Tuesday, June 2, 2026
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अहमदाबाद में बम धमाके की धमकी: लेटर में दाऊद और लश्कर-ए-तैयबा का जिक्र; जहां लेटर मिला वहां तीन विदेशी रुके हुए थे




अहमदाबाद के एसपी स्टेडियम के पास स्पोर्ट्स क्लब में ब्लास्ट करने की धमकी भरा लेटर मिला है। लेटर में दाऊद और लश्कर-ए-तैयबा के जिक्र के बाद लिखा है कि क्लब में 21 जून को ब्लास्ट होगा। स्पोर्ट्स क्लब के जिस कमरे में लेटर मिला है, उसमें तंजानिया के तीन व्यापारी ठहरे हुए थे। कमरा खाली होने के बाद सफाईकर्मी जब सफाई कर रहे थे, तब अलमारी से चिट्ठी मिली। तीनों अभी भारत में ही हैं। जानकारी मिलने के बाद बॉम्ब स्क्वॉड, एसओजी (SOG), डॉग स्क्वॉड सहित कई टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। लेकिन दो घंटे तक जांच करने के बाद भी कुछ भी नहीं मिला। पुलिस बोली- कमरा 30 मई को खाली हुई पूरे मामले पर डीसीपी हर्षद पटेल ने बताया कि पलक डॉक्टर के रेफरेंस से कुछ व्यापारी 29 मई को क्लब के कमरे में ठहरे थे। उन्होंने 30 मई को चेकआउट किया था। कमरे की सफाई के दौरान पेंसिल से लिखी हुई एक चिट्ठी मिली थी, जिसमें 21 जून को क्लब को बम से उड़ा देने की धमकी दी गई है। जिसके रेफरेंस से व्यापारी यहां ठहरे थे, उससे पुलिस बातचीत कर रही है। चिट्ठी किसने लिखी है और रखी है, उसकी जांच चल रही है। चंडीगढ़ के नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी चंडीगढ़ के नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) सेक्टर-40, स्ट्रॉबेरी फील्ड्स और सेक्टर-25 के चितकारा इंटरनेशन स्कूल को ई-मेल के जरिए ब्लास्ट की धमकी दी गई। जिसके बाद पुलिस, बम स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। ई-मेल में कहा गया कि 1 बजे स्कूलों में ब्लास्ट करेंगे। 3.11 बजे हरियाणा के सीएम ऑफिस में भी ब्लास्ट करेंगे। चंडीगढ़ खालिस्तान बनेगा। अंबाला से दिल्ली तक के रेलवे ट्रैक पर लगातार धमाके किए जाएंगे। धमकी मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस बोली- बच्चे-टीचर्स सुरक्षित, कोई खतरा नहीं मोहाली के न्यू चंडीगढ़ में स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल को धमकी भरे ईमेल मिलने की जानकारी मिलने के बाद SAS नगर पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और स्कूल में स्पेशल सिक्योरिटी चेकिंग और कड़ी निगरानी शुरू कर दी। मुल्लापुर थाना प्रभारी अमनदीप सिंह ने कहा कि मोहाली पुलिस माता-पिता, टीचरों और नागरिकों को भरोसा दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पूरी टीम बहुत सावधानी, तैयारी और सतर्कता के साथ अपना काम कर रही है। ——————————– पूरी खबर भी पढ़ें… अंबाला को 6 जून को बम से दहलाने की धमकी:कोर्ट को भेजा ई-मेल से मैसेज; स्टेशन-मेयर ऑफिस समेत कई दफ्तरों को उड़ाने की चेतावनी हरियाणा के अंबाला कोर्ट को सोमवार को एक धमकी भरा ई-मेल मिला। इस ई-मेल में 6 जून को अंबाला के कई मुख्य सरकारी ठिकानों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…



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सिद्धारमैया का ‘इंद्रधनुषी गठबंधन’ क्या शिवकुमार के दौर में भी रहेगा कायम?


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सिद्धारमैया का ‘इंद्रधनुषी गठबंधन’ क्या शिवकुमार के दौर में भी रहेगा कायम?

