बागपत में दिल्ली-सहारनपुर रोड स्थित नेथला गांव के पास एक युवक का शव शीशम के पेड़ से लटका मिला। एचपी पेट्रोल पंप के पीछे जंगल में शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर बागपत थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की।पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतारा और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान 29 वर्षीय मोनू कश्यप पुत्र रामनाथ के रूप में हुई है। वह जौनपुर जिले के सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के हरखमलपुर गांव का निवासी था।जानकारी के अनुसार, मोनू कश्यप लगभग 20 दिन पहले ही बागपत आया था और नेथला रोड स्थित कुबेर इंडस्ट्रीज हाउस में रोलर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। फैक्ट्री मालिक मोहित ने पुलिस को बताया कि मोनू पहले भी उनकी ट्रॉनिका सिटी स्थित फैक्ट्री में काम कर चुका था और दोबारा नौकरी के लिए आया था। उन्होंने किसी भी विवाद या रंजिश से इनकार किया है।फैक्ट्री कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी सामने आई है कि मोनू अक्सर देर रात मोबाइल फोन पर किसी महिला से बात करता था। पुलिस ने इस पहलू की भी जांच शुरू कर दी है।घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है, जिसमें उसके भाई दिनेश प्रजापति को भी सूचित किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामला अभी संदिग्ध है और आत्महत्या सहित सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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बागपत में युवक का शव पेड़ से लटका मिला: पुलिस ने जांच शुरू की, शव पोस्टमार्टम को भेजा गया – Baghpat News
बीजेपी शिवाजी मंडल का उपाध्यक्ष गिरफ्तार,जेल भेजा: अवैध गांजा ओर स्मैक बेचने वालों से लेता था संरक्षण के रुपए – Indore News
इंदौर के जोन-1 क्षेत्र में पुलिस ने भाजपा के शिवाजी मंडल के उपाध्यक्ष गोपाल सिंगार को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया। पुलिस का आरोप है कि वह अवैध नशे के कारोबार में शामिल आरोपियों से संरक्षण राशि वसूलता था। मामले में गिरफ्तार महिला और अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की। डीसीपी जोन-1 नरेंद्र रावत के अनुसार, आजाद नगर क्षेत्र में पिछले दिनों गांजा और एमडी ड्रग्स के साथ पंगुबाई, दुगाबाई, सरदार सहित अन्य आरोपियों को अलग-अलग कार्रवाई में पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि वार्ड क्रमांक-54 स्थित भील कॉलोनी निवासी एवं भाजपा नेता गोपाल सिंगार कथित तौर पर नशा कारोबारियों से आर्थिक लाभ लेता था। पुलिस ने गोपाल सिंगार को हिरासत में लेकर आरोपियों से आमना-सामना कराया। पुलिस के मुताबिक पंगुबाई ने बयान दिया कि वह गोपाल सिंगार को हर माह 50 हजार रुपए देती थी। दुगाबाई और सरदार ने भी उसे पैसे देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने गोपाल सिंगार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और 11 नंबर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि जिन महिला और अन्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ पहले से दो दर्जन से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं, गोपाल सिंगार को छुड़ाने के लिए कुछ राजनीतिक नेताओं के फोन आने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
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मुहर्रम मेले में करंट से 2 मजदूरों की मौत: जमुई में 11000 वोल्ट तार की चपेट में आया पोल, 1 किशोर झुलसा – Jamui News
