Saturday, November 7, 2026
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दूसरे की जमीन पर रास्ता बना सकते हैं या नहीं, क्या कहता है संपत्ति का कानून


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Property Knowledge : मान लीजिए कि आपकी कोई जमीन गली के ऐसे कोने में पड़ती है, जहां कोई आने-जाने का रास्ता ही नहीं है. सामने जो रास्ता है भी वह किसी अन्य की जमीन से जाता है. अब सवाल ये है कि क्या आपको दूसरे की जमीन से रास्ता लेने का अधिकार है या नहीं. अगर है तो आप कितना चौड़ा रास्ता बना सकते हैं और क्या आप उस जमीन के मालिक भी बन सकते हैं.

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दूसरे की जमीन पर रास्ता बना सकते हैं या नहीं, क्या कहता है संपत्ति का कानूनZoom

सुखाधिकार कानून के तहत दूसरे की जमीन से रास्ता मांगा जा सकता है.

नई दिल्ली. संपत्ति के विवाद में एक मुद्दा अक्सर सामने आता है कि आपके घर के सामने दूसरे की जमीन पड़ रही तो आने-जाने का रास्ता कहां से मिलेगा. मसलन, अगर आपका रास्ता हर तरफ से बंद है और जो खुला है, वह किसी और की जमीन है. क्या ऐसे में आपको दूसरे की जमीन पर रास्ता बनाने का अधिकार होगा. इस बारे में देश का कानून आखिर क्या कहता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे लेकर बाकायदा कानून और गाइडलाइन बनाई है.

भारतीय कानून में एक प्रावधान है ईजमेंट राइट यानी सुखाधिकार का. इंडियन ईजमेंट एक्ट, 1882 के तहत यह कानून किसी और की जमीन से भी आपको रास्ता दिलाने की वकालत करता है. हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं. कानून के तहत किसी अन्य की जमीन पर सीमित उपयोग का अधिकार मिल सकता है, लेकिन मालिकाना हक उसी व्यक्ति के पास रहेगा जिसकी जमीन है. यह कानून अपनी मर्जी से किसी अन्य की जमीन पर रास्ता बनाने का अधिकार नहीं देता है.

कब मिलता है रास्ते का अधिकार
मान लीजिए कि आपने जहां पर मकान बनवाया है, वह काफी अंदर पड़ता है और आसपास रास्ते का कोई और विकल्प नहीं है. आपका मकान चारों तरफ से घिरा है और जिधर से खुला है, वह किसी और की जमीन है. ऐसे में ईजमेंट एक्ट (Indian Easements Act) की धारा 13 के तहत आप दूसरे की जमीन पर रास्ते का दावा कर सकते हैं. लेकिन, रास्ता तभी मिलेगा जब यह साबित हो जाए कि बिना इस रास्ते के संपत्ति का इस्तेमाल करना संभव नहीं है. अगर संबंधित मकान तक कोई वैकल्पिक रास्ता मौजूद है तो दूसरे की जमीन से रास्ता मांगने का अधिकार नहीं मिलेगा.

कब कर सकते हैं दावा
सुखाधिकार कानून की धारा 15 में साफ कहा गया है कि अगर किसी रास्ते का इस्तेमाल 20 साल से किया जा रहा है और अचानक उस जमीन को किसी और ने खरीदकर रास्ता बंद कर दिया तो संबंधित व्यक्ति को वहां से रास्ता मांगने का अधिकार है. इसमें यह साबित करना होता है कि रास्ते का इस्तेमाल खुलेआम किया जा रहा है और इसके लिए किसी अन्य की अनुमति भी नहीं लेनी पड़ी है. कानून की धारा 18 के तहत रास्ता मांगने वाले को यह साबित करना पड़ता है कि वहां से आवाजाही सार्वजनिक रूप से लंबे समय से रही है.

