Saturday, August 15, 2026
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खूब लहराया आजादी का परचम, पूनियाजी ने ‘लहराई’ बाइक: ‘नोटिस’ पर सांसद मन्नालाल का ‘बड़ा दिल’; ओवैसी-बेनीवाल की ‘ट्यूनिंग’ – Rajasthan News




नमस्कार, आज आजादी के पर्व पर घर-घर तिरंगा लहरा रहा है। राज्यसभा सांसद भी लहरा रहे हैं, लेकिन बाइक पर। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने बड़ा दिल दिखाया। नोटिस देने वाले अधिकारी को माफ किया। दिल्ली में ओवैसी और हनुमान बेनीवाल के बीच दोस्ती के रंग दिखे तो कई सरकारी स्कूलों का हाल बदरंग नजर आया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. खूब लहराया ‘आजादी का परचम’ राजधानी में मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर तिरंगा फहराया। इस कार्य में उनकी श्रीमतीजी ने भी साथ दिया। इधर, उप मुख्यमंत्री महोदया ने भी छत पर जाकर तिरंगा लहराया। घर-घर तिरंगा अभियान के तहत अपील की गई कि हर नागरिक सम्मान के साथ अपने घर पर तिरंगा फहराए। अपील का असर भी दिख रहा है। आजादी का उल्लास होता ही है जबरदस्त। जो चीज छीनकर मिले, लड़कर मिले, उसे पाने का आनंद ही अलग होता है। आजादी के लिए लड़ने वाली पीढ़ियों को नमन। आज भारत माता की जय और वंदेमातम की गूंज हर कंठ से निकल रही है। हर मन में एक ही भाव है- सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी। आज हर नारा सिर्फ देश के लिए हो। उसी तरह जैसे कांग्रेस पार्टी ने तय कर लिया है कि किसी व्यक्ति के लिए नारा नहीं, पार्टी के लिए लगाओ। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में एक उत्साही कार्यकर्ता ने चीफ साहब का नारा लगाया। बोला- गोविंद सिंह डोटासरा जिंदाबाद। डोटासरा ने तुरंत रोका। कहा- नहीं भाई। रहने दो। 2. मन्नालाल जी की सादगी मन्नालाल जी ढाई साल पहले तक परिवहन विभाग में अधिकारी थे। उन्होंने नौकरी से VRS ले लिया। इसके बाद राजनीति में उतरे और सांसद बन गए। मन्नालाल जी किस्मत के धनी निकले। सादगी पूर्ण जीवन के कारण तड़क-भड़क वाले नेता नहीं हैं। उन्हें चाक चलता दिखता है तो मिट्‌टी के बर्तन बना लेते हैं। फिर अपना पात्र देख झूमते हैं। माटी से जुड़ा आदमी सरल होता है। अचानक मन्नालालजी को जोधपुर निर्वाचन अधिकारी ने नोटिस दे दिया। साथ ही फटकार भी लगाई कि आपका काम पूरा नहीं है। आपने पोर्टल पर जानकारी अपडेट नहीं की। फलां धारा के हिसाब से फलां दंड दिया जा सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी को पता ही नहीं कि जिन्हें नोटिस दे दिया वे सांसद हैं। उन्हें यह भी पता नहीं कि उन्हीं की लिस्ट अपडेट नहीं थी और ढाई साल बाद भी मन्नालाल जी का नाम हटाया नहीं गया था। नोटिस देकर खुद फंस गए। कोई और सांसद होता तो गरजता भी बरसता भी। लेकिन मन्नालाल जी बोले- उन्होंने जो कुछ किया, अच्छे के लिए ही किया होगा। भले को सब भला ही भला दिखता है। 