Sunday, November 1, 2026
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पुलिस ने दोपहर में पकड़ा, शाम को गिरफ्तारी दिखाई: आरोपियों को कोर्ट ने किया रिहा, बचाव पक्ष ने उठाए थे सवाल – Agra News


7 मिनट पहले

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आगरा में फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों की गिरफ्तारी का समय पुलिस को अदालत में भारी पड़ गया। पुलिस ने गिरफ्तारी और जांच का समय शाम 6 बजे से रात 11 बजे तक का दर्शाया था, जबकि बचाव पक्ष के मुताबिक, दोनों आरोपियों को दोपहर करीब 2 बजे ही पकड़ लिया गया था। आरोपियों के अधिवक्ता ने कॉल सेंटर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग अदालत में पेश कर दी।

आगरा कोर्ट में चल रहा है केस

आगरा कोर्ट में चल रहा है केस

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि मौके से अपराध से संबंधित कोई वस्तु बरामद नहीं हुई है। संबंधित फर्म विधिक रूप से वैध है और दोनों आरोपी उसमें नौकरी करते हैं। अधिवक्ता ने इसके समर्थन में दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। इन दलीलों के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) शारिब अली ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं स्वीकार कर लीं।

अदालत ने दोनों आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के दो जमानतदार और इतनी ही राशि के व्यक्तिगत बंधपत्र प्रस्तुत करने पर रिहा करने के आदेश दिए। आरोपियों को इससे पहले 3 नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए थे। जमानत पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी के समय को लेकर सवाल उठाए। अधिवक्ता ने अदालत में सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत कर अपने तर्क के समर्थन में साक्ष्य दिए। सीजेएम ने आरोपियों का कोई पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं होने और मामले का विचारण मजिस्ट्रेट न्यायालय में होने के आधार पर जमानत स्वीकृत की।

मामले में थाना साइबर क्राइम के निरीक्षक श्याम सिंह ने 21 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, उसी दिन शाम 6:55 बजे दरोगा प्रशांत कुमार ने दूरसंचार कार्यालय के अधिकारियों और पुलिस टीम के साथ जगदीशपुरा स्थित आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-12 के सत्यम प्लाजा में वीवी इंटरप्राइजेज पर छापा मारा था। यहां से साइबर अपराध और लोगों के निजी डाटा का दुरुपयोग करने के आरोप में आमिर सैफी और मनीष को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस ने कॉल सेंटर से आठ सिम बॉक्स और 281 सिम बरामद करने का दावा किया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। 22 अक्टूबर को दोनों को अदालत में पेश किया गया था। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें 3 नवंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए थे। अब जमानत पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की दलीलों और सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत किए जाने के बाद दोनों को राहत मिल गई।



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सफाई की समस्याओं का समाधान हुआ: वार्ड 33 के पार्षद आरके सिंह बघेल बने आज के ‘पब्लिक स्टार’; सीवेज-सड़क और बिजली के तारों से जुड़ी शिकायतें बरकरार – Bhopal News




भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि मामलों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) वार्ड 33 के पार्षद आरके सिंह बघेल बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ वल्लभ नगर स्थित जैन किराना स्टोर के पास वाली गली में अत्यधिक कचरा जमा होने की शिकायत शिव कुमार ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गली में जगह-जगह कचरा फैला होने से रहवासियों को काफी परेशानी हो रही थी। स्थिति ऐसी थी कि बच्चों और बुजुर्गों का गली से निकलना भी मुश्किल हो रहा था। शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद वार्ड-33 के पार्षद आरके सिंह बघेल ने मामले पर संज्ञान लिया और सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। एप से मिल रहा लोगों को समाधान जहांगीराबाद: नाली के कचरे और सड़क पर बहते पानी की समस्या दूर जहांगीराबाद के वार्ड क्रमांक-35, गली नंबर-2 में नाली का कचरा और पानी सड़क पर बहने की शिकायत रहीम उद्दीन ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारी नियमित रूप से नहीं आते थे और कई बार कचरा उठाकर भी नहीं ले जाते थे। इससे गली में गंदगी और बदबू फैल रही थी। रहवासियों को परेशानी के साथ डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा भी बना हुआ था। शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद वार्ड-35 के सुपरवाइजर नरेंद्र नील ने मामले पर संज्ञान लिया और सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। सड़क, सीवेज और बिजली व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बरकरार कटारा हिल्स: सड़क खोदकर छोड़ी, एक सप्ताह से पाइपलाइन का इंतजार कटारा हिल्स स्थित नंद विहार कॉलोनी, कटारा हिल्स बायपास रोड पर सड़क खोदकर छोड़ने की शिकायत ममता बरतरिया ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नगर निगम ने सड़क को खोदकर रखा है, लेकिन करीब एक सप्ताह बीतने के बाद भी यहां पाइपलाइन नहीं डाली गई है। सड़क पर खुदाई और मिट्टी के ढेर के कारण रहवासियों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। रात के समय भी रास्ते से निकलना मुश्किल हो रहा है। अमरवाड़ा खुर्द: सड़क पर लटक रहे बिजली और केबल के तार अमरवाड़ा खुर्द स्थित बीडीए कॉलोनी के रोड पर बिजली और केबल के तार नीचे लटकने की शिकायत आदित्य रघुवंशी ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सड़क पर कई दिनों से बिजली और केबल के तार नीचे लटक रहे हैं। इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक तारों को ठीक नहीं कराया गया है। नीचे लटकते तारों से कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। भोपाल स्टेशन: शालीमार ट्रेड सेंटर के सामने रास्ते पर गंदगी, यात्रियों को परेशानी हमिदिया रोड स्थित स्टेशन चौक के केवरा बाग क्षेत्र में शालीमार ट्रेड सेंटर बिल्डिंग के सामने स्टेशन के अंदर जाने वाले रास्ते पर गंदगी और अव्यवस्था की शिकायत भूपेंद्र सिंह ने दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि इस रास्ते से यात्रियों का आना-जाना होता है, लेकिन यहां सड़क पर कचरा जमा होने और रास्ते की खराब स्थिति के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दानिश कुंज: पुरानी सीवेज लाइन और खराब चैंबर से ओवरफ्लो की समस्या वार्ड-82 के नेबरहुड बंग्लोज, डीके-3, दानिश कुंज क्षेत्र में पुरानी और क्षतिग्रस्त सीवेज लाइन तथा खराब चैंबरों के कारण रहवासी लंबे समय से परेशान हैं। इस संबंध में अरुनिता विल्सन ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सीवेज व्यवस्था बाधित होने से समय-समय पर सीवेज ओवरफ्लो होता है और दुर्गंध के साथ गंदा पानी जमा हो जाता है। सफाई और निकासी की कार्रवाई से केवल अस्थायी राहत मिलती है, जबकि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। पब्लिक को आवाज देने का डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। शिकायत संबंधित विभाग और जिम्मेदारों तक पहुंचती है। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी अपनी कार्रवाई की जानकारी भी साझा कर सकते हैं। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और समाधान होने पर एप के जरिए शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी दे सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ बदलाव की पहल ‘भास्कर समाधान’ का उद्देश्य शहर की जनसमस्याओं को सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद हो और समस्याओं के समाधान में तेजी आए।



