महाराष्ट्र के अकोला जिले में सरकारी अस्पताल में एक बार फिर लापरवाही का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां अपने बीमार पति को इलाज के लिए लेकर पहुंची एक आदिवासी महिला को न तो व्हीलचेयर मिली और न ही स्ट्रेचर, जिसके चलते उसे अपने पति को पीठ पर उठाकर अस्पताल परिसर में भटकना पड़ा. महिला अपने कंधे पर बैग और पीठ पर बीमार पति को लेकर इलाज के लिए मदद मांगती रही, लेकिन अस्पताल में मौजूद कर्मचारी और सुरक्षा गार्डों में से किसी ने भी आगे बढ़कर सहायता नहीं की. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
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अमीर बिजनेसमैन से रचाई शादी, 30 की उम्र में करियर के पीक पर एक्टिंग को कहा अलविदा
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सिनेमा जगत में जहां स्टार्स दशकों तक टिके रहने के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं एक ऐसी भी एक्ट्रेस भी रही है, जिसने महज 30 साल की उम्र में कामयाबी के शिखर पर होते हुए भी चकाचौंध को अलविदा कह दिया. बॉलीवुड को पहली 100 करोड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने वाली इस हसीना ने बेहद कम समय में खुद को इंडस्ट्री की सबसे भरोसेमंद स्टार के रूप में स्थापित किया था. लेकिन साउथ से लेकर हिंदी सिनेमा तक अपनी धाक जमाने के बाद एक्ट्रेस शादी के बाद अचानक स्क्रीन से गायब हो गई.
नई दिल्ली. 15 साल की उम्र में सिनेमा की दुनिया में कदम रखने वाली एक्ट्रेस कई भाषाओं की फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा चेहरा बन गई. बॉलीवुड की सबसे पहली 100 करोड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म में लीड हीरोइन का रोल निभाने के बाद इंडस्ट्री के बड़े-बड़े हीरो के साथ काम किया. 30 साल की उम्र से पहले ही उनका करियर सफलता के सातवें आसमान पर था.

मगर फैंस को हैरानी तब हुई, जब बैक-टू-बैक सुपरहिट फिल्में देने के बावजूद एक्ट्रेस ने बेहद खामोशी से खुद को चकाचौंध से दूर कर लिया. हम बात कर रहे हैं असिन थोट्टुमकल की. साल 2008 में जब ‘गजिनी’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो हर तरफ सिर्फ आमिर खान के जबरदस्त बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन और फिल्म की खतरनाक रिवेंज स्टोरी की ही चर्चा थी. दूसरी तरफ, कल्पना के किरदार में असिन की मासूमियत ने दर्शकों का दिल जीत लिया.

उनकी इसी बेहतरीन परफॉर्मेंस ने फिल्म को एक इमोशनल टच दिया, जिसने ‘गजिनी’ को एक कल्ट फिल्म बना दिया. इस ब्लॉकबस्टर ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचते हुए भारत में 100 करोड़ का आंकड़ा पार किया. यह ऐसा कारनामा करने वाली बॉलीवुड इतिहास की सबसे पहली हिंदी फिल्म बनी, जिसने आने वाले समय के लिए कामयाबी के नए मायने तय कर दिए.
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असिन के लिए यह फिल्म बॉलीवुड में एक ग्रैंड और धमाकेदार एंट्री जैसी थी. वैसे तो वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री में पहले से ही नंबर वन एक्ट्रेस थीं और वहां राज कर रही थीं, लेकिन कल्पना के इस यादगार रोल ने उन्हें रातों-रात पूरे देश में घर-घर की पसंद बना दिया. ‘गजिनी’ की ऐतिहासिक कामयाबी के बाद असिन रातों-रात बॉलीवुड के बड़े-बड़े डायरेक्टर्स और सुपरस्टार्स की पहली पसंद बन गईं.

इसके बाद उन्होंने सलमान खान के साथ सुपरहिट फिल्म ‘रेडी’ में काम किया, अक्षय कुमार के साथ ‘हाउसफुल 2’ और ‘खिलाड़ी 786’ जैसी फिल्मों में अपनी कमाल की कॉमिक टाइमिंग दिखाई, तो वहीं अजय देवगन के साथ फिल्म ‘बोल बच्चन’ में नजर आईं. एक के बाद एक मिली इन धमाकेदार कामयाबियों ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया और साल 2010 के शुरुआती दशक में असिन को इंडस्ट्री की सबसे भरोसेमंद और टॉप हीरोइनों की कतार में ला खड़ा किया.

बेहद कम समय में असिन ने एक ऐसा शानदार मुकाम हासिल कर लिया, जिसे पाने में एक्टर्स को सालों-साल लग जाते हैं. मलयालम, तमिल और तेलुगू से लेकर हिंदी सिनेमा तक, उन्होंने जिस सहजता से हर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाई, उसने यह साबित कर दिया कि वह एक ऐसी बेमिसाल टैलेंट हैं जो बिना किसी सरहद के पूरे देश के दर्शकों के दिलों से सीधे जुड़ सकती हैं.

जब ‘गजिनी’ में आमिर खान के अपोजिट असिन को देखा गया, तो कई लोगों को लगा कि वह कोई नई एक्ट्रेस हैं. जबकि असल में वह 15 साल की उम्र से ही तमिल, तेलुगू और मलयालम फिल्मों की सुपरस्टार थीं. उन्होंने थलपति विजय (पोक्किरी), अजीत (वरलारू), चियान विक्रम और सूर्या (ओरिजिनल गजिनी) जैसे सुपरस्टार्स संग काम किया था. वहीं तेलुगू में वह महेश बाबू और पवन कल्याण जैसी बड़ी हस्तियों की पसंदीदा लीडिंग लेडी रह चुकी थीं.

साल 2016 के जनवरी महीने में असिन ने माइक्रोमैक्स के को-फाउंडर और बिजनेसमैन राहुल शर्मा के साथ सात फेरे लिए. हिंदू और क्रिश्चियन दोनों रीति-रिवाजों से हुई इस खूबसूरत शादी की सबसे दिलचस्प बात यह थी कि इन दोनों की मुलाकात असिन के को-स्टार अक्षय कुमार ने कराई थी. शादी के बाद उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को पूरी तरह अलविदा कह दिया और अपना पूरा वक्त परिवार और पर्सनल लाइफ को दे दिया.

आज के समय में असिन लाइमलाइट से कोसों दूर एक बेहद निजी और सुकून भरी जिंदगी जी रही हैं. साल 2017 में पति राहुल शर्मा के साथ अपनी बेटी आरिन रयान का स्वागत करने के बाद उन्होंने खुद को पब्लिक और सोशल मीडिया से लगभग पूरी तरह काट लिया. वह अब कभी-कभार ही सोशल मीडिया पर अपनी बेटी या परिवार से जुड़ी खास तस्वीरों की छोटी सी झलक फैंस के साथ शेयर करती हैं.
सहारनपुर पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश अरेस्ट: एक पैर में लगी गोली, चोरी की भैंस बरामद, बदमाशों ने पुलिस पर चला दी थी गोली – Saharanpur News
सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र में पुलिस और पशु चोरों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें एक आरोपी पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस और चोरी की गई एक जिंदा भैंस बरामद की है। पुलिस के अनुसार, शनिवार-रविवार की रात दिल्ली-हरिद्वार निर्माणाधीन हाईवे पर ग्राम नैनसोब के जंगल में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग एक भैंस को लेकर जा रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी की। पुलिस का कहना है कि खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इसमें एक आरोपी नासिर पुत्र कय्यूम कुरैशी निवासी पांडौली, थाना नागल के बाएं पैर में गोली लग गई। उसे घायल अवस्था में पकड़ लिया गया। घायल आरोपी के कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस .315 बोर बरामद हुआ। वहीं दूसरा आरोपी नदीम पुत्र महताब तेली निवासी पांडौली, थाना नागल भागने का प्रयास कर रहा था, जिसे पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक जिंदा भैंस भी बरामद की है। पूछताछ में नासिर ने बताया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कुछ दिन पहले नागल थाना क्षेत्र के रसूलपुर खेड़ी गांव से इस भैंस की चोरी की थी। पुलिस के मुताबिक बरामद भैंस नागल थाने में दर्ज मुकदमा जो पशु चोरी के मामले में दर्ज किया गया था। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
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ईंट भट्ठों की मिट्टी से उड़ती धूल से बढ़ी परेशानी: बिजलपुर में ग्रामीण को आने-जाने में दिक्कत, प्रशासन से कार्रवाई की मांग की – Satar Kataiya News
सहरसा जिले के सत्तर कटैया प्रखंड अंतर्गत बिजलपुर पंचायत में ईंट भट्ठों के लिए मिट्टी ढुलाई ग्रामीणों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है। लगातार ट्रैक्टरों के आवागमन से सड़क पर भारी मात्रा में धूल उड़ रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क से उड़ने वाली यह धूल सीधे उनके घरों तक पहुंच रही है। इससे खाने-पीने की वस्तुएं, कपड़े और घरेलू सामान प्रभावित हो रहे हैं। खासकर सड़क किनारे रहने वाले परिवारों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धूल के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। यह स्थिति उनके स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बन गई है। इस मामले को लेकर पूर्व मुखिया संजीव कुमार ने खनन विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि बिहरा थाना क्षेत्र में खुलेआम ईंट भट्ठों के लिए मिट्टी की ढुलाई की जा रही है, लेकिन प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ग्रामीणों ने चिन्मी ईंट भट्ठा प्रबंधन पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि यदि सड़क पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए, तो धूल उड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन, खनन विभाग और संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराने, मिट्टी ढुलाई के नियमों का पालन सुनिश्चित करने तथा सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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ईरान का आरोप- अमेरिका ने सीजफायर तोड़ा: कहा- उसकी वजह से इलाके की सुरक्षा खतरे में, अब जो हालात बनेंगे, उसके लिए US जिम्मेदार
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को अमेरिका पर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है। मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका तनाव कम करने के बजाय अपनी सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका ने सीरिक क्षेत्र और केश्म द्वीप पर ईरान के तटीय रडार और निगरानी केंद्रों पर हमला किया, जो सीजफायर का साफ उल्लंघन है। ईरान ने कहा कि इन हमलों के बाद जो भी हालात पैदा होंगे और उसके जो भी नतीजे होंगे, उनकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. लेबनान में मौतों का आंकड़ा 3,593 पहुंचा: 2 मार्च से जारी इजराइली हमलों में अब तक 3,593 लोगों की मौत और 10,990 लोग घायल हुए हैं। सिर्फ पिछले 24 घंटे में 35 लोगों की जान गई और 120 घायल हुए। 2. दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले तेज, 10 लोगों की मौत: शनिवार को इजराइली हमलों में लेबनानी सेना के एक ब्रिगेडियर जनरल समेत 10 लोगों की मौत हुई। हमलों के बाद कई इलाकों में लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए गए। 3. अमेरिका ने 4 ईरानी ड्रोन मार गिराने का दावा किया: अमेरिका ने होर्मुज की ओर बढ़ रहे 4 ईरानी ड्रोन मार गिराने और केश्म आइलैंड की रडार साइट्स पर हमला करने का दावा किया। जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन की ओर 7 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया। 4. ईरान बोला- सीजफायर अमेरिका ने तोड़ा: तेहरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने सीरिक और केश्म द्वीप पर तटीय रडार ठिकानों पर हमला कर युद्धविराम का उल्लंघन किया। ईरान ने कहा कि इसके बाद पैदा होने वाले हालात की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी। 5. ईरान-अमेरिका डील 24 अरब डॉलर पर अटकी: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, संभावित शांति समझौता ईरान की 24 अरब डॉलर (करीब ₹2.29 लाख करोड़) की फ्रीज संपत्ति जारी होने पर टिका है। ईरान चाहता है कि समझौते के साथ ही 12 अरब डॉलर जारी किए जाएं, जबकि अमेरिका इस पर अभी सहमत नहीं है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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गर्मी में इस सब्जी से बनाएं लाजवाब कोफ्ता, बार-बार करेंगे डिमांड; देखें रेसिपी
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Raipur News: अन्नू नायक के अनुसार, कद्दूकस की हुई लौकी में बेसन, धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर और स्वाद बढ़ाने के लिए अमचूर पाउडर मिलाया जाता है. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स करने के बाद छोटे-छोटे पकौड़े तैयार कर गर्म तेल में सुनहरा होने तक तला जाता है.
रायपुर. गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों की खाने के प्रति रुचि कम हो जाती है. इस मौसम में हल्के और पौष्टिक भोजन की तलाश बढ़ जाती है. ऐसे समय में लौकी से तैयार होने वाला कोफ्ता स्वाद और सेहत का बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आता है. छत्तीसगढ़ के कई घरों में गर्मी के दिनों में लौकी का कोफ्ता विशेष रूप से बनाया जाता है. यह व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि शरीर को आवश्यक पोषण भी प्रदान करता है. यही वजह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसे पसंद करते हैं.
स्थानीय गृहिणी अन्नू नायक लोकल 18 को बताती हैं कि लौकी का कोफ्ता बनाने की विधि काफी आसान है और घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री से इसे तैयार किया जा सकता है. सबसे पहले ताजी और कोमल लौकी को अच्छी तरह धोकर कद्दूकस कर लिया जाता है. इसके बाद लौकी में मौजूद अतिरिक्त पानी को निचोड़कर अलग कर दिया जाता है. इससे कोफ्ते का मिश्रण बेहतर तरीके से तैयार होता है और तलने के दौरान उसका आकार भी बना रहता है.
स्वाद बढ़ाएगा अमचूर पाउडर
अन्नू नायक के अनुसार, कद्दूकस की हुई लौकी में बेसन, हल्दी, धनिया पाउडर और स्वाद बढ़ाने के लिए अमचूर पाउडर मिलाया जाता है. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिश्रित करने के बाद छोटे-छोटे पकौड़े तैयार कर गर्म तेल में सुनहरा होने तक तला जाता है. ये पकौड़े ही आगे चलकर कोफ्ते का मुख्य हिस्सा बनते हैं.
ऐसे तैयार करें ग्रेवी
ग्रेवी तैयार करने के लिए कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है. इसमें बारीक कटी प्याज और मिर्च डालकर अच्छी तरह भुना जाता है. इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, गरम मसाला सहित अन्य घरेलू मसाले डालकर मिश्रण को पकाया जाता है. जब मसाले अच्छी तरह पक जाते हैं, तब आवश्यकतानुसार पानी डालकर ग्रेवी तैयार की जाती है. उबाल आने के बाद पहले से तैयार लौकी के पकौड़ों को इसमें डाल दिया जाता है.
शरीर को ठंडक और बेहतर पाचन तंत्र
करीब 5 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाने के बाद कोफ्ते मसालों का स्वाद अच्छी तरह सोख लेते हैं और व्यंजन पूरी तरह तैयार हो जाता है. गर्मागर्म लौकी का कोफ्ता रोटी, पराठा या चावल के साथ परोसा जा सकता है. स्वाद के साथ-साथ लौकी में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ठंडक पहुंचाने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करते हैं. यही कारण है कि गर्मी के मौसम में छत्तीसगढ़ के लोगों की पसंदीदा पारंपरिक सब्जियों में लौकी का कोफ्ता प्रमुख स्थान रखता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री, 19 राज्यों में अगले 48 घंटे भारी, IMD अलर्ट
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Aaj Ka Mausam Live: देश में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदल गया है. केरल के बाद अब महाराष्ट्र में मानसून ने समय पर दस्तक दे दी है, लेकिन इसके साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम विभाग (IMD) ने भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी कर दिया है. IMD के अनुसार अगले 48 घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं, क्योंकि 19 राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत तक मौसम का असर देखने को मिलेगा. कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है.
केरल के बाद महाराष्ट्र में मानसून की एंट्री के साथ देशभर में मौसम का बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. (फोटो AI)
Today Weather Live: देश में मौसम का रुख एक बार फिर पूरी तरह बदल चुका है. केरल में दस्तक देने के बाद मानसून ने महाराष्ट्र में अपनी मजबूत एंट्री कर ली है. यह एंट्री भले ही तय समय के आसपास हुई हो, लेकिन इसके असर ने पूरे देश को अलर्ट मोड पर ला दिया है. एक तरफ जहां किसानों के चेहरे पर राहत की उम्मीद दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कई राज्यों में मौसम विभाग की चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है.
IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और कई राज्यों को अपनी चपेट में लेगा. अरब सागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक मौसम प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसका सीधा असर उत्तर, पूर्व और दक्षिण भारत में देखने को मिलेगा.
राजस्थान में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. (PTI)
देशभर में मौसम का सिस्टम एक्टिव, तेज हवाओं और बारिश का खतरा
- मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कई चक्रवाती परिसंचरण अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं. यही वजह है कि मौसम का मिजाज बेहद अस्थिर हो गया है. कहीं तेज धूप के बाद अचानक बारिश हो रही है तो कहीं आंधी-तूफान ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
- अगले 2 से 3 दिनों में मानसून के और आगे बढ़ने की संभावना है. इसके बाद यह छत्तीसगढ़, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तक पहुंच सकता है. हवाओं की गति कई जगहों पर 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया है.
दिल्ली-NCR में मौसम का बदलाव और तेज हवाओं का असर
दिल्ली-NCR में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है. 7 जून को आंशिक बादल छाए रहने के साथ तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है. अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री के बीच रह सकता है, लेकिन आंधी और बारिश के चलते शाम तक राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है. कई इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ सकता है, जिससे यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है.
मौसम संबंधी चेतावनी
मुख्य बिंदु
(i) दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आज, 06 जून 2026 को महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश के कुछ और भागों, गोवा के शेष भागों, कर्नाटक के कुछ और भागों, तमिलनाडु के अधिकांश भागों तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों में और प्रगति की है।
ii) अगले 7 दिनों के दौरान… pic.twitter.com/05rZCcHTtA— India Meteorological Department (@Indiametdept) June 6, 2026
बिहार-झारखंड में बिजली गिरने से 6 की मौत: एमपी-राजस्थान में आंधी-बारिश, कई जगह पेड़ गिरे; मानसून गोवा पार, दो दिन में महाराष्ट्र कवर करेगा
देश में गुजरात को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में प्री-मानसून बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत दक्षिणी और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में शनिवार को तेज बारिश हुई। बिहार के जमुई, मुंगेर, बांका और बक्सर में चार लोगों की और झारखंड में 2 लोगों की बिजली गिरने से मौत हो गई। एमपी के 4 जिलों में तेज आंधी-बारिश हुई। शाजापुर में ओले गिरे। नर्मदापुरम जिले बॉयज हॉस्टल की छत पर पेड़ गिर गया। राजस्थान के बीकानेर में बारिश के साथ ओले गिरे। श्रीडूंगरगढ़ में वेयरहाउस के टीनशेड और कोटपूतली-बहरोड़ में टेंट उड़ गया। यूपी के मऊ और गाजीपुर में शनिवार को 50kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं और बारिश हुई। गोरखपुर में भी धूलभरी आंधी चली। केरलम के त्रिशूर में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इधर, शनिवार को मानसून गोवा को पार कर महाराष्ट्र के तटीय शहर देवगढ़ पहुंच गया। पूर्वोत्तर के मिजोरम और मणिपुर में भी मानसून पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन में यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्सों के साथ तेलंगाना और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में पहुंच सकता है। मानसून अलर्ट… भारत में तीन दिन की देरी से पहुंचने के बाद मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को मानसून ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर में एंट्री ली। इससे पहले यह शुक्रवार को कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में पहुंचा था। देश में मानसून 4 जून को केरलम पहुंचा था। IMD के मुताबिक अगले तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। अगले 10 दिनों में इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है। स्काईमेट वेदर के एक्सपर्ट जीपी शर्मा के मुताबिक एमपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बंगाल में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी रह सकती है, क्योंकि इसे आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव नहीं है। प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ा, ये अल नीनो की शुरुआत यूरोपीय मौसम एजेंसी के अनुसार, प्रशांत महासागर में अल नीनो बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ताजा आंकड़ों में समुद्र का तापमान उस स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जिसे अल नीनो की शुरुआत माना जाता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अल नीनो के चलते इस साल दिसंबर तक समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3°C तक बढ़ सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इस साल का अल नीनो दुनियाभर में तापमान को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार अल नीनो 2015-16 और 1997-98 के रिकॉर्ड से भी ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है। पिछली दो बार नीनो 3.4 इंडेक्स में पारा औसत से 2.3°C ऊपर चला गया था। कुछ अनुमान तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दिखा रहे हैं, जिसे बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 8 जून: 9 जून:
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LPG सिलेंडर फिर हुआ महंगा, तीन महीने में दूसरी बार बढ़े दाम, अब इतनी हुई कीमत
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LPG Price Hike: पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. उस समय पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में तेजी देखने को मिली थी.
महंगाई से जूझ रहे आम लोगों को एक और झटका लगा है. आज से घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है. इसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है.
पिछले तीन महीनों में यह दूसरी बार है जब एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं. इससे पहले 7 मार्च को सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. उस समय पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई उथल-पुथल के कारण अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों में तेजी देखने को मिली थी.
तेल विपणन कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की लागत बढ़ने से उन पर वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है. उद्योग से जुड़े अनुमान बताते हैं कि हालिया बढ़ोतरी से पहले कंपनियों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर प्रति सिलेंडर करीब 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था.
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साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें

