अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय परिवारों के लिए सितंबर का वीजा बुलेटिन राहत लेकर आया है। परिवार-आधारित कई श्रेणियों में ग्रीन कार्ड मिलने की तारीखें काफी आगे बढ़ी हैं। हालांकि, EB-1 श्रेणी में खास बदलाव नहीं हुआ है। EB-1 श्रेणी में असाधारण प्रतिभा वाले लोग, बेहतरीन प्रोफेसर-रिसर्चर और एमएनसी के कुछ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होते हैं। भारत के लिए सितंबर में इसकी फाइनल एक्शन डेट 15 अक्टूबर 2022 है। सितंबर का वीजा बुलेटिन मौजूदा वित्त वर्ष का आखिरी बुलेटिन है। अमेरिका का वित्त वर्ष 1 अक्टूबर से 30 सितंबर तक चलता है। नए वार्षिक वीजा नंबर 1 अक्टूबर से उपलब्ध होंगे।
इंदौर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने इंदौर बायपास क्षेत्र में एक कंटेनर की जांच के दौरान हरियाणा निर्मित शराब की सैकड़ों पेटियां जब्त कीं। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 55 लाख रुपए बताई जा रही है। आबकारी विभाग की टीम बायपास क्षेत्र में जांच कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कंटेनर को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान कंटेनर में बड़ी मात्रा में शराब मिली। शराब के संबंध में आवश्यक दस्तावेज और परिवहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसके बाद विभाग ने शराब को जब्त कर कंटेनर को भी जब्त किया। मनोज कुमार अग्रवाल (डिप्टी कंट्रोलर, आबकारी) के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त शराब हरियाणा निर्मित है। इतनी बड़ी मात्रा में दूसरे राज्य की शराब इंदौर तक पहुंचने से इसके अवैध अंतरराज्यीय परिवहन और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की आशंका है। नेटवर्क की तलाश शुरू आबकारी विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब को हरियाणा से कहां से रवाना किया गया था और इसे इंदौर अथवा आसपास के किस क्षेत्र में पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही कंटेनर के मालिक, चालक, शराब भेजने वाले और इसे रिसीव करने वाले लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब के परिवहन के पीछे एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क हो सकता है। जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठिकानों की जानकारी सामने आने की संभावना है। आबकारी विभाग द्वारा जब्त शराब के सोर्स, ठिकानों और परिवहन के तरीके की विस्तृत जांच की जा रही है। टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब की खेप किन लोगों के माध्यम से इंदौर लाई जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद अवैध शराब के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और बिजली की लाइनों को शिफ्ट करने के काम के चलते शुक्रवार को कई इलाकों में बिजली सप्लाई बंद रहेगी। विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर और भटहट उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक 3 घंटे के लिए बिजली कटौती की जाए
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विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, राप्ती नगर उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले 11केवी पत्रकारपुरम और दूरदर्शन फीडर के साथ-साथ भटहट उपकेंद्रके 11केवी बैलो फीडर की सप्लाई प्रभावित रहेगी।
बिजली विभाग ने प्रभावित इलाकों के लोगों से अपील की है कि वे अपने जरूरी काम सुबह 11 बजे से पहले ही निपटा लें, ताकि सप्लाई बंद रहने के दौरान कोई परेशानी न हो। जैसे ही काम पूरा हो जाएगा आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
अलवर नगर निगम के चुनाव में नामांकन वापसी के बाद अब 344 प्रत्याशी चुनावी मैदान में बचे हुए हैं। तीन दिन में 102 प्रत्याशियों ने अलग-अलग वार्डों से अपने नाम वापस ले लिए हैं। अब कई वार्डों में दो-दो प्रत्याशी बचे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आर्तिका शुक्ला ने बताया कि नगर निगम अलवर के 65 वार्डों के लिए 102 अभ्यर्थियों की नाम वापसी के बाद अब कुल 344 उम्मीदवार बचे हैं। शुक्ला ने बताया कि नगर निगम अलवर में अब 9 सितंबर को वोटिंग होगी। 14 सितंबर को परिणाम आएगा। उसके बाद मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होगा। अब प्रत्याशियों ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टियों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी भी मजबूत हैं। पिछली बार भी 19 निर्दलीय जीते थे। इस बार भी अच्छी संख्या में जीतने की संभावना है। वार्ड 1 से 65 के बीच जानिए बीजेपी और कांग्रेस के अलावा कौन-कौन निर्दलीय लड़ रहे हैं चुनाव
बेंगलुरु में आयोजित होने वाले ‘बिहार महोत्सव-2026’ में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी बेंगलुरु पहुंचे। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में मौजूद बिहारवासियों ने दोनों नेताओं का स्वागत किया।
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बेंगलुरु पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी गौशाला पहुंचे। वहां उन्होंने गौ सेवा की और गायों को फल खिलाए। इस दौरान उन्होंने गौशाला में मौजूद लोगों से भी मुलाकात की।
सम्राट चौधरी ‘बिहार महोत्सव-2026’ कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख किया।
‘बिहार महोत्सव-2026’ के शुभारंभ कार्यक्रम में हुए शामिल
इसके बाद बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ‘बिहार महोत्सव-2026’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान संजय सरावगी ने कहा कि मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव बिहार की समृद्ध लोक परंपराओं, कला, संस्कृति और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इस महोत्सव के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलेगी और देश के दूसरे हिस्सों में रहने वाले लोगों को बिहार की गौरवशाली विरासत को करीब से जानने का अवसर प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा, 31 दिसंबर 2028 तक राज्य में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बिहार की विकास यात्रा, बढ़ते बजट, सिंचाई क्षमता और एआई आधारित सुशासन व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि जनता को संतुष्ट रखना, उसकी सुविधा बढ़ाना और उसे न्याय दिलाना ही लोकतांत्रिक शासन का मूल उद्देश्य है।
बिहार के व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग्स सहित कई स्टॉलों का अवलोकन
श्री श्री रविशंकर ने बिहार महोत्सव की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बताया। उन्होंने कहा, महोत्सव में बिहार की विविध संस्कृति, मधुबनी कला और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से देश की विविधता और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बिहार के व्यंजन और मधुबनी पेंटिंग्स सहित विभिन्न स्टॉलों का भी अवलोकन किया।
प्रवासी बिहारियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम
संजय सरावगी ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि प्रवासी बिहारियों को अपनी जड़ों, अपनी माटी और अपनी संस्कृति से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है।
देश के विभिन्न राज्यों में रहने वाले बिहारियों के लिए ऐसे आयोजन अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। विशेष रूप से नई पीढ़ी को बिहार की लोक संस्कृति, विरासत और परंपराओं से परिचित कराने में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
23 जून को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान निशु के पिता संजय पर हमला हुआ था। इसके बाद CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने उन्हें मंच पर बुलाकर बात की थी।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर निशु आजाद के पिता पर हुए हमले का मामला अब राहुल गांधी तक पहुंच गया है। निशु ने गुरुवार को हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से मदद मांगी थी।
निशु ने शाम 4.30 बजे आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस उसके पिता पर हमला करने वाले आरोपी पर कार्रवाई नहीं कर रही है। निशु की अपील के 3 घंटे बाद राहुल ने उन्हें पूरा समर्थन देने की बात कही है। राहुल ने शाम 7:30 बजे जवाब में कहा, ‘हम निशु के साथ हैं। जब तक न्याय नहीं मिल जाता, हम रुकेंगे नहीं।’
निशु ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर मदद मांगी।
स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो निशु ने शेयर किया, पहले पूरा मामला समझें
सोशल मीडिया पर वायरल पॉडकास्ट क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने यह दावा किया कि उसने ही निशु के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ा था। 60 टांके लगाने पड़े थे। राजनीतिक रसूख के चलते मैं बिना किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के बच निकला।
इसके बाद निशु आजाद ने वीडियो पोस्ट कर कहा- ‘स्वतंत्र भारद्वाज का एक वायरल वीडियो हो रहा जिसमें वह खुद कबूल कर रहा है कि उसी ने मेरे पापा का सर फोड़ा था। उसके ऊपर धारा 307 लगनी चाहिए।’
‘हमने इस घटना के समय ही उसके खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस कुछ कर ही नहीं रही है। दिल्ली पुलिस से हमारा विश्वास उठ चुका है। अब मुझे उम्मीद सिर्फ राहुल गांधी से हैं। प्लीज आप मुझे न्याय दिलाइए।’
‘अब मुझे राहुल गांधी जी से उम्मीद है कि वो न्याय दिला सकते हैं। जिन लोगों के मन में कानून का डर नहीं है, वो खुलेआम कैसे घूम सकते हैं। उन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए। खासकर ऐसे लोग अपनी गलती गर्व से लोगों को बता रहे हैं।’
राहुल ने कहा- वे निशु के साथ खड़े रहेंगे
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर निशु को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि निशु अपने समुदाय और छात्रों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया और पूछा कि आरोपी के खिलाफ अब कार्रवाई होगी या नहीं।
राहुल के समर्थन के बाद निशु ने कहा कि अब उसे न्याय मिलने की उम्मीद है। उसने कहा कि राहुल जैसे बड़े नेता का साथ मिलने से भरोसा बढ़ा है और उसे उम्मीद है कि स्वतंत्र भारद्वाज को जेल भेजा जाएगा।
पुलिस बोली- संजय को मामूली चोट लगी, सिर फूटने की खबर अफवाह
दिल्ली के DCP ने बताया कि 23 जून को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में गाजियाबाद निवासी संजय कुमार के सिर एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से चोट लगी थी। RML अस्पताल के डॉक्टरों ने इसे मामूली चोट बताया है।
पुलिस ने सिर फूटने की खबरों को अफवाह बताया है और कहा कि संजय के बयान पर पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में केस दर्ज किया गया। सूरज कुमार और स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और कानूनी नोटिस दिया गया। पुलिस के मुताबिक, जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों के साथ राहुल की 2 प्रेस कॉन्फ्रेंस
1. 5 अगस्त- लड़की ने कहा- भारत माता की जय बोलने पर देशद्रोही कहा, शांति से चलने पर भी मारा
राहुल अपने साथ चार प्रदर्शनकारी छात्र और छात्राओं को मीडिया के सामने लाए। एक छात्रा ने कहा- भारत माता की जय बोलने पर हमें देशद्रोही कहा गया। हम शांति से चल रहे थे तो एक पुलिस अफसर ने शरीर के ऊपरी हिस्से पर मारा।
राहुल गांधी ने कहा- प्रदर्शनकारियों ने कुछ भी गलत नहीं किया। इनका लगातार शोषण हो रहा है। ये बच्चे देश के भविष्य के लिए लड़े। इन्हें माफी मांगने की जरूरत नहीं। लोकतंत्र के लिए ये बच्चे लड़े, इसके लिए इनका धन्यवाद।
2. 24 जुलाई- राहुल ने घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए, पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ
राहुल गांधी ने अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’
36 दिन तक जंतर-मंतर पर चला था CJP का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान हजारों छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन में शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे।
20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी।
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राहुल गांधी ने पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में महिलाओं की आजादी और पितृसत्ता के मुद्दे पर एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने कहा, ‘महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं होती, बल्कि उसकी अपनी पहचान होती है।’ पूरी खबर पढ़ें…
Kaju Seb Sweet: छतरपुर जिले में त्योहारों के लिए ‘काजू सेब मिठाई’ तैयार की गई है, जो दिखने में सेब जैसी और खाने में काजू जैसी मीठी है. इसकी कीमत 800 रुपये प्रति किलो है और यह स्वास्थ्य के लिए भी सेहतमंद बताई जा रही है.
Kaju Seb Sweet: आज हम आपको एक ऐसी मिठाई के बारे में बताने जा रहे हैं जो दिखने में तो सेब फल जैसी है लेकिन खाने में काजू जैसी मीठी है. दरअसल, छतरपुर जिले में त्योहारों को देखते हुए काजू सेब नाम की मिठाई तैयार की गई है. जिसकी कीमत 800 रुपए किलो है. ये मिठाई सेब फल के आकार में बनाई गई है जो देखने में बेहद ही आकर्षक है. साथ ही स्वास्थ्य के लिए भी सेहतमंद होती है. इस मिठाई को कैसे किया तैयार? आइए जानते हैं
छतरपुर के लवकुश नगर स्थित बब्बी रेस्टोरेंट के मालिक बब्बी चौरसिया बताते हैं कि हमारे यहां पहले परंपरागत मिठाइयां ही बनाई जाती थीं लेकिन अब जमाने के हिसाब से मिठाइयां भी बदल रही हैं. इसी के चलते हमारे यहां भी एक अलग तरह की मिठाई बनाई गई है. इस मिठाई को काजू सेब मिठाई कहा जाता है.
हमारे कारीगर अरविंद ने इसे बनाया है. त्योहारों का सीजन है तो छतरपुर के बाजार में पहली बार ये खास मिठाई तैयार की गई है. अभी मार्केट में नया आया है तो इसकी डिमांड धीरे-धीरे बढ़ रही है.
वहीं हलवाई अरविंद सोनी बताते हैं कि छतरपुर जिले में काजू कतली मिठाई तो सभी जानते हैं इसलिए काजू से ही एक और मिठाई तैयार की जिसे सेब फल की आकृति में तैयार किया गया है. इसलिए इसे काजू सेब मिठाई कहा जाता है. ये मिठाई दिखने में सेब जैसी ही लगती है. ये मिठाई दिखने में जितनी आकर्षक है उतनी ही खाने में स्वादिष्ट है.
पहली बार जिले में बनी ऐसी मिठाई अरविंद बताते हैं कि ये खास मिठाई सिर्फ त्योहार को देखते हुए ही नहीं बनाया गया है बल्कि सालभर ये मिठाई बनाई जाएगी. इस मिठाई को काजू कतली के सामान ही बनाया गया है. हालांकि, इसका शेप अलग रखा गया है.
काजू कतली को देती टक्कर अरविंद बताते हैं कि जिस तरह काजू कतली बनाई जाती है वैसे ही काजू सेब को भी तैयार किया गया है. इस मिठाई में सबसे ज्यादा काजू की मात्रा ही डाली गई है. साथ में सेब के आकार में दिखाने के लिए इसमें लोंग भी लगाया गया है. हालांकि, इसकी रेसिपी नहीं बता सकते क्योंकि इस मिठाई का ये सीक्रेट फार्मूला है.
800 रुपए किलो है रेट अरविंद बताते हैं कि ये काजू सेब खास तरीके से बनाया जाता है. स्वास्थ्य की दृष्टि से भी फायदेमंद होता है. खाने में भी बेहद ही स्वादिष्ट होता है. इसलिए इसका रेट भी थोड़ा ज्यादा रहता है. एक किलो मिठाई आप 1000 रुपए में ले सकते हैं.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…
यूपी में कोडीन कफ सिरप सप्लाई का गोरखधंधा थम नहीं रहा है। यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को अवैध कफ सिरप की सप्लाई करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर एसटीएफ ने उनके कब्जे से अवैध कफ सिरप ONEREX BRAND 250 पेटी बरामद किया है। बरामद कफ सिरप की कीमत 3 करोड़ रुपये है। तस्करी में इस्तेमाल डीसीएम व नेक्सॉन कार भी बरामद हुई है। यूपी एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट को काफ दिनों से सूचना मिल रही थी कि कोडीन कफ सिरप को अन्तर्राज्यीय गिरोह द्वारा दिल्ली, हरियाणा व चण्डीगढ़ से तस्करी कर बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में लाया जा रहा है। एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम ने प्रयागराज से बांदा रूट पर जांच और छापेमारी शुरू की। इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के मुताबिक, बिसण्डा अतर्रा रोड चौराहा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर डीसीएम रोक तलाशी ली गई तो उसमें कोडीन सिरप भरा मिला। इसी के साथ टाटा नेक्सॉन को पकड़ा गया। दोनों गाड़ियों से चार तस्कर पकड़े गए। पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि कोडीन कफ सिरप के रैपर को परिवर्तित कर महंगे दामों में सप्लाई व बिकी करते हैं। कोडीन कफ सिरप की सप्लाई व बिकी के कागजात जीएसटी इनवाईस बिल को उनके द्वारा कूटरचना करके OM MEDICAL AGENCY GATA NO 82 VILL TEDHA HAMIRPUR DIST HAMIRPUR UP के नाम पर तैयार किया जाता है। पकड़े गए आरोपी धीरेन्द्र कुमार पुत्र भागवत प्रसाद कुशवाहा निवासी ग्राम नाहर पुरवा, थाना बिसण्डा, बांदा। प्रवीण कुमार उर्फ लकी पुत्र दयाराम गुप्ता निवासी लखन कालोनी अतर्रा, थाना अतर्रा, बांदा। रोहित पाण्डेय पुत्र कल्लू राम पाण्डेय निवासी शास्त्री नगर रामलीला मैदान अतर्रा, बांदा। शेखर सिंह पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम भैना बहादुरगढ़ गढ़मुक्तेश्वर, हापुड। कोडीन सिरप से जुड़ी हाईकोर्ट की सुनवाई भी जानें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन आधारित कफ सिरप को लेकर अहम फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने न्यू फेंसेडिल, एस्कुफ, कोडेक्टस, लाइकारेक्स-टी समेत कोडीन आधारित कफ सिरप से जुड़े 76 जमानत मामलों पर एक साथ सुनवाई की। कोर्ट के सामने मुख्य सवाल था कि क्या 0.2 प्रतिशत से कम कोडीन वाला ऐसा कफ सिरप, जिसका चिकित्सा उपयोग स्थापित है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के दायरे में आएगा या नहीं। मेडिकल इस्तेमाल में बेचने-भेजने पर NDPS एक्ट नहीं कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मात्रा वाला कोडीन युक्त कफ सिरप यदि चिकित्सीय उपयोग के लिए बेचा या भेजा जाता है, तो उसे मादक पदार्थ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में केवल इस आधार पर NDPS एक्ट लागू नहीं किया जा सकता। आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि इस तरह का सिरप NDPS एक्ट में बताए गए “मैन्युफैक्चर्ड ड्रग” की परिभाषा में नहीं आता। ऐसे मामलों में कार्रवाई ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत होनी चाहिए। नशे के लिए रखा तो पूरा मिश्रण ‘कोडीन तैयारी’ राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने तर्क दिया कि यदि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए या नशे के उद्देश्य से कोडीन सिरप बेचा या ले जाया जाता है, तो NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि यदि यही सिरप नशे के लिए भंडारित, बेचा या परिवहन किया जाता है, तो पूरे मिश्रण को “कोडीन तैयारी” माना जाएगा और NDPS एक्ट लागू होगा। बिना पर्ची सामान्य बिक्री पर ड्रग्स एक्ट लागू हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य मेडिकल दुकान से बिना डॉक्टर की पर्ची के कोडीन युक्त कफ सिरप बेचना ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन होगा। सिर्फ इस आधार पर NDPS एक्ट नहीं लगाया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यदि कम समय में बड़ी मात्रा में सिरप की बिक्री की जाती है, तो इससे दुकानदार की मंशा पर सवाल उठ सकता है और परिस्थितियों के आधार पर NDPS एक्ट लागू होने की स्थिति बन सकती है। भोला प्रसाद की जमानत खारिज, 7.5 लाख बोतलों की तस्करी का आरोप इन मामलों में मुख्य आवेदक भोला प्रसाद, जो रांची के साईं ट्रेडर्स के प्रोपराइटर हैं, की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट के सामने प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य रखे गए, जिनके मुताबिक सोनभद्र में करीब 7.5 लाख बोतल कोडीन कफ सिरप फर्जी फर्मों के जरिए डायवर्ट किया गया। जांच में सामने आया कि सिरप को सोनभद्र भेजने के बजाय बिहार, बांग्लादेश और अन्य स्थानों पर भेजा गया था। ड्राइवर-गार्ड समेत कई को मिली जमानत 76 जुड़े मामलों में अधिकांश ड्राइवर, खलासी, गार्ड और निचले स्तर के कर्मचारियों को जमानत दी गई। इन मामलों में कोर्ट ने पाया कि कफ सिरप पैक कार्टन में छिपाकर रखा गया था, लेकिन आरोपियों को इसकी जानकारी होने के ठोस प्रमाण नहीं मिले। वहीं, जिन आरोपियों पर फर्जी फर्में बनाकर बड़े पैमाने पर सिरप डायवर्ट करने, जाली दस्तावेज तैयार करने या संगठित सिंडिकेट चलाने के ठोस प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले, उनकी जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं।
आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अल्ट्रावोल्ट ब्रांड के साथ वायर्स और केबल्स बाजार में शानदार एंट्री की है. कंपनी ने इस नए बिजनेस में 1,800 करोड़ रुपये का बड़ा इन्वेस्टमेंट किया है. ग्रुप का लक्ष्य अगले पांच सालों के अंदर देश की टॉप दो कंपनियों में शामिल होना है. अपनी शुरुआत के साथ ही क्षमता के मामले में अल्ट्रावोल्ट दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.
अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत इसे शुरू किया गया है. अब तक अल्ट्राटेक केवल सीमेंट और कंक्रीट के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यह घर की वायरिंग का भी ख्याल रखेगी. यह कदम कंपनी की ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है. इसके साथ ही, पिछले सिर्फ तीन सालों में आदित्य बिड़ला ग्रुप का यह चौथा नया बिजनेस है.
फ्यूचर देखकर उठाया कदम
ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का मानना है कि भारत के विकास में वायर्स और केबल्स की भूमिका बहुत अहम होने वाली है. देश की अर्थव्यवस्था इस समय शहरीकरण, विद्युतीकरण और डिजिटलीकरण जैसे तीन बड़े बदलावों से गुजर रही है. इन तीनों ही क्षेत्रों में तारों और केबल्स की जरूरत सबसे ज्यादा होती है. इसी मांग को पूरा करने के लिए ग्रुप ने यह बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है.
आने वाले दशक में देश भर में लगभग दस करोड़ से अधिक नए घर बनने की उम्मीद है. इसके अलावा, पूरे भारत में तेजी से नए डेटा सेंटर्स खुल रहे हैं और ऊर्जा का बुनियादी ढांचा भी तेजी से फैल रहा है. इन सभी जगहों पर बिजली और डेटा के लिए हाई-क्वालिटी केबल्स की जरूरत होगी. इसी भारी डिमांड को देखते हुए यह नया ब्रांड बाजार में उतारा गया है.
पूरे भारत में उतरने का प्लान अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ ने बताया कि कंपनी किसी एक इलाके में अपनी किस्मत आजमाने के बजाय सीधे पूरे भारत में उतर रही है. ब्रांड को एक साथ देश के 500 से अधिक जिलों और 6,000 से ज्यादा पिन कोड तक पहुंचाया जाएगा. इस आक्रामक शुरुआत से पता चलता है कि कंपनी बाजार में अपनी जगह पक्की करने और तेजी से आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी का प्लान एक लाख से अधिक रिटेलर्स तक अपनी सीधी पहुंच बनाना है. इसके साथ ही, देश भर में मौजूद 5,000 से ज्यादा ‘अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ (UBS) आउटलेट्स के जरिए भी ग्राहकों तक सामान पहुंचाया जाएगा. 20 से अधिक बड़े वेयरहाउस और ठेकेदारों से अल्ट्राटेक के पुराने रिश्तों का फायदा भी कंपनी को तेजी से आगे बढ़ने में काफी मदद करेगा.
अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन का कहना है कि तार किसी भी घर की लाइफलाइन होते हैं, लेकिन अक्सर लोग इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. कंपनी ग्राहकों की इसी सोच को बदलना चाहती है. उनका मुख्य फोकस ग्राहकों की जरूरतों को समझना और उनके हिसाब से प्रोडक्ट तैयार करना है. कंपनी ने सुरक्षा, बेहतरीन परफॉर्मेंस और भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर अपने तार और केबल्स बनाए हैं.
सामान्य घर से लेकर कमर्शियल हाउसिंग पर फोकस
फिलहाल कंपनी ने घर, कमर्शियल इस्तेमाल, उद्योगों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए डिजाइन किए गए बेहतरीन वायर्स और केबल्स का पोर्टफोलियो बाजार में लॉन्च किया है. ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी और सर्विस देना कंपनी का सबसे बड़ा मकसद है. आगे चलकर अल्ट्रावोल्ट का प्लान कई अन्य तरह की इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज बनाने का भी है, जिससे वे ग्राहकों को घर बनाने का एक पूरा और सुरक्षित पैकेज दे सकें.
पटना के अनीसाबाद आनंद विहार कॉलोनी में रहने वाले एक कारोबारी से 50 लाख रुपए की ठगी हुई है। साइबर ठगों ने उन्हें शेयर और गोल्ड में निवेश पर दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। ठगों ने पहले कारोबारी का भरोसा जीता। उन्होंने दिल्ली के जेवर महल के शेयर में निवेश करने की सलाह दी। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने कारोबारी को एक GST नंबर भी दिया। इसके बाद ठगों ने गोल्ड में निवेश को फायदे का सौदा बताया। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबारी से अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवाए। कारोबारी ने ठगों की बातों पर भरोसा कर अपनी जिंदगी भर की कमाई निवेश कर दी। ठगी का पता तब चला जब कारोबारी ने निवेश किए गए पैसे निकालने की कोशिश की। कई कोशिशों के बाद भी उन्हें पैसा वापस नहीं मिला। उल्टा, साइबर ठगों ने पैसे निकालने के लिए कई तरह की शर्तें रखीं और उनसे और पैसे मांगे। तब कारोबारी को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित को शेयर बाजार में निवेश करने की दी सलाह उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने संजीव कुमार से संपर्क किया था। उन्होंने संजीव को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह दी। बातचीत के दौरान ठगों ने उन्हें दिल्ली के प्रीत विहार में मौजूद जेवर महल के शेयर में निवेश करने को कहा। ठगों ने कारोबारी को समझाया कि सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है, इसलिए गोल्ड में निवेश करने पर उन्हें दोगुना मुनाफा मिलेगा। ठगों ने संजीव कुमार को निवेश से जुड़ी कई जानकारी और दस्तावेज भी दिए। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने GST नंबर भी दिया। जब कारोबारी ने इन जानकारियों की जांच की, तो शुरुआत में सभी डिटेल सही लगीं। इससे उनका भरोसा और बढ़ गया। ठगों ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनसे निवेश के नाम पर पैसे लेना शुरू कर दिया। अलग-अलग नौ बार में खाते में जमा कराई रकम संजीव कुमार ने साइबर शातिरों के बताए खातों में एक बार नहीं, बल्कि अलग-अलग किस्तों में रकम जमा की। उन्होंने बताया कि RTGS के माध्यम से कुल नौ बार में पैसा ट्रांसफर किया। निवेश का यह सिलसिला 11 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलता रहा। कारोबारी लगातार रकम लगाते रहे और उन्हें उम्मीद थी कि निवेश बढ़ने के बाद वह अपना पैसा और मुनाफा आसानी से निकाल सकेंगे।धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई निवेश कर दी। कुल मिलाकर 50 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा करा दिए गए।
पैसा निकालने पर सामने आई ठगी जब संजीव कुमार ने निवेश की गई रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। पैसा निकालने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद बदमाशों ने उनसे कई तरह की शर्तें पूरी करने को कहा। रकम निकालने के लिए उनसे और पैसे जमा करने की मांग की गई। इस पर कारोबारी को संदेह हुआ। उन्होंने जब पूरे मामले को समझने की कोशिश की तो उन्हें अहसास हुआ कि निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की।
पुलिस खंगाल रही खातों और लेनदेन की जानकारी शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें कारोबारी ने रकम ट्रांसफर की थी। इसके साथ ही पैसे के लेनदेन, मोबाइल नंबर, डिजिटल संपर्क और बदमाशों की ओर से उपलब्ध कराई गई निवेश संबंधी जानकारियों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।