देहरादून. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय को भले ही समेट दिया हो, लेकिन इस रफ्तार के चक्कर में कई मुसाफिरों का एक पुराना और अजीज जायका पीछे छूट गया है. वह जायका है-बिहारीगढ़ के मशहूर पकौड़े. सालों से देहरादून आने-जाने वाले लोगों के लिए बिहारीगढ़ का स्टॉपेज एक परंपरा जैसा था. सफर की थकान मिटाने के लिए गर्म-गर्म कढ़ाही से छनकर निकलते मिक्स वेज, पनीर, और प्याज के पकौड़े, और साथ में तीखी-चटपटी हरी चटनी. इसका स्वाद हर मुसाफिर की यादों में बसा है. एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड और बाईपास रूट की वजह से अब लोग सीधे दून पहुंच रहे हैं, जिससे बिहारीगढ़ का वह पारंपरिक स्वाद कहीं न कहीं पीछे छूट गया था, लेकिन दूनवासियों और पर्यटकों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है .
पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं
अब आपको उस पुराने स्वाद के लिए तरसने या एक्सप्रेसवे छोड़कर पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि देहरादून के मोहब्बेवाला में बिहारीगढ़ के मशहूर पकोड़े मिलने लगे हैं यहां भी आप उन क्रिस्पी पकौड़े खा सकते हैं. हम बात कर रहे हैं मां शाकुंभरी स्वीट्स की. मां शाकुंभरी स्वीट्स संचालक काके लोकल 18 से बताते हैं कि पिछले 35 साल से बिहारीगढ़ में उनकी दुकान चल रही है. हाल ही में देहरादून में दुकान शुरू की है. बिहारीगढ़ में उनके पकौड़े की उनका सोल्टी होना है और मूंग दाल के पकौड़ों की ज्यादा डिमांड रहती है.
कितने रुपये प्लेट
काके के मुताबिक, पकौड़े बनाने में मूंग दाल शुद्ध घी और शुद्ध बेसन का इस्तेमाल किया जाता है. उनके यहां दाल, आलू, गोभी, पालक, पनीर और मिर्च समेत कई तरह के पकौड़े बनते हैं. दिल्ली से आए टूरिस्ट अमित शर्मा बताते हैं कि उन्होंने यहां पनीर के पकौड़े का स्वाद लिया, जो क्रिस्पी और बहुत स्पाइसी थे. देहरादून के रहने वाले सुभाष रावत ने बताया कि वह इस रूट पर पिछले 25 सालों से विक्रम चला रहे हैं. पहले उन्हें इस रूट पर कुछ स्वादिष्ट खाने को नहीं मिलता था. अब घर से जल्दी निकल आते हैं और सुबह नाश्ते में यहां बिहारीगढ़ के पकौड़े खाते हैं. देहरादून के मोहब्बेवाला में साईं मंदिर के नजदीक यह दुकान है, जहां 70 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से खरीद सकते हैं.