दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार सुबह मेरठ के मोदीपुरम में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। गुजरात के 45 श्रद्धालुओं को हरिद्वार से मथुरा ले जा रही एक बस का टायर फटने से वह मेट्रो पिलर से टकरा गई। इस हादसे में बस चालक और दो महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य 45 यात्री सुरक्षित बच गए। यह हादसा मोदीपुरम फेस-2 के सामने हुआ। तेज रफ्तार बस का अचानक अगला टायर फट गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और बस सीधे मेट्रो कॉरिडोर के पिलर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। हादसे में बस चालक और दो महिला श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा कई अन्य यात्रियों को हल्की चोटें लगीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक और दोनों महिलाओं को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कराया गया। दुर्घटना के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में टायर फटना ही हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और बस की तकनीकी स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है।
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मेरठ में श्रद्धालुओं से भरी बस मेट्रो पिलर से टकराई: टायर फटने से हादसा, चालक समेत 3 गंभीर, 45 यात्री सुरक्षित – Meerut News
सीधी में बारिश का पानी घरों में घुसा: अंडरब्रिज बना आफत, रातभर जागते रहे ग्रामीण; घरों में रखा अनाज भीगा – Sidhi News
सीधी की कुसमी तहसील के भदौरा गांव में गुरुवार देर रात हुई बारिश के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शंकरपुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित इस गांव में अंडरब्रिज निर्माण में कथित लापरवाही और जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बारिश का पानी बस्ती और घरों में घुस गया। कई परिवारों को पूरी रात जागकर अपने घरों से पानी निकालना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब 12 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जिसके बाद अंडरब्रिज के आसपास पानी भर गया। देखते ही देखते यह पानी घरों में प्रवेश करने लगा। शत्रुघ्न जायसवाल और पवन गुप्ता समेत लगभग आठ परिवारों के मकान जलमग्न हो गए। लोगों ने बाल्टियों और अन्य बर्तनों की मदद से रातभर पानी बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन लगातार बारिश के कारण उन्हें राहत नहीं मिल पाई। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों ने पूरी रात जागकर बिताई। पानी से घरों में रखा अनाज भीगा बारिश के पानी से घरों में रखा अनाज भीग गया है, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने अब भोजन की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि अंडरब्रिज निर्माण के समय जल निकासी की समुचित व्यवस्था की गई होती, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर एसडीएम सहित संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी गई हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे स्टेशन तक जाने वाला मार्ग आज भी अधूरा ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि शंकरपुर रेलवे स्टेशन तक जाने वाला पहुंच मार्ग आज भी अधूरा है। बरसात के कारण सड़क की हालत और खराब हो गई है। इससे स्कूली बच्चों को रेलवे पटरी के किनारे से होकर आना-जाना पड़ सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस का गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो सकता है। इस मामले पर कुसमी एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शिकायत मिलने पर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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कोसी नदी का जलस्तर गिरा, तटबंध-स्पर सुरक्षित: नेपाल में कम बारिश से राहत, DM ने किया निरीक्षण – Supaul News
सुपौल से सटे नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश कम होने से कोसी नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। नदी के प्रवाह में कमी आने से प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि, संभावित बाढ़ को देखते हुए तटबंधों की सुरक्षा और नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी जारी है। कोसी बराज स्थित नियंत्रण कक्ष के अनुसार गुरुवार शाम 8 बजे बराज पर नदी का डिस्चार्ज 92,200 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं नेपाल के बराहक्षेत्र में 56,500 क्यूसेक पानी का प्रवाह रिकॉर्ड हुआ। इससे पहले दोपहर 12 बजे बराज पर डिस्चार्ज घटकर 78,805 क्यूसेक तक पहुंच गया था। जलप्रवाह कम रहने के कारण कोसी बराज के 56 फाटकों में से फिलहाल केवल 10 फाटक ही खुले रखे गए हैं। तटबंध का अधिकारियों ने किया निरीक्षण इधर, डीएम सावन कुमार ने नेपाल स्थित पूर्वी एफ्लेक्स तटबंध का जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अतिसंवेदनशील स्पर संख्या 26.40 और 26.88 पर लगाए गए कंक्रीट ब्लॉकों की स्थिति देखी तथा फ्लड फाइटिंग कार्यों को संतोषजनक बताते हुए अभियंताओं की सराहना की। डीएम ने स्पर संख्या-21 का भी निरीक्षण किया, जहां 22 जून को इस वर्ष के सर्वाधिक 1,86,385 क्यूसेक जलप्रवाह के दौरान कटाव की स्थिति बनी थी। बताया गया कि युद्धस्तर पर बोल्डर क्रेटिंग और जियो बैग लगाकर कटावग्रस्त स्थल को पूरी तरह सुरक्षित कर लिया गया है। रियल-टाइम डेटा साझा करने की समीक्षा इसके बाद डीएम ने नेपाल के बराहक्षेत्र में वाटर गेज प्रणाली का निरीक्षण कर जलस्तर मापने की वैज्ञानिक प्रक्रिया और रियल-टाइम डेटा साझा करने की व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि सभी संवेदनशील स्थलों पर बांस, जियो बैग, बोल्डर सहित आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता संजीव शैलेश सहित अन्य मौजूद रहे। डीएम ने निर्देश दिया कि नेपाल स्थित मुख्य नियंत्रण कक्ष से लगातार समन्वय बनाए रखते हुए प्रत्येक घंटे जलप्रवाह की रिपोर्ट जिला मुख्यालय भेजी जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
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दिल्ली की बेस्ट कोल्ड कॉफी: शाहरुख खान भी हैं इसके दीवानें, जानें रेसिपी
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Delhi Best Cold Coffee Shops: देश भर में इन दिनों गर्मी का तांडव देखने को मिल रहा है. इस भीषण गर्मी में एक ऐसी ड्रिंक है, जिसे पीने के बाद हर कोई तरोताजा महसूस करता है, क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट भी मानी जाती है. हम बात कर रहे हैं कोल्ड कॉफी की. कोल्ड कॉफी जो आपको काफी के साथ ही पूरी तरह से डार्क चॉकलेट का स्वाद देती है. अगर आप इसके दीवाने हैं तो दिल्ली में यहां जाएं.
बेस्ट कोल्ड कॉफी के मामले में दिल्ली के सबसे पॉश इलाके साकेत में एक ऐसी कॉफी शॉप है. जिसने ना सिर्फ भारत के लोगों, बल्कि विदेशी टूरिस्ट को भी अपना दीवाना बना रखा है. इस कॉफी शॉप का नाम ब्लू टोकाई कॉफ़ी रोस्टर है. जो कि साकेत में स्थित है. यहां पर आपको कोल्ड कॉफी की इतनी वैरायटी मिल जाएगी जो पूरे दिल्ली में कहीं नहीं मिलेगी.

इसके अलावा दिल्ली का सबसे व्यस्त इलाका जिसे कनॉट प्लेस कहते हैं. वहां पर जनपथ है. जहां पर बॉलीवुड के बादशाह किंग खान की सबसे पसंदीदा कोल्ड कॉफी मिलती है. इस कोल्ड कॉफी को शाहरुख खान ने कई बार अपने इंटरव्यू में बेहतरीन बताया है. शाहरुख खान के इंटरव्यू के बाद यह कोल्ड कॉफी काफी मशहूर हो गई है. दूर-दूर से लोग इसे पीने के लिए आ रहे हैं. इस कोल्ड कॉफी का नाम डेपॉल की कोल्ड कॉफी है, जिसका अनूठा स्वाद, साथ ही इसकी सरल और किफायती बोतलों ने
इसे बेहद लोकप्रिय बना दिया है.

यही नहीं, कोल्ड कॉफी के मामले में देश की राजधानी दिल्ली में एक नहीं बल्कि तमाम शॉप हैं. इसी में एक और कॉफी शॉप है. जहां पर कोल्ड कॉफी की कई वैरायटी मिलती है. यहां कोल्ड कॉफी को कई तरह के चॉकलेट में पेश किया जाता है. दिल्ली के मजनू का टिल्ला में स्थित एएमए कैफे अपने बेहतरीन नाश्ते, कॉन्टिनेंटल व्यंजनों और लाजवाब कॉफी के लिए बेहद मशहूर है. यह अपने आरामदायक पहाड़ी माहौल और बेक्ड आइटम्स के लिए जाना जाता है. यहां की कोल्ड कॉफी एक बार अगर आप पी लेंगे तो कभी इसका स्वाद नहीं भूल पाएंगे.
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अगर आप स्टारबक्स जैसी कोल्ड कॉफी पीना चाहते हैं तो दिल्ली में वो भी कम कीमतों पर तो आप पर्च वाइन एंड कॉफी बार जा सकते हैं. यह दिल्ली के सबसे मशहूर खान मार्केट में स्थित है. यहां का स्वाद भी लाजवाब और बेमिसाल है. बाहर से जो भी आता है वो खान मार्केट में यहीं पर कॉफी पीना पसंद करता है.

इसके अलावा यूं तो कोल्ड कॉफी की कई कॉफी शॉप दिल्ली में मशहूर हैं, लेकिन एक और कैफ़े है जो कोल्ड कॉफी के लिए जाना जाता है. यह युवाओं का अड्डा है. क्योंकि यहां पर कोल्ड कॉफी की कीमत थोड़ी सस्ती होती है. यहां पर भी कोल्ड कॉफी की तमाम वैरायटी मौजूद होती हैं. यहां हम बात कर रहे हैं त्रिवेणी टैरेस कैफे की. जो कि मंडी हाउस में. मंडी हाउस सेंट्रल दिल्ली का हिस्सा है और काफी मशहूर है यहां पर बीचो-बीच होने की वजह से यह युवाओं का अड्डा है.

इन सब के अलावा अगर आप कई वैरायटी की कॉफी पीना चाहते हैं अपने दोस्त या परिवार के साथ तो किसी खास कॉफी शॉप पर ना जाकर सिर्फ पहुंच जाइए दिल्ली के हौज खास. दिल्ली के हौज खास में आपको लाइन से कोल्ड कॉफी, हॉट कॉफी और चाय की शॉप मिल जाएगी. यहां पर भी आपको हर एक कीमत की कोल्ड कॉफी मिलेगी और वैरायटी भी यहां पर बहुत मिलती है. इसलिए यहां पर हर कोई आता है.
UN हेडक्वार्टर के बाहर शख्स ने खुद को आग लगाई: अस्पताल में मौत; तिब्बती झंडे के साथ पहुंचा था, पुलिस ने जांच शुरू की
अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर गुरुवार को एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली। उसके हाथ में तिब्बती झंडा था। सूचना मिलने पर पुलिस और इमरजेंसी टीम मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से झुलसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि व्यक्ति ने यह कदम क्यों उठाया। मामले की जांच की जा रही है। मृतक की पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, क्योंकि उसके परिजनों को पहले सूचना दी जानी है। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि घटना के वक्त सभी आधिकारिक बैठकें खत्म हो चुकी थीं। इसलिए UN के नियमित कामकाज पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। घटना का पूरा वीडियो…. 20 साल से अमेरिका में रह रहा था शख्स कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान उसके एक दोस्त ने लोबगा रांगजेन के रूप में की है। बताया गया है कि वह करीब 20 साल से अमेरिका में रह रहा था। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौके पर सामने आए वीडियो में व्यक्ति पारंपरिक बौद्ध भिक्षु जैसे वस्त्र पहने दिखाई देता है। उसने पहले फुटपाथ पर तिब्बती झंडा रखा और फिर खुद को आग लगा ली। आग लगने के बाद एक मिनट से भी कम समय में वह सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। मौके से ‘चाइना आउट ऑफ तिब्बत’ लिखे पर्चे भी बरामद किए गए। 2009 से अब तक 150 से ज्यादा तिब्बतियों ने आत्मदाह किया चीन के तिब्बत पर नियंत्रण के विरोध में 2009 से अब तक 150 से ज्यादा तिब्बती खुद को आग लगाकर जान दे चुके हैं। इनमें बौद्ध भिक्षु, साध्वियां, छात्र, किसान और आम लोग शामिल हैं। पहला चर्चित मामला फरवरी 2009 में सामने आया, जब युवा भिक्षु तपे ने खुद को आग लगा ली थी। इसके बाद 2012 और 2013 में ऐसी घटनाएं सबसे ज्यादा हुईं। तिब्बती संगठनों का कहना है कि लोग चीन के शासन का विरोध जताने, दलाई लामा की तिब्बत वापसी, धार्मिक और सांस्कृतिक आजादी, तिब्बती भाषा और पहचान बचाने की मांग को लेकर यह कदम उठाते हैं। कई लोगों ने खुद को आग लगाने से पहले ‘तिब्बत को आजाद करो’, ‘दलाई लामा को वापस आने दो’ और ‘चीन तिब्बत छोड़ो’ जैसे संदेश भी छोड़े। चीन का कहना है कि इन घटनाओं के पीछे निर्वासित तिब्बती नेतृत्व लोगों को भड़काता है। वहीं, निर्वासित तिब्बती प्रशासन इस आरोप को खारिज करता है। उसका कहना है कि लोग चीन की नीतियों और लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर अपनी जान दे रहे हैं। चीन ने 1951 में तिब्बत पर कब्जा किया था तिब्बत का मुद्दा दुनिया के सबसे पुराने राजनीतिक और क्षेत्रीय विवादों में से एक है। 1950 में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) तिब्बत में दाखिल हुई। इसके बाद 1951 में ’17-पॉइंट एग्रीमेंट’ पर हस्ताक्षर हुए और चीन ने तिब्बत पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लिया। चीन इसे ‘शांतिपूर्ण मुक्ति’ कहता है। हालांकि, तिब्बती समुदाय और निर्वासित सरकार का कहना है कि यह समझौता दबाव में कराया गया था और चीन ने तिब्बत पर सैन्य कब्जा किया। चीन का कहना है कि तिब्बत 13वीं सदी के मध्य से उसका हिस्सा है। वहीं कई तिब्बती मानते हैं कि वे लंबे समय तक प्रभावी रूप से स्वतंत्र रहे और चीन उनकी सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने के साथ-साथ संसाधनों से समृद्ध इस क्षेत्र का दोहन करना चाहता है।
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पुणे मंगेतर मर्डर- अलग-अलग बयान दे रहे सिया और चेतन: क्राइम पेट्रोल से पुलिस को चकमा देना सीखा; अब पॉलीग्राफ टेस्ट होगा
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पुणे11 मिनट पहले
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पुलिस 28 जून को सिया गोयल को लोहगढ़ फोर्ट ले गई थी, जहां क्राइम सीन रीक्रिएट किया गया।
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी अलग-अलग बयान दे रहे हैं। पुलिस ने अब पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके बाद दोनों के बयान मिलाए जाएंगे। सिया ने टेस्ट की परमिशन दे दी है।
वहीं जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी ने वारदात से पहले टीवी सीरियल ‘क्राइम पेट्रोल’ के कई एपिसोड देखकर समझने की कोशिश की थी कि जांच एजेंसियों को कैसे चकमा दिया जा सकता है।
18 जून को लोहगढ़ किले से धक्का देकर 25 साल के केतन अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। पुलिस का मानना है कि केतन, सिया और चेतन के रिश्ते में बाधा बन रहा था, इसलिए उसकी हत्या की साजिश रची गई।
चेतन और सिया के साथ क्राइम सीन रीक्रिएशन, 2 तस्वीरें…

सिया के प्रेमी और सह-आरोपी चेतन को बुधवार सुबह 8 बजे लोहगढ़ किला लाया गया।

सिया गोयल को पुलिस उसके घर लीलाकुंज ले गई। वहां करीब 30 मिनट तक तलाशी ली गई।
मर्डर केस में 3 बड़े अपडेट, हत्या की रिहर्सल वाली जगह पहुंची पुलिस
- पुणे पुलिस ने गुरुवार को सिया गोयल के घर से घटना के दिन पहने गए कपड़े और कई डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।
- पुलिस सिया को लेकर पुणे के लुल्लानगर इलाके में ले गई। यहां स्थित एक पहाड़ी पर सिया और चेतन ने केतन अग्रवाल को गिराने की रिहर्सल की थी।
- रिहर्सल वाली जगह का पंचनामा बनाने के बाद पुलिस सिया को उसके घर भी लेकर गई। वहां 30 मिनट घर की तलाशी ली थी।
हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट
18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया था। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है।

31 मई को मर्डर का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।

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सिया के सामने केतन मर्डर का सीन रीक्रिएट किया गया: पुलिस लोहगढ़ किला ले गई, दीवार से डमी गिराकर देखा

पुणे मर्डर केस में पुलिस ने रविवार को केतन को लोहगढ़ किले से गिराने का सीन रीक्रिएट किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए पुलिस सुबह 6.30 बजे आरोपी सिया गोयल को लोहगढ़ किले लेकर पहुंची। टीम करीब 2.30 घंटे किले पर रही। पूरी खबर पढ़ें…
रेल में धूम्रपान किया तो कटेगा ₹2000 का चालान, उत्तर पश्चिम रेलवे का बड़ा एक्शन
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Indian Railway News: उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेनों और स्टेशनों पर धूम्रपान करने वालों के खिलाफ एक सख्त विशेष अभियान शुरू किया है. जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार, जन विश्वास अधिनियम 2026 की धारा 167 के तहत अब नियम तोड़ने वालों पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इस कार्रवाई के लिए टीटीई को भी अधिकृत किया गया है. रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे आग लगने के खतरों को टालने और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए परिसरों में धूम्रपान से पूरी तरह परहेज करें.
Jodhpur: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक सफर के लिए लगातार कड़े कदम उठा रहा है. इसी कड़ी में उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशन परिसरों में धूम्रपान करने वाले यात्रियों के खिलाफ एक बड़ा और विशेष अभियान शुरू किया है. अगर आप भी रेल यात्रा के दौरान ट्रेन के अंदर, टॉयलेट में या फिर रेलवे प्लेटफॉर्म पर धूम्रपान करने की गलती करते हैं, तो अब आपको बेहद सावधान होने की जरूरत है. आपकी एक छोटी सी लापरवाही न सिर्फ दूसरों की जान और सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है, बल्कि आपकी जेब पर भी बहुत भारी पड़ने वाली है. रेलवे प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.
जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने इस विशेष अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के सभी चारों मंडलों में यात्रीगाड़ियों और रेलवे स्टेशनों पर धूम्रपान के विरुद्ध यह विशेष चेकिंग अभियान पूरी मुस्तैदी से संचालित किया जाएगा. अभियान के दौरान ट्रेनों या स्टेशन परिसर में धूम्रपान करते हुए पकड़े जाने वाले यात्रियों के खिलाफ जन विश्वास अधिनियम, 2026 की धारा 167 और अन्य प्रचलित नियमों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. उन्होंने बताया कि कानून के इस नए प्रावधान के तहत अब दोषी यात्रियों पर 2,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
टीटीई को मिले विशेष अधिकार, मौके पर होगा एक्शन
इस अभियान को धरातल पर पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए रेलवे प्रशासन ने टिकट चेकिंग स्टाफ यानी टीटीई को भी विशेष रूप से अधिकृत किया है. अब टीटीई के पास यह अधिकार होगा कि वे ट्रेन में सफर के दौरान किसी भी यात्री को धूम्रपान करते हुए पकड़ने पर मौके पर ही चालान काट सकेंगे और जुर्माना वसूल कर सकेंगे. इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमें भी इस अभियान के तहत स्टेशनों और ट्रेनों में औचक निरीक्षण करेंगी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि औचक निरीक्षण और लगातार निगरानी के जरिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
डीआरएम की अपील: सुरक्षित रेल यात्रा में बनें सहभागी
जोधपुर डीआरएम ने आम जनता और रेल यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि यात्री सुरक्षा और रेल संपत्ति की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी को जागरूक होना होगा. रेलवे स्टाफ विभिन्न संचार माध्यमों, उद्घोषणा प्रणाली और पोस्टर्स के जरिए यात्रियों को लगातार जागरूक करेगा कि वे रेलवे परिसरों और ट्रेनों में धूम्रपान न करें. ट्रेन के बंद डिब्बों या शौचालयों में धूम्रपान करने से न केवल सह-यात्रियों को भारी असुविधा होती है और उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि जलती हुई सिगरेट या बीड़ी के टुकड़ों से ट्रेन में आग लगने जैसी बेहद गंभीर और भयानक घटनाओं का जोखिम भी कई गुना बढ़ जाता है.
यात्रियों के सहयोग से सुरक्षित होगा सफर
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को परेशान करना नहीं, बल्कि उनकी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाना है. आगजनी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए यात्रियों का सहयोग बेहद अनिवार्य है. अधिकारियों ने यात्रियों से आग्रह किया है कि अगर वे ट्रेन में किसी अन्य सह-यात्री को धूम्रपान करते हुए देखें, तो तुरंत इसकी शिकायत ड्यूटी पर तैनात टीटीई या रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर करें. रेलवे स्टाफ और सुरक्षाकर्मी 24 घंटे मुस्तैद रहकर इस अभियान को सफल बनाएंगे ताकि हर यात्री बिना किसी डर और असुविधा के अपना सफर पूरा कर सके.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
जीत हमारी प्राथमिकता, टिकट बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं: प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बोल- राम मंदिर जमीन मामले में SIT जांच पूरी होने पर दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – Lucknow News
अपना दल (एस) के राष्ट्रीय नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने गुरुवार को डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर आयोजित ‘जन स्वाभिमान दिवस’ कार्यक्रम में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी विधानसभा चुनाव, टिकट वितरण और राम मंदिर से जुड़े जमीन विवाद पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य संगठन को लगातार मजबूत करना और चुनाव में जीत सुनिश्चित करना है। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को बताया सबसे बड़ी ताकत आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) हर वर्ष डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती को ‘जन स्वाभिमान दिवस’ के रूप में मनाता है। इस बार कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी यह साबित करती है कि उनके मन में डॉ. सोनेलाल पटेल के विचारों और संघर्षों के प्रति गहरी आस्था है। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि यही समर्पण पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। गांव-गांव पहुंचकर मजबूत किया जा रहा संगठन कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। हर 14 से 15 दिन के अंतराल पर अलग-अलग जिलों और गांवों में संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर के बाद लखनऊ में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है और अगले 15 दिनों में किसी अन्य जिले में इसी तरह का बड़ा कार्यक्रम होगा। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संवाद से संगठन और अधिक मजबूत हो रहा है। टिकट वितरण पर अभी नहीं हुई कोई चर्चा आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर आशीष पटेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस विषय पर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव अभी दूर हैं और संगठन को मजबूत करना फिलहाल प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “अपना दल हमेशा जीतने पर विश्वास रखता है, नंबर गिनाने पर नहीं।” उनके मुताबिक पार्टी चुनावी रणनीति समय आने पर तय करेगी। राम मंदिर में चंदा चोरी में जांच पूरी होने का इंतजार राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी पर पूछे गए सवाल के जवाब में आशीष पटेल ने कहा कि पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। उन्होंने बताया कि जांच की समय-सीमा 15 दिन और बढ़ाई गई है। सरकार जांच प्रक्रिया पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और रिपोर्ट आने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है। संगठन विस्तार पर रहेगा पार्टी का फोकस आशीष पटेल ने कहा कि आने वाले दिनों में भी पार्टी का जोर संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर रहेगा। प्रदेशभर में लगातार कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों से पहले पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) डॉ. सोनेलाल पटेल के विचारों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
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भास्कर अपडेट्स: NEET-PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को, सवाल 200 से घटाकर 180 किए; नेशनल मेडिकल कमीशन बोला- छात्र अफवाहों से दूर रहें
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26 मिनट पहले
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नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) 30 अगस्त को NEET-PG 2026 परीक्षा आयोजित करेगा। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के चेयरपर्सन अभिजीत सेठ ने छात्रों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
सेठ ने कहा कि मैं छात्रों को भरोसा दिलाता हूं कि परीक्षा बहुत सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। चूंकि यह कंप्यूटर-आधारित परीक्षा है, इसलिए इसमें कई ऑब्जेक्टिव टूल्स का इस्तेमाल होता है। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना बहुत कम है।
सेठ ने परीक्षा में सवालों की संख्या कम करने की वजह भी बताई और कहा कि इससे छात्रों को पेपर सॉल्व करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। परीक्षा समिति का मानना था कि 20 सवाल कम करने से छात्रों को कम से कम आधा घंटा ज्यादा मिलेगा।
परीक्षा केंद्रों के आवंटन पर उन्होंने बताया कि पहले आओ, पहले पाओ वाला सिस्टम खत्म कर दिया गया है। उम्मीदवारों से तीन पसंदीदा राज्य चुनने के लिए कहा गया है। पत्राचार का राज्य अनिवार्य रूप से पहली पसंद होगा और बाकी दो पड़ोसी राज्यों में से होंगे।
उपलब्धता के आधार पर उम्मीदवार को 250 किलोमीटर के दायरे में केंद्र आवंटित करने की कोशिश की जाएगी। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई शाम 5 बजे शुरू हो चुकी है। यह 21 जुलाई की रात 11:55 बजे तक चलेगी। आज की बाकी बड़ी खबरें…
दिल्ली में ड्यूटी पर तैनात CRPF जवान ने सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी की

दिल्ली के मोती बाग इलाके में ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवान ने गुरुवार को अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक जवान की पहचान नरसी लाल यादव के तौर पर हुई है। यादव ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
दिल्ली SIR प्रक्रिया: 3 दिन में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे, 63000 से ज्यादा डिजिटाइज

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए घर-घर जाकर किए जा रहे सर्वे के तहत गुरुवार तक दिल्ली में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए और 63,000 से ज्यादा भरे हुए फॉर्म डिजिटाइज किए गए। SIR के तीसरे चरण के तहत एक महीने तक चलने वाला यह सर्वे 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक चलेगा। 7 अक्टूबर को पब्लिश होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए हर वोटर को यह फॉर्म भरना होगा। CEO ऑफिस के अनुसार, जो वोटर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को पब्लिश होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होगा।
राजामौली का फ्रांस में सम्मान, लुमिएर म्यूजियम में नाम दर्ज

भारतीय फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली को फ्रांस में सम्मान मिला है। लुमिएर म्यूजियम में ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ (म्यूर दे सिनेमास्त) पर जगह देकर उन्हें सम्मानित किया गया। ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ पर वर्ल्ड सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा फिल्मकारों के नाम स्थायी रूप से दर्ज किए जाते हैं। इसलिए इसे फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में माना जाता है।
















