Sunday, August 9, 2026
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23 फीट लंबा कांवड़ आकर्षण बना: कंधे पर लेकर निकले श्रद्धालु; भोलेनाथ के जयकारे लगे – Uttar Pradesh News




गाजियाबाद के निवाड़ी से शिवभक्त 23 फीट लंबी कांवड़ लेकर निकले । मेरठ में 23 फीट लंबी कांवड़ राहगीरों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कई लोग इस भव्य दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।



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‘मेरे साथ कटप्पा जैसी गद्दारी हुई, वरना कृष्ण-अर्जुन साथ रहते’: तेज प्रताप यादव बोले- मेरी कहानी बाहुबली फिल्म जैसी, काजल ने किया पवन सिंह से प्यार का इजहार – Patna News




लालू परिवार से अलग होने के बाद तेज प्रताप यादव का एक बार फिर दर्द छलका है। भोजपुरी रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ के नए प्रोमो में तेज प्रताप ने अपने साथ हुए कथित धोखे की तुलना फिल्म ‘बाहुबली’ की कहानी से की है। उन्होंने कहा कि उनकी जिंदगी में भी एक ‘कटप्पा’ था, जिसने उनके साथ गद्दारी की। रियल लाइफ के बारे में बताते हुए उन्होंने खुद को बाहुबली बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ होता तो कृष्ण और अर्जुन साथ रहते। वहीं, उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत के साथ एक वीडियो शेयर किया और लिखा कि ‘कुछ बड़ा आने वाला है, राज से पर्दा बहुत जल्द उठेगा।’ शो के दूसरे नए प्रोमो में भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी शो में पावरस्टार पवन सिंह से अपने प्यार का इजहार करती नजर आ रही हैं। पिछले दिनों काजल ने पवन सिंह पर ही जबरदस्ती किसिंग सीन करवाने का आरोप लगाया था। तेज प्रताप यादव की कहानी बाहुबली फिल्म जैसी तेज प्रताप यादव ने रियलिटी शो भोजपुरी बवाल के एक नए प्रोमो में कई बातें कहते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘जो बाहुबली फिल्म में स्टोरी है। वही मेरे साथ रियल लाइफ में हुई है। उन्होंने कहा कि फिल्म ‘बाहुबली’ में जो कहानी दिखाई गई है, वैसी ही कहानी उनकी जिंदगी की भी है। मैं बाहुबली था और मेरे साथ कटप्पा जैसी गद्दारी हुई है। इसी कारण नई पार्टी बनी है। कट्टप्पा बाहुबली को मारने में लगा हुआ है। वरना कृष्ण अर्जुन साथ में रहते। उन्होंने कहा, ‘पार्टी पर ऐसे लोगों ने शुरू से ही कब्जा कर लिया था। सबको सब पता है। किसी का आंख या मुंह बंद नहीं है। लोग सब देख रहे हैं। मल्लिका शेरावत के साथ जल्द कुछ बड़ा लेकर आयेंगे तेज प्रताप तेज प्रताप यादव ने बॉलीवुड अभिनेत्री मल्लिका शेरावत के साथ एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें मल्लिका उन्हें ब्लेजर पहनाती हुई नजर आ रहीं हैं। इसके कैप्शन में तेज प्रताप लिखते हैं- ‘कमिंग सून… कुछ बहुत बड़ा आने वाला है। बहुत जल्द पूरे देश और पूरे एशिया को कुछ नया देखने को मिलने वाला है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मल्लिका शेरावत के साथ हमारा कुछ खास आने वाला है। फिलहाल यह एक सस्पेंस है। इसलिए दिल थाम कर बैठिए और चेहरे पर ज्यादा बेचैनी मत लाइए। बस कुछ दिन का इंतजार। 1 से 10 तक गिनती शुरू कर लीजिए, बाकी राज से पर्दा बहुत जल्द उठेगा।’
काजल राघवानी ने किया पवन सिंह से अपने प्यार का इजहार ‘भोजपुरी बवाल’ के दूसरे प्रोमो में काजल राघवानी भी पवन सिंह से अपने प्यार का इजहार करते नजर आ रही हैं। वीडियो में पवन सिंह काजल राघवानी से पूछते हैं, ‘जीवन में आपको प्यार कब हुआ था?’ इस पर काजल बोलती है, ‘आप से ही हुआ था।’ फिर जब पवन पूछते हैं, ‘आप इतनी दुबली क्यों हो गई हैं? काजल अपने उंगली से आंखों को दिखाते हुए इशारा करती हैं। फिर कहा, ‘आपका प्यार और आशीर्वाद मिल गया तो क्या प्रॉब्लम है।’ फिर पवन बोलते हैं, ‘उतना नहीं है।’ इस पर काजल बोलती है, ‘नहीं देंगे क्या।’ पवन सिंह पर जबरदस्ती किसिंग सीन करवाने का लगाया आरोप इससे पहले काजल ने पवन सिंह पर आरोप लगाया था कि किसिंग सीन करने से मना करने पर वह सेट छोड़कर चले गए थे। उन्होंने प्रोमो में रानी चटर्जी ने कहा, ‘पवन जी का तुमको पता ही है। वहां पर वो किसिंग सीन हुआ था, जबरदस्ती करवाया। उसके बाद मैंने मना किया तो सेट छोड़कर चले गए।’ उन्होंने दावा किया कि उन्होंने इसका विरोध किया था, जिसके बाद सेट पर माहौल बदल गया। काजल आगे कहतीं हैं, ‘मैंने सबकी रिस्पेक्ट की है, लेकिन कोई रिस्पेक्ट के लायक नहीं है।’ तेज प्रताप ने गाय दुहा, गन्ने का जूस निकाला इससे पहले के प्रोमो वीडियो में तेजप्रताप यादव गोपालगंज के फुलवारिया गांव में साइकिल चलाते नजर आए। उनका स्वागत करने के लिए भीड़ जुट लग जाती है। तेज प्रताप कहते हैं, ‘यहां जलवा है हमारा।’ उन्होंने गन्ना का जूस निकाला और गाय का दूध भी। इसके बाद वह पान खाते हैं और फिर खुद से गन्ने का जूस निकाल कर पीते हैं। अपने पैतृक गांव में तेजप्रताप थोड़े भावुक भी दिखे, जब उनसे घर से अलग रहने को लेकर सवाल हुआ। तेज प्रताप कहते हैं कि हर बेटा चाहता है कि अपने पिता की तरह आगे बढ़े, नाम कमाए। उन्होंने कहा, जब विधाता ने यही लिखा है तो यही सही। वहीं लालू यादव की तरह दिखने की बात पर उन्होंने खुशी से कहा, ये तो अच्छी बात है। हर बेटा अपने पिता की तरह ही दिखना और बनना चाहता है। काजल-आम्रपाली के बीच तकरार शो के दूसरे प्रोमो में भोजपुरी इंडस्ट्री की दो अभिनेत्री काजल राघवानी और आम्रपाली दुबे के बीच विवाद दिखाई देता है। काजल जिम में वर्कआउट के दौरान रानी चटर्जी को अपना दुख सुना रही हैं। वह कहती हैं कि आम्रपाली मुझे बोला एक गाना है, आपका और दिनेश जी का। वो मेरे ऊपर फिल्माया जा रहा था। बाद में पता चला कि गाना उसके ऊपर शिफ्ट हो गया। काजल के आरोपों पर आम्रपाली अपना पक्ष रखती हैं। इस दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होती है। दिनेश ने काजल को लेकर कहा- आप इसी के लायक हो दूसरी ओर आम्रपाली दुबे और दिनेश लाल यादव गाड़ी में वीडियो कॉल पर बात करते दिखते हैं। दिनेश बोलते हैं कि ‘वो (काजल) कुछ भी बकवास करती है।’ दिनेश ने आम्रपाली दुबे से कहते हैं, “जब तुम खेसारी के साथ लगातार शूटिंग कर रही थीं, तब तुम्हारे लिए भी लोग यह बोलते थे। तो क्या तुमने ऐसा किया?” आम्रपाली इस पर काजल राघवानी की मिमिक्री करते हुए कहती हैं, ‘नहीं-नहीं मैंने तो कभी किसी को नहीं निकलवाया।’ मेरे पास कोई राजनेता नहीं, मैं अकेली चल रही हूं- काजल राघवानी इस प्रोमो में काजल कहती है कि, “मेरे पास ना तो कोई राजनेता है और ना ही नेता है, मैं अकेली ही चल रही हूं।” उधर दिनेश वीडियो कॉल पर आम्रपाली से काजल राघवानी के लिए बोलते हैं कि उनका यही इल्जाम है ना, हम उन्हें फिल्म से निकाल देते हैं। तो आप इसी के लायक हो।” ‘आउटसाइडर’ कहे जाने पर छलका काजल का दर्द काजल राघवानी ने इंस्टाग्राम पर एक नोट भी शेयर किया है। उन्होंने दावा किया है कि उन्हें बार-बार यह अहसास दिलाया जाता है कि वह एक आउटसाइडर हैं। काजल ने इंस्टा पर लिखा- ‘मैं गुजराती हूं। मैं बाहरी हूं। मैं रो-रोकर काम मांगती हूं या सहानुभूति ले रही हूं। दर्शकों से ये जितना मैंने नहीं बोला, उससे ज्यादा मुझे सुनाया गया या कुछ दिनों में महसूस करवाया गया। उसके लिए बस इतना कहूंगी कि अगर मैंने कहीं बोला है तो ये कहा है ये मेरी कर्म भूमि है।’ उन्होंने लिखा, ‘मुझे लगता है कि मैं यहीं की हूं। यहां हर चीज अपनी है।’ काजल राघवानी ने आगे लिखा, ‘16 साल भोजपुरी इंडस्ट्री में काम करके एक बात कहूंगी कि अगर मैंने यहां की जनता या यहां की मिट्टी को, यहां की धरती को या इंडस्ट्री को अपनाया नहीं होता, अपना नहीं माना होता तो इतने साल से इंडस्ट्री में हूं, वह रह ही नहीं पाती। ना कोई मुझे काम देता।‘ काजल ने सहानुभूति हासिल करने के आरोपों पर नाराजगी जताई काजल ने ‘आउटसाइडर’ कहे जाने और सहानुभूति हासिल करने के आरोपों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा, ‘मुझे ये सुनाना बंद करिए कि मैं गुजराती हूं। आउटसाइडर का विक्टिम कार्ड प्ले कर रही हूं या सहानुभूति हासिल करके काम ले रही हूं। रो-रो कर वो भी। मैं तो नहीं मान रही, लेकिन मुझे ये अब महसूस जरूर करवाया जा रहा है, क्योंकि आप लोग यूपी बिहार से हैं।’



