फराह खान और शिरीष कुंदर की शादी को 22 साल हो चुके हैं. डायरेक्टर के पति शिरीष कुंदर यूं तो अक्सर लाइमलाइट से दूर रहते हैं, लेकिन हाल ही में फराह खान ने शेखर सुमन से बातचीत में अपने पति की तारीफों के पुल बांधे. वो कहती हैं कि भले ही शादी के बाद प्यार और रोमांस खत्म हो जाता है लेकिन उनके पति उनके बेस्टफ्रेंड हैं.
फराह खान की शादी को 22 साल हो चुके हैं.
नई दिल्ली. फराह खान और शिरीष कुंदर की शादी को 22 साल हो चुके हैं. कपल के 3 बच्चे हैं. शादी के 2 दशक बाद फिल्ममेकर ने अपनी खुशहाल शादीशुदा जिंदगी का सीक्रेट शेयर किया. वो कहती हैं कि शादी के बाद कपल के बीच प्यार और रोमांस खत्म हो जाता है. अपने रिश्ते के बारे में डिटेल में बात करते हुए फराह ने कहा कि शादी के बाद कपल के बीच भले ही रोमांस खत्म हो जाता है लेकिन वो शिरीष के बिना अपनी जिंदगी के बारे में सोच भी नहीं सकती है. डायरेक्टर और कोरियोग्राफर कहती हैं कि उनके बच्चों की परवरिश में शिरीष का ज्यादा बड़ा रोल रहा है.
शेखर सुमन के साथ बात करते हुए फराह खान ने अपनी पर्सनल लाइफ के बारे में खुलकर चर्चा की. शेखर सुमन ने उनसे पूछा कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि शादी के बाद रिश्ते में प्यार और रोमांस खत्म हो जाता है. इसका डायरेक्टर ने बहुत ही सटीक जवाब दिया.
फराह खान का पति संग कैसा है रिश्ता?
वो कहती हैं कि जब दो लोग डेट कर रहे होते हैं तो उन्हें कुछ चाहिए होता है. वो उस इंसान, उस प्यार को पाने की हर मुमकिन कोशिश करते हैं. लेकिन ये इंसानी फितरत है कि जैसे ही हमें कुछ मिलता है, हम उसकी वैल्यू करना बंद कर देते हैं. उसकी कीमत बदल जाती है. फराह आगे कहती हैं, अब मैं शिरीष की बाकी चीजों में काफी वैल्यू करती हूं. वो कमाल के पिता हैं.
डायरेक्टर ने पति की तारीफों के बांधे पुल
फराह खान अपने रिश्ते के बारे में आगे बताती हैं, ‘मैं शिरीष के बगैर नहीं रह सकती हूं. उनके बिना मेरा घर नहीं चल सकता है’. डायरेक्टर के मुताबिक उनके बच्चों की परवरिश में उनके पिता का बड़ा रोल रहा है. वो उनके परिवार की स्ट्रेंथ हैं. फराह खान कहती हैं कि लोग उनसे पूछते हैं कि आखिर उनके बच्चों को इतनी कम उम्र में इतनी अच्छी जगहों पर एडमिशन कैसे मिला तो वो बस एक ही जवाब देती हैं कि उनके बच्चों के काउंसलेर उनके पति हैं.
डायरेक्टर के मुताबिक शिरीष अपने हर बच्चे पर काफी ध्यान देते हैं और हर किसी की पढ़ाई और परवरिश का पूरा ख्याल रखते हैं. साथ ही वो कहती हैं कि इसका मतलब ये नहीं है कि वो अपना पैशन फॉलो नहीं करते हैं. वो आज भी स्क्रिप्ट लिखते हैं, एआई सीखते हैं. वो अकेले रहना ज्यादा पसंद करते हैं और उनकी यही बात फराह को ज्यादा पसंद थी.
From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें
संगीतकार एसडी बर्मन के बेटे पंचम दा ने साबित किया कि संगीत सिर्फ वाद्ययंत्रों से नहीं, बल्कि किसी भी आवाज से बन सकता है. वे कांच, चम्मच, कंघी, चाबियों और खाली बोतलों जैसी रोजमर्रा की चीजों से धुन तैयार करने के लिए मशहूर थे. उन्होंने ‘चुरा लिया है’ और ‘महबूबा महबूबा’ जैसे गानों में इनका बखूबी इस्तेमाल किया. पंचम दा का आखिरी यादगार काम फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ में था.
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पंचम दा के पिता एसडी बर्मन भी संगीतकार थे.
नई दिल्ली: महान संगीतकार राहुल देव बर्मन को दुनिया प्यार से ‘पंचम दा’ बुलाती है. भारतीय संगीत के एक ऐसे जादूगर थे जिन्होंने संगीत की परिभाषा ही बदल दी. पंचम दा का मानना था कि संगीत सिर्फ महंगे इंस्ट्रूमेंट के मोहताज नहीं होता, बल्कि हर टकराती और धड़कती हुई आवाज में एक खूबसूरत धुन छिपी होती है. पंचम दा का जन्म 27 जून 1939 को कोलकाता में हुआ था. उन्हें संगीत विरासत में मिला था. उनके पिता सचिन देव बर्मन (एसडी बर्मन) खुद अपने दौर के दिग्गज संगीतकार थे. पंचम दा की प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महज नौ साल की उम्र में फिल्म ‘फंटूश’ के लिए ‘ऐ मेरी टोपी पलट के आ’ जैसी धुन तैयार कर ली थी. जब वह मुंबई आए, तो पिता के असिस्टेंट के तौर पर काम करते-करते उन्होंने संगीतकार के रूप में अपनी एक अलग पहचान बनाई, जिसने पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया.
पंचम दा को इंडस्ट्री में असली और बड़ा ब्रेक फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के गाने ‘आजा आजा मैं हूं प्यार तेरा’ से मिला. इसके बाद, जैसे हिट गानों की बाढ़ सी आ गई. ‘दम मारो दम’ और ‘ये शाम मस्तानी’ जैसे गानों ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे सुपरहिट और ट्रेंड-सेटिंग संगीतकार बना दिया. 1970 और 80 के दशक में राजेश खन्ना, किशोर कुमार और आरडी बर्मन की तिकड़ी ने ‘मेरे सपनों की रानी’ और ‘चिंगारी कोई भड़के’ जैसे एक से बढ़कर एक अमर गाने दिए. पंचम दा को सबसे खास बनाता था उनका अतरंगी और अनोखा एक्सपेरिमेंट करने का अंदाज. वह घर और आस-पास की आम चीजों जैसे कांच, बोतल, चम्मच और कंघी से धुनें तैयार कर लेते थे. फिल्म ‘शोले’ के गाने ‘महबूबा महबूबा’ में उन्होंने खाली बोतल में फूंक मारकर रिदम बनाई, तो ‘यादों की बारात’ के गाने ‘चुरा लिया है’ में कांच की प्याली और चम्मच की टकराहट से पैदा हुआ संगीत आज भी लोगों के कानों में रस घोलता है. उन्होंने ‘पड़ोसन’ के गाने ‘एक चतुर नार’ में कंघी की खुरदुरी सतह को घिसकर कमाल का साउंड इफेक्ट दिया था.
आज भी अमर है पंचम दा का संगीत 80 के दशक के बाद पंचम दा के करियर और सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव जरूर आया, लेकिन संगीत के प्रति उनकी दीवानगी कभी कम नहीं हुई. ढलते दौर में भी उन्होंने ‘आने वाला पल जाने वाला है’ और ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी’ जैसे बेहद संजीदा और दिल को छू लेने वाले गाने दिए. उन्होंने फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ में संगीत देकर यह साबित कर दिया कि उनका सिक्का हमेशा चलेगा. इस फिल्म के गाने ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ और ‘रिमझिम रिमझिम’ आज भी हर जनरेशन के फेवरेट हैं. अफसोस की बात यह है कि 4 जनवरी 1994 को इस दुनिया को अलविदा कहने वाले पंचम दा अपनी इस आखिरी ब्लॉकबस्टर कामयाबी का जश्न देखने के लिए मौजूद नहीं रहे, लेकिन उनका संगीत आज भी अमर है.
