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भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दिनों से जारी रिकॉर्ड तेजी पर गुरुवार, 25 जून को हल्का ब्रेक लग गया. इंट्राडे कारोबार के दौरान शानदार बढ़त बनाने के बाद आखिरी 75 मिनट में सेंसेक्स ऊपरी स्तरों से करीब 500 पॉइंट लुढ़क गया. बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, शुक्रवार को मुहर्रम के मौके पर बाजार बंद रहने के कारण निवेशक लंबे वीकेंड (लॉन्ग वीकेंड) से पहले अपनी पोजीशन हल्की कर रहे थे, जिसके चलते दोपहर के कारोबार में तेज मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) देखने को मिली.
इस उतार-चढ़ाव के बीच एविएशन और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में सबसे शानदार तेजी देखने को मिली. (AI)
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार के लिए 25 जून का कारोबारी सत्र भारी उतार-चढ़ाव से भरा रहा. पिछले दो दिनों के भीतर करीब 1,700 अंकों की भारी तेजी दर्ज करने के बाद, दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में अचानक तेज बिकवाली शुरू हो गई. दोपहर 1:50 बजे जो सेंसेक्स 77,594 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, वह महज 75 मिनट के भीतर यानी दोपहर 3:05 बजे तक 500 पॉइंट टूटकर 77,095 के स्तर पर आ गया. इस गिरावट के बावजूद बाजार निचले स्तरों से थोड़ा संभला और अंत में बीएसई सेंसेक्स 0.14 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,100.47 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 24,056 पर बंद हुआ.
बाजार के जानकारों और एक्विरस वेल्थ के मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज के मुताबिक, शुक्रवार को मुहर्रम के चलते शेयर बाजार में छुट्टी है. इस तीन दिनों के लंबे वीकेंड से पहले जोखिम से बचने के लिए निवेशकों ने आखिरी घंटों में अपनी पोजीशन का आकार छोटा किया (ट्रिमिंग) और मुनाफा समेटना बेहतर समझा. हालांकि, बजाज फिनसर्व एएमसी का मानना है कि भले ही देश में सामान्य से कम मॉनसून एक शॉर्ट-टर्म रिस्क बना हुआ है, लेकिन विदेशी मुद्रा जमा (फॉरेन-करेंसी डिपॉजिट) को जुटाने के आरबीआई के कदम और विदेशी निवेशकों के लिए बॉन्ड टैक्स हटाने के सरकार के फैसले से बाजार में विदेशी फंड्स का इनफ्लो बना रहेगा, जिससे आगे बाजार को सपोर्ट मिलेगा.
ऑटो और एविएशन शेयरों ने भरी उड़ान, इंडिगो टॉप गेनर
इस उतार-चढ़ाव के बीच एविएशन और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों में सबसे शानदार तेजी देखने को मिली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आई नरमी का सीधा फायदा इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) को मिला, जिसके शेयर करीब 4.7 प्रतिशत उछलकर छह महीने के उच्चतम स्तर 5,458 रुपये पर बंद हुए और यह निफ्टी का टॉप परफॉर्मर रहा. ऑटो सेक्टर की बात करें तो बजाज ऑटो, मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स पीवी और महिंद्रा एंड महिंद्रा 1 से 4 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ बंद हुए. वहीं, निफ्टी 200 इंडेक्स में टीवीएस मोटर, अशोक लेलैंड और टाटा मोटर्स 4 से 5 प्रतिशत तक चढ़े, जबकि ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी मदरसन सुमी वायरिंग इंडिया 9 प्रतिशत की बंपर तेजी के साथ निफ्टी 500 की टॉप गेनर रही.
मेटल और ऑयल कंपनियों के शेयरों ने कराया नुकसान
दूसरी तरफ, कमोडिटी और सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में आज तगड़ी गिरावट दर्ज की गई. लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर एल्युमीनियम और चांदी की कीमतों में आई कमजोरी के कारण मेटल कंपनियों पर भारी दबाव दिखा. हिंडालको इंडस्ट्रीज का शेयर 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर एक महीने के निचले स्तर 950.20 रुपये पर आ गया. इसी तरह नेशनल एल्युमीनियम, हिंदुस्तान जिंक और वेदांता के शेयर भी 3 से 5 प्रतिशत तक लुढ़क गए. कच्चे तेल के बाजार में हलचल के बीच सरकारी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के शेयर 3 प्रतिशत गिरकर पांच महीने के निचले स्तर 232.1 रुपये पर बंद हुए और यह निफ्टी 50 का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला शेयर रहा. इसके साथ ही ऑयल इंडिया के शेयरों में भी 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.










