Wednesday, June 3, 2026
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अवैध पान-मसाला फैक्ट्री पर छापा, 16.52 लाख का माल जब्त: जाजमऊ में एसटीएफ और खाद्य विभाग की टीम ने की कार्रवाई – Kanpur News


जाजमऊ स्थित फैक्ट्री में छापेमारी करते खाद्य विभाग व एसटीएफ के अधिकारी।

जाजमऊ क्षेत्र में एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित पान मसाला फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान लाखों रुपये का तैयार और कच्चा माल बरामद किया गया। टीम ने फैक्ट्री और उससे जुड़े एक गोदाम को सी

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मौके से बरामद की गई सुपाड़ी, कत्था व एसेंस।

कत्था, सुपाड़ी और एसेंस किया बरामद

सहायक आयुक्त खाद्य संजय प्रताप सिंह ने बताया कि जाजमऊ स्थित फैक्ट्री में बिना वैध लाइसेंस के पान मसाला तैयार किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से करीब 9.20 लाख रुपये मूल्य का पान मसाला, 3.80 लाख रुपये की कटी सुपाड़ी, 56 हजार रुपये का कत्था और 2.96 लाख रुपये मूल्य का एसेंस बरामद किया गया। अधिकारियों ने मौके से पूरे माल को कब्जे में लेकर जब्त कर लिया। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 16.52 लाख रुपये आंकी गई है।

गोदाम में भी मारा छापा

कार्रवाई के बाद टीम ने हरबंस मोहाल स्थित एक गोदाम में भी छापा मारा। हालांकि वहां से कोई आपत्तिजनक सामग्री या स्टॉक बरामद नहीं हुआ। एहतियातन फैक्ट्री और गोदाम दोनों को सील कर दिया गया है। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री से कुनाल गुप्ता नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है और फैक्ट्री संचालन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बरामद उत्पादों के नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे।



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टीकमगढ़: कांग्रेस पार्षद ने स्वच्छता सर्वेक्षण की पोल खोली: नपा कर्मियों ने नाली पर जाली रखी, फोटो खींचे और फिर हटा ली – Tikamgarh News




टीकमगढ़ में नगर पालिका द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच, वार्ड नंबर 6 की कांग्रेस पार्षद पूनम जायसवाल ने नगर पालिका के इस अभियान की पोल खोल दी है। उन्होंने कुछ वीडियो जारी किए हैं, जिनमें स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर दिखावा करने का आरोप लगाया गया है। जारी किए गए वीडियो में वार्ड के गोपाल मंदिर के पीछे एक गली में नगर पालिका के कर्मचारियों को नाली पर जाली रखते हुए देखा गया। जाली रखने के बाद उसकी तस्वीरें ली गईं। फोटोग्राफी पूरी होने के तुरंत बाद, नगर पालिका के कर्मचारी नाली से उस जाली को उठाकर ले गए। पूनम जायसवाल ने आरोप लगाया है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक पाने के लिए फर्जी फोटोशूट किए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस तरह की फर्जी तस्वीरों के आधार पर नगर पालिका कब तक श्रेणी और स्थान प्राप्त करती रहेगी। पार्षद ने यह भी कहा कि फर्जी फाइलें बनाकर खर्च डालने का भ्रष्टाचार शुरू हो गया है। पूनम जायसवाल ने याद दिलाया कि जनता ने नगर पालिका में बदलाव इसीलिए लाया था, क्योंकि पहले से ही यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही थी। उन्होंने इस घटना को ‘बेहद निंदनीय और दुखद’ बताया और कहा कि अधिकारी व परिषद ऐसे सर्वेक्षण कराकर झूठी वाहवाही लूटना चाह रहे हैं। इस मामले में जब सीएमओ ओमपाल सिंह भदोरिया और प्रभारी अध्यक्ष अंजली शर्मा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। कांग्रेस पार्षद द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण की पोल खोलने से नगर पालिका के अधिकारी और प्रभारी अध्यक्ष सकते में आ गए हैं।



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इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर 1 लाख की सहायता मिलेगी: जून में 200 इलेक्ट्रिक बस शुरू होगी, बिहार सरकार ने की महत्वपूर्ण योजनाएं लागू – Patna News




परिवहन विभाग में आज परिवहन मंत्री दामोदर राउत ने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने, सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने, सड़क सुरक्षा मजबूत करने और परिवहन सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। परिवहन विभाग के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य प्रदूषण कम करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026: प्रदूषण कम करने और रोजगार बढ़ाने पर जोर राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति-2026 को मंजूरी दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बिहार में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। सरकार ने वर्ष 2030 तक राज्य में होने वाले नए वाहन पंजीकरणों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इससे न केवल प्रदूषण में कमी आएगी बल्कि ईवी निर्माण, बिक्री और रखरखाव के क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्यमंत्री पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार आर्थिक सहायता भी दे रही है। मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक चार पहिया वाहन खरीदने पर एक लाख रुपये का अनुदान मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग को 10 हजार रुपये और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं मालवाहक इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन खरीदने पर सामान्य वर्ग को 50 हजार और एससी-एसटी वर्ग को 60 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। इससे युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। पूरे राज्य में बढ़ेगा ईवी चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग में आने वाली सबसे बड़ी चुनौती यानी चार्जिंग सुविधा को दूर करने पर भी काम कर रही है। राज्यभर में आधुनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। हाईवे, पेट्रोल पंप, होटल, शॉपिंग मॉल और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में भी चार्जिंग की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। छह शहरों में 400 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार के छह प्रमुख शहरों में कुल 400 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया जाएगा। योजना के पहले चरण में 200 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें इसी महीने सड़कों पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है। इन बसों के परिचालन से शहरी परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित तथा प्रदूषण मुक्त सफर की सुविधा मिलेगी। साथ ही डीजल बसों पर निर्भरता भी कम होगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए चल रही पिंक बस सेवा महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराने के लिए पिंक बस सेवा का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में विभिन्न मार्गों पर 100 पिंक बसें चल रही हैं। इन बसों में सीसीटीवी कैमरा, पैनिक बटन और जीपीएस आधारित लाइव ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके साथ ही महिला चालकों और परिचालकों को रोजगार से जोड़कर महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। पीपीपी मॉडल पर बनेंगे 31 आधुनिक बस टर्मिनल बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पीपीपी मॉडल पर 31 आधुनिक बस पड़ावों का निर्माण कराया जा रहा है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया समेत कई प्रमुख शहरों में बनने वाले इन बस टर्मिनलों पर यात्रियों को आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल सूचना प्रणाली, शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आईटीएमएस से ट्रैफिक व्यवस्था होगी स्मार्ट राज्य में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को तेजी से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में 200 महत्वपूर्ण स्थानों पर इसकी स्थापना की जा चुकी है। अब अगले चरण में 300 और स्थानों को इससे जोड़ा जाएगा। साथ ही सभी 38 जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जा रहे हैं, जहां से ट्रैफिक व्यवस्था की डिजिटल निगरानी की जाएगी। इससे जाम की समस्या कम करने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। ANPR कैमरे करेंगे नियम तोड़ने वालों की पहचान राज्य के प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं। ये कैमरे ओवरस्पीडिंग, रेड लाइट जंपिंग, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों की स्वतः पहचान करेंगे। इसके बाद संबंधित वाहन मालिक को ऑनलाइन ई-चालान भेज दिया जाएगा। इससे सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन दोनों को मजबूती मिलेगी। अब BBPS से आसानी से भर सकेंगे ई-चालान परिवहन विभाग ने ई-चालान भुगतान व्यवस्था को भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) से जोड़ दिया है। इससे वाहन मालिक अपने लंबित चालानों का भुगतान देश के किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर सकेंगे। यह व्यवस्था आरबीआई से मान्यता प्राप्त और पूरी तरह सुरक्षित है, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी बन गई है। सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा कैशलेस इलाज प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। दुर्घटना के बाद के महत्वपूर्ण “गोल्डन ऑवर” में पीड़ितों को चिन्हित अस्पतालों में कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य समय पर उपचार देकर अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना और पीड़ित परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है। परिवहन विभाग की 50 सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन लोगों को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देने के लिए परिवहन विभाग ने 50 सेवाओं को पूरी तरह फेसलेस और ऑनलाइन बना दिया है। अब नागरिक घर बैठे लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण, डुप्लीकेट परमिट और अन्य कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ी है। लोक अदालत में ई-चालान निपटाने पर मिलेगी 50% तक छूट लंबित ई-चालान मामलों के निपटारे के लिए एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026 चलाई जा रही है। इस योजना के तहत लोक अदालत के माध्यम से पुराने मामलों का निपटारा कराने पर चालान राशि में 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। 90 दिनों से अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है। परिवहन विभाग का राजस्व 4,191 करोड़ रुपये पहुंचा मंत्री ने जानकारी दी कि डिजिटल सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्था का असर विभाग की आय पर भी दिखाई दिया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में परिवहन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य का 103 प्रतिशत हासिल करते हुए 4,191 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया है। विभाग का कहना है कि ऑनलाइन और फेसलेस सेवाओं के विस्तार से राजस्व संग्रह की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और पारदर्शी हुई है।



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बारिश में क्यों बढ़ जाती है पकौड़ों की तलब? जानिए इसके पीछे का दिलचस्प जवाब!


