Saturday, July 18, 2026
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PNB और एक्‍सिस बैंक के नतीजे आए, कितना रहा मुनाफा, क्‍या आपको मिलेगा डिविडेंड


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Q1 Results : पहली तिमाही के नतीजों का सीजन शुरू हो रहा है. कई दिग्‍गज कंपनियों ने अपने पहली तिमाही के परिणाम जारी कर दिए हैं. आज एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक ने भी अपना फाइनेंशियल लेखा-जोखा सामने रखा है. इन दिग्‍गज बैंकों की कैसी है वित्‍तीय सेहत, आइये जानते हैं.

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पीएनबी और एक्‍सिस बैंक के मुनाफे में उछाल आया है.

नई दिल्‍ली. बैंकिंग सेक्टर के दो बड़े दिग्गजों ने अपनी पहली तिमाही (Q1) के नतीजे जारी कर दिए हैं. प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक (Axis Bank) ने बताया है कि उसके मुनाफे में 23% का जोरदार उछाल आया है. वहीं सरकारी पंजाब नेशनल बैंक (PNB) का प्रॉफिट भी सीधे तीन गुना बढ़ गया है. दोनों ही बैंकों के बढिया नतीजों का सकारात्‍मक असर दोनों के ही शेयरों पर होगा. लेकिन, डिविडेंड के मोर्चे पर दोनों ही बैंकों ने निवेशकों को निराश किया है. दोनों ने ही डिविडेंड देने की घोषणा नहीं की है.

प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक के लिए चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही खुशियां लेकर आई है. बैंक का नेट प्रॉफिट 23% बढ़कर ₹7,114 करोड़ पर पहुंचा है. पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹5,806 करोड़ था.

ब्‍याज से खूब कमाया पैसा

पहली तिमाही में बैंक ने ब्‍याज से खूब पैसा कूटा है. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 8% उछलकर ₹14,646 करोड़ हो गई. बैंक में लोग खूब पैसा जमा करा रहे हैं. इसी का नतीजा है कि बैंक का कुल डिपॉजिट 18% की रफ्तार से भागा है. बैंक लोन भी दिल खोलकर बांट रहा है. र लोन बुक 19% की दर से चढ़ी है. कॉरपोरेट लोन में तो 38% की तूफानी तेजी आई है.

PNB Q1 Results : तीन गुना बढ़ा मुनाफा, डूबा पैसा भी हुआ कम

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने पहली तिमाही के नतीजे भी निवेशकों को गदगद करने वाले हैं. पीएनबी की कुल आय 37,231 करोड़ रुपये रही. चालू वित्‍त वर्ष की पहली तिमाही में इस सरकारी बैंक ने अच्‍छा मुनाफा कूटा है. पीएनबी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर तीन गुना उछलकर ₹5,253 करोड़ हो गया है.



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बलरामपुर में DM बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे: तुलसीपुर में समाधान दिवस पहुंचे, 8 मामलों का मौके पर निस्तारण – Balrampur News




जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से शनिवार दोपहर 12 बजे तहसील तुलसीपुर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। इस दौरान अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दोपहर 2 बजे तक चले समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने पात्र लाभार्थियों को आवासीय भूमि के पट्टे भी वितरित किए। ग्राम शीतलापुर देहात की साधना, सुमन देवी, रीनू देवी और विद्या देवी को ये पट्टे प्रदान किए गए। डीएम ने बताया कि शासन की मंशा प्रत्येक पात्र परिवार को भूमि और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। डीएम ने राजस्व, पुलिस, विकास, समाज कल्याण, विद्युत, पेयजल, पंचायत और कृषि विभाग के अधिकारियों को शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई आवश्यक हो, वहां दोनों विभाग समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने विशेष रूप से भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पेंशन, आवास, बिजली और पेयजल से जुड़ी शिकायतों के पारदर्शी समाधान पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां स्थलीय निरीक्षण जरूरी हो, वहां अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें और तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। समाधान दिवस में कुल 36 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 8 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुलिस से संबंधित शिकायतों के निष्पक्ष और त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके।



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लखीसराय के 7 मॉडल स्कूलों का 19 जुलाई को उद्घाटन: CM करेंगे लाइव शुभारंभ, सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश, DM ने की समीक्षा – Lakhisarai News




लखीसराय में 19 जुलाई को सात मॉडल विद्यालयों के उद्घाटन की तैयारियों की समीक्षा के लिए शनिवार को समाहरणालय में जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इसमें संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 19 जुलाई को बेगूसराय से लाइव प्रसारण के माध्यम से राज्य के मॉडल विद्यालयों का शुभारंभ करेंगे। जिले के चयनित विद्यालयों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। मननपुर में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा
लखीसराय जिले के उच्च विद्यालय हलसी, उच्च विद्यालय रामगढ़ चौक, केंद्रीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लखीसराय, मालती रामाश्रय उच्च विद्यालय बड़हिया, उच्च माध्यमिक विद्यालय पिपरिया, उच्च विद्यालय नरोत्तमपुर (कजरा) सूर्यगढ़ा और उत्क्रमित उच्च विद्यालय मननपुर (चानन) में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा। इन विद्यालयों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए मिनट-टू-मिनट कार्ययोजना तैयार कर उसका शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वागत गान, अतिथियों का स्वागत, पदाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का संबोधन तथा धन्यवाद ज्ञापन निर्धारित समय पर संपन्न कराने को कहा। पावर बैकअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए
सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की समुचित व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, इंटरनेट कनेक्टिविटी और निर्बाध लाइव प्रसारण के लिए पावर बैकअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने सभी शिक्षकों को निर्धारित ड्रेस कोड और पहचान पत्र के साथ उपस्थित रहने तथा प्रत्येक विद्यालय में ड्यूटी रोस्टर बनाकर जिम्मेदारियां तय करने को कहा। साथ ही, कंट्रोल रूम स्थापित कर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया। संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर उनकी गरिमामयी उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में डीएम ने सातों मॉडल विद्यालयों के लिए सात वरीय पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति करते हुए कार्यक्रम की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से पूर्व सभी विद्यालयों की तैयारियों का निरीक्षण अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी एवं अन्य वरीय अधिकारियों के साथ किया जाएगा, ताकि उद्घाटन समारोह का सफल एवं व्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित हो सके।



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गडकरी के समर्थन में उतरा भारतीय किसान संघ: राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले-एथेनॉल में पानी की बर्बादी अफवाह, फैलाने वालों को ‘चप्पल से मारेंगे’ – Bhopal News




केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी बयानों के समर्थन में भारतीय किसान संघ (बीकेएस) खुलकर सामने आ गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. साईं रेड्डी ने शनिवार को भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एथेनॉल के खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “जो लोग एथेनॉल बनाने में पानी की बर्बादी जैसी अफवाह फैलाते हैं, वे मिल जाएं तो उन्हें चप्पल से मारेंगे।” उन्होंने कहा कि एथेनॉल का विरोध किसान और देश, दोनों के हितों के खिलाफ है। इससे किसानों की आय बढ़ती है, विदेशी तेल पर निर्भरता घटती है और प्रदूषण भी कम होता है। ‘पानी की बर्बादी का दावा पूरी तरह गलत’ के. साईं रेड्डी ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन में हजारों लीटर पानी खर्च होने का दावा पूरी तरह भ्रामक है। उनके अनुसार गन्ने का पूरा रस निकालने के लिए केवल सीमित मात्रा में पानी मिलाया जाता है और फैक्ट्रियों में उपयोग किया गया पानी री-साइकिल होता है। इसलिए पानी की अत्यधिक खपत की बातें केवल अफवाह हैं। ‘एथेनॉल से किसान और देश दोनों मजबूत होंगे’ उन्होंने कहा कि एथेनॉल गन्ना, मक्का और चावल जैसी फसलों से बनाया जाता है, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलते हैं। पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ने से विदेशी तेल आयात पर होने वाला खर्च कम होता है और पर्यावरण को भी लाभ मिलता है। उन्होंने सरकार से भविष्य में 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित वाहनों को भी बढ़ावा देने की मांग की। ‘वाहनों में खराबी का कारण एथेनॉल नहीं’ वाहनों में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से तकनीकी दिक्कतों के सवाल पर रेड्डी ने कहा कि देश में पिछले पांच वर्षों से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग हो रहा है। यदि किसी वाहन में तकनीकी समस्या आती है तो उसका समाधान वाहन निर्माता कंपनियों को करना चाहिए। इसे एथेनॉल के खिलाफ प्रचार का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग भारतीय किसान संघ ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की भी मांग की। रेड्डी ने कहा कि इससे पूरे देश में ईंधन की कीमतों में एकरूपता आएगी और आम लोगों को राहत मिलेगी। एमएसपी, फसल बीमा और मूंग खरीदी का मुद्दा भी उठाया प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की खरीद बिना किसी बाधा के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने मूंग खरीदी बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि भारतीय किसान संघ इस संबंध में केंद्र सरकार और नाफेड को ज्ञापन देगा। फसल बीमा योजना पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 की खरीफ और रबी फसलों के बीमा में केंद्र सरकार अपना अंश जारी कर चुकी है। अब राज्य सरकार को भी अपना हिस्सा जारी कर किसानों के खातों में जल्द बीमा राशि पहुंचानी चाहिए। कैलारस शुगर मिल किसानों को सौंपने की मांग प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। रेड्डी ने बताया कि मुरैना की कैलारस शुगर मिल को निजी हाथों में देने के बजाय सहकारी समिति के माध्यम से किसानों के संचालन में सौंपने की मांग की गई है। उन्होंने कलेक्टर की अध्यक्षता में किसानों, शेयरधारकों और तकनीकी विशेषज्ञों की समिति बनाने का सुझाव भी दिया। उनके अनुसार मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर रेड्डी ने कहा कि किसान आत्महत्या न करें और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। उनका कहना था कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से खेती की लागत बढ़ती है, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने से लागत कम होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।



