Friday, July 3, 2026
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महिलाओं ने मकान मालिक को चप्पलों से पीटा: नरसिंहपुर में मकान खाली कराने को लेकर बीच सड़क पर विवाद; पुलिस ने दी समझाइश – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित शक्ति चौक पर शुक्रवार को मकान खाली कराने की बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विवाद इस कदर बढ़ा कि दो महिलाओं ने बीच सड़क पर ही मकान मालिक की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई कर दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। बीच सड़क पर हुई मारपीट, पुलिस ने शांत कराया प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान खाली कराने के मुद्दे पर मकान मालिक और किराएदार महिलाओं के बीच पहले तीखी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। इसके बाद पुलिस महिलाओं को थाने ले आई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया- मकान मालिक ने महिलाओं पर समय पर मकान खाली न करने का आरोप लगाया है। फिलहाल दोनों पक्षों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



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रैंप पर दिखा हुनर, आत्मविश्वास और ग्लैमर का संगम: क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 के टॉप-30 फाइनलिस्ट ने बांधा समां – Jaipur News




आमेर रोड स्थित होटल जयपुर हेरिटेज में क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 की सैश सेरेमनी और टैलेंट राउंड का आयोजन किया गया। पूरे राजस्थान से चयनित टॉप-30 फाइनलिस्ट ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब ये सभी प्रतिभागी पांच दिवसीय ग्रूमिंग सेशन के बाद ग्रैंड फिनाले में अपनी अंतिम चुनौती पेश करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत सैश सेरेमनी से हुई, जहां सभी टॉप-30 फाइनलिस्ट को मंच पर सम्मानपूर्वक सैश पहनाकर प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिव सिंह शेखावत, आमेर गुप्ता, अशोक बड़गुर्जर, मिसेज क्वीन ऑफ राजस्थान-2025 शालिनी शर्मा, क्वीन ऑफ इंडिया-2025 की फाइनलिस्ट कोमल गिल, भारत की फर्स्ट रनरअप क्वीन 2025 उर्वशी सुखवानी, राजस्थान क्वीन 2025 की सेकेंड रनरअप ऊर्जा पटेल, विकास मेघवाल, पीहू सिंह एवं मनीष खंडेलवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही किसी भी मंच पर सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसके बाद आयोजित टैलेंट राउंड में प्रतिभागियों ने अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं से सभी को प्रभावित किया। किसी ने शानदार डांस प्रस्तुति दी, तो किसी ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया। कई प्रतिभागियों ने अभिनय और मिमिक्री के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति का परिचय दिया। मंच पर उनका आत्मविश्वास, स्टेज प्रेजेंस और प्रस्तुति का अंदाज दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। क्वीन ऑफ राजस्थान के संस्थापक एवं निदेशक मोनू वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता का अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा। सभी फाइनलिस्ट के लिए पांच दिनों का विशेष ग्रूमिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें फैशन इंडस्ट्री के अनुभवी विशेषज्ञ उन्हें रैंप वॉक, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस, ग्रूमिंग, फोटो पोजिंग और कैमरा फेसिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे, ताकि वे ग्रैंड फिनाले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। जयपुर डायरेक्टर विराट गोविंद्र ने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक विजेता चुनना नहीं, बल्कि युवतियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देना और उन्हें फैशन एवं ग्लैमर इंडस्ट्री में सफल करियर के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस मंच से कई प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है और आने वाले वर्षों में भी यह मंच नई प्रतिभाओं को अवसर देता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन आरजे राहुल ने अपने ऊर्जावान और मनोरंजक अंदाज में किया। वहीं आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के रैंप वॉक, टैलेंट परफॉर्मेंस और यादगार पलों को फोटोग्राफर अनिल कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया।



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बिना केमिकल वाला गुड़ घर पर बनाना है आसान, जानें पूरी विधि


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Homemade Jaggery Making Tips: गुड़ चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है. लेकिन ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले गुड़ पर ही निर्भर होते हैं, जबकि मिलावट का खतरा रहता है. ऐसे में आज हम आपको घर गुड़ बनाने का आसान तरीका यहां बता रहे हैं. इसे बनाना भी आसान है, और समय भी ज्यादा नहीं लगता है.

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बाजार में मिलने वाला गुड़ हमेशा शुद्ध हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार इसे ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए इसमें केमिकल, आर्टिफिशियल कलर या अन्य मिलावटी चीजें मिलायी जाती हैं. इस तरह के गुड़ के स्वाद में बहुत फर्क समझ नहीं आता है, लेकिन सेहत के नजरिए से ये बिल्कुल फायदेमंद नहीं होता है.

अगर आप चाय, हलवा, खीर, दलिया या पारंपरिक मिठाइयों में गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, तो शुद्ध गुड़ चुनना बेहद जरूरी है. ऐसे में घर पर बना गुड़ एक बेहतर विकल्प हो सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बहुत ही आसानी और कम सामानों से बनाया जा सकता है. यहां आप घर पर गुड़ बनाने की पूरी विधि जान सकते हैं.

घर पर शुद्ध गुड़ बनाने का तरीका

  • घर पर गुड़ बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है ताजा गन्ने का रस. यदि आपको किसी गन्ना विक्रेता या मिल से ताजा रस मिल जाए, तो आप आसानी से शुद्ध गुड़ तैयार कर सकते हैं.
  • इसके बाद गन्ने के रस को एक साफ कपड़े या महीन छलनी से छान लें, ताकि उसमें मौजूद मिट्टी, घास या अन्य अशुद्धियां निकल जाएं.
  • इसके बाद छने हुए रस को एक मोटे तले वाले बर्तन में डालें और धीमी आंच पर पकाना शुरू करें. जैसे-जैसे रस गर्म होगा, उसकी सतह पर झाग बनने लगेगा. यह झाग अशुद्धियों का मिश्रण होता है, इसलिए इसे समय-समय पर चम्मच की मदद से हटाते रहें. इससे गुड़ का रंग साफ और गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है.
  • रस को लगातार पकाते रहें और बीच-बीच में चलाते रहें. कुछ समय बाद रस गाढ़ा होने लगेगा और उसका रंग सुनहरा भूरा दिखाई देने लगेगा. जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा होकर गुड़ जैसी स्थिरता में आ जाए, तब गैस बंद कर दें.
  • अब इस तैयार मिश्रण को घी लगी हुई ट्रे, थाली या किसी सांचे में डाल दें. इसे कुछ समय तक ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद यह सख्त हो जाएगा. फिर आप इसे अपनी पसंद के अनुसार छोटे या बड़े टुकड़ों में काट सकते हैं.

घर पर बना गुड़ खाने के फायदे
घर पर बना गुड़ नेचुरल रंग, खुशबू और स्वाद से भरपूर होता है. इसमें आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही कारण है कि यह बाजार के मिलावटी गुड़ की तुलना में अधिक पौष्टिक माना जाता है. हालांकि घर पर गुड़ बनाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद और शुद्धता मेहनत को पूरी तरह सफल बना देते हैं. इस गुड़ का इस्तेमाल आप चाय, खीर, हलवा, पराठा या किसी भी मीठी डिश में कर सकते हैं. इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि आपको शुद्ध और पौष्टिक मिठास का लाभ भी मिलेगा.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



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Airtel का 56 दिन वाला सस्ता प्लान, अनलिमिटेड कॉलिग, डेटा समेत मिलेंगे ये खास बेनिफिट


Airtel के पास अपने यूजर्स के लिए कई प्रीपेड प्लान मौजूद हैं, जिनमें 28 दिन, 56 दिन, 84 दिन समेत लंबी वैलिडिटी ऑफर की जाती है। कंपनी के पास एक 56 दिन की वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता प्लान है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई और बेनिफिट्स मिलते हैं। एयरटेल ने इस प्लान को अपनी वेबसाइट और थैंक्स ऐप पर लिस्ट किया है।

56 दिन वाला सबसे सस्ता प्लान

एयरटेल का यह प्रीपेड प्लान 579 रुपये में आता है। इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलेगा। साथ ही, यूजर्स फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ ले सकते हैं। इस प्लान में यूजर्स को डेली 1.5GB डेटा मिलता है। साथ ही, 100 फ्री SMS का भी बेनिफिट मिलेगा।

इस प्लान में मिलने वाले अतिरिक्त बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इसमें Airtel XStream Play का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। यूजर्स इस ऐप के जरिए फ्री में कई OTT कंटेंट को एक्सेस कर सकेंगे। वहीं, यूजर्स को इस प्लान में फ्री हैलोट्यून्स का भी लाभ दिया जाता है। इसके अलावा Adobe Express Premium का एक्सेस पूरे 12 महीने के लिए मिलता है।

एयरटेल के 56 दिन की वैलिडिटी वाले अन्य प्लान्स की बात करें तो 649 रुपये में भी एक प्लान आता है। इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग के साथ-साथ डेली 2GB डेटा का लाभ मिलेगा। इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड 5G का भी लाभ मिलेगा।

अमरनाथ यात्रा में मिलेगी कनेक्टिविटी

एयरटेल ने अमरनाथ यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग में बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए मोबाइल साइट लाइव किया है। कंपनी ने बताया कि चंदनवारी, पिसू टॉप और बेताब वैली में एयरटेल का मोबाइल साइट लाइव हो गया है। अमरनाथ यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों को इन एरिया में एयरटेल की बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। साथ ही, इस एरिया में सुरक्षा अधिकारियों और लोकल ऑथोरिटी को भी बेहतर नेटवर्क का लाभ मिलेगा।

अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी इमरजेंसी की स्थिति में तीर्थयात्री, सुरक्षा अधिकारी और लोकर ऑथोरिटी को बेहतर नेटवर्क की वजह से कनेक्टिविटी मिल सकेगी और सहायता मिलने में तेजी आ सकती है। तीर्थयात्री और सुरक्षा अधिकारी आपात स्थिति में भी लोगों के साथ कनेक्टेड रह सकेंगे और मदद ले सकेंगे।

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मोहाली में विदेशी छात्रा से गैंगरेप: बर्थडे पार्टी में बुला शराब पिलाई, फ्लैट में बंद किया; लुधियाना की यूनिवर्सिटी में पढ़ती है – Kharar News




मोहाली में विदेशी छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया। वह बर्थडे पार्टी के लिए लुधियाना से मोहाली आई थी। पार्टी के दौरान नशे की हालत का फायदा उठाकर दो विदेशी मूल के युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया। पीड़िता के भाई ने घटना से जुड़ी अहम बेडशीट को सबूत के तौर पर सुरक्षित रखकर पुलिस को सौंप दिया। मेडिकल जांच में गैंगरेप की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान एजिकिएल और फ्रेक के रूप में हुई है। शुक्रवार को उन्हें कोर्ट ने 2 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। लाइबेरिया की पीड़ित छात्रा लुधियाना की प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती है। आोरीपी भी लुधियाना की ही एक अन्य प्राइवेट यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। जिस युवक का बर्थडे था वह पीड़िता को जानता था। आरोपी खरड़ स्थित रिहायशी सोसाइटी की पहली मंजिल पर किराए के फ्लैट में रहते हैं। इसी फ्लैट में बर्थडे पार्टी आयोजित की गई थी। यह फ्लैट लुधियाना स्थित यूनिवर्सिटी से करीब 45 किलोमीटर दूर है। दोनों आरोपी यहीं से रोज यूनिवर्सिटी आते-जाते।
6 पॉइंट में पढ़िए पूरा मामला… कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा
पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों को पुलिस रिमांड पर भेजा। वारदात वाली जगह से फोरेंसिक सबूत जुटाए गए हैं।



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बरसात में स्टोर कर लेती हैं ये फल, गर्मी में बन जाता है कमाई का ‘ठंडा खजाना’, जानें आइडिया


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Success Story: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के टेकापार गांव की उद्यमी सोनी साहू ने सीताफल से आइसक्रीम बनाकर स्वरोजगार की मिसाल पेश की है. बरसात में सीताफल का पल्प सुरक्षित रखकर गर्मियों में उससे आइसक्रीम तैयार करती हैं. जानें इनके सफलता की कहानी…

Success Story: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक घरेलू कामों से आगे बढ़कर स्वरोजगार की नई मिसाल पेश कर रही हैं. इसी कड़ी में बालोद जिले के टेकापार गांव की रहने वाली उद्यमी महिला सोनी साहू अपनी अनोखी पहल से चर्चा में हैं. सोनी ने सीताफल जैसे मौसमी फल को आय का जरिया बनाकर एक अलग पहचान बनाई है. वे सीताफल से आइसक्रीम तैयार कर बाजार में बेच रही हैं, जिसकी मांग गर्मी के दिनों में तेजी से बढ़ जाती है.

स्टोर कर लेती हैं सीताफल
सोनी साहू लोकल18 को बताती हैं कि बरसात के मौसम में सीताफल की अच्छी आवक होती है. इसी दौरान वे स्थानीय बाजार से सीताफल खरीदकर उसे सुरक्षित स्टोर कर लेती हैं. बाद में उसका पल्प निकालकर संरक्षित रखती हैं, ताकि गर्मी के सीजन में इसका उपयोग किया जा सके. यही पल्प उनकी खास सीताफल आइसक्रीम की मुख्य सामग्री होता है.

ऐसे तैयार करतीं आइसक्रीम 
आइसक्रीम बनाने की प्रक्रिया के बारे में सोनी बताती हैं कि 2 किलो सीताफल पल्प में 1 किलो क्रीम और दूध पाउडर मिलाया जाता है. इसके बाद सभी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स कर छोटे-छोटे डिब्बों में भरकर ठंडा होने के लिए रखा जाता है. तैयार होने के बाद इन्हें बाजार में बिक्री के लिए भेजा जाता है. उनके द्वारा तैयार किया गया एक छोटा डिब्बा सीताफल आइसक्रीम 20 रुपये में बिकता है. गर्मी के मौसम, जन्मदिन पार्टी, पारिवारिक आयोजनों और छोटे कार्यक्रमों में इस आइसक्रीम की काफी मांग रहती है. खास बात ये कि स्वाद के साथ यह स्थानीय और प्राकृतिक उत्पाद होने के कारण लोगों को ज्यादा पसंद आता है.

सुशासन तिहार में मुनाफा
सोनी का कहना है कि देसी स्वाद और ताजगी ही उनके उत्पाद की सबसे बड़ी खासियत है. बताया कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने 6 अलग-अलग शिविरों में अपने सीताफल आइसक्रीम का स्टॉल लगाया था. हर शिविर से उन्हें करीब 1000 रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ. इस तरह उन्होंने कुल मिलाकर अच्छी आमदनी हासिल की.

प्रशिक्षण भी दे रहीं
पहले घर में सिलाई का काम करने वाली सोनी साहू आज एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं. सीताफल आइसक्रीम के अलावा वे अरहर दाल, पापड़, बड़ी और आचार जैसे घरेलू उत्पाद भी तैयार कर बेचती हैं. इतना ही नहीं, वे अन्य महिलाओं को भी इस काम का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही हैं. उनकी यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



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कासगंज में ‘नो प्लास्टिक डे’ पर जागरूकता अभियान: छात्रों को मिले स्टील की बोतल और कपड़े के बैग – Kasganj News




कासगंज में “नो प्लास्टिक डे” के अवसर पर लायंस क्लब कासगंज ने जे.एल. पब्लिक स्कूल, आवास विकास कॉलोनी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। क्लब अध्यक्ष विजय राजपूत की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अध्यापकों और अध्यापिकाओं को स्टील की पानी की बोतलें और कपड़े के बैग वितरित किए गए। इसका उद्देश्य प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने का संदेश देना था। इस अवसर पर लक्ष्मीकांत चोला ने “प्लास्टिक हटाओ, जीवन बचाओ और पर्यावरण को स्वच्छ बनाओ” का आह्वान किया। लाल सिंह वर्मा ने प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को आज की सबसे बड़ी समझदारी बताया। राम रक्षपाल सिंह ने “एक ही नारा, एक ही लक्ष्य—राष्ट्र हो प्लास्टिक मुक्त” का संदेश दिया। क्लब अध्यक्ष विजय राजपूत ने बताया कि प्लास्टिक कचरा सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होता और मिट्टी व पानी को प्रदूषित करता है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक की बोतलों और थैलों के स्थान पर स्टील, तांबे, कांच की बोतलों तथा कपड़े के बैग का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियां पैदा करती हैं। कार्यक्रम में राजेंद्र बिड़ला, अजय गुप्ता, अशोक मिश्रा, शिवकुमार, विनोद कुमार, अनामिका, अलका, सुमन कुमारी, खुशी, महक, नंदिनी, ज्योति, हिमांशी, सुनीता, दिनेश प्रताप सिंह और आरती सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



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सिकंदरपुर मन में डेढ़ महीने से मछलियों की मौत: जांच में पानी में अमोनिया-मेडिकल वेस्ट का खुलासा; मुजफ्फरपुर में नगर निगम अलर्ट – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक सिकंदरपुर मन में पिछले डेढ़ महीने से लगातार मछलियों की मौत हो रही है। ये अब पर्यावरणीय संकट का रूप लेती जा रही है। जिला मत्स्य विभाग की जांच में पानी में अमोनिया की मात्रा अधिक मिली है। इसके साथ ही अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट और धोबी घाट के रासायनिक अपशिष्ट को इसकी बड़ी वजह बताया गया है। विभाग ने रिपोर्ट जिला प्रशासन और नगर निगम को सौंपते हुए तत्काल प्रदूषण रोकने की सिफारिश की है। डेढ़ महीने से लगातार मर रही हैं मछलियां, दुर्गंध से लोग परेशान शहर के बीच स्थित सिकंदरपुर मन में बीते डेढ़ महीने से लगातार बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है, जिसके कारण आसपास रहने वाले लोगों और आने-जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मछली पालन करने वाले व्यवसायियों को भी लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। पानी की जांच में सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट जिला मत्स्य पदाधिकारी रणधीर कुमार ने बताया कि लगातार मछलियों की मौत की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम ने पानी का नमूना लेकर जांच के लिए पटना की प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में पानी में अमोनिया गैस की मात्रा सामान्य से अधिक पाई गई, जो जलीय जीवों के लिए बेहद खतरनाक है। मेडिकल वेस्ट और केमिकल से बढ़ रहा प्रदूषण मत्स्य विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि आसपास के अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट और रासायनिक अपशिष्ट बिना उपचार के सीधे मन के पानी में पहुंच रहा है। इसके अलावा परिसर स्थित धोबी घाट से डिटर्जेंट और अन्य रासायनिक पदार्थ भी सीधे जलाशय में बहाए जा रहे हैं। इन कारणों से पानी तेजी से प्रदूषित हो रहा है और मछलियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। कतला मछली पर सबसे ज्यादा असर जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि प्रदूषण का सबसे अधिक असर कतला मछली पर पड़ा है। यह प्रजाति पानी की ऊपरी सतह पर रहती है, जहां प्रदूषण और ऑक्सीजन की कमी का प्रभाव सबसे पहले दिखाई देता है। विभाग ने यह भी बताया कि पानी की ऊपरी सतह का रंग भी बदल चुका है, जो बढ़ते प्रदूषण का संकेत है। नगर निगम और प्रशासन को दी गई सिफारिश मत्स्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन और नगर निगम को भेजते हुए प्रदूषण के स्रोतों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। विभाग ने अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने, केमिकलयुक्त पानी को बिना ट्रीटमेंट जलाशय में छोड़ने पर रोक लगाने और धोबी घाट से निकलने वाले पानी के लिए अलग निकासी व्यवस्था करने की सिफारिश की है। मछली व्यवसायियों को लाखों का नुकसान सिकंदरपुर मन में मछली पालन करने वाले व्यवसायियों का कहना है कि पिछले दो महीनों में लाखों रुपये मूल्य की मछलियां मर चुकी हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान और बढ़ेगा और पूरे जलाशय की मत्स्य संपदा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रदूषण रोकने और जलाशय को बचाने की मांग की है।



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खरगोन में कांग्रेस ने प्रदर्शन की बनाई रणनीति: जिला प्रभारी ने बूथ मजबूत करने का दिया मंत्र; प्रशिक्षण पर जोर – Khargone News




खरगोन में शुक्रवार दोपहर 12 बजे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जिला प्रभारी उषा नायडू ने एक बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज से लेकर केंद्र और प्रदेश स्तर तक के चुनावों में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना था। इसके लिए बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। जिला प्रभारी उषा नायडू ने खरगोन विधानसभा की बैठक में कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार बनाने के लिए सभी को जीत के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने लोगों को परिवार मानकर उनसे मेलजोल बढ़ाने और बूथ स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करने की आवश्यकता पर बल दिया। नायडू ने बताया कि भविष्य में रणनीति आधारित प्रशिक्षण के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कार्यकर्ताओं को पंच, सरपंच, पार्षद, विधायक और सांसद जैसे पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की रणनीति पर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी को अपना प्रदर्शन दिखाना होगा। ‘वोट ज्यादा कैसे मिलें, इस पर काम करना है’
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रवि जोशी ने पिछले चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि यदि पिछली बार 100 वोट मिले थे, तो इस बार 125 वोट कैसे प्राप्त किए जाएं, इस पर काम होना चाहिए। पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और भगवानपुरा विधायक केदार डावर ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने गांव से लेकर शहर तक जीत के लक्ष्य के साथ सक्रियता से काम करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला और महिला कांग्रेस के ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।



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ब्रेकफास्ट में ट्राई करें साबूदाने की ये 3 लाइट रेसिपी, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी


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ब्रेकफास्ट में ट्राई करें साबूदाने की ये 3 लाइट रेसिपी, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी

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Healthy Sabudana Breakfast Ideas: सुबह-सुबह जब हम सोकर उठते हैं, तो सबसे बड़ी टेंशन यही होती है कि नाश्ते में ऐसा क्या बनाया जाए जो जल्दी भी बन जाए, खाने में टेस्टी हो और जिसे खाकर दिनभर शरीर में कमजोरी न लगे. अक्सर लोग रोज-रोज वही पोहा या पराठा खाकर बोर हो जाते हैं. अगर आप भी अपने नाश्ते में कुछ नया, हल्का और पौष्टिक ट्राई करना चाहते हैं, तो साबूदाना आपके लिए एक बहुत ही बढ़िया चॉइस हो सकता है. आइए जानते हैं कि साबूदाने को रोज के नाश्ते में शामिल करने के क्या फायदे हैं और इससे आप सुबह-सुबह कौन सी झटपट और मजेदार रेसिपीज तैयार कर सकते हैं.

सुबह का नाश्ता पूरे दिन का सबसे जरूरी खाना माना जाता है. रात को 8 से 10 घंटे सोने के बाद सुबह हमारे शरीर को जो पहला आहार मिलता है, वही हमें दिनभर एक्टिव और एनर्जेटिक रखने में मदद करता है. इसलिए सुबह के समय हमें ऐसी चीजें खानी चाहिए जिनमें कैलोरी कम हो, लेकिन वे शरीर को भरपूर ताकत दें.

सुबह के नाश्ते में ज्यादातर लोग कुछ ऐसा खाना पसंद करते हैं जो पेट के लिए हल्का हो और जिसे खाने के बाद दिनभर सुस्ती न आए. इसके लिए लोग अक्सर फल, दलिया या ओट्स जैसी चीजें खाते हैं, क्योंकि ये चीजें पचने में आसान होने के साथ-साथ शरीर के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती हैं.

इसी तरह सुबह के नाश्ते में आप साबूदाने को भी शामिल कर सकते हैं, जो हल्का होने के साथ-साथ सेहत के लिए बहुत बढ़िया होता है. अक्सर लोग साबूदाने को सिर्फ व्रत या उपवास में ही खाते हैं, लेकिन आप इसे रोज के नाश्ते में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे कई तरह की टेस्टी और हेल्दी डिशेज बनाई जा सकती हैं.

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गर्मी के दिनों में साबूदाने का नाश्ता पेट के लिए बेहद हल्का और सुपाच्य होता है. इससे अलग-अलग तरह की चीजें बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. इसे खाने के बाद पेट भारी-भारी नहीं लगता और शरीर में दिनभर अच्छी एनर्जी बनी रहती है.

अगर आप नाश्ते में कुछ बढ़िया और हेल्दी खाना चाहते हैं तो साबूदाना खिचड़ी बना सकते हैं. इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान है. इसके लिए सबसे पहले साबूदाने को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए. इसके बाद कढ़ाई में थोड़ी सी मूंगफली, उबले आलू, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता डालकर आप इसकी टेस्टी खिचड़ी तैयार कर सकते हैं. यह खाने में तो मजेदार लगती ही है, पेट के लिए भी बहुत हल्की होती है.

खिचड़ी के अलावा आप सुबह के नाश्ते में साबूदाने का उपमा भी बना सकते हैं. यह भी एक बहुत ही हल्का और हेल्दी ऑप्शन है. इस उपमा को बनाते समय आप इसमें अपनी पसंद की हरी सब्जियां भी डाल सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और ताकत दोनों बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं.

सुबह के नाश्ते के लिए साबूदाने का चीला भी एक नंबर ऑप्शन है. यह खाने में बहुत टेस्टी होता है और फटाफट बन जाता है. इसे बनाने के लिए भीगे हुए साबूदाने को हल्का सा मैश करके उसमें कुट्टू का आटा या सिंघाड़े का आटा मिला लें और थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें. फिर तवे पर इसे चीले की तरह सेंक लें.

वहीं, आयुर्वेदिक दावों के सलाहकार डॉ. आशीष बताते हैं कि साबूदाना सेहत के लिए अच्छा तो है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी ज्यादा होता है. इसका मतलब यह है कि इसे खाने से शरीर में ब्लड शुगर बहुत तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए शुगर के मरीजों को इसे खाने से बचना चाहिए. इसके अलावा, जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें भी साबूदाना ज्यादा नहीं खाना चाहिए

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