Tuesday, August 11, 2026
Home Blog

बदमाशों ने बस में तोड़फोड़ के बाद लगाई आग: ग्रामीण रूट पर चलने वाली बस को लेकर रंजिश; घटना का CCTV आया सामने – Jodhpur News


जोधपुर में बदमाशों ने ग्रामीण रूट पर चलने वाली बस में आग लगा दी। इस घटना CCTV सामने आया है। इसमें बदमाश बस में तोड़फोड़ करने के बाद आग लगाते हुए नजर आ रहे हैं।

.

यह घटना महामंदिर थाना क्षेत्र में पावटा के पास मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे की है। बदमाश बाइक पर सवार होकर आए। इसके बाद बाइक से उतरकर तीनों ने डंडों से बस के कांच फोड़ने शुरू कर दिए। इस दौरान एक बदमाश बस के अंदर गया और बस में बैठे ड्राइवर को बाहर निकाल कर लाया। उसका मोबाइल भी ले लिया। बाद में उसकी आंखों के सामने बस में पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी।

इसके बाद बाइक पर बैठकर वापस भागने लगे। इस दौरान ड्राइवर ने उनसे अपना मोबाइल वापस देने की गुहार लगाई। आखिरकार बदमाश बस ड्राइवर को मोबाइल देकर वहां से फरार हो गए।

इधर इस पूरी घटना के दौरान मौके से कोचिंग इंस्टिट्यूट में पढ़ने वाली छात्रा भी निकल रही थी। वह काफी घबरा गई।

रूट पर चलने वाली बस पर रंजिश का मामला

महामंदिर थाना अधिकारी देवेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया- फलोदी रूट पर चलने वाली बस पर ऑपरेटर के बीच में रंजिश है। इसी के तहत बस पर हमला किया गया है। इस मामले में बदमाशों को चिन्हित कर लिया गया है। जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

गौरतलब है कि पहले भी प्रताप नगर और राजीव गांधी नगर थाना क्षेत्र में दो बसों को जलाने का मामला भी सामने आया था। इसके बाद इस 1 हफ्ते में यह तीसरी वारदात सामने आई है।

बता दें कि दोपहर को पावटा के पास खड़ी प्राइवेट बस में बदमाशों ने आग लगा दी थी। इसके चलते बस के अंदर की बॉडी जल गई थी। हालांकि सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।



Source link

विदेशी धरती पर खेल करेगा SBI, भर-भरकर आएंगे डॉलर, भारत को होगा सीधा फायदा?


नई दिल्ली. देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) एक बार फिर विदेशी बाजार से डॉलर जुटाने की तैयारी में है. करीब 1 साल के अंतराल के बाद एसबीआई ग्लोबल पब्लिक डॉलर बॉन्ड मार्केट में वापसी कर रहा है. बैंक 5 साल की अवधि वाले डॉलर बॉन्ड जारी करेगा और शुरुआती तौर पर कम-से-कम 500 मिलियन डॉलर जुटाने की योजना है. बाजार में मांग मजबूत रही तो इश्यू का आकार 1 अरब डॉलर या उससे ज्यादा भी पहुंच सकता है.

एसबीआई यह बॉन्ड अपनी लंदन शाखा के जरिए जारी करेगा. मामले से जुड़े 3 मर्चेंट बैंकरों के मुताबिक, बैंक ने बॉन्ड की मार्केटिंग शुरू कर दी है और इस हफ्ते के अंत तक इश्यू पूरा होने की उम्मीद है. बैंकरों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी है. एसबीआई ने इस मामले पर रॉयटर्स के सवाल का तुरंत जवाब नहीं दिया.

अमेरिकी बॉन्ड से ज्यादा रिटर्न का ऑफर

एसबीआई ने निवेशकों के लिए शुरुआती प्राइस गाइडेंस अमेरिकी ट्रेजरी से करीब 120 बेसिस प्वाइंट ऊपर रखा है. यानी अमेरिकी सरकारी बॉन्ड के मुकाबले निवेशकों को ज्यादा रिटर्न का शुरुआती ऑफर दिया जा रहा है. एक बैंकर के मुताबिक, एसबीआई की ओर से दिया जा रहा स्प्रेड प्रीमियम काफी आकर्षक है. निवेशकों की तरफ से मजबूत मांग आने पर अंतिम प्राइसिंग में करीब 30 बेसिस प्वाइंट तक की कमी आ सकती है. मजबूत मांग की स्थिति में बॉन्ड इश्यू का आकार 1 अरब डॉलर या उससे ज्यादा होने की संभावना भी जताई जा रही है.

RBI की स्वैप सुविधा से बैंकों को फायदा

एसबीआई का यह डॉलर बॉन्ड इश्यू ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय बैंक विदेशी बाजार से डॉलर जुटाने में तेजी दिखा रहे हैं. इसकी एक बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जून में शुरू की गई स्वैप सुविधा है. इस सुविधा से भारतीय बैंकों के लिए विदेशों से डॉलर जुटाने की लागत कम करने में मदद मिली है. इसी वजह से कई भारतीय बैंक हाल के महीनों में डॉलर बॉन्ड मार्केट का रुख कर चुके हैं. जून और जुलाई में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) जैसे बड़े निजी बैंकों ने भी डॉलर बॉन्ड के जरिए विदेशी बाजार से फंड जुटाया था.

जून में 1 अरब डॉलर का प्लान टाल चुका था SBI

एसबीआई ने जून में भी करीब 1 अरब डॉलर का पब्लिक डॉलर बॉन्ड जारी करने की योजना बनाई थी. लेकिन उस समय कई भारतीय बैंकों की ओर से एक साथ बड़े इश्यू आने के कारण उधारी की लागत बढ़ गई थी. ऐसे माहौल में बैंक ने अपना पब्लिक इश्यू टाल दिया था. इसके बाद एसबीआई ने 3 साल की अवधि वाले डॉलर बॉन्ड के जरिए 600 मिलियन डॉलर जुटाए थे. यह प्राइवेट प्लेसमेंट था और इसमें बॉन्ड की कीमत सिक्योर्ड ओवरनाइट फाइनेंसिंग रेट यानी SOFR से 100 बेसिस प्वाइंट ऊपर रखी गई थी. अब एसबीआई एक बार फिर पब्लिक डॉलर बॉन्ड मार्केट में उतर रहा है. इस बार बैंक 5 साल की अवधि वाला बॉन्ड लेकर आ रहा है.

Fitch ने दी BBB रेटिंग

रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने एसबीआई के प्रस्तावित सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स को BBB की अपेक्षित रेटिंग दी है. ये बॉन्ड एसबीआई की सीधे तौर पर बिना गारंटी वाली और अन्य असुरक्षित कर्ज की तरह समान प्राथमिकता वाली देनदारी होंगे. रेटिंग से विदेशी निवेशकों को एसबीआई की क्रेडिट क्वालिटी को समझने में मदद मिलेगी. मजबूत बैंकिंग प्रोफाइल और एसबीआई की बाजार में स्थिति को देखते हुए इस इश्यू में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी मजबूत रहने की उम्मीद है.

भारत में डॉलर आने का क्या फायदा

एसबीआई अगर 500 मिलियन डॉलर से लेकर 1 अरब डॉलर या उससे ज्यादा रकम जुटाता है तो यह विदेशी मुद्रा के रूप में बैंकिंग सिस्टम में आएगी. इससे एसबीआई को अपनी विदेशी मुद्रा जरूरतों और कर्ज से जुड़े इस्तेमाल के लिए फंड मिलेगा. हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि बॉन्ड से आने वाली पूरी रकम सीधे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में जुड़ जाएगी. रकम का इस्तेमाल बैंक की जरूरतों और फंडिंग स्ट्रक्चर के हिसाब से होगा. फिर भी भारतीय बैंकों की ओर से विदेशी बाजार से लगातार डॉलर जुटाना देश की विदेशी फंडिंग क्षमता और ग्लोबल निवेशकों के भरोसे को दिखाता है.

एसबीआई का यह इश्यू इसलिए भी अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में आ रहा है जब भारतीय बैंक विदेशी बाजार में डॉलर फंडिंग का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं. अगर इस बॉन्ड को मजबूत मांग मिलती है और इश्यू का आकार 1 अरब डॉलर या उससे ऊपर जाता है तो यह ग्लोबल निवेशकों के बीच एसबीआई और भारतीय बैंकिंग सेक्टर की मजबूत मांग का संकेत होगा.



Source link

मथुरा में सरकारी चावल की कालाबाजारी का भंडाफोड़: निजी गोदाम से 164 बोरी चावल बरामद, माफिया कपिल और लक्ष्मण गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज – Mathura News




मथुरा में जिला पूर्ति विभाग की टीम ने सरकारी राशन के चावल की कालाबाजारी का भंडाफोड़ कर मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई है। गोकुल बैराज रोड स्थित लक्ष्मी गार्डन के पास एक निजी गोदाम पर छापेमारी कर टीम ने 164 प्लास्टिक की बोरियों में भरा सरकारी चावल और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया। विभाग ने बरामद चावल को जब्त कर आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पूर्ति विभाग की टीम ने सोमवार शाम करीब 6 बजे गोदाम पर छापा मारा। एआरओ फूल सिंह, पूर्ति निरीक्षक रविकांत और मनोज कुमार तिवारी की संयुक्त टीम जब मौके पर पहुंची तो गोदाम बंद मिला। टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर गोदाम के मालिक के बारे में जानकारी जुटाई, जिसके बाद राजकुमार सिंह नामक युवक चाबी लेकर मौके पर पहुंचा और गोदाम का ताला खोला। गोदाम के अंदर जांच के दौरान हाथ से सिली हुई प्लास्टिक की बोरियों में बड़ी मात्रा में चावल भरा मिला। प्रत्येक बोरी में लगभग 40 से 50 किलोग्राम चावल था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह चावल सरकारी राशन की दुकानों से पात्र लाभार्थियों को वितरित किया जाना था, लेकिन इसे कथित तौर पर कालाबाजारी के लिए गोदाम में एकत्र कर रखा गया था। मौके से कुल 164 बोरियां बरामद की गईं। जांच के दौरान फरह ब्लॉक के गांव झुड़ावई निवासी कपिल गोयल और उनके भाई लक्ष्मण गोयल को चावल एकत्र कर कालाबाजारी के लिए रखने के मामले में दोषी पाया गया। विभाग ने बरामद चावल के साथ इलेक्ट्रॉनिक कांटे को भी कब्जे में ले लिया। एआरओ फूल सिंह ने बताया कि बरामद सरकारी चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटे को उचित दर विक्रेताओं की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद पूर्ति निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने मंगलवार को थाना सदर बाजार में आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग द्वारा मामले की आगे जांच की जा रही है।



Source link

चीफ इंजीनियर ने की हर महीने 1 लाख की मांग: रीवा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया, कंपनी को काम दिलाने के बदले में मांगी रिश्वत – Rewa News




रीवा लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा में कार्रवाई की। टीम ने प्रभारी मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा गया। कार्रवाई सिविल लाइन स्थित शासकीय आवास में अटल पार्क के सामने हुई। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता सोनू सिंह सतना जिले की टेस्टिंग लैब पीवीपी लिमिटेड में मैनेजर हैं। उनकी फर्म निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करती है। आरोप है कि फर्म को लोक निर्माण विभाग में काम दिलाने के बदले कैलाश कुमार लच्छे हर महीने एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। 4 अगस्त को की थी शिकायत सोनू सिंह ने 4 अगस्त को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत की थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान भी आरोपी ने धर्मवीर भारती की मदद से 50 हजार रुपए लिए थे। इसके बाद लोकायुक्त ने मंगलवार 11 अगस्त को ट्रैप की कार्रवाई की। सरकारी आवास से रंगे हाथ पकड़ाया
उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए लेते कैलाश कुमार लच्छे को पकड़ लिया। इस दौरान उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा गया। कैलाश कुमार लच्छे की उम्र 59 वर्ष है। वे मूल रूप से लोक निर्माण विभाग जिला रीवा में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ हैं। वर्तमान में वे लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा के प्रभारी मुख्य अभियंता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। धर्मवीर भारती की उम्र भी 59 वर्ष है। उसे कैलाश कुमार लच्छे का अशासकीय सहयोगी बताया गया है। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत केस दर्ज किया है। टीम आगे की कार्रवाई कर रही है। एसपी लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे और उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित लोकायुक्त कार्यालय रीवा की टीम शामिल रही।



Source link

मोतिहारी की सिकरहना नदी में डूबी 18 वर्षीय युवती: सावन सोमवारी पर जल भरने गई थी, गोताखोरों को दूसरे दिन मिला शव – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी में सावन की दूसरी सोमवारी पर सिकरहना नदी में जल भरने गई 18 वर्षीय युवती की डूबने से मौत हो गई। मंगलवार को दूसरे दिन स्थानीय ग्रामीण गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद किया गया। यह घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा गांव निवासी स्वर्गीय सुदामा सिंह की 18 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि नेहा अन्य लोगों के साथ सिकरहना नदी में जल भरने गई थी। परिजनों ने गोताखोरों को बुलाया जल भरने के दौरान नेहा नदी के गहरे पानी में चली गई और अचानक डूबने के बाद लापता हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों को सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण गोताखोरों को बुलाया गया और नदी में नेहा की तलाश शुरू की गई। सोमवार को देर शाम तक तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को ग्रामीण गोताखोरों ने दोबारा नदी में तलाश शुरू की। इसी दौरान नदी में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसे गोताखोरों ने बाहर निकाला। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच जारी शव मिलने की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थानाध्यक्ष अमित कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। बताया गया कि नेहा अपने दो भाइयों के बीच अकेली बहन थी। इस घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।



Source link

रागी से सिर्फ रोटी नहीं! इन 5 हेल्दी रेसिपीज से बनाएं इसे डाइट का हिस्सा!

0


Ragi Recipes : रागी जिसे नाचनी भी कहा जाता है, एक हेल्दी अनाज माना जाता है. इसमें कैल्शियम, फाइबर, आयरन और दूसरे ज़रूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है. हालांकि अगर आपको रागी की रोटी या सादा रागी का आटा पसंद नहीं है, तो भी इसे अपनी डाइट में शामिल करने के कई स्वादिष्ट तरीके हैं. रागी से कई तरह की आसान डिशेज़ बनाई जा सकती हैं मीठी से लेकर नमकीन तक. आइए जानते हैं 5 हेल्दी और टेस्टी रेसिपीज के बारे में…

1. रागी डोसा
रागी डोसा नाश्ते के लिए एक स्वादिष्ट ऑप्शन है. इसे बनाने के लिए, रागी का आटा, चावल का आटा और थोड़ा दही मिलाकर पतला घोल तैयार करें. इसमें नमक डालें और थोड़ी देर के लिए रख दें. घोल को गर्म तवे पर फैलाएं, थोड़ा तेल डालें और दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक पकाएं. इसे नारियल की चटनी या सांभर के साथ परोसें.

2. रागी चिल्ला
अगर आप जल्दी नाश्ता बनाना चाहते हैं, तो रागी चिल्ला ट्राई करें. रागी के आटे में बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया, जीरा और नमक मिलाएं. घोल तैयार करने के लिए पानी डालें. इसे गर्म तवे पर फैलाएं और थोड़ा तेल लगाकर दोनों तरफ से पकाएं. दही या हरी चटनी के साथ इसका मज़ा लें.

3. रागी पैनकेक
आप रागी से मीठे पैनकेक भी बना सकते हैं. रागी के आटे में एक केला मैश करें और दूध या पानी का इस्तेमाल करके घोल तैयार करें. स्वाद के लिए आप थोड़ा दालचीनी पाउडर और कुछ ड्राई फ्रूट्स डाल सकते हैं. तवे पर छोटे पैनकेक पकाएं। यह बच्चों के नाश्ते के लिए भी एक बढ़िया ऑप्शन है.

4. रागी उपमा
सूजी की जगह रागी का इस्तेमाल करके स्वादिष्ट उपमा बनाया जा सकता है. एक पैन में थोड़े तेल में राई के दाने, करी पत्ता, मूंगफली और सब्जियां भूनें. फिर, रागी का आटा डालें, इसे हल्का भूनें और पानी डालते हुए लगातार चलाते रहें. आपका गरमा-गरम रागी उपमा कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाएगा.

5. रागी लड्डू
अगर आपको मीठा पसंद है, तो आप रागी के लड्डू बना सकते हैं. रागी के आटे को हल्का भूनें और उसमें गुड़, थोड़ा घी और कटे हुए नट्स मिलाएं. मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और छोटे-छोटे लड्डू बना लें. ध्यान रखें कि गुड़ और घी का बहुत ज़्यादा इस्तेमाल न करें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp. आपका नाम गोपनीय रखकर हम देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



Source link

महाराष्ट्र में छात्राओं ने रिपोर्टर बनकर दिखाई बदहाल सड़क: छाते को माइक बनाकर बोली- सड़क और गड्ढों का पता नहीं चलता; MLA ने मरम्मत करवाई


  • Hindi News
  • National
  • Raigad School Girls Viral Video | Karjat MLA Repairs Road After Complaint