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खमरिया में लगातार हो रही तेंदुए की मूवमेंट: कॉलेज और गुरुद्वारे के पास आया नजर; वीडियो वायरल होने से रिहायशी इलाके में दहशत – Jabalpur News




जबलपुर के खमरिया क्षेत्र और आसपास के रिहायशी इलाकों में तेंदुआ लगातार नजर आ रहा है। इससे स्थानीय लोगों में डर बना हुआ है। घनी आबादी और सार्वजनिक जगहों के पास तेंदुआ दिखने से लोग अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द ट्रेंकुलाइज कर पकड़ने की मांग की है। 27 जुलाई को कॉलेज के पास सड़क पर दिखा था तेंदुआ तेंदुआ पहली बार 27 जुलाई को सुबह करीब 4 बजे दिखाई दिया था। ओएफके (OFK) कॉलेज के पास सड़क पर एक महिला ने अचानक तेंदुए को घूमते देखा। सामने तेंदुआ देखकर महिला घबरा गई और वहां से अपनी जान बचाकर वापस लौट गई। गुरुद्वारे की बाउंड्रीवॉल के पास फिर आया नजर इसके कुछ दिन बाद 5 अगस्त की रात ईस्टलैंड गुरुद्वारे की बाउंड्रीवॉल के पास फिर तेंदुआ दिखाई दिया। तेंदुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आसपास के लोगों की चिंता और बढ़ गई। सुबह घूमने निकलने वाले लोगों और रात में ड्यूटी से लौटने वाले कर्मचारियों में भी डर बना हुआ है। वन विभाग की सलाह: पास जाकर वीडियो न बनाएं स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि तेंदुआ दिखने पर घबराएं नहीं और उसके पास जाकर वीडियो बनाने की कोशिश न करें। तुरंत किसी सुरक्षित जगह पर चले जाएं और वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और पालतू मवेशियों को सुरक्षित बाड़े में रखने की भी सलाह दी है।



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नेपाल PM बालेन सोमवार को पहले भारतीय राजदूत से मिलेंगे: बाद में चीन के दूत से बात होगी, अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से वन-टू-वन बैठक




नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह सोमवार को सबसे पहले भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे चीन के राजदूत झांग माओमिंग से बातचीत करेंगे। मंगलवार को शाह अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी स्कॉट अर्बोम से वन-टू-वन बैठक करेंगे। काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री बनने के बाद यह पहली बार होगा, जब बालेन किसी विदेशी राजदूत से अकेले में मुलाकात करेंगे। इससे पहले वे विदेशी राजदूतों के साथ सामूहिक बैठकों को प्राथमिकता देते रहे हैं।। एक ही दिन भारत और चीन के राजदूतों से बैठक के बाद अगले दिन अमेरिकी अधिकारी से बातचीत होगी। इन बैठकों में नेपाल के इन तीनों देशों के साथ रिश्तों और मौजूदा मुद्दों पर बात होने की संभावना है। दो हफ्ते पहले होनी थी मुलाकात, हिंसा के बाद टली शाह की इन राजदूतों से मुलाकात करीब दो हफ्ते पहले ही तय थी। लेकिन सुनसरी और दूसरे जिलों में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद कार्यक्रम टाल दिया गया था। अब सरकार ने फिर से इन मुलाकातों का कार्यक्रम बनाया है। प्रधानमंत्री के एक सलाहकार के मुताबिक, दोनों देशों के दूतावासों को मुलाकात का समय बता दिया गया है। शाह पहले अकेले में मुलाकात से बचते रहे प्रधानमंत्री बनने के बाद शाह ने विदेशी राजदूतों और बड़े विदेशी अधिकारियों से अलग-अलग मुलाकात नहीं करने का तरीका अपनाया था। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी दूतावास की कई मुलाकात की रिक्वेस्ट भी नहीं मानीं। इनमें अमेरिका के दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री समीर पॉल कपूर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूत सर्जियो गोर से मुलाकात शामिल थी। अमेरिकी विदेश विभाग की पब्लिक डिप्लोमेसी की अंडर सेक्रेटरी सारा बी. रोजर्स भी नेपाल दौरे पर आई थीं, लेकिन शाह से उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बजाय शाह ने काठमांडू में तैनात कई देशों के राजदूतों के साथ साथ बैठकर बैठकें की थीं। ऐसी बैठकें 9 अप्रैल और 26 मई को हुई थीं। अकेले विदेशी राजदूतों से क्यों नहीं मिलते थे बालेन? बालेन की राजदूतों के साथ सामूहिक बैठक करने की नीति को नेपाल के कई राजनयिकों और विदेश नीति के जानकारों ने अच्छा कदम बताया था। उनका मानना था कि सभी राजदूतों से एक साथ मिलने पर किसी एक देश को ज्यादा तवज्जो देने का संदेश नहीं जाता। इससे नेपाल सभी देशों के साथ बराबरी का व्यवहार करता दिखता था और बातचीत भी ज्यादा साफ तरीके से होती थी। हालांकि, बाद में बालेन ने नेपाल के घरेलू मामलों से जुड़े लोगों से अलग-अलग मुलाकातें शुरू कर दीं। ऐसे में विदेशी राजदूतों के साथ भी पहले वाली सामूहिक बैठक की नीति को लंबे समय तक जारी रखना मुश्किल हो गया। 100 दिन बाद बालेन ने बदला अपना तरीका शाह की सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद उनके राजनीतिक सलाहकार आसिम शाह और दूसरे सलाहकारों ने उन्हें देश के अंदर भी अलग-अलग लोगों से मिलने की सलाह दी। इनमें कारोबारी, मीडिया से जुड़े लोग, ठेकेदार और दूसरे बड़े लोग शामिल थे। इसके साथ ही काठमांडू में तैनात विदेशी राजदूतों से भी अलग-अलग मुलाकात शुरू करने की तैयारी हुई। हाल के हफ्तों में शाह का तरीका बदला हुआ नजर आया है। वे अब अलग-अलग लोगों से मिलकर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने मधेश के राजनीतिक दलों और सांसदों के साथ बैठकें की हैं। इसके अलावा कारोबारियों, ठेकेदारों, उद्योगपतियों और निर्यातकों से भी अलग-अलग मुलाकात की है। अब विदेशी राजदूतों से वन-टू-वन मुलाकात भी इसी बदले हुए तरीके का हिस्सा मानी जा रही है।



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हरी मटर और नरम मशरूम से बनती है एक परफेक्ट टेस्टी डिश, नोट कीजिये ये खास रेसिपी


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मटर मशरूम एक लोकप्रिय उत्तर भारतीय सब्जी है. इसे घर पर रेस्टोरेंट जैसा स्वाद देने के लिए सही मसालों और विधि का पालन करें. यह रोटी, नान या जीरा राइस के साथ स्वादिष्ट लगती है. तो इसे जरूर ट्राई कीजिये.

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हरी मटर और नरम मशरूम से बनती है एक परफेक्ट टेस्टी डिश,नोट कीजिये ये खास रेसिपीZoom

स्वाद और सेहत से भरपूर बनाइए मटर मशरूम रेसिपी. Image AI

मटर मशरूम एक स्वादिष्ट, पौष्टिक और लोकप्रिय उत्तर भारतीय सब्जी है. हरी मटर की मिठास और मशरूम की नरम बनावट का मेल इस डिश को खास बनाता है. यह सब्जी रोटी, पराठा, नान या जीरा राइस के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. यदि इसे सही मसालों और सही तरीके से पकाया जाए, तो यह रेस्टोरेंट जैसा स्वाद घर पर ही दे सकती है.

