हनुमानगढ़ में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (यूजी) रविवार को कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुई। जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर कुल 2641 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2395 परीक्षार्थी शामिल हुए। इस प्रकार, परीक्षा में 90.68 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि 246 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई। निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर काफी पहले पहुंचना पड़ा। प्रवेश से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की सघन जांच और दस्तावेज सत्यापन किया गया। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्षों में प्रवेश की अनुमति मिली। री-नीट परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहे। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई थी, जिससे अनावश्यक भीड़ जुटने पर रोक लगी। सुरक्षा के मद्देनजर, केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में स्थित ई-मित्र केंद्र, फोटोकॉपी की दुकानें और इंटरनेट कैफे परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखे गए। संबंधित थानाधिकारियों को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर लगातार निगरानी बनाए रखी। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी विशेष नजर रखी गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी, अव्यवस्था या नकल संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
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हनुमानगढ़ में री-नीट परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न: 2395 अभ्यर्थी हुए शामिल, सात केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था – Hanumangarh News
देशभर में संपन्न हुआ NEET UG री-एग्जाम, जानें कब तक आ सकता है रिजल्ट?
NEET UG री-एग्जाम 2026 का परिणाम अगले महीने जुलाई के आखिर तक जारी हो सकता है। परिणाम जारी होने के बाद कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर खुद का स्कोरकार्ड डाउनलोड कर देख सकते हैं। जान लें कि NEET री-एग्जाम आज (रविवार को) आयोजित किया गया था, जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया।
पिछले 5 साल में NEET रिजल्ट की तारीखें
पिछले कुछ साल के रुझानों को अगर देखें तो NEET का परिणाम आमतौर पर एग्जाम होने के 40 से 45 दिनों के अंदर घोषित कर दिया जाता है। साल 2025 में NEET री-एग्जाम 4 मई को हुआ था और उसका रिजल्ट 14 जून को यानी 41 दिनों के अंदर जारी कर दिया गया था। वहीं, 2024 में NEET की मुख्य परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी और उसका रिजल्ट 4 जून को घोषित हुआ था। इसके बाद, री-एग्जाम 23 जून को कराया गया था, जिसका रिजल्ट 30 जून को जारी हुआ था।
| वर्ष | रिजल्ट की तारीख |
|---|---|
| 2025 | 14 जून |
| 2024 | 4 जून (री-एग्जाम रिजल्ट: 30 जून) |
| 2023 | 13 जून |
| 2022 | 7 सितंबर |
| 2021 | 1 नवंबर |
कैसे डाउनलोड करें NEET री-एग्जाम 2026 का स्कोरकार्ड?
कैंडिडेट अपना स्कोरकार्ड ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in से डाउनलोड कर देख सकते हैं।
- सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर विजिट करें।
- NEET Re-Exam Scorecard 2026 लिंक पर क्लिक करें।
- अब अपना एप्लिकेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें।
- फिर आपको स्क्रीन पर स्कोरकार्ड की PDF दिखाई देगी।
- स्कोरकार्ड के PDF को डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।
NEET री-एग्जाम की आंसर की 2026 कैसे देखें?
- सबसे पहले neet.nta.nic.in पर जाएं।
- यहां NEET Re-Exam Answer Key 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
- अब आंसर की PDF आपकी स्क्रीन पर खुल जाएगी।
- इस PDF को डाउनलोड करें या प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।
NEET री-एग्जाम की आंसर की पर आपत्ति कैसे करें दर्ज?
