बागपत के लहचौड़ा गांव स्थित मंदिर में दो लोगों की हत्या कर शव दबाने के मामले में आरोपी नरेश नाथ का 25 दिन बाद भी कोई पता नहीं चला है। पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नरेश नाथ को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना चांदीनगर क्षेत्र के अंकित और इसरार 25 जुलाई को लापता हुए थे। पुलिस ने 13 अगस्त को मामले का खुलासा करते हुए बताया था कि दोनों की हत्या के बाद उनके शव मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबाए गए थे। इस मामले में नरेश नाथ को आरोपी बनाया गया है। खुलासे के बाद से ही वह फरार है। पुलिस नरेश नाथ के दो शिष्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। आरोपी के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की गई है, लेकिन इसके बावजूद नरेश नाथ अभी तक पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। 25 दिन से पुलिस को चकमा दे रहा आरोपी अंकित और इसरार के लापता होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की थी। 13 अगस्त को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। इसके बाद नरेश नाथ के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं। उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया है। दो शिष्य जेल भेजे, परिवार से भी हुई पूछताछ मामले में पुलिस नरेश नाथ के दो शिष्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इसके अलावा पुलिस ने नरेश नाथ के परिवार के लोगों से भी पूछताछ की, ताकि उसके बारे में जानकारी जुटाई जा सके। हालांकि, अब तक पुलिस को आरोपी के ठिकाने का पता नहीं चल सका है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाना प्रभारी बोले- जल्द होगी गिरफ्तारी थाना प्रभारी राकेश पुंडीर ने बताया कि पुलिस टीम नरेश नाथ की तलाश कर रही है। उसके संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना के बाद से ग्रामीणों में भी आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस लगातार तलाश कर रही है और उम्मीद है कि नरेश नाथ को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ग्रामीणों ने बागपत के काठा गांव में जली हुई लाश मिलने के मामले का भी जिक्र किया। उस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में भी पुलिस जल्द आरोपी तक पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का खुलासा करेगी।
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बागपत में दोहरे हत्याकांड का आरोपी 25 दिन से फरार: नरेश नाथ पर 25 हजार का इनाम, मंदिर में गड्ढा खोदकर दबाए थे दो शव – Baghpat News
अजमेर BJP में बगावत पर 6 नेताओं को पार्टी से-निकाला: इस्तीफा दे चुके पूर्व मेयर व उनकी पत्नी भी शामिल,आज 6 निकायों के मतदान दल रवाना होंगे – Ajmer News
अजमेर में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक पहले भाजपा ने बागियों के खिलाफ बड़ा संगठनात्मक एक्शन लिया है। प्रदेश भाजपा ने 41 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया है। इनमें अजमेर से सूची में 6 नाम शामिल हैं।
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पार्टी की ओर से जारी आदेश में इन नेताओं पर भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ने या निर्दलीय प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने का आरोप लगाया गया है। बता दे कि इसमें पिछले दिनों भाजपा छोड़ चुके पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत और उनकी पत्नी हेमा गहलोत का भी नाम है।
इन 6 नेताओं पर क्या आरोप
- हेमलता गहलोत- वार्ड 4, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
- धर्मेंद्र गहलोत, पूर्व महापौर–-वार्ड 4, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी के पक्ष में प्रचार करने और सोशल मीडिया पर अमर्यादित बयान देने का आरोप।
- शंकर सिंह रावत, पूर्व मंडल महामंत्री- वार्ड 5, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही बेटी विनिता रावत के पक्ष में प्रचार करने का आरोप।
- हेमलता बंसल, पूर्व पार्षद- वार्ड 16, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
- प्रकाश बंसल, पूर्व मंडल अध्यक्ष- वार्ड 16, अजमेर उत्तर: निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी के पक्ष में प्रचार करने का आरोप।
- रेनू यादव, मंडल महामंत्री महिला मोर्चा- वार्ड 68, अजमेर दक्षिण: निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप।
इधर पहले चरण की तैयारियां पूरी, आज रवाना होंगे मतदान दल
अजमेर में पहले चरण के नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। मंगलवार को पीसांगन, नसीराबाद, केकड़ी, सरवाड़, टांटोटी और सावर के लिए मतदान दल रवाना होंगे। बुधवार को इन 6 निकायों के 150 वार्डों में मतदान होगा। इसके लिए 155 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
चुनावी व्यवस्था में करीब 4500 कर्मचारी, अधिकारी, सुरक्षा कर्मी और मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। पहले चरण में पीसांगन के 25, नसीराबाद के 20, केकड़ी के 40, सरवाड़ के 25, टांटोटी के 20 और सावर के 20 वार्डों में मतदान होगा।
जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है
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NH-48 का जाम भूल जाइए, 45 मिनट में गुरुग्राम से रेवाड़ी पहुंचाएगा नया हाईवे
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Gurugram-Rewari Highway : गुरुग्राम और रेवाड़ी सीधा आपस में जोड़ने के लिए गुरुग्राम-पटौदी रेवाड़ी हाईवे बनाया जा रहा है. हाईवे का दस किलोमीटर का शुरुआती खंड तो यातायात के लिए खोला भी जा चुका है. गुरुग्राम-पटौदी रेवाड़ी हाईवे दोनों शहरों के बीच ट्रैवल टाइम को घटाकरर आधा कर देगा. इसके बनने से रेवाड़ी में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने और रियल एस्टेट मार्केट में बूम आने की संभावना है.
