Monday, June 29, 2026
Home Blog

तैमूर-जेह को कैसा ‘धार्मिक’ पाठ पढ़ा रहे सैफ अली खान? बोले- ‘ईश्वर एक है, बस नाम अलग हैं’


Last Updated:

एक्टर सैफ अली खान और उनका परिवार अक्सर अपनी धार्मिक आस्था की वजह से ट्रोल्स के निशाने पर रहा है. करीना कपूर से शादी के वक्त ‘लव जिहाद’ जैसे आरोप लगे. एक्टर ने बताया कि वे अपनी पत्नी करीना कपूर और बच्चों के साथ धर्म और आध्यात्मिकता पर खुलकर बात करते हैं. सैफ अली खान का मानना है कि ईश्वर एक है, बस उसके नाम अलग हैं. वे बच्चों को धर्म से परे प्यार और माफी की सीख देते हैं.

ख़बरें फटाफट

Zoom

सैफ अली खान का धर्म पर बेबाक राय

नई दिल्ली: सैफ अली खान एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते हैं जहां माता-पिता अलग-अलग धर्मों से थे. एक्टर के पिता मशहूर क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी मुस्लिम थे और मां शर्मिला टैगोर हिंदू थीं. सैफ ने खुद भी दो बार अलग-अलग धर्मों में शादियां की हैं, पहले अमृता सिंह से और फिर साल 2012 में करीना कपूर से. बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान आमतौर पर निजी मसलों पर बात करने से बचते हैं, मगर अब उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था और उनका बच्चों पर प्रभाव पर बात की है. वे अपने करीबियों के साथ धर्म और अध्यात्म पर बात करते हैं. सैफ ने एक इंटरव्यू में खुलकर बताया कि वे करीना से हुए अपने दोनों बेटों तैमूर और जहांगीर के साथ अक्सर धर्म और आध्यात्मिकता पर खुलकर बातचीत करते हैं.

सैफ अली खान का मानना है कि वे खुद ज्यादा धार्मिक इंसान नहीं हैं, इसलिए वे बच्चों पर कोई खास विचारधारा थोपने के बजाय उन्हें एक खुली सोच देना पसंद करते हैं. उन्हें उनकी मां शर्मिला टैगोर ने सिखाया था कि ईश्वर एक ही है, बस उसके नाम और उसे पूजने के तरीके अलग-अलग हैं. यही खूबसूरत सीख वे अब अपने बच्चों को भी दे रहे हैं. सैफ ने हंसते हुए एक मजेदार किस्सा भी सुनाया. उन्होंने ‘वी द वुमन’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि वे बचपन में एक ऐसे स्कूल और माहौल में पले-बढ़े जहां रोज सुबह चर्च में ईसाई प्रार्थना के साथ दिन की शुरुआत होती थी. एक बार उन्होंने इस प्रार्थना से बचने के लिए स्कूल में कह दिया कि वे दूसरे धर्म के हैं, तो स्कूल वालों ने उनके लिए अलग से एक मौलवी साहब को ही बुला लिया, जिसके बाद उनका यह बहाना धरा का धरा रह गया.

सेक्युलर होता है घर का माहौल
सैफ का कहना है कि उनके घर में शुरू से ही बहुत सेक्युलर माहौल रहा है, जहां दिवाली और क्रिसमस दोनों ही त्योहार बराबर उत्साह के साथ मनाए जाते हैं. सैफ ने अपने 9 साल के बेटे तैमूर के साथ हुई एक हालिया बातचीत का जिक्र भी किया, जहां उन्होंने तैमूर से पूछा था कि धर्म और काम करने के तरीके (मैथोडोलॉजी) में क्या अंतर है? इस पर छोटे से तैमूर ने बड़ा ही समझदारी भरा जवाब दिया कि धर्म में हम प्रार्थना करते हैं, जबकि मैथोडोलॉजी में ऐसा नहीं होता. सैफ अपने बेटे के इस जवाब से बेहद खुश हुए और उन्होंने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें और उनकी पत्नी करीना को एक जैसी खुली और आध्यात्मिक सोच मिली है.

इंटरफेथ मैरिज में आई दिक्कतें
सैफ की छोटी बहन और एक्ट्रेस सोहा अली खान ने कुछ समय पहले खुलासा किया था कि जब उन्होंने कुणाल खेमू से शादी की थी तो उन्हें समाज में काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. उस दौरान ‘लव जिहाद’ और ‘घर वापसी’ जैसी अजीबोगरीब बातें और हेडलाइंस बनाई जा रही थीं, जैसे लोग धर्म को कोई खेल समझ रहे हों. सैफ की मां शर्मिला टैगोर को भी पटौदी साहब से शादी करने के लिए अपना नाम बदलकर आयशा रखना पड़ा था.

About the Author

authorimg

Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





Source link

रालोद कार्यकर्ताओं ने खुद किया केंद्रीय विद्यालय का उद्घाटन: शामली में भीड़ की वजह से जयंत चौधरी नहीं पहुंच सके, एसपी ने संभाली कमान – Shamli News




शामली के कांबडौत गांव में केंद्रीय विद्यालय के शिलान्यास कार्यक्रम में अव्यवस्था फैल गई। राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के अध्यक्ष जयंत चौधरी भीड़ के कारण उद्घाटन स्थल तक नहीं पहुंच पाए। कार्यकर्ताओं ने खुद ही विद्यालय का उद्घाटन कर दिया। बाद में जयंत चौधरी ने शिलान्यास किया। कार्यक्रम के दौरान रालोद कार्यकर्ताओं ने भारी अव्यवस्था फैलाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शामली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) एनपी सिंह को स्वयं कमान संभालनी पड़ी। एसपी ने ही जयंत चौधरी को उद्घाटन स्थल और फिर शिलान्यास के लिए मंच तक पहुंचाया। केंद्रीय विद्यालय के उद्घाटन के अवसर पर रालोद ने एक जनसभा का आयोजन किया। सभा को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ गांव के किसानों तक पहुंच रहा है।
जयंत चौधरी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर स्पष्ट किया कि भाजपा के साथ गठबंधन जारी रहेगा। राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस मामले में एसआईटी जांच कर रही है और उन्हें निष्पक्ष जांच का भरोसा है। रालोद प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार में उनकी पार्टी की भागीदारी है और केंद्र सरकार एक ऐसा कानून लाने जा रही थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्हू और क्रशर आधारित रोजगार पर संकट खड़ा हो सकता था। उन्होंने कहा कि रालोद ने किसानों और ग्रामीणों की आवाज केंद्र सरकार तक पहुंचाई, जिसके बाद वह कानून लागू नहीं हो सका। इसका लाभ आज उत्तर प्रदेश के हजारों किसानों और इससे जुड़े लोगों को रोजगार के रूप में मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। शामली में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना भी इसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शामली को जिला बने काफी समय हो गया था, लेकिन यहां केंद्रीय विद्यालय नहीं था। अब भारत सरकार ने जिले को केंद्रीय विद्यालय की सौगात दी है, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा।
युवाओं को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि वे सरकार की योजनाओं पर भरोसा रखें और आईटीआई, पॉलिटेक्निक जैसे तकनीकी शिक्षण संस्थानों से जुड़ें। उन्होंने कहा कि ये संस्थान युवाओं के बेहतर भविष्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा। वहीं, राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी कर रही है। उन्हें विश्वास है कि जांच निष्पक्ष होगी और “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों की धार्मिक संस्थाओं में आस्था है और जांच एजेंसी तथ्यों के आधार पर सच्चाई सामने लाएगी।



Source link

नाबालिग का अपहरण कर भागा आरोपी दमोह से गिरफ्तार: 16 वर्षीय नाबालिग को विनायका से लेकर गया, लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने पकड़ा – Sagar News