3. हनुमान की ‘लॉटरी’ निकाय चुनाव के लिए भले आरक्षण की लॉटरी निकल गई, लेकिन हनुमान बेनीवाल ‘लॉटरी का टिकट’ साथ लेकर घूम रहे हैं। यह लॉटरी का टिकट AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी हैं। देशभर की मुस्लिम कम्युनिटी में उनकी पैठ है। हनुमान बेनीवाल की तरह वे भी वन मैन आर्मी हैं। हनुमान बेनीवाल और ओवैसी की दिल्ली में मुलाकात हुई। दोनों नेता एक-दूसरे की तारीफ करते हैं। दोनों मिलते हैं तो यारी-दोस्ती दिखाई देती है। राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी सोच-समझ कर की जाती है। दो दिग्गजों की दोस्ती को राजनीति में समीकरण कहा जाता है। क्या हनुमान बेनीवाल राजस्थान में वैसा ही समीकरण बनाने में जुटे हैं, जैसा यादव जी ने यूपी में MY का बनाया था। 4. चलते-चलते.. अलवर में थानागाजी इलाके में एक गांव है जोधावास। गांव के सरकारी स्कूल के बच्चे धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल में पहाड़ा-पट्‌टी की जगह ‘हमारी मांगें पूरी करो’ गूंज रहा है। पत्रकार ने एक छात्रा से पूछा- देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, आपके लिए आजादी का क्या मतलब है। छात्रा बोली- स्कूल की पटि्टयां टूटी हैं। भवन जर्जर है। एक भी कमरा ठीक नहीं है। खेल का ग्राउंड नहीं है। टीचर नहीं है। रूपारेल नदी पार करके आते हैं। अच्छी पुलिया नहीं है। 80 साल की आजादी का यही मतलब है। अधिकारी बच्चों को समझाने पहुंचे तो एक पतली-दुबली छात्रा ने पुरजोर आवाज में कहा- अगर आपके बच्चे यहां होते तो क्या उनके लिए भी यही सुविधाएं होतीं? अधिकारी निरुत्तर। प्रतापगढ़ जिले के धरियावद में लसाड़िया तहसील की ग्राम पंचायत है धुलिया। यहां के गांव कराकला फला का तो अजब हाल है। 2013 में यहां स्कूल खुल गया, लेकिन बिल्डिंग नहीं बनी। गांव के छोटे से मंदिर में स्कूल चल रहा है। 60 बच्चों पर एक टीचर। कुल मिलाकर व्यवस्था भगवान भरोसे चल रहा है। जालोर के मेंगलवा गांव में पीएमश्री स्कूल की छात्रा मनीषा कुमारी सायला तो स्टार बन गई। उसने 90 फीसदी अंक हासिल किए। लेकिन अपनी मेहनत पर। स्कूल में पूरे टीचर ही नहीं है। छात्रों ने धरना दिया तो मनीषा ने दमदार ढंग से बात रखी। कहा- यहां सेकेंड ग्रेड के टीचर नहीं है। हिस्ट्री का एक टीचर है वे प्रिंसिपल हैं। सारे टीचर लगा दो वरना रास्ता ब्लॉक करेंगे। बाड़मेर के जालीखेड़ा स्कूल में दो टीचर हैं। दोनों अस्थायी। टीचर्स की मांग पर बच्चों ने धरना दे दिया। प्रशासन ने आश्वासन दिया। बोले- जब तक स्थायी टीचर नहीं आ जाएंगे, अस्थायी को नहीं हटाएंगे। बच्चों ने खुलकर कहा-यही बात लिखकर दे दो। राजधानी के मूक बधिर बच्चों के सरकारी स्कूल में तो बच्चे न बोल सकते हैं। न सुन सकते हैं। फिर भी इशारों में अपनी बात इतने असरदार ढंग से रखी कि प्रशासन हिल गया। मशहूर क्रांतिकारी शायर फैज अहमद फैज ने एक नज्म लिखी थी। जिसके शब्द थे- बोल कि लब आजाद हैं तेरे। आजादी के 80 साल बाद भी तसल्ली इस बात की है कि जनरेशन चाहे जेन-जी हो या फिर अल्फा। उनके भीतर भगतसिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी जिंदा हैं, जो आवाज उठाना जानते हैं। इनपुट सहयोग- विजय कुमार (बाड़मेर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



