उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के जैस गांव में सोमवार शाम एक हादसा हुआ। यहां गर्म दूध से झुलसने के कारण 11 माह के मासूम राजेश चंद्र की मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले गए, लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। जैस गांव निवासी राजेश चंद्र की उम्र 11 माह थी। सोमवार शाम करीब छह बजे घर में गर्म दूध रखा था। परिजनों ने बताया कि बच्चे के पिता गर्म दूध का बर्तन टांगने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके हाथ से दूध का बर्तन छूट गया। बर्तन गिरने से खौलता हुआ दूध पास खड़े मासूम राजेश चंद्र पर गिर गया।
गर्म दूध गिरने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत बच्चे को मौरावां अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उन्नाव जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। जिला अस्पताल में करीब सवा सात बजे डॉक्टरों ने राजेश चंद्र को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने भी मामले की जांच की। परिजनों ने बताया कि कुछ देर पहले तक घर में सब सामान्य था, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
Source link
11 महीने के मासूम पर गर्म दूध गिरा, मौत: उन्नाव में पिता के हाथ से छूटा बर्तन, अस्पताल में दम तोड़ा – Unnao News
बक्सर में 23 सितंबर को आएंगे CM सम्राट चौधरी: आगमन-वामन द्वादशी पर बदलेगा ट्रैफिक, 22 की रात से बड़े वाहनों की नो-एंट्री – Buxar News
बक्सर में वामन द्वादशी पूजा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रस्तावित आगमन को लेकर जिला पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है। पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से 20 सितंबर को जारी सूचना के मुताबिक, 22 और 23 सितंबर को शहर में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। 23 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कई प्रमुख रास्तों पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक या नियंत्रण रहेगा। 23 सितंबर को इन रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक नियंत्रण पुलिस के अनुसार, आईटीआई मोड़ से मठिया मोड़, हवाई अड्डा मोड़, सेंट्रल जेल मोड़, ठोरा पुल होते हुए ताड़का नाच तक जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहेगा। इसी तरह आईटीआई मोड़ से डीएवी मोड़, ज्योति चौक, बस स्टैंड, सिंडिकेट मोड़ होते हुए गोलंबर तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। गोलंबर से अहिरौली, कठकौली मोड़, चुरामनपुर और पड़री मोड़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी निर्धारित समय में यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा। चारपहिया, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग रूट पुलिस ने चारपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए वैकल्पिक रूट भी तय किए हैं। गोलंबर से सेमरीपुर पुल, मठिया पुल, मुनीम चौक, जमुना चौक और ठठेरी बाजार होते हुए पुलिस चौकी तक जाने का रास्ता निर्धारित किया गया है। पुलिस चौकी से रामरेखा घाट, पीपी रोड और मुनीम चौक की ओर जाने के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। मंदिर और घाट जाने वालों के लिए भी रूट तय पुलिस चौकी से नाथ बाबा पुल, जेल मोड़, श्री सुमेश्वर नाथ मंदिर, श्री वामन देव मंदिर, सिपाही घाट और तीन मोहानी घाट तक जाने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया है। वहीं, पुलिस चौकी से ज्योति चौक, अंबेडकर चौक, रेलवे स्टेशन और इटाढ़ी गुमटी की ओर जाने वालों के लिए भी निर्धारित मार्ग से आवागमन की व्यवस्था की गई है। चार जगहों पर होगी वाहनों की पार्किंग पुलिस ने शहर में वाहनों की पार्किंग के लिए चार स्थान तय किए हैं। इनमें किला मैदान, बाजार समिति कैंपस, सिपाही घाट और रेलवे स्टेशन के बगल में माल गोदाम के सामने पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। किला मैदान और बाजार समिति कैंपस में ट्रैक्टर, पिकअप समेत छोटी-बड़ी गाड़ियों की पार्किंग की जा सकेगी। सिपाही घाट पर छोटे वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए पार्किंग रहेगी। माल गोदाम के सामने मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, ट्रक और चारपहिया वाहनों की पार्किंग निर्धारित की गई है। मरीज और एंबुलेंस को नो-एंट्री से छूट पुलिस ने मरीजों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को नो-एंट्री से मुक्त रखा है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अपने साथ रेलवे टिकट रखना होगा। पुलिस ने आम लोगों से अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहन लेकर शहर में नहीं निकलने की अपील की है। 