हापुड़ में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पिलखुवा पुलिस को एक सफलता मिली है। नियमित चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को अवैध चाकू के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पूरे जनपद में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में थाना पिलखुवा पुलिस अपने क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रही थी। अभियान के दौरान पुलिस टीम को एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवक के पास से एक अवैध चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम साहिल पुत्र इमामुद्दीन निवासी पिलखुवा बताया। बिना किसी वैध अनुमति के अवैध हथियार रखने पर पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी साहिल के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य मामले में उसकी संलिप्तता सामने आती है तो उसके अनुसार भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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पिलखुवा पुलिस ने अवैध चाकू के साथ युवक पकड़ा: चेकिंग के दौरान साहिल गिरफ्तार, शस्त्र अधिनियम में केस दर्ज – Hapur News
पंचायत में काम न देने पर सरपंच पर हमला: शिवपुरी में कुल्हाड़ी के बेंट-डंडे से भाई को भी पीटा; FIR दर्ज – Shivpuri News
शिवपुरी जिले के झलवासा गांव में पंचायत में काम न देने के विवाद को लेकर सरपंच और उनके भाई पर हमला किया गया। आरोप है कि गांव के दो व्यक्तियों ने सरपंच हरिबल्लभ धाकड़ और उनके भाई पर कुल्हाड़ी के बेंट और डंडे से वार किया। इस घटना में दोनों घायल हो गए, जिनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। मामले में गुरुवार को बैराड़ थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सरपंच हरिबल्लभ धाकड़ ने पुलिस को बताया कि मंगलवार रात करीब 8 बजे वे शिवपुरी से अपने घर झलवासा लौटे थे। घर के बाहर उन्हें गांव के हरिबल्लभ जाटव और किलोई जाटव मिले। दोनों ने पंचायत में काम न देने को लेकर उनसे विवाद शुरू कर दिया और गाली-गलौज करने लगे। हाथ में चोट आईं, बीच बचाव करने आए लोगों को भी पीटा
सरपंच के विरोध करने पर हरिबल्लभ जाटव ने कुल्हाड़ी के बेंट से उनके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। इसी दौरान, किलोई जाटव ने डंडे से उनके दोनों हाथों पर वार किया। जब सरपंच के भाई रिंकी बीच-बचाव करने पहुंचे, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। रिंकी के बाएं हाथ में डंडा लगने से चोट आई है। घटना के समय हेमंत गोस्वामी और गणेश चिड़ार ने बीच-बचाव कर हमलावरों को रोका। आरोपी मौके से फरार होते समय जान से मारने की धमकी भी देकर गए। सरपंच की शिकायत पर बैराड़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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गर्मियों में मेहमानों को सर्व करें लीची की यह तीखी-मीठी और रिफ्रेशिंग डिश
Litchi Recipe: गर्मियों के सीजन में लीची का नाम सुनते ही मन में एक प्यारी सी मिठास का एहसास होता है. यह रसीला फल न सिर्फ़ स्वादिष्ट होता है, बल्कि शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखने में भी मदद करता है. वैसे तो लोग आम तौर पर लीची को ऐसे ही खाना पसंद करते हैं, लेकिन अगर आप कुछ अनोखा और खास परोसना चाहते हैं, तो लीची चाट एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मीठे और चटपटे स्वाद का यह अनोखा मेल सभी को पसंद आएगा. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे तैयार करने में बहुत कम समय लगता है…
लीची चाट बनाने के लिए सामग्री
20-25 ताज़ी लीची, 1 छोटा खीरा (बारीक कटा हुआ), 1 छोटा प्याज़ (बारीक कटा हुआ), 1 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई), 1 बड़ा चम्मच नींबू का रस, ½ छोटा चम्मच काला नमक, ½ छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर, ¼ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा ताज़ा हरा धनिया और कुछ पुदीने की पत्तियां.
बनाने का तरीका
1. लीची चाट बनाने के लिए, सबसे पहले लीची को छील लें और उसके बीज निकाल दें. लीची के गूदे को आधा-आधा काट लें ताकि यह दूसरी चीज़ों के साथ अच्छी तरह मिल जाए.
2. कटी हुई लीची, खीरा, प्याज़ और हरी मिर्च को एक बड़े कटोरे में डालें. इसके बाद, काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालें. आखिर में, नींबू का रस डालें और सभी चीज़ों को धीरे-धीरे तब तक मिलाएं जब तक वे अच्छी तरह से मिल न जाएं.
3. ऊपर से ताज़ा धनिया और पुदीने की पत्तियां डालकर सजाएं. बेहतर स्वाद के लिए, इसे 10-15 मिनट के लिए फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें.
इस डिश को क्या खास बनाता है?
लीची की नैचुरल मिठास, नींबू का हल्का खट्टापन और मसालों का हल्का स्वाद इस चाट को वाकई खास बनाते हैं. यह न सिर्फ़ स्वादिष्ट है, बल्कि गर्मियों में शरीर को ताज़गी भी देती है. इसमें मौजूद पानी और विटामिन C शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं.
अगर आप इस गर्मी में कुछ अनोखा, स्वादिष्ट और खास परोसना चाहते हैं, तो आपको लीची चाट ज़रूर आज़मानी चाहिए. इसका मीठा और ताज़गी भरा स्वाद सभी को पसंद आएगा और यकीन मानिए, आपके मेहमान इसकी रेसिपी ज़रूर पूछेंगे.
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( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
ट्रक ने बाइक सवार युवती को रौंदा, मौत: कैमूर के अस्पताल परिसर में तोड़ा दम, पिता के साथ जा रही थी वाराणसी – Kaimur News
कैमूर में गुरुवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक पर पीछे बैठी 32 वर्षीय युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। युवती ने मोहनिया अनुमंडल अस्पताल के बाहरी परिसर में दम तोड़ दिया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना कुदरा-मोहनिया मुख्य मार्ग पर नसेज गुमटी के पास हुई। मृतका की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के मोकरि गांव निवासी आनंद कुमार पटेल की बेटी ऋतुम्भरा कुमारी उर्फ ऋतु (32) के रूप में हुई है। वह अपने पिता कन्हैया सिंह के साथ मोटरसाइकिल से बनारस (वाराणसी) दवा कराने जा रही थीं। ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर पिता कन्हैया सिंह ने बताया कि नसेज गुमटी के पास पीछे से आ रहे एक अज्ञात ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनकी बेटी सड़क पर गिर गई। कन्हैया सिंह ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से आपातकालीन नंबर 112 और एम्बुलेंस को फोन किया, लेकिन काफी समय तक कोई सहायता नहीं पहुंची। इसके बाद वह अपनी घायल बेटी को मोटरसाइकिल पर ही मोहनिया अनुमंडल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मोहनिया थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलने पर वे अस्पताल पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। पुलिस की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के माथे पर गहरी चोट थी और उसका बायां पैर जांघ के पास से टूटा हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक व उसके चालक की तलाश में हाईवे पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
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Nothing Phone (4b) का डिजाइन कंपनी ने किया कंफर्म, 7 जुलाई को भारत में होगा लॉन्च
Nothing Phone (4b) की लॉन्च डेट कंपनी ने पिछले दिनों कंफर्म की है। नथिंग का यह फोन 7 जुलाई को भारत समेत ग्लोबल मार्केट में पेश किया जाएगा। कंपनी ने अब आधिकारिक तौर पर इसके डिजाइन से पर्दा हटा दिया है। इस फोन के डिजाइन में कई नई चीजें देखने को मिलेगी। नथिंग ने इस साल Phone (4a) और Phone (4a) Pro को लॉन्च किया है। ये दोनों फोन ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ आते हैं।
