लखनऊ मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वीआईपी इमरजेंसी कोटे का दुरुपयोग कर टिकटों की दलाली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में अपराध सूचना शाखा (सीआईबी) की टीम ने गोरखपुर-एलटीटी एक्सप्रेस (20104) में छापेमारी कर एक फर्जी यात्री को गिरफ्तार किया। फर्जी आधार कार्ड के सहारे कर रहा था सफर आरपीएफ को सूचना मिली थी कि ट्रेन के एस-2 कोच में एक यात्री फर्जी दस्तावेज के आधार पर यात्रा कर रहा है। जांच के दौरान सीट नंबर 27 पर बैठे सिद्धार्थनगर निवासी सुनील से पूछताछ की गई। उसके पास से जाली आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसके आधार पर वह यात्रा कर रहा था। 5 हजार रुपये में खरीदा था वीआईपी कोटे का टिकट पूछताछ में सुनील ने बताया कि उसने मुंबई निवासी टिकट दलाल प्रमोद रूदल तिवारी से 5,000 रुपये देकर टिकट खरीदा था। आरोपी दलाल ने पहले सामान्य वेटिंग टिकट बुक कराया और बाद में रेलवे के वीआईपी इमरजेंसी कोटे का इस्तेमाल कर टिकट कन्फर्म करा दिया। इसके बाद टिकट पर दर्ज नाम के अनुसार फर्जी आधार कार्ड तैयार कर यात्री को सौंप दिया गया। जाली दस्तावेज और मोबाइल चैट जब्त कार्रवाई के दौरान आरपीएफ ने फर्जी आधार कार्ड, कन्फर्म टिकट और मोबाइल चैट समेत कई अहम साक्ष्य बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी मामले में आरपीएफ पोस्ट ऐशबाग में रेल अधिनियम की धारा 142 और 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। टिकट दलाल प्रमोद रूदल तिवारी को वांछित घोषित कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर रणजीत यादव, प्रशांत सिंह यादव और आरपीएफ की रेड टीम की अहम भूमिका रही।
India Passport Citizenship Proof Statement | Randhir Jaiswal Clarification
नई दिल्ली2 घंटे पहले
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केंद्र सरकार ने एक बार फिर से कहा है कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के मुताबिक भारत सरकार देश से बाहर यात्रा के लिए भारतीय नागरिकों को पासपोर्ट जारी करता है।
मंत्रालय ने कहा कि यह एक डॉक्यूमेंट है जो पूरी जांच और वेरिफिकेशन के बाद जारी किया जाता है। इसका संचालन पासपोर्ट अधिनियम, 1967 तथा पासपोर्ट नियम, 1980 के तहत होता है। जायसवाल ने बताया कि देश के 8% से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट है।
24 जून: सरकार ने पहली बार कहा- पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं
24 जून को पासपोर्ट सेवा दिवस पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि पासपोर्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, नागरिकता का प्रमाण नहीं। यह बयान चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में पासपोर्ट को नागरिकता के प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किए जाने के सवाल पर दिया गया था। मंत्रालय ने 2013 के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया था, जिसमें पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना गया था।
अधिकारियों ने यह भी बताया था कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत जनहित में जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार किसी गैर-भारतीय नागरिक को भी पासपोर्ट जारी कर सकती है। इसलिए पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता।
कांग्रेस ने पूछा- कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत
विदेश मंत्रालय के इस बयान के बाद विपक्षी कांग्रेस ने सरकार की आलोचना की थी। पार्टी ने सवाल उठाया कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं है, तो इसे किस आधार पर जारी किया जाता है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का दस्तावेज नहीं है तो फिर कौन सा दस्तावेज नागरिकता का सबूत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार उन लोगों की नागरिकता पर सवाल उठाने की जमीन तैयार कर रही है, जिनसे उसकी राजनीतिक असहमति है।
नागरिकता का असली सबूत क्या है, 8 सवाल-जवाब से पूरे मामले को समझिए…
1. पासपोर्ट क्यो होता है? इसका क्या इस्तेमाल है?
