कई बार हमारे फैसले हमारी पूरी जिंदगी बदलकर रख देते हैं. बॉलीवुड की इस खूबसूरत एक्ट्रेस के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने बने बनाए करियर को ठोकर मारकर शादी रचाने का फैसला किया. लेकिन शादी के बाद भी वक्त ऐसा आया कि तलाक लेना पड़ा. अब 32 साल बाद वह हसीना काम को तरस रही है.
नई दिल्ली. अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर संग कई हिट दे चुकी वो हसीना. अपने करियर की शुरुआत में ही जिसने कई एक्ट्रेसेस के रोल छीन लिए थे. लेकिन 90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने शादी के लिए करियर को छोड़ दिया. महज 21 साल की उम्र से पहले लिया ऐसा फैसला, बाद में हुआ पछतावा.
हम बात कर रहे हैं 90 के दशक की हुस्नपरी सोनम खान की. बहुत ही छोटी सी उम्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. सेट पर जब वह काम मांगने पहुंची तो उनकी उम्र महज साढ़े तैरह साल थी. लेकिन किसी तरह उन्हें यश चोपड़ा की फिल्म में काम करने का मौका मिल गया.
ऋषि कपूर ने उन्हें एक्टिंग की दुनिया में शुरुआत करने में काफी मदद भी की. बाद में उन्होंने ऋषि कपूर के साथ फिल्म अजूबा में काम भी किया. सोनम इतनी खूबसूरत थीं कि उनके साथ त्रिदेव और विश्वात्मा जैसी फिल्में करने वाले डायरेक्टर राजीव रॉय ने उनसे शादी कर ली थी.
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साल 1989 में आई फिल्म त्रिदेव से ही सोनम खान की किस्मत चमकी थी. इस फिल्म का एक गाना जो उस दौर में काफी बड़ा हिट साबित हुआ था. यह फिल्म सोनम के करियर की सबसे बड़ी हिट्स में से एक थी, वो गाना है, ‘तिरछी टोपी वाले’.
सोनम की उम्र महज 21 साल थीं और वह अपने करियर में आगे बढ़ रही थीं. लेकिन बाली उम्र में ही उन्होंने एक बड़ा फैसला किया कि वह एक्टिंग छोड़ राजीव रॉय से शादी करेंगी. भरी जवानी में उन्होंने ये फैसला लिया. शादी की और कुछ टाइम बाद टूट भी गई.
शादी के बाद सोनम खान का बना बनाया करियर पूरी तरह चौपट हो चुका था. वह समझ ही नहीं पा रही थीं कि उनके साथ ये क्या हुआ. कहा जाता है कि दूसरी शादी एक डॉक्टर से उन्होंने उस वक्त की जब उनका बेटा 23 साल का था. वह दो बार हिंदू लड़कों से शादी कर चुकी हैं.
वही सोनम जो कभी फिल्म ‘त्रिदेव’ के बाद रातोंरात स्टार बनी. कई बड़े स्टार के साथ काम किया. लेकिन शादी से पहले कई बड़ी फिल्मों को भी ठोकर मार गईं. इनमें सनी देओल की लुटेरे और सलमान खान की बागी जैसी फिल्में शामिल हैं.
बता दें इतनी बड़ी बड़ी फिल्में रिजेक्ट करने वाली सोनम खान आज 32 साल बाद फिर से काम करना चाहती हैं. अपने कई इंटरव्यू में ये बात रख चुकी हैं कि वह अब काम की तलाश में हैं, लेकिन अब तक उनके पास वो रोल नहीं पहुंचे हैं, जिनमें वह काम करना चाहती हैं.