सामग्री

250 ग्राम मशरूम (धोकर कटे हुए)
1 कप हरी मटर
2 मध्यम आकार के प्याज (बारीक कटे हुए)
2 टमाटर (प्यूरी बनाए हुए)
1 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
2 बड़े चम्मच तेल या घी
1 तेजपत्ता
½ छोटा चम्मच जीरा
½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
½ छोटा चम्मच गरम मसाला
¼ छोटा चम्मच कसूरी मेथी
2 बड़े चम्मच ताजा क्रीम
नमक स्वादानुसार
हरा धनिया सजाने के लिए

बनाने की विधि

  • सबसे पहले मशरूम को अच्छी तरह धोकर मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें. यदि ताजी मटर उपलब्ध न हो तो फ्रोजन मटर का भी उपयोग किया जा सकता है.
  • अब एक कड़ाही या पैन में तेल गरम करें. तेल गरम होने पर जीरा और तेजपत्ता डालें. जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर लगभग एक मिनट तक पकाएं.
  • अब टमाटर की प्यूरी डालें और अच्छी तरह मिलाएं. इसमें हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालें. मसाले को तब तक भूनें जब तक तेल अलग न दिखाई देने लगे. यही स्टेप सब्जी के स्वाद को निखारता है.
  • अब मटर डालकर 2 से 3 मिनट तक पकाएं. इसके बाद कटे हुए मशरूम डालें और मसाले में अच्छी तरह मिला दें. मशरूम पकने पर अपना पानी छोड़ते हैं, इसलिए शुरुआत में अतिरिक्त पानी डालने की आवश्यकता नहीं होती.
  • ढक्कन लगाकर 5 से 7 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं. जब मशरूम और मटर नरम हो जाएं, तब आवश्यकता अनुसार आधा कप गर्म पानी डालें और 3 से 4 मिनट तक उबलने दें.
  • अंत में गरम मसाला और कसूरी मेथी हाथ से मसलकर डालें. यदि आप रिच और क्रीमी स्वाद चाहते हैं, तो क्रीम भी मिला सकते हैं. सब्जी को एक मिनट और पकाकर गैस बंद कर दें.

तैयार मटर मशरूम को हरे धनिये से सजाएं. गरमागरम रोटी, बटर नान या जीरा राइस के साथ परोसें. यह स्वादिष्ट सब्जी घर के खाने में रेस्टोरेंट जैसा स्वाद जोड़ देती है. सही मसालों और संतुलित ग्रेवी के साथ बनी मटर मशरूम की यह रेसिपी परिवार और मेहमानों को जरूर पसंद आएगी. तो इसे जरूर बनाकर ट्राई करें.



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गुरुग्राम में विधायक का फाइव स्टार लग्जरी कांवड़ शिविर: वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर एसी टेंट, अलग-अलग शहरों का 56 भोग, सीएम सैनी ने की सराहना – gurugram News




दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर स्थित धनचिरी कैंप में आयोजित भव्य श्री शिव कांवड़ सेवा शिविर इन दिनों अपनी अनूठी और अत्याधुनिक व्यवस्थाओं के चलते देशभर में चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुकेश शर्मा पहलवान द्वारा संचालित यह शिविर आम पंडालों से बिल्कुल अलग है। यह फाइव स्टार कांवड शिविर केदारनाथ की थीम पर बनाया गया है। इसे देश का पहला ऐसा ‘फाइव स्टार लग्जरी कांवड़ शिविर’ कहा जा रहा है, जहां शिवभक्तों की सेवा के लिए ऐसी हाई-टेक और आरामदायक सुविधाएं जुटाई गई हैं, जो अमूमन बड़े फाइव स्टार होटलों में देखने को मिलती हैं। यहां खानपान से लेकर उमस, गर्मी और अचानक होने वाली बारिश से कांवड़ियों को बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। वाटरप्रूफ जर्मन हैंगर एयर कंडिशनर टेंट इस फाइव स्टार कांवड़ शिविर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे के किनारे धनचिरी कैंप के एक बड़े हिस्से पर विशालकाय जर्मन हैंगर टेंट लगाए गए हैं। यह पूरा परिसर वातानुकूलित और वाटरप्रूफ है। टेंट के भीतर प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को ठंडी हवा और शांत वातावरण का अहसास होता है, जिससे उनकी सैकड़ों किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा की थकान कुछ ही पलों में दूर हो जाती है। टेंट के अंदर आरामदायक बिस्तरों, गद्दों और तकियों की साफ-सुथरी व्यवस्था की गई है, जहां हजारों शिवभक्त एक साथ विश्राम कर रहे हैं। अलग-अलग शहरों के स्पेशल पकवान और छप्पन भोग इस शिविर की सबसे अनोखी और मुख्य विशेषता यहां का खान-पान और प्रसाद प्रबंधन है। विधायक मुकेश शर्मा पहलवान ने बताया कि भगवान भोलेनाथ को लगाए जाने वाले भोग और कांवड़ियों को परोसे जाने वाले भोजन के लिए रोजाना देश के अलग-अलग प्रसिद्ध और ऐतिहासिक शहरों से विशेष पकवान व ‘छप्पन भोग’ मंगाया जा रहा है। किसी दिन मथुरा के मशहूर पेड़े और रबड़ी मंगाए जा रहे हैं, तो किसी दिन बनारस की कचौड़ी, आगरा का पेठा, राजस्थान के पारंपरिक मिष्ठान और दिल्ली के चुनिंदा स्वादिष्ट व्यंजन यहां विशेष वाहनों से पहुंचाए जा रहे हैं। शुद्ध देसी घी से तैयार इन पकवानों का स्वाद चखकर शिवभक्त निहाल हो रहे हैं। खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बकायदा फूड सेफ्टी विभाग की टीम भी भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच करती है। आधुनिक फुट मसाज मशीनें और विश्राम गृह हरिद्वार और अन्य पवित्र स्थलों से गंगाजल लेकर नंगे पैर, छाले पड़े पैरों के साथ सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करके आने वाले कांवड़ियों के लिए यहां विशेष राहत का इंतजाम है। शिविर में आधुनिक फुट मसाज मशीनें लगाई गई हैं। इन इलेक्ट्रॉनिक मशीनों के जरिए कांवड़ियों के पैरों की सिकाई और मालिश की जा रही है, जिससे उनके पैरों की सूजन और दर्द में तत्काल आराम मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, जो कांवड़िए अत्यधिक थक चुके हैं, उनके लिए पेशेवर सेवादारों द्वारा भी मालिश और एक्यूप्रेशर की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, ताकि वे अपनी आगे की यात्रा बिना किसी शारीरिक कष्ट के पूरी कर सकें। शिविर में मिनी अस्पताल बनाया लंबी और कठिन पैदल यात्रा के दौरान कई श्रद्धालुओं के पैरों में बड़े-बड़े छाले पड़ जाते हैं, या फिर बुखार, बदन दर्द और पेट की समस्याओं से वे ग्रसित हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए शिविर के भीतर एक अत्याधुनिक मिनी-अस्पताल स्थापित किया गया है। यहां योग्य और अनुभवी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सों की एक बड़ी टीम चौबीस घंटे तैनात रहती है। शिविर में आने वाले हर बीमार या घायल कांवड़िए का तुरंत इलाज किया जाता है। पैरों के छालों पर बकायदा ड्रेसिंग की जाती है और उच्च गुणवत्ता वाली दवाइयां, पेनकिलर, ओआरएस के पैकेट व अन्य आवश्यक मेडिकल सामग्रियां पूरी तरह से निशुल्क वितरित की जा रही हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शिविर के ठीक बाहर एम्बुलेंस की गाड़ी भी है। सीएम सैनी ने की पूजा अर्चना विधायक मुकेश शर्मा द्वारा तैयार की गई इस अनूठी और नि:स्वार्थ सेवा देखने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं इस शिविर में पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचकर सबसे पहले भगवान शिव की विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया और इतने बड़े पैमाने पर की गई हाई-टेक व्यवस्था को देखकर बेहद प्रभावित हुए। भोजल की तारीफ की मुख्यमंत्री सैनी ने स्वयं अपने हाथों से कांवड़ियों की थाली में भोजन परोसा और उनसे बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री के अलावा पूर्व प्रदेश भाजपा प्रभारी बिप्लव देव, कई कैबिनेट मंत्री सहित संगठन और प्रशासन के कई बड़े अधिकारी भी धनचिरी कैंप का दौरा कर चुके हैं। सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी शिविर में सुरक्षा के भी चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पूरे शिविर को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा, नागरिक सुरक्षा और पुलिस बल के जवान भी तैनात हैं। कांवड़ियों के मनोरंजन और आध्यात्मिक माहौल को बनाए रखने के लिए शाम के समय सुप्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा शिव भजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाती है, जिससे पूरा माहौल शिवमय हो जाता है। चौबीस घंटे चलने वाले इस शिविर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है और सैकड़ों सफाईकर्मी लगातार परिसर को साफ रखने में जुटे हुए हैं।



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Gold-Silver Price Hike: सोना ₹6,000 से ज्यादा उछला, चांदी ₹2.3 लाख के पार



Gold-Silver Rate : त्‍योहारों और शादियों के सीजन से पहले ही सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है. त्‍योहारी सीजन में भारत में खूब सोना बिकता है. इस हफ्ते सोना 6,761 रुपये तक महंगा हो गया. अंतरराष्‍ट्री बाजार में भी गोल्‍ड और सिल्‍वर के रेट में तेजी आई है.



