भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय संगठन में नई टीम का ऐलान कर दिया है। पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान को भी महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक बार फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। राजस्थान भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को राष्ट्रीय आदिवासी मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा की ओर से घोषित नई टीम में दोनों नेताओं को अहम संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलने को राजस्थान की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वसुंधरा राजे को फिर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे लंबे समय से भाजपा के केंद्रीय संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। इससे पहले 2023 में भी उन्हें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी। अब नई राष्ट्रीय टीम में भी उन्हें इसी पद पर बरकरार रखा है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर राजे की भूमिका और पार्टी संगठन में उनकी अहमियत का संकेत मिलता है। राजस्थान की 2 बार मुख्यमंत्री रह चुकीं राजे भाजपा की सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। प्रदेश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव और संगठन पर पकड़ रही है। ऐसे में राष्ट्रीय संगठन में उन्हें फिर जिम्मेदारी मिलने को राजस्थान के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी भूमिका के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। पूनिया 2019 से 2023 तक राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। पूनिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के बाद अब उनका संगठनात्मक दायरा राजस्थान से बढ़कर राष्ट्रीय स्तर तक हो गया है। वर्तमान में वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद भी हैं। जून 2026 में पूनिया राजस्थान से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। राजस्थान की सियासत पर भी पड़ेगा असर भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के दो प्रमुख नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश की सियासत में भी इसके अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। एक ओर वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है, वहीं सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री बनाकर पार्टी ने उन्हें संगठन में और बड़ी भूमिका दी है। राजस्थान में भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पार्टी प्रदेश में सत्ता में है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से राजस्थान भाजपा और राष्ट्रीय संगठन के बीच समन्वय में भी इन नेताओं की भूमिका अहम हो सकती है। संगठन में अनुभव और नए समीकरणों पर फोकस भाजपा की नई टीम में संगठनात्मक अनुभव रखने वाले नेताओं के साथ अलग-अलग राज्यों में प्रभाव रखने वाले चेहरों को जिम्मेदारियां देने की रणनीति पर जोर दिखाई दे रहा है। राजस्थान से राजे और पूनिया की नियुक्ति को भी इसी व्यापक संगठनात्मक रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ अब दोनों नेताओं की भूमिका सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहेगी। राजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ काम करेंगी, जबकि पूनिया राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर संगठन के महत्वपूर्ण कामकाज और चुनावी रणनीति में भूमिका निभा सकते हैं।
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वसुंधरा राजे फिर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनीं: सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी; उदयपुर सांसद को राष्ट्रीय आदिवासी मोर्चे का अध्यक्ष बनाया – Jaipur News
बीएमएस ने 17 मांगों को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन: जौनपुर में संविदा कर्मचारियों समेत विभिन्न श्रमिक वर्गों की समस्याओं के समाधान की मांग – Jaunpur News
