Friday, July 17, 2026
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कमेटी ने माना- बिना जांचें प्रसूता को गलत-खून चढ़ाया था: रेजिडेंट डॉक्टर्स से लेकर नर्सिंग स्टाफ को ​देंगे नोटिस; प्रिंसिपल ने लापरवाहों के मांगें नाम – Jodhpur News


जोधपुर के उम्मेद असपताल में एक 24 साल की प्रसूता धापू भील को गलत खून चढ़ाने के मामले में कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपी इस रिपोर्ट में माना है कि बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया।

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हालांकि 24 घंटे में दी इस​ रिपोर्ट को प्रिंसिपल ने अधूरा माना, क्योंकि इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगें हैं।

डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि इसमें रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टे​क्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। इन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।

11 को प्रसूता को किया था उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर, 12 को चढ़ाया गलत खून

जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) का 11 जुलाई को बावड़ी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। लेकिन, खून की कमी के चलते उसे 11 जुलाई को उम्मेद हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया था।

प्रसूता की सास पप्पू देवी ने बताया कि 11 जुलाई को ओ पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद 12 जुलाई की रात दोबारा जो ब्लड चढ़ाया वो गलत था। ब्लड चढ़ाते ही धापू को कंपकपी छूटने लगी। इसके साथ की यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया।

हालांकि अभी प्रसूता का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू में चल रहा है। इसके साथ ही उसे लगातार डायलासिस किया जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद बनाई थी जांच कमेटी

इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हर गोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे।

उन्होंने बताया कि इस टीम की ओर से शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी गई थी। लेकिन, कुछ ​कमियां है, जिसे पूरी कर दोबारा रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

ये प्रसूता का पति किशनाराम है। इनका कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि उम्मेद हॉस्पिटल से उसकी पत्नी को एमजीएच क्यों लेकर आए। यहां आने के बाद पता चला कि गलत खून चढ़ा दिया था।

ये प्रसूता का पति किशनाराम है। इनका कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि उम्मेद हॉस्पिटल से उसकी पत्नी को एमजीएच क्यों लेकर आए। यहां आने के बाद पता चला कि गलत खून चढ़ा दिया था।

जांच कमेटी ने माना, बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, अब होगा एक्शन

इस मामले को लेकर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपी रिपोर्ट में सामने आया कि बिना क्रॉस चेक किए प्रसूता को खून चढ़ाया गया।

ये लापरवाही इसलिए हुई क्योंकि प्रसूता और दूसरी महिला का नाम और उनके पति का नाम एक सा था। जिस ​महिला का बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप था, वह बेहोशी की हालत में थी। ऐसे में जब नाम पुकारा गया तो ये गफलत हुई।

प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इस मामले में जो रिपोर्ट मिली है, उनमें नाम नहीं थे। सैंपल कलेक्शन करने वाले, ​उसे रिलीज करने वाले और ब्लड देने वालों की इसमें गलती रही है।

इस मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ तक पर एक्शन होगा। रिपोर्ट में इनके नाम नहीं थे। किन-किन लोगों ने लापरवाही बरती है, उन सभी के नाम मांगें गए है। इन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वैसे महिला के बैड लगाते है लेकिन एक जैसे नाम होने की स्थिति में ज्यादा सावधानी बरतते हुए इसे क्रॉस चैक करना था, जो नहीं किया गया।

यूरिन आना बंद हो गया था

महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट फतेह सिंह ने बताया कि गलत ब्लड की वजह से यूरीन आना बंद हो गया था और उसकी किडनी पर इफेक्ट हुआ। महिला का लगातार डायलिसिस चल रहा है और हालत में सुधार है।

वहीं परिजनों ने बताया था- गलत खून चढ़ाने की वजह से यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया।

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जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर)



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गुजरात के स्कूल में 147 छात्राएं बीमार: फूड पॉइजनिंग की आशंका, सभी की हालत स्थिर; खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे गए


सुरेंद्रनगर3 घंटे पहले

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गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के एक सरकारी आवासीय स्कूल में शुक्रवार को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से 147 छात्राएं बीमार हो गईं। सभी छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। उन्हें पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी बी.जी. गोहिल ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की 215 छात्राओं में से 147 की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से 102 छात्राओं का इलाज चूड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि 45 छात्राओं को सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है।

गोहिल ने बताया कि छात्राओं ने गुरुवार रात छात्रावास में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी। शुक्रवार सुबह उन्हें पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत शुरू हुई। मामले की जांच के लिए भोजन के नमूने एकत्र कर विश्लेषण के लिए भेज दिए गए हैं।

घटना की 5 तस्वीरें…

102 छात्राओं का इलाज चूड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है

102 छात्राओं का इलाज चूड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है

45 छात्राओं को सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है।

45 छात्राओं को सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है।

छात्राओं ने गुरुवार रात छात्रावास में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी।

छात्राओं ने गुरुवार रात छात्रावास में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी।

शुक्रवार सुबह सभी छात्राओं को पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत शुरू हुई।

शुक्रवार सुबह सभी छात्राओं को पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत शुरू हुई।

स्वास्थ्य अधिकािरियों ने खाने के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

स्वास्थ्य अधिकािरियों ने खाने के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

मामले पर नजर रखी जा रही है: विधायक

इसी बीच, लिमडी के विधायक कीर्तिसिंह राणा अस्पताल पहुंचे और छात्राओं का हाल जाना। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर और प्रांत अधिकारी से बात हो चुकी है तथा पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यदि छात्रावास का भोजन तैयार करने वाली एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता सभी छात्राओं का बेहतर इलाज और जल्द स्वस्थ होना है।

वहीं, कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर नाराजगी जताई। अभिभावक अनसूया गनोतरा ने कहा कि उनकी दो बेटियां KGBV में पढ़ती हैं। उन्हें घटना की जानकारी स्कूल से नहीं, बल्कि रिश्तेदार के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन को सभी अभिभावकों को तुरंत सूचना देनी चाहिए थी। —————–

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स्कूल में मिड-डे मील खाने से 30 बच्चे बीमार:उल्टी, पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया

अटरू उपखंड क्षेत्र के केरवालिया देवपुरा गांव के सरकारी स्कूल में शुक्रवार को मिड-डे मील खाने के बाद करीब 30 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल एंबुलेंस और निजी वाहनों की सहायता से अटरू, मोठपुर और कवाई के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पूरी खबर पढ़ें…



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राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प, पीएम मोदी ने किया वर्चुअल उद्घाटन


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PM Modi Inaugurates 8 Amrit Stations in Rajasthan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल उद्घाटन किया है. करीब 1,570 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में जैसलमेर स्टेशन को ₹140 करोड़ की लागत से सबसे भव्य ‘सोनार किला’ हेरिटेज लुक दिया गया है. इसके अलावा गोटन, बाड़मेर, दौसा, सोमेसर और खैरथल सहित अन्य स्टेशनों का भी अत्याधुनिक सुविधाओं (लिफ्ट, एस्केलेटर, वाई-फाई) के साथ पुनर्विकास किया गया है.

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राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प, पीएम मोदी ने किया वर्चुअल उद्घाटन

जयपुर: भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत देश भर में पुनर्विकसित किए गए 75 अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया है. इस बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत राजस्थान को बड़ी सौगात मिली है, जहां के 8 स्टेशनों को करीब 1,570 करोड़ रुपये की कुल लागत से पूरी तरह विश्वस्तरीय और पैसेंजर फ्रेंडली (यात्री अनुकूल) बनाया गया है.

इन स्टेशनों पर 21वीं सदी की आधुनिक सुविधाएं जैसे एस्केलेटर, लिफ्ट, फ्री वाई-फाई, एग्जीक्यूटिव लाउंज और दिव्यांगजनों के लिए विशेष बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है. साथ ही इनकी इमारतों में स्थानीय कला, संस्कृति और वास्तुकला की शानदार झलक को भी संजोया गया है.

राजस्थान के ये 8 रेलवे स्टेशन हुए अपग्रेड
इस योजना के तहत राजस्थान के जिन 8 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प किया गया है, उनमें से 6 स्टेशन सीधे तौर पर उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं. आइए जानते हैं इन सभी स्टेशनों की सूची, उनके विकास की लागत और मुख्य विशेषताएं:

स्टेशन का नाम पुनर्विकास लागत मुख्य विशेषताएं व लुक
जैसलमेर रेलवे स्टेशन ₹140 करोड़ सोनार किले की तर्ज पर भव्य और शाही हेरिटेज लुक दिया गया है. यात्रियों की सुविधा के लिए 10 नई लिफ्ट और 10 अत्याधुनिक एस्केलेटर लगाए गए हैं. यह राजस्थान का सबसे भव्य प्रोजेक्ट है.
गोटन रेलवे स्टेशन ₹20.14 करोड़ आधुनिक यात्री सुविधाओं और नए स्वरूप के साथ पूरी तरह कायाकल्प किया गया.
बाड़मेर रेलवे स्टेशन ₹18.00 करोड़ थार मरुस्थल की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक रंगों से स्टेशन परिसर को निखारा गया है.
दौसा रेलवे स्टेशन ₹15.00 करोड़ जयपुर मंडल के इस स्टेशन को आकर्षक लाइटिंग, नए प्रतीक्षालय, सुंदर वॉल पेंटिंग्स, दिव्यांगों के लिए विशेष रैंप और नई पार्किंग व्यवस्था से लैस किया गया है.
सोमेसर रेलवे स्टेशन ₹13.00 करोड़ बुनियादी यात्री सुविधाओं का विस्तार और स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण किया गया.
खैरथल रेलवे स्टेशन ₹12.79 करोड़ नए और आकर्षक अग्रभाग (Facade) व यात्री अनुकूल सुविधाओं के साथ नया रूप दिया गया.
स्टेशन संख्या 7 योजना के तहत शामिल ‘अमृत भारत योजना’ के तहत अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया.
स्टेशन संख्या 8 योजना के तहत शामिल नए इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ राष्ट्र को समर्पित.

दौसा



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दो बच्चों समेत कार लेकर नदी में कूदा टीचर: व्हाट्सऐप स्टेटस पर लिखी थी सुसाइड करने की बात, महाराष्ट्र के नांदेड़ का मामला


नांदेड़ (महाराष्ट्र)1 घंटे पहले

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अमदुरा-पुणेगांव रोड पर शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे हुआ हादसा।

महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले की एक सरकारी स्कूल के टीचर की कार गोदावरी नदी में गिर गई। हादसे में टीचर और उनके दो बच्चों की मौत हो गई।

शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। क्योंकि, एक दिन पहले ही टीचर ने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी सुसाइड कर लेने पर मजबूर होने की बात लिखी थी।

वहीं, टीचर के लैपटॉप से एक नोट मिला है, जिसमें उन्होंने अपने कुछ सीनियर पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने लैपटॉप जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

सुनील मोरे (42) हिमायतनगर के पोता बुद्रुक जिला परिषद स्कूल में टीचर थे।

सुनील मोरे (42) हिमायतनगर के पोता बुद्रुक जिला परिषद स्कूल में टीचर थे।

करीब 3 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद तीनों के शव निकाले गए।

करीब 3 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद तीनों के शव निकाले गए।

उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही

नांदेड़ पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुनील मोरे (42) हिमायतनगर के पोता बुद्रुक जिला परिषद स्कूल में टीचर थे। यहीं उनकी पत्नी भी कार्यरत है। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे सुनीन अपनी बेटी सारी (12) और बेटे सुमित (8) को कार में लेकर अमदुरा-पुणेगांव रोड पहुंचे थे।

यहीं से गुजरते वक्त कार गोदावरी नदी पर बने पुल की साइड रेलिंग को तोड़ते हुए नदी में गिर गई। राहगीरों ने पुलिस, और फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। कार नदी में डूब गई थी, जिससे तीनों की मौत हो गई।

एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 3 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार और तीनों शव नदी से निकाले। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुनील के द्वारा अधिकारियों पर लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है।

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सामूहिक सुसाइड: बड़े बेटे की बीमारी से परेशान था परिवार:दोस्त से कहा था- फोन मत करना, दरवाजा खटखटाना

पाली की पॉश कॉलोनी में मां और दो बेटों ने सुसाइड कर लिया। बड़े बेटे नरपत लाल (34) की बॉडी पंखे से लटकी थी। मां शांति देवी (59) और छोटा बेटा रघुवीर (26) फर्श पर पड़े थे। सबसे पहले नरपत के मौसेरे भाई लक्ष्मण ने उनके शव को देखा था। पूरी खबर पढ़ें…



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सुल्तानपुर पहुंचे भाजपा के काशी क्षेत्रीय अध्यक्ष: अशोक चौरसिया बोले- 5 विधानसभा सीटों पर कमल खिलाना लक्ष्य, कमजोर बूथों पर विशेष फोकस – Sultanpur News




भाजपा के नवनियुक्त काशी क्षेत्रीय अध्यक्ष अशोक चौरसिया शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे पहली बार सुल्तानपुर पहुंचे। जिला मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर देते हुए दावा किया कि भाजपा का लक्ष्य जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करना है। जिला मुख्यालय पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने अशोक चौरसिया का माल्यार्पण कर स्वागत किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में अब लगभग छह महीने का समय शेष है और पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी तैयारियों में जुट गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा का सबसे बड़ा फोकस बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करना है। बूथ समितियों, बूथ अध्यक्षों और पन्ना प्रमुखों को अधिक सक्रिय और सशक्त बनाया जा रहा है, ताकि प्रत्येक बूथ पर पार्टी की पकड़ मजबूत हो सके। अशोक चौरसिया ने कहा कि भाजपा समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाने के लिए विशेष रणनीति पर काम कर रही है। कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हुए भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील करेंगे। उन्होंने बताया कि पार्टी जिन बूथों को ‘सी’ श्रेणी में चिन्हित किया गया है, उन्हें ‘बी’ और ‘बी’ श्रेणी के बूथों को ‘ए’ श्रेणी में लाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। चाहे विधानसभा सीट पहले जीती गई हो या हारी गई हो, कमजोर बूथों पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यदि कार्यकर्ता पूरी ताकत से मैदान में उतरते हैं तो आगामी चुनाव में विपक्ष का पूरी तरह सफाया हो जाएगा। अयोध्या प्रकरण की एसआईटी जांच और विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी घटना हुई है, वह दुखद और निंदनीय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम कर रहा है और एसआईटी की जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पंचायत चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अशोक चौरसिया ने कहा कि संभावना है कि सभी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव अब आगामी विधानसभा चुनाव के बाद ही कराए जाएं।



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लखनपुर गांव का डाक क्षेत्राधिकार बदला: श्रेयसी सिंह की पहल पर ढंढ डाकघर से जुड़ा गांव,बोलीं- ग्रामीणों को अब प्रभावी सेवाएं मिल सकेंगी – Jamui News




जमुई के सदर प्रखंड स्थित लखनपुर गांव को अब बेहतर डाक सुविधा मिलेगी। बिहार सरकार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के प्रयासों से भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने गांव का डाक क्षेत्राधिकार बदलने का निर्णय लिया है। अब लखनपुर गांव को गोपालपुर शाखा डाकघर के बजाय निकट स्थित ढंढ शाखा डाकघर से जोड़ा जाएगा। दूरी के चलते ग्रामीणों को होती थी परेशनी पहले लखनपुर गांव गोपालपुर शाखा डाकघर के अंतर्गत आता था, जिसकी दूरी गांव से लगभग चार किलोमीटर थी। इस कारण ग्रामीणों को डाक से संबंधित सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए, क्षेत्रीय विधायक श्रेयसी सिंह ने केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया को पत्र लिखा था। उन्होंने अपने पत्र में जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए लखनपुर गांव को ढंढ शाखा डाकघर से जोड़ने का अनुरोध किया था। केंद्रीय मंत्री ने जवाब में बताया कि विभाग द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि लखनपुर गांव से ढंढ शाखा डाकघर की दूरी लगभग दो किलोमीटर है, जबकि गोपालपुर शाखा डाकघर चार किलोमीटर दूर है। जनहित को देखते हुए विभाग ने लखनपुर गांव को ढंढ शाखा डाकघर के अधिकार क्षेत्र में लाने का निर्णय लिया है और इसके लिए आवश्यक आदेश जारी किए जा रहे हैं। इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रेयसी सिंह ने कहा कि लखनपुर को ढंढ डाकघर से जोड़े जाने से ग्रामीणों को अब अधिक सुविधाजनक और प्रभावी डाक सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि इससे न केवल डाक सेवाएं बेहतर होंगी, बल्कि स्थानीय नागरिकों को अन्य सार्वजनिक सेवाओं का लाभ भी तेजी से मिल पाएगा।



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सात मोबाइल चुराने वाले चार आरोपी गिरफ्तार: झाड़ियों में छिपाकर रखे थे, सतना से धान रोपाई करने माखननगर आए थे मजदूर – narmadapuram (hoshangabad) News




माखननगर थाना क्षेत्र के ग्राम बीकोर में धान रोपाई के लिए आए मजदूरों के सात मोबाइल चोरी करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नर्मदापुरम देहात थाना पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान चारों को संदेह के आधार पर पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उनकी निशानदेही पर करीब 50 हजार रुपए कीमत के सात मोबाइल बरामद किए गए। शुक्रवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार, 15-16 जुलाई की रात ग्राम बीकोर और भटवाड़ा के बीच बने एक मकान में सतना से आए मजदूर धान रोपाई के लिए ठहरे हुए थे। देर रात आरोपी घर में घुस गए और सात मोबाइल चोरी कर फरार हो गए। सुबह जब मजदूर जागे तो मोबाइल गायब मिले। इसके बाद मजदूर राजभान कोल की शिकायत पर माखननगर थाने में मामला दर्ज किया गया। रात्रि गश्त में पकड़ाए संदिग्ध चोरी के बाद आरोपी लौट रहे थे। इसी दौरान नर्मदापुरम देहात थाना के एएसआई लक्ष्मण अमोले, आरक्षक अनिल, कपिल और जितेंद्र विश्वकर्मा ने रात्रि गश्त के दौरान उन्हें रोककर पूछताछ की। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर चारों को थाने ले जाया गया। पूछताछ में उन्होंने माखननगर क्षेत्र में चोरी की वारदात करना स्वीकार कर लिया। माखननगर थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपियों विशाल पारधी, गुड्डूलाल पारधी, समीर पारधी, क्रिस पारधी (सभी निवासी ग्राम बाबरी, शिवपुर) ने पूछताछ में बताया कि चोरी किए गए मोबाइल बीकोर नहर के पास झाड़ियों में छिपाकर रखे हैं। उनकी निशानदेही पर सातों मोबाइल बरामद कर लिए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में आगे की जांच जारी है।



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जापान में 780 साल पुराना पारंपरिक उत्सव: 1 हजार किलो की झांकी उठाकर दौड़े युवा; 10 लाख पर्यटक जुटे




जापान के फुकुओका शहर में महामारियों से बचाव के लिए ‘हाकाता गियन यामाकासा’ उत्सव हुआ। इसकी शुरुआत 1241 में मानी जाती है। मान्यता है कि महामारी के दौरान बौद्ध भिक्षु शूइची कोकुशी (एन्नी) ने पूरे शहर में पवित्र जल का छिड़काव किया, जिसके बाद बीमारी थम गई। उसी घटना की स्मृति में यह परंपरा शुरू हुई। यह उत्सव यूनेस्को की सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज है। इसे देखने के लिए करीब 10 लाख पर्यटक जुटे। उत्सव में दो तरह की झांकियां होती हैं। काजारीयामा करीब 10 मीटर ऊंचे, भव्य और सजावटी झांकी होती हैं, जिन्हें केवल प्रदर्शन के लिए रखा जाता है। वहीं काकियामा करीब 1 टन वजन की झांकी होती है, जिन्हें पुरुषों के समूह कंधों पर उठाकर शहर की सड़कों पर दौड़ते हैं। इन्हें बनाने में 55 लाख से 2 करोड़ रुपए तक खर्च होते हैं। इसके अलावा पारंपरिक पोशाक और अन्य व्यवस्थाओं पर भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। गर्मी की वजह से रास्ते में खड़े लोग धावकों पर ठंडा पानी डालते हैं। इससे शरीर ठंडा रहता है और धावकों का उत्साह भी बढ़ता है। दौड़ में हिस्सा लेने वाले पुरुष केवल पारंपरिक सूती जैकेट (मिजू-हैप्पी) और शिमेकोमी नामक विशेष लंगोट पहनते हैं। ऐसा इसलिए ताकि पानी पड़ने के बाद कपड़े भारी न हों और दौड़ने में आसानी रहे।



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बारिश में कॉर्न पकोड़े खाने का मजा होगा दोगुना, बैटर से लेकर तलने तक की ट्रिक


Crispy Corn Pakoda Recipe: बारिश की पहली फुहार पड़ते ही सबसे पहले जिस चीज़ का ख्याल आता है, वह है गर्मागर्म चाय और उसके साथ कोई कुरकुरा नाश्ता. यही वजह है कि मानसून के मौसम में पकोड़ों की मांग हर घर में बढ़ जाती है, अगर इस बार आप आलू, प्याज या पालक के पकोड़े छोड़कर कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो ताजे स्वीट कॉर्न से बने कॉर्न पकोड़े एक बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं. इनका स्वाद हल्का मीठा, बाहर से बेहद कुरकुरा और अंदर से नरम होता है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. खास बात यह है कि इन्हें बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही तैयार किया जा सकता है.

बेसन, चावल का आटा और ताजे मक्के का सही मेल इन पकोड़ों को अलग पहचान देता है. शाम की चाय, मेहमानों की आवभगत या बच्चों के टिफिन के लिए भी यह रेसिपी शानदार साबित हो सकती है, अगर आप चाहते हैं कि हर बाइट में मक्के का असली स्वाद और जबरदस्त क्रंच महसूस हो, तो बैटर तैयार करने और तलने के कुछ आसान तरीकों का ध्यान रखना जरूरी है. आइए जानते हैं इस आसान और स्वादिष्ट कॉर्न पकोड़ा रेसिपी के बारे में.

कॉर्न पकोड़ा क्यों बन रहा है लोगों की पहली पसंद?
बरसात के मौसम में बाजार में ताजा स्वीट कॉर्न आसानी से मिल जाता है. यही कारण है कि इन दिनों कॉर्न से बनने वाली रेसिपी काफी पसंद की जा रही हैं. कॉर्न पकोड़े स्वाद के साथ टेक्सचर का भी शानदार मेल देते हैं. बाहर से सुनहरे और कुरकुरे, जबकि अंदर से रसदार मक्के के दाने हर निवाले को खास बना देते हैं. चाय के साथ यह स्नैक जितना स्वादिष्ट लगता है, उतना ही जल्दी तैयार भी हो जाता है, अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं, तो यह रेसिपी कुछ ही मिनटों में बन सकती है.

कॉर्न पकोड़ा बनाने के लिए जरूरी सामग्री
करीब चार लोगों के लिए आपको चाहिए-
1. 1½ कप ताजे स्वीट कॉर्न के दाने
2. ¾ कप बेसन
3. 1¼ कप चावल का आटा
4. 1 बड़ा चम्मच बारीक कटा अदरक
5. 2 बारीक कटी हरी मिर्च
6. ½ कप बारीक कटा हरा धनिया
7. 1½ छोटी चम्मच अजवाइन
8. स्वादानुसार नमक
9. तलने के लिए तेल

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कॉर्न पकोड़ा बनाने की आसान विधि
स्टेप 1: कॉर्न तैयार करें
सबसे पहले आधे स्वीट कॉर्न को मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें. इसे पूरी तरह पेस्ट नहीं बनाना है. अब इसे बाकी साबुत कॉर्न के साथ एक बड़े बाउल में मिला दें. इससे पकोड़ों में कॉर्न का स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर मिलेगा.

स्टेप 2: गाढ़ा बैटर बनाएं
अब बाउल में बेसन, चावल का आटा, अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया, अजवाइन और नमक डालें. जरूरत के अनुसार केवल एक या दो चम्मच पानी डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं. बैटर गाढ़ा होना चाहिए ताकि तलते समय पकोड़े फैलें नहीं.

स्टेप 3: सही तापमान पर तलें
एक गहरे पैन में तेल गर्म करें. जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब मिश्रण को चम्मच की मदद से धीरे-धीरे तेल में डालें. एक साथ बहुत सारे पकोड़े डालने से बचें, वरना उनका कुरकुरापन कम हो सकता है.

स्टेप 4: सुनहरा होने तक पकाएं
पकोड़ों को मध्यम आंच पर तब तक तलें, जब तक वे चारों तरफ से सुनहरे और कुरकुरे न हो जाएं. इसके बाद उन्हें टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए. अब इन्हें हरी चटनी, टमाटर सॉस या मसाला चाय के साथ गर्मागर्म परोसें.

कुरकुरे पकोड़े बनाने के आसान टिप्स
अगर आप चाहते हैं कि पकोड़े लंबे समय तक क्रिस्पी रहें, तो बैटर में पानी बहुत कम डालें. चावल का आटा कुरकुरापन बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है, इसलिए इसकी मात्रा कम न करें. पकोड़ों को हमेशा मध्यम आंच पर तलें. बहुत तेज आंच पर वे बाहर से जल्दी पक जाएंगे, लेकिन अंदर से कच्चे रह सकते हैं.

घर में हर किसी को आएंगे पसंद
बच्चों से लेकर बड़ों तक, कॉर्न पकोड़े लगभग सभी को पसंद आते हैं. हल्की बारिश, परिवार के साथ बैठकर चाय पीना और साथ में गर्मागर्म कॉर्न पकोड़े परोसना पूरे माहौल को खास बना देता है. यही वजह है कि यह रेसिपी मानसून की सबसे पसंदीदा स्नैक रेसिपी में शामिल हो चुकी है.



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सस्ते में लॉन्च होगा Redmi 17, मिलेगी 7500mAh की बैटरी, कीमत और फीचर्स आए सामने


Redmi जल्द ही 7500mAh बैटरी वाला सस्ता फोन लॉन्च करने वाला है। चीनी कंपनी का यह फोन Redmi 17 के नाम से पेश किया जाएगा। यह कंपनी के बजट फ्रेंडली फोन Redmi 15 का अपग्रेड है। इस फोन की कीमत से लेकर फीचर्स तक की जानकारी ऑनलाइन सामने आई है। साथ ही, फोन का डिजाइन और कलर ऑप्शन भी रिवील हुआ है। शाओमी के सब ब्रांड ने अपने इस बजट फ्रेंडली सीरीज में Redmi 17c को हाल ही में चीनी मार्केट में पेश किया है।

Redmi 17 की कीमत (संभावित)

रेडमी का यह बजट फ्रेंडली 4G फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 128GB और 6GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत EUR 250 (लगभग 28,000 रुपये) हो सकती है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट EUR 280 (लगभग 31,000 रुपये) में आ सकता है। YTECHB ने रेडमी के इस अपकमिंग फोन के डिजाइन और कलर ऑप्शन के बारे में जानकारी शेयर की है। लीक हुए रेंडर के मुताबिक, इस बजट फ्रेंडली फोन को डीप ब्लू, ब्लैक, ओक ग्रीन के साथ-साथ लोटस पर्पल कलर ऑप्शन में पेश किया जा सकता है।

Redmi 17 के फीचर्स (संभावित)

रेडमी का यह फोन 6.9 इंच के बड़े फ्लैट डिस्प्ले के साथ आ सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करेगा। रेडमी के इस फोन में MediaTek Helio G91 Ultra चिपसेट दिया जा सकता है। इसके साथ 6GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। फोन में 50MP का मेन और एक सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का कैमरा दिया जा सकता है। रेडमी का यह फोन 7,500mAh की बैटरी के साथ पेश की जा सकती है, जिसके साथ 45W वायर्ड चार्जिंग फीचर मिल सकता है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ NFC का सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

Redmi 17c के फीचर्स

Redmi 17c को कंपनी ने 6.88 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया है। फोन में MediaTek Helio G81 Ultra चिपसेट दिया है। इसके साथ 4GB रैम और 128GB स्टोरेज तक का सपोर्ट मिलेगा। इस स्मार्टफोन के बैक में 13MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। रेडमी का यह स्मार्टफोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 799 यानी लगभग 12,000 रुपये है।

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