बागपत में दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए पुलिस अलर्ट हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले को 5 जोन, 13 सेक्टर और 54 सब-सेक्टर में बांटा गया है। एसपी पूर्णेन्दु सिंह ने पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मीडिया सेल ने गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे इसकी जानकारी दी। धार्मिक स्थलों और बाजारों में पुलिस तैनात गुफा वाले मंदिर और चकबंदी देवता वाले मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। बाजारों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे हैं। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बॉर्डर चौकियों पर चल रहा अभियान बॉर्डर चौकियों पर पटाखों की तस्करी रोकने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। एसपी पूर्णेन्दु सिंह सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं। एडिशनल एसपी प्रवीण सिंह और सभी थाना प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों से ड्यूटी में लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है। व्यापारियों से सीसीटीवी चालू रखने की अपील पुलिस ने व्यापारियों से बाजारों में सीसीटीवी कैमरे चालू रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की है। दीपावली, धनतेरस, गोवर्धन पूजा और भाई दूज को देखते हुए सभी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी तय कर दी गई है। उनके अवकाश पर भी रोक लगा दी गई है। एसपी ने लोगों से त्योहार शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है।
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दीपावली के लिए बागपत को 5 जोन में बांटा: 13 सेक्टर और 54 सब-सेक्टर में सुरक्षा की जिम्मेदारी; बाजारों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस तैनात – Baghpat News
सहरसा नगर निगम की तीन दिन की तालाबंदी खत्म: DDC और विधायक आईपी गुप्ता की पहल पर पार्षद माने, कार्यालय में काम शुरू – Saharsa News
सहरसा। पूर्व नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के निलंबन के विरोध में सहरसा नगर निगम में तीन दिनों से चल रही तालाबंदी और धरना गुरुवार को समाप्त हो गया। प्रभारी नगर आयुक्त सह डीडीसी गौरव कुमार और स्थानीय विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता की पहल पर पार्षदों ने आंदोलन वापस लेने का निर्णय लिया। इसके बाद नगर निगम कार्यालय में कामकाज फिर से शुरू हो गया। डीडीसी ने कहा- निलंबन रद्द करना जिला प्रशासन के अधिकार में नहीं नगर आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार संभालने के बाद डीडीसी गौरव कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे पार्षदों और पार्षद प्रतिनिधियों से बातचीत की। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि पूर्व नगर आयुक्त का निलंबन रद्द करना जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह मामला राज्य सरकार और नगर विकास एवं आवास विभाग के स्तर से ही सुलझ सकता है। उन्होंने कहा कि पार्षदों की मांगों और उनकी भावनाओं से जुड़े मांग पत्र को राज्य सरकार और विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। साथ ही, दीपावली और छठ के दौरान शहर में सफाई, जलनिकासी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात कही। विधायक ने विधानसभा में मांगें उठाने का दिया भरोसा स्थानीय विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने भी फोन पर आंदोलन कर रहे पार्षदों से बात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्षदों की मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में उठाएंगे। विधायक ने कहा कि दीपावली और छठ जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान नगर निगम कार्यालय में तालाबंदी रहने से शहरवासियों को परेशानी होगी। पर्व को देखते हुए पार्षदों ने वापस लिया आंदोलन डीडीसी और विधायक के आश्वासन के बाद पार्षदों ने तालाबंदी और धरना समाप्त करने की घोषणा की। पार्षदों ने कहा कि पर्व के दौरान शहर के लोगों को परेशानी न हो, इसे ध्यान में रखते हुए आंदोलन वापस लिया गया है। कार्यालय खुलते ही सफाई अभियान चलाने का निर्देश तालाबंदी खत्म होने के बाद नगर निगम कार्यालय के ताले खोल दिए गए और कामकाज बहाल हो गया। अधिकारियों ने शहर में सफाई अभियान चलाने और प्रमुख स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के निर्देश दिए।
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हादसे में युवक की मौत,पोस्टमार्टम के इंतजार में भटके परिजन: उचेहरा अस्पताल में बीएमओ की छुट्टी से अटकी व्यवस्था; परिजनों ने लगाए मुर्दाबाद के नारे – Maihar News
सतना-मैहर मार्ग पर कुंदहरी गांव के पास रामपथ मार्ग में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार 26 वर्षीय अजीत चौधरी की मौत हो गई। हादसे के बाद शव उचेहरा अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने नाराजगी जताई और बीएमओ के खिलाफ नारेबाजी की। अजीत मैहर की पुरानी बस्ती के उत्तर दरवाजा निवासी थे। उनके पिता का नाम निर्भय चौधरी है। वे बुधवार देर रात बाइक से मैहर से सतना की ओर रिश्तेदारी में जा रहे थे। कुंदहरी गांव के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में अजीत की मौके पर ही मौत हो गई। बीएमओ की छुट्टी पर पोस्टमार्टम व्यवस्था का आरोप पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचे परिजनों को घंटों इंतजार करना पड़ा। ब्लॉक कांग्रेस मैहर अध्यक्ष और पूर्व पार्षद रमेश प्रजापति भी उनके साथ मौजूद थे। परिजनों ने आरोप लगाया कि मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. ए.के. राय के छुट्टी पर होने के कारण पोस्टमार्टम की व्यवस्था नहीं हो पाई। इस दौरान कांग्रेस नेता समेत लोगों ने ‘बीएमओ मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। परिजनों ने कहा कि किसी अधिकारी के छुट्टी पर रहने से जरूरी चिकित्सा सेवाएं बंद नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आपात स्थिति में पोस्टमार्टम के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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Pok में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, 5 की मौत: मशीनगन और ड्रोन से प्रदर्शनकारियों पर हमला किया; मरने वालों में बच्चे भी शामिल
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में गुरुवार को प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने फायरिंग की है। इसमें कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में बच्चे भी शामिल हैं। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर भारी मशीनगनों और ड्रोन से हमला किया। घटना को लेकर अभी तक पाकिस्तानी अधिकारियों का आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। तीन जगहों पर प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने का आरोप UKPNP के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और रावलकोट की दूसरी जगहों पर चल रहे धरनों पर कार्रवाई की। पार्टी ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के साथ ड्रोन से हमले भी किए। इस दौरान भारी मशीनगनों और बख्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। खबर अपडेट हो रही है…
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Asus का नया गेमिंग लैपटॉप भारत में लॉन्च, 16GB रैम के साथ मिलेगा 33 घंटे का बैटरी बैकअप
Asus ने भारत में ZenBook 14 सीरीज का नया मॉडल भारत में लॉन्च किया है। आसुस का यह नया लैपटॉप बड़ी बैटरी के साथ आता है। साथ ही, इसे AMD और Qualcomm चिप के साथ पेश किया गया है। ZenBook 14 सीरीज के इस नए लैपटॉप के साथ कंपनी ने ZenMouse MD202 भी पेश किया है। इसमें सिरेलूमिनम टॉप कवर दिया गया है, जो मल्टी-डिवाइस कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है।
कितनी है कीमत?
Asus ZenBook 14 की शुरुआती कीमत 1,36,990 रुपये है। इसे तीन कंफिग्रेशन Intel, AMD और Qualcomm चिपसेट के साथ खरीदा जा सकता है। वहीं, इसके Intel Core Ultra 9 चिप वाले टॉप मॉडल की कीमत 1,67,990 रुपये है। वहीं, AMD Ryzen AI 7 चिपसेट वाला मॉडल 1,56,990 रुपये में आता है। इस लैपटॉप को भारत में Asus के एक्सक्लूसिव स्टोर, E-Shop, Amazon, Croma, Reliance Digital, Vijay Sales और अन्य ऑथोराइज्ड रिटेलर्स से खरीद सकते हैं। कंपनी लैपटॉप के साथ नो-कॉस्ट EMI और अन्य बैंक ऑफर भी दे रही है।
Asus ZenBook 14 (2026) के फीचर्स
आसुस का यह फ्लैगशिप लैपटॉप (UX3480AA) 14 इंच की बड़ी स्क्रीन के साथ आता है। इस लैपटॉप में कंपनी ने 3K यानी 2880 x 1800 पिक्सल रेजलूशन वाला OLED टचस्क्रीन डिस्प्ले यूज किया है। इस डिस्प्ले में 120Hz रिफ्रेश रेट और 1100 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट मिलता है। इसके AMD और Snapdragon वाले मॉडल में कंपनी ने OLED स्क्रीन दी है, जो HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करता है।
आसुस का यह नया लैपटॉप Intel Core 9 Ultra, AMD Ryzen AI 7 345 और Snapdragon X X1-26 चिपसेट के साथ आता है। इसमें 16GB LPDDR5X रैम और 512GB SSD चिपसेट का सपोर्ट दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 5.3, USB 3.2 Gen 1, Type C, Thuderbolt पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। साथ ही, इसमें 3.5mm ऑडियो जैक, HDMI 2.1 जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
Asus ZenBook 14 में कंपनी ने दमदार बैटरी दी है। Intel वाले मॉडल में 70Wh की बैटरी मिलेगी। वहीं, AMD वाले मॉडल में कंपनी ने 50Wh की बैटरी दी है। इसे चार्ज करने के लिए 68W का चार्जर दिया गया है। कंपनी का दावा है कि यह लैपटॉप सिंगल चार्ज में 33 घंटे तक का बैटरी बैकअप देगी।
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सुप्रीम कोर्ट बोला- जंतर-मंतर हिंसा मामले में कम शिकायतें मिलीं: प्रदर्शनकारियों और पुलिस पर हमले के पर्याप्त सबूत नहीं, जांच कमेटी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची
नई दिल्ली12 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हिंसा और पुलिस की ज्यादती की जांच कर रही कमेटी को अब तक बहुत कम शिकायतें मिली हैं। पर्याप्त सामग्री नहीं होने के कारण कमेटी फिलहाल किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
पूर्व जज जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली हाई पावर्ड इन्क्वायरी कमेटी (HPEC) ने कोर्ट को बताया कि शिकायतों के लिए पोर्टल और ईमेल की व्यवस्था करने के बावजूद लोगों ने बहुत कम शिकायतें दर्ज कराईं। 29 अक्टूबर को कमेटी की बैठक में सिर्फ एक शिकायतकर्ता हलफनामे के साथ पहुंचा था।
कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को पीड़ितों की ओर से दाखिल वीडियो, याचिकाएं और हलफनामे कमेटी को भेजने की अनुमति दी। साथ ही निर्देश दिया कि कमेटी संबंधित पक्षों से जवाब लेकर नियमित अंतराल पर अंतरिम रिपोर्ट पेश करे।

149 अखबारों में नोटिस, 21 अक्टूबर को दोबारा शिकायतें मांगीं
कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 13 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया था। इस पर शिकायतकर्ता को नाम, आधार नंबर या दूसरी पहचान संबंधी जानकारी देना जरूरी नहीं है। पोर्टल तक पहुंच सिर्फ कमेटी के चेयरमैन और संबंधित लोगों की है।
कमेटी ने देशभर के 149 अखबारों में सार्वजनिक नोटिस प्रकाशित कर शिकायतें आमंत्रित की थीं। ईमेल, डाक और कार्यालय में सीधे शिकायत देने की सुविधा भी रखी गई थी। 17 अक्टूबर को प्रेस रिलीज जारी की गई और 21 अक्टूबर को दोबारा शिकायतें मांगी गईं। इसके बावजूद पोर्टल पर बहुत कम शिकायतें आईं और ईमेल, डाक या सीधे कार्यालय में कोई शिकायत नहीं मिली।
याचिकाकर्ताओं ने कहा- पहले ही सौंप चुके हैं शिकायतें
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा कि उन्होंने पोर्टल शुरू होने से पहले ही कमेटी को शिकायत दी थी। पोर्टल शुरू होने के बाद तय प्रक्रिया के तहत एक और शिकायत जमा कराई गई थी।
सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में दाखिल वीडियो और दूसरी सामग्री कमेटी को भेजी जा सकती है, ताकि हर पीड़ित को अलग-अलग पेश न होना पड़े। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस पर आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि जनहित याचिका दायर करने वाले तीसरे पक्ष के लोग पीड़ितों की संख्या के बारे में दावा कर सकते हैं, जबकि वास्तविक संख्या अलग हो सकती है। उन्होंने उदाहरण दिया कि कोई 50 पीड़ितों का दावा करे, लेकिन वास्तव में सिर्फ 5 पीड़ित हों।
ग्रोवर ने कहा कि हिंसा के मामलों में एक भी FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने की अनुमति किसने दी थी। उनके मुताबिक, कमेटी की रिपोर्ट में केंद्र सरकार ने इस मामले में कोई जानकारी नहीं दी है।

राहुल गांधी ने 20 जुलाई को पैलेट गन हमले में घायल हुए छात्र साहिल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। पैलेट गन से छात्र के आंख की रोशनी जाने का आरोप है।
CJI बोले- उपलब्ध सामग्री के आधार पर रिपोर्ट दें
CJI सूर्यकांत ने याचिकाकर्ताओं से पीड़ितों को कमेटी के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं की ओर से जमा सामग्री और कमेटी तक पहुंची सामग्री के बीच अंतर है। पीड़ितों की ओर से शिकायतकर्ता को बुलाने के लिए कमेटी से अनुरोध किया जा सकता है।
जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पष्ट किया कि कमेटी का गठन पुलिस अधिकारियों या उनके वरिष्ठों को कार्रवाई करने से नहीं रोकता। अगर उन्हें लगता है कि मौके पर तैनात किसी पुलिसकर्मी ने गलत काम किया है, तो वे उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।
कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता अपने पास मौजूद सभी संबंधित सामग्री कमेटी को भेजें। इसमें सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं, हलफनामों और वीडियो क्लिप की प्रतियां शामिल होंगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों की ओर से भेजी गई सामग्री पर भी HPEC विचार करेगी।
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प
कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में छात्रों ने 20 जुलाई को छात्रों ने संसद की ओर मार्च किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई। संसद की ओर बढ़ रही भीड़ को हटाने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े थे।
छात्रों का यह आंदोलन कई शहरों तक फैल गया था। इसकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी। आंदोलन 20 जून को जंतर-मंतर से शुरू हुआ। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार की ओर से CJP की अन्य मांगें स्वीकार किए जाने के बाद खत्म हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती और पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपों से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 5 सदस्यीय कमेटी का गठन दिया था। इनमें मेघालय के रिटायर्ड DGP एल.आर. बिश्नोई ने इस्तीफा दे दिया। कोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान बिश्नोई का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि कोई भी संगठन प्रदर्शन के लिए किसी सार्वजनिक जगह पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं कर सकता। प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों पर भी एक तय समय-सीमा होनी चाहिए, ताकि दूसरे संगठनों को भी अपनी बात रखने का मौका मिल सके। पूरी खबर पढ़ें…
प्रतापगढ़ की स्कूल बस जौनपुर में डिवाइडर से टकराई: वाराणसी से लौटते समय हादसा, 36 बच्चे समेत कुल 40 घायल – Aspurdeosara(Pratapgarh) News
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा क्षेत्र के सैफाबाद स्थित कमला गोविंद प्रसाद एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से वाराणसी शैक्षणिक भ्रमण पर गए छात्र-छात्राओं की बस बुधवार की देर रात भीषण हादसे का शिकार हो गई।
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जौनपुर जिले के बक्सा थाना क्षेत्र स्थित अलीगंज बाजार के पास बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में 36 स्कूली बच्चों और 4 स्टाफ सदस्यों समेत कुल 40 लोग घायल हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया और वे देर रात ही जौनपुर के लिए रवाना हो गए।
तस्वीरें देखिए –

गोविंद प्रसाद इंस्टीट्यूट की बस शैक्षणिक भ्रमण पर निकली थी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8 बजे कमला गोविंद प्रसाद एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की बस बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण (एजुकेशनल टूर) के लिए लेकर वाराणसी गई थी। दिनभर काशी भ्रमण और अध्ययन के बाद रात में बस वापस प्रतापगढ़ लौट रही थी।
रात करीब 9 बजे जैसे ही बस जौनपुर के बक्सा थाना क्षेत्र अंतर्गत अलीगंज बाजार के पास पहुंची, अचानक अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई।

घायल बच्चों और स्टाफ सदस्यों का प्राथमिक उपचार जारी
स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस सेवा के ईएमई मनीष सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्किल की सभी एंबुलेंस टीमों को घटनास्थल पर रवाना किया।
बस में सवार थे 36 बच्चों और 4 स्टाफ
मौके पर पहुंचे ईएमटी जयप्रकाश ने घायल बच्चों और स्टाफ सदस्यों को एंबुलेंस में ही प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद चालक मोहम्मद शाहिद अपनी टीम के साथ घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गए। अस्पताल में सभी 36 बच्चों और 4 स्टाफ सदस्यों का प्राथमिक इलाज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है।
हादसे की खबर जैसे ही आसपुर देवसरा और सैफाबाद इलाके में पहुंची, बच्चों के घरों में कोहराम मच गया। घबराए परिजन देर रात ही घटनास्थल व जौनपुर अस्पताल पहुंचे। फिलहाल पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
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यूपी की बड़ी खबरें:पुलिसकर्मियों को आज से 13 दिन नहीं मिलेगी छुट्टी, DGP का आदेश

यूपी में पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। दिवाली और छठ पूजा को देखते हुए आज यानी 5 से 17 नवंबर तक पुलिसवालों को छुट्टी नहीं मिलेगी। डीजीपी राजीव कृष्णा ने कानून व्यवस्था को देखते हुए डीजी, एडीजी, आईजी और डीआईजी को आदेश जारी कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर…
ट्विशा डेथ केस में सास गिरिबाला की जमानत खारिज: घटना के बाद प्रभावशाली लोगों से संपर्क की जांच करेगी CBI; iPhone-DVR रिपोर्ट का इंतजार – Bhopal News
भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सास और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने जमानत आदेश में केस डायरी के हवाले से बताया कि घटना के बाद गिरिबाला ने ऊंचे पदों पर बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों से कथित तौर पर संपर्क किया था। अदालत ने इन संपर्कों के पीछे की परिस्थितियों की आगे जांच की जरूरत बताई है। इसके साथ ही ट्विशा के आईफोन और गिरिबाला के घर के CCTV DVR की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी लंबित है। आदेश में दर्ज है प्रभावशाली लोगों से संपर्क की बात जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने 26 अक्टूबर को आदेश पारित किया था, जिस पर 4 नवंबर को हस्ताक्षर हुए। आदेश के पैरा 23 में इस पहलू का जिक्र है। कोर्ट ने कहा कि केस डायरी में मौजूद सामग्री घटना के बाद आवेदक की ओर से उच्च पदों पर बैठे प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क किए जाने की ओर संकेत करती है। इन संपर्कों से जुड़ी परिस्थितियों की आगे जांच की जानी चाहिए। हालांकि, आदेश में किसी व्यक्ति का नाम, पद, बातचीत का समय या संपर्क के माध्यम का ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गिरिबाला ने किन लोगों से संपर्क किया था। आईफोन डेटा और DVR की फॉरेंसिक रिपोर्ट लंबित हाईकोर्ट ने जमानत पर विचार करते समय लंबित फॉरेंसिक और डिजिटल जांच को भी महत्वपूर्ण माना। ट्विशा के आईफोन से डेटा एक्सट्रैक्शन की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। कोर्ट के मुताबिक, इससे घटना से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं और संभावित गवाहों की पहचान में मदद मिल सकती है। वहीं, गिरिबाला के घर में लगे CCTV सिस्टम के DVR से निकाला गया डेटा केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), नई दिल्ली भेजा गया है। इसका उद्देश्य रिकॉर्डिंग की निरंतरता और प्रमाणिकता की जांच करना है। यदि रिकॉर्ड किए गए डेटा में किसी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ सामने आती है, तो उस पहलू की भी आगे जांच की जाएगी। फिलहाल फुटेज से छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है। 2 जून से जेल में बंद हैं पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरिबाला सिंह 2 जून 2026 से जेल में हैं। उन्होंने BNSS की धारा 483 के तहत नियमित जमानत मांगी थी। CBI ने ट्विशा की मौत के मामले में BNS की धाराओं 80(2), 85, 108 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत अपराध दर्ज किया है। हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ट्विशा के परिजनों से हुई बातचीत, CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना के बाद के कथित आचरण सहित केस डायरी में दर्ज सामग्री पर विचार किया। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और महत्वपूर्ण फॉरेंसिक व डिजिटल रिपोर्ट मिलना बाकी है। इसी आधार पर फिलहाल गिरिबाला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया गया।
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पैसों के विवाद में चाकू से हमला, युवक की मौत: जहानाबाद में 5 साथियों को बुलाकर आरोपी ने किया हमला, भाई घायल – Jehanabad News
जहानाबाद में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में चाकू से हमला किया गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई घायल हो गया। घटना गोपालापुर बाजार की है। मृतक की पहचान अशोक कुमार (21) के रूप में हुई है। वहीं कुंदन कुमार (25) घायल है। 5 साथियों के साथ मिलकर किया मारपीट अशोक कुमार और विपिन कुमार के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर पहले से विवाद था। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि विपिन कुमार अपने करीब पांच साथियों के साथ बाजार में अशोक और कुंदन को घेरकर मारपीट करने लगा। इसी दौरान दोनों पर चाकू से हमला किया गया। घायल का अस्पताल में इलाज जारी परिजन दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, जहानाबाद ले गए। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अशोक कुमार को मृत घोषित कर दिया। कुंदन कुमार का इलाज किया गया। घटना की सूचना मिलने पर शकूराबाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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