डिजाइन हुआ रिवील
Nothing ने अपने आधिकारिक X हैंडल से फोन का डिजाइन रिवील किया है। इसके ब्लू कलर वाले मॉडल का एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें फोन का पूरा डिजाइन रिवील हुआ है। इस फोन के बैक में ट्रांसपैरेंट डिजाइन देखने को मिलेगा। कैमरा मॉड्यूल में भी बदलाव देखा जा सकता है। इसमें दो वर्टिकली अलाइंड कैमरे दिए गए हैं। साथ में LED फ्लैश देखने को मिलेगा। कंपनी ने फोन में नए डिजाइन का Glyph लाइटिंग दिया है।
मिलेंगे ये फीचर्स
Nothing के इस फोन के फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.3 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है। इसका डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। यह फोन 50MP के Sony LYT 710 सेंसर के साथ आ सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 32MP का कैमरा मिलेगा। अन्य फीचर्स की बात करें तो इसमें Qualcomm Snapdragon 7s Gen 4 या MediaTek Dimensity 7450 प्रो चिपसेट मिल सकता है। कंपनी फोन के साथ Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम देगी, जिसके लिए 4 साल सॉफ्टवेयर और 6 साल तक सिक्योरिटी अपग्रेड मिलता रहेगा।
नथिंग के इस फोन में LPDDR5X रैम और UFS 2.2 स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। इसे 8GB रैम और 128GB/256GB स्टोरेज में पेश किया जा सकता है।नथिंग का यह नया फोन 25 हजार रुपये से कम प्राइस में आ सकता है। इस स्मार्टफोन में 5000mAh की दमदार बैटरी मिल सकती है। इसके साथ 45W का फास्ट चार्जिंग फीचर दिया जा सकता है। इससे पहले लॉन्च हुए Nothing Phone 4a को भारत में 25 हजार रुपये की प्राइस रेंज में पेश किया गया था।
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कोटा के किशोर सागर में फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल: मानसून से पहले एसडीआरएफ-एनडीआरएफ के जवानों ने दिखाया दम,एसडीआरएफ टीमों का डिप्लॉयमेंट हुआ – Kota News
कोटा शहर के नयापुरा थाना क्षेत्र स्थित किशोर सागर तालाब में मानसून सीजन को देखते हुए फ्लड रेस्क्यू मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस संयुक्त अभ्यास में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आर्मी, सिविल डिफेंस सहित अन्य संबंधित एजेंसियों ने भाग लिया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य बाढ़ और जलभराव जैसी आपात स्थितियों में बेहतर समन्वय और त्वरित बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना था। एसडीआरएफ कोटा बी कंपनी की इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले यह अभ्यास किया गया है ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में रेस्क्यू टीम पूरी तरह तैयार रहे। मॉक ड्रिल के दौरान किशोर सागर तालाब के बीच में कुछ लोगों के फंसे और डूबने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। इसके बाद जवानों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नावों और अन्य आधुनिक उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों और संसाधनों की कार्यक्षमता भी जांची गई। जवानों ने बाढ़ के दौरान बचाव कार्यों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय प्रतिक्रिया क्षमता और बेहतर होती है। इंस्पेक्टर एकता हाड़ा ने बताया कि मानसून सत्र के लिए एसडीआरएफ कोटा बी कंपनी की रेस्क्यू टीमें बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के लिए रवाना की जा रही हैं। ये टीमें मानसून समाप्त होने तक संबंधित जिलों में तैनात रहेंगी। वहीं कोटा में भी कुछ टीमों को रिजर्व रखा गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर तुरंत राहत और बचाव कार्यों के लिए भेजा जाएगा।
