Thursday, July 16, 2026
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31 जुलाई तक सस्ते फ्लैट खरीदने का मौका, तीन महीने में बिक चुके हैं 1284 मकान


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DDA Flat Sale : दिल्ली विकास प्राधिकरण ने चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में करीब 1300 फ्लैट की बिक्री की है. इस दौरान डीडीए को 1,020 करोड़ रुपये का राजस्व भी जुटाया है. सबसे खास बात ये है कि डीडीए के ज्यादातर फ्लैट नरेला इलाके में बने हैं, जहां मेट्रो की अच्छी कनेक्टिविटी है.

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डीडीए के फ्लैट की डिमांड हर साल तेजी से बढ़ रही है.

नई दिल्ली. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में सस्ते फ्लैट बेचने का मौका क्या दिया, लोग खरीदने के लिए टूट पड़े. डीडीए ने महज 3 महीने के भीतर ही दिल्ली में करीब 1300 मकान बेच डाले और 1,020 करोड़ रुपये की कमाई भी हुई है. राजधानी दिल्ली में नरेला अब सबसे हब बनकर उभरा है. इस इलाके में डीडीए ने अपना सबसे बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया था और चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही में बंपर बिक्री कर डाली.

डीडीए की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने वित् वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में आवासीय फ्लैटों की बिक्री में बड़ी सफलता हासिल की है. DDA ने इस दौरान 1,284 फ्लैट बेचकर ₹1,020 करोड़ का राजस्व कमाया है, जो पिछले वित्तवर्ष की समान अवधि के ₹462 करोड़ की तुलना में करीब 120% अधिक है. दिल्ली में अब नरेला सबसे बड़ा हाउसिंग हब बनकर उभरा है. कुल 1,284 में से 1,153 फ्लैट (करीब 90%) अकेले नरेला में बिके हैं.

नरेला क्यों है सबका पसंदीदा
DDA के अनुसार, UER-II और रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं से नरेला की कनेक्टिविटी बेहतर होने के कारण लोगों का रुझान बढ़ा है. यही वजह रही कि इस इलाके में डीडीए सबसे ज्यादा फ्लैट बना रहा है. खरीदारों ने भी बेहतर कनेक्टिवटी को देखते हुए इस इलाके में निवेश करना और अपना आशियाना बनाना पसंद किया है.

किस कैटेगरी के हैं ज्यादा फ्लैट

  • डीडीए के प्रोजेक्ट में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के 336 फ्लैट बने हैं.
  • LIG (लो इनकम ग्रुप) के भी 322 फ्लैट बनाए गए हैं.
  • MIG (मिडिल इनकम ग्रुप) में डीडीए ने सबसे ज्यादा 435 फ्लैट (सबसे अधिक बिक्री) बेचे हैं.
  • HIG (हाई इनकम ग्रुप) में भी डीडीए ने बीते तीन महीने में ही 191 फ्लैट बेच दिए हैं.

अब भी है खरीदने का मौका
डीडीए ने बताया कि नरेला में EWS फ्लैट लगभग पूरी तरह बिक गए, जिससे किफायती आवास की मजबूत मांग सामने आई. इन सभी फलैट को DDA की कर्मयोगी आवास योजना, नागरिक आवास योजना और टावरिंग हाइट्स, ईस्ट दिल्ली हब (कड़कड़डूमा) के तहत बनाया और बेचा है. हालांकि, DDA ने इन हाउसिंग योजनाओं की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 तक बढ़ा दी है. इसका मतलब है कि अब भी इसमें निवेश का मौका है.

पिछले साल बेचे थे रिकॉर्ड फ्लैट
डीडीए ने अपनी सभी आवास योजनाओं को पहले आओ, पहले पाओ (FCFS) आधार पर बेचा है. इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और खरीदार घर बैठे आवेदन कर सकते हैं. सभी फ्लैट फ्रीहोल्ड और रेडी-टू-मूव हैं. इसके अलावा खरीदारों के लिए सैंपल फ्लैट देखने की भी सुविधा उपलब्ध है. DDA ने बताया कि वित्तवर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 11,764 फ्लैटों की बिक्री हुई थी, जिनमें 90% से अधिक किफायती आवास श्रेणी के थे.
DDA का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया, आसान होम लोन विकल्प, हेल्पडेस्क, व्हाट्सएप चैटबॉट और पारदर्शी व्यवस्था के कारण लोगों का भरोसा बढ़ा है.

