Friday, July 31, 2026
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ITR Filing Live Updates: आज आईटीआर भरने का आखिरी दिन, जान लें सभी अपडेट्स


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आज ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. अगर आपने अभी तक रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो अब देरी करना भारी पड़ सकता है. हम आपको ITR फाइलिंग से जुड़े हर जरूरी अपडेट, नए नियम, टैक्स विभाग के अहम ऐलान, एक्सपर्ट ट…और पढ़ें

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आईटीआर भरने से पहले सभी जरूरी जानकारी के बारे में चेक कर लें.

आज टैक्सपेयर्स के लिए बेहद अहम दिन है, क्योंकि इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख आज यानी 31 जुलाई है. आईटीआर फाइल करते समय कई जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है. तय डेडलाइन के अंदर रिटर्न दाखिल करने से न सिर्फ लेट फीस और अन्य परेशानियों से बचा जा सकता है, बल्कि टैक्स रिफंड, लोन आवेदन और फाइनेंशियल रिकॉर्ड से जुड़े कई काम भी आसानी से पूरे होते हैं. अगर आपने अभी तक अपना आईटीआर फाइल नहीं किया है, तो अब ज्यादा देर करने से परेशानी हो सकती है.



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बिजनेसमैन पति पर केस, खाप पंचायत ने ‘जात बाहर’ किया: 4 लाख का जुर्माना भी लगाया; दूसरी शादी के लिए तलाक का दबाव डाल रहा था – Rajasthan News




बिजनेसमैन दूसरी शादी करना चाहता था। पत्नी पर तलाक के लिए दबाव डाला। मारपीट कर घर से निकाल दिया। पत्नी ने पति के खिलाफ केस कर दिया। समाज के पंचों को ये बात इतनी नागवार गुजरी कि महिला और उसके परिवार को समाज से बाहर कर दिया। पंचायात ने 4 लाख रुपए जुर्माना भी लगा दिया। शादी-समारोह और यहां तक कि किसी की मौत पर भी आने-जाने पर पाबंदी लगा दी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी पति सहित 22 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला पाली जिले के चंडावल थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मूल रूप से देवली कलां और वर्तमान में सोजत रोड निवासी विवाहिता ने साल 2022 में अपने पति राजेन्द्र एवं ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। केस में आरोप था कि उसके पति राजेंद्र का चेन्नई में हार्डवेयर का बिजनेस है। वह दूसरी शादी करना चाहता है। उस पर तलाक के लिए दबाव बना रहा है। ऐसा नहीं करने पर पति व ससुराल पक्ष के लोगों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। वह अपने बच्चों के साथ पीहर में रह रही है। केस में पुलिस ने आरोपी पति राजेंद्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का जुर्म प्रमाणित मान कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद विवाहिता ने कोर्ट में घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का मामला भी दायर किया। यह दोनों केस कोर्ट में विचाराधीन है। केस में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद पति पक्ष ने समाज के कुछ पंच-पटेलों के माध्यम से पत्नी और उसके परिवार पर कोर्ट केस वापस लेने का दबाव बनाने का प्रयास किया। समाज की पहली बैठक: पंचों ने कहा–मामला कोर्ट में है, हम कुछ नहीं कहेंगे एफआईआर में आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 को समाज के हलकारे के माध्यम से विवाहिता के परिवार को सूचना दी गई कि 11 अप्रैल को देवली कलां स्थित समाज की हथाई पर पंचायत में उपस्थित होना होगा। साथ ही 50 हजार रुपए की सिक्योरिटी राशि साथ लानी होगी। यह भी कहा गया कि यदि परिवार पंचायत में उपस्थित नहीं हुआ तो समाज एकतरफा निर्णय कर देगा। उस बैठक में समाज के पंचों ने कहा- महिला ने पति एवं ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया गया है। घरेलू हिंसा एवं भरण-पोषण के मामले भी न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसलिए हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। दूसरी बैठक : दो धड़ों मे बंटे पंच, आरोपी पक्ष ऊपरी पंचायत में ले गए एफआईआर में आरोप है कि 13 अप्रैल 2026 को देवली कलां में विवाहिता के ससुराल पक्ष के लोगों ने दूसरी बैठक बुलाई। आरोपी पंचों ने बैठक में आने के लिए पीड़ित परिवार को सिक्योरिटी राशि के 1 लाख रुपए लेकर आने को कहा। आरोप है कि देवली एवं छितरिया के कई पंचों ने फिर यह राय रखी कि न्यायालय में लंबित मामले पर पंचायत नहीं चलनी चाहिए, लेकिन चंडावल के कुछ पंचों ने स्वयं को समाज का सबसे बड़ा पंच बताते हुए कथित रूप से कहा कि समाज में उनका ही निर्णय चलेगा और मामला नौ खेड़ा पंचायत में ले जाया जाएगा। तीसरी बैठक : खाप पंचायत बुलाई, सिक्योरिटी राशि नहीं लाने पर समाज से बाहर निकाला एफआईआर में आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को चंडावल में हाईवे पर स्थित एक होटल के गार्डन में नौ खेड़ा की कथित पंचायत बुलाई गई। उस बैठक में पीड़ित पक्ष को 2.50 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि लेकर आने का कहा गया था। पीड़ित परिवार ने परिचितों से राशि एकत्र कर कथित रूप से पंचायत के कहे अनुसार जमा कराई। आरोप है कि जैसे ही विवाहिता के पिता जाजम पर पंचों को नमस्कार कर बैठने लगे। उसी समय समाज के कथित कुछ पंचों ने उन्हें जाजम से उठाकर जूतों के पास बैठाया। विवाहिता को अलग ले जाकर पूछताछ की। उसके चरित्र पर आरोप लगाए गए। मोबाइल और निजी जीवन के बारे में सवाल किए गए। न्यायालय में लंबित मुकदमे वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। आरोप है कि चंडावल में नौ खेड़ा की पंचायत में आरोपी पंचों ने पीड़ित पक्ष से कहा– हमारा फरमान ही कोर्ट है। हम समाज की कोर्ट है और हमारा फैसला ही मानना पड़ेगा। आरोपी पंचों ने विवाहिता को दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का केस वापस लेने के आदेश दिया। पीड़ित पक्ष ने कहा- मामला कोर्ट ने विचाराधीन है। अब जो कोर्ट फैसला देगा, उसके वैसे ही करेंगे। खाप पंचायत के पंच और ज्यादा नाराज हो गए और कहा- हम कोर्ट–कचहरी को नहीं मानते। समाज से बाहर निकालने का आदेश आरोप है कि पंचों ने कहा–समाज में हमारा फैसला मानना पड़ेगा। पीड़ित ने केस वापस लेने से इंकार का तो कथित पंचों ने पीड़ित परिवार को समाज से बहिष्कृत कर 4 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिा। आरोपी पंचों ने फरमान सुनाया कि जब तक वे लोग केस वापस नहीं लेंगे, तब तक परिवार के लोगों की रिश्तेदारों की शादी-ब्याह और मौत (शोक सभा के कार्यक्रम) में भी नो एंट्री होगी। आरोप है कि इस खाप पंचायत में झुझण्डा, दादिया, आलावास, सिसरवादा, पाचुण्डा, बागासनी, झाक, बासिया, देवली, छितरिया, चण्डावल सहित अन्य गांवों के पंच-पटेल मौजूद थे। पुलिस ने इनके खिलाफ दर्ज की एफआईआर पुलिस ने ​राजेन्द्र पुत्र घेवरराम, रतनाराम पुत्र जसाराम, ​चेतन पुत्र भबूतराम, ​बलदेवराम पुत्र रामाराम, ​चौनाराम, ​भंवरलाल पुत्र पोकरजी, ​पारस पुत्र हुकाराम, भंवर, जालाराम, ​नारायण, ​भैराराम, ​हापुराम, ​मोनाराम, ​नरपतराम पुत्र घेवरराम, ​मांगीलाल पुत्र हापुराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसी तरह ​किशोर पुत्र उमाराम जांगु, ​गिरधारीलाल पुत्र लाबुजी, ​घेवरराम पुत्र पुखाराम, ​बलदेवराम पुत्र रामाराम, ​भंवरलाल पुत्र पोकरराम और ​हीरालाल पुत्र भंवरलाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। …. ये खबर भी पढ़िए… लिव-इन में रहने पर पंचों ने 21 लाख जुर्माना लगाया:दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद किया, सामाजिक कार्यक्रम से निकाला; धार्मिक स्थल पर एंट्री बैन की जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है। लिव इन में रह रहे युवक और युवती पर 21 लाख का जुर्माना लगा दिया। दोनों के परिवार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का-पानी बंद कर दिया। पूरी खबर पढ़िए…



