Friday, November 6, 2026
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मिठाई की दुकान को कहें अलविदा, दिवाली पर घर में बनाएं टेस्टी लौकी की बर्फी

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मिठाई की दुकान को कहें अलविदा, दिवाली पर घर में बनाएं टेस्टी लौकी की बर्फी

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Lauki Ki Barfi Recipe: दीपावली का त्योहार हो और घर में कुछ मीठा ना बने, तो त्योहार अधूरा लगता है. लेकिन बाहर की मिलावटी मिठाइयां बीमारी का घर हैं. इसलिए आप घर पर ही टेस्टी मिठाई बना सकते हैं. इसके लिए लौकी की बर्फी सबसे बेस्ट ऑप्शन है. आइए जानते हैं कि घर पर लौकी की बर्फी कैसे तैयार करें.

दिवाली का त्योहार हो और घर में कुछ मीठा ना बने, ऐसा भला कैसे हो सकता है. त्योहार के मौके पर ज्यादातर लोग बाजार से मिठाइयां खरीदकर लाते हैं, लेकिन इस बार आप घर पर ही कुछ अलग और स्वादिष्ट बना सकते हैं. अगर आप भी दिवाली पर मेहमानों को कुछ खास खिलाना चाहते हैं, तो घर पर ही टेस्टी लौकी की बर्फी बना सकते हैं. 

दूध, मावा, चीनी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान इकट्ठा करने की जरूरत नहीं पड़ती और फटाफट ये तैयार हो जाता है.

लौकी की बर्फी बनाने के लिए लौकी, मावा, दूध या खोया, चीनी, देसी घी, इलायची पाउडर, कटे हुए काजू-बादाम और पिस्ता की जरूरत पड़ती है. स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमें कई ड्राई फ्रूट्स मिक्स कर सकते हैं. चलिए अब बताते हैं इसे बनाने की पूरी रेसिपी.

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सबसे पहले लौकी को छीलकर बीच के बीज वाले सख्त हिस्से को निकाल दें और अच्छी तरह धुल दें. अब लौकी को कद्दूकस कर लें. ध्यान रखें कि लौकी ताजी हो और उसमें कड़वाहट न हो. कद्दूकस करने के बाद कुछ देर उसे छोड़ दें और पानी अलग होने दें. आप हाथों से भी गारकर पानी निकाल सकते हैं.

अब एक कड़ाही में दो चम्मच देसी घी डालकर गर्म करें. इसमें कद्दूकस की हुई लौकी डालें और मध्यम आंच पर करीब 8 से 10 मिनट तक भूनें. जब लौकी का कच्चापन खत्म हो जाए, तब इसमें खोया डाल दें. इसे लगातार चलाते हुए पकाएं, जब तक खोया अच्छी तरह भून न जाए.

जब लौकी अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें मावा और चीनी डाल दें. अब इसे धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें. कुछ देर में चीनी पिघलने लगेगी और मिश्रण थोड़ा गीला हो जाएगा. इसे तब तक पकाएं, जब तक अतिरिक्त नमी खत्म न हो जाए और मिश्रण कड़ाही छोड़ने न लगे.

अब इसके बाद इसमें इलायची पाउडर, कटे हुए काजू और बादाम डालकर अच्छी तरह मिला लें. मिश्रण को 2 से 3 मिनट तक और पकाएं. जब यह गाढ़ा होकर एक जगह इकट्ठा होने लगे, तब गैस बंद कर दें. अब एक थाली या ट्रे में थोड़ा घी लगाकर चिकना कर लें. इसमें तैयार मिश्रण डालकर अच्छी तरह फैला दें.

अब इसके बाद ऊपर से कटे हुए पिस्ते डालकर हल्के हाथों से दबा दें. इसे कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें और इसके बाद करीब 1 से 2 घंटे फ्रिज में रख दें. अच्छी तरह जमने के बाद अब आप इसे मनचाहे आकार में काट सकते हैं. बस तैयार है आपकी टेस्टी लौकी की बर्फी.

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Jio के करोड़ों यूजर्स की मौज, 3 साल तक नहीं कराना पड़ेगा रिचार्ज, लॉन्च हुआ दमदार प्लान


Highlights

  • Jio ने 3 साल की वैलिडिटी वाला नया रिचार्ज प्लान पेश किया है।
  • जियो के इस प्लान में यूजर्स को तीन साल तक रिचार्ज की टेंशन नहीं रहेगी।
  • इसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स मिलते हैं।

रिलायंस जियो ने धनतेरस पर एक दमदार रिचार्ज प्लान उतारा है। रिलायंस जियो के इस नए प्लान में यूजर्स को 3 साल की वैलिडिटी मिलती है। कंपनी इस प्रीपेड प्लान में कई तरह के बेनिफिट्स ऑफर कर रही है। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा और SMS के साथ-साथ OTT और अन्य बेनिफिट्स ऑफर किए जा रहे हैं।

Jio का 3 साल वाला प्लान

रिलायंस जियो का यह नया रिचार्ज प्लान पूरे 3 साल की वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इसमें पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलेगा। साथ ही, यह प्लान डेली 100 फ्री SMS और 2.5GB हाई स्पीड डेटा के साथ आता है।

इस प्लान में मिलने वाले अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें यूजर्स को JioHotstar मोबाइल + हॉलीवुड सब्सक्रिप्शन ऑफर किया जा रहा है। साथ ही, इसमें यूजर्स को 12 महीने के लिए Canva Pro Lite का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। कंपनी JioAICloud का 50GB स्टोरेज भी ऑफर कर रही है। जियो के इस रिचार्ज प्लान की कीमत 10,000 रुपये है। कंपनी का कहना है कि इसमें 3 साल तक यूजर्स को नंबर रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, अगले तीन साल तक प्राइस हाइक का भी असर नहीं पड़ेगा।

मिलने वाले बेनिफिट्स

  • कीमत: ₹10,000
  • वैलिडिटी: 3 साल
  • अनलिमिटेड 5G डेटा
  • अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग
  • 2.5 GB डेली डेटा
  • 100 SMS डेली
  • JioHotstar Mobile + हॉलीवुड सब्सक्रिप्शन
  • 12 महीने Canva Pro Lite सब्सक्रिप्शन
  • 50 GB JioAICloud स्टोरेज

Jio का यह नया रिचार्ज प्लान 7 नवंबर यानी कल से MyJio ऐप और Jio.com की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। इससे पहले कंपनी ने 15 रुपये वाला नया रिचार्ज प्लान पेश किया है। इस प्लान में यूजर्स को 24 घंटे की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान को खास तौर पर डेटा पैक के तौर पेश किया गया है। इसमें 1GB डेटा ऑफर किया जा रहा है। इस डेटा पैक के साथ यूजर्स हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ-साथ 4K वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और बड़ी फाइल डाउनलोड करने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं। यूजर्स के रेगुलर प्लान में अगर डेटा खत्म हो जाए तो इमरजेंसी के तौर पर इस डेटा पैक को ले सकते हैं।

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बलूच आर्मी ने कमांडर इन चीफ बशीर को निकाला: पाकिस्तान में बड़े हमलों को अंजाम दिया; फिल्म धुरंधर के किरदार हमजा से होती थी तुलना




बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब को पद से हटा दिया गया है। बशीर जेब ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों की साजिश रचकर पहचान बनाई थी। बलूचिस्तान में हथियारबंद लड़ाकों के साथ बशीर जेब के वीडियो वायरल हुए तो उनकी तुलना फिल्म ‘धुरंधर’ के किरदार हमजा अली मजारी से होने लगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नाकाम ऑपरेशन और महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल को लेकर संगठन में उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ रही थी। पिछले महीने ही हटाए गए, खबर अब आई BLA ने 3 नवंबर को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि बशीर जेब अब संगठन के कमांडर-इन-चीफ नहीं रहेंगे। यह बयान बलूचिस्तान पोस्ट में प्रकाशित हुआ था। संगठन ने कहा कि बशीर जेब के पास मौजूद सभी प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत फैसले लेने के अधिकार अब सीनियर कमांड काउंसिल को सौंप दिए गए हैं। नया कमांडर नियुक्त होने तक संगठन के सभी बड़े फैसले यही परिषद लेगी। बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, बशीर जेब को हटाने का फैसला 16 अक्टूबर को हुई BLA की शीर्ष समितियों की बैठक में लिया गया था। बैठक में शामिल कमांडरों ने सर्वसम्मति से नेतृत्व में बदलाव को मंजूरी दी थी। BLA ने इस बदलाव को संगठन के नियमों के मुताबिक शांतिपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन बताया। संगठन का दावा है कि बशीर जेब को हटाने के फैसले से न तो संगठन में कोई बंटवारा हुआ और न ही कमांडरों के बीच टकराव की स्थिति बनी। हटाने की वजह और बशीर जेब का ठिकाना साफ नहीं BLA ने बशीर जेब को पद से हटाने के पीछे कोई खास वजह नहीं बताई है। संगठन ने सिर्फ इतना कहा कि यह फैसला उसके 2018 में बनाए गए संवैधानिक नियमों के तहत लिया गया है। इन नियमों के मुताबिक, कोई भी कमांडर जीवनभर संगठन के शीर्ष पद पर नहीं रह सकता। वहीं, बशीर जेब के मौजूदा ठिकाने के बारे में भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि वे अभी आजाद हैं, हिरासत में हैं या कहीं और चले गए हैं। उनके घायल होने या किसी दूसरी जगह इलाज कराने की खबरों की भी पुष्टि नहीं हुई है। बशीर जेब की लीडरशिप में BLA के बड़े हमले BLA के लगातार हमलों से बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पाकिस्तान की सेना और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में सुरक्षा बलों को संगठन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने पड़े। ऐसे में बशीर जेब को अचानक पद से हटाए जाने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑपरेशन हेरोफ-2 की नाकामी से BLA में बढ़े मतभेद बशीर जेब को हटाने की एक वजह संगठन की सैन्य रणनीति को लेकर अंदरूनी मतभेद भी हो सकती है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन हेरोफ-2 के नतीजों को लेकर BLA के शीर्ष कमांडरों में कई महीनों से नाराजगी थी। ऑपरेशन हेरोफ-2 की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को हुई थी। इसके तहत BLA ने बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर एक साथ कई हमले किए थे। लेकिन पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई में संगठन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बड़ी संख्या में लड़ाकों को एक साथ उतारने पर विवाद PICSS के मुताबिक, ऑपरेशन के नतीजों को लेकर बशीर जेब और BLA की विशेष आत्मघाती इकाई मजीद ब्रिगेड के प्रमुख कैप्टन रहमान गुल के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। संगठन के अंदरूनी मामलों की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से PICSS ने बताया कि रहमान गुल ने बशीर जेब की हमले करने की रणनीति पर सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि एक साथ कई जगहों पर बड़ी संख्या में लड़ाकों को भेजने से वे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के निशाने पर आसानी से आ गए। रहमान गुल इसके बजाय छोटे-छोटे समूहों में लड़ाकों को भेजने के पक्ष में थे। उनका मानना था कि ऐसे समूह अचानक हमला करके तुरंत अपनी जगह बदल सकते हैं। इससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल होता। एक हफ्ते में 215 लड़ाके मारे जाने का दावा ऑपरेशन हेरोफ-2 के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने BLA के खिलाफ जवाबी अभियान चलाए। PICSS के अनुमान के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में एक हफ्ते के भीतर BLA के कम से कम 215 लड़ाके मारे गए थे। वहीं, संगठन ने 96 लड़ाकों की मौत स्वीकार की थी। थिंक टैंक के मुताबिक, एक साथ बड़ी संख्या में लड़ाकों को अलग-अलग जगहों पर तैनात करने से पाकिस्तानी सेना को उनके ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिली। इससे सुरक्षा बलों के लिए उन पर कार्रवाई करना आसान हो गया। महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल पर भी नाराजगी बशीर जेब के नेतृत्व में BLA ने आत्मघाती हमलों का इस्तेमाल बढ़ा दिया था। इनमें महिला आत्मघाती हमलावरों को भी शामिल किया गया। इस रणनीति की संगठन के बाहर और अंदर दोनों जगह आलोचना हुई। BBC उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन में लोगों का मानना था कि महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल से पूरे बलोच आंदोलन को नुकसान पहुंचा। खासकर बलोचिस्तान के बाहर इस आंदोलन को मिलने वाला समर्थन कमजोर हुआ। पाकिस्तानी रिसर्चर मलिक सिराज अकबर के मुताबिक BLA ऐसा जानबूझकर कर रहा था, क्योंकि महिला हमलावरों वाले हमलों को मीडिया में ज्यादा जगह मिलती है। कायद-ए-आजम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ खुर्रम इकबाल ने बीबीसी उर्दू से कहा कि BLA के हमले जितने हिंसक होते गए, बलोचिस्तान के बाहर उसे मिलने वाला समर्थन उतना ही कम होता गया। उनके मुताबिक, आत्मघाती हमलों को दुनिया में अच्छा नहीं माना जाता। फरवरी से ही फैसलों में घटने लगा था जेब का दखल PICSS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मतभेदों का असर फरवरी 2026 से ही दिखने लगा था। बशीर जेब को धीरे-धीरे संगठन के बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया से अलग किया जाने लगा। इसके बाद कैप्टन रहमान गुल की सैन्य अभियानों और संगठन के दूसरे कामकाज में भूमिका बढ़ गई। हालांकि, BLA ने बशीर जेब को हटाने की वजह के तौर पर ऑपरेशन हेरोफ-2 या कमांडरों के बीच किसी विवाद का जिक्र नहीं किया है। यह जानकारी थिंक टैंक की रिपोर्ट और उसके सूत्रों पर आधारित है। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने अमेरिका को 7 शर्तों वाला नया प्रस्ताव भेजा:कहा- ये पूरी हुई तभी बातचीत करेंगे, होर्मुज खोलने से भी इनकार
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच ईरान ने अमेरिका को नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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धनतेरस और दीपावली पर बाजारों में 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात: उन्नाव को दो सेक्टर में बांटा, SSP-ASP ने ज्वैलर्स की दुकानों में CCTV चेक किए – Unnao News


उन्नाव में धनतेरस और दीपावली पर बाजारों की सुरक्षा के लिए 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिले को उत्तरी और दक्षिणी दो सेक्टर में बांटा गया है। इनकी निगरानी एएसपी उत्तरी और एएसपी दक्षिणी करेंगे।

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एसएसपी ने बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एसएसपी जयप्रकाश सिंह और एसपी उत्तरी आयुष श्रीवास्तव गंगाघाट थाना क्षेत्र के बाजारों में पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा इंतजाम देखे और ज्वेलर्स की दुकानों में लगे CCTV कैमरों की जांच की। अधिकारियों ने व्यापारियों से भी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।

अधिकारियों ने दुकानदारों से कहा कि वे उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे हर समय चालू रखें और संदिग्ध लोगों या गतिविधियों पर नजर रखें। अधिक नकदी और कीमती आभूषण एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय सतर्क रहने को कहा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देने के निर्देश भी दिए।

बाजारों में पैदल गश्त कर लोगों से की बात

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बाजार में पैदल गश्त की और व्यापारियों व लोगों से बात की। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया। उन्हें संदिग्ध लोगों की जांच करने और बाजारों में पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी

त्योहारी भीड़ को देखते हुए जिले को उत्तरी और दक्षिणी दो सेक्टर में बांटा गया है। दोनों सेक्टर की निगरानी संबंधित एएसपी करेंगे। बाजारों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी संदिग्धों पर नजर रखेंगे।

गश्त बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल भेजने की व्यवस्था भी की गई है।

पुलिस ने कहा कि धनतेरस और दीपावली पर लोग बिना डर के खरीदारी कर सकें और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।



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नाबालिग से रेप और वीडियो बनाने का आरोपी गिरफ्तार: लड़की को 2 दिन तक रखा साथ; पुलिस ने पश्चिम बंगाल से पकड़ा – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में नाबालिग लड़की का अपहरण कर रेप करने और अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने के मामले में टाउन थाने की पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के ग्वालपोखर थाना क्षेत्र के कमलपुर गांव निवासी महादेव सिंह के बेटे बासुदेव कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। लड़की को 2 दिन बाद छोड़ा आरोपी बीते 4 अगस्त को आरोपी बासुदेव ने टाउन थाना क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया था। परिजनों ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो पता चला कि आरोपी उसे अपने घर ले गया है। परिजनों के दबाव के बाद 6 अगस्त को आरोपी ने नाबालिग को वापस उसके घर भेज दिया। सिलीगुड़ी ले जाकर कर किया रेप घर लौटने के बाद पीड़िता ने परिजनों को बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर सिलीगुड़ी ले गया था, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने अपने मोबाइल से पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए थे। इसके बाद वह तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बना रहा था। इस वजह से पीड़िता काफी भयभीत थी। आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायत कराई दर्ज घर लौटने के बाद पीड़िता गुमसुम रहने लगी थी। परिजनों ने जब उससे लगातार पूछताछ की तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। यह सुनकर परिजन स्तब्ध रह गए। इसके बाद वे पीड़िता को लेकर तत्काल टाउन थाना पहुंचे और आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई। सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि मामले शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर फरार आरोपी बासुदेव कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



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चार पीढ़ियों से नहीं बदला स्वाद, अलसी के तेल में तैयार कोटा का यह फेमस नमकीन

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कोटा. दिवाली का त्योहार हो और मिठाइयों की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! त्योहारों की रौनक मिठाइयों के बिना अधूरी है. देश के हर शहर की कोई न कोई ऐसी खास मिठाई या नमकीन होती है, जो उसकी पहचान बन जाती है. एजुकेशन सिटी कोटा की पहचान भी एक ऐसे ही अनोखे स्वाद से जुड़ी है, जिसे यहां के लोग कड़के सेव के नाम से जानते हैं. अलसी के तेल में तैयार होने वाले तीखे, चटपटे और कुरकुरे कड़के सेव का जायका ऐसा है कि एक बार खाने वाला इसे भूल नहीं पाता.

कोटा में मिठाई और नमकीन की बात हो तो इन सेव का जिक्र जरूर होता है. खास बात यह है कि बदलते दौर और बाजार में नए स्वादों की आमद के बावजूद इस पारंपरिक जायके को मोहन जी की चौथी पीढ़ी आज भी संजोए हुए है. स्वाद के साथ इस दुकान की अपनी विरासत और ग्राहकों की दिलचस्प कहानियां भी हैं. आइए, देखते हैं संवाददाता हिमांशु मित्तल की कोटा से यह खास रिपोर्ट.

अलसी के तेल में तैयार होता है खास स्वाद

कोटा के कड़के सेव की सबसे बड़ी खासियत इन्हें बनाने का 100 साल से भी अधिक पुराना पारंपरिक तरीका है. जहां बाजार में ज्यादातर नमकीन अलग-अलग तरह के तेलों में तैयार की जाती है, वहीं यहां अलसी के तेल का इस्तेमाल इस स्वाद को खास बनाता है. तीखापन, मसालों का चटपटापन और कुरकुरापन इन सेव को दूसरी नमकीन से अलग पहचान देते हैं. यही वजह है कि इनका स्वाद सिर्फ कोटा तक सीमित नहीं है, बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी इन्हें अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं.

चार पीढ़ियों से कायम है स्वाद की विरासत

किसी भी पारंपरिक व्यंजन की असली पहचान उसका स्वाद और उसे बनाने का तरीका होता है. मोहन जी की चौथी पीढ़ी भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है. पीढ़ियां बदल गईं, लोगों की पसंद में बदलाव आया और बाजार में नमकीन की कई नई किस्में आ गईं, लेकिन कड़के सेव का पारंपरिक स्वाद आज भी बरकरार है. पुराने ग्राहकों के लिए यह सिर्फ नमकीन नहीं, बल्कि बचपन और पुरानी यादों से जुड़ा जायका है. वहीं नई पीढ़ी भी इसके तीखे और कुरकुरे स्वाद की मुरीद हो रही है.

दिवाली पर बढ़ जाती है मांग

दिवाली जैसे त्योहारों पर घरों में मिठाइयों के साथ नमकीन की खरीदारी भी खूब होती है. मेहमानों की आवभगत हो या रिश्तेदारों को कुछ खास खिलाने की बात, कोटा के कड़के सेव लोगों की पसंद में शामिल रहते हैं. त्योहार के दिनों में इनकी मांग बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों के लिए यह नमकीन कोटा की पहचान और स्वाद की विरासत है. बाहर से आने वाले पर्यटक और कोचिंग के सिलसिले में शहर में रहने वाले विद्यार्थी भी इस खास जायके का अनुभव लेना पसंद करते हैं. कोटा के कड़के सेव सिर्फ एक नमकीन नहीं, बल्कि शहर की खानपान संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा हैं. अलसी के तेल का खास इस्तेमाल, तीखा स्वाद और कुरकुरा अंदाज इन्हें अलग बनाता है. यही वजह है कि दिवाली की मिठास के बीच कोटा के इन कड़के सेव का चटपटा स्वाद भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है.



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इंदौर में जमीन के सौदे में धोखाधड़ी…3 पर FIR: कारोबारी को संस्था की जमीन अपनी बताकर दी; 60 लाख का चेक भी बाउंस – Indore News




इंदौर क्राइम ब्रांच ने बेशकीमती जमीन के सौदे में धोखाधड़ी के मामले में गुरुवार को एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन के सौदे में कुछ राशि कारोबारी को नकद दी, जबकि बाकी राशि के बदले एक संस्था की जमीन का इकरारनामा कर दिया। बाद में संबंधित संस्था की ओर से जमीन को लेकर आपत्ति जताई गई, तो पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। क्राइम ब्रांच ने 62 वर्षीय रमेन जोशी निवासी फैंटेसी कॉलोनी, बिचौली हप्सी की शिकायत पर सुनील कुमार भाटिया, महेंद्र जैन और संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी एसेट्स क्रिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी चलाते हैं। रमेन जोशी की मनोरमागंज में 10 हजार स्क्वायर फीट से अधिक जमीन थी, जिसका सौदा 1 करोड़ 69 लाख रुपए में तय हुआ था। इस जमीन की रजिस्ट्री 23 फरवरी 2007 को करा दी गई थी। इस सौदे में एक शर्त रखी गई थी कि ग्राम पिपल्याहाना स्थित 1.5 एकड़ जमीन, सर्वे नंबर 546, जो आरोपियों ने अपनी बताई थी, रमेन को दी जाएगी। इसके साथ ही 60 लाख रुपए का एक चेक भी दिया गया। रमेन ने यह चेक 3 अक्टूबर 2008 को बैंक में लगाया, तो वह बाउंस हो गया। बाद में पीड़ित को पता चला कि पिपल्याहाना की जो जमीन उन्हें दी गई थी, वह इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा अधिग्रहित थी और एक अन्य संस्था की थी। आरोपियों ने दावा किया था कि वे ‘रोचक गृह निर्माण संस्था’ के सदस्य हैं और यह जमीन उन्हीं की है। साथ ही, इस पर कोई विवाद नहीं है। हालांकि, डेढ़ एकड़ जमीन के IDA द्वारा अधिग्रहण की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।



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कब्रिस्तान की जमीन पर लकड़ी डालने से मना किया,तलवारें चलीं: लाठी-डंडों से पूरे परिवार पर हमला किया, चार लोग गंभीर रूप से घायल – Alwar News




अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव में कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर लकड़ी रखने का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। विरोध से गुस्साए कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों (तलवारों) से पूरे परिवार पर हमला कर दिया। इस खूनी झड़प में युवक समेत एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद एक घायल की हालत नाजुक है। जिसे अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वारदात के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानिए क्या है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक, खेड़ी गांव निवासी शरीफ खान ने गांव के ही रतन सिंह और भगत सिंह के परिवार द्वारा कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर लकड़ियों का ढेर लगाने पर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि रतन सिंह, भगत सिंह और सुखविंदर समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडे व तलवारें निकालकर शरीफ खान के घर पर हमला बोल दिया। हमले में ये हुए घायल हमले में शरीफ खान, उसके पिता सलीम, भाई साहिल और बहन रवीना गंभीर रूप से चोटिल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर घायलों को तुरंत रामगढ़ के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद शरीफ खान की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अलवर रेफर कर दिया है।



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ईरान ने अमेरिका को 7 शर्तों वाला नया प्रस्ताव भेजा: कहा- ये पूरी हुई तभी बातचीत करेंगे, होर्मुज खोलने से भी इनकार




अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच ईरान ने अमेरिका को नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी 7 शर्तें पूरी होने के बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करेगा और होर्मुज खोलेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। हालांकि, उन्होंने प्रस्ताव में शामिल शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। हालांकि अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। ईरान की बातचीत के लिए 7 शर्तें 1. अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं ईरान चाहता है कि अमेरिका उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध खत्म करे। इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान के लिए दूसरे देशों के साथ कारोबार करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचना मुश्किल होता है। 2. विदेशों में जमा पैसा लौटाया जाए ईरान की मांग है कि दूसरे देशों के बैंकों में जमा उसकी रोकी गई संपत्ति वापस की जाए। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की बड़ी रकम विदेशों में फंसी हुई है। 3. युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा मिले ईरान चाहता है कि अमेरिका युद्ध के दौरान उसके ठिकानों, बुनियादी ढांचे और दूसरी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई करे। इसके लिए मुआवजा देने की मांग भी उसकी शर्तों में शामिल बताई जा रही है। 4. अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म हो ईरान के बंदरगाहों और समुद्री कारोबार पर अमेरिका की ओर से लगाई गई रोक हटाई जाए। इस नाकेबंदी के कारण ईरान के लिए समुद्र के रास्ते सामान भेजना और मंगाना मुश्किल हो रहा है। 5. तेल बेचने की पूरी छूट मिले ईरान चाहता है कि उसके तेल कारोबार पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं। इससे वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में दूसरे देशों को अपना तेल बेच सकेगा और उसकी कमाई बढ़ेगी। 6. ईरान और उसके सहयोगियों पर हमले बंद हों ईरान की मांग है कि अमेरिका और इजरायल उसके साथ-साथ क्षेत्र में उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई बंद करें। वह चाहता है कि युद्ध का दायरा दूसरे देशों और संगठनों तक न बढ़े। 7. पश्चिम एशिया से अमेरिकी सेना की तैनाती घटे ईरान चाहता है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे। उसकी मांग है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सैनिकों की तैनाती घटाई जाए। परमाणु मुद्दे पर क्यों फंसी है बातचीत? अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करे और यह सुनिश्चित करे कि वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत से पहले अमेरिका को उसके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध और दूसरी पाबंदियां हटानी होंगी। यानी दोनों देश बातचीत तो करना चाहते हैं, लेकिन शुरुआत कहां से हो, इस पर सहमत नहीं हैं। अमेरिका पहले परमाणु कार्यक्रम पर बात करना चाहता है, जबकि ईरान पहले आर्थिक और सैन्य पाबंदियां हटवाना चाहता है। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बना अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत के रास्ते बंद होने के कारण कतर जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इस बार भी ईरान ने अपना प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है। कतर पहले भी दोनों देशों के बीच बातचीत कराने और तनाव कम करने की कोशिशों में शामिल रहा है। ऐसे में उसकी भूमिका इस बार भी अहम हो सकती है। फिलहाल अमेरिका की ओर से प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी समीक्षा के बाद ही पता चलेगा कि दोनों देश बातचीत की दिशा में आगे बढ़ते हैं या शर्तों को लेकर तनाव बना रहता है।



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सेंसेक्स 400 अंक चढ़ा, लेकिन स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट, जानें बाजार का हाल


घरेलू शेयर बाजार में आज 6 नवंबर को कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे थे. लेकिन सपाट शुरुआत के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में बढ़त देखने को मिली. एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ने के संकेत हैं. गिफ्ट निफ्टी सुबह 7 बजे 120 अंक से ज्यादा यानी की गिरावट के साथ 24,470 के आसपास कारोबार कर रहा था. अमेरिका में AI कंपनियों पर सख्त नियमन की आशंका के बीच एआई कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली.

November 6, 202611:38 IST

शेयर बाजार में बढ़ी हलचल

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 6 नवंबर को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. सुबह 11:22 बजे सेंसेक्स 400 अंक यानी 0.50% चढ़कर 79,710 पर और निफ्टी 58 अंक यानी 0.24% बढ़कर 24,595 पर पहुंच गया. हालांकि, गुरुवार की तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. स्मॉलकैप इंडेक्स 1.88% और मिडकैप 1.45% गिर गया. रियल्टी, मेटल, एनर्जी और मीडिया शेयरों में कमजोरी रही, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी दिखी. इस बीच इंडिया VIX 9.5% उछलकर 17.06 पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है.

November 6, 202611:22 IST

सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव

शेयर बाजार में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी 50 बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं, बाजार के व्यापक सूचकांकों में कमजोरी है. निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट दर्ज की जा रही है. यानी बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दिख रही है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है.

November 6, 202610:32 IST

निफ्टी मिडकैप 150 के टॉप गेनर्स

आज निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में Mphasis सबसे ज्यादा चमका, जिसमें 4.55% की तेजी के साथ शेयर 2,624.10 रुपये पर पहुंच गया. इसके बाद NHPC में 2.42%, United Breweries में 2.28%, Kalyan Jewellers में 1.57% और Persistent में 1.54% की बढ़त देखी गई.

November 6, 202610:00 IST

शेयर बाजार में दबाव, PI Industries से Yes Bank तक कई शेयर 2% से ज्यादा टूटे

आज सुबह के कारोबार में कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. PI Industries का शेयर 2.17% गिरकर 1,731.60 रुपये पर आ गया. Motilal Oswal Financial Services, Solar Industries India और Godrej Properties के शेयर भी 2% से ज्यादा टूटे. वहीं, Yes Bank का शेयर 2.16% गिरकर 15.89 रुपये और New India Assurance का शेयर 2.10% फिसलकर 155.21 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Supreme Industries का शेयर 5% से ज्यादा गिरकर 3,112 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया.

November 6, 202609:59 IST

गुजरात एनर्जी का मुनाफा 35.9% गिरा, EBITDA में भी बड़ी कमी

गुजरात एनर्जी का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 35.9% घटकर 639.3 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही में 998 करोड़ रुपये था. हालांकि, कंपनी की आय 1.5% बढ़कर 9,590 करोड़ रुपये हो गई. EBITDA में 38.5% की गिरावट आई और यह 797.2 करोड़ रुपये रहा. EBITDA मार्जिन भी 13.72% से घटकर 8.31% पर आ गया. नतीजों के बाद कंपनी का शेयर 3.43% गिरकर 217 रुपये पर कारोबार कर रहा था.

November 6, 202609:56 IST

IT इंडेक्स में 1% की बढ़त

निफ्टी IT इंडेक्स में 1% से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है. Mphasis, HCL Tech और TCS का सबसे बड़ा कॉन्ट्रीबुशन है.

November 6, 202609:41 IST

सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी

सेंसेक्स 211.34 अंक (0.27%) की तेजी के साथ 79,521.35 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 8.05 अंक (0.03%) की मामूली गिरावट के साथ 24,528.55 पर है.



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