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
Pune Businessman Murder: Father Suspects Siya Agrawal; Police Note Behavioral Shift
पुणे42 मिनट पहले
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पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में उनके पिता विशाल अग्रवाल ने दावा किया कि घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी उसने कोई जवाब नहीं दिया।
विशाल अग्रवाल ने दिव्य भास्तर से बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया कि केतन लोहागढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकालकर लाया जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर पहचान की गई।
सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई। सिया पर अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या करने का आरोप है। दोनों फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।
नवंबर 2025 में सिया और केतन अग्रवाल की सगाई हुई थी।
बुआ सिया को ले गई, तभी परिवार का शक गहराया
केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही।
सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। इसके बाद परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज भी खंगाले।
उन्होंने बताया कि घर लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
फोन बिजी रहता था, केतन को शक हुआ था
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया-चेतन ने चैट डिलीट की, भाई से 10 घंटे पूछताछ
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए मोबाइल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है।
पुलिस का दावा- विग और हकलाने की वजह से की हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, विशाल अग्रवाल ने इस दावे पर कहा कि शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के पिता विशाल अग्रवाल से मुलाकात की। राज्य सरकार ने परिवार की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है।
सिया के माता-पिता ने गुरुवार को मीडिया से पहली बार इस केस पर बात की।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
परिवार को सिया और केतन की शादी से बहुत उम्मीदें थीं। केतन का परिवार भी सिया को बहुत प्यार और स्नेह देता था। सारे कार्यक्रम अच्छे से चल रहे थे।
अगर हमें लगता कि सिया को कोई परेशानी हो रही है या वह केतन से बात नहीं कर पा रही है, तो वे हमसे बात करते। सिया की इस शादी में रजामंदी थी।
हमें चेतन के बारे में कुछ भी पता नहीं था। सगाई के बाद से वह सिर्फ केतन से ही बात करती थी। मुझे नहीं लगता कि वह (अपराध करने के लिए) राजी हुई होगी।
अगर जांच में मेरी बेटी भी दोषी पाई जाती है तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
पिता प्रवीण गोयल ने कहा- केतन ही सिया को लोहगढ़ ले गया था
सिया ने मुझे खुद ही कहा था कि इस लड़के से मेरा रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था।
केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।
केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन
केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।
केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था।
दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।
दरअसल, 31 मई को सिया और मंगेतर केतन लोहगढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया को उसे मारने का आइडिया आया।
14 जून को भी केतन को धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस समय सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की कोशिश की थी, लेकिन केतन बच गया था।