Pakoda in Rainy Season : जैसे ही आसमान में काले बादल छाते हैं और बारिश की पहली बूंदें धरती पर गिरती हैं, कई लोगों का मन अचानक गरमा-गरम चाय और कुरकुरे पकौड़ों की ओर खिंचा चला जाता है. भारत में, मॉनसून और पकौड़ों के बीच का रिश्ता इतना गहरा है कि पकौड़ों के बिना बारिश का मौसम अधूरा सा लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर बारिश के मौसम में पकौड़ों की तलब इतनी ज़ोरदार क्यों हो जाती है? इसकी वजह सिर्फ़ स्वाद में ही नहीं, बल्कि विज्ञान और मनोविज्ञान के एक दिलचस्प मेल में छिपी है…

मौसम और मूड के बीच का रिश्ता
बारिश के दौरान माहौल ठंडा और नम हो जाता है. ऐसे मौसम में, शरीर को स्वाभाविक रूप से ऐसे खाने की तलब होती है जो उसे गरमाहट दे. गरमा-गरम पकौड़े (तले हुए पकवान) शरीर को तुरंत गरमाहट का एहसास कराते हैं, यही वजह है कि ऐसे समय में हमारा मन सबसे ज़्यादा इन्हें खाने का करता है.

दिमाग का “कम्फर्ट फ़ूड” वाला असर
वैज्ञानिकों के अनुसार, कुछ खास तरह के खाने हमारे लिए “कम्फर्ट फ़ूड” (आराम देने वाला खाना) का काम करते हैं. पकौड़े , चाय और बारिश का मेल बचपन की यादें ताज़ा कर देता है; परिवार के साथ रेस्टोरेंट में बिताए पुराने पल याद आते हैं और एक सुकून भरा आराम महसूस होता है. जब बारिश होती है, तो दिमाग इन सुखद यादों को फिर से जीना चाहता है, जिससे पकौड़ों की तलब और भी बढ़ जाती है.

बारिश के मौसम में, ताज़े मसालों वाले पकौड़ों की महक और भी ज़्यादा लुभावनी हो जाती है. नम माहौल में, खाने की खुशबू हवा में ज़्यादा देर तक बनी रहती है, जिससे भूख और भी बढ़ जाती है और खाने की इच्छा तेज़ हो जाती है.

ऊर्जा की ज़रूरत
ठंडे और सुहाने मौसम में, शरीर को ज़्यादा ऊर्जा की ज़रूरत महसूस हो सकती है. पकौड़ों में कार्बोहाइड्रेट और फ़ैट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं। यही वजह है कि लोग अक्सर बारिश के मौसम में इन्हें खाना पसंद करते हैं.

क्या रोज़ पकौड़े खाना सेहत के लिए अच्छा है?
हालांकि पकौड़े बेशक बहुत स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन इनमें तेल की मात्रा बहुत ज़्यादा होती है. इसलिए, इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना सबसे अच्छा माना जाता है. आप सेहतमंद विकल्पों को भी चुन सकते हैं, जैसे कि एयर फ़्रायर का इस्तेमाल करना या कम तेल में बनाने के तरीके अपनाना.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



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110 छात्राओं को मिल रहा हुनर और संस्कार का संगम: आत्मरक्षा से कंप्यूटर तक मिलेगा प्रशिक्षण, भारत विकास परिषद का विशेष शिविर शुरू – Dholpur News




धौलपुर में भारत विकास परिषद के महिला प्रकोष्ठ ने पीएम श्री स्कूल बाड़ा हेदरशाह, हरिदेव नगर में पांच दिवसीय संस्कार एवं अभिरुचि शिविर का शुभारंभ किया। यह आयोजन बुधवार को हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जया मोदी थीं, जबकि पदमा झा और वीनस गर्ग विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अतिथियों ने छात्राओं के सर्वांगीण विकास में ऐसे शिविरों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। शिविर की अध्यक्षता करते हुए ममता शर्मा ने बताया कि इसमें कक्षा 6 से 12 तक की लगभग 110 छात्राएं भाग ले रही हैं। दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
रश्मि राव ने आत्मरक्षा, वीनस गर्ग और विजय सिंघल ने नृत्य, पदमा झा ने सिलाई, शिवांश मंगल ने हारमोनियम, शशिकांत और कौशल जैन ने कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया। ग्रेसी मंगल, लवली मंगल और रोहिणी शर्मा ने ब्यूटिशियन कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया। शिविर के दौरान गरिमा गर्ग, डॉ. आकाश अग्रवाल और विकास शर्मा ने प्रतिभागियों के पंजीकरण और अभिलेख संधारण में सहयोग किया। परिषद के जिला समन्वयक जयंत मोदी, प्रांत प्रकल्प प्रभारी राजीव झा, अध्यक्ष मुकेश गर्ग, प्रिंसिपल नरेश जैन, सचिव जितेंद्र शर्मा और वित्त सचिव मनोज भट्ट ने व्यवस्थाओं की निगरानी की। मंच संचालन दिनेश गर्ग ने किया। परिषद अध्यक्ष मुकेश गर्ग ने बताया कि 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर स्कूल में निबंध, पोस्टर और आशु भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पक्षियों के लिए परिंडे लगाए जाएंगे, वृक्षारोपण किया जाएगा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई जाएगी। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।



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OnePlus Nord 6 की कीमत धड़ाम, 12000 रुपये सस्ता मिल रहा 9000mAh बैटरी वाला फोन


OnePlus Nord 6 5G की कीमत में एक बार फिर से कटौती की गई है। वनप्लस का यह फोन हाल ही में लॉन्च हुआ है। इसमें 9,000mAh की दमदार बैटरी, 12GB रैम, 256GB स्टोरेज जैसे फीचर्स दिए गए हैं। वनप्लस के इस फोन की कीमत हाल में 5,000 रुपये बढ़ी है। कंपनी ने फोन की कीमत में हाल ही में इजाफा किया है। अमेजन पर चल रहे सेल में वनप्लस का यह दमदार फोन सस्ते में घर ला सकते हैं।

OnePlus Nord 6 5G पर ऑफर

वनप्लस का यह मिड बजट फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में आता है। इस फोन की शुरुआती कीमत 52,999 रुपये है। अमेजन पर यह फोन 41,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। इसके अलावा 1,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। इस तरह फोन की कीमत में 12,000 रुपये की कटौती की गई है।

OnePlus Nord 6 के टॉप वेरिएंट की कीमत 56,999 रुपये है। अमेजन पर यह फोन 47,999 रुपये में लिस्ट किया गया है। इसके अलावा 1,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिलेगा। वनप्लस के इस मिड बजट फोन के टॉप वेरिएंट की खरीद पर 10,000 रुपये बचाए जा सकते हैं।

OnePlus Nord 6 के फीचर्स

यह फोन 6.78 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले 165Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक की है और इसके प्रोटेक्शन के लिए क्रिस्टल गार्ड ग्लास मिलता है। OnePlus Nord 6 में Qualcomm Snadpragon 8s Gen 4 चिपसेट मिलेगा, जिसके साथ 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज मिलेगा।

वनप्लस के इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 50MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 32MP का कैमरा दिया गया है। फोन में कनेक्टिविटी के लिए Bluetooth, NFC और WiFi जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

इस फोन में 9,000mAh की दमदार बैटरी मिलती है। इसमें 80W फास्ट चार्जिंग दिया गया है। इसके अलावा फोन में IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग मिलती है। फोन Android 16 पर बेस्ड OxygenOS पर काम करता है।

डिस्क्लेमर- फोन की कीमत में उतार-चढ़ाव हो सकती है। यहां ई-कॉमर्स वेबसाइट पर दी गई मौजूदा कीमत बताई गई है।

यह भी पढ़ें – WhatsApp के जरिए अब नहीं हो पाएगा फ्रॉड, Meta टेस्ट कर रहा ऑन-डिवाइस फीचर





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दो चिट्ठियां और कॉमन सिग्नेचर, एक ही विधायक दोनों तरफ! असली TMC कौन?


