Wednesday, September 9, 2026
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सलूंबर में नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की संपर्क परेड: दस्तावेज सत्यापन और दक्षता परीक्षण हुआ; स्वयंसेवकों के पहचान की जांच की – Salumber News




सलूम्बर के लिए नामांकित पुरुष और महिला नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की संपर्क परेड, दस्तावेज सत्यापन और दक्षता परीक्षण मंगलवार को जयसमंद झील की पाल पर किया गया। ये आयोजन निदेशालय नागरिक सुरक्षा, राजस्थान, जयपुर और नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, उदयपुर के निर्देश पर हुआ। इसमें आपदा प्रतिक्रिया पर एक संक्षिप्त जानकारी भी दी गई। स्वयंसेवकों की उपस्थिति और पहचान की जांच की
कार्यक्रम की अध्यक्षता सलूम्बर के एडीएम और उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा डॉ. दिनेश राय सापेला ने की। इसमें स्वयंसेवकों की उपस्थिति और पहचान की जांच की गई। उनके संपर्क विवरण, आवेदन में बताई गई योग्यताएं और जरूरी दस्तावेजों का भी परीक्षण किया गया। स्वयंसेवकों ने ड्राइविंग लाइसेंस और आरएससीआईटी प्रमाण-पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज दिखाए, जिनका सत्यापन किया गया। इस दौरान आपदा और आपातकालीन स्थितियों में राहत और बचाव कार्यों के लिए उनकी दक्षता, तैयारी और कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का भी परीक्षण हुआ। नागरिक सुरक्षा से जुड़े कर्तव्य बताए
डॉ. दिनेश राय सापेला ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे आपदा और आपातकालीन स्थितियों में प्रशासन और आम जनता के बीच अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को नागरिक सुरक्षा से जुड़े कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में बताया। साथ ही, हर स्थिति में सेवा और सहायता के लिए तैयार रहने को कहा। संक्षिप्त जानकारी के दौरान स्वयंसेवकों को बाढ़, ज्यादा बारिश, भूकंप, आकाशीय बिजली और आगजनी जैसी अलग-अलग आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी ट्रेनिंग और दिशा-निर्देश दिए गए। उन्हें यह भी बताया गया कि आपदा के समय कैसे तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दें। प्रशासन के साथ तालमेल कैसे बिठाएं और प्रभावित लोगों तक राहत व सहायता कैसे पहुंचाएं, इसकी भी जानकारी दी गई।



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मुस्लिम भी गरबा देखने आएं तो इसमें कुछ गलत नहीं: महाराष्ट्र CM की पत्नी बोलीं- त्योहार का शांतिपूर्वक आनंद लेने में क्या बुराई


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मुंबई52 मिनट पहले

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महाराष्ट्र के चंद्रपुर में मीडिया से सवालों का जवाब देती हुई अमृता फडणवीस।

महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने कहा कि अगर मुस्लिम भी गरबा देखने आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होने चाहिए।

अमृता मंगलवार को चंद्रपुर के सबसे बड़े महाशिवलिंग मंदिर में आयोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम में पहुंची थीं।

यहां उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ये बात कही। राण ने नवरात्रि में गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री का विरोध किया था।

गणेशोत्सव में डीजे को लेकर कहा- आसपास के लोगों को परेशानी न हो

अमृता फडणवीस ने गणेशोत्सव के दौरान डीजे और तेज संगीत को लेकर चल रहे विवाद पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि त्योहार मनाते समय सभी को सरकार और अदालतों द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि हमारे उत्सवों के कारण समाज या क्षेत्र के अन्य नागरिकों को कोई परेशानी न हो। घर पर यथासंभव धर्म का पालन करना अच्छा है; लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर त्योहार मनाते समय नियमों का पालन करना जरूरी है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई को इंटरव्यू देते हुए नितेश राणे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई को इंटरव्यू देते हुए नितेश राणे।

