Monday, June 8, 2026
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नागौर मंडी में आज के भाव: सरसों और चने में लौटी तेजी, सौंफ 500 और जीरा 400 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़का – Nagaur News




नागौर कृषि उपज मंडी में सोमवार को विभिन्न फसलों के भावों में मिला-जुला उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंडी में जहां मूंग, ज्वार, चना और सरसों के अधिकतम भावों में तेजी दर्ज की गई, वहीं जीरा, सौंफ, ग्वार और दाना मैथी के भावों में मंदी का रुख रहा। ईसबगोल, असालिया और तिल के भाव स्थिर बने रहे। मंडी में मूंग के अधिकतम भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई, जिससे शनिवार को 7900 रुपये पर बिकने वाला मूंग सोमवार को 8000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, हालांकि इसका न्यूनतम भाव 5000 रुपये पर ही टिका रहा। ज्वार के अधिकतम भाव में भी 200 रुपये का उछाल आया और यह 5800 रुपये से बढ़कर 6000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। चना का अधिकतम भाव 5300 रुपये से बढ़कर 5350 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। तेल मिलों की मांग निकलने से सरसों (40 प्रतिशत फैट) के भाव में 100 रुपये की तेजी दर्ज की गई, जिससे सरसों के भाव 7200 रुपये से बढ़कर 7300 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। तारामीरा का अधिकतम भाव भी 50 रुपये सुधरकर 5900 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
दूसरी ओर, मसाला फसलों के बाजार में नरमी का माहौल रहा। जीरा के अधिकतम भाव में 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसके भाव 20900 रुपये से घटकर 20500 रुपये रह गए। सौंफ के अधिकतम भाव में 500 रुपये की बड़ी मंदी आई और यह 11500 रुपये से नीचे उतरकर 11000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई। दाना मैथी का अधिकतम भाव भी 150 रुपये टूटकर 6150 रुपये से 6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। सिन्धी सुवा के अधिकतम भाव में 100 रुपये की कमी आई और यह 7000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। ग्वार के अधिकतम भाव में 25 रुपये की मामूली गिरावट रही और यह 5625 रुपये से घटकर 5600 रुपये प्रति क्विंटल बिका। इन सभी फसलों के न्यूनतम भाव शनिवार के स्तर पर ही स्थिर रहे। मंडी में ईसबगोल, असालिया, काला तिल और सफेद तिल के भावों में सोमवार को कोई बदलाव नहीं देखा गया। ईसबगोल के भाव 9000 से 13000 रुपये, असालिया के भाव 5000 से 6100 रुपये, काला तिल के भाव 8000 से 9500 रुपये और सफेद तिल के भाव 9000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल पर पूरी तरह से स्थिर बने रहे।



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विशाखापत्तनम: वाइजैग स्टील प्लांट हादसे में 8 लोगों की गई जान


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हैदराबाद. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित वाइजैग स्टील प्लांट में मंगलवार को हुए एक भीषण औद्योगिक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के एक उत्पादन इकाई में अचानक तकनीकी खराबी या विस्फोट जैसी घटना हुई, जिसके कारण वहां काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए. हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.

यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर…



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‘मैं बर्बाद हो जाऊंगा’, विनोद खन्ना के सामने गिड़गिड़ाया डायरेक्टर, अमिताभ को दे दिया रोल


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विनोद खन्ना ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए हैं. करियर की शुरुआत से ही वह इंडस्ट्री में अपने टैलेंट से तहलका मचाए हुए थे. लेकिन साल 1977 में उन्होंने अपनी दरियादिली का ऐसा सबूत दिया कि कोई यकीन ही नहीं कर पाया. उन्होंने दोस्ती की ऐसी मिसाल कायम की जो लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं.

नई दिल्ली. विनोद खन्ना जब इंडस्ट्री में छाए हुए थे, उस वक्त कोई नहीं था, जो उन्हें टक्कर दे पाता. मेकर्स उन्हें फिल्मों में कास्ट करने के लिए तरसा करते थे. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब दोस्ती की खातिर वह साइड एक्टर बन गए थे.

