अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में स्टूडेंट यूनियन बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार मध्य रात अचानक उग्र हो गया। 16 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता यासिर फहद को मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए रात करीब एक बजे प्रॉक्टर टीम और मेडिकल कॉलेज की टीम डक पॉइंट स्थित धरना स्थल पहुंची। यासिर की लगातार बिगड़ती तबीयत को देखते हुए टीम ने उन्हें धरने से उठाकर मेडिकल कॉलेज ले जाने का प्रयास किया, लेकिन यासिर ने जाने से इनकार कर दिया। छात्रों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ता देख कुछ ही देर में प्रॉक्टरियल टीम वापस लौट गई, लेकिन यासिर को धरना स्थल से हटाने की कोशिश की खबर पूरे कैंपस में तेजी से फैल गई। इसके बाद अलग-अलग हॉस्टलों से छात्र डक पॉइंट की ओर पहुंचने लगे। रात करीब दो बजे तक यहां करीब 1500 से 2000 छात्रों के जुटने की बात सामने आई। छात्र बेहद आक्रोशित थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे। ‘ये अब्र यहां से उठेगा’ के नारों से गूंजा डक पॉइंट डक पॉइंट पर छात्रों ने स्टूडेंट यूनियन बहाली की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘वी वांट यूनियन’, ‘ये अब्र यहां से उठेगा’ और ‘जब-जब वीसी डरती है, पुलिस को आगे करती है’ जैसे नारे देर रात तक गूंजते रहे। छात्रों का कहना था कि 16 दिन से चल रहे आंदोलन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं कर रहा है। यासिर को मेडिकल कॉलेज ले जाने की कोशिश के बाद छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती गई। इससे डक पॉइंट देर रात आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। छात्र धरना स्थल पर जमा होकर नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे। अब्दुल्ला कॉलेज गेट पर छात्राओं ने संभाला मोर्चा इसी बीच आंदोलन का दूसरा बड़ा केंद्र अब्दुल्ला कॉलेज का गेट बन गया। डक पॉइंट पर छात्रों के जुटने के साथ ही अब्दुल्ला कॉलेज के अंदर आईजी हॉल की छात्राओं ने भी विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल के गेट पर पहुंच गईं और नारेबाजी करने लगीं। इस दौरान छात्राओं ने गेट पीटा और ताला तोड़कर गेट खोलने का प्रयास भी किया। छात्राओं की ओर से भी स्टूडेंट यूनियन बहाली के समर्थन में नारे लगाए गए। देर रात तक अब्दुल्ला कॉलेज का गेट छात्राओं के प्रदर्शन का केंद्र बना रहा। कैंपस में एक साथ दो जगह प्रदर्शन, बढ़ी सुरक्षा इस तरह देर रात एएमयू में आंदोलन के दो प्रमुख केंद्र बन गए। पहला डक पॉइंट स्थित धरना स्थल, जहां बड़ी संख्या में छात्र जुटे थे और दूसरा अब्दुल्ला कॉलेज का गेट, जहां छात्राएं प्रदर्शन कर रही थीं। दोनों जगह लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया। कैंपस के बाहर पुलिस बल निगरानी में रहा, जबकि अंदर प्रॉक्टरियल टीम और सुरक्षा स्टाफ को तैनात किया गया। अब्दुल्ला कॉलेज के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई। तड़के तक दोनों स्थानों पर छात्रों और छात्राओं का प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। 16वें दिन आंदोलन ने लिया नया मोड़ स्टूडेंट यूनियन बहाली की मांग को लेकर यासिर फहद की भूख हड़ताल मंगलवार को 16वें दिन में पहुंची थी। दिनभर धरना जारी रहने के बाद रात में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने की कोशिश की गई। इसी के बाद छात्रों का विरोध तेज हो गया और देखते ही देखते पूरा कैंपस आंदोलन की लहर में आ गया। एक तरफ डक पॉइंट पर हजारों की संख्या में छात्र जुटे रहे तो दूसरी तरफ अब्दुल्ला कॉलेज गेट पर छात्राओं ने मोर्चा संभाल लिया। देर रात तक दोनों केंद्रों पर प्रदर्शन जारी रहने से एएमयू कैंपस में तनाव की स्थिति बनी रही। यासिर का आरोप: रात में उठाने और छात्रों पर लाठीचार्ज की आशंका जताई भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता यासिर फहद ने मंगलवार रात वीडियो जारी कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। यासिर ने कहा कि