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दरभंगा में मैथिली फिल्म ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ की शूटिंग: एक्टर संजय मिश्रा निभा रहे अहम भूमिका; नीतू चंद्रा बोलीं- गर्व से कहती हूं, मैं बिहारी हूं – Darbhanga News




मिथिला की भाषा, संस्कृति और इतिहास को बड़े पर्दे पर नई पहचान दिलाने की दिशा में दरभंगा में मैथिली फिल्म ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ की शूटिंग चल रही है। फिल्म में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता संजय मिश्रा अहम भूमिका निभा रहे हैं। प्रोड्यूसर सह अभिनेत्री नीतू चंद्रा और डायरेक्ट नितिन चंद्रा हैं। दोनों इससे पहले ‘देसवा’, राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित ‘मिथिला मखान’ और टजैक्सन हॉल्ट-1′ जैसी फिल्मों के जरिए क्षेत्रीय सिनेमा में अपनी पहचान बना चुके हैं। हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है शूटिंग पंचोभ पंचायत में की जा रही है। फिल्म में बागमती नदी पर बने पुल को भारत-नेपाल सीमा के रूप में दर्शाया जा रहा है। स्थानीय परिवेश में शूटिंग होने से ग्रामीणों में खासा उत्साह है। टीम की ओर से पंचायत में शूटिंग की अनुमति मांगे जाने पर मुखिया राजीव कुमार चौधरी ने तत्काल सहमति देते हुए आवश्यक संसाधन और हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया। मुखिया राजीव कुमार चौधरी ने कहा कि मिथिला और मैथिली के लिए बाहर से आकर फिल्म निर्माण करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। टीम को पंचायत की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ-साथ मिथिला की भाषा, संस्कृति और इतिहास का प्रचार-प्रसार भी होगा। उन्होंने फिल्म टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। शासन और प्रशासन का जताया आभार प्रोड्यूसर नीतू चंद्रा और डायरेक्टर नितिन चंद्रा का मानना है कि बिहार में फिल्म निर्माण की अपार संभावनाएं हैं। मैथिली, भोजपुरी और मगही में कई ऐसी ऐतिहासिक और सामाजिक कहानियां हैं, जिन्हें फिल्मों और वेब सीरीज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके लिए स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं को अवसर देना जरूरी है। टीम ने बिहार सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की है। टीम की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, दरभंगा के डीएम कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी के सहयोग के लिए आभार जताया गया है। टीम का कहना है कि प्रशासन और स्थानीय लोगों का सकारात्मक सहयोग मिलने से शूटिंग में काफी सुविधा हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि ‘जैक्सन हॉल्ट-2’ के निर्माण से पंचोभ पंचायत और आसपास के क्षेत्रों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही फिल्म निर्माण के जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और मैथिली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। बिहार की बेटी हूं, गर्व से कहती हूं बिहारी हूं: नीतू चंद्रा बॉलीवुड और हॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकी फिल्म अभिनेत्री और निर्माता नीतू चंद्रा ने कहा कि मैं बिहार की बेटी हूं और गर्व से कहती हैं कि बिहारी हैं। अपनी भाषा और अपनी मिट्टी से जुड़कर फिल्म बनाना उनके लिए गर्व की बात है। वह जिस क्षेत्र की भाषा में फिल्म बना रही हैं, उसी क्षेत्र में आकर उसकी शूटिंग भी करवा रही हैं। ‘दूसरे पार्ट की शूटिंग चल रही है’ भास्कर से बातचीत में नीतू चंद्रा ने बताया कि दरभंगा में वेब सीरीज ‘जैक्सन हॉल्ट’ के दूसरे पार्ट की शूटिंग चल रही है। इसका पहला पार्ट रिलीज हो चुका है और अब दूसरे पार्ट का निर्माण किया जा रहा है। फिल्म में अभिनेता संजय मिश्रा मुख्य भूमिका में हैं। मिथिलांचल में प्रतिभाशाली कलाकारों की भरमार है। संजय मिश्रा जैसे कलाकार का इस फिल्म से जुड़ना और उनका सहयोग मिलना हम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। बिहार में शूटिंग के लिए बेहतर माहौल, बस थोड़े सहयोग की जरूरत नीतू चंद्रा ने कहा कि दरभंगा काफी अच्छा है। यहां के लोग बहुत प्यारे हैं और शूटिंग के दौरान स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग मिल रहा है। जिलाधिकारी और एसएसपी ने भी काफी मदद की है। हालांकि, बिहार में शूटिंग के दौरान थोड़ी बहुत समस्याएं आती हैं, लेकिन सहयोग मिलने से काम आगे बढ़ता है। अगर लगातार यहां फिल्मों की शूटिंग होने लगे तो लोगों को भी इसकी जानकारी होगी और फिल्म निर्माताओं के लिए भी रास्ते आसान होंगे। उन्होंने बड़े-बड़े फिल्म निर्माताओं और प्रोड्यूसरों से बिहार आने की अपील करते हुए कहा कि यहां बहुत अच्छी लोकेशन हैं। मुंबई से भी फिल्म यूनिट आकर बिहार में शूटिंग कर सकती हैं। अपनी भाषा में फिल्म बनाना ही असली जुड़ाव नीतू चंद्रा ने कहा कि वह फिलहाल मैथिली फिल्म का निर्माण कर रही हैं। जिस क्षेत्र की भाषा है, उसी क्षेत्र में आकर फिल्म की शूटिंग कराना जरूरी है। बॉलीवुड की कई फिल्मों में दर्शकों ने उन्हें देखा है। इनमें ‘गरम मसाला’, ‘ट्रैफिक सिग्नल’ और ‘ओए लकी! लकी ओए!’ जैसी फिल्में शामिल हैं। वह हॉलीवुड की फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। ‘मिथिला मखान’ की प्रोड्यूसर भी हैं नीतू चंद्रा नीतू चंद्रा ने बताया कि बिहार की पहली राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त मैथिली फिल्म ‘मिथिला मखान’ की वह निर्माता थीं, जबकि इसका निर्देशन नितिन चंद्रा ने किया था। उन्होंने कहा कि बिहार की भाषाओं में अच्छी फिल्में बनेंगी तो स्थानीय कलाकारों को अवसर मिलेगा और क्षेत्र की पहचान भी बढ़ेगी। संजय मिश्रा का दरभंगा से जुड़ाव भी इस फिल्म के लिए खास है। संजय मिश्रा का घर दरभंगा में ही है, ऐसे में इस क्षेत्र से उनका भावनात्मक जुड़ाव भी है। हमारा भी दरभंगा से जुड़ाव है और हम आगे भी यहां काम करते रहेंगे। अपनी भाषा में बने फिल्म, तभी बढ़ेगा रोजगार और सुधरेगी छवि: नितिन चंद्रा फिल्म डायरेक्टर नितिन चंद्रा का मानना है कि बिहार की भाषा, संस्कृति और सकारात्मक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए अपनी भाषाओं में सिनेमा का निर्माण जरूरी है। किसी महान पुरुष के जीवन पर फिल्म बनाई जाती है तो उसे उनकी अपनी भाषा में बनाया जाना चाहिए। न कि हिंदी या अंग्रेजी में। दक्षिण भारत के चार राज्यों में वहां की स्थानीय भाषाओं में फिल्में बनती हैं और वहां का सिनेमा रोजगार का बड़ा माध्यम है। बिहार में भी मैथिली और भोजपुरी जैसी भाषाओं में लगातार फिल्में बननी चाहिए। ‘फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान’ भास्कर से बातचीत में डायरेक्टर नितिन चंद्रा ने कहा कि यह उनकी मैथिली में तीसरी फिल्म है। उनकी फिल्म ‘मिथिला मखान’ को वर्ष 2016 में राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। यह बिहार की पहली ऐसी फिल्म थी, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर यह सम्मान हासिल हुआ। नई फिल्म में संजय मिश्रा और नीतू चंद्रा जैसे कलाकार काम कर रहे हैं। वर्ष 2024 में उनकी फिल्म भारत सरकार के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई थी। पहले भाग की शूटिंग मधुबनी में हुई थी। ‘हर फिल्म को फैक्ट्री मानता हूं, जो रोजगार पैदा करती है’ नितिन चंद्रा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल फिल्म बनाना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना भी है। उनके अनुसार, फिल्म निर्माण एक फैक्ट्री की तरह है, जो बड़ी संख्या में लोगों को काम देती है। दरभंगा में चल रही शूटिंग के दौरान करीब 300 स्थानीय लोगों को रोजगार दिया गया है। जिले के विभिन्न गांवों और अलग-अलग लोकेशन पर की जा रही है। जिस जगह पर फिलहाल शूटिंग चल रही है, वहां भारत और नेपाल की सीमा का दृश्य तैयार किया गया है। ‘शूटिंग के दौरान बहुत सहयोग मिला’ दरभंगा के लोगों की तारीफ करते हुए नितिन चंद्रा कहा कि यहां उन्हें काफी सहयोग मिल रहा है। लोग खाने-पीने और रहने तक का ख्याल रखते हैं। कभी चूड़ा दही, कभी मछली-मटन तो कभी शुद्ध शाकाहारी भोजन का आग्रह करते हैं। जिलाधिकारी और एसएसपी से भी शूटिंग के दौरान काफी सहयोग मिला है। ‘लोकल भाषा में फिल्म बननी चाहिए’ फिल्म डायरेक्टर ने कहा कि बिहार की छवि हमारे अपने हाथ में है। बॉलीवुड की फिल्मों के माध्यम से बिहार की छवि सुधारने की उम्मीद करना सही नहीं है। इसके लिए बिहार के लोगों को अपनी कहानियां अपनी भाषाओं में कहनी होंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बॉलीवुड लंबे समय से बिहार के अपराध और पुरानी नकारात्मक छवियों को फिल्मों में दिखाता रहा है। मुंबई के फिल्मी बाजार में ऐसी कहानियां ज्यादा बिकती हैं। बिहार की सकारात्मक छवि दिखाने वाली फिल्में इक्का-दुक्का ही बनी हैं। ‘मांझी: द माउंटेन मैन’ जैसी फिल्में भी बिहार की अपनी भाषा में बननी चाहिए थी। लेकिन उन्हें हिंदी में बनाया गया। संजय मिश्रा का मैथिली में काम करना बड़ी बात नितिन चंद्रा ने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता संजय मिश्रा जैसे बड़े कलाकार का मैथिली फिल्म में काम करना अपने आप में बड़ी बात है। इससे मैथिली सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने मनोज बाजपेयी और पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकारों से भी बिहार की भाषाओं में फिल्में बनाने की अपील की। बिहार में ही शूटिंग करने की रहेगी कोशिश नितिन चंद्रा ने कहा कि पटना में उनका घर है और वह हर बार कोशिश करते हैं कि उनकी फिल्मों की शूटिंग बिहार में ही हो। आगे भी यहां काम करने की योजना है। राष्ट्रीय पुरस्कार तक का सफर बिहार और यहां के लोगों के सहयोग से संभव हुआ है। अब उनकी कोशिश है कि दूसरे राज्यों के निर्माता-निर्देशक भी बड़े कलाकारों को लेकर मिथिला आएं और यहां की भाषा में फिल्में बनाएं।