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नरेश मीणा को क्यों याद आए ‘कंवरलाल’?: अशोक गहलोत जी का ‘जादुई थैला’; बारिश हो या चुनाव, ‘सांप-अजगर’ निकलेंगे – Rajasthan News




नमस्कार, नरेश मीणा जी को पता नहीं SDM नाम से ही दुश्मनी है क्या, जेल जाने से पहले याद भी आए तो कंवरलाल। अशोक गहलोत जी इन दिनों ‘साइन लैंग्वेज’ बोल रहे हैं और ‘थैला’ दिखा रहे हैं। मौसम बरसात का हो या फिर चुनाव का ‘सांप-अजगर’ तो निकलेंगे ही। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. नरेश मीणा याद आए ‘कंवरलाल’? थप्पड़कांड से पहले नरेश मीणा की इतनी फैन फॉलोइंग नहीं थी। उन्होंने फेमस होने के लिए SDM साहब को चुना। हालांकि इसकी कीमत भी चुकाई। लेकिन राजनीति में इतना तो चलता है। नरेश मीणा जी चमक गए। हालांकि चुनाव हार गए लेकिन अपने अच्छे खासे प्रशंसक खड़े कर लिए। वे हर बार एक नया पासा फेंकते हैं और हलचल मचा देते हैं। टोंक में नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करने से पहले वे एक गाड़ी पर चढ़े। समर्थकों के बीच ऐलान करते हुए बोले- 9 अगस्त को आदिवासी दिवस पर मेरी रिहाई की बात मत करना। झालावाड़ जेल में बंद कंवरलाल मीणा की रिहाई के लिए राज्यपाल से मांग करना। मेरे भाई की विधायकी खा गए। दम हो तो दिखा देना आदिवासियों। थप्पड़कांड में जेल जाने से पहले नरेश मीणा को भाजपा नेता और अंता से पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा क्यों याद आए? इसलिए याद आए क्योंकि दोनों का अपराध एक जैसा है। कंवरलाल मीणा ने भी 20 साल पहले SDM की कनपटी पर बंदूक तानी थी। उसी के बदले 3 साल की सजा काट रहे हैं। लोग कंवरलाल के लिए आंदोलन करेंगे तभी तो नरेश मीणा को थप्पड़कांड से बचने की राह मिलेगी। कुछ भी हो बंदूक तानने के सामने थप्पड़ मारना कौन सी बड़ी बात है? 2. अशोक गहलोत का ‘जादुई थैला’ गुलाबी थैले में ऐसी क्या बात है कि पूर्व मुख्यमंत्री जी गाहे-बगाहे थैला दिखा देते हैं। थैला लेकर जाते बाइक सवारों का वीडियो बनाते हैं। ग्रामीणों से बात करते हुए थैले की महिमा सुनते हैं। दरअसल, जब से चीफ साहब ने ‘ऐरा-गैरा नत्थू खेरा’ शब्द का इस्तेमाल किया है और कार्यकर्ताओं को नारेबाजी को लेकर हिदायत दी है। तब से पूर्व मुख्यमंत्री जी खामोशी से ‘साइन लैंग्वेज’ बोल रहे हैं। जयपुर में बीते दिनों वे एक मूक-बधिर स्कूल पहुंचे और बच्चों के साथ वक्त गुजारा। उनकी साइन लैंग्वेज में उनकी तकलीफों पर बात की। स्कूल की अव्यवस्थाओं के बारे में बच्चों ने इशारों में बताया। बच्चे भी पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी से उत्साहित हुए। साथ में फोटो खिंचवाया। मोबाइल में सेल्फी ली। ये वो बच्चे थे जो नारे नहीं लगा सकते। गहलोत ने कहा था- नारे लगाने की जरूरत ही क्या है? मैं जब-जब मुख्यमंत्री बना तब नारे थोड़े ही लगे थे। जहां तक आलाकमान का सवाल है, वह देखता है कि फील्ड में कौन कितना काम कर रहा है। फीडबैक लेता है। सब कुछ उनके सामने होता है। पूर्व सीएम ने प्रदेश में ऐसा माहौल बना दिया है कि हर जगह वे एक लीडर की तरह दिखाई दे रहे हैं। लोगों से आत्मीयता से मिल रहे हैं। कार्यकर्ताओं को नारेबाजी से रोका जा सकता है, लेकिन अब आम लोग नारे लगा रहे हैं। हो सकता है बाकी नेताओं के पास भी कई तरह के हुनर हों। लेकिन जादुई थैला तो सिर्फ जादूगर के पास है। उसमें से कुछ न कुछ निकलता ही रहता है। 3. चलते-चलते… पाली का सादड़ी इलाका। यहां का छोटा सा गांव जाटों की डोरण। किसान महिला खेत में घास काट रही थी। अचानक उसके हाथ में अजगर की पूंछ आ गई। चौमासे में खेत-खलिहानों से सांप-अजगर, बिच्छू, कीट-पतंगे निकलते ही हैं। चुनाव में भी आस्तीनों से सांप निकलकर इधर-उधर भागते हैं। चौमासा और चुनाव में क्या समानता है? बहुत सारी समानताएं हैं। जैसे- चौमासे का भी सीजन होता है और चुनाव का भी। चौमासा भी हरियाली लाता है और चुनाव भी। चौमासे की हरियाली खेतों, पहाड़ों, नदियों, मैदानों पर दिखाई देती है और चुनाव की नेताजी के चेहरे पर। चौमासे में बादल गरजते हैं तो चुनाव में नेताजी। चौमासा जमीन को उपजाऊ करता है, चुनाव लोकतंत्र को। चौमासे में पानी बहकर द्वार-द्वार पहुंच जाता है, चुनाव में नेताजी घर-घर दस्तक देते हैं। घोषणाओं की बरसात होती है। वादों की बाढ़ आती है। बाढ़ में वोट बह जाते हैं। जाटों की डोरण गांव में तो जंगल विभाग के एक्सपर्ट ने अजगर को दबोच लिया। लेकिन चुनावी सांप अक्सर किसी आस्तीन में पनाह पा ही जाते हैं। इनपुट सहयोग- महावीर बैरवा (टोंक), खेताराम जाट (बाली, पाली)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



