भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों की समस्या और बढ़ गई है। रमदत्तपुर के लगभग 300 घरों के लोगों के यहां वोल्टेज इतना कम हो गया कि पंखा तक नहीं चल रहा था। लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। भीषण गर्मी से परेशान लोगों का सब्र टूट गया और उन्होंने सूरजकुंड उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा किया। कल्याणपुर वार्ड के पार्षद शिवेंद्र मिश्र भी मौके पर पहुंच गए और बिजली निगम के अधिकारियों से वार्ता की। रात 1 बजे के बाद वोल्टेज को ठीक किया गया। लोड कम करने के लिए ट्रांसफार्मर से जुड़ी रोड लाइटों को बंद कर दिया गया।
रमदत्तपुर में शुक्रवार को ही ट्रांसफार्मर का ऑयल लीक होने के कारण बिजली कट गई थी। लगभग 5 घंटे तक लोग परेशान रहे। रात में कोई सो नहीं पाया। सबके इंवर्टर भी जवाब दे गए थे। इस बात की जानकारी बिजली निगम के अधिकारियों को दी गई। किसी अल्टरनेट ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने की बजाय बिजली निगम ने उस ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के लिए इस मोहल्ले के लगभग 300 घरों का लोग अलवापुर के ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट कर दिया। जिससे लोगों के घरों में वोल्टेज काफी कम हो गया। कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण काम नहीं कर रहा था। लोगों का धैर्य जवाब दे गया गर्मी से परेशान लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों को फोन किया तो रात पर मैनेज करने को कहा गया। उन्होंने अपने पार्षद को फोन किया। पार्षद की ओर से भी कई बार एक्सईएन, जेई व लाइनमैन से बात की गई लेकिन रात में व्यवस्था ठीक करने को लेकर सभी ने हाथ खड़े कर दिए। यह जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित लगभग 150 लोग उपकेंद्र पहुंच गए और नारेबाजी की। बिजली निगम के अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। लोगों ने कहा कि हम समय से बिजली का बिल देते हैं। स्मार्ट मीटर लगाकर बिल बढ़ा दिया, उसे भी देते हैं। आप लोग सर्विस नहीं दे पा रहे हैं। इस बात का बिजली निगम के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
लोगों ने कहा कि उनके घरों में पानी नहीं है। पीने के पानी की भी समस्या हो रही है। किसी के यहां मोटर तो छोड़िए, पंखा भी नहीं चल पा रहा है। घर के सारे सदस्य जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। पार्षद ने बताया कि इसके चलते 3 लोगों के मोटर जल गए। लगभग 25 लोगों के पंखे जल गए। बिजली निगम के अधिकारी कम घरों को प्रभावित बता रहे
पार्षद व स्थानीय लोगों के मुताबिक लगभग 300 घर इससे प्रभावित हुए थे लेकिन बिजली निगम के अधिकारी सप्लाई के आधार पर घरों की संख्या 60 से 70 बता रहे थे। हालांकि हंगामा करने वालों में 150 से अधिक लोग शामिल थे। शहर से बाहर रहे पार्षद भी इस समस्या की सूचना मिलने के बाद उपकेंद्र पहुंच गए। लोगों के प्रदर्शन के बाद अलवापुर ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट किया गया लोड वापस रमदत्तपुर के ट्रांसफार्मर से दिया गया। उसके बाद वोल्टेज देर रात सही हो गया लेकिन लोग काफी देर तक वहां जमा रहे। पार्षद ने अपने सामने लोड शिफ्ट करवाया। लगाया जाएगा अल्टरनेट ट्रांसफार्मर
वार्ता के दौरान बिजली निगम के अधिकारियों ने ट्राली पर अल्टरनेट ट्रांसफार्मर लगाने की जानकारी दी। इसके लिए रविवार का दिन तय किया गया है। उन्होंने पार्षद से जगह मांगी। पार्षद की ओर से कुछ विकल्प दिए गए हैं।
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लो वोल्टेज से परेशान लोगों ने उपकेंद्र पर किया हंगामा: रोडलाइट बंद कर मैनेज किया वोल्टेज; 300 घर थे प्रभावित – Gorakhpur News
भारत बोला- PAK राष्ट्रपति का बयान नफरत फैलाने वाला: हमारे मामलों में दखल न दें; जरदारी बोले थे- वाराणसी की मस्जिद खतरे में, कार्रवाई रोकी जाए
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय की तरफ से शनिवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, जिस पर दुनिया भर में चर्चा होती है। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से ऐसी बयानबाजी बेतुकी लगती हैं। अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास जगजाहिर है। दरअसल जरदारी ने कहा था कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया। जिसे रेलवे ने अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है। जरदारी बोले थे- भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई से तनाव बढ़ सकता है पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस नोट जारी किया। जिसमें जरदारी ने कहा कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया, जिसे उन्होंने करीब 1000 साल पुरानी मस्जिद बताया। जरदारी ने भारत से अपील की कि ऐसे धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। उनका कहना है कि इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और देश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए। अब जानिए क्या है वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद विवाद… वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना के तहत रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा था। रेलवे का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बना अवैध ढांचा है और 1991 में दायर एक दीवानी मुकदमे में अगस्त 2024 में आए फैसले के बाद कार्रवाई की जा रही है। रेलवे का कहना है कि 1991 में दायर मुकदमा 28 अगस्त 2024 को खारिज होने के बाद मस्जिद हटाने का रास्ता साफ हो गया। वहीं, मस्जिद प्रबंधन समिति का दावा है कि मामला मस्जिद के अस्तित्व से नहीं, बल्कि उसके पूर्वी हिस्से की जमीन से जुड़ा था और रेलवे अदालत के फैसले की गलत व्याख्या कर रहा है। मस्जिद की 3 तस्वीरें… रेल प्रशासन का क्या कहना है, 4 पॉइंट… मस्जिद कमेटी का पक्ष; बोले- हाईकोर्ट जाएंगे —————————
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ससुराल से लौटकर पति-पत्नी ने फांसी लगाकर दी जान: स्पॉट पर टूटे मिले मोबाइल, थाली में रखा मिला खाना, झगड़े के बाद मौत को लगाया गले – Gwalior News
ग्वालियर के हस्तिनापुर गांव में शनिवार शाम एक नवविवाहित दंपती के शव कमरे के अंदर एक ही रस्सी से बने फंदे पर लटके मिले। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय विनोद प्रजापति और 20 वर्षीय लक्ष्मी प्रजापति के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। कमरे में सामान बिखरा पड़ा मिला, दोनों के मोबाइल फोन टूटे हुए थे और एक थाली में परोसा गया खाना बिना खाया रखा हुआ मिला। अप्रैल 2025 में हुई थी शादी, एक दिन पहले ही लौटे थे ससुराल से पुलिस के मुताबिक विनोद और लक्ष्मी की शादी अप्रैल 2025 में हुई थी। दोनों हाल ही में लक्ष्मी के मायके में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने भिंड गए थे। शुक्रवार रात ही वे वापस अपने घर लौटे थे। परिजनों के अनुसार घर आने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी और वे शनिवार सुबह से ही अपने कमरे में बंद थे। शाम तक नहीं खोला दरवाजा, पुलिस ने तोड़कर खोला कमरा शनिवार शाम विनोद का छोटा भाई हिमांशु घर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उसने पिता लाखन सिंह को सूचना दी, जो एक शादी समारोह में गए हुए थे। पिता के घर पहुंचने के बाद हस्तिनापुर थाना पुलिस को सूचना दी गई। उप निरीक्षक लोकेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने कुल्हाड़ी की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। विनोद और लक्ष्मी एक ही फंदे से लटके हुए थे। कमरे में मिले अहम सुराग पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो पति-पत्नी दोनों के मोबाइल फोन बुरी तरह टूटे हुए मिले। आशंका है कि विवाद के दौरान गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़े गए होंगे। कमरे में एक थाली में भोजन परोसा हुआ रखा था, लेकिन उसमें से किसी ने खाना नहीं खाया था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। विवाद की वजह तलाश रही पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसके कारण दोनों के बीच इतना बड़ा विवाद हुआ। यह भी जांच की जा रही है कि ससुराल में आयोजित शादी समारोह के दौरान कोई ऐसी घटना तो नहीं हुई, जिसका असर दोनों के रिश्ते पर पड़ा हो। दोनों के क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल जानकारी हासिल की जा सके। मृतका के मायके पक्ष के लोगों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। हस्तिनापुर थाना के उप निरीक्षक लोकेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि नवविवाहित दंपती के आत्महत्या मामले में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। कमरे से दोनों के टूटे हुए मोबाइल फोन और बिना खाया हुआ भोजन बरामद हुआ है। इससे प्रतीत होता है कि फांसी लगाने से पहले दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था। परिजनों और मायके पक्ष के बयान लिए जाएंगे तथा मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे विवाद की वास्तविक वजह सामने आ सके।
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पूर्णिया में आपसी रंजिश में चाकूबाजी, गर्दन पर किया हमला: बकरी के मूंग खाने पर हुआ विवाद, भागलपुर रेफर – Purnia News
पूर्णिया जिले के कामाख्या थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के चलते एक नाबालिग पर चाकू से हमला किया गया। घटना में 16 वर्षीय दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जीएमसीएच में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मायागंज रेफर कर दिया गया है। घायल दीपक कुमार सहारा, मखनाहा पार का निवासी है और सुबोध ततमा का पुत्र है। उसके पिता दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दीपक की मां नीलम देवी ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी बबलू शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में घुसकर दीपक की गर्दन पर चाकू से हमला किया। हमले के बाद दीपक खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल पूर्णिया शहर के जीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दीपक के भाई बादल कुमार के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बकरी ने पड़ोसी बबलू शर्मा के आंगन में रखी मूंग खा ली। इसी बात से नाराज होकर बबलू शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में घुसकर रॉड, चाकू और दबिया से मारपीट की। पूर्णिया जीएमसीएच के डॉक्टरों ने घंटों इलाज के बाद, घायल दीपक को हायर सेकेंडरी भागलपुर मायागंज रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलने पर मरंगा थाना पुलिस के विनोद कुमार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल परिवार के बयान दर्ज किए और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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बाली उम्र के फैसले ने बर्बाद की जवानी, दुल्हन बन चौपट किया करियर, 32 साल बाद मांग रही काम
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कई बार हमारे फैसले हमारी पूरी जिंदगी बदलकर रख देते हैं. बॉलीवुड की इस खूबसूरत एक्ट्रेस के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने बने बनाए करियर को ठोकर मारकर शादी रचाने का फैसला किया. लेकिन शादी के बाद भी वक्त ऐसा आया कि तलाक लेना पड़ा. अब 32 साल बाद वह हसीना काम को तरस रही है.
नई दिल्ली. अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर संग कई हिट दे चुकी वो हसीना. अपने करियर की शुरुआत में ही जिसने कई एक्ट्रेसेस के रोल छीन लिए थे. लेकिन 90 के दशक की इस एक्ट्रेस ने शादी के लिए करियर को छोड़ दिया. महज 21 साल की उम्र से पहले लिया ऐसा फैसला, बाद में हुआ पछतावा.

हम बात कर रहे हैं 90 के दशक की हुस्नपरी सोनम खान की. बहुत ही छोटी सी उम्र में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की थी. सेट पर जब वह काम मांगने पहुंची तो उनकी उम्र महज साढ़े तैरह साल थी. लेकिन किसी तरह उन्हें यश चोपड़ा की फिल्म में काम करने का मौका मिल गया.

ऋषि कपूर ने उन्हें एक्टिंग की दुनिया में शुरुआत करने में काफी मदद भी की. बाद में उन्होंने ऋषि कपूर के साथ फिल्म अजूबा में काम भी किया. सोनम इतनी खूबसूरत थीं कि उनके साथ त्रिदेव और विश्वात्मा जैसी फिल्में करने वाले डायरेक्टर राजीव रॉय ने उनसे शादी कर ली थी.
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साल 1989 में आई फिल्म त्रिदेव से ही सोनम खान की किस्मत चमकी थी. इस फिल्म का एक गाना जो उस दौर में काफी बड़ा हिट साबित हुआ था. यह फिल्म सोनम के करियर की सबसे बड़ी हिट्स में से एक थी, वो गाना है, ‘तिरछी टोपी वाले’.

सोनम की उम्र महज 21 साल थीं और वह अपने करियर में आगे बढ़ रही थीं. लेकिन बाली उम्र में ही उन्होंने एक बड़ा फैसला किया कि वह एक्टिंग छोड़ राजीव रॉय से शादी करेंगी. भरी जवानी में उन्होंने ये फैसला लिया. शादी की और कुछ टाइम बाद टूट भी गई.

शादी के बाद सोनम खान का बना बनाया करियर पूरी तरह चौपट हो चुका था. वह समझ ही नहीं पा रही थीं कि उनके साथ ये क्या हुआ. कहा जाता है कि दूसरी शादी एक डॉक्टर से उन्होंने उस वक्त की जब उनका बेटा 23 साल का था. वह दो बार हिंदू लड़कों से शादी कर चुकी हैं.

वही सोनम जो कभी फिल्म ‘त्रिदेव’ के बाद रातोंरात स्टार बनी. कई बड़े स्टार के साथ काम किया. लेकिन शादी से पहले कई बड़ी फिल्मों को भी ठोकर मार गईं. इनमें सनी देओल की लुटेरे और सलमान खान की बागी जैसी फिल्में शामिल हैं.

बता दें इतनी बड़ी बड़ी फिल्में रिजेक्ट करने वाली सोनम खान आज 32 साल बाद फिर से काम करना चाहती हैं. अपने कई इंटरव्यू में ये बात रख चुकी हैं कि वह अब काम की तलाश में हैं, लेकिन अब तक उनके पास वो रोल नहीं पहुंचे हैं, जिनमें वह काम करना चाहती हैं.
गोरखपुर में पोखरे में डूबने से युवक की मौत: नहाते समय संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी जाने से हादसा, डेढ़ साल पहले हुई थी शादी – Khajni News
गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र के सरयां तिवारी गांव में स्थित पुण्यहवां पोखरे में डूबने से 27 वर्षीय युवक मिथुन चौहान की मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, युवक शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे पोखरे में नहाने गया था। नहाते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक को पोखरे से बाहर निकाला। उन्होंने प्राथमिक उपचार देने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृत्यु की पुष्टि के लिए उसे स्थानीय डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। ग्राम प्रधान पुष्पा देवी त्रिपाठी के प्रतिनिधि एडवोकेट धरणीधर राम त्रिपाठी ने घटना की सूचना खजनी थाने को दी। सूचना पर पहुंची खजनी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी भेज दिया। मिली जानकारी के अनुसार, मृतक मिथुन चौहान मूल रूप से हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के रामपुर गरथौली गांव का निवासी था। वह बचपन से ही अपनी मां और भाई के साथ सरयां तिवारी गांव में अपने मामा बेचन पुत्र सहदेव के साथ रहता था। लगभग डेढ़ वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। ग्रामीण बताते हैं कि मिथुन मजदूरी करके आजीविका चलाता था और नशे का आदी था। हादसे के बाद मृतक के परिवार में पत्नी, मां और भाई का रो-रोकर बुरा हाल था।
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मोहर्रम जुलूस में प्रेशर कूकर, डीजे पर बैन: शाजापुर में 400 कैमरे लगे, पुलिस ने शांति की हिदायत दी; पैदल मार्च किया – shajapur (MP) News
शाजापुर नगर में मोहर्रम का मातमी पर्व पूरे अदब और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के दौरान शहर में अमन-चैन और कानून व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हुड़दंगियों से निपटने और चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए पूरे जुलूस मार्ग को सीसीटीवी कैमरों के पहरे में रखा गया है। इसके साथ ही पुलिस ने जुलूस में कुछ खास चीजों को ले जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इन चीजों को जुलूस में शामिल करने पर सख्त मनाही सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन ने मोहर्रम के जुलूस को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जुलूस में बैलन, प्रेशर कुकर और मच्छर मारने वाला ‘हिट’ (स्प्रे) जैसी चीजें लेकर चलने वालों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इन्हें शामिल न करें। इसके अलावा, जुलूस के दौरान डीजे बजाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। एएसपी ने साफ कहा है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन कर डीजे बजाता हुआ मिला, तो उसे तुरंत जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 400 कैमरों से होगी निगरानी, निकाला फ्लैग मार्च नगर में 10 दिनों तक चलने वाले इस पर्व के बाद पारंपरिक मशाल जुलूस निकाला जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पूरे मार्ग पर कुल 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 300 कैमरे जनसहयोग और पुलिस और 100 कैमरे नगर पालिका ने स्थापित किए। शांति का संदेश देने के लिए शनिवार को पुलिस बल ने किला गेट से फ्लैग मार्च निकाला। यह मार्च छोटा चौक, बड़ा चौक, सोमवारिया, बिलाल मस्जिद गली, लालूपुरा, कुम्हारवाड़ा, मगरिया, नाग-नागिनी रोड, पोस्ट ऑफिस चौराहा, नूर मंडी, कमरदीपुरा, चौकदारवाड़ी, गाडरीपुरा, दायरा, लकड़शाह, मीरकला और पिंजारवाड़ी जैसे संवेदनशील व प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस किला गेट पर समाप्त हुआ। मोहल्लों में बैठकें और अफवाहों से बचने की अपील अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) घनश्याम मालवीय ने बताया कि पुलिस टीम ने विभिन्न मोहल्लों में स्थानीय कमेटियों के साथ बैठकें की हैं। एएसपी ने लोगों से अपील की है कि त्योहार को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। कोई भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। एएसपी ने शहरवासियों को भरोसा दिलाया कि पुलिस के पास पर्याप्त बल और आधुनिक संसाधन मौजूद हैं, जिससे त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति पैदा नहीं होने दी जाएगी।
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तेज रफ्तार ऑटो ने रिटायर्ड कर्मी को मारी टक्कर, मौत: सहरसा में पशुपालन विभाग के पूर्व कर्मचारी की सड़क हादसे में जान गई – Saharsa News
सहरसा जिले के बिहरा थाना क्षेत्र अंतर्गत तुलसियाही गांव में एक बुजुर्ग की तेज रफ्तार सीएनजी ऑटो की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के तुलसियाही वार्ड संख्या-3 निवासी 65 वर्षीय रघुनंदन साह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रघुनंदन साह घर से दवा लेने के लिए तुलसियाही चौक जा रहे थे। इसी दौरान सहरसा-सुपौल मुख्य मार्ग पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रहे एक सीएनजी ऑटो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने पहुंचाया सदर अस्पताल घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल सहरसा ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि रघुनंदन साह पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी थे और लगभग दस वर्ष पूर्व सेवा से रिटायर हुए थे। उनके परिवार में तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। प्रशासन से मुआवजा देने की मांग घटना की सूचना मिलते ही बिहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बिहरा थाना अध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मृतक के परिजनों ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की अपील की है।
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शाहदरा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी की पीट-पीटकर हत्या: ट्रेन में चढ़ने को लेकर विवाद, यूपी का रहने वाला, ड्यूटी से लौट रहा था घर – New Delhi News
नई दिल्ली। शाहदरा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुए विवाद में एक सुरक्षाकर्मी की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर हुई, जहां कुछ यात्रियों से कहासुनी के बाद सुरक्षाकर्मी पर लात-घूंसों से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सुरक्षाकर्मी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा के रूप में हुई है। वह इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षाकर्मी के रूप में कार्यरत था और ड्यूटी के बाद ट्रेन से घर लौट रहा था। वारदात के बाद आरोपी ट्रेन में सवार होकर फरार हो गए। डीसीपी भरत रेड्डी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पता चला है कि योग एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान पंकज का कुछ यात्रियों से विवाद हो गया था। इसके बाद आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वायरल वीडियो से मिले अहम सुराग घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति पर लात-घूंसों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान एक आरपीएफ जवान बीच-बचाव के लिए पहुंचता है। हमले के दौरान पंकज जमीन पर गिरकर अचेत हो जाता है, जबकि आरोपी मौके से फरार हो जाते हैं। पुलिस ने वीडियो को जांच में शामिल कर लिया है। साथ ही स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद शाहदरा रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्टेशन पर आरपीएफ और पुलिस चौकी होने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी वारदात होना सुरक्षा इंतजामों पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरपीएफ जवान तो मौके पर पहुंच गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने में देरी हुई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि तत्काल हस्तक्षेप होता तो क्या आरोपी मौके से फरार होने से रोके जा सकते थे।
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