Monday, June 1, 2026
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चीन की कैंसर दवाओं से इलाज को मिली नई दिशा: KGMU में एक्सपर्ट्स ने कहा- स्मोकिंग कर रहा कैंसर – Lucknow News



KGMU में एक्सपर्ट्स बोले- चीन की नई कैंसर रोधी दवाओं से इलाज को मिलेगी नई दिशा।

कैंसर के इलाज के क्षेत्र में जल्द ही एक नई उम्मीद देखने को मिल सकती है। चीन में विकसित की गई नई कैंसर रोधी दवाएं विभिन्न प्रकार के कैंसर पर सीधे और प्रभावी तरीके से हमला करने में सक्षम बताई जा रही हैं। इन दवाओं के भारतीय बाजार में आने से कैंसर मरीजों

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KGMU के कलाम सेंटर में जार्जियन एल्युमनाय एसोसिएशन की तरफ से कार्यशाला हुई। आयोजक सचिव डॉ.सुधीर सिंह ने बताया कि नई दवाएं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ लड़ने में मदद करती हैं। दवा की निर्धारित डोज लेने के बाद शरीर में ऐसी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित होती है, जो कैंसर कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने का प्रयास करती है। इससे इलाज की प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना है।

कैंसर को लेकर रहना होगा अलर्ट

डॉ.सुधीर ने बताया कि इन दवाओं की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि वे ट्यूमर तक पहुंचने वाली रक्त आपूर्ति को बाधित करती हैं। ट्यूमर को बढ़ने और फैलने के लिए लगातार रक्त और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। नई दवाएं इस सप्लाई को रोककर कैंसर की वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

डॉ.सुधीर सिंह के अनुसार फेफड़े, पेट और शरीर के अन्य अंगों में होने वाले कई प्रकार के कैंसर में इन दवाओं के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसके अलावा रक्त कैंसर के कुछ प्रकारों में भी इनके प्रभावी होने की संभावना जताई जा रही है। प्रारंभिक अध्ययनों और परीक्षणों में मरीजों की स्थिति में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।

कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद ने एलुमनी एसोसिएशन के कार्यक्रम को सार्थक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में उपचार के साथ साथ रोकथाम की समझ बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

धूम्रपान से बनाना होगी दूरी

KGMU रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने कहाकि बीडी और सिगरेट फेफड़े के कैंसर के लिए जिम्मेदार है। लिहाजा धूम्रपान से तौबा करें। कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ.एमएलबी भट्ट ने कहा कि कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। जीवनशैली में सुधार कर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ये भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैंसर संस्थान के डॉ. प्रमोद कुमार, KGMU प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, डॉ. उमा सिंह, हड्डी रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जीके सिंह, डॉ. विनीत शर्मा समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।



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दष्टौन में देवर की गोली से भाभी की मौत: पति-देवर ने लाश को फ्रीजर में छुपाया, गुपचुप अंतिम संस्कार की थी तैयारी, पुलिस ने दबोचा – Gwalior News




शहर के थाटीपुर इलाके में रविवार को हत्या की एक सनसनीखेज वारदात हुई है। बेटे के दष्टौन (छठी/नामकरण) समारोह की खुशियों के बीच चाचा द्वारा अवैध कट्टे से की जा रही हर्ष फायरिंग की तैयारी में कट्‌टा लोड-अनलोड करते समय गोली चल गई। कट्टे से निकली गोली सीधे बच्चे की मां (भाभी) के सिर में जा धंसी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इसके बाद जो हुआ, उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस और कानून के डर से पति और देवर ने मिलकर मृतका के शव को एक डीप फ्रीजर के अंदर छुपा दिया। रविवार रात के अंधेरे में जब सब शांत हुआ, तो शव को जलाकर सबूत मिटाने की तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त पर मुखबिर की सूचना ने इस भयानक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर जांच शुरू कर दी है। भतीजे के जन्म की खुशी में कट्टा चमका रहा था चाचा
ग्वालियर के थाटीपुर में नदीपार टाल स्थित तृप्ती नगर इलाके में रहने वाले मनोज कुशवाह की 32 वर्षीय पत्नी जाहनवी उर्फ ज्योति कुशवाह के बेटे का रविवार सुबह दष्टौन समारोह चल रहा था। घर में मेहमान जुटे थे और मंगल गीत गाए जा रहे थे। इसी दौरान बच्चे का चाचा (मनोज का छोटा भाई) योगेश कुशवाह भतीजे के जन्म की खुशी में फायरिंग की तैयारी कर रहा था। वह बार-बार अवैध कट्‌टे को लोड अनलोड कर रहा था। पास ही ज्योति का पति मनोज भी खड़ा था। लोड-अनलोड करते समय चली गोली, सीधे सिर में धंसी
चश्मदीदों के मुताबिक, सुबह करीब 10:00 से 11:00 बजे के बीच जब योगेश अपने अवैध कट्टे को लोड और अनलोड (गोली भरना और निकालना) कर रहा था, तभी अचानक ट्रिगर दब गया। कट्टे से निकली हुई गोली कुछ ही दूरी पर बैठी मां ज्योति के सिर को चीरते हुए पार हो गई। गोली लगते ही ज्योति जमीन पर गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मातम के बीच साजिश लाश को फ्रीजर में डाला
गोली चलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। लेकिन पुलिस कार्रवाई और जेल जाने के डर से पति मनोज और देवर योगेश ने मिलकर एक बेहद शातिर योजना बनाई। दोनों भाइयों ने तुरंत बाजार से एक बड़ा डीप फ्रीजर मंगवाया। ज्योति के शव को चादर में लपेटकर उस फ्रीजर के अंदर बंद कर दिया, ताकि लाश सड़े नहीं और किसी को भनक न लगे। आधी रात को श्मशान ले जाने की तैयारी
रविवार रात करीब 11:00 बजे जब मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया, तो दोनों भाइयों ने फ्रीजर से बॉडी निकाली और चुपचाप अंतिम संस्कार (शव को जलाने) के लिए गाड़ी का इंतजाम करने लगे। आसपास बीमारी से मौत की कहानी सुना दी, जिससे मोहल्ल्ले में कोई शक न करे। पड़ोसी की सजगता से खुली पोल; पुलिस को देख भागे आरोपी
आरोपियों की बदकिस्मती रही कि मोहल्ले के ही एक शख्स ने फ्रीजर आने और रात में शव को गुपचुप ले जाने की संदिग्ध हलचल को ताड़ लिया। उसने तुरंत थाटीपुर थाना पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही थाटीपुर पुलिस बल के साथ मौके पर आ धमकी। पुलिस की गाड़ियां देखते ही आरोपी पति मनोज और कातिल देवर योगेश शव को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने फ्रीजर से शव को अपने कब्जे में लिया और तुरंत फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कोक सिंह को वैज्ञानिक जांच के लिए स्पॉट पर बुलाया। पुलिस का कहना
“हर्ष फायरिंग की तैयारी के लिए कट्‌टा लोड अनलोड करते समय महिला जाहनवी उर्फ ज्योति कुशवाह की सिर में गोली लगने से मौत हुई है। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव को डीप फ्रीजर में छुपाकर साक्ष्य मिटाने और गुपचुप दाह-संस्कार करने का गंभीर अपराध किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा जा रहा है। फरार आरोपी पति मनोज और देवर योगेश के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है।



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मुजफ्फरपुर में कुख्यात गोविंद शर्मा की गोली मारकर हत्या: अपार्टमेंट में घुसकर चलाईं ताबड़तोड़ गोलियां; पूर्व मेयर समीर हत्याकांड का था शूटर – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर में रविवार रात एक बड़ी आपराधिक वारदात सामने आई है। चर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड के आरोपी और कुख्यात शूटर गोविंदा शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना शहर के अमर सिनेमा रोड इलाके में हुई, जहां अपराधियों ने उसे निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। घटना के बाद मौके पर कई थानों के पुलिस, एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार, सिटी एसपी मोहिनबुल्ला अंसारी समेत एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा खुद मौके पर पहुंचे। पूर्व मेयर समीर हत्याकांड से जुड़ा था नाम गोविंदा शर्मा का नाम मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित पूर्व मेयर समीर कुमार हत्याकांड में सामने आया था। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर AK-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पूर्व मेयर समीर कुमार और उनके चालक की शहर में निर्मम हत्या की थी। इस हत्याकांड ने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी। SSP ने की पुष्टि मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने गोविंदा शर्मा की हत्या की पुष्टि की है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की पहचान में जुटी हुई है। गैंगवार में हत्या की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस इस हत्याकांड को गैंगवार से जोड़कर देख रही है। गोविंदा शर्मा शहर के चर्चित शंभू-मंटू गिरोह का कुख्यात शूटर माना जाता था। अपराध जगत में उसकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए पुलिस कई कोणों से मामले की जांच कर रही है।



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पानी पुरी नहीं बनती गोल, फूली, कुरकुरी, जानें आटा गूंथने, पूरियां बेलने-तलने का सही तरीका


Crispy golgappa puri recipe: पानी पुरी ठेले पर कहीं दिख जाए, तो कोई खाए या ना खाए, महिलाएं और लड़कियां बिना खाए नहीं मानती हैं. इनका फेवरेट होता है पानी पुरी. इसे देखते ही मुंह में पानी आ जाता है और बिना खाए रहा नहीं जाता है. पानी पुरी को कई नामों से भी जानते हैं जैसे पानी पताशी, बताशा, गोलगप्पा, पुचका, गुपचुप आदि. पानी पुरी छोटी गोल-गोल कुरकुरी होती है. पूरी तरह से फूली हुई पुरी इसकी पहचान होती है. काफी लोग घर पर भी गोलगप्पे बनाते हैं, लेकिन पुरी गोल, फूले और कुरकुरी नहीं बन पाती है. तो आखिर क्या ट्रिक है, जिससे पानी पुरी गोल बनती है?

पानी पुरी गोल, फूली और कुरकुरी बनाने के टिप्स

पानी पुरी की सबसे बड़ी पहचान उसकी कुरकुरी और पूरी तरह फूली हुई पुरी होती है. ऐसे में बेहद जरूरी है कि आप आटा सही से गूंथें और इसमें जरूरी चीजें डालें. आटा सही से नहीं गूंथा होगा, बेलेंगे गलत तरीके से पुरी तलते समय नहीं फूलेगी. ऐसे में आप नीचे बताए गए कुछ आसान बातों को ध्यान में रखें. घर पर भी बाजार जैसी फूली हुई गोलगप्पे की पुरी बना सकते हैं.

पानी पुरी के लिए कौन सा आटा लें?
इसके लिए आप सूजी, मैदा और गेहूं का आटा (ऑप्शनल) और गुनगुना पानी लें. फैमिली जितनी बड़ी है, उस हिसाब से आप ये सभी सामग्री लें. सूजी इसलिए जरूरी है, क्योंकि इससे कुरकुरापन आता है और देर तक पुरी खस्ता रहती है.

आटा गूंथने का सही तरीका
– जब भी पानी पुरी का आटा गूंथे तो सख्त हो, गीला नहीं. नर्म आटा होगा तो पुरी तेल में सही से नहीं फूलेगी.
– एक बार में ही बहुत अधिक पानी न डालें, बल्कि धीरे-धीरे पानी मिलाएं.
-आटे को अच्छी तरह से मसल कर गूंथें, कम से कम 10 मिनट तक. इससे आटा लचीला और सॉफ्ट होगा.
– गूंथते ही बेल कर तलने ना लगें, बल्कि इसे सेट होने के लिए छोड़ दें. कम से 30 मिनट के लिए गीले कपड़े से ढक कर रख दें.

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फायदा क्या होगा?
सूजी अच्छी तरह फूल जाती है.
पुरी बेलने में आसानी होती है.
तलने पर पुरी अच्छी तरह से फूल जाती है.

पानी पुरी बेलने का सही तरीका
लोई बराबर साइज में काटें. एक समान मोटाई रखें. ना तो बहुत पतली बेलें और ना ही बहुत मोटी. लगभग 1–1.5 मिमी मोटाई परफेक्ट मानी जाती है. जब बेल लें तो उसे काटने के लिए छोटे गोल कटर या ढक्कन की मदद लें. इससे सभी पूरियां एक समान आकार की होंगी. बेलने के बाद इन्हें हवा से सूखने न दें वरना ये फूलेंगी नहीं.पुरियों को गीले कपड़े से ढककर रखें, ताकि उनकी सतह सूखे नहीं.

तलते समय किन बातों का रखें ध्यान?
तेल अच्छी तरह गर्म होना चाहिए.
गुनगुने तेल में पुरी नहीं फूलेगी.
डालने के बाद पुरी पर कलछी से हल्का दबाव दें.
इससे पूरियां तुरंत फूलने लगेंगी.
एक बार में ज्यादा पुरी न डालें.

पुरी न फूलने के आम कारण
आटा बहुत नरम होना
आटे को आराम न देना
पुरी बहुत मोटी या बहुत पतली बेलना
तेल का पर्याप्त गर्म न होना
आटे में ज्यादा मैदा डालना



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गोवा में भाजपा सरकार बिल्डरों के लिए काम कर रही: केजरीवाल बोले- गोवा बिकने के लिए नहीं है, आप सभी अनुमतियों को रद्द करेगी – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा के कारापुर-श्रवण गांव में अपनी जमीन, गांव और पर्यावरण बचाने के लिए धरने पर बैठे ग्रामीणों को समर्थन दिया है। रविवार को वह पार्टी की गोवा प्रभारी आतिशी के साथ धरने में भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि गोवा में भाजपा सरकार बिल्डरों के लिए काम कर रही है और जनता अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। आम आदमी पार्टी की सरकार धारा 39(ए) और इसके तहत दी गई सभी अनुमतियों को रद्द करेगी। उन्होंने कहा कि गोवा बिकने के लिए नहीं है। ‘‘आप’’ की सरकार बनते ही सारे हाउसिंग प्रोजेक्ट खत्म किए जाएंगे और गोवा के लोगों और ग्राम सभाओं से पूछ कर विकास कार्य किए जाएंगे। बोले-लोगों के धरने का समर्थन करने पहुंचा हूं कारापुर-श्रवण गांव में चल रहे धरने में शामिल होने के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं दिल्ली से विशेष रूप से इन लोगों के धरने का समर्थन करने के लिए पहुंचा हूं। गोवा धरती की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। टीसीपी एक्ट के सेक्शन 39ए के तहत लैंड यूज बदलने की जो परमिशन दी गई है, उसमें हितों का गंभीर टकराव है। इसलिए जमीन के इस कन्वर्जन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। एक महीने के अंदर हाउसिंग प्रोजेक्ट खत्म किया जाएगा अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के महज एक महीने के अंदर इस हाउसिंग प्रोजेक्ट को खत्म कर दिया जाएगा। हमारी सरकार पूर्वव्यापी प्रभाव से कानून लाएगी और इसके तहत पास किए गए सभी प्रोजेक्ट को रद्द किया जाएगा। गोवा में जो भी विकास कार्य होगा, वह यहां के लोगों और गांव की ग्राम सभाओं से पूछकर ही होना चाहिए। ईमानदार सरकार के लिए प्रचार करना चाहिए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जनता को खुद मिलकर एक ईमानदार सरकार के लिए प्रचार करना चाहिए। आम आदमी पार्टी दिल्ली में शानदार सरकार चला चुकी है और अब पंजाब में भी चला रही है और वहां के अच्छे कामों से यह साबित होता है कि यह एक ईमानदार पार्टी है। जब यहां आम आदमी पार्टी की सरकार आएगी, तो वह सारे प्रोजेक्ट कैंसिल करेगी और गांव वालों को उनकी जमीन वापस दिलाएगी। बोले- गोवा बिकाऊ नहीं है अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि गोवा की भाजपा सरकार बिल्डर्स और कॉलोनाइजर्स के लिए काम करती है, जबकि गोवा के लोगों को अपनी जमीन, गांवों और पर्यावरण की लड़ाई लड़ने के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। आज कारापुर-श्रवण में, मैंने गांव वालों को भरोसा दिलाया कि “आप” सरकार सेक्शन 39ए को रद्द करेगी और इसके तहत दी गई सभी परमिशन वापस लेगी। गोवा बिकाऊ नहीं है। गांव के लोगों के लिए खेती बहुत महत्वपूर्ण वहीं, मीडिया से बातचीत के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कारापुर गांव के लोग उस प्रोजेक्ट के खिलाफ धरने पर बैठे हैं, जो इस इलाके में चल रहा है। गांव के लोग चाहते हैं कि यह प्रोजेक्ट नहीं होना चाहिए क्योंकि यहां का जो पठार है, वह गांव के लोगों की खेती और उनके जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उसी पठार से सारा ग्राउंड वाटर रिचार्ज होता है, जिसकी वजह से यहां खेती होती है। इसके अलावा यह पूरा इलाका इकोलॉजिकली सेंसिटिव है और पर्यावरण के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। इस प्रोजेक्ट से गोवा का पर्यावरण खराब होगा अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यहां 5.5 लाख वर्ग मीटर जमीन पर एक बिल्डर दो हजार से ज्यादा ड्वेलिंग यूनिट बनाएगा, जिन्हें देश-विदेश से आकर लोग खरीदेंगे। यहां एक तरह से नई टाउनशिप बनाई जाएगी। गोवा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है, लेकिन इस प्रोजेक्ट से यहां की पूरी प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण खराब हो जाएगा। यहां के लोगों की खेती खत्म हो जाएगी। लोगों के इस जमीन पर टिनेंसी राइट हैं, उसका भी ख्याल नहीं रखा गया। लोग यहां काजू उगाते हैं और तरह-तरह की खेती करते हैं, वह सब भी खत्म हो जाएगी। जमीन बेचकर मंत्री को करोड़ों का फायदा होगा अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि यहां लोग यह आरोप लगा रहे हैं कि यह जमीन किसी मंत्री की है। मैं मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से पूछना चाहता हूं कि यह किस मंत्री की जमीन है? इस जमीन को बेचने से उस मंत्री को करोड़ों-अरबों का फायदा होगा। टीसीपी एक्ट के सेक्शन 39ए के तहत इस एग्रीकल्चरल लैंड का लैंड यूज बदलने की परमिशन दी गई है। ऐसा आरोप लग रहा है कि जिस बिल्डर को यह जमीन दी गई है, वह भी भाजपा से जुड़ा हुआ है। उस बिल्डर को भी करोड़ों-अरबों का फायदा होगा। लेकिन गोवा और इस गांव के लोगों को क्या मिलेगा? इस गांव के लोगों को तो सिर्फ बर्बादी मिलेगी। उनका जीवन और खाना-पीना सब बर्बाद हो जाएगा। सिर्फ बिल्डर और जमीन का मालिक ही कमाएगा। भाजपा दो साल पहले सेक्शन 39ए लाई अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार दो साल पहले यह सेक्शन 39ए लाई थी और इसके तहत पूरे गोवा में इस तरह की कई परमिशन दी गई हैं। यह केवल बिल्डर्स और कॉलोनाइजर्स की सरकार है, जो पूरे गोवा को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सेक्शन 39ए के तहत खूब भ्रष्टाचार हो रहा है। मैंने इन लोगों को यह आश्वासन और भरोसा दिया है कि भाजपा की सरकार कुछ नहीं करने वाली है। चुनाव में कुछ ही महीने रह गए हैं, इसलिए आम आदमी पार्टी को वोट देकर हमारी सरकार लाइए। हमारी सरकार आने पर सेक्शन 39ए को स्क्रैप किया जाएगा और इसके तहत पास किए गए सारे प्रोजेक्ट भी स्क्रैप किए जाएंगे। इससे पहले सेक्शन 17(2) था और उसमें भी ऐसे ही प्रावधान थे, उसके तहत दिए गए प्रोजेक्ट को भी स्क्रैप किया जाएगा। साथ ही, सेक्शन 16बी के तहत पास किए गए प्रोजेक्ट भी स्क्रैप किए जाएंगे। हम धरने पर बैठे कारापुर और गोवा के सभी लोगों के साथ हैं और हम मांग करते हैं कि यह प्रोजेक्ट स्क्रैप किया जाए। महिलाओं ने सरकार को पीछे हटने पर मजबूर किया इस दौरान ‘‘आप’’ गोवा प्रभारी आतिशी ने कहा कि चिंबल में जब आंदोलन हुए थे तो उसमें सबसे आगे चिंबल की महिलाएं थीं। महिलाओं की हिम्मत ने सरकार को भी पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और वह प्रोजेक्ट खत्म करना पड़ा। आज भी कारापुर के लोग इस लड़ाई में अकेले नहीं हैं, बल्कि पूरा गोवा कारापुर के लोगों के साथ है। हम लोग भी कारापुर के लोगों का साथ देने के लिए दिल्ली से आए हैं। आतिशी बोलीं- गोवा देश की धरोहर आतिशी ने कहा कि गोवा की जो प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरण है, वह पूरे देश की धरोहर है। पूरे विश्व में गोवा से सुंदर जगह नहीं है, चाहे यहां के जंगल हों, समुद्र हो या नदियां हों। लेकिन उसी सौंदर्य को गोवा के नेता खत्म करना चाहते हैं क्योंकि वह अपनी जेब भरना चाहते हैं। वह पहले खेती की जमीन खरीदते हैं, धारा 39 ए के माध्यम से उसका लैंड यूज़ बदलते हैं, बड़े-बड़े बिल्डर को बुलाते हैं और सब लोग करोड़ो रुपए अपनी जेब में डालते हैं। आतिशी ने कहा कि इस आंदोलन को खत्म करने के लिए धमकी भी दी गई होगी और पैसा का लालच भी दिया गया होगा। लेकिन अपने गांव, खेत और पूरे गोवा को बचाने के लिए आप लोग डटे हुए हैं, उसके लिए आप सबको सलाम है। आम आदमी पार्टी आप लोगों के संघर्ष में आपके साथ है। भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं कर सकते। धारा 39 ए का गलत इस्तेमाल सिर्फ कारापुर में नहीं, बल्कि गोवा के हर हिस्से में हो रहा है। आतिशी ने कहा कि गोवा में सबसे पहले सस्ते दामों में खेती की जमीन खरीदी जाती है और धारा 39 ए के तहत उसको मेगा प्रोजेक्ट में बदल दिया जाता है। हर जगह भाजपा का कोई बड़ा नेता उस मामले से जुड़ा होता है। गोवा में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने ही धारा 39 ए को खत्म किया जाएगा। इसके तहत आज तक जितनी भी परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, उन सबको निरस्त किया जाएगा और गोवा की जमीन गोवा के लोगों को दी जाएगी। इसके साथ ही धारा 17 (2) के तहत जो आदेश दिए गए हैं, उनको भी निरस्त किया जाएगा। आगे से किसी भी परियोजना का आदेश इन नेताओं और बिल्डरों से पूछकर नहीं, बल्कि गांव के लोगों से पूछकर दिया जाएगा।



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Farming Tips: खीरा कड़वा क्यों हो जाता है? एक्सपर्ट ने बताया इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण


गर्मियों के मौसम में खीरा खाना सभी को पसंद होता है. कभी-कभी इसका कड़वा स्वाद सारा मजा किरकिरा कर देता है. हालांकि, इसके पीछे असल वजह केमिकल होता है जो प्राकृतिक होता है. खीरे की खेती में ये केमिकल खुद ही उत्पन्न होता है. उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ कमलेश के मुताबिक खीरे में कड़वाहट का असली कारण ‘कुकरबिटासिन’ नामक एक खास यौगिक है. लेकिन सही किस्म के बीजों का चुनाव, संतुलित सिंचाई और तुड़ाई के सही समय का ध्यान रखकर आप कड़वाहट-मुक्त और मीठे खीरे प्राप्त कर सकते हैं.

आइए जानते हैं खीरे की खेती और उसे इस्तेमाल करने के वो खास तरीके, जो कड़वाहट को जड़ से खत्म कर देंगे.नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉ कमलेश अहिरवार बताते हैं कि खीरे में कड़वाहट का होना फिजियोलॉजी डिसओर्डर है. किसान भाई खीरे को अगर समय से नहीं लगा पाते हैं तो खीरा में कड़वापन का असर होता है. इसे किसान भाई पहचान भी नहीं पाते हैं. साथ ही कई बार पानी और तापमान की वज़ह से भी खीरे में कड़वापन हो जाता है.

खीरे में कड़वापन प्राकृतिक
हालांकि, खीरे में कड़वाहट का मुख्य वैज्ञानिक कारण ‘कुकरबिटासिन’ (Cucurbitacin) नामक यौगिक है. यह तत्व मुख्य रूप से छिलके और डंठल वाले हिस्से में पाया जाता है. जब पौधा सूखे, अत्यधिक गर्मी या पोषक तत्वों की कमी जैसे ‘तनाव’ से गुजरता है, तो फल में इसकी मात्रा बढ़ जाती है. इसलिए फसल को प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाना कड़वाहट कम करने का सबसे प्राथमिक कदम है.डॉ कमलेश बताते हैं कि जैसे करेला कड़वा होता है, मिर्च तीखी होती है. टमाटर लाल होता है. इन सबके पीछे साइंटिफिक रीजन होता है. ये सब केमिकल की वज़ह से होता है.

समय से लगाएं खीरा
डॉ कमलेश बताते हैं कि खीरे को कड़वाहट से बचाने के लिए किसान भाई इसे समय से लगाएं ताकि खीरा फल को में कड़वाहट से बचाया जा सके. इसलिए खीरे को 20 फरवरी से लेकर मार्च के महीने के बीच ही लगा देना चाहिए. खीरे को समय से लगा देने पर खीरे में पानी और तापमान का असर नहीं दिखाई देता है. समय पर खीरा लगाने से अनुकूल वातावरण बना रहता है. वहीं अगर खीरे को देरी से या बहुत पहले लगा दिया जाता है तो इसमें प्राकृतिक कड़वापन होने की संभावना बढ़ जाती है.

उन्नत बीजों का करें चयन 
डॉ कमलेश बताते हैं कि खेती की शुरुआत में ही हाइब्रिड या कड़वाहट-मुक्त (Bitter-free) किस्मों का चुनाव करना चाहिए. आजकल बाजार में ऐसी उन्नत किस्में उपलब्ध हैं जिनमें आनुवंशिक रूप से कुकरबिटासिन बनाने की क्षमता कम होती है. किसान हमेशा प्रमाणित बीजों का ही प्रयोग करें, क्योंकि सही बीज न केवल स्वाद बेहतर रखते हैं, बल्कि पैदावार भी कई गुना बढ़ा देते हैं.

सिंचाई का रखें विशेष ध्यान
डॉ कमलेश बताते हैं कि खीरे में 90% से अधिक पानी होता है, इसलिए सिंचाई में अनियमितता सीधे कड़वाहट को बढ़ावा देती है. अगर मिट्टी बहुत अधिक सूख जाए और फिर अचानक भारी सिंचाई की जाए, तो पौधे तनाव में आ जाते हैं. ड्रिप इरिगेशन या हल्की और नियमित सिंचाई से मिट्टी में नमी का स्तर बना रहता है, जिससे कुकरबिटासिन का निर्माण कम होता है और फल रसीले व मीठे प्राप्त होते हैं.

तेज धूप से बचाएं 
डॉ कमलेश आगे बताते हैं कि अत्यधिक गर्मी और तेज धूप भी खीरे को कड़वा बना सकती है. खेती के दौरान मल्चिंग तकनीक का उपयोग जमीन के तापमान को नियंत्रित रखता है और नमी को उड़ने से रोकता है. इसके अलावा, ऊंचे मचान पर खेती करना भी फायदेमंद है. इससे फल जमीन की गर्मी से दूर रहते हैं और हवा का संचार बेहतर होने से उनकी गुणवत्ता में काफी सुधार आता है.पौधों को नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम का संतुलित मिश्रण देना अनिवार्य है. नाइट्रोजन की अधिकता और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी से फलों का स्वाद बिगड़ सकता है. गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट का प्रयोग मिट्टी की संरचना को सुधारता है. संतुलित पोषण पौधे को इतना मजबूत बना देता है कि वह कड़वाहट पैदा करने वाले रसायनों को फल तक पहुंचने से रोकने में सक्षम हो जाता है.

समय से करें तुड़ाई 
खीरे की तुड़ाई हमेशा सही समय पर करनी चाहिए. जब फल बहुत अधिक पक जाते हैं या पीले पड़ने लगते हैं, तो उनमें कड़वाहट और बीजों के सख्त होने की संभावना बढ़ जाती है. सुबह के समय, जब तापमान कम हो, तब फलों की तुड़ाई करना सबसे अच्छा रहता है. छोटे और मध्यम आकार के खीरे स्वाद में अधिक मीठे और कुरकुरे होते हैं.



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‘मार्केट वैल्यू कम थी तो मेकर्स ने बाहर किया’, ‘धोखे’ पर बॉबी देओल का छलका दर्द


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स्टार बॉबी देओल को एक ब्लॉकबस्टर फिल्म से रातों-रात बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था. उन्होंने अब उस फिल्म को लेकर अपना दर्द बयां किया है. कमाल की बात यह है कि बॉबी देओल ही निर्देशक इम्तियाज अली और एक्ट्रेस करीना कपूर को इस प्रोजेक्ट के लिए साथ लाए थे. मगर खराब मार्केट वेल्यू की वजह से मेकर्स ने उन्हें हटाकर दूसरे स्टार को कास्ट कर लिया. इस धोखे से बॉबी देओल का दिल बुरी तरह टूट गया था क्योंकि उस वक्त उन्हें एक बड़ी फिल्म की सख्त जरूरत थी. अहम बात यह है कि बॉबी देओल ने अपने दुख और गुस्से को कमजोरी बनने नहीं दिया. उन्होंने इसे अपनी ताकत बनाया और खुद को बेहतर इंसान और अभिनेता के रूप में ढाला. आज हर एक फिल्म मेकर उन्हें अपनी फिल्म और सीरीज में कास्ट करने को बेताब है.

नई दिल्ली: आज बॉबी देओल अपने दम पर फिल्म हिट करा सकते हैं, मगर उनके जब सितारे गर्दिश में थे, तब वह एक हिट के लिए तरस रहे थे. वे फिल्म के खातिर दो सितारों को साथ लाए, मगर मेकर्स ने उन्हें ही बाहर का रास्ता दिखा दिया. उस वाकये से उन्हें गहरा दुख पहुंचा था. जाहिर है कि वह करियर के उस मुकाम में थे, जहां वह सिनेमा से पूरी तरह गायब हो सकते थे. मगर उन्होंने इसे चैलेंज के तौर पर लिया और धांसू कमबैक करके सबको चौंका दिया. बहरहाल, उन्होंने बताया कि कैसे ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जब वी मेट’ से उन्हें रातों-रात बाहर कर दिया गया था, जबकि इस फिल्म के लिए डायरेक्टर और हीरोइन को वे ही साथ लाए थे. (फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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बॉबी देओल ने ‘आप की अदालत’ शो में अपने दिल का दर्द बयां किया. उन्होंने बताया कि साल 2007 में आई सुपरहिट रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘जब वी मेट’ में पहले वो लीड रोल करने वाले थे. लेकिन बाद में मेकर्स ने उन्हें हटाकर शाहिद कपूर को फिल्म में ले लिया. बॉबी के लिए यह झटका इसलिए बड़ा था क्योंकि उन्होंने खुद इसके निर्देशक इम्तियाज अली और लीड एक्ट्रेस करीना कपूर को इस प्रोजेक्ट से जोड़ा था. (फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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बॉबी ने बताया कि उस वक्त उनके करियर का ग्राफ थोड़ा नीचे चल रहा था और उन्हें एक बड़ी हिट फिल्म की सख्त जरूरत थी. जब उन्हें फिल्म से रिप्लेस किया गया, तो उनका दिल बुरी तरह टूट गया था. बॉबी असल में इम्तियाज अली की पहली फिल्म ‘सोचा ना था’ से काफी प्रभावित थे, जिसमें उनके कजिन अभय देओल ने काम किया था. इसी वजह से वो इम्तियाज के साथ काम करने को बेताब थे. (फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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बॉबी ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा, ‘हम दोनों ने मिलकर तय किया था कि साथ में फिल्म बनाएंगे. लेकिन जब इंडस्ट्री में आपकी मार्केट वैल्यू अच्छी नहीं होती, तो कोई आपका साथ नहीं देता.’ उन्होंने बताया कि फिल्म शुरू होने में काफी वक्त लग रहा था. जिस प्रोडक्शन हाउस के पास वो इस प्रोजेक्ट को लेकर गए थे, उसने पहले तो कहा कि इम्तियाज बहुत महंगे डायरेक्टर हैं और मना कर दिया.
(फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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किस्मत का खेल देखिए, बाद में उसी प्रोडक्शन हाउस ने इम्तियाज अली के साथ वही फिल्म बना डाली. इतना ही नहीं, फिल्म में हीरोइन भी वही करीना कपूर थीं जिन्हें बॉबी ने इस प्रोजेक्ट में शामिल करवाया था, बस हीरो की जगह बॉबी को हटाकर शाहिद कपूर की एंट्री करा दी गई. इस धोखे ने बॉबी को अंदर तक हताश और निराश कर दिया था. (फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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बॉबी देओल ने माना कि इस कड़वे अनुभव से उबरने में उन्हें काफी वक्त लगा, लेकिन अब उन्होंने इस बात से पूरी तरह समझौता कर लिया है. उन्होंने इंडस्ट्री के इस कड़वे सच को स्वीकार करते हुए कहा कि उतार-चढ़ाव तो हर किसी की जिंदगी में आते रहते हैं. ऐसा नहीं है कि किसी के साथ हमेशा सिर्फ अच्छी चीजें ही होती रहें, बस आपको आगे बढ़ना आना चाहिए. (फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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बॉबी ने कहा कि उन्होंने अपने दुख और गुस्से को डिप्रेशन में बदलने नहीं दिया. इसके बजाय, उन्होंने इस निगेटिव एनर्जी को अपनी ताकत बनाया और खुद को एक बेहतर इंसान और एक बेहतरीन अभिनेता के रूप में तराशने के लिए जी-जान से मेहनत शुरू कर दी.
(फोटो साभार: Instagram@iambobbydeol)

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बॉबी ने आखिर में साफ किया कि आज उनके मन में न तो इम्तियाज अली के लिए और न ही किसी और के लिए कोई कड़वाहट या शिकायत बची है. वो दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं. बॉबी इन बुरे अनुभवों को अब पछतावे की तरह नहीं, बल्कि जिंदगी की एक बहुत जरूरी सीख की तरह देखते हैं, जिसने उन्हें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है.

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ये सरकार गाय को माता नहीं कह पाएगी: गाय पूरे देश के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है, कानपुर पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार को घेरा – Kanpur News




81 दिनों की यात्रा पर कानपुर पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद ने आज बड़ा बयान दिया है। उन्होंने ने कहा हम लोग एक दिन में 5 विधानसभा घूम रहे है। इस दौरान उनके निशाने पर गाय रही। उनका कहना है, 12 साल से सीएम गोरख नाथ पीठ के महंत मुख्यमंत्री हैं, लेकिन ये सरकार गाय को माता नहीं कह पाएगी। यदि किसी सच्चे और ताकतवर को सत्ता मिल जाएगी तो पहले ही दिन गाय की रक्षा हो जायेगी। गाय का मुद्दा देश के लिए एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। अब समय आ गया है, जनता को अपना रिपोर्ट कार्ड देना पड़ेगा। 24 जुलाई को लखनऊ में आखिरी रणनीति की घोषणा की जाएगी। इन्ही मुद्दे पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने दैनिक भास्कर से बात की। पढिए पूरी रिपोर्ट… सवाल: यदि गौ रक्षा पर आपकी मांगें नहीं मानी जातीं, तो क्या आप यूपी में किसी बड़े जनआंदोलन या राजनीतिक विकल्प का समर्थन करेंगे? जवाब: यूपी में क्या करेंगे ये तो एक अलग बात है। हम ये मानने को तैयार नहीं है कि ये जो सरकार है ये गाय को माता नहीं कह पाएगी। अभी तक तो हमको ये आशा करते है, अभी तक नहीं जो ये नहीं कर पाए है। आगे ये कर देंगे। आगे हमको जरूरत नहीं पड़ेगी। हम 24 जुलाई को मान्यवर कांशीराम जी के स्मृति स्थल मैदान हम लोग एक अक्षुणीय सेना के साथ एकत्रित होंगे। जिसके बाद अगला कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। सवाल: आपने कई बार कहा कि सत्ता में आने के बाद भी गौ रक्षा के वादे पूरे नहीं हुए। क्या इससे हिंदुत्व की राजनीति करने वाले दलों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं? जवाब: हां बिल्कुल सवाल ही तो है, अगर कोई सच्चा और ताकतवर हिन्दू होगा अगर उसको पावर मिल जाएगी तो पहले ही दिन रक्षा कर देगी। इनको 12 साल हो गए है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है। ये तो बहुत बड़ी विफलता है। भाजपा की नीतियों से इस समय संत समाज नाराज है। सवाल: क्या यूपी में “बुलडोजर राजनीति” गौ रक्षा से बड़ा मुद्दा बन गई है? जवाब: यूपी में गौ रक्षा बड़ा मुद्दा है। यहां गौ भक्त रहते हैं। यहां का मुख्यमंत्री गोरक्ष पीठ महंत 12 साल से मुख्यमंत्री है। गाय का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है। उसके बाद भी नहीं हो रहा है। ये एक बड़ा सवाल है। सवाल: क्या हिंदुत्व के नाम पर वोट लेने वाले दलों को अब अपने धार्मिक वादों का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखना चाहिए? जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखना पड़ेगा। अब समय आ गया है, रिपोर्ट कार्ड देना ही पड़ेगा। उसके बाद में आपकी या तो छटनी होगी या प्रमोशन किया जाएगा। सवाल: क्या 2027 का चुनाव “राम मंदिर बनाम गौ रक्षा” की बहस में बदल सकता है? इस समय गौ रक्षा बहुत बड़ा मुद्दा है। इस समय देश में गौ रक्षा बड़ा मुद्दा है और बनेगा। लोग चाहते है अब ये काम हो जाए। सवाल: क्या संत समाज भाजपा से नाराज़ है या सिर्फ दबाव की राजनीति कर रहा है? भाजपा से पूरा संत समाज नाराज है। लेकिन कुछ संतों को आश्वासन देकर बरगलाया है। हम करेंगे और कुछ लोगों को दूसरे मामलों में उलझा करके रखा है। जिसके लिए ये आए थे, वो काम इन्होंने नहीं किया है। सवाल: अगर संत समाज खुलकर चुनावी मैदान में उतरता है, तो सबसे ज्यादा नुकसान किस दल को होगा? किसका नुकसान और फायदा होगा। ये राजनीति करने वाले लोग जाने। हमारे देश वहीं सरकार होनी चाहिए जो हमारी भावनाओं के अनुरूप हो। हमारी मांग ये है उनको गौ माता कहा जाए, पशु न कहा जाए। उनकी हत्या न की जाए। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया हमारी ये यात्रा 81 दिनों से चल रही है। उसके एक दिन गैप देकर के अपनी सेना के साथ लखनऊ में बैठक करेंगे। उसके बाद घोषणा करेंगे। गौ माता के मुद्दे को छोड़ेंगे नहीं, लड़ना जारी रखेंगे। 78 सालों से ये सरकार वो सरकार ये नेता वो नेता सबसे बात रख के देख ली। लेकिन हुआ कुछ नहीं। अब जब कोई कुछ करने के लिए तैयार नहीं है तो ये अब अंतिम निर्णय का समय आ गया है।



