Monday, October 5, 2026
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सिख धर्म-प्रचार कमेटी के चेयरमैन 2 दिन की रिमांड पर: मारपीट मामले में गुरूद्वारे में घुसी थी पुलिस; SGPC अध्यक्ष ने लगाए लंगर की बेअदबी के आरोप – Sriganganagar News


श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा धन-धन बाबा दीप सिंह के सचिव और सिख धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा को सोमवार शाम सीजेएम कोर्ट, श्रीगंगानगर में पेश किया गया। कोर्ट ने टिम्मा को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अब उन्हें 7 अक्टूबर को

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वहीं टिम्मा की गिरफ्तारी का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें पुलिस टिम्मा को पकड़ कर ले जाती हुई नजर आ रही है।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी में पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने राजस्थान पुलिस पर गुरु के लंगर की बेअदबी करने और पोस्टर फाड़ने की बात कही है।

तस्वीर, रविवार की है। पुलिस टिम्मा को गुरुद्वारे से उठा कर लेकर आई।

पुलिस बोली- पहले से 21-22 मुकदमे दर्ज

कोतवाली थाना प्रभारी तेजवंत सिंह बराड़ ने बताया- कोर्ट ने टिम्मा को 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। उन्हें 7 अक्टूबर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। टिम्मा के खिलाफ पहले से 21-22 मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी लिस्ट कोर्ट को सौंपी गई है। टिम्मा का मेडिकल कराया जाएगा और इसके बाद मामले में माल बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।

कोर्ट के बाहर परिजन करते रहे अरदास

सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर के बाहर टिम्मा की पत्नी और परिजन अरदास करते नजर आए। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। टिम्मा को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान कोर्ट के बाहर टिम्मा के समर्थकों और विरोधियों की भीड़ भी जुटी रही।

कोर्ट में टिम्मा को लेकर जाते पुलिसकर्मी

कोर्ट में टिम्मा को लेकर जाते पुलिसकर्मी

गुरुद्वारे से गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद

कोतवाली थाना पुलिस ने रविवार शाम को धन-धन बाबा दीप सिंह गुरुद्वारा से टिम्मा को गिरफ्तार किया था। टिम्मा पर शहर के एक इमीग्रेशन संचालक के घर में घुसकर मारपीट और लूट करने का आरोप है।

गिरफ्तारी के बाद गुरुद्वारा परिसर में मौजूद टिम्मा के समर्थकों ने पुलिस पर गुरुद्वारे में तोड़फोड़ और बेअदबी के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों ने पुलिस पर हमला किया, जिसमें एक कॉन्स्टेबल के सिर में चोट लगी।

संभावित विवाद को देखते हुए कोर्ट के बाहर पुलिस जाब्ता लगाया गया।

संभावित विवाद को देखते हुए कोर्ट के बाहर पुलिस जाब्ता लगाया गया।

समर्थक स्टेट हाईवे पर धरने पर बैठे

गिरफ्तारी के विरोध में टिम्मा के समर्थक रविवार रात श्रीगंगानगर-पदमपुर स्टेट हाईवे पर धरने पर बैठ गए। इससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

टिम्मा विरोधियों का एसपी ऑफिस पर प्रदर्शन

दूसरी ओर, टिम्मा के विरोध में कई गांवों के गुरुद्वारों के प्रधान एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन के पक्ष में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। विरोधियों ने एडिशनल एसपी दीपक को ज्ञापन सौंपकर टिम्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पुलिस की कार्रवाई की प्रशंसा की।

पुलिस पर बेअदबी का आरोप

  • इधर, अमृतसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी में पुलिस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने राजस्थान पुलिस पर गुरु के लंगर की बेअदबी करने और पोस्टर फाड़ने की बात कही है। इसके साथ ही उन्होंने सिख नेता भाई तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा की गिरफ्तारी की भी कड़ी निंदा की।
  • एडवोकेट धामी ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब की हद के अंदर गुरु के लंगर में इस तरह का व्यवहार करना और सिख शहीदों से संबंधित पोस्टर फाड़ना सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद को हल करने के लिए कानूनी और संवैधानिक तरीके मौजूद हैं, लेकिन धार्मिक स्थल पर पुलिस की इस तरह की कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
  • धामी ने कहा कि राजस्थान के सिख नेता भाई तेजिंदरपाल सिंह टिंमा लंबे समय से सिख मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कथित तौर पर झूठे मामले में गिरफ्तार कर सिखों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राजस्थान पुलिस की कार्रवाई को सिखों के प्रति धक्केशाही और पक्षपातपूर्ण रवैये का प्रदर्शन बताया।

