अतुल कुमार सिंह | लखनऊ2 मिनट पहले
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बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने में शिक्षकों की सबसे अहम भूमिका है। शिक्षक विद्यार्थियों को विज्ञान रटाने के बजाय प्रयोग और अनुभव के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करें। यह बात संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार ने सोमवार को आंचलिक विज्ञान नगरी में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस (एनसीएससी) पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर से आयोजित शिक्षक कार्यशाला में कही।
कार्यशाला में लखनऊ और कानपुर मंडल के चयनित शिक्षकों ने जिला एवं अकादमिक समन्वयक के रूप में हिस्सा लिया। आंचलिक विज्ञान नगरी के प्रमुख स्वरूप मंडल ने शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को अपने आसपास की समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने के लिए प्रेरित करें।
राष्ट्रीय स्तर पर वैज्ञानिक प्रोजेक्ट पेश करते हैं
राज्य समन्वयक दीपक शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद, भारत सरकार पिछले 31 वर्षों से इस कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने वैज्ञानिक प्रोजेक्ट प्रस्तुत करते हैं।
नोडल एजेंसी इंडियन साइंस कम्युनिकेशन सोसाइटी (आईएससीओएस) के कार्यकारी सचिव एवं राज्य प्रधान अन्वेषक डॉ. वी.पी सिंह ने शिक्षकों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण कराने की अपील की। वहीं, बीएसआईपी की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों को क्षेत्र भ्रमण कराया जाए, ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों को समझते हुए सीख सकें।

राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे
आंचलिक विज्ञान नगरी के वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी रामकुमार ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को उपयोगी बताया। केएमसी भाषा विश्वविद्यालय के प्रो. सुमन कुमार मिश्रा ने आभार जताया। प्रशिक्षण सत्र में शिक्षकों को समूहों में बांटकर प्रो. डी. राम, प्रो. ओम प्रकाश और प्रो. अरविंद कुमार सिंह ने परियोजना निर्माण और मार्गदर्शन की जानकारी दी। शिक्षकों को विज्ञान नगरी की प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं से भी अवगत कराया गया।
इस वर्ष 32वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2026 का विषय ‘सतत विकास के लिए विज्ञान एवं नवाचार’ रखा गया है। कार्यशाला में प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने जिलों में बाल वैज्ञानिकों को तैयार करेंगे। जनपद स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे।