असली TMC कौन? बंगाल में भी बीजेपी ने शिवसेना जैसी स्क्रिप्ट लिख दी है. टीएमसी नेता कुणाल घोष के कबूलनामे से सियासी भूचाल आ गया है. ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बड़ी टूट हो गई है. विधानसभा अध्यक्ष ने रीताव्रता बनर्जी को विपक्षी नेता का दर्जा दे दिया है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद शुरू हुआ तृणमूल कांग्रेस का अंदरूनी संकट अब एक बेहद पेचीदा और ऐतिहासिक कानूनी लड़ाई में तब्दील हो चुका है. कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और भाजपा ने बंगाल में ठीक वैसा ही ‘खेला’ कर दिया है, जैसा कुछ साल पहले महाराष्ट्र में शिवसेना और एनसीपी के साथ हुआ था. इस बीच, टीएमसी के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने साफ कर दिया है कि ममता बनर्जी की पार्टी अब पूरी तरह दो धड़ों में बंट चुकी है और इसकी अंतिम जंग विधानसभा से लेकर देश की सर्वोच्च अदालत तक लड़ी जाएगी.

कुणाल घोष ने मीडिया से बात करते हुए एक बेहद चौंकाने वाली संगठनात्मक जानकारी साझा की. उन्होंने बताया, ‘हमारे पास जो ताजा जानकारी है, उसके मुताबिक लोकसभा और राज्यसभा सांसदों वाली संसदीय पार्टी को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस की अन्य सभी समितियों और कमेटियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है.’ पार्टी के इस बड़े फैसले को बागियों पर नकेल कसने और संगठन पर ममता बनर्जी का नियंत्रण बनाए रखने की आखिरी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

दो चिट्ठियां और कॉमन सिग्नेचर, एक ही विधायक दोनों तरफ!

बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के पद और असली टीएमसी की दावेदारी को लेकर कानूनी संकट तब गहरा गया जब विधानसभा अध्यक्ष के दफ्तर में दो अलग-अलग दस्तावेज जमा किए गए. कुणाल घोष ने इस विडंबना को उजागर करते हुए कहा कि कानूनी पेंच बहुत फंसा हुआ है. आखिरकार विधानसभा अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष के तौर पर रीताव्रता बनर्जी को मान्यता दे दी.

बंगाल में दावेदारी का खेल

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली मूल टीएमसी ने अपने विधायकों की सूची सौंपी है, तो वहीं बागी धड़े ने खुद को ‘असली तृणमूल’ बताते हुए अपनी अलग सूची और नेता प्रतिपक्ष के नाम का प्रस्ताव दिया है. कुणाल घोष के मुताबिक, ऐसे कई विधायक हैं जिनके हस्ताक्षर ममता बनर्जी कैंप की चिट्ठी पर भी हैं और बागियों के दस्तावेज पर भी मौजूद हैं. यानी एक ही विधायक ने दोनों तरफ दस्तखत कर रखे हैं.

जब कुणाल घोष से पूछा गया कि क्या पार्टी से निकाले गए या बागी नेता प्रतिपक्ष के रूप में काम कर सकते हैं, तो उन्होंने साफ कहा, ‘यह कानूनी रूप से बिल्कुल संभव नहीं है. इन संसदीय और कानूनी बारीकियों की जांच की जाएगी. लेकिन एक बात साफ है कि जो लोग आज विद्रोह कर रहे हैं, वे निर्दलीय उम्मीदवार नहीं थे. वे ममता बनर्जी के चेहरे और पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीतकर आए हैं. पार्टी का फैसला ही सर्वोच्च होगा.”

सुवेंदु अधिकारी का ‘महाराष्ट्र मॉडल’ या कुणाल घोष के दावों में दम?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है, वह सुवेंदु अधिकारी की सोची-समझी रणनीतिक बिसात का हिस्सा है. महाराष्ट्र में जिस तरह एकनाथ शिंदे ने मूल पार्टी के चुनाव चिह्न तीर-कमान और नाम पर दावा ठोक दिया था, ठीक उसी राह पर टीएमसी का बागी धड़ा भी बढ़ता दिख रहा है. बागी विधायकों का तर्क है कि उनके पास दो-तिहाई से अधिक बहुमत है, इसलिए दलबदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law) उन पर लागू नहीं होता और वे ही असली तृणमूल हैं.

सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी की दुखती रग पर हाथ रखा है. वे जानते हैं कि अगर बागी विधायक सीधे भाजपा में शामिल होते हैं, तो उन्हें उपचुनाव का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए, उन्हें तकनीकी रूप से टीएमसी के भीतर ही रखकर एक अलग धड़ा बनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि ममता बनर्जी कानूनी पचड़ों में उलझकर कमजोर हो जाएं.



