Friday, June 5, 2026
Home Blog

पूर्णिया के NH-27 पर मक्का लदा ट्रैक्टर पलटा: स्थानीय बोले- परिवहन विभाग को देखकर भागते समय एक्सीडेंट; अवैध वसूली का आरोप – Purnia News




पूर्णिया के कसबा में आज एनएच-27 के कॉलेज चौक ओवरब्रिज पर एक मक्का लदा ट्रैक्टर हादसे का शिकार हो गया। आरोप है कि परिवहन विभाग को देखकर भागने के चक्कर में ये हादसा हुआ। इस हादसे में परिवहन विभाग की गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। परिवहन विभाग के अधिकारियों पर सड़को में अवैध वसूली का आरोप लगा है । घटना से आक्रोशित स्थानीय किसानों और चालकों ने मौके पर मौजूद ईएसआई (Enforcement Sub-Inspector) को घेरकर जमकर हंगामा किया। जानिए कैसे हुआ हादसा… चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार को एनएच 27 के कॉलेज चौक ओवरब्रिज पर परिवहन विभाग की एक गाड़ी बीच सड़क पर खड़ा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मक्का लदे ट्रैक्टर के गाड़ी ने जब सामने परिवहन विभाग की गाड़ी देखी, तो वह कार्रवाई और अवैध वसूली के डर से गाड़ी को तेज रफ्तार में भगाने लगा। इसी आपाधापी में पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क के बीचो-बीच खड़ी परिवहन विभाग की गाड़ी से जा टकराई और पलट गई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में ट्रैक्टर ड्राइवर, परिवहन विभाग का निजी ड्राइवर और मौके पर मौजूद ईएसआई बाल-बाल बच गए। घटना के बाद भागने का प्रयास, पेट्रोल पंप पर घेराव हादसे के तुरंत बाद माहौल बिगड़ता देख परिवहन विभाग के ईएसआई अपनी क्षतिग्रस्त गाड़ी को लेकर ही मौके से कसबा फ्यूल पेट्रोल पंप की ओर भाग निकले। हालांकि, अवैध वसूली से नाराज और आक्रोशित किसानों और वाहन चालकों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पेट्रोल पंप में घुसी भीड़, घेर लिया और मच गया हंगामा गुस्साई भीड़ ने पेट्रोल पंप पहुंच कर ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन को चारों तरफ से घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का बढ़ता आक्रोश देख मामले की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कसबा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन को सुरक्षा घेरे में लेकर थाने ले आई। किसानों और चालकों का गंभीर आरोप एक गाड़ी के ड्राइवर ने कहा कि परिवहन विभाग के कर्मी चालान काटने के नाम पर सिर्फ अवैध उगाही कर रहे हैं। मंडियों में मक्का बेचने जाने वाले गरीब किसानों और ट्रैक्टर चालकों से जबरन ₹500 से लेकर ₹1500 तक की वसूली की जा रही है। इसी अवैध वसूली और उत्पीड़न से बचने के लिए रात के अंधेरे या अलसुबह भारी वाहनों के चालक गाड़ियों को भगाने पर मजबूर होते हैं, जिससे ऐसे गंभीर हादसे हो रहे हैं।” नंबर प्लेट और ‘पुलिस’ स्टिकर हटाने पर उठे सवाल इस पूरी घटना में परिवहन विभाग की भूमिका तब और संदिग्ध नजर आई जब क्षतिग्रस्त वाहन से नंबर प्लेट और उस पर लगा ‘पुलिस’ का स्टिकर आनन-फानन में हटा दिया गया। जब इस संबंध में ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन से सवाल किया गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि “चूंकि वाहन दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया था और उसकी मरम्मत कराई जानी बेहद जरूरी थी, इसीलिए नंबर प्लेट और स्टिकर को वहां से हटाया गया था।”
ईएसआई ने लगे आरोपों को नकारा ईएसआई ने चालकों और किसानों की ओर से लगाए गए अवैध वसूली के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने दावा किया कि वे शुक्रवार को हमेशा की तरह एनएच 27 पर सामान्य वाहन जांच (रूटीन चेकिंग) कर रहे थे, इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने मक्का लदे ट्रैक्टर को टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर उनके सरकारी वाहन से टकराकर पलट गया। कसबा थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के कारणों और दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। हाईवे पर इस तरह बीच सड़क पर गाड़ी रोककर जांच करने और उससे पैदा होने वाले खतरों को लेकर स्थानीय लोगों में अब भी भारी आक्रोश व्याप्त है।