22 सितंबर की रात से बड़े वाहनों की नो-एंट्री वामन द्वादशी और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए 22 सितंबर की रात 8 बजे से 23 सितंबर की रात 10 बजे तक बक्सर शहर में बड़े वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। पुलिस ने लोगों से निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
Source link
अशोका गार्डन, दानिश हिल्स-हिनोतिया में कल बिजली कटौती: भोपाल के 35 इलाकों में असर; बसंतकुंज-कान्हाकुंज में भी सप्लाई नहीं – Bhopal News
भोपाल के करीब 35 इलाकों में मंगलवार को 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिश हिल्स, कान्हाकुंज, राजीव नगर, हिनोतिया, अनंतपुर कोकता, अशोका गार्डन, प्रकाश नगर, भेल नगर, बसंतकुंज, वर्धमान नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
Source link
ईरान के आसमान में फिर UFO का दावा: 1976 में भी दिखा था ऐसा ऑब्जेक्ट, पीछा करने पहुंचे फाइटर जेट के सिस्टम फेल हुए थे
7 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में चमकती अलग-अलग रंगों की लाइट वाला एक ऑब्जेक्ट दिखाई देने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो सामने आए हैं। लोग दावा कर रहे हैं की यह UFO हो सकता है।ऑब्जेक्ट काफी नीचे उड़ रहा था।
50 साल पहले 19 सितंबर 1976 में भी तेहरान के आसमान में ऐसा ही एक चमकीला ऑब्जेक्ट दिखने की घटना सामने आई थी। इस ऑब्जेक्ट की जांच के लिए ईरान ने F-4 फाइटर जेट भेजे थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक फाइटर जेट जब ऑब्जेक्ट के करीब पहुंचा तो उसके कुछ सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। पायलट पीछे हटा तो सिस्टम फिर सामान्य हो गया।
आधिकारिक रिकॉर्ड में यह साबित नहीं हुआ कि वह चीज आखिर थी क्या। बाद में यह घटना UFO पर रिसर्च करने वाले लोगों के बीच काफी चर्चित हो गई।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर सामने आया यह वीडियो रविवार 20 सितंबर का बताया जा रहा है। एक पोस्ट में दावा किया गया कि इसे तेहरान के आजादेगान एक्सप्रेसवे के पास देखा गया।
हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ऑब्जेक्ट वास्तव में किस जगह था, कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसकी रफ्तार कितनी थी और उसका आकार कितना बड़ा था।
ईरानी अधिकारियों ने भी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि यह ऑब्जेक्ट क्या था या इससे कोई खतरा था।
ड्रोन से लेकर पतंग तक के दावे
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं। कुछ लोगों ने अमेरिका के साथ चल रही जंग के कारण कहा कि यह कोई सैन्य ड्रोन हो सकता है। कुछ ने एक साथ उड़ रहे कई ड्रोन होने की बात कही।
वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दूर से देखने पर ये लाइट किसी पतंग या किसी दूसरे ऑब्जेक्ट की भी हो सकती हैं। साइबर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी इनमें से किसी दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान की US को धमकी- नए ठिकानों पर हमला करेंगे
ये वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी दी।
IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका के साथ तनाव और बढ़ता है तो ईरान नए हथियार और नई सैन्य रणनीति इस्तेमाल करेगा। साथ ही उन जगहों को भी निशाना बनाया जाएगा, जहां पहले हमला नहीं किया गया है।
IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरान लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। अगर लड़ाई और बढ़ती है तो ईरान अपनी रक्षा और जवाबी कार्रवाई के तरीके में बड़े बदलाव करेगा।
अमेरिकी रिकॉर्ड में भी 1976 की घटना का जिक्र
1976 की घटना अमेरिकी सरकार के रिकॉर्ड में भी मौजूद हैं। अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के आर्काइव में इस घटना से जुड़ी जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ की रिपोर्ट, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट और अमेरिकी डिफेंस की रिपोर्ट शामिल हैं।
इन दस्तावेजों से इतना जरूर पता चलता है कि 1976 में तेहरान में ऑब्जेक्ट देखे जाने की घटना की आधिकारिक रिपोर्ट बनी थी और इसकी जांच की गई थी।
हालांकि, ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि वह ऑब्जेक्ट और इस हफ्ते तेहरान में रिकॉर्ड किए गए वीडियो का आपस में कोई संबंध है।
———————
यह खबर भी पढ़ें…
अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति

अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें…
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण का मामला उठाया: बोला- हम किसी धर्म-त्योहार के नहीं, शोर के खिलाफ; राज्य सरकार से गाइडलाइन मांगी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं है। चिंता केवल त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होने वाले शोर को लेकर है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर चिंता जताई। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 22 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह भी बताने को कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों के दौरान इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जुलूसों में शोर-वायु प्रदूषण पर भी निशाना साधा बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण पर भी ध्यान दिया। साथ ही DJ और रंगीन धुआं छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारों का जश्न नागरिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक उत्सव संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते। जश्न जरूर मनाए जाने चाहिए, लेकिन वे हजारों नागरिकों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं मनाए जा सकते, जो इससे गंभीर रूप से और बुरी तरह प्रभावित होते हैं और चुपचाप परेशानी झेलते हैं। आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की परमिशन पर भी सवाल बेंच ने कहा, “हमें इन जुलूसों में आधी रात यानी 12:00 बजे तक इतना तेज संगीत बजाने की इजाजत देने में कोई तर्क समझ नहीं आता, जबकि हमें बताया गया है कि ऐसे जुलूसों के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर के इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ रात 10 बजे तक ही होती है।” कोर्ट ने कहा कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रहा है। बेंच ने कहा, “मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यह सही समय है कि शोर और वायु प्रदूषण फैलाने वाले और हवा को जहरीला बनाने वाले पटाखों पर रोक लगाई जाए, ताकि एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।” कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
Source link
2 मिनट में तैयार करें टेस्टी नाश्ता, आटा-बेसन-दूध से बनाएं पराठा, सब्जी की जरूरत नहीं
Last Updated:
Ranchi Famous Food: कई बार लोग सुबह ऑफिस या फिर काम में जाते हैं तो सुबह नाश्ता बनाने का टाइम नहीं होता है. ऐसे में आप आटा और बेसन व दूध को मिलाकर एक लिक्विड बैटर तैयार कर सकते हैं. इसका पराठा बेहद ही स्वादिष्ट लगता है. इसमें दो-चार मसाले और डाले जाते हैं. इसलिए इसमें सब्जी की जरूरत नहीं पड़ती है. आप अचार के साथ खा सकते हैं. इसके साथ ही इसे बनाने में मात्र 2 मिनट का समय लगता है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
इसे बनाने के लिए रांची की गृहणी उषा बताती हैं कि इसके लिए आप एक कंटेनर में थोड़ा सा आटा ले लीजिए. फिर थोड़ी सी सूजी ले लीजिए. अब इसमें कटा हुआ प्याज डालिए थोड़ा सा मिर्च, काली मिर्च, थोड़ी सी हल्दी, धनिया पाउडर और स्वाद अनुसार नमक इन सभी को लेकर अच्छे से मिलाना पड़ता है.
आपको इसमें दूध या पानी भी डाल सकते हैं. किसी को दूध से एलर्जी है तो ऐसे में पानी डालिए, अन्यथा आप दूध डाल दीजिए. ध्यान रहे, बैटर जो एकदम पानी की तरह होना चाहिए. मतलब एकदम पतला और सभी को अच्छे से मिलाकर फिर एक बड़ा तवा या फिर गैस पर चढ़ा दीजिए. एक चम्मच तेल डालिए और तेल गर्म हो जाना चाहिए.
