Thursday, September 10, 2026
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मैहर के गोरसरी पहाड़ी पर पहुंचा कॉलर वाला हाथी: BTR ने बढ़ाई निगरानी; 26 अधिकारी-कर्मचारी और दो ‘कुमकी’ हाथी कर रहे ट्रेस – Umaria News




उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कॉलर वाला हाथी मैहर वन मंडल की गोरसरी पहाड़ी तक पहुंच गया है। इसके बाद BTR प्रबंधन ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है। हाथी की सुरक्षा और किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए बांधवगढ़ से विशेषज्ञ अधिकारी-कर्मचारियों की टीम मैहर पहुंची है। यह टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है। जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ का कॉलर नंबर-4 हाथी पहले अनूपपुर से रेस्क्यू करके लाया गया था। तब उसे रेडियो कॉलर पहनाकर जंगल में छोड़ा गया था। खितौली के जंगल में घूमने के बाद यह हाथी जंगल के रास्ते मैहर वन मंडल की गोरसरी पहाड़ी तक पहुंच गया। हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही कॉलर लगा होने के कारण हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही है। उसकी निगरानी के लिए बांधवगढ़ से क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, सहायक संचालक और तीन रेंजर समेत करीब 26 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। टीम के साथ दो हाथी रामा और सूर्या, साथ ही चार महावत भी निगरानी में लगे हैं। BTR की टीम ने बढ़ाई निगरानी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि कॉलर वाला हाथी अभी मैहर के जंगलों में है और पूरी तरह स्वस्थ है। BTR की टीम लगातार उसकी ट्रैकिंग कर रही है। हाथियों की निगरानी और उनके व्यवहार की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।



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मसालेदार आलू की आसान रेसिपी, घर पर बनाएं चटपटे और स्वादिष्ट आलू

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Masale Wale Aloo Ki Sabji: आलू एक ऐसी सब्जी है जिसे लगभग हर घर में पसंद किया जाता है. इसकी खास बात यह है कि इसे कई अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है. अगर आप रोजाना बनने वाली आलू की सब्जी से कुछ अलग और स्वादिष्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो मसालेदार आलू एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह रेसिपी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

इसमें इस्तेमाल होने वाले भुने हुए मसाले इसकी खुशबू और स्वाद को खास बनाते हैं. इसे आप लंच, डिनर या फिर चाय के समय स्नैक के रूप में भी परोस सकते हैं. रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ भी यह सब्जी बहुत अच्छी लगती है. अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं और आप कम समय में कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहें, तो यह रेसिपी आपके काम आ सकती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.

मसालेदार आलू बनाने के लिए सामग्री

भुना मसाला तैयार करने के लिए

  • 1 बड़ा चम्मच मूंगफली
  • 2 से 3 सूखी लाल मिर्च
  • 1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
  • ¾ बड़ा चम्मच धनिया के बीज
  • ½ बड़ा चम्मच सौंफ
  • 5 से 6 काली मिर्च
  • 5 से 6 लहसुन की कलियां

सब्जी के लिए

  • 3 से 4 बड़े आलू
  • आवश्यकतानुसार सरसों का तेल
  • ½ छोटा चम्मच जीरा
  • ½ छोटा चम्मच कलौंजी
  • 1 चुटकी हींग
  • ½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
  • लाल मिर्च पाउडर स्वादानुसार
  • 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
  • नमक स्वादानुसार
  • अमचूर पाउडर स्वादानुसार

बनाने की विधि

सबसे पहले मूंगफली, सूखी लाल मिर्च, तिल, धनिया, सौंफ, काली मिर्च और लहसुन को बिना तेल के हल्का भून लें. जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें दरदरा पीसकर मसाला तैयार कर लें.

अब आलू को धोकर छील लें और उन्हें लंबे व पतले टुकड़ों में काट लें. एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा, कलौंजी और हींग डालकर तड़का लगाएं.

इसके बाद कटे हुए आलू डालें और हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर तथा नमक मिलाकर अच्छी तरह चलाएं. आलू को धीमी आंच पर पकने दें. जब आलू लगभग पक जाएं, तब तैयार किया हुआ भुना मसाला और अमचूर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. कुछ मिनट तक भूनने के बाद गैस बंद कर दें.

गरमा-गरम मसालेदार आलू तैयार हैं. इन्हें रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ परोसकर स्वाद का आनंद लें.



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शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ाना है तो ये 8 चीजें आएंगी काम, वेट लॉस होगा आसान


वेट लॉस नहीं हो रहा और बेली फैट भी दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है तो इसके लिए स्लो मेटाबॉलिज्म जिम्मेदार हो सकता है। इसे बढ़ाने के लिए हर दिन ये 8 काम करना बेस्ट हो सकता है, जानें कैसे बढ़ाएं स्लो मेटाबॉलिज्म।

वेट लॉस में मेटाबॉलिज्म मदद करता है। मेटाबॉलिज्म अगर तेज होगा तो डाइजेस्टिव सिस्टम आपके खाए हुए खाने को तेजी से पचाने में मदद करेगा और उस भोजन से मिलने वाले न्यूट्रिशन को एनर्जी में कन्वर्ट कर पाएगा। जिससे आपके वेट लॉस में मदद होगी। काफी सारे लोग स्लो मेटाबॉलिज्म से परेशान होते हैं, जिसकी वजह से ना केवल मोटापा बढ़ता है बल्कि बेली फैट भी बढ़ता जाता है। स्लो मेटाबॉलिज्म की समस्या से निपटना है तो इन 8 कामों को जरूर करें। ये आपके चयापचय क्रिया को तेज करने में मदद करेगा।

ज्यादा से ज्यादा शरीर की मूवमेंट जरूरी है

जितना आपका शरीर स्लो होगा यानि कम मूवमेंट होगी उतना ज्यादा मेटाबॉलिज्म भी स्लो होगा। इसलिए खड़े रहने, चलते-फिरते रहने के साथ ही सीढ़ियों की मदद से ऊपर-नीचे जाने की कोशिश करें। ये आदत आपके मेटाबॉलिज्म को फास्ट करेगी। डाइजेशन को इंप्रूव करती है और वेट लॉस में मदद करती है।

हाई इंटेसिटी वर्कआउट

जब आप हाई इंटेसिटी वर्कआउट करते है तो केवल उस समय तक नहीं बल्कि शरीर जब रेस्ट मोड में होगा तो भी शरीर की कैलोरी बर्न होती रहेगी। जिससे शरीर को एनर्जी देने के लिए मेटाबॉलिज्म को तेजी से काम करना होगा और आपका स्लो मेटाबॉलिज्म अपने आप ही फास्ट हो जाता है।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग

केवल वॉक करने से मेटाबॉलिज्म फास्ट नहीं होगा। अगर आप साथ में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं तो इससे जब आपका शरीर आराम कर रहा होता है तो भी कैलोरी बर्न होती रहती है और फिर वहीं प्रोसेस फॉलो होगा और शरीर की एनर्जी के लिए मेटाबॉलिज्म तेजी से काम करेगा। इसीलिए वर्कआउट को हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। ये आपके मेटाबॉलिज्म को भी तेज रखने में मदद करता है और वेट लॉस होता है।

प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं

प्रोटीन को पचाने के लिए शरीर की कैलोरी का बीस से तीस प्रतिशत हिस्सा बर्न होता है। इसलिए प्रोटीन को ज्यादा खाने से शरीर की कैलोरी भी ज्यादा बर्न होती है।

कम खाना ना खाएं

अगर आप डायटिंग के चक्कर में हर दिन 1000 कैलोरी से कम खा रहे तो इससे मेटाबॉलिज्म लंबे टाइम में स्लो हो जाता है। जिससे बाद में वेट लॉस करना मुश्किल होता है और बेली फैट भी बढ़ जाता है।

ठंडा पानी पीने से बचें

शरीर के अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले ज्यादा होता है। जब आप अपने बाहरी तापमान से भी ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं तो ये मेटाबॉलिज्म को स्लो कर देता है। शरीर की कैलोरी बर्न करनी है तो हल्का गुनगुना पानी पीएं।

कॉफी पिएं

ब्लैक कॉफी पीने से लिवर को तो फायदा होता ही है साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। कैफीन ड्रिंक मेटाबॉलिज्म स्पीड को टेंपरेरी 3-11 प्रतिशत तक बढ़ा देती है। इसलिए ब्लैक कॉफी विदआउट शुगर हेल्थ के लिए कई मायने में फायदेमंद साबित हो सकती है।

नींद पूरी करना जरूरी है

पर्याप्त मात्रा में 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। ये ना केवल आपके कॉर्टिसोल लेवल को बढ़ाती है बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी स्लो कर देती है।

तो अगर वेट लॉस तेजी से करना है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाना है तो इन 8 कामों को करने पर जरूर फोकस करें।



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नॉर्वे PM बोले-जेलेंस्की का प्लेन ड्रोन हमले से बाल-बाल बचा: मोल्दोवा से उड़ान भरते वक्त घटना; नॉर्वे किंग के अंतिम संस्कार में जा रहे थे




यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का प्लेन मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन हमले की चपेट में आने से बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बुधवार को सरकारी टीवी से बातचीत में यह दावा किया। स्टोरे के मुताबिक, जेलेंस्की का प्लेन मोल्दोवा से उड़ान भरने ही वाला था, तभी ड्रोन उसके करीब आ गया। हालांकि, उन्होंने ड्रोन की दूरी और जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया। जेलेंस्की नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे। ड्रोन अलर्ट के बाद बंद किया गया एयरस्पेस जेलेंस्की का विमान चिशिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा था। ड्रोन की चेतावनी मिलने के बाद मोल्दोवा ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इससे जेलेंस्की के विमान की उड़ान में देरी हुई। बाद में मोल्दोवा के अधिकारियों ने एक रूसी ड्रोन के देश में गिरने की पुष्टि की। इसके बाद जेलेंस्की के विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दी गई। AP के मुताबिक, ड्रोन एयरपोर्ट से करीब 160 किमी दूर गिरकर नष्ट हो गया। मोल्दोवा बोला- ड्रोन का घुसना महज संयोग नहीं अमेरिका में मोल्दोवा के राजदूत वलादिस्लाव कुलमिन्स्की ने CNN से कहा कि ड्रोन के गलती से मोल्दोवा में घुसने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की का विमान एयरपोर्ट पर खड़ा हो और उसी दौरान जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन मोल्दोवा में पहुंच जाए, इसे महज संयोग मानना मुश्किल है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ड्रोन को जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था, तो उन्होंने कहा कि जांच जारी है और अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जेलेंस्की अपनी विदेश यात्राओं के दौरान मोल्दोवा के एयरस्पेस का इस्तेमाल करते हैं। मोल्दोवा की राष्ट्रपति बोलीं- लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू ने ड्रोन के देश में घुसने की घटना को लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने यूक्रेन की सीमा से लगे एक बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए रूसी ड्रोन हमले की भी निंदा की। मंगलवार को हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी। खबर अपडेट हो रही है…



