Tuesday, July 14, 2026
Home Blog

लखनऊ में 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 की तैयारियां शुरू: 10 से 17 वर्ष के बच्चे जिला से राष्ट्रीय स्तर तक पेश करेंगे प्रोजेक्ट – Lucknow News


अतुल कुमार सिंह | लखनऊ2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में शिक्षकों की सबसे अहम भूमिका है। शिक्षक विद्यार्थियों को विज्ञान रटाने के बजाय प्रयोग और अनुभव के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करें। यह बात संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने सोमवार को आंचलिक विज्ञान नगरी में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित शिक्षक कार्यशाला में कही।

कार्यशाला में लखनऊ और कानपुर मंडल के चयनित शिक्षकों ने जिला एवं अकादमिक समन्वयक के रूप में हिस्सा लिया। आंचलिक विज्ञान नगरी के प्रमुख स्वरूप मंडल ने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें।

राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रोजेक्ट पेश करते हैं

राज्य समन्वयक दीपक शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, भारत सरकार पिछले 31 वर्षों से इस कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं।

नोडल एजेंसी इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसाइटी (आईएससीओएस) के कार्यकारी सचिव एवं राज्य प्रधान अन्वेषक डॉ. वी.पी सिंह ने शिक्षकों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने की अपील की। वहीं, बीएसआईपी की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों को क्षेत्र भ्रमण कराया जाए, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों को समझते हुए सीख सकें।

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे

आंचलिक विज्ञान नगरी के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उपयोगी बताया। केएमसी भाषा विश्वविद्यालय के प्रो. सुमन कुमार मिश्रा ने आभार जताया। प्रशिक्षण सत्र में शिक्षकों को समूहों में बांटकर प्रो. डी. राम, प्रो. ओम प्रकाश और प्रो. अरविंद कुमार सिंह ने परियोजना निर्माण और मार्गदर्शन की जानकारी दी। शिक्षकों को विज्ञान नगरी की प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं से भी अवगत कराया गया।

इस वर्ष 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 का विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रखा गया है। कार्यशाला में प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने जिलों में बाल वैज्ञानिकों को तैयार करेंगे। जनपद स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।



Source link

मोतिहारी में फर्जी शिक्षक बहाली का आरोप: डीएम ने डीईओ को जांच के आदेश दिए, टीम गठित; बोले-नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी – Motihari (East Champaran) News




मोतिहारी में शिक्षक नियोजन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव के समक्ष फर्जी बहाली की शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को जांच का निर्देश दिया है। निष्पक्ष जांच की मांग की-शिकायतकर्ता शिकायतकर्ता प्रियांशु राज ने डीएम को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। आरोप है कि रौशन आरा खातून, जो वर्तमान में राजकीय मध्य विद्यालय, टिकैता (पिपराकोठी) में विशिष्ट शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, उनकी नियुक्ति शुरू से ही संदिग्ध रही है। शिकायत के अनुसार, फरवरी 2005 में पंचायत शिक्षक नियोजन के लिए विज्ञापन प्रकाशित हुआ था। उस समय रौशन आरा खातून की जन्म तिथि 14 अप्रैल 1987 के आधार पर उनकी उम्र मात्र 17 वर्ष 10 माह थी, जो नियोजन के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु सीमा से कम है। रोस्टर में उनका नाम शामिल नहीं था यह भी आरोप है कि उन्होंने अपने पति इजहार अंसारी और तत्कालीन पंचायत सचिव की मिलीभगत से आवेदन जमा किया था। उस समय तैयार रोस्टर में उनका नाम शामिल नहीं था। मई 2005 में लगभग 22-23 लोगों को शिक्षा मित्र के रूप में नियोजन पत्र जारी किए गए थे, जिनमें उनका नाम नहीं था। इसके बावजूद, कथित तौर पर तत्कालीन मुखिया के फर्जी हस्ताक्षर से बिना पत्रांक और दिनांक के नियोजन पत्र तैयार कर उनका योगदान करा दिया गया। आरोप है कि नियोजन पत्र पर आवश्यक पदाधिकारियों के हस्ताक्षर भी नहीं थे। विभागीय स्तर पर संरक्षण मिलता रहा शिकायत में कहा गया है कि इन अनियमितताओं के बावजूद उन्हें वर्षों तक विभागीय स्तर पर संरक्षण मिलता रहा और कभी जांच नहीं हुई। उनकी शैक्षणिक योग्यता और परीक्षाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि उन्होंने 2009 की दक्षता परीक्षा सामान्य वर्ग में पास की, जबकि 2024 की सक्षमता परीक्षा उर्दू विषय से उत्तीर्ण की, जिसे विभागीय नियमों के विपरीत बताया जा रहा है। बताया गया है कि सक्षमता परीक्षा के बाद विशिष्ट शिक्षिका के रूप में उनके योगदान को वर्तमान प्रधानाध्यापक ने भी स्वीकृति नहीं दी है। इधर, शिकायत पत्र मिलने के बाद डीएम सौरभ सुमन यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीईओ को जांच का आदेश दिया है। इस संबंध में डीईओ राजन गिरी ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के लिए टीम गठित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



