खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की विशेष टीम (CST) ने राजधानी और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई गोदामों और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई की है। बुधवार देर रात कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में बारूद और पटाखे बरामद किए गए हैं और कई गोदामों को सील किया गया है। जमवारामगढ़ रोड स्थित बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर एक लाइसेंसधारी गोदाम में तय सीमा से कहीं अधिक मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली। गोदाम का लाइसेंस 600 किलो भंडारण की अनुमति का था, लेकिन मौके पर 1,000 किलो से अधिक बारूद और पटाखे करीब 300 से ज्यादा कार्टूनों में बंद पाए गए। सीएसटी टीम ने इलेक्ट्रॉनिक कांटे से सामग्री का वजन करवाकर गोदाम को सील कर दिया। ये गोदाम स्थानिय निवासी से किराये पर लिया था। जो कि दो दुकानों में चलाया जा रहा था। मौके पर 18 दुकानें बनी हुई थी। जिनमें 2 गोदामों में चूरी और पशु आहार के काम पर किराये पर दे रखा था। लेकिन 2 दुकानों में भारी मात्रा में बारूद और पटाखे स्टोर किए हुए थे। जयसिंहपुरा थाना प्रभारी मुकेश ने बताया कि गोदाम को किराये पर लेने वाले व्यक्ति की पहचान दीपक खंडेलवाल के रूप में हुई है। इनकी दुकान जयपुर के चांदी की टकसाल स्थित भारतीय पटाखा शॉप के रुप में हुई है। बड़ी का बास क्षेत्र में नाई की थड़ी से सुमेल रोड जाने वाले मार्ग पर इनके लाइसेंसधारी गोदाम में 1000 किलों से ज्यादा पटाखे और उससे संबंधित सामान मिलने पर उसे सील किया गया है। इसी क्षेत्र में एलएन मित्तल कॉलेज से करीब 300 मीटर पहले सुमेल रोड पर पूर्णिमा नामक संचालक के दो गोदाम और कारखाने भी मिले। गोदाम संचालक अनिल अग्रवाल ने 1,500-1,500 किलो के लाइसेंस होने का दावा किया, उन्होंने झूठ कॉलेज से महज 300 मीटर की दूरी होने के बावजूद कहा कि गोदाम कॉलेज से डेढ़ किलोमीटर दूर है। गोदाम संचालक ने ये तक कहा कि खोनागोरियान में जहां हादसा हुआ वो लोग तो फैक्ट्री वाले थे। हम तो स्टॉक कर रहे है। हम तो खाली पटाखे बेचते है। उन्होंने बताया कि उनके गोदाम में फिलहाल 600 से 700 किलो पटाखे है। उन्होंने खुद कहा कि पुलिस सर्च करने आई थी और पुलिस ने कहा कि थोड़ा सा स्टॉक ज्यादा है। यहां करीब पुलिस के 6 से 7 जवानों ने दबीश दी। हालांकि ये गोदाम एक शैक्षणिक संस्थान और छात्रावास के बेहद नजदीक संचालित पाए गए, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार स्थानीय क्षेत्र में पांच से अधिक पटाखा गोदाम संचालित होने की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा चेनपुरा में फोर्थ आरएसी के पास मैजिक फायर वर्क्स नाम से एक अवैध कारखाना और गोदाम भी मिला। वहीं जमवारामगढ़ थाना क्षेत्र में हीरावाला बस स्टैंड से करीब 300 मीटर पहले जयपुर मार्ग पर शराब के ठेके के पीछे दो अवैध गोदामों पर कार्रवाई की गई। बता दें कि ये आवासीय क्षेत्र में गोदाम संचालित किए जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में पुलिस गोदाम मालिकों की पहचान करने में जुटी है। हीरावाला से रूपवास लिंक रोड पर मुख्य सड़क से करीब 200 मीटर अंदर आवासीय इलाके में दो अन्य पटाखा गोदाम पकड़े गए। इसके अलावा हीरावाला से जमवारामगढ़ जाने वाले मार्ग पर भी दो गोदामों का पता चला, जहां सीएसटी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशन में एसीपी आमेर और जयसिंहपुरा खोर थाना पुलिस की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और गोदाम संचालकों से पूछताछ जारी है। हालांकि, इन अवैध गोदामों और फैक्ट्रियों के लंबे समय से संचालित होने की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। बीट सिस्टम होने के बावजूद कई स्थानों पर निर्धारित सीमा से अधिक बारूद और पटाखे मिले, जबकि कई जगहों पर अवैध फैक्ट्रियां और गोदाम खुलेआम संचालित हो रहे थे। गौरतलब है कि खोनागोरियान पटाखा फैक्ट्री अग्निकांड में आठ लोगों की मौत के बाद जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने अवैध पटाखा फैक्ट्रियों और गोदामों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर सर्वे और विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सीएसटी की कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग भी तेज हो गई है।
