बुलंदशहर के जहांगीराबाद में गुरूवार को बीसीए छात्र को थप्पड़ मारने के विवाद में शिक्षक पर छात्रों के गुट ने हमला कर दिया। आरोप है कि सत्यदेव कॉलेज ऑफ इंस्टीट्यूट के शिक्षक अनुज कुमार ने कक्षा में अनुशासनहीनता करने पर छात्र राहुल को थप्पड़ मार दिया था। इससे नाराज छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर गुरुवार सुबह अनूपशहर बस स्टैंड के पास शिक्षक पर हमला कर दिया। मारपीट में शिक्षक लहूलुहान हो गए। उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से बुलंदशहर रेफर कर दिया गया। कॉलेज में अनुशासनहीनता को लेकर हुआ था विवाद जानकारी के अनुसार, सत्यदेव कॉलेज ऑफ इंस्टीट्यूट में अनुज कुमार शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि बीसीए के छात्र राहुल पर कक्षा में अनुशासनहीनता करने का आरोप था। इसी बात को लेकर शिक्षक ने छात्र को थप्पड़ मार दिया था। आरोप है कि इस घटना से नाराज छात्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर शिक्षक से मारपीट की। बस स्टैंड के पास शिक्षक पर हमला बताया गया कि गुरुवार सुबह अनुज कुमार कॉलेज जाने के लिए निकले थे। वह अनूपशहर बस स्टैंड के पास पहुंचे, तभी उनके साथ मारपीट की गई। अचानक हुए हमले में शिक्षक को चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों में हलचल मच गई। घायल शिक्षक को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए बुलंदशहर रेफर कर दिया गया। तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई घटना के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र राठौर ने बताया कि मामले में तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी। फिलहाल मारपीट के मामले में पुलिस की कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद आगे बढ़ेगी।
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छात्र को थप्पड़ मारा तो साथियों संग शिक्षक को पीटा: बुलंदशहर के कॉलेज जाते समय बस स्टैंड पर किया हमला, बुलंदशहर रेफर – Jhangirabad(Bulandshahar) News
किसानों के खाते में कब आएंगे 2,000 रुपये, जानें किस्त की तारीख
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की अगली किस्त का देशभर के किसानों को इंतजार है. इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹2,000 की तीन किस्तों को सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है. पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून को जारी की गई थी. अब किसानों के मन में सवाल है कि 24वीं किस्त कब आएगी और खाते में पैसे कब तक पहुंचेंगे? खासकर बारिश और बाढ़ से फसलों को नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए यह रकम काफी मददगार हो सकती है.
हालांकि, 24वीं किस्त जारी करने की तारीख को लेकर सरकार की ओर से अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है. किस्त अगस्त से नवंबर के बीच आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन किसी तय तारीख को पक्का नहीं माना जा सकता. ऐसे में किसानों को सही अपडेट के लिए पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखनी चाहिए. साथ ही, अपनी ई-केवाईसी, आधार से जुड़े बैंक खाते और जमीन के सत्यापन की स्थिति भी जांच लेनी चाहिए, ताकि किस्त जारी होने पर भुगतान में कोई परेशानी न आए.
पीएम किसान योजना में सालाना कितने रुपये मिलते हैं?
केंद्र सरकार ने पीएम किसान योजना की शुरुआत 1 दिसंबर 2018 को की थी. इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है. यह रकम एक साथ नहीं, बल्कि तीन किस्तों में मिलती है. हर किस्त ₹2,000 की होती है. आमतौर पर पहली किस्त अप्रैल से जुलाई, दूसरी अगस्त से नवंबर और तीसरी दिसंबर से मार्च के बीच जारी की जाती है. 20 जून को जारी हुई 23वीं किस्त के तहत 9.44 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में ₹2,000 भेजे जा चुके हैं. हालांकि, 24वीं किस्त की तारीख अभी तय नहीं हुई है.
किन किसानों को मिल सकता है योजना का फायदा?
इस योजना का फायदा लेने के लिए किसान परिवार के पास खेती योग्य जमीन होनी चाहिए और उसे योजना के नियमों के तहत पात्र होना जरूरी है. हालांकि, सभी किसान इसके पात्र नहीं हैं. डॉक्टर, इंजीनियर, सरकारी कर्मचारी, आयकर देने वाले और कुछ अन्य निर्धारित श्रेणियों के लोग योजना का फायदा नहीं ले सकते. ₹10,000 से अधिक मंथली पेंशन पाने वाले कुछ पेंशनभोगी भी इसके दायरे से बाहर हैं.
योजना के नियमों के अनुसार, एक किसान परिवार से पात्रता की शर्तें पूरी करने वाले सदस्य को ही लाभ मिलता है. आवेदन के लिए जमीन के कागजात, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो और मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है. रजिस्ट्रेशन आधिकारिक पोर्टल, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या कृषि विभाग के जरिए कराया जा सकता है.
पीएम किसान का पेमेंट स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?
किसानों को यह जानने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं है कि उनकी किस्त का स्टेटस क्या है. वे घर बैठे ऑनलाइन जानकारी देख सकते हैं.
- सबसे पहले PM-Kisan की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
- ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें.
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें.
- स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें.
- ‘Get OTP’ पर क्लिक करके वेरिफिकेशन पूरा करें.
- इसके बाद स्क्रीन पर रजिस्ट्रेशन और भुगतान से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं.
- अगर रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पता है, तो वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित ऑप्शन से उसे पता करने की कोशिश करें.
किस्त अटकने से बचने के लिए तुरंत करें ये 3 काम
कई बार किस्त जारी होने के बावजूद पैसा खाते में नहीं पहुंचता. इसकी वजह जरूरी जानकारी अधूरी होना या वेरिफिकेशन में समस्या हो सकती है। इसलिए किसान इन तीन बातों की जांच जरूर करें.
ई-केवाईसी पूरी करें: अगर ई-केवाईसी अधूरी है, तो उसे आधिकारिक पोर्टल या उपलब्ध अधिकृत माध्यम से पूरा करें.
आधार और बैंक खाते की जांच करें: सुनिश्चित करें कि बैंक खाते से आधार जुड़ा हो और खाते में DBT के जरिए पैसा पाने की जरूरी प्रक्रिया पूरी हो.
जमीन का वेरिफिकेशन कराएं: पोर्टल पर लैंड सीडिंग का स्टेटस देखें. अगर जमीन का सत्यापन पूरा नहीं हुआ है, तो संबंधित कृषि विभाग या अधिकारी से संपर्क करें.
इस बात का भी ध्यान रखें कि पीएम किसान की 24वीं किस्त की तारीख अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है. सही जानकारी के लिए केवल सरकारी पोर्टल और आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें.
नवरात्रि के व्रत में बनाना है कुछ झटपट और अलग? चुकंदर रायते की ये रेसिपी करें नोट
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Beetroot Raita Recipe: नवरात्रि की व्रत थाली में चुकंदर रायता स्वाद और रंग दोनों जोड़ सकता है. इसे दही, चुकंदर, भुने जीरे और सेंधा नमक से आसानी से बनाया जा सकता है. 10 से 15 मिनट ठंडा करने के बाद इसे व्रत की थाली के साथ परोसें.
नवरात्रि 2026 चुकंदर रायता रेसिपी, ऐसे बनाएं (Image-AI generated)
Beetroot Raita Recipe: नवरात्रि के व्रत में अगर आप ऐसी डिश चाहते हैं जो जल्दी बन जाए और थाली में रंग भी भर दे, तो चुकंदर रायता अच्छा विकल्प हो सकता है. चुकंदर का रंग रायते को आकर्षक बना देता है, जबकि दही इसका स्वाद हल्का और ताजा रखता है. इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.
दही, कद्दूकस किया हुआ चुकंदर, भुना जीरा और सेंधा नमक जैसी चीजों से यह रायता कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाता है. ऊपर से धनिया पत्ती डालने पर इसका स्वाद और लुक दोनों बेहतर हो जाते हैं. नवरात्रि की व्रत थाली में इसे ठंडा परोसा जा सकता है.
चुकंदर रायता बनाने के लिए सामग्री
- 1 चुकंदर, कद्दूकस किया हुआ
- 1/2 कप ताजा दही
- 1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
- सेंधा नमक स्वादानुसार
- 1 बड़ा चम्मच कटी हुई धनिया पत्ती
- हरी मिर्च, बारीक कटी हुई, वैकल्पिक
चुकंदर रायता बनाने का तरीका
दही और चुकंदर मिलाएं
सबसे पहले ताजे दही को एक बाउल में अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें गांठ न रहें. अब इसमें कद्दूकस किया हुआ चुकंदर डालकर अच्छी तरह मिला लें.
जीरा और सेंधा नमक डालें
अब रायते में भुना हुआ जीरा पाउडर और स्वादानुसार सेंधा नमक डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें, ताकि जीरे और नमक का स्वाद पूरे रायते में अच्छी तरह मिल जाए.
धनिया और हरी मिर्च से स्वाद बढ़ाएं
अब इसमें कटी हुई धनिया पत्ती डालें, अगर आप व्रत में हरी मिर्च खाते हैं, तो थोड़ी बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल सकते हैं. इससे रायते का स्वाद थोड़ा चटपटा हो जाएगा.
ठंडा करके परोसें
तैयार रायते को करीब 10 से 15 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें. इसके बाद इसे निकालकर नवरात्रि की व्रत थाली के साथ परोसें. ठंडा चुकंदर रायता खाने में ज्यादा ताजा और अच्छा लग सकता है.
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कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…
चाचा-भतीजे पर फरसी से हमला: भरतपुर से दोनों गंभीर घायलों को अलवर जिला हॉस्पिटल में करवाया भर्ती – Alwar News
भरतपुर के केथवाड़ा थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश को लेकर बदमाशों ने एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। 6 से ज्यादा लोगों ने फरसी और जेरी (धारदार व लोहे के हथियार) से हमला कर दो लोगों को लहूलुहान कर दिया। वारदात में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद गंभीर हालत में अलवर जिला हॉस्पिटल रेफर किया गया। स्कूल संचालक के बेटे और भाई पर हमला जानकारी अनुसार- केथवाड़ा थाना क्षेत्र निवासी निजी स्कूल संचालक शमशाद के बेटे अनीश और उनके बड़े भाई ऐलान पर हमला हुआ। परिजनों ने बताया कि गांव के ही इलियास, नौशाद, मुंसाद, अलीम और उनके अन्य साथियों ने रंजिश के तहत दोनों को घेर लिया। जब तक वे कुछ समझ पाते, आरोपियों ने फरसी और जेरी से ताबड़तोड़ वार कर दिए। अचानक हुए हमले में दोनों लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के दौरान चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर दौड़े। परिजनों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। परिजन आनन-फानन में घायलों को स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टर ने घायलों को अलवर रैफर कर दिया। पहले भी कर चुके हैं हमला घायलों के पिता शमशाद ने बताया कि नामजद आरोपियों से उनकी काफी समय से पुरानी रंजिश चली आ रही है। आरोपी पक्ष पहले भी उनके परिवार पर जानलेवा हमला कर चुका है, जिसकी प्राथमिकी (FIR) केथवाड़ा थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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मुजफ्फरपुर में नवविवाहिता का कमरे में मिला शव: गले पर काला निशान; पति समेत ससुराल वाले फरार; 1 साल पहले की थी लव मैरिज – Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर के राजवाड़ा डीह गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत हो गई। गुरुवार सुबह शव कमरे में मिला। गले पर काला निशान पाया गया है। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। मृतका की पहचान कुंदन पासवान की पत्नी गुंजा कुमारी(23) के तौर पर हुई है। फिलहाल पति और उसके बड़े भाई समेत ससुराल के तीन लोग घर छोड़कर फरार हैं। घटना मुसहरी थाना क्षेत्र की है। गले पर काला निशान मौत की सूचना पर डायल 112 की टीम और मुसहरी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को घर के कमरे में गुंजा का शव मिला। गले पर काला निशान मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। सूचना पर एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने साक्ष्य जुटाने के लिए मौके को सुरक्षित किया और जरूरी नमूने एकत्र किए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया गया। शादी के बाद ससुराल में रह रही थी गुंजा जानकारी के अनुसार, गुंजा की शादी 23 जनवरी 2025 को कुंदन पासवान से हुई थी। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग के बाद शादी हुई थी। गुंजा की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और मौत से पहले क्या हुआ था। पति और बड़े भाई का परिवार फरार जानकारी के मुताबिक पति कुंदन पासवान, उसका बड़ा भाई चंदन पासवान और चंदन की पत्नी घर से फरार बताए जा रहे हैं। कुंदन के पिता पलटन पासवान और उनकी पत्नी पहले से दिल्ली में रहते हैं। पुलिस फरार लोगों की तलाश करने के साथ मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। फिलहाल मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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यूरोप ने रूस से 30 लाख करोड़ का तेल-गैस खरीदा: इस साल भी इम्पोर्ट जारी, 2025 में भारत की रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए थे
2 घंटे पहले
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रूस से तेल खरीदने पर भारत पर दबाव बनाने वाला यूरोप खुद भी उससे बड़े पैमाने पर तेल-गैस खरीद रहा है। 2022 से अब तक यूरोपीय देशों ने रूस से करीब 30 लाख करोड़ रुपए का ईंधन खरीदा है।
दूसरी ओर, यूरोपीय संघ ने जुलाई 2025 में गुजरात स्थित नायरा एनर्जी की रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें रूस की तेल कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी रही है।
2026 के शुरुआती नौ महीनों में भी करीब 2.03 लाख करोड़ रुपए की खरीद हुई। रूस के मुताबिक, जिन रास्तों से रूसी ऊर्जा खरीदने की छूट है, उनके जरिए यूरोप को तेल और गैस की सप्लाई जारी है।
रूस से ईंधन छूट के नियम अलग-अलग
यूरोप के सभी देशों की स्थिति एक जैसी नहीं है।
- हंगरी और स्लोवाकिया को रूस से पाइपलाइन के जरिए तेल खरीदने की विशेष छूट मिली हुई है।
- कई यूरोपीय कंपनियों के रूस के साथ पहले से कई ऊर्जा समझौते हैं।
- अमेरिका ने भी कुछ हालात में रूसी ईंधन खरीदने के लिए अस्थायी छूट दी है।
वहीं, भारत की रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिकी प्रशासन अतिरिक्त आयात शुल्क लगा चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत पर दबाव और यूरोपीय देशों को मिली छूट के नियम अलग-अलग क्यों हैं।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने 23 सितंबर 2025 को कहा था कि यूरोप साल के अंत तक रूस से तेल खरीद बंद करना चाहता है।
भास्कर एनालिसिस: खरीद रोकने से यूरोप को मंहगाई का डर
तेल-गैस महंगी हो सकती है
यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोप में गैस और बिजली की कीमतें बढ़ी थीं। रिपोर्ट में गैस की कीमतों में 46% और बिजली की कीमतों में 21% तक बढ़ोतरी का दावा किया गया है। रूस से सप्लाई पूरी तरह बंद होने पर कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। इससे आम लोगों के बिल और कंपनियों की लागत बढ़ने का डर है।
2026 में भी रूस से गैस खरीद बढ़ी
यूरोपीय संघ की ऊर्जा नियामक एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मई 2026 के बीच यूरोप में रूस से पाइपलाइन के जरिए आने वाली गैस की खरीद पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 7% बढ़ी। रूस से तरल प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी की खरीद भी 11% बढ़ी। इससे पता चलता है कि प्रतिबंधों के बावजूद यूरोप की रूस पर ऊर्जा निर्भरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
दूसरे देशों से गैस खरीदना भी आसान नहीं
यूरोप अमेरिका और दूसरे देशों से भी गैस खरीदता है। लेकिन दूसरे देशों से गैस मंगाने के लिए अलग इंतजाम और खर्च की जरूरत होती है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भी ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में रूस से खरीद तुरंत बंद करना यूरोप के लिए आसान नहीं है।
पहले से हुए समझौते भी बड़ी वजह
यूरोपीय कंपनियों ने रूस के साथ लंबे समय के लिए गैस खरीदने के समझौते कर रखे हैं। यूरोप की ऊर्जा नियामक एजेंसी के मुताबिक, रूसी एलएनजी खरीदने के लिए कुछ कंपनियों के सालाना 20 से 32 अरब घनमीटर तक के अनुबंध हैं। इन समझौतों और दूसरी जगह से गैस लाने के इंतजाम में समय लगने के कारण आयात बंद करना मुश्किल है।
रूस की एलएनजी का सबसे बड़ा खरीदार EU है
ऊर्जा पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के मुताबिक, दिसंबर 2022 से अगस्त 2026 के बीच रूस से होने वाले एलएनजी निर्यात में यूरोपीय संघ (EU) की हिस्सेदारी 49% थी। चीन की हिस्सेदारी 24% रही।
पाइपलाइन के जरिए भेजी जाने वाली रूसी गैस में भी यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी 32% थी। चीन की हिस्सेदारी 31% और तुर्किये की 29% रही। यानी रूस से गैस खरीदने में यूरोप अब भी अहम भूमिका निभा रहा है।
रूस से एलएनजी खरीदने वाले प्रमुख यूरोपीय देशों में फ्रांस, बेल्जियम, स्पेन समेत नीदरलैंड्स भी शामिल है।
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मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई: रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर

अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
WhatsApp पर नया स्कैम, ‘No’ लिखते ही खाली होगा बैंक अकाउंट, कैसे बचें?
WhatsApp के करोड़ों यूजर्स को नए तरीके के स्कैम को लेकर सावधान रहना चाहिए। वॉट्सऐप पर आए मैसेज का ‘No’ रिप्लाई करते ही आपका बैंक अकाउंट पूरी तरह से खाली हो सकता है। तेलंगाना की हैदराबाद पुलिस ने इसे लेकर लोगों को चेतावनी जारी है। हाल ही में एक चार्टेड अकाउंटेंट ने इस स्कैम की वजह से लाखों रुपये गंवा दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद पुलिस कमीशनर ने लोगों को इस स्कैम से सतर्क रहने के लिए कहा है और बचने की सलाह दी है।
बिना OTP, पासवर्ड बताए हो रहा फ्रॉड
हैदराबाद पुलिस के मुताबिक, इन दिनों फ्रॉड करने वाले इस नए तरीके के स्कैम के जरिए लोगों को टारगेट कर रहे हैं। हैदराबाद सिटी पुलिस कमीशनर वीसी सज्जानार ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस स्कैम में बिना OTP शेयर किए और लिंक पर क्लिक किए ही आप साइबर फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में यह नया स्कैम काफी खतरनाक है। आपकी एक छोटी सी गलती से आप अपनी जिंदगी भर की कमाई गवां सकते हैं।
कैसे होता है WhatsApp का ‘No’ स्कैम?
फ्रॉड करने वाले लोगों को वॉट्सऐप पर एक इंटरनेशनल या अंजान नंबर से मैसेज भेजा जाता है। इस मैसेज में छिपे हुए लिंक और मालवेयर होते हैं, जो आपके रिप्लाई करते ही एक्टिवेट हो जाते हैं। एक बार मालवेयर एक्टिवेट हो जाता है तो फिर आपके फोन से निजी जानकारियां चुराई जाती है और चुपके से बैंक अकाउंट खाली कर दिया जा सकता है। इसमें स्कैमर्स OTP और पासवर्ड बाईपास करके अकाउंट में सेंध लगाते हैं, ताकि लोगों को पता न चल सके।
आपके वॉट्सऐप पर आए मैसेज में लिखा होता है कि आपके अकाउंट से पैसे कट गए हैं या डेबिट हो गए हैं। अगर, आपने ट्रांजैक्शन नहीं किया है तो ‘No’ रिप्लाई करें। लोग ‘No’ रिप्लाई करके अपने फोन का एक्सेस हैकर्स को दे देते हैं। फिर साइबर फ्रॉड का शिकार बन जाते हैं।
कैसे बचें?
इस तरह के स्कैम से बचने के लिए लोगों को किसी भी इंटरनेशनल या अंजान नंबर से आने वाले मैसेज को एंटरटेन नहीं करना चाहिए।
अगर, आपको लगे कि यह स्कैम हो सकता है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा आप Sanchar Saathi ऐप या वेबसाइट के जरिए भी इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।
इसके अलावा आप अपने फोन में एंटी वायरस भी इंस्टॉल करके रखें। यह फोन पर आने वाले किसी भी वायरस या मालवेयर को ब्लॉक करने का काम करेगा। इससे फोन का एक्सेस ब्लॉक होगा और आप फ्रॉड से बच सकेंगे।
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद ड्रोन वॉर की तैयारी तेज: सेना 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम और 10 लंबी दूरी के निगरानी ड्रोन खरीद रही
नई दिल्ली3 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय सेना ड्रोन से निगरानी के साथ हमला करने और दुश्मन के ड्रोन को नष्ट करने की क्षमता भी बढ़ा रही है। जुलाई से सितंबर के बीच जारी खरीद प्रस्तावों से पता चलता है कि सेना ड्रोन युद्ध से जुड़ी पूरी व्यवस्था मजबूत कर रही है।
इनमें दूर तक निगरानी, लक्ष्य पहचानने, एफपीवी ड्रोन से हमला या पेलोड गिराने, सैनिकों को ड्रोन की ट्रेनिंग और दुश्मन ड्रोन को खोजकर नष्ट करने वाला स्किल शामिल है।
इसमें लंबी दूरी तक निगरानी, लक्ष्य पहचानने, FPV ड्रोन से हमला करने या पेलोड गिराने, सैनिकों को ट्रेनिंग देने और दुश्मन के ड्रोन को नाकाम करने वाले उपकरण शामिल हैं। भास्कर ने जुलाई से सितंबर के बीच सामने आए सेना के ड्रोन और काउंटर-ड्रोन संबंधी खरीद प्रस्तावों की पड़ताल की।
सेना ने हाल ही में 9 लो एल्टीट्यूड एरियल थ्रेट रिस्पॉन्स एंड मिटिगेशन सिस्टम खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। इससे पहले 10 इंटीग्रेटेड लॉन्ग रेंज सर्विलांस ड्रोन के लिए टेंडर जारी किया गया था।
सूत्रों के अनुसार एक तरफ सेना लंबी दूरी तक निगरानी वाले ड्रोन चाहती है। वहीं, कम ऊंचाई पर आने वाले हवाई खतरों से निपटने के सिस्टम भी ले रही है।

273 आइटम की लिस्ट, ये ड्रोन्स के लिए जरूरी
सेना ने ड्रोन्स के लिए 273 आइटम की एक फेहरिस्त जारी की है। इसमें मोटर, इलेक्ट्रॉनिक स्पीड कंट्रोलर, ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम, फ्लाइट कंट्रोलर, कैमरा और बैटरी के साथ रिमोटली ऑपरेटेड मल्टी-पेलोड रिलीज मैकेनिज्म भी शामिल हैं। सर्विलांस ड्रोन का काम तस्वीर या वीडियो भेजना है। पेलोड रिलीज मैकेनिज्म ड्रोन को किसी वस्तु को तय जगह पर गिराने की क्षमता देता है।

एक्सपर्ट व्यू- स्वदेशी उत्पादन और तेज मरम्मत जरूरी रक्षा विश्लेषक ब्रिगेडियर (रि.) शरदेंदु का कहना है- ड्रोन युद्ध क्षमता का आकलन पाकिस्तान-चीन के मुकाबले करना जरूरी है। चीन के पास ड्रोन उत्पादन, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और एआई आधारित तकनीक का मजबूत आधार है।
पाक चीनी तकनीक और तुर्किये की मदद से ड्रोन क्षमता बढ़ा रहा है। भारत के सामने चुनौती सिर्फ ड्रोन लेने की नहीं, बल्कि सीमा पर निगरानी, सटीक जवाबी कार्रवाई और दुश्मन के ड्रोन हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करने की है।
सेना के खरीद प्रस्तावों में ये व्यापक सोच दिखती है। चीन की क्षमता के मुकाबले के लिए स्वदेशी निर्माण, तेज मरम्मत और कम लागत में बड़ी संख्या में ड्रोन बनाने की क्षमता भी जरूरी है।
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भारतीय सेना को मिले 106 कामिकाजे ड्रोन: 180 किमी की रेंज, 450kmph की रफ्तार; न जैमिंग का असर, न टारगेट से भटकेंगे

भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वदेशी रक्षा कंपनी SMPP ने सेना को 106 टर्बोजेट इंजन से चलने वाले ‘कामिकाजे’ ड्रोन सौंप दिए हैं। इन्हें ‘पीसकीपर (अग्निवेग)’ नाम दिया गया है।
यह ड्रोन 180km की रेंज तक हमला कर सकते हैं। साथ ही 450kmph की रफ्तार पकड़ सकते हैं। यानी इसकी रफ्तार दुनिया में सबसे तेज उड़ने वाले पेरेग्रिन फाल्कन पक्षी की रफ्तार 320kmph से भी ज्यादा है। पढ़ें पूरी खबर…
अंकिता भंडारी मर्डर केस-पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी हिरासत में: माता-पिता को भी ले गई दिल्ली पुलिस; दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बनाने का विरोध कर रहे थे
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- Ankita Bhandari Murder Case Protest | Delhi Police Detains Congress Leaders
नई दिल्ली3 मिनट पहले
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दिल्ली में 2022 अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई प्रदर्शन के दौरान की।
अंकिता के माता-पिता को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अपील कर रहा है कि CBI जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर रोक लगाई जाए और इसे रद्द किया जाए। 12 अक्टूबर को दुष्यंत गौतम को राज्यपाल नियुक्त किया गया था।
अंकिता उत्तराखंड में एक होटल में रिसेप्शनिस्ट थी। वहां VIP को सर्विस देने से मना करने पर 2022 में उसकी हत्या कर दी गई थी। VIP का नाम कभी सामने नहीं आया लेकिन परिवार दुष्यंत कुमार गौतम पर सवाल उठाता रहा है।
पिता बोले- दुष्यंत की नियुक्ति रद्द नहीं हुई तो फिर धरना देंगे
दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर अंकिता भंडारी के पिता ने कहा, “अगर मेरी बेटी को इंसाफ नहीं मिला, तो पूरे देश में प्रदर्शन होंगे। हमारी सबसे पहली मांग है कि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रद्द की जाए। और अगर नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो हमें एक बार फिर पूरे देश में सड़कों पर उतरना होगा, और मेरी बेटी को इंसाफ मिलना ही चाहिए।”