इसके बाद गर्म तेल में बैटर डाल दीजिए. इसे डालने के बाद इसको ढक के रख दीजिए और एकदम लो फ्लेम में रखिये. तभी ये अच्छे से पकेगा आप देखेंगे 10 मिनट बाद यह खुद ही तवा छोड़ने लगा है. फिर इसे पलट जानें दीजिये.
Add News18 as
Preferred Source on Google
दोनों तरफ अच्छे से पकने के बाद नीचे उतार लीजिए और थोड़ा सा अचार लीजिए और खाकर देखिये क्या स्वादिष्ट लगता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी तरह की कोई भी मेहनत नहीं लगती है. बस दो-तीन चीज डालकर पानी या फिर दूध डाल देना होता है.
आप अपना ऑफिस का भी काम कर सकते हैं और 10- 15 मिनट के लिए इसे ढक कर छोड़ सकते हैं. इसीलिए इसे सबसे आसान रेसिपी कहा जाता है. खासतौर पर वैसे लोग जिनका सुबह में जाने की हड़बड़ी होती है.
रांची की रेशमा का कमाल, तसर सिल्क पर चिकनकारी का अनोखा संगम, 1 सूट की कीमत 25 हजार
Last Updated:
Women Success Story: झारखंड की राजधानी रांची की रेशमा खासतौर पर चिकनकारी पर काम करती हैं. उन्होंने बताया कि चिकनकारी और झारखंड का ट्रेडिशनल तसर सिल्क है. हम दोनों के कंबीनेशन पर काम करते हैं. यानी की तसर सिल्क कुर्ती और उसके ऊपर चिकनकारी का काम होता है. इसे खास कारीगर से बनाया जाता है. ऐसा कांबिनेशन आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगा. आइये जानते हैं रेशमा के इस बिजनेस के बारे में.
इस एक सूट की कीमत 5000 से ₹20,000 तक होती है. इसके डिजाइन से लेकर सब कुछ वह अपने हाथों से ही करती हैं. आज 47 साल की उम्र में वह आत्मनिर्भर हैं. हालांकि, इंडिपेंडेंस तो वह पहले भी थी, लेकिन अपने पति के दम पर थी, लेकिन खुद के दम पर आत्मनिर्भर होने का मजा ही कुछ और होता है. अब बाहर घूमने का भी मौका मिलता है. बड़े-बड़े शहरों में जाकर हम एग्जीबिशन में अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी करते हैं.
ऐसा कलेक्शन आपको दूसरा कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा. क्योंकि, तसर सिल्क में चिकनकारी का महीन काम होता है और खास बात ये है कि यह एकदम हाथ से होता है. मशीन का कोई काम नहीं होता, सलवार सूट बनाया जाता है यह भी हाथ से ही बनाया जाता है और उसके ऊपर जो काम होता है वह भी हाथ से होता है.
यही कारण है कि एक सूट बनने में 25 दिन का समय लग जाता है. इसीलिए इसकी कीमत 25000 तक चली जाती है. 4 से 5 कारीगर मिलकर एक सलवार सूट को तैयार करते हैं. इसके साथ ही उनके पास साधारण चिकनकारी भी है, जिसमें आपको कम से कम 25 से 30 कलर देखने को मिलेगी.
Add News18 as
Preferred Source on Google
आप जैसा कलर चाहेंगे हम वैसा आपको देंगे. हम खुद डिजाइन करते हैं और कलर भी करते हैं. रेशमा बताती हैं कि मैंने सोचा कि लोगों को ओरिजिनल चीज़ पहनाना है. अगर मुझे बिजनेस करना ही है तो क्यों ना कुछ ऐसा ओरिजिनल चीज का करूं.
जो भले दो ही पीस बिके, लेकिन वह शानदार हो. इसीलिए उन्होंने क्वालिटी पर फोकस किया. चिकनकारी तसर यह हमारे ट्रेडिशन का है और अब आलम यह है कि साउथ से लेकर बेंगलुरु, चेन्नई तक इसके ऑर्डर आते रहते हैं.