Source link

पब्लिक प्लेस पर पोर्न देखने पर रोक की मांग खारिज: सुप्रीम कोर्ट बोला- सरकार के पास जाएं, यह कानून बनाने वालों का मामला है


  • Hindi News
  • National
  • Supreme Court Dismisses Plea To Ban Pornography In Public Places | India

7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने पब्लिक प्लेस पर पोर्नोग्राफी देखने पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यह कानून का नहीं बल्कि पॉलिसी का मामला है। इस पर फैसला केंद्र सरकार और विषय विशेषज्ञों को करना चाहिए।

कोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा निश्चित रूप से अहम है, लेकिन इसमें ऐसा कोई कानूनी प्रश्न नहीं है जिस पर कोर्ट को विचार करना पड़े। यह तकनीकी विकास और विशेषज्ञों की स्टडी से जुड़ा नीतिगत विषय है, जो मुख्य रूप से सूचना मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच ने याचिकाकर्ता को केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखने की सलाह दी। साथ ही कहा कि इस मामले में अदालत के हस्तक्षेप जरूरी नहीं है।

याचिकाकर्ता के 2 दावे…

  • इंटरनेट पर हर सेकंड 5,000 पोर्न साइट्स देखी जाती हैं।
  • इंटरनेट के जरिए 2 करोड़ से ज्यादा पोर्न वीडियो/क्लिप्स जारी किए जा रहे हैं।

याचिका में दावा- इंटरनेट पर अश्लील सामग्री तक पहुंच आसान

यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता बीएल जैन ने दायर की थी। याचिका में केंद्र सरकार को राष्ट्रीय नीति और कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश देने की मांग की गई थी ताकि विशेषकर नाबालिगों के बीच पोर्नोग्राफी की पहुंच को रोका जा सके।

याचिका में दावा किया गया कि इंटरनेट पर पोर्नोग्राफी कंटेट आसानी से मिल जाता है। और यह लगातार बढ़ रहा है। हर सेकंड हजारों पोर्न वेबसाइट देखी जा रही हैं। अश्लील सामग्री की आसान उपलब्धता के कारण इसकी लत बढ़ रही है और इससे यौन अपराधों में भी बढ़ोतरी हो रही है।

याचिका में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A का हवाला देते हुए कहा गया था कि केंद्र सरकार के पास आपत्तिजनक ऑनलाइन सामग्री तक सार्वजनिक पहुंच रोकने की शक्ति है।

क्या भारत में पोर्न देखना अपराध है?

