जयपुर के मुरलीपुरा इलाके की जीवन दीप कॉलोनी में किराए के मकान में रह रही एक 30 वर्षीय महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। मकान से दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया, जहां महिला का शव मिला। शव करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर शिनाख्त कराई, जिसमें मृतका की पहचान टोंक जिले के बरौनी निवासी अंबिका के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, अंबिका फरवरी माह में अपने पति और दो बच्चों को छोड़कर रामकल्याण गुर्जर के साथ घर से चली गई थी। इसके बाद 3 मई को दोनों ने मुरलीपुरा में किराए का मकान लेकर रहना शुरू किया था। थानाधिकारी वीरेंद्र कुरील ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर रामकल्याण गुर्जर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
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मुरलीपुरा में किराए के मकान में महिला की संदिग्ध मौत: मकान से दुर्गंध आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी; हत्या का मामला दर्ज – Jaipur News
NEET एग्जाम पेपर लीक की खबर से टेंशन में लाखों छात्र, SOG की जांच जारी
राजस्थान में नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की खबर से लाखों स्टूडेंट्स टेंशन में हैं। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल पेपर लीक की बात को कन्फर्म नहीं किया है, लेकिन राजस्थान एसओजी इस मामले की जांच कर रही है। एसओजी ने 14 लोगों को हिरासत में लिया है। इन लोगों से पूछताछ हो रही है। असल में 3 मई को नीट का एग्जाम हुआ था और सात मई को पेपर लीक की शिकायत पुलिस से की गई। शिकायत करने वालों का दावा है कि नीट एक्जाम से पहले एक गेस पेपर मार्केट में आ गया था। हाथ से लिखे 150 पेज के इस गेस पेपर में 410 सवाल थे और इस गेस पेपर के 120 सवाल नीट एक्जाम में पूछे गए।
720 नंबर के पेपर में से 600 नंबर के सवाल उस गेस पेपर से आए, जो मार्केट में था। ये गेस पेपर किसने बनाया, इसको लेकर दो थ्योरी बताई जा रही हैं। दावा किया जा रहा है कि चुरू का एक लड़का केरल से एमबीबीएस कर रहा है। इस लड़के ने ये गेस पेपर सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। दोस्त ने गेस पेपर एक पीजी संचालक को दिया। इसके बाद ये सैकड़ों लोगों तक पहुंच गया।
पेपर लीक की दूसरी थ्योरी
कुछ लोगों का कहना है कि इस मामले में पुलिस ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है, उनमें से एक राकेश मंडावरिया भी है। राकेश को देहरादून से पकड़ा गया है। राकेश सीकर का रहने वाला है और कैरियर कन्सल्टेंट है। हालांकि, एसओजी का कहना है कि अभी ये कहना मुश्किल है कि पेपर लीक हुआ, क्योंकि ये भी हो सकता है कि ये सिर्फ कोइंसीडेंस हो कि गेस पेपर के सवाल नीट के पेपर में आ गए।
एनटीए ने क्या कहा?
