Monday, August 24, 2026
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खीर में नशे की छह गोलियां देकर पति की हत्या: शव बोरे में भरकर सूखी नहर में फेंका, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार – Lucknow News




लखनऊ के गोसाईगंज के मीसा गांव निवासी श्रमिक रामतीरथ (35) की हत्या उसकी पत्नी, भाई और चचेरे भाई ने मिलकर की थी। आरोपियों ने पहले खीर में नशे की छह गोलियां देकर उसे बेहोश किया। इसके बाद ईंट से वार कर और कपड़े से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को बोरे में भरकर बाराबंकी के सतरिख इलाके की सूखी नहर में फेंक दिया। बाराबंकी पुलिस ने मामले में 10 जुलाई को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हत्या का घटनास्थल गोसाईगंज थाना क्षेत्र में होने की पुष्टि के बाद केस अब गोसाईगंज पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3 जुलाई से लापता था रामतीरथ रामतीरथ तीन जुलाई को अचानक लापता हो गया था। पांच जुलाई को उसका शव बाराबंकी के सतरिख इलाके में सूखी नहर में मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी। 10 जुलाई को सोशल मीडिया पर शव की फोटो देखकर रामतीरथ के पिता दयाराम ने उसकी पहचान की। पिता ने रामतीरथ की पत्नी रामदुलारी, बेटे अवधेश और भतीजे सरजीत पर हत्या का शक जताया था। पोस्टमार्टम में चेहरे पर चोट के निशान मिले थे, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी थी। खीर में नशे की गोलियां मिलाकर ले गई पत्नी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीन जुलाई की रात रामदुलारी ने रामतीरथ को खीर में नशे की छह गोलियां मिलाकर दी थीं। इसके बाद अवधेश उसे सरजीत के घर ले गया। वहां तीनों ने मिलकर रामतीरथ पर ईंट से वार किया और कपड़े से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पांच जुलाई की भोर में अवधेश और सरजीत ने शव को बोरे में भरा। इसके बाद स्कूटी से शव को सतरिख ले जाकर सूखी नहर में फेंक दिया। अवैध संबंध और नशे की लत से बढ़ता था विवाद पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि रामदुलारी के सरजीत से अवैध संबंध थे। वहीं, अवधेश नशे का आदी था। इन बातों को लेकर रामतीरथ का पत्नी और अन्य आरोपियों से कई बार विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद और अवैध संबंध के चलते तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईगंज ऋषभ यादव ने बताया कि जांच में हत्या का घटनास्थल सरजीत का मकान, गोसाईगंज सामने आया है। बाराबंकी से केस ट्रांसफर होने के बाद गोसाईगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।



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दतिया मेडिकल कॉलेज का स्टेनोग्राफर पकड़ाया: ग्वालियर में शादी का झांसा देकर युवती से किया दुष्कर्म, 3 साल बाद मुकर गया – Gwalior News