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आगरा के तिरंगा चौक ने बनाया रिकॉर्ड: 3122वें दिन भी लहराया तिरंगा, अब गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने की तैयारी – Agra News




15 अगस्त को जहां पूरा देश अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है, वहीं आगरा ने एक और गौरव अपने नाम कर लिया है। शहर के तिरंगा चौक पर हर दिन तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड बनाया गया है। ये सिलसिला आज 3122वें दिन भी जारी है। इसी अनूठी पहल के लिए अब समिति ने अपना नाम दूसरी बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन कर दिया है। इससे पहले भी तिरंगा चौक को इस रिकॉर्ड के लिए नामित किया जा चुका है। कोरोना काल में भी हर दिन तिरंगा फहराया गया 26 जनवरी 2018 से शुरू हुआ ये सिलसिला आज 3122वें दिन भी जारी है। भारत में आगरा ही एकमात्र ऐसा शहर है जहां सेल्फी पॉइंट तिरंगा चौक पर हर दिन बगैर रुके तिरंगा फहराया जाता है। कोरोना काल में जब सारी गतिविधियां ठप थीं, सड़कें सूनी थीं और लोगों का घर से निकलना बंद था, तब भी तिरंगा चौक पर रोजाना तिरंगा शान से लहराया गया। लॉकडाउन के दौरान भी समिति के सदस्य सोशल डिस्टेंसिंग के साथ यहां पहुंचकर ध्वजारोहण करते थे। इसी अनूठी पहल के लिए अब समिति ने अपना नाम दूसरी बार गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन कर दिया है। इससे पहले भी तिरंगा चौक कमेटी को 8 इंटरनेशनल, 5 नेशनल अवॉर्ड जैसे नेल्सन मंडेला, वर्ल्ड रिकॉर्ड्स इंडिया, वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, गनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, ओएमजी बुक ऑफ रिकॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका हैं। बड़ी हस्तियां फहरा चुकी हैं तिरंगा इस चौक की पहचान अब सिर्फ आगरा तक सीमित नहीं रही। यहां अब तक भारतीय क्रिकेट टीम की खिलाड़ी दीप्ति शर्मा, क्रिकेटर दीपक चाहर, हॉकी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जयवीर सिंह, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और सांसद मनोज तिवारी समेत कई नामचीन हस्तियां तिरंगा फहरा चुकी हैं। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन को भी आमंत्रित किया गया था। उनकी फ्लाइट तक बुक हो गई थी, लेकिन किसी कारणवश वे नहीं आ सकीं। समिति का कहना है कि रवीना टंडन जल्द ही आगरा आकर तिरंगा चौक पर ध्वजारोहण करेंगी। 8 इंटरनेशनल, 5 नेशनल अवॉर्ड हर दिन तिरंगा फहराने की इस मुहिम के लिए तिरंगा समिति को अब तक 8 अंतरराष्ट्रीय, 5 राष्ट्रीय और 128 अन्य सम्मान मिल चुके हैं। विभिन्न राज्य सरकारों ने भी समिति के इस कार्य को सराहा और सम्मानित किया है। समिति का लक्ष्य है कि तिरंगे के सम्मान को घर-घर तक पहुंचाया जाए और युवाओं में देशभक्ति की भावना को लगातार बढ़ाया जाए। आज जो तिरंगा चौक देशभक्ति की मिसाल बना हुआ है, 2018 से पहले इसकी सूरत बिल्कुल अलग थी। यहां चारों तरफ कूड़े का ढेर लगा रहता था। पास में नाला बहता था। लोग इसी जगह पर कूड़ा डंप कर देते थे। 300 मीटर की दूरी पर ही खेरिया एयरपोर्ट है। गंदगी और बदबू के कारण राहगीरों और एयरपोर्ट आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती थी। बाजार कमेटी ने पलटी तस्वीर 2018 में अजीत नगर बाजार कमेटी ने बीड़ा उठाया। कमेटी के लोगों ने अपने निजी पैसे से इस जगह को साफ कराकर एक भव्य सेल्फी पॉइंट तैयार कराया। ताकि दोबारा यहां कोई गंदगी न करे, इसलिए इसका नाम “तिरंगा चौक” रखा गया। 26 जनवरी 2018 को यहां पहली बार तिरंगा फहराया गया। उसी दिन कमेटी ने फैसला लिया कि अब ये तिरंगा हर दिन लहराया जाएगा। उस दिन से लेकर आज 3122वें दिन तक एक भी दिन नागा नहीं हुआ। हर दिन नया गेस्ट, हर दिन नई कहानी इस चौक की सबसे खास बात ये है कि हर दिन कोई नया गेस्ट यहां तिरंगा फहराता है। एक बार जिसने झंडा फहरा दिया, उसे दोबारा मौका नहीं दिया जाता। कोई भी व्यक्ति अपना जन्मदिन, शादी की सालगिरह या कोई खास दिन मनाने के लिए यहां आकर रजिस्ट्रेशन करा सकता है और तिरंगा फहरा सकता है। सुबह 10 बजे राष्ट्रगान के साथ जब तिरंगा फहराया जाता है तो पूरे चौक पर सन्नाटा छा जाता है। वाहन रुक जाते हैं और लोग सेल्यूट करते हैं। मैच के दिन उमड़ती है भीड़ चौक पर एक बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगी है। भारत-पाकिस्तान का मैच हो या कोई बड़ा फाइनल, उस दिन यहां हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा होकर मैच देखते हैं। मैच के बीच-बीच में देशभक्ति के गाने और संदेश चलाए जाते हैं, जिससे माहौल और जोशीला हो जाता है।



