भीलवाड़ा में एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर से फिरौती मांगने की घटना में शामिल 15 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि थाना क्षेत्र में प्राइवेट अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर ने एक रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि उसे अलग-अलग नंबरों से वॉट्सऐप पर मैसेज और ऑडियो मैसेज कर बदनाम करने की धमकी देकर 90 लाख रुपए मांगे जा रहे हैं और रुपए नहीं देने के एवज में वीडियो वायरल कर समाज में इज्जत खराब करने की धमकी दी जा रही है। 15 हजार का इनाम घोषित
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच शुरू की गई। मामले में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सिकंदर उर्फ लॉटरी को छिपाने और उसकी मदद करने के आरोपी सत्तू माली पर 15 हजार का इनाम घोषित किया था। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए 6 महीने से फरार था। साइबर टीम की सहायता से पकड़ा
पुलिस ने साइबर टीम की सहायता से इनामी बदमाश सत्तू को गिरफ्तार किया। आरोपी सत्तू (25) पुत्र भेरुलाल के खिलाफ भीलवाड़ा, धरियावद और प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में 9 मामले दर्ज हैं।
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प्राइवेट हॉस्पिटल के मालिक को धमकाने वाला गिरफ्तार: 6 महीने से फरार था इनामी बदमाश, 9 थानों में दर्ज हैं मामले – Bhilwara News
7 साल में बनीं 3 फिल्में, तीनों रहीं सुपरहिट, तीसरी की रीमेक ने की बंपर कमाई
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प्यार एक खूबसूरत अहसास है. इस अहसास को सिर्फ महसूस किया जा सकता है. निश्चल प्रेम तो और ज्यादा भावनात्मक होता है. दिल में लगाव पैदा करता है. इसे पर्दे पर उतारना आसान नहीं होता है. बॉलीवुड में निश्चिल प्रेम को आधार बनाकर कई फिल्में बनाई गई हैं. 7 साल के अंतराल में ऐसी ही तीन फिल्में बनाई गईं. तीनों फिल्मों में लीड हीरो सेम था. तीनों फिल्मों की कहानी दर्शकों के दिल में समा गई. तीनों ही फिल्में सुपरहिट रहीं. तीसरी फिल्म का रीमेक ने तो कमाई के रिकॉर्ड ही तोड़ दिए थे. यह हिंदी सिनेमा की पहली 100 करोड़ कमाने वाली फिल्म थी.
साफ-सुथरी फिल्मों का अपना एक अलग ही मजा है. हर फैमिली मैन की चाहत होती है कि वह पूरे परिवार के साथ फिल्म देखे. अब बॉलीवुड में ऐसी फिल्में कम ही बनती हैं जिन्हें पूरे परिवार के साथ देखा जा सके. एक दौर ऐसा भी था जब कुछ प्रोडक्शन हाउस साफ-सुथरी फिल्मों के जरिये ही लोगों का मनोरंजन करते थे. इन फिल्मों से खूब पैसे भी कमाते थे. ऐसे ही एक प्रोडक्शन हाउस का नाम है राजश्री प्रोडक्शन. राजश्री प्रोडक्शन ने 7 साल की अंतराल में तीन ऐसी फिल्में बनाई जो हर दिल में बस गई. तीनों ही फिल्में सुपर डुपर हिट साबित हुई. इन फिल्मों का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. तीसरी फिल्म के रीमेक ने तो कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए थे. फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

राजश्री प्रोडक्शन साफ-सुथरी फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है. आज भी परंपरा कायम है. पारिवरिक मूल्य, निश्चल प्रेम- संवेदना पर आधारित कहानियों का सिलेक्शन करके दिल छू लेने वाली फिल्में बनाईं. 1975 का साल ‘शोले’ और ‘दीवार’ जैसी सार्वकालिक फिल्म के लिए जाना जाता है. इसी साल और भी कई फिल्में आईं और हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुईं. इसी साल राजश्री प्रोडक्शन की एक फिल्म ‘गीत गाता चल’ भी आई थी. फिल्म 16 अक्टूबर 1975 को रिलीज हुई थी. रविंद्र नाथ टैगोर की ‘अतिथि’ कहानी से इंस्पायर्ड थी. डायरेक्शन हिरेन नाग ने किया था. प्रोड्यूसर ताराचंद बड़जात्या थे.

सचिन पिलगांवकर-सारिका लीड रोल में थे. इसके अलावा उर्मिला भट्ट, मदन पुरी, पद्मा खन्ना अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म की सफलता में इसके म्यूजिक का बहुत योगदान था. म्यूजिक रविंद्र जैन ने कंपोज किया था. उन्होंने ही फिल्म के गाने लिखे थे. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘गीत गाता चल, ओ साथी गुनगुनाता चल’ जसपाल सिंह ने गाया था. फिल्म का एक और सुपरहिट गाना ‘श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम’ जसपाल सिंह-आरती मुखर्जी की आवाज में था. गाना आज भी उतना ही सुपरहिट था. फिल्म में चौपाइयां भी थीं. सचिन पिलगांवकर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली ही मुलाकात में उनकी दोस्ती ताराचंद बड़जात्या के बेटे राजकुमार बड़जात्या से हुई थी. फिल्म जब बनकर तैयार हुई तो सिर्फ एक सिनेमाहाउस में लगाई गई थी. सबको लग रहा था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. तीन दिन तक फिल्म देखने के लिए कोई नहीं आया और चौथे दिन से फिल्म हाउसफुल होने लगी और सुपरहिट निकली.
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‘गीत गाता चल’ की प्रेस पार्टी आयोजित होने थी. सचिन पिलगांव घर से निकले. उनके पास टाइम था. इसी बीच उन्होंने एक इंग्लिश फिल्म ‘लव स्टोरी’ देखी. फिल्म एरिक सहगल के 1970 के नॉवेल पर बेस्ड थी. फिल्म देखने के बाद सचिन ‘गीता गाता चल’ की प्रेस पार्टी में पहुंचे और राज कुमार बड़जात्या को फिल्म के बारे में बताया. सचिन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने राजकुमार बड़जात्या को ‘लव स्टोरी’ फिल्म की कहानी सुनाई. बताया कि यह एक रोमांटिक फिल्म है जिसमें लड़की की मौत हो जाती है.’ कहानी सुनकर वो बहुत इंप्रेस हुए और अगली फिल्म बनाने पर विचार करने लगे. ‘गीता गाता चल’ की पूरी टीम के साथ फिल्म बनाई गई. सारिका इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाई क्योंकि उनके पास डेट्स नहीं थे. ऐसे में रंजीता कौर को फिल्म में लिया गया. यह फिल्म थी ‘अंखियों के झरोखों से’ जो कि 7 अप्रैल 1978 को रिलीज हुई थी.

‘अंखियों के झरोखों से’ फिल्म का टाइटल गाना कंपोज होने के बाद में तय हुआ. फिल्म की कहानी मधुसूदन कालेलकर ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले हिरेन नाग और मधुसूदन कालेलकर ने लिखा था. डायलॉग वृजेंद्र गौड़ ने लिखे थे. यह भी दिलचस्प है कि मधुसूदन कालेलकर की दोस्ती सचिन के पिता से थी. गीत-संगीत रविंद्र जैन का था. इस फिल्म की सफलता में इसके गीत-संगीत का बहुत बड़ा रोल रहा. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘अंखियों के झरोंखे से’ हेमलता ने गाया था. गाना दिल को छू जाता है. 26वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में फिल्म को 5 नॉमिनेशन मिले थे.फिल्म बहुत कामयाब थी. 48 लाख के बजट में बनी इस मूवी ने 1.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

‘अंखियों के झरोखों से’ की अपार सफलता के बाद राज कुमार बड़जात्या पर उनके भाइयों ने मिथुन चक्रवर्ती-रंजीता कौर के साथ फिल्म बनाने का दबाव डाला. परिवार के दबाव के आगे राजकुमार झुक गए. उन्होंने ‘सुन सजना’ नाम से एक फिल्म बनाई. ‘सुन सजना’ 8 अगस्त 1982 को रिलीज हुई और डिजास्टर साबित हुई. इसी दौरान उन्होंने सचिन पिलगांवकर-साधना सिंह के साथ एक और फिल्म ‘नदिया के पार’ बनाई. यह फिल्म केशव प्रसाद मिश्रा के मशहूर नॉवेल ‘कोहबर की शर्त’ पर बेस्ड थी. पूरे एक माह जौनपुर की केराकत तहसील के विजयीपुर गांव में हुई थी. उपन्यास की सिर्फ आधी कहानी पर फिल्म बनी. कहानी चंदन (सचिन) और गुंजा (साधना सिंह) की लव स्टोरी पर थी.