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गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र के सरयां तिवारी गांव में स्थित पुण्यहवां पोखरे में डूबने से 27 वर्षीय युवक मिथुन चौहान की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, युवक शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे पोखरे में नहाने गया था। नहाते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक को पोखरे से बाहर निकाला। उन्होंने प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृत्यु की पुष्टि के लिए उसे स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्राम प्रधान पुष्पा देवी त्रिपाठी के प्रतिनिधि एडवोकेट धरणीधर राम त्रिपाठी ने घटना की सूचना खजनी थाने को दी। सूचना पर पहुंची खजनी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मिथुन चौहान मूल रूप से हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के रामपुर गरथौली गांव का निवासी था। वह बचपन से ही अपनी मां और भाई के साथ सरयां तिवारी गांव में अपने मामा बेचन पुत्र सहदेव के साथ रहता था। लगभग डेढ़ वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। ग्रामीण बताते हैं कि मिथुन मजदूरी करके आजीविका चलाता था और नशे का आदी था। हादसे के बाद मृतक के परिवार में पत्नी, मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था।
शाजापुर नगर में मोहर्रम का मातमी पर्व पूरे अदब और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के दौरान शहर में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हुड़दंगियों से निपटने और चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए पूरे जुलूस मार्ग को सीसीटीवी कैमरों के पहरे में रखा गया है। इसके साथ ही पुलिस ने जुलूस में कुछ खास चीजों को ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इन चीजों को जुलूस में शामिल करने पर सख्त मनाही सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने मोहर्रम के जुलूस को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जुलूस में बैलन, प्रेशर कुकर और मच्छर मारने वाला ‘हिट’ (स्प्रे) जैसी चीजें लेकर चलने वालों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन्हें शामिल न करें। इसके अलावा, जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। एएसपी ने साफ कहा है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन कर डीजे बजाता हुआ मिला, तो उसे तुरंत जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 400 कैमरों से होगी निगरानी, निकाला फ्लैग मार्च नगर में 10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व के बाद पारंपरिक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पूरे मार्ग पर कुल 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 300 कैमरे जनसहयोग और पुलिस और 100 कैमरे नगर पालिका ने स्थापित किए। शांति का संदेश देने के लिए शनिवार को पुलिस बल ने किला गेट से फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च छोटा चौक, बड़ा चौक, सोमवारिया, बिलाल मस्जिद गली, लालूपुरा, कुम्हारवाड़ा, मगरिया, नाग-नागिनी रोड, पोस्ट ऑफिस चौराहा, नूर मंडी, कमरदीपुरा, चौकदारवाड़ी, गाडरीपुरा, दायरा, लकड़शाह, मीरकला और पिंजारवाड़ी जैसे संवेदनशील व प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस किला गेट पर समाप्त हुआ। मोहल्लों में बैठकें और अफवाहों से बचने की अपील अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) घनश्याम मालवीय ने बताया कि पुलिस टीम ने विभिन्न मोहल्लों में स्थानीय कमेटियों के साथ बैठकें की हैं। एएसपी ने लोगों से अपील की है कि त्योहार को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। कोई भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। एएसपी ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस के पास पर्याप्त बल और आधुनिक संसाधन मौजूद हैं, जिससे त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति पैदा नहीं होने दी जाएगी।
सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियाही गांव में एक बुजुर्ग की तेज रफ्तार सीएनजी ऑटो की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के तुलसियाही वार्ड संख्या-3 निवासी 65 वर्षीय रघुनंदन साह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रघुनंदन साह घर से दवा लेने के लिए तुलसियाही चौक जा रहे थे। इसी दौरान सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहे एक सीएनजी ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने पहुंचाया सदर अस्पताल घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल सहरसा ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि रघुनंदन साह पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी थे और लगभग दस वर्ष पूर्व सेवा से रिटायर हुए थे। उनके परिवार में तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। प्रशासन से मुआवजा देने की मांग घटना की सूचना मिलते ही बिहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बिहरा थाना अध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतक के परिजनों ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की अपील की है।
नई दिल्ली। शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए विवाद में एक सुरक्षाकर्मी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुई, जहां कुछ यात्रियों से कहासुनी के बाद सुरक्षाकर्मी पर लात-घूंसों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सुरक्षाकर्मी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है। वह इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था और ड्यूटी के बाद ट्रेन से घर लौट रहा था। वारदात के बाद आरोपी ट्रेन में सवार होकर फरार हो गए। डीसीपी भरत रेड्डी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि योग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पंकज का कुछ यात्रियों से विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वायरल वीडियो से मिले अहम सुराग घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति पर लात-घूंसों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक आरपीएफ जवान बीच-बचाव के लिए पहुंचता है। हमले के दौरान पंकज जमीन पर गिरकर अचेत हो जाता है, जबकि आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच में शामिल कर लिया है। साथ ही स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद शाहदरा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्टेशन पर आरपीएफ और पुलिस चौकी होने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी वारदात होना सुरक्षा इंतजामों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ जवान तो मौके पर पहुंच गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि तत्काल हस्तक्षेप होता तो क्या आरोपी मौके से फरार होने से रोके जा सकते थे।
Jackfruit Seeds Benefits: भारतीय रसोई में कटहल की सब्जी, अचार और पकोड़े बड़े चाव से खाए जाते हैं. कई जगहों पर पका हुआ मीठा कटहल फल के रूप में भी पसंद किया जाता है. लेकिन, इस पूरे इस्तेमाल के दौरान एक चीज जो सबसे ज्यादा नजरअंदाज होती है, वो हैं इसके बीज. ज्यादातर लोग इन्हें बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये बीज पोषक तत्वों का खजाना हैं.
