Sunday, November 8, 2026
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दीपावली पर बाजार में निकले तनवीर खान: व्यापारियों से की रामा-श्यामा, दिया भाईचारे का संदेश – Churu News




चूरू में एआईसीसी सदस्य तनवीर खान ने रविवार शाम मुख्य बाजार में व्यापारियों और आमजन से रामा-श्यामा की। उन्होंने लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं।
खान सुभाष चौक, सफेद घंटाघर, गढ़ चौराहा और मोजासिया चौक समेत बाजार के कई स्थानों पर पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों से मुलाकात की और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की बात कही।
इस दौरान व्यापारियों और आमजन ने खान को साफा पहनाया, फूल बरसाए और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। खान ने कहा कि दीपावली रोशनी, खुशी और आपसी प्रेम का त्योहार है। यह मतभेद भुलाकर प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि चूरू की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द उसकी पहचान है। सभी वर्गों के लोगों को मिल-जुलकर त्योहार मनाना चाहिए, ताकि समाज में एकता और भाईचारा मजबूत हो। उन्होंने देश और प्रदेश की उन्नति, खुशहाली और अमन-चैन की कामना की।
इस मौके पर रौनक शर्मा, आसिफ खान, अली हसन, पीयूष शर्मा, दीपक व्यास, योगेश व्यास, बाबू, सब्बीर खान और प्यारेलाल बगड़िया समेत कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद थे।



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देवरिया एसपी ने बच्चों के साथ मनाई दीपावली: मिठाई और पटाखे बांटकर आपसी प्रेम और भाईचारे का दिया संदेश – Deoria News




देवरिया में पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर ने रविवार शाम करीब 6 बजे कोतवाली परिसर में बच्चों और जरूरतमंदों के साथ दीपावली मनाई। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के साथ ही कोतवाली क्षेत्र की बस्तियों से आए बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंदों को मिठाई व पटाखे बांटे। बच्चों के साथ बिताया समय एसपी ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके सुख-समृद्धि व उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनके साथ समय बिताया। खुशियां साझा करने का दिया संदेश एसपी ने कहा कि दीपावली खुशियों, आपसी प्रेम और भाईचारे का त्योहार है। इस अवसर पर समाज के हर वर्ग के साथ खुशियां साझा करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी स्नेह, सद्भाव और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। देवरिया पुलिस की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों के बच्चों के साथ त्योहार मनाना और समाज में सहयोग व अपनत्व की भावना को बढ़ावा देना था।



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अररिया के 166 महादलित टोलों में मनी दीपावली: जयप्रकाश नगर के वार्ड-7 पहुंचे डीएम, बच्चों को खिलाई मिठाई – Araria News




अररिया के 166 महादलित टोलों में जिला प्रशासन की ओर से दीपावली कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले और प्रखंड स्तर के अधिकारी अलग-अलग बस्तियों में पहुंचे और परिवारों के साथ दीपावली मनाई। अधिकारियों ने लोगों के साथ दीप जलाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं और सामाजिक सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन जयप्रकाश नगर के वार्ड नंबर 07 स्थित महादलित टोले पहुंचे। उन्होंने स्थानीय परिवारों के साथ दीप जलाए और लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। डीएम ने बच्चों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और खुद भी उनके साथ मिठाई खाकर त्योहार की खुशियां साझा कीं। बच्चों के साथ मिठाई खाकर साझा की खुशियां डीएम विनोद दूहन ने कहा कि महादलित टोले के लोगों के साथ दीपावली मनाकर उन्हें काफी खुशी हुई। उन्होंने जिलेवासियों के लिए सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और सुख-समृद्धि की कामना की। वार्ड नंबर 07 के पार्षद श्याम कुमार मंडल ने कहा कि डीएम का टोले में पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए खुशी की बात है। उन्होंने बच्चों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और खुद भी वही मिठाई खाई। जिले के सभी 166 टोलों में पहुंचे अधिकारी कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और उप विकास आयुक्त भी शामिल हुए। वहीं, अपर समाहर्ता सहित अन्य वरीय अधिकारियों ने भी अलग-अलग महादलित टोलों में पहुंचकर दीप जलाए और लोगों को दीपावली की बधाई दी। प्रशासन की इस पहल के माध्यम से जिले के विभिन्न हिस्सों में परिवारों के साथ त्योहार मनाया गया। सामाजिक समानता और सहभागिता का संदेश जिला प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनमें सम्मान, सहभागिता तथा समानता की भावना को बढ़ावा देना है। आयोजन ने संदेश दिया कि त्योहार की खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब समाज का हर वर्ग उसमें बराबर का भागीदार बने।



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मऊगंज में जमीन विवाद पर भिड़े दो परिवार: महिलाओं समेत कई लोग घायल; दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज – Mauganj News




मऊगंज थाना क्षेत्र के दामोदरगढ़ गांव में रविवार शाम करीब 5 बजे जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के लोगों के बीच मारपीट हुई। इसमें महिलाओं समेत कई लोग घायल हो गए। घायलों का सिविल हॉस्पिटल मऊगंज में इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पक्ष ने गाली-गलौज और तोड़फोड़ का लगाया आरोप पहले पक्ष के अंजनी कुमार पटेल (50), निवासी दामोदरगढ़ ने बताया कि उनके परिवार का दूसरे पक्ष से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। उनका आरोप है कि रविवार को दूसरे पक्ष के लोग नशे की हालत में आए और गाली-गलौज करने के साथ गाड़ियों में तोड़फोड़ की। विरोध करने पर उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई। इस पक्ष से अंजनी कुमार पटेल, नेहा पटेल (21), नीरा पटेल (22), नीतीश पटेल (18) और मानमती पटेल (45) घायल हुए हैं। दूसरे पक्ष ने जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया दूसरे पक्ष के अनिल कुमार पटेल और सुशील पटेल भी घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि अंजनी पटेल का परिवार जमीन पर कब्जा कर रहा है। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। दोनों पक्षों पर काउंटर केस दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मऊगंज थाने में शिकायत की है। थाना प्रभारी अजय खोबरागड़े ने बताया कि मारपीट के मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



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घर पर बनाएं चटपटी अदरक वाली ग्रीन फिश, एक प्लेट में मिलेगा 57 ग्राम प्रोटीन

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मछली खाने के शौकीन हैं तो हरी चटनी और चटपटे अदरक के तेल से तैयार करें ग्रीन फिश. जानें एक पॉट में बनने वाली इस प्रोटीन से भरपूर रेसिपी का आसान तरीका.

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गर आप रोजाना एक जैसा खाना खाकर बोर हो गए हैं और कुछ हेल्दी लेकिन स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं तो ग्रीन फिश की यह रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए आपको कई बर्तन इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मटर, पालक, हरा धनिया, छोले और कॉड फिश से तैयार होने वाली यह डिश स्वाद के साथ पोषण का भी अच्छा विकल्प है. इसमें ऊपर से डाला जाने वाला अदरक और मसालों का गर्म तेल इसका स्वाद और बढ़ा देता है. इसकी एक सर्विंग में करीब 57 ग्राम प्रोटीन मिल सकता है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.

ग्रीन फिश बनाने के लिए सामग्री

यह रेसिपी दो लोगों के लिए तैयार की जा सकती है. इसके लिए 2 से 3 बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल, 20 ग्राम बारीक लंबा कटा अदरक, एक छोटा चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच ब्राउन सरसों के दाने, एक छोटा चम्मच सौंफ और एक छोटा चम्मच चिली फ्लेक्स लें.

इसके अलावा 120 ग्राम फ्रोजन मटर, 120 ग्राम फ्रोजन पालक, 30 ग्राम हरा धनिया, एक हरी मिर्च, 400 मिलीलीटर फिश स्टॉक, एक बड़ा चम्मच फिश सॉस, एक कैन उबले हुए छोले और 400 ग्राम कॉड फिश की जरूरत होगी.

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हूतियों ने सऊदी पर मिसाइल हमला किया: रियाद में तेल कंपनी अरामको की बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा; एयरस्ट्राइक के बाद बदले की धमकी दी थी


2 घंटे पहले

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हमले के बाद रियाद में तेल कंपनी अरामको की बिल्डिंग से धुआं उठता दिखाई दिया।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रविवार को मिसाइल हमला हुआ। इसके चलते तेल कंपनी अरामको की बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है।

हमले का आरोप यमन के हूती विद्रोहियों पर लगाया गया है। सऊदी सेना ने बताया कि रियाद की ओर दागी गई 2 बैलिस्टिक और 2 क्रूज मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर दिया गया है।

सऊदी के मुताबिक अरामको की बिल्डिंग को मामूली नुकसान पहुंचा है। हूतियों ने फिलहाल अरामको की बिल्डिंग पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिल सना में हुई लगातार दो एयरस्ट्राइक के बाद बदले की बात कही थी।

अरामको की जिस बिल्डिंग पर हमला हुआ वह रियाद में किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में स्थित है।

अरामको की जिस बिल्डिंग पर हमला हुआ वह रियाद में किंग अब्दुल्ला फाइनेंशियल डिस्ट्रिक्ट में स्थित है।

रियाद में खतरे का अलर्ट जारी हुआ था

सऊदी सिविल डिफेंस ने रियाद में संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अरामको की बिल्डिंग की कई मंजिलों की खिड़कियों के शीशे टूटे दिखाई दे रहे हैं।

कुछ लोगों ने घटनास्थल पर एम्बुलेंस आते भी देखी है। हालांकि सऊदी का कहना है कि हमले के चलते किसी की भी मौत नहीं हुई है और कोई घायल भी नहीं हुआ है।

यमन में हुई एयरस्ट्राइक में 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे

रियाद पर मिसाइल हमले से एक दिन पहले यमन में सऊदी अरब के हवाई हमलों की खबर आई थी। हूतियों ने दावा किया कि राजधानी सना के पास हुए हमलों में कम से कम 33 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।

इसके पहले 6 नवम्बर को यमन के ताइज प्रांत के एक बाजार पर भी हमला हुआ था, जिसमें हूती अधिकारियों के मुताबिक 30 लोग मारे गए। इसके लिए भी हूतियों ने सऊदी को जिम्मेदार ठहराया था।

हूती प्रवक्ता महदी अल-मशात ने शनिवार को सऊदी अरब को धमकी देते हुए कहा था कि यमन के लोगों के खिलाफ किए गए हमलों का बदला लिया जाएगा।

हूतियों का कहना है कि जब तक सऊदी अरब उनके कब्जे वाले इलाकों में हवाई हमले और नाकेबंदी जारी रखेगा, वे भी सऊदी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करते रहेंगे।

हूती संचालित अल-मसीरा टीवी ने सना में हुए हमले की तस्वीर जारी की थी।

हूती संचालित अल-मसीरा टीवी ने सना में हुए हमले की तस्वीर जारी की थी।

सऊदी अरब के लिए मिसाइलों को रोकना चुनौती बना

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के मुताबिक, सऊदी अरब ने पिछले साल रक्षा पर करीब 7.8 लाख करोड़ रुपए खर्च किए थे। वह दुनिया के सबसे ज्यादा रक्षा खर्च करने वाले 10 देशों में शामिल है।

सऊदी अरब के पास अमेरिका के लड़ाकू विमान, पैट्रियट और THAAD जैसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम हैं। इसके अलावा उसने फ्रांस और ब्रिटेन से भी हथियार खरीदे हैं।

इसके बावजूद सऊदी अरब के लिए अपने बड़े इलाके और अहम ठिकानों की सुरक्षा करना मुश्किल हो रहा है। उसे तीन दिशाओं से खतरा है। पूर्व में ईरान, उत्तर में इराक में सक्रिय ईरान समर्थित लड़ाके और दक्षिण में यमन के हूती विद्रोही।

हूती अब बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी के ड्रोन का एक साथ इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे सऊदी अरब के एयर डिफेंस सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा है। सऊदी सेना कई मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में सफल रहती है, लेकिन कुछ हमले उसके सुरक्षा घेरे को पार कर जाते हैं।

संघर्ष में अब तक 1,600 से ज्यादा लोग मारे गए

यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार की सेना के बीच जुलाई में फिर लड़ाई शुरू हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इसके बाद से अब तक 1,600 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 3 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़ना पड़ा है।

इस लड़ाई में सऊदी अरब यमन सरकार की सेना का समर्थन कर रहा है। जुलाई से वह हूतियों के ठिकानों पर हवाई हमले भी कर रहा है। जवाब में हूती विद्रोही भी सऊदी अरब पर हमले कर रहे हैं।

2015 में शुरू हुआ था सऊदी और हूतियों के बीच संघर्ष

यमन में हूतियों ने 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब ने कई देशों के साथ मिलकर उनके खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया। सऊदी अरब चाहता था कि यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार फिर से सत्ता में आए और हूतियों का कब्जा खत्म हो।

कई साल तक चले हवाई हमलों के बावजूद सऊदी गठबंधन हूतियों को पूरी तरह पीछे नहीं धकेल पाया। हूती अब भी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखते हैं। इस संघर्ष के कारण सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।

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रिपोर्ट- सऊदी क्राउन प्रिंस बंकर वाले महलों में रह रहे: हूती विद्रोहियों के डर से ठिकाना बदल रहे; इस महीने रियाद एयरपोर्ट पर 20 हमले किए

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान हूती विद्रोहियों के हमले के डर से बंकरों वाले महलों में रहने को मजबूर हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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इंदिरा की हत्या के बाद से दहशत में रहीं सोनिया: बोलीं- हमेशा डर लगा रहता कि अगला नंबर राजीव का होगा; 1991 में हत्या हुई थी


नई दिल्ली1 घंटे पहले

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सोनिया गांधी ने 8 नवंबर को X पर एक पोस्ट कर दिवाली की यादें शेयर कीं।

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इंदिरा की हत्या के बाद घर किला बन गया। कमांडो बच्चों के बेडरूम में तैनात थे। राहुल-प्रियंका को स्कूल से निकाल लिया गया। डर बहुत था, अक्सर ख्याल आता कि अगला नंबर राजीव का ही होगा, वो मारे जाएंगे। 1991 में यही डर सच साबित हुआ। लिट्टे के आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या हो गई।

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सोनिया गांधी ने गार्जियन को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। उन्होंने अपनी आने वाली किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ पर राजीव की हत्या समेत निजी और राजनैतिक मुद्दों पर अपने विचार और अनुभव शेयर किए हैं।

सोनिया बताती हैं- ‘राजीव को मौत की धमकियां मिल रही थीं। भारतीय खुफिया एजेंसियों यह बात जानती थीं, लेकिन नई सरकार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। उनकी सिक्योरिटी हटा ली गई। मुझे नहीं लगता कि अब हमें कभी सच का पता चल सकेगा।’

इसी इंटरव्यू में सोनिया ने अपनी और राजीव की लवस्टोरी पर भी बात की है। उन्होंने बताया कि उस वक्त उन्हें नहीं पता था कि राजीव भारत के सबसे बड़े राजनीतिक परिवार के वारिस हैं।

सोनिया ने इन मुद्दों पर बात की…

इंदिरा गांधी – घर में मां, बाहर आयरन लेडी: 1968 में भारत आने पर सोनिया और राजीव, इंदिरा गांधी के साथ ही रहने लगे। बाहर से इंदिरा सख्त ‘आयरन लेडी’ दिखती थीं, लेकिन सोनिया कहती हैं घर में वो बिल्कुल आम मां थीं। अखबारों में उन्हें सख्त या कठोर दिखाया जाता था, लेकिन घर में वो किसी भी दूसरी मां जैसी थीं।

सोनिया के मुताबिक इंदिरा गुस्सा भी खूब करती थीं। किताब में एक किस्सा है जिसके मुताबिक इदिरा ने फैमिली डिनर में गुस्से में अपनी थाली टेबल के पार फेंक दी थी। सोनिया के मुताबिक इंदिरा ने एक बार उन्हें बताया था कि पहली बार प्रधानमंत्री बनने पर डरी हुई थीं।

इमरजेंसी को लेकर परिवार में मतभेद थे: 1975 में इमरजेंसी के फैसले पर परिवार बंटा हुआ था। राजीव इसके खिलाफ थे। उन्होंने मां से कहा था कि अगले चुनाव का इंतजार करो। लेकिन संजय गांधी इमरजेंसी के पक्ष में थे। एक फैमिली डिनर में संजय ने कहा था – “विपक्ष मां को बर्बाद कर देगा, उन्हें रोका जाना चाहिए।”

सोनिया किताब में लिखती हैं, “संजय को काबू में रखने से बाद में हुए बहुत से नुकसान को रोका जा सकता था।” सोनिया कहती हैं इमरजेंसी लगाना गलती थी और इंदिरा गांधी भी बाद में यही महसूस करती थीं। “मुझे हमेशा लगता है कि श्रीमती गांधी दिल से लोकतांत्रिक थीं। मुझे पता है कि कई लोग इस पर हंसेंगे, लेकिन मेरा मानना है कि इमरजेंसी के दौरान वो कभी सहज नहीं थीं। ये बात उन पर भारी पड़ रही थी।”

31 अक्टूबर 1984 – वो खून से लथपथ शरीर: सोनिया उस दिन घर पर थीं जब पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। बगल के ऑफिस में दौड़कर गईं तो इंदिरा गांधी का गोलियों से छलनी शरीर जमीन पर पड़ा था। उन्हें उनके ही सिख बॉडीगार्ड्स ने गोल्डन टेंपल पर ऑपरेशन का बदला लेने के लिए गोली मारी थी।

अस्पताल तक की ड्राइव के बारे में सोनिया कहती हैं, “घर से अस्पताल तक की ड्राइव असहनीय थी। ट्रैफिक ज्यादा नहीं था, लेकिन वो बहुत धीमी लगी। मैं ये भी जानती थी कि क्योंकि वो बोल नहीं रही हैं, तो सब खत्म हो चुका है।”

इंदिरा की मौत के बाद राजीव से जब प्रधानमंत्री बनने को कहा गया तो सोनिया ने उन्हें राजनीति से दूर रहने की भीख मांगी थी।

बाबरी विध्वंस – टीवी देखकर रोईं: दिसंबर 1992 में जब अयोध्या में मस्जिद गिराई गई, तो सोनिया ने उसे टीवी पर देखा और रो पड़ीं। उन्होंने कहा, “तब मुझे पता चला कि हमें उस धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी, जिसे महात्मा गांधी, नेहरू और उनके साथियों ने बनाने की कोशिश की थी।”

वो ये भी मानती हैं कि कांग्रेस की आत्मसंतुष्टि ने BJP और उसके कट्टर हिंदुत्व की राजनीति के उदय में मदद की। वे कहती हैं- मुझे लगता है हम कई मायनों में बहुत आत्मसंतुष्ट हो गए थे। एक तरह का लापरवाह रवैया था। ——————————

यह खबर भी पढ़ें… सोनिया ने बताया, 2004 में क्यों ठुकराया था PM पद:बोलीं- राहुल और प्रियंका भी नहीं चाहते थे कि मैं प्रधानमंत्री बनूं

2004 में प्रधानमंत्री पद ठुकराने का फैसला सोनिया गांधी की जिंदगी के सबसे चर्चित राजनीतिक फैसलों में से एक रहा है। अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ में उन्होंने बताया है कि राहुल और प्रियंका भी नहीं चाहते थे कि वे प्रधानमंत्री बनें। पूरी खबर पढ़ें…



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महराजगंज एसपी ने त्योहार शांति से मनाने की अपील की: शक्ति मोहन अवस्थी ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की शुभकामनाएं दीं – Maharajganj News




महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने जिले के लोगों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि प्रकाश और खुशियों के ये त्योहार सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आएं। साथ ही जिले में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बना रहे। एसपी ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व जीवन में सकारात्मकता, सद्भाव और अच्छे कार्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। वहीं गोवर्धन पूजा धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। भैया दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और पारिवारिक रिश्तों की मिठास को दर्शाता है। त्योहारों से मजबूत होता है सामाजिक सौहार्द उन्होंने कहा कि त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज में एकता, आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी देते हैं। ऐसे अवसरों पर सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर पर्व मनाना चाहिए। सुरक्षित माहौल में त्योहार मनाने की अपील पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज हर्षोल्लास के साथ सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि हर परिवार का जीवन खुशियों से भरा रहे और महराजगंज में शांति, सद्भाव व भाईचारे की परंपरा हमेशा कायम रहे।



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‘बिहारियों को अपमानित करने वालों को हिसाब देना होगा’: राहुल गांधी पर गिरिराज सिंह का तंज, बोले- कांग्रेस नेता में राजनीतिक, वैचारिक लड़ाई की ताकत नहीं बची – Begusarai News




केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की जुबान में अब सीधे तौर पर राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई लड़ने की ताकत नहीं बची है। जिसके चलते वे उत्तर प्रदेश में अपने करीबियों और समर्थकों के माध्यम से बिहार के लोगों को लगातार अपमानित करवा रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा है कि बिहार के मान-सम्मान और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने बिहार के गौरवशाली इतिहास और महान सांस्कृतिक धरोहर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध ज्ञान के केंद्र रहे हैं। ‘राहुल गांधी और उनके सहयोगी जितनी भी कोशिश कर लें…’ बेगूसराय सांसद ने कहा कि दुनिया को शांति और अहिंसा का संदेश देने वाले गौतम बुद्ध और भगवान महावीर इसी पावन धरती पर अवतरित हुए। धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का यह कार्यक्षेत्र रहा है। कूटनीति के आचार्य चाणक्य और गणित एवं खगोल विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले आर्यभट्ट की भी यह जन्मभूमि है। ​केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी जितनी भी कोशिश कर लें, वे इस महान भूमि और यहां के स्वाभिमानी लोगों को नीचा दिखाने में कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिहार के लोगों को अपमानित करने का यह सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जनता एक-एक पाई का हिसाब चुकता करेगी। गिरिराज सिंह ने खुद को चाणक्य, गुरु गोविंद सिंह, गौतम बुद्ध के विचारों का वंशज बताया खुद को चाणक्य, गुरु गोविंद सिंह, गौतम बुद्ध, महावीर और आर्यभट्ट की परंपरा और विचारों का वंशज बताते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वे बिहार के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर डटकर मुकाबला करेंगे। इस तरह की राजनीति और बयानबाजी की संस्कृति को तुरंत बंद करें और इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। गिरिराज सिंह ने कहा है कि यदि इस तरह के रवैये में सुधार नहीं हुआ और वे भविष्य में बिहार की धरती पर कदम रखेंगे, तो राज्य की जनता और कार्यकर्ता उनके खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। राहुल गांधी नीचे और नीच स्तर पर जाकर बिहारियों को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी गाली-गलौज बंद करो, माफी मांगो, नहीं तो बिहार घुसने पर तुम्हारे खिलाफ होंगे सब।



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बड़वानी में दीपावली पर बाजारों में भीड़ से लगा जाम: एमजी-कचहरी रोड, झंडा-रंजीत चौक में फंसे वाहन, पाला बाजार में गाड़ियों की लंबी कतारें – Barwani News




बड़वानी में रविवार को लक्ष्मी पूजन के लिए खरीदारी करने पहुंचे लोगों की भीड़ से बाजारों में जाम लगा। शहर के मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी हुई। दीपावली और लक्ष्मी पूजन की खरीदारी के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों से लोग बाजार पहुंचे। एमजी रोड, कचहरी रोड, झंडा चौक, रंजीत चौक और पाला बाजार में काफी भीड़ रही। समाजसेवी अशोक गोले ने बताया कि इन बाजारों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, दीयों, फूल-मालाओं, रंगोली और पूजन सामग्री की दुकानें लगी थीं। पार्किंग की सही व्यवस्था नहीं थी और सड़क किनारे वाहन खड़े होने से रास्ते संकरे हो गए। इस वजह से बार-बार लंबा जाम लगा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को बाजार में चलने में ज्यादा परेशानी हुई। यातायात पुलिस ने भीड़ को देखते हुए मुख्य बाजारों में तीन और चार पहिया वाहनों और लोडिंग वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की बात कही थी। इसके लिए जगह-जगह पोस्टर-बैनर भी लगाए गए थे। लेकिन प्रतिबंधित समय में भारी और लोडिंग वाहन बाजार में पहुंचे। जाम संभालने के लिए पुलिस बल कम नजर आया। कई जगह लोग खुद ही यातायात संभालते दिखे। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कुछ जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। प्रशासन ने लोगों से वाहन तय पार्किंग स्थलों पर खड़े करने की अपील की, ताकि बाजारों में जाम से बचा जा सके। क्या कहते हैं यातायात थाना प्रभारी
यातायात थाना प्रभारी विनोद बघेल ने बताया कि त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाकर जवानों को तैनात किया गया है। बड़े वाहनों का त्यौहारों तक इन मार्गों पर आगमन बंद किया गया है। इसके लिए शहर का कचहरी रोड, जैन मंदिर मार्ग, एमजी रोड सहित अन्य मार्ग बंद कर दिए गए हैं। वहीं लोगों को भी टू व्हीलर वाहनों को सड़क किनारे व्यवस्थित खड़े करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों ने जताई नाराजगी
लक्ष्मी नारायण गुप्ता सहित स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती नहीं होने और नो एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन न कराए जाने के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। लोगों का कहना है कि त्योहार के दिनों में हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन कोई स्थाई व्यवस्था नहीं करता। खरीदारों का कहना है कि यदि पार्किंग की स्थाई व्यवस्था और सख्त नो-एंट्री लागू हो तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।



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