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जहानाबाद में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कैंडल मार्च: शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि, डीएम समेत कई अधिकारी हुए शामिल – Jehanabad News




जहानाबाद में शुक्रवार शाम विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में जिला पदाधिकारी (डीएम) श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया सहित जिले के कई अधिकारी, समाजसेवी और स्थानीय लोग शामिल हुए। इसका मुख्य उद्देश्य देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना था। कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर देश की एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश दिया। इस कार्यक्रम का आयोजन लोगों को देश के विभाजन की त्रासदी और स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए किए गए संघर्ष से अवगत कराने के लिए किया गया था। मार्च में शामिल सभी ने शहीदों के बलिदान को याद किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। कैंडल मार्च निकालकर शहीदों को दी श्रद्धांजलि इस अवसर पर डीएम श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया ने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक वीर सपूतों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके बलिदान और संघर्ष के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि आजादी की संध्या पर कैंडल मार्च निकालकर उन सभी वीरों और शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। नई पीढ़ी को इतिहास से अवगत करवाना उद्देश्य डीएम ने आगे कहा कि देश को आजादी आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, कठिनाइयां और असंख्य लोगों का बलिदान जुड़ा हुआ है। विभाजन के दौरान भी बड़ी संख्या में लोगों को विस्थापन, हिंसा और पीड़ा का सामना करना पड़ा था। उन्होंने ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को इतिहास के इन महत्वपूर्ण अध्यायों से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से युवा पीढ़ी को देश के स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के त्याग के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। डीएम ने लोगों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने तथा आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना को कायम रखने की अपील की।



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सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर घटा दिया टैक्स, क्या देश में सस्ता होगा तेल


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Tax on Petrol-Diesel : सरकार ने तेल कंपनियों को राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल और हवाई ईंधन पर विंडफाल टैक्स घटा दिया है. अब देश के बाहर निर्यात किए जाने वाले तेल पर कम टैक्स लगेगा तो कंपनियां भी ज्यादा मुनाफा कमा सकेंगी. सरकार ने इसी महीने की शुरुआत में तीनों ही ईंधन पर विंडफाल टैक्स बढ़ा दिया था.

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सरकार ने पेट्रोल-डीजल और एटीएफ पर विंडफाल टैक्स घटा दिया है.

नई दिल्ली. देश में पेट्रोल और डीजल का उत्पादन सामान्य होने और डिमांड से ज्यादा सप्लाई पहुंचने के बाद सरकार ने कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए निर्यात किए जाने वाले तेल पर टैक्स कम कर दिया है. सरकार ने आदेश दिया है कि शनिवार से ही निर्यात किए जाने वाले पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन पर विंडफाल टैक्स कम किया जा रहा है. आदेश के तहत डीजल पर टैक्स 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि पेट्रोल पर 3.5 रुपये से घटाकर शून्य कर दिया गया है. हवाई ईंधन पर भी टैक्स को 22 रुपये लीटर से घटाकर 19.5 रुपये कर दिया गया है.

सरकार हर पखवाड़े पर पेट्रोल-डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ पर विंडफाल टैक्स रिवाइज करती है. यह कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल व अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के आधार पर तय की जाती है. पहली बार सरकार ने निर्यात किए जाने वाले ईंधन पर विंडफाल टैक्स जुलाई, 2022 में लगाया था. इसका मकसद तेल कंपनियों और रिफाइनरियों की ओर ईंधन निर्यात करके कमाए जाने वाले बड़े मुनाफे पर लगाम कसना था. जब ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम ज्यादा बढ़ते हैं तो भारतीय कंपनियां भी अपने प्रोडक्ट बाहर भेजकर जबरदस्त मुनाफा कमाती हैं.

क्या देश में सस्ता होगा तेल
विंडफाल टैक्स घटाने का असर तेल की घरेलू कीमतों पर नहीं दिखेगा. यह टैक्स सिर्फ देश के बाहर जाने वाले तेल पर कम किया गया है, जिसका सीधा फायदा तेल कंपनियों और रिफाइनरियों को होगा. सरकार ने साल 2024 में विडफाल टैक्स को खत्म भी कर दिया था, लेकिन इसे मार्च 2026 में दोबारा लागू कर दिया गया, क्योंकि ईरान और अमेरिका युद्ध की वजह से ग्लोबल बाजार में तेल की कीमतें अंधाधुंध बढ़ने लगीं जिससे भारतीय कंपनियों के ज्यादा निर्यात करने की आशंका पैदा हो गई. निर्यात पर लगाम कसने के लिए ही सरकार ने दोबारा विंडफाल टैक्स लगा दिया.