गेस पेपर लीक की खबरों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा है कि नीट एग्जाम कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ। क्वेश्चन पेपर जीपीएस- ट्रैक्ड गाडियों से भेजे गए। एग्जाम सेंटर्स में एआई-असिस्ट सीसीटीवी समेत 5जी जैमर्स जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का यूज किया गया। पूरे देश में एग्जाम के दौरान किसी तरह की सुरक्षा चूक या गड़बड़ी नहीं हुई, लेकिन राजस्थान से कुछ शिकायतें मिली, जिनकी जांच एजेंसी कर रही हैं, इसलिए अभी कुछ कहना जल्दीबाजी होगी। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जयपुर से मनीष नाम के युवक को हिरासत में लिया है। कहा जा रहा है कि पेपर जयपुर के प्रिंटिंग प्रेस में छपने आया था। वहीं, से पेपर लीक होने की बात सामने आ रही है। पेपर लीक की खबर से स्टूडेंट्स टेंशन में है। छात्रों ने कहा कि उन्होंने साल भर मेहनत करके एक्जाम दिया। अगर इस तरह बार-बार पेपर लीक होंगे तो ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले बच्चों का क्या होगा।
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बेकाबू कार ने युवक को रौंदा: प्रयागराज में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने लगाया जाम, पुलिस से नोकझोंक के बाद हंगामा – Prayagraj (Allahabad) News
प्रयागराज के सर्किट हाउस के सामने रविवार देर रात हुए सड़क हादसे के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर बाजार चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
फल बेचने का करता था काम
मूल रूप से गाजीपुर के जमनिया थाना क्षेत्र के दरौली गांव निवासी मिथिलेश कुमार (30) कैंट क्षेत्र के नेवादा में अपने बहनोई विनोद कुमार के साथ रहते थे। वह एजी ऑफिस के पास फल की दुकान लगाते थे। रविवार रात दुकान बंद करने के बाद वह अपने साथी नितिन सोनकर (25) के साथ बाइक से घर लौट रहे थे।
तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर
रात करीब साढ़े दस बजे सर्किट हाउस के पास विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। इसी दौरान एक स्कूटी भी कार की चपेट में आ गई। हादसे के बाद चालक कार छोड़कर मौके से फरार हो गया।
पोस्टमार्टम के बाद भड़का आक्रोश
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग शव लेकर सदर बाजार चौराहे पहुंच गए। प्रदर्शनकारी एंबुलेंस से शव उतारकर सड़क पर रख प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसे लेकर पुलिस और लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन में शामिल लोगों का आरोप था कि पुलिस ने कार चालक और उसमें सवार अन्य लोगों को संरक्षण देकर छोड़ दिया। महिलाओं समेत बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की।
अधिकारियों के आश्वासन पर खत्म हुआ जाम
सूचना मिलते ही कैंट पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर अमरनाथ राय ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में सिविल लाइंस एसीपी विद्युत गोयल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार की मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हुआ और चक्काजाम समाप्त कराया गया। थाना प्रभारी बोले
थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया, जिस कार से टक्कर हुई, वह आगरा के आरटीओ में पंजीकृत है। धूमनगंज का एक युवक घटना के वक्त कार में था, उसे लाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि कार उसका दोस्त चला रहा था। युवक को नोटिस देकर छोड़ा गया है। घटना के वक्त कार कौन चला रहा था, इस बारे में पड़ताल की जा रही है।
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जब चाहो नौकरी दो, जब चाहो निकालो… मजदूरों की जेब पर वार, कंपनियों को ज्यादा ताकत?
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मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के मजदूरों के लिए अपने दृष्टिकोण पर अडिग है. हम अपने पांच-सूत्रीय ‘श्रमिक न्याय’ एजेंडे के प्रति प्रतिबद्ध हैं. मनरेगा की बहाली और इसका शहरी क्षेत्रों तक विस्तार. राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन, जिसमें मनरेगा भी शामिल है.
मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी सलाह के चार नए लेबर कोड लागू किए. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में लागू हुए चार नए लेबर कोड पर आपत्ति जताते हुए इसे मजदूरों के हितों के लिए एक बहुत बड़ा झटका बताया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी सलाह के चार नए लेबर कोड लागू कर दिए. मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बयान में कहा कि मोदी सरकार विधानसभा चुनाव खत्म होने का इंतजार करती रही. इसके बाद 8 और 9 मई 2026 को गजट (राजपत्र) अधिसूचना जारी करके चार मजदूर-विरोधी श्रम संहिताओं को लागू कर दिया. भारत के करोड़ों मजदूरों के लिए ये संहिताएं ‘हायर एंड फायर’ की नीति ला रही हैं. यानी नौकरी पर जब चाहे रख लो और जब चाहे निकाल दो. साथ ही ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) पर रोजगार बढ़ेगा और ट्रेड यूनियन बनाने की गुंजाइश भी बहुत कम हो जाएगी.
उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मोदी सरकार ने इन मजदूर-विरोधी संहिताओं का मसौदा तैयार किया और उन्हें बिना किसी परामर्श के लागू कर दिया. इसने 2015 के बाद से ‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ भी नहीं बुलाया है. आजादी के बाद से मजदूरों के अधिकारों के लिए सबसे बड़ा झटका है. वेतन संहिता 2019 का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि यह पूरी वेतन संरचना ‘मजदूर-केंद्रित’ नहीं, बल्कि ‘कॉर्पोरेट-केंद्रित’ है. मोदी सरकार ने न्यूनतम वेतन की गणना के लिए विशिष्ट मानदंडों को हटा दिया है. इसके बजाय, मानदंड केंद्र सरकार द्वारा विशेष या सामान्य आदेश के माध्यम से अलग से निर्धारित किए जाएंगे. न्यूनतम वेतन अब दिशानिर्देशों और मानदंडों के एक तय सेट के अनुसार निर्धारित नहीं किया जाएगा बल्कि केंद्र सरकार की मनमानी सनकों के अनुसार तय होगा. इसका परिणाम यह होगा कि न्यूनतम वेतन कम हो जाएगा.
नए नियमों के तहत, मूल वेतन कुल पारिश्रमिक का 50 फीसदी या उससे अधिक होना चाहिए. कर्मचारियों के लिए ‘हाथ में आने वाले वेतन’ में भारी कमी देखने को मिलेगी. ‘वेतन’ की एक जटिल और एकल परिभाषा ने वेतन संरचना को पूरी तरह से उलट-पुलट कर दिया है, जिससे भत्ते कम हो गए हैं और भारी भ्रम पैदा हो गया है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर अतिरिक्त लागतों और डिजिटल अनुपालन का नया बोझ उनके अस्तित्व के लिए एक चुनौती बन गया है. न्यूनतम वेतन सुरक्षा में कृषि मजदूरों और घरेलू सहायकों को शामिल नहीं किया गया है.
खरगे ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशा संहिता 2020 का जिक्र करते हुए कहा कि इस संहिता में कार्यस्थल पर सुरक्षा को नियोक्ता का अनिवार्य कर्तव्य मानने के बजाय, उसे सिर्फ व्यवसाय की एक अतिरिक्त लागत (खर्च) बना दिया गया है. यह संहिता ‘अपराध-मुक्तिकरण’ का ढांचा लाती है. सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर चाहे उससे गंभीर चोट या दुर्घटना ही क्यों न हो अब आपराधिक मुकदमा चलाने के बजाय सिर्फ जुर्माना भरने की व्यवस्था है. रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए एस्कॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और सीसीटीवी कवरेज जैसे सुरक्षा उपायों के लिए कोई ठोस, अनिवार्य मॉडल नहीं है. कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए नियोक्ता की जिम्मेदारी का कोई प्रावधान नहीं है.
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि भारत के 90 फीसदी मजदूर जो असंगठित क्षेत्र में हैं, उनके लिए यह संहिता कागजी औपचारिकता से ज़्यादा कुछ साबित नहीं हुई है, क्योंकि छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को कुछ प्रावधानों से छूट मिली हुई है. गिग वर्कर (अस्थायी कर्मचारी) के लिए फंडिंग, योगदान या बीमा का कोई स्पष्ट मॉडल नहीं है. उन्हें न तो कर्मचारी के तौर पर मान्यता दी गई है और न ही पूरी सुरक्षा दी गई है. लाभ के स्तर और समय-सीमा स्पष्ट नहीं हैं. निर्माण मज़दूरों और अन्य श्रेणियों के लिए कल्याण बोर्डों की भूमिका सीमित कर दी गई है, जिससे लाभों की पोर्टेबिलिटी (एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की सुविधा) रुक गई है. सामाजिक सुरक्षा को संवैधानिक अधिकार के बजाय डेटा एंट्री का कामबना दिया गया है. देश के 90 फीसदी मज़दूरों को पहचान पत्र दिया जा रहा है लेकिन उन्हें कोई कानूनी गारंटी या वास्तविक लाभ नहीं मिल रहे हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
खेत में खुले बिजली तारों की चपेट में आया मासूम: मंदसौर में खरबूजा खाने गए 13 वर्षीय इकलौते बेटे की करंट लगने से मौत – Mandsaur News
मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नालीखेड़ा में सोमवार को 13 वर्षीय बालक की करंट लगने से मौत हो गई। खेत पर लगे बिजली तारों की चपेट में आने से बालक गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। जानकारी के अनुसार, तेजपाल पिता जीवन सिंह राजपूत उम्र करीब 13 वर्ष सोमवार सुबह लगभग 10 बजे गांव के समीप स्थित खेत पर खरबूजा खाने के लिए गया था। इसी दौरान खेत में लगाए गए खुले बिजली तारों की चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि बालक संभल भी नहीं पाया और गंभीर रूप से झुलस गया। कुछ देर बाद खेत गए ग्रामीणों ने तेजपाल को जमीन पर पड़ा देखा। घटना की जानकारी मिलते ही लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि तेजपाल कक्षा सातवीं का छात्र था। वह तीन बहनों में इकलौता भाई था। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पिपलियामंडी थाने पर पदस्थ एसआई मूलचंद धाकड़, हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई की तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए मल्हारगढ़ शासकीय अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि खेत में लगाए गए बिजली तार किस उद्देश्य से लगाए गए थे और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। खुले बिजली तारों पर उठे सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने खेतों में खुले और असुरक्षित बिजली तारों को लेकर नाराजगी जताते हुए प्रशासन और बिजली विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। लोगों का कहना है कि खेतों में खुले तार लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं।
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एयरफोर्स अफसर की बेटी ने रचाई शादी, 16 साल बाद मिला तलाक का दर्द, बिखरे अरमान
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बॉलीवुड की ज्यादातर फिल्मों में प्यार-रोमांस और दिल टूटने की कहानी देखने को मिल ही जाती है. रोमांटिक फिल्मों से मिलती-जुलती कहानी हमें कई बॉलीवुड सुपर स्टार की पर्सनल लाइफ में भी देखने को मिलती है. बॉलीवुड में हीरो-हीरोइन की कई ऐसी लव स्टोरीज हैं जिनका अंत बेहद दर्दनाक था. इन सितारों का जब तलाक हुआ तो एक बार तो उनके प्रशंसकों को यकीन भी नहीं हुआ. एयर इंडिया अफसर की बेटी ने जिद करके मुस्लिम हीरो संग बड़े अरमान से शादी रचाई थी. यह शादी 16 साल ही चल पाई और इसका अंत बेहद दुखद रहा.
प्यार एक अहसास है, जिसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है. प्यार किसी बंधन को नहीं मानता. कोई सरहद-धर्म की दीवार भी प्यार को नहीं रोक पाते. प्यार तो बस हो जाता है. यह उम्र का मुंह भी नहीं देखता. पहले प्यार की कहानी तो और भी सुखद होती है. फिल्मों की तरह बॉलीवुड सुपर स्टार की प्रेम कहानियों के किस्से भी मशहूर हैं. बॉलीवुड सुपर स्टार की लव स्टोरी-अफेयर और शादियां खूब चर्चा बटोरती हैं लेकिन जब लंबे समय तक साथ रहने के बाद स्टार कपल अचानक से तलाक लेते हैं तो फैंस के दिल टूट जाते हैं. आर्मी अफसर की बेटी के साथ ऐसा ही कुछ हुआ था. उन्होंने परिवार से बगावत करके मुस्लिम हीरो संग शादी रचाई. यह शादी 16 साल बाद टूट गई. हम आमिर खान-रीना दत्ता की शादी की बात कर रहे हैं. आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में तलाक की असल वजह भी बताई थी.

पिछले दिनों आमिर खान ने एक हैरान करने वाला बयान दिया. उन्होंने अपनी नई नवेली गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से रिश्ते पर बात की. आमिर ने कहा कि गौरी के साथ बहुत सुकून मिलता है. गौरी के आने के बाद मुझे लगता है कि मैं मुकम्मल हो गया हूं. आमिर खान की सिल्वर स्क्रीन पर जितने सफल हुए, निजी जिंदगी में शादी के मामलों में उतने ही असफल रहे. उनकी दो शादियां टूट चुकी हैं. आमिर खान ने पहली शादी रीना दत्ता से रचाई थी. रीना दत्ता के पिता आर्मी अफसर थे. रीना ने परिवार से बगावत करके शादी रचाई थी. दोनों के बीच लव स्टोरी कैसे शुरू हुई, आइये जानते हैं.

