Wednesday, July 29, 2026
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गुरुग्राम की सोसाइटीज का सच, लग्जरी बताकर करोड़ों में बेची जा रहीं बेसिक सुविधाएं


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Gurugram Luxury : दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट सेक्टर में काम करने वाले अरुण प्रकाश ने एक वीडियो शेयर करते हुए गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटीज का सच उजागर किया है. उन्होंने कहा कि कनाडा में जो चीजें हर आम आदमी के लिए उपलब्ध हैं, उन्हें गुरुग्राम में लग्जरी बताकर करोड़ों रुपये में बेचा जा रहा है.

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गुरुग्राम की लग्जरी सोसाइटीज में मिलने वाली सुविधाएं कनाडा में आम हैं.

नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर का एक शहर है गुरुग्राम, जो तीन दशक पहले तक वीरान पड़ा रहता था. आज यहां देश की सबसे लग्जरी और महंगी सोसाइटीज बनाई जा रही हैं. एक से बढ़कर एक नामी बिल्डर लग्जरी सोसाइटीज और सुविधाओं के नाम पर खरीदारों से करोड़ों रुपये वसूलते हैं. गुरुग्राम में अब 100 करोड़ के फ्लैट या विला बिकना आम बात हो गई है. लेकिन, कभी आपने सोचा है कि जिन सुविधाओं को लग्जरी बताकर करोड़ों की वसूली हो रही है, वे सच में खास हैं या फिर बेसिक सुविधाओं में ही आते हैं. इसका खुलासा गुरुग्राम के ही एक व्यक्ति ने किया है, जो खुद 20 साल से रियल एस्टेट सेक्टर में काम करते आ रहे हैं.

दिल्ली-एनसीआर में बीते 20 सालों से रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रहे अरुण प्रकाश ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा कर सवाल उठाया है कि गुरुग्राम की सोसाइटीज में बेची जा रही लग्जरी सुविधाएं क्या सच में खास हैं. उन्होंने कनाडा का एक वीडियो साझा करते हुए कहा है कि यहां जो सुविधाएं हर आम आदमी के लिए उपलब्ध हैं, उन्हें गुरुग्राम में खास और लग्जरी बताकर करोड़ों रुपये में बेचा जा रहा है.

क्या है लग्जरी सुविधाओं की असलियत
अरुण प्रकाश ने अपनी पोस्ट में लिखा कि मैं कनाडा में हूं और बीते एक सप्ताह से यहां जो कुछ भी देख रहा, उससे मेरा नजरिया बदल गया है. गुरुग्राम की प्रीमियम गेटेड सोसाइटीज में जो सुविधाएं मैं लग्जरी के रूप में देखता हूं, वह सभी सुविधाएं कनाडा में हर आम आदमी के लिए उपलब्ध हैं. इससे सवाल उठता है कि जिन सुविधाओं को लग्जरी बताकर बेचा जा रहा है, क्या वे सच में लग्जरी हैं या फिर इंसान की आम सुविधाओं को ही खास बताकर करोड़ों वसूले जा रहे हैं.

क्या सुविधाएं दिख रहीं
प्रकाश ने एक वीडियो क्लिप शेयर करते हुए दिखाया कि कैसे कनाडा के पब्लिक पार्क में बच्चों के खेलने के लिए खूबसूरत जगह बनी है और चौड़ी सड़कों के साथ स्पोर्ट फैसिलिटीज भी भी आम आदमी के लिए उपलब्ध होती हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इस अनुभव ने मुझे यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि गुरुग्राम में आखिर किन चीजों को खास बताकर बेचा जा रहा है. उन्होंने लिखा कि इस अनुभव ने यह बताया कि गुरुगाम की हर सोसाइटीज में ऐसी बेसिक सुविधाएं होनी चाहिए, जो हमारे रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हैं. इन्हें लग्जरी बताकर बेचने पर लगाम कसनी चाहिए.