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कॉलेज से महज 300 मीटर की दूरी पर पटाखा गोदाम: तय लिमिट से ज्यादा 1000 किलो मिला पटाखा, बारूद; जमवारामगढ़, हीरावाला और सुमेल रोड सहित कई इलाकों में छापेमारी – Jaipur News
वाराणसी से सिंगापुर-मालदीव-बाली समेत गल्फ देशों में फ्लाइट की तैयारी: यात्रियों की मांग पर चलेंगे नए विमान, 2027 में रनवे पर उतरेंगी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें – Varanasi News
वाराणसी एयरपोर्ट पर अगले साल कई नई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी। इसके लिए एविएशन ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वाराणसी को सिंगापुर, मालदीव, बाली और विभिन्न खाड़ी देशों से जोड़ा जाएगा। एयरपोर्ट के विस्तार कार्य के साथ ही अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट की सीधी उड़ानों की सुविधा कारोबार बढ़ाएगी। एयरपोर्ट से केवल तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन हो रहा है। इनमें बैंकॉक, शारजाह और नेपाल के लिए उड़ानें शामिल हैं। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि वाराणसी एयरपोर्ट से नई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की लगातार मांग मिल रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल एयरपोर्ट का विस्तार कार्य चल रहा है, जिसके कारण अतिरिक्त उड़ानों का संचालन संभव नहीं है। लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट को जल्द नई उड़ान मिलने की उम्मीद है। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने पत्राचार और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं। सभी औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं तो अगले वर्ष से इन देशों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू हो सकती हैं। इन अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के माध्यम से प्रतिमाह औसतन दो से ढाई हजार यात्री सफर करते हैं। धार्मिक, पर्यटन और व्यावसायिक दृष्टि से वाराणसी की बढ़ती महत्ता को देखते हुए एयरपोर्ट प्राधिकरण अब अंतरराष्ट्रीय संपर्क को और मजबूत करने की योजना पर काम कर रहा है। एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के बाद न केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि घरेलू उड़ानों में भी इजाफा किया जाएगा। जिन महानगरों के लिए वर्तमान में वाराणसी से विमान सेवाएं संचालित हैं, उन रूटों पर उड़ानों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कुछ नए हिल स्टेशन और प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए भी उड़ानें शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। एयरपोर्ट विस्तार और नई उड़ानों की योजना से पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। धार्मिक पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को भी नया आयाम मिलेगा।
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नाबालिग छात्रा से रेप के बाद हत्या का मामला: डीएनए रिपोर्ट के आधार पर 7 साल बाद दो दोषियों को उम्रकैद, CBI की क्लोजर रिपोर्ट कोर्ट ने ठुकराई – Bhopal News
भोपाल के बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म एवं हत्या कांड में विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने अविनाश साहू और जस्टिन राज को बुधवार को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक सश्रम आजीवन कारावास और 8-8 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
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वर्ष 2019 में हुई इस वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।
