Thursday, September 10, 2026
Home Blog

UP में Special TET का विज्ञापन जारी, कब होगी परीक्षा और कब से शुरू होगा आवेदन


लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विशेष शिक्षकों के लिए आयोजित होने वाली  Special TET परीक्षा को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देशों के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने Special TET का विज्ञापन जारी कर दिया है। जारी विज्ञापन के मुताबिक Special TET की परीक्षा 3 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 5 सितंबर 2026 से शुरू होगी।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षक होंगे पात्र

यह परीक्षा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर कार्यरत शिक्षकों एवं विशेष शिक्षकों (CWSN) के लिए आयोजित की जा रही है। परीक्षा में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले संबंधित विद्यालयों के शिक्षक शामिल हो सकेंगे। खास बात यह है कि TET/CTET उत्तीर्ण नहीं करने वाले शिक्षकों को भी इस विशेष परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया गया है।

कक्षा 1 से 5 के शिक्षकों के लिए पात्रता

अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि प्राथमिक स्तर पर उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालय, स्थानीय निकाय एवं जिन विद्यालयों को राज्य सरकार/बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा समय-समय पर मान्यता/सम्बद्धता प्रदान की गई है, राज्य सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालय तथा विशेष एजुकेटर्स प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) के शिक्षक पात्र होंगे। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक स्तर पर बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों, स्थानीय निकाय एवं मान्यता/सम्बद्धता प्राप्त विद्यालयों, राज्य सरकार से सहायता प्राप्त विद्यालयों तथा विशेष एजुकेटर्स उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के शिक्षक पात्र होंगे

3 नवंबर को होगी परीक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार Special TET का विज्ञापन 3 सितंबर 2026 को प्रकाशित किया गया है। परीक्षा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। यह परीक्षा विशेष शिक्षकों की पात्रता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

2028 तक TET पास करना जरूरी

नोटिफिकेशन में दी गई जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सभी कार्यरत शिक्षकों को वर्ष 2028 तक टीईटी परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में शिक्षकों को ज्यादा मौके देने के लिए स्पेशल टीईटी एग्जाम का आयोजन किया जा रहा है।

कितने घंटे की होगी परीक्षा?

यह परीक्षा 2.30 घंटे की होगी और सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। कुल 150 प्रश्न होंगे। इस परीक्षा में निगेटिव मार्किंग नहीं होगी। जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ 1 हजार रुपये जमा करना होगा। एससी, एसटी के लिए आवेदन फीस 500 रुपये एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये निर्धारित की गई है। फीस का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें:


SSC JE 2026 के 1748 पदों के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, योग्यता और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी यहां देखें





Source link

पाली में सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत: बाइक पर जाते समय गाड़ी ने मारी टक्कर; दोनों गुजरात में साथ काम करते थे – Pali (Marwar) News




पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र में जाडन-खारड़ी मार्ग पर बुधवार शाम भीषण सड़क हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई। मारवाड़ जंक्शन थाने के हेड कॉन्स्टेबल सम्पतराम के अनुसार, नरसिंहपुरा निवासी राकेश (35) पुत्र पुखाराम और राजकुमार सिंह (27) पुत्र दिलीप सिंह बाइक से मारवाड़ की ओर जा रहे थे। रास्ते में जाडन-खारड़ी के बीच एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद दोनों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हेड कॉन्स्टेबल सम्पतराम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों मृतक आपस में परिचित थे और गुजरात में एक साथ काम करते थे। फिलहाल दोनों के शवों को बांगड़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।



Source link

मथुरा में खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा पर हुई चर्चा: मिठाई एसोसिएशन की बैठक में व्यापारियों ने दिए सुझाव, अधिकारियों ने दिए निर्देश – Mathura News




