Monday, October 5, 2026
Home Blog

कानपुर में व्यापारियों का प्रदर्शन: UPI पर MDR शुल्क लगाए जाने का विरोध, घंटाघर में नारेबाजी – Kanpur News




कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष मोहम्मद कलीम के नेतृत्व में सोमवार को भारत माता प्रतिमा, घंटाघर पर व्यापारियों ने एक विशाल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन यूपीआई (UPI) लेनदेन पर एमडीआर (MDR) शुल्क लगाए जाने के विरोध में किया गया, जिसमें शहर के बड़ी संख्या में व्यापारी और विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष मोहम्मद कलीम ने कहा कि वर्तमान में यूपीआई देश में डिजिटल भुगतान की रीढ़ बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान और करोड़ों व्यापारी प्रतिदिन इसका उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर शुल्क लागू करना व्यापारियों पर एक बड़ा अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला कदम है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। घंटाघर पर एकत्रित होकर संगठन के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने अपनी एकजुटता का परिचय देते हुए “यूपीआई पर एमडीआर शुल्क बंद करो” के नारे लगाए और इस फैसले को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग उठाई।



Source link

जमुई में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे बच्चे: मिट्टी के गोलों में आम-जामुन के बीज डालकर बना रहे सीड बॉल; पत्तियों से खुद बनाते हैं खाद – Jamui News




जमुई में पर्यावरण संरक्षण का संदेश अब स्कूल की कक्षा से निकलकर जंगल और खाली पड़ी जमीन तक पहुंच रहा है। बरहट प्रखंड के कृत्यानंद मध्य विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने हरियाली बढ़ाने के लिए अनोखी पहल शुरू की है। बच्चे मिट्टी के छोटे-छोटे गोले बनाकर उनमें आम, जामुन और नीम के बीज डालकर सीड बॉल तैयार कर रहे हैं। इसके बाद इन सीड बॉल को ऐसी जगहों पर डाला जा रहा है, जहां पेड़ों और हरियाली की कमी है। पेड़ों के नीचे से खुद बीज जुटाते हैं बच्चे स्कूल के दर्जनों बच्चे इस गतिविधि से जुड़े हैं। खास बात यह है कि सीड बॉल तैयार करने के लिए बीज बाजार से नहीं खरीदे जाते। बच्चे आसपास के गांवों और पेड़ों से खुद बीज इकट्ठा करके लाते हैं। जामुन, आम और नीम के पेड़ों के नीचे गिरे बीजों को चुनकर एकत्र किया जाता है। इसके बाद मिट्टी और खाद की मदद से बीज को सुरक्षित तरीके से सीड बॉल का रूप दिया जाता है। पत्तियों से तैयार खाद का भी इस्तेमाल विज्ञान शिक्षिका शोभा सिंह ने बताया कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से यह गतिविधि शुरू की गई है। आसपास के पेड़ों से मिलने वाले बीज बच्चे खुद इकट्ठा करके लाते हैं। कुछ बीज शिक्षक भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में पेड़ों से गिरने वाली पत्तियों को गड्ढे में जमा कर कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है। इसी खाद का इस्तेमाल सीड बॉल तैयार करने में किया जाता है। अनुकूल मौसम मिला तो बीज से बनेगा पौधा शिक्षिका के अनुसार, सीड बॉल तैयार करने के बाद बच्चों को इसे ऐसी जगहों पर रखने के लिए प्रेरित किया जाता है, जहां हरियाली कम है। अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर मिट्टी में दबा बीज अंकुरित होकर पौधे का रूप ले सकता है। इससे बच्चों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित हो रही है। बच्चों की छोटी पहल, बड़ा संदेश स्कूल के बच्चों का कहना है कि कई जगहों पर पेड़ों की संख्या कम है और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। ऐसे स्थानों पर हरियाली बढ़ाने के लिए वे सीड बॉल के जरिए पेड़ उगाने की कोशिश कर रहे हैं। छोटी उम्र में बच्चों की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ समाज को भी प्रकृति बचाने का संदेश दे रही है।



Source link

पुराना बस स्टैंड बंद होने पर व्यापारियों का प्रदर्शन: बोले-200 से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित; कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च – Sidhi News




सीधी में पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन बंद होने के विरोध में सोमवार को करीब 100 व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ मार्च पुराने बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट चौराहे तक पहुंचा। कई व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर आंदोलन का समर्थन किया। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पुराने बस स्टैंड से दोबारा बस संचालन शुरू कराने की मांग की। 200 से ज्यादा लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित होने का दावा व्यापारियों का कहना है कि पुराने बस स्टैंड से बस संचालन बंद होने से यहां की दुकानों और फुटकर कारोबार पर असर पड़ा है। बस स्टैंड का संचालन नए बस स्टैंड में शिफ्ट करने की वजह से वहां की दुकानों के आसपास ग्राहक नहीं जाते हैं। इसके अलावा 50 से ज्यादा ऐसे फुटकर व्यापारी थे जो ठेले लगाकर वहां व्यापार करते थे उनका व्यापार भी पूरी तरह से बंद हो गया है। उनके मुताबिक 200 से अधिक लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बस संचालन बंद होने के बाद पहले विधायक और सांसद को पत्र देकर समस्या से अवगत कराया गया था। इसके बाद शुक्रवार को भी आंदोलन किया गया, लेकिन पुराने बस स्टैंड से बसों का संचालन दोबारा शुरू नहीं हुआ। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी का लगाया आरोप सोमवार के पैदल मार्च में व्यापारियों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता आकाश सिंह चौहान समेत कई लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने पुराने बस स्टैंड से कलेक्ट्रेट तक पैदल पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी। आकाश सिंह चौहान ने कहा कि नया बस स्टैंड निर्धारित समय पर संचालित हो गया है, लेकिन पुराना बस स्टैंड भी लंबे समय से बस संचालन का केंद्र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने बस स्टैंड को हटाकर वहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि ऐसा होने पर वर्षों से कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों और फुटकर दुकानदारों की आजीविका प्रभावित होगी। वहीं मामले को लेकर एसडीएम प्रिया पाठक ने बताया कि पुराने बस स्टैंड की व्यवस्था इसलिए बंद की गई है क्योंकि यह शहर के बीचो-बीच स्थित था औत यहां जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होती थी।



Source link

कच्चा दूध ताजा है फिर भी खतरनाक? जानें भारत और अमेरिका के Pasteurization नियम

0


Raw Milk Side Effects: सुबह दूध का गिलास हाथ में लेते समय शायद ही कोई यह सोचता है कि इसमें ऐसे बैक्टीरिया भी हो सकते हैं जिन्हें आंखों से देखना संभव नहीं है. खासकर गांवों या डेयरी से सीधे आया दूध कई लोगों को ज्यादा ताजा और शुद्ध लगता है. इसी वजह से कुछ लोग उसे बिना गर्म किए पीना पसंद करते हैं, लेकिन दूध का ताजा होना और उसका सुरक्षित होना एक ही बात नहीं है.

Raw Milk यानी बिना पाश्चराइज किया हुआ दूध हानिकारक कीटाणुओं का स्रोत हो सकता है. Brucella, Salmonella, E. coli और Listeria जैसे बैक्टीरिया संक्रमण की वजह बन सकते हैं. ऐसे में दूध को पाश्चराइज करने की जरूरत क्यों पड़ती है और भारत व अमेरिका में इसे लेकर क्या नियम हैं, यह समझना जरूरी है.

Raw Milk क्या होता है और इसमें खतरा क्यों रहता है?

Raw Milk वह दूध है जिसे पाश्चराइजेशन जैसी तय हीट-ट्रीटमेंट प्रक्रिया से नहीं गुजारा गया हो. दूध निकालते समय साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए तब भी उसमें हानिकारक सूक्ष्मजीव पहुंचने की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं होती. CDC के अनुसार Raw Milk से Campylobacter, E. coli, Listeria, Brucella और Salmonella जैसे कीटाणुओं का संक्रमण हो सकता है.
मुश्किल यह है कि दूषित दूध हमेशा देखने, सूंघने या स्वाद से अलग नहीं लगता. इसलिए केवल यह मान लेना कि दूध सीधे गाय या भैंस से आया है, उसे अपने आप सुरक्षित नहीं बना देता. खासकर गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में संक्रमण गंभीर हो सकता है.

