Thursday, May 21, 2026
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आज 17 हजार से अधिक देंगे लेखपाल की परीक्षा: गोरखपुर में बनाए गए है 39 केंद्र, CCTV से होगी निगरानी – Gorakhpur News




गोरखपुर में लेखपाल भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आज यानी बृहस्पतिवार को होगा। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी। इसके लिए शहर में कुल 39 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए 17,832 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सभी संबंधित विभागों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हर परीक्षा केंद्र पर केंद्राध्यक्ष के साथ एक सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई है। वहीं शिक्षा विभाग की ओर से कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराई जाएगी। केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहेगा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ आयोजित कराया जाएगा।



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हनीट्रैप में श्वेता की करीबी बीजेपी नेता रेशु हिरासत में: वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत जुटाने में लगी जांच एजेंसियां; तीनों के टारगेट पर थे रसूखदार – Indore News




शराब कारोबारी हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर से एक करोड़ रुपए की वसूली के लिए धमकाने के मामले में सामने आए हनी ट्रैप-2 ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। मामले की जांच अब सागर निवासी रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के इर्द-गिर्द घूम रही है, जिसे इस नेटवर्क की मुख्य कड़ी माना जा रहा है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां कथित हनी ट्रैप वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत जुटाने में लगी हैं। सूत्रों के अनुसार, राजनीति में सक्रिय होने की महत्वाकांक्षा रखने वाली रेशू ने श्वेता विजय जैन के माध्यम से इंदौर की चर्चित लेडी तस्कर अलका दीक्षित से संपर्क किया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद तीनों ने मिलकर प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई। निमाड़ के नेता को भी बनाया था निशाना जांच में यह भी सामने आया है कि रेशू और उसके साथियों ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी निशाना बनाया था। सूत्रों के मुताबिक, इस नेता का इंदौर स्थित मकान अलका दीक्षित के इलाके में है। जब अलका ने चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, तब उसने अपनी ऊंची पहुंच का हवाला दिया। इसके जवाब में अलका ने कथित हनी ट्रैप वीडियो दिखाते हुए कहा कि जिन बड़े लोगों के नाम लिए जा रहे हैं, उनके वीडियो भी उसके पास मौजूद हैं। इसके बाद मामला भोपाल तक पहुंच गया। 19 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर बताया जा रहा है कि ब्लैकमेलिंग की शिकायत मिलने के 19 दिन बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। चिंटू ठाकुर पहले से ही आजादनगर थाने में हत्या के प्रयास के एक मामले में आरोपी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने दबिश देकर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, पार्टनर लाखन चौधरी, कथित पत्रकार जितेंद्र पुरोहित, श्वेता विजय जैन और संदेही हेड काॅन्स्टेबल विनोद शर्मा को हिरासत में लिया। सूत्रों के अनुसार, जितेंद्र पुरोहित का एक रिश्तेदार पुलिस विभाग में पदस्थ है, जिसने अलका का उज्जैन में जमीन के सौदे को लेकर संपर्क कराया था। रेशू को भी बनाया आरोपी पुलिस ने बुधवार को श्वेता जैन और अलका दीक्षित के साथ रेशू उर्फ अभिलाषा को भी आरोपी बनाया। जानकारी के मुताबिक, रेशू भाजपा के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है। क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि रेशू से पूछताछ की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वह अलका और श्वेता के साथ कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में सक्रिय थी। वहीं हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा से भी देर रात तक पूछताछ हुई। पुलिस को अलका से उसके सीधे संपर्क के संकेत मिले हैं। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे भी आरोपी बनाया जा सकता है। श्वेता जैन ने खुद को बताया बेगुनाह पुलिस रिमांड के दौरान श्वेता जैन ने अधिकारियों को बताया कि अलका और रेशू दोनों उसके संपर्क में थीं। उसने अलका को समझाया था कि जिन लोगों को फंसाने की कोशिश की जा रही है, वे बेहद प्रभावशाली हैं। इसके बावजूद अलका नहीं मानी और उसने श्वेता को भी मामले में उलझा दिया। श्वेता ने खुद को सरकारी गवाह बनाने की इच्छा भी जताई है। वीडियो और डिजिटल सबूत जुटाने में पुलिस हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से रेशू की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक महिला अधिकारियों की टीम उससे लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस की प्राथमिकता रेशू और अलका के पास मौजूद कथित हनी ट्रैप वीडियो, ऑडियो और अन्य डिजिटल सबूत जब्त करने की है। आरोपियों के मोबाइल फोन से कुछ ऑडियो-वीडियो फाइलें भी रिकवर किए जाने की जानकारी सामने आई है। कोर्ट पेशी के दौरान बनी थी साजिश सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन की अलका दीक्षित से जेल में दोस्ती हुई थी। कोर्ट पेशी के दौरान श्वेता, रेशू को लेकर अलका से मिलने पहुंचती थी। इसी दौरान कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क की योजना बनाई गई। रेशू ने अलका को बताया था कि उसके कई नेता, प्रॉपर्टी कारोबारी, फाइनेंसर, शराब कारोबारी और अफसरों से संपर्क हैं, जिन्हें निशाना बनाकर आसानी से रुपए ऐंठे जा सकते हैं।



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पति से झगड़े के बाद ससुराल से भागीं, बेटे के साथ पहुंची मायके, ‘गवाही’ ने बदल दी जिंदगी!


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दिग्गज एक्ट्रेस जीनत अमान ने सोशल मीडिया पर अपनी 1988 की फिल्म ‘गवाही’ से जुड़ी इमोशनल यादें बयां कीं. एक्ट्रेस ने बताया कि वह दौर उनकी शादीशुदा जिंदगी का सबसे मुश्किल समय था, जब वे मानसिक रूप से टूट चुकी थीं और बेटे अजान के साथ अपनी मां के घर रह रही थीं. उन्होंने मुश्किल वक्त में अपनी पहचान के लिए कम बजट की कोर्टरूम ड्रामा को चुना. कठिन सफर में उनकी मां ने उनके बेटे की जिम्मेदारी संभालकर उनका पूरा साथ दिया.

नई दिल्ली: बॉलीवुड की एवरग्रीन एक्ट्रेस जीनत अमान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. वो अक्सर अपनी पुरानी यादें और अनसुने किस्से फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. उन्होंने हाल में अपनी 1988 की फिल्म ‘गवाही’ को याद किया और बताया कि कैसे यह फिल्म उनके निजी जीवन के एक बेहद कठिन दौर से जुड़ी हुई है.

जीनत ने खुलकर बात करते हुए बताया कि यह उस दौर की बात है जब उनके बड़े बेटे अजान का जन्म हो चुका था और छोटा बेटा जहान अभी होने वाला था. उस समय उन्हें लगता था कि शादी और परिवार उनकी जिंदगी को खुशियों से भर देंगे. लेकिन, धीरे-धीरे उनकी शादीशुदा जिंदगी में परेशानियां बढ़ने लगीं और वह मानसिक रूप से काफी टूट चुकी थीं.

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हालात इतने बिगड़ गए कि जीनत अपने बड़े बेटे अजान को साथ लेकर साउथ बॉम्बे अपनी मां के घर रहने चली गईं. वो पहले तो ग्लैमर की दुनिया से दूर जाना चाहती थीं, लेकिन जब निजी जिंदगी में मुश्किलें बढ़ीं, तो उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें अपनी पहचान एक कलाकार के तौर पर वापस पानी होगी.

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कशमकश के बीच जीनत के पास फिल्म ‘गवाही’ का ऑफर आया. यह एक कम बजट की कोर्टरूम ड्रामा फिल्म थी. इसके प्रोड्यूसर विवेक वासवानी और डायरेक्टर अनंत बलानी ने जीनत को कहानी इस तरह सुनाई कि उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के तनाव के बावजूद तुरंत फिल्म के लिए हां कह दिया.

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मुश्किल घड़ी में जीनत की मां उनके लिए सबसे बड़ी ढाल बनीं. मां ने न केवल जीनत को हौसला दिया, बल्कि उनके छोटे बेटे अजान की जिम्मेदारी भी पूरी तरह संभाल ली. जीनत का कहना है कि अगर उस वक्त उनकी मां का साथ न मिलता, तो शायद वो दोबारा कभी कैमरे के सामने नहीं लौट पातीं.

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फिल्म ‘गवाही’ में जीनत ने जाह्नवी कौल नाम की एक ऐसी महिला का रोल प्ले किया था, जिस पर मर्डर का इल्जाम होता है. उनका किरदार एक अमीर बिजनेसमैन की सेक्रेटरी का था, जिसे समाज ‘दूसरी औरत’ की नजर से देखता था. उस बिजनेसमैन की रहस्यमयी मौत के बाद पूरी कहानी कोर्ट के इर्द-गिर्द घूमती है.

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फिल्म की पूरी शूटिंग मुंबई में ही हुई थी और इसमें शेखर कपूर और आशुतोष गोवारिकर जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी काम किया था. जीनत ने बताया कि हाल में जब उन्होंने इस फिल्म को दोबारा देखा, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह फिल्म अपने समय से काफी आगे की थी.

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जीनत अमान के लिए ‘गवाही’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उनके खुद को दोबारा समेटने और खड़े होने की कहानी है. एक्ट्रेस का पोस्ट बताता है कि पर्दे पर हमेशा मुस्कुराने वाले सितारों के पीछे भी एक स्ट्रगल छिपा होता है, जिससे लड़कर वो और मजबूत बनते हैं.

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घर पर खत्म हो गयी सब्जियां, तो प्याज से बनाएं ये 3 तरह की सब्जी, शेफ ने की रेसिपी


 


Pyaz Sabji Recipe: अगर आपके घर में सब्जियां न हों तो आप क्या करते हैं? अगर गर्मी के कारण आप रसोई से दूर रहना चाहते हैं तो आप क्या करते हैं? आप इन 3 प्याज की सब्जियों को आजमा सकते हैं, और हर सब्जी 10 मिनट में बन सकती है! ये न केवल झटपट बनने वाली रेसिपी है, बल्कि आसान भी हैं. इतना ही नहीं स्वादिष्ट और स्वाद में भी लाजवाब होती है.पंकज भदौरिया ने इस वीडियो में दही, मलाई और बेसन के साथ प्याज की सब्जी बनाने की रेसिपी शेयर की है. जिसे आप कभी भी बना सकते हैं.

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मेहरानगढ़ का वो शाही कक्ष, दीवारों पर सोना…पहली नजर में ठहर जाती हैं निगाहें


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Jodhpur Famous Palace: जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किला में स्थित फूल महल आज भी राजपूताना वैभव और शाही संस्कृति की अनोखी झलक दिखाता है. सोने की कारीगरी, शीशों की सजावट, भव्य चित्रकारी और बारीक नक्काशी से सजा यह महल पर्यटकों को खास आकर्षित करता है. कभी राजाओं के निजी दरबार और विशेष मेहमानों के स्वागत का केंद्र रहा.

जोधपुर के ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले में स्थित फूल महल अपनी भव्यता और शाही सजावट के कारण पर्यटकों को पहली नजर में ही आकर्षित कर लेता है. यह महल राजसी ठाठ, सुनहरी कलाकारी और पारंपरिक राजपूत स्थापत्य का शानदार उदाहरण माना जाता है. महल के भीतर प्रवेश करते ही दीवारों और छतों पर बनी बारीक नक्काशी लोगों को मंत्रमुग्ध कर देती है. सोने की परत और शीशों की सजावट इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती है. यहां का माहौल आज भी राजघराने के गौरवशाली इतिहास की झलक दिखाता है. यही वजह है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस शाही हॉल को देखने जरूर पहुंचते हैं.

जोधपुर

फूल महल का निर्माण 18वीं शताब्दी में महाराजा अभय सिंह ने करवाया था. उस समय इस महल का उपयोग राजपरिवार के निजी विश्राम और खास मेहमानों के स्वागत के लिए किया जाता था. महल के हर हिस्से में उस दौर की शाही जीवनशैली साफ दिखाई देती है. भव्य दरबार शैली में बने इस कक्ष में कभी संगीत सभाएं और विशेष आयोजन भी आयोजित होते थे. इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह स्थान मारवाड़ की विरासत को करीब से महसूस करने का अवसर देता है. आज भी यह हॉल राजपूताना गौरव की अनमोल धरोहर माना जाता है.

जोधपुर

फूल महल की सबसे बड़ी खासियत इसकी आकर्षक कलाकृतियां और रंगीन भित्तिचित्र हैं. दीवारों और छतों पर बने चित्र राजपूत काल की परंपराओं, युद्धों और सांस्कृतिक आयोजनों को दर्शाते हैं. महल में मौजूद बारीक शीशा कार्य और सजावटी डिजाइन पर्यटकों को लंबे समय तक अपनी ओर खींचे रखते हैं. यहां की हर दीवार मानो इतिहास की कोई कहानी सुनाती नजर आती है.

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जोधपुर

महल के भीतर रखा चंदन की लकड़ी से बना विशेष शाही आकर्षण पर्यटकों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचता है.हाथीदांत, सोने और कीमती पत्थरों से सजा यह हिस्सा कभी राजसी मेहमानों के स्वागत का केंद्र हुआ करता था. इसकी बारीक कारीगरी उस समय के कलाकारों की अद्भुत कला को दर्शाती है. पर्यटक यहां पहुंचकर इसकी नक्काशी और डिजाइन को बेहद करीब से निहारते हैं.कई लोग इसे फूल महल का सबसे आकर्षक हिस्सा मानते हैं. पारंपरिक राजस्थानी कला का यह अद्भुत नमूना फोटोग्राफी प्रेमियों के बीच भी काफी लोकप्रिय है. शाम की रोशनी में चमकती सुनहरी सजावट इसकी खूबसूरती को और खास बना देती है. कई पर्यटक यहां पहुंचकर लंबे समय तक इसकी कलाकृतियों और नक्काशी को निहारते रहते हैं.

जोधपुर

महल के भीतर रखा चंदन की लकड़ी से बना विशेष शाही आकर्षण भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचता है. हाथीदांत, सोने और कीमती पत्थरों से सजा यह हिस्सा कभी राजसी मेहमानों के स्वागत का केंद्र माना जाता था. इसकी बारीक कारीगरी उस समय के कलाकारों की अद्भुत कला को दर्शाती है. कई लोग इसे फूल महल का सबसे आकर्षक हिस्सा बताते हैं.

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फूल महल आज जोधपुर आने वाले पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल हो चुका है. यहां पहुंचने वाले लोग राजसी स्थापत्य और ऐतिहासिक विरासत को करीब से महसूस करते हैं. शाम ढलते ही महल की खूबसूरती और भी ज्यादा निखरकर सामने आती है. सुनहरी रोशनी में चमकती दीवारें, शीशों की सजावट और कलात्मक छतें लोगों को अलग ही अनुभव कराती हैं.

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फूल महल केवल एक शाही कक्ष नहीं, बल्कि मारवाड़ की समृद्ध संस्कृति और इतिहास का जीवंत प्रतीक माना जाता है. इसकी भव्य वास्तुकला और पारंपरिक सजावट आज भी लोगों को राजपूत काल की याद दिलाती है. जोधपुर शहर से मेहरानगढ़ किले तक आसानी से स्थानीय परिवहन उपलब्ध हो जाता है. वहीं शाम के समय किले से दिखाई देने वाला नीले शहर का दृश्य भी पर्यटकों को बेहद आकर्षित करता है. यही वजह है कि फूल महल आज जोधपुर पर्यटन की खास पहचान बन चुका है.

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सुबोध कुशवाहा आरएलएम कटिहार प्रखंड अध्यक्ष निर्वाचित: शांतिपूर्ण चुनाव में निर्विरोध चयनित – Katihar News




राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) की कटिहार प्रखंड इकाई के अध्यक्ष पद का चुनाव बुधवार को आनंद भवन में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस चुनाव में सुबोध कुशवाहा को निर्विरोध प्रखंड अध्यक्ष चुना गया। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान, निर्वाचन पदाधिकारी ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन आमंत्रित किए। हालांकि, सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से सुबोध कुशवाहा के नाम पर सहमति जताई। इसके बाद, सुबोध कुशवाहा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसमें पुतुल देवी प्रस्तावक और अमन कुमार समर्थक के रूप में शामिल थे। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद, जिला संयोजक और निर्वाचन पदाधिकारी ने सुबोध कुशवाहा को प्रखंड अध्यक्ष का प्रमाण पत्र सौंपा। कार्यकर्ताओं ने माला और बुके भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर, जिला संयोजक उमाकांत आनंद ने बताया कि सुबोध कुशवाहा पहले भी कटिहार प्रखंड अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी। आनंद ने यह भी जानकारी दी कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की नीतियों और विचारों से प्रभावित होकर सहदेव कुशवाहा के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। सभी नए सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। बैठक में कटिहार प्रखंड के सभी पंचायत अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला निर्वाचन पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह, जिला संयोजक उमाकांत आनंद और प्रखंड निर्वाचन पर्यवेक्षक पिंकू कुमार मौजूद थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी दयानंद कुशवाहा ने की।



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मौसम ने बदली किसानों की किस्मत,मंडी में पहुंचते ही फसलों को मिल रहे शानदार भाव


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मौसम ने बदली किसानों की किस्मत,मंडी में पहुंचते ही फसलों को मिल रहे शानदार भाव

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Bhilwara News: भीलवाड़ा मंडी में इन दिनों अनाज की रिकॉर्ड आवक देखने को मिल रही है. गेहूं, चना और सरसों के मजबूत भाव मिलने से किसानों के चेहरे खिले नजर आ रहे हैं. मौसम अनुकूल रहने से फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और मंडी में सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें लग रही हैं.

भीलवाड़ा. भीलवाड़ा की महात्मा ज्योतिबा फुले कृषि उपज मंडी में इन दिनों अनाज की आवक लगातार बढ़ रही है. जिले सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं. मंडी परिसर में सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं. व्यापारियों के अनुसार मौसम साफ रहने और फसलों की अच्छी पैदावार के कारण इस बार मंडी में अनाज की आवक पिछले दिनों की तुलना में ज्यादा बनी हुई है. इससे किसानों को अपनी उपज के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है.

मंडी में इन दिनों गेहूं, चना, सरसों, मक्का और जौ की सबसे ज्यादा आवक हो रही है. कई फसलों के अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरों पर संतोष दिखाई दे रहा है. मंडी में गेहूं के भाव करीब 2400 से 2600 रुपए प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं, जबकि चना 5000 से 5800 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा है. वहीं सरसों के भाव भी मजबूत बने हुए हैं और किसानों को 6200 से 6850 रुपए प्रति क्विंटल तक कीमत मिल रही है.

अच्छे भाव से किसानों में बढ़ा उत्साह

इसके अलावा मक्का के भाव 1500 से 2100 रुपए प्रति क्विंटल तक दर्ज किए जा रहे हैं. बाजार में मांग बनी रहने के कारण कई फसलों के भाव स्थिर बने हुए हैं. अच्छी गुणवत्ता की उपज लेकर आने वाले किसानों को बेहतर कीमत मिल रही है. मंडी में हर रोज बड़ी संख्या में व्यापारी और किसान पहुंच रहे हैं, जिससे पूरे दिन खरीद-बिक्री का माहौल बना रहता है. भीलवाड़ा की महात्मा ज्योतिबा फुले कृषि उपज मंडी में रोजाना करीब 700 से 800 अनाज की बोरियां पहुंच रही हैं.

मौसम अनुकूल रहने से बेहतर हुई फसल

भीलवाड़ा जिले के बोराणा गांव के किसान रामेश्वर लाल खटीक ने बताया कि इस बार मौसम अनुकूल रहने से फसलों की गुणवत्ता काफी अच्छी रही है. इसका सीधा फायदा किसानों को मंडी में मिल रहे अच्छे भाव के रूप में देखने को मिल रहा है. कई किसान सुबह जल्दी मंडी पहुंचकर अपनी उपज की नीलामी करवा रहे हैं. वहीं मंडी प्रशासन की ओर से भी किसानों की सुविधा के लिए जरूरी इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में मंडी में अनाज की आवक और बढ़ सकती है.

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Anand Pandey

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाते हुए उन्होंने राजनीति, अपराध और लाइफ…और पढ़ें



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अमिताभ बच्चन के स्टारडम का बना रोड़ा, 6 फुट लंबा ये हीरो, 1 झलक के लिए तरसती थीं लड़कियां


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बड़ी-बड़ी आंखों वाला वो हैंडसम हंक सुपरस्टार. कभी अमिताभ बच्चन के स्टारडम का रोड़ा बना था ये एक्टर. इनकी एक झलक पाने को लड़कियों की लंबी कतारे लगती थीं. अपने करियर में इस स्टार ने हिट की झड़ी लगा दी थी.

नई दिल्ली. वो लंबा चौड़ा एक्टर, जिसने अपने करियर की शुरुआत में नेगेटिव रोल निभाए. लेकिन रोमांटिक हीरो बनते ही ये स्टार दूसरों एक्टर्स के लिए खतरा बन गया था. मौसमी चटर्जी, रीना रॉय और जीनत अमान जैसी एक्ट्रेसेस तो इस स्टार की तारीफ करते नहीं थकती थीं.

इंडस्ट्री का हेंडसम हंस स्टार कोई और नहीं विनोद खन्ना हैं. खुद रीना रॉय भी उनके लुक की जमकर तारीफ किया करती हैं. विनोद खन्ना ने भले ही करियर की शुरुआत बतौर विलेन बनकर की. लेकिन 1971 में लीड रोल निभाते ही वह रोमांटिक स्टार बन गए थे.

70 और 80 के दशक में बॉलीवुड में दो सितारों का सबसे ज्यादा दबदबा था. इनमें एक थे, एंग्री यंग मैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन और दूसरे थे, 6 फुट लंबे, हैंडसम और दमदार पर्सनैलिटी वाले विनोद खन्ना.विनोद खन्ना का तो एक समय में ऐसा स्टारडम ऐसा था कि उनकी सिर्फ एक झलक पाने के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी लाइनें लग जाया करती थीं.

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विनोद खन्ना ने अपने करियर की शुरुआत विलेन के तौर पर की थी. लेकिन कुछ ही फिल्मों में उन्होंने साबित कर दिया कि वह सिर्फ निगेटिव रोल तक सीमित रहने वाले कलाकार नहीं हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, लंबा कद और स्टाइल लोगों को इतना पसंद आया कि देखते ही देखते वह बॉलीवुड के बड़े हीरो बन गए.

उस दौर में जब अमिताभ बच्चन इंडस्ट्री पर राज कर रहे थे. उनकी फिल्मों की कमाई का कोई तोड़ नहीं था,तब विनोद खन्ना अकेले ऐसे स्टार थे जिन्हें उनका सबसे बड़ा कॉम्पिटिटर माना जाता था. खुद विनोद भी कहते थे कि मैं अमिताभ का कॉम्पिटिटर हूं.

कई फिल्म ट्रेड एक्सपर्ट्स का तो ये भी मानना था कि अगर विनोद खन्ना बीच में फिल्मों से ब्रेक लेके, सन्यासी नहीं बनते तो अमिताभ बच्चन से भी आगे निकल सकते थे. उनके रहते अमिताभ को वो मौके भी नहीं मिलते, जो उन्हें विनोद खन्ना के इंडस्ट्री छोड़ने के बाद मिले.

विनोद खन्ना की फैन फॉलोइंग सिर्फ लड़कों तक सीमित नहीं थी. लड़कियां उनके लुक्स और स्टाइल की दीवानी थीं. इस बात का खुलासा खुद उस दौर की दिग्गज एक्ट्रेस रीना रॉय ने किया था. उन्होंने बताया था कि जिस तरह कभी राजेश खन्ना के लिए देखने वाली लड़कियों की लाइन लगती थीं.

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मैंने उसी तरह पहली बार विनोद खन्ना के लिए लोगों की ऐसी दीवानगी देखी थी. एक बार वह सेट पर कहीं शूटिंग कर रहे थे और उन्हें देखने के लिए सेट के बाहर लड़कियों की लाइनें लग गई थीं. मैंने ऐसा सिर्फ राजेश खन्ना के लिए देखा था. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते थे.

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Jio का 84 दिन चलने वाला सबसे सस्ता प्लान, अनलिमिटेड कॉलिंग समेत मिलेंगे ये बेनिफिट्स


Jio 84 days cheapest Recharge Plan: रिलायंस जियो के पोर्टफोलियो में प्रीपेड और पोस्टपेड यूजर्स के लिए कई सस्ते प्लान हैं। इन प्लान्स में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग समेत कई सारे बेनिफिट्स मिलते हैं। यूजर्स के मामले में देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी के पास 84 दिन वाला एक सबसे सस्ता प्लान है, जिसमें यूजर्स को कम पैसे में पूरे 12 सप्ताह कॉलिंग का फायदा मिलता है।

84 दिनों वाला सबसे सस्ता प्लान

TRAI के आदेश के बाद पिछले साल टेलीकॉम कंपनियों ने वॉइस ओनली वाले प्लान पेश किए थे, जिसमें यूजर्स को कॉलिंग और SMS का ही बेनिफिट ऑफर किया जाता है। दूरसंचार नियामक के फैसले के बाद लॉन्च हुए इस सस्ते प्लान में यूजर्स को पूरे 84 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इसमें यूजर्स को पूरे भारत में कहीं भी कॉल करने के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। साथ ही, कंपनी यूजर्स को कुल 1,000 फ्री SMS भी ऑफर करती है।

Image Source : JIOजियो 84 दिन वाला प्लान

जियो के इस प्लान में यूजर्स को कॉम्पलिमेंटरी OTT ऐप्स का भी एक्सेस मिलता है। यूजर्स को इसमें Jio AI Cloud और Jio TV का फ्री एक्सेस मिलता है। रिलायंस जियो का यह प्रीपेड रिचार्ज प्लान 448 रुपये में आता है। कंपनी ने इस प्लान को अपनी वेबसाइट पर वैल्यू प्लान की लिस्ट में रखा है। यह प्रीपेड प्लान खास तौर पर उन यूजर्स के लिए है, जो जियो का नंबर सेकेंडरी सिम के तौर पर यूज करते हैं और चाहते हैं कि उनका नंबर बंद भी न हो।

1028 रुपये वाला प्लान

इस प्रीपेड प्लान के अलावा जियो के पास 1,028 रुपये की कीमत में 84 दिनों की वैलिडिटी वाला रिचार्ज प्लान है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे 84 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इसमें पूरे भारत में फ्री अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग जैसे बेनिफिट्स तो मिलते ही हैं। साथ ही, यूजर्स को डेली 2GB हाई स्पीड डेटा और 100 फ्री SMS का लाभ मिलता है। जियो के इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर किया जाता है।

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लखनऊ महानगर के 25 मंडलों के प्रभारियों की सूची जारी: बीजेपी ने बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर; कैंट क्षेत्र के चार मंडलों में नियुक्ति – Lucknow News




भारतीय जनता पार्टी ने लखनऊ महानगर संगठन के 25 मंडलों के लिए प्रभारियों की सूची जारी कर दी है। पार्टी नेतृत्व ने इस कदम को संगठनात्मक मजबूती और आगामी कार्यक्रमों की तैयारी से जोड़ते हुए सभी प्रभारियों को बूथ स्तर तक सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है।
महानगर अध्यक्ष आनन्द द्विवेदी ने बताया कि मंडल प्रभारियों की यह सूची प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह की सहमति से अवध क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा द्वारा जारी की गई है।

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करें, कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद बनाए रखें और जनसंपर्क अभियानों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाएं।

चिनहट और सरोजनीनगर क्षेत्र में ये बने प्रभारी जारी सूची के अनुसार चिनहट शहरी (पूर्व-5) मंडल में राकेश पाण्डेय को प्रभारी बनाया गया है। वहीं सरोजनी नगर दक्षिण-1 में सौरभ बाल्मीकि, दक्षिण-2 में सतीश चन्द्र मिश्रा और दक्षिण-3 में विनोद सिंह कल्लू को जिम्मेदारी दी गई है।

कैंट क्षेत्र के चार मंडलों में नियुक्ति कैंट क्षेत्र के चार मंडलों में धनश्याम दास अग्रवाल (कैंट-1), मानवेन्द्र प्रताप सिंह (कैंट-2), पंकज सक्सेना (कैंट-3) और आनन्द कुमार पाण्डेय (कैंट-4) को प्रभारी बनाया गया है।

पश्चिम और उत्तर क्षेत्र के मंडलों में जिम्मेदारी तय पश्चिम क्षेत्र के मंडलों में जी.डी. शुक्ला (पश्चिम-1), हरशरण लाल गुप्ता (पश्चिम-2), योगेन्द्र पटेल (पश्चिम-3) और संतोष सिंह (पश्चिम-4) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं उत्तर क्षेत्र में प्रमोद सिंह (उत्तर-1), सचिन वैश्य (उत्तर-2), चन्द्र प्रकाश अवस्थी (उत्तर-3), अरविन्द मिश्रा (उत्तर-4) और डॉ. यू.एन. पाण्डेय (उत्तर-5) को प्रभारी नियुक्त किया गया है।

पूर्व और मध्य क्षेत्र के मंडलों में भी नियुक्तियां पूर्व क्षेत्र में अनूप सिंह (पूर्व-1), टिंकू सोनकर (पूर्व-2), रामसरन सिंह (पूर्व-3) और अभिषेक खरे (पूर्व-4) को जिम्मेदारी दी गई है।
मध्य क्षेत्र के मंडलों में विनायक पाण्डेय (मध्य-1), प्रकाश मिश्रा (मध्य-2), सतेन्द्र सिंह (मध्य-3) और सीता नेगी (मध्य-4) को प्रभारी बनाया गया है।



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