सागर की विनायका थाना पुलिस ने नाबालिग का अपहरण कर भागे आरोपी को दमोह से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया गया है। थाने लाकर आरोपी से पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, रविवार को फरियादी ने थाने में शिकायत की। शिकायत में बताया कि उनकी 16 वर्ष 7 माह आयु की नाबालिग भतीजी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया। तत्काल टीम गठित कर आरोपी की तलाश में लगाई गई। टीम ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस की। संदिग्ध आरोपी की लोकेशन दमोह में मिली। पुलिस टीम ने लोकेशन के आधार पर दमोह में दबिश दी और आरोपी लाल सिंह पिता नंदराम अहिरवार उम्र 25 साल को ग्राम कुमेरिया दमोह को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। आरोपी को सागर लाकर पूछताछ की। नाबालिग को परिवार के सुपुर्द किया विनायका थाना प्रभारी भूपेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी लाल सिंह को न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायालय ने आरोपी को बंडा उप जेल भेज दिया है। दस्तयाब की गई नाबालिग को कार्रवाई के बाद परिजनों के सुपुर्द किया गया है।



Source link

दरभंगा में मारपीट मामले में 4 को पुलिस ने पकड़ा: दो समुदायों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर फेंके थे, 18 को किया नामजद – Darbhanga News




दरभंगा में शनिवार को दो समुदायों के बीच मारपीट हो गई। पथराव और लाठी-डंडे भी चले। मामले में 18 नामजद और 10 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। एफआईआर थानाध्यक्ष हायाघाट रविन्द्र कुमार भारती ने दर्ज कराई है। प्राथमिकी के अनुसार, वे पुलिस बल के साथ क्षेत्र में गश्ती पर निकले थे। इसी दौरान शाम करीब 6:45 बजे सूचना मिली कि रजौली गांव में 2 पक्षों के बीच मारपीट और जानलेवा हमला हो रहा है। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। घटना हायाघाट थाना क्षेत्र के रजौली गांव की है। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर पहुंचने पर करीब 20 से 30 लोग सड़क पर दो गुटों में बंटकर एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडा और भाला से हमला कर रहे थे। पुलिस ने समझाने और रोकने की कोशिश की बावजूद दोनों पक्षों के लोग शांत नहीं हुए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने इन लोगों को पकड़ा पुलिस ने मौके से रजौली निवासी मो. डब्लू, मो. एजाज, मो. राजा और शिवम कुमार को पकड़ा। बाद में स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर अन्य आरोपितों की पहचान की गई।
प्राथमिकी में बताया गया है कि ग्रामीणों के अनुसार विवाद की शुरुआत एक बगीचे (गाछी) में हुई थी। बताया गया कि राज सहनी ने मो. फैयाज का मोबाइल नंबर मांगा। मोबाइल नंबर नहीं देने को लेकर कहासुनी हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग जुट गए और विवाद सामुदायिक तनाव का रूप ले बैठा।
इन लोगों को बनाया गया आरोपित
मामले में मुस्लिम समुदाय के मो. अशरफ, मो. बब्लू, मो. फैयाज, मो. अख्तर, मो. जफर, मो. खुर्शीद, मो. सोनू समेत अन्य अज्ञात लोगों और दूसरे पक्ष के राज सहनी, पवन कुमार सहनी, अमरजीत महतो, मोनू पंडित, रंजन महतो, कुमोद महतो, चंदन महतो सहित अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है। हायाघाट थाना में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 190, 191(2), 191(3), 109, 115(2), 126(2), 118(1), 117(2), 352 एवं 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शांति भंग करने का प्रयास किया गया। पुलिस की निगरानी जारी
घटना के बाद गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। मामले में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।



Source link

लोहे के तवे पर रोटी बार-बार जलती है? नमक वाली ट्रिक से हर रोटी बनेगी फूली-फूली


Last Updated:

Iron Tawa Roti Tips: अगर लोहे के तवे पर रोटी चिपक जाती है या जल जाती है, तो सिर्फ तेल और नमक से यह परेशानी दूर हो सकती है. कंटेंट क्रिएटर साक्षी राजपूत ने तवे को तैयार करने का आसान तरीका बताया है. इस ट्रिक से तवा चिकना हो जाता है और रोटियां अच्छी तरह फूलती हैं. जानिए पूरा तरीका.

ख़बरें फटाफट

Zoom

रोटी बनाने की ट्रिक

Iron Tawa Roti Tips: आज भी ज्यादातर भारतीय घरों में रोटी लोहे के तवे पर ही बनाई जाती है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि तवा नया हो या लंबे समय से सही तरीके से साफ न किया गया हो, तो रोटी उस पर चिपकने लगती है या फिर एक तरफ से जल जाती है. इसका असर सिर्फ रोटी की खूबसूरती पर नहीं बल्कि उसके स्वाद पर भी पड़ता है. कई लोग सोचते हैं कि तवा खराब हो गया है, जबकि असली वजह उसकी सही तरीके से तैयारी न होना होती है.

कंटेंट क्रिएटर साक्षी राजपूत ने एक बेहद आसान और देसी तरीका बताया है, जिसमें सिर्फ तेल और नमक की मदद से लोहे के तवे को इस तरह तैयार किया जा सकता है कि रोटियां न तो चिपकेंगी और न ही जलेंगी. इतना ही नहीं, रोटियां पहले से ज्यादा फूली-फूली और मुलायम बनेंगी. अगर आप भी इस परेशानी से परेशान रहते हैं, तो यह आसान किचन ट्रिक जरूर जान लें.

रोटी तवे पर क्यों चिपकती या जलती है
लोहे के तवे की सतह समय के साथ खुरदरी हो जाती है. अगर तवा नया है तो उसकी सतह पर बेहद छोटे छेद होते हैं. वहीं पुराने तवे पर जंग, जमी हुई गंदगी या साबुन के अवशेष भी रह सकते हैं. यही वजह है कि रोटी तवे पर चिपकने लगती है और एक तरफ से जल्दी जल जाती है. इसलिए तवे की सही तैयारी बहुत जरूरी होती है.

तेल और नमक क्यों करते हैं कमाल
साक्षी राजपूत के अनुसार नमक तवे की सतह पर जमी गंदगी को हटाने में मदद करता है. वहीं तेल गर्म होकर लोहे की सतह पर एक पतली परत बना देता है, जिसे सीजनिंग कहा जाता है. यह परत तवे को चिकना बनाती है और रोटी को चिपकने से बचाती है. यही कारण है कि रोटी समान रूप से सिकती है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ऐसे करें तवे की सीजनिंग
सबसे पहले तवे को हल्का गर्म कर लें. अब एक चम्मच तेल में एक चम्मच नमक मिलाएं और इस मिश्रण को पूरे तवे पर फैला दें. किसी साफ कपड़े या टिश्यू की मदद से गोल-गोल घुमाते हुए करीब दो से तीन मिनट तक रगड़ें. इससे तवे की सतह अच्छी तरह साफ हो जाएगी और चिकनी भी बन जाएगी.

सफाई करना भी है जरूरी
तेल और नमक से रगड़ने के बाद तवे को हल्का ठंडा होने दें. अब साफ टिश्यू या सूखे कपड़े से पूरा मिश्रण पोंछ दें. इसके बाद थोड़ा सा पानी डालकर फिर से साफ कपड़े से पोंछ लें. इससे नमक के बचे हुए कण भी निकल जाएंगे और तवा रोटी बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा.

अब हर रोटी बनेगी फूली-फूली
जब तवा सही तरीके से तैयार हो जाता है, तो रोटी उसकी सतह पर चिपकती नहीं है. गर्मी पूरे तवे में बराबर फैलती है, जिससे रोटी हर तरफ से समान रूप से सिकती है. यही वजह है कि रोटी आसानी से फूलती है और जलने की संभावना भी काफी कम हो जाती है.

View this post on Instagram





Source link

बांसवाड़ा में भाजपा नेताओं ने सुना ‘मन की बात’ कार्यक्रम: आत्मनिर्भर भारत और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प, जनजाति मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष भी रहे मौजूद – Banswara News




​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें एपिसोड बांसवाड़ा में भी सुना गया। आनंदपुरी के बूथ संख्या 102 पर भाजपा नेताओं ने लाइव प्रसारण सुना। कार्यक्रम के बाद मौजूद लोगों ने देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने और पीएम के विचारों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। ​इस अवसर पर भाजपा और जनजाति मोर्चा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद मीणा, प्रदेश महामंत्री राजेश कटारा, प्रदेश उपाध्यक्ष हकरू भाई मईड़ा, जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, मोर्चा जिलाध्यक्ष खेमराज गरासिया, जिलामंत्री कृष्णा कटारा, सरपंच रावजी भाई, पूर्व जिला परिषद सदस्य तोलाराम निनामा, मण्डल अध्यक्ष प्रकाश डामोर, नाहरपुरा मण्डल अध्यक्ष मनीष कुमार मसार, मोर्चा जिला महामंत्री विनोद कुमार डामोर सहित अन्य उपस्थित थे। ​देश सेवा और समाजहित का लिया संकल्प
​सामूहिक रूप से कार्यक्रम सुनने के बाद भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘मन की बात’ कार्यक्रम देश के आम नागरिकों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। इस एपिसोड में प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और समाजहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण और नवाचार विचारों को साझा किया गया। उपस्थित जनसमूह ने इन विचारों से प्रेरणा लेते हुए पर्यावरण बचाने और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान कार्यक्रम में रतना भाई, गौतम लाल पारगी, मनोहर पारगी, पूर्व सरपंच ललित पाल पटेल, हिम्मतलाल गरासिया की भी मौजूदगी रही।



Source link

दिल्ली में झुग्गियों के लिए ₹700 करोड़ मंजूर: बिधूड़ी का दावा-केजरीवाल सरकार 11 साल में जो नहीं कर पाई, बीजेपी ने 11 महीने में किया – New Delhi News




दक्षिण दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली की झुग्गी-झोंपड़ी (JJ) कॉलोनियों के विकास को लेकर आम आदमी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। बिधूड़ी ने कहा कि जो काम केजरीवाल सरकार 11 साल में नहीं कर पाई, उसे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की भाजपा सरकार ने महज 11 महीने में न सिर्फ प्लान किया, बल्कि जमीन पर लागू भी कर दिया है। सांसद बिधूड़ी ने बताया कि दिल्ली में भाजपा सरकार ने झुग्गी बस्तियों के कायाकल्प और विकास कार्यों के लिए 700 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। इस राशि से झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी। ओखला में बनेगा सबसे बड़ा जन सुविधा परिसर सांसद बिधूड़ी ने तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र के सबसे बड़े झुग्गी कैंप ‘इंदिरा कल्याण विहार’ (ओखला फेज-1) में एक बड़े प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इस जन सुविधा परिसर को बनाने में 66 लाख रुपए खर्च होंगे। इसमें कुल 60 सीटें बनाई जा रही हैं, जिनमें 30 पुरुषों और 30 महिलाओं के लिए होंगी। बिधूड़ी ने इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए फंड जारी करने पर क्षेत्रवासियों की तरफ से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का आभार जताया। मोलडबंद में ₹1.5 करोड़ से बनेंगी सड़कें और नालियां झुग्गी बस्तियों के अलावा दिल्ली के अन्य इलाकों में भी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। बिधूड़ी ने मोलडबंद विस्तार के मेन खजूर रोड पर 1.5 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली सड़क और नालियों के निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया। इस मौके पर स्थानीय विधायक रामसिंह नेताजी, निगम पार्षद हेमचंद गोयल और आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी मौजूद रहे।



Source link

सलमान के बर्ताव से जब हैरान हुआ एक्टर, ‘बजरंगी भाईजान’ का सुनाया किस्सा-‘कई बार मुंह से..’


