Tuesday, July 14, 2026
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30 लाख टन जस्ता, 1500 टन चांदी और 10 लाख टन तांबा, एक कंपनी करेगी ये सारा काम


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Vedanta Target : वेदांता ने अपने कारोबार का टार्गेट अगले 5 साल में करीब तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है कि हमारे हर सेक्टर के पास भविष्य में 100 अरब डॉलर के वैल्यूएशन तक पहुंचने की क्षमता है. इसके लिए हर खनिज का उत्पादन दो से तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

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वेदांता ने साल 2031 तक अपना प्रोडक्शन तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है.

नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कई साल पहले आत्मनिर्भर भारत की मुहिम शुरू की थी. आज भी कई ऐसे सेक्टर हैं, जहां आयात के जरिये ही ज्यादातर जरूरतें पूरी की जाती हैं. इसके लिए खनिज सेक्टर में भारत को खुद का उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है. इस जरूरत को समझते हुए ही खनन सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता ने 5 साल में भारत को खनन सेक्टर में मजबूत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है. वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि कंपनी जस्ता एवं सीसा का उत्पादन लगभग तीन गुना, चांदी का उत्पादन दोगुना करने के साथ लिथियम और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिजों की खोज में तेजी लाएगी।

अग्रवाल ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि तेल एवं गैस कारोबार के विस्तार के लिए 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी साल 2031 तक जस्ता और सीसा का उत्पादन बढ़ाकर लगभग 30 लाख टन करने, चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने और इस दशक के अंत तक तांबा उत्पादन बढ़ाकर 10 लाख टन करने की योजना बना रही है.

खनिज उत्पादन पर कंपनी का जोर
उन्होंने कहा कि फेरोक्रोम की उत्पादन क्षमता वित्तवर्ष 2027-28 तक बढ़ाकर पांच लाख टन की जाएगी और निकल का उत्पादन बढ़ाकर 60,000 टन किया जाएगा. कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकल, मैंगनीज, दुर्लभ खनिज तत्वों और पोटाश से जुड़े अपने 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉक में खोज गतिविधियों में तेजी लाएगी. वेदांता समूह ने अपने अलग किए गए कारोबार के विस्तार की योजना दोहराते हुए कहा कि वह अगले तीन से पांच वर्षों में विभिन्न इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर पूरी तरह फोकस करेगी.

एल्युमीनियम का उत्पादन होगा दोगुना
वेदांता एल्युमीनियम अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन सालाना करेगी और वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाली उत्पादक कंपनी का लक्ष्य बनाकर चल रही है. वेदांता ऑयल एंड गैस प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगी. वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन सालाना करेगी.

एनर्जी उत्पादन पर भी कंपनी का जोर
अग्रवाल ने कहा कि वेदांता पावर के पास अपनी क्षमता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने की तैयारी है, जिसके लिए कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें अधिक उत्पादन, बेहतर साझेदारी और लाभ से परे कारोबार का लक्ष्य शामिल है. अग्रवाल ने कहा कि समूह की 5 स्वतंत्र कंपनियां वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता पावर लिमिटेड में से प्रत्येक के 100 अरब डॉलर मूल्य की फर्म बनने की क्षमता है. समूह अब एआई सेक्टर में भी अपनी मजबूती को बढ़ा रहा है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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उद्योग-व्यापार बंधु बैठक में समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए: सीडीओ ने स्वरोजगार योजनाओं, निवेश प्रगति की समीक्षा की; समस्याओं के बारे में जाना – Kushinagar News