30 अप्रैल 2019 को आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग अपनी 16 वर्षीय बुआ और उसके मित्र अविनाश साहू के साथ मनुआभान टेकरी घूमने गई थी। आरोपियों ने टेकरी पर बालिका के साथ दुष्कर्म करने के बाद पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी थी और शव को करीब 100 फीट गहरी खाई में स्थित गुफा में छिपा दिया था।
बाद में दोनों आरोपी बालिका को तलाशने का नाटक करते रहे।
पुलिस ने रातभर की थी बालिका की सर्चिंग
बालिका के लापता होने की सूचना मिलने पर कोहेफिजा थाना पुलिस ने रातभर सर्चिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पूछताछ के दौरान अविनाश साहू के बयान बदलने पर पुलिस को संदेह हुआ। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने खाई से बालिका का खून से लथपथ शव बरामद किया।
पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के आधार पर चालान पेश किया था। बाद में राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।

बालिका शव पुलिस ने बरामद किया था।
सीबीआई ने दी थी क्लीन चिट
सीबीआई ने पुलिस की डीएनए रिपोर्ट को स्वीकार नहीं करते हुए दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देकर क्लोजर रिपोर्ट पेश कर दी थी। हालांकि अदालत ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अस्वीकार करते हुए उससे स्पष्टीकरण मांगा था। अंततः ट्रायल के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए शेष जीवन तक जेल में रहने की सजा सुनाई।
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बेटी को मां-सौतेले पिता ने 12 लाख में बेचा

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मां और सौतेले पिता ने 12 साल की बेटी को 12 लाख रुपए में बेच दिया। आरोपियों ने 8 लाख रुपए कैश और 4 लाख रुपए के जेवर लिए थे। बच्ची की शादी भी करा दी गई थी। 3 आरोपियों ने कई बार रेप किया। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मास्टरमाइंड फरार है।पूरी खबर पढ़ें
दर्शकों को डराएंगी जैकलिन! 2 एक्टर्स संग खौफ का नया खेल खेलेंगी हीरोइन
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जैकलिन फर्नांडिस जल्द ही एक हॉरर फिल्म में नजर आएंगी. यह उनके करियर की पहली हॉरर फिल्म होगी, जिसमें हॉरर, इमोशन और संगीत का अनोखा मेल देखने को मिलेगा. फिल्म के लिए दो मेल एक्टर्स फाइनल हो चुके हैं और इसकी शूटिंग इसी महीने शुरू होगी. एक्ट्रेस को हॉरर फिल्म में देखना, दर्शकों के लिए यकीनन खास अनुभव होगा.
जैकलीन फर्नांडिस अगली फिल्म की शूटिंग को तैयार
नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलिन फर्नांडिस अब जल्द ही बड़े पर्दे पर दर्शकों को डराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वे अपनी पहली हॉरर फिल्म में नजर आने वाली हैं, जिसे ख्याति मदान की कंपनी ‘नॉट आउट एंटरटेनमेंट’ प्रोड्यूस कर रही है. जैकलिन काफी समय से एक अच्छी स्क्रिप्ट की तलाश में थीं और इस फिल्म की कहानी सुनते ही उन्होंने तुरंत हां कह दिया. सूत्रों की मानें तो इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ भूत-प्रेत की कहानी नहीं है, बल्कि हॉरर के साथ-साथ ढेर सारे इमोशन्स और बेहतरीन संगीत का ऐसा तगड़ा मेल है, जो दर्शकों को सिनेमाघरों में एक पूरा थिएट्रिकल अनुभव देगा.
आजकल सिनेमाघरों में हॉरर फिल्मों का जलवा है और ग्लोबल लेवल पर ‘सिनर्स एंड ऑब्सेशन’ से लेकर भारत में ‘शैतान’ जैसी फिल्मों की कामयाबी ने यह साबित भी कर दिया है. जैकलिन की इस हॉरर फिल्म के लिए बॉलीवुड के दो शानदार मेल एक्टर्स को भी फाइनल कर लिया गया है, जिसके बाद प्रोजेक्ट को लेकर फैंस का उत्साह काफी बढ़ गया है. फिल्म की तैयारियां जोरों पर हैं. एक्टर्स के लिए एक्टिंग वर्कशॉप्स चल रही हैं और इसका एक गाना व टीजर तो पहले ही शूट किया जा चुका है. सब कुछ तय शेड्यूल के मुताबिक चल रहा है और फिल्म की शूटिंग इसी महीने शुरू होने वाली है.
फिल्म ‘अलादीन’ से किया था बॉलीवुड डेब्यू
एक्ट्रेस जैकलिन फर्नांडिस श्रीलंकाई मूल की हैं. उन्होंने सिडनी यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन करने के बाद श्रीलंका में बतौर टीवी रिपोर्टर काम किया था. उन्होंने फिर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा. उन्होंने साल 2006 में ‘मिस यूनिवर्स श्रीलंका’ का खिताब जीता और मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में अपने देश को रीप्रेजेंट किया. उन्होंने साल 2009 में फिल्म ‘अलादीन’ के लिए ऑडिशन दिया और इसी फिल्म से उनका बॉलीवुड डेब्यू हुआ. उन्हें फिर आईफा में बेस्ट फीमेल डेब्यू का अवॉर्ड भी मिला. जैकलिन को असली पहचान साल 2011 में आई थ्रिलर फिल्म ‘मर्डर 2’ से मिली, जो उनकी पहली कमर्शियल हिट साबित हुई. उन्होंने ‘हाउसफुल 2’, ‘रेस 2’, ‘किक’, ‘हाउसफुल 3’, ‘जुड़वा 2’ और ‘विक्रांत रोना’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में ग्लैमरस और यादगार भूमिकाएं निभाईं. वे फिल्मों के अलावा डांस रियलिटी शो ‘झलक दिखला जा 9’ की जज भी रह चुकी हैं. वे कई सोशल वर्क और ब्रांड एंडोर्समेंट से जुड़ी हुई हैं.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
शादियों वाली फूली-फूली और खस्ता पूरियां इस तरह बनाएं, ठंडी होने पर भी नहीं पिचकेंगी
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Crispy and Puffy Puri Recipe: अगर आपकी पूरियां तलने के बाद पिचक जाती हैं, तो आटा गूंथने से लेकर तेल के तापमान तक कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है. हलवाई जैसी फूली-फूली और खस्ता पूरियां बनाने का तरीका आसान है. इसे अपनाने से आपकी पूरियां ठंडी होने के बाद भी कई घंटों तक फूली रह सकती हैं.
फूली-फूली पूरियां बनाने के लिए आटा गूंथते समय उसमें 2 चम्मच सूजी मिला दें.
Perfect Puri Recipe in Hindi: घर पर पूरियां बनाने के बाद कुछ देर तक फूली-फूली रहती हैं, लेकिन बाद में पिचक जाती हैं. यह एक कॉमन समस्या है, जिसका सामना अधिकतर लोगों को करना पड़ता है. जबकि शादी-ब्याह और हलवाई वाली पूरियां कई घंटों तक फूली रहती हैं. फंक्शन में मिलने वाली पूरियां लंबे समय तक फूली हुई, खस्ता और स्वादिष्ट बनी रहती हैं. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि हलवाई आखिर ऐसा क्या करते हैं कि उनकी पूरियां ठंडी होने के बाद भी नरम और फूली-फूली रहती हैं, तो कुछ आसान किचन टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं.
सही आटा सबसे बड़ा सीक्रेट
परफेक्ट पूरियों की शुरुआत सही आटे से होती है. पूरियों के लिए आटा हमेशा थोड़ा सख्त गूंथना चाहिए. अगर आटा ज्यादा नरम होगा, तो पूरियां तेल ज्यादा सोख सकती हैं और जल्दी पिचक सकती हैं. आटा गूंथते समय उसमें एक या दो चम्मच सूजी मिला दें. इससे पूरियों में हल्की खस्तापन आता है और वे लंबे समय तक अपनी बनावट बनाए रख सकती हैं. कई लोग पूरियों का आटा घंटों पहले गूंथकर रख देते हैं. इससे आटा ढीला पड़ सकता है और पूरियां मनचाही नहीं बनतीं. बेहतर रिजल्ट के लिए आटा गूंथने के 15 से 20 मिनट बाद पूरियां बेलना शुरू करें. इससे उनकी बनावट बेहतर रहती है.
इन बातों का भी रखें ध्यान
पूरी न ज्यादा मोटी होनी चाहिए और न ही बहुत पतली. अगर पूरी बहुत पतली होगी तो फूलने में परेशानी हो सकती है, जबकि ज्यादा मोटी पूरी अंदर से कच्ची रह सकती है. सभी पूरियों का आकार और मोटाई लगभग एक जैसी रखने की कोशिश करें. इससे तलते समय सभी पूरियां समान रूप से फूलेंगी.