लोगों ने भी उठाए सवाल
प्रकाश की इस पोस्ट के बाद तमाम सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सवाल उठाए. एक यूजर ने लिखा कि आप तभी सैर कर सकते हैं जब हवा स्वच्छ हो. गुरुग्राम में यह सभी सुविधाएं बनावटी हैं. एक अन्य यूजर ने कमेंट किया कि कनाडा में हर बच्चे के पैरेंट पार्क और सुविधाओं को अफोर्ड कर सकते हैं. वहां यह सबकुछ लग्जरी नहीं, बेसिक सुविधाओं में आता है. एक अन्य यूजर ने लिखा, भारत में इस तरह की लाइफस्टाइल पाने के लिए आपको अल्ट्रा रिच होना पड़ेगा. विकसित देशों में यह सभी चीजें हर किसी के लिए उपलब्ध हैं. हालांकि, दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन भारत में आज भी इन्हें लग्जरी का चोला ओढ़ाकर बेचा जाता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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9 साल पुराने वनकर्मी मर्डर केस में दो को उम्रकैद: शव खुर्द-बुर्द करने का भी दोष साबित, सपत्ति की भी हड़पने के मामले में 3 साल की अलग से कैद – Phalodi News




जोधपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने नौ साल पुराने हत्या के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामला लोहावट थाना क्षेत्र में वन विभाग कर्मी की हत्या कर शव को खुर्द-बुर्द करने से जुड़ा हुआ था। न्यायालय ने दोनों दोषियों को हत्या, साक्ष्य मिटाने और मृतक की संपत्ति के दुरुपयोग सहित अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। मामला 25 अगस्त 2017 को रामसागर पीलवा निवासी भगवानाराम जाट की रिपोर्ट पर लोहावट पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया था कि उनके भाई भंवराराम सदरी वन विभाग में कार्यरत थे। 8 अगस्त 2017 को वह घायल हिरण को वन विभाग की चौकी लोहावट में छोड़ने आए थे। इसके बाद भंवराराम लोहावट बाजार पहुंचे, जहां उन्होंने शराब की दुकान से शराब खरीदी। शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच उन्हें सुखदेव पुत्र रामुराम राव विश्नोई और जीतू हरिजन पुत्र ओमप्रकाश, दोनों निवासी लोहावट विशनवास, के साथ जाते हुए देखा गया था। गुमशुदगी के बाद सामने आई हत्या की कहानी भंवराराम के घर नहीं लौटने पर उनकी गुमशुदगी रिपोर्ट लोहावट थाने में दर्ज कराई गई थी। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि सुखदेव और जीतू हरिजन ने कथित रूप से भंवराराम की सोने की अंगूठी, नकदी और एटीएम कार्ड लूटने के उद्देश्य से उनकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा दिया। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान दोनों नामजद आरोपियों के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। हत्या की धारा में आजीवन कारावास की सजा जिला एवं सत्र न्यायाधीश चक्रवर्ती सिंह महेचा ने सुनवाई के बाद सुखदेव विश्नोई और जीतू हरिजन को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोनों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने दोनों दोषियों को धारा 201 के तहत शव को खुर्द-बुर्द करने के मामले में 5 साल का कठोर कारावास और 3,000 रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास होगा। इसके अलावा धारा 404 के तहत मृत व्यक्ति की संपत्ति का बेईमानी से उपयोग करने के मामले में 3 वर्ष का कठोर कारावास और 1,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा नहीं करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में राज्य सरकार की ओर से लोक अभियोजक विजय कुमार ओझा ने न्यायालय में पैरवी की। न्यायालय के फैसले के बाद नौ साल पुराने हत्या मामले में दोनों आरोपियों को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई।



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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को चीन से मिला ‌₹6,000 ‌करोड़ का फंड: अमेरिका विदेशी फंडिंग पर उठा सवाल, जांच शुरू करने की मांग


वॉशिंगटनकुछ ही क्षण पहले

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अमेरिका में यूनिवर्सिटीज को मिलने वाली विदेशी फंडिंग पर सवालों के बीच नया खुलासा हुआ है। इससे यूनिवर्सिटीज और ट्रम्प प्रशासन के बीच टकराव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। शिक्षा विभाग के पोर्टल के मुताबिक, हार्वर्ड को विदेशी स्रोतों से रिकॉर्ड 43,100 करोड़ रु. मिले हैं, जो देश में सबसे ज्यादा है। इसमें से छह हजार करोड़ चीन से आए हैं।

ट्रम्प प्रशासन की वीसा नीतियों और प्रवासियों पर सख्ती के बीच अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर विदेशी नागरिकों और पैसे पर अत्यधिक निर्भरता का आरोप लग रहा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौते की बात कही जा रही है। ट्रम्प प्रशासन से जांच शुरू करने की मांग उठी है।

अन्य अमेरिकी यूनिवर्सिटीज भी राडार पर यह विवाद सिर्फ हार्वर्ड तक सीमित नहीं है। अमेरिका के वॉच-लिस्ट में शामिल शीर्ष पांच चीनी कंपनियों (जैसे हुआवेई और एयर चाइना) ने देश के अलग-अलग कॉलेजों को करीब 1,140 करोड़ रु. दिए हैं। इन्हें भी राडार पर लेकर जांच हो सकती है।

लैब की जासूसी और सैन्य तकनीक चोरी का खतरा

अमेरिकी विश्वविद्यालयों में आ रहा विदेशी पैसा सिर्फ दान नहीं, बल्कि रणनीतिक घुसपैठ का जरिया बन चुका है। फंड के इस खेल से अमेरिका के सामने कई बड़े खतरे खड़े हो गए हैं। यूनिवर्सिटी लैब्स में विदेशी फंड के जरिए गोपनीय रिसर्च और डेटा चुराए जाने की आशंका जताई जा रही है। आरोप हैं कि चीनी सेना से जुड़ी संस्थाएं फंडिंग देकर अमेरिकी तकनीक का इस्तेमाल अपने हथियारों को तैयार करने में कर सकती हैं।

हार्वर्ड और विदेशी संस्थाओं में 7,089 वित्तीय सौदे हुए

हार्वर्ड ने विदेशी संस्थाओं के साथ 7,089 अलग-अलग वित्तीय सौदे किए हैं। इस रिकॉर्ड वित्तीय सौदे के कारण हार्वर्ड अमेरिका में विदेशी फंडिंग हासिल करने वाला शीर्ष संस्थान बना है। हार्वर्ड को चीनी सैन्य विकास से जुड़ी संस्थाओं से करीब 4 करोड़ रुपए और विदेशी टैलेंट प्रोग्राम से 4 करोड़ रु. मिले हैं।

ट्रम्प ने कहा था- यह यूनिवर्सिटी एक मजाक है

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निशाने पर रहती है। पिछले साल (16 अप्रैल, 205) उन्होंने एक बयान में कहा था कि यह यूनिवर्सिटी एक मजाक है और यह सिर्फ वोक कर्मचारियों की भर्ती कर रहा है।

अब हार्वर्ड को दुनिया की सबसे बेहतर यूनिवर्सिटी या कॉलेजों की किसी भी लिस्ट में नहीं गिना जाना चाहिए। हार्वर्ड एक मजाक है जो नफरत और मूर्खता सिखाता है। इसे अब सरकारी पैसा नहीं मिलना चाहिए।

ट्रम्प ने इस बयान के एक दिन पहले ही हार्वर्ड की 18 हजार करोड़ रुपए की फंडिंग रोकी थी और उसका टैक्स फ्री दर्जा खत्म करने की बात कही थी।

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ट्रम्प हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की टैक्स छूट खत्म कर सकते हैं:₹18 हजार करोड़ की फंडिंग भी रोकी; ट्रम्प यूनिवर्सिटी पर कंट्रोल चाहते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को दी गई टैक्स छूट खत्म करने की बात कही। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि यूनिवर्सिटी को दी गई टैक्ट छूट पर फिर से विचार किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…



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उज्जैन से 21वें साल भी सैनिकों को भेजेंगे राखी: राजौरी-कारगिल जाएंगी संगिनी ग्रुप की सदस्य; जवानों की कलाई पर बांधेंगी रक्षासूत्र – Ujjain News




उज्जैन का संगिनी ग्रुप इस वर्ष भी देश की सरहद पर तैनात सैनिकों के साथ रक्षाबंधन मनाएगा। यह लगातार 21वां वर्ष है जब समूह की सदस्य जम्मू-कश्मीर के राजौरी और कारगिल जाकर जवानों की कलाई पर राखी बांधेंगी। सामाजिक संस्था संगिनी ग्रुप पिछले दो दशकों से सैनिकों के लिए रक्षाबंधन को विशेष बनाता आ रहा है। शुरुआत में संस्था डाक के माध्यम से जवानों तक राखियां भेजती थी, लेकिन अब टीम स्वयं सीमावर्ती इलाकों में पहुंचकर सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधती है। इस बार संगठन से जुड़ी महिलाओं का एक दल कारगिल की दो सैन्य पोस्ट और राजौरी सेक्टर की दो सैन्य पोस्ट पर जाकर जवानों के साथ त्योहार मनाएगा। इसके अतिरिक्त, देश के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए लगभग 10 हजार राखियां डाक द्वारा भी भेजी जा रही हैं। सैनिक वीडियो कॉल पर दिखाते हैं राखी
संगिनी ग्रुप की सदस्य ममता ने बताया कि कई बार सैनिकों तक उनके परिवार की राखी समय पर नहीं पहुंच पाती। कुछ जवान दुर्गम इलाकों में तैनात होते हैं, जहां उन्हें त्योहार की जानकारी भी नहीं मिल पाती। ऐसे में जब बहनें उनके हाथों पर राखी बांधती हैं, तो जवान भावुक हो जाते हैं और इसे अपनी बहन से मिलने जैसा मानते हैं। कई सैनिक वीडियो कॉल पर अपने परिवार को राखी दिखाते हैं। यह अभियान आसान नहीं है। सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए सेना और प्रशासन से कई स्तर की अनुमति लेनी पड़ती है। इसकी तैयारी लगभग एक-दो महीने पहले शुरू हो जाती है। विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से राखियां एकत्र की जाती हैं, जिन्हें पहले डाक से भेजा जाता है, और फिर टीम स्वयं सरहद तक पहुंचती है। अब तक 21 लाख राखियां भेजी जा चुकीं
संगिनी ग्रुप के अनुसार, अब तक लगभग 2 लाख सैनिकों तक राखियां पहुंचाई जा चुकी हैं। हर साल हजारों राखियां डाक से भेजी जाती हैं, जबकि टीम अपने साथ भी बड़ी संख्या में राखियां लेकर जाती है और सीधे जवानों की कलाई पर बांधती है।



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देशभर में बारिश, गुजरात के फैक्ट्रियों में काम रुका: मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट; हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान पर पहुंची




मानसून सबसे एक्टिव फेज में पहुंच गया है। इस वक्त देश के ऊपर दो सिस्टम मौजूद हैं। बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया आज ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ से होते हुए आगे बढ़ रहा है। इसके असर को देखते हुए IMD ने अगले 4-5 दिनों में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से ज्यादा और अगले 5-6 दिनों में पूर्वी भारत में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मंगलवार को भी उत्तर भारत में भारी बारिश हुई, जिससे हिमालयी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ आ गई। हिमाचल में 108 सड़कें बंद हैं। इधर, उत्तराखंड में भूस्खलन से तीर्थयात्रा के रास्ते बंद हो गए। भारी बारिश की चेतावनी के कारण अधिकारियों ने चारधाम यात्रा को 2 दिनों के लिए रोक दिया है। दिल्ली में भी भारी बारिश के कारण ट्रैफिक जाम हुआ, बाजारों में घुटनों तक पानी भर गया। सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारों के कारण राजधानी की रफ्तार धीमी पड़ गई। सैटेलाइट मैप में देखें देश में कहां-कहां बादल छाए देशभर में मौसम से जुड़ी तस्वीरें…. गुजरात में टाटा मोटर्स के प्लांट में पानी भरा भारी बारिश और बाढ़ का असर देश की सबसे बड़ी ऑटो कंपनियों में से एक टाटा मोटर्स पर भी पड़ा है। कंपनी के गुजरात में अहमदाबाद से 22 किमी दूर स्थित साणद प्लांट और आसपास मौजूद कई सप्लायर की यूनिट में बाढ़ से उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने बताया है कि साणंद प्लांट में बनने वाली टियागो हैचबैक, टिगोर कॉम्पैक्ट सेडॉन, नेक्सन और सिएरा एसयूवी के उत्पादन पर असर पड़ा है। प्लांट और सप्लायर इकाइयों में बहाली का काम शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे। कंपनी के मुताबिक, बाढ़ के कारण आपूर्ति पर कुछ समय के लिए असर पड़ सकता है। स्थिति जल्द सामान्य होगी। हालांकि मारुति सुजुकी ने रुकावट की सूचना नहीं दी है। कंपनी का प्लांट साणंद से 85 किमी दूर हंसलपुर-बेचाराजी गांव में है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 30 जुलाई: 31 जुलाई:



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नालन्दा खंडहर और विश्व शांति स्तूप की सुरक्षा बढ़ी: बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस को मिली जिम्मेदारी, 11 धरोहरों को मिला सुरक्षा घेरा – Nalanda News




विश्व पटल पर बिहार की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक नालन्दा विश्वविद्यालय के खंडहर और राजगीर स्थित विश्व शांति स्तूप की सुरक्षा व्यवस्था अब और भी अभेद्य होने जा रही है। बिहार सरकार ने इन विश्वप्रसिद्ध धरोहरों की सुरक्षा और संरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अब बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस को सौंप दी है। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और बौद्ध श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सरकार का यह कदम इन ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। अधिसूचना में दिए गए विस्तृत निर्देश इस संबंध में बिहार सरकार के गृह विभाग (विशेष शाखा) द्वारा एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई है। सरकार द्वारा जारी आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार बिहार के राज्यपाल ने बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम, 2021 की धारा-2(xi) एवं 3(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह बड़ा फैसला लिया है। इस आदेश के तत्काल प्रभाव से लागू होने के साथ ही नालन्दा के इन दोनों प्रमुख स्थलों को ‘विनिर्दिष्ट प्रतिष्ठान’ के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है।
ऐतिहासिक स्थलों को भी मिला सुरक्षा घेरा
नालन्दा विश्वविद्यालय के खंडहर और विश्व शांति स्तूप के अलावा राज्य के नौ अन्य अति-महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की सुरक्षा का जिम्मा भी विशेष सशस्त्र पुलिस को सौंपा गया है। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, सीतामढ़ी जिले का पुनौरा धाम मंदिर व बगही धाम, वैशाली का बुद्धा अवशेष स्तूप, सारण (सोनपुर) का हरिहरनाथ मंदिर, गयाजी का विष्णुपद मंदिर, पटना साहिब का तख्त श्री हर मंदिर साहिब जी और पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर अब इस कड़ी सुरक्षा घेरे में रहेंगे। इसके अतिरिक्त, भागलपुर स्थित विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर और सासाराम स्थित शेरशाह के मकबरे को भी इस विशेष सुरक्षा योजना में शामिल किया गया है। ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को मिलेंगे विशेष अधिकार
इन सभी 11 प्रतिष्ठानों की अभेद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन स्थलों पर सुरक्षा और संरक्षा के लिए तैनात किए जाने वाले पुलिस पदाधिकारी का पद हवलदार से नीचे का नहीं होगा। कर्तव्य के दौरान इन तैनात अधिकारियों को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अधिनियम, 2021 की धारा-7, धारा-8 और धारा-9 के तहत विशेष शक्तियों का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह से प्राधिकृत किया गया है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति से सख्ती से निपटा जा सके।



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स्कूल में करंट लगने से 9वीं के स्टूडेंट की मौत: मैदान खाली न होने से छत पर पीटी करा रहे थे टीचर, गुजरात के सूरत की घटना


सूरत2 घंटे पहले

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सरकारी सिस्टम की लापरवाही की वजह से गुजरात के सूरत में 9वीं के एक स्टूडेंट की मौत हो गई। मंगलवार को स्कूल की छत पर बिजली के पाइप से 14 साल के अब्दुल रहमान को करंट का झटका लग गया था। प्रिंसिपल अपनी कार से सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना सूरत के मानदरवाजा इलाके में स्थित सुमन सरकारी स्कूल की है।

स्कूल प्रशासन का कहना है कि मैदान में तीन स्कूलों के बच्चे मिड-डे मील खा रहे थे, इसलिए पीटी करवाने बच्चों के स्कूल की छत पर ले जाया गया था। छत पर लगे बिजपी के पाइप में करंट था, जो अब्दुल की मौत का कारण बन गया। लापरवाही के लिए पीटी टीचर शेख बहाउद्दीन अजीमुद्दीन को बर्खास्त कर दिया गया है।

छत पर बिना फिटिंग के ही पाइप से जोड़ा गया था बिजली का तार।

छत पर बिना फिटिंग के ही पाइप से जोड़ा गया था बिजली का तार।

एक ही इमारत में तीन स्कूल चलते हैं, मैदान खाली नहीं था

एक छात्र ने बताया कि पीटी करते वक्त अब्दुल का पैर स्लिप हो गया था। वही सीधे बिजली के पाइप से टकरा गया। वह एक मिनट तक तड़पता रहा और बेहोश हो गया। एक टीचर ने लकड़ी से पाइप का करंट वाला तार उससे दूर किया। इसके बाद टीचर ने उसे सीपीआर दिया।

स्कूल के प्रिंसिपल अपनी कार से उसे पास के प्राइवेट अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक अब्दुल की मौत हो चुकी थी। डॉक्टर्स ने बताया कि अब्दुल के शरीर पर करंट लगने और जख्मों के कई निशान थे।

अब्दुल के पिता सलीम शेख उमरवाड़ा लो-कॉस्ट कॉलोनी में रहते हैं और ऑटो रिक्शा चलाकर 3 बच्चों समेत पूरे परिवार का गुजारा करते हैं।

बिजली का लोहे का पाइप, जिसमें दौड़ रहा था करंट।

बिजली का लोहे का पाइप, जिसमें दौड़ रहा था करंट।

टेक्नीशियन को भी लगा करंट का झटका

सूरत महानगरपालिका के उधना जोन के इलेक्ट्रिक विभाग की घोर लापरवाही और ढुलमुल रवैये के चलते स्कूल की छत की बाउंड्री वॉल के अंदर की तरफ ही लाइट पोल लगा दिया गया था। चालू इलेक्ट्रिक वायर को टेरेस पर ही खुला छोड़ दिया गया था।

हादसे के बाद उधना जोन के इलेक्ट्रिक विभाग के टेक्नीशियन और वायरमैन की टीम मौके पर पहुंची। एक टेक्नीशियन ने जब बिजली के पोल को अपने हाथ से चेक करने की कोशिश की, तो उसे भी झटका लगा।

जांच करने पर पता चला कि पाइप के अंदर का इलेक्ट्रिक वायर खुला था, जिसके चलते पूरे पाइप में करंट दौड़ रहा था। यानी की मानसून के दौरान छत पर पानी भरने से पूरी छत पर करंट फैल रहा होगा।

सूरत के मानदरवाजा इलाके में स्थित सुमन सरकारी स्कूल।

सूरत के मानदरवाजा इलाके में स्थित सुमन सरकारी स्कूल।

सवाल: जिम्मेदारी केवल पीटी टीचर की थी?

सिविल अस्पताल परिसर में परिजनों ने जमकर आक्रोश जताया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सुमन स्कूल के प्रभारी शासनाधिकारी धर्मेश पटेल ने बताया कि पावर तो बंद था फिर ये हादसा कैसे हुआ हैरानी हो रही है। जांच के आदेश दिए गए हैं।

हादसे के बाद जून-2025 से कार्यरत पीटी शिक्षक शेख बहाउद्दीन अजीमुद्दीन को सेवा से हटा दिया गया। घटना की जांच होगा, जिससे पता चलेगा कि जिम्मेदारी केवल शिक्षक की थी या स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक स्तर पर भी कोई चूक हुई।

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शाहजहांपुर में मिल्क वैन की टक्कर से छात्र की मौत:9वीं का छात्र स्कूल से छुट्टी के बाद सड़क पार कर रहा था

शाहजहांपुर में मंगलवार दोपहर दो बजे एक मिल्क वैन की टक्कर से नौवीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई। यह घटना स्कूल से छुट्टी के बाद सड़क पार करते समय हुई। मृतक की पहचान हयातपुरा निवासी 14 वर्षीय अंश त्रिवेदी के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें…



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प्रधान चुनाव रंजिश में हत्या: बरेली कोर्ट ने पांच दोषियों को सुनाई उम्रकैद की सजा,पांच साल बाद आया फैसला – Bareilly News




बरेली। प्रधान चुनाव की रंजिश में हुई हत्या के एक मामले में मंगलवार को अदालत ने पांच साल बाद फैसला सुनाया है। एडीजे-01 कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर कुल 3.90 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला थाना कैंट क्षेत्र के परगवां गांव का है। वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान चुनाव के बाद से दो पक्षों के बीच रंजिश चल रही थी। आरोप है कि 20 जून 2021 को मोहम्मद इशहाक अली अपनी पत्नी सकीना के साथ बरेली से दवा लेकर गांव लौट रहे थे। रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपियों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से इशहाक अली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सकीना गंभीर रूप से घायल हो गईं। इस घटना के संबंध में थाना कैंट में हत्या, हत्या के प्रयास, धमकी और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मोहर सिंह, भगवत पटेल, राहुल उर्फ धीरू और लोकेश पटेल को हत्या तथा अन्य धाराओं में दोषी पाया। इन सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। आशिया को आपराधिक साजिश में शामिल होने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी गई है।



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पूर्णिया में पिकअप ने बाइक सवारों को मारी टक्कर: तीन लोग गंभीर घायल, जीएमसीएच में इलाज जारी – Purnia News




पूर्णिया जिले के डगरूआ थाना क्षेत्र अंतर्गत बरसोनी टोयोटा शोरूम के पास एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों घायलों को इलाज के लिए पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना मंगलवार देर रात करीब 9 बजे की है। परिजन सतीश मंडल ने बताया कि पूर्णिया से एक ही बाइक पर सवार होकर तीन लोग अपने घर कोहिला वार्ड नंबर 10, डगरूआ लौट रहे थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने पीछे से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से तीनों लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी। सरकारी एंबुलेंस 1033 एन.एच.ए.आई के चालक विमल सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर वे घटनास्थल पर पहुंचे और सभी घायलों को जीएमसीएच अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि घायलों में से एक की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहे नर्सिंग स्टाफ दिवाकर ने पुष्टि की कि एक ही दुर्घटना में तीन घायल अस्पताल लाए गए हैं और सभी का उपचार जारी है। घायलों की पहचान वासुदेव मंडल के पुत्र पप्पू मंडल, दिलीप चौधरी के पुत्र चंदन चौधरी और गिरजानंद मंडल के बेटे रविंद्र मंडल के रूप में हुई है। ये सभी कोहिला ग्राम के वार्ड नंबर 10, डगरूआ के निवासी हैं।



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