भारतीय कानून में वयस्क व्यक्ति द्वारा निजी स्थान पर पोर्न देखना अपने-आप में अलग से अपराध घोषित नहीं किया गया है। लेकिन ये कार्य अपराध हो सकते हैं, जब कोई पोर्न बनाता है या बेचता है। सार्वजनिक रूप से अश्लील सामग्री दिखाना, बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री रखना, देखना या शेयर करना भी अपराध के दायरे में आता है।

इसके अलावा बिना सहमति किसी का निजी वीडियो फैलाना, अश्लील सामग्री का इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण करना भी कानूनन अपराध माना जाएगा।

——————–

ये खबर भी पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO के दुूरुपयोग पर चिंता जताई: कहा- लड़का-लड़की को भागने से सरकार कैसे रोकेगी, यह नई चीजें आजमाने की उम्र

सुप्रीम कोर्ट ने किशोर-किशोरियों के बीच सहमति से बने संबंधों में पॉक्सो (POCSO) कानून के कथित दुरुपयोग पर चिंता जताई है। अदालत ने सोमवार को कहा कि जब किसी लड़के और लड़की के बीच संबंध हो और वे साथ चले जाएं, तो हर मामले को स्वतः पॉक्सो का केस नहीं माना जा सकता।पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

गैस पाइपलाइन हादसा: हाईकोर्ट ने जांच पर जताई नाराजगी: ACP को किया तलब, केस डायरी देखकर बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी उठाए सवाल – Indore News




विजय नगर स्थित अवंतिका गैस पाइपलाइन हादसे को लेकर सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लचीली जांच को लेकर गहरी नाराजगी जताई। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए और केस डायरी पेश की। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने जांच की दिशा और गंभीरता पर सवाल उठाते हुए असंतोष व्यक्त किया। कोर्ट ने कहा कि यदि जांच की स्थिति ऐसी ही है तो फिर यह मामला किसी अन्य एजेंसी को सौंपने की आवश्यकता क्यों न समझी जाए। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए संबंधित एसीपी को स्वयं अगली सुनवाई में उपस्थित होकर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। बोरिंग मशीन की सुपुर्दगी पर भी कोर्ट सख्त सुनवाई के दौरान कोर्ट के संज्ञान में यह बात भी आई कि हादसे से जुड़ी बोरिंग मशीन और वाहन को जिला कोर्ट द्वारा वाहन मालिक की सुपुर्दगी में दिए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। इस तथ्य पर भी कोर्ट ने पुलिस जांच परसवाल उठाए और जांच अधिकारी से जवाब मांगा कि जांच लंबित रहने के दौरान इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई। कोर्ट ने संकेत दिए कि मामले की जांच में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है और कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। जांच की प्रक्रिया और उसकी गति पर भी सवाल खड़े किए। पीड़ितों के अंतरिम मुआवजे पर मांगी सरकार की नीति हादसे में झुलसे पीड़ितों को अब तक राहत राशि नहीं मिलने का मुद्दा भी सुनवाई के दौरान उठा। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा कि ऐसे हादसों में पीड़ितों को अंतरिम मुआवजा देने के संबंध में सरकार की क्या नीति है। कोर्ट ने निर्देश दिए कि अगली सुनवाई तक शासन इस संबंध में अपना स्पष्ट पक्ष और नीति कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करे। अगली सुनवाई 21 जुलाई को निर्धारित की है। इस दौरान एसीपी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने, जांच की प्रगति से अवगत कराने और मुआवजा नीति पर शासन की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।



Source link

इसमें आलू नहीं पड़ता…क्या आपने कभी खाया दूध और मखाने वाला बलिया का समोसा?


