प्लेन में आग लगने का वीडियो एयरपोर्ट के बाहर खड़ी कार के डैशबोर्ड कैमरे में रिकॉर्ड हो गया।
अमेरिका के मियामी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रविवार को बोइंग 767 कार्गो विमान लैंडिंग के बाद रनवे से बाहर निकल गया। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) के मुताबिक, प्लेन स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर करीब 2 बजे रनवे से बाहर गया।
क्रैश हुए कार्गो प्लेन की टक्कर कई गाड़ियों से हुई। वीडियो में विमान एयरपोर्ट के पास एक सड़क के किनारे दिखाई दे रहा है। फायर रेस्क्यू टीमों ने कई लोगों की मौत की आशंका जताई है।
विमान अमेजन का बताया जा रहा है। इस पर प्राइम एयर लिखा हुआ है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
FAA ने एक बयान में बताया कि बोइंग 767-300 कार्गाे प्लेन ने प्यूर्टो रिको के लुइस मुनोज मारिन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल के रिकॉर्ड किए गए ऑडियो में एक ग्राउंड व्हीकल से टावर को सूचना देते सुना गया, “लगता है कि विमान 30 नंबर रनवे से आगे निकल गया है।” यह ऑडियो ATC.com ने कैप्चर किया।
विमान हादसे की तस्वीरें…
आग की लपटों में घिरे प्लेन से काले धुएं का गुबार उठता देखा गया।
मियामी-डेड फायर रेस्क्यू की 60 यूनिट्स मौके पर आग बुझाने की कोशिश कर रही थीं।
प्लेन की टेल पर अमेजन प्राइम का लोगो नजर आ रहा है।
कार्गो प्लेन में आग बुझने के बाद की तस्वीर है, इस पर प्राइम लिखा दिखाई दे रहा है।
मियामी एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टॉप लागू
FAA के अलर्ट के मुताबिक, रनवे पर प्लेन अभी भी मौजूद है। इस कारण मियामी एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टॉप लागू है। इसका मतलब है कि एयरपोर्ट पर सभी विमानों की आवाजाही रोक दी गई है।
बताया जा रहा है कि कार्गो प्लेन अमेजन का था। हादसे पर प्रतिक्रिया के लिए अमेजन से संपर्क किया गया, लेकिन उसकी तरफ से अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।
प्लेन में कितने लोग सवार थे, रनवे के बाहर गाड़ियों से टकराने के बाद कितने घायल हुए और गाड़ियों के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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प्लेन हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…
ग्रीस एयर शो में करतब दिखा रहा जेट क्रैश: दोनों पायलटों की मौत
ग्रीस की वायुसेना का दो सीटों वाला F-4 फैंटम फाइटर जेट शनिवार को एयर शो के दौरान क्रैश हो गया। इसमें दोनों पायलटों की मौत हो गई। यह हादसा तानाग्रा एयर फोर्स बेस पर आयोजित ‘एथेंस फ्लाइंग वीक’ के दौरान हुआ। इसे देखने के लिए कई हजार लोग मौजूद थे। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान में निकाय चुनाव के बीच नई सियासी तस्वीर उभरती दिखाई दे रही है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने जयपुर में एक मंच साझा कर भाजपा और कांग्रेस के सामने तीसरा राजनीतिक विकल्प खड़ा करने का ऐलान किया है। दोनों नेताओं ने साफ संकेत दिए कि यह गठबंधन केवल निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहेगा। निकाय चुनाव से शुरू हुआ यह राजनीतिक साथ आगे विधानसभा चुनाव तक जारी रह सकता है। ओवैसी ने इसे राजस्थान की राजनीति में तीसरे विकल्प की शुरुआत बताया, जबकि हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जयपुर की धरती से नई राजनीति का आगाज हो रहा है। ओवैसी बोले- BJP-कांग्रेस के बीच फंसी रही राजस्थान की राजनीति असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि लंबे समय से राजस्थान की राजनीति भाजपा और कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही है। अब जनता के सामने तीसरा विकल्प देने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने 11 सितंबर को होने वाले निकाय चुनाव को मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जहां आरएलपी के प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं, वहां जनता उन्हें समर्थन दे। ओवैसी ने भाजपा पर हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तनाव और राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रदेश में शिक्षा, सरकारी स्कूलों की स्थिति, मूलभूत सुविधाओं और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार को घेरा। बेनीवाल बोले- जयपुर से नई राजनीति की शुरुआत वहीं आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने ओवैसी के साथ राजनीतिक गठजोड़ को राजस्थान की राजनीति में नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि जाट और मुस्लिम समुदाय पहले भी राजनीतिक रूप से साथ रहे हैं और आगे भी यह साथ बना रहेगा। बेनीवाल ने सरकार को पेपर लीक, किसानों की समस्याओं, अग्निवीर योजना और युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि गठबंधन केवल चुनाव लड़ने के लिए नहीं, बल्कि इन मुद्दों को लेकर संघर्ष करने के लिए भी आगे आएगा। निकाय चुनाव से विधानसभा तक साथ चलने का दावा जयपुर के भट्टा बस्ती के वार्ड 146 में दोनों नेताओं का एक मंच पर आना सिर्फ चुनावी सभा तक सीमित नहीं माना जा रहा। ओवैसी और बेनीवाल के बयानों से साफ है कि दोनों दल निकाय चुनाव के बाद भी राजनीतिक गठजोड़ को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। राजस्थान की राजनीति लंबे समय से भाजपा और कांग्रेस के बीच दो ध्रुवों में बंटी रही है। ऐसे में AIMIM और RLP का यह गठबंधन तीसरे विकल्प के तौर पर खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओवैसी का मुस्लिम वोट बैंक और बेनीवाल का जाट और किसान राजनीति पर प्रभाव क्या राजस्थान में कोई नया राजनीतिक समीकरण बना पाएगा। ऐसे में निकाय चुनाव इस गठबंधन की पहली परीक्षा होगा। इसके बाद यह तय होगा कि जयपुर से शुरू हुई ओवैसी-बेनीवाल की यह नई सियासी दोस्ती विधानसभा चुनाव तक कितनी मजबूत रहती है और भाजपा-कांग्रेस की पारंपरिक राजनीति को कितनी चुनौती दे पाती है।
शहर के अति-व्यस्त क्षेत्र महल रोड पर रविवार रात को एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। महाराज सिंधिया की छतरी के ठीक सामने एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो गाड़ी सीधे सड़क के डिवाइडर पर जा चढ़ी और जोर का धमाका हुआ। गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर चल रहे कई राहगीर वाहन की चपेट में आने से बच गए और बड़ा हादसा होने से टल गया। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्कूटी को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा, भिंड के निवासी की है कार सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्कॉर्पियो गाड़ी को अपने कब्जे में लिया और जांच शुरू की। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर पुलिस ने जब पड़ताल की, तो पता चला कि यह कार भिंड निवासी सोनी दीक्षित के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर कार मालिक सोनी दीक्षित ने बताया कि उनका एक रिश्तेदार कार मांगकर ग्वालियर लेकर गया था। कार में सवार युवक सुरक्षित, पुलिस कर रही पड़ताल कार में सवार युवक हादसे में पूरी तरह सुरक्षित है। प्राथमिक पूछताछ में चालक का कहना था कि अचानक सामने आई एक स्कूटी को बचाने के प्रयास में गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया, जिसके चलते स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर सीधे डिवाइडर में जा घुसी। वहीं, मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि चालक नशे की हालत में था। फिलहाल पुलिस ने स्कॉर्पियो गाड़ी को जब्त कर लिया है और चालक की डॉक्टरी जांच (मेडिकल) कराने के साथ घटना के सही कारणों की पड़ताल में जुटी हुई है। पुलिस का कहना इस मामले में पुलिस का कहना है कि “महल रोड पर स्कॉर्पियो के डिवाइडर से टकराने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। कार को जब्त कर लिया गया है। चालक का कहना है कि स्कूटी सवार को बचाने के फेर में हादसा हुआ। मामले की विस्तृत जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।”
मिलावट की चिंता छोड़ें, घर पर बनाएं केसर मिल्क मलाई मिठाई, जानें आसान तरीका
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Raksha Bandhan Special Recipe: त्योहारों पर मिठाई के बिना खुशियां अधूरी लगती हैं, लेकिन बाजार की मिठाइयों में मिलावट की चिंता के चलते कई लोग घर पर ही मिठाई बनाना पसंद करते हैं. ऐसे में कोडरमा की कविता कुमारी ने दूध, छेना, चीनी और केसर से तैयार होने वाली केसर मिल्क मलाई मिठाई की आसान रेसिपी बताई है. यह मिठाई स्वाद में रसीली और मुलायम होने के साथ देखने में भी बेहद आकर्षक लगती है.
