जयपुर के द्रव्यवती प्रोजेक्ट को लेकर कलेक्ट्रेट में बुलाई गई बैठक में कलेक्टर संदेश नायक,जेडीसी सिद्धार्थ महाजन की गैर मौजूदगी पर बीजेपी सासंद और विधायकों ने जमकर नाराजगी जताई। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह और सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने खरी-खोटी सुनाते हुए ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने कहा कि अफसरों को द्रव्यवती नदी से नहीं द्रव्य (पैसे) से मतलब है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए- ‘लगता है, कलेक्टर, कमिश्नर, जेडीसी सभी ने एक ही दिन छुट्टी ले ली।’ सांसद, विधायकों के पहुंचने के करीब एक घंटे बाद कलेक्टर पहुंचे। सांसद-विधायकों ने जताई नाराजगी, पढ़िए- सांसद भड़के, विशेषाधिकार हनन में कार्रवाई की दे दी चेतावनी जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह ने अफसरों के रवैये पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- द्रव्यवती पर बैठक है और जिम्मेदार अफसर गायब हैं। कितनी बार से द्रव्यवती पर चर्चा हो रही है लेकिन गंभीरता का आलम यह है कि जिम्मेदार ही बैठक में नहीं आते। सांसद ने गुस्से में विशेषाधिकार हनन में कार्रवाई करने तक की चेतावनी दे दी। उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक का प्रोटोकॉल आपसे बहुत हाई होता है। हमें कुछ प्रिविलेज हैं, हम तो साधारण लोग हैं इसलिए कुछ करना नहीं चाहते। हम चाहें तो बहुत कुछ कर सकते हैं, एक तरफ लोकसभा है, दूसरी तरफ विधानसभा है।
विधायक गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्य (पैसे) से मतलब बैठक में सिविल लाइंस से बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने अफसरों के कामकाज की शैली पर जमकर सवाल उठाए और तंज कसा। गोपाल शर्मा ने कहा- अफसरों को द्रव्यवती से मतलब ही नहीं है। कोई काम ही नहीं करना चाहता। जनप्रतिनिधियों को पूछकर काम नहीं किए जा रहे हैं। द्रव्यती पर बैठक बुला ली लेकिन सभी छुट्टी पर चले गए हैं। जयपुर से सांसद मंजू शर्मा ने भी नाराजगी जतताते हुए कहा कि हम इस मुद्दे को लोकसभा तक उठाएंगे। अफसरों का यह बर्ताव ठीक नहीं है, ऐसा कैसे कर सकते है। बैठक बुलाकर खुद ही नहीं आए। बैठक में घंटे भर बाद पहुंचे कलेक्टर बैठक में कलेक्टर संदेश नायक घंटे भर की देरी से पहुंचे थे जबकि सासंद और विधायक पहले ही पहुंच गए थे। जेडीसी और नगर निगम आयुक्त बैठक में नहीं पहुंचे, उनकी जगह जूनियर अफसरों को भेजा गया। यह बैठक पहले से तय थी। आम तौर पर सांसद, विधायकों वाली बैठक में कलेक्टर सहित सभी सीनियर अफसर मौजूद रहते हैं। इसी बात पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। अफसरों के कामकाज के तरीकों पर पहले भी सवाल उठ चुके बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा पहले भी अफसरों के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं। गोपाल शर्मा ने अफसरों पर जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा करने के आरोप लगाए थे। विधानसभा में भी कई बार यूडीएच सहित कई विभागों के मुद्दे उठाते हुए उन्होंने बिना विधायक से पूछे सिविल लाइंस में जेडीए और नगर निगम की तरफ से विकास के कामों में मनमानी के आरोप लगाए थे।
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बैठक में कलेक्टर-जेडीसी के नहीं आने पर सांसद-विधायक भड़के: गोपाल शर्मा बोले- अफसरों को द्रव्यवती से नहीं, पैसे से मतलब; ब्यूरोक्रेसी के रवैये पर उठाए सवाल – Jaipur News
विदेश यात्रा ही नहीं, राहु-शनि दिलाएंगे अपार दौलत और नागरिकता, जन्म कुंडली के इन शुभ योगों
Foreign Settlement Astrology Prediction: बेहतर लाइफस्टाइल, जॉब, एजुकेशन और व्यक्तिगत विकास की तलाश में आज भी लाखों लोग विदेश में बसने का सपना देखते हैं. कुछ लोग विदेश में बसने में सफल हो जाते हैं, जबकि कई लोगों को कड़ी मेहनत के बावजूद बार-बार रुकावट और देरी का सामना करना पड़ता है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, विदेश में बसना विशेष ग्रह योगों और जन्म कुंडली के कुछ खास भावों पर निर्भर करता है. ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि विदेश जाना केवल किस्मत का नहीं बल्कि भाग्य, ग्रहों और सही समय का मामला है. कुंडली के चौथे, नौवें और बारहवें भाव को मुख्य रूप से विदेश में बसने की संभावना के लिए देखा जाता है.
कुंडली का चौथा और बारहवां भाव
चौथा भाव घर, परिवार, जड़ों, भावनात्मक सुरक्षा और आराम का प्रतीक है. बारहवां भाव विदेश, जन्मस्थान से दूर रहना, अपरिचित जगहों पर जीवन और अलग माहौल का संकेत देता है. नौवां भाव लंबी दूरी की यात्रा, उच्च शिक्षा, भाग्य और दूरस्थ स्थानों से मिलने वाले अवसरों से जुड़ा है.
कुंडली में नौवां और बारहवां भाव
चौथे और बारहवें भाव के बीच मजबूत संबंध को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि व्यक्ति अपने देश को छोड़कर विदेश में बस सकता है. इसी तरह, नौवें और बारहवें भाव का संबंध भी विदेश यात्रा, विदेश में पढ़ाई, अंतरराष्ट्रीय करियर और अपने स्थान से दूर अवसरों की ओर इशारा करता है.
कुंडली में राहु का प्रभाव
राहु को विदेश में बसने के लिए सबसे मजबूत ग्रहों में से एक माना जाता है. यह व्यक्ति को नए स्थानों की ओर आकर्षित करता है और अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाता है. राहु विदेशी संस्कृतियों, अंतरराष्ट्रीय संबंधों, अचानक मिलने वाले अवसरों और जीवन में अनोखे रास्तों का भी प्रतीक है.
राहु के साथ शनि की भी भूमिका
साथ ही, शनि की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, जो धैर्य और मेहनत की परीक्षा लेता है. इससे वीजा संबंधी समस्याएं, अस्वीकृति, आर्थिक परेशानी या लंबा इंतजार हो सकता है. लेकिन अगर कुंडली में विदेश में बसने के प्रबल योग हैं, तो ज्योतिषाचार्य मानते हैं कि शनि अंत में लगातार प्रयास करने वालों को सफलता जरूर देता है.
गुरु ग्रह करेंगे कमाल
विदेश से जुड़े अवसरों में बृहस्पति भी मददगार होता है. इसका प्रभाव विकास, मार्गदर्शन, स्वीकृति, उच्च शिक्षा और विस्तार से जुड़ा है. बृहस्पति की अनुकूल दशा में अक्सर ऐसे मौके मिलते हैं, जो विदेश जाने या बसने में मदद करते हैं.
विदेश में बसने के मजबूत योग
ज्योतिष में दशा और गोचर को भी बहुत महत्व दिया जाता है. अगर कुंडली में विदेश में बसने के मजबूत योग हैं, तो भी परिणाम तभी मिलते हैं जब ग्रहों का सही समय आता है. बड़े बदलाव जैसे शिफ्टिंग, वीजा अप्रूवल, विदेश में नौकरी के मौके या स्थायी रूप से बसना, तब एक्टिव होते हैं जब राहु, शनि या बृहस्पति की दशा या गोचर चौथे, नौवें या बारहवें भाव से जुड़े होते हैं.
कुंडली का जानना जरूरी
पढ़ाई, नौकरी और बेहतर लाइफ के लिए विदेश जाने की प्रवृत्ति बढ़ने के साथ ही विदेश में बसने से जुड़ी ज्योतिषीय सलाह लेने वालों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. आज कई लोग अपनी कुंडली दिखाकर जानना चाहते हैं कि क्या उनकी जन्म कुंडली विदेश में जीवन के लिए अनुकूल है और सही समय कब है. ज्योतिषाचार्य कहते हैं कि किसी एक योग को विदेश में बसने का संकेत नहीं माना जा सकता, बल्कि पूरी कुंडली का विश्लेषण जरूरी है. हालांकि, चौथे, नौवें और बारहवें भाव के बीच मजबूत संबंध और अनुकूल ग्रह दशाएं आमतौर पर देश से बाहर जीवन के प्रमुख संकेत माने जाते हैं.