प्रोटेस्ट साइट पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा करने की तैयारी की जा रही है। उनके मुताबिक, प्रॉक्टर ने यूपी पुलिस के साथ अपनी टीम को भी सक्रिय कर रखा है और रात में उन्हें धरना स्थल से उठाने की कोशिश की जा सकती है। यासिर ने यह भी दावा किया कि धरना स्थल पर मौजूद सामान्य छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने की आशंका है। उन्होंने छात्रों से बड़ी संख्या में प्रोटेस्ट साइट पर पहुंचने की अपील की। वीडियो में यासिर ने कहा कि यदि उन्हें या किसी सामान्य छात्र के साथ जबरन कार्रवाई, मारपीट या किसी तरह का नुकसान होता है तो इसके लिए एएमयू प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने वाइस चांसलर और प्रॉक्टर समेत विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। यासिर ने अपने वीडियो में कहा कि यदि किसी छात्र को जान-माल का नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी प्रशासन की होगी।
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एएमयू में आधी रात उबाल: यासिर को उठाने पहुंची मेडिकल टीम तो भड़के छात्र, डक पॉइंट और अब्दुल्ला गेट बने प्रदर्शन के दो केंद्र – Aligarh News
युवती का सिर काटकर हत्या, धड़ 50 फीट दूर मिला: जिस बॉयफ्रेंड पर शक, उसकी एक्सीडेंट में मौत; कॉल डिटेल से सहयोगी तक पहुंची पुलिस – biaora News
राजगढ़ जिले के ब्यावरा में मलावर थाना क्षेत्र के शमशेरपुरा रोड स्थित जंगल में 17 साल की युवती का सिर कटा शव मिला है। शव करीब 7 दिन पुराना है। पुलिस को खोपड़ी धड़ से करीब 50 फीट दूर मिली। पुलिस को आशंका है कि चाकू से सिर काटकर हत्या की गई। जांच के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया। युवती राजगढ़ के एक गांव में अपने मामा के घर रहती थी और कुछ दिन से लापता थी। जांच में उसका संपर्क जमोनिया गणेश निवासी अंकित मालवीय से सामने आया। पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन दोनों को बाइक से शमशेरपुरा की ओर जाते देखा गया था। अंकित की हादसे में मौत जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अंकित के साथ उसका एक सहयोगी भी जंगल की ओर गया था। 30 सितंबर को पगारी बंगला के पास ट्रक की टक्कर से अंकित की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने अंकित की कॉल डिटेल खंगाली। एक युवक से उसकी कई बार बातचीत सामने आने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर पुलिस ने अंकित के सहयोगी अभिषेक को निशानदेही के लिए जंगल ले गई, जहां युवती का शव मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत की वजह होगी साफ पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भोपाल भेजा है। शव काफी पुराना होने के कारण हालत खराब थी। पुलिस हत्या के कारण और घटनाक्रम की जांच कर रही है। टीआई बोले- प्रेम-प्रसंग समेत अन्य एंगल पर जांच मलावर थाना प्रभारी रजनीश सिरोठिया के अनुसार, मुख्य प्रकरण राजगढ़ कोतवाली में दर्ज है और आगे की जांच कोतवाली पुलिस कर रही है। पुलिस प्रेम-प्रसंग समेत अन्य संभावित एंगल से भी जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजह और अन्य तथ्य स्पष्ट होंगे।
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धान की पटवन करते समय दो युवकों की मौत: धनरूआ के बलवा पर टोला में बिजली की चपेट में आने से हादसा – Dhanarua(Patna) News
पटना जिले के धनरूआ थाना क्षेत्र के बहरामपुर पंचायत अंतर्गत मंगलवार देर शाम अमरपुरा के बलवा पर टोला में दो युवकों की बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों युवक धान की फसल की पटवन करने खेत गए थे।
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मृतकों की पहचान बलवा पर टोला निवासी बिलेंद्र बिंद (23), पिता रामाशीष बिंद और मनोज बिंद (32), पिता सोनारिक बिंद के रूप में हुई है। करंट लगने से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी जान चली गई।
हादसे की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। धनरूआ पुलिस को सूचना दी गई। घटना के बाद परिजनों में दुख का माहौल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
