Thursday, July 16, 2026
Home Blog

6 गोली मारकर बेटे ने पिता का मर्डर किया: गाजियाबाद में बेटे को शराब पीने से रोकता था पिता, पत्नी और बेटा चिल्लाते रहे – Ghaziabad News




गाजियाबाद में बुधवार रात 12 बजे बड़े बेटे ने जमीन विवाद में अपने पिता की गोली बरसाकर हत्या कर दी। बेटे ने पिस्टल से 6 गोलियां मारीं, उसके बाद पिस्टल लेकर फरार हो गया। घर में हत्या से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर एसीपी मोदीनर भास्कर वर्मा और डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 4 टीमें लगाईं हैं, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने बतााया कि शराब के नशे में युवक ने जमीनी विवाद में पिता की हत्या की है। 150 करोड़ के मालिक थे हरिओम चौधरी गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव निवासी हरिओम चौधरी (52 साल) की गिनती क्षेत्र के सम्पन्न किसानों में थी। उनके नाम पर मोदीनगर के पास 75 बीघा जमीन है, जबकि मोदीनगर में दिल्ली- मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने मार्केट है। हरिओम के परिवार में पत्नी अनिता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू है। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़ा बेटा निखिल शराब पीने का आदी है, इसी को लेकर पिता उसे डांटते थे। बड़े बेटे को मार्केट में दुकानें और 25 बीघा जमीन भी दे रखी थी। लेकिन बेटा अपने हिस्से की जमीन अपने नाम कराना चाहता था, इस पर पिता कहते थे कि तू इस जमीन को भी शराब और अपने शौक में बेचकर खा जाएगा। अवैध पिस्टल से की हत्या हरिओम चौधरी ने रात में अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था, उस समय बड़ा बेटा घर पर नहीं था। वह रात में ही शराब पीकर आया था। बताया गया है कि पिता ने बेटे को शराब पीने पर डांट दिया। जिसके बाद निखिल (32 साल) ने पिस्टल निकाल ली। जहां निखिल का पिता से विवाद होने लगा। इस दौरान दूसरे कमरे से हरिओम की पत्नी अनीता और छोटा बेटा नीशू भी आ गए। जहां हाथापाई के बाद बड़े बेटे निखिल ने पिस्टल से गोली मार दी। चेहरे पर गोली लगकर हरिओम फर्श पर गिर पड़े, इसके बाद हरिओम ने चेहरे, सीने और प्राइवेट पार्ट के पास भी गोलियां मारी। जहां पुलिस ने 4 से 6 गोलियों के निशान बताए। 2018 में छोटे भाई को मारी थी गोली हरिओम के दोनों बेटों की शादी नहीं हुई है, पुलिस की जांच में आया कि निखिल का शराब पीने को लेकर अपनी मां ओर पिता से पूर्व में भी झगड़ा होता रहता था। साल 2018 में भी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी फायरिंग की थी, जिसमें एक गोली नीशू को लगी थी। अब पुलिस पूरे केस की भी जांच कर रही है। पति की हत्या के बाद पत्नी अनीता रोती बिलखती रहीं कि तूने तो पूरा घर ही उजाड़ दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रात में निखिल ने मोदीनगर में दोस्तों के साथ शराब पार्टी की थी, उसके बाद घर पहुंचकर पिता की हत्या की। एसीपी का बयान एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़े बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की है। जांच में आया कि शराब पीकर बेटा घर में झगड़ा करता था। जमीन के विवाद को लेकर पुलिस जांच कर रही है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गईं हैं।



Source link

दिल्ली में सोनम वांगचुक के अनशन का 19वां दिन: 18 दिन में 8.9kg वजन घटा; जबरन आहार देने की मांग पर आज हाईकोर्ट में सुनवाई


  • Hindi News
  • National
  • Delhi High Court Hearing | Sonam Wangchuk Hunger Strike Force Feeding Plea

नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

भूख हड़ताल के दौरान डॉक्टरों की टीम सोनम वांगचुक की लगातार जांच कर रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का आज 19वां दिन है। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने और जरूरत पड़ने पर जबरन खाना (फोर्स-फीडिंग) देने के निर्देश देने की मांग की गई है।

वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में शामिल हैं। वे नीट परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच बुधवार को सरकारी पक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई नहीं कर सकी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया और मामले पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा।

सोनम वांगचुक के अनशन की 3 तस्वीरें…

जंतर-मंतर पर डॉक्टर्स सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर डॉक्टर्स सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

कमजोरी की वजह से वांगचुक खुद से बैठ नहीं पा रहे थे। CJP फाउंडर अभिजीत दिपके और डॉक्टर ने उन्हें सहारा देकर बैठाया।

कमजोरी की वजह से वांगचुक खुद से बैठ नहीं पा रहे थे। CJP फाउंडर अभिजीत दिपके और डॉक्टर ने उन्हें सहारा देकर बैठाया।

सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से सिर्फ पानी पीकर भूख हड़ताल पर हैं।

सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से सिर्फ पानी पीकर भूख हड़ताल पर हैं।

18 दिन में 8.9 किलो वजन घटा

CJP के मुताबिक, अनशन के 18 दिनों में वांगचुक का वजन 8.9 किलो घटकर 57.15 किलो रह गया है। पार्टी का कहना है कि वांगचुक की हालत नाजुक बनी हुई है।

बुधवार को उनका ब्लड प्रेशर 105/76, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन स्तर 97% दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह पूरी तरह होश में हैं, लेकिन लगातार भूख हड़ताल से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।

याचिका में वांगचुक को इमरजेंसी ट्रीटमेंट देने की मांग

  • याचिकाकर्ता राकेश कुमार सैनी ने कहा है कि अगर भूख हड़ताल जारी रही तो अगले कुछ दिनों में वांगचुक की जान को खतरा हो सकता है। वांगचुक को तुरंत इमरजेंसी ट्रीटमेंट, जीवनरक्षक उपचार और जरूरी पोषण उपलब्ध कराया जाए।
  • याचिका में कहा गया है कि सरकार की निष्क्रियता चिंताजनक है और किसी नागरिक को स्वेच्छा से भूख से मरने नहीं दिया जा सकता। सरकार को उनके आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत शुरू करनी चाहिए।
  • अदालत से मांग की गई है कि सरकार वांगचुक से बातचीत करे और जरूरत पड़ने पर फोर्स-फीडिंग की अनुमति दी जाए। याचिका में यह भी कहा गया है कि भूख हड़ताल शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार है, लेकिन नागरिक की जान बचाना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

अभिजीत दिपके बोले- सरकार का रवैया क्रूर

CJP ने आरोप लगाया कि छात्रों के लिए आवाज उठाने वाले वांगचुक को सरकार की ओर से सिर्फ खामोशी मिली है। CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और उसका रवैया क्रूर है।

कॉकरोच जनता पार्टी ने 16 जुलाई को एक दिन की सामूहिक भूख हड़ताल का आह्वान किया है। वहीं 20 जुलाई को “चलो संसद” मार्च निकालने का भी ऐलान किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी की मांग है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।

अमेरिकी हिंदू संगठन ने पीएम मोदी से अपील की

अमेरिका स्थित संगठन हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी वांगचुक की सेहत पर चिंता जताई है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने, उनकी मांगों पर ठोस जवाब देने और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की अपील की है।

लद्दाख को राज्य की मांग को लेकर वांगचुक 170 दिन जेल में रहे

लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए।

सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया।

16 साल तक AFSPA के खिलाफ अनशन पर रहीं इरोम शर्मिला

देश में पहले भी कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं। महात्मा गांधी से लेकर जी.डी. अग्रवाल तक कई लोगों ने अनशन का सहारा लिया। सबसे लंबी भूख हड़ताल का रिकॉर्ड इरोम शर्मिला के नाम है।

इरोम शर्मिला ने मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) हटाने की मांग को लेकर करीब 16 साल (2000-2016) तक भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उन्हें जीवित रखने के लिए नाक के जरिए तरल आहार (फोर्स-फीडिंग) दिया जाता था।

3 हफ्ते से ज्यादा भूखा रहने पर दूसरे बॉडी पार्ट्स पर असर

—————————-

यह खबर भी पढ़ें…

कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके ने पुलिस के पैर पकड़े:जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की इजाजत मांगी, कहा- हड़ताली छात्रों को बारिश से बचाना है

कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। दीपके ने इस घटना का वीडियो शेयर किया। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

डायबिटीज के आधार पर बीमा कंपनी ने क्लेम खारिज किया: उपभोक्ता आयोग ने लगाई फटकार, कहा- क्लेम रोकना अनुचित; भुगतान का दिया आदेश – Gwalior News




ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पैर टूटने के इलाज का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि मरीज डायबिटीज से पीड़ित है। आयोग ने माना कि आज के समय में मधुमेह एक सामान्य लाइफस्टाइल बीमारी है और इसका एंकल फ्रैक्चर से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा की पीठ ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को फटकार लगाते हुए बीमाधारक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि बिना ठोस चिकित्सीय साक्ष्य के केवल तकनीकी आधार पर बीमा दावा खारिज करना उपभोक्ता के साथ अन्याय और सेवा में गंभीर कमी है। गिरने से टूटा पैर, ऑपरेशन में डली प्लेट ग्वालियर निवासी सुनील गुप्ता ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस से हेल्थ पॉलिसी ली थी। 16 सितंबर 2024 को अचानक गिरने से उनके पैर के टखने के ऊपर गंभीर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर पैर में प्लेट डाली गई। इलाज पूरा होने के बाद उन्होंने अस्पताल में हुए खर्च का बीमा क्लेम कंपनी के पास जमा किया। कंपनी ने कहा- पहले से थी डायबिटीज, इसलिए नहीं मिलेगा पैसा बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पॉलिसी लेने से पहले से ही सुनील गुप्ता को डायबिटीज थी, जिसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। कंपनी ने इसे पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। आयोग ने पूछा- फ्रैक्चर का शुगर से क्या संबंध मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी से पूछा कि आखिर पैर के फ्रैक्चर और डायबिटीज का क्या संबंध है। आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड या विशेषज्ञ राय पेश नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि डायबिटीज की वजह से यह इलाज प्रभावित हुआ या क्लेम अमान्य हो जाता है। आयोग ने टिप्पणी की कि आज की जीवनशैली में हल्की-फुल्की शुगर होना आम बात है। केवल इसी आधार पर दुर्घटना में हुए फ्रैक्चर का बीमा दावा रोकना पूरी तरह अनुचित है। 45 दिन में देना होगा पूरा भुगतान आयोग ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर परिवादी को इलाज का खर्च 1 लाख 27 हजार 812, मानसिक प्रताड़ना के लिए 5 हजार रुपए और वाद व्यय 2 हजार रुपए का भुगतान करे। यह फैसला क्यों है अहम? यह फैसला उन लाखों बीमाधारकों के लिए राहत की मिसाल माना जा रहा है, जिनके दावे कई बार तकनीकी कारणों या पहले से मौजूद सामान्य बीमारियों का हवाला देकर खारिज कर दिए जाते हैं। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बीमा कंपनियां बिना ठोस मेडिकल आधार के मनमाने तरीके से क्लेम खारिज नहीं कर सकतीं।



Source link

बिना स्टीमर, यहां सीखें कुकर में मोमोज बनाने का आसान तरीका


Last Updated:

Momos Making Tips: यदि आप मोमोज लवर हैं, लेकिन बाजार के अनहाइजेनिक मोमोज नहीं खाना चाहते हैं, तो इसे घर पर बनाना ही बेहतर विकल्प है. यहां हम आपको इसका बहुत ही आसान तरीका बता रहे हैं. दिलचस्प बात है कि इसके लिए आपको स्टीमर खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, घर में दाल बनाने के लिए मौजूद प्रेशर कुकर की मदद से ही आप बाजार जैसे सॉफ्ट मोमोज बनाकर खा सकते हैं.

Zoom

मोमोज आज के समय में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले स्ट्रीट फूड्स में से एक बन चुका है. बच्चे हों, जवान हों या बुजुर्ग, लगभग हर उम्र के लोग इसका स्वाद पसंद करते हैं. बाजार में मिलने वाले गर्मागर्म मोमोज और उनकी मसालेदार चटनी लोगों को आसानी से अपनी ओर आकर्षित कर लेते हैं. हालांकि बाहर का खाना हमेशा साफ-सुथरा हो, यह जरूरी नहीं है. यही वजह है कि कई लोग घर पर ही मोमोज बनाना पसंद करते हैं. लेकिन जब घर में मोमोज बनाने की बात आती है, तो सबसे बड़ी समस्या स्टीमर की होती है.

आमतौर पर मोमोज को भाप में पकाने के लिए विशेष स्टीमर का इस्तेमाल किया जाता है, जो हर किसी के घर में नहीं होता. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि बिना स्टीमर के अच्छे मोमोज बनाना संभव नहीं है. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. अगर आपके घर में प्रेशर कुकर है, तो आप आसानी से बाजार जैसे नरम और स्वादिष्ट मोमोज तैयार कर सकते हैं. चलिए इस लेख में सीखते हैं पूरा तरीका-

प्रेशर कुकर में मोमोज बनाने का तरीका

  • प्रेशर कुकर में मोमोज बनाने के लिए सबसे पहले कुकर में लगभग एक से डेढ़ गिलास पानी डालें. इसके बाद कुकर के अंदर एक छोटी कटोरी, स्टैंड या कोई ऊंचा बेस रखें ताकि मोमोज पानी से टच न हो.
  • अब एक प्लेट, छलनी या किसी स्टीमिंग ट्रे पर हल्का सा तेल लगा लें. इससे मोमोज चिपकेंगे नहीं. तैयार मोमोज को इस प्लेट पर थोड़ी दूरी बनाकर रखें. इसके बाद प्लेट को सावधानी से कुकर के अंदर रख दें और ढक्कन बंद कर दें.
  • ध्यान रखें कि मोमोज बनाते समय कुकर की सीटी का इस्तेमाल नहीं करना है. मीडियम आंच पर लगभग 12 से 15 मिनट तक मोमोज को भाप में पकने दें. जब मोमोज की बाहरी परत हल्की चमकदार और पारदर्शी दिखने लगे, तो समझ लें कि वे तैयार हैं. इसके बाद गैस बंद कर दें और मोमोज निकालकर अपनी पसंदीदा चटनी के साथ परोसें.

ये तरीका भी आसान
अगर आपके पास ऐसा इडली स्टैंड है जो कुकर में आसानी से फिट हो जाता है, तो यह तरीका और भी सुविधाजनक हो सकता है. इसके लिए कुकर में पानी गर्म करें और इडली स्टैंड के सांचों पर थोड़ा तेल या घी लगा दें. फिर हर सांचे में एक या दो मोमोज रख दें. अब स्टैंड को कुकर में रखें और ढक्कन की सीटी तथा रबर निकालकर कुकर बंद कर दें. मीडियम आंच पर 10 से 12 मिनट तक स्टीम करें. इस आसान तरीके से आप बिना स्टीमर के भी घर पर टेस्टी और मुलायम मोमोज तैयार कर सकते हैं.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



Source link

जमुई में ‘हत्या’ की गुत्थी निकली आत्महत्या: शव नवादा से लाकर बहियार में फेंका; परिजनों पर केस दर्ज, सुसाइड नोट से हुआ खुलासा – Jamui News




जमुई पुलिस ने चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव से बरामद युवक के शव मामले में चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिसे हत्या बताया जा रहा था, वह वास्तव में आत्महत्या का मामला था। आरोप है कि मृतक के परिजनों ने आत्महत्या को हत्या का रूप देने के लिए शव को नवादा जिले से लाकर जमुई के मोहनपुर बहियार में फेंका था। मृतक की पहचान नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के कुमरौआ गांव निवासी अंकित मिस्त्री (पिता बिरजू मिस्त्री) के रूप में हुई थी। घटना के बाद मृतक की मां सुनीता देवी ने आठ लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया था। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। तकनीकी अनुसंधान में अंकित की बुआ के मोबाइल की कॉल डिटेल और शव पर मिली बेडशीट की जांच से पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार, अंकित ने नवादा में अपनी बुआ की बेटी के घर आत्महत्या की थी। शव को जमुई के मोहनपुर बहियार में लाकर फेंक दिया
इसके बाद उसकी मां, फूफा, मौसा, मौसी समेत अन्य परिजनों ने शव को एक बोलेरो वाहन से जमुई के मोहनपुर बहियार में लाकर फेंक दिया। मोहनपुर अंकित का ननिहाल था। परिजनों का मकसद घटना को हत्या का रूप देकर दूसरों को फंसाना था। एडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि मंगलवार सुबह चंद्रदीप थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव से एक अज्ञात शव बरामद किया गया था। शव की पहचान के बाद युवक की मां के बयान के आधार पर आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक ने हाल ही में एक लड़की से शादी की थी, जिससे दो परिवारों के बीच तनाव की स्थिति थी। मृतक की मां ने लड़की के परिवार वालों द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया था। रात में युवक के फूफा के घर में सुसाइड किया
उन्होंने बताया कि घटना की तब्तीश के द्वारा मृतक की मां से पूछताछ की गई, उनके मोबाइल पर 14 तारीख की सुबह तीन बजे सुबह एक मोबाइल नंबर से कॉल आया था, इस मामले में मृतक की मां के द्वारा मोबाइल नंबर के बारे में कुछ भी नहीं बताया गया। पुलिस ने इसके बाद उसे मोबाइल नंबर को आईडेंटिफाई किया, दो नवादा के एक यूजर का निकला। हिरासत में लेकर जब पूछताछ की गई तो पूरे मामले का उद्भेदन हुआ है। उन्होंने बताया कि 14 तारीख को ही रात में युवक के फूफा के घर में सुसाइड कर लिया गया था। मृतक के मां, फूफा, मौसी, फुआ के द्वारा अंकित के डेड बॉडी को बेडशीट में लपेटकर जमुई जिला के चंद्रदीप थाना क्षेत्र इलाके के मोहनपुर में फेक दिया गया था। लड़की से बातचीत करने के लिए नहीं दिया जा रहा था
उन्होंने बताया कि पूरे मामले को छुपाने का उद्देश्य यह था कि जिस लड़की से अंकित की शादी हुई थी,उसके परिवार पर हत्या के मुकदमा किया जा सके। एसडीपीओ में बताया कि इस मामले में एक सुसाइड नोट पर बरामद हुआ है, उसे सुसाइड नोट के आधार प्रारंभिक रूप से यह लग रहा है कि अंकित को लड़की से बातचीत करने के लिए नहीं दिया जा रहा था। मृतक के मामा और मौसा के द्वारा मृतक के पत्नी को कहीं छुपा दिया गया था। उन्होंने बताया कि चंद्रदीप थाना क्षेत्र के सोनखार से मृतक के फूफा के परिचित के घर से लड़की को बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि आत्महत्या को हत्या का रूप इसलिए दिया गया था की लड़की के पिता सहित अन्य लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें फसाया जा सके। दरअसल अंकित गांव के ही एक लड़की से 14 जून को घर से भाग कर लव मैरिज किया था। यह शादी अंतर्जातीय होने के कारण लड़की के परिवार वाला और लड़के के परिवार वालों में तनाव की स्थिति थी। लड़की से बात नहीं कराए जाने के कारण अंकित ने सुसाइड कर लिया था।



Source link

कांवड़ यात्रा को लेकर पीवीवीएनएल अलर्ट, एमडी उतरे सड़क पर: पोलों की पीवीसी कवरिंग से लेकर ट्रांसफार्मरों की बैरीकेडिंग के दिए निर्देश, 22 को समीक्षा – Meerut News




पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने कांवड़ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड बॉर्डर तक कांवड़ मार्ग का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं, उपकेंद्रों और कांवड़ मार्ग पर मौजूद बिजली तंत्र की तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को सभी कार्य 22 जुलाई तक पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एमडी ने कांवड़ मार्ग पर लगे बिजली के पोलों को आठ फीट ऊंचाई तक पॉलीथीन और पीवीसी कवर से सुरक्षित करने, ट्रांसफार्मरों की मजबूत बैरीकेडिंग कराने, विद्युत लाइनों की गार्डिंग सुनिश्चित करने और पूरे बिजली तंत्र को सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। शाकुंभरी उपकेंद्र में परखी व्यवस्थाएं
सहारनपुर पहुंचकर प्रबंध निदेशक ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र शाकुंभरी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मेंटेनेंस, प्रोटेक्शन सिस्टम, अर्थिंग उपकरणों की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और रखरखाव व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपकेंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाए और किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर किया जाए। पोल टू पोल होगी चेकिंग
एमडी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग पर पोल टू पोल जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी करंट लीकेज की संभावना न रहे। साथ ही बिजली लाइनों के पास मौजूद पेड़ों की समयबद्ध कटाई-छंटाई कर संभावित व्यवधानों को समाप्त किया जाए ताकि यात्रा के दौरान निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति बनी रहे। लापरवाही पर होगी कार्रवाई
रवीश गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित सेफ्टी ड्रिल आयोजित करने तथा सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। बोले- फील्ड पर रहें अधिकारी
पीवीवीएनएल एमडी रवीश गुप्ता ने कहा कि कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर कार्यों की निगरानी करें और प्रत्येक निर्देश का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।



Source link

गोपालगंज में युवक-रिश्तेदार पर चाकू से हमला: आपसी रंजिश में हमला, एक की हालत गंभीर; गोरखपुर रेफर – Gopalganj News




गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र के तिरबिरवा गांव के पास आपसी रंजिश में दो लोगों पर चाकू से हमला किया गया। इस हमले में एक युवक और उसका रिश्तेदार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। घायलों की पहचान तिरबिरवा गांव निवासी 45 वर्षीय छोटे लाल यादव, जो स्वर्गीय सुरेंद्र यादव के बेटे हैं, और 30 वर्षीय बिपिन राम, जो बांका राम के बेटे हैं, के रूप में हुई है। दोनों पड़ोसी हैं। जानकारी के अनुसार, छोटे लाल यादव और बिपिन राम काम के सिलसिले में कहीं जा रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए नामजद आरोपियों ने बिपिन राम के साथ पुराने विवाद को लेकर हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू निकालकर बिपिन पर हमला कर दिया। छोटे लाल यादव जब बीच-बचाव करने आए, तो उन पर भी हमला किया गया। चाकू लगने से दोनों बुरी तरह जख्मी हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सभी आरोपी फरार हो गए। लहूलुहान हालत में दोनों घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया। अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने बिपिन राम को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर रेफर कर दिया। इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है।



Source link

मैहर में 5 वाहनों पर 10 हजार का जुर्माना लगा: स्कूली बस में इमरजेंसी गेट के सामने सीट, आग बुझाने फायर सिलेंडर नहीं था – Maihar News




मैहर जिले में बुधवार को परिवहन विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। नियमों की अनदेखी करने वाले 5 वाहनों पर कार्रवाई की गई और उनसे कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। परिवहन विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर स्कूली बसों और माल ढोने वाली गाड़ियों को रोककर उनकी जांच की। इस दौरान गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट, जरूरी कागजात और सुरक्षा इंतजामों को बारीकी से देखा गया। जांच में 5 वाहनों में बड़ी कमियां मिलीं—किसी में आग बुझाने वाला सिलेंडर (फायर सिलेंडर) नहीं था, तो किसी में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक उपचार पेटी) गायब थी। कुछ गाड़ियों में तो इमरजेंसी गेट के ठीक सामने ही सीट लगा दी गई थी, जिससे आपातकालीन रास्ता बंद हो गया था। नियमों की इस अनदेखी पर टीम ने तुरंत जुर्माना ठोक दिया। कागजात दुरुस्त रखने की दी गई सख्त चेतावनी चेकिंग के दौरान आरटीओ रवि बरेलिया और परिवहन विभाग की टीम ने सभी चालकों और वाहन मालिकों को सख्त लहजे में समझाया कि गाड़ियों के कागजात और फिटनेस को समय-समय पर अपडेट रखें। सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सड़क हादसे में मदद करने वालों को मिलेगा इनाम इस चेकिंग अभियान के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम भी किया। इसके लिए ‘राहबीर योजना’ का प्रचार-प्रसार किया गया। अफसरों ने बताया कि इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल हुए किसी शख्स को समय पर अस्पताल पहुंचाता है और उसकी जान बचाता है, तो सरकार उसे इनाम देकर प्रोत्साहित करेगी। इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मैहर जिला अस्पताल और कलेक्टर कार्यालय परिसर में बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए हैं।



Source link

स्वीट कॉर्न से बनाएं 5 टेस्टी स्नैक्स, बच्चों से बड़ों तक सबको आएगा पसंद


आजकल स्वीट कॉर्न लोगों के पसंदीदा हेल्दी स्नैक्स में से एक बन चुका है. इसका हल्का मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वीट कॉर्न में फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे पोषण से भरपूर बनाते हैं. यही वजह है कि इसे नाश्ते, शाम के स्नैक्स या हल्की भूख मिटाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है.

खास बात ये है कि स्वीट कॉर्न से बनने वाली ज्यादातर रेसिपीज बहुत कम समय में तैयार हो जाती हैं और इसके लिए किसी खास सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती. अगर अचानक मेहमान आ जाएं, बच्चों को कुछ स्वादिष्ट खाने की इच्छा हो या आप खुद कुछ हल्का और टेस्टी खाना चाहते हों, तो स्वीट कॉर्न की रेसिपीज आपके काम आ सकती हैं. आइए जानते हैं ऐसी 5 आसान रेसिपीज के बारे में, जिन्हें आप कुछ ही मिनटों में तैयार कर सकते हैं.

स्वीट कॉर्न चाट
अगर आपको चटपटा और झटपट बनने वाला स्नैक पसंद है, तो स्वीट कॉर्न चाट ट्राई कर सकते हैं. इसके लिए उबले हुए स्वीट कॉर्न में बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर दें. फिर ऊपर से हरा धनिया डालकर तुरंत सर्व करें.

चीजी स्वीट कॉर्न सैंडविच
यह बच्चों की पसंदीदा रेसिपी है. इसे बनाने के लिए ब्रेड पर मक्खन लगाकर उसमें उबला स्वीट कॉर्न और कद्दूकस किया हुआ चीज भरें. फिर ऊपर से काली मिर्च और ऑरेगैनो डालें. अब सैंडविच को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें और सर्व करें.

स्वीट कॉर्न सूप
ठंड के मौसम में ये सूप स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा होता है. इसे बनाने के लिए उबले हुए कॉर्न का आधा हिस्सा पीस लें. फिर इसमें लहसुन, अदरक, नमक, काली मिर्च और थोड़ा कॉर्नफ्लोर मिलाकर 8 से 10 मिनट तक पकाएं. इस तरह से गर्मागर्म सूप तैयार है.

स्वीट कॉर्न मसाला
ये रेसिपी सिर्फ 10 मिनट में बन जाती है. पैन में थोड़ा मक्खन गर्म करें और उसमें स्वीट कॉर्न डालकर 2-3 मिनट भूनें. फिर लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च और चाट मसाला मिलाएं. आखिर में नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. इस तरह से तैयार है स्वीट कॉर्न मसाला.

स्वीट कॉर्न टिक्की
शाम की चाय के साथ खाने के लिए ये एक बेहतरीन स्नैक है. उबले स्वीट कॉर्न, उबले आलू, ब्रेडक्रम्ब्स, हरा धनिया, हरी मिर्च और मसालों को मिलाकर टिक्की बना लें. इन्हें तवे पर हल्के तेल के साथ दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें.



Source link

दौसा पहुंचे शिक्षा विभाग के अफसर, जर्जर-भवन गिराने के निर्देश: भंडाना और पालावास स्कूल का निरीक्षण, ACS बोले- बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता – Dausa News




शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही ‘एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म’ के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।



Source link