टॉयलेट में बर्तन धोने पर IRCTC vs FSSAI, रेलवे बोला- कोई नोटिस नहीं मिला
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लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस में कथित तौर पर ट्रेन के टॉयलेट परिसर में खाने के बर्तन धोने का वीडियो वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है. एक तरफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने दावा किया है कि उसने इस मामले में रेलवे की सहायक कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC) को नोटिस जारी किया है, वहीं दूसरी ओर IRCTC ने कहा है कि उसे FSSAI की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है. हालांकि रेलवे कैटरिंग कंपनी ने यह भी माना है कि घटना के बाद कार्रवाई की गई है.
ट्रेन टॉयलेट में धोए जा रहे थे बर्तन
अगर आप भी ट्रेन में सफर के दौरान खाना ऑर्डर करते हैं, तो यह खबर आपको हैरान कर सकती है। सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जिसने ट्रेन के खाने की सफाई पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. मामला लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-एर्नाकुलम दुरंतो एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12223) का है. इस ट्रेन के टॉयलेट में खाने के बर्तन धोए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है. इस पूरे मामले पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) और रेलवे की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) के बीच बयानों की जंग छिड़ गई है.
एक तरफ जहाँ FSSAI ने इसे यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ बताते हुए कड़ा नोटिस जारी करने का दावा किया है, वहीं दूसरी तरफ IRCTC ने साफ कर दिया है कि उन्हें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला है. हालांकि, रेलवे ने यह भी जोड़ा कि वीडियो सामने आते ही उन्होंने आरोपी स्टाफ पर तुरंत सख्त एक्शन ले लिया था.
FSSAI का दावा, स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन
वीडियो सामने आने के बाद FSSAI ने इसे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया. FSSAI ने इस घटना को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस, 2011 का सीधा उल्लंघन माना है. FSSAI के मुताबिक, उन्होंने 28 मई 2026 को IRCTC को एक वैधानिक नोटिस जारी किया है. इस नोटिस में IRCTC से तुरंत पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है और चेतावनी दी गई है कि लापरवाही जारी रहने पर फूड सेफ्टी एक्ट, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
IRCTC की सफाई- FSSAI से कोई नोटिस नहीं मिला.
आईआरसीटीसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर FSSAI के दावों को खारिज करते हुए स्थिति साफ की है. आईआरसीटीसी ने साफ किया कि उन्हें इस मामले में FSSAI की तरफ से कोई नोटिस हासिल नहीं हुआ है. रेलवे कैटरिंग कंपनी ने यह भी साफ किया कि उसके सभी मोबाइल कैटरिंग यूनिट्स FSSAI लाइसेंस के तहत संचालित होते हैं, लेकिन उनका निरीक्षण और नियमन रेलवे के नामित अधिकारियों की ओर से किया जाता है, न कि FSSAI अधिकारियों की ओर से.
This is to clarify that IRCTC has received no notice from FSSAI in this case. All mobile catering units operates with FSSAI licenses issued by designated Railway authorities as per rules and regulations and not FSSAI authorities.
जाह्नवी कपूर ने मलयालम फिल्मों से क्यों किया तौबा? कभी नहीं करेंगी काम
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जाह्नवी कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चर्चा में हैं. बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के बाद अब वह साउथ सिनेमा में भी लगातार सक्रिय नजर आ रही हैं. हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू में मलयालम भाषा को लेकर ऐसा खुलासा किया, जिसने उनके फैंस का ध्यान खींच लिया. जाह्नवी ने साफ कहा कि वह फिलहाल दोबारा मलयालम फिल्मों में काम करने के बारे में नहीं सोच रही हैं. एक्ट्रेस ने इसके पीछे की वजह का खुलासा किया.