धनरूआ थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि यह हादसा बिजली के करंट से हुआ या कोई और वजह थी।
शेखावाटी यूनिवर्सिटी में 36 दिन बाद SFI का धरना खत्म: नए VC की पहल, खुद वार्ता करने आए, 17 सूत्रीय मांगों पर लिखित सहमति – Sikar News
सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया(SFI) का छात्रहितों की मांगो को लेकर 36 दिन से चल रहा धरना आज समाप्त हो गया। यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त VC डॉ. युद्धवीर सिंह ने पहल की और खुद धरनास्थल पर स्टूडेंट्स के बीच पहुंचे। VC डॉ. सिंह ने आंदोलनरत स्टूडेंट्स से बात की और उचित 17 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की सहमति दी और जल्द कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रहितों में कई निर्णयों पर दी सहमति वार्ता के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रहितों में कई निर्णयों पर सहमति दी। एंट्रेंस परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से लिए जाने वाले ₹700 फीस को अगले एकेडमिक सेशन से पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, अगले शैक्षणिक सत्र से फीस कम करने का भी निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए बंद किए गए पाठ्यक्रमों को दोबारा चालू किया जाएगा और LLM थर्ड सेमेस्टर में ‘क्रिमिनल ब्रांच’ को भी शुरू किया जाएगा। समझौता वार्ता में अगले सेशन से पहले हॉस्टल शुरू करने, छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल का प्रस्ताव भेजने, इंडोर/आउटडोर खेल स्टेडियम और ऑडिटोरियम के लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए कमेटी गठित कर स्थाईखेल मैदान का निर्माण तुरंत शुरू करने, अगले सत्र से BA LLB, LLB और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने, सीटें बढ़ाने, लाइब्रेरी की पुस्तकों का डाटा वेबसाइट पर उपलब्ध करवाने, एकेडमिक कैलेंडर जारी करने, शिकायत/सुझाव पेटियां लगाने, स्थाई शिक्षकों की भर्ती शुरु करने आदि मांगों पर सहमति दी। लिखित सहमति के बाद SFI ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की छात्रहितों पर लिखित सहमति के बाद SFI ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इकाई अध्यक्ष सुशीला चौधरी, इकाई सचिव अमित बाजिया और सह-सचिव लोकेश बिजारणियां ने कहा कि 36 दिनों का संघर्ष सफल रहा है और अब इन फैसलों को धरातल पर लागू कराना प्राथमिक लक्ष्य रहेगा। धरना समाप्ति पर छात्र संगठन SFI के पदाधिकारियों समेत सभी छात्रों ने VC डॉ. युद्धवीर सिंह व यूनिवर्सिटी प्रशासन का आभार जताया।
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राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर बलिया में कांग्रेसियों का धरना: चित्तू पांडेय चौराहे पर जुटे कार्यकर्ता, बोले- रिहाई तक जारी रहेगा प्रदर्शन – Ballia News
राहुल गांधी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बलिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में मंगलवार रात करीब 9 बजे शहर के चित्तू पांडेय चौराहे पर कांग्रेसियों ने धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को रिहा करने और ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि पुलिस ने जननेता राहुल गांधी को गिरफ्तार किया है। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी को रिहा नहीं किया जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा। ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप पाठक ने ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी करके विपक्ष को हराने और संविधान को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उनके नेता राहुल गांधी को रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान राहुल गांधी की रिहाई और ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। धरने में मुन्ना उपाध्याय, संतोष चौबे चुन्नू, जैनेन्द्र पाण्डेय मिंटू, सागर सिंह राहुल और मुखिया पाण्डेय समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
