Tuesday, August 25, 2026
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काशी में एक घंटे में 50 मिमी बारिश: गरज-चमक से सहमे लोग, पांच डिग्री गिरा तापमान; 12 उड़ानें लेट – Varanasi News




सावन के अंतिम सोमवार को काशी में मौसम ने अचानक करवट ली। सोमवार रात महज एक घंटे में करीब 50 मिलीमीटर बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। रात करीब 9 से 10 बजे के बीच हुई ताबड़तोड़ बारिश के साथ तेज बिजली चमकने और बादलों की जोरदार गरज से लोग सहम गए। करीब 20 मिनट की तेज बारिश में ही कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया। इसके बाद देर रात तक कहीं तेज तो कहीं धीमी बारिश का दौर जारी रहा। पहले तीन तस्वीर देखें… शहर के कैंट, सुंदरपुर, लहरतारा, मंडुआडीह, चांदपुर और रथयात्रा समेत कई इलाकों में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दिया। सड़कों पर पानी भरने के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई और लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन पानी के बीच से गुजरते नजर आए। हालांकि रोहनिया और आसपास के ग्रामीण इलाकों में शहर की तुलना में बारिश की तीव्रता कम रही और वहां जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनी। काशी के ऊपर से गुजर रही मानसूनी द्रोणी यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मानसूनी द्रोणी का पूर्वी छोर काशी और पूर्वांचल के ऊपर से गुजर रहा है। प्रदेश से निम्न दबाव क्षेत्र तक जा रही इस द्रोणी के कारण उत्तर प्रदेश में मानसूनी सक्रियता बढ़ी है। अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में पछुआ हवाओं की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। इससे बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। शाम छह बजे से बनने लगा था बारिश का माहौल सोमवार को दिनभर मौसम का मिजाज बदला-बदला रहा। कभी धूप निकली तो कभी आसमान में बादल छा गए। हालांकि शाम करीब छह बजे के बाद से ही बारिश का माहौल बनने लगा था। रात होते-होते बादलों की आवाजाही बढ़ गई और करीब नौ बजे अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। रात 9 से 10 बजे के बीच हुई बारिश इतनी तेज थी कि शहर की सड़कों पर महज 20 मिनट के भीतर पानी जमा होने लगा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों और प्रमुख मार्गों पर जलभराव की स्थिति दिखाई दी। बारिश थमने के बाद भी कई स्थानों पर पानी जमा रहा, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। बारिश से पांच डिग्री गिरा पारा तेज बारिश का सीधा असर तापमान पर भी पड़ा। रात करीब 10 बजे के बाद तापमान लगभग पांच डिग्री तक नीचे आ गया। बारिश से पहले जहां पारा करीब 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, वहीं रात 10 बजे के बाद यह घटकर करीब 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। इससे लोगों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली। सोमवार को वाराणसी का अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने सोमवार को बारिश को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया था। मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में भी मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना जताई है। 12 उड़ानें हुईं लेट, बंगलूरू की फ्लाइट सबसे ज्यादा प्रभावित खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। सोमवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कुल 12 उड़ानें देरी से संचालित हुईं। इनमें दिल्ली की छह, मुंबई की चार और बंगलूरू की दो उड़ानें शामिल रहीं। दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली रूट की छह उड़ानों में एअर इंडिया की दो उड़ानें 44 मिनट की देरी से आईं और रवाना हुईं। इंडिगो की दो उड़ानें 53 मिनट और दो अन्य उड़ानें 25 मिनट की देरी से संचालित हुईं। मुंबई रूट की चार उड़ानों में अकासा एयर की दो उड़ानें 36 मिनट और दो अन्य उड़ानें करीब एक घंटे तीन मिनट की देरी से आईं और रवाना हुईं। वहीं बंगलूरू से वाराणसी आने-जाने वाली दोनों उड़ानें सबसे अधिक प्रभावित रहीं। दोनों उड़ानें करीब 2 घंटे 8 मिनट की देरी से संचालित हुईं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के कारण उड़ानों के समय में बदलाव और देरी की सूचना यात्रियों को पहले ही दे दी गई थी।



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संदिग्ध घुसपैठियों को लेकर बांग्लादेश बॉर्डर रवाना हुई क्राइम ब्रांच: ग्वालियर में पहचान छिपाकर रह रहे थे; जांच पूरी होने पर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू – Gwalior News




ऑपरेशन सिंदूर के बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें उनके देश वापस भेजने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने शहर के अलग-अलग इलाकों से चार बच्चों समेत 13 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। करीब 20 दिन तक पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सोमवार रात पुलिस की विशेष टीम सभी को सुरक्षा घेरे में लेकर बांग्लादेश बॉर्डर के लिए रवाना हुई। बॉर्डर पर प्रक्रिया, पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा। पहचान छिपाकर झुग्गियों में रह रहे थे संदेही पुलिस के अनुसार सभी संदेही ग्वालियर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में झुग्गियों में पहचान छिपाकर रह रहे थे। सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच ने 3-4 अगस्त की रात चिन्हित ठिकानों पर दबिश देकर महिला और बच्चों समेत 13 लोगों को हिरासत में लिया था। 20 दिन तक पूछताछ और दस्तावेजों का सत्यापन क्राइम ब्रांच ने सभी संदेहियों से पूछताछ कर उनके पहचान पत्र, भारत में प्रवेश और स्थानीय संपर्कों से जुड़ी जानकारी की जांच की। कानूनी औपचारिकताएं और शुरुआती जांच पूरी होने के बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई। बांग्लादेश बॉर्डर के लिए रवाना हुई टीम पुलिस की विशेष टीम 13 संदेहियों को लेकर सोमवार रात बांग्लादेश सीमा के लिए रवाना हुई। सीमा पर बीएसएफ और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।



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अमेरिका का ईरान की कमाई के 5 रास्तों पर बैन: इनमें सोना, टेक्नोलॉजी और शिपिंग शामिल, कहा- जो देश बिजनेस करेंगे, उन पर भी कार्रवाई


8 मिनट पहले

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अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था के 5 महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। जिनका इस्तेमाल ईरान दूसरे देशों में अपनी आर्थिक गतिविधियों के लिए करता है।

इनमें डिजिटल एसेट्स (जैसे क्रिप्टोकरेंसी), टेक्नोलॉजी, सोना, एविएशन और शिपिंग के क्षेत्र शामिल हैं। अमेरिका इन क्षेत्रों के जरिए ईरान की कमाई और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को रोकना चाहता है।

यानी अगर कोई देश इन क्षेत्रों में ईरान के साथ ऐसा कारोबार करता है जिससे उसे पैसा या आर्थिक फायदा मिलता है। तो अमेरिका उस देश पर भी प्रतिबंध लगा सकता है या उसे अमेरिकी डॉलर की वित्तीय व्यवस्था से बाहर कर सकता है।

अमेरिका ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंध लगाए जाएंगे। हालांकि, चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं।

अमेरिका बोला- अब ईरान के पास सिर्फ दो रास्ते बचे

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि हमने ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ शुरू किया है। यह ईरान और उसके सहयोगी देशों के खिलाफ एक अभियान है।

ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं। पहला- पूरी तरह से दुनिया से अलग-थलग पड़ना और गुजारे लायक अर्थव्यवस्था। दूसरा- फिर से सामान्य स्थिति की ओर बढ़ना और वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का मौका पाना।

भारत पर क्या असर पड़ सकता है, 5 पॉइंट में समझें…

ईरान के साथ आर्थिक संबंध खत्म करने के अमेरिकी प्रतिबंधों पर भारत पर असर पड़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि भारत पर सीधे अमेरिकी प्रतिबंध लग जाएंगे।

तेल: भारत ईरान से कच्चा तेल खरीदता है तो अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भुगतान और खरीद मुश्किल हो सकती है।

चाबहार पोर्ट: ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारत की रणनीतिक और कारोबारी रुचि है। अमेरिकी प्रतिबंधों का असर इस परियोजना पर पड़ सकता है।

डॉलर में भुगतान: अगर ईरान से जुड़े भारतीय कारोबार पर अमेरिकी वित्तीय प्रतिबंध लगते हैं, तो डॉलर में लेन-देन करना मुश्किल हो सकता है।

व्यापार: ईरान के साथ कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों को अमेरिकी नियमों का पालन करना पड़ सकता है।

कूटनीतिक दबाव: अमेरिका भारत से भी ईरान के साथ आर्थिक संबंध सीमित करने को कह सकता है। हालांकि, भारत अपने राष्ट्रीय हित और ऊर्जा जरूरतों के आधार पर फैसला करेगा।

भारत के तेल आयात पर कितना असर?

फिलहाल भारत अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान से नियमित रूप से तेल आयात नहीं कर रहा है। हालांकि, मध्य पूर्व में संघर्ष के दौरान जब ट्रंप प्रशासन ने समुद्र में ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में अस्थायी छूट दी थी तब भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए ईरान से कच्चा तेल खरीदा था।

पिछले कुछ महीनों में ईरान से भारत को कच्चे तेल की नई खेप नहीं मिली है। हालांकि, एक्सपर्ट के मुताबिक असली जोखिम तेल की कीमतों को लेकर है। चीन ईरानी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।

अगर अमेरिकी दबाव के कारण चीन ईरान से तेल खरीद घटाता है और दूसरे स्रोतों से तेल लेने लगता है, तो वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर भारत पर पड़ेगा।

भारत-ईरान कारोबार पर क्या असर होगा?

भारत और ईरान के बीच कारोबार पहले ही काफी घट चुका है। भारत का ईरान को निर्यात वित्त वर्ष 2019 के 3.5 अरब डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 1.2 अरब डॉलर रह गया है।

वित्त वर्ष 2026 में भारत के प्रमुख निर्यात में 81 करोड़ डॉलर का चावल, 8.2 करोड़ डॉलर की चाय और कॉफी, 6.3 करोड़ डॉलर की दवाएं, 5.4 करोड़ डॉलर के केले, 4.8 करोड़ डॉलर की चीनी और 3.4 करोड़ डॉलर की दालें शामिल थीं।

वहीं, ईरान से भारत का आयात वित्त वर्ष 2019 के 13.5 अरब डॉलर से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 37.5 करोड़ डॉलर से भी कम रह गया। वित्त वर्ष 2019 में इसमें 12.4 अरब डॉलर का कच्चा तेल शामिल था।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका की ओर से घोषित सेकेंडरी सैंक्शंस का भारत पर सीधा कितना असर पड़ेगा।

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ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी

ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल यानी टैक्स या फीस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, उनसे समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…



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CISF के कांस्टेबल को बंधक बनाया, 2 गिरफ्तार: 48 घंटे पटना मिंटो हॉस्टल में रख टॉर्चर किया, खाते से 3 लाख रुपए ट्रांजेक्शन कराए – Patna News




पटना के पीरबहोर थाना क्षेत्र में सीआईएसएफ के जीडी आरक्षी को बंधक बनाकर उसके खाते से करीब 3 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में पटना विश्वविद्यालय के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। दोनों को मिन्टो छात्रावास से जुड़े मामले में आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, नवीज कुमार मूल रूप से दरभंगा जिले के खंगरैठा गांव के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, पटना सीआईएसएफ में जीडी आरक्षी के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने 17 अगस्त को पीरबहोर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। नवीज ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त की रात दो लड़कों ने उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद उन्हें पटना विश्वविद्यालय के मिन्टो छात्रावास में करीब दो दिनों तक रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने उनके खाते से करीब 3 लाख रुपये निकाल लिए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया मामले में पीरबहोर थाना कांड संख्या 628/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष कुमार उर्फ धीरज कुमार (23) और विकास कुमार उर्फ शुभांकर (25) के रूप में हुई है। हर्ष सारण जिले का रहने वाला है और पटना विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में स्नातकोत्तर सत्र 2025-27 का छात्र है। वहीं विकास लखीसराय जिले का रहने वाला है। एसबीआई के दो डेबिट कार्ड और 50 हजार कैश मिले पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित का मोबाइल, एसबीआई के दो डेबिट कार्ड और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ठगी की बाकी 1.88 लाख रुपये की राशि को खाते में होल्ड करा दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच का जिम्मा विश्वविद्यालय TOP के प्रभारी दिवाकर पांडे को मिला था। शुरुआती जांच में पता चला कि धीरज लड़की बनकर मैसेंजर के जरिए कांस्टेबल को जाल में फसाया। उसे मिलने के लिए कृष्णा घाट के पास बुलाया। कांस्टेबल बताई गई लोकेशन पर आ गया तो उसे वहां से मिलने के नाम पर मिंटो हॉस्टल ले गए और कमरा नंबर चार में बंधक बना लिया।



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बोकारो में फ्रेंच फ्राइज का जलवा, कृष्णा स्टॉल बना फूड लवर्स का नया अड्डा

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French Fries Craze in Bokaro: अगर आप शाम के नाश्ते में कुछ नया और टेस्टी खाना चाहते हैं, तो बोकारो का सेक्टर-4 आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है. यहां का ‘कृष्णा स्टॉल’ इन दिनों अपने क्रिस्पी फ्रेंच फ्राइज के लिए काफी मशहूर हो चुका है. शाम होते ही यहां फ्रेंच फ्राइज के शौकीनों की भारी भीड़ जुटने लगती है.

स्टॉल के संचालक धीरज कुमार साहू पिछले छह महीने से इसे चला रहे हैं. इससे पहले वे सेक्टर-4 में ही मेस चलाने का काम करते थे. लेकिन कोरोना काल में उनका वह काम पूरी तरह बंद हो गया. इसके बाद वे काम की तलाश में रांची चले गए. वहां उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी में काम शुरू किया.

रांची में रहने के दौरान धीरज ने पहली बार फ्रेंच फ्राइज खाया। इसका स्वाद उन्हें बेहद पसंद आया. वहीं से उनके दिमाग में इसका स्टॉल खोलने का आइडिया आया. इसके बाद वे बोकारो वापस लौट आए और अपना फूड स्टॉल शुरू कर दिया. आज वे इसे सफलता के साथ चला रहे हैं.

फ्रेंच फ्राइज बनाने के तरीके के बारे में धीरज बताते हैं कि सबसे पहले आलू को मशीन से एक बराबर काटा जाता है. इसके बाद इसमें खास मसाले और कॉर्नफ्लोर मिलाया जाता है। फिर इसे गरम तेल में आधा फ्राई करके रख लिया जाता है.

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जब कोई ग्राहक ऑर्डर देता है, तो इसे दोबारा गरम तेल में फ्राई किया जाता है. इससे फ्राइज बाहर से एकदम क्रिस्पी और अंदर से स्वादिष्ट बनते हैं. फिर इसे प्लेट में सजाकर गरमा-गरम परोसा जाता है.

धीरज के मुताबिक, उनके स्टॉल पर रोजाना 100 प्लेट से ज्यादा फ्रेंच फ्राइज बिक जाते हैं. शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक यहाँ सबसे ज्यादा भीड़ रहती है. स्पेशल ऑर्डर देने पर यहाँ केले के चिप्स भी बनाए जाते हैं. कम कीमत और बेहतरीन स्वाद की वजह से यह स्टॉल स्थानीय लोगों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है.



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राहुल की CM फडणवीस से अपील-आदिवासी छात्रों से मिलें: लेटर लिखा- वे 10 दिन से भूख हड़ताल पर; पुणे में हॉस्टल स्टूडेंट ने बताई थीं समस्याएं




कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक लेटर लिखा। जिसमें उन्होंने राज्य के आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की। राहुल ने बताया कि ये छात्र सरकारी हॉस्टल में रहने की एज लिमिट और अपमानजनक नियमों के खिलाफ 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। राहुल ने महाराष्ट्र CM से मांग करते हुए लिखा कि वे प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से पर्सनली जाकर मिलें और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करें। उन्होंने सरकारी हॉस्टल में रहने के लिए 30 साल की उम्र सीमा जैसे कड़े नियमों में ढील देने की भी मांग की। पुणे के कार्यक्रम में छात्राओं ने बताई समस्याएं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने X पर एक पोस्ट में लिखा, “मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी, महाराष्ट्र के कई आदिवासी छात्र अपने अधिकारों की मांग को लेकर 10 दिन से ज्यादा समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं।” उन्होंने लिखा- पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ इवेंट के दौरान छात्राओं ने बताया था कि हॉस्टल में 30 साल की गैर जरूरी एज लिमिट, अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं के प्रेग्नेंसी टेस्ट जैसी अमानवीय व्यवस्थाएं लागू हैं। राहुल गांधी ने छात्रों का ज्ञापन और फडणवीस को लिखा अपना लेटर भी पोस्ट किया है। राहुल बोले- नियम छात्रों की गरिमा छीनते हैं राहुल गांधी ने लिखा कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों के आदिवासी स्टूडेंट ने उन्हें बताया है कि हॉस्टल के नियम छात्रों की गरिमा छीनते हैं और शिक्षा का रास्ता रोकते हैं। उन्होंने लिखा, “कई आदिवासी छात्र दूरदराज के गांवों से आते हैं और शहरों में पढ़ाई के लिए सरकारी हॉस्टल पर निर्भर रहते हैं। नए नियम के तहत 30 साल से ज्यादा उम्र का कोई भी व्यक्ति इन हॉस्टल में नहीं रह सकता। इससे उन छात्रों को बाहर किया जा रहा है, जो अभी पढ़ाई पूरी कर रहे हैं या परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हॉस्टल असुरक्षित हैं और वहां अक्सर खाना, साफ-सफाई और चिकित्सा सुविधा नहीं होती। उन्होंने कहा कि छात्रों को चोटें लगी हैं और सांप के काटने से मौतें भी हुई हैं। उनके मुताबिक, छात्राओं के लिए सुविधाओं की स्थिति और खराब है। छात्राओं ने लगाया था प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने का आरोप राहुल गांधी ने कहा कि लंबे समय तक बाहर रहने के बाद लौटने वाली छात्राओं को अपनी फिटनेस साबित करने के लिए प्रेग्नेंसी टेस्ट और कई दूसरी मेडिकल जांचों से गुजरना पड़ता है। उन्होंने लेटर में लिखा, “यह जानकर मुझे झटका लगा। यह अपमानजनक है और इसमें छात्राओं को तब तक दोषी माना जाता है, जब तक वे खुद को निर्दोष साबित न कर दें। यह नियम उनकी गरिमा और मानवता पर हमला है। सरकार को सुनाने के लिए छात्रों को अपनी सेहत जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।” ——————— ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा: पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें पुणे के ऑल इंडिया श्री शिवाजी मेमोरियल सोसायटी कॉलेज ग्राउंड में राहुल गांधी ने शनिवार को छात्राओं से बात की। राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने कहा, ‘महिला की पहचान उसके पिता, पति या बेटे से नहीं होती, बल्कि उसकी अपनी पहचान होती है।’ मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…



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GOA में E20 के खिलाफ AAP करेगी बड़ा इकट्ठ: मंगलवार दोपहर 3 बजे शुरू होगा दूसरा टाउनहॉल, लोगों की समस्याओं को करेंगे उजागर- केजरीवाल – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल मंगलवार को ई-20 पेट्रोल के खिलाफ दूसरा टॉउनहॉल गोवा में करेंगे। मीरामार के विवांता बैंक्वेट हॉल में दोपहर 3 बजे होने वाले टॉउनहॉल में बड़ी संख्या में ई-20 से प्रभावित लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरान लोग अपने अनुभवों को साझा करेंगे और ई-20 के खिलाफ अपनी आवाज़ को बुलंद करेंगे। साथ ही, लोग वाट्सएप नंबर 7669803441 पर भी मैसेज भेजकर अपनी समस्याएं बता सकते हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गन्ने को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट करने के कारण चीनी के दाम 45 से बढ़कर 70 रुपए हो गए। एक तरफ चीनी महंगी हो रही है और दूसरी तरह ई-20 से लोगों की गाड़ियां खराब हो रही हैं। देश में पहली ऐसी सरकार आई है, जो रिजल्ट का आंकलन किए बिना जनता पर अपने फैसले थोपती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टाउनहॉल का केजरीवाल ने किया एलान गोवा दौरे पर आए अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को प्रेसवार्ता कर कहा कि ई-20 पेट्रोल की वजह से लोगों के वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम खराब हो रहे हैं और माइलेज काफी कम हो गई है। लगभग 25 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को इथेनॉल उत्पादन के लिए डाइवर्ट कर दिया गया है। इसी वजह से पूरे देश में चीनी के दाम बढ़ गए हैं। केजरीवाल ने बताया कि 31 जुलाई को देश में चीनी 45 रुपए प्रति किलो थी, लेकिन अब यह 70 रुपए के पार जा चुकी है। एक महीने के अंदर चीनी के दाम 25 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। यह दिखाता है कि मोदी सरकार बिल्कुल अनपढ़ लोगों की सरकार है। इथेनॉल के लिए गन्ना किया जा रहा डाइवर्ट-केजरीवाल केजरीवाल ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने इथेनॉल के लिए गन्ना डाइवर्ट करना शुरू किया था, तो इनके विशेषज्ञों को कम से कम यह कैलकुलेशन करनी चाहिए थी कि इससे चीनी की कितनी कमी होगी और वह चीनी कहां से आएगी। अब चीनी महंगी हो गई है और मिलावटी पेट्रोल की वजह से भी लोग दुखी हैं। देश की कोई विदेशी मुद्रा नहीं बच रही है। सरकार का दावा था कि पेट्रोल कम करके इथेनॉल के इस्तेमाल से विदेशी मुद्रा बचेगी, लेकिन अब उसी विदेशी मुद्रा से हम लोग चीनी और मक्का इंपोर्ट कर रहे हैं। पेट्रोल की वजह से पूरा देश दुखी है और चीनी भी महंगी हो गई है। 75 साल में आज तक ऐसी बेवकूफ सरकार कभी नहीं आई होगी। टाउनहॉल में आने के लिए लोगों को केजरीवाल ने की अपील अरविंद केजरीवाल ने बताया कि मंगलवार दोपहर 3 बजे गोवा के इसी हॉल में हम लोग ई20 के मुद्दे पर एक टाउन हॉल कर रहे हैं। सभी लोग टाउन हॉल में आए। जनता की आवाज दूर-दूर तक जाएगी। जब हम सब एक साथ मिलकर लड़ेंगे, तभी इन लोगों को सुनना पड़ेगा। उन्हांने एक व्हाट्सएप नंबर 7669803441 जारी कर कहा कि इस नंबर पर मैसेज करके लोग अपनी समस्याएं बता सकते हैं। हम सबको एक साथ मिलकर सरकार से मांग करनी होगी, क्योंकि मोदी सरकार तभी सुनती है जब सब लोग इकट्ठे होकर मांग करते हैं।



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जापान से भारत को चाहिए 1580 Suzuki, पीयूष गोयल ने उद्योगपतियों से क्‍यों कहा?


भारत अब जापान से सिर्फ निवेश नहीं चाहता, बल्कि ऐसे कारोबार चाहता है जो आने वाले वर्षों में Suzuki जैसी बड़ी सफलता की कहानी बन सकें. जापान दौरे पर पहुंचे केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापानी कंपनियों के सामने ऐसा ही बड़ा लक्ष्य रखा है. 200 से ज्यादा भारतीय और जापानी उद्योगपतियों की मौजूदगी वाले बिजनेस फोरम में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों की संख्या को दोगुना किया जाना चाहिए. लेकिन उन्‍होंने टारगेट रखते हुए कहा क‍ि भारत का सपना 1580 और Suzuki जैसी कंपनियां खड़ी करने का है.

गोयल ने जापानी कारोबारियों को Suzuki की भारत में चार दशक लंबी कहानी का उदाहरण दिया. उनका कहना था कि जापान की कंपनियां भारत में सिर्फ कारोबार शुरू न करें, बल्कि उसे इतना बड़ा बनाएं कि वह खुद एक ग्लोबल बिजनेस बन जाए. उन्होंने कहा कि जिस तरह Suzuki ने भारत में बड़े पैमाने पर अपना कारोबार खड़ा किया है, उसी तरह वह चाहते हैं कि जापानी कंपनियां भी काम शुरू करें. वेंचर बनाएं. दरअसल, इस सेम‍िनार में 1580 जापानी कंपन‍ियों ने श‍िरकत की थी.पीयूष गोयल उन्‍हें ही न्‍योता दे रहे थे. सरकार के मुताबिक भारत में इस समय 1400 से ज्यादा जापानी कंपनियां काम कर रही हैं. इनमें सुजुकी, टोयोटा, होंडा, सोनी, Hitachi और Mitsubishi जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

जापान की कंपनियों के लिए भारत में क्या है?

पीयूष गोयल ने जापानी निवेशकों को भारत के बदलते बिजनेस माहौल और युवा वर्कफोर्स के बारे में बताया. कहा क‍ि भारत में मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, AI, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी, क्लीन एनर्जी और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टर में बड़े मौके हैं, आप आइए और दुन‍िया के ल‍िए प्रोडक्‍ट बनाइए. भारत का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट उसका विशाल घरेलू बाजार भी है. यानी जापानी कंपनियों के लिए भारत सिर्फ कम लागत में उत्पादन करने की जगह नहीं, बल्कि खुद एक बहुत बड़ा कंज्यूमर मार्केट भी है.

10 ट्रिलियन येन इन्‍वेस्‍टमेंट भी बड़ा लक्ष्य

भारत-जापान आर्थिक रिश्तों में निवेश का लक्ष्य भी काफी बड़ा है. दोनों देशों ने अगले 10 साल में भारत में 10 ट्रिलियन येन यानी करीब 60,000 करोड़ रुपये के जापानी निवेश का लक्ष्य रखा है. जुलाई 2026 तक इस लक्ष्य की दिशा में करीब 2 ट्रिलियन येन के निवेश कमिटमेंट हो चुके थे. अब पीयूष गोयल का जापान दौरा इसी लक्ष्य को जमीन पर उतारने की कोशिश का हिस्सा है. उनके साथ 200 से ज्यादा भारतीय कारोबारी और उद्योग प्रतिनिधि भी जापान पहुंचे हैं.

भारत की नजर सिर्फ जापान पर नहीं, पूरी दुनिया पर

गोयल ने जापानी कारोबारियों को भारत की बढ़ती FTA रणनीति के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि भारत पिछले चार वर्षों में 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका है और अब 8-9 और देशों तथा क्षेत्रीय समूहों के साथ बातचीत चल रही है. इन नए समझौतों से करीब 15 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त अर्थव्यवस्थाओं तक बाजार पहुंच मिल सकती है.

गोयल के मुताबिक भारत की मौजूदा और प्रस्तावित ट्रेड डील्स का दायरा धीरे-धीरे इतना बढ़ाने की कोशिश है कि वह दुनिया के करीब 75% ग्लोबल कॉमर्स तक पहुंच बनाने में मदद करे. सीधा मतलब यह है कि भारत जापानी कंपनियों को सिर्फ भारत के लिए उत्पादन करने का मौका नहीं देना चाहता. मकसद यह है कि भारत में बनाओ और दुनिया को बेचो.

2047 तक 4 ट्रिलियन से 30 ट्रिलियन डॉलर का सफर

कॉमर्स म‍िन‍िस्‍टर ने कहा क‍ि भारत 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को मौजूदा करीब 4 ट्रिलियन डॉलर से बढ़ाकर 30 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में काम कर रहा है. इस सफर में जापान को भारत एक अहम साझेदार के तौर पर देख रहा है. भारत चाहता है कि जापानी कंपनियां यहां फैक्ट्री लगाएं, टेक्नोलॉजी लाएं, सप्लाई चेन बनाएं, रोजगार पैदा करें और फिर भारत से दुनिया के बाजारों तक पहुंचें.



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छात्र से मारपीट के विरोध में ABVP का प्रदर्शन: सनातन धर्म इंटर कॉलेज में शिक्षक पर छात्र को पीटने का आरोप, शिक्षक पर कार्रवाई की मांग – Meerut News




सनातन धर्म इंटर कॉलेज, सदर में शिक्षक द्वारा छात्र के साथ कथित मारपीट के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) मेरठ महानगर के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने विद्यालय प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ABVP के उदय प्रताप ने आरोप लगाया कि विद्यालय के एक शिक्षक सुमन ने छात्र के साथ बर्बरता से मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोट आई। उनका कहना है कि घटना के बाद से छात्र सदमे में है और स्कूल नहीं आ पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद विद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उदय प्रताप ने बताया कि करीब तीन दिन पहले भी संगठन के कार्यकर्ता छात्रों के साथ विद्यालय पहुंचे थे। उस समय प्रिंसिपल ने मामले में बैठक कर कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई निर्णय नहीं हुआ। इसके बाद सोमवार को फिर कार्यकर्ता विद्यालय पहुंचे और छात्र के पक्ष में अपनी मांग रखी। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्कूल शिक्षा और संस्कार का केंद्र है। किसी भी छात्र के साथ मारपीट या अनुचित व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। छात्रों की सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन की है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल ने आश्वासन दिया कि सोमवार शाम विद्यालय की कमेटी की बैठक होगी और उसमें मामले पर निर्णय लिया जाएगा। ABVP ने मांग की कि जांच निष्पक्ष तरीके से कर छात्र के पक्ष में न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं। प्रदर्शन में आर्यन प्रजापति, मोहित तोमर, अनुज बैसला, अनुभव भारद्वाज, अंजलि, उदय, अपूर्व, सुरेश राणा, उज्जवल, गोविंद और रुद्र प्रताप समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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