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पाकिस्तान में पेट्रोल 5.44 और डीजल 31.05 रुपया महंगा: पेट्रोल 316.15 और हाई-स्पीड डीजल 354.35 रुपया लीटर मिल रहा, नई कीमतें 18 जुलाई से लागू




पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल के दाम में 5.44 रुपया (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल में 31.05 रुपया प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 316.15 रुपया और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 रुपया लीटर हो गई है। नई कीमतें 18 जुलाई से लागू हो गई हैं। इसके अलावा सरकार ने अब पेट्रोल-डीजल की कीमतें साप्ताहिक की जगह रोजाना तय करने का फैसला किया है। फरवरी से शुरू हुआ था बढ़ने का सिलसिला हालिया बढ़ोतरी के बावजूद दोनों ईंधन अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई (पीक लेवल) से नीचे बने हुए हैं। 3 अप्रैल को डीजल की कीमत 520.35 रुपया प्रति लीटर के ऑल-टाइम हाई स्तर पर पहुंच गई थी। ईंधन की कीमतों में यह तेजी 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद देखने को मिली थी, जब डीजल 281 रुपया प्रति लीटर के स्तर पर था। वहीं दूसरी ओर, पेट्रोल की कीमत भी 3 अप्रैल को 458.41 रुपया के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसकी शुरुआत मार्च के पहले हफ्ते में 266 रुपया प्रति लीटर से हुई थी। अब हर रोज तय होंगे दाम पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें तेजी से बदल रही हैं। इसे देखते हुए केंद्रीय कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने फैसला किया है कि अब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को रोजाना कीमतें तय करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। OGRA न सिर्फ अपनी वेबसाइट पर रोज सुबह नए रेट जारी करेगी, बल्कि यह भी सार्वजनिक करेगी कि पेट्रोल पंप तक पहुंचते-पहुंचते टैक्स, मार्जिन और अन्य खर्चों की वजह से कीमतें किस तरह तय हुईं। इससे पहले मार्च की शुरुआत से सरकार हर हफ्ते कीमतों की समीक्षा कर रही थी। एक लीटर तेल पर 105 रुपया तो सिर्फ टैक्स, डीलर्स ने दी आंदोलन की चेतावनी आम जनता को मिलने वाले पेट्रोल-डीजल पर सरकार भारी-भरकम टैक्स वसूल रही है। इस समय दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर प्रति लीटर लगभग 105 रुपया का टैक्स लिया जा रहा है। इसमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन शामिल हैं। दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार के ‘डेली प्राइसिंग’ यानी रोज दाम बदलने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। एसोसिएशन का कहना है कि रोज दाम बदलने से उनके बिजनेस और स्टॉक मैनेजमेंट में दिक्कतें आएंगी। डीलर्स ने चेतावनी दी है कि वे इसके खिलाफ अगले हफ्ते एक बड़ा विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर सकते हैं। मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर पेट्रोल की कीमतों में बदलाव का सीधा असर देश के मिडिल और लोअर-मिडिल क्लास पर पड़ता है, क्योंकि इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से प्राइवेट गाड़ियों, छोटी कारों, ऑटो रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। वहीं, डीजल महंगा होने से पूरे देश में महंगाई बढ़ने का खतरा है, क्योंकि इसका इस्तेमाल भारी कमर्शियल वाहनों (ट्रकों-बसों), पावर प्लांट्स और बड़े जनरेटरों में होता है। पाकिस्तान में हर महीने करीब 7 से 8 लाख टन पेट्रोल और डीजल की भारी-भरकम बिक्री होती है, जबकि केरोसिन (मिट्टी के तेल) की मासिक मांग सिर्फ 10 हजार टन ही है। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल सरकार के लिए रेवेन्यू जुटाने का सबसे बड़ा जरिया बने हुए हैं।



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बाजार जैसी मसालेदार मटर चाट अब घर पर बनाएं, जानिए आसान रेसिपी


Matar Chaat Recipe: शाम होते ही अगर आपका मन भी कुछ चटपटा, खट्टा-मीठा और मसालेदार खाने का करने लगता है, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं. सड़क किनारे लगे चाट के ठेले से उठती खुशबू, गरमा-गरम मटर, ऊपर से डाली गई इमली और हरी चटनी, बारीक कटा प्याज, धनिया और सेव देखकर किसी का भी मन ललचा सकता है. कई बार सिर्फ चाट वाले की आवाज सुनकर ही खाने की इच्छा जाग जाती है. लेकिन रोज-रोज बाहर की चाट खाना जेब और सेहत दोनों के लिए सही नहीं माना जाता. ऐसे में अगर वही स्वाद घर पर मिल जाए तो बात ही अलग हो जाती है.

मटर चाट ऐसी डिश है जिसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसके लिए बहुत महंगी चीजों की भी जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद कुछ आसान सामग्री से आप कुछ ही देर में ऐसी चाट तैयार कर सकते हैं, जिसे खाकर हर कोई यही कहेगा कि इसका स्वाद बिल्कुल ठेले वाली चाट जैसा है, अगर आपके घर मेहमान आने वाले हैं, बच्चों की छोटी-सी पार्टी है या फिर परिवार के साथ शाम की चाय का मजा बढ़ाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी एक बढ़िया विकल्प है. आइए जानते हैं घर पर मसालेदार मटर चाट बनाने का आसान तरीका.

मटर चाट बनाने के लिए सामग्री
1. 1 कप सफेद मटर (रातभर भिगोए हुए)
2. 1 बारीक कटा प्याज
3. 1 बारीक कटा टमाटर
4. 1-2 बारीक कटी हरी मिर्च
5. 1 उबला आलू
6. 2-3 बड़े चम्मच इमली की चटनी
7. 1 बड़ा चम्मच हरी चटनी
8. 1 छोटा चम्मच चाट मसाला
9. आधा छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
10. काला नमक स्वादानुसार
11. सादा नमक स्वादानुसार
12. चुटकी भर लाल मिर्च पाउडर
13. 1 चम्मच नींबू का रस
14. बारीक कटा हरा धनिया
15. सेव या पापड़ी

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मटर चाट बनाने की आसान विधि
सबसे पहले रातभर भीगे हुए सफेद मटर को साफ पानी से धो लें. अब इन्हें प्रेशर कुकर में डालें. इसमें थोड़ा नमक, एक चुटकी हल्दी और इतना पानी डालें कि मटर अच्छी तरह डूब जाएं. कुकर का ढक्कन बंद करके 3 से 4 सीटी आने तक पकाएं. ध्यान रखें कि मटर नरम हो जाएं लेकिन पूरी तरह टूटें नहीं. मटर पकने के बाद उन्हें एक बड़े बाउल में निकाल लें, अगर पानी ज्यादा हो तो हल्का सा गैस पर सुखा लें. अब इसमें उबला हुआ आलू छोटे टुकड़ों में काटकर डालें. इसके बाद बारीक कटा प्याज, टमाटर और हरी मिर्च मिला दें.

