Monday, August 31, 2026
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नागौर में 12 भाजपा उम्मीदवारों को नॉमिनेशन के आदेश: फोन आए तो समर्थकों ने आतिशबाजी कर मनाया जश्न – Nagaur News


नगर निकाय चुनाव को लेकर नागौर नगर परिषद में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने अभी तक प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की है।

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जानकारी के अनुसार, भाजपा ने 12 वार्डों में अपने प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। चयनित प्रत्याशियों को पार्टी स्तर से फोन कर टिकट कंफर्म होने की सूचना दी जा रही है।

भाजपा कार्यालय में सूची पर मंथन करते हुए।

टिकट की सूचना मिलते ही कई संभावित प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कुछ वार्डों में समर्थकों ने पटाखे फोड़कर और आतिशबाजी कर टिकट मिलने का जश्न मनाया। हालांकि, पार्टी की ओर से सार्वजनिक सूची जारी नहीं होने के कारण इन नामों की औपचारिक पुष्टि आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही मानी जाएगी।

इन 12 वार्डों के संभावित प्रत्याशी

  • वार्ड 1 — अविनाश बिनजावत
  • वार्ड 2 — पप्पू देवी
  • वार्ड 4 — मंजू
  • वार्ड 5 — दिलीप
  • वार्ड 15 — नीतू तोलावत
  • वार्ड 16 — यतिराज
  • वार्ड 18 — राजाराम भाटी
  • वार्ड 22 — ट्विंकल वैष्णव
  • वार्ड 23 — प्रमोद जैन
  • वार्ड 31 — रुकमा देवी
  • वार्ड 33 — संतोष
  • वार्ड 58 — गुलाब चंद

फोन पर सूचना, सार्वजनिक सूची का इंतजार, टिकट की सूचना पर आतिशबाजी

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकटों को लेकर अंतिम स्तर पर मंथन चल रहा है। पार्टी के स्तर पर जिन प्रत्याशियों का चयन किया गया है, उन्हें फोन कर चुनाव लड़ने की सूचना दी जा रही है। इसके साथ ही प्रत्याशियों को नामांकन पत्र सावधानीपूर्वक भरने और सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं। भाजपा के प्रत्याशियों को टिकट मिलने की सूचना के बाद समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की।

नगर निकाय चुनाव में नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। आधिकारिक सूची सामने आने से पहले ही संभावित प्रत्याशियों के नाम सामने आने और समर्थकों के जश्न से चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। अब सभी की नजर भाजपा की अधिकृत सूची पर है।



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सरकार ने कोशिश, फिर भी नहीं घट रहे चीनी के दाम, बड़े शहरों में अब भी 60 से ऊपर


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देश में चीनी की कीमतों में तेजी जारी है. 30 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव ₹64.24 प्रति किलो पहुंच गया. एक हफ्ते में कीमत 1.77 फीसदी बढ़ी है, जबकि एक महीने में यह करीब 30 फीसदी महंगी हो चुकी है. सरकार ने कीमतों पर काबू पाने के लिए कच्ची चीनी के 10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने समेत कई कदम उठाए हैं, इसके बावजूद खुदरा और थोक बाजार में दाम ऊंचे बने हुए हैं.

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शहरों के हिसाब से देखें तो दिल्ली में चीनी ₹62 प्रति किलो बिक रही थी.

नई दिल्ली. देश के ज्यादातर खुदरा बाजारों में चीनी की कीमत 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव ₹64.24 प्रति किलो रहा. एक हफ्ते पहले यह ₹63.12 प्रति किलो था. यानी एक सप्ताह में कीमत 1.77 फीसदी बढ़ी है. चीनी की मौजूदा कीमत एक महीने पहले के मुकाबले करीब 30 फीसदी ज्यादा है. वहीं, पिछले साल इसी अवधि की तुलना में इसमें 38.63 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 30 अगस्त को अलग-अलग बाजारों में चीनी की अधिकतम कीमत ₹74 और न्यूनतम कीमत ₹40 प्रति किलो दर्ज की गई.

शहरों के हिसाब से देखें तो दिल्ली में चीनी ₹62 प्रति किलो बिक रही थी. मुंबई में इसका भाव ₹66 प्रति किलो रहा. चेन्नई में चीनी ₹63 और रांची में ₹68 प्रति किलो के भाव पर बिकी. थोक बाजार में भी कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. 30 अगस्त को चीनी का औसत थोक भाव ₹59.73 प्रति किलो रहा. एक हफ्ते पहले यह ₹58.66 प्रति किलो था. एक महीने में थोक कीमत करीब 31 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38.63 फीसदी बढ़ चुकी है.

एक्स मिल भाव घटा, फिर भी महंगी चीनी

खुदरा और थोक बाजार में चीनी के दाम ऐसे समय बढ़ रहे हैं, जब मिल स्तर यानी एक्स मिल भाव में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है. सरकार ने कच्ची चीनी के 10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी. इसके बाद एक्स मिल कीमतों पर दबाव आया. उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एक्स मिल और थोक कीमत के बीच ₹2 से ₹3 प्रति किलो का अंतर सामान्य माना जाता है. वहीं, एक्स मिल और खुदरा कीमत के बीच ₹7 से ₹8 प्रति किलो का अंतर भी सामान्य है.

सरकार ने उठाए कई कदम

चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देने के अलावा थोक खरीदारों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने के नियम सख्त किए गए हैं. इससे पहले सरकार चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा चुकी है. केंद्र सरकार ने चीनी मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है. सरकार का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

उत्पादन घटने से भी दबाव

चीनी की उपलब्धता को लेकर इस साल चिंता इसलिए भी है क्योंकि 2025-26 के चीनी विपणन वर्ष में उत्पादन पहले के अनुमान से कम रहने का अनुमान है. उत्पादन का अनुमान घटाकर 306 लाख टन किया गया है. पहले 343 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था. देश में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280 से 285 लाख टन रहने का अनुमान है. ऐसे में उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक पर बाजार की नजर बनी हुई है.



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पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ: आजमगढ़ में बोले पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य, लगाई जन चौपाल – Azamgarh News




आजमगढ़ जिले में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र कुमार बारी ‘बीनू’ ने रविवार को आजमगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर कई कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से संवाद करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
ग्राम बयासी, थाना सिधारी में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह और काव्य गोष्ठी में उन्होंने रचनाकार रोहित राही की पुस्तक ‘जिंदगी तुम बिन अधूरी’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। साहित्य एवं संस्कृति सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद ग्राम चिउटहरा, बेइली बाजार में आयोजित जन-चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों को इनका लाभ लेने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से आसपास के पात्र लोगों को भी योजनाओं की जानकारी देने की अपील की। बेहतर संवाद करने की अपील
बेइली बाजार में जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन करते हुए सत्येन्द्र कुमार बारी ‘बीनू’ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं, विकास संबंधी जरूरतों और जनहित के मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके पश्चात मई खरगपुर, थाना गंभीरपुर में जनसंपर्क अभियान चलाकर स्थानीय लोगों से क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। पिछड़ा वर्ग सहित कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आयोग के सदस्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।



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कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने किया रक्तदान: नशे की लत छोड़ अब बचा रहे मरीजों की जान – Katihar News




कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाया है। जिन हाथों में कभी नशे का सामान होता था, वे अब जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में इन युवाओं ने नशामुक्ति और मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल और कटिहार राइडर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. राजीव जायसवाल के जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल में हुए इस शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कुल 25 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें उन युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो कभी नशे की लत से ग्रस्त थे। इन युवाओं ने नशे को पूरी तरह त्यागकर अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। रक्तदान के माध्यम से उन्होंने न केवल जरूरतमंद मरीजों की सहायता की, बल्कि यह भी दर्शाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और उचित मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कटिहार राइडर्स के संस्थापक अमितेश रंजन ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना और उन्हें समाजसेवा से जोड़ना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। डॉ. राजीव जायसवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों का लक्ष्य लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना है। शिविर के संयोजक एवं समाजसेवी अमित जायसवाल विक्की ने टिप्पणी की, “जो हाथ कभी नशे में डूबे थे, आज वही हाथ किसी की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। यह बदलाव की एक बड़ी तस्वीर है।” उन्होंने आगे कहा कि नशे से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



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बारिश में पुलिया टूटने से युवक बाइक समेत गिरा, मौत: सतना में भरगंवा-दलेला मार्ग पर अचानक ढही सड़क – Satna News




सतना जिले के मझगंवा थाना क्षेत्र में रविवार शाम भरगंवा-दलेला मार्ग पर एक पुलिया टूटने से बाइक सवार 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। तेज बारिश के दौरान जर्जर पुलिया अचानक ढह गई, जिससे युवक बाइक समेत नीचे जा गिरा। मृतक की पहचान भरगंवा निवासी कृष्ण मोहन द्विवेदी (30) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कृष्ण मोहन रविवार को हिरौंदी से अपने घर भरगंवा लौट रहे थे। शाम करीब 4 बजे वे भरगंवा-दलेला रोड पर बनी पुलिया से गुजर रहे थे। बारिश के बाद अचानक टूटी पुलिया
इसी दौरान लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जर्जर पुलिया अचानक टूट गई। पुलिया टूटने से कृष्ण मोहन संभल नहीं सके और बाइक समेत नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मझगंवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे पुलिया पर पानी का दबाव भी बढ़ गया था। यह घटना पुलिया की जर्जर स्थिति और बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।



