Friday, August 21, 2026
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निशा ने चेस में हासिल किया थर्ड रैंक: इंटर कॉलेज कॉम्पटीशन में अररिया महाविद्यालय का एक्सीलेंट परफॉरमेंस – Araria News




पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया के तत्वावधान में सत्र 2026-27 की अंतर महाविद्यालय वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता पूर्णिया महिला महाविद्यालय, पूर्णिया में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में अररिया महाविद्यालय, अररिया की छात्रा निशा कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया। निशा की इस उपलब्धि से अररिया महाविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है और उन्होंने महाविद्यालय का नाम रोशन किया है। पदक प्रदान कर सम्मानित किया महाविद्यालय की अन्य प्रतिभागियों मुस्कान कुमारी, ईशा राज, गुड़िया कुमारी, आतिफ और गर्व का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। सभी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूर्णिया महिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अनंत प्रसाद गुप्ता ने समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में पदक प्रदान किए। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक पुरस्कार वितरण समारोह के उपरांत अररिया महाविद्यालय परिसर में विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राम दयाल पासवान तथा समस्त महाविद्यालय परिवार ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राम दयाल पासवान ने प्रतियोगिता में महाविद्यालय की ओर से सफल नेतृत्व एवं खिलाड़ियों को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए क्रीड़ा अध्यक्ष डॉ. संदेश यादव को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि निशा कुमारी की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। महाविद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।



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UCC के विरोध में मुस्लिम समाज ने उठाई आवाज: सुसनेर में राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन – Agar Malwa News




आगर मालवा जिले के सुसनेर में शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले तहसील कार्यालय पहुंचकर समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार भंवर सिंह चौहान को दिया गया। ज्ञापन के दौरान मुस्लिम समाजजनों ने UCC को लेकर अपनी आपत्तियां और विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से इस संबंध में मुस्लिम समाज की भावनाओं का ध्यान रखने की मांग की। इस अवसर पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष हाफिज नवाब साहब ने कहा कि यदि सरकार द्वारा इस बिल को लागू किया जाता है, तो मुस्लिम समाज इसका विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर समाज उग्र आंदोलन कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों में UCC को लेकर विरोध और नाराजगी स्पष्ट रूप से देखी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पदाधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया।



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नाश्ते में कुछ चटपटा खाने का मन? घर पर ऐसे बनाएं खस्ता बेड़मी पूरी, स्वाद में एकदम लाजवाब

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Bedami Puri Recipe: रोज-रोज साधारण पूरियां खाकर अगर स्वाद बदलने का मन है, तो इस बार बेड़मी पूरी ट्राई कर सकते हैं. उड़द की दाल, मसालों और आटे से तैयार होने वाली यह खस्ता पूरी उत्तर भारत के मशहूर नाश्तों में शामिल है. खासकर मथुरा और दिल्ली में इसका स्वाद लोगों के बीच काफी पसंद किया जाता है. गरमा-गरम बेड़मी पूरी के साथ रसेदार आलू की सब्जी, कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी या रायता मिल जाए तो स्वाद और भी बढ़ जाता है. बरसात के मौसम में इस देसी नाश्ते का मजा लेने के लिए आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं.

रोज-रोज सिंपल पूरियां खाकर अगर आपका मन ऊब चुका है तो बेड़मी पूरी आपके लिए एक लजीज ऑप्शन साबित हो सकती है. यह खास डिश उत्तर भारत में बेहद मशहूर है और बारिश की फुहारों के बीच इसके स्वाद का आनंद लेना एक अलग ही सुखद अहसास देता है.

बेड़मी पूरी का नाम सुनते ही सबसे पहले दिल्ली की गलियों और मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध स्वादों की याद आ जाती है. उत्तर प्रदेश और दिल्ली के स्थानीय खान-पान में बेड़मी पूरी का एक विशेष स्थान है जहां इसे लोग बड़े चाव से नाश्ते में खाते हैं. मथुरा में तो मंदिरों के बाहर मिलने वाला यह नाश्ता वहां की पहचान बन चुका है. दाल और चुनिंदा भारतीय मसालों के मेल से तैयार होने वाली यह पूरी आम पूरियों की तुलना में ज्यादा भारी, स्वादिष्ट और सुगंधित होती है.