नितेश राणे ने लगाया था लव-जिहाद का आरोप

नितेश राणे ने सोमवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा था- कुछ मुस्लिम युवक हिंदू नाम बताकर या हिंदू होने का ढोंग करके गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश करते हैं, माथे पर तिला लगाते हैं और हिंदू लड़कियों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।

उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ का खतरा बताते हुए हिंदू लड़कियों की सुरक्षा के लिए मुसलमानों को गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश न देने की मांग की थी।

उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की मांग का समर्थन करते हुए कहा था- जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में भाग नहीं लेना चाहिए। हरेक गरबा मैदानों में लोगों को प्रवेश से पहले अपनी पहचान दिखानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा।

VHP ने किया है गरबा में मुस्लिमोंं को नो एंट्री का ऐलान

विहिप ने 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली नवरात्रि के दौरान महाराष्ट्र में मुसलमानों को ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों में ‘नो एंट्री’ का ऐलान किया है।

वीएचपी ने आयोजकों से अपील की है कि वे प्रवेश द्वार पर प्रतिभागियों का आधार कार्ड चेक करें और उनके माथे पर तिलक लगाएं ताकि केवल हिंदू पहचान वाले लोग ही अंदर आ सकें।

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महाराष्ट्र में नवरात्रि पर गरबा में मुस्लिम बैन:आधार कार्ड जांच और तिलक से पहचान के बाद एंट्री; विहिप ने नियम जारी किए

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा-डांडिया में मुस्लिमों को शामिल नहीं होने देने का फैसला किया है। विहिप ने आयोजकों के लिए नियम तय किए हैं। इनमें आने वालों के आधार कार्ड की जांच और हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए माथे पर तिलक लगाने को कहा गया है। पूरी खबर पढ़ें…



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बाढ़ के पानी में डूबी कार, 2 की मौत: परिजनों का आरोप- प्रशासन की लापरवाही से गई जान, कानपुर में सड़क पर नहर नहीं दिखी – Kanpur News




कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र में बाढ़ के पानी से उफनाई पांडु नहर में कार पलटने से दो युवकों की मौत के मामले में बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना था कि नहर का पानी सड़क के ऊपर तक भर गया था और सड़क व नहर का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बावजूद न तो मौके पर बैरिकेडिंग की गई और न ही रास्ता बंद कराया गया। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी तैनात नहीं किए गए। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की इसी लापरवाही ने दो परिवारों के चिराग बुझा दिए। हादसे में सुरार गांव निवासी दीपक पाण्डेय (28) और उसके दोस्त अंकित कमल (28) की मौत हुई है। दोनों सोलर पैनल लगाने का काम करते थे। मंगलवार देर रात नहर में डूबी कार मिलने के बाद पुलिस ने स्टीमर और गोताखोरों की मदद से दोनों युवकों के शव कार से करीब 200 मीटर दूर से बरामद किए थे। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया था। किसान से सोलर पैनल लगाने की बात करने निकले थे दोनों सुरार गांव निवासी राकेश पाण्डेय किसान हैं। परिवार में पत्नी बिट्टून देवी और बेटे दीपक व उत्तम हैं। राकेश ने बताया कि दीपक की करीब दो साल पहले शादी हो गई थी दीपक की पत्नी श्रष्टि एक साल का बेटा बउआ है। दीपक अपने दोस्त अंकित कमल के साथ सोलर पैनल लगाने का काम करता था। अंकित के पिता शिवनारायण कमल किसान हैं और वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें नेहा और नीतू हैं। अंकित मूलरूप से रूरा, कानपुर देहात का रहने वाला था और कल्याणपुर के आवास विकास-3 में किराये का कमरा लेकर सोलर पैनल का कारोबार करता था। परिजनों के मुताबिक सोमवार देर रात दोनों बचउपुर गांव के पास एक किसान से सोलर पैनल लगाने की बात करने जा रहे थे। अंकित अपनी पंच कार से दीपक को लेने उसके घर पहुंचा था। दोनों ने परिवार वालों से करीब आधे घंटे में लौटने की बात कही और कार से निकल गए। नहर पुलिया पार करते समय बाढ़ के पानी ने निगली कार परिजनों के मुताबिक दोनों बचउपुर नहर के पास पहुंचे तो सड़क पर बाढ़ का पानी भरा था। नहर का पुल भी पानी में डूबा हुआ था। सड़क और नहर का पानी एक जैसा दिखाई देने के कारण दोनों कार लेकर आगे बढ़ गए। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर पांडु नहर में पलट गई। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण कार काफी दूर तक बहती चली गई। उधर, काफी देर तक दोनों के घर वापस न लौटने पर परिजनों ने फोन किया, लेकिन दोनों के मोबाइल बंद मिले। सुबह तक कोई जानकारी न मिलने पर परिवार वालों ने खोजबीन शुरू की। काफी तलाश के बाद भी दोनों का पता नहीं चला तो मंगलवार को परिजन सचेंडी थाने पहुंचे और दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई। ग्रामीणों ने नहर में डूबी कार देखी तो खुला हादसे का राज मंगलवार देर रात करीब साढ़े दस बजे ग्रामीणों की नजर नहर में डूबी एक कार पर पड़ी। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सचेंडी पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकलवाया। कार की पहचान अंकित की होने पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। नहर में कार देखकर उनके होश उड़ गए। दोनों युवकों के शव तत्काल बरामद न होने पर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर बैठकर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस-प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय रहते खोजबीन और बचाव कार्य तेज किया जाता तो शायद युवकों की जान बच सकती थी। तीन थानों की फोर्स के साथ पहुंचे अधिकारी, गोताखोरों ने निकाले शव हंगामे की सूचना पर एसीपी पनकी अमित चौरसिया, एसडीएम सदर अभिनव सिंह समेत तीन थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद नहर में स्टीमर उतारा गया और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू की गई। देर रात दोनों युवकों के शव कार से करीब 200 मीटर दूर बरामद कर लिए गए। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। ‘बैरिकेडिंग होती तो नहीं होता हादसा’ बुधवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के परिजनों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना था कि नहर में बाढ़ का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा था। पानी इतना अधिक था कि सड़क और नहर का पता ही नहीं चल रहा था। इसके बावजूद प्रशासन ने वहां बैरिकेडिंग नहीं कराई और न ही आवागमन रोकने के लिए कोई इंतजाम किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि बाढ़ की स्थिति पहले से बनी हुई थी, इसके बावजूद खतरनाक स्थान पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाया गया और न ही पुलिसकर्मी तैनात किए गए। यदि समय रहते रास्ता बंद कर दिया जाता या बैरिकेडिंग कर दी जाती तो दोनों युवक कार लेकर वहां नहीं पहुंचते और यह हादसा टल सकता था। शव रखकर नौकरी और मुआवजे की मांग हादसे के बाद परिजनों ने मृतकों के परिवार को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की। उनका कहना था कि दोनों परिवारों की जिम्मेदारी युवकों पर थी। अचानक हुई मौत से परिवारों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। एसडीएम सदर अभिनव सिंह ने परिजनों को आश्वासन दिया कि पूरे मामले की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी और नियमानुसार सरकारी नौकरी व उचित मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। रोती-बिलखती मां बोली- अंकित घर कब आओगे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे अंकित की मां अपने इकलौते बेटे की मौत से बेहाल हो गई वह रोते हुए बोली की अंकित ने रात में फोनकर कर कहा था मम्मी मै एक घंटे में मै गाँव आ रहा हु खाना घरपर खाऊंगा आकर। सोना मत एक किसान से पैनल लगने की बात करके वापस आ रहा हु। माँ बोली मै देर रात एक दरवाजा खोलकर देखती रही रही की मेरा बेटा आ रहा होगा उनको नहीं पता था की बेटा अब कभी नहीं आएगा। यह सुनकर अन्य लोगों के भी आंखों से आंसू निकलने लगे। आखिर इन सवालों के कौन देगा जवाब? दो मौतों ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जब नहर का पानी सड़क पर चढ़ चुका था और रास्ता जानलेवा हो गया था, तो वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए? बैरिकेडिंग और रास्ता बंद करने की कार्रवाई समय रहते क्यों नहीं हुई? अब हादसे के बाद इन सवालों के जवाब जिम्मेदार अधिकारियों से मांगे जा रहे हैं।



