Sunday, August 23, 2026
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झुंझुनू की गणपति रॉकिंग स्टार बनी चैंपियन: मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता जीती – Didwana-Kuchaman News




डीडवाना के राजकीय खेल स्टेडियम में मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। फाइनल मुकाबले में गणपति रॉकिंग स्टार झुंझुनू ने जयपुर टाइगर्स गंगानगर को हराकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 16 टीमों ने भाग लिया था। फाइनल मुकाबले में जयपुर टाइगर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 15 ओवर में 127 रन बनाए और ऑलआउट हो गई। जवाब में, गणपति रॉकिंग स्टार की टीम ने 13.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 128 रन बनाकर मैच जीत लिया। झुंझुनू टीम के खिलाड़ी सौरभ को फाइनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्हें पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के खिताब से भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में समाज के पदाधिकारियों और अतिथियों ने विजेता तथा उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्हें ट्रॉफी, स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार के चेक प्रदान किए गए। प्रतियोगिता को सफल बनाने में योगदान देने वाले समाज के बुजुर्गों, वरिष्ठजनों और भामाशाहों को भी दुपट्टा एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान के विभिन्न जिलों और उपखंडों से मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रतियोगिता का समापन खेल भावना के साथ हुआ, जिससे समाजजनों में संतोष का माहौल देखा गया।



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हरदोई में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित: आबकारी मंत्री ने 20 रसोइयों को बांटे प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड और चेक – Hardoi News




हरदोई में रविवार को परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शहर के गांधी भवन में दोपहर 12 बजे हुए ‘रसोइया सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम’ में प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच से 20 रसोइयों को सम्मानित करते हुए प्रतीकात्मक चिकित्सा कार्ड और चेक वितरित किए। यह समारोह प्रदेश सरकार द्वारा रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने रसोइयों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रसोइयों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं।
इस दौरान कुल 20 रसोइयों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इनमें से 10 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड और शेष 10 को चेक प्रदान किए गए। कैशलेस कार्ड प्राप्त करने वाली रसोइयों में नगर क्षेत्र हरदोई से नन्ही देवी (प्राथमिक विद्यालय जलाखरपुरवा), धीरा सिंह (उच्च प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज), मधू (उच्च प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज) और साधना देवी (प्राथमिक विद्यालय जलाखरपुरवा) शामिल थीं। इसके अतिरिक्त टडियावां से रामकुमार गौतम (प्राथमिक विद्यालय नानकगंज), सुरसा से जयश्री (प्राथमिक विद्यालय सोहनपुरवा) व चम्पा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय नयागांव मुबारकपुर), अहिरोरी से छुटुकुन्ना (प्राथमिक विद्यालय मोना), तथा हरियावां से राधिका (पूर्व माध्यमिक विद्यालय नयागांव मुबारकपुर) व रामवती (प्राथमिक विद्यालय रमपुरा) को भी कार्ड मिले।
चेक प्राप्त करने वाली रसोइयों में नगर क्षेत्र हरदोई से किरन गौड (संविदा विद्यालय बहरा सौदागर), गुड्डी (प्राथमिक विद्यालय ऊंचाथोक), सुमन मिश्रा (प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर) और राम दुलारी (प्राथमिक विद्यालय कन्या रेलवेगंज) शामिल थीं। बावन विकासखण्ड से कमला, नन्ही, बीना (तीनों प्राथमिक विद्यालय बावन अंग्रेजी माध्यम), ऊषा देवी (कन्या प्राथमिक विद्यालय महोलिया शिवपार), रमाकांती (उच्च प्राथमिक विद्यालय धियर महोलिया) और टड़ियावां से राधा (संविदा विद्यालय चांद बेहटा) को चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, सीडीओ नेहा ब्याडवाल, सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार, डीआईओएस अरविंद कुमार पाठक और बीएसए प्रभात मिश्रा सहित कई अधिकारी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



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किशनगंज में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर शांति समिति की बैठक: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई, प्रशासन ने सौहार्द बनाए रखने की अपील की – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में आगामी ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से किशनगंज थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी, शांति समिति के सदस्य और शहर के गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस के रूट, समय, डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग, साफ-सफाई, बिजली, पानी और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी नजर अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलूस के दौरान कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे दूसरे समुदाय की भावना को ठेस पहुंचे। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति समिति के सदस्यों ने पर्व को भाईचारे के साथ मनाने का आश्वासन दिया और अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म का पवित्र दिन है, जिसे सभी मिलकर मनाएंगे। प्रशासन ने अंत में सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील दोहराई।



