Monday, June 8, 2026
Home Blog

फंदे पर झूलता मिला बीएएमएस की छात्रा का शव: परीक्षा खराब होने से थी परेशान, पुलिस के समझाने पर पोस्टमार्टम को राजी हुए परिजन – Meerut News




मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में आयुर्वेद की पढ़ाई कर रही छात्रा ने फांसी लगा ली। आनन फानन में परिजन उसे उठाकर अस्पताल पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि छात्रा की परीक्षा ख़राब हो गई थी जिसके बाद से वह डिप्रेशन में चल रही थी। परेशान होकर वह दादी के घर पहुंची और फांसी लगा ली। जाटव गेट में कासिम परिवार के साथ रहते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। एक बेटी अरीबा हापुड़ के एक आयुर्वेद कॉलेज से बीएएमएस की पढ़ाई कर रही थी। रविवार रात करीब 10 बजे अरीबा को फंदे के सहारे लटका देखा परिवार में कोहराम मच गया। इसके बाद वहां आस पड़ोस के लोगों की भीड़ जमा होती चली गई। अस्पताल में चिकित्सक ने किया मृत घोषित लोगों की मदद से परिवार के लोग अरीबा को उठाकर सीधे साकेत स्थित सुशीला जसवंत राय अस्पताल पहुंचे लेकिन यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन अरीबा का शव लेकर घर आ गए। कुछ ही देर में लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंच गई और परिजनों से बात की। परिजनों ने कार्रवाई से किया इनकार
लालकुर्ती थाने की पुलिस ने पंचनामे की कार्रवाई शुरू की तो परिजनों ने किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। मामला 22 वर्षीय छात्रा की मौत से जुड़ा था, इसलिए पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाया। काफी देर समझाने के बाद परिजन पोस्टमार्टम करने के लिए राजी हो गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे मोर्चरी भिजवा दिया। परीक्षा खराब होने से थी परेशान
शुरुआती जांच में सामने आया है कि अरीबा हापुड़ के किसी आयुर्वेद कॉलेज में बीएएमएस की द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। उसकी परीक्षा खराब हो गई थी जिसके बाद से वह परेशान चल रही थी। अक्सर वह अपनी दादी के घर बकरी मोहल्ला आया करती थी। रविवार को भी वह दादी के घर पर ही थी जहां उसका शव फंदे के सहारे झूलता मिला।



Source link

भास्कर अपडेट्स: भूटान में भूकंप से सिक्किम और बंगाल में झटके महसूस हुए; कुछ सेकंड तक कांपी धरती


  • Hindi News
  • National
  • Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai

कुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

भूटान में रविवार देर रात 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके सिक्किम और पश्चिम बंगाल में भी महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप का केंद्र भूटान के पुनाखा क्षेत्र के पास था।

इससे भारत में गंगटोक, सिलीगुड़ी, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार समेत कई इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक धरती में कंपन महसूस की। लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

आज की अन्य बड़ी खबरें…

सिक्किम से सिलीगुड़ी जाते समय लापता 4 लोगों के शव तीस्ता नदी से मिले, कार भी बरामद

सिक्किम के चार लोगों के शव रविवार को पश्चिम बंगाल में तीस्ता नदी से बरामद किए गए। ये सभी 5 जून को गंगटोक जिले से सिलीगुड़ी जा रहे थे और रास्ते में लापता हो गए थे। जांच के दौरान NH-10 के पास कार की बैटरी और हेडलाइट के कुछ हिस्से मिले।

इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। NDRF, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में डूबी कार का पता लगाया गया, जिसके अंदर चारों के शव मिले। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि कार तीस्ता नदी में गिर गई था।

मृतकों की पहचान स्मारिका नेओपाने (28), शैब्या नेओपाने (27), टीका दहाल (27) और पांच साल की दित्या छेत्री के रुप में की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सभी लोग सिलीगुड़ी में इलाज करा रहे अपने माता-पिता से मिलने जा रहे थे।

दिल्ली फायर सर्विस में 850 से ज्यादा पद खाली, आखिरी बार 2011 में भर्ती हुई थी; होटल अग्निकांड के बाद खुलासा

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड के बाद दिल्ली फायर सर्विस (DFS) की तैयारियों और संसाधनों पर सवाल उठने लगे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार दिल्ली फायर सर्विस में फायरफाइटर के 3,312 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 853 पद खाली पड़े हैं।

वहीं स्टेशन अधिकारी के 90 स्वीकृत पदों में केवल 18 पदों पर ही अधिकारी कार्यरत हैं। सूत्रों के मुताबिक स्टेशन अधिकारी पद के लिए आखिरी बार सीधी भर्ती साल 2011 में हुई थी। दिल्ली फायर सर्विस ने 1969 में वायरलेस संचार प्रणाली शुरू की थी।

सूत्रों के अनुसार तब से अब तक वायरलेस फ्रीक्वेंसी सिस्टम में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया। विभाग अभी भी दो वीएचएफ (VHF) चैनलों पर निर्भर है। हालांकि रेडियो सेट आधुनिक डिजिटल डिवाइस में बदल दिए गए हैं, लेकिन संचार ढांचा लगभग पुराना ही बना हुआ है।ती

दिल्ली में ऊंची इमारतों और शहरी विस्तार के साथ फायर स्टेशनों की संख्या 17 से बढ़कर 71 हो गई है। इसके बावजूद पुरानी संचार व्यवस्था के कारण कई बार कंट्रोल रूम, फायर स्टेशन और मौके पर मौजूद कर्मचारियों के बीच संपर्क में दिक्कतें आती हैं।



Source link

आधी रात को थर्राई 5 देशों की धरती, भारत-चीन-भूटान तक दहशत, कितनी तीव्रता?


होमताजा खबरदेश

आधी रात को थर्राई 5 देशों की धरती, भारत-चीन-भूटान तक दहशत, कितनी तीव्रता?

Last Updated:

Bhukamp Today Update: भूटान के पुनाखा में आए 5.6 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने पूरे दक्षिण एशिया को हिलाकर रख दिया है. जमीन से केवल 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आए इस भूकंप के कारण थिम्पू और पारो समेत कई जिलों में इमारतें ताश के पत्तों की तरह हिलने लगीं. इसके तेज झटके भारत के असम, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के साथ-साथ नेपाल, बांग्लादेश और चीन तक महसूस किए गए, जिससे आधी रात को लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागने लगे. फिलहाल प्रशासन बड़े नुकसान का आकलन कर रहा है और लोगों को आफ्टरशॉक्स से सावधान रहने की हिदायत दी गई है.

Zoom

नेपाल से लेकर भारत-चीन में भूकंप के झटके महसूस हुए.

Butan-India Bhukamp Latest Update: भूटान के पुनाखा में रविवार यानी कि 6 जून की आधी रात को करीब 11:06 बजे आए एक बेहद शक्तिशाली और खतरनाक भूकंप से लोग डर गए. यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 5.6 मापी गई है. इसका केंद्र पुनाखा से महज 5 किलोमीटर दूर था. जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर होने के कारण इसके झटके बेहद डरावने थे.

इस भूकंप के झटके की वजह से थिम्पू, पारो और कई अन्य जोंगखागों (जिलों) में मजबूत गगनचुंबी इमारतें हिलने लगी थीं. आधी रात को अचानक लगी इस भयानक थपकी से घबराए लोग अपनी जान बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते हुए अपने घरों से बाहर खुले मैदानों और सड़कों की तरफ भागने लगे, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया.

5 देशों के अलग-अलग शहरों में झटके महसूस हुए

इस भूकंप का असर सिर्फ भूटान तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि भारत, नेपाल, बांग्लादेश और चीन में भी इसके झटके महसूस हुए. भारत के असम, पश्चिम बंगाल और सिक्किम राज्यों में भी इसके बेहद तेज और डरावने झटके महसूस किए गए. भूकंप के झटकों से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लाखों लोग पूरी रात दहशत के साये में रहे. हालांकि, इसकी वजह से फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आपदा प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं.

कोलकाता से लेकर सिलीगुड़ी-कोचीन बिहार तक कांपे

भूटान में आए भूकंप की वजह से कोलकाता और उसके आस-पास के जिलों में भी झटके महसूस किए गए. हालांकि, वहां झटकों की तीव्रता काफी ज़्यादा थी क्योंकि नॉर्थ बंगाल के जिले भूकंप के सोर्स के ज़्यादा करीब थे. पता चला है कि शहर की ऊंची इमारतों के साथ-साथ आम घरों में भी आधी रात को अचानक झटके महसूस किए गए. कई लोगों ने सीलिंग फैन और फर्नीचर हिलते हुए देखे.

सिलीगुड़ी, कोचीन बिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जैसे जिलों में झटके महसूस होते ही बहुत ज़्यादा दहशत फैल गई. कई लोगों ने रात में जागकर खुले आसमान के नीचे शरण ली. अभी तक, बीती रात आए भूकंप की वजह से राज्य में किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. हालांकि, आधी रात को अचानक आई भूकंप ने लोगों के मन में बहुत डर पैदा कर दिया.

About the Author

authorimg

Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



Source link

भोपाल में जमीन विवाद को लेकर 12 राउंड फायरिंग: प्लॉट पर सफाई करने आए मजदूर और ठेकेदार पर गार्डों ने चलाई गोलियां – Bhopal News




भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र के सुरेंद्र लैंडमार्क इलाके में शनिवार देर रात जमीन विवाद के चलते फायरिंग से दहशत फैल गई। शालीमार कॉलोनी के पास विवादित जमीन पर साफ-सफाई करने पहुंचे ठेकेदार और मजदूरों पर दो सिक्योरिटी गार्डों ने 12 बोर की लाइसेंसी बंदूकों से करीब 12 राउंड फायर कर दिए। गनीमत रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ। फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार दोनों गार्ड फायरिंग करते हुए आगे बढ़ रहे थे। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को काबू में किया और उनकी बंदूकें जब्त कर लीं। मौके से पुलिस ने करीब 250 मीटर क्षेत्र में 12 बोर कारतूस के 12 खाली खोखे बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक शालीमार एन्क्लेव के पास करीब पांच एकड़ जमीन को लेकर मीरचंदानी-परियानी परिवार और अजय नागर के बीच विवाद चल रहा है। मामला कोर्ट में लंबित है। शनिवार रात अजय नागर के ठेकेदार अंकित कुमार मजदूरों के साथ जमीन की सफाई कराने पहुंचे थे। इसी दौरान वहां तैनात गार्ड जागेश्वर शर्मा और विनोद गुर्जर ने विरोध किया और विवाद बढ़ने पर फायरिंग शुरू कर दी। ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



Source link

‘मम्मी-पापा को अमीर बनाने की धुन सम्मान थी’, रानी मुखर्जी ने खोला बचपन का राज


Last Updated:

मशहूर होस्ट सिमी ग्रेवाल के शो में रानी मुखर्जी ने अपने बचपन की यादें बयां कीं. उन्होंने बताया कि वे कम उम्र से ही काफी समझदार थीं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बखूबी समझती थीं. जब भी वे किसी दुकान पर जाती थीं, तो अपनी मां को परेशानी से बचाने के लिए कभी किसी चीज की जिद नहीं करती थीं. छोटी उम्र से ही उनके मन में सिर्फ एक ही सपना था कि वे बड़ी होकर इतनी सफल बनें कि अपने माता-पिता की हर अधूरी इच्छा पूरी कर सकें.

ख़बरें फटाफट

Zoom

रानी मुखर्जी फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं.

नई दिल्ली: बॉलीवुड की टैलेंटेड एक्ट्रेस रानी मुखर्जी को आज कौन नहीं जानता, उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी के दम पर सिनेमा की दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है. सोशल मीडिया पर उनका एक पुराना इंटरव्यू खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जो उन्होंने मशहूर होस्ट सिमी ग्रेवाल के चर्चित शो ‘रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल’ में दिया था. रानी ने इस बातचीत में अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए एक बेहद इमोशनल और दिल छू लेने वाला किस्सा सुनाया. रानी ने बताया कि जब वे बहुत छोटी थीं, तभी से उनके मन में सपना था कि वे लाइफ में कुछ बहुत बड़ा करें, ताकि मम्मी-पापा को सारी खुशियां और ऐशो-आराम दे सकें. वे बचपन में जब भी किसी दुकान पर जाती थीं और उनका मन किसी खिलौने या चीज को खरीदने का करता था, तो वे तुरंत अपनी मां के चेहरे को देखती थीं. अगर उन्हें जरा भी अंदाजा होता था कि उनकी मां के पास उस वक्त उतने पैसे नहीं हैं या वे उसे खरीद नहीं पाएंगी, तो रानी चुपचाप अपना मन मार लेती थीं और कभी भी रोने-धोने या जिद करने का नाटक नहीं करती थीं.

रानी ने बहुत ही सादगी से बताया कि वे बचपन से ही अपनी उम्र के बाकी बच्चों की तुलना में ज्यादा समझदार थीं. जहां आम तौर पर बच्चे सिर्फ अपनी फरमाइशों और खिलौनों के बारे में सोचते हैं, वहीं रानी बहुत छोटी उम्र में ही अपने घर के हालात, पैसों की तंगी और अपने माता-पिता की भावनाओं को गहराई से समझने लगी थीं. वे अपनी मां को किसी भी तरह के तनाव या मुश्किल में नहीं देखना चाहती थीं, इसलिए अपनी इच्छाओं को दबा लेती थीं. वे मन ही मन खुद से वादा करती थीं कि एक दिन वे इतनी कामयाब और अमीर बनेंगी कि उन्हें किसी भी चीज को खरीदने से पहले सोचना न पड़े. वे अपने माता-पिता की हर अधूरी ख्वाहिश को चुटकियों में पूरा कर सकें. उनके सपनों की उड़ान हमेशा उनके परिवार की खुशियों से ही शुरू होती थी. रानी के पिता राम मुखर्जी फिल्म डायरेक्टर और मां कृष्णा मुखर्जी एक प्लेबैक सिंगर थीं, इसलिए घर में सिनेमा का माहौल तो था ही, जिसने रानी को बहुत कम उम्र में ही एक्टिंग की तरफ बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

रानी मुखर्जी ने दी दर्जनों हिट
रानी मुखर्जी ने आगे चलकर अपनी इसी समझदारी, कड़ी मेहनत और लगन के दम पर बॉलीवुड में कदम रखा और एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं. उन्होंने ‘कुछ कुछ होता है’, ‘साथिया’, ‘हम तुम’, ‘ब्लैक’ और ‘मर्दानी’ जैसी कल्ट फिल्मों में अपनी दमदार परफॉर्मेंस से न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि बड़े-बड़े फिल्म क्रिटिक्स को भी अपना मुरीद बना लिया. बचपन में माता-पिता को हर खुशी देने का जो सपना रानी ने देखा था, उसे उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर पूरी ईमानदारी से सच कर दिखाया. आज वे फिल्म इंडस्ट्री की सबसे सफल और सम्मानित अभिनेत्रियों में से एक गिनी जाती हैं.

About the Author

authorimg

Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





Source link

₹31,000 करोड़ की कंपनी में विरासत नहीं, मेरिट चलेगी! उद्योगपति पिता की दो टूक


Last Updated:

अमिताभ बच्चन की नातिन और IIM अहमदाबाद से पढ़ाई कर चुकी नव्या नवेली नंदा को लेकर उनके पिता और उद्योगपति निखिल नंदा का बयान चर्चा में है. एस्कॉर्ट्स कुबोटा के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नंदा ने कहा है कि उनकी बेटी नव्या नवेली नंदा को कंपनी में जगह सरनेम से नहीं, बल्कि काबिलियत से मिलेगी. 

Zoom

स्टार परिवार की बेटी, लेकिन कोई VIP एंट्री नहीं!

नई दिल्ली. बिजनेस की दुनिया में जहां बड़े परिवारों के बच्चों को आसानी से ऊंचे पद मिल जाते हैं, वहीं ‘एस्कॉर्ट्स कुबोटा’ (Escorts Kubota) कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नंदा ने एक अलग मिसाल पेश की है. 31,000 करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनी के मालिक और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के दामाद हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि 31,000 करोड़ रुपये की उनकी कंपनी में सिर्फ ‘नंदा’ सरनेम होने की वजह से किसी को कोई पद नहीं मिलेगा, चाहे वह उनकी बेटी नव्या नवेली नंदा ही क्यों न हों.

हाल ही में एक इंटरव्यू में निखिल नंदा ने कंपनी के भविष्य और परिवार की भूमिका पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य कंपनी को आने वाले 200 सालों तक मजबूत बनाना है. उनके मुताबिक, वे कंपनी को सिर्फ आज के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए तैयार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें सत्ता या चर्चा में रहने का शौक नहीं है, बल्कि कंपनी और उसमें काम करने वाले लोगों की प्रगति देखकर खुशी मिलती है.

लिस्टेड कंपनी है ‘एस्कॉर्ट्स कुबोटा’
कंपनी में परिवार की अगली पीढ़ी की भूमिका पर निखिल नंदा ने कहा कि ‘एस्कॉर्ट्स कुबोटा’ एक लिस्टेड कंपनी है, जहां कॉरपोरेट गवर्नेंस और शेयरधारकों की अपेक्षाएं बहुत महत्वपूर्ण होती हैं. ऐसे में परिवार का प्रतिनिधित्व नियमों के तहत जारी रहेगा, लेकिन किसी को सिर्फ पारिवारिक पहचान के आधार पर जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती.

आईआईएम अहमदाबाद से पढ़ी हैं नव्या नवेली नंदा
नव्या नवेली नंदा के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी बेटी कंपनी के कामकाज में रुचि दिखा रही हैं, लेकिन उनका उपनाम उन्हें किसी पद का अधिकार नहीं देता. नंदा ने कहा कि नव्या को अपनी जगह खुद बनानी होगी और अपनी योग्यता साबित करनी होगी. उन्होंने भरोसा जताया कि नव्या ऐसा करने में सक्षम हैं. निखिल नंदा ने उन्हें स्मार्ट और महत्वाकांक्षी बताया. उन्होंने कहा कि नव्या ने हाल ही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM Ahmedabad) से पढ़ाई पूरी की है और ‘मेटा’ (Meta) जैसी बड़ी कंपनी में काम भी कर चुकी हैं.

About the Author

authorimg

विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



Source link

आम पन्ना से कोकम शरबत तक, बनाएं ये 10 नेचुरल शरबत, शरीर को रखेंगे ठंडा, बेहद पौष्टिक


गर्मियों के मौसम में बढ़ती गर्मी और तेज धूप से राहत पाने के लिए लोग अक्सर ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हैं. हालांकि, बाजार में मिलने वाले कई ड्रिंक्स में अधिक चीनी और कृत्रिम तत्व होते हैं. इसके विपरीत, पारंपरिक भारतीय प्राकृतिक पेय न केवल शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं.

देसी पेय: स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल

भारत के अलग-अलग राज्यों में कई ऐसे पारंपरिक पेय प्रचलित हैं, जो स्थानीय सामग्री से तैयार किए जाते हैं. ये ड्रिंक्स वर्षों से भारतीय खानपान और संस्कृति का हिस्सा रहे हैं. इनमें स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभ भी छिपे होते हैं.

आम पन्ना: गर्मी से बचाव का लोकप्रिय पेय

कच्चे आम से तैयार होने वाला आम पन्ना गर्मियों में काफी पसंद किया जाता है. इसमें विटामिन सी, आयरन और इलेक्ट्रोलाइट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को ठंडक देने और थकान कम करने में मदद कर सकते हैं.

लस्सी: ऊर्जा और पोषण से भरपूर

दही से बनने वाली लस्सी उत्तर भारत, खासकर पंजाब और हरियाणा में बेहद लोकप्रिय है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं, जो पाचन तंत्र और शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं.

छाछ: पाचन के लिए फायदेमंद

छाछ एक हल्का और ताजगी देने वाला पेय है, जिसे कई राज्यों में भोजन के साथ पिया जाता है. इसमें कैल्शियम, विटामिन बी12 और प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

सत्तू का शरबत: देसी सुपरड्रिंक

बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लोकप्रिय सत्तू का शरबत प्रोटीन, फाइबर और खनिजों से भरपूर होता है. यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने और गर्मी से राहत पहुंचाने में मदद करता है.

कोकम शरबत: कोंकण क्षेत्र की खास सौगात

कोकम फल से तैयार यह पेय पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में काफी लोकप्रिय है. इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो पाचन और शरीर की ताजगी बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.

सोल कढ़ी: स्वाद और पोषण का अनोखा मिश्रण

कोकम और नारियल के दूध से तैयार सोल कढ़ी महाराष्ट्र और गोवा के कई हिस्सों में पसंद की जाती है. यह पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को ठंडक देने के लिए जानी जाती है.

पानकम: दक्षिण भारत का पारंपरिक पेय

गुड़, सोंठ, काली मिर्च और इलायची से बनने वाला पानकम ऊर्जा देने वाला पारंपरिक पेय माना जाता है. यह गर्मी के मौसम में ताजगी और स्फूर्ति बनाए रखने में मदद कर सकता है.

नीर मोर: ठंडक देने वाली मसालेदार छाछ

तमिलनाडु में लोकप्रिय नीर मोर दही, पानी और हल्के मसालों से तैयार की जाती है. यह शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन में सहायता करने के लिए जानी जाती है.

सम्बारम: इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर प्राकृतिक ड्रिंक

दक्षिण भारत का यह पारंपरिक पेय दही, अदरक, करी पत्ता और मसालों से तैयार किया जाता है. यह डिहाइड्रेशन से बचाने और शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकता है.

बेल पना: गर्मी में राहत देने वाला पेय

बेल फल से बनने वाला यह पारंपरिक शरबत खासकर ओडिशा में लोकप्रिय है. इसे गर्मी के दौरान शरीर को ठंडा रखने और पाचन संबंधी परेशानियों से राहत दिलाने वाला पेय माना जाता है.

क्यों चुनें प्राकृतिक पेय?

इन पारंपरिक ड्रिंक्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये आमतौर पर घर में तैयार किए जाते हैं और इनमें कृत्रिम रंग, फ्लेवर या प्रिजर्वेटिव नहीं होते. गर्मियों में कोल्ड ड्रिंक्स की जगह इन प्राकृतिक पेयों को अपनाकर शरीर को ठंडक, पोषण और ऊर्जा तीनों मिल सकते हैं.



Source link

8-9 मंत्रियों के पुत्र कर रहे आरसीए के लिए दावेदारी: अमीन पठान बोले-चुनाव नहीं करवा पा रही सरकार, राजनीति का अखाड़ा बनी क्रिकेट – Jodhpur News




राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी खेल प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अमीन पठान आज जोधपुर दौरे पर पहुंचे। पठान ने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार पूरी तरीके से फेल साबित हो रही है। अमीन पठान ने कहा कि राजस्थान में जब से भाजपा राज में खेल और खिलाड़ियों की दुर्दशा हो रही है। ढाई साल से राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। आठ नौ मंत्रियों के पुत्र अलग-अलग जिलों के क्रिकेट संगठन में आ गए हैं और अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं इस वजह से आरसीए के चुनाव नहीं हो पा रहे। ढाई साल से केवल एडोब कमेटी से काम चल रहा है। चुनाव नहीं होने की वजह से जयपुर में जो अंतरराष्ट्रीय मैच होते थे वे अब नहीं हो रहे हैं। राजनीतिक अखाड़ा बनी क्रिकेट राजस्थान में क्रिकेट राजनीति का अखाड़ा बनकर रह गया है, जिसका नुकसान खिलाड़ियों को हो रहा है। यही हाल दूसरे खेलों में भी हो रहा है। हमारी सरकार ने ग्रामीण ओलंपिक करवा कर इतिहास रचा था। गांवों में भी लोगों को खेलों से जोड़ने का काम किया था, लेकिन जब से यह सरकार बनी है तब से ही खेल और खिलाड़ियों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। पिछली सरकार में ग्राउंड और स्टेडियम के कार्य शुरू हुए थे जो इस सरकार में ठंडे बस्ते में हैं एवं खिलाड़ियों को खेल कोटे की नौकरी भी नहीं दी जा रही है एवं चयन में खिलाड़ियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। अमीन पठान ने दावा किया कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब 2 साल के बाद भी राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ कोई जनाक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी डर की वजह से सरकार निकाय और पंचायत चुनाव नहीं करवा रही है क्योंकि उसे पता है कि चुनाव में हार का सामना करना पड़ेगा। अमीन पठान ने कहा कि कोर्ट बार-बार चुनाव कराने के निर्देश दे रहा है लेकिन सरकार चुनाव नहीं करवा रही है। यह भी एक तरह से लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश है। जनता पर पड़ रही महंगाई की मार जोधपुर कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री अमीन पठान ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार जनता को महंगाई की मार मार रही है। आज ही सुबह रसोई गैस के दामों में 29 रुपए की बढ़ोतरी कर दी गई है। एक तरफ जनता बेरोजगारी से परेशान है तो वहीं अब उन्हें महंगाई की दोगुनी मार मारी जा रही है।



Source link

कार-ऑटो में टक्कर, 2 मजदूरों की मौत: काम के बाद घर लौट रहे थे, हादसे में 9 लोग घायल; एक की स्थिति गंभीर – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद में कार ने ऑटो में टक्कर मार दी। हादसे में मजदूरी कर लौट रहे ऑटो सवार दो मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, 9 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मजदूरों से भरा ऑटो मझितावां मोड़ की ओर मुड़ने के लिए तेजपुरा-लख के पास पहुंचा था। इसी दौरान दाउदनगर की ओर से आ रही अर्टिगा कार ने ऑटो में सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो और कार दोनों सड़क किनारे जा गिरे। ऑटो में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल, दाउदनगर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद ओबरा थाना क्षेत्र के भटौलिया गांव निवासी राजेश पासवान (55) और उमेश पासवान (45) को मृत घोषित कर दिया। घटना दाउदनगर-बारुण मुख्य मार्ग पर तेजपुरा-लख के पास की है। 4 का इलाज निजी अस्पताल में हो रहा है घायलों में भटौलिया निवासी राजाराम (55) की स्थिति गंभीर है। उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। वहीं, धनु कुमार (18), रणधीर कुमार (16), रविंद्र पासवान (45) और रामाशीष राजवंशी (60) का इलाज अनुमंडलीय अस्पताल में चल रहा है। अन्य चार घायलों का उपचार निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही ओबरा थाना अध्यक्ष नीतीश कुमार, अपर थाना अध्यक्ष कुणाल कुमार और दाउदनगर थाना के एसआई सच्चिदानंद मिश्र पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और दुर्घटना की जांच शुरू कर दी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपा जाएगा। घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेश कुमार यादव, युवा राजद के प्रदेश सचिव अजीत कुमार, लोजपा (रामविलास) के प्रखंड अध्यक्ष रमेश पासवान और भाजपा नगर अध्यक्ष श्याम कुमार पाठक अस्पताल पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने घायलों का हालचाल जाना और मृतकों के परिजनों को सांत्वना देते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।



Source link

UP में आज से अगले 3 दिन 1626 पदों के लिए पुलिस भर्ती की परीक्षा, नोट कर लें टाइम टेबल


UP Police Recruitment Exam 2026: लखनऊ में पुलिस भर्ती बोर्ड के आरक्षी नागरिक पुलिस और अन्य समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के लिए तीन दिवसीय परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जान लें कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ की तरफ से उत्तर प्रदेश पुलिस में सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षाएं 8, 9 और 10 जून को लखनऊ में आयोजित की जा रही हैं।

आरक्षी नागरिक पुलिस और समकक्ष पदों का परीक्षा कार्यक्रम







दिनांक प्रथम पाली द्वितीय पाली
08 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक
09 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक
10 जून 2026 प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक अपराह्न 3:00 बजे से 5:00 बजे तक

अभ्यर्थियों की संख्या और परीक्षा केंद्र







विवरण संख्या
प्रत्येक पाली में अभ्यर्थियों की संख्या 22,656
कुल अभ्यर्थियों की संख्या 1,35,936
परीक्षा केंद्रों की संख्या 55

परीक्षा केंद्रों पर तैनात पुलिस बल का संख्यात्मक विवरण














पुलिस बल/अधिकारी संख्या
निरीक्षक (Inspector) 55
उपनिरीक्षक (SI) 255
मुख्य आरक्षी (Head Constable) 300
आरक्षी (Constable) 600
महिला आरक्षी (Constable) 300
जनपद कंट्रोल रूम – ACP 1
जनपद कंट्रोल रूम – SI 1
जनपद कंट्रोल रूम – Constable 4
सेक्टर मजिस्ट्रेट हमराही 110
कुल पुलिस बल 1,626

पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा योजना

  • परीक्षा केंद्रों की निगरानी के लिए हर केंद्र पर नोडल पुलिस अधिकारी, केंद्र प्रभारी पुलिस और कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
  • जिले के कंट्रोल रूम में 1 सहायक पुलिस आयुक्त, 1 निरीक्षक/उप निरीक्षक और 4 आरक्षियों की ड्यूटी लगाई गई है।
  • परीक्षा केंद्रों पर चेकिंग और फिस्किंग के लिए हर 240 अभ्यर्थियों पर 1 उप निरीक्षण, 1 हे कॉन्स्टेबल, 2 कॉन्स्टेबल, 1 महिला सिपाही और 1 एलआईयू कर्मी तैनात रहेगा।
  • थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त पर रहकर परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराना सुनिश्चित करेंगे।

लखनऊ पुलिस की अपील

लखनऊ पुलिस परीक्षा की गोपनीयता, निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से सजग है। सभी अभ्यर्थियों से अपील है कि वे समय से परीक्षा केंद्र पर पहुंचे, नियमों का पालन करें और किसी भ्रामक सूचना या अफवाहों पर ध्यान न दें।

ये भी पढ़ें- यूपी में फिर चली IPS की ‘तबदला एक्सप्रेस’, जानें किस अधिकारी को कहां मिली तैनाती?





Source link