सप्तमी को मां दुर्गा का पट खुलना के बाद पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। पूरे बिहार में अलग-अलग थीम पर पंडाल बनाए गए हैं, जो लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं। गली-मोहल्ले को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया हैं। पटना में श्रद्धालुओं को काॅर्न फ्लेक्स, सोलह श्रृंगार, मौली और गरम मसाला से बनी माता की अनोखी प्रतिमा देखने को मिले। पटना सिटी के काजीबाग महावीर मंदिर गली में जंगल थीम पर पंडाल बनाया गया है। यहां पर असली पक्षियां पंडाल की शोभा बढ़ा रही है। तोता, रंग-बिरंगे पक्षी पिंजरे में टांगे गए हैं, जिनके चहचहाहट लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। वहीं, महावीर मंदिर में 3D डिजाइन में पांडाल तैयार किया गया है। इसके साथ ही पुनाईचक में यूरोप के रॉयल पैलेस के तर्ज पर 120 फीट ऊंचा पंडाल बनाया गया है। माता के प्रतिमा के साथ ही आसपास 22 शेरों के चेहरों को बनाया गया है। माता को विकराल रूप में दिखाया गया है। वीडियो देखने के लिए ऊपर क्लियर करें…
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कॉर्न फ्लेक्स-मौली, गरम मसाले से बनी मां की प्रतिमा: तोते और रंग-बिरंगे पक्षियों से सजावट, 120 फीट का रॉयल पैलेस; बिहार में अलग-अलग थीम पर पंडाल – Patna News
3 दिन गोरखनाथ मंदिर में रहेंगे योगी, आज निशा पूजा: कल कन्या पूजन, मंगलवार को निकालेंगे शोभायात्रा – Gorakhpur News
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को चार दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचेंगे। नवरात्र की अष्टमी से दशहरे तक वह गोरखनाथ मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। रविवार शाम को निशा पूजा और हवन करेंगे। सोमवार को सुबह 11 बजे कन्या पूजन होगा। इस दौरान सीएम नौ कन्याओं के पैर धोकर तिलक लगाएंगे और उन्हें भोजन कराएंगे। इसके बाद दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद लेंगे। इस दौरान बटुक पूजन भी होगा। मंगलवार को दशहरे पर योगी गुरु गोरक्षनाथ की विशेष पूजा करेंगे। इसके बाद शाम को गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर और रामलीला मैदान तक जाएगी। रविवार को निशा पूजा, सोमवार को कन्या पूजन नवरात्र की शुरुआत में गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में कलश स्थापना की गई थी। इसके बाद नियमित पूजा मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ करा रहे हैं। रविवार से विजयादशमी तक योगी आदित्यनाथ खुद विशेष पूजा और अनुष्ठान में शामिल होंगे। रविवार शाम को अष्टमी के अवसर पर वह निशा पूजा और हवन करेंगे। इसके अगले दिन सोमवार को सुबह 11 बजे कन्या पूजन होगा। इसमें नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूप मानकर पूजा जाएगा। उनके माथे पर रोली, चंदन, दही और अक्षत से तिलक लगाया जाएगा। भोजन कराने के बाद दक्षिणा और उपहार दिए जाएंगे। शोभायात्रा में शामिल होंगे सभी वर्गों के लोग मंगलवार शाम को गोरखनाथ मंदिर से विजयादशमी शोभायात्रा निकलेगी। गुरु गोरक्षनाथ का आशीर्वाद लेने के बाद योगी आदित्यनाथ शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे के साथ यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां वह भगवान शिव की पूजा करेंगे। इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां योगी रामलीला में भगवान राम का राजतिलक करेंगे। साथ ही राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की पूजा कर आरती उतारेंगे। दशहरे पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक तिलकोत्सव भी होगा, जिसमें योगी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे। गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा में हर वर्ग के लोग शामिल होते हैं। मुस्लिम और बुनकर समाज के लोग भी इसका स्वागत करते हैं। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा के मुताबिक, उनका परिवार तीन पीढ़ियों से शोभायात्रा का स्वागत करता आ रहा है। दशहरे पर मंदिर में भोज भी होगा, जिसमें सभी वर्गों के लोग शामिल होंगे।