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बच्चे चुकंदर खाने में बनाते हैं बहाना तो खिलाएं यह पास्ता, जानें रेसिपी

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Chukandar Pasta Recipe: रोहतास के कुमार ज्योति प्रकाश ने चुकंदर और सूजी से पास्ता तैयार किया है, जो बच्चों को स्वाद के साथ पोषण दे रहा है. इस कारोबार से 750 किसान जुड़े हुए हैं. इसे खाने के बाद बच्चे उंगलियां तक चट जाएंगे.

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रोहतास: बच्चों को पौष्टिक चीजें खिलाना अभिभावकों के लिए हमेशा आसान नहीं होता है. खासकर चुकंदर जैसी सब्जियों को देखकर कई बच्चे खाने से आनाकानी करने लगते हैं. वहीं, पास्ता और मैकरोनी ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें बच्चे बड़े चाव से खाते हैं. बच्चों की इसी पसंद और अभिभावकों की परेशानी को समझते हुए रोहतास जिले के कुमार ज्योति प्रकाश ने एक अनोखी पहल की है. उन्होंने चुकंदर और सूजी को मिलाकर खास तरह का पास्ता तैयार किया है. इसका उद्देश्य बच्चों के पसंदीदा भोजन के जरिए, उन्हें चुकंदर के पोषक तत्वों से जोड़ना है. इस तरह सामान्य पास्ता से अलग एक नया विकल्प तैयार किया गया है, जिसमें स्वाद के साथ पोषण को भी प्राथमिकता दी गई है. आइये जानते हैं इस रेसिपी के बारे में.

कई शहरों तक पहुंचा कारोबार

कुमार ज्योति प्रकाश की टेस्टी चॉइस कंपनी में तैयार होने वाले इस पास्ता को लेकर सेल्समैन हिमांशु कुमार ने बताया कि इसकी निर्माण प्रक्रिया सामान्य पास्ता की तरह ही रखी गई है. इसमें चुकंदर और सूजी का इस्तेमाल किया जाता है. कंपनी की कोशिश है कि बच्चों के बीच लोकप्रिय खाद्य पदार्थ को नए स्वरूप में बाजार तक पहुंचाया जाए, ताकि अभिभावकों को भी एक अलग विकल्प मिल सके.