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जबलपुर में 10 लाख की 145 पेटी अवैध शराब जब्त: 5 KM पीछा कर पुलिस ने पिकअप पकड़ी, ड्राइवर फरार – Jabalpur News
जबलपुर में मंगलवार रात पुलिस ने कटनी से बाइपास होते हुए लाई जा रही अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी। रात करीब साढ़े 8 बजे मुखबिर के बताए वाहन को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक स्पीड बढ़ाकर भाग निकला। पुलिस ने करीब 5 किलोमीटर तक पीछा किया और नागपुर रोड पर पिकअप वाहन को पकड़ लिया। वाहन से करीब 145 पेटी अंग्रेजी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया है। चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने अंधमूक बाइपास पर की घेराबंदी सीएसपी एमएस नगोतिया को सूचना मिली थी कि पिकअप से शराब लाई जा रही है। इसके बाद अंधमूक बाइपास पर पुलिस ने घेराबंदी की। MP 32 G 0493 नंबर की पिकअप खजरी खिरिया-कटनी रोड से धनवंतरी नगर बाइपास की ओर आ रही थी। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। इस दौरान उसमें सवार दो अज्ञात व्यक्ति मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पिकअप और शराब जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जब्त शराब की कीमत 10 लाख रुपए सीएसपी गोरखपुर एमडी नागोतिया ने बताया कि वाहन चालक और मालिक की तलाश की जा रही है। शराब कटनी में कहां से लाई गई और जबलपुर में कहां खपानी थी, इसकी भी जांच हो रही है। जब्त शराब की कीमत करीब 10 लाख रुपए है। एएसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि संभवत: दशहरा में शराब खपाने के लिए इसे जबलपुर लाया गया था। चालक और मालिक की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
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अब जन्म के 24-72 घंटे में 63 बीमारियों की जांच: दिल्ली सरकार ने बढ़ाया मिशन अनमोल, सालाना स्क्रीनिंग कवरेज बढ़ाकर 2.5 लाख करने का लक्ष्य – New Delhi News
दिल्ली सरकार ने नवजात शिशुओं में गंभीर लेकिन उपचार योग्य बीमारियों की समय रहते पहचान और इलाज के लिए मिशन अनमोल का विस्तार किया है। जीबी पंत अस्पताल में मंगलवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने अनमोल पहल नवजातों के लिए सुरक्षा चक्र कार्यक्रम के तहत इसका शुभारंभ किया। मिशन के तहत नवजात के जन्म के 24 से 72 घंटे के भीतर 63 जन्मजात, आनुवंशिक और मेटाबॉलिक बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार नवजातों की वार्षिक स्क्रीनिंग कवरेज को करीब 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख करने की दिशा में काम कर रही है। अब तक 75 हजार से अधिक नवजातों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 700 से अधिक बच्चों को समय पर उपचार मिला है। कार्यक्रम में जीबी पंत अस्पताल में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के नए भवन का भी उद्घाटन किया गया। इससे दिल्ली में अंग एवं ऊतक दान, प्रत्यारोपण, जागरूकता और इससे जुड़ी गतिविधियों के समन्वय को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने निजी नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूल के लिए नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल भी शुरू किया। इससे आवेदन, दस्तावेज जमा करने और प्रक्रिया की स्थिति जानने की सुविधा ऑनलाइन मिलेगी। एलजी संधू ने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
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हेमा मालिनी का फिटनेस सीक्रेट, 77 में भी एक्टिव
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Hema Malini Lifestyle: हेमा मालिनी की फिटनेस लाइफस्टाइल में योग, डांस, सादा शाकाहारी भोजन और व्रत जैसी आदतों का जिक्र मिलता है. उनकी दिनचर्या से नियमित एक्टिविटी और खान-पान में संतुलन की अहमियत समझी जा सकती है. हालांकि हर व्यक्ति को अपनी जरूरत के अनुसार रूटीन अपनाना चाहिए.