क्या रास्ता देने से कर सकते हैं इनकार
सवाल ये है कि जमीन का मालिक क्या रास्ता देने से इनकार कर सकता है. जवाब है कि अगर रास्ता मांगने वाला सेक्शन 13 की सभी शर्तों को पूरा कर रहा है तो जमीन का मालिक सामान्य रूप से रास्ता देने से इनकार नहीं कर सकता. इसमें यह भी तय किया जाता है कि रास्ते की चौड़ाई कितनी होगी. जमीन की स्थिति को देखते हुए रास्ते की चौड़ाई तय की जाती है. इसमें यह देखा जाता है कि पहले से किस तरह के उद्देश्य के तहत रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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अजमेर मेंं दीपावली पर रोशनी में नहाया शहर, देखें PHOTO’S: आनासागर का 10 KM ट्रैक पुष्कर घाटी से डायमंड रिंग जैसा दिखा; अयोध्या की तर्ज पर सजे बाजार – Ajmer News




दीपावली पर अजमेर रोशनी के अनूठे रंग में रंग गया है। आनासागर की 10 किमी का ट्रैक पुष्कर घाटी से चमकती ‘डायमंड रिंग’ जैसी नजर आ रही है। रामसेतु से लेकर मार्टिंडल ब्रिज, अलवर गेट, नगरा, रामनगर और पुष्कर रोड तक रंग-बिरंगी रोशनी और भगवा सजावट ने शहर का रूप बदल दिया है। नगर निगम ने इस बार उत्तर के साथ दक्षिण क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनियों तक सजावट पहुंचाई है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चौपाटी से विद्युत सजावट का शुभारंभ किया। देवनानी ने बताया कि दीपावली पर सवा लाख दीपक जलाए जाएंगे। अगले दो साल में यह संख्या 5 लाख तक पहुंचाने की योजना है। पर्यटकों ने भी इस बार की सजावट को पहले से अलग और खूबसूरत बताया। पुष्कर की नेहा ठाकुर ने कहा कि इस बार का नजारा बेहद शानदार है, वहीं नसीराबाद की प्रतिमा रावत ने रोशनी देखकर कहा- ‘वाओ सो ब्यूटीफुल। PHOTO’S में देखें अजमेर की रौशनी……



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चेक बाउंस मामले में महिला को 2 साल की सजा: टाइल्स-मार्बल की पेमेंट के लिए दिए थे दो चेक; जुर्माने से 4.50 लाख रुपए कारोबारी को मिलेंगे – Pilibhit News




पीलीभीत में बकाया रकम के भुगतान के लिए दिए गए दो चेक बाउंस होने के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह ने महिला को दोषी ठहराते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से 4.50 लाख रुपए परिवादी को देने का आदेश दिया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर महिला को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। 3.74 लाख रुपए का खरीदा था सामान, ढाई लाख रह गए थे बकाया अभियोजन के अनुसार, मोहल्ला नई बस्ती निवासी नवीन कुमार अग्रवाल टाइल्स, मार्बल और सेनेटरी सामान के थोक व फुटकर कारोबारी हैं। 5 अप्रैल से 9 अगस्त 2018 के बीच मनजिंदर पाल रियाड़ और उनके पति जितेंद्र पाल सिंह ने आवासीय भवन निर्माण के लिए उनके प्रतिष्ठान से 3.74 लाख रुपए का सामान खरीदा था। इसमें 1.24 लाख रुपए नकद दिए गए थे, जबकि ढाई लाख रुपए बकाया रह गए थे। दो चेक खाते में पर्याप्त रकम न होने से हुए बाउंस बकाया रकम के भुगतान के लिए मनजिंदर पाल रियाड़ ने 15 जून 2019 को 2 लाख और 50 हजार रुपए के दो चेक दिए। नवीन कुमार अग्रवाल ने दोनों चेक बैंक में जमा किए, लेकिन 1 जुलाई 2019 को खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गए। इसके बाद अधिवक्ता शरद जायसवाल के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजकर भुगतान मांगा गया। रकम नहीं मिलने पर 13 अगस्त 2019 को न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा सुनवाई के दौरान नवीन कुमार अग्रवाल ने गवाही दी। उन्होंने मूल चेक, बैंक रिटर्न मेमो और कानूनी नोटिस समेत अन्य दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। अभियुक्ता ने चेक पर अपने हस्ताक्षर स्वीकार किए, लेकिन बकाया रकम और चेक जारी करने से इनकार किया। न्यायालय ने साक्ष्यों की जांच के बाद परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत आरोप सिद्ध माना। इसके आधार पर महिला को दोषी ठहराते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से 4.50 लाख रुपए परिवादी को देने का आदेश दिया गया है।



