Wednesday, August 19, 2026
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हाईवे की होगी ‘परीक्षा’,उद्घाटन से पहले 3 महीने फ्री चलेंगी गाड़ियां


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Highway New Rule : ट्रायल रन के दौरान बारिश या भारी वाहनों के दबाव से सड़क का कोई हिस्सा बैठता है, दरारें आती हैं या पानी निकासी सही से नहीं हो रही है तो इसका पता उद्घाटन से पहले ही चल जाएगा.

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ट्रायल रन तभी शुरू होगा, जब निर्माण कार्य और सुरक्षा ऑडिट पूरी तरह मुकम्मल हो चुके हों.

नई दिल्ली. देश में किसी भी नए एक्सप्रेसवे या हाईवे पर सफर करने के लिए आपकी जेब से टोल तभी कटेगा, जब सड़क हर कसौटी पर खरी उतरेगी. सरकार किसी भी नवनिर्मित हाईवे के उद्घाटन से पहले उस पर 2 से 3 महीने तक उसका ट्रायल रन करने की योजना बना रही है. ट्रायल रन के दौरान टोल नहीं वसूला जाएगा. हाल के दिनों में लखनऊ-कानपुर सहित कुछ नए बनी सड़कों के उद्धाटन के कुछ ही दिन उनके धंसने और गड्ढे पड़ने से सरकार की किरकिरी हुई है. इसी से सबक लेते हुए अब पहले हाईवे की असली ‘परीक्षा’ लेकर कमियां ठीक होंगी और उसके बाद ही जनता से टोल वसूला जाएगा.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना की समीक्षा बैठक में इस नए मॉडल पर मंथन किया गया. गडकरी ने एनएचएआई के अधिकारियों, ठेकेदारों और सलाहकारों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ट्रायल रन के क्या होंगे फायदे?

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2-3 महीने तक सामान्य ट्रैफिक चलने से सड़क की वास्तविक मजबूती का पता चल सकेगा. बारिश या भारी वाहनों के दबाव से सड़क का कोई हिस्सा बैठता है, दरारें आती हैं या पानी निकासी सही से नहीं हो रही है तो इसका पता उद्घाटन से पहले ही चल जाएगा. कॉन्ट्रैक्ट के नियमों के तहत ठेकेदार डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान इन सभी खामियों को अपने खर्च पर ठीक करने के लिए बाध्य होंगे.

पहले भी हो चुका है यह प्रयोग

अधिकारियों का कहना है कि लंबा ट्रायल रन तभी शुरू होगा, जब निर्माण कार्य और सुरक्षा ऑडिट पूरी तरह मुकम्मल हो चुके हों. ऐसा प्रयोग पहले भी दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों और द्वारका एक्सप्रेसवे की सुरंग पर सफलतापूर्वक किया जा चुका है.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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गोरखपुर मुठभेड़ में 15 हजार का इनामी गिरफ्तार: पैर में लगी गोली, पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था बदमाश – Gorakhpur News




गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में बुधवार भोर में 5 बजे 15 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी है। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हत्या, लूट समेत 10 से अधिक मुकदमे बदमाश के खिलाफ थानों में दर्ज हैं। रंगदारी के मामले में वह काफी दिनों से फरार चल रहा था। बदमाश की पहचना खजनी के भीटी खोरिया के जितेंद्र पासवान उर्फ लादेन के रूप में हुई।



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मंत्रीजी का बर्थडे, सांप का काटा ‘केक’: खर्राजी के काफिले की कार ‘धक्का-मार’; ‘पंगा’ लेने वाली मैडम का ट्रांसफर – Rajasthan News




नमस्कार, चुनावी सीजन में मंत्रीजी का सार्वजनिक बर्थडे सेलिब्रेशन तो समझ आता है, लेकिन सांप का भी? यूडीएच मंत्रीजी के काफिले की गाड़ी बंद पड़ी तो पुलिसकर्मियों की मशक्कत हो गई। जयपुर के एक थाना इंचार्ज साहब को घूमने वाले लोग बर्दाश्त नहीं और वनमंत्री से पंगा लेने वाली महिला अधिकारी का तबादला हो गया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. चुनावी सीजन में ‘बर्थडे सेलिब्रेशन’ चुनावी सीजन में हर सेलिब्रेशन का रंग चुनावी ही हो जाता है। अब देखिए, बाड़मेर में मंत्री केके विश्नोई जी ने अपने बर्थडे पर 13 किलो का केक काटा। केक सेरेमनी में निर्देश देने का काम चौहटन विधायक आदूलाल मेघवाल कर रहे थे। कार्यक्रम में बाड़मेर से निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी भी शामिल थीं। विधायक जी ने लंबे छुरे से केट काटा। केक आदूराम जी की तरफ बढ़ाया। उन्होंने प्रियंका जी को केक खिलाने का निर्देश दिया। प्रियंका जी ने केक उठाकर बर्थडे बॉय को खिला दिया। मंत्रीजी ने दूसरे बार केक का पीस उठाया। प्रियंका जी की तरफ बढ़ाया। अबकी बार प्रियंका जी ने केक खा लिया। आदूराम जी का नंबर आया तो मंत्रीजी ने चुटकी में ‘चिन्ना’ सा केक लिया और आदूराम जी को लगभग छुआ कर रस्म-अदायगी कर दी। शायद आदूराम जी को केक की मनाही है। कुल मिलाकर मंत्रीजी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में बढ़िया बर्थडे मना लिया। निकाय और पंचायतों में नेतागण की इसी एकता से चुनाव सधेगा। सुना है उधर वाली पार्टी के दो नेता एक मंच पर नहीं चढ़ते। राजधानी का चक्कर काटकर बड़े नेताओं से कलह दूर करने की सिफारिश भी कर आए। उन्हें भी मिलकर किसी न किसी का केक काट लेना चाहिए। बाकी जोधपुर के बिलाड़ा में एक कोबरा सांप के कुएं में पड़े होने की सूचना मिली। टीम ने रेस्क्यू कर निकाल लिया। बाइचांस इसी दिन नागपंचमी थी। ऐसे में टीम ने सांप को टेबल पर बैठाकर उसके सामने केक रखा और हैप्पी बर्थडे टू यू गाया। इसके बाद सांप को केक सुंघाकर जंगल में छोड़ दिया गया। चुनावी सीजन में सांपनाथ-नागनाथ का भी बोलबाला रहता है, उन्हें भी खुश रखना जरूरी है। 2. मंत्रीजी के काफिले की कार ‘धक्का-मार’ मंत्री झाबर सिंह खर्रा जब-जब अपने गृह क्षेत्र सीकर में होते हैं। तब कुछ न कुछ हो ही जाता है। दो बार तो उन्हें गुस्सा आ चुका है। राजधानी लौटकर उनकी मुस्कान भी वापस आ जाती है। चुनावी सीजन में मंत्रीजी अपने क्षेत्र में एक्टिव हैं। श्रीमाधोपुर के जालपाली में उन्होंने भूमि पूजन किया। यहां वे सरकारी कॉलेज की बिल्डिंग की सौगात दे रहे हैं। इसी कार्यक्रम में उनके काफिले में शामिल एक पुलिस वैन बंद पड़ गई। पुलिस वालों की शामत। मंत्रीजी कार्यक्रम में बिजी रहे और उधर पुलिस अधिकारी-कर्मचारी गाड़ी स्टार्ट करने की मशक्कत करते रहे। उमस में पुलिस वालों ने खूब पसीना बहाया, लेकिन गाड़ी स्टार्ट होने को तैयार नहीं। आखिर पुलिस वालों ने जनता की मदद ली। सभी लोग जुट पड़े और कार को धक्का लगाया। गनीमत रही कि कार मंत्रीजी के फ्री होने से पहले स्टार्ट हो गई। स्टार्ट होती कैसे नहीं। मंत्रीजी गांव को बहुत कुछ दे गए। पब्लिक को धक्का ही तो देना है। चुनावी वैतरणी भी इसी विधि से पार होती है। 3. SHO साहब को ‘पदक’ मिलना चाहिए उनका नाम सुखराम चौधरी है। वे जयपुर के करणी विहार थाने के इंचार्ज हैं। और आपको जानकारी न हो तो यह बहुत बड़ा पद है। इस पद पर बैठा व्यक्ति रात 3 बजे शहर में घूमने वाले नागरिकों को मोटा कहकर बुला सकता है। सवाल करने पर उंगली दिखाकर सामने वाले को यकीन दिला सकता है कि उसकी बॉडी वाकई शेमिंग लायक है। इंचार्ज साहब का एक वीडियो तेजी से घूम रहा है। खुद पर्सनल कार से सिविल ड्रेस में घूम रहे हैं। दूसरे युवक से पूछ रहे हैं- ओ मोटे यहां क्या कर रहा है। युवक ने तुरंत मोबाइल नामक हथियार निकाला और पूछा- आपने मोटा किसे कहा? शर्मिंदा होने के बजाय साहब ने जवाब दिया- तुझे कहा। युवक बोला- क्यों कहा? साहब का उत्तर- रात में 3 बजे यहां क्यों घूम रहे हो? युवक जिरह करने लगा- आप भी तो घूम रहे हैं। साहब के तेवर टाइट रहे- मैं तो थाना इंचार्ज हूं। 24 घंटे अपने इलाके में घूम सकता हूं। जरूरी नहीं कि वर्दी में ही घूमूं। अब तक युवक डाउन पड़ गया। हुकुम-हुकुम करते हुए वह बिना फीते के अपना रास्ता नापने लगा। 4. चलते-चलते.. सामने से मंत्रीजी आ रहे हों तो अफसर को कन्नी काटकर निकल जाना चाहिए। मंत्रीजी से पंगा लेने का एक ही हश्र होता है- तबादला। अलवर में मंत्रीजी महिला अधिकारियों से परेशान हैं। ये नियम से चलकर धौंस दिखाती हैं। ऐसे लोग अखरते हैं। मंत्रीगण पब्लिक की सेवा के बारे में सोचते हैं। इसलिए वे नियम का पुलिंदा बनाकर टांड पर रख देते हैं। उसी पुलिंदे को अफसर उतारकर शेखी बघारते हैं। दो महीने पहले लखनऊ (यूपी) में एक कांड हो गया। कोचिंग में आग लग गई। प्रदेश के सभी कोचिंग चेक होने लगे। अलवर के भी हुए। यूआईटी सचिव मैडम ने धड़ाधड़ उन कोचिंग-लाइब्रेरी को सील कर दिया, जिनके पास फायर एनओसी नहीं थे, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक थे। कोचिंग संचालक मंत्रीजी के पास भागे। मंत्रीजी ने आदेश दिया- सील उतारकर फेंक दो। सचिव मैडम अड़ गई। सील नहीं उतारी गई। दूसरे दिन कमिश्नर साहब ने सील उतार फेंकी। कोचिंग खुल गए, लेकिन सचिव मैडम पर मंत्रीजी की नजर टेढ़ी हो गई। अब उन्हें अलवर से उठाकर बीकानेर भेज दिया गया है। अब आप बताइये अगला नंबर किसका है। जानने वाले लोग एक स्वर में बोलेंगे- कलेक्टर साहिबा का। क्यों? क्योंकि कलेक्टर साहिबा ने जिला प्रमुख साहब को मीटिंग से बाहर कर दिया था। सफाईकर्मियों को नियुक्ति लेटर नहीं दिए थे। मंत्रीजी को धरने पर बैठना पड़ा। जुबान भी मैली करनी पड़ी। एक्सपर्ट लोग कहते हैं कि अगली लिस्ट में कलेक्टर साहिबा का नाम हो तो हैरान मत होना। इनपुट सहयोग- विजय कुमार (बाड़मेर), मुकेश नवहाल (श्रीमाधोपुर, सीकर), धर्मेंद्र यादव (अलवर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