सूरत में कर्मचारी ने ₹24 करोड़ का सामान फूंका…VIDEO: मालिकों ने वेतन का ₹10000 नहीं दिया तो ₹150 के पेट्रोल से मार्केट में आग लगाई
गुजरात में सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर की रात भीषण आग लग गई थी। अब इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आग मार्केट में ही काम करने वाले एक अकाउंटेंट ने लगाई थी। आरोपी की पहचान विनोद पंडित सावले (33 वर्ष) के रूप में हुई है। सूरत क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 10 हजार रुपए के बकाया वेतन को लेकर दो मालिकों से बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। इसके लिए वह 150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था और दुकान के बाहर रखे कपड़ों के पार्सल में आग लगाकर फरार हो गया था। हालांकि, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि इससे कई और दुकानदारों का भी करोड़ों का नुकसान हो जाएगा। दो दुकानों से 30 हजार रुपए का वेतन मिलता था क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की पहचान की आरोपी विनोद पंडित सावले (33 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसने अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी मार्केट जे कॉर्प इंडिया और जगदंबा टेक्सटाइल में अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी। उसे 30 हजार रुपए का मासिक वेतन मिलता था। उसका कहना है कि मालिक सुमितभाई और हनुमान द्वारकाप्रसाद जवेर उसे सही से काम न आने की बात कहकर बहुत परेशान करते थे। इसी से तंग आकर उसने अगस्त में नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने पर उसे 20 हजार रुपए ही दिए गए थे। उसका करीब 10 हजार रुपए वेतन बकाया था। बार-बार मांगने के बावजूद रकम नहीं मिल रही थी। इसी बात से गुस्सा होकर उसने मालिकों को सबक सिखाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। 150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था विनोद ने सूरत क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने 8 सितंबर की रात करीब 10 बजे 150 रुपए का पेट्रोल प्लास्टिक की बोतल में खरीदा और उसे अपने बैग में रख लिया था। इसके बाद बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बैठकर उसने पूरे मार्केट के खाली होने के इंतजार किया। रात करीब साढ़े 12 बजे जब पूरा मार्केट खाली हो गया तो उसने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और दुकान के बाहर रखे कपड़ों के पार्सलों पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस लगा दी और भाग निकला। आग इतनी तेजी से फैली कि अलग-अलग दुकानों में रखा कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया था। इस घटना में 14 दुकानदारों को 24 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की करवाई शुरू की है। अगले दिन न्यूज चैनल पर देखा कि उसके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है अगले दिन सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर आ की खबर देखने के बाद उसे पता चला कि भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद उसे न्यूज चैनलों से यह भी पता चला कि सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान हो गई है और FIR भी दर्ज हो गई है तोवह डर गया। अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर पत्नी और बच्चे के साथ राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर चला गया। वहां से अयोध्या पहुंचा। बीते दिन ही रविवार को वह सूरत लौटा था। मुखबिरों की सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे अरेस्ट कर लिया। ———————- ये खबर भी पढ़ें… ‘करोड़ों की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए बेटे को मुस्लिम बनाया’:शामली में पिता बोले- महिला जिम ट्रेनर ने फंसाया, फर्जी निकाह किया ‘मेरे 27 साल के बेटे को जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्यार के जाल में फंसाया। फिर धर्मांतरण करवाकर हिंदू से मुस्लिम बनाया। बाद में फर्जी तरीके से निकाह कर लिया।’ ये कहना है कि शामली के करोड़पति दवा कारोबारी देवराज सिंह का। उन्होंने कहा, बेटे ने पाकिस्तान का यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर रखा था। पूरी खबर पढ़ें…
Source link
3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर बिना खर्च लगेगा: केंद्र-दिल्ली सरकार की 1.56 लाख रुपए तक सब्सिडी; पीएम सूर्य घर योजना का पोर्टल लॉन्च – New Delhi News
पोर्टल का शुभारंभ करती हुई दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता व अन्य
सेवा संकल्प अभियान के तहत दिल्ली सरकार ने सोमवार को पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के पंजीकरण पोर्टल का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि केंद्र और दिल्ली सरकार मिलकर 3 किलोवाट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर 1.
.
उन्होंने बताया कि 400 यूनिट तक औसत मासिक बिजली खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 किलोवाट तक का सिस्टम बिना शुरुआती खर्च लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
उपभोक्ता solar.delhi.gov.in पर जाकर रूफटॉप सोलर के लिए पंजीकरण करा सकते हैं।
केंद्र और दिल्ली की 78-78 हजार रुपए सब्सिडी
केंद्र सरकार 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी देती है। दिल्ली सरकार ने भी इतनी ही राशि की राज्य सब्सिडी देने का निर्णय लिया है।
इस तरह कुल 1.56 लाख रुपए तक की सहायता उपलब्ध होगी। सिस्टम की लागत में अतिरिक्त अंतर होने पर उसे भी उपलब्ध सरकारी सहायता के माध्यम से पूरा करने की व्यवस्था की जाएगी।
सोसायटी और छोटे घर भी योजना में शामिल
ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के कॉमन एरिया और खुले स्थानों में सोलर सिस्टम लगाने के लिए सब्सिडी 2,000 से बढ़ाकर 11,000 रुपए प्रति किलोवाट की गई है।
कम जगह वाले घरों के लिए 2 किलोवाट तक के छोटे सिस्टम को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार ने ऐसे छोटे सिस्टम की हिस्सेदारी 50% तक रखने का लक्ष्य तय किया है।
कम बिजली खपत पर अतिरिक्त प्रोत्साहन
0 से 200 यूनिट तक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। सोलर लगाने के बाद खपत घटाने पर बचाई गई बिजली की आधी मात्रा के बराबर वित्तीय प्रोत्साहन देने की व्यवस्था है।
उदाहरण के तौर पर 200 से 50 यूनिट खपत होने पर बची 150 यूनिट के लिए 75 यूनिट के बराबर प्रोत्साहन मिलेगा।
पांच साल तक विक्रेता करेगा रखरखाव
सरकार ने डिस्कॉम के साथ ट्रस्टीशिप मॉडल तैयार किया है। इसके तहत शुरुआती पांच साल तक सिस्टम के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी अधिकृत विक्रेता की होगी।
इसके बाद भी सिस्टम की 25-30 साल की अनुमानित अवधि में डिस्कॉम के माध्यम से न्यूनतम शुल्क पर रखरखाव की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
यूएलए मॉडल के तहत पात्र कम आय वाले परिवारों को बिना शुरुआती खर्च रूफटॉप सोलर लगाने की सुविधा दी जाएगी।
Samsung Galaxy S26 FE Review: कैमरा और डिजाइन को पूरे नंबर, जानें हमें कैसा लगा
Samsung Galaxy S26 FE
- Display
- Processor
- Front Camera
- Rear Camera
- Ram
- Storage
- Battery
- Os
- Resolution
- Display6.7-inch FHD+ Dynamic AMOLED 2X
- ProcessorSamsung Exynos 2500
- Front Camera12MP
- Rear Camera50MP (OIS) + 12MP + 8MP
- Ram8GB
- Storage256GB
- Battery4,900mAh, 45W, 15W
- OsAndroid 17, OneUI 9
- Resolution2,340 x 1,080
Samsung Galaxy S26 सीरीज का सबसे अफोर्डेबल मॉडल हाल ही में ग्लोबली लॉन्च हुआ है। कंपनी ने इस ‘फैन एडिशन’ स्मार्टफोन को भारत में सेल के लिए उपलब्ध करा दिया है। यह फोन ग्लोबल मार्केट में तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 8GB RAM + 512GB में पेश किया है। हालांकि, भारत में यह केवल 8GB RAM + 256GB में लॉन्च हुआ है, जिसकी कीमत 79,999 रुपये है। यह डिवाइस तीन कलर ऑप्शन – Pistachio, Blueberry और Graphite में आता है। हमने इसका Pistachio कलर यूज किया है। हमें यह कैसा लगा है? आइए जानते हैं…
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
कैसा है डिजाइन?
