भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में छत से गिरकर एक राजमिस्त्री की मौत हो गई। इलाज के दौरान सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव के रहने वाले 47 साल के जय प्रकाश राम के रूप में हुई है। मृतक के चचेरे भाई बलराम राम ने बताया कि सोमवार की देर रात वे खाना खाने के बाद छत पर सोने गए थे और छत पर जाने के लिए लकड़ी का सीढ़ी लगा हुआ है। इसी बीच जब वह लघुशंका करने के लिए छत से उतर रहे थे। तभी उनका पैर फिसल गया और वह छत से गिर पड़े। बलराम राम ने बताया कि लकड़ी की सीढ़ी से उतरने के दौरान पैर फिसलने से गिरे जय प्रकाश राम गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमार्टम के ही घर ले गए शव बलराम राम ने बताया कि अस्पताल में जयप्रकाश राम की मौत के बाद बिना पोस्टमॉर्टम के हम लोग शव को लेकर घर पहुंचे। मृतक अपने पांच भाई व तीन बहन में चौथे स्थान पर थे। उनके परिवार में पत्नी व दो पुत्र विकास कुमार, अभिषेक कुमार एवं एक पुत्री पूजा देवी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उनकी पत्नी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Source link
भोजपुर में छत से गिरकर युवक की मौत: खाना खाने के बाद सोने गया था, लकड़ी की सीढ़ी से उतरने के दौरान पैर फिसला – Bhojpur News
विधवा व तलाकशुदा पुत्री को केंद्रीय तिथि से पारिवारिक पेंशन की मांग – Khandwa News
खंडवा| पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मध्यप्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव (वित्त) को पत्र भेजकर मध्यप्रदेश सिविल सेवा पेंशन नियम 2026 के नियम 44 के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं की ओर ध्यान दिलाया। एसोसिएशन ने मांग की कि पेंशनर की अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा पुत्री को पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान केंद्र सरकार के नियमों के अनुरूप लागू किया जाए। जिलाध्यक्ष अरुण सोनी ने कहा कि नियम 44 में लाभ की तिथि 1 अप्रैल 2026 तय है, जिससे पात्र महिलाओं को लाभ मिलने में देरी होगी। एसोसिएशन ने तिथि को केंद्र के समान करने की मांग की।
Source link
भास्कर अपडेट्स: एयर इंडिया ने सभी पायलटों की ड्रग टेस्टिंग शुरू की; फुकेट-दिल्ली फ्लाइट हादसे के बाद फैसला
- Hindi News
- National
- Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar
3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
फुकेट-दिल्ली फ्लाइट घटना के बाद एयर इंडिया ने सभी पायलटों की ड्रग टेस्टिंग शुरू की है। एयरलाइन ने मंगलवार को कहा कि यह जांच मौजूदा नियामकीय नियमों से आगे बढ़कर की जा रही है। इसका उद्देश्य सुरक्षा और पेशेवर मानकों को और मजबूत करना है।
यह जांच 4 अगस्त को हुई फुकेट-दिल्ली फ्लाइट घटना के बाद शुरू की गई है।दरअसल, भुवनेश्वर के पास से गुजरते समय फ्लाइट में अचानक टर्बुलेंस जैसे हालात बने थे, जिसके चलते यह करीब 300 फीट नीचे आ गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद पायलट (कैप्टन) के दो ड्रग्स टेस्ट किए गए थे, जिनमें दोनों पॉजिटिव आए। दूसरे टेस्ट में गांजा लेने की पुष्टि हुई थी। फ्लाइट में सवार एक यात्री ने भी आरोप लगाया था कि पायलट नशे में था।
आज की बाकी बड़ी खबरें…
नगा शांति कार्यकर्ता निकेतु इरालु का निधन, 91 की उम्र में ली अंतिम सांस; नागालैंड में शांति प्रयासों के लिए थे मशहूर

नगा शांति कार्यकर्ता और सुलह के लिए काम करने वाले निकेतु इरालु का मंगलवार को दिल्ली में निधन हो गया। परिवार के मुताबिक, वह लंबे समय से बीमार थे और दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। दिल का दौरा पड़ने से 91 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई।