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भोजपुर में छत से गिरकर युवक की मौत: खाना खाने के बाद सोने गया था, लकड़ी की सीढ़ी से उतरने के दौरान पैर फिसला – Bhojpur News




भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में छत से गिरकर एक राजमिस्त्री की मौत हो गई। इलाज के दौरान सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव के रहने वाले 47 साल के जय प्रकाश राम के रूप में हुई है। मृतक के चचेरे भाई बलराम राम ने बताया कि सोमवार की देर रात वे खाना खाने के बाद छत पर सोने गए थे और छत पर जाने के लिए लकड़ी का सीढ़ी लगा हुआ है। इसी बीच जब वह लघुशंका करने के लिए छत से उतर रहे थे। तभी उनका पैर फिसल गया और वह छत से गिर पड़े। बलराम राम ने बताया कि लकड़ी की सीढ़ी से उतरने के दौरान पैर फिसलने से गिरे जय प्रकाश राम गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमार्टम के ही घर ले गए शव बलराम राम ने बताया कि अस्पताल में जयप्रकाश राम की मौत के बाद बिना पोस्टमॉर्टम के हम लोग शव को लेकर घर पहुंचे। मृतक अपने पांच भाई व तीन बहन में चौथे स्थान पर थे। उनके परिवार में पत्नी व दो पुत्र विकास कुमार, अभिषेक कुमार एवं एक पुत्री पूजा देवी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उनकी पत्नी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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विधवा व तलाकशुदा पुत्री को केंद्रीय तिथि से पारिवारिक पेंशन की मांग – Khandwa News



खंडवा| पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (वित्त) को पत्र भेजकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 2026 के नियम 44 के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की ओर ध्यान दिलाया। एसोसिएशन ने मांग की कि पेंशनर की अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप लागू किया जाए। जिलाध्यक्ष अरुण सोनी ने कहा कि नियम 44 में लाभ की तिथि 1 अप्रैल 2026 तय है, जिससे पात्र महिलाओं को लाभ मिलने में देरी होगी। एसोसिएशन ने तिथि को केंद्र के समान करने की मांग की।



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भास्कर अपडेट्स: एयर इंडिया ने सभी पायलटों की ड्रग टेस्टिंग शुरू की; फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे के बाद फैसला


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3 घंटे पहले

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फुकेट-दिल्ली फ्लाइट घटना के बाद एयर इंडिया ने सभी पायलटों की ड्रग टेस्टिंग शुरू की है। एयरलाइन ने मंगलवार को कहा कि यह जांच मौजूदा नियामकीय नियमों से आगे बढ़कर की जा रही है। इसका उद्देश्य सुरक्षा और पेशेवर मानकों को और मजबूत करना है।

यह जांच 4 अगस्त को हुई फुकेट-दिल्ली फ्लाइट घटना के बाद शुरू की गई है।दरअसल, भुवनेश्वर के पास से गुजरते समय फ्लाइट में अचानक टर्बुलेंस जैसे हालात बने थे, जिसके चलते यह करीब 300 फीट नीचे आ गई थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद पायलट (कैप्टन) के दो ड्रग्स टेस्ट किए गए थे, जिनमें दोनों पॉजिटिव आए। दूसरे टेस्ट में गांजा लेने की पुष्टि हुई थी। फ्लाइट में सवार एक यात्री ने भी आरोप लगाया था कि पायलट नशे में था।

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नगा शांति कार्यकर्ता निकेतु इरालु का निधन, 91 की उम्र में ली अंतिम सांस; नागालैंड में शांति प्रयासों के लिए थे मशहूर