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दरभंगा टावर की फेमस लस्सी: ₹50 में मलाई-मेवा और केसर का स्वाद, लगता है नंबर

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Darbhanga Tower Famous Lassi: दरभंगा टावर की मशहूर लस्सी 50 रुपये में स्वाद और सेहत का संगम है. यह लस्सी अपनी देसी सामग्री, मलाई, मेवे और केसर के साथ कुल्हड़ में परोसी जाती है. शाम को यहां भीड़ उमड़ती है और बिना टोकन के मिलना मुश्किल है. यह शहर की पहचान बन चुकी है.

ख़बरें फटाफट

दरभंगा: दरभंगा टावर की शाम अपने आप में खास होती है. चौराहे की रौनक, लोगों की भीड़ और बाजार की हलचल यहां के माहौल को अलग पहचान देती है. लेकिन इस रौनक के बीच एक ऐसी चीज है, जो स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी अपनी ओर खींचती है दरभंगा टावर की मशहूर लस्सी. कहा जाता है कि अगर दरभंगा आए और टावर की इस लस्सी का स्वाद नहीं लिया, तो शहर का सफर कुछ अधूरा-सा रह जाता है.

टावर चौराहे पर एक छोटे से टेबल से दशकों से लस्सी बेचने का सिलसिला जारी है. दुकान भले ही बड़ी नहीं है, लेकिन इसके स्वाद की चर्चा दूर-दूर तक है. यही वजह है कि शाम होते ही यहां लस्सी पीने वालों की भीड़ जुटने लगती है. अपनी बारी के लिए लोगों को टोकन लेना पड़ता है. नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है.

सिर्फ 50 रुपये में कुल्हड़ वाली लस्सी
गर्मी के मौसम में इसकी मांग और बढ़ जाती है. महज 50 रुपये में मिलने वाली ठंडी-ठंडी लस्सी गर्मी से राहत देने के साथ स्वाद का भी अलग अनुभव कराती है. टोकन सिस्टम के कारण ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन लस्सी का स्वाद इंतजार को आसान बना देता है.

मलाई, मेवे और केसर का स्वाद
इस लस्सी की खासियत इसका देसी अंदाज है. गाढ़ी दही के साथ मलाई और क्रीम मिलाई जाती है. इसके बाद काजू, पिस्ता, बादाम और केसर से इसे सजाया जाता है. मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाने वाली लस्सी में देसी स्वाद और खुशबू का एहसास और बढ़ जाता है.

शाम होते ही बढ़ती है भीड़
दरभंगा टावर की यह लस्सी सिर्फ गर्मी में राहत देने वाला पेय नहीं, बल्कि शहर की खान-पान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. ऑफिस से लौटने वाले लोग हों, कॉलेज के छात्र हों या परिवार के साथ बाजार घूमने निकले लोग कई लोग यहां रुककर लस्सी का स्वाद लेना पसंद करते हैं. छोटी सी जगह से शुरू हुई यह दुकान आज दरभंगा टावर की पहचान से जुड़ चुकी है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के लिए यह लस्सी सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि दरभंगा की शाम और शहर की स्वादिष्ट याद का हिस्सा है.