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गुड़ की चाय बनाते समय न करें ये गलती, वरना फट जाएगा दूध! जानें सही तरीका

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गुड़ की चाय सर्दियों में पसंद की जाने वाली देसी ड्रिंक है, लेकिन इसे बनाते समय अक्सर दूध फटने की समस्या हो जाती है. अगर आप भी चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, तो जानिए गुड़ डालने का सही समय और घर पर स्वादिष्ट गुड़ की चाय बनाने का आसान तरीका.

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चाय में गुड़ डालने का सही समय.

सर्दियों में गर्मागर्म गुड़ की चाय पीने का मजा ही अलग है. चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करने से चाय में एक अलग देसी स्वाद और खुशबू आती है. हालांकि गुड़ की चाय बनाते समय अक्सर एक समस्या आती है और वह है दूध का फटना. दरअसल, अगर गुड़ को गलत समय पर चाय में डाल दिया जाए, तो दूध फट सकता है और पूरी चाय का स्वाद खराब हो सकता है. इसलिए गुड़ की चाय बनाने का सही तरीका जानना बेहद जरूरी है.

गुड़ की चाय के लिए सामग्री
दूध – 2 कप
पानी – 1 कप
चायपत्ती – 2 चम्मच
गुड़ – 2 से 3 बड़े चम्मच या स्वादानुसार
अदरक – 1 छोटा टुकड़ा
इलायची – 2 से 3
दालचीनी – छोटा टुकड़ा
लौंग – 1 से 2

आप चाहें तो इसमें काली मिर्च या सौंफ भी डाल सकते हैं.

सबसे पहले मसाले उबालें

एक पैन में पानी डालकर उसमें कुटी हुई अदरक, इलायची, दालचीनी और लौंग डालें. इसे 2 से 3 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें. इससे मसालों का स्वाद और खुशबू पानी में अच्छी तरह आ जाएगी. अब इसमें चायपत्ती डालें और करीब 1 मिनट तक पकाएं. चायपत्ती को बहुत देर तक उबालने से चाय कड़वी हो सकती है, इसलिए इसे जरूरत से ज्यादा न पकाएं.

अब दूध डालें

मसालों और चायपत्ती वाले मिश्रण में दूध डालें. गैस की आंच मध्यम रखें और चाय को उबलने दें. एक-दो बार चम्मच से चलाते रहें, ताकि दूध नीचे न लगे. चाय को अपनी पसंद के अनुसार 2 से 3 मिनट तक पकाया जा सकता है. याद रखें कि इस स्टेज पर गुड़ न डालें. यही गुड़ की चाय बनाने का सबसे जरूरी तरीका है.

गुड़ डालने का सही समय

जब चाय अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें. इसके बाद गुड़ को कद्दूकस करके या छोटे टुकड़ों में डालें और अच्छी तरह मिलाएं. गुड़ को सीधे तेज आंच पर उबलती हुई दूध वाली चाय में डालने से दूध फटने का खतरा बढ़ सकता है. गुड़ की मात्रा आप अपने स्वाद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं. गुड़ डालने के बाद चाय को दोबारा तेज आंच पर उबालने की जरूरत नहीं होती.

दूध क्यों फट सकता है?

गुड़ में कुछ अम्लीय तत्व मौजूद होते हैं. जब इसे बहुत गर्म दूध में डाला जाता है, तो दूध के प्रोटीन के साथ प्रतिक्रिया के कारण उसके फटने की संभावना बढ़ सकती है. यही वजह है कि गुड़ को चाय पकने के बाद और गैस बंद करने के तुरंत बाद डालना ज्यादा सुरक्षित तरीका माना जाता है. अगर आप चाहें तो गुड़ को थोड़े गर्म पानी में अलग से घोलकर छान लें और फिर तैयार चाय में मिला सकते हैं. इससे गुड़ अच्छी तरह घुल भी जाएगा.

स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं ये टिप्स

गुड़ की चाय का स्वाद बेहतर बनाने के लिए ताजा अदरक और इलायची का इस्तेमाल करें. गुड़ का स्वाद पहले से चखकर देखें, क्योंकि अलग-अलग गुड़ में मिठास और स्वाद अलग हो सकता है. गुड़ डालने के बाद चाय को ज्यादा देर तक उबालने से उसका स्वाद बदल सकता है. गरमागरम गुड़ की चाय को कप में छानकर तुरंत परोसें. इसमें देसी मिठास के साथ मसालों की खुशबू भी अच्छी लगेगी.

About the Author

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

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केंद्र सरकार के खिलाफ AAP नेता संजय सिंह का हमला: कहा- NCLT भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा, हेयरकट नहीं गर्दन कट स्कीम चला रही सरकार – New Delhi News



आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के करोड़ों आम उपभोक्ताओं, किसानों और मजदूरों का पैसा बैंकों और एलआईसी में जमा होता है, जिसे सरकार पूंजीपतियो

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संजय सिंह ने बताया कि जब बड़े उद्योगपति हजारों करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुका पाते, तो उन्हें दिवालिया घोषित कर NCLT भेज दिया जाता है।

उनके मुताबिक NCLT संगठित भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है, जहां केंद्र सरकार सीधे पूंजीपतियों के साथ डील करती है।

अंकों के आंकड़े और सरकार पर आरोप

संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए बताया कि 43 कंपनियों पर कुल 5,44,000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया था। इन कंपनियों से करीब 1,91,000 करोड़ रुपये की वसूली की गई। बाकी 3,53,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया गया।

हेयरकट नहीं, यह गर्दन कट है

संसद में उठाए गए अपने सवाल का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा कि जब उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा, तो इसे हेयरकट का नाम दिया गया। सरकार का तर्क था कि थोड़े से नुकसान के साथ पुराना कर्ज वसूला जा रहा है।

इस पर तंज कसते हुए आप नेता ने कहा, यह हेयरकट नहीं बल्कि आम जनता की गर्दन कट है, जहां पूंजीपतियों का 90% तक कर्ज माफ कर दिया जाता है।

आम जनता और किसानों के साथ दोहरा रवैया

संजय सिंह ने आरोप लगाया कि एक तरफ बड़े उद्योगपतियों का लाखों करोड़ का कर्ज माफ किया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यदि कोई किसान या मजदूर बेटी की शादी या बच्चे की पढ़ाई के लिए 1-2 लाख रुपये का छोटा कर्ज लेता है और उसे चुका नहीं पाता, तो सरकार और बैंक उसके खिलाफ सख्त कदम उठाते हैं।

आम लोगों को नोटिस जारी कर सार्वजनिक रूप से बदनाम किया जाता है और तहसील के हवालात में बंद कर दिया जाता है।



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साइप्रस के पास समुद्र में नाव पलटी, 6 की मौत: 270+ यात्री सवार थे, लोगों ने बोट के ऊपर चढ़कर जान बचाई, रेस्क्यू जारी


निकोसिया/अंकारा1 घंटे पहले

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तुर्किये जा रही नाव रविवार को उत्तरी साइप्रस से कुछ किमी दूर पलटी।

मेडिटेरियन सी में यूरोपीय देश साइप्रस के उत्तरी तट के पास रविवार को 270 से ज्यादा यात्रियों को ले जा रही फेरी बोट पलट गई। AP के मुताबिक हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो गई।

तुर्किये के सरकारी TRT न्यूज चैनल के मुताबिक, फेरी में तट से कुछ किलोमीटर दूर पहुंचने के बाद पानी भरने लगा, जिसके बाद यह हादसा हुआ।

उत्तरी साइप्रस के परिवहन मंत्री एरहान एरिकली ने TRT को बताया कि राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कई यात्री पलटे हुए जहाज पर फंसे हैं और बचाव का इंतजार कर रहे हैं।

हादसे से जुड़ी तस्वीरें…

मौके पर कोस्ट गार्ड की नावें, नागरिक जहाज और निजी कंपनियों के जहाज बचाव अभियान में जुटे हैं। तट पर एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं।

मौके पर कोस्ट गार्ड की नावें, नागरिक जहाज और निजी कंपनियों के जहाज बचाव अभियान में जुटे हैं। तट पर एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं।

कई लोगों ने पलटी बोट के ऊपर चढ़कर अपनी जान बचाई।

कई लोगों ने पलटी बोट के ऊपर चढ़कर अपनी जान बचाई।

तुर्किये की ओर जा रही थी फेरी

कैटामरैन शैली की यह फेरी मर्सिन प्रांत के तुर्किये पोर्ट तासुकु जा रही थी। यह उत्तरी साइप्रस के काइरेनिया पोर्ट से रवाना हुई थी।

