Wednesday, May 6, 2026
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राजस्थान-एमपी समेत 6 राज्यों में ओले गिरे: यूपी-बिहार में आंधी-बारिश से 24 घंटे में 25 मौतें; केदारनाथ में बर्फबारी


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भोपाल/लखनऊ/जयपुर/पटना6 मिनट पहले

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राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में चक्रवात बनने से देश के बड़े हिस्से में मौसम बदल गया है। उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। राजस्थान , मध्य प्रदेश, बिहार, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली में मंगलवार को ओले गिरे।

बिहार के 22 जिलों में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। सीवान में ओले गिरे। पिछले 24 घंटों में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 7 बच्चों समेत 24 लोगों की मौत हो गई। यूपी के हमीरपुर में टीन शेड गिरने से एक महिला की मौत हो गई।

मंगलवार को दिल्ली, मध्य प्रदेश के डिंडौरी, राजस्थान के बालोतरा में, हरियाणा के नूंह और झज्जर में, हिमाचल प्रदेश के शिमला में दोपहर बाद तेज बारिश के साथ मंडी और सिरमौर में ओलावृष्टि हुई।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में आंधी-बारिश जारी है। मंगलवार को 45 शहरों में तेज बारिश हुई। हमीरपुर-चित्रकूट में 70 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफान चला। राजस्थान के 5 जिलों में मंगलवार को तेज बारिश हुई।

उत्तराखंड के 8 जिलों में बारिश हुई, जबकि केदार घाटी में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ में भी तेज आंधी-बारिश से हालात प्रभावित रहे और नेशनल हाईवे-30 पर पानी भर गया।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल

7 मई:

  • असम, मेघालय और अरुणाचल में बिजली गिरने और कुछ जगह भारी बारिश का अलर्ट है।
  • यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा।
  • मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के हिस्सों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

8 मई:

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।
  • पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है।
  • बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है।

देशभर से मौसम से जुड़ी 4 तस्वीरें…

दिल्ली में मंगलवार दोपहर को कई इलाकों में ओले गिरे।

दिल्ली में मंगलवार दोपहर को कई इलाकों में ओले गिरे।

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में गिरे ओले।

हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में गिरे ओले।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई।

बिहार के वैशाली में बारिश के बाद पानी भर गया।

बिहार के वैशाली में बारिश के बाद पानी भर गया।

खबरें और भी हैं…



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जबलपुर हादसा- 20 साल पुराने क्रूज को ‘क्लीन चिट’: पर्यटन निगम का तर्क- लाइफ जैकेट पहनकर बैठना अनिवार्य नहीं, वाटर स्पोर्ट्स की गाइडलाइन भी दरकिनार – Bhopal News




मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में जिस 20 साल पुराने क्रूज की वजह से 13 मौतें हुईं, उसे एमपी टूरिज्म कॉरपोरेशन क्लीन चिट दे रहा है। हादसे की मुख्य वजह अचानक आए ‘तूफान’ को माना जा रहा है। वहीं लाइफ जैकेट पहनने को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर टूरिज्म ने अजीब तर्क देते हुए कहा है कि लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा वाटर स्पोर्ट्स की गाइडलाइन का भी पालन नहीं किया गया। यह क्रूज साल 2006 का है। इस हिसाब से उसकी उम्र 20 साल हो चुकी है। निगम के एडवाइजर राजेंद्र निगम ने बताया कि कुछ महीने पहले ही क्रूज के दोनों इंजन बदले थे। इससे उसकी उम्र 10 साल और बढ़ गई थी। क्रूज में कोई तकनीकी समस्या नहीं थी। भविष्य में ऐसा न हो, इसलिए वेदर फोरकास्ट को ठीक करेंगे। निगम के एडवाइजर ने गोवा और विदेश में संचालित क्रूज का हवाला देते हुए कहा कि वहां भी लाइफ जैकेट क्रूज में उपलब्ध है, लेकिन पर्यटक घूमने के दौरान नहीं पहनते हैं। गाइडलाइन में सुरक्षा से जुड़े मापदंड स्पष्ट सुरक्षा मानकों के आधार पर क्रूज या वोट पर सवार होते ही लाइफ जैकेट को पहनना अनिवार्य होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्टस द्वारा गाइडलाइन में तय किए गए मापदंड स्पष्ट हैं जिसमें लाइफ जैकेट भी एक है। हालांकि इन सबके बीच CM डॉ. मोहन यादव के आदेश के बाद जांच कमेटी बना दी गई है। 6 कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। दो साल पहले हुई थी क्रूज की सर्विसिंग एडवाइजर निगम का कहना है कि फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (एफआरपी) क्रूज की उम्र 20 से 25 साल होती है। यह अन्य क्रूज में सबसे सुरक्षित माना जाता है। बरगी डैम में डूबे इस क्रूज की दो साल पहले ओवरऑल सर्विसिंग कराई गई थी। इंटरनेशनल मेनी टाइम आर्गेनेशनल के नॉर्म्स को भी फॉलो कर रहे थे। निगम के अनुसार, क्रूज का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस हुआ था। इनमें यात्रियों का इंश्योरेंस भी शामिल हैं। एनजीटी के आदेश, फिर भी बोट चला रहे?
एडवाइजर निगम ने बताया, नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) के आदेश के पैरा 130 और 131 में भोपाल और रामसर साइड शिवपुरी में मोटर बोट का संचालन बंद करने का उल्लेख है। बाकी जगहों पर फोर स्ट्रोक इंजन की बोट चल सकती है। दुनिया के 36 देशों में फोर स्ट्रोक इंजन की बोटें चल रही हैं। भोपाल और शिवपुरी में नहीं चला रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट और एनजीटी में याचिका दाखिल करने वाले भोपाल के सुभाष सी. पांडे का कहना है कि एनजीटी ने उन सभाी जलस्रोतों में मोटर बोट चलाने पर प्रतिबंध लगाया है, जिनका पानी पीने के लिए उपयोग किया जा रहा हो। बरगी डैम का पानी पीने के लिए उपयोग होता है। ऐसे में यहां पर गलत तरीके से क्रूज चलाया जा रहा था। तूफान की पूरी जिम्मेदारी?
तकनीकी रूप से पूरी तरह से ठीक होने के बावजूद क्रूज का डैम में डूब गया? इस सवाल पर एडवाइजर निगम कहते हैं कि प्रदेश में 16 बोट क्लब है। 18 साल से कहीं भी सिंगल एक्सीडेंट नहीं हुआ है। बरगी डैम में अचानक आए तूफान की वजह से क्रूज संभल नहीं सका था और पलट गया था। आगे ऐसा न हो, इसके लिए नया सिस्टम तैयार कर हरे हैं। जहां भी बोट क्लब है, वहां पर वेदर फोरकास्ट के लिए लोकल हेड बनाएंगे। इसके लिए निगम के अफसरों से बात कर रहे हैं। जांच कमेटी बनी, अब तक 5 पर कार्रवाई
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण किया था। वहीं, मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने क्रूज मामले में एक्शन लिया था। जिसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड एवं टिकट काउंटर प्रभारी (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थी। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है। दूसरी ओर, एक कमेटी भी बनाई गई है, जो हादसे की मुख्य वजह की जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़ें…
लाइफ जैकेट के बाद भी बरगी में मां-बेटे क्यों डूबे जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने 13 परिवारों को उम्र भर का गम दिया। इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर दिल्ली की मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की थी। रेस्क्यू टीम को दोनों के शव एक-दूसरे से जकड़े मिले और उनके पास लाइफ जैकेट भी थी।पूरी खबर पढ़ें