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दमोह के हटा से 12वीं कांवड़ यात्रा शुरू: सैकड़ों शिवभक्त बांदकपुर के लिए रवाना; होगा शिवलिंग का जलाभिषेक – Damoh News




दमोह जिले के हटा में रविवार दोपहर 12वीं ‘जय हिन्दू राष्ट्र’ कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। सैकड़ों शिवभक्त ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए प्रसिद्ध तीर्थस्थल बांदकपुर के लिए रवाना हुए। यह कांवड़ यात्रा पिछले 11 वर्षों से सावन माह में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली जा रही है। यात्रा की शुरुआत हटा के पुरानी मछरयाई क्षेत्र स्थित शंकरजी के चबूतरा और मां विंध्यवासिनी मंदिर से हुई। यह हटा के तीन बत्ती तिराहा, पेट्रोल पंप, अंधियारा बगीचा और दमोह नाका होते हुए आगे बढ़ी। कांवड़िए रुसल्ली, सोजना, कुड़ाई, देवडोंगरा और हिंडोरिया से होते हुए शाम तक बांदकपुर पहुंचेंगे। वहां शिवभक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। श्रावण माह के दौरान जिले के कई अन्य स्थानों से भी कांवड़ यात्राएं जागेश्वर धाम बांदकपुर पहुंच रही हैं।



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बांग्लादेश बोला- हमारे PM को भारत दौरे की जल्दबाजी नहीं: मंत्री ने कहा- भारत से अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रीय हित से समझौता नहीं करेंगे




बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान के भारत दौरे को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।

हुमायूं कबीर ने कहा कि प्रधानमंत्री के भारत दौरे का फैसला दोनों देशों के बीच बातचीत और जरूरी तैयारियों के बाद होगा। द्विपक्षीय दौरे के लिए भारत ने किया आमंत्रित भारत ने तारिक रहमान को द्विपक्षीय दौरे के लिए आमंत्रित किया है। उन्हें 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS समिट के आउटरीच सेशन में शामिल होने का न्योता भी मिला है। यह दौरा भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते सुधारने के लिए अहम माना जा रहा है। 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ा हुआ है। शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा बांग्लादेश

शेख हसीना सत्ता से हटने के बाद भारत आ गई थीं। बांग्लादेश लगातार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है। कबीर ने कहा कि हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी दोनों देशों के बीच जारी बातचीत का हिस्सा है। हाल ही में हसीना के भारत से दिए गए बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ा दिया। खबर अपडेट की जा रही है…



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केरल के फेमस पुलिश्शेरी का स्वाद घर पर पाएं, जानें ओणम स्पेशल आसान रेसिपी

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Kerala-Style Pulissery Recipe: केरल के पारंपरिक खाने को उसकी सादगी, खुशबूदार मसालों और खास स्वाद के लिए दुनिया भर में पसंद किया जाता है. यहां कई तरह के पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं, खासकर ओणम साद्या के दौरान, और इनमें पुलिस्सेरी का एक खास स्थान है. दही और नारियल से बनी यह डिश स्वादिष्ट और खुशबूदार होती है, और इसका स्वाद हल्का खट्टा होता है। इसे आमतौर पर चावल के साथ परोसा जाता है. अगर आप घर पर ही केरल के असली स्वाद का अनुभव करना चाहते हैं, तो आप पुलिस्सेरी की इस आसान रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं…

पुलिसेरी के लिए सामग्री
2 कप खट्टा दही, 1 कप कद्दूकस किया हुआ नारियल, 1-2 हरी मिर्च, आधा चम्मच जीरा, आधा चम्मच हल्दी पाउडर, नमक और ज़रूरत के अनुसार पानी चाहिए होगा. इस डिश में केले, कच्चे आम या और नारियल जैसी चीज़ें भी डाली जा सकती हैं. तड़के के लिए, 1 चम्मच नारियल का तेल, आधा चम्मच राई, एक चुटकी मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता लें.

नारियल का पेस्ट तैयार करें
कद्दूकस किया हुआ नारियल, हरी मिर्च और जीरा मिक्सर जार में डालें. थोड़ा पानी डालकर चिकना पेस्ट बना लें. ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत ज़्यादा पतला न हो.