Last Updated:

Potato-free samosa recipe : बलिया अब केवल अपने बागी इतिहास तक सीमित नहीं, बल्कि एक नए और अनोखे स्वाद की खुशबू से लुभा रहा है. यहां ऐसा समोसा बन रहा है, जिसमें आलू नहीं, बल्कि दूध, काजू और मखाने का प्रयोग किया जाता है. यही अनोखेपन ने इसे लोगों की पहली पसंद बना दिया है. दुकानदार संजय कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि जब सीक्रेट मसाले को समोसे की कुरकुरी परत में भरकर तला जाता है, तो इसकी खुशबू दूर से ही लोगों को आकर्षित करने लगती है. यही स्वाद इसे आम समोसों से अलग बनाती है. ग्राहकों की सुविधा के लिए राज स्वीट्स सिकंदरपुर वाले ने आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के सामने अपनी नई शाखा शुरू की है.

बलिया में तैयार होने वाला यह समोसा पारंपरिक समोसे से बिल्कुल अलग है. जहां अधिकांश समोसों की जान आलू होता है, इसमें आलू का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया जाता है. इसकी जगह दूध, मखाना और खास मसालों से मिश्रण तैयार कर समोसे में भरा जाता है. इसी के कारण पहली बार इसे खाने वाला हर व्यक्ति इसके स्वाद और बनावट की तारीफ करता है.

इस अनोखे और स्पेशल समोसे की तैयारी सुबह से ही शुरू हो जाती है. प्रतिदिन लगभग 30 से 40 किलो ताजा दूध बड़े भगोनों में उबाला जाता है. लगभग दो किलो मखाना दूध में डालकर धीमी आंच पर पकाया जाता है. जब मखाना पूरी तरह दूध में घुल-मिल जाए, तब इससे एक विशेष प्रकार का पनीर तैयार किया जाता है, जो इस समोसे की बड़ी खासियत है.

दुकानदार संजय कुमार के मुताबिक, पनीर बनने के बाद उसमें इस्तेमाल किए जा रहे खास मसालों का मिश्रण गोपनीय रखा गया है, ताकि कोई इसका नकल न कर सके. इसमें स्वाद को बेहतर बनाने के लिए बारीक कटे काजू भी डाले जाते हैं. यह मिश्रण जब समोसे की कुरकुरी परत में भरकर सुनहरा तला जाता है, तो इसकी खुशबू दूर से ही लोगों को आकर्षित करने लगती है. यही स्वाद इसे आम समोसों से अलग बनाती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

अपने खासियत के चलते ही यह समोसा सुर्खियां बटोर रहा है. जनपद बलिया शहर और आसपास के कई इलाकों से लोग केवल इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं. बलिया रेलवे स्टेशन के पास दुकान होने से बाहर से आने वाले यात्री भी यहां रुककर इस खास समोसे का आनंद लेते हैं और कई लोग पैक कराकर अपने घर भी ले जाते हैं. इस समोसे के स्वाद का जलवा दूर-दूर तक फैल चुका है.

पहले यह दुकान जिले के सिकंदरपुर में थी, जो सिकंदरपुर वाले मशहूर हो गई, बढ़ती मांग को देखते हुए यह स्वाद अब बलिया शहर तक पहुंच गया है. ग्राहकों की सुविधा के लिए राज स्वीट्स सिकंदरपुर वाले ने आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के सामने अपनी नई शाखा शुरू की है, जो मुख्य शहर में स्थित है. इससे शहर के लोगों को अब सिकंदरपुर तक जाने की जरूरत नहीं है.

बगैर आलू के इस समोसे की खासियत न केवल इसका अलग भरावन से है, बल्कि इसकी गुणवत्ता बेहतर है. ताजा दूध, मखाना, पनीर, काजू और चुने हुए मसालों का संतुलित मिश्रण ही इसको शाही स्वाद प्रदान करता है. इसी के चलते ग्राहक एक बार इसे चखता है, तो वह दोबारा आने को मजबूर हो जाता हैं. इसका स्वाद और गुणवत्ता दोनों लाजवाब है.

