Sunday, June 21, 2026
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नालंदा में स्कूल परिसर में खड़ी बस में लगाई आग: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक नाबालिग को पकड़ा, साजिश का आशंका – Nalanda News




नालंदा में प्राइवेट स्कूल कैंपस में खड़ी बस में नाबालिग ने आग लगा दी। चंद मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद काबू पाया। हालांकि, तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। गनीमत यह रही कि दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की तत्परता से परिसर में खड़ी अन्य छोटी-बड़ी गाड़ियों को कुछ नहीं हुआ। घटना कपटिया मोड़ के पास की है। साजिश की आशंका, सीसीटीवी से खुला राज स्कूल के प्रतिनिधि रोहित कुमार ने बताया कि जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचा था। संडे रहने के चलते स्कूल में छुट्‌टी थी। ऑफिस के गेट के ताले में भी माचिस की तीलियां फंसी हुई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि किसी ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की है। विद्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे। फुटेज में स्पष्ट देखा गया कि एक बच्चा (नाबालिग) द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है। ‘पेट्रोल छिड़कर बस में लगाई आग’ वहीं, इस संबंध में नालंदा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक किशोर को पकड़ा गया है। शुरुआती जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उक्त नाबालिग ने किसी के बहकावे में आकर पेट्रोल छिड़ककर बस में आग लगाई थी। फिलहाल स्कूल प्रशासन की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है। घटना के पीछे किसी की पुरानी रंजिश या बड़ी साजिश है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस आरोपी किशोर से पूछताछ कर रही है।



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अशोकनगर के दो केंद्रों पर 865 अभ्यर्थियों ने दी री-नीट: कलावा से पेन तक प्रतिबंधित; सघन जांच और सुरक्षा घेरे में हुई परीक्षा – Ashoknagar News




अशोकनगर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित री NEET UG 2026 मेडिकल प्रवेश परीक्षा दो केंद्रों पर आयोजित हो रहीं है। इसमें कुल 865 परीक्षार्थी दर्ज हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक निर्धारित थी। परीक्षा के लिए शासकीय पीएम श्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (नेहरू महाविद्यालय) और शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पठार को केंद्र बनाया गया था। सुबह 11 बजे से परीक्षार्थियों को केंद्रों में प्रवेश देना शुरू किया गया। दोनों केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सघन चेकिंग की गई। परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की सामग्री अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। चेकिंग के दौरान रंगीन पानी की बोतलें, हाथों और गले में बंधे धागे, कलावा बाहर रखवाए गए। पेन भी अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी, जो परीक्षा हॉल में ही उपलब्ध कराए गए। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। उनके पैसे, बैग और अन्य निजी सामान बाहर ही सुरक्षित रखवाए गए, जिसके लिए टोकन नंबर दिए गए थे। परीक्षा के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार केंद्रों का भ्रमण करते रहे। परीक्षा से एक दिन पहले ही सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और कोतवाली थाने में कोचिंग संचालकों की बैठक भी आयोजित की गई थी। साथ ही नीट परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है जिसका नंबर भी जारी किया है।



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सुबह नाश्ते में काले चने का बनाएं ऐसे चाट, शरीर में आएगी लोहे जैसी ताकत


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सुबह नाश्ते में काले चने का बनाएं ऐसे चाट, शरीर में आएगी लोहे जैसी ताकत

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Chana Chaat Recipe: रोजाना के पराठे, पूड़ी या अन्य भारी नाश्ते से कुछ अलग और हल्का खाने का मन हो, तो काले चने की चाट बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर यह चाट स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती है. इसे बनाने के लिए उबले हुए काले चनों में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नींबू का रस और स्वादानुसार मसाले मिलाएं. कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाली यह चटपटी डिश पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और ऊर्जा भी देती है. वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी यह एक अच्छा विकल्प है.

अगर आप रोज-रोज पोहा, उपमा या पराठा खाकर बोर हो गए हैं, तो काले चने की चाट आपके लिए बेहतरीन और हेल्दी विकल्प हो सकती है. काला चना प्रोटीन, फाइबर और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देता है. उबले हुए काले चनों में बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, नींबू का रस और चाट मसाला मिलाकर यह स्वादिष्ट चाट तैयार की जाती है. यह पूरी तरह ऑयल-फ्री होती है, इसलिए वजन घटाने वालों के लिए भी शानदार नाश्ता है. कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाली यह डिश स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल है. ( एआई फोटो )

काले चने की चाट बनाने के लिए रातभर भिगोए हुए चनों को नमक डालकर 3-4 सीटी तक उबाल लें और पानी छानकर ठंडा होने दें. अब एक बड़े बाउल में उबले चने, बारीक कटा प्याज, टमाटर, खीरा, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. इसके बाद भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह मिक्स करें. स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से बारीक सेव या भुजिया डालें. पौष्टिक, चटपटी और ऑयल-फ्री काले चने की चाट कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है, जिसे नाश्ते या शाम के स्नैक में खाया जा सकता है. ( एआई फोटो )

चना चाट बनाने के लिए सबसे पहले उबले हुए काले चनों को एक बड़े बाउल में निकाल लें. इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर, खीरा और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब स्वादानुसार काला नमक, चाट मसाला और भुना जीरा पाउडर छिड़कें. इसके बाद ताजा नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया डालकर सभी सामग्री को अच्छे से मिक्स करें. चाहें तो ऊपर से थोड़ी सेव या भुजिया डालकर इसका स्वाद और बढ़ा सकते हैं. पौष्टिक और चटपटी चना चाट कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है, जो नाश्ते और शाम के स्नैक के लिए बेहतरीन विकल्प है. ( एआई फोटो )

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अब तैयार मिश्रण में भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला, काला नमक और स्वादानुसार सादा नमक डालें. इसके बाद ऊपर से ताजा नींबू का रस निचोड़ें, जिससे चाट में हल्की खटास और ताजगी आ जाए. सभी सामग्रियों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह टॉस करते हुए मिलाएं, ताकि मसालों का स्वाद हर चने और सब्जी में बराबर पहुंच सके। यह तरीका चाट के फ्लेवर को और भी लाजवाब बना देता है. अंत में बारीक कटा हरा धनिया और चाहें तो थोड़ी सेव डालकर सजाएं. आपकी स्वादिष्ट, हेल्दी और चटपटी चना चाट सर्व करने के लिए तैयार है. ( एआई फोटो )

अंत में चाट के ऊपर ताजा कटी हुई हरी धनिया और बारीक सेव डालकर गार्निश करें. इससे इसका स्वाद और लुक दोनों बेहतर हो जाते हैं. आपकी चटपटी, तीखी और रिफ्रेशिंग काले चने की चाट पूरी तरह तैयार है. प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह हेल्दी स्नैक न केवल पेट भरता है बल्कि लंबे समय तक ऊर्जा भी देता है. इसे सुबह के नाश्ते, शाम की भूख या हल्के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है. स्वाद को और बढ़ाने के लिए इसे गरमा-गरम चाय के साथ परोसें और परिवार के साथ इसके लाजवाब स्वाद का आनंद लें. ( एआई फोटो )

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दावा- ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर कल तक इस्तीफा दे सकते हैं: पार्टी के 100 सांसद खिलाफ; 10 साल में 5 पीएम ने कार्यकाल से पहले पद छोड़ा


लंदन2 मिनट पहले

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कीर स्टार्मर 5 जुलाई 2024 को ब्रिटेन के पीएम बने थे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सोमवार को इस्तीफे का ऐलान कर सकते हैं। साथ ही वे अपने पद छोड़ने का रोडमैप भी बता सकते हैं। यह दावा ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ की रिपोर्ट में किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक स्टार्मर ने कैबिनेट मंत्रियों, सलाहकारों और ट्रेड यूनियन नेताओं से बातचीत के बाद तय किया है कि उनका पद पर बने रहना अब मुश्किल है। हालांकि, रॉयटर्स के मुताबिक सरकारी सूत्रों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि स्टार्मर अभी भी प्रधानमंत्री के तौर पर अपने काम करने पर ध्यान दे रहे हैं।