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झांसी में मकान पर गिरा पुराना पीपल का पेड़: घर में फंसे परिवार को पुलिस ने रेस्क्यू किया, मलवे में गृहस्थी हो गई बर्बाद – Jhansi News




झांसी में मंगलवार को आए आंधी-तूफान में बड़ा हादसा टल गया। मोठ तहसील के अमरा गांव में करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ जड़ समेत उखड़कर एक मकान पर गिर गया, जिससे मकान क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि परिवार सुरक्षित बच गया। बारिश के बाद आंधी, तबाही की दो तस्वीर… मंगलवार दोपहर अचानक बदले मौसम के बीच तेज आंधी और बारिश शुरू हुई। इसी दौरान मोठ के अमरा निवासी मदन कुशवाहा के दो मंजिला मकान के पास खड़ा लगभग 100 साल का विशाल पीपल का पेड़ भरभराकर गिर पड़ा। पेड़ का भारी तना सीधे मकान की ऊपरी मंजिल पर गिरा, जिससे दीवारें ढह गईं। उस वक्त घर के अंदर मदन, उनकी पत्नी संध्या और दोनों बच्चे राघव व आदित्य मौजूद थे। तेज आवाज और मलबा गिरते ही घर में अफरा-तफरी मच गई और परिवार के लोग डर के मारे चीखने लगे।
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पुलिस महज 7-8 मिनट में मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव शुरू किया। टीम ने सूझबूझ के साथ पूरे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस हादसे में भले ही किसी को चोट नहीं आई, लेकिन परिवार की गृहस्थी पूरी तरह उजड़ गई। मदन कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में छत पर कमरे बनवाए थे, जहां अनाज, अलमारी, फ्रिज, बर्तन और कपड़े रखे थे—जो पेड़ गिरने से पूरी तरह नष्ट हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मोठ के एसडीएम अवनीश तिवारी भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आंधी-तूफान के चलते क्षेत्र में कई जगह पेड़ गिरे हैं। पीड़ित परिवार को शासन की ओर से आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, ऐसे जर्जर या जोखिम वाले पेड़ों की पहचान भी कराई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
वहीं, बारिश के बाद झांसी में मौसम जरूर सुहावना हो गया है और भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली है। लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी भी दी है कि आने वाले दिनों में तेज आंधी और तूफान का खतरा बना रह सकता है, ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।



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VIDEO: जालंधर ब्लास्ट का खौफनाक सीसीटीवी आया सामने, एक्टिवा पर हुआ था ग्रेनेड अटैक?


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VIDEO: जालंधर ब्लास्ट का खौफनाक सीसीटीवी आया सामने, एक्टिवा पर हुआ था ग्रेनेड अटैक?

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VIDEO: जालंधर ब्लास्ट का खौफनाक सीसीटीवी आया सामने, एक्टिवा पर हुआ था ग्रेनेड अटैक?

 

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पंजाब के जालंधर में बीएसएफ चौक के पास मंगलवार रात एक एक्टिवा स्कूटर में हुए जोरदार धमाके ने सबको दहला दिया. शुरुआत में इसे गाड़ी की तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से लगी आग माना जा रहा था. अब इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है. टॉप इंटेलिजेंस सोर्सेज के मुताबिक यह एक सोची-समझी साजिश के तहत किया गया ग्रेनेड हमला था. धमाके का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. इस ब्लास्ट के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ. फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया था. अब इस हमले के पीछे सीमा पार बैठे आकाओं का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है.