ग्वालियर में एक युवती को शादी का झांसा देकर तीन साल तक शारीरिक शोषण करने वाले दतिया मेडिकल कॉलेज के स्टेनोग्राफर को बिजौली थाना पुलिस रविवार रात दतिया से दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी को पुलिस बिजौली लेकर पहुंची और पूछताछ करना शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया था, लेकिन उसे पकड़ लिया गया है। ऐसे समझिए पूरा मामला बिजौली थाना क्षेत्र निवासी 29 वर्षीय युवती की वर्ष 2023 में पहचान गंगापुर-बिलौआ निवासी परमार मिलन से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और मोबाइल पर बातचीत होने लगी। 27 मई 2023 को परमार मिलन उसे गांव के पास पहाड़ी पर ले गया था, जहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद परमाल उसे कई अन्य स्थानों के साथ ही होटलों में ले गया और गलत काम किया। इसी दौरान आरोपी की नौकरी देवास कोर्ट में लग गई और वह नौकरी पर चला गया। तीन महीने पहले उसकी नौकरी दतिया मेडिकल कॉलेज में लग गई। इसके बाद भी वह उसे आश्वासन देता रहा और उसका शोषण करता रहा। शादी का दबाव बनाया तो तोड़ा वादा 17 जुलाई को जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो वह पहले की तरह ही उसे बहाना बनाकर टहलाने लगा। जब युवती ने उससे फाइनल तारीख देने को कहा तो वह अपने वादे से मुकर गया और शादी से इनकार कर दिया। साथ ही धमकी दी कि अगर यह बात किसी को बताई तो जान से खत्म कर देगा। मामले की शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामला दर्ज होते ही दतिया बनाया ठिकाना एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि थाना प्रभारी बिजौली सौरभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम दबिश दे रही थी। तभी पता चला है कि पिछले तीन दिन से स्टेनोग्राफर घर नहीं आ रहा है और दतिया में ठिकाना बनाया है। इसका पता चलते ही पुलिस टीम दतिया पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लाई। पुलिस अब उससे पूछताछ करने में जुट गई है। वहीं, एएसपी शिवेश बघेल का कहना है कि युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी स्टेनोग्राफर को बिजौली थाना पुलिस ने दतिया से दबोचा है। पकड़े गए आरोपी से पुलिस पूछताछ में जुटी है।



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जिला परिषद सदस्य जहांआरा बेगम का निधन: कटिहार में कांग्रेस नेताओं, सांसद तारिक अनवर ने श्रद्धांजलि दी – Katihar News




कटिहार जिले के मनसाही में जिला परिषद सदस्य जहांआरा बेगम का आकस्मिक निधन हो गया। वह समाजसेवी खुर्शीद आजाद की पत्नी थीं। उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं और कटिहार सांसद तारिक अनवर ने संवेदना व्यक्त की है। सांसद तारिक अनवर के आवासीय कार्यालय परिसर में सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। शोक सभा के दौरान सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जहांआरा बेगम को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद तारिक अनवर ने जहांआरा बेगम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन दुखद और एक महत्वपूर्ण क्षति है। उन्होंने बताया कि सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता और लोगों से उनका जुड़ाव हमेशा याद किया जाएगा। सांसद ने इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ होने की बात कही और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने कहा कि जहांआरा बेगम के निधन से सभी लोग दुखी हैं। उनका निधन परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उन्होंने बताया कि जहांआरा बेगम सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती थीं और लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहती थीं। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। शोक सभा में दिलीप विश्वास, प्रोफेसर विनोद यादव, शाहनवाज खान, सुनीता देवी, अवधेश मंडल, संजय सिंग, बिमल बेगानी, कुमार गौरव, अरुण पियाश, मेजर जमाल, मोहम्मद रियाज, मोहम्मद असलम, अर्जुन उरांव, पंकज तंबाकू वाला, सिंकू मिश्रा, आनंद सिंह, आम्रपाली यादव, डॉ विपिन सिंह, भुवन अग्रवाल सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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काले चने की चटनी एक बार चख ली तो धनिया-पुदीना भूल जाएंगे, बढ़ जाएगा का स्वाद

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Kale Chane Ki Chutney: रोज की रोटी और सब्जी अगर आपको भी कुछ फीकी लगने लगी है, तो थाली में एक ऐसी चटनी शामिल कीजिए जो स्वाद में देसी और बनाने में बेहद आसान है. काले चने से बनी यह चटनी साधारण खाने को भी मजेदार बना सकती है. काले चने की चटनी क्यों करें ट्राई? घर में चटनी बनाने की बात आते ही धनिया, पुदीना, लहसुन या टमाटर का ख्याल आता है, लेकिन इस बार कुछ अलग बनाया जा सकता है. काले चने से तैयार होने वाली यह चटनी स्वाद में थोड़ी तीखी, खट्टी और सोंधी होती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती.

मान लीजिए दोपहर में लौकी, तोरई या किसी हल्की सब्जी के साथ रोटी बनी है और आपको लग रहा है कि खाने में कुछ कमी है. ऐसे समय में यह चटनी पूरी थाली का स्वाद बदल सकती है. पराठे, पूरी, दाल-चावल या साधारण रोटी के साथ भी इसका स्वाद अच्छा लगता है. काले चने में प्रोटीन और फाइबर पाए जाते हैं, इसलिए यह चटनी सामान्य चटनियों से थोड़ी अलग और भरपेट महसूस हो सकती है. हालांकि इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर रहता है.

काले चने की चटनी बनाने के लिए सामग्री
इस चटनी के लिए एक कप भीगे हुए काले चने, 8 से 10 लहसुन की कलियां, एक इंच अदरक, 3 से 4 हरी मिर्च, एक मुट्ठी हरा धनिया, आधा छोटा चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सामान्य नमक और एक बड़े नींबू का रस चाहिए. इसके अलावा एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल भूनने के लिए और करीब एक छोटा चम्मच ऊपर से मिलाने के लिए रखें.

पहले चने और मसाले भूनें
सबसे पहले काले चनों को 6 से 8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें. इसके बाद पानी निकालकर चनों को अच्छी तरह छान लें. पैन में एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल गर्म करें. इसमें लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें. अब भीगे हुए काले चने डालें और मध्यम आंच पर कुछ मिनट चलाते हुए भूनें. चनों में हल्की सोंधी खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. मिश्रण को कुछ देर ठंडा होने दें.

(इमेज AI)

अब तैयार करें चटनी
ठंडे हुए चने, भुना हुआ अदरक-लहसुन और हरी मिर्च को मिक्सर जार में डालें. इसमें हरा धनिया, काला नमक और थोड़ा सामान्य नमक डालें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी मिलाकर इसे पीस लें. आप चाहें तो चटनी को बिल्कुल स्मूथ पीसें या थोड़ा दरदरा रखें. दरदरी चटनी में काले चने का स्वाद ज्यादा अच्छी तरह महसूस होता है.

आखिर में डालें नींबू और सरसों का तेल
चटनी को एक कटोरी में निकालें. इसमें नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिलाएं. ऊपर से थोड़ा कच्चा सरसों का तेल डालें. यही छोटा सा स्टेप चटनी में देसी स्वाद और खुशबू बढ़ा देता है, अगर आपको बहुत तीखा पसंद नहीं है तो हरी मिर्च की मात्रा कम कर सकते हैं. इसी तरह ज्यादा खटास पसंद होने पर थोड़ा अतिरिक्त नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है.

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किसके साथ करें सर्व?
काले चने की यह चटनी गर्म रोटी, पराठे और पूरी के साथ शानदार लगती है. इसे दाल-चावल के साथ साइड डिश की तरह भी परोसा जा सकता है. शाम के समय हल्के स्नैक के साथ भी यह अच्छी संगत बन सकती है. ध्यान रखें कि चने अच्छी तरह भीगे हों और चटनी बनाने से पहले साफ पानी से धो लिए जाएं. अगर पेट संवेदनशील है, तो बहुत ज्यादा मात्रा में चना एक साथ खाने से बचना बेहतर है.



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2 बाइक की आमने-सामने की टक्कर, पुलिस कॉन्स्टेबल की मौत: ड्यूटी करके गांव जा रहे; सीकर में खाचरियावास चौकी में पोस्टेड थे – Sikar News




सीकर के दांतारामगढ़ थाना इलाके के कुली गांव में 2 बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस घटना में खाचरियावास चौकी में पोस्टेड पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश की मौत हो गई। उनके शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। घटना में एक युवक गंभीर घायल हुआ। जबकि एक युवक को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कुली गांव में पिया के बालाजी के पास रविवार शाम 6:30 बजे यह हादसा हुआ है। खाचरियावास चौकी में पोस्टेड कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार (40) पुत्र दीपसिंह निवासी रणजीतपुरा रेनवाल चौकी से अपने गांव की तरफ जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक ने टक्कर मार दी। एक युवक घायल इस घटना में पुलिस कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार और दूसरी बाइक पर किशोर व हेमराज घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए खाचरियावास सीएचसी ले जाया गया। जहां पर कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। वहीं किशोर को इलाज के लिए रेफर किया गया। हेमराज को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। परिजनों की मौजूदगी में कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम होगा। इसके बाद राजकीय सम्मान से पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।



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सांसद संजय सिंह ने योगी सरकार पर खड़े किए सवाल: कहा- जौनपुर में 5 प्राथमिक स्कूल ही चोरी हो गए – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह ने सरकारी प्राथमिक विद्यालय को लेकर योगी सरकार का अजब कारनामा उजागर किया है। उन्होंने बताया कि जौनपुर में 5 प्राथमिक स्कूल ही चोरी हो गए हैं। इनमें प्राथमिक विद्यालय ढालगढ़ टोला, मिसिरपुर, गगन अर्जनी, उर्दू बाजार और बाघ हासिन शामिल हैं। जमीन पर न विद्यालय, न बच्चे और ना ही शिक्षकों का पता है। फिर भी सरकार कागजों में इन्हें संचालित दिखा रही है। उन्होंने यूपी सरकार और भाजपा के लोगों को चुनौती देते हुए कहा कि कोई इन पांच में से एक स्कूल खोजकर दिखा दें, एक लाख इनाम दूंगा। AAP के राज्यसभा सदस्य व उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने दावा करते हुए कहा कि आज मैं योगी सरकार का अद्भुत और अनोखा मामला सामने आया है। अभी तक हम लोग वह विद्यालय दिखा रहे थे जिसकी बिल्डिंग मौजूद थी, जिसके भीतर कूड़ा-कचरा था, रसोई घर और टॉयलेट की हालत खराब थी, जो कागजों में चल रहा था लेकिन मौके पर नहीं चल रहा था। लेकिन जौनपुर जिले में सरकारी स्कूल ही गायब हो गया है। U-DISE पोर्टल पर स्कूल चालू, लेकिन ग्राउंड पर अता-पता नहीं सांसद ने आगे आरोप लगाते हुए कहा कि यूपी सरकार के यू-डाइस पोर्टल पर स्कूल ऑपरेशनल दिखाया जा रहा है और डबल इंजन की सरकार कह रही है कि स्कूल चल रहा है, लेकिन यहां तो बिल्डिंग का ही अता-पता नहीं है। आम आदमी पार्टी योगी सरकार और भाजपा के लोगों को चुनौती देती है कि इन पांच स्कूलों में से एक स्कूल खोजकर दिखा दें। मैं खोजने वाले को एक लाख रुपए दूंगा। जौनपुर के इन पांच प्राथमिक विद्यालयों के नाम प्राथमिक विद्यालय ढालगढ़ टोला, प्राथमिक विद्यालय मिसिरपुर, कन्या कंपोजिट विद्यालय गगन अर्जनी, प्राथमिक विद्यालय उर्दू बाजार और प्राथमिक विद्यालय बाघ हासिन है। पूरे देश में ऐसा नहीं हुआ, स्कूल ही गायब हो जाए- संजय सिंह संजय सिंह ने कहा कि नगर शिक्षा अधिकारी की चिट्ठी में इन पांचों विद्यालयों के बारे में बताया गया है कि इनका कोई पता नहीं है। ये विद्यालय किराए के मकान में चल रहे थे और अब इन पर भवन स्वामियों का कब्जा करा दिया गया है। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार के ऑनलाइन यू-डाइस पोर्टल पर मिसिरपुर प्राथमिक विद्यालय, कन्या कंपोजिट विद्यालय गगन अर्जनी, बाघ हासिन विद्यालय, ढालगढ़ टोला का विद्यालय और उर्दू बाजार का विद्यालय ऑपरेशनल दिख रहे हैं। यू-डाइस पर ये स्कूल चल रहे हैं, लेकिन हकीकत में न विद्यालय का पता है, न बच्चों का और न ही शिक्षकों का पता है। चंदा चोरी, चढ़ावा चोरी, जमीन चोरी और चीनी चोरी से लेकर अब स्कूल चोरी तक का यह मामला सामने आया है। पूरे देश में ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा जहां पूरा का पूरा विद्यालय ही गायब हो गया हो। सांसद बोले- एफआईआर अधिकारियों पर हो, न कि वीडियो बनाने वालों पर संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके बीएसए व अन्य अधिकारी कह रहे हैं कि वे एफआईआर दर्ज कराएंगे। जब स्कूल की चोरी हो रही है, तो एफआईआर स्कूल चुराने वाले चोरों और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ होनी चाहिए, न कि वीडियो बनाने वालों के खिलाफ होनी चाहिए। मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि ऐसे तमाम जर्जर विद्यालयों के मामले में अगर वे ग्रामीण क्षेत्रों में हैं, तो खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। जहां जिलाधिकारी (डीएम) इसमें शामिल हैं, वहां डीएम के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। पहले भी योगी सरकार ने जर्जर स्कूल की वीडियो बनाने वाले AAP कार्यकर्ताओं किया था केस दर्ज संजय सिंह ने दो उदाहरण देते हुए बताया कि आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष पंकज सिंह ने नोएडा जाकर स्कूल की जर्जर हालत का वीडियो बनाया, लेकिन स्कूल ठीक करने के बजाय पंकज सिंह पर ही एफआईआर दर्ज कर दी गई। इसी तरह हरदोई में हमारे कार्यकर्ता फिरोज सिद्दीकी ने जर्जर विद्यालय और सड़कों का वीडियो बनाया, तो हरदोई के डीएम ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जो लोग मिड-डे मील का पैसा खा रहे हैं और निर्माण कार्य में घोटाला कर रहे हैं, उन पर एफआईआर करने के बजाय सरकार सच उजागर करने वालों पर एफआईआर कर रही है। मैं उत्तर प्रदेश शासन से साफ कहना चाहता हूं कि तानाशाही से काम नहीं चलेगा। कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जिन्होंने स्कूलों और मिड-डे मील की यह हालत बनाई है और जिन्होंने स्कूलों की चोरी की है। मैं खुद जौनपुर सहित तीन जिलों में मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दूंगा और अगर जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो मैं धारा 156(3) के तहत कोर्ट जाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराऊंगा।



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FD जैसे ही अब कॉरपोरेट बॉन्‍ड में पैसा लगा सकेंगे, SEBI ला रहा नया सिस्टम


अगर आप अपना पैसा सिर्फ FD या सेविंग्स अकाउंट में रखते हैं क्‍योंक‍ि शेयर बाजार में उतरने से डर लगता है, तो रुक‍िये… आने वाले समय में कॉरपोरेट बॉन्‍ड आपके लिए निवेश का एक और विकल्प बन सकता है. बाजार नियामक SEBI ने कॉरपोरेट बॉन्ड और दूसरे तय आय वाले इन्‍वेस्‍टमेंट प्रोडक्‍ट में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नया फ्रेमवर्क पेश क‍िया है. इसका मॉडल काफी हद तक Mutual Fund ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूटर की तरह होगा.

SEBI के प्रस्ताव के मुताबिक फ‍िक्‍स्‍ड इनकम चैनल पार्टनर्स यानी FICP बनाए जाएंगे. इन्हें स्‍टॉक एक्‍सचेंज में रज‍िस्‍टर क‍िया जाएगा और फ‍िर ऑनलाइन बॉन्‍ड प्‍लेटफार्म प्रोवाइडर्स यानी OBPPs इनकी नियुक्ति कर सकेंगे. इनका काम निवेशकों को फ‍िक्‍स्‍ड इनकम स‍िक्‍योर‍िटीज की जानकारी देना, उनके फीचर और जोखिम समझाना, जरूरी दस्तावेज पूरे कराने और प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश की प्रक्रिया में मदद करना होगा. यानी जिस तरह MFD आपको Mutual Fund समझाकर निवेश में मदद करता है, उसी तरह इस मामले में काम कर सकता है.

Corporate Bond है क्या?

मान लीजिए किसी बड़ी कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए 1,000 करोड़ की जरूरत है. कंपनी बैंक से पूरा कर्ज लेने के बजाय निवेशकों से भी पैसा जुटा सकती है. इसके लिए वह कॉरपोरेट बॉन्‍ड जारी करती है. आप उस बॉन्‍ड को खरीदकर कंपनी को एक तय अवधि के लिए पैसा देते हैं. बदले में कंपनी तय शर्तों के मुताबिक आपको ब्याज देती है और अवधि पूरी होने पर मूल रकम लौटाती है.

FD में आप बैंक को पैसा देते हैं, जबकि कॉरपोरेट बॉन्‍ड में कंपनी को पैसा उधार देते हैं. हालांकि दोनों की सुरक्षा, ब्याज और जोखिम अलग-अलग होते हैं. इसलिए कॉरपोरेट बॉन्‍ड को FD का दूसरा नाम समझना सही नहीं होगा.

60 लाख करोड़ का बाजार

  1. SEBI के मुताबिक देश का कॉरपोरेट बॉन्‍ड मार्केट पिछले एक दशक में तेजी से बड़ा हुआ है. FY15 के अंत में बकाया कॉरपोरेट बॉन्‍ड करीब 17.5 लाख करोड़ के थे. 31 जुलाई 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 60 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है. इनमें लिस्‍टेड कॉरपोरेट बॉन्‍ड करीब 46 लाख करोड़ के हैं, जो कुल बाजार का लगभग 76.6 फीसदी है.
  2. यानी बाजार बहुत बड़ा हो चुका है, लेकिन इसमें आम निवेशक की हिस्सेदारी अभी भी उतनी नहीं है. कॉरपोरेट डेब्‍ट सिक्‍योर‍िटीज का इस्तेमाल अब भी मुख्य तौर पर बड़े संस्थागत निवेशक करते हैं. SEBI अब इसे बदलना चाहता है.
  3. रिटेल निवेशकों के लिए कॉरपोरेट बॉन्‍ड तक पहुंच पहले से आसान हुई है. ऑनलाइन बॉन्‍ड प्‍लेटफार्म प्रोवाइडर्स यानी OBPPs ऐसे प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं जहां निवेशक अलग-अलग लिस्‍टेड डेब्‍ट सिक्‍योर‍िटीज को देख और उनकी तुलना कर सकते हैं और ऑनलाइन लेनदेन कर सकते हैं.
  4. इसका असर र‍िक्‍वेस्‍ट ऑन कोट यानी RFQ प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई दिया है. SEBI के मुताबिक FY25 में RFQ पर करीब 2.76 लाख ट्रेड हुए थे, जो FY26 में बढ़कर 17.84 लाख हो गए. यानी एक साल में करीब 546 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई. नियामक के मुताबिक OBPPs के जरिए बढ़ी रिटेल भागीदारी ने भी इस तेजी में भूमिका निभाई है.

अब छोटे शहरों की बारी

ऑनलाइन प्‍लेटफार्म होने के बावजूद टीयर टू, टीयर थ्री शहरों और ग्रामीण इलाकों में कॉरपोरेट बॉन्‍ड की पहुंच सीमित है. बहुत से निवेशकों को यह तक पता नहीं होता कि Bond खरीदा कैसे जाता है, किस कंपनी का Bond है, कितना ब्याज मिलेगा और इसमें क्या जोखिम हो सकता है.

SEBI इसी कमी को दूर करना चाहता है. अगर FICP का प्रस्ताव लागू होता है तो छोटे शहरों में मौजूद ऐसे लोग या संस्थाएं निवेशकों को कॉरपोरेट बॉन्‍ड और फ‍िक्‍स्‍ड इनकम प्रोडक्‍ट के बारे में समझाने में मदद कर सकेंगे. यानी निवेश सिर्फ बड़े शहरों और बड़े निवेशकों तक सीमित रखने के बजाय इसे ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी.

आम आदमी के लिए क्या बदलेगा?

SEBI का पूरा प्लान सिर्फ Bond बेचने का नहीं, बल्कि Bond Investment को समझने और उस तक पहुंच आसान बनाने का है. मसलन, अगर किसी व्यक्ति के पास 1 लाख है और वह उसे शेयर बाजार में नहीं लगाना चाहता, लेकिन FD के अलावा Fixed Income का कोई विकल्प तलाश रहा है, तो वह Corporate Bond के बारे में जानकारी ले सकता है.

लेकिन यहां सावधानी जरूरी है. Corporate Bond में निवेश का मतलब यह नहीं है कि पैसा पूरी तरह सुरक्षित हो गया. कंपनी की वित्तीय स्थिति खराब होने पर Credit Risk हो सकता है. इसके अलावा Bond को समय से पहले बेचने पर Liquidity Risk भी हो सकता है. इसलिए सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर निवेश करना ठीक नहीं है. निवेशक को कंपनी, Bond की Rating, अवधि और जोखिम को समझना जरूरी है. SEBI की Investor वेबसाइट भी निवेशकों को अलग-अलग Investment Avenues और उनसे जुड़े जोखिमों को समझने की सलाह देती है.



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गाजियाबाद में त्योहारों को लेकर पुलिस कमिश्नर की मीटिंग: बारावफात पर गोकशी हुई तो थानेदार सस्पेंड, बाजारों में पैदल गश्त करें अधिकारी – Ghaziabad News




गाजियाबाद में आज रविवार को आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने वीडियो कांफ्रेंस से मीटिंग की। जिसमें रक्षाबंधन, बारावफात, रक्षाबंधन पर्व को लेकर सुरक्षा काे लेकर कड़े निर्देश दिए। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी डीसीपी को निर्देश दिए। इस मीटिंग में एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव कुमार चौधरी और एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नैयर, डीसपी धवल जायसवाल और डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी व ट्रैफिक के अधिकारी रहे। बाजारों में गश्त करेंगे एसीपी व थाना प्रभारी पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने सभी थाना प्रभारी व एसीपी को निर्देश दिए हैं सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर पैदल गश्त करेंगे। धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं महत्वपूर्ण चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं सुदृढ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बारावफात के दृष्टि से गोकशी की घटनाओं की रोकथाम के लिए नामजद प्रकाश में आए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बाजारों में पैदल गश्त, फुट पेट्रोलिंग एवं नियमित पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की प्रभावी चेकिंग की जाए। सभी समुदायों के गणमान्य व्यक्तियों व पीस कमेटी के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित कर आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। शोभा यात्रा को लेकर लापरवाही मिली तो कार्रवाई एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नैयर ने कहा कि त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूस शोभायात्राओं व धार्मिक आयोजनों के संबंध में आयोजकों से बात कर रूट देख लें। साथ ही पुलिस की ड्यूटी रही। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में लापरवाही मिली तो सम्बंधित थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी। बिना अनुमति के कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। यातायात को लेकर भी निर्देश यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन एवं पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बाजारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लापरवाही मिलने पर बीट सिपाही से लेकर थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।



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अतिथि शिक्षक बोले- परमानेंट करो या इच्छामृत्यु दो: स्वतंत्रता पार्क में बैठक के बाद प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; जल्द नीति बनाने की मांग – Guna News




वर्षों पुरानी मांगों, भविष्य को सुरक्षित करने और स्थाईकरण की गुहार लेकर रविवार को छुट्टी के दिन बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक गुना कलेक्टोरेट परिसर पहुंचे। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश के बैनर तले एकत्रित हुए शिक्षकों ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने साफ तौर पर कहा कि या तो शासन उनके नियमितीकरण की स्थाई नीति बनाए या फिर उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। ज्ञापन में ध्यानाकर्षण कराते हुए प्रतिनिधियों ने बताया कि अतिथि शिक्षक पिछले 18 वर्षों से बेहद अल्प मानदेय पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। शिक्षा विभाग की रीढ़ माने जाने वाले ये शिक्षक 70 से 80 किलोमीटर दूर जाकर भी पूरी लगन से अध्यापन कार्य कराते हैं। इसके बावजूद सीधी भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर जैसी नीतियों के कारण उन्हें कभी भी सेवा से पृथक कर बेरोजगार कर दिया जाता है। उन्हें समान कार्य समान वेतन तो दूर, समय पर मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है। 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी अतिथि शिक्षकों ने शासन के सामने 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि 7 या उससे अधिक सत्रों में कम से कम 1000 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए। इसके अलावा स्थाई शिक्षकों के साथ प्राथमिक व माध्यमिक पात्रता परीक्षा में शामिल करने, उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में ईडब्ल्यूएस की भांति 10 प्रतिशत अर्हता अंकों में छूट देने तथा सेवाकाल के अनुसार बोनस अंक दिए जाने की मांग उठाई गई है। समिति ने यह भी मांग रखी है कि अतिथि शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों पर फॉलेन आउट अतिथि शिक्षकों को सेवाकाल के अनुसार वरीयताक्रम में प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही ई-अटेंडेंस लॉगिन का समय सुबह 11 बजे और लॉग आउट का समय शाम 4 बजे तय किया जाए और प्रतिमाह 10 तारीख तक मानदेय का अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए। ज्ञापन में वर्षों से कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को सेवा में रहते हुए एनआईओएस से डीएलएड कराने और शिक्षा मंत्री की पूर्व घोषणानुसार अवकाश प्रदान करने के संबंध में शीघ्र आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि प्रदेश के लाखों अतिथि शिक्षकों को आर्थिक व सामाजिक संकट से राहत मिल सके।



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गयाजी रेलवे स्टेशन पर ₹10 लाख के साथ युवक धराया: नगद के डॉक्यूमेंट नहीं थे, रेल पुलिस ने आयकर विभाग के हवाले किया – Gayaji News




गयाजी रेलवे स्टेशन पर 10 लाख रुपए के साथ एक युवक पकड़ाया है। युवक ने आरपीएफ और जीआरपी की टीम को किसी प्रकार के डॉक्यूमेंट नहीं दिखाए हैं। जिसके बाद युवक और नगद को आयकर विभाग को सौंप दिया गया। रेलवे परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। प्लेटफॉर्म नंबर एक के दक्षिणी तरफ किलोमीटर संख्या 470/09 के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में नजर आया। टीम ने उसे रोक कर पूछताछ की। उसकी पहचान 37 वर्षीय नसरुल्लाह के रूप में हुई। वह न्यू करीमगंज रोड नंबर-8 का रहने वाला है। पूछताछ के बाद उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली गई। बैग से कुल 10 लाख 3 हजार 170 रुपए बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम के संबंध में टीम ने उससे कागजात मांगे, लेकिन वह मौके पर रकम से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। आयकर की टीम आरपीएफ पोस्ट पहुंची आरपीएफ ने नियमानुसार उसे डिटेन कर लिया। मामले की जानकारी आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग को दी गई। सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग के निरीक्षक सिद्धीकांत चौधरी गयाजी आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आरपीएफ ने पकड़े गए नसरुल्लाह और उसके पास से बरामद 10 लाख 3 हजार 170 रुपए आयकर विभाग के अधिकारी को सौंप दिए। अब आयकर विभाग की ओर से नकदी के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर आगे की जांच की जाएगी।
कार्रवाई में ये थे शामिल कार्रवाई आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने की। टीम में आरपीएफ के उप निरीक्षक विकास कुमार सहित जवान और जीआरपी के उप निरीक्षक निरंजन कुमार और महिला पुलिसकर्मी सुषमा कुमारी शामिल थीं। श्रावण माह में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्टेशन पर इस तरह की जांच लगातार की जा रही है।



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