पासपोर्ट केंद्र सरकार द्वारा जारी किया गया एक अंतरराष्ट्रीय पहचान पत्र है, जिसका मुख्य इस्तेमाल भारत से बाहर किसी भी देश में यात्रा करने के लिए होता है। विदेश जाने के लिए जरूरी ‘वीजा’ इसी पर लगता है।
दूसरे देश में रहने के दौरान यही आपकी पहचान, नाम और पते का सबसे बड़ा सरकारी सबूत बनता है। आसान शब्दों में कहें तो विदेश में कानूनी एंट्री करने और वहां किसी भी मुसीबत में फंसने पर भारत सरकार से मदद पाने के लिए पासपोर्ट ही सबसे जरूरी दस्तावेज है।
2. क्या पासपोर्ट राष्ट्रीयता की पहचान देता है?
हां, पासपोर्ट राष्ट्रीय की पहचान देता है। राष्ट्रीयता बताती है कि आप किस देश से संबंध रखते हैं। जबकि नागरिकता बताती है कि उस देश में आपको कौन-कौन से कानूनी अधिकार मिले हैं। राष्ट्रीयता आपकी पहचान होती है। नागरिकता आपके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करती है।
3. सरकार ने पासपोर्ट की संख्या को लेकर क्या कहा है?
मंत्रालय ने बताया कि पिछले एक दशक में पासपोर्ट सेवा केंद्र और संबंधित सुविधाओं की संख्या 77 से बढ़कर 545 हो गई है। 2025 में शुरू हुए चिप आधारित ई-पासपोर्ट की अब तक 1.47 करोड़ प्रतियां जारी की जा चुकी हैं। आवेदन निपटाने का औसत समय घटकर 5-6 दिन रह गया है। 2019 के 16 देशों के मुकाबले अब 27 देश भारतीयों को वीजा-फ्री प्रवेश देते हैं।
4. क्या भारतीय नागरिकता साबित करने वाला कोई एक दस्तावेज है?
नहीं। भारत कोई ऐसा एक दस्तावेज जारी नहीं करता है जो सभी नागरिकों के लिए नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए। नागरिकता इस बात पर तय होती है कि इसे कैसे हासिल किया गया और नागरिकता कानून के तहत कौन से रिकॉर्ड मौजूद हैं।
5. पहचान पत्र अपने आप नागरिकता साबित क्यों नहीं करते?
आधार, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज खास कामों के लिए जारी किए जाते हैं, जैसे पहचान की जांच, चुनाव में रजिस्ट्रेशन या गाड़ी चलाने की अनुमति। इन्हें नागरिकता तय करने के लिए नहीं बनाया गया है, इसलिए इन्हें अपने आप में नागरिकता का पक्का सबूत नहीं माना जाता है।
6. विदेश मंत्रालय ने क्यों कहा कि पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है?
विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से एक यात्रा दस्तावेज है, जो विदेश में धारक की राष्ट्रीयता को दर्शाता है। कानूनी रूप से नागरिकता ‘नागरिकता कानून’ के तहत तय होती है, जबकि पासपोर्ट ‘पासपोर्ट कानून’ के तहत जारी होता है और यह हर परिस्थिति में अपने आप में नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं होता है।
7. क्या पासपोर्ट रद्द होने पर नागरिकता खत्म हो जाती है?
नहीं। पासपोर्ट रद्द होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति की भारतीय नागरिकता खत्म हो गई। पासपोर्ट कई कारणों से रद्द या निलंबित हो सकता है:
गलत जानकारी देकर बनवाना
कानूनी मामलों में कार्रवाई
सुरक्षा कारण
पासपोर्ट अधिनियम के तहत उल्लंघन
लेकिन भारतीय नागरिकता खत्म करने की प्रक्रिया अलग है और यह Citizenship Act, 1955 के तहत होती है।
8. भारत में नागिरकों मिलने वाले प्रमुख दस्तवेज कौन से हैं?