त्योहार के खास मौके पर मिठाई की मांग बढ़ जाती है. हालांकि बाजार की मिठाइयों में मिलावट की आशंका को देखते हुए कई लोग घर पर ही मिठाई बनाना पसंद करते हैं. ऐसे में कोडरमा की कविता कुमारी ने घर पर दूध, चीनी और केसर से स्वादिष्ट केसर मिल्क मलाई मिठाई बनाने की आसान विधि बताई है. यह मिठाई स्वाद में रसीली होने के साथ देखने में भी बेहद आकर्षक लगती है.
कविता कुमारी ने बताया कि सबसे पहले करीब एक लीटर दूध लें. इसमें से लगभग 900 ग्राम दूध को अच्छी तरह उबालें. इसके बाद इसमें थोड़ा थोड़ा विनेगर डालकर दूध को फाड़ लें. दूध फटने के बाद तैयार हुए छेने को अलग कर लें. छेने को ठंडे पानी से अच्छी तरह धो लें. ताकि विनेगर का खट्टापन निकल जाए. इसके बाद छेने को अच्छी तरह मैश कर लें. जिससे इसमें गांठें न रहें और यह मुलायम हो जाए.
अब एक बर्तन को धीमी आंच पर रखें. इसमें थोड़ा पानी डालकर उसके ऊपर करीब 100 ग्राम दूध डालें और गर्म करें. इसके बाद इसमें केसर के कुछ धागे डालें. दूध को उबालने पर उसका रंग धीरे धीरे केसरिया होने लगेगा. यही केसरिया रंग मिठाई को खूबसूरत और आकर्षक बनाएगा, जबकि केसर इसकी खुशबू और स्वाद को भी खास बना देगा.
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कविता ने बताया कि केसर वाला दूध तैयार होने के बाद इसमें पहले से मैश किया हुआ छेना डालें. दोनों को अच्छी तरह मिलाएं. अब अपनी पसंद के अनुसार करीब 2 से 3 चम्मच चीनी का बुरादा डालें. मिठास कम या ज्यादा रखने के लिए चीनी की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार बदली जा सकती है. मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें. धीरे-धीरे दूध और छेना मिलकर गाढ़े पेस्ट का रूप लेने लगेगा. इस दौरान मिश्रण को लगातार चलाना जरूरी है. ताकि यह बर्तन की तली में चिपके नहीं.
उन्होंने बताया कि जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा होकर सख्त होने लगे. तो गैस बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद हाथों की मदद से मिश्रण के छोटे छोटे हिस्से लेकर लड्डू का आकार दें. तैयार मिठाइयों को एक प्लेट में सजा दें. अंत में मिठाई के ऊपर केसर के धागे रखें और केसर के पानी की हल्की सजावट करें. इससे मिठाई देखने में बेहद सुंदर और त्योहार के अनुरूप आकर्षक लगेगी.
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इंद्रसाला गुफा तक नेचर वॉक, पक्षियों और औषधीय वनस्पतियों से रूबरू हुए प्रतिभागी राजगीर में प्रकृति और विरासत का संगम, इंद्रसाला गुफा तक हुआ इको-हेरिटेज वॉक नेचर वॉक में सीखा जैव विविधता का दस्तावेजीकरण, eBird और iNaturalist का कराया अभ्यास
मासिक नेचर वॉक कार्यक्रम के तहत रविवार को राजगीर स्थित ऐतिहासिक इंद्रसाला गुफा तक विशेष ‘इको-हेरिटेज नेचर वॉक’ का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को क्षेत्र की प्राकृतिक, जैविक, ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत से रूबरू कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। वॉक के दौरान प्रतिभागियों ने इंद्रसाला गुफा मार्ग में मिलने वाले विभिन्न पक्षियों, पेड़-पौधों, औषधीय वनस्पतियों और जैव विविधता का बारीकी से अध्ययन किया। टीम के सदस्यों शिवनाथ कुमार, अंकित आर्यन, प्रदीप कुमार और अनुराग कुमार ने प्रतिभागियों को सिटिजन साइंस की अवधारणा से परिचित कराया। उन्होंने eBird, Merlin और iNaturalist जैसे डिजिटल टूल्स के जरिए पक्षियों और कीट-पतंगों के वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की तकनीकी जानकारी दी। प्रतिभागियों ने फील्ड में स्वयं iNaturalist ऐप पर प्रजातियों को रिकॉर्ड करने का व्यावहारिक अभ्यास भी किया। भगवान बुद्ध और देवराज इंद्र के संवाद की साक्षी है गुफा गुफा परिसर पहुंचकर दिवाकर कुमार ने इसके ऐतिहासिक और बौद्ध महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बौद्ध साहित्य में वर्णित भगवान बुद्ध और देवराज इंद्र (सक्का) के बीच हुए प्रसिद्ध दार्शनिक संवाद की चर्चा की, जिसमें जीवन, दुःख और मोह के निवारण पर विस्तार से बात हुई थी। उन्होंने बताया कि इंद्रसाला गुफा प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का जीवंत केंद्र है। पंचाने नदी और गिरियक क्षेत्र के संरक्षण पर बल संवाद सत्र के दौरान गिरियक पहाड़ के सामने स्थित पंचाने नदी क्षेत्र के पारिस्थितिकीय महत्व पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह जलीय क्षेत्र स्थानीय और प्रवासी पक्षियों का महत्वपूर्ण बसेरा है। विशेषज्ञों ने पहाड़ियों, नदियों और जंगलों के पारिस्थितिक संतुलन को बचाए रखने और प्राकृतिक आवासों के समक्ष उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया।
दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 5 की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी।
चश्मदीदों के मुताबिक हादसे के वक्त छात्र कमरों में थे और बेसमेंट में खुदाई चल रही थी। 9 का रेस्क्यू कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में 20-25 कमरे थे और हर कमरे में 2 स्टूडेंट्स रहते थे। हादसे के वक्त अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे।
हादसे को लेकर नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आई हैं। पीएम मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा- कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अच्छे हॉस्टल की सुविधा न होने से छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना है। प्रधानमंत्री ने बताया कि अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं और दुर्घटना से प्रभावित लोगों की सहायता कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा-
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक है। खबरों के मुताबिक, कई लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी शामिल हैं।
मैं NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दलों से अपील करता हूं कि हर संभव प्रयास करते हुए मलबे में फंसे एक-एक छात्र तक पहुंचें। घायलों को तत्काल सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और किसी की जान बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए।
कांग्रेस और NSUI के कार्यकर्ता घटनास्थल पर मौजूद हैं और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। इस कठिन समय में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं।
छात्रों का जीवन पहले से ही कई संघर्षों से भरा हुआ था, अब स्थिति जानलेवा हो गई है। कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त और अच्छे हॉस्टल की सुविधा न होने के कारण छात्रों को PG में रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जहां कई बार एक ही छत के नीचे 40-40 छात्र अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर होते हैं।
हर छात्र का जीवन अनमोल है और हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा-
कल प्रधानमंत्री ने दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा किया, राजनीतिक भाषण दिया और यहां तक कि दिमागी नक्सल शब्द का भी इस्तेमाल किया, जबकि हमारी शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति के बारे में उन्होंने कुछ खास नहीं कहा।
आज दक्षिण परिसर में एक छात्रावास की इमारत ढह गई है और छात्रों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। हताहतों की संख्या अभी तक अज्ञात है। इस देश में छात्रों को कब तक खराब बुनियादी ढांचे और उपेक्षा की कीमत चुकानी पड़ेगी?
आदिवासी क्षेत्रों में देखभाल और सहायता की कमी के कारण आदिवासी छात्र मर रहे हैं, और यहां तक कि राजधानी में पढ़ने वाले छात्र भी सुरक्षित नहीं हैं। छात्रों को सुरक्षित कक्षाएं, सुरक्षित छात्रावास और बुनियादी सम्मान मिलना चाहिए। क्या यह बहुत बड़ी मांग है? क्या प्रधानमंत्री दोबारा दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे और बताएंगे कि यह सब कैसे हुआ?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा-
दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास इमारत गिरने की खबर बेहद दुखद है। मलबे के नीचे बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं, जिनमें कई छात्र भी शामिल हैं। मैं सभी के कुशल मंगल की प्रार्थना करता हूं। ईश्वर सभी को सुरक्षित रखे।
मैं प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील करता हूं ताकि हर पीड़ित तक समय पर मदद पहुंच सके। एनएसयूआई और कांग्रेस के सहयोगी घटनास्थल पर यथासंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) चीफ अरविंद केजरीवाल ने कहा-
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाल लिया जाए।
दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण पहले भी कई ऐसी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार को अपनी नींद से जागना होगा। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्रवाई की आवश्यकता है।
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दिल्ली बिल्डिंग हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
दिल्ली में 5 मंजिला इमारत गिरी, 3 की मौत:दावा- हादसे के वक्त 50 से ज्यादा लोग अंदर मौजूद थे; बेसमेंट में खुदाई हो रही थी
दिल्लीके सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक 5 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसमें 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 3 गंभीर रूप से घायल हैं। जो इमारत गिरी वो 40-50 साल पुरानी थी। मरने वालों में एक छात्र और एक मजदूर है, जबकि एक की पहचान अभी नहीं हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
बरेली में कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूल सोमवार को बंद रहेंगे। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, यह छुट्टी यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों के साथ ही सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर भी लागू रहेगी। लगातार बारिश के कारण जलभराव और अन्य संभावित स्थितियों को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अभी आदेश के मुताबिक केवल 7 सितंबर की छुट्टी घोषित की गई है। आगे मौसम का हाल और प्रशासन के निर्देश के बाद कोई नया फैसला लिया जा सकता है।
मऊगंज पुलिस ने रविवार को एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सराफा व्यापारी को नकली चांदी देकर असली चांदी के गहने ठगता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 महिलाओं और एक पुरुष समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों के पास से ठगी गई 60 ग्राम असली चांदी, 14 हजार 800 रुपए नकद, 180 ग्राम नकली चांदी के गहने और 4 मोबाइल फोन मिले हैं। ऐसे आए पकड़ में पुलिस ने बताया कि ग्राम चंदेह के रहने वाले 22 साल के निलेश सोनी की ग्राम पटेहरा में सोने-चांदी की दुकान है। रविवार को चार महिलाएं उनकी दुकान पर आईं। उन्होंने करीब 60 ग्राम वजन के नए चांदी के गहने खरीदे, जिनमें पायल और बच्चों के छड़े शामिल थे। गहनों के बदले महिलाओं ने दुकान में 180 ग्राम पुरानी चांदी दी। इसकी कीमत करीब 15 हजार रुपए बताई गई। व्यापारी निलेश सोनी को शक हुआ। उन्होंने मऊगंज सराफा मार्केट में चांदी की जांच कराई। जांच में पता चला कि पुरानी चांदी नकली और गिलेट धातु की थी। इसके बाद व्यापारी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। डायल-112 और पुलिस टीम ने घेराबंदी की। मिर्जापुर जाने वाली बस से दो महिलाओं प्रियंका सोनी और गुंजा सोनी को पकड़ा गया। वहीं, ललिता सोनी को पटेहरा इलाके से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान गिरोह के दो और सदस्यों रमिता चौरसिया और उसके भाई मोहचंद्र चौरसिया को भी गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम और एसडीओपी शची पाठक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक राम सिंह पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह एक्शन लिया। मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिहार में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति के तहत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निर्देश पर नीतीश कुमार मिश्रा उर्फ निशांत मिश्रा को बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी मनोनीत किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना की ओर से आधिकारिक पत्र जारी किया गया है।
नई जिम्मेदारी के साथ ही पार्टी को उम्मीद है कि बिहार में उसका मीडिया नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा और संगठन की गतिविधियों और नीतियों को प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
नीतीश कुमार मिश्रा को मिली बिहार मीडिया विंग की जिम्मेदारी
राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के निर्देशानुसार नीतीश कुमार मिश्रा (निशांत मिश्रा) को बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना ने उम्मीद जताई है कि नीतीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पार्टी का मीडिया विंग और अधिक सशक्त होगा। साथ ही संगठन की नीतियों, कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े मुद्दों को मीडिया के माध्यम से प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
चिराग पासवान ने जारी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी
नीतीश कुमार मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब चिराग पासवान ने पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और विभिन्न राज्यों के संगठनात्मक पदों में व्यापक बदलाव किया है।
नई टीम में पार्टी ने अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवाओं और महिलाओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं। माना जा रहा है कि संगठन के विस्तार और विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से नई टीम तैयार की गई है।
अब्दुल खालिक फिर बने राष्ट्रीय प्रधान महासचिव
इसके पहले पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में अब्दुल खालिक को एक बार फिर राष्ट्रीय प्रधान महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, सांसद राजेश वर्मा को पार्टी का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना को राष्ट्रीय महासचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका देते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की कोशिश की है।
बिहार प्रदेश अध्यक्ष बदले, सुरेंद्र विवेक को कमान
बिहार संगठन में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी की जगह सुरेंद्र विवेक को लोजपा (रामविलास) बिहार का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
राजू तिवारी को राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद बिहार प्रदेश संगठन की कमान सुरेंद्र विवेक को सौंपी गई है। इसे बिहार में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
युवा, छात्र और महिला विंग में नए चेहरे
पार्टी ने अपने विभिन्न प्रकोष्ठों और विंग्स में भी नए नेतृत्व को जिम्मेदारी दी है। युवा और छात्र राजनीति में पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए सांसद शांभवी चौधरी को छात्र प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, प्रणब कुमार को युवा प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। महिला संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी चंद्रप्रभा भाटिया को दी गई है, जिन्हें महिला प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
Crude Production : तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक और अन्य सहयोगी देशों ने अक्टूबर तक अपना उत्पादन नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. रूस और सऊदी अरब की अगुवाई वाले इस संगठन का कहना है कि जब तक ईरान और अमेरिका का युद्ध खत्म नहीं होता और होर्मुज का विकल्प नहीं खुल जाता, तब तक उत्पादन इसी लेवल पर बनाए रखा जाएगा.
ओपेक देशों ने अक्टूबर तक तेल उत्पादन नहीं बढ़ाने का फैसला किया है.
नई दिल्ली. अमेरिका और ईरान के युद्ध से उपजा संकट कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है. इसका असर आने वाले त्योहारी सीजन पर भी दिखने का अंदेशा लग रहा है. कच्चे तेल के उत्पादक देशों के संगठन ओपेक व अन्य सहयोगियों ने अक्टूबर तक उत्पादन नहीं बढ़ाने का फैसला किया है. सऊदी अरब और रूस की अगुवाई वाले 7 देशों के संगठन ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की बैठक में अक्टूबर तक अपने उत्पादन का कोटा मौजूदा लेवल पर बरकरार रखने का फैसला किया है. जाहिर है कि अक्टूबर से ही शुरू हो रहे त्योहारी सीजन पर भी इसका असर दिखेगा.
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये तेल का निर्यात भरपूर नहीं हो पा रहा है. यही वजह है कि फारस की खाड़ी के जरिये भी तेल का निर्यात कम हो रहा है.तेल के निर्यात पर पड़ने वाले इस असर को देखते हुए ओपेक और सहयोगी देशों ने अपना उत्पादन अक्टूबर तक मौजूदा लेवल पर ही बनाए रखने का फैसला किया है. ओपेक और सहयोगी देशों का कहना है कि जब तक निर्यात के लिए कोई नया रास्ता नहीं मिल जाता है, तब तक उत्पादन नहीं बढ़ाया जाएगा.
मुश्किल है आगे का रास्ता सप्लाई कम होने के बावजूद OPEC और उसके सहयोगी देशों ने युद्ध के दौरान कोटा बढ़ाना जारी रखा, ताकि साल 2023 में प्रोडक्शन पर लगाई गई पाबंदियों को पूरी तरह हटाया जा सके. इसके अलावा लड़ाई खत्म होने के बाद कुछ सदस्यों को प्रोडक्शन बढ़ाने की अतिरिक्त छूट मिल सके. हालांकि, इस गठबंधन को अभी भी सप्लाई का एक और हिस्सा बहाल करना है, लेकिन ऐसा करना मुश्किल होगा क्योंकि पाबंदियों की घोषणा के बाद से कई सदस्यों की प्रोडक्शन क्षमता कम हो गई है. ऐसे में अमेरिका-ईरान युद्ध ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है.
कीमतों में आ रहा उतार-चढ़ाव रिस्टैड एनर्जी में जियोपॉलिटिकल एनालिसिस के हेड जॉर्ज लियोन ने कहा कि पिछले हफ्ते फिर से शुरू हुई लड़ाई की वजह से तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव आया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ठिकानों पर नए हमले का आदेश दिया और इसके जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ने इलाके में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले कर दिए. फिलहाल OPEC और सहयोगी देशों ने असल बाजार के बजाय कागजों पर ही तेल की सप्लाई को मैनेज करना शुरू कर दिया है. पहले ओपेक के सचिवालय में काम करने वाले लियोन का कहना है कि असली असर तब दिखेगा जब होर्मुज पूरी तरह से खुल जाएगा. तब यह ग्रुप अचानक सीमित एक्सपोर्ट को मैनेज करने की स्थिति से हटकर तेल की बढ़ती सरप्लस (अतिरिक्त सप्लाई) से निपटने की स्थिति में आ सकता है.
अब क्या है ओपेक की चुनौती मौजूदा परिस्थितियों में ओपेक और उसके सहयोगी देशों की अगली प्राथमिकता यह पता लगाना है कि हर सदस्य असल में कितना प्रोडक्शन कर सकता है, ताकि साल 2027 के लिए सदस्यों की प्रोडक्शन लिमिट तय की जा सके. यह रिव्यू इस महीने के आखिर तक पूरा हो जाएगा और फिर नवंबर के आखिर में जब पूरा अलायंस मिलेगा तो तेल मंत्री इस पर विचार करेंगे. लियोन ने कहा कि अब ध्यान मंथली प्रोडक्शन एडजस्टमेंट से हटकर साल 2027 को लेकर होने वाली बहस पर जा रहा है. यह काम कहीं ज्यादा मुश्किल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील होने की संभावना है. ओपेक की अगली बैठक 4 अक्टूबर को होने वाली है, तब तक प्रोडक्शन लिमिट मौजूदा लेवल पर ही रहेगी.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…