Fuel price : मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग ने पूरी दुनिया की सांसे अटका दी है. दुनिया के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज फिर बंद हो गया है. इससे कच्चे तेल की सप्लाई बड़ी मात्रा में रुक गई है. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है और ब्रेंट क्रूड एक बार फिर से 90 डॉलर को क्रॉस कर गया है.
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कच्चे तेल की कीमत आज फिर करीब तीन फीसदी उछल गई है.
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने तेल बाजार में उबाल ला दिया है. दोनों के बीच युद्धविराम टूटने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य फिर बंद हो गया है. इससे दुनिया में तेल की सप्लाई पर बुरा असर होगा. इसी चिंता से नए कारोबारी हफ्ते के पहले ही दिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम होने पर यह टूटकर 71 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था. कच्चे तेल के रेट में रोज हो रही इस वृद्धि ने एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका का को जन्म दे दिया है.
ब्रेंट क्रूड आज 2.70 फीसदी उछलकर 90.52 डॉलर प्रति डॉलर हो गया है. इसी तरह अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 2.27 फीसदी चढ़कर 84.37 डॉलर प्रति बैरल हो गया है. पिछले हफ्ते जो डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 72 डॉलर पर था. खाड़ी क्षेत्र में शांति की फिलहाल कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है. अमेरिका की बड़ी सैन्य तैयारियों से निवेशकों के लग रहा है यह जंग लंबा खिंचेगी. यही वजह है कि तेल कारोबारी किसी भी जोखिम से बचने के लिए महंगे दामों पर क्रूड ऑयल खरीदने को मजबूर हैं.
क्या होगा आगे?
विश्लेषकों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में शांति नहीं होती और समुद्री रास्ते सुरक्षित नहीं होते, तब तक कच्चे तेल के तेवर ठंडे पड़ने की उम्मीद कम ही है. होर्मुज का लंबे समय तक बंद रहना और अमेरिका ईरान के बीच जंग का लंबा खिंचना कच्चे तेल को और भड़का सकता है.
महंगाई बढने का खतरा
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से सरकारों और तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने होंगे. इससे सामान की ढुलाई से लेकर कंपनियों की उत्पादन लागत तक सब बढ़ जाएगा. कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो दुनिया भर में महंगाई पर काबू पाना बहुत मुश्किल हो जाएगा. ट्रांसपोर्ट महंगा होने से खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा का सामान महंगा होने लगेगा. इसे रोकने के लिए बैंकों को अपनी ब्याज दरें ऊंची रखनी पड़ेंगी. इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार और सुस्त हो सकती है.
राजस्थान में मानसून पर ब्रेक लगने के बाद गर्मी बढ़ने लगी है। बीकानेर संभाग के तीन जिलों में रविवार को पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार रहा। रविवार शाम जयपुर, अलवर और दौसा जिले में बारिश हुई। राज्यभर में कहीं भी तेज बरसात नहीं हुई।
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मौसम विभाग ने 20 जुलाई (सोमवार) को 24 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जो अगले तीन दिन तक जारी रहेगा। इस दौरान तेज हवा के साथ बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।
पिछले 24 घंटे में झुंझुनूं, सीकर, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, जयपुर, दौसा, करौली, बूंदी और अजमेर जिले में बादलों की आवाजाही रही। माउंट आबू में रविवार को जहां 2.5 एमएम बारिश हुई। वहीं, चित्तौड़गढ़ में हल्की बारिश हुई।
अब तक बारिश की स्थिति
राजस्थान में मौसम की तस्वीर
जयपुर में रविवार शाम बादल छाए। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई।
बीकानेर संभाग सबसे गर्म
कमजोर मानसून के चलते बीकानेर संभाग सबसे ज्यादा गर्म रहा। संभाग के बीकानेर, श्रीगंगानगर और चूरू जिले में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। चूरू सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस था। बीकानेर में 41.2 और श्रीगंगानगर में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा। फतेहपुर में भी पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। दौसा में 39.1, अलवर में 38, फलोदी में 39, झुंझुनूं में 38.9 और सीकर में 38.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
ये जिले सबसे गर्म रहे
आगे क्या…
राजस्थान के बड़े शहरों में कैसा रहा मौसम
जयपुर : राजधानी में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई है। यहां अब तक तापमान सामान्य से करीब साढ़े तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहता था, जो अब घट गया है। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस रहा। जो एक दिन पहले की तुलना में करीब एक डिग्री सेल्सियस कम है। रात की तपन बढ़ी है। रात में न्यूनतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस हो गया।
जयपुर में रविवार शाम हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे उमस बढ़ गई।
अजमेर : यहां पिछले 10 दिन से शहर वासियों को बरसात का इंतजार है। रविवार को दिनभर धूप खिली रही। गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान किया। शनिवार के मुकाबले तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। रविवार को अधिकतम तापमान 36.7 और न्यूनतम 26.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होगा और अजमेर में बरसात होगी।
अजमेर में रविवार को तेज धूप ने लोगों को परेशान किया।
कोटा : यहां रविवार को अधिकतम 33.8 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 29.1 डिग्री रहा। रविवार को बादल छाए रहे। हवा नहीं चलने से उमस का दौर जारी रहा। बारिश नहीं होने से किसानों की भी चिंता बढ़ गई है।
कोटा में सुबह से ही बादल छाए रहे। बीच-बीच में धूप ने भी परेशान किया।
अलवर : जिले में रविवार को मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। पिछले कुछ दिनों की तुलना में गर्मी से राहत मिली। अधिकतम तापमान 38 डिग्री से घटकर 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद आसमान में बादल छाए, जिससे मौसम सुहावना हो गया। जिले के माधोगढ़, नटनी का बारा, कुशलगढ़, अकबरपुर, सिलीसेढ़ सहित कई इलाकों में रिमझिम बारिश हुई। बारिश और बादलों के कारण उमस में भी कुछ कमी महसूस की गई।
अलवर में रविवार शाम बारिश हुई। इससे लोगों को राहत मिली।
जोधपुर : जिले में रविवार को मौसम गर्म और उमस भरा रहा। अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 21 जुलाई तक मौसम के ड्राई रहने का अनुमान जताया है। 22 से 24 जुलाई के बीच बारिश की संभावना जताई है।
जोधपुर में रविवार को मौसम साफ रहा। पारा सामान्य से ऊपर पहुंच गया।
उदयपुर : लेक सिटी में रविवार को भी उमस रही। इसके कारण शहर के पर्यटन स्थलों पर टूरिस्ट की संख्या कम नजर आई। दिन के तापमान में 3.3 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। दिन का तापमान 31.5 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से मौसम में कुछ बदलाव देखा जा सकता है।
उदयपुर में बादल छाए, लेकिन गर्मी कम नहीं हुई। उमस के कारण टूरिस्ट भी कम हुए।
सीकर : जिले में रविवार सुबह से लेकर शाम तक आसमान में बादलों की आवाजाही रहने के साथ उमस रही। आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया।
सीकर में दिनभर बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।
Parliament Monsoon Session 2026 Bill LIVE Update; PM Narendra Modi Rahul Gandhi | BJP Congress
नई दिल्ली52 मिनट पहले
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सरकार ने रविवार19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई। मीटिंग में कांग्रेस, सपा, टीएमसी, DMK सहित 40 दलों के 58 नेता शामिल हुए।
संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इसकी शुरुआत हंगामेदार रहने के आसार हैं। विपक्ष सोनम वांगचुक के अनशन, NEET-UG पेपर लीक, स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR), महंगाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
वहीं, सरकार इस सत्र में 7 विधेयक पेश करेगी। लोकसभा में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा ‘सुप्रीम कोर्ट (संशोधन) विधेयक’ पेश किया जाएगा। राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संविधान और राष्ट्रगान के अपमान से संबंधित संशोधन विधेयक पेश करेंगे।
इस बार मानसून सत्र में TMC के बागी सांसदों की नई पार्टी ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ भी पहली बार संसद में नजर आएगी। TMC छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नए सांसद राज्यसभा में शपथ लेंगे।
सत्र शुरू होने से पहले पीएम मोदी संसद भवन के हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करेंगे। 18वीं लोकसभा का नौवां संसदीय सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। 25 दिनों के इस सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कुल 19 बैठकें प्रस्तावित हैं।
पहले जानते हैं उन 7 बिलों के बारे में, सरकार जिन्हें पेश करेगी
चर्चा के लिए समय तय, सबसे ज्यादा वक्त MSME बिल को
आज पेश होंगे 2 अहम बिल…
राज्यसभा: वंदेमातरम का अपमान अपराध होगा, कानून बना तो सजा और जुर्माना भी
मोदी सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2026 पहले राज्यसभा में पेश करने वाली है। 1971 के अधिनियम के तहत मुख्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, संविधान का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल की सजा और जुर्माना हो सकता है।
सरकार ने इसी अधिनियम की धारा 3 में संशोधन किया है। वह राष्ट्रगीत वंदेमातरम को राष्ट्रगान के बराबर का दर्जा दिलाना चाहती है। यानी बिल का मकसद राष्ट्रीय गीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है।
बिल के प्रावधानों के अनुसार अब वंदेमातरम् गाने में रुकावट डालने, किसी भी तरह से उसका अपमान करने वाले काम को दंडनीय बनाया जाएगा।
लोकसभा: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल ऑर्डिनेंस की जगह लेगा
लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश, 2026 पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी। यह बिल मई में जारी ऑर्डिनेंस की जगह लेगा।
ऑर्डिनेंस लागू होने के बाद बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जज नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसे पारित करने के लिए संसद में साधारण बहुमत चाहिए।
भास्कर नॉलेज: ऑर्डिनेंस क्या होता है जब संसद का सत्र नहीं चल रहा होता, तब सरकार तत्काल कानून बनाने के लिए ऑर्डिनेंस या अध्यादेश जारी कर सकती है। लेकिन संसद का सत्र शुरू होने के बाद उसे 6 सप्ताह (42 दिन) के भीतर दोनों सदनों से पारित कराना जरूरी होता है, अन्यथा ऑर्डिनेंस अपने आप ही समाप्त माना जाता है।
TMC के 20 बागी सांसदों को लोकसभा में अलग सीटें मिलीं
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को नई सीटें अलॉट की हैं ताकि वे अलग बैठ सकें। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, कुल 39 सांसदों को नई सीटें दी गई हैं। उन्हें अलग बैठाने के लिए बाकी सदस्यों को नई सीटें देनी पड़ी हैं।
TMC के नेता अभिषेक बनर्जी की सीट भी बदल दी गई है। इसके अलावा, YSR कांग्रेस के पीवी मिथुन रेड्डी, शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल की सीटें भी बदली गई हैं।
लोकसभा में एनडीए के 2 साल में 19 सांसद बढ़े
राज्यसभा में एनडीए के 40 सांसद बढ़े
सरकार परिसीमन बिल ला सकती है, लेकिन कुछ बिल अटके
सरकार ने संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों की सूची में 2 पुराने और 5 नए विधेयक हैं। इनमें 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, एक देश-एक चुनाव बिल, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन बिल का जिक्र नहीं है।
1. 30 दिन जेल में रहे तो PM-CM को हटाने वाला बिल: मानसून सत्र में आना मुश्किल। वजह- यह अभी संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी के पास विचाराधीन है। JPC ने 17 जुलाई को बैठक में अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट टाल दी। JPC ने पांच सिफारिशें दी हैं। समिति की अध्यक्ष बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी का कहना है कि इस पर और चर्चा की जरूरत है।
2. केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक: इस बिल के भी मानसून सत्र में पेश होने की संभावना कम है। वजह- जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी इस पर विचार कर रही है। समिति ने 17 जुलाई को मीटिंग बिल से जुड़े तीन अहम कानूनों पर अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी देने का फैसला टाल दिया। समिति का कहना है कि संबंधित पक्षों यानी स्टेकहोल्डर्स के साथ और बातचीत की जरूरत है।
3. एक देश-एक चुनाव बिल: इस बिल को भी संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया है। अभी कई पक्षों से बातचीत करना बाकी है। इसलिए मानसून सत्र में इसे भी पेश किए जाने की संभावना कम है।
4. परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल: ये बिल सरकार कभी भी ला सकती है। सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत, लेकिन फिलहाल उसके पास बहुमत नहीं है।
16-17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर कुल 21 घंटे 27 मिनट तक बहस हुई थी। 131 सांसदों ने अपनी बात रखी थी। संविधान का 131वां संशोधन बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। बिल 54 वोट से गिर गया था। इसके बाद बाकी दो बिल पर वोटिंग नहीं हुई।
परिसीमन से जुड़ा बिल लाने सरकार नंबर जुटाने में लगी, समझें कैसे करेगी
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार DMK और शरद पवार की पार्टी को साथ लाने की कोशिश कर रही है। DMK के साथ परिसीमन से जुड़े आश्वासनों को संविधान संशोधन विधेयक में लिखित रूप से शामिल करने पर सहमति बनाई है।
बिलों को पास करवाने के लिए सदन की मौजूदा संख्या के आधार पर सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई सासंदों यानी लोकसभा में 360 और राज्यसभा में 161 सांसदों का समर्थन चाहिए।
विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल और परिसीमन संशोधन संविधान 2026 बिल लोकसभा में रखा गया था। जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण ये बिल पारित नहीं हो सके थे।
बिल पास कराने के लिए सरकार का गुणा-भाग
लोकसभा में 2 विकल्प
42 सांसद और जुटाने होंगे: विपक्ष के 42 सांसद टूट, विलय या समर्थन से एनडीए में शामिल हों या अलग गुट बनाकर समर्थन करें।
विपक्ष के सांसद गैरहाजिर रहें: ऐसा करने से संसद में प्रभावी सदस्य संख्या घट जाएगी। फिर दो-तिहाई आंकड़ा 318 पर आ जाएगा। इसके लिए सपा (37), डीएमके (22), एनसीपी-शरद (8) और टीएमसी (8), यानी कुल 75 सांसदों में से 62 को गैरहाजिर कराना होगा। 7 निर्दलीय और छोटी पार्टियों के 10 सांसदों पर भी नजर है। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस (98) के भी कुछ सांसदों को गैरहाजिर रखने का प्रयास हो सकता है।
राज्यसभा में 2 विकल्प
11 सदस्य और जुटाने होंगे: राज्यसभा में अभी प्रभावी सदस्य संख्या 244 (1 सीटें खाली) है। संविधान संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा 163 है। सरकार/एनडीए के पास 152 सदस्य हैं। ऐसे में उसे 11 और सदस्यों का समर्थन, दल-बदल या अन्य सहयोग के जरिए जुटाना होगा।
विपक्ष के सदस्य गैरहाजिर रहें: अगर मतदान के दौरान विपक्ष या अन्य दलों के सदस्य गैरहाजिर रहते हैं तो प्रभावी सदस्य संख्या घट जाएगी और दो-तिहाई का आंकड़ा भी नीचे आ जाएगा। मौजूदा गणित के हिसाब से सरकार के 152 वोट पर्याप्त होने के लिए कम से कम 16 सदस्यों का गैरहाजिर रहना जरूरी होगा।
रोटरी क्लब ऑफ कानपुर ग्रेटर का 31वां अधिष्ठापन समारोह रविवार को आयोजित किया गया। रात 9 बजे शुरू हुए समारोह में साल 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की। क्लब के नए अध्यक्ष के रूप में रोटेरियन विकास जायसवाल, सचिव के रूप में रोटेरियन अनुप केसरवानी और उनकी पूरी कार्यकारिणी ने पद संभाला। कार्यक्रम में देश की पहली महिला आईपीएस अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। नवनिर्वाचित अध्यक्ष विकास जायसवाल ने कहा कि क्लब समाज सेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनहित के ऐतिहासिक और प्रभावी कार्यक्रम आयोजित करेगा। उन्होंने सभी सदस्यों से सेवा, सहयोग और समर्पण की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। समारोह के मुख्य अतिथि रोटेरियन सीए जसबीर सिंह भाटिया रहे। कानपुर आने के लिए अच्छी हो गई कनेक्टिविटी पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने रोटरी क्लब के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ईमानदार नेतृत्व, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि रोटरी जैसे संगठन समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। डॉ. किरण बेदी ने कहा कि अब कानपुर आने के लिए कनेक्टिविटी अच्छी हो गई है। दिल्ली से सीधे कानपुर आई हूं और कानपुर का ट्रैफिक भी अच्छा हो गया है। पहले लखनऊ से कार से आना पड़ता था। उन्होंने आईपीएस रहते हुए अपने कार्यकाल के दौरान किए गए सराहनीय कार्यों को याद किया। इंदिरा गांधी के चालान वाला किस्सा सुनाया एक रोटेरियन के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कार का चालान काटने की घटना के सवाल पर उन्होंने कहा कि दिल्ली की डीसीपी (ट्रैफिक) रहते हुए वह सुबह 8 बजे ही सड़क पर निकल जाती थीं। ताकि वह यातायात नियमों को सख्ती से लागू करवा सके। उन्होंने कहा कि एक दिन कनॉट प्लेस के ऑउटर सर्किल के पास इंदिरा गांधी की कार आई। देखा गया कि वह कार नियमों का पालन नहीं कर रही थी। उन्होंने कहा कि मेरे साथ एक सब इंस्पेक्टर थे। वह तुरंत इंदिरा गांधी की कार के पास गए और ड्राइवर से कहा कि इस गाड़ी को हटाओ। अगर आप चेतावनी नहीं मानेंगे तो क्रेन लग जाएगी, लेकिन उसके बाद भी ड्राइवर ने कार नहीं हटाई। फिर प्रधानमंत्री की कार क्रेन से हटाई गई। इसके अलावा गाड़ी का चालान भी किया गया। कार्यक्रम में यह लोग रहे मौजूद कार्यक्रम का संचालन रोटेरियन रोकेश कपूर और संगीता कपूर ने किया। समारोह में रोटेरियन संदीप गुप्ता, अतुल कपूर, रवि कपूर, आलोक लोढिया, श्रीराम अग्रवाल, भरत चंद्र सेठ, विपुल जैन, अनिल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में क्लब के सदस्य मौजूद रहे।
सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र में रविवार देर रात बारातियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में एक बाराती की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कई अन्य बारातियों को भी चोटें आई हैं। यह बस वैशाली जिले के लालगंज से जगदीशपुर जा रही बारात का हिस्सा थी। तरैया थाना क्षेत्र में एसएच-73 पर गंडार गांव के पास बने स्पीड ब्रेकर पर चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया। तेज रफ्तार बस पहले सड़क किनारे एक सूखे पेड़ से टकराई, फिर बिजली के पोल से भिड़ते हुए पलट गई। दुर्घटना के कारण कई बाराती बस के अंदर फंस गए। घटना से जुड़ी तस्वीरें…
शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकाला
दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने बस के शीशे तोड़कर और दरवाजे खोलकर घायलों को बाहर निकाला। एक बाराती बस के नीचे दब गया था, जिसे निकालने के लिए जेसीबी मशीन की सहायता लेनी पड़ी। काफी प्रयास के बाद उसे बाहर निकालकर रेफरल अस्पताल तरैया ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान वैशाली जिले के बिशुनपुर अररा गैरोल निवासी मोहम्मद असगर के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए पांच लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। अन्य घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया गया
घटना की जानकारी मिलने पर तरैया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से राहत और बचाव अभियान में हिस्सा लिया। दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटाकर यातायात सामान्य कराया गया। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण स्पीड ब्रेकर पर चालक द्वारा बस से नियंत्रण खो देना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है, जबकि घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल ले रहे हैं। घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
CCTV फुटेज में घटना से पहले दोस्तों के साथ जाता मृतक मनोज सिसोदिया
ग्वालियर में दोस्तों के साथ हुई शराब पार्टी एक परिवार के लिए मातम में बदल गई। मामूली पैसों के विवाद ने ऐसा हिंसक रूप लिया कि एक धक्का सीधे मौत की वजह बन गया। तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद घायल युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने शव को थाने के सामने रखकर चक्काजाम कर दिया और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की।
थाने के सामने शव रखकर चक्का जाम करते परिजन
परिजनों ने चक्का जाम कर लगाए पुलिस के मुर्दाबाद के नारे
माधोगंज थाना क्षेत्र के जामदार का बाड़ा, लाला का बाजार निवासी 46 वर्षीय मनोज सिसोदिया ने 17 जुलाई को अपने दोस्तों प्रवीण और सोनू काका के साथ शराब पार्टी की थी। पार्टी खत्म होने के बाद मनोज घर लौट गया, लेकिन उसे याद आया कि उसके कुछ पैसे वहीं रह गए हैं। जब वह पैसे लेने वापस पहुंचा तो इसी बात को लेकर तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद के दौरान प्रवीण और सोनू ने मनोज को धक्का दे दिया। धक्का लगते ही वह नाली में जा गिरा और उसका सिर किनारे पड़े पत्थर से टकरा गया। गंभीर चोट लगने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिन इलाज चलने के बाद रविवार सुबह उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर सीधे माधौगंज थाने पहुंचे और सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनका कहना था कि यह हादसा नहीं बल्कि हत्या है, इसलिए दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
घायल होने पर अस्पताल में चल रहा था युवक का इलाज
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया और जांच का भरोसा दिया। इसके बाद जाम समाप्त कराया गया। जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज में तीनों दोस्त साथ चलते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में कहासुनी के बाद धक्का देने की घटना भी नजर आ रही है।
मनोज के गिरने के बाद दोनों आरोपी उसे उठाने की कोशिश करते और बाद में सहारा देकर ले जाते भी दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की कही बात
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और CCTV फुटेज सहित सभी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी दिव्या तिवारी का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संभल जिले के गुन्नौर तहसील के बबराला थाना क्षेत्र के भगता नगला गांव में रास्ते को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। रविवार शाम हुई इस मारपीट में सास-बहू सहित पांच लोग घायल हो गए। घायलों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां रात में एक बार फिर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। यह विवाद गांव के हरर्वेश और सतपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे जमीन के झगड़े से जुड़ा है। सतपाल के मकान निर्माण के दौरान गलियारे को लेकर रविवार शाम करीब 5 बजे दोनों पक्षों की महिलाओं के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ओर से महिलाएं लाठी-डंडे लेकर एक-दूसरे पर हमलावर हो गईं। गांव की अन्य महिलाओं ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो पाईं। इस मारपीट का 15 सेकंड का एक वीडियो भी सामने आया है।
मारपीट में सतपाल की पत्नी राजेश्वरी, बेटा विकास और उसकी पत्नी घायल हुए। दूसरे पक्ष से हरर्वेश की पत्नी गिरिजा और सुरेश की पत्नी माया को चोटें आईं। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची और घायलों को थाने ले गई, जहां से उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर भेजा गया। अस्पताल में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए फिर से झगड़ा शुरू कर दिया। थाना प्रभारी लवनीश कुमार ने बताया कि भगता नगला गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हुआ है। दोनों पक्षों को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पूर्णिया जिले के सदर थाना क्षेत्र में दो दिनों से लापता एक महिला का शव नदी किनारे मिला है। पांच टकिया टोला, गुंडा चौक के पास रविवार को यह शव बरामद हुआ, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच अस्पताल भेज दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चलेगा। मृतका की पहचान पांच टकिया टोला, गुलाबबाग निवासी गणपत ऋषि की 30 वर्षीय विवाहित बेटी रौशन देवी के रूप में हुई है। रौशन देवी की शादी कटिहार जिले के संझेली सनौली निवासी दिलीप ऋषि से हुई थी। मृतका के भाई दीपक कुमार ने बताया कि उनकी बहन बीते दो दिनों से लापता थी। उन्होंने गुमशुदगी की जानकारी मुखिया को दी थी, लेकिन स्थानीय थाने को इसकी सूचना नहीं दी गई थी। रविवार को घर के पास नदी किनारे ही बहन का शव मिला। जीएमसीएच टीओपी थाना प्रभारी कृत्यानंद पासवान ने बताया कि महिला कुछ दिनों से लापता थी। रविवार को दिन में परिजनों को उसका शव नदी किनारे मिला। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में 6 युवकों की मौत हो गई। सभी युवक जबलपुर जिले के रहने वाले थे।नरसिंहपुर-जबलपुर बॉर्डर पर स्थित हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे। शाम करीब 7 बजे इंदिरा नगर के पास हाईवे किनारे खड़े थे, तभी तेज रफ्तार हाईवा ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से तीन युवकों की रास्ते में मौत हो गई, जबकि जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दो और युवकों ने दम तोड़ दिया। हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। नरसिंहपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने बताया कि हादसे में राजेंद्र पटेल निवासी पावला की मौके पर ही मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जबलपुर रेफर किया गया। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… रास्ते में तीन और युवकों ने तोड़ा दम शहपुरा थाना प्रभारी प्रतीक धुर्वे के मुताबिक, घायलों को जबलपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन शहपुरा पहुंचने से पहले ही 3 और युवकों ने दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान वीरेंद्र पिता छोटेलाल लोधी (20), रापाल पिता नरवर सिंह लोधी (21), दोनों निवासी ग्राम पावला, तथा जयपाल पिता पंचम सिंह लोधी (30) निवासी बरपटी के रूप में हुई है। जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दो और मौत हादसे में गंभीर रूप से घायल आकाश पिता कल्याण सिंह लोधी (24) और नीरज पिता मालक सिंह लोधी (25), दोनों निवासी बरपटी को बेहतर इलाज के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान दोनों ने भी दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 6 हो गई। हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे सभी युवक पुलिस के मुताबिक, सभी युवक जबलपुर जिले के रहने वाले थे। नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर स्थित हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे। शाम को लौटते समय वे इंदिरा नगर के पास हाईवे किनारे खड़े थे, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस हादसे के बाद टक्कर मारने वाला वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस अब तक वाहन की पहचान नहीं कर सकी है। सुआतला थाना पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अन्य तकनीकी और स्थानीय सुरागों के आधार पर भी आरोपी वाहन और चालक की तलाश की जा रही है।
जोधपुर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के नंदवान में एक व्यक्ति की आधी जली हुई बॉडी मिली। इससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बॉडी को अपने कब्जे में लेकर जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया। यहां बॉडी की शिनाख्त हो गई। परिजनों की ओर से रिपोर्ट देने पर पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह वारदात रविवार शाम करीब 4 बजे हुई। बॉडी की शिनाख्त तेजाराम (48) पुत्र रावत राम जाट निवासी गोदारा की ढाणी नंदवान के तौर पर हुई है। विवेक विहार थाना अधिकारी बलवंत राम ने बताया- नंदवान गांव में शाम 4 बजे एक व्यक्ति की आधी जली हुई हालत में बॉडी मिलने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची। बॉडी को अपने कब्जे में लेकर मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि तेजाराम का मानसिक संतुलन पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं था। हालांकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।