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टीईटी के लिए अब शिक्षकों की लिस्टिंग की तैयारी: 34,200 शिक्षकों ने किया आवेदन; जिला-संभागवार सूची से तय किए जाएंगे परीक्षा केंद्र, शहरी-ग्रामीण अलग-अलग रखेंगे – Bhopal News
शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब आवेदकों की लिस्टिंग की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा मंडल कर्मचारी चयन मंडल से आवेदन करने वाले शिक्षकों की सूची मिलने के बाद उनकी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के हिसाब से लिस्टिंग कराएगा।
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इसमें यह देखा जाएगा कि किस जिले और संभाग से कितने शिक्षकों ने आवेदन किया है और उनमें कितने शहरी क्षेत्रों में पदस्थ हैं तथा कितने ग्रामीण इलाकों में। इसी सूची के आधार पर परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनके स्थान तय करने पर निर्णय लिया जाएगा।
करीब डेढ़ लाख संभावित शिक्षकों में से केवल 34,200 ने ही परीक्षा के लिए आवेदन किया है। दो बार आवेदन की तारीख बढ़ाने के बाद भी संख्या में खास इजाफा नहीं हुआ। अब आवेदकों की वास्तविक संख्या के आधार पर परीक्षा की तैयारियां आगे बढ़ेंगी।
20 हजार शिक्षक सरकारी स्कूलों के
स्कूल शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सितंबर में शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 11 अक्टूबर थी।
कुल आवेदकों में करीब 20 हजार सरकारी स्कूलों के शिक्षक और 14 हजार निजी स्कूलों के शिक्षक बताए जा रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब माध्यमिक शिक्षा मंडल को कर्मचारी चयन मंडल से आवेदकों की पूरी सूची मिलने का इंतजार है।
जिला-संभागवार लिस्टिंग के बाद तय होंगे परीक्षा केंद्र
आवेदकों की सूची मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल उनकी पदस्थापना और क्षेत्र के आधार पर जानकारी तैयार करेगा।
लिस्टिंग में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों की संख्या अलग-अलग दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही जिले और संभाग के हिसाब से भी आवेदकों का ब्योरा तैयार होगा। इससे यह तय करने में मदद मिलेगी कि किस क्षेत्र में कितने परीक्षा केंद्रों की जरूरत होगी।

दशहरे के बाद बैठक, परीक्षा की तारीख पर होगा फैसला
परीक्षा की तारीख और केंद्रों के निर्धारण को लेकर दशहरे के बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश वैद्य और लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह सहित संबंधित अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है। इसमें आवेदकों की संख्या, उनकी क्षेत्रवार स्थिति और परीक्षा कराने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी।
बैठक में परीक्षा की तारीख तय करने पर भी विचार किया जाएगा। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल परीक्षा कार्यक्रम घोषित करेगा।

32 हजार से अधिक पदों पर पदोन्नति का इंतजार
प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के 32 हजार से अधिक पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया शिक्षक पात्रता परीक्षा के इंतजार में है। परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सरकारी शिक्षकों को रिक्त पदों की उपलब्धता के आधार पर पदोन्नति मिलने की संभावना है।
विभागीय स्तर पर जनवरी में परिणाम आने की स्थिति में पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, पदोन्नति की वास्तविक स्थिति परीक्षा परिणाम और उपलब्ध रिक्त पदों पर निर्भर करेगी।

शिक्षक संगठन परीक्षा के विरोध पर कायम
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद 22 दिसंबर तक आंदोलन स्थगित कर चुका अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा पात्रता परीक्षा नहीं कराने की मांग पर कायम है।
संगठन चाहता है कि विधानसभा में संकल्प पारित कर तमिलनाडु सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार को कानून में बदलाव का प्रस्ताव भेजा जाए।
हालांकि, राज्य सरकार ने अब तक इस मांग को मंजूरी नहीं दी है। ऐसे में एक ओर परीक्षा केंद्रों और तारीख तय करने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक संगठनों का विरोध भी जारी है।


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TET के विरोध में भोपाल में जुटे शिक्षक:बोले- परीक्षा नहीं देंगे

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध और पुरानी पेंशन लागू करने की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर के टीचर्स राजधानी भोपाल में जुटे हैं। वे लिंक रोड नंबर-2 स्थित अंबेडकर पार्क में धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी भी हाल में टीईटी नहीं देंगे। सरकार पुरानी पेंशन लागू करेंगे। जब सांसद-विधायक पेंशन ले रहे तो हम क्यों नहीं लें।पूरी खबर पढ़ें
अमेरिका ने मदद रोकी तो यूक्रेन का क्या होगा: जेलेंस्की का साथ छोड़ पुतिन के साथ दिख रहे ट्रम्प; 1 सप्ताह में 4 झटके दिए
रूस से करीब 5 साल से युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के सामने अब एक नई मुसीबत खड़ी हो गई है। जिस अमेरिका के हथियारों और खुफिया जानकारी के दम पर यूक्रेनी सेना रूसी हमलों का मुकाबला कर रही है, उसी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। ट्रम्प ने महज एक सप्ताह में 4 ऐसे कदम उठाए, जिनसे यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ गईं। अब सवाल है कि अगर ट्रम्प ने यूक्रेन को सैन्य मदद और खुफिया जानकारी देना बंद कर दिया, तो जेलेंस्की की सेना का क्या होगा? क्या यूक्रेन अमेरिकी मदद के बिना रूस का मुकाबला कर पाएगा? और ट्रम्प के बदले रुख से पुतिन को कितना फायदा मिल सकता है? 9 अक्टूबर: डीजल की बढ़ी कीमतों के लिए यूक्रेन युद्ध को जिम्मेदार ठहराया ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन युद्ध को अमेरिका में डीजल की बढ़ती कीमतों की वजह बताया। इसके बाद उन्होंने रूसी डीजल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी। उनका कहना था कि इससे ईंधन की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी। यह फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि रूस तेल और गैस की बिक्री से बड़ी कमाई करता है। इस कमाई से उसे युद्ध का खर्च उठाने में भी मदद मिलती है। रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत मिलने से मॉस्को को आर्थिक फायदा हो सकता है। 10 अक्टूबर: जेलेंस्की से कहा- नया राष्ट्रपति चुनो अगले दिन ट्रम्प ने सीधे जेलेंस्की के नेतृत्व पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुनना चाहिए, जो रूस के साथ समझौता करके युद्ध खत्म कर सके। ट्रम्प का आरोप था कि जेलेंस्की के पास युद्ध खत्म करने के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने उनका फायदा नहीं उठाया। उनका कहना था कि यूक्रेन के राष्ट्रपति को रूस के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। 11 अक्टूबर: जेलेंस्की से बात किए बिना युद्धविराम का ऐलान तीसरे दिन ट्रम्प ने रूस-यूक्रेन युद्ध में ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के लिए युद्धविराम का ऐलान किया। ऊर्जा ठिकानों में बिजली संयंत्र, तेल रिफाइनरी और ईंधन से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण ढांचे शामिल होते हैं। रूस और यूक्रेन दोनों एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमले करते रहे हैं। इन हमलों से बिजली आपूर्ति, ईंधन की उपलब्धता और सैन्य अभियानों पर असर पड़ता है। लेकिन ट्रम्प के ऐलान के बाद विवाद खड़ा हो गया। जेलेंस्की ने कहा कि उन्हें इस समझौते की पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने साफ किया कि यूक्रेन रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमले तभी रोकेगा, जब रूस भी यूक्रेन पर ऐसे हमले बंद करेगा। 