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प्रियंका काण्डपालवरिष्ठ संवाददाता

आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…और पढ़ें



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एपीटीसी फॉलोअर की मौत, 14 घंटे प्रदर्शन के बाद FIR: आर्थिक सहायता, दो सदस्यों को नौकरी पर माने परिजन, फिर हुआ अंतिम संस्कार – Sitapur News


अभिषेक सिंह | सीतापुर4 मिनट पहले

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सीतापुर के एपीटीसी (APTC) कमांडेंट के सरकारी आवास पर कार्यरत निजी फॉलोअर शैलेन्द्र पाल की बुधवार को संदिग्ध मौत के मामले में करीब 14 घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद पुलिस ने परिजनों की मांग पर एफआईआर दर्ज कर ली है।

खैराबाद थाना पुलिस ने एपीटीसी के तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। कार्रवाई के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए और शैलेन्द्र का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे संपन्न कराया गया।

शैलेन्द्र पाल की मौत के बाद परिजनों ने एपीटीसी कमांडेंट शोगुन गौतम पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि चोरी के संदेह में शैलेन्द्र को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। उपचार के लिए लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।

घटना की जानकारी मिलने पर बुधवार रात करीब 9 बजे कांग्रेस सांसद राकेश राठौर दिल्ली से सीधे सीतापुर पहुंचे और पीड़ित परिवार के साथ धरने पर बैठ गए। बुधवार देर रात शव गांव पहुंचने के बाद शुरू हुआ धरना करीब 14 घंटे तक चला। इस दौरान एएसपी, एसडीएम समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों ने सांसद और परिजनों से वार्ता की, लेकिन परिजन एफआईआर दर्ज होने तक अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हुए।

गुरुवार सुबह से चली लंबी वार्ता के बाद पुलिस ने एपीटीसी के तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके साथ ही प्रशासन ने पीड़ित परिवार के दो सदस्यों को पुलिस विभाग में संविदा पर नौकरी देने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और आवासीय पट्टा देने का आश्वासन दिया। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद धरना समाप्त हुआ।

इसके बाद परिजनों ने शैलेन्द्र पाल के शव का अंतिम संस्कार किया। एएसपी आलोक सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। सांसद राकेश राठौर ने कहा कि इस मामले में परिजनों के आरोप गंभीर है। कमांडेंट के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय पत्राचार किया जाएगा।



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राम मंदिर चंदा चोरी पर कांग्रेस का प्रोटेस्ट: बेतिया में केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी – Bettiah (West Champaran) News




बेतिया में गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी पश्चिम चंपारण ने समाहरणालय परिसर के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर केंद्र सरकार की नीतियों और जनसमस्याओं के विरोध में आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में लगातार वृद्धि हुई है। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं और युवाओं को पर्याप्त रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। वक्ताओं ने सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी का भी आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं ने राम मंदिर चंदे में कथित चोरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में दोषियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है और जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित नहीं किया जाता, तब तक कांग्रेस विरोध जारी रखेगी। राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में महंगाई पर नियंत्रण, बेरोजगारी दूर करने, भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश यादव ने की। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी वशी अहमद और कांग्रेस नेता रिंकु पासवान सहित कई वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी वक्ताओं ने केंद्र सरकार से जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेने और आम जनता को राहत प्रदान करने की मांग की।



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भगवान जगदीश की रथ यात्रा में शामिल हुए जीतू पटवारी: देवास में मंत्री करण सिंह वर्मा के साथ खींचा रथ; दतिया उपचुनाव में जीत का किया दावा – Dewas News




देवास में अखिल भारतीय चंद्रवंशी खाती समाज की ओर से भगवान जगदीश की रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और हाटपीपल्या विधायक मनोज चौधरी शामिल हुए। इस दौरान जीतू पटवारी ने रथ खींचा, भजन गाए और भक्तों के साथ नृत्य भी किया। वहीं, उन्होंने राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा को सहारा देकर मंच तक पहुंचाया और बैठाया। रथ यात्रा गुरुवार सुबह प्रमिला राजे गार्डन से शुरू हुई। यात्रा भोपाल चौराहा, नाहर दरवाजा, नयापुरा सुपरमार्केट, जवाहर चौक, बस स्टैंड, एबी रोड और उज्जैन चौराहा होते हुए इंदिरा गांधी चौराहा पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान जगदीश के जयकारे लगाए और पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। यात्रा के दौरान जीतू पटवारी कुछ दूर तक श्रद्धालुओं के साथ पैदल भी चले। भीड़ के बीच से निकलने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “दो दिन की साइकिल यात्रा में जितना नहीं थका था, उतना इन भाई लोगों ने भीड़ के बीच से थका दिया।” उन्होंने भगवान जगदीश से सभी पर कृपा बनाए रखने की कामना की। बाद में मंच से विधायक मनोज चौधरी और अन्य लोगों ने उनका सम्मान किया। दतिया उपचुनाव पर कांग्रेस की जीत का दावा रथ यात्रा के बाद जीतू पटवारी ने दतिया उपचुनाव को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह चुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी। पटवारी ने आरोप लगाया कि भाजपा अपना “कर्मकांड” करेगी और प्रशासन चुनाव लड़ेगा, लेकिन आखिर में जीत कांग्रेस की होगी। भाजपा सरकार पर साधा निशाना पटवारी ने भाजपा सरकार को भ्रष्टाचार का पर्याय बताया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण मुख्यमंत्री को मंत्रियों के विभाग अपने पास लेने पड़ेंगे और अंत में उन्हें भी विभाग छोड़ने की स्थिति आ जाएगी। मंत्री करण सिंह वर्मा ने भी की आरती राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने भगवान जगदीश की आरती की। स्वागत के दौरान लोगों ने उन्हें सहारा देकर मंच तक पहुंचाया और सम्मानित किया। कार्यक्रम के बाद उन्हें सहारा देकर मंच से नीचे भी उतारा गया। दतिया उपचुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर करण सिंह वर्मा ने कहा, “आज दतिया चुनाव की बात नहीं। भाजपा कभी हारी है क्या?” उन्होंने कहा कि मोहन यादव सरकार ने लोगों को मुफ्त में गेहूं दिया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस ने कभी ऐसा किया था। जीतू पटवारी के सम्मान पर मंत्री वर्मा ने कहा कि उनका स्वागत किया गया, यह अच्छी बात है। उन्होंने कहा, “जब तक किसी का सम्मान नहीं करेंगे, आपका सम्मान भी कोई नहीं करेगा।”



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घर पर बनाएं अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम, जानिए आसान रेसिपी


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घर पर बनाएं अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम, जानिए आसान रेसिपी

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Gorakhpur Street Food: गोरखपुर में पंजाबी स्वाद का क्रेज लगातार बढ़ रहा है. अमृतसरी कुल्चा-छोले के साथ अब अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम भी लोगों की पहली पसंद बन चुकी है. गाढ़े दूध, ताजे फलों और ड्राई फ्रूट से तैयार यह डेजर्ट स्वाद के साथ-साथ क्रीमी टेक्सचर के लिए भी खास माना जाता है.

Gorakhpur Street Food: गोरखपुर में इन दिनों पंजाबी खाने का स्वाद लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. शहर के अलग-अलग इलाकों में कुल्चा-छोले और पंजाबी तड़का दाल का जायका लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. इसी ट्रेंड के बीच अमृतसरी कुल्चा-छोले की दुकान चलाने वाले दीपक ने अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम से भी खास पहचान बनाई है. गर्मी के मौसम में लोग इन दोनों डेजर्ट को बड़े चाव से पसंद कर रहे हैं और अब कई लोग इसे घर पर बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं.

दीपक बताते हैं कि, अमृतसरी मिल्क की खासियत उसका गाढ़ापन और फ्लेवर है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले फुल क्रीम दूध को अच्छे से उबाला जाता है, फिर उसमें स्वादानुसार चीनी मिलाई जाती है ताकि मिठास संतुलित रहे.

इसके बाद हल्का सा ऑरेंज फ्लेवर डाला जाता है, जो इसे एक अलग खुशबू और टेस्ट देता है. दूध को ठंडा होने दिया जाता है और फिर उसमें मलाई और बारीक कटे बादाम, काजू और पिस्ता मिलाए जाते हैं. तैयार मिश्रण को बोतल में भरकर फ्रिज में ठंडा किया जाता है. ठंडा होने के बाद यह अमृतसरी मिल्क गाढ़ा, क्रीमी और बेहद स्वादिष्ट बन जाता है.

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वहीं, ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम बनाने की प्रक्रिया भी बेहद खास है. इसके लिए केला, संतरा, आम और अंगूर जैसे ताजे फलों को मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार किया जाता है. इस पेस्ट में गाढ़ा दूध या क्रीम मिलाकर अच्छी तरह फेंटा जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी बन सके. इसके बाद इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट मिलाए जाते हैं और मिश्रण को कंटेनर में डालकर फ्रीजर में जमने के लिए रख दिया जाता है. जब आइसक्रीम पूरी तरह सेट हो जाती है, तब उसे निकालकर ऊपर से रंगीन चेरी और अतिरिक्त ड्राई फ्रूट से सजाया जाता है.

घर पर तैयार यह अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि शुद्धता के लिहाज से भी बेहतर है. कम सामान और आसान प्रक्रिया के जरिए आप भी इस पंजाबी फ्लेवर का आनंद अपने परिवार के साथ ले सकते हैं. सबसे खास बात इसे बनाने का तरीका भी बेहद आसान होता है और जब आप इसे खाएंगे तो एक ऑथेंटिक फ्रूट का मजा भी आपको मिलेगा.

वहीं, दीपक की दुकान पर आए कस्टमर अमन बताते हैं कि, गोरखपुर में यह मिक्स फ्रूट आइसक्रीम बेहद खास आइटम है. जो इस दुकान पर मिलता है और इसे ऑथेंटिक फ्रूट से तैयार करते हैं, ड्राई फ्रूट और कलरफुल चेरी इसका टेस्ट और इसकी सुंदरता को बढ़ा देता है. शहर में ऐसे कई लोग हैं जो इसे रोज खाना बेहद पसंद करते हैं. हालांकि कुलचे छोले के साथ यह थोड़ा हैवी होता है, लेकिन कई लोग सिर्फ आइसक्रीम खाने ही आते हैं और इसका टेस्ट लेने आते हैं.

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माथे पर चिपकने वाले Temple डिवाइस की क्या होगी कीमत? हो गया खुलासा!


Zomato के को-फाउंडर दीपेंदर गोयल को कुछ समय पहले एक पॉडकास्ट में Temple डिवाइस पहने देखा गया था। इस डिवाइस को लेकर एक बार फिर से जानकारी सामने आई है। इस टेम्पल डिवाइस की कीमत और लॉन्च से जुड़ी डिटेल्स कंपनी के CEO ने शेयर की है। रिपोर्ट के मुताबिक, माथे और कान के बीच पहने जाने वाले इस डिवाइस को एक साल के अंदर लॉन्च किया जा सकता है। साथ ही, इसकी कीमत कितनी होगी इसका भी खुलासा किया गया है।

क्या है टेम्पल डिवाइस?

जोमैटो को-फाउंडर दीपेंदर गोयल ने जो टेम्पल डिवाइस पहना है उसे Continue Research नाम की कंपनी बना रही है। दीपेंदर गोयल ने इस प्रोजेक्ट में करीब 25 मिलियन डॉलर का निवेश किया है। इस Temple डिवाइस को खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया जा रहा है, जो अपने फिजिकल और मेंटल हेल्थ को गंभीरता से लेते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो इस डिवाइस को एथलिट्स, डॉक्टर, साइंटिस्ट आदि के लिए डेवलप किया जा रहा है।