कैटामरैन एक खास तरह की नाव या फेरी होती है। इसकी सबसे बड़ी पहचान यह है कि इसमें नीचे दो समानांतर हिस्से (हुल) होते हैं। यही डिजाइन इसे पानी में ज्यादा स्थिर रखने में मदद करता है।

लेकिन यह पूरी तरह पलटने के खतरे से सुरक्षित नहीं होता। बहुत खराब मौसम, तेज हवाओं और ऊंची लहरों में गलत तरीके से चलाने पर इसके पलटने का खतरा हो सकता है। जरूरत से ज्यादा यात्रियों या सामान का भार भी जोखिम बढ़ा सकता है।

सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि अगर कैटामरैन पलट जाए, तो उसे दोबारा सीधा करना सामान्य जहाज की तुलना में ज्यादा मुश्किल हो सकता है।

मेडिटेरियन में नाव पलटने की घटनाएं आम

  • मेडिटेरियन सी में नाव पलटने की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन साइप्रस के पास बड़ी पैसेंजर फेरी का पलटना आम बात नहीं है।
  • मेडिटेरियन दुनिया के उन समुद्री इलाकों में है जहां खासकर माइग्रेंट्स की छोटी और ओवरलोडेड नावें अक्सर हादसे का शिकार होती हैं।
  • साइप्रस के आसपास भी ऐसे हादसे हुए हैं। मार्च 2025 में केप ग्रेको के पास एक माइग्रेंट बोट पलटी थी, जिसमें 7 लोगों की मौत हुई थी।
  • लेकिन आज जैसा मामला, जिसमें करीब 270 लोगों वाली पैसेंजर फेरी पलट गई, काफी असामान्य और गंभीर समुद्री हादसा है।

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नेपाल बाढ़ में मौत को मात देने की 3 कहानियां:टी-ब्रेक ने भारतीयों को बचाया, शिक्षक की समझदारी से बची 1600 बच्चों की जान

नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने करीब 788 लोगों की जान ले ली, जबकि 2,500 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और कई परिवार बिछड़ गए।

इस दर्दनाक मंजर के बीच कुछ लोगों के बचने की कहानियां भी सामने आई हैं। किसी की जान चाय के लिए रुके रहने से बची, तो किसी ने सैकड़ों बच्चों को सुरक्षित निकाला। पढ़िए, नेपाल बाढ़ में मौत को मात देने वाली ऐसी ही 3 कहानियां…



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बूंदी में ‘आहत को तत्काल राहत’ पहल: आपदा पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन 7014500500 जारी – Bundi News




बूंदी जिला प्रशासन ने आपदा और दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल को “आहत को तत्काल राहत” नाम दिया गया है, जिसके तहत एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर एक आपदा राहत कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। इसके लिए मोबाइल और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7014500500 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर सड़क दुर्घटना, डूबने की घटना, करंट लगना, वन्य जीवों का हमला और विषैले जीवों के काटने जैसी किसी भी आपात स्थिति की सूचना दी जा सकती है। नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से घटना स्थल की लोकेशन, फोटो और वीडियो भी साझा कर सकते हैं, जिससे प्रशासन को बिना देरी किए मौके पर मदद पहुंचाने में आसानी होगी। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने आम जनता से अपील की है कि संकट की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कंट्रोल रूम पर आने वाली प्रत्येक कॉल को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ितों को सरकारी राहत योजनाओं से जोड़कर त्वरित आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाए। समाजसेवी मूलचंद शर्मा तलवास ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आमजन को तुरंत राहत मिल सकेगी।



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आवारा पशु से टकराई बाइक, किसान की मौत: जालौन में देर रात हुआ हादसा, देर तक इलाज न मिलने पर दम तोड़ा – Jalaun News




जालौन में एक सड़क हादसे में किसान की मौत हो गई। शनिवार देर रात सहबाजपुर के पास एक आवारा पशु से बाइक टकराने के बाद किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोहन थाना क्षेत्र के रहावली गांव निवासी 38 वर्षीय किसान पिंटू सिंह सेंगर शनिवार रात गोहन कस्बे से अपने गांव लौट रहे थे। सहबाजपुर के पास अचानक एक आवारा पशु सड़क पर आ गया। अंधेरा होने के कारण पिंटू बाइक को संभाल नहीं पाए और उनकी बाइक पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिंटू बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद पिंटू काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गोहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पिंटू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधौगढ़ ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिंटू की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिवार में पत्नी ज्योति, पुत्री रानी और पुत्र देव सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी हादसे की खबर फैलते ही शोक का माहौल हो गया। गोहन थानाध्यक्ष सतीश कुमार ने बताया कि पिंटू सिंह सेंगर खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।



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