रामदेवरा मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने तीन जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनें और शुरू करने का फैसला किया है। 11 सितंबर से भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच दो जोड़ी और 12 सितंबर से श्रीगंगानगर-पोकरण के बीच एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन चलेगी। तीनों जोड़ी ट्रेनें 15-15 ट्रिप करेंगी। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार- ट्रेन संख्या 04863/04864 और 04865/04866 भगत की कोठी-रामदेवरा के बीच 11 से 25 सितंबर तक संचालित होंगी। वहीं ट्रेन संख्या 04863 भगत की कोठी से सुबह 6:15 बजे रवाना होकर 10:30 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में 04864 रामदेवरा से सुबह 11 बजे रवाना होकर दोपहर 3 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। इसी तरह 04865 भगत की कोठी से शाम 4 बजे रवाना होकर रात 9:20 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में 04866 रामदेवरा से रात 10 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 2 बजे भगत की कोठी पहुंचेगी। वर्तमान में एक जोड़ी मेला स्पेशल का जोधपुर-रामदेवरा स्टेशनों के बीच संचालन किया जा रहा है। दोनों जोड़ी ट्रेनों का ठहराव जोधपुर, राईका बाग, महामंदिर, मंडोर, मारवाड़ मथानिया, तिंवरी, ओसियां, मारवाड़ लोहावट और फलोदी सहित प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा। श्रीगंगानगर से फलोदी के रास्ते पोकरण भी सीधी ट्रेन रामदेवरा मेले के मद्देनजर ट्रेन संख्या 04741/04742 श्रीगंगानगर-पोकरण मेला स्पेशल 12 से 26 सितंबर तक चलेगी। श्रीगंगानगर से सुबह 10.15 बजे रवाना होकर शाम 7.50 बजे पोकरण पहुंचेगी। ट्रेन फलोदी स्टेशन पर शाम 6:35 बजे आकर 6:40 बजे प्रस्थान करेगी। वापसी में पोकरण से रात 8.45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7.50 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेगी। ट्रेन फलोदी स्टेशन पर रात 10 बजे आकर 10.05 बजे रवाना होगी। ट्रेन में 15 साधारण और दो गार्ड डिब्बों सहित कुल 17 कोच होंगे। रेलवे के अनुसार- इन स्पेशल ट्रेनों से नियमित ट्रेनों पर यात्री दबाव कम होगा और रामदेवरा मेले में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेगा। रामदेवरा मेले के लिए वाया फलोदी दो जोड़ी और स्पेशल ट्रेनें और चलेंगी रेलवे ने लालगढ़ से फलोदी होकर रामदेवरा के लिए दो जोड़ी मेला स्पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। दोनों जोड़ी ट्रेनें 19 से 22 सितंबर को प्रतिदिन एक-एक ट्रिप, यानी कुल चार-चार ट्रिप संचालित होंगी। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया- जातरुओं की सुविधा के लिए ट्रेन संख्या 04751 लालगढ़-रामदेवरा मेला स्पेशल 19, 20, 21 और 22 सितंबर को लालगढ़ से सुबह 4 बजे रवाना होकर फलोदी 6.35 बजे पहुंचेगी और 6.40 बजे रवाना होकर सुबह 7.20 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04752 रामदेवरा-लालगढ़ मेला स्पेशल इन्हीं चारों तारीखों को रामदेवरा से सुबह 7.35 बजे रवाना होकर फलोदी 8.10 बजे पहुंचेगी और 8.15 बजे रवाना होकर सुबह 11 बजे लालगढ़ पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार ट्रेन संख्या 04753 लालगढ़-रामदेवरा मेला स्पेशल 19, 20, 21 और 22 सितंबर को लालगढ़ से दोपहर 1.30 बजे रवाना होकर फलोदी शाम 4.10 बजे पहुंचेगी और 4.15 बजे रवाना होकर शाम 4.50 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04754 रामदेवरा-लालगढ़ मेला स्पेशल इन्हीं चारों तारीखों को रामदेवरा से शाम 5.10 बजे रवाना होकर फलोदी 5.45 बजे पहुंचेगी और 5.50 बजे रवाना होकर रात 8.45 बजे लालगढ़ पहुंचेगी। दोनों जोड़ी ट्रेनें मार्ग में कोलायत और फलोदी स्टेशनों पर ठहरेंगी।
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रामदेवरा के लिए दो जोड़ी स्पेशल-ट्रेनों का संचालन कल से: भगत की कोठी-रामदेवरा और श्रीगंगानगर-पोकरण के बीच बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन – Jodhpur News