विनोद खन्ना ने जब इंडस्ट्री में धाक जमा रखी थी, उस वक्त कोई नहीं था, जो उन्हें टक्कर दे पाता. लेकिन अमिताभ बच्चन और उनकी लोग खूब तुलना करते थे. दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम भी किया है. लेकिन एक फिल्म में उन्हें लीड रोल अमिताभ को देकर साइड रोल निभाना पड़ा था.

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बात है साल 1977 में आई सुपरहिट फिल्म ‘खून पसीना’ की. फिल्म के लिए विनोद खन्ना को बतौर लीड हीरो कास्ट कास्ट किया गया था. फिल्म को डायरेक्टर राकेश कुमार लेकर आ रहे थे. दोनों की बहुत पक्की दोस्ती थी. विनोद खन्ना जब भी किसी प्रोड्यूसर से मिलते, तो राकेश को काम देने के बात करते थे.

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ये वो वक्त था, जब राकेश कुमार प्रकाश मेहरा के असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे. इसी बीच एक्टर ओम प्रकाश के साले एक फिल्म प्रोड्यूस करना चाहते थे और उन्होंने राकेश को बतौर डायरेक्टर फाइनल कर लिया.लेकिन जैसे ही प्रकाश मेहरा को पता चला कि उनके असिस्टेंट एक बेहतरीन फिल्म बनाने जा रहा है, तो उन्होंने तुरन्त उन्हें कॉल किया.

उन्होंने राकेश को बुलाकर कहा कि मैं इस फिल्म को प्रोड्यूस करूंगा और फिल्म में हीरो अमिताभ बच्चन को कास्ट करेंगे. विनोद खन्ना को तुम सपोर्टिंग रोल में कास्ट कर लेना. ये सुनते ही राकेश के पैरों तले जमीन खिसक गईं कि मैं विनोद खन्ना से कैसे कहूंगा ये बात.

राकेश ने जब ये बात विनोद खन्ना को बताई तो पहले वह थोड़ा सोच में पड़ गए. लेकिन बाद में अपने दोस्त के लिए साइड रोल निभाने को भी तैयार हो गए. लेकिन प्रकाश मेहार ने स्क्रिप्ट में बदलाव किया और विनोद खन्ना का ये रोल ग्रे बाल यानी थोड़ी बड़ी उम्र का कर दिया.

ये सुनते ही विनोद खन्ना ने काम करने से मना कर दिया. लेकिन राकेश कुमार गिड़गिड़ाने लगे कि मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा. विनोद खन्ना उस दौर में सुपरस्टार थे, वह अमिताभ बच्चन के अपोजिट साइड रोल नहीं निभा सकते थे.

लेकिन प्रकाश मेहरा ने भी विनोद खन्ना के स्टारडम की कद्र करते हुए उन्हें कहा कि उन्हें अमिताभ बच्चन के बराबर ही फीस मिलेगी. आपको रोल भी दमदार होगा, ये सुनकर विनोद खन्ना मान गए और फिल्म बनी और सुपरहिट साबित हुई. फिल्म की कहानी लोगों ने काफी पसंद की थी. लोगों ने फिल्म में विनोद खन्ना का रोल भी काफी पसंद किया था.

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₹14 लाख तक एरियर? 8वें वेतन आयोग में देरी बनी कर्मचारियों के लिए जैकपॉट!


नई दिल्ली. 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है. आयोग की सिफारिशें कब आएंगी, नया फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी, ये सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में हैं. इसी बीच एरियर को लेकर भी बड़े दावे सामने आ रहे हैं. कुछ अनुमानों में कहा जा रहा है कि आयोग के लागू होने में देरी होने पर कर्मचारियों को लाखों रुपये का एकमुश्त एरियर मिल सकता है.

हालांकि, इन दावों के पीछे कई महत्वपूर्ण शर्तें जुड़ी हुई हैं. एरियर की संभावित रकम पूरी तरह फिटमेंट फैक्टर, लागू होने की तारीख और सरकार के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगी. यही वजह है कि अभी दिखाई जा रही बड़ी रकम को अंतिम सच मानना जल्दबाजी होगी. फिर भी, वेतन आयोग में देरी का समीकरण कर्मचारियों के लिए एक बड़े वित्तीय लाभ की संभावना जरूर पैदा कर रहा है.

8वें वेतन आयोग में आखिर देरी क्यों चर्चा में है

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है. आयोग ने सुझाव और ज्ञापन जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून 2026 तय की है. इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देगा. सामान्य तौर पर माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 हो सकती है. लेकिन अगर सिफारिशों को लागू करने में कई महीने लग जाते हैं, तो कर्मचारियों को प्रभावी तारीख और वास्तविक लागू होने की तारीख के बीच का पूरा अंतर एरियर के रूप में मिल सकता है.

5 लाख रुपये के एरियर का गणित क्या है

कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 3.68 रखा जाए. इसी आधार पर कई गणनाएं सामने आई हैं. अगर किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन 18,000 रुपये है और 3.68 फिटमेंट फैक्टर लागू हो जाता है, तो उसका नया मूल वेतन 66,240 रुपये तक पहुंच सकता है. यानी हर महीने करीब 48,240 रुपये का अंतर बन सकता है. अगर आयोग की सिफारिशें लागू होने में 10 महीने की देरी होती है, तो कुल एरियर करीब 4.82 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इसी वजह से 5 लाख रुपये के एरियर की चर्चा हो रही है.

14 लाख रुपये का एरियर कैसे संभव

उच्च वेतन स्तर के अधिकारियों के मामले में अंतर और बड़ा हो जाता है. उदाहरण के तौर पर, यदि किसी अधिकारी का वर्तमान मूल वेतन 2.50 लाख रुपये है और 3.68 फिटमेंट फैक्टर लागू हो जाता है, तो नया मूल वेतन 9.20 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. ऐसे में हर महीने का अंतर करीब 6.70 लाख रुपये बैठता है. सिर्फ दो महीने की देरी भी ऐसे अधिकारियों के लिए 13 लाख रुपये से ज्यादा का एरियर बना सकती है. इसी आधार पर 14 लाख रुपये तक के एरियर के अनुमान सामने आ रहे हैं.

सबसे बड़ा पेच यहीं छिपा है

एरियर की इन बड़ी रकमों के पीछे सबसे महत्वपूर्ण शर्त फिटमेंट फैक्टर है. फिलहाल 3.68 केवल कर्मचारी संगठनों की मांग है. सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है. कई वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच रह सकता है. अगर ऐसा होता है तो वेतन बढ़ोतरी और एरियर दोनों का आकार काफी छोटा हो जाएगा.

कर्मचारियों को असल में कितना मिलेगा

यह सवाल अभी पूरी तरह खुला हुआ है. कर्मचारियों को मिलने वाले वास्तविक लाभ का फैसला चार प्रमुख बातों पर निर्भर करेगा. पहला, सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है. दूसरा, आयोग की प्रभावी तारीख क्या तय होती है. तीसरा, नया वेतन मैट्रिक्स किस तरह तैयार किया जाता है. और चौथा, अंतिम अधिसूचना कब जारी होती है. जब तक इन चारों सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक 5 लाख और 14 लाख रुपये जैसे आंकड़े केवल संभावित अनुमान ही माने जाएंगे.

कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे एरियर की बड़ी रकमों के बजाय सरकार के आधिकारिक फैसलों पर नजर रखें. वेतन आयोग में देरी होने पर एरियर मिलने की संभावना जरूर बनती है, लेकिन उसकी वास्तविक रकम का निर्धारण केवल अंतिम फिटमेंट फैक्टर और सरकारी अधिसूचना से ही होगा. अभी जो चर्चाएं चल रही हैं, वे संभावित गणनाओं पर आधारित हैं, न कि किसी आधिकारिक घोषणा पर.



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MBBS और BSc नर्सिंग में क्या अंतर है? नीट के बिना भी चमकेगा करियर, जानिए कैसे


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MBBS vs BSc Nursing Difference: मेडिकल फील्ड में करियर बनाना है लेकिन कन्फ्यूज हैं कि एमबीबीएस करें या बीएससी नर्सिंग? जानिए दोनों मेडिकल कोर्सेस की अवधि, एडमिशन के लिए होने वाली परीक्षाएं, फीस का ढांचा, करियर स्कोप और सैलरी का पूरा लेखा-जोखा.

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MBBS vs BSc Nursing: एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग कोर्स में कई बेसिक अंतर हैं

नई दिल्ली (MBBS vs BSc Nursing Difference). 12वीं में बायोलॉजी (PCB) विषय लेने वाले हर स्टूडेंट का सबसे बड़ा सपना होता है मेडिकल फील्ड में करियर बनाना. जब भी इस सेक्टर की बात आती है तो दिमाग में दो ही सबसे बड़े नाम घूमते हैं- एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग. हालांकि, इन दोनों ही मेडिकल कोर्सेस का समाज में अपना अलग रुतबा और महत्व है, लेकिन अक्सर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स इनके बीच के बुनियादी अंतर को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं.

कई बार नीट यूजी परीक्षा का कटऑफ बहुत हाई जाने की वजह से स्टूडेंट्स निराश हो जाते हैं, जबकि उनके सामने बीएससी नर्सिंग के रूप में बेहतरीन और सिक्योर करियर ऑप्शन मौजूद होता है. इन दोनों ही मेडिकल कोर्सेस की पढ़ाई का तरीका, जिम्मेदारी, फीस और सैलरी का ढांचा एक-दूसरे से बिल्कुल जुदा है. जानिए 12वीं के बाद एमबीबीएस करें या बीएससी नर्सिंग, किसका करियर स्कोप ज्यादा बेहतर है और किसमें ज्यादा सैलरी मिलेगी.

एमबीबीएस और बीएससी नर्सिंग में क्या अंतर है?

  • MBBS (Bachelor of Medicine and Bachelor of Surgery): यह कोर मेडिकल डिग्री है. इसके तहत छात्र बीमारियों की पहचान (Diagnosis), उनका इलाज, सर्जरी और दवाइयां प्रिस्क्राइब करना सीखते हैं. एमबीबीएस डॉक्टर हॉस्पिटल का मुख्य मेडिकल डिसीजन मेकर होता है.
  • BSc Nursing (Bachelor of Science in Nursing): यह 4 साल का प्रोफेशनल कोर्स है जो पूरी तरह से ‘पेशेंट केयर’ (मरीजों की देखभाल) पर केंद्रित है. नर्सिंग ऑफिसर डॉक्टर की मदद करते हैं, मरीजों को क्रिटिकल केयर देते हैं, दवाइयों का चार्ट संभालते हैं और मेडिकल टेक्नोलॉजी ऑपरेट करते हैं.

MBBS vs BSc Nursing: दोनों कोर्स की ड्यूरेशन क्या है?

  • एमबीबीएस: यह कोर्स कुल 5.5 साल का होता है. इसमें 4.5 साल की थियरी और प्रैक्टिकल पढ़ाई होती है और इसके बाद 1 साल की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप करनी होती है.
  • बीएससी नर्सिंग: यह कोर्स कुल 4 साल का होता है. इसमें 3.5 साल की क्लासरूम और क्लीनिकल ट्रेनिंग होती है और आखिरी के 6 महीने में अनिवार्य रूप से इंटर्नशिप करनी पड़ती है.

MBBS vs BSc Nursing: एडमिशन कैसे मिलता है?

  • एमबीबीएस के लिए: पूरे देश में सिर्फ और सिर्फ एक ही परीक्षा है- NEET-UG (National Eligibility cum Entrance Test). इसमें बहुत ही हाई रैंक और स्कोर लाने वाले स्टूडेंट्स को ही सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट मिलती है.
  • बीएससी नर्सिंग के लिए: इसके लिए कई रास्ते हैं. AIIMS, PGIMER या JIPMER जैसे देश के टॉप संस्थानों में एडमिशन के लिए उनके खुद के नेशनल एंट्रेंस टेस्ट होते हैं. कई राज्यों में अब नीट के स्कोर के आधार पर भी बीएससी नर्सिंग में दाखिला मिलने लगा है, जबकि कुछ राज्य अलग प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करते हैं.

MBBS vs BSc Nursing: फीस का गणित

कोर्स सरकारी कॉलेज की फीस प्राइवेट कॉलेज की फीस
एमबीबीएस 50 हजार से 2 लाख रुपये (सालाना) 10 लाख से 25 लाख रुपये (सालाना)
बीएससी नर्सिंग 5 हजार से 30 हजार रुपये (सालाना) 50 हजार से 1.5 लाख रुपये (सालाना)

नोट: प्राइवेट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने का कुल खर्च 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक जा सकता है, जबकि नर्सिंग बेहद कम बजट में पूरी हो जाती है.

MBBS vs BSc Nursing: किसमें कितनी सैलरी मिलेगी?

  • एमबीबीएस में स्कोप और सैलरी: एमबीबीएस करने के बाद सीधे सरकारी या प्राइवेट हॉस्पिटल में ‘जूनियर रेजिडेंट’ या मेडिकल ऑफिसर बन सकते हैं. शुरुआत में ही यहां 60,000 से 1,00,000 रुपये प्रति माह की सैलरी आसानी से मिल जाती है. हालांकि, करियर में बड़ी छलांग के लिए MD या MS (पोस्ट ग्रेजुएशन) करना जरूरी माना जाता है.
  • बीएससी नर्सिंग में स्कोप और सैलरी: नर्सिंग करने के बाद स्टूडेंट्स को AIIMS जैसे सरकारी हॉस्पिटल में ‘नर्सिंग ऑफिसर’ बनने का मौका मिलता है, जहां शुरुआती सैलरी ही 70,000 से 80,000 रुपये प्रति माह (7th Pay Commission के तहत) होती है. प्राइवेट सेक्टर में शुरुआत 20,000 से 35,000 रुपये से होती है. सबसे बड़ा फायदा है कि भारतीय नर्सिंग डिग्री धारकों की विदेशों (जैसे UK, कनाडा, खाड़ी देशों) में भारी डिमांड है, जहां वे लाखों रुपये महीना कमाते हैं.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें



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2025 की सबसे कमाऊ फिल्म, 1 कम बजट फिल्म ने कब्जाया बॉक्स ऑफिस


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साल 2025 हिंदी सिनेमा के लिए कई मायनों में खास रहा. इस साल बड़े बजट की कई फिल्मों ने सिनेमाघरों में दस्तक दी. पिछले साल बॉलीवुड ने साल की धमाकेदार शुरुआत की थी. दूसरे ही महीने में फिल्म ने छप्परफाड़ कमाई कर सिनेमाघरों में इतिहास रच दिया था और ये जादू साल के अंत तक कायम रहा. 2025 हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन सालों में से एक था.

नई दिल्ली. साल 2025 बॉलीवुड के लिए रिकॉर्डतोड़ साबित हुआ. इस साल जहां बड़े सितारों की फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर दबदबा बनाया, वहीं कंटेंट और मजबूत कहानी वाली फिल्मों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया. सबसे ज्यादा चर्चा विक्की कौशल की ‘छावा’ ने बटोरी, जिसने कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए साल की सबसे बड़ी हिंदी फिल्म का तमगा हासिल किया. वहीं मोहित सूरी की कम बजट फिल्म ‘सैयारा’ ने अपनी करिश्माई कमाई से सभी को हैरान कर दिया था.

इस लिस्ट में सबसे ऊपर है छावा, जिसे मैडॉक फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया और पेन मरुधर और यशराज फिल्म्स ने डिस्ट्रीब्यूट किया. 800 करोड़ रुपये की कमाई के साथ विक्की कौशल, अक्षय खन्ना और रश्मिका मंदाना की फिल्म पिछले साल की बॉक्स ऑफिस टॉपर निकली. फिल्म ने कमाई से एक नया रिकॉर्ड बनाया जो पूरे साल कोई फिल्म नहीं तोड़ पाई.

इस लिस्ट में सबसे ऊपर है छावा, जिसे मैडॉक फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया और पेन मरुधर और यशराज फिल्म्स ने डिस्ट्रीब्यूट किया. 800 करोड़ रुपये की कमाई के साथ विक्की कौशल, अक्षय खन्ना और रश्मिका मंदाना की फिल्म पिछले साल की बॉक्स ऑफिस टॉपर निकली. फिल्म ने कमाई से एक नया रिकॉर्ड बनाया जो पूरे साल कोई फिल्म नहीं तोड़ पाई.

Year Ender 2025: Top 10 Highest-Grossing Bollywood Films

दूसरे नंबर पर जो फिल्म है उसका जादू इस साल भी कायम रहा. आपने अंदाजा लगा ही लिया होगा कि हम किसकी बात कर रहे हैं. आदित्य धर की धुरंधर पिछले साल 5 मार्च को रिलीज हुई थी. फिल्म ने 700 करोड़ के आस-पास कमाई की थी. दोनों का कुल कलेक्शन मिलाकर धुरंधर फ्रेंचाइजी ने 1300 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस किया है.

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यशराज फिल्म्स ने 'सैयारा' के साथ अपनी पकड़ बरकरार रखी. अहान पांडे और अनीत पड्डा स्टारर कम बजट फिल्म 'सैयारा' ने वो कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी. दो नए नवेले स्टार्स के साथ मोहित सूरी ने ऐसी रोमांटिक फिल्म बनाई जिसने सभी का दिल जीत लिया. सोशल मीडिया पर फिल्म की ऐसी धूम रही जिसका असर उसकी कमाई पर साफ दिखा. 'सैयारा' ने बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की.

यशराज फिल्म्स ने ‘सैयारा’ के साथ अपनी पकड़ बरकरार रखी. अहान पांडे और अनीत पड्डा स्टारर कम बजट फिल्म ‘सैयारा’ ने वो कर दिखाया जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी. दो नए नवेले स्टार्स के साथ मोहित सूरी ने ऐसी रोमांटिक फिल्म बनाई जिसने सभी का दिल जीत लिया. सोशल मीडिया पर फिल्म की ऐसी धूम रही जिसका असर उसकी कमाई पर साफ दिखा. ‘सैयारा’ ने बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की.

2019 की हिट फिल्म वॉर का सीक्वल, वॉर 2 ने फ्रेंचाइजी की स्टाइलिश एक्शन और स्टार पावर को आगे बढ़ाया. यशराज फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म ने ₹303.22 करोड़ से ₹351 करोड़ तक की कमाई की, जो फाइनल अकाउंटिंग पर निर्भर है. ऋतिक रोशन की वापसी और नए कलाकारों के साथ, फिल्म ने बड़ी भीड़ जुटाई और दिखाया कि एक्शन फ्रेंचाइजी अभी भी बॉक्स ऑफिस पर भरोसेमंद हैं.

2019 की हिट फिल्म वॉर का सीक्वल, वॉर 2 ने फ्रेंचाइजी की स्टाइलिश एक्शन और स्टार पावर को आगे बढ़ाया. यशराज फिल्म्स द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म ने ₹303.22 करोड़ से ₹351 करोड़ तक की कमाई की, जो फाइनल अकाउंटिंग पर निर्भर है. ऋतिक रोशन की वापसी और नए कलाकारों के साथ, फिल्म ने बड़ी भीड़ जुटाई और दिखाया कि एक्शन फ्रेंचाइजी अभी भी बॉक्स ऑफिस पर भरोसेमंद हैं.

क्लीम प्रोडक्शंस द्वारा कई भाषाओं में बनाई गई और AA फिल्म्स द्वारा डिस्ट्रीब्यूट की गई महावतार नरसिंह ने पौराणिक कथाओं और भव्यता को बड़े पर्दे पर लाया. ₹300 करोड़ से ₹325 करोड़ की कमाई के साथ इस फिल्म ने बॉलीवुड में पौराणिक महाकाव्यों के बढ़ते ट्रेंड को दिखाया. इसकी शानदार विजुअल्स और आध्यात्मिक थीम ने बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया, जिससे यह साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई.

क्लीम प्रोडक्शंस द्वारा कई भाषाओं में बनाई गई और AA फिल्म्स द्वारा डिस्ट्रीब्यूट की गई महावतार नरसिंह ने पौराणिक कथाओं और भव्यता को बड़े पर्दे पर लाया. ₹300 करोड़ से ₹325 करोड़ की कमाई के साथ इस फिल्म ने बॉलीवुड में पौराणिक महाकाव्यों के बढ़ते ट्रेंड को दिखाया. इसकी शानदार विजुअल्स और आध्यात्मिक थीम ने बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया, जिससे यह साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल हो गई.

Year Ender 2025: Top 10 Highest-Grossing Bollywood Films

आमिर खान ने लंबे अंतराल के बाद फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ के जरिए बड़े पर्दे पर दमदार वापसी की. आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म ने रिलीज के बाद फिल्म ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन करते हुए लगभग ₹266.49 करोड़ का शानदार बिजनेस किया.

अजय देवगन स्टारर ‘रेड 2’ ने 2018 की सुपरहिट फिल्म ‘रेड’ की विरासत को आगे बढ़ाते हुए दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई. टी-सीरीज फिल्म्स और पैनोरमा स्टूडियोज के बैनर तले बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब ₹243.06 करोड़ का शानदार कारोबार किया था.

अजय देवगन स्टारर ‘रेड 2’ ने 2018 की सुपरहिट फिल्म ‘रेड’ की विरासत को आगे बढ़ाते हुए दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई. टी-सीरीज फिल्म्स और पैनोरमा स्टूडियोज के बैनर तले बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर करीब ₹243.06 करोड़ का शानदार कारोबार किया था.

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देवरिया में ओझा ने महिला से दुष्कर्म किया: बीमार बेटे का इलाज कराने गई थी, झांसा दिया- शारीरिक संबंध बनाने से सब ठीक हो जाएगा – Deoria News




देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, बनकटा थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी महिला अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए एक स्थानीय ओझा के पास पहुंची थी। आरोप है कि ओझा ने महिला को झांसे में लिया और कहा कि उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने से उसका बेटा ठीक हो जाएगा। इसी झांसे में आकर आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इस संबंध में सीओ ने बताया कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पीड़िता को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।



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बोला- बहन प्रेगनेंट थी, ससुराल वालों ने प्रताड़ित किया: फोन पर बिना कुछ कहे सिर्फ रोती रही; महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला – Morena News




मुरैना के पोरसा थाना क्षेत्र में प्रेगनेंट महिला की मौत के बाद परिजनों ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। महिला के गले में मिले रस्सी के निशानों पर मायके पक्ष ने आपत्ति ली है। उनकी शिकायत पर थाने में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की है। दरअसल पोरसा के कुरैठा गांव के रहने वाले अभिषेक पुत्र सुभाष उपाध्याय हाल निवासी जोटई रोड झार खंडेश्वर कॉलोनी की पत्नी रानी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। बताया गया कि रात में रानी ने फांसी लगा ली। ससुराल के लोग रानी को सीधे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतिका के परिजनों ने इसे हत्या होना बताया है। भाई ने कहा ससुराल के लोगों द्वारा बहन को प्रताड़ित किया गया है। मेरी बहन प्रेग्नेंट थी। बहुत खुश थी लेकिन सब बर्बाद हो गया 50 किमी दूर मुरैना ले गए
मायके पक्ष ने मृत्तिका की हत्या की आशंक जताई है। उन्होंने कहा कि ससुराल में महिला को प्रताड़ित किया जा रहा था। यह बात महिला ने फोन पर बताई थी। उनका कहना है कि जब महिला ने फांसी लगाई तो ससुराल वाले बिना पोरसा पुलिस को सूचना दिए सीधे मुरैना अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। उनका कहना है कि पोरसा में अस्पताल है उके बावजूद ससुराल वाले महिला को वहां नहीं ले गए। इसके बावजूद वो 50 किमी दूर मुरैना लेकर गए। इतना ही नहीं महिला की जब मौत हो गई तो भी पुलिस को नहीं बताया। एक साल पहले हुई शादी
मृतक रानी के भाई अमन पचौरी के अनुसार उसकी बड़ी बहन रानी को शादी 17 मई 2025 को पोरसा में विधिविधान के साथ अभिषेक उपाध्याय पुत्र सुभाष उपाध्याय निवासी कुरैठा गांव हाल पोरसा से हुई थी। सब ठीक चल रहा था लेकिन दो महीने से मृतिका के द्वारा फोन पर लगातार परिजनों के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। फिर 17 मई को शादी की सालगिरह थी तो उसने हम सबको बुलाया। जब हमारे परिजन वहां पहुंचे तो ससुराल वालों का व्यवहार बदला हुआ था। घटना के कुछ समय पहले कल शाम को भी फोन आया था बस रो रही थी। इसके बाद यह सूचना मिली। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मर्ग कायम पोरसा थाना प्रभारी टीआई दिनेश कुशवाहा के अनुसार जौटई रोड पर एक नव विवाहिता के फांसी लगाने की सूचना थी मामला संदिग्ध इसलिए भी कह सकते है कि वह सीधे मुरैना ले गए पुलिस को सूचना दिए बगैर शव उतार। खैर मर्ग कायम किया है मायके पक्ष के भी बयान लिए जाएंगे। पीएम रिपोर्ट के अनुसार कार्यवाही की जाएगी



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TMC राज्यसभा सांसद सुखेंदु का इस्तीफा,पार्टी भी छोड़ी: दावा- लोकसभा के 20 सांसद भी ममता से अलग हो सकते हैं, दिल्ली में बैठक की


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कोलकाता7 मिनट पहले

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तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। सुखेंदु सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति भवन पहुंचकर इस्तीफा सौंपा।

इसके बाद मीडिया से चर्चा में उन्होंने पार्टी के कामकाज और नेतृत्व की शैली को लेकर नाराजगी जाहिर की। हालांकि, सुखेंदु का अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

इधर, लोकसभा के भी 20 सांसद ममता से अलग होने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने सुखेंदु के साथ एक मीटिंग की है।

5 नाम सामने आए हैं, इनमें शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, कालीपत सोरेन, जगदीश बसूनिया और अरूप चक्रवर्ती शामिल हैं।

गौरतलब है कि लोकसभा में TMC के 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं।

त्यागपत्र में भाजपा की तारीफ, TMC की पोल खोली

अपने इस्तीफे में सुखेंदु ने हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में TMC की हार के लिए पार्टी की आलोचना की। इस जनादेश को ममता के 15 साल के अराजक शासन का नतीजा बताया। पढ़ें क्या थीं इस्तीफे में लिखी 4 अहम बातें…

  • यह शासन बड़े पैमाने पर बेलगाम भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, कानून-व्यवस्था और रोजगार जैसे क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहा।
  • इतिहास में पहली बार लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में भारी जनादेश दिया है। यह जनादेश तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के अराजक शासन को खत्म करने के लिए था।
  • पार्टी उस तरीके से नहीं चल रही थी, जैसे चलनी चाहिए। कई नेताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति नहीं थी। कई-कई बार नेताओं की राय भी नहीं ली जाती थी।
  • पार्टी के भीतर ऐसे हालात लंबे समय से चल रहे थे। कई नेताओं ने मजबूरी में इसे स्वीकार कर लिया था। ममता ने चुनाव हारने के बाद न आत्ममंथन किया, न कारण जानने की कोशिश की।
  • सुखेंदु ने नई चुनी गई BJP सरकार की भी तारीफ की और कहा कि वे अपने घोषणापत्र के अनुसार राज्य के विकास के लिए कदम उठा रहे हैं। उसने पुनर्निर्माण के लिए पहल शुरू कर दी है।

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‘नीट पेपर लीक के दोषियों को गोली मार देना चाहिए’: सीतामढ़ी सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने की सख्त कार्रवाई की मांग – Sitamarhi News



NEET एग्जाम में धांधली और पेपर लीक के मुद्दे पर सीतामढ़ी के सांसद देवेश चंद्र ठाकुर का एक बयान सुर्खियों में आ गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को सड़क पर गोली मार देनी चाहिए।

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सांसद देवेश चंद्र ठाकुर ने अपने आवास पर दैनिक भास्कर से बातचीत में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक की घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जो छात्र दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, वे ऐसे मामलों से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी पर भी बोले सांसद

जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा किए गए प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं, जो उचित नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

”पेपर लीक के दोषियों को गोली मार देना चाहिए”

सांसद ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि ऐसे लोगों ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद किया है। इसलिए उनके खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए कि वह दूसरों के लिए भी नजीर बन सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘ऐसे दोषियों को गोली मार देना चाहिए।’

सांसद का यह बयान अब राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर देशभर में बहस जारी है, जिसमें यह टिप्पणी एक नया मोड़ लेकर आई है।



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