नई दिल्ली. एक इंटरव्यू में जाह्नवी कपूरने बताया कि वह अलग-अलग भारतीय भाषाओं को सीखने और उनमें काम करने को लेकर काफी उत्साहित रहती हैं. उनका मानना है कि एक कलाकार के तौर पर नई भाषाएं और संस्कृतियां सीखना उनके अनुभव को और समृद्ध बनाता है. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि मलयालम भाषा उनके लिए अब तक की सबसे कठिन भाषाओं में से एक साबित हुई है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

जाह्नवी ने कहा, ‘मैं सच में सभी भाषाएं सीखना चाहती हूं. मुझे नई भाषाएं और नई संस्कृतियां बहुत आकर्षित करती हैं, लेकिन मलयालम की फोनेटिक्स यानी उच्चारण मेरे लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहे. मुझे नहीं लगता कि मुझे दोबारा मलयालम भाषा में काम करना चाहिए, क्योंकि इसे सही तरीके से बोलना मेरे लिए काफी मुश्किल है. हालांकि यह बेहद खूबसूरत और मधुर भाषा है.’ (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

अभिनेत्री ने आगे बताया कि तमिल और तेलुगु भाषाओं के साथ वह अधिक सहज महसूस करती हैं. उनके अनुसार इन भाषाओं की ध्वनियों और बोलने के तरीके से वह काफी हद तक परिचित हैं, इसलिए उनमें अभिनय करना उनके लिए आसान रहता है. यही वजह है कि वह भविष्य में तेलुगु और तमिल सिनेमा में और अधिक काम करने की इच्छुक हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)
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जाह्नवी कपूर ने साल 2024 में फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के जरिए तेलुगु सिनेमा में कदम रखा था. इस फिल्म में उन्होंने अभिनेता राम चरण के साथ काम किया और दक्षिण भारतीय दर्शकों के बीच भी अपनी पहचान बनाई. अभिनेत्री का कहना है कि तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में काम करने का अनुभव उनके लिए बेहद सुखद रहा है. उन्होंने कहा कि उन्हें वहां की कार्यशैली, दर्शकों का प्यार और फिल्मों की भव्यता काफी पसंद आई है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

साल 2018 में फिल्म ‘धड़क’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली जाह्नवी कपूर ने अपने करियर में कई अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाई हैं. ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’, ‘मिली’, ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ और ‘देवरा: पार्ट 1’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को सराहा गया है. अब वह अपने करियर के नए दौर में रीजनल सिनेमा में भी लगातार संभावनाएं तलाश रही हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

इस बीच जाह्नवी अपनी अपकमिंग तेलुगु फिल्म ‘पेड्डी’ की रिलीज की तैयारियों में व्यस्त हैं. निर्देशक बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी यह एक एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसमें उनके साथ सुपरस्टार राम चरण मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

ट्रेलर में गांव की पृष्ठभूमि, संघर्ष, मेहनत और खेलों के प्रति जुनून को प्रभावशाली अंदाज में दिखाया गया है. राम चरण फिल्म में ‘पेड्डी’ नाम के एक एथलीट का किरदार निभा रहे हैं, जो क्रिकेट, कुश्ती और दौड़ जैसे विभिन्न खेलों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश करता है. फिल्म में खेल, एक्शन और भावनाओं का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)

‘पेड्डी’ में राम चरण और जाह्नवी कपूर के अलावा शिव राजकुमार, दिव्येंदु और बोमन ईरानी भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. मजबूत कलाकारों से सजी यह फिल्म ग्रामीण परिवेश, प्रेरणादायक कहानी और दमदार एक्शन के साथ दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है.फिल्म 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. (फोटो साभार इंस्टाग्राम janhvikapoor)
CUET यूजी परीक्षा में दिक्कत, NTA ने मांगी माफी, कई केंद्रों पर एग्जाम में देरी
नई दिल्ली (CUET UG 2026). देश में पहले से ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर भारी घमासान मचा हुआ है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी चौतरफा विवादों से घिरी है. इसी बीच, आज यानी 30 मई 2026 को एनटीए की एक और परीक्षा सीयूईटी यूजी 2026 के परीक्षा केंद्रों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. देश के कई परीक्षा केंद्रों पर सुबह की शिफ्ट का पेपर अपने तय समय पर शुरू नहीं हो सका, जिससे सेंटर्स के बाहर तपती धूप में खड़े उम्मीदवारों और उनके माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा. इस हंगामे के बाद आनन-फानन में एनटीए को आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देना पड़ा है.
TCS के सर्वर में खराबी: अटकी सीयूईटी परीक्षा!