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CBSE ने 10वीं-12वीं की परीक्षा तारीखों का ऐलान किया, 16 फरवरी 2027 से होंगी परीक्षाएं


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा तारीखों का ऐलान किया है। सीबीएसई की परीक्षाएं 16 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से शुरू होंगी। सीबीएसई के मुताबिक 10वीं में 26.50 लाख, 12वीं में 19.80 लाख छात्र परीक्षा देंगे। ये डेट शीट परीक्षाएं शुरू होने से 101 दिन पहले जारी की गई हैं। 6 नवंबर के CBSE नोटिफिकेशन के अनुसार, कक्षा 10 के छात्र 83 विषयों की परीक्षा देंगे, जबकि कक्षा 12 के छात्र 121 विषयों की परीक्षा देंगे।




बोर्ड ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम कई बातों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें शामिल हैं – छात्रों द्वारा आमतौर पर एक साथ चुने जाने वाले विषयों के पेपरों के बीच का अंतर, प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं का शेड्यूल, और हर परीक्षा केंद्र पर शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या। CBSE ने कहा कि उसने इस शेड्यूल को इस तरह से भी तैयार किया है ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को लंबे समय तक स्कूल से दूर न रहना पड़े।

देखें पूरी डेटशीट

  

बोर्ड ने क्या बताया?

बोर्ड ने डेट शीट तैयार करते समय 40,000 से अधिक विषय संयोजनों (subject combinations) पर विचार किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी छात्र द्वारा चुने गए किन्हीं दो विषयों की परीक्षाएं एक ही दिन न पड़ें। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि स्कूलों द्वारा उम्मीदवारों की सूची (LOC) जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह शेड्यूल फाइनल किया गया। अब बोर्ड के पास छात्रों द्वारा चुने गए विषय संयोजनों का अंतिम डेटा मौजूद है। बोर्ड ने यह भी कहा कि परीक्षाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए, उसने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पर विचार किया है।





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त्योहारों से पहले पुलिस ने बनाई अपराध रोकने की योजना: आलीराजपुर SP ने लंबित मामलों की जांच; अवैध शराब-गांजे पर कार्रवाई के निर्देश दिए – alirajpur News




दीपावली सहित त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर रोक लगाने के लिए नवागत एसपी समर वर्मा ने शुक्रवार को अपराध समीक्षा बैठक ली। पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक में उन्होंने लंबित मामलों की जांच तेज करने, संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने और अवैध शराब व गांजे के कारोबार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। थाना क्षेत्रों और लंबित मामलों की समीक्षा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्योति उमठ बघेल ने बताया कि बैठक की शुरुआत में एसपी वर्मा ने सभी थाना प्रभारियों से परिचय लिया। उन्होंने थाना क्षेत्रों की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों, अपराधों की प्रकृति और कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील विषयों की जानकारी ली। इसके बाद अनुभाग और थाना स्तर पर दर्ज अपराधों की समीक्षा की। बैठक में लंबित अपराध, चालान, मर्ग प्रकरण, समन-वारंट की तामीली, गुमशुदगी, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें, चिन्हित अपराधों की कोर्ट में प्रगति और महिला संबंधी अपराधों की स्थिति पर चर्चा हुई। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की भी जानकारी ली गई। अवैध शराब और गांजे के कारोबार पर कार्रवाई के निर्देश एसपी ने लंबित मामलों की जांच तेज करने और तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने को कहा। उन्होंने अवैध शराब बनाने, जमा करने और ले जाने के साथ नकली शराब, अवैध ताड़ी और गांजे के कारोबार पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिन इलाकों में अपराध बढ़ रहे हैं, वहां उनके कारणों का पता लगाकर रोकथाम की योजना बनाने को कहा। अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से करने के निर्देश भी दिए। त्योहारों पर संवेदनशील इलाकों में रहेगी निगरानी एसपी ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की शिकायतों पर तुरंत ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थाने आने वाले हर पीड़ित और फरियादी से संवेदनशीलता, शालीनता और सम्मान से पेश आएं। पुलिस के काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में दीपावली को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और शांति, सौहार्द व कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया। बैठक में एसडीओपी अलीराजपुर शक्तिसिंह चौहान, एसडीओपी जोबट आशुतोष पटेल, डीएसपी अजाक गोपाल परमार सहित जिले के सभी थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का स्टाफ मौजूद रहा।