फूली हुई पूरियों का सबसे बड़ा राज तेल का सही तापमान होता है. अगर तेल पर्याप्त गर्म नहीं होगा, तो पूरी तेल सोखने लगेगी और अच्छी तरह नहीं फूलेगी. तेल इतना गर्म होना चाहिए कि पूरी डालते ही वह तुरंत ऊपर आ जाए. हालांकि तेल अत्यधिक गर्म भी नहीं होना चाहिए, वरना पूरी बाहर से जल सकती है और अंदर से सही नहीं पक पाएगी.
जैसे ही पूरी तेल में डालें, कलछी की मदद से उसे हल्के हाथों से दबाएं. इससे गर्म तेल पूरी के ऊपर पहुंचता है और पूरी तेजी से फूलने लगती है. जब पूरी पूरी तरह फूल जाए, तो उसे पलटकर दूसरी तरफ भी सुनहरा होने तक तल लें. कई हलवाई पूरियों के आटे में थोड़ा-सा सूजी या एक चम्मच गर्म तेल मिलाते हैं. इससे पूरियां ज्यादा खस्ता बनती हैं और देर तक कुरकुरी बनी रह सकती हैं.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
बेगूसराय के सिमरिया गंगा घाट पर तीन लड़के डूबे: एक ही परिवार के 3 लोग लापता, नहाते समय हुआ हादसा – Begusarai News
बेगूसराय में बुधवार की शाम सिमरिया गंगा नदी तट पर स्नान करने के दौरान तीन किशोर गहरे पानी में डूब गए हैं। जिसमें बीहट नगर परिषद वार्ड नंबर-28 मकससपुर टोला के रहने वाले दो सगे भाई और उनका एक ममेरा भाई शामिल है। मकससपुर टोला के रहने वाले उमाशंकर साह का बेटा विशाल कुमार (18) और अमन कुमार (15) अपने ममेरे भाई मुंगेर के रहने वाले रिशांक गुप्ता (11) के साथ सिमरिया गंगा घाट पर स्नान करने गया था। रिशांक मुंगेर के इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, सदलपुर का रहने वाला था और अपने ननिहाल आया हुआ था। गंगा नदी में स्नान करने के दौरान तीनों किशोरों को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं मिला और वे तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में चले गए। देखते ही देखते तीनों गंगा की लहरों में समा गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू रामाशीष साह ने बताया कि विशाल और अमन उमाशंकर साह के बेटे थे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ घाट पर जमा हो गई। सूचना पाकर चकिया थाना की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोर अनिल कुमार और उनकी टीम ने गंगा नदी में काफी देर तक तीनों की तलाश की। लेकिन अंधेरा हो जाने और पानी का बहाव तेज होने के कारण पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण सर्च ऑपरेशन रोकना दिया गया है। गुरुवार की सुबह से फिर खोज अभियान चलाया जाएगा।
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जानबूझकर बनाई ‘फ्लॉप’ फिल्म, फिर भी निकली सुपरहिट, दुखी हुआ प्रोड्यूसर, टूट गया दिल
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हर डायरेक्टर हर प्रोड्यूसर की यही चाहत होती है कि उसकी फिल्म सिनेमाघर में रिलीज होते ही ब्लॉकबस्टर हो जाए. कोई भी प्रोड्यूसर जानबूझकर फ्लॉप फिल्म नहीं बनाना चाहता लेकिन बॉलीवुड विरोधाभाषों से भरा हुआ है. एक जाने-माने प्रोड्यूसर ने फिल्म में पैसा लगाया. उनकी यही चाहती थी कि फिल्म फ्लॉप हो जाए मगर हुआ इसके ठीक उल्टा. फिल्म रिलीज होती ही सुपरहिट निकली. गाने तो इतने पॉप्युलर हुए कि आज भी हर किसी की जुबान पर रटे हुए हैं. फिल्म की सफलता से मेकर्स बहुत दुखी हुए. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…
क्या कोई डायरेक्टर, कोई प्रोड्यूसर सपनों में भी सोच सकता है कि उसकी फिल्म फ्लॉप हो जाए. आपका जवाब यकीनन ना होगा लेकिन 70 के दशक में एक ऐसी मूवी आई थी, जिसके प्रोड्यूसर की यही चाहत थी कि फिल्म हर हाल में फ्लॉप हो जाए. फिल्म छोटे बजट की थी. फिल्म रिलीज होते ही सुपरहिट साबित हुई. फिल्म की सफलता से मेकर्स बहुत दुखी हुए. पूरा किस्सा 1979 में आई ‘नूरी’ फिल्म से जुड़ा हुआ है. आखिर प्रोड्यूसर क्यों चाहते थे कि फिल्म फ्लॉप हो जाए, आइये जानते हैं.