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राजधानी में अवैध निर्माणों पर कड़ा एक्शन लेने के निर्देश: एलजी संधू की एमसीडी कमिश्नर के साथ हाई-लेवल मीटिंग; सीएसआर से बदलेंगे पार्क – New Delhi News




दिल्ली में नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देने के लिए उपराज्यपाल (एलजी) तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में एलजी ने एमसीडी कमिश्नर संजीब खिरवार को साफ लहजे में हिदायत दी कि राजधानी में बिल्डिंग बायलॉज (भवन निर्माण उपनियमों) का सख्ती से पालन कराया जाए। एलजी ने दिल्ली में लगातार बढ़ रहे अवैध निर्माणों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अवैध निर्माण पर समयबद्ध रणनीति, एलजी संधू ने कमिश्नर को अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने का आदेश दिया, ताकि साकेत और मालवीय नगर जैसे हादसों को टाला जा सके। प्रदूषण व डी-सिल्टिंग पर जोर
नालियों की डी.सिल्टिंग, आगामी मानसून को देखते हुए स्टॉर्म वॉटर ड्रेन की सफाई का काम युद्ध स्तर पर पूरा करने को कहा गया है, ताकि दिल्ली को जलभराव से बचाया जा सके। धूल प्रदूषण पर लगाम, दिल्ली की आबोहवा सुधारने के लिए टूटी सड़कों और फुटपाथों की तत्काल मरम्मत करने तथा कचरा उठान प्रक्रिया को और तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। पीएम-उदय योजना को रफ्तार, अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक देने वाली पीएम.उदय योजना की प्रगति तेज करने को कहा गया है। सीएसआर मॉडल से संवरेंगे दिल्ली के पार्क
बैठक में दिल्ली के सार्वजनिक पार्कों के कायाकल्प के लिए एक नया सहभागी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत कॉर्पोरेट जगत के सहयोग से दिल्ली के पार्कों को हरा.भराए सुंदर और सुरक्षित बनाया जाएगा। दिल्ली के नागरिकों को एक गरिमापूर्ण और सुरक्षित जीवन प्रदान करना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। अवैध निर्माणों और नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।



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45 साल आई वो फिल्म, रिलीज होते ही निकली हिट, रीमेक हुई मैसिव हिट, बनी आइकॉनिक मूवी


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भारतीय संस्कृति में शादी के बंधन को सबसे पवित्र माना गया है. यह दो आत्माओं का मिलन है. शादी सात जन्मों का बंधन है. अगर कोई जोड़ा शादी के बंधन में बंध गया तो फिर यह मायने नहीं रखता कि उनका अतीत क्या था. ‘तलाक’ भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. इन्हीं बातों को आधार बनाकर बॉलीवुड में कई फिल्में बनाई गई हैं. 45 साल पहले ऐसी ही एक फिल्म रिलीज हुई थी. इसी मूवी से मिलती-जुलती एक और फिल्म 16 साल बाद बनाई गई. दूसरी फिल्म और ज्यादा पॉप्युलर हुई. गीत-संगीत, कहानी की प्रस्तुति सबकुछ बेजो‌ड़ था.

भारतीय समाज में आज भी अरेंज मैरिज का चलन है. शादी का बंधन अटूट होता है. ‘तलाक’ भारतीय संस्कृति का हिस्सा नहीं है. इसी मान्याता को आधार बनाकर 23 जून 1983 को एक फिल्म रिलीज हुई थी. यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी. यह अनिल कपूर की पहली ऐसी फिल्म थी जिसमें वो लीड रोल में थे. इसी फिल्म की कहानी को नए अंदाज में 16 साल बाद दर्शकों के सामने पेश किया गया. दूसरी मूवी मैसिव हिट रही. दोनों फिल्मों की गिनती आइकॉनिक मूवी में होती है. ये फिल्में थीं : वो सात दिन और हम दिल दे चुके सनम. दोनों फिल्मों का फ्लॉट एक जैसा था.

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सबसे पहले बात करते हैं ‘वो सात दिन’ की जिसमें अनिल कपूर-पद्मिनी कोल्हापुरे लीड रोल में थे. फिल्म में नसीरुद्दीन सिद्दीकी ने भी अहम भूमिका निभाई थी. ‘वो सात दिन’ एक तमिल मूवी का रीमेक थी जिसका डायरेक्शन के. भाग्यराज ने किया था. जैनेंद्र जैन ने फिल्म के डायलॉग लिखे थे. डायरेक्टर बापू थे. प्रोड्यूसर बोनी कपूर-सुरेंद्र कपूर थे. सुरेंद्र कपूर अभिनेता अनिल कपूर के पिता थे. फिल्म में म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. गीतकार आनंद बख्शी थे.