Brucellosis का खतरा भी जुड़ा है

Brucella बैक्टीरिया से Brucellosis नाम का संक्रमण हो सकता है. CDC के मुताबिक संक्रमित पशु उत्पादों से भी इसका संक्रमण फैल सकता है और बिना पाश्चराइज किए डेयरी उत्पाद इसके संभावित स्रोत हैं. इस बीमारी में बुखार, थकान, पसीना, सिरदर्द और मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं. कुछ मामलों में दिल का संक्रमण जैसी जटिलताएं भी हो सकती हैं.

Pasteurization दूध को कैसे सुरक्षित बनाता है?

पाश्चराइजेशन में दूध को एक तय तापमान तक गर्म करके निश्चित समय तक रखा जाता है. इसका उद्देश्य बीमारी पैदा करने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करना है. यानी सिर्फ दूध को हल्का गर्म कर देना और पाश्चराइजेशन एक ही चीज नहीं हैं. भारत में FSSAI के मानकों के अनुसार पाश्चराइजेशन के लिए दूध के हर हिस्से को कम से कम 63 डिग्री सेल्सियस पर 30 मिनट या 71.5 डिग्री सेल्सियस पर 15 सेकेंड तक गर्म किया जा सकता है. इसके बाद पाश्चराइज्ड दूध को तुरंत ठंडा किया जाता है. FSSAI के दस्तावेज में अन्य स्वीकृत temperature-time combination का भी उल्लेख है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

अमेरिका में Raw Milk पर इतने सख्त नियम क्यों हैं?

अमेरिका में FDA ने 1987 में Raw Milk की interstate sale यानी एक राज्य से दूसरे राज्य में बिक्री पर रोक लगाने वाला नियम जारी किया था. हालांकि किसी राज्य की सीमा के भीतर Raw Milk की बिक्री की अनुमति है या नहीं, यह संबंधित राज्य के कानूनों पर निर्भर करता है. FDA के अनुसार सभी राज्यों में एक जैसा नियम नहीं है. अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसियां पाश्चराइजेशन को दूध की सुरक्षा का अहम तरीका मानती हैं. CDC भी Raw Milk से जुड़े संक्रमण के खतरे को देखते हुए पाश्चराइज्ड दूध और डेयरी उत्पाद चुनने की सलाह देता है.

भारत में क्या ध्यान रखें?

भारत में दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए FSSAI के खाद्य मानक लागू होते हैं. बाजार में मिलने वाले पाश्चराइज्ड दूध के पैकेट पर दी गई जानकारी देखना उपयोगी है, अगर दूध Raw है या उसके पाश्चराइजेशन को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं है तो उसे सीधे पीने के बजाय सुरक्षित तरीके से गर्म करके इस्तेमाल करना ज्यादा सावधानी वाला तरीका है.



Source link

Realme ने भारत में लॉन्च किया 7000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन


Realme P4 सीरीज का एक और बजट फ्रेंडली फोन भारत में लॉन्च हुआ है। रियलमी का यह फोन 7,000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इस सीरीज में कंपनी पहले ही Realme P4, Realme P4 Pro, Realme P4x, Realme P4s और Realme P4 Lite लॉन्च कर चुकी है। कंपनी ने अब इस सीरीज में 4G स्मार्टफोन पेश किया है। इसे Realme P4s Lite के नाम से पेश किया गया है।

Realme P4s Lite के फीचर्स

रियलमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स के साथ आता है। इसे 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में उतारा गया है। इसकी कीमत 16,499 रुपये से शुरू होती है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 18,499 रुपये में आता है। इसे दो कलर ऑप्शन- Nebula Black और Moonlight Silver में खरीदा जा सकता है।

इस फोन की खरीद पर 1,500 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है। इस स्मार्टफोन को 14,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 16,999 रुपये में मिलेगा। फोन की सेल Flipkart और कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर आयोजित की जा रही है।






Realme P4s Lite कीमत इफेक्टिव प्राइस
4GB RAM + 64GB 16,499 रुपये 14,999 रुपये
4GB RAM + 128GB 18,499 रुपये 16,999 रुपये

Realme P4s Lite के फीचर्स

Realme P4s Lite में कंपनी ने 6.75 इंच का LCD डिस्प्ले दिया है। इस फोन का डिस्प्ले HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। वहीं, फोन के डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 900 निट्स तक की है। कंपनी ने इस बजट फ्रेंडली फोन में Unisoc T7250 चिपसेट दिया है। इसके साथ 4GB रैम और 128GB स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है।