भारत में नागरिकता के मामले में 10 कागजात एक साथ देखे जा सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड शामिल हैं…
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- आधार पहचान का दस्तावेज, नागरिकता का नहीं
बिहार में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़ी सुनवाई के दौरान 8 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि यह पहचान का दस्तावेज है।
हालांकि, अदालत ने चुनाव आयोग से कहा था कि SIR प्रक्रिया में आधार को पहचान के लिए एक वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाए। साथ ही स्पष्ट किया था कि जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग नागरिकता और पात्रता की पुष्टि के लिए अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है।
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आधार कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ पहचान के लिए हो: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र-राज्यों से जवाब मांगा
सुप्रीमकोर्ट ने केंद्र और राज्यों से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें आरोप लगाया गया है कि आधार कार्ड का इस्तेमाल नागरिकता, मूल निवास और पते के सबूत के तौर पर गलत तरीके से किया जा रहा है। याचिका में मांग की गई है कि इसके इस्तेमाल को सिर्फ पहचान की पुष्टि (आइडेंटिटी वेरिफिकेशन) तक ही सीमित रखने के निर्देश दिए जाएं। पूरी खबर पढ़ें…
चटपटे खट्टे-मीठे बेर… बुरहानपुर का मशहूर स्वाद, घर पर 20 मिनट में करें तैयार
Ber Dish Recipe: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में बरसात के मौसम में खट्टे-मीठे बेर सबसे अधिक पसंद किए जाते हैं. एक्सपर्ट महिला फूलाबाई के अनुसार, इसे घर पर बनाना बहुत आसान है. इसे तैयार करने के लिए केवल सूखे बेर, गुड़ और सेंधा नमक की आवश्यकता होती है. सबसे पहले आधा किलो सूखे बेर धोकर कुकर में दो सीटी लगा लें. अब एक कड़ाही में 600 ग्राम गुड़ और एक गिलास पानी डालकर धीमी आंच पर पिघलाएं. इसमें उबले हुए बेर डालें और 10 मिनट तक पकने दें. ऊपर से सेंधा नमक डालें, आपके मजेदार बेर तैयार हैं. यह डिश मात्र 15 से 20 मिनट में तैयार हो जाती है. आप गुड़ की जगह शक्कर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इन्हें फ्रिज में रखने पर यह एक सप्ताह तक खराब नहीं होते. पिकनिक स्पॉट पर जाने वाले लोग इसे खाना बहुत पसंद करते हैं.
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मध्यप्रदेश के रायसेन में जमीन विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई की पीठ में चाकू घोंपकर हत्या कर दी। आरोपी ने दो भतीजों पर भी हमला किया। एक के गले और दूसरे के कंधे पर चाकू लगने से दोनों गंभीर घायल हो गए। विवाद बढ़ने पर धारदार हथियारों और चाकू से हमला किया गया। घटना गौहरगंज थाना क्षेत्र के नगरी गांव में मंगलवार सुबह हुई। इसका वीडियो मंगलवार रात सामने आया। मृतक की पहचान विष्णु प्रसाद सेन (61) के रूप में हुई है। उनके दोनों बेटे अखिलेश और अजय सेन गंभीर रूप से घायल हैं। अजय सेन की शिकायत पर गौहरगंज थाना पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नारायण सेन (65), उसकी पत्नी शांति बाई (62), बेटी अंजली (38) और दामाद संजू सेन उर्फ अनिल (42) को हिरासत में लिया है। देखें तस्वीरें… खेत की बुआई रोकने पर शुरू हुआ विवाद गौहरगंज पुलिस के अनुसार, चिकलोद निवासी विष्णु प्रसाद सेन अपने बेटों अखिलेश और अजय के साथ ग्राम नगरी स्थित खेत पर पहुंचे थे। वहां उनके बड़े भाई नारायण सेन खेत जोत रहे थे। विष्णु प्रसाद ने बुआई का विरोध किया तो दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद हिंसक हो गया और धारदार हथियारों व चाकुओं से हमला कर दिया गया। पीठ पर रीढ़ के पास चाकू का वार मुख्य आरोपी नारायण सेन ने विष्णु प्रसाद की पीठ पर रीढ़ के पास चाकू से गहरा वार किया। गंभीर हालत में उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से भोपाल एम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हमले में अखिलेश के गले और अजय के कंधे पर चाकू से गंभीर चोट आई है। दोनों का इलाज जारी है। VIDEO में खेत में हिंसक झड़प घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें खेत में दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प और अफरा-तफरी दिखाई दे रही है। वीडियो में लोग एक-दूसरे से हाथापाई करते नजर आते हैं। मौके पर मौजूद लोग ‘चाकू छोड़…’ कहते हुए सुनाई देते हैं। झड़प के दौरान दो युवक खून से लथपथ दिखाई देते हैं। एक के गले और दूसरे के कंधे पर गंभीर चोट नजर आती है, जबकि आसपास मौजूद लोग बीच-बचाव करते दिख रहे हैं। ढाई महीने पहले भी हुआ था विवाद थाना प्रभारी विजय परमार ने बताया कि दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। करीब ढाई महीने पहले भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। वारदात के बाद गांव में तनाव को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह खबर भी पढ़ें युवक बोला- धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने पीटा, गोली मारी:वीडियो में हथियार लेकर भागता दिखा सालिग्राम छतरपुर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई सालिग्राम गर्ग पर एक युवक को गोली मारने का आरोप लगा है। गोली युवक के सीने में लगी और पसलियों में जा फंसी। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसने पुलिस को बताया- सालिग्राम गर्ग मेरी जमीन छीनना चाहते हैं। पढ़ें पूरी खबर
बिहार में खेल के विकास के लिए IIT चेन्नई और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के बीच समझौता होगा। आज पाटलिपुत्र खेल परिसर में IIT चेन्नई के डॉ बापजी श्रीनिवासन ने तीरंदाजी और शूटिंग के लिए विकसित आई-ट्रैकिंग सिस्टम का सफल प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और डेटा आधारित विश्लेषण के माध्यम से खिलाड़ियों को साइंटिफिक ट्रेनिंग उपलब्ध कराना है। आई-ट्रैकिंग सिस्टम का सफल प्रदर्शन हुआ इस बात की जानकारी देते हुए बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि मई महीने में IIT चेन्नई के दौरे के दौरान डॉ. महेश और डॉ. बापजी श्रीनिवासन से बिहार में खेल और खिलाड़ियों के विकास पर विस्तृत चर्चा के साथ आईआईटी मद्रास के रिसर्च पार्क, विभिन्न विभाग, विभिन्न रिसर्च लैब एवं इंक्यूबेशन सेंटर का दौरा किया गया, जहां खेल और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी से जुड़े विभिन्न स्टार्टअप्स के कार्यों को करीब से समझने का अवसर मिला। इसी सिलसिले में आज उन्होंने पटना में तीरंदाजी और शूटिंग के लिए विकसित आई-ट्रैकिंग सिस्टम का सफल प्रदर्शन किया। खिलाड़ी की आंखों की एक्टिविटी को रिकॉर्ड करेंगे इस आई ट्रैकिंग सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए डॉक्टर श्रीनिवासन ने कहा कि हमारी प्रमुख तकनीकों में से एक आई-ट्रैकिंग सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से तीरंदाजों और निशानेबाज़ों के लिए विकसित किया गया है। इस सिस्टम में दो कैमरे खिलाड़ी की आंखों की गतिविधियों को रिकॉर्ड करते हैं, जबकि एक बाहरी कैमरा लक्ष्य पर नज़र रखता है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि खिलाड़ी का ध्यान किस प्रकार केंद्रित है। अनुभवी खिलाड़ी की नज़र लक्ष्य पर अधिक स्थिर रहती है, जबकि शुरुआती खिलाड़ियों की दृष्टि अपेक्षाकृत अधिक भटकती है। यह तकनीक खिलाड़ियों के फोकस का वैज्ञानिक विश्लेषण कर उनके प्रदर्शन में सुधार करने में मदद करती है। स्मार्ट इनसोल सिस्टम खिलाड़ी के जूते के अंदर लगाया जाता हमने एक स्मार्ट इनसोल सिस्टम भी विकसित किया है, जिसे खिलाड़ी के जूते के अंदर लगाया जाता है। यह पैरों पर पड़ने वाले दबाव और शरीर के संतुलन को मापता है। तीरंदाजी और शूटिंग जैसे खेलों में यह बताता है कि खिलाड़ी का भार दोनों पैरों पर समान रूप से है या नहीं, वह आगे या पीछे कितना झुक रहा है और उसकी मुद्रा कितनी संतुलित है। यही तकनीक एथलेटिक्स और भारोत्तोलन में भी उपयोगी है, जहां यह बल वितरण और मूवमेंट का सटीक विश्लेषण करती है।
ललितपुर जीआरपी थानाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह का स्थानांतरण झांसी जीआरपी में एसएसआई के पद पर हो गया है। उनके स्थान पर कौशांबी से आए दिनेश सिंह परिहार को ललितपुर जीआरपी का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंगलवार शाम को थानाध्यक्ष दिनेश सिंह परिहार ने अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने रेलवे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि प्लेटफॉर्म पर चोरी की किसी भी घटना को हर हाल में रोका जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। दिनेश सिंह परिहार का पूर्व में पॉवर कॉरपोरेशन ललितपुर-झांसी में भी कार्यकाल रहा है। इसके अतिरिक्त, वह कौशांबी में यातायात प्रभारी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
मऊगंज जिले के हनुमना नगर परिषद क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने के कारण जलभराव हो रहा है। बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्टर संजय कुमार जैन से मिलकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली की लिखित शिकायत की है। सीमेंट गोदाम में घुसा पानी, लाखों का माल खराब शिकायत के अनुसार, वार्ड क्रमांक 8 में बिजली कार्यालय के सामने स्थित रत्ना ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीमेंट गोदाम के पास की नाली लंबे समय से बंद है। नाली में भारी मात्रा में कचरा जमा होने के कारण बारिश का पानी सीधे गोदाम के भीतर घुस गया। इससे गोदाम में रखी सीमेंट, फ्लाई ऐश ब्रिक और पेवर ब्लॉक बनाने के लिए रखा गया भारी मात्रा में कच्चा माल पानी में भीगकर पूरी तरह खराब हो गया। छह से आठ माह से नहीं हुई नालियों की सफाई कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस नाली की पिछले छह महीने से सफाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर परिषद सीएमओ और सब इंजीनियर को कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि नगर के कई इलाकों में पिछले आठ महीनों से सफाई कार्य ठप है। मुआवजे की मांग, कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन ब्लॉक अध्यक्ष ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर हनुमना नगर परिषद क्षेत्र की सभी नालियों की तत्काल सफाई कराने, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने और जलभराव से प्रभावित हुए व्यापारियों व नागरिकों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मधुबनी में मंगलवार शाम 5:00 बजे से मधुबनी समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला पुलिस की मासिक क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान जिले में विधि-व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जून माह में निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य करते हुए 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए 43 पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार संध्या 7:00 बजे मधुबनी के समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में बताया कि जून माह के दौरान जिले में कुल 1,123 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 130 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शिवम धाकड़, एएसपी रश्मि, जिले के सभी अनुमंडलों के एसडीपीओ, साइबर डीएसपी अंकुर कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार, सभी थाना अध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर सहित कई अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। लक्ष्य से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन करने वाले जिले के 43 पुलिस पदाधिकारियों को एसएसपी योगेंद्र कुमार और ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ ने संयुक्त रूप से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार आता है। जून माह में जिले भर से कुल 1,250 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हत्या के 26 और आर्म्स एक्ट के तहत 22 अपराधी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, नारकोटिक्स के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के दौरान लगभग 3.30 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा एवं ब्राउन शुगर जब्त किए गए, और 23 तस्करों व अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि मधुबनी पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक तथा आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अगर आप मीठी सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाना चाहते हैं, तो घर पर बनने वाली No Sugar Fruit Soda एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. ताजे फलों, नींबू और सोडा वाटर से तैयार यह ड्रिंक बिना अतिरिक्त चीनी के भी स्वाद और ताजगी से भरपूर होती है. इसे अपनी पसंद के किसी भी फल के साथ कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है.
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नो शुगर फ्रूट सोडा.
गर्मी और उमस भरे मौसम में ठंडी ड्रिंक पीने का मन होना आम बात है. लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सॉफ्ट ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड सोडा में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंच सकती है. अगर आप ऐसी ड्रिंक चाहते हैं जो स्वाद में भी शानदार हो और उसमें अतिरिक्त चीनी भी न हो, तो घर पर नो शुगर फ्रूट सोडा बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें फलों की प्राकृतिक मिठास और ताजगी का स्वाद मिलता है, जबकि आप अपनी पसंद के अनुसार फ्लेवर भी बदल सकते हैं.
इस ड्रिंक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी खास सामग्री या ज्यादा समय की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद ताजे फल, सोडा वाटर और कुछ सामान्य चीजों की मदद से कुछ ही मिनटों में यह ड्रिंक तैयार हो जाती है. इसमें आप आम, संतरा, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, कीवी, अनार, तरबूज या मौसमी जैसे फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. अलग-अलग फलों के साथ इसका स्वाद भी हर बार नया महसूस होगा.
सामग्री 1 कप अपनी पसंद का ताजा फल (कटा हुआ) 1 गिलास ठंडा सोडा वाटर 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस 6–8 पुदीने की पत्तियां बर्फ के टुकड़े चुटकीभर काला नमक (वैकल्पिक) कुछ स्लाइस फल सजाने के लिए बनाने का तरीका
सबसे पहले चुने हुए फल को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन्हें एक गिलास या मिक्सिंग जार में डालकर हल्का-सा मैश करें, ताकि उनका प्राकृतिक रस निकल आए. इसके बाद इसमें नींबू का रस और पुदीने की पत्तियां डालकर एक बार फिर हल्के हाथ से मिलाएं. अब सर्विंग गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें और तैयार फल का मिश्रण उसमें भर दें. आखिर में ऊपर से धीरे-धीरे ठंडा सोडा वाटर डालें. चाहें तो हल्का-सा काला नमक मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते हैं. तैयार ड्रिंक को ताजे फलों और पुदीने की पत्तियों से सजाकर तुरंत सर्व करें.
अलग-अलग फ्लेवर भी कर सकते हैं ट्राई अगर आपको थोड़ा खट्टा स्वाद पसंद है, तो संतरा और कीवी का कॉम्बिनेशन अच्छा रहेगा. मीठे स्वाद के लिए तरबूज और स्ट्रॉबेरी का मिश्रण बनाया जा सकता है. अनार और नींबू का फ्लेवर भी काफी ताजगी देता है. वहीं आम और पुदीने का कॉम्बिनेशन गर्मियों के लिए बेहतरीन माना जाता है. हर बार अलग फल चुनकर आप नई ड्रिंक का मजा ले सकते हैं.
विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
गर्मी के लिए पानी स्टोरेज और जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस, पाइप लाइनों के मेंटेनेंस के चलते 17 जुलाई को जोधपुर शहर के समस्त फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में पानी सप्लाई नहीं होगा। शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 17 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 18 जुलाई और 18 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को की जाएगी। पीएचईडी एसई राजेंद्र मेहता ने बताया कि झालामंड और 0 तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुडे क्षेत्र सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाइपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रो में 17 जुलाई को सुबह 10:00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 18 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को और 19 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 20 जुलाई को होगी।