Monday, July 27, 2026
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डेढ़ साल की ‘दुल्हन’ और तीन साल का ‘दूल्हा’: भीषण अकाल में पड़ी थी ढोला और मारू के प्रेम की नींव; 4 एपिसोड में ढोला-मारू की कहानी – Rajasthan News


राजस्थान की तपती रेत पर जब कमायचा और रावणहत्था के तार छिड़ते हैं तो एक ऐसी प्रेम कहानी गूंजती है जो सदियों बाद भी अमर है। यह कहानी है ‘ढोला-मारू’ की।

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इस प्रेम कहानी को टटोलने दैनिक भास्कर अजमेर से 95 किलोमीटर दूर केकड़ी के ‘बघेरा’ और मध्य प्रदेश के ‘नरवर‘ पहुंचा तो यहां ढोला-मारू के ऐतिहासिक विवाह के साक्ष्य इस अनूठी प्रेम कहानी की गवाही देते नजर आए।

जानिए 11वीं शताब्दी की वो प्रेम कहानी जिसकी शुरुआत एक भीषण अकाल और दो राजाओं की गहरी दोस्ती से हुई-

बात सदियों पुरानी है। ग्यारहवीं सदी का बीकानेर तब ‘जांगलदेश’ कहलाता था। उस साल यहां ऐसा खौफनाक अकाल पड़ा कि बूंद-बूंद पानी के लिए हाहाकार मच गया और मारवाड़ की धरती का कण-कण पानी के लिए तरस उठा था। चारों तरफ एक ही मंजर था— अकाल का सन्नाटा। उस समय जांगल प्रदेश के पूगल ठिकाने पर राज करते थे राजा पिंगल…

11वीं शताब्दी के जांगल प्रदेश (बीकानेर) के पूगल ठिकाने पर राजा पिंगल का शासन था।

अकाल के वक्त पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में ली शरण

अकाल के दर्दनाक मंजर को देख राजा पिंगल की आंखों में बेबसी के आंसू थे। अपनी प्रजा और परिवार को वे तड़पता नहीं देख पा रहे थे। ऐसे में उन्होंने भारी मन से अपनी मातृभूमि छोड़ पड़ोसी राज्य नरवर (मध्य प्रदेश) में शरण लेने का फैसला लिया। नरवर के राजा नल राजा पिंगल के अच्छे मित्र थे।

तैयारी करो! हम आज ही मरुधरा छोड़ रहे हैं। जब तक यहां के हालात नहीं सुधरते, हम पड़ोसी राज्य नरवर में शरण लेंगे, राजा पिंगल ने मंत्रियों को आदेश दिए।

उधर, नरवर में चारों तरफ हरियाली, बहता हुआ पानी और खुशहाली थी। राजा नल दरबार में थे, जब अचानक सैनिक ने उन्हें राजा पिंगल पर आए संकट की सूचना दी।

पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के राजा नल का नरवर उस समय हरा-भरा था।

पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के राजा नल का नरवर उस समय हरा-भरा था।

संकट की घड़ी में स्वागत किया मित्र राजा नल ने

महाराज की जय हो! पूगल के राजा पिंगल परिवार और अपनी प्रजा के साथ हमारे राज्य की सीमा पर पहुंचे हैं। वे भारी संकट में हैं महाराज, सैनिक ने राजा नल को जानकारी दी।

मित्र के दुख में जो खड़ा न हो, वो राजा कैसा ! तुरंत उनके स्वागत की तैयारी करो! उनके रहने, खाने और घोड़ों के चारे का पूरा इंतजाम किया जाए, सूचना मिलते ही राजा नल ने मंत्रियों को आदेश दिया।

राजा पिंगल के नरवर महल पहुंचने पर राजा नल ने अपने दोस्त का दिल खोलकर स्वागत किया।

पिंगल, तुम नरवर में खुद को पराया मत समझना। जब तक पूगल के हालात ठीक नहीं होते, यह तुम्हारा ही घर है। राजा पिंगल अपने मित्र के इस प्रेम को देख भावुक थे।

मरुधरा से आई ‘अच्छी खबर’

कुछ ही समय बीता था कि एक दिन राजा पिंगल को उनके सैनिक ने अच्छी खबर सुनाई।

हुकुम! पूगल से संदेश आया है। मरुधरा पर काले बादलों ने डेरा डाल दिया है। झमाझम बारिश हो रही है! सूखी नदियां फिर से बह निकली हैं। अकाल खत्म हो गया है दाता!, सैनिक उत्साहित था।

राजा पिंगल ने आसमान की तरफ हाथ जोड़े और नल से बोले- मित्र, मातृभूमि हमें पुकार रही है। अब विदा लेने का समय आ गया है।

विदा की उदासी के बीच खिलखिला दी मासूमियत

विदा लेने का वक्त आया और अपने मित्र के जाने की बात सुन कर राजा नल भावुक हो उठे। तभी ढोला दौड़ते हुए आया और मारू के पालने को हिलाने लगा। इस पर मारू खिलखिलाकर हंस पड़ी। मासूमों की हंसी देखकर दोनों राजाओं के चेहरे खिल उठे।

देखो पिंगल, इन बच्चों को। जैसे बरसों पुरानी पहचान हो। क्यों न हम इस पुरानी दोस्ती को एक नए और अटूट रिश्ते में बदल दें, राजा नल ने मित्र पिंगल के सामने प्रस्ताव रख दिया।

यह सुनकर राजा पिंगल की आंखों में चमक आ गई।

रिश्तेदारी? तुम्हारे कहने का मतलब… दोनों का विवाह? राजा पिंगल उत्साह के साथ बोले।

हां मित्र! मेरा बेटा ढोला और तुम्हारी बेटी मारू। दोनों का गठबंधन करा देते हैं। हमारी दोस्ती हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो जाएगी, राजा नल ने साफ शब्दों में कह दिया।

वराह देव का आशीर्वाद, दोस्ती को रिश्ते में बदलने का वादा

इस प्रस्ताव पर राजा पिंगल उत्साहित हो उठे। दोनों मित्रों ने तय किया कि बघेरा की पावन भूमि पर वराह देव के आशीर्वाद से वे इस शुभ कार्य को संपन्न करेंगे।

इसके साथ ही नगाड़े बजाते हुए पूरे महल में इस विवाह की घोषणा कर दी गई। और इस तरह राजा पिंगल की बेटी मारवणी (मारू) और राजा नल का बेटा साल्हकुमार (ढोला) का बाल विवाह तय हुआ। इस समय मारू डेढ़ साल की थी और ढोला की उम्र थी तीन वर्ष।

अकाल खत्म हो चुका था और राजा पिंगल का पूगल लौटना तय था। क्या दोनों दोस्तों ने एक दूसरे को दिया वादा पूरा किया? क्या वाकई ढोला और मारू का विवाह हुआ?

जानिए अगले एपिसोड में….

(यह लोक कथा पुरानी परंपराओं, ऐतिहासिक संदर्भ और सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित है। बाल विवाह एक सामाजिक बुराई और कानूनन अपराध है। दैनिक भास्कर बाल विवाह जैसी किसी भी कुप्रथा का समर्थन नहीं करता। कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। सोर्स : राजस्थानी साहित्य, लोक कथाएं व स्थानीय लोगों से बातचीत। )

इनपुट सहयोग– अनुराग हर्ष, सुनील जैन, सुजान सिंह, कपिल मिश्रा (शिवपुरी), स्वाति पाठक

रिसर्च सहयोग– ममता कुमारी

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पढ़िए महेंद्र-मूमल की प्रेम कहानी ….

1. रेगिस्तान में काक नदी के किनारे था मूमल का महल:अमरकोट के राजा और जैसलमेर की राजकुमारी का प्रेम; 4 एपिसोड में मूमल-महेंद्र की कहानी

जैसलमेर के लौद्रवा की राजकुमारी मूमल और अमरकोट (वर्तमान पाकिस्तान) के राणा महेंद्र की प्रेम कहानी सदियों पुरानी है। इस कहानी को जानने के लिए दैनिक भास्कर जैसलमेर से 14 किलोमीटर दूर लौद्रवा गांव पहुंचा। पूरा एपिसोड…

2. कांच का पानी और शीशों का खेल:हजारों राजकुमार नाकाम, फिर अमरकोट के राणा ने कैसे पार की मूमल की खतरनाक पहेलियां? मूमल-महेंद्र प्रेम-कहानी एपिसोड-2

मूमल इंतजार में थी उस राजकुमार के जो उसकी खूबसूरती से ज्यादा उसकी पहेलियों की गहराई को समझ सके। लौद्रवा का महल उसी का स्वागत करेगा जो बिना डरे काक महल की पहेलियों को सुलझा पाएगा। पूरा एपिसोड…

3. मीलों का सफर और वो एक रात:आधी रात मूमल के कमरे में राणा महेंद्र ने ऐसा क्या देखा कि बिना मिले लौट गए? एपिसोड-3

वो रात बातों और वादों में बीत गई। मूमल और महेंद्र अब एकदूसरे के प्रेम में बंध चुके थे। दोनों की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन एक बड़ी समस्या थी? पूरा एपिसोड…

4. एक गलतफहमी से हारा राणा महेंद्र का विश्वास:महेंद्र-मूमल की प्रेम कहानी का वो अंत, जिसे सुनकर आज भी रोता है जैसलमेर का रेगिस्तान, एपिसोड 4

राणा महेंद्र को हुई गलतफहमी की पीड़ा मूमल के लिए असहनीय थी। उसने राणा को कई संदेश भिजवाए, लेकिन मूमल का एक भी संदेश राणा तक नहीं पहुंचा। पूरा एपिसोड…



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टला पेट्रोल-डीजल महंगा होने का खतरा, 7% सस्ता हुआ क्रूड ऑयल


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Crude Oil Price Today : अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिन से शांति बनी हुई है. इसका असर तेल बाजार पर दिख रहा है. पिछले एक महीने में 20 फीसदी चढ़ चुके क्रूड ऑयल के भाव में आज जोरदार गिरावट आई है.

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कच्‍चे तेल की कीमत में आज जोरदार गिरावट आई है.

नई दिल्‍ली. अमेरिका और ईरान द्वारा पिछले दो दिन से एक-दूसरे पर रोक देने से कच्‍चे तेल के तेवर नरम हुए हैं. एक महीने में 20 फीसदी उछलकर क्रूड ऑयल एक बार डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया था. इससे भारत सहित दुनियाभर में पेट्रोल-डीजल फिर महंगा होने का खतरा बढ़ गया था. लेकिन पश्चिम एशिया में तनाव घटने से आज कच्‍चे तेल की कीमत करीब फीसदी टूट गई है.

तनाव कम होते ही तेल के बाजार में अचानक ठंडक आ गई. आज इंट्राडे में ब्रेंट एक बार तो फिसलकर 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया. समाचार लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 6.34 फीसदी टूटकर डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी करीब 6.31% गिरकर 84.73 डॉलर प्रति बैरल हो गया है.

अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी

लगातार 13 रातों तक चले हवाई हमलों के बाद पिछले दो दिन से खाड़ी देशों में शांति है. ईरान ने भी कुवैत और बहरीन जैसे अमेरिकी ठिकानों वाले क्षेत्रों में कोई जवाबी कार्रवाई नहीं की है. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया था कि उन्होंने सऊदी अरब की अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाया है. लेकिन सऊदी अधिकारियों द्वारा इसकी पुष्टि न होने के बाद बाजार ने इस खबर को नजरअंदाज कर दिया.

महीने भर की तेजी पर लगा ब्रेक

इस महीने ब्रेंट क्रूड के दाम 20% से ज्यादा चढ़ चुके थे. होर्मुज के साथ ही लाल सागर में भी जहाजों पर हमलों के कारण यह रूट भी बाधित हो गया. इस वजह से कच्‍चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा था. अब तकनीकी रूप से बाजार ‘ओवरबॉट’ जोन से बाहर आकर फिर से सामान्य होता दिख रहा है. अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से एक बार क्रूड एक बार 120 डॉलर बैरल तक चला गया था. इसके बाद दोनों देशों के बीच युद्वविराम होने के बाद यह गिरकर 70 डॉलर बैरल के करीब पहुंच गया.



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मूंग खरीदी पर केंद्र-एमपी सरकार आमने-सामने: देश का 87% कोटा एमपी से… फिर भी प्रदेश में सिर्फ 2 फीसदी खरीद हुई, लेटर वॉर छिड़ा – Bhopal News




मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, हरदा और आसपास के जिलों में किसान समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से नाराज हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि प्रदेश को देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी का कोटा पहले ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार अब तक स्वीकृत मात्रा का महज 2 प्रतिशत ही खरीद सकी है। ऐसे में पहले स्वीकृत लक्ष्य पूरा करने के बाद ही अतिरिक्त कोटे पर विचार किया जाएगा। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे गए पत्र में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने 21 मई 2026 के अपने लेटर के माध्यम से मूंग खरीदी की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में केंद्र ने खरीद के नियमों और प्रदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। 16 जुलाई तक सिर्फ 7,947 टन खरीदी
केंद्र सरकार ने पत्र में कहा है कि 16 जुलाई 2026 तक राज्य में केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो सकी है। इससे लगभग 12 हजार किसानों से ही उपज खरीदी गई, जबकि यह स्वीकृत मात्रा का मात्र 2 प्रतिशत है। केंद्र ने राज्य सरकार से पहले मंजूर मात्रा की खरीदी तेजी से पूरी कराने को कहा है। एमपी में मूंग खरीदी का कोटा 4,54,580 मीट्रिक टन है। 16 जुलाई तक मात्र दो फीसदी ही मूंग खरीद हुई है। कोटा पूरा होने के बाद ही बढ़ेगी सीमा
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में स्पष्ट किया है कि पीएसएस (मूल्य समर्थन योजना) के दिशा-निर्देशों के तहत तूर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद के अलावा अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। इसलिए पहले स्वीकृत मात्रा की खरीद पूरी होने के बाद ही अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी के प्रस्ताव पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा। पिछले साल 1.22 लाख किसानों को मिला था लाभ पत्र के अनुसार, ग्रीष्मकालीन 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीद स्वीकृत हुई थी। इसके विरुद्ध 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई। इस पर 3,413.10 करोड़ रुपए का एमएसपी भुगतान हुआ और 1,22,776 किसानों को लाभ मिला। सोयाबीन का भी दिया उदाहरण केंद्र ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना (PDPS) के तहत मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत की गई। इसके लिए 1,093.13 करोड़ रुपए जारी किए गए, जिससे 7,10,257 किसानों को लाभ मिला। इधर किसान आंदोलन तेज, भोपाल तक पदयात्रा मूंग खरीदी समेत कई मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश ने 27 जुलाई से नर्मदापुरम के सेठानी घाट से किसान क्रांति पदयात्रा शुरू करने की घोषणा की है। पदयात्रा बुधनी, बरखेड़ा, ओबेदुल्लागंज और मंडीदीप होते हुए 29-30 जुलाई को भोपाल पहुंचेगी। किसानों की योजना मिसरोद, बाग सेवनिया, रानी कमलापति, बोर्ड ऑफिस, रोशनपुरा और पॉलीटेक्निक चौराहे से होते हुए मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालने की है। किसान अपने साथ ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य वाहनों में भोजन व दैनिक उपयोग की सामग्री भी लेकर चलेंगे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हुई या मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं निकला तो भोपाल में चक्काजाम किया जाएगा। साथ ही ओबेदुल्लागंज से मिसरोद के बीच रेल मार्ग बाधित करने की भी संभावना जताई गई है।



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जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध,VIDEO: युवक बोला- हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता; इनसो अध्यक्ष पकड़कर दूर ले गए – Fatehabad (Haryana) News




हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (JJP) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान विरोध का सामना करना पड़ा। एक युवक ने उनके पास पहुंचकर जमकर खरी-खोटी सुनाई। युवक ने कहा, “अगर आप हरियाणा में बगावत करते तो आज ये हाल नहीं होते।” युवक के विरोध दर्ज कराने पर दिग्विजय चौटाला के साथ मौजूद इनसो के प्रदेशाध्यक्ष दीपक मलिक उसे पकड़कर वहां से दूसरी ओर ले गए। दिग्विजय और युवक के बीच करीब 26 सेकेंड तक बातचीत हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, दिग्विजय चौटाला 24 जुलाई को अपने समर्थकों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे थे। दिग्विजय का विरोध करने वाला युवक कौन है, उसका पता नहीं चल पाया। पहले ये दो तस्वीरें देखिए… पहले जानिए दोनों के बीच क्या बातचीत हुई… दिग्विजय: कैसे हैं?
युवक: क्या कर रही है बीजेपी, देख रहे हो। दिग्विजय: आज ये…
युवक: आप नहीं मिलते तो ये हाल नहीं होता। इनसो अध्यक्ष: भाई साहब नहीं मिले।
युवक: शुरुआत आपने की, देवीलाल परिवार ने की। आप हरियाणा में बगावत करते तो ये हाल नहीं होता। दिग्विजय: नहीं, नहीं। इसके बाद इनसो अध्यक्ष युवक को पकड़ कर एक तरफ ले जाते हैं। दिग्विजय चौटाला का विरोध क्यों हुआ? 2019 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और जजपा ने मिलकर सरकार बनाई, जिसमें दुष्यंत चौटाला उपमुख्यमंत्री बने। 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान जजपा भाजपा सरकार में शामिल रही। किसान संगठनों और विपक्ष ने जजपा को घेरा, लेकिन वह भाजपा के साथ बनी रही। इसी वजह से किसानों और ग्रामीण इलाकों में जजपा का लगातार विरोध हुआ। करीब साढ़े चार साल बाद 12 मार्च 2024 को भाजपा-जजपा गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा ने नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में नई सरकार बना ली। जंतर-मंतर पर दिग्विजय चौटाला का विरोध करने वाले युवक ने भी इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि अगर जजपा ने भाजपा के खिलाफ बगावत की होती, तो आज यह स्थिति नहीं होती। दिग्विजय बोले- मुझे उकसाने की कोशिश कर रहा था दैनिक भास्कर से बातचीत में दिग्विजय चौटाला ने कहा, “युवाओं ने अपने हकों की लड़ाई जीती है। हमने उनका समर्थन करते हुए उनके साथ खड़े रहे। वहां एक युवक मुझे उकसाने (प्रोवोक) की कोशिश कर रहा था, लेकिन मैं पीछे हट गया। वह जिस मुद्दे पर बात करना चाहता था, उसका वहां के आंदोलन से कोई संबंध नहीं था। मुझे लगता है कि वह किसी न किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ होगा, तभी वह वहां ऐसी बातें कर रहा था।” दिग्विजय चौटाला ने कहा, “इनेलो के लोग इस वीडियो को ज्यादा शेयर कर रहे हैं। उन्हें यह बात हजम नहीं हो रही है। हालांकि, इन चीजों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। हम युवाओं के मुद्दों को लेकर आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।”



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प्रॉपर्टी हड़पने पर महिला प्रधान के बेटे की हत्या: झांसी में नंगा करके पीटा, रेप में फंसाना चाहा तो दोस्तों ने सुपारी दी, मुठभेड़ में 2 अरेस्ट – Jhansi News