टिम्मा की गिरफ्तारी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा के सचिव गिरफ्तार:गेस्ट हाउस में बेड के नीचे छिपे थे; महिलाओं ने पुलिस पर हमला किया, समर्थकों ने किया प्रदर्शन

श्रीगंगानगर में गुरुद्वारा धन-धन बाबा दीप सिंह जी सभा के सचिव और सिख धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन तेजिंदर पाल सिंह टिम्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। (पढ़ें पूरी खबर)



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सरकारी आश्रम स्कूल में 82 स्टूडेंट्स का आधा सिर मुंडवाया: बच्चों के खेलने से नाराज हो गए थे सुपरिटेंडेंट, महाराष्ट्र के चंद्रपुर का मामला


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मुंबई1 घंटे पहले

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शनिवार शाम को बच्चों की यह तस्वीर हुई थी वायरल।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में एक सरकारी आश्रम स्कूल के 82 छात्रों को आधा गंजा कर देने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यह घटना शनिवार को चिमूरा तालुका के जंभुलघाट स्थित सरकारी सेकेंडरी आश्रम स्कूल में हुई है।

आश्रम से मिली जानकारी के मुताबिक, आश्रम में शनिवार सुबह को बच्चों के बाल काटे जा रहे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे खेल रहे थे। बच्चों के इसी व्यवहार से सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम नाराज हो गए। उन्होंने गुस्से में 82 बच्चों के आधे बाल कटवा दिए।

रविवार के मामले का खुलासा हुआ तो अभिभाववक भड़क उठे। स्कूल के प्रिंसिपल प्रशांत गिरी ने इस घटना को लेकर सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

ट्रिमर का इस्तेमाल किया गया, जिससे बच्चों के बाल टेढ़े-मेढ़े कट गए थे।

ट्रिमर का इस्तेमाल किया गया, जिससे बच्चों के बाल टेढ़े-मेढ़े कट गए थे।

मामला सामने आने पर रात को फिर करवाई कटिंग

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्रों के बाल काटने के लिए ट्रिमर का इस्तेमाल किया गया, जिससे उनके बाल टेढ़े-मेढ़े कट गए थे। छात्रों की अजीब और आधे-अधूरे तरीके से कटे बालों की तस्वीर शाम को वायरल हो गई थी।

जिसके बाद अभिभावकों में गुस्सा फैल गया था। तस्वीरें सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने स्कूल से संपर्क किया।

इसके बाद देर रात फिर से बच्चों के बाल काटे गए। खबरों के मुताबिक, यह प्रक्रिया रात करीब 11 बजे शुरू हुई और रविवार सुबह करीब 4 बजे तक चली।

सोमवार सुबह जनजातीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आश्रम स्कूल पहुंचे।

सोमवार सुबह जनजातीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आश्रम स्कूल पहुंचे।

सुपरिटेंडेंट बोले- गलत इरादा नहीं था

स्कूल के प्रिंसिपल प्रशांत गिरी ने इस घटना को लेकर सुपरिटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। स्कूल के सुपरिटेंडेंट प्रशांत मेश्राम ने अपना बचाव करते हुए कहा कि फैसला स्टूडेंट्स के हित में लिया गया था और इसके पीछे कोई गलत इरादा नहीं था।

उन्होंने कहा कि बारिश के चलते छात्र कुछ समय से नियमित रूप से बाल नहीं कटवा पा रहे थे। इसीलिए बच्चों के बाल छोटे किए गए हैं।

वहीं, अभिभावकों ने दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अभिभावकों की मांग है कि जनजातीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी छात्रों के बयान अलग-अलग दर्ज करें और संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जांच करें।

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बासी भोजन खाने से 22 बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार:जशपुर के​ एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का मामला

जशपुर जिले के पत्थलगांव में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के 22 बच्चे शनिवार को बासी भोजन करने से फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। स्कूल में इन बच्चों को लगातार उल्टी-दस्त होने से इनकी हालत बिगड़ गई। जिन्हें पत्थलगांव सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पूरी खबर पढ़ें…



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JEE Main 2027 परीक्षा की तारीखें जारी, 6 डेट्स पर होगी परीक्षा, NTA ने किया ऐलान


नेशनस टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने सोमवार को JEE Main 2027 सेशन 1 परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया है। NTA की ओर से जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, JEE Main 2027 सेशन 1 की परीक्षाएं 6 डेट्स यानी- 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित की जाएंगी। आपको बता दें कि NTA ने अभी JEE मेन 2027 परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख जारी नहीं की है। परीक्षाओं की तारीख जारी होने के बाद रजिस्ट्रेशन की तारीख भी जल्द ही घोषित होने की संभावना है।

छात्र कैसे कर सकेंगे आवेदन? 

NTA की ओर से JEE Main 2027 के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख जल्द ही जारी की जाएगी। इसके बाद जो भी छात्र इस परीक्षा में भाग लेना चाहते हैं वे आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाकर परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के पूरे प्रोसेस की जानकारी आगे दी गई है-:

  • छात्र सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
  • यहां JEE Main एप्लीकेशन प्रोसेस की लिंक पर क्लिक करें।
  • मांगी जा रही सभी जरूरी जानकारी के साथ JEE Main एप्लीकेशन फॉर्म भरें।
  • मांगे जा रहे सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें।
  • इसके बाद परीक्षा की फीस का भुगतान करें और सबमिट बटन पर क्लिक करे दें।
  • JEE Main 2027 एप्लीकेशन फॉर्म भरने के बाद इसका PDF सेव कर लें और भविष्य की जरूरत के लिए इसका प्रिंट भी निकलवा लें।

कब तक जारी हो सकती है रजिस्ट्रेशन की तारीख?

NTA की ओर से JEE Main 2027 की परीक्षा के लिए होने वाले रजिस्ट्रेशन की तारीख अब तक जारी नहीं की गई है। हालांकि, साल 2026 में JEE Main 2026 सेशन 1 के लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत 31 अक्टूबर 2025 से हो गई थी। वहीं, परीक्षा का आयोजन 21 से 28 जनवरी के बीच हुआ था। ऐसे में ऐसी संभावना है कि साल 2027 की परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन अक्टूबर में ही शुरू हो सकता है। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी जरूरी अपडेट के लिए समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट को विजिट करते रहें।

NTA ने जारी की थीं प्रस्तावित तारीखें

आपको बता दें कि NTA ने सितंबर महीने में ही JEE मेन, UGC NET और CUET PG  की प्रस्तावित परीक्षा तारीखों को जारी कर दिया था। NTA ने इस दौरान बताया था कि UGC नेट की परीक्षा 14 से 19 दिसंबर तक, JEE मेन जनवरी सत्र की परीक्षा 22 से 24 और 28 से 30 जनवरी 2027 तक, और CUET- PG परीक्षा 1 से 5 , 8, 12 से 20 और 24 से 25 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएगी।

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NTA ने जारी किया UGC-NET का रिजल्ट, 4000 से ज्यादा छात्र JRF के लिए क्वालिफाई





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कानपुर में व्यापारियों का प्रदर्शन: UPI पर MDR शुल्क लगाए जाने का विरोध, घंटाघर में नारेबाजी – Kanpur News




कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद कलीम के नेतृत्व में सोमवार को भारत माता प्रतिमा, घंटाघर पर व्यापारियों ने एक विशाल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूपीआई (UPI) लेनदेन पर एमडीआर (MDR) शुल्क लगाए जाने के विरोध में किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में व्यापारी और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष मोहम्मद कलीम ने कहा कि वर्तमान में यूपीआई देश में डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान और करोड़ों व्यापारी प्रतिदिन इसका उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू करना व्यापारियों पर एक बड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला कदम है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। घंटाघर पर एकत्रित होकर संगठन के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए “यूपीआई पर एमडीआर शुल्क बंद करो” के नारे लगाए और इस फैसले को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग उठाई।



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जमुई में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे बच्चे: मिट्टी के गोलों में आम-जामुन के बीज डालकर बना रहे सीड बॉल; पत्तियों से खुद बनाते हैं खाद – Jamui News




जमुई में पर्यावरण संरक्षण का संदेश अब स्कूल की कक्षा से निकलकर जंगल और खाली पड़ी जमीन तक पहुंच रहा है। बरहट प्रखंड के कृत्यानंद मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हरियाली बढ़ाने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। बच्चे मिट्टी के छोटे-छोटे गोले बनाकर उनमें आम, जामुन और नीम के बीज डालकर सीड बॉल तैयार कर रहे हैं। इसके बाद इन सीड बॉल को ऐसी जगहों पर डाला जा रहा है, जहां पेड़ों और हरियाली की कमी है। पेड़ों के नीचे से खुद बीज जुटाते हैं बच्चे स्कूल के दर्जनों बच्चे इस गतिविधि से जुड़े हैं। खास बात यह है कि सीड बॉल तैयार करने के लिए बीज बाजार से नहीं खरीदे जाते। बच्चे आसपास के गांवों और पेड़ों से खुद बीज इकट्ठा करके लाते हैं। जामुन, आम और नीम के पेड़ों के नीचे गिरे बीजों को चुनकर एकत्र किया जाता है। इसके बाद मिट्टी और खाद की मदद से बीज को सुरक्षित तरीके से सीड बॉल का रूप दिया जाता है। पत्तियों से तैयार खाद का भी इस्तेमाल विज्ञान शिक्षिका शोभा सिंह ने बताया कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से यह गतिविधि शुरू की गई है। आसपास के पेड़ों से मिलने वाले बीज बच्चे खुद इकट्ठा करके लाते हैं। कुछ बीज शिक्षक भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में पेड़ों से गिरने वाली पत्तियों को गड्ढे में जमा कर कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है। इसी खाद का इस्तेमाल सीड बॉल तैयार करने में किया जाता है। अनुकूल मौसम मिला तो बीज से बनेगा पौधा शिक्षिका के अनुसार, सीड बॉल तैयार करने के बाद बच्चों को इसे ऐसी जगहों पर रखने के लिए प्रेरित किया जाता है, जहां हरियाली कम है। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर मिट्टी में दबा बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकता है। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है। बच्चों की छोटी पहल, बड़ा संदेश स्कूल के बच्चों का कहना है कि कई जगहों पर पेड़ों की संख्या कम है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे स्थानों पर हरियाली बढ़ाने के लिए वे सीड बॉल के जरिए पेड़ उगाने की कोशिश कर रहे हैं। छोटी उम्र में बच्चों की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज को भी प्रकृति बचाने का संदेश दे रही है।



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पुराना बस स्टैंड बंद होने पर व्यापारियों का प्रदर्शन: बोले-200 से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित; कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च – Sidhi News




सीधी में पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद होने के विरोध में सोमवार को करीब 100 व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ मार्च पुराने बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट चौराहे तक पहुंचा। कई व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुराने बस स्टैंड से दोबारा बस संचालन शुरू कराने की मांग की। 200 से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होने का दावा व्यापारियों का कहना है कि पुराने बस स्टैंड से बस संचालन बंद होने से यहां की दुकानों और फुटकर कारोबार पर असर पड़ा है। बस स्टैंड का संचालन नए बस स्टैंड में शिफ्ट करने की वजह से वहां की दुकानों के आसपास ग्राहक नहीं जाते हैं। इसके अलावा 50 से ज्यादा ऐसे फुटकर व्यापारी थे जो ठेले लगाकर वहां व्यापार करते थे उनका व्यापार भी पूरी तरह से बंद हो गया है। उनके मुताबिक 200 से अधिक लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस संचालन बंद होने के बाद पहले विधायक और सांसद को पत्र देकर समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बाद शुक्रवार को भी आंदोलन किया गया, लेकिन पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन दोबारा शुरू नहीं हुआ। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी का लगाया आरोप सोमवार के पैदल मार्च में व्यापारियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता आकाश सिंह चौहान समेत कई लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुराने बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक पैदल पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। आकाश सिंह चौहान ने कहा कि नया बस स्टैंड निर्धारित समय पर संचालित हो गया है, लेकिन पुराना बस स्टैंड भी लंबे समय से बस संचालन का केंद्र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने बस स्टैंड को हटाकर वहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि ऐसा होने पर वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों और फुटकर दुकानदारों की आजीविका प्रभावित होगी। वहीं मामले को लेकर एसडीएम प्रिया पाठक ने बताया कि पुराने बस स्टैंड की व्यवस्था इसलिए बंद की गई है क्योंकि यह शहर के बीचो-बीच स्थित था औत यहां जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होती थी।



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कच्चा दूध ताजा है फिर भी खतरनाक? जानें भारत और अमेरिका के Pasteurization नियम

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Raw Milk Side Effects: सुबह दूध का गिलास हाथ में लेते समय शायद ही कोई यह सोचता है कि इसमें ऐसे बैक्टीरिया भी हो सकते हैं जिन्हें आंखों से देखना संभव नहीं है. खासकर गांवों या डेयरी से सीधे आया दूध कई लोगों को ज्यादा ताजा और शुद्ध लगता है. इसी वजह से कुछ लोग उसे बिना गर्म किए पीना पसंद करते हैं, लेकिन दूध का ताजा होना और उसका सुरक्षित होना एक ही बात नहीं है.

Raw Milk यानी बिना पाश्चराइज किया हुआ दूध हानिकारक कीटाणुओं का स्रोत हो सकता है. Brucella, Salmonella, E. coli और Listeria जैसे बैक्टीरिया संक्रमण की वजह बन सकते हैं. ऐसे में दूध को पाश्चराइज करने की जरूरत क्यों पड़ती है और भारत व अमेरिका में इसे लेकर क्या नियम हैं, यह समझना जरूरी है.

Raw Milk क्या होता है और इसमें खतरा क्यों रहता है?

Raw Milk वह दूध है जिसे पाश्चराइजेशन जैसी तय हीट-ट्रीटमेंट प्रक्रिया से नहीं गुजारा गया हो. दूध निकालते समय साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए तब भी उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव पहुंचने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होती. CDC के अनुसार Raw Milk से Campylobacter, E. coli, Listeria, Brucella और Salmonella जैसे कीटाणुओं का संक्रमण हो सकता है.
मुश्किल यह है कि दूषित दूध हमेशा देखने, सूंघने या स्वाद से अलग नहीं लगता. इसलिए केवल यह मान लेना कि दूध सीधे गाय या भैंस से आया है, उसे अपने आप सुरक्षित नहीं बना देता. खासकर गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है.

Brucellosis का खतरा भी जुड़ा है

Brucella बैक्टीरिया से Brucellosis नाम का संक्रमण हो सकता है. CDC के मुताबिक संक्रमित पशु उत्पादों से भी इसका संक्रमण फैल सकता है और बिना पाश्चराइज किए डेयरी उत्पाद इसके संभावित स्रोत हैं. इस बीमारी में बुखार, थकान, पसीना, सिरदर्द और मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं. कुछ मामलों में दिल का संक्रमण जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं.

Pasteurization दूध को कैसे सुरक्षित बनाता है?

पाश्चराइजेशन में दूध को एक तय तापमान तक गर्म करके निश्चित समय तक रखा जाता है. इसका उद्देश्य बीमारी पैदा करने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करना है. यानी सिर्फ दूध को हल्का गर्म कर देना और पाश्चराइजेशन एक ही चीज नहीं हैं. भारत में FSSAI के मानकों के अनुसार पाश्चराइजेशन के लिए दूध के हर हिस्से को कम से कम 63 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट या 71.5 डिग्री सेल्सियस पर 15 सेकेंड तक गर्म किया जा सकता है. इसके बाद पाश्चराइज्ड दूध को तुरंत ठंडा किया जाता है. FSSAI के दस्तावेज में अन्य स्वीकृत temperature-time combination का भी उल्लेख है.

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अमेरिका में Raw Milk पर इतने सख्त नियम क्यों हैं?

अमेरिका में FDA ने 1987 में Raw Milk की interstate sale यानी एक राज्य से दूसरे राज्य में बिक्री पर रोक लगाने वाला नियम जारी किया था. हालांकि किसी राज्य की सीमा के भीतर Raw Milk की बिक्री की अनुमति है या नहीं, यह संबंधित राज्य के कानूनों पर निर्भर करता है. FDA के अनुसार सभी राज्यों में एक जैसा नियम नहीं है. अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां पाश्चराइजेशन को दूध की सुरक्षा का अहम तरीका मानती हैं. CDC भी Raw Milk से जुड़े संक्रमण के खतरे को देखते हुए पाश्चराइज्ड दूध और डेयरी उत्पाद चुनने की सलाह देता है.

भारत में क्या ध्यान रखें?

भारत में दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए FSSAI के खाद्य मानक लागू होते हैं. बाजार में मिलने वाले पाश्चराइज्ड दूध के पैकेट पर दी गई जानकारी देखना उपयोगी है, अगर दूध Raw है या उसके पाश्चराइजेशन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है तो उसे सीधे पीने के बजाय सुरक्षित तरीके से गर्म करके इस्तेमाल करना ज्यादा सावधानी वाला तरीका है.



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Realme ने भारत में लॉन्च किया 7000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन


Realme P4 सीरीज का एक और बजट फ्रेंडली फोन भारत में लॉन्च हुआ है। रियलमी का यह फोन 7,000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इस सीरीज में कंपनी पहले ही Realme P4, Realme P4 Pro, Realme P4x, Realme P4s और Realme P4 Lite लॉन्च कर चुकी है। कंपनी ने अब इस सीरीज में 4G स्मार्टफोन पेश किया है। इसे Realme P4s Lite के नाम से पेश किया गया है।

Realme P4s Lite के फीचर्स

रियलमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स के साथ आता है। इसे 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में उतारा गया है। इसकी कीमत 16,499 रुपये से शुरू होती है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 18,499 रुपये में आता है। इसे दो कलर ऑप्शन- Nebula Black और Moonlight Silver में खरीदा जा सकता है।

इस फोन की खरीद पर 1,500 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है। इस स्मार्टफोन को 14,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 16,999 रुपये में मिलेगा। फोन की सेल Flipkart और कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर आयोजित की जा रही है।






Realme P4s Lite कीमत इफेक्टिव प्राइस
4GB RAM + 64GB 16,499 रुपये 14,999 रुपये
4GB RAM + 128GB 18,499 रुपये 16,999 रुपये

Realme P4s Lite के फीचर्स

Realme P4s Lite में कंपनी ने 6.75 इंच का LCD डिस्प्ले दिया है। इस फोन का डिस्प्ले HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। वहीं, फोन के डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 900 निट्स तक की है। कंपनी ने इस बजट फ्रेंडली फोन में Unisoc T7250 चिपसेट दिया है। इसके साथ 4GB रैम और 128GB स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है।










Realme P4s Lite फीचर्स
डिस्प्ले 6.75 इंच, LCD, 120Hz
प्रोसेसर Unisoc T7250
स्टोरेज 4GB, 128GB
बैटरी 7000mAh, 15W
कैमरा 13MP, 5MP
OS Android 16, Realme UI

रियलमी का यह फोन Android 16 पर बेस्ड Realme UI पर काम करता है। इस स्मार्टफोन में 7,000mAh की बैटरी दी गई है। वहीं, फोन के साथ 15W फास्ट चार्जिंग फीचर दिय गया है। फोन के बैक में 13MP का मेन कैमरा दिया गया है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 5MP का कैमरा मिलता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4G, WiFi 5, Bluetooth 5.2, 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

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जर्मनी-अमेरिका के 3 वैज्ञानिकों को मेडिसिन का नोबेल: दिमागी कोशिकाओं को रोशनी से कंट्रोल करने की तकनीक खोजी, मानसिक बीमारियों पर रिसर्च आसान हुई



09:03 AM5 अक्टूबर 2026

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5 वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में

1. स्वेतलाना मोइसोव: वजन घटाने वाली दवाओं की नींव

स्वेतलाना मोइसोव ने GLP-1 हार्मोन के उस हिस्से की पहचान करने में अहम भूमिका निभाई, जो शरीर पर सबसे ज्यादा असर करता है। GLP-1 भूख और ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। उनकी रिसर्च ने आगे चलकर मोटापा और डायबिटीज की दवाओं का रास्ता खोला। इस काम में डैनियल ड्रकर और जेन्स जूल होल्स्ट का भी अहम योगदान रहा।

2. डैनियल ड्रकर: GLP-1 को इलाज तक पहुंचाया

डैनियल ड्रकर ने GLP-1 के शरीर पर असर को समझने में अहम योगदान दिया। उनकी रिसर्च से पता चला कि यह हार्मोन इंसुलिन, ब्लड शुगर और भूख को कैसे प्रभावित करता है। उनके काम ने GLP-1 आधारित दवाओं को डायबिटीज और मोटापे के इलाज तक पहुंचाने में मदद की।

3. डेविड लियू: DNA में सटीक बदलाव

डेविड लियू ने जीन एडिटिंग की ऐसी तकनीकें विकसित कीं, जिनसे DNA में खास हिस्सों को ज्यादा सटीक तरीके से बदला जा सकता है। उनकी बेस एडिटिंग और प्राइम एडिटिंग तकनीकों का इस्तेमाल आनुवंशिक बीमारियों के इलाज की दिशा में किया जा रहा है। उनका नाम मेडिसिन के साथ 2026 केमिस्ट्री नोबेल की चर्चाओं में भी है।

4. डेनिस स्लैमोन: कैंसर की लक्षित दवा

डेनिस स्लैमोन ने स्तन कैंसर में HER2 जीन की भूमिका समझने में अहम काम किया। उनकी रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल से हर्सेप्टिन जैसी लक्षित दवा के विकास का रास्ता खुला। यह दवा HER2-पॉजिटिव स्तन कैंसर के इलाज में बड़ा बदलाव लेकर आई।

5. टिमोथी स्प्रिंगर: ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज की दिशा

टिमोथी स्प्रिंगर ने यह समझने में अहम योगदान दिया कि प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाएं एक-दूसरे को कैसे पहचानती और जोड़ती हैं। उनकी रिसर्च से ऐसी दवाओं के विकास में मदद मिली, जिनका इस्तेमाल ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में होता है।



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गांधीजी पर आपत्तिजनक रील बनाकर पोस्ट की, महिला इंफ्लूएंसर गिरफ्तार: इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स, सूरत पुलिस का एक्शन


सूरत26 मिनट पहले

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सूरत में महात्मा गांधी की तस्वीर वाले 500 रुपए के नोट पर आपत्तिजनक रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने महिला इंफ्लूएंसर को गिरफ्तार किया है।

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार सूरत पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को यह कार्रवाई की। आरोपी की पहचान सिमरन पटेल (47) के रूप में हुई है। उसके इंस्टाग्राम पर करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं।

गिरफ्तार महिला सिमरन पटेल (बाएं) सूरत में रहती हैं।

गिरफ्तार महिला सिमरन पटेल (बाएं) सूरत में रहती हैं।

1 अक्टूबर को रील अपलोड की

पुलिस के मुताबिक, सिमरन ने 1 अक्टूबर को दोपहर एक बजे से 6 बजे के बीच इंस्टाग्राम पर यह रील अपलोड की थी। 2 अक्टूबर को गांधी जयंति थी। इसके बाद एक नागरिक ने पुलिस से शिकायत की।

साइबर क्राइम ब्रांच की प्रेस नोट के अनुसार, सिमरन पटेल सूरत के अडाजण इलाके की रहने वाली हैं। वह गृहिणी हैं। उनकी शादी 17 साल पहले हुई थी।

गांधीजी की तस्वीर को अश्लील तरीके से दिखाया

पुलिस ने बताया कि रील में 500 रुपए के नोट पर गांधीजी की तस्वीर को अश्लील तरीके से दिखाया गया था। इसमें आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें कही गई थीं।

रील में यौन संकेत वाले इशारे भी किए गए थे। सिमरन ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था। मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने वायरल वीडियो से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट और डिजिटल व तकनीकी सबूतों की जांच की।

इससे उन्हें सिमरन की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने में मदद मिली।

पुलिस ने क्लिप पोस्ट कर गिरफ्तारी की जानकारी दी

सूरत पुलिस ने अपने X हैंडल पर कंटेंट क्रिएटर का ‘पहले और बाद’ का क्लिप पोस्ट करके उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी – पहले क्लिप में वह करेंसी नोट पकड़े हुए दिख रही थी और दूसरे में उसे हथकड़ी पहने हुए दिखाया गया।

हालांकि पुलिस के वीडियो में सिमरन वीडियो पोस्ट करने के लिए माफी मांगते भी दिख रही हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह रील कब और किस मकसद से बनाई गई थी और इसे सोशल मीडिया पर कैसे फैलाया गया।

पुलिस ने उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आपत्तिजनक कंटेंट पर चेतावनी दी

पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें या बिना पुष्टि वाली सामग्री न फैलाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि फर्जी या आपत्तिजनक रील और पोस्ट मिलने पर अधिकारियों को जानकारी दें।

पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को राष्ट्रीय हस्तियों, धार्मिक प्रतीकों या सामाजिक प्रतीकों से जुड़ी अश्लील, आपत्तिजनक या अपमानजनक सामग्री बनाने और शेयर करने से भी चेताया है।

पुलिस के मुताबिक, ऐसी गतिविधियां गैरकानूनी हैं और इनके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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