- सबसे पहले neet.nta.nic.in पर विजिट करें।
- अब Answer Key Objection Window लिंक पर जाकर क्लिक करें।
- यहां एप्लिकेशन नंबर और DOB भककर लॉगिन करें।
- जिन सवालों पर आपको आपत्ति दर्ज करनी है, उन्हें चुन लें।
- संबंधित जवाबों और सहायक दस्तावेज जैसे- PDF को अपलोड करें।
- इसके बाद निर्धारित शुल्क का पेमेंट करें।
- अब Submit के ऑप्शन पर क्लिक करें।
- अब इस आवेदन की कॉपी अपने पास सुरक्षित रख लें और उसका प्रिंटआउट भी निकाल लें।
NEET UG री-एग्जाम 2026 के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर विजिट कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें- NEET स्टूडेंट समय से पहुंच जाएं परीक्षा केंद्र, इसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर ही रुके रहे PM मोदी
पहली पत्नी टॉप एक्ट्रेस, विनोद खन्ना संग जुड़ा था नाम, फिर 10 साल छोटी हसीना से रचाई शादी
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बॉलीवुड के जाने माने एक्टर सैफ अली खान कभी अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहा करते थे. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने अपने से 12 साल बड़ी टॉप एक्ट्रेस अमृता सिंह से शादी की थी. लेकिन 13 साल बाद दोनों अलग हो गए. फिर खुद से 10 साल छोटी करीना कपूर को उन्होंने दुल्हनियां बनाया.
नई दिल्ली. सैफ अली खान और अमृ्ता सिंह की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. जिस वक्त अमृता अपने करियर के टॉप पर थी, उस वक्त उन्होंने सैफ अली खान से शादी की थी. लेकिन उनका ये रिश्ता 13 साल बाद टूट गया. इसके बाद वह अपनी इटैलियन गर्लफ्रेंड को लेकर भी खूब चर्चा में रहे.
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सुकन्या खाते में पैसे डालने के लिए PO के धक्के न खाएं! बैंक में ट्रांसफर कराएं
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बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना देश की सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल है. लेकिन कई अभिभावकों को हर बार पैसे जमा करने के लिए पोस्ट ऑफिस जाना पड़ता है, जिससे समय और मेहनत दोनों खर्च होते हैं. अच्छी बात यह है कि अब इस खाते को आसानी से अपने नजदीकी बैंक में ट्रांसफर कराया जा सकता है. इससे प्रीमियम जमा करने से लेकर खाते की निगरानी तक का काम काफी आसान हो जाता है.
बेटी के सुकन्या खाते को बैंक में कराएं ट्रांसफर, जमा और निकासी होगी बेहद आसान. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. सुकन्या समृद्धि योजना केंद्र सरकार की एक छोटी बचत योजना है, जिसे खासतौर पर बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था. इस योजना में निवेश करने पर आकर्षक ब्याज मिलता है और टैक्स लाभ भी उपलब्ध होता है. बेटी की उच्च शिक्षा या शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए यह योजना एक मजबूत वित्तीय आधार तैयार करती है. यही वजह है कि लाखों परिवार अपनी बेटियों के नाम पर इस योजना में नियमित निवेश कर रहे हैं.
पोस्ट ऑफिस से बैंक में खाता ट्रांसफर कराने का फायदा
कई लोगों का सुकन्या खाता पोस्ट ऑफिस में खुला होता है, लेकिन समय के साथ बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार होने से बैंक अधिक सुविधाजनक विकल्प बन गए हैं. बैंक में खाता ट्रांसफर होने के बाद नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, ऑटो-डेबिट और ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाओं का लाभ लिया जा सकता है. इससे हर महीने या साल प्रीमियम जमा करने के लिए पोस्ट ऑफिस जाने की जरूरत नहीं पड़ती. साथ ही खाते से जुड़ी जानकारी भी आसानी से प्राप्त हो जाती है.
ऐसे करें सुकन्या खाता ट्रांसफर
खाता ट्रांसफर कराने के लिए सबसे पहले उस पोस्ट ऑफिस में जाना होगा जहां आपका सुकन्या समृद्धि खाता संचालित हो रहा है. वहां खाता स्थानांतरण के लिए आवेदन फॉर्म भरना होगा. फॉर्म के साथ पासबुक, पहचान पत्र, पते का प्रमाण और नए बैंक की जानकारी जमा करनी होगी. आवेदन स्वीकार होने के बाद संबंधित दस्तावेज बैंक को भेजे जाते हैं और कुछ समय के भीतर खाता नए बैंक में स्थानांतरित हो जाता है. पूरी प्रक्रिया आमतौर पर काफी सरल और सुविधाजनक होती है.
ट्रांसफर के बाद मिलेंगी ये अतिरिक्त सुविधाएं
बैंक में खाता ट्रांसफर होने के बाद निवेशकों को कई अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकती हैं. प्रीमियम ऑनलाइन जमा किया जा सकता है, खाते की जानकारी मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से देखी जा सकती है और भुगतान की समयसीमा का ध्यान रखना भी आसान हो जाता है. इससे खाते के निष्क्रिय होने का जोखिम कम होता है. इसके अलावा नजदीकी बैंक शाखा होने पर किसी भी जानकारी या सहायता के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती.
इन दस्तावेजों को पहले से रखें तैयार
खाता ट्रांसफर प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहतर होता है. इनमें सुकन्या समृद्धि खाते की पासबुक, अभिभावक का आधार या पैन कार्ड, पता प्रमाण, बैंक खाते की जानकारी और आवेदन पत्र शामिल हैं. यदि सभी दस्तावेज सही तरीके से जमा कर दिए जाएं तो ट्रांसफर प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सकती है. इसलिए आवेदन करने से पहले सभी कागजातों की जांच जरूर कर लें.
बेटी के भविष्य की योजना को बनाएं और मजबूत
सुकन्या समृद्धि योजना केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने का एक मजबूत साधन है. यदि आपका खाता अभी पोस्ट ऑफिस में है और वहां बार-बार जाना मुश्किल होता है, तो उसे नजदीकी बैंक में ट्रांसफर कराना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है. इससे निवेश जारी रखना आसान होगा, समय बचेगा और आधुनिक बैंकिंग सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा. सही वित्तीय योजना और नियमित निवेश के साथ यह योजना आपकी बेटी के सपनों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.
About the Author
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
पहले डायरेक्टर संग किया काम, फिर रचाई शादी, ‘त्रिदेव’ के दौरान किसी और के साथ था चक्कर, 40
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‘शहंशाह’,’त्रिदेव’, ‘कोहराम’ और ‘विश्वात्मा’ जैसी फिल्मों में काम करने वाली 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेस रहीं सोनम खान ने अफेयर को लेकर खुलासा किया है. सोनम और राजीव राय की डेटिंग की चर्चा लंबे समय से चल रही है. हालांकि, सोनम और राजीव ने ‘त्रिदेव’ बनने के काफी समय बाद एक-दूसरे को डेट किया और शादी की.
सोनम ने क्लियर किया कि राजीव ने उन्हें ‘त्रिदेव’ में इसलिए कास्ट नहीं किया था क्योंकि वह उन्हें डेट कर रहे थे. सालों से चल रही अटकलों सोनम ने सफाई दी और सच्चाई बताई है. सोनम खान ने इंस्टाग्राम पर त्रिदेव का ‘ओए ओए’ गाने की क्लिप शेयर की. इसमें वह नसीरुद्दीन शाह के साथ डांस करते हुए दिख रही हैं. सोनम इस पोस्ट के साथ एक लंबा नोट लिखा. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सोनम खान ने लिखा, “ओए ओए ओए ओएओह ना यानी एक बड़ा ‘नहीं’. असली कहानी यह है कि मेरा ‘त्रिदेव’ के डायरेक्टर के साथ कोई अफेयर नहीं था. तो आगे पढ़ें… ‘त्रिदेव’ की शूटिंग का पहला दिन. पहला गाना. पहली अफवाह.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सोनम खान ने आगे लिखा, “लोगों के मानने के मुताबिक, ‘त्रिदेव’ के रिलीज़ होने के बाद लोगों को पक्का यकीन था कि मैं फिल्म बनने के दौरान डायरेक्टर के साथ रोमांस कर रही थी, जिसकी वजह से मुझे बाकी दो लीडिंग एक्ट्रेस के मुकाबले ज़्यादा फायदा मिला. जैसे ज़्यादा स्क्रीन टाइम और एक सुपर हिट गाना जो देश के हर कोने में बज रहा था.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)
