कोटा के गोदावरी धाम बालाजी मंदिर में दुबई की फ्लाइट में सह-पायलट के हमले में घायल भारतीय पायलट स्मित मच्छार के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ और दीर्घायु की कामना को लेकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। राज्य कुश्ती संघ अध्यक्ष राजीव दत्ता की पहल पर हुए आयोजन में विधायक संदीप शर्मा, महापौर अनुसुइया गोस्वामी और भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन सहित कई लोग शामिल हुए। संकट की घड़ी में हिम्मत दिखाई इस दौरान वक्ताओं ने पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी और कर्तव्यपरायणता को याद करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उन्होंने हिम्मत दिखाई और हमलावर का मुकाबला किया। उनकी सूझबूझ और साहस से विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने में मदद मिली। आयोजकों ने कहा कि कठिन परिस्थिति में स्मित मच्छार ने हनुमान जी को याद किया और हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसे भारतीय संस्कृति और आस्था से जोड़ते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने पायलट के साहस को सलाम करते हुए उनके जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने और दीर्घायु की कामना की।
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घायल पायलट स्मित मच्छार के लिए कोटा में हनुमान-चालीसा पाठ: जल्द स्वस्थ होने की कामना,174 यात्रियों की जान बचाने वाली बहादुरी को किया नमन – Kota News
राहुल भाजपा के क्षेत्रीय मीडिया संयोजक बने: मनोनित पार्षद चंदन आर्या, सांसद रविकिशन के प्रतिनिधि समरेंद्र सह संयोजक बनाए गए – Gorakhpur News
भाजपा की क्षेत्रीय मीडिया टीम शनिवार की देर रात जारी कर दी गई। अब तक सह संयोजक की भूमिका निभा रहे राहुल तिवारी को क्षेत्रीय मीडिया संयोजक बनाया गया है। सांसद रविकिशन शुक्ला के प्रतिनिधि समरेंद्र विक्रम सिंह एवं मनोनीत पार्षद चंदन आर्या को सह संयोजक ब
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क्षेत्रीय टीम की घोषणा काफी पहले हो चुकी थी लेकिन मीडिया संयोजक एवं सह संयोजकों के नाम घोषित नहीं हुए थे। लंबे समय से भाजपा से जुड़े राहुल तिवारी 2020 के बाद से ही क्षेत्रीय भाजपा की मीडिया टीम में काम कर रहे हैं। इस बार उन्हें मीडिया संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
राहुल ने पत्रकारिता में परास्नातक की डिग्री हासिल की है और सक्रिय रूप से पत्रकार भी रहे हैं। उसके बाद वह भाजपा से जुड़ गए। मीडिया से जुड़े लंबे अनुभव के कारण उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। मूल रूप से गोरखपुर के रहने वाले राहुल तिवारी के नाम की चर्चा पहले से इस पद के लिए चल रही थी। शनिवार को इसपर मुहर भी लग गई।
लंबे समय से भाजपा के क्षेत्रीय मीडिया टीम की घोषण का इंतजार किया जा रहा था।
दूसरी ओर सांसद रविकिशन शुक्ला के प्रतिनिधि समरेंद्र विक्रम सिंह को भी क्षेत्रीय टीम में जगह दी गई है। उन्हें मीडिया सह संयोजक बनाया गया है। समरेंद्र भी लंबे समय से भाजपा से जुड़े हैं। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ का करीबी भी माना जाता है। आरटीआई कार्यकर्ता के रूप में उनकी अच्छी पहचान रही है।
चंदन आर्या ने महानगर भाजपा में मीडिया प्रभारी के रूप में लंबे समय तक कार्य किया है। कुछ समय पहले सरकार की ओर से उन्हें नगर निगम गोरखपुर में पार्षद मनोनित किया गया है। जिसके बाद महानगर की नई कार्यकारिणी में मीडिया की जिम्मेदारी दूसरे को दी गई थी। अब चंदन के अनुभवों का लाभ लेने के लिए उन्हें क्षेत्रीय मीडिया टीम में जगह दी गई है।