रॉयटर्स के मुताबिक स्टार्मर की लेबर पार्टी के 100 से ज्यादा सांसद सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि पीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए या अपने पद छोड़ने की समयसीमा घोषित करनी चाहिए। स्टार्मर के खिलाफ हुए सांसद, हाउस ऑफ कॉमन्स में पार्टी के कुल सांसदों का करीब एक चौथाई हैं।

अगर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो ब्रिटेन के 10 साल के इतिहास में वे छठे ऐसे प्रधानमंत्री होंगे, जिन्हें यह पद छोड़ना पड़ा। इससे पहले डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज ट्रस और ऋषि सुनक अपना कार्यकाल खत्म करने से पहले ही पीएम पद छोड़ चुके हैं।

ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ और ‘द संडे टेलिग्राफ’ ने रविवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बारे में छापा।

ब्रिटेन के अखबार ‘द ऑब्जर्वर’ और ‘द संडे टेलिग्राफ’ ने रविवार को प्रधानमंत्री स्टार्मर के इस्तीफे के बारे में छापा।

स्टार्मर पर पद छोड़ने का दबाव क्यों बढ़ा

स्टार्मर ने 2024 में लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी, लेकिन उसके बाद उनकी लोकप्रियता लगातार घटी है। कई विवादों, नीतिगत यू-टर्न और जीवनस्तर में सुधार के वादों को पूरा नहीं कर पाने की वजह से उनकी इमेज को नुकसान पहुंचा।

स्टार्मर की मुश्किलें तब और बढ़ गईं, जब उनके विरोधी एंडी बर्नहैम ने शुक्रवार को उपचुनाव जीत लिया। इस जीत के बाद बर्नहैम पार्टी की कमान संभालने की दावेदारी पेश कर सकते हैं। जीत के बाद बर्नहैम ने कहा कि वह देश को नई दिशा देना चाहते हैं। बर्नहैम के सहयोगी स्टार्मर से इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं।

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने भी संकेत दिया कि वह जरूरत पड़ने पर स्टार्मर को नेतृत्व के लिए चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, स्टार्मर ने 19 जून को साफ कहा था कि मैं अपने नेतृत्व के खिलाफ आने वाली किसी भी चुनौती का सामना करूंगा। साथ ही लेबर पार्टी के नेताओं से आपसी खींचतान से बचने की अपील की थी।

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की वजह

एक्सपर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बार-बार बदलने की बड़ी वजह वहां की संसदीय व्यवस्था है। वहां प्रधानमंत्री को लोग सीधे नहीं चुनते, बल्कि उनकी पार्टी के सांसद उनका समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री तब तक पद पर बने रहते हैं, जब तक पार्टी के सांसद उनके साथ खड़े हों।

अगर सांसदों को लगने लगे कि किसी नेता की घटती लोकप्रियता से अगले चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है, तो वे बिना आम चुनाव कराए भी नया नेता चुनने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। यही वजह है कि ब्रिटेन में पार्टी का समर्थन कमजोर पड़ते ही प्रधानमंत्री बदलने की नौबत जल्दी आ जाती है।

ब्रिटेन की बड़ी पार्टियों के नियम भी नेताओं को हटाने का रास्ता आसान बना देते हैं। कंजर्वेटिव पार्टी में अगर 15% सांसद किसी नेता के खिलाफ चिट्ठी लिख दें, तो उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। वहीं, लेबर पार्टी में कोई दूसरा नेता तब दावेदारी पेश कर सकता है, जब उसे पार्टी के 20% से ज्यादा सांसदों और सदस्यों का समर्थन मिल जाए।

2011 में स्थिरता के लिए ‘फिक्स्ड टर्म कानून’ लाया गया था

2011 में फिक्स्ड-टर्म पार्लियामेंट्स एक्ट’ लाया गया था। इसका मकसद संसद का कार्यकाल तय रखना और सरकारों को समय से पहले गिरने से बचाना था। लेकिन बाद में इस कानून को खत्म कर दिया गया।

आलोचकों का कहना है कि इसके बाद पुराने नियम फिर लागू हो गए, जिससे प्रधानमंत्री अपनी पार्टी के समर्थन और अचानक पैदा होने वाले राजनीतिक संकटों के ज्यादा भरोसे हो गए। ऐसे में पार्टी का समर्थन कम होते ही प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है, जिससे नेताओं का कार्यकाल छोटा और अनिश्चित होता जा रहा है।

ब्रेग्जिट के बाद कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2016 में ब्रेग्जिट पर हुए जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। लोग अब सिर्फ पार्टी देखकर वोट नहीं देते, बल्कि महंगाई, टैक्स, सरकारी सेवाओं और बेहतर जीवन स्तर जैसे मुद्दों पर जल्दी नतीजे चाहते हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी वजह से नेताओं पर कम समय में अच्छे नतीजे देने का दबाव बढ़ गया है। अगर सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, तो सत्तारूढ़ पार्टी के अंदर ही विरोध शुरू हो जाता है और नेता बदलने की मांग उठने लगती है।

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शबाना महमूद ब्रिटेन की पहली मुस्लिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं:कश्मीर मूल की हैं; एपस्टीन फाइल्स विवाद से PM स्टार्मर की कुर्सी खतरे में

अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादों के कारण ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में है। अब उनकी अपनी लेबर पार्टी के एक धड़े ने ही इस्तीफे की मांग कर दी है। हालांकि स्टार्मर अभी पद छोड़ने से इनकार कर रहे हैं।

इस बीच, नए प्रधानमंत्री पद की होड़ में गृह मंत्री शबाना महमूद के साथ ही स्वास्थ्य मंत्री वेस्ट स्ट्रीटिंग और पूर्व उपप्रधानमंत्री अंगेला रेनर का नाम सामने आ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…

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दिल्ली में सैकड़ों साधकों के साथ CM ने किया योग: ‘विकसित भारत नर्सरी’ का लिया जायजा; बोलीं-योग मन, मस्तिष्क-आत्मा के बीच सामंजस्य का विज्ञान – New Delhi News




दिल्ली में संडे काे 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज राजधानी दिल्ली के आसोला-भाटी वन्यजीव अभ्यारण्य में एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नीली झील के सुरम्य किनारे पर सैकड़ों योग साधकों के साथ मिलकर योगाभ्यास किया। इस वर्ष का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस “योग फॉर हेल्दी एजिंग” (स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) थीम पर मनाया जा रहा है, जो समाज को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवन जीने का संदेश देता है। इस राज्य स्तरीय योग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ सांसद रामबीर सिंह बिधूड़ी, मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, विधायक करतार सिंह तंवर सहित दिल्ली सरकार के कई वरिष्ठ नेता और प्रशासनिक अधिकारी भी योग साधकों का उत्साह बढ़ाने के लिए उपस्थित रहे। योगाभ्यास के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि योग भारत की प्राचीन और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत है, जिसने पूरी दुनिया को संतुलित और सकारात्मक जीवन जीने का मार्ग दिखाया है। उन्होंने योग के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारे मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने का एक संपूर्ण विज्ञान है। योग कार्यक्रम के समापन के तुरंत बाद, मुख्यमंत्री ने अभ्यारण्य परिसर में नवनिर्मित ‘विकसित भारत नर्सरी’ का विस्तृत निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक औपचारिकता नहीं था, बल्कि यह दिल्ली के हरित विकास से जुड़ी योजनाओं की जमीनी समीक्षा का एक हिस्सा था। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने नर्सरी में उगाई जा रही भारत की देसी प्रजातियों के पेड़-पौधों की खेती, जैव विविधता संरक्षण और दिल्ली के हरित क्षेत्र को बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों की बारीकी से जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने नर्सरी में तैयार किए जा रहे पौधों की गुणवत्ता, उनके संरक्षण के उपायों और वर्तमान में चल रही पर्यावरणीय परियोजनाओं की प्रगति का भी मौके पर आकलन किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।



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कलेक्टर, एसपी समेत अधिकारियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास: भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, नियमित योग करने के लिए किया प्रेरित – Dholpur News




धौलपुर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को परशुराम धर्मशाला में जिला स्तरीय योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आमजन ने सामूहिक योगाभ्यास किया।
योगाचार्य के निर्देशन में प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। इस दौरान योग के शारीरिक और मानसिक लाभों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एन.एन. सोमनाथ, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिराम मीणा, आयुर्वेद विभाग के अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड सदस्य और बड़ी संख्या में नागरिक मोजूद रहे। ‘योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर’
इस अवसर पर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने नियमित योगाभ्यास से शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ व सशक्त बनने पर जोर दिया और सभी से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। एसपी विकास सांगवान ने बताया कि वर्तमान व्यस्त जीवनशैली में योग तनाव कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने स्वस्थ शरीर और मन के लिए नियमित योग को अत्यंत आवश्यक बताया। नियमित योग करने का लिया संकल्प
योगाचार्य ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए कहा कि यह शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ बनाता है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नियमित योग करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस योग दिवस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें दैनिक जीवन में योग अपनाने के लिए प्रेरित करना था। पूरे आयोजन के दौरान उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल रहा।



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Happy Fathers Day: इन 7 एक्ट्रेस के करियर में पिता ने निभाया अहम रोल


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Happy Fathers Day: फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे कई फैमिली हैं, जो इंडस्ट्री में काम कर रही हैं या फिर किसी न किसी तरह से जुड़े हुई है. ‘फादर्स डे’ के खास मौके पर हम आपको ऐसी एक्ट्रेसेज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके पिता का इंडस्ट्री से ताल्लुक है और खुलकर बेटियों को सपोर्ट किया. ये पिता और बेटी कि जोड़िया बताती हैं कि शोहरत और सफलता से कहीं बढ़कर परिवार का प्यार, पिता का मार्गदर्शन और उनका अटूट साथ ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत होता है.

आज फादर्स डे है. हर बेटी की सफलता के पीछे अक्सर उसके पिता का प्यार, विश्वास और अटूट समर्थन होता है. बॉलीवुड ने पर्दे पर पिता-बेटी के कई खूबसूरत रिश्ते दिखाए हैं, लेकिन असल जिंदगी में भी कई ऐसी जोड़ियां हैं, जिनका रिश्ता लोगों को इंस्पायर करता है. इस ‘फादर्स डे’ पर आइए जानते हैं बॉलीवुड की कुछ ऐसी मशहूर पिता-बेटी की जोड़ियों के बारे में, जो इंस्पायरिंग हैं.

Boney Janhvi

जाह्नवी कपूर और बोनी कपूर बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर पिता-बेटी की जोड़ियों में से एक हैं. बोनी कपूर ने हर मुश्किल और हर सफलता के दौर में अपनी बेटी का मजबूती से साथ दिया है. परिवार के साथ बिताए गए खूबसूरत पल, सोशल मीडिया पोस्ट और सार्वजनिक मौकों पर दोनों के बीच की आत्मीयता उनके गहरे रिश्ते की झलक दिखाती है, जो प्यार, भरोसे और आपसी सम्मान पर टिका है.

kareena Randhir

करीना कपूर खान और रणधीर कपूर के बीच हमेशा एक खास रिश्ता रहा है. परिवार में उतार-चढ़ाव आने के बावजूद दोनों के बीच का प्यार कभी कम नहीं हुआ. फैमिली फंक्शंस से लेकर इवेंट तक, करीना का अपने पिता के प्रति प्यार और सम्मान हमेशा साफ नजर आता है. दोनों का रिश्ता प्यार, अपनापन और खूबसूरत यादों से भरा हुआ है. (एआई इन्हांसर)

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Anil sonam

सोनम कपूर और अनिल कपूर बॉलीवुड की सबसे एक्सप्रेसिव पिता-बेटी की जोड़ियों में गिने जाते हैं. चाहे प्रोफेशनल उपलब्धि हो या पर्सनल खुशी, दोनों हमेशा एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते नजर आते हैं. उनकी मस्तीभरी बातचीत, इमोशनल मैसेज और मजबूत पारिवारिक जुड़ाव उनके रिश्ते को और भी खास बनाते हैं.

Mahaesh ALia bhatt

आलिया भट्ट कई बार अपने पिता महेश भट्ट के जीवन पर पड़े प्रभाव का जिक्र कर चुकी हैं. समय के साथ उनका रिश्ता और भी मजबूत हुआ है, जिसकी नींव ईमानदारी, समझदारी और प्रोत्साहन पर टिकी है. महेश भट्ट हमेशा आलिया को गाइड करते रहे हैं. वह आलिया की अचीवमेंट्स पर गर्व महसूस करते हैं और सोशल मीडिया के जरिए खुशी भी जताते हैं.

Ananya Chunky

अनन्या पांडे और चंकी पांडे का रिश्ता पिता-बेटी से कहीं बढ़कर एक अच्छे दोस्त जैसा भी है. सोशल मीडिया पर उनकी मजेदार नोकझोंक, पब्लिक इवेंट में उनकी केमिस्ट्री और मजाकिया अंदाज ने उन्हें बॉलीवुड की सबसे रिलेटेबल पिता-बेटी की जोड़ियों में शामिल कर दिया है. उनके रिश्ते में प्यार, दोस्ती और बेहतरीन समझ साफ नजर आती है.

Shraddha Shakti-

बॉलीवुड के सबसे चर्चित परिवारों में शामिल होने के बावजूद श्रद्धा कपूर और शक्ति कपूर ने हमेशा अपने रिश्ते को बेहद सहज और सादगीपूर्ण बनाए रखा है. श्रद्धा अक्सर अपने पिता के प्रोत्साहन और समर्थन की बात करती हैं, वहीं शक्ति कपूर भी अपनी बेटी की उपलब्धियों पर खुलकर गर्व जताते हैं. दोनों का रिश्ता प्यार, सम्मान और सच्ची दोस्ती का खूबसूरत उदाहरण है.

 विद्या बालन का अपने पिता पी. आर. बालन के साथ बेहद स्नेहपूर्ण और गहरा रिश्ता है. उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि उनके परिवार, खासकर उनके पिता ने हमेशा उन्हें अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रोत्साहित किया. अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने से लेकर हर चुनौती का सामना करने तक, उनके पिता हर कदम पर उनके साथ मज़बूती से खड़े रहे.

विद्या बालन का अपने पिता पी. आर. बालन के साथ बेहद स्नेहपूर्ण और गहरा रिश्ता है. उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि उनके परिवार, खासकर उनके पिता ने हमेशा उन्हें अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रोत्साहित किया. अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने से लेकर हर चुनौती का सामना करने तक, उनके पिता हर कदम पर उनके साथ मज़बूती से खड़े रहे.

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UP पुलिस भर्ती परीक्षा की आंसर शीट जारी, बोर्ड ने शिकायत के लिए लिंक भी दिया


उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा की आंसर शीट जारी कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने आंसर सीट जारी करने के साथ ही आपत्तियां जताने के लिए लिंक भी शेयर किया है। बोर्ड ने साफ किया है कि किसी भी सवाल के जवाब में आपत्ति सबूतों के साथ 23 जून तक दर्ज कराई जा सकती है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 8,9 और 10 जून को आयोजित हुई थी।

यूपी में आरक्षी नागरिक पुलिस और इसके समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती हो रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने एक्स पोस्ट में बताया कि भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा की उत्तर कुंजी का प्रकाशन बोर्ड की वेबसाइट पर किया गया है। अभ्यर्थी बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक पर जाकर अपना अनुक्रमांक, जन्मतिथि और प्रश्न पुस्तिका क्रमांक की सहायता से लॉगिन करके उत्तरकुंजी देख सकते हैं। परीक्षा में शामिल प्रश्नों पर साक्ष्यधारित आपत्तियां 20 से 23 जून तक दर्ज कर सकते हैं।

पुलिस भर्ती पारदर्शिता के साथ की गई- सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा था कि उनकी सरकार में पुलिस भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ और बिना किसी सिफारिश या भेदभाव के की गई और केवल योग्यता ही चयन का आधार है। योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कानून का शासन और सुशासन स्थापित करने के लिए पारदर्शी भर्ती आवश्यक थी। उन्होंने कहा था कि हाल में पुलिस आरक्षियों के लगभग 35,000 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 28 लाख युवाओं ने आवेदन किया था। इससे पहले, 41,000 होम गार्ड पदों के लिए भी परीक्षा आयोजित की गई थी। पिछले नौ वर्षों में विभिन्न चरणों में लगभग 2.15 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है। ये सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता के साथ पूरी की गई हैं। इसमें कोई सिफारिश नहीं की गई है, कोई भेदभाव नहीं किया गया है।” 

यूपी के सात जिलों में आयुक्त प्रणाली लागू

यूपी के सात जिलों में आयुक्त प्रणाली लागू हो गई है, जो पुलिस सुधारों का एक हिस्सा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनवरी 2020 में गौतमबुद्धनगर और लखनऊ से शुरुआत करते हुए पुलिस व्यवस्था की आयुक्त प्रणाली की स्थापना की थी । यह प्रणाली अंततः पांच और जिलों वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, कानपुर और आगरा में शुरू की गई। आयुक्त प्रणाली के तहत, पुलिस आयुक्त (एक आईपीएस अधिकारी) बढ़ी हुई कार्यकारी शक्तियों के साथ पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करता है, जो पहले की व्यवस्था की जगह लेता है । पहले की व्यवस्था में जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कानून-व्यवस्था की कई जिम्मेदारियां साझा करते थे।

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सुबह से धूप, दोपहर बाद बदल सकता है मौसम: आगरा में चल रही हल्की हवा, आज बूंदाबांदी के आसार – Agra News




आगरा में सुबह से धूप निकली है। हल्की हवा चल रही है। इससे गर्मी का अहसास थोड़ा कम है। दोपहर बाद मौसम बदल सकता है। सूरज की लुका-छुपी के बीच बादल छा सकते हैं। बूंदाबांदी के भी आसार हैं। हालांकि इस बीच तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। रात का तापमान अभी भी सामान्य से 1.8°C अधिक है। शनिवार को अधिकतम तापमान 41°C और न्यूनतम तापमान 29.7°C रहा। जबकि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 40.5°C और न्यूनतम तापमान 27.5°C रहा था। जानिए पिछले दिनों के तापमान की स्थिति आगरा के मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। शनिवार शाम को तेज हवाएं चल रही थीं। रात को हल्की बूंदाबांदी हुई। जबकि दिन में काफी तेज धूप थी। इसके चलते शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। रविवार सुबह से धूप निकल रही है लेकिन बीच-बीच में सूरज की लुका-छुपी और हल्की हवाएं तेज गर्मी से राहत दे रही हैं। 25 जून तक साफ रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, आगरा में 25 जून तक मौसम साफ रहेगा। हालांकि इस बीच दिन और रात दोनों तापमान में बढ़ोत्तरी होगी। इस समयावधि में अधिकतम तापमान 43°C और न्यूनतम तापमान 29°C तक जा सकता है। आने वाले दिनों के तापमान का अनुमान जानिए



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भस्म आरती में भांग और त्रिपुंड से सजे बाबा महाकाल: भक्तों ने किए दिव्य दर्शन; महानिर्वाणी अखाड़े की भस्म से हुई आरती – Ujjain News




विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह 4 बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पूजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक एवं दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल को त्रिशूल, त्रिपुंड और डमरू के साथ भांग अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। हरिओम का जल अर्पित कर कपूर आरती की गई। इसके बाद भगवान का श्रृंगार पूर्ण होने पर ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। मोगरा और गुलाब के सुगंधित फूलों से सुसज्जित भगवान महाकाल का दिव्य स्वरूप भक्तों को दर्शन देता रहा। भगवान को फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।



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