कुशीनगर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु, व्यापार बंधु और श्रम बंधु की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान उद्यमियों, व्यापारियों और श्रमिकों से संबंधित विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में स्थित एक गुड़ उद्योग इकाई के संपर्क मार्ग पर अतिक्रमण के मामले में राजस्व विभाग को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, दुदही के मिनी औद्योगिक आस्थान सरगटिया करनपट्टी में विद्युत ऊर्जीकरण से संबंधित प्रकरण पर उद्योग निदेशालय से समन्वय स्थापित कर जल्द समाधान कराने के लिए कहा गया। सीडीओ ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सहायता योजना (एमवाईएसवाई) सहित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के लिए 23 जुलाई को एक विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। जीबीसी-5 के तहत विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की समीक्षा भी की गई। शून्य प्रगति वाले विभागों को विशेष कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया। श्रम बंधु की बैठक के दौरान श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। इसमें पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को उनके प्रभावी समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में उपायुक्त उद्योग प्रवीण कुमार मौर्य, अग्रणी जिला प्रबंधक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, राज्य कर विभाग के अधिकारी, उद्योग बंधु के पदाधिकारी, उद्यमी और व्यापारी उपस्थित रहे।



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CM मान बोले-पंजाब में निवेश का यह सही समय: मोहाली को बनाएंगे सिलिकॉन वैली; इसी महीने आएगी एक और स्टील कंपनी – Chandigarh News




पंजाब के CM भगवंत मान ने दिल्ली में कहा कि राज्य में निवेश करने का यह उपयुक्त समय है। सरकार ने निवेशकों के लिए समयबद्ध सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। सीएम ने कहा कि मोहाली देश की सिलिकॉन वैली बनने की ओर बढ़ रहा है। मोहाली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पांच मिनट के दायरे में उद्योगों के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अलग विभाग बनाया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक पंजाब में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 5 लाख रोजगार मिला हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास 6 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। रेलवे कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि पंजाब में संसाधनों और कुशल लोगों की कोई कमी नहीं है, अब सिर्फ उनके निवेश का इंतजार है।

अब सीएम की स्पीच के 7 मेन प्वाइंट जानिए टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का टेक्सटाइल सेक्टर आज भी देश के प्रमुख उद्योगों में शामिल है। लुधियाना देश के करीब 90 फीसदी होजरी और गारमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां बड़े ब्रांड से लेकर एमएसएमई तक काम कर रहे हैं। इसके अलावा जालंधर और अमृतसर भी प्रमुख औद्योगिक शहर हैं। इसी वजह से पंजाब ने इस क्षेत्र में पार्टनर स्टेट बनने का फैसला लिया है। उद्योगपति चुनावी फंड का जरिया नहीं, परिवार का हिस्सा मान ने कहा कि सरकार का काम उद्योगों को सुविधाएं देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति सरकार के लिए चुनावी फंड का जरिया नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। उद्योगपति बोला, निवेश करेंगे, बस तंग मत करना मुख्यमंत्री ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद कई उद्योगपति उनसे मिलने आए। एक उद्योगपति ने कहा कि वह करोड़ों रुपये का निवेश करना चाहता है, लेकिन सरकार का सहयोग चाहिए। जब उन्होंने पूछा कि किस तरह का सहयोग चाहिए तो उद्योगपति ने हाथ जोड़कर कहा, “बस हमें तंग मत करना।” सीएम ने कहा कि इससे पता चलता है कि पहले उद्योगों के साथ कैसा व्यवहार होता था। पहले इंडस्ट्री को ATM की तरह इस्तेमाल किया जाता था सीएम ने आरोप लगाया कि पहले खराब माहौल से कई उद्योग पंजाब छोड़कर बद्दी और अन्य राज्यों में चले गए। उद्योगों को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। पंजाब बिजली में सरप्लस राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज बिजली सरप्लस राज्य है। राज्य सरकार की तीन और निजी क्षेत्र की दो कोयला खदानें हैं। पंजाब को हर साल करीब 70 लाख मीट्रिक टन कोयला मिलता है और फिलहाल दो महीने का कोयला स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए अब उद्योगों पर बिजली कटौती या किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जाता। उद्योगों के लिए 22 सलाहकार समितियां सीएम ने कहा कि सरकार ने उद्योगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 22-23 सलाहकार समितियां गठित की गई हैं। होटल उद्योग के लिए भी अलग समिति बनाई गई है, जिसमें उसी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसी महीने आएगी एक और स्टील कंपनी मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा स्टील ने पंजाब में 3,200 करोड़ रुपये निवेश किए है। इसके अलावा आईची स्टील ने भी 2,600 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इसी महीने कंपनी शुरू होगी पंजाबी दुनिया भर में अपनी मेहनत और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं। पंजाब ऐसा राज्य है, जहां आने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहता और हर मुश्किल में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं।



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BNMU में पहली बार हैंडबॉल को मिली जगह: 23 जुलाई से शुरू होंगी इंटर कॉलेज प्रतियोगिता; 15 खेलों को मिला अप्रूवल – Madhepura News




मधेपुरा स्थित बीएन मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) ने सत्र 2026-27 के लिए अपने खेल एवं सांस्कृतिक कैलेंडर में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने पहली बार हैंडबॉल को खेल कैलेंडर में शामिल किया है। इसके साथ ही 15 अंतर महाविद्यालय खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रतियोगिताओं के पुनर्गठन से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और विश्वविद्यालय की टीमें अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में अधिक प्रभावी प्रदर्शन कर सकेंगी। इस संबंध में निर्णय कुलपति प्रो. बीएस झा की अध्यक्षता में आयोजित क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की वार्षिक बैठक में लिया गया। बैठक में परिषद के वार्षिक कैलेंडर, बजट और प्रशासनिक विषयों से जुड़े कुल 14 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। 23 जुलाई से शतरंज प्रतियोगिता के साथ होगी शुरुआत सत्र की पहली अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता 23 जुलाई से पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का औपचारिक आगाज हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बार प्रतियोगिताओं का कैलेंडर पहले से तैयार कर लिया गया है, ताकि सभी महाविद्यालय समय पर तैयारी कर सकें और खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास का अवसर मिल सके। 15 प्रतियोगिताओं को मिली मंजूरी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद ने प्रस्तावित 20 कार्यक्रमों में से 15 अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के आयोजन को स्वीकृति दी है। इनमें शतरंज, मार्शल आर्ट, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, विजुअल आर्ट्स, फुटबॉल, लिटरेरी इवेंट, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, डांस एंड म्यूजिक, क्रिकेट, थिएट्रिक्स, खो-खो और पहली बार शामिल किया गया हैंडबॉल शामिल हैं। विश्वविद्यालय के खेल कैलेंडर में हैंडबॉल को शामिल किए जाने को छात्रों के लिए नई उपलब्धि माना जा रहा है। इससे इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर तैयारी हो सकेगी। परीक्षा और खेल कार्यक्रम में रहेगा बेहतर तालमेल बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खेल एवं सांस्कृतिक परिषद का वार्षिक कैलेंडर परीक्षा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कई बार परीक्षा और खेल प्रतियोगिताओं की तिथियां एक-दूसरे से टकरा जाती हैं, जिससे खिलाड़ियों को कठिनाई होती है। नए कैलेंडर के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खिलाड़ी बिना परीक्षा प्रभावित हुए प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें। शिक्षकों और कर्मियों के लिए भी होंगे मैत्री मुकाबले बैठक में केवल छात्र गतिविधियों पर ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के बीच मैत्री खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस तरह के आयोजन से कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और सौहार्द का वातावरण बनेगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ेगा। इन अधिकारियों की रही मौजूदगी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की बैठक में अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. उमाशंकर चौधरी, कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नरेश कुमार, वित्तीय परामर्शी चतुर किस्कू, वित्त पदाधिकारी कृष्ण कुमार सहित परिषद के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक का संचालन क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद के निदेशक प्रो. मो. अबुल फजल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए खेल कैलेंडर और प्रतियोगिताओं के पुनर्गठन से छात्रों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच मिलेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय की टीमें अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में अधिक संगठित तैयारी के साथ भाग लेंगी, जिससे संस्थान की खेल उपलब्धियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।



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बारिश में खाने का मन है मिठाई? बिना मावा और चाशनी के बनाएं चने की बर्फी!


