Sunday, September 13, 2026
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सोनिला की मौत के खुलासे के करीब पुलिस: फॉरेंसिक डॉक्टरों की पैनल से ओपिनियन, रूम में हुआ था विवाद; मौत का कारण सिर्फ “फंदा” – Indore News




इंदौर के तिलक नगर के होटल एलेक्स में ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच में पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात महिला के दोस्त दीपक खंडेलवाल को बायपास इलाके से हिरासत में लिया। इसके बाद उससे लगातार अलग-अलग दौर में पूछताछ की गई। करीब 18 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ में होटल के कमरे में हुए विवाद से लेकर सोनिला की मौत और उसके बाद दीपक के वहां से जाने तक के घटनाक्रम को क्रॉसचेक किया गया। जांच में सामने आए बिंदुओं में पता चला कि सोनिला और दीपक काफी समय से संपर्क में थे। दोनों के बीच कई बार विवाद की बात भी सामने आई। दीपक के बयानों को पुलिस होटल स्टाफ, पोस्टमॉर्टम और साइबर जांच से मिले इनपुट के साथ मिलाकर देख रही है। वहीं महिला की मौत का क्या कारण रहा, इसके लिए पुलिस ने फॉरेंसिक डॉक्टरों की पैनल से ओपिनियन ले रहे है। होटल पहुंचने के बाद ही हुआ घटना
पुलिस पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार 9 सितंबर को सोनिला और दीपक तिलक नगर स्थित होटल एलेक्स पहुंचे थे। कमरे में जाने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कमरे में क्या हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फंदे से महिला की मौत की बात सामने आ रही है। अब ये फंदा आत्महत्या का था या हत्या का, पुलिस इसकी जांच में जुटी है। फंदे के लिए सामान्य रस्सी के बजाय बेड पर बिछाने वाले रनर (कपड़ा) का इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनिला के मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद दीपक घबरा गया और होटल स्टाफ की मदद से सोनिला को अस्पताल ले गया था। अस्पताल के बाद से हो गया था गायब, परिवार से की थी पूछताछ
प्राइवेट अस्पताल से ही दीपक ने सोनिला के परिवार को घटना के बारे में बताया। परिवार के लोगों की दीपक से कहासुनी हुई, तो दीपक अस्पताल से चला गया। पुलिस पूछताछ में भी सामने आया है कि उसने परिवार के सदस्यों को होटल में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। इधर, जब पुलिस दीपक के परिवार से पूछताछ करने पहुंची, जिसके बाद दीपक ने पुलिस से संपर्क किया और अंतत: पुलिस की पकड़ में आ गया। 18 घंटे से ज्यादा पूछताछ, बयानों का क्रॉसचेक
दीपक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उससे एक ही बार में पूछताछ करने के बजाय अलग-अलग दौर में सवाल किए। होटल पहुंचने, कमरे में विवाद, अस्पताल ले जाने और उसके बाद जाने तक की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है। पूछताछ में जहां भी बयानों में अंतर सामने आया, वहां दोबारा सवाल किए गए। पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना के दौरान कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और सोनिला की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं। पोस्टमॉर्टम और साइबर जांच से मिले अहम सुराग
सोनिला की मौत के बाद गुरुवार को ही पोस्टमॉर्टम कराया गया था, लेकिन मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। मामले में फोरेंसिक डिपार्टमेंट द्वारा ऑनलाइन प्रोसेस के तहत शुक्रवार शाम को पीएम रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर अपलोड कर दी है, जो पुलिस को मिल गई है। दूसरी ओर, पुलिस बयानों और तकनीकी इनपुट को दीपक के बयान और अन्य साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है। दीपक पाइप कारोबारी नहीं, पाइप कंपनी में करता था नौकरी
अब इस मामले में पुलिस महिला के परिवार के लोगों के भी बयान दर्ज करेगी। जांच के दौरान एक और तथ्य सामने आया है। शुरुआती जानकारी में दीपक को पाइप कारोबारी बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि वह खुद पाइप का कारोबार नहीं करता था। वह पाइप की कंपनी में सेल्स मार्केटिंग की नौकरी करता है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। अभी आत्महत्या समेत दूसरे पहलुओं पर भी जांच
पुलिस फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि सोनिला की मौत से पहले कमरे में क्या परिस्थितियां बनीं और दीपक की भूमिका क्या रही। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में महिला के परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाना बाकी है। दीपक के बयान लिए जा चुके है। इधर, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक और साइबर जांच से मिले साक्ष्यों को बयानों से मिलाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।



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नालंदा में रविवार को मुफ्त स्वास्थ्य शिविर: सुबह 7:30 से 9 बजे तक कई विशेषज्ञ करेंगे जांच; शुगर की फ्री जांच के साथ फुल बॉडी चेकअप की सुविधा – Nalanda News




भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की जिला शाखा नालंदा की ओर से रविवार को साप्ताहिक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। बिहारशरीफ स्थित श्रम कल्याण केंद्र परिसर के विस्तारित भवन में सुबह 7:30 बजे से 9 बजे तक शिविर चलेगा। शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से मुफ्त परामर्श और स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलेगी। एक ही जगह कई विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे जांच शिविर में अलग-अलग बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद रहेंगे। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव कुमार सिंह, सर्जन डॉ. आशुतोष कुमार और हड्डी एवं नस रोग विशेषज्ञ डॉ. शंभू कुमार मरीजों की जांच करेंगे। सामान्य मौसमी और अन्य बीमारियों के लिए फिजिशियन डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. अखिलेश कुमार और डॉ. इंद्रजीत कुमार परामर्श देंगे। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि कुमार, फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. शहजाद आलम, होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गौतम कुमार और डॉ. रितेश कुमार भी मरीजों की जांच करेंगे। कान से जुड़ी समस्या की भी होगी जांच कान और सुनने से संबंधित समस्याओं के लिए ऑडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप कुमार सिंह मरीजों की जांच कर परामर्श देंगे। इससे अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं वाले मरीजों को एक ही जगह विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह लेने की सुविधा मिलेगी। शुगर की मुफ्त जांच और फुल बॉडी चेकअप रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से शिविर में चिकित्सकीय परामर्श के साथ आधुनिक उपकरणों से शुगर की मुफ्त जांच और फुल बॉडी चेकअप की व्यवस्था भी की गई है। संस्था ने जिले के लोगों से शिविर का लाभ उठाने और समय पर पहुंचकर स्वास्थ्य की नियमित जांच कराने की अपील की है।



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ब्रिक्स की साझा करेंसी नहीं आएगी: सदस्य देश अपनी करेंसी में लेनदेन करेंगे; आज PM मोदी की 4 वर्ल्ड लीडर्स के साथ बैठक


नई दिल्ली3 घंटे पहले

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ब्रिक्स समिट के दौरान शनिवार को PM मोदी, पुतिन और जिनपिंग का हाथ थामे नजर आए।

BRICS समिट का आज आखिरी दिन है। आज ओपन मीटिंग होगी, जिसमें सदस्य देशों के नेता और दूसरे आमंत्रित देशों के प्रमुख शामिल होंगे।

बैठक में BRICS से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके बाद PM मोदी 4 देशों के नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

समिट के पहले दिन भारत ने साफ कर दिया कि फिलहाल BRICS देशों की अपनी कोई साझा करेंसी बनाने का प्रस्ताव नहीं है।

हालांकि, विदेश मंत्रालय ने कहा कि BRICS में स्थानीय करेंसी में आपसी व्यापार और भुगतान को बढ़ावा देने पर चर्चा जरूर चल रही है। इसका मकसद देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और लेन-देन की लागत कम करना है।

BRICS देशों ने नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी

BRICS देशों ने शनिवार को समिट के दौरान नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी। इसमें कई मुद्दों पर साझा बयान जारी किया गया।

डेक्लरेशन में रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही, आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वालों पर कार्रवाई करने पर भी सहमति बनी।

BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव है और ईरान, सऊदी अरब और UAE के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।

ब्रिक्स समिट में PM मोदी के बयान की 5 अहम बातें

  • अगले 20 साल का नया एजेंडा बनाएं: BRICS के अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा और फैसलों पर अमल की स्थायी व्यवस्था बनाने का प्रस्ताव।
  • ग्लोबल साउथ नियम बनाने में हिस्सा ले: AI, साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी पर जोर।
  • युवाओं को तैयार करें: युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत और कानून की ट्रेनिंग देने का सुझाव।
  • नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क बने: मुसीबत में फंसे नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकालने के लिए देशों के बीच नेटवर्क बनाने की बात।
  • भविष्य सबका, फैसला भी सबका: मोदी ने कहा- दुनिया का भविष्य साझा है तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए।
PM मोदी ने शनिवार को BRICS समिट 2026 के औपचारिक शुरुआत की घोषणा की।

PM मोदी ने शनिवार को BRICS समिट 2026 के औपचारिक शुरुआत की घोषणा की।

तनाव के बीच ईरान-UAE राष्ट्रपतियों ने बातचीत की

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने BRICS समिट से इतर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की।

दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और कई क्षेत्रीय मुद्दों पर दोनों देशों के रुख अलग हैं।

हालांकि, ईरान और UAE पिछले कुछ सालों से रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में यह मुलाकात तनाव के बीच दोनों देशों के बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत है।

पश्चिमी देशों के लिए BRICS की बढ़ती चुनौती

BRICS देश अब आपस में कारोबार करते समय डॉलर का इस्तेमाल कम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए वे एक-दूसरे की अपनी-अपनी करेंसी में लेन-देन बढ़ाना चाहते हैं।

साथ ही, अलग-अलग देशों के ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने पर भी काम हो रहा है। हालांकि, अभी BRICS का अपना कोई एक पेमेंट सिस्टम या एक साझा करेंसी नहीं है।

इस साल भारत की अध्यक्षता में होने वाले BRICS समिट में भी अपनी करेंसी में कारोबार और आसान ऑनलाइन पेमेंट पर जोर दिया जाएगा। भारत चाहता है कि BRICS देशों के डिजिटल पेमेंट सिस्टम और उनकी डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ा जाए।

इससे एक देश से दूसरे देश में पैसे भेजना आसान हो सकता है और हर बार डॉलर की जरूरत कम हो सकती है।

एक बैंक की रिपोर्ट से निकला BRICS का नाम

BRICS की शुरुआत किसी सरकार ने नहीं, बल्कि एक बैंक की रिपोर्ट से हुई थी। 2001 में अमेरिकी निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील ने अपनी रिपोर्ट में BRIC शब्द इस्तेमाल किया। उन्होंने ब्राजील, रूस, भारत और चीन को तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाएं बताया।

तब BRIC कोई संगठन नहीं था। 2006 में चारों देश साथ आए और BRIC समूह बना। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में इसकी पहली आधिकारिक बैठक हुई।

2010 में दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद इसका नाम BRICS हो गया। पिछले साल ईरान, मिस्र और इथियोपिया भी पूर्ण सदस्य बने।

आज BRICS दुनिया के बड़े आर्थिक मंचों में शामिल है। इसके सदस्य देशों की ग्लोबल GDP में हिस्सेदारी 27% से ज्यादा है, जबकि यूरोपियन यूनियन की करीब 14% है।

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1. BRICS के साझा बयान में पहलगाम हमले की निंदा: टेरर फंडिंग रोकने पर जोर; कहा- आतंकियों को पनाह देने वालों पर मिलकर एक्शन लेंगे

रूस और चीन समेत BRICS देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की है। देशों ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

2. पुतिन का अमेरिका-यूरोप पर तंज:कमजोर देश खुद को G7 क्यों कहते हैं; मोदी बोले- ब्रिक्स देशों में दुनिया की 40% GDP

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की। पूरी खबर पढ़ें…

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BRICS डिनर- मलेशियाई पीएम ने किशोर कुमार का गाना गया: ‘ख्वाब हो तुम या…’ का VIDEO शेयर किया, गाने के पहले पूछा- गुरु, इजाजत है


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नई दिल्ली1 घंटे पहले

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मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार को नई दिल्ली में BRICS के डिनर के दौरान किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत…’ और मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा… गाना गाकर सबका ध्यान खींचा।

अनवर ने किशोर कुमार के जिस गाने को अपनी आवाज दी, वह 1965 में रिलीज हुई फिल्म ‘तीन देवियां’ का है। इस गाने को किशोर कुमार ने गाया था। इसका संगीत एसडी बर्मन ने दिया था। गीत के बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे।

वहीं, मुकेश का गाया दोस्त दोस्त न रहा सॉन्ग ‘संगम’ मूवी का है। इसका संगीत शंकर-जयकिशन ने दिया था। गीत के बोल शैलेंद्र ने लिखे थे।

अनवर ने इस वीडियो को अपने X सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर भी किया। वीडियो करीब डेढ़ मिनट का है। इसमें वे पियानो की धुन पर एक दो स्टेंजा गाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा- गुरु, थोड़ा सा गाने की इजाजत है?

दोस्त-दोस्त न रहा… गाने के शब्द गुनगुनाते हुए पीएम अनवर इब्राहिम।

दोस्त-दोस्त न रहा… गाने के शब्द गुनगुनाते हुए पीएम अनवर इब्राहिम।

ख्वाब हो या तुम कोई हकीकत… गाने के दौरान झूमते हुए भी नजर आए।

ख्वाब हो या तुम कोई हकीकत… गाने के दौरान झूमते हुए भी नजर आए।

अनवर किशोर कुमार के फैन हैं, पहले भी यह गाना गुनगुना चुके

मलेशिया के पीएम पहले भी किशोर कुमार के फैन होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 2024 में भारत में एक इंटरव्यू के दौरान भी यही गीत गुनगुनाया था। इसके अलावा, फरवरी 2026 में पीएम मोदी की मलेशिया यात्रा के दौरान उन्होंने एक आधिकारिक वीडियो मोंटाज साझा किया था। इसमें ‘कभी खुशी कभी गम’ का लोकप्रिय गाना ‘बोले चूड़ियां’ इस्तेमाल किया गया था।

पीएम मोदी इसी साल 8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर पहुंचे थे। तब अनवर इब्राहिम उनका स्वागत करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे।

पीएम मोदी इसी साल 8 फरवरी को मलेशिया दौरे पर पहुंचे थे। तब अनवर इब्राहिम उनका स्वागत करने खुद एयरपोर्ट पहुंचे थे।

मलेशिया में 27 लाख लोग भारतीय मूल, बॉलीवुड और तमिल मूवी लोकप्रिय

  • विदेश मंत्रालय के अनुसार मलेशिया में करीब 27.5 लाख भारतीय मूल के लोग हैं, जो देश की आबादी का लगभग 9% हैं। इनमें करीब 20 लाख लोग तमिल बोलते हैं। यहां बॉलीवुड और तमिल मूवी काफी देखी जाती हैं।
  • शाहरुख खान की ‘दिलवाले’ ने मलेशिया में करीब 29 करोड़ रुपए की कमाई की थी। वहीं ‘जवान’ ने करीब 22 करोड़ और ‘पठान’ ने करीब 9 करोड़ रुपए का कारोबार किया था।
  • तमिल फिल्मों का भी यहां बड़ा बाजार है। 2025 में रिलीज हुई रजनीकांत की ‘कुली’ ने मलेशिया में करीब ₹26-27 करोड़, जबकि अजित कुमार की ‘ गुड बैड अग्ली’ ने करीब ₹22 करोड़ का कारोबार किया था। 2026 की सूर्या स्टारर ‘ करुप्पु’ भी करीब ₹22 करोड़ के कलेक्शन के साथ मलेशिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्मों में शामिल है। वहीं, विजय की ‘गोट’ ने करीब ₹32 करोड़ और शिवकार्तिकेयन की ‘अमरन’ ने करीब ₹26 करोड़ का कारोबार किया था।

डिप्टी पीएम भी रह चुके हैं अनवर

अनवर इब्राहिम मलेशिया के 10वें प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2022 को पदभार ग्रहण किया था। इससे पहले वे 1993 में मलेशिया के 7वें डिप्टी पीएम बने थे। 1998 में, अनवर को तत्कालीन प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद ने सभी सरकारी पदों से हटा दिया गया था।

उन्हें अप्रैल 1999 में भ्रष्टाचार और समलैंगिकता के आरोपों में जेल भेज दिया गया था और 2004 में उनकी सजा पलटने के बाद रिहा कर दिया गया था। इसके बाद अनवर 2008 से 2015 तक विपक्ष के नेता रहे। 2022 के आम चुनावों में जीत के बाद उन्होंने 24 नवंबर 2022 को प्रधानमंत्री बने।

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BRICS समिट- दिल्ली में मोदी की डिनर पार्टी:पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता; मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी

पीएम मोदी ने शनिवार को भारत मंडपम में BRICS सदस्य देशों के नेताओं के लिए डिनर पार्टी को होस्ट किया। मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता और मिलेट्स का पुलाव रखा गया है। मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

मोदी–जिनपिंग बोले- मतभेद विवाद में न बदलें:आपसी संबंध लंबे चले; गलवान झड़प के बाद चीन से इम्पोर्ट दोगुना हुआ

पीएम मोदी ने दिल्ली में BRICS समिट से अलग चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक की। यह मीटिंग करीब 50 मिनट चली। मोदी और जिनपिंग ने इस बात पर भी सहमति जताई कि मतभेदों को विवाद नहीं बनने देना चाहिए और संबंध लंबे चलने चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…



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कांग्रेस की बाडे़बंदी में घुसी पुलिस,एक घंटे तक हंगामा: थानाधिकारी बोले- अपहरण की शिकायत मिली है, प्रत्याशी ने कहा- मैं अपनी मर्जी से आया हूं – Alwar News




अलवर के रामगढ़ नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान शनिवार को अकबरपुर के धवला रिसॉर्ट में उस समय हंगामा हो गया, जब अकबरपुर थाना पुलिस और रामगढ़ थाना पुलिस की टीम वार्ड 10 से निर्दलीय प्रत्याशी योगेश मिश्रा को अपने साथ ले जाने पहुंची। पुलिस का कहना था कि योगेश के अपहरण की शिकायत मिली है। वहीं योगेश ने मौके पर ही पुलिस के सामने स्पष्ट किया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ और वह अपनी मर्जी से कांग्रेस की बाड़ेबंदी में आया है। पुलिस योगेश को अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई। कभी पुलिस योगेश को अपनी ओर खींचती नजर आई तो कभी कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता उन्हें अपनी ओर खींचते रहे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस योगेश को अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो सकी और वहां से लौट गई। देखे PHOTOS.. योगेश बोले- मेरा अपहरण नहीं हुआ, मैं अपनी मर्जी से आया हूं निर्दलीय प्रत्याशी योगेश मिश्रा ने पुलिस के सामने कहा कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया है। वह अपनी इच्छा से यहां आया है और यहीं रहना चाहता है। इसके बावजूद पुलिस उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। आर्यन जुबेर खान बोले- सरकार के दबाव में काम कर रहा प्रशासन रामगढ़ से कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आर्यन जुबेर खान ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ रह रहे प्रत्याशियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर भाजपा का बोर्ड बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रत्याशी खुद कांग्रेस के साथ रहना चाहते हैं। आर्यन जुबेर खान ने कहा कि सरकार ने प्रशासन पर दबाव बनाया हुआ है कि किसी भी तरह भाजपा का बोर्ड बने। उन्होंने कहा कि यदि पार्षद प्रत्याशी अपनी इच्छा से कांग्रेस के साथ हैं तो पुलिस द्वारा उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश करना गलत है। एक दिन पहले जयपुर के रिसोर्ट में भी हुआ था हंगामा नगर निकाय चुनाव में बाड़ेबंदी को लेकर यह दूसरा मामला है। शुक्रवार को जयपुर के तुंगा स्थित एक रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में वन विभाग के अधिकारी, पुलिसकर्मी और भाजपा से जुड़े लोग पहुंच गए थे। वहां से एक निर्दलीय प्रत्याशी को अपने साथ अलवर लाया गया था। इसके बाद शनिवार को अकबरपुर के धवला रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पुलिस के पहुंचने और निर्दलीय प्रत्याशी को ले जाने की कोशिश से फिर हंगामा हो गया।



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उत्तराखंड की मशहूर कुलथ की दाल ऐसे बनाएं, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का मन करे

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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में कई ऐसे पारंपरिक व्यंजन हैं, जो स्वाद के साथ-साथ वहां के मौसम और जीवनशैली से भी जुड़े हुए हैं. इन्हीं में से एक है कुलथ की दाल. इसे उत्तराखंड में कई जगह कुल्थ या गहत की दाल भी कहा जाता है. पहाड़ों में यह दाल खास तौर पर सर्दियों के मौसम में बनाई जाती है.

कुलथ एक तरह की दाल है, जिसका रंग आम दालों की तुलना में थोड़ा गहरा होता है. इसका स्वाद हल्का मिट्टी जैसा और खास होता है. पहाड़ी घरों में इसे साधारण तरीके से बनाकर चावल या रोटी के साथ खाया जाता है. कई जगह इससे गहत की फाणू, गहत की दाल और गहत के पराठे जैसे व्यंजन भी बनाए जाते हैं.

कुलथ की दाल बनाने के लिए सामग्री
1 कप कुलथ की दाल
1 छोटा प्याज, बारीक कटा हुआ
2 टमाटर, बारीक कटे हुए
3-4 लहसुन की कलियां
1 हरी मिर्च
1/2 चम्मच जीरा
1/2 चम्मच हल्दी
1/2 चम्मच लाल मिर्च
1/2 चम्मच धनिया पाउडर
नमक स्वाद के अनुसार
1-2 चम्मच सरसों का तेल
जरूरत के अनुसार पानी
थोड़ा सा हरा धनिया

ऐसे बनाएं कुलथ की दाल

सबसे पहले कुलथ की दाल को अच्छी तरह धोकर करीब 6-8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें. इससे दाल जल्दी पक जाती है.

अब भीगी हुई दाल को कुकर में डालें और इसमें करीब 3 कप पानी, हल्दी और थोड़ा नमक डाल दें. कुकर बंद करके मध्यम आंच पर दाल को अच्छी तरह पकाएं. दाल पकने के बाद उसे हल्का सा मसल लें, ताकि उसका स्वाद और गाढ़ापन अच्छा आए.

अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद कटा हुआ लहसुन, हरी मिर्च और प्याज डालकर भूनें. प्याज हल्का सुनहरा होने लगे तो इसमें टमाटर, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डाल दें.

मसाले को तब तक पकाएं जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाएं और तेल थोड़ा अलग दिखाई देने लगे. अब इसमें पकी हुई कुलथ की दाल डालें और जरूरत के हिसाब से पानी मिलाएं.

दाल को 5-10 मिनट धीमी आंच पर पकने दें. आखिर में ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डाल दें.



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एक ही रात में सात नलकूपों से चोरी: चोर स्टार्टर-केबल और कटआउट समेत अन्य कीमती सामान ले गए – Shamli News




शामली जिले के टिटौली गांव में शुक्रवार रात चोरों ने सात किसानों के नलकूपों से स्टार्टर, केबल और कटआउट समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। शनिवार सुबह खेत पर पहुंचे किसानों को इस घटना का पता चला। लगातार हो रही नलकूप चोरी की घटनाओं को लेकर किसानों में रोष है। चोरों ने किसान राजीव कुमार, अनिल, धर्मेंद्र, मांगेराम, विनोद, प्रवीण और राहुल के नलकूपों को निशाना बनाया। उन्होंने नलकूपों में तोड़फोड़ कर सामान निकाला। किसानों को सुबह नलकूपों के ताले टूटे और सामान बिखरा मिला। इसके बाद आसपास के किसानों को भी वारदात की जानकारी दी गई। पीड़ित किसानों ने आदर्श मंडी थाने में पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने चोरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। किसानों का कहना है कि नलकूपों पर लगातार चोरी हो रही है, लेकिन इन घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है।
पिछले दो दिनों में कुल 11 नलकूपों से चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। टिटौली की घटना से एक दिन पहले बृहस्पतिवार रात शहर कोतवाली क्षेत्र के लिसाढ़ गांव में भी चार नलकूपों से चोरी हुई थी। चोर किसान संसार सिंह, रामपाल, ब्रह्मपाल और राममेहर सिंह के नलकूपों से कीमती सामान ले गए थे। चारों किसानों ने शहर कोतवाली में शिकायत दी थी। सीओ सिटी जितेंद्र सिंह ने बताया कि नलकूपों से चोरी के मामलों की जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि चोरों को जल्द गिरफ्तार कर इन वारदातों का खुलासा किया जाएगा।



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छठे दिन खत्म हुई AISF की भूख हड़ताल: राजभवन ने 10 सूत्री मांगों पर दिया लिखित आश्वासन, 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाया था – Patna News


पटना यूनिवर्सिटी में छात्रों की 10 सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की ओर से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शनिवार को छठे दिन खत्म हो गई। AISF के 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को राजभवन में बात के लिए बुलाया गया था।

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राज्यपाल के मुख्य सचिव के समक्ष प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की 10 सूत्री मांगें रखीं। मुख्य सचिव ने मांगों पर बिंदुवार सहमति जताते हुए उन्हें जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। राजभवन ने छात्रों की मांगों पर जल्द कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया है।

जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।

जूस पिलाकर समाप्त कराया गया अनशन

राजभवन में वार्ता के बाद AISF का प्रतिनिधिमंडल भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचा। यहां आंदोलनरत छात्रों और समर्थकों की मौजूदगी में पटना कॉलेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. नवल किशोर चौधरी, सेफाली राय, अनीश कुमार, निखिल झा, पटना विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. शालिनी और प्रो. मनोज सहित अन्य लोगों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं बिट्टू भारद्वाज, किशलय और प्रिंस राज को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

इस मौके पर प्रो. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि कभी पटना विश्वविद्यालय को गर्व की नजर से देखा जाता था, लेकिन आज छात्रों को पढ़ाई से जुड़ी मांगों के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कुलपति को संवेदनशीलता के साथ छात्रों की समस्याएं सुनकर उनका समाधान करना चाहिए।

पटना विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के नेता प्रो. शिवशंकर ने भी छात्रों की दस सूत्री मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इन मांगों का समाधान विश्वविद्यालय स्तर पर ही किया जा सकता था, लेकिन छात्रों से बातचीत तक नहीं की गई।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

AISF के पटना जिला सचिव मीर सैफ अली ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सभी के सहयोग से आंदोलन को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि भविष्य में छात्रों की समस्याओं को लेकर बातचीत की मांग उठेगी तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी बात सुननी होगी।

भूख हड़ताल पर बैठे बिट्टू भारद्वाज, प्रिंस राज और किशलय ने संयुक्त रूप से कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर AISF का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि पटना विश्वविद्यालय को बचाने के लिए संगठन हर स्तर पर आंदोलन करेगा।

AISF ने स्पष्ट किया कि राजभवन के आश्वासन के बावजूद छात्रों की समस्याओं के समाधान और विश्वविद्यालय की स्थिति में सुधार के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।



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ट्रेन की चपेट में आए बुजुर्ग की मौत: शाजापुर में रेलवे फाटक पार करते समय हादसा – shajapur (MP) News




शाजापुर के बेरछा थाना क्षेत्र में बेरछी गांव के पास शनिवार को एक हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग करण गुजराती की मौत हो गई। यह घटना बेरछा रेलवे स्टेशन के पास बेरछी रेलवे फाटक पर हुई। जानकारी के अनुसार, करण गुजराती किसी काम से बाहर निकले थे। रेलवे फाटक पार करते समय वे अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें गंभीर हालत में शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर ने इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन के अनुसार, करण गुजराती घर में अकेले रहते थे। सूचना मिलने पर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने जरूरी कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।



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रिजर्व बैंक ने दिया टाटा समूह को बड़ा झटका, शेयर बाजार निवेशकों के आने वाले अच्छे दिन


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RBI vs Tata Sons : रिजर्व बैंक ने टाटा संस की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने खुद को एनबीएफसी की लिस्ट से बाहर रखने की गुहार लगाई थी. कंपनी ने कहा था कि वह अपना एनबीएफसी लाइसेंस भी सरेंडर करना चाहती है, लेकिन आरबीआई ने इससे साफ इनकार कर दिया और कहा कि टाटा संस को एनबीएफसी की कैटेगरी में ही रखा जाएगा.

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आरबीआई ने टाटा संस को अपर लेयर की एनबीएफसी लिस्ट में रखा है.

नई दिल्ली. करीब तीन साल से चल रही रस्साकसी में आखिरकार रिजर्व बैंक ने टाटा समूह को तगड़ा झटका दे दिया है. आरबीआई ने टाटा संस की उस अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें समूह ने अपना गैर बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) का रजिस्ट्रेशन सिर्टफिकेट सरेंडर करने की अपील की थी. आरबीआई के फैसले का मतलब है कि अब टाटा संस को खुद को शेयर बाजार में लिस्ट कराना ही पड़ेगा. कंपनी ने यह अर्जी इसलिए दी थी कि उसका एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर हो जाए तो शायद उसे आरबीआई के नियमों से राहत मिल जाएगी और खुद को लिस्ट नहीं कराना पड़ेगा.

CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि आरबीआई के इस फैसले से टाटा संस को तगड़ा झटका लगा है. उसकी अपील रिजेक्ट होने का सीधा मतलब है कि अब समूह को आरबीआई के उन नियमों का पालन करना ही पड़ेगा, जो उसने अपर लेयर एनबीएफसी के लिए बनाया है. इस नियम के तहत सभी अपर लेयर की एनबीएफसी को शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी है. टाटा संस ने मार्च, 2024 में ही आरबीआई के पास अपना कोर इंवेस्टमेंट कंपनी (CIC) रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने का आवेदन दिया था. इसके लिए कंपनी ने बाकायदा 21,813 करोड़ रुपये का कर्ज भी चुका दिया था.

अपर लेयर एनबीएफसी बनी रहेगी टाटा संस
रिजर्व बैंक ने साफ कह दिया कि है कि टाटा संस को अपर लेयर एनबीएफसी फ्रेमवर्क में ही रखा जाएगा. अगस्त, 2026 में भी आरबीआई ने टाटा संस को देश की 17 अपर लेयर वाली एनबीएफसी की लिस्ट में शामिल रखा था. तब भी आरबीआई ने कहा था कि उसका रजिस्ट्रेशन खारिज करने का आवेदन फिलहाल समीक्षाधीन है और इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा. अब करीब महीनेभर बाद आरबीआई ने साफ कर दिया है कि टाटा संस को अपर लेयर की एनबीएफसी वाली कैटैगरी में ही रखा जाएगा.

टाटा संस कब बनी एनबीएफसी
रिजर्व बैंक ने सितंबर, 2022 में ही टाटा संस को अपर लेयर एनबीएफसी के तौर पर क्लासीफाई किया था. शुरुआती फ्रेमवर्क में आरबीआई ने कहा था कि टाटा संस को तीन साल के भीतर लिस्ट कराना जरूरी होगा. इस लिहाज से आरबीआई की डेडलाइन तो सितंबर, 2025 में ही बीत चुकी है. इस डेडलाइन के भी एक साल बाद तक टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग नहीं हुई है. कंपनी अभी तक इसी कोशिश में है कि उसका एनबीएफसी लाइसेंस सरेंडर करके उसे लिस्टिंग से छूट दे दी जाए.

टाटा संस लपेटे में क्यों आई और इसके क्या मायने
आरबीआई ने 4 साल पहले जब एनबीएफसी का फ्रेमवर्क बनाया था तो यह तय किया था कि जिसका बाजार पूंजीकरण 1 लाख करोड़ से ज्यादा है, उन एनबीएफसी को शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी होगा. ऐसी कंपनियों को अपर लेयर एनबीएफसी घोषित किया गया था. टाटा संस का मार्केट कैप तो इस लिमिट से भी काफी ज्यादा है, लिहाजा आरबीआई ने इसे भी लिस्ट में शामिल कर लिया था. टाटा संस, टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी है, जिसकी टाटा ट्रस्ट में करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है. अगर यह कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होती है तो निवेशकों को पैसे कमाने का एक अच्छा साधन मिल सकता है, क्योंकि इस कंपनी का आकार काफी बड़ा है और इसका आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ भी बन सकता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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