भारत की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलता है. आज, 30 मई को सीयूईटी परीक्षा शुरू होते ही टीसीएस के सिस्टम ने जवाब दे दिया. एनटीए ने बताया कि टीसीएस की तरफ से आई इस तकनीकी खराबी के कारण कुछ चुनिंदा सेंटर्स पर परीक्षा समय से शुरू नहीं हो सकी. कंप्यूटर स्क्रीन और सर्वर डाउन होने की वजह से छात्र अपनी सीटों पर बैठे इंतजार करते रहे. हालांकि, एनटीए का दावा है कि अब इस तकनीकी खराबी को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है और प्रभावित सेंटर्स पर परीक्षा दोबारा सुचारू रूप से शुरू करा दी गई है.
दोपहर की शिफ्ट का समय बदला: अब 3 नहीं, 4 बजे से शुरू होगा पेपर
सुबह की शिफ्ट में हुई इस देरी का सीधा असर दोपहर के सत्र पर पड़ा है. एनटीए ने तुरंत एडवाइजरी जारी कर दोपहर की शिफ्ट के समय को री-शेड्यूल कर दिया है. नए टाइमिंग के मुताबिक:
- रिपोर्टिंग और एंट्री का समय: दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा.
- परीक्षा शुरू होने का समय: अब दोपहर 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे से परीक्षा शुरू होगी.
एनटीए ने सभी संबंधित परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे नए टाइमिंग के हिसाब से ही उम्मीदवारों को एंट्री दें, जिससे सेंटर्स पर अफरा-तफरी का माहौल न बने.
सुबह वाले छात्रों को मिलेगा पूरा समय, बीच में निकलने पर रोक
देरी से परेशान सुबह की शिफ्ट के उम्मीदवारों को राहत देते हुए एनटीए ने साफ किया है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. तकनीकी खराबी के कारण जितना भी समय बर्बाद हुआ है, उसकी पूरी भरपाई ‘कंपनसेटरी टाइम’ (Compensatory Time) देकर की जा रही है. छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित पूरा समय दिया जाएगा. इसके साथ ही एनटीए ने सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए सख्त नियम लागू किया है कि सुबह की शिफ्ट का कोई भी उम्मीदवार अपना पेपर पूरा किए बिना या निर्धारित समय से पहले एग्जाम हॉल से बाहर नहीं निकल सकेगा.
M/s TCS has reported that a technical glitch at their end delayed the commencement of CUET (UG) 2026 at some centres on 30.05.2026. The issue has since been resolved, and the exam is being conducted with full compensatory time so that no candidate…
एनटीए ने जताया खेद, हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी
पहले से ही विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही एनटीए ने इस घटना के तुरंत बाद उम्मीदवारों और अभिभावकों को हुई मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है. इसके साथ ही, किसी भी तरह की शंका, शिकायत या मदद के लिए एनटीए ने हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की है. उम्मीदवार और पेरेंट्स किसी भी अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रख सकते हैं:
- हेल्पलाइन नंबर: +91-11-40759000
- ऑफिशियल ईमेल: cuet-ug@nta.ac.in
- ऑफिशियल वेबसाइट: https://cuet.nta.ac.in
कई केंद्रों से परीक्षा रद्द होने की सूचना
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एनटीए के ट्वीट के नीचे कमेंट सेक्शन में कई उम्मीदवार आज की सीयूईटी यूजी परीक्षा रद्द होने की जानकारी दे रहे हैं. इन उम्मीदवारों ने कमेंट में लिखा है कि नोएडा के सेक्टर 64 समेत कई केंद्रों में परीक्षा शुरू ही नहीं हुई.
The CUET exam scheduled to conclude at 10:30 AM today has not yet commenced at centre Webinfotron Technologies Pvt. Ltd Adjacent to Ganga International school khasra no 265 delhi 110081 Parents are waiting since morning for their children with no official update. @ANI pic.twitter.com/gAtcCjeJXV— 𝑃𝑜𝑜𝑗𝑎 𝑅𝑎𝑗𝑝𝑢𝑡 (@Thepoojarajput) May 30, 2026
कई अभिभावकों का कहना है कि जो सीयूईटी यूजी परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होकर 10.30 बजे खत्म होनी थी, वो शायद अब तक शुरू ही नहीं हुई है. 1 बज चुका है और उनके बच्चे अभी तक सीयूईटी यूजी परीक्षा केंद्र से बाहर ही नहीं निकले हैं.