आमिर खान की शादी एयर इंडिया अफसर की बेटी रीना दत्ता से हुई थी. रीना दत्ता और आमिर खान एक ही मुहल्ले में रहते थे. एकसाथ बड़े हुए. आमिर खान ने अपना करियर शुरू ही किया था कि उन्हें रीना दत्ता से प्यार हो गया. आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके घर की खिड़की और रीना के घर के खिड़की बिल्कुल आमने-सामने थी. वो घंटों अपना वक्त खिड़की पर बिताते थे. मजेदार बात यह है कि रीना ने शुरुआत में उनका प्यार अस्वीकार कर दिया था. बाद में दोनों दोस्त बन गए. इशारों-इशारों में बातें करते थे. फिर फोन पर बातें होने लगीं. इसी बीच रीना की मां को प्रेम-प्रसंग का पता चल गया. रीना का घर से निकलना बंद हो गया. रीना के पिता एयर इंडिया में काम करते थे. बहुत ही स्ट्रिक्ट थे. परेशान होकर आमिर खान ने रीना के घर पर गुस्से में फोन किया.
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आमिर खान जब पहली बार रीना दत्ता के पिता से मिले तो उन्होंने जमकर डांट लगाई थी. उन्होंने हाथ-पैर तोड़ने की धमकी दी थी. सिर्फ 5 मिनट की पहली मुलाकात हुई थी. मजेदार बात यह है कि पूरा घटनाक्रम रीना-आमिर की सिर्फ चार माह की मुलाकात के बाद हुआ था. आमिर खान ने रीना को शादी का सुझाव दिया. उस वक्त आमिर खान असिस्टेंट डायरेक्टर थे. शादी सिर्फ पेपर पर की जानी थी. उस समय आमिर खान की उम्र 20 साल थी. ऐसे में अप्रैल माह तक का इंतजार किया. 18 अप्रैल 1986 में 50 रुपये के स्टांप पर शादी रजिस्टर करवा ली.

रीना और आमिर का धर्म अलग-अलग था. रीना जहां हिंदू धर्म से ताल्लुक रखती थी, वहीं आमिर खान मुस्लिम थे. रीना के परिवार को रिश्ता मंजूर नहीं था. आमिर जब ‘कयामत से क़यामत तक’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी उन्होंने रीना से शादी की थी. काफी दिनों बाद जब रीना के घरवालों को शादी रजिस्टर होने का पता चला तो पैरों तले जमीन खिसक गई. रीना के पिता को ऐसा सदमा लगा कि उन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा था.

आमिर खान के पिता ताहिर हुसैन को इस शादी से कोई एतराज नहीं था. उन्होंने रीना को बहू के रूप में स्वीकार कर लिया. रीना ने पूरे परिवार से बगावत करके आमिर से शादी कर ली लेकिन करीब 16 साल ये शादी अचानक से टूट गई. यह तलाक दिसंबर 2002 में हुआ था. तलाक ‘लगान’ फिल्म के दौरान हुआ. इस फिल्म की प्रोड्यूसर रीना ही थीं. किरण राव इस फिल्म में असिस्टेंड डायरेक्टर थीं. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही दोनों में नजदीकियां बढ़ीं.

आमिर खान ने अपने एक इंटरव्यू में रीना से तलाक की वजह का भी खुलासा किया था. उन्होंने कहा था, ‘मैं तलाक के बाद पूरे डेढ़ साल तक शराब पीता रहा. देवदास बनकर घूमता रहा. दो-तीन साल तक कोई फिल्म नहीं की. किसी से नहीं मिलता था. जूही चावला मुझसे मिलने आई थीं. वो भी पूरे सात साल बाद. मेरा उससे छोटी सी बात पर झगड़ा हो गया था. मैं बहुत ही जजमेंटल आदमी था. हार्ड आदमी था. जूही ने मुझे रिश्ता ठीक करने और रीना को मनाने की सलाह दी थी. मैं छोटी सी बात पर बुरा मान जाता था और बातचीत नहीं करता था. इसीलिए मेरी दोनों शादियां टूट गईं.’
गयाजी में दिनदहाड़े बाइक की चोरी: पीड़ित ने शोरूम के बाहर बाइक खड़ी की थी, वापस लौटे तो नहीं मिली गाड़ी – Gaya News
गया शहर में दिनदहाड़े बाइक चोरी हो गई। घटना केएल गुप्ता शोरूम के पास हुई, जहां एक हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक चुरा ली गई। चोरी की पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के रामशिला मोड़ निवासी मुकेश प्रसाद सोमवार शाम अपनी बाइक (BR02CA 6206) शोरूम के बाहर खड़ी कर किसी काम से अंदर गए थे। जब वे वापस लौटे, तो उनकी बाइक गायब मिली। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर एक युवक बाइक चोरी करते हुए दिखाई दिया। फुटेज में चोर बड़ी आसानी से मौके पर पहुंचा और कुछ ही मिनटों में बाइक लेकर फरार हो गया। चोरी की बाइक तलाशने में जुटी पुलिस घटना के बाद बाइक मालिक मुकेश प्रसाद ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और बाइक बरामद करने और चोर को गिरफ्तार करने की मांग की। सिविल लाइन थाना अध्यक्ष ने बताया कि बाइक चोरी का आवेदन मिला है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। फुटेज में दिख रहे युवक की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। चोरी गई बाइक को भी बरामद करने का प्रयास जारी है।
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हंतावायरस के संपर्क में आए 17 यात्री अमेरिका लाए गए: 42 दिन क्वारंटीन में भेजा; इस वायरस से किडनी फेल होने का खतरा
हंता वायरस के संपर्क में आए 17 अमेरिकी यात्रियों को अमेरिका के नेब्रास्का मेडिकल सेंटर लाया गया है। यहां उन्हें 42 दिनों तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग (HHS) के मुताबिक, इन सभी यात्रियों को अमेरिकी सरकार के स्पेशल विमान से वापस लाया गया। ये सभी यात्री ‘MV होंडियस’ नाम की उस क्रूज शिप से लौटे हैं, जहां वायरस के मामले सामने आए थे। यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स में रुका था। इसके बाद एक यात्री में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि दूसरे में हल्के लक्षण पाए गए हैं। एहतियात के तौर पर दोनों को स्पेशल सिक्योरिटी सिस्टम में लाया गया। डॉक्टर अब बाकी यात्रियों की जांच करेंगे कि उनमें संक्रमण है या नहीं। अगर कोई बीमार पाया जाता है तो उसका इलाज किया जाएगा। जो लोग स्वस्थ होंगे, उन्हें घर भेजा जा सकता है, लेकिन उनकी निगरानी जारी रहेगी। हंता वायरस के लक्षण दिखने में 8 हफ्ते तक लग सकते हैं हंता वायरस से इंसानों की किडनी फेल होने का खतरा होता है। कई मामलों में मरीज को तेज बुखार, शरीर दर्द, सांस लेने में दिक्कत और कमजोरी होने लगती है। हालत बिगड़ने पर फेफड़ों में पानी भर सकता है और जान का खतरा भी हो सकता है। इंसानों में हंता वायरस के लक्षण दिखने में 1 से 8 हफ्ते लग जाते हैं, लेकिन इसके बाद मरीज की हालत तेजी से बिगड़ने लगती है। WHO के मुताबिक, हंता वायरस की चपेट में आने वालों में से 35-40% की मौत 6 हफ्तों के अंदर हो जाती है। जानवरों से फैलता है यह वायरस हंता वायरस एक खतरनाक वायरस है, जो ज्यादातर चूहों और गिलहरियों जैसे जानवरों से फैलता है। यह उनके मल, पेशाब और लार में पाया जाता है। इसका नाम दक्षिण कोरिया की “हंटन” नदी के नाम पर रखा गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हंता वायरस की “एंडीज” नाम की एक खास किस्म इंसान से इंसान में भी फैल सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति की लार, थूक, साथ खाना खाने या एक ही बिस्तर पर सोने से फैल सकता है। मरीज की देखभाल करने वालों को ज्यादा खतरा रहता है। इस वायरस का पहला मामला 1993 में अमेरिका में सामने आया था। उस समय एक अमेरिकी दंपत्ति की मौत हुई थी। जांच में उनके घर के आसपास चूहों के बिल और वायरस के निशान मिले थे। अमेरिका के नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल हंता वायरस के करीब 1.5 लाख मामले सामने आते हैं, जिनमें से ज्यादातर यूरोप और एशिया के होते हैं। इनमें से आधे से ज्यादा मामले चीन से होते हैं। 