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नौसेना अफसर की बेटी, बचपन में 1 फैसले को बनाया जिंदगी का फलसफा, जिंदगीभर की कला की साधना


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मशहूर भरतनाट्यम डांसर लीला सैमसन ने मात्र 9 साल की आयु में डांस को अपना जीवन बनाने का निर्णय लिया था. तमिलनाडु में जन्मी लीला ने चेन्नई के ‘कलाक्षेत्र’ में महान गुरु रुक्मिणी देवी अरुंडेल से शिक्षा हासिल की. उन्होंने न केवल ग्लोबल स्तर पर भारतीय डांस को पहचान दिलाई, बल्कि ‘स्पंदा’ ग्रुप के जरिये इसे आधुनिक नजरिया भी दिया. उन्होंने डांस के साथ-साथ कलाक्षेत्र की निदेशक, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष और सेंसर बोर्ड में अहम भूमिकाएं भी निभाईं. ‘पद्मश्री’ से सम्मानित लीला आज भी कला और समर्पण की एक मिसाल हैं.

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लीला सैमसन बचपन से डांस सीख और सिखा रही हैं.

नई दिल्ली: भारतीय शास्त्रीय डांस की दुनिया में लीला सैमसन एक ऐसा नाम है, जिन्होंने भरतनाट्यम को महज एक कला नहीं, बल्कि अपनी रूह और जिंदगी का हिस्सा बना लिया. 6 मई 1951 को तमिलनाडु के कूनूर में जन्मी लीला के घर का माहौल ही कुछ ऐसा था कि उनका झुकाव बचपन से ही कला की तरफ हो गया. उनके पिता नौसेना में अधिकारी थे, लेकिन उनकी मां को संगीत और कला से इतना लगाव था कि उन्होंने ही लीला को इस रास्ते पर आगे बढ़ने का हौसला दिया. आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि जब बच्चे खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, यानी सिर्फ 9 साल की छोटी सी उम्र में, लीला ने यह फैसला कर लिया था कि उन्हें एक डांसर ही बनना है. उनके पिता ने उन्हें चेन्नई के मशहूर संस्थान ‘कलाक्षेत्र’ भेजा, जहां उन्होंने महान गुरु रुक्मिणी देवी अरुंडेल की देखरेख में भरतनाट्यम की बारीकियां सीखीं और अपनी पूरी जिंदगी इस साधना के नाम कर दी.

लीला की खासियत यह रही कि उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ कभी अपनी डांस साधना को पीछे नहीं छूटने दिया. डिग्री हासिल करने के बाद भी वे लगातार सीखती रहीं और जल्द ही उनकी मेहनत रंग लाई, जब वे एक बेमिसाल डांसर के रूप में पहचानी जाने लगीं. उन्होंने न सिर्फ खुद को एक कलाकार के रूप में स्थापित किया, बल्कि दिल्ली के श्रीराम भारतीय कला केंद्र और गंधर्व महाविद्यालय जैसे संस्थानों में नई पीढ़ी को भी इस कला के गुर सिखाए. उनकी कला की गूंज सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने यूरोप, अफ्रीका और अमेरिका जैसे बड़े देशों में मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति का परचम लहराया. साल 1995 में उन्होंने ‘स्पंदा’ नाम का अपना डांस ग्रुप बनाया, जिसका मकसद भरतनाट्यम को एक फ्रेश और नए नजरिए के साथ पेश करना था ताकि युवा भी इससे जुड़ सकें.

कला की दुनिया को किया संपन्न
लीला सैमसन की शख्सियत सिर्फ नाचने-गाने तक ही सीमित नहीं रही, उन्होंने प्रशासन के क्षेत्र में भी बड़ी जिम्मेदारियां बहुत बखूबी निभाईं. वे 2005 से 2012 तक उस संस्थान ‘कलाक्षेत्र’ की डायरेक्टर रहीं जहां से उन्होंने खुद सीखा था, जो उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था. इसके अलावा उन्होंने संगीत नाटक अकादमी की चेयरपर्सन और सेंसर बोर्ड (CBFC) की प्रमुख के तौर पर भी काम किया और कला के क्षेत्र में कई कड़े और जरूरी फैसले लिए. उनकी इस अटूट निष्ठा और कला के प्रति समर्पण के लिए भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्मश्री’ जैसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा और उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी मिला. हालांकि, ऊंचे पदों पर रहते हुए उनके करियर में कुछ विवाद भी आए, लेकिन लीला ने हमेशा साबित किया कि उनके लिए कला और शिक्षा सबसे ऊपर है. आज वे दुनिया भर के कलाकारों के लिए एक मिसाल हैं कि बचपन का एक छोटा सा फैसला कैसे आपकी पूरी जिंदगी की पहचान बन सकता है.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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वोडाफोन-आइडिया को मिला नया चेयरमैन, क्या अब शेयरों में आएगी जान, अभी क्या हैं हालात?


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वोडाफोन आइडिया को नया चेयरमैन और AGR में बड़ी राहत मिली है, जिससे कंपनी को तात्कालिक मजबूती मिली है. शेयरों में भी इसका असर दिखा है. हालांकि कर्ज, फंडिंग और कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं. आने वाला समय तय करेगा कि यह बदलाव कंपनी के लिए टर्निंग पॉइंट बनता है या नहीं.

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कुमार मंगलम बिड़ला इस पद पर रविंदर टक्कर की जगह लेंगे. (PTI)

नई दिल्ली. टेलीकॉम सेक्टर की सबसे ज्यादा दबाव झेल रही कंपनियों में से एक वोडाफोन आइडिया के लिए मई 2026 की शुरुआत बड़े बदलाव लेकर आई है. एक तरफ कंपनी के बोर्डरूम में अहम फेरबदल हुआ है, तो दूसरी तरफ सरकार से मिली राहत ने निवेशकों की उम्मीदों को फिर से जगा दिया है. लंबे समय से कर्ज और गिरते मार्केट शेयर से जूझ रही कंपनी अब एक नए मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है. बाजार की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या ये बदलाव सिर्फ खबरों तक सीमित रहेंगे या वाकई कंपनी के प्रदर्शन में भी दिखेंगे. फिलहाल जो संकेत मिल रहे हैं, वे बताते हैं कि हालात पहले से बेहतर जरूर हुए हैं, लेकिन रास्ता अभी भी आसान नहीं है.

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने 5 मई 2026 से कुमार मंगलम बिड़ला को अपना नया नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन नियुक्त किया है. उन्होंने रविंदर टक्कर की जगह ली है, जो अब वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे. यह बदलाव सिर्फ पद का नहीं, बल्कि रणनीति का भी संकेत माना जा रहा है. बिड़ला का फिर से चेयरमैन बनना यह दिखाता है कि प्रमोटर समूह अब कंपनी को स्थिर करने और आगे बढ़ाने में ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है. टक्कर का बोर्ड में बने रहना निरंतरता बनाए रखने में मदद करेगा.

AGR में राहत ने दी बड़ी सांस

कंपनी के लिए सबसे बड़ी राहत सरकार की तरफ से आई है. AGR बकाये में करीब 27 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है. अब यह रकम घटकर लगभग 64,046 करोड़ रुपये रह गई है. पहले यह करीब 87,695 करोड़ रुपये थी. इससे भी अहम बात यह है कि इस संशोधित राशि पर अतिरिक्त ब्याज नहीं लगेगा. साथ ही भुगतान की समयसीमा को काफी आगे बढ़ा दिया गया है. अब ज्यादातर भुगतान 2036 से 2041 के बीच करना होगा. इसका मतलब है कि अगले कई सालों तक कंपनी पर कैश फ्लो का दबाव कम रहेगा.

शेयरों में दिखी तेजी, लेकिन क्या यह टिकेगी

इन दो बड़े बदलावों का असर शेयर बाजार में तुरंत दिखा. 4 और 5 मई को कंपनी के शेयर में 10 प्रतिशत तक की तेजी आई और कीमत एक बार को 11 रुपये के ऊपर भी पहुंच गई. कुछ ब्रोकरेज हाउस जैसे सिटी रिसर्च ने भी इस राहत के बाद शेयर के लिए 14 रुपये तक का लक्ष्य दिया है. इसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से अभी भी ऊपर की गुंजाइश दिख रही है. लेकिन बाजार सिर्फ खबरों पर नहीं, बल्कि कंपनी के असली प्रदर्शन पर चलता है. इसलिए आने वाले महीनों में फंडिंग, नेटवर्क विस्तार और ग्राहक जोड़ने की रफ्तार ज्यादा अहम होगी.

अभी भी बनी हुई हैं बड़ी चुनौतियां

राहत मिलने के बावजूद कंपनी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में नहीं है. स्पेक्ट्रम बकाये के रूप में अभी भी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये का भारी कर्ज बना हुआ है. यह कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव बनाए रखेगा. इसके अलावा कंपनी को अपने नेटवर्क में निवेश बढ़ाना है. इसके लिए वह भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से करीब 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाने की कोशिश कर रही है. यह पैसा 5G रोलआउट और नेटवर्क सुधार में लगाया जाएगा.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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घर पर कैसे बनाएं कोल्ड कॉफी, यहां जानिए 2 मिनट की रेसिपी, इसे पीकर कैफे जाना भूल जाएंगे


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Cold Coffee Recipe: घर पर कोल्ड कॉफी बनाना बेहद आसान और झटपट होने वाला काम है. दूध, कॉफी और बर्फ से मिनटों में क्रीमी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक तैयार हो जाती है. आप इसमें चॉकलेट या आइसक्रीम मिलाकर स्वाद को और बेहतर बना सकते हैं. एक बार घर पर बनाकर देखेंगे तो बाहर की कॉफी पीना भूल जाएंगे.

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घर पर आप आसानी से कोल्ड कॉफी बना सकते हैं.

Homemade Cold Coffee Recipe: गर्मियों में ठंडा और रिफ्रेशिंग ड्रिंक पीने का मन हर किसी का करता है. कॉफी के शौकीन गर्मी में हॉट कॉफी के बजाय कोल्ड कॉफी पीना ज्यादा पसंद करते हैं. आमतौर पर लोग इसे कैफे या रेस्टोरेंट में पीना पसंद करते हैं, लेकिन आप चाहें तो घर पर भी बिल्कुल वही स्वाद पा सकते हैं. सही सामग्री और आसान स्टेप्स के साथ बनाई गई कोल्ड कॉफी इतनी टेस्टी होती है कि एक बार पीने के बाद आप बाहर की कॉफी भूल सकते हैं.

घर पर कैसे बनाएं टेस्टी कोल्ड कॉफी | How To Make Cold Coffee At Home

कोल्ड कॉफी बनाने के लिए सबसे पहले जरूरी सामग्री तैयार कर लें. आपको चाहिए ठंडा दूध, कॉफी पाउडर, चीनी और बर्फ के टुकड़े. अगर आप रिच और क्रीमी स्वाद चाहते हैं, तो इसमें थोड़ा सा चॉकलेट सिरप या आइसक्रीम भी मिला सकते हैं. यह आपकी कोल्ड कॉफी को और भी ज्यादा स्वादिष्ट बना देता है.

अब एक मिक्सर जार लें और उसमें 1 गिलास ठंडा दूध डालें. इसके बाद 1-2 चम्मच कॉफी पाउडर और स्वादानुसार चीनी डालें. अब इसमें बर्फ के टुकड़े डालकर 30 से 40 सेकंड तक अच्छे से ब्लेंड करें. ब्लेंड करते समय यह ध्यान रखें कि कॉफी में हल्की झाग बन जाए, क्योंकि यही झाग इसे कैफे जैसी फील देती है.

अगर आप थोड़ा एक्स्ट्रा फ्लेवर चाहते हैं, तो इसमें चॉकलेट सिरप, वनीला एसेंस या एक स्कूप वनीला आइसक्रीम भी डाल सकते हैं. इससे कोल्ड कॉफी और भी क्रीमी और रिच बन जाती है. खासतौर पर बच्चों और युवाओं को यह फ्लेवर काफी पसंद आता है. अब तैयार कोल्ड कॉफी को एक लंबे ग्लास में निकालें और ऊपर से थोड़ा सा कोको पाउडर या चॉकलेट सिरप डालकर गार्निश करें. कुछ बर्फ के टुकड़े डाल सकते हैं. यह देखने में भी आकर्षक लगेगी और पीने में भी शानदार स्वाद देगी.

घर पर बनी यह कोल्ड कॉफी न सिर्फ सस्ती पड़ती है, बल्कि आप इसमें अपनी पसंद के अनुसार फ्लेवर भी एडजस्ट कर सकते हैं. यह जल्दी बनने वाली और हर मौके के लिए परफेक्ट ड्रिंक है. एक बार इसे ट्राई करने के बाद आप बार-बार इसे बनाना पसंद करेंगे और बाहर की कॉफी पर खर्च करना भूल जाएंगे.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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गर्मी में राहत देने वाला राजस्थानी पितोड़ का रायता – स्वाद और सेहत का बेहतरीन कॉम्बिनेशन


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Rajasthani Pitod Ka Raita: राजस्थानी पितोड़ का रायता गर्मियों के लिए हल्का और स्वाद से भरपूर पकवान है. यह दही और बेसन से बनता है, जो शरीर को ठंडक देता है और पाचन को बेहतर करता है. इसे बनाना आसान है और यह रोटी-सब्जी के साथ खाने में स्वाद को और बढ़ा देता है.

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राजस्थानी पारंपरिक पितोड़ का रायता कैसे बनाएं?

Rajasthani Pitod Ka Raita: गर्मी के दिनों में जब धूप तेज हो और शरीर थकने लगे, तब खाने में कुछ ऐसा चाहिए जो हल्का भी हो और ताजगी भी दे. ऐसे समय में रायता सबसे अच्छा साथी बन जाता है. भारत के हर हिस्से में अलग-अलग तरह के रायते बनाए जाते हैं, लेकिन राजस्थान का पितोड़ का रायता अपने अनोखे स्वाद और आसान बनाने के तरीके की वजह से खास पहचान रखता है. यह डिश न सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाती है बल्कि शरीर को ठंडक भी देती है.

राजस्थानी खाने में मसालों का इस्तेमाल ज्यादा होता है, इसलिए साथ में ऐसी डिश भी जरूरी होती है जो संतुलन बनाए रखे. पितोड़ का रायता इसी जरूरत को पूरा करता है. दही की ठंडक और बेसन से बने नरम पितोड़ मिलकर ऐसा स्वाद बनाते हैं जो हर किसी को पसंद आता है. इसे रोटी, पराठा या दाल-चावल के साथ खाया जा सकता है. खास बात यह है कि इसे बनाना भी आसान है और ज्यादा समय भी नहीं लगता.

पितोड़ का रायता क्या है
पितोड़ का रायता राजस्थान की पारंपरिक डिश है. इसमें बेसन से बने छोटे टुकड़े दही में मिलाए जाते हैं. इन टुकड़ों को पितोड़ कहा जाता है. पहले बेसन को मसालों के साथ पकाकर एक गाढ़ा मिश्रण बनाया जाता है, फिर उसे ठंडा करके काटा जाता है. इसके बाद इन्हें मसालेदार दही में डालकर रायता तैयार किया जाता है. यह डिश हल्की होने के साथ पेट को देर तक भरा रखती है.

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जरूरी सामग्री
-1 कप बेसन
-2 कप पानी
-आधा चम्मच हल्दी
-आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
-स्वाद अनुसार नमक
-2 कप ताजा दही
-आधा चम्मच भुना जीरा पाउडर
-काला नमक
-हरा धनिया
-थोड़ी सी लाल मिर्च पाउडर

बनाने का तरीका
सबसे पहले एक बर्तन में बेसन लें. इसमें पानी डालकर अच्छे से मिलाएं ताकि गांठ न रहे. अब इसमें हल्दी, नमक और लाल मिर्च डालें. इस घोल को धीमी आंच पर पकाएं और लगातार चलाते रहें ताकि यह तले में न लगे. जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए और एक जैसा दिखने लगे तो गैस बंद कर दें.

अब इस मिश्रण को किसी थाली में हल्का सा फैला दें और ठंडा होने दें. ठंडा होने पर इसे छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें. यही पितोड़ होते हैं.

अब दही को एक बर्तन में डालकर अच्छे से फेंट लें ताकि वह चिकना हो जाए. इसमें काला नमक, भुना जीरा पाउडर और थोड़ा पानी मिलाएं. अब तैयार पितोड़ इसमें डाल दें और हल्के हाथ से मिला दें. ऊपर से हरा धनिया और हल्की लाल मिर्च छिड़क दें. चाहें तो थोड़ी देर फ्रिज में रखकर ठंडा भी कर सकते हैं.

फायदे
यह रायता शरीर को ठंडक देता है और गर्मी के असर को कम करता है. दही पाचन को बेहतर बनाता है और बेसन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. मसाले खाने का स्वाद बढ़ाते हैं और भूख को संतुलित रखते हैं.

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Mohit Mohit

मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…और पढ़ें



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सहयोग शिविर की तैयारी में जुटा जहानाबाद प्रशासन: डीएम-एसपी ने की समीक्षा बैठक, 19 मई से पंचायतों में लगेंगे कैंप – Jehanabad News




जहानाबाद में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान की संयुक्त अध्यक्षता में सहयोग शिविरों के सफल आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में शिविर की तैयारियों, प्रचार-प्रसार, आवेदन प्राप्ति और शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए विस्तृत रणनीति बनाई गई। बताया गया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के अनुसार, आगामी 19 मई से पंचायत स्तर पर “सहयोग शिविर” शुरू किए जाएंगे। ये शिविर हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को आयोजित होंगे, जहाँ ब्लॉक, अंचल और थाना से संबंधित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शिविर में प्राप्त शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। बैठक के दौरान सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्र में आयोजित होने वाले पंचायतवार सहयोग शिविरों के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करें और आवश्यक सहयोग प्रदान करें। उन्हें शिविर के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्वयं उपस्थित रहने का भी निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने कहा कि सहयोग शिविर जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे ग्रामीण स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।



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सिद्धार्थनगर में सड़क हादसा, मौत: मोतीगंज चौराहा पर बाइक और ट्रक की हुई टक्कर, मौके पर युवक ने तोड़ा दम – Bharat Bhari(Dumariyaganj) News




डुमरियागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत भारत भारी स्थित मोतीगंज चौराहा पर मंगलवार रात लगभग 10 बजे एक जबरदस्त सड़क हादसा हो गया। पुलिस चौकी के ठीक सामने हुई इस घटना में बाइक और ट्रक की टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान परसोहिया निवासी गणेश पुत्र दिलीप कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गणेश किसी काम से बाइक से जा रहे थे तभी मोतीगंज चौराहे पर सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई। इस टक्कर के कारण युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। डुमरियागंज पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजनों में शोक व्याप्त हो गया। अब्दुल हमीद, राजेश कुमार, अनिल मिश्रा और राम संवारे ने बताया कि मोतीगंज चौराहा नगर पंचायत भारत भारी का एक महत्वपूर्ण और व्यस्ततम स्थान है। उनके अनुसार, इस चौराहे पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। थाना प्रभारी डुमरियागंज श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। उन्होंने पुष्टि की कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और घटना की जांच जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों पर संबंधित विभाग से बातचीत की जाएगी।



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