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अररिया-डीसीएम ट्रक से 4451 लीटर विदेशी शराब पकड़ी, 2 अरेस्ट: बैरगाछी पुलिस ने ओवरब्रिज के पास पकड़ा, 3 मोबाइल जब्त – Araria News




अररिया में बैरगाछी थाना पुलिस ने डीसीएम ट्रक से 4451.4 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। पुलिस ने ट्रक में सवार दो युवकों को गिरफ्तार किया है। शराब अलग-अलग ब्रांड और बैच की थी। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल डीसीएम ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता कर कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सफेद रंग के डीसीएम ट्रक पर नीला तिरपाल लगा है और उसमें शराब की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पुलिस टीम को कार्रवाई के लिए लगाया गया। ओवरब्रिज के पास ट्रक की घेराबंदी पुलिस ने बैरगाछी ओवरब्रिज के पास एनएच-327 ई की दक्षिणी लेन पर वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान जोकीहाट की ओर से आ रहे ट्रक नंबर BR-01GB-7787 को रुकने का इशारा किया गया। चालक ने रुकने के बजाय ट्रक लेकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने सरकारी वाहन से घेराबंदी कर ट्रक को रोक लिया। भागने की कोशिश में पकड़े गए दोनों युवक ट्रक रुकने के बाद उससे उतरकर भागने की कोशिश कर रहे दोनों युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया। उनकी पहचान मोहम्मद इरफान (20), पिता लाल मोहम्मद, निवासी सुवधिया, थाना मनियारी, जिला मुजफ्फरपुर और रघुवीर (19), पिता विनोद राम, निवासी रामचंद्र चौक, वार्ड संख्या-09, थाना कुड़नी, जिला मुजफ्फरपुर के रूप में हुई है। ट्रक के डल्ले से मिली शराब की खेप पुलिस ने डीसीएम ट्रक के डल्ले की तलाशी ली तो उसमें अलग-अलग ब्रांड और बैच की 4451.4 लीटर विदेशी शराब मिली। पुलिस ने शराब के साथ ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। तस्करी के नेटवर्क की जांच जारी इस मामले में बैरगाछी थाना कांड संख्या 140/26 दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शराब कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी जांच की जा रही है।



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मिठाई की दुकान को कहें अलविदा, दिवाली पर घर में बनाएं टेस्टी लौकी की बर्फी

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मिठाई की दुकान को कहें अलविदा, दिवाली पर घर में बनाएं टेस्टी लौकी की बर्फी

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Lauki Ki Barfi Recipe: दीपावली का त्योहार हो और घर में कुछ मीठा ना बने, तो त्योहार अधूरा लगता है. लेकिन बाहर की मिलावटी मिठाइयां बीमारी का घर हैं. इसलिए आप घर पर ही टेस्टी मिठाई बना सकते हैं. इसके लिए लौकी की बर्फी सबसे बेस्ट ऑप्शन है. आइए जानते हैं कि घर पर लौकी की बर्फी कैसे तैयार करें.

दिवाली का त्योहार हो और घर में कुछ मीठा ना बने, ऐसा भला कैसे हो सकता है. त्योहार के मौके पर ज्यादातर लोग बाजार से मिठाइयां खरीदकर लाते हैं, लेकिन इस बार आप घर पर ही कुछ अलग और स्वादिष्ट बना सकते हैं. अगर आप भी दिवाली पर मेहमानों को कुछ खास खिलाना चाहते हैं, तो घर पर ही टेस्टी लौकी की बर्फी बना सकते हैं. 

दूध, मावा, चीनी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद में लाजवाब होती है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए आपको ज्यादा सामान इकट्ठा करने की जरूरत नहीं पड़ती और फटाफट ये तैयार हो जाता है.

लौकी की बर्फी बनाने के लिए लौकी, मावा, दूध या खोया, चीनी, देसी घी, इलायची पाउडर, कटे हुए काजू-बादाम और पिस्ता की जरूरत पड़ती है. स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमें कई ड्राई फ्रूट्स मिक्स कर सकते हैं. चलिए अब बताते हैं इसे बनाने की पूरी रेसिपी.