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Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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शराब पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ी, मौत: जीजा बोले-स्टेशन चौराहे पर बेहोश मिला; चने बेचकर शराब खरीदी थी – Damoh News




दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी के पीछे रहने वाले मनीष जोगी (32) की मंगलवार रात जिला अस्पताल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब पीने से उसकी जान गई है। हालांकि, पुलिस ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया है। अवैध शराब से मौत का आरोप मृतक के जीजा संतोष जोगी ने आरोप लगाया कि युवक ने सागर नाका कृषि उपज मंडी के सामने से अवैध शराब खरीदी थी। शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिला हो सकता है। जीजा के अनुसार युवक सोमवार सुबह घर से निकला था और शाम को शराब पीकर लौटा। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसके पास शराब खरीदने के पैसे नहीं थे। इसके बाद उसने घर से कुछ चने लिए और बाजार में बेचकर मिले पैसों से शराब पी। स्टेशन चौराहे के पास बेहोश मिला शराब पीने के बाद युवक स्टेशन चौराहे के पास बेहोशी की हालत में मिला। स्थानीय लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को सागर नाका चौकी में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। मंगलवार रात जिला अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इसके बाद शव को मोर्चरी में रख दिया गया। बुधवार सुबह पुलिस ने परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने शव मोर्चरी में देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कारण पुलिस का कहना है कि युवक की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के जहरीली शराब के आरोपों की भी जांच की जा रही है।



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पवन ने अंतरराष्ट्रीय रग्बी में नवादा-बिहार का नाम किया रोशन: चीन में अंडर-18 चैंपियनशिप में भारतीय टीम का किया प्रतिनिधित्व, नवादा में हुआ जोरदार स्वागत – Nawada News




नवादा के चुटकिया बीघा निवासी युवा रग्बी खिलाड़ी पवन राज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर नवादा और बिहार का नाम रोशन किया है। चीन में हुई एशियाई रग्बी अंडर-18 चैंपियनशिप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने के बाद बुधवार को नवादा लौटे पवन राज का कीर्ति डिफेंस अकादमी ने जोरदार स्वागत किया। नवादा पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों के साथ रग्बी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा। मिर्जापुर के मैदान में हुए स्वागत कार्यक्रम में पवन राज की खेल यात्रा और उपलब्धियों के बारे में बताया गया। कीर्ति डिफेंस अकादमी के संचालक कीर्ति रंजन ने कहा कि इसी धरती से निकलकर पवन ने चीन में खेलकर नवादा के साथ पूरे बिहार का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि पवन की उपलब्धि से अकादमी और जिले के खेल प्रेमियों को गर्व है। अनुशासन को दिनचर्या का बनाया हिस्सा कोच विक्रम कुमार ने बताया कि किसान परिवार से आने वाले पवन राज का चयन भारतीय अंडर-18 रग्बी टीम में हुआ था। बचपन से ही उन्होंने नियमित अभ्यास, कठिन ट्रेनिंग और अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया। जिला रग्बी संघ के मुताबिक, पवन राज ने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल सहित कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उनकी ट्रेनिंग नवादा स्थित कीर्ति डिफेंस अकादमी में हुई, जहां रग्बी के साथ दूसरे खेलों की भी ट्रेनिंग दी जाती है। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार मेहनत और खेल के प्रति लगन के दम पर पवन ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे हैं। उनकी इस उपलब्धि से नवादा में रग्बी खेल को नई पहचान मिली है। जिला रग्बी संघ, ट्रेनर और खेल प्रेमियों ने खुशी जताते हुए उम्मीद जताई है कि पवन भविष्य में भारतीय टीम के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगे।



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बार-बार शिकायतें करने से अपने भी दूर हो सकते हैं: मन हल्का करें, लेकिन सामने वाले को भी बोलने दें




ऑफिस या जिंदगी की परेशानियां किसी करीबी से शेयर करने पर मन हल्का होता है। लेकिन अगर हर बातचीत में सिर्फ अपनी शिकायतें और परेशानियां बताई जाएं, तो सामने वाला भी थकने लगता है। मनोवैज्ञानिक जेनी मार्टिन के मुताबिक, अपनी बात कहने की एक सीमा होनी चाहिए। लगातार शिकायतें रिश्ते में कड़वाहट और दूरी ला सकती हैं। थेरेपिस्ट स्टेफनी महलेक के मुताबिक, अच्छी बातचीत दोनों तरफ से होती है। अगर आप लगातार बोलते रहें, सामने वाले के सवाल आपको दखल लगें और उसकी सलाह भी न सुनें, तो बातचीत एकतरफा हो जाती है। अपनी बात कहने के बाद रुकें और पूछें- “तुम इस बारे में क्या सोचते हो?” इससे सामने वाले को भी अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। 10 मिनट शिकायत के लिए काफी मनोवैज्ञानिक जेनी मार्टिन के मुताबिक, परेशानी बताने की बातचीत की शुरुआत और अंत होना चाहिए। इसके लिए करीब 10 मिनट की सीमा तय कर सकते हैं। समय पूरा होने के बाद विषय बदलें और सामने वाले की बातें भी सुनें। अगर वह बातचीत को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है और आप बार-बार नई शिकायत शुरू कर देते हैं, तो यह रिश्ते के लिए ठीक नहीं है। बात के बाद तनाव बढ़े तो रुकें थेरेपिस्ट मैट कार्टराइट के मुताबिक, भड़ास निकालने का मकसद मन हल्का करना है। अगर बात करने के बाद गुस्सा और बेचैनी कम होने के बजाय बढ़ जाए, तो दोनों लोग मिलकर नकारात्मक सोच में फंस रहे हो सकते हैं। ऐसा लगे तो बातचीत रोकें, गहरी सांस लें और कुछ देर टहलने निकल जाएं। हर किसी से निजी बातें शेयर न करें रिश्ता जितना करीबी हो, निजी बातें भी उतनी ही साझा करें। किसी नए सहकर्मी या परिचित से बहुत निजी विवाद और गहरी शिकायतें साझा करना उसे असहज कर सकता है। बात शुरू करने से पहले सोचें कि सामने वाला आपके कितना करीब है और उस पर कितना भरोसा है। दोस्त दूरी बनाने लगे तो संकेत समझें अगर दोस्त अब गहरी बातें करने के बजाय सिर्फ काम या मौसम की बात करने लगे, अकेले मिलने के बजाय ग्रुप में मिलना पसंद करे या फोन टालने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि वह लगातार शिकायतों से बच रहा है। अगली बार मिलें तो बिना शिकायत के उसकी जिंदगी, खुशियों और हालचाल के बारे में पूछें। रिश्ते में सिर्फ अपनी परेशानी सुनाने के बजाय सामने वाले को सुनना भी उतना ही जरूरी है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी अरबपतियों में 100 साल पुराने पेड़ लगवाने का क्रेज:बड़े पेड़ बने नया स्टेटस सिंबल, नर्सरी में ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक अमेरिका में अरबपतियों के बीच अब 100 साल पुराने और पूरी तरह विकसित पेड़ लगवाने का क्रेज बढ़ रहा है। महंगी घड़ियां, प्राइवेट जेट और सुपरकार के बाद बड़े पेड़ नया स्टेटस सिंबल बन रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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केजरीवाल का राहुल गांधी पर तीखा हमला: कहा- पंजाब में नशा आपकी कांग्रेस, अकाली और BJP लाई, अब लाशों पर गंदी राजनीति बंद कीजिए – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पंजाब में नशे के मुद्दे और एक व्यक्ति की मौत की टिप्पणी पर जोरदार हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे का जाल कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौर में फैला था, जिसे अब भगवंत मान सरकार साफ करने में जुटी है। राहुल गांधी की टिप्पणी पर जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे लाशों के ऊपर ओछी राजनीति करना बंद करें। ग्रामिणों ने कांग्रेसी विधायक को धक्के मार निकाला बाहर- केजरीवाल केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि जब कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैरा उस पीड़ित गांव में पहुंचे, तो वहां के ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो कुछ भी लिखा है, वह सरासर झूठ है। केजरीवाल ने चुनौती देते हुए कहा, मेरा आपसे निवेदन है कि आप खुद एक बार उस गांव का चक्कर लगाकर आएं, ताकि सच्चाई पता चल सके। मान सरकार नशे के खिलाफ लड़ रही निर्णायक जंग केजरीवाल ने दावा करते हुए कहा कि पूरे देश के इतिहास में पहली बार कोई राज्य सरकार नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए इस स्तर पर निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुखद मौत से पंजाब सरकार के किसी भी मंत्री या विधायक का कोई लेना-देना नहीं है। विरोधी दल अपनी पुरानी गलतियों को छिपाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।