स्वादिष्ट बेड़मी पूरी का असली मज़ा उसके साथ परोसी जाने वाली चटपटी और मसालेदार सब्जियों के साथ ही आता है. आमतौर पर बेड़मी पूरी को रसेदार चटपटे आलू की सब्जी या काबुली चनों के साथ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसके अलावा कई जगह पर इसे खट्टे-मीठे कद्दू की सब्जी या ठंडे रायते के साथ भी परोसा जाता है.इन सभी चीज़ों का संयोजन इस पारंपरिक पकवान के स्वाद को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है और हर बाइट में एक नया ज़ायका देता है.

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बेड़मी पूरी बनाने के लिए कुछ खास सामग्री की जरूरत होती है. इसमें एक कप उड़द की दाल, आधा कप सूजी, दो कप गेहूं का आटा और लगभग 50 ग्राम कद्दूकस किया हुआ पनीर इस्तेमाल किया जाता है.इसके अलावा स्वादानुसार नमक, तीन चम्मच साबुत धनिया, एक हरी मिर्च, दो चम्मच काली मिर्च, एक चम्मच हल्दी, दो चम्मच लाल मिर्च पाउडर, कसूरी मेथी, जीरा, सौंफ, अजवाइन, हींग, अदरक, हरा धनिया और आटा गूंथने के लिए दो-तीन चम्मच देसी घी की ज़रूरत होती है.

बेड़मी पूरी बनाने की शुरुआत उड़द की दाल की तैयारी से होती है. सबसे पहले उड़द की दाल को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें. जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तो पानी निकालकर इसे मिक्सी के जार में डालें. अब इसी दाल के साथ अदरक, साबुत धनिया, काली मिर्च, हरी मिर्च, सौंफ जीरा और ग्रिड किए हुए पनीर को मिलाएं. इन सभी सामग्रियों को एक साथ थोड़ा दरदरा पीसकर एक सुगंधित और चटपटा पेस्ट तैयार कर लें.यह पेस्ट ही पूरी के असली स्वाद का आधार बनता है.

दाल का पेस्ट तैयार होने के बाद अब आटा गूंथने की बारी आती है.एक बड़े और गहरे बर्तन में गेहूं का आटा और सूजी एक साथ मिलाएं.इसके बाद इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अजवाइन, हींग, कसूरी मेथी, नमक और देसी घी का मोयन डालें. अब तैयार किया गया उड़द दाल का दरदरा पेस्ट और कद्दूकस किया हुआ पनीर भी इसमें मिला दें. अंत में बारीक कटा हरा धनिया डालकर सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाएं और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा तैयार करें. ध्यान रखें कि आटा न तो बहुत ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही ज्यादा मुलायम.

आटा गूंथने के बाद इसे कुछ देर सेट होने के लिए ढककर रख दें. इसके बाद आटे की छोटी-छोटी और एक समान आकार की लोइयां तैयार कर लें. एक कढ़ाई में तेल डालकर उसे मध्यम-तेज़ आंच पर अच्छी तरह गर्म करें. अब बेलन की मदद से लोइयों को थोड़ा मोटा बेल लें ताकि वे तलते समय अच्छी तरह फूल सकें. बेड़मी पूरी को बहुत ज्यादा पतला नहीं बेला जाता क्योंकि इसमें दाल और मसालों का मिक्सचर होता है जिससे इसका खस्तापन बना रहता है.