जमुई के खैरा प्रखंड के चौकिटांड़ गांव में मुहर्रम मेले की तैयारी के दौरान मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। मेले में झूला लगाते समय 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना चौकिटांड़ गांव में मुहर्रम पर्व के अवसर पर लगने वाले वार्षिक मेले के लिए झूला लगाने के दौरान हुई। मेले की शुरुआत बुधवार से होनी थी, जिसके लिए मंगलवार को झूले लगाने का काम अंतिम चरण में था। इस कार्य के लिए नालंदा जिले से मजदूरों की एक टीम बुलाई गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि झूले का एक लंबा लोहे का पोल खड़ा करते समय वह पास से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार के संपर्क में आ गया। तार से संपर्क होते ही पूरे पोल में तेज करंट फैल गया, जिसकी चपेट में आने से दो मजदूरों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। एक नाबालिग मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया। मृतकों की पहचान नालंदा जिले के बिहारशरीफ निवासी 18 वर्षीय सोमर कुमार और 24 वर्षीय मनीष कुमार उर्फ मोनी के रूप में हुई है। घायल किशोर पवन कुमार इस्लामपुर थाना क्षेत्र के पचलोबा गांव का निवासी है। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। मृतकों के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है। घटना के बाद मेले के आयोजक और झूला संचालक अस्पताल नहीं पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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हरी मटर का चटपटा, तीखा और महीनों तक चलने वाला अचार कैसे बनाएं? जानिए रेसिपी
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Green Peas Pickle: ताजी हरी मटर से स्वादिष्ट और चटपटा अचार भी बनाया जा सकता है. शेफ भूपी ने मटर का ऐसा अचार बनाने की रेसिपी साझा की है जो लंबे समय तक खराब नहीं होता. इस अचार में खड़े मसालों, सरसों के तेल और सिरके का खास इस्तेमाल किया जाता है. साथ ही स्मोकी फ्लेवर देने की एक अनोखी ट्रिक भी बताई गई है. आइए जानते हैं हरी मटर का स्वादिष्ट और तीखा अचार बनाने का आसान तरीका.
हरी मटर का अचार कैसे बनाएं
Green Peas Pickle: ज्यादातर लोग मटर का इस्तेमाल पुलाव, पराठा, सब्जी या स्नैक्स बनाने में करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इससे बेहद स्वादिष्ट अचार भी तैयार किया जा सकता है. हरी मटर का अचार स्वाद में खट्टा, तीखा और मसालेदार होता है. इसकी खास बात यह है कि यह साधारण खाने का स्वाद भी कई गुना बढ़ा देता है. मशहूर शेफ भूपी ने मटर का ऐसा अचार बनाने की रेसिपी बताई है जो न सिर्फ स्वादिष्ट बनता है बल्कि सही तरीके से तैयार करने पर लंबे समय तक सुरक्षित भी रहता है. इसमें इस्तेमाल किए गए मसाले और खास तकनीक इसे बाकी अचारों से अलग बनाते हैं.
मटर को सही तरीके से तैयार करना है जरूरी
अचार का स्वाद तभी अच्छा आता है जब मटर को सही तरीके से तैयार किया जाए. इसके लिए सबसे पहले एक बर्तन में पानी गर्म करें. जब पानी उबलने लगे तो उसमें थोड़ा नमक और एक चम्मच चीनी डालें. इसके बाद हरी मटर डालकर एक से दो मिनट तक पकाएं. चीनी डालने से मटर का हरा रंग बरकरार रहता है. इसके बाद मटर को तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें. इससे उनका रंग और टेक्सचर दोनों अच्छे बने रहते हैं. फिर मटर को साफ कपड़े पर फैलाकर पूरी तरह सुखा लें ताकि उनमें नमी न रहे.
खड़े मसाले बढ़ाते हैं अचार का स्वाद
किसी भी अचार की जान उसके मसाले होते हैं. इस रेसिपी में सौंफ, जीरा, काली मिर्च, मेथी दाना और सरसों के दानों का इस्तेमाल किया जाता है. इन सभी मसालों को हल्का भूनने से उनकी खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं. भुनने के बाद इन्हें ठंडा करके दरदरा पीस लेना चाहिए. मसालों को बहुत ज्यादा बारीक नहीं पीसना चाहिए क्योंकि दरदरा मसाला अचार को बेहतर टेक्सचर देता है.
सरसों के तेल का तड़का बनाता है खास
अचार के लिए सरसों का तेल सबसे उपयुक्त माना जाता है. एक पैन में सरसों का तेल अच्छी तरह गर्म करें. इसके बाद उसमें कलौंजी, अजवाइन, हींग और कड़ी पत्ता डालें. जब इन मसालों की खुशबू आने लगे तो पहले से तैयार किया हुआ दरदरा मसाला भी मिला दें. यह प्रक्रिया मसालों के स्वाद को तेल में अच्छी तरह घोल देती है.
रंग और तीखापन कैसे बढ़ाएं
अब इस मिश्रण में हल्दी पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च, सादा नमक और काला नमक मिलाया जाता है. कश्मीरी लाल मिर्च अचार को आकर्षक रंग देती है जबकि काला नमक स्वाद में अलग गहराई जोड़ता है. इसके बाद बारीक कटी हुई हरी मिर्च डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाया जाता है. यही मसाले अचार को उसका खास चटपटा स्वाद देते हैं.
सिरका है इस रेसिपी का सीक्रेट
शेफ भूपी के अनुसार इस अचार का सबसे बड़ा सीक्रेट सिरका है. मसालों में दो से तीन चम्मच सिरका मिलाने से अचार में हल्की खटास आती है और यह प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव का काम भी करता है. सिरका अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करता है. इसके बाद पूरी तरह सूखी हुई मटर को मसालों में मिलाकर अच्छे से कोट कर लें.
स्मोकी फ्लेवर से बढ़ जाता है स्वाद
इस अचार की सबसे अनोखी बात इसका स्मोकी फ्लेवर है. इसके लिए एक छोटा जलता हुआ कोयला लिया जाता है. कोयले पर एक लौंग रखकर थोड़ा सा तेल डाला जाता है. जब धुआं उठने लगे तो एक साफ कांच के जार को उसके ऊपर उल्टा रख दिया जाता है. कुछ देर बाद जार के अंदर धुएं की खुशबू भर जाती है. यही खुशबू अचार में एक अलग ही स्वाद जोड़ देती है.
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दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना को मंजूरी: 10 लाख लोगों को मिलेगा लाभ, दस लाख के बीमे की सुविधा, मिलेगा कैशलेस इलाज – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने पंजीकृत भवन एवं निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत दिल्ली के करीब 2.70 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों सहित लगभग 10 लाख लोगों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गरीब, श्रमिक और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। योजना के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों और उनके पात्र परिवारजनों- पति या पत्नी, बच्चों तथा माता-पिता को सूचीबद्ध अस्पतालों और मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों के माध्यम से मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को दो लाख रुपए तक के उपचार की सुविधा मिलेगी, जबकि परिवार के लिए यह सीमा 10 लाख रुपए तक होगी। उपचार पूरी तरह कैशलेस होगा। जीवन साथियों का भी होगा वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण इसके अलावा श्रमिकों और उनके जीवन साथियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। योजना में मुफ्त ओपीडी और आईपीडी सेवाएं, जांच एवं लैब सुविधाएं, आपातकालीन चिकित्सा सहायता, रेफरल सेवाएं तथा निर्माण स्थलों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार लाभार्थियों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तैयार किए जाएंगे और सेवाओं की निगरानी के लिए आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। श्रमिकों की सहायता के लिए 24×7 टोल-फ्री हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना पर हर वर्ष करीब 200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। दिल्ली भवन निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना की खास बातें…
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यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में: फ्रांस में सबसे गर्म रात, न्यूक्लियर पावर प्लांट बंद करना पड़ा; पब्लिक में शराब पीने पर रोक लगी
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पेरिस, लंदन, मैड्रिड42 मिनट पहले
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यूरोप के 26 देश हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन समेत 15 देशों में गर्मी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से ज्यादातर देशों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर पहुंचने के करीब है।
फ्रांस के आधा से ज्यादा हिस्से में गर्मी को लेकर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर पाबंदी लगा दी है। फ्रांस की मौसम एजेंसी ने बताया कि सोमवार रात देश ने 1947 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद की सबसे गर्म रात दर्ज की। फ्रांस के कई हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
फ्रांस में गोलफेश न्यूक्लियर पावर प्लांट को सोमवार रात बंद करना पड़ा। इसकी वजह यह है कि प्लांट को ठंडा करने के लिए इस्तेमाल होने वाली गारोन नदी का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है।
फ्रांस में गर्मी की 5 तस्वीरें देखें

पेरिस में लगातार दूसरी हीटवेव (लू) के दौरान एफिल टॉवर के पास ट्रोकाडेरो स्क्वायर पर एक महिला धूप से बचने की कोशिश करती हुई।

पेरिस में हीटवेव के साए में मनाए जा रहे नेशनल म्यूजिक फेस्टिवल के दौरान एक महिला पानी की बौछार के नीचे से गुजरती हुई।

फ्रांस के बोर्डो शहर में सालाना ‘फेट डी ला म्यूजिक’ (स्ट्रीट म्यूजिक फेस्टिवल) के दौरान भीषण गर्मी से बचने के लिए एक महिला ‘मिस्ट स्प्रेयर’ (पानी की बौछार) से खुद को राहत देती हुई।

पेरिस की सेंट-मार्टिन नहर के किनारे बैठे लोग। गर्मी बढ़ने के कारण नहर के एक हिस्से में पहले सार्वजनिक तैराकी की अनुमति दी गई थी।
फ्रांस में 40 से ज्यादा लोग डूबे
फ्रांस के प्रधानमंत्री ने मंगलवार को बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों, झीलों और नहरों में उतरने के दौरान पिछले कुछ दिनों में 40 लोगों की डूबकर मौत हो गई है। इनमें ज्यादातर युवा शामिल हैं।
भीषण गर्मी के कारण 1,350 से ज्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गर्मी के कारण सरकार ने ‘फेत द ला म्यूजिक’ नामक वार्षिक म्यूजिक फैसटीवल के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर प्रतिबंध लगा दिया।
यह म्यूजिक फैसटीवल हर साल पूरे फ्रांस में आयोजित होता है। इसमें लाखों लोग सड़कों पर उतरकर हिस्सा लेते हैं। सरकार को आशंका थी कि अत्यधिक गर्मी में शराब का सेवन लोगों के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में यह प्रतिबंध लागू किया गया।
फ्रांस की मौसम एजेंसी मेटियो-फ्रांस ने सोमवार को कहा कि मौजूदा हीटवेव की गंभीरता अगस्त 2003 की गर्मी से काफी मिलती-जुलती है। 2003 में फ्रांस में 16 दिनों तक चली भीषण हीटवेव के कारण करीब 15 हजार लोगों की मौत हो गई थी। इसे यूरोप के इतिहास की सबसे घातक गर्मी की घटनाओं में गिना जाता है।
ब्रिटेन में टूट सकता है 50 साल पुराना रिकॉर्ड
ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को तापमान 39°C से अधिक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ तो जून का 35.6°C का राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूट जाएगा, जो 1976 में दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिक नमी के कारण गर्मी का असर ज्यादा महसूस होगा।
मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार के लिए रेड एक्सट्रीम हीट वॉर्निंग जारी की है। यह चेतावनी तब जारी की जाती है जब गर्मी लोगों के स्वास्थ्य, परिवहन और जरूरी सेवाओं पर गंभीर असर डाल सकती है। ब्रिटेन में ट्रॉपिकल नाइट्स की स्थिति बनने की आशंका है। यानी रात में भी तापमान 20°C से नीचे नहीं जाएगा।

लंदन में भीषण गर्मी के बीच हाउस ऑफ पार्लियामेंट (संसद भवन) के पास हाथ का पंखा इस्तेमाल करती एक महिला।

इटली के मिलान में मेंस फैशन वीक के दौरान एक व्यक्ति गर्मी से राहत पाने के लिए पंखे के सामने खड़ा है।
स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम और इटली भी बेहाल
स्पेन के कई हिस्सों में तापमान 38-40°C से ऊपर बना हुआ है। कुछ हिस्से में रविवार रात से सोमवार सुबह तक तापमान 30°C से नीचे नहीं गया। मौसम विभाग के मुताबिक यह ट्रॉपिकल नाइट की स्थिति है, जब रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती।
जर्मनी में भी गर्मी का असर दिखाई दे रहा है। एक हफ्ते में नदी में नहाने से 5 लोगों की मौत हो गई। बवेरिया की झीलों में 2 युवकों की डूबने से मौत हुई, जबकि बाल्टिक सागर में एक महिला की जान चली गई।
बेल्जियम के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौजूदा गर्मी देश के इतिहास की सबसे भीषण हीटवेव बन सकती है। तापमान बढ़ने के कारण कई स्कूलों ने आधे दिन की क्लास शुरू कर दी हैं।
इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रोम और मिलान समेत 15 शहरों में रेड अलर्ट जारी किया है। बुधवार को यह संख्या बढ़कर 16 हो सकती है। रोम में नई इलेक्ट्रिक बसों की बैटरियां तेजी से खत्म हो रही हैं, क्योंकि एयर कंडीशनर लगातार चलाने पड़ रहे हैं।

क्यों पड़ रही है इतनी भीषण गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यूरोप में पड़ रही भीषण गर्मी की बड़ी वजह हीट डोम और ओमेगा ब्लॉक का एक साथ बनना है। ओमेगा ब्लॉक ऐसी मौसमीय स्थिति है, जिसमें हवा का बहाव सामान्य तरीके से आगे नहीं बढ़ पाता।
इसके कारण हीट डोम बनता है, जो ढक्कन की तरह गर्म हवा को जमीन के ऊपर फंसा देता है। गर्म हवा बाहर नहीं निकल पाती और कई दिनों तक तापमान लगातार बढ़ता रहता है। यही वजह है कि यूरोप के कई देशों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है।
मौजूदा हालात की तुलना अगस्त 2003 की ऐतिहासिक यूरोपीय हीटवेव से की जा रही है। उस दौरान 16 दिनों तक चली गर्मी के कारण पूरे यूरोप में लगभग 80 हजार मौतें हुई थीं।

यूरोप में केवल 20% घरों में AC
वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रही एल नीनो स्थिति भी इस गर्मी को बढ़ा रही है। जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि कोयला, तेल और गैस के लगातार उपयोग से पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है। इसके कारण हीटवेव जैसी घटनाएं पहले के मुकाबले अधिक बार, लंबे समय तक और अधिक तीव्र रूप में देखने को मिल रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप के अधिकांश घरों में एयर कंडीशनर (AC) नहीं होने के कारण लोगों को गर्मी से बचने में ज्यादा कठिनाई हो रही है। यूरोप में केवल करीब 20% घरों में AC हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा लगभग 90% है। ऐसे में लंबे समय तक पड़ने वाली गर्मी का असर लोगों की सेहत पर ज्यादा पड़ रहा है।
डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है।

बस में छिपाकर लाई जा रही 72हजार ट्रामाडोल-कैप्सूल की खेप: एक तस्कर गिरफ्तार, आगरा से महवा लाई जा रही थी प्रतिबंधित दवा – Jaipur News
“नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) राजस्थान यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ने आगरा से महवा लाई जा रही 72 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीबीएन को खुफिया सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बस से प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप लेकर आगरा से महवा की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर सीबीएन जयपुर के अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर बस की निगरानी और कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। कड़ी निगरानी के बाद संदिग्ध बस की पहचान कर उसे आगरा-महवा मार्ग पर भरतपुर बाईपास के निकट महवा, जिला दौसा में रोका गया। बस की तलाशी के दौरान एक संदिग्ध यात्री की पहचान की गई। जांच में उसके कब्जे से तीन पॉलीबैग में छिपाकर रखे गए कुल 72,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। सीबीएन अधिकारियों ने पूरी खेप को जब्त कर लिया और आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप कहां से लाई गई थी, किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। सीबीएन अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया तंत्र, सतर्क निगरानी और टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत उसकी कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध तस्करी नेटवर्क और ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह ध्वस्त करना भी लक्ष्य है। गौरतलब है कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। खुफिया सूचना पर बिछाया जाल सूचना मिलते ही सीबीएन जयपुर की टीम सक्रिय हो गई। संदिग्ध बस की पहचान कर भरतपुर बाईपास के पास उसे रोककर तलाशी ली गई, जहां आरोपी के पास से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। आमजन से सहयोग की अपील केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी, नशे या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल सीबीएन को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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दीपिका पादुकोण को स्टार बनाना नहीं था आसान, फराह खान ने दी थी तगड़ी ट्रेनिंग
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आज दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक हैं. सफलता के जिस मुकाम पर वह आज हैं, इसके पीछे लंबी तैयारी और कड़ी मेहनत छिपी थी. अपनी पहली फिल्म पाने के लिए उन्होंने इतनी ही मेहनत की थी. इस बात का खुलासा खुद फिल्ममेकर फराह खान ने किया है.
नई दिल्ली. दीपिका पादुकोण ने एक्टिंग की दुनिया में कदम साल 2007 में आई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से की थी. इस फिल्म में उन्होंने शांति का किरदार निभाकर इतिहास रच दिया था. लेकिन फराह खान ने खुलासा किया है इसके लिए उन्होंने बहुत ट्रेनिंग देनी पड़ी थी.

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में फराह खान ने उन्हें लॉन्च करने के लिए जी तोड़ मेहनत की थी.शाहरुख खान के साथ पहली फिल्म मिलना दीपिका के लिए भी आसान नहीं था.

फराह ने बताया कि उन्होंने दीपिका को एक्टिंग सीखने के लिए भेजा था, उन्हें कथक डांस की ट्रेनिंग दी गई उसके बाद भी 10 दिन सेट पर बुलाया गया था.
दरअसल, फराह खान हाल ही में अपने कुकिंग व्लॉग के एक एपिसोड के लिए दीया मिर्जा के घर गई थीं.
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इसी दौरान उन्होंने बताया था कि बॉलीवुड में डेब्यू के लिए दीपिका को क्या करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि पादुकोण को फिल्म ओम शांति ओम के लिए कास्ट किया था तो पहले उन्हें अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल भेज दिया गया था. उन्हें एक्टिंग की क्लासेस दी गई थी. तब जाकर उन्हें दीपिका से शांति बनाया था.

इस पर फराह खान ने दीपिका पादुकोण के डेब्यू के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि दीपिका को ओम शांति ओम शुरू होने से पहले करीब 3 से 4 महीने तक ट्रेनिंग दी गई थी. सबसे पहले उन्हें अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा गया.

इसके अलावा उनके कई लुक टेस्ट भी किए गए ताकि उनके किरदार को बेहतर से बेहतर तरीके से पेश किया जा सके. उन्होंने ये खुलासा भी किया कि दीपिका की शूटिंग बाकी स्टार के 10 दिन बाद शुरू करवाई गई थी, क्योंकि इन 10 दिनों में दीपिका सिर्फ ऑब्जर्व करती थीं, कौन कैसे काम कर रहा है.

फराह चाहती थीं कि किसी को ये न लगे कि शाहरुख के सामने कोई नई लड़की कंप्लीट नहीं कर पाई, या शाहरुख के साथ अनफेयर लगे. वह उनकी हीरोइन के तौर पर उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार कर रही थीं.

फराह ने ये भी खुलासा किया कि दीपिका को इस दौरान काफी कुछ सीखने को मिला और उसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म में उन्होंने बेहतरीन काम किया. ओम शांति ओम में दीपिका और शाहरुख खान दोनों ने डबल रोल निभाया था. ये साल 2007 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही थी. यहीं से दीपिका के करियर को नई उड़ान मिली थी.
Redmi 17C हुआ लॉन्च, मिलेगी 5160mAh की बैटरी, जानें कितनी है कीमत
Redmi का एक और बजट फ्रेंडली फोन लॉन्च हो गया है। रेडमी का यह स्मार्टफोन 5160mAh की दमदार बैटरी के साथ पेश किया गया है। Redmi 17c के बारे में पिछले कुछ समय से लीक रिपोर्ट सामने आ रही थी। यह पिछले साल आए Redmi 15c का अपग्रेड है। फोन के हार्डवेयर में बड़ा अपग्रेड देखने को मिलेगा। साथ ही, कंपनी ने फोन के डिजाइन में भी बदलाव किया है।
Redmi 17c की कीमत
रेडमी का यह स्मार्टफोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 799 यानी लगभग 12,000 रुपये है। वहीं, इसके टॉप वेरिएंट की कीमत CNY 899 यानी लगभग 13,000 रुपये है। इसे ब्लैक, डानेक्सिया रेड और सी ब्रीज ब्लू कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है।
Redmi 17c के फीचर्स
चीनी कंपनी का यह स्मार्टफोन 6.88 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूसन 720 x 1620 पिक्सल है। डिस्प्ले का रिफ्रेश रेट 120Hz है और 240Hz टच सैम्पलिंग रेट को सपोर्ट करता है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 600 निट्स तक की है। इस स्मार्टफोन में कंपनी ने ऑक्टाकोर MediaTek Helio G81 Ultra चिपसेट दिया है। इसके साथ 4GB रैम और 128GB स्टोरेज तक का सपोर्ट मिलेगा।
इस स्मार्टफोन के बैक में 13MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा। कनेक्टिविटी के लिए इस फोन में 4G, VoLTE, WiFi 6, Bluetooth 5.4, 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा। यह फोन 5,160mAh की बैटरी के साथ आता है। इसके साथ 18W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। फोन Android 16 पर काम करता है।
Redmi 15c के फीचर्स
Redmi 15c को भी कंपनी ने MediaTek Helio G81 Ultra चिपसेट के साथ लॉन्च किया था। इसमें 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। रेडमी का यह बजट फोन 6.9 इंच का डिस्प्ले मिलता है। इस फोन का डिस्प्ले भी 120Hz रिफ्रेश रेट और 660 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है।
रेडमी के इस फोन के बैक में 50MP का मेन कैमरा दिया गया है। वहीं, सेल्फी के लिए 8MP का कैमरा मिलेगा। यह स्मार्टफोन 6000mAh की दमदार बैटरी को सपोर्ट करता है। इसके साथ 33W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है।
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राजेश एक्सपोर्ट्स पर ED का शिकंजा, बेंगलुरु में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
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देश की प्रमुख ज्वेलरी निर्यातक कंपनियों में शामिल राजेश एक्सपोर्ट्स की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कंपनी और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में SEBI ने कंपनी के कुछ वित्तीय लेनदेन और रिपोर्टिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. मामले ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
राजेश एक्सपोर्ट्स के ठिकानों पर ED की कार्रवाई. (Representative Image: AI)
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार सुबह से बेंगलुरु में राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं. कार्रवाई सुबह शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही. हालांकि एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर तलाशी के दायरे और बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.
SEBI की हालिया कार्रवाई के बाद बढ़ी जांच
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब बाजार नियामक SEBI ने हाल ही में कंपनी से जुड़े कुछ वित्तीय मामलों पर सवाल उठाए थे. नियामक ने अपने आदेश में कई स्तरों वाले लेनदेन और संबंधित संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय व्यवहार की जांच की जरूरत बताई थी. SEBI ने कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग से जुड़े कुछ पहलुओं को लेकर भी चिंता जताई थी. माना जा रहा है कि इन्हीं मुद्दों के आधार पर अब अन्य एजेंसियां भी मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.
वित्तीय लेनदेन पर उठे थे सवाल
नियामक संस्था द्वारा जारी आदेश में कथित तौर पर कई जटिल लेनदेन संरचनाओं का उल्लेख किया गया था. जांच में यह देखने की कोशिश की जा रही है कि विभिन्न संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय लेनदेन नियमों के अनुरूप थे या नहीं. इसके अलावा कुछ वित्तीय आंकड़ों और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. इन आरोपों के सामने आने के बाद कंपनी का नाम चर्चा में आ गया और निवेशकों के बीच भी उत्सुकता बढ़ गई.
ED किन पहलुओं की कर रही है पड़ताल?
सूत्रों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय फिलहाल उन बिंदुओं की जांच कर रहा है जिनका उल्लेख पहले नियामकीय कार्रवाई में किया गया था. एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि संबंधित लेनदेन की वास्तविक प्रकृति क्या थी और उनमें किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि जांच किस चरण में है और किन-किन दस्तावेजों या रिकॉर्ड को एजेंसी ने अपने कब्जे में लिया है. जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर अधिक साफ हो सकेगी.
निवेशकों की नजर आगे की कार्रवाई पर
राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ी इस कार्रवाई पर अब निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है. किसी भी बड़ी सूचीबद्ध कंपनी के खिलाफ नियामकीय और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है. फिलहाल कंपनी या उसके प्रमोटर्स की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, कंपनी का पक्ष और नियामकीय प्रक्रियाओं की दिशा इस पूरे मामले की आगे की तस्वीर तय करेगी. फिलहाल इतना तय है कि राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ा यह मामला बाजार में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है और इसकी हर नई जानकारी पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें