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फिल्म के दो गाने ‘मेरे दिल से दिल्लगी ना कर’ और ‘प्यार किया नहीं जाता हो जाता है’ खूब पॉप्युलर हुए थे. अनिल कपूर के पिता सुरेंद्र कपूर प्रोड्यूसर थे. हालांकि उन्हें फिल्मों में खूब घाटा ही हुआ. भाई बोनी कपूर हर हाल में अनिल कपूर को अभिनेता बनाना चाहते थे. बोनी और अनिल कपूर भाग्यराज की फिल्म के राइट्स खरीदने के लिए चेन्नई गए लेकिन पैसे कम पड़ गए. ऐसे में बोनी कपूर ने संजीव कुमार को फोन मिलाया. वो उन दिनों चेन्नई में एक शूटिंग के सिलसिले में थे. शबाना आजमी से भी पैसे उधार लिए. इस तरह से के. भाग्यराज की तमिल फिल्म के राइट्स खरीदकर उसे हिंदी में ‘वो सात दिन’ के नाम से बनाया गया. इस फिल्म ने अनिल कपूर की किस्मत चमका दी.

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मनमोहन देसाई ने तो अनिल कपूर से खुलकर कहा था वो कभी हीरो नहीं बन पाएंगे. उस समय की कई एक्ट्रेस ने अनिल कपूर के साथ काम करने से इनकार कर दिया था. पद्मिनी कोल्हापुरे को बोनी कपूर ने प्रेमरोग से पहले साइन किया था. वो रातोंरात स्टार बन गईं. मुश्किल से उन्होंने ‘वो सात दिन’ के लिए डेट्स निकालीं. अनिल कपूर ने उन्हें खूब मनाया. रोज घर से उनके लिए सेट पर टिफिन लेकर आते थे. फिल्म में बेबी सुचिता ने नसीरुद्दीन सिद्दीकी की बेटी का रोल निभाया था.

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फिल्म में अनिल कपूर का नाम ‘प्रेम प्रताप सिंह पटियावाला वाले’ था. उनका यह नाम खूब पॉप्युलर हुआ. मजेदार बात यह है कि ‘वो सात दिन’ सावन कुमार की ‘लैला’ और यश चोपड़ा की ‘मशाल’ के बाद शुरू हुई थी लेकिन दोनों ही फिल्मों से पहले रिलीज हो गई थी. फिल्म में सतीश कौशिक ने भी एक रोल निभाया था. बोनी कपूर ने उन्हें 201 रुपये में साइन किया था. अनिल कपूर के कहने पर 300 रुपये सतीश कौशिक को और दिए गए थे. उनका मंदिर के पास एक सीन था. इस सीन को सतीश कौशिक अपने लिए लकी समझते थे. उनकी किस्मत भी इस मूवी से चमक उठी. फिल्म का टाइटल पलले ‘संजोग’ था जिसे बदलकर ‘वो सात दिन’ किया गया. 60 लाख के बजट में बनी इस फिल्म मे 1.8 करोड़ का बिजनेस किया था. यह उस साल की 24वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी.

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‘वो सात दिन’ की रिलीज होने के 16 साल बाद 1999 में इसी फिल्म का रीमेक संजय लीला भंसाली ने बनाया. यह फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ थी. ‘हम दिल दे चुके सनम’ फिल्म का प्लॉट ‘वो सात दिन’ से इंस्पायर्ड था. यह भी एक संयोग ही है कि ‘वो सात दिन’ 23 जून 193 को रिलीज हुई थी तो सलमान खान-ऐश्वर्या राय और अजय देवगन स्टारर ‘हम दिल दे चुके सनम’ 18 जून 1999 को सिनेमाघरों में आई थी.

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डायरेक्टर-प्रोड्यूसर संजय लीला भंसाली थे. म्यूजिक इस्माइल दरबार का था. गीतकर महबूब थे. स्क्रीनप्ले संजय लीला भंसाली ने जबकि डायलॉग अमरीक गिल ने लिखे थे.इस आइकॉनिक फिल्म की चर्चा इसलिए भी खूब होती है क्योंकि इसी मूवी की शूटिंग के दौरान ऐश्वर्या राय-सलमान खान के बीच नजदीकियां बढ़ीं. दोनों का प्यार परिवान चढ़ा. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त दर्शन किया.

