Tuesday, September 8, 2026
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भागलपुर- जगदीशपुर में 228 बाढ़ पीड़ित परिवारों को मिला ठिकाना: पॉलिटेक्निक कॉलेज में राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और अस्थायी स्कूल की व्यवस्था – Bhagalpur News




भागलपुर के नाथनगर प्रखंड में स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में बाढ़ पीड़ितों के लिए एक अस्थायी राहत शिविर बनाया गया है। इस शिविर में फिलहाल 228 परिवारों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से 200 से अधिक परिवार रह रहे हैं। यह शिविर उन परिवारों के लिए सहारा बना है, जिन्हें बाढ़ के कारण अपना घर-बार छोड़ना पड़ा है। खास बात यह है कि जगदीशपुर अंचल खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नहीं आता। इसके बावजूद, प्रशासन ने आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों से विस्थापित होकर आ रहे लोगों के लिए यहां रहने और राहत की व्यवस्था की है। शिविर में लोगों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं, बच्चों की पढ़ाई और आंगनबाड़ी की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, मवेशियों के चारे का भी इंतजाम है। प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार निगरानी करने की जिम्मेदारी दी है, ताकि शिविर में रह रहे परिवारों को कोई परेशानी न हो। बाढ़ की वजह से बच्चों के लिए खोला गया अस्थायी स्कूल बाढ़ के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े, इसके लिए राहत शिविर में एक अस्थायी स्कूल खोला गया है। छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्र भी चलाया जा रहा है। इससे शिविर में रह रहे बच्चों को एक ही जगह पढ़ाई और पोषण दोनों की सुविधा मिल रही है। शिविर में रहने वाले लोगों के लिए सामुदायिक रसोई से दो समय का भोजन तैयार किया जा रहा है। सुबह और शाम दोनों समय खाना मिलता है। शिविरार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता पर संतोष जताया है। उन्होंने बताया कि खाना स्वादिष्ट है और उसमें तेल-मसाले का सही इस्तेमाल किया गया है। मवेशियों के लिए भी चारा और स्वास्थ्य सुविधा राहत शिविर में केवल लोगों की ही नहीं, बल्कि उनके साथ आए मवेशियों की भी चिंता की गई है। पशुओं के लिए अलग से जगह, हरा चारा और सूखा पशु आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मवेशियों के स्वास्थ्य की निगरानी भी की जा रही है। पशुओं से संबंधित व्यवस्था की देखरेख डीएचओ मैडम की ओर से की जा रही है। शिविर की व्यवस्था देखने पहुंचे विधायक, स्वास्थ्य सेवा पर जताई नाराजगी राहत शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लेने स्थानीय विधायक मिथुन यादव अधिकारियों के साथ पहुंचे। उन्होंने शिविर में रह रहे परिवारों से बातचीत कर भोजन, रहने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अधिकांश व्यवस्थाओं को उन्होंने संतोषजनक पाया, लेकिन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की। निरीक्षण के शुरुआती दौर में मौके पर स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सा व्यवस्था मौजूद नहीं होने तथा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसे लेकर विधायक ने संबंधित अधिकारी से जवाब तलब किया और राहत शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया। बाद में मेडिकल टीम के मौके पर पहुंचने के बाद शिविरार्थियों की स्वास्थ्य जांच और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से बताया गया कि नया शिविर स्थापित होने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों के पहुंचने और बैठने की व्यवस्था में शुरुआती परेशानी हुई थी, जिसे तत्काल दूर किया जा रहा है। ब्लीचिंग का छिड़काव और स्वच्छता पर भी जोर बाढ़ के बाद संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए राहत शिविर में साफ-सफाई और ब्लीचिंग के छिड़काव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधायक ने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी। शिविर में नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। कुछ परिवारों के पास पॉलीथिन की कमी, जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ परिवारों के पास तिरपाल या पॉलीथिन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इस पर विधायक और अधिकारियों ने जरूरतमंद परिवारों को जल्द पॉलीथिन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। अधिकारियों के अनुसार कल तक सभी जरूरतमंद परिवारों को पॉलीथिन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। तीन पालियों में आपदा मित्रों की तैनाती राहत शिविर की सुरक्षा और आपदा की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए तीन पालियों में आपदा मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है। आपदा मित्र शिविर में रह रहे परिवारों की समस्याओं पर नजर रखने के साथ किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहयोग करेंगे। गर्भवती महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था अंचल अधिकारी के अनुसार शिविर में किए गए सर्वे के दौरान अभी तक कोई गर्भवती महिला चिन्हित नहीं हुई है। हालांकि प्रशासन ने ऐसी स्थिति के लिए भी तैयारी रखी है। यदि शिविर में कोई गर्भवती महिला सामने आती है तो चिकित्सा टीम की ओर से तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ जरूरत पड़ने पर उसे बेहतर इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का कहना है कि राहत शिविर की सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जो भी छोटी-मोटी कमियां सामने आई हैं, उन्हें आज दिनभर में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन लगातार शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ले रहा है, ताकि बाढ़ के इस संकट के बीच उन्हें अधिकतम राहत उपलब्ध कराई जा सके।



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उज्जैन के उत्तर क्षेत्र में गुरुवार को पानी सप्लाई बंद: पाइपलाइन शिफ्टिंग और राइजिंग मेन लाइन की होगी मरम्मत – Ujjain News




शहर के उत्तर क्षेत्र में गुरुवार 10 सितंबर को पानी की नियमित सप्लाई बंद रहेगी। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा सोमवारीया क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य किया जा रहा है। इसके चलते पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम किया जाएगा। साथ ही राइजिंग मेन लाइन में जरूरी मरम्मत भी की जाएगी। इन दोनों कार्यों के चलते गुरुवार को उत्तर क्षेत्र की जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। नगर निगम ने क्षेत्र के लोगों से बुधवार को ही जरूरत के अनुसार पानी भरकर रखने की अपील की है, ताकि अगले दिन घरेलू कामों में परेशानी न हो। पाइपलाइन शिफ्टिंग और राइजिंग मेन लाइन की मरम्मत पूरी होने के बाद जलापूर्ति दोबारा शुरू की जाएगी। काम पूरा होने और व्यवस्था सामान्य होने के बाद नियमित सप्लाई बहाल होगी।



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चॉकलेट जैसा दिखता है ये खास गुड़, सौंठ-सौंफ और मरीच का स्वाद बनाता है इसे खास

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चॉकलेट जैसा दिखता है ये खास गुड़, सौंठ-सौंफ और मरीच का स्वाद बनाता है इसे खास

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मिर्जापुर: गुड़ तो आपने कई तरह का खाया होगा, लेकिन क्या आपने कभी सौंठ, सौंफ, मरीच और मुलेठी से तैयार गुड़ चखा है? मिर्जापुर में पारंपरिक तरीके से तैयार किया जा रहा यह खास गुड़ अपने अनोखे स्वाद और चॉकलेट जैसे रूप की वजह से लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

मिर्जापुर: गुड़ का नाम सुनते ही अक्सर मुंह में मिठास घुल जाती है. आमतौर पर लोग गुड़ को खाना खाने के बाद या पानी के साथ खाते हैं, लेकिन मिर्जापुर में तैयार किया जा रहा एक खास तरह का गुड़ अपने स्वाद और बनाने के अनोखे तरीके की वजह से चर्चा में है. इस गुड़ को पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धति से तैयार किया जाता है. इसमें गुड़ के साथ सौंठ, सौंफ, मरीच और मुलेठी जैसी चीजें मिलाई जाती हैं. चॉकलेट की तरह दिखने वाला यह गुड़ स्वाद में भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है.

नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी ने लोकल 18 को बताया कि इस खास गुड़ को उनकी ओर से तैयार कराया जाता है. इसमें गुड़ के साथ सौंठ, सौंफ, मरीच और मुलेठी मिलाई जाती है. उनका कहना है कि इसका उद्देश्य मिठास के साथ पारंपरिक सामग्री को लोगों तक पहुंचाना है. चॉकलेट की तरह तैयार किए जाने की वजह से इसे खाना भी आसान है और इसका स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है.

श्याम सुंदर केसरी के मुताबिक, इस खास गुड़ को तैयार करने का विचार उन्हें सोनभद्र के आदिवासी इलाकों से मिला. उन्होंने बताया कि वह पहले कई बार सांसद रामचन्द्र के साथ सोनभद्र के आदिवासी क्षेत्रों में जाते थे. वहां उन्होंने लोगों को इस तरह का गुड़ खाते देखा और उसका स्वाद भी लिया. इसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों से इस गुड़ को तैयार करने की विधि और इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में जानकारी ली.

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उन्होंने बताया कि आदिवासी समाज जिस पारंपरिक तरीके से गुड़ तैयार करता था, उसी पद्धति को अपनाकर यहां भी इसे तैयार कराया जा रहा है. इसमें सौंठ, सौंफ, मरीच और मुलेठी जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है.

श्याम सुंदर केसरी का कहना है कि इस गुड़ में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को पारंपरिक तौर पर स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है. वहीं, गुड़ अपने स्वाद और मिठास के लिए जाना जाता है. इसी वजह से यह सामान्य गुड़ से थोड़ा अलग अनुभव देता है. चॉकलेट के आकार में तैयार होने के कारण बच्चों से लेकर बड़ों तक इसे खाने में रुचि दिखा रहे हैं.

उन्होंने इसके स्वाद को लेकर कहा कि जब किसी चीज को पूरे भाव से तैयार किया जाता है तो उसका स्वाद अपने आप बेहतर हो जाता है. उनका मानना है कि महिलाओं के हाथों से तैयार किए गए खाने में विशेष स्वाद होता है और यही भाव इस गुड़ को तैयार करने में भी दिखाई देता है.

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रूस में हिमस्खलन, 11 पर्वतारोहियों की मौत: 33 लोगों के ग्रुप पर बर्फ गिरी; 6 लापता, 50 से ज्यादा बचावकर्मी तलाश में जुटे


मॉस्को2 घंटे पहले

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माउंट मिजहिरगी पर हुए हिमस्खलन के कारण बर्फ में दबे लोगों की तलाश के लिए 50 से ज्यादा बचावकर्मी रेस्क्यू में लगे हैं।

रूस के उत्तरी काकेशस इलाके में स्थित माउंट मिजहिरगी पर रविवार शाम हिमस्खलन हुआ। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में 11 पर्वतारोहियों की मौत हो गई। वहीं 10 लोग किसी तरह सुरक्षित नीचे उतर आए, 6 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल उनकी तलाश में जुटा हुआ है।

जब हादसा हुआ उस समय 33 पर्वतारोहियों का एक समूह पहाड़ पर चढ़ाई कर रहा था। अचानक पहाड़ से बड़ी मात्रा में बर्फ खिसककर उनके ऊपर आ गिरी, जिससे कई लोग बर्फ के नीचे दब गए।

माउंट मिजहिरगी पर हुए हिमस्खलन की तस्वीरें

6 लापता पर्वतारोहियों की तलाश जारी

लापता पर्वतारोहियों को खोजने के लिए 50 से ज्यादा बचावकर्मी अभियान में जुटे हैं। पहाड़ी इलाका बेहद कठिन है और वहां दोबारा हिमस्खलन का खतरा बना हुआ है। इस वजह से बचाव दलों को सावधानी के साथ अभियान चलाना पड़ रहा है।

माउंट मिजिरगी कहां है?

माउंट मिजिरगी रूस के नॉर्थ कॉकेशस क्षेत्र में स्थित है। यह काबार्डिनो-बालकारिया के पर्वतीय इलाके की प्रमुख ऊंची चोटियों में शामिल है। यहां का ऊंचाई वाला और कठिन भूभाग पर्वतारोहियों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

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इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटा, 50 हजार फीट तक राख उड़ी: 58 इंटरनेशनल समेत 301 फ्लाइट डिले

इंडोनेशिया के माउंट अनाक क्राकाटोआ में रविवार को जोरदार विस्फोट हुआ। ज्वालामुखी से निकली राख करीब 50 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच गई। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Samsung का फोन खरीदना हुआ महंगा, 6000 रुपये तक बढ़ी कीमत


Samsung ने एक बार फिर से अपने इस साल लॉन्च हुए मिड बजट के दोनों स्मार्टफोन Galaxy A57 और Galaxy A37 की कीमत में इजाफा कर दिया है। सैमसंग के ये दोनों फोन लॉन्च प्राइस से हजारों रुपये महंगे हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इनकी कीमत में 6,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है। पहले भी इन दोनों फोन की कीमत में 3,000 रुपये तक का इजाफा किया जा चुका है। दक्षिण कोरियाई कंपनी ने हाल ही में अपने डिवाइस की कीमत बढ़ाने को लेकर चेतावनी दी थी। मेमोरी और स्टोरेज डिवाइस की बढ़ रही कीमत की वजह से कंपनी ने 2028 तक कीमतों में और इजाफे की बात कही है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर Sanju Choudhary नाम के टिप्स्टर ने दावा किया है कि दक्षिण कोरियाई कंपनी के ये दोनों फोन 6,000 रुपये तक महंगे हो गए हैं। सैमसंग के फोन की बढ़ी हुई कीमत 7 सितंबर 2026 यानी सोमवार से लागू हो गया है। कंपनी ने इन दोनों फोन के सभी मॉडल की कीमत में इजाफा करने का फैसला किया है।

Samsung Galaxy A57 अब कितने का मिलेगा?

सैमसंग ने अपने इस मिड बजट फोन को 56,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। पहले हुए प्राइस हाइक के बाद यह फोन 59,999 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा था। अब इस फोन की कीमत में 5,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है। यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत अब बढ़कर 62,999 रुपये तक हो गई है।






Samsung Galaxy A57 पुरानी कीमत नई कीमत
8GB + 256GB 59,999 रुपये 62,999 रुपये
12GB + 256GB 67,499 रुपये 72,499 रुपये

Samsung Galaxy A37 अब कितने का मिलेगा?

सैमसंग का यह फोन 41,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया था। हालांकि, पहली बार कीमत बढ़ने के बाद यह 43,999 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहा था। अब इस फोन की कीमत में 6,000 रुपये तक का इजाफा कर दिया गया है। यह फोन तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत अब बढ़कर 46,999 रुपये तक हो गई है।







Samsung Galaxy A37 पुरानी कीमत नई कीमत
8GB + 128GB 43,999 रुपये 46,999 रुपये
8GB + 256GB 50,499 रुपये 54,499 रुपये
12GB + 256GB 57,999 रुपये 63,999 रुपये

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बागपत में दोहरे हत्याकांड का आरोपी 25 दिन से फरार: नरेश नाथ पर 25 हजार का इनाम, मंदिर में गड्ढा खोदकर दबाए थे दो शव – Baghpat News




बागपत के लहचौड़ा गांव स्थित मंदिर में दो लोगों की हत्या कर शव दबाने के मामले में आरोपी नरेश नाथ का 25 दिन बाद भी कोई पता नहीं चला है। पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नरेश नाथ को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना चांदीनगर क्षेत्र के अंकित और इसरार 25 जुलाई को लापता हुए थे। पुलिस ने 13 अगस्त को मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि दोनों की हत्या के बाद उनके शव मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबाए गए थे। इस मामले में नरेश नाथ को आरोपी बनाया गया है। खुलासे के बाद से ही वह फरार है। पुलिस नरेश नाथ के दो शिष्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन इसके बावजूद नरेश नाथ अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। 25 दिन से पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी अंकित और इसरार के लापता होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की थी। 13 अगस्त को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। इसके बाद नरेश नाथ के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। दो शिष्य जेल भेजे, परिवार से भी हुई पूछताछ मामले में पुलिस नरेश नाथ के दो शिष्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने नरेश नाथ के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की, ताकि उसके बारे में जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, अब तक पुलिस को आरोपी के ठिकाने का पता नहीं चल सका है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना प्रभारी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी थाना प्रभारी राकेश पुंडीर ने बताया कि पुलिस टीम नरेश नाथ की तलाश कर रही है। उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद से ग्रामीणों में भी आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस लगातार तलाश कर रही है और उम्मीद है कि नरेश नाथ को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ग्रामीणों ने बागपत के काठा गांव में जली हुई लाश मिलने के मामले का भी जिक्र किया। उस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में भी पुलिस जल्द आरोपी तक पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का खुलासा करेगी।



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अजमेर BJP में बगावत पर 6 नेताओं को पार्टी से-निकाला: इस्तीफा दे चुके पूर्व मेयर व उनकी पत्नी भी शामिल,आज 6 निकायों के मतदान दल रवाना होंगे – Ajmer News


अजमेर में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले भाजपा ने बागियों के खिलाफ बड़ा संगठनात्मक एक्शन लिया है। प्रदेश भाजपा ने 41 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया है। इनमें अजमेर से सूची में 6 नाम शामिल हैं।

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पार्टी की ओर से जारी आदेश में इन नेताओं पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने या निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगाया गया है। बता दे कि इसमें पिछले दिनों भाजपा छोड़ चुके पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत और उनकी पत्नी हेमा गहलोत का भी नाम है।

इन 6 नेताओं पर क्या आरोप

  • हेमलता गहलोत- वार्ड 4, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
  • धर्मेंद्र गहलोत, पूर्व महापौर–-वार्ड 4, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी के पक्ष में प्रचार करने और सोशल मीडिया पर अमर्यादित बयान देने का आरोप।
  • शंकर सिंह रावत, पूर्व मंडल महामंत्री- वार्ड 5, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही बेटी विनिता रावत के पक्ष में प्रचार करने का आरोप।
  • हेमलता बंसल, पूर्व पार्षद- वार्ड 16, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
  • प्रकाश बंसल, पूर्व मंडल अध्यक्ष- वार्ड 16, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी के पक्ष में प्रचार करने का आरोप।
  • रेनू यादव, मंडल महामंत्री महिला मोर्चा- वार्ड 68, अजमेर दक्षिण: निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।

इधर पहले चरण की तैयारियां पूरी, आज रवाना होंगे मतदान दल

अजमेर में पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। मंगलवार को पीसांगन, नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़, टांटोटी और सावर के लिए मतदान दल रवाना होंगे। बुधवार को इन 6 निकायों के 150 वार्डों में मतदान होगा। इसके लिए 155 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

चुनावी व्यवस्था में करीब 4500 कर्मचारी, अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। पहले चरण में पीसांगन के 25, नसीराबाद के 20, केकड़ी के 40, सरवाड़ के 25, टांटोटी के 20 और सावर के 20 वार्डों में मतदान होगा।

जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है

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NH-48 का जाम भूल जाइए, 45 मिनट में गुरुग्राम से रेवाड़ी पहुंचाएगा नया हाईवे


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Gurugram-Rewari Highway : गुरुग्राम और रेवाड़ी सीधा आपस में जोड़ने के लिए गुरुग्राम-पटौदी रेवाड़ी हाईवे बनाया जा रहा है. हाईवे का दस किलोमीटर का शुरुआती खंड तो यातायात के लिए खोला भी जा चुका है. गुरुग्राम-पटौदी रेवाड़ी हाईवे दोनों शहरों के बीच ट्रैवल टाइम को घटाकरर आधा कर देगा. इसके बनने से रेवाड़ी में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने और रियल एस्‍टेट मार्केट में बूम आने की संभावना है.

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गुरुग्राम-पटौदी रेवाड़ी हाईवे का एक हिस्‍सा चालू हो चुका है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर : कैनवा)

नई दिल्‍ली. दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर भारी ट्रैफिक की वजह से गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने मे अभी डेढ से दो घंटे लग जाते हैं. अगर जाम से बचने को शार्टकट गांवों के बीच से जाया जाए तो उबड़-खाबड़ सड़कें सफर में रोड़ा बन जाती हैं. लेकिन, गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने वालों को अब कुछ दिन ही इन दिक्‍कतों का सामना करना पड़ेगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा करीब ₹900 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे जल्‍द ही यातायात के लिए खुलने वाला है. 43.2 किलोमीटर लंबे इस 4-लेन हाईवे का लगभग 89 फीसदी काम पूरा हो चुका है. इसके पूरी तरह चालू होते ही गुरुग्राम से रेवाड़ी आप केवल 45 मिनट में पहुंच जाएंगे.

यह नया एक्सप्रेसवे दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) और पटौदी शहर के मुख्य बाजार के लिए सबसे बड़ा लाइफलाइन बाईपास साबित होगा. भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के चलते मानेसर और प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लगता है. गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे के शुरू होने से न केवल यात्री सुरक्षित और फर्राटेदार सफर कर सकेंगे, बल्कि पटौदी शहर और NH-48 पर ट्रैफिक भी कम हो जाएगा.

द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP तक सीधी कनेक्टिविटी

गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे का रूट गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते इलाकों को सीधे बड़े नेटवर्क से जोड़ता है. यह कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर 88B से शुरू होकर सीधे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे को जोड़ता है. इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है. हाईवे का शुरुआती 10 किलोमीटर का हिस्सा इस साल जुलाई में ही खोला जा चुका है. इससे अब द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP तक का सफर, जो पहले पीक ऑवर्स में 45 मिनट लेता था, अब 10 मिनट से भी कम में पूरा हो रहा है.

पहाड़ी में रेलवे ओवरब्रिज (RoB) सहित बचे हुए 11 फीसदी निर्माण कार्य को तेजी से निपटाया जा रहा है. पहले गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे को पूरा करने की डेडलाइन 30 मार्च थी. लेकिन, इस समय सीमा तक यह पूरी तरह तैयार नहीं हो सका. इसलिए अब इसकी नई डेडलाइन 30 सितंबर, 2026 रखी गई है.

रेवाड़ी के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास को लगेंगे पंख

यह सड़क केवल यात्रा का समय ही नहीं घटाएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि भी लाएगी. गुरुग्राम तक तेज कनेक्टिविटी मिलने से रेवाड़ी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को फायदा होगा. यहां निवेश आएगा.

गुरुग्राम के बिजनेस हब्स से 45 मिनट की दूरी बनने के चलते कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग में इजाफा होने की उम्‍मीद है. आगे चलकर यह हाईवे प्रस्तावित दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर RRTS कॉरिडोर जैसे बड़े मोबिलिटी नेटवर्क से जुड़कर रेवाड़ी को एनसीआर के प्रमुख ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेगा.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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सतना में पारिवारिक विवाद में सास और पति से मारपीट: दोनों जिला अस्पताल में भर्ती; मायके पक्ष पर घर पहुंचकर हमला करने का आरोप – Satna News




सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर में सोमवार देर रात पारिवारिक विवाद में सास और पति से मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना रात करीब 10.30 बजे हुई। मारपीट में सास निर्मला सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है। पति भारगेंद्र सिंह भी घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल भारगेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी ससुराल रीवा जिले के हरिहरपुर गांव में है। उनकी शादी वर्ष 2023 में अमिता सिंह से हुई थी। सोमवार को ही अमिता अपने मायके से ससुराल पहुंची थी। आरोप है कि देर रात अमिता के पिता रावेन्द्र सिंह और भाई अमित सिंह समेत कुछ अन्य लोग बोलेरो से रघुनाथपुर पहुंचे। घर पहुंचकर मां के साथ मारपीट की
भारगेंद्र का आरोप है कि मायके पक्ष के लोगों ने घर पहुंचकर उनके और उनकी मां निर्मला सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस विवाद में निर्मला के सिर में गंभीर चोट लगी। भारगेंद्र भी घायल हो गए। परिजनों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, विवाद की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। हालांकि, घटना के असली कारण और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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5 मिनट में बनाएं मेवाड़ की फेमस टमाटर चटनी, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाएंगे

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Rajasthani Style Tomato Chutney Recipe: राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में देसी व्यंजनों के साथ चटपटी टमाटर की चटनी खूब पसंद की जाती है. भीलवाड़ा में घर पर तैयार होने वाली इस चटनी की खासियत इसका देसी स्वाद और आसान रेसिपी है. इसे बनाने में ज्यादा सामग्री या समय की जरूरत नहीं पड़ती. पके टमाटर के साथ हरी मिर्च, लहसुन, नमक और लाल मिर्च को पकाकर पीसा जाता है, जबकि जीरे का तड़का इसके स्वाद को और खास बना देता है. करीब 5 मिनट में तैयार होने वाली यह चटनी रोज के खाने में नया स्वाद जोड़ सकती है. अचानक मेहमान आने पर भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है. रोटी, पराठे, दाल-बाटी और चावल के साथ इसका स्वाद खास तौर पर अच्छा लगता है.

भीलवाड़ा. राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में खान-पान की अपनी अलग पहचान है. यहां घरों में बनने वाले देसी व्यंजनों का स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. इन्हीं पारंपरिक स्वादों में शामिल है देसी टमाटर की चटनी हैं। टमाटर का इस्तेमाल आमतौर पर सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन मेवाड़ क्षेत्र में इससे बनने वाली चटनी खाने के साथ खास तौर पर परोसी जाती है. अगर खाने के साथ कुछ चटपटा और स्वादिष्ट मिल जाए तो भोजन का स्वाद और भी बढ़ जाता है.

टमाटर की यह देसी चटनी इसी स्वाद को पूरा करती है. सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो ज्यादा सामग्री की जरूरत होती है और न ही लंबे समय तक रसोई में खड़े रहने की. घर में मौजूद कुछ सामान्य मसालों और ताजे टमाटरों की मदद से यह चटनी महज 5 मिनट में तैयार की जा सकती है. यह चटनी खट्टी मीठी होने के साथ स्वाद में लाजवाब होती है.

राजस्थानी टमाटर चटनी के लिए इन सामाग्रियों की पड़ेगी जरूरत

भीलवाड़ा शहर के आर के कॉलोनी के रहने वाली मंजू देवी ने बताया कि कम समय में बजाने वाली यह चटनी सुबह-सुबह ऑफिस जाने वाले और स्कूल जाने वाले या बिजी लाइफ स्टाइल वाले लोगों के लिए एकदम परफेक्ट है. घर में अचानक मेहमान आ जाएं या रोज के खाने में कुछ नया स्वाद जोड़ना हो तो यह आसान राजस्थानी टमाटर की चटनी एक अच्छा ऑप्शन हो सकती है. इस चटनी को बनाने के लिए 2 से 3 पके हुए टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन की कुछ कलियां, नमक और लाल मिर्च की जरूरत होती है। स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा जीरा और धनिया भी डाला जा सकता है. सामग्री की मात्रा स्वाद और जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा की जा सकती है.

ऐसे बनाएं राजस्थानी स्टाइल टमाटर की चटनी

सबसे पहले टमाटरों को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद हरी मिर्च और लहसुन को भी तैयार कर लें. अब एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का भून लें. इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और ऊपर से नमक व लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. टमाटर को कुछ मिनट तक पकने दें, जब तक वे नरम न हो जाए. अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद इसे सिल-बट्टे, मिक्सर या चम्मच की मदद से अच्छी तरह पीस लें. तैयार चटनी को एक कटोरी में निकालकर ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डाल सकते हैं. राजस्थानी देसी टमाटर की यह चटनी रोटी, पराठे, दाल-बाटी, चावल या किसी भी साधारण भोजन के साथ परोसी जा सकती है. इसकी खासियत इसका खट्टा, तीखा और देसी स्वाद है.

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दीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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