Sunday, November 8, 2026
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जमीन के अंदर अभी कितना सोना, सबसे ज्यादा कहां इस्तेमाल हुआ अब तक निकाला गोल्ड


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Gold Update : सोने की कीमत इस समय रोलर-कोस्टर पर सवार है. कभी ऊपर जाती है तो कभी नीचे आ जाती है. लेकिन, क्या आपने सोचा है कि धरती के नीचे से अब तक कुल कितना सोना निकाला गया और अभी कितना गोल्ड धरती के नीचे छुपा हुआ है. इसके अलावा अभी तक निकाले गए कुल सोने में से सबसे ज्यादा हिस्सा किस चीज में इस्तेमाल किया गया है.

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धरती से अभी तक करीब ढाई लाख टन सोने को निकाला जा चुका है.

नई दिल्ली. धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों पर सोने और चांदी की डिमांड हर साल बढ़ जाती है. इस दिन सोना खरीदना शुभ जो माना जाता है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि धरती पर मौजूद कितना सोना अभी तक निकाला जा चुका है और इस निकाले गए सोने का सबसे ज्यादा इस्तेमाल कहां किया गया है. इतना ही नहीं, क्या आप जानते हैं कि धरती के नीचे अभी कितना सोना मौजूद है. इन सभी सवालों के सिलसिलेवार जवाब जानने की कोशिश करते हैं.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की मानें तो दुनिया में अब तक धरती से करीब 2,22,600 टन सोना खोदकर निकाला जा चुका है. अभी जमीन के ऊपर मौजूद कुल सोने का भंडार करीब 2,24,200 टन है. इस सोने का ज्यादातर हिस्सा गहनों के रूप में मौजूद है. कमाल की बात ये है कि जितना सोना अभी तक निकाला गया है, उसमें से दो तिहाई यानी करीब 66 फीसदी सोने को साल 1950 के बाद निकाला गया. अगर दुनिया के कुल सोने को एक साथ रखा जाए तो यह महज 74 घन फुट का एक क्यूब बन जाएगा. इसका मतलब है कि कुल सोने का आकार महज 74 घन फुट होगा.

कहां इस्तेमाल किया गया सबसे ज्यादा सोना

  • धरती के ऊपर मौजूद कुल सोने के भंडार में से 98,700 टन सोने का इस्तेमाल गहने बनाने में किया जा चुका है. यह धरती पर मौजूद कुल सोने का करीब 44 फीसदी हिस्सा है.
  • इसके बाद नंबर आता है सोने की छड़, सिक्के और गोल्ड ईटीएफ का. कुल सोने का 23 फीसदी हिस्सा यानी करीब 52,400 टन सोने का इस्तेमाल इन चीजों को बनाने में किया गया है.
  • सोने का इस्तेमाल करने में तीसरे नंबर पर आते हैं केंद्रीय बैंक. उनके पास कुल सोने का करीब 18 फीसदी हिस्सा है, जो 39,300 टन के आसपास होता है.
  • अन्य तरह के निवेश में भी सोने का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी हिस्सेदारी कुल सोने के भंडार में करीब 15 फीसदी है यानी 33,800 टन है.

अभी कितना सोना बाकी
एक्सपर्ट का मानना है कि भले ही इंसानों ने धरती से काफी सोना निकाल लिया है, लेकिन अब भी बड़ी मात्रा में सोने का भंडार धरती के नीचे मौजूद है. अभी तक 61 हजार टन सोने के भंडार का पता चला है, जिसे निकलना फायदे का सौदा हो सकता है. इसके अलावा 1,14,400 टन सोने का भंडार ऐसा भी है, जिसका अनुमान तो लगाया जा चुका है लेकिन माना जा रहा है कि इसे निकलाने पर जो खर्चा आएगा, वह सोने की असल कीमत से कहीं ज्यादा हो सकता है.

धरती का हिस्सा नहीं है सोना
सोने को लेकर एक दावा अक्सर किया जाता है कि इसकी उम्र धरती की उम्र से भी ज्यादा पुरानी है. इससे पता चलता है कि सोना असल में धरती की धातु है ही नहीं. यह किसी अन्य ग्रह से धरती पर आई है. वैज्ञानिक अनुमान लगाते हैं कि जब बिग बैंग हुआ होगा तो अन्य किसी ग्रह पर मौजूद सोने के टुकड़े धरती पर आ गए और धीरे-धीरे यह सतह के नीचे धंसते चले गए. बीतते समय के साथ जैसे-जैसे मानवों का विकास हुआ, उन्होंने सोने और इसकी कीमत को पहचाना और खनन शुरू किया.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मोहन भागवत बोले- हर समस्या की जड़ अपनापन न होना: जब तक मैं और मेरा नहीं जाएगा, दुनिया में शांति नहीं आएगी




राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि दुनिया की सारी समस्याएं दूसरों के प्रति अपनापन की भावना की कमी से पैदा होती हैं। उन्होंने कहा कि ये भाव विकसित करने की जरूरत है कि सब हमारे अपने हैं।भागवत नागपुर में सामाजिक सेवा संगठन समर्पण फाउंडेशन के रजत जयंती समारोह में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अपनापन की भावना पूरी दुनिया को जोड़ती है, उसकी समस्याओं को पहचानने में मदद करती है और उनका समाधान भी देती है। दुनिया की सारी समस्याएं इसी आत्मीयता की कमी से पैदा होती हैं। RSS चीफ ने अमेरिका का किस्सा सुनाया मोहन भागवत ने अमेरिका में हाल में हुई अपनी एक कॉन्फ्रेंस यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने नाइजीरिया के एक वक्ता की बात साझा की। उस वक्ता ने कहा था, “जब तक ‘मैं और मेरा’ खत्म नहीं होगा, तब तक दुनिया में शांति नहीं आएगी।” भागवत ने इसी बात को आगे बढ़ाते हुए अपनापन और भाईचारे की भावना को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि सभी समस्याएं ‘मैं’ और ‘मेरा’ की सोच से जुड़ी होती हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति हमारा अपना है। हमें दूसरों के अच्छे जीवन की भी उसी तरह कामना करनी चाहिए, जैसे हम अपने लिए करते हैं। यह एक खास सोच और स्वभाव है। सेवा दिखावे के लिए नहीं RSS प्रमुख ने कहा कि इंसान स्वभाव से दयालु होता है। इसी वजह से उसने सेवा की भावना को अपनाया है। सेवा दिखावे के लिए नहीं करनी चाहिए। यह चुपचाप और लगातार जारी रहनी चाहिए। कोविड-19 महामारी को याद करते हुए भागवत ने बताया कि उन्होंने नागपुर में RSS कार्यकर्ताओं से सेवा गतिविधियों की जानकारी मांगी थी। तब उन्हें पता चला कि दो महीने में ऐसी 40 गतिविधियां की गई थीं। इंसान और जानवर में संवेदनशीलता का अंतर भागवत ने कहा कि इंसान और जानवर के बीच एकमात्र अंतर संवेदनशीलता और करुणा का है। संवेदनशील होने के कारण इंसान दूसरों की चिंता करता है। इंसान केवल अपनी जिंदगी के बारे में नहीं सोचता, बल्कि दूसरों के जीवन का भी ध्यान रखता है।



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रोटरी क्लब ने पानीयानाडा में बच्चों के साथ मनाई दीपावली: मिठाई, दीये और पटाखें देकर कहा ‘हैप्पी दिवाली’ – Jalore News