इसी महीने बढ़ाया था टैक्स
सरकार ने विंडफाल टैक्स को इसी महीने बढ़ाया था. 3 अगस्त को इसे बढ़ाकर डीजल पर 25.5 रुपये लीटर कर दिया गया था, जो पहले 15.5 रुपये लीटर था. इसका मतलब है कि एकमुश्त 10 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इसी तरह, एटीएफ पर 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर का विंडफाल टैक्स लगाया गया था. पेट्रोल पर भी विंडफाल टैक्स 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये किया गया था, लेकिन अब इसे शून्य कर दिया गया है.

क्या है इस टैक्स का मकसद
सरकार ने विंडफाल टैक्स इसलिए लगाया था, ताकि कंपनियां ज्यादा मुनाफे के चक्कर में अपना तेल देश के बाहर न भेज दें. देश के भीतर तेल की सप्लाई बेहतर बनाए रखने के लिए ही सरकार ने यह टैक्स कंपनियों पर लगाया है. पिछले कुछ समय से ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिसकी वजह से भारतीय तेल कंपनियां और रिफाइनरियां निर्यात पर जोर देना चाहती हैं. इसी पर लगाम कसने के लिए सरकार ने विंडफाल टैक्स लगाया है. हालांकि, यह टैक्स देश के भीतर बिकने वाले तेल पर लागू नहीं होता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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उज्जैन में शहीदों का अनोखा मंदिर: 41 वीर सपूतों को रोज मिलता है सम्मान; पूर्व जज ने चौराहों पर प्रतिमाएं देख की थी शुरुआत – Ujjain News




महाकाल की नगरी उज्जैन में आस्था के कई केंद्र हैं, लेकिन शिप्रा किनारे महाकाल मंदिर के पीछे नरसिंह घाट क्षेत्र में बना शहीदों का मंदिर अपनी अलग पहचान रखता है। यहां पूजा सिर्फ देवी-देवताओं की नहीं, बल्कि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की भी होती है। मंदिर में करीब 41 वीर सपूतों और नारी शक्ति की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इन्हें देखने और श्रद्धांजलि देने के लिए लोग रोज यहां पहुंचते हैं। इस मंदिर की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। मंदिर निर्माण के पीछे पूर्व जज दान सिंह चौधरी की सोच और संकल्प था। वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं। उनका मानना था कि देश के अमर शहीदों की प्रतिमाएं अक्सर शहरों के चौराहों पर स्थापित तो कर दी जाती हैं, लेकिन समय के साथ उनकी उपेक्षा होने लगती है। कई प्रतिमाएं धूल और गंदगी से ढकी रहती हैं और उनकी साफ-सफाई केवल राष्ट्रीय पर्वों या विशेष अवसरों पर ही हो पाती है। इसी विचार ने दान सिंह चौधरी को एक ऐसा स्थान बनाने की प्रेरणा दी, जहां देश के वीरों को हर दिन सम्मान मिले। उन्होंने अपनी सेवानिवृत्ति पर मिली राशि शहीदों के सम्मान में समर्पित कर दी। अलीराजपुर निवासी गुरु नरसिंहानंद महाराज की प्रेरणा से शुरू हुए इस प्रयास को आगे चलकर परमानंद महाराज ने आकार दिया। संकल्प था कि देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को केवल राष्ट्रीय पर्वों पर नहीं, बल्कि हर दिन याद किया जाए। इसी सोच ने छोटे स्तर पर शुरू हुई पहल को आज एक ऐसे मंदिर का रूप दे दिया है, जहां राष्ट्रभक्ति और श्रद्धा एक साथ दिखाई देती है। एक ही परिसर में सेना के दिग्गज और परमवीर चक्र विजेता मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित प्रतिमाएं हैं। परिसर में भारतीय सेना और देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कई महान व्यक्तित्वों को स्थान दिया गया है। इनमें देश के प्रथम थलसेना अध्यक्ष जनरल के.एम. करियप्पा, फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ और वायुसेना प्रमुख अर्जुन सिंह जैसे नाम शामिल हैं। इसके अलावा यहां 21 परमवीर चक्र विजेताओं को भी प्रतिमाओं के माध्यम से सम्मान दिया गया है। करीब 41 प्रतिमाओं वाले इस परिसर में शहीद जवानों के साथ नारी शक्ति को भी स्थान दिया गया है। खास बात यह है कि प्रत्येक प्रतिमा के साथ संबंधित वीरों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी गई है, ताकि यहां आने वाले लोग उनके जीवन, शौर्य और बलिदान के बारे में पढ़ सकें। 40 से 45 हजार रुपए में तैयार हुईं प्रतिमाएं मंदिर में स्थापित सभी प्रतिमाएं फाइबर से बनाई गई हैं। मंदिर से जुड़े संजय कुमार चौधरी के अनुसार, एक प्रतिमा तैयार करने में लगभग 40 से 45 हजार रुपए की लागत आई है। ये प्रतिमाएं केवल मूर्तियां नहीं हैं, बल्कि देश के लिए दिए गए बलिदान और साहस की जीवंत कहानियां भी हैं। मंदिर में ‘अमर जवान, अमर किसान और अमर विज्ञान’ की भावना भी दिखाई देती है। यही कारण है कि यहां आने वाले लोगों के लिए यह स्थान किसी सामान्य मंदिर से अलग अनुभव प्रदान करता है। परिवार बदला, लेकिन सेवा का संकल्प जारी मंदिर की स्थापना के बाद इसकी देखरेख करने वाले परिवार में समय के साथ बदलाव आया। संस्थापक दान सिंह चौधरी के माता-पिता के निधन के बाद अब जामोद परिवार मंदिर की सेवा और व्यवस्थाओं को संभाल रहा है। आज शिप्रा किनारे शांत वातावरण में बना यह मंदिर लोगों को यही संदेश देता है कि देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर जवानों की स्मृति किसी एक दिन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके बलिदान को याद करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए यहां हर दिन श्रद्धा से सिर झुकते हैं।