Last Updated:

सलमान खान के साथ काम कर चुके एक्टर मनोज बख्शी ने फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ का किस्सा सुनाया. वे मानते हैं कि भाईजान पर ‘दबंग’ इमेज जंचती है, मगर असल में वह बहुत दयालु और अच्छे इंसान हैं. उन्होंने भाईजान से जुड़े कई किस्से सुनाए, जो उनकी शख्सियत के कई पहलुओं को बयां करता है. एक्टर ने ‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग का भी किस्सा सुनाया, जब उन्होंने नन्ही हर्षाली मल्होत्रा के उगले चिकन के टुकड़ों को कई बार अपने हाथ में लिया था.

ख़बरें फटाफट

Zoom

सलमान खान की फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ ब्लॉकबक्टर रही थी.

नई दिल्ली: सलमान खान अपने दबंग अंदाज के लिए मशहूर हैं. रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में सबने उनका गुस्सा देखा है. हालांकि, वे बाहर से जितना सख्त दिखते हैं, अंदर से बड़े संवेदनशील इंसान हैं. वे बड़े दिलवाले हैं. अब फिल्म ‘बजरंगी भाईजान’ में उनके साथ काम कर चुके एक्टर मनोज बख्शी ने उनकी शख्सियत के अनजाने पहलू के बारे में बताया है. उन्होंने फिल्म की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा सुनाया.

सलमान खान के साथ जिन सितारों ने काम किया है, वे बताते हैं कि भाईजान बहुत मिलनसार और दूसरों का ख्याल रखने वाले इंसान हैं. मनोज बख्शी ने वरुण तिवारी के साथ इंटरव्यू में ‘बजरंगी भाईजान’ की चाइल्ड एक्टर हर्षाली मल्होत्रा से जुड़ा किस्सा सुनाया. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे सलमान ने ‘बजरंगी भाईजान’ की कास्ट और क्रू के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग का खास इंतजाम किया था.

‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग का अजीब किस्सा
मनोज बख्शी ने कहा, ‘हम ‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग कर रहे थे और उस छोटी बच्ची (हर्षाली मल्होत्रा) को चिकन खाना था. कबीर खान सर ने उससे रोमांच के साथ चिकन का एक टुकड़ा खाने को कहा और खाते समय मुस्कुराने की सलाह दी. अगर उसके मुंह में बड़ा टुकड़ा आ जाता तो वह चबाते समय मुस्कुरा नहीं पाती, तो उसे चिकन के टुकड़े वहीं थूकने पड़ते थे. सलमान ने कम से कम 20 बार उसे अपने हाथ में लिया. वह उनका अपना बच्चा भी नहीं है और वह अपने हाथ में खाना थुकवा रहे हैं. आप इसे जैसे चाहें वैसे सोचें, लेकिन एक स्टार होने के बावजूद वह बहुत अच्छे इंसान हैं.’

जब फैंस ने घेर लिया था सिनेमाहॉल
दिग्गज एक्टर ने एक और किस्सा भी याद किया जब फिल्म की पूरी यूनिट साथ में फिल्म देखने गई थी. जब ‘बजरंगी भाईजान’ की शूटिंग कर रहे थे, तब ‘डॉली की डोली’ रिलीज हुई थी. सलमान खान ने पूरी यूनिट को फिल्म दिखाने का वादा किया. सब लोग एक-साथ फिल्म देखने गए. सलमान भी वहां मौजूद थे. मनोज बख्शी ने याद करते हुए कहा कि जब हम बाहर निकलने वाले थे, तो उनके बॉडीगार्ड्स ने हमें अंदर ही रहने के लिए कहा. दरअसल, खबर फैल गई थी कि सलमान अंदर हैं, इसलिए फैंस ने पूरे थिएटर को घेर लिया.’

दिल से सोचते हैं सलमान खान
सलमान खान के फैंस ने चेतावनी दी कि अगर भाईजान उनसे नहीं मिले तो वे पत्थरबाजी शुरू कर देंगे. वह बाहर गए, उन सभी से मिले और फिर वे सब चले गए. फैंस का सलमान खान के लिए क्रेजी बर्ताव से सभी हैरान थे. मनोज बख्शी मानते हैं कि ‘दबंग’ इमेज सलमान खान के लिए सही है, मगर असल में वह ऐसे इंसान नहीं हैं. उन्होंने भाईजान के अनूठे स्वभाव पर कहा, ‘अगर उन्हें कोई मामूली इंसान भी पसंद आ जाए, तो वह उसके लिए कुछ भी कर सकते हैं. शाहरुख अभी भी दिमाग से सोचते हैं, लेकिन सलमान अपने दिल की सुनते हैं.’

About the Author

authorimg

Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





Source link

फ्रांस में पैराशूट स्कूल का प्लेन क्रैश: 5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट की मौत, ट्रेनिंग के लिए उड़ान भरते ही संतुलन बिगड़ा




पूर्वी फ्रांस के टॉम्बलाइन में रविवार सुबह एक पैराशूटिस्ट स्कूल का सिविलियन एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मरने वालों में 5 स्टूडेंट्स, 5 ट्रेनर और पायलट शामिल हैं। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, म्यूर्थ-ए-मोजेल इलाके के प्रशासनिक अधिकारी (प्रीफेक्ट) यवेस सेगुई ने बताया कि विमान ने नैन्सी-एस्से एयरोड्रोम से उड़ान भरी थी, जिसके बाद स्थानीय समयानुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे यह नैन्सी शहर के पास क्रैश हो गया। 3 पॉइंट्स में समझिए कैसे हुआ हादसा? इमरजेंसी सर्विसेज ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू हादसे की खबर मिलते ही इमरजेंसी सर्विसेज और राहत-बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया है। अधिकारी मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयान दर्ज कर रहे हैं, ताकि हादसे की वजह का पता लगाया जा सके। फ्रांस के गृह मंत्रालय ने घटना पर दुख जताया है और कहा है कि गृह मंत्री खुद हालात का जायजा लेने घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। ब्लास्ट के खतरे के कारण पुलिस ने इलाका सील किया पुलिस की अपील- घटनास्थल की तरफ न जाएं लोग स्थानीय पुलिस ने आम जनता से साल्वाडोर अलेंदे स्ट्रीट इलाके से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है। पुलिस ने X पर पोस्ट कर कहा, “राहत और बचाव काम में लगी टीमों और पुलिस के लिए रास्ता साफ रखें। घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग करें।” रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए ऑपरेशनल सेंटर एक्टिव स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि घटना की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए विभागीय परिचालन केंद्र (COD) को एक्टिव कर दिया गया है। सभी ऑपरेशनल टीमें काम पर लगा दी गई हैं और प्रीफेक्ट खुद मौके पर रहकर रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। यह खबर हम लगातार अपडेट कर रहे हैं… ये भी पढ़ें… सऊदी अरब में हेलिकॉप्टर क्रैश, 14 लोगों की मौत: मरने वाले सभी सऊदी के नागरिक, हेलिकॉप्टर दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का था सऊदी अरब के रास तनुरा में रविवार को दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में हेलिकॉप्टर सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। सऊदी प्रेस एजेंसी (SPA) के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में सवार सभी लोग सऊदी अरब के ही नागरिक थे। हालांकि, क्रैश की वजह की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

SIP बीच में बंद कर देते हैं ज्यादातर लोग! अपनाएं 7-5-3-1 नियम, बन सकता है बड़ा फंड


Last Updated:

7-5-3-1 Rule: बाजार में गिरावट, शुरुआती कम रिटर्न और जल्द अमीर बनने की चाह में कई लोग बीच रास्ते में ही SIP बंद कर देते हैं. अगर आप भी ऐसी गलती से बचना चाहते हैं, तो 7-5-3-1 नियम आपके बहुत काम आ सकता है. यह आसान फॉर्मूला आपको अनुशासित निवेश करने और लंबे समय में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