कई लोग उन्हें प्यार से अंकल निकेतु कहते थे। वह नागालैंड और पूर्वोत्तर में शांति, मेल-मिलाप और आपसी विश्वास कायम करने की कोशिशों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने छह दशक से ज्यादा समय तक राजनीतिक, सामाजिक और जातीय मतभेदों को कम करने और संवाद के जरिए लोगों को जोड़ने के लिए काम किया।
इरालु फोरम फॉर नागा रिकंसिलिएशन (FNR) से जुड़े थे। यह संगठन नागा समूहों के बीच मेल-मिलाप के लिए काम करता है। वह नागा रिकंसिलिएशन कमीशन के अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने विभिन्न नागा राजनीतिक और सामाजिक समूहों के बीच बातचीत और सुलह की कोशिशों में अहम भूमिका निभाई।
ट्रम्प बोले-ईरान डील के लिए तैयार हो, तभी होगी बातचीत: नेगोसिएटिंग टीम से वार्ता रोकने को कहा; होर्मुज को लेकर तनाव जारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी नेगोसिएटिंग टीम से ईरान के साथ वार्ता रोकने को कहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने यह फैसला तब तक के लिए लिया है, जब तक तेहरान किसी डील के लिए तैयार नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारी ने अल जजीरा को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अब तक सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन ट्रम्प ने आगे की बातचीत शुरू करने से पहले इंतजार करने का फैसला किया। ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया था। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा- नया अमेरिकी क्षेत्र ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर एक ग्राफिक पोस्ट किया, जिसके ऊपर ‘नया अमेरिकी क्षेत्र’ लिखा था। इस मैप में होर्मुज स्ट्रेट और उसके आसपास का समुद्री इलाका दिखाया गया था। इसमें ईरान, ओमान और UAE के हिस्से भी नजर आ रहे थे। ट्रम्प बोले- होर्मुज में नाकाबंदी जारी ट्रम्प ने मंगलवार को होर्मुज को लेकर कहा कि वहां अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी अभी भी पूरी तरह लागू है। होर्मुज खुला है और वहां आवाजाही जारी है। वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के अपना वादा पूरी करने तक ईरान होर्मुज को दोबारा नहीं खोलेगा। ट्रम्प के कहने से होर्मुज अमेरिका का हिस्सा हो जाएगा? सीधा जवाब है- नहीं। होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है। इस रास्ते से दुनिया के कई देशों के तेल और गैस से भरे जहाज गुजरते हैं। इसलिए इस पर सिर्फ किसी एक देश का अधिकार नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सभी देशों के जहाजों को इस रास्ते से आने-जाने का अधिकार है। इसी वजह से कोई भी देश सिर्फ अपने दम पर इस समुद्री मार्ग पर कब्जे का दावा नहीं कर सकता। इसलिए ट्रम्प का मैप एक राजनीतिक दावा या मैसेज माना जा सकता है, लेकिन इससे अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट पर अपने आप कोई नया कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। होर्मुज स्ट्रेट पर किसका अधिकार है? होर्मुज स्ट्रेट का उत्तरी हिस्सा ईरान के पास है, जबकि दक्षिणी हिस्सा ओमान के मुसंदम क्षेत्र से लगता है। फारस की खाड़ी से निकलने वाले जहाज इसी रास्ते से अरब सागर और फिर हिंद महासागर की ओर जाते हैं। इसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट सिर्फ एक देश का नहीं, बल्कि कई देशों के लिए अहम समुद्री मार्ग है। अमेरिका यहां अपने युद्धपोत और नौसैनिक बल तैनात रखता है ताकि समुद्री व्यापार और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है? खाड़ी देशों से दुनिया को भेजे जाने वाले करीब 20% कच्चे तेल और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से होती है। फरवरी में अमेरिका-ईरान जंग शुरू होने से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल तेल इस रास्ते से होकर गुजरता था। भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों की एनर्जी सप्लाई काफी हद तक इसी रास्ते पर निर्भर है। इसी वजह से अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही जल्द से जल्द सामान्य हो। दूसरी ओर, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाता और समझौते में किए गए वादे पूरे नहीं करता, तब तक यह रास्ता नहीं खोला जाएगा। ————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की लोकप्रियता घटी, सिर्फ 33% लोगों की पसंद:ईरान युद्ध के चलते गिरावट; 80% अमेरिकी बोले- जंग लंबी चलेगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की लोकप्रियता ईरान युद्ध के बीच लगातार घट रही है। रॉयटर्स/इप्सोस के ताजा सर्वे में सिर्फ 33% अमेरिकियों ने ट्रम्प के कामकाज को मंजूरी दी। पूरी खबर पढ़ें…
Source link
सिविल अस्पताल से मरीज को निजी अस्पताल ले गए दलाल: इलाज के नाम पर 60 हजार वसूली, शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई – Lucknow News
लखनऊ के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से रेफर हुई बुजुर्ग महिला के ट्रॉमा पहुंचने से पहले तीमारदार के नंबर पर फोन पहुंच गया। निजी अस्पताल के दलाल ने सरकारी में इलाज न मिलने की बात कहते हुए पति को डराया। मरीज को बेहतर इलाज का झांसा देकर ट्रॉमा के पास स्थित यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां पर इलाज के नाम पर उगाही हुई। आखिर में मरीज की जान चली गई। पति ने मरीज के पैरों से पायल और बिछिया भी गायब होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई। पीड़ित की शिकायत को कचरे के डिब्बे में डालकर दबा दिया गया। बुजुर्ग न्याय के लिए भटक रहा है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही। ये था पूरा मामला चारबाग निवासी विश्वनाथ पांडेय 21 जून को दोपहर ढाई बजे अपनी पत्नी पार्वती देवी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ले गए थे। ईएमओ ने विशेषज्ञ न होने की बात कहकर ट्रॉमा रेफर किया। ट्रॉमा पहुंचने से पहले ही सिविल की इमरजेंसी से तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। दलाल ने विश्वनाथ पांडेय को फोन करके सरकारी में इलाज न मिलने की बात कही। मरीज को सस्ता व बेहतर इलाज का झांसा देकर उसे यूनाइटेड हॉस्पिटल ले गए। वहां भर्ती, दवा और जांच के नाम पर करीब 60 हजार रुपये वसूले गए। पति विश्वनाथ का आरोप है भर्ती के समय पत्नी के पैरों में पहनी दो पायल और बिछिया गायब मिले। विश्वनाथ का आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने पर दलाल ने जान से मारने की धमकी दी। इससे उनका परिवार डरा है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई थी। करीब दो माह बीतने के बाद भी अभी तक सीएमओ के स्तर से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है जांच के नाम पर सिर्फ नाटक चल रहा है। पीड़ित ने सीएमओ को कठघरे में खड़ा करते हुए सांठगांठ का आरोप लगाया है। मांगा जाएगा जवाब लखनऊ सीएमओ डॉ.एनबी सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में अभी मामले की जानकारी नहीं है। पीड़ित संग ऐसी घटना हुई तो संबंधित अस्पताल से जवाब तलब करके कार्रवाई होगी। जांच के आधार पर होगी कार्रवाई सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि अस्पताल की इमरजेंसी से मरीज के निकलते ही तीमारदार का नंबर दलाल के पास पहुंच गया। यह गंभीर मसला है। इस दलाली में जो भी डॉक्टर व कर्मचारी शामिल होंगे उनकी जांच करके कार्रवाई होगी।
Source link
दिल्ली में 26 अगस्त से लक्ष्मी योजना का औपचारिक शुभारंभ: 1 सितंबर से खातों में आएगी 2,500 रुपये की सहायता – New Delhi News
दिल्ली सरकार लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ 26 अगस्त को करेगी। इसके लिए तालकटोरा स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पात्र महिलाओं को योजना से संबंधित आधिकारिक पत्र सौंपे जाएंगे। वहीं, 1 सितंबर से सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सचिवालय में योजना की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा और जिला स्तरीय समितियों के पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना शुरू होने के 18 दिनों में करीब 8 लाख महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जबकि 5 लाख से अधिक आवेदन अंतिम रूप से जमा हो चुके हैं। 1 अगस्त से प्रभावी योजना के तहत दिल्ली के कम आय वाले परिवारों की 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के लिए आवेदन पूरे वर्ष दिल्ली लक्ष्मी योजना पोर्टल के माध्यम से किए जा सकते हैं।
अपात्र मिलने पर बंद होगी सहायता, राशि भी वसूली जाएगी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना में पात्रता को लेकर कड़े प्रावधान किए हैं। अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों की पात्रता की लगातार निगरानी की जाएगी। जांच में किसी भी स्तर पर महिला अपात्र पाई जाती है तो उसकी सहायता तत्काल बंद कर दी जाएगी। पहले जारी की गई राशि की वसूली भी की जाएगी। गलत जानकारी या धोखाधड़ी सामने आने पर कानूनी अथवा प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है।
मृत्यु पर तुरंत रुक जाएगा भुगतान
दिशा-निर्देशों के अनुसार लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके सीबीडीसी वॉलेट में राशि का भुगतान तत्काल रोक दिया जाएगा। आरडी या एफडी खाते में जमा राशि और अर्जित ब्याज कानूनी उत्तराधिकारी को दिया जाएगा। मृत्यु के दो साल के भीतर दावा नहीं करने पर राशि सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। योजना से 1500 रुपए आरडी/एफडी में होंगे जमा योजना के तहत डिफॉल्ट रूप से 2,500 रुपये में से 1,500 रुपये आरडी या एफडी खाते में जमा होंगे, जबकि 1,000 रुपये लाभार्थी के बैंक खाते से जुड़े सीबीडीसी वॉलेट में भेजे जाएंगे। आरडी/एफडी राशि पर 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन अवधि लागू रहेगी। लाभार्थी चाहें तो पूरी 2,500 रुपये की राशि आरडी या एफडी में जमा करा सकती हैं।
Source link
केन-बेतवा प्रोजेक्ट के आंदोलनों पर सरकार की सफाई: अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजे का भुगतान हुआ, आंदोलनों में बाहरी तत्व शामिल – Bhopal News
केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने परियोजना और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। जल शक्ति मंत्रालय से जारी पीआईबी के प्रेस नोट में कहा है कि प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास लाभ नहीं मिलने के आरोप गलत और भ्रामक हैं। सरकार के मुताबिक अधिकांश पात्र परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ मिल चुका है, जबकि कुछ मामलों में केवल कागजी औपचारिकताएं बाकी हैं। आंदोलन को लेकर सरकार का जवाब प्रेसनोट में कहा है कि केन-बेतवा परियोजना के खिलाफ मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में जनजातीय परिवारों के बिना मुआवजे विस्थापन के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसके विरोध में ‘चिता आंदोलन’, ‘फांसी प्रदर्शन’ और ‘जल सत्याग्रह’ जैसे प्रतीकात्मक प्रदर्शन किए जाने की खबरें सामने आई हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रदर्शनों में उठाए जा रहे मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े आरोप वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। 5039 प्रभावित परिवारों के लिए ₹590.74 करोड़ का भुगतान सरकार के अनुसार पुनर्वास के लिए कुल 5,039 प्रभावित परिवारों की पहचान की गई है। इनके लिए ₹629.87 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है, जिसमें से ₹590.74 करोड़ यानी 93.78 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है। शेष भुगतान कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद किया जाएगा। सरकार का कहना है कि पात्र परिवारों को लाभ से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए भूमि रिकॉर्ड का लगातार सत्यापन किया जा रहा है। कृषि भूमि के मुआवजे में 88.85% राशि बांटी पीआईबी के मुताबिक जुलाई 2026 तक 10,913 प्रभावित लोगों के कृषि भूमि मुआवजे के लिए ₹360.66 करोड़ तय किए गए। इसमें से ₹320.45 करोड़ यानी 88.85 प्रतिशत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं मकान और अन्य आवासीय परिसंपत्तियों के लिए ₹149.63 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 93.97 प्रतिशत राशि का भुगतान हो चुका है। जमीन के लिए ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर तक मुआवजा सरकार ने कहा है कि भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास की प्रक्रिया 2013 के कानून तथा मध्यप्रदेश सरकार के 13 सितंबर 2023 को स्वीकृत विशेष पुनर्वास पैकेज के अनुसार की जा रही है। अधिगृहीत जमीन के लिए कानून के अनुसार निर्धारित मुआवजा अथवा ₹12.50 लाख प्रति हेक्टेयर, जो भी अधिक हो, दिया जा रहा है। मकान, पेड़, कुएं, ट्यूबवेल और दूसरी अचल परिसंपत्तियों का मुआवजा भी नियमानुसार निर्धारित किया जा रहा है। प्लॉट नहीं लेने पर ₹12.50 लाख की सहायता पुनर्वास पैकेज के तहत पात्र परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹7 लाख और शहरी क्षेत्र में प्लॉट के लिए ₹6.50 लाख दिए जा रहे हैं। जो परिवार प्लॉट का विकल्प नहीं लेते, उन्हें एकमुश्त ₹12.50 लाख की सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। अनुसूचित क्षेत्रों में पात्र एससी-एसटी परिवारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता का भी प्रावधान है। करौंदिया में लगाया गया विशेष शिविर सरकार ने प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए करौंदिया में विशेष शिविर लगाए जाने की जानकारी भी दी है। इसमें पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा, गरीबी रेखा, लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं से जुड़े आवेदनों को मंजूरी दी गई। शिविर में 178 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं, आयुष दवाओं का वितरण हुआ, हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति मैपिंग तथा पुस्तकों के वितरण का काम किया गया। सरकार के मुताबिक पिछले दस दिनों में ही 86 प्रभावित लोगों के लिए ₹10.42 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। सरकार बोली- प्रदर्शनों में बाहरी तत्व शामिल पीआईबी के प्रेस नोट में सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक और गंभीर दावा किया है। सरकार का कहना है कि हाल के प्रदर्शनों में शामिल लोगों के नाम परियोजना से प्रभावित परिवारों, भू-अभिलेखों या मुआवजा रजिस्टर में नहीं हैं। सरकार ने इन गतिविधियों को मुख्य रूप से बाहरी तत्वों द्वारा परियोजना को लेकर भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश बताया है। परियोजना से 10.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई का दावा सरकार ने परियोजना के फायदे भी गिनाए हैं। केन-बेतवा लिंक परियोजना को नेशनल पर्सपेक्टिव प्लान के तहत देश की पहली प्रमुख नदी जोड़ो परियोजना बताया गया है। इसके जरिए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में केन नदी के अतिरिक्त पानी को बेतवा नदी में पहुंचाने की योजना है। सरकार के मुताबिक इससे 10.62 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई, करीब 62 लाख लोगों को पेयजल और 103 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन का लाभ मिलेगा। परियोजना की अनुमानित लागत ₹44,604.99 करोड़ है और जुलाई 2026 तक ₹12,445.85 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
Source link
उनियारा में शिकायतों के बाद ASI सस्पेंड: 15 दिन पहले किया था लाइन हाजिर; एसपी बोले- विभागीय जांच होने के कारण लिया फैसला – Tonk News
टोंक एसपी रोशन मीणा ने उनियारा थाने के तत्कालीन एएसआई रतनलाल मीणा को मंगलवार को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में उनके विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित किए जाने का उल्लेख किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मालपुरा डीएसपी कार्यालय रहेगा। एसपी रोशन मीणा ने बताया कि एएसआई रतनलाल मीणा के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित होने के चलते उन्हें कुछ दिन पहले लाइन हाजिर किया गया था। विभागीय स्तर पर कार्रवाई के बाद मंगलवार को उन्हें निलंबित कर दिया गया। शिकायतों के बाद कार्रवाई
एएसआई के निलंबन की कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार, एएसआई रतनलाल मीणा के उनियारा थाने में कार्यकाल को लेकर पिछले कुछ समय से शिकायतें मिल रही थी। इनमें कथित तौर पर अपराधियों को संरक्षण देने, अवैध वसूली और साइबर ठगी से जुड़े संदिग्ध लोगों के संपर्क में रहने जैसे आरोप शामिल थे। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
Source link
मंडे मेगा क्विज में 216 छात्रों ने भाग लिया: बेगूसराय में जिला स्तरीय प्रतियोगिता का समापन – Begusarai News
बेगूसराय के सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल), कॉलेजिएट प्लस टू स्कूल में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय मंडे मेगा क्विज का मंगलवार को समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी 18 प्रखंडों से कक्षा तीन से 12 तक के कुल 216 चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। प्रतियोगिता की शुरुआत लिखित परीक्षा से हुई, जिसमें प्रत्येक कक्षा से बेहतर प्रदर्शन करने वाले छह छात्र-छात्राओं का चयन मौखिक परीक्षा के लिए किया गया। चयनित प्रतिभागियों के बीच पांच राउंड में मौखिक प्रश्न पूछे गए। यह प्रतियोगिता 17 अगस्त को कक्षा तीन से आठ तथा 18 अगस्त को कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई थी। कक्षा नौ से 12 तक के विजेताओं में कक्षा नौ में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बांक, डंडारी के प्रिंस कुमार प्रथम स्थान पर रहे। उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय फुलवरिया-2, तेघड़ा के मो. मारूफ ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय अमरपुर, बरौनी के प्रियांशु कुमार तृतीय स्थान पर रहे। कक्षा 10 में राजकीयकृत उच्च विद्यालय गढ़पुरा के आलोक कुमार प्रथम, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नूरजमापुर के देवराज द्वितीय तथा राजकीयकृत हाई स्कूल बनवारीपुर, भगवानपुर के आदर्श कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 11 में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय जिनेदपुर, बेगूसराय की आंचल कुमारी प्रथम, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय भगतपुर, बलिया के राजीव कुमार द्वितीय तथा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बिक्रमपुर, चेरिया बरियारपुर के प्रिंस कुमार तृतीय रहे।
कक्षा 12 में उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय मल्हीपुर, साहेबपुर कमाल के अमन कुमार प्रथम, उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय प्लस टू सांख, बेगूसराय के मो. इश्तिखार द्वितीय तथा उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय रसीदपुर, बछवाड़ा के अनुराग कुमार तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा तीन से आठ तक के विजेता
कक्षा आठ में उत्क्रमित मध्य विद्यालय फजिलपुर, वीरपुर के युवराज प्रथम, मध्य विद्यालय तुलसीटोल, बलिया के आयुष कुमार द्वितीय तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय छड़ापट्टी, चेरिया बरियारपुर के आदित्य कुमार तृतीय रहे।
कक्षा सात में मध्य विद्यालय नैपुर, मंसूरचक की अनामिका कुमारी प्रथम, मध्य विद्यालय मकसपुर, चेरिया बरियारपुर के प्रणव कुमार द्वितीय तथा मध्य विद्यालय विष्णुपुर, भगवानपुर के आर्णव राज तृतीय रहे।
कक्षा छह में मध्य विद्यालय डंडारी के युवराज प्रथम, मध्य विद्यालय मालीपुर, गढ़पुरा के आदित्य कुमार द्वितीय तथा मध्य विद्यालय चमथा बरखूंट, बछवाड़ा के सार्थक चौहान तृतीय रहे।
कक्षा पांच में प्राथमिक विद्यालय यादव टोली, मंसूरचक की कृति राज प्रथम, प्राथमिक विद्यालय मालीपुर मुसहरी, गढ़पुरा के इशांत राज द्वितीय तथा प्राथमिक विद्यालय पतला झुग्गी, छौड़ाही के आयुष राज तृतीय रहे।
कक्षा चार में प्राथमिक विद्यालय रमौली, नावकोठी के मो. हसन प्रथम, मध्य विद्यालय सनहा नया टोला, साहेबपुर कमाल के हर्ष कुमार द्वितीय तथा प्राथमिक विद्यालय शाम्हो अकबरपुर, शाम्हो-अकहा-कुरहा के कुश कुमार तृतीय रहे।
कक्षा तीन में प्राथमिक विद्यालय आलमचक, मंसूरचक के मुहम्मद अदनान प्रथम, प्राथमिक विद्यालय देवस्थान, भगवानपुर के पुरुषोत्तम कुमार द्वितीय तथा मध्य विद्यालय दुलारपुर, तेघड़ा की भाव्या कुमारी तृतीय रहीं।
स्वस्थ विद्यालयी संस्कृति विकसित करने में सहायक
समापन समारोह के अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता आकाश कुमार ने चयनित छात्र-छात्राओं तथा आयोजन समिति के शिक्षकों के बीच प्रमाणपत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के क्विज आयोजन से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के बीच स्वस्थ विद्यालयी संस्कृति का निर्माण होता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। उन्होंने क्विज से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं शिक्षकों को सफल आयोजन के लिए प्रोत्साहित किया।
Source link
रिपोर्ट- रूस सीक्रेट रूट से ईरान को हथियार भेज रहा: मिसाइल-ड्रोन पार्ट्स और गोला-बारूद शामिल; ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर समुद्री रास्ते का इस्तेमाल
मॉस्को/ तेहरान3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
रूस सीक्रेट रास्ते के जरिये ईरान के सैन्य भंडार को मजबूत करने में मदद कर रहा है। NBC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ईरान को TNT विस्फोटक, ड्रोन के पार्ट्स और गोला-बारूद भेज रहा है।
रिपोर्ट में यूरोपीय सरकार के एक दस्तावेज के हवाले से बताया गया कि सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि इनमें बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के लिए जरूरी कुछ पार्ट्स भी हो सकते हैं। ईरान के सैन्य भंडार हाल में अमेरिका और इजराइल के साथ हुए संघर्ष में काफी कम हुए थे।
रूस इसके लिए कैस्पियन सागर का रास्ता इस्तेमाल कर रहा है। कैस्पियन सागर से रूस, ईरान, कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और अजरबैजान क सीमाएं लगती हैं।
यह समुद्री रास्ता पश्चिमी देशों की निगरानी से बचने में मदद करता है। यहां से गुजरने वाले जहाज अपना ट्रैकिंग सिस्टम (AIS) बंद कर सकते हैं। इससे उनकी आवाजाही को ट्रैक करना बहुत मुश्किल हो जाता है।

कैस्पियन सागर रूस-ईरान के लिए बैकडोर
कैस्पियन सागर रूस और ईरान के बीच एक सुरक्षित बैकडोर और रणनीतिक समुद्री रास्ते के रूप में काम करता है। यह बैकडोर दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और पश्चिमी देशों की नजरों से बचकर सैन्य सामान भेजने की सहूलियत देता है।
कैस्पियन सागर की कानूनी स्थिति को लेकर लंबे समय तक विवाद रहा है, लेकिन 2018 में ‘कैस्पियन सागर की कानूनी स्थिति पर कन्वेंशन’ पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता कैस्पियन सागर के पांच तटीय देशों को इसके संसाधनों और सुरक्षा पर अधिकार देता है।
हालांकि, यह समझौता मुख्य रूप से समुद्री सीमाओं और वहां के संसाधनों के इस्तेमाल से जुड़ा है। इसके तहत किसी बाहरी देश की सेना को यहां आने की इजाजत नहीं है। इससे यह इलाका इन पांच देशों के खास प्रभाव वाला क्षेत्र बन जाता है।
पहले ईरान रूस को ड्रोन देता था, अब रूस मदद कर रहा
यूक्रेन युद्ध के दौरान ईरान ने रूस को शाहेद जैसे ड्रोन दिए थे। अब, रूस ईरान को अपने घटे सैन्य भंडार को फिर से भरने में मदद कर रहा है।
रूस की ओर से ईरान को सामान भेजे जाने की रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है, जब इजराइल पहले ईरान के अहम बंदरगाह और सैन्य सप्लाई नेटवर्क को निशाना बना चुका है।
द टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इजराइली हमलों में बंदर अंजली पोर्ट की कुछ सुविधाओं और ईरानी नौसेना से जुड़े ठिकानों को नुकसान पहुंचा था। यह पोर्ट ईरान तक सैन्य सामान पहुंचाने वाले समुद्री नेटवर्क का हिस्सा है।

चीन से भी मिसाइल के पार्ट्स ले रहा ईरान
- ईरान का रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों की लॉजिस्टिक्स संस्था अब अपने यहां बनने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों में रूस और चीन में बने कुछ पार्ट्स का इस्तेमाल बढ़ा रही है।
- इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की एयरोस्पेस फोर्स से जुड़े कार्यक्रमों में की जा रही है।
- यह ईरान की ‘लुक ईस्ट’ रणनीति का हिस्सा है। इसके तहत ईरान पश्चिमी देशों पर अपनी निर्भरता कम करके रूस और चीन के साथ सैन्य और तकनीकी सहयोग बढ़ा रहा है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, रूस ईरान को सैटेलाइट तस्वीरें भी दे रहा है। इनकी मदद से ईरानी सेना सैन्य ठिकानों की निगरानी और हमलों के लिए लक्ष्य तय करने की क्षमता बढ़ा सकती है।
- चीन भी ईरान को कई तरह की तकनीकी मदद दे रहा है। इसमें बेईदोऊ नेविगेशन सिस्टम, रडार और निगरानी तकनीक के साथ ठोस ईंधन वाली मिसाइलों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली चीजे शामिल है।
रूस ने ईरान की मदद करने पर इनकार किया था
रूस और ईरान ने इन सामानों की आपूर्ति को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। रूस पहले भी ईरान को सैन्य सामान देने की खबरों से इनकार करता रहा है। रूस ने घोषित सैन्य सहयोग के अलावा ईरान को किसी तरह की सैन्य सामग्री देने से लगातार इनकार किया है।
पश्चिमी खुफिया एजेंसियां सार्वजनिक रूप से यह बताने को तैयार नहीं हैं कि ईरान ने अपने सैन्य भंडार को कितनी तेजी से दोबारा तैयार किया है। हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइली खुफिया एजेंसियां इस बात से हैरान थीं कि ईरान अपने कुछ मिसाइल भंडार को इतनी तेजी से फिर तैयार करने में सफल रहा।
—————
यह खबर भी पढ़ें…
ट्रम्प ने होर्मुज को अमेरिका का नया इलाका बताया:मैप पोस्ट किया; ईरान का जवाब- ट्रम्प की गलतफहमी जल्द दूर हो जाएगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिका का हिस्सा बताते हुए सोशल मीडिया पर मैप पोस्ट किया है। ट्रम्प के पोस्ट के बाद ईरान ने कहा कि होर्मुज को अमेरिका का हिस्सा बताना सिर्फ एक गलतफहमी है। पूरी खबर पढ़ें…