सब्ज़ी या फल को पकाएं
अगर आप केले या दूसरी चीज़ों से पुलिसेरी बना रहे हैं, तो उन्हें छोटे टुकड़ों में काट लें. उन्हें एक पैन में थोड़ा पानी, हल्दी पाउडर और नमक के साथ नरम होने तक पकाएं. ध्यान रखें कि वे इतने ज़्यादा न पक जाएं कि उनका आकार ही बिगड़ जाए. अब, तैयार नारियल का पेस्ट डालें और धीमी आंच पर कुछ मिनट तक पकाएं. मिश्रण में ज़ोरदार उबाल न आने दें.

दही मिलाएं
एक कटोरे में दही को अच्छी तरह फेंट लें. आंच को सबसे कम कर दें, पैन में दही डालें और लगातार चलाते रहें. दही डालने के बाद मिश्रण में तेज़ उबाल न आने दें, क्योंकि इससे दही फट सकता है और पुलिसेरी का टेक्सचर खराब हो सकता है. स्वादानुसार नमक मिलाएं और आंच बंद कर दें.

खुशबूदार तड़का लगाएं
एक छोटे पैन में नारियल का तेल गर्म करें. राई डालें. जब वे चटकने लगें, तो मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च और करी पत्ता डालें. कुछ सेकंड तक भूनें और इस तड़के को तैयार पुलिसेरी के ऊपर डालें.

चावल के साथ परोसें
पुलिसेरी को पारंपरिक रूप से गर्म चावल के साथ परोसा जाता है. ओणम साद्य (दावत) के दौरान, इसे केले के पत्ते पर दूसरी पारंपरिक सब्ज़ी वाली डिश के साथ परोसा जाता है. इसका खट्टा, हल्का तीखा और नारियल वाला स्वाद साधारण चावल को भी एक खास खाने में बदल देता है.



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पति पर हमले से पहले पत्नी ने CCTV बंद किया: फिर भाइयों को बुलाकर पिटवाया; दिल्ली में सॉफ्टवेयर इंजीनियर मौत मामले में 4 आरोपी गिरफ्तार




दिल्ली के निहाल विहार में 31 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की मौत मामले में नए खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया कि 21 अगस्त को घटना से पहले विनय की पत्नी रेखा ने घर के अंदर लगा CCTV कैमरा बंद कर दिया था। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद रेखा के भाई और भाभी घर पहुंचे और विनय के साथ मारपीट की। गंभीर रूप से घायल विनय ने अस्पताल जाते समय दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में रेखा समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। विनय लक्ष्मी पार्क के रहने वाले थे और नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। करीब साढ़े तीन साल पहले उनकी शादी 31 साल की रेखा से हुई थी। दोनों के चार महीने के जुड़वां बच्चे हैं। बच्चे को दवा लगाने को लेकर हुआ था विवाद पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार सुबह विनय ने पत्नी से उनके बेटे के शरीर पर हुए छालों पर दवा लगाने को कहा था। रेखा के मना करने पर दोनों में बहस हुई। इसके बाद रेखा घर से निकल गई और अपने भाई राजू, वेदप्रकाश और भाभी पूनम को बुलाया। पिता बोले- बहू के रिश्तेदारों ने कहा था बात करने आए हैं विनय के पिता प्रेमचंद और मां रेणु गुप्ता उसी घर में रहते हैं, जहां विनय की हत्या हुई। पिता प्रेमचंद के मुताबिक, रेखा के रिश्तेदारों ने कहा था कि वे विनय से बात करने आए हैं। वह उनके लिए पानी लेने अंदर गए। वापस लौटे तो बेटे के साथ मारपीट हो रही थी। उनकी पत्नी ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उसकी बात नहीं मानी। मां बोली- बेटे की गर्दन पकड़कर पेट में लात-घूंसे मारे विनय की मां के मुताबिक, वह और उनके पति रेखा के मायके वालों से बार-बार कहते रहे कि बेटे को मत मारो और शांति से बात करो, लेकिन उन्होंने बिल्कुल नहीं सुनी। मां के मुताबिक, आरोपियों ने उनके बेटे को जमीन पर धक्का दिया, बेड पर पटका और गर्दन पकड़कर पेट में लात-घूंसे मारे। बचाने के दौरान उन्हें भी धक्का दिया। विनय की मां बचाव के लिए पड़ोसियों को बुलाने बाहर गईं और लौटकर आईं तो विनय गंभीर हालत में था। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। पत्नी, उसके दोनों भाई और भाभी गिरफ्तार पुलिस ने बताया कि इस मामले में रेखा, राजू, वेदप्रकाश और पूनम को गिरफ्तार किया गया है। निहाल विहार पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या और धारा 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी CCTV फुटेज के साथ पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों के बयान भी देख रहे हैं। इनसे घटना का पूरा क्रम पता करने की कोशिश की जा रही है। मामले की आगे की जांच जारी है। ———————— यह खबर भी पढ़ें… लखनऊ में SBI कर्मी ने बैंक मैनेजर पत्नी की हत्या की, फिर बहन को मारकर खुदकुशी की लखनऊ में SBI के फील्ड ऑफिसर ने बैंक रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी और अपनी बहन की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर खुद भी गोली मारकर जान दे दी। पूरी वारदात को उसने प्लानिंग करके अंजाम दिया। पूरी खबर पढ़िए