हेमा मालिनी का फिटनेस सीक्रेट, 77 में भी एक्टिव (Image – Instagram @dreamgirlhemamalini)
Hema Malini Lifestyle: कई लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ थकान और शरीर की सुस्ती को रोक पाना मुश्किल है, लेकिन हेमा मालिनी आज भी अपनी दिनचर्या और काम के बीच खुद को एक्टिव रखने पर ध्यान देती हैं. 77 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और एनर्जी अक्सर चर्चा में रहती है. उनकी लाइफस्टाइल में कोई एक खास फॉर्मूला नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही कुछ नियमित आदतें शामिल हैं. योग, डांस और खान-पान को लेकर उनकी सावधानी उनके रूटीन का अहम हिस्सा बताई जाती है.
वह अपनी डाइट में सादगी रखने के साथ शरीर को एक्टिव रखने की कोशिश करती हैं. यही वजह है कि उनकी फिटनेस को लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी रहती है. आइए जानते हैं उनके बताए इन तीन रूटीन के बारे में.
1. योग और डांस को देती हैं जगह
हेमा मालिनी के फिटनेस रूटीन में योग की खास जगह है. वह योग करना पसंद करती हैं और इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाए रखने की कोशिश करती हैं. उनके लिए फिटनेस का मतलब केवल जिम में घंटों एक्सरसाइज करना नहीं है. शरीर को लचीला और एक्टिव रखने के लिए वह योग को महत्व देती हैं. डांस भी उनकी जिंदगी का पुराना हिस्सा रहा है. खासकर कथक से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. डांस शरीर की गतिविधि बढ़ाने के साथ मन को भी व्यस्त रखता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर को पूरी तरह निष्क्रिय रखने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार एक्टिव रहना फायदेमंद हो सकता है. हालांकि किसी भी एक्सरसाइज या योग का तरीका उम्र और हेल्थ के अनुसार तय करना बेहतर रहता है.
2. खाने में सादगी और संतुलन पर जोर
हेमा मालिनी लंबे समय से शाकाहारी भोजन पसंद करने के लिए जानी जाती हैं. उनकी पसंद में इडली, डोसा, उत्तपम और उपमा जैसे साउथ इंडियन व्यंजन भी शामिल हैं. वह बहुत ज्यादा तला-भुना खाना पसंद नहीं करतीं. उनके खान-पान से जुड़ी यही सादगी उनकी लाइफस्टाइल का एक खास हिस्सा बताई जाती है. उनकी डाइट को लेकर एक और बात अक्सर सामने आती है कि वह सफेद चीनी से दूरी रखती हैं और मिठास के लिए गुड़ या शहद का इस्तेमाल करती हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ या शहद को असीमित मात्रा में लेना सही है. मीठी चीजों की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है. वह चावल और रोटी को एक साथ खाने के बजाय अलग-अलग लेना पसंद करती हैं. यह उनकी व्यक्तिगत खाने की आदत है. इसे हर व्यक्ति के लिए वजन कम करने या फिट रहने का तय नियम नहीं माना जाना चाहिए. शरीर की जरूरत उम्र, गतिविधि और हेल्थ के हिसाब से अलग हो सकती है.
