Wednesday, August 26, 2026
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पार्टनरशिप का झांसा देकर प्रॉपर्टी डीलर से ऐंठे 75 लाख: दोबारा काम शुरू करने पर मांगी 50 लाख की रंगदारी, डीसीपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज – Lucknow News




लखनऊ में वजीरगंज के गौसगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद खतीब से पार्टनरशिप के नाम पर आठ लोगों ने 75 लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने कचहरी के बाहर उनके साथ मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि प्लॉटिंग का काम दोबारा शुरू करने के लिए आरोपियों ने उनसे 50 लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी। डीसीपी पश्चिमी कमलेश दीक्षित के आदेश पर वजीरगंज पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2018 में हुआ था जमीन को लेकर अनुबंध मोहम्मद खतीब ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2018 में बख्शी का तालाब के पल्हरी में नौ बीघा जमीन खरीदी थी। यहां वह प्लॉटिंग करा रहे थे। इसी दौरान आईआईएम रोड निवासी अमोल कुमार यादव और उसके परिवार के राम अवध, हरीलाल, राजेश, अमित और रवि के साथ उनके साथी आसिफ और अर्सलान गौरी ने अपनी 5.76 बीघा जमीन उनकी साइट में शामिल कर कारोबार करने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद 15 अक्टूबर 2018 को वजीरगंज कचहरी में अनुबंध हुआ। इसमें तय हुआ कि साइट में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मोहम्मद खतीब की होगी। इसके एवज में उन्होंने अमोल, उसके भाई अमित और रवि के खातों में 50 लाख रुपए ट्रांसफर किए। वहीं अर्सलान को 25 लाख रुपए दिए। अनुबंध पत्र भी अर्सलान ने अपने पास रख लिया। साइट बेचने के बाद भी नहीं दी हिस्सेदारी आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर पूरी साइट बेच दी, लेकिन मोहम्मद खतीब को उनकी हिस्सेदारी नहीं दी। उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि उनकी 25 लाख रुपए की रकम भी हड़प ली गई। कचहरी के बाहर सड़क पर पटककर पीटा मोहम्मद खतीब ने पुलिस को बताया कि 15 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे वह एक दोस्त के साथ वजीरगंज कचहरी के बाहर पहुंचे थे। तभी सभी आरोपी वहां आ गए और गाली-गलौज करने लगे। रकम मांगने पर आरोपियों ने उन्हें सड़क पर पटककर पीटा। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने दोबारा काम शुरू करने के लिए उनसे 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। घटना के बाद खतीब काफी डर गए। कुछ महीने बाद उन्होंने हिम्मत जुटाकर डीसीपी पश्चिमी से शिकायत की। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित से जमीन और लेनदेन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।



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महाराष्ट्र के आदिवासी हॉस्टल में 30 साल उम्र सीमा खत्म: 13 दिन से जारी था आंदोलन; पुणे में राहुल गांधी के कार्यक्रम में मुद्दा उठा था


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मुंबई2 घंटे पहले

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राहुल ने आदिवासी छात्रों के मामले पर 24 अगस्त को CM फडणवीस को लेटर लिखा था।

महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी हॉस्टल में एडमिशन के लिए 30 साल की उम्र सीमा खत्म कर दी है। आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके ने मंगलवार को बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मंजूरी के बाद 14 अगस्त 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) और उससे जुड़े संशोधित नियम वापस ले लिए गए हैं।

सरकार का यह फैसला पुणे में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के 3 दिन बाद आया है, जिसमें एक युवती ने एडमिशन के नियम और दूसरी दिक्कतें बताई थीं। युवती ने कहा था कि लंबी छुट्टी से वापस जाने पर हॉस्टल में महिलाओं को प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने कहा जाता है।

हॉस्टल में एडमिशन के नियम, सुविधाओं और सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर पुणे में आदिवासी छात्र 13 दिन से प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों का आरोप था कि नए नियमों से उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे कई आदिवासी छात्रों के लिए सरकारी हॉस्टल की सुविधा बंद हो सकती है।

छात्रों की मांग है कि महाराष्ट्र सरकार आदिवासी हॉस्टल से जुड़ा सरकारी प्रस्ताव वापस ले और उसकी जगह संशोधित नया आदेश जारी करे।

छात्रों की मांग है कि महाराष्ट्र सरकार आदिवासी हॉस्टल से जुड़ा सरकारी प्रस्ताव वापस ले और उसकी जगह संशोधित नया आदेश जारी करे।

आंदोलन के दौरान छात्रों की तबीयत भी बिगड़ी

पुणे के मांजरी स्थित आदिवासी हॉस्टल में आदिवासी छात्रों का आंदोलन 13 अगस्त से शुरू हुआ था। पहले छात्रों ने धरना शुरू किया और बाद में कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। आंदोलन में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।

भूख हड़ताल के दौरान कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की भी जानकारी सामने आई थी।छात्रों की मुख्य मांगों में 30 साल की उम्र सीमा खत्म करना, हॉस्टल की सुविधाओं में सुधार और आदिवासी छात्रों से जुड़े पुराने मुद्दों का समाधान शामिल था।

राहुल ने कहा था- अपने प्रदर्शन में मुझे क्यों नहीं बुलातीं?

पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान एक आदिवासी छात्रा ने राहुल गांधी से आंदोलन को लेकर बात की थी। राहुल ने उससे कहा- अपने प्रदर्शन में मुझे क्यों नहीं बुलातीं? मैं वहां आऊंगा तो प्रशासन पर थोड़ा और दबाव बढ़ जाएगा।

इस पर छात्रा ने हॉस्टल में छात्राओं के साथ होने वाली व्यवस्था को लेकर अपनी शिकायत बताई। उसने कहा कि गड़चिरौली में जब छात्राएं एक महीने से ज्यादा समय के लिए घर जाती हैं और वापस लौटती हैं, तो उनसे प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने के लिए कहा जाता है।

छात्रा के मुताबिक, जब उन्होंने प्रशासन से इसकी वजह पूछी तो जवाब दिया गया कि इतने दिन बाहर रहने के दौरान कहीं उन्हें कोई जानलेवा बीमारी तो नहीं हो गई।

राहुल ने कार्यक्रम के बाद CM फडणवीस को लेटर लिखा

राहुल ने राहुल गांधी ने 24 अगस्त को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर छात्राओं की इन शिकायतों का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज इवेंट के दौरान सरकारी आदिवासी हॉस्टलों में 30 साल की उम्र सीमा, अपमानजनक नियम, खराब सुरक्षा व्यवस्था और महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट जैसी शिकायतें सामने आई हैं।

पुणे में राहुल बोले- महिलाओं को कंट्रोल किया जाता है

राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार और सामाजिक दबाव पर बात की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा देने की चिंता कई बार उन्हें कंट्रोल करने का तरीका बन जाती है।

राहुल ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत महिलाओं के सपने, सोच और क्षमता हैं। महिलाओं को सिर्फ बेटी, पत्नी या मां की पहचान तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें प्रोफेशनल, खिलाड़ी, छात्रा और दूसरे क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने का पूरा अधिकार है।

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राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा, पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें

पुणे के ऑल इंडिया श्री शिवाजी मेमोरियल सोसायटी कॉलेज ग्राउंड में राहुल गांधी ने शनिवार को छात्राओं से बात की। राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…

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फर्जी IAS तृप्ति और भाई को भोपाल लाई चंदेरी पुलिस: बागमुगालिया स्थित घर से फर्जी CBI का कार्ड, लेटरहेड और कई अहम दस्तावेज मिले – Bhopal News


चंदेरी में खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर 9.80 लाख रुपए की ठगी करने वाली तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को चंदेरी पुलिस मंगलवार को भोपाल लेकर पहुंची।

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पुलिस दोनों आरोपियों को साथ लेकर बागमुगालिया स्थित तृप्ति के घर और अल्कापुरी उसके ससुराल पहुंची। यहां तलाशी के दौरान पुलिस को कई अहम दस्तावेज और सामान मिले हैं, जिनसे आरोपियों के फर्जी अफसर बनने और लोगों पर रुतबा जमाने के तरीके की जानकारी सामने आई है।

फर्जी CBI कार्ड और लेटरहेड मिले

पुलिस की जांच में तृप्ति और उसके भाई के पास से फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड और अन्य दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन दस्तावेजों की जांच कर रही है कि इनका इस्तेमाल किन लोगों को प्रभावित करने और ठगी के लिए किया गया। महंगे आईफोन समेत अन्य सामान भी पुलिस की जांच के दायरे में हैं।

देखिए भोपाल लाई गई तृप्ति की तस्वीरें…

बागमुगालिया स्थित अपने घर से बाहर निकलती तृप्ति।

बागमुगालिया स्थित अपने घर से बाहर निकलती तृप्ति।

पुलिस के साथ घर के बाहर तृप्ति।

पुलिस के साथ घर के बाहर तृप्ति।

किराए की इनोवा पर लिखवाया था ‘भारत सरकार’

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फर्जी अफसर का रुतबा दिखाने के लिए किराए की इनोवा कार का इस्तेमाल करते थे। कार पर ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनोवा किससे किराए पर ली गई थी और आरोपियों ने इसका इस्तेमाल कब-कब और किन लोगों को प्रभावित करने के लिए किया।

महंगे होटल और आईफोन से जमाते थे प्रभाव

चंदेरी पुलिस के मुताबिक आरोपी महंगे होटल में ठहरते थे और महंगे मोबाइल फोन समेत अन्य सामान का इस्तेमाल कर खुद को प्रभावशाली सरकारी अधिकारी के रूप में पेश करते थे। इसी तरीके से चंदेरी में लोगों को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया गया। आरोपियों ने खुद को मध्यप्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से जुड़ा अधिकारी बताया था।

पुलिस टीम ने तृप्ति के घर पर जांच की।

पुलिस टीम ने तृप्ति के घर पर जांच की।

बिजनेसमैन से शादी की भी चर्चा

जांच के दौरान तृप्ति की निजी जिंदगी और उसके संपर्कों से जुड़े पहलुओं को भी पुलिस खंगाल रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि फर्जी अधिकारी की पहचान और रुतबे का इस्तेमाल उसने अन्य लोगों को प्रभावित करने में किया या नहीं। तृप्ति को चंदेरी में हुई 9.80 लाख रुपए की ठगी के मामले में पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

पूरे नेटवर्क की तलाश

पुलिस अब फर्जी CBI कार्ड, लेटरहेड, सरकारी पहचान से जुड़े दस्तावेज, किराए की इनोवा और आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि फर्जी दस्तावेज और ‘भारत सरकार’ लिखी गाड़ी की व्यवस्था किसने की और क्या इस पूरे खेल में कोई अन्य व्यक्ति या गिरोह भी शामिल है।

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महंगी कार, लग्जरी होटल और आईफोन से दिखाती थी रुतबा

चंदेरी में किला कोठी का कमरा… सामने खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताने वाली एक महिला… बातचीत में सरकारी नौकरी और अच्छी सैलरी का भरोसा… और फिर हर उम्मीदवार से लाखों रुपए की मांग। यह कोई और नहीं, भोपाल की रहने वाली तृप्ति सिंह राजपूत है, जिस पर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर चंदेरी के 4 युवकों से 9 लाख 80 हजार रुपए की ठगी का आरोप है।पूरी खबर पढ़ें



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मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना SMS में भर्ती: स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने के बाद डॉक्टरों ने मेडिकल आईसीयू में किया भर्ती – Jaipur News




कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना को आज(मंगलवार) सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) के आईसीयू वार्ड में भर्ती करवाया गया है। डॉ. मीना ने पिछले दिनों स्वाइन फ्लू की जांच करवाई थी, जिसकी जांच रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद डॉक्टरों ने आगे के इलाज के लिए उन्हें भर्ती किया गया है। एसएमएस हॉस्पिटल में मेडिसिन डिपार्टमेंट में डॉ. आर.के. भीनमाल की यूनिट में भर्ती मेडिकल आईसीयू वार्ड में रखा है। स्वाइन फ्लू को देखते हुए फिलहाल उनसे किसी भी दूसरे व्यक्ति या परिचित को न मिलने की सलाह डॉक्टरों ने दी है। स्वाइन फ्लू के प्रोटोकॉल के तहत किया जा रहा इलाज एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया- स्वाइन फ्लू के प्रोटोकॉल के तहत मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का इलाज किया जा रहा है। उनकी जरूरी जांचे करवाई जा रही है और मेडिसिन डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. महेन्द्र अग्रवाल की निगरानी में बनी एक टीम उनकी देखरेख कर रही हैं। 129 पहुंचा आंकड़ा राजस्थान में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त 2026 के पहले पखवाड़े तक प्रदेश में 129 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में महज 16 केस दर्ज हुए थे। यानी एक साल में मामलों में करीब आठ गुना उछाल आया है। पड़ोसी राज्यों में संक्रमण, राजस्थान में सर्विलांस बढ़ा दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों में संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद राजस्थान में भी स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों को संक्रमण से निपटने के लिए आइसोलेशन बेड और जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। नया वायरस नहीं, एच1एन1 का मौसमी पैटर्न विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा संक्रमण किसी नए स्ट्रेन के कारण नहीं, बल्कि पुराने एच1एन1 वायरस के मौसमी पैटर्न का हिस्सा है। इसके बावजूद बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता जरूरी है।



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मोहन भागवत न्यूयॉर्क पहुंचे, मैडिसन स्क्वायर में कार्यक्रम: RSS के 100 साल पूरे होने पर तीन देशों का दौरा; अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जाएंगे


1 घंटे पहले

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न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय की महिलाओं ने भागवत का स्वागत किया।