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फिल्म का म्यूजिक बेहतरीन था. फिल्म के पॉप्युलर गाने थे : चांद छुपा बादल में, निम्बूड़ा-निम्बूड़ा, आंखों की गुस्ताखियां माफ हो, ढोली तारो. डायरेक्टर भंसाली और इस्माइल दरबार ने पूरे दो साल की मेहनत के बाद म्यूजिक तैयार किया था. यह फिल्म ऐश्वर्या राय को कैसे मिली, इसका किस्सा भी दिलचस्प है. राजा हिंदुस्तानी (1996) की स्क्रीनिंग में हिस्सा लेने संजय लीला भंसाली पहुंचे थे. ऐश्वर्या राय भी इस ईवेंट में पहुंची थीं. उन्होंने भंसाली से कहा कि आपकी ‘खामोशी : द म्यूजिकल’ फिल्म अच्छी थी. भंसाली ऐश्वर्या से प्रभावित हुए और उन्हें नंदिनी का रोल दे दिया.

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सलमान खान की इस फिल्म में उनकी सौतेली मां हेलेन भी नजर आई थीं. सिंगर केके ने फिल्म का सबसे दर्द भरा गाना ‘तड़प तड़प’ सुबह 4 बजे स्टूडियो में रिकॉर्ड किया था. ऐश्वर्या राय को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था. फिल्म को चार नेशनल अवॉर्ड मिले थे. फिल्म ने बेस्ट मूवी, डायरेक्टर, एक्ट्रेस, प्लेबैक सिंगर मेल, आर्ट डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफर, कोरियोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर समेत 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते थे. 16 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 51 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक मैसिस हिट फिल्म साबित हुई थी. फिल्म की गिनती आज बॉलीवुड की आइकॉनिक मूवी में होती है.

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ऐश्वर्या राय और सलमान खान की लव स्टोरी स्क्रीन के अलावा रियल लाइफ में चल रही थी. ऐश्वर्या राय ने
सलमान खान को मोस्ट गॉर्जियस मैन भी बताया था. सार्वजनिक मंच से सलमान खान के सामने ‘मेरी सांसों में बसा है, एक तेरा ही नाम’ सॉन्ग भी गुनगुनाया था. फिर इस खूबसूरत जोड़ी को दुनिया की नजर लग गई. दोनों ने बीच ऐसे विवाद में जन्म लिया जो बॉलीवुड की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सी बन गई. कहा जाता है कि ऐश्वर्या राय सलमान खान के पजेसिव नेचर से परेशान थीं. 2002 में एक इंटरव्यू में ऐश्वर्या ने पर मारपीट का आरोप भी लगाया था. सलमान खान से ब्रेकअप के बाद ऐश्वर्या राय का नम विवेक ओबेरॉय के साथ जोड़ा गया. बाद में ऐश्वर्या राय ने अभिषेक बच्चन से शादी रचा ली.

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गुजरात MLA का स्टीकर लगाकर उत्तराखंड में तोड़ा ट्रैफिक नियम: रोकने पर बोला- पापा विधायक हैं, पुलिस ने काटा ₹500 का चालान – Chamoli News




चारधाम यात्रा पर जा रही एक स्कॉर्पियो पर ‘MLA GUJARAT’ का स्टीकर लगाकर चल रहे युवकों के खिलाफ चमोली पुलिस ने कार्रवाई की। वाहन को चेकिंग के दौरान रोका गया तो ड्राइवर सीट पर बैठे युवक ने खुद को गुजरात के एक विधायक का बेटा बताया। ट्रैफिक इंस्पेक्टर के अनुसार वाहन के शीशों पर गहरी काली (जेट ब्लैक) फिल्म लगी हुई थी, जो मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है। इसके बाद पुलिस ने वाहन का ₹500 का चालान किया। स्कॉर्पियो में सात लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। सभी चारधाम यात्रा पर जा रहे थे। पुलिस ने मौके पर वाहन से स्टीकर हटवाया और शीशों पर लगी काली फिल्म भी उतरवाई। चालान जमा करने के बाद वाहन को आगे जाने की अनुमति दी गई। गाड़ी में विधायक नहीं, फिर भी लगा था MLA का स्टीकर पुलिस के मुताबिक चेकिंग के दौरान वाहन में कोई विधायक मौजूद नहीं था। पूछताछ में चालक ने खुद को विधायक का बेटा बताया। इसके बावजूद वाहन पर विधायक का स्टीकर लगा हुआ था। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान स्टीकर हटवाकर वाहन को नियमों के अनुरूप किया। पुलिस ने कहा- कानून सभी के लिए समान चमोली पुलिस ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है, चाहे कोई भी व्यक्ति किसी भी राज्य या पद से जुड़ा हो।



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