3. व्रत और हल्के भोजन की आदत
हेमा मालिनी के रूटीन में व्रत का भी जिक्र मिलता है. बताया जाता है कि वह सोमवार और शुक्रवार को व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान फल, नारियल पानी, सब्जियों का जूस और पनीर जैसी चीजों को अपने खान-पान में शामिल करती हैं. व्रत हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता. खासकर उम्र बढ़ने के साथ लंबे समय तक खाना न खाने से पहले अपनी सेहत और शरीर की जरूरत को समझना जरूरी है. अगर किसी को डायबिटीज, कमजोरी या दूसरी हेल्थ समस्या है तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
फिटनेस के लिए सबसे जरूरी है नियमितता
हेमा मालिनी की लाइफस्टाइल से एक बात जरूर समझ आती है कि फिट रहने के लिए केवल एक दिन की मेहनत काफी नहीं होती. योग, डांस, संतुलित खाना और अपनी दिनचर्या पर ध्यान लंबे समय में आदत बनते हैं. हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है इसलिए किसी सेलिब्रिटी की पूरी डाइट या रूटीन की कॉपी करने के बजाय उसमें से अपनी उम्र और हेल्थ के मुताबिक सही आदतें चुनना ज्यादा बेहतर होगा.
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कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…
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फुमान ऑयलफील्ड: 19000 फुट नीचे ‘पाताल’ में चीन को मिला ‘काला सोना
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Fuman Oilfield : फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) से चीन अब तक 2.036 करोड़ टन कच्चा तेल और 8.15 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस निकाल चुका है. 6000 मीटर की गहराई से तेल और गैस निकाली जा रही हैं. इस गहराई पर अत्यधिक दबाव और खौलते तापमान के कारण ड्रिलिंग करना बेहद मुश्किल काम है. लेकिन, चीन ने तकनीकी चुनौतियों को मात देकर तकलीमाकान रेगिस्तान (Taklamakan desert) को अपनी ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा गढ़ बना लिया है.
फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) चीन का सबसे बड़ा रेगिस्तानी और अल्ट्रा-डीप तेल और गैस क्षेत्र है. ( फोटो साभार : @CGTNOfficial/X)
नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े रेतीले और ठंडे रेगिस्तानों में गिने जाने वाले तकलीमाकान रेगिस्तान (Taklamakan desert) का सीना चीरकर चीन ने जमीन के 19,000 फीट नीचे एक तेल और गैस का विशाल भंडार खोज निकाला है. चीन के इस कारनामे से दुनिया हैरान है. उत्तर-पश्चिमी चीन के शिनजियांग क्षेत्र में स्थित फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) अब ड्रैगन के लिए कुबेर का खजाना साबित हो रहा है और वह ‘पाताल’ की परतों से रात-दिन तेल और गैस खींचने में जुटा हुआ है. चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क की एक रिपोर्ट के अनुसार, चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (CNPC) द्वारा संचालित फुमान ऑयलफील्ड से अब तक कुल 2.686 करोड़ टन तेल और गैस निकाली जा चुकी है.
फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) चीन का सबसे बड़ा रेगिस्तानी और अल्ट्रा-डीप तेल और गैस क्षेत्र है. यह उत्तर-पश्चिम चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित टकलीमाकान (Taklimakan Desert) के तारिम बेसिन में स्थित है. इस ऑयलफील्ड में तेल और गैस के भंडार जमीन में 6,000 मीटर से लेकर 10,000 मीटर तक हैं. इतनी गहराई से तेल और गैस निकालना बेहद कठिन काम है. लेकिन, चीन ने इस चुनौती को भी पार पा लिया है. पेट्रोचाइना के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में 1 अरब टन से अधिक तेल और गैस होने का अनुमान है. इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट में छाई अनिश्चितता के बीच चीन अपनी घरेलू तेल आपूर्ति बढ़ाने के लिए टकलीमाकान रेगिस्तान में तेजी से तेल और गैस निकाल रहा है.
खोद डाले 485 गहरे कुएं
ड्रैगन फुमान ऑयलफील्ड में अब तक 485 अल्ट्रा-डीप कुएं खोदे चुका है. इनमें से 464 कुएं ऐसे हैं, जो प्रति कुआं 10,000 टन से अधिक उत्पादन दे रहे हैं. वहीं, 133 कुओं ने 1 लाख टन से अधिक का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है. इतनी विशाल संख्या में गहरे कुओं के नेटवर्क ने फुमान को चीन का सबसे बड़ा रेगिस्तानी तेल क्षेत्र और अल्ट्रा-डीप हाइड्रोकार्बन उत्पादन का मुख्य केंद्र बना दिया है.
रेगिस्तान के साथ ही चीन गहरे समुद्र से भी कच्चा तेल निकाल रहा है.
8,000 मीटर नीचे मिलीं 50 करोड़ साल पुरानी चट्टानें
हाल ही में फुमान ऑयलफील्ड के झेंटान-1 कुएं में चीनी इंजीनियरों ने 8,080 मीटर (लगभग 26,500 फीट) की हराई से चट्टानों के नमूने यानी रॉक कोर निकाले हैं. ये वो चट्टानें हैं जो लगभग 50 करोड़ साल से धरती के गर्भ में दबी हुई हैं. यह पहली बार है जब उत्तर-पश्चिमी तारिम बेसिन में 8 हजार मीटर से अधिक गहराई से इस प्रकार के नमूने निकाले गए हैं. इन नमूनों की जांच से यह समझने में मदद मिलेगी कि धरती की इतनी गहराई में तेल और गैस की परतें कितनी मोटी और परिपक्व हैं.
50 करोड़ टन का प्रमाणित भंडार
तकलीमाकान रेगिस्तान में 50 करोड़ टन से अधिक के प्रमाणित तेल और गैस भंडार हैं. इनका आधा हिस्सा 6,000 मीटर से ज्यादा गहरी अल्ट्रा-डीप परतों में मौजूद है. 8 किलोमीटर नीचे तक पहुंचकर रॉक कोर निकालने की सफलता यह साबित करती है कि चीन अब ऊर्जा के लिए सिर्फ सामान्य भंडारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह उन भू-गर्भीय सीमाओं को लांघ रहा है जहां तक पहुंचना अब तक नामुमकिन समझा जाता रहा है.
सबसे बड़ा तेल आयातक है चीन
चीन दुनिया का कच्चे तेल (crude oil) का सबसे बड़ा आयातक है. चीन की घरेलू खपत का 70% से अधिक हिस्सा आयातित तेल से पूरा होता है. साल 2025 में चीन ने रिकॉर्ड 55.773 करोड़ टन कच्चा तेल आयात किया. यानी हर दिन औसतन 1.155 करोड़ बैरल. वहीं चीन का वार्षिक घरेलू क्रूड उत्पादन लगभग 21.5 करोड़ मीट्रिक टन है. चीन हर दिन लगभग 11 मिलियन बैरल कच्चा तेल अपनी धरती और समुद्र से निकालता है.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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किशनगंज में बेकाबू डम्पर ने सड़क किनारे की दुकानें रौंदी: कई दुकानें क्षतिग्रस्त, लाखों का नुकसान, ड्राईवर मौके से भागा – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। NH-327E पर चरघरिया और काशीबारी के बीच तेज रफ्तार गिट्टी लदा डम्पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
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हादसे में सड़क किनारे बनीं कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डम्पर तेज गति से आ रहा था। चरघरिया-काशीबारी के पास अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और डम्पर सड़क किनारे दुकानों पर पलट गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो से तीन दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि दुकानों में रखा सामान भी बिखर गया। दुकानदारों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
घटना के समय दुकानें बंद थीं या दुकानदार किसी काम से बाहर गए हुए थे, जिसके कारण बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही
अगर दुकानें खुली होतीं तो कई लोगों की जान जा सकती थी। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डम्पर को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से NH-327E पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