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कम सामान में घर पर बनाएं परफेक्ट स्ट्रीट स्टाइल चाउमीन, जानिए आसान तरीका

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इस वीकेंड घर पर बनाएं चटपटी देशी स्ट्रीट चाउमीन. इसे बनाना बहुत आसान है. पहले नूडल्स उबालकर ठंडे पानी से धो लें। फिर तेज आंच पर सब्जियां फ्राई करें. अब नूडल्स और सोया-मिर्च सॉस मिलाएं. तेज आंच पर दो मिनट भूनें. गरमागरम मसालेदार चाउमीन तैयार है.

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नई दिल्लीः वीकेंड पर अक्सर लोगों का मन कुछ ऐसा खाने का करता है जो स्वाद में चटपटा हो, जल्दी बन जाए और पूरा परिवार भी इसे पसंद करे. अगर आपका भी इस बार कुछ मसालेदार और मजेदार खाने का मन है, तो घर पर देशी स्ट्रीट स्टाइल चाउमीन बनाकर देख सकते हैं. इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती और थोड़ी सी तैयारी के बाद कुछ ही मिनटों में गरमागरम चाउमीन तैयार हो जाती है.

नूडल्स उबालने से करें शुरुआत
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करें. इसमें थोड़ा नमक और एक चम्मच तेल डाल दें. अब इसमें नूडल्स डालकर इन्हें हल्का नरम होने तक उबालें. ध्यान रखें कि नूडल्स ज्यादा न गलें, वरना चाउमीन बनाते समय यह आपस में चिपक सकते हैं. नूडल्स तैयार होने के बाद इन्हें छानकर ठंडे पानी से धो लें और थोड़ी देर के लिए अलग रख दें.

सब्जियों से बढ़ेगा स्वाद
अब एक बड़ी कड़ाही को तेज आंच पर गर्म करें. इसमें थोड़ा तेल डालकर बारीक कटा हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालें. इसके बाद प्याज, पत्ता गोभी, गाजर और शिमला मिर्च डालकर तेज आंच पर चलाएं. सब्जियों को पूरी तरह गलाना नहीं है. हल्का कुरकुरा रहने पर ही चाउमीन का स्वाद अच्छा आता है.

मसालों का लगेगा तड़का
अब इसमें उबले हुए नूडल्स डालें. इसके बाद सोया सॉस, लाल मिर्च सॉस, टोमैटो सॉस और थोड़ा सा सिरका डालकर अच्छी तरह मिलाएं. स्वाद के हिसाब से नमक और थोड़ा चाट मसाला भी डाल सकते हैं. अब तेज आंच पर नूडल्स को लगातार चलाते हुए दो से तीन मिनट तक पकाएं. इससे मसाले और सॉस नूडल्स में अच्छी तरह मिल जाएंगे.

गरमागरम करें सर्व
चाउमीन तैयार होने के बाद ऊपर से थोड़ा हरा प्याज या बारीक कटा धनिया डाल सकते हैं. इसे गरमागरम ही सर्व करें. चाहें तो साथ में हरी या लाल चटनी भी रख सकते हैं.

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Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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MP के 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: यूपी के उन्नाव में सड़क पर नावें चलीं, बिहार के 10 गांव बाढ़ की चपेट में




मध्य प्रदेश में बारिश का एक और दौर शुरू हो गया है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां 24 घंटे में 4 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो सकती है। दिल्ली में शुक्रवार को कई हिस्सों में बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। IMD ने शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कई जगह हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का भी अनुमान है। यूपी में शुक्रवार को लखनऊ-नोएडा और गाजियाबाद समेत 60 शहरों में बारिश हुई। नोएडा और झांसी में गलियों में दो-तीन फीट तक पानी भर गया। संभल में बिजली गिरने से 45 साल की महिला की मौत हो गई। IMD के मुताबिक, शनिवार को भी पूरे प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में लगातार बारिश के बीच शुक्रवार को एक कच्चा मकान अचानक ढह गया। हादसे में 3 महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वहीं, पड़ोसी पूर्वी सिंहभूम जिले में स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बिहार में मानसून एक बार फिर एक्टिव होने वाला है। मौसम विभाग ने पटना समेत 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर बिजली गिरने की भी आशंका है। समस्तीपुर में गंगा की सहायक बाया नदी का जलस्तर बढ़ गया है। करीब 10 गावों की 50 हजार की आबादी प्रभावित है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें



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BHU-कैंपस में छात्र पर फायरिंग में नामजद छात्र को जमानत: हमले का षडयंत्र रचने में अहम भूमिका, 23 फरवरी 2026 की वारदात में रिहा करने का आदेश – Varanasi News




वाराणसी कोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में छात्र पर जानलेवा हमला करने के प्रयास के मामले में षड़यंत्र के आरोपी अभिषेक उपाध्याय को अदालत से जमानत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश,(पंचम) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने कैमूर बिहार निवासी अभिषेक उपाध्याय को 50-50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि के दो प्रतिभू पत्र प्रस्तुत करने पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व अध्यक्ष सेंट्रल बार एसोसिएशन, विवेक शंकर तिवारी ने पैरवी की। अभियोजन ने बताया कि रोशन मिश्रा बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। आरोप है कि 23 फरवरी 2026 की रात करीब 9 से 9:30 बजे वह अपने साथी विशाल के साथ बिरला छात्रावास के गेट पर खड़ा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल से पहुंचे पीयूष कुमार तिवारी, ऋषभ और तपस ने उस पर जान से मारने की नीयत से चार गोलियां चलाईं। एफआईआर के मुताबिक एक गोली छात्र के सिर के पास से निकल गई, जबकि दूसरी छाती के पास से गुजरी। छात्र जान बचाने के लिए छात्रावास के अंदर भागा तो पीछे से भी दो गोलियां चलाए जाने का आरोप है। अभियोजन ने इस घटना के पीछे पूर्व निष्कासित छात्र अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर षड्यंत्र किए जाने का आरोप लगाया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने सहअभियुक्तों को गिरफ्तार किया था तथा एक सहअभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त .32 बोर की पिस्टल बरामद किए जाने का उल्लेख केस डायरी में किया गया। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि अभिषेक उपाध्याय निर्दोष है और रंजिश के कारण झूठे तथ्यों के आधार पर उसे मुकदमे में फंसाया गया है। आरोपी घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था और उसके विरुद्ध घटना का षड्यंत्र रचने का कोई ठोस साक्ष्य केस डायरी में उपलब्ध नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि विवेचना के दौरान सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया गया, लेकिन कैमरा काफी दूर होने के कारण फुटेज में घटनाक्रम स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। आरोपी को मौके से गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उसने 3 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण किया था और तभी से जेल में निरुद्ध था। अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि मामले के अन्य सहअभियुक्तों को पूर्व में जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने आरोपी के आपराधिक इतिहास में दर्ज मुकदमों को छात्र आंदोलनों से संबंधित बताते हुए कहा कि किसी भी मामले में उसे दोषसिद्ध नहीं किया गया है।