झांसी में महिला प्रधान के बेटे संजय सिंह उर्फ संजू (33) की हत्या करने वाले दो आरोपियों का पुलिस ने रविवार देर रात हाफ एनकाउंटर कर दिया। एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को घेरकर पकड़ लिया। घायल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। अभी 3 आरोपी फरार है। संजय सिंह ने एक दोस्त को नंगा करके पीटा और उसका प्लाट हड़प लिया था। जबकि, दूसरे दोस्त से प्लाट को लेकर विवाद चल रहा था। उस पर भी रेप का झूठा मुकदमा कराने की कोशिश की थी। दोनों प्रॉपर्टी की कीमत लगभग 3 करोड़ हैं। इसी वजह से दोनों दोस्तों ने संजय की हत्या करने की सुपारी दी थी। 23 जुलाई की रात संजय अपने चार दोस्तों के साथ इलाइट चौराहे से करीब 300 मीटर दूर स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने गया था। तभी एक बदमाश ने संजय को गोली मार दी थी। इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई थी। आरोपियों की कार पुलिया से टकराई एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया- मुखबिर से सूचना मिली कि हत्या के 2 आरोपी कार से करगुवांजी के सालासर सिटी से न्यू पुलिस लाइन जाने वाले रास्ते पर जाने वाले हैं। इस पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने पुलिस टीम के साथ चेकिंग शुरू की। रात लगभग 12:10 बजे कार आई तो रुकने का इशारा किया। तब आरोपी कार दौड़ाकर भाग निकले। तब पुलिस ने कार का पीछा किया। कच्चे रास्ते पर भैंसासुर बब्बा मंदिर के पास पहुंचे तो सामने से पुलिस की दूसरी गाड़ी आ गई। इस दौरान आरोपियों की कार पुलिया से टकरा गई। फिर कार आगे नहीं बढ़ पाई। खुद को घिरता देखकर आरोपी कार से उतरकर पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगे। काउंटर अटैक में जीम सैफी उर्फ भीम के पैर में गोली लगी, जबकि धर्मेंद्र सिंह परिहार को घेरकर पकड़ लिया। उनसे वारदात में इस्तेमाल औरा कार, दो तमंचे, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। जीम सैफी (28) आईटीआई सिद्धेश्वर नगर और धर्मेंद्र परिहार (32) रक्सा के परवई गांव के रहने वाले हैं। अभी अजय यादव, उसका रिश्तेदार जितेंद्र यादव उर्फ और हुसैन उर्फ खड्‌ड़ा फरार है। तीनों की तलाश की जा रही है। बेसकीमती जमीन हड़प चुका था संजय एसपी सिटी ने आगे बताया- संजय सिंह, धर्मेंद्र परिहार और अजय यादव प्रॉपर्टी का काम करते थे। धर्मेंद्र परिहार का शिवानी होटल के पीछे एक प्लाट था। संजय ने धर्मेंद्र को नंगा करके पीटा और फिर प्लाट पर कब्जा कर लिया था। इसके अलावा अजय यादव की पॉल कॉलोनी में जमीन है। जमीन को लेकर अजय का संजय से विवाद चल रहा था। संजय ने अजय के खिलाफ रेप का झूठा मुकदमा लिखवाने का प्रयास किया। इन्हीं वजहों ने दोनों ने संजय की हत्या की प्लानिंग की। दोनों ने अजय के रिश्तेदार जितेंद्र यादव उर्फ जीतू, अजीम सेफी उर्फ भीम और हुसैन उर्फ खड्‌ड़ा को संजय की हत्या की सुपारी दे दी। 50 हजार रुपए एडवांस दे दिए। बाकी की रकम बाद में देनी थी। इसके बाद वे मौके की तलाश में जुट गए। धर्मेंद्र ने बताया था खाना खा रहा है 23 जून को संजय अपने दोस्तों के साथ द मेड किचिन रेस्ट्रोरेंट में खाना खा रहा था। उसने धर्मेंद्र को भी खाना खाने के लिए बुलाया। तब उसने अजय को खबर दे दी कि संजय द मेड किचिन में खाना खा रहा है। तब सभी आरोपी कार और बाइक से पार्किंग में पहुंचे। यहां से हुसैन रेस्ट्रोरेंट के अंदर गया और खाना खा रहे संजय के सिर में पिस्टल सटाकर गोली मार दी। इलाज के दौरान संजय की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी भाग गए थे। शादी नहीं हुई थी, 6 साल से शहर में रह रहा था संजय सिंह झांसी शहर से 100 किमी दूर गरौठा के हैवतपुरा गांव का रहने वाला था। उसकी मां रामदेवी गांव की प्रधान हैं। परिजनों ने बताया कि रामदेवी के तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे सर्वेश और बेटी रचना की शादी हो चुकी है। संजय की शादी नहीं हुई थी। वह छह साल से झांसी में नंदनपुरा के पास रिश्तेदार के घर में रह रहा था। वह कचहरी में एडवोकेट दशरथ सिंह के पास मुंशी का काम करता था। दतिया पीतांबरा पीठ से लौटे थे दोस्त शिवम ने बताया था- मैं भी एडवोकेट दशरथ सिंह के पास काम करता हूं, इसलिए मेरी संजय से दोस्ती हो गई थी। गुरुवार शाम 4:30 बजे संजय कचहरी से निकला था। चंदौली से हमारे दोस्त एडवोकेट नारायण ओझा झांसी आए थे। उन्हें पीतांबरा माई के दर्शन के लिए दतिया जाना था। कार से मैं, संजय, नारायण और एडवोकेट दशरथ दतिया गए और दर्शन करके लौट आए। वापसी में हम इलाइट चौराहे के पास स्थित द मेड किचन रेस्टोरेंट में खाना खाने के लिए रुक गए। उन्होंने बताया- संजय ने फोन करके दोस्त धर्मेंद्र को भी बुला लिया। हम पांचों ने मिलकर खाना खाया। खाना खा ही चुके थे, तभी काले कपड़े पहने एक युवक आया और गोली चला दी। हम कुछ समझ नहीं पाए। संजय को गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ा। गोली मारने के बाद आरोपी तमंचा लहराते हुए बाहर निकला। पार्किंग में खड़े गार्ड ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। हमने हमलावर को पहले कभी नहीं देखा था। दोस्त संजय को मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।



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तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा: हालत गंभीर, कानपुर में आरोपी चालक को ढूंढ रही पुलिस – Kanpur News