उन्होंने बताया कि इस कारोबार को शुरू करने के लिए करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया गया है. फिलहाल कंपनी में अन्य कर्मचारियों के साथ लगभग 10 लोग काम कर रहे हैं. कारोबार को आगे बढ़ाते हुए कंपनी औरंगाबाद, सासाराम और मोहनिया समेत छह स्थानों तक अपनी पहुंच बना चुकी है. इन क्षेत्रों में उत्पाद को ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है.

750 किसानों को कंपनी से जोड़ने की पहल

कंपनी के चेयरमैन कुमार ज्योति प्रकाश ने बताया कि उन्होंने मुंडेश्वरी फेड फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की शुरुआत किसान आधारित कंपनी के रूप में की है. इसका उद्देश्य सिर्फ खाद्य उत्पाद तैयार करना ही नहीं, बल्कि किसानों को भी एक संगठित व्यावसायिक व्यवस्था से जोड़ना है. उनके अनुसार कंपनी से प्रत्यक्ष रूप से करीब 10 कर्मचारी और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 750 किसान जुड़े हुए हैं. इस पहल के जरिए एक तरफ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तैयार हो रहे हैं तो दूसरी तरफ किसानों को भी कंपनी की गतिविधियों से जुड़ने का मौका मिल रहा है. कंपनी भविष्य में अपने कारोबार का और विस्तार करने की दिशा में काम कर रही है.

बच्चों का बना है ये पसंदीदा फूड

कुमार ज्योति प्रकाश ने बताया कि चुकंदर से पास्ता तैयार करने का विचार उन्हें बच्चों की खाने की आदतों को देखकर आया. उन्होंने महसूस किया कि बच्चे चुकंदर को सीधे खाने में रुचि नहीं दिखाते लेकिन पास्ता और मैकरोनी जैसे खाद्य पदार्थों के प्रति उनका खास आकर्षण रहता है. ऐसे में उन्होंने सोचा कि क्यों न चुकंदर को ही बच्चों के पसंदीदा भोजन का हिस्सा बना दिया जाए.

इसी सोच के साथ चुकंदर और सूजी को मिलाकर पास्ता तैयार करने पर काम शुरू किया गया. उनका कहना है कि इस उत्पाद के जरिए बच्चों को स्वाद के साथ चुकंदर के पोषक तत्वों से भी जोड़ने का प्रयास किया गया है. अब कंपनी की कोशिश इस उत्पाद को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की है. ताकि स्थानीय स्तर पर तैयार यह नया उत्पाद बाजार में अपनी अलग पहचान बना सके.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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ट्रम्प का ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ पर मानहानि केस खारिज: जज बोले- दलीलें बेबुनियाद; रिपोर्ट में ट्रम्प और एपस्टीन के बीच संबंध होने का दावा किया गया था


3 घंटे पहले

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अमेरिका की एक अदालत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ अखबार और उसके मालिक रूपर्ट मर्डॉक पर किया गया अरबों डॉलर का मानहानि केस खारिज कर दिया है।

अखबार ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि ट्रम्प के संबंध बदनाम अमीर कारोबारी जेफरी एपस्टीन के साथ थे। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2003 में एपस्टीन के 50वें जन्मदिन के एक एल्बम में एक चिट्ठी मिली थी, जिस पर ट्रम्प का नाम लिखा था। इस चिट्ठी में एक बिना कपड़ों वाली महिला का रेखाचित्र (स्केच) बना था और अंत में जन्मदिन की बधाई थी।

ट्रम्प ने इसे झूठा बताते हुए कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई खत नहीं लिखा, और इससे उनकी छवि को भारी नुकसान पहुंचा है। लेकिन मियामी के जज डैरिन गेल्स ने केस रद्द कर दिया। जज ने कहा कि ट्रम्प यह साबित नहीं कर पाए कि अखबार ने जानबूझकर दुर्भावना से यह खबर छापी थी। उनकी दलीलें बेबुनियाद थीं।

यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी। आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने आत्महत्या की थी।

यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी। आधिकारिक रिपोर्ट्स के मुताबिक उसने आत्महत्या की थी।

जज बोले- ट्रम्प की दलीलें बेबुनियादी

जज ने ये भी कहा कि ट्रम्प जबरन अखबार की जांच-पड़ताल में कमियां निकालने की कोशिश कर रहे थे।

अदालत ने यह फैसला स्थायी तौर पर सुनाया है, यानी ट्रम्प अब इस मामले को दोबारा अदालत में नहीं ले जा सकते।

करोड़पति फाइनेंसर था यौन अपराधी एपस्टीन

जेफ्री एपस्टीन न्यूयॉर्क का करोड़पति फाइनेंसर था। उसकी बड़े नेताओं और सेलिब्रिटीज से दोस्ती थी।

उस पर 2005 में नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। 2008 में उसे नाबालिग से सेक्स की मांग करने का दोषी ठहराया गया।

उसे 13 महीने की जेल हुई। 2019 में जेफ्री को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। लेकिन मुकदमे से पहले ही उसने जेल में आत्महत्या कर ली।

उसकी पार्टनर घिसलीन मैक्सवेल को 2021 में उसकी मदद करने के आरोपों में दोषी करार दिया गया। वह 20 साल की सजा काट रही है।

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एपस्टीन फाइल्स से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

एपस्टीन फाइल- ट्रम्प पर नाबालिग के यौन शोषण का आरोप: नए दस्तावेज में खुलासा

अमेरिका में न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज जारी किए हैं। एफबीआई को दिए इंटरव्यू में महिला ने दावा किया कि एपस्टीन ने उसकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से कराई थी। ट्रम्प ने उनका यौन शोषण किया। तब वे नाबालिग थीं। ये पेज पहले जारी नहीं किए गए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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प्रेम प्रसंग में पाक्सो एक्ट के आरोपी को जमानत: मेरठ के इस मामले को हाईकोर्ट ने ‘किशोरी प्रेम’ का मामला माना – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया ‘किशोरी प्रेम’ का मामला माना है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने याची अधिवक्ता सुनील चौधरी को सुनकर दिया । पीड़िता के पिता ने मेरठ के परतापुर थाने में आरोपी विकाश के विरुद्ध उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व शारीरिक सम्बन्ध बनाने का आरोप है। क्या है मामला जानिये पीड़िता ने अपने बयानों में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी ,पिछले 4 साल से एक दूसरे को जानते है और दोनों ने आपस में मंदिर में शादी कर ली थी और पति पत्नी की तरह रहे हैं । मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में पीड़िता ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि “शादी के बाद वह अपनी सास के साथ सोती थी और आरोपी (पति) ने उसके साथ कभी कोई शारीरिक संबंध नहीं बनाए।” इसके अलावा अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था और इससे पहले भी पीड़िता दो बार (वर्ष 2025 में) आरोपी के साथ भाग चुकी थी, जिसके बाद पीड़िता के पिता ने पहले भी दो एफआईआर दर्ज कराई थीं, जिनमें आरोपी पहले से जमानत पर था।



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ऑरोरा एक्स कंपनी मामले में दो पर FIR: 40 दिन में रुपए डबल करने का देते थे झांसा; हजारों लोगों से करोड़ों जुटाए – Bhind News




भिण्ड में 40 दिन में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपए जुटाने वाली ऑरोरा एक्स कंपनी के खिलाफ आखिरकार सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। कंपनी के झांसे में आकर भिंड शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी लगा दी थी। कंपनी ने हाउसिंग कॉलोनी में कार्यालय खोलकर और शहरभर में बैनर लगाकर अपना प्रचार किया था। बेरोजगार युवाओं को रोजगार का लालच देकर भी लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ा गया। अब कंपनी कारोबार समेटकर गायब हो चुकी है और निवेशकों की लाखों-करोड़ों रुपए की रकम फंसी हुई है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अनीता गुर्जर ने दैनिक भास्कर को बताया कि भरौली निवासी विक्की सिंह राजावत की शिकायत पर ऑरोरा एक्स कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। कंपनी लोगों को 40 दिन में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाती थी। इसके लिए निवेशकों को एक मोबाइल एप दिया गया था, जिसके जरिए डॉलर ट्रेडिंग के माध्यम से कमाई होने का दावा किया जाता था। निवेशकों को एप में अपनी रकम लगाने और उससे मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। 14 अक्टूबर से बंद होने लगी थी निकासी कंपनी की गतिविधियों पर सवाल तब उठने लगे, जब 14 अक्टूबर से निवेशकों की रकम निकालने पर रोक लगना शुरू हो गई। पहले कंपनी ने एप में तकनीकी अपडेट का हवाला दिया। इसके बाद निवेशकों को ट्रेडिंग और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर लगातार इंतजार कराया जाता रहा। 23 अक्टूबर तक रकम निकासी शुरू होने का भरोसा दिया गया, लेकिन इसके बाद भी निवेशकों को पैसा वापस नहीं मिला। बाद में कंपनी ने साइबर अटैक का हवाला देकर अपना कारोबार समेट लिया। भास्कर लगातार उठा रहा था निवेशकों का मुद्दा उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर डिजिटल लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा था। कंपनी का स्थानीय स्तर पर संचालन करने वाले लोग भी लंबे समय से भिंड से गायब बताए जा रहे थे। निवेशकों की बढ़ती शिकायतों के बीच पुलिस पर राजनीतिक माध्यमों से दबाव बनाकर एफआईआर रुकवाने के प्रयासों की भी चर्चा थी। हालांकि अब पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गिरफ्तारी के प्रयास शुरू करने की बात कही है।



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भारत में बन रहे गई ग्रेटर शहर, पर आप जानते हैं दुनिया की पहली ग्रेटर सिटी का नाम


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First Greater City : भारत में ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर फरीदाबाद बन रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया का पहला ग्रेटर शहर कौन सा है. आखिर किसी शहर को ग्रेटर बनाने के पीछे क्या मकसद होता है और इसके लिए किन-किन सेक्टर्स में ग्रोथ पर जोर देना पड़ता है. भारत अपने शहरों को ग्रेटर बनाने के लिए क्या कदम उठा सकता है और उसकी क्या चुनौतियां हैं.

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भारत में बन रहे गई ग्रेटर शहर, पर जानते हैं दुनिया की पहली ग्रेटर सिटी का नामZoom

दुनिया का पहला ग्रेटर शहर न्यूयॉर्क है.