13 अक्टूबर: स्टारलिंक सर्विस की स्पीड कम की यूक्रेन जिस इंटरनेट से अपने तेज रफ्तार ड्रोन उड़ा रहा था और रूस में हमले कर रहा था, उस पर अचानक स्पीड लॉक लगा दिया गया। पहले ये 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हमला करते थे। लॉक लगने के बाद इसकी रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा रह गई। जैसे ही कोई ड्रोन इस रफ्तार से तेज हुआ, उस पर लगा इंटरनेट सिग्नल कट गया और ड्रोन गिरने लगा। जेलेंस्की ने इसका जिम्मेदार मस्क को बताया। बाद में मस्क ने इस पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह अमेरिकी सरकार कर रही है। अमेरिका ने मदद रोक दी तो यूक्रेन का क्या होगा? 1. मिसाइल हमलों की चेतावनी मिलने में दिक्कत: अमेरिका की खुफिया जानकारी यूक्रेन को रूसी मिसाइलों के हमलों के बारे में पहले से आगाह करने में मदद करती है। इससे सैनिकों और आम नागरिकों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचने का समय मिलता है। अमेरिकी जानकारी बंद होने पर यह व्यवस्था कमजोर पड़ सकती है। 2. पैट्रियट मिसाइलों की कमी: यूक्रेन पैट्रियट मिसाइलों की मदद से रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की कोशिश करता है। अगर अमेरिका इनकी आपूर्ति रोक देता है, तो यूक्रेन के शहरों और सैन्य ठिकानों की सुरक्षा करना और मुश्किल हो सकता है। 3. सैन्य अभियानों पर असर: अमेरिकी संचार तकनीक में रुकावट आने से ड्रोन के जरिए निगरानी और हमले करने, युद्ध के मैदान में सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने और हमलों की योजना बनाने में मुश्किल होगी। 4. रूस पर दबाव बनाने की रणनीति कमजोर: यूक्रेन रूसी तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा ठिकानों पर हमले करके रूस की कमाई और युद्ध क्षमता को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता है। अगर अमेरिका इन हमलों का विरोध करता है और रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत देता है, तो यूक्रेन की रणनीति पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिकी मदद बंद होते ही यूक्रेन युद्ध हार जाएगा। यूक्रेन ने अपने देश में हथियारों का उत्पादन बढ़ाया है और यूरोपीय देश भी उसे सैन्य सहायता देते हैं। लेकिन अमेरिकी खुफिया जानकारी और कुछ खास हथियारों का पूरा विकल्प तैयार करना आसान नहीं होगा। ट्रम्प के फैसलों से रूस को क्या फायदा? रूस के लिए सबसे बड़ा फायदा यह हो सकता है कि यूक्रेन और अमेरिका के बीच मतभेद बढ़ने से कीव पर दबाव बढ़ेगा। अगर यूक्रेन को खुफिया जानकारी और हथियार कम मिलते हैं, तो उसे रूसी हमलों का मुकाबला करने में ज्यादा मुश्किल हो सकती है। रूसी ईंधन की बिक्री पर राहत मिलने से रूस को आर्थिक फायदा भी हो सकता है। वहीं, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने का दबाव यूक्रेन की उस रणनीति को कमजोर कर सकता है, जिसके जरिए वह रूस की युद्ध क्षमता पर चोट करना चाहता है। ट्रम्प का जेलेंस्की का साथ छोड़ने की वजह क्या है? 1. युद्ध खत्म करने के लिए यूक्रेन पर दबाव: ट्रम्प चाहते हैं कि रूस और यूक्रेन के बीच जल्द समझौता हो। इसके लिए वे जेलेंस्की से रियायतें देने को कह रहे हैं। 2. रूस से रिश्ते सुधारने की कोशिश: ट्रम्प रूस के साथ बातचीत और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इससे यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी मदद पर असर पड़ने की आशंका है। 3. अमेरिका में तेल की कीमतें घटाना: यूक्रेन के रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों से नाराज ट्रम्प ने कहा कि इन हमलों से डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। वे रूस से डीजल की आपूर्ति बढ़ाकर कीमतें कम करना चाहते हैं। 4. पुतिन से समझौते की कोशिश: ट्रम्प ने रूस से डीजल कारोबार की अनुमति देने और जेलेंस्की पर हमले रोकने का दबाव बनाने जैसे कदम उठाए हैं। इससे रूस को आर्थिक फायदा मिल सकता है, जबकि यूक्रेन की स्थिति कमजोर पड़ने की आशंका है। —————————
यह खबर भी पढ़ें… मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई:रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर
अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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गरबा REELS: कठपुतली के गेटअप में गरबा में आया 11 साल का बच्चा – Rajasthan News
जयपुर के 11 साल के लिरिक सराफ कठपुतली के गेटअप में गरबा में आया। लिरिक पिछले 3 साल से लगातार अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव में आ रहा है। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।
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18 वर्षीय युवक की गला काटकर हत्या, दोषी को उम्रकैद: मामले में मोबाइल लोकेशन और हंसिया बने अहम सबूत, आगरा कोर्ट ने सुनाई सजा – Agra News
आगरा में 18 वर्षीय अरशद की गला काटकर हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी जैनुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत कुमार सरोज ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामले में मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल, खून के निशान और हत्या में इस्तेमाल हंसिया अहम साक्ष्य बने। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी समेत 11 गवाह अदालत में पेश किए गए। घटना 21 अगस्त 2021 की है। दीनमोहम्मद ने थाना फतेहाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका 18 वर्षीय बेटा अरशद मयूरी चलाता था। वह सुबह घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रात करीब 11 बजे पुलिस ने नगला बरी तिराहे पर अरशद की हत्या होने की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो अरशद का गला कटा हुआ था। पुलिस ने मामले में जिला फिरोजाबाद के थाना रामगढ़ क्षेत्र के अजमेरी गेट निवासी जैनुद्दीन को हिरासत में लिया था। उसके कब्जे से हंसिया, खून से सने कपड़े और अन्य सामान बरामद किए गए थे। हत्या से पहले अरशद के साथ था आरोपी मामले में गवाह हिदायतुल्ला ने अदालत को बताया कि घटना वाली रात उन्होंने अरशद और जैनुद्दीन को ई-रिक्शा से जाते हुए देखा था। पूछने पर अरशद ने फतेहाबाद जाने की बात कही थी। इस गवाही से घटना से पहले अरशद के साथ आरोपी की मौजूदगी की कड़ी सामने आई। कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन से मिले अहम सुराग अदालत में पेश कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के अनुसार, घटना वाले दिन अरशद और आरोपी के बीच कई बार बातचीत हुई थी। आरोपी के मोबाइल की लोकेशन भी घटनास्थल के पास मिली थी। इसके अलावा, रात करीब साढ़े 11 बजे अरशद के मोबाइल से उसके पिता के नंबर पर संपर्क हुआ था। इन तथ्यों को मामले की जांच में अहम साक्ष्य के रूप में पेश किया गया। धुले कपड़ों पर भी मिले खून के निशान पुलिस ने गिरफ्तारी के समय आरोपी के बैग से घटना के दौरान पहने गए बताए गए कपड़े बरामद किए थे। गवाह के अनुसार, कपड़े धुले हुए थे, इसके बावजूद उन पर खून के हल्के धब्बे दिखाई दे रहे थे। पुलिस ने कपड़ों समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में हंसिया और खून लगी मिट्टी पर मानव रक्त पाया गया, जबकि कपड़ों पर रक्त विघटित अवस्था में मिला। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद जैनुद्दीन को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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70 फीसदी कम होंगे 137 दवाओं के दाम, सरकार ने बना दी मुनाफे की लिमिट
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Cancer Drug Price : सरकार ने कैंसर दवाओं की कीमतों पर लगाम कसने के लिए इसका मुनाफा सीमित कर दिया है. अब कैंसर से जुड़ी 137 दवाओं पर 30 फीसदी से ज्यादा मुनाफा नहीं कमाया जा सकेगा. अनुमान है कि इस फैसले से 70 फीसदी कीमतें कम होने की संभावना है. सरकार का यह फैसला 9 नवंबर से लागू हो जाएगा.
सरकार ने कैंसर दवाओं पर 30 फीसदी मार्जिन तय कर दिया है.
नई दिल्ली. कैंसर दवाओं पर बेलगाम मुनाफा कमाने वाली कंपनियों पर सरकार ने सख्त लगाम लगा दी है. सरकार ने कैंसर से जुड़ी करीब 137 दवाओं पर मार्जिन को 30 फीसदी पर फिक्स कर दिया है. इस फैसले से कैंसर दवाओं की मौजूदा कीमतों में करीब 70 फीसदी गिरावट की संभावना है. पिछले दिनों सोशल मीडिया पर इस बात की काफी चर्चा हो रही थी कि कैंसर की दवाओं पर अस्पताल व दवा कंपनियां बेलगाम मुनाफा कमाती हैं.
दवा मूल्य नियामक एनपीपीए ने 17 अक्टूबर को कैंसर-रोधी 137 गैर-अनुसूचित दवाओं के ट्रेड मार्जिन को 30 फीसदी तक सीमित कर दिया. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला 9 नवंबर से प्रभावी होगा. इससे इन जीवनरक्षक दवाओं की खुदरा कीमतें मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 फीसदी तक घटने की उम्मीद है. इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को होगा, क्योंकि उन्हें मौजूदा कीमत से 70 फीसदी कम दाम पर ये दवाएं उपलब्ध होंगी.
मंत्रालय ने क्यों उठाया ऐसा कदम
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने शनिवार को राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के अनुच्छेद 19 के तहत व्यापार मार्जिन युक्तिकरण (टीएमआर) व्यवस्था लागू कर दी है. एनपीपीए औषधि विभाग के तहत काम करता है. मंत्रालय के अनुसार, यह कदम स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के तहत गठित विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है. इस समिति में देशभर के प्रमुख कैंसर विशेषज्ञ, चिकित्सा विशेषज्ञ, अस्पतालों के प्रतिनिधि और सरकारी अधिकारी शामिल थे.
पहले भी लिया गया है ऐसा फैसला
समिति ने व्यापार मार्जिन को तर्कसंगत बनाने के लिए 137 दवाओं की सिफारिश की थी. इस सूची को समय-समय पर अपडेट किया जाएगा. यह पहल एनपीपीए की साल 2019 की प्रायोगिक योजना पर आधारित है. उस समय 42 कैंसर रोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन 30 फीसदी तय किया गया था. इसके परिणामस्वरूप 526 ब्रांड की दवाओं के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में 90 फीसदी तक की कमी आई थी.
बड़ी संख्या में ब्रांडेड दवाओं पर फायदा
मंत्रालय ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत कहीं अधिक संख्या में कैंसर की दवाओं को शामिल किया गया है. दवा कंपनियों को संशोधित मूल्य सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित करने और खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों तक इसकी जानकारी व्यापक रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा, खुदरा विक्रेताओं और अस्पतालों को नौ नवंबर से संशोधित दरों पर ही दवाएं बेचनी होंगी और अपनी फार्मेसी में नई कीमतों को प्रदर्शित करना होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
मोतिहारी में फर्जी पुलिस वाला ड्यूटी करते पकड़ाया: दुर्गा पूजा सुरक्षा के बीच कचहरी चौक पर गिरफ्तारी, महिला सिपाही को हुआ था शक – Motihari (East Champaran) News
मोतिहारी में दुर्गा पूजा की सुरक्षा के बीच एक फर्जी पुलिसकर्मी को गिरफ्तार किया गया है। नगर थाना पुलिस ने उसे कचहरी चौक से पकड़ा। वह पुलिस की वर्दी पहनकर ड्यूटी कर रहा था। कचहरी चौक पर तैनात एक महिला सिपाही को उसकी हरकतों पर शक हुआ। पूछताछ करने पर वह अटपटा जवाब देने लगा। महिला सिपाही ने तुरंत नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन को जानकारी दी। युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ – नगर थानाध्यक्ष थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और युवक को हिरासत में लेकर थाने ले आए। पूछताछ में उसने अपनी पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र के ठिकहा गांव निवासी मनोज कुमार के रूप में बताई। मनोज ने कहा कि उसने कचहरी से ही वर्दी सिलवाई थी और कुछ समय से ड्यूटी कर रहा था। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा है। वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहा और बार-बार बयान बदल रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं वह ठगी का शिकार तो नहीं हुआ। वर्दी जब्त कर परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
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मैहर स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते समय फिसले बुजुर्ग: प्लेटफॉर्म और कोच के बीच गिरने लगे यात्री; RPF के जवानों ने खींचकर बचाया – Maihar News