कानपुर के थाना रेलबाजार के टाटमिल चौराहे पर रविवार रात 9 बजे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मौक़ा मिलते ही चालक फरार हो गया। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। बासमंडी निवासी रेहान बेग अपने निजी काम से बाबूपुरवा जा रहे थे। उनके दोस्त हसन ने बताया कि रेहान की कैब चालक है। वह टाटमिल चौराहे के पास पहुंचते ही तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे रेहान सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर मारने के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। जोरदार टक्कर घायल लहूलुहान अवस्था में सड़क पर तड़प रहा था। जिसके बाद एम्बुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहगीरों की मदद से घायल रेहान को तत्काल एक निजी अस्पताल पहुंचाया। घायल के दोस्त हसन ने बताया कि जांच में रेहान के सिर की हड्डी और हाथ तीन जगह से फ्रैक्चर सामने आए है। डॉक्टरों ने उनकी हालत चिंताजनक बताई है और इलाज जारी है। थाना प्रभारी अमान सिंह ने जानकारी दी कि फरार चालक की तलाशी के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की मद्द ली जा रही है। जल्द गिरफ़्तार कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।



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मुखिया पर ग्राम सभा सूचना न देने का आरोप: सहुरिया पश्चिमी पंचायत में अनियमितताओं की जांच की मांग – saur bazar News




सौर बाजार प्रखंड की सहुरिया पश्चिमी पंचायत में ग्राम सभा के आयोजन को लेकर उपमुखिया और वार्ड सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि मुखिया और पंचायत सचिव ने ग्राम सभा की सूचना नहीं दी, जिसके कारण बैठक महज औपचारिकता बनकर रह गई। उपमुखिया फुदी देवी समेत 10 वार्ड सदस्यों ने रविवार को इस संबंध में बीडीओ आशा कुमारी और जिलाधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने मुखिया द्वारा पंचायत में संचालित विभिन्न योजनाओं की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। उपमुखिया फुदी देवी ने आरोप लगाया कि मुखिया पुष्पा देवी के पति विष्णुदेव यादव वार्ड सदस्यों को किसी भी बैठक या ग्राम सभा की सूचना नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइटें अपने चहेतों को दी गईं और पंचायत में किसी भी योजना का एस्टीमेट बोर्ड नहीं लगाया गया है। फुदी देवी के अनुसार, पंचायत की एक भी योजना जीपीएस पर दर्ज नहीं है। गलत लोकेशन दर्शाए गए हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत अयोग्य लोगों को लाभ पहुँचाया गया है। फुदी देवी ने यह भी आरोप लगाया कि एक ही वार्ड में एक ही योजना को बार-बार दिखाकर करोड़ों रुपये की उगाही की गई है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच सालों में कभी भी कार्यकारिणी की बैठक नहीं हुई, इसके बावजूद विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड नंबर 9 में सोलर लाइटें लगाए हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन उनमें अभी तक लाइटें नहीं लगाई गई हैं। पंचायत के वार्ड सदस्य मुकेश कुमार, विनोद राम, मिंकी देवी, कंचन देवी, अर्चना कुमारी, रणधीर कुमार यादव, निर्मल शर्मा, जितनी देवी, मंजू देवी, दयानंद कुमार, चन्देश्वरी शर्मा, मिश्रीलाल साह, राजकिशोर पासवान, अमरेन्द्र पासवान, शिवशंकर साह, सुधीर यादव और उमेश साह सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी ग्राम सभा की सूचना न मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने उच्चस्तरीय पदाधिकारियों से इस पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस संबंध में सहुरिया पश्चिम पंचायत सचिव जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि ग्राम सभा की सूचना एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राम सभा में पदाधिकारी और ग्रामीण उपस्थित थे।



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ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी से ठगी: क्रेडिट कार्ड सर्विस डीएक्टिवेट कराने के नाम पर फाइल भेजी, ओपन करते ही ठगे ₹2.25 लाख – Gwalior News