नगा शांति कार्यकर्ता और सुलह के लिए काम करने वाले निकेतु इरालु का मंगलवार को दिल्ली में निधन हो गया। परिवार के मुताबिक, वह लंबे समय से बीमार थे और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। दिल का दौरा पड़ने से 91 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई।

कई लोग उन्हें प्यार से अंकल निकेतु कहते थे। वह नागालैंड और पूर्वोत्तर में शांति, मेल-मिलाप और आपसी विश्वास कायम करने की कोशिशों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने छह दशक से ज्यादा समय तक राजनीतिक, सामाजिक और जातीय मतभेदों को कम करने और संवाद के जरिए लोगों को जोड़ने के लिए काम किया।

इरालु फोरम फॉर नागा रिकंसिलिएशन (FNR) से जुड़े थे। यह संगठन नागा समूहों के बीच मेल-मिलाप के लिए काम करता है। वह नागा रिकंसिलिएशन कमीशन के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने विभिन्न नागा राजनीतिक और सामाजिक समूहों के बीच बातचीत और सुलह की कोशिशों में अहम भूमिका निभाई।

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ट्रम्प बोले-ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी होगी बातचीत: नेगोसिएटिंग टीम से वार्ता रोकने को कहा; होर्मुज को लेकर तनाव जारी




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेगोसिएटिंग टीम से ईरान के साथ वार्ता रोकने को कहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने यह फैसला तब तक के लिए लिया है, जब तक तेहरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रम्प ने आगे की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया। ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया था। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा- नया अमेरिकी क्षेत्र ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक पोस्ट किया, जिसके ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा था। इस मैप में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री इलाका दिखाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और UAE के हिस्से भी नजर आ रहे थे। ट्रम्प बोले- होर्मुज में नाकाबंदी जारी ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज को लेकर कहा कि वहां अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है। होर्मुज खुला है और वहां आवाजाही जारी है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के अपना वादा पूरी करने तक ईरान होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा। ट्रम्प के कहने से होर्मुज अमेरिका का हिस्सा हो जाएगा? सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। इसलिए इस पर सिर्फ किसी एक देश का अधिकार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के जहाजों को इस रास्ते से आने-जाने का अधिकार है। इसी वजह से कोई भी देश सिर्फ अपने दम पर इस समुद्री मार्ग पर कब्जे का दावा नहीं कर सकता। इसलिए ट्रम्प का मैप एक राजनीतिक दावा या मैसेज माना जा सकता है, लेकिन इससे अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर अपने आप कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौते में किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा। ————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…



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सिविल अस्पताल से मरीज को निजी अस्पताल ले गए दलाल: इलाज के नाम पर 60 हजार वसूली, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई – Lucknow News




लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर हुई बुजुर्ग महिला के ट्रॉमा पहुंचने से पहले तीमारदार के नंबर पर फोन पहुंच गया। निजी अस्पताल के दलाल ने सरकारी में इलाज न मिलने की बात कहते हुए पति को डराया। मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर ट्रॉमा के पास स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां पर इलाज के नाम पर उगाही हुई। आखिर में मरीज की जान चली गई। पति ने मरीज के पैरों से पायल और बिछिया भी गायब होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई। पीड़ित की शिकायत को कचरे के डिब्बे में डालकर दबा दिया गया। बुजुर्ग न्याय के लिए भटक रहा है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही। ये था पूरा मामला चारबाग निवासी विश्वनाथ पांडेय 21 जून को दोपहर ढाई बजे अपनी पत्नी पार्वती देवी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ले गए थे। ईएमओ ने विशेषज्ञ न होने की बात कहकर ट्रॉमा रेफर किया। ट्रॉमा पहुंचने से पहले ही सिविल की इमरजेंसी से तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। दलाल ने विश्वनाथ पांडेय को फोन करके सरकारी में इलाज न मिलने की बात कही। मरीज को सस्ता व बेहतर इलाज का झांसा देकर उसे यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां भर्ती, दवा और जांच के नाम पर करीब 60 हजार रुपये वसूले गए। पति विश्वनाथ का आरोप है भर्ती के समय पत्नी के पैरों में पहनी दो पायल और बिछिया गायब मिले। विश्वनाथ का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर दलाल ने जान से मारने की धमकी दी। इससे उनका परिवार डरा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई थी। करीब दो माह बीतने के बाद भी अभी तक सीएमओ के स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है जांच के नाम पर सिर्फ नाटक चल रहा है। पीड़ित ने सीएमओ को कठघरे में खड़ा करते हुए सांठगांठ का आरोप लगाया है। मांगा जाएगा जवाब लखनऊ सीएमओ डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में अभी मामले की जानकारी नहीं है। पीड़ित संग ऐसी घटना हुई तो संबंधित अस्पताल से जवाब तलब करके कार्रवाई होगी। जांच के आधार पर होगी कार्रवाई सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी से मरीज के निकलते ही तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। यह गंभीर मसला है। इस दलाली में जो भी डॉक्टर व कर्मचारी शामिल होंगे उनकी जांच करके कार्रवाई होगी।



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दिल्ली में 26 अगस्त से लक्ष्मी योजना का औपचारिक शुभारंभ: 1 सितंबर से खातों में आएगी 2,500 रुपये की सहायता – New Delhi News




दिल्ली सरकार लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ 26 अगस्त को करेगी। इसके लिए तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पात्र महिलाओं को योजना से संबंधित आधिकारिक पत्र सौंपे जाएंगे। वहीं, 1 सितंबर से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सचिवालय में योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा और जिला स्तरीय समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना शुरू होने के 18 दिनों में करीब 8 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 5 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा हो चुके हैं। 1 अगस्त से प्रभावी योजना के तहत दिल्ली के कम आय वाले परिवारों की 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन पूरे वर्ष दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
अपात्र मिलने पर बंद होगी सहायता, राशि भी वसूली जाएगी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना में पात्रता को लेकर कड़े प्रावधान किए हैं। अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों की पात्रता की लगातार निगरानी की जाएगी। जांच में किसी भी स्तर पर महिला अपात्र पाई जाती है तो उसकी सहायता तत्काल बंद कर दी जाएगी। पहले जारी की गई राशि की वसूली भी की जाएगी। गलत जानकारी या धोखाधड़ी सामने आने पर कानूनी अथवा प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
मृत्यु पर तुरंत रुक जाएगा भुगतान
दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके सीबीडीसी वॉलेट में राशि का भुगतान तत्काल रोक दिया जाएगा। आरडी या एफडी खाते में जमा राशि और अर्जित ब्याज कानूनी उत्तराधिकारी को दिया जाएगा। मृत्यु के दो साल के भीतर दावा नहीं करने पर राशि सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। योजना से 1500 रुपए आरडी/एफडी में होंगे जमा योजना के तहत डिफॉल्ट रूप से 2,500 रुपये में से 1,500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जमा होंगे, जबकि 1,000 रुपये लाभार्थी के बैंक खाते से जुड़े सीबीडीसी वॉलेट में भेजे जाएंगे। आरडी/एफडी राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन अवधि लागू रहेगी। लाभार्थी चाहें तो पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी या एफडी में जमा करा सकती हैं।



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केन-बेतवा प्रोजेक्ट के आंदोलनों पर सरकार की सफाई: अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजे का भुगतान हुआ, आंदोलनों में बाहरी तत्व शामिल – Bhopal News




केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परियोजना और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। जल शक्ति मंत्रालय से जारी पीआईबी के प्रेस नोट में कहा है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास लाभ नहीं मिलने के आरोप गलत और भ्रामक हैं। सरकार के मुताबिक अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिल चुका है, जबकि कुछ मामलों में केवल कागजी औपचारिकताएं बाकी हैं। आंदोलन को लेकर सरकार का जवाब प्रेसनोट में कहा है कि केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में जनजातीय परिवारों के बिना मुआवजे विस्थापन के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके विरोध में ‘चिता आंदोलन’, ‘फांसी प्रदर्शन’ और ‘जल सत्याग्रह’ जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रदर्शनों में उठाए जा रहे मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े आरोप वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। 5039 प्रभावित परिवारों के लिए ₹590.74 करोड़ का भुगतान सरकार के अनुसार पुनर्वास के लिए कुल 5,039 प्रभावित परिवारों की पहचान की गई है। इनके लिए ₹629.87 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है, जिसमें से ₹590.74 करोड़ यानी 93.78 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पात्र परिवारों को लाभ से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए भूमि रिकॉर्ड का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। कृषि भूमि के मुआवजे में 88.85% राशि बांटी पीआईबी के मुताबिक जुलाई 2026 तक 10,913 प्रभावित लोगों के कृषि भूमि मुआवजे के लिए ₹360.66 करोड़ तय किए गए। इसमें से ₹320.45 करोड़ यानी 88.85 प्रतिशत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं मकान और अन्य आवासीय परिसंपत्तियों के लिए ₹149.63 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 93.97 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है। जमीन के लिए ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा सरकार ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया 2013 के कानून तथा मध्यप्रदेश सरकार के 13 सितंबर 2023 को स्वीकृत विशेष पुनर्वास पैकेज के अनुसार की जा रही है। अधिगृहीत जमीन के लिए कानून के अनुसार निर्धारित मुआवजा अथवा ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर, जो भी अधिक हो, दिया जा रहा है। मकान, पेड़, कुएं, ट्यूबवेल और दूसरी अचल परिसंपत्तियों का मुआवजा भी नियमानुसार निर्धारित किया जा रहा है। प्लॉट नहीं लेने पर ₹12.50 लाख की सहायता पुनर्वास पैकेज के तहत पात्र परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹6.50 लाख दिए जा रहे हैं। जो परिवार प्लॉट का विकल्प नहीं लेते, उन्हें एकमुश्त ₹12.50 लाख की सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पात्र एससी-एसटी परिवारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है। करौंदिया में लगाया गया विशेष शिविर सरकार ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए करौंदिया में विशेष शिविर लगाए जाने की जानकारी भी दी है। इसमें पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा, गरीबी रेखा, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं से जुड़े आवेदनों को मंजूरी दी गई। शिविर में 178 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं, आयुष दवाओं का वितरण हुआ, हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मैपिंग तथा पुस्तकों के वितरण का काम किया गया। सरकार के मुताबिक पिछले दस दिनों में ही 86 प्रभावित लोगों के लिए ₹10.42 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार बोली- प्रदर्शनों में बाहरी तत्व शामिल पीआईबी के प्रेस नोट में सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक और गंभीर दावा किया है। सरकार का कहना है कि हाल के प्रदर्शनों में शामिल लोगों के नाम परियोजना से प्रभावित परिवारों, भू-अभिलेखों या मुआवजा रजिस्टर में नहीं हैं। सरकार ने इन गतिविधियों को मुख्य रूप से बाहरी तत्वों द्वारा परियोजना को लेकर भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश बताया है। परियोजना से 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई का दावा सरकार ने परियोजना के फायदे भी गिनाए हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना को नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के तहत देश की पहली प्रमुख नदी जोड़ो परियोजना बताया गया है। इसके जरिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में पहुंचाने की योजना है। सरकार के मुताबिक इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, करीब 62 लाख लोगों को पेयजल और 103 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन का लाभ मिलेगा। परियोजना की अनुमानित लागत ₹44,604.99 करोड़ है और जुलाई 2026 तक ₹12,445.85 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।



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