दक्षिण कोरियाई कंपनी ने इस फोन का लुक और डिजाइन इस सीरीज के अन्य मॉडल की तरह ही रखा है। आपको डिजाइन में यूनिफॉर्मिटी देखने को मिलेगी। कंपनी ने इस डिवाइस को लाइटवेट रखने की कोशिश की है। फोन के साइड में एल्युमीनियम बॉडी का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, बैक पैनल में ग्लास का यूज किया गया है। फोन का वजन महज 193 ग्राम है, जिसकी वजह से इसे आप आसानी से सिंगल हैंड में यूज कर सकते हैं। फोन के साइड में वॉल्यूम और पावर बटन मिलेगा। वहीं, नीचे की तरफ चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर्स के साथ-साथ सिम कार्ड स्लॉट भी मिलता है।
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
यह फोन IP68 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में गिरने या फिर धूल में खराब नहीं होगा। इसके प्रोटेक्शन के लिए कंपनी ने फ्रंट और बैक दोनों में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस प्लस का यूज किया है। फोन के ओवरऑल डिजाइन की बात करें तो कंपनी ने इसके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है। यह देखने में Galaxy S26 और Galaxy S26 Plus की तरह ही लगता है। खास तौर पर यह Pistachio कलर वेरिएंट देखते ही आपको पसंद आ सकता है।
डिस्प्ले एक्सपीरियंस
सैमसंग के इस फ्लैगशिप फोन में 6.7 इंच का बड़ा FHD+ डायनैमिक AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और 1,900 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। फोन के डिस्प्ले के ओवरऑल एक्सपीरियंस की बात करें तो कंपनी ने इसमें बेहद ही पतले बेजल वाला डिस्प्ले पैनल दिया है। फोन के चारों बेजल बेहद पतले हैं और एज-टू-एज वाली फील देते हैं।
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
जब भी आप इस फोन के डिस्प्ले पर कोई कंटेंट देखते हैं तो आपको इमर्सिव व्यूइंग एक्सपीरियंस मिलेगा। इस फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 2340 x 1080 पिक्सल है, जिसकी वजह से इमेज में ठीक-ठाक शार्पनेस देखने को मिलती है। फोन पर वीडियो कंटेंट देखते समय आपको नेचुरल कलर दिखाई देगा। इस फोन के डिस्प्ले पर डायरेक्ट सनलाइट पड़ने पर भी आपको कंटेंट सही दिखाई देंगे।
कैसी है परफॉर्मेंस?
दक्षिण कोरियाई कंपनी का यह फोन अपग्रेडेड Exynos 2500 चिपसेट पर काम करता है। इस फोन में 8GB रैम और 256GB स्टोरेज मिलता है। इसमें दो 5G नैनो सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। फोन में कंपनी ने 3nm ऑक्टाकोर प्रोसेसर यूज किया है, जिसे सैमसंग ने खुद बनाया है। यह कंपनी का फ्लैगशिप चिपसेट है, जिसमें आपको ठीक-ठाक परफॉर्मेंस मिल जाती है। मल्टी-टास्किंग करते समय आपको फोन की परफॉर्मेंस से कोई शिकायत नहीं मिलेगी। सबकुछ बेहद ही स्मूद तरीके से होता है। ऐप स्वीच से लेकर मल्टीपल विंडो में आप आसानी से बिना अटके स्विच कर सकते हैं।
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
हालांकि, फोन पर आप लंबे समय तक गेम खेलते हैं या फिर लंबे समय तक वीडियो रिकॉर्डिंग करते हैं तो बैक पैनल में गरमाहट महसूस होगी। थोड़ी देर बाद फोन कूल ऑफ हो जाता है, जिसके बाद आप इसे दोबारा यूज कर सकते हैं। यह फोन 4900mAh की बैटरी और 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। इसमें 15W वायरलेस चार्जिंग का भी इस्तेमाल किया गया है।
