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ज्यादा सैलरी की आस लगाए बैठे आईटी प्रोफेशनल्स के लिए यह खबर. दिग्गज आईटी कंपनी Accenture इस बार इंक्रीमेंट का बिल्कुल अलग फॉर्मूला लेकर आई है. इससे जून में कर्मचारियों के हाथ में मोटा पैसा आएगा. हालांकि, हर महीने की सैलरी उतनी नहीं बढ़ेगी.
Accenture ने सैलरी इंक्रीमेंट का नया फॉर्मूला पेश किया है.
इंक्रीमेंट का टाइम आते ही सबके मन में सवाल घूमने लगता है कि पता नहीं कंपनी इस बार क्या फॉर्मूला लेकर आएगी. कितना इंक्रीमेंट होगा. लेकिन दुनिया की दिग्गज आईटी कंपनी एक्सेंचर (Accenture) इस बार इंक्रीमेंट देने का एक बिल्कुल नया और हटके तरीका निकाला है. पिछले साल जहां कंपनी ने सैलरी बढ़ाने में काफी कंजूसी दिखाई थी, वहीं इस बार उसने ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों की झोली भरने का फैसला किया है. लेकिन इस बार का इंक्रीमेंट पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि एक नए फॉर्मूले के तहत दिया जा रहा है, जो कर्मचारियों और कंपनी दोनों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
क्या है ये 50-50 वाला नया नियम?
कंपनी की एक इंटरनल रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार सैलरी हाइक को 50-50 के हिस्से में बांट दिया गया है. यानी आपको जो भी इंक्रीमेंट मिलेगा, उसका आधा हिस्सा आपकी बेस सैलरी में जुड़कर हर महीने आएगा और बाकी का आधा हिस्सा आपको जून के महीने में एकमुश्त कैश के तौर पर तुरंत दे दिया जाएगा. खास बात, यह पीएलआई की तरह नहीं होगा और इसमें कटौती नहीं होगी. कंपनी को लगता है कि इस तरीके से वो अपनी सैलरी के बोझ को काबू में रखते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों को इंक्रीमेंट का फायदा दे सकेगी.
समझें सैलरी का पूरा गणित
मान लीजिए आपके मैनेजर ने तय किया कि इस साल आपको 3% का इंक्रीमेंट दिया जाएगा. नए नियम के हिसाब से अब आपकी बेस सैलरी में 1.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी और जो बाकी का 1.5 प्रतिशत बचा है, वो आपको एकमुश्त कैश के रूप में एक साथ आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.
इस नए तरीके से किसको क्या फायदा?
एक्सेंचर का कहना है कि बहुत से कर्मचारी चाहते हैं कि उनके हाथ में तुरंत कुछ एक्स्ट्रा कैश आए, ताकि वे अपनी कोई बड़ी जरूरत पूरी कर सकें. यह एकमुश्त रकम उनकी इसी जरूरत को पूरा करेगी. वहीं दूसरी तरफ, कंपनी को यह फायदा होगा कि उसकी फिक्स सैलरी यानी बेस पे का बोझ अचानक से बहुत ज्यादा नहीं बढ़ेगा और वह उस पैसे से अपनी बड़ी वर्कफोर्स को इंक्रीमेंट दे पाएगी.
प्रमोशन वालों को VIP ट्रीटमेंट
एक्सेंचर ने साफ किया है कि यह फिफ्टी-फिफ्टी वाला नियम उन कर्मचारियों पर बिल्कुल लागू नहीं होगा जिनका इस साल प्रमोशन हुआ है. अगर आपको प्रमोशन मिला है तो आपकी पूरी की पूरी हाइक पुरानी व्यवस्था की तरह सीधे आपकी बेस सैलरी में ही जोड़ी जाएगी.
क्या दिसंबर वाले बोनस पर पड़ेगा कोई असर?
जून में मिलने वाले इस लम्प-सम पैसे का असर आपके दिसंबर वाले सालाना बोनस पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा. वो तो अपने समय पर ही मिलेगा. आपकी बढ़ी हुई बेस सैलरी और यह एकमुश्त रकम दोनों को मिलाकर ही आपके अगले वित्तीय वर्ष के बोनस की कैलकुलेशन की जाएगी. हां शेयर खरीदने का मन है तो उसमें से कटौती हो जाएगी.
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Gyanendra Kumar Mishra is a senior journalist with nearly 20 years of experience in the media industry. He is currently associated with News18 Hindi (hindi.new…और पढ़ें




