Sunday, September 20, 2026
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सपा युवजन सभा के नए जिलाध्यक्ष जोरदार स्वागत: अलीगढ़ पहुंचे नए जिलाध्यक्ष रवि सैनी, पनैठी चौराहे से खुली जीप में निकला स्वागत जुलूस – Aligarh News




समाजवादी युवजन सभा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष एडवोकेट रवि सैनी का रविवार को अलीगढ़ पहुंचने पर सैनी-कुशवाहा समाज के संगठनों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। धनीपुर हवाई पट्टी के पास पनैठी चौराहे से शुरू हुआ स्वागत जुलूस खुली जीप में निकला। ढोल-नगाड़ों के बीच रास्ते में जगह-जगह कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने रवि सैनी का स्वागत किया।
रवि सैनी खुली जीप में पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ मौजूद रहे। उनके आगे-पीछे वाहनों का काफिला चलता रहा। पनैठी चौराहे से जीटी रोड, नरंगाबाद, छर्रा पुल, दुबे पड़ाव, मीनाक्षी पुल, रामघाट रोड और क्वार्सी चौराहा होते हुए जुलूस पार्टी कार्यालय पहुंचा। यहां भी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
सैनी युवा जन क्रांति मोर्चा, अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा और अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी रवि सैनी को जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं। स्वागत कार्यक्रम में सैनी-कुशवाहा समाज के साथ युवजन सभा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की मौजूदगी रही।
पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर करेंगे काम
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रवि सैनी ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी दी है, उसका निर्वहन पार्टी की गाइडलाइन और नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। संगठन को मजबूत करने और युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए काम किया जाएगा। उनकी नियुक्ति के बाद युवाओं और सैनी-कुशवाहा समाज में उत्साह देखा जा रहा है। इस मौके पर युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष रंजित चौधरी, संजय शर्मा, जैकी ठाकुर, जीतू सैनी, राजकुमार सैनी, बब्लू होल्कर, राजा गुप्ता आदि थे।



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गुजरात के बनासकांठा के वाडिया गांव में बदलाव: बेटियों को देह व्यापार से बचाने के लिए 7 साल की उम्र में सगाई, 18 में शादी




गुजरात के बनासकांठा जिले के वाडिया गांव में बेटियों को देह व्यापार से बचाने के लिए कम उम्र में सगाई कराई जा रही है। गांव में लड़कियों की सगाई 7 से 12 साल की उम्र में कर दी जाती है। वाडिया गांव अहमदाबाद से करीब 200 किलोमीटर दूर है। यहां करीब 750 लोग रहते हैं। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक पीढ़ियों से इस पारंपरिक घुमंतू समुदाय की महिलाओं को देह व्यापार में धकेला जाता रहा है। गांव के पुरुष दलालों की तरह ग्राहकों की तलाश करते हैं। वे हर सुबह पालनपुर-थराद हाईवे पर जाकर ट्रक ड्राइवरों, राहगीरों और आसपास के गांवों-शहरों के पुरुषों से संपर्क करते हैं। गांव वालों का कहना है कि सगाई या शादी हो जाने के बाद लड़कियों को देह व्यापार में नहीं धकेला जाता। कम उम्र की सगाई को वे बेटियों को गांव से बाहर सम्मानजनक जिंदगी देने का रास्ता मानते हैं। देह व्यापार से बचने के लिए सगाई भारत में बाल विवाह पर रोक है। इसके बावजूद वाडिया में कम उम्र की सगाई को लड़कियों को देह व्यापार से बचाने का उपाय माना जाता है। गांव की कई लड़कियों की शादी परिवार पहले ही तय कर देते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है, ताकि वे अपनी मां और दादी की तरह देह व्यापार में न जाएं। वाडिया में बदलाव की कोशिश पितृसत्तात्मक व्यवस्था के बीच हो रही है। कई परिवारों के लिए बाल सगाई ही बेटियों को इस धंधे से दूर रखने का एकमात्र रास्ता है। गांव की 19 साल की एक लड़की इस संघर्ष की मिसाल है। उसकी मां और दादी दोनों देह व्यापार में थीं। वह दूर के कॉलेज में नर्स बनने की पढ़ाई कर रही है। उसकी शादी हो चुकी है। उसके लिए दूल्हा 11 साल की उम्र में तय कर दिया गया था। उसने PTI को पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया, “मैंने देखा कि मेरे पिता और चाचा मेरी मां और दादी के लिए ग्राहकों को लाते थे।” उसने कहा, “जब वे ग्राहकों की जरूरत पूरी करने की स्थिति में नहीं रहीं, तब यह सिलसिला बंद हुआ। मेरी मां ने बताया कि उन्हें जबरन इसमें नहीं धकेला गया था।” उसके मुताबिक, गरीबी के कारण गांव में सब इसे सामान्य मानते थे। उसकी मां को यह भी पक्का पता नहीं था कि उसके जैविक पिता कौन हैं। लड़की ने कहा, “मेरी मां ने तय किया कि वह मुझे इस धंधे में नहीं जाने देंगी। 11 साल की उम्र में सामूहिक समारोह में मेरी सगाई हुई और 18 साल में शादी।” वह ऐसी अकेली लड़की नहीं है। गांव में निगरानी और नियम समाजसेवियों और कुछ परिवारों की मदद से आसपास के गांवों या रिश्तेदारों के परिवारों में लड़कियों की औपचारिक सगाई कराई जाती है। इन लड़कियों की उम्र 7 से 12 साल तक होती है। गांव वालों ने आपसी सहमति से एक अनलिखा नियम बनाया है। सगाई या शादी हो चुकी लड़कियों को देह व्यापार में नहीं धकेला जाता। गांव में आने वाले लोगों पर भी नजर रखी जाती है। हाल ही में गर्म दोपहर में खाट पर बैठे कुछ पुरुष हर नए व्यक्ति से उसके आने की वजह पूछ रहे थे। रंग-बिरंगे घाघरा-चोली पहने कुछ महिलाएं गांव के बाहर थीं। इनमें सगाईशुदा, शादीशुदा और देह व्यापार छोड़ चुकीं बुजुर्ग महिलाएं शामिल थीं। एक ग्रामीण के मुताबिक, देह व्यापार में शामिल महिलाएं ज्यादातर घरों के अंदर रहती हैं। परिवार के पुरुष या दलाल उनके लिए ग्राहक तलाशते हैं। गांव की करीब 750 लोगों की आबादी में लगभग 350 महिलाएं हैं। पितृत्व की पहचान को लेकर लगे कलंक के कारण वाडिया की महिलाएं पीढ़ियों तक अविवाहित रहीं। कम उम्र में सगाई से बेटियों को बचाने की कोशिश चंद्रा सरानिया ने बताया कि जब वह अपनी बेटी की शादी करना चाहती थीं, तो लोगों ने उन्हें इसे लड़कियों की किस्मत मानने को कहा। उन्होंने कहा, “मुझसे कहा गया कि विद्रोह मत करो और यहां की लड़कियों की किस्मत स्वीकार कर लो। मैंने अपनी बेटी की 12 साल में सगाई और 18 साल में शादी कराई।” उन्होंने बताया कि सगाई पक्की करने के लिए लड़के के परिवार ने 1 रुपए और बेटी को कुछ कपड़े दिए थे। चंद्रा को 15 साल की उम्र में देह व्यापार में धकेला गया था। अब वह छोटी डेयरी चलाती हैं। सरकार ने 1963 में उनके परिवार को खेती की जमीन दी थी। लेकिन गांव में सिंचाई की सुविधा नहीं थी। इसी वजह से उन्हें देह व्यापार में जाना पड़ा। चंद्रा ने देह व्यापार से हुई कमाई से तीन बच्चों का पालन-पोषण किया। इनमें दो बेटे और एक बेटी है। वह नहीं चाहती थीं कि उनके अतीत का असर उनके बच्चों के भविष्य पर पड़े। खासकर, वह अपनी बेटी को इस धंधे से दूर रखना चाहती थीं। 2012 से सामूहिक शादी और सगाई 2012 में बदलाव की एक शुरुआत हुई। गैर-सरकारी संगठनों ने कुछ परिवारों को बेटियों को देह व्यापार में न धकेलने के लिए मनाया। इसके बाद गांव में पहली सामूहिक शादी कराई गई। तब से वाडिया में हर साल सामूहिक शादी या सगाई का आयोजन हो रहा है। सामूहिक शादी की पहल करने वाले गैर-सरकारी संगठन विचरता समुदाय समर्थन मंच (VSSM) की संस्थापक मित्तल पटेल ने कहा कि इससे कई लड़कियों को जबरन देह व्यापार से बचाया गया। पटेल ने कहा, “परिवारों को बेटियों को इस धंधे में भेजने से रोकना आसान नहीं था। हमें छिपकर साहूकार बने घूमने वाले दलालों का सामना करना पड़ा।” उन्होंने कहा, “समाज को इस गलत प्रथा के बारे में जागरूक किया गया। माता-पिता से बच्चों को पढ़ाने की अपील की गई।” पटेल ने बताया कि गांव में पहली सामूहिक शादी कराई गई। 160 में से 90 परिवारों को यह धंधा छोड़ने के लिए तैयार किया गया। उन्होंने कहा, “बदलाव आसान नहीं था। लेकिन लड़कियों को इस धंधे से बचाने के लिए लगातार काम करना पड़ा।” पटेल के मुताबिक, सगाई होने के बाद लड़के का परिवार भी लड़की की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी लेने लगता है। उन्होंने बताया कि बोरवेल और तालाबों को फिर से उपयोगी बनाने, खेती की जमीन को सुधारने और परिवारों को बिना ब्याज कर्ज देने जैसे काम किए गए। इन कर्जों से परिवारों को अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिली। इन प्रयासों का मकसद 12-13 साल की लड़कियों को देह व्यापार में धकेले जाने से रोकना है। पटेल ने कहा कि कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाल विवाह को बढ़ावा देने को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बाल सगाई देह व्यापार से बेहतर है। यह शादी न होने और सम्मानजनक जिंदगी न मिलने से भी बेहतर विकल्प है। पढ़ाई और बेहतर जिंदगी की उम्मीद कुछ माता-पिता अपनी बेटियों को पढ़ाई और बेहतर जिंदगी का मौका देने के लिए भी सगाई करा रहे हैं। रमेशभाई सरानिया की दो बेटियां हैं। उन्होंने एक की सगाई 8 साल और दूसरी की 11 साल की उम्र में कराई। उन्होंने बताया कि दोनों बेटियों की अब शादी हो चुकी है। दोनों ने अपनी स्कूली पढ़ाई भी पूरी की है। रमेशभाई ने कहा, “मैंने अपने भाई से भी झगड़ा किया, ताकि उसकी बेटियां इस धंधे में न जाएं।” उन्होंने बताया कि गांव के नाम से जुड़े कलंक के कारण आज भी उनकी बेटियों के लिए दूल्हे तलाशना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा, “फिर भी यह उन्हें देह व्यापार में जाने देने से बेहतर है।” वाडिया के नाम से जुड़ा पुराना कलंक लोककथाओं के मुताबिक, सरानिया समुदाय एक घुमंतू जनजाति है। यह समुदाय कभी मेवाड़ के महाराणा प्रताप की सेना के साथ घूमता था। पुरुष ढाल और तलवार जैसे हथियारों को धार देते थे। महिलाएं सैनिकों का मनोरंजन करती थीं। कहा जाता है कि 1947 में भारत की आजादी के बाद सरानिया समुदाय के पास काम नहीं रहा। आजीविका के विकल्प न होने के कारण वे फिर देह व्यापार की ओर लौट गए। वाडिया के लोग आज भी इस अतीत से जूझ रहे हैं। वे गांव से जुड़े ‘वेश्याओं के गांव’ के टैग को हटाने की कोशिश कर रहे हैं।



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पन्ना में एक महीने से ट्रांसफार्मर खराब: बिजली गुल से बोरवेल बंद, पीने के पानी की संकट; ग्रामीण बोले-बिल भरने के बाद भी सुनवाई नहीं – Panna News




बृजपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत गहरा मुख्यालय में पिछले एक महीने से ज्यादा समय से बिजली व्यवस्था खराब है। गांव में माध्यमिक शाला की बाउंड्री के अंदर लगा बिजली ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़ा है। बिजली विभाग ने इसे बदलने या सुधारने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है, जिस कारण पूरा गांव अंधेरे में है। बोरवेल बंद, पीने के पानी की परेशानी बिजली सप्लाई ठप होने से बरसात के मौसम में ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं। अंधेरे के कारण घरों में सांप-बिच्छू और जहरीले कीड़ों का खतरा बना हुआ है। बिजली न होने से बोरवेल बंद पड़े हैं, जिससे पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा मच्छरों के प्रकोप से गांव में लगातार लोग बीमार पड़ रहे हैं और छमाही परीक्षाएं पास आने के बावजूद बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। बिल भरने के बाद भी सुनवाई नहीं ग्रामीणों का कहना है कि वे बिजली बिल और मीटर का पूरा भुगतान करते हैं। इसके बावजूद बिजली वितरण कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने रविवार को फिर विभाग के अधिकारियों को अपनी समस्या बताई और चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द खराब ट्रांसफार्मर को बदलकर बिजली सप्लाई बहाल नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी स्थानीय निवासी पहाड़ सिंह यादव ने बताया कि गांव में एक महीने से ट्रांसफार्मर खराब है। मच्छरों की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं और रोज 10-20 लोग इलाज के लिए जा रहे हैं। बिजली कंपनी का कोई कर्मचारी या लाइनमैन देखने तक नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि हम पूरा बिल भरते हैं, फिर भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रोहित यादव ने बताया कि एक महीने से बिजली न होने से पानी का भारी संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की छमाही परीक्षाएं आ गई हैं, लेकिन वे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।



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असम में गोपालगंज के सिविल इंजीनियर की गला रेतकर हत्या: तालाब से मिला शव, 6 महीने पहले शादी; पत्नि बोली-‘दोषियों को सजा मिले’ – Gopalganj News




गोपालगंज के उचकागांव थाना क्षेत्र के दहींभत्ता गांव निवासी 32 वर्षीय सिविल इंजीनियर दीपक ठाकुर की असम के नवगांव में गला रेतकर हत्या कर दी गई। घटना 16 सितंबर की देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने 17 सितंबर की सुबह तालाब से उनका शव बरामद किया। तीन दिन बाद शव पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम संस्कार के दौरान पिता रामप्रीत ठाकुर ने बेटे को मुखाग्नि दी। दीपक ठाकुर पिछले करीब तीन साल से असम के नवगांव जिले में नवहट्टा कंपनी में सिविल इंजीनियर के पद पर काम कर रहे थे। वह कंपनी परिसर में ही रहते थे। उनके पिता, भाई और चचेरे भाई भी असम में रहकर सैलून चलाते थे। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रात में कमरे पर नहीं पहुंचे, साथी ने दी सूचना परिजनों के अनुसार, 16 सितंबर की रात दीपक अपने कमरे पर नहीं पहुंचे। इसके बाद उनके साथी ने उनके पिता को इसकी जानकारी दी। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन रात में उनका कोई पता नहीं चल सका। तालाब के पास मिली चप्पल, फिर तलाश शुरू 17 सितंबर की सुबह दीपक की चप्पल उनके कमरे से करीब 100 मीटर दूर तालाब के पास मिली। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तालाब में तलाशी अभियान चलाया, जहां से दीपक का शव बरामद किया गया। गले पर धारदार हथियार के निशान शव के गले पर धारदार हथियार से चोट के निशान मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि दीपक की गला रेतकर हत्या की गई और शव को पानी भरे गड्ढे में फेंक दिया गया। हत्या की वजह और वारदात में शामिल अपराधियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। छह महीने पहले ही हुई थी शादी दीपक की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। शादी के करीब एक महीने बाद मार्च में वह काम के सिलसिले में असम चले गए थे। शादी के महज छह महीने बाद ही उनकी हत्या की खबर ने पत्नी और परिवार को तोड़ दिया। पत्नी ने की हत्यारों को फांसी देने की मांग दीपक की पत्नी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और असम सरकार से हत्याकांड की जांच कर अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि फांसी देने की मांग की है। विधायक सुबास सिंह ने परिवार से की मुलाकात घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा विधायक सुबास सिंह भी दहींभत्ता गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग दीपक का शव गांव पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए जुट गए। परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया। परिवार ने पुलिस और सरकार से जल्द से जल्द हत्यारों की पहचान कर गिरफ्तारी करने की मांग की है।



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पापड़ और दाना मेथी का ऐसा देसी कॉम्बिनेशन, स्वाद चखते ही बोल उठेंगे-वाह

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Papad Dana Methi Sabji: जालोर की पारंपरिक रसोई में बनने वाली पापड़-दाना मेथी की सब्जी कम सामग्री में तैयार होने वाला बेहद स्वादिष्ट देसी व्यंजन है. दाना मेथी, मसालों और सेंके हुए पापड़ से बनने वाली यह सब्जी खासकर बारिश के मौसम में खूब पसंद की जाती है. गरमा-गरम रोटी के साथ इसका स्वाद राजस्थानी देसी खाने की याद दिला देता है.

जालोर. राजस्थान की पारंपरिक रसोई में ऐसी कई सब्जियां हैं, जो कम सामग्री और कम समय में तैयार हो जाती हैं, लेकिन स्वाद में किसी से कम नहीं होती.  इन्हीं देसी स्वादों में शामिल है पापड़-दाना मेथी की सब्जी. घर में आसानी से उपलब्ध चीजों से बनने वाली यह सब्जी जालोर के ग्रामीण इलाकों में आज भी पारंपरिक स्वाद के साथ बनाई और खाई जाती है. बारिश के मौसम में जब हरी सब्जियों की आवक कम हो जाती है, तब घर में रखी दाना मेथी और पापड़ जैसी सामग्री से बनने वाली सब्जियों की याद आती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय या बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर के सामान्य मसालों और थोड़े से तेल के साथ यह सब्जी जल्दी तैयार हो जाती है.

गृहिणी प्रीति सैन ने लोकल18 को बताया कि पापड़-दाना मेथी हमारे यहां काफी समय से बनाई जाती है. इसे बनाने में ज्यादा सामान नहीं लगता और स्वाद भी बहुत अच्छा आता है. खासकर जब हरी सब्जी आसानी से नहीं मिलती, तब घर में रखे सामान से यह सब्जी झटपट तैयार हो जाती है. इसे गरम रोटी के साथ खाना ज्यादा पसंद किया जाता है, यह सब्जी पाचन के लिहाज से भी हल्की रहती है और ये सब्जी राजस्थान की पारंपरिक सब्जियों में भी शामिल है.

इसे बनाने के तरीका भी बहुत आसान

सबसे पहले दाना मेथी को पानी में उबाल लिया जाता है. इसके बाद कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म किया जाता है. तेल गर्म होने पर इसमें लहसुन का तड़का लगाया जाता है. तड़का लगते ही घर में इस्तेमाल होने वाले मसाले डालकर उन्हें अच्छी तरह भुना जाता है. मसाले तैयार होने के बाद इसमें उबली हुई दाना मेथी डाल दी जाती है. जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर सब्जी को अच्छी तरह उबलने दिया जाता है, ताकि मसाले और मेथी का स्वाद अच्छी तरह मिल जाए.

इस सब्जी की खासियत इसमें डाला जाने वाला पापड़ है, पापड़ को पहले सेंक लिया जाता है. इसके बाद उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर रखा जाता है. जब दाना मेथी की सब्जी अच्छी तरह उबल जाए और मसाला पक जाए, तब आखिर में सेंके हुए पापड़ के टुकड़े इसमें डाल दिए जाते हैं. पापड़ डालने के बाद सब्जी को ज्यादा देर तक पकाया नहीं जाता. पापड़ डालते ही गैस बंद कर दी जाती है, क्योंकि ज्यादा देर पकाने पर पापड़ बहुत नरम हो सकता है. गरम सब्जी में पापड़ हल्का नरम होकर अपना अलग स्वाद देता है. जालोर के ग्रामीण इलाकों में इस तरह की पारंपरिक सब्जियां आज भी घर के देसी स्वाद को बनाए हुए हैं.

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मोनाली पाल

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…

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रूस में चुनाव के आखिरी दिन सैकड़ों ड्रोन से हमला: मॉस्को में 2 की मौत, ऑयल रिफाइनरी को भी नुकसान; रूस ने 1600 ड्रोन मार गिराए




रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन रविवार को मॉस्को और आसपास के इलाकों में सैकड़ों ड्रोन से हमला किया गया। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हुई। इनमें एक 44 साल की महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक राजधानी की एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल रिफाइनरी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। मेयर ने बताया कि शनिवार से रूस ने 1600 से ज्यादा ड्रोन को मार गिराया है। इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। एक ड्रोन के 21 मंजिला अपार्टमेंट से टकराने के बाद आग लग गई। इसके बाद करीब 400 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया। इनमें 70 बच्चे भी शामिल थे। रूस में यूक्रेन जंग के बाद पहला संसदीय चुनाव रूस में शुक्रवार से संसदीय चुनाव के लिए मतदान चल रहा है। यह फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस चुनाव को यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के लिए जनता के समर्थन की परीक्षा के तौर पर पेश किया है। चुनाव के नतीजों को रूस पुतिन की नीतियों और यूक्रेन युद्ध के समर्थन के तौर पर पेश कर सकता है। भारतीय समयानुसार रविवार रात 11:30 बजे से शुरुआती नतीजे आने की उम्मीद है। चुनाव के पूरे नतीजे सोमवार तक सामने आ सकते हैं। रूस ने चुनाव में यूक्रेन के दखल का आरोप लगाया रूसी अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में यूक्रेन के दखल का आरोप लगाया है। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को की ऑनलाइन वोटिंग सिस्टम पर साइबर हमला हुआ। हालांकि, हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी यूक्रेन पर चुनाव में बाधा डालने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने रूसी नियंत्रण वाले जपोरिज्जिया इलाके में एक चुनाव अधिकारी के घर पर हुए हमले का जिक्र किया। पुतिन के मुताबिक, हमले में अधिकारी एलेना अस्तानिना की मौत हुई। हालांकि रॉयटर्स के मुताबिक इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी। ज्यादातर युद्ध विरोधी उम्मीदवार चुनाव नहीं लड़ पाए रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस में ज्यादातर ऐसे लोगों को चुनाव लड़ने नहीं दिया गया, जो यूक्रेन युद्ध के खिलाफ हैं। याब्लोको पार्टी के कुछ उम्मीदवार ही चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी के नेताओं का कहना है कि युद्ध के खिलाफ बोलने पर उन्हें सरकार की कार्रवाई का डर है। रूस में सेना के खिलाफ बोलने या सरकार की नजर में झूठी खबर फैलाने पर जेल हो सकती है। याब्लोको पार्टी के नेता निकोलाई रिबाकोव ने विरोध जताया। उन्होंने बैलेट पर अपनी पार्टी का नाम लिख दिया। चुनाव का नतीजा राष्ट्रपति पुतिन के लिए अहम रॉयटर्स के मुताबिक, रूस की सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी के संसद में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध की वजह से बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव का असर कुछ विपक्षी पार्टियों को मिल सकता है। बर्लिन के NEST थिंक टैंक के मुताबिक, कम्युनिस्ट पार्टी और न्यू पीपल्स पार्टी को सत्ता पक्ष के खिलाफ जाने वाले कुछ वोट मिल सकते हैं। हालांकि, दोनों पार्टियों ने कई बड़े मुद्दों पर यूनाइटेड रशिया का साथ दिया है। पुतिन ने चुनाव से पहले टीवी पर देश को संबोधित करते हुए कहा था कि लोगों का वोट यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन को दिखाएगा। ——————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में दूतावासों को अलर्ट भेजा:ट्रम्प छुट्टी खत्म होने से पहले व्हाइट हाउस लौटे; दावा- अमेरिकी विमान ब्रिटिश एयरबेस से रवाना हुए मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका ने इलाके में मौजूद अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने लोगों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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भाजपा बोली- कांग्रेस जोकरों की पार्टी बनी: शिक्षा मंत्री बोले- PM की मां का अपमान किया, राहुल के छात्रों की गूंज कार्यक्रम पर विवाद


1 घंटे पहले

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राहुल गांधी छात्रों की गूंज कार्यक्रम में कॉमेडियन पुलकित के साथ नजर आए।

राहुल गांधी के इंदौर में हुए कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पर विवाद हो गया है। BJP ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को X पर पोस्ट में लिखा- कांग्रेस पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं… रेस्ट इन पीस।

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा- राहुल और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। छात्र संवाद का इस्तेमाल PM मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने और उनका अपमान करने के लिए करना बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी दिखाता है।

दूसरी तरफ कांग्रेस ने BJP और RSS पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला और भ्रष्ट करने का आरोप लगाया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं, इसलिए सरकार से सवाल पूछ रहे हैं और जवाबदेही मांग रहे हैं।

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल के कार्यक्रम का वीडियो X पर शेयर कर आलोचना की।

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल के कार्यक्रम का वीडियो X पर शेयर कर आलोचना की।

राहुल बोले- सरकार के पास दिया जलाने का पैसा, हॉस्टल का नहीं

वहीं राहुल गांधी ने इंदौर में अपने कार्यक्रम का जिक्र करते हुए X पर अपने पोस्ट के जरिए हॉस्टल की कमी का मुद्दा उठाया।

उन्होंने लिखा- कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा कि सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है, हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?

राहुल ने कहा कि गांव से शहर पढ़ने आने वाली छात्राओं को हॉस्टल नहीं मिलने पर PG में रहना पड़ता है। किराए और सुरक्षित रहने का खर्च इतना ज्यादा है कि कई लड़कियां पढ़ाई छोड़ देती हैं।

राहुल ने छात्रों से शिक्षा-रोजगार जैसे मुद्दों पर बात की

राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें एडिशन में हिस्सा लिया। इसका विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ था। यह कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी हो चुका है। इंदौर में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए।

एक छात्रा ने सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद OBC आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण रुकी नियुक्तियों का मुद्दा उठाया। एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर खुद और अन्य लोगों पर कार्रवाई होने की बात कही।

आदिवासी छात्रों ने हॉस्टल और दूसरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का मुद्दा भी कार्यक्रम में उठा, जिस पर राहुल ने उनके आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। राहुल ने कहा कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, कोई एहसान या सुविधा नहीं।

राजगढ़ की सपना गुर्जर और यशिका ने राहुल के सामने अपनी बात रखी।

राजगढ़ की सपना गुर्जर और यशिका ने राहुल के सामने अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में कॉमेडियन ने राहुल के साथ PM मोदी की नकल की

कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते हाव-भाव और संवाद किए। राहुल गांधी भी उनके साथ हंसते नजर आए। राहुल ने पुलकित से कहा- हाउ आर यू मोदी जी। नाइस टू मीट यू। और बताइए थोड़ा।

पुलकित ने इस दौरान कई डायलॉग्स बोले, जिन्हें प्रधानमंत्री की नकल के तौर पर देखा गया। कार्यक्रम का वीडियो कांग्रेस के X हैंडल पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई।

राहुल और पुलकित मणि ने मंच पर PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते कुछ संवाद और हाव-भाव किए, जिन्हें कई लोगों ने पीएम की नकल के तौर पर देखा।

राहुल और पुलकित मणि ने मंच पर PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते कुछ संवाद और हाव-भाव किए, जिन्हें कई लोगों ने पीएम की नकल के तौर पर देखा।

राहुल बोले- सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है

राहुल ने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं और संस्थानों के कामकाज, भर्ती, परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर सवाल पूछते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक ऐसा सिस्टम बन गया है, जो छात्रों के सवालों से डरता है और सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय अंधभक्त चाहता है।

उन्होंने इस सिस्टम की अलग-अलग परतों का जिक्र करते हुए PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजित डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपतियों गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी के नाम लिए। राहुल ने आरोप लगाया कि इनका देश के राजनीतिक, संस्थागत और आर्थिक क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों पर प्रभाव है।

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राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा, पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें

पुणे के ऑल इंडिया श्री शिवाजी मेमोरियल सोसायटी कॉलेज ग्राउंड में राहुल गांधी ने छात्राओं से बात की। राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…

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मुंबई में तेज रफ्तार BMW ने 4 लोगों को कुचला: 3 की मौत, एक गंभीर; मरीन ड्राइव से हाजी अली जा रही थी कार




मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार सुबह तेज रफ्तार BMW ने चार पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक 20 साल का युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा सुबह करीब 5:20 बजे लाला कॉलेज के सामने, लोटस जेट्टी के पास हुआ। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम के मुताबिक, BMW मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी। 20 साल के युवक की हालत गंभीर हादसे के बाद चारों घायलों को नायर अस्पताल ले जाया गया, जहां CMO के अनुसार तीन को मृत घोषित कर दिया गया। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम के मुताबिक, BMW तेज रफ्तार में थी। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह ओवरस्पीडिंग बताई गई है। दो मृतकों की पहचान शनाय गज्जल और धिर्या सेठ के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी सामने नहीं आई है। वहीं 20 साल के घायल युवक को नायर अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी का इंतजार है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…



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चुनाव में थी रोक, अब वकीलों की दावतों का दौरा: समर्थन-विरोध और जीत हार का गुणा गणित वकीलों में बहस का मुद्दा – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव में जब तक वोटों की गिनती पूरी नहीं हो जाती, रिजल्ट सामने नहीं आते तब तक चुनावी चकल्लस जारी है। प्रचार से लेकर वोटिंग तक वकीलों की दावतों पर रोक थी, अब दावतों का दौर शुरू हो गया है।
गुट, समर्थन, किसने किसे वोट दिया, वोटिंग में किसकी क्या भूमिका थी। विरोध कौन कर रहा था, अब यही सब बातें वकीलों के बीच जोरदार बहस का मुद्दा हैं। जीत का दम भर रहे समर्थक और प्रत्याशी
प्रत्याशी अपनी जीत का दम भर रहे तो समर्थक भी उन्हें खूब चढ़ा रहे हैं। यहां तक की कई प्रत्याशियों को बधाइयां तक दी जाने लगी हैं। उम्मीद तो सभी प्रत्याशियों को है लेकिन समर्थक गुणा गणित समझा कर जीत का आंकड़ा बता रहे हैं। प्रयागराज में वकीलों की संख्या अधिक है, ऐसे में कोर्ट के बाहर से लेकर चैंबरों, घरों, रेस्टारेंटों और चाय की होटलों पर मतदान की गुणा गणित चल रही है। वोटों की गिनती में चूंकी समय है इसलिए इंतजार के दौरान उत्साह, उम्मीद और मायूसी का उतार चढ़ाव जारी रहेगा। रैली, हंगामा, पार्टियों, दावत पर रोक थी बार एसोसिएशन चुनाव हो या फिर अधिवक्ता संघ चुनाव दोनों में ही हाईकोर्ट ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट की निगरानी में होने वाली इन चुनावों में कोर्ट परिसर, आसपास पोस्टर, बैनर, कटआउट, हैंडबिल पर पूरी तरह रोक लगी है। जुलूसों पर पाबंदी होगी, नारेबाजी करते हुए अधिवक्ताओं की भीड़, हंगामा, रैली, मार्च पर रोक रही। वकीलों के लिए पार्टियां, सार्वजनिक भोजन, दावतों पर रोक लगाई गई थी। 10,050 वोट डाले गए बार एसोसिएशन चुनाव 2026-27 की वोटिंग गरुुवार को पूरी हो गई। सुबह नौ बजे से शाम 5:30 बजे 10,050 वोट डाले गए। कुल वोटरों की संख्या 11,724 थी। अबकी बार 85.7% मतदान हुआ। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में वोटिंग बाक्स रखे गए हैं।
सुबह से शाम तक जीत हार की जंग में डूबे रहे वकीलों की धड़कने अब सोमवार तक जारी रहेंगी। शुक्रवार को रेस्ट रखा गया है। हालांकि कमेटी की बैठक होगी। शनिवार और रविवार को हाईकोर्ट की छुट्‌टी है। इस दिन वोटों की छंटनी कराई जा सकती है।
सोमवार से शुरु होगी गिनती
वोटों की गिनती सोमवार से शुरू होगी। यानि सोमवार तक वकीलों की धड़कनें बढ़ी रहेंगी। हालांकि रिजल्ट आने में वक्त लगेगा। हाईकोर्ट की निगरानी में हुए चुनाव की वोटिंग, बाक्सों की सुरक्षा और गिनती सीआईएसएफ की सुरक्षा में होगी। मुख्य चुनाव अधिकारी (सीआरओ) एसएफए नकवी के मुताबिक, मतदान के लिए चुनाव कमेटी ने कुल 12 हजार मतपत्र छपवाए थे। मतदान समाप्त होने के बाद कुल पड़े मतों की संख्या 10,050 रही। इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के इस चुनाव में कुल 30 पदों के लिए 263 प्रत्याशी मैदान में थे। इनमें अध्यक्ष, मानद सचिव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव, कोषाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल सदस्य के पद शामिल हैं। अध्यक्ष, मानद सचिव और वरिष्ठ उपाध्यक्ष के एक-एक पद के अलावा संयुक्त सचिव के चार, कोषाध्यक्ष के दो और उपाध्यक्ष के छह पदों पर चुनाव हुआ। वहीं गवर्निंग काउंसिल के कुल 15 पदों के लिए प्रत्याशियों के बीच मुकाबला हुआ। सीसीटीवी का जाल हाईकोर्ट की निगरानी के बीच वोटिंग को सुरक्षा इंतजामों में कराने के लिए हाईकोर्ट के क्रिकेट ग्राउंड में 20 गेट बनाए गए। वोटिंग के लिए आने वाले वकीलों की अलग रो रही। प्रवेश से लेकर वोटिंग को जाने तक हर पल हर कोई सीसीटीवी की निगरानी में रहा। चुनाव समिति ने प्रत्याशियों और मतदाताओं को हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से मूल आईडी कार्ड दिया हुआ था।



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नर्मदापुरम में 7500 उपभोक्ताओं को राहत: नया सब-स्टेशन तैयार, ट्रिपिंग-ओवरलोडिंग होगी कम; चार फीडरों से सप्लाई – narmadapuram (hoshangabad) News




नर्मदापुरम में शहर के मिल्क डेयरी बिजली सब-स्टेशन से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। लंबे समय से ओवरलोडिंग व बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की मार झेल रहे मालाखेड़ी क्षेत्र के 7,500 उपभोक्ताओं को अब इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। बिजली कंपनी ने क्षेत्र में बढ़ते लोड को देखते हुए नया मालाखेड़ी सब-स्टेशन पूरी तरह तैयार कर लिया है। जिसका लोकार्पण आज रविवार को लोक निर्माण विभाग एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह करेंगे। दोपहर 12 बजे नवनिर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के लिए सब स्टेशन पर टेंट लगाकर मंच तैयार किया गया है। मिल्क डेयरी सब-स्टेशन का लोड हो जाएगा आधा एई राहुल बोवड़े ने बताया अबतक मिल्क डेयरी सब-स्टेशन से ही मालाखेड़ी फीडर चलता था। जिस पर क्षमता से दोगुना दबाव था। इसके कारण ग्रिड के किसी भी हिस्से में तकनीकी खराबी या फॉल्ट आने पर उससे जुड़े सभी 14 हजार उपभोक्ताओं की बिजली एक साथ बंद हो जाती थी। गर्मियों व पीक ऑवर्स में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। इससे स्थानीय निवासियों की मांग थी। मालाखेड़ी में तेजी से ग्रोथ हो रही है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को राहत देने मालाखेड़ी विद्युत सब स्टेशन बनाया गया। इसमें चार फीडर तैयार किए है। गोदावरी फीडर, रेशम केंद्र, माखननगर रोड और राधा कृष्ण फीडर है। जो मालाखेड़ी सब स्टेशन से संचालित होगा। आधुनिक सिस्टम से सुधरेगी सप्लाई उपभोक्ताओं की इसी मांग को देखते हुए नया पावर ग्रिड अत्याधुनिक कंट्रोल रूम व एडवांस पैनल सिस्टम के साथ तैयार किया है। मिल्क डेयरी ग्रिड के आधे कनेक्शन यहां शिफ्ट होने से दोनों क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी। 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सकेगी।



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