RSS चीफ मोहन भागवत मंगलवार को न्यूयॉर्क पहुंचे। यह उनके 17 दिन के तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। न्यूयॉर्क के जेएफके एयरपोर्ट पर भारतीय महिलाओं ने तिलक लगाकर उनका स्वागत किया।

भागवत का यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम के तहत हो रहा है। RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर देश-विदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी सिलसिले में भागवत अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जाएंगे।

संघ के मुताबिक, इस दौरान वह भारतीय मूल के लोगों और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल वननेस’ कार्यक्रम में शामिल होंगे।

भागवत ने न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की।

भागवत ने न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की।

मैडिसन स्क्वायर में भारतीयों को संबोधित करेंगे भागवत

मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम का आयोजन अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) फोरम कर रहा है। कार्यक्रम में भागवत का संबोधन भी होगा।

यह कार्यक्रम रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम में रक्षाबंधन की पारंपरिक भावना को एकता, नागरिक जिम्मेदारी और वैश्विक सद्भाव के संदेश से जोड़ा जाएगा। इसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। अलग-अलग धर्मों और समुदायों से जुड़े लोग भी शामिल होंगे।

अमेरिकी आयोग ने RSS पर बैन की मांग की थी

भागवत के अमेरिका दौरे से पहले अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने RSS पर बैन लगाने की मांग की है। आयोग ने 19 अगस्त को अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को हाई लेवल राजनयिक सुविधाएं नहीं देने और उनसे आधिकारिक मुलाकात नहीं करने की अपील भी की।

भारत ने USCIRF की इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 20 अगस्त को आयोग को ‘पक्षपाती संस्था’ बताया था। उन्होंने कहा कि USCIRF लंबे समय से भारत को लेकर गलत और भड़काऊ बयान देता रहा है, इसलिए उसकी बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

मार्च की रिपोर्ट में RSS और RAW पर कार्रवाई की सिफारिश

USCIRF ने मार्च में अपनी सालाना रिपोर्ट में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता जताई थी। रिपोर्ट में RSS और RAW समेत कुछ संगठनों और लोगों पर बैन लगाने की सिफारिश की गई थी।

भारत ने रिपोर्ट को ‘विकृत और चुनिंदा’ बताते हुए खारिज कर दिया था। सरकार ने कहा था कि रिपोर्ट में ऐसे स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है जिनकी विश्वसनीयता पर सवाल हैं और इसमें भारत की स्थिति की एकतरफा तस्वीर पेश की गई है।

2018 में भी अमेरिका गए थे भागवत

मोहन भागवत इससे पहले सितंबर 2018 में अमेरिका गए थे। उन्होंने शिकागो में 7 से 9 सितंबर 2018 तक आयोजित दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में 60 देशों से करीब 2,500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भागवत ने कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया था।

2018 के इस दौरे की उपलब्ध रिपोर्टों में भागवत की किसी अमेरिकी राजनयिक से मुलाकात या उन्हें किसी औपचारिक राजनयिक सम्मान दिए जाने का जिक्र नहीं मिलता। उनका दौरा मुख्य रूप से वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित था।

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भागवत बोले- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त:हमें उनकी बात समझनी चाहिए, उनसे बात नहीं हुई तभी तो आंदोलन हुआ

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। उन्होंने कहा- हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ। पूरी खबर पढ़ें…

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सुपौल-6 लोगों को कार ने रौंदा, 3 की मौत: कीर्तन के दौरान हादसा, 50m दूर दुकान में घुसी कार; ड्राइवर फरार, पत्नी-बच्चों को भीड़ ने पकड़ा – Supaul News




सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कटैया चौक के पास NH-327ई किनारे स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप हुआ। बताया जा रहा है कि मंदिर में 6 लोग कीर्तन कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर कीर्तन कर रहे लोगों को रौंदते हुए आगे निकल गई और करीब 50 मीटर दूर एक दुकान में जा घुसी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। जबकि उसकी पत्नी और उसके दो बच्चों को लोगों ने पकड़ लिया। सुरक्षा के लिहाज से तीनों को पास के ही एक दुकान में ले जाकर शटर गिराकर बंद कर दिया। भीड़ ने शटर तोड़ने की कोशिश की। वहीं, सूचना मिलते ही घटनास्थल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है। पहले देखें, मौके से सामने आई 3 तस्वीरें… पुलिस ने वाहन किया जब्त मृतकों की पहचान वार्ड संख्या-12 निवासी तिलाई दास (65), राजू दास (50) और वार्ड संख्या-15 निवासी सुरेंद्र यादव (45) के रूप में हुई है। तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, हादसे में वार्ड संख्या-11 निवासी भुवनेश्वरी यादव और रामचंद्र यादव तथा वार्ड संख्या-13 निवासी कृष्ण मोहन साह घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की सूचना मिलते ही पिपरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है। हादसा किस वजह से हुआ, इसकी जांच की जा रही है। इधर, मंगलवार देर रात DM सावन कुमार ने बताया, SDM को घटनास्थल पर जांच के निर्देश दिए गए है। पुलिस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। ================== ये खबर भी पढ़ें… ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने रौंदा,5 की मौत:बेतिया में बेटे के जन्म की खुशियां मना रहे पिता की भी जान गई, तोड़फोड़-हंगामा बेतिया में हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। लौरिया थाना क्षेत्र में पिछले शुक्रवार रात करीब 11 बजे तेज रफ्तार बस सड़क किनारे चल रहे ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम में जा घुसी। वहां मौजूद लोगों को रौंद दिया। घटना बेतिया-लौरिया मुख्य मार्ग पर पराउ टोला बनकटवा के पास हुई। हादसे के वक्त बस में 15 पैसेंजर थे। हादसे में 12 से अधिक लोग घायल हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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भारतीय मसाले और पुर्तगाली अंदाज, गोवा की इस फेमस डिश ने ऐसे बनाई अपनी अलग पहचान