‘नदिया के पार’ 10 अक्टूबर 1982 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन गोविंद मूनिस ने किया था. फिल्म का म्यूजिक रविंद्र जैन ने ही कंपोज किया था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. सभी गाने रविंद्र जैन ने ही लिखे थे. गानों में फॉक सॉन्ग का टच था. फिल्म का कलेवर भी भोजपुरी था. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म का कुल बजट लगभग ₹18 लाख था. सादगी भरी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डवाइड करीब ₹5.4 करोड़ का कुल कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

राजकुमार बड़जात्या के बेटे सूरज बड़जात्या 1989 में अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ की डबिंग तेलुगू भाषा में करवा रहे थे. यह काम चेन्नई के एक स्टूडियो में हो रहा था. वहीं पर राजकुमार बड़जात्या भी मौजूद थे. उन्होंने कागज पर प्यार से तीन शब्द लिखे और सूरज की ओर से कागज बढ़ा दिया. कागज पर अगली फिल्म को बनाने का सुझाव लिखा हुआ था. पिता की आज्ञा मानकर उन्होंने फिल्म बनाने का फैसला किया. दरअसल राजकुमार ने ‘नदिया के पार’ का रीमेक बनाने का सुझाव दिया था. साथ ही चेतावनी दी थी कि पूरी फिल्म में हीरो-हीरोइन का कोई रोमांटिक सीन नहीं होगा. यानी एकदूसरे के पास नहीं आएंगे. ऐसे में सूरज बड़जात्या को पूरे ढाई साल तक स्क्रिप्ट लिखने में लगे. फिर ‘हम आपके हैं कौन’ फिल्म बनाई जो कि ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर निकली. यह हिंदी सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म है जिसने 100 करोड़ का बिजनेस किया.

‘हम आपके हैं कौन’ 5 अगस्त 1994 को रिलीज हुई थी. सलमान खान, माधुरी दीक्षित, रेणुका शहाणे, अनुपम खेर, मोहनीश बहल, आलोक नाथ, रीमा लागू, बिंदु, सतीश शाह, दिलीप जोशी, लक्ष्मीकांत बेर्डे जैसे सितारे फिल्म में नजर आए थे. म्यूजिक राम-लक्ष्मण ने दिया था. राजश्री की अन्य फिल्मों की तरह इस फिल्म का म्यूजिक भी सुपर-डुपर हिट था. फिल्म में 71 मिनट की लंबाई के कुल 14 गाने रखे गए थे. स्क्रीनिंग देखकर कई डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा था कि यह फिल्म नहीं चलेगी. यह फिल्म नहीं बल्कि वेडिंग एल्बम है. जब मूवी रिलीज हुई इतिहास ही रह दिया. फिल्म को 4 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले. बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड माधुरी दीक्षित को मिला था. करीब 6 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने 128 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
पति की मौत के बाद भीख मांगने की आई नौबत, फिर कैसे बदली मुनक्का देवी की किस्मत?
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Bahraich News: स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कई महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं. उन्हीं में से एक हैं मुनक्का देवी, जिनके पति की मौत हो गई थी. इसके बाद उनकी हालत भीख मांगने जैसी हो गई थी. लेकिन स्वयं सहायता समूह के हाथ थामते ही उनकी जिंदहगी बदल गई.
बहराइच: जिले के छोटे से गांव की रहने वाली महिला मुनक्का देवी पर पति की मौत के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. परेशानियां इस कदर बढ़ीं कि पेट भरने के लिए भीख मांगनी पड़ी. जिंदगी बहुत मुश्किल से कट रही थी, तब जिंदगी में भगवान का दूत बनकर आईं समूह की दीदी. आज मुनक्का देवी आराम से जिंदगी काट रही हैं. गाय के गोबर और गोमूत्र से वो जैविक खाद बनाकर कमाई कर रही हैं.
समूह से जुड़ने के बाद दूर हुई परेशानी
सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आज उन महिलाओं के लिए सहारा बन रही है, जिनकी कमाई का जरिया हर तरफ से बंद हो गया है या फिर वो काम-धाम को लेकर परेशान रहती हैं. आज इस योजना से जुड़कर तमाम ऐसी महिलाएं हैं, जो आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हैं. इन्हीं में से एक महिला बहराइच जिले के निबिया बेगमपुर गांव की मुनक्का देवी हैं, जो नम आंखों से अपनी पूरी दास्तान बताते हुए नहीं थक रही हैं.
समूह से जुड़कर शुरू किया बिजनेस
मुनक्का देवी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर इन दिनों जैविक खाद और जैविक काढ़ा बनाने का काम कर रही हैं. अब धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई है और आज मुनक्का देवी पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और वह अपने घर-परिवार का खर्चा बड़े आराम से चला रही हैं. अब गांव में लोग मुनक्का देवी को देखकर सीख ले रहे हैं. आज मुनक्का देवी से हजारों किसान जुड़कर उन्नत खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं.
किसानों की भूमि बन रही उपजाऊ
मृदा संजीवनी जैविक खाद फसलों में ग्रोथ के लिए जैविक काढ़ा लेकर किसान भाई अपनी आय को दोगुना और फसलों पर लगने वाले खर्च को सीधे तौर पर कम कर रही हैं. इससे न सिर्फ किसानों का फायदा हो रहा है, बल्कि किसानों के साथ-साथ किसानों की भूमि भी उपजाऊ बन रही है. लंबे समय तक पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल करने से ना सिर्फ फसलों को नुकसान होता है, बल्कि धीरे-धीरे किसान का खेत भी बंजर हो जाता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
‘काला हिरण’ फिल्म का टीजर रिलीज होते ही दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान
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बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अब फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ का टीजर रिलीज होते ही मेकर्स के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सलमान खान ने फिल्म के निर्माण, प्रचार, रिलीज और स्ट्रीमिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. सलमान का आरोप है कि यह फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है और इससे उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.
‘काला हिरण’ का निर्माण अमित जानी कर रहे हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपनी ‘पर्सनालिटी राइट्स’ यानी व्यक्तित्व अधिकारों और अपनी इमेज की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कानूनी कदम उठाया है. फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ का टीजर रिलीज होते ही सलमान खान ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अपकमिंग फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ के निर्माण, प्रमोशन और रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. एक्टर का आरोप है कि यह फिल्म उनके 1998 के बहुचर्चित काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है.
दिल्ली HC में दायर याचिका में सलमान ने क्या कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में सलमान खान ने दावा किया है कि फिल्म के निर्माताओं ने उनके जैसे दिखने वाले कलाकार का इस्तेमाल किया है और उसे उनकी पहचान से जुड़ी चीजें, जैसे कि उनका मशहूर ब्रेसलेट, पहनाया गया है. याचिका के मुताबिक, मेकर्स अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए सीधे तौर पर सलमान खान के नाम और उनकी छवि का सहारा ले रहे हैं, जो उनके पब्लिसिटी और पर्सनालिटी राइट्स का सीधा उल्लंघन है.
अदालती कार्यवाही पर पड़ेगा असर
सलमान खान ने अपनी याचिका में कहा है कि फिल्म की रिलीज उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को प्रभावित कर सकती है और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है. इसी आधार पर उन्होंने फिल्म के निर्माण, प्रचार, रिलीज, स्ट्रीमिंग और उससे जुड़े सभी प्रचार सामग्री पर रोक लगाने की मांग की है. मामले पर जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है.
पहले भी ‘काला हिरण’ मेकर्स को नोटिस भेज चुके हैं सलमान
इससे पहले भी सलमान खान फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेज चुके हैं. नोटिस में उन्होंने फिल्म के विकास और प्रचार को तुरंत रोकने की मांग की थी. नोटिस में कहा गया था कि फिल्म उनके काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है और इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है. सलमान की कानूनी टीम ने यह भी तर्क दिया है कि काला हिरण शिकार मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है. ऐसे में इस विषय पर फिल्म बनाना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. नोटिस में यह भी कहा गया कि मामले को सनसनीखेज तरीके से पेश करने से उनके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर पड़ सकता है.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें
डीएम ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों की समीक्षा की: उन्नाव में 21 को परेड ग्राउंड में गूंजेगा योग का संदेश – Unnao News
उन्नाव2 मिनट पहले
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उन्नाव में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने 15 जून से शुरू होने वाले योग सप्ताह और 21 जून को आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए व्यापक जनभागीदारी के साथ भव्य आयोजन के निर्देश दिए।
बैठक में इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “Yoga for Healthy Aging” पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि 15 जून से योग सप्ताह का शुभारंभ होगा, जिसके तहत विभिन्न स्तरों पर योग संबंधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर 21 जून को उन्नाव के परेड ग्राउंड में एक भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में एनसीसी, स्काउट-गाइड, विद्यालयों और महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन भाग लेंगे। उन्होंने सभी योग क्रियाओं का सामूहिक अभ्यास सुनिश्चित करने और कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाने को कहा।
कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए जनपद स्तर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारियों तथा विकासखंड स्तर पर खंड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित किया गया। साथ ही, प्रत्येक ग्राम पंचायत, तहसील और विकासखंड में योग दिवस कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। योग प्रशिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को विद्यालयों में रंगोली, भाषण, निबंध और अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कार्यक्रम स्थलों पर एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। नगर निकायों और संबंधित विभागों को साफ-सफाई, पेयजल, चूना-ब्लीचिंग, मंच, ध्वनि व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि योग सप्ताह और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी अधिकारी की उदासीनता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार गोंड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, परियोजना निदेशक तेजवंत, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक सुनील दत्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
किशनगंज एसपी ने अपराध नियंत्रण पर दिए 21 निर्देश: ANTF गठित, 9 पुलिसकर्मी सम्मानित; मुहर्रम पर सतर्कता के आदेश – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज पुलिस सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी संतोष कुमार ने अपराध नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस दौरान 21 बड़े निर्देश जारी किए गए, एक एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का गठन किया गया और नौ पुलिसकर्मियों को उनके सराहनी
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सराहनीय कार्य के लिए पुलिस उपाधीक्षक,एक निरीक्षक,एक अवर निरीक्षक और एक सहायक अवर निरीक्षक को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त,बेहतर अभियोजन के लिए पांच पीपी-एपीओ को भी सम्मान प्रदान किया गया।
एसपी ने अपराध नियंत्रण-कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कुल 21 बड़े निर्देश दिए। इनमें कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल थे।
नशा-मुक्ति अभियान चलाने का निर्देश
सबसे पहले, हेरोइन,कोकीन,गांजा जैसे नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक ANTF का गठन किया गया। नशा-मुक्ति अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया। थाना स्तर पर बदलाव करते हुए,प्रत्येक थाने में एक क्राइम एसआई,एक तकनीकी एसआई और एक कोर्ट नोडल पदाधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया गया।
अपराधियों की पहचान में तेजी लाने के लिए,पिछले पांच वर्षों में संपत्ति संबंधी अपराधों में गिरफ्तार अपराधियों की पांच एंगल से खींची गई तस्वीरों को थाना एल्बम में रखने का निर्देश दिया गया।
नव-पदस्थापित थानाध्यक्षों को आगंतुकों के साथ शालीन व्यवहार करने और गलत व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
डायल-112 (ERSS) पर आने वाली शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए।
पुलिसकर्मी से हाथ मिला रहे SP।
बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर चलान का निर्देश
रेल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए जीआरपी ठाकुरगंज और किशनगंज थानाध्यक्षों को समन्वय स्थापित कर काम करने को कहा गया। भारत-नेपाल सीमा पर फर्जी प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाकर ठगी करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का भी निर्देश दिया गया।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए निजी वाहनों पर “पुलिस,प्रेस” लिखकर चलने वालों और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
महिला थाना को लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा के लिए “पुलिस दीदी योजना” बनाने का निर्देश दिया गया।
आगामी पर्व-त्योहारों में सतत निगरानी रखने,निरोधात्मक कार्रवाई करने और भूमि विवाद व सांप्रदायिक मामलों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
खरगोन में 300 पुलिसकर्मियों की बलवा मॉकड्रिल: त्योहारों से पहले तैयारी, एसपी ने निपटने के तरीके बताए – Khargone News
संवेदनशील खरगोन के जिला पुलिस लाइन में आगामी मोहर्रम सहित अन्य त्योहारों को देखते हुए शुक्रवार को पुलिस ने बलवा परेड का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) रविंद्र वर्मा के नेतृत्व में जिले के 300 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने बलवा नियंत्रण और मॉकड्रिल का अभ्यास किया। एसपी रविंद्र वर्मा ने पुलिसकर्मियों को दंगे जैसी स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न उपकरणों के प्रयोग का अभ्यास कराया। इसमें बॉडीगार्ड, हेलमेट, एल्बो गार्ड, शील्ड, केन, लाठी, टियर-स्मोक गैस और राइफल जैसे उपकरण शामिल थे। उन्होंने बताया कि यह अभ्यास उपद्रवियों से निपटने की रणनीति बनाने और आकस्मिक चुनौतियों के लिए रिहर्सल के तौर पर किया गया। मॉकड्रिल के दौरान, कुछ पुलिसकर्मी स्वयं बलवाई और दंगाई बने। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और पुलिस पर पथराव भी किया। जवाब में, पुलिसकर्मियों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर करने का अभ्यास किया। इस रिहर्सल में बड़वाह एसडीओपी अर्चना रावत, खरगोन एसडीओपी रोहित लखारे, रक्षित निरीक्षक दीपेंद्र स्वर्णकार और कोतवाली टीआई बीएल मंडलोई सहित जिलेभर के कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे।इसके पहले जनरल परेड का आयोजन किया गया। एसपी ने परेड का निरीक्षण किया। उसके बाद सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याएं बताई। देखें तस्वीरे
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भारतीय सेना को मिले 106 कामिकाजे ड्रोन: 180 किमी की रेंज, 450kmph की रफ्तार; न जैमिंग का असर, न टारगेट से भटकेंगे
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- Indian Army Drone Missiles; Kamikaze Agniveg Features | Defence SMPP Company
10 मिनट पहले
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भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्वदेशी रक्षा कंपनी SMPP ने सेना को 106 टर्बोजेट इंजन से चलने वाले ‘कामिकाजे’ ड्रोन सौंप दिए हैं। इन्हें ‘पीसकीपर (अग्निवेग)’ नाम दिया गया है।
यह ड्रोन 180 किमी की रेंज तक हमला कर सकते हैं। साथ ही 450kmph की रफ्तार पकड़ सकते हैं। यानी इसकी रफ्तार दुनिया में सबसे तेज उड़ने वाले पेरेग्रिन फाल्कन की रफ्तार 320kmph से भी ज्यादा है।
इतना ही नहीं इन पर न जैमिंग का असर होगा, न कोई स्पूफिंग के जरिए इन्हें टारगेट से भटका सकेगा। कंपनी ने कहा है कि उसने 100 ऑपरेशनल और 6 ट्रेनिंग ड्रोन सेना को सौंप दिए हैं।
यह डिलीवरी भारत की स्वदेशी रक्षा निर्माण क्षमता और अनमैन्ड वारफेयर के क्षेत्र में उपलब्धि मानी जा रही है। इन्हें बेलारूसी फर्म केबी इंडेला की मदद से तैयार किया गया है।
कंपनी का दावा है कि यह ड्रोन पूरी तरह स्वायत्त (ऑटोनॉमस) प्रिसिजन स्ट्राइक मिशन अंजाम दे सकता है। यानी लक्ष्य निर्धारित होने के बाद यह बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के मिशन पूरा कर देगा।

कामिकाजे ड्रोन्स क्या हैं…
कामिकाजे ड्रोन ऐसे ड्रोन होते हैं जो लक्ष्य पर हमला करते समय खुद भी नष्ट हो जाते हैं। इन्हें लॉइटरिंग म्यूनिशन भी कहा जाता है। यह नाम सेकेंड वर्ल्ड वार के कामिकाजे अटैक से लिया गया है। जब जापानी पायलट अपने विमानों को दुश्मन के जहाजों से टकराकर आत्मघाती हमला करते थे।
जब किसी ड्रोन लॉन्च किया जाता है, तब वह काफी देर तक हवा में मंडराता है। कैमरे और सेंसर से टारगेट खोजता है। उसके मिलने पर उसकी ओर तेजी से बढ़ता है और टकराते ही विस्फोट कर देता है।
इन ड्रोन्स का फायदा है कि अपेक्षाकृत सस्ते होते हैं। सटीक हमला कर सकते हैं। सैनिकों की जान सीधे खतरे में नहीं डालते। टैंक, रडार, तोप और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।
विस्फोट का दायरा केवल 5 मीटर, यानी जानमाल का कम नुकसान
अग्निवेग में अहम मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स हब, कमांड सेंटर, रडार इंस्टॉलेशन और दूसरे रणनीतिक ठिकानों पर खुद से सटीक हमला करने की क्षमता है। ट्रायल के दौरान अग्निवेग ने जैमिंग और स्पूफिंग वाले माहौल में काम करते हुए 5 मीटर से कम का सर्कुलर एरर प्रोबेबल (CEP) हासिल करता है।
सरल शब्दों में कहें तो यह ड्रोन अपने टारगेट को बेहद करीब जाकर हमला करने में सक्षम है। इससे किसी सैन्य ठिकाने के केवल एक हिस्से को निशाना बनाया जा सकता है। इससे टारगेट के आसपास मौजूद सिविलियन स्ट्रक्चर का कम नुकसान होता है।
मीठा खाने का है मन? घर पर ऐसे बनाएं बंगाली स्टाइल खीर कदम, जानें आसान रेसिपी
Bengali Style Kheer Kadam: अगर आपको मीठा पसंद है और आप कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो बंगाल की मशहूर ‘खीर कदम’ एक बेहतरीन विकल्प है. यह पारंपरिक बंगाली मिठाई अपने अनोखे स्वाद और आकर्षक बनावट के लिए जानी जाती है. ‘खीर कदम’ के बीच में एक नरम रसगुल्ला होता है, जबकि बाहरी परत मावा (गाढ़ा किया हुआ दूध) और सूखे दूध से बनी होती है. एक बार चखने पर, इसका स्वाद लंबे समय तक याद रहता है. सबसे अच्छी बात यह है कि आप इसे आसानी से घर पर बना सकते हैं. आइए इसकी आसान, स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी जानते हैं…
ज़रूरी सामग्री
10 छोटे रसगुल्ले, 1 कप मावा (खोया), ½ कप मिल्क पाउडर, 3 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी, 2 बड़े चम्मच दूध, ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर, सजावट के लिए बारीक कटे हुए पिस्ते या बादाम.
स्टेप 1: रसगुल्ले तैयार करें
सबसे पहले, रसगुल्लों को चाशनी से निकालें और हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त चाशनी निकाल दें. ध्यान रखें कि वे टूटें नहीं. उन्हें एक प्लेट में अलग रख दें.
स्टेप 2: परत तैयार करें
एक कटोरे में मावा (खोया), मिल्क पाउडर, पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर मिलाएं. मिश्रण में धीरे-धीरे थोड़ा दूध डालें और इसे नरम आटे की तरह गूंथ लें. मिश्रण इतना नरम होना चाहिए कि आसानी से गोले बनाए जा सकें.
स्टेप 3: छोटे हिस्से बनाएं
मिश्रण को बराबर हिस्सों में बांट लें. हर हिस्से को हाथों से गोले का आकार दें और फिर उसे थोड़ा चपटा करें ताकि उसके अंदर रसगुल्ला रखा जा सके.
चपटे किए हुए मावा मिश्रण के बीच में एक रसगुल्ला रखें, इसे चारों तरफ से बंद करें और चिकने गोले का आकार दें. पक्का करें कि रसगुल्ला पूरी तरह से ढका हुआ हो. अब खीर कदम को हल्के से मिल्क पाउडर में लपेटें, इससे मिठाई को पारंपरिक बंगाली लुक मिलता है. ऊपर से कटे हुए पिस्ते या बादाम से सजाएं.
स्टेप 5: ठंडा होने दें
खीर कदम को लगभग 30 मिनट के लिए फ्रिज में रखें. इससे इसका टेक्सचर और स्वाद दोनों बेहतर हो जाते हैं.
त्योहारों, पार्टियों या खास मौकों पर ठंडी खीर परोसें. यह डेज़र्ट सभी को ज़रूर पसंद आएगा और आपकी डेज़र्ट टेबल की शोभा बढ़ाएगा.
( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
8000 रुपये सस्ता मिल रहा Realme का 10000mAh बैटरी वाला फोन, नई सेल में ऑफर्स की बारिश
Realme Narzo Power की कीमत में भारी कटौती की गई है। रियलमी का 10,001mAh बैटरी वाला यह फोन लॉन्च प्राइस से काफी सस्ते में मिल रहा है। ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन और कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर शुरू हुई Realme Days Sale में दमदार बैटरी वाला यह फोन 8,000 रुपये तक सस्ते में खरीदा जा सकता है। इसके अलावा कंपनी Realme के कई और नए लॉन्च हुए फोन पर भी दमदार डिस्काउंट ऑफर कर रही है।
Realme Narzo Power पर ऑफर
रियलमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में आता है। यह फोन 27,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 29,999 रुपये में मिल रहा है। Realme Days Sale में यह फोन 25,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। इस फोन की MRP 35,999 रुपये से शुरू होती है। ऐसे में फोन को 8,000 रुपये सस्ते में लिस्ट किया गया है।
12 जून से 16 जून के बीच चलने वाले इस सेल में फोन की खरीद पर 2,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर मिल रहा है। इसके अलावा कंपनी फोन की खरीद पर कूपन और कैशबैक डिस्काउंट ऑफर कर रही है। रियलमी का 10,001mAh बैटरी वाला यह मिड बजट फोन इस साल लॉन्च हुआ है।
Realme Narzo Power के फीचर्स
रियलमी का यह फोन 6.8 इंच के कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। इस फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट और 6,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इस स्मार्टफोन में MediaTek Dimensity 7400 Ultra चिपसेट दिया गया है। इसके साथ 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज को सपोर्ट करता है।
| Realme Narzo Power | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.8 इंच, 1.5K AMOLED, 144Hz |
| प्रोसेसर | MediaTek Dimensity 7400 Ultra |
| स्टोरेज | 8GB, 256GB |
| कैमरा | 50MP OIS + 8MP, 16MP |
| बैटरी | 10,001mAh. 80W |
| OS | Android 16, Realme UI |
चीनी ब्रांड के इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके अलावा 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 16MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन 10,001mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इसमें 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है। यह फोन Android 16 पर बेस्ड Realme UI पर काम करता है। फोन में IP66, IP68, IP69 रेटिंग मिलती है, जो फोन को पानी में गिरने या धूल-मिट्टी से बचाता है।
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डिस्क्लेमर – फोन की कीमत मौजूदा सेल में मिल रहे ऑफर के हिसाब से बताई गई है। इसमें उतार-चढ़ाव और बदलाव संभव है।