Source link

आदेश और नक्शों को संभालकर नहीं रखने पर कलेक्टर नाराज: रिकॉर्ड रूम के दस्तोंवेजों को सात दिन में डिजिटाइजेशन के निर्देश, दो कर्मचारियों को नोटिस – Singrauli News




सिंगरौली के कलेक्टर गौरव बैनल ने शुक्रवार को जिला रिकॉर्ड रूम (अभिलेखागार शाखा) का अचानक दौरा किया। वहां कागजातों को संभालने में मिली कमियों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई और तुरंत सब कुछ ठीक करने के लिए कहा। इस काम में लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’ भी थमा दिया गया है। निरीक्षण के दौरान जमीन से जुड़े जरूरी कागजात जैसे खसरा, खतौनी, जमीन की नाप-जोख (सीमांकन), नाम चढ़वाने (नामांतरण) के आदेश और नक्शों को सही तरीके से संभालकर नहीं रखा गया था। कलेक्टर ने इसे देखकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई और व्यवस्था सुधारने को कहा। कागजातों को सुरक्षित और सही से न रखने की वजह से सहायक ग्रेड-3 जितेंद्र भदोरिया और भृत्य छत्रपाल कुशवाहा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सात दिनों में सब कुछ ऑनलाइन करने का अल्टीमेटम कलेज्टर ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि सात दिनों के भीतर एक खास मुहिम चलाकर जमीन से जुड़े इन सभी जरूरी कागजातों को पूरी तरह कंप्यूटर पर ऑनलाइन (डिजिटाइजेशन) किया जाए और उनकी एक लिस्ट बनाई जाए। उन्होंने इसके लिए एक्स्ट्रा कर्मचारी लगाने को भी कहा है ताकि सारे कागजात सही ढंग से दर्ज हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने रिकॉर्ड रूम की रोज देखरेख करने, साफ-सफाई रखने और दीमक या कीड़े-मकोड़ों से कागजातों को बचाने के लिए समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल (दवाई छिड़काव) कराने के निर्देश दिए। सरकारी गारंटी के तहत आने वाले कामों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जो भी मामले रुके हुए हैं, उन्हें तय समय के अंदर निपटाया जाए। दो-तीन दिन में लोगों को मिले रिकॉर्ड कलेक्टर गौरव बैनल ने कहा, “जमीन के रिकॉर्ड को संभालकर रखना और समय पर लोगों को देना प्रशासन की सबसे पहली जिम्मेदारी है। सभी जरूरी कागजातों को कंप्यूटर पर चढ़ाने का काम तय समय में पूरा हो जाना चाहिए। जनता को आवेदन करने के दो से तीन दिनों के भीतर उनके कागजात मिल जाने चाहिए, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।” इस पूरे दौरे के दौरान संयुक्त कलेक्टर अखिलेश सिंह, संजीव पांडे और तहसीलदार मान सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।



Source link

चिकन-मटन का स्वाद भूल जाएंगे जब खाएंगे महुआ के कोवा की यह पारंपरिक सब्जी


Last Updated:


Mahua Kova Ki Sabji: गर्मियों के मौसम में प्रकृति हमें कई ऐसे अनमोल तोहफे देती है, जो न सिर्फ हमारी जीभ का स्वाद बदलते हैं बल्कि सेहत को भी तंदुरुस्त रखते हैं. ऐसा ही एक देसी खजाना है ‘महुआ का कोवा’. पुराने जमाने में जहां यह लोगों के लिए एक अचूक औषधि का काम करता था, वहीं आज भी गांवों में इसके पारंपरिक स्वाद के दीवाने मौजूद हैं. अगर आप भी इस गर्मी कुछ अलग और बेहद फायदेमंद ट्राई करना चाहते हैं, तो महुआ के कोवा की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है. आइए जानते हैं इसे बनाने का बेहद आसान और पारंपरिक तरीका.

Mahua Kova Ki Sabji: क्या आपने कभी इसकी सब्जी खाई है? अगर नहीं, तो आज हम आपको बताने वाले हैं कि गर्मी के इस मौसम में महुआ के कोवा की सब्जी कैसे बनाएं, जिससे आपको कुछ अलग स्वाद मिल सके. इसके साथ ही यह सब्जी सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है; क्योंकि महुआ पुराने समय में लोगों के लिए एक देसी औषधि के रूप में काम करता था. महुआ के बीज के ऊपर की जो परत होती है, उसकी सब्जी गांवों में आज भी लोग बनाकर खाते हैं. तो आइए जानते हैं कि कैसे बनती है महुआ के कोवा की सब्जी.

दो तरह से बनाई जाती है यह सब्जी
हम इसकी दो तरह की सब्जी बनाते हैं एक सूखी और दूसरी रसेदार वाली. इसकी सब्जी इतनी स्वादिष्ट होती है कि लोग इसे इतने शौक से खाते थे कि सिर्फ सब्जी से ही पेट भर जाता है. शहरी क्षेत्रों में तो यह सब्जी बमुश्किल ही बन पाती है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है.

इसी सीजन में मिलता है ‘कोवा’
कोवा, महुआ के पेड़ से निकलने वाला बीज होता है, जिसका आवरण काफी मुलायम होता है. इसी आवरण को बीज से अलग कर सब्जी बनाई जाती है, जो काफी स्वादिष्ट होती है. कोवा, महुआ के फल देने के बाद पेड़ों में लगता है और इसके लिए मई, जून और जुलाई का महीना सबसे उपयुक्त समय होता है. हालांकि, बारिश के मौसम में यह पकने लगता है.

जानिए कोवा की सब्जी बनाने का सही तरीका
खाना बनाने में और कई तरह की रेसिपी में माहिर एक्सपर्ट सविता श्रीवास्तव बताती हैं कि कोवा की सब्जी न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होती है. इसको बनाने के लिए सबसे पहले कोवा को सीधे पेड़ से तोड़कर लाते हैं. फिर घर लाकर उसके ऊपर का छिलका सूती कपड़े और छीलने वाली किसी चीज से हटा दिया जाता है. इसके बाद कोवा को एक-एक कर काटा जाता है और उसके अंदर का बीज अलग कर लिया जाता है. इसके बाद लोहे की कढ़ाई में पानी गर्म करके कोवा को थोड़ा उबालते हैं, ताकि वह नरम हो जाए. इसके बाद मसाला तैयार किया जाता है, जैसे धनिया, जीरा, हल्दी और गरम मसाला को पीसकर रखा जाता है. फिर लहसुन, मिर्च और प्याज को बारीक काटकर तड़का लगाया जाता है.

About the Author

Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



Source link

महिलाएं कलेक्टर से मिली- बोली घर के बाहर ठेका खोला: कलेक्टर ने कहा – साेमवार को हटवा देंगे, आबकारी पुलिस भी पहुंची – Alwar News




अलवर शहर में अंबेडकर नगर विस्तार कॉलोनी के मुख्य रोड पर4 दिन पहले शराब का ठेका खोलने का विरोध थमा नहीं है। शुक्रवार को महिलाएं अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला के पास पहुंच गई। कलेक्टर से महिलाओं बोली – हमारे घर के सामने ठेका खुलवा दिया। बच्चों को बाहर भेजने में परेशानी हो गई। इस पर कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा कि सोमवार तक शराब के ठेके को दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा। इसके बाद मौके पर आबकारी पुलिस भी पहुंची। महिलाओं ने उनसे भी शराब का ठेका हटाने की मांग की। अंबेडकर नगर विस्तार निवासी हल्दीना स्कूल की व्याख्याता पूनम कुमारी ने बताया कि 1 जून को शराब का ठेका खोला। तभी कॉलोनी के लोग विरोध में आ गए थे। उसके बावजूद शराब का ठेका नमवहीं हटाया गया। इस कारण शुक्रवार को अलवर कलेक्टर से कॉलोनी के लोग शिकायत करने पहुंचे। कलेक्टर के सामने महिलाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि घर के सामने ठेका खोल दिया। कैसे बेटियों को बाहर भेजें। वहां शराबी खड़े रहे थे। कभी भी कोई घटना होने का डर बना रहता है। हमारे सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई। दूसरी महिला ने कहा कि घर के बाहर बेटी को भेजने से डरने लगे हैं। यह सुनने के बाद कलेक्टर ने तुरंत कहा कि सोमवार तक शराब के ठेके को वहां से शिफ्ट करा दिया जाएगा। पूनम कुमारी ने कहा कि ऐसे में बहन-बेटियों का देर शाम निकलना मुश्किल हो गया है। अभद्र व्यवहार होने की पूरी आशंका रहती। स्कूली बच्चों को आने-जाने में असहज महसूस होने लगता है।



Source link

विश्व पर्यावरण दिवस पर दिल्ली सीएम ने किया पौधारोपण: 18 नमो ऑक्सीजन पार्कों का लोकार्पण, बोलीं- प्रदूषण को लेकर गंभीर नहीं रही पूर्व सरकार – New Delhi News




नई दिल्ली। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, सीएम रेखा गुप्ता, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण बहाली के लिए अभियान चलाया। शुक्रवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के साथ मैदानगढ़ी स्थित ‘नमो ऑक्सीजन पार्क’ में आयोजित भव्य कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी पर आधारित दिल्ली सरकार की नई पर्यावरणीय पहलों का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के पर्यावरण और वन एवं वन्यजीव मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, छतरपुर से विधायक करतार सिंह तंवर सहित अन्य जन उपस्थित थे। ऑक्सीजन पार्कों का लोकार्पण इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में विकसित 18 ‘नमो ऑक्सीजन पार्कों’ का डिजिटल लोकार्पण भी किया। यह पहल राजधानी में हरित क्षेत्र बढ़ाने, वायु प्रदूषण कम करने और लोगों को प्रकृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली सरकार की योजना के अनुसार इन 18 पार्कों के तहत आने वाले कुल 185.42 एकड़ क्षेत्र को हरित जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में पौधे लगाए जा रहे हैं। हरित राजधानी की शुरुआत एक पौधे से होती है इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा सच्चा सुशासन केवल वर्तमान के लिए कानून बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने का भी दायित्व निभाता है। एक हरित राजधानी की शुरुआत एक पौधे से होती है। विधानसभा अध्यक्ष ने पौधे रोपित कर राजधानी के पारिस्थितिक संतुलन की पुनर्स्थापना के प्रति विधानसभा की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने नागरिकों से केवल दर्शक बने रहने के बजाय प्रकृति के संरक्षक बनने का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रत्येक परिवार को कम-से-कम एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए। सभी 256 मंडलों में आयोजित किया गया एक पेड़ माँ के नाम कार्यक्रम-हर्ष मल्होत्रा विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में सभी 256 मंडलों में एक पेड़- माँ के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने पूर्वी दिल्ली के सैनी एंक्लैव के डीडीए पार्क में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में चाईना डोल नामक पौधा लगाया। वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने मयूर विहार में आम के पेड़ का वृक्षारोपण किया। वहीं मीडिया प्रभारी प्रवीण शंकर कपूर ने ग्रेटर कैलाश में आम का पेड़ लगाया। मल्होत्रा ने इस अवसर पर उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।



Source link

‘आत्मनिर्भर भारत’ का मजाक उड़ाने वालों ने देश को दूसरों पर निर्भर रखा: PM मोदी


Last Updated:

पीएम मोदी ने सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी 18,800 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी.

ख़बरें फटाफट

Zoom

पीएम मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधा.

सूरत.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए विपक्ष पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन वही लोग दशकों तक देश को दूसरे देशों पर निर्भर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज देश में कुछ निराशावादी लोग आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाते हैं. ये वे लोग हैं जिन्होंने हमेशा भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा. वे भूल जाते हैं कि दूसरों पर निर्भर रहने वाला देश कभी भी विकास की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकता, जिसका वह हकदार है.” उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक आर्थिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत और सक्षम बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज रक्षा, विनिर्माण, तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है.

सूरत के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने शहर की “सर्कुलर वाटर इकोनॉमी” की सराहना की. उन्होंने कहा कि सूरत जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बनकर उभरा है. पीएम मोदी ने कहा, “आजकल सूरत की सर्कुलर वाटर इकोनॉमी की बहुत चर्चा हो रही है. अब प्रयास यह है कि आने वाले कई दशकों तक सूरत के लिए पीने के पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से तापी बैराज परियोजना को मंजूरी दी गई है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सूरत को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने में जुटी हैं. उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाएं न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देंगी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

संगीत जगत का ‘मॉडर्न रफी’, 32 भाषाओं में गाए 6000 गाने, 1 एल्बम ने रातोंरात बनाया स्टार


Last Updated:

मशहूर सिंगर ने 90 के दशक में करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने ‘अच्छा सिला दिया’ और ‘संदेशे आते हैं’ जैसे गानों से बड़ी पहचान मिली. उन्होंने 30 साल से ज्यादा लंबे सफर में 32 भाषाओं में 6000 से ज्यादा गाने गाए. एक्टिंग में हाथ आजमा चुके सिंगर को ‘मॉडर्न रफी’ कहा जाता है. संगीत जगत में योगदान के लिए उन्हें 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. दिग्गज सिंगर ने साल 1993 की फिल्म ‘बेवफा सनम’ के गाने की रिकॉर्डिंग की पुरानी तस्वीरें शेयर करके अपने शुरुआती दिनों को याद किया.

नई दिल्ली: हम जिस सिंगर की बात कर रहे हैं, वे बॉलीवुड के सबसे चहेते गायकों में से एक हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ पुरानी और खास तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए अपने करियर के उन शुरुआती दिनों को याद किया, जब वे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

सोनू निगम ने साल 1993 की सुपरहिट फिल्म ‘बेवफा सनम’ के एक बेहद पॉपुलर गाने ‘मोहब्बत की कीमत अदा हम करेंगे’ को याद किया. उन्होंने बताया कि सितंबर 1993 में मुंबई के गोरेगांव में मौजूद मशहूर फिल्मिस्तान स्टूडियो में इस गाने की रिकॉर्डिंग हुई थी, जो उनके दिल के बहुत करीब है.(फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

सिंगिंग की दुनिया में सोनू का सफर 90 के दशक की शुरुआत में ही शुरू हो चुका था. बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में उनका पहला गाना साल 1993 की फिल्म ‘आजा मेरी जान’ का ‘ओ आसमानवाले’ था. इसके बाद उन्होंने एक टीवी सीरियल के लिए ‘हम तो छैला बन गए’ गाना भी गाया. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

Add News18 as
Preferred Source on Google

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

सोनू निगम को असली पहचान और घर-घर में पॉपुलैरिटी ‘अच्छा सिला दिया’, ‘संदेशे आते हैं’ और ‘ये दिल दीवाना’ जैसे गानों से मिली. साल 1999 में आए उनके पर्सनल एल्बम ‘दीवाना’ ने तो म्यूजिक इंडस्ट्री में धूम मचा दी और उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

सोनू निगम ने 30 साल से भी लंबे इस शानदार करियर में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने अपनी जादुई आवाज में देश-विदेश की 32 से ज्यादा भाषाओं में 6 हजार से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए हैं, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है.(फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

संगीत की दुनिया में सोनू निगम के इसी बेमिसाल योगदान के लिए साल 2022 में भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म श्री’ सम्मान से नवाजा था. सोनू निगम को आज के दौर का ‘मॉडर्न रफी’ भी कहा जाता है, क्योंकि वे महान गायक मोहम्मद रफी साहब को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानते हैं. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

सोनू सिर्फ गाने तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग भी की. उन्होंने साल 2002 में आई मल्टी-स्टारर फिल्म ‘जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी’ से बतौर लीड एक्टर अपना डेब्यू किया था, जिसमें अक्षय कुमार, सनी देओल और मनीषा कोइराला जैसे बड़े कलाकार शामिल थे. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

sonu nigam, sonu nigam songs, sonu nigam best songs, sonu nigam career, sonu nigam biography, sonu nigam life story, सोनू निगम, सोनू निगम गाने

अगर फिल्म ‘बेवफा सनम’ की बात करें, तो यह गुलशन कुमार के डायरेक्शन में बनी एक सुपरहिट म्यूजिकल थ्रिलर फिल्म थी. इस फिल्म की कहानी एक मशहूर क्रिकेटर के बारे में थी, जिसे झूठे आरोप में जेल भेज दिया जाता है और उसकी मंगेतर उसे धोखा देकर किसी और से शादी कर लेती है. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

भारत की अर्थव्यवस्था ने फिर दिखाई रफ्तार! FY26 में 7.7% रही जीडीपी ग्रोथ


Last Updated:

मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) के आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 फीसदी रही. इससे पहले फरवरी में जारी अनुमान में यह दर 7.6 फीसदी रहने की बात कही गई थी.

ख़बरें फटाफट

Zoom

रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था

नई दिल्ली. भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है. देश की आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 फीसदी रही. इससे पहले फरवरी में जारी अनुमान में यह दर 7.6 फीसदी रहने की बात कही गई थी. इससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.1% रही थी.

मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल की आखिरी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 के बीच भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही. हालांकि, यह इससे पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के 8% के मुकाबले थोड़ी कम है. इसका मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार में आई कमी रही. मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ जो तीसरी तिमाही में 12.8% पर थी, वह आखिरी तिमाही में गिरकर 7.3% पर आ गई.

RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया
आगे की बात करें तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 6.6% रहने का अनुमान लगाया है. आने वाले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है, लेकिन भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना रह सकता है.

About the Author

authorimg

विनय कुमार झासीनियर कॉपी एडिटर

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें



Source link

इंसानों के हाथ से निकल जाएगा AI का कंट्रोल? Anthropic ने दी डराने वाली चेतावनी


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया को तेजी से बदल रहा है। लेकिन अब AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) ने एक ऐसी चेतावनी दी है जिसने टेक्नोलॉजी जगत में नई बहस छिड़ गई है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में AI खुद को बेहतर बनाने और अपने से ज्यादा ताकतवर AI सिस्टम बनाने में सक्षम हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो इंसानों के लिए AI पर कंट्रोल बनाए रखना बड़ी चुनौती बन सकता है।

एंथ्रोपिक के मुताबिक, भविष्य में AI ऐसी स्थिति तक पहुंच सकता है जहां उसे खुद को बेहतर बनाने के लिए इंसानी मदद की जरूरत नहीं होगी। इसका मतलब है कि AI अपने ही अगले और ज्यादा शक्तिशाली संस्करण को डिजाइन और विकसित कर सकेगा। कंपनी ने खुलासा किया है कि मई 2026 तक उसके कोडबेस में शामिल 80% से ज्यादा कोड Claude AI द्वारा लिखा गया था। यह दिखाता है कि AI अब केवल टूल नहीं रह गया है, बल्कि विकास प्रक्रिया का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

AI से बड़े फायदे भी संभव

एंथ्रोपिक का मानना है कि यह तकनीक विज्ञान, स्वास्थ्य सेवाओं और शोध जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। AI की मदद से नई दवाएं, बेहतर चिकित्सा समाधान और कठिन वैज्ञानिक समस्याओं के जवाब तेजी से खोजे जा सकते हैं। हालांकि कंपनी ने चेताया है कि जितना ज्यादा AI सक्षम होगा, उतनी ही ज्यादा जरूरत उसकी निगरानी और सुरक्षा की होगी।

विशेषज्ञों ने क्या कहा?

टेक विशेषज्ञों का मानना है कि AI द्वारा AI बनाना इनोवेशन की गति को कई गुना बढ़ा सकता है। लेकिन इसके साथ जवाबदेही, सुरक्षा और कंट्रोल जैसे सवाल भी खड़े होंगे। फ्यूचर शिफ्ट लैब्स के को फाउंडर सागर विष्णोई का कहना है कि चुनौती अब AI बनाने की नहीं, बल्कि उसे सही दिशा में संचालित करने की है। 

AI विकास पर रोक लगाने की मांग

एंथ्रोपिक ने सुझाव दिया है कि दुनिया की प्रमुख AI कंपनियों को मिलकर एक ऐसा तंत्र बनाना चाहिए जिससे जरूरत पड़ने पर अत्याधुनिक AI के विकास को अस्थायी रूप से रोका जा सके। कंपनी का मानना है कि इससे सुरक्षा मानकों और नियमों को मजबूत करने का समय मिलेगा। हालांकि वैश्विक स्तर पर सभी कंपनियों और देशों को एक साथ ऐसा कदम उठाने के लिए तैयार करना आसान नहीं होगा।





Source link

91 KMPH की तूफानी हवा से करोड़ों दिल्‍लीवालों को मिला सुकून, शिमला जैसा मौसम


होमताजा खबरDelhi

91 KMPH की तूफानी हवा से करोड़ों दिल्‍लीवालों को मिला सुकून, शिमला जैसा मौसम

Last Updated:

IMD Delhi Weather News: दिल्‍ली में इन दिनों मौसम के विविध तेवर देखने को मिल रहे हैं. कभी पसीना टपकाउ गर्मी तो कभी तूफानी हवा के साथ बारिश. गुरुवार 4 जून 2026 का दिन भी दिल्‍लीवालों के लिए कुछ ऐसा ही रहा. अचानक से आसमान काला हो गया और तकरीबन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं. इसके साथ ही तेज बारिश भी हुई. इस वजह से गर्मी से राहत मिली.

Zoom

दिल्‍ली में गुरुवार 4 जून 2026 को तूफानी मौसम था. बवंडर उठाने वाली हवा के साथ बारिश होने से करोड़ों दिल्‍लीवालों को भीषण गर्मी से राहत मिली. (फोटो: PTI)

IMD Delhi Weather News: भीषण गर्मी से जूझ रही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों को गुरुवार शाम तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ बड़ी राहत मिली. दिन में जहां दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं शाम को आए तेज तूफान और बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. कुछ क्षेत्रों में महज कुछ घंटों के भीतर पारा 19 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया. इससे भीषण गर्मी से झुलस रहे लाखों-करोड़ों दिल्‍लीवालों ने राहत की सांस ली.

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिन में जारी किए गए येलो अलर्ट को शाम करीब सात बजे ऑरेंज अलर्ट में अपग्रेड करना पड़ा, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में गरज के साथ तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी थीं. बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने गर्मी का असर काफी हद तक कम कर दिया. बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो शाम 5:30 बजे तक अयानगर में सबसे अधिक 27.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसके बाद मयूर विहार में 24.5 मिमी और रिज क्षेत्र में 19 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई. प्रगति मैदान में 12.8 मिमी, पालम में 10.7 मिमी, पूसा में 8 मिमी, लोधी रोड में 4 मिमी और नजफगढ़ में 1.5 मिमी बारिश हुई. सफदरजंग, जिसे दिल्ली के मौसम का प्रतिनिधि केंद्र माना जाता है, वहां केवल 1.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पीतमपुरा में 0.5 मिमी बारिश हुई.

माहौल हुआ कूल-कूल

बारिश और आंधी के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली. अयानगर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 22.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, यानी करीब 19 डिग्री की कमी दर्ज की गई. दादरी में तापमान 15.7 डिग्री तक गिरा, जबकि पुष्प विहार और मयूर विहार में भी पारे में 14 से 15 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई. सफदरजंग में तापमान 40 डिग्री से घटकर 31 डिग्री सेल्सियस रह गया. आंधी के दौरान तेज हवाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा. सबसे अधिक 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा दादरी में चली. पालम में 65 किलोमीटर प्रति घंटे और सफदरजंग में 36 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम हवा दर्ज की गई.

आज के लिए येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, दिनभर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के कई दौर देखने को मिल सकते हैं. शुक्रवार और शनिवार को भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है. हालांकि, रविवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होने के संकेत हैं. दिलचस्प बात यह रही कि बारिश के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ. गुरुवार को राजधानी का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है.

About the Author

authorimg

Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



Source link