हरियाणा के नारनौल में त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने मदार-नारनौल-मदार प्रतिदिन स्पेशल रेलसेवा संचालित की है। यह विशेष ट्रेन 15 अगस्त से शुरू हो गई, जो 24 सितंबर 2026 तक कुल 41 ट्रिप करेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09639 मदार-नारनौल प्रतिदिन स्पेशल 15 अगस्त से 24 सितंबर तक प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे मदार से रवाना होकर सुबह 9:15 बजे नारनौल पहुंचेगी। यात्रियों को होगा फायदा इसी प्रकार गाड़ी संख्या 09640 नारनौल-मदार प्रतिदिन स्पेशल इसी अवधि में प्रतिदिन शाम 4:20 बजे नारनौल से रवाना होकर रात्रि 10:35 बजे मदार पहुंचेगी। इस ट्रेन के चलने से 48 दिनों के लिए बंद की गई अन्य ट्रेनों के यात्रियों को लाभ होगा। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह स्पेशल रेलसेवा मार्ग में किशनगढ़, नरैना, फुलेरा, रेनवाल, बधाल, रींगस, श्रीमाधोपुर, कांवट, भागेगा, नीमकाथाना, मांवड़ा, डाबला और निजामपुर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में ठहरेगी। 9 डिब्बों के साथ चलेगी ट्रेन रेलवे के अनुसार इस स्पेशल ट्रेन में 7 साधारण श्रेणी के कोच तथा 2 गार्ड डिब्बे सहित कुल 9 डिब्बे लगाए जाएंगे, जिससे त्योहारों के दौरान यात्रियों को अतिरिक्त सीटों की सुविधा मिल सकेगी।
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नारनौल को मिली त्योहारों पर स्पेशल ट्रेन की सौगात: 15 अगस्त से शुरू हुई 41 ट्रिप वाली स्पेशल ट्रेन, 9 कोच के साथ चलेगी – Narnaul News
11 महीने तक पाकिस्तान का बैंक रहा आरबीआई, उसके लिए नोट भी छापे
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RBI Untold Story : आजादी और बंटवारे से जुड़ी वैसे तो तमाम कहानियां आपको पता होंगी, लेकिन आज हम रिजर्व बैंक से जुड़ी एक ऐसी दास्तां बताते हैं, जिसने भारत की उदारता और सहयोग की अनूठी मिसाल पेश की है. साल 1947 में आजादी के बाद आरबीआई ने पाकिस्तान के बैंक के तौर पर काम किया. यही वजह रही कि भारत को अपना केंद्रीय बैंक 2 साल बाद मिला.
आजादी के बाद भारतीय करेंसी ही पाकिस्तान में भी चलती थी.
नई दिल्ली. वैसे तो पाकिस्तान और भारत की आजादी के बीच सिर्फ एक रात का फर्क है. दोनों देश पहले एक हुआ करते थे और आजादी के बाद का बंटवारा तो आज तक दोनों देशों के लिए किसी बड़े जख्म की तरह बना हुआ है. दो मुल्क बनने के बाद दोनों ने अपनी-अपनी सरकारें बनाई और तमाम संस्थाओं को भी जन्म दिया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय रिजर्व बैंक आजादी के 11 महीने बाद तक पाकिस्तान का भी केंद्रीय बैंक बना रहा था. इस दौरान आरबीआई ने पाकिस्तान की बैंकिंग और करेंसी से जुड़े सभी कामकाज भी संभाले थे.
दरअसल, आरबीआई की स्थापना तो आजादी के 12 साल पहले ही 1935 में हो गई थी. साल 1947 तक इसके पास पूरे उपमहाद्वीप में करेंसी का सर्कुलेशन बनाए रखने के लिए ऑफिस, कर्मचारी और बैंकिंग संबंधी सभी अधिकार मौजूद थे. इसके नेटवर्क में कराची और लाहौर के करेंसी ऑफिस भी आते थे, लेकिन बंटवारे के बाद यह पाकिस्तान का हिस्सा बन गए. यही वजह रही बंटवारे के तत्काल बाद पाकिस्तान के पास अपना बैंकिंग इन्फ्रा नहीं था. तब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पाकिस्तान के सेंट्रल बैंक के तौर पर काम किया. उसने पाकिस्तान की सरकार से जुड़े बैंकिंग और करेंसी से जुड़े इंतजाम संभाले, जबकि नया देश अपना खुद का संस्थान बना रहा था.
आरबीआई ने छापे थे पाकिस्तान के नोट
रिजर्व बैंक के अनोखे उत्तरदायित्व का सबूत उस समय के बैंक नोटों से भी मिलता है. आरबीआई ने ही तब पाकिस्तान के लिए पहली करेंसी छपवाई थी. भारत में छपे इन नोटों पर ‘गवर्नमेंट ऑफ पाकिस्तान’ लिखा है. पाकिस्तान ने जब तक अपना केंद्रीय बैंक बनाया और जरूरी कानून लागू करने के साथ कर्मचारियों की भर्ती की, तब तक सारा बैंकिंग कामकाज आरबीआई की देखरेख में ही चलता रहा. इसकी वजह यही थी कि पाकिस्तान के अलग मुल्क बनने के बाद भी उसके सरकारी कामकाज और करेंसी की सप्लाई को रोका नहीं जा सकता था. लिहाजा आरबीआई ने यह जिम्मेदारी 11 महीने तक निभाई.
तब तक नहीं हुआ आरबीआई का राष्ट्रीयकरण
रिवर्ज बैंक के इतिहास की यह सबसे अनोखी बात है कि आजादी के 2 साल तक आरबीआई का राष्ट्रीयकरण नहीं किया गया. दरअसल, पाकिस्तान के केंद्रगीय बैंक के तौर पर काम करने के लिए साल 1947 में पाकिस्तान (मौद्रिक प्रणाली और रिजर्व बैंक) आदेश, 1947 के तहत एक अंतरिम व्यवस्था लागू की गई. इस दौरान आरबीआई ने पाकिस्तान सरकार के बैंकर के तौर पर काम करना जारी रखा और उसकी मुद्रा प्रणाली को सहयोग दिया. आरबीआई ने जून 1948 तक पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के तौर पर काम किया. इस समय तक आरबीआई शेयरहोल्डर्स के मालिकाना हक वाली संस्था थी, क्योंकि उसे पाकिस्तान के लिए भी काम करना था तो इसका राष्ट्रीयकरण साल 1949 में किया गया. जब पाकिस्तान में इसकी भूमिका खत्म हो गई.
पाकिस्तान में चलती थी भारतीय करेंसी
आजादी के समय पाकिस्तान ने नए डिजाइन वाले नोट नहीं छापे थे. वहां शुरुआत में भारतीय करेंसी ही चलन में रही. बाद में पाकिस्तान में इस्तेमाल के लिए मौजूदा नोटों में बदलाव किए गए. स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के अनुसार, उसने पहली बार 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये और 100 रुपये के नोट छापे थे. इन नोटों पर ऊपर की तरफ अंग्रेजी में ‘Government of Pakistan’ छपा था, जबकि वॉटरमार्क वाले हिस्से पर उर्दू में ‘Hakumat-e-Pakistan’ लिखा था. नोट का मूल डिजाइन भारतीय ही रहा. इन अतिरिक्त शब्दों की वजह से पाकिस्तान को नोटों पर अपनी सरकार का नाम छापने के लिए करेंसी की पूरी तरह से नई सीरीज के डिजाइन, प्रिंटिंग और वितरण का इंतजार नहीं करना पड़ा.
कब खुला पाकिस्तान का केंद्रीय बैंक
आजादी के बाद पाकिस्तान का केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान 1 जुलाई, 1948 को कराची में खुला और जाहिद हुसैन इसके पहले गवर्नर बने. इसके उद्घाटन के समय मुहम्मद अली जिन्ना ने इस संस्थान को आर्थिक आजादी का प्रतीक बताया था. ‘बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स’ के अनुसार उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के स्टेट बैंक का खुलना वित्तीय क्षेत्र में हमारे देश की संप्रभुता का प्रतीक है. इसके बाद आरबीआई ने पाकिस्तान में अपना कामकाज बंद किया और फिर उसका राष्ट्रीयकरण किया गया. लिहाजा देखा जाए तो आजादी के बाद भारत को अपना केंद्रीय बैंक पाकिस्तान के भी करीब एक साल बाद मिला, जबकि आरबीआई पहले से ही भारतीय बैंकिंग सिस्टम के लिए काम कर रहा था.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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जालौन की कल की 5 बड़ी खबरें: IAS रिंकू सिंह राही बोले- अंग्रेजों ने नहीं हमने किसानों का शोषण किया; डीएम ने फहराया तिरंगा – Jalaun News
अनुज कौशिक | जालौन5 मिनट पहले
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आज नो न्यूजपेपर डे है, इसलिए शनिवार को अखबार आपके घर नहीं पहुंचेगा। जालौन जिले की कल दिनभर की 5 बड़ी और जरूरी खबरें एक नजर में पढ़िए।
1:- जालौन में IAS रिंकू सिंह राही बोले- अंग्रेजों ने नहीं हमने किसानों का शोषण किया
जालौन में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एसडीएम (न्यायिक) रिंकू सिंह राही ने कहा- भगत सिंह आज के हिसाब से बेवकूफ और बेकार बच्चे थे। वो घर के हिसाब से बागी थे। उन्होंने कहा- जब मैं इतिहास पढ़ता हूं, तो मुझे लगता है कि जब किसानों का शोषण हुआ, क्या अंग्रेजों ने किया या फिर हमारा जो पटवारी था, इस देश का ही आदमी था, उसने किया था। उसने अपने अफसर के सामने अच्छा कर्मचारी बनने के लिए किया था।
इस दौरान रिंकू सिंह ने स्वतंत्रता आंदोलन और उसमें हिस्सा लेने वालों के बारे भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा शुरू में स्वतंत्रता के आंदोलन में सिर्फ 1 प्रतिशत लोगों ने हिस्सा लिया था। बाकी तो अपने धर्म के अनुसार कर्मकांड और परिवार में लगे थे। पढ़ें पूरी खबर…
2:- जालौन में युवक की पिटाई और अभद्रता, पैर छुलवाने का आरोप, भीम आर्मी ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

जालौन के गोहन थाना क्षेत्र के नावर गांव से एक वीडियो सोशल मीडिया पर है। इस वीडियो में कुछ युवक एक अन्य युवक के साथ मारपीट करते और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि पीड़ित युवक से पैर छुलवाए गए और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संबंध में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो 14 अगस्त का है। वीडियो में एक युवक दूसरे युवक को पीटता नजर आ रहा है, जबकि वह अपने साथियों से वीडियो बनाने को कहता है। इस दौरान पीड़ित युवक के साथ कथित रूप से अभद्रता की गई और उसे पैर छूने के लिए मजबूर किया गया। वीडियो में डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति भी कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भीम आर्मी के संज्ञान में आया। पढ़ें पूरी खबर…
3:- जालौन में 111 मीटर लंबे तिरंगे के साथ यात्रा निकाली, जिलाधिकारी-पुलिस अधीक्षक तिरंगा लेकर सड़क पर निकले

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को जालौन में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह के नेतृत्व में 111 मीटर लंबे राष्ट्रीय ध्वज के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, छात्र-छात्राएं और आम लोग शामिल हुए।
तिरंगा यात्रा टाउन हॉल स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा से शुरू हुई। 111 मीटर लंबे तिरंगे को थामे लोग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कोंच रोड स्थित पीली कोठी पहुंचे। यहां सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर यात्रा का समापन हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
4:- जालौन में बाइक चोर गिरोह का खुलासा: 10 आरोपी गिरफ्तार, 6 चोरी की बाइक और मोबाइल बरामद

जालौन की रामपुरा थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं का सफल अनावरण करते हुए एक बड़े गिरोह के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह चोरी की मोटरसाइकिलें, जिनमें एक अधूरी बाइक भी शामिल है, एक मोटरसाइकिल की चेचिस, पांच मोबाइल फोन तथा बाइक चोरी में प्रयुक्त होने वाले पेचकस, हथौड़ा समेत अन्य सामान बरामद किया है।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। जालौन के एएसपी IPS अधिकारी डॉक्टर ईशान सोनी ने पुलिस लाइन में खुलासा करते हुए बताया कि थाना रामपुरा क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं को लेकर मुकदमे दर्ज किए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…
5:- छात्र की तबीयत बिगड़ी तो रातों-रात पहुंचे 25 पलंग: संस्कृत विद्यालय में अब जमीन पर नहीं सोएंगे बच्चे

जालौन के गुरु का इटौरा स्थित श्रीकृष्ण संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में बरसाती कीड़े के काटने से एक छात्र की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाया। डीएम राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर शुक्रवार रात उरई से विद्यालय में 25 पलंग भेजे गए। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी छात्र को जमीन पर न सुलाया जाए।
बताया गया कि रात में एक छात्र को किसी बरसाती कीड़े ने काट लिया था। इसके बाद उसके गले में तेज दर्द होने लगा और हालत बिगड़ गई। सूचना मिलते ही डीएम राजेश कुमार पांडेय और एसपी विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। छात्र को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों ने विषैले कीड़े के काटने की आशंका जताई है। पढ़ें पूरी खबर…
नालंदा में एकदिवसीय हेल्थ कैंप का आयोजन: 12 विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे; शुगर टेस्ट और फुल बॉडी चेकअप की भी सुविधा – Nalanda News
नालंदा में आज(16 अगस्त 2026) एकदिवसीय हेल्थ कैंप का आयोजन किया जा रहा है। साप्ताहिक निशुल्क जांच बिहारशरीफ रेड क्रॉस सोसाइटी श्रम कल्याण केंद्र के विस्तारित भवन में शिविर सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक लगेगा। जहां एलोपैथिक, होम्योपैथिक, फिजियोथेरेपी, आई स्पेशलिस्ट समेत 12 डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। शिविर में चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. नीतीश कुमार, आई स्पेशलिस्ट डॉ. अभिनव कुमार सिंह, हड्डी एवं नस से संबंधित बीमारियों के लिए डॉ. अमरदीप नारायण मौजूद रहेंगे। इसके अलावा जनरल फिजिशियन के तौर पर डॉ. अखिलेश कुमार, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. उमेश कुमार सिन्हा और डॉ. इंद्रजीत कुमार अपनी सेवाएं देंगे। दांतों की समस्याओं के लिए दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. उदय देव रंजन, शारीरिक दर्द और मांसपेशियों के लिए डॉ. शहजाद आलम, ऑडियोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप कुमार सिंह मरीजों की जांच करेंगे। वहीं, होम्योपैथिक चिकित्सा के लिए डॉ. गौतम कुमार और डॉ. रितेश कुमार भी शिविर में मौजूद रहकर लोगों को चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराएंगे। शुगर टेस्ट की सुविधा संस्था के मुताबिक इस शिविर में केवल चिकित्सकीय परामर्श ही नहीं बल्कि जांच की भी व्यवस्था की गई है। शिविर में आने वाले मरीजों के लिए मुफ्त शुगर की जांच की विशेष व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही संस्था की ओर से फुल बॉडी चेकअप की भी सुविधा मुहैया कराई जा रही है, ताकि लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर पूरी तरह से सतर्क और जागरूक हो सके।
आम जनता से अपील भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी ने जिले के सभी नागरिकों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने व्यस्त समय में से थोड़ा वक्त अपने स्वास्थ्य के लिए निकालें। अधिक से अधिक संख्या में इस निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में पहुंचकर अपनी नियमित जांच कराएं और इस नेक कार्य का पूरा लाभ उठाएं।