मथुरा में मिठाई एसोसिएशन ने बुधवार शाम करीब 5 बजे एक बैठक की। इसमें मिठाई और खाद्य पदार्थ कारोबार से जुड़े व्यापारी शामिल हुए। बैठक में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और ग्राहकों को सुरक्षित सामान देने पर विस्तार से बात हुई। जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी भी इसमें मौजूद थे। व्यापारियों ने अधिकारियों को अपने कारोबार से जुड़ी समस्याएं और चुनौतियां बताईं। उन्होंने इस पर अपने सुझाव भी दिए। व्यापारियों ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमों का पालन करने पर भी चर्चा की। बैठक में मौजूद सभी व्यापारियों का सम्मान भी किया गया। अधिकारियों ने व्यापारियों को सलाह दी कि वे खाद्य पदार्थ बनाते और बेचते समय साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि मिठाई और दूसरे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। खाने का सामान बनाने, स्टोर करने और बेचने में खाद्य सुरक्षा के तय नियमों का पालन जरूरी है। बैठक में व्यापारियों को नॉन-प्रोजेक्ट से जुड़े नए नियमों की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों ने साफ किया कि जो दुकानें खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अलग-अलग नियमों के बारे में बताया। उन्होंने जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इन नियमों का मकसद व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि ग्राहकों को सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना देना है। बैठक के आखिर में व्यापारियों ने प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को अपने सुझाव दिए। उन्होंने नियमों का पालन करने में सहयोग का भरोसा भी दिलाया।



Source link

दिल्ली की स्वच्छ हवा के लिए बने रणनीति: साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के छात्रों ने पर्यावरण मंत्री को सौंपी रिपोर्ट – New Delhi News




दिल्ली को विश्वस्तरीय, पर्यावरण-अनुकूल और हरित शहर बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों के बीच साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से मुलाकात की। छात्रों ने दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ वायु को बढ़ावा देना विषय पर तैयार अध्ययन रिपोर्ट मंत्री को सौंपी। इस दौरान पर्यावरण एवं वन विभाग के सचिव विजय कुमार बिधूड़ी भी मौजूद रहे। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली का वायु प्रदूषण केवल राजधानी तक सीमित समस्या नहीं, बल्कि पूरे एयरशेड से जुड़ा मुद्दा है। इसके समाधान के लिए पूर्वानुमान आधारित क्षेत्रीय रणनीति, एकीकृत निगरानी व्यवस्था और पूरे एनसीआर में समन्वित कार्रवाई जरूरी है। छात्रों ने ई-वेस्ट रीसाइक्लिंग, ग्रीन मोबिलिटी और उत्सर्जन मानकों में सुधार जैसे उपाय भी सुझाए। छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री सिरसा ने कहा कि दिल्ली की पर्यावरणीय चुनौतियां जटिल हैं, लेकिन नवाचार, तकनीक और सामूहिक प्रयासों से इनका समाधान संभव है। कचरा प्रबंधन और ई-बसों पर फोकस मंत्री ने कहा कि दिल्ली में रोजाना करीब 13 हजार मीट्रिक टन कचरा उत्पन्न होता है, जबकि 30-35 हजार मीट्रिक टन पुराना कचरा मौजूद है। इसके निपटान के लिए सरकार सर्कुलर इकोनॉमी और संसाधन पुनर्प्राप्ति पर काम कर रही है। प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा भी लगातार बढ़ाया जा रहा है। यमुना को प्रदूषण से बचाने के लिए औद्योगिक अपशिष्ट जल के उच्चस्तरीय उपचार को अनिवार्य किया गया है। मंत्री ने कहा कि सरकार तात्कालिक उपायों के साथ दीर्घकालिक व्यवस्थाओं पर भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में आर्थिक विकास और पर्यावरण संतुलन के साथ दिल्ली को हरित राजधानी बनाने का लक्ष्य है।



Source link

कैमूर में घर से महिला का शव मिला: पति हैदराबाद में करता है मजदूरी; परिजन बोले-‘पाटीदारों ने मारा’, अकेली रहती थी – Kaimur News