दिवाली पर समाज के वंचित और जरूरतमंद बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के उद्देश्य से रोटरी क्लब जालोर ने सेवा कार्य की शुरुआत की। शनिवार को सुबह 10 बजे स्थानीय पानीयानाडा बस्ती में बच्चों के बीच दिवाली की खुशियां सेलिब्रेट की गई। इस सेवा कार्य के दौरान बस्ती के बच्चों को दिवाली के पावन पर्व पर स्वीट्स, दीये और पटाखों के कुल 60 पैकेट वितरित किए गए। बच्चों ने उपहार और मिठाइयां पाकर दीवाली की खुशी बेहद उत्साह के साथ साझा कीं। इस मौके पर रोटरी परिवार के वरिष्ठ पदाधिकारियों सहित सदस्यों की भी मौजूदगी रही। इनमें पीडीजी मोहन पाराशर, क्लब अध्यक्ष रमेश कुमार जैन और सचिव हितेश प्रजापत शामिल रहे। इसके साथ ही स्थानीय पार्षद एवं रोटेरियन नितिन सोलंकी, पवन ओझा, दिनेश सुंदेशा, संजय सुंदेशा, कांता जैन, नूर मोहम्मद, प्रकाश मोदी और पानीयानाडा विद्यालय के संस्था प्रधान ललीत खत्री सहित क्लब के अन्य सभी रोटेरियन साथी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बच्चों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके साथ समय बिताकर पर्व की उमंग को साझा किया।



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केन्द्रीय विद्यालय में स्काउट एवं गाइड स्थापना दिवस: विद्यार्थियों को दिया अनुशासन और नेतृत्व का संदेश, प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम – Gorakhpur News




गोरखपुर के केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-1, वायुसेना स्थल में भारत स्काउट एवं गाइड का स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विद्यालय के प्राचार्य बैरिस्टर पाण्डेय उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत प्राचार्य ने दीप प्रज्ज्वलित कर और स्काउटिंग के जनक लॉर्ड बैडेन पॉवेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करके की। भारत स्काउट एवं गाइड के कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को पारंपरिक स्कार्फ पहनाकर उनका स्वागत किया। प्राचार्य ने विद्यार्थियों को स्काउटिंग के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग का उद्देश्य युवाओं में भाईचारे, जिम्मेदारी, चरित्र निर्माण, अनुशासन और नेतृत्व कौशल का विकास करना है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। आयोजन भारत स्काउट एवं गाइड के प्रभारी आशीष कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में संपन्न हुआ।



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दरभंगा में कार से 432 लीटर विदेशी शराब मिली: ₹8.50 लाख से अधिक बताई गई कीमत, हरियाणा के 4 तस्कर गिरफ्तार – Darbhanga News




दरभंगा में पर्व-त्योहारों से पहले मद्यनिषेध विभाग ने शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। सिमरी थाना क्षेत्र के कंसी पुल के पास गुप्त सूचना के आधार पर पीछा कर टीम ने शराब लदी एक कार पकड़ी। तलाशी में 432 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। इसकी अनुमानित कीमत 8 लाख 50 हजार रुपए से अधिक बताई गई है। मौके से हरियाणा के चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तस्करी में इस्तेमाल कार भी जब्त कर ली गई है। कार में मिली दूसरी नंबर प्लेट मद्यनिषेध विभाग के अनुसार, पकड़ी गई कार का नंबर BR-21AH-3935 है। तलाशी के दौरान हरियाणा की एक अन्य नंबर प्लेट HR-55BA-4278 भी मिली। परिवार के सदस्य बनकर कर रहे थे तस्करी सहायक आयुक्त मद्यनिषेध प्रदीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी कथित तौर पर परिवार के सदस्य बनकर शराब की तस्करी कर रहे थे, ताकि किसी को उन पर शक न हो।



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हाईवे पर चक्काजाम करने वाले 115 लोगों पर FIR: पूर्व मंत्री का भतीजा शामिल, युवक की संदिग्ध मौत के बाद NH-46 किया था बंद – Shivpuri News



शिवपुरी के कोलारस में 6 नवंबर को हिरेंद्र धाकड़ की संदिग्ध मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने NH-46 पर शव रखकर करीब 4 घंटे चक्काजाम किया।

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इस मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री सुरेश धाकड़ के भतीजे समेत 15 लोगों और करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। प्रदर्शन के दौरान एक युवक का वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें वह SDOP संजय मिश्रा से बात करता दिख रहा है।

अज्ञात लोगों की पहचान करेगी पुलिस

35 वर्षीय हिरेंद्र धाकड़ की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। इसके बाद शुक्रवार सुबह गिलगवां गांव के पास हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया। करीब 4 घंटे तक चले चक्काजाम से हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गई थीं।

पुलिस ने पुष्पेंद्र धाकड़ निवासी खैराई, लोकेन्द्र धाकड़, बीरेन्द्र धाकड़, हरिओम धाकड़, मोहन सिंह पुत्र रविन्द्र सिंह धाकड़, प्रताप धाकड़, कैलाश धाकड़, सूरज धाकड़, महेन्द्र सिंह धाकड़, अवधेश धाकड़, विनोद धाकड़, आशीष धाकड़, नंदकिशोर धाकड़, हरिया धाकड़ निवासी मोहराई और रिंकू राठखेड़ा को आरोपी बनाया है। करीब 100 अज्ञात लोगों पर भी केस दर्ज किया है।

युवक ने खुद को मंत्री का भतीजा बताया

वायरल वीडियो में रिंकू राठखेड़ा SDOP संजय मिश्रा से कहता सुनाई देता है- मैं भी मामूली आदमी नहीं हूं, मंत्री सुरेश राठखेड़ा का भतीजा हूं। एसडीओपी साहब, आप ध्यान रखना। पुलिस वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य लोगों की पहचान करेगी। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।



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पानी से नहीं दूध से बनेगा खिलाखिला उपमा, आएगा बाजार जैसा स्वाद, नोट करें रेसिपी

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पानी से नहीं दूध से बनेगा खिलाखिला उपमा, आएगा बाजार जैसा स्वाद,नोट करें रेसिपी

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Upma Recipe: साउथ इंडियन डिश उपमा खाना बहुत लोगों को काफी पसंद होता है, लेकिन कई बार एकदम हलवा की तरह बन जाता है, जहां यह खिला-खिला नहीं हो पाता है. बहुत लोग पानी डालकर बनाते हैं, पर असली मजा तो दूध डालकर बनाने में है और इसे डालने का भी अपना अलग तरीका है. यहां देखें इसे बनाने का पूरा प्रोसेस. इसे बना देखकर आपके मुंह में पानी तक आ जाएगा.

रांची की गृहिणी राखी बताती हैं कि कई लोग ऐसे हैं, जो सिर्फ सूजी को फ्राई करते हैं और पानी डाल देते हैं और उन्हें लगता है कि उपमा बन गया, पर ऐसा नहीं होता है. सबसे पहले आपको दो-तीन तरह की सब्जी लेनी पड़ेगी. फूलगोभी, प्याज, हरी मिर्च इन सभी को काट के रख लें और अब कढ़ाई में 2 चम्मच तेल डालकर राई का फौरन डालें और साथ में तेज पत्ता भी.

जब फोरेन चटक जाए, वैसे आप चाहें तो कड़ी पत्ता भी डाल सकते हैं और कड़ी पत्ता ना हो तो तेजपत्ता डाल दीजिए. इसके बाद आपको जो सब्जी आपने काट कर रखा है. वह सब इसमें डालिए और गोल्डन ब्राउन कीजिए. जब ये गोल्डन ब्राउन हो जाए, तो स्वाद के अनुसार नमक डालिए और फिर इसमें आपको बड़ा डेढ़ ग्लास दूध डालना है.

जब तक इस दूध में उबाल आ रहा है. तब तक तो दूसरी कढ़ाई में जितना आपको सूजी बनाना है, उतना सूजी लेकर फ्राई कर लीजिए. ध्यान रहे, गोल्डन फ्राई नहीं करना है, बस 1 से 2 मिनट तक फ्राई करना है. उतना ही फ्राई करें, जितना यह दिखने में थोड़ा सफेद ही लगे.

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जब दूध अच्छे से खौल जाए, तब सूजी को धीरे-धीरे डालकर चलाते रहें. अब बस एक चम्मच घी भी डाल दीजिए. ध्यान रहे, आपको चलाते रहना है. आप देखेंगे आपका उपमा एकदम दरदरा और बाजार जैसा दिखने लगा है.

बस एक से 2 मिनट अब चलाइए और पकाइए. ये गीला हलवा जैसा नहीं दिखेगा और खाने में काफी स्वादिष्ट लगेगा. इसमें ऊपर से आपको मूंगफली फ्राई किया हुआ डाल देना है, आपका उपमा खाने के लिए बस तैयार है.

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PM मोदी ने देशवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं: कहा- इस बार भी जवानों के साथ त्योहार मनाऊंगा; पिछले साल INS विक्रांत पर गए थे




पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर रील शेयर करके दीपावली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया है कि हर साल की तरह इस साल भी वे दिवाली सेना के जवानों के बीच मनाएंगे। वे कहां जाएंगे, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी। 2025 में पीएम मोदी ने गोवा में INS विक्रांत पर नौसैनिकों के बीच दिवाली मनाई थी। यहां उन्होंने करीब 40 मिनट की स्पीच दी थी। पीएम बोले- आपका समय समृद्धि से भरा रहे नमस्ते, दीपावली का पावन पर्व, पूरा देश रोशनी से जगमगा रहा है। प्रकाश का यह पर्व अंधकार के खिलाफ हमारे संकल्प का परिचय है। आप सबको दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं, आपका ये पर्व आपका आगे का समय सब कुछ सुख-शांति और समृद्धि से भरा रहे।मैं भी आपकी तरह बड़े उत्साह से दीपावली मनाता हूं। और हर साल आप जानते हैं देश के वीर जवानों के बीच जाना मेरा नित्यक्रम है। इस बार भी जारी रहेगा। आप सबको दीपावली की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मोदी ने उपराष्ट्रपति से मुलाकात की इससे पहले शनिवार सुबह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात की। उन्होंने भगवान की आरती की, राधाकृष्णन ने उन्हें तिलक लगााया और उपहार दिए। 2014 से 2025 तक मोदी की जवानों के साथ दिवाली मनाने की तस्वीरें..



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बांग्लादेश में टैगोर की तस्वीर पर कालिख पोती: पोस्टर पर लिखा- मुस्लिम विरोधियों की यहां जगह नहीं; ढाका यूनिवर्सिटी बनाने का विरोध करने के आरोप




बांग्लादेश में कवि रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर पर कालिख पोती गई। घटना आज खुलना रेलवे स्टेशन के पास हुई। टैगोर की तस्वीर के पास कुछ पोस्टर भी लगाए गए, जिनमें लिखा था कि मुस्लिम विरोधी टैगोर की यहां कोई जगह नहीं है। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब बांग्लादेश में पिछले कुछ समय से भारत के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी टैगोर पर ढाका यूनिवर्सिटी की स्थापना का विरोध करने का आरोप भी लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री रहमान के दौरे से पहले हुई यह घटना प्रधानमंत्री तारिक रहमान खुलना शहर में दौरे पर आने वाले हैं। इसके चलते ही स्थानीय प्रशासन ने रेलवे स्टेशन की दीवार पर ये चित्र बनवाए थे। टैगोर के अलावा फकीर लालन शाह, काजी नजरुल इस्लाम, कलाकार एसएम सुल्तान और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान समेत कई जानी-मानी हस्तियों के चित्र थे। दीवार पर सुंदरबन, 60 गुंबद वाली मस्जिद और जूट उद्योग से जुड़े चित्र भी बनाए गए थे। लेकिन प्रदर्शनकारियों ने टैगोर की तस्वीर पर ही कालिख पोती। टैगोर पर मुस्लिम विरोधी होने के आरोप क्यों लगे? पहली वजह- 1905 में बंगाल का विभाजन ब्रिटिश सरकार ने बंगाल को दो हिस्सों में बांट दिया था। पूर्वी बंगाल में मुस्लिम आबादी ज्यादा थी, जबकि पश्चिमी बंगाल में हिंदू आबादी ज्यादा थी। टैगोर ने इस विभाजन का विरोध किया था। उन्होंने बंगाल के लोगों को एकजुट करने के लिए राखी बंधवाने जैसे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और ‘आमार सोनार बांग्ला’ गीत लिखा। लेकिन पूर्वी बंगाल के कई मुसलमानों को इस आंदोलन से फायदा होता नहीं दिख रहा था। उन्हें उम्मीद थी कि नए प्रांत से उन्हें प्रशासन और शिक्षा में ज्यादा अवसर मिलेंगे। इसलिए कुछ मुस्लिम नेताओं ने विभाजन का समर्थन किया। टैगोर के विरोध को बाद में कुछ लोगों ने मुसलमानों के राजनीतिक हितों के विरोध के रूप में पेश किया। जबकि उनका विरोध बंगाल को धर्म के आधार पर बांटने के खिलाफ था। दूसरी वजह- ढाका यूनिवर्सिटी का विरोध करने का आरोप टैगोर पर यह भी आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने 1912 में ढाका यूनिवर्सिटी खोलने का विरोध किया था। आलोचकों का कहना है कि टैगोर को डर था कि ढाका में नई यूनिवर्सिटी बनने से कोलकाता का शैक्षणिक प्रभाव कम हो जाएगा। 1905 में अंग्रेजों ने बंगाल का विभाजन किया था। इसके तहत पूर्वी बंगाल और असम को मिलाकर अलग प्रांत बनाया गया था। पूर्वी बंगाल में मुस्लिम आबादी ज्यादा थी। इसके बाद जब ढाका यूनिवर्सिटी बनाने का प्रस्ताव आया, तो कोलकाता के कुछ नेताओं को लगा कि इससे बंगाल का एक और बंटवारा हो जाएगा। उनका तर्क था कि अलग यूनिवर्सिटी बनने से बंगाल के हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच दूरी बढ़ सकती है। हालांकि टैगोर के ढाका यूनिवर्सिटी का विरोध करने के समर्थन में कोई एतिहासिक सबूत नहीं हैं। इतिहासकारों ने भी इसे गलत बताया है। 18 महीने में टैगोर की विरासत पर 3 हमले अप्रैल 2025, कुमरखाली, कुश्तिया: टैगोर की एक दीवार पर बनी तस्वीर पर काली स्याही पोत दी गई। इससे उनका चेहरा और नीचे लिखा नाम खराब हो गया। जून 2025, शाहजादपुर, सिराजगंज: टैगोर के पुश्तैनी घर ‘रबींद्र कचहरीबाड़ी’ पर भीड़ ने हमला किया। ऑडिटोरियम, दरवाजों और खिड़कियों को नुकसान पहुंचाया गया। अक्टूबर 2026, ढाका: बांग्लादेश शिल्पकला अकादमी के बाहर दीवार पर बनी टैगोर की तस्वीर पर काली स्याही पोतने की कोशिश की गई। ————————– यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में भारतीयों के साथ दिवाली मनाई: ओवल ऑफिस में दीया जलाया, हनुमान चालीसा भेंट की गई; ‘जुग-जुग जिओ’ का आशीर्वाद मिला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में दिवाली मनाई। इस दौरान उन्होंने भारतीय मूल के अधिकारियों और कारोबारियों के साथ ओवल ऑफिस में दीया जलाया। इस दौरान उन्हें हनुमान चालीसा की एक प्रति भी भेंट की गई। पूरी खबर पढ़ें…



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सेंट्रल जेल में उम्रकैद काट रहे कैदी की मौत: कन्नौज के निवासी, 2009 में मिली थी सजा, शुक्रवार रात बिगड़ी थी तबीयत – Farrukhabad News




फर्रुखाबाद के सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे 65 वर्षीय कैदी लालमन की शुक्रवार रात साढ़े दस बजे मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर जेल प्रशासन उन्हें लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लालमन कन्नौज जिले के नरायनपुर गांव के रहने वाले थे। उनके परिजनों ने बताया कि उन्हें 2009 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। परिजनों के मुताबिक, शनिवार सुबह उन्हें लालमन की मौत की जानकारी मिली। इसके बाद वे लोहिया अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को लालमन से करीब तीन मिनट बात हुई थी। उन्होंने अपनी सबसे छोटी नातिन से बात करने को कहा था, लेकिन वह उस समय घर पर नहीं थी। इसके बाद को उनकी कोई कॉल नहीं आई। लालमन के छह बच्चे हैं। इनकी संख्या में तीन बेटियां और तीन बेटे शामिल हैं। एक बेटी और एक बेटे की शादी नहीं हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।



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