Tuesday, September 15, 2026
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अलीगढ़ में निजी यूनिवर्सिटी को कैबिनेट की मंजूरी: साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के निर्माण को मिली हरी झंडी, 9.530 हेक्टेयर में बनेगी यूनिवर्सिटी – Aligarh News




अलीगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी करने को हरी झंडी दे दी है। यूनिवर्सिटी का निर्माण 9.530 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जाएगा। सरकार की मंजूरी के बाद अब इसके निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्वामी राकेश गुप्ता साईं ने बताया कि संस्थान की ओर से यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही थीं। सारसौल क्षेत्र में पहले से ही आयुर्मेवेदिक मेडिकल कॉलेज संचालित है। अब प्रदेश सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी खोलने की अनुमति मिलने के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लाइसेंस जारी होते ही यूनिवर्सिटी के निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। सरकार की कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने को उन्होंने अलीगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मेडिकल शिक्षा के बाद अब उच्च शिक्षा का विस्तार
साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के शुरू होने के बाद अलीगढ़ में उच्च शिक्षा के विकल्पों का विस्तार होगा। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में पहले से काम कर रहे संस्थान की ओर से अब यूनिवर्सिटी के माध्यम से विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम विकसित करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज परिसर में ही 9.530 हेक्टेयर में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी परिसर में शैक्षणिक एवं अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास की दिशा में काम किया जाएगा। इससे अलीगढ़ और आसपास के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के नए विकल्प मिलने की उम्मीद है। राकेश गुप्ता साईं ने कहा कि सरकार की मंजूरी के बाद अब आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी। लाइसेंस जारी होने के बाद यूनिवर्सिटी निर्माण से जुड़ा काम शुरू कराया जाएगा। आगामी शैक्षणिक गतिविधियों और पाठ्यक्रमों को लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।



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पटवारियों ने स्वामित्व योजना का काम लेने से किया इनकार: मंदसौर में बोले- व्यक्तिगत जिम्मेदारी मंजूर नहीं, 15 सितंबर से काम नहीं करने की चेतावनी – Mandsaur News




मंदसौर में मंगलवार शाम जिलेभर के पटवारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले पटवारियों ने नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग है कि ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ में पटवारियों को निष्पादक की जिम्मेदारी से हटाया जाए। जमीन का मालिक पटवारी नहीं जिला अध्यक्ष अंतिम बाला भार्गव ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को जमीन की रजिस्ट्री बनाकर दी जानी है। इसमें पटवारियों को निष्पादक की भूमिका दी गई है। संघ इसका विरोध कर रहा है। पटवारियों का कहना है कि जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, उसमें पटवारी का कोई नाम या मालिकाना हक नहीं है। इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन के कागज में पटवारी का नाम, पद, पहचान और ई-सिग्नेचर रहेगा। आगे चलकर जमीन की सीमा, क्षेत्रफल, नाम, वारिस, हिस्सेदारी, कब्जे या पहचान को लेकर विवाद हुआ तो पटवारी पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी आ सकती है। संघ का कहना है कि जमीन का सर्वे और अधिकार तय करने का काम पहले ही कई स्तरों पर हो चुका है। इसलिए पटवारी को सीधे जिम्मेदार बनाना ठीक नहीं है। पंचायत विभाग से काम कराने की मांग पटवारियों ने कहा कि योजना शुरू करने से पहले रिकॉर्ड में हुई तकनीकी और लिपिकीय गलतियों को सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए। ग्रामीण आबादी से जुड़े बाकी काम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जरिए कराए जाएं। पटवारियों ने इन कामों में सहयोग करने की बात कही है। फार्मर आईडी और गिरदावरी पर भी नाराजगी पटवारी संघ ने फार्मर आईडी के काम को लेकर भी अपनी बात रखी। संघ के मुताबिक, पटवारियों ने अब तक बड़ी संख्या में फार्मर आईडी बनाई हैं। बाकी आईडी तकनीकी दिक्कतें दूर होने के बाद बनाई जा सकती हैं। संघ ने कहा कि इसके लिए दबाव बनाकर कार्रवाई की गई तो पटवारी यह काम नहीं करेंगे। जिओ टैग गिरदावरी को भी पटवारियों ने अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जिओ टैग की व्यवस्था हटने तक गिरदावरी का काम नहीं करेंगे। दबाव या कार्रवाई होने पर प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वेतन और पदोन्नति की मांग भी उठाई पटवारियों ने वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू और पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उनका कहना है कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं का काम बढ़ता जा रहा है, लेकिन उनकी सेवा से जुड़े पुराने मुद्दे अब तक हल नहीं हुए हैं। ज्ञापन में संघ ने कहा कि 3 अगस्त से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को तीन महीने के आश्वासन के बाद टाल दिया गया था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ। संघ ने कहा कि 15 सितंबर 2026 से प्रदेश के पटवारी ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ में निष्पादक का काम नहीं करेंगे। अगर उन पर ज्यादा दबाव बनाया गया तो पटवारी कलमबंद आंदोलन करेंगे।