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सबसे पहले लौकी को छीलकर बीच के बीज वाले सख्त हिस्से को निकाल दें और अच्छी तरह धुल दें. अब लौकी को कद्दूकस कर लें. ध्यान रखें कि लौकी ताजी हो और उसमें कड़वाहट न हो. कद्दूकस करने के बाद कुछ देर उसे छोड़ दें और पानी अलग होने दें. आप हाथों से भी गारकर पानी निकाल सकते हैं.

अब एक कड़ाही में दो चम्मच देसी घी डालकर गर्म करें. इसमें कद्दूकस की हुई लौकी डालें और मध्यम आंच पर करीब 8 से 10 मिनट तक भूनें. जब लौकी का कच्चापन खत्म हो जाए, तब इसमें खोया डाल दें. इसे लगातार चलाते हुए पकाएं, जब तक खोया अच्छी तरह भून न जाए.

जब लौकी अच्छी तरह पक जाए, तब इसमें मावा और चीनी डाल दें. अब इसे धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें. कुछ देर में चीनी पिघलने लगेगी और मिश्रण थोड़ा गीला हो जाएगा. इसे तब तक पकाएं, जब तक अतिरिक्त नमी खत्म न हो जाए और मिश्रण कड़ाही छोड़ने न लगे.

अब इसके बाद इसमें इलायची पाउडर, कटे हुए काजू और बादाम डालकर अच्छी तरह मिला लें. मिश्रण को 2 से 3 मिनट तक और पकाएं. जब यह गाढ़ा होकर एक जगह इकट्ठा होने लगे, तब गैस बंद कर दें. अब एक थाली या ट्रे में थोड़ा घी लगाकर चिकना कर लें. इसमें तैयार मिश्रण डालकर अच्छी तरह फैला दें.

अब इसके बाद ऊपर से कटे हुए पिस्ते डालकर हल्के हाथों से दबा दें. इसे कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें और इसके बाद करीब 1 से 2 घंटे फ्रिज में रख दें. अच्छी तरह जमने के बाद अब आप इसे मनचाहे आकार में काट सकते हैं. बस तैयार है आपकी टेस्टी लौकी की बर्फी.

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Jio के करोड़ों यूजर्स की मौज, 3 साल तक नहीं कराना पड़ेगा रिचार्ज, लॉन्च हुआ दमदार प्लान


Highlights

  • Jio ने 3 साल की वैलिडिटी वाला नया रिचार्ज प्लान पेश किया है।
  • जियो के इस प्लान में यूजर्स को तीन साल तक रिचार्ज की टेंशन नहीं रहेगी।
  • इसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स मिलते हैं।

रिलायंस जियो ने धनतेरस पर एक दमदार रिचार्ज प्लान उतारा है। रिलायंस जियो के इस नए प्लान में यूजर्स को 3 साल की वैलिडिटी मिलती है। कंपनी इस प्रीपेड प्लान में कई तरह के बेनिफिट्स ऑफर कर रही है। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा और SMS के साथ-साथ OTT और अन्य बेनिफिट्स ऑफर किए जा रहे हैं।

Jio का 3 साल वाला प्लान

रिलायंस जियो का यह नया रिचार्ज प्लान पूरे 3 साल की वैलिडिटी के साथ आता है। इस प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इसमें पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलेगा। साथ ही, यह प्लान डेली 100 फ्री SMS और 2.5GB हाई स्पीड डेटा के साथ आता है।

इस प्लान में मिलने वाले अन्य बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें यूजर्स को JioHotstar मोबाइल + हॉलीवुड सब्सक्रिप्शन ऑफर किया जा रहा है। साथ ही, इसमें यूजर्स को 12 महीने के लिए Canva Pro Lite का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। कंपनी JioAICloud का 50GB स्टोरेज भी ऑफर कर रही है। जियो के इस रिचार्ज प्लान की कीमत 10,000 रुपये है। कंपनी का कहना है कि इसमें 3 साल तक यूजर्स को नंबर रिचार्ज करने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही, अगले तीन साल तक प्राइस हाइक का भी असर नहीं पड़ेगा।

मिलने वाले बेनिफिट्स

  • कीमत: ₹10,000
  • वैलिडिटी: 3 साल
  • अनलिमिटेड 5G डेटा
  • अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग
  • 2.5 GB डेली डेटा
  • 100 SMS डेली
  • JioHotstar Mobile + हॉलीवुड सब्सक्रिप्शन
  • 12 महीने Canva Pro Lite सब्सक्रिप्शन
  • 50 GB JioAICloud स्टोरेज

Jio का यह नया रिचार्ज प्लान 7 नवंबर यानी कल से MyJio ऐप और Jio.com की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। इससे पहले कंपनी ने 15 रुपये वाला नया रिचार्ज प्लान पेश किया है। इस प्लान में यूजर्स को 24 घंटे की वैलिडिटी मिलती है। इस प्लान को खास तौर पर डेटा पैक के तौर पेश किया गया है। इसमें 1GB डेटा ऑफर किया जा रहा है। इस डेटा पैक के साथ यूजर्स हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ-साथ 4K वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और बड़ी फाइल डाउनलोड करने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं। यूजर्स के रेगुलर प्लान में अगर डेटा खत्म हो जाए तो इमरजेंसी के तौर पर इस डेटा पैक को ले सकते हैं।

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SIR में छूटे मतदाताओं को एक और मौका: दिल्ली, महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों के वोटर फिर नाम जुड़वा सकेंगे; 8 दिन में दूसरा बड़ा फैसला


21 मिनट पहले

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चुनाव आयोग (EC) ने SIR प्रक्रिया के दौरान छूटे मतदाताओं को नाम जुड़वाने एक और मौका देने का फैसला किया। यह मौका उन मतदाताओं को मिलेगा, जिन्हें एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट (ASDD) के तौर पर रखा गया था।

इन मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जारी हुए थे, लेकिन वापस नहीं मिले। इसके चलते स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान उनका नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल्स में शामिल नहीं हो सका।

आयोग के निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड पर लागू होंगे। इस दौरान डुप्लिकेट नामांकन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हालांकि, जो लोग कभी वोटर लिस्ट में थे ही नहीं, उन्हें इसका फायदा नहीं मिलेगा। ये सिर्फ उन्हीं के लिए है जो पहले से लिस्ट में थे, लेकिन SIR के दौरान उनके नाम कट गए।

सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को दिल्ली में की गई जल्दबाजी पर सवाल उठाया था, अगले ही दिन आयोग ने तारीख बढ़ा दी थी। दिल्ली में SIR से पहले करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे।

31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में करीब 97.53 लाख नाम शामिल किए गए। इस तरह लगभग 47.57 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रहे।

इसका मतलब क्या है और यह जरूरी क्यों

अगर आपका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है और आपको ASDD बताया गया है, तो घबराएं नहीं। BLO आपके घर फिर आएगा या आप दावा-आपत्ति के दौरान फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए आपको अपना आधार, वोटर आईडी और पते का प्रूफ रखना होगा।

बिहार में SIR के दौरान लाखों नाम कटने पर विपक्ष ने हंगामा किया था। अब 7 राज्यों में उसी तरह की शिकायतें आ रही थीं कि जिंदा लोगों को मृत बता दिया गया, जो बाहर गए हैं उन्हें गैरमौजूद बता दिया गया। आयोग का ये फैसला उन शिकायतों के बाद आया है।

चुनाव आयोग का 3 दिन में दूसरा अहम फैसला

इससे पहले 3 नवंबर को आयोग ने एक और फैसला लिया था, जिसमें कहा गया था कि अगर मतदाता का नाम SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर दोबारा नाम जुड़वा सकता है। चुनाव आयोग ने कहा चाहे 10 साल से वोटर रहे हों, फिर भी फॉर्म-6 ही भरना होगा। इसको झूठा शपथ पत्र नहीं माना जाएगा, न ही कोई केस होगा। पढ़ें पूरी खबर…

फॉर्म-6 से 2003 वाला सवाल हटा चुका आयोग

चुनाव आयोग ने SIR प्रकिया कम्पलीट हो चुके राज्यों के लिए भी फॉर्म-6 में बड़ा बदलाव कर चुका है। अक्टूरबर में हुए इस बदलाव के बाद SIR में नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट की जानकारी नहीं देनी होगी। आवेदक को यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका, माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस लिस्ट में था या नहीं। फॉर्म-6 से इससे जुड़ा अतिरिक्त घोषणा-पत्र हटा दिया गया। पढ़ें पूरी खबर… ———————-

ये खबर भी पढ़ें…

चुनाव आयोग फॉर्म 6, 7, 8 में बदलाव नहीं कर सकता: सुप्रीम कोर्ट; पूछा- दोबारा नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 क्यों भरें

दिल्ली में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से सवाल किए। कोर्ट ने पूछा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर करीब 43 लाख मतदाताओं में जिनके नाम ‘शिफ्टेड या अनुपस्थित’ श्रेणी में दर्ज हैं, उन्हें दोबारा नाम जुड़वाने के लिए Form-6 भरने को क्यों कहा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…



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बलूच आर्मी ने कमांडर इन चीफ बशीर को निकाला: पाकिस्तान में बड़े हमलों को अंजाम दिया; फिल्म धुरंधर के किरदार हमजा से होती थी तुलना




बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) के कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब को पद से हटा दिया गया है। बशीर जेब ने पाकिस्तान में कई बड़े हमलों की साजिश रचकर पहचान बनाई थी। बलूचिस्तान में हथियारबंद लड़ाकों के साथ बशीर जेब के वीडियो वायरल हुए तो उनकी तुलना फिल्म ‘धुरंधर’ के किरदार हमजा अली मजारी से होने लगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना के खिलाफ नाकाम ऑपरेशन और महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल को लेकर संगठन में उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ रही थी। पिछले महीने ही हटाए गए, खबर अब आई BLA ने 3 नवंबर को प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि बशीर जेब अब संगठन के कमांडर-इन-चीफ नहीं रहेंगे। यह बयान बलूचिस्तान पोस्ट में प्रकाशित हुआ था। संगठन ने कहा कि बशीर जेब के पास मौजूद सभी प्रशासनिक, सैन्य और नीतिगत फैसले लेने के अधिकार अब सीनियर कमांड काउंसिल को सौंप दिए गए हैं। नया कमांडर नियुक्त होने तक संगठन के सभी बड़े फैसले यही परिषद लेगी। बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, बशीर जेब को हटाने का फैसला 16 अक्टूबर को हुई BLA की शीर्ष समितियों की बैठक में लिया गया था। बैठक में शामिल कमांडरों ने सर्वसम्मति से नेतृत्व में बदलाव को मंजूरी दी थी। BLA ने इस बदलाव को संगठन के नियमों के मुताबिक शांतिपूर्ण नेतृत्व परिवर्तन बताया। संगठन का दावा है कि बशीर जेब को हटाने के फैसले से न तो संगठन में कोई बंटवारा हुआ और न ही कमांडरों के बीच टकराव की स्थिति बनी। हटाने की वजह और बशीर जेब का ठिकाना साफ नहीं BLA ने बशीर जेब को पद से हटाने के पीछे कोई खास वजह नहीं बताई है। संगठन ने सिर्फ इतना कहा कि यह फैसला उसके 2018 में बनाए गए संवैधानिक नियमों के तहत लिया गया है। इन नियमों के मुताबिक, कोई भी कमांडर जीवनभर संगठन के शीर्ष पद पर नहीं रह सकता। वहीं, बशीर जेब के मौजूदा ठिकाने के बारे में भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि वे अभी आजाद हैं, हिरासत में हैं या कहीं और चले गए हैं। उनके घायल होने या किसी दूसरी जगह इलाज कराने की खबरों की भी पुष्टि नहीं हुई है। बशीर जेब की लीडरशिप में BLA के बड़े हमले BLA के लगातार हमलों से बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पाकिस्तान की सेना और सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। सेना प्रमुख असीम मुनीर के नेतृत्व में सुरक्षा बलों को संगठन के खिलाफ लगातार अभियान चलाने पड़े। ऐसे में बशीर जेब को अचानक पद से हटाए जाने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑपरेशन हेरोफ-2 की नाकामी से BLA में बढ़े मतभेद बशीर जेब को हटाने की एक वजह संगठन की सैन्य रणनीति को लेकर अंदरूनी मतभेद भी हो सकती है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज (PICSS) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन हेरोफ-2 के नतीजों को लेकर BLA के शीर्ष कमांडरों में कई महीनों से नाराजगी थी। ऑपरेशन हेरोफ-2 की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को हुई थी। इसके तहत BLA ने बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और सरकारी ठिकानों पर एक साथ कई हमले किए थे। लेकिन पाकिस्तानी सेना की जवाबी कार्रवाई में संगठन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। बड़ी संख्या में लड़ाकों को एक साथ उतारने पर विवाद PICSS के मुताबिक, ऑपरेशन के नतीजों को लेकर बशीर जेब और BLA की विशेष आत्मघाती इकाई मजीद ब्रिगेड के प्रमुख कैप्टन रहमान गुल के बीच मतभेद पैदा हो गए थे। संगठन के अंदरूनी मामलों की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से PICSS ने बताया कि रहमान गुल ने बशीर जेब की हमले करने की रणनीति पर सवाल उठाए थे। उनका मानना था कि एक साथ कई जगहों पर बड़ी संख्या में लड़ाकों को भेजने से वे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के निशाने पर आसानी से आ गए। रहमान गुल इसके बजाय छोटे-छोटे समूहों में लड़ाकों को भेजने के पक्ष में थे। उनका मानना था कि ऐसे समूह अचानक हमला करके तुरंत अपनी जगह बदल सकते हैं। इससे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लिए उन्हें पकड़ना मुश्किल होता। एक हफ्ते में 215 लड़ाके मारे जाने का दावा ऑपरेशन हेरोफ-2 के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने BLA के खिलाफ जवाबी अभियान चलाए। PICSS के अनुमान के मुताबिक, इन कार्रवाइयों में एक हफ्ते के भीतर BLA के कम से कम 215 लड़ाके मारे गए थे। वहीं, संगठन ने 96 लड़ाकों की मौत स्वीकार की थी। थिंक टैंक के मुताबिक, एक साथ बड़ी संख्या में लड़ाकों को अलग-अलग जगहों पर तैनात करने से पाकिस्तानी सेना को उनके ठिकानों और गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिली। इससे सुरक्षा बलों के लिए उन पर कार्रवाई करना आसान हो गया। महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल पर भी नाराजगी बशीर जेब के नेतृत्व में BLA ने आत्मघाती हमलों का इस्तेमाल बढ़ा दिया था। इनमें महिला आत्मघाती हमलावरों को भी शामिल किया गया। इस रणनीति की संगठन के बाहर और अंदर दोनों जगह आलोचना हुई। BBC उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन में लोगों का मानना था कि महिला आत्मघाती हमलावरों के इस्तेमाल से पूरे बलोच आंदोलन को नुकसान पहुंचा। खासकर बलोचिस्तान के बाहर इस आंदोलन को मिलने वाला समर्थन कमजोर हुआ। पाकिस्तानी रिसर्चर मलिक सिराज अकबर के मुताबिक BLA ऐसा जानबूझकर कर रहा था, क्योंकि महिला हमलावरों वाले हमलों को मीडिया में ज्यादा जगह मिलती है। कायद-ए-आजम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ खुर्रम इकबाल ने बीबीसी उर्दू से कहा कि BLA के हमले जितने हिंसक होते गए, बलोचिस्तान के बाहर उसे मिलने वाला समर्थन उतना ही कम होता गया। उनके मुताबिक, आत्मघाती हमलों को दुनिया में अच्छा नहीं माना जाता। फरवरी से ही फैसलों में घटने लगा था जेब का दखल PICSS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन मतभेदों का असर फरवरी 2026 से ही दिखने लगा था। बशीर जेब को धीरे-धीरे संगठन के बड़े फैसले लेने की प्रक्रिया से अलग किया जाने लगा। इसके बाद कैप्टन रहमान गुल की सैन्य अभियानों और संगठन के दूसरे कामकाज में भूमिका बढ़ गई। हालांकि, BLA ने बशीर जेब को हटाने की वजह के तौर पर ऑपरेशन हेरोफ-2 या कमांडरों के बीच किसी विवाद का जिक्र नहीं किया है। यह जानकारी थिंक टैंक की रिपोर्ट और उसके सूत्रों पर आधारित है। ———————————- यह खबर भी पढ़ें… ईरान ने अमेरिका को 7 शर्तों वाला नया प्रस्ताव भेजा:कहा- ये पूरी हुई तभी बातचीत करेंगे, होर्मुज खोलने से भी इनकार
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