पुलिस का दावा है कि कैफे में ही दोनों ने लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घूमने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। रिपोर्ट्स के मुताबिक जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचे, तो यहीं सिया को पहली बार केतन से पीछा छुड़ाने के लिए उसे पहाड़ी से धक्का देकर मार डालने का प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। तब केतन के घर वालों ने मना कर दिया। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। सभी लोग फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले। पुणे ग्रामीण के SP संदीप सिंह गिल के मुताबिक केतन के साथ बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने उसका पासपोर्ट अपने पास अलग रख लिया था।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। बोली कि मुझे वह जगह पसंद है। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पर पहुंचे। सिया ने केतन को एक जगह पीछे से धक्का दिया। पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- ‘धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
तीन सुराग; सिया का झूठ, CCTV फुटेज, 2004 बार कॉल
पहला सुरागः सिया के हावभाव से केतन की बहन को शक हुआ
21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। केतन की बहन ने पूछा- केतन कैसे गिरा? इस सवाल पर सिया के हावभाव अचानक बदल गए। वो ठीक से जवाब नहीं दे पा रही थी। केतन की बहन को शक हुआ और उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा- भाई अच्छा ट्रैकर है, उसकी मौत एक्सीडेंट नहीं हो सकती। सिया ठीक से जवाब नहीं दे रही।
विशाल को भी पहले से शक था कि कुछ तो ठीक नहीं है। इसके बाद विशाल दोबारा पुणे पुलिस से मिले और सिया पर शक जताया। उन्होंने ये भी कहा कि सिया किसी लड़के से बात करती है, उसकी भी जांच की जानी चाहिए।
दूसरा सुरागः किले के CCTV फुटेज में गर्मी में हुडी पहने लड़का दिखा
पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा।
गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था।
तीसरा सुरागः सिया की एक नंबर पर 2000 से ज्यादा कॉल्स
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे।
ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
मर्डर की 2 वजह; दावा- सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी
सिया शादी के लिए तैयार नहीं थी: पुलिस को शक है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल शादी के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं थी और परिवार के दबाव में केतन से शादी करने जा रही थी। इसी पहलू को पुलिस हत्या की संभावित वजहों में से एक मानकर जांच कर रही है।
बदनामी के कारण प्रेमी के साथ भागी नहीं: प्रेमी चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़कर भागने के पक्ष में नहीं थी। उसे लगता था कि इससे उसके परिवार की बदनामी होगी।
पुणे के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 22 जून को सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
मर्डर से पहले सिया का मंगेतर के साथ डांस, रोमांस; 3 तस्वीरें
केतन के मर्डर करने से पहले सिया ने सोशल मीडिया अकाउंट पर केतन अग्रवाल (26) के साथ कई रोमांटिक पोस्ट किए थे। कभी प्रपोजल की तस्वीरें, कभी फूल देकर प्यार जताने वाले पल, तो कभी डांस और गले मिलने के वीडियो।
दोनों की नवंबर में होने वाली शादी की तैयारियां भी सोशल मीडिया पोस्ट का हिस्सा थीं। इस साल फरवरी में सगाई के बाद सिया ने इंस्टाग्राम पर एक केक की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को उसका घर मिले एक महीना पूरा हुआ।
19 मई को सिया ने अपने जन्मदिन के काउंटडाउन की स्टोरी पोस्ट की, जिसमें दोनों एक रोमांटिक गाने पर डांस करते नजर आ रहे थे।
एक पोस्ट में दोनों कार के अंदर बैठकर गले लगते दिखे। केतन ने अपने कार के अंदर और बाहर फूलों की सजावट की थी।
सगाई के एक महीने बाद सिया ने केक की फोटो शेयर करते हुए लिखा था- मेरे दिल को घर मिले एक महीना हो गया।
गोरखपुर में सरकारी कर्मचारी बनकर महिला से ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पीड़िता को यह यकीन दिलाया कि आईजीआरएस से जुड़ा एक अधिकारी है और उसकी कब्जे की जमीन छुड़वाने में मदद करेगा। बदले में उसने पहले 8000 रुपए लिए। फिर 20 हजार और डिमांड करने लगा। तब महिला ने उसे रिस्तेदार के घर पैसे लेने के लिए भेजे। जहां शक होने पर मामले का खुलासा हुआ। तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी गई। मौके से पहुंची पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। जानिए पूरा मामला…