बलिया की पहचान अब न केवल ऐतिहासिक तक सीमित है, बल्कि यहां के स्थानीय व्यंजन भी नई पहचान बना रहे हैं. स्वाद का आनंद ले रही सिमरन बताती हैं कि दूध और मखाने से तैयार यह समोसा स्थानीय उद्यम और नवाचार का बेहतरीन उदाहरण है. पारंपरिक व्यंजन में नए प्रयोग ने इसे अलग ही पहचान दे दिया है और यह जिले में आकर्षण बनता जा रहा है.

अगर आप भी बलिया आने का प्लान बना रहे हैं और कुछ ऐसा चखना चाह रहे हैं, जो आम समोसे से बिल्कुल अलग हो, तो यह दूध-मखाना समोसा जरूर ट्राई करें. यकीन मानिए, इसका अनोखा स्वाद, खास बनाने की विधि और देसी अंदाज हर निवाले को यादगार बना देता है. इसी के कारण यह समोसा आज बलिया में नई स्वाद बनकर दूर-दूर तक अपनी खुशबू फैला रहा है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। उत्तर प्रदेश की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें|



Source link

सांवलिया सेठ के भंडार से निकले 10.11 करोड़ रुपए: पहले चरण की गिनती पूरी, अंतिम दिन होगी सोने-चांदी की भेंट की तौल – Chittorgarh News




मेवाड़ के कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में चतुर्दशी के मौके पर सोमवार को भंडार खोला गया। पहले ही राउंड में दानपात्र से निकली राशि की काउंटिंग 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए तक पहुंच गई। पूरे दिन बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने मिलकर काउंटिंग की। अब मंगलवार को अमावस्या होने के कारण काउंटिंग नहीं होगी। इसके बाद 15 जुलाई, बुधवार को बाकी राशि की काउंटिंग का काम आगे बढ़ेगा। अभी चेक, ऑनलाइन मिले दान और सोने-चांदी के चढ़ावे का हिसाब भी बाकी है, जिसे आखिरी दिन पूरा किया जाएगा। सुबह आरती के बाद शुरू हुई काउंटिंग श्री सांवलियाजी मंदिर में तय परंपरा के अनुसार चतुर्दशी पर भंडार खोला गया। दिन की शुरुआत मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। बाद में राजभोग आरती की गई। इसके बाद दानपात्र खोले गए और उनमें से निकली राशि की काउंटिंग शुरू की गई। बैंक कर्मियों और मंदिर मंडल के कर्मचारियों ने पूरे दिन मिलकर नोटों और सिक्कों की गिनती की। शाम तक पहले राउंड की काउंटिंग पूरी होने पर कुल 10 करोड़ 11 लाख 83 हजार रुपए सामने आए। पहले ही दिन 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की काउंटिंग होने से श्रद्धालुओं में भी चर्चा का विषय बना रहा। मंगलवार को नहीं होगी काउंटिंग मंदिर मंडल के अनुसार मंगलवार को अमावस्या होने की वजह से भंडार की काउंटिंग नहीं की जाएगी। इस दिन मंदिर की धार्मिक परंपराओं के अनुसार अन्य व्यवस्थाएं रहेंगी। इसलिए काउंटिंग का काम एक दिन के लिए रोका जाएगा। अब अगला राउंड 15 जुलाई, बुधवार को होगा। उसी दिन फिर से दानपात्र में निकली बाकी राशि की काउंटिंग शुरू की जाएगी। काउंटिंग पूरी होने के बाद ही इस बार भंडार में कुल कितना दान आया, इसकी अंतिम तस्वीर सामने आएगी। अभी चेक, ऑनलाइन दान और चढ़ावे का हिसाब बाकी पहले राउंड में सिर्फ दानपात्र से निकली नकद राशि की काउंटिंग की गई है। इसके अलावा मंदिर को श्रद्धालुओं की ओर से चेक और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी संख्या में दान मिलता है। वहीं सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती चढ़ावे भी अलग से जमा होते हैं। इन सभी की काउंटिंग और वजन का काम आखिरी दिन किया जाएगा। इसके बाद मंदिर मंडल भंडार का अंतिम आंकड़ा जारी करेगा। हर महीने होने वाली इस काउंटिंग पर श्रद्धालुओं के साथ-साथ पूरे मेवाड़ की नजर रहती है, क्योंकि सांवलियाजी मंदिर देश के प्रमुख आस्था केंद्रों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार दान अर्पित करते हैं।