रायगढ़कुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में गड्‌ढों भरी सड़क से गुजर रही कुछ स्कूली छात्राओं ने वीडियो बनाया। इसमें वे किसी रिपोर्टर की तरह सवाल-जवाब कर रही थीं। हालांकि उन्हें अंदाजा नहीं था कि वीडियो को इतना रिस्पॉन्स मिलेगा और सड़क सुधार दी जाएगी।

यह सड़क करजत तहसील की खांडपे-कोंडीवडे की तरफ जाती है। जिससे गुजरते वक्त स्कूल की छात्राओं ने सड़क की खराब हालत पर अपनी दोस्त से सवाल किया। इस पर लड़की मराठी में जवाब देती है- “यह सड़क समृद्धि महामार्ग जैसी है। चलने पर पेट का पानी भी नहीं हिलता।”

तीसरी छात्रा, जो मोबाइल से वीडियो बनाते हुए कैमरापर्सन बनी थी, वह सड़क के गड्‌ढे दिखाते हुए कहती है- पता नहीं चल रहा है कि रास्ते में गड्‌ढे हैं या गड्‌ढों में रास्ता।

हालांकि, वीडियो वायरल होते ही विधायक ने यहां गड्‌ढों को भरवा दिया है। उनका कहना है कि पिछले दिनों हुई बारिश के कारण सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था। मानसून खत्म होने के बाद नई सड़क बना दी जाएगी।

स्कूल ड्रेस में थीं सभी छात्राएं, सड़क पर भर दिखा बारिश का पानी

वीडियो बनाते वाली स्टूडेंट्स ने छतरी को बूम माइक की तरह इस्तेमाल किया। वीडियो के आखिर में एक छात्रा कहती है, “यह रिपोर्टर नेहा घारे हैं और उनके साथ कैमरापर्सन मानसी पवार हैं।”

छात्राओं के इस अलग अंदाज वाले वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद स्थानीय विधायक महेंद्र थोरवे ने सड़क के गड्ढे भरने के लिए अस्थायी काम कराए।

सत्तारूढ़ शिवसेना से जुड़े विधायक महेंद्र थोरवे ने कहा कि भारी बारिश के कारण सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था।

————-

ये खबर भी पढ़ें…

उत्तर प्रदेश में डीएम ऑफिस जा रहे 300-बच्चों को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा: हमीरपुर में तिरंगा लेकर खराब सड़क की शिकायत करने जा रहे थे

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सड़क नहीं बनने पर मंगलवार को स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बच्चे तिरंगा लेकर डीएम से मिलने उनके ऑफिस जा रहे थे। लेकिन, पुलिस ने सभी को कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया। इस पर बच्चे दौड़कर अंदर जाने लगे, तो पुलिस ने उनको पकड़कर गेट से बाहर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

भारत में घटी स्मार्टफोन की बिक्री, Apple-Samsung की डिमांड ने चीनी ब्रांड्स की बढ़ाई


Highlights

  • भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट पिछले 5 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
  • मेमोरी चिप की बढ़ रही कीमत ने स्मार्टफोन की डिमांड घटा दी है।
  • हालांकि, कंपनियों की कमाई में बड़ा इजाफा देखने को मिला है।

भारत में स्मार्टफोन की डिमांड में इस साल भारी गिरावट देखने को मिली है। खास तौर पर चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन खरीदने वाले लोगों की संख्यां कम हुई है। वहीं, एप्पल और सैमसंग जैसे ब्रांड्स के फोन की डिमांड ठीक रही है। साल की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट में 11.1% की गिरावट दर्ज की गई है। इस तिमाही में महज 3.32 करोड़ यूनिट स्मार्टफोन ही भारतीय बाजार में शिप हुए हैं, जो पिछले 5 साल की पहली छमाही में सबसे निचला स्तर है।

शिपमेंट में 11.1% की गिरावट

रिसर्च फर्म IDC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से लेकर जून के बीच भारतीय बाजार में महज 33.2 मिलियन स्मार्टफोन ही शिप किए गए हैं। पिछले साल की दूसरी तिमाही के मुकाबले शिपमेंट में 11.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मेमोरी चिप की बढ़ रही कीमत की वजह से स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों को फोन की कीमत में इजाफा करना पड़ा है, जिसका असर शिपमेंट पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, प्रीमियम सेगमेंट में स्मार्टफोन की बिक्री जस की तस रही है। एप्पल और सैमसंग जैसे ब्रांड्स के प्रीमियम फोन लोग खरीद रहे हैं।

IDC के मुताबिक, साल की पहली छमाही में अब तक कुल 6.42 करोड़ यानी 64.2 मिलियन स्मार्टफोन ही भारतीय बाजार में शिप किए गए हैं। यह पिछले 5 सालों की पहली छमाही का सबसे कम आंकड़ा रहा है। शिपमेंट में साल-दर-साल 7.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कंपनियों की कमाई में 3.6% की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लोगों ने प्रीमियम फोन की तरफ रूख किया है। सस्ते और बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन की बिक्री में ये गिरावट देखी गई है।

चीनी कंपनियों की बढ़ी टेंशन

साल की दूसरी तिमाही में भी चीनी ब्रांड Vivo भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में टॉप पर बना हुआ है। हालांकि, इसकी शिपमेंट में 13.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट की हिस्सेदारी भी 19% से घटकर 18.4% रह गई है। अन्य चीनी ब्रांड्स की बात करें तो Oppoकी शिपमेंट में 8.5%, Xiaomi में 10% और Realme में 14.2% की गिरावट दर्ज की गई है। Poco में 12.3%, जबकि iQOO में 61% की गिरावट देखने को मिली है।

वहीं, दूसरी तरफ Samsung के शिपमेंट में 0.4% की वृद्धि देखने को मिली है। कंपनी ने इस दौरान Galaxy A57, Galaxy A37, Galaxy A27 जैसे मिड बजट फोन भारतीय बाजार में लॉन्च किए हैं। कंपनी का मार्केट शेयर भी 14.5% से बढ़कर 16.4% हो गया है। वहीं, एप्पल की शिपमेंट में भी 0.7% की वृद्धि देखने को मिली है। अमेरिकी कंपनी का मार्केट शेयर भारत में 7.5% से बढ़कर 8.5% हो गया है। हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने पिछले साल भारत में अब तक सबसे ज्यादा iPhone बेचे हैं।

Motorola और OnePlus को भी फायदा

अन्य चीनी ब्रांड्स के मुकाबले Motorola और OnePlus ने बेहतर प्रदर्शन किया है। Motorola के शिपमेंट में 8.9% और OnePlus के शिपमेंट में 2.5% की ही गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, कंपनी का मार्केट शेयर पिछली तिमाही के मुकाबले बड़ा है। इस तिमाही में भारतीय बाजार में स्मार्टफोन खरीदारों ने ऑनलाइन से ऑफलाइन मार्केट की तरफ रूख किया है। ऑनलाइन शिपमेंट में 19.8% की गिरावट दर्ज की गई है।

यह भी पढ़ें – Blackberry जैसे QWERTY कीपैड वाला 5G स्मार्टफोन हुआ लॉन्च, मिलती है OLED स्क्रीन





Source link

हूती विद्रोहियों का सऊदी जहाज पर मिसाइल हमला: 2 पाकिस्तानी समेत 3 की मौत; रेड सी में अब तक 8 जहाजों को निशाना बनाया




यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी जहाज पर मिसाइल हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 3 क्रू मेंबर मारे गए। इनमें 2 पाकिस्तानी और 1 इंडोनेशियाई नागरिक था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तंजानिया के झंडे वाले इस जहाज का नाम ‘तिहामा’ था। यह ओमान के सलालाह पोर्ट से जिबूती जा रहा था। हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी जहाजों की नाकाबंदी शुरू की थी। इसके बाद से वे रेड सी में सऊदी से जुड़े 8 जहाजों पर हमला कर चुके है। इनमें एनसिलिया, लायला, गजल और वफा जैसे जहाज शामिल हैं। होर्मुज के बाद बाब अल-मंदेब में भी खतरा बढ़ा यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से समुद्री कारोबार पहले ही दबाव में है। अब बाब अल-मंदेब में भी जहाजों पर हमले बढ़ रहे हैं। इससे शिपिंग कंपनियों की परेशानी और बढ़ गई है। हूती विद्रोही रेड सी से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी जहाजों पर हूतियों के हमलों में यह पहली बार है, जब किसी की मौत हुई है। हूतियों के हमलों का असर सऊदी अरब के तेल निर्यात पर भी पड़ा है। समुद्र में जहाजों की आवाजाही कम हुई है। सुरक्षा के डर से कई जहाज रेड सी और स्वेज नहर के रास्ते से बच रहे हैं। बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाज घटे केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते बाब अल-मंदेब से रोज औसतन 32 जहाज गुजरे। पहले यहां रोज करीब 50 जहाज गुजरते थे। यानी अब इस रास्ते से करीब 18 जहाज कम गुजर रहे हैं। कई जहाज अब अफ्रीका के चारों ओर से जा रहे हैं। यह रास्ता काफी लंबा है। इससे सामान पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। इसका असर सप्लाई पर भी पड़ रहा है। सामान की कमी बढ़ सकती है। सप्लाई लाइन पर दबाव बढ़ रहा है। इससे रोजमर्रा की चीजों का खर्च भी बढ़ सकता है। यमन में ईरान और सऊदी अरब आमने-सामने ईरान और सऊदी अरब यमन में युद्ध लड़ रहे हैं। दोनों देश वहां विरोधी पक्षों का समर्थन करते हैं। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली सरकार का समर्थन करता है, जबकि ईरान हूतियों के साथ है। हूती संगठन यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है। हूतियों ने 2023 और 2024 में भी रेड सी में लगातार जहाजों पर हमले किए थे। इससे समुद्री यातायात पर असर पड़ा था। इस समय हूतियों के हमलों का असर इसलिए ज्यादा महसूस हो रहा है, क्योंकि दुनिया पहले से ही होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से जूझ रही है। दुनिया के लिए रेड सी इतना अहम क्यों है? रेड सी दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इसके एक तरफ सऊदी अरब और यमन हैं, जबकि दूसरी तरफ मिस्र, सूडान, इरिट्रिया, जिबूती और सोमालिया स्थित हैं। दुनिया के करीब 30% समुद्री व्यापार का आवागमन इसी रास्ते से होता है। रेड सी में आने-जाने के केवल दो रास्ते हैं। पूर्व में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और पश्चिम में स्वेज नहर। इसलिए इनमें से किसी एक रास्ते में रुकावट आने पर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ता है। बाब अल-मंदेब अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 29 किलोमीटर चौड़ा है। इसी वजह से यहां जहाजों के आने और जाने के लिए केवल दो समुद्री लेन हैं। ईरान जंग के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के कारण सऊदी अरब अपना ज्यादातर तेल इसी रास्ते से भेज रहा है। लेकिन अब इस रास्ते में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का असर बढ़ गया है। सामान्य समय में दुनिया के लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। अब होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी, दोनों क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया की करीब 25% ऊर्जा आपूर्ति किसी न किसी रूप में इस संघर्ष से प्रभावित हो रही है। जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी में हूती विद्रोही यमन के हूती विद्रोही रेड सी (लाल सागर) के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं। रॉयटर्स ने यह जानकारी सूत्रों ने के हवाले से दी है। हालांकि, इसे कब लागू किया जाएगा, इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हूती नेता ईरान गए थे। वहां ईरानी अधिकारियों ने जहाजों पर टैक्स लगाने का आइडिया दिया था। बाद में ईरानी सलाहकारों ने हूती अधिकारियों के साथ मिलकर टैक्स वसूलने के लिए एक संभावित व्यवस्था तैयार करने में भी मदद की। प्रस्ताव के तहत चीनी जहाजों को इस शुल्क से छूट दी जा सकती है। चीन सऊदी अरब से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाला देश है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी: तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी से दूसरे प्लेन में पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया था। ईरान से ट्रम्प की हत्या की धमकी मिलने के बाद उनकी यात्रा का पूरा प्लान बदला गया था। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

404 – Page not found – Dainik Bhaskar




श्रावण महीने में पाली के प्राचीन लाखोटिया महादेव मंदिर और उससे जुड़ी कहानी चर्चा में है। मान्यता है कि करीब 976 साल पहले पाली में पेयजल संकट के दौरान पानी दरवाजा जूना मठ के संत चंदनपुरी ने लाखोटिया तालाब खुदवाया और उसकी टेकरी पर शिवलिंग स्थापित किया था। आज यही शिवलिंग लाखोटिया महादेव के नाम से प्रसिद्ध है। मंदिर और तालाब से जुड़ी कई दंतकथाएं आज भी लोगों के बीच प्रचलित हैं। पेयजल संकट के समय खुदवाया तालाब दंतकथाओं के अनुसार करीब 976 साल पहले पल्लीपुर यानी वर्तमान पाली में पेयजल संकट था। उस समय पानी दरवाजा स्थित जूना मठ के संत चंदनपुरी ने तालाब खुदवाने का निर्णय लिया। तालाब की खुदाई के बाद उसकी टेकरी पर शिवलिंग की स्थापना की गई। मान्यता है कि तालाब की खुदाई में एक लाख ऊंटों का इस्तेमाल किया गया था। इसी वजह से इसका नाम लाखोटिया तालाब और टेकरी पर स्थापित शिवलिंग का नाम लाखोटिया महादेव पड़ा। तालाब के किनारे स्थित जूना मठ में बाद में संत चंदनपुरी ने समाधि ली। समय के साथ लाखोटिया तालाब और मंदिर का विस्तार होता गया। खुदाई में सोने के सिक्के मिलने की मान्यता लाखोटिया तालाब से जुड़ी एक अन्य दंतकथा में कहा जाता है कि खुदाई के दौरान सोने के सिक्के निकलते थे। संत इन सिक्कों को खुदाई करने वाले मजदूरों को मेहनताना के रूप में दे देते थे। यह भी मान्यता है कि संत चंदनपुरी कमल के आकार के एक पत्थर पर बैठकर जूना मठ से लाखोटिया तालाब होते हुए टेकरी पर स्थित महादेव मंदिर तक जाते थे और शिवलिंग पर जल चढ़ाते थे। जूना मठ में आज भी कमल के आकार का यह पत्थर रखा हुआ है। इसके अलावा यहां संत से जुड़ी चिलम, छड़ी, बड़े शंख, धूणी, भाला और लकड़ी का डमरू भी मौजूद हैं। बहन का चेहरा देखने के बाद जीवित समाधि लेने की कथा संत चंदनपुरी से जुड़ी एक अन्य कथा उनकी बहन अन्नपूर्णा से जुड़ी है। मान्यता है कि संत महिलाओं का चेहरा नहीं देखते थे और जूना मठ में महिलाओं का प्रवेश भी नहीं था। एक बार उनकी बहन अन्नपूर्णा उनसे मिलने मठ पहुंचीं। संत ने उनका चेहरा देख लिया। इसके बाद उन्होंने जीवित समाधि लेने का निर्णय लिया। जब अन्नपूर्णा को इसकी जानकारी हुई तो वह भी जूना मठ पहुंचीं। दंतकथा के अनुसार दोनों भाई-बहन ने यहीं जीवित समाधि ली। जूना मठ में आज भी दोनों की समाधि मौजूद है। जूना मठ में आज भी मौजूद है प्राचीन गुफा जूना मठ के संत भोलापुरी के अनुसार मठ में आज भी एक प्राचीन गुफा मौजूद है। मान्यता है कि पाली के आसपास स्थित कुछ अन्य धार्मिक स्थलों में भी ऐसी गुफाएं हैं और प्राचीन समय में संत इन रास्तों से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते थे। बताया जाता है कि करणी माता मंदिर, पूनागर भाकरी माता मंदिर और गाजण माता मंदिर में भी ऐसी गुफाओं के होने की मान्यता है। वर्तमान में इन गुफाओं को बंद कर दिया गया है। जूना मठ की गुफा में भी लोग पहले कई फीट अंदर तक जा चुके हैं। समय के साथ देखरेख नहीं होने के कारण अब इसका रास्ता बंद है। संत की निशानियां आज भी सुरक्षित पानी दरवाजा स्थित जूना मठ में संत चंदनपुरी से जुड़ी कई वस्तुएं आज भी रखी हैं। इनमें उनकी चिलम, छड़ी, शंख, धूणी, भाला और डमरू शामिल हैं। मठ परिसर में संत चंदनपुरी और उनकी बहन अन्नपूर्णा की समाधियां भी मौजूद हैं। वहीं कमल के आकार का वह पत्थर भी रखा है, जिसके बारे में मान्यता है कि संत इसी पर बैठकर लाखोटिया तालाब से होते हुए टेकरी पर स्थित शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए जाते थे। लाखोटिया महादेव आज भी आस्था का केंद्र लाखोटिया तालाब और महादेव मंदिर पाली शहर की पहचान से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हैं। संत चंदनपुरी से जुड़ी इन कथाओं और जूना मठ में मौजूद पुरानी निशानियां इस पूरे क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं।



Source link