जौनपुर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने सोमवार को दोपहर 12:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में केंद्र और राज्य सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। संघ ने विभिन्न श्रमिक वर्गों की लंबित 17 मांगों को पूरा करने की अपील की। बीएमएस ने कहा कि मजदूर और कर्मचारी महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण परेशान हैं। संघ ने मांग की कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय लागू किया जाए। आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं को स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू किया जाए। बीएमएस ने कहा कि कई कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के बिना काम करना पड़ता है। उन्हें उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी नहीं मिल रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को बीमा का लाभ देने के लिए केंद्र से बजट मिलने के बावजूद इसका समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। संघ ने कर्मचारियों को स्थानांतरण का भय दिखाकर शोषण करने की शिकायत करते हुए वेतन संबंधी विसंगतियां दूर करने की मांग की। 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा पटरी-रेहड़ी दुकानदारों को उत्पीड़न से राहत देने, ई-रिक्शा चालकों, स्ट्रीट वेंडरों, दिहाड़ी मजदूरों, ग्रामीण मजदूरों, नाई, धोबी, दर्जी समेत अन्य श्रमिक वर्गों को सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। पुरानी पेंशन बहाली की मांग बीएमएस ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से लंबित पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग भी उठाई। संघ ने संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न बंद करने तथा उनके लिए स्पष्ट नियमावली बनाने की मांग की। इसके अलावा मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई। संघ ने ईपीएस-95 के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन में वृद्धि करने और इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) से जोड़ने की भी मांग रखी।
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दरभंगा- सावन की तीसरी सोमवारी पर शिवालयों में भीड़: कुशेश्वरनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए नेपाल से पहुंचे श्रद्धालु; सीसीटीवी से निगरानी – Darbhanga News
दरभंगा में सावन की तीसरी सोमवारी पर जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है। मिथिलांचल के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में सुबह से ही शिवभक्तों की आवाजाही बनी रही। रात करीब तीन बजे से ही जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई थी। सुबह प्रधान पूजा संपन्न होने के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। श्रद्धालुओं ने चंद्रकूप से जल लेकर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाए गए अरघा में जल अर्पित किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर से सटे धर्मशाला परिसर में बांस-बल्ले से घुमावदार बैरिकेडिंग की गई थी। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार बनाई गई थी। बड़ी संख्या में कांवरियां गंगाजल लेकर पहुंचे। कई शिवभक्त दंड प्रणाम करते हुए भी बाबा के दरबार तक पहुंचे। मंदिर परिसर और आसपास का इलाका ‘हर-हर महादेव, बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा। नेपाल समेत दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु बाबा कुशेश्वरनाथ धाम में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से भी श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर परिसर और शिवगंगा घाट पर चिकित्सा सुविधा, पुलिस बल, दंडाधिकारी और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई थी। यातायात एवं भीड़ नियंत्रण के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग और वाहनों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए थे। सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। बिरौल एसडीओ शशांक राज और एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने सुबह कुशेश्वरस्थान मंदिर परिसर, बैरिकेडिंग स्थल, पार्किंग क्षेत्र और शिवगंगा घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और दंडाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद समेत अन्य अधिकारी भी लगातार मेला क्षेत्र का जायजा लेते रहे। मंदिर परिसर, शिवगंगा घाट, खगड़िया धर्मशाला सहित अन्य चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। विभिन्न स्थानों पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। स्थानीय थाना, काली मंदिर के पास, असमा, पारो और शिव मंदिर के पूरब की ओर बैरिकेडिंग की गई थी। शिवगंगा पोखर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की टीम भी तैनात रही। जिले के अन्य शिवालयों में भी उमड़ी भीड़ सावन की तीसरी सोमवारी पर सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर, जाले के रतनपुर स्थित गंगेश्वरनाथ मंदिर, मनमा महादेव, केवटी के पिंडारूच गोपालपुर स्थित गंगधारेश्वर महादेव मंदिर, रामेश्वरनाथ महादेव मंदिर समेत जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सिंहवाड़ा के बाबा बटेश्वरनाथ मंदिर में सुबह करीब 3:15 बजे पट खुलने के बाद श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सीसीटीवी, ड्रॉप गेट और महिला-पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप और एंबुलेंस भी तैनात रही। जाले के मनमा महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। यहां बाबा को मनोकामना लिंग के रूप में पूजा जाता है। मंदिर समिति की ओर से हरित सावन अभियान चलाया गया, जिसके तहत जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं के बीच पौधे वितरित किए गए। भरवाड़ा के दिग्घी पोखर स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शाम को श्रृंगार पूजा, महाआरती और प्रसाद वितरण किया गया।
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सागर में ढाबे से 15 लीटर कच्ची शराब जब्त: मुखबिर से सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई, एक आरोपी गिरफ्तार – Sagar News
सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सागर ढाबा पर दबिश देकर 16 अगस्त की रात 15 लीटर अमानक कच्ची शराब जब्त की। पुलिस ने मौके से 20 वर्षीय अमन तिवारी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई गल्ला मंडी चौराहे के आगे खुरई रोड स्थित ढाबे पर की गई। पुलिस के अनुसार, रात में मुखबिर से सूचना मिली थी कि ढाबे पर अमानक कच्ची शराब बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ढाबे के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान सफेद रंग के कुप्पे में तरल पदार्थ मिला। पुलिस के अनुसार, पदार्थ मटमैला और दुर्गंधयुक्त था। प्रथम दृष्टया यह मानव जीवन के लिए विषैला हो सकने वाला पाया गया। आबकारी एक्ट में केस दर्ज पुलिस ने करीब 15 लीटर कच्ची शराब जब्त की। मौके पर मिले अमन पिता नरेश तिवारी (20), निवासी राजीव नगर वार्ड, को गिरफ्तार किया गया। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। शराब के स्रोत और अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है।
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बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा मिलावटी घी, ऐसे करें असली-नकली की पहचान
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही घरों में देसी घी की मांग अचानक बढ़ जाती है. दाल में तड़का लगाना हो, गर्म रोटी पर घी लगाना हो या फिर मिठाई और पकवान बनाने हों, भारतीय रसोई में घी का खास महत्व है. लेकिन त्योहारों के समय जैसे-जैसे घी की खपत बढ़ती है, वैसे ही मिलावटी और नकली घी को लेकर चिंता भी बढ़ जाती है. खंडवा सहित मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में समय-समय पर मिलावटी घी पकड़े जाने के मामले सामने आते रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो घी हम बाजार से खरीदकर घर ला रहे हैं, वह वाकई शुद्ध है या उसमें किसी तरह की मिलावट की गई है?
अगर आप भी त्योहारों पर घी खरीदने जा रहे हैं तो कुछ आसान तरीकों से इसकी शुरुआती जांच कर सकते हैं. हालांकि, ध्यान रखें कि घरेलू तरीके सिर्फ प्राथमिक संकेत देते हैं, घी की शुद्धता की पक्की पुष्टि खाद्य प्रयोगशाला में जांच के बाद ही होती है.
खंडवा के बड़े घी दूध कारोबारी ने बताए शुरुआती तरीके
खंडवा के व्यापारी और लंबे समय से दूध-घी के कारोबार से जुड़े दूध संघ के उपाध्यक्ष जैन दूध भंडार के मालिक नवनीत अग्रवाल बताते हैं कि सबसे पहले लोगों को घी हमेशा भरोसेमंद दुकान से ही खरीदना चाहिए. जिस दुकानदार की वर्षों से बाजार में अच्छी पहचान हो और जिस पर ग्राहक भरोसा करते हों, वहां से घी लेना ज्यादा बेहतर है.उनके मुताबिक, घर पर घी को लेकर कुछ शुरुआती चीजें जरूर देखी जा सकती हैं.
हथेली पर डालकर देखें
नवनीत अग्रवाल बताते हैं कि थोड़ा सा घी हथेली पर लेकर हल्के हाथ से रगड़कर देखा जा सकता है. घी की बनावट और खुशबू पर ध्यान दें. गर्मी के संपर्क में घी का पिघलना सामान्य है, लेकिन सिर्फ हथेली पिघलने से घी के असली होने की पक्की पुष्टि की जा सकती है.
हल्का गर्म करके खुशबू पहचाने
घी की खुशबू भी उसकी गुणवत्ता को समझने में मदद कर सकती है. घी को बहुत ज्यादा गर्म करने के बजाय हल्की आंच पर गर्म करें. अच्छे घी में सामान्य तौर पर प्राकृतिक और पहचानने योग्य खुशबू आती है. अगर गर्म करने पर असामान्य, जली हुई या केमिकल जैसी गंध महसूस हो तो घी की गुणवत्ता पर संदेह हो सकता है.
रंग देखकर भी रहें सावधान
घी का रंग हमेशा एक जैसा नहीं होता. यह दूध, पशु के आहार और घी बनाने की प्रक्रिया के आधार पर हल्का पीला, क्रीम या सुनहरा हो सकता है. इसलिए सिर्फ ज्यादा पीला या सफेद देखकर घी को नकली नहीं कहा जा सकता. रंग के साथ उसकी खुशबू, बनावट, पैकिंग और लेबल भी देखना जरूरी है.
