वर्षों पुरानी मांगों, भविष्य को सुरक्षित करने और स्थाईकरण की गुहार लेकर रविवार को छुट्टी के दिन बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक गुना कलेक्टोरेट परिसर पहुंचे। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश के बैनर तले एकत्रित हुए शिक्षकों ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने साफ तौर पर कहा कि या तो शासन उनके नियमितीकरण की स्थाई नीति बनाए या फिर उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। ज्ञापन में ध्यानाकर्षण कराते हुए प्रतिनिधियों ने बताया कि अतिथि शिक्षक पिछले 18 वर्षों से बेहद अल्प मानदेय पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। शिक्षा विभाग की रीढ़ माने जाने वाले ये शिक्षक 70 से 80 किलोमीटर दूर जाकर भी पूरी लगन से अध्यापन कार्य कराते हैं। इसके बावजूद सीधी भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर जैसी नीतियों के कारण उन्हें कभी भी सेवा से पृथक कर बेरोजगार कर दिया जाता है। उन्हें समान कार्य समान वेतन तो दूर, समय पर मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है। 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी अतिथि शिक्षकों ने शासन के सामने 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि 7 या उससे अधिक सत्रों में कम से कम 1000 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए। इसके अलावा स्थाई शिक्षकों के साथ प्राथमिक व माध्यमिक पात्रता परीक्षा में शामिल करने, उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में ईडब्ल्यूएस की भांति 10 प्रतिशत अर्हता अंकों में छूट देने तथा सेवाकाल के अनुसार बोनस अंक दिए जाने की मांग उठाई गई है। समिति ने यह भी मांग रखी है कि अतिथि शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों पर फॉलेन आउट अतिथि शिक्षकों को सेवाकाल के अनुसार वरीयताक्रम में प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही ई-अटेंडेंस लॉगिन का समय सुबह 11 बजे और लॉग आउट का समय शाम 4 बजे तय किया जाए और प्रतिमाह 10 तारीख तक मानदेय का अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए। ज्ञापन में वर्षों से कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को सेवा में रहते हुए एनआईओएस से डीएलएड कराने और शिक्षा मंत्री की पूर्व घोषणानुसार अवकाश प्रदान करने के संबंध में शीघ्र आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि प्रदेश के लाखों अतिथि शिक्षकों को आर्थिक व सामाजिक संकट से राहत मिल सके।
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अतिथि शिक्षक बोले- परमानेंट करो या इच्छामृत्यु दो: स्वतंत्रता पार्क में बैठक के बाद प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; जल्द नीति बनाने की मांग – Guna News
गयाजी रेलवे स्टेशन पर ₹10 लाख के साथ युवक धराया: नगद के डॉक्यूमेंट नहीं थे, रेल पुलिस ने आयकर विभाग के हवाले किया – Gayaji News
गयाजी रेलवे स्टेशन पर 10 लाख रुपए के साथ एक युवक पकड़ाया है। युवक ने आरपीएफ और जीआरपी की टीम को किसी प्रकार के डॉक्यूमेंट नहीं दिखाए हैं। जिसके बाद युवक और नगद को आयकर विभाग को सौंप दिया गया। रेलवे परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। प्लेटफॉर्म नंबर एक के दक्षिणी तरफ किलोमीटर संख्या 470/09 के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में नजर आया। टीम ने उसे रोक कर पूछताछ की। उसकी पहचान 37 वर्षीय नसरुल्लाह के रूप में हुई। वह न्यू करीमगंज रोड नंबर-8 का रहने वाला है। पूछताछ के बाद उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली गई। बैग से कुल 10 लाख 3 हजार 170 रुपए बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम के संबंध में टीम ने उससे कागजात मांगे, लेकिन वह मौके पर रकम से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। आयकर की टीम आरपीएफ पोस्ट पहुंची आरपीएफ ने नियमानुसार उसे डिटेन कर लिया। मामले की जानकारी आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग को दी गई। सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग के निरीक्षक सिद्धीकांत चौधरी गयाजी आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आरपीएफ ने पकड़े गए नसरुल्लाह और उसके पास से बरामद 10 लाख 3 हजार 170 रुपए आयकर विभाग के अधिकारी को सौंप दिए। अब आयकर विभाग की ओर से नकदी के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर आगे की जांच की जाएगी।
कार्रवाई में ये थे शामिल कार्रवाई आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने की। टीम में आरपीएफ के उप निरीक्षक विकास कुमार सहित जवान और जीआरपी के उप निरीक्षक निरंजन कुमार और महिला पुलिसकर्मी सुषमा कुमारी शामिल थीं। श्रावण माह में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्टेशन पर इस तरह की जांच लगातार की जा रही है।
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सावन व्रत में खाएं बिना चीनी की मखाना खीर, स्वाद के साथ मिलेगी भरपूर एनर्जी, जानें रेसिपी
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सावन के व्रत में बिना चीनी के तैयार की जाने वाली मखाना खीर स्वाद और पोषण से भरपूर विकल्प है. कोडरमा की कविता कुमारी ने इसकी आसान विधि साझा की. मखाना, दूध, खजूर, बादाम, किशमिश और केसर से तैयार यह खीर प्राकृतिक मिठास के साथ इंस्टेंट एनर्जी देने में मदद करती है. रोस्ट किए मखाने को पीसकर दूध में मिलाने से खीर गाढ़ी बनती है.
कोडरमा: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए खास माना जाता है. इस महीने बड़ी संख्या में लोग उपवास रखते हैं. व्रत के दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिलना भी जरूरी है. ऐसे में घर पर तैयार की जाने वाली मखाना खीर अच्छा विकल्प हो सकती है. यह स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होती है. खास बात यह है कि इसे बिना चीनी के भी तैयार किया जा सकता है. कोडरमा की कविता कुमारी ने व्रत के दौरान तुरंत ऊर्जा देने वाली मखाना खीर बनाने की आसान विधि साझा की है. उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए मखाना, दूध, खजूर, बादाम, किशमिश और केसर की जरूरत होती है. इसमें अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. खजूर खीर में प्राकृतिक मिठास देता है. इससे खीर का स्वाद भी बेहतर हो जाता है.
ऐसे तैयार करें मखाना खीर
कविता ने बताया कि सबसे पहले जरूरत के अनुसार मखाना लें. एक फ्राइंग पैन में थोड़ा घी डालें. अब इसमें मखाना डालकर अच्छी तरह रोस्ट करें. मखाने को तब तक भूनें, जब तक वह कुरकुरा न हो जाए. इसके बाद गैस बंद कर दें. अब रोस्ट किए हुए मखाने का करीब 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा मिक्सर ग्राइंडर में डालें. इसे बारीक पीस लें. पिसा हुआ मखाना खीर को गाढ़ा करने में मदद करेगा. इससे खीर का स्वाद और बनावट भी बेहतर होगी. कुछ रोस्ट किए हुए मखाने अलग रख लें. इन्हें बाद में खीर में डाला जाएगा.
दूध में प्राकृतिक मिठास
इसके बाद एक बर्तन में दूध लें. इसे धीमी आंच पर गर्म करें. अब खजूर के बीज निकाल लें. इसके बाद खजूर को दूध में डाल दें. दूध और खजूर को धीमी आंच पर पकने दें. धीरे-धीरे खजूर दूध में घुलने लगेगा. इससे दूध में प्राकृतिक मिठास आ जाएगी. इससे खीर में अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं होगी. अब इसमें केसर डालें. कुछ देर तक दूध को धीमी आंच पर पकाएं. धीरे-धीरे दूध का रंग हल्का केसरिया होने लगेगा. साथ ही, इसमें केसर की खुशबू भी आने लगेगी.
गाढ़ा होने तक पकाएं
इसके बाद दूध में पिसा हुआ मखाना डालें. इसे अच्छी तरह मिलाएं. खीर को धीमी आंच पर लगातार पकाते रहें. मखाना दूध को धीरे-धीरे गाढ़ा करने लगेगा. इस दौरान खीर को बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि यह बर्तन के तले में न लगे. जब खीर अच्छी तरह गाढ़ी होने लगे, तो इसमें कटे हुए बादाम और किशमिश डालें. इसे करीब एक से दो मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इसके बाद पहले से बचाकर रखे गए रोस्ट किए हुए साबुत मखाने खीर में डालें. इन्हें डालने के बाद करीब एक मिनट तक और पकाएं. अब गैस बंद कर दें. तैयार मखाना खीर को एक बर्तन में निकाल लें. इसे गर्म या अपनी पसंद के अनुसार ठंडा करके भी परोसा जा सकता है.
व्रत में देगा ऊर्जा
कविता के अनुसार, यह खीर व्रत के दौरान खाने के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है. इसमें मखाना, बादाम, किशमिश और खजूर जैसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं. खजूर खीर में प्राकृतिक मिठास देता है. मखाना और ड्राई फ्रूट्स इसे अधिक पौष्टिक बनाते हैं. इसलिए व्रत के दौरान लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय इसे सीमित मात्रा में लिया जा सकता है. बिना चीनी के तैयार होने के कारण यह सामान्य खीर से अलग विकल्प भी है. सावन में व्रत रखने वाले लोग इसे घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती है. कम समय में तैयार होने वाली यह खीर स्वाद और पोषण दोनों का बेहतर विकल्प बन सकती है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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सरकार ने वादे पूरे किए या नहीं, रिव्यू करेगी CJP: कहा- जरूरत पड़ने पर दोबारा आंदोलन करेंगे; जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान उठाई थीं 3 मांगें
नई दिल्ली1 घंटे पहले
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तस्वीर जुलाई में CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच हुई बातचीत की है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार को अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक करने वाली है। इसमें 25 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
CJP ने कहा कि सरकार ने आश्वासन पूरे करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की अब तक औपचारिक जानकारी नहीं दी है।
पार्टी ने कहा कि वादे पूरे कराने के लिए सभी विकल्पों पर विचार होगा, जिसमें दोबारा शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करना भी शामिल है।
25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, जेपी नड्डा ने CJP के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।जिसमें आंदोलन खत्म करने और CJP की मांगें मानने की बात कही थी।

केंद्र के आश्वासनों पर उठाए सवाल
CJP ने कहा कि उसने देश के युवाओं से सरकार के वादे पर भरोसा करते हुए आंदोलन वापस लिया था। पार्टी ने कहा कि वह इस भरोसे को कमजोरी समझने की अनुमति नहीं देगी।
पार्टी ने छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और स्वयंसेवकों से सोमवार की बैठक के नतीजे के लिए तैयार रहने को कहा है। सोमवार की मीटिंग में स्थिति का आकलन कर CJP की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
CJP ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल ने लिखित आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने के लिए उससे औपचारिक संपर्क नहीं किया। इसमें एफआईआर और मुआवजे से जुड़े आश्वासन भी शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी FIR की लिस्ट
सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को एक सुनवाई हुई थी। जिसमें कोर्ट ने देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की लिस्ट मांगी थी। CJP के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह सूची तीन बार देने को कहा था। कोर्ट इन मामलों को रद्द करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकता है।
CJP ने कहा कि कोर्ट की ओर से बार-बार सूची मांगे जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने इसे देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रभारी रत्ना सिंह ने सुनवाई के तुरंत बाद इस पर चिंता जताई।
दोनों ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि CJP और केंद्र के बीच हुई बातचीत में दिए गए आश्वासनों के आधार पर आंदोलन वापस लेने के बाद सरकार युवा पीढ़ी को धोखा दे रही है।
आश्वासनों में एफआईआर और मुआवजा शामिल
CJP ने बताया कि आश्वासनों में आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर वापस लेना या रद्द करना शामिल था। इसके अलावा, भविष्य में किसी छात्र या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की गारंटी भी दी गई थी।
इनमें उन NEET-UG अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन भी शामिल था, जिन्होंने मई में पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
CJP ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का फैसला सरकार के शब्दों के आधार पर किया गया था। पार्टी ने चेतावनी दी कि आश्वासनों को कमजोर करने, टालने, नए अर्थ में पेश करने या उनका अपमान करने की कोई कोशिश देश के युवाओं के साथ विश्वासघात मानी जाएगी।
25 जुलाई को वापस लिया था आंदोलन
CJP ने 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लिया था। यह फैसला तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के उस आश्वासन के तुरंत बाद लिया गया था, जिसमें छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन नहीं लेने की बात कही गई थी।
इस अभियान में NEET पेपर लीक विवाद में कार्रवाई और मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी।

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हरदोई में रसोइया सम्मान समारोह आयोजित: आबकारी मंत्री ने 20 रसोइयों को बांटे प्रतीकात्मक कैशलेस कार्ड और चेक – Hardoi News
हरदोई में रविवार को परिषदीय विद्यालयों की रसोइयों के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शहर के गांधी भवन में दोपहर 12 बजे हुए ‘रसोइया सम्मान समारोह एवं कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरण कार्यक्रम’ में प्रदेश के आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मंच से 20 रसोइयों को सम्मानित करते हुए प्रतीकात्मक चिकित्सा कार्ड और चेक वितरित किए। यह समारोह प्रदेश सरकार द्वारा रसोइयों का मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने रसोइयों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रसोइयों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उनके लिए उठाए गए कदम सराहनीय हैं।
इस दौरान कुल 20 रसोइयों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। इनमें से 10 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड और शेष 10 को चेक प्रदान किए गए। कैशलेस कार्ड प्राप्त करने वाली रसोइयों में नगर क्षेत्र हरदोई से नन्ही देवी (प्राथमिक विद्यालय जलाखरपुरवा), धीरा सिंह (उच्च प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज), मधू (उच्च प्राथमिक विद्यालय रेलवेगंज) और साधना देवी (प्राथमिक विद्यालय जलाखरपुरवा) शामिल थीं। इसके अतिरिक्त टडियावां से रामकुमार गौतम (प्राथमिक विद्यालय नानकगंज), सुरसा से जयश्री (प्राथमिक विद्यालय सोहनपुरवा) व चम्पा (पूर्व माध्यमिक विद्यालय नयागांव मुबारकपुर), अहिरोरी से छुटुकुन्ना (प्राथमिक विद्यालय मोना), तथा हरियावां से राधिका (पूर्व माध्यमिक विद्यालय नयागांव मुबारकपुर) व रामवती (प्राथमिक विद्यालय रमपुरा) को भी कार्ड मिले।
चेक प्राप्त करने वाली रसोइयों में नगर क्षेत्र हरदोई से किरन गौड (संविदा विद्यालय बहरा सौदागर), गुड्डी (प्राथमिक विद्यालय ऊंचाथोक), सुमन मिश्रा (प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर) और राम दुलारी (प्राथमिक विद्यालय कन्या रेलवेगंज) शामिल थीं। बावन विकासखण्ड से कमला, नन्ही, बीना (तीनों प्राथमिक विद्यालय बावन अंग्रेजी माध्यम), ऊषा देवी (कन्या प्राथमिक विद्यालय महोलिया शिवपार), रमाकांती (उच्च प्राथमिक विद्यालय धियर महोलिया) और टड़ियावां से राधा (संविदा विद्यालय चांद बेहटा) को चेक प्रदान किए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र, भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन, सीडीओ नेहा ब्याडवाल, सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार, डीआईओएस अरविंद कुमार पाठक और बीएसए प्रभात मिश्रा सहित कई अधिकारी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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किशनगंज में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर शांति समिति की बैठक: अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई, प्रशासन ने सौहार्द बनाए रखने की अपील की – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज में आगामी ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से किशनगंज थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी, शांति समिति के सदस्य और शहर के गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, जुलूस के रूट, समय, डीजे और लाउडस्पीकर के उपयोग, साफ-सफाई, बिजली, पानी और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन का सहयोग करने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी नजर अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जुलूस के दौरान कोई भी ऐसा कार्य न किया जाए जिससे दूसरे समुदाय की भावना को ठेस पहुंचे। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति समिति के सदस्यों ने पर्व को भाईचारे के साथ मनाने का आश्वासन दिया और अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा कि ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म का पवित्र दिन है, जिसे सभी मिलकर मनाएंगे। प्रशासन ने अंत में सभी से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील दोहराई।
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दमोह के हटा से 12वीं कांवड़ यात्रा शुरू: सैकड़ों शिवभक्त बांदकपुर के लिए रवाना; होगा शिवलिंग का जलाभिषेक – Damoh News
दमोह जिले के हटा में रविवार दोपहर 12वीं ‘जय हिन्दू राष्ट्र’ कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। सैकड़ों शिवभक्त ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते हुए प्रसिद्ध तीर्थस्थल बांदकपुर के लिए रवाना हुए। यह कांवड़ यात्रा पिछले 11 वर्षों से सावन माह में श्रद्धा और भक्ति के साथ निकाली जा रही है। यात्रा की शुरुआत हटा के पुरानी मछरयाई क्षेत्र स्थित शंकरजी के चबूतरा और मां विंध्यवासिनी मंदिर से हुई। यह हटा के तीन बत्ती तिराहा, पेट्रोल पंप, अंधियारा बगीचा और दमोह नाका होते हुए आगे बढ़ी। कांवड़िए रुसल्ली, सोजना, कुड़ाई, देवडोंगरा और हिंडोरिया से होते हुए शाम तक बांदकपुर पहुंचेंगे। वहां शिवभक्त भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है। श्रावण माह के दौरान जिले के कई अन्य स्थानों से भी कांवड़ यात्राएं जागेश्वर धाम बांदकपुर पहुंच रही हैं।
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