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कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष शिवकुमार तीन जून को शाम चार बजकर पांच मिनट पर लोक भवन परिसर में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस दौरान कुछ विधायक भी मंत्री पद की शपथ लेंगे. शिवकुमार को 30 मई को औपचारिक रूप से कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था. कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 मंत्रियों को शामिल किए जाने का प्रावधान है.

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डी के शिवकुमार तीन जून को कर्नाटक के सीएम पद की शपथ लेंगे. (फाइल फोटो)

बेंगलुरु. राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया के बाद के युग में कर्नाटक के अहिंदा समुदायों का विश्वास जीतना और उसे बरकरार रखना मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौतियों में से एक होने की संभावना है. कांग्रेस विधानसभा पार्टी (सीएलपी) द्वारा शिवकुमार को अपना नेता चुने जाने के बाद यह मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो गया है, जिससे राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. इस परिवर्तन की घोषणा करते हुए एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि कांग्रेस 2028 के विधानसभा चुनावों में सत्ता में वापसी करेगी.

हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का तर्क है कि पार्टी की चुनावी सफलता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या शिवकुमार अहिंदा समुदायों के बीच समर्थन जुटा सकते हैं, जिन्हें कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी का मुख्य समर्थक आधार माना जाता है. अहिंदा कन्नड़ भाषा का एक राजनीतिक संक्षिप्त रूप है जिसका अर्थ है अल्पसंख्यातरु (अल्पसंख्यक), हिंदुलिदावरु (पिछड़े वर्ग या अन्य पिछड़ा वर्ग) और दलितरु (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति). यह शब्द अल्पसंख्यकों, पिछड़े वर्गों और दलितों के सामाजिक और राजनीतिक गठबंधन को संदर्भित करता है और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़ा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मंच रहा है.

विश्लेषकों का कहना है कि शिवकुमार, अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक क्षमताओं के बावजूद, अहिंदा समुदायों में सिद्धारमैया के समान प्रभाव हासिल करने में सक्षम नहीं हैं. जाति जनगणना रिपोर्ट और श्रेणी 2बी के तहत मुसलमानों के लिए आरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दों पर उनके दृष्टिकोण पर कड़ी नजर रखी जाएगी, खासकर इसलिए क्योंकि ये दोनों मुद्दे लगातार राजनीतिक बहस और विपक्षी आलोचना का विषय बने हुए हैं.
साथ ही, शिवकुमार के सामने अहिंदा समुदायों और अन्य प्रभावशाली सामाजिक समूहों (वोक्कालिगा और लिंगायत शामिल) के हितों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है, जो कर्नाटक के चुनावी परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि सिद्धारमैया ने लगातार खुद को अहिंदा समुदायों के समर्थक के रूप में प्रस्तुत किया, जबकि वोक्कालिगा और लिंगायत समुदायों के कुछ वर्गों का समर्थन भी बरकरार रखा. इस व्यापक सामाजिक गठबंधन को 2023 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की भारी जीत का श्रेय दिया गया. 2023 में कांग्रेस के पीछे अहिंदा के वोटों के एकजुट होने को अक्सर ‘इंद्रधनुषी गठबंधन’ के रूप में वर्णित किया गया था. पार्टी को अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मुसलमानों से भारी समर्थन मिला, साथ ही दलितों, पिछड़े वर्गों और आदिवासी समुदायों से भी महत्वपूर्ण समर्थन प्राप्त हुआ.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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गोरखपुर में डिवाइडर पर चढ़ी कार, बड़ा हादसा टला: राहगीरों की मदद से बाहर निकला ड्राइवर, मामूली चोटें आई – Gorakhpur News




गोरखपुर में सोमवार देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाडर पर चढ़ गई। जिससे मौके पर अफरा- तफरी मच गई। कार में सिर्फ चालक ही सवार था। जानकारी के मुताबिक राहगीरों ने उसे बाहर निकाला। चालक को मामूली चोटें आई थीं। इस दौरान कई बड़े हादसे होने से बच गए। आगे और पीछे से आ रही गाड़ियों ने ब्रेक लगाकर भीषण टक्कर होने बचा लिया। बताया जा रहा कि चालक नशे में धुत्त था। उसकी पहचान महराजगंज जिले के शिवम मिश्रा के रूप में हुई है। जानिए पूरा मामला…
शहर के व्यस्ततम इलाके मोहद्दीपुर स्थित नहर पुलिया के पास सोमवार देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पीछे आ रहे वाहन चालकों ने किसी तरह ब्रेक लगाकर खुद को सुरक्षित किया, जिससे बड़ा सड़क हादसा टल गया। घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। शहर की ओर आ रही कार अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर पर चढ़कर फंस गई। दुर्घटना के बाद कुछ देर के लिए शहर की ओर आने वाली लेन पर यातायात प्रभावित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी तेज थी। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल चालक को वाहन से बाहर निकाला। चालक को मामूली चोटें आई थीं। उसकी पहचान महाराजगंज जिले के कोठीभार क्षेत्र निवासी शिवम मिश्रा के रूप में हुई है। वह देवरिया से लौट रहा था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चालक नशे की हालत में वाहन चला रहा था, जिसके कारण वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और कार डिवाइडर पर चढ़ गई।



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भोपाल में अवैध कॉलोनियों पर पहली बार कुर्की का शिकंजा: तीन प्रोजेक्ट निशाने पर, प्रक्रिया की शुरुआत; बिल्डरों पर होगी कार्रवाई – Bhopal News




भोपाल में अवैध कॉलोनियां बसाकर खरीदारों से किए गए वादे पूरे नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। पहली बार जिला प्रशासन ने ऐसी कॉलोनियों के बंधक प्लॉट कुर्क कर उनकी नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। शुरुआती चरण में गोकुलधाम, द्वारकाधाम और पटेल नगर कॉलोनियों को कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है। जिला प्रशासन की कॉलोनी सेल को अब तक 50 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से तीन मामलों की सुनवाई पूरी होने के बाद नगर निगम को कार्रवाई की अनुशंसा भेजी गई है। गोकुलधाम और द्वारकाधाम में बंधक प्लॉटों की नीलामी के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं, जबकि पटेल नगर का मामला 22 करोड़ रुपए से अधिक का होने के कारण अंतिम मंजूरी के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग (यूएडीडी) को भेजा जाएगा। एडीएम सुमित पांडे ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर गठित विशेष कॉलोनी सेल में सभी एसडीएम, नगर निगम, बिल्डिंग परमिशन शाखा और रजिस्ट्रार विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है। शिकायतों की जांच के बाद दोषी कॉलोनाइजरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नीलामी की राशि से होंगे विकास कार्य
इन कॉलोनियों के रहवासियों ने सड़क, नाली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने की शिकायतें की थीं। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद निगम ने बंधक प्लॉटों की नीलामी का निर्णय लिया है। नीलामी से प्राप्त राशि का उपयोग संबंधित कॉलोनियों में अधूरे विकास कार्य पूरे कराने में किया जाएगा। खरीदार नहीं मिले तो दोबारा निकाले टेंडर
गोकुलधाम कॉलोनी का मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था। कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई के बाद यहां 23 बंधक प्लॉटों की नीलामी का रास्ता साफ हुआ। गोकुलधाम और द्वारकाधाम के लिए पहले भी टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन कोई खरीदार सामने नहीं आया। अब प्रशासन ने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। रेरा के आदेश पर भी होगी कार्रवाई
रेरा के आदेश के तहत ग्राम रासलाखेड़ी स्थित आरआरबी रीगल शुभ बिजनेस परियोजना से जुड़ी संपत्तियों पर भी कुर्की की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती जारी रहेगी।



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पृथ्वीराज नगर और नारायण विहार में खुलेंगे नए बिजली कार्यालय: उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर सुविधा, बढ़ती आबादी को देखते हुए लिया गया फैसला – Jaipur News




जयपुर के तेजी से विकसित हो रहे पृथ्वीराज नगर (उत्तर और दक्षिण) तथा नारायण विहार क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को अब अपने इलाके में ही बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। राज्य सरकार ने इन क्षेत्रों में तीन नए बिजली सब-डिवीजन कार्यालय खोलने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही प्रत्येक कार्यालय के लिए असिस्टेंट इंजीनियर के नए पद भी स्वीकृत किए गए हैं।
नए कार्यालय शुरू होने से बिजली से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में तेजी आएगी और उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जयपुर डिस्कॉम की ओर से इन कार्यालयों को शुरू करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
बढ़ती आबादी को देखते हुए लिया गया फैसला
पृथ्वीराज नगर और नारायण विहार जैसे क्षेत्रों में लगातार आवासीय और व्यावसायिक विकास हो रहा है। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। नए कार्यालय खुलने से स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था की निगरानी और सेवाओं का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
जल्द होगा कामकाज शुरू
जयपुर डिस्कॉम के अनुसार नवसृजित नारायण विहार और पीआरएन (उत्तर) सब-डिवीजन को जयपुर नगर वृत्त (उत्तर) के सीडी-प्रथम खंड के अंतर्गत रखा गया है, जबकि पीआरएन (दक्षिण) सब-डिवीजन जयपुर नगर वृत्त (दक्षिण) के सीडी-6 खंड के तहत कार्य करेगा।
बजट घोषणा के बाद मिली मंजूरी
इन नए कार्यालयों की घोषणा बजट 2026-27 के दौरान की गई थी। अब वित्त विभाग की मंजूरी मिलने के बाद इनके संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
पहले भी खुले हैं कई नए कार्यालय
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर की पहल पर पिछले ढाई सालों में जयपुर डिस्कॉम क्षेत्र में पत्रकार कॉलोनी, शिकारपुरा, मुहाना मंडी, एनआरआई, शालीमार चौराहा और सीतापुरा सहित कई स्थानों पर नए बिजली कार्यालय शुरू किए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।



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वरुण धवन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत, AI और डीपफेक से पहचान के गलत इस्तेमाल पर लगी रोक


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बॉलीवुड अभिनेता वरुण धवन को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने उनके पक्ष में अंतरिम आदेश जारी करते हुए उनकी पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है. अब कोई भी व्यक्ति या संस्था वरुण धवन का नाम, तस्वीर, आवाज, चेहरा, हस्ताक्षर या उनकी पहचान से जुड़ी किसी भी चीज का इस्तेमाल उनकी मंजूरी के बिना नहीं कर सकेगी.

नई दिल्ली. कोर्ट का यह आदेश सिर्फ पारंपरिक माध्यमों तक सीमित नहीं है. यह AI, जनरेटिव AI, डीपफेक, मशीन लर्निंग, फेस मॉर्फिंग और AI चैटबॉट जैसी आधुनिक तकनीकों से तैयार किए जाने वाले कंटेंट पर भी लागू होगा.

दरअसल, वरुण धवन ने अदालत में एक याचिका दायर की थी. इसमें उन्होंने कई ऑनलाइन इवेंट बुकिंग प्लेटफॉर्म, ई-कॉमर्स वेबसाइट्स, सोशल मीडिया अकाउंट्स, इंटरनेट इंटरमीडियरी और कुछ अज्ञात लोगों को पक्षकार बनाया था. उनका आरोप था कि उनकी लोकप्रियता और पहचान का बड़े पैमाने पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है.

याचिका में कहा गया कि कुछ वेबसाइट्स कथित तौर पर वरुण धवन के नाम पर सेलिब्रिटी बुकिंग सर्विस चला रही थीं. वहीं कई प्लेटफॉर्म पर उनके नाम और तस्वीर वाले प्रोडक्ट्स बेचे जा रहे थे. सोशल मीडिया पर भी उनके बारे में भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही थी.

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मामले का सबसे गंभीर पहलू AI और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल बताया गया. याचिका के मुताबिक, कुछ लोगों ने इन तकनीकों की मदद से अभिनेता की नकली तस्वीरें और वीडियो तैयार किए थे. इनमें वरुण धवन को ऐसी परिस्थितियों में दिखाया गया, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं था. अभिनेता का कहना था कि इस तरह की सामग्री लोगों को गुमराह करती है और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाती है.

वरुण धवन ने अदालत को यह भी बताया कि कुछ अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को भी उनके नाम और पहचान के साथ जोड़कर इंटरनेट पर फैलाया जा रहा था. इससे उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत सम्मान पर असर पड़ सकता था.

Varun dhawan

मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि वरुण धवन पिछले 14 साल से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं. उन्होंने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर एक मजबूत पहचान बनाई है. ऐसे में उनकी पहचान से जुड़े सभी तत्व कानूनी सुरक्षा के हकदार हैं.

कोर्ट ने माना कि वरुण धवन का नाम, तस्वीर, आवाज, चेहरा और हस्ताक्षर उनकी व्यक्तिगत पहचान का अहम हिस्सा हैं और इनका व्यावसायिक मूल्य भी है. इसलिए इनका बिना अनुमति इस्तेमाल करना उनके अधिकारों का उल्लंघन माना जाएगा.

अदालत ने यह भी कहा कि अभिनेता ने अपने नाम और हस्ताक्षर को ट्रेडमार्क के तौर पर भी सुरक्षित कराया हुआ है. अगर इस स्तर पर रोक नहीं लगाई गई तो उन्हें ऐसा नुकसान हो सकता है, जिसकी भरपाई बाद में संभव नहीं होगी.कोर्ट ने पाया कि कुछ प्रतिवादी अभिनेता की पहचान का व्यावसायिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे. इनमें बिना अनुमति इवेंट बुकिंग ऑफर करना, उनके नाम और तस्वीर वाले प्रोडक्ट्स बेचना और AI की मदद से भ्रामक सामग्री तैयार करना शामिल है.

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घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा मटर पनीर, देखते ही मुंह में आगा पानी, पूरे घर में फैलेगी खुशबू


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Matar Paneer Recipe: मटर पनीर भारत की सबसे लोकप्रिय डिश मानी जाती है. इसका स्वाद लाजवाब होता है और अक्सर लोग रेस्टोरेंट में जाकर इसका स्वाद उठाते हैं. आसान रेसिपी की मदद से आप घर पर ही रेस्टोरेंट जैसा स्वादिष्ट और मलाईदार मटर पनीर बना सकते हैं. आसान कुकिंग टिप्स अपनाकर इसका स्वाद और खुशबू बढ़ा सकते हैं.

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घर पर आसानी से मलाईदार मटर पनीर बना सकते हैं.

Matar Paneer Recipe Hindi: पनीर की सबसे फेमस डिश की बात हो और मटर पनीर का जिक्र न हो, ऐसा मुश्किल है. मटर पनीर सबसे लोकप्रिय डिश है, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी पसंद करते हैं. शादी-पार्टी हो या घर का खास डिनर, मटर पनीर अक्सर मेन्यू का हिस्सा होता है. इसकी मलाईदार ग्रेवी, मुलायम पनीर और मसालों की खुशबू खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. अगर आपको लगता है कि रेस्टोरेंट जैसा मटर पनीर घर पर नहीं बन सकता, तो यह सोच बदलने का समय आ गया है. कुछ आसान टिप्स और सही तरीके से आप घर पर ही स्वादिष्ट और रेस्टोरेंट स्टाइल मटर पनीर तैयार कर सकते हैं.

मटर पनीर के लिए जरूरी सामग्री

स्वादिष्ट मटर पनीर बनाने के लिए आपको लगभग 250 ग्राम पनीर, एक कप हरी मटर, 2 बड़े प्याज, 2 टमाटर, 1 हरी मिर्च, एक छोटा टुकड़ा अदरक और कुछ लहसुन की कलियां चाहिए होंगी. मसालों में हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, कसूरी मेथी और नमक का उपयोग किया जाता है. इसके अलावा थोड़ा सा ताजा क्रीम या मलाई और हरा धनिया भी स्वाद और सजावट के लिए रखा जा सकता है.

ऐसे तैयार करें मसालेदार ग्रेवी

रेस्टोरेंट स्टाइल मटर पनीर की जान उसकी ग्रेवी होती है. इसके लिए सबसे पहले प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च को हल्का भून लें. जब यह नरम हो जाएं तो इन्हें ठंडा करके मिक्सर में पीस लें. अब एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें और तैयार पेस्ट को धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनें. जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तब इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालें. मसाले को अच्छी तरह पकाने से ग्रेवी का स्वाद और रंग दोनों बेहतर हो जाते हैं.

मटर और पनीर डालने का सही तरीका

जब ग्रेवी अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब इसमें उबले हुए मटर डालें और कुछ मिनट तक पकाएं. इसके बाद कटे हुए पनीर के टुकड़े डालें. अगर आप पनीर को और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो उसे हल्का सा घी या तेल में सुनहरा होने तक फ्राई कर सकते हैं. हालांकि ताजा और मुलायम पनीर सीधे डालने पर भी बेहतरीन स्वाद देता है. अब जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर सब्जी को 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें.

रेस्टोरेंट जैसा स्वाद ऐसा बनाएं

अगर आप चाहते हैं कि मटर पनीर का स्वाद बिल्कुल होटल जैसा आए, तो आखिर में एक चम्मच कसूरी मेथी को हथेलियों के बीच मसलकर डालें. इसके साथ एक से दो चम्मच ताजा क्रीम या मलाई भी मिला दें. इससे ग्रेवी का स्वाद और टेक्सचर दोनों शानदार हो जाते हैं. ऊपर से थोड़ा गरम मसाला डालने से खुशबू और भी बढ़ जाती है. यही छोटे-छोटे सीक्रेट्स रेस्टोरेंट वाले स्वाद का राज होते हैं. गरमा-गरम मटर पनीर को बटर नान, तंदूरी रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ परोसा जा सकता है. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा सा क्रीम डालकर इसे सजाएं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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पूर्व जिला परिषद सदस्य रामविलास महतो का निधन: बेगूसराय के वीरपुर में 75 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस – Begusarai News




बेगूसराय के वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के जगदर निवासी पूर्व जिला परिषद सदस्य, पूर्व मुखिया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पूर्व अंचल मंत्री रामविलास महतो का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे लगभग 75 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, रामविलास महतो पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आने के बाद उन्हें इलाज के लिए पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया था। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से प्रखंड क्षेत्र सहित जिले भर में शोक की लहर दौड़ गई। रामविलास महतो ने लंबे समय तक सामाजिक और राजनीतिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उन्होंने पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक जनप्रतिनिधि के रूप में अपनी पहचान बनाई। वे पूर्व में मुखिया और जिला परिषद सदस्य के रूप में क्षेत्र की जनता की सेवा कर चुके थे। उनके पार्थिव शरीर के जगदर पहुंचने पर भाकपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा रहा। रामविलास महतो के निधन पर भाकपा अंचल मंत्री राम प्रवेश सिंह, पूर्व अंचल मंत्री चंद्र प्रकाश नारायण सिंह, भाकपा नेता प्रताप नारायण सिंह, प्रखंड प्रभारी प्रह्लाद सिंह, सुरेश पासवान, भाकपा नेता एवं सेवानिवृत्त शिक्षक अमरनाथ सिंह, रामाश्रय पासवान, मनोज यादव, पंचायत समिति सदस्य रीता देवी और कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष संजीव कुमार सिंह सहित कई राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।



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​कुल्लू में नशे धुत दिल्ली के युवक की हैवानियत: पहले राहगीर को कार से मारी टक्कर, फिर रिवर्स कर तड़पते घायल को कुचला, मौके पर मौत – Patlikuhal News




हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के नग्गर रोड फार्म के पास सोमवार दोपहर रूह कंपा देने वाला ‘हिट एंड रन’ का मामला सामने आया है। दिल्ली नंबर की एक तेज रफ्तार कार के चालक ने शराब के नशे में पहले तो एक पैदल राहगीर को जोरदार टक्कर मार दी फिर हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए तड़प रहे राहगीर पर जानबूझकर दोबारा गाड़ी चढ़ाकर उसे बेरहमी से कुचल दिया। इससे राहगीर की तड़पकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी कार चालक मौके से भागने लगा, लेकिन हादसे को देख गुस्से में आए स्थानीय लोगों ने आरोपी चालक को घेरकर दबोच लिया। आरोपी को पुलिस को सौं दिया गया। चलती कार में बियर पी रहे थे युवक-युवती, गलत दिशा में मारी टक्कर यह खौफनाक वारदात दोपहर करीब 12:15 बजे की है। चश्मदीद टैक्सी ड्राइवर ओमप्रकाश निवासी छनाल्टी, कुल्लू ने पुलिस को दिए अपने बयान में जो बताया वह रोंगटे खड़ा करने वाला था। ओमप्रकाश के अनुसार, मढ़ी के पास दिल्ली नंबर की एक स्विफ्ट कार (DL12CU0584) ने उनकी टैक्सी को ओवरटेक किया था। उसने बताया कि कार में दो युवक और एक युवती सवार थे, जो तेज संगीत के बीच चलती गाड़ी में सरेआम बियर पी रहे थे। जैसे ही यह कार नग्गर फार्म रोड के पास पहुँची, तो नशे में धुत चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए गलत दिशा (Wrong Side) में टर्न ले लिया और अपनी सही दिशा में जा रहे पैदल राहगीर रामकृष्ण को अपनी चपेट में ले लिया। 25 फीट घिसटा राहगीर, आरोपी ने जानबूझकर बैक की गाड़ी चश्मदीद ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकृष्ण हवा में उछलते हुए करीब 25 फीट दूर जाकर सड़क पर गिरे और घिसटते चले गए। इसके बाद कार चालक ने रामकृष्ण को लहूलुहान हालत में सड़क पर तड़पते हुए देखा, लेकिन गाड़ी रोकने या मदद करने के बजाय उसने क्रूरता दिखाई। आरोपी ने जानबूझकर कार को रिवर्स (पीछे) किया और तड़प रहे रामकृष्ण के ऊपर दोबारा टायर चढ़ा दिए। इस हैवानियत के कारण रामकृष्ण ने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। भाग रहे दिल्ली के रईसजादे को स्थानीय लोगों ने घेरा वारदात को अंजाम देकर आरोपी चालक कार सहित मौके से रफूचक्कर होने की फिराक में था। हालांकि, चश्मदीद ओमप्रकाश, स्थानीय निवासी नरेन्दर और पाल सिंह सहित अन्य लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए थोड़ी ही दूरी पर कार को चारों तरफ से घेर लिया और आरोपियों को भागने नहीं दिया। लोगों द्वारा पकड़े जाने पर कार चालक ने अपनी पहचान विक्रांत विज (29 वर्ष, पुत्र राम देव विज, निवासी करोल बाग, नई दिल्ली) के रूप में बताई। BNS की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज घटना की भयावहता को देखते हुए पटलीकूहल थाना के अतिरिक्त थाना प्रभारी (Addl. SHO) इंद्र सिंह और सब-इंस्पेक्टर (SI) भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने चश्मदीद के बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत दर्ज किया है। कुल्लू पुलिस ने आरोपी चालक विक्रांत विज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत संगीन मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। कार में सवार अन्य सह-यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है।



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विजय CM बनते ही क्यों पहनने लगे काला कोट? थलापति ने दिया जवाब


तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सूबे के 13वें मुख्यमंत्री बने थलपति विजय इन दिनों अपने सियासी फैसलों के साथ-साथ सदन में अपने पहनावे को लेकर भी भारी चर्चा में हैं. मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही विधानसभा में उनके काला कोट पहनने पर विपक्ष और कई धड़ों ने सवाल खड़े कर दिए थे, जिस पर अब सीएम विजय ने तिरुचिरापल्ली की विशाल जनसभा में गरजते हुए बेहद संजीदा और करारा जवाब दिया है. इस पहनावे पर उठे विवाद को आड़े हाथों लेते हुए विजय ने तीखा सवाल किया कि क्या कोट और सूट पहनने का हक सिर्फ सत्ताधारियों या समाज की दबंग ताकतों को ही है? उन्होंने अपने इस खास पहनावे का राज खोलते हुए बताया कि उनके ब्लैक एंड व्हाइट कपड़े असल में इंसानी दिमाग के उजाले और अंधेरे पक्षों के बीच संतुलन का प्रतीक हैं और वे राजनीति में किसी को गुमराह करने या फैंसी रंगों में दिखने नहीं, बल्कि जनता के ‘पहले सेवक’ के रूप में काम करने आए हैं.

तिरुचिरापल्ली रैली में CM विजय के भाषण की 5 बड़ी बातें ड्रग्स और कानून व्यवस्था पर घेरा: मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार ने शुरुआती दौर में ड्रग्स पर काबू नहीं पाया, जिससे यह संकट हर गली तक फैल गया. अब वे इसका ठीकरा मेरी नई सरकार पर फोड़ रहे हैं. अब सिर्फ ‘DMK बनाम TVK’ का मुकाबला: सीएम विजय ने तमिलनाडु की राजनीति के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने अन्नाद्रमुक (AIADMK) को किनारे करते हुए कहा कि अब राज्य में मुकाबला सिर्फ दो ताकतों डीएमके और उनकी अपनी पार्टी टीवीके (TVK) के बीच है, किसी तीसरे के लिए कोई जगह नहीं है. सिद्धांतों पर नो कॉम्प्रोमाइज: विजय ने एलान किया कि वे स्टालिन की तरह कमजोर या डगमगाने वाले नेता नहीं हैं. वे धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय, राज्य के अधिकारों और नदी जल विवादों के मुद्दों पर कभी कोई समझौता नहीं करेंगे. विधानसभा में ‘कोट’ पहनने पर जवाब: सदन में उनके पहनावे (कोट-सूट) पर उठे विवाद का जवाब देते हुए टीवीके प्रमुख ने पूछा कि क्या कोट पहनने का हक सिर्फ सत्ताधारियों और दबंग ताकतों को ही है? उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट कपड़ों को इंसानी दिमाग के संतुलन का प्रतीक बताया. MGR और पेरियार के रास्ते पर: विजय ने अपनी पहली ही चुनावी जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें अपार समर्थन दिया है. वे खुद की तुलना एमजीआर (MGR) से नहीं कर रहे बल्कि एमजीआर, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलकर जनता के पहले सेवक के रूप में काम कर रहे हैं. तमिलनाडु में द्विध्रुवीय सियासत का नया दौर और AIADMK को साइडलाइन करने की रणनीति

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल) में शानदार जीत दर्ज कर 10 मई को राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले विजय का यह बयान उनकी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. इस रैली के जरिए उन्होंने न केवल डीएमके को ड्रग्स के मुद्दे पर रक्षात्मक होने पर मजबूर किया, बल्कि राज्य की दशकों पुरानी ‘DMK बनाम AIADMK’ की जुगलबंदी को भी आधिकारिक रूप से खत्म घोषित कर दिया.

इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा विश्लेषण यह है कि विजय अब खुद को जयललिता और करुणानिधि के दौर के बाद राज्य के एकमात्र और सबसे मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर रहे हैं. विपक्ष द्वारा सरकार गठन के शुरुआती 6 दिनों में ही उन पर किए जा रहे हमलों को उन्होंने अपनी ताकत बताया. पेरंबूर सीट से विधायक रहने के बावजूद तिरुचिरापल्ली ईस्ट (जहां से उन्होंने इस्तीफा दिया) की जनता से खुद को जोड़ना यह दिखाता है कि वे जमीन पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देना चाहते. यह साफ है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति अधिक आक्रामक और दिलचस्प होने वाली है.

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री विजय ने तिरुचिरापल्ली की रैली में पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके सरकार पर क्या गंभीर आरोप लगाए?

सीएम विजय ने आरोप लगाया कि पिछली डीएमके सरकार ने तमिलनाडु के हर शहर और गली-मोहल्ले में ड्रग कल्चर को फैलने की खुली छूट दी. उन्होंने कहा कि अगर स्टालिन सरकार ने शुरुआती दौर में ही इस पर काबू पा लिया होता, तो आज राज्य की बेटियों और महिलाओं को प्रताड़ित नहीं होना पड़ता और न ही अपनी जान गंवानी पड़ती.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) का प्रदर्शन कैसा रहा और उन्होंने कब शपथ ली?

23 अप्रैल को हुए एक चरण के विधानसभा चुनाव के बाद 4 मई को हुई मतगणना में विजय की पार्टी TVK ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सरकार बनाई. इसके बाद 10 May को विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य में डीएमके-अन्नाद्रमुक के दशकों पुराने दबदबे को खत्म कर दिया.

सीएम विजय ने तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य और विपक्षी दल अन्नाद्रमुक (AIADMK) को लेकर क्या बड़ा बयान दिया?

विजय ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह द्विध्रुवीय (Binary Contest) घोषित करते हुए कहा कि अब सीधा मुकाबला सिर्फ दो पार्टियों— डीएमके (DMK) और टीवीके (TVK) के बीच है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि इस मुकाबले के बीच में अब किसी तीसरे दल (AIADMK) के लिए कोई भूमिका या जगह नहीं बची है.



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