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सोनम खान ने आगे लिखा,”कहानी में ट्विस्ट: राजीव सेट पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ थे. मेरा बॉयफ्रेंड भी सेट से थोड़ी ही दूर था. हम दोनों ही पहले से ही किसी के साथ रिलेशनशिप में थे, ‘ओए ओए’ तो बस अचानक मेरी झोली में आ गया.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सोनम खान ने लिखा, “असल में राजीव मुझे ‘त्रिदेव’ में नहीं लेना चाहते थे. उन्होंने एक दूसरी एक्ट्रेस से कॉन्टैक्ट किया था और लगभग डील पक्की भी कर ली थी, क्योंकि जब उन्होंने यश जी द्वारा दिखाए गए ‘विजय’ के फुटेज देखे तो उन्हें मैं ज़्यादा पसंद नहीं आई थी.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सोनम खान ने आगे लिखा, “असल में, जब उनके पास कोई और चारा नहीं बचा, तब मैं उनकी आखिरी पसंद बनी. तो, न कोई रोमांस, न कोई सीक्रेट फ़ोन कॉल, न ही डायरेक्टर की तरफ़ से कोई खास फ़ायदा (अगर ऐसा कुछ होता भी है तो मुझे नहीं पता, नासमझ या ख्यालों में खोई हुई लगने के लिए माफ़ करना). बस मैं और एक शानदार गाना.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सोनम खान ने आखिरी में लिखा, “‘त्रिदेव’ के रिलीज़ होने के काफ़ी समय बाद मैंने और राजीव ने डेटिंग शुरू की, क्योंकि हम दोनों सिंगल थे और हमें किसी को कोई सफ़ाई देने की ज़रूरत नहीं थी. तो, मेरे प्यारों, ‘त्रिदेव’ को बनाने में मुझे जरा भी प्राथमिकता नहीं मिली. ज़रा भी नहीं. बिल्कुल नहीं. ओए ओए ओए ओएओह या! आउच!” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

बता दें कि ‘त्रिदेव’ के बाद सोनम खान और राजीव राय रिलेशनशिप में आए और बाद में 1991 में शादी कर ली. साल 2001 में दोनों का तलाक हो गया. 15 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2016 में उनका तलाक़ हुआ. वहीं, राजीव राय ‘विश्वात्मा’, ‘त्रिदेव’, ‘मोहरा’ और ‘गुप्त’ जैसी शानदार फ़िल्में डायरेक्ट करने के लिए जाने जाते हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)
अलीगढ़ में बाइक बचाने में खंभे से टकराई कार: AMU चौराहे पर हादसा,वाहन क्षतिग्रस्त, अंदर बैठे लोग सुरक्षित – Aligarh News
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) क्षेत्र के टीचिंग स्टाफ चौराहे के पास रविवार सुबह एक कार बाइक सवार को बचाने के प्रयास में खंभे से टकरा गई। इस घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि परिवार सुरक्षित रहा। यह घटना 21 जून 2026, रविवार को सुबह करीब 10:30 बजे हुई। अलीगढ़ निवासी एक परिवार शादी समारोह से लौट रहा था। AMU के डग पॉइंट से वाबे सैयद गेट की ओर आते हुए, टीचिंग स्टाफ चौराहे के पास अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। बाइक को बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से वाहन मोड़ा, जिससे कार अनियंत्रित हो गई। कार सड़क किनारे लगे एक लोहे के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। खंभे पर लगा सीसीटीवी कैमरा और उसका इलेक्ट्रॉनिक बॉक्स भी टूट गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि कार की गति अधिक होती तो दुर्घटना और गंभीर हो सकती थी। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलने पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कार सवारों से घटना के संबंध में जानकारी ली। यह घटना शहर में यातायात सुरक्षा और नियमों के पालन की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। चौराहों पर सतर्कता और नियंत्रित गति ऐसे हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और क्षतिग्रस्त सार्वजनिक संपत्ति का आकलन किया जा रहा है।
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नालंदा में स्कूल परिसर में खड़ी बस में लगाई आग: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक नाबालिग को पकड़ा, साजिश का आशंका – Nalanda News
