बिहार में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने आज यानी गुरुवार को राज्य के 24 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 KM/H की रफ्तार से हवा चलेगी। गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। बीते 24 घंटे में पटना में ओले गिरे, तेज बारिश हुई। वहीं, बगहा, किशनगंज, सुपौल, अररिया और खगड़िया में भी तेज बारिश हुई। कई जिलों में बादल छाए रहे। पूर्णिया में बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। जबकि सुपौल में एक महिला घायल हो गई। औसत से 186% ज्यादा बारिश दर्ज बीते 24 घंटे में बिहार में कुल 94.5 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो औसतन 32.1 मिमी रहता है। इस तरह यह बारिश सामान्य से करीब 186 प्रतिशत अधिक है। लगातार हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। देखें मौसम की कुछ तस्वीरें… किसानों को भारी नुकसान लगातार बारिश और तेज हवा की वजह से किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूब रही हैं, जिससे गेहूं की कटाई के बाद रखी फसलें भीगकर खराब हो रही हैं। सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को विशेष रूप से नुकसान हुआ है, क्योंकि जलभराव से फसल सड़ने लगी है। तेज हवा और आंधी से कई जगहों पर फसलें गिर गई हैं, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। आम और लीची जैसी फलों की फसल पर भी इसका असर पड़ा है, क्योंकि तेज हवा से कच्चे फल गिर रहे हैं। इसके अलावा खेतों में पानी भरने से बुवाई की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। कब तक रहेगा ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, बिहार में अगले 2 से 3 दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवा की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद है। पटना में मौसम का हाल राजधानी में फिलहाल बादल छाए हुए रह सकते हैं। आज बारिश होने की कोई संभावना नहीं है। उमस बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान भी 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। भीषण गर्मी कब बढ़ेगी मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 2–3 दिनों बाद जैसे ही बारिश की गतिविधियां कम होंगी, वैसे ही तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मई के दूसरे सप्ताह से राज्य में एक बार फिर भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनने की संभावना है।
Source link
बिहार के 24 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट: 24 घंटे में 94.5mm बारिश दर्ज, पटना में गिरे ओले; पूर्णिया में बिजली से 2 की मौत – Patna News
ग्वालियर समेत MP के 11 जिलों में पानी गिरेगा: दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट; भोपाल, इंदौर-उज्जैन में गर्मी पड़ेगी – Bhopal News
वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ), चक्रवात और ट्रफ की वजह से मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर है। बुधवार को कहीं बारिश तो कहीं आंधी वाला मौसम रहा। गुरुवार को मौसम विभाग ने ग्वालियर समेत 11 जिलों में अलर्ट जारी किया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज शामिल हैं। IMD (मौसम केंद्र) के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने से ऐसा मौसम रहेगा। हालांकि, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी रहेगा। कई शहरों में दिन का तापमान 43 डिग्री तक पहुंच सकता है। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच, मंदसौर में पारे में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना है। उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा मौसम विभाग की माने तो अगले 4 दिन तक प्रदेश में उथल-पुथल वाला मौसम रहेगा। अगले 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार है। वहीं, 9 और 10 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। जिसका असर अगले 2 दिन बाद देखने को मिल सकता है। छह दिन से बारिश का दौर प्रदेश में बुधवार को लगातार सातवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। धार समेत कई जिलों में असर देखने को मिला। यानी, इस बार मई के शुरुआत छह दिन तक बारिश हुई है। मौसम में बदलाव होने से गर्मी का असर कम हुआ है। प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री से नीचे चल रहा है। देखिए बुधवार को आंधी-बारिश की तस्वीरें
अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम… 10 मई से नया सिस्टम मौसम विभाग की माने तो अभी कुछ दिन तक प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा। वर्तमान में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) प्रदेश के बीचोंबीच में एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से मौसम बदला हुआ है। मई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड… भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड भोपाल में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। यहां इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई। 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इस बार भी मई में बारिश का अलर्ट है। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में भी पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। ग्वालियर में 48 डिग्री के पार पहुंच चुका पारा ग्वालियर में गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। 10 साल में यहां पारा एक बार 47 डिग्री और 3 बार 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 30 मई 1947 को 48.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। 17 मई 1953 को 24 घंटे में सर्वाधिक 41.9 मिमी, यानी डेढ़ इंच से अधिक बारिश हुई थी। 2023 में भी ढाई इंच पानी गिरा था। जबलपुर में 3 बार 45 डिग्री पार कर चुका तापमान जबलपुर की बात करें तो यहां 25 मई 1954 को पारा 46.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। 10 साल में 3 बार टेम्परेचर 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक भी रहा है। जबलपुर में मई में बारिश का ट्रेंड भी रहता है। 2014 से 2023 में हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। पिछले साल 2 इंच पानी गिरा था। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी इस महीने गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 22 मई 2010 को रिकॉर्ड 46 डिग्री सेल्सियस तापमान पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच एक बार पारा 45 डिग्री के पार रह चुका है। हालांकि, पिछले साल पारा 42.4 डिग्री से ज्यादा नहीं गया था। इस महीने पौन इंच के करीब बारिश भी हुई थी।
Source link
यूपी समेत 9 राज्यों में बारिश: बिहार में ओले गिरे, बिजली गिरने से 2 की मौत; राजस्थान के जयपुर में सड़कों पर पानी का छिड़काव
- Hindi News
- National
- Weather Up Rajasthan Bihar Rain Maharashtra Heatwave Himachal Jammu Kashmir Snowfall
भोपाल/लखनऊ/जयपुर/देहरादून11 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में बुधवार को बारिश हुई। वहीं बिहार, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में ओले भी गिरे।
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गोदाम में रखा 100 क्विंटल गेहूं भीग गया। राज्य में अधिकतम तापमान 40°C से नीचे आ गया है। आज 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है।
बिहार में पटना के इलाकों में ओले भी गिरे। यहां दोपहर में ही अंधेरा छा गया। पूर्णिया में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम समेत ऊंची चोटियों पर लगातार चौथे दिन बर्फबारी हुई।
गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म रहा। यहां का तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के वाशिम में तापमान 42.6°C रहा। राजस्थान के फलोदी में सबसे ज्यादा तापमान 42.8°C दर्ज किया गया।
जयपुर सहित कई जिलों में बुधवार को तेज धूप रही। जयपुर में सड़कों पर पानी का भी छिड़काव किया गया। मौसम विभाग ने आज और कल 7 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 8 मई से हीटवेव की भी चेतावनी दी है।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल
8 मई:
असम, मेघालय और अरुणाचल में बिजली गिरने और कुछ जगह भारी बारिश का अलर्ट है।
यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के हिस्सों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
9 मई:
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है।
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है।
देशभर से मौसम से जुड़ी 3 तस्वीरें…

तस्वीर गाजीपुर की है। यहां बारिश में क्रय केंद्रों पर रखी गेहूं की फसल भीग गई।

छत्तीसगढ़ के गौरेला ओवरब्रिज के पास कई पेड़ उखड़कर बीच सड़क पर गिरे।

बिहार में पटना के गांधी मैदान में शपथ समारोह से पहले बारिश के बाद पानी भर गया। टेंट में रखे सोफा भीग गए।

आज से शुरू होगी जनगणना: मोबाइल एप के जरिए डिजिटली होगी जनगणना,मथुरा में DM ने अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण – Mathura News
16 साल बाद गुरुवार से जनगणना की जाएगी। 7 मई से चलने वाली यह जनगणना 21 मई तक चलेगी। इस बार की जनगणना में पहली बार स्व गणना का भी विकल्प उपलब्ध कराया गया है। स्व गणना में 33 प्रश्नों का उत्तर भरना है,जिसे आम लोग स्वयं,परिवार के सदस्य या जन सुविधा केंद्र से भरवा सकते हैं। अधिकारियों को दी ट्रेनिंग मथुरा में DM और प्रमुख जनगणना अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जनगणना-2027 मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा स्वगणना के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार देर शाम को की। कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना-2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना तथा स्वगणना के लिए जिले के सभी चार्ज अधिकारियों हेतु प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्व-गणना, मकान सूचीकरण, मकानों की गणना आदि के संबंध में पीपीटी के माध्यम से सभी चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 7 मई से 21 मई तक आम लोगों द्वारा स्वगणना पोर्टल के माध्यम से अपनी गणना ऑनलाइन की जा सकती है। प्रदेश में जनगणना का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का काम दिनांक 22 मई 2026 से 20 जून 2026 के मध्य पूरा किया जाएगा। जनगणना-2027 के सुचारू, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण संचालन हेतु जनगणना कार्मिकों का प्रशिक्षण एक संरचित कैस्केड मॉडल के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसके सम्बन्ध में बैठक एवं सेल्फ इन्यूमेरेशन (Self enumeration) कार्यशाला आयोजित की गई। 7 मई से प्रारम्भ होकर 21 मई तक चलने वाली स्व-गणना प्रक्रिया के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार तथा लोगों को जागरूक करने हेतु जिलाधिकारी ने निर्देशित किया। स्व गणना में भरने होंगे 33 प्रश्न के जवाब कार्यशाला के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार जनगणना की प्रक्रिया आधुनिक तकनीक के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल रूप में मोबाइल एप के जरिए पूरी की जाएगी, जिससे पारदर्शिता एवं सटीकता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण में आवास सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) एवं मकानों की नंबरिंग की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस बार नागरिकों को पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे वे स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते है। स्व गणना में 33 प्रश्नों का उत्तर भरना है, जिसे आम जनमानस स्वयं, अपने परिवार के सदस्य या जन सेवा केंद्र के माध्यम से भर सकता है। उन्होंने कहा कि जनगणना देश का अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसके माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर शासन द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन किया जाता है। जन प्रतिनिधियों का भी भरा जाए स्व गणना जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने कार्यालयों के कर्मचारियों तथा विभाग से जुड़े अन्य लोगों को स्वगणना भरने हेतु प्रोत्साहित करे। उन्होंने कोटेदारों, ग्राम सचिवों, ग्राम प्रधानों, पुलिस कर्मचारियों, होमगार्ड्स, पीआरडी जवानों, सिविल डिफेंस जवानों, व्यापारियों, उद्यमियों, आपदा मित्रों, शिक्षकों आदि को स्व गणना भरने हेतु प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा जनप्रतिनिधियों का भी स्वगणना भरवाया जाए। यह रहे मौजूद बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार, नगर मजिस्ट्रेट अनुपम कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार उपाध्याय, वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल पाण्डेय, जिला विकास अधिकारी श्रीमती गरिमा खरे, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, उप जिलाधिकारी मांट दीपिका मेहर, उप जिलाधिकारी महावन ऊषा सिंह, उप जिलाधिकारी गोवर्धन सुशील कुमार, जिला कमांडेंट होमगार्ड्स डॉ शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी नगेन्द्र पाल सिंह, जिला क्रीड़ा अधिकारी राकेश कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
Source link
मटन, पपीता, घी और 25 तरह के मसाले…जानिए बलिया के गलावटी कबाब की रेसिपी
Last Updated:
Mutton Galawati Kebab Recipe : बलिया की ये दुकान सुर्खियों में है. कच्चे पपीते, मटन और 25 मसाले के साथ यहां देसी घी से तैयार होने वाले इस आइटम को एक बार चखने के बाद लोग दोबारा आने को मजबूर हैं. लखरानी रेस्टोरेंट के फाउंडर इं. दिव्यांशु गुप्ता लोकल 18 से कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट का नामकरण उन्होंने अपनी दादी के नाम पर किया है. मटन गलावटी कबाब उनकी दादी का पसंदीदा था. इसे बनाने के लिए 25 प्रकार के मसालों और कच्चे पपीते का प्रयोग किया जाता है.
बलिया. अगर आपको नॉनवेज खाने का शौक है, तो यह रिपोर्ट आपके लिए है. बलिया में इन दिनों नॉनवेज का एक आइटम खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इसे चखने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. इसकी खासियत इसे एक अलग पहचान दे रही है. कच्चे पपीते, मटन और 25 मसाले के साथ देसी घी से तैयार होने वाले इस आइटम को एक बार चखने के बाद लोग दोबारा आने को मजबूर हो रहे हैं. इस आइटम को मटन गलावटी कबाब के नाम से जाना जा रहा है.
दादी का फेवरेट
लखरानी रेस्टोरेंट के फाउंडर इं. दिव्यांशु गुप्ता लोकल 18 से कहते हैं कि इस रेस्टोरेंट का नामकरण उन्होंने अपनी दादी के नाम पर किया है. उनकी दादी को खाना खिलाना और व्यंजन बनाना बेहद पसंद था. उन्हीं के पसंदीदा व्यंजनों को लेकर नॉनवेज रेस्टोरेंट लखरानी नाम से शुरुआत की है. यहां मांसाहारी में अनेक आइटम हैं, लेकिन फिलहाल मटन गलावटी कबाब खूब सुर्खियां बटोर रहा है. इसे खूब पसंद किया जा रहा है. यह आइटम उनकी दादी का पसंदीदा था.
दिव्यांशु बताते हैं कि इस कबाब को बनाने के लिए सबसे पहले मशीन से मटन का कीमा बनाया जाता है. उसके बाद 25 प्रकार के मसाले और कच्चे पपीते का प्रयोग किया जाता है और धीमी आंच पर देसी घी में इसे देर तक पकाया जाता है, जो की बहुत ही मुलायम बनकर तैयार होता है. इसको बुजुर्ग भी बड़े आसानी और चांव से खा रहे हैं और खूब पसंद किया भी जा रहा है. बलिया शहर में इस कबाब को खाने के लिए बहुत दूर-दूर से लोग आ रहे हैं.
जानिए लोकेशन
इस गलावटी कबाब की कीमत 140 रुपए में दो पीस है. अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो इसके लिए बलिया बलिया रेलवे स्टेशन लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर स्टेडियम/एसपी ऑफिस के सामने जमुना बेकरी के ठीक पास में लखरानी रेस्टोरेंट है, जहां पर यह मटन गलावटी कबाब खाने को मिल जाएगा.
About the Author
प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें
लहूलुहान पड़े थे चंद्रनाथ, रो रहा था ड्राइवर… सुवेंदु के पीए को कैसे मारा गया?
लहूलुहान पड़े थे चंद्रनाथ, रो रहा था ड्राइवर… सुवेंदु के पीए को कैसे मारा गया?
Last Updated:
Suvendu Adhikari PA Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. 6 मई की रात घात लगाकर किए गए इस हमले में ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है. बीजेपी ने इसे सोची-समझी साजिश और सुवेंदु अधिकारी पर हमले की कोशिश करार दिया है. वहीं टीएमसी ने भी कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है.
Chandranath Rath Murder Case Details: सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या: मध्यमग्राम हत्याकांड की पूरी जानकारी. (Photo : PTI)
Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कद्दावर बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार (06 मई 2026) रात करीब सवा 10 बजे हुई. पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि हमलावरों ने बाकायदा इलाके की रेकी की थी और एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत इस हत्याकांड को अंजाम दिया. घटना उस वक्त हुई जब चंद्रनाथ अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर थे. हमलावरों के पास विदेशी हथियार थे और उन्होंने जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया, उस पर लगी नंबर प्लेट भी जाली पाई गई है. इस वारदात के बाद से मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी तनाव है.
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ. (File Photo : PTI)
मध्यमग्राम में बुधवार रात 10 बजे के बाद क्या-क्या हुआ? चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की टाइमलाइन
6 मई की रात करीब 10:10 बजे : चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो जेसोर रोड स्थित मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई. चंद्रनाथ अपने एक साथी बुद्धदेव बेरा के साथ घर की ओर बढ़ रहे थे.
रात 10:15 बजे : उनका घर सिर्फ 200 मीटर दूर था. तभी अचानक एक अनजान कार ने उनकी स्कॉर्पियो का रास्ता रोक लिया. जैसे ही गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई, बाइक पर सवार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी.
रात 10:20 बजे : गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. वहां का नजारा बेहद डरावना था. स्कॉर्पियो के भीतर चंद्रनाथ और बुद्धदेव खून से लथपथ पड़े थे.
रात करीब 10:40 बजे : उन्हें पास के डाइवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया. उनके सीने के बाईं तरफ दो गोलियां लगी थीं. वहीं उनके साथी बुद्धदेव को तीन गोलियां लगी हैं, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है
रात 11:30 बजे : घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और वहां भारी पुलिस बल के साथ बीजेपी के बड़े नेता पहुंचने लगे.
Suvendu Adhikari’s PA Shot Dead: सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या. 06 मई 2026 की रात कब क्या हुआ? (Infographics made with AI)
Suvendu Adhikari PA Chandra Murder: चश्मदीद ने अपनी आंखों से क्या-क्या देखा?
- News18 इंडिया से बात करते हुए चश्मदीद सुशांत सरकार ने उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई. सुशांत ने कहा कि उन्होंने घर के अंदर गोलियों की आवाज सुनी और बाहर भागे.
- जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक स्कॉर्पियो खड़ी थी और उसका ड्राइवर बुरी तरह रो रहा था. ड्राइवर बार-बार कह रहा था, ‘सर, यह क्या हो गया!’ ड्राइवर ने बताया कि कुछ लोग गोलियां बरसाकर फरार हो गए हैं.
- सुशांत के मुताबिक, गाड़ी की दूसरी सीट पर बैठे शख्स (चंद्रनाथ) के शरीर से काफी खून निकल रहा था. वह उस वक्त जिंदा थे लेकिन कुछ बोल पाने की हालत में नहीं थे. उनके मुंह से बस हल्की आवाजें निकल रही थीं और सीना खून से लथपथ था.
- सुशांत और अन्य लोगों ने तुरंत ड्राइवर से कहा कि वह इन्हें लेकर अस्पताल भागे और उन्होंने खुद पुलिस को फोन किया. वारदात के समय हमलावर इतनी तेजी से आए और गए कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला.
सावधान! 6.6% पर आ सकती है देश की विकास दर, विकसित भारत के लिए अब ‘सुधारों’ की डोज जरूरी
Last Updated:
एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) के मुताबिक FY27 में भारत की विकास दर घटकर 6.6 प्रतिशत रह सकती है, जिसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया का तनाव और महंगा कच्चा तेल है. रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई 4.6 प्रतिशत के आसपास रह सकती है, लेकिन जोखिम बना रहेगा. साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए ऊर्जा, श्रम, पूंजी बाजार और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में बड़े सुधार जरूरी बताए गए हैं.
एसएंडपी ने कहा है कि 2026-27 में देश की विकास दर थोड़ी धीमी पड़ सकती है.
नई दिल्ली. वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक अहम संकेत सामने आया है. इंटरनेशनल रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2026-27 में देश की विकास दर थोड़ी धीमी पड़ सकती है और यह करीब 6.6 प्रतिशत रह सकती है. यह आंकड़ा मौजूदा वित्त वर्ष के करीब 7 प्रतिशत के अनुमान से कम है, जो साफ दिखाता है कि बाहरी दबाव अब असर डालने लगे हैं.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए ग्रोथ की रफ्तार को बनाए रखना आसान नहीं होगा. मजबूत घरेलू मांग और सरकारी खर्च भारत की ताकत बने हुए हैं, लेकिन ग्लोबल फैक्टर्स अब बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं.
पश्चिम एशिया संकट ने बढ़ाई चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक ग्रोथ में संभावित गिरावट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है. ईरान से जुड़े हालात और युद्ध जैसी स्थिति ने ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता बढ़ा दी है. इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जो तेजी से ऊपर गई हैं.
भारत जैसे देश के लिए यह स्थिति ज्यादा संवेदनशील है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. तेल महंगा होने से न सिर्फ आयात बिल बढ़ता है, बल्कि महंगाई भी ऊपर जाती है और कंपनियों की लागत पर दबाव बनता है. यही वजह है कि इकोनॉमिक ग्रोथ पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है.
महंगाई पर भी बना रहेगा दबाव
एसएंडपी ग्लोबल (S&P Global) ने अनुमान लगाया है कि FY27 में महंगाई करीब 4.6 प्रतिशत रह सकती है. यह आंकड़ा नियंत्रण में दिखता है, लेकिन इसमें ऊपर जाने का जोखिम बना हुआ है. खासकर अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो महंगाई फिर से बढ़ सकती है. भारतीय रिजर्व बैंक पहले से ही महंगाई को काबू में रखने के लिए सतर्क है. लेकिन ग्लोबल कारणों पर उसका सीधा नियंत्रण नहीं होता. इसलिए बाहरी झटकों का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
विकसित भारत के लिए सुधार ही रास्ता
रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर भारत को विकसित भारत बनने का लक्ष्य हासिल करना है, तो अब बड़े और गहरे सुधार करने होंगे. सिर्फ छोटे कदम काफी नहीं होंगे. ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना सबसे जरूरी बताया गया है, ताकि तेल आयात पर निर्भरता कम हो सके. इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा, श्रम सुधार, पूंजी बाजार में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक अगर ये सुधार सही तरीके से लागू किए जाते हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में 7.5 से 8 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ हासिल कर सकता है.
लंबी अवधि में उम्मीद बरकरार
भले ही अल्पकाल में ग्रोथ थोड़ी नरम पड़ने का अनुमान है, लेकिन लंबी अवधि की तस्वीर अभी भी मजबूत बनी हुई है. भारत की घरेलू मांग, डिजिटल इकोनॉमी और सरकारी कैपेक्स उसे बाकी देशों से अलग बनाते हैं. अगर वैश्विक हालात सामान्य होते हैं और सुधारों की रफ्तार तेज रहती है, तो भारत एक बार फिर तेज विकास की राह पकड़ सकता है.
100 करोड़ी मूवी देने वाली पहली हीरोइन, 2 साल में दी 3 सुपरहिट, करियर के पीक पर हुई गायब
Last Updated:
एक्ट्रेस ने जब बॉलीवुड में एंट्री मारी थी, तो लगा था कि वे प्रियंका चोपड़ा-करीना कपूर जैसी टॉप हीरोइनों को पीछे छोड़ देंगी. वे बॉलीवुड में एंट्री के साथ 100 करोड़ी फिल्म देने वाली पहली हीरोइन बन गई थीं. उन्होंने आमिर, सलमान और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्में दी, फिर अचानक सिनेमा जगत को छोड़कर सबको चौंका दिया. उन्होंने 2016 में बिजनेसमैन से शादी कर ली. अक्षय कुमार ने उनकी निजी जिंदगी में बड़ा रोल प्ले किया था. एक्ट्रेस अपनी निजी जिंदगी की वजह से लाइमलाइट से दूर हैं.
नई दिल्ली: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में कुछ सितारे ऐसे होते हैं जो अपनी पहली ही फिल्म से धमाका कर देते हैं. एक्ट्रेस उनमें से एक थीं. वे बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ी फिल्म देने वाली पहली हीरोइन हैं. एक्ट्रेस की बॉलीवुड में एंट्री से प्रियंका चोपड़ा-करीना कपूर की बादशाहत को कड़ी चुनौती मिली थी. एक्ट्रेस ने बैक-टू-बैक हिट फिल्में देकर सबको हैरान कर दिया था. उन्होंने इंडस्ट्री के सबसे बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया और बहुत ही कम समय में घर-घर में अपनी पहचान बना ली. मगर उन्होंने करियर की पीक पर एक्टिंग से दूरी बना ली.

अक्टूबर 1985 में जन्मी एक्ट्रेस का सफर मलयालम, तमिल और तेलुगू फिल्मों से शुरू हुआ था. हम असिन की बात कर रहे हैं. आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने महज 15 साल की उम्र में साल 2001 में अभिनय की शुरुआत कर दी थी. शुरुआत भले ही सादी रही हो, लेकिन उनकी मेहनत और टैलेंट ने उन्हें जल्द ही साउथ सिनेमा की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों की लिस्ट में खड़ा कर दिया.

साउथ सिनेमा में राज करने के बाद असिन ने साल 2008 में आमिर खान के साथ फिल्म ‘गजनी’ से बॉलीवुड में कदम रखा. यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुई, क्योंकि यह घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ कमाने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म बनी. इस एक फिल्म ने असिन को रातों-रात बॉलीवुड की टॉप स्टार्स की कतार में ला खड़ा किया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

असिन का जादू सर चढ़कर बोला. उन्होंने सलमान खान के साथ ‘रेडी’, अक्षय कुमार के साथ ‘खिलाड़ी 786’ और अजय देवगन के साथ ‘बोल बच्चन’ जैसी सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगा दी. लेकिन जब हर किसी को लग रहा था कि वह बॉलीवुड पर लंबे समय तक राज करेंगी, तब उन्होंने फिल्म ‘ऑल इज वेल’ के बाद अचानक फिल्मों से दूरी बना ली, जिससे उनके फैंस काफी दंग रह गए.

असिन ने साल 2016 में अपने करियर के शिखर पर फिल्मों को अलविदा कहकर अपनी निजी जिंदगी को चुनने का फैसला किया. उन्होंने माइक्रोमैक्स के को-फाउंडर राहुल शर्मा के साथ दिल्ली में एक निजी सेरेमनी में शादी कर ली. उन्होंने शादी के बाद ग्लैमर की दुनिया से पूरी तरह किनारा कर लिया और अपनी निजी जिदंगी में व्यस्त हो गईं. साल 2017 में इस कपल के घर एक प्यारी सी बेटी अरिन का जन्म हुआ.

असिन और राहुल की इस लव स्टोरी के पीछे असली ‘क्युपिड’ बॉलीवुड खिलाड़ी अक्षय कुमार थे. राहुल शर्मा ने एक पॉडकास्ट में बताया कि उनकी पहली मुलाकात 2012 में ढाका में हुई थी. अक्षय कुमार अपनी फिल्म ‘हाउसफुल 2’ को प्रमोट कर रहे थे और राहुल की कंपनी माइक्रोमैक्स उस एशिया कप को स्पॉन्सर कर रही थी. अक्षय को लगा कि राहुल और असिन की वैल्यूज और बैकग्राउंड एक जैसे हैं, इसलिए उन्होंने दोनों के नंबर एक-दूसरे को दिए.

अक्षय कुमार ने खुद एक बार मजाक में बताया था कि उन्होंने इन दोनों को मिलाने के लिए काफी चालाकी से काम किया था. ‘हाउसफुल 2’ की शूटिंग के दौरान जब सब दिल्ली में थे, तो अक्षय ने एक खेल के बहाने राहुल और असिन को एक ही अलमारी में छिपा दिया था. अक्षय का यह मजेदार आइडिया काम कर गया और वहीं से दोनों के बीच बातचीत और प्यार का सिलसिला शुरू हुआ.

आज असिन लाइमलाइट से दूर एक खुशहाल जिंदगी बिता रही हैं. एक्टर के पति राहुल शर्मा एक सफल बिजनेस टाइकून हैं, जिनकी नेटवर्थ करीब 1300 करोड़ रुपये बताई जाती है. असिन का फिल्मों को छोड़ने का फैसला भले ही फैंस के लिए चौंकाने वाला था, लेकिन उनकी कहानी दिखाती है कि कभी-कभी करियर की ऊंचाइयों से ज्यादा सुकून अपनी निजी खुशियों में मिलता है.
मामा के घर आए मासूम की तालाब में डूबकर मौत: मेरठ में डेढ़ साल के बच्चे का शव 5 घंटे बाद मिला – Meerut News
मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र के चंदपुरा गांव में एक डेढ़ साल के मासूम बच्चे की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बच्चा अपने मामा के घर आया हुआ था और खेलते समय लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद उसका शव गांव के तालाब से बरामद किया गया। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र निवासी चीकू बैंसला का डेढ़ साल का बेटा डुग्गू अपनी मां राखी के साथ कुछ दिन पहले चंदपुरा गांव स्थित अपने ननिहाल आया था। बुधवार को डुग्गू घर के बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पास के तालाब की ओर चला गया और अचानक पानी में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों को इस घटना का तत्काल पता नहीं चल सका। काफी देर तक बच्चा दिखाई न देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पहले आसपास और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की गई। गांव में उद्घोषणा भी कराई गई, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने तालाब के आसपास तलाश शुरू की। करीब चार घंटे बाद मासूम का शव तालाब में मिला। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। बाद में लोनी से पहुंचे परिजन मासूम के शव को अपने साथ ले गए। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का तालाब लंबे समय से गंदगी और कूड़े से भरा हुआ है, जिसकी सफाई पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कुछ लोगों द्वारा तालाब की जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत भी की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब की नियमित सफाई और उचित सुरक्षा व्यवस्था होती, तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। इस घटना के बाद गांव में गम का माहौल है।
Source link
मीटिंग में महिला अधिकारी बेहोश: कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप; आईसीयू में इलाज जारी, रात में अस्पताल पहुंचे कलेक्टर – Rewa News
बुधवार शाम कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मोहन सभागार में चल रही एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एक महिला अधिकारी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। सिरमौर जनपद में एपीओ पद पर पदस्थ सुनीता तिवारी (शुक्ला) की तबीयत बिगड़ते ही बैठक में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। घटना के तुरंत बाद स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें आनन-फानन में शहर के निजी मिनर्वा हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि महिला अधिकारी पिछले कुछ दिनों से शुगर और ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रही थीं। इसी कारण उन्हें अचानक चक्कर आया और वे बेहोश हो गईं। घटना की जानकारी मिलने के बाद कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी रात में अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से महिला अधिकारी की स्थिति की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उन्हें “आयरन लेडी” बताते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार महिला अधिकारी की हालत स्थिर है और उनका उपचार जारी है।“मीटिंग के दौरान हमारी एक महिला अधिकारी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम इलाज कर रही है। फिलहाल स्थिति स्थिर है और प्रशासन की ओर से हर संभव मदद दी जा रही है।”
Source link


