Tuesday, September 8, 2026
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बरेली में किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा अभियान: 12 स्कूलों में BOGS और स्वास्थ्य विभाग देगा जागरूकता की खुराक – Bareilly News




बरेली ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (BOGS), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), UPCOG और विमेंस वेलफेयर कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आज आईएमए हॉल में ‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस जिला स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है। CMO ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विश्राम सिंह ने अभियान की स्टैंडी का अनावरण कर किया। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित किशोर स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए BOGS के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान डिप्टी CMO डॉ. लईक अंसारी और ACMO डॉ. अमित सिंह ने पहल को किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। IMA अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव और सचिव डॉ. अंशु अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित रहे। एक दर्जन स्कूलों का चयन
अभियान के तहत शहर के 10 से 12 चयनित स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में BOGS के दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पहुंचेगी। ये सत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होंगे: एनीमिया की पहचान, उपचार, आयरन और सही पोषण का महत्व। सर्वाइकल कैंसर से बचाव, स्क्रीनिंग और HPV वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता। किशोरावस्था से जुड़ी शारीरिक समस्याओं व स्त्रीरोग संबंधी शंकाओं का समाधान। BOGS अध्यक्ष डॉ. लतिका अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल भाषण देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्राओं के साथ खुला संवाद स्थापित करेगा ताकि वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें। BOGS सचिव डॉ. अनीता नाथ ने कहा कि पहले चरण में 1,000 छात्राओं तक सीधी पहुंच बनाने का लक्ष्य है। अभियान का स्वरूप और इसके प्रमुख लाभ
‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ मुख्य रूप से स्कूल जाने वाली 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक जमीनी अभियान है। इसमें विशेषज्ञ महिला चिकित्सक सीधे स्कूलों में जाकर छात्राओं से संवाद करेगी। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:
एनीमिया की समय रहते पहचान व रोकथाम: छात्राओं को खून की कमी (एनीमिया) के लक्षणों, आयरन युक्त पोषण और सही खान-पान की जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी शारीरिक कमजोरी और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी दूर होगी। सर्वाइकल कैंसर से समय से बचाव: किशोरियों और उनके अभिभावकों को एचपीवी (HPV) वैक्सीन के महत्व और सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतों के बारे में सही चिकित्सकीय जानकारी मिलेगी। झिझक मिटाने वाला खुला संवाद: विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञों से सीधे बातचीत होने से छात्राएं पीरियड्स (माहवारी) और शारीरिक बदलावों से जुड़ी व्यक्तिगत समस्याएं बिना किसी संकोच के साझा कर सकेंगी। सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: स्वास्थ्य विभाग और BOGS के तालमेल से किशोरियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे स्कूल स्तर पर मिल सकेगा। स्वस्थ मातृत्व की मजबूत नींव: किशोरावस्था में बेहतर पोषण और स्वास्थ्य की समझ आगे चलकर एक स्वस्थ महिला, सुरक्षित मातृत्व और मजबूत समाज का निर्माण करती है। कार्यक्रम में डॉ. लता अग्रवाल, डॉ. नीरा अग्रवाल, डॉ. दरक्षा, डॉ. अनुजा सिंह, डॉ. प्रगति, डॉ. मीरा वैश्य, डॉ. कोमल कक्कड़ सहित कई वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ मौजूद रहीं। ‘स्वस्थ किशोरी, स्वस्थ महिला, स्वस्थ समाज’ के संदेश के साथ संस्था ने इस पहल को एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में अहम कदम बताया।



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आस‍िम मुनीर हुए ट्रंप के दुलारे तो ज‍िनपिंग बंद करने लगे अपनी त‍िजोरी


आचार्य चाणक्‍य कहते थे क‍ि दुष्‍ट आदमी से दोस्‍ती से अच्‍छा है क‍ि दुश्मन से म‍ित्रता कर लो. चीन इसे समझ नहीं पाया और पाक‍िस्‍तान से दोस्‍ती कर बैठा. नतीजा जो चाणक्‍य कह गए थे, वही हुआ. खुद को सदाबहार दोस्‍त कहने वाले पाक‍िस्‍तान के आर्मी चीफ आस‍िम मुनीर चीन की पीठ में खंजर घोंपकर डोनाल्‍ड ट्रंप की ड‍िनर टेबल पर जाकर बैठ गए. अब जब चीन को धोखे का एहसास हुआ तो रिश्ते तोड़ने लगा. Nikkei Asia की र‍िपोर्ट बता रही क‍ि पाक‍िस्‍तान के ज‍िन प्रोजेक्‍ट्स में चीन की कंपन‍ियां अंधाधुंध पैसे लगा रही थीं, अब ह‍िसाब क‍िताब कर रही हैं. वहां से न‍िकलने की राह देख रही हैं. कुछ बड़े प्रोजेक्‍ट तो बंद भी हो गए हैं. चीन पूछ रहा है, भाई मेरा पैसा कहां फंसा है और रिटर्न कहां है?

रिपोर्ट के मुताबिक, पावर चाइना की एक सब्सिडियरी कंपनी पहले पाकिस्तान की बड़ी बिजली कंपनी फैसलाबाद इलेक्‍ट्र‍िक सप्‍लाई कंपनी को खरीदने का प्‍लान बना रही थी. सबकुछ लगभग तय हो चुका था. लेकिन अचानक उसने अपने कदम पीछे खींच ल‍िए हैं. एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि यह चीन की पाक‍िस्‍तान में घटती द‍िलचस्‍पी का संकेत है. लेकिन कहानी सिर्फ FESCO तक सीमित नहीं है.

चीन ने पाक‍िस्‍तान में सड़कें-हाईवे, पोर्ट्स में जमकर पैसा लगाया. लेकिन कहते हैं क‍ि सबसे ज्‍यादा उसकी द‍िलचस्‍पी इलेक्‍ट्र‍िस‍िटी में थी. CPEC प्रोजेक्‍ट के तहत चीन और उसकी कंपनियों ने पाकिस्तान में बड़े-बड़े कोयला बिजलीघर, हाइड्रोपावर और विंड प्रोजेक्ट्स खड़े किए. आज CPEC की ल‍िस्‍ट में साहीवाल का 1,320 मेगावाट कोयला बिजलीघर, पोर्ट कासिम का 1,320 मेगावाट प्लांट, हब का 1,320 मेगावाट प्लांट, थार के प्रोजेक्ट्स, करोट का 720 मेगावाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और सुकी किनारी का 884 मेगावाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट चीन ने बनाए.

पोर्ट कासिम प्रोजेक्ट से समझ‍िए

पोर्ट कासिम प्रोजेक्ट में पावर चाइना की भागीदारी रही है. कहा तो यहां तक जाता है क‍ि इस कंपनी ने करीब 2.085 अरब डॉलर इस प्रोजक्‍ट में लगाए हैं. यानी चीन ने पाकिस्तान से सिर्फ दोस्ती के फोटो नहीं खिंचवाए थे, बिजली के तारों में भी अरबों डॉलर फंसा रखे हैं. लेकिन अब वही बिजली पाकिस्तान के लिए मुसीबत बन गई है. समस्या यह है कि पाकिस्तान का पावर सेक्टर अब एक बड़े जाल में फंस चुका है.

बिजली में घाटा जून 2024 में ही 2.4 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये था. इसके बाद बिजली ब‍िल में 30-35 फीसदी तक ऐसे चार्ज जोड़ द‍िए गए, जिसका बिजली से कोई लेना देना ही नहीं. और पैसा देना पड़ रहा है पावर प्‍लांट्स को. यह देखकर चीनी कंपनी वहां से भागने की कोश‍िश कर रही है.

जब बिजली के दाम बढ़ रहे थे, उसी समय चीन की फैक्ट्रियां दुनिया को सस्ते सोलर पैनल से भर रही थीं. पाकिस्तान में पहुंच रहे सोलर पैनल की कीमत 2017 में करीब 0.35 डॉलर प्रति वाट थी, जो 2025 तक घटकर करीब 0.08 डॉलर प्रति वाट रह गई. नतीजा? पाकिस्तानियों ने खूब सोलर पैनल लगा ल‍िए.

चीन की K-Electric डील भी टूटी

2025 में शंघाई इलेक्‍ट्र‍िक पावर ने K-Electric में 66.4 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने की करीब 1.77 अरब डॉलर की डील खत्म कर दी थी. यह डील 2016 से लटकी हुई थी. चीनी कंपनी ने कहा कि पाकिस्तान के कारोबारी माहौल में बदलाव और डील की शर्तें पूरी न होने के कारण उसने अधिग्रहण खत्म करने का फैसला किया. यानी एक तरफ FESCO में चीनी बोलीदाता पीछे हटा और दूसरी तरफ K-Electric जैसी बड़ी यूटिलिटी में चीन की पुरानी अधिग्रहण कोशिश पहले ही खत्म हो चुकी थी.

ग्‍वादर का बिजलीघर भी अटका

ग्‍वादर में 300 मेगावाट का पावर प्‍लांट बनना था. यह CPEC के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है, लेकिन 2026 में इसके चीनी स्‍पांसर ने कह द‍िया क‍ि ऐसा नहीं लगता क‍ि यह चल भी पाएगा, और पीछे हट गया.

कर्ज में पहले से डूबा, और मांग रहा भीख

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब अब अमेरिका से फंडिंग और निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने चीन पर निर्भरता कम करने और अमेरिकी संस्थानों से फंडिंग हासिल करने के लिए जी हजूरी शुरू कर दी है.

सबसे बड़ा संकेत यह है कि पाकिस्तान फिलहाल चीन से नए कर्ज मांगने से बच रहा है. पाक‍िस्‍तान पर कुल विदेशी कर्ज का 23 फीसदी अकेले चीन ने दे रखा है. पाकिस्तान अमेरिका की एक्‍सपोर्ट इंपोर्ट बैंक और डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन जैसी संस्थाओं से संभावित फंडिंग और निवेश तलाश रहा है. लेकिन दोनों के बीच र‍िश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.



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अस्पताल में फोर्थ ग्रेड कर्मी ने मरीज को लगाए टांके: मोतिहारी में वीडियो वायरल होने पर CS बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई – Motihari (East Champaran) News




बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठे हैं। मोतिहारी के पहाड़पुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक फोर्थ ग्रेड कर्मी ने मरीज को टांके लगाए। इसका वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में कृष्णा नाम का एक फोर्थ ग्रेड कर्मी मरीज का इलाज करते और टांके लगाते दिख रहा है। फोर्थ ग्रेड कर्मी ने बच्चे को टांके लगाए जानकारी के अनुसार, एक किशोर के सिर में गंभीर चोट लगी थी। उसका सिर फट गया था। वह अपने पिता के साथ इलाज के लिए पहाड़पुर सीएचसी पहुंचा था। वहां तैनात फोर्थ ग्रेड कर्मी ने उस बच्चे को टांके लगा दिए। अस्पताल में मौजूद किसी अन्य मरीज के परिजन ने इसका वीडियो बना लिया। यह वीडियो सामने आने के बाद लोग स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। दोषियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई इस मामले पर सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में प्रशिक्षित एएनएम और जीएनएम मौजूद हैं। इसके बावजूद फोर्थ ग्रेड कर्मी द्वारा टांके लगाना जांच का विषय है। इसकी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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सांप भगाने जलाई आग से पटाखे फूटे, युवक झुलसा: दमोह के किल्लाई गांव में हादसा, गंभीर हालत में एडमिट – Damoh News




दमोह के किल्लाई गांव में मंगलवार शाम एक घर में रखे पटाखों में आग लगने से विस्फोट हो गया। इस हादसे में 30 साल का निहाल कुंचबदिया गंभीर रूप से झुलस गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गनीमत रही पटाखे कम मात्रा में रखे थे जिससे घर के अन्य सदस्य इस हादसे में घायल होने से बच गए। नहीं तो कोई बड़ी घटना भी घटित हो सकती थी सांप भागने के लिए जलाई थी आग देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि निहाल के घर में लैट्रिन के पास पटाखे रखे थे। शाम के समय एक सांप घर में घुस आया था। सांप को भगाने के लिए निहाल ने आग जलाई और मिर्च पाउडर जलाया। मिर्च जलाने के दौरान पटाखों में आग लग गई और तेज धमाका हुआ। निहाल पटाखों के पास ही खड़ा था, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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आम-नींबू का अचार छोड़िए, इस बार बनाएं कटहल का चटपटा अचार, स्वाद ऐसा कि…

