Tuesday, May 26, 2026
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समुद्र से लेकर मिनरल्स तक चीन पर क्वाड का प्लान, जयशंकर ने बताए 3 बड़े फैसले


राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बेहद अहम हुई. इस बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच बेहद ‘उपयोगी और उत्पादक’ चर्चा हुई है. भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसलों पर सहमति बनाई है.

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी के साथ क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की. उन्होंने कहा कि बैठक से तीन बड़े नतीजे सामने आए हैं.

सबसे बड़ा फैसला इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस इनिशिएटिव को लेकर हुआ. क्वाड देशों ने समुद्री क्षेत्र में ‘कॉमन ऑपरेटिंग पिक्चर’ तैयार करने पर सहमति जताई है. इसका मतलब है कि चारों देश समुद्री गतिविधियों पर साझा निगरानी और जानकारी साझा करेंगे. इसके अलावा पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक्सपर्ट पैनल बनाने, फिजी में पायलट पोर्ट प्रोजेक्ट शुरू करने और अंडरसी केबल नेटवर्क पर सहयोग बढ़ाने का फैसला भी लिया गया.

दूसरा बड़ा फैसला क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर को लेकर हुआ. जयशंकर ने बताया कि क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दे दिया गया है. साथ ही भारत और अमेरिका के बीच भी क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर हुए हैं. क्वाड अब इस सेक्टर में समान सोच वाले दूसरे देशों के साथ भी काम करेगा. इसे चीन की मिनरल सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.

तीसरा अहम फैसला इंडो-पैसिफिक ऊर्जा सुरक्षा पहल को लेकर हुआ. क्वाड देश अब टेक्नोलॉजी, पॉलिसी, ऊर्जा प्रबंधन, इंटरनेशनल मार्केट एनालिसिस और इमरजेंसी रिस्पॉन्स एक्सरसाइज जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे.

इससे पहले क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत में अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा, ‘हम 18 महीने से भी कम समय में तीसरी बार मिल रहे हैं. हम अपनी साझा गतिविधियों पर चर्चा करेंगे और फैसले लेंगे. दुनिया में कई चुनौतियां और मौके हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर बात होगी. हमारा मुख्य फोकस इंडो-पैसिफिक रहेगा, जो क्वाड की खास सीमा और क्षेत्र है.’

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मंत्रियों को सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी में रुकावटें (चोक पॉइंट्स), मैन्युफैक्चरिंग और संसाधनों की एक जगह पर ज्यादा निर्भरता, और जरूरी बुनियादी ढांचे की कमी जैसे मुद्दों पर ध्यान देना होगा. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में, क्वाड के अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आर्थिक मजबूती और मानवीय सहायता तथा आपदा राहत (एचएडीआर) सहित कई प्रमुख प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाया है.

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘हमें वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की मजबूती, कनेक्टिविटी की रुकावटें, उत्पादन और संसाधनों की एक जगह पर निर्भरता, और बुनियादी ढांचे की कमी जैसी समस्याओं को हल करना होगा. हर समस्या नए साझेदारी और बेहतर विकास का मौका देती है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की अपनी भी कुछ खास चुनौतियां हैं. इसके लिए जरूरी है कि रणनीतिक भरोसा बढ़े, समुद्री सुरक्षा मजबूत हो, आर्थिक विकल्प बढ़ें और पारदर्शी और भरोसेमंद साझेदारी को बढ़ावा दिया जाए.’

उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में, हमारे अधिकारियों ने समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों, आर्थिक मज़बूती और एचएडीआर सहित कई प्रमुख प्राथमिकताओं पर सहयोग को आगे बढ़ाया है. हमने कई पहलों पर उत्साहजनक प्रगति देखी है. समुद्री लोकतंत्र, बहुलवादी समाज और बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, हम एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी साझा करते हैं. इस क्षेत्र को वैश्विक विकास और स्थिरता का वाहक बने रहना चाहिए. आज हम अपनी चर्चाओं के माध्यम से इसी बात पर ज़ोर देंगे, और मुझे विश्वास है कि ये चर्चाएँ उपयोगी और सार्थक साबित होंगी.’

क्वाड में भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका शामिल हैं. इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, मजबूत सप्लाई चेन, जरूरी खनिज, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, आपदा राहत और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. इस बैठक में ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल हुए.



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सुप्रीम कोर्ट 29 मई को करेगा अविमुक्तेश्वरानंद केस में सुनवाई: इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को आशुतोष महाराज ने चुनौती दी है – Prayagraj (Allahabad) News




शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच पहुंच गया है। आशुतोष महाराज की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में 29 मई को सुनवाई होगी। यौन उत्पीड़न के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को अग्रिम जमानत दे दी है। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ वादी आशुतोष महाराज ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। आशुतोष महाराज की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने 29 मई की तारीख मुकर्रर की है। याचिका में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। आशुतोष महाराज का कहना है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद उन्होंने अधिवक्ता सौरभ अजय गुप्ता बात की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में विशेष अनुमति याचिका (SLP) विधिवत दाखिल कर दी। याचिका में अभियुक्त अविमुक्तेश्वरानंद एवं मुकुंदानंद को अग्रिम जमानत प्रदान करने के फैसले को चुनौती दी गई है। आशुतोष महाराज का कहना है कि उच्च न्यायालय ने 25 मार्च को अपराह्न 3:45 बजे फैसला दिया था। इसी फैसले के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका (SLP) भी 24 घंटे के भीतर लगभग उसी समय 3:45 बजे दाखिल की गई थी। इसी पर अब 29 मई को सुनवाई होगी। उनका कहना है कि इससे सह वादी पक्ष की तत्परता एवं न्याय प्राप्ति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आशुतोष महाराज के वकील ऋतिक गुप्ता ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया गया है। यह याचिका आशुतोष महाराज की तरफ से दाखिल की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत मंजूर की
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की जमानत बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। यह फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की बेंच ने दोपहर बाद 3.45 बजे सुनाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत देते हुए शर्तें भी लगाई हैं। सबसे अहम शर्त यह है कि दोनों पक्ष (शंकराचार्य और आशुतोष) मीडिया में बयानबाजी नहीं करेंगे और इंटरव्यू नहीं देंगे। शंकराचार्य के विदेश जाने पर भी रोक है। इसके लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी। अगर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया जाता है, तो दूसरा पक्ष जमानत कैंसिलेशन अर्जी दे सकता है। यह फैसला सुनाने के दौरान शंकराचार्य के वकीलों ने कहा- योर ऑनर इस पर भी कहें कि कोई बच्चों को लेकर घूमने लगता है, कोई यात्रा के दौरान बयानबाजी करता है। इसे भी रोका जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि इसका उल्लंघन नहीं होना चाहिए। शंकराचार्य बोले- ऐसे फैसलों से हिम्मत बढ़ती है
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- कभी-कभी ऐसा लगता है कि कानून एक जाल है। कुछ लोगों ने उसको पकड़ रखा है। जब चाहे किसी को फंसा दें। इस तरह के फैसले कभी कभी जब आते हैं, तो लोगों को हिम्मत बंधती है। ऐसा नहीं है कि जो लोग इसे जाल के रूप में इस्तेमाल करते हैं, वो हमेशा सफल नहीं रहते। ऐसे लोगों के मन में न्याय और न्याय की प्रक्रिया के प्रति आस्था होती है। शंकराचार्य की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे आशुतोष महाराज
आशुतोष महाराज की प्रवक्ता रीना एन. सिंह ने बताया- हाईकोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद को जमानत दी है। इसके बावजूद हमारी न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी। हम इस आदेश से असंतुष्ट हैं। न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। हम धर्म की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। शंकराचार्य की गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। 90 दिन के अंदर दाखिल करनी होती है चार्जशीट
अगर आरोपी जेल में है, तो पुलिस को हर हाल में 90 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। नहीं, तो कोर्ट जवाब मांग लेता है। लेकिन, अगर आरोपी गिरफ्तार नहीं है, तो पुलिस जांच के नाम पर कुछ वक्त ले सकती है। लेकिन, पुलिस को इसकी वजह बतानी होगी। अब जानिए क्या होती है चार्जशीट
चार्जशीट वह रिपोर्ट होती है जो पुलिस जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में देती है। इसमें बताया जाता है कि आरोपी ने क्या किया? उसके खिलाफ कौन-कौन से सबूत हैं? किन कानूनों के तहत केस बनेगा? इसके बाद कोर्ट तय करता है कि केस चलेगा या नहीं। आसान शब्दों में कहें, तो चार्जशीट का सीधा का मतलब है कि पुलिस ने अपना काम खत्म कर लिया। अब फैसला कोर्ट को करना है। 27 फरवरी को रिजर्व हुआ था फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न केस में 27 फरवरी को शंकराचार्य की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। तब जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा था कि फैसला आने तक शंकराचार्य की गिरफ्तारी नहीं होगी। शंकराचार्य पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे। कोर्ट में शंकराचार्य का पक्ष वकील पीएन मिश्रा ने रखा था, जबकि राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए थे। शिकायकर्ता आशुतोष महाराज की वकील रीना सिंह ने भी दलीलें रखी थीं। शंकराचार्य ने बटुकों के यौन उत्पीड़न मामले में 24 फरवरी को अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 8 फरवरी को जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की 21 फरवरी को FIR दर्ज की थी। कोर्ट के फैसले के बाद शंकराचार्य ने काशी में दैनिक भास्कर से कहा था- सच को सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट सहित जो भी हो, वो होना चाहिए। झूठ की उम्र लंबी नहीं होती। सभी प्रमाण पेश किए जाएंगे। फैसला पक्ष में न आने पर उच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करेंगे। अब जानिए पूरा मामला प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया था। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई थी। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। 26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आई थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया था। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने दावा किया था- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद पर FIR होने के बाद पुलिस ने अब तक क्या-कुछ किया, ये भी जानिए… 21 फरवरी. एडीजे रेप एंड पाक्सो स्पेशल कोर्ट ने झूंसी थाने की पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया। रात 11.37 बजे झूंसी थाने में FIR लिखी गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और दो-तीन अज्ञात आरोपी बने। 22 फरवरी. झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्र के साथ 8 पुलिसकर्मी याचिकाकर्ता आशुतोष महाराज को लेकर माघ मेला पहुंचे। जहां शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का शिविर लगा था, वहां का नक्शा तैयार किया। बटुकों ने यहीं पर यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। पुलिस ने त्रिवेणी मार्ग पर लगे CCTV फुटेज भी कब्जे में लिए। 23 फरवरी. झूंसी थाना प्रभारी महेश मिश्र वाराणसी पहुंचे। वाराणसी पुलिस अधिकारियों को प्रयागराज में दर्ज केस की पूरी जानकारी दी। साथ ही आरोपियों (शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद) के वाराणसी में रहने के बारे में बताकर निगरानी रखने को कहा गया। 23 फरवरी. पुलिस ने हरदोई में बटुक के परिवार से बातचीत की। उनके बयान दर्ज किए। घर के आसपास रहने वालों से भी सवाल-जवाब हुए। 24 फरवरी. रिपोर्ट दर्ज कराने वाले महंत आशुतोष ब्रह्मचारी का कैमरे पर बयान दर्ज हुआ। उनके पास मौजूद साक्ष्य दस्तावेज, सीडी, पेन ड्राइव पुलिस ने अपने कब्जे में लिए। 25 फरवरी. नाबालिग बटुकों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। बयान दर्ज किए गए। मजिस्ट्रेट के सामने बटुकों ने आपबीती सुनाई। दोनों नाबालिग लड़कों को पुलिस तेज बहादुर स्प्रू अस्पताल (बेली अस्पताल ) ले गई। दो डॉक्टरों के पैनल ने मेडिकल जांच की गई। 26 फरवरी. सरकारी अस्पताल में हुई मेडिकल जांच की रिपोर्ट बंद लिफाफा में जांच अधिकारी को सौंपी गई। आशुतोष का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। 27 फरवरी. पुलिस साक्ष्यों के साथ बयानों की प्रति और मेडिकल रिपोर्ट को कोर्ट में पेश कर सकती है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज; जानिए इनके बारे में आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे। आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं। ——————————– यह खबर भी पढ़ें कुलदीप यादव पत्नी वंशिका के साथ बांके बिहारी मंदिर पहुंचे, पूजा-दर्शन करके 56 भोग अर्पित किए क्रिकेटर कुलदीप यादव ने पत्नी वंशिका के साथ वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन किए। वे मंगलवार शाम साढ़े 7 बजे मंदिर पहुंचे थे। दोनों ने देहरी (चौखट) पर इत्र लगाकर सेवा की। भगवान को 56 भोग अर्पित किए। शादी के बाद दोनों पहली बार मथुरा पहुंचे थे। यहां पढ़ें पूरी खबर