Source link

BSNL का 365 दिन चलने वाला एनुअल प्लान, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ मिलेंगे कई बेनिफिट्स


BSNL के 365 दिन वैलिडिटी वाले खास प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स ऑफर किए जा रहे हैं। भारत संचार निगम लिमिटेड ने पिछले कुछ महीनों में कई नए रिचार्ज प्लान पेश किए हैं, जिनमें यूजर्स को कम खर्च में कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स ऑफर किए जाते हैं। सरकारी टेलीकॉम ऑपरेटर के ये प्लान निजी कंपनियों के मुकाबले सस्ते होते हैं और इनमें ज्यादा बेनिफिट्स ऑफर किए जाते हैं।

BSNL का 365 दिन वाला प्लान

भारत संचार निगम लिमिटेड ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस प्रीपेड प्लान के बारे में जानकारी शेयर की है। बीएसएनएल का यह प्लान 2799 रुपये में आता है, जिसमें 365 दिनों की वैलिडिटी ऑफर की जाती है। इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है।

BSNL का यह प्रीपेड प्लान डेली 3GB हाई स्पीड डेटा और 100 फ्री SMS के साथ आता है। इस तरह से यूजर्स को भारत संचार निगम लिमिटेड के इस प्लान में कुल 1,095GB डेटा का लाभ मिलता है।

BSNL का सैटेलाइट फोन

भारत संचार निगम लिमिटेड ने हाल ही में सैटेलाइट फोन लॉन्च किया है, जिसमें यूजर्स को बिना मोबाइल नेटवर्क में भी कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। इस सैटेलाइट फोन की कीमत 1,34,166 रुपये हैं। हालांकि, इस फोन को हर कोई नहीं खरीद सकता है। इसके लिए दूरसंचार विभाग यानी DoT से खास परमिशन की जरूरत होती है। बिना दूरसंचार विभाग के ऑथोराइजेशन के इस फोन को नहीं यूज किया जा सकेगा।

BSNL ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस सैटेलाइट फोन की जानकारी शेयर की है। यह फोन चैलेंजिंग वातावरण में भी काम करता है। इसे खास तौर पर डिफेंस, मेरीटाइम, डिजास्टर रिस्पॉन्स, माइनिंग, रिमोट ऑपरेशन और एडवेंचर ट्रेवल के लिए डिजाइन किया गया है।

फ्रीडम ऑफर किया एक्सटेंड

भारत संचार निगम लिमिटेड ने नए यूजर्स के लिए अपने 51 रुपये वाले फ्रीडम ऑफर को 31 अगस्त तक एक्सटेंड कर दिया है। इस ऑफर को कंपनी ने मई में लॉन्च किया था। भारत संचार का यह ऑफर पहले 30 जून 2026 तक के लिए था, लेकिन कंपनी ने इसमें एक्सटेंशन करने का फैसला किया है। भारत संचार निगम अपने इस ऑफर में यूजर्स को महज 51 रुपये में 28 दिनों की वैलिडिटी दे रहा है। यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स मिलेंगे।

यह भी पढ़ें – Samsung Galaxy S27 Pro में मिलेगा 200MP कैमरा, डिजाइन में होगा बड़ा बदलाव!





Source link

जून में 4.38% पहुंची रिटेल महंगाई, जानें क्‍या-क्‍या हुआ महंगा


Last Updated:

जून 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जो मई में 3.93% थी. महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दाम में बढ़ोतरी रही. खाद्य महंगाई 5.32% और फूड-बेवरेज महंगाई 5.05% दर्ज की गई. इसके अलावा कपड़े, जूते-चप्पल, हाउसिंग और घरेलू सामान भी महंगे हुए हैं. इससे आम लोगों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ने की संभावना है.