अब बारी आती है चाट का असली स्वाद बनाने की. इसमें चाट मसाला, भुना जीरा पाउडर, काला नमक, सादा नमक और लाल मिर्च पाउडर डालें. फिर ऊपर से इमली की मीठी-खट्टी चटनी, हरी चटनी और नींबू का रस डाल दें. अब सभी चीजों को धीरे-धीरे अच्छी तरह मिला लें ताकि हर मटर पर मसालों और चटनियों की परत चढ़ जाए. चाहें तो इस समय स्वाद चखकर नमक या तीखापन अपने हिसाब से बढ़ा सकते हैं.

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ठेले जैसा स्वाद पाने के आसान टिप्स
अगर आप बिल्कुल बाजार जैसी चाट बनाना चाहते हैं, तो भुना जीरा पाउडर ताजा पीसकर इस्तेमाल करें. इससे खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं. चाट बनाते समय सभी सब्जियां ताजा और बारीक कटी होनी चाहिए. इससे हर निवाले में अलग स्वाद मिलता है. अगर आपके पास पत्तों का दोना, कुल्हड़ या मिट्टी का सकोरा है तो उसी में चाट परोसें. इससे खाने का मजा कई गुना बढ़ जाता है और स्ट्रीट फूड जैसा एहसास भी मिलता है. ऊपर से सेव, पापड़ी और थोड़ा हरा धनिया डालने से चाट और भी स्वादिष्ट लगती है. चाहें तो अनार के दाने भी डाल सकते हैं, जिससे हल्की मिठास और ताजगी मिलती है.

कब करें सर्व?
मटर चाट शाम की चाय के साथ, छोटी पार्टी, जन्मदिन, बारिश के मौसम या वीकेंड स्नैक के लिए एक शानदार विकल्प है. इसे बनाना आसान है और बच्चे से लेकर बड़े तक सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं.



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कोटपूतली कलेक्टर ने शिव मंदिर तालाब बावड़ी में की सफाई: बोलीं- जनभागीदारी से ही जल स्त्रोतों का संरक्षण संभव; सामाजिक संगठन और युवा भी हुए शामिल – Kotputli-Behror News




कोटपूतली कई ऐतिहासिक बावड़ी पर शुक्रवार को साफ-सफाई के लिए अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी और अन्य संगठनों ने मिलकर शिव मंदिर तालाब बावड़ी पर सफाई की। ये अभियान जिला प्रशासन और नगर परिषद कोटपूतली ने यूनिसेफ पूनम मीणा और बावड़ी बाईसा आकांक्षा मोदी के संयुक्त सहयोग से चलाया। इसका उद्देश्य कोटपूतली के ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक संगठनों, युवाओं ने किया सामूहिक श्रमदान
अभियान में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी, स्वच्छता सेवा दल प्रवीण बंसल, लायंस क्लब कमल किशोर और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक श्रमदान किया। अभियान के दौरान ऐतिहासिक बावड़ी परिसर में व्यापक स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े संदेशों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने श्रमदान कर यह संदेश दिया कि जल धरोहरों का संरक्षण केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर बोलीं- जनसहभागिता के बिना संरक्षण संभव नहीं
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐतिहासिक जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत होने के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। इनका संरक्षण जनसहभागिता के बिना संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कलेक्टर ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो जिले की प्रत्येक जल धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से ऐसे अभियानों में निरंतर सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भारत स्काउट एवं गाइड, जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया। प्रशासन ने जिले के नागरिकों, छात्रों, व्यापारिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा योगदान भी स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ कोटपूतली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, एसीईओ गोपाल लाल मीणा, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा सहित नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, सफाई कर्मी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



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सोनम वांगचुक पर ‘एक्शन’ से भड़की AAP: केजरीवाल बोले- सत्ता का इतना अहंकार ठीक नहीं; संजय का दावा- सरकार संसद कूच से डरी – New Delhi News