Realme P4s Lite फीचर्स
डिस्प्ले 6.75 इंच, LCD, 120Hz
प्रोसेसर Unisoc T7250
स्टोरेज 4GB, 128GB
बैटरी 7000mAh, 15W
कैमरा 13MP, 5MP
OS Android 16, Realme UI

रियलमी का यह फोन Android 16 पर बेस्ड Realme UI पर काम करता है। इस स्मार्टफोन में 7,000mAh की बैटरी दी गई है। वहीं, फोन के साथ 15W फास्ट चार्जिंग फीचर दिय गया है। फोन के बैक में 13MP का मेन कैमरा दिया गया है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 5MP का कैमरा मिलता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें 4G, WiFi 5, Bluetooth 5.2, 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें – Oppo F35, Oppo F35 Pro भारत में हुए लॉन्च, मिलेगी 8000mAh की तगड़ी बैटरी





Source link

जर्मनी-अमेरिका के 3 वैज्ञानिकों को मेडिसिन का नोबेल: दिमागी कोशिकाओं को रोशनी से कंट्रोल करने की तकनीक खोजी, मानसिक बीमारियों पर रिसर्च आसान हुई



09:03 AM5 अक्टूबर 2026

  • कॉपी लिंक

5 वैज्ञानिकों के नाम चर्चा में

1. स्वेतलाना मोइसोव: वजन घटाने वाली दवाओं की नींव

स्वेतलाना मोइसोव ने GLP-1 हार्मोन के उस हिस्से की पहचान करने में अहम भूमिका निभाई, जो शरीर पर सबसे ज्यादा असर करता है। GLP-1 भूख और ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। उनकी रिसर्च ने आगे चलकर मोटापा और डायबिटीज की दवाओं का रास्ता खोला। इस काम में डैनियल ड्रकर और जेन्स जूल होल्स्ट का भी अहम योगदान रहा।

2. डैनियल ड्रकर: GLP-1 को इलाज तक पहुंचाया

डैनियल ड्रकर ने GLP-1 के शरीर पर असर को समझने में अहम योगदान दिया। उनकी रिसर्च से पता चला कि यह हार्मोन इंसुलिन, ब्लड शुगर और भूख को कैसे प्रभावित करता है। उनके काम ने GLP-1 आधारित दवाओं को डायबिटीज और मोटापे के इलाज तक पहुंचाने में मदद की।

3. डेविड लियू: DNA में सटीक बदलाव

डेविड लियू ने जीन एडिटिंग की ऐसी तकनीकें विकसित कीं, जिनसे DNA में खास हिस्सों को ज्यादा सटीक तरीके से बदला जा सकता है। उनकी बेस एडिटिंग और प्राइम एडिटिंग तकनीकों का इस्तेमाल आनुवंशिक बीमारियों के इलाज की दिशा में किया जा रहा है। उनका नाम मेडिसिन के साथ 2026 केमिस्ट्री नोबेल की चर्चाओं में भी है।

4. डेनिस स्लैमोन: कैंसर की लक्षित दवा

डेनिस स्लैमोन ने स्तन कैंसर में HER2 जीन की भूमिका समझने में अहम काम किया। उनकी रिसर्च और क्लिनिकल ट्रायल से हर्सेप्टिन जैसी लक्षित दवा के विकास का रास्ता खुला। यह दवा HER2-पॉजिटिव स्तन कैंसर के इलाज में बड़ा बदलाव लेकर आई।

5. टिमोथी स्प्रिंगर: ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज की दिशा

टिमोथी स्प्रिंगर ने यह समझने में अहम योगदान दिया कि प्रतिरक्षा प्रणाली की कोशिकाएं एक-दूसरे को कैसे पहचानती और जोड़ती हैं। उनकी रिसर्च से ऐसी दवाओं के विकास में मदद मिली, जिनका इस्तेमाल ऑटोइम्यून बीमारियों के इलाज में होता है।



Source link

गांधीजी पर आपत्तिजनक रील बनाकर पोस्ट की, महिला इंफ्लूएंसर गिरफ्तार: इंस्टाग्राम पर 10 लाख फॉलोअर्स, सूरत पुलिस का एक्शन


सूरत26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सूरत में महात्मा गांधी की तस्वीर वाले 500 रुपए के नोट पर आपत्तिजनक रील बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने महिला इंफ्लूएंसर को गिरफ्तार किया है।