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Portuguese Indian Food: गोवा का नाम आते ही समुद्र, बीच और नारियल के साथ एक खास तरह का स्वाद भी याद आता है. यहां के खाने में मसालों की गर्माहट और समुद्री तट की अपनी खुशबू महसूस होती है. लेकिन कुछ गोअन डिश ऐसी हैं, जिनके स्वाद के पीछे सिर्फ स्थानीय परंपरा नहीं, बल्कि सदियों पुराना सांस्कृतिक मेल भी छिपा है. पोर्क विंदालू उन्हीं में से एक है. आज यह गोवा की पहचान से जुड़ी चर्चित डिश है और दुनिया के कई हिस्सों में इसे बेहद तीखी भारतीय करी के तौर पर जाना जाता है.

हालांकि इसकी असली कहानी थोड़ी अलग और ज्यादा दिलचस्प है. इसकी जड़ें पुर्तगाल की एक डिश Carne de Vinha d’Alhos से जुड़ी मानी जाती हैं, जिसे मांस, वाइन और लहसुन के साथ तैयार किया जाता था. गोवा पहुंचकर इसी रेसिपी ने स्थानीय सामग्री और स्वाद के साथ नया रूप ले लिया.

पुर्तगाल से गोवा तक पहुंची स्वाद की कहानी

‘विन्हा द अल्होस’ से बना विंदालू

इतिहास के मुताबिक पुर्तगाली अपने साथ मांस को वाइन और लहसुन में मैरिनेट करने की परंपरा लेकर आए थे. इस तैयारी को Carne de Vinha d’Alhos कहा जाता था. गोवा में आने के बाद स्थानीय रसोइयों ने इसे बिल्कुल वैसे ही नहीं अपनाया, बल्कि उपलब्ध सामग्री और अपने स्वाद के मुताबिक इसमें बदलाव किए. इसी प्रक्रिया से धीरे-धीरे विंदालू का गोअन रूप सामने आया. नाम पर भी ध्यान दें तो कहानी और साफ होती है. ‘विन्हा’ का संबंध वाइन से और ‘अल्होस’ का अर्थ लहसुन से है. गोवा पर्यटन विभाग भी विंदालू के नाम को पुर्तगाली शब्दों ‘vin’ और ‘alho’ से जोड़ता है.

भारतीय मसालों ने बदल दिया पूरा स्वाद

गोवा में वाइन की जगह स्थानीय तौर पर उपलब्ध सिरके ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. खासकर नारियल की ताड़ी से बने सिरके का इस्तेमाल किया गया. इसके साथ लहसुन, लाल मिर्च और स्थानीय मसालों ने डिश को वह स्वाद दिया, जिसके लिए आज विंदालू पहचाना जाता है. कश्मीरी मिर्च, काली मिर्च, दालचीनी और इलायची जैसी चीजों ने इसके स्वाद को और जटिल बनाया. यही वजह है कि पारंपरिक गोअन विंदालू को सिर्फ ‘बहुत तीखा खाना’ कहना अधूरा होगा. इसमें खट्टापन, लहसुन की खुशबू, मसालों की गर्माहट और मांस का गहरा स्वाद एक साथ मिलता है.

‘आलू’ को लेकर भी है दिलचस्प भ्रम

विंदालू को लेकर एक आम धारणा है कि इसमें आलू जरूर पड़ता है. दरअसल, पारंपरिक गोअन पोर्क विंदालू में आलू जरूरी हिस्सा नहीं है. ‘अल्होस’ शब्द को बाद में ‘आलू’ से जोड़कर देखने की वजह से कई भारतीय संस्करणों में आलू शामिल हो गया. आज अलग-अलग जगहों पर इसकी रेसिपी में बदलाव देखने को मिलते हैं, लेकिन पारंपरिक गोअन शैली में सिरका, लहसुन, मसाले और पोर्क इसकी पहचान माने जाते हैं.

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एक डिश में दिखती है इतिहास की पूरी झलक

विंदालू की खासियत यही है कि इसकी कहानी किसी एक देश की रसोई तक सीमित नहीं रहती. पुर्तगाली तकनीक, स्थानीय गोअन सामग्री और भारतीय मसालों ने मिलकर इसे ऐसा स्वाद दिया, जो समय के साथ गोवा की खाद्य पहचान का हिस्सा बन गया. आज दुनिया में इसे अलग-अलग तरीकों से बनाया जाता है, लेकिन गोवा में इसकी विरासत अब भी खास मानी जाती है.



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स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए जरूरी खबर! गुरुग्राम में बारिश को लेकर बने कई कड़े नियम


Highlights

  • जलभराव वाले रास्तों पर स्कूल बसें नहीं चलेंगी, सुरक्षित वैकल्पिक रूट अपनाना होगा।
  • भारी बारिश में फंसी स्कूल बसों से बच्चों को निकालने के लिए अतिरिक्त बसें रहेंगी।
  • जलभराव या सुनसान बस स्टॉप पर बच्चों को उतारने पर पूरी तरह रोक रहेगी।

गुरुग्राम: मानसून के दौरान स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गुरुग्राम जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। बारिश के मौसम में बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और उपायुक्त उत्तम सिंह ने स्कूल बसों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जलभराव वाले घोषित मार्गों पर स्कूल बसें नहीं चलाई जाएंगी। स्कूलों को ऐसे रास्तों के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रूट तय करने होंगे।

जलभराव वाले रास्ते पर नहीं जाएगी स्कूल बस

अगर किसी स्कूल बस का तय रूट जलभराव के कारण असुरक्षित घोषित किया जाता है, तो बस को उस रास्ते से नहीं भेजा जाएगा। स्कूल प्रबंधन को तुरंत सुरक्षित वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करना होगा। अगर कोई सुरक्षित वैकल्पिक रूट उपलब्ध नहीं है, तो बच्चों को स्कूल परिसर में ही सुरक्षित रखा जाएगा। ऐसी स्थिति में स्कूल को उनके अभिभावकों को तुरंत सूचना देनी होगी। बता दें कि हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें गुरुग्राम में स्कूल बसों को पानी में डूबा हुआ दिखाया गया था।

ट्रैफिक पुलिस देगी रियल-टाइम जानकारी

बारिश के दौरान स्कूल बसों के रूट की स्थिति पर ट्रैफिक पुलिस नजर रखेगी। पुलिस की ओर से स्कूलों को रियल-टाइम ट्रैफिक और सड़क की स्थिति की जानकारी दी जाएगी, ताकि स्कूल समय रहते बसों के रूट में बदलाव कर सकें। प्रशासन का मकसद जलभराव, जाम या किसी अन्य जोखिम वाले रास्ते पर बच्चों को भेजने से रोकना है। भारी बारिश या IMD अलर्ट के दौरान हरियाणा रोडवेज की अतिरिक्त बसें स्टैंडबाय रहेंगी। अगर कोई स्कूल बस जलभराव के कारण रास्ते में फंस जाती है, तो इन अतिरिक्त बसों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था की जाएगी।

सुनसान बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा बच्चा

नए दिशा-निर्देशों में बच्चों को बस से उतारने को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। किसी भी बच्चे को जलभराव वाले या सुनसान बस स्टॉप पर नहीं उतारा जाएगा। बच्चे को केवल उसके अभिभावक या अधिकृत संरक्षक को ही सौंपा जाएगा। यानी खराब मौसम में बच्चों को अकेले या असुरक्षित जगह पर छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने हर स्कूल में ट्रांसपोर्ट इंचार्ज या रूट सेफ्टी ऑफिसर नियुक्त करना अनिवार्य कर दिया है। यह अधिकारी स्कूल बसों के रूट, मौसम की स्थिति और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर नजर रखेगा। स्कूलों को बारिश के दौरान बस संचालन से जुड़े सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।

स्कूल गेट और बस रूट से पानी हटाने को प्राथमिकता

प्रशासन ने डिवॉटरिंग एजेंसियों को भी निर्देश दिए हैं कि स्कूल बस रूट और स्कूल के गेट के आसपास जमा पानी हटाने को पहली प्राथमिकता दी जाए। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और बसों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। जिला प्रशासन के ये निर्देश तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर 2026 तक या आगामी आदेश तक लागू रहेंगे। प्रशासन का कहना है कि मानसून के दौरान जलभराव और भारी बारिश से पैदा होने वाले जोखिम को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। (रिपोर्ट: गोहित कौशिक)

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E20 पेट्रोल के खिलाफ AAP का GOA में हुआ टाउनहॉल: गोवा-यूपी में भाजपा को हराएं, तभी इथेनॉल पॉलिसी वापस लेगी मोदी सरकार- केजरीवाल – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को गोवा के मिरामार में ई-20 के खिलाफ टाउनहॉल कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इतनी आसानी से ई-20 वापस नहीं लेने वाली। इसके लिए भाजपा को गोवा और उत्तर प्रदेश में हराना होगा। क्योंकि इन्हें अहंकार हो गया है कि जनता कहां जाएगी, जीतना तो भाजपा को ही है। इनका यही अहंकार तोड़ना होगा। अगर इन दोनों राज्यों में भाजपा हार गई तो मोदी सरकार 5 दिन के अंदर ई-20 वापस ले लेगी। उन्होंने कहा कि भारत में 80 फीसद वाहन ई-20 के इस्तेमाल योग्य नहीं हैं। फिर भी सरकार जबरदस्ती इसे थोप रही है।
भाजपा के लोग अनपढ़ हैं। ये न कोई स्टडी कराते हैं और ना ही किसी स्टडी को मानते हैं। जैसे ही ई-20 का मुद्दा शांत होगा, ये लोग ई-30 लाएंगे और डीजल में भी इथेनॉल मिलाएंगे।

गोवा आयोजित टाउनहाल में ई-20 को लेकर लोगों के अनुभवों को सुनने के उपरांत अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 से लगभग सभी गाड़ियों की माइलेज 30 से 40 फीसद कम हो गई है और 60 से 70 फीसद गाड़ियों के इंजन व फ्यूल ट्रांसमिशन सिस्टम खराब हो रहे हैं। यह समस्या केवल गोवा की नहीं है, बल्कि पूरे देश में लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन पता नहीं किन कारणों से प्रधानमंत्री देश के लोगों की बात नहीं सुन रहे हैं। केजरीवाल ने बताया कि ई20 पेट्रोल से गोवा सबसे ज्यादा प्रभावित है, क्योंकि यहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों का घनत्व पूरे देश में सबसे ज्यादा है। गोवा में 87 फीसद परिवारों के पास दोपहिया और 47 फीसद परिवारों के पास चारपहिया वाहन हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। कुछ लोगों को गलतफहमी है कि गोवा में ई20 लागू नहीं हुआ है। असल में 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश के हर पेट्रोल पंप पर केवल ई20 पेट्रोल ही मिल रहा है और शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। गोवा के पेट्रोल पंपों पर लोग जो पेट्रोल भरवा रहे हैं, वह ई20 ही है, इसी वजह से गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमने दिल्ली में भी एक नेशनल टाउन हॉल किया था, जिसे देश भर में एक साथ 7 लाख लोगों ने लाइव देखा था। दुनिया में शायद ऐसा पहली बार हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ कोई वर्चुअल रैली लाइव देखी हो। उसी दिन हमने तय किया था कि हम पूरे देश में ऐसे ही टाउन हॉल करेंगे। अब अलग-अलग राज्यों में ये कार्यक्रम हो रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने 29 ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी उनकी कारों, स्कूटरों और मोटरसाइकिलों में ई20 का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है? किसी कंपनी ने जवाब नहीं दिया। बाद में फोन करने पर नौ कंपनियों के अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ई20 बहुत खतरनाक फ्यूल है और 2023 से पहले बने पेट्रोल बेस्ड वाहनों में इसका इस्तेमाल बहुत खतरनाक होगा। कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि वे खुलकर यह बात नहीं बोल सकते क्योंकि उन पर केंद्र की मोदी सरकार का भारी दबाव है। यदि वे ई-20 के खिलाफ बोलते हैं, तो उन पर ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड हो जाएगी और उनके प्लांट बंद कर दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की सोसाइटी सियाम की मीटिंग में सभी कंपनियों ने ई-20 को बंद करने की मांग उठाई थी। सियाम ने एक रिसर्च बेस्ड रिपोर्ट तैयार की, जिसमें ई-20 को बहुत खतरनाक बताया गया था। 28 जुलाई को यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई और इसे बंद करने का अनुरोध किया गया। जब यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गई, तो सरकार ने दबाव डालकर एक हफ्ते के भीतर सियाम से वह रिपोर्ट वापस करवा ली। सियाम ने बयान दिया कि शायद उनसे कोई गलती हो गई थी। इतने बड़े संगठन की रिपोर्ट में गलती कैसे हो सकती है, जाहिर है कि ईडी और सीबीआई की धमकी देकर और दबाव डालकर वैज्ञानिक व थर्ड पार्टी रिपोर्ट वापस करवाई जा रही हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 25 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट कर दिया गया, जिससे देश में चीनी की भारी कमी हो गई। पिछले एक महीने में चीनी के दाम 30 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। 30 जुलाई को जो चीनी 45 रुपए किलो थी, वह आज बाजार में 75 रुपए किलो है। एक तरफ बेवकूफ और अनपढ़ सरकार ने गन्ने को इथेनॉल के लिए डाइवर्ट कर पेट्रोल में मिलावट की, जिससे लोग ई20 से परेशान हैं। दूसरी तरफ चीनी भी महंगी कर दी, जिससे लोग और परेशान हैं। सरकार का दावा था कि पेट्रोल में 20 फीसद इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल का आयात 20 फीसद कम होगा और विदेशी मुद्रा बचेगी। लेकिन चीनी की कमी के कारण अब देश चीनी का आयात कर रहा है। ऐसे में जो विदेशी मुद्रा बची थी, वह चीनी के आयात में खर्च हो गई। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसी बेवकूफ सरकार मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी। जब सरकार फैसले लेती है, तो विशेषज्ञों से चर्चा करती है। क्या किसी विशेषज्ञ ने यह नहीं बताया कि इतना गन्ना डाइवर्ट करने से चीनी की कमी हो जाएगी या ये लोग किसी की सुनते ही नहीं हैं। नितिन गडकरी कहते थे, कि इथेनॉल मिक्स करने से पेट्रोल 15 रुपए लीटर मिलेगा, लेकिन वह सस्ता नहीं हुआ। सरकार के सभी दावे खोखले साबित हुए और देश को कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ लोगों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप, मोदी जी पर दबाव डाल रहे हैं। अमेरिका के पास इथेनॉल सरप्लस है और सरकार द्वारा पैदा की गई इस कृत्रिम कमी के बाद अब अमेरिका से इथेनॉल आयात किया जाएगा, ताकि ई-20 को बढ़ाकर ई-30 और ई-40 किया जा सके।