दिल्ली में 21 दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने सरकार के इस कदम की तीखे शब्दों में आलोचना करते हुए इसे ‘तानाशाही’ करार दिया है। ‘कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय व्यवस्था सुधारो’ अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “इतना अहंकार ठीक नहीं है। उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी। कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो। सोनम वांगचुक के साथ ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है।” अरविंद केजरीवाल बोले- धक्के-मुक्के मार कर अस्पताल ले गए अरविंद केजरीवाल ने X पर डाले वीडियो में कहा कि “आज सुबह-सुबह जब सोकर उठे, तो सुनने को मिला कि सोनम वांगचुक जी को बहुत ही गलत तरीके से उठा लिया गया, उनका अनशन तोड़ने की कोशिश की गई है। सादे कपड़ों में पुलिस भेजकर, चारों तरफ से चादर से ढक के, उनके साथियों के साथ बदसलूकी, बदतमीजी करके, धक्के-मुक्के मार के उन्हें उठा के अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने कितने लंबे-लंबे फास्ट किए थे, ऐसे तो अंग्रेज भी नहीं करते थे। क्या इसी- इसी के लिए हमने आज़ादी ली थी कि एक दिन ऐसा आएगा जब हमारी सरकार हम लोगों के साथ इस तरह से बदसलूकी करेगी? मैं मोदी जी से कहना चाहता हूँ कि ये बच्चे क्या मांग रहे हैं? ये हमारे देश के बच्चे हैं, इनके साथ इस तरह की बदसलूकी करना सही नहीं है। ये बच्चे यही तो मांग रहे हैं कि हमें अच्छी शिक्षा व्यवस्था चाहिए, ये बच्चे यही तो मांग रहे हैं कि पेपर लीक नहीं होने चाहिए, ये बच्चे यही तो मांग रहे हैं कि अच्छी- अच्छी परीक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।

उस पे ध्यान देने की बजाय सरकार का पूरा फोकस इस चीज़ पे है कि इनके आंदोलन को कैसे फेल किया जाए, इनके आंदोलन को कैसे डिस्क्रेडिट किया जाए, इनके आंदोलन को कैसे अपमानित किया जाए। मैं मोदी जी से प्रार्थना करता हूँ कि ऐसे मत करो, इतना अहंकार मत करो, इतना अहंकार अच्छा नहीं होता। इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी ने इतना अहंकार किया है, उस आदमी का नाश हुआ है।” दूसरी तरफ आप’ के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 59 साल के सोनम वांगचुक अपनी जान दांव पर लगाकर देश के उन करोड़ों युवाओं के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं, जो पिछले कुछ समय में हुए 93 पेपर लीक की वजह से बर्बाद हो चुके हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार वांगचुक के 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च से बुरी तरह डर गई थी। संजय सिंह ने कहा कि 59 साल के सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे और अपनी जिंदगी दांव पर लगाकर देश के उन करोड़ों युवाओं की आवाज उठा रहे थे जो 93 पेपर लीक से बर्बाद हो चुके थे। वे युवा बेबस थे और उनकी आवाज उठाने वाला कोई नहीं था। भारत के प्रधानमंत्री ने 21 दिन तक उनसे बात नहीं की और अनशन खत्म करने की अपील करने के लिए एक ट्वीट करना भी जरूरी नहीं समझा। सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत करने के लिए नहीं आया कि आखिर वे क्यों अपनी जान देने पर आमादा हैं?

प्रधानमंत्री को पता था कि यह आवाज बहुत बड़ी बनने वाली है, इसलिए उन्होंने दिल्ली का पुलिस कमिश्नर बदलकर एक ऐसा पुलिस कमिश्नर बिठाया जिससे सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया जा सके। मीडिया के माध्यम से जानकारी मिल रही है कि अभिजीत दिपके को भी डिटेन कर लिया गया है।

सत्ता का यह अहंकार यही नौजवान खत्म करेगा और जिसके ऊपर आज लाठियां बजाई जा रही हैं, वही इस सत्ता को उखाड़ कर फेंकेगा। इसलिए मैं देश के युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि सोनम वांगचुक का साथ दीजिए और अपने आंदोलन को कमजोर ना पड़ने दीजिए।



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पहलवान विनेश फोगाट मामले में WFI ने बनाई अनुशासन समिति: 22 जुलाई को होगी सुनवाई, शोकॉज नोटिस पर दिए गए जवाब पर होगा फैसला – Gonda News