Zoom

जून 2026 में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई, जो मई में 3.93% थी.

जून महीने में आम लोगों को बड़ा झटका लगा है. रोजमर्रा की कई जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण रिटेल महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 4.38% हो गई है. मई में यह 3.93% थी. यानी एक महीने में महंगाई में 0.45 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

महंगाई बढ़ने का सबसे ज्यादा असर खाने-पीने की चीजों पर देखने को मिला है. इसके अलावा कपड़े, जूते-चप्पल, घर से जुड़ी सेवाएं और घरेलू सामान भी पहले के मुकाबले महंगे हुए हैं. ऐसे में आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है.

खाने-पीने की चीजें हुईं और महंगी

फूड , बेवरेज महंगाई 4.55% से बढॉकर 5.05% (MoM) (PTI Photo)

जून में खाद्य महंगाई (Food Inflation) बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई. वहीं फूड और बेवरेज महंगाई भी 4.55% से बढ़कर 5.05% हो गई.  इसका मतलब है कि सब्जियां, फल, दूध, अनाज और दूसरी खाने-पीने की चीजों के दाम पहले के मुकाबले बढ़े हैं. खाने-पीने की चीजों की कीमतें बढ़ने का सीधा असर हर घर के खर्च पर पड़ता है. खासकर मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों का मासिक बजट इससे ज्यादा प्रभावित होता है.

शहर से लेकर गांव तक बढ़ी महंगाई

रिपोर्ट के अनुसार, शहरी महंगाई मई के 3.53% से बढ़कर जून में 3.92% हो गई. वहीं ग्रामीण महंगाई भी 4.25% से बढ़कर 4.74% पहुंच गई. इसका मतलब है कि शहरों के साथ-साथ गांवों में भी रोजमर्रा की चीजें महंगी हुई हैं. ग्रामीण इलाकों में महंगाई की दर शहरों की तुलना में अधिक रही, जिससे वहां रहने वाले लोगों पर भी अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ सकता है.

कपड़े, घर का सामान और हाउसिंग भी हुई महंगी

रिपोर्ट के मुताबिक, कपड़े, जूते और चप्पल से जुड़ी महंगाई बढ़कर 3.23% हो गई है. वहीं, हाउसिंग और यूटिलिटी यानी घर से जुड़ी सेवाओं की महंगाई बढ़कर 1.99% दर्ज की गई. इसके अलावा फर्निशिंग और घरेलू उपकरणों की महंगाई भी बढ़कर 2.19% हो गई. यानी घर के इस्तेमाल का सामान खरीदना पहले की तुलना में थोड़ा महंगा हो गया है. हालांकि, पान, तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों की महंगाई में कोई बदलाव नहीं हुआ. यह लगातार 4.83% पर बनी हुई है.

अलग-अलग राज्यों में महंगाई डेटा

जून में रिटेल महंगाई दर 4.38 फीसदी रही. (PTI)

चार्ट के अनुसार, तेलंगाना में सबसे अधिक CPI (6.36%) और खाद्य महंगाई (7.79%) दर्ज की गई है. आंध्र प्रदेश में रिटेल महंगाई सबसे ज्यादा 8.18% रही, जबकि CPI 5.39% है.  तमिलनाडु (CPI 5.24%, खाद्य महंगाई 7.08%) और ओडिशा (CPI 5.15%, खाद्य महंगाई 6.40%) में भी महंगाई अपेक्षा ऊंची रही. वहीं, मध्य प्रदेश में इन पांच राज्यों में सबसे कम CPI 5.09% और खाद्य महंगाई 4.94% दर्ज की गई है.

About the Author

authorimg

यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव एक अनुभवी बिजनेस राइटर हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में दो साल का अनुभव है। ये नेटवर्क18 के साथ मनी सेक्शन में सब-एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यशस्वी का फोकस बिजनेस और फाइनेंस से जुड़ी खबरों को रिस…और पढ़ें



Source link

शामली में 2kv कनेक्शन बढ़ाने के मैसेज से उपभोक्ता परेशान: विभाग बोला- सभी का नहीं बढ़ेगा लोड, सिर्फ ज्यादा खपत वालों को भेजे जा रहे संदेश – Shamli News




शामली सर्किल क्षेत्र में 2 किलोवाट बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट में अपग्रेड कराने संबंधी संदेश मिलने के बाद लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता जानकारी लेने के लिए बिजली विभाग के उपखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं और लोड बढ़ने को लेकर अपनी शंकाएं दूर कर रहे हैं। उपखंड अधिकारी शामली विनीत वर्मा ने स्पष्ट किया कि विभाग सभी 2 किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का लोड नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि ये संदेश केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को भेजे गए हैं, जिनके यहां लगातार तीन महीने तक स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली लोड दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि 2 किलोवाट कनेक्शन पर लगातार 2.1 किलोवाट या उससे अधिक लोड इस्तेमाल होता है तो इसे अतिरिक्त भार माना जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं पर नियमों के अनुसार करीब 660 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। 3 किलोवाट कराने पर बिल में मामूली अंतर विनीत वर्मा ने बताया कि विभाग ऐसे उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से कनेक्शन क्षमता 3 किलोवाट कराने की सलाह दे रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य उपयोग की स्थिति में 2 किलोवाट से 3 किलोवाट कनेक्शन कराने पर बिजली बिल में लगभग 27 रुपये का ही अंतर आएगा। स्वतः नहीं बढ़ाया जा रहा किसी का लोड उपखंड अधिकारी ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन की ओर से किसी भी उपभोक्ता का लोड अपने आप नहीं बढ़ाया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के यहां पिछले तीन माह से निर्धारित सीमा से अधिक खपत दर्ज हुई है, केवल उन्हीं को एसएमएस भेजकर वास्तविक लोड के अनुसार कनेक्शन अपडेट कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कार्यालय पहुंचकर दूर कर सकते हैं शंकाएं बिजली विभाग ने बताया कि उपभोक्ताओं की सभी समस्याओं और शंकाओं का समाधान उपखंड कार्यालय में किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से लोगों को नियमों की जानकारी देकर सही क्षमता के अनुसार कनेक्शन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।



Source link

दिल्ली सरकार का लक्ष्य 70 लाख पौधे: जनभागीदारी से बनेगी हरित राजधानी, सीएम बोलीं- हर दिल्लीवासी लगाए एक पौधा – New Delhi News




दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधारोपण अभियान के तहत सोमवार को सीएम रेखा गुप्ता ने मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में पौधारोपण किया। ‘हरित दिल्ली संकल्प’ के तहत आयोजित इस अभियान में मॉडल टाउन में करीब 1,100 पौधे लगाए गए। इनमें सेंट्रल वर्ज, मेट्रो कॉरिडोर के नीचे और सड़कों के दोनों ओर हरित पट्टियां विकसित की जा रही हैं। सीएम ने कहा कि हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा दिल्ली सरकार राजधानी के हर उपयुक्त खाली स्थान को हरित क्षेत्र में बदलने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाकर 70 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करने में भागीदारी निभाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी शुरुआत कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अशोक गोयल, स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सीएम ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को मेगा प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल https://greendrive.delhivanmahotsav.in भी शुरू किया है। उन्होंने कहा’एक पेड़ मां के नाम’ केवल पौधारोपण अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान का जनआंदोलन है। यह अभियान नागरिकों को प्रकृति से जोड़ते हुए दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। ऐसे जुड़े अभियान से…



Source link