खंडवा डॉ. मनीष खेडेकर कहते हैं कि कटहल के बीज प्रोटीन और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट का बेहतरीन स्रोत होते हैं. इनमें थियामिन, राइबोफ्लेविन, फाइबर, जिंक और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये शरीर की पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं, हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं और बालों की ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद हैं. एशिया के कई देशों में तो इन बीजों से खास डिशेज भी तैयार की जाती हैं. अगर आप भी अब तक कटहल के बीज फेंकते आए हैं, तो अब इन्हें अपनी डाइट में शामिल करने का सही तरीका जान लीजिए.
ऐसे करें कटहल के बीज का इस्तेमाल सबसे आसान तरीका है, इन्हें उबालकर खाना. बीजों को अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में थोड़ा नमक डालकर 2-3 सीटी तक उबाल लें. इसके बाद इनका छिलका आसानी से निकल जाएगा. उबले हुए बीजों पर चाट मसाला और नींबू डालकर खाया जाए तो यह एक हेल्दी और टेस्टी स्नैक बन जाता है.
भूनकर भी खा सकते हैं… सूखे बीजों को आप भूनकर भी खा सकते हैं. धीमी आंच पर तवे या कढ़ाई में नमक या बालू के साथ भूनने के बाद इसका छिलका निकाल लें. इसका स्वाद भुने काजू या अखरोट जैसा लगता है, जो इसे और भी खास बनाता है.
सब्जी बना सकते हैं… इसके अलावा, कटहल के बीजों को सब्जियों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इन्हें छीलकर टुकड़ों में काट लें और आलू की सब्जी, मिक्स वेज या दाल में डालकर पकाएं. इससे खाने का स्वाद तो बढ़ेगा ही, साथ ही उसकी न्यूट्रिशन वैल्यू भी बढ़ जाएगी.
सब्जी को ग्रेवी को गाढ़ा करे सब्जी की ग्रेवी को गाढ़ा और रिच बनाने के लिए भी ये बीज काम आते हैं. उबले हुए बीजों को पीसकर पेस्ट तैयार करें और इसे पनीर या कोफ्ते की ग्रेवी में मिलाएं. इससे ग्रेवी का टेक्सचर काफी स्मूद और स्वादिष्ट हो जाता है.
त्वचा के लिए फायदेमंद इतना ही नहीं, कटहल के बीज स्किन के लिए भी फायदेमंद हैं. सूखे बीजों को दूध के साथ पीसकर चेहरे पर लगाने से झुर्रियां कम होती हैं, दाग-धब्बे हल्के होते हैं और त्वचा पर प्राकृतिक निखार आता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि थोड़ी सी जानकारी और सही इस्तेमाल से हम जिन चीजों को कचरा समझकर फेंक देते हैं, वही हमारे लिए सेहत का खजाना साबित हो सकते हैं. कटहल के बीज भी उन्हीं में से एक हैं…
जिले के तारानगर में सूदखोरों से परेशान होकर एक युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक का शव खेत में बने एक कमरे में फंदे पर लटका मिला। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम लिखे हैं। पुलिस ने मृतक के पिता दिनेश कुमार ब्राह्म्ण की रिपोर्ट पर तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा गणेश (19) शुक्रवार को सात्यूं सर्किल स्थित एमजेडी कॉलेज के पास अपनी आइसक्रीम गाड़ी से बाइक लेकर कहीं चला गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन गणेश का पता नहीं चला और उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा था। शनिवार सुबह करीब छह बजे मिखाला रोही में दिनेश के खेत में ट्रैक्टर चला रहे ड्राइवर ने उन्हें सूचना दी कि खेत में एक बाइक खड़ी है। दिनेश अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ खेत पहुंचे, जहां खेत में बने कमरे में गणेश का शव फंदे पर लटका मिला। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके से गणेश का मोबाइल और एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। सुसाइड नोट में लिखा है कि उसे आरिफ बिसायती को पांच लाख रुपए देने थे। आरिफ द्वारा उधार देने से मना करने पर गणेश ने संदीप बिजारणियां और कालू बड़भुजा से पैसे उधार लिए थे ताकि वह आरिफ को चुका सके। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि एक पक्ष द्वारा उधार देने से मना करने और दूसरे पक्ष द्वारा अत्यधिक सूदखोरी व वसूली के दबाव से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को नया एयरफोर्स वन विमान दिखाया। यह विमान पहले कतर सरकार के पास था। पिछले साल मई में कतर ने बोइंग 747 का यह आधुनिक मॉडल ट्रम्प को उपहार में दिया था। बाद में इसे अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान के रूप में तैयार किया गया।
मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में ट्रम्प ने इस विमान को दुनिया का सबसे शानदार राष्ट्रपति विमान बताया। उन्होंने कहा, “इस विमान को उड़ते हुए व्हाइट हाउस की तरह बनाया गया है। इतनी लग्जरी शायद दुनिया ने पहले कभी नहीं देखी होगी।”
नए एयरफोर्स-1 की 3 फोटोज
राष्ट्रपति ट्रम्प ने जॉइंट बेस एंड्रयूज’ (मैरीलैंड) में नए एयर फोर्स वन को दुनिया के सामने पेश किया।
प्लेन से उतरते समय ट्रम्प के पसंदीदा गाना गॉड ब्लेस द यूएसए की धुन बज रही थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नए एयर फोर्स वन के सामने खड़े होकर भाषण देते हुए।
पुराने एयरफोर्स-1 की पहचान खत्म, ट्रम्प की पसंद के रंगों में तैयार
नए विमान का रंग-रूप मौजूदा एयर फोर्स वन से पूरी तरह अलग है। पुराने विमान के हल्के नीले रंग की जगह इसके निचले हिस्से को गहरे नेवी ब्लू रंग से रंगा गया है, जबकि उसके ऊपर लाल पट्टी बनाई गई है।
विमान के उस हिस्से पर, जहां से राष्ट्रपति चढ़ते हैं, राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर लगाई गई है। वहीं पिछले हिस्से पर अमेरिकी झंडा बनाया गया है।
ट्रम्प ने कहा कि जब यह प्लेन लंदन, जर्मनी या दुनिया के किसी अन्य एयरपोर्ट पर उतरेगा तो कोई भी इसकी बराबरी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा, “हमारे देश का प्रतिनिधित्व इसी तरह होना चाहिए। रंग और डिजाइन मेरी पसंद के हैं, यह मैं मानता हूं।”
उन्होंने यह भी बताया कि नया एयर फोर्स वन अगले महीने 4 जुलाई को अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट करेगा।
ट्रम्प NATO समिट में हिस्सा लेने नए प्लेन से जाएंगे
ट्रम्प ने पुष्टि की कि वह अगले महीने तुर्किए की राजधानी अंकारा में होने वाले NATO समिट में इसी से जाएंगे। इसके बाद वे नवंबर में भी चीन दौरे पर इसका इस्तेमाल करेंगे। ट्रम्प ने कहा कि इस हफ्ते G7 समिट के दौरान फ्रांस दौरे पर उन्होंने आखिरी बार इस प्लेन का इस्तेमाल किया।
2028 तक ही कतर के गिफ्ट प्लेन का इस्तेमाल
ट्रम्प सरकार का कहना है कि कतर से मिला यह प्लेन एक ‘ब्रिज एयरक्राफ्ट’ यानी अस्थायी समाधान है। इसका इस्तेमाल तब तक किया जाएगा, जब तक बोइंग नए राष्ट्रपति विमान तैयार नहीं कर देता।
बोइंग के नए प्लेन 2024 में मिलने थे, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी हो गई। अब उनकी डिलीवरी 2028 तक होने की संभावना है।
ट्रम्प ने कहा,
हम थोड़ी मुश्किल स्थिति में फंस गए थे क्योंकि नए प्लेन समय पर नहीं मिल रहे थे। इसलिए मैंने कतर के अमीर से पूछा कि क्या उनके किसी प्लेन का इस्तेमाल किया जा सकता है।सामान्य राष्ट्रपति ऐसा नहीं करते। वे इन सबसे दूरी बनाए रखना चाहते हैं।
कतर के से मिले गिफ्ट पर उठे थे सवाल
