Wednesday, June 17, 2026
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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए


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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए

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गर्मियों में ठंडक और स्वाद का बेहतरीन संगम चाहिए तो मिर्जापुर की विजय लस्सी एक शानदार विकल्प है. शुद्ध दही, मावा और खास देसी अंदाज में तैयार होने वाली यह कुल्हड़ लस्सी वर्षों से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की भी पसंद बनी हुई है.

मिर्जापुर: गर्मी का मौसम और तेज धूप में कुछ पीने का मन हो. इसी मौसम में शुद्ध दही से बनी लस्सी मिल जाए तो क्या ही कहना. लस्सी फेमस दुकान से हो सोने पर सुहागा. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विजय की लस्सी खूब फेमस है. लस्सी का स्वाद बेहद ही लाजवाब रहता है.

लस्सी के स्वाद को बढ़ाने के लिए उसमें प्यार भरी मिठास वाला चीनी और खुशबू के लिए इतर मिलाया जाता है, जिसे एक बार पीने के बाद बार-बार पीने का मन करें. यहां पर लस्सी के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. दूर-दूर से लोग विजय की लस्सी को पीने के लिए आते हैं. लस्सी में स्वाद का राज छिपा हुआ है. दाम भी बेहद कम.

मिर्जापुर के चिनियहवा का इनारा के पास विजय लस्सी की दुकान है. विजय लस्सी की दुकान काफी पुरानी है, यहां पर विजय शुद्ध दही से लस्सी को तैयार करते हैं. दही लेने के बाद शक्कर मावा और इत्र इत्यादि का प्रयोग करके लस्सी को बनाते हैं.

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खास बात यह है कि शुद्ध दही से बने होने के कारण इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. कुल्हड़ स्वाद को सोंधा कर देता है. प्यार वाली मिठास लस्सी में जाने के बाद खाने वाले ग्राहकों का दिन बाग-बाग हो जाता है. यही वजह है कि विजय की लस्सी मिर्जापुर में खूब फेमस है और यहां पर इसके स्वाद का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.

दुकान के मालिक विजय ने बताया कि लस्सी की दुकान काफी फेमस है. यहां पर काफी दूर-दूर से लोग स्वाद का आनंद लेने के लिए आते हैं. लस्सी को बनाने में किसी खास सामान का उपयोग नहीं होता है, जो भी सामान इसमें मिलाए जाते हैं. वह शुद्ध और देसी रहते हैं. यही वजह है कि इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. दही से बनी लस्सी के ऊपर जब मावे डाले जाते हैं, जिससे स्वाद बेहद ही खास हो जाता है.

लस्सी पीने के लिए आए शाहिद खान ने बताया कि यहां की लस्सी कई सालों से फेमस है. पहली बार हम दोस्तों के साथ दुकान पर पहुंचे थे. हालांकि, एक बार लस्सी पीने के बाद हम खुद अपने दोस्तों को लेकर यहां पर आते हैं. इनके यहां जो लस्सी मिलती है, उसके स्वाद का जवाब पूरे शहर में कहीं पर नहीं है. दम भी बेहद कम है. अगर आप भी लस्सी के दीवाने हैं तो एक बार विजय की लस्सी का स्वाद जरूर लीजिए.

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अब लैपटॉप से भी होगी वॉट्सऐप कॉलिंग, नए अपडेट में मिलेगा खास फीचर


WhatsApp यूजर्स अब लैपटॉप से भी वॉइस और वीडियो कॉलिंग फीचर को एक्सपीरियंस कर सकेंगे। मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के वेब वर्जन के लिए भी कॉलिंग फीचर को टेस्ट किया जा रहा है। हाल ही में इसकी एक झलक बीटा वर्जन में देखा गया है। इस फीचर के आने के बाद से यूजर्स अपने लैपटॉप या पीसी से भी वॉट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉलिंग का लाभ ले सकेंगे। खास तौर पर ग्रुप कॉलिंग का एक्सपीरियंस पीसी में मिलेगा।

WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर को लेटेस्ट बीटा वर्जन में देखा गया है। बता दें कि वॉट्सऐप पहले से ही पीसी के लिए वॉइस और वीडियो कॉलिंग का फीचर रोल आउट कर चुका है। हालांकि, इसके लिए पीसी में वॉट्सऐप को इंस्टॉल करने पड़ता है। हालांकि, अभी तक इसमें ग्रुप कॉलिंग वाला फीचर नहीं मिल रहा था। बीटा टेस्टिंग के बाद यूजर्स को यह ग्रुप कॉलिंग फीचर वेब वर्जन में मिलेगा।

ग्रुप कॉलिंग फीचर

वॉट्सऐप के ग्रुप कॉलिंग में एक साथ 32 लोगों को जोड़ा जा सकता है। ऐसे में यूजर्स ग्रुप कॉलिंग के जरिए 32 लोगों से कनेक्ट कर पाएंगे। इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपने पीसी या कम्प्यूटर में ब्राउजर की मदद से वॉट्सऐप ओपन करना होगा। यहां ऑप्शन में वॉइस कॉल और वीडियो कॉल दिखाई देंगे। यूजर्स अपने हिसाब से वॉइस या वीडियो में कोई भी कॉलिंग ऑप्शन चुन सकेंगे।

दुनियाभर के लाखों वॉट्सऐप यूजर्स इस फीचर का इंतजार कर रहे थे। इस फीचर में यूजर्स अपने पीसी से ऑफिस की मीटिंग, ऑनलाइन क्लास आदि कर पाएंगे। वॉट्सऐप में मिलने वाली एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन सुविधा अब ग्रुप वेब कॉलिंग पर भी मिलेगी। कंपनी इसे लेकर पहले ही दावा कर चुकी है। एनक्रिप्शन की वजह से वॉट्सऐप यूजर्स का डेटा सेफ रहता है। ग्रुप कॉलिंग वाले फीचर में यूजर्स को स्क्रीन शेयर करने का भी ऑप्शन मिलेगा।

होगा ये बड़ा बदलाव

WhatsApp की अन्य खबरों की बात करें तो ऐप में लंबे समय के बाद मैन्यू का डिजाइन बदल जाएगा। अपकमिंग फीचर्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo के मुताबिक, इस नए मैन्यू को एंड्रॉइड बीटा वर्जन 2.26.23.8 में देखा गया है। यह फीचर केवल बीटा टेस्टर्स के लिए ही है। रिपोर्ट के मुताबिक, iOS यूजर्स के लिए पहले से ही मैन्यू को रीडिजाइन किया जा चुका है। एंड्रॉइड यूजर्स के लिए वॉट्सऐप के ओवरफ्लो मैन्यू को टॉप से हटाकर नीचे देने का है, जिससे यूजर्स का एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। एंड्रॉइड यूजर्स को भी iOS की तरह इंटरैक्शन मैन्यू नीचे ही मिलेगा।

यह भी पढ़ें – सस्ते रिचार्ज प्लान की उम्मीद खत्म? सरकार के प्रस्ताव से सहमत नहीं टेलीकॉम कंपनियां, बताई वजह





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प्रभास की फिल्म में होगा बड़ा ट्विस्ट! Kalki 2 में आलिया भट्ट की एंट्री, जानें पूरा मामला


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प्रभास की फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल को लेकर काफी समय से चर्चा हो रही है. फिल्म को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड भी हैं. लेकिन फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होने के बाद अब खबर है कि आलिया भट्ट इस फिल्म से जुड़ गई हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया ने फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर दी है. लेकिन क्या वह दीपिका को रिप्लेस करेंगी या फिर उनका कोई अलग किरदार है.

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फिल्म को लेकर आ रही बड़ी खबर

नई दिल्ली. प्रभास की सुपरहिट फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. साल 2024 में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिक की थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रभास और दीपिका पादुकोण नजर आए थे. लेकिन अब फिल्म के सीक्वल यानी कल्कि एडी 2 से आलिया भट्ट का नाम जुड़ रहा है.

दीपिका पादुकोण पहले इस फिल्म का हिस्सा थीं. लेकिन अब उन्हें इस फिल्म से बाहर कर दिया गया है. अब उनके फिल्म छोड़ने के बाद खबर है कि अब आलिया भट्ट का नाम Kalki 2 से जुड़ रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर चुकी हैं.

फिल्म में हुई आलिया भट्ट की एंट्री!

दीपिका पादुकोण के फिल्म कल्कि एडी 2 से बाहर होते ही, आलिया भट्ट के फिल्म से जुड़ने की खबर सामने आई है. इस साइंस-फिक्शन यूनिवर्स का हिस्सा अब आलिया भट्ट हैं. कहा जा रहा है कि आलिया भट्ट फिल्म में खास रोल है. लेकिन ये पहली बार होगा कि प्रभास और आलिया किसी फिल्म में साथ काम करेंगे.कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि फिल्म में आलिया भट्ट शूटिंग शुरू कर चुकी है. उनके हैराबाद में पांच दिन की शूटिंग की बात भी सामने आ रही है. लेकिन इस पर अभी कोई ऑफिशियली ऐनाउंसमेंट नहीं की गई है.

आलिया का हो सकता है ये खास किरदार

लेकिन इस खबर के सामने आते ही ये चर्चा होने लगी कि आलिया भट्ट फिल्म में दीपिका पादुकोण को रिप्लेस करने वाली है. लेकिन लेकिन कुछ रिपोर्ट में ये भी कहा जा रहा है कि आलिया का फिल्म में एक अलग तरह का रोल है. वहीं दीपिका के किरदार सुमति के लिए साई पल्लवी के होने की भी चर्चा हो रही है. कुछ सुत्रों की मानें तो फिल्म पर काफी काम किया जा चुका है. Kalki 2 दिसंबर 2027 में रिलीज होने की पूरी संभावना है.

बता दें कि इस फिल्म की शूटिंग अगले साल अप्रैल तक पूरी होने की बात भी की जा रही है. लेकिन फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अब तक कोई मेकर्स की ओर से ऑफिशियली ऐनाउंसमेंट नहीं की गई है. इसके अलावा आलिया अपनी फिल्म अल्फा को लेकर भी चर्चा में हैं.

About the Author

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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ट्रम्प ने G-7 में जेलेंस्की को नजरअंदाज किया, VIDEO: सभी नेताओं से मिले, यूक्रेनी प्रेसिडेंट को देखकर मुड़ गए; व्हाइट हाउस में तकरार हुई थी


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।

फ्रांस के शहर एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चैन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

G-7 समिट के टॉप 8 मोमेंट्स…

G-7 समिट में 12 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन के नेताओं के साथ यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट शामिल हुए।

G-7 समिट में 12 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन के नेताओं के साथ यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट शामिल हुए।

G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

मोदी की मैक्रों, मेलोनी और ट्रम्प से मुलाकात

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प।

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ये खबर भी पढ़ें…

पीएम मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, फ्रांस में G7 समिट में साथ बैठे, 5 मिनट बात की

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात चली। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। पूरी खबर पढ़ें…

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मेरठ में पार्षद का आरोप- लापरवाही से बढ़ी गंदगी: अधिकारियों की सांठ- गांठ से बीवीजी कंपनी कर रखी खानापुर्ति, जनता हो रही परेशान – Meerut News




मेरठ के ओडियन नाले में सफाई के दौरान कम सिल्ट और घरेलू कूड़ा ज्यादा निकलने पर वार्ड-83 के पार्षद रिजवान अंसारी ने डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण करने वाली बीवीजी कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी क्षेत्र में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठा रही है, जिसके कारण लोगों द्वारा कूड़ा नालों में डाला जा रहा है और गंदगी की समस्या लगातार बढ़ रही है। पार्षद ने कमेले वाले पुल के पास स्थित कन्या इंटर कॉलेज के निकट जमा गंदगी का उदहारण देकर बताया कि कॉलेज में करीब 2600 छात्राएं पढ़ती हैं, लेकिन आसपास फैली गंदगी और दुर्गंध के कारण छात्राओं, शिक्षकों और कॉलेज प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिजवान अंसारी ने आरोप लगाया कि बीवीजी कंपनी पर नगर निगम का बड़ा बजट खर्च होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। पार्षद ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह नगर निगम सदन में मामला उठाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर धरना-प्रदर्शन भी करेंगे। उन्होंने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की है।



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जबलपुर में बदमाशों से परेशान मां-बेटी: कलेक्टर के पैरों में गिरकर मांगी मदद, बोली-परिवार परेशान है-पढ़ाई प्रभावित – Jabalpur News




जबलपुर में एक मां और उसकी बेटी क्षेत्र के बदमाशों से इस कदर परेशान हो गईं कि उन्हें कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठकर मदद की गुहार लगानी पड़ी। मामला घमापुर थाना क्षेत्र के शीतलामाई इलाके का है, जहां रहने वाली पूजा दुबे और उनकी बेटी ने मंगलवार को कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के सामने हाथ जोड़कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कई शिकायतों के बावजूद घमापुर पुलिस ने आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे उनके हौसले लगातार बढ़ते गए। पीड़िता पूजा दुबे का कहना है कि उनका परिवार पिछले चार साल से क्षेत्र के रहने वाले हनी बेन और उसके परिवार की प्रताड़ना झेल रहा है। पूजा के मुताबिक फरवरी 2022 में हनी बेन ने खुद को मिश्रा बताकर उनकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी से दोस्ती की और फिर उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस के चक्कर लगाए नहीं मिली मदद बेटी के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस के कई चक्कर लगाए, लेकिन शुरुआत में कोई मदद नहीं मिली। बाद में जानकारी मिली कि बेटी को गढ़ाकोटा (सागर) ले जाया गया है। इसके बाद एसपी से शिकायत की गई, तब पुलिस सक्रिय हुई और दो दिन बाद नाबालिग को बरामद कर परिवार को सौंपा गया। उस समय आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई और उसका जुलूस भी निकाला गया, लेकिन उसी दिन उसे कोर्ट से जमानत मिल गई। परिवार का आरोप है कि इसके बाद से आरोपी और उसका परिवार लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। पूजा दुबे ने बताया कि मार्च 2026 में होली के दौरान उनकी बड़ी बेटी रिश्तेदारों के साथ घर के बाहर रंग खेल रही थी। उसी दौरान हनी बेन वहां पहुंचा और जबरन रंग लगाने लगा। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपी पक्ष ने मारपीट शुरू कर दी। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत करा दिया गया। पीड़िता ने बताया कि 14 जून को उनका 10 वर्षीय बेटा मोहल्ले में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान खेलते समय गलती से बल्ला हनी बेन के रिश्तेदार अविनाश बेन की बड़ी मां को लग गया। इस बात पर आरोपी पक्ष भड़क गया और परिवार के लोगों ने मिलकर पूजा के पति रामचरण दुबे पर लोहे की रॉड और बैट से हमला कर दिया। इस दौरान उनकी दिव्यांग बेटी के साथ भी मारपीट की गई। घायल रामचरण दुबे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज हुआ। आरोपियों के हौसले और बढ़ गए परिवार का आरोप है कि घटना के बाद आरोपियों के हौसले और बढ़ गए तथा उन्होंने रास्ते में रोककर छेड़छाड़ और अभद्रता करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उनकी बेटी एसपी की पाठशाला में पढ़ती है और आगे चलकर पुलिस फोर्स जॉइन करना चाहती है, लेकिन मोहल्ले का माहौल इतना खराब हो चुका है कि अब अकेले घर से निकलने में भी डर लगता है। लगातार तनाव और विवादों के कारण उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। पूजा दुबे का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज शिकायतें वापस लेने के लिए उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में राजनीतिक दबाव भी बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि घमापुर पुलिस शुरुआत में ही सख्त कार्रवाई करती तो आरोपियों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते। कलेक्टर ने कार्रवाई का दिलाया भरोसा मंगलवार को जब कलेक्टर राघवेंद्र सिंह जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत के साथ बैठक के लिए निकल रहे थे, तभी मां-बेटी उनके पास पहुंचीं और रोते हुए पूरी आपबीती सुनाई। इस दौरान बेटी कलेक्टर के सामने घुटनों के बल बैठ गई और सुरक्षा की गुहार लगाई। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए घमापुर थाना प्रभारी को आरोपियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और परिवार को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।



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दिल्ली नगर निगम आयुक्त ने लिया विकास कार्यों का जायजा: मानसून से पहले जलभराव रोकने के लिए दिए निर्देश, बोले- लापरवाही अफसरों पर होगी कार्रवाई – New Delhi News




दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के आयुक्त संजीव खिरवार ने मंगलवार को केशवपुरम जोन में विकास कार्यों और स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान परशुराम चौक से लेकर अशोक विहार तक आयुक्त ने जमीनी हकीकत परखी और अधिकारियों को मानसून से पूर्व सभी जल निकासी कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त संजीव खिरवार ने शालीमार गांव और परशुराम चौक जैसे कूड़ा संवेदनशील स्थलों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि क्षेत्र में गंदगी का नामोनिशान नहीं होना चाहिए। पीतमपुरा में निर्माणाधीन कंपेक्टर स्टेशन और सड़कों के कार्यों का जायजा लेते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण के दौरान नागरिकों को असुविधा नहीं होनी चाहिए और काम की गुणवत्ता में कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निगम आयुक्त बोले- समय से पूरे हों सभी कार्य मानसून को देखते हुए पंप हाउस और नालों की सफाई को प्राथमिकता दी गई है। वहीं, अशोक विहार में एनसीएपी के तहत चल रहे सड़क निर्माण पर संतोष जताते हुए उन्होंने विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना भी की। उन्होंने कहा, दिल्ली नगर निगम नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने, स्वच्छता अवसंरचना को मजबूत बनाने तथा विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शहर के समग्र शहरी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सभी कार्य समयसीमा के भीतर पूरे होने चाहिए। आयुक्त ने अधिकारियों को जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा है, ताकि दिल्ली के निवासियों को स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।



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सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए रेलवे की खास तैयारी: 12 स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, कोसी-सीमांचल के अभ्यर्थियों को राहत, सुरक्षा के भी इंतजाम – Saharsa News




केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा 17 जून को आयोजित होने वाली मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले कोसी और सीमांचल क्षेत्र के परीक्षार्थियों के लिए पूर्व मध्य रेल ने विशेष व्यवस्था की है। स्टेशनों पर संभावित भीड़ को देखते हुए, समस्तीपुर रेल मंडल ने 17 जून को वापसी के लिए 12 परीक्षा विशेष ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया है। इन विशेष ट्रेनों से सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और पूर्णिया के परीक्षार्थियों को समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी। रेलवे प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। विशेष ट्रेन सहरसा से बुधवार को दोपहर 14:00 बजे रवाना होगी
दौरम मधेपुरा–हाजीपुर परीक्षा विशेष ट्रेन बुधवार को दोपहर 13:30 बजे दौरम मधेपुरा स्टेशन से प्रस्थान करेगी। यह सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, मानसी, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी और शाहपुर पटोरी होते हुए हाजीपुर पहुंचेगी। सहरसा–सिवान परीक्षा विशेष ट्रेन सहरसा से बुधवार को दोपहर 14:00 बजे रवाना होगी। इसका मार्ग खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, शाहपुर पटोरी, हाजीपुर, सोनपुर और छपरा होते हुए सिवान तक होगा। सीमांचल के अभ्यर्थियों के लिए पूर्णिया कोर्ट–पाटलिपुत्र परीक्षा विशेष ट्रेन शाम 18:00 बजे पूर्णिया कोर्ट से चलेगी। यह बनमनखी, मुरलीगंज, दौरम मधेपुरा, सहरसा, सिमरी बख्तियारपुर, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, शाहपुर पटोरी और हाजीपुर के रास्ते पाटलिपुत्र पहुंचेगी। अन्य जिलों के लिए भी विशेष ट्रेनें चलाई जा रही
कोसी क्षेत्र के सुपौल जिला अंतर्गत सरायगढ़ से चलने वाली ट्रेन संख्या 05573 (सरायगढ़–देवघर) के समय में आंशिक बदलाव किया गया है। अब यह ट्रेन अपने निर्धारित समय के बजाय दोपहर 13:00 बजे देवघर के लिए प्रस्थान करेगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों का परिचालन मुख्य रूप से दोपहर और शाम के समय निर्धारित किया गया है। इसका उद्देश्य परीक्षा की दोनों पालियों में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने में कोई कठिनाई न हो। समस्तीपुर रेल मंडल के क्षेत्राधिकार में आने वाले मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और चंपारण जैसे अन्य जिलों के लिए भी विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम
समस्तीपुर रेल मंडल के जनसंपर्क विभाग ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे समय से स्टेशन पहुंचें और केवल वैध टिकट लेकर ही यात्रा करें। स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती सहित भीड़ प्रबंधन की आवश्यक व्यवस्था की गई है। रेल प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी हैं।



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जापान में सार्वजनिक तौर पर शराब पीना कानूनी तौर पर वैध क्यों, बॉस के साथ पीना ‘वफादारी’


जापान में सड़कों पर रात के समय चलते हुए आपको हो सकता है कि लोग शराब पीते हुए नजर आएं. उनके हाथ में जाम का गिलास या बियर की कैन हो सकती है. या हो सकता है कि सड़क के किनारे कार खड़ी खड़ी करके कार – ओ- बार हो रहा हो. भारत और दूसरे किसी देश में अगर आप ऐसा करें तो हवालात की सैर करनी पड़ सकती है., चालान काटा जा सकता है लेकिन जापान में ये पूरी तरह वैध है. जापान में सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर कोई प्रतिबंध नहीं है.

आप किसी भी सुविधा स्टोर से चौबीसों घंटे शराब खरीद सकते हैं. पार्क में, सड़क किनारे बेंच पर या चलते-फिरते भी इसका आनंद ले सकते हैं. वहां कुछ मौसम में तो ये आजादी चरम पर होती है, खासकर तब जबकि वहां चेरी ब्लॉसम खिलने का मौसम हो. तब हजारों लोग पेड़ों के नीचे बैठकर शराब पीने के लिए पार्कों में इकट्ठा होते हैं. तब लोग वोदका से लेकर स्कॉच पीते हुए तक दीख जाते हैं.

पर इसकी कुछ शर्तें भी

ये कानूनी है, फिर भी कुछ शिष्टाचार का पालन करना आवश्यक है. ज़ोर से बोलना, शोर मचाना या कूड़ा फैलाना बेहद असभ्य माना जाता है. ये उम्मीद की जाती है कि यदि आप सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीते हैं, तो शांत और ज़िम्मेदारीपूर्वक पिएं. हालांकि स्थानीय ट्रेनों के अंदर शराब पीना आमतौर पर मना है लेकिन बुलेट ट्रेन में ऐसा किया जा सकता है.

जापान में सार्वजनिक जगहों पर शराब पीना कानूनी तौर पर वैध है. लिहाजा अक्सर वहां लोग पार्कों और पब्लिक प्लेसेज पर जाम टकराते दीख सकते हैं.

जापान में कैसे ऐसा होता है

जापान में कानूनों से ज्यादा सामाजिक नियम मजबूत हैं. लोग ज्यादातर जिम्मेदारी से पीते हैं. शराब को नैतिक बुराई नहीं माना जाता. इसे सामाजिक बांडिंग और रिलैक्सेशन का साधन माना जाता है. इसी वजह से सार्वजनिक नशा आम है. हां, अगर ज्यादा शोर-शराबा या परेशानी पैदा की तो फिर ये कानून का मामला हो जाता है. मतलब अगर आप शांति और हल्की बातचीत के साथ पब्लिक में ड्रिंक कर रहे हैं तो कोई दिक्कत नहीं. महिलाओं के लिए पहले पब्लिक ड्रिंकिंग टैबू था, लेकिन अब आम है. वो अब अकेले या दोस्तों के साथ एंजॉय करती हैं.

लोग खुद नियंत्रित रहते हैं

जापान की कम अपराध दर और उच्च सामाजिक अनुशासन के कारण पुलिस को सख्त नियमों की जरूरत नहीं पड़ती. लोग खुद को नियंत्रित रखते हैं. शर्मिंदगी खुद ही सजा का काम करती है. हालांकि विदेशी पर्यटकों को ये बात अजीब लग सकती है. जापान में युवाओं में शराब की उम्र 20 साल है.

पार्क में चादर बिछाई और सुबह से रात तक शराब

जापान में वसंत ऋतु में लाखों लोग पार्कों में चेरी के फूलों के नीचे ब्लू शीट्स बिछाकर दिन भर से रात तक शराब पीते हैं. लोग बढ़िया जगह लेने के लिए सुबह जल्दी आ जाते हैं, इसमें कॉलेज स्टूडेंट्स से लेकर सीईओ तक सब शामिल होते हैं. हालांकि अक्सर लोग ज्यादा शराब पीने के चलते अस्पताल भी पहुंच जाते हैं.

अक्सर रात में ज्यादा पीने के बाद लोग सड़क, स्टेशन या पार्क में सो जाते हैं. लोग उन्हें परेशान नहीं करते. कई बार लोग उनके पास पानी की बोतल रख देते हैं ताकि वे उठकर पी सकें. पुलिस या स्टेशन स्टाफ उन्हें धीरे से जगाकर घर भेज देते हैं. नशे में कोई हंगामा न करे तो अगले दिन सब भूल जाते हैं.

जापान में शराब का कल्चर बहुत अनोखा

जापान में शराब का कल्चर काफी अनोखा है. ये सामाजिक और कामकाजी जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है. यहां शराब केवल नशा नहीं, बल्कि रिश्ते बनाने, तनाव कम करने और संवाद का जरिया है. इसे “नोमुनिकेशन” कहते हैं.

बॉस के साथ ड्रिक करना वफादारी का प्रतीक

जापान की कॉर्पोरेट संस्कृति का ये सबसे बड़ा हिस्सा है. ऑफिस के बाद सहकर्मी और बॉस के साथ इज़ाकाया यानि जापानी पब में साथ ही जाते हैं. ऐसा करके वो हाइयारिकी को थोड़ा ढीला करते हैं, खुलकर बात करते हैं, टीम स्पिरिट बढ़ाते हैं. बॉस के साथ ड्रिंक करना वफादारी का प्रतीक माना जाता है. इनवाइट ठुकराना मुश्किल होता है, हालांकि अब युवा पीढ़ी इसे चैलेंज कर रही है. पार्टी लंबी चलती है. मुख्य पार्टी के बाद “दूसरी पार्टी” और कभी तीसरी भी.

हमारे यहां चखना तो वहां इज़ाकाया कल्चर

हमारे यहां शराब के साथ खाने के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों को चखना कहते हैं. जापान में इसको इज़ाकाया कहते हैं, जिसमें छोटे-छोटे व्यंजनों को शराब साथ शामिल किया जाता है. लोग खुद का ग्लास खुद नहीं भरते बल्कि दूसरे को भरते हैं. “कंपाई!” कहकर टोस्ट करते हैं. हमारे देश में आमतौर पर ऐसे मौकों पर चीयर्स कहकर टोस्ट किया जाता है.

अंधेरा पक्ष भी है

जापान में ज्यादा पीने से स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं. लीवर डैमेज और अल्कोहल डिपेंडेंस जैसी दिक्कतें सामने आती हैं. युवा पुरुषों में हानिकारक ड्रिंकिंग ग्लोबल औसत से ज्यादा है. हालांकि अब नई जेनरेशन इसे कम कर रही है.



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जयपुर सीएमएचओ टीम ने 450 किलो पनीर नाली में फिकवाया: खो-नागोरिया इलाके में डेयरी संचालक के यहां मारा छापा; अलवर से 220 रुपए किलोग्राम की दर से करता था खरीद – Jaipur News




जयपुर सीएमएचओ (सैकंड) की टीम ने आज खो-नागोरियान क्षेत्र में 450 किलो पनीर नष्ट करवाया। टीम को आशंका थी कि ये पनीर स्टेण्डर्ड के मुताबिक नहीं है। वहीं पनीर में से बदबू भी आ रही थी, जिसके चलते पनीर का सैंपल लेने के बाद उसे नष्ट करवाया। सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने बताया- पुलिस थाना खो नागोरियान की सूचना पर टीम को लक्ष्मी नगर स्थित एम.के. डेयरी पर भेजा। यहां टीम ने डीप फ्रिज और कैरटो रखा करीब 450 किलो पनीर चैक किया। डेयरी के मालिक मुस्तफा ने पूछताछ में बताया- कि वह ये पनीर अलवर से 220 रुपए किलो की दर से मंगवाता है और जयपुर के अलग-अलग बाजार में 260 रुपए किलो में बेचता है। उसने बताया कि यह पनीर दूध में से क्रीम निकाल कर तैयार किया जाता है। इस प्रकार क्रीम निकालकर लूज पनीर तैयार कर बेचना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत प्रतिबंधित है। पनीर की क्वालिटी घटिया होने और दूषित होने के साथ मिलावट का अंदेशा होने पर कारण पनीर का नमूना लेकर पूरे पनीर के स्टॉक (450 किलो पनीर) को टीम ने नष्ट करवाया।



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