‘नूरी’ फिल्म का नाम सुनते ही ‘आ जा रे, ओ मेरे दिलबर आ जा, दिल की प्यास बुझा रे’ गाने की याद आ जाती है. फिल्म 11 मई 1979 को रिलीज हुई थी. डायरेक्टर मनमोहन कृष्ण थे. चरित्र अभिनेता मनमोहन कृष्ण के साथ ‘धूल का फूल’ फिल्म में काम कर रहे थे, तब यश चोपड़ा ने उन्हें डायरेक्टर बनाने का वादा किया था. यश चोपड़ा ने अपना वादा ‘नूरी’ फिल्म में निभाया. कहानी सागर सरहदी ने की थी.

फारुक शेख, पूनम ढिल्लो और मदन पुरी लीड रोल में थे. यह पूनम ढिल्लो की डेब्यू फिल्म थी. फिल्म का ब्लॉकबस्टर म्यूजिक खय्याम साहब ने कंपोज किया था. गीतकार जां निसार अख्तर, मजरूह सुल्तानपुरी और नक्श ल्यालपुरी थे. प्रोड्यूसर यश चोपड़ा थे. फिल्म को यशराज फिल्म्स के बैनर तले रिलीज किया गया था. फिल्म की सफलता में सबसे बड़ा हाथ इसके सदाबहार गानों का था.
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फिल्म के पॉप्युलर गानों मे शुमार ‘आजा ओ मेरे दिलवर आजा’ सॉन्ग आज भी समां बांध देता है. गाना फिल्म में दो बार है. आवाजें लता मंगेशकर-नितिन मुकेश की हैं. गाना गीतकार जावेद अख्तर के पिता जां निसार अख्तर ने लिखा था. फिल्म के अन्य पॉप्युलर गाने ‘चोरी चोरी कोई आए’, ‘कदर तूने ना जानी’, ‘उसके खेल निराले, वो ही जाने’ और ‘आशिक हो तो ऐसा हो’ थे.

नूरी फिल्म से पूनम ढिल्लो रातोंरात स्टार बन गईं. फिल्म रिलीज होने के बाद हर कोई उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में जानना चाहता था. कई प्रोड्यूसर ने उन्हें अपनी फिल्मों में काम दिया. इतना ही नहीं, ‘नूरी’ फिल्म से फारुक शेख को भी फायदा हुआ. नूरी फिल्म ने उन्हें पहचान दी.

‘नूरी’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही. यह 1979 की सातवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. फिल्म का बजट करीब 1.10 करोड़ था जबकि फिल्म ने 2.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

दरअसल, प्रोड्यूसर यश चोपड़ा ने यह फिल्म टैक्स बचाने के लिए बनाई थी. उनका मानना था कि फिल्म नहीं चलेगी. यश चोपड़ा उन्हीं दिनों बड़े बजट की फिल्म ‘काला पत्थर’ भी बना रहे थे. इसी फिल्म पर उनका पूरा फोकस था. उनका मानना था कि ‘काला पत्थर’ बहुत बड़ी हिट होगी लेकिन हुआ इसके ठीक उलट. नूरी फिल्म उम्मीद से ज्यादा कामयाब रही. नूरी को चीन में बहुत कामयाब मिली. चीन में यह फिल्म 1981 में रिलीज हुई थी.

यश चोपड़ा ने सत्य घटना पर बेस्ड फिल्म ‘काला पत्थर’ बनाई थी जिसकी कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी. डायरेक्शन-प्रोडक्शन यश चोपड़ा ने किया था. फिल्म में शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, शत्रुघ्न सिन्हा, परवीन बॉबी, नीतू सिंह, प्रेम चोपड़ा और मैक मोहन नजर आए थे. म्यूजिक राजेश रोशन का था. गीतकार साहिर लुधियाधनवी थे. फिल्म के पॉप्युलर गाने ‘बाहों में तेरी मस्ती के घेरे-मस्ती के घेरे’ और ‘एक रास्ता है जिंदगी’ थे. यह 1979 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म की लिस्ट में पांचवे नंबर पर थी. 1 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 3 करोड़ का कलेक्शन किया था. फिल्म का बजट ज्यादा होने की वजह से यह फिल्म एवरेज करार दी गई थी. इस तरह से जिस फिल्म से उम्मीद थी वो एवरेज निकली. जिस फिल्म को टैक्स बचाने के लिए बनाया गया वो सुपरहिट साबित हुई.
