सीकर जिले में एक हिस्ट्रीशीटर का मर्डर हो गया। यह वारदात दांतारामगढ़ पुलिस थाने के किशनगढ़ रेनवाल के पास रविवार देर रात करीब 1 बजे हुई। हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा पुत्र मोहनलाल मीणा पचार गांव ने जानलेवा हमले के बाद सोमवार दोपहर को दम तोड़ दिया। परिव
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शव को सीकर के एसके अस्पताल में मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों ने कहा- नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव लेंगे।
बनवारीलाल के भाई सोहनलाल ने बताया- बनवारीलाल पिछली रात करीब 1 बजे बाइक से किशनगढ़ रेनवाल से किसी परिचित से रुपए लेकर गांव आ रहा था। उसके साथ गांव का वीरेंद्र मीणा भी था। जैसे ही वे गांव की तरफ पहुंचे तो पीछे से दो कैंपर गाड़ी आई। उन्होंने गाड़ियों को बाइक के आगे लगा दिया।
इसके बाद गाड़ी में से नरेंद्र गोस्वामी, शंकर, सूरज, जयपाल, महेश, रामनिवास, मालीराम, गणपत, मुकेश, गजेंद्र, अशोक, महेंद्र, महेश, महेंद्र कुमार मीणा, रमेश के अलावा 5 से 7 लोग नीचे उतरे। इनके पास पिस्तौल सहित अन्य हथियार थे। उन्होंने बनवारीलाल पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद उसे कैंपर गाड़ी में डालकर खाटू की तरफ ले गए। साथी वीरेंद्र ने इसकी सूचना बनवारीलाल के परिवार को दी।
सड़क पर गंभीर हालत में मिला
सोहनलाल ने बताया- जब परिवार बनवारीलाल को तलाश करते हुए चारणवास नाडा की सड़क की तरफ पहुंचा तो वहां भाई गंभीर हालत में घायल पड़ा था। जिसे पहले इलाज के लिए खाचरियावास हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां स्टाफ नहीं होने की वजह से उसे सीकर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग
सोहनलाल ने कहा- जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह शव नहीं लेंगे। सोहनलाल ने कहा- जयपुर की 7070 गैंग कई दिनों से बनवारीलाल और परिवार को धमकी दे रही थी। इस बारे में उन्होंने 112 पर भी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस आई और औपचारिकता करके चली गई।
मामले में दांतारामगढ़ DYSP कैलाश कंवर ने कहा- फिलहाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
भारत अब सिर्फ अपने देश के लिए ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां नहीं बना रहा है, बल्कि वह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा कार कारखाना बनता जा रहा है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर अब एक नई उड़ान भर रहा है.
अगर हम कारों के एक्सपोर्ट की बात करें, तो इस साल भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. ऑटो उद्योग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी इस साल अप्रैल से जून के बीच भारत से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात लगभग 14 गुना बढ़ गया है. पिछले साल अप्रैल से जून के बीच भारत ने विदेशों में सिर्फ 1,122 इलेक्ट्रिक कारें बेची थीं. लेकिन इस साल यह संख्या सीधे 15,600 यूनिट्स तक पहुंच गई है. यानी सिर्फ एक साल के अंदर विदेशी बाजारों में हमारी कारों की मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि हम 14 गुना ज्यादा कारें बाहर भेज रहे हैं.
इस कामयाबी की सबसे बड़ी ‘हीरो’
अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि विदेशियों को भारत की इलेक्ट्रिक कारें इतनी पसंद आने लगीं? इस पूरी कामयाबी के पीछे एक सबसे बड़ा नाम है- मारुति सुजुकी. देश की इस मशहूर कंपनी की नई इलेक्ट्रिक कार e Vitara ने विदेशी बाजारों में धूम मचा दी है. कुल 15,600 एक्सपोर्ट की गई कारों में से लगभग 15,200 कारें केवल मारुति की ई-विटारा ही हैं. इसका मतलब है कि भारत के एक्स्पोर्ट की इस पूरी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय इसी एक कार को जाता है. यह कार अब भारत से सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली कारों की लिस्ट में सीधे तीसरे नंबर पर आ गई है.
47 देशों की सड़कों पर दौड़ रही भारतीय कार
मारुति की इस ई-विटारा कार की सफलता सिर्फ एक या दो देशों तक सीमित नहीं है. कंपनी ने अपनी इस शानदार इलेक्ट्रिक कार को दुनिया के 47 अलग-अलग देशों में भेजा है. इनमें यूरोप के कई बड़े देश, एशिया के देश और अफ्रीका के बाजार भी शामिल हैं. यह इस बात का पक्का सबूत है कि दुनिया भर के लोग भारत में बनी चीजों पर पूरी तरह भरोसा कर रहे हैं. जब कोई भारतीय कार 47 देशों की सड़कों पर दौड़ती है, तो इससे यह संदेश जाता है कि भारत की तकनीक, डिजाइन और सुरक्षा दुनिया की किसी भी बड़ी कंपनी से कम नहीं है. यह हमारी ‘मेक इन इंडिया’ पहल की एक बहुत बड़ी जीत है.
दूसरी भारतीय कंपनियों की बड़ी तैयारी
भले ही अभी निर्यात के इस बड़े आंकड़े में मारुति सुजुकी का नाम सबसे ऊपर है, लेकिन भारत की दूसरी कंपनियां भी पीछे नहीं हैं. हमारे देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनियां, जैसे कि टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी इस रेस में मजबूती से तैयारी कर रही हैं. टाटा मोटर्स भारत के घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक कारों के मामले में नंबर वन है. अब टाटा और महिंद्रा दोनों ही कंपनियां अपनी नई इलेक्ट्रिक कारों को विदेशी बाजारों में लॉन्च करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं. जब आने वाले महीनों में इन दोनों कंपनियों की गाड़ियां भी विदेशों में बिकने लगेंगी, तो यह आंकड़ा कई गुना और बढ़ जाएगा.
विदेशी कंपनियां भारत क्यों आ रही हैं?
वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए विदेशी कंपनियां भी भारत में ही कारें बनवाना पसंद कर रही हैं. इसके कई आसान कारण हैं. पहला, भारत में कारें बनाना अमेरिका या यूरोप के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है. दूसरा, हमारे यहां काम करने वाले कुशल इंजीनियर और मजदूर आसानी से मिल जाते हैं. तीसरा, भारत सरकार भी उद्योगों को कई तरह की छूट और मदद दे रही है. भारत में गाड़ियों के पार्ट्स बनाने वाली बहुत सारी कंपनियां हैं. इन्हीं सब वजहों से दुनिया भर की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत को सिर्फ एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि अपना सामान बनाने और विदेशों में बेचने के एक बड़े ‘केंद्र’ के रूप में देख रही हैं.
मारुति e-Vitara की 5 खूबियां
बैटरी पैक और पावरफुल मोटर मारुति सुजुकी ई-विटारा में ग्राहकों को दो बेहतरीन बैटरी पैक के विकल्प मिलते हैं. पहला 49 kWh और दूसरा 61 kWh का LFP (लिथियम फेरो फॉस्फेट) ब्लेड-सेल बैटरी पैक है, जिसे प्रतिष्ठित कंपनी BYD से लिया गया है. यह बैटरी पैक इलेक्ट्रिक मोटर के साथ मिलकर 172 bhp तक की अधिकतम पावर और 193 Nm का दमदार टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है. इसका पावरफुल इलेक्ट्रिक पावरट्रेन शहर के भारी ट्रैफिक से लेकर हाईवे की लंबी यात्राओं तक, हर जगह एक स्मूथ और साइलेंट ड्राइविंग का शानदार अनुभव प्रदान करता है, जो इसे इस सेगमेंट की सबसे खास इलेक्ट्रिक एसयूवी बनाता है.
शानदार और लंबी ड्राइविंग रेंज इलेक्ट्रिक वाहनों में सबसे बड़ी चिंता ड्राइविंग रेंज की होती है, लेकिन मारुति ई-विटारा ने इस समस्या का बेहतरीन समाधान दिया है. इसके 61 kWh वाले बड़े बैटरी पैक के साथ आपको फुल चार्ज पर 543 किलोमीटर तक की जबरदस्त ARAI-प्रमाणित रेंज मिलती है. वहीं, इसके 49 kWh वाले छोटे बैटरी पैक के साथ 440 किलोमीटर तक की सर्टिफाइड रेंज का दावा किया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप इस इलेक्ट्रिक कार को एक बार फुल चार्ज कर लेते हैं, तो आप बिना किसी ‘रेंज एंग्जायटी’ के आसानी से लंबे सफर पर निकल सकते हैं.
सुपरफास्ट चार्जिंग की सुविधा आज के समय में किसी भी इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग स्पीड बहुत मायने रखती है. मारुति सुजुकी ने अपनी ई-विटारा में इस बात का खास ख्याल रखा है. यह कार DC फास्ट चार्जिंग को पूरी तरह सपोर्ट करती है. अगर आप 70kW के DC फास्ट चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी बैटरी को 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में मात्र 45 मिनट का समय लगता है. वहीं, अगर आप घर पर 7.4kW के AC चार्जर का उपयोग करते हैं, तो इसे फुल चार्ज (10-100%) होने में लगभग 9 घंटे का समय लगता है, जो रात भर की चार्जिंग के लिए एकदम सही और बहुत ही सुविधाजनक है.
प्रीमियम और हाई-टेक इंटीरियर मारुति सुजुकी ई-विटारा का इंटीरियर आपको एक बेहद प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक कार का अहसास कराता है. इसके केबिन को एक खूबसूरत डुअल-टोन (ब्लैक और टैन ब्राउन) थीम के साथ सजाया गया है. इसमें सबसे बड़ा आकर्षण इसका ‘इंटीग्रेटेड डिस्प्ले सिस्टम’ है, जिसमें 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25 इंच का पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर एक साथ जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, फ्लोटिंग सेंटर कंसोल, टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, एम्बिएंट लाइटिंग और पियानो ब्लैक फिनिश जैसे एलिमेंट्स इसके इंटीरियर को न सिर्फ बहुत आकर्षक बनाते हैं, बल्कि ड्राइवर और पैसेंजर दोनों को एक लक्ज़री केबिन का बेहतरीन अनुभव देते हैं.
बेहतरीन कनेक्टेड कार टेक और एंटरटेनमेंट मनोरंजन और कनेक्टिविटी के मामले में भी यह इलेक्ट्रिक एसयूवी किसी से कम नहीं है. ई-विटारा में वायरलेस ऐपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटोका सपोर्ट दिया गया है. म्यूजिक लवर्स के लिए इसमें इन्फिनिटी बाय हार्मन का 8-स्पीकर वाला प्रीमियम साउंड सिस्टम लगाया गया है, जो शानदार ऑडियो क्वालिटी देता है. इसके अलावा, इसमें वायरलेस फोन चार्जिंग पैड और ‘सुजुकी कनेक्ट’ ऐप की सुविधा भी है. इस स्मार्ट ऐप के जरिए आप कार का एसी ऑन कर सकते हैं, दरवाजे लॉक-अनलॉक कर सकते हैं और गाड़ी की बैटरी या रेंज जैसी जरूरी जानकारी घर बैठे अपने फोन पर हासिल कर सकते हैं.
2026 की हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। इस मौके पर हरे रंग के हल्के आरामदायक कुर्ता सेट ट्राई करें। इनपर आकर्षक डिस्काउंट और ऑफर्स उपलब्ध है।
प्रोडक्ट्स के सुझाव
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फेस्टिव सीजन शुरू होने वाला है। 31 जुलाई से सावन शुरू होगा और फिर त्योहारों का मौसम भी आ जाएगा। इस बार 2026 की हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। इस त्यौहार के लिए महिलाएं पहले से बेहद उत्सुक होती हैं! नई-नई साड़ियां, श्रृंगार आदि की शॉपिंग महिलाएं एक महीना पहले शुरू कर देती हैं। अगर आपने अभी तक अपने लिए कुछ खरीदने का नहीं सोचा है, तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, हरियाली तीज स्पेशल 8 खूबसूरत कुर्ता सेट्स जो देखने में आकर्षक होने के साथ ही साथ हल्के और हवादार भी हैं। ये सभी आपके शरीर पर बेहद आरामदायक महसूस होंगे। वहीं सावन को ध्यान में रखते हुए हरे रंग के कुर्ता सेट्स लाए हैं। हालांकि, उनके अन्य रंगों के विकल्प भी मिल जाएंगे पसंद अनुसार कोई भी विकल्प डिस्काउंटेड प्राइस पर आर्डर कर सकती हैं।
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छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने कैंपस को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने ‘डेली रिपोर्ट अटेंडेंस पोर्टल’ लॉन्च किया है। अब परिसर में मैन्युअल या कागजी हाजिरी की जगह यह ऑनलाइन पोर्टल लेगा, जिससे रोजाना आयोजित होने वाली और रद्द की गई कक्षाओं का सटीक और लाइव रिकॉर्ड मिल सकेगा।
इस नए सिस्टम को विश्वविद्यालय की अपनी ‘CAM AI’ टीम ने तैयार किया है। इस पहल का मुख्य मकसद रिपोर्टिंग में होने वाली गलतियों और गड़बड़ियों को खत्म करना है। इसके शुरू होने से अब विश्वविद्यालय प्रशासन को पढ़ाई और कक्षाओं के संचालन की पल-पल की जानकारी यानी रियल-टाइम अपडेट मिलती रहेगी।
तीन चरणों में दर्ज होगी जानकारी, गलत डेटा पर रिजेक्ट होगी रिपोर्ट
पोर्टल में डेटा एंट्री को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। रोजाना विभागाध्यक्ष अपने विभाग की कक्षाओं का विवरण पोर्टल पर दर्ज करेंगे। गलतियों को रोकने के लिए पोर्टल खुद गणितीय जांच करेगा। अगर कुल निर्धारित कक्षाएं, ली गई और रद्द हुई कक्षाओं के योग से मेल नहीं खाएंगी, तो सिस्टम रिपोर्ट स्वीकार ही नहीं करेगा।
एक बार विभागाध्यक्ष द्वारा आंकड़े सबमिट करने के बाद रिपोर्ट अपने आप लॉक हो जाएगी, ताकि बाद में उसमें कोई बदलाव न किया जा सके। इसके बाद स्कूल निदेशक अपनी अंतिम रिपोर्ट तभी सबमिट कर सकेंगे, जब उनके तहत आने वाले सभी विभागों की रिपोर्ट पूरी हो जाएगी।
कक्षाएं रद्द हुईं तो फैकल्टी को देना होगा लिखित कारण
नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर कोई क्लास रद्द दर्ज की जाती है, तो सिस्टम फैकल्टी मेंबर के नाम के साथ उसका स्पष्ट कारण पूछेगा। मेडिकल लीव या प्रशासनिक काम जैसे कारण दर्ज करने होंगे, ताकि प्रशासन को पता चल सके कि पढ़ाई क्यों प्रभावित हुई।
लाइव डैशबोर्ड से रहेगी पूरी नजर इस पोर्टल के जरिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन के पास एक लाइव डैशबोर्ड रहेगा। इस पर एक क्लिक करते ही पूरे कैंपस में कितनी कक्षाएं हुईं, कितनी रद्द हुईं और किस विभाग ने रिपोर्ट देने में देरी की, सब आसानी से देखा जा सकेगा। डेटा की सुरक्षा के लिए कर्मचारी सिर्फ अपने विभाग का ही रिकॉर्ड देख सकेंगे।
शिक्षा, जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार छात्र संसद द्वारा आयोजित “बिहार छात्र संसद क्विज़ चैंपियनशिप–2026” का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रतियोगिता में नवादा जिले के विभिन्न विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों से हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रतियोगिता चार चरणों में आयोजित की गई थी, जिसमें कक्षा 5-6, कक्षा 7-8, कक्षा 9-10 और कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, संवैधानिक समझ और समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता को विकसित करना था। परीक्षा में भारतीय राजनीति, भारतीय संविधान, अर्थव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं गणित, समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs), लॉजिकल रीजनिंग, बिहार एवं नवादा विशेष तथा हिंदी साहित्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों से प्रश्न पूछे गए। उत्क्रमित मध्य विद्यालय–भरौसा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय–ओढ़नपुर, होली व्यू स्कूल, प्रज्ञा कोचिंग सेंटर, करतार कोचिंग सेंटर, लक्ष्य कोचिंग सेंटर, मदर टेरेसा स्कूल, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, देदौर, उच्च माध्यमिक विद्यालय, ओरैना, उत्क्रमित मध्य विधालय, नेमदारगंज, उच्च माध्यमिक विद्यालय–देदौर तथा उच्च माध्यमिक विधालय, नेमदारगंज सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। परीक्षा को निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में अलग-अलग परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बिहार छात्र संसद ने बताया कि प्रथम चरण की लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रत्येक वर्ग से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 15-15 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद इन चयनित विद्यार्थियों के बीच द्वितीय चरण (सेमीफाइनल क्विज़) आयोजित होगा। सेमीफाइनल से प्रत्येक वर्ग से 5-5 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले के लिए चुने जाएंगे। ग्रैंड फिनाले में चयनित प्रतिभागियों से दर्शकों की उपस्थिति में मंच पर मौखिक प्रश्नोत्तर (लाइव ओरल क्विज़ राउंड) कराया जाएगा। प्रतिभागियों के प्रदर्शन और सही उत्तरों के आधार पर प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान का निर्धारण होगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी/मोमेंटो, मेडल एवं सम्मान-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बिहार छात्र संसद की ओर से प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
शिवपुरी शहर में गुटबाजी के चलते युवकों पर हमले की घटना सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र में जन्मदिन मनाने जा रहे कुछ युवकों पर स्कॉर्पियो सवार चार आरोपियों ने सरिया और डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। पुरानी शिवपुरी के कुशवाह मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय अंकित कुशवाह ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। अंकित ने बताया कि 26 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे वह अपने दोस्तों देवेंद्र कुशवाह, दीपेश कुशवाह, योगेश कुशवाह, राहुल कुशवाह और मोहित कुशवाह के साथ अपने मित्र हिमांशु बाथम का जन्मदिन मनाने के लिए उसे लेने पिपरसमा जा रहा था। रास्ते में गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल के पास पीछे से एक बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो आई। उसमें से देवा रावत, अभि धाकड़, प्रिंस रावत और राजवीर गुर्जर उतरे और पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज करने लगे। जब अंकित ने विरोध किया, तो देवा रावत ने कांटेदार तार लगे डंडे से उसके बाएं हाथ पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोट आई। इसके बाद राजवीर गुर्जर ने सरिया से अंकित के सिर पर वार किया, जिससे खून बहने लगा। अंकित को बचाने आए देवेंद्र, दीपेश और योगेश के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। इस हमले में देवेंद्र की पीठ पर खरोंच आई, जबकि दीपेश के हाथ और पीठ तथा योगेश के कंधे, पीठ और कोहनी में चोटें आईं। हमलावर पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आरोपियों ने मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उनका उद्देश्य शहर में अपने गैंग का दबदबा दिखाना और लोगों में भय का माहौल पैदा करना था। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर देवा रावत, अभि धाकड़, प्रिंस रावत और राजवीर गुर्जर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केला छीलते समय दिखने वाले सफेद धागे जैसे रेशे आखिर क्या होते हैं? जानिए इनका वैज्ञानिक कारण, क्या इन्हें खाना सुरक्षित है और क्यों इन्हें हटाना सिर्फ आपकी पसंद पर निर्भर करता है.
केला दुनिया के सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोटैशियम, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत भी माना जाता है. लेकिन जब भी केला छीला जाता है, तो उसके साथ लंबे सफेद धागे जैसे रेशे भी निकलते हैं. कुछ लोग इन्हें बिना सोचे-समझे हटा देते हैं, जबकि कुछ इन्हें केले के साथ ही खा लेते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये रेशे क्यों होते हैं और क्या इन्हें खाना सुरक्षित है? आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण.
केले पर दिखाई देने वाले इन सफेद धागों को वैज्ञानिक भाषा में Phloem Bundles कहा जाता है. ये केले के अंदर मौजूद प्राकृतिक ऊतक (Tissues) होते हैं, जो फल के विकास के दौरान पोषक तत्व, पानी और प्राकृतिक शर्करा को पौधे से केले के हर हिस्से तक पहुंचाने का काम करते हैं. इन्हें आप केले की “सप्लाई लाइन” भी कह सकते हैं. जिस तरह हमारे शरीर में नसें पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को अलग-अलग अंगों तक पहुंचाती हैं, उसी तरह ये रेशे केले को बढ़ने और पकने में मदद करते हैं. इसलिए ये कोई खराबी या अतिरिक्त हिस्सा नहीं, बल्कि केले की संरचना का महत्वपूर्ण भाग होते हैं.
क्या ये रेशे खाने योग्य होते हैं?
हां, ये रेशे पूरी तरह खाने योग्य होते हैं और इन्हें खाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता. चूंकि ये फल का ही प्राकृतिक हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी नहीं है. कई लोग केवल इनके हल्के रेशेदार टेक्सचर की वजह से इन्हें निकाल देते हैं. अगर आप इन्हें केले के साथ खा लेते हैं, तो यह बिल्कुल सामान्य बात है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.
क्या इनमें भी पोषक तत्व मौजूद होते हैं?
इन रेशों पर अलग से बहुत ज्यादा वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन माना जाता है कि इनमें भी थोड़ी मात्रा में फाइबर और केले के कुछ पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं. चूंकि ये पूरे फल से जुड़े रहते हैं, इसलिए इनमें भी केले के समान कुछ प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि केले का मुख्य पोषण उसके गूदे से ही मिलता है, लेकिन इन रेशों को बेकार समझकर फेंकना जरूरी नहीं है.
लोग इन्हें हटाकर क्यों खाते हैं?
असल में इसका कारण स्वास्थ्य नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद है. कुछ लोगों को इन रेशों का स्वाद या बनावट पसंद नहीं आती. कई बार ये केले के गूदे से अलग होकर उंगलियों में चिपक जाते हैं, इसलिए लोग इन्हें निकाल देते हैं. खासकर बच्चों को ये रेशे पसंद नहीं आते. हालांकि इन्हें हटाने या न हटाने से केले की पौष्टिकता पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता.
विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …
भारत ने ब्लैक सी में एक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत के मामले में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया है। भारतीय नाविकों की यूनियनों ने हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को यूक्रेन के सामने मजबूती से उठाया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमवी ओमोर्फी पर 18 जुलाई को ब्लैक सी से गुजरते समय हमला हुआ था। मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जारी एक बयान में कहा था कि यह हमला कथित तौर पर रूसी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हुआ। हमले के समय जहाज पर 10 क्रू मेंबर सवार थे। इनमें 3 भारतीय नागरिक थे। हमले में भारतीय क्रू मेंबर और चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत हो गई। जहाज पर मौजूद दो अन्य भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं। भारत ने हमले की निंदा की भारत ने जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नागरिक क्रू मेंबर पर हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते। मंत्रालय ने सभी पक्षों से समुद्री आवाजाही की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यापार के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने की अपील की है। भारत का कहना है कि कमर्शियल शिपिंग रूट्स की सुरक्षा जरूरी है और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज था एमवी ओमोर्फी एमवी ओमोर्फी मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला बल्क कैरियर है। इसे 2010 में बनाया गया था। यह उस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जहां रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच व्यापारी जहाजों पर बार-बार हमले हुए हैं। इस घटना ने ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के सामने बढ़ते सुरक्षा जोखिम को भी सामने रखा है। भारतीय नाविक दुनिया की मर्चेंट नेवी में सबसे बड़े समूहों में शामिल हैं। भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी भारतीय अधिकारियों ने नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर ब्लैक सी या उसके आसपास के इलाकों में काम से पहले सुरक्षा जोखिमों का सावधानी से आकलन करने को कहा है। एडवाइजरी में नाविकों और शिपिंग कंपनियों को समुद्री मार्गों की पुष्टि करने, इंश्योरेंस कवरेज की जांच करने और इमरजेंसी प्रक्रियाओं को समझने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी असाइनमेंट को स्वीकार करने से पहले इन पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। हमले में यूक्रेनी ड्रोन के इस्तेमाल का आरोप भारतीय नाविकों की यूनियनों ने इस हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यूक्रेन की ओर से इस आरोप की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। हमले की जिम्मेदारी और इसकी पूरी परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध कॉपी में आगे की जानकारी नहीं दी गई है। भारत ने इससे पहले भी कमर्शियल शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। नई दिल्ली लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि समुद्री रास्तों से होने वाले वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखा जाए और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता न हो।
नीट पेपर लीक मुद्दे के बाद अब विरोधी पार्टियां E20 पेट्रोल नीति को लेकर विरोध करने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधा है। उन्होंने 1 अगस्त को दिल्ली में ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ कार्यक्रम का ऐलान किया है, जिसमें वाहन मालिकों, विशेषज्ञों और प्रभावित लोगों के साथ आगे की रणनीति बनाई जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल नीति से बहुत लोग परेशान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपील करते हुए कहा कि आप ही आगे आकर इस मुद्दे को सुलझा लीजिए। इससे पहले कि यह बी मुद्दा बनें, आपको आगे आना चाहिए।
1 अगस्त को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में महाजुटान E20 पेट्रोल के विरोध में जनसमर्थन जुटाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त (शनिवार) को राजधानी दिल्ली में एक विशाल टाउनहॉल कार्यक्रम का ऐलान किया है। इस विशेष कार्यक्रम को ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ का नाम दिया गया है। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पीड़ित लोग, वाहन मालिक और विशेषज्ञ सीधे तौर पर शामिल होंगे। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नागरिकों से अपील की गई है कि वे शनिवार दोपहर 12 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के लिए सुबह 11:30 बजे तक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंच जाएं। हजारों की संख्या में ऑनलाइन भी जुड़ेंगे लोग, हेल्पलाइन नंबर किया जारी केजरीवाल ने कहा कि जो लोग यहां पर नहीं पहुंच सकते हैं, उनके लिए ऑनलाइन जुड़ने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा उम्मीद है कि ऑनलाइन भी हजारों लोग जुड़ सकते हैं। इस लिए उन्होंने नंबर 85888- 33212 जारी किया है, इस नंबर पर व्हाट्सएप कीजिए। आपको एक लिंक भेजा जाएगा। जहां पर आप जुड़ कर इस अभियान में हिस्सा ले सकते हैं। आगे केजरीवाल ने कहा कि मैंने एक ऑनलाइन पटीशन शुरू की थी। जिसपर दो लाख से ज्यादा चिट्ठीयां आ चुकी हैं, जिन्हें लेकर मैं प्रधानमंत्री के घर भी जाउंगा।
Vivo ने एक और सस्ता फोन भारतीय बाजार में लॉन्च किया है। यह Vivo T5 सीरीज का यह चौथा फोन है। इससे पहले कंपनी इस सीरीज में Vivo T5 Lite 5G, Vivo T5 Pro 5G और Vivo T5x 5G भारतीय बाजार में उतार चुकी है। इसे Vivo T5e के नाम से पेश किया गया है। यह इस सीरीज का सबसे सस्ता फोन है, जिसे कंपनी ने 15,000 रुपये से कम कीमत में लॉन्च किया है।
Vivo T5e की कीमत
वीवो का यह स्मार्टफोन एक ही स्टोरेज वेरिएंट – 4GB RAM + 64GB में आता है। इसकी कीमत 13,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकता है। इसे दो कलर ऑप्शन – एयरो ब्लू और शैडो ग्रे में पेश किया गया है। वीवो इसके अलावा जल्द ही भारतीय बाजार में S2 सीरीज को लॉन्च करने वाला है। इस फोन से जुड़ी जानकारियां और लॉन्च डेट सामने आई है। इस फोन को अगले महीने भारत में पेश किया जा सकता है।
Vivo T5e के फीचर्स
Vivo T5e को कंपनी ने 6.74 इंच के HD+ रेजलूशन वाले डिस्प्ले के साथ पेश किया है। इस फोन में कंपनी ने LCD पैनल का इस्तेमाल किया है, जिसका रेजलूशन 720 x 1600 पिक्सल है। फोन का डिस्प्ले 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस सस्ते स्मार्टफोन को कंपनी ने IP65 रेटिंग के साथ पेश किया है। फोन में वाटर और डस्ट प्रूफ रेटिंग के साथ-साथ मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन भी मिलता है।
इस सस्ते फोन में Unisoc T7225 चिपसेट मिलता है, जिसके साथ 4GB रैम और 64GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 2TB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। यह सस्ता फोन सिंगल 8MP के रियर कैमरा के साथ आता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 5MP का कैमरा दिया गया है। यह स्मार्टफोन Android 16 पर बेस्ड ColorOS 16 पर काम करता है।
Vivo T5e में 5,500mAh की दमदार बैटरी मिलती है। इसके साथ 15W USB Type C चार्जिंग फीचर दिया गया है। वीवो के इस सस्ते फोन में कनेक्टिविटी के लिए WiFi, Bluetooth, डुअल सिम कार्ड जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स मिलेंगे।