नालंदा में प्राइवेट स्कूल कैंपस में खड़ी बस में नाबालिग ने आग लगा दी। चंद मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद काबू पाया। हालांकि, तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की तत्परता से परिसर में खड़ी अन्य छोटी-बड़ी गाड़ियों को कुछ नहीं हुआ। घटना कपटिया मोड़ के पास की है। साजिश की आशंका, सीसीटीवी से खुला राज स्कूल के प्रतिनिधि रोहित कुमार ने बताया कि जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचा था। संडे रहने के चलते स्कूल में छुट्टी थी। ऑफिस के गेट के ताले में भी माचिस की तीलियां फंसी हुई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि किसी ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की है। विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। फुटेज में स्पष्ट देखा गया कि एक बच्चा (नाबालिग) द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है। ‘पेट्रोल छिड़कर बस में लगाई आग’ वहीं, इस संबंध में नालंदा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक किशोर को पकड़ा गया है। शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उक्त नाबालिग ने किसी के बहकावे में आकर पेट्रोल छिड़ककर बस में आग लगाई थी। फिलहाल स्कूल प्रशासन की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। घटना के पीछे किसी की पुरानी रंजिश या बड़ी साजिश है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस आरोपी किशोर से पूछताछ कर रही है।
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अशोकनगर के दो केंद्रों पर 865 अभ्यर्थियों ने दी री-नीट: कलावा से पेन तक प्रतिबंधित; सघन जांच और सुरक्षा घेरे में हुई परीक्षा – Ashoknagar News
अशोकनगर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित री NEET UG 2026 मेडिकल प्रवेश परीक्षा दो केंद्रों पर आयोजित हो रहीं है। इसमें कुल 865 परीक्षार्थी दर्ज हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित थी। परीक्षा के लिए शासकीय पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (नेहरू महाविद्यालय) और शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठार को केंद्र बनाया गया था। सुबह 11 बजे से परीक्षार्थियों को केंद्रों में प्रवेश देना शुरू किया गया। दोनों केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सघन चेकिंग की गई। परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। चेकिंग के दौरान रंगीन पानी की बोतलें, हाथों और गले में बंधे धागे, कलावा बाहर रखवाए गए। पेन भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी, जो परीक्षा हॉल में ही उपलब्ध कराए गए। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। उनके पैसे, बैग और अन्य निजी सामान बाहर ही सुरक्षित रखवाए गए, जिसके लिए टोकन नंबर दिए गए थे। परीक्षा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार केंद्रों का भ्रमण करते रहे। परीक्षा से एक दिन पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और कोतवाली थाने में कोचिंग संचालकों की बैठक भी आयोजित की गई थी। साथ ही नीट परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जिसका नंबर भी जारी किया है।
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सुबह नाश्ते में काले चने का बनाएं ऐसे चाट, शरीर में आएगी लोहे जैसी ताकत
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Chana Chaat Recipe: रोजाना के पराठे, पूड़ी या अन्य भारी नाश्ते से कुछ अलग और हल्का खाने का मन हो, तो काले चने की चाट बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर यह चाट स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती है. इसे बनाने के लिए उबले हुए काले चनों में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नींबू का रस और स्वादानुसार मसाले मिलाएं. कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाली यह चटपटी डिश पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और ऊर्जा भी देती है. वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी यह एक अच्छा विकल्प है.
अगर आप रोज-रोज पोहा, उपमा या पराठा खाकर बोर हो गए हैं, तो काले चने की चाट आपके लिए बेहतरीन और हेल्दी विकल्प हो सकती है. काला चना प्रोटीन, फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. उबले हुए काले चनों में बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नींबू का रस और चाट मसाला मिलाकर यह स्वादिष्ट चाट तैयार की जाती है. यह पूरी तरह ऑयल-फ्री होती है, इसलिए वजन घटाने वालों के लिए भी शानदार नाश्ता है. कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाली यह डिश स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है. ( एआई फोटो )

काले चने की चाट बनाने के लिए रातभर भिगोए हुए चनों को नमक डालकर 3-4 सीटी तक उबाल लें और पानी छानकर ठंडा होने दें. अब एक बड़े बाउल में उबले चने, बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. इसके बाद भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से बारीक सेव या भुजिया डालें. पौष्टिक, चटपटी और ऑयल-फ्री काले चने की चाट कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है, जिसे नाश्ते या शाम के स्नैक में खाया जा सकता है. ( एआई फोटो )

चना चाट बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए काले चनों को एक बड़े बाउल में निकाल लें. इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब स्वादानुसार काला नमक, चाट मसाला और भुना जीरा पाउडर छिड़कें. इसके बाद ताजा नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालकर सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स करें. चाहें तो ऊपर से थोड़ी सेव या भुजिया डालकर इसका स्वाद और बढ़ा सकते हैं. पौष्टिक और चटपटी चना चाट कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है, जो नाश्ते और शाम के स्नैक के लिए बेहतरीन विकल्प है. ( एआई फोटो )
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अब तैयार मिश्रण में भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, काला नमक और स्वादानुसार सादा नमक डालें. इसके बाद ऊपर से ताजा नींबू का रस निचोड़ें, जिससे चाट में हल्की खटास और ताजगी आ जाए. सभी सामग्रियों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह टॉस करते हुए मिलाएं, ताकि मसालों का स्वाद हर चने और सब्जी में बराबर पहुंच सके। यह तरीका चाट के फ्लेवर को और भी लाजवाब बना देता है. अंत में बारीक कटा हरा धनिया और चाहें तो थोड़ी सेव डालकर सजाएं. आपकी स्वादिष्ट, हेल्दी और चटपटी चना चाट सर्व करने के लिए तैयार है. ( एआई फोटो )

अंत में चाट के ऊपर ताजा कटी हुई हरी धनिया और बारीक सेव डालकर गार्निश करें. इससे इसका स्वाद और लुक दोनों बेहतर हो जाते हैं. आपकी चटपटी, तीखी और रिफ्रेशिंग काले चने की चाट पूरी तरह तैयार है. प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह हेल्दी स्नैक न केवल पेट भरता है बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा भी देता है. इसे सुबह के नाश्ते, शाम की भूख या हल्के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है. स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसे गरमा-गरम चाय के साथ परोसें और परिवार के साथ इसके लाजवाब स्वाद का आनंद लें. ( एआई फोटो )
दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर कल तक इस्तीफा दे सकते हैं: पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा
लंदन2 मिनट पहले
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कीर स्टार्मर 5 जुलाई 2024 को ब्रिटेन के पीएम बने थे।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार को इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। साथ ही वे अपने पद छोड़ने का रोडमैप भी बता सकते हैं। यह दावा ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट में किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों और ट्रेड यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद तय किया है कि उनका पद पर बने रहना अब मुश्किल है। हालांकि, रॉयटर्स के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के तौर पर अपने काम करने पर ध्यान दे रहे हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक स्टार्मर की लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए या अपने पद छोड़ने की समयसीमा घोषित करनी चाहिए। स्टार्मर के खिलाफ हुए सांसद, हाउस ऑफ कॉमन्स में पार्टी के कुल सांसदों का करीब एक चौथाई हैं।