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अहमदाबाद में भाई ने बहन की हथौड़े से हत्या की: हिट एंड रन केस दिखाने की कोशिश, ऑनर किलिंग का मामला


अहमदाबाद5 मिनट पहले

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22 साल की सोफिया निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट थीं।

अहमदाबाद में 22 साल की युवती की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पिता मोहम्मद फारूक और भाई मोहम्मद हाबिल को गिरफ्तार किया है।

दरअसल 12 अगस्त की रात अहमदाबाद में सोफिया नाम की युवती का शव मिला था। पास में बाइक भी पड़ी थी। भाई घायल था। भाई ने पुलिस को बताया था कि अज्ञात वाहन ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इसमें बहन की मौत हो गई। दुर्घटना की जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि भाई और पिता ने मिलकर बेटी की हत्या की थी।

दोनों को शक था कि सोफिया का किसी युवक से रिश्ता है। इज्जत के लिए दोनों ने हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत पहले सोफिया के सिर पर हथौड़े से वार किए और हत्या को हिट एंड रन हादसा दिखाने की कोशिश की।

मोहम्मद फारूक और मोहम्मद हाबिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मोहम्मद फारूक और मोहम्मद हाबिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

हादसे की जगह पर नहीं मिले सबूत

पुलिस को हादसे वाली जगह पर किसी दुर्घटना के सबूत नहीं मिले। CCTV फुटेज में भी उस जगह कोई दूसरा वाहन दिखाई नहीं दिया।

इसके बाद पुलिस ने हाबिल से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ के दौरान हाबिल ने पिता मोहम्मद फारूक का साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली।

वीडियो वायरल होने के बाद साजिश रची

पुलिस के मुताबिक, सोफिया बापोल इलाके के निकी हॉस्पिटल में रिसेप्शनिस्ट थी। करीब तीन महीने पहले सोफिया का एक युवक के साथ वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पिता और भाई नाराज थे।

बाइक पर ले जाकर हथौड़े से वार किए

पुलिस के मुताबिक साजिश के तहत हाबिल और फारूक बाइक से उस हॉस्पिटल गए, जहां सोफिया काम करती थी। लौटते समय दोनों सोफिया को बाइक पर साथ ले गए। हाबिल अपने साथ हथौड़ा लेकर गया था।

रास्ते में बाइक को गेलजीपुरा गांव के पास एक सुनसान कच्ची सड़क पर मोड़ दिया, जहां हाबिल ने बहन के सिर पर हथौड़े से तीन बार वार किए। सोफिया के बेहोश हो जाने पर उसे बाइक से नीचे फेंक दिया और हथौड़े से उसके सिर पर दो और वार किए।

इसके बाद सोफिया के शव को वापस मुख्य सड़क पर लाकर रख दिया। बाइक में भी तोड़-फोड़ कर वहां पटक दिया ताकि इसे दुर्घटना दिखाया जा सके। पिता पैदल वहां से निकल गया।

इसके बाद हाबिल ने पुलिस को सूचना दी। दावा किया कि गेलजीपुरा चौराहे के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी।

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गुजरात पुलिस ने क्राइम रिक्रिएट सीन पर आरोपी को पीटा;VIDEO:रस्सी से बांधा फिर घसीटा; इसी जगह शख्स ने लिव-इन पार्टनर की हत्या की थी

शनिवार को महिला की हत्या और आरोपी की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ।

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गुजरात के भावनगर में अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी फैजल की पुलिस ने सरेआम पिटाई कर दी। पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए उसी बस स्टैंड पर लेकर पहुंची थी, जहां उसने महिला पर हमला किया था।

इसी दौरान पुलिस ने आरोपी को रस्सियों से बांधा, घसीटा और डंडे से पीटा। इस घटना का वीडियो शनिवार को वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

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12 सितंबर को खत्म होगा BSNL का खास ऑफर, मिल रही 47 दिनों की एक्स्ट्रा वैलिडिटी


BSNL ने पिछले महीने फ्रीडम ऑफर की घोषणा की थी। इस ऑफर में यूजर्स को कंपनी के एनुअल प्लान में 47 दिनों की एक्स्ट्रा वैलिडिटी ऑफर की जा रही है। यूजर्स को इसमें अब 365 दिनों की बजाय 412 दिनों की वैलिडिटी मिलेगी। कंपनी का यह ऑफर 12 सितंबर को खत्म होने जा रहा है। अगर, आप भी भारत संचार निगम लिमिटेड का सिम कार्ड यूज कर रहे हैं तो इस ऑफर का लाभ ले सकते हैं।

BSNL ने अपने X हैंडल से इस ऑफर के खत्म होने की जानकारी दी है। भारत संचार निगम लिमिटेड का यह ऑफर कंपनी के 2399 रुपये वाले एनुअल प्लान पर मिल रहा है। इस प्लान में यूजर्स को 47 दिनों की एक्स्ट्रा वैलिडिटी यानी कुल 412 दिन की वैलिडिटी ऑफर की जाएगी। इस प्लान में यूजर्स को इसके अलावा 94GB एक्स्ट्रा डेटा 4700 फ्री SMS और अनलिमिटेड कॉलिंग का एक्स्ट्रा लाभ मिलेगा।

2399 रुपये वाला एनुअल प्लान

BSNL ने अपने इस एनुअल प्लान को कुछ महीने पहले ही लॉन्च किया है। इस प्लान में मिलने वाली बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। यह प्लान 2399 रुपये में आता है। इसमें डेली 2GB हाई स्पीड डेटा और 100 फ्री SMS का लाभ मिलता है। एक्स्ट्रा वैलिडिटी मिलने के बाद यूजर्स को अब इसमें मिलने वाले सभी ऑफर का लाभ 412 दिनों तक मिलता रहेगा।

इससे पहले भी कंपनी ने एक और फ्रीडम ऑफर की घोषणा की थी, जिसमें यूजर्स को Sony LIV, Zee5 और JioHotstar का सब्सक्रिप्शन महज 150 रुपये में ऑफर किया जा रहा है। यह प्लान 199 रुपये का है, लेकिन फ्रीडम ऑफर में यह प्लान 49 रुपये सस्ता मिल रहा है।

सरकारी टेलीकॉम कंपनी जल्द 5G सर्विस भी लॉन्च करने की तैयारी में है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी के नए 4G मोबाइल टावर 5G रेडी हैं, जिसकी वजह से सर्विस लॉन्च होते ही लोगों को 5G सर्विस का लाभ मिलने लगेगा। दूरसंचार विभाग यानी DoT ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति को बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड 2 लाख नए 4G मोबाइल टावर लगाने वाला है। इसके लिए इंटिग्रेटेड कस्टमर सपोर्ट सिस्टम भी बनाया जाएगा।

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