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गोरखपुर में सिपाही ने श्मशान घाट में हैवानियत की: फटा पेट, टूटी हडि्डयां, हाथ बांधकर नदी में फेंकने से बच्ची की मौत, भाई का जन्म हुआ – Gorakhpur News




गोरखपुर में बच्ची की हैवानियत के बाद सिपाही ने निर्ममता से हत्या की थी। मासूम बच्ची के पैर, गर्दन समेत शरीर के मुख्य अंगो की 5 हडि्डयां टूट गईं थी। उसके हाथ की उंगलियां भी कट गई थी। पेट भी फट गया था, अतड़ी बाहर आ गई थी। प्राइवेट पार्ट पर गहरे जख्म के निशान थे। हाथ पीठ के पीछे बांधकर नदी में फेंका गया था। जहां उसका सिर किसी पत्थर से टकराया था। 28 जुलाई की रात जिला अस्पताल से बच्ची गायब हुई थी। 36 घंटे बाद पुलिस ने जब चिऊटहां पुल के नीचे से शव बरामद किया तो कुछ इस तरह दृश्य देखने को मिला। देखने से लग रहा था कि बच्ची की दर्द से तड़पकर मौत हुई है। जिसे देखकर पुलिस टीम भी सन्न रह गई। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी इस हैवानियत से हैरान थे। वहीं पुलिस विभाग इस घटना से शर्मशार था। हर कोई यह कह रहा था कि इसके सीने में गोली मारकर सजा देनी चाहिए। वहीं रात करीब 9 बजे मृतिका की मां ने एक बेटे को जन्म दिया। 5 बेटियों के बाद इस घर में एक बेटे का जन्म हुआ था। लेकिन बेटी की मौत से पूरा परिवार टूट गया था। श्मशान घाट के कमरे में खून के निशान शहर से 15 किमी दूर चिऊटहां पुल के नीचे स्थित श्मशान घाट के कमरे में बच्ची के साथ हैवानियत की गई। वहां पर खून के निशान जगह-जगह मिले हैं। आरोपी पुलिस कर्मी की वर्दी पर भी खून के दाग लगे थे। जिसे वह बच्ची को मारने के बाद पुलिस लाइन आकर धूल लिया था। इसके बाद आराम से सोया था। बच्ची को वह 10 बजे के करीब जिला अस्पताल से बहला फुसलाकर घर छोड़ने के बहाने लेकर गया। श्मशान घाट पर ले जाकर 1 घंटे तक उसके साथ हैवानियत की। इसके बाद तड़पाकर मार डाला। जिला अस्पताल में चला 1 घंटे तक हंगामा गुरुवार को जिला अस्पताल में घटना से नाराज स्टाफ नर्सों ने करीब 1 घंटे तक हंगामा किया। दोपहर में मेडिकल कराने आए आरोपी सिपाही की जमकर पिटाई की। इसके बाद पुलिस से भी काफी देर तक नोकझोंक चली। किसी तरह पुलिस टीम ने समझाकर उन्हें शांत कराया। किसी तरफ भारी फोर्स बुलाकर सिपाही को पुलिस कस्टडी में बाहर निकाला गया। दो घंटे तक जिला अस्पताल का सारा काम ठप था। मरीज के साथ आए परिवार ने लोग भी इधर उधर दौड़ते नजर आए। इधर जली चिता, उधर जन्मा बेटा 10 साल की बच्ची की निर्ममता से हत्या की गई। इसे निर्भया कांड से भी बड़ी घटना बताई जा रही है। गुरुवार शाम 5 बजे पोस्टमार्टम के बाद बच्ची के शव को पुलिस घर न ले जाकर सीधे एंबुलेंस से राजघाट लेकर पहुंची। इस सूचना पर उसकी चार बहनें दौड़ती हुई, वहां पहुंची। एंबुलेंस का दरवाजा खोलकर बहन का शव देखकर छोटी बहन वहीं पर बेहोश हाे गई। पुलिस फोर्स की मौजूदगी में ई-रिक्शा चलाने वाले पिता ने बेटी का दाह संस्कार किया। अभी पिता परिवार और रिश्तेदारों के साथ घर पहुंचे ही थे। तभी उनकी पत्नी को लेबर पेन शुरू हो गया। आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर रात 9 बजे मृतिका की मां ने बेटे को जन्म दिया। बहन बोली थी, इस बार रक्षा बंधन में मेरा भी भाई आएगा
7th में पढ़ने वाली बड़ी बहन ने बताया कि मेरी मम्मी 9 महीने की प्रेग्नेंट थी। इसीलिए उनकी तबियत ठीक नहीं रहती। हम पांच बहने हैं। मृतिका दूसरे नंबर पर थी। बड़ी बहन ने बताया कि सबका ख्याल मैं और मुझसे छोटी बहन ही रखते थे। 27 जुलाई की शाम करीब 7 बजे मेरी अचानक तबियत बिगड़ गई। सीने में दर्द होने लगा और बहुत तेज बुखार चढ़ गया। पापा तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने मुझे एडमिट कर लिया। हॉस्पिटल में मेरे साथ दादी रुकी थी। 28 जुलाई को दूसरे नंबर की बहन ने अपने हाथ से खाना बनाई। वह 5th क्लास में पढ़ती थी। घर पर पापा के न होने और मम्मी के बीमार होने की वजह से तीसरे नंबर की बहन के साथ वह खुद खाना लेकर पहुंची। फिर तीसरी बहन को हॉस्पिटल में ही रुकने को बोल कर खुद खाना खिलाने के बाद जाने लगी। तभी यह घटना हुआ। मेरी छोटी बहन प्रेग्नेंट मां से कहती थी इस बार रक्षा बंधन में मेरा भी भाई आएगा। उसको राखी बांधकर अपना सपना पूरा करूंगी। लेकिन यह सब देखने से पहले ही वह इस दुनिया से चली गई। आज वह हाेती तो, सबसे अधिक खुश होती। वो हमेशा मां से भाई की डिमांड करती थी। वह हमेशा बोलती थी कि एक दिन पढ़कर अच्छी डॉक्टर बनकर दिखाऊंगी। फिर अपनी मां का इलाज खुद करूंगी। गोरखनाथ रूट पर लगी थी सिपाही डयूटी आरोपी सिपाही अभिषेक यादव वर्ष 2016 बैच का भर्ती जवान है, जिसकी पुलिस सेवा में ज्वाइनिंग वर्ष 2018 में हुई थी। वर्तमान में उसकी तैनाती डॉयल-112 में थी। वारदात वाले दिन उसकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक गोरखनाथ से चिउटहां रूट पर लगी थी। ड्यूटी पूरी करने के बाद वह पुलिस लाइन स्थित अपने आवास नहीं गया, बल्कि सीधे जिला अस्पताल पहुंचा। आरोप है कि यहीं से उसने मासूम बच्ची को अगवा किया और बाद में जघन्य वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी सिपाही का विभागीय रिकॉर्ड पहले से ही सवालों के घेरे में रहा है। उस पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं और उसका सेवा रिकॉर्ड अच्छा नहीं माना जाता। इसके बावजूद वह पुलिस सेवा में बना रहा। आरोपी का अतीत भी विवादों से भरा रहा है। वह एक मामले में करीब नौ माह तक जेल में रहा। इसके बाद फरवरी में उसकी बहाली की प्रक्रिया शुरू हुई और सितंबर 2025 में उसे दोबारा सेवा में बहाल कर दिया गया। जिला अस्पताल से मंगलवार रात 10 बजे बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने करीब दो घंटे तक अपने स्तर पर तलाश की। देर रात पुलिस को सूचना भी दे दी गई, लेकिन शुरुआती घंटों में जिस तेजी से कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह नहीं दिखी। एफआईआर बुधवार दोपहर 2:02 बजे दर्ज हुई और इसके बाद पुलिस मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफआईआर दर्ज होने के बाद बुधवार दोपहर से 10 थानों की पुलिस और टीमें सर्च अभियान में जुटीं। इसी दौरान आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। कैमरों में जिला अस्पताल से बाइक सवार संदिग्ध सिपाही मासूम को ले जाता दिखाई दिया, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर मिलते ही पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।
सीसीटीवी से बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद बुधवार दोपहर बाद आरोपी की पहचान हो गई। पुलिस ने उसी दौरान उसे हिरासत में भी ले लिया गया। हालांकि पहचान होने के बावजूद आरोपी करीब चार घंटे तक पुलिस को गुमराह करता रहा और जांच को भटकाने की कोशिश करता रहा। वारदात के बाद भी करता रहा ड्यूटी, किसी को नहीं हुई भनक सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सामान्य तरीके से अपनी ड्यूटी करने गोरखनाथ थानाक्षेत्र में पहुंच गया। उसके हावभाव से किसी को जरा भी संदेह नहीं हुआ। बाद में तकनीकी साक्ष्यों और बाइक नंबर के आधार पर पुलिस उसके करीब पहुंच सकी। पुलिस अगर पहले सक्रिय होती तो बच जाती जान
पूरे घटनाक्रम ने पुलिस के रिस्पॉन्स टाइम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मासूम के मामा का कहना है कि सूचना देने के बाद यदि पुलिस मंगलवार रात में ही सक्रिय होकर सर्च अभियान शुरू करती, इलाके की घेराबंदी करती और सीसीटीवी तुरंत खंगालती, तो आरोपी तक जल्दी पहुंचा जा सकता था। कोतवाली पुलिस की शुरुआती घंटों की सुस्ती ने उनकी मासूम भांजी की जिंदगी छीन ली। मायके में रहती है सिपाही की पत्नी सिपाही अभिषेक यादव की एक बेटी और बेटा है। जो मां के साथ ससुराल में रहते हैं। गाजिपुर में सिपाही का घर है, वहीं पर उसका ससुराल भी है। पत्नी को जब इस घटना की जानकारी मिली तो उसने सिर पकड़ लिया। पत्नी बोली उनकी आदतों की वजह से ससुराल छोड़कर बच्चों के साथ मायके में रहती हूं। भगवान से यही मनाती हूं कभी उनके साथ न रहना पड़े। बच्ची के साथ जो घटना हुई है, वह कभी माफ करने लायक नहीं है। उनकी भी बेटी है। कैसे चेहरा दिखाएंगे। अब जानिए पूरा घटनाक्रम डॉक्टर और नर्सों ने दोड़ाकर पीटा गोरखपुर में 35 साल के सिपाही अभिषेक यादव ने 10 साल की बच्ची से रेप करने के बाद हत्या की थी। गुरुवार शाम को आई बच्ची की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। सिपाही ने जिला अस्पताल से ही बच्ची को किडनैप किया। फिर उसे बाइक से श्मशान घाट ले गया। वहां रेप करने के बाद बच्ची की गर्दन को पैर से दबाकर तोड़ दिया। इसके बाद शव नदी में फेंक दिया था। इससे पहले आरोपी सिपाही को जिला अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस सिपाही को मेडिकल कराने के लिए जिला अस्पताल ले गई। उसे देखते ही अस्पताल के कर्मचारी भड़क गए और हमला कर दिया। पुलिसवालों ने बड़ी मुश्किल से सिपाही को छुड़ाया। दरअसल, 28 जुलाई को बच्ची अपनी बीमार बहन को खाना देने अस्पताल आई थी। घर लौटते समय सिपाही ने बाइक से उसका पीछा किया। फिर उसे बाइक पर बैठाकर 15 किलोमीटर दूर श्मशान घाट ले गया। अपने साथ ले गया। इधर, बच्ची नहीं लौटी, तो घरवालों ने गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच के लिए पुलिस ने 10 टीमें लगाईं, 200 CCTV फुटेज खंगाले। इसमें बाइक की नंबर प्लेट से आरोपी सिपाही की पहचान हुई। पुलिस ने सिपाही को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया। गुरुवार सुबह साढ़े 8 बजे आरोपी सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने बच्ची का शव बरामद किया। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने बताया- सिपाही अभिषेक यादव गोरखपुर में डायल-112 में तैनात था। जनवरी, 2025 में उसने बंगाल की एक महिला से छेड़छाड़ की थी। तब भी उसे सस्पेंड किया गया था। जेल भी भेजा गया था। सितंबर, 2025 में उसकी बहाली हुई थी। अभिषेक 2018 बैच का सिपाही था। उसकी 7 साल की एक बेटी है। सिपाही को बर्खास्त कर दिया गया है। उस पर पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज की गई है। रासुका (एनएसए) भी लगाया जाएगा। 3 तस्वीरें देखिए- पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस शव सीधे अंतिम संस्कार के लिए ले गई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्ची के प्राइवेट पार्ट में चोट मिली। गर्दन की हड्‌डी भी टूटी थी। हत्या के 36 घंटे बाद पुलिस को बच्ची की लाश मिली। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस शाम 5 बजे बच्ची का शव एंबुलेंस से सीधे राजघाट लेकर पहुंची। पिता ने बच्ची का अंतिम संस्कार किया। परिवार ने 50 लाख रुपए, नौकरी और आरोपी को फांसी देने की मांग की है। अस्पताल में भर्ती बहन को खाना देने गई थी आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना इलाके के रहने वाले एक युवक ने बुधवार को पुलिस से शिकायत की थी। बताया था कि पिछले 4 साल से पत्नी और 5 बेटियों के साथ गोरखपुर में किराए पर रहते हैं। ई-रिक्शा चलाकर घर चलाते हैं। पत्नी प्रेग्नेंट है। 27 जुलाई को 13 साल की बेटी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द और बहुत तेज बुखार हो गया। मैं तुरंत उसे हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने उसे एडमिट कर लिया। 28 जुलाई को मैं काम पर गया था। पत्नी की भी तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए रात 8:30 बजे मेरी 10 साल बेटी अपनी बीमार बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल गई थी। रात 10 बजे घर वह लौटने के लिए निकली। जब वह काफी देर तक घर नहीं आई, तो मैं हॉस्पिटल पहुंचा। इधर-उधर पूछताछ की। हर जगह ढूंढा, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पिता बोले- बेटी ने बताया, सिपाही बच्ची के पीछे पड़ा था पिता ने बताया- अस्पताल में भर्ती बड़ी बेटी से पूछा तो उसने बताया कि जब हम दोनों बहनें बाहर बैठकर खाना खा रहे थे, तभी पुलिस वर्दी पहने एक व्यक्ति आया। उसने पूछा कि कहां रहती हो? हमने पता बताया, तो उसने कहा कि रात काफी हो गई है। अगर किसी को घर जाना हो, तो मैं छोड़ दूंगा। बड़ी बेटी ने उससे कहा कि छोटी बहन को घर जाना है। इसके बाद वह मेरी छोटी बेटी के पीछे पड़ गया। लेकिन, बेटी ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे जब छोटी बेटी अस्पताल से निकली, तो सिपाही भी उसके पीछे-पीछे निकल गया। CCTV में बच्ची को गाड़ी पर बैठाते दिखा था सिपाही पिता की शिकायत के बाद पुलिस एक्शन में आ गई। अस्पताल के CCTV खंगाले, तो लड़की की बात सच निकली। 39 सेकेंड की फुटेज में लड़की हॉस्पिटल से बाहर पैदल जाती दिखी। उसके पीछे वर्दी पहनकर सिपाही बाइक से आता दिखा। पास पहुंचकर रुक गया। कुछ देर बात की। फिर लड़की उसकी बाइक पर बैठ गई। सिपाही ने पुलिस को पूछताछ में बताया- 28 जुलाई को मैं अस्पताल में दवा लेने आया था। इसी दौरान बच्ची मिल गई। घर छोड़ने के बहाने उसे किडनैप कर लिया था। सिपाही की पत्नी और बेटी गाजीपुर में रहती है आरोपी सिपाही अभिषेक यादव मूल रूप से गाजीपुर के शादियाबाद थाना क्षेत्र के हंसराजपुर चौरा गांव का रहने वाला है। उसकी शादी दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के मोलनापुर गांव में हुई थी। मेरिट के आधार पर 2016 में उसकी नियुक्ति हुई थी। 2018 से उसकी तैनाती गोरखपुर में थी। उसकी पत्नी बेटी के साथ गाजीपुर में ही रहती है। ————————-



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गुजरात-महाराष्ट्र में आज भारी बारिश की चेतावनी, सेना स्टैंडबाय पर: गुजरात में स्कूल-कॉलेज बंद; हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान तक पहुंची




जुलाई का महीना खत्म होते-होते देशभर में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक आज गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, मध्य महाराष्ट्र में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का मतलब है 24 घंटे में 204mm से ज्यादा बारिश। जबकि पंजाब, अरुणाचल, केरल, कोंकण-गोवा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट है। इधर, गुजरात में सभी स्कूल-कॉलेज आज बंद रहेंगे। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में 12 इंच तक बारिश होने की संभावना है। हिमाचल में अभी भी 130 सड़कें बंद हैं। असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 80 हो गई है। राज्य में बाढ़ प्रभावितों की संख्या घटकर 2 लाख रह गई है। पहाड़ी-मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। सैटेलाइट मैप में देखें, गुजरात पर छाए बादल देशभर में मौसम से जुड़ी तस्वीरें… देश में अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 अगस्त : गुजरात, सौराष्ट, कच्छ में बारिश का रेड अलर्ट, जबकि केरल-कर्नाटक में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नॉर्थ ईस्ट, उत्तर भारत, मध्य भारत के राज्यों में बारिश कायलो अलर्ट है। 2 अगस्त: सिक्किम और हिमालय से सटे बंगाल में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।



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थानेदार के साथ जनसुराज का पॉलिटिकल ड्रामा: तेजस्वी का लालटेन जलेगा नहीं…खिलेगा; चालबाज परीक्षार्थी को Google ने पहुंचाया जेल – Bihar News




बात खरी है… इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…



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आज 50 से अधिक इलाकों में गुल रहेगी बिजली: तत्काल टिकट के लिए बदली रेलवे ने व्यवस्था ; जानिए, शहर में कहां-क्या रहेगा खास – Bhopal News


आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा।

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सुविधा, जो सीधे आपसे जुड़ी हैं

आज से तत्काल टिकट में बदलाव
पहली बार यह तय किया गया है कि जो व्यक्ति अपना या अपने परिवार के सदस्य का टिकट बनवाने आएगा, उसे अन्य लोगों की तुलना में प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही टोकन लेने के लिए पहचान और संबंध साबित करने वाले दस्तावेज भी अनिवार्य होंगे। पढ़ें पूरी खबर

इन इलाकों में गुल रहेगी बिजली

  • सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक साकेत नगर 2-ए, अलकापुरी, शक्ति नगर, दुर्गा नगर, शक्ति नगर ए-सेक्टर, दुर्गा मंदिर पहाड़ी क्षेत्र एवं आसपास के इलाके।
  • सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक चांदबड़ हिनोतिया, विजय नगर, दुर्गा नगर कॉलोनी, सेमरा, गैस राहत अस्पताल एवं आसपास के इलाके।
  • सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक चुनाभट्टी गांव, ताबिश कॉम्प्लेक्स, समर्थन, सागर कैंपस, चाणक्यपुरी कॉलोनी, वर्धमान परिसर, गंगोत्री हाइट्स, हिल क्रेस्ट, परस्पर कॉलोनी एवं आसपास के इलाके।
  • सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक विजय नगर, वल्लभ नगर, मंगलम अपार्टमेंट, मिल्क डेयरी, विजय नगर, सुदीति हॉस्पिटल एवं आसपास के इलाके।
  • सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक अरविंद विहार, लहारपुर, बागमुगालिया एक्सटेंशन (एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी, ईडब्ल्यूएस क्वार्टर), माउंट कार्मेल स्कूल, द्वारिका परिसर, श्री उमाशंकर तिवारी का निवास एवं आसपास के इलाके।
  • सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक सिंगापुर सिटी कॉलोनी, डीएच-4, दानिश कुंज, वीराशा हाइट्स एवं आसपास के इलाके।
आर्ट/कल्चर/एग्जीबिशन/ सभा

एग्जीबिशन

मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय जनजातीय चित्रकार की प्रदर्शनी शुरू हो गई है, इसमें भील जनजातीय चित्रकार सुनीता परमार के चित्रों की प्रदर्शनी का संयोजन किया गया है। 75वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी 30 जुलाई, 2026 (मंगलवार से रविवार) तक निरंतर रहेगी।

राष्ट्रीय संस्कृत रूपक-निर्देशन कार्यशाला
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भोपाल परिसर में संस्कृत रंगमंच को नई पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए 7 से 27 जुलाई तक 21 दिवसीय संस्कृत रूपक-निर्देशन राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर

कैंपस/जॉब

जामिया के पाठ्यक्रम में अब स्वयं के कोर्स
जामिया मिलिया इस्लामिया ने पहली बार अपने पाठ्यक्रम में स्वयं के ऑनलाइन कोर्स शामिल किए हैं। इससे छात्रों को अपनी रुचि के अनुसार अतिरिक्त विषय पढ़ने का मौका मिलेगा।

आईईएचई

शहर के उच्च शिक्षा संस्थान आईईएचई में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। संस्थान में अब ई-प्रवेश प्रणाली के साथ अलग से काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित की जाएगी।

काम की जरूरी लिंक्स…

आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें।

हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल

ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन

पुलिस थाने और कॉन्टैक्ट नंबर

इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर

सीएनजी पंप स्टेशन



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गर्भावस्था के आधार पर नौकरी से वंचित नहीं कर सकते: लखनऊ हाईकोर्ट ने महिला अभ्यर्थी की दोबारा पीईटी कराने का आयोग को आदेश दिया – Lucknow News




इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गर्भावस्था किसी महिला को सरकारी नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं हो सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मातृत्व के कारण किसी महिला को भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना उसके प्रजनन और रोजगार के अधिकारों का उल्लंघन है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला वन रक्षक एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती की अभ्यर्थी कोमल जायसवाल की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए सुनाया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के उस निर्णय को रद्द कर दिया, जिसमें कोमल की पीईटी स्थगित करने की मांग खारिज कर दी गई थी। कोमल जायसवाल ने वर्ष 2023 की भर्ती में लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली थी। हालांकि, शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के समय वह नौ माह की गर्भवती थीं। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया था कि उनकी पीईटी बाद में आयोजित की जाए। आयोग ने कोमल के अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि नियमों में शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद, एकल पीठ ने भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके विरुद्ध उन्होंने विशेष अपील दायर की थी। न्यायालय ने अपने फैसले में जोर दिया कि किसी महिला का विवाहित होना या गर्भवती होना नियुक्ति के लिए अयोग्यता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि नियमों में पीईटी स्थगित करने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है, तो आयोग को ऐसे मामलों में संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था। खंडपीठ ने यह भी माना कि भर्ती प्रक्रिया काफी लंबी चली। लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के बीच दो वर्ष से अधिक का अंतर रहा, जिसके कारण इस अवधि में विवाह और गर्भधारण होना स्वाभाविक है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर कोमल जायसवाल की शारीरिक दक्षता परीक्षा दोबारा आयोजित करे। यदि वह पीईटी, मेडिकल परीक्षण और मेरिट में सफल होती हैं, तो उन्हें उसी तिथि से नियुक्ति का लाभ दिया जाएगा, जिस दिन उनसे कम मेरिट वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति मिली थी। साथ ही, अदालत ने ओबीसी महिला वर्ग का एक पद तब तक रिक्त रखने का भी आदेश दिया है।



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शहरों में अब बिल्डिंग परमिशन के लिए एनओसी नहीं लगेगी: ऑनलाइन प्रोसेस में तय की व्यवस्था, हाउसिंग सोसायटी, नजूल, बिजली की एनओसी से छूट – Bhopal News




मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब बिल्डिंग परमिशन के दौरान अनापत्ति प्रमाण-पत्र मांगे जाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी। आवेदन, नक्शे एवं अन्य दस्तावेजों की केवल डिजिटल प्रतियां ही स्वीकार की जाएंगी तथा किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि स्वामी द्वारा स्वयं आवेदन करने पर ऑनलाइन शपथ-पत्र लिया जाएगा। यह निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगरीय निकायों के लिए जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब भवन निर्माण अनुज्ञा प्रकरणों में विभिन्न विभागों से अनावश्यक रूप से मांगे जाने वाले अनेक अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इस निर्णय से नागरिकों, निवेशकों, डेवलपर्स एवं निर्माण एजेंसियों को राहत मिलेगी तथा प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूती मिलेगी। पूरी प्रोसेस रहेगी ऑनलाइन, डिजिटल कॉपी होंगी स्वीकार नई व्यवस्था में भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी। आवेदन, नक्शे एवं अन्य दस्तावेजों की केवल डिजिटल प्रतियां ही स्वीकार की जाएंगी। किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी देने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि स्वामी द्वारा स्वयं आवेदन करने पर ऑनलाइन शपथ-पत्र लिया जाएगा, जबकि अधिकृत कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन किए जाने पर भूमि स्वामी द्वारा हस्ताक्षरित शपथ-पत्र अपलोड करना होगा। इन क्षेत्रों में भी विशेष परिस्थितियों में एनओसी लेंगे विभाग ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) तथा विरासत (Heritage) क्षेत्रों से संबंधित अनापत्तियों की आवश्यकता अब केवल उन्हीं मामलों में होगी, जहां ऑनलाइन भवन अनुज्ञा प्रणाली में जीआईएस आधारित सत्यापन के माध्यम से संबंधित भूखंड प्रभावित अथवा प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित पाया जाएगा। अन्य सभी मामलों में इन अनापत्तियों की आवश्यकता नहीं होगी। हाउसिंग सोसायटी, बिजली, नजूल की एनओसी से राहत विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सहकारिता विभाग एवं गृह निर्माण सहकारी समितियों, विद्युत तथा नजूल विभाग से मांगी जाने वाली कई प्रकार की अनापत्तियों की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इससे भवन अनुज्ञा प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और नागरिक हितैषी बनेगी। रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से संबंधित मामलों में अब आवेदकों को स्वयं एनओसी प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। आवश्यकता होने पर सक्षम प्राधिकारी आवेदन प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा तथा विभाग को 21 दिवस के भीतर अपनी अनापत्ति अथवा आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। निर्धारित अवधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में प्रकरण पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक के भवनों एवं परियोजनाओं में ही पर्यावरणीय अनापत्ति आवश्यक निर्देशों में कहा गया है कि पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी प्रावधानों को भी तर्कसंगत बनाया गया है। निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक के भवनों एवं परियोजनाओं में ही पर्यावरणीय अनापत्ति आवश्यक होगी। इसी प्रकार वृक्ष कटाई की अनुमति भी केवल उन्हीं मामलों में आवश्यक होगी, जहां वास्तविक रूप से वृक्षों की कटाई प्रस्तावित हो। अग्निशमन अनापत्ति के संबंध में भी राष्ट्रीय भवन संहिता के प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।



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नाश्ते में बनाएं कच्चे केले की कुरकुरी टिक्की, स्वाद-सेहत का बेहतरीन कॉम्बो


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Banana Tikkis Recipe: आलू की टिक्की तो लगभग हर घर में बनाई जाती है, लेकिन कच्चे केले से तैयार की गई टिक्की स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम यह टिक्की बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकती है.