TMC से छिनी 2 संसदीय समितियों की अध्यक्षता: डोला की जगह सुधांशु वाणिज्य समिति प्रमुख बने; दोनों सदन में ममता गुट के सिर्फ 16 सांसद
नई दिल्ली में शनिवार को संसदीय समितियों का दोबारा गठन हुआ। इस बदलाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) से दो बड़ी समितियों की अध्यक्षता चली गई। यह बदलाव ममता बनर्जी की अगुआई वाली TMC में विभाजन के बाद हुआ है। विभागों से जुड़ी संसदीय स्थायी समितियों का कार्यकाल एक साल का होता है। इसके बाद इन समितियों का पुनर्गठन किया जाता है। राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विभागों से जुड़ी स्थायी समितियों का पुनर्गठन किया। बीजेपी के सुधांशु त्रिवेदी को वाणिज्य समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया। सुधांशु त्रिवेदी ने TMC की डोला सेन की जगह ली है। वहीं, TMC के बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने अपनी पूर्व पार्टी सहयोगी कीर्ति आजाद की जगह रसायन और उर्वरक समिति की अध्यक्षता संभाली है। दस्तीदार के नेतृत्व में TMC के 20 बागी लोकसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी जॉइन की है और NDA का समर्थन किया है। लोकसभा में ममता गुट के 8 सांसद हैं, राज्यसभा में भी यह संख्या 8 है। इस तरह संसद में ममता गुट के केवल 16 सांसद हैं। कई अध्यक्षों को दोबारा जिम्मेदारी DMK के सांसद तिरुचि सिवा को उद्योग समिति का अध्यक्ष दोबारा बनाया गया है। कनिमोझी को खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण समिति की अध्यक्षता फिर मिली है। BJP के प्रमुख सहयोगी दलों JD(U), शिवसेना और TDP के कुछ नेताओं को भी अलग-अलग संसदीय समितियों के अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। कांग्रेस के शशि थरूर और चरणजीत सिंह चन्नी को भी समितियों का अध्यक्ष बनाए रखा गया है। थरूर विदेश मामलों की समिति और चन्नी कृषि समिति के अध्यक्ष हैं। कांग्रेस के मुकुल वासनिक को शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की समिति का अध्यक्ष बरकरार रखा गया है। समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। अलग-अलग समितियों की नई जिम्मेदारियां BJP के राधा मोहन सिंह रक्षा समिति की अध्यक्षता करेंगे। JD(U) के संजय कुमार झा को परिवहन, पर्यटन और संस्कृति समिति का अध्यक्ष दोबारा बनाया गया है। शिवसेना के श्रीरंग बारणे को ऊर्जा समिति के अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। NCP के सुनील दत्तात्रेय तटकरे को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी को आवास और शहरी मामलों की समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। BJP के सुजीत कुमार ने अपनी पार्टी के सांसद बृजलाल की जगह कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय समिति की अध्यक्षता संभाली है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को कोयला, खान और इस्पात समिति का अध्यक्ष दोबारा बनाया गया है। BJP के राजीव प्रताप रूडी जल संसाधन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। BJP के भर्तृहरि महताब वित्त समिति की अध्यक्षता जारी रखेंगे। उनकी पार्टी के सहयोगी राधा मोहन दास अग्रवाल को गृह मामलों की समिति के अध्यक्ष पद पर बरकरार रखा गया है। BJP के निशिकांत दुबे को संचार और सूचना प्रौद्योगिकी समिति का अध्यक्ष फिर बनाया गया है। महाराष्ट्र से BJP सांसद मेधा विश्राम कुलकर्णी को विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन समिति की अध्यक्षता पर बरकरार रखा गया है। BJP के सुधीर गुप्ता ने अपनी पार्टी के सहयोगी सीएम रमेश की जगह रेलवे समिति की अध्यक्षता संभाली है। कांग्रेस के सप्तगिरी शंकर उलाका को ग्रामीण विकास और पंचायती राज समिति का अध्यक्ष दोबारा बनाया गया है। BJP के पीसी मोहन को सामाजिक न्याय और अधिकारिता समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। BJP सांसद शशांक मणि को श्रम, कपड़ा और कौशल विकास समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
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वन चौकी से जब्त लकड़ियां और पहिए लूटे: मुरैना में सरकारी राइफल ले जाने की भी कोशिश; कर्मचारियों को भी धमकाया – Morena News
मुरैना के पहाड़गढ़ थाना क्षेत्र की कन्हार वन चौकी में करीब 10 लोगों पर वन अपराध के मामलों में जब्त सामग्री जबरन ले जाने का आरोप है। चौकी प्रभारी के मुताबिक, आरोपी कार से पहुंचे और परिसर में घुसकर कर्मचारियों से गाली-गलौज और धमकी दी। दो आरोपियों ने कार्यालय में रखी शासकीय राइफलें ले जाने की कोशिश की, लेकिन कमरे में ताला लगा होने से सफल नहीं हुए। इसके बाद आरोपी एक बोटा काष्ठ, 6 लोहे के पहिए और बैल का लकड़ी का जुआ ले गए। मामले में पुलिस को शिकायत दी गई है। कार से वन चौकी पहुंचे आरोपी
कन्हार वन चौकी प्रभारी कीर्ति कुमार शांडिल्य ने पहाड़गढ़ थाना पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 3 अक्टूबर को शाम करीब 4 बजे सफेद कार क्रमांक RJ 50 CA 4027 से कुछ लोग चौकी पहुंचे। शिकायत में शैलेंद्र जाटव, नीरज जाटव, नीरज की बहन, संजय जाटव, भरत जाटव और भरत जाटव की पत्नी समेत अन्य लोगों के नाम बताए गए हैं। गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, चौकी परिसर में पहुंचते ही आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देने और शासकीय काम में बाधा डालने का भी आरोप है। इसी दौरान दो आरोपी चौकी कार्यालय में पहुंचे और वहां रखी शासकीय राइफलों को ले जाने का प्रयास किया। कमरे में ताला लगा होने के कारण वे राइफलें नहीं ले जा सके। जब्त लकड़ी और सामान उठा ले गए
राइफलें नहीं ले जा पाने के बाद आरोपियों ने वन अपराध प्रकरण में जब्त सामग्री उठाई। शिकायत के अनुसार, आरोपी एक बोटा काष्ठ, 6 लोहे के पहिए और बैल का लकड़ी का जुआ अपने साथ ले गए। वन कर्मचारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी सामान लेकर चले गए। कर्मचारियों को SC/ST एक्ट में फंसाने की धमकी का आरोप
वन कर्मचारियों सुनील त्यागी, दिनेश कुमार और भानुप्रताप सिंह ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया। शिकायत के मुताबिक, इस दौरान कर्मचारियों को झूठे SC/ST एक्ट में फंसाने और उन्हें “नौकरी करना सिखा देने” की धमकी दी गई। पुलिस में शिकायत, जांच जारी
घटना के बाद चौकी प्रभारी ने पहाड़गढ़ थाने में लिखित शिकायत दी। इसमें शासकीय कार्य में बाधा, जब्त संपत्ति ले जाने और धमकी समेत अन्य संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। मामले में पहाड़गढ़ थाना प्रभारी सोनपाल सिंह तोमर से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण उनसे ठीक से बात नहीं हो सकी।
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किशनगंज में नदी में तैरता मिला युवक का शव: 2 अक्टूबर से था गायब; पश्चिम बंगाल का रहने वाला, पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज के पोठिया थाना क्षेत्र के मिर्जापुर पंचायत के जनता हाट स्थित भेड़भेरी घाट के पास शनिवार को डोंक नदी में एक युवक का शव तैरता मिला। मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल के चौपड़ा थाना क्षेत्र के दुलाईगच्छ निवासी विकास सोरेन (22) के रूप में हुई है। वह सुभाष सोरेन का बेटा था। विकास 2 अक्टूबर से चौपड़ा थाना क्षेत्र के जागीरगच्छ घाट से लापता था। स्थानीय लोगों ने नदी में देखा शव शनिवार शाम स्थानीय लोगों ने भेड़भेरी घाट के पास नदी के पानी में शव को तैरते देखा। इसके बाद लोगों ने आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। कुछ ही देर में घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलने पर पोठिया थाना के एसआई महेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाया और पंचनामा तैयार किया। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल किशनगंज भेज दिया गया। चौपड़ा पुलिस और परिजनों को दी गई सूचना पोठिया थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर कैप्टन संजय पांडे ने बताया कि मृतक की पहचान हो चुकी है। उसके परिजनों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के चौपड़ा थाना की पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा जाएगा। युवक की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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आर्यन ने 7 लाख में शुरू किया बत्तख पालन; एक साल में कमाई 50 लाख के पार
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Duck Farming Success Story: पश्चिम चम्पारण के 25 वर्षीय आर्यन ने बत्तख पालन से सालाना 50 लाख से अधिक की कमाई की. उन्होंने 2025 में 7 लाख रुपये से 1000 बत्तखों के साथ शुरुआत की और अब हर महीने 5 लाख रुपये कमाते हैं, जिससे उनकी ज़िंदगी बदल गई है.
पश्चिम चम्पारण: यदि हम आपसे ये कहें कि बत्तख पालन से सालाना 50 लाख से उपर की आमदनी की जा सकती है, तो क्या यकीन करेंगे? मानना थोड़ा मुश्किल होगा, लेकिन ऐसा कर दिखाया है पश्चिम चम्पारण जिले के मझौलिया प्रखंड स्थित करमवा गांव निवासी 25 वर्षीय आर्यन ने. आर्यन ने बत्तख पालन में वो मुकाम हासिल कर लिया है. जिससे उनकी पहचान जिले में ही नहीं, बल्कि सूबे के सबसे बड़े सफल बत्तख पालकों में होने लगी है.
2025 में की बत्तख पालन की शुरुवात
लोकल 18 से बात करते हुए आर्यन बताते हैं कि वर्ष 2025 के सितंबर में उन्होंने करीब 7 लाख रुपए की लागत से बत्तख पालन का व्यवसाय शुरू किया. करीब एक हजार बत्तख और एक एकड़ में फैले तालाब से उनके इस सफर की कहानी शुरू हुई. पालन के चौथे महीने से जब मादाएं अंडा देने लगीं, तब जाकर उनकी आमदनी की शुरुआत हुई.
1000 बत्तखों से शुरू किया सफर
आर्यन ने एक हजार बत्तख में करीब 250 नर और 750 मादाओं को रखा था. तीन महीने तक दाना पानी का जुगाड़ कर उन्होंने सभी पक्षियों को बड़ा किया और अंडा देने लायक बनाया. चौथे महीने से जब अंडा मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, तब जाकर उनकी कहानी में ट्विस्ट आया. 750 मादा बत्तखों से उन्हें हर दिन करीब 500 अंडे मिलने लगें.
अंडे के कारोबार की तरह रुझान
आर्यन ने इन अंडों को खाने के लिए न बेच कर हेचरी वालों से बेचा. जिनसे 28 से 30 दिनों में चूजे निकलते थें. दरअसल खाने के लिए बेचने पर अंडों की कीमत 5 से 6 रुपए प्रति अंडे की दर से मिलती थी. जबकि हेचरी वालों से यही अंडा 12 रुपए 50 पैसे की भाव से बिकता था. चुकी इसमें आमदनी डबल थी, इसलिए उन्होंने बतख पालन से ही अंडों का व्यवसाय शुरू किया.
हर महीने 5 लाख रुपए की आमदनी
वर्ष 2026 की शुरुवात तक आर्यन ने एक एकड़ पैमाने का एक और तालाब तैयार करवाया और बतख की संख्या बढ़ाकर दो हजार कर लिया. इस प्रकार आर्यन अब दो एकड़ के तालाब में दो हज़ार बत्तखों का पालन करने लगें. ऐसा करने से अब उन्हें हर दिन 1200 से 1300 तक अंडे मिलने लगें. जिसे उन्होंने बड़े स्तर पर बेचना शुरू किया. महीने में लगभग 40 हजार अंडों को बेचकर आर्यन करीब 5 लाख रुपए प्रति महीने तक की आमदनी बनाने लगें.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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यूपी होमगार्ड भर्ती-2025 का रिजल्ट घोषित, 41,424 पदों पर हुआ चयन; ऐसे चेक करें रिजल्ट
यूपी होमगार्ड भर्ती-2025 का अंतिम चयन परिणाम आज (शनिवार को) जारी हो गया है। उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में 41,424 अभ्यर्थियों का होमगार्ड के पदों पर चयन हुआ है। 41,424 रिक्त पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इस होमगार्ड भर्ती में 25 लाख 32 हजार 196 ऑनलाइन आवेदन मिले थे। आप अपना रिजल्ट यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकते हैं।
इसी साल अप्रैल में कराई गई थी लिखित परीक्षा
बता दें कि 74 जिलों में 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को यूपी होमगार्ड भर्ती- 2025 की लिखित परीक्षा करवाई गई थी। लिखित परीक्षा के बाद 1 लाख 7 हजार 221 अभ्यर्थियों को दस्तावेजों की समीक्षा और फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था। लिखित परीक्षा, कागजात की जांच और मेडिकल टेस्ट के बाद मेरिट के आधार पर अंतिम चयन किया गया है। होमगार्ड भर्ती-2025 का अंतिम चयन परिणाम यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट पर जारी किया गया है।
कैसे चेक करें रिजल्ट?
यूपी होमगार्ड भर्ती-2025 का परिणाम देखने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें।
- सबसे पहले यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- इसके बाद टॉप नोटिस में दिख रहे ‘उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट- 2025 के अन्तर्गत अंतिम चयन परिणाम देखने हेतु लिंक’ पर क्लिक करें।
- फिर आप अभ्यर्थी लॉग इन पर पहुंच जाएंगे।
- यहां अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें।
- अब जैसे ही आप साइन-इन करेंगे तो स्क्रीन पर आपको रिजल्ट दिखाई देगा।
आप रिजल्ट की हार्डकॉपी प्रिंट कर सकते हैं। इसके अलावा, सॉफ्ट कॉपी साथ रखने के लिए पीडीएफ के रूप में डाउनलोड भी कर सकते हैं।
पिछले साल नवंबर-दिसंबर में भरे गए थे फॉर्म
गौरतलब है कि यूपी होमगार्ड भर्ती-2025 के फॉर्म 17 नवंबर 2025 से 17 दिसंबर 2025 के बीच भरे गए थे। इन पदों पर आवेदन करने के लिए आयुसीमा 18 से 30 साल थी। यह उम्र 1 जुलाई 2025 के आधार गिनी गई थी। इसके अलावा, Age Relaxation अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस होमगार्ड रिक्रूटमेंट रूल्स के हिसाब से दिया गया था।
क्या यूपी होमगार्ड एक स्थाई नौकरी है?
यूपी होमगार्ड एक अस्थायी, ‘कॉल-अप’ बेस्ड ड्यूटी है। होमगार्ड के पद पर एनरोल हुए कैंडिडेट्स को जरूरत पड़ने पर बुलाया जाता है। इसी के मुताबिक, होमगार्ड को दैनिक भत्ता मिलता है। होमगार्ड की जॉब ड्यूटी आधारित है। साथ ही, इनके लिए राज्य सरकार की तरफ से समय-समय पर महंगाई भत्ता भी निर्धारित होता है।
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भारतीय हाई कमिश्नर बोले- हसीना को पनाह देना मजबूरी थी: उन्हें बांग्लादेश भेजने की प्रकिया जारी; तख्तापलट के बाद 2 साल से भारत में पूर्व PM
ढाका1 घंटे पहले
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बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (फाइल फोटो)
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को पनाह देना भारत की मजबूरी थी। यह बात बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी ने बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन कार्यक्रम में शनिवार को कही है।
एक छात्र ने त्रिवेदी से पूछा कि हमारे लोगों की हत्या करने वाली शेख हसीना कब हमारे मुल्क वापस लायी जाएंगी?
जवाब में त्रिवेदी ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया जारी है। हसीना को बांग्लादेश कब भेजा जाएगा, इसकी समयसीमा नहीं बताई जा सकती।
सत्ता से हटने के बाद वे 5 अगस्त 2024 को भारत आई थीं। बीते दो साल से हसीना भारत में रह रहींं हैं।

बे ऑफ बंगाल कन्वर्सेशन 2026 कार्यक्रम में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी।
भारत हसीना को आने नहीं देता तो स्थिति खराब हो सकती थी
हसीना के भारत आने देने के फैसले पर भी त्रिवेदी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2024 को जब हसीना ने ढाका छोड़ा, तब भी वे बांग्लादेश की प्रधानमंत्री थीं और वहां हालात तेजी से बदल रहे थे।
त्रिवेदी ने कहा कि उस समय भारत के पास हसीना को दिल्ली में उतरने की अनुमति देने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। अगर भारत उन्हें उतरने की अनुमति नहीं देता तो स्थिति खराब हो सकती थी।
त्रिवेदी ने यह भी स्पष्ट किया कि हसीना को भारत भारतीय वायुसेना या भारतीय सेना नहीं लाई थी। उन्हें बांग्लादेश एयरफोर्स के विमान से भारत लाया गया था।

5 अगस्त 2024 को हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना हेलिकॉप्टर से दिल्ली आ गईं थीं।
हसीना ने कहा- दिसंबर में लौटूंगी
हसीना ने 5 अगस्त 2026 को कहा था कि वह दिसंबर तक बांग्लादेश लौटेंगी। CNN को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वह कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें सुरक्षा, वकील तक पहुंच, अपना बचाव करने का अधिकार, स्वतंत्र न्यायपालिका और निष्पक्ष सुनवाई चाहिए।
उन्होंने BNP के साथ किसी भी बैकचैनल बातचीत से इनकार किया था और कहा था कि भारत अब भी उनका दोस्त है।

बांग्लादेश लंबे समय से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।
रहमान की सरकार कई बार प्रत्यर्पण की मांग कर चुकी
12 फरवरी के चुनाव के बाद तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की सरकार सत्ता में आई। इन चुनावों में हसीना की पार्टी अवामी लीग को हिस्सा लेने की अनुमति नहीं थी। नई सरकार ने कई बार हसीना के प्रत्यर्पण की मांग दोहराई है।
हसीना को वापस भेजने का मुद्दा भारत-बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव की बड़ी वजह बना हुआ है। इसका असर तारिक रहमान के भारत दौरे पर भी पड़ा है।
भारत ने पिछले महीने हुए BRICS समिट में तारिक रहमान को शामिल होने का न्योता दिया था। इसके अलावा फरवरी से ही भारत की ओर से उन्हें अलग से भारत आने का निमंत्रण दिया गया था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने एक भी बार भारत का दौरा नहीं किया।
भारत-बांग्लादेश के बीच प्रत्यर्पण संधि है
भारत और बांग्लादेश ने 2013 में प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें कुछ परिस्थितियों में किसी व्यक्ति को दूसरे देश को सौंपने से इनकार करने के प्रावधान हैं। इनमें राजनीतिक प्रकृति के अपराध से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
हसीना पर बांग्लादेश में 2024 के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और मौतों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। बांग्लादेश की मौजूदा सरकार उन्हें वापस लाकर कानूनी कार्रवाई करना चाहती है।
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने नवंबर 2025 में हसीना और उनके तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल को मौत की सजा सुनाई थी। 15 सितंबर 2026 को हसीना सरकार के कुछ पूर्व सहयोगियों को भी सजा सुनाई गई।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की जांच के मुताबिक, जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन के दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी।
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बुरहानपुर के रवि ने सीखी चाइनीज कला, आज 2 स्टॉल 5 लोगों को रोजगार
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Chinese Food Stall Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के रवि सालुंखे ने मेहनत और संघर्ष के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई है. कभी वह दूसरों के यहां मजदूरी करने के लिए जाते थे लेकिन आज खुद का व्यवसाय संचालित कर रहे हैं और पांच लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. मजदूरी से शुरू हुआ रवि का सफर आज अपने व्यवसाय और रोजगार देने तक पहुंच चुका है. उनका संघर्ष युवाओं के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है. जो दो लोगों को चाइनीज का स्टॉल चला कर पांच लोगों को रोजगार दे रहे हैं जिससे उनकी अच्छी कमाई हो रही है.
लोकल 18 की टीम को दुकान संचालक रवि बताते हैं कि मजदूरी के दौरान उन्हें चाइनीज फूड बनाने का काम सीखने और समझने का मौका मिला. उन्हें यह काम पसंद आया और उन्होंने करीब पांच वर्षों तक चाइनीज आइटम बनाने की कला सीखी. इसके बाद उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला लिया. शुरुआत आसान नहीं थी.
सीमित संसाधनों के बीच रवि ने बुरहानपुर की इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में जय अंबे चाइनीज के नाम से अपना स्टॉल शुरू किया. शुरुआती दौर में ग्राहकों को जोड़ने और व्यवसाय को चलाने में उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी लगातार मेहनत और अपने काम के प्रति लगन के चलते धीरे-धीरे लोगों को उनके यहां मिलने वाले चाइनीज फूड का स्वाद पसंद आने लगा.
आज रवि दो चाइनीज स्टॉल का संचालन कर रहे हैं. उनके स्टॉल पर चाइनीज फूड की कई वैरायटी उपलब्ध रहती हैं. कम कीमत और स्वादिष्ट खाने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं.
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खास बात यह है कि रवि ने सिर्फ अपने लिए रोजगार का साधन तैयार नहीं किया बल्कि दूसरे लोगों को भी काम का अवसर दिया है. वर्तमान में उनके साथ करीब पांच लोग काम कर रहे हैं.
रवि ने अपने भाई को भी चाइनीज फूड बनाने का काम सिखाया जिससे वह भी आत्मनिर्भर होकर व्यवसाय में उनके साथ हाथ बंटा रहे हैं. रवि की कहानी बताती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी मुश्किल हों अगर इंसान मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ता रहे तो अपनी मेहनत के दम पर रोजगार देने वाला भी बन सकता है.
हॉस्पिटल में इलाज करवाने आई महिला: सास ससुर को छोड़कर टैक्सी में बैठकर हुई फरार, पुलिस कर रही गुमशुदा की तलाश – Jodhpur News
शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में अपने परिजनों के साथ चेकअप कराने आई एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। अस्पताल परिसर में लगी सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि महिला एक टैक्सी में बैठकर वहां से कहीं चली गई है। घटना के संबंध में ससुर की रिपोर्ट पर सरदारपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जैसलमेर जिले के रहने वाले एक व्यक्ति ने सरदारपुरा थाने में उपस्थित होकर एक लिखित रिपोर्ट दी । रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2026 को वह अपनी पत्नी के साथ अपनी पुत्रवधू को चेकअप कराने के लिए जोधपुर के गोयल अस्पताल लेकर आए थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद उनकी पुत्रवधू अपने सास-ससुर को एक जगह बैठाकर दवाइयां लेने चली गई। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो परिजनों को चिंता हुई।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद उसके ससुर ने अपने बेटे को फोन कर स्थिति बताई। बेटे ने जब अपनी पत्नी को कॉल किया तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। परिजनों ने अस्पताल परिसर में हर जगह तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उसके भाई को भी सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। अस्पताल प्रबंधन की मदद से जब सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, तो उनकी पुत्रवधू बैठकर अस्पताल परिसर से जाती हुई नजर आई। परिजनों की रिपोर्ट पर सरदारपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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