कंपनी ने इस फोन के साथ चार्जिंग अडैप्टर नहीं दिया है। आप इसे अलग से खरीद सकते हैं। इस फोन की बैटरी को आप सिंगल चार्ज करके पूरे दिन आसानी से यूज कर सकते हैं। स्टैंडबाई मोड में इस फोन की बैटरी काफी दिनों तक चलती है। फोन के साथ कंपनी ने अडेप्टर नहीं दिया है। मैनें इसे Google Pixel के 33W वाले चार्जर से चार्ज किया है। फोन को 0 से फुल चार्ज होने में तकरीबन 70 से 75 मिनट का समय लगता है।
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
यह फोन लेटेस्ट Android 17 पर बेस्ड OneUI 9.0 के साथ आता है। फोन में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी दी गई है। यह फोन कंपनी के Knox सिक्योरिटी के साथ आता है। फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम बेहद ही यूजर फ्रेंडली है। साथ ही, सैमसंग के फोन में आपको बेहतर सिक्योरिटी लेयर मिल जाता है। हालांकि, कंपनी ने फोन के साथ कई प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स दिए हैं, जो आपको इरिटेट कर सकते हैं। हालांकि, बाद में इसे आप अपनी सहूलियत के हिसाब से डिलीट भी कर सकते हैं।
कैमरा एक्सपीरियंस
सैमसंग का यह फैन एडिशन फ्लैगशिप फोन ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें 50MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 12MP का अल्ट्रा वाइड और 8MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। फोन का टेलीफोटो कैमरा 3x ऑप्टिकल जूम को सपोर्ट करता है। इस स्मार्टफोन में सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 12MP का कैमरा दिया गया है। इस स्मार्टफोन का कैमरा इस सीरीज के अन्य मॉडल की तरह ही दमदार है।
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
इस फोन से आप डे लाइट में ठीक-ठाक तस्वीर क्लिक कर सकते हैं। फोन का कैमरा ऐप यूजर फ्रेंडली है, जिसकी वजह से आप कैमरे की सेटिंग्स को आसानी से एक्सेस कर लेते हैं। दिन के समय में फोन के कैमरे से ली गई तस्वीर में आपको नेचुरल कलर मिलेगा। वहीं, फोन से तस्वीर कैप्चर करने के बाद इसका ऐप इसे प्रोसेस करता है। हालांकि प्रोसेस किया हुआ तस्वीर थोड़ा एडिटेड लगता है।
लो-लाइट या कम रोशनी में ली गई तस्वीर भी ठीक आती है। यह थोड़ी पिक्सलेट होती है और तस्वीर को जूम करने पर हल्का धूंधलापन नजर आएगा। हालांकि, आप फ्लैश लाइट ऑन करने के बाद अगर तस्वीर लेते हैं तो यह अच्छा आता है। लो लाइट में हम आपको फ्लैश लाइट के साथ ही तस्वीर क्लिक करना रेकोमेंड करेंगे। सेल्फी कैमरे की बात करें तो यह ठीक-ठाक है। आप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने के लिए अच्छी तस्वीर क्लिक कर सकते हैं।
सैमसंग गैलेक्सी एस26 एफई
हमें कैसा लगा फोन?
सैमसंग का यह फोन देखने में काफी आकर्षक लगता है। कंपनी ने फोन के डिजाइन को यूनिफॉर्म रखने की कोशिश की है। इसमें मेटल और ग्लास का यूज किया गया है। साथ ही, यह ड्यूरेबल भी है, जिसकी वजह से इसे कैरी करना आसान है। फोन लाइटवेट और स्लिम डिजाइन में आता है। इसके परफॉर्मेंस की बात करें तो यह फोन ठीक-ठाक परफॉर्मेंस देता है। हालांकि, सैमसंग के इस फोन में भी गर्म होने वाली दिक्कत है। सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी के मामले में यह फोन आपको निराश नहीं करेगा।
कैमरा की बात करें तो यह आपको निराश नहीं करेगा। इस सीरीज के अन्य मॉडल की तरह ही कंपनी ने फोन का कैमरा बेहतर रखा है। खास तौर पर डे लाइट में इससे आप नेचुरल तस्वीर क्लिक कर सकते हैं। वीडियोग्राफी और शूटिंग के लिए यह फोन एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है। फोन की कीमत थोड़ी ज्यादा है। हालांकि, इस साल लॉन्च हुए सभी फोन ओवरप्राइस्ड ही हैं।
यह भी पढ़ें – Motorola ने टीज किया 200MP कैमरा वाला फ्लैगशिप फोन, मिलेंगे तगड़े फीचर्स