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दांतों की झनझनाहट से मिलेगी राहत: IDA गोरखपुर की वर्कशॉप में एक्सपर्ट बोले- सही डायग्नोसिस से रुकेगी सेंसिटिविटी – Gorakhpur News




इंडियन डेंटल एसोसिएशन गोरखपुर ब्रांच की ओर से शुक्रवार को डेंटल हाइपरसेंसिटिविटी सब्जेक्ट पर सीडीई प्रोग्राम और वर्कशॉप का आयोजन किया गया। प्रोग्राम में मुख्य वक्ता और एक्सपर्ट डॉ. गौरांग श्रीवास्तव ने दांतों की सेंसिटिविटी के कारणों, बचाव और आधुनिक इलाज पद्धतियों पर डॉक्टरों को जरूरी और व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने खास तौर पर कंपोजिट रेस्टोरेशन के बाद होने वाली पोस्ट-ऑपरेटिव सेंसिटिविटी के कारणों, उसकी रोकथाम और प्रभावी क्लिनिकल मैनेजमेंट पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सही डायग्नोसिस, उचित बॉन्डिंग तकनीक और आधुनिक इलाज पद्धतियों के माध्यम से मरीजों में होने वाली सेंसिटिविटी को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। कंपोजिट रेस्टोरेशन के बाद होती है समस्या
कार्यक्रम का उद्घाटन आईडीए गोरखपुर के प्रेसिडेंट डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, पास्ट प्रेसिडेंट डॉ. पी.के. माथुर, सचिव डॉ. ए.एन. शर्मा और मुख्य वक्ता डॉ. गौरांग श्रीवास्तव सहित एग्जीक्यूटिव सदस्यों ने किया। संचालन डॉ. प्रियंका वर्मा ने किया। प्रभावी डेंटल केयर की तकनीकी बताई
सीडीई वर्कशॉप में डेंटिस्ट्स को नए क्लिनिकल तकनीकों और इलाज पद्धतियों की जानकारी दी गई, जिससे मरीजों को अधिक सुरक्षित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण डेंटल केयर उपलब्ध कराई जा सके। कार्यक्रम के अंत में प्रेसिडेंट डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने मुख्य वक्ता डॉ. गौरांग श्रीवास्तव सहित सभी चिकित्सकों और आयोजन से जुड़े सदस्यों का आभार व्यक्त किया।



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ऑनलाइन सेंटर संचालक पर दुष्कर्म-ब्लैकमेलिंग का केस – Khargone News



भास्कर संवाददाता| बड़ूद ग्राम बड़ूद में एक ऑनलाइन सेंटर संचालक के खिलाफ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कम्प्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी राजा पिता दिलीप तंवर के विरुद्ध शिकायत मिलने के बाद साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण दर्ज किया गया। जांच के दौरान उसके मोबाइल और लैपटॉप को जब्त कर डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। मामले में पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच सहित अन्य तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। थाना प्रभारी यादव ने बताया कि आरोपी ने 19 वर्षीय युवती के दुष्कर्म किया था। रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर जेल भेजा।



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