नए एयरफोर्स वन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ डॉलर (3600 करोड़ रुपए) बताई गई है। हालांकि विदेशी सरकार से इतना महंगा उपहार स्वीकार करने को लेकर अमेरिका में नैतिकता और कानूनी सवाल उठे थे। आलोचकों ने पूछा था कि क्या किसी विदेशी सरकार से इतना महंगा विमान लेना उचित है।
ट्रम्प पहले कह चुके हैं कि राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद वह इस विमान का इस्तेमाल नहीं करेंगे। उन्होंने कहा था कि बाद में इसे किसी राष्ट्रपति पुस्तकालय को दान कर दिया जाएगा।
ट्रम्प को मई 2025 में जब लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट गिफ्ट मिला था, तब यह ऐसा दिखता था।
ट्रम्प की पहली पारी से जुड़ा है रंग बदलने का विवाद
राष्ट्रपति विमान का रंग बदलने की ट्रम्प की योजना नई नहीं है। अपने पहले कार्यकाल में भी उन्होंने नए एयर फोर्स वन को अपने निजी विमान की तरह लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग देने का फैसला किया था।
लेकिन मार्च 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यह फैसला बदल दिया था। एयर फोर्स की समीक्षा में कहा गया था कि गहरे रंगों के इस्तेमाल से लागत बढ़ सकती है और विमान की डिलीवरी में और देरी हो सकती है।
हालांकि सत्ता में लौटने के बाद ट्रम्प ने फिर अपनी पसंद की रंग योजना लागू कर दी। एयर फोर्स ने यह भी बताया कि भविष्य में कैबिनेट मंत्रियों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी विमानों पर भी इसी तरह का लाल, सफेद और नेवी ब्लू रंग इस्तेमाल किया जाएगा।
पुराने एयरफोर्स वन अभी सर्विस में रहेंगे
एयर फोर्स के एक अधिकारी के अनुसार मौजूदा राष्ट्रपति विमान, जिन्हें VC-25A कहा जाता है, अभी रिटायर नहीं होंगे। वे तब तक सेवा में बने रहेंगे जब तक नए VC-25B विमान पूरी तरह तैयार होकर बेड़े में शामिल नहीं हो जाते।
इस दौरान कतर से मिला नया विमान और मौजूदा दोनों एयर फोर्स वन राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए उपलब्ध रहेंगे। राष्ट्रपति एयरलिफ्ट ग्रुप हर मिशन की जरूरत के हिसाब से तय करेगा कि किस यात्रा में कौन सा विमान इस्तेमाल किया जाएगा।
पुराने एयरफोर्स वन के बारे में जानिए
ट्रम्प अब तक बोइंग 747-200B का एयर फोर्स वन के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। बोइंग 747-200B अपनी सुरक्षा, संचार, और कमांड क्षमताओं के कारण दुनिया का सबसे सुरक्षित विमान माना जाता है। यह अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए एक चलते-फिरते ऑफिस की तरह है।
वैसे तो दो बोइंग 747-200B विमान हैं, जिन्हें एक साथ तैयार रखा जाता है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति की सवारी वाला विमान ही एयर फोर्स वन कहलाता है।
नए एयरफोर्स वन में हवा में ईंधन भरने वाली खूबियां नहीं
एयर फोर्स वन में हवा में ही ईंधन भरने वाली खूबियां हैं जो नए एयर फोर्स वन में नहीं है। पुराना विमान परमाणु युद्ध जैसी स्थिति में करीब 7 दिन तक बिना रुके आसमान में रह सकता था। नया विमान अधिकतम 16 घंटे (14,430 किमी) ही उड़ पाएगा।
नए प्लेन को तैयार करने के बजट को कंट्रोल में रखने के लिए व्हाइट हाउस ने इस फीचर को हटाने का फैसला किया था, क्योंकि हवा में ईंधन भरने का सिस्टम लगाने में बहुत ज्यादा खर्च आता है।
पिछले 30 साल के इतिहास में किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के सवार रहते हुए कभी भी हवा में ईंधन नहीं भरा गया है। सुरक्षा कारणों से हमेशा सुरक्षित सैन्य ठिकानों पर ही ईंधन भरना पसंद किया जाता है।
नए एयर फोर्स की अपनी बिना ईंधन भरे उड़ान भरने की रेंज पुराने वाले विमान से लगभग 1,100 मील (करीब 1,770 किलोमीटर) अधिक है। यह एक बार में बिना रुके लगभग 8,900 मील (14,300+ किमी) तक उड़ सकता है, जो कि राष्ट्रपति की यात्राओं के लिए काफी मानी गई है।
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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प ने दावा किया था कि G7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए बेताब थीं। इस पर मेलोनी ने कहा कि ट्रम्प की यह कहानी पूरी तरह झूठी और मनगढ़ंत है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
गीत-संगीत के बिना बॉलीवुड फिल्म की कल्पना भी नहीं की जा सकती. लीड हीरो-हीरोइन पर गाने फिल्माए जाते हैं. फिल्म का म्यूजिक जितना असरदार होगा, मूवी उतनी ही बड़ी हिट होगी. 60 साल पहले धर्मेंद्र की एक ऐसी फिल्म आई थी जिसमें छह गाने थे लेकिन एक भी गाना उन पर नहीं फिल्माया गया था. यह उस दौर की संभवत: पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें लीड हीरो पर कोई नहीं फिल्माया गया था. इसी फिल्म के एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी. धर्मेंद्र ने अपनी अदाकारी का ऐसा जलवा बिखेरा कि मूवी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. इस फिल्म ने धर्मेंद्र को स्टार बनाया.
धर्मेंद्र -मीना कुमारी की फिल्म ‘फूल और पत्थर’ 14 अगस्त 1966 को रिलीज हुई थी. फिल्म के आइडिया का क्रेडिट अख्तर उल इमान को जबकि स्टोरी-स्क्रीनप्ले ओपी रल्हन का था. डायलॉग एहसान रिजवी ने लिखे थे. गीतकार शकील बदायुंनी जबकि संगीतकार रवि थे. फिल्म के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रहलन थे. ओपी रल्हन बॉलीवुड सुपर स्टार राजेंदर कुमार के जीजा थे. राजेंद्र कुमार के कहने पर ही उन्होंने धर्मेंद्र को फिल्म में लीड रोल में कास्ट किया था.
धर्मेंद्र को जब लीड हीरो के रोल के लिए साइन कर लिया गया तब मीना कुमारी के पति कमाल अमरोही ने ओपी रल्हन ने कहा था कि धर्मेंद्र इस लायक नहीं है कि उन्हें मीना कुमारी के अपोजिट लीड रोल दिया जाए. हालांकि तब तक धर्मेंद्र-मीना कुमारी तीन फिल्मों में काम कर चुके थे. बताया जाता है कि निर्माता-निर्देशक कमाल अमरोही को धर्मेंद्र-मीना कुमारी की दोस्ती पसंद नहीं थी. रल्हन ने जवाब देते हुए कहा था कि यही लड़का आगे चलकर स्टार बनेगा. फिल्म में शशिकला, ललिता पवार, मदन पुरी और इफ्तिखार भी अहम भूमिकाओं में थे.
फिल्म का म्यूजिक रवि ने कंपोज किया था. फिल्म में 6 गाने थे लेकिन धर्मेंद्र पर्दे पर कोई गाना गाते नजर नहीं आए. 60 के दशक में शायद ही ऐसी कोई फिल्म होगी जिसमें लीड हीरो ने गाना नहीं गाया हो. ‘फूल और पत्थर’ में यह अनोखा प्रयोग किया गया. मीना कुमारी पर सिर्फ एक गाना फिल्माया गया था. दो गाने शशि कला पर जबकि दो गाने ओपी रल्हन पर फिल्माए गए. उन्होंने फिल्म में एक्टिंग भी की थी.
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धर्मेंद्र ने बताया था कि डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ओपी रल्हन का एटिट्यूड अच्छा नहीं था. वो बहुत ही घमंडी थे. अक्खड़ स्वभाव के थे. ऐसे में धर्मेंद्र से उनकी अनबन हो गई थी. बात इतनी बिगड़ी कि धर्मेंद्र ने बीच में फिल्म छोड़ने का मन बना लिया था. उन्होंने अपनी मां से कहा था कि वो फिल्म इंडस्ट्री छोड़ रहे थे. तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. उन्होंने किसी तरह फिल्म पूरी की.
फिल्म के एक सीन में धर्मेंद्र रात में फुटपाथ पर सो रही एक बुजुर्ग महिला को अपनी शर्ट ओढ़ा देते हैं. फिर अपने घर पर पहुंचते हैं. मीना कुमारी उनके घर पर बिस्तर पर लेटी हैं. धर्मेंद्र को पास आता देखकर वो डर जाती हैं. धर्मेंद्र पास आते हैं और यह देखते हैं कि क्या वो सो रही हैं? फिर कंबल ओढ़ाकर चले जाते हैं. इस एक सीन ने धर्मेंद्र को ‘ही मैन’ की अमिट पहचान दी.
एक पल में वो एक बूढ़ी औरत के बेटे बन जाते हैं तो दूसरे ही पल में वो हमउम्र औरत के रखवाले बन जाते हैं. धर्मेंद्र का बिना शर्ट वाला पोस्टर खूब चर्चा में रहा. रात में ठंड से ठिठुर रही बुजुर्ग महिला को शर्ट ओढ़ाने का आइडिया धर्मेंद्र का ही था. शर्त उतरना फिल्म का आइकॉनिक सीन बन गया. यह सीन धर्मेंद्र की और फिल्म की पहचान बन गया.
धर्मेंद्र इस फिल्म में चोर बने थे. धर्मेंद्र का चोर बनना उनकी किस्मत खोल गया. आगे आने वाले वर्षों में कई फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं. धर्मेंद्र ‘मेरा गांव मेरा देश’ (1971), जुगनू (1973), कहानी किस्मत की (1973), लोफर (1973) , यादों की बारात (1973) और शोले (1975) जैसी फिल्मों में धर्मेंद्र चोर बने. ये सभी फिल्में सुपरहिट रहीं.
‘फूल और पत्थर’ फिल्म का बजट करीब 65 लाख रुपये के करीब था. फिल्म गोल्डन जुबली हिट हुई. फिल्म की कुल कमाई 7.5 करोड़ थी. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. बेस्ट एक्टर और बेस्ट एक्ट्रेस की कैटेगरी में धर्मेंद्र-मीना कुमारी को फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिला था लेकिन उस साल बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड देवानंद को ‘गाइड’ के लिए मिला. फिल्म को दो फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले. ये अवॉर्ड बेस्ट आर्ट डायरेक्टर और बेस्ट एडिटर कैटेगरी में मिले.
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को देश के करीब 9 करोड़ किसानों को बड़ा तोहफा दिया. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त शनिवार (20 जून) को किसानों के खाते में ट्रांसफर हो गई है.
बिजली की रफ्तार से हो रहे हैं फैसले
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “बंगाल में दशकों तक पहले लेफ्ट और फिर टीएमसी ने जो गड्ढे बनाए, उन्हें भरने के लिए डबल इंजन सरकार ने सुपरफास्ट गति से काम करना शुरू कर दिया है. बिजली की रफ्तार से फैसले हो रहे हैं. रुकी हुई योजनाओं पर काम आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में आज यहां सैकड़ों करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुआ है.”
पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी
देश के करोड़ों किसानों का इंतजार खत्म हो गया है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (20 जून) को पश्चिम बंगाल के हुगली में तारकेश्वर से 9.44 करोड़ किसानों के अकाउंट में 18,880 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं.
पश्चिमबंग दिवस समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी
पश्चिम बंगाल के हुगली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिमबंग दिवस समारोह में शामिल हुए. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनका स्वागत किया. इस दौरान प्रधानमंत्री PM किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त भी जारी करेंगे.
यूपी में बिना फार्मर आईडी भी मिलेंगे पैसे
अभी तक यही माना जा रहा था कि पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा उन्हीं किसानों को मिलता है, जिनकी फार्मर आईडी बनी हुई है. लेकिन, यूपी के किसानों के लिए राहत भरी खबर है. प्रदेश में उन किसानों को भी 23वीं किस्त दी जाएगी , जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है. आज यूपी के 2.17 करोड़ किसानों के खाते में 2 हजार की रकम आ सकती है. प्रदेश में कुल 4,352 करोड़ रुपये किसान सम्मान निधि के तहत डाले जाएंगे.
कहां से निकाल सकेंगे पैसे
अगर आपको भी किसान सम्मान निधि के तहत आज 2 हजार रुपये की रकम मिलती है तो यह पैसा बहुत आसानी से निकाल सकते हैं. खाते में पैसे आने के बाद आप DigiPay अथवा DigiPayLite के जरिये निकासी कर सकते हैं. आपको पैसे निकालने के लिए ज्यादा दिक्कत भी नहीं आएगी और नजदीकी एफपीओ अथवा पीएसीएस पर जाकर अपना पैसा निकाल सकते हैं.
यूपी बिहार में कितने किसानों को फायदा
यूपी में 2.88 करोड़ किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि के लिए अपना रजिस्ट्रेशन कराया है. पिछली बार की 22वीं किस्त के लिए प्रदेश के 2.18 करोड़ किसानों को निधि का पैसा मिला था. माना जा रहा है कि इस बार 50 लाख से ज्यादा किसानों को यूपी में झटका लग सकता है और उनके खाते में निधि का पैसा नहीं आएगा. इन किसानों ने फॉर्मर आईडी अभी तक नहीं बनवाई है. बिहार में भी इस योजना के तहत 73 लाख से ज्यादा किसान अपना लाभ ले रहे हैं. 22वीं किस्त में बिहार के 73.34 लाख किसानों को पैसे मिले थे. हालांकि, माना जा रहा है कि इस बार 34 हजार लोगों के नाम सूची से हटाए गए हैं.
अब तक 4.28 लाख करोड़ खर्च
किसान सम्मान निधि के तहत अभी तक सरकार ने किसानों के खाते में करीब 4.28 लाख करोड़ रुपये डाले हैं. इसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा की रकम तो सिर्फ महिला किसानों के खाते में डाली गई है. 20 जून को 23वीं किस्त के तहत भी देशभर के करीब 9.44 करोड़ किसानों के खाते में निधि का पैसा डाला जाएगा.
PM-Kisan Samman Nidhi Scheme is laying a strong foundation for the honour, prosperity and economic security of our Annadatas.
Through transparent Direct Benefit Transfer (DBT), financial assistance has reached more than 9.44 crore farmers across the country.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज पश्चिम बंगाल में जनता को संबोधित करेंगे और उसके तत्काल बाद योजना का पैसा खाते में आना शुरू हो जाएगा. माना जा रहा है कि शाम 4 बजे के बाद किसान सम्मान निधि का पैसा किसानों के खाते में आना शुरू हो जाएगा. सरकार ने देशभर के कॉमन सर्विस सेंटर यानी सीएससी को इस काम में मदद करने का निर्देश दिया है, ताकि किसानों समय पर और आसानी से उनकी किस्त का पैसा खाते में मिल जाए.
PM-Kisan Samman Nidhi’s 23rd Installment will be released on 20th June, 2026 (Tomorrow).
All CSCs to help Farmers use #DigiPay and #DigiPayLite App to withdraw the 23rd installment of the PM Kisan Samman Nidhi Scheme.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सरकार हर साल तीन किस्तों में पैसे डालती है. हर किस्त 2-2 हजार की होती है तो कुल मिलाकर 6 हजार रुपये किसानों के खाते में डाले जाते हैं. यह पैसा हर महीने के लिए 500 रुपये की दर से दिया जाता है और 4 महीने का पैसा एकसाथ खाते में आता है. इस बार देश के करीब 9.44 करोड़ किसानों के खाते में किस्त आएगी, जिस पर सरकार का करीब 18,880 करोड़ रुपये खर्च होगा.
इस बार जल्दी आ गया पैसा
देश के करीब साढ़े 9 करोड़ किसानों को इस बार पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा पाने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा. 20 जून को आने वाली 23वीं किस्त चालू वित्तवर्ष की पहली तिमाही की किस्त होगी, जो तिमाही समाप्त होने से पहली ही खाते में आ जाएगी. पिछले साल पहली तिमाही का पैसा किसानों को अगस्त में जाकर मिला था. हालांकि, पिछले वित्तवर्ष की आखिरी तिमाही का पैसा भी समय से पहले 13 मार्च को ही आ गया था.