सीडीओ ने बचपन डे केयर सेंटर का निरीक्षण किया: दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए – Sonbhadra News
मनोज कुमार वर्मा | सोनभद्र5 मिनट पहले
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सोनभद्र में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दिव्यांग बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अब उनकी पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर भी विशेष जोर दे रही है इसी के तहत मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित बचपन डे केयर सेंटर, एल-2 भवन लोढ़ी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। सीडीओ ने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई और प्रशिक्षण का जायजा लिया तथा शिक्षकों से उनकी प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सीडीओ ने बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को भी बारीकी से देखा। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, ड्रेस, बैग, कॉपी-किताब समेत अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
देखें, 5 तस्वीरें…





निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि बचपन डे केयर सेंटर का संचालन नियमित और बेहतर ढंग से किया जाए। दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई की जरूरतों के हिसाब से अच्छी शिक्षा और ट्रेनिंग दी जाए।
उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रतिभा और कौशल को बढ़ाने के लिए नए तरीकों वाली गतिविधियों और दूसरे अच्छे प्रयासों को बढ़ावा दिया जाए। इससे बच्चे और सक्षम और आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी दिव्यां शुक्ला, बचपन डे केयर सेंटर के समन्वयक राहुल कुमार सिंह सहित सभी अध्यापक और कर्मचारी मौजूद थे।
अगले तीन दिन कई ट्रेनें रद्द, कई डायवर्ट की गईं, यहां देखें पूरी लिस्ट
नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में 11 से 13 सितंबर के बीच रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है. उत्तर रेलवे ने इस दौरान ट्रेनों के कैंसिलेशन, डायवर्जन और री-शेड्यूलिंग का प्लान जारी किया है. इसके चलते दिल्ली-गाजियाबाद-पलवल रूट पर चलने वाली कई लोकल ट्रेनें प्रभावित रहेंगी. इसके अलावा कई लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है. कुछ ट्रेनें अपने तय समय से देर से रवाना होंगी, जबकि कुछ ट्रेनों को रास्ते के किसी स्टेशन से ही शुरू या समाप्त किया जाएगा. हम आपको यहां उन ट्रेनों की पूरी लिस्ट दे रहे हैं.
राजधानी समेत कई बड़ी ट्रेनें डायवर्ट
रेल यातायात प्रभावित होने के कारण कई राजधानी एक्सप्रेस के रूट में बदलाव किया गया है. नई दिल्ली से चलने वाली कुछ राजधानी ट्रेनें दिल्ली जंक्शन-साहिबाबाद के रास्ते चलेंगी.
इसके अलावा संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस, वैशाली एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है. ऐसे में इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को अपने ट्रेन के रूट और स्टेशन की जानकारी पहले ही जांच लेने की सलाह दी गई है.
11 सितंबर को कई ट्रेनें देर से चलेंगी
11 सितंबर को नई दिल्ली से रवाना होने वाली कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलेंगी.
हैदराबाद एक्सप्रेस-120 मिनट री-शेड्यूल
चेन्नई ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस- 120 मिनट री-शेड्यूल
तेजस राजधानी, मुंबई- 50 मिनट
तेजस राजधानी, राजेंद्र नगर – 50 मिनट
पूर्वा एक्सप्रेस- 35 मिनट
आगरा इंटरसिटी – 20 मिनट
इसका मतलब है कि इन ट्रेनों के यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन का ताजा स्टेटस जरूर देखना चाहिए.
12 सितंबर को भी कई ट्रेनें प्रभावित
12 सितंबर को भी कई ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है. अमृतसर से चलने वाली कुछ ट्रेनों को 60 से 70 मिनट तक री-शेड्यूल किया गया है.
तेजस राजधानी, मुंबई – 25 मिनट लेट
तेजस राजधानी, भुवनेश्वर – 20 मिनट लेट
चेन्नई एक्सप्रेस- 50 मिनट लेट
लखनऊ मेल- 10 मिनट लेट
13 सितंबर को भी यात्रियों को करना होगा इंतजार
13 सितंबर को भी कई ट्रेनों के परिचालन पर असर रहेगा.
मुंबई-नई दिल्ली तेजस राजधानी – 90 मिनट री-शेड्यूल
अमृतसर-विशाखापत्तनम हिराकुंड एक्सप्रेस – 90 मिनट री-शेड्यूल
खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस – 90 मिनट री-शेड्यूल
लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए भी जरूरी खबर
दिल्ली-NCR में सबसे ज्यादा असर लोकल ट्रेन यात्रियों पर पड़ सकता है. दिल्ली-गाजियाबाद-पलवल रूट की कई लोकल ट्रेनें रद्द रहेंगी. कुछ ट्रेनों को उनके पूरे रूट पर चलाने के बजाय बीच के किसी स्टेशन से ही शुरू या वहीं समाप्त किया जाएगा. इससे रोजाना ट्रेन से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है.
यहां देखें पूरी लिस्ट
11 सितंबर को रद्द ट्रेनें
64015 PWL-SSB EMU — पलवल से शकूरबस्ती
64429 GZB-NDLS EMU — गाजियाबाद से नई दिल्ली
64433 GZB-NDLS EMU — गाजियाबाद से नई दिल्ली
64492 NDLS-PALWAL लेडीज EMU — नई दिल्ली से पलवल
64491 EMU — दिल्ली जंक्शन से शामली
11 सितंबर को डायवर्ट ट्रेनें
64419 NZM-GZB EMU — हजरत निजामुद्दीन से गाजियाबाद
20840 नई दिल्ली-रांची राजधानी — नई दिल्ली से रांची
12424 राजधानी एक्सप्रेस — नई दिल्ली से डिब्रूगढ़
12314 नई दिल्ली-सियालदह राजधानी — नई दिल्ली से सियालदह
12306 नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी — नई दिल्ली से हावड़ा
22812 नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी — नई दिल्ली से भुवनेश्वर
64904 गाजियाबाद-मथुरा EMU — गाजियाबाद से मथुरा
12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस — नई दिल्ली से राजेंद्र नगर टर्मिनल
11 सितंबर को जिन ट्रेनों का रूट छोटा किया गया
15307 हरियाणा एक्सप्रेस — नई दिल्ली से शॉर्ट ओरिजिनेट होगी
64110 नई दिल्ली-अलीगढ़ EMU — गाजियाबाद से शुरू होगी
64568 तिलक ब्रिज-बुलंदशहर MEMU — दिल्ली शाहदरा से शुरू होगी
64567 बुलंदशहर-तिलक ब्रिज MEMU — दिल्ली शाहदरा पर शॉर्ट टर्मिनेट होगी
11 सितंबर को देरी से चलने वाली ट्रेनें
12724 नई दिल्ली-हैदराबाद एक्सप्रेस — 120 मिनट
12616 नई दिल्ली-चेन्नई ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस — 120 मिनट
12926 पश्चिम एक्सप्रेस — 90 मिनट
15304 इंटरसिटी एक्सप्रेस — 75 मिनट
12952 तेजस राजधानी — 50 मिनट
12310 नई दिल्ली-राजेंद्र नगर तेजस राजधानी — 50 मिनट
64441 गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU — 20 मिनट
12382 नई दिल्ली-हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस — 35 मिनट
14212 नई दिल्ली-आगरा कैंट इंटरसिटी — 20 मिनट
12 सितंबर को रद्द ट्रेनें
64425 गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64432 नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU
64013 पलवल-शकूरबस्ती EMU
64015 पलवल-शकूरबस्ती EMU
64429 गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64433 गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64441 गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64492 नई दिल्ली-पलवल लेडीज EMU
64410 नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU
64443 गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64418 दिल्ली जंक्शन-गाजियाबाद MEMU
64445 गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64412 दिल्ली जंक्शन-गाजियाबाद EMU
12 सितंबर को डायवर्ट ट्रेनें
12420 गोमती एक्सप्रेस — नई दिल्ली से लखनऊ
12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस — नई दिल्ली से राजगीर
20503 राजधानी एक्सप्रेस — डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली
12314 नई दिल्ली-सियालदह राजधानी
12302 नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी
64904 गाजियाबाद-मथुरा EMU
54411 रेवाड़ी-मेरठ पैसेंजर
11842 कुरुक्षेत्र-खजुराहो एक्सप्रेस
64906 गाजियाबाद-पलवल EMU
54473 दिल्ली जंक्शन-सहारनपुर पैसेंजर
15566 वैशाली एक्सप्रेस
20802 मगध एक्सप्रेस
12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस
12 सितंबर को लेट चलने वाली प्रमुख ट्रेनें
12716 सचखंड एक्सप्रेस — 70 मिनट
15304 इंटरसिटी एक्सप्रेस — 40 मिनट
12952 तेजस राजधानी — 25 मिनट
22824 नई दिल्ली-भुवनेश्वर तेजस राजधानी — 20 मिनट
12310 नई दिल्ली-राजेंद्र नगर तेजस राजधानी — 15 मिनट
22362 अमृत भारत एक्सप्रेस — 35 मिनट
11058 अमृतसर-सीएसएमटी एक्सप्रेस — 60 मिनट
12622 तमिलनाडु एक्सप्रेस — 50 मिनट
4072 नई दिल्ली-सुपौल स्पेशल — 40 मिनट
12416 नई दिल्ली-इंदौर एक्सप्रेस — 20 मिनट
12230 लखनऊ मेल — 10 मिनट
13 सितंबर को रद्द ट्रेनें
64053 पलवल-गाजियाबाद EMU
64439 गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64071 बल्लभगढ़-शकूरबस्ती EMU
64078 नई दिल्ली-पलवल EMU
64411 साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64031 गाजियाबाद-शकूरबस्ती EMU
64406 दिल्ली जंक्शन-गाजियाबाद EMU
64426 नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU
13 सितंबर को डायवर्ट ट्रेनें
54474 सहारनपुर-दिल्ली जंक्शन पैसेंजर
12559 शिवगंगा सुपरफास्ट एक्सप्रेस
64472 पानीपत-गाजियाबाद MEMU
14030 मेरठ कैंट-श्रीगंगानगर स्पेशल
64903 मथुरा-गाजियाबाद EMU
64055 पलवल-गाजियाबाद EMU
12581 बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस
13 सितंबर को रूट छोटा/टर्मिनल बदला
64905 मथुरा-नई दिल्ली EMU — पलवल पर शॉर्ट टर्मिनेट
64109 दनकौर-शकूरबस्ती EMU — गाजियाबाद पर शॉर्ट टर्मिनेट
14737 भिवानी-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस — शकूरबस्ती पर शॉर्ट टर्मिनेट
64077 पलवल-नई दिल्ली EMU — हजरत निजामुद्दीन पर शॉर्ट टर्मिनेट
14727 श्रीगंगानगर-तिलक ब्रिज एक्सप्रेस — नई दिल्ली पर शॉर्ट टर्मिनेट
64105 अलीगढ़-नई दिल्ली EMU — गाजियाबाद पर शॉर्ट टर्मिनेट
64567 बुलंदशहर-तिलक ब्रिज MEMU — दिल्ली शाहदरा पर शॉर्ट टर्मिनेट
64112 EMU — गाजियाबाद से शॉर्ट ओरिजिनेट
14738 तिलक ब्रिज-भिवानी एक्सप्रेस — शकूरबस्ती से शॉर्ट ओरिजिनेट
64568 MEMU — दिल्ली शाहदरा से शॉर्ट ओरिजिनेट
13 सितंबर को देरी से चलने वाली प्रमुख ट्रेनें
12951 तेजस राजधानी — 90 मिनट
20808 अमृतसर-विशाखापत्तनम हिराकुंड एक्सप्रेस — 90 मिनट
11841 खजुराहो-कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस — 90 मिनट
सफर से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें
उत्तर रेलवे की ओर से जारी बदलाव के कारण किसी ट्रेन का समय या रूट अंतिम समय में भी प्रभावित हो सकता है. इसलिए 11 से 13 सितंबर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को स्टेशन निकलने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा रनिंग स्टेटस, रूट और निर्धारित प्रस्थान समय जरूर जांच लेना चाहिए. खासकर राजधानी, तेजस राजधानी, लंबी दूरी की एक्सप्रेस और दिल्ली-NCR की लोकल ट्रेनों से सफर करने वालों को इस बदलाव का ध्यान रखना होगा.
संत कमल किशोर नागर को सुरक्षा देने की मांग: झाबुआ में मिला था धमकी भरा पत्र; नागर ब्राह्मण समाज ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की – Ratlam News
संत पं. कमलकिशोर नागर को झाबुआ जिले में धमकी भरा पत्र मिलने से नाराज रतलाम के नागर ब्राह्मण समाज ने आरोपियों की तलाश कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। गुरुवार शाम समाजजनों ने रतलाम एसपी के नाम ज्ञापन सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया को सौंपा। समाज ने संत कमलकिशोर नागर को सुरक्षा देने की भी मांग की। समाजजनों के मुताबिक, संत पं. कमलकिशोर नागर के सानिध्य में 4 सितंबर को श्री गुरुकृपा शबरी गौशाला, भुराडाबरा, जिला झाबुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आयोजित किया गया था। रात में सत्संग चल रहा था। इसी दौरान श्रद्धालुओं ने संत नागर को भेंट स्वरूप सामग्री दी। इसमें शाल और श्रीफल सहित अन्य सामग्री थी। भेंट में मिले सामान में मिली थी चिट्ठी
इसी सामग्री के बीच संत नागर को एक धमकी भरा पत्र मिला। समाजजनों ने कहा कि पत्र की भाषा और विषयवस्तु को देखते हुए मामला गंभीर है। उन्होंने इसे संत की सुरक्षा के लिहाज से भी चिंताजनक बताया। समाजजनों ने कहा कि संत पं. कमलकिशोर नागर धर्मांतरण और गौ तस्करी जैसी गतिविधियों के खिलाफ जनजागरण और गौ संरक्षण के काम में सक्रिय रहे हैं। उनके मुताबिक, कई आदिवासी लोग संत के सानिध्य में आकर धर्मांतरण से रुक गए। कई लोगों की दोबारा हिंदू धर्म में वापसी भी कराई गई है। समाजजनों ने बताया कि इसी क्रम में क्षेत्र में हर साल धार्मिक और सामाजिक जनजागरण के बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। संत और आश्रम की सुरक्षा की मांग समाज ने पुलिस प्रशासन से धमकी भरे पत्र को गंभीरता से लेते हुए संत कमलकिशोर नागर और आश्रम की सुरक्षा करने की मांग की। साथ ही पत्र भेजने वालों की तलाश कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के कई लोग मौजूद रहे।
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गया के आहार में डूबीं 4 छात्राएं: 7वीं की 2 छात्राओं की मौत; हाथ-पैर धोने के दौरान फिसला था पैर, 2 को ग्रामीणों ने बचाया – Gayaji News
गया जिले के गुरुआ में स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रही चार छात्राओं के साथ गुरुवार शाम हादसा हो गया। नवाबचक गांव के पास आहार में चारों छात्राएं एक-एक कर डूब गईं। हादसे में दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि दो छात्राओं को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों सुरक्षित छात्राएं फिलहाल अपने-अपने घर पर हैं। मृत छात्राओं की पहचान 12 वर्षीय शिवानी कुमारी और 12 वर्षीय सुप्रिया कुमारी के रूप में हुई है। शिवानी के पिता अमरेंद्र यादव हैं, जबकि सुप्रिया के पिता मनोज चौधरी हैं। दोनों छात्राएं सातवीं कक्षा में पढ़ती थीं। हाथ-पैर धोने गई थीं, तभी एक छात्रा का पैर फिसला जानकारी के अनुसार, चारों छात्राएं आदर्श मध्य विद्यालय तारोबा में पढ़ती थीं। गुरुवार को स्कूल में पढ़ाई करने के बाद चारों घर लौट रही थीं। रास्ते में नवाबचक गांव के पास एक आहार है, जहां छठ घाट भी बना हुआ है। बताया जा रहा है कि चारों छात्राएं आहार के किनारे हाथ-पैर धोने के लिए पहुंचीं। इसी दौरान अचानक एक छात्रा का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए जब दूसरी छात्राएं आगे बढ़ीं तो उनके भी पैर फिसल गए और वे आहार में गिर पड़ीं। देखते ही देखते चारों छात्राएं गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगीं। उनके स्कूल बैग भी पानी में चले गए।
चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीण, पानी में उतरकर बचाया छात्राओं के चिल्लाने की आवाज सुनकर रास्ते से गुजर रहे लोगों को घटना की जानकारी हुई। लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण और परिजन भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने आहार में उतरकर छात्राओं को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद चारों छात्राओं को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद शिवानी और सुप्रिया को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य दो छात्राएं सुरक्षित हैं और अपने-अपने घर पर हैं।
दोनों परिवारों में मचा कोहराम हादसे की खबर मिलते ही नवाबचक गांव में मातम पसर गया। दोनों छात्राओं के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। शिवानी दो बहन और एक भाई में दूसरे नंबर पर थी। सुप्रिया भी दो बहन और एक भाई में दूसरे नंबर पर थी। दोनों छात्राओं की मौत से गांव के लोग भी सदमे में हैं। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों छात्राओं के शव को कब्जे में लिया। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल, गया भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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पुतिन के आने से पहले रूसी सैन्य विमान भारत पहुंचे: रूसी राष्ट्रपति की गाड़ियों समेत सैन्य अधिकारी आए, नोएडा एयरपोर्ट पर लैंडिंग
27 मिनट पहले
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रूस का भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रूस के 3 सैन्य विमान उतरे हैं। इनमें रूस का भारी मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 भी शामिल है।
विमानों से रूसी सैन्य अधिकारी भारत पहुंचे हैं। इसी के साथ राष्ट्रपति पुतिन के काफिले की गाड़ियां भी भारत लाई गई हैं।
तीनों विमान मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरे थे। बुधवार को भी तीनों विमान एयरपोर्ट पर खड़े रहे। एयरपोर्ट की सुरक्षा टीम के साथ रूसी टीम भी विमानों और सुरक्षा इंतजामों पर नजर रख रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहली बार किसी विदेशी विमान ने लैंडिंग की है। इससे पहले विदेशी सैन्य और वीवीआईपी विमानों के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल किया जाता रहा है।

रूस के तीन एयरक्राफ्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़े हैं।
तैयारियों का जायजा लेने पहुंची टीम
किसी बड़े विदेशी नेता के दौरे से पहले उसकी एडवांस टीम एयरपोर्ट, सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी मूवमेंट से जुड़ी तैयारियों का जायजा लेती है। इसी वजह से रूसी टीम भारत आई है।
पुतिन का विमान भी नोएडा एयरपोर्ट पर ही उतरेगा या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्टों में इसकी संभावना जताई गई है।
IL-76 क्या है?
IL-76 को ‘उड़ता ट्रक’ कहा जाता है। यह 50 टन तक भारी सामान और सैन्य वाहन ले जा सकता है। इसमें बुलेटप्रूफ कारों से लेकर सुरक्षा के जरूरी उपकरण तक पहुंचाए जा सकते हैं।
इस तरह के विमान किसी बड़े सैन्य या वीवीआईपी दौरे से पहले जरूरी सामान और अधिकारियों को पहुंचाने में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। नोएडा एयरपोर्ट पर पहुंची रूसी टीम भी पुतिन के दौरे से पहले सुरक्षा और दूसरी व्यवस्थाओं की तैयारी कर रही है।
पुतिन की मोदी से अहम बैठक
पुतिन शुक्रवार को भारत पहुंचेंगे। BRICS समिट से पहले उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी।
दोनों नेताओं की बातचीत में रक्षा, Su-57 फाइटर जेट, S-400, रूसी तेल, परमाणु ऊर्जा और रुपये-रूबल में कारोबार जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
रक्षा क्षेत्र में सबसे ज्यादा नजर रूस के Su-57 5th जेनरेशन फाइटर के प्रस्ताव पर है। रूस भारत को यह विमान बेचने के साथ भारत में इसके उत्पादन और तकनीकी सहयोग का प्रस्ताव दे रहा है।
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रूस से पांचवीं पीढ़ी के सुखोई-57 ले सकता है भारत

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 12-13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने भारत आएंगे। इस दौरान भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग से जुड़े दो बड़े प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है। पूरी खबर पढ़ें…
इंडिगो फ्लाइट की अहमदाबाद में इमरजेंसी लैंडिंग: लखनऊ से सऊदी जा रहा था विमान, टॉयलेट में बम की धमकी मिली, 133 यात्री सवार थे
अहमदाबाद11 मिनट पहले
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विमान ने लखनऊ से गुरुवार को शाम 4:17 बजे उड़ान भरी।- फाइल फोटो
लखनऊ से सऊदी अरब के दम्माम जा रही इंडिगो की फ्लाइट में गुरुवार को बम की धमकी मिली। इसके बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। उड़ान के दौरान क्रू मेंबर को विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर अंग्रेजी में ‘बम’ लिखा था।
फ्लाइट को करीब शाम 5:55 बजे सरदार वल्लभभाई पटेल एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। प्लेन में 133 यात्री सवार थे। लैंडिंग के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालकर टर्मिनल-2 ले जाया गया।
प्लेन को आइसोलेशन एरिया में ले जाकर सुरक्षा एजेंसियों ने केबिन, सीटों, कार्गो और पैसेंजर्स के सामान की जांच की। शुरुआती जांच में विमान से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है।
विमान ने लखनऊ से गुरुवार शाम 4:17 बजे उड़ान भरी और इसे शाम 5:43 बजे अहमदाबाद में सुरक्षित उतारा गया।
10 दिन पहले भी इसी रूट की फ्लाइट को धमकी मिली थी

31 अगस्त को भी सऊदी अरब के दम्माम से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में बम की धमकी मिलने के बाद अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी।
उड़ान के दौरान क्रू मेंबर को विमान के टॉयलेट में एक टिश्यू पेपर मिला, जिस पर अंग्रेजी में ‘बम’ लिखा था। पूरी खबर पढ़ें…
फ्लाइट में बम की धमकी मिलने के बाद प्रोटोकॉल…
- पायलट तुरंत ATC को सूचना देकर इमरजेंसी घोषित करता है और विमान को सुरक्षित पास के एयरपोर्ट पर लाता है।
- फ्लाइट को सामान्य पार्किंग की जगह आइसोलेशन-बे में खड़ा किया जाता है।
- पैसेंजर्स को फ्लाइट से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाता है।
- बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा एजेंसियां फ्लाइट और सामान की जांच करती हैं।
- जांच पूरी होने और विमान को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही उड़ान की अनुमति मिलती है।
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दिल्ली हादसे के बाद छात्रों के सुरक्षित आवास पर फैसला: एलजी ने 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी को दी मंजूरी, 60 दिन में देनी होगी रिपोर्ट – New Delhi News
दिल्ली के सत्य निकेतन में जर्जर इमारत के हादसे के बाद दिल्ली में पीजी और छात्र आवासों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। देश-विदेश से उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आने वाले छात्रों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती आवास उपलब्ध कराने के लिए उप राज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने 18 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी के गठन को मंजूरी दी है। समिति की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री आशीष सूद करेंगे। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और शिक्षा मंत्री आशीष सूद मौजूद रहे। एलजी ने समिति को पीजी से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करने, छात्रों के लिए वैकल्पिक हॉस्टल विकसित करने और खाली पड़ी सरकारी इमारतों के उपयोग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। 60 दिन में रिपोर्ट देनी होगी समिति को गठन की तारीख से 60 दिन के भीतर ठोस सिफारिशों के साथ रिपोर्ट देनी होगी। यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी में जर्जर इमारतों में चल रहे पीजी, निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सरकार अब छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को व्यापक स्तर पर व्यवस्थित करने की तैयारी में है। मांग और उपलब्ध हॉस्टल का होगा आकलन समिति दिल्ली में छात्रों की आवास जरूरत और उपलब्ध हॉस्टल सुविधा के बीच अंतर का आकलन करेगी। इसके आधार पर विश्वविद्यालयों, एमसीडी, डीडीए और एनडीएमसी के सहयोग से नए छात्र आवास विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। डीडीए की खाली या कम उपयोग वाली संपत्तियों को छात्र आवास में बदलने की व्यवहार्यता भी जांची जाएगी। सुरक्षित पीजी का बनेगा केंद्रीय डेटाबेस सभी संस्थागत हॉस्टलों और कानूनी रूप से पंजीकृत पीजी का केंद्रीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। छात्रों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है, जहां वे असुरक्षित आवास, अधिक भीड़, आग के खतरे और अन्य सुरक्षा संबंधी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। फायर-ड्रिल और आपदा प्रोटोकॉल छात्र आवासों के लिए मानक आपातकालीन निकासी और आपदा-प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल तैयार होगा। छात्रों, वार्डन, विश्वविद्यालय अधिकारियों और पीजी संचालकों के लिए नियमित फायर व डिजास्टर मॉक ड्रिल कराई जाएगी।
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बिना सिरके के अचार में आएगा खट्टापन, नमक के पानी में ऐसे रखें गाजर-मूली, जानें
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दादी-नानी के पारंपरिक तरीके से घर पर स्वादिष्ट और पाचक फर्मेंटेड अचार तैयार करें. इसके लिए ताज़ी गाजर, मूली, शलजम और हरी मिर्च को साफ़ करके काट लें. अब एक सूखे कांच के जार में सब्जियां, राई, अदरक-लहसुन और नमक का उबला-ठंडा पानी डालें. सब्जियां पानी में पूरी तरह डूबी रहनी चाहिए. जार को सामान्य तापमान पर रखें. कुछ ही दिनों में खट्टा, सेहतमंद और बिना तेल वाला प्रोबायोटिक देसी अचार बनकर तैयार हो जाएगा.
गाजर, मूली और शलजम का अचार तो आपने खाया होगा. लेकिन क्या आपने इसे फर्मेंट करके बनाया है? इसमें सब्जियों को नमक वाले पानी में डालकर कुछ समय के लिए रखा जाता है. इस दौरान सब्जियों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया काम करते हैं और धीरे-धीरे अचार में खट्टापन आने लगता है. इसे ही फर्मेंटेशन यानी प्राकृतिक तरीके से खट्टा होने की प्रक्रिया कहते हैं. दादी-नानी के समय से चले आ रहे इस तरीके के पीछे स्वाद के साथ-साथ विज्ञान भी छिपा है.
फर्मेंट वाला अचार बनाने के लिए गाजर, मूली, शलजम, फूलगोभी और हरी मिर्च जैसी सब्जियां ली जा सकती हैं. इसके लिए सब्जियां ताज़ी और अच्छी तरह साफ़ की हुई होनी चाहिए. सब्जियों को काटकर नमक वाले पानी में डालकर रखा जाता है. स्वाद के लिए इसमें सरसों के दाने, लहसुन, अदरक जैसे मसाले भी डाल सकते हैं. ध्यान रखें कि सब्जियां पानी के अंदर ही रहें. जो हिस्सा पानी से बाहर रहेगा, उसके खराब होने का खतरा बढ़ सकता है.
सब्जियों को नमक वाले पानी में रखने के बाद उनमें मौजूद कुछ अच्छे बैक्टीरिया काम करना शुरू करते हैं. ये सब्जियों में मौजूद प्राकृतिक मिठास को धीरे-धीरे ऐसे पदार्थ में बदलते हैं, जिससे अचार में खट्टापन आता है. यही फर्मेंटेशन की प्रक्रिया है. इसके लिए साफ़ कांच का जार इस्तेमाल करना बेहतर रहता है. जार और चम्मच भी अच्छी तरह साफ़ और सूखे होने चाहिए. अचार को तैयार होने में कितना समय लगेगा, यह मौसम और तापमान पर भी निर्भर करता है.
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इस तरह के अचार में नमक सिर्फ स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं डाला जाता. नमक ऐसे खराब बैक्टीरिया और दूसरे कीटाणुओं की बढ़त को रोकने में मदद करता है जो अचार को खराब कर सकते हैं. साथ ही इससे अचार में काम करने वाले अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ने में मदद मिलती है. इसलिए अपनी मर्जी से नमक बहुत कम कर देना ठीक नहीं है. अगर नमक कम होगा तो अचार जल्दी खराब होने का खतरा बढ़ सकता है. नमक की सही मात्रा किसी भरोसेमंद रेसिपी के हिसाब से रखें.
50 सालों से अचार बना रही मोना चावला बताती हैं कि सही तरीके से बनाया गया फर्मेंट वाला अचार कुछ अच्छे बैक्टीरिया दे सकता है जो हमारे पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर अचार सेहत के लिए फायदेमंद ही होगा या यह किसी बीमारी को ठीक कर देगा. अचार में नमक की मात्रा ज्यादा हो सकती है, इसलिए इसे थोड़ी मात्रा में खाना बेहतर है. जिन लोगों को डॉक्टर ने नमक कम खाने की सलाह दी है, उन्हें खास तौर पर सावधानी रखनी चाहिए.
दादी-नानी के ज़माने से नमक वाले पानी में सब्जियों का अचार बनाने का यह तरीका चला आ रहा है. घर पर अचार बनाते समय कोशिश करें कि उतना ही अचार बनाएं जिसे कम समय में खाकर खत्म किया जा सके. अगर काफी पुराना रखा अचार है और उसमें फफूंदी दिखाई दे रही है, तो उसे बिल्कुल न खाएं. ऐसे अचार को फेंक देना ही बेहतर है. बाकी साफ़-सफ़ाई और सही तरीके का ध्यान रखते हुए नमक वाले पानी में बना यह देसी अचार स्वाद के साथ पुराने ज़माने की याद भी दिलाता है.
अगर घर पर फर्मेंट वाला अचार बना रहे हैं तो सबसे पहले सफ़ाई का ध्यान रखें. ताज़ी सब्जियां लें और जार को अच्छी तरह साफ़ करके सुखा लें. सब्जियों को नमक वाले पानी में पूरी तरह डुबाकर रखें. जार को ऐसी जगह रखें जहां बहुत ज्यादा गर्मी न हो और सीधी धूप भी न पड़े. अचार का खट्टापन और स्वाद ठीक लगने लगे तो उसे ठंडी जगह या ज़रूरत के हिसाब से फ्रिज में रखा जा सकता है. सबसे ज़रूरी बात स्वाद के चक्कर में सफ़ाई और नमक की सही मात्रा से समझौता न करें.