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Chana Dal Burfi Recipe: अगर बारिश के मौसम में आपका कुछ मीठा खाने का मन करे, तो चने की दाल से बनी यह पारंपरिक बर्फी ज़रूर आज़माएं. बस कुछ ही चीज़ों से बनने वाली यह स्वादिष्ट मिठाई परिवार के सभी सदस्यों को जरूर पसंद आएगी और त्योहारों या खास मौकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है…

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Chana Dal Burfi Recipe: बारिश का मौसम आते ही अक्सर चाय के साथ कुछ मीठा खाने का मन करता है. अगर आप बाज़ार की मिठाइयों से बचना चाहते हैं और घर पर ही कुछ स्वादिष्ट बनाना पसंद करते हैं, तो चना दाल बर्फी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसे बनाने के लिए आपको खोया (मावा) या चाशनी की ज़रूरत नहीं पड़ती बस चना दाल, देसी घी और कुछ सामान्य चीज़ों का इस्तेमाल करके आप घर पर ही स्वादिष्ट और नरम बर्फी बना सकते हैं…

सामग्री
1 कप चना दाल, ½ कप देसी घी, ¾ कप पिसी हुई चीनी (बूरा या बारीक पिसी चीनी), ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, 2 बड़े चम्मच कटे हुए बादाम और पिस्ता, 1 बड़ा चम्मच काजू

तैयारी की विधि

-चने की दाल की बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को 4 से 5 घंटे के लिए पानी में भिगो दें. उसके बाद दाल को अच्छी तरह धोकर प्रेशर कुकर में नरम होने तक पकाएं. अतिरिक्त पानी पूरी तरह से निकाल दें और दाल को ठंडा होने दें. अब इसे बिना पानी डाले मिक्सर में चिकना पेस्ट बना लें.

-भारी तले वाले पैन में देसी घी गरम करें और दाल का पेस्ट डालें. इसे मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए 15 से 20 मिनट तक भूनें. जब मिश्रण सुनहरा होने लगे और घी छोड़ने लगे तो इसमें इलायची पाउडर मिलाएं. आंच बंद कर दें, मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसमें बूरा या पिसी हुई चीनी अच्छी तरह मिला लें.

-अब एक प्लेट या ट्रे को थोड़े से घी से चिकना कर लें और तैयार मिश्रण को समान रूप से फैला दें. ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता और काजू को धीरे से दबाएं. इसे 2 से 3 घंटे तक सेट होने दें. एक बार जब बर्फी पूरी तरह से सेट हो जाए, तो इसे मनचाहे आकार में काट लें.

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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

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Rajvant Prajapati

With more than five years of experience in digital media, Rajvant has built a strong reputation for creating engaging, informative, and reader-focused content. Currently, he is working with News18, where he cov…और पढ़ें



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पन्ना में कांग्रेस की दंडवत यात्रा, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन: अयोध्या राम मंदिर चंदे में हेराफेरी का आरोप; उच्च स्तरीय जांच की मांग – Panna News




अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटे समर्पण कोष में कथित ‘चंदा चोरी’ और वित्तीय गड़बड़ी के खिलाफ मंगलवार को पन्ना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष रमा बुंदेला के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने गांधी चौक से श्री राम-जानकी मंदिर तक सड़क पर दंडवत यात्रा निकाली। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने देश के राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार अखिलेश प्रजापति को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। भजनों और जयकारों के साथ सड़क पर लेटे कांग्रेसी प्रदर्शन की शुरुआत गांधी चौक पर भगवान श्रीराम के भजनों और जयकारों के साथ हुई। इसके बाद ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमा बुंदेला और जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान ने पूरी श्रद्धा के साथ सड़क पर लेटकर दंडवत करते हुए राम-जानकी मंदिर तक की दूरी तय की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है, इसलिए चंदे में हुई किसी भी हेराफेरी से जनता के विश्वास को ठेस पहुंची है। मंदिर में पूजा के बाद सौंपा ज्ञापन, दो प्रमुख मांगें रखीं राम-जानकी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना करने के बाद कांग्रेस नेताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगें की गई हैं: पहली, मंदिर के चंदे में हुई कथित हेराफेरी की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। दूसरी, जांच के सभी तथ्यों को देश की जनता के सामने सार्वजनिक किया जाए और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पन्ना लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन करेगी। इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी शिवजीत सिंह भैया राजा, राकेश गर्ग, मार्तंड देव बुंदेला और वासुदेव बुंदेला सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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Redmi ला रहा 10000mAh बैटरी वाला फोन, Turbo 6 Max के नाम से होगा लॉन्च?