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देवी जागरण कार्यक्रम में बांका के कलाकारों का परफॉरमेंस: मुंगेर में ‘नहीं बाटे नारियल चुनरी, नहीं बाटे अड़हुल फुलवा’ गीत पर झूमे श्रद्धालु – Munger News




मुंगेर के बरियारपुर प्रखंड अंतर्गत रतनपुर पंचायत के चिरैयाबाद गांव स्थित बड़ी काली मंदिर में देवी जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम काली प्रतिमा स्थापना की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव का हिस्सा था। इसका विधिवत उद्घाटन गांव के बुद्धिजीवियों और समिति सदस्यों द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अमरपुर, बांका से आए बाबा और अवधेश बिहारी जागरण ग्रुप के गायक दीपक झा ने गणेश वंदना से की। उन्होंने मां काली की महिमा से जुड़े कई भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिससे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। ‘नहीं बाटे नारियल चुनरी, नहीं बाटे अड़हुल फुलवा’ जैसे लोकप्रिय भक्ति गीतों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। महिलाएं और युवा श्रद्धालु काफी उत्साहित दिखे गायिका प्रिया राज ने भी अपने सुरों से कार्यक्रम में भक्तिमय माहौल बनाया। उनके भजनों पर उपस्थित महिलाएं और युवा श्रद्धालु काफी उत्साहित दिखे। कार्यक्रम का संचालन एंकर भाई प्रभु भोजपुरिया ने किया, जिन्होंने अपने भक्तिमय संबोधनों से माहौल को ऊर्जावान बनाए रखा। म्यूजिशियन टीम के राजा कुमार, अरुण कुमार, संजय कुमार चौगुड़ी सहित अन्य कलाकारों ने विभिन्न वाद्य यंत्रों पर संगत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। देर शाम तक चले इस धार्मिक आयोजन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



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बकरी चोर को ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ा- VIDEO: छिंदवाड़ा में युवक मारुति वैन से पहुंचे; बकरीद के कारण क्षेत्र में बढ़ीं पशु चोरी की घटनाएं – Chhindwara News




छिंदवाड़ा जिले के तामिया ब्लॉक अंतर्गत बिजोरी पठार-छिंदी रोड पर मंगलवार को ग्रामीणों ने एक युवक को बकरी चोरी करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी को रस्सी से बांधकर डायल-112 को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में ले लिया। वारदात में शामिल उसके अन्य साथी मौके से भागने में सफल रहे। मारुति वैन से आए थे आरोपी, वाहन जब्त
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी मारुति ओमनी वैन (MP 51 BB 0360) से गांव पहुंचे थे, जिसे मौके पर ही रोक लिया गया। पकड़े गए आरोपी की पहचान सोनपुर निवासी अभय जायसवाल के रूप में हुई है, जबकि उसका साथी राहुल साहू व अन्य फरार हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, यह वाहन रोहित साहू के नाम पर दर्ज बताया जा रहा है। बकराईद के कारण बढ़ी चोरियां, आदिवासी नाराज
क्षेत्र के अधिकांश आदिवासी परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुपालन पर निर्भर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बकराईद का त्योहार नजदीक आते ही मुनाफे के लालच में बकरा चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। पहली बार किसी आरोपी के रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद पशुपालकों ने पुलिस से फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। तामिया पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।



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थकान और डिहाइड्रेशन से बचाएगा सत्तू छाछ, 5 मिनट में बनेगी ये हेल्दी देसी ड्रिंक


Sattu Chaas Recipe: तेज धूप, चिपचिपी गर्मी और बार-बार लगने वाली प्यास… भारतीय गर्मियों में शरीर को ठंडा और एनर्जी से भरपूर रखना आसान नहीं होता. ऐसे मौसम में ज्यादातर लोग कोल्ड ड्रिंक या पैकेट वाले जूस की तरफ भागते हैं, लेकिन घर की बनी छाछ आज भी सबसे भरोसेमंद और हेल्दी ड्रिंक मानी जाती है. अब इसी पारंपरिक छाछ को एक नया और पौष्टिक ट्विस्ट मिला है -सत्तू छाछ. यह ड्रिंक सिर्फ स्वाद में ही शानदार नहीं, बल्कि हाई प्रोटीन होने की वजह से लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद करती है.

फिटनेस पसंद करने वालों से लेकर वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों तक, हर कोई इस देसी ड्रिंक को अपनी डाइट में शामिल कर रहा है. खास बात ये है कि इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता और घर की साधारण चीजों से तैयार हो जाती है, अगर आप भी इस गर्मी कुछ हेल्दी और ताज़गी भरा पीना चाहते हैं, तो सत्तू छाछ आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन हो सकता है.

क्या होता है सत्तू और क्यों बढ़ रही इसकी डिमांड?
सत्तू भुने हुए चने से तैयार किया जाने वाला एक पारंपरिक आटा है, जिसका इस्तेमाल बिहार, झारखंड और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लंबे समय से होता आ रहा है. पहले गांवों में लोग इसे पानी में घोलकर पीते थे ताकि खेतों में काम करते समय शरीर में ताकत बनी रहे. अब वही सत्तू शहरों में फिटनेस ड्रिंक के तौर पर ट्रेंड कर रहा है. वजह साफ है -इसमें भरपूर प्रोटीन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं. यही कारण है कि न्यूट्रिशन एक्सपर्ट भी इसे गर्मियों के लिए शानदार सुपरफूड मानते हैं.

क्यों खास है सत्तू छाछ?
साधारण छाछ पेट को ठंडक देती है, जबकि सत्तू उसमें पोषण जोड़ देता है. दोनों का कॉम्बिनेशन शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ लंबे समय तक एनर्जी भी देता है. गर्मी में अक्सर लोगों को थकान, डिहाइड्रेशन और भूख कम लगने जैसी दिक्कतें होती हैं. ऐसे में सत्तू छाछ एक ऐसा ड्रिंक बन जाता है जो हल्का भी है और पेट भरने वाला भी. कई लोग इसे सुबह के नाश्ते में या दोपहर के खाने के बीच पीना पसंद करते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

वजन कम करने वालों के लिए भी फायदेमंद
अगर आप बार-बार भूख लगने या अनहेल्दी स्नैकिंग से परेशान रहते हैं, तो सत्तू छाछ मदद कर सकती है. इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं. यही वजह है कि जिम जाने वाले लोग और डाइट फॉलो करने वाले युवा इसे अपने डेली रूटीन में शामिल कर रहे हैं. हालांकि, ज्यादा नमक या मसाले डालने से इसका हेल्दी बैलेंस बिगड़ सकता है, इसलिए इसे संतुलित तरीके से बनाना बेहतर माना जाता है.

घर पर कैसे बनाएं हाई प्रोटीन सत्तू छाछ?
सत्तू छाछ बनाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी. कुछ मिनटों में यह ड्रिंक तैयार हो जाती है.

जरूरी सामग्री
-2 बड़े चम्मच सत्तू
-1 कप दही
-2 कप ठंडा पानी
-आधा चम्मच भुना जीरा
-1 हरी मिर्च
-थोड़ा अदरक
-करी पत्ता
-हरा धनिया
-स्वादानुसार नमक
-बर्फ के टुकड़े

बनाने का तरीका
-सबसे पहले मिक्सर जार में जीरा, हरी मिर्च, अदरक, करी पत्ता और हरा धनिया डालकर हल्का क्रश कर लें. इसके बाद दही, सत्तू, पानी और नमक डालें.

-अब इसे कुछ सेकंड तक ब्लेंड करें जब तक मिश्रण स्मूद और हल्का झागदार न हो जाए, अगर ड्रिंक ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा और पानी मिला लें. आखिर में बर्फ डालें और ऊपर से भुना जीरा या धनिया डालकर सर्व करें.

ठंडी-ठंडी सत्तू छाछ गर्मियों में तुरंत राहत देने का काम करती है.
परफेक्ट स्वाद के लिए याद रखें ये टिप्स

हमेशा ताजा सत्तू चुनें
पुराना या बासी सत्तू स्वाद खराब कर सकता है. ताजा और अच्छी क्वालिटी वाला सत्तू इस्तेमाल करें.

दही हल्का खट्टा हो
छाछ का असली स्वाद हल्के खट्टे दही से आता है. इससे ड्रिंक ज्यादा रिफ्रेशिंग लगती है.

गाढ़ापन बैलेंस रखें
बहुत ज्यादा गाढ़ी छाछ पीने में भारी लग सकती है. इसलिए पानी धीरे-धीरे मिलाएं और सही कंसिस्टेंसी रखें.

देसी ड्रिंक फिर से बन रही लोगों की पसंद
एक समय था जब सत्तू को सिर्फ गांवों का खाना माना जाता था, लेकिन अब यही ड्रिंक सोशल मीडिया और हेल्थ ब्लॉग्स पर ट्रेंड कर रही है. इंस्टाग्राम पर कई फूड क्रिएटर्स इसकी रेसिपी शेयर कर रहे हैं और लोग इसे प्रोटीन शेक का देसी विकल्प बता रहे हैं.



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1 ही सरनेम वाले 2 सितारों की फिल्म, 2001 में बॉक्स ऑफिस पर मचाई तबाही, पर हीरो का आजतक नही


Last Updated:

साल 2001 में रिलीज हुई मुझे कुछ कहना है उन रोमांटिक फिल्मों में शामिल है, जिसने 2000 के दशक की शुरुआत में युवाओं के दिलों पर खास छाप छोड़ी थी. 25 साल पहले आई इस फिल्म में एक ही सरनेम के दो स्टारकिड नजर आए थे. 70-80 के दशक के सुपरस्टार के बेटे ने इस फिल्म से डेब्यू किया था और उनकी पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.

नई दिल्ली. 2001 में आई इस फिल्म की रिलीज को 25 साल पूरे हो चुके हैं. इस फिल्म से सुपरस्टार जितेंद्र के बेटे और टीवी क्वीन एकता कपूर के भाई तुषार कपूर ने एक्टिंग डेब्यू किया था. सुपरस्टार जितेंद्र के नक्शे कदम पर चलते हुए उनके बेटे ने भी फिल्मों का रुख किया. उन्होंने इस रोमांटिक फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी.

तुषार कपूर के साथ फिल्म में स्टारकिड करीना कपूर नजर आई थीं. दोनों स्टारकिड पर मेकर्स ने बड़ा दांव लगाया था और उन्हें इस बाजी में जीत मिली. करीना कपूर और तुषार कपूर की रोमांटिक फिल्म मुझे कुछ कहना है बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

मासूम प्रेम कहानी, यादगार गाने और फ्रेश ऑन-स्क्रीन जोड़ी की वजह से यह फिल्म उस दौर की बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई. फिल्म में करीना और तुषार की केमिस्ट्री ने गजब कर दिया था. दोनों को पर्दे पर इतना पसंद किया गया कि मेकर्स ने एक बार फिर इनके साथ फिल्म बना डाली. हालांकि दूसरी बार में सफलता नहीं मिली. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

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फिल्म का निर्देशन मशहूर अभिनेता और निर्देशक सतीश कौशिक ने किया था. वहीं इसे वाशु भगनानी ने अपने बैनर पूजा एंटरटेनमेंट के तहत प्रोड्यूस किया था. उस समय फिल्म को एक बड़े लॉन्च प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा था, क्योंकि यह तुषार कपूर की पहली फिल्म थी. तुषार दिग्गज अभिनेता जितेंद्र के बेटे हैं और इंडस्ट्री की नजरें उनके डेब्यू पर टिकी हुई थीं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

फिल्म की कहानी करण नाम के एक शर्मीले युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने प्यार का इजहार करने में संघर्ष करता है. फिल्म में रोमांस के साथ पारिवारिक भावनाओं और हल्के-फुल्के कॉमेडी का भी अच्छा मिश्रण देखने को मिला. करीना कपूर ने पूजा का किरदार निभाया था, जबकि तुषार कपूर के मासूम और सरल अंदाज ने दर्शकों का दिल जीत लिया. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

हाल ही में फिल्म के 25 साल पूरे होने पर तुषार कपूर ने एक इमोशनल स्टोरी शेयर की थी. उन्होंने अपनी फिल्म की स्क्रीनिंग के टिकट भी रखे थे. उस दौर में सिंगल स्क्रीन हुआ करते थे और तुषार कपूर ने सिंगल स्क्रीन के टिकट को आजतक सहेज कर रखा है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

‘मुझे कुछ कहना है’ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसने तुषार कपूर को बॉलीवुड में मजबूत शुरुआत दिलाई. वो रोमांटिक हीरो के तौर पर दर्शकों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे थे. पहली फिल्म में रोमांटिक हीरो बन अपनी पहचान बनाने वाले तुषार कपूर अपनी सफलता को भुना नहीं पाए. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

सुपरहिट से शुरुआत करने के बाद एक्टर अपनी सफलता को कायम नहीं रख पाए. उनकी फिल्में लगातार फ्लॉप होती चली गईं और उन्हें इंडस्ट्री में लीड रोल्स मिलने कम हो गए. तुषार कपूर के करियर की बात होती है तो गोलमाल फ्रेंचाइजी उनकी सबसे सफल फिल्मों में रही है. इसके अलावा वो कई फिल्मों में सपोर्टिंग रोल में दिखे थे.  (फोटो साभार इंस्टाग्राम tusshark89)

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अमेरिका में गुजराती महिला की हत्या: लूट के लिए स्टोर में घुसे नकाबपोश ने मारी गोली, वर्जीनिया शहर की वारदात


मेहसाणा23 मिनट पहले

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अमेरिका के वर्जीनिया में एक गुजराती मूल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मेघना पटेल (47) एक स्टोर में काम करती थीं। सोमवार सुबह मेघना ने स्टोर खोला था। कुछ देर बाद ही एक नकाबपोश शख्स स्टोर में दाखिल हुआ और उन पर फायरिंग कर दी। इसके बाद स्टोर में लूटपाट की और फरार हो गया। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग स्टोर पहुंचे और एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि, मेघना की मौके पर ही मौत हो गई थी।

हत्या की पूरी घटना स्टोर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। फुटेज में देखा जा सकता है कि एक अज्ञात शख्स स्टोर में दाखिल होता है। पहचान छिपाने के लिए उसने ट्रैक सूट, जैकेट, हाथों में दस्ताने, चेहरे पर मास्क और सिर पर टोपी पहनी हुई थी, जिससे उसकी सिर्फ आंखें ही दिखाई दे रही थीं।

आरोपी मेघना के पास पहुंचते ही उन पर ताबड़तोड़ दो-तीन राउंड फायरिंग कर देता है। उनके जमीन पर गिरते ही वह कैश बॉक्स से करंसी निकालकर फरार हो जाता है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

स्टोर में दाखिल होता हुआ नकाबपोश आरोपी।

स्टोर में दाखिल होता हुआ नकाबपोश आरोपी।

मेघना को गोली मारने के बाद लॉकर से

मेघना को गोली मारने के बाद लॉकर से

बेटे और बेटी के साथ मेघना पटेल की फाइल फोटो।

बेटे और बेटी के साथ मेघना पटेल की फाइल फोटो।

10 वर्षों से अमेरिका में रह रही थीं मेघना पटेल मूल रूप से गुजरात में मेहसाणे जिले के जंत्राल गांव की रहने वाली हैं। परिवार के साथ वे पिछले 10 सालों से वर्जीनिया सिटी में रह रही थीं। इस स्टोर में करीब 8 सालों काम कर रही थीं। मेघनाबेन के पिता करसनभाई और माता कपिलाबेन गुजरात के जंत्राल गांव में ही रहते हैं।

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अमेरिका में 27 साल की भारतीय महिला की हत्या:आरोपी बॉयफ्रेंड भारत से गिरफ्तार, उसी के अपार्टमेंट में शव मिला था

अमेरिका के मैरीलैंड राज्य में भारतीय मूल की महिला निकिता गोदिशाला की हत्या के मामले में उसके एक्स बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। निकिता न्यू ईयर से लापता थी। 27 साल की निकिता का शव अर्जुन के अपार्टमेंट से मिला था। पूरी खबर पढ़ें…

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Oppo ने 13999 रुपये में लॉन्च किया 7000mAh बैटरी वाला फोन


Oppo ने भारतीय बाजार में अपना सस्ता स्मार्टफोन पेश किया है। इस स्मार्टफोन को खास तौर पर युवाओं और फर्स्ट टाइम यूजर्स के लिए उतारा गया है। ओप्पो का यह फोन महज 13,999 रुपये की शुरुआती कीमत में आता है। इसमें 7000mAh बैटरी समेत कई तगड़े फीचर्स दिए गए हैं। यह सस्ता फोन Xiaomi, Vivo, Samsung, Infinix जैसे ब्रांड्स के बजट फोन को टक्कर दे सकता है।

कितनी है कीमत?

चीनी कंपनी ने अपने इस स्मार्टफोन को Oppo A6c के नाम से पेश किया है। यह फोन दो स्टोरेज ऑप्शन- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 13,999 रुपये है। वहीं, इसके टॉप वेरिएंट की कीमत 16,999 रुपये है। यह सस्ता फोन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा लीडिंग रिटेल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे दो कलर ऑप्शन- फीदर व्हाइट और स्टोन ब्राउन में खरीदा जा सकता है।

Oppo A6c के फीचर्स

ओप्पो का यह फोन 6.75 इंच के बड़े HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। इस फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 720 x 1570 पिक्सल है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और 240Hz टच सैम्पलिंग रेट को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसकी पीक ब्राइटनेस 900 निट्स तक की है।

Oppo A6c फीचर्स
डिस्प्ले 6.75 इंच, HD+, 120Hz
प्रोसेसर Unisco T7250
स्टोरेज 4GB, 128GB
बैटरी 7000mAh, 15W
कैमरा 13MP, 5MP
OS Android 16 (ColorOS)

यह बजट फ्रेंडली फोन Unisoc T7250 चिपसेट के साथ आता है। फोन में 4GB रैम मिलता है, जिसे वर्चुअली एक्सपेंड किया जा सकता है। इसके अलावा फोन में 128GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

Oppo A6c के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 13MP का प्राइमरी और एक सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। फोन के बैक में LED फ्लैश लाइट भी दी गई है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए ओप्पो के इस फोन में 5MP का कैमरा मिलेगा। यह फोन 7000mAh की बैटरी और 15W वायर्ड फास्ट चार्जिंग पर काम करता है। इसमें कनेक्टिविटी के लिए WiFi, Bluetooth, 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

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कांस्टेबल की कार बाइक से टकराकर पलटी,युवक की मौत: कांस्टेबल और एक युवक घायल;ट्रक को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा – Alwar News




अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पिपरौली गांव के पास ट्रक को बचाने के प्रयास में रामगढ़ थाने के कांस्टेबल कैलाश की कार अनियंत्रित होकर कच्चे में उतर गई और सड़क किनारे खड़े बाइक सवार युवकों को टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कांस्टेबल सहित दो लोग गंभीर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार हादसा रविवार शाम करीब 4 बजे हुआ। परिजनों ने बताया कि कैफ और अकरम बाइक पर सवार होकर अपने गांव पलखड़ी से रिश्तेदार के घर पिपरौली आ रहे थे। दोनों युवक गांव के पास सड़क किनारे खड़े थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में कैफ (26) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अकरम और कार चालक कांस्टेबल कैलाश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं मृतक कैफ के शव को पोस्टमार्टम के लिए अलवर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। रामगढ़ थाना पुलिस मामले की जांच कर हादसे के सही कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।



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गोंडा में पहली बार शुरू हुई प्राकृतिक चिकित्सा, लिवर-किडनी डिटॉक्स थेरेपी उपलब्ध


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Gonda News: आचार्य पीके शुक्ला का मानना है कि प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है. सही आहार, नियमित व्यायाम, योग और प्राकृतिक उपायों को दिनचर्या में शामिल करके व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकता है. गोंडा में इस सुविधा की शुरुआत को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है.

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पहली बार प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) की सुविधा शुरू की गई है. इससे जिले के लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक वैकल्पिक उपचार पद्धति का विकल्प मिलेगा. प्राकृतिक चिकित्सा ऐसी प्रणाली है, जिसमें शरीर को स्वस्थ रखने और रोगों से राहत दिलाने के लिए प्रकृति के विभिन्न तत्वों का उपयोग किया जाता है.

लोकल 18 से बातचीत में आचार्य पीके शुक्ला ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है. इस पद्धति में दवाओं के उपयोग पर कम और प्राकृतिक जीवनशैली पर अधिक जोर दिया जाता है. इसमें संतुलित आहार, योग, प्राणायाम, व्यायाम, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और अन्य प्राकृतिक तरीकों को अपनाया जाता है.

आचार्य पीके शुक्ला के अनुसार प्राकृतिक चिकित्सा इस सिद्धांत पर आधारित है कि मानव शरीर में स्वयं को स्वस्थ करने की क्षमता होती है. यदि व्यक्ति सही खानपान और नियमित दिनचर्या अपनाए तो शरीर कई समस्याओं से खुद ही मुकाबला कर सकता है. इसी वजह से इस उपचार पद्धति में जीवनशैली में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाता है. उनके केंद्र पर लिवर और किडनी डिटॉक्स की सुविधा उपलब्ध है. इसके साथ ही क्लींजिंग थेरेपी भी कराई जाती है. इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य शरीर में जमा अवांछित तत्वों को बाहर निकालना और शरीर को अधिक सक्रिय व स्वस्थ बनाना है.

प्राकृतिक चिकित्सा में जल चिकित्सा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है. इसमें पानी के विभिन्न रूपों का उपयोग कर शरीर को आराम देने और स्वास्थ्य में सुधार करने की कोशिश की जाती है. वहीं मिट्टी चिकित्सा में शरीर के कुछ हिस्सों पर मिट्टी का लेप लगाया जाता है, जिसे कई लोग लाभकारी मानते है. आचार्य पी.के. शुक्ला बताते है कि उनके यहां लिवर, किडनी, पेट से जुड़ी समस्याओं और पित्त की पथरी का इलाज बिना ऑपरेशन के किया जाता है. उनके अनुसार 16 घंटे के भीतर ही असर दिखना शुरू हो जाता है.

उन्होंने बताया कि मरीजों को दिन में हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है. इसके बाद उन्हें शाम 5:00 बजे केंद्र पर बुलाया जाता है और सुबह तक रखा जाता है. लगभग 15 से 16 घंटे केंद्र पर रहने के दौरान शरीर के अंदर जमा कचरा मल-मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाता है और मरीज को काफी आराम महसूस होता है. उनका दावा है कि जब शरीर डिटॉक्स हो जाता है तो हार्ट अटैक की संभावना बहुत कम हो जाती है. उनका कहना है कि लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.

योग और प्राणायाम भी प्राकृतिक चिकित्सा का अहम हिस्सा है. नियमित योग और श्वास संबंधी अभ्यास न केवल शरीर को फिट रखने में मदद करते है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करते है. इसके साथ ही संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम को स्वस्थ जीवन की बुनियाद माना जाता है.

गोंडा में इस सुविधा की शुरुआत से उन लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है जो प्राकृतिक तरीकों से स्वास्थ्य सुधारना चाहते है. अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग अपने ही जिले में इस उपचार पद्धति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और जरूरत के अनुसार इसका लाभ उठा सकेंगे. आचार्य पीके शुक्ला का मानना है कि प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है. सही आहार, नियमित व्यायाम, योग और प्राकृतिक उपायों को दिनचर्या में शामिल करके व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकता है. गोंडा में इस सुविधा की शुरुआत को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है.



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