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10 साल के बच्चे के सामने मां-चाचा की हत्या: मोतिहारी में भैंस नहलाने के दौरान गिरे पानी पर विवाद, 2 आरोपी हिरासत में – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी में भैंस नहलाने के दौरान गिरे पानी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। चाकूबाजी में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घटना पताही थाना क्षेत्र के जिहुली गांव की है। मृतकों की पहचान जमी अख्तर(36) और मदीना खातून(40) के रूप में हुई है। वहीं, मसीह अख्तर का इलाज पताही सीएचसी में चल रहा है, उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। बीच-बचाव करने गई पत्नी और भाई की हत्या 10 साल के रहमतुल्लाह ने घटना के बारे में बताया। उसने कहा, “मैं स्कूल में था तभी गांव के एक लड़के ने बताया कि पुलिस मेरे पापा को पकड़ रही है। मैं भागकर घर आया तो पुलिस ने सबको समझाकर छोड़ दिया। शाम को पापा घर पर ही थे, तभी संजय सिंह और उसका बेटा आकाश कुछ लोगों को साथ लेकर आए। उनका पापा से विवाद हुआ और अचानक पिता पर चाकू से हमला कर दिया। पापा को बचाने चाचा और अम्मी गईं तो उन पर भी चाकू से वार कर दिया गया। तीनों वहीं गिर गए। वहां बहुत लोग थे लेकिन किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की।” पानी के गिरने को लेकर हुआ था विवाद घटना के संबंध में मृतक की भाभी नगमा खातून ने बताया कि उनके पास अपनी जमीन नहीं है। वे डाकबाबू की जमीन पर रहते हैं। सुबह उनके भसुर मसीह अख्तर सड़क पर भैंस नहला रहे थे, जिसका पानी अनिल सिंह के घर की तरफ जा रहा था। इसी बात पर अनिल सिंह आकर गाली-गलौज करने लगा। हाथापाई हुई, जिसे लोगों ने शांत कराया। पुलिस भी मौके पर पहुंची और समझाया कि वहां पाइप लगा लें ताकि विवाद खत्म हो जाए। इसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। नगमा ने बताया कि शाम को जब वे घास लेकर घर आईं तो अनिल सिंह कई लोगों के साथ खड़ा था। पूछने पर अनिल सिंह ने कहा कि मसीह अख्तर ने उसका गला पकड़कर पटक दिया था। नगमा ने अनिल सिंह से कहा कि पहले तो वह खुद ही आए थे, और क्या वह उसकी हत्या कर देगा। इतना कहकर वह घर की तरफ चली गईं। तभी शोर हुआ कि अनिल सिंह ने चाकू मार दिया है। आकर देखा तो उनके देवर, भसुर और देवरानी खून से लथपथ पड़े थे। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां जमी अख्तर और मदीना खातून को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मसीह अख्तर का इलाज पताही सीएचसी में चल रहा है, उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जमी अख्तर मजदूरी कर प्लाई फैक्ट्री में काम कर घर का खर्च चलाता था और तीन बच्चों को पढ़ा रहा था। मदीना खातून के पांच बच्चे हैं। दोनों की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने 2 लोगों को लिया हिरासत में इधर घटना की जानकारी मिलते ही पकड़ीदयाल के प्रभारी डीएसपी अभिषेक कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।



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BRICS 2026: दिल्ली में स्ट्रीट वेंडर्स के स्टॉल नहीं लगेंगे: यूपी-एमपी समेत 7 राज्यों के फ्लाइंग ट्रेनिंग सेंटर्स पर रोक, DGCA बोला- 3 दिन कोई विमान न उड़ाएं


नई दिल्ली1 घंटे पहले

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दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।

DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।

इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी।

BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।

दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें…

रेल भवन में की गई सजावट।

रेल भवन में की गई सजावट।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।

स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश

नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े।

NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है।

एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार

  • ब्रिक्स में क्या फैसला होगा: 11 देशों में सीमा पार डिजिटल सेवा सुगम बनाने के सिद्धांत मंजूर होेंगे। ऐसे में, बेंगलुरु की कोई छोटी कंपनी ब्राजील के कारोबारी का सॉफ्टवेयर संभाल सकेगी। गुरुग्राम का फिनटेक स्टार्टअप यूएई में सेवाएं दे पाएगा।
  • भारत की स्थिति क्या है: 2024 में ​दूसरे देशों में 269 अरब डॉलर (~24 लाख करोड़) की डिजिटल सेवाएं दीं। भारत का ग्लोबल शेयर 5.8% था। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और जर्मनी के बाद पांचवें स्थान पर है। चीन छठे स्थान पर है।
  • नए सिद्धांत अहम क्यों हैं: ब्रिक्स में बड़ा बाजार मिलेगा। 11 ब्रिक्स देशों की दुनिया में डिजिटल सेवा निर्यात में हिस्सेदारी 14% है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 48% है। सर्विस सुगम होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत को संभव है।
  • आम लोगों को क्या लाभ: छोटे कारोबार और पेशेवरों के लिए संभावनाएं बनेंगी। भारत में बैठ विदेशी ग्राहक से कमाई करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
  • क्या नौकरियां भी बढ़ेंगी: कंपनियों को नए बाजार मिले तो सॉफ्टवेयर, प्रबंधन, एआई, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, वित्तीय तकनीक और पेशेवर सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
  • क्या ईयू जैसा बाजार बनेगा: नहीं। यूरोपीय संघ (ईयू) में सदस्यों के बीच व्यापक कानूनी और संस्थागत ढांचा है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील जैसे बिल्कुल अलग राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक मॉडल वाले देश हैं।
  • भारत-चीन की होड़ बढ़ेगी: दोनों देशों में डेटा और डिजिटल मंचों से जुड़े नियम अलग हैं। भारत ऐसा ढांचा नहीं चाहेगा जिसमें किसी देश के डिजिटल मानक ब्रिक्स के साझा मानक बनें।

काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है।

BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह

BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी।

इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया।

जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना।

अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।

——————– ये खबर भी पढ़ें…

ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे

भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है।

यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…



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iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro max और iPhone Duo की भारत में कितनी है कीमत?


Highlights

  • एप्पल के पहले फोल्डेबल iPhone Duo की कीमत भारत में 2,99,900 रुपये से शुरू होती है।
  • iPhone 18 Pro की भारत में कीमत 1,64,900 रुपये से शुरू होगी।
  • iPhone 18 Pro Max की भारत में शुरुआती कीमत 1,79,900 रुपये है।

Apple ने अपने लॉन्च हुए iPhone 18 Pro सीरीज और iPhone Duo की कीमत का खुलासा कर दिया है। एप्पल इवेंट में कंपनी ने अपनी इस सीरीज को भारत समेत ग्लोबल मार्केट में पेश किया है। एप्पल के नए लॉन्च हुए सभी आईफोन लेटेस्ट A20 Pro चिपसेट के साथ आते हैं। यह एप्पल का लेटेस्ट चिप है, जो 2nm टेक्नोलॉजी पर काम करता है। यह एप्पल का अब तक का सबसे एडवांस चिप है, जिसमें 6 कोर CPU और 7 कोर GPU मिलता है। इसमें इन-हाउस C2 मॉडम दिया गया है। नए लॉन्च हुए iPhone की इंडिया प्राइस और सेल डेट कंपनी ने अनाउंस कर दी है।

iPhone Duo की भारत में कीमत

iPhone Duo को भारत में दो कलर ऑप्शन- Night Sky और Star White में लॉन्च किया गया है। इसे चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 256GB, 512GB, 1TB और 2TB में खरीदा जा सकता है। इसकी शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये है। वहीं, इसके अन्य वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 3,24,900 रुपये, 3,74,900 रुपये और 4,49,900 रुपये है। इसका भारत में प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर शाम 5:30 बजे से शुरू होगा और इसे 23 अक्टूबर से सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। फोन की खरीद पर 7,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है।

  • 256GB – 2,99,900 रुपये
  • 512GB – 3,24,900 रुपये
  • 1TB – 3,74,900 रुपये
  • 2TB – 4,49,900 रुपये

iPhone 18 Pro की भारत में कीमत

एप्पल का यह लेटेस्ट iPhone 18 Pro मॉडल भी चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 256GB, 512GB, 1TB और 2TB में आता है। इसकी कीमत भारत में 1,64,900 रुपये से शुरू होती है। अन्य तीनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 1,89,900 रुपये, 2,39,900 रुपये और 3,14,900 रुपये है। इसे चार कलर ऑप्शन – डीप ब्लैक, ग्लेशियर, सिल्वर और बरगंडी में खरीदा जा सकता है। इसे 12 सितंबर शाम 5:30 बजे से प्री-ऑर्डर किया जा सकेगा। वहीं, इसकी सेल 18 सितंबर से शुरू होगी। फोन की खरीद पर 7,000 रुपये तक का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिलेगा।

  • 256GB – 1,64,900 रुपये
  • 512GB – 1,89,900 रुपये
  • 1TB – 2,39,900 रुपये
  • 2TB – 3,14,900 रुपये

iPhone 18 Pro Max की भारत में कीमत

iPhone 18 Pro Max को भी चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 256GB, 512GB, 1TB और 2TB में लॉन्च किया गया है। इसकी कीमत भारत में 1,79,900 रुपये से शुरू होती है। अन्य तीनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 2,04,900 रुपये, 2,54,900 रुपये और 3,29,900 रुपये है। इसे भी चार कलर ऑप्शन – डीप ब्लैक, ग्लेशियर, सिल्वर और बरगंडी में खरीदा जा सकता है। इसे भी 12 सितंबर शाम 5:30 बजे से प्री-ऑर्डर किया जा सकेगा। वहीं, इसकी सेल 18 सितंबर से शुरू होगी। फोन की खरीद पर 7,000 रुपये तक का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिलेगा।

  • 256GB – 1,79,900 रुपये
  • 512GB – 2,04,900 रुपये
  • 1TB – 2,54,900 रुपये
  • 2TB – 3,29,900 रुपये

यह भी पढ़ें – iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च होते ही महंगे हुए iPhone 17, iPhone 17e और iPhone Air





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iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च होते ही महंगे हुए iPhone 17, iPhone 17e और iPhone Air


iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और iPhone Duo के लॉन्च होते ही एप्पल ने पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 की कीमत में बड़ा इजाफा किया है। इसके अलावा पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17e और इस साल मार्च में पेश हुए iPhone 17e के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं। इनकी कीमत में 65,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है। वहीं, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max को कंपनी ने अपने आधिकारिक स्टोर से हटा दिया है। नए आईफोन लॉन्च होते ही कंपनी ने यूजर्स की जेब पर बड़ा बोझ डाल दिया है।

iPhone 17 की नई कीमत

एप्पल का यह आईफोन पिछले साल सितंबर में 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च हुआ था। यह फोन 256GB, 512GB और 1TB स्टोरेज वेरिएंट में आता है। इसकी कीमत में 17,000 रुपये का इजाफा किया गया है। यह अब 99,900 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा है। वहीं, इसका 512GB वाला वेरिएंट 1,24,900 रुपये की कीमत में खरीदा जा सकेगा।






iPhone 17 लॉन्च प्राइस नई कीमत
256GB 82,900 रुपये 99,900 रुपये
512GB 99,900 रुपये 1,24,900 रुपये

iPhone Air की नई कीमत

एप्पल के अब तक के सबसे पतले फोन को पिछले साल भारत में 1,19,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया था। यह आईफोन अब भारत में 1,49,900 रुपये की शुरुआती कीमत में मिलेगा। इसकी कीमत में 65,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है। यह 256GB, 512GB और 1TB स्टोरेज वेरिएंट में आता है। इसके 512GB और 1TB वाले वेरिएंट को क्रमशः 1,39,900 रुपये और 1,59,900 रुपये में उतारा गया था। प्राइस हाइक के बाद अब ये दोनों वेरिएंट्स क्रमशः 1,74,900 रुपये और 2,24,900 रुपये में मिलेंगे।







iPhone Air लॉन्च प्राइस नई कीमत
256GB 1,19,900 रुपये 1,49,900 रुपये
512GB 1,39,900 रुपये 1,74,900 रुपये
1TB 1,59,900 रुपये 2,24,900 रुपये

iPhone 17e की नई कीमत

iPhone 17e को इस साल मार्च में 64,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया था। एप्पल ने इस अफोर्डेबल आईफोन की कीमत में भी 20,000 रुपये का इजाफा किया है। इसे अब 84,900 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। Apple ने कुछ सप्ताह पहले ही जापान में अपने iPhone 17 सीरीज की कीमत में इजाफा किया था। इसके बाद कंपनी ने संकेत दिए थे कि भारत समेत अन्य मार्केट में भी आईफोन की कीमत बढ़ाई जाएगी।

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गोरखपुर में NSG-ATS ने किया मॉकड्रिल: हमले की स्थिति में VIP को बचाने की परखी तैयारी, सड़क पर निकला काफिला – Gorakhpur News




गोरखपुर में वीआईपी मूवमेंट के दौरान किसी तरह के हमले या आपात स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को मॉकड्रिल की गई। यह अभ्यास एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक निर्धारित रूट पर किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखा गया। वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान सुरक्षा में किसी तरह की कमी न रहे, इसके लिए अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों ने अपनी तैयारियों को परखा।
एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक रहा सुरक्षा घेरा
मॉकड्रिल के दौरान एयरपोर्ट से सर्किट हाउस तक के निर्धारित मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। काफिले के गुजरने से पहले पूरे रूट को सुरक्षित किया गया। इस दौरान यातायात को कुछ समय के लिए रोककर रोड को जीरो किया गया, ताकि वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
संभावित हमले की स्थिति का किया अभ्यास
अभ्यास के दौरान यह मानकर कार्रवाई की गई कि वीआईपी काफिले की आवाजाही के दौरान अचानक हमला हो गया है। ऐसी स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां किस तरह मौके पर पहुंचेंगी, मोर्चा कैसे संभालेंगी और वीआईपी को सुरक्षित स्थान तक कैसे पहुंचाया जाएगा, इसका अभ्यास किया गया।
एनएसजी और एटीएस समेत कई टीमें रहीं शामिल
मॉकड्रिल में एनएसजी, एटीएस, पुलिस, खुफिया विभाग समेत सुरक्षा और प्रशासन से जुड़े कई विभागों की टीमें शामिल हुईं। सभी टीमों ने अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी आपात स्थिति में कौन सी टीम कितनी जल्दी मौके पर पहुंचेगी और किस तरह कार्रवाई करेगी, इसे भी परखा गया।
आपसी समन्वय और त्वरित कार्रवाई पर फोकस
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने की क्षमता को परखना रहा। अधिकारियों ने यह भी देखा कि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में सभी विभाग आपस में किस तरह समन्वय बनाकर काम करते हैं। मॉकड्रिल के दौरान वीआईपी को सुरक्षित निकालने, मार्ग को सुरक्षित करने, सुरक्षा घेरा बनाने और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। अधिकारियों ने मौके पर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया और जरूरी व्यवस्थाओं को भी परखा।



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7 दिन में रिपोर्ट; 30 दिन में ऑडिट के निर्देश: ई-हियरिंग में तकनीकी खामी पर हाई कोर्ट नाराज; आईटी स्टाफ की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल – Jabalpur News




हाई कोर्ट की नई वेबसाइट पर ई-हियरिंग के दौरान लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों को लेकर डिवीजन बेंच ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि पोर्टल का ई-हियरिंग को ठीक से सपोर्ट नहीं करना आईटी स्टाफ की कार्यप्रणाली और क्षमता पर सवाल खड़े करता है। न्यायिक कार्य में तकनीकी खामी के कारण समय बर्बाद होना स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनिंद्र कुमार सिंह की बेंच ने चीफ जस्टिस से संबंधित आईटी स्टाफ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करने की सिफारिश की है। कोर्ट ने रजिस्ट्रार (आईटी-सीएसए) केएस कुशवाहा को मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और 7 दिन में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। पूरे आईटी सिस्टम का स्वतंत्र ऑडिट, 30 दिन में रिपोर्ट कोर्ट ने हाई कोर्ट के आईटी सिस्टम और नई वेबसाइट का स्वतंत्र ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके लिए टीसीएस, इंफोसिस या एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज जैसी तकनीकी कंपनियों के विशेषज्ञों की टीम बनाई जा सकती है। जरूरत पड़ने पर सी-डॉट और नैस्कॉम के अधिकारियों को भी टीम में शामिल किया जा सकता है। ऑडिट पूरा कर इसकी रिपोर्ट 30 दिन में पेश करनी होगी। 15 दिन बाद भी वेबसाइट की दिक्कतें दूर नहीं हुईं
25/26 अगस्त को भेजा था संदेश: कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने जजों के ग्रुप में व्हाट्सएप संदेश भेजकर वेबसाइट अपडेट में करीब 8 दिन लगने की जानकारी दी थी।
15 दिन बाद भी स्थिति में सुधार नहीं: तय समय बीतने के बावजूद नई वेबसाइट की तकनीकी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।
वकीलों ने भी बताई परेशानी: सुनवाई के दौरान मौजूद अधिवक्ताओं ने नई वेबसाइट में आ रही दिक्कतों की शिकायत की और पुरानी वेबसाइट को बेहतर बताया।
जांच में बफरिंग और हैंग की समस्या: रजिस्ट्रार केएस कुशवाहा की मौजूदगी में सिस्टम की जांच की गई तो वेबसाइट पर बफरिंग और हैंग होने जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आईं।
8 सितंबर को पारित हुआ आदेश: कोर्ट ने यह आदेश आदित्य सोनी बनाम मध्य प्रदेश राज्य मामले की सुनवाई के दौरान 8 सितंबर 2026 को पारित किया।



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