Sunday, October 11, 2026
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राजसमंद के मां अन्नपूर्णा मंदिर में नवरात्र पर विशेष-अनुष्ठान शुरू: वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई घटस्थापना, दर्शन करने जिलेभर से आए श्रद्धालु – rajsamand (kankroli) News




राजसमंद में शारदीय नवरात्रि पर शहर की प्रमुख शक्ति पीठ मां अन्नपूर्णा माता मंदिर में परंपरानुसार अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ घटस्थापना की गई। पुजारी पंडित गोपाल श्रोत्रिय ने विधिवत पूजा-अर्चना कर घटस्थापना कराई। नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। नवरात्रि महोत्सव के दौरान मंदिर में विशेष सजावट की गई है। प्रतिदिन मां अन्नपूर्णा का विशेष श्रृंगार कर झांकियां सजाई जाएंगी। मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ, दुर्गा कवच और महाआरती सहित दुर्गा उपासना का क्रम नियमित रूप से जारी रहेगा। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए कतार व्यवस्था के माध्यम से सुगम दर्शन कराए जाएंगे। मां अन्नपूर्णा का मंदिर राजसमंद झील की पश्चिम दिशा में स्थित बाई पहाड़ी के शीर्ष पर राजमंदिर में है। यहां सड़क मार्ग से सेवाली की ओर से और राजनगर के यादव मोहल्ले से कच्चे पगडंडी मार्ग से पहुंचा जा सकता है। मेवाड़ और मारवाड़ सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके घर में अन्न-जल की कमी नहीं रहती। इसी कारण माता को अन्न-जल की दायिनी मां अन्नपूर्णा कहा जाता है। राजमंदिर का निर्माण महाराणा राजसिंह ने करवाया था। मान्यता के अनुसार गोमती नदी के जल को देखकर महाराणा राजसिंह ने बड़े जलाशय के निर्माण का संकल्प लिया था। बाद में इसी संकल्प की पूर्ति के लिए राजमंदिर का निर्माण कराया गया। महाराणा राजसिंह ने मेवाड़ में जनहित के लिए 121 कुएं-बावडिय़ों सहित राजसमंद झील का निर्माण कराया और इन कार्यों की सफलता का श्रेय मां भगवती गिरिवर माता को दिया।



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सिद्धार्थनगर में परित्राण पाठ आयोजित: बौद्ध रीति-रिवाज से हुई पूजा-अर्चना, त्रिशरण व पंचशील ग्रहण कर दिया शांति का संदेश – Siddharthnagar News




सिद्धार्थनगर के इटवा विकास क्षेत्र में रविवार को वरिष्ठ बौद्धाचार्य अनिल बौद्ध एवं उनके परिजनों ने अपनी पूज्य माता जी के लिए बौद्ध धर्म की रीति-रिवाज के अनुसार परित्राण पाठ और पूजा-अर्चना कराई। इस दौरान कपिलवस्तु के प्रख्यात भिक्षु हर्ष रक्षित ने उपस्थित लोगों को त्रिशरण और पंचशील ग्रहण कराया। कार्यक्रम में उपासिकाओं ने तथागत बुद्ध और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित किए। बौद्ध भिक्षु हर्ष रक्षित ने कहा कि तथागत बुद्ध ने पूरे विश्व को सुख, शांति, करुणा और मैत्री का संदेश दिया। उनके उपदेशों पर चलकर मानव जीवन का कल्याण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने माता-पिता का आदर, सेवा और सत्कार करना चाहिए। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष डॉ. जेपी बौद्ध, जगदीश गौतम, विश्वनाथ बौद्ध, बल्लू, राम उजागिर, सीताराम, घनश्याम, सिद्धांत, रत्नाकर, सुग्रीव और राजेश कुमार सहित कई उपासिकाएं मौजूद रहीं।



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मंदिर की 5KG की घंटी खोलकर भाग रहा युवक पकड़ा: ग्रामीणों ने की पिटाई, डायल-112 की टीम ने भीड़ से छुड़ाकर हिरासत में लिया – Madhepura News




मधेपुरा के भर्राही थाना क्षेत्र के धुरगांव वार्ड-13 स्थित जीतवाहन मंदिर में रविवार को घंटी चोरी करने की कोशिश के आरोप में ग्रामीणों ने एक युवक को पकड़ लिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची डायल-112 की पुलिस टीम ने युवक को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर हिरासत में लिया और भर्राही थाना ले गई। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पांच किलो की घंटी खोलते ही ग्रामीणों की पड़ी नजर पकड़े गए युवक की पहचान मुरलीगंज थाना क्षेत्र के रामपुर बलुआहा गांव के वार्ड-5 निवासी रोहित कुमार के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, युवक मंदिर में लगी करीब पांच किलोग्राम की घंटी खोल चुका था। इसी दौरान लोगों की नजर उस पर पड़ गई। ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और पिटाई करने के बाद पुलिस को सूचना दी। मंदिरों से घंटियां चोरी करने वाले गिरोह की आशंका ग्रामीणों ने इलाके में करीब तीन युवकों के गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई है। लोगों का कहना है कि धुरगांव समेत आसपास के कई गांवों के मंदिरों से घंटियां चोरी होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने नशे की लत के लिए मंदिरों और घरों में चोरी किए जाने की आशंका जताते हुए प्रशासन से ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। घंटी बेचकर पैसे कमाने की बनाई थी योजना पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी रोहित कुमार ने बताया कि तीन-चार दिन पहले उसने एक युवक को मंदिर की घंटी बेचते हुए देखा था। ्इरसके बाद उसके मन में भी घंटी बेचकर पैसे कमाने का विचार आया। आरोपी के अनुसार, वह रविवार सुबह साइकिल से मंदिर पहुंचा था। घंटी खोलने के बाद उसे सिंहेश्वर के रास्ते पिपरा ले जाकर बेचने की योजना थी। पुलिस कर रही मामले की जांच भर्राही थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। पकड़े गए युवक से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्षेत्र में मंदिरों से घंटियां चोरी होने की अन्य घटनाओं में आरोपी की कोई संलिप्तता है या नहीं।



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पन्ना में कार मालिक का शोरूम के बाहर अनोखा प्रदर्शन: बैनर लगाकर खड़े हुए, बोले- नई कार में खराबी और CNG लीकेज से परेशान हूं – Panna News




पन्ना के सतना बेरियर स्थित मारुति सुजुकी के सिटी कार्स शोरूम के बाहर रविवार को ग्राहक प्रिंस त्रिपाठी ने अपनी नई कार पर बैनर लगाकर अनशन शुरू कर दिया। उन्होंने वर्कशॉप के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। प्रिंस त्रिपाठी का आरोप है कि दो महीने पहले खरीदी गई कार में शुरू से ही तकनीकी खराबी आ रही है। अब उसमें सीएनजी लीकेज की समस्या भी हो गई है। उन्होंने यह गाड़ी 12 अगस्त 2026 को खरीदी थी। शुरू से ही आ रही खराबी उनकी शिकायत है कि डिलीवरी के समय से ही खराबी की शिकायत की गई, लेकिन शोरूम ने इसे सामान्य बताकर टाल दिया। बार-बार वर्कशॉप जाने और शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं मिला। कंपनी ने लिखित गारंटी देने से भी इनकार कर दिया। खराब पार्ट्स बदलने को तैयार मारुति सुजुकी शाखा के प्रतिनिधि सुनील श्रीवास्तव ने बताया कि यह गाड़ी अगस्त 2026 की बनी है। कंपनी गाड़ी की आवाज या तकनीकी समस्या को ठीक करने और खराब पार्ट्स बदलने को तैयार है। उन्होंने कहा कि हर छोटी खराबी पर पूरी गाड़ी बदलना संभव नहीं। कंपनी ने ग्राहक से मरम्मत के लिए थोड़ा समय मांगा है।



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अफ्रीकी देश जिबूती के पास नाव डूबी, 109 की मौत: 116 लापता, 350 लोग सवार थे; 80 से ज्यादा लोग बचाए गए, सभी इथियोपिया के नागरिक




अफ्रीकी देश जिबूती के तट के पास प्रवासियों से भरी नाव डूबने से 109 लोगों की मौत हो गई, जबकि 116 लोग लापता हैं। नाव में करीब 350 लोग सवार थे। हादसे में 80 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संस्था (IOM) के मुताबिक, सभी जीवित बचे लोग इथियोपिया के नागरिक हैं। हादसा 8 और 9 अक्टूबर की दरमियानी रात जिबूती के ओबॉक शहर के उत्तर में हुआ। IOM के मुताबिक, हादसे के बाद अब तक 109 शव बरामद किए गए हैं। इनमें 52 पुरुष, 42 महिलाएं और 15 बच्चे शामिल हैं। बच्चों में 9 लड़कियां और 6 लड़के हैं। जिबूती से यमन से जा रही थी नाव हादसे में बचे लोगों ने बताया कि नाव जिबूती से यमन जा रही थी। इसी दौरान वह समुद्र में पलट गई। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों की मदद के लिए IOM की टीमें जिबूती के अधिकारियों के साथ काम कर रही हैं। जिबूती में IOM के मिशन प्रमुख एलेक्जेंडर कोइसाक ने कहा कि यह जानमाल का बेहद दुखद नुकसान है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने अपने लोगों को खोया है या अब भी उनकी खबर का इंतजार कर रहे हैं। बेहतर जिंदगी की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाते हैं लोग IOM के मुताबिक, गरीबी, असुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते असर के कारण कई लोग रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में यह खतरनाक समुद्री रास्ता अपनाते हैं। प्रवासी जिबूती से बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट पार करके यमन पहुंचने की कोशिश करते हैं। इसके बाद उनका लक्ष्य खाड़ी देशों तक पहुंचना होता है। इस रास्ते पर समुद्र में नाव डूबने और जान जाने का खतरा बना रहता है। IOM ने कहा कि मध्य पूर्व में अस्थिरता के बावजूद लोग बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में यह जोखिम भरी यात्रा कर रहे हैं।



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रागी के चिप्स नहीं बनते पतले और क्रिस्पी? आटा गूंथने का ये तरीका जरूर आजमाएं

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Ragi Chips Recipe: शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन हो और किचन में रखी चीजों से ही स्नैक तैयार हो जाए तो बात ही अलग है. बाजार के पैकेट वाले चिप्स की जगह घर पर बने रागी चिप्स एक दिलचस्प विकल्प हो सकते हैं. रागी का स्वाद थोड़ा अलग जरूर होता है, लेकिन सही तरीके से आटा तैयार किया जाए तो इससे पतले, कुरकुरे और चटपटे चिप्स आसानी से बन जाते हैं. खास बात यह है कि इन्हें तेल में तलने के साथ ओवन या एयर फ्रायर में भी बनाया जा सकता है.

रागी के आटे में चावल का आटा या बारीक सूजी मिलाने से चिप्स में अच्छा क्रंच आता है. आइए जानते हैं घर पर रागी चिप्स बनाने का आसान तरीका.

रागी चिप्स के लिए सामग्री
इस रेसिपी के लिए 1 कप रागी का आटा लें. इसके साथ 2 बड़े चम्मच चावल का आटा या बारीक सूजी, 1 कप पानी, 1 छोटा चम्मच सफेद तिल, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, आधा छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च, चौथाई छोटा चम्मच हल्दी, स्वादानुसार नमक और 1 बड़ा चम्मच तेल या घी चाहिए. चिप्स को चटपटा स्वाद देने के लिए आधा छोटा चम्मच चाट मसाला, आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर, चौथाई छोटा चम्मच आमचूर या पेरी-पेरी मसाला और थोड़ा काला नमक लिया जा सकता है.

रागी चिप्स का आटा कैसे तैयार करें
सबसे पहले एक बर्तन में पानी उबलने रखें. इसमें नमक, तेल, अजवाइन, तिल, लाल मिर्च और हल्दी डाल दें. पानी में उबाल आने के बाद गैस धीमी कर दें और रागी का आटा व चावल का आटा डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब गैस बंद करके बर्तन को करीब 5 मिनट के लिए ढक दें. गर्म भाप से आटा नरम होगा और उसकी बाइंडिंग बेहतर हो जाएगी. यही तरीका रागी के आटे को बेलते समय टूटने से बचाने में मदद करता है. 5 मिनट बाद मिश्रण को परात में निकाल लें. जब आटा हल्का गुनगुना रह जाए और हाथ से संभालने लायक हो, तब हाथों पर थोड़ा तेल लगाकर इसे अच्छी तरह मसलें. करीब 3 से 4 मिनट तक मसलने पर आटा नरम और चिकना हो जाएगा.

चिप्स पतले बेलना है जरूरी
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. इन्हें दो बटर पेपर के बीच रखकर पतला बेलें. जरूरत लगे तो थोड़े सूखे चावल के आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं. यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि चिप्स जितने पतले होंगे, उनका क्रंच उतना ही अच्छा आएगा. बेली हुई शीट पर कांटे की मदद से छोटे-छोटे छेद कर दें. इससे चिप्स तलते समय ज्यादा फूलेंगे नहीं. अब चाकू या पिज्जा कटर से इन्हें तिकोने या मनचाहे आकार में काट लें.

(इमेज AI)
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रागी चिप्स तलने और बेक करने का तरीका
अगर आप इन्हें तेल में बनाना चाहते हैं तो कड़ाही में तेल को मध्यम गर्म करें. चिप्स को मध्यम-धीमी आंच पर डालकर दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. तेज आंच रखने से बाहर की परत जल्दी रंग पकड़ सकती है जबकि चिप्स अंदर से ठीक से क्रिस्पी नहीं होंगे. तेल कम इस्तेमाल करना चाहते हैं तो एयर फ्रायर या ओवन का विकल्प भी है. ओवन या एयर फ्रायर को 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट करें. चिप्स को करीब 10 से 12 मिनट तक बेक करें. समय उपकरण और चिप्स की मोटाई के हिसाब से थोड़ा बदल सकता है, इसलिए आखिरी कुछ मिनटों में इन्हें देखते रहें.

आखिर में डालें चटपटा मसाला
तैयार चिप्स को एक बड़े बाउल में निकालें. जब वे अभी हल्के गर्म हों, तब चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर, आमचूर या पेरी-पेरी मसाला और थोड़ा काला नमक डालकर हल्के हाथ से टॉस करें. मसाला अच्छी तरह चिप्स पर लग जाएगा और स्वाद भी बढ़ जाएगा.



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दिलजीत दोसांझ ने बदली दिल्ली कॉन्सर्ट की डेट: सिख विरोधी दंगों की बरसी के चलते फैसला, अब दो दिन पहले होगा – Jalandhar News


पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा इंडिया टूर’ के दिल्ली कॉन्सर्ट की तारीख बदल दी गई है। पहले यह शो 1 नवंबर को होना था, लेकिन पंजाबी प्रमोशन काउंसिल की अपील के बाद अब इसे 30 अक्टूबर को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में आयोजित किया

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तारीख बदलने की अपील 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए की गई। पंजाबी प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष जसवंत सिंह ने दिलजीत और उनकी टीम को पत्र लिखकर कॉन्सर्ट की तारीख बदलने की अपील की थी।

पंजाबी प्रमोशन काउंसिल ने लिखा था पत्र

काउंसिल ने अपने पत्र में कहा था कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के कई परिवारों के लिए दर्दनाक यादों से जुड़ा है। 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख-विरोधी दंगे भड़के थे। इस इन दंगों की यादें आज भी पीड़ित परिवारों और सिख समुदाय के लिए संवेदनशील हैं।

काउंसिल ने दिलजीत की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाबी संगीत और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। साथ ही स्पष्ट किया कि इस अपील का मकसद उनके संगीत, उपलब्धियों या कॉन्सर्ट का विरोध करना नहीं है। काउंसिल ने उनसे केवल यह विचार करने का अनुरोध किया था कि 1 नवंबर को कार्यक्रम आयोजित होने से पीड़ित परिवारों और सिख समुदाय की भावनाओं पर क्या असर पड़ सकता है।

1984 के सिख विरोधी दंगों के बारे में जानिए…

  • दंगों का मुख्य कारण ऑपरेशन ब्लू स्टार: जून 1984 में अमृतसर के गोल्डन टेंपल में छिपे अलगाववादियों को निकालने के लिए सेना ने ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ चलाया था, जिससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं बहुत आहत हुई थीं।
  • तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की हत्या: इसी सैन्य कार्रवाई के गुस्से में 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके ही दो सिख सिक्योरिटी गार्डों ने गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके तुरंत बाद यह हिंसा भड़क उठी।
  • भीषण हिंसा और भारी नुकसान: 31 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच मुख्य रूप से दिल्ली और उत्तर भारत में हिंसक भीड़ ने सिखों को निशाना बनाया; सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 3,350 सिख मारे गए, जबकि गैर-सरकारी अनुमानों के मुताबिक यह संख्या 8,000 से अधिक थी।
  • प्रशासनिक मिलीभगत और सुनियोजित साजिश: मानवाधिकार संगठनों और गवाहों के अनुसार, यह दंगे स्वतःस्फूर्त नहीं बल्कि सुनियोजित थे, जिसमें कुछ नेताओं द्वारा भीड़ को उकसाने और पुलिस व प्रशासन के मूकदर्शक बने रहने के गंभीर आरोप लगे।
  • जांच और अदालती फैसले: पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए नानावती आयोग सहित कई कमेटियां बनीं, जिसके बाद लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 2018 में कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद हुई और अन्य आरोपियों पर भी मुकदमे चलते रहे।

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दिलजीत दोसांझ का घर समझ लिखे खालिस्तानी नारे: पड़ोसी बोला- मुंह बांधकर आए 4-5 लोग, सिंगर का भी नाम लिखा, मैंने डांटा तो भाग गए

पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ के ऑरा इंडिया टूर से पहले उनके गांव दोसांझ कलां में कुछ लोगों ने घर की दीवार पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिख दिए। बाद में पता चला कि जिस घर की दीवार पर नारे लिखे गए, वह दिलजीत दोसांझ का नहीं, बल्कि उनके पड़ोसी का है। (पढ़ें पूरी खबर)



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नैमिषारण्य में नवरात्र पर मां-ललिता देवी मंदिर में उमड़ी भीड़: गज पर सवार होकर आएंगी मां भगवती, 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली में जगमगाया दरबार – Sitapur News




सीतापुर में 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को विश्वविख्यात शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मां भगवती के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। नवरात्र महोत्सव को लेकर मंदिर को आकर्षक विद्युत झालरों और रंग-रोगन से सजाया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष मां भगवती का आगमन गज यानी हाथी पर माना गया है। इसे सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। विद्युत सजावट से जगमगाया मां का दरबार नवरात्र महोत्सव के लिए मंदिर परिसर में विशेष सजावट कराई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद वितरण समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी एवं कालीपीठाधीश्वर आचार्य गोपाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होगी। प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे और रात 8 बजे मां भगवती की आरती की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आरती में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। ललितोपाख्यान में वर्णित है मां की महिमा मां ललिता देवी की महिमा का वर्णन ब्रह्मांड पुराण के ललितोपाख्यान में मिलता है। धार्मिक मान्यताओं में मां ललिता त्रिपुरसुंदरी को आदिशक्ति और जगज्जननी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। भंडासुर वध का प्रसंग अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। नैमिषारण्य स्थित चक्रतीर्थ और मां ललिता देवी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्र में विभिन्न राज्यों से भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में उमड़ी भीड़ से पूरी तीर्थनगरी भक्तिमय हो उठी। नैमिषारण्य में सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 सीओ, 4 इंस्पेक्टर,12 सबइंस्पेक्टर, 80 महिला आरक्षी, 139 पुरुष आरक्षी,1 प्लाटून पीएसी सहित 3 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात किया गया है।



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जयप्रकाश की 124वीं जयंती आज: आयकर गोलंबर पर राजकीय समारोह, CM सम्राट करेंगे जेपी पथ का करेंगे निरीक्षण; सड़क और यातायात व्यवस्था की लेंगे जानकारी – Patna News




लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती के अवसर पर आज राजधानी पटना में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आयकर गोलंबर पहुंचकर जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री जयप्रकाश पथ का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधाओं का जायजा लेंगे। आयकर गोलंबर पर राजकीय समारोह में देंगे श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे आज सुबह पटना के आयकर गोलंबर पहुंचेंगे। यहां लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आयोजित राजकीय श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करेंगे। लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा, भ्रष्टाचार के विरोध और सामाजिक बदलाव के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में 1970 के दशक में चले आंदोलन ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। बिहार इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा था। ऐसे में पटना में उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का विशेष महत्व है। जयप्रकाश पथ का निरीक्षण करेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज जयप्रकाश पथ का निरीक्षण करने निकलेंगे। इस दौरान वे मार्ग की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेंगे। साथ ही सड़क पर आवागमन, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और व्यवस्थाओं से जुड़े बिंदुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।



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शिवपुरी में पंडाल में विवाद के बाद थाने का घेराव: डीजे बंद कराने पहुंचे दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठीचार्ज का आरोप, देर रात तक चलता रहा हंगामा – Shivpuri News




शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात माता के पंडाल में डीजे बंद कराने और जाम हटाने को लेकर विवाद हो गया। लोगों ने दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठियां चलाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और दोनों पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग की। देर रात करीब डेढ़ बजे तक हंगामा चलता रहा। सड़क पर डीजे बजने से लगा था जाम जानकारी के अनुसार, फिजिकल थाने से कुछ ही दूरी पर माता के पंडाल में प्रतिमा स्थापित की जानी थी। इसके लिए रविवार रात करीब 11 बजे बीच सड़क पर डीजे लगाया गया था। पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। रात करीब 12:30 बजे डीजे बंद कराने और जाम हटवाने के लिए दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। लोगों का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने लाठियां चलाईं और मारपीट की। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी अपना वाहन लेकर वहां से चले गए। नाराज लोगों ने फिजिकल थाने का घेराव किया घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और घेराव कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में माता के पंडाल में घुसे और लोगों के साथ मारपीट की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को फिजिकल थाने से हटाने की मांग की। थाने पर हंगामे की सूचना मिलने के बाद अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। देर रात करीब डेढ़ बजे तक चले घटनाक्रम के बाद मामला शांत हुआ।



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