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भास्कर अपडेट्स: टीवी चैनलों पर 12 मिनट एडवर्टाइजमेंट की सीमा हटेगी, सरकार का फैसला




सरकार ने टीवी चैनलों पर हर घंटे अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन दिखाने की सीमा हटाने का फैसला किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।मंत्रालय ने कहा कि प्रसारण क्षेत्र में हुए बड़े बदलावों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।



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ट्रॉली-बैग की सीक्रेट कैविटी में छिपाई 7 करोड़ की ड्रग: भोपाल रेलवे स्टेशन में पकड़ाया 8.6kg मेथामफेटामाइन-कोकीन, लेडी तस्कर समेत 4 विदेशी अरेस्ट – Bhopal News




राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने भोपाल और ग्रेटर नोएडा में 8.6 किलो ड्रग्स जब्त की है। लेडी तस्कर समेत 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनमें 4 नाइजीरियाई नागरिक शामिल हैं। जब्त ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में कीमत करीब 7.1 करोड़ रुपए आंकी गई है। कार्रवाई में 6.325 किलो मेथामफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा बरामद किया गया। DRI को सूचना मिली थी कि एक महिला तस्कर नई दिल्ली से ट्रेन के जरिए बेंगलुरु जा रही है और सामान में ड्रग्स छिपाकर ले जा रही है। सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने 11 अगस्त को भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर निगरानी शुरू की। संदिग्ध महिला की पहचान के बाद उसे रोककर सामान की तलाशी ली गई। महिला के काले रंग के ट्रॉली बैग में शातिर तरीके से बनाई गई गुप्त कैविटी से ड्रग्स बरामद हुई। ट्रॉली बैग में बनाई थी गुप्त कैविटी DRI अधिकारियों ने महिला के काले रंग के ट्रॉली बैग की तलाशी ली। बैग में ऐसी गुप्त कैविटी बनाई गई थी, जिसमें सामान्य तलाशी के दौरान छिपा सामान आसानी से नजर नहीं आता। कैविटी में छह प्लास्टिक पैकेट रखे थे। सभी पैकेटों को भूरे रंग की टेप से अच्छी तरह लपेटा गया था। DRI अधिकारियों ने मौके पर NDPS फील्ड टेस्टिंग किट से पदार्थ की जांच की। जांच में यह मेथामफेटामाइन पाया गया। सभी छह पैकेटों को तौलने पर कुल 6.325 किलो क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन मिला। DRI ने ड्रग्स जब्त कर महिला को NDPS एक्ट, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया। DRI और CBN ने ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क को पकड़ा महिला से पूछताछ के दौरान DRI को ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी मिली। इसके बाद जांच आगे बढ़ाते हुए ग्रेटर नोएडा में कार्रवाई की गई। महिला से पूछताछ के आधार पर DRI और CBN की टीम ने ग्रेटर नोएडा में सप्लायरों को पकड़ने के लिए कार्रवाई की। टीम ने आरोपियों के ठिकाने पर दबिश दी। अधिकारियों को देखकर वहां मौजूद नाइजीरियाई नागरिकों ने भागने की कोशिश की। उन्होंने खिड़की से कूदकर फरार होने का प्रयास किया। हालांकि, DRI और CBN की टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। 2.242 किलो मेथामफेटामाइन, कोकीन और गांजा मिला ग्रेटर नोएडा में आरोपियों के कब्जे और ठिकाने की तलाशी के दौरान अलग-अलग नशीले पदार्थ बरामद किए गए। टीम को कुल 2.242 किलो क्रिस्टलीय मेथामफेटामाइन, 50 ग्राम कोकीन और 25 ग्राम गांजा मिला। इस कार्रवाई में चार नाइजीरियाई नागरिकों को गिरफ्तार किया गया। भारतीयों को कैरियर बनाकर चला रहा था विदेशी सिंडिकेट DRI के अनुसार, इस कार्रवाई से विदेश से संचालित ऐसे ड्रग सिंडिकेट का खुलासा हुआ है, जो भारतीय नागरिकों को कैरियर के तौर पर इस्तेमाल कर देश में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था। भारतीय नागरिकों के जरिए ड्रग्स की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाई जा रही थी। भोपाल में महिला से बरामदगी और उसके बाद ग्रेटर नोएडा में की गई कार्रवाई से नेटवर्क की कड़ियां सामने आई हैं। DRI का कहना है कि इस ऑपरेशन से विदेशी सिंडिकेट की ड्रग तस्करी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है।



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