7-5-3-1 Rule: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग अमीर बनने से ठीक पहले अपनी SIP बंद कर देते हैं. बाजार की मामूली गिरावट और शुरुआती धीमी रफ्तार को देखकर लोग घबरा जाते हैं और बड़ा फंड बनाने का मौका खो देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि निवेश का एक ऐसा जादुई नियम है जो आपको बड़ा फंड बनाने की गारंटी दे सकता है? इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने और मोटी कमाई करने के लिए एक्सपर्ट्स ‘7-5-3-1’ का अचूक फॉर्मूला अपनाने की सलाह देते हैं, जो आपके निवेश करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा.

अगर आप भी अपनी इन्वेस्टमेंट को सही दिशा देना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स 7-5-3-1 के नियम को अपनाने की सलाह देते हैं. यह नियम केवल रिटर्न पर नहीं, बल्कि धैर्य, विविधता और भावनाओं पर काबू रखने पर जोर देता है.

‘7’ का मतलब: कम से कम 7 साल तक टिके रहें
शेयर बाजार में निवेश का असली जादू लंबे समय में ही दिखता है. आंकड़े बताते हैं कि बड़ा फंड बनाने के लिए कम से कम 7 साल का समय जरूरी है. उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक 5,000 रुपये की SIP 3 साल के लिए करता है, तो 12% ब्याज दर से उसका फंड 2.17 लाख रुपये बनेगा, जिसमें मुनाफा सिर्फ 37,000 रुपये होगा. लेकिन अगर कोई दूसरा निवेशक यही निवेश 7 साल तक जारी रखता है, तो उसका कुल फंड 6.6 लाख रुपये हो जाएगा, जिसमें मुनाफा 2.39 लाख रुपये होगा.

‘5’ का मतलब: 5 अलग-अलग जगहों पर बांटें पैसा
मार्केट के रिस्क से बचने के लिए सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं. अपने निवेश को 5 अलग-अलग बास्केट लार्ज-कैप इक्विटी, मिड-कैप इक्विटी, वैल्यू स्टॉक्स, डेट फंड्स और सोना में बांटें.

‘3’ का मतलब: इन 3 भावनाओं पर काबू रखें
पैसा कमाने में आपके दिमाग और भावनाओं का बड़ा हाथ होता है। निवेश के सफर में इन 3 भावनाओं को खुद पर हावी न होने दें.

  • शंका: शुरुआत में SIP का रिटर्न धीमा दिखने पर लोग स्कीम पर शक करने लगते हैं और निवेश रोक देते हैं.
  • निराशा: जब मार्केट गिरता है और प्रॉफिट कम होता है, तो लोग निराश होकर FD जैसे पारंपरिक रास्तों की तरफ भागते हैं. याद रखें कि जब तक आप पैसा निकालेंगे नहीं, तब तक नुकसान सिर्फ कागजी है.
  • घबराहट: बाजार में 20% या 30% की गिरावट देखकर नए निवेशक डर जाते हैं और अपनी SIP बंद कर देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है.

‘1’ का मतलब: हर साल कम से कम 1 बार बढ़ाएं निवेश
जैसे-जैसे आपकी सैलरी या आमदनी बढ़े, वैसे-वैसे अपनी SIP की रकम भी बढ़ाएं. साल में कम से कम एक बार अपनी SIP अमाउंट में बढ़ोतरी जरूर करें. अगर आप 5,000 रुपये की SIP 15 साल तक लगातार चलाते हैं, तो 12% रिटर्न के हिसाब से 25 लाख रुपये मिलेंगे. लेकिन अगर आप हर साल अपनी SIP में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो 15 साल बाद आपका यही फंड 41 लाख रुपये का हो जाएगा.

About the Author

authorimg

विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



Source link