2018 में अर्जेंटीना की एक बर्थडे पार्टी में यह वायरस 34 लोगों में फैल गया था, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। संक्रमित इंसान के करीबी संपर्क से हंता वायरस होता है अधिकारियों के मुताबिक, हंतावायरस आसानी से नहीं फैलता। यह केवल उस व्यक्ति के बहुत करीबी संपर्क से फैल सकता है जिसमें लक्षण दिखाई दे रहे हों। यूएस सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के कार्यवाहक निदेशक जय भट्टाचार्य ने कहा कि पहले यह देखा जाएगा कि कौन-कौन लोग संक्रमित व्यक्ति के करीब थे। उसी हिसाब से उन्हें कम, मध्यम या ज्यादा खतरे वाली श्रेणी में रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्री का संक्रमित व्यक्ति से करीबी संपर्क नहीं था, तो उसे कम खतरे वाला माना जाएगा। हालांकि, यह वायरस कोविड-19 की तरह तेजी से नहीं फैलता। ज्यादातर मामलों में यह संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है। इंसान से इंसान में फैलने के मामले बहुत कम देखे गए हैं। हंता वायरस का अभी कोई इलाज नहीं हंता वायरस का अभी कोई खास इलाज या वैक्सीन मौजूद नहीं है। डॉक्टर मरीज के लक्षणों के हिसाब से इलाज करते हैं ताकि उसकी हालत ज्यादा खराब न हो। अगर मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है, तो उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की मदद दी जाती है। शरीर में पानी और ब्लड प्रेशर संतुलित रखने के लिए दवाएं और फ्लूइड दिए जाते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जल्दी पहचान और समय पर इलाज से मरीज की जान बचाने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए बुखार, सांस लेने में परेशानी या कमजोरी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है। कुछ लोगों को घर भेजा जा सकता है स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती जांच के बाद कुछ यात्रियों को घर जाने की इजाजत दी जा सकती है। हालांकि, उन्हें सुरक्षित तरीके से भेजा जाएगा ताकि रास्ते में किसी और को खतरा न हो। घर पहुंचने के बाद भी लोकल स्वास्थ्य विभाग और सीडीसी उनकी लगातार निगरानी करेंगे। CDC के मुताबिक, वायरस के संपर्क में आने के बाद 42 दिनों तक निगरानी जरूरी होती है। अगर इस दौरान किसी को बुखार या दूसरे लक्षण दिखते हैं, तो उसे तुरंत खुद को अलग करना होगा। खास मेडिकल सेंटर में रखा गया नेब्रास्का मेडिकल सेंटर में अमेरिका की खास नेशनल क्वारंटीन यूनिट है। यह अमेरिका की इकलौती फेडरल फंडेड क्वारंटीन सुविधा है। यहां के कमरों में खास नेगेटिव एयर प्रेशर सिस्टम लगाया गया है, जिससे वायरस हवा में फैल नहीं पाता। अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को स्ट्रेचर पर नहीं लाया गया। वे खुद विमान से उतरकर गाड़ियों में बैठे और सीधे अपने क्वारंटीन कमरों में पहुंचे। डॉक्टर माइकल वाडमैन ने बताया कि यहां रहने की व्यवस्था होटल जैसी है। लोगों को कमरे में खाना मिलेगा, वे हल्की एक्सरसाइज कर सकेंगे और रोजाना उनकी जांच होगी। अगर कोई यात्री बीमार होता है, तो उसे अस्पताल की बायोकंटेनमेंट यूनिट में शिफ्ट किया जाएगा, जहां खतरनाक संक्रामक बीमारियों का इलाज किया जाता है। भारत में आ चुके हैं हंता वायरस के मामले 2007 में आंध्र प्रदेश में एक 46 साल के व्यक्ति को यह संक्रमण हुआ था। नेचर जर्नल में प्रकाशित आर्टिकल के मुताबिक 2008 में चूहे और सांप पकड़ने वाले 28 लोगों में संक्रमण मिला। सबसे हालिया केस 2016 का है। इंडियन जर्नल ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के मुताबिक, मुंबई में हंता वायरस से एक महिला की मौत हुई थी। महिला को डिलिवरी के 8 दिन बाद पेट में तेज दर्द, बुखार और चक्कर आने लगे। ब्लड प्रेशर कम हुआ और सांस लेने में परेशानी होने लगी। 10 दिन में उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम में वायरस की पुष्टि हुई। —————— यह खबर भी पढ़ें हंता के बाद अब नोरो वायरस:बीच समंदर दो क्रूज, दोनों में वायरस फैले; दुनियाभर में डर क्रूज शिप होंडियस में हंता वायरस फैलने के बाद अब एक और क्रूज कैरेबियन प्रिंसेस में नोरो वायरस फैल गया है। अब बीच समंदर दो अलग-अलग जहाज वायरस प्रभावित हैं। दुनिया इन वायरस के आउटब्रेक से सकते में है। दोनों क्रूज शिप की निगरानी अमेरिकी एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जिम्मे है। पढ़ें पूरी खबर…
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आधी कीमत में मिल रहे 55 इंच वाले LED Smart TV, अमेजन-फ्लिपकार्ट पर तगड़ा ऑफर
Amazon और Flipkart पर चल रही Summer Sale में 55 इंच के स्मार्ट टीवी पर बंपर ऑफर मिल रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर Samsung, Xiaomi, LG, Thomson, TCL जैसे ब्रांड्स के बड़ी स्क्रीन वाले स्मार्ट टीवी को आधी कीमत में घर ला सकते हैं। इसके अलावा टीवी की खरीद पर कूपन डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स का भी लाभ ले सकते हैं। आइए, जानते हैं इस सेल में 55 इंच वाले स्मार्ट टीवी पर मिलने वाले ऑफर्स के बारे में…
Samsung Crystal 4K
सैमसंग का यह 55 इंच वाला LED स्मार्ट टीवी लॉन्च प्राइस से 31% सस्ता मिल रहा है। इसके अलावा टीवी की खरीद पर 3,000 रुपये का कूपन डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर यह टीवी 40,490 रुपये में लिस्ट किया गया है। कूपन डिस्काउंट के बाद इसे 37,490 रुपये में खरीद सकते हैं। सैमसंग के इस टीवी की कीमत 58,900 रुपये है।
Xiaomi FX UHD
चीनी ब्रांड शाओमी के 55 इंच वाले स्मार्ट टीवी की कीमत में 44% की कटौती की गई है। इसे अमेजन पर 30,999 रुपये की कीमत में लिस्ट किया गया है। इस स्मार्ट टीवी की कीमत 54,999 रुपये है। इसके अलावा टीवी की खरीद पर बैंक और एक्सचेंज ऑफर का भी लाभ ले सकते हैं।
स्मार्ट टीवी पर ऑफर
TCL 4K Smart TV
टीसीएल के स्मार्ट टीवी पर 65% का बंपर प्राइस कट हुआ है। 1,09,990 रुपये की MRP वाला यह स्मार्ट टीवी अमेजन पर महज 37,990 रुपये में लिस्ट किया गया है। इस टीवी की खरीद पर 1,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है।
LG AI Nano NU87
एलजी का 55 इंच वाला यह स्मार्ट टीवी 45,999 रुपये में मिल रहा है। इस स्मार्ट टीवी की कीमत में 46% की कटौती की गई है। इसके अलावा 3,720 रुपये का एक्सचेंज ऑफर भी मिल रहा है। एलजी का यह स्मार्ट टीवी 85,990 रुपये की MRP पर लिस्ट किया गया है। फ्लिपकार्ट पर चल रहे सेल में इसे काफी सस्ते में खरीदा जा सकता है।
Thomson Phoenix
थॉमसन कंपनी का यह स्मार्ट टीवी 29,999 रुपये में मिल रहा है। फ्लिपकार्ट पर चल रहे सेल में टीवी की खरीद पर 34% का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। यह स्मार्ट टीवी फ्लिपकार्ट पर 45,999 रुपये की MRP में लिस्ट किया गया है।
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