भारतीय कुश्ती संघ (WFI) ने पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस से जुड़े मामले में विनेश फोगाट द्वारा दिए गए जवाबों पर सुनवाई और उसके निस्तारण को लेकर के आज शनिवार सुबह 10 बजे एक उच्च स्तरीय अनुशासन समिति का गठन किया है। गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट स्टेडियम से 11 मई को शुरू हुआ यह प्रकरण अब समाधान की ओर बढ़ रहा है, जिससे भारतीय कुश्ती जगत में फिर से हलचल है।डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने आज शनिवार 10 बजे सुबह औपचारिक रूप से इस पांच सदस्यीय समिति का गठन किया। इसका मुख्य उद्देश्य विनेश फोगाट से संबंधित विशिष्ट मामलों और अनुशासनात्मक पहलुओं की बारीकी से जांच करना और उनका निस्तारण करना है। इस अनुशासन समिति की कमान संघ के कार्यवाहक महासचिव जय प्रकाश को सौंपी गई है, जिन्हें अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। डब्ल्यूएफआई के कोषाध्यक्ष डॉ. एस.पी. देशवाल को संयोजक और कार्यकारिणी सदस्य उम्मेद सिंह को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कानूनी सलाहकार हेमंत फाल्फर और आंतरिक शिकायत समिति (ICC-WFI) की अध्यक्ष मोनिका खेरा को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। समिति की पहली बैठक 22 जुलाई 2026 को शाम 4:00 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित की जाएगी। अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने सभी संबंधित सदस्यों से निर्धारित समय और स्थान पर उपस्थित होकर कार्यवाही में शामिल होने का अनुरोध किया है।
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए भारतीय कुश्ती संघ को निर्देश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर फैसला ले।हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश के बाद तीन दिन पहले 15 जुलाई को भारतीय कुश्ती संघ ने विनेश फोगाट को एक नोटिस जारी किया था और इस सुनवाई में भाग लेने के लिए कहा था अब सुनवाई कमेटी का भी गठन हो गया है। इसी कमेटी द्वारा 22 जुलाई को विनेश फोगाट द्वारा जो भारतीय कुश्ती संघ को शोकॉज नोटिस पर जवाब दिया गया है उन जवाब को लेकर के सुनवाई की जाएगी।



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छिंदवाड़ा में बारिश की कमी से बढ़ी चिंता: कन्हरगांव जलाशय सिर्फ 7% भरा, पेयजल और सिंचाई पर संकट के संकेत – Chhindwara News




छिंदवाड़ा में मानसून सीजन शुरू हुए करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन जिले में अब तक अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत कन्हरगांव जलाशय अभी तक अपनी कुल क्षमता का केवल 7 प्रतिशत ही भर पाया है। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो पेयजल और सिंचाई दोनों पर संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। LSL से ऊपर पहुंचा जलस्तर, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक जल संसाधन विभाग के अनुसार, कन्हरगांव जलाशय का जलस्तर फिलहाल लोएस्ट स्टोरेज लेवल (LSL) से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे तत्काल पेयजल आपूर्ति पर खतरा नहीं है। हालांकि, जलाशय अभी भी अपनी क्षमता से काफी पीछे है और पर्याप्त जलभराव के लिए अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है। शहर की पेयजल व्यवस्था इसी जलाशय पर निर्भर कन्हरगांव जलाशय से छिंदवाड़ा शहर के हजारों लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा जिले की कई समूह जल प्रदाय योजनाएं भी विभिन्न जलाशयों पर निर्भर हैं। जलस्तर कम रहने से भविष्य में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सिंचाई परियोजनाओं पर भी दिखने लगा असर बारिश की कमी का असर केवल पेयजल तक सीमित नहीं है। जिले में सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले 144 जलाशयों में से अधिकांश का जलस्तर अभी भी LSL से नीचे बना हुआ है। इससे खरीफ सीजन की फसलों, विशेषकर धान, मक्का और सोयाबीन की खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पिछले साल से 150 मिमी कम बारिश मौसम के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 295 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई बारिश की तुलना में करीब 150 मिमी कम है। लगातार कम वर्षा के कारण जलाशयों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। अच्छी बारिश का इंतजार प्रशासन, किसान और आम नागरिकों की निगाहें अब आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हैं। मौसम अनुकूल रहा और अच्छी वर्षा हुई तो जलाशयों का जलस्तर सुधर सकता है। वहीं यदि बारिश का सिलसिला कमजोर रहा, तो आने वाले महीनों में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकते हैं।



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