मैहर रेलवे स्टेशन पर 16 अक्टूबर को चलती ट्रेन में चढ़ते समय 70 वर्षीय सुजीत कुमार केसरी का संतुलन बिगड़ गया।
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वे प्लेटफॉर्म और कोच के बीच गिरने लगे, तभी ड्यूटी पर तैनात RPF के दो जवानों ने उन्हें पकड़कर सुरक्षित बाहर खींच लिया। घटना का CCTV फुटेज शनिवार देर रात सामने आया।
ट्रेन रवाना होते समय चढ़ने की कोशिश कर रहे थे बुजुर्ग
घटना प्लेटफॉर्म नंबर-1 की है। दोपहर 1:16 बजे ट्रेन नंबर 09821 रवाना होने लगी, तभी सुजीत कुमार केसरी ने उसमें चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे प्लेटफॉर्म व कोच के बीच गिरने लगे।
दो जवानों ने तुरंत संभाला
ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक सुजीत कुमार द्विवेदी और महिला आरक्षक सोनम सिंह ने तुरंत बुजुर्ग को पकड़ लिया और सुरक्षित प्लेटफॉर्म पर खींच लिया। सुजीत कुमार केसरी बिहार के बक्सर जिले के अमला टोला के रहने वाले हैं।

रेलवे ने चलती ट्रेन में चढ़ने से बचने की अपील की
रेलवे ने इस कार्रवाई को ‘यात्री जीवन रक्षा’ ऑपरेशन के तहत यात्रियों की सुरक्षा के लिए की गई कार्रवाई बताया है। रेलवे ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने से बचने की अपील की है।
फ्रांस में महंगाई के खिलाफ येलो वेस्ट आंदोलन शुरू: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हिंसक झड़प; राजधानी पेरिस में 25 मेट्रो स्टेशन बंद किए गए
फ्रांस में बढ़ती महंगाई और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में शनिवार को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। आंदोलन में छात्र, शिक्षक, मजदूर, किसान और बुजुर्ग शामिल हैं। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं। देशभर में सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने हिंसा के लिए वामपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने राजधानी पेरिस में करीब 25 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं। इनमें राष्ट्रपति भवन, संसद व सरकारी कार्यालयों के आसपास के स्टेशन शामिल हैं। फ्रांस में प्रदर्शन से जुड़ीं 10 फोटोज… पुलिस से टकराव की 4 तस्वीरें आगजनी की 4 तस्वीरें… विरोध की 2 तस्वीरें स्कूलों से शुरू हुआ आंदोलन देशभर में फैला इस आंदोलन की शुरुआत पिछले महीने पेरिस के उत्तरी बाहरी इलाकों के स्कूलों में हुई थी। वहां शिक्षकों की गैरमौजूदगी और स्कूलों की खराब हालत को लेकर छात्रों में नाराजगी थी। धीरे-धीरे यह विरोध पूरे देश में फैल गया। अब इसमें सामाजिक असमानता, सरकारी खर्च में कमी और सार्वजनिक सेवाओं की खराब स्थिति जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए हैं। फ्रांस की प्रमुख मजदूर यूनियनों में शामिल सीजीटी ने भी प्रदर्शन का समर्थन किया। यूनियन ने ज्यादा वेतन और पेंशन, कम कीमतों और लोगों की जरूरतें पूरी करने वाली सार्वजनिक सेवाओं की सुरक्षा की मांग की। प्रदर्शनकारियों की 4 अहम मांगें… 2018 के ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन को दोहराने की अपील प्रदर्शन से पहले सोशल मीडिया पर लोगों से 2018 के ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन को दोबारा शुरू करने की अपील की गई थी। इस आंदोलन में लोग पीले रंग की चमकदार जैकेट पहनकर सड़कों पर उतरते थे। फ्रांस में गाड़ियों के ड्राइवरों के लिए ऐसी जैकेट रखना जरूरी होता है, ताकि सड़क पर गाड़ी खराब होने या किसी आपात स्थिति में वे दूर से दिखाई दे सकें। प्रदर्शनकारियों ने इसी जैकेट को विरोध का प्रतीक बना लिया। इसलिए इस आंदोलन को फ्रेंच भाषा में ‘गिले जॉन’ और हिंदी में ‘येलो वेस्ट’ यानी ‘पीली जैकेट वाला आंदोलन’ कहा जाने लगा। मैक्रों ने शांति बनाए रखने की अपील की राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को लोगों से शांति बनाए रखने और सार्वजनिक व निजी संपत्ति का सम्मान करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसके साथ दूसरों का सम्मान करना भी जरूरी है।
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