अगर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो ब्रिटेन के 10 साल के इतिहास में वे छठे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जिन्हें यह पद छोड़ना पड़ा। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक अपना कार्यकाल खत्म करने से पहले ही पीएम पद छोड़ चुके हैं।

ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ और ‘द संडे टेलिग्राफ’ ने रविवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बारे में छापा।
स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव क्यों बढ़ा
स्टार्मर ने 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटी है। कई विवादों, नीतिगत यू-टर्न और जीवनस्तर में सुधार के वादों को पूरा नहीं कर पाने की वजह से उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा।
स्टार्मर की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब उनके विरोधी एंडी बर्नहैम ने शुक्रवार को उपचुनाव जीत लिया। इस जीत के बाद बर्नहैम पार्टी की कमान संभालने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। जीत के बाद बर्नहैम ने कहा कि वह देश को नई दिशा देना चाहते हैं। बर्नहैम के सहयोगी स्टार्मर से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी संकेत दिया कि वह जरूरत पड़ने पर स्टार्मर को नेतृत्व के लिए चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, स्टार्मर ने 19 जून को साफ कहा था कि मैं अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करूंगा। साथ ही लेबर पार्टी के नेताओं से आपसी खींचतान से बचने की अपील की थी।

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की वजह
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की बड़ी वजह वहां की संसदीय व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री को लोग सीधे नहीं चुनते, बल्कि उनकी पार्टी के सांसद उनका समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री तब तक पद पर बने रहते हैं, जब तक पार्टी के सांसद उनके साथ खड़े हों।
अगर सांसदों को लगने लगे कि किसी नेता की घटती लोकप्रियता से अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है, तो वे बिना आम चुनाव कराए भी नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन में पार्टी का समर्थन कमजोर पड़ते ही प्रधानमंत्री बदलने की नौबत जल्दी आ जाती है।
ब्रिटेन की बड़ी पार्टियों के नियम भी नेताओं को हटाने का रास्ता आसान बना देते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी में अगर 15% सांसद किसी नेता के खिलाफ चिट्ठी लिख दें, तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, लेबर पार्टी में कोई दूसरा नेता तब दावेदारी पेश कर सकता है, जब उसे पार्टी के 20% से ज्यादा सांसदों और सदस्यों का समर्थन मिल जाए।

2011 में स्थिरता के लिए ‘फिक्स्ड टर्म कानून’ लाया गया था
2011 में फिक्स्ड-टर्म पार्लियामेंट्स एक्ट’ लाया गया था। इसका मकसद संसद का कार्यकाल तय रखना और सरकारों को समय से पहले गिरने से बचाना था। लेकिन बाद में इस कानून को खत्म कर दिया गया।
आलोचकों का कहना है कि इसके बाद पुराने नियम फिर लागू हो गए, जिससे प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के समर्थन और अचानक पैदा होने वाले राजनीतिक संकटों के ज्यादा भरोसे हो गए। ऐसे में पार्टी का समर्थन कम होते ही प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, जिससे नेताओं का कार्यकाल छोटा और अनिश्चित होता जा रहा है।
ब्रेग्जिट के बाद कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2016 में ब्रेग्जिट पर हुए जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। लोग अब सिर्फ पार्टी देखकर वोट नहीं देते, बल्कि महंगाई, टैक्स, सरकारी सेवाओं और बेहतर जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर जल्दी नतीजे चाहते हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी वजह से नेताओं पर कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है। अगर सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही विरोध शुरू हो जाता है और नेता बदलने की मांग उठने लगती है।
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अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में है। अब उनकी अपनी लेबर पार्टी के एक धड़े ने ही इस्तीफे की मांग कर दी है। हालांकि स्टार्मर अभी पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं।
इस बीच, नए प्रधानमंत्री पद की होड़ में गृह मंत्री शबाना महमूद के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री वेस्ट स्ट्रीटिंग और पूर्व उपप्रधानमंत्री अंगेला रेनर का नाम सामने आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…