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विधानसभा अध्यक्ष का राष्ट्रगान के दौरान जाने का VIDEO: उन्नाव दौरे पर संवैधानिक पद की गरिमा पर उठे सवाल – Unnao News




उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के उन्नाव दौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर देखा जा रहा है। इसमें उन्हें राष्ट्रगान के दौरान कार्यक्रम स्थल से बाहर जाते देखा जा रहा है। यह घटना शनिवार शाम उन्नाव के एसवीएम स्कूल, पूरन नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि राष्ट्रगान बजना शुरू होते ही महाना मंच से निकल जाते हैं, जबकि राष्ट्रगान जारी रहता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके राष्ट्रगान के सम्मान और संवैधानिक पद की गरिमा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया है कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से राष्ट्रगान के दौरान निर्धारित मर्यादा और प्रोटोकॉल का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। कुछ यूजर्स ने इसे राष्ट्रगान के सम्मान से जोड़ते हुए आपत्ति जताई है।हालांकि, वीडियो को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि कार्यक्रम में राष्ट्रगान किस चरण में बजाया गया और उस समय विधानसभा अध्यक्ष के बाहर जाने की वास्तविक परिस्थिति क्या थी। दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। राष्ट्रगान देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है, और इसके दौरान सम्मानपूर्वक सावधान मुद्रा में खड़े रहने की अपेक्षा की जाती है। विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक रूप से महत्वपूर्ण है, और उनके आचरण पर लोगों की नजर रहती है। ऐसे में यह दृश्य स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। जनप्रतिनिधियों से राष्ट्रगान और संविधान के सम्मान की अपेक्षा की जाती है, और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के आचरण से भी वही संदेश जाना चाहिए। हालांकि, वायरल वीडियो में केवल एक हिस्सा दिखाई दे रहा है। इसलिए राष्ट्रगान के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के कार्यक्रम स्थल से जाने के पीछे की पूरी परिस्थिति स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष या उनके कार्यालय की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।



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फर्जी फसल बटाईदार बनकर 2.89 लाख का बीमा क्लेम उठाया: SOG ने इंश्योरेंस कंपनी के क्लस्टर हेड समेत 3 को पकड़ा, 5 घंटे पूछताछ; 2 नई FIR – Nagaur News




फसल बीमा घोटाले में SOG की बड़ी कार्रवाई: इंश्योरेंस कंपनी के क्लस्टर हेड समेत 3 हिरासत में, 5 घंटे पूछताछ; 2 नई FIR नागौर जिले में करोड़ों रुपए के कथित फर्जी फसल बीमा घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। एसओजी और एसआईटी की टीम ने शनिवार को नागौर में कार्रवाई करते हुए इंश्योरेंस कंपनी के तत्कालीन जिला कोऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी, क्लस्टर हेड आदित्य पाटोदिया और विनीत कुमार दुबे को हिरासत में लिया। तीनों से करीब 5 घंटे तक पूछताछ की गई। इसी कार्रवाई के दौरान पांचौड़ी और रोल थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के जरिए फसल बीमा क्लेम उठाने के दो नए मामले भी दर्ज किए गए हैं। जांच के दौरान एसओजी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी के तत्कालीन जिला कोऑर्डिनेटर अक्षय तिवारी निवासी भूरियासनी, क्लस्टर हेड आदित्य पाटोदिया निवासी मेड़ता सिटी और विनीत कुमार दुबे को हिरासत में लिया। टीम ने तीनों से फसल बीमा पॉलिसियों, सर्वे और क्लेम से जुड़े दस्तावेजों को लेकर पूछताछ की। जांच में फर्जीवाड़े के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की बात कही जा रही है। पूछताछ के आधार पर एसओजी दस्तावेज और डिजिटल डेटा जुटाने में लगी है। फर्जी बटाईदार बनकर 2.89 लाख रुपए का क्लेम उठाने का आरोप श्रीबालाजी थाना क्षेत्र के चाऊ गांव में किसान रामाकिशन जाट (61) ने शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि उनकी सहखातेदारी की जमीन पर आरोपियों ने फर्जी बटाईदार बनकर खरीफ 2021 की मूंग फसल का बीमा कराया। इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और कुल 2,89,841 रुपए का बीमा क्लेम उठा लिया गया। शिकायत में ओमप्रकाश पुत्र जेठाराम, प्रेमप्रकाश पुत्र जोधाराम, इंदिरा पत्नी प्रेमप्रकाश और जेठाराम पुत्र देवाराम के साथ इंश्योरेंस कंपनी के तहसील कोऑर्डिनेटर विष्णु दाधीच और हरेन्द्र लोयल को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि एक पॉलिसी में 1,20,030 रुपए और दूसरी पॉलिसी में 1,69,881 रुपए का क्लेम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराया गया। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। 6 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज श्रीबालाजी थाना पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज किसने तैयार किए और बीमा कंपनी की प्रक्रिया में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई। गोठ में भी फर्जी दस्तावेज से बीमा कराने का मामला रोल थाना क्षेत्र के ग्राम गोठ में भी फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन का फसल बीमा करवाकर राशि हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़ित विजय सिंह बांजारा ने पुलिस को रिपोर्ट दी है कि उसके पिता खीयाराम के नाम दर्ज पुश्तैनी जमीन का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 का बीमा कराया गया। रिपोर्ट के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी स्टाम्प, कूटरचित दस्तावेज और जाली दस्तखत का इस्तेमाल कर खुद को बटाईदार बताया और जमीन का अनधिकृत रूप से बीमा करवा लिया। पीड़ित ने जमीन की जमाबंदी और आधार से जुड़े दस्तावेज भी पुलिस को दिए हैं। उसने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। फर्जी पॉलिसी से लेकर क्लेम की रकम तक जांच फसल बीमा घोटाले की जांच में एसओजी और एसआईटी की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है। जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि फर्जी पॉलिसियां किस तरह तैयार की गईं, सर्वे और क्रॉप कटिंग के स्तर पर किस तरह की गड़बड़ी हुई और क्लेम की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंचाई गई। पुलिस अब पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसपी आशाराम चौधरी के अनुसार पिछले 4-5 साल में यदि किसी किसान की जमीन पर फर्जी फसल बीमा पॉलिसी करवाकर क्लेम उठाया गया है और किसान के पास इससे जुड़े दस्तावेज या अन्य सबूत हैं, तो वे पुलिस को उपलब्ध करवाएं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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पूर्व मंत्री के गांव में नदी रोकती बच्चों की पढ़ाई: बारिश में शिक्षक ट्यूब से नदी पार करते, बच्चों की पढ़ाई महीनों प्रभावित; सड़क-पुल मंजूर – Bhind News