दिल्ली में एक ही जगह मिलेंगी सरकारी सेवाएं: 18 से 42 स्थानों पर लगेंगे जन कल्याण शिविर; सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का अवसर – New Delhi News
दिल्ली सरकार आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं घर के नजदीक और आसान तरीके से उपलब्ध कराने के लिए 18 से 20 जून तक राजधानी के 42 स्थानों पर व्यापक जन कल्याण शिविर आयोजित करेगी। इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन शिविरों में केंद्र और दिल्ली सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे लोगों को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएम ने कहा जन कल्याण शिविरों का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से मिले। ’10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे’ उन्होंने कहा कि अधिकांश शिविर स्कूल परिसरों में लगाए जाएंगे, जहां नागरिकों के बैठने, प्रतीक्षा करने और आवश्यक सहायता की समुचित व्यवस्था रहेगी। सभी शिविर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। इन शिविरों में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, ऊर्जा, परिवहन, शहरी विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास और राजस्व विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। नागरिकों के कई आवेदनों और समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा तथा आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। शिविरों में मिलेंगी ये प्रमुख सुविधाएं पिंक कार्ड से जुड़ी सेवाएं-प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत पंजीकरण और लाभ
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लिए आवेदन और ऋण सुविधा
राशन कार्ड संबंधी सेवाएं
आधार पंजीकरण और अपडेट
ई-श्रम कार्ड बनवाने की सुविधा
जन धन खाता खोलने में सहायता
स्टार्टअप इंडिया और एमएसएमई ऋण संबंधी जानकारी
उद्योगों के लिए वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाएं-प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी और लाभ
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लखनऊ में महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई: शौर्य, त्याग और राष्ट्रप्रेम के आदर्शों को किया गया याद – Lucknow News
राजधानी लखनऊ में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती मनाई गई। गोमती नगर फेस-2 के विभव खंड स्थित शौर्य साप्ताहिक मिलन शाखा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग और राष्ट्रप्रेम को याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अनित परिहार थे। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रो. डॉ. सुशील पाण्डेय ने मुख्य वक्ता के रूप में महाराणा प्रताप के जीवन और संघर्षों पर विस्तार से बताया। महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी प्रो. पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हर सनातनी परिवार को महाराणा प्रताप के गौरवशाली इतिहास की जानकारी होनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके। उन्होंने महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। मुख्य संदेश महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघ चालक जगवीर सिंह ने की। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हैं। ये युवाओं में राष्ट्रभाव और सामाजिक चेतना के विकास में भी सहायक होते हैं। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, गोमती नगर शक्तिपीठ के सहयोग से एक दीप यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की उन्नति, सामाजिक समरसता और जनकल्याण की कामना की। कार्यक्रम का संयोजन रामबदन दूबे ने किया और मंच संचालन अशोक सिन्हा ने किया। डॉ. राजेश कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य संदेश महाराणा प्रताप के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना था।
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केंद्रीय मंत्री ने सरकारी योजनाओं की दी जानकारी: धार में दो नए आंगनवाड़ी भवनों का भी किया लोकार्पण – Dhar News
धार जिले के राजगढ़ नगर में बुधवार को पुरानी कन्याशाला परिसर में जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरित किया और केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जनकल्याण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। शिविर में विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराईं। महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम में पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य गायत्री पुरोहित, सुनील गामड़, मंडल अध्यक्ष सोहन पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में शामिल होने से पहले सावित्री ठाकुर ने महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर महाराणा प्रताप शिव वाटिका पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और स्वच्छता अभियान में भी हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने राजगढ़ के वार्ड क्रमांक 6 और 13 में नवनिर्मित आंगनवाड़ी भवनों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ होना जरूरी है।
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