बेलने के बाद पूरियों को सावधानी से गर्म तेल में डालें और आंच को मध्यम रखें. पूरियों को दोनों तरफ से पलट-पलटकर सुनहरा और बेहद कुरकुरा होने तक अच्छी तरह तलें. जब पूरियां अच्छी तरह फूल जाएं और उनका रंग खूबसूरत सुनहरा हो जाए तो उन्हें तेल से बाहर निकाल लें. आपकी गरमा-गरम, खस्ता और स्वादिष्ट बेड़मी पूरियां पूरी तरह से तैयार हैं. अब इन्हें गरमा-गरम आलू की रसेदार सब्जी, कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी या ठंडे रायते के साथ परोसें और मॉनसून के इस मौसम में परिवार के साथ इस ऑथेंटिक टेस्ट का लुत्फ उठाएं.

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3 सितंबर को लॉन्च होगा Vivo का 10000mAh बैटरी वाला फोन, मिलेंगे तगड़े फीचर्स


Highlights

  • Vivo चीन के बार 10000mAh बैटरी वाला पहला फोन लॉन्च करेगा।
  • कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट आधिकारिक तौर पर कंफर्म कर दी है।
  • इसे मलेशिया, पाकिस्तान समेत अन्य ग्लोबल मार्केट में पेश किया जाएगा।

Vivo अगले महीने 10000mAh बैटरी वाला फोन लॉन्च करने वाला है। चीनी कंपनी का यह फोन चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में पेश किया जा सकता है। वीवो मलेशिया ने फोन की लॉन्च डेट कंफर्म की है। इसके अलावा इसे पाकिस्तान में भी लॉन्च किए जाने की संभावना है। वीवो का यह फोन Vivo V80 Lite के नाम से पेश किया जाएगा।

मिलेगी 10000mAh की बैटरी

मलेशिया में इस फोन को 3 सितंबर शाम के 7 बजे लॉन्च किया जाएगा। यह फोन पिंक और ग्रीन कलर ऑप्शन में आएगा। फोन के पोस्टर के मुताबिक, इसमें 10,000mAh बैटरी मिलेगी। यह चीनी कंपनी का ग्लोबल मार्केट में लॉन्च होने वाला पहला फोन होगा, जिसमें इतनी बड़ी बैटरी दी जाएगी। इससे पहले कंपनी Vivo V600 Pro को चीनी मार्केट में 10,200mAh की बैटरी के साथ लॉन्च कर चुकी है।

Image Source : VIVO MALASIYAवीवो वी80 लाइट

इससे पहले Vivo V80 Lite को SIRIM समेत कई सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर देखा जा चुका है, जिसका मॉडल नंबर V2626 है। वहीं, गीकबेंच पर भी इसी मॉडल नंबर के साथ वीवो का फोन देखा गया है, जिसमें MediaTek Dimensity 7300e मिलेगा। फोन में 44W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया जाएगा। लिस्टिंग के मुताबिक, वीवो के इस फोन में 6GB रैम और Android 16 पर बेस्ड OriginOS 6 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया जाएगा।

Vivo S2 का रीब्रांडेड वर्जन

सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, वीवो का यह फोन भारत में पिछले दिनों लॉन्च हुए Vivo S2 का रीब्रांडेड वर्जन होगा। हालांकि, फोन की बैटरी में कंपनी बड़ा अपग्रेड करने वाली है। भारत में लॉन्च हुए Vivo S2 में 7050mAh की बैटरी और 44W चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है। इस फोन को भारत में 8GB रैम और 256GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया है। फोन में 6.83 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है।

Vivo S2 के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP का मेन और 2MP का सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 32MP का कैमरा दिया गया है। इस फोन को भारत में 39,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। इसमें 8GB रैम के साथ 256GB स्टोरेज तक का सपोर्ट मिलता है। यह फोन Android 16 पर बेस्ड OriginOS 6 पर काम करता है।

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गर्लफ्रेंड की दूसरे युवक से चैट देखकर सुसाइड: पिता को फोन कर कहा- सात साल के प्यार में धोखा मिला; फिर फरीदाबाद नहर में कूदा – Faridabad News




हरियाणा के फरीदाबाद में एक हेयर स्टाइलिस्ट ने नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। नहर में कूदने से पहले उसने रोते हुए अपने पिता को फोन किया और कहा कि मां, बहन और भाई का ख्याल रखना। उसने बताया कि जिस युवती से वह पिछले 7 साल से प्यार करता था, उसने उसे धोखा दिया है। पिता का आरोप है कि बेटे ने युवती के मोबाइल में किसी दूसरे युवक के साथ उसकी चैट देख ली थी। इसी बात से वह परेशान था। मृतक के पिता ने युवती पर बेटे को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पल्ला थाने में दी गई है। अब जानिए पिता ने क्या आरोप लगाए…. सात साल पहले दोस्ती हुई मृतक की पहचान दिल्ली के मीठापुर निवासी नकुल (22) के रूप में हुई है। वह फरीदाबाद के सेक्टर-21सी स्थित एक सैलून में हेयर स्टाइलिस्ट था। पिता हरिशंकर के मुताबिक, घर के पास रहने वाली युवती से नकुल की कई साल पहले दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और करीब सात साल से दोनों साथ थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। नकुल ने गर्लफ्रेंड की युवक से चैट देखी हरिशंकर के मुताबिक, गुरुवार को नकुल अपनी गर्लफ्रेंड के साथ फिल्म देखने गया था। दोनों ने दिन साथ बिताया, लेकिन शाम को उनके बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि नकुल ने युवती के मोबाइल में किसी दूसरे युवक के साथ चैट देख ली थी। उसने युवती से इस बारे में सवाल किया, लेकिन उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद उसे लगा कि प्रेमिका उसे धोखा दे रही है। शाम साढ़े 7 बजे पिता को फोन किया पिता ने बताया कि विवाद के बाद नकुल युवती को उसके घर छोड़कर आया। इसके बाद वह घर जाने के बजाय मीठापुर के पास नहर पर पहुंच गया। शाम करीब 7:30 बजे उसने पिता को फोन कर अपनी परेशानी बताई। नकुल फोन पर बुरी तरह रो रहा था। उसने कहा कि जिस लड़की से वह करीब सात साल से प्यार करता है, उसने उसे धोखा दिया है। समझाने पर भी नकुल नहीं माना। रात साढ़े 8 बजे फोन बंद हुआ हरिशंकर के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे तक नकुल का फोन बंद हो गया। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के लोग गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें नहर में एक युवक का शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस से शव की फोटो देखने के बाद परिजनों ने उसकी पहचान नकुल के रूप में की। युवती से परेशान होकर नकुल ने यह कदम उठाया। थाना प्रभारी बोले- रात 10 बजे युवक का शव मिला पल्ला थाना इंचार्ज सत्याप्रकाश ने बताया कि स्थानीय लोगों ने नहर में युवक का शव बहते देखा था और इसकी सूचना दी। रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच शव बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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सुसाइड करने पहुंचे बेटे को बचाने में पिता भी गिरे,मौत: सदमे में मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगाई, छत्रपति संभाजीनगर का मामला


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छत्रपति संभाजीनगर2 घंटे पहले

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पहाड़ी से गिरते पिता-बेटे का यह वीडियो वायरल है।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को माता-पिता और बेटे समेत 3 लोगों की मौत हो गई। 18 साल का युवक सुसाइड करने के इरादे से पहाड़ी पर पहुंचा था।

पिता उसे चट्टान से पीछे खींचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। पति और बेटे की मौत अपनी आंखों के सामने देखने के बाद मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। तीनों की मौत हो गई।

घटना तिसगांव इलाके के खावड्या पहाड़ की है। लड़का सुसाइड क्यों करने पहुंचा था इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

हालांकि तिसगांव के पूर्व सरपंच का दावा है कि सुसाइड करने वाला लड़का आईफोन लेना चाहता था।

हादसे का 7 सेकंड का वीडियो वायरल…

लड़के को 3 घंटे समझाते रहे लोग

पुलिस ने बताया कि कुणाल चंदगुड़े (19) सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर चढ़ गया था। बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन की मांग को लेकर माता-पिता से हुए झगड़े के बाद उसने आत्महत्या करने का इरादा किया था।

छत्रपति संभाजीनगर के ज़ल्टा फाटा इलाके में रहने वाले उसके माता-पिता, मुरलीधर (48) और संगीता चंदगुड़े, उसे रोकने के लिए वहां पहुंचे।

गांव के लोग भी उनके साथ पहुंचे। करीब तीन घंटे तक लोग उसे नीचे आने के लिए कहते रहे।

उन्होंने कुणाल से कहा कि वह नीचे आ जाए, उसे मोबाइल फोन देने की बात भी कही। कुणाल बेहद परेशान था और कह रहा था कि अब उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है।

बचाने में पिता का संतुलन बिगड़ा

कुणाल के पिता आखिरी करीब 15-20 मिनट में उसके पास पहुंचे और उसे समझाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान कुणाल ने अचानक खाई में छलांग लगा दी। उसे पकड़ने की कोशिश में उसके पिता का संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरी खाई में गिर गए। दोनों की मौत हो गई।

पति और बेटे को अपनी आंखों के सामने खाई में गिरते देखकर मां संगीता सदमे में आ गईं। उन्होंने भी पहाड़ से छलांग लगा दी। उनकी भी मौत हो गई।

फायर बिग्रेड कर्मचारियों ने जाल बिछाया, लेकिन लड़के ने दिशा बदली

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, दमकल कर्मियों ने युवक को बचाने के लिए पहाड़ की तलहटी में बड़ा सुरक्षा जाल बिछाया था, लेकिन पहाड़ की चोटी पर खड़ा युवक लगातार अपनी दिशा बदल रहा था।

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बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों ने जीएसएस पर किया प्रदर्शन: JEN को रोकने की दी चेतावनी, समाधान का आश्वासन मिलने पर लौटे – Hanumangarh News




हनुमानगढ़ के नौरंगदेसर स्थित GSS पर शुक्रवार को लगातार तीन दिनों से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हरिपुरा, मटोरिया वाली ढाणी और मोहनमगरिया क्षेत्र के ग्रामीण GSS पहुंचे और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होने तक विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JEN) को मौके से जाने नहीं देने की चेतावनी दी। हालांकि, विद्युत अधिकारियों और पुलिस ने JEN को बंधक बनाने की बात से इनकार किया है। बार-बार फाल्ट से परेशान ग्रामीण ग्रामीणों का आरोप था कि पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने से आमजन के साथ किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिससे उनका आक्रोश बढ़ता गया। पुलिस पहुंची, अधिकारियों ने की समझाइश प्रदर्शन की सूचना मिलने पर टाउन थाने की शेरगढ़ पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया। इसके बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता की। 10 दिन में फाल्ट दूर करने का आश्वासन काफी देर चली बातचीत में विद्युत अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बार-बार आ रहे बिजली फाल्ट की समस्या को आगामी 10 दिनों में दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। वार्ता के दौरान नई विद्युत लाइन को लेकर वर्क ऑर्डर जारी होने की बात भी सामने आई। अधिकारियों ने बताया कि लाइन से जुड़ी समस्याओं के समाधान और बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए आवश्यक कार्य जल्द शुरू किए जाएंगे। आश्वासन के बाद खत्म किया प्रदर्शन अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और JEN को मौके से जाने दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि तय समय में बिजली समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।



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त्रीसा-गायत्री सेमीफाइनल में पहुंचीं, विश्व चैंपियनशिप में 15 साल बाद पदक हुआ पक्का

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त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्वार्टर फाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को हराकर बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का किया।

भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए महिला युगल क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का किया। भारत की गैर-वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एक घंटे नौ मिनट तक चले मैच में 16-21 21-15 21-13 से जीत हासिल की। उन्होंने अंतिम चार में पहुंचकर अपने लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया।

भारत ने इससे पहले आखिरी बार 2011 में महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता था। तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था। भारतीय जोड़ी ने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच पहला गेम हारने के बाद बेहतर स्मैश और साफ-सुथरे नेट प्ले के दम पर मैच का रुख पलट दिया।

चीन ने पहला सेट जीता

भारतीय टीम इस मैच में चीन की प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ 0-3 के रिकॉर्ड के साथ उतरी थी। त्रीसा और गायत्री शुरुआत में 1-6 से पिछड़ गईं, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार छह अंक हासिल करके स्कोर 8-9 कर दिया। चीन की टीम ने हालांकि इंटरवल तक तीन अंक की बढ़त बना ली थी। भारतीय जोड़ी ने अपना संघर्ष जारी रखा और कुछ बेहतरीन रैलियों के बाद 13-15 के स्कोर पर चीनी खिलाड़ियों के करीब पहुंच गई। हालांकि झांग और जिया ने 17-14 की बढ़त हासिल करने के बाद पहला गेम जीत लिया।

भारतीय जोड़ी ने की वापसी

झांग और जिया ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी और पहले 5-1 और फिर 10-7 से बढ़त ले ली। भारतीय जोड़ी ने हालांकि जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-10 कर दिया। मुकाबला काफी कड़ा रहा और एक समय स्कोर 15-14 तक पहुंच गया लेकिन भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 19-14 की बढ़त बना ली और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे और निर्णायक गेम में त्रीसा और गायत्री ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 11-5 की बढ़त हासिल की और फिर लगातार तीन अंक जीतकर इसे 14-7 तक पहुंचा दिया। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद कुछ गलतियों के कारण अंक गंवाए लेकिन यह सिलसिला लंबे समय तक नहीं चला और उन्होंने 17-9 की बढ़त बना ली। गायत्री और जिया व झांग के बीच तीखी नोकझोंक मैच के मुख्य आकर्षणों में से एक थी। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद नौ मैच प्वाइंट हासिल किए। जिया और झांग ने दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन वह भारतीय टीम को जीत हासिल करने से नहीं रोक पाई। त्रीसा जश्न मनाते हुए कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री को विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का कर लि

पीवी सिंधू टूर्नामेंट से बाहर

भारत को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में उस समय बड़ा झटका लगा, जब पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी को अपने-अपने प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जिससे प्रतियोगिता के एकल वर्ग में देश का अभियान समाप्त हो गया।

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना गुरुवार को टूट गया था, जब उन्हें महिला एकल क्वार्टर फाइनल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 11-21, 21-15, 17-21 से हार का सामना करना पड़ा। पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम अपने नाम किया लेकिन निर्णायक गेम में वह इस लय को बरकरार नहीं रख सकीं। वांग ने अंतिम क्षणों में धैर्य बरकरार रखते हुए कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में जगह बनाई।

सिंधू प्रतिष्ठित विश्व चैंपियनशिप में अपना छठा पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं। वह इससे पहले 2019 में स्वर्ण, 2017 और 2018 में रजत तथा 2013 और 2014 में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।



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ट्रक की टक्कर से कलेक्ट्रेट के मुंशी की मौत: चंदौली के जगदीश सराय के पास हादसा, बाइक से कार्यालय जा रहा था – Chandauli(Chandauli) News




चंदौली कलेक्ट्रेट में तैनात मुंशी अजीत कुमार (36) की शुक्रवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। दुर्घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के जगदीश सराय गांव के पास नेशनल हाईवे पर हुई। अजीत कुमार बाइक से अपने घर से कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सदलपुर गांव निवासी अजीत कुमार के रूप में हुई है। बताया गया कि शुक्रवार को वह रोज की तरह बाइक से कार्यालय के लिए निकले थे। जगदीश सराय गांव के पास पहुंचते ही एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अजीत सड़क पर गिर गए और गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। हादसे के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। ट्रक और उसके चालक के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अजीत कुमार की सड़क हादसे में मौत की खबर मिलते ही कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में कर्मचारी जिला अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। सहकर्मियों ने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया और घटना पर दुख जताया। कर्मचारियों का कहना था कि अजीत कुमार अपने काम के प्रति जिम्मेदार थे। उनके अचानक निधन से कार्यालय में भी शोक का माहौल बना हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ट्रक चालक की भूमिका की जांच सदर प्रभारी निरीक्षक बीपी पांडेय ने बताया कि सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। घटना के बाद जगदीश सराय क्षेत्र में भी कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। पुलिस ने स्थिति सामान्य कराई। अजीत कुमार की मौत से परिवार के साथ-साथ कलेक्ट्रेट कर्मियों और परिचितों में भी शोक व्याप्त है।



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जिन्ना की बीमारी छिपाने वाले डॉक्टरों को पाकिस्तान सम्मानित करेगा: मुंबई के दो डॉक्टरों ने 1946 में बताया था- जिन्ना को गंभीर टीबी




पाकिस्तान अपने संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की गंभीर बीमारी की जानकारी गुप्त रखने वाले मुंबई के दो डॉक्टरों को देश के बड़े नागरिक सम्मानों में से एक निशान-ए-इम्तियाज देगा। दोनों डॉक्टरों ने 1946 में जिन्ना के एक्स-रे की जांच कर उन्हें गंभीर टीबी होने की जानकारी दी थी। पाकिस्तान के योजना मंत्री और अवॉर्ड्स कमेटी के अध्यक्ष अहसन इकबाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों डॉक्टरों को सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने जिन्ना की बीमारी की बात किसी को नहीं बताई और उस समय ‘चुपचाप लेकिन बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभाई।’ मुंबई के पारसी समुदाय से दोनों डॉक्टर जिन्ना की बीमारी छिपाने वाले दोनों डॉक्टर मुंबई के पारसी समुदाय से थे। डॉ. जेआर पटेल और डॉ. जेए धायभो-कू ने 1946 में जिन्ना के एक्स-रे की जांच की थी। इसमें पता चला कि जिन्ना को गंभीर टीबी है। फ्रीडम एट मिडनाइट किताब के मुताबिक, डॉक्टरों को लगा था कि जिन्ना के पास सिर्फ 1 से 2 साल का समय बचा है। उनकी बीमारी के बारे में बहुत कम लोगों को पता था। इनमें उनकी बहन फातिमा जिन्ना और दोनों डॉक्टर शामिल थे। ‘जिन्ना की बीमारी सामने आती तो नहीं बनता पाकिस्तान’ जिन्ना की बीमारी की बात छिपाए जाने को अक्सर भारत के बंटवारे और पाकिस्तान बनने से जोड़कर देखा जाता है। पाकिस्तान के मंत्री अहसन इकबाल ने बताया कि पूर्व ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने कहा था कि अगर उन्हें उस समय पता होता कि जिन्ना गंभीर रूप से बीमार हैं, तो वे भारत की आजादी कुछ महीने टाल सकते थे। उनके मुताबिक, ऐसा होता तो शायद पाकिस्तान नहीं बनता। हालांकि यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि जिन्ना की बीमारी सामने आने पर पाकिस्तान का बनना रुक ही जाता। पाकिस्तान बनने के करीब एक साल बाद जिन्ना की मौत 11 सितंबर 1948 को हुई थी । अब पाकिस्तान इन दोनों डॉक्टरों को मरणोपरांत सम्मान देने जा रहा है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… इमरान खान अस्पताल से फिर जेल भेजे गए:डॉक्टर बोले- पूर्व पीएम को जेल में रखना सुरक्षित; देर रात हॉस्पिटल में भर्ती किया था पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मेडिकल जांच के बाद शुक्रवार को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल से वापस अडियाला जेल भेज दिया गया। जियो न्यूज के मुताबिक, अस्पताल पहुंचने के बाद 6 डॉक्टरों की टीम ने उनकी मेडिकल जांच की। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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