राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी समेत इंडिया गठबंधन के नेताओं की दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी ने काला दिवस मनाते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष महावीर मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद पार्क से जुलूस निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया। काले झंडों के साथ निकला जुलूस कार्यकर्ता आजाद पार्क से परशुराम सर्किल और अहिंसा सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में काले झंडे थे। उन्होंने ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘चुनाव आयोग मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना जिला अध्यक्ष महावीर मीणा ने प्रदर्शन को संविधान की आत्मा पर हमला बताया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामकरण मीणा ने कहा कि तानाशाही सरकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीसीसी सचिव गुड्डू कादरी ने राहुल गांधी को लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ने वाला नेता बताया। संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग तुरंत बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सत्ता के लिए संवैधानिक संस्थाओं का इस तरह इस्तेमाल किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में पीसीसी सचिव गुड्डू कादरी, बूंदी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रामकरण मीणा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा, चेतराम मीणा, ओबीसी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बृजमोहन यादव, जिला प्रवक्ता किशनगोपाल मीणा, सोशल मीडिया प्रभारी गिरिराज मीणा, कांग्रेस नेता गोपाल माहेश्वरी, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव अंकित बूलीवाल, खेल प्रकोष्ठ प्रदेश महासचिव रामराज मीणा, पूर्व उपप्रधान रामस्वरूप मीणा, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष यासीन कुरैशी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा पूर्व सरपंच गिरिराज मीणा, रामचंद्र मेघवाल, रतनलाल मेघवाल, गजानंद मेहर, नगर परिषद पार्षद देवराज गोचर, मोहसिन बैग, ईरफान इलु, शकील भाई, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष जोनेश मीणा, जिला उपाध्यक्ष बिलाल खान, जिला महासचिव समीर पठान, विष्णु कुमावत, ब्लॉक उपाध्यक्ष यजदानी, सुजल वर्मा, अरशान, सत्यम वैष्णव, फेजान, कांग्रेस नेता राधेश्याम मीणा, नीरज मीणा और शिवम खटीक सहित अन्य कार्यकर्ता भी शामिल हुए।
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राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर कांग्रेस का प्रदर्शन: बूंदी में काला दिवस मनाकर ‘वोट बचाओ, लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला – Bundi News
योगी बोले- आपको लाइक चाहिए या रियल लाइफ: 470 खिलाड़ियों को जॉइनिंग लेटर बांटे; इनमें 43 दरोगा, 427 सिपाही – Uttar Pradesh News
सीएम योगी गुरुवार को लोकभवन में पुलिस और पीएसी में नौकरी पाने वाले कुल 470 खेल प्रतिभाओं को नियुक्ति पत्र बांटे। इनमें नागरिक पुलिस के 43 दरोगा, 295 सिपाही और पीएसी के 132 सिपाही शामिल हैं। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम केशव मौर्य, खेल एवं युवा मामलों के मंत्री गिरीश यादव, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद और डीपीजी राजीव कृष्णा भी मौजूद हैं। कार्यक्रम से पहले सीएम योगी का डीजीपी ने रामरथ स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा- 2017 से पहले यूपी में क्या स्थिति थी? याद कीजिए- एक समय था, जब यूपी में सूर्योदय से सूर्यास्त तक लाइफ थी। उसके पहले और उसके बाद बाहर नहीं निकल सकते थे। खेल इंफ्रा के बारे में तो बात ही नहीं कर सकते थे। योगी बोले- आपकी यह यात्रा जर्सी से वर्दी की शुरू हुई सीएम योगी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- मैं आप सभी युवा खिलाड़ियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने के लिए शुभकामनाएं देता हूं। आपकी यह यात्रा जर्सी से वर्दी की यात्रा शुरू हुई है। इसका अभिनंदन करने के लिए एक डिप्टी सीएम और मंत्री के साथ मैं खुद आया हूं। योगी ने कहा- जर्सी में जो काम करते थे, जो परिणाम लाए हैं, सरकार वर्दी में भी उसी तरह की अपेक्षा करती है। जर्सी में आपने अनुशासन, टीम वर्क के महत्व को समझा। शक्ति और सामर्थ्य की सही दिशा दी। समय की कीमत को पहचाना। आपकी दिनचर्या सुबह 4 बजे से शुरू होती है। सम विषम परिस्थिति में भीषण सर्दी, बरसात या संसाधन का अभाव होता है, तो भी आप प्रैक्टिस करते हैं। सीएम ने कहा- चुनौती को आपने चुनौती नहीं माना। पारिवारिक समस्या को समस्या नहीं माना। अपने परिश्रम को समाधान की ओर लेकर गए। यह काम यूपी पूलिस का हिस्सा बनने का बाद आपको करना है। मैं देख रहा था कि 470 में 303 पुरुष और 167 महिलाएं हैं। उपनिरीक्षक में 43 पुरुष और 30 महिलाएं है। मैं पूछना चाहता हूं कि जो नियुक्ति पत्र मिला है, उस प्रक्रिया में किसी ने कोई पैसा मांगा। गर्दन हिलाकर नहीं आवाज दो। कहीं से कोई सिफारिश कराने की जरूरत हुई। याद रखना ये न सरकार की कृपा है ना मेरी अनुकंपा है। यह आपके मेहनत के पसीने का परिणाम है। योगी ने कहा- 2017 में हमारे यहां सीधी भर्ती से खिलाड़ी भर्ती करने का कोई नियम नहीं था। हम मजबूर थे। लेकिन, फिर हमने सीधी भर्ती से खिलाड़ियों को नौकरी देना शुरू किया। अब तक 1000 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से नौकरी दे चुके हैं। 470 को आज दे रहे हैं, 500 और खिलाड़ी को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। जापान में एशियन गेम्स चल रहे थे तो हम देखते हैं कि हमारा खिलाड़ी उस मोर्चे पर खड़ा है तो हम मैच देखते हैं, जीत का जितना महत्व है उतना ही महत्व उस खिलाड़ी है जो हार कर फिर खड़ा होता है फिर मेडल लाने के लिए तैयार है। यूपी की एक बेटी ने गोल्ड मेडल जीता उसने कहा कि मेरा निशाना यूपी सरकार के डिप्टी एसपी पद पर था। हमने अब तक यूपी पुलिस में ऐसे 7 खिलाड़ी को जिन्होंने ऑलंपिक, कॉमनवैल्थ या एशियाई खेलों में मैडल प्राप्त किया है उन्हे डिप्टी एसपी का पद दिया है। यूपी के हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय, राज कुमार पाल को नीती बदलकर डिप्टी एसपी का पद दिया। राज कुमार पाल का परिवार बहुत गरीब पाल था, ओलंपिक में पद जीता तो राजकुमार को डिप्टी एसपी का पद दिया। केशव बोले- जब खिलाड़ी पदक जीतकर तिरंगा लहराते हैं, तो सीना चौड़ा हो जाता है डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- आज देश-प्रदेश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र देने का सुअवसर है। इनमें से कई खिलाड़ी देश-प्रदेश के लिए पदक जीतते हैं। जब पदक जीतकर तिरंगा लहराते हैं, तो हमारा सीना चौड़ा हो जाता है। खेल प्रतिभा दिखाने के कारण ऐसे लोगों को पुलिस सेवा में आने का अवसर मिला है। इस अवसर को और अच्छे अवसर में बदलने का मौका है। जनता की सुरक्षा और सेवा का अवसर है। आपका खेल खत्म नहीं हुआ है, खेल अभी जारी है। केशव ने कहा- 2017 से पहले खिलाड़ियों पर ध्यान नहीं दिया जाता था केशव ने कहा- 2017 से पहले विपक्षी दलों की सरकारों के समय कानून व्यवस्था ध्वस्त रहती थी। लेकिन, आज देश में यूपी की चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था की चर्चा है। यह गौरव की बात है। जहां कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होती है, तो प्रदेश का विकास होता है। पहले भी सरकारों ने खेल और खिलाड़ियों पर उतना ध्यान नहीं दिया, इसलिए हमें पदक नहीं मिलते थे। गांवों में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। अगर उन्हें मौका मिल जाए, तो वे दुनिया के किसी भी खिलाड़ी को पछाड़ सकते हैं। आज कोच के साथ पुष्टाहार की व्यवस्था की जा रही है। खिलाड़ी के लिए सरकारी भर्ती में दो प्रतिशत कोटा दिया है। डीजीपी बोले- खेल और पुलिस में गहरा संबंध सबसे पहले डीजीपी राजीव कृष्ण ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सीएम के नेतृत्व ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और सम्मानजक अवसर देने का महत्वपूर्ण काम किया है। आज का आयोजन उसी का उदाहरण है। आज 470 प्रतिभाशाली खिलाड़ी यूपी पुलिस का हिस्सा बनने जा रहे हैं। यह केवल भर्ती का आंकड़ा नहीं है, बल्कि खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उन्हें जनसेवा से जोड़ने का उदाहण है। खेल और पुलिस में गहरा संबंध है। पुलिस और खेल से अनुशासन, व्यायाम, आचरण, अभ्यास और धैर्य सीखने को मिलता है। आज आपकी मेहनत को नई पहचान मिल रही है। आपकी पहचान खिलाड़ी के साथ यूपी पुलिस के रूप में होगी। डीजीपी ने कहा- यह पहल बताती है कि यूपी में प्रतिभा और मेहनत को उचित मंच मिलता है। खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी दिए गए हैं। यूपी पुलिस के खिलाड़ियों ने एक दशक में कुल 1105 पदक अर्जित किए हैं। हॉकी खिलाड़ी ललित उपाध्याय, दीप्ती शर्मा ने पद हासिल किए हैं। खेल मंत्री बोले- सरकार ने 17 खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी खेल मंत्री गिरीश यादव ने कहा- पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम योगी के नेतृत्व में खिलाड़ियों का चेहरा खिलखिला उठता है। सीएम ने खिलाड़ियों के लिए ऐतिहासिक फैसले किए हैं। उनकी मांगों को भी पूरा किया है। खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप गारंटी दी है कि हमारा जो भी खिलाड़ी पदक जीतकर आएगा, उसे नौकरी देंगे। 9 साल में जो भी पदक जीतकर आया, उसे सरकारी नौकरी और नकद पुरस्कार भी मिला है। पुरस्कार राशि भी दो से तीन गुना बढ़ाई गई है। खिलाड़ियों को सीधी भर्ती दी जा रही है। आज 17 खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी जा चुकी है। 7 खिलाड़ियों को डिप्टी एसपी बनाया गया है। जिला पंचायतराज अधिकारी समेत अन्य पदों पर नौकरी दी है। मंत्री ने कहा- पहले खिलाड़ी पैसे की कमी में अपनी प्रतिभा निखार नहीं पाते थे। उनके लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया है। अब तक 500 से ज्यादा खिलाड़ियों को इस कोष से मदद दी गई है। गिरीश यादव ने कहा कि विकासखंड स्तर पर भी मिनी स्टेडियम बनाया जा रहा है। पहली बार यूपी में खेल यूनिवर्सिटी बनाई गई है। उसका पीएम नरेंद्र मोदी जल्द लोकार्पण करेंगे। हर कमिश्नरी स्तर पर खेल महाविद्यालय भी खोले जाएंगे। योगी ने लिखा- नई खेल संस्कृति बदलाव की तस्वीर है सीएम योगी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- मैदान में मेधा, उपलब्धि पर सम्मान और प्रतिभा को राष्ट्र सेवा का अवसर देना ही नए उत्तर प्रदेश की नई खेल संस्कृति है। इसी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए पुलिस विभाग में कुशल खिलाड़ी कोटे के तहत चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। सीएम ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए खुल रहे सरकारी सेवा के ये द्वार उस बदलाव की तस्वीर हैं, जो प्रदेश ने साल-2017 के बाद देखा है। इससे पहले खेल कोटा उपेक्षित था। भर्तियों में प्रतिभा से अधिक सिफारिश और पहुंच की चर्चा होती थी।
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सीवान-‘जर्जर भवन, पेड़ के नीचे पढ़ाई’, छात्रों का प्रोटेस्ट: आइसा-आरवाईए का ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान; बीईओ को घेरा – Siwan News
सीवान सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में गुरुवार को अखिल भारतीय छात्र संगठन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त नेतृत्व में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत छात्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन से पहले कार्यकर्ताओं ने प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण कर शैक्षणिक और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन किया गया। टड़वा स्कूल में दो कमरों में पढ़ाई, किचन शेड खराब होने का दावा निरीक्षण के दौरान राजकीय प्राथमिक विद्यालय टड़वा में भवन की जर्जर स्थिति और महज दो कमरों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। संगठन ने खराब शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्या होने का दावा किया। स्कूल में खेल मैदान और प्रयोगशाला की सुविधा नहीं होने की बात भी कही गई। किचन शेड की स्थिति खराब होने के कारण कमरे में ही मध्याह्न भोजन बनाए जाने का आरोप लगाया गया। विद्रूती हाता में जर्जर कमरे, पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर बच्चे राजकीय प्राथमिक विद्यालय विद्रूती हाता में तीन कमरे जर्जर बताए गए। संगठन के अनुसार भवन की कमी के कारण बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ना पड़ता है। स्कूल में शौचालय, बिजली और पेयजल की समस्या के साथ खेल मैदान और प्रयोगशाला के अभाव का भी मुद्दा उठाया गया। उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा में सात कमरों के लिए पांच और की जरूरत उच्च माध्यमिक विद्यालय टड़वा में सात कमरों के मुकाबले पांच अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता बताई गई। संगठन का कहना है कि जगह की कमी के कारण 1 कमरे में दो कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई वाले इस विद्यालय में 13 शिक्षक हैं। बिजली, शुद्ध पेयजल, शौचालय, खेल मैदान और प्रयोगशाला की कमी का भी आरोप लगाया गया। रेलवे कॉलोनी स्कूल में जर्जर कमरे और जमीन विवाद का मुद्दा प्राथमिक विद्यालय रेलवे कॉलोनी में चार कमरों की स्थिति खराब बताई गई। संगठन ने शौचालय, बिजली और पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया। खेल मैदान और प्रयोगशाला के अभाव के साथ विद्यालय के सामने की जमीन पर रेलवे विभाग के दावे से जुड़े विवाद के समाधान की मांग भी की गई। प्राथमिक बालिका विद्यालय पचलखी में भी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त शैक्षणिक माहौल की मांग की गई। ‘शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार, सरकार सुविधाएं सुनिश्चित करे’ आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि शिक्षा बच्चों का मौलिक अधिकार है और इसे सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को गंभीर बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की। आइसा महासचिव प्रसनजीत ने कहा कि भवन, शौचालय, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाओं के अभाव में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना उचित नहीं है। प्रदर्शन के दौरान जर्जर भवनों की मरम्मत या नए भवन निर्माण, पर्याप्त कक्षाओं की व्यवस्था, शौचालयों की मरम्मत, बिजली और स्वच्छ पेयजल, खेल मैदान एवं प्रयोगशाला उपलब्ध कराने की मांग की गई। मध्याह्न भोजन और किचन शेड को दुरुस्त करने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन में विभिन्न विद्यालयों के सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। संगठन ने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी विद्यालयों की समस्याओं और बच्चों के शिक्षा के अधिकार को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
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मुरैना में ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन: निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका, ‘वोट चोर’ के लगाए नारे – Morena News
मुरैना में जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशन में चल रहे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के तहत प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला जलाकर विरोध जताया और ‘वोट चोर’ समेत कई नारे लगाए। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञानेश कुमार वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में दर्ज हैं। सदर बाजार से पुरानी कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च जिला कांग्रेस अध्यक्ष मधुराज तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ता सदर बाजार से पैदल मार्च करते हुए एमएस रोड स्थित पुरानी कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। जिला, ब्लॉक और वार्ड स्तर पर होंगे कार्यक्रम मधुराज तोमर ने बताया कि ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान एक महीने तक चलेगा। इस दौरान जिला, ब्लॉक और वार्ड स्तर पर विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी लगातार जनता के बीच अपनी बात रखेगी।
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न मावा न छेना.. बची हुई ब्रेड से 10 मिनट में बनाएं रसमलाई, बच्चे बड़े मांग मांग के खाएंगे
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Bread Rasmalai Recipe: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर ब्रेड से रसमलाई तैयार की जाती है. अगर घर में छह-सात ब्रेड बच गई हो और घर में दूध पाउडर है तो फिर लोग इससे बड़ा ही स्वादिष्ट रसमलाई तैयार करते हैं. इसे बनाना भी बड़ा आसान है. इसे बनाने में मुश्किल से 10 मिनट का समय लगता है. दरअसल, सबसे पहले छोटे-छोटे शेप में गोलाकार में ब्रेड को काट लिया जाता है. फिर दोनों ब्रेड को सटाकर बीच में दूध पाउडर की स्टफिंग भरी जाती हैं.
रांची की ज्योति बताती हैं कि आधा लीटर दूध लें और उसको अच्छे से गैस पर चढ़ाकर खौला लें. इसमें थोड़ी सी चीनी कम से कम दो चम्मच और थोड़ी सी इलायची पाउडर और थोड़ा सा केसर डाल दें. अगर केसर नहीं है, घर में तो अगर रूहआफ़जा है तो आप वह भी डाल दें. कम से कम तीन बड़े चम्मच और इसको बढ़िया से खौलने के लिए छोड़ दें.
अब आपको स्टफिंग तैयार करने के लिए दूध पाउडर लेना है. 5 या ₹10 का दूध पाउडर ले लीजिए और उसमें गर्म दूध चार चम्मच डाल दीजिए और उसको अच्छे से मिला दीजिए. इसमें आप ड्राई फ्रूट का पेस्ट भी मिला सकते हैं. इन सभी को चम्मच से अच्छे से मिलाकर एकदम गाढ़ा पेस्ट अलग रख लीजिए.
अब आपको ब्रेड लेना है. एक स्लाइस स्प्रेड लीजिए और उसको कटोरी की मदद से गोल आकार में काट लीजिये. इस तरीके से आपको 8 से 9 ब्रेड को काट लेना है और फिर दो ब्रेड को लेना है. उसके बीच में यह जो पेस्ट आपने तैयार करके रखा है.
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उसको लगा दीजिए और दोनों को सटा दीजिए और अब जो आपने दूध खौला के रखा है. इसके बाद गर्म दूध को ब्रेड के ऊपर डाल दीजिए, ब्रेड को किसी प्लेट में बढ़िया से सजा दीजिए और ऊपर से दूध डाल दीजिए.
फिर देखिए खाने में क्या मजा आता है. बाजार का रसमलाई फेल हो जाएगा. घर में बच्चों को बनाकर दे सकते हैं. इवनिंग स्नैक्स में कुछ अलग खाने का या मीठा मन है तो यह सबसे परफेक्ट ऑप्शन है.
बची हुई ब्रेड से 10 मिनट में बनाएं रसमलाई
भारत में सबसे सस्ता इंटरनेट, 268 रुपये से 8 रुपये प्रति जीबी हुआ डेटा
भारत में इंटरनेट डेटा की कीमत दुनिया में सबसे कम है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ये जानकारी दी है। नई दिल्ली के यशोभूमि में 7 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर के बीच आयोजित किए जा रहे इस ग्लोबल इवेंट का पीएम मोदी ने विधिवत उद्घाटन किया है। पीएम मोदी ने भारत में हो रही संचार और डिजिटल क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भारत के कोने-कोने तक 5G पहुंच गया है। भारत में 5.5 लाख 5G बेस स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं।
भारत में सबसे सस्ता इंटरनेट
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा से इस पर फोकस किया है कि टेक्नोलॉजी की पहुंच देश के हर गांव तक ही नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसकी पहुंच हर नागरिक तक होना जरूरी है। इसी पर फोकस करते हुए हमारी यह यात्रा शुरू हुई है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा-
1 जीबी डेटा की कीमत उस समय (2014) 268 रुपये थी, जो अब घटकर महज 8 रुपये प्रति जीबी रह गई है। भारत में इंटरनेट डेटा की कीमत दुनिया में सबसे कम है। 2014 में प्रति यूजर मंथली डेटा की खपत महज 0.26gb थी। 12 साल के बाद इसमें 140 गुना की बढ़ोतरी हुई है। अब मंथली डेटा की खपत प्रति यूजर 36GB हो गई है।
पीएम मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान कहा कि साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए एक ग्लोबल फ्रेमवर्क जरूरी है। जितनी तेजी से टेक्नोलॉजी बदल रही है, साइबर अपराध का खतरा बना रहता है। लोगों को भी इसे लेकर जागरूक रहने की जरूरत है। लोगों को फोन पर आने वाले कॉल, मैसेज और डिजिटल पेमेंट पर नजर रखनी चाहिए। इसके लिए GSMA समेत दुनिया के टेलीकॉम ऑपरेटर्स और स्टेक होल्डर्स के साथ की जरूरत है। यह फ्रेमवर्क डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और सशक्त बनाने का काम करेगा।
इसके अलावा पीएम मोदी ने भारत के गेमिंग सेक्टर की वजह से पैदा हो रहे रोजगार का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा – आज दुनियाभर के गेमिंग सेक्टर में करोड़ों लोग भारत से जुड़े हैं। भारतीय युवा ई-स्पोर्ट्स से लेकर गेमिंग क्रिएटर्स बन गए हैं। आज भारत में ऑडियो विजुअल गेमिंग तेजी से बढ़ी है। संचार क्रांति और सस्ते डेटा की वजह से गेमिंग सेक्टर में तेजी से रोजगार पैदा हो रहे हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से कंटेंट क्रिएशन की इंडस्ट्री हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
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ज्ञानेश कुमार के सपोर्ट में 42 पूर्व जजों का लेटर: SIR को सही बताया, लिखा- बिना सबूत वोट चोरी के आरोप लोगों का भरोसा घटा सकते हैं
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नई दिल्ली13 मिनट पहले
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चुनाव आयोग और SIR को लेकर जारी विवाद के बीच 42 पूर्व जजों ने CEC ज्ञानेश कुमार का समर्थन किया है। उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं पर बिना सबूत आरोप लगाने से बचने की अपील की।
पूर्व जजों ने एक लेटर पर साइन किए हैं। इसमें कहा गया है कि शिकायतें लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से उठाई जानी चाहिए। उन्होंने SIR प्रक्रिया को भी सही बताया है।
लेटर में चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर जजों ने कहा कि इनके समर्थन में सबूत नहीं दिए गए हैं। बिना सबूत संवैधानिक संस्थाओं पर हमले चुनावी प्रक्रिया में लोगों का भरोसा कमजोर कर सकते हैं।

कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी की कड़ी आलोचना की
इस ओपन लेटर में पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस पंकज मित्तल के भी साइन हैं। लेटर में लिखा है- “वोट चोरी के आरोप अदालतों में नहीं, बल्कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए जाते हैं। जब आयोग शपथ पत्र मांगता है, तो कोई दाखिल नहीं किया जाता। EVM को हार के बाद ही दोषी ठहराया जाता है। उन्हीं मशीनों से मिली जीत पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। एक पार्टी जिसने पांच दशकों से अधिक समय तक इस देश पर शासन किया, अब दावा कर रही है कि जिस व्यवस्था ने उसे सत्ता में लाया, वही धांधली वाली है।”
2000 नागरिक SIR रोकने लेटर लिख चुके
इससे पहले सितंबर में 2,000 से ज्यादा नागरिकों ने एक ओपन लेटर में कोर्ट से SIR रोकने की अपील की थी। उन्होंने इसकी वैधता और प्रक्रिया की स्वतंत्र जांच होने तक अभियान रोकने की मांग की थी।
CJI सूर्यकांत को लिखे लेटर में साइन करने वालों ने वोटर लिस्ट के मैनेजमेंट और ECINet प्लेटफॉर्म से जुड़ी गड़बड़ियों की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की थी।
लेटर पर दस्तखत करने वालों में पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल विष्णु भागवत, पूर्व आईएएस अधिकारी अदिति मेहता, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, इतिहासकार आदित्य मुखर्जी और अभिनेता प्रकाश राज सहित शिक्षाविद, वकील, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज का बयान भी चर्चा में
4 अक्टूबर- वोटिंग से रोकने वाली प्रक्रिया मनमानी: सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने 4 अक्टूबर को NALSAR यूनिवर्सिटी में कहा था कि लाखों भारतीय नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मूल रूप से मनमानी है।

5 अक्टूबर- पूर्व CJI गवई बोले- विचाराधीन मामले पर बयान मर्यादा के खिलाफ: पूर्व जस्टिस गवई ने कहा कि किसी लंबित मामले पर सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज को सार्वजनिक टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यह न्यायिक मर्यादा के खिलाफ है। दिल्ली हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जजों ने भी ऐसा बयान देने से पहले हजार बार सोचना चाहिए था।
SIR और चुनाव पैनल से जुड़ी याचिकाएं लंबित
SIR प्रक्रिया से जुड़ी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। इसके अलावा चुनाव पैनल से जुड़े नए कानून की वैधता पर भी सुनवाई बाकी है। इस नए कानून में मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन पैनल से CJI को बाहर रखा गया है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर की सुनवाई में उन्हें निलंबित करने का अंतरिम आदेश देने से तो इनकार किया, लेकिन चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि अगर फैसले बिना सहमति के लिए पाए गए, तो उन्हें वापस लिया जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…
इटली में चुनाव जीतने पर एक्स्ट्रा सीटें मिलने पर विवाद: आज संसद में वोटिंग; मेलोनी बोलीं- कानून पास नहीं हुआ तो इस्तीफा दे दूंगी
रोम3 घंटे पहले
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इटली में चुनाव जीतने वाली पार्टी या गठबंधन को संसद में एक्स्ट्रा सीटें देने के प्रस्ताव पर विवाद छिड़ गया है। प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार यह कानून लाना चाहती है। इसके तहत चुनाव में जीतने वाली पार्टी या गठबंधन को संसद में 105 अतिरिक्त सीटें मिल सकती हैं।
हालांकि, इसके लिए उसे दोनों सदनों में कम से कम 42% वोट हासिल करने होंगे। सरकार का कहना है कि इससे देश में राजनीतिक स्थिरता आएगी और सरकारें बार-बार नहीं गिरेंगी। वहीं, विरोधियों का आरोप है कि इस कानून से चुनाव जीतने वाले गठबंधन को जरूरत से ज्यादा ताकत मिल जाएगी।
इस कानून पर आज संसद में वोटिंग होनी है। मेलोनी ने साफ कहा है कि अगर कानून पास नहीं हुआ तो वह इस्तीफा दे देंगी। ऐसे में इस वोटिंग को उनकी सरकार के लिए अहम माना जा रहा है।
कानून लागू हुआ तो किस तरह बटेंगी सीटें?
इटली की संसद में कुल 600 सीटें हैं, जिनमें निचले सदन की 400 और सीनेट की 200 सीटें हैं। प्रस्ताव के मुताबिक, अगर कोई पार्टी या गठबंधन कम से कम 42% वोट हासिल करके सबसे आगे रहता है तो उसे निचले सदन में 70 और सीनेट में 35 बोनस सीटें दी जाएंगी।
ये सीटें कुल संख्या के अंदर ही बांटी जाएंगी। इसका मतलब यह नहीं है कि निचले सदन में 400 के ऊपर 70 सीटें जोड़ दी जाएंगी। कुल सीटें 400 ही रहेंगी।
इसे उदाहरण से समझें:
मान लीजिए चुनाव में
- पार्टी A के गठबंधन को 43% वोट मिले
- पार्टी B को 35% वोट मिले
- बाकी पार्टियों को 22% वोट मिले
अब नए नियम के तहत विजेता पार्टी A के गठबंधन को 70 सीटों का बोनस मिलेगा।
अगर सिर्फ आसान गणित लगाएं, तो 330 का 43% = 141.9 यानी करीब 142 सीटें।
फिर बोनस: 70 सीटें
कुल: लगभग 212 सीटें
पार्टी A को करीब 212 सीटें मिलेंगी। बाकी सीटें दूसरी पार्टियों के बीच बांटी जाएंगी। लेकिन वास्तविक चुनावी गणना इतनी सीधी नहीं है, क्योंकि सीटें अलग-अलग क्षेत्रों और पार्टियों की पात्रता के हिसाब से बांटी जाती हैं। साथ ही कानून में विजेता के लिए अधिकतम 220 सीटों की सीमा है।

इटली की निचली सदन।
इटली में 80 साल में 68 सरकारें बनीं
इटली में सरकारों के अस्थिर रहने का लंबा इतिहास है। 1946 में इटली के गणराज्य बनने के बाद से अब तक वहां 68 सरकारें बन चुकी हैं। 1954 में एक सरकार तो सिर्फ 22 दिन चली थी।
पिछले महीने जॉर्जिया मेलोनी ने एक रिकॉर्ड बनाया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री बनने के बाद उनकी सरकार इटली के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई।
मेलोनी की मौजूदा सरकार का पांच साल का कार्यकाल अगले साल खत्म होना है। हालांकि, अगर इस कानून को लेकर सत्ताधारी गठबंधन में टूट होती है तो देश में समय से पहले चुनाव भी हो सकते हैं।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार का इस प्रस्ताव को लेकर सरकार का तर्क है कि सीटें मिलने से जीतने वाले गठबंधन के पास पर्याप्त ताकत होगी।
विरोधियों ने कहा- इससे लोकतंत्र को खतरा
विरोधियों का कहना है कि अतिरिक्त सीटें मिलने से चुनाव जीतने वाले गठबंधन के पास संसद में जरूरत से ज्यादा ताकत आ सकती है। इससे वह दूसरे सांसदों से बातचीत किए बिना कई बड़े फैसले कर सकेगा। इनमें जजों और राष्ट्रपति की नियुक्ति जैसे अहम मामले भी शामिल हैं। इससे लोकतंत्र को खतरा है।
वामपंथी विचारों वाले पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक मासिमो जियानिनी ने इस कानून की तुलना 1923 में बने एक कानून से की। उस कानून ने उस समय नेशनल फासिस्ट पार्टी को संसद पर कब्जा करने में मदद की थी।
जियानिनी ने अपने पॉडकास्ट में कहा, “103 साल बाद वही तरीका फिर दोहराया जा रहा है। चुनावी कानून में भारी बहुमत के लिए बोनस सीटें देने से लोकतंत्र का संतुलन बदल जाता है।”

पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक मासिमो जियानिनी। (फाइल फोटो)
कानून के नाम पर भी बहस
कानून के समर्थकों ने इसे ‘स्टैबिलिकम’ यानी ‘स्थिरता’ नाम दिया है। उनका कहना है कि इसका मकसद इटली में सरकारों को स्थिर बनाना है। इटली का राजनीतिक इतिहास लंबे समय तक चलने वाली सरकारों के लिए नहीं जाना जाता। वहां कई सरकारें कुछ ही समय बाद गिर गईं।
वहीं, विरोधियों ने इसे मेलोनी से जोड़ते हुए ‘मेलोनेल्लुम’ नाम दिया है। उनका आरोप है कि मेलोनी के फायदे वाला चुनावी कानून तैयार किया है ताकि दोबारा सत्ता में आ सकें।
अगर यह कानून पास हो जाता है तो विरोधी दल और संगठन इसे इटली की संवैधानिक अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम भी पहले ही घोषित होगा
प्रस्ताव में एक नियम यह भी है कि चुनाव लड़ने वाला गठबंधन मतदान से पहले ही प्रधानमंत्री पद के अपने उम्मीदवार का नाम घोषित करेगा। सरकार का कहना है कि इससे मतदाताओं को पहले से पता रहेगा कि जीतने पर प्रधानमंत्री कौन बनेगा। इससे चुनाव में स्पष्टता और पारदर्शिता आएगी।
लेकिन विरोधियों का कहना है कि इटली में प्रधानमंत्री चुनना राष्ट्रपति का अधिकार है। राष्ट्रपति का चुनाव संसद करती है और उनके पास कानून बनाने तथा न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कुछ खास अधिकार भी हैं। विरोधियों को लगता है कि पहले से उम्मीदवार तय करने का नियम राष्ट्रपति की भूमिका को कमजोर कर सकता है।
पहले भी बोनस सीटें देने की कोशिश हुई थी
इटली में 1993 के बाद से राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए छह चुनावी कानून बनाए जा चुके हैं। इनमें पहले भी जीतने वाली पार्टी को अतिरिक्त सीटें देने की कोशिश की गई थी।
साल 2005 में बने एक चुनावी कानून में भी ऐसा प्रावधान था, लेकिन 2013 में इटली की संवैधानिक अदालत ने इसे असंवैधानिक घोषित कर दिया था। अदालत का कहना था कि अतिरिक्त सीटें देने के लिए वोट का कोई न्यूनतम प्रतिशत तय नहीं किया गया था।
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84 खिलाड़ियों में नैतिक ने बनाई जगह: सिद्धार्थनगर में कक्षा 9 के छात्र का अंडर-19 जिला क्रिकेट टीम में चयन – Siddharthnagar News
सिद्धार्थनगर के धेंसा-जोगिया ब्लॉक स्थित मां गायत्री देवी इंटर कॉलेज के कक्षा 9 के छात्र नैतिक श्रीवास्तव का 19 वर्ष आयु वर्ग की जिला स्तरीय क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। मंगलवार को हुए जिला स्तरीय क्रिकेट ट्रायल में 84 छात्र खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। नैतिक ने अपने खेल कौशल के दम पर टीम में जगह बनाई। नैतिक के चयन की जानकारी मिलते ही विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। सेबुई गांव निवासी अशोक श्रीवास्तव के बेटे नैतिक को विद्यालय के प्रधानाचार्य पद्माकर शुक्ल समेत शिक्षकों और परिजनों ने बधाई दी। परिजनों के मुताबिक नैतिक को बचपन से ही क्रिकेट में खास रुचि है। 84 खिलाड़ियों ने ट्रायल में लिया हिस्सा जिला स्तरीय क्रिकेट टीम के लिए मंगलवार को ट्रायल आयोजित किया गया था। इसमें जिले के अलग-अलग विद्यालयों से 84 छात्र खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच नैतिक ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और अंडर-19 टीम में जगह बना ली। बचपन से क्रिकेट का शौक नैतिक के पिता अशोक श्रीवास्तव सेबुई गांव के निवासी हैं। परिजनों ने बताया कि नैतिक को बचपन से क्रिकेट खेलने का शौक रहा है। पढ़ाई के साथ वह लगातार क्रिकेट का अभ्यास करता है। जिला टीम में चयन को परिवार ने उसकी मेहनत का नतीजा बताया है। स्कूल में शिक्षकों ने दी बधाई प्रधानाचार्य पद्माकर शुक्ल ने नैतिक के चयन पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह उसकी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। शिक्षक अमित शुक्ल समेत विद्यालय के अन्य शिक्षकों ने भी नैतिक को बधाई दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंडल और प्रदेश स्तर पर उम्मीद नैतिक के चयन से विद्यालय प्रबंधन को भी उससे आगे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। शिक्षकों और परिजनों का कहना है कि वह इसी तरह मेहनत करता रहा तो आने वाले समय में मंडल और प्रदेश स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकता है। परिवार को उम्मीद है कि नैतिक क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़कर जिले और विद्यालय का नाम रोशन करेगा।
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बीकानेर में डॉक्टर-कांग्रेस नेता से हॉस्पिटल में मारपीट: पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला की मौत पर हंगामा, लोगों ने किया बीच-बचाव – Bikaner News
बीकानेर के रानी बाजार स्थित अपेक्स अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद महिला मरीज की मौत पर बुधवार रात हंगामा हो गया। आक्रोशित परिजनों ने ऑपरेशन करने वाले सीनियर डॉक्टर और कांग्रेस नेता डॉ. तनवीर मालावत के साथ मारपीट की। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर आक्रोशित लोगों को डॉक्टर के केबिन से बाहर निकाला। घटना की सूचना पर कोटगेट पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हुई है। एक दिन पहले हुआ था पथरी का ऑपरेशन मामला रानी बाजार स्थित अपेक्स अस्पताल का है। यहां लूणकरनसर की रहने वाली रुकसाना बानो का एक दिन पहले पथरी का ऑपरेशन हुआ था। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई और बुधवार शाम उनकी मौत हो गई। इसके बाद आक्रोशित परिजन ऑपरेशन करने वाले डॉ. तनवीर मालावत के पास पहुंचे और मारपीट करने लगे। पार्षद नवल पुरोहित सहित कई लोगों ने बीच-बचाव कर मारपीट कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद डॉक्टर को केबिन से बाहर निकाला गया। अस्पताल में अचानक हुए घटनाक्रम से अफरातफरी मच गई। अन्य मरीजों के परिजन भी मौके पर एकत्र हो गए। डॉ. मालावत बोले- ऑपरेशन के 24 घंटे बाद दर्द और घबराहट हुई डॉ. तनवीर मालावत ने बताया कि रुकसाना के गॉल ब्लेडर में पथरी थी, जिसे ऑपरेशन कर बाहर निकाला गया था। ऑपरेशन के 24 घंटे बाद महिला ने दर्द और घबराहट की शिकायत की। वार्ड में डॉक्टर ने ईसीजी कर कार्डियोलॉजिस्ट को भेजी थी। इसके बाद इको किया गया। पल्स रेट ज्यादा आ रहा था, इसलिए उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया। वहां अलग टीम होती है, जो उसकी देखरेख कर रही थी। इसी दौरान उसकी मौत हो गई। डॉ. मालावत ने बताया कि मरीज को चिरंजीवी योजना के तहत भर्ती किया गया था। उन्होंने कहा कि आज एफआईआर करवाने के बारे में निर्णय लिया जाएगा। बीकानेर पूर्व से कांग्रेस प्रत्याशी रह चुके हैं मालावत डॉ. तनवीर मालावत बीकानेर पूर्व विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके हैं। वे राजनीति के साथ सर्जन भी हैं और खासकर पथरी व फिशर के ऑपरेशन के लिए पहचान रखते हैं। जिस अपेक्स अस्पताल में यह हंगामा हुआ, इसी परिसर में वे पहले अपना स्वयं का डॉ. तनवीर मालावत अस्पताल संचालित करते थे। घटना से चिकित्सक संगठनों में भी आक्रोश घटना के बाद बीकानेर के चिकित्सक संगठनों में भी आक्रोश है। दोपहर में अगर डॉ. मालावत एफआईआर करवाते हैं तो चिकित्सक संगठन भी उनके साथ आ सकते हैं। बीकानेर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन सक्रिय हैं। दोनों संगठनों के पदाधिकारी आज दोपहर डॉ. मालावत से मुलाकात करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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