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कच्चे कटहल से बना चटपटा अचार खाने का स्वाद दोगुना कर देता है. सरसों के तेल और मसालों से तैयार यह देसी अचार रोटी, पराठे और दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है.

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घर के खाने के साथ अचार मिल जाए तो साधारण खाना भी स्वादिष्ट लगने लगता है. अगर आप आम, नींबू और मिर्च के अचार से कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो कच्चे कटहल का अचार ट्राई कर सकते हैं. इसमें कटहल को मसालों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद खट्टा, मसालेदार और चटपटा हो जाता है. इसे बनाने के लिए ज्यादा मुश्किल सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती.

इस अचार के लिए करीब 1 किलो कच्चा कटहल लें. इसके अलावा 4 से 5 बड़े चम्मच सरसों, 2 बड़े चम्मच सौंफ, 1 बड़ा चम्मच मेथी दाना, 1 से 2 बड़े चम्मच कलौंजी, 2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर और स्वादानुसार नमक लें. अचार का स्वाद बढ़ाने के लिए 3 से 4 बड़े चम्मच सिरका या नींबू का रस लिया जा सकता है. करीब 1 से 1.5 कप सरसों का तेल भी चाहिए.

सबसे पहले कटहल तैयार करें

कच्चे कटहल को काटना थोड़ा मुश्किल होता है, इसलिए हाथ और चाकू पर थोड़ा तेल लगा लें. कटहल का छिलका हटाकर उसे मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें. अब इन टुकड़ों को अच्छी तरह धोकर पानी सुखा लें. इसके बाद कटहल को हल्का उबाल सकते हैं, लेकिन उसे पूरी तरह गलाना नहीं है. बस इतना पकाएं कि टुकड़े थोड़े नरम हो जाएं और अपना आकार बनाए रखें. अब इन्हें कपड़े या प्लेट पर फैलाकर अच्छी तरह ठंडा और सुखा लें.

मसाला तैयार करने का तरीका

एक पैन में सरसों, सौंफ और मेथी दाने को हल्का सा भून लें. इन्हें ज्यादा काला नहीं करना है. ठंडा होने के बाद इन मसालों को दरदरा पीस लें. अब एक बड़े बर्तन में कटहल के टुकड़े डालें और इसमें पिसे हुए मसाले, कलौंजी, लाल मिर्च, हल्दी और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं.

ऐसे लगेगा अचार का असली स्वाद

अब सरसों के तेल को पैन में गर्म करें. जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए तो गैस बंद करके इसे थोड़ा ठंडा होने दें. हल्का गुनगुना तेल कटहल और मसालों के ऊपर डालें. इसके बाद इसमें सिरका या नींबू का रस डालकर सभी चीजों को अच्छे से मिला लें. ध्यान रखें कि कटहल के हर टुकड़े पर मसाला और तेल अच्छी तरह लग जाए.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

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दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी: सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा




सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले नेताओं में शामिल प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई अब करीब ₹11 करोड़ बढ़ जाएगी। वोंग को फिलहाल सालाना करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) मिलते हैं। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा का इजाफा होगा। तुलना करें तो भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी करीब ₹20 लाख है। इस हिसाब से वोंग की नई सालाना कमाई मोदी की सैलरी से करीब 135 गुना ज्यादा होगी। मंत्रियों की सैलरी भी बढ़ेगी अभी सिंगापुर के मंत्रियों को सालाना करीब 11 लाख सिंगापुर डॉलर (₹8.20 करोड़) मिलते हैं। नई व्यवस्था में यह बढ़कर करीब 12 लाख डॉलर (₹8.95 करोड़) हो जाएगी। वोंग के मुताबिक, मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक ज्यादातर मंत्रियों की सालाना कमाई 13.5 लाख डॉलर (करीब ₹10 करोड़) तक पहुंच सकती है। सैलरी का कुछ हिस्सा सरकार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। रोजगार बढ़ाने, लोगों की आय बढ़ाने और GDP ग्रोथ जैसे लक्ष्यों को हासिल करने पर उनकी कमाई बढ़ सकती है। सरकार का तर्क- ज्यादा सैलरी से भ्रष्टाचार कम होगा सिंगापुर सरकार लंबे समय से मंत्रियों को ज्यादा सैलरी देने के फैसले का बचाव करती रही है। सरकार का कहना है कि मंत्रियों को अच्छी सैलरी मिलनी चाहिए, ताकि योग्य लोग राजनीति में आएं और भ्रष्टाचार से दूर रहें। सिंगापुर दुनिया के सबसे कम भ्रष्ट देशों में शामिल है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भी वह लगातार ऊंची रैंकिंग पर रहा है। सरकार इसे अपनी ऊंची सैलरी वाली व्यवस्था के पक्ष में एक उदाहरण मानती है। आम लोगों में नाराजगी, नौकरी और महंगाई को लेकर चिंता सिंगापुर में मंत्रियों की इतनी ज्यादा सैलरी लंबे समय से विवाद का मुद्दा रही है। आम लोगों की कमाई इसके मुकाबले काफी कम है। देश में औसत सालाना आय 5,775 सिंगापुर डॉलर यानी करीब ₹4.30 लाख है। इस बार भी सैलरी बढ़ाने के फैसले की आलोचना हुई। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने कहा कि सरकार ने आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज किया है। लोगों को नौकरी जाने, नए ग्रेजुएट्स को नौकरी मिलने और बढ़ती महंगाई की चिंता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछली तिमाही में नौकरी गंवाने वालों की संख्या 5 साल से ज्यादा समय में सबसे ज्यादा रही।
हालांकि, कुछ लोगों ने सरकार के फैसले का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि देश चलाने के लिए ‘सबसे अच्छे लोगों’ को जिम्मेदारी देना जरूरी है। ———————



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प्रोटीन के लिए वेजिटेरियन लोग रोजाना खाएं ये 4 चीजें, गैस्ट्रो डॉक्टर से जानें


अगर आप वेजिटेरियन हैं तो रोजाना के प्रोटीन इनटेक के लिए आपको 5 चीजों को अपने खाने की प्लेट में जरूर शामिल करना चाहिए। ये चीजें खुद गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने शेयर की हैं। 

बहुत से लोगों का मानना है कि प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने वाले लोगों के लिए जरूरी है। जबकि ये सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर के सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी है। नॉन वेजिटेरियन लोग प्रोटीन की पूर्ति के लिए अंडा और चिकन चीजों को खा लेते हैं लेकिन जो लोग सिर्फ वेजिटेरियन खाना खाते हैं उन्हें समझ नहीं आता की वह प्रोटीन की मात्रा सही रखने के लिए किन चीजों को खाएं। ऐसे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने 5 ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जो वेजिटेरियन लोगों को अपनी डायट में शामिल करनी चाहिए। हालांकि, इन चीजों के साथ ही इस आर्टिकल में जानिए कि आखिर प्रोटीन क्या है और ये शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं।

क्या है प्रोटीन और ये क्यों जरूरी है?

प्रोटीन एक मैक्रोन्यूट्रिएंट है, जो छोटे-छोटे अमीनो एसिड से बना होता है। शरीर इन अमीनो एसिड का इस्तेमाल कोशिकाओं, मांसपेशियों, एंजाइम, हार्मोन और कई जरूरी चीजों को बनाने और उनकी मरम्मत के लिए करता है। त्वचा, बाल, नाखून और शरीर के कई ऊतक प्रोटीन से जुड़े होते हैं। इसके अलावा हमारे इम्यून सिस्टम में कई जरूरी प्रोटीन शामिल होते हैं। जो पर्याप्त और संतुलित पोषण बनाने के अलावा शरीर को संक्रमणों से लड़ने वाली इम्यूनिटी को बनाए रखने में मदद करते हैं।

प्रोटीन के लिए क्या खाएं

1) ग्रीक योगर्ट

ये एक बेहतरीन चॉइस है क्योंकि इसके हर 100 ग्राम में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। इसके अंदर प्रोबायोटिक्स होते हैं जो गट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं। इसे सामान्य दही को छानकर बनाया जाता है, जिससे उसका पानी कुछ हद तक निकल जाता है और वह ज्यादा गाढ़ा हो जाता है।

2) सोया चंक्स

ये एक पावरफुल वेजिटेरियन प्रोटीन ऑप्शन है। हर 100 ग्राम सूखे सोया चंक्स में 50 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें ल्यूसिन की भी अच्छी मात्रा होती है जो एक अमीनो एसिड है। जो मसल्स रिपेयर और ग्रोथ में मददगार साबित होता है। सुबह के नाश्ते में आप सोया चंक्स की टिक्की या रैप बनाकर खा सकते हैं।

3) पनीर, कोटेज चीज और टोफू

100 ग्राम पनीर में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। 100 ग्राम कोटेज चीज में 11 ग्राम प्रोटीन होता है और 100 ग्राम टोफू में 10 ग्राम प्रोटीन होता है। इन तीनों चीजों को खाने पर आपको एक बात का ख्याल रखना होगा कि पनीर में फैट और कैलोरी भी हो सकती हैं। अगर वजन कम करना लक्ष्य है, तो कम-फैट वाला पनीर अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है।

4) दाल, बीन्स और चने

ये भले ही दूसरी चीजों की तरह बहुत ज्यादा मात्रा में प्रोटीन से भरपूर ना हो लेकिन इनमें प्रोटीन के साथ फाइबर की अच्छी मात्रा होती है और ये गट हेल्थ के लिए सुपफूड हैं। दाल में प्रोटीन कितना है ये दाल और पानी की मात्रा के अनुसार बदलता है।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।



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OnePlus का सबसे सस्ता 5G स्मार्टफोन Amazon पर हुआ लिस्ट, जल्द भारत में होगा लॉन्च


OnePlus N6 सीरीज का एक और सस्ता फोन जल्द भारत में लॉन्च किया जाएगा। इस फोन को ई-कॉमर्स वेबसाइट अमेजन पर लिस्ट किया गया है। इस फोन के लिए कंपनी ने डेडिकेटेड माइक्रोपेज बनाया है, जहां फोन की झलक देखी जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वनप्लस का यह फोन इस महीने के आखिर तक भारत में लॉन्च हो सकता है। यह अब तक लॉन्च हुआ वनप्लस का सबसे सस्ता फोन हो सकता है।

OnePlus N6 सीरीज में कंपनी दो सस्ते 5G फोन भारत में पहले ही लॉन्च कर चुकी है। चीनी ब्रांड भारत में OnePlus N6 और OnePlus N6x लॉन्च कर चुका है, जिसकी कीमत 20,000 रुपये की प्राइस रेंज में है। जुलाई की आखिर में कंपनी ने OnePlus N6x 5G लॉन्च किया है, जो 7000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। अब कंपनी इस सीरीज में OnePlus N6 Lite 5G पेश करने वाली है। इस फोन की कीमत भी 20,000 रुपये की रेंज में आ सकता है।

OnePlus ने ई-कॉमर्स वेबसाइट Amazon पर अपने अपकमिंग फोन को लिस्ट किया है। इस फोन के लिए डेडिकेटेड माइक्रो पेज बनाया गया है। लिस्टिंग के मुताबिक, यह फोन इसी महीने भारत में लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ कंपनी ने ‘Coming Soon’ टैग यूज किया है। हालांकि, लिस्टिंग में फोन की लॉन्च डेट आधिकारिक तौर पर कंफर्म नहीं की गई है। 

जल्द भारत में होगा लॉन्च

वनप्लस के अपकमिंग फोन के टीजर में इसका फ्लैट डिस्प्ले पैनल देखा जा सकता है। अमेजन पर इस फोन को OnePlus N6 Lite से जुड़ी लीक रिपोर्ट सामने आने के बाद लिस्ट किया गया है। यह फोन भी भारत में 4GB रैम के साथ पेश किया जा सकता है। यह OnePlus परिवार का अब तक लॉन्च हुआ सबसे सस्ता फोन हो सकता है। 

OnePlus N6x के फीचर्स

वनप्लस ने इस बजट फ्रेंडली 5G स्मार्टफोन को 18,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है। इसमें मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो यह फोन 6.8 इंच के HD+ LCD डिस्प्ले के साथ आता है, जिसका रेजलूशन 720 x 1570 पिक्सल है। फोन के डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 900 निट्स तक की है और यह 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। कंपनी ने फोन की बॉडी में मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी दी है। फोन 7000mAh की बैटरी 15W USB Type C चार्जिंग जैसे फीचर्स से लैस है। इस फोन को Android 16 पर बेस्ड OxygenOS पर काम करता है। इसमें 13MP का मेन और 5MP का सेल्फी कैमरा भी दिया गया है।

यह भी पढ़ें – एप्पल के पहले फोल्डेबल आईफोन की कीमत हुई लीक, जानें कितने में होगा लॉन्च





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PM बोले- UPI भारत के बदलाव की कहानी: 10 साल पहले बैंक अकाउंट फिंगर टिप पर लाने पर किसी को यकीन नहीं था, आज ये हकीकत


मुंबई40 मिनट पहले

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ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने के बाद पीएम ने फेस्ट को संबोधित किया।

पीएम मोदी ने मंगलवार शाम ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन किया। पीएम ने कहा- UPI भारत के विकास की कहानी है। 10 साल पहले बैंक अकाउंट फिंगर टिप पर लाने पर किसी को यकीन नहीं था, लेकिन आज ये हकीकत बन चुका है। उन्होंने कहा-

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हमें उन देशों में भी UPI का विस्तार करना चाहिए, जिनके साथ भारत व्यापार करता है। भारत और सिंगापुर के बीच UPI से लेन-देन करना उतना ही आसान हो गया है, जितना दो भारतीय शहरों के बीच होता है।

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पीएम के स्पीच की पांच बड़ी बातें…

  • पीएम ने कहा- आज दुनिया संघर्षों और अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही है। ऊर्जा और वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव है। यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है, और अप्रैल से जून की तिमाही विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही है। ऐसे समय में, जब भारत 7.8% की दर से विकास करता है, तो विश्व को एक नया विश्वास मिलता है।
  • हमारी संप्रभु रेटिंग भारत में बढ़ते भरोसे का एक और उदाहरण है। हाल ही में, जापान की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने भारत की संप्रभु रेटिंग को ‘ए’ श्रेणी में अपग्रेड किया है। बहुत कम लोग जानते हैं कि यह तीन दशकों, यानी 30 वर्षों के बाद संभव हुआ है।
  • भारत की फिनटेक गाथा अद्भुत रही है। यूपीआई इसका एक बड़ा उदाहरण है। यह इतना बड़ा परिवर्तन है कि जब भी फिनटेक पर चर्चा होगी, यूपीआई के बिना यह अधूरी होगी।
  • दस साल पहले, जब मैं कहता था कि आपका बैंक आपकी उंगलियों पर होगा, तो कुछ लोगों को यह असंभव लगता था। मैं जानकार लोगों की बात कर रहा हूं; उनके चेहरे याद कीजिए। जिस समय हम यहां बैठे हैं, लगभग 50,000 यूपीआई लेनदेन हो चुके होंगे।
  • फिनटेक सम्मेलन में हर बार भाग लेने के साथ विकसित भारत के लक्ष्य में उनका विश्वास और मजबूत होता जा रहा है। “जब भी मैं यहाँ आता हूं, मुझे और अधिक ऊर्जा मिलती है, अधिक युवा दिखाई देते हैं तो संभावनाओं का दायरा बढ़ता हुआ दिखाई देता है। ऐसा लगता है जैसे जोखिम लेने की क्षमता पर बोझ कम हो रहा है और सपने साकार होते नज़र आ रहे हैं।
फेस्ट का निरीक्षण करते हुए पीएम मोदी।

फेस्ट का निरीक्षण करते हुए पीएम मोदी।

पीएम मोदी ने लगातार तीसरी साल फेस्ट का शुभारंभ किया।

पीएम मोदी ने लगातार तीसरी साल फेस्ट का शुभारंभ किया।

2020 में शुरू हुआ था ग्लोबल फिनटेक फेस्ट

GFF को 2020 में आकार दिया गया था। इसमें नीति, नियम, तकनीक और उद्योग से जुड़े लोग एक मंच पर साथ आते हैं। केंद्रीय बैंक, वित्तीय संस्थान, टेक कंपनियों समेत कई वैश्विक विशेषज्ञ इकोनॉमी पर चर्चा करते हैं।

इसका मकसद डिजिटल पेमेंट और वित्तीय समावेशन में भारत की भूमिका मजबूत करना और नई संभावनाओं को जमीनी असर में बदलना है।

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PM मोदी का जेन-जी संवाद, धुरंधर के गाने पर एंट्री:अगले साल 7 राज्यों में चुनाव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में जेन-जी से 25 मिनट संवाद किया। इस कार्यक्रम के लिए 6 हजार युवाओं को बुलाया गया था। मोदी ने युवाओं से झूठे दावों और भ्रामक बातों से बचने की अपील की। पूरी खबर पढ़ें…



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रील बनाते समय ओवरब्रिज से 40 फीट नीचे गिरा युवक: ऑटो रिक्शा पर गिरने से बची जान, VIDEO; गुजरात के सूरत की घटना


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सूरत6 मिनट पहले

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युवक के ब्रिज से ऑटो पर गिरने का सीसीटीवी फुटेज।

गुजरात के सूरत शहर में रील बनाने के चक्कर में एक युवक 40 फीट ऊंचे ओवरब्रिज से नीचे गिर गया। खुशकिस्मती से वह एक ऑटो रिक्शा के शेड पर गिरा था, जिससे उसकी जान बच गई। मामला सोमवार का है, जिसका सीसीटीवी फुटेज आज सामने आया है।

दोस्त के साथ ब्रिज पर रील बना रहा था

मूल रूप से बिहार का रहने वाला 21 साल का मोनू अपने दोस्त के साथ रील बनाने किम रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंचा था। दोनों रील बनाने ब्रिज के पिलर पर चढ़ गए।

इसी दौरान मोनू का बैलेंस बिगड़ गया और वह नीचे ऑटो पर जा गिरा। गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसकी मदद की।

सूचना मिलते ही किम पुलिस थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई थी। टीम उसे पास के अस्पताल ळे गई। युवक के हाथ-पैर में मामूली चोटें थीं। पुलिस ने समझाइश देकर उसे छोड़ दिया।

ओवरब्रिज के इसी पिलर पर खड़े होकर बना रहे थे रील।

ओवरब्रिज के इसी पिलर पर खड़े होकर बना रहे थे रील।

ओवरब्रिज के नीचे खड़ा ऑटो रिक्शा, जिसके शेड पर युवक गिरा।

ओवरब्रिज के नीचे खड़ा ऑटो रिक्शा, जिसके शेड पर युवक गिरा।

ऑटो पर गिरने के बाद युवक खुद ही उठा। आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए थे।

ऑटो पर गिरने के बाद युवक खुद ही उठा। आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए थे।

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रील बनाते समय इटमा वाटरफॉल में गिरा युवक, मौत: रीवा में पोज देते समय पैर फिसलने से गिरा

रीवा के प्रसिद्ध इटमा वाटरफॉल में मंगलवार को युवक का पैर फिसल गया जिससे वह झरने में गिर गया। हादसे में युवक की मौत हो गई। युवक मोहम्मद तनवीर (पिता निसार अहमद) प्रयागराज के अनापुर का रहने वाला था। पूरी खबर पढ़ें…



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