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार सूरत पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को यह कार्रवाई की। आरोपी की पहचान सिमरन पटेल (47) के रूप में हुई है। उसके इंस्टाग्राम पर करीब 10 लाख फॉलोअर्स हैं।

गिरफ्तार महिला सिमरन पटेल (बाएं) सूरत में रहती हैं।

गिरफ्तार महिला सिमरन पटेल (बाएं) सूरत में रहती हैं।

1 अक्टूबर को रील अपलोड की

पुलिस के मुताबिक, सिमरन ने 1 अक्टूबर को दोपहर एक बजे से 6 बजे के बीच इंस्टाग्राम पर यह रील अपलोड की थी। 2 अक्टूबर को गांधी जयंति थी। इसके बाद एक नागरिक ने पुलिस से शिकायत की।

साइबर क्राइम ब्रांच की प्रेस नोट के अनुसार, सिमरन पटेल सूरत के अडाजण इलाके की रहने वाली हैं। वह गृहिणी हैं। उनकी शादी 17 साल पहले हुई थी।

गांधीजी की तस्वीर को अश्लील तरीके से दिखाया

पुलिस ने बताया कि रील में 500 रुपए के नोट पर गांधीजी की तस्वीर को अश्लील तरीके से दिखाया गया था। इसमें आपत्तिजनक और अपमानजनक बातें कही गई थीं।

रील में यौन संकेत वाले इशारे भी किए गए थे। सिमरन ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया था। मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने वायरल वीडियो से जुड़े इंस्टाग्राम अकाउंट और डिजिटल व तकनीकी सबूतों की जांच की।

इससे उन्हें सिमरन की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने में मदद मिली।

पुलिस ने क्लिप पोस्ट कर गिरफ्तारी की जानकारी दी

सूरत पुलिस ने अपने X हैंडल पर कंटेंट क्रिएटर का ‘पहले और बाद’ का क्लिप पोस्ट करके उसकी गिरफ्तारी की जानकारी दी – पहले क्लिप में वह करेंसी नोट पकड़े हुए दिख रही थी और दूसरे में उसे हथकड़ी पहने हुए दिखाया गया।

हालांकि पुलिस के वीडियो में सिमरन वीडियो पोस्ट करने के लिए माफी मांगते भी दिख रही हैं। पुलिस इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह रील कब और किस मकसद से बनाई गई थी और इसे सोशल मीडिया पर कैसे फैलाया गया।

पुलिस ने उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने आपत्तिजनक कंटेंट पर चेतावनी दी

पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अफवाहें या बिना पुष्टि वाली सामग्री न फैलाने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि फर्जी या आपत्तिजनक रील और पोस्ट मिलने पर अधिकारियों को जानकारी दें।

पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को राष्ट्रीय हस्तियों, धार्मिक प्रतीकों या सामाजिक प्रतीकों से जुड़ी अश्लील, आपत्तिजनक या अपमानजनक सामग्री बनाने और शेयर करने से भी चेताया है।

पुलिस के मुताबिक, ऐसी गतिविधियां गैरकानूनी हैं और इनके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

—————————————-

ये खबर भी पढ़ें:

डीपफेक वीडियो पर भड़कीं जान्हवी कपूर:बोलीं- तकनीक का गलत इस्तेमाल यौन उत्पीड़न जैसा, जूनियर एनटीआर और चिरंजीवी का जताया आभार

अभिनेत्री जान्हवी कपूर ने अपनी फिल्म ‘देवरा: पार्ट 1’ के गाने ‘चुट्टामल्ले’ पर बने AI जनरेटेड अश्लील (डीपफेक) वीडियो पर कड़ी नाराजगी जताई है।

इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक बयान जारी कर उन्होंने तकनीक के इस गलत इस्तेमाल को यौन उत्पीड़न के बराबर बताया। जान्हवी ने कहा कि बिना मर्जी के महिलाओं का ऐसा कंटेंट बनाना उनकी गरिमा का गंभीर उल्लंघन है। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…



Source link

कन्नौज में सोलर योजना में लापरवाही पर डीएम नाराज: वेंडर को नोटिस और FIR के निर्देश, 17-18 उपभोक्ताओं को नहीं मिला लाभ – Kannauj News




कन्नौज में सोलर स्थापना और सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को दिलाने में लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने वेंडर को नोटिस देने और एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहाकि पीएम सूर्यघर योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री को शिकायत मिली कि खाटू इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमटेड वेंडर के लगभग 17-18 उपभोक्ताओं को अभी तक सब्सिडी का लाभ नहीं मिल पाया और न सोलर की स्थापना कराई गई। इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए डीएम ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने वेंडर को नोटिस जारी करने के लिए सहायक पटल यूपीनेडा नैना कुशवाहा को निर्देश दिए। डीएम ने कहाकि उपभोक्ताओं को प्रत्येक दशा में नियमानुसार सब्सिडी का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। अगर वेंडर की ओर से लापरवाही बरती जा रही है तो एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर उपभोक्ताओं को अन्य अधिकृत वेंडर से समन्वय कर योजना के लाभ दिलाया जाए। लंबित सब्सिडी वाले वेंडरों के साथ बैठक कर प्रकरणवार समीक्षा करने के भी निर्देश दिए है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,091 सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 1,696 संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। शेष 1,395 संयंत्रों की स्थापना अगले छह महीने में पूरी किए जाने का लक्ष्य है। डीएम ने कहा कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा, बिजली के खर्च में कमी तथा सौर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है। हालांकि कुछ मामलों में मानकों के विपरीत कोटेशन तैयार किए जाने के कारण बैंक स्तर पर फाइलें लंबित रहे जातीं है। निर्धारित मानकों और मार्जिन मनी के अनुरूप ही कोटेशन तैयार किए जाएं तो लाभार्थियों को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े और उन्हें समय से योजना का लाभ मिल सकता।



Source link

उदयपुर में तापमान गिरा, सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास: 3-4 दिन ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान, दूसरे सप्ताह में बदलेगा वेदर – Udaipur News




उदयपुर में पिछले 2 दिनों से दिन और रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई है, जिससे हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है, हालांकि तापमान में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन मौसम में नरमी साफ महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 4 अक्टूबर को उदयपुर का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 3 अक्टूबर को दर्ज 35.6 डिग्री के मुकाबले 0.2 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान में भी गिरावट देखी गई। 3 अक्टूबर को न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री था, जो 4 अक्टूबर को घटकर 19.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह गिरावट मानसून की विदाई और उत्तरी हवाओं के असर के कारण हो रही है। सुबह और शाम के समय हवा में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, जबकि दिन में धूप के कारण गर्मी बरकरार है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 3-4 दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास और न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह से रात के तापमान में और गिरावट आने से हल्की सर्दी की शुरुआत हो सकती है।



Source link

प्रचार करने साइकिल पर,जीतते ही कार से पहुंचे सांसद पुत्र: रीवा में ‘दबदबा था, दबदबा है, दबदबा बना रहेगा’ पर डांस; सनरूफ खोलकर झूमे – Rewa News




रीवा जिले की हिनौता ग्राम पंचायत का सरपंच चुनाव जीतने के बाद रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा के बेटे अंकुर मिश्रा का जीत का जश्न चर्चा में है। विजय जुलूस के दौरान वे कार की सनरूफ से बाहर निकलकर ‘दबदबा था, दबदबा है, दबदबा बना रहेगा’ गाने पर डांस करते नजर आए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। दरअसल वीडियो में अंकुर मिश्रा कार की सनरूफ से बाहर खड़े होकर हाथ हिलाते और डांस करते दिख रहे हैं। उनके साथ कई वाहन काफिले में चल रहे हैं। समर्थक भी जीत का जश्न मनाते नजर आए। 366 वोट से जीते चुनाव
हिनौता पंचायत का चुनाव अंकुर मिश्रा के लिए चर्चा में रहा था। प्रचार के दौरान वे साइकिल से गांव में घूमकर वोट मांगते दिखे थे। उन्होंने खुद को सांसद का बेटा बताकर नहीं, बल्कि आम प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। परिणाम में अंकुर मिश्रा ने प्रतिद्वंद्वी को 366 वोटों से हराकर सरपंच पद जीता। चुनाव के दौरान भी हुई थी शिकायत
चुनाव के दौरान अंकुर मिश्रा ने एक प्रस्तावक को कथित तौर पर दबाव में लेने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से शिकायत की थी। अब चुनाव जीतने के बाद सामने आए विजय जुलूस के वीडियो ने उनका जश्न चर्चा में ला दिया है।



Source link