गुरुग्राम-पटौदी रेवाड़ी हाईवे का एक हिस्सा चालू हो चुका है. (प्रतीकात्मक तस्वीर : कैनवा)
नई दिल्ली. दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर भारी ट्रैफिक की वजह से गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने मे अभी डेढ से दो घंटे लग जाते हैं. अगर जाम से बचने को शार्टकट गांवों के बीच से जाया जाए तो उबड़-खाबड़ सड़कें सफर में रोड़ा बन जाती हैं. लेकिन, गुरुग्राम से रेवाड़ी जाने वालों को अब कुछ दिन ही इन दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा करीब ₹900 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे जल्द ही यातायात के लिए खुलने वाला है. 43.2 किलोमीटर लंबे इस 4-लेन हाईवे का लगभग 89 फीसदी काम पूरा हो चुका है. इसके पूरी तरह चालू होते ही गुरुग्राम से रेवाड़ी आप केवल 45 मिनट में पहुंच जाएंगे.
यह नया एक्सप्रेसवे दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) और पटौदी शहर के मुख्य बाजार के लिए सबसे बड़ा लाइफलाइन बाईपास साबित होगा. भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के चलते मानेसर और प्रमुख चौराहों पर लंबा जाम लगता है. गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे के शुरू होने से न केवल यात्री सुरक्षित और फर्राटेदार सफर कर सकेंगे, बल्कि पटौदी शहर और NH-48 पर ट्रैफिक भी कम हो जाएगा.
द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP तक सीधी कनेक्टिविटी
गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे का रूट गुरुग्राम के तेजी से बढ़ते इलाकों को सीधे बड़े नेटवर्क से जोड़ता है. यह कॉरिडोर द्वारका एक्सप्रेसवे के पास सेक्टर 88B से शुरू होकर सीधे कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे को जोड़ता है. इस प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है. हाईवे का शुरुआती 10 किलोमीटर का हिस्सा इस साल जुलाई में ही खोला जा चुका है. इससे अब द्वारका एक्सप्रेसवे से KMP तक का सफर, जो पहले पीक ऑवर्स में 45 मिनट लेता था, अब 10 मिनट से भी कम में पूरा हो रहा है.
पहाड़ी में रेलवे ओवरब्रिज (RoB) सहित बचे हुए 11 फीसदी निर्माण कार्य को तेजी से निपटाया जा रहा है. पहले गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी हाईवे को पूरा करने की डेडलाइन 30 मार्च थी. लेकिन, इस समय सीमा तक यह पूरी तरह तैयार नहीं हो सका. इसलिए अब इसकी नई डेडलाइन 30 सितंबर, 2026 रखी गई है.
रेवाड़ी के आर्थिक और रियल एस्टेट विकास को लगेंगे पंख
यह सड़क केवल यात्रा का समय ही नहीं घटाएगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि भी लाएगी. गुरुग्राम तक तेज कनेक्टिविटी मिलने से रेवाड़ी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में वेयरहाउसिंग, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को फायदा होगा. यहां निवेश आएगा.
गुरुग्राम के बिजनेस हब्स से 45 मिनट की दूरी बनने के चलते कॉरिडोर के दोनों ओर आवासीय और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की मांग में इजाफा होने की उम्मीद है. आगे चलकर यह हाईवे प्रस्तावित दिल्ली-गुरुग्राम-SNB-अलवर RRTS कॉरिडोर जैसे बड़े मोबिलिटी नेटवर्क से जुड़कर रेवाड़ी को एनसीआर के प्रमुख ग्रोथ हब के रूप में स्थापित करेगा.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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सतना में पारिवारिक विवाद में सास और पति से मारपीट: दोनों जिला अस्पताल में भर्ती; मायके पक्ष पर घर पहुंचकर हमला करने का आरोप – Satna News
सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर में सोमवार देर रात पारिवारिक विवाद में सास और पति से मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना रात करीब 10.30 बजे हुई। मारपीट में सास निर्मला सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है। पति भारगेंद्र सिंह भी घायल हुए हैं। दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल भारगेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी ससुराल रीवा जिले के हरिहरपुर गांव में है। उनकी शादी वर्ष 2023 में अमिता सिंह से हुई थी। सोमवार को ही अमिता अपने मायके से ससुराल पहुंची थी। आरोप है कि देर रात अमिता के पिता रावेन्द्र सिंह और भाई अमित सिंह समेत कुछ अन्य लोग बोलेरो से रघुनाथपुर पहुंचे। घर पहुंचकर मां के साथ मारपीट की
भारगेंद्र का आरोप है कि मायके पक्ष के लोगों ने घर पहुंचकर उनके और उनकी मां निर्मला सिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस विवाद में निर्मला के सिर में गंभीर चोट लगी। भारगेंद्र भी घायल हो गए। परिजनों ने दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के अनुसार, विवाद की वजह पारिवारिक कलह बताई जा रही है। हालांकि, घटना के असली कारण और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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5 मिनट में बनाएं मेवाड़ की फेमस टमाटर चटनी, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाएंगे
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Rajasthani Style Tomato Chutney Recipe: राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में देसी व्यंजनों के साथ चटपटी टमाटर की चटनी खूब पसंद की जाती है. भीलवाड़ा में घर पर तैयार होने वाली इस चटनी की खासियत इसका देसी स्वाद और आसान रेसिपी है. इसे बनाने में ज्यादा सामग्री या समय की जरूरत नहीं पड़ती. पके टमाटर के साथ हरी मिर्च, लहसुन, नमक और लाल मिर्च को पकाकर पीसा जाता है, जबकि जीरे का तड़का इसके स्वाद को और खास बना देता है. करीब 5 मिनट में तैयार होने वाली यह चटनी रोज के खाने में नया स्वाद जोड़ सकती है. अचानक मेहमान आने पर भी इसे आसानी से बनाया जा सकता है. रोटी, पराठे, दाल-बाटी और चावल के साथ इसका स्वाद खास तौर पर अच्छा लगता है.
भीलवाड़ा. राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र में खान-पान की अपनी अलग पहचान है. यहां घरों में बनने वाले देसी व्यंजनों का स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. इन्हीं पारंपरिक स्वादों में शामिल है देसी टमाटर की चटनी हैं। टमाटर का इस्तेमाल आमतौर पर सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन मेवाड़ क्षेत्र में इससे बनने वाली चटनी खाने के साथ खास तौर पर परोसी जाती है. अगर खाने के साथ कुछ चटपटा और स्वादिष्ट मिल जाए तो भोजन का स्वाद और भी बढ़ जाता है.
टमाटर की यह देसी चटनी इसी स्वाद को पूरा करती है. सबसे खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए न तो ज्यादा सामग्री की जरूरत होती है और न ही लंबे समय तक रसोई में खड़े रहने की. घर में मौजूद कुछ सामान्य मसालों और ताजे टमाटरों की मदद से यह चटनी महज 5 मिनट में तैयार की जा सकती है. यह चटनी खट्टी मीठी होने के साथ स्वाद में लाजवाब होती है.
राजस्थानी टमाटर चटनी के लिए इन सामाग्रियों की पड़ेगी जरूरत
भीलवाड़ा शहर के आर के कॉलोनी के रहने वाली मंजू देवी ने बताया कि कम समय में बजाने वाली यह चटनी सुबह-सुबह ऑफिस जाने वाले और स्कूल जाने वाले या बिजी लाइफ स्टाइल वाले लोगों के लिए एकदम परफेक्ट है. घर में अचानक मेहमान आ जाएं या रोज के खाने में कुछ नया स्वाद जोड़ना हो तो यह आसान राजस्थानी टमाटर की चटनी एक अच्छा ऑप्शन हो सकती है. इस चटनी को बनाने के लिए 2 से 3 पके हुए टमाटर, हरी मिर्च, लहसुन की कुछ कलियां, नमक और लाल मिर्च की जरूरत होती है। स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा जीरा और धनिया भी डाला जा सकता है. सामग्री की मात्रा स्वाद और जरूरत के हिसाब से कम या ज्यादा की जा सकती है.
ऐसे बनाएं राजस्थानी स्टाइल टमाटर की चटनी
सबसे पहले टमाटरों को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद हरी मिर्च और लहसुन को भी तैयार कर लें. अब एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद लहसुन और हरी मिर्च डालकर हल्का भून लें. इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और ऊपर से नमक व लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह मिला लें. टमाटर को कुछ मिनट तक पकने दें, जब तक वे नरम न हो जाए. अब गैस बंद कर दें और मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद इसे सिल-बट्टे, मिक्सर या चम्मच की मदद से अच्छी तरह पीस लें. तैयार चटनी को एक कटोरी में निकालकर ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डाल सकते हैं. राजस्थानी देसी टमाटर की यह चटनी रोटी, पराठे, दाल-बाटी, चावल या किसी भी साधारण भोजन के साथ परोसी जा सकती है. इसकी खासियत इसका खट्टा, तीखा और देसी स्वाद है.
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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LJP-R विधायक के भाई सोनू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक: बेल अर्जी DASJ-17 के कोर्ट में ट्रांसफर, पुलिस से मांगी गई घटना की सीसीटीवी फुटेज; जमीन हड़पने का मामला – Muzaffarpur News
बेलसंड विधानसभा सीट से लोजपा-रामविलास के विधायक अमित कुमार रानू के भाई अभिनव कुमार उर्फ सोनू सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लग गई है, जबकि उनके दो समर्थकों को जमानत मिल गई है। सोमवार को प्रधान जिला व सत्र न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई की। आगे की सुनवाई के लिए डीएएसजे-17 के कोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। दस सितंबर को सुनवाई होगी। मामला मुजफ्फरपुर के अहियापुर के झपहां उदनडीह में जमीन पर कब्जा की नीयत से जेसीबी से घर और बाउंड्री को तोड़े जाने से जुड़ा है। वहीं, विधायक से जुड़ी एक एफआईआर में नामजद मोतीपुर के नरियार के रहने वाले सुमित श्रीवास्तव को तीन अन्य मामलों में भी न्यायिक हिरासत लिया जाएगा। इस संबंध में अहियापुर पुलिस ने विशेष एमपी एमएलए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। गिरफ्तार सुमित श्रीवास्तव को 20 अगस्त को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था। उसे अहियापुर में दर्ज तीन अलग- अलग मामलों में न्यायिक हिरासत में लिया जाएगा। इस तीनों मामले में सुमित के अलावा विधायक भी नामजद हैं। 9 सितंबर को सेंट्रल जेल से सुमित श्रीवास्तव को प्रोडक्शन वारंट पर विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे वह कुल चार मामलों में न्यायिक हिरासत में बंद माना जाएगा। वहीं, विधायक के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट के लिए अबतक पुलिस अदालत में अर्जी दाखिल नहीं की है। अन्य आरोपितों के खिलाफ विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल जांच अधिकारी ने अन्य आरोपितों को अलग-अलग मामलों में प्रोडक्शन वारंट जारी कर न्यायिक हिरासत में लेने के लिए विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल की है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए विशेष कोर्ट ने घटना को सीसीटीवी फुटेज अहियापुर पुलिस से तलब की है। उधर, विधायक के समर्थक ब्रह्मपुरा के सरस्वतीनगर निवासी राहुल कुमार व भिखनपुर वर्मा कॉम्पलेक्स निवासी रमेश कुमार वर्मा को सोमवार को सीजेएम कोर्ट से बेल मिल गई है। विधायक पर दर्ज कुल दस एफआईआर विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में दाखिल हो चुकी है। एमपी/एमएलए विशेष कोर्ट के जज सह एसीजेएम प्रथम पूर्वी पंकज कुमार तिवारी के आदेश पर विधायक पर दर्ज तीन अलग-अलग मामलों में चार गवाहों का बयान दर्ज किया जा चुका है। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण पुलिस अदालत में शिकातकर्ताओं के साथ गवाहों का बयान दर्ज करा रही है। बड़े बेटे की हत्या, छोटा जेल में… सदमे में पिता की ब्रेन हेमरेज से गई जान झपहां में चहारदीवारी ध्वस्त करने और तोड़फोड़ के आरोप में जेल में बंद नन्हे सिंह के पिता रामशंकर सिंह की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 सितंबर की देर रात ब्रेन हेमरेज होने के बाद एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, बड़े बेटे रवि सिंह की विधानसभा चुनाव के दौरान गोली मारकर हत्या और छोटे बेटे नन्हे सिंह के आर्म्स एक्ट के केस में जेल में बंद होने से रामशंकर सिंह काफी तनाव में रहते थे। पिता के अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए परिजनों की ओर से कोर्ट में पैरोल की अर्जी दाखिल की अब जानिए आखिर क्या है पूरा मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां डीह में 20 अगस्त को 70-80 की संख्या में पहुंचे हथियारबंद बदमाशों ने निजी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से जमकर उत्पात मचाया था। कई वाहनों और जेसीबी के साथ पहुंचे असामाजिक तत्वों ने पहले गेट का ताला तोड़ा, फिर जेसीबी से चहारदीवारी ध्वस्त कर दी थी। पूरे मामले को लेकर जमीन मालिक प्रहलाद कुमार ने 20 अगस्त को थाने में आवेदन दिया था, जिसमें लिखा- ‘20.08.2026 को समय लगभग 11 बजे सूचना मिली कि सुमित श्रीवास्तव कुछ लोगों के साथ JCB (रजिस्ट्रेशन BR-060E7193) थार (BR-01JK 7700) और मोटर साइकिल से पहुंचे थे। आवेदन में लिखा था कि गाड़ी में लोजपा (राम विलास) प्रधान महासचिव का बोर्ड लगा था। लगभग 50 अज्ञात लोगों के साथ मेरी जमीन और अन्य मकान में तोड़फोड़ करने लगे। मैं और अन्य जमीन के मालिक लगभग 12:00 बजे पहुंचे तो मेरी बाउंड़ी को तोड़ा जा चुका था, जबकि प्रेमचन्द्र मिश्रा के मकान को तोड़ जा रहा था। हमने मना किया, मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू किया तो मेरा मोबाइल छीन कर तोड़ दिया और मारपीट की। साथ ही गले में पहली सोने की चैन भी छीन ली। विवादित जमीन का जायजा लेने पहुंचे SSP मामले की जांच के लिए एसएसपी कांतेश मिश्रा 23 अगस्त की सुबह विवादित जमीन पर पहुंचे थे और हालात का जायजा लिया था। यहां 52 प्लॉट की बाऊंड़्री को तोड़ा गया था। 20 अगस्त को हुई तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें कुछ लोग बुलडोजर से बाउंड्री तोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
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वडोदरा में PM मोदी का Gen-Z कार्यक्रम: 35200 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास भी करेंगे
गुजरात के वडोदरा में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में विशेष कार्यक्रम होने जा रहा है। पीएम का यह कार्यक्रम कई प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास और लोकार्पण का है, लेकिन इसमें जेन-जी का पीएम से सीधा संवाद भी होगा। इसीलिए इस बार पीएम का स्टेज भी न्यू थीम पर डिजाइन किया गया है। पीएम के मंच के साथ एक ‘वाय’ शैप में रैंप बनाया गया है, जिसके चारों ओर युवा बैठेंगे। मोदी रैंप पर चलते हुए स्टूडेंट्स से बातचीत करेंगे। 35200 करोड़ के प्रोजेक्ट का उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे पीएम मोदी वडोदरा और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े 35200 करोड़ रुपए के कई विकास प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसके बाद नवसारी जाएंगे। नवसारी में बीजेपी कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। नवसारी से सूरत पहुंचेंगे और यहां से मुंबई के लिए रवाना होंगे।
वडोदरा में इन प्रोजेक्ट्स की शुरुआत करेंगे पीएम
मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-जी.एफ.एफ 2026 का शुभारंभ करेंगे पीएम शाम को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट-जी.एफ.एफ 2026 का शुभारंभ करेंगे। दुनिया के सबसे बड़े और प्रभावशाली सालाना फिनटेक सम्मेलनों में से एक, जी.एफ.एफ का इस बार का विषय है- ‘पोटेंशियल टू इम्पैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम – ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इन्क्लूसिव फाइनेंस’। प्रधानमंत्री सम्मेलन को संबोधित भी करेंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक, इस महोत्सव का उद्देश्य डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को और मजबूत करना तथा संभावनाओं को वास्तविकता में बदलना है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी की 13 साल बाद श्रीराम कॉलेज में स्पीच:कहा- मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी प्रधानमंत्री शनिवार शाम मेट्रो से सफर कर श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) पहुंचे। उन्होंने कॉलेज के 100वें स्थापना दिवस पर जेन-जी छात्रों के बीच 48 मिनट स्पीच दी। पीएम मोदी ने कहा कि आपकी लैंग्वेज में कहूं तो इस कॉलेज के पूर्व छात्र OG (ओरिजनल गैंग्स्टर) हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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कॉर्पोरेट अपराध पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला: व्यक्ति आरोपी न हो, तब भी कंपनी पर चलेगा मुकदमा; जेल की जगह जुर्माना देना होगा
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नई दिल्ली41 मिनट पहले
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सनोफी इंडिया एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है, जिसका मुख्य कारोबार दवाएं बनाना है।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कंपनियों के खिलाफ आपराधिक मामलों को लेकर बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ इसलिए किसी कंपनी के खिलाफ केस खत्म नहीं किया जा सकता कि जिस कर्मचारी या अधिकारी के जरिए अपराध हुआ, उसकी पहचान नहीं हो पाई या उसे आरोपी नहीं बनाया गया।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने सुनवाई के बाद फार्मा कंपनी सनोफी इंडिया लिमिटेड की अपील खारिज कर दी।
यह मामला दवा बनाने वाली कंपनी सनोफी इंडिया लिमिटेड से जुड़ा है। कंपनी के खिलाफ CBI ने मामला दर्ज किया था।
कंपनी ने कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही खत्म करने से इनकार किया गया था।
फैसले के बाद अब किसी कंपनी के खिलाफ केस सिर्फ इस आधार पर खत्म नहीं होगा कि जिस आदमी ने अपराध किया, उसका नाम नहीं पता या उसे आरोपी नहीं बनाया गया।

दवा खरीद में फायदे के लिए रिश्वत देने का आरोप
यह मामला BARC के लिए दवाओं की खरीद से जुड़ा CBI का केस है। चार्जशीट में आरोप लगाया गया था कि BARC के एक अधिकारी ने सनोफी इंडिया के साथ मिलकर महंगी दरों पर दवाएं खरीदीं और गलत फायदा पहुंचाने के बदले रिश्वत दी गई।
सनोफी इंडिया एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है, जिसका मुख्य कारोबार दवाओं का निर्माण है। इस मामले में कंपनी के साथ उसका कोई कर्मचारी या अधिकारी आरोपी नहीं बनाया गया था।
कंपनी ने कोर्ट में रखीं 5 दलीलें
- अपराध के लिए गलत नीयत यानी मेंस रिया जरूरी है।
- कंपनी के पास इंसान जैसी अपनी कोई नीयत नहीं होती।
- कंपनी को दोषी पाया भी गया तो उसे जेल नहीं भेजा जा सकता।
- इसलिए उसके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई खत्म कर दी जानी चाहिए।
- कर्नाटक हाईकोर्ट ने कंपनी की यह मांग नहीं मानी। इसके बाद कंपनी सुप्रीम कोर्ट पहुंची।
सुप्रीम कोर्ट ने 98 पेज का फैसला लिखा
जस्टिस जेबी पारदीवाला ने 98 पन्नों का फैसला लिखा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कंपनी की अपील खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी का नाम आरोपी के तौर पर नहीं होना, अपने आप में कंपनी के खिलाफ केस खत्म करने की वजह नहीं बन सकता।
यानी अगर चार्जशीट में पहली नजर में यह दिखता है कि कंपनी ने अपराध किया है या अपराध में उसकी भूमिका रही है, तो कंपनी के खिलाफ केस चल सकता है।
बेंच के सामने यह सवाल था कि क्या हाईकोर्ट को कंपनी के खिलाफ शुरू हुई आपराधिक कार्यवाही खत्म कर देनी चाहिए थी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कंपनी पर तभी मुकदमा नहीं चल सकता, जब अपराध में केवल जेल की सजा हो या अपराध की प्रकृति ऐसी हो कि उसमें व्यक्तिगत दुर्भावनापूर्ण मंशा जरूरी हो और कंपनी वह अपराध कर ही न सकती हो।
भास्कर नॉलेज- क्या है मेंस रिया
एक कानूनी शब्द है, जिसका सीधा मतलब है- “अपराधी का इरादा” या “दोषी मन”।कानून की भाषा में किसी भी गलती को ‘जुर्म’ तभी माना जाता है जब वह जान-बूझकर की गई हो।
‘मेंस रिया’ का मतलब है कि क्या उस व्यक्ति का मन साफ़ था या उसने बुरा करने की नीयत से ही वह काम किया था। अगर नीयत खराब थी, तो कानून उसे ‘मेंस रिया’ मानकर सजा देता है।

चार्जशीट में कंपनी का अपराध दिखना जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चार्जशीट को पहली नजर में यह दिखाना चाहिए कि अपराध कंपनी ने खुद किया है। कंपनी की भूमिका उसके काम, फैसलों और लेन-देन से जुड़े आरोपों से सामने आ सकती है। इसके लिए उस खास व्यक्ति का नाम देना जरूरी नहीं है, जिसने ये काम किए हों।
- भारत और दूसरे देशों में कंपनियों को आपराधिक जिम्मेदारी के दायरे में लाया जाता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि कंपनियों के पास बहुत ज्यादा आर्थिक और सामाजिक-राजनीतिक ताकत होती है और वे गंभीर नुकसान पहुंचाने में सक्षम होती हैं।
- पहली नजर में यह सवाल आसान लग सकता है, लेकिन करीब से देखने पर यह काफी जटिल है। उसने कहा कि कॉर्पोरेट आपराधिक जिम्मेदारी लंबे समय से कठिन विषय रही है।
- इसके पीछे दो बुनियादी धारणाएं हैं। पहली, कंपनी अपने सदस्यों से अलग पहचान रखने वाली एक कृत्रिम इकाई है। दूसरी, कंपनी एक अमूर्त संस्था है।
व्यक्ति की पहचान के बिना भी मंशा का आकलन संभव
कोर्ट ने कहा कि शुरुआती चरण में आसपास के तथ्यों और परिस्थितियों से मेंस रिया का अनुमान लगाया जा सकता है। इसके लिए किसी खास व्यक्ति की पहचान जरूरी नहीं है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि किस व्यक्ति को कंपनी से जोड़ा जाए, इसका आकलन ट्रायल के दौरान किया जाएगा।
फैसले में कहा गया कि कंपनी की सीधी आपराधिक जिम्मेदारी वाले मामलों में किसी प्राकृतिक व्यक्ति को आरोपी न बनाया जाना, अकेले कार्यवाही खत्म करने का आधार नहीं हो सकता।
हालांकि, बेंच ने साफ किया कि कंपनियों को आपराधिक कार्यवाही खत्म करने के सामान्य नियमों से कोई विशेष छूट नहीं है।
कंपनी की जिम्मेदारी तय करने के लिए 3 चरणों का ढांचा
सुप्रीम कोर्ट ने यह तय करने के लिए तीन चरणों वाला नया क्रमबद्ध ढांचा बताया कि किसी व्यक्ति के कृत्य और उसकी आपराधिक मंशा को कंपनी से कैसे जोड़ा जाए।
- पहले चरण में कोर्ट को कंपनी के संवैधानिक दस्तावेज यानी आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन देखने होंगे। इससे पता चलेगा कि कंपनी की ओर से काम करने का अधिकार किसे दिया गया था।
- दूसरे चरण में यह देखा जाएगा कि यह अधिकार ऐसे व्यक्ति को सौंपा गया था या नहीं, जिसके पास पर्याप्त स्वतंत्रता और अपने स्तर पर फैसला लेने की क्षमता थी। इसके लिए उस व्यक्ति का आधिकारिक पद महत्वपूर्ण नहीं होगा।
- अगर पहले दोनों चरणों से स्थिति साफ नहीं होती, तो कोर्ट संबंधित कानून के उद्देश्य और नीति के आधार पर “विशेष आरोपण नियम” बना सकता है।
कोर्ट ने कहा कि मेंस रिया अपराधों में कॉर्पोरेट आपराधिक जिम्मेदारी से जुड़े सवाल काफी मुश्किल होते हैं। इन पर आगे कानून बनाने और इस पूरे क्षेत्र के रिव्यू की जरूरत पड़ सकती है।
डॉक्टर को मारने वाले शिवसेना पार्षद की जमानत पर सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट बोला- हालात बदतर हुए, ऐसे लोग सड़कों पर नहीं घूमना चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से मारपीट के एक केस में सुनवाई की। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा- ऐसे हमले कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर मुद्दा बन रहे हैं। इन लोगों को सड़कों पर घूमने का हक नहीं है। मामला डोंबिवली के नगर निगम अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों से शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे की मारपीट से जुड़ा है। अस्पताल में कोई बेड खाली नहीं था। इसलिए डॉक्टरों ने मरीज को दूसरे अस्पताल जाने का। नाराज लोगों ने शिवसेना पार्षद रमेश को अस्पताल बुला लिया, जहां उन्होंने मारपीट की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें म्हात्रे और अन्य आरोपियों को जमानत देने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। बेंच ने म्हात्रे और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी किया है। उन्हें जवाब देने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई बाद में होगी। पहले देखें जुलाई में हुई घटना की 4 तस्वीरें… कोर्ट ने पार्षद के वकील से पूछा- इसे सही कैसे ठहरा सकते हैं सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पालघर में डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों पर हुए एक नए हमले का भी जिक्र लिया। बेंच ने कहा, “कल एक और घटना हुई। वही लोग फिर डॉक्टरों पर हमला कर रहे हैं।” म्हात्रे के वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच की है और पालघर की घटना में शामिल लोग वही नहीं थे। इस पर बेंच ने साफ किया कि वह “विचारधारा” की बात कर रही थी। बेंच ने सवाल किया कि ऐसे हमलों को सही कैसे ठहराया जा सकता है। कोर्ट ने कहा, “आप अस्पताल के अंदर जाकर डॉक्टरों और कर्मचारियों पर हमला कैसे कर सकते हैं? उन्हें बेरहमी से कैसे पीट सकते हैं?” बॉम्बे हाईकोर्ट की शर्तों को चुनौती सुप्रीम कोर्ट डोंबिवली हमले के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से म्हात्रे को राहत देते समय लगाई गई कड़ी शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि जांच और ट्रायल जल्दी पूरा करने के हाईकोर्ट के निर्देशों से ऐसा लगता है कि मामले में पहले ही फैसला मान लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि जल्दी ट्रायल पर आपत्ति को लेकर सवाल किया और कहा, “एक संदेश जाना जरूरी है।” बेंच ने इससे पहले संकेत दिया था कि वह डोंबिवली में 6 जुलाई को हुए हमले के मामले में म्हात्रे की जमानत रद्द करने पर विचार कर रही है। इसके बाद म्हात्रे ने कड़ी जमानत शर्तों को चुनौती देने वाली अपनी अपील वापस ले ली। डॉक्टर बोले- गुंडे नजर रख रहे हैं, अब कभी नहीं लौटूंगा पीड़ित डॉक्टर ने मीडिया से कहा, ‘ मैं घटना के बाद खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हूं। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है।’ डॉक्टर ने कहा, ‘यहां बहुत डर का माहौल है। गुंडे नजर रख रहे हैं। दूसरे डॉक्टर काम करना चाहें तो करें, लेकिन मैं अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटूंगा।’
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