Saturday, October 31, 2026
Home Blog

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास बनीं सरपंच: पंच-सरपंच चुनाव में फर्जी मतदान पर हुआ था हंगामा, पथराव; सिर फूटा – Rajasthan News




राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 3626 ग्राम पंचायतों में पंच-सरपंच की देर रात तक काउंटिंग चली और रिजल्ट आए। नागौर में मेड़ता रोड गोटन पंचायत समिति की दधवाडा ग्राम पंचायत से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर 737 वोटों से सरपंच का चुनाव जीत गईं। जोधपुर के भोपालगढ़ और बोरूंदा में पथराव हुआ इससे पहले जोधपुर में वोटिंग के समय हंगामा कर रहे 50 के करीब लोगों को डिटेन किया था। 20 से ज्यादा गाड़ियों को जब्त किया। भोपालगढ़ और बोरूंदा में पथराव हुआ था। सीकर के खंडेला में हंगामा-लाठीचार्ज अलवर के उमरैण में बिना सील के मतपेटी मिलने पर हंगामा हो गया था। सीकर जिले की खंडेला पंचायत समिति की कांवट ग्राम पंचायत में बूथ पर विवाद हो गया था। पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को खदेड़ा और सरपंच प्रत्याशी के पति हिरासत में ले लिया था। जोधपुर: बिलाड़ा पंचायत समिति की भावी ग्राम पंचायत में दोबारा होगा मतदान जोधपुर में बिलाड़ा पंचायत समिति की भावी ग्राम पंचायत में सरपंच और वार्ड पंच के लिए 2 नवंबर को दोबारा चुनाव करवाया जाएगा। जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने इस संबंध में आदेश जारी किए। भावी ग्राम पंचायत में मतदान के दौरान मतदान केंद्र संख्या 12 (सेठ धनराज मगराज तेलीड़ा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, भावी-मध्य भाग) पर वोट चोरी होने और मौके पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने के कारण यह आदेश दिए गए हैं। निर्विरोध निर्वाचित 8 वार्डों में पुनर्मतदान नहीं होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत भावी में उप सरपंच पद का चुनाव 31 अक्टूबर को होना था, जो अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 3 नवंबर को किया जाएगा।



Source link

‘बाजार तय नहीं करता साहित्य की गुणवत्ता’: अच्छी किताबें पाठकों तक पहुंचाना भी चुनौती: वाणी साहित्य उत्सव में लेखकों ने रखे विचार – Indore News




किताबों की दुनिया में बाजार की मांग, पाठकों की पसंद और लेखन की मौलिकता के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती है। कई बार लोकप्रिय और ज्यादा बिकने वाली किताबों को बाजार में आसानी से जगह मिल जाती है, जबकि अच्छी रचनाएं पाठकों तक पहुंचने से पहले ही पीछे छूट जाती हैं। साहित्य और किताबों के इसी बदलते बाजार पर वाणी साहित्य उत्सव के दूसरे दिन लेखकों और पाठकों ने अपने विचार साझा किए। रवींद्र नाट्यगृह में आयोजित तीन दिवसीय उत्सव में साहित्यकारों ने लेखन की प्रक्रिया, कहानी की मौलिकता और किताबों के फिल्मी रूपांतरण जैसे विषयों पर चर्चा की। लेखक सत्य व्यास ने कहा कि हर व्यक्ति के पास अपनी कहानी होती है, लेकिन दूसरों के अनुभवों को महसूस कर उन्हें शब्दों में उतारने वाला ही सही मायने में कहानीकार है। उन्होंने युवाओं को अपने जीवन के छोटे-बड़े अनुभव लिखते रहने की सलाह भी दी। मनुस्मृति में महिलाओं के दर्जे पर उठाए सवाल संस्कृत विद्वान राधावल्लभ त्रिपाठी ने मनुस्मृति पर अपनी असहमति जाहिर करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं को दोयम दर्जे का माना गया है। उन्होंने कहा कि आज भी समाज में मनुस्मृति का समर्थन करने वाले लोग मौजूद हैं, लेकिन वे इसके विचारों का पुरजोर विरोध करते हैं। महिलाओं के प्रति इस तरह का दृष्टिकोण स्वीकार नहीं किया जा सकता। किताब और फिल्म की अपनी अलग भाषा साहित्य के फिल्मी रूपांतरण पर चर्चा में वक्ताओं ने बताया कि किताब और सिनेमा कहानी कहने के दो अलग माध्यम हैं। उपन्यास में किसी पात्र की मनःस्थिति और भावनाओं को कई पन्नों में विस्तार से लिखा जा सकता है, जबकि फिल्म में कलाकार के चेहरे के भाव और अभिनय से वही बात कुछ क्षणों में व्यक्त हो जाती है। वक्ताओं के मुताबिक, फिल्म में किताब की हर बारीकी शामिल करना संभव नहीं होता। हालांकि, कई बार फिल्म देखने के बाद दर्शक मूल किताब तक पहुंचते हैं और कहानी के उन पहलुओं को समझते हैं, जो पर्दे पर नहीं दिखाए जा सके। किताब हाथ में लेकर चुनने का अनुभव अलग उत्सव में शामिल पाठकों ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किताबों के हजारों विकल्प मौजूद हैं, लेकिन पुस्तक मेले में किताबों के बीच खड़े होकर अपनी पसंद चुनने का अनुभव अलग होता है। किसी किताब को हाथ में लेकर उसके पन्ने पलटना और कुछ अंश पढ़ना पाठक का उससे जुड़ाव बनाता है। पाठकों का मानना था कि ऐसी साहित्यिक गतिविधियां उन लेखकों और किताबों को भी मंच देती हैं, जिन्हें बाजार में पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। कार्यक्रम में सतलज राहत इंदौरी, सत्य व्यास, शंभुनाथ, गरिमा श्रीवास्तव, राधावल्लभ त्रिपाठी, वाणी त्रिपाठी, मनीषा आडवाणी, उदय प्रकाश, सुनील अटोलिया और माधव कौशिक सहित कई लेखक और साहित्यकार शामिल हुए।



Source link

दुष्कर्म के आरोपी 24 साल बाद आए फैसले में बरी: अलीगढ़ का मामला, निचली अदालत का फैसला हाईकोर्ट ने रद्द किया – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलीगढ़ के थाना गभाना क्षेत्र में वर्ष 2000 में हुई कथित अपहरण और दुष्कर्म की घटना में निचली अदालत का फैसला रद्द करते हुए सभी जीवित अपीलार्थियों को बरी कर दिया है।
न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद ने यह निर्णय सुनाया। अलीगढ़ कोर्ट ने दोषी माना था अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, अलीगढ़ ने दोषी ठहराया था। इसके खिलाफ आपराधिक अपील दायर की गई थी। जीवित बचे अपीलार्थियों गुड्डी, राजकुमारी उर्फ गुलकंदी, जयपाल सिंह, ऋषिपाल और महेश को बरी कर दिया गया। अभियोजन के अनुसार 26/27 दिसंबर 2000 की रात करीब 2 बजे पीड़िता का अपहरण हुआ और 30 दिसंबर 2000 को उसे दौराऊ चौराहे से बरामद किया गया। पीड़िता ने राजू और महेश (सगे भाई) पर दो-दो बार दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बयानों में विरोधाभास के चलते अपराध साबित नहीं हो सका।



Source link

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद भी चुनाव की जांच करेगी: विदेशी दखल का आरोप; चुनाव आयोग बोला- इससे नतीजों पर कोई असर नहीं




इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद इस हफ्ते हुए चुनाव में विदेशी दखल के आरोपों की जांच करेगी। न्यूज चैनल 12 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जांच में मोसाद के साथ आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट भी शामिल होगी। आरोप है कि कतर और कुछ दूसरे देशों ने मंगलवार को हुए चुनाव में अरब वोटर्स को पैसे देकर ज्यादा से ज्यादा वोट डलवाने की कोशिश की। इस चुनाव में अरब पार्टियों को कुल 19 सीटें मिली हैं। यह इतिहास में उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पार्टी के नेताओं ने भी अरब पार्टियों पर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इजराइल के केंद्रीय चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जांच का दायरा सीमित है। आयोग के मुताबिक, इस मामले से चुनाव के नतीजों पर कोई असर नहीं पड़ा है और न ही नतीजों पर सवाल उठता है।



Source link

15 भैंसों से शुरू हुई थी डेयरी, आज हर साल बिकता है 1.32 करोड़ का दूध


Last Updated:

Dairy Business : दूध बेचकर करोड़ों का साम्राज्य बनाना किसी सपने जैसा लगता है, लेकिन इसे हकीकत में कर दिखाया है गुजरात के बनासाकांठा की रहने वाली नवलबेन चौधरी. उन्होंने 15 साल पहले महज 15 भैसों के साथ एक डेयरी शुरू की थी, जो आज एशिया की सबसे बड़ी डेयरियों में शुमार है. उनकी डेयरी से हर साल सवा करोड़ से भी ज्यादा का दूध बेचा जाता है.

Zoom

गुजरात की बनासकांठा डेयरी एशिया की टॉप डेयरियों में आती है.

नई दिल्ली. कहते हैं कोई भी काम छोटा नहीं होता और मेहनत व लगन से किया जाए तो छोटा काम भी आपको बड़ा बना सकता है. इसकी बानगी देखनी हो तो गुजरात की बनास डेयरी चलाने वाली नवलबेन चौधरी की कहानी जरूर पढ़नी चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्होंने हाल में एक कार्यक्रम में अपने संघर्ष और सफलता की कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि कैसे सिर्फ 15 भैसों से शुरू की गई डेयरी से आज हर साल 1.32 करोड़ का दूध बेचा जा रहा है.

गुजरात के बनासकांठा जिले के नगाना गांव की रहने वाली नवलबेन चौधरी का कहना है कि आज उनकी डेयरी से रोजाना करीब 1,200 लीटर दूध निकलता है और हर महीने 11 लाख रुपये का दूध बेच रही हैं. नवलबेन ने बताया कि उनकी डेयरी से सालाना कमाई करीब 1.32 करोड़ रुपये पहुंच गई है. उन्होंने बनास डेयरी में भी एक साल तक काम किया और हर महीने 11 लाख रुपये का दूध बेचा. इसके लिए नवलबेन को पुरस्कार भी दिया गया.

पीएम मोदी ने दिया था इनाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं शुरू की थी. नवलबेन का कहना है कि उन्होंने भी इन योजनाओं का जमकर लाभ उठाया और बनास डेयरी को एशिया की सबसे बड़ी डेयरी में शामिल कराया. इसके लिए तत्कालीन सीएम मोदी ने उन्हें पुरस्कार भी दिया था. नवलबेन का कहना है कि उन्हें मोदी के अलावा गृहमंत्री अमित शाह से भी पुरस्कार मिला है. इसके अलावा गुजरात के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेन पटेल ने भी नवलबेन को अवार्ड दिया था.

डेयरी में काम करते हैं 5 परिवार
बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर चौधरी हैं. उन्होंने भी तीन बाद नवलबेन को सम्मानित किया है. उन्होंने बताया कि डेयरी पर 5 परिवारों के लोग काम करते हैं और हर 15 दिन पर खाते में 7 से 8 लाख रुपये आते हैं. इस लिहाज से उनकी सालाना कमाई सवा करोड़ से भी ज्यादा रहती है. उन्होंने बताया कि बनास डेयरी में काम करने वाले लोगों को भी लाखों की सैलरी दी जाती है, ताकि उनके परिवार की सभी जरूरतें पूरी हो सकें. यहां डेढ़ लाख रुपये तक हर महीने सैलरी मिलती है.

15 साल पहले शुरू की थी डेयरी
नलवबेन चौधरी ने बनास डेयरी की शुरुआत 15 साल पहले 15 भैंसों के साथ शुरू की थी. आज मवेशियों की संख्या बढ़कर 250 हो चुकी है. उन्होंने कहा कि बाप-दादा भी दूध बेचने का काम करते थे. लिहाजा हमारा मन भी इस काम में लग गया और आज इसे बड़े पैमाने पर करने की ठानी. मवेशी और चारे का जुगाड़ करने के लिए शुरुआत में 20 लाख का निवेश किया और मुनाफा बढ़ा तो निवेश और बढ़ाया. हमने गुजरात की तमाम डेयरी से अच्छी नस्ल के मवेशी खरीदे. उनकी यह डेयरी आज महिला सशक्तीकरण की मिसाल है, क्योंकि पानी और हरे चारे की कमी के बावजूद सभी मवेशियों का ख्याल रखना किसी उपलब्धि से कम नहीं है.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

और पढ़ें



Source link

विकास कुमार को दोबारा मिली छात्र जदयू जिलाध्यक्ष की कमान: प्रदेश अध्यक्ष ने सौंपी जिम्मेदारी, कार्यकर्ताओं ने दी बधाई – Aurangabad (Bihar) News




बिहार छात्र जदयू के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार ने एक बार फिर विकास कुमार गहलौत पर भरोसा जताते हुए उन्हें औरंगाबाद जिला छात्र जदयू के जिलाध्यक्ष पद की कमान सौंपी है। विकास कुमार गहलौत के दोबारा जिलाध्यक्ष मनोनित होने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी की लहर है तथा उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं। संगठन और छात्र हितों के लिए काम करने का दावा पुनः जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने पर विकास कुमार गहलौत ने प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, वे उस पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विकास ने प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि वे प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में जिले में संगठन को धरातल पर मजबूत करेंगे और हमेशा छात्र हितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे। नीतीश कुमार के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प विकास गहलौत ने कहा कि वे पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री सह जदयू के सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार के विचारों, विकासवादी सोच और मार्गदर्शन को अपनाते हुए संगठन की हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही। विकास कुमार गहलौत को दोबारा यह पद मिलने पर जिले के छात्र नेताओं और जदयू कार्यकर्ताओं ने खुशी जाहिर करते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दी हैं।



Source link

देवघर बूढ़ई बाजार का मशहूर देसी नाश्ता, 50 रुपए में भरपेट जुगाड़

0


Last Updated:

Buidai Bazaar Traditional Snacks: देवघर से गिरिडीह और रांची की ओर निकलने वाले लोग अगर बूढ़ई बाजार पहुंच जाएं, तो उनके कदम कुछ देर के लिए ठहर ही जाते हैं. वजह सिर्फ यहां का प्रसिद्ध मंदिर नहीं, बल्कि सड़क किनारे मिलने वाला ऐसा देसी नाश्ता भी है, जिसकी खुशबू दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच लेती है. महज 20 रुपए से लेकर 50 रुपए की एक प्लेट में इतना कुछ परोस दिया जाता है कि पहली नजर में ही लोग चौंक जाते हैं. चॉप, समोसा, घुघनी, मुड़ी, चूड़ा और पकौड़ी का ऐसा देसी मेल यहां सