Friday, September 18, 2026
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महिला LPG-सिलेंडर नहीं उठा सकती… कहकर नौकरी नहीं दी थी: अब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन महिला को देगा 12 लाख रुपए का मुआवजा


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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) को एक योग्य महिला उम्मीदवार सुमित्रा को 12 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। करीब 38 साल पहले आईओसी ने यह कहकर नौकरी देने से इनकार किया था कि ‘महिला सिलेंडर नहीं उठा पाएगी।

महिला अब रिटायरमेंट की उम्र तक पहुंच चुकी है। इसलिए कोर्ट ने उसे नौकरी देने के बजाय 12 लाख रुपए का मुआवजा देना तय किया है। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कॉर्पोरेशन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि केवल महिला होने के आधार पर नौकरी न देना नारीत्व का अपमान है।

अब पूरा मामला समझिए…

हरियाणा के गुड़्हा गांव की रहने वाली सुमित्रा सुमित्रा उन 49 लोगों में शामिल थीं, जिनकी सिफारिश डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली एक स्थानीय समिति ने एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में रिफिलिंग हेल्पर या कैजुअल खलासी के पद के लिए की थी।

यह मामला गुढ़ा गांव में रहने वाली एक महिला से जुड़ा है। साल 1988 में उनका नाम उन 49 लोगों की सूची में शामिल था, जिनकी सिफारिश डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली स्थानीय समिति ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के LPG बॉटलिंग प्लांट के लिए की थी।

महिला ने खलासी, चपरासी या रीफिलिंग हेल्पर के पद के लिए इंटरव्यू दिया था। लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली जबकि सूची में शामिल अन्य लोगों को नियुक्ति पत्र दे दिए गए थे। इसके बाद महिला ने नौकरी नहीं दिए जाने के फैसले के खिलाफ ट्रायल कोर्ट का रुख किया।

ट्रायल कोर्ट ने माना कि महिला नौकरी के लिए तय योग्यता पूरी करती थीं। कोर्ट ने एक गवाह के बयान का भी हवाला दिया, जिससे यह बात सामने आई कि महिला को सिर्फ इसलिए नौकरी नहीं दी गई क्योंकि वह महिला थीं।

हालांकि, ट्रायल कोर्ट के फैसले के बाद आईओसी ने अपील की और 6 अगस्त 1993 को प्रथम अपीलीय अदालत ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलट दिया। इसके बाद मामला हरियाणा हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था।

क्या महिलाएं घरों में गैस सिलेंडर नहीं उठातीं: कोर्ट

इंडियन ऑयल के वकील ने दलील दी थी कि इस काम में भारी LPG सिलेंडर उठाने पड़ते हैं और रात की शिफ्ट होती है, इसलिए शायद अधिकारियों ने महिला को उपयुक्त नहीं माना। इस पर कोर्ट ने वकील से सवाल किया- क्या महिलाएं घरों में गैस सिलेंडर नहीं उठातीं?

कोर्ट ने कहा- हम भारत से हैं और हर दिन महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं। हम कहते हैं कि महिला देवी के समान है। ऐसे में भारत सरकार के एक उपक्रम की ओर से यह महिला गरिमा का अपमान है।



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मोहनलालगंज में बक्से में मिला शव बग्घी चालक का निकला: सीसीटीवी में ई-रिक्शे से बक्सा फेंकते दिखे तीन लोग, प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका – Lucknow News




लखनऊ के मोहनलालगंज में रायबरेली-लखनऊ हाईवे किनारे नहर पुलिया के नीचे बुधवार को लकड़ी के बंद बक्से में मिला शव दुबग्गा में रहने वाले बग्घी चालक राम किशोर वाल्मीकि (35) का निकला। पुलिस को घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में ई-रिक्शे से आए तीन लोग पुलिया के नीचे बक्सा फेंकते दिखाई दिए हैं। ई-रिक्शे के नंबर के आधार पर पुलिस ने गुरुवार शाम दुबग्गा निवासी महिला समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। सीमा विवाद के बाद मोहनलालगंज पुलिस ने भेजा था शव बुधवार को भावाखेड़ा के पास हाईवे किनारे नहर पुलिया के नीचे लकड़ी का बंद बक्सा पड़ा मिला था। बक्सा खोलने पर उसमें युवक का शव मिला। सूचना पर निगोहां और मोहनलालगंज पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल को लेकर दोनों थानों के बीच सीमा विवाद हो गया। बाद में लेखपाल की जांच में घटनास्थल मोहनलालगंज क्षेत्र में होने की पुष्टि हुई। इसके बाद मोहनलालगंज पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। ई-रिक्शे के नंबर से पुलिस महिला तक पहुंची थाना प्रभारी रामबाबू सिंह के मुताबिक, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें एक ई-रिक्शा पुलिया पर आता दिखाई दिया। उसमें तीन लोग बैठे थे। फुटेज में तीनों ने लकड़ी का बक्सा पुलिया से नीचे फेंका और फिर ई-रिक्शे से शहर की ओर चले गए। पुलिस ने ई-रिक्शे के नंबर के आधार पर जांच शुरू की तो उसका रजिस्ट्रेशन दुबग्गा निवासी एक महिला के नाम मिला। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी दौरान बक्से में मिले शव की पहचान राम किशोर वाल्मीकि के रूप में हुई। वह दुबग्गा में रहकर बग्घी चलाता था। महिला समेत चार लोग हिरासत में पुलिस सूत्रों के मुताबिक महिला के अलावा तीन अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस राम किशोर के परिवार और उसके स्थायी पते की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल उसके परिवारीजनों के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। बक्से पर लिखे मोबाइल नंबर को भी पुलिस ने जांच के दायरे में लिया है। उस नंबर पर कॉल कर घटना से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रेम प्रसंग में हत्या की आशंका प्रारंभिक जांच में पुलिस प्रेम प्रसंग के विवाद को हत्या की वजह मानकर चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, राम किशोर का हिरासत में ली गई महिला से प्रेम प्रसंग था। आशंका है कि महिला ने दूसरे प्रेमी के साथ मिलकर राम किशोर की हत्या की और शव लकड़ी के बक्से में बंद कर मोहनलालगंज की नहर पुलिया के नीचे फिंकवा दिया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर हत्या की वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है।



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शराब टेंडर में मिलीभगत की जांच जारी रख सकेगा सीसीआई: देशी शराब की थोक सप्लाई के टेंडरों का मामला , हाईकोर्ट ने याचिकाएं खारिज कर अंतरिम रोक हटाई – Bhopal News


एमपी में देशी शराब की थोक सप्लाई के टेंडरों में डिस्टिलरीज के बीच मिलीभगत और टेंडर फिक्सिंग की जांच अब भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) जारी रख सकेगा।

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हाईकोर्ट जबलपुर ने एसोसिएटेड अल्कोहल्स एंड बेवरेजेस लिमिटेड समेत अन्य डिस्टिलरीज की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इसके साथ ही CCI की जांच पर लगी अंतरिम रोक भी हटा दी गई है। अब आयोग जांच प्रक्रिया आगे बढ़ाकर अंतिम आदेश जारी कर सकेगा।

हाईकोर्ट के जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की पीठ ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। पूरा मामला भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की वर्ष 2016-17 की ऑडिट रिपोर्ट के बाद सामने आया था।

रिपोर्ट में 2012-13 से 2016-17 के दौरान देशी शराब के सरकारी टेंडरों में अलग-अलग डिस्टिलरीज की बोलियों के बीच बेहद कम अंतर होने पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद CCI ने वर्ष 2020 में मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आबकारी विभाग के अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए और संबंधित डिस्टिलरीज के परिसरों की तलाशी ली गई।

इस दौरान ‘एमपी डिस्टिलर्स एसोसिएशन’ नाम के वॉट्सऐप ग्रुप, ईमेल और अन्य डिजिटल सामग्री मिलने की बात सामने आई। महानिदेशक स्तर पर की गई जांच के बाद 1200 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट CCI को सौंपी गई।

डिस्टिलरीज ने कहा- पूरा कारोबार सरकार के नियंत्रण में

एसोसिएटेड अल्कोहल्स, ग्रेट गैलियन और ओएसिस डिस्टिलरीज समेत अन्य कंपनियों ने CCI की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कंपनियों का तर्क था कि प्रदेश में शराब के कारोबार का नियमन पूरी तरह राज्य सरकार और आबकारी विभाग के हाथ में है। लाइसेंस, उत्पादन, आपूर्ति, कीमत और कोटा तक सरकार तय करती है। ऐसे में प्रतिस्पर्धा कानून के तहत CCI को जांच का अधिकार नहीं है।

आबकारी विभाग की ओर से भी इसी तरह का पक्ष रखा गया। विभाग ने बताया कि पूरी व्यवस्था सरकारी नियंत्रण में है और डिस्टिलरीज का मुनाफा भी करीब 10 से 15 प्रतिशत तक निर्धारित है। हाईकोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।

कंपनियों की चार प्रमुख दलीलें, कोर्ट ने इस तरह दिया जवाब

  • शराब राज्य सरकार का विषय हैकोर्ट: आबकारी कानून के तहत लाइसेंस, निर्माण, बिक्री और राजस्व की व्यवस्था नियंत्रित होने से CCI का अधिकार समाप्त नहीं होता। प्रतिस्पर्धा कानून का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने वाली गतिविधियों की जांच करना भी है।
  • आबकारी विभाग ही पूरी व्यवस्था नियंत्रित करता हैकोर्ट: आबकारी विभाग की भूमिका मुख्य रूप से लाइसेंस और नियामकीय व्यवस्था तक सीमित है। कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधियों की जांच के लिए कोई स्वतंत्र नियामक संस्था नहीं है। इसलिए CCI की जांच के अधिकार को सिर्फ आबकारी नियंत्रण के आधार पर खत्म नहीं किया जा सकता।
  • CCI की कार्रवाई CAG रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुईकोर्ट: CAG की रिपोर्ट को अंतिम सबूत नहीं माना गया है। यह जांच शुरू करने का आधार बनी। CCI ने केवल रिपोर्ट के आधार पर डिस्टिलरीज को दोषी नहीं माना, बल्कि उसके बाद महानिदेशक के माध्यम से स्वतंत्र जांच कर दस्तावेज और अन्य सामग्री जुटाई गई।
  • CCI की जांच को बाद में चुनौती दी गईकोर्ट: कंपनियों ने 4 अगस्त 2020 के शुरुआती आदेश को उसी समय चुनौती नहीं दी थी और जांच में सहयोग करती रहीं। महानिदेशक की रिपोर्ट आने और CCI में आगे की कार्यवाही शुरू होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

अब CCI की रिपोर्ट पर होगी आगे की कार्रवाई

हाईकोर्ट के आदेश का मतलब यह नहीं है कि डिस्टिलरीज को टेंडर फिक्सिंग या मिलीभगत का दोषी ठहरा दिया गया है। कोर्ट ने फिलहाल केवल यह तय किया है कि CCI को इस मामले की जांच करने का अधिकार है।

अब CCI महानिदेशक की जांच रिपोर्ट, उपलब्ध डिजिटल और दस्तावेजी सामग्री तथा संबंधित कंपनियों का पक्ष सुनकर मामले में अंतिम निर्णय करेगा। आयोग के आदेश से असहमति होने पर संबंधित कंपनियों के पास NCLAT में अपील का विकल्प रहेगा।

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सिंघार बोले- पाकिस्तान के बाद एमपी में हिंदू खतरे में

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में लगातार हिंदुओं की मौत हो रही है और सरकार के जिम्मेदार अधिकारी जहरीली शराब के मामले में डिस्टलरी मालिकों को बचाने में लगे हैं। सिंघार ने कहा- पाकिस्तान के बाद अगर हिंदू कहीं खतरे में हैं तो वह मध्य प्रदेश है।पूरी खबर पढ़ें



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तेज रफ्तार कार ने 4-5 वाहनों को मारी टक्कर: पंडाल की दीवार से भिड़ी, ड्राइवर फरार – Nagaur News




शहर के किले ढाल स्थित शिवबाड़ी क्षेत्र में चल रहे गणेश कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े वाहनों को टक्कर मारते हुए पंडाल के पास दीवार से जा टकराई। गनीमत रही कि हादसे में किसी को चोट नहीं आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार की रफ्तार काफी तेज थी। कार ने सड़क किनारे खड़े करीब 4-5 दुपहिया वाहनों को चपेट में ले लिया। इसके बाद कार पंडाल के पास बनी दीवार से जा भिड़ी। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। भीड़ का फायदा उठाकर चालक मौके से भागा हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पंडाल में मौजूद लोगों के अनुसार चालक शराब के नशे में बताया जा रहा था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही नागौर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके का जायजा लिया और कार को अपने कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी। कार चालक को मौके पर बुलाने की मांग हादसे के बाद पंडाल का संचालन कर रहे लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे कार चालक को मौके पर लाने और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इस दौरान पंडाल कार्यकर्ताओं में से एक व्यक्ति क्षतिग्रस्त कार के ऊपर बैठ गया और कार चालक को मौके पर खड़ा करने की मांग करने लगा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लोगों से समझाइश की। पुलिस ने कार चालक को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने शुरू की तलाश कोतवाल नंदलाल के अनुसार हादसे में करीब 4-5 दुपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। फिलहाल पुलिस कार चालक की तलाश में जुटी है। हादसा कैसे हुआ और चालक की स्थिति क्या थी, इसकी जांच की जा रही है।



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खगड़िया में भाजपा ने मनाया पीएम मोदी का जन्मदिन: विधायक बोले- ‘देश ने विकास के क्षेत्र में हासिल की ऊंचाइयां’ – Khagaria News




खगड़िया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को भाजपा की ओर से जेएनकेटी आउटडोर स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल समेत भाजपा-जदयू के कई नेता, कार्यकर्ता और दर्जनों समर्थक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी और उनके सार्वजनिक जीवन एवं देश सेवा को लेकर अपने विचार रखे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 25 साल के सार्वजनिक जीवन का किया उल्लेख कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बबलू कुमार मंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हो चुके हैं। उनके अनुसार, इस अवधि में देश ने विकास के कई क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। आधारभूत संरचना और तकनीक पर जोर विधायक ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आधारभूत संरचना, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में कई कदम उठाए गए हैं। भारत ने वैश्विक स्तर पर भी अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में काम किया है। मंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सैन्य शक्ति को मजबूत करने के लिए कई फैसले लिए गए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। विदेश नीति का भी किया जिक्र विधायक ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने कई देशों के साथ अपने संबंध मजबूत किए हैं। उन्होंने विदेश नीति में राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की बात कही। बबलू कुमार मंडल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल देश के लिए यादगार साबित होगा। उनके नेतृत्व में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है और विकास के नए लक्ष्य तय किए जा रहे हैं। स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न भगत, जदयू जिलाध्यक्ष अनुराधा कुमारी समेत भाजपा-जदयू के कई नेता, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।



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ट्रम्प ने कनाडा को लेकर यूरोप को धमकी दी: कहा- EU में शामिल किया तो भारी टैरिफ लगाऊंगा, व्यापार भी रोक दूंगा


वॉशिंगटन डीसी5 घंटे पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोपीय संघ को गंभीर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा,

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अगर यूरोपीय संघ कनाडा को अपना पहला एसोसिएट मेंबर बनाने की योजना पर आगे बढ़ता है तो अमेरिका यूरोप पर बहुत भारी टैरिफ लगा सकता है। जरूरत पड़ने पर यूरोप के साथ व्यापार भी रोक सकता है।

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ट्रम्प की धमकी के कुछ ही समय बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कर दिया कि कनाडा अपनी विदेश नीति और दूसरे देशों के साथ समझौते खुद तय करेगा।

यूरोपीय संसद में गुरुवार को भाषण देते हुए कार्नी ने कहा, “कोई भी यह तय नहीं करेगा कि हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसके साथ समझौते सकते हैं।”

यूरोपीय संसद में गुरुवार को भाषण देते हुए कनाडा के PM मार्क कार्नी।

यूरोपीय संसद में गुरुवार को भाषण देते हुए कनाडा के PM मार्क कार्नी।

कनाडा को EU का सहयोगी बनाने के प्रस्ताव पर ट्रम्प नाराज

ट्रम्प यूरोपीय संघ के उस प्रस्ताव से नाराज हैं, जिसमें कनाडा को EU का पहला सहयोगी सदस्य बनाने की बात कही गई है। उन्होंने इस प्रस्ताव को ‘हंसी के लायक’ बताया और इसे EU की तरफ से ‘दुश्मनी भरा कदम’ तक कहा।

ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि अगर EU का इरादा अच्छा है तो कोई परेशानी नहीं है। लेकिन अगर उसका इरादा खराब हुआ तो यूरोप पर भारी टैरिफ के लिए तैयार रहे।

यूरोपीय संसद में कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ नीति पर तंज कसा

कार्नी ने गुरुवार को यूरोपीय संसद को संबोधित किया। उन्होंने EU के कनाडा को एसोसिएट मेंबर बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया। कार्नी ने कहा, “यूरोप और कनाडा दोनों मजबूत हैं। लेकिन साथ मिलकर यूरोप और कनाडा और भी ज्यादा मजबूत हो जाएंगे।

कार्नी ने अपने भाषण में ट्रम्प का नाम नहीं लिया। हालांकि, उन्होंने अमेरिका की व्यापार नीति की ओर इशारा करते हुए कहा कि टैरिफ के जरिए आर्थिक रिश्तों को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन और वित्तीय व्यवस्था का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए भी किया जा सकता है।

EU चीफ बोलीं- कनाडा से सहयोग किसी के खिलाफ नहीं

EU की ओर से यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने कहा कि कनाडा को सहयोगी सदस्य बनाने की योजना किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह साझेदारी EU और कनाडा की अपनी ताकत बढ़ाने के लिए है। EU के उप मुख्य प्रवक्ता ओलोफ गिल ने गुरुवार सुबह ट्रम्प की धमकी पर जवाब देते हुए भी यही बात दोहराई।

EU चीफ उर्सुला फॉन डेर लेयेन यूरोपीय संसद को संबोधित करती हुई।

EU चीफ उर्सुला फॉन डेर लेयेन यूरोपीय संसद को संबोधित करती हुई।

फ्रांस बोला- अमेरिका EU के फैसले नहीं रोक सकता

फ्रांस के यूरोप मंत्री बेंजामिन हदाद ने भी गुरुवार को इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका EU के भू-राजनीतिक फैसलों को रोक नहीं सकता।

हदाद ने कहा, “यह फैसला अमेरिका या किसी और देश को नहीं करना है कि यूरोपीय देशों की राजनीतिक दिशा क्या होगी।”

क्या कनाडा अब EU का मेंबर देश बन जाएगा?

नहीं, EU के मौजूदा नियमों के मुताबिक कनाडा को सदस्य बनाना संभव नहीं है क्योंकि वह भौगोलिक रूप से यूरोप का हिस्सा नहीं है।

साथ ही, EU में अभी एसोसिएट मेंबर का कोई औपचारिक दर्जा भी नहीं है। अगर ऐसा करना है तो EU को इसके लिए नए नियम बनाने होंगे और कनाडा के साथ इसकी शर्तें तय करनी होंगी।

कनाडा के EU में राजदूत बनने वाले जोनाथन विल्किंसन ने कहा है कि कनाडा EU की पूर्ण सदस्यता नहीं चाहता, क्योंकि इससे उसे अपनी कुछ संप्रभुता छोड़नी पड़ेगी।

उन्होंने कहा कि कनाडा की कोशिश है कि वह यूरोप के जितना संभव हो सके उतना करीब आए, लेकिन साथ ही अपनी स्वतंत्रता भी बनाए रखे।

एसोसिएट मेंबरशिप क्या होती है?

एसोसिएट मेंबरशिप ऐसा दर्जा है, जिसमें कोई देश पूर्ण सदस्य बने बिना किसी संगठन के साथ करीबी आर्थिक और राजनीतिक संबंध बना सकता है। कनाडा के एसोसिएट मेंबर बनने से मिलने वाले संभावित फायदे-

  • व्यापार आसान हो सकता है: कनाडा और यूरोप के बीच व्यापारिक बाधाएं कम हो सकती हैं।
  • सप्लाई चेन बेहतर हो सकती है: जरूरी सामान और संसाधनों की सप्लाई में दोनों पक्षों के बीच तालमेल बढ़ सकता है।
  • वित्तीय सहयोग बढ़ सकता है: निवेश और दूसरे आर्थिक मामलों में कनाडा और EU के बीच सहयोग मजबूत हो सकता है।

कनाडा और EU के बीच पहले से फ्री ट्रेड समझौता है

कनाडा और EU के बीच पहले से ही व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) है। यह समझौता 2017 में कुछ हिस्सों में लागू हुआ था। इसके तहत दोनों पक्षों ने 99% टैरिफ लाइनों को खत्म कर दिया था।

कनाडा और EU के बीच रिश्ते मजबूत करने का यह नया प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापार विवाद चल रहा है। अमेरिका ने कनाडा से आने वाले सामान पर टैरिफ बढ़ाए हैं। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामान पर टैरिफ लगाए हैं।

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यह खबर भी पढ़ें…

अमेरिका को छोड़कर कनाडा अब यूरोप के साथ आएगा

अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच कनाडा अब यूरोप के और करीब जाने की तैयारी कर रहा है। कनाडा यूरोपीय संघ (EU) का पहला ‘एसोसिएट मेंबर’ बनने जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…



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विकसित भारत के संकल्प के साथ जले ‘आशीर्वाद के दिए’: कौशांबी में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नदी घाटों, मंदिरों में भी दीप जलाए गए – Kaushambi News


पंकज केसरवानी | कौशांबी4 मिनट पहले

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कौशांबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सेवाकाल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों से जोड़ने के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना है।

शाम 7:30 बजे हुआ ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम

अभियान के तहत गुरुवार शाम 7:30 बजे जिले में ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष दीप जलाए गए। मंदिरों, घाटों, पार्कों और शिक्षण संस्थानों में दीप प्रज्ज्वलन किया गया।

आशीर्वाद कार्यक्रम की 4 तस्वीरें देखिए…

मंदिर से मेडिकल कॉलेज और पार्क तक जले दीप

कार्यक्रम के तहत मूरतगंज के शिव मंदिर, कुबरी घाट, कड़ा धाम, राम वनगमन मार्ग, मेडिकल कॉलेज मंझनपुर, मॉडल पार्क मंझनपुर, बौखरनाथ मंदिर सरसवां, वृद्धाश्रम ओसा, राजकीय महिला महाविद्यालय सिराथू, पल्हना घाट, आश्रम पद्धति विद्यालय कोईलहा, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मूरतगंज और एक्सीलेंस सेंटर कोखराज में दीप जलाए गए।

इसके अलावा अभियान के तहत जिले के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों और कॉलेजों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए।

लाभार्थियों ने घरों में जलाया ‘आशीर्वाद का दिया’

‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों ने भी भागीदारी की। लाभार्थियों ने अपने घरों में दीप जलाकर अभियान से जुड़ाव दर्ज कराया। कार्यक्रम के जरिए जनभागीदारी के साथ ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प से लोगों को जोड़ने का संदेश दिया गया।



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वर्क फ्रॉम होम कर रहे थे कर्मचारी, तभी गूगल मीट पर आई एक कॉल और सबकी गई नौकरी


Agency:एजेंसियां

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अमेरिका की एक फिनटेक कंपनी ने तो बेरहमी की सारी हदें ही पार कर दीं. सिर्फ 5 मिनट की एक Google Meet कॉल और भारत में काम कर रहे 80 कर्मचारियों को एक झटके में सड़क पर ला दिया.

Zoom

अमेर‍िकी कंपनी ने एक झटके में 80 लोगों को नौकरी से न‍िकाला.

अमेरिका की एक बड़ी फिनटेक कंपनी ने धोखेबाजी की सारी हदें पार कर दी हैं. कोई सूचना नहीं, कोई नोटिस पीरियड नहीं, यहां तक कि एचआर का कोई आमना-सामना भी नहीं. सिर्फ 5 मिनट की एक गूगल मीट कॉल हुई, स्क्रीन पर एक फरमान गूंजा, और भारत में काम कर रही पूरी की पूरी कस्टमर सपोर्ट टीम को एक झटके में निकाल फेंका गया. महज 300 सेकंड के अंदर 80 कर्मचारियों का करियर तबाह कर दिया गया और रातों-रात 80 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा कर दिया गया.

कर्मचारियों को बताया गया कि ऑपरेशनल कारणों से आज सबको दफ्तर आने के बजाय वर्क फ्रॉम होम करना है. बेचारे कर्मचारी रोज की तरह अपने घरों में सिस्टम खोलकर बैठ गए. शाम 6:30 बजे शिफ्ट शुरू हुई. सब अपना-अपना काम निपटा ही रहे थे कि तभी रात 9:30 बजे सीनियर मैनेजमेंट की तरफ से अचानक गूगल मीट का एक लिंक आता है.

5 मिनट में खत्म कर दिया खेल

कर्मचारियों ने जैसे ही कॉल जॉइन की, उन्हें ऐसा झटका लगा जिसकी उन्होंने सपने में भी उम्मीद नहीं की थी. मीटिंग में कोई हालचाल नहीं, कोई चर्चा नहीं, बल्कि सीधे फरमान सुनाया गया- पूरी इंडियन कस्टमर सर्विस टीम को निकाला जा रहा है. कॉल कट. जो लोग नौकरी जाने के डर से अपनी क्षमता से ज्यादा काम कर रहे थे, उन्हें बिना कोई सफाई दिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

कौन है ये कंपनी और क्या दिया बहाना?

सोशल मीडिया पर जब एक पीड़ित कर्मचारी ने अपना दर्द बयां किया, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. सबके पूछने पर उस कंपनी का नाम सामने आया- ब्लूवाइन (Bluevine). ये अमेरिका की एक फ‍िनटेक कंपनी है जो छोटे बिजनेसेस को बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं देती है. कंपनी ने इतने लोगों को निकालने की वजह बताई क‍ि आपकी टीम का परफॉर्मेंस हमारी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा.

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ज्ञानेंद्र म‍िश्रDeputy News Editor

ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्‍हें मीड‍िया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …

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बिहार के हर थाने में बनेगा चाइल्ड हेल्प डेस्क: बच्चों के लिए लॉकअप से अलग सुरक्षित कॉर्नर, CWPO के नेतृत्व में होगा संचालन – Patna News



राज्य के हर थाने में अब चाइल्ड हेल्प डेस्क या चाइल्ड कॉर्नर बनाया जाएगा। पुलिस मुख्यालय के कमजोर वर्ग और अपराध अनुसंधान विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। 2 अक्टूबर 2026 यानी गांधी जयंती तक राज्य के सभी थानों में यह व्यवस्था शुरू करना अनिवार

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इस पहल का मकसद बच्चों और उनके माता-पिता को थाने में शिकायत या मदद के लिए आने पर सुरक्षित, आरामदायक और डर-मुक्त माहौल देना है। चाइल्ड हेल्प डेस्क को थाने के सामान्य लॉकअप से अलग जगह पर बनाया जाएगा। इससे बच्चों का संपर्क लॉकअप या उससे जुड़े माहौल से नहीं होगा। डेस्क को ऐसी जगह बनाने के निर्देश हैं, जो आसानी से दिखे और जरूरतमंद बच्चे या उनके माता-पिता वहां आसानी से पहुंच सकें।

चाइल्ड हेल्प डेस्क या कॉर्नर का संचालन बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO) के नेतृत्व में होगा। डेस्क पर संबंधित CWPO के साथ-साथ जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी (DCPO) का नाम, पदनाम और मोबाइल नंबर भी साफ तौर पर दिखाया जाएगा।

इसका मकसद है कि बच्चों या उनके परिवार को किसी मदद या शिकायत के लिए संबंधित अधिकारी से संपर्क करने में दिक्कत न हो। दिखाए गए मोबाइल नंबरों को चालू रखने और मिली शिकायतों पर तय समय में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बच्चों से जुड़े मामलों में बातचीत और शिकायत दर्ज कराते समय आरामदायक माहौल देने पर भी खास जोर दिया गया है। खासकर लड़कियों से जुड़े मामलों के लिए योग्य महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

महिला पुलिसकर्मी लड़कियों से जुड़ी समस्याओं को समझेंगी, उनकी बात सुनेंगी और जरूरी पुलिस कार्रवाई में मदद करेंगी। इससे बच्चों को अपनी परेशानी खुलकर बताने के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल मिल पाएगा।

शिकायत मिलते ही शुरू होगी कार्रवाई

चाइल्ड हेल्प डेस्क पर बच्चों और उनके अभिभावकों की ओर से मिलने वाली शिकायतों तथा सहायता अनुरोधों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के निपटारे के साथ-साथ उनका उचित रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। वरिष्ठ अधिकारी करेंगे नियमित निगरानी

सिर्फ डेस्क स्थापित करना ही नहीं, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली की मॉनिटरिंग भी निरंतर की जाएगी। संबंधित पुलिस उपाधीक्षक, विशेष अपराध-सह-प्रभारी SJPU और अन्य वरीय जिला पदाधिकारी चाइल्ड हेल्प डेस्क की व्यवस्था और कामकाज की नियमित समीक्षा करेंगे। निगरानी के दौरान यह देखा जाएगा कि डेस्क निर्धारित स्थान पर संचालित हो रहा है या नहीं, संबंधित अधिकारियों के संपर्क नंबर प्रदर्शित हैं या नहीं, शिकायतों पर समय से कार्रवाई की जा रही है या नहीं और मामलों का रिकॉर्ड ठीक से रखा जा रहा है या नहीं। 2 अक्टूबर तक सभी थानों में स्थापना का लक्ष्य पुलिस मुख्यालय ने 2 अक्टूबर 2026 की समयसीमा तय की है। गांधी जयंती तक राज्य के प्रत्येक थाने में Child Help Desk/Child Corner स्थापित करना अनिवार्य होगा। व्यवस्था लागू होने के बाद सभी संबंधित जिलों को इसकी अनुपालन रिपोर्ट 5 अक्टूबर 2026 तक कमजोर वर्ग, अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार को उपलब्ध करानी होगी। इस रिपोर्ट के जरिए यह जानकारी ली जाएगी कि संबंधित थानों में निर्देश के अनुसार चाइल्ड हेल्प डेस्क/कॉर्नर स्थापित किया गया है या नहीं। बच्चों के लिए थाने का माहौल बदलने की कोशिश पुलिस मुख्यालय की इस पहल का व्यापक उद्देश्य बच्चों से संबंधित मामलों में पुलिस व्यवस्था को अधिक बाल-संवेदनशील और सहयोगपूर्ण बनाना है। थाने में अलग और बाल-मित्र स्थान उपलब्ध होने से बच्चों तथा उनके अभिभावकों को अपनी शिकायत या समस्या रखने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। लॉकअप से अलग स्थान, CWPO की जिम्मेदारी, महिला

पुलिसकर्मियों की तैनाती, संपर्क नंबरों का प्रदर्शन, शिकायतों का रिकॉर्ड और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी, इन सभी व्यवस्थाओं को एक साथ लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया को अधिक व्यवस्थित और संवेदनशील बनाने की दिशा में काम होगा।



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मोदी के जन्मदिन पर लालकिला मैदान में मेगा हेल्थ कैंप: दिव्यांगजनों को 3डी प्रिंटेड कृत्रिम अंग, कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल समेत सहायक उपकरण बांटे – New Delhi News




नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर लव कुश रामलीला कमेटी की ओर से गुरुवार को लालकिला मैदान में दिव्यांगजनों और जरूरतमंदों के लिए नि:शुल्क मेगा हेल्थ कैंप लगाया गया। कमेटी के अध्यक्ष अर्जुन कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को आयोजित शिविर में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, नारायण सेवा संस्थान उदयपुर, तारा संस्थान और एलप्स के सहयोग से बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य जांच और सहायक उपकरणों की सुविधा का लाभ उठाया। ट्राईसाइकिल समेत अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित शिविर में विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांगजनों को अत्याधुनिक जापानी तकनीक से निर्मित 3डी प्रिंटेड मॉड्यूलर कृत्रिम अंग और कैलिपर्स, ट्राईसाइकिल समेत अन्य आवश्यक सहायक उपकरण वितरित किए गए। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष किशोर मकवाना और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने लाभार्थियों को कृत्रिम अंग व अन्य उपकरण वितरित किए। अर्जुन कुमार ने कहा कि ऐसे शिविर दिव्यांगजनों का जीवन सुगम बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



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