भिंड से करीब 15-16 किलोमीटर दूर नदरौली गांव में स्कूल जाने के लिए शिक्षक और बच्चों को नदी पार करनी पड़ती है। बारिश में नदी का बहाव तेज होते ही इसे पैदल पार करना संभव नहीं रहता। ऐसे में ग्रामीणों को ट्यूब या मटके के सहारे नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दौरान स्थिति बिगड़ने पर गांव का संपर्क लगभग पूरी तरह टूट जाता है। शिक्षक कई-कई घंटे नदी किनारे बैठकर पानी का बहाव कम होने का इंतजार करते हैं। कई बार 5-6 दिन तक स्कूल पहुंचना संभव नहीं हो पाता। वहीं आठवीं के बाद पढ़ने के लिए दूसरे गांव जाने वाले बच्चों की पढ़ाई बारिश के दौरान तीन से चार महीने तक प्रभावित होने की बात ग्रामीण बता रहे हैं। नदरौली गांव बबेडी पंचायत के अंतर्गत आता है। गांव तक पहुंचने के लिए कोई प्रमुख पक्की सड़क नहीं है। पराये के पुरा से आगे करीब दो किलोमीटर तक खेतों की मेड़ और कच्चे रास्ते से होकर नदी तक पहुंचना पड़ता है। नदी के दूसरी तरफ नदरौली गांव है। खास बात यह है कि नदरौली पूर्व राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार कुशवाह का पैतृक गांव है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में पक्की सड़क और नदी पर पुल नहीं होने से बारिश में बच्चों की पढ़ाई के साथ पूरे गांव का आवागमन प्रभावित होता है। भास्कर टीम गांव पहुंची, रास्ते में नदी बनी सबसे बड़ी बाधा दैनिक भास्कर की टीम ने नदरौली गांव पहुंचने के रास्ते और नदी के हालात का जायजा लिया। बबेडी पंचायत से होते हुए पराये के पड़ाव के आगे करीब दो किलोमीटर कच्चे रास्ते से नदी तक पहुंचना पड़ता है। नदी में पानी और तेज बहाव के कारण टीम ने भी ग्रामीणों की मदद से नदी पार करने की कोशिश की। हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ट्यूब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि इस समय नदी पार करना जोखिम भरा है। नदी के इस पार कुछ शिक्षक भी पेड़ों की छांव में बैठे मिले। वे स्कूल जाने के लिए नदी का बहाव कम होने का इंतजार कर रहे थे। शिक्षक बोले- रोज ट्यूब से पार करनी पड़ती है नदी शिक्षकों ने बताया कि बारिश के दिनों में स्कूल पहुंचना उनके लिए रोज की चुनौती है। नदी का बहाव कम रहता है तो ग्रामीणों की मदद से ट्यूब पर बैठकर नदी पार करते हैं। पानी बढ़ने पर यह जोखिम और बढ़ जाता है। एक शिक्षक के मुताबिक, कई बार नदी का जलस्तर इतना बढ़ जाता है कि 5-6 दिन तक स्कूल पहुंचना संभव नहीं होता। यदि कोई ग्रामीण ट्यूब लेकर नदी के इस पार आ जाए और नदी पार करा दे, तभी वे स्कूल पहुंच पाते हैं। कई बार ग्रामीण नहीं मिलते तो शिक्षक दो से तीन घंटे तक नदी किनारे बैठे रहते हैं। ई-अटेंडेंस से बढ़ी परेशानी शिक्षकों के मुताबिक स्कूलों में ई-अटेंडेंस लागू होने के बाद परेशानी और बढ़ गई है। स्कूल परिसर में मौजूद रहकर ही हाजिरी दर्ज करनी होती है। लेकिन नदी का बहाव तेज होने पर शिक्षक जान जोखिम में डालकर नदी पार नहीं कर सकते। गांव में नेटवर्क की समस्या भी है। नदी पार करने में देरी और नेटवर्क नहीं मिलने के कारण कई बार समय पर ई-अटेंडेंस नहीं लग पाती। शिक्षकों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। 900 से 1000 आबादी, बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर ग्रामीणों के मुताबिक नदरौली और आसपास के बबेडी-अकोड़ा क्षेत्र में करीब 200 मकान हैं और आबादी करीब 900 से 1000 के बीच है। गांव में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल हैं। प्राथमिक स्कूल में करीब 40, जबकि माध्यमिक स्कूल में करीब 93 विद्यार्थी पढ़ते हैं। आठवीं के बाद करीब 50 से 60 छात्र-छात्राएं नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई के लिए बबेडी पंचायत की ओर जाते हैं। बारिश में नदी का पानी बढ़ने पर इन बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि अभिभावक बच्चों को नदी पार कराने का जोखिम नहीं लेते। इसी वजह से कई बार बच्चों की पढ़ाई तीन से चार महीने तक प्रभावित होती है। ग्रामीण बोले- महिलाओं और जरूरी कामों के लिए भी निकलना मुश्किल गांव के रहने वाले श्रीलाल कुशवाहा ने कहा, “इसी गांव के रहने वाले पूर्व मंत्री राजकुमार कुशवाहा हैं। वे सरकार में मंत्री रहे, तब भी गांव को पक्की सड़क नहीं दिलवा पाए। नदी में पानी बढ़ने पर पुल नहीं है। बच्चे स्कूल नहीं आ-जा सकते। महिलाएं निकल नहीं सकतीं। शिक्षक भी गांव में पढ़ाने नहीं जा पाते हैं। सभी परेशान होते हैं।” ग्रामीणों का कहना है कि समस्या केवल स्कूल आने-जाने की नहीं है। बारिश में नदी बढ़ने के बाद गांव के लोगों के लिए जरूरी कामों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। देवेंद्र सिंह कुशवाह बोले- हाईस्कूल के बच्चों की पढ़ाई बंद रहती है सरकारी माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक देवेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया, “प्राइमरी स्कूल और मिडिल स्कूल गांव में है। परंतु हाईस्कूल व हायर सेकंडरी के छात्रों की पढ़ाई चार महीने बंद रहती है। वहीं जब नदी का जलस्तर बढ़ता है तो हम लोगों को भी खासी परेशानी होती है। कई बार गांव के स्कूल में पढ़ने नहीं जा पाते हैं तो स्कूल बंद रहते हैं। इससे सबसे ज्यादा बुरा असर शिक्षा पर भी पड़ रहा है।” एक अन्य शिक्षक ने बताया कि बारिश में समय पर स्कूल पहुंचना चाहें तो भी कई बार संभव नहीं होता। गांव का कोई व्यक्ति ट्यूब लेकर आता है और नदी पार करवाता है, तभी स्कूल पहुंच पाते हैं। ऐसे में शिक्षकों का स्कूल आना-जाना भी ग्रामीणों की मदद पर निर्भर हो जाता है। सड़क-पुल के साथ बिजली की भी समस्या ग्रामीण सड़क और पुल के साथ बिजली की सुविधा को लेकर भी शिकायत करते हैं। उनका कहना है कि गांव में सरकारी स्तर पर बिजली की पर्याप्त सुविधा नहीं है। वे ट्यूबवेल पर रखे ट्रांसफॉर्मर के माध्यम से बिजली का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क, नदी पर पुल और पर्याप्त बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं मिलने से गांव की सबसे बड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं। मंत्री रहे राजकुमार कुशवाहा का यह पैतृक गांव नदरौली को पूर्व में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त रहे डॉ. राजकुमार कुशवाहा का पैतृक गांव बताया जाता है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में डॉ. राजकुमार कुशवाहा को पाठ्यपुस्तक निगम का उपाध्यक्ष बनाया गया था और उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि गांव के ही व्यक्ति को सरकार में मंत्री पद का दर्जा मिलने के बाद सड़क और पुल की समस्या दूर होगी। लेकिन ग्रामीणों के मुताबिक आज भी स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं हुआ। गांव तक पहुंचने के लिए पगडंडी और खेतों की मेड़ का सहारा लेना पड़ता है। बारिश में नदी रास्ता रोक देती है और गांव का संपर्क लगभग कट जाता है। ग्रामीणों की मांग- नदी पर पुल बने, गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाए ग्रामीणों की मांग है कि नदरौली को पक्की सड़क से जोड़ा जाए और नदी पर स्थायी पुल बनाया जाए। उनका कहना है कि पुल बनने के बाद बच्चों का स्कूल जाना, शिक्षकों की उपस्थिति और ग्रामीणों का आवागमन आसान हो सकेगा। फिलहाल बारिश आते ही नदरौली के सामने वही सवाल खड़ा हो जाता है—स्कूल जाना हो या गांव से बाहर निकलना, नदी पार करने के लिए ट्यूब का सहारा आखिर कब तक लेना पड़ेगा? डॉ. कुशवाह बोले- गांव के लिए पुल और सड़क स्वीकृत
जब इस मामले में दैनिक भास्कर ने पूर्व राज्य मंत्री (बीज निगम के पूर्व उपाध्यक्ष) डॉ राजकुमार कुशवाहा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पूर्व में नदरौली गांव से बबेड़ी वायपास के लिए सड़क निर्माण कराए जाने के लिए शासन ने स्वीकृत मार्ग किया है। करीब चार से पांच किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी साथ बैसली नदी पर पुल भी बनेगा इसके लिए पर 12 करोड़ से अधिक खर्च होगा। कुछ तकनीकी परेशानियां आ रही है। इस संदर्भ विधायक से बातचीत भी हुई थी। उन्होंने समाधान निकाला लिया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है।



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