नई दिल्ली. ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर फरीदाबाद सहित देश में तमाम शहरों का विस्तार कर उसका नया ग्रेटर वर्जन बनाया जा रहा है. लेकिन, क्या आपको पता है कि दुनिया का पहला ग्रेटर शहर कौन सा था और उसे ग्रेटर बनाने के लिए किन-किन चीजों का विकास किया गया. ग्रेटर शहर की अवधारणा मुख्य रूप से तब शुरू की जाती है, जबकि मौजूदा शहर उसकी बढ़ती आबादी के लिए पर्याप्त नहीं रह जाता है. इस लिहाज से देखें तो दुनिया का वह कौन सा शहर है, जहां सबसे पहले आबादी के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास किया गया.

आपको बता दें कि ग्रेटर सिटी के तहत पहली बार अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर का विस्तार किया गया था. साल 1898 में सिटी ऑफ ग्रेटर न्यूयॉर्क (City of Greater New York) बनाया गया था. तब न्यूयॉर्क शहर के आसपास की तमाम नगरपालिकाओं को मिलाकर शहर का विस्तार किया गया था. इसी तरह, दूसरा ग्रेटर शहर लंदन को बनाया गया. 1 अप्रैल, 1965 को ग्रेटर लंदन की नींव रखी गई और इस शहर का विस्तार कर आसपास के तमाम इलाकों को लंदन शहर में शामिल कर लिया गया.

5 शहरों को मिलाकर बना था ग्रेटर न्यूयॉर्क
अमेरिका ने सबसे पहले दुनिया का ग्रेटर शहर बनाया. 1 जनवरी, 1898 को 5 शहरों और क्षेत्रों को मिलाकर एक महानगर बनाया गया था. इसका मकसद सिर्फ शहर का क्षेत्रफल बढ़ाना नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, पानी, बंदरगाह, पुलिस और प्रशासन के स्तर तक बेहतर सुविधाएं विकसित करना था. तब न्यूयॉर्क में मैनहट्टन, ब्रुकलिन, ब्रॉन्क्स, क्वींस और स्टेटन आईलैंड को मिलाया गया था. इस एकीकरण से पहले तक न्यूयॉर्क का कुल क्षेत्रफल 60 वर्ग मील था, जो बाद में बढ़कर 360 वर्गमील हो गया है.

6 सेक्टर्स में ग्रोथ पर था फोकस

  • सड़क नेटवर्क : ग्रेटर न्यूयॉर्क बनने के बाद मैनहट्टन को ब्रुकलिन और दूसरे क्षेत्रों से जोड़ने के लिए नए पुलों का निर्माण किया गया. इसके बाद तीन बड़े ब्रिज विलियम्सबर्ग (1903), मैनहट्टन ब्रिज (1909) और क्वींसबोरो ब्रिज (1909) में खोला गया.
  • अंडग्राउंड मेट्रो : ग्रेटर न्यूयॉर्क बनने के बाद साल 1904 में पहली बार आधुनिक सब-वे लाइन शुरू की गई. भूमिगत मेट्रो चलाए जाने से मैनहट्टन और आसपास के इलाकों के बीच बड़े पैमाने पर आवाजाही संभव हो सकी.
  • वॉटर सप्लाई : शहर की आबादी बढ़ी तो पानी की जरूरतें भी बढ़ने लगीं. तब बड़े जलाशय बनाने के साथ एक्वाडक्ट लाइन शुरू की ई और साल 1915 में दूरदराज के जल स्रोतों से शहर तक पानी पहुंचाया गया.
  • पोर्ट और कारोबार : ग्रेटर न्यूयॉर्क के साथ न्यूयॉर्क हार्बर को भी विकसित किया गया और शहर में जहाजों की आवाजाही, माल ढुलाई और कारोबारी गतिविधियों को बेहतर बनाया गया.
  • पार्क और मनोरंजन का विकास : ग्रेटर न्यूयॉर्क में तमाम पार्क और खुले स्थान के साथ मनोरंजन की सुविधाओं का भी विकास किया गया. न्यूयॉर्क का सेंट्रल पार्क पहले से ही मौजूद था, लेकिन बाद में कई और पार्क बनाए गए.
  • प्रशासनिक विकास : ग्रेटर न्यूयॉर्क बनाने के लिए इसमें कई नगरपालिकाओं को मिलाया गया और एक महानगर बना. इस महानगर को बेहतर बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और टैक्स व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया.

    भारत के लिए क्या है सबक
    ग्रेटर न्यूयॉर्क शहर के मॉडल से भारत भी अपने शहरों के विकास के लिए बेहतर व्यवस्था बना सकता है. भारत की दो प्रमुख राजधानियों दिल्ली और मुंबई के आसपास ऐसा ही मॉडल विकसित किया जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिवटी बनाई जा रही है. इसी तरह, मुंबई महानगर क्षेत्र का भी विस्तार किया जा रहा है और इसमें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर बड़ा शहर बनाया जा रहा है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मधुबनी में CM का आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने पर FIR: सोशल मीडिया पर किया था वायरल, जांच में जुटी पुलिस – Madhubani News




मधुबनी में सोशल मीडिया पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के कथित प्रयास के मामले में मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक आपत्तिजनक फोटो और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में साइबर थाना, मधुबनी में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की पहचान कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 10:13 बजे CCSU Social Media, पटना के मोबाइल से मधुबनी साइबर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक आपत्तिजनक फोटो और वीडियो क्लिप भेजी गई थी। वीडियो में एक अज्ञात व्यक्ति को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का चरणस्पर्श करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद साइबर थाना की तकनीकी टीम ने प्राप्त फोटो और वीडियो क्लिप की बारीकी से जांच एवं सत्यापन किया। जांच के दौरान सामने आया कि उक्त फोटो और वीडियो क्लिप को इंस्टाग्राम के माध्यम से प्रसारित किया गया था। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संबंधित इंस्टाग्राम प्रोफाइल की पहचान ‘Ripu Yaduvanshi’ के नाम से संचालित आईडी के रूप में की गई। पुलिस अब इस आईडी के वास्तविक संचालक और इसके माध्यम से सामग्री प्रसारित करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले की पुष्टि शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजे मधुबनी साइबर डीएसपी नवीन कुमार ने की। उन्होंने बताया कि भ्रामक एवं कथित रूप से मनगढ़ंत फोटो और वीडियो क्लिप के माध्यम से मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा एवं राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में साइबर थाना, मधुबनी कांड संख्या 41/26, दिनांक 28 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 एवं 351(2) तथा आईटी एक्ट 2000 की धारा 66(C) और 66(D) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।



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‘जंग कब और कैसे खत्म होगी, यह हम तय करेंगे’: ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अमेरिका-इजराइल को चेतावनी दी, सेना को तैयार रहने के लिए कहा


2 घंटे पहले

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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों ने दोबारा हमला किया तो ईरान उसका तुरंत जवाब देगा। उन्होंने कहा कि जंग कब और किन शर्तों पर खत्म होगी, यह भी ईरान तय करेगा।

खामेनेई ने शनिवार को ईरान की सेना के वरिष्ठ कमांडरों के साथ बैठक में यह बयान दिया। इसके बाद उनका बयान टेलीग्राम अकाउंट पर जारी किया गया।

सुप्रीम लीडर खामेनेई ने सेना को किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहने का आदेश भी दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि जवाबी हमले के लिए किसी भौगोलिक सीमा की पाबंदी नहीं होगी।

खामेनेई ने हमले के लिए नई टारगेट लिस्ट बनाने को कहा

खामेनेई ने ईरानी सेना को अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों और दूसरी संपत्तियों की नई सूची तैयार करने का आदेश भी दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें निशाना बनाया जा सके।

वहीं, अमेरिकी न्यूज चैनल MS NOW की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ने खाड़ी देशों को अलर्ट रहने को कहा है। तीन वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने 4 नवंबर से ईरान पर संभावित हमले की तैयारी करने को कहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, हमला ज्यादा समय तक नहीं चलेगा, लेकिन काफी घातक हो सकता है।

अराघची बोले- अमेरिकी हमले की आशंका से इनकार नहीं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अमेरिका के एक और हमले की आशंका को खारिज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।

अराघची ने यह भी बताया कि ईरान को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है। ईरान के बड़े अधिकारियों ने इस पर चर्चा की है। फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीधे बैठक की कोई योजना नहीं है। आगे बातचीत आमने-सामने होगी या मध्यस्थों के जरिए, यह ईरान की शर्तें पूरी होने पर निर्भर करेगा।

अराघची ने यह भी माना है कि अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का ईरान पर असर पड़ा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान इन दबावों के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अमेरिका के लिए सिर्फ एक बहाना है। (फाइल फोटो)

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अमेरिका के लिए सिर्फ एक बहाना है। (फाइल फोटो)

अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प बातचीत से मामला सुलझाना चाहते हैं

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को अटलांटा में G20 की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर दोबारा हमला करने का अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

ट्रम्प फिलहाल बातचीत के जरिए मामला सुलझाना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। रुबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अपनी मांगें मनवाने के लिए जहाजों पर हमले करने और पड़ोसी देशों के तेल-गैस ठिकानों को तबाह करने की धमकी दे रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अटलांटा में G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। तस्वीर 31 अक्टूबर 2026 की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अटलांटा में G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। तस्वीर 31 अक्टूबर 2026 की है।

अमेरिका संग बातचीत में ईरान की तीन बड़ी मांगें

  • तेल बेचने की छूट बहाल हो: ईरान चाहता है कि अमेरिका उसे तेल बेचने की पहले जैसी छूट दें।
  • आर्थिक प्रतिबंध हटें: ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध खत्म किए जाएं, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को राहत मिले।
  • कतर में जमा 6 अरब डॉलर वापस मिलें: ईरान चाहता है कि कतर में रोकी गई उसकी करीब 6 अरब डॉलर की रकम उसे वापस दी जाए।

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अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। समुद्र में अमेरिकी नाकेबंदी के चलते उसके लिए दूसरे देशों से सैन्य सामान मंगाना भी मुश्किल है। इसके बावजूद ईरान ने हथियारों की सप्लाई जारी रखी। पूरी खबर पढ़ें…

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