जानकारी के मुताबिक सिंघड़िया नई कॉलोनी निवासी इन्द्रावती देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनकी जमीन सेमरा देवी प्रसाद क्षेत्र में है। जमीन पर बनी करीब दो फीट की बाउंड्री पर रविंद्र यादव नामक व्यक्ति ने कब्जा कर निर्माण कर दिया था। इस मामले की शिकायत उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। आरोप था कि शिकायत के बाद विनय प्रताप गहलोत ने फोन कर खुद को सरकारी कर्मचारी बताया और आईजीआरएस से जुड़ा अधिकारी होने का हवाला दिया। सुबह 3 बजे अकेले बुलाकर मांगे पैसे उसने कार्रवाई कराने का भरोसा देकर महिला को 23 जून की सुबह करीब तीन बजे रानीडीहा चौराहे पर बुलाया और डर का माहौल बनाकर आठ हजार रुपये ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर करा लिए। आरोपी ने महिला से कहा कि वह बुलडोजर से अवैध कब्जा हटवा सकता है और इसके लिए 20 हजार रुपये और देने होंगे। महिला के अनुसार रुपये की व्यवस्था के लिए उसने अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया। शक होने पर खुलासा हुआ
पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून को रुपये लेने के लिए महिला के बच्चों और रिश्तेदार के बच्चे के साथ जंगल अयोध्या प्रसाद स्थित अखंड प्रताप सिंह के घर पहुंचा। वहां पूछताछ में उसने खुद को तहसील कर्मचारी बताया। पीड़िता के रिश्तेदार को शक हुआ। तब उन्होंने तुरंत उसके बारे में पता लगवाया। जांच में उसके सरकारी कर्मचारी होने की बात गलत निकली। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ कर रखा और डायल 112 पर सूचना दी गई। देवरिया का रहने वाला है आरोपी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया और जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान देवरिया के लार बिरनी कजे रहने वाले विनय प्रताप गहलोत के रूप में हुई है। जो वर्तमान में गौतम बुद्ध आदर्श इंटर कालेज के पास रानीडीहा में रहता है। एसपी सिटी निमिष पाटील के बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
देश में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मिलकर व्यापक रणनीति तैयार की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में शुक्रवार को नार्को कॉ-ऑर्डिनेशन सेंटर (एन-कॉर्ड) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में अगले तीन वर्षों में राज्यों को ड्रग्स मुक्त बनाने के लक्ष्य पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध तीन वर्षीय कार्ययोजना का भी विमोचन किया गया। बैठक में तय किया गया कि ड्रग्स तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। तस्करों के नेटवर्क की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जब्ती तथा वित्तीय लेन-देन की गहन जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यों की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि इसका नेतृत्व ऐसे अधिकारी के हाथ में होना चाहिए, जो पूर्णकालिक रूप से इस जिम्मेदारी का निर्वहन करे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार राज्यों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी। बैठक में एनडीपीएस मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यकतानुसार विशेष अदालतें स्थापित करने, नशा मुक्ति केंद्रों को सुदृढ़ बनाने तथा स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। साथ ही अफीम और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती को पूरी तरह समाप्त करने के लिए राज्यों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अमित शाह ने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित होने वाली एन-कॉर्ड बैठकों में केवल औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि ठोस निर्णय लेकर उनकी नियमित समीक्षा भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राजस्थान में ड्रग्स के खिलाफ चलाए गए अभियानों और अवैध एमडी फैक्ट्रियों पर की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए सभी राज्यों से समन्वित और परिणाम आधारित अभियान चलाने का आह्वान किया।
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है।
इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है।
मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन…
भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…
भूकंप आने के बाद बिल्डिंग मलबे के ढेर में बदल गई।
लोग मगबे में अपने लोगों के ढूंढ रहे है।
वेनेजुएला के ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे से एक शव ले जाते लोग।
ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे के नीचे पड़ा एक शव।
परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे
सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद
दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है।
रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
भारत ने भी राहत सामग्री भेजी
भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
बचाओ-बचाओ…मुझे सांप ने काट लिया,यहीं-कहीं सीट पर छिपा हुआ है, जल्दी से डाक्टर को बुलाओ, अगर इलाज नहीं मिला तो मर जाऊंगा। चलती ट्रेन में एक यात्री की यह चीख सुनते ही अफरा-तफरी मच गई। यात्री अपनी सीटें छोड़कर दूसरे डिब्बों की ओर भागने लगे। ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक, हेल्थ स्टाफ और सर्प विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घायल यात्री को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे इंजेक्शन लगाया गया। शाम तक उसकी हालत सामान्य हो गई। बाद में उसने बताया कि उसे ठीक से पता नहीं है कि सांप ने काटा था या चूहे ने। मेडिकल जांच सामान्य आने के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुणे-पटना एक्सप्रेस के एस-8 कोच में अफरा-तफरी घटना शुक्रवार को पुणे से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 17610) के स्लीपर कोच एस-8 में हुई। बिहार के सुपौल निवासी 20 वर्षीय विकास कुमार बर्थ नंबर-69 पर सफर कर रहे थे। जब ट्रेन जबलपुर पहुंचने वाली थी, तभी उन्होंने अचानक शोर मचाते हुए कहा कि उन्हें सांप ने काट लिया है। उनकी बात सुनते ही कोच में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और घबराए यात्री दूसरे डिब्बों में चले गए। सीटों के नीचे तक तलाशी, सांप नहीं मिला सूचना मिलते ही जबलपुर स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी, सीएंडडब्ल्यू स्टाफ, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञ ने संयुक्त जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर ट्रेन पहुंचते ही संबंधित कोच की सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी सांप नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। यात्री को सिर्फ पूंछ दिखी, चूहे की आशंका यात्री विकास कुमार ने बताया कि वह बर्थ पर सो रहा था। इसी दौरान उनकी उंगली में किसी जीव ने काट लिया। आंख खुलने पर उन्हें केवल उसकी पूंछ दिखाई दी। लगा कि वह सांप था, इसलिए उन्होंने शोर मचा दिया। उपचार के बाद हालत सामान्य, आगे की यात्रा पर रवाना सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे अधिकारियों ने विकास कुमार को जबलपुर स्टेशन पर उतारकर विक्टोरिया अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और शाम तक उनकी हालत सामान्य हो गई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वह यह निश्चित नहीं बता सकते कि उन्हें सांप ने काटा था या चूहे ने। इसके बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। एस-8 कोच की पूरी तलाशी में नहीं मिला सांप रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञों ने एस-8 कोच की विस्तृत जांच की। सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की तलाशी लेने के बावजूद कहीं भी सांप नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। सर्प विशेषज्ञ बोले- जहरीला सांप होता तो हालत गंभीर होती सर्प विशेषज्ञ ने बताया कि सूचना मिलने पर वह तत्काल रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूरे कोच की जांच की, लेकिन कोई सांप नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि यात्री को जहरीले सांप ने काटा होता तो कुछ ही घंटों में उसकी हालत गंभीर हो जाती। उपचार के बाद शाम तक यात्री पूरी तरह सामान्य था। यात्री नहीं बता सका सांप था या चूहा जीआरपी टीआई संजीवनी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यात्री यह स्पष्ट नहीं बता सका कि उसे सांप ने काटा था या चूहे ने। वह काफी घबराया हुआ था। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई और उसे आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे की अपील- अफवाह से बचें, पहले सूचना दें रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दें, लेकिन बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं। संयम बनाए रखने से अनावश्यक घबराहट और भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
Stock Market Outlook: शेयर बाजार में शुक्रवार (26 जून) को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला.सेंसेक्स अंत में 109.25 अंक (0.14%) की मामूली बढ़त के साथ 77,47 पर और निफ्टी-50 करीब 34.35 अंक (0.14%) की तेजी लेकर 24,056 पर बंद हुआ. एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है. 24,000-23,950 का लेवल अहम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 24,100-24,150 के ऊपर मजबूती दिख सकती है. जानकारों के मुताबिक गिरावट आने पर खरीदारी की रणनीति फायदेमंद रह सकती है. वहीं, कच्चे तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रहने और अच्छे मानसून से भारतीय बाजार का आउटलुक और मजबूत हो सकता है. इस वीडियो में एक्सपर्ट से जानिए कि 29 जून को बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
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पंकज त्रिपाठी ने हिंदी सिनेमा में यूं तो कई किरदार निभाए हैं, जिनमें 7 किरादार के कुछ सबसे यादगार और बेहतरीन किरदारों को रेखांकित करता है. इसमें उनके द्वारा निभाए गए ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बेरहम सुल्तान कुरैशी और ‘मिर्जापुर’ के शांत मगर डरावने कालीन भैया जैसे विलेन के किरदारों का जिक्र है. वहीं दूसरी तरफ, ‘स्त्री’ के पैरानॉर्मल एक्सपर्ट रुद्र भैया और ‘लूडो’ के सत्तू भैया के रूप में उनकी कमाल की कॉमिक टाइमिंग को दर्शाया गया है. इसके अलावा, ‘क्रिमिनल जस्टिस’ के हाजिर-जवाब वकील, ‘नील बट्टे सन्नाटा’ के भावुक प्रिंसिपल और ‘मेट्रो इन दिनों’ के मोंटी के रूप में उनकी बहुमुखी एक्टिंग प्रतिभा की तारीफ की गई है.
‘मिर्जापुर’ में पंकज त्रिपाठी बेरहम और भाव-शून्य माफिया डॉन कालीन भैया बने हैं. वे एक डरावने क्रिमिनल मास्टरमाइंड का रोल निभाते हैं. उनका गर्दन झटकाने का खास अंदाज लोगों के बीच बड़ा पॉपुलर हुआ. उन्होंने कालीन भैया को पॉप-कल्चर का एक यादगार किरदार बना दिया.
‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में सुल्तान कुरैशी के रोल ने पकंज त्रिपाठी को पॉपुलर बना दिया था. वे एक बेरहम कसाई सुल्तान के रोल से दर्शकों को याद रह गए. उन्होंने इसमें जबरदस्त एक्टिंग की. पकंज का शांत मगर डरावना अंदाज, बिना किसी कोशिश के दिखाई क्रूरता ने विलेन के रोल को एक नई परिभाषा दी. उन्होंने एक ऐसा किरदार बनाया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. (इमेज: YouTube/Screengrab)
‘स्त्री’ में पकंज त्रिपाठी ने रुद्र भैया का यादगार रोल निभाया है. उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब भाई. उन्होंने एक अजीबोगरीब, पैरानॉर्मल एक्सपर्ट के रोल में सबका दिल जीत लिया, जो किताबों की दुकान चलाता है. पंकज की गंभीर अंदाज में मजाक करने की कला, मजेदार बॉडी लैंग्वेज और अजीब डायलॉग टाइमिंग ने इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में सबसे मजेदार पल दिए. (इमेज: YouTube/Screengrab)
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‘मेट्रो इन दिनों’ में पंकज त्रिपाठी ने मोंटी का रोल निभाया था. एक्टर ने मॉडर्न रोमांस में शहरी अपनापन और परिपक्वता का रंग भरा. उनके किरदार ने जटिल रिश्तों को एक जमीनी और दार्शनिक नजरिया दिया.
‘क्रिमिनल जस्टिस’ में माधव मिश्रा के रोल में पंकज त्रिपाठी का अलग ही अंदाज देखने को मिला. उन्होंने सीरीज में एक हाजिर-जवाब लॉयर के रोल में इंप्रेस किया जो लगातार स्किन एलर्जी से जूझता रहता है. पंकज त्रिपाठी ने अपनी परफॉर्मेंस से थ्रिलर सीरीज में जान डाल दी. उन्होंने तेज दिमाग और आम इंसान जैसे मजाकिया अंदाज के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया.
‘नील बट्टे सन्नाटा’ के प्रिंसिपल एसएस अहलूवालिया आपको याद हैं? सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के रोल में पंकज त्रिपाठी ने दिल को छू लेने वाला अंदाज दिखाया. एक्टर के अनोखे तौर-तरीके और स्टूडेंट्स के साथ प्यार भरी बातचीत ने छोटी, लेकिन अहम भूमिकाओं में भी गहराई लाने की जबरदस्त काबिलियत को दिखाया.
‘लूडो’ में पंकज त्रिपाठी ने सत्येंद्र ‘सत्तू’ का रोल निभाया है. वे किस्मत के अजीब खेल में फंसे एक बेरहम, पुराने जमाने के गैंगस्टर के रोल में हैं. उन्होंने डार्क क्राइम में अतरंगी किरदार निभाया है. चाहे बंदूक चलाते हुए पुराने गाने गाना हो या चोटों का इलाज करवाना, उनकी बेतरतीब और मनमौजी एक्टिंग बहुत मजेदार थी.
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Quick Paneer Bhurji Recipe: अगर सब्जी बनाने के लिए ज्यादा समय नहीं है, तो पनीर भुर्जी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. प्याज, टमाटर, मसालों और ताजे पनीर से तैयार होने वाली यह रेसिपी कुछ ही मिनटों में बन जाती है. इसे रोटी, पराठे, ब्रेड या पाव के साथ परोसकर स्वादिष्ट और पौष्टिक खाने का आनंद लिया जा सकता है.
आप महज कुछ मिनट में टेस्टी पनीर भुर्जी तैयार कर सकते हैं.
Simple Paneer Bhurji Recipe: सब्जी बनाने में टाइम लगता है और इस वजह से कई लोग झटपट तैयार होने वाली डिशेज की तलाश में रहते हैं. रोज-रोज एक जैसी सब्जियां बनाते-बनाते अगर आप बोर हो गए हैं और झटपट कुछ बनाना चाहते हैं, तो पनीर भुर्जी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह रेसिपी कम समय में तैयार हो जाती है और स्वाद में भी किसी रेस्टोरेंट डिश से कम नहीं लगती. नरम पनीर, प्याज, टमाटर और मसालों का शानदार मेल इसे हर उम्र के लोगों की पसंद बना देता है. इसे रोटी, पराठा, ब्रेड या पाव के साथ भी परोसा जा सकता है. इसे बनाने में सिर्फ 10 मिनट का वक्त लगता है.
पनीर भुर्जी बनाने के लिए सामग्री
कद्दूकस या हाथ से मैश किया हुआ 250 ग्राम पनीर, बारीक कटा हुआ 1 बड़ा प्याज, बारीक कटे हुए 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, आधा छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, स्वादानुसार नमक, 2 बड़े चम्मच तेल या घी और बारीक कटा हरा धनिया. इन सभी चीजों से आप झटपट पनीर भुर्जी तैयार कर सकते हैं.
पनीर भुर्जी बनाने की आसान विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. इसमें बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भून लें. अब अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर एक मिनट तक पकाएं. इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और उन्हें अच्छी तरह गलने दें. अब हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर मसालों को 2 से 3 मिनट तक भूनें.
जब मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें मैश किया हुआ पनीर डालें और अच्छी तरह मिला दें. धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट तक पकाएं. आखिर में गरम मसाला और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें. अगर आप रेस्टोरेंट जैसा स्वाद चाहते हैं, तो आखिर में थोड़ा-सा मक्खन डाल सकते हैं. इसके अलावा आधा छोटा चम्मच कसूरी मेथी हथेलियों के बीच मसलकर डालने से पनीर भुर्जी की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं.
गरमा-गरम पनीर भुर्जी को रोटी, पराठा, नान, ब्रेड, पाव या टोस्ट के साथ परोसा जा सकता है. इसे सैंडविच या रैप की फिलिंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. पनीर भुर्जी कम समय में बनने वाली ऐसी रेसिपी है, जो स्वाद और पोषण दोनों का अच्छा मेल है. पनीर प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, इसलिए यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें