फतेहपुर में मंदिरों से पीतल के घंटे-घंटियां चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। हुसैनगंज और चांदपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे नौगांव गांव के पास नहर पुलिया के आगे यह कार्रवाई की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। चोरी का सामान बरामद कराने ले गई थी पुलिस पुलिस के अनुसार गिरफ्तार, आरोपी की पहचान खागा थाना क्षेत्र के अजईपुर गांव निवासी महेश पुत्र जगतपाल के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने हुसैनगंज और चांदपुर थाना क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों से पीतल के घंटे-घंटियां चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद करने के लिए पुलिस उसे मौके पर लेकर गई थी। झोले से तमंचा निकालकर पुलिस पर की फायरिंग पुलिस के मुताबिक, बरामदगी के दौरान आरोपी ने चोरी की घंटियों के झोले में छिपाकर रखा अवैध .315 बोर का तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और बाइक बरामद आरोपी के पास से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी की 17 पीतल की छोटी-बड़ी घंटे-घंटियां, वारदात में इस्तेमाल होने वाले कटर, पेंचकस और रिंच बरामद किए गए। इसके अलावा कानपुर नगर के रेलबाजार थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं घटना की सूचना पर फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ फतेहपुर समेत अन्य जिलों में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।
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पुलिस मुठभेड़ में मंदिर से चोरी करने वाला गिरफ्तार: पैर में गोली लगने से घायल, कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे – Fatehpur News
बिहारी किचन में दें बंगाली फ्लेवर, पोस्ता दाना मछली करी की आसान रेसिपी जानें
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अगर आप एक ही तरह की फिश करी खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया स्वाद चखना चाहते हैं, तो बंगाल की मशहूर पोस्ता दाना मछली करी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. खसखस (पोस्ता) के गाढ़े पेस्ट और सरसों के तेल में तैयार होने वाली यह रेसिपी स्वाद के साथ हल्की और आसानी से पचने वाली भी मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे घर पर बेहद कम समय और आसान विधि से तैयार किया जा सकता है, जिससे आप अपनी रसोई में ही बिहारी और बंगाली फ्लेवर का शानदार संगम अनुभव कर सकते हैं.
मछली तो बिहार में बड़े ही चाव के साथ खाया जाता है. खासकर बिहार मछली करी की तो बात ही अलग होती है. लेकिन अगर आप बिहार में एक ही स्वाद का मछली खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तब आप बिहारी अंदाज में बंगाल की फेमस पोस्ता दाना मछली करी बना सकते हैं. इसे बनाना तो बेहद आसान है ही, इसके साथ ही यह इतना स्वादिष्ट होता है कि अगर आप इसे एक बार बना कर खाएंगे तो आपको बार-बार इसे खाने का मन करेगा.
दरअसल बंगाल में बड़े पैमाने पर पोस्ता दाना में मछली बनाया जाता है. पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से खाना बनाने का काम कर रहे शंभू साव बताते हैं कि इसका स्वाद बेहद ही जायकेदार होता है. यह इतना हल्का होता है कि यह बेहद ही आसानी से पच जाता है. तो अगर आप भी बदहजमी के डर से नॉनवेज खाने से परहेज करते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए है.
शंभू साव बताते हैं कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले खसखस या पोस्ता को करीब 2 घंटे तक पानी में भिगोकर रख दें. ऐसा करने से इसका पेस्ट तैयार किया जा सकता है. फिर इसके बाद इसमें थोड़ी हरी मिर्च मिलाकर इसे दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि यह ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए. इसके बाद मछली के टुकड़ों में हल्दी नमक लगाकर जिसे 10 मिनट तक रखें. फिर सरसों के तेल में डालकर मछली को फ्राई कर लें.
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जब मछली का रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब उसे अलग निकाल लें. अब इसके बाद आप पोस्ता दाना के साथ मछली का करी तैयार कर सकते हैं. शंभू बताते हैं कि इसके लिए सबसे पहले कढ़ाई में सरसों तेल लेकर इसमें बारीक कटा प्याज डाल दें. करीब एक प्याज काट कर इसे सुनहरा होने तक ढूंढ दें. इसके बाद पोस्ता दाना का तैयार किया हुआ पेस्ट इसमें डालकर इसे करीब 2 से 3 मिनट तक भूने.
शंभू बताते हैं कि पोस्ता दाना भून जाने के बाद इसमें थोड़ा हल्दी, स्वाद अनुसार नमक और थोड़ा पानी डालें. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी हो जाए तब इसमें फ्राई किया हुआ मछली डालकर इसे ढक दें और करीब 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इसके बाद अब ऊपर से हरी मिर्च डाल दें तथा इसे उतार दें.
आपका पोस्ता दाना करी का रेसिपी तैयार है. उन्होंने बताया कि यह बनाना इतना आसान है कि इसे आप बेहद ही कम समय में बना सकते हैं. जहां आमतौर पर बिहार में सरसों और लहसुन के साथ मछली की ग्रेवी बनाई जाती है, तो वहीं आप इसे घर पर ट्राई करके बंगाल के फेमस पोस्ता दाना मछली करी का स्वाद अपने घर पर उठा सकते हैं. अगर आप भी मछली का कुछ नया टेस्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके बेहद काम आ सकती है.
5 हजार अतिथि शिक्षकों के हित में फैसला: 90% ई-अटेंडेंस नहीं तो भी कर सकेंगे री-जॉइनिंग, स्कूल शिक्षा विभाग ने दी राहत – Bhopal News
स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रदेश के करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों के हित में लोक शिक्षण आयुक्त ने बड़ा फैसला लिया है। ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण जो शिक्षक इस शिक्षा सत्र में विद्यालयों में री-जॉइन नहीं कर पा रहे थे, उन्हें राहत दी गई है। अब ऐसे शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। इसके बाद वे विद्यालयों में री-जॉइन कर सकेंगे, लेकिन आगे उन्हें नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संकुल प्राचार्यों (हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल) को जारी निर्देश में कहा है कि 30 जून 2026 को जारी आदेश में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इसके बाद अतिथि शिक्षक संगठन ने आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और राहत देने का आवेदन सौंपा। इसके बाद आयुक्त अभिषेक सिंह ने नया आदेश जारी करते हुए कहा कि चालू शिक्षा सत्र के लिए री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता दी जाती है। हालांकि, री-जॉइनिंग के बाद अतिथि शिक्षकों को लिखित वचन-पत्र देना होगा कि भविष्य में इस संबंध में किसी प्रकार की राहत नहीं मांगी जाएगी और वे नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षा सत्रों में री-जॉइनिंग की प्रक्रिया ई-अटेंडेंस के आधार पर ही होगी और किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दी जाएगी। एक लाख 10 हजार अतिथि शिक्षक, पांच हजार को राहत अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अधीन कार्यरत अतिथि शिक्षकों की कुल संख्या करीब एक लाख 10 हजार है। उन्होंने बताया कि इनमें से करीब पांच हजार अतिथि शिक्षक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता अचानक लागू होने के कारण री-जॉइनिंग से वंचित हो रहे थे। उनकी वास्तविक समस्याओं से 14 जुलाई को हुई बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त अभिषेक सिंह को अवगत कराया गया था। संगठन ने बताया था कि गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, परिवार में आकस्मिक मृत्यु, नेटवर्क की अनुपलब्धता, तकनीकी कारण, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने या स्वयं के विवाह जैसे कारणों से कई शिक्षकों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम रही। ऐसे मामलों में मानवीय आधार पर राहत देने की मांग की गई थी। इसके बाद आयुक्त ने इन मामलों में राहत प्रदान की है। संगठन के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता और उमाशंकर बैस ने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में भोपाल में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पद स्थायित्व और अवकाश की पात्रता सहित अन्य मांगों पर मंथन कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।
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रेड लाइट एरिया में पुलिस का जागरूकता अभियान: सीतामढ़ी में नया सवेरा 3.0 के तहत मानव तस्करी रोकने पर फोकस – Sitamarhi News
मानव तस्करी और बाल तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सीतामढ़ी पुलिस ने शुक्रवार को नगर थाना क्षेत्र के बोहा टोला स्थित रेड लाइट एरिया में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ‘नया सवेरा अभियान 3.0’ के तहत यह पहल की गई। अभियान में स्थानीय लोगों को मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूप, उसके दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। मानव तस्करी से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के निर्देश और वरीय पुलिस उपाधीक्षक मो. नजीब अनवर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसका नेतृत्व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के पुलिस निरीक्षक सह शाखा प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने किया। पुलिस टीम ने रेड लाइट एरिया में रहने वाले लोगों से सीधा संवाद कर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा मानव तस्करी से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया। आवश्यक संपर्क विवरण वाले जागरूकता पोस्टर भी लगाए लोगों से अपील की गई कि बाल तस्करी, मानव तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। अभियान के दौरान हेल्पलाइन नंबर और आवश्यक संपर्क विवरण वाले जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि समय पर मिली सूचना कई लोगों को अपराधियों के चंगुल में फंसने से बचा सकती है। मानव तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार इस अवसर पर अदिति कवच परियोजना की टीम, ए.वी.ए. के प्रतिनिधि, नगर थाना एवं महिला थाना के पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने सामुदायिक सहभागिता को मानव तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताया। बाल अधिकार कार्यकर्ता मुकुंद कुमार चौधरी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। चौधरी ने रेड लाइट एरिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को अपने अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और सहायता के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी मिलेगी। प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
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कोटा पुलिस ने हनी ट्रैप का इनामी आरोपी किया गिरफ्तार: ट्रेन से डोडा चूरा ले जा रहा तस्कर पकड़ा – Kota News
कोटा शहर पुलिस ने अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऑपरेशन गरुड़व्यूह के तहत रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने 54 किलो 940 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि अनंतपुरा थाना पुलिस ने हनी ट्रैप और अपहरण के मामले में पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी को दबोच लिया है। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक भारी मात्रा में डोडा चूरा लेकर ट्रेन से पंजाब जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने टीटीई विश्राम गृह के पास दोनों को दो ट्रॉली बैग और दो हैंड बैग के साथ पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान पंजाब के बठिंडा निवासी गगनदीप उर्फ गगन (20) और आकाशदीप सिंह (19) के रूप में हुई। तलाशी लेने पर दोनों के बैगों से कुल 54 किलो 940 ग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों से सस्ते दामों में डोडा चूरा खरीदकर पंजाब में महंगे दामों में बेचते थे। पुलिस ने दोनों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं, अनंतपुरा थाना पुलिस ने हनी ट्रैप, अपहरण और लूट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी अजय मीणा उर्फ बिड्डू (22) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर युवती के माध्यम से बुलाने, झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अपहरण करने और एटीएम से 95 हजार रुपये निकलवाने का आरोप है।
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प्रदर्शन में घायल बच्चों के साथ खड़े अरविंद केजरीवाल: थाने-थाने पहुँचकर कानूनी मदद दिला रही है आम आदमी पार्टी,500 छात्रों की मदद – New Delhi News
दिल्ली में जंतर-मंतर और संसद चलो मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों और युवाओं की मदद के लिए आम आदमी पार्टी लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। पार्टी का कहना है कि AAP Student Helpline (8588833548) पर लगातार छात्रों और युवाओं के फोन तथा संदेश आ रहे हैं। पार्टी के अनुसार, अब तक हेल्पलाइन के माध्यम से करीब 500 छात्रों और युवाओं की मदद की जा चुकी है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर पार्टी की लीगल टीम लगातार सक्रिय है और जरूरतमंद छात्रों को हर संभव कानूनी सहायता उपलब्ध करा रही है। इसी क्रम में अरविंद केजरीवाल स्वयं मंदिर मार्ग थाने पहुंचे, जहां उन्होंने हिरासत में लिए गए छात्रों से मुलाकात की और कहा कि जब तक बच्चों को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक वे थाने से नहीं जाएंगे। इसके बाद मंदिर मार्ग, पार्लियामेंट थाना सहित अन्य स्थानों पर हिरासत में लिए गए 70 से 80 छात्रों को रिहा कराया गया। पार्टी ने ये भी कहा कि अशोक विहार क्षेत्र से भी कुछ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया तथा एक लापता छात्र का पता लगाकर उसे उसके परिवार तक पहुंचाया गया। इस पर आगे आम आदमी पार्टी का कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है। इसी उद्देश्य से पार्टी ने कानूनी और मेडिकल सहायता के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की है, ताकि किसी भी छात्र को कठिन परिस्थिति में अकेला महसूस न करना पड़े। पार्टी का कहना है कि वह हमेशा जनआंदोलनों में जनता के साथ खड़ी रही है। जिस तरह किसान आंदोलन के दौरान किसानों की आवाज़ को मजबूती से उठाया गया और हर स्तर पर उनका साथ दिया गया, उसी तरह आज भी पार्टी छात्रों और युवाओं के आंदोलन के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और ऐसे समय में युवाओं का साथ देना सामाजिक एवं नैतिक जिम्मेदारी भी है। जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर आम आदमी पार्टी का कहना है कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र या युवा को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। पार्टी के अनुसार, उसकी लीगल टीम लगातार थानों और संबंधित स्थानों पर पहुंचकर सहायता दे रही है। हेल्पलाइन के माध्यम से छात्रों से संपर्क बनाए हुए है और अब तक लगभग 500 छात्रों और युवाओं को कानूनी व अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। पार्टी का कहना है कि आगे भी छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर प्रयास जारी रहेंगे।
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Samsung Galaxy F70 Pro भारत में जल्द होगा लॉन्च, मिलेगी 6000mAh की बैटरी
Samsung Galaxy F70 Pro को कुछ दिन पहले भारतीय सर्टिफिकेशन वेबसाइट BIS और Bluetooth SIG डेटाबेस में देखा गया था। अब इसे गीकबेंच पर भी लिस्ट किया गया है। दक्षिण कोरियाई कंपनी का यह फोन जल्द ही भारतीय बाजार में दस्तक देने वाला है। फोन में 6000mAh की बैटरी और Qualcomm का चिपसेट दिया जा सकता है।
गीकबेंच लिस्टिंग में सैमसंग के इस फोन को सिंगल कोर में 998 और मल्टीकोर में 3090 स्कोर मिला है। इसके अलावा चिपसेट की डिटेल भी सामने आई है। यह फोन Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है। इसे मॉडल नंबर SM-E476B के नाम से लिस्ट किया गया है। सैमसंग का यह फोन पिछले महीने लॉन्च हुए Galaxy M47 वाले चिपसेट के साथ पेश किया जाएगा।
Samsung Galaxy F70 Pro के संभावित फीचर्स
सैमसंग का यह फोन 6.7 इंच के सुपर AMOLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया जा सकता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। इसमें Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट मिल सकता है, जिसके साथ 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिल सकता है।
यह स्मार्टफोन 6000mAh बैटरी और 45W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट कर सकता है। यह Android 16 पर बेस्ड OneUI 8 के साथ लॉन्च किया जा सकता है। कैमरे की बात करें तो इसके बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिए जाने की उम्मीद है। फोन में 50MP का मेन कैमरा मिलेगा। इसके साथ एक 8MP का अल्ट्रा वाइड और एक 2MP का मैक्रो कैमरा मिल सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 12MP का कैमरा मिल सकता है। इस फोन का लुक और डिजाइन Galaxy M47 की तरह ही होगा। इसके कई फीचर्स भी इसी फोन से मिलते-जुलते हो सकते हैं।
कितनी हो सकती है कीमत?
सैमसंग का यह फोन भारत में तीन स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया जा सकता है। इसके 6GB RAM + 128GB वाले मॉडल की कीमत 32,999 रुपये हो सकती है। वहीं, इसके 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB वाले वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 36,999 रुपये और 41,999 रुपये हो सकती है। सैमसंग की तरफ से फिलहाल इस फोन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई है।
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डीपटेक का पावरहाउस बन रहा साउथ इंडिया, यहां के टैलेंट की दुनियाभर में डिमांड
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Rising Bharat Summit 2026 : न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट में डीपटेक इंडस्ट्री के दिग्गजों ने अपने विचार रखे. इंडस्ट्री के लीडर्स ने बताया कि देश में डीपटेक का तेजी से विकास हो रहा है. दक्षिण भारत इस मामले में दुनिया का हब बन रहा है. सरकार की नीतियों की वजह से पिछले कुछ साल में डीपटेक को काफी ग्रोथ मिली है.
राइजिंग भारत समिट 2026 में डीपटेक पर दिग्गजों ने अपनी बात रखी.
नई दिल्ली. भारत के दक्षिणी राज्य सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, पूरी दुनिया में डीपटेक के पावरहाउस के रूप में उभर रहे हैं. इन राज्यों में सरकार की नीतियों, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी, मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम और ग्लोबल लेवल पर बढ़ती डिमांड की वजह से दक्षिण में डीपटेक को विकसित करने में मदद मिली है. यही वजह है कि भारत में डीपटेक को विकसित करने में दक्षिणी राज्यों का योगदान लगातार बढ़ रहा है.
बैंगलुरु में चल रही News18 राइजिंग भारत समिट में तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों ने अपनी बात रखी. इस दौरान मौजूद इंडस्ट्री के लीडर्स ने ‘दक्षिण भारत कैसे देश के डीप-टेक लक्ष्यों को आगे बढ़ा रहा है’ विषय पर एक पैनल चर्चा में भारत के डीप-टेक इकोसिस्टम पर बातचीत की. इस चर्चा में T-Hub के सीईओ कविऋत, ध्रुव स्पेस के फ़ाउंडर और सीईओ संजय नेक्कंती, Ethereal Machines के को-फ़ाउंडर और सीईओ कौशिक मुड्डा, कारा टेक्नोलॉजीज के फ़ाउंडर और सीईओ भक्ता केशवचार और Helex की को-फ़ाउंडर और सीईओ पौलमी चौधरी शामिल रहे.
कुछ ही साल में भारत की तेज तरक्की
ध्रुव स्पेस के फाउंडर और CEO संजय नेक्कंती ने कहा कि भारत के डीप-टेक इकोसिस्टम ने पिछले कुछ वर्षों में काफी तरक्की की है. उन्होंने कहा कि भारत में एक डीप-टेक इकोसिस्टम के तौर पर हम काफी आगे आ चुके हैं. ग्लोबल स्पेस इंडस्ट्री से तुलना करते हुए नेक्कंती ने कहा कि अमेरिका में प्राइवेट कंपनियां हज़ारों सैटेलाइट लॉन्च कर रही हैं, जिससे स्पेस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग के सबसे मुश्किल क्षेत्रों में से एक बन गई है. स्पेस का क्षेत्र आमतौर पर मल्टी-डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग है. यह कई डीप-टेक का कॉम्बिनेशन है जो एक साथ काम करते हैं.
सरकार की मदद से डीप टेक को मिली रफ्तार
उन्होंने इस सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहलों जैसे रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड (RDIF) को भी श्रेय दिया. हमें भी RDIF का फायदा मिला है. इन समस्याओं का समाधान खोजना बहुत रोमांचक है और सरकार की तरफ से इनोवेशन के लिए बढ़ावा भी मिलता है. नेक्कंती के अनुसार, शुरुआती सरकारी मदद ने डीप-टेक स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने में अहम भूमिका निभाई है. सरकार इनमें से कुछ डीप-टेक कंपनियों की मददगार रही है, जिससे उन्हें एक शानदार शुरुआत मिली. आज हमारा ऑर्डर बुक लगभग 500 करोड़ रुपये का है और कुछ हज़ार करोड़ रुपये की पाइपलाइन है.
फायदे का सौदा बन रहा डीप टेक
Ethereal Machines के को-फाउंडर और सीईओ कौशिक मुड्डा ने कहा कि सरकारी नीतियों और फंडिंग ने डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए माहौल को काफी बेहतर बनाया है. RDI फंडिंग के लिए केंद्र सरकार को बहुत श्रेय जाता है. यही वजह है कि डीप-टेक अब एक शानदार सेक्टर बन गया है. इस सेक्टर को अब पहले से कहीं ज़्यादा पहचान मिल रही है. सरकारी नीतियों और निवेश की वजह से अब इसे काफी पहचान मिल रही है. फिलहाल देश में ऐसा कोई वेंचर कैपिटल या इन्वेस्टर नहीं है जिसने हमें पहले नजरअंदाज किया हो और फिर बाद में हिस्सेदारी (एलोकेशन) के लिए वापस आया हो.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने इस्तीफा दिया: कहा- बीमार हूं, कई बार बेहोश हो जाता हूं; दावा- शेख हसीना से बातचीत की जानकारी लीक हुई
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा संसद (जातीय संसद) के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद को सौंपा। राष्ट्रपति ने इस्तीफे की वजह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बताया है। अपने इस्तीफे में शहाबुद्दीन ने लिखा- मैं लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी की बीमारी से जूझ रहा हूं। हाल ही में डॉक्टरों ने मुझमें ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी नाम की बीमारी का पता लगाया है। इस बीमारी की वजह से कई बार अचानक कुछ समय के लिए बेहोशी आ जाती है। शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए अब राष्ट्रपति जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद की जिम्मेदारियां निभाना संभव नहीं है। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेशी मीडिया में उनके इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थीं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया था कि उन्होंने पूर्व पीएम शेख हसीना से फोन पर बातचीत की कोशिश की थी। इस खबर के बाहर आने के बाद प्रधानमंत्री नाराज हो गए थे। हसीना के देश छोड़ने के बाद भी पद नहीं छोड़ा था मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में राष्ट्रपति पद संभाला था। जुलाई-अगस्त 2024 में हुए छात्र आंदोलन के बाद अवामी लीग सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। उस आंदोलन के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ना पड़ा था। इसके बाद शहाबुद्दीन ही अवामी लीग सरकार के दौर के एकमात्र संवैधानिक पदाधिकारी थे, जो 2 साल बाद भी पद पर बने हुए थे। लंदन दौरे पर शेख हसीना से बातचीत का आरोप वह 9 मई को इलाज के लिए लंदन गए थे और 18 मई को ढाका लौटे थे। बांग्लादेशी समाचार पत्रों की रिपोर्टों में सूत्रों के हवाले से बताया गया था कि इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ने भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से फोन पर बातचीत की थी। जैसे ही इस बातचीत की भनक बीएनपी (BNP) के शीर्ष नेतृत्व को लगी, उन्होंने इसे बहुत गंभीरता से लिया। इसके बाद राष्ट्रपति तक यह मैसेज पहुंचाया कि शेख हसीना से संपर्क साधना या बातचीत करना मौजूदा राजनीतिक माहौल में स्वीकार्य नहीं है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। अखबार प्रोथोम आलो ने भी सरकार के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से बताया कि सरकार इस बात से नाराज है कि राष्ट्रपति ने हाल ही में शेख हसीना से दोबारा संपर्क करने की कोशिश की थी। ‘शेख हसीना के ऐलान की वजह से कुर्सी गई’ शहाबुद्दीन का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कुछ दिन पहले रॉयटर्स से कहा था कि वह भारत में निर्वासन खत्म कर बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत में चल रही कानूनी कार्रवाई का सामना करेंगी। शेख हसीना के इस ऐलान के बाद सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं ने राष्ट्रपति शहाबुद्दीन पर पद छोड़ने का दबाव बढ़ा दिया। द डेली स्टार ने BNP के एक सीनियर नेता के हवाले से बताया कि शेख हसीना के ऐलान के बाद देश का राजनीतिक माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया। अगर शेख हसीना की वापसी के दौरान राष्ट्रपति अपने पद पर बने रहते तो वे उनके फायदे के लिए कदम उठा सकते थे और किसी फैसले को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते थे। अगर कोई संवैधानिक विवाद पैदा होता, तो वह उसे संभालने में भूमिका निभा सकते थे। यही वजह रही कि उन पर इस्तीफे का दबाव ज्यादा बढ़ गया। अब स्पीकर राष्ट्रपति की जिम्मेदारी निभाएंगे बांग्लादेश के संविधान के अनुच्छेद 54 के मुताबिक, नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक संसद के स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद कार्यवाहक राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद संसद को 90 दिनों के भीतर नया राष्ट्रपति चुनना होगा, जो मौजूदा कार्यकाल का बाकी समय पूरा करेगा। मोहम्मद शहाबुद्दीन का कार्यकाल अप्रैल 2028 तक चलना था। इलाज के लिए बैंकॉक गए थे, दो दिन पहले लौटे स्पीकर हाफिज उद्दीन अहमद 19 जुलाई को इलाज के लिए थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक गए थे। उनकी वापसी रविवार को तय थी, लेकिन उन्होंने अपना दौरा बीच में ही खत्म कर दो दिन पहले ढाका लौटने का फैसला किया। ढाका हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा था कि विदेश में होने के कारण उन्हें राष्ट्रपति के इस्तीफे के फैसले की जानकारी नहीं थी।
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आपकी रसोई में तो नहीं हैं ये 5 चीजें? डॉक्टर ने बताया इनका नुकसान
डॉक्टर पंक्ति शाह के अनुसार ये 5 चीजें रसोई में नहीं होनी चाहिए
सेहतमंद रसोई सिर्फ महंगे सामान से नहीं बनती!
हम अक्सर सोचते हैं कि महंगे बर्तन और नए उपकरण ही रसोई को बेहतर बनाते हैं। लेकिन डॉक्टर पंक्ति शाह (M.D. Physician & Diabetologist, Vadodara) के अनुसार, असली बात यह है कि रसोई में ऐसी चीजें कम हों, जिनसे लंबे समय तक शरीर का बेवजह केमिकल्स से संपर्क होता रहे। यह नुकसान एक दिन में नहीं होता, लेकिन सालों तक छोटी-छोटी लापरवाहियां सेहत पर असर डाल सकती हैं। इसलिए रसोई की कुछ आदतों को समय रहते बदलना जरूरी है।