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पालघर के गांव में धर्म-परिवर्तन की कोशिश: 22 महिलाओं पर केस, कुछ हैदराबाद से आई थीं; धार्मिक किताबें देकर कहा था- बीमारी ठीक होगी


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पालघर2 घंटे पहले

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महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाकडपाड़ा गांव में धर्म परिवर्तन करवाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में 22 महिलाओं पर केस दर्ज किया है। घटना 21 अगस्त को मोखाड़ा के वाकड़पाड़ा गांव में हुई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।

मोखाड़ा पुलिस ने बताया कि इस मामले में 22 महिलाओं को आरोपी बनाया गया है। इनमें दो मुख्य संदिग्धों की पहचान ठाणे जिले के उल्हासनगर निवासी सत्यवती बालकृष्ण कुंचे (46) और स्थानीय निवासी कुसुम शिवराम कांबड़ी के रूप में हुई है।

18 साल के छात्र ने दर्ज कराई शिकायत

शिकायत 18 साल के एक छात्र ने दर्ज कराई। उसने बताया कि महिलाओं का एक समूह उसके घर आया था। पुलिस के मुताबिक, सत्यवती कुंचे ने उसे न्यू टेस्टामेंट समेत धार्मिक किताबें मुफ्त में देने की पेशकश की। उसने दावा किया कि इन किताबों को पढ़ने से बीमारी ठीक हो जाएगी और बीमारियों से बचाव होगा।

छात्र ने जब किताबें लेने से मना कर दिया, तो महिला ने कथित तौर पर हिंदू देवी-देवताओं और मान्यताओं को गलत बताया। उसने छात्र से उनकी पूजा बंद करने और ईसाई धर्म अपनाने को कहा।

ग्रामीणों ने महिलाओं के समूह को रोका

छात्र ने स्थानीय ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मिलिंद झोले समेत ग्रामीणों ने महिलाओं के समूह को रोक लिया, API अजित साबले ने बताया। प्राथमिक जांच में सामने आया कि महिलाएं स्थानीय निवासी कुसुम कांबड़ी के संपर्कों के जरिए हैदराबाद से आई थीं।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। अभी तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

महाराष्ट्र में नया धर्मांतरण विरोधी कानून

यह मामला ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र सरकार द्वारा पारित नया धर्मांतरण विरोधी कानून ‘महाराष्ट्र धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2026’ राज्य में लागू होने जा रहा है। इस कानून के तहत बलपूर्वक, प्रलोभन या धोखाधड़ी से किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को गैर-जमानती अपराध बनाया गया है।



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