स्कूल की छुट्टी होने के कारण 8 साल का राहुल और उसकी 10 साल की बहन रीना बकरियां चराने जंगल गए थे। दोनों भाई-बहन भीखा नाडा के पास थे। इसी दौरान नाडी के किनारे खड़े राहुल का अचानक पैर फिसल गया और वह पानी में गिर गया। राहुल को पानी में डूबता देख उसकी बहन रीना उसे बचाने के लिए तुरंत नाडी में कूद गई। उसने भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी गहरा होने के कारण दोनों संभल नहीं पाए और डूबने से दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले गए, जिसके बाद पुलिस ने शव रास हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए। दोनों की बॉडी देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यह घटना ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र में बुधवार को हुआ। बकरियां चराने जंगल की तरफ गए थे भाई-बहन रास थानाप्रभारी पन्नालाल सैनी ने बताया कि रूपनगर निवासी प्रकाश बावरी के 10 साल की बेटी रीना और 8 साल का बेटा राहुल बुधवार को भीखा नाडा की तरफ बकरियां चराने गए थे। स्कूल की छुट्टी होने के चलते दोनों भाई-बहन बकरियां चराने जंगल में गए थे। इस दौरान भीखा नाडा के पास राहुल खड़ा था। राहुल का पैर अचानक फिसल गया। इसके बाद वह नाडी में गिर गया। राहुल को नाडी में डूबता देखकर उसकी 10 साल की बहन रीना उसे बचाने के लिए नाडी में कूद गई। रीना ने राहुल को बचाने का प्रयास किया, लेकिन लाख प्रयास के बाद भी वह उसे नहीं बचा सकी। इसके बाद राहुल और रीना दोनों नाडी में डूब गए। जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे हादसे की जानकारी कुछ देर बाद ग्रामीणों को मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर एएसआई धर्माराम जाट पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को नाडी से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले गए। दोनों बच्चों की बॉडी नाडी से बाहर निकलने के बाद हादसे की जानकारी परिजन को हुई। बच्चों की बॉडी देखकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव रास हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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भाई को बचाने नाडी कूदी बहन, दोनों की मौत: स्कूल की छुट्टी थी, जंगल में बकरियां चराने गए थे – Pali (Marwar) News
BCom किया पर नौकरी नहीं ढूंढी! बुरहानपुर के 25 साल के युवा का ‘सीजनल फॉर्मूला’, 4 कामों से
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Nitesh Bhagat Seasonal Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में 25 वर्षीय नितेश भगत बीकॉम की पढ़ाई के बाद नौकरी की बजाय चार तरह के मौसमी व्यवसाय कर रहे हैं. वे पतंग, कपड़े, पटाखे और राखियों का व्यापार करते हैं, जिससे उन्हें सालभर अच्छी कमाई होती है और दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है.
Nitesh Bhagat Seasonal Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में युवा पढ़ाई-लिखाई के साथ कारोबार की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं. शहर के राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय नितेश भगत इसका उदाहरण हैं. बीकॉम फाइनल की पढ़ाई पूरी करने के बाद नितेश ने नौकरी की तलाश करने के बजाय अलग-अलग सीजन और त्योहारों के हिसाब से कारोबार शुरू किया. खास बात यह है कि वे साल के 12 महीनों में करीब चार तरह के व्यवसाय करते हैं. नितेश बताते हैं कि उन्होंने करीब 25 सालों से इस तरह के व्यवसाय से जुड़े परिवार के अनुभव को आगे बढ़ाया है. वे मौसम और त्योहार के अनुसार अलग-अलग सामान की बिक्री करते हैं. इनमें पतंग, कपड़े, पटाखे और राखियां शामिल हैं. साल के अलग-अलग समय पर इन वस्तुओं की मांग बढ़ती है जिसका फायदा नितेश अपने कारोबार में उठाते हैं.
दुकान संचालक ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को बिजनेस मेन नितेश ने बताया कि पतंग का कारोबार खास सीजन में किया जाता है. जबकि त्योहारों के समय कपड़े, राखियां और पटाखों की बिक्री पर ध्यान दिया जाता है. इस तरह एक कारोबार का सीजन खत्म होने के बाद दूसरे कारोबार की शुरुआत हो जाती है. इससे उन्हें पूरे साल कमाई का जरिया मिलता रहता है. नितेश बताते हैं कि अलग-अलग सीजन में कारोबार करने से सालभर में करीब तीन से चार लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है. उनके इस कारोबार से दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है. सीजन के अनुसार सामान की खरीदी बिक्री और ग्राहकों की जरूरत को समझकर वे अपना कारोबार चलाते हैं.
बीकॉम की है पढ़ाई
नितेश का कहना है कि छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने के लिए सबसे जरूरी है मेहनत सही समय और बाजार की मांग को समझना यदि व्यक्ति मौसम और त्योहार के हिसाब से सामान का चयन करे और ग्राहकों की जरूरत के अनुसार काम करे तो कम पूंजी में भी अच्छा व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है. पढ़ाई के साथ कारोबार को आगे बढ़ाते हुए नितेश युवाओं के लिए भी मिसाल बन रहे हैं.
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उन्नाव में तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र बदले: 6 अधिकारियों की नई तैनाती, न्यायिक तहसीलों की भी बदली जिम्मेदारी – Unnao News
उन्नाव जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व कार्यों के त्वरित निस्तारण के लिए तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया गया है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बुधवार रात तहसीलदारों के स्थानांतरण और नवीन तैनाती के आदेश जारी किए। आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश से नायब तहसीलदार पद से तहसीलदार पद पर प्रोन्नत अधिकारियों को जिले की अलग-अलग तहसीलों में तैनाती दी गई है। इसके अलावा जिले में पहले से तैनात कुछ तहसीलदारों के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं। गैर जनपदों से स्थानांतरित होकर आए अधिकारियों को भी विभिन्न तहसीलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बांगरमऊ में अखिलेश मौर्य, साक्षी राय को न्यायिक जिम्मेदारी जारी आदेश के मुताबिक अखिलेश कुमार मौर्य को तहसीलदार बांगरमऊ बनाया गया है। यहां पहले से तैनात तहसीलदार साक्षी राय का स्थानांतरण करते हुए उन्हें तहसीलदार (न्यायिक) बांगरमऊ की जिम्मेदारी दी गई है। हसनगंज में तहसीलदार के पद पर तैनात अविनाश चौधरी को अब तहसीलदार सफीपुर बनाया गया है। वहीं कीरत सेन को तहसीलदार हसनगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीघापुर और पुरवा में भी नई तैनाती प्रियंका तिवारी को तहसीलदार बीघापुर और शिवम राठौर को तहसीलदार पुरवा के पद पर तैनाती दी गई है। इसके अलावा प्रतीक्षारत चल रहीं सुरभि गौतम को तहसीलदार (न्यायिक) पुरवा बनाया गया है। तहसीलदार (न्यायिक) सदर उन्नाव राकेश कुमार यादव को अपनी मौजूदा जिम्मेदारी के साथ सर्वे का कार्य भी सौंपा गया है। तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने के निर्देश जिलाधिकारी के आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को नवीन तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन के अनुसार फेरबदल का उद्देश्य तहसील स्तर पर राजस्व कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करना, जनसमस्याओं का तेजी से निस्तारण करना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। नई तैनातियों के बाद जिले की तहसीलों में राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी आने और आम लोगों से जुड़े कामकाज को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किए जाने की उम्मीद है।
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ककोड़ा-चना दाल की सब्जी का स्वाद बढ़ाएगा ये देसी तरीका, जरूर आजमाएं
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Kakoda Chana Dal Sajzi Recipe: बरसात आते ही बाजार में मिलने वाला ककोड़ा कई घरों की रसोई का स्वाद बदल देता है. अगर इसकी सब्जी को चना दाल के साथ बनाया जाए तो साधारण सी सब्जी भी बेहद स्वादिष्ट बन जाती है. खास बात यह है कि इसके लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. प्याज, हरी मिर्च और रोजाना इस्तेमाल होने वाले मसालों से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. ककोड़ा काटते समय इसके बीज निकालने की भी जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सब्जी का स्वाद बढ़ाते हैं. चना दाल और ककोड़ा की यह देसी सब्जी रोटी, पराठे या चावल के साथ स्वादिष्ट लगती है.
बारिश के मौसम में अगर कुछ अलग और स्वादिष्ट खाने का मन हो तो ककोड़ा की सब्जी एक अच्छी सब्जी है. ककोड़ा इस मौसम में आसानी से मिलने वाली सब्जी है. इसे चना दाल के साथ बनाया जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. खास बात यह है कि इसे घर में मौजूद मसालों से आसानी से तैयार किया जा सकता है. कम समय में बनने वाली यह सब्जी रोटी, पराठे और चावल के साथ खूब पसंद की जाती है.
चना दाल और ककोड़ा की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को सब्जी बनाने से करीब एक घंटे पहले पानी में भिगोकर रख दें. इसके बाद ककोड़ा को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें, ताकि उस पर लगी मिट्टी पूरी तरह निकल जाए. अब ककोड़ा को दो टुकड़ों में काट लें. इसके अंदर के बीज और बीच के हिस्से को फेंकने की जरूरत नहीं है. इसे भी सब्जी में इस्तेमाल किया जा सकता है. ककोड़ा के बीज सब्जी का स्वाद बढ़ाते हैं और खाने में भी अच्छे लगते हैं.
इसके बाद प्याज और हरी मिर्च को बारीक काट लें और लहसुन को छीलकर तैयार कर लें. अब गैस पर कढ़ाई रखें और उसमें सरसों का तेल डालें और तेल गर्म होने पर जीरा डालें. इसके बाद कटी हुई प्याज और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी, स्वादानुसार नमक, गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें. मसालों को अच्छी तरह पकाएं.
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जब मसाला तेल छोड़ने लगे तो इसमें भिगोई हुई चना दाल डालें. कढ़ाई को ढककर करीब पांच मिनट तक दाल को पकाएं. जब दाल थोड़ी नरम हो जाए तो इसमें कटे हुए ककोड़ा डाल दें. अब इसे अच्छी तरह मिलाकर करीब 10 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें, ताकि यह कढ़ाई में लगे नहीं.
जब ककोड़ा और चना दाल अच्छी तरह पक जाएं तो गैस बंद कर दें. आखिर में ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालें. इस तरह चना दाल और ककोड़ा की स्वादिष्ट सब्जी बनकर तैयार हो जाएगा. इसे गरमा-गरम रोटी, पराठे या चावल के साथ परोसा जा सकता है. बारिश के मौसम में कम सामग्री और आसान तरीके से बनने वाली यह देसी सब्जी खाने का स्वाद बढ़ा सकती है.
बांका में हाईवा ने 60 साल के शख्स को कुचला;मौत: 30 फीट तक घसीटा; सड़क पर क्षत-विक्षत हुआ शव, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम – Banka News
बांका में बुधवार शाम तेज रफ्तार हाईवा ने 60 साल के शख्स को कुचल दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन उन्हें लगभग 30 फीट तक घसीटता ले गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना धोरैया थाना क्षेत्र के धोरैया-पंजवारा स्टेट हाईवे पर बेलडीहा के पास हुई। मृतक की पहचान मयंक कुमार सिंह उर्फ धर्मप्रकाश सिंह (60) के रूप में हो रही है। हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया और फरार चालक की गिरफ्तारी की मांग की। बुधवार देर रात तक जाम की समस्या बनी रही। सड़क पर बुरी तरह क्षत-विक्षत हुआ शव दरअसल, मयंक कुमार सिंह बुधवार देर शाम अपने घर से पास के शिव मंदिर में आरती में शामिल होने जा रहे थे। पंजवारा की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन उन्हें लगभग 30 फीट तक घसीटता ले गया, जिससे मयंक सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए और सड़क जाम कर दिया। सूचना पाकर बीडीओ अरविंद कुमार और धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।अधिकारियों ने ग्रामीणों को फरार हाईवा चालक को जल्द पकड़ने और सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।हालांकि,ग्रामीण तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। स्टेट हाईवे पर लगा जाम जाम के कारण स्टेट हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।देर रात तक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे।काफी मशक्कत के बाद,फरार वाहन चालक को जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए और सड़क जाम समाप्त किया गया। मृतक मयंक सिंह की पत्नी उर्मिला देवी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। उनके दो बेटे राहुल और ऋतिक तथा एक पुत्री ब्यूटी हैं। बड़ा बेटा राहुल आंख से दिव्यांग है,जबकि छोटा बेटा ऋतिक जमशेदपुर की एक निजी कंपनी में काम करता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गया। धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। फरार हाईवा और उसके चालक की तलाश की जा रही है।
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बालपुर के पास मारुति वैन से टकराई बाइक: दो गंभीर घायल, जबलपुर रेफर; घंसौर पुलिस ने शुरू की जांच – Seoni News
सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक और मारुति वैन में सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना ग्राम बालपुर के पास हुई, जहाँ मोटरसाइकिल और मारुति वैन के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में मोटरसाइकिल सवार आनंद उईक (40), पिता श्यामलाल उईक, और मारुति वैन में सवार प्रतीक अवधिया (38), निवासी घंसौर, गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों को काफी नुकसान पहुंचा। दुर्घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर हालत को देखते हुए, उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया। घंसौर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की जांच की और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, हालाँकि अभी तक दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। घंसौर पुलिस ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।
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MP के पांच जिलों में भारी बारिश के आसार: यूपी में दो दिनों में 13 लोगों की मौत, उत्तराखंड में 78 सड़कें बंद
मध्यप्रदेश के कई जिलों में बुधवार को भी तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में भोपाल, उज्जैन, सागर, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में भारी बारिश के आसार हैं। उत्तरप्रदेश के कई जिलों तेज बारिश जारी है। 2 दिनों में बारिश की वजह से हुए हादसों में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। नेपाल में आई बाढ़ से बिहार के भी 8 जिलों में हाईअलर्ट है। साथ ही बक्सर से लेकर पटना, बेगूसराय और भागलपुर तक गंगा उफान पर है। खगड़िया में 100 से ज्यादा घर और स्कूल पानी में डूबे हैं। उत्तराखंड के देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश का यलो अलर्ट है। भारी बारिश के चलते 9 जिलों की 78 सड़कें बंद हैं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे दिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
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नेपाल में तबाही, पानी बिहार क्यों पहुंचेगा: 36 फाटक खोले, त्रिशूली-भोटेकोशी का पानी किन जिलों तक पहुंचेगा, समझिए पूरा कनेक्शन – Bihar News
बिहार से करीब 300 किलोमीटर दूर नेपाल में तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने तबाही मचा दी है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के पानी ने रसुवा, टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके को तहस-नहस कर दिया है। गांव के गांव बह गए, बाजार तबाह हो गए, पुल टूट गए और सड़कें कट गईं। नेपाल में आई तबाही पर बिहार सरकार अलर्ट है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से गृह मंत्री अमित शाह ने बात की है और NDRF की टीम को सीमावर्ती जिलों में तैनात कर दिया है। नेपाल में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों, क्या यहां भी तबाही मचेगी, समझेंगे; बूझे की नाही में…। सवाल-1: नेपाल के रसुवा में बाढ़ और तबाही कैसे आई है? जवाबः 26 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिले में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बहुत तेज पानी आया। पानी तिब्बत की तरफ से आया और कुछ ही समय में घर, सड़क, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बहा ले गया। उस समय रसुवा में ऐसी भारी स्थानीय बारिश की सूचना नहीं थी, इसलिए सामान्य बारिश से आई बाढ़ की संभावना कम मानी जा रही है। कैसे हुआ? कितना नुकसान? नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 95 लोगों के मौत की खबर है। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक 500 से ज्यादा लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 133 भारतीय समेत 300 से ज्यादा विदेशी पर्यटक हैं। सवाल-2: भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में आई तबाही से बिहार को खतरा क्यों? जवाबः नेपाल में आई तबाही से बिहार के खतरों को समझने के लिए भोट कोशी और त्रिशूली नदियों के तंत्रों को समझना होगा… त्रिशूली नदी के पानी से 5 जिलों को खतरा रसुवा नेपाल का उत्तरी, हिमालयी जिला है और चीन के तिब्बत से लगा है। टिमुरे/रसुवागढ़ी और स्याब्रुबेसी इसी क्षेत्र में हैं। यहां की नदियां ऊंचे हिमालय से निकलकर बहुत तेज ढाल वाले एरिया में नीचे उतरती हैं। इसी क्षेत्र में त्रिशूली नदी का डिस्चार्ज अचानक बढ़ता है तो पानी तेजी से नीचे आता है। भोटेकोशी से कोसी इलाके में खतरा भोटेकोशी नेपाल के उत्तरी हिस्से में चीन-तिब्बत सीमा से निकलने वाली हिमालयी नदी है। यह सिंधुपालचोक क्षेत्र से होकर बहती है। हालांकि, अबकी बार 2008 वाले हालात नहीं सवाल-3: कितना नुकसान हो सकता है, बिहार सरकार क्या कर रही है? जवाबः अभी नुकसान का आकलन करना जल्दीबाजी होगी। गंडक और कोसी बेसिन की नदियों में पानी बढ़ना चालू है। लेकिन गति सामान्य है। CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। डिप्टी CM और जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि लोग सतर्क रहें, घबराएं नहीं। अगले 24 घंटे अलर्ट रहने की जरूरत है। समस्या पहले से बड़ी है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से बाढ़ राहत के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की गई है। राहत एवं बचाव के लिए जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। सरकार अलर्ट, बोली-डरे नहीं सवाल-4ः नेपाल की नदियों से बिहार में क्यों आती है बाढ़? जवाबः नेपाल बिहार से करीब 400 फीट ऊंचाई (समुंद्र तल से) पर स्थित है। नेपाल में भारी बारिश होती है तो पानी ऊपर से नीचे की तरफ नेचुरल ग्रेविटी के कारण आता है। नेपाल में कोई बड़ा डैम नहीं है। जिससे पानी को कंट्रोल किया जा सके। नेपाल हिमालय पर बसा है। इसका करीब 75% हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है। कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, महानंदा और अधवारा नदियों का समूह यहां से निकलता है। नेपाल में बारिश होने पर पानी इन्हीं नदियों के रास्ते गंगा नदी तक पहुंचता है। 129 साल से चल रही हाई डैम बनाने की बात उत्तर बिहार को बाढ़ से मुक्ति दिलाने के लिए 1897 से ही भारत और नेपाल की सरकारों के बीच सप्तकोशी नदी पर बांध की बात चल रही है। इसे लेकर आजादी से पहले और बाद में दोनों देशों की सरकारों के बीच कई बार वार्ताएं हुईं। आखिरकार 1991 में दोनों देशों के बीच इसे लेकर एक समझौता भी हुआ। 2004 में इस प्रस्तावित बांध की संभावनाओं को तलाशने के लिए नेपाल के धरान में एक संयुक्त परियोजना कार्यालय भी बना है। मगर 129 साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आज तक नेपाल के बराह क्षेत्र से 1.6 किमी उत्तर की दिशा में प्रस्तावित इस बांध के निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। 21 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक की। इसके बाद वित्त मंत्री ने कोसी-मेची परियोजना के पहले चरण की राशि जारी करने और दूसरे चरण की तकनीकी मंजूरी देने का निर्देश जल शक्ति मंत्रालय को दिया है। CM सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोसी नदी पर उच्च बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट जल्द बनेगी। JDU नेता संजय झा ने बताया, ‘नेपाल में हाई डैम का निर्माण एकमात्र समाधान है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) 2028 तक बन जाएगी।’
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मकान की नींव के जलभराव में डूबकर मासूम की मौत: वाराणसी में खेलने निकला था बच्चा, 2 घंटे तलाश के बाद CCTV से मिला सुराग – Varanasi News
वाराणसी में मकान की नींव के लिए खोदी गई नींव में भरे बारिश के पानी में डूबकर 10 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। शिवपुर थाना क्षेत्र के बेलवरियां गांव में बच्चा घर से बारिश के बाद खेलने के लिए निकला था और फिर अचानक पैर फिसलने से गड्ढे में जा गिरा। जेसीबी से खोदे गए गड्ढे में गहराई अधिक होने के कारण छात्र आशु पटेल डूब गया। कई प्रयास के बावजूद वह निकल नहीं पाया, वहीं आसपास किसी के नहीं होने से उसे बचाया नहीं जा सका। घर से लापता हुए बेटे की जब परिजनों ने तलाश की तो कोई खबर नहीं मिली । इसके बाद पास में लगे सीसी फुटेज खंगाले गए, जिसमें मासूम घर से बाहर निकलकर कॉलोनी में नवनिर्मित मकान की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद सभी उसी ओर गए। आशंका जताई कि मकान की नींव के लिए खोदे गए गड्ढे को खंगाला जाए। इसके बाद सभी ने तलाश शुरू की तो एक ओर मासूम आशु पटेल का शव बरामद हुआ। जेसीबी से खोदाई होने के कारण नींव काफी गहरी थी, जिससे तलाश में भी लगभग एक घंटे लग गया। शव को डॉक्टर के पास ले गए जहां जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस का मामले की जानकारी दी और किसी के द्वारा धक्का दिए जाने की आशंका जताते हुए जांच की बात कही। शिवपुर थाना क्षेत्र के बेलवरियां गांव में निर्माणाधीन मकान के आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगाले जाएंगे। सुबह लापता हुआ फिर 2 बचे बरामदगी स्थानीय लोगों ने बताया कि बेलवरियां गांव निवासी 10 साल के छात्र आशु पटेल पढ़ने में तेज था। सुबह 11 बजे से लापता हुआ था तब बच्चे की परिजनों ने खोजबीन शुरू की। दोपहर 2 बजे उसका शव निर्माणाधीन मकान की नींच से निकला। डायल 112 की मदद से परिजनों ने उसे दीनदयाल अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने आशु को मृत घोषित कर दिया। परिवार में एक साल में दूसरी मौत से कोहराम मच गया। मृतक कक्षा 2 का छात्र था। महज एक वर्ष पूर्व ही परिवार की 5 वर्षीय बेटी की बीमारी से मौत हुई थी।
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