्साहित किया।
- 13 साल की उम्र में परिवार जालंधर से कैलिफोर्निया गया: जब जैस्मिन 13 साल की थी तब उनके जीवन में एक बड़ा मोड़ आया। उनका परिवार स्टॉकटन, कैलिफोर्निया (अमेरिका) शिफ्ट हो गया। एक नए देश में बिना किसी दोस्त और बिना किसी जान-पहचान के जैस्मिन ने अपनी पहचान बनाई। इस मुश्किल दौर में संगीत ही उनका एकमात्र सहारा बना। उन्होंने कविताएं लिखने शुरू कीं और धीरे-धीरे उन्हें धुनों में ढालने लगीं। यहीं पर उन्होंने अपनी पंजाबी जड़ों के संगीत को वेस्ट कोस्ट हिप-हॉप के साथ मिलाकर अलग स्टाइल बनाया।
- 20 रुपए की सीडी बेचने के लिए क्लबों के बाहर खड़ी रहीं: एक इंटरव्यू में जैस्मिन ने बताया कि सक्सेस रातों-रात नहीं मिली। इसके लिए अपने गीतों की सीडी बनाकर और उसे 20 रुपए में बेचने के लिए घर से निकलती थीं। वह अमेरिका के क्लबों के बाहर घंटों खड़ी रहती थीं। आने-जाने वाले लोगों को अपनी सीडी थमाती थीं। इस उम्मीद में कि कोई एक बार उनका संगीत सुन ले। उनके पास कोई गॉडफादर नहीं था।

जैस्मिन ने हाथ ऊपर करके दिल बनाकर फ्रेंड्स को दिखाया।
गुलाबी एल्बम से मिली पहचान, बॉलीवुड तक पहुंचीं
जैस्मिन का 2008 में पहला गाना मुस्कान हिट हुआ। लेकिन असली पहचान उन्हें 2012 में एल्बम गुलाबी से मिली, जिसमें उन्होंने रैपर बोहेमिया के साथ काम किया। 2014 में बॉलीवुड ने उनकी आवाज को पहचाना। सलमान खान की फिल्म किक के लिए यो यो हनी सिंह के साथ गाए गाने यार ना मिले को लोगों ने खूब पसंद किया। इस एक गाने ने जैस्मिन को रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद गैरी संधू के साथ इलीगल वेपन जैसे गानों ने उन्हें घर-घर में फेमस कर दिया।
सबसे मोटी फीस और करोड़ों की नेटवर्थ
संघर्ष के दिनों से लेकर आज तक जैस्मिन की फीस में जमीन-आसमान का अंतर आया है। अब जैस्मिन बॉलीवुड या फिल्म के गानों के लिए 30 लाख से 35 लाख प्रति गाना चार्ज करती हैं। उनके एक लाइव कॉन्सर्ट की फीस भी लगभग 10 लाख से 25 लाख के बीच बताई जाती है। उनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 60 करोड़ रुपए है।
इंडिया टूर का शानदार आगाज
आपको बता दें कि ‘द ड्रीम गर्ल इंडिया टूर’ 11 जुलाई को दिल्ली से शुरू हुआ है। इसके बाद यह कारवां 18 जुलाई को मुंबई, 25 जुलाई को बेंगलुरु और 29 अगस्त को चंडीगढ़ पहुंचेगा। दिल्ली में हुए इस शानदार वाकये के बाद,अब फैंस को उनके अगले शोज का बेसब्री से इंतजार है।

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सिंगर जैस्मिन सैंडलस को फैंस ने रियल लाइफ धुरंधर बताया: लड़कियां छेड़ने पर परफॉर्मेंस रोकी; बोलीं- पहले इन लड़कों को बाहर निकालो

पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस ने दिल्ली में चल रहे लाइव शो में लड़कियों से की गई छेड़छ़ाड़ का मंच से विरोध किया और उन लड़कों को शो से बाहर करवा दिया। जैस्मिन सैंडलस का वीडियो वायरल हुआ तो उनके फेंस ने उन्हें रियल लाइफ धुरंधर बोलना शुरू कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