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नगर निगम के सशक्त स्थाई समिति सदस्यों का सम्मान: समस्तीपुर में पूर्व मंत्री बोले- विकास योजनाओं पर रखेंगे नजर, भ्रष्टाचार पर लगाएंगे रोक – Samastipur News




समस्तीपुर नगर निगम के कार्यकाल खत्म होने में अब महज 1 साल का समय रह गया है। अंतिम साल में सशक्त स्थाई समिति का चुनाव किया गया। जिसमें शिव कुमार शंभू, अर्चना कुमारी, रंजीत कुमार शाह, विकास कुमार, चंदन कुमार राफिया जबी, और ममता कुंवर सदस्य चुने गए। सशक्त स्थाई सदस्यों का सम्मान समारोह भारतीय जनता पार्टी के वरीय नेता मनोज कुमार गुप्ता के सौजन्य से रविवार को शहर के मोहनपुर रोड स्थित एक होटल में आयोजित हुआ। 25 पैसे का सामान ₹1 में खरीदा जा रहा मौके पर नवनिर्वाचित सदस्यों को मिथिला की संस्कृति के अनुसार पाग, चादर और गुलदस्ता भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस मौके पर भाजपा नेता ने कहा कि समस्तीपुर नगर निगम में लूट मची हुई है। 25 पैसे का सामान ₹1 में खरीदा जा रहा है। पिछले 4 सालों में हुए सभी योजनाओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम में भ्रष्टाचार के बहुत बड़े मामले का खुलासा होगा। मौके पर पूर्व मंत्री रामाश्रय सहनी ने कहा कि नगर निगम में भ्रष्टाचार पर वह लंबे समय से संघर्ष करते आ रहे हैं। सशक्त स्थाई समिति गठन को लेकर लंबे संघर्ष के बाद चुनाव संपन्न कराया गया। सशक्त स्थाई समिति के सदस्य अब किसी भी कीमत पर नगर निगम में लूट नहीं होने देंगे । सरकार की ओर से भेजी जा रहे राशि का सदुपयोग हो इस दिशा में काम किया जाएगा। विकास की योजनाएं समान रूप से सभी वार्डों में चलाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम की अध्यक्ष अनीता राम के वार्ड में सर्वाधिक राशि का खर्च किया गया है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।



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पत्नी पर एसिड डाला, कैंची से चोटी काटी: लोहे की रॉड से पीटकर ली जान; बच्चे भी झुलसे, बचने के लिए गढ़ी थी झूठी कहानी – Barwani News




बड़वानी में चरित्र शंका के चलते पत्नी की हत्या का मामला सामने आया है। राजपुर थाना पुलिस ने 24 वर्षीय पत्नी पर एसिड फेंककर और लोहे की रॉड से पीटकर हत्या करने वाले पति को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने बच्चों पर भी एसिड फेंका था। यह घटना 29 मई 2026 को सामने आई, जब जिला अस्पताल बड़वानी से सालखेड़ा मोहनपुरा निवासी 24 वर्षीय पिंकी की एसिड से जलने के कारण मौत की सूचना मिली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। शव पर चोट और एसिड के घाव तथा घटनास्थल के हालात और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना। आरोपी पति विजय चौहान के खिलाफ अपराध क्रमांक 325/2026, धारा 103(1), 109(2), 124(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
घर से किया आरोपी को गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एएसपी धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में एसडीओपी आयुष कुमार अलावा और टीआई माधवसिंह ठाकुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। वैज्ञानिक, तकनीकी और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी मोहनपुरा इंद्रपुर स्थित अपने घर में छिपा है। पुलिस टीम ने दबिश देकर 31 वर्षीय विजय पिता झबरसिंह चौहान को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी विजय चौहान ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। लोहे की रॉड से पीटा, कैंची से चोटी काटी उसने बताया कि 28 मई की रात करीब 3:30 बजे पत्नी पिंकी के सो जाने के बाद उसने ड्रिप साफ करने वाला एसिड एक मग्गे में निकाला। दस्ताने पहनकर उसने सो रही पिंकी पर एसिड डाल दिया। पास सो रहे बच्चों पर भी एसिड फेंका, जिससे वे भी झुलस गए। एसिड से जलने पर जब पत्नी भागने लगी, तो आरोपी ने उसे लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा और कैंची से उसकी चोटी काट दी। सुबह जब पिंकी की हालत बिगड़ी, तो आरोपी ने एम्बुलेंस बुलाकर उसे राजपुर होते हुए बड़वानी अस्पताल ले गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बचने के लिए मनगढ़ंत कहानी फैलाई खुद को बचाने के लिए आरोपी ने अखबारों में ‘चूहों द्वारा एसिड गिरने’ की मनगढ़ंत कहानी फैलाई और अस्पताल से फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, प्लास्टिक मग्गा, दस्ताने, कैंची और आरोपी के कपड़े जब्त कर लिए हैं। आरोपी को जेएमएफसी न्यायालय राजपुर के समक्ष पेश किया जा रहा है। ये भी देखें सोते परिवार पर गिरी एसिड गैलन, मां की मौत:दो बच्चे गंभीर रूप से झुलसे; डॉक्टर बोले-अगले 48 घंटे बच्चों के लिए बेहद अहम बड़वानी में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात खेत में सो रहे एक परिवार पर ड्रिप लाइन साफ करने के लिए रखी एसिड की गैलन पलट गई। हादसे में एक महिला (मां) की मौत हो गई, जबकि उनके दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। मामला राजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मोहनपुरा का है। जानकारी के अनुसार, सालखेड़ा निवासी विजय चौहान (28) पत्नी पिंकी और बच्चों के साथ रात में जब परिवार सो रहा था, तभी अचानक गैलन पलट गई। परिवार मोहनपुरा स्थित खेत में रहकर खेती का काम करते हैं। गुरुवार रात खेत में ड्रिप लाइन साफ करने के लिए एसिड की गैलन लाकर रखी गई थी।



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