शहर के महाराज बाड़ा क्षेत्र में खरीदारी कर रहे ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी को क्रेडिट कार्ड की ‘अनावश्यक सेवाएं’ (अनवांटेड सर्विसेज) बंद कराने का झांसा देकर साइबर ठगों ने ₹2,25,190 की चपत लगा दी। विकास अधिकारी उस वक्त अपने छोटे भाई की शादी की शॉपिंग में व्यस्त थे, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजी। जैसे ही उन्होंने ने लिंक खोलकर क्लिक किया, ठगों ने उनके क्रेडिट कार्ड का एक्सेस हासिल कर सवा दो लाख रुपए ठग लिए। घटना 01 जुलाई 2026 महाराज बाड़ा ग्वालियर की है। विकास अधिकारी ने अपने बैंक पहुंचकर डिटेल निकाली फिर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की थी। जहां से रविवार को विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
छोटे भाई की शादी की शॉपिंग के दौरान आया ठग का कॉल विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के महलगांव स्थित कर्मचारी आवास कॉलोनी निवासी अजय कुमार द्विवेदी पुत्र सुरेंद्र कुमार द्विवेदी दमोह जिले के हटा में ‘ग्रामीण उद्यानिकी विकास अधिकारी’ के पद पर पदस्थ हैं। उनके छोटे भाई और अन्य परिजन ग्वालियर में रहते हैं। वे 15 जून को छुट्टी लेकर अपने भाई की शादी के सिलसिले में ग्वालियर आए हुए थे। 1 जुलाई को अजय द्विवेदी अपने परिवार के साथ महाराज बाड़ा पर शादी की खरीदारी कर रहे थे। उसी दौरान उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि ‘आपके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड ऐप पर कुछ ऐसी सेवाएं चालू हैं जो आपके काम की नहीं हैं। यदि इन्हें तुरंत डीएक्टिवेट नहीं किया गया, तो आपके कार्ड से हर महीने भारी चार्जेस कटते रहेंगे।’ठग की बातों में आकर अजय, अनावश्यक सेवाएं बंद कराने के लिए तैयार हो गए। शातिर ठग ने उनके व्हाट्सएप पर एक अनधिकृत लिंक भेजी। खरीदारी की आपाधापी में अजय द्विवेदी ने लिंक ओपन कर उसमें दिए गए ऑप्शन पर क्लिक कर दिया और फिर अपना मोबाइल जेब में रख लिया। शाम करीब 8 बजे जब उन्होंने शॉपिंग खत्म कर अपना मोबाइल देखा, तो उनके बैंक मैसेजेस देखकर होश उड़ गए। शातिर ठगों ने उनके एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड से 4 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹2,25,190 पार कर दिए थे। ई-एफआईआर दर्ज, पुलिस कर रही साइबर जांच ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। हेल्पलाइन की प्राथमिक जांच के बाद मामले में ई-एफआईआर दर्ज कर असल कायमी के लिए मामला विश्वविद्यालय थाने भेजा गया, जहां पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।



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मधुबनी में गांजा तस्कर गिरफ्तार: 250 ग्राम मादक पदार्थ बरामद, पूछताछ जारी – Madhubani News




रहिका थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 250 ग्राम गांजा के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार ने रविवार रात करीब 8 बजे इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को रहिका थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति गांजा लेकर क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बसौली बलाट चेक पोस्ट के समीप सघन वाहन और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोककर तलाशी ली, जिसमें उसके पास से 250 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के गजवा गांव निवासी रामप्रीत मंडल के पुत्र रामकुमार मंडल के रूप में हुई है। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी से गांजा की खरीद-बिक्री के नेटवर्क और उसके स्रोत के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। मामले से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बरामद गांजा को जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।



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अवैध बजरी से भरे डंपर और ट्रैक्टर जब्त: बिना नंबर के वाहन जब्त; दोनों के ड्राइवर गिरफ्तार – Udaipur News




उदयपुर में अवैध बजरी से भरे एक डंपर और एक ट्रैक्टर को पुलिस ने जब्त किया। साथ ही दोनों वाहनों के ड्राइवरों को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध बजरी कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। अवैध बजरी परिवहन और खनन के खिलाफ सायरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया- जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर अवैध बजरी परिवहन और अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सायरा थाना क्षेत्र के कोविया रोड पर ढीकोड़ा में कार्रवाई करते हुए अवैध बजरी से भरे डंपर को रोककर जांच की। पुलिस ने डंपर ड्राइवर ढोलाराम पुत्र हमेरा निवासी गाडरिया बेकरिया को गिरफ्तार कर डंपर जब्त कर लिया। बिना नंबर के ट्रैक्टर को पकड़ा, ड्राइवर गिरफ्तार वहीं, दूसरी कार्रवाई में ढोल चौकी प्रभारी एएसआई शंभू सिंह की टीम ने नांदेशमा क्षेत्र के तिरोल में अवैध बजरी से भरे एक बिना नंबर के ट्रेक्टर को पकड़ा। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक कालू पुत्र चंद्रा बसलिया को गिरफ्तार कर ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया। पुलिस ने दोनों वाहनों को सायरा थाने पर खड़ा करवाकर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। साथ ही अवैध बजरी के संबंध में खनन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई है। थानाधिकारी शैतान सिंह नाथावत ने बताया- क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन और अवैध खनन के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी।



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