इस डिवाइस को लेकर जो रिसर्च सामने आई है उसके मुताबिक, इसमें ऐसे हेल्थ मैट्रिक्स को मापने की क्षमता है, तो अन्य कोई भी वियरेबल डिवाइस नहीं माप सकते हैं। यह डिवाइस दिमाग के ब्लड फ्लो को मेजर कर सकता है। इसकी मदद से हेल्थ और एजिंग से जुड़े संकेत समझे जा सकेंगे।

यह डिवाइस माथे के पास आंख और कनपट्टी के बीच टेम्पल स्पेस में पहना जाता है, जिसकी वजह से इसे टेम्पल डिवाइस कहा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेम्प्ल डिवाइस की कीमत 1 लाख रुपये के करीब हो सकती है। पहले इसे केवल 100 लोगों के लिए लॉन्च किया जाएगा। कंपनी इस डिवाइस के लिए खास तौर पर उन लोगों को चुनेगी, जो इसे लेकर अच्छा और जरूरी फीडबैक दे सकते हैं।

रिसर्च में दी जानकारी

जोमैटो को-फाउंडर ने पिछले साल नवंबर में इस डिवाइस के लोकर एक X पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने बताया, ‘मैं इसे इटरनल के सीईओ के रूप में साझा नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक इंसान के रूप में, एक अजीब सूत्र का पालन करने के लिए उत्सुक हूं। एक थ्रेड है, जिसे मैं अब अपने पास नहीं रख सकता।’ यह एक ओपन सोर्स रिसर्च है, जिसे विज्ञान ने माना है। ग्रेविटी हाइपोथिसिस के बारे में दीपिंदर गोयल ने आगे कहा कि न्यूटन ने हमें यह शब्द दिया है।

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कांग्रेस का पीएम को लेटर, कहा- सर्वदलीय बैठक बुलाएं: मानसून सत्र में चढ़ावा चोरी का मामला उठाएगी, संशोधन बिल का विरोध करेगी


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नई दिल्ली4 मिनट पहले

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बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर और जयराम रमेश समेत कई नेता शामिल हुए।

कांग्रेस मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी, पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का मुद्दा उठाएगी। इसके अलावा, सरकार के संशोधन बिलों का विरोध करेगी।

यह फैसला गुरुवार को कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक में लिया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक यानी परिसीमन से जुड़े बिल को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा। इसमें सरकार के संशोधित प्रस्तावों पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। बैठक सोनिया गांधी के आवास पर हुई। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर और जयराम रमेश समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

रमेश ने कहा- महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान लागू करें, तो पूरा समर्थन देंगे

  • जयराम रमेश ने कहा, ‘संसद के आगामी मानसून सत्र में सरकार जिन प्रमुख विधेयकों को लाने की तैयारी कर रही है, उनका पार्टी पुरजोर विरोध करेगी।’
  • उन्होंने आगे कहा- ‘कई मुद्दे ऐसे हैं, जिन्हें हम विशेष रूप से उठाएंगे। जैसे चंदे की चोरी और विश्वासघात। प्रभु श्रीराम मंदिर के संबंध में रोज नए खुलासे हो रहे हैं।’
  • ‘हम अयोध्या में भाजपा और RSS के रचे गए घोटाले का मुद्दा जरूर उठाएंगे। NEET और ई20 घोटाला जैसे कई मुद्दे भी हैं, जिसमें कई वरिष्ठ भाजपा नेता और उनके बेटे शामिल हैं।
  • हमने 16 और 17 अप्रैल को वर्तमान लोकसभा में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों के आरक्षण के संबंध में अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 में महिलाओं के लिए इस एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान शामिल है।

न्यायाधीशों को हटाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर भी बैठक में चर्चा हुई। इस विधेयक की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाई गई है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया है। कांग्रेस इस विधेयक का भी मजबूती से विरोध करेगी।

बैठक में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी, मुकुल वासनिक, पवन बंसल और यामि याग्निक समेत कई पुराने नेता शामिल हुए।

बैठक में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी, मुकुल वासनिक, पवन बंसल और यामि याग्निक समेत कई पुराने नेता शामिल हुए।