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इंदौर-जू में अब जानवरों के साथ डिजिटल जंगल का रोमांच: बारिश की बूंदें गिरेंगी, सीन के साथ हिलेंगी सीटें; भारत का पहला वर्चुअल जू 14-D थिएटर – Indore News
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में अब वन्यजीवों को देखने के साथ दर्शक जंगल के बीच होने जैसा रोमांच भी महसूस कर सकेंगे। जू परिसर में करीब 4 से 4.5 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 14-D वर्चुअल जंगल सफारी और थिएटर का शुभारंभ रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। आम दर्शकों के लिए यह सुविधा 16 अगस्त से शुरू होगी। पूरे प्रोजेक्ट में 14 तरह के इफेक्ट्स शामिल किए गए हैं। बारिश के दौरान पानी की बूंदें, चेहरे पर हवा के झोंके, कोहरा, बुलबुले, कंपन और सीटों की मूवमेंट जैसे इफेक्ट्स स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के साथ बदलेंगे। इससे दर्शकों को दृश्य का हिस्सा होने जैसा अनुभव होगा। थिएटर की वाटरप्रूफ स्क्रीन साउथ कोरिया से मंगाई गई है। जू प्रबंधन का दावा है कि भारत का यह पहला वर्चुअल जू 14-D थिएटर है। 70 रुपए होगा टिकट, रोज होंगे 16 शो थिएटर मंगलवार से रविवार तक सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होगा। रोज 20-20 मिनट के 16 शो होंगे। टिकट की कीमत 70 रुपए रखी गई है। देखिए पांच तस्वीरें गोरिल्ला के मुंह से होगी एंट्री, नियोन लाइटिंग से शुरू होगा जंगल का अनुभव 14-D थिएटर में प्रवेश जू परिसर के अंदर बनाए गए बड़े गोरिल्ला के मुंह से होगा। टिकट लेने के बाद दर्शक आगे बढ़ेंगे, जहां रोशनी कम होते ही नियोन लाइटिंग के साथ 3D जंगल का अनुभव शुरू होगा। दीवारों पर बड़े पेड़, टाइगर, शेर और जंगल के अन्य दृश्य दिखाई देंगे। कुछ देर के लिए ऐसा माहौल बनाया जाएगा कि दर्शकों को वास्तविक जंगल में पहुंचने जैसा अहसास हो। सीन के मुताबिक ऊपर-नीचे और आगे-पीछे मूव करेंगी सीटें इसके बाद दर्शक 14-D थिएटर में पहुंचेंगे। यहां 3D चश्मे के साथ मूविंग सीटों पर बैठना होगा। करीब 20 मिनट के शो को दो हिस्सों में बांटा गया है। पहले 10 मिनट में एडवेंचर फॉरेस्ट का अनुभव कराया जाएगा। स्क्रीन पर दिखने वाले दृश्यों के अनुसार सीटें आगे-पीछे और ऊपर-नीचे मूव करेंगी। चेहरे पर हवा और पानी के छींटे, कोहरा और बुलबुलों जैसे इफेक्ट्स भी महसूस होंगे। अगले 10 मिनट में प्री-हिस्टोरिक एडवेंचर दिखाया जाएगा। इसमें दर्शकों को पुराने समय के जंगल और उस दौर के जीवों की दुनिया का वर्चुअल अनुभव मिलेगा। पहाड़ चढ़ने पर सीट ऊपर, उतरने पर नीचे जाएगी जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार सीटों की मूवमेंट स्क्रीन पर चल रहे दृश्यों के मुताबिक होगी। यदि स्क्रीन पर गाड़ी पहाड़ से नीचे उतरती दिखाई देगी तो सीट नीचे की ओर जाएगी और चढ़ाई के दौरान ऊपर उठेगी। जंगल में गाड़ी चलने या रोलर कोस्टर जैसा अनुभव कराने के लिए छोटे झटके भी दिए जाएंगे। ग्लो गार्डन में कदम रखते ही रोशन होंगी तितलियां और पौधे थिएटर के बाद दर्शक ग्लो गार्डन का अनुभव ले सकेंगे। रास्ते में शेर और बोलता हुआ पेड़ उनका स्वागत करेंगे। हाथ लगाने पर गेट खुलेगा। अंदर फाइबर ऑप्टिक लाइट्स से रोशनी का आकर्षक माहौल बनाया गया है। घास जैसा फर्श और आसपास तितलियों व पौधों की आकृतियां होंगी, जो दर्शकों के कदमों के साथ रोशन होंगी। भूल-भुलैया में दहाड़ के बीच तलाशना होगा रास्ता इसके बाद दर्शक भूल-भुलैया में पहुंचेंगे। यहां कई रास्ते होंगे और बीच-बीच में शेर व भालू की दहाड़ सुनाई देगी। दर्शकों को रोमांच के बीच सही रास्ता तलाशना होगा। इसके बाद मिरर ब्रिज आएगा, जहां होलोग्राम के जरिए भगवान हनुमान के दर्शन होंगे। आगे 3D वाइल्ड लाइफ इमर्सिव सफारी होगी। इसके बाद 3D डोम में करीब 10 मिनट का वाइल्ड लाइफ और जंगल का शो होगा। बड़ी स्क्रीन और 3D इफेक्ट्स के बीच ऐसा अनुभव होगा, जैसे जंगल चारों तरफ मौजूद हो। पूरा सफर खत्म होने के बाद दर्शक कैंटीन में इंदौरी व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। 14 एलिमेंट्स मिलकर बनाएंगे वर्चुअल जंगल जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव ने बताया कि प्रोजेक्ट में 14 अलग-अलग एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं। स्क्रीन पर बारिश का दृश्य आने पर बादलों की गर्जना, पानी की बूंदें और फ्यूम्स जैसे इफेक्ट्स एक साथ सक्रिय होंगे। इसी तरह पहाड़ या एडवेंचर के दृश्यों के अनुसार सीटों की मूवमेंट और अन्य इफेक्ट्स बदलेंगे। प्रोजेक्ट को करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन कुछ बाधाओं के कारण इसमें करीब दो महीने अतिरिक्त लगे। इसकी लागत लगभग 4 से 4.5 करोड़ रुपए आई है। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है। जू में पहली बार डिजिटल जंगल का अनुभव डॉ. यादव के मुताबिक, जू में दर्शक अब तक प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखते रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के जरिए उन्हें डिजिटल तकनीक से जंगल और वन्यजीवों का अलग अनुभव मिलेगा। 14-D थिएटर के साथ भूल-भुलैया, इमर्सिव सफारी और डोम थिएटर को मिलाकर पूरा मनोरंजन पैकेज तैयार किया गया है। फिलहाल प्रवेश शुल्क 70 रुपए रखा गया है। हालांकि तकनीक और प्रोजेक्ट की लागत को देखते हुए भविष्य में टिकट दर में बदलाव का फैसला उच्च अधिकारियों के स्तर पर लिया जा सकता है।
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इजराइल में PM नेतन्याहू की हार का खतरा: पूर्व आर्मी चीफ आइजेनकोट से पिछड़े; 2 महीने बाद चुनाव होने हैं
तेल अवीव1 घंटे पहले
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इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजेनकोट से बड़ी चुनौती मिलती दिख रही है। गुरुवार को सामने आए जमान इजराइल के नए सर्वे में आइजेनकोट की विपक्षी पार्टी यशार को 25 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं नेतन्याहू की लिकुड पार्टी 21 सीटों पर सिमट सकती है।
यानी यशार ने लिकुड पर 4 सीट की बढ़त बना ली है। पिछले कुछ हफ्तों के ज्यादातर सर्वे में भी यशार आगे रही है, लेकिन अंतर बहुत कम था। कई सर्वे में लिकुड बराबरी पर थी या सिर्फ 1-2 सीट पीछे थी। नए सर्वे में यह अंतर बढ़कर 4 सीट हो गया है।

120 सीटों वाली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटें जरूरी
यशार के सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद चुनाव के बाद सरकार बनना आसान नहीं होगा। इजराइल की संसद नेसेट में कुल 120 सीटें हैं और बहुमत के लिए कम से कम 61 सीटों की जरूरत होती है।
सर्वे में नेतन्याहू विरोधी दलों के ‘चेंज ब्लॉक’ को 58 सीटें मिलने का अनुमान है। यानी यह गठबंधन बहुमत से सिर्फ 3 सीट दूर नजर आ रहा है।
दूसरी ओर नेतन्याहू के समर्थक दलों को कुल 50 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों को 12 सीटें मिल सकती हैं। इनमें राम पार्टी और हदाश-ताल को 6-6 सीटें मिलने का अनुमान है।
इसका मतलब है कि चुनाव से पहले किसी भी बड़े खेमे के पास सरकार बनाने लायक साफ बहुमत नहीं है।

आइजेनकोट बोले- सबसे बड़ी पार्टी के नेता को मौका मिलना चाहिए
आइजेनकोट की बढ़त के बीच नेतन्याहू विरोधी खेमे के विपक्षी नेता याइर लैपिड की पार्टी बीयाचद ने कहा है कि वह विपक्षी सरकार बनने के रास्ते में रुकावट नहीं डालेगी। लेकिन जब लैपिड से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी आइजेनकोट को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन करेगी, तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया।
बीयाचद में लैपिड दूसरे नंबर के नेता हैं। पार्टी का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट के हाथ में है। वह खुद भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर सामने आते रहे हैं। आइजेनकोट ने इससे पहले कहा था कि अगला प्रधानमंत्री उसी व्यक्ति को होना चाहिए जो नेतन्याहू विरोधी गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी का नेता हो।
उनका यह बयान 2021 से 2022 तक प्रधानमंत्री रहे नफ्ताली बेनेट के कार्यकाल की ओर भी इशारा करता है। उस समय बेनेट की पार्टी के पास नेसेट में सिर्फ 7 सीटें थीं। इसके बावजूद गठबंधन के जरिए वह प्रधानमंत्री बने थे। इसी वजह से उनके प्रधानमंत्री बनने को लेकर उस समय काफी बहस हुई थी।

विपक्षी यशार पार्टी के नेता गादी आइजेनकोट। (फाइल फोटो)
रिपोर्ट- ईरान इजराइली नेताओं को नुकसान पहुंचा सकता है
चैनल 12 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से इजराइली नेताओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के संकेत मिले हैं। पीएम नेतन्याहू के पास सराकरी सुरक्षा है लेकिन आइजेनकोट को फिलहाल सरकारी सुरक्षा का औपचारिक अधिकार नहीं है।
इसी वजह से आइजेनकोट की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। उनकी बढ़ती राजनीतिक ताकत के बीच भी उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता सामने आई है। चुनाव अभियान तेज होने के साथ इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी ‘शिन बेट’ उन्हें हथियारबंद सुरक्षा देने पर विचार कर रही है।
यूपी-उत्तराखंड समेत 5 राज्यों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट: टिहरी डैम में पानी खतरे के निशान तक पहुंचा; ओडिशा के 6 जिलों में बाढ़
देश के उत्तर और उत्तर-पूर्व राज्यों में बारिश से जनजीवन प्रभावित है। रविवार को उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और बंगाल में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। उत्तराखंड में टिहरी डैम का पानी खतरे के निशान तक पहुंच गया है। ओडिशा में 18 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। जाजपुर के दशरथपुर में कानी नदी पर बन रहा पुल बाढ़ में बह गया। इधर, शनिवार को ओडिशा के 6 जिलों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित रहा। पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण निचले इलाकों से 95,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना पड़ा। हिमाचल में 30 जून से 15 अगस्त के बीच मानसून से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार शाम 5 बजे तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें… अगले 2 दिन मौसम का हाल… 17 अगस्त 18 अगस्त
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AMU में तिरंगे की रोशनी,देशभक्ति के रंग में डूबा कैंपस: स्वतंत्रता दिवस पर जगमगाया परिसर; प्रभात फेरी, एनसीसी कैडेट्स ने दिखाया उत्साह – Kol News
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) का परिसर 15 अगस्त की शाम स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा नजर आया। विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक इमारतें तिरंगे और आकर्षक रोशनी से जगमगा उठीं। कैंपस के कोने-कोने में स्वतंत्रता दिवस की उमंग और देशभक्ति का माहौल दिखाई दिया, जिसमें छात्र-छात्राओं से लेकर शिक्षक और गैर-शिक्षण स्टाफ तक सभी शामिल थे। एएमयू के जनसंपर्क कार्यालय की प्रभारी सदस्य (एमआईसी) प्रो. विभा शर्मा ने विश्वविद्यालय के माहौल पर बातचीत करते हुए कहा कि आज यूनिवर्सिटी का हर कोना खूबसूरत नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा कैंपस आजादी के जोश और जुनून में डूबा हुआ है। यह उत्साह केवल इमारतों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों में भी स्वतंत्रता दिवस की उमंग साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय की इमारतों पर तिरंगा लहराने के साथ आकर्षक लाइटिंग की गई थी। प्रभात फेरी में स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया, जबकि एनसीसी कैडेट्स ने ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी की। स्वतंत्रता दिवस को लेकर पिछले एक सप्ताह से विश्वविद्यालय में विभिन्न चर्चाओं और डिबेट्स का आयोजन भी किया गया था। इन चर्चाओं में आजादी के संघर्ष, देश के वर्तमान और भविष्य तथा समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। विभा शर्मा ने बताया कि इन गतिविधियों में छोटे बच्चों से लेकर बड़े, प्रोफेसरों से लेकर गैर-शिक्षण स्टाफ तक, हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की गई। स्वतंत्रता दिवस की शाम एएमयू का वातावरण यह दर्शाता था कि राष्ट्रीय पर्व किस तरह लोगों को एक साझा उत्साह और जिम्मेदारी की भावना से जोड़ता है। तिरंगे की रोशनी और देशभक्ति से सराबोर कैंपस में शाम का यह नजारा एएमयू की विविधता के बीच राष्ट्रभक्ति के रंग को और गहरा करता दिखा।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह उदयपुर पहुंचे: एयरपोर्ट पर सीएम भजनलाल शर्मा ने किया स्वागत, कल निम्बाहेड़ा में पूर्व PM वाजपेयी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण – Udaipur News
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार रात 10:30 बजे विशेष विमान से उदयपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डबोक एयरपोर्ट गृहमंत्री की अगवानी कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता मंत्री गौतम दक, राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सांसद सीपी जोशी, सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक ताराचंद जैन, फूल सिंह मीणा, उदयलाल डांगी, शांता देवी और प्रताप भील ने भी गृहमंत्री का स्वागत किया। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली और सलूंबर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। संगठन के साथ हो सकती है चर्चा एयरपोर्ट से अमित शाह सीधे सर्किट हाउस पहुंचे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कई मंत्री भी सर्किट हाउस में ही रुक रहे हैं। रविवार सुबह गृहमंत्री अमित शाह सीएम और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ आगामी संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ हेलिकॉप्टर से चित्तौड़गढ़ जिले के निम्बाहेड़ा जाएंगे। वहां शाह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासनिक अमला रहा तैनात गृहमंत्री के दौरे को देखते हुए एयरपोर्ट और सर्किट हाउस पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, आईजी गौरव श्रीवास्तव, कलेक्टर गौरव अग्रवाल, एसपी अमृता दुहन, एडीएम जितेंद्र ओझा और मावली एसडीएम रमेश सीरवी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
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‘आजादी का महापर्व’ में कविता कृष्णमूर्ति ने बांधा समां: रविंद्र भवन में देशभक्ति गीतों पर झूमे दर्शक; जान कुमार शानू ने भी दी प्रस्तुति – Bhopal News
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संस्कृति विभाग के स्वराज संस्थान संचालनालय की ओर से रविंद्र भवन के हंसध्वनि सभागार में ‘आजादी का महापर्व’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रसिद्ध गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने देशभक्ति गीतों से समां बांधा, जिससे पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कविता कृष्णमूर्ति और साथी कलाकारों की प्रस्तुतियों का दर्शकों ने जमकर आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत कविता कृष्णमूर्ति ने भगवान शिव का ध्यान करते हुए ‘ओम नम: शिवाय’ गीत से की। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘कर्मा’ का देशभक्ति गीत ‘हर करम अपना करेंगे, ऐ वतन तेरे लिए’ प्रस्तुत किया। गीत के साथ ही सभागार में मौजूद दर्शकों में जोश और उत्साह भर गया। इसके बाद कविता कृष्णमूर्ति ने ‘दिल ने कहा चुपके से’, ‘हवा हवाई’, ‘काहे छेड़े’, ‘आज मैं ऊपर आसमां नीचे’, ‘निंबोड़ा’, ‘इस तरह आशिकी’, ‘तुम मिले’, ‘मेरा दिल भी कितना पागल है’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘तू ही रे’, ‘बोले चूड़ियां’, ‘कोई मिल गया’, ‘मेरा पिया घर आया’ और ‘डोला रे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियां दीं। एक के बाद एक गीतों पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। अमर सेनानियों को किया नमन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर क्रांतिवीरों और वीरांगनाओं को नमन करते हुए कहा कि देश उन सभी वीरों का ऋणी है, जिन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा और देशवासियों को स्वतंत्र भारत में सांस लेने का सौभाग्य दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के इन महान सेनानियों के सपनों का भारत बनाना हर नागरिक का कर्तव्य है। कुमार शानू के पुत्र ने भी दी प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान कविता कृष्णमूर्ति के साथ साथी कलाकारों ने भी प्रस्तुति दी। मंच पर कुमार शानू के पुत्र जान कुमार शानू ने भी गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुति ने खासतौर पर युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का समापन ‘आई लव माय इंडिया’ गीत के साथ हुआ।
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