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केजरीवाल ने SIT को बताया फर्जी, CBI-ED जांच की मांग: राम मंदिर से चढ़ावा चोरी केस; बोले- बिना एफआईआर कैसे बनाई – New Delhi News
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच करने के लिए बनाई गई एसआईटी पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार द्वारा बनाई गई एसआईटी फ़र्ज़ी है। यूपी सरकार बताए कि किस कानून की किस धारा में ये एसआईटी बनाई गई है, कानूनन बिना एफआईआर के एसआईटी नहीं बनती। उन्होंने कहा कि ये एसआईटी केवल मामले को रफा दफा करने, ऊंचे लोगों को बचाने और आम लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए बनाई गई है। आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछ रहा है कि मामले में एफआईआर करके सीबीआई और ईडी को जांच क्यों नहीं सौंपी जा रहा। एसआईटी की कोई पावर नहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अयोध्या मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच करने के लिए एक एसआईटी बनाई गई है। एसआईटी की कोई पावर नहीं है। कानून के अंदर बिना एफआईआर के कोई एसआईटी बन ही नहीं सकती। मैं इनसे पूछना चाहता हूं कि इन्होंने जो एसआईटी बनाई है, वह किस कानून की किस धारा के तहत बनाई है, ऐसा कोई कानून नहीं है। इस एसआईटी के पास न किसी को समन करने की पावर है, न किसी को गिरफ्तार करने की और न ही किसी पर रेड मारने की। यह एसआईटी कुछ नहीं कर सकती। इसे केवल मामले की लीपापोती करने, उसे रफा-दफा करने और बड़े-बड़े लोगों को बचाने के लिए बनाया गया है। अयोध्या में नेताओं ने जमीन घोटाला भी किया अरविंद केजरीवाल ने याद दिलाया कि 2021 में भी इन्होंने एक एसआईटी बनाई थी। उस समय यह मामला उठा था कि अयोध्या के अंदर बहुत बड़े-बड़े नेताओं और अफसरों ने जमीनें खरीदकर घोटाला किया है। उस समय भी एसआईटी बनी थी, लेकिन कोई एफआईआर नहीं की गई थी। आज तक उस एसआईटी का कोई अता-पता नहीं है। थोड़े दिन में लोग इस एसआईटी को भी भूल जाएंगे। यह एसआईटी भी कुछ नहीं करने वाली है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी मीडिया में पढ़ने को मिल रहा है कि एसआईटी छोटे-छोटे आम कर्मचारियों को पकड़कर उनसे पूछताछ कर रही है। अगर इतने महीनों और सालों से चढ़ावे की चोरी हो रही थी, तो वे छोटे-छोटे कर्मचारी बिना किसी बड़े आदमी की शह के तो ऐसा कर नहीं रहे थे। जरूर चढ़ावे की चोरी ऊपर तक जा रही थी। इसमें बड़े लोगों को बचाया जा रहा है और सिर्फ छोटे लोगों की जांच चल रही है। सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा मामला अरविंद केजरीवाल ने सवाल किया कि अगर इनकी मंशा वाकई असली चोरों को पकड़ने की है, तो यह मामला सीबीआई और ईडी को क्यों नहीं सौंपा जा रहा? आज हर हिंदू और हर सनातनी पूछना चाहता है कि इस मामले में अभी तक एफआईआर क्यों नहीं हुई और यह मामला सीबीआई व ईडी को क्यों नहीं सौंपा गया। मेल भेजकर साक्ष्य देने के लिए समय मांगा उधर, “आप” उत्तर प्रदेश के प्रभारी व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि एसआईटी सिर्फ एक झुनझुना है। योगी आदित्यनाथ ने लंबा-चौड़ा भाषण देकर कहा था कि जिसके पास साक्ष्य हैं वह एसआईटी को दे, बाहर बात करने की जरूरत नहीं है। मुझे मालूम था कि एसआईटी किसी काम की नहीं है, फिर भी मैंने 20 जून को एसआईटी को चिट्ठी और मेल भेजकर साक्ष्य देने के लिए समय मांगा है। चढ़ावा चोरी का माल भी बरामद संजय सिंह ने कहा कि मेरे पास साक्ष्य हैं कि दो करोड़ रुपए की जमीन 18.5 करोड़ में, तीन करोड़ की जमीन 24 करोड़ में और 9 करोड़ की जमीन 55 करोड़ 37 लाख रुपए में खरीदी गई। राम मंदिर में इतना भारी भ्रष्टाचार और बेईमानी हुई है। 260 किलो चांदी चोरी हो गई, प्रभु श्री राम की पादुकाएं और हार भी चोरी हो गया, लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। चढ़ावे और दान में हुई चोरी का माल बरामद भी हो गया, फिर भी न कोई जेल गया और न ही कोई एफआईआर हुई। इसके उलट, वे लोग फिर मंच पर बैठकर आयोजन कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में बननी चाहिए थी SIT संजय सिंह ने कहा कि इन चंदा चोरों और चढ़ावे में चोरी करने वालों को बचाया जा रहा है, जिसका सीधा मतलब है कि ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी की पूरी ईडी पार्टी इसमें शामिल है। अब तक कोई ईडी या सीबीआई जांच नहीं हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रस्ट बनाया था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग में समयबद्ध तरीके से जांच करने वाली एसआईटी बननी चाहिए थी और बेईमानों को जेल भेजा जाना चाहिए था। इससे करोड़ों हिंदुओं का भरोसा बनता कि उनके दान पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन अभी सिर्फ रस्मअदायगी और भाषणबाजी चल रही है। ईडी पार्टी ने प्रभु श्री राम का मंदिर लूटा संजय सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के कहने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह ट्रस्ट बनाया और उसमें अपने लोगों को भर दिया। आरएसएस और ईडी पार्टी से जुड़े ये लोग खुलेआम जमीनों का घोटाला और चढ़ावे में चोरी कर रहे हैं और इस लूट का हिस्सा नीचे से लेकर ऊपर तक पहुंच रहा है। यह कोई मामूली चोरी नहीं, बल्कि हजारों करोड़ रुपए की चोरी है। प्रभु श्री राम का मंदिर लूटकर ये लोग विधायक और सांसद खरीद रहे हैं और पूरे देश में राजनीति चमका रहे हैं। क्या राम मंदिर आस्था का केंद्र है या इनकी लूट का? मैं तो बार-बार यह कह रहा हूं कि महमूद गजनवी ने सोमनाथ का मंदिर लूटा था और ईडी पार्टी ने प्रभु श्री राम का मंदिर लूटा है। यहां तक कि किसी भक्त द्वारा दान की गई कागभुशुंडी (राम भक्त कौवे) की चांदी की मूर्ति भी चोरी हो गई।
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वर्ल्ड अपडेट्स: बिल गेट्स का दावा- एपस्टीन ने ब्लैकमेल करने की कोशिश की
2 घंटे पहले
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माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष गवाही में दावा किया है कि दिवंगत वित्त कारोबारी और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने उनके विवाहेतर संबंधों से जुड़ी जानकारी के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की थी। गेट्स ने कहा कि एपस्टीन उन्हें दोबारा अपने संपर्क में लाना चाहता था, लेकिन उसका प्रयास सफल नहीं हुआ।
अमेरिकी हाउस ओवरसाइट कमेटी के समक्ष 10 जून को हुई बंद-दरवाजा गवाही का ट्रांसक्रिप्ट मंगलवार को सार्वजनिक किया गया। यह पूछताछ एपस्टीन के नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों से उसके संबंधों की जांच का हिस्सा थी।
गेट्स ने स्वीकार किया कि 2008 में यौन अपराध से जुड़ी सजा मिलने के बावजूद उन्होंने 2011 में एपस्टीन से संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि 2014 में एपस्टीन से संबंध खत्म कर लिए गए। इसके बाद एपस्टीन ने उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का इस्तेमाल कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की।
गेट्स ने दो वयस्क रूसी महिलाओं के साथ विवाहेतर संबंध होने की बात स्वीकार की, लेकिन कहा कि उनका एपस्टीन के किसी आपराधिक नेटवर्क से कोई संबंध नहीं था।
उन्होंने STD, ड्रग्स और महिलाओं से मिलवाने से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एपस्टीन ने कभी उनके लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं की। गेट्स ने यह भी कहा कि वे कभी एपस्टीन के निजी द्वीप, रैंच या फ्लोरिडा स्थित घर नहीं गए।
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टेक्सास के ICE सेंटर पर हमले दोषियों को 100 से 70 साल तक की सजा

अमेरिका के टेक्सास स्थित प्रेयरीलैंड ICE डिटेंशन सेंटर पर जुलाई 2025 में हुए हमले के मामले में 8 दोषियों को सजा सुनाई गई है। कथित लीडर और पुलिस अधिकारी को गोली मारने वाले बेंजामिन हानिल सॉन्ग को 100 साल जेल, जबकि अन्य आरोपियों को 30 से 70 साल तक की कैद दी गई।
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के मुताबिक, दोषियों को दंगा करने, हथियार और विस्फोटकों का इस्तेमाल करने, आतंकवादियों को समर्थन देने, न्यायिक प्रक्रिया में बाधा डालने और अल्वाराडो पुलिस अधिकारी की हत्या के प्रयास का दोषी पाया गया।
DOJ ने कहा कि बेंजामिन हानिल सॉन्ग इस समूह का कथित नेता था। उसी ने 4 जुलाई 2025 को हुए हमले के दौरान एक पुलिस अधिकारी को गोली मारकर घायल किया था। न्याय विभाग ने इसे एंटीफा से जुड़े दोषियों की पहली बड़ी सजा बताया।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने फैसले को “कानून और व्यवस्था की जीत” बताया है।
सितंबर 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एंटीफा को “घरेलू आतंकवादी संगठन” घोषित किया था। व्हाइट हाउस का आरोप है कि यह आंदोलन कई हिंसक प्रदर्शनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल रहा है।
एंटीफा यानी ‘एंटी-फासिस्ट’ आंदोलन वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक नेटवर्क माना जाता है। यह समूह फासीवाद विरोधी प्रदर्शनों और काउंटर-प्रोटेस्ट के लिए जाना जाता है। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था।
दुबई में 23 वर्षीय इन्फ्लुएंसर ब्रूक जॉर्ज पर ब्रिटिश युवक की हत्या का आरोप:

दुबई में 23 वर्षीय ब्रिटिश सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ब्रूक जॉर्ज पर एक ब्रिटिश नागरिक की हत्या का आरोप लगाया गया है। मृतक से उनकी पहचान फेसबुक के जरिए हुई थी। बचाव पक्ष का कहना है कि युवती ने कथित हमले के बाद आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी।
मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों की ओर से अभी तक आरोपों पर कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। यदि आरोपी इन्फ्लुएंसर पर दोष सिद्ध होता है तो उसे फायरिंग स्क्वाॉड के माध्यम मौत की सजा मिलने की आशंका है।
रिपोर्ट के अनुसार, ब्रूक की पहचान 26 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक से फेसबुक के जरिए हुई थी। फिर वह दुबई गईं। ब्रूक का कहना है कि पहली यात्रा अच्छी रही, लेकिन दूसरी बार दुबई पहुंचने पर युवक का व्यवहार काफी बदल गया और वह कथित तौर पर आक्रामक तथा नियंत्रित करने वाला हो गया।
परिवार के मुताबिक, घटना वाले दिन दोनों एक बार गए थे। इसके बाद युवक ने कथित रूप से कार और बाद में अपार्टमेंट में ब्रूक के साथ मारपीट की। परिवार का दावा है कि युवती ने दोस्तों की मदद से ब्रिटेन लौटने की व्यवस्था कर ली थी और वह केवल अपना पासपोर्ट लेने के लिए अपार्टमेंट वापस गई थीं।
ब्रूक के अनुसार, वहां फिर से उन पर हमला किया गया। उनका कहना है कि इसी दौरान उन्होंने आत्मरक्षा में पास में मौजूद रसोई के चाकू का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 22 जून को दुबई एयरपोर्ट से यूएई छोड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। बाद में उन पर हत्या का आरोप लगाया गया।
मानवाधिकार संगठन ‘डिटेन्ड इन दुबई’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी राधा स्टर्लिंग ने कहा कि मामले की जांच के दौरान ब्रूक जॉर्ज को घरेलू हिंसा की संभावित पीड़िता के रूप में देखा जाना चाहिए।
फिलहाल ब्रूक जॉर्ज को जेल में रखा गया है। संगठन ने उनकी जमानत पर रिहाई की मांग की है।
दिशा पाटनी के घर छाया मातम, एक ही दिन दो सबसे लाडले पेट्स की मौत से टूटीं एक्ट्रेस
Last Updated:
बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. जानवरों से बेहद प्यार करने वाली दिशा ने एक ही दिन में अपने दो सबसे प्यारे साथियों, डॉगी बेला और कैट जैस्मीन को हमेशा के लिए खो दिया है. इस अचानक हुए नुकसान से एक्ट्रेस पूरी तरह टूट गई हैं. जिससे फैंस भी हैरान हो गए हैं और वे भी पूछ रहे हैं कि आखिर क्या हुआ था दिशा के इन लाडलों को? नीचे पढ़ें पूरी खबर-
बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी इन दिनों गहरे सदमे में हैं. दिशा अपनी फिल्मों के साथ-साथ जानवरों से बेहद प्यार करने के लिए जानी जाती हैं और अक्सर अपने पेट्स के साथ क्यूट तस्वीरें शेयर करती रहती थीं. लेकिन आज दिशा के घर से एक बहुत ही दुखी करने वाली खबर सामने आई है. दिशा ने अपने दो सबसे प्यारे पालतू जानवरों, डॉगी बेला और बिल्ली जैस्मीन को हमेशा के लिए खो दिया है. सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि इन दोनों की मौत एक ही दिन हुई है, जिससे एक्ट्रेस पूरी तरह टूट गई हैं.

दिशा पाटनी के घर में मातम का माहौल छा गया है. एक्ट्रेस के दो सबसे लाडले पेट्स, बेला और जैस्मीन अब इस दुनिया में नहीं रहे. दिशा इन दोनों से अपने बच्चों की तरह प्यार करती थीं और उनके जाने से एक्ट्रेस का बुरा हाल हो गया है.

इस खबर ने हर किसी को इसलिए भी हैरान कर दिया क्योंकि बेला और जैस्मीन दोनों की मौत एक ही दिन हुई है. एक साथ अपने दो वफादार साथियों को खो देना किसी भी पेट लवर के लिए बहुत बड़ा झटका है और दिशा इस समय इसी दर्द से गुजर रही हैं.
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दिशा ने इस दुखद खबर को अपने फैंस के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने बेला और जैस्मीन की तस्वीरें पोस्ट की हैं और उनके लिए एक बेहद इमोशनल मैसेज लिखा है. दिशा का यह पोस्ट देखकर किसी की भी आंखें नम हो सकती हैं.

दिशा ने जैसे ही यह पोस्ट शेयर किया, उनके फैंस और करीबी दोस्त भी गहरे सदमे में आ गए. लोग लगातार कमेंट्स करके दिशा को सांत्वना दे रहे हैं. इसके साथ ही हर कोई हैरान होकर यह पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक ही दिन दम तोड़ दिया. उनकी इस पोस्ट पर रवीना टंडन ने भी दुख जताया है. इसके अलावा कई और सेलेब्स ने इस पोस्ट पर कमेंट किया है.

एक्ट्रेस ने अपने दोनों प्यारे पेट्स के लिए इमोशनल मैसेज लिखकर कुछ फोटोज पोस्ट की हैं. उन्होंने बेला के लिए लिखा- मेरे बेला, इस जिंदगी को इतना खूबसूरत और रंगों से भरने के लिए तुम्हारा बहुत-बहुत थैंक्यू. हमारा घर चुनने और मुझे अपनी मां बनाने के लिए थैंक्यू. तुमने मुझे सिखाया कि सच्चा प्यार क्या होता है. मुझे तुम्हारी आंखों में पूरी कायनात दिखती थी. मैं तुम्हें बहुत मिस कर रही हूं और दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार करती हूं. दुनिया के सबसे प्यारे बच्चे, भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे, मेरे सोलमेट. मेरा सुंदर बेलू, मैं तुम्हारी हमेशा शुक्रगुजार रहूंगी.

दिशा ने अपनी कैट जैस्मिन के लिए भी बहुत ही इमोशनल मैसेज लिखकर फोटोज पोस्ट की हैं. उन्होंने जैस्मिन के लिए लिखा- मेरी जैस्मीन, अब तक की सबसे प्यारी बच्ची बनने के लिए तुम्हारा बहुत-बहुत थैंक्यू. मुझे तुम्हारी मां बनने का मौका मिला, इसके लिए मैं तुम्हारी शुक्रगुजार हूं. तुम हमेशा मेरी प्रिंसेस रहोगी. तुम्हारा अपने पंजों से मेरे हाथों को छूना और प्यार से आवाज निकालना दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास था, जिसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती. मैं तुम्हें बहुत प्यार करती हूं और बहुत मिस कर रही हूं मेरी जासू. भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे मेरी बच्ची. तुम्हें हमेशा ऐसे ही प्यार किया जाएगा और तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगी, मेरी प्रिंसेस जैस्मीन.

दिशा जब भी अपनी फिल्मों की शूटिंग या बिजी शेड्यूल से थककर घर लौटती थीं, तो बेला और जैस्मीन ही उनका मूड ठीक करते थे. दिशा कई बार इंटरव्यूज में कह चुकी थीं कि उनके पेट्स उनके लिए सबसे बड़े स्ट्रेस बस्टर हैं और उनके साथ रहकर वह अपनी सारी थकान भूल जाती हैं. लेकिन अचानक लगे इस गहरे सदमे से उबरने में दिशा को काफी वक्त लगेगा. फैंस उन्हें कमेंट में काफी ज्यादा सपोर्ट कर रहे हैं.
संभल में मुहर्रम की आठवीं पर मेहंदी का जुलूस निकला: हजरत कासिम की याद में इमामबाड़ों में सजी मेहंदी, 20 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे – Sambhal News
संभल में मुहर्रम की आठवीं पर हजरत कासिम की शहादत की याद में मेहंदी का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस बुधवार रात 11 बजे शुरू होकर गुरुवार तड़के 4 बजे संपन्न हुआ, जबकि मेला सुबह 6 बजे तक चला। इस दौरान 20 हजार से अधिक लोग शामिल हुए। नवासा-ए-रसूल हजरत इमाम हुसैन के भतीजे और हजरत इमाम हसन के बेटे हजरत कासिम को नम आंखों से याद किया गया। जनपद संभल के थाना हयातनगर क्षेत्र की उपनगरी सरायतरीन में यह मुख्य जुलूस निकाला गया। मेहंदीदारों ने इमाम बारगाहों में मेहंदी सजाई और पारंपरिक मार्गों से जुलूस निकाला। इस दौरान “कासिम या शहीद जिंदाबाद”, “हक हुसैन” और “मौला हुसैन” के नारे लगाए गए। जुलूस सरायतरीन के मोहल्ला नवादा में बने तीन इमामबाड़ों से शुरू होकर मोहल्ला बगीचा, पीला खदाना, पुलिस चौकी चौराहा, मंगलपुरा, पन्नीग्रान, लाल मस्जिद और पैठ इतवार से होते हुए तड़के 4 बजे पुलिस चौकी सरायतरीन पर समाप्त हुआ। जगह-जगह तबारुक वितरित किए गए और राहगीरों को शबीह पिलाई गई। जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। सीओ कुलदीप कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, थाना प्रभारी संजीव बालियान और पुलिस चौकी प्रभारी सहित खुफिया विभाग ने मेले की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी। पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी जुलूस संपन्न होने तक डटे रहे। जनप्रतिनिधियों ने भी मेहंदीदारों का हौसला बढ़ाया और उन्हें नजराने पेश किए। संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौधरी सराय, गांव नूरियो सराय और सैफ खां सराय आदि क्षेत्रों में भी हजरत कासिम की शहादत की याद में मेहंदी के जुलूस निकाले गए।
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