बॉलीवुड की पहली महिला डायरेक्टर, 1 फैसले से तोड़ डाली थी इंडस्ट्री की बेड़ियां
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भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए नई राह बनाने वाली फातमा बेगम को देश की पहली महिला फिल्म निर्देशक माना जाता है. 1892 में जन्मीं फातमा ने उर्दू थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में मूक फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री बनीं. 1926 में उन्होंने ‘बुलबुल-ए-परिस्तान’ का निर्देशन कर इतिहास रच दिया. उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘फातमा फिल्म्स’ की भी स्थापना की, जहां लेखन, निर्माण, निर्देशन और अभिनय की जिम्मेदारी संभाली. उनकी बेटियों में जुबैदा ने भारत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ में अभिनय किया.
फातमा बेगम बॉलीवुड की पहली महिला डायरेक्टर थीं.
नई दिल्ली. फिल्म इंडस्ट्री में आज जया अख्तर, फराह खान, मेघना गुलजार और जोया अख्तर जैसी महिला फिल्मकारों का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है. ये वो महिला फिल्ममेकर्स हैं जिन्होंने अपनी शानदार फिल्मों से दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई. भारतीय सिनेमा में महिलाओं के निर्देशन का रास्ता करीब एक सदी पहले ही एक साहसी महिला ने खोल दिया था. उनका नाम था फातमा बेगम, जिन्हें भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक के रूप में जाना जाता है. ऐसे दौर में जब फिल्म जगत में पुरुषों का बोलबाला हुआ करता था, उस वक्त फातमा बेगम ने अपने साहस और संकल्प से नई मिसाल कायम की थी.
साल 1892 में जन्मी फातमा बेगम ने अपने करियर की शुरुआत उर्दू थिएटर से की थी. उस समय थिएटर और फिल्मों में महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित थी, लेकिन उन्होंने सामाजिक बंधनों को चुनौती देते हुए अभिनय की दुनिया में कदम रखा. बाद में उन्होंने मूक फिल्मों में काम करना शुरू किया और अपनी प्रभावशाली अदाकारी के कारण जल्द ही इंडस्ट्री में एक पहचान बना ली.
फातमा बेगम बनीं भारत की पहली महिला डायरेक्टर
फातमा बेगम ने साल 1926 में भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा, जब उन्होंने फिल्म ‘बुलबुल-ए-परिस्तान’ का निर्देशन किया. इस फिल्म के साथ वह भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक बन गईं. यह एक फैंटेसी फिल्म थी, जिसे उस समय के हिसाब से काफी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना गया था. खास बात यह थी कि फिल्म में स्पेशल इफेक्ट्स का भी इस्तेमाल किया गया था, जो उस दौर की भारतीय फिल्मों में बहुत कम देखने को मिलता था. उनके इस प्रयोग ने साबित कर दिया कि वह केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी फिल्मकार भी थीं.
प्रोडक्शन में भी आजमाया हाथ
निर्देशन के अलावा फातमा बेगम ने प्रोडक्शन के फील्ड में भी अपना हाथ आजमाया था. उन्होंने 1926 में अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी ‘फातमा फिल्म्स’ की स्थापना की, जो बाद में ‘विक्टोरिया-फातमा फिल्म्स’ के नाम से जानी गई. इस तरह वह भारत में अपनी फिल्म निर्माण कंपनी शुरू करने वाली पहली महिलाओं में शामिल हो गईं. अपने बैनर तले उन्होंने लेखन, निर्माण, निर्देशन और अभिनय जैसी कई जिम्मेदारियां निभाईं.
दी कईं कालजयी फिल्में
इसके बाद उन्होंने ‘हीर रांझा’ (1928), ‘चंद्रावली’, ‘शकुंतला’ और ‘गॉडेस ऑफ लक’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. उनके काम ने यह साबित किया कि महिलाएं केवल पर्दे पर अभिनय ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी सफलतापूर्वक नेतृत्व कर सकती हैं. उनकी उपलब्धियों ने आने वाली पीढ़ियों की महिला फिल्मकारों के लिए नए रास्ते खोले.
फातमा बेगम का प्रभाव सिर्फ उनके करियर तक सीमित नहीं रहा. उनकी बेटियां जुबैदा, सुल्ताना और शहजादी भी मूक सिनेमा युग की लोकप्रिय अभिनेत्रियां बनीं. खास तौर पर जुबैदा ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अलग जगह बनाई, क्योंकि उन्होंने 1931 में रिलीज हुई ‘आलम आरा’ में अभिनय किया था, जिसे भारत की पहली बोलती फिल्म माना जाता है.
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From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें
फरुखाबाद में फंदे से लटका मिला महिला का शव: पति पर लगा हत्या का आरोप, भाई बोला-शराब पीकर मारपीट करता था – NawabGanj(Farrukhabad) News
फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बसंतापुर गांव में एक महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। शनिवार सुबह परिजनों को जानकारी होने पर परिजन महिला के ससुराल पहुंचे। महिला के भाई ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतका का भाई ने बहन के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कई बिंदुओं से मामले की जांच शूरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला… नवाबगंज के बसंतापुर के रहनेवाले रामतीर्थ पुत्र राधेश्याम मजदूह हैं। राधेश्याम की शादी सात साल पहले यानी 2019 में कन्नौज के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के महोना गांव की रहने वाली संगीता देवी से हुई थी। शराब पीने का आदी हो गया था और नशे की हालत में घर आकर पत्नी संगीता के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता था। शुक्रवार रात संगीता का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। रात करीब साढ़े 12 बजे संगीता की सास नन्ही देवी ने फोन कर उसके भाई इंद्रेश को घटना की जानकारी दी कि संगीता ने साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सास ने फोन कर भाई को दी जानकारी सूचना मिलने पर शनिवार तड़के करीब 4 बजे इंद्रेश अपने परिजनों के साथ गांव बसंतापुर पहुंचा और यूपी-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची यूपी-112 टीम ने प्रारंभिक जांच की और थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। भाई इंद्रेश ने जाजी पर लगाया हत्या का आरोप मृतका के भाई इंद्रेश का आरोप है कि उसका बहनोई रामतीर्थ आए दिन शराब के नशे में संगीता के साथ मारपीट करता था। उसने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे उसकी संगीता से बात हुई थी, जिसमें उसने मारपीट की जानकारी दी थी। इंद्रेश ने आरोप लगाया कि इसके बाद रामतीर्थ और उसके परिजनों ने मिलकर संगीता की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया। मृतका अपने पीछे पांच वर्षीय पुत्री राशि और डेढ़ वर्षीय पुत्र विनायक को छोड़ गई है। घटना की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य यशवीर सिंह आर्य भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। मृतका के भाई इंद्रेश ने पुलिस को तहरीर देकर बहनोई रामतीर्थ समेत उसके परिजनों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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नीमा चांदपुरा में शराब के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार: पुलिस ने की मुखबिर के सूचना पर कार्रवाई, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत भेजा – Begusarai News
बेगूसराय में नीमा चांदपुरा थाना पुलिस ने शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से 5 लीटर देशी शराब बरामद की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह छापेमारी की गई थी। इस दौरान परना गांव निवासी तूफानी यादव (पिता- शोभी यादव) को 5 लीटर देशी शराब के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी तूफानी यादव के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया । थाना प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार और तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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छिंदवाड़ा में आदिवासी प्रीमियर लीग सीजन-2 का शुभारंभ: टेनिस बॉल से होंगे क्रिकेट मैच, खिलाड़ियों को महापौर ने दी शुभकामनाएं – Chhindwara News
छिंदवाड़ा के नागपुर रोड स्थित इनर ग्राउंड में शनिवार सुबह आदिवासी प्रीमियर लीग (APL) 2026 सीजन-2 का शानदार आगाज हो गया। सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित इस हल्की टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन नगर निगम महापौर विक्रम अहके ने किया। उन
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युवाओं को मंच देने की पहल, टीमें दिखाएंगी दमखम
इस मौके पर महापौर और आयोजन के मुख्य संरक्षक विक्रम अहके ने कहा कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी काबिलियत साबित करने का बेहतर मंच प्रदान करना है। समिति के मुताबिक, आगामी दिनों में जिले और आसपास के क्षेत्रों से आई कई टीमें इस मैदान पर अपना खेल कौशल दिखाएंगी।
महापौर के द्वारा खिलाड़ियों को T-शर्ट वितरित की गई
पिछले सीजन से ज्यादा भव्य है आयोजन
इस बार प्रतियोगिता को पहले से अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है। मैदान पर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों के लिए आकर्षक पुरस्कार घोषित किए गए हैं। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और समाज के लोग मौजूद रहे, जिनमें आगामी मुकाबलों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद: कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट
व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 14 दिनों में 80 साल के होने वाले ट्रम्प की सेहत बेहतरीन हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस समय कॉलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए कुल तीन दवाएं ले रहे हैं। इनमें दो दवाएं, ‘रोसुवास्टैटिन’ और ‘एजेटिमिब’ कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए हैं। वहीं एक लो-डोज ‘एस्पिरिन’ हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए दी जा रही है। व्हाइट हाउस के डॉक्टर शॉन पी. बारबाबेला ने बताया कि ट्रम्प की सेहत शानदार है और वे राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह फिट हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी कार्डियक, फेफड़ों और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ मजबूत है। 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ट्रम्प की जांच की ट्रम्प का यह मेडिकल चेकअप मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुआ था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस दौरान 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी जांच की। इसमें CT स्कैन, हार्ट इमेजिंग, कैंसर स्क्रीनिंग और कई प्रिवेंटिव टेस्ट शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प का कॉग्निटिव और फिजिकल परफॉर्मेंस एक्सीलेंट है। डॉक्टर ने यह भी लिखा कि ट्रम्प की व्यस्त शेड्यूल, लगातार मीटिंग्स, पब्लिक इवेंट्स और शारीरिक गतिविधियां उनके ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करती हैं। डॉक्टर ने वजन कम करने की सलाह दी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प का वजन अब 238 पाउंड यानी करीब 108 किलो है। अप्रैल 2025 की पिछली मेडिकल जांच में उनका वजन 224 पाउंड यानी करीब 101.6 किलो था। ट्रम्प की लंबाई 6 फीट 3 इंच बताई गई है। डॉक्टर बारबाबेला ने ट्रम्प को वजन कम करने, हेल्दी डाइट अपनाने और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ और वेट लॉस को लेकर प्रिवेंटिव काउंसलिंग भी दी गई। बार-बार लोगों से हाथ मिलाने की वजह से हाथों पर पड़े निशान ट्रम्प के हाथों पर दिख रहे निशानों को लेकर पिछले कई महीनों से सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट में इसे लेकर भी सफाई दी गई है। डॉक्टर बारबाबेला के मुताबिक, बार-बार लोगों से हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथों पर हल्के निशान पड़ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्वतंत्र डॉक्टर पहले इस दावे पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि निशान ट्रम्प के बाएं हाथ पर ज्यादा दिखे, जबकि वे दाएं हाथ से काम करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन थी, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है। हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। ट्रम्प राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। वह अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल हैं। पिछले एक साल में उनके पैरों में सूजन, कुछ कार्यक्रमों में नींद में दिखने और गर्दन पर दिखे रैश को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। व्हाइट हाउस पहले बता चुका है कि ट्रम्प को ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ की समस्या है। यह उम्र से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिसमें पैरों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। मार्च में उनकी गर्दन पर दिखे रैश को लेकर भी कहा गया था कि वह स्किन ट्रीटमेंट की वजह से था। इसी बीच, ट्रम्प और उनके सहयोगी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। ट्रम्प ने हमेशा अपनी स्टैमिना और मानसिक क्षमता को अपनी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बताया है। मेडिकल रिपोर्ट में ‘कार्डियक एज’ का भी जिक्र व्हाइट हाउस की मेडिकल रिपोर्ट में एक और असामान्य बात शामिल की गई। डॉक्टर बारबाबेला ने दावा किया कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के आधार पर ट्रम्प की ‘कार्डियक एज’ (यानी दिल की वास्तविक उम्र) उनकी असली उम्र से 14 साल कम है। कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने इसे मेडिकल रिपोर्ट में शामिल किए जाने को असामान्य बताया। वहीं, ट्रम्प ने मंगलवार को चेकअप के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “वॉल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में मेरा 6 महीने का फिजिकल पूरा हुआ। सबकुछ बिल्कुल परफेक्ट निकला।” हालांकि, कई डॉक्टरों ने 6 महीने के फिजिकल वाले दावे पर सवाल उठाए। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की प्रोफेसर और डॉक्टर इशानी गांगुली ने कहा कि आमतौर पर फुल फिजिकल टेस्ट साल में एक बार होता है। छह महीने के फॉलोअप को आमतौर पर फिजिकल नहीं कहा जाता।
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