Monday, August 24, 2026
Home Blog

जापान से भारत को चाहिए 1580 Suzuki, पीयूष गोयल ने उद्योगपतियों से क्‍यों कहा?


भारत अब जापान से सिर्फ निवेश नहीं चाहता, बल्कि ऐसे कारोबार चाहता है जो आने वाले वर्षों में Suzuki जैसी बड़ी सफलता की कहानी बन सकें. जापान दौरे पर पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों के सामने ऐसा ही बड़ा लक्ष्य रखा है. 200 से ज्यादा भारतीय और जापानी उद्योगपतियों की मौजूदगी वाले बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना किया जाना चाहिए. लेकिन उन्‍होंने टारगेट रखते हुए कहा क‍ि भारत का सपना 1580 और Suzuki जैसी कंपनियां खड़ी करने का है.

गोयल ने जापानी कारोबारियों को Suzuki की भारत में चार दशक लंबी कहानी का उदाहरण दिया. उनका कहना था कि जापान की कंपनियां भारत में सिर्फ कारोबार शुरू न करें, बल्कि उसे इतना बड़ा बनाएं कि वह खुद एक ग्लोबल बिजनेस बन जाए. उन्होंने कहा कि जिस तरह Suzuki ने भारत में बड़े पैमाने पर अपना कारोबार खड़ा किया है, उसी तरह वह चाहते हैं कि जापानी कंपनियां भी काम शुरू करें. वेंचर बनाएं. दरअसल, इस सेम‍िनार में 1580 जापानी कंपन‍ियों ने श‍िरकत की थी.पीयूष गोयल उन्‍हें ही न्‍योता दे रहे थे. सरकार के मुताबिक भारत में इस समय 1400 से ज्यादा जापानी कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें सुजुकी, टोयोटा, होंडा, सोनी, Hitachi और Mitsubishi जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

जापान की कंपनियों के लिए भारत में क्या है?

पीयूष गोयल ने जापानी निवेशकों को भारत के बदलते बिजनेस माहौल और युवा वर्कफोर्स के बारे में बताया. कहा क‍ि भारत में मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, AI, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, क्लीन एनर्जी और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर में बड़े मौके हैं, आप आइए और दुन‍िया के ल‍िए प्रोडक्‍ट बनाइए. भारत का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उसका विशाल घरेलू बाजार भी है. यानी जापानी कंपनियों के लिए भारत सिर्फ कम लागत में उत्पादन करने की जगह नहीं, बल्कि खुद एक बहुत बड़ा कंज्यूमर मार्केट भी है.

10 ट्रिलियन येन इन्‍वेस्‍टमेंट भी बड़ा लक्ष्य

भारत-जापान आर्थिक रिश्तों में निवेश का लक्ष्य भी काफी बड़ा है. दोनों देशों ने अगले 10 साल में भारत में 10 ट्रिलियन येन यानी करीब 60,000 करोड़ रुपये के जापानी निवेश का लक्ष्य रखा है. जुलाई 2026 तक इस लक्ष्य की दिशा में करीब 2 ट्रिलियन येन के निवेश कमिटमेंट हो चुके थे. अब पीयूष गोयल का जापान दौरा इसी लक्ष्य को जमीन पर उतारने की कोशिश का हिस्सा है. उनके साथ 200 से ज्यादा भारतीय कारोबारी और उद्योग प्रतिनिधि भी जापान पहुंचे हैं.

भारत की नजर सिर्फ जापान पर नहीं, पूरी दुनिया पर

गोयल ने जापानी कारोबारियों को भारत की बढ़ती FTA रणनीति के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार वर्षों में 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका है और अब 8-9 और देशों तथा क्षेत्रीय समूहों के साथ बातचीत चल रही है. इन नए समझौतों से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्थाओं तक बाजार पहुंच मिल सकती है.

गोयल के मुताबिक भारत की मौजूदा और प्रस्तावित ट्रेड डील्स का दायरा धीरे-धीरे इतना बढ़ाने की कोशिश है कि वह दुनिया के करीब 75% ग्लोबल कॉमर्स तक पहुंच बनाने में मदद करे. सीधा मतलब यह है कि भारत जापानी कंपनियों को सिर्फ भारत के लिए उत्पादन करने का मौका नहीं देना चाहता. मकसद यह है कि भारत में बनाओ और दुनिया को बेचो.

2047 तक 4 ट्रिलियन से 30 ट्रिलियन डॉलर का सफर

कॉमर्स म‍िन‍िस्‍टर ने कहा क‍ि भारत 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को मौजूदा करीब 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में काम कर रहा है. इस सफर में जापान को भारत एक अहम साझेदार के तौर पर देख रहा है. भारत चाहता है कि जापानी कंपनियां यहां फैक्ट्री लगाएं, टेक्नोलॉजी लाएं, सप्लाई चेन बनाएं, रोजगार पैदा करें और फिर भारत से दुनिया के बाजारों तक पहुंचें.



Source link

छात्र से मारपीट के विरोध में ABVP का प्रदर्शन: सनातन धर्म इंटर कॉलेज में शिक्षक पर छात्र को पीटने का आरोप, शिक्षक पर कार्रवाई की मांग – Meerut News




सनातन धर्म इंटर कॉलेज, सदर में शिक्षक द्वारा छात्र के साथ कथित मारपीट के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) मेरठ महानगर के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ABVP के उदय प्रताप ने आरोप लगाया कि विद्यालय के एक शिक्षक सुमन ने छात्र के साथ बर्बरता से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोट आई। उनका कहना है कि घटना के बाद से छात्र सदमे में है और स्कूल नहीं आ पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद विद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उदय प्रताप ने बताया कि करीब तीन दिन पहले भी संगठन के कार्यकर्ता छात्रों के साथ विद्यालय पहुंचे थे। उस समय प्रिंसिपल ने मामले में बैठक कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ। इसके बाद सोमवार को फिर कार्यकर्ता विद्यालय पहुंचे और छात्र के पक्ष में अपनी मांग रखी। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्कूल शिक्षा और संस्कार का केंद्र है। किसी भी छात्र के साथ मारपीट या अनुचित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्रों की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल ने आश्वासन दिया कि सोमवार शाम विद्यालय की कमेटी की बैठक होगी और उसमें मामले पर निर्णय लिया जाएगा। ABVP ने मांग की कि जांच निष्पक्ष तरीके से कर छात्र के पक्ष में न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन में आर्यन प्रजापति, मोहित तोमर, अनुज बैसला, अनुभव भारद्वाज, अंजलि, उदय, अपूर्व, सुरेश राणा, उज्जवल, गोविंद और रुद्र प्रताप समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



Source link

कर्नाटक का ‘बिसी बेले भात’ कैसे बना घर-घर की पहचान? इसके नाम का मतलब भी है खास

0


दक्षिण भारतीय खाने की बात हो और इडली, डोसा, सांभर का जिक्र न हो, ऐसा मुश्किल है. लेकिन कर्नाटक की पारंपरिक रसोई में एक ऐसी डिश भी है, जो अपने अनोखे स्वाद और खुशबू के लिए खास पहचान रखती है. इसका नाम है बिसी बेले भात. चावल, दाल, सब्जियों और मसालों से तैयार होने वाली यह डिश देखने में साधारण लग सकती है, लेकिन इसका स्वाद कई परतों वाला होता है. खास बात यह है कि इसे एक ही बर्तन में तैयार करके पौष्टिक और भरपेट भोजन बनाया जा सकता है.

क्या होता है बिसी बेले भात?

बिसी बेले भात मूल रूप से चावल और दाल से तैयार होने वाला एक पारंपरिक कर्नाटक व्यंजन है. इसमें आमतौर पर तूर दाल, चावल और अलग-अलग सब्जियों के साथ खास मसाला मिश्रण डाला जाता है. इमली इसे हल्की खटास देती है, जबकि मसालों का मेल डिश को खास खुशबू और स्वाद देता है.

इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका गाढ़ा और मसालेदार टेक्सचर है. इसे आमतौर पर गर्मागर्म परोसा जाता है और ऊपर से घी डालने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

नाम में ही छिपा है इसका मतलब

‘बिसी बेले भात’ नाम कन्नड़ भाषा से आया है. ‘बिसी’ का अर्थ गर्म या गरम, ‘बेले’ का मतलब दाल और ‘भात’ यानी चावल होता है. यानी आसान भाषा में इसका मतलब हुआ गर्म दाल-चावल. हालांकि, यह सामान्य दाल-चावल से काफी अलग होता है, क्योंकि इसमें सब्जियां, इमली और विशेष मसालों का इस्तेमाल किया जाता है.

कैसे बनता है इसका खास मसाला?

बिसी बेले भात के स्वाद में इसके मसालों की अहम भूमिका होती है. पारंपरिक तौर पर इसमें धनिया, सूखी लाल मिर्च, दालचीनी, लौंग, जीरा, मेथी और नारियल जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है. अलग-अलग घरों और क्षेत्रों में मसाले का मिश्रण थोड़ा अलग हो सकता है.

यही वजह है कि कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में तैयार बिसी बेले भात के स्वाद में भी हल्का अंतर देखने को मिलता है.

एक ही डिश में मिल जाता है पूरा खाना

बिसी बेले भात की खासियत सिर्फ इसका स्वाद नहीं है. चावल से कार्बोहाइड्रेट, दाल से प्रोटीन और सब्जियों से कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. यही वजह है कि यह एक भरपेट वन-पॉट मील की तरह भी पसंद किया जाता है. इसे आमतौर पर पापड़, बूंदी, चिप्स या रायते के साथ परोसा जाता है. कई जगहों पर ऊपर से थोड़ा घी डालकर खाने का चलन है.

कर्नाटक की रसोई से देशभर तक पहुंची डिश

आज बिसी बेले भात सिर्फ कर्नाटक के घरों तक सीमित नहीं है. दक्षिण भारतीय रेस्तरां के मेन्यू से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में मिलने वाले पैकेज्ड फूड तक, इसकी लोकप्रियता बढ़ी है. इसकी खासियत यही है कि इसमें साधारण घरेलू सामग्री से मसालेदार, खट्टा और स्वादिष्ट खाना तैयार हो जाता है.



Source link

भोपाल स्टेशन पर दो महीने बाद फिर वही हाल: छत से झरने की तरह गिरा पानी, प्लेटफॉर्म नंबर 4, 5 और 6 का ट्रैक डूबा – Bhopal News


सोमवार को भोपाल रेलवे स्टेशन पर हुई तेज बारिश ने यात्रियों को परेशान कर दिया। प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर शेड से पानी झरने की तरह गिरता दिखा, जबकि प्लेटफॉर्म 4, 5 और 6 के ट्रैक पानी से भर गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पानी पाइप और शेड से जोरदार धारा में

.

रेलवे ट्रैक भी डूबा

प्लेटफॉर्म 4, 5 और 6 के ट्रैक भी डूबे

फोटो में शेड और पाइप से पानी जोरदार धार में बह रहा है। प्लेटफॉर्म 4, 5 और 6 के ट्रैक भी पानी से भर गए। स्टेशन पर मौजूद यात्रियों ने कहा कि आवाजाही मुश्किल हो गई और कई लोग फिसलने से बचते नजर आए। गौरतलब है कि करीब दो महीने पहले भी भोपाल रेलवे स्टेशन पर ठीक ऐसी ही स्थिति बनी थी।

तब भी छत से पानी झरने की तरह गिर रहा था और प्लेटफॉर्म 1, 2 तथा 5 प्रभावित हुए थे। तब भी यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर शिकायत की थी।

ड्रेनेज होल अवरुद्ध होने से पानी जमा हुआ

भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों के अनुसार, तेज बारिश के दौरान प्लेटफॉर्म शेड पर जमा पानी की निकासी के लिए बनाए गए ड्रेनेज होल अवरुद्ध हो गए थे। इससे पानी ऊपर जमा होने लगा और अचानक एक साथ प्लेटफॉर्म पर गिरने लगा। यही कारण आज दोबारा सामने आया। घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन प्रबंधन ने इंजीनियरिंग टीम को तुरंत मौके पर भेजा। टीम ने अवरुद्ध निकासी मार्गों की सफाई शुरू कर दी। अधिकारियों का दावा है कि मरम्मत के बाद पानी का रिसाव नियंत्रित कर लिया गया।

मानसून में बार-बार दोहराई जा रही समस्या

यात्रियों का कहना है कि मानसून के दौरान स्टेशन की छत और ड्रेनेज सिस्टम का रखरखाव पर्याप्त नहीं है। दो महीने पहले और करीब दो साल पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है। बार-बार दोहराई जा रही इस समस्या पर रेलवे प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की जा रही है।

छत से इस तरह बरसा पानी।

छत से इस तरह बरसा पानी।

प्लेटफॉर्म 1 की स्थिति, यहां यात्री बैठते हैं।

प्लेटफॉर्म 1 की स्थिति, यहां यात्री बैठते हैं।

दो महीने पहले भी प्लेटफॉर्म 1 पर बनी थी यही स्थिति।

दो महीने पहले भी प्लेटफॉर्म 1 पर बनी थी यही स्थिति।

ये खबर भी पढ़ें…

रेलवे स्टेशन की छत से झरने की तरह बहा पानी, यात्री होते रहे परेशान राजधानी भोपाल में हुई तेज बारिश का असर शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिला। बारिश के दौरान भोपाल रेलवे स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म की छत से बड़ी मात्रा में पानी रिसने लगा। स्थिति ऐसी बनी कि छत से पानी झरने की तरह लगातार गिरता रहा और प्लेटफॉर्म पर पानी भरने लगा। इस दौरान यात्रियों को सामान के साथ आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा।पढ़ें पूरी खबर



Source link

बेतिया में पार्षद पुत्र ने एसपी को दिया आवेदन: काली धाम भूखंड विवाद में सीसीटीवी जांच की मांग,कहा-‘दोषियों पर कार्रवाई हो’ – Bettiah (West Champaran) News




बेतिया नगर निगम क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक काली धाम मंदिर के समीप भूखंड पर पार्क निर्माण को लेकर हुआ विवाद अब पुलिस अधीक्षक तक पहुंच गया है। वार्ड पार्षद के पुत्र आजाद अहमद ने बेतिया के पुलिस अधीक्षक कुमार गौतम को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अपने आवेदन में आजाद अहमद ने घटना से जुड़े तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से नगर निगम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच पर जोर दिया है। आजाद अहमद के अनुसार, घटना के दौरान कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कई महत्वपूर्ण तथ्य रिकॉर्ड हुए होंगे। उन्होंने रिकॉर्डिंग को डिलीट होने या सुरक्षित अवधि समाप्त होने से पहले जांच कराने की आवश्यकता बताई है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आ सके। यह विवाद काली धाम मंदिर से जुड़े भूखंड पर पार्क निर्माण के प्रस्ताव को लेकर उत्पन्न हुआ था। स्थानीय लोगों और पूजा समिति ने इस प्रस्ताव का विरोध किया था। इसी मुद्दे पर 19 अगस्त को नगर निगम कार्यालय में हुई बैठक के दौरान विवाद की स्थिति बन गई थी। आजाद अहमद ने पुलिस अधीक्षक से सभी उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने दोहराया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकती है। अब इस आवेदन पर पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।



Source link

फोन चलाते हुए बीत जाते हैं घंटों? 10 तरीकों से बनाएं दूरी, डिजिटल डिटॉक्स के लिए बेहतरीन


आज के समय में खुद को फोन से दूर रख पाना बहुत ज्यादा मुश्किल है। ज्यादातर लोग एक बार फोन चलाना शुरू करते हैं तो घंटो बीता देते हैं। अगर आपकी भी यही आदत है और आप इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो यहां बताए 10 तरीकों को अपनाएं।

लोग रात को सोने से पहले और सुबह उठते ही सबसे पहले अपना फोन चेक करते हैं। आजकल फोन का इस्तेमाल कॉल पर बात करने से ज्यादा सोशल मीडिया एप्स का इस्तेमाल करने के लिए किया जा रहा है। लेकिन अक्सर कुछ लोग फोन पर वीडियो देखते हैं और स्क्रीन स्क्रॉल करते हुए घंटों बिता देते हैं। कई बार लोग एक मैसेज पढ़ने के लिए फोन उठाते हैं और इसी में कब घंटेभर की खपत हो जाती है पता ही नहीं चलता। जरूरत से ज्यादा फोन चलाने से चिंता,स्ट्रेस और अकेलापन बढ़ जाता है। बहुत बार लोग इससे दूरी बनाना चाहते हैं लेकिन फिर भी खुद को इससे दूर नहीं कर पाते हैं। ऐसे में हम आपको 1ौ0 तरीके बता रहे हैं जो आपको फोन से दूर रहने में मदद कर सकते हैं। जानिए क्या हैं फोन को खुद से दूर रखने के तरीके।

1) बिना फोन के टहलने जाएं। अगर आप खुद को फोन से दूर रखने की सोच रहे हैं तो ये तरीका बेस्ट साबित हो सकता है। शुरुआत में ये मुश्किल लग सकता है लेकिन जब रोजाना ऐसा करेंगे तो आदत हो जाएगी।

2) डिजिटल जमाने में लोग कहानियां भी फोन पर पढ़ना पसंद करते हैं। लेकिन फोने से दूरी बनाने के लिए अपनी पसंद कि किसी भी किताब के 10 पन्ने पढ़ें।

3) किसी कैफे में अकेले बैठें और लोगों को देखना फोने से दूरी बनाने के लिए बेहतरीन साबित हो सकता है।

4) कुकिंग करने से भी आपको मदद मिल सकती है। आप कुछ ऐसा खाना बनाएं जो आपने पहले कभी न बनाया हो। इसके लिए पहले से ही रेसिपी को अपनी डायरी में लिख लें।

5) कुछ नया सीखने से भी फायदा हो सकता है। डिजिटल डिटॉक्स के लिए कुछ नया काम सीखें। ये आपकी पसंद से जुड़ा हो सकता है।

6) ब्रेकफास्ट या लंच करने के लिए बाहर जाएं। दरअसल ज्यादातर लोग बोरियत होने पर फोन चलाते हैं। जब आप खाने के लिए बाहर जाएंगे तो फोन से खुद को दूर कर सकेंगे।

7) नई जगहों पर घूमने के लिए जाएं। आप जहां रहते हैं वहां पर ही किसी ऐसी जगह पर जाएं जहां पहले कभी ना गए हों।

8) कोई भाषा सीखना शुरू करें। किसी नई भाषा को सीखना आपके लिए कई तरह से फायदेमंद साबित होगा।

9) सभी चीजों को लिखें। फोन से दूरी बनाए रखने के लिए लिखने की आदत बनाएं। आप हर उस चीज को लिखें जिन्हें आप टालते रहे हैं।

10) किसी ऐसे दोस्त को मिलें जिससे आपने महीनों से बात नहीं की है। पुराने दोस्तों से बात मिलना हमेशा मजेदार साबित होता है। पुरानी यादों को ताजा करके आपका मन खुश हो जाएगा और कुछ समय के लिए आप फोन से दूरी भी बना पाएंगे।



Source link

Poco F9 Ultra की आ गई लॉन्च डेट, मिलेगी 8050mAh की तगड़ी बैटरी


Poco ने आधिकारिक तौर पर अपनी अगली F9 सीरीज की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। चीनी ब्रांड की यह अपकमिंग स्मार्टफोन सीरीज 1 सितंबर को ग्लोबली लॉन्च की जाएगी। इस सीरीज में कंपनी अपने प्रीमियम Poco F9 Ultra के अलावा Poco F9 Pro भी पेश करने वाली है। यह सीरीज 8050mAh की तगड़ी बैटरी के साथ पेश की जा सकती है। वहीं, कंपनी Poco X8 Pro सीरीज भी जल्द ग्लोबली पेश करेगी।

Poco Global ने आधिकारिक X हैंडल से फोन की लॉन्च डेट कंफर्म की है। पोको की इस नई सीरीज का लॉन्च इवेंट 1 सितंबर को रात 8 बजे GMT+8 बजे आयोजित किया जाएगा। इस सीरीज में Poco F9 Pro और Poco F9 Ultra लॉन्च किए जाएंगे। ये पिछले दिनों चीन में लॉन्च हुए Redmi K100 Pro और Redmi K100 Pro Max के रीब्रांडेड वर्जन होंगे। इन दोनों फोन में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 फ्लैगशिप चिपसेट दिया जाएगा।

Poco F9 Pro और Poco F9 Ultra के फीचर्स (संभावित)

चीनी कंपनी के ये दोनों फोन एक जैसे डिजाइन के साथ पेश किए जाएंगे। इस सीरीज के Poco F9 Pro में 6.59 इंच का QHD+ OLED डिस्प्ले पैनल मिल सकता है। फोन का डिस्प्ले 185Hz रिफ्रेश रेट तक सपोर्ट करेगा। वहीं, Poco F9 Ultra में 6.85 इंच का डिस्प्ले मिलेगा, जिसका रेजलूशन 2608 x 1200 पिक्सल हो सकता है।

पोको के ये दोनों फ्लैगशिप फोन Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट के साथ लॉन्च किए जा सकते हैं। इनमें 16GB रैम और 512GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिल सकता है। इस सीरीज के प्रो मॉडल में 6,330mAh की बैटरी दी जा सकती है। वहीं, इसका अल्ट्रा मॉडल 8,050mAh की बैटरी के साथ आ सकता है। दोनों ही फोन 100W के वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर को सपोर्ट कर सकते हैं।

कैमरे की बात करें तो प्रो मॉडल में 50MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 8MP का अल्ट्रा वाइड और 50MP का 3x जूम वाला टेलीफोटो कैमरा मिल सकता है। वहीं, अल्ट्रा मॉजल में 50MP का 5x जूम वाला टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। इन दोनों फोन में 32MP का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। ये दोनों ही फोन IP69 रेटेड होंगे, जिसकी वजह से पानी में डूबने पर ये खराब नहीं होंगे।

कितनी होगी कीमत?

Poco F9 Pro को 12GB RAM + 256GB स्टोरेज में पेश किया जा सकता है। इस फोन की कीमत 799 यूरो यानी लगभग 80,000 रुपये हो सकती है। वहीं, Poco F9 Ultra को 16GB RAM + 512GB स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया जा सकता है। इसकी कीमत 999 यूरो यानी लगभग 1,05,000 रुपये हो सकती है।

यह भी पढ़ें – सितंबर से भारत में महंगे हो जाएंगे iPhone? 10,000 रुपये तक बढ़ सकती है कीमत





Source link

रूसी राष्ट्रपति पुतिन सितंबर में भारत आ सकते हैं: बोले- मोदी से मुलाकात जल्द; जयशंकर ने रूस पहुंचकर ब्रिक्स का न्योता दिया




रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में शामिल हो सकते हैं। मॉस्को में सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जल्द मुलाकात की उम्मीद जताई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के रिश्तों और आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा की। जयशंकर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। वह रूस के अपने दो दिन के दौरे पर हैं। जयशंकर ने पुतिन से कहा कि पीएम मोदी BRICS समिट के लिए पुतिन का भारत में स्वागत करेंगे। दोनों नेताओं की सालाना बैठक भी जल्द होगी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी किर्गिजस्तान में होने वाली SCO समिट में उनसे मिलने का इंतजार कर रहे हैं। पुतिन बोले- दोनो देशों के बीच इस साल कारोबार बढ़ा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि इस साल रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते बने हुए हैं। दोनों देश व्यावहारिक तौर पर लगभग सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस साल हमारा कारोबार बढ़ा है। पिछले साल इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है। जयशंकर रूसी उपप्रधानमंत्री से भी मिले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर भी बात हुई। भारत और रूस कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जयशंकर ने मंटुरोव के साथ बातचीत में कहा कि भारत-रूस साझेदारी ने लगातार बदलती परिस्थितियों के मुताबिक खुद को मजबूत और बेहतर तरीके से ढाला है। उन्होंने कहा कि दुनिया में मुश्किल हालात के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते लगातार गहरे हुए हैं। यह दोनों देशों के बीच आपसी हित और भरोसे को दिखाता है। 2022 से भारत-रूस व्यापार बढ़ा रूस और भारत के बीच कारोबार 2022 के बाद तेजी से बढ़ा है, जिसकी बड़ी वजह भारत का रूस से कच्चे तेल का आयात बढ़ना है। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह कारोबार पिछले साल के रिकॉर्ड स्तर से करीब 13% घटा था। भारत ने जुलाई में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जुलाई 2026 में रूस से रिकॉर्ड 24.7 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 50.83% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। जुलाई 2025 के मुकाबले जुलाई 2026 में रूस से भारत का तेल आयात 62.4% बढ़ा। हालांकि, जून 2026 में हुए रिकॉर्ड 26 लाख बैरल प्रतिदिन के मुकाबले जुलाई में तेल आयात 4.8% कम रहा। —————– यह खबर भी पढ़ें… यूक्रेन को सीक्रेट मिसाइल तकनीक देगा ब्रिटेन:कीव में बनेगी लंबी दूरी की SCALP मिसाइल; रूस में अंदर तक हमला करने में सक्षम रूस के खिलाफ जंग में मदद के लिए ब्रिटेन यूक्रेन को अपनी सीक्रेट मिसाइल तकनीक देगा। इससे कीव में ही लंबी दूरी की SCALP क्रूज मिसाइल बनाने का रास्ता साफ होगा। ब्रिटेन में इस मिसाइल को स्टॉर्म शैडो कहा जाता है। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

चिदंबरम ने वन नेशन वन इलेक्शन को असंवैधानिक बताया: समिति से बोले- मेरा जमीर इसके समर्थन की गवाही नहीं देता


नई दिल्ली21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने संसद की संयुक्त समिति के सामने इसे “राक्षसी” और “असंवैधानिक” पहल बताया।

पूर्व गृह और वित्त मंत्री ने कहा, ‘एक देश, एक चुनाव के तहत पूरे देश में चुनाव कराने का प्रस्ताव “बिना सोचे-समझे” किया गया काम है। मेरा जमीर इन विधेयकों का समर्थन करने की इजाजत नहीं देता।’

PTI सूत्रों के मुताबिक, चिदंबरम ने यह राय संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 पर समिति के सामने रखी।

चिदंबरम ने विधेयकों को असंवैधानिक बताया

कांग्रेस नेता चिंदबरम ने कहा, ‘एक साथ चुनाव कराने से जुड़े दोनों विधेयक असंवैधानिक हैं। हर विधानसभा और संसद का कार्यकाल पांच साल के लिए होता है, इसलिए उसका कार्यकाल घटाना संविधान के मूल ढांचे का सीधा उल्लंघन है।

तृणमूल कांग्रेस की समिति सदस्य सागरिका घोष ने भी विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव आयोग को बेलगाम अधिकार मिल जाएंगे।

पद्म पुरस्कार पाने वालों की राय बटी

भाजपा सदस्य पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली समिति के सामने करीब 10 पद्म पुरस्कार पाने वाले लोग भी अलग से पेश हुए। इनमें तरलोचन सिंह, नवीन खन्ना, मीनाक्षी जैन और नीरू कुमार शामिल थे।

इनमें से कुछ पद्म पुरस्कार पाने वालों ने एक साथ चुनाव कराने की पहल का समर्थन किया। वहीं, कुछ ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे देश में अराजकता फैल सकती है।

दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश हुए थे विधेयक

दोनों विधेयक दिसंबर 2024 में लोकसभा में पेश किए गए थे। इसके बाद जांच के लिए इन्हें संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा गया। इन विधेयकों को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली हाईलेवल कमेटी की सिफारिश के बाद तैयार किया गया था।

समिति ने लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव चरणबद्ध तरीके से एक साथ कराने की सिफारिश की थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कोविंद की अध्यक्षता वाली इस हाईलेवल कमेटी के सदस्य थे।

1951 से 1967 तक चुनाव एक साथ हुए

संविधान लागू होने के बाद 1951 से 1967 तक लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए गए थे। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के पहले आम चुनाव 1951-52 में एक साथ हुए थे।

इसके बाद 1957, 1962 और 1967 के तीन लगातार आम चुनाव भी इसी व्यवस्था के तहत कराए गए। हालांकि, 1968 और 1969 में कुछ राज्य विधानसभाएं समय से पहले भंग हो गईं, जिसके चलते एक साथ चुनाव कराने का चक्र टूट गया।

चौथी लोकसभा भी 1970 में समय से पहले भंग कर दी गई थी। इसके बाद 1971 में नए चुनाव कराए गए। पहली, दूसरी और तीसरी लोकसभा ने अपना पूरा पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था, लेकिन आपातकाल लागू होने के कारण पांचवीं लोकसभा का कार्यकाल अनुच्छेद 352 के तहत 1977 तक बढ़ा दिया गया था।

इसके बाद केवल कुछ लोकसभाएं ही पूरे पांच साल चलीं। इनमें आठवीं, दसवीं, चौदहवीं और पंद्रहवीं लोकसभा शामिल हैं। छठी, सातवीं, नौवीं, 11वीं, 12वीं और 13वीं लोकसभा को समय से पहले भंग कर दिया गया था।

राज्य विधानसभाओं को भी पिछले वर्षों में इसी तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। समय से पहले विधानसभा भंग होने और कार्यकाल बढ़ने की घटनाएं बार-बार सामने आती रही हैं।

इन घटनाओं से एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था पूरी तरह टूट गई और देश में चुनावों का मौजूदा सिस्टम बन गया।

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में पैनल का गठन

‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ पर विचार करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में 2 सितंबर 2023 को एक पैनल का गठन किया गया था। इस पैनल ने हितधारकों-विशेषज्ञों के साथ चर्चा और 191 दिनों के शोध के बाद 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

———-

ये खबर भी पढ़ें…

पी चिदंबरम ने कहा था- मुझे दिमागी नक्सल होने पर गर्व, रिजिजू बोले- पीएम ने विपक्ष को नहीं कहा

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी पर विपक्षी दलों की आलोचना का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पीएम ने विपक्षी नेताओं को दिमागी नक्सल नहीं कहा था। रिजिजू ने पोस्ट में लिखा कि दिमागी नक्सल उन लोगों को कहा गया है, जो माओवादियों के समर्थक है, भारतीय संविधान को नहीं मानते, और अनुच्छेद 370 का समर्थन करते हैं।

इससे पहले कांग्रेस के सीनियर लीडर पी. चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “मुझे दिमागी नक्सली होने पर गर्व है।” पढ़ें पूरी खबर…



Source link

कोटपूतली सीताराम मंदिर में जन्माष्टमी तैयारी बैठक: पर्व को भव्य बनाने के लिए युवा कमेटी गठित, झांकी में चुनावी बैनर नहीं लगाने का फैसला – Kotputli-Behror News




कोटपूतली के सीताराम बड़ा मंदिर ट्रस्ट प्रांगण में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। ट्रस्ट के अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने और मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले झांकी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में मंदिर परिसर में रंग-रोगन और साफ-सफाई करवाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर के बगीचे में पेड़-पौधों को व्यवस्थित करने तथा जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर भगवान की पोशाक एवं सजावट की आवश्यक सामग्री खरीदने पर भी सहमति बनी। झांकी में नहीं लगेंगे चुनावी बैनर
झांकी कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में चुनावी बैनर नहीं लगाने का फैसला किया गया। हालांकि, निर्धारित शुल्क के साथ कंपनी प्रमोशन के विज्ञापन बैनर लगाने की अनुमति दी गई, लेकिन इन्हें स्वागत द्वार पर नहीं लगाने का निर्णय लिया गया। जन्माष्टमी पर्व के आयोजन को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए एक युवा कमेटी का गठन किया गया। इस युवा कमेटी की जिम्मेदारी अमरजीत सिंह शेखावत की देखरेख में रहेगी। व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा
इसके अलावा, कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर परिसर में आवश्यक सामग्री निर्धारित रूप से लाने और उससे संबंधित खर्च स्वयं वहन करने पर भी सहमति बनी। बैठक में जन्माष्टमी आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा, धर्मेंद्र शर्मा, अमित यादव, मनीष यादव, घनश्याम अथोनिया, अनिल सिंघल, सुरेश सिंघल, मुकेश शर्मा, प्रदीप अग्रवाल, हनुमान बली, अमरजीत सिंह शेखावत, गौतम, रवि ओमप्रकाश सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।



Source link