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डंपर ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, ड्राइवर की मौत: नेशनल हाईवे पर हुआ एक्सीडेंट, डंपर चालक भागा; एक यात्री घायल – Siwan News




सीवान-छपरा मुख्य मार्ग NH-531 पर दरौंदा थाना क्षेत्र के दर्शनी (डहकनी) गांव के समीप मंगलवार को तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने सवारी लेकर जा रहे टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में टोटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टोटो पर सवार एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टोटो के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान पिपरा गांव निवासी विकास कुमार उर्फ टीमल के रूप में हुई है। बताया जाता है कि विकास टोटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गंभीर स्थिति में घायल रेफर मंगलवार को वह टोटो में सवारी लेकर सीवान-छपरा मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान दर्शनी गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टोटो में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विकास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टोटो पर सवार डुमरी गांव निवासी गौतम राम गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस को जानकारी दी। दरौंदा पुलिस ने घायल गौतम राम को इलाज के लिए दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल सीवान रेफर कर दिया। डंपर चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग विकास की मौत की खबर मिलते ही पिपरा गांव में मातम छा गया। परिजनों के अनुसार, विकास की शादी करीब पांच वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में पत्नी सुजा कुमारी और दो साल की बेटी साक्षी हैं। पति की मौत के बाद पत्नी और मासूम बेटी के सामने परिवार की जिम्मेदारी का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा हादसे के जिम्मेदार डंपर चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग की है। दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार को परिजनों को सौंप दिया गया है। दुर्घटना के बाद फरार डंपर की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा रही है। डंपर और उसके चालक की तलाश में पुलिस कार्रवाई कर रही है।



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दिखता है आम फल जैसा, लेकिन स्वाद देता है चॉकलेट पुडिंग जैसा! दुनिया का ये अनोखा फल

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दुनिया में कई ऐसे अनोखे फल हैं, जिनका स्वाद आम फलों से बिल्कुल अलग होता है. ऐसा ही एक फल है Black Sapote, जिसे ‘Chocolate Pudding Fruit’ भी कहा जाता है. पके हुए इस फल का गूदा मुलायम और गहरे रंग का होता है, जबकि इसका स्वाद कुछ लोगों को चॉकलेट पुडिंग जैसा लगता है.

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दुनिया में कई ऐसे फल पाए जाते हैं, जिनका स्वाद और बनावट आम फलों से बिल्कुल अलग होती है. कुछ फल देखने में अजीब लगते हैं, तो कुछ अपने स्वाद की वजह से लोगों का ध्यान खींचते हैं. ऐसा ही एक फल है Black Sapote, जिसे कई जगह Chocolate Pudding Fruit के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खासियत यह है कि पूरी तरह पकने के बाद इसके अंदर का गूदा गहरे भूरे रंग का और काफी मुलायम हो जाता है. इसका स्वाद कुछ लोगों को चॉकलेट या चॉकलेट पुडिंग जैसा लगता है.

कैसा दिखता है Black Sapote?

Black Sapote बाहर से देखने पर सामान्य हरे फल जैसा लग सकता है. इसका छिलका पकने के बाद भी हरा ही रह सकता है, इसलिए केवल रंग देखकर यह पता लगाना आसान नहीं होता कि फल पक चुका है या नहीं. जब यह अच्छी तरह पकता है, तो इसका अंदर का गूदा गहरे भूरे या लगभग काले रंग का हो जाता है. पके हुए फल का गूदा इतना नरम हो सकता है कि इसे चम्मच से आसानी से निकाला जा सकता है. इसी नरम और क्रीमी बनावट की वजह से इसे Chocolate Pudding Fruit कहा जाता है.

क्या सच में चॉकलेट जैसा स्वाद होता है?

यहां एक बात समझना जरूरी है कि Black Sapote का स्वाद असली चॉकलेट जैसा बिल्कुल नहीं होता. इसके स्वाद को कई लोग मीठा, हल्का चॉकलेटी और पुडिंग जैसा बताते हैं. स्वाद फल के पकने की अवस्था और व्यक्ति की स्वाद पसंद के अनुसार अलग महसूस हो सकता है. इसे कई लोग सीधे चम्मच से खाते हैं, जबकि इसका इस्तेमाल स्मूदी, डेजर्ट और अन्य मीठी डिश में भी किया जा सकता है. इसकी क्रीमी बनावट इसे डेजर्ट के लिए खास बनाती है.

कहां पाया जाता है ये फल?

Black Sapote का संबंध मेक्सिको और मध्य अमेरिका के क्षेत्रों से माना जाता है. यह गर्म और उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी तरह बढ़ता है. आज इसकी खेती कुछ दूसरे गर्म देशों में भी की जाती है. यह फल Diospyros digyna नाम के पेड़ से मिलता है. यह उसी वंश का हिस्सा है जिसमें persimmon यानी तेंदू से जुड़े पेड़ भी शामिल हैं, हालांकि Black Sapote का स्वाद और रूप काफी अलग होता है.

इसमें क्या खास है?

Black Sapote में फाइबर के साथ कुछ विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं. हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज या किसी खास स्वास्थ्य समस्या का समाधान मानना सही नहीं है. दूसरे फलों की तरह इसे भी संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर खाया जा सकता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

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2000 से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% टैक्स, लेकिन 300 से ज्यादा नहीं लगेगा


नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने 2000 रुपये से ज्यादा के यूपीआई ट्रांजेक्शन पर 0.4 परसेंट एमडीआर लगा दिया है. हालांकि, इसे 300 रुपये पर कैप कर दिया गया है.  राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने यूपीआई (पर्सन-टू-मर्चेंट या पी2एम) लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का फैसला किया है. यह व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी.

2,000 रुपये से अधिक के पी2एम यूपीआई लेन-देन पर 0.4% एमडीआर लगेगा. 75,000 रुपये और उससे अधिक के लेन-देन पर अधिकतम 300 रुपये का कैप रहेगा. 2,000 रुपये तक के लेन-देन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे. ये कुल यूपीआई (पी2एम) लेन-देन का 95% से अधिक हिस्सा हैं.

2500, 5000 और 20000 पर कितना लगेगा चार्ज?

UPI पेमेंट (रकम) ग्राहक क्या चुकाएगा? संभावित MDR चार्ज* (0.4%)(दुकानदार देगा)
2,500 रुपये 2,500 रुपये (कोई एक्स्ट्रा UPI फीस नहीं) 10 रुपये
5,000 रुपये 5,000 रुपये (कोई एक्स्ट्रा UPI फीस नहीं) 20 रुपये
20,000 रुपये 20,000 रुपये (कोई एक्स्ट्रा UPI फीस नहीं) 80 रुपये

(ध्यान दें: ग्राहक को कोई अतिरिक्त UPI फीस नहीं देनी है. नीचे दिए गए MDR चार्ज सिर्फ एक उदाहरण हैं, जो मर्चेंट/दुकानदार की जेब से कटेंगे.)

उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं

सामान्य उपभोक्ताओं को यूपीआई से भुगतान करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा. पर्सन-टू-पर्सन (पी2पी) ट्रांसफर, परिवार-मित्रों को पैसे भेजना या सेल्फ-ट्रांसफर भी पूरी तरह मुफ्त रहेंगे. यूपीआई ऐप्स प्लेटफॉर्म फीस नहीं ले सकेंगे. मर्चेंट एमडीआर को ग्राहकों पर नहीं डाल सकेंगे.

छोटे व्यापारियों को राहत

पी2पीएम श्रेणी के छोटे विक्रेता (जो प्रति माह 1 लाख रुपये तक यूपीआई क्यूआर से भुगतान लेते हैं) शून्य एमडीआर का लाभ जारी रखेंगे. मौजूदा क्यूआर कोड बदलने की जरूरत नहीं होगी. ग्रामीण और छोटे शहरों के दुकानदारों को भी सुरक्षा दी गई है. एमडीआर से एक समर्पित फंड बनाया जाएगा, जिससे टियर-3 से 6 केंद्रों, पूर्वोत्तर राज्यों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में डिजिटल भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने तथा छोटे व्यापारियों के ऑनबोर्डिंग को सहायता मिलेगी.

विशेष श्रेणियां

रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन, उपयोगिता बिल (बिजली-पानी) आदि पर 2,000 रुपये से ऊपर के लेन-देन के लिए फ्लैट 5 रुपये एमडीआर लागू होगा. पूंजी बाजार (म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, ब्रोकर) के लेन-देन पर 0.02% (अधिकतम 300 रुपये कैप) रहेगा.

क्यों जरूरी?

एनपीसीआई के अनुसार यूपीआई हर महीने अरबों लेन-देन संभालता है. अगस्त 2026 में ही 2,451 करोड़ लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 29.9 लाख करोड़ रुपये था. सिस्टम की स्थिरता, साइबर सुरक्षा, इनोवेशन और कस्टमर सर्विस के लिए सतत फंडिंग जरूरी है. सरकारी सब्सिडी अस्थायी थी. यूपीआई एमडीआर क्रेडिट कार्ड (1.5-2.5%) और डेबिट कार्ड (0.90% तक) से काफी कम है.

यह व्यवस्था यूपीआई इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर बनाने, छोटे व्यापारियों को बढ़ावा देने और उपभोक्ताओं के लिए सेवा को मुफ्त रखने के उद्देश्य से लाई गई है. आधिकारिक जानकारी के लिए आरबीआई, वित्त मंत्रालय या एनपीसीआई की वेबसाइट देखें.



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मक्का में पहली बार मिसाइल अटैक का इमरजेंसी अलर्ट: हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए


मक्काकुछ ही क्षण पहले

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जेद्दा पर हूती हमले के बाद मिसाइलों को मार गिराने की कोशिश करती सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया।

सऊदी सिविल डिफेंस के मुताबिक, नेशनल अर्ली वार्निंग प्लेटफॉर्म ने अलर्ट जारी किया था। लोगों से ऊंची इमारतों से दूर रहने की अपील की गई।

कुछ देर बाद सिविल डिफेंस ने बताया कि खतरा टल गया है। हालांकि, लोगों से भीड़ से दूर रहने और किसी घटना की वीडियो या फोटो नहीं बनाने की अपील की गई।

मंगलवार सुबह जेद्दा और ताइफ में भी ऐसे ही इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए थे। इन्हें भी कुछ देर बाद वापस ले लिया गया।

सऊदी में मिसाइल हमले की तस्वीर

सोशल मीडिया पर सऊदी के जेद्दा शहर पर मिसाइल हमले का यह वीडियो सामने आया।

सोशल मीडिया पर सऊदी के जेद्दा शहर पर मिसाइल हमले का यह वीडियो सामने आया।

लोगों से अपील- खुले इलाकों में जाने से बचें

मक्का, जेद्दा और ताइफ में जारी अलर्ट में लोगों से कहा गया कि वे भीड़ और खुले इलाकों में जाने से बचें। लोगों से शांत रहने और किसी भी खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित जगह जाने की अपील की गई।

लोगों को घर के अंदर रहने और खिड़कियों, बालकनी, छत, कांच और खुली जगहों से दूर रहने को कहा गया है। अगर कोई व्यक्ति घर से बाहर हो, तो उसे तुरंत पास की किसी बिल्डिंग में जाने या किसी मजबूत चीज की आड़ में छिपने और खतरा टलने तक वहीं रहने की सलाह दी गई है।

हूती हमलों में अब तक 13 लोग घायल

ये इमरजेंसी अलर्ट सऊदी अरब पर हूतियों के लगातार हमलों के बीच जारी किए गए हैं। सोमवार को हूतियों ने सऊदी शहरों खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ की ओर कई मिसाइल और ड्रोन दागे थे।

सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, इन हमलों में कम से कम 13 नागरिक घायल हुए थे। मंगलवार को जारी बयान में अल-मलिकी ने सऊदी नागरिकों को निशाना बनाने वाले हूतियों के हमलों को जानबूझकर किया गया हमला बताया।

पिछले हफ्ते भी हूतियों ने सऊदी अरब पर मिसाइलों और ड्रोन की बड़ी संख्या में हमले किए थे। इनमें अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान शहरों को निशाना बनाया गया था। इन हमलों में कम से कम 73 लोग घायल हुए थे। हमलों के बाद सऊदी अरब की कुछ ऊर्जा सुविधाओं का काम भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा था।

यमन में तनाव के बाद सऊदी में हमले

ईरान से जुड़े हूतियों का आरोप है कि सऊदी अरब यमन में हवाई हमले कर रहा है और क्रूज मिसाइलें दाग रहा है। यमन के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में हूती लड़ाकों और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच भारी लड़ाई चल रही है।

इसी बीच हूतियों ने यमन के पश्चिमी लाल सागर तट पर तेजी से अपना कब्जा बढ़ाया है। उन्होंने सोमवार को इस इलाके में दो और द्वीप ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर भी कब्जा कर लिया। ये दोनों द्वीप बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में स्थित हैं।

यमन में हूती ठिकानों पर सऊदी के हवाई हमलों के बाद हूती विद्रोही भागते नजर आए।

यमन में हूती ठिकानों पर सऊदी के हवाई हमलों के बाद हूती विद्रोही भागते नजर आए।

यमन में 500 से ज्यादा सरकारी लड़ाके मारे गए

यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ाई में पिछले चार हफ्तों में सरकार समर्थित 500 से ज्यादा लड़ाके मारे गए हैं। सरकार के समर्थन में लड़ने वाली नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स ने यह दावा किया है।

संगठन के मुताबिक, इसी दौरान होदेदा और ताइज प्रांतों में 1,000 से ज्यादा हूती लड़ाके भी मारे गए। हालांकि, हूतियों ने इन आंकड़ों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

इस बीच यमनी सरकार ने लाल सागर के तट पर और सैनिक भेजने का फैसला किया है। सरकार के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते की हार को स्वीकार करते हुए कहा कि सरकारी बल फिर से इलाके में लौटेंगे।

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रिपोर्ट- पाकिस्तान ने सऊदी अरब की मदद से इनकार किया: हूती विद्रोहियों से लड़ने के लिए सेना नहीं भेजी, सऊदी ने इजराइल से मदद मांगी

हूती विद्रोहियों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया है। इससे सऊदी की सुरक्षा और व्यापार पर संकट बढ़ गया है। सऊदी ने मक्का डिफेंस अलायंस के साथी पाकिस्तान से मदद मांगी थी। लेकिन पाकिस्तान ने सेना या सैन्य संसाधन भेजने से इनकार कर दिया है। पूरी खबर पढ़ें…



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अगरतला से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में धुआं: पायलट के संदेह पर अलर्ट जारी, लखनऊ डायवर्ट; प्लेन में 109 यात्री सवार थे


नई दिल्ली/लखनऊ45 मिनट पहले

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फाइल फोटो

अगरतला से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट को मंगलवार को लखनऊ डायवर्ट किया गया। प्लेन के कार्गो सेक्शन में धुआं दिखाई देने की खबर के बाद अलर्ट जारी किया गया था। फ्लाइट में 109 लोग सवार थे।

दरअसल, फ्लाइट के दौरान पायलट को कार्गो सेक्शन में आग लगने का संदेह हुआ। इसके बाद उसने एहतियातन लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग करने का फैसला किया। हालांकि, प्लेन में आग लगने की आशंका गलत साबित हुई।

लखनऊ एयरपोर्ट पर लगाई गई थी इमरजेंसी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शाम 6:29 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर इमरजेंसी की घोषणा की गई। इंडिगो का प्लेन शाम 6:31 बजे लखनऊ एयरपोर्ट के रनवे पर उतरा। शाम 6:33 बजे लैंडिंग बे में पहुंचा और शाम 6:35 बजे यात्रियों को उतारा गया। शाम 6:39 बजे आग लगने की खबर गलत निकली। बाद में आपातकाल वापस ले लिया गया।

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दिल्ली-दुबई स्पाइसजेट की 2 फ्लाइट 24 घंटे लेट: यात्रियों ने चोर-चोर के नारे लगाए

स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जाने वाली दो फ्लाइट 24 घंटे से ज्यादा लेट हो गईं। देरी से परेशान करीब 200 यात्रियों ने मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के अंदर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया। एयरलाइन चोर है के नारे लगाए। पढ़ें पूरी खबर…



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OnePlus 16 भारत में नहीं होगा लॉन्च? OnePlus 16R बनेगा कंपनी का सबसे प्रीमियम डिवाइस


OnePlus 16 के भारत में लॉन्च को लेकर एक और नई खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, वनप्लस का यह फ्लैगशिप फोन भारतीय बाजार में लॉन्च नहीं किया जाएगा। हालांकि, कंपनी OnePlus 16R को भारतीय बाजार में पेश कर सकती है। ऐसे में वनप्लस का अपकमिंग फ्लैगशिप फोन OnePlus 16R होने वाला है। पहले भी OnePlus 16 के भारत में लॉन्च नहीं होने को लेकर कई रिपोर्ट्स सामने आ चुकी हैं। यही नहीं, चीनी ब्रांड के भारत से एग्जिट होने की खबर भी है।

भारत में लॉन्च नहीं होगा फोन?

OnePlus पहले ही यूरोप और अमेरिकी मार्केट से बाहर होने की घोषणा कर चुका है। ऐसे में OnePlus 16 के ग्लोबल मार्केट में पेश किए जाने की संभावना नहीं है। टिप्स्टर ने दावा किया है कि यह फोन भारतीय बाजार में भी नहीं पेश किया जाएगा। OnePlus 16 को कंपनी केवल चीन में पेश करेगी। हालांकि, OnePlus 16R को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है। OnePlus 16 को केवल चीन में लॉन्च किए जाने की वजह कंपनी की नई स्ट्रेटेजी है। कंपनी Oppo की Find X सीरीज को ग्लोबल मार्केट में स्थापित करने वाली है।

टीजर हुआ जारी

OnePlus 16 का टीजर पिछले दिनों सामने आया था, जिसमें फोन का First Look देखा जा सकता है। कंपनी के ब्रांड जनरल मैनेजर Liu Baoyou ने इस फोन का पोस्टर जारी किया था, जिसमें फोन का डिजाइन रिवील हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी हुए इस टीजर में देखा जा सकता है कि फोन के बैक पैनल में सर्कुलर कैमरा डिजाइन दिया गया है। फोन के बैक में दो कैमरे दिए जा सकते हैं। इसके साथ LED लाइट मिलेगी।

पहले भी वनप्लस के इस अपकमिंग फोन का रेंडर सामने आया था, जिसमें सर्कुलर कैमरा डिजाइन देखने को मिला था। OnePlus 16 के जारी इस पोस्टर की कंपनी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, यह देखने में ऑफिशियल पोस्टर की तरह ही लग रहा है। कंपनी के ब्रांड मैनेजर ने कंफर्म किया है कि OnePlus की सेल में साल-दर-साल 13 फीसदी की बढोतरी हुई है। कंपनी तीन एक्सक्लूसिव गेमिंग टेक्नोलॉजी Fengchi Gaming Kernel, Extreme High Refresh Rate और Esports Triple-Chip पर काम कर रही है। ये सभी तकनीक OnePlus 16 में देखने को मिलेंगे।

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महिलाओं का अंडरवियर बीच से क्यों हो जाता है सफेद, क्या वाकई ये नॉर्मल है?


महिलाओं की अंडरवियर के बीचों बीच अक्सर एक सफेद रंग का एक निशान बन जाता है। क्या आप जानते हैं कि ऐसा हमेशा क्यों होता है और क्या ये वाकई में नॉर्मल है? आइए इस आर्टिकल में समझते हैं।  

क्या आप भी अंडरवियर पर सफेद रंग का दाग लगने के बाद उसने पहनना छोड़ देती हैं या फिर उसे फेंक देती हैं? महिलाएं की पैंटी पर सफेद रंग का दाग लगना काफी कॉमन है और ऐसा होने पर इसे फेंक देना सही नहीं है। क्योंकि इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि आपकी पैंटी गंदी हो गई है। बल्कि यह एक कॉमन और स्वस्थ वजाइना का संकेत है। आजकल वजाइल हेल्थ को लेकर अवेयरनेस बढ़ने लगी है। ऐसे में आपको ये समझना होगा कि अंडरवियर पर लगा सफेद रंग का निशान किसी बड़ी समस्या का संकेत नहीं है बल्कि ये वजाइनल डिस्चार्ज की वजह से है। वजाइनल डिस्चार्ज आपके शरीर से फ्लूइड और पुरानी कोशिकाओं को बाहर निकालने का एक हेल्दी तरीका है।

क्यों बदल जाता है अंडरवियर का रंग

दरअसल, पैंटी का रंग तब बदलता है जब वजाइनल डिस्चार्ज पैंटी के रंग के संपर्क में आता है और इस की वजह से अंडरवियर का रंग बदल जाता है। वजाइनल डिस्चार्ज का नेचर एसिडिक होता है और यह हमारी रंगीन पैंटी को ब्लीच कर देता है, जिससे रंग थोड़ा फीका पड़ सकता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि एक हेल्दी योनि का नैचुरल पीएच लेवल 3.8 और 5 के बीच होता है, जो एसिडिक होता है। कुछ हेल्थ कंडीशन्स आपके योनि के पीएच लेवल पर असर डाल सकती हैं। हालांकि, पीरियड्स शुरू होने से पहले और मेनोपॉज के बाद यह लेवल अलग-अलग हो सकता है।

वेजाइनल डिस्चार्ज के दागों से कैसे छुटकारा पाएं?

अगर आप इन दागों को लेकर परेशान हैं और इनसे छुटकारा पाने के तरीके ढूंढ रही हैं, तो कुछ तरीके मददगार साबित हो सकते हैं।

  1. हर बार पेशाब करने के बाद अपनी वजाइना वाली जगह को अच्छे से धोएं और टॉयलेट पेपर या फिर मुलायम टिश्यू से उस हिस्से को साफ करें।
  2. पैंटीलाइनर का इस्तेमाल करने से आप अपनी पैंटी को बीच से सफेद होने से बचा सकते हैं। ये काफी पतला होता है और इसे उन दिनों पर इस्तेमाल कर सकती हैं जब आपको सबसे ज्यादा डिस्चार्ज हो रहा है।
  3. अगर आप इन दागों से बचना चाहती हैं तो कॉटन अंडरवियर्स को पहनना शुरू करें। दूसरे कपड़े की पैंटी के मुताबिक कॉटन फैब्रिक पर लगे दाग को आसानी से साफ किया जा सकता है।
  4. अंडरवियर को धोने के बाद सीधे धूप में सुखाएं। सूरज की किरणें प्राकृतिक रूप से बचे हुए दागों को हल्का करती हैं और बैक्टीरिया को मारती हैं।

क्या वाकई ये नॉर्मल है?

वेजाइनल डिस्चार्ज होना कॉमन है और इसकी वजह से आपके अंडरवियर का रंग बदल सकता है।अगर अंडरवियर की रंगत बदल रही है तो समझ लें कि ये हेल्दी वेजाइना का साइन है और इसके लिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। बस ध्यान रखें कि डिस्चार्ज में कोई बदलाव ना हो। अगर डिस्चार्ज में अचानक अजीब गंध, जलन, खुजली जैसे बदलाव हो तो आपको इसके बारे में एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखा गया है। ये किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का ऑप्शन नहीं है। किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम से जुड़े सवालों के लिए हमेशा डॉक्टर की सलाह लें।



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धौलपुर में निर्दलीय बनेंगे किंग मेकर: कांग्रेस 3 निकायों में बनाएगी बोर्ड, सीएम की घोषणाओं के बावजूद दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाई बीजेपी – Dholpur News




धौलपुर जिले के नगर निकाय चुनाव में किसी भी पार्टी को सभी निकायों में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं। कांग्रेस ने राजाखेड़ा, मनियां और सरमथुरा में बहुमत हासिल कर अपना बोर्ड बनाने का रास्ता साफ कर लिया है, जबकि धौलपुर नगर परिषद, बसेड़ी, बाड़ी और सैंपऊ में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों निर्दलियों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही हैं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बावजूद भाजपा का प्रदर्शन कमजोर नगर निकाय चुनाव से पहले 28 जुलाई को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जिले में करीब 176.95 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया था। इनमें 155.33 करोड़ रुपए के 14 कार्यों का लोकार्पण भी शामिल था। इसके बावजूद चुनाव परिणामों में भाजपा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। भाजपा धौलपुर नगर परिषद को छोड़कर जिले के किसी भी निकाय में दहाई का आंकड़ा नहीं छू सकी। वहीं कांग्रेस बसेड़ी और सैंपऊ में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई। ऐसे में जिन निकायों में किसी दल को बहुमत नहीं मिला, वहां अब निर्दलीय प्रत्याशियों पर दोनों प्रमुख दलों की नजर है। धौलपुर नगर परिषद: कांग्रेस 27, भाजपा 11, निर्दलीय 22 धौलपुर नगर परिषद की 60 सीटों के नतीजों में कांग्रेस ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा को 11 और निर्दलीय प्रत्याशियों को 22 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत है, लेकिन किसी भी दल के पास यह आंकड़ा नहीं है। ऐसे में धौलपुर नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बड़े स्तर पर जोड़-तोड़ में जुटी हैं। खास बात यह है कि भाजपा के कई नेताओं ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। टिकट वितरण को भाजपा के कमजोर प्रदर्शन का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। पिछली बार की तरह इस बार भी क्रॉस वोटिंग की आशंका ने दोनों दलों की चिंता बढ़ा दी है। मनियां: कांग्रेस ने 13 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र की मनियां नगरपालिका में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 20 में से 13 सीटें जीत ली हैं। भाजपा को चार और निर्दलीयों को तीन सीटें मिली हैं। कांग्रेस ने बहुमत का आंकड़ा पार कर बोर्ड बनाने की स्थिति मजबूत कर ली है। हालांकि भाजपा यहां भी जोड़-तोड़ की राजनीति के जरिए समीकरण बदलने की कोशिश में जुटी है। राजाखेड़ा: 35 में से 23 सीटें कांग्रेस के खाते में राजाखेड़ा नगर पालिका की 35 सीटों में से कांग्रेस ने 23 सीटों पर जीत दर्ज की है। भाजपा को दो और अन्य दलों को तीन सीटें मिली हैं। कांग्रेस यहां स्पष्ट बहुमत के साथ बोर्ड बनाने की स्थिति में है। राजाखेड़ा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा भी बोर्ड गठन को लेकर सक्रिय हैं। सरमथुरा: कांग्रेस के गृह क्षेत्र में भाजपा सिर्फ एक सीट पर सिमटी कांग्रेस जिला अध्यक्ष और बसेड़ी विधायक संजय जाटव के गृह कस्बे सरमथुरा में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया है। 25 सीटों में कांग्रेस को 15, भाजपा को एक और निर्दलीयों को 9 सीटें मिली हैं। सरमथुरा में पिछले एक महीने से अधिक समय से धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के विरोध में धरना चल रहा है। चुनाव परिणामों को क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। यही वजह रही कि भाजपा 25 में से सिर्फ एक सीट पर सिमट गई। बसेड़ी: 8-8 पर भाजपा-कांग्रेस, 9 निर्दलीय तय करेंगे बोर्ड बसेड़ी नगर पालिका की 25 सीटों में कांग्रेस और भाजपा दोनों को आठ-आठ सीटें मिली हैं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशियों ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी यहां सीधे तौर पर किंगमेकर की भूमिका में हैं। बहुमत के लिए 13 सीटों की जरूरत है। इसलिए कांग्रेस और भाजपा दोनों ही निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने के लिए सक्रिय हो गई हैं। बाड़ी: कांग्रेस बहुमत से दो कदम दूर, भाजपा भी जोड़-तोड़ में बाड़ी नगर पालिका की 45 सीटों में कांग्रेस को 21, भाजपा को 9 और अन्य प्रत्याशियों को 15 सीटें मिली हैं। कांग्रेस बहुमत के आंकड़े 23 से सिर्फ दो सीट दूर है। पूर्व विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हैं, जबकि कांग्रेस भी बहुमत का आंकड़ा हासिल करने के लिए निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। सैंपऊ: 7-7 पर कांग्रेस और अन्य, भाजपा के खाते में 6 सैंपऊ नगर पालिका की 20 सीटों में कांग्रेस को सात, भाजपा को छह और अन्य प्रत्याशियों को सात सीटें मिली हैं। यहां किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। बहुमत के लिए 11 सीटों की जरूरत है। कांग्रेस को बहुमत के लिए चार और भाजपा को पांच अन्य पार्षदों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में सैंपऊ में भी बोर्ड गठन का फैसला निर्दलीय और अन्य प्रत्याशियों के रुख पर निर्भर करेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष का दावा- सभी निकायों में बनाएंगे बोर्ड जिले में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर जिला अध्यक्ष राजवीर सिंह राजावत ने कहा कि पूरे जिले में भाजपा को विधानसभा और लोकसभा में कोई सीट नहीं मिली है, इसके बावजूद पार्टी सभी नगर निकायों में अपना बोर्ड बनाएगी। टिकट वितरण में गड़बड़ी के सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट वितरण के लिए कोर कमेटी बनाई गई थी और उसी के माध्यम से प्रत्याशियों को टिकट दिए गए हैं।



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