कैमूर के कुढ़नी थाना क्षेत्र के दुमदुमा गांव में बुधवार को एक महिला का शव उसके घर से बरामद होने के बाद सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान दुमदुमा गांव निवासी वकील चौधरी की 30 वर्षीय पत्नी आशा देवी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… घर पर अकेली रहती थी आशा मृतका के मामा उमेश चौहान के अनुसार, आशा देवी के पति वकील चौधरी हैदराबाद में मजदूरी करते हैं। पति के बाहर रहने के कारण आशा घर पर अकेली रहती थी। परिजनों का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले पाटीदारों के साथ आशा का पहले से विवाद चल रहा था। आरोप है कि पाटीदार अक्सर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करते थे। परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप उमेश चौहान ने आशंका जताई कि विवाद के चलते पाटीदारों ने आशा देवी के साथ मारपीट की और घर के अंदर उसकी हत्या कर दी। हालांकि, हत्या के आरोपों की अभी पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने घटनास्थल का लिया जायजा स्थानीय लोगों से सूचना मिलने के बाद कुढ़नी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल परिजनों के बयान और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ की तैयारी में है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।



Source link

सागर शराबकांड: शिवपुरी में महिलाओं ने पेटियां जलाईं: दुकान शिफ्ट करने की मांग पर अड़ीं, धरने पर बैठीं; 5 दिन में कार्रवाई का आश्वासन – Shivpuri News




शिवपुरी के नया अमोला में शराब दुकान को लेकर बुधवार को महिलाओं और प्रशासन के बीच दिनभर विरोध और बातचीत चलती रही। महिलाएं शराब दुकान को आबादी वाले इलाके से हटाने की मांग कर रही थीं। प्रशासन ने 5 दिन में कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद महिलाओं ने फिलहाल विरोध खत्म कर दिया। बुधवार को आबकारी विभाग के अधिकारी पुलिस और शराब दुकान संचालक के साथ नया अमोला पहुंचे। दुकान खुलने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में महिलाएं बस स्टैंड के पास काली माता मंदिर पर जमा हो गईं। इसके बाद करैरा तहसीलदार, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर, आबकारी अधिकारियों और पुलिस ने महिलाओं से बातचीत की। करीब एक घंटे बाद महिलाएं अधिकारियों को ज्ञापन देने के लिए तैयार हुईं। शराब दुकान तक पहुंचीं। उन्होंने दुकान बंद करने और इसे दूसरी जगह ले जाने की मांग रखी। हाईवे पर चक्काजाम की चेतावनी दुकान तुरंत बंद नहीं होने पर महिलाएं बस स्टैंड की ओर बढ़ने लगीं। उन्होंने हाईवे पर चक्काजाम करने की चेतावनी दी। इसके बाद अमोला चौकी, हाईवे चौकी और सुरवाया थाना क्षेत्र से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। 5 दिन में कार्रवाई के भरोसे पर विरोध खत्म महिलाओं ने शराब दुकान को 5 दिन के अंदर दूसरी जगह ले जाने की मांग की। उनका कहना था कि दुकान को आबादी वाले और सार्वजनिक आने-जाने वाले इलाके से हटाया जाए। उन्होंने गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी रखी। प्रशासनिक अधिकारियों ने महिलाओं को 5 दिन में कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद महिलाएं चक्काजाम नहीं करने और फिलहाल विरोध खत्म करने पर सहमत हो गईं। इससे एक दिन पहले मंगलवार को महिलाओं ने शराब दुकान में घुसकर शराब की पेटियां बाहर निकाली थीं और उनमें आग लगा दी थी।



Source link

तेल कंपनियां पेट्रोल पर ₹5, डीजल पर ₹23 का झेल रहीं घाटा, आपकी जेब पर आएगा बोझ?


Last Updated:

कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी आ गई है. ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज में असुरक्षा के भाव ने तेल की कीमतों को ऊपर उठा दिया है. भारत के क्रूड बास्केट का एवरेज प्राइस 108 डॉलर को पार कर गया है. ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर से ऊपर निकल गया है. कच्चा तेल महंगा होने का मतलब है कि जल्द ही आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ सकता है.

Zoom

जब भी तेल की कीमतों में आग लगती है भारत को ज्यादा परेशानी होती है.

नई दिल्ली. तेल मार्केटिंग कंपनियां हर दिन पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 23 रुपये प्रति लीटर का नुकसान झेलेंगी. मनीकंट्रोल ने एनालिस्ट्स के हवाले से लिखा है कि पश्चिम एशिया में दोबारा तनाव बढ़ा है जिसकी वजह से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर पार कर गया है.कच्चे तेल से पेट्रोल-डीजल बनाने तक कंपनियों की इनपुट कॉस्ट एक बार फिर ऊपर चली गई लेकिन फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया. नतीजतन, इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम समेत अन्य तेल मार्केट कंपनियां घाटा झेल रही हैं.

ब्रेंट क्रूड बुधवार को 2.5 फीसदी बढ़कर 100 डॉलर के पार चला गया. वहीं, अमेरिका का वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) 2 परसेंट चढ़कर 95 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था. 23 जुलाई के बाद यह पहला मौका है जब ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर के पार पहुंच गई है.

भारत के लिए स्थिति चिंताजनक

जब भी तेल की कीमतों में आग लगती है भारत को ज्यादा परेशानी होती है. इसकी वजह यह है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है. देश की कुल तेल जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा हिस्सा इम्पोर्ट किया जाता है. कच्चा तेल महंगा होना सिर्फ तेल कंपनियों पर बोझ नहीं बढ़ाता, वह भारत की डॉलर वाली तिजोरी पर भी असर डालता है. भारत को और डॉलर की जरूरत पड़ती है और इसका सीधा असर रुपये की वैल्यू पर भी होता है. इसके अलावा आम लोगों के लिए तो यह सिरदर्द होता ही है. अगर कंपनियां बढ़ी हुई कॉस्ट का बोझ आम लोग पर ट्रांसफर करती हैं तो उनकी जेब खाली होती है. गौरतलब है कि भारत की क्रूड बास्केट 109 डॉलर प्रति बैरल है. रेटिंग एजेंसी ICRA के प्रशांत वशिष्ठ का कहना है कि एलपीजी सिलेंडर पर कंपनियों का घाटा 200 रुपये पर पहुंच गया है. यानी आम आदमी को इस मोर्चे पर भी बुरी खबर सुनने को मिल सकती है.

मई में बढ़ी थी कीमतें

इससे पहले जब वेस्ट एशिया में स्थिति खराब हुई थी तो भारतीय तेल कंपनियों ने काफी लंबे समय तक बोझ झेला और फिर धीरे-धीरे दाम बढ़ाना शुरू किया. आखिरी बार 25 मई को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा किया गया था. घरेलू एलीपीजी सिलेंडर के दाम में आखिरी बार 7 जून को 29 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.

भारत का आयात बिल

पेट्रोल प्लानिंग एवं एनालिसिस सेल (PPAC) के मुताबिक, भारत का क्रूड इम्पोर्ट बिल अप्रैल से जुलाई के बीच 56% से अधिक बढ़कर $63.4 अरब हो गया है. मजेदार बात यह है कि आयात की मात्रा करीब 82 मिलियन टन ही है. भारत के क्रूड बास्केट की औसत कीमत 102.11 डॉलर से बढ़कर 108.91 डॉलर हो गई है. जानकारों का मानना है कि तेल महंगा होगा तो व्यापार घाटा बढ़ेगा, रुपया कमजोर होगा, एविएशन, पेंट्स और टायर जैसे क्षेत्रों में मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा

About the Author

authorimg

जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो,…

और पढ़ें



Source link

भारतीय और विदेशी पुरुषों की फिटनेस में क्या है फर्क? फिटनेस कोच ने बताया


उम्र बढ़ने के साथ फिट रहना मुश्किल जरूर हो सकता है, लेकिन नामुमकिन नहीं। फिटनेस कोच राजन ने कुछ भारतीय और विदेशी पुरुषों का लाइफस्टाइल दिखाकर बताया कि सेहत के लिए रोज की कुछ आदतें कितनी जरूरी हैं।

भारतीय और विदेशी बुजुर्गों की फिटनेस देखकर समझें, उम्र बढ़ने पर रोज की आदतें शरीर पर कितना असर डालती हैं।

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं। पहले की तरह आसानी से दौड़ना, वजन उठाना या लंबे समय तक काम करना पॉसिबल नहीं रहता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर को कमजोर ही छोड़ दिया जाए। फिटनेस कोच राजन ने हाल ही में इसी बात को अपने अंदाज में समझाया है। उन्होंने कुछ ऐसे बुजुर्ग पुरुषों को दिखाया, जो 80 साल की उम्र में भी कसरत करते हैं और अपने रोज के काम खुद कर रहे हैं। उन्होंने कुछ भारतीय पुरुषों की तस्वीरें दिखाईं, जिनके पेट काफी निकले हुए थे और जो तला-भुना खाना भी खा रहे थे। राजन ने यह भी साफ किया कि वह सभी भारतीयों या विदेशी लोगों को एक जैसा नहीं बता रहे हैं। उनका कहना था कि हमें अपनी रोज की आदतों और सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है।

80 की उम्र में कसरत कर रहे हैं ये लोग

राजन ने कुछ ऐसे बुजुर्ग पुरुषों को दिखाया, जो उम्र बढ़ने के बाद भी कसरत कर रहे हैं। एक बुजुर्ग ने बताया कि उन्हें बेचैनी और तनाव की परेशानी रहती थी, लेकिन कसरत करने से उन्हें काफी मदद मिली। एक 86 साल के व्यक्ति ने बताया कि पिछले कुछ सालों में उन्होंने अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दिया था। बाद में उन्होंने अपनी सेहत सुधारने का फैसला किया, ताकि आने वाले साल भी अच्छे से जी सकें।

82 साल की उम्र में 105 स्क्वैट्स

इस वीडियो में, 82 साल के एक बुजुर्ग अपने वर्कआउट रूटीन के बारे में बता रहे हैं। वे बताते हैं कि वे बिना रुके 105 स्क्वैट्स कर सकते हैं। इसके बाद, वे जिम जाते हैं और पुल-अप एक्सरसाइज़ भी करते हैं। हर किसी को इतनी ज्यादा एक्सरसाइज़ करने की जरूरत नहीं है। इससे यह पता चलता है कि उम्र बढ़ने पर भी शरीर को एक्टिव रखा जा सकता है।

फिर दिखाए भारतीय पुरुष

इसके बाद राजन ने कुछ भारतीय पुरुषों के उदाहरण दिखाए। इनमें कुछ पुरुषों का पेट काफी निकला हुआ था। वीडियो में आलू के पराठे और घी वाले समोसे जैसे खाने की चीजें भी दिखाई गईं। राजन के अनुसार कई लोग नौकरी, कारोबार और परिवार की जिम्मेदारियों में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि अपनी सेहत के लिए समय निकालना बंद कर देते हैं। धीरे-धीरे चलना-फिरना और कसरत कम हो जाती है।

उम्र बढ़ने पर पेट निकलना नॉर्मल नहीं!

कई बार लोग बढ़ती उम्र के साथ बढ़ते वजन को सामान्य मान लेते हैं। खासकर पुरुषों में पेट निकलने को लेकर लोग ज्यादा चिंता नहीं करते। लेकिन सेहत के लिए वजन के साथ-साथ शरीर का एक्टिव रहना भी जरूरी है।

परिवार के साथ खुद की सेहत का भी रखें ध्यान

नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां जरूरी हैं, लेकिन इनके बीच अपनी हेल्थ को इग्नोर करना सही नहीं है। अगर आज से शरीर का ध्यान रखा जाए तो आगे चलकर चलने-फिरने और रोज के काम करने में आसानी रहेगी। इसके लिए जरूरी नहीं कि आप रोज घंटों कसरत करें। अपनी उम्र और शरीर की क्षमता के हिसाब से शुरुआत करना ज्यादा जरूरी है।

आज से ही शुरू करें ये छोटी आदतें

  1. अगर आप लंबे समय से कसरत नहीं कर रहे हैं, तो रोज थोड़ी देर टहलने से शुरुआत कर सकते हैं। धीरे-धीरे अपनी क्षमता के हिसाब से कसरत बढ़ाएं।
  2. खाने में दाल, सब्जियां, फल और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें।
  3. sबहुत ज्यादा तला-भुना और जरूरत से ज्यादा खाना कम करें। सबसे जरूरी बात यह है कि उम्र को कसरत छोड़ने की वजह ना बनाएं।



Source link

घर पर बनाएं ऐसा पीनट बटर कि बाजार वाला भूल जाएंगे! मूंगफली से मिनटों में होगा तैयार

0


Last Updated:

पीनट बटर खाने के शौकीन हैं तो इसे बाजार से खरीदने की बजाय घर पर भी बना सकते हैं. सिर्फ मूंगफली और कुछ आसान चीजों की मदद से घर पर क्रीमी और स्वादिष्ट पीनट बटर तैयार किया जा सकता है.

Zoom

होममेड हेल्दी बटर.

पीनट बटर आजकल नाश्ते से लेकर स्नैक्स तक काफी पसंद किया जाता है. इसे ब्रेड, टोस्ट, शेक, स्मूदी या फलों के साथ खाया जा सकता है. बाजार में कई तरह के पीनट बटर मिलते हैं, लेकिन अगर आप चाहें तो इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. इसके लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती और मूंगफली से ही स्वादिष्ट पीनट बटर तैयार किया जा सकता है.

पीनट बटर बनाने के लिए सामग्री

घर पर पीनट बटर बनाने के लिए आपको करीब 2 कप मूंगफली की जरूरत होगी. इसके अलावा स्वाद के हिसाब से थोड़ा सा नमक और 1-2 चम्मच शहद या पाउडर चीनी डाल सकते हैं. अगर आपको बिल्कुल स्मूद पीनट बटर पसंद है तो थोड़ा सा न्यूट्रल ऑयल जैसे मूंगफली या सनफ्लावर ऑयल भी इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि तेल डालना जरूरी नहीं है.

सबसे पहले मूंगफली भूनें

एक कड़ाही को गर्म करें और उसमें मूंगफली डालकर धीमी से मध्यम आंच पर भूनें. मूंगफली को लगातार चलाते रहें ताकि वह जले नहीं. जब मूंगफली की खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए तो गैस बंद कर दें. मूंगफली को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद हाथों से रगड़कर उसके छिलके निकाल लें. थोड़े बहुत छिलके रह जाएं तो भी कोई परेशानी नहीं है.

अब बनाएं पीनट बटर

भुनी और छिली हुई मूंगफली को मिक्सर या फूड प्रोसेसर में डालें. शुरुआत में मूंगफली पाउडर जैसी दिखाई देगी. मिक्सर को थोड़ी-थोड़ी देर चलाते रहें और जरूरत पड़ने पर किनारों पर लगी मूंगफली को चम्मच से नीचे कर दें. कुछ देर बाद मूंगफली से प्राकृतिक तेल निकलना शुरू होगा और मिश्रण धीरे-धीरे गाढ़े पेस्ट में बदल जाएगा. इसी प्रक्रिया से पीनट बटर को क्रीमी टेक्सचर मिलता है. अगर आपको ज्यादा स्मूद पीनट बटर चाहिए तो इसे कुछ देर और ब्लेंड करें.

अब इसमें स्वाद के अनुसार नमक और थोड़ा शहद या पाउडर चीनी डालकर फिर से ब्लेंड कर लें. अगर पीनट बटर बहुत ज्यादा गाढ़ा लग रहा है तो थोड़ा सा तेल डाल सकते हैं.

ऐसे करें स्टोर

तैयार पीनट बटर को एक साफ और सूखे एयरटाइट कांच के जार में भरकर रखें. जार में नमी या पानी नहीं जाना चाहिए. इसे ब्रेड और टोस्ट पर लगाकर खा सकते हैं या ओट्स, स्मूदी और शेक में भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

और पढ़ें



Source link

बच्ची की मौत वाले दिन पिता ने किया था रेप: 2 साल बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा, सूरत की घटना


सूरत25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पुलिस हिरासत में आरोपी पिता।

गुजरात के सूरत में 13 साल की बच्ची की मौत के मामले में दो साल बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बच्ची की मौत से पहले उसके साथ सौतेले पिता ने दुष्कर्म किया गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

8 जून, 2024 को हुई थी बच्ची की मौत

मृतक बच्ची के भाई ने सूरत के अठवा लाइंस पुलिस स्टेशन को 8 जून, 2024 को सूचना दी थी कि उसकी बहन को अचानक उल्टी होने लगी और मुंह से झाग निकलने लगा थी। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, एडमिट होने के कुछ देर बाद ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

उस समय, आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर नए सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया था। मृत्यु के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए, मृतक के आंतरिक अंगों के नमूने भी फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए थे।

अठवा लाइंस पुलिस स्टेशन में 8 जून, 2024 को बच्ची की मौत का मामला दर्ज हुआ था।

अठवा लाइंस पुलिस स्टेशन में 8 जून, 2024 को बच्ची की मौत का मामला दर्ज हुआ था।

बच्ची के शरीर में मिला था स्पर्म

सूरत के नए सिविल अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग ने हाल ही में पुलिस को ‘कॉज ऑफ डेथ’ सर्टिफिकेट सौंपा। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि लड़की की मौत तो फेफड़ों की बीमारी से हुई थी। लेकिन, उसके शरीर पर चोटों के निशान और जबरदस्ती शारीरिक शोषण के संकेत मिले हैं।

मौत वाले दिन उसके शरीर में स्पर्म मिला। इससे साबित होता है कि मौत से कुछ समय पहले ही बीमार बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया था। रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला दर्ज जांच शुरू की।

डीसीपी निधि ठाकुर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी।

डीसीपी निधि ठाकुर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी।

जांच के दौरान पुलिस के सौतेले पिता के बारे में पता चला

पुलिस ने बच्ची के स्कूल, उन दुकानों पर भी पूछताछ की, जहां वह साफ-सफाई का काम करती थी। इसी दौरान कुछ लोगों से जानकारी मिली कि बच्ची का एक सौतेला पिता था, जो उसे बहुत पीटता था। नशे की लत के चलते उसका रोजाना घर में झगड़ा भी होता था।

जांच के करीब 15 दिनों बाद पुलिस बच्ची के भाई तक भी पहुंची, जिसने अथवालिन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। दरअसल, वह काम-धंधे की तलाश में नेपाल चला गया था और उससे पुलिस का संपर्क नहीं हो पा रहा था। भाई ने पुलिस को बहन की मौत वाले दिन की पूरी घटना भी बताई। बच्ची जब घर में बेहोश होकर गिर पड़ी थी, तब उसके साथ घर में उसका सौतेला पिता ही था।

इन सभी जानकारियों के बाद पुलिस ने सौतेले पिता को हिरासत में लेकर उसका डीएनए सैंपल लिया। डीएनए सैंपल का एफएसएल जांच के दौरान मिले सैंपल से 100 प्रतिशत मिलान होने पर आरोपी गिरफ्त में आ गया। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

——————–

ये खबर भी पढ़ें…

बेटी से 3 साल तक रेप, 2 बार गर्भवती हुई:दवा खिलाकर अबॉर्शन कराया, दूसरी बार शादीशुदा बताकर कराई डिलीवरी

रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म और नवजात को बेचने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, 16 साल की पीड़िता ने अपने पिता पर वर्ष 2023 से लगातार करीब 3 साल तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…



Source link