Redmi 10000mAh बैटरी वाला फोन जल्द लॉन्च कर सकता है। चीनी कंपनी का यह फोन Redmi Turbo 6 के नाम से पेश किया जा सकता है। हाल ही में इस फोन के बारे में नई लीक सामने आई है। रेडमी का यह फोन बड़ी बैटरी के साथ-साथ दमदार कैमरे के साथ आ सकता है। कंपनी इस फोन के अलावा एक और मॉडल लॉन्च कर सकती है। इसे Redmi Turbo 6 सीरीज के नाम से पेश किया जा सकता है।

Redmi Turbo 6 Series

Redmi Turbo 6 को हाल में लॉन्च हुए Redmi Turbo 5 के अपग्रेड मॉडल के तौर पर पेश किया जा सकता है। इस फोन में मीडियाटेक का चिपसेट मिल सकता है। इसके अलावा इस सीरीज में मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी मिल सकती है। Redmi Turbo 6 के अलावा इस सीरीज में Redmi Turbo 6 Max को भी पेश किया जा सकता है। फोन में 7 इंच का डिस्प्ले और 10,000mAh की बैटरी मिल सकती है। पहले भी इस फोन से जुड़ी खबर सामने आई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, Redmi Turbo 6 सीरीज के बेस मॉडल में MediaTek Dimensity 8 Series का चिपसेट मिल सकता है। वहीं, Turbo 6 Max में MediaTek Dimensity 9 Series वाला चिपसेट मिलेगा। यह चिपसेट 3nm प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी के साथ आता है। रेडमी के अलावा एक और चीनी ब्रांड बड़ी बैटरी वाला फोन लॉन्च करने वाला है। Honor Power 3 में 12,000mAh की बैटरी मिल सकती है।

Redmi Turbo 6 Max के बारे में पहले जो खबरें सामने आई थी उसके मुताबिक, यह फोन 2K रेजलूशन वाले डिस्प्ले के साथ आ सकता है। इसमें अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर दिया जा सकता है। यह फोन IP68 और IP69K रेटिंग के साथ आ सकता है। इसमें डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट सपोर्ट मिलेगा।

Redmi Turbo 5 के फीचर्स

पिछले दिनों लॉन्च हुए Redmi Turbo 5 में कंपनी ने 6.59 इंच का डिस्प्ले यूज किया है। रेडमी के इस फोन में MediaTek Dimensity 8500 Ultra चिपसेट मिलता है। इसके अलावा फोन में 7,540mAh की बैटरी दी गई है। इसमें 12GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। रेडमी का यह फोन 50MP मेन और 8MP सेकेंडरी कैमरा के साथ आता है। इसमें Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 मिलता है।

यह भी पढ़ें – जो अमेरिका नहीं कर पाया चीन ने कर दिखाया, लॉन्च किया दुनिया का पहला एजेंटिक AI स्मार्टफोन





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नासिक में पर्यटकों पर हमला, 20km तक पीछा किया: चलती कार पर पत्थर-रॉड मारे, पीड़ित परिवार ने महिला से छेड़छाड़ का विरोध किया था




महाराष्ट्र के नासिक में घूमने गए पर्यटक परिवार पर मनचलों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने परिवार की लड़की से छेड़छाड़ की थी। परिवार ने इसका विरोध किया तो 8-10 युवकों ने उन्हें घेर लिया। परिवार किसी तरह कार से वहां से भागा। इसके बाद आरोपियों ने बाइकों से कार का करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया और लाठी-डंडों, रॉड और बेसबॉल स्टिक से उन पर जानलेवा हमला किया और चलती कार में तोड़फोड़ की। परिवार ने किसी तरह जान बचाई। वारदात रविवार शाम की है। इस मामले में पुलिस ने लूट, हत्या के प्रयास और छेड़छाड़ का केस दर्ज कर 8 युवकों को अरेस्ट किया है। एक की तलाश जारी है। रास्ते में कई बार कार पर डंडों-रॉड से हमला किया नासिक पुलिस के मुताबिक, नासिक में ही रहने वाली पूनम भागवत 12 जुलाई की शाम अपने परिवार के साथ भावली वाटरफॉल घूमने गई थीं। इसी दौरान परिवार की लड़की के साथ कुछ स्थानीय मनचलों ने छेड़छाड़ की। इस पर उन्होंने और उनके पति ने विरोध जताते हुए कहा कि आपको पता है यह पब्लिक प्लेस है। इतना सुनते ही दोनों युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसका विरोध करने के बाद वे मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद 8-10 लोग उनके पास आए और बोले की उनके लोगों को क्यों मार रहे हो। इस पर उन्होंने उनसे कहा कि इसमें आपका क्या लेना-देना। इसके बाद उन लोगों ने भी परिवार के साथ गाली-गलौज की। इतना सब होने के बाद परिवार मामला सुलझाकर वहां से कार से निकल गया। लेकिन, आरोपियों ने उनका पीछा करना शुरू किया। एक कार और बाइक पर सवार युवकों ने हथियारों के साथ उनकी कार का करीब 15 किलोमीटर तक पीछा किया। रास्ते में कई बार इन्होंने कार पर डंडों और रॉड से हमला करने की कोशिश की। पूनम ने बताया कि उन्हें आरोपियों से बचने के लिए मजबूरी में कार स्पीड में चलानी पड़ी। कार में बैठे सभी लोग सहमे हुए थे। इसी दौरान उनकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। पूनम ने किसी तरह परिवार की जान बचाई। इसके बाद उन्होंने अंबड पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करवाया। आरोपियों के खिलाफ गंभीर मामले दर्ज किए गए: डॉ. स्वामी नासिक SP डॉ. स्वामी ने बताया कि 12 जुलाई को हुई घटना के संबंध में केस दर्ज किए गए हैं। शुरुआत में अंबड पुलिस स्टेशन में शून्य एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में इगतपुरी पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया। सीसीटीवी की मदद से पुलिस को बदमाशों की गाड़ी का नंबर (MH 46 BE 3721) मिला। इसके बाद 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फरार आरोपियों में से एक का आपराधिक रिकॉर्ड है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। नेशनल हाईवे पर आतंक, कोई मदद नहीं मिली आरोपी परिवार का नेशनल हाईवे पर 20 किलोमीटर तक पीछा करते रहे। टोल प्लाजा, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और राजमार्ग पुलिस तैनात हैं। फिर भी, मदद के लिए कोई नहीं आया। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। कुछ पर्यटकों ने बताया कि मानसून के दौरान हजारों पर्यटक भवाली वाटरफॉल और डेम घूमने आते हैं। स्थानीय गुंडों के गिरोहों ने इस क्षेत्र को अपना अड्डा बना लिया है। महिलाओं से छेड़छाड़ और धमकाना आम बात है। इसलिए इन पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश में पर्यटकों पर हमला करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:काले की ढाल क्षेत्र में मारपीट और तोड़फोड़ ऋषिकेश के काले की ढाल क्षेत्र में हरियाणा से आए पर्यटकों के साथ मारपीट, जानलेवा हमला और वाहन में तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पीड़ितों की तहरीर पर 5 नामजद समेत अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…



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कार से 545 किलो सिंथेटिक पनीर पकड़ा: गड्ढा खोदकर नष्ट किया, नारनौल और झुंझुनूं में बेचने जा रहे थे – Khairthal-Tijara News




किशनगढ़बास में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 545 किलो संदिग्ध सिंथेटिक पनीर जब्त किया। यह पनीर नारनौल और झुंझुनू क्षेत्र में बेचने के लिए ले जाया जा रहा था, जिसे बाद में मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। गश्त के दौरान कार को रोका था खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव ने बताया- पुलिस गश्त के दौरान किशनगढ़बास कस्बे में एक कार को रोका गया। जांच करने पर वाहन में प्लास्टिक की 15 कैनों में 545 किलो पनीर भरा हुआ पाया गया। कार चालक आदिल खान (25) और उसके साथी मुनव्वर (20) निवासी जरौली, तिजारा से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे यह पनीर 180 से 200 रुपए प्रति किलो के हिसाब से नारनौल और झुंझुनू जिले के आसपास बेचने जा रहे थे। पनीर के सैंपल लेकर नष्ट किया सूचना मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और पनीर की जांच की। प्रारंभिक जांच में पनीर गंदगीयुक्त और बदबूदार पाया गया। इसके बाद पनीर के सैंपल लिए गए और आगे की आवश्यक कार्रवाई की गई। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से गड्ढा खुदवाकर लगभग 545 किलो संदिग्ध सिंथेटिक पनीर को मौके पर ही नष्ट करवा दिया।



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वर्ल्ड अपडेट्स: पोलैंड की नेता ने ‘हिटलर’ जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंकी




पोलैंड की राजनेता और क्राकोव की मेयर पद की उम्मीदवार मरिआना श्राइबर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की तस्वीर कूड़ेदान में फेंक दी। उन्होंने यूक्रेन पर द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के नरसंहार से जुड़े विवादित राष्ट्रवादी संगठनों और नेताओं का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। वीडियो में श्राइबर ने जेलेंस्की की एक तस्वीर दिखाई, जिस पर हिटलर जैसी मूंछ बनाई गई थी। इसके बाद उन्होंने तस्वीर को मोड़कर कूड़ेदान में फेंकते हुए कहा कि “अपराधियों का महिमामंडन करने वालों की जगह इतिहास के कूड़ेदान में है।” उन्होंने कहा कि “बांदेरावादी नायक नहीं हैं, बल्कि मानवता के लिए कलंक हैं।” साथ ही आरोप लगाया कि यूक्रेन ने अब तक पोलिश नागरिकों के नरसंहार के लिए औपचारिक माफी नहीं मांगी है। श्राइबर ने यह टिप्पणी 11 जुलाई 1943 की ‘ब्लडी संडे’ घटना की बरसी पर की। पोलैंड के अनुसार, उस दिन यूक्रेनी विद्रोही सेना (UPA) ने वोल्हीनिया क्षेत्र के पोलिश गांवों पर एक साथ हमले किए थे। पोलैंड का दावा है कि 1943-44 के दौरान ऐसे हमलों में लगभग एक लाख पोलिश नागरिक मारे गए थे और वह इन घटनाओं को नरसंहार मानता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… EU माइग्रेशन कानून पर विवाद: स्वीडिश सांसद ने डेनिश सांसद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
यूरोपीय संसद में हाल ही में पारित सख्त माइग्रेशन कानून को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। स्वीडन की सांसद आबिर अल-सहलानी ने डेनमार्क के सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी को लेकर स्वीडिश पुलिस में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने इस मामले की शिकायत यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला से भी की है। यह विवाद पिछले महीने यूरोपीय संसद द्वारा पारित रिटर्न रेगुलेशन के बाद शुरू हुआ। नए कानून के तहत यूरोपीय संघ के सदस्य देशों को अवैध प्रवासियों के निर्वासन की प्रक्रिया तेज करने के लिए यूरोपीय संघ के बाहर ‘रिटर्न हब’ स्थापित करने की अनुमति दी गई है। कानून पारित होने के बाद संसद में “उन्हें वापस भेजो” जैसे नारे लगे। इराकी मूल की स्वीडिश सांसद आबिर अल-सहलानी ने इन नारों की आलोचना करते हुए कहा कि यह कट्टर दक्षिणपंथी राजनीति का चिंताजनक उदाहरण है और इस घटना के बाद उन्होंने संसद में खुद को असुरक्षित महसूस किया। इसके जवाब में डेनिश सांसद क्रिस्टोफर स्टॉर्म ने सोशल मीडिया पर “गो होम” टिप्पणी की। अल-सहलानी ने इसे नस्लीय घृणा फैलाने वाली टिप्पणी बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। यूरोपीय संघ में माइग्रेशन का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में प्रवासियों के यूरोप पहुंचने के बाद इस विषय पर सदस्य देशों के बीच मतभेद और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। जर्मनी यूक्रेन को देगा 50 हजार अटैक ड्रोन, 9 करोड़ यूरो की डील की फंडिंग करेगा
जर्मनी यूक्रेन के लिए 50,000 एफपीवी (फर्स्ट-पर्सन व्यू) अटैक ड्रोन खरीदने का वित्तपोषण करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 9 करोड़ यूरो (10.3 करोड़ डॉलर) है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये श्राइक (Shrike) नामक कम लागत वाले अटैक ड्रोन यूक्रेन की कंपनी स्काईफॉल बनाती है। इनमें अमेरिकी कंपनी ऑटेरियन का सॉफ्टवेयर लगा है, जो उड़ान के अंतिम चरण में चलते हुए लक्ष्य की खुद पहचान कर उस पर हमला करने में सक्षम है। ऑटेरियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लॉरेंज मेयर के अनुसार, कुछ ड्रोन पहले ही यूक्रेन को भेजे जा चुके हैं और बाकी की आपूर्ति 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनी इस वर्ष विभिन्न निर्माताओं के कम से कम एक लाख ड्रोन के लिए सॉफ्टवेयर उपलब्ध करा रही है, जिनकी फंडिंग कई पश्चिमी सरकारें कर रही हैं। रॉयटर्स के अनुसार, स्काईफॉल ने इस सौदे में जर्मनी की भागीदारी की पुष्टि की है, लेकिन और जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं, जर्मनी और यूक्रेन के रक्षा मंत्रालयों ने इस रिपोर्ट पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। चीन में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई: पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई पार्टी से निष्कासित
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य मा शिंगरुई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, मा पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप लगे हैं। मा शिंगरुई को अप्रैल में “कानून और पार्टी अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में जांच के दायरे में लिया गया था। जांच में पाया गया कि उन्होंने अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति में दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाया, अपने प्रभाव का दुरुपयोग किया तथा रिश्तेदारों को बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदने में मदद की। शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, मा ने महंगे उपहार स्वीकार किए और अपने परिवार के सदस्यों को सरकारी प्रभाव का इस्तेमाल कर बड़े आर्थिक लाभ दिलाए। जांच एजेंसियों ने इसे बड़े पैमाने पर “पारिवारिक भ्रष्टाचार” (फैमिली करप्शन) बताया है। मा शिंगरुई पहले चीन के एयरोस्पेस उद्योग में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और उन्होंने देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष कार्यक्रमों की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में वे राजनीति में आए और पोलित ब्यूरो तक पहुंचे। 2025 के बाद किसी मौजूदा पोलित ब्यूरो सदस्य के खिलाफ यह तीसरी बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों पर रिसर्च करने वाला अमेरिकी वैज्ञानिक चीन की हिरासत में
चीनी मूल के अमेरिकी भूकंप वैज्ञानिक डॉ. यूलिन चेन को चीन ने जासूसी के आरोप में करीब दो साल से हिरासत में रखा है। अमेरिका ने उन्हें “रॉन्गफुली डिटेन्ड” घोषित करते हुए उनकी रिहाई को शीर्ष कूटनीतिक प्राथमिकता बताया है। चेन उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों के भूकंपीय संकेतों का अध्ययन करने वाले विशेषज्ञ हैं और उनकी रिसर्च अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की फंडिंग से हुई थी। परिवार के अनुसार चेन को नवंबर 2024 में बीजिंग एयरपोर्ट से अमेरिका लौटने से पहले गिरफ्तार किया गया था। मई 2025 में उन पर जासूसी का आरोप लगाया गया, लेकिन अब तक उनका ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। चेन की पत्नी युफांग रोंग का कहना है कि उनकी रिसर्च पूरी तरह सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित थी और इसे सार्वजनिक प्रकाशन की मंजूरी भी मिली थी। इसके बावजूद चीन की सुरक्षा एजेंसियों ने उनसे 100 से ज्यादा बार पूछताछ की। उनका कहना है कि बंद कमरे में होने वाले ट्रायल में पहले से ही दोषी ठहराए जाने का खतरा है।



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