Friday, August 7, 2026
Home Blog

57 सुरंगों और 108 खतरनाक मोड़ वाले इस जादुई रूट पर चलेगी वंदे भारत ट्रेन


Last Updated:

New Vande Bharat Express : बेंगलुरु-मंगलुरु रेलवे रूट पर पड़ने वाला सकलेशपुर-सुब्रह्मण्य रोड घाट सेक्शन को भारत के खतरनाक रेलवे टैक्‍स में माना जाता है. अब इस रूट पर भी वंदे भारत एक्‍सप्रेस चलाने की तैयारी है. 11 अगस्‍त से वंदे भारत के ट्रायल शुरू होंगे.

ख़बरें फटाफट

Zoom

इस रूट पर चलाने के लिए वंदे भारत में कुछ बदलाव किए गए हैं.

नई दिल्‍ली. जंगल, घाटियों, बहते झरनों और गहरी खाइयों के बीच से गुजरने वाला बेंगलुरु-मंगलुरु रेल सेक्शन सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि रोमांच से भरा एक अनूठा अनुभव है. पश्चिमी घाट की सुहानी वादियों के बीच स्थित सकलेशपुर-सुब्रह्मण्य रोड घाट सेक्शन को देश के सबसे कठिन रेल ट्रैक्स में गिना जाता है. अब इसी जादुई रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस दौड़ने वाली है. दक्षिण पश्चिम रेलवे 11 अगस्त से यहां सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत का ट्रायल रन शुरू करने जा रहा है.

यह रेल मार्ग जितना खूबसूरत है, उतना ही खतरनाक और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण भी है. सकलेशपुर से सुब्रह्मण्य रोड के बीच का यह 55 किलोमीटर लंबा पैच रेलवे इंजीनियरों की हमेशा परीक्षा लेता आया है. इस रूट पर पहाड़ों को काटकर बनाई गई 57 सुरंगें हैं, जिनमें से गुजरना एक रोमांचक अनुभव होता है.

108 तीखे मोड़ और 250 से ज्‍यादा पुल

सकलेशपुर-सुब्रह्मण्य रोड घाट सेक्शन 108 खतरनाक मोड़ हैं. पहाड़ी ढलाओं पर बने ये मोड़ ट्रेन की राइड को किसी रोलर-कोस्टर जैसा रोमांच देते हैं. इस रूट पर 250 से अधिक ऊंचे पुल गहरी खाइयों और बरसाती नदियों के ऊपर बनें हैं. 1:50 की सीधी खड़ी ढलान (Gradient) पर ट्रेन को संतुलित रखना सबसे बड़ी तकनीकी चुनौती है.

वंदे भारत मे लगाए गए हैं ऑटो इमरजेंसी ब्रेक

पहाड़ी ढलानों और तीखे मोड़ों पर एक स्व-चालित (Self-Propelled) ट्रेनसेट को संभालना आसान नहीं होता. इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने इस रूट पर चलाने के लिए 8-कोच वाली विशेष वंदे भारत ट्रेन तैयार की है. इसमें ऑटो इमरजेंसी ब्रेक (AEB) सिस्टम लगाया है.

कैसे काम करेगा यह सिस्टम?

जब ट्रेन नीचे की ओर ढलान पर उतरेगी और अगर उसकी स्पीड तय सीमा से थोड़ी भी ज्यादा होगी, तो इमरजेंसी ब्रेक सिस्‍टम अपने आप ब्रेक लगा देगा. 11 अगस्त को होने वाले ट्रायल के दौरान रेलवे अधिकारी इसी सिस्टम, ट्रेन की ब्रेकिंग क्षमता और क्रू हैंडलिंग का गहराई से परीक्षण करेंगे.

इस कठिन मार्ग पर वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाना आसान नहीं था. लगभग दो साल की कड़ी मेहनत और 93.5 करोड़ रुपये की लागत से इस पूरे घाट सेक्शन का इलेक्ट्रि‍फिकेशन किया गया है. घने जंगलों और भूस्खलन संभावित इलाकों में ओवरहेड वायर लगाना रेलवे के बड़ी चुनौती थी.



Source link

23 जिलों में सूखे जैसे हालात, 246 बांध खाली: बीसलपुर का लेवल एक इंच भी नहीं बढ़ा; मंत्री बोले- पानी नहीं आ रहा तो कहां से देंगे? – Rajasthan News




राजस्थान में इस बार कमजोर मानसून ने प्रदेशवासियों की चिंता बढ़ा दी है। औसत से भी कम बारिश के चलते 693 में से 246 बांध पूरी तरह सूखे पड़े हैं। केवल 15 बांध ही पूरी तरह भर पाए हैं। शेष 432 बांधों के हालात भी ज्यादा अच्छे नहीं हैं। पिछली बारिश में पूरी तरह भरे इन बांधों में अब तक औसत 35 फीसदी पानी खर्च हो चुका है। जयपुर-अजमेर जैसे 4 जिलों की लगभग 1.16 करोड़ आबादी की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध में इस बार एक इंच भी पानी नहीं आया है। मौसम विभाग की अगस्त और सितंबर में बारिश को लेकर की गई भविष्यवाणी भी राहत देने वाली नहीं है। कम बरसात के कारण 23 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में जल संसाधन मंत्री मंत्री सुरेश रावत ने खुद माना कि अधिकतर बांधों में पानी की कमी से वाटर मैनेजमेंट की जरूरत पड़ेगी। किसानों की समस्या पर उन्होंने कहा- पानी नहीं आ रहा है। पढ़िए- प्रदेश के बांधों में क्या है स्थिति जयपुर, जोधपुर सहित सभी जगह के बांधों में घट गया पानी जल संसाधन विभाग ने राजस्थान के बांधों को 6 जोन में बांटा हुआ है। पानी की आवक के आंकड़े देखें, तो जोधपुर जोन के बांधों के हालात सबसे ज्यादा खराब है। बीसलपुर के कारण बढ़ी चिंता राजस्थान में मानसून 2 जुलाई के बाद सक्रिय हुआ। तब से अब तक की स्थिति देखें, तो जयपुर और अजमेर के लिए सबसे जरूरी बीसलपुर बांध है। इसमें पानी का स्तर एक इंच भी नहीं बढ़ा है। जबकि पिछले मानसून में अगस्त के शुरुआती दौर में ही बांध लबालब भर गया था। हालात ये हैं कि अभी बांध करीब 35 फीसदी पानी कम हो चुका है। केवल 15 बांध भरे हैं जल संसाधन विभाग ने बांधों को जल भराव की क्षमता के अनुसार दो हिस्सों में बांटा हुआ है। एक 4.25 मिलियन क्यूबिक मीटर से ज्यादा क्षमता वाले बांध और दूसरा, 4.25 मिलियन क्यूबिक मीटर से कम क्षमता वाले बांध। प्रदेश में कुल 693 बांध हैं, उनमें से 246 पूरी तरह खाली पड़े हैं। वहीं, 432 बांध आंशिक भरे हुए हैं। केवल 15 बांध ही ऐसे हैं, जिन्हें पूरा भरा माना जा सकता है। इसमें भी 75 फीसदी छोटे बांध हैं। पिछले साल के मुकाबले ज्यादा हाल खराब राजस्थान में पिछले साल मानसून काफी मेहरबान था। इस कारण बांध छलक उठे थे। पिछले साल के मानसून में 4 अगस्त तक के हालातों की तुलना इस मानसून से करें, तो सभी बांधों का हाल खराब है। बारिश का पानी नहीं आने के कारण जल स्तर घट रहा है।यदि मानसून पहले महीने की तरह बचे दिनों में भी कुछ रूठा रहा, तो जयपुर, जोधपुर, भरतपुर सहित लगभग सभी जगह पानी का संकट खड़ा हो सकता है। इन हालातों में ज्यादा प्रभावित किसान होंगे, सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा। जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत से बातचीत सवाल : अभी तक मानसून का दौर कमजोर है, बांधों की क्या स्थिति है? जवाब : अभी तक जो मानसून आया है, वह काफी कमजोर रहा है, निश्चित रूप से अभी अधिकतर बांध खाली हैं। सवाल : क्या इससे अगली गर्मियों में पीने के पानी का संकट नहीं गहराएगा? जवाब : ऐसा नहीं है कि पीने के पानी का संकट खड़ा हो जाएगा। अगली गर्मियों तक के लिए पीने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था है। कोई परेशानी नहीं आने वाली है। सवाल : सिंचाई के पानी को लेकर सभी किसान चिंता कर रहे हैं। जवाब : बरसात तो अभी तक बहुत कम आई है, पानी कहां से आएगा। जब भी बरसात नहीं आती किसान परेशान होता ही है। जब बांध ही खाली हैं, बरसात का पानी आ नहीं रहा, तो पानी देंगे कहां से, उनकी परेशानी भी लाजिमी है। सवाल : किसानों की इस आशंका को दूर करने के लिए सरकार के पास क्या उपाय हैं? जवाब : सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ है। हम वाटर मैनेजमेंट करके जितना अधिक किसानों को पानी दे सकते हैं, देंगे। हालांकि मानसून का दौर अभी चल रहा है। विभाग की पूरी तैयारी है। सामान्य से भी कम बारिश, 23 जिलों में सूखे जैसे हालात राज्य में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है। जून में प्री-मानसून के दौरान बारिश सामान्य रही। लेकिन 31 जुलाई तक सामान्य से 11 फीसदी कम बरसात हुई है। 23 जिलों में सूखे जैसे हालात बन रहे हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के सीनियर साइंटिस्ट हिमांशु शर्मा ने बताया- इस बार प्रशांत महासागर में अलनीनो कंडीशन और हिंद महासागर में बना इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) भी न्यूट्रल कंडीशन ने मानसून को कमजोर किया है। मौसम विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली के अनुसार राजस्थान में आगे अगस्त-सितंबर अच्छी बारिश के कोई संकेत नहीं है। मान्य से कम बारिश का अनुमान है।



Source link

मेडल चूमा, चेहरे पर झलकी मुस्कान: DDU के दीक्षांत समारोह में गोल्ड पाकर खुश हुए टॉपर्स, देर तक हुआ जश्न – Gorakhpur News




दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल पाने वाले मेधावियों ने अलग- अलग तरह से खुशी जाहिर की। कोई ढेरों तस्वीरें खिंचवाने लगा तो किसी ने हवा में मेडल लहराया। इसके अलावा और अपनों के साथ इस सुनहरे पल को जमकर एंजॉय करने का दौर देर तक चलता रहा। कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के हाथों सम्मान पाने के बाद हर टॉपर के चेहरे खिल उठे। टॉपर्स ने बताया कि बहुत अच्छा लग रहा है कि मेडल मिला है। हमसे ज्यादा पैरेंट्स खुश हैं। हमारी मेहनत रंग लाई है।



Source link

न्यू मैक्सिको कोर्ट का मेटा पर ₹5,390 करोड़ का जुर्माना: कहा- बच्चों की मेंटल हेल्थ पर असर हुआ;




न्यू मैक्सिको की एक अदालत ने मेटा पर 567 मिलियन डॉलर यानी भारतीय रुपयों में 5000 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। यह आदेश मेटा के प्लेटफॉर्म्स के कारण बच्चों की मेंटल हेल्थ पर हुए दुष्प्रभाव के खिलाफ जारी किया गया है। अदालत ने यह फैसला कंपनी की जवाबदेही तय करते हुए सुनाया है। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने एक बड़ी टेक कंपनी के खिलाफ इस तरह की स गुरुवार देर रात आए फैसले में जज ब्रायन बीडशेड ने कहा कि जुर्मान की रकम का बड़ा हिस्सा 420 मिलियन डॉलर युवाओं के इलाज में इस्तेमाल होगा। बाकी रकम अगले 5 साल तक अवेयरनेस, प्रिवेंशन, स्क्रीनिंग सर्विस पर खर्च की जाएगी। मेटा के प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम-फेसबुक पर बच्चों की सुरक्षा और मेंटल हेल्थ को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म्स का बच्चों पर नकारात्मक असर पड़ा है। मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल सेन शुरू किया था मुकदमा यह मामला न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेस ने दायर किया था। मुकदमा इस बात पर आधारित था कि मेटा के प्लेटफॉर्म्स इंस्टाग्राम और फेसबुक बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं और कंपनी ने जानबूझकर इन खतरों को नजरअंदाज किया। कंपनी पर आरोप लगा कि एल्गोरिदम को इस तरह डिजाइन किया है कि वे बच्चों को ‘एडिक्टिव’ (लत लगाने वाले) बनाते हैं। इसके असर से बच्चों में डिप्रेशन, ईटिंग डिसऑर्डर और आत्महत्या जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी हुई। मुकदमा केवल मेंटल हेल्थ तक सीमित नहीं था। इसमें यह भी आरोप लगाया गया था कि मेटा के प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल बाल यौन शोषण और बच्चों को फंसाने के लिए किया जा रहा था, और कंपनी ने इस खतरे के बारे में जानते हुए भी ठोस कदम नहीं उठाए।



Source link

लापता युवक-किशोरी के शव मरिया धार से बरामद, तीन दिन से गायब थे – Araria News




नगर थाना क्षेत्र के बांसबाड़ी और झमटा पंचायत की सीमा पर स्थित वार्ड संख्या-13 के भेभड़ा मरिया धार से गुरुवार को एक युवक और एक नाबालिग किशोरी का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही डायल-112 और नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची, हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृत युवक की पहचान बांसबाड़ी पंचायत के वार्ड संख्या-10 निवासी 19 वर्षीय अली हसन मिट्ठू, पिता मो. मोरताज के रूप में हुई। वहीं मृत नाबालिग किशोरी (करीब 15 वर्ष) की पहचान आसपास के गांव की रहने वाली के रूप में की गई। जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर कुछ ग्रामीण मरिया धार में जाल लगाने पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी नजर पानी में पड़े दोनों शवों पर पड़ी। शोर मचाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कुछ लोगों ने डूबने से मौत की आशंका जताई, जबकि कुछ ने मामले को संदेहास्पद बताया। वहीं मृतक के परिजनों ने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार किया। 3 दिन पहले दो युवक व दो युवतियां हुई थीं लापता ग्रामीणों के अनुसार तीन दिन पहले गांव से दो युवक और दो युवतियां लापता हो गए थे। परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इस मामले को लेकर बुधवार को दोनों पक्षों के बीच पंचायत भी हुई थी। पंचायत के बाद एक युवक और एक युवती अपने-अपने घर लौट आए थे, जबकि दूसरी जोड़ी का शव गुरुवार को मरिया धार से बरामद हुआ।



Source link

26 साल से भारत में रह रहे बांग्लादेशी को 7 साल की जेल – Sehore News



भास्कर संवाददाता| सीहोर बिना वैध वीजा और पासपोर्ट के वर्षों से भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को सीहोर की अदालत ने सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को विदेशी अधिनियम की धारा के तहत दोषी करार दिया है। मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक रेखा चौरसिया ने की। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजी एवं मौखिक साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। अभियोजन के अनुसार आरोपी मोहम्मद इरशाद पिता मोहम्मद सिराज 44 वर्ष इंदिरा नगर के टप्पर में रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह मूल रूप से बांग्लादेश का नागरिक है और उसके पास भारत में प्रवेश या निवास का कोई वैध वीजा अथवा पासपोर्ट नहीं था। वह पिछले 26 साल से भारत में रह रहा है। बांग्लादेशी दस्तावेजों से खुला था राज : पुलिस जांच के दौरान आरोपी ने जन्म प्रमाण-पत्र और माता-पिता के पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जो बांग्ला भाषा में थे। पुलिस ने भाषा विशेषज्ञ से उनका अनुवाद कराया, मुखबिर ने दी थी सूचना कोतवाली थाना पुलिस को 27 अप्रैल 2025 को सूचना मिली थी कि इंदिरा नगर टप्पर में एक बांग्लादेशी नागरिक रह रहा है। उप निरीक्षक विक्रम आदर्श पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पूछताछ की। पूछताछ में इरशाद ने बताया कि वह करीब 15 वर्ष की उम्र में बांग्लादेश से राजस्थान के अजमेर आया था। वहां लगभग 15 साल काम करने के बाद सीहोर आ गया। उसने पहले करीब पांच साल लुनिया मोहल्ला और पिछले छह वर्षों से इंदिरा नगर टप्पर में रहना स्वीकार किया।



Source link

MP-CG में 3 दिन तेज बारिश की उम्मीद: यूपी के 40 स्कूलों में बाढ़ का पानी घुसा, बिहार के 9 जिलों में रेड अलर्ट




मध्य प्रदेश में इस मानसूनी सीजन अब तक 16.3 इंच बारिश हुई है, जो औसत से 18% कम है। इस वजह से प्रदेश में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। भारतीय मौसम केंद्र (IMD) की मानें तो अगले 3 दिन प्रदेश के उत्तरी हिस्से के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में भी अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। हालांकि 8 अगस्त से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों और तीव्रता में कमी आने के आसार हैं। यूपी में मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी है। गुरुवार को लखनऊ, सहारनपुर, मेरठ समेत 20 से अधिक शहरों में तेज बारिश हुई। कौशांबी और प्रयागराज में लगातार बारिश के चलते शुक्रवार को 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। फर्रुखाबाद में गंगा खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। 33 गांवों और 40 सरकारी स्कूलों में बाढ़ का पानी घुस गया है। मौसम विभाग ने बिहार के पटना समेत 9 जिलों में भारी बारिश और 26 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 40Kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
अगले 2 दिन मौसम का हाल…



Source link

तीन किशोरियों को अगवा करने वाला 40 साल बाद अरेस्ट: जूही थाने से 2Km दूर रह रहा था, हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर को किया था तलब – Kanpur News




तीन किशोरियों को अगवा कर बेचने वाले सजायाफ्ता आरोपी को 40 साल बाद जूही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि, आरोपी थाने से महज दो किलोमीटर दूर स्थित कच्ची बस्ती में पहचान छिपाकर रह रहा था। जबकि पुलिस आरोपी को लखनऊ समेत आसपास के जिलों में खोज रही थी। आरोपी हाईकोर्ट में अपील कर जेल से बाहर आया था, इसके बाद से फरार हो गया था। मामले में उसकी पत्नी भी आरोपी थी, जिसकी दो साल पहले मौत हो चुकी है। जूही थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि वर्ष 1984 में जूही के साईपुरवा कच्ची मड़ैया निवासी प्रदीप कुमार ने इलाके की दो 13 वर्ष और एक 14 वर्ष की किशोरी को अगवा कर बेच दिया था। आरोपी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार कर पुलिस ने किशोरियों को बरामद किया था। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ प्रदीप ने 1987 में हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद वह जमानत पर बाहर आ गया। इसके बाद वह फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ वारंट भी जारी हुए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इधर हाईकोर्ट ने इस पुराने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस कमिश्नर से जवाब तलब किया था। सात अगस्त को इस मामले में पुलिस कमिश्नर को जवाब दाखिल करना था। इसके बाद जूही पुलिस हरकत में आई और थाने से महज दो किलोमीटर की दूरी पर उसे अरेस्ट किया। अगवा किशोरियों में एक की हो चुकी है मौत इंस्पेक्टर केके ने बताया कि मामले में कोर्ट ने प्रदीप उसकी पत्नी फगुनी उर्फ राजकुमारी और तब मकान मालकिन रही एक महिला को दोषी ठहराया था, पत्नी की 2024 में मृत्यु हो चुकी है। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी मिला है। जिन तीन किशोरियों को अगवा किया गया था, उनमें एक की मौत हो चुकी है। वोटर आईडी से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस के मुताबिक, करीब दो माह से आरोपी के खिलाफ सर्च अभियान चल रहा था। तलाश में लगी एक टीम को आरोपी का वोटर आईडी हाथ लगा। इसपर चुनाव आयोग की वेबसाइट खंगाली गई, वहां से आरोपी का एपिक नंबर मिला। इसके बाद परिवार का ब्योरा खंगाला गया, बीएलओ से संपर्क किया तो एक रिश्तेदार प्रकाश में आया। उससे पूछताछ की गई, तब जाकर आरोपी पकड़ में आ सका
39 साल से फरार आरोपी को किदवई नगर पुलिस ने दबोचा किदवईनगर पुलिस ने भी 39 साल से फरार चल रहे कोयला घोटाले के आरोपी रहे एफ ब्लॉक निवासी 68 वर्षीय विशम्भर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। किदवई नगर एसओ विजय सिंह ने बताया कि वर्ष 1986 में तत्कालीन एडीएम फाइनेंस ने विशम्भर के खिलाफ आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि विशम्भर ने कोयला खदान का लाइसेंस प्राप्त किया। हालांकि तय सीमा से अधिक भंडारण कर उसको बेचा। मामले का खुलासा होने पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसके बाद आरोपी को जेल भेजा गया। वर्ष 1987 को जमानत पर बाहर आने के बाद विशम्भर गायब हो गया। मामला हाईकोर्ट में जाने के बाद वारंट जारी हुआ। इधर पुलिस को जानकारी हुई कि विशम्भर किदवई नगर एफ ब्लॉक में 128/17 मकान में रहने आया है। इसपर गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया। फरारी के दौरान आरोपी दिल्ली, पंजाब, चंडीगढ़ में रहा।



Source link

हनुमान मंदिर हटाने के विरोध में प्रदर्शन: उज्जैन के कंठाल चौराहे पर बजरंग दल ने किया चकाजाम – Ujjain News




उज्जैन के कंठाल चौराहे पर सिंहस्थ 2028 के चौड़ीकरण कार्य के दौरान हनुमान मंदिर हटाने की आशंका को लेकर हिंदू समाज और बजरंग दल ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एक घंटे तक चकाजाम किया, जिसे निगम अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त किया गया। प्राचीन संकट मोचन हनुमान मंदिर को लेकर यह विवाद गहरा गया है। विकास कार्य के दौरान मंदिर हटाए जाने की आशंका के चलते देर रात हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया, महाआरती की और फिर विरोध प्रदर्शन करते हुए चकाजाम किया। बजरंग दल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शहर के विकास के नाम पर अब तक 25 से 30 मंदिर हटाए जा चुके हैं। उनका कहना है कि प्राचीन मंदिरों को लगातार हटाकर सनातन संस्कृति और हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है। संगठन ने मांग की कि यदि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाती है, तो वह सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से लागू होनी चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी मंदिर के साथ छेड़छाड़ की गई या रात के समय कोई कार्रवाई की गई, तो अगले दिन शहर बंद कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस पूरे मामले में नगर निगम के अपर आयुक्त संतोष टैगोर ने बताया कि कंठाल चौराहे पर नाली निर्माण कार्य के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। इसी संबंध में मंदिर समिति, विश्व हिंदू परिषद और स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर आपसी सहमति से निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, मंदिर के पुजारी राजेश बैरागी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी विकास कार्य में बाधा डालना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो उपलब्ध स्थान पर मंदिर को व्यवस्थित करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन मंदिर को वहां से हटाया नहीं जाना चाहिए। बैरागी ने बताया कि इस विषय पर होने वाली बैठक के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



Source link

जोधपुर में पीयूष मिश्रा बोले- हार से क्यों डरते हो: स्वानंद किरकिरे ने कहा- दिल में आग लगने का सिस्टम खत्म नहीं होना चाहिए – Jodhpur News




दैनिक भास्कर मारवाड़ रो उत्सव के तहत तीसरे दिन गुरुवार को बॉलीवुड टॉक शो का आयोजन हुआ। यहां पीयूष मिश्रा ने यूथ को लेकर कहा- हार से क्यों डरते हो.. जो मन है, एक बार करके देखिए। हार ही तो मिलेगी। वहीं स्वानंद किरकिरे ने कहा- हमेशा मल्टी टास्कींग काम करो। एक काम से दिल नहीं भरता है तो दूसरा, तीसरा काम करो। मन नहीं भरने और दिल में आग लगने का सिस्टम खत्म नहीं होना चाहिए। दरअसल, मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में बॉलीवुड टॉक शो के दौरान दोनों कलाकारों ने अपनी एक्सपीरिएंस, जंतर-मंतर और यूथ को लेकर बात की। इस मौके पर दैनिक भास्कर के नेशनल एडिटर एलपी पंत और एंकर शेलेंद्र व्यास के सवालों के जवाब देते हुए जोधपुर के युवाओं के लिए भी कई मैसेज दोनों कलाकारों ने दिए। साथ ही जोधपुरवासियों की डिमांड पर दोनों ने अपने-अपने सॉन्ग भी सुनाए। जिन्हें शहरवासियों ने काफी पसंद किया। जंतर-मंतर पर बोले- वहां बच्चे नहीं, यंगस्टर थे जब जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट और उनके बनाए वीडियो को लेकर सवाल किया तो वे बोले- मन में गुस्सा भी था और छटपटाहर भी थी। इसमें कोई बच्चा नहीं था। सभी यंगस्टर थे। कई ऐसी बात बोली कि मेरा मन आधा हो गया। पीयूष मिश्रा ने कहा- झारखंड के रांची में भी स्टूडेंट आंदोलन चल रहा है। इंस्डस्ट्री में किसी ने वीडियो बनाकर शेयर नहीं किया। मैंने वीडियो भी बनाया और परसों मैं वहां जा रहा हूं। ऐसा लग रहा है कि झारखंड को सौतेला बनाकर रखा है। वहीं स्वानंद किरकिरे ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान यूज की भाषा को लेकर कहा- आज के दौर में बोलना सबसे कठिन है। यदि बोला है तो उसने हिम्मत का काम किया है। दोनों ने अपने ट्रेंडिंग साॅन्ग को लेकर भी की बात बॉलीवुड टॉक शो के दौरान जब उनसे पूछा ​गया कि बावरा मन को बयां करना है तो कैसे करेंगे। तब उनका कहना था- मैंने लिख दिया लोग बयां कर रहे है। जो गीत लिखा लोगों ने अपना दिया है। उन्होंने कहा- पीयूष मिश्रा मेरे बड़े भाई है। यदि ये गाना नहीं लिखते तो मैं भी नहीं लिख पाता था। मुझे लोग छोटा पीयूष मिश्रा कहने लगे थे। वहीं गुलाल मूवी के सवाल पर पीयूष मिश्रा ने कहा- वो बीत चुका है। काम करके भूल जाओ ये मेरी आदत है। मैं गुलाल को बहुत ज्यादा याद नहीं करता। यदि इसमें रह जाता तो आगे इससे बेहतर नहीं कर पाता। बोले- हमेशा हां बोलो…आपको आगे के रास्ते दिखेंगे स्वानंद किरकिरे से जब पंचायत मूवी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- मैं सभी एक्टर के साथ बड़ा हुआ हूं। जब मुझे ऑफर मिला तो मैंने एक्टिंग को सीरियल लेना शुरू किया। उन्होंने कहा- एक काम से दिल नहीं भरता है। ये सभी यूथ को भी सोचना होगा कि दिल में आग लगने का सिस्टम खत्म नहीं होना चाहिए। जब भी मौका मिले और काम के लिए कहे तो हां बोले…। हां बोलेंगे तो आपको आगे का रास्ता मिलेगा। इसलिए जब मुझे कहा एक्टिंग करेगा तो मैंने कहा.. हां करूंगा। लोगों के साथ गुनगुनाया गाना, दोनों बोले-जोधपुर का खाना लाजवाब इस दौरान जोधपुरवासियों की रिक्वेस्ट पर दोनों ने अपने-अपने ट्रे​डिंग सॉन्ग भी सुनाए। स्वानंद किरकिरे ने ‘रेल सी गुजरती है..’ सॉन्ग सुनाया। उन्होंने इस सॉन्ग का वो हिस्सा भी सुनाया जो रिकॉर्ड में नहीं था। इसके साथ ही पीयूष मिश्रा ने ‘एक बगल में चांद होगा…; और ’आरंभ है प्रचंड है…’ सॉन्ग जोधपुरवासियों का सुनाया। इस दौरान दोनों ने जोधपुर के खाने की तारीफ करते हुए कहा- हमने यहां के मिर्चीबड़े और गुलाब जामुन आज खाए हैं। पीयूष मिश्रा ने कहा- मुझे ये शहर पसंद है, क्योंकि ये शांत चलता है।



Source link