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दिन की शुरुआत अगर पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ते से हो, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. हालांकि रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाने से अक्सर लोग ऊब जाते हैं. ऐसे में अगर आप कुछ नया, हेल्दी और चटपटा ट्राई करना चाहती हैं, तो कच्चे केले की टिक्की एक शानदार विकल्प हो सकती है. ये रेसिपी स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर है. खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर सामान आसानी से घर की रसोई में मिल जाते हैं. इसे सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक या टिफिन के लिए भी तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.

आवश्यक सामग्री

  • 3 से 4 उबले हुए कच्चे केले
  • 3 बड़े चम्मच ओट्स का पाउडर
  • बारीक कटी हरी मिर्च
  • कटा हुआ हरा धनिया
  • बारीक कटा प्याज
  • थोड़े से कॉर्न
  • स्वादानुसार नमक
  • 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
  • तेल या देसी घी

टिक्की बनाने का तरीका

सबसे पहले कच्चे केलों को अच्छी तरह धो लें और प्रेशर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें. जब केले ठंडे हो जाएं, तो उनका छिलका हटाकर उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें. ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठें न रहें.

अब एक बड़े बाउल में मैश किए हुए केले डालें. इसमें ओट्स पाउडर, हरी मिर्च, हरा धनिया, प्याज, कॉर्न, जीरा पाउडर और नमक मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक मुलायम मिश्रण तैयार कर लें.

इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार गोल या चपटी टिक्कियां बना लें. एक पैन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें और टिक्कियों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें. जब टिक्कियां कुरकुरी और हल्की ब्राउन दिखने लगें, तो उन्हें प्लेट में निकाल लें.

बोनस टिप्स
टिक्कियों को सेंकने से पहले 10 से 15 मिनट के लिए फ्रिज में रखने से उनका आकार बना रहता है और वे टूटती नहीं हैं. बेहतर स्वाद के लिए मिश्रण में थोड़ा अदरक पेस्ट मिलाया जा सकता है. अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद पसंद है, तो थोड़ा अमचूर पाउडर भी डाल सकते हैं. इन स्वादिष्ट टिक्कियों को हरी चटनी या इमली की मीठी-खट्टी चटनी के साथ परोसें. ये हेल्दी रेसिपी बच्चों और बड़ों दोनों के लिए बेहतरीन नाश्ता साबित हो सकती है

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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भिंडी की सब्जी से हो गए बोर?, ट्राई करें भिंडी का गुटका, हर कोई करेगा तारीफ


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भिंडी की सब्जी से हो गए बोर?, ट्राई करें भिंडी का गुटका, हर कोई करेगा तारीफ

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अगर आप रोज़-रोज़ एक जैसी भिंडी की सब्जी खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार भिंडी का गुटका जरूर ट्राई करें. टमाटर, नींबू, हरा धनिया और खास मसालों के साथ तैयार होने वाली यह ड्राई रेसिपी स्वाद में बेहद चटपटी और लाजवाब होती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में पानी का इस्तेमाल नहीं होता और यह महज 10 से 15 मिनट में तैयार हो जाती है. गरमा-गरम पूड़ी या रोटी के साथ परोसी जाने वाली यह रेसिपी घर के सभी लोगों को खूब पसंद आएगी.

आलू के गुटके की रेसिपी तो आपने कई बार ट्राई की होगी, लेकिन क्या कभी भिंडी का गुटका खाया है? इसे बनाना बेहद आसान है और यह खाने में बहुत ही चटपटा और स्वादिष्ट लगता है. इसे टमाटर, नींबू, धनिया पत्ता और खास मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाता है.

कुकिंग एक्सपर्ट शालिनी बताती हैं कि अगर आपको कुछ झटपट, चटपटा और मसालेदार खाने का मन हो, तो यह बेस्ट ऑप्शन है. भिंडी बहुत जल्दी पक जाती है, इसलिए यह रेसिपी मिनटों में तैयार हो जाती है.

भिंडी को अच्छे से धोकर थोड़े बड़े-बड़े टुकड़ों में काट लें और अलग रख दें. अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा और राई का फौरन (तड़का) लगाएं. फिर तैयार किया हुआ पिसा मसाला डालकर अच्छे से भूनें.

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मसाला भूनते समय इसमें सिर्फ एक चम्मच बेसन डाल दें. इससे इसका स्वाद काफी बढ़ जाता है. अगर दही उपलब्ध हो, तो थोड़ा सा बेसन दही में मिलाकर भी डाल सकते हैं. अब कड़ाही में कटी हुई भिंडी डालें और अच्छे से फ्राई करें.

इसके बाद एक टमाटर के 6 से 7 बड़े-बड़े टुकड़े करके कड़ाही में डाल दें. कड़ाही को ढक दें और धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट के लिए पकने दें. जब सब्जी पूरी तरह पक जाए और आप इसे गैस से नीचे उतारें, तो ऊपर से थोड़ा सा नींबू का रस निचोड़ दें. फिर बारीक कटे हरे धनिया पत्ता से गार्निश करें.

लीजिये, आपका गरमा-गरम चटपटा भिंडी का गुटका बनकर तैयार है! ध्यान रहे, इस पूरी रेसिपी में पानी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं होता है. यह पूरी तरह सूखी (ड्राई) सब्जी बनती है. लोग इसे खासतौर पर गरमा-गरम पूड़ियों के साथ खाना पसंद करते हैं.

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