कांग्रेस एफसीआरए का भी विरोध करेगी- रमेश

यदि सरकार ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक’ मानसून सत्र में लाती है तो कांग्रेस इसका पूरी तरह विरोध करेगी। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक दोबारा लाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इस विधेयक का विरोध किया था, जिसके बाद सरकार को इसे वापस लेना पड़ा था। अगर इसे फिर पेश किया गया तो पार्टी दोबारा इसका विरोध करेगी।

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राहुल गांधी के वॉइस सैंपल का मिलान नहीं होगा:MP-MLA कोर्ट के फैसले को स्पेशल रिविजनल कोर्ट ने रखा बरकरार

सुलतानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को एक बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में चल रहे मानहानि केस में राहुल गांधी के वॉइस सैंपल की जांच कराने की मांग वाली निगरानी याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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जापान राजवंश में उत्तराधिकारी का संक​ट: किंग नारुहितो को बेटा नहीं, बेटी को हक नहीं; सरकार नए सम्राट की तलाश में जुटी




जापान में सानाए ताकाइची ने देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इतिहास रचा है, लेकिन दुनिया के सबसे पुराने जापान के राजवंश में राजगद्दी महिला को सौंपने पर रोक है। करीब 2600 साल पुराना यह राजवंश अब उत्तराधिकारी के संकट से जूझ रहा है। मौजूदा कानून के अनुसार, केवल सम्राट का बेटा ही सम्राट बन सकता है। इस समय पूरे राजवंश में केवल चार पुरुष बचे हैं। इनमें सम्राट नारुहितो (66), उनके छोटे भाई आकिशिनो (60) और चाचा हिताची (90) हैं। आकिशिनो का एक बेटा 19 वर्षीय हिसाहितो हैं। 40 वर्षों में राजवंश में वयस्क होने वाले वे पहले पुरुष हैं। सम्राट नारुहितो की इकलौती बेटी 24 वर्षीय प्रिंसेस आइको हैं। हालिया सर्वे के अनुसार, अधिकांश जापानी आइको को ‘साम्राज्ञी’ के रूप में देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें 1889 का ‘इंपीरियल हाउस लॉ’ बाधक है। इस कानून में महिलाओं के राजगद्दी संभालने पर रोक है। साथ ही अगर कोई राजकुमारी किसी आम नागरिक से शादी करती है, तो उसे राजपरिवार छोड़ना होता है। रूढ़िवादी जापानी इस कानून के प्रबल समर्थक हैं। वहीं, राजवंश में उत्तराधिकार संकट से निपटने के लिए ताकाइची सरकार ने संसद में बिल पेश किया है। इसके तहत 1947 में राजवंश परिवार से अलग की गई शाखाओं के अविवाहित पुरुषों को गोद लेकर उत्तराधिकारियों का दायरा बढ़ाया जाएगा। लेकिन इस बिल में राजकुमारी आइको या उनके होने वाले बच्चों के लिए कोई जगह नहीं है। चुओ यूनिवर्सिटी में शाही वंशावली के विशेषज्ञ प्रो. माकोटो ओकावा के अनुसार, ‘इतिहास में जापान में आठ महिला सम्राट (1889 से पहले) रह चुकी हैं। इसलिए महिलाओं को बाहर रखना कोई ऐतिहासिक परंपरा नहीं, बल्कि एक सोच है। जब तक महिलाओं को उत्तराधिकार से बाहर रखा जाएगा, तब तक राजपरिवार में स्थिरता लाना संभव नहीं होगा।’ 1947 में राजपरिवार का दायरा घटाने से समस्या
जापान में 592 से 1771 तक 8 महिलाओं ने सम्राट के रूप में शासन किया था, पर 1889 के कानून ने इस सिलसिले को रोक दिया। अगर भविष्य में नारुहितो की कोई संतान नहीं होती या केवल बेटियां होती हैं, तो इस राजवंश का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। बता दें कि 1947 में जापान के संविधान में संशोधन किया गया, जिससे 11 राजकुमारों को अपने पद से हटना पड़ा और वे आम नागरिक बन गए।



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मगरी पंचायत में लगा ग्रामीण सेवा शिविर: राजस्व विभाग ने मौके पर ही जमीन के नामांतरण खोले – pratapgarh (Rajasthan) News




प्रतापगढ़ की धमोत्तर पंचायत समिति की मगरी पंचायत में लगे ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग ने विरासत नामांतरण मामलों का समाधान किया गया। गांव के पीरूलाल और कमतू बाई ने बताया कि उनके पिता बापूलाल के निधन के बाद हमारे नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हो पाए थे। इस कारण उन्हें राजस्व कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विरासत नामांतरण के लिए आवेदन पेश किया। शिविर में मौजूद पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने मामले की सुनवाई की और नामांतरण खोलने की प्रक्रिया पूरी की। इसी शिविर में राजस्व विभाग ने ग्राम पंचायत मगरी के छह अन्य लाभार्थियों के विरासत नामांतरण भी खोले। इन लाभार्थियों ने बताया कि उनके पिता रामाजी के निधन के बाद उनके नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हो पाए थे, जिससे उन्हें राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी हो रही थी। शिविर के दौरान राजस्व विभाग से विरासत नामांतरण की प्रक्रिया की जानकारी मिलने पर इन लाभार्थियों ने भी आवेदन पेश किए। पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने नामांतरण खोलने की प्रक्रिया पूरी की। बाबरिया, हुरजी, इंद्रा, गुड़ी, मगदू बाई और सोनिया के नाम जमाबंदी में दर्ज कर उन्हें जमाबंदी की कॉपी दी गई।



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सागर पर एक्शन होता तो जिंदा तो जिंदा होती बेटी: पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में छात्रा की हत्या पर परिजन बोले- प्रिंसिपल की लापरवाही से हत्या हुई – Pilibhit News




पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्रा की हत्या के मामले में प्रिंसिपल पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर कॉलेज प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो आज उनकी बेटी जिंदा होती। आरोप है कि कशिश ने करीब 15 दिन पहले आरोपी छात्र सागर की हरकतों की शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की थी, लेकिन उसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कशिश के चाचा विकास पटेल ने कहा- कॉलेज प्रशासन को शिकायत की जानकारी थी तो परिवार को भी इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी। अगर ये लोग बेटी की सुरक्षा नहीं कर पा रहे थे तो हम लोगों काू बता देते। हम अपनी बेटी को यहां से ले जाते। प्राचार्य समेत पूरा प्रशासनिक स्टाफ इस घटना के लिए जिम्मेदार है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र दिया गया है। फिरोजाबाद का पुराना मामला फिर आया चर्चा में मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा के खिलाफ 2022 में फिरोजाबाद के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में भी गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र शैलेंद्र शंखवार ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मेडिकल छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर चक्काजाम कर कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न, परीक्षा में फेल करने की धमकी और अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। छात्र के पिता की तहरीर पर तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा, परीक्षा नियंत्रक और वार्डन समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। दोनों मामलों में समान आरोप परिजनों और छात्रों का कहना है कि दोनों मामलों में शिकायतों के प्रति प्रशासन का रवैया लगभग एक जैसा रहा। फिरोजाबाद में छात्र द्वारा प्रताड़ना की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। पीलीभीत में भी छात्रा कशिश की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पीलीभीत में शिकायत के बाद आरोपी छात्र से समझौता कराया गया और कुछ दिनों के लिए उसे छुट्टी पर भेज दिया गया। घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन पर शिकायतों से इनकार करने और जिम्मेदारी से बचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मेडिकल सुविधाओं पर भी उठे सवाल घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं भी सवालों के घेरे में आ गई हैं। परिजनों का कहना है कि कशिश की गर्दन की मुख्य रक्त वाहिनी कट जाने के बावजूद कॉलेज में तत्काल विशेषज्ञ वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं मिल सकी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वेंटिलेटर एम्बुलेंस से बरेली के निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में गंभीर आपात स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात कई कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं हुआ है और कई कर्मियों को नियमित नियुक्ति पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। इस संबंध में पहले भी उच्च अधिकारियों और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें की जा चुकी थीं। घटना के बाद प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कॉलेज स्टाफ के साथ बैठक कर दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। कॉलेज परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा हॉस्टल वार्डन को तत्काल आवास आवंटित करने और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, छात्रा के परिजन और छात्र संगठन अब भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।



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