अच्छे घी की बनावट सामान्य तौर पर एक जैसी होती है, लेकिन तापमान के हिसाब से इसका रूप बदल सकता है. गर्म मौसम में घी पिघला हुआ और ठंडे मौसम में जमा हुआ दिखाई दे सकता है.
आयोडीन टेस्ट की जानकारी
घी में आयोडीन डालकर रंग बदलने के आधार पर मिलावट पहचानने का तरीका हर जगह पर काफी बताया जाता है लेकिन घर पर किसी रसायन का इस्तेमाल करके किए गए टेस्ट को अंतिम प्रमाण नहीं माना जा सकता.
अगर घी की शुद्धता को लेकर गंभीर संदेह है तो घरेलू प्रयोग करने के बजाय खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला में जांच करवाना ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद तरीका है.
हाइड्रोक्लोरिक एसिड से टेस्ट बिल्कुल न करें
कुछ जगह घी की जांच के लिए हाइड्रोक्लोरिक एसिड यानी HCL इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. लेकिन यह एक तेजाब है और इसे घर पर इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है.
इसलिए घी की जांच के लिए घर में किसी भी तरह का तेजाब या खतरनाक रसायन इस्तेमाल न करें. ऐसी जांच प्रशिक्षित व्यक्ति या प्रयोगशाला में ही होनी चाहिए.
घी को मुंह में रखकर असली-नकली पहचानने की बात भी कही जाती है, लेकिन स्वाद के आधार पर मिलावट की पक्की पहचान करना संभव नहीं है. अलग-अलग दूध और बनाने की प्रक्रिया से घी का स्वाद बदल सकता है.
घी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों में घी खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी सावधानियां आपको मिलावटी उत्पाद से बचाने में मदद कर सकती हैं.
- हमेशा भरोसेमंद दुकान से घी खरीदें.
- पैक्ड घी लेते समय पैकेट की सील जरूर देखें.
- लेबल पर FSSAI लाइसेंस नंबर और निर्माता की जानकारी देखें.
- निर्माण और एक्सपायरी की तारीख जरूर चेक करें.
- सामग्री यानी ingredients की जानकारी पढ़ें.
- बहुत कम कीमत में मिलने वाले घी को लेकर सावधान रहें.
- घी की पैकिंग फूली हुई, टूटी या संदिग्ध लगे तो उसे न खरीदें.
मिलावट का शक हो तो क्या करें?
अगर घी की खुशबू, स्वाद, पैकिंग या गुणवत्ता को लेकर संदेह है तो उसे खाने के बजाय पहले दुकानदार से बिल और उत्पाद की जानकारी लें जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत की जा सकती है. घरेलू टेस्ट से किसी उत्पाद को तुरंत नकली घोषित करना सही नहीं है, क्योंकि मिलावट की पक्की पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही होती है.
त्योहार खुशियों और मिठास का समय होते हैं. ऐसे में बाजार से घी खरीदते समय सिर्फ कीमत देखकर खरीदारी न करें. भरोसेमंद जगह से खरीदें, पैकिंग और लेबल जांचें और अगर शुद्धता पर संदेह हो तो विशेषज्ञ या खाद्य प्रयोगशाला की मदद लें इससे त्योहारों की मिठास के साथ परिवार की सेहत का भी ध्यान रखा जा सकेगा.
रूस का यूक्रेन पर मिसाइल हमला: भारतीय अरबपति लक्ष्मी मित्तल के स्टील प्लांट को निशाना बनाया, 2 की मौत
रूस ने शनिवार रात यूक्रेन के क्रिवी रिह शहर में भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल की कंपनी आर्सेलरमित्तल के स्टील प्लांट पर मिसाइल हमला किया। हमले में दो लोगों की मौत हो गई और 13 कर्मचारी व ठेकेदार घायल हुए हैं। यह यूक्रेन का सबसे बड़ा स्टील प्लांट है। हमले के बाद प्लांट में प्रोडक्शन का कुछ काम रोकना पड़ा। प्लांट की ऊर्जा व्यवस्था और ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े अहम हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। हमले के बाद दमकलकर्मी, बचाव दल और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव का काम जारी है। 2022 में भी हुआ था हमला इस प्लांट पर रूस पहले भी हमला कर चुका है। 2022 में हुए रूसी मिसाइल हमले में प्लांट की एक रोलिंग मिल नष्ट हो गई थी और एक कर्मचारी की मौत हुई थी। यहां स्टील बनाने के लिए बड़े ब्लास्ट फर्नेस और दूसरी उत्पादन इकाइयां हैं। रूस के हमले में इन्हीं उत्पादन से जुड़े कुछ अहम हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। इसलिए कंपनी ने प्लांट का कुछ काम अस्थायी रूप से रोक दिया है। लक्ष्मी मित्तल की कंपनी यूक्रेन में क्यों अहम है? आर्सेलरमित्तल क्रिवी रिह यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के लिए अहम औद्योगिक इकाई है। यह कंपनी दुनिया की बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल आर्सेलरमित्तल का हिस्सा है, जिसके चेयरमैन और प्रमुख शेयरधारक भारतीय मूल के उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल हैं। प्लांट यूक्रेन के बड़े औद्योगिक शहर क्रिवी रिह में स्थित है। यह शहर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का गृहनगर भी है। मित्तल ने 2005 में खरीदा था यूक्रेन का यह स्टील प्लांट यूक्रेन का क्रिवी रिह स्टील प्लांट पहले सरकारी कंपनी के पास था। 2005 में लक्ष्मी मित्तल की कंपनी मित्तल स्टील ने इसे खरीद लिया। इसके बाद मित्तल स्टील का आर्सेलर के साथ विलय हुआ और 2006 में आर्सेलरमित्तल बनी। तब से यह प्लांट इसी कंपनी का हिस्सा है। लक्ष्मी मित्तल भारतीय मूल के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते हैं। उनकी कंपनी आर्सेलरमित्तल दुनिया की बड़ी स्टील कंपनियों में शामिल है और कई देशों में कारोबार करती है। ———————- ये खबर भी पढ़ें…. रूस पर यूक्रेन का सबसे बड़ा ड्रोन हमला:6 की मौत; मॉस्को के पास ई-कॉमर्स गोदाम में आग लगी; रूस ने 1400 ड्रोन मार गिराए यूक्रेन ने रविवार को रूस पर युद्ध शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़े ड्रोन हमला किया है। इसमें कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई। इन ड्रोन हमलों में मॉस्को के पास रूसी ई-कॉमर्स कंपनी वाइल्डबेरिज के डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर में आग लग गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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3kW के सोलर पैनल का खर्च कितने समय में होगा वसूल? समझें पूरा गणित
सरकार ‘पीएम सूर्य घर’ योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी दे रही है। केंद्र सरकार के साथ-साथ कुछ राज्य सरकारें भी सब्सिडिटी ऑफर कर रही है ताकि लोग अपने घर पर सोलर पैनल लगाकर बिजली के भारी-भरकम बिल की बचत कर सके। आम तौर पर लोग अपने घरों पर 1kW से 5kW का सोलर सिस्टम लगवाते हैं। अगर, आपने 3kW का सोलर सिस्टम लगवाया है तो कितनी सब्सिडी मिलेगी और कितने दिन में आपकी लागत की वसूली बिजली की बचत से हो जाएगी? आइए समझते हैं…
सब्सिडी मिलने के बाद भी सोलर सिस्टम लगवाने की पूरी राशि का 40 से लेकर 70 प्रतिशत तक का खर्च आपको खुद उठाना पड़ता है। हालांकि, आप बिजली के बिल की बचत करके इस खर्च की वसूली कर सकते हैं। इसमें 3 से लेकर 5 साल तक का समय लग सकता है। यह आपके घर की लोड पर निर्भर करता है।
3kW सिस्टम की लागत
एक 3BHK फ्लैट के लिए यह सबसे बेहतर सोलर सिस्टम माना जाता है। भारत में ज्यादातर लोग 3kW के सोलर सिस्टम को ही लगाना पसंद करते हैं। इसे लगवाने में आपको 1,40,000 रुपये से लेकर 1,60,000 रुपये का खर्च आता है। सरकार की तरफ से 78,000 रुपये की सब्सिडी मिल जाती है। इस तरह से आपको कुल 82,000 रुपये का खर्च वहन करना पड़ता है।
3 किलोवाट का सिस्टम लगवाने पर आप एक महीने में 2,000 से लेकर 2,500 रुपये की बिजली बिल की बचत कर सकते हैं। इस तरह से आपको कुल लागत की वसूली करने में 3.5 से लेकर 4 साल का समय लग जाता है।
क्या चलेंगे लोड?
3 किलोवाट का सोलर सिस्टम आपके घर का सारा लोड उठा सकता है। इस सोलर सिस्टम पर आप एक 1.5 टन वाला इन्वर्टर एसी भी चला सकते हैं। यही नहीं, घर के अन्य अप्लायंसेज जैसे कि फ्रिज, मोटर, कूलर आदि भी इस पर आराम से चल सकता है।हालांकि, सोलर पैनल का पावर जेनरेशन मौसम और इसकी मेंटेनेंस पर निर्भर करता है। अगर, आपके सोलर पैनल पर पर्याप्त धूप नहीं मिलती है तो इसके जेनरेशन पर असर देखने को मिल सकता है। वहीं, पैनल अगर गंदा है तो भी जेनरेशन में गिरावट आ सकती है।
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VHP के राष्ट्रीय महामंत्री बोले- CJP आंदोलन में हत्यारे-बलात्कारी थे: जंतर-मंतर पर ‘जेन-जी’ नहीं था; पंजाब में विदेशी फंडिंग से गरीब सिखों का धर्मांतरण – Pathankot News
दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन को लेकर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। परांडे ने कहा कि इस आंदोलन में करीब 2,800 हिस्ट्रीशीटर, 60 हत्यारे और 100 से ज्यादा बलात्कारी शामिल थे। ऐसे लोगों की मौजूदगी वाले आंदोलन को छात्रों या ‘जेन-जी’ का आंदोलन बताना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गरीब सिखों का विदेशी फंडिंग के जरिए धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इन्हें ईसाई बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। वह रविवार रात पठानकोट पहुंचे हुए थे, जहां उन्होंने मीडिया से बात की। VHP नेता मिलिंद परांडे की 4 अहम बातें ************* ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़- मां ने बेटे को बचाने के लिए किडनी दी: मोहाली में ₹7 लाख का ट्रांसप्लांट फेल, अब मां-बेटे दोनों बीमार; 1 बीघा जमीन भी बिकी ‘जिस बेटे को जन्म दिया, उसकी जिंदगी बचाने के लिए मां ने अपनी किडनी भी दे दी। मगर, मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में कराए ट्रांसप्लांट के बाद किडनी फेल हो गई। अल्ताफ की तबीयत बिगड़ती चली गई तो पिता उसे लेकर चंडीगढ़ PGI पहुंचे। (पढ़ें पूरी खबर)
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इंद्रा कॉलोनी में जलभराव की समस्या हुई हल: टूटा नाला, सड़क पर जलभराव, कचरा जमा होने, बिजली लाइन से जुड़ी परेशानी आई सामनें – Kota News
कोटा7 मिनट पहले
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कोटा शहर के लोग दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान’ पर लगातार अपनी समस्याएं पोस्ट कर रहे हैं। इनमें टूटा नाला, सड़क पर जलभराव, कचरा जमा होने, बिजली लाइन से जुड़ी परेशानी और लंबे समय से बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं शामिल हैं। लोगों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण रोजाना आवाजाही में परेशानी के साथ हादसे और बीमारियों का खतरा भी बना रहता है। वहीं, कुछ समस्याओं पर संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों ने संज्ञान लेकर कार्रवाई की है और लोगों को राहत मिली है।
दैनिक भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए…
पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली…
प्रदीप कसाना बने आज ‘पब्लिक के स्टार’
शिवपुरा मेन रोड स्थित शिवपुरा मस्जिद बिलाल के आगे नाला टूटा हुआ था। नाला खुला होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी के साथ हादसे का खतरा बना हुआ था। शिकायतकर्ता शहबुद्दीन ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है। समस्या सामने आने के बाद निवर्तमान पार्षद प्रदीप कसाना ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर निगम अधिकारियों को जानकारी दी और संबंधित कर्मचारियों को जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद टूटे नाले की मरम्मत कर समस्या का समाधान कर दिया गया। इससे लोगों को राहत मिली और हादसे का खतरा भी टल गया।

त्वरित कार्रवाई के लिए प्रदीप कसाना को आज का ‘स्टार ऑफिसर’ चुना गया।

टूटे नाले की मरम्मत कर समस्या का समाधान कर दिया गया।
सड़क पर जलभराव की समस्या का हुआ समाधान इंद्रा कॉलोनी, वैष्णवी होटल रोड, न्यू इंद्रप्रस्थ क्षेत्र से महेश साहू ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई कर पानी की निकासी शुरू कर दी गई। इससे सड़क पर जमा पानी की समस्या से लोगों को राहत मिली।

संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई कर पानी की निकासी शुरू कर दी गई।
अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान पर काम जारी है…
नाले के पास कचरा जमा, बीमारी और हादसे का खतरा
खंड गांवड़ी क्षेत्र से जोगेंद्र सिंह ने समस्या पोस्ट कर बताया कि रोजाना कचरा फेंका जा रहा है। इससे नाले के आसपास गंदगी का ढेर लगा हुआ है। गंदगी के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बना हुआ है। साथ ही नाले में छोटे बच्चों के गिरने की आशंका भी रहती है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से कचरा हटवाकर नियमित सफाई कराने की मांग की है।

गंदगी के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
सिटी मॉल के बाहर सड़क पर गड्ढा, एक साल से परेशानी
झालावाड़ रोड स्थित सिटी मॉल के बाहर सड़क पर बने गड्ढे से लोग परेशान हैं। शिकायतकर्ता अजय खंडेलवाल ने समस्या पोस्ट कर बताया कि करीब एक साल से गड्ढा होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क के गड्ढे की मरम्मत कराने की मांग की है।

सिटी मॉल के बाहर सड़क पर बने गड्ढे से लोग परेशान हैं।
पेड़ की वजह से रोड लाइट की रोशनी कम
श्रीनाथपुरा से रविंद्र अग्रवाल ने समस्या पोस्ट कर बताया कि खंभे के पास लगे पेड़ की वजह से रोड लाइट ढक गई है। इससे लाइट की रोशनी सड़क तक ठीक से नहीं पहुंच रही और रात के समय आसपास का क्षेत्र कम रोशनी में रहता है। लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने पेड़ की छंटाई करवाकर रोड लाइट की रोशनी बेहतर करने की मांग की है।

खंभे के पास लगे पेड़ की वजह से रोड लाइट ढक गई है।
खराब सड़क से आवागमन में परेशानी
महावीर नगर से अर्जुन ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र की सड़क खराब हालत में है। सड़क पर जगह-जगह खराब होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। वाहन चालकों को भी सड़क से गुजरते समय दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत करवाकर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

सड़क पर जगह-जगह खराब होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है।
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शाहजहांपुर में विवाहिता ने सुसाइड किया: भाई बोला- युवक कॉल करके परेशान करता था, तीन के खिलाफ FIR – Shahjahanpur News
शाहजहांपुर में फोन पर लगातार परेशान किए जाने से एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह घटना सेहरामऊ दक्षिणी थाना क्षेत्र के एक गांव की है। मृतका के भाई ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन की शादी हो चुकी थी। शादी के बाद भी गांव का रहने वाला श्रीकांत उसकी बहन के मोबाइल पर लगातार फोन करता था, जिससे वह काफी परेशान थी। बहन ने इस बारे में अपने भाई को बताया। पीड़ित भाई ने पहले आरोपी श्रीकांत के परिवार से शिकायत की थी। आरोप है कि 14 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे आरोपी श्रीकांत, रमाकांत और सर्वेश की पत्नी ने उसके परिवार के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। इसी से आहत होकर विवाहिता ने 14 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद रविवार रात तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों श्रीकांत, रमाकांत और सर्वेश की पत्नी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
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