Thursday, October 15, 2026
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अंकिता भंडारी मर्डर केस-पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी हिरासत में: माता-पिता को भी ले गई दिल्ली पुलिस; दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का विरोध कर रहे थे


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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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दिल्ली में 2022 अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान की।

अंकिता के माता-पिता को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील कर रहा है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

अंकिता उत्तराखंड में एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी। वहां VIP को सर्विस देने से मना करने पर 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। VIP का नाम कभी सामने नहीं आया लेकिन परिवार दुष्यंत कुमार गौतम पर सवाल उठाता रहा है।

पिता बोले- दुष्यंत की नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो फिर धरना देंगे

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर अंकिता भंडारी के पिता ने कहा, “अगर मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिला, तो पूरे देश में प्रदर्शन होंगे। हमारी सबसे पहली मांग है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए। और अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो हमें एक बार फिर पूरे देश में सड़कों पर उतरना होगा, और मेरी बेटी को इंसाफ मिलना ही चाहिए।”



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अमेरिका के विस्कॉन्सिन में प्लेन क्रैश, 6 की मौत: पायलट का आखिरी मैसेज था- पंखों पर बर्फ जम रही, ऊंचाई घटाने की परमिशन दें




अमेरिका के विस्कॉन्सिन में मंगलवार रात विमान हादसे में एक बच्चे समेत छह लोगों की मौत हो गई। हादसे से पहले पायलट ने पंखों पर बर्फ जमने की सूचना दी थी। छह सीटों वाला सिंगल-इंजन विमान केनोशा से मेनोमोनी जा रहा था। यह विमान रात करीब 10 बजे डेलोना टाउन में मिरर लेक स्टेट पार्क के पास जंगल में गिरा। हादसे के समय इलाके में बारिश हो रही थी और गरज-चमक वाला तूफान गुजर रहा था। विंग्स पर बर्फ जमना एविएशन (हवाई यात्रा) के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि बर्फ की एक पतली परत भी प्लेन को हवा में बनाए रखने में मुश्किल पैदा कर सकती है। पायलट ने 24,000 फीट ऊंचाई पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के मुताबिक, पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को पंखों पर बर्फ जमने की जानकारी दी थी। उस समय पाइपर PA-46 विमान 24,000 फीट यानी 7,315 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। पायलट ने विमान को नीचे लाने की अनुमति मांगी थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को नीचे आने की अनुमति दी। इसके बाद विमान दाईं ओर नीचे उतरने वाले मोड़ में गया। NTSB ने बताया कि यह मोड़ लगातार तेज होता गया। इसके बाद विमान से संपर्क और उसके डेटा की ट्रैकिंग बंद हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में जमीन पर मौजूद कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। हादसे में कोई इमारत या अन्य ढांचा भी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। विस्कॉन्सिन डेल्स में बड़ी संख्या में पर्यटक आते है हादसा विस्कॉन्सिन डेल्स से लगभग 10 मील (16 किलोमीटर) पश्चिम में हुआ था। यह शहर बड़ी संख्या में वॉटरपार्क्स होने की वजह से ‘दुनिया की वॉटरपार्क राजधानी’ कहलाता है। राज्य के पर्यटन अधिकारियों के अनुसार, 2025 में इस इलाके में 50 लाख से ज़्यादा पर्यटक आए थे।



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पिता ने 2 साल के बेटे को पेट्रोल डालकर जलाया: हत्या के सबूत मिटाने शव दफनाया; अकेले परवरिश नहीं करना चाहता था


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वाव थराद2 घंटे पहले

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बच्चे की मौत से पहले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जला हुआ बच्चा पलंग पर बैठा दिखाई दिया।

गुजरात के वाव-थराद जिले में एक व्यक्ति ने अपने 2 साल के बेटे पर पेट्रोल डालकर उसे जिंदा जला दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चे को बोझ मानता था। घटना मंगलवार को जिले के सुईगाम तालुका में हुई। आरोपी अशोक रावल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि रावल ने बच्चे को आग लगाने के बाद अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

आरोपी अशोक रावल बेटे को आग लगाने के बाद हॉस्पिटल भी ले गया था।

आरोपी अशोक रावल बेटे को आग लगाने के बाद हॉस्पिटल भी ले गया था।

अशोक के चाचा ने दर्ज करवाई FIR

सुइगाम के रावलवास में रहने वाले बाबूभाई लखमनभाई रावल ने अपने भतीजे और हत्यारे अशोक जीताभाई रावल के खिलाफ सुइगाम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी अशोक रावल की पत्नी झगड़े के बाद पिछले 3 महीने से मायके में थी।

अशोक बेटे के साथ अकेला रह रहा था। पत्नी के न होने से अशोक को बच्चे की देखभाल करना मुश्किल लगने लगा था।

13 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे उसने बेटे नवघन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। फिर वह उसे अस्पताल ले गया, लेकिन बच्चे की मौत हो गई।

पुलिस ने श्मशान से अशोक के बेटे का शव खोदकर निकाला और जांच के लिए भेजा है।

पुलिस ने श्मशान से अशोक के बेटे का शव खोदकर निकाला और जांच के लिए भेजा है।

असलियत छुपाने शव दफनाया, पुलिस ने खोदकर निकाला

बच्चे की मौत की असलियत सामने न आ सके, इसके लिए अशोक ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर बच्चे के शव को सामुदायिक श्मशान घाट में दफनाया और अंतिम संस्कार किया। हालांकि, बाद में जब अशोक के चाचा बाबूभाई रावल को इस पूरी बात का पता चला, तो वे हैरान रह गए और तुरंत सुईगाम पुलिस स्टेशन जाकर अपने भतीजे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने श्मशान घाट से बच्चे का शव खोदकर निकाला और उसे अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ के दौरान अशोक ने अपने बेटे की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।

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किड्स जोन में खेल रहे बच्चे को बेरहमी से पीटा:बच्चे ने कान पकड़कर माफी मांगी; फिर भी नहीं माना, सूरत की घटना

गुजरात के सूरत की अलथाण सोसायटी में एक शख्स ने छोटी सी बात पर 9 साल के बच्चे को बेरहमी से पीट दिया। थप्पड़ों से बच्चा जमीन पर गिर गया। इसके बाद भी आरोपी ने उसे कई थप्पड़ जड़े, जिससे बच्चे के कान में गंभीर चोटें आ गईं। बच्चे की मां ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पढ़ें पूरी खबर…



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7 साल बाद भी नहीं बना SRN का चिल्ड्रन विंग: हाईकोर्ट नाराज, कोर्ट में हुआ तमाशा, एमडी- ठेकेदार के कोर्ट में आरोप – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल से संबद्ध मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के 200 बेड के चिल्ड्रन विंग का निर्माण 7 साल बाद भी पूरा न होने पर गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि शहर के बच्चों के इलाज के लिए बन रहा अस्पताल इतने साल बाद भी बन कर तैयार नहीं हो सका। डॉ. अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने की। याची की ओर से अधिवक्ता आरती अग्रवाल, राहुल अग्रवाल और प्रतिवादियों की ओर से अक्षय गुप्ता, विभु राय, विवेक प्रसाद माथुर उपस्थित रहे। मुख्य सचिव का हलफनामा मुख्य सचिव, यूपी सरकार का दूसरा हलफनामा और प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग का 16वां हलफनामा दाखिल किया गया। इसमें बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग को आवंटित जमीन पर खड़े 21 सरकारी बंगलों को ध्वस्त करने का प्रस्ताव 13.अक्टूबर .2026 को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है। पिछली तारीख के आदेश पर यूपी सिडको के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव सिंह कोर्ट में हाजिर हुए। उनके वकील विवेक प्रसाद माथुर ने उनकी पहचान की। मेसर्स आर सी बी इंफ्राकान्स प्रा लि की ओर से इंटरवेंशन एप्लीकेशन दाखिल की गई। कंपनी के डायरेक्टर रोहित अवस्थी भी कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट में कहा कि ठेकेदार डिफॉल्ट एम डी ने कोर्ट में कहा कि ठेकेदार ने डिफॉल्ट किया और उन्हें अंधेरे में रखा। पहले उन्होंने 30 सितंबर 2026 तक सभी 6 लिफ्ट लगाकर पूरा चिल्ड्रन विंग हैंडओवर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ, इसलिए उन्हें तलब करना पड़ा। ठेकेदार के वकील उदय चंदानी ने कहा कि सिविल वर्क पूरा हो चुका था, लेकिन अगस्त 2025 में विभाग ने अतिरिक्त काम लिफ्ट लगाने और अन्य इलेक्ट्रिकल वर्क करने को कहा। विभाग ने चिट्ठी दी, ठेकेदार ने स्वीकार कर लिया, लेकिन एल ओ आई जारी नहीं हुई और ठेकेदार काम करता रहा। विभाग ने पेमेंट नहीं किया ठेकेदार रोहित अवस्थी ने कहा कि विभाग ने कुछ पेमेंट नहीं किया और मौखिक रूप से काम करने को कहा गया। कोर्ट ने पूछा कि बिना एल ओ आई के क्यों स्वीकार किया, तो कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने बताया कि कंपनी को कल रात ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है, इसलिए काम नहीं हो पा रहा। रोहित अवस्थी ने कोर्ट में आश्वासन दिया कि यदि काम करने दिया जाए तो 29.अक्टूबर .2026 तक 2 और लिफ्ट लगा देंगे और बाकी 2 लिफ्ट अगले 15-20 दिन में लगा देंगे। साथ ही केबल बिछाने, फायर एक्सटिंग्विशर और खिड़की के शीशे का काम अगली तारीख तक पूरा कर देंगे। बाहरी दीवारें बारिश से गीली हैं, सूखने पर फाइनल कोट और पेंट कर देंगे। अवस्थी ने कहा कि यदि ब्लैकलिस्टिंग आदेश को स्थगित रखा जाए तो वह काम जारी रखेंगे और 15 दिन में पूरा करने की कोशिश करेंगे। पेमेंट का विवाद वह विभाग से अलग उठाएंगे लेकिन काम नहीं रोकेंगे। ठेकेदार ने जानबूझकर मामला लटकाया एम डी संजीव सिंह ने जवाब में कहा कि ठेकेदार ने जानबूझकर मामला लटकाया है। लगभग पूरा भुगतान हो चुका है, सिर्फ 50 लाख रुपये रिजर्व फंड में रोका गया है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 30 करोड़ है। विभाग ने ओ टी आई एस कंपनी से संपर्क किया, लेकिन वह भी लिफ्ट सप्लाई की टाइमलाइन नहीं दे पा रही। उन्हें भरोसा नहीं कि ठेकेदार 15 दिन में 2 लिफ्ट भी लगा पाएगा। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने कहा कि – “मैं यह देखकर हैरान हूं कि किस तरह एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उसका ठेकेदार खुले कोर्ट में एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। यह बिल्डिंग पिछले सात साल से बन रही है, जो प्रयागराज शहर के लोगों की चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने के लिए है।” कोर्ट ने कहा मानीटरिंग हो रही “मैं पिछले डेढ़ साल से इस केस की मॉनिटरिंग कर रहा हूं, लेकिन दोनों ने ही राज्य सरकार को इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में निराश किया है। यह सिर्फ 200 बेड की बिल्डिंग है जो शहर के बच्चों के इलाज के लिए बननी थी। कोर्ट ने ठेकेदार को एक मौका देते हुए 15 दिन का समय दिया है दो और लिफ्ट लगाने, केबल बिछाने, फायर एक्सटिंग्विशर और खिड़की-शीशे लगाने का काम पूरा करने के लिए। कोर्ट ने 15 दिन के लिए कंपनी का ब्लैक लिस्टिंग आदेश स्थगित कर दिया है। याचिका की सुनवाई 29.अक्टूबर .2026 को दोपहर 2:00 बजे होगी। उस दिन एम डी और ठेकेदार रोहित अवस्थी दोनों कोर्ट में हाजिर रहेंगे और किए गए प्रयासों का हलफनामा दाखिल करेंगे।



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जमीन गिरवी रख 2 करोड़ का लोन लेने का मामला: बेटियों को दान की जमीन पर बिल्डर ने लिया लोन, उन्हीं से बैंक पर केस कराया – Bhopal News




बेटियों के नाम दान की जा चुकी जमीन को अपनी संपत्ति बताकर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से 2 करोड़ रुपए का लोन लेने के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बिल्डर जीशान अली और उनकी पत्नी नाजनीन अली के खिलाफ केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया कि रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स कॉलोनाइजर्स के एमडी जीशान अली ने बावड़ियाकलां स्थित व्यावसायिक जमीन 2013 में अपनी तीन बेटियों के नाम हिबानामा कर दी थी। इसके करीब दो साल बाद इसी जमीन को गिरवी रखकर कंपनी के लिए ओवरड्राफ्ट लिमिट मंजूर कराई गई। आरोप है कि बैंक को जमीन के पहले ही बेटियों के नाम हस्तांतरित होने की जानकारी नहीं दी गई। कर्ज की अदायगी नहीं होने पर बैंक ने वसूली की प्रक्रिया शुरू की तो अक्टूबर 2017 में बेटियों के जरिए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कराया गया। इसमें जमीन पर उनका मालिकाना हक बताते हुए बैंक की ओर से उसे जब्त किए जाने का विरोध किया गया। ईओडब्ल्यू की जांच में इन घटनाक्रमों के आधार पर पति-पत्नी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। 2008 में खरीदी जमीन, 2013 में बेटियों के नाम की मामले की शुरुआत शादाब गृह निर्माण सहकारी समिति की जमीन से हुई। वर्ष 2007 में समिति की ओर से जारी टेंडर में जीशान अली अकेले बोलीदाता थे। इसके बाद 5 फरवरी 2008 को बावड़ियाकलां की 526.83 वर्गमीटर व्यावसायिक जमीन उनके नाम रजिस्टर्ड हुई। जीशान ने 10 जुलाई 2013 को हिबानामा तैयार कर यह जमीन अपनी तीन बेटियों के नाम कर दी। इनमें से दो उस समय नाबालिग थीं। जांच के मुताबिक, जीशान ने 2018 में बैंक को लिखे पत्र में भी जमीन बेटियों के नाम करने की बात स्वीकार की थी। दान की जमीन पर कंपनी के लिए मंजूर कराई ओवरड्राफ्ट लिमिट हिबानामा होने के बावजूद 24 सितंबर 2015 को रॉयल हेरिटेज बिल्डर्स के नाम 2 करोड़ रुपए की ओवरड्राफ्ट लिमिट मंजूर कराई गई। आरोप है कि बैंक को जमीन के हस्तांतरण की जानकारी नहीं दी गई। लीगल सर्च रिपोर्ट में भी नाबालिग के हित से जुड़े कॉलम में ‘नन’ दर्ज था। इस तरह बैंक के सामने जमीन की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई और उसे ऋण के लिए गिरवी रखा गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि फरवरी 2015 में जीशान और नाजनीन ने अपनी नाबालिग बेटी के नाम के एक दूसरे प्लॉट को बेचने के लिए जिला अदालत से अनुमति ली थी। ईओडब्ल्यू ने इसे इस बात के संदर्भ में देखा कि दंपती को नाबालिग की संपत्ति से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी थी। लोन एनपीए हुआ तो बैंक की कार्रवाई से पहले दायर किया मुकदमा वर्ष 2017 में कर्ज खाता एनपीए हो गया। बैंक की ओर से 3 जनवरी 2018 को सरफेसी नोटिस जारी किए जाने से पहले ही 4 अक्टूबर 2017 को बेटियों के जरिए सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया गया था। इसमें दावा किया गया कि जमीन उनकी है और बैंक उसे जब्त नहीं कर सकता। सिविल कोर्ट से दावा खारिज होने के बाद मामला डीआरएटी, इलाहाबाद पहुंचा। बैंक ने वहां दलील दी कि वसूली की कार्रवाई रोकने के लिए मिलीभगत से मुकदमा दायर कराया गया था। डीआरटी ने 8 मार्च 2019 को बैंक के पक्ष में फैसला देते हुए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया। इसके बावजूद बैंक का 2,07,86,807.48 रुपए बकाया बताया गया है। जीशान की मां का निधन, उन पर कार्रवाई नहीं ईओडब्ल्यू के मुताबिक, कंपनी की डायरेक्टर और गारंटर रहीं जीशान अली की मां का निधन हो चुका है। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। जीशान के खिलाफ पिछले साल दिसंबर में भी धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी।



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तीन दिवसीय डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा का समापन: अंग्रेजी में 90.48% और हिंदी में 82.94% उपस्थिति – Prayagraj (Allahabad) News




डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा बुधवार को प्रदेश के 213 केंद्रों पर हुई। परीक्षा में हिंदी की तुलना में अंग्रेजी विषय में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 7.54 प्रतिशत अंक अधिक रही। पहली पाली में हिंदी की परीक्षा में 82.94 प्रतिशत, जबकि दूसरी पाली में अंग्रेजी की परीक्षा में 90.48 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) प्रयागराज की ओर से जारी सूचना के अनुसार, परीक्षा के लिए कुल 74,500 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पीएनपी के सचिव राजेंद्र प्रताप ने बताया कि पहली पाली में सुबह 10 से 11 बजे तक हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। इसमें करीब 61,790 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि लगभग 12,710 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, दूसरी पाली में सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक अंग्रेजी विषय की परीक्षा हुई। इसमें करीब 67,408 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और लगभग 7,092 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दोनों विषयों की परीक्षा में उपस्थिति के आंकड़ों में अंतर रहा। अंग्रेजी की परीक्षा में हिंदी के मुकाबले करीब 5,618 अभ्यर्थी अधिक उपस्थित रहे। प्रतिशत के लिहाज से भी अंग्रेजी में उपस्थिति अधिक दर्ज की गई। हिंदी की परीक्षा में लगभग 17.06 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, जबकि अंग्रेजी में अनुपस्थिति का प्रतिशत करीब 9.52 रहा। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के अनुसार, प्रदेश के सभी निर्धारित 213 परीक्षा केंद्रों से प्राप्त सूचना के आधार पर डीएलएड द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा सकुशल संपन्न हुई।



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भाजपा छोड़ कांग्रेस में आए पूर्व सरपंच का नामांकन खारिज: 3 पर्चे रद्द हुए; जिला परिषद की 37 सीटों पर 146 प्रत्याशी मैदान में – Barmer News




बाड़मेर जिले की 37 पंचायत समिति सदस्यों की ओर से भरे गए नामांकन पत्रों की बुधवार को जांच की गई। इसमें एक बीजेपी और दो कांग्रेस प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खारिज हुए। अब 146 प्रत्याशी के नामांकन सही पाए गए। 55 नामांकन पत्र खारिज हुए। इसमें बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सरपंच हेमाराम चौधरी का भी नामांकन खारिज हो गया। चौधरी ने जिला परिषद की 6 नंबर सीट से पर्चा भरा था। दरअसल, बाड़मेर जिला परिषद की 37 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कुल 191 उम्मीदवारों ने 212 नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। नामांकन के आखिरी दिन जबरदस्त गहमागहमी रही, जिसमें 140 प्रत्याशियों ने 155 पर्चे भरे। वार्ड संख्या 4 में बीजेपी प्रत्याशी का नाम खारिज हुआ। वहीं कांग्रेस के वार्ड संख्या 6 से हेमाराम चौधरी और वार्ड संख्या 35 से आवड़दान का पर्चा खारिज हुआ है। अब इन तीनों सीटों पर आरएलपी से मुकाबला होगा। एडीएम रविंद्र कुमार ने बताया- जिला परिषद सदस्य के लि हमारे पास 212 नोमिनेशन आए थे। इन नामांकन पत्रों की जांच की गई तो 55 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज हुए है। इसमें कुछ प्रत्याशियों के प्रस्तावक सही नहीं थे। कुछ लोागें के फॉर्म डबल थे। इस वजह से कुछ नॉमिनेशन क्लब भी हुए है। समीक्षा के बाद प्रत्याशी बचते है। अब 146 प्रत्याशी है। तीन नामांकन पत्र हुए खारिज उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा- राष्ट्रीय पार्टियों के नामिनेशन खूब थे। लेकिन मान्यता प्राप्त पार्टियों से सिंबल मिले है। उनमें से तीन नामांकन खारिज हुए है। इसमें एक वार्ड संख्या 4 बीजेपी का नॉमिनेशन, वार्ड संख्या 6 और 35 से कांग्रेस का नामांकन खारिज हुआ है। अलग-अलग कमियां थी। वार्ड संख्या 4 में आरक्षित वार्ड है उसमें ओबीसी सर्टिफिकेट नहीं था। बकाया हमने नोटिस भी दिया था लेकिन आज जमा नहीं हुआ। वार्ड संख्या 6 के प्रत्याशी हेमाराम का सरपंच प्रशासक पद से इस्तीफा नहीं था। सामने प्रत्याशी ने ऑब्जेक्शन दिया था। वार्ड 35 में पार्टी का नाम सहीं नहीं लिखा था। इस वजह से खारिज हुए है।



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नवादा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक: स्नातक-शिक्षक उम्मीदवारों की जीत का लिया संकल्प, घर-घर संपर्क अभियान पर जोर – Nawada News




नवादा में कांग्रेस अध्यक्ष प्रभाकर झा की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई। इसमें पटना स्नातक उम्मीदवार डॉ. असद उल्लाह खान और शिक्षक उम्मीदवार डॉ. संजय कुमार यादव की जीत का संकल्प लिया गया। कार्यकर्ताओं से घर-घर संपर्क की अपील की गई। पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार ने कहा कि कांग्रेस शिक्षकों और शिक्षित वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष करती है। पूर्व विधायक नीतू देवी ने नवादा के कार्यकर्ताओं के उत्साह से पार्टी की जीत का भरोसा जताया। प्रदेश प्रभारी शशि कुमार ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने पर जोर दिया। स्नातक उम्मीदवार डॉ. असद उल्लाह खान ने विधान परिषद में जनहित के मुद्दे उठाने का वादा किया। शिक्षक उम्मीदवार डॉ. संजय कुमार यादव ने वित्त रहित शिक्षकों को वेतनमान, बकाया भुगतान और पुरानी पेंशन जैसी मांगों के लिए संघर्ष का भरोसा दिया। अध्यक्ष प्रभाकर झा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता दोनों उम्मीदवारों को नवादा से अधिकतम वोट दिलाने के लिए काम करेंगे। बैठक के बाद उम्मीदवारों ने शहीद भगत सिंह और डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया।



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सांची में 3 करोड़ के विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण: विधायक ने किया उद्घाटन; हिनोतिया महलपुर सहित 15 गांवों को मिलेगी लो-वोल्टेज से मुक्ति – Raisen News




रायसेन जिले के सांची विधानसभा क्षेत्र के गैरतगंज तहसील अंतर्गत ग्राम हिनोतिया महलपुर में करीब 3 करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का बुधवार को विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने लोकार्पण किया। उपकेंद्र शुरू होने से क्षेत्र के 15 गांवों के ग्रामीणों और किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इससे लंबे समय से चली आ रही लो-वोल्टेज और ओवरलोडिंग की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की एसएसटीडी योजना के तहत निर्मित इस उपकेंद्र में 5 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। यहां से 11 केवी के तीन फीडरों के माध्यम से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति की जाएगी। नए उपकेंद्र से विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और घरेलू उपभोक्ताओं के साथ किसानों को भी गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। खासकर कृषि कार्यों और सिंचाई के लिए बिजली की गुणवत्ता में सुधार होने से किसानों को फायदा होगा। इन गांवों को मिलेगा लाभ हिनोतिया महलपुर विद्युत उपकेंद्र से पठारी, हिनोतिया, माहेश्वरी, अमखेड़ा, बाबई, महलपुर पाथा, भूलन, जलालपुर, इमलिया, बाबलिया, छोटा सिलारी, बैरखेड़ी और सिरसौदा सहित आसपास के गांवों को बेहतर बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा। नए उपकेंद्र से क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था मजबूत होगी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में बेहतर वोल्टेज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। अधिकारियों की रही मौजूदगी लोकार्पण कार्यक्रम में विद्युत विभाग के रायसेन वृत्त के महाप्रबंधक संजीव सिंह, उपमहाप्रबंधक नीरज चौरसिया एवं वैभव त्रिपाठी तथा प्रबंधक गौरव अटूट, संजय पटेल और सर्वेंद्र चौधरी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन मौजूद रहे।



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दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने रावण को राम कहा: रामलीला में बोलीं- हर राम को मारना होगा; AAP ने कहा- यह भगवान का अपमान


6 मिनट पहले

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दिल्ली की आजादपुर रामलीला में स्पीच देती दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, आजादपुर में रामलीला में बुधवार शाम उन्होंने कहा- हर एक राम को मारना होगा।

AAP नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उनके भाषण के वीडियो का एक हिस्सा शेयर किया है। CM रेखा कहती हैं- जब तक हर एक राम मारा न जाए, समाज साफ-सुथरा न हो जाए।

AAP ने कहा- आज हर सनातनी और राम भक्त मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से शर्मिंदा है। यह बेशर्मी की हद है और भाजपा की राम-विरोधी मानसिकता को दिखाता है।

कांग्रेस बोली- पीएम ने रामराज्य को मारा, रेखा गुप्ता राम को मार रहीं

कांग्रेस नेता प्रियंका कक्कड़ ने CM रेखा गुप्ता और पीएम मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- रेखा गुप्ता राम को मार रही हैं, मोदी जी ने पहले ही रामराज्य को मार दिया है। पूरे विवाद पर भाजपा की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

13 अक्टूबर को रामलीला में शामिल हुई थीं रेखा गुप्ता

रेखा गुप्ता ने 13 अक्टूबर को आजादपुर के केवल पार्क में आयोजित रामलीला में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने यह बयान दिया। इस दौरान भाजपा विधायक राजकुमार भाटिया भी वहां मौजूद थे।

दिल्ली CM की पहले भी फिसली जुबान, AQI को AIQ कहा था

1. ब्रिटिश सरकार की जगह कांग्रेस सरकार कहा

दिसंबर 2025: दिल्ली विधानसभा में भगत सिंह और उनके साथियों का जिक्र करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा था- भगत सिंह ने बहरी कांग्रेस सरकार के खिलाफ बम फेंका था। बाद में रेखा गुप्ता ने विधानसभा में कहा कि उनसे ‘ब्रिटिश’ की जगह गलती से ‘कांग्रेस’ निकल गया।

2. AQI की जगह ‘AIQ’ बोला

दिसंबर 2025: एक सार्वजनिक कार्यक्रम में AQI का उच्चारण ‘AIQ’ करने को लेकर उनका वीडियो वायरल हुआ। उपलब्ध रिपोर्टों से इसकी सटीक तारीख स्वतंत्र रूप से तय नहीं हो सकी। विधानसभा में मुख्यमंत्री रेखा भावुक हो गईं और उन्होंने कहा कि बोलते समय उनसे गलती से यह शब्द निकल गया था।

3. सुभाष चंद्र बोस के नाम को लेकर गलती

दिसंबर 2025: दिल्ली में नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) में आयोजित कार्यक्रम में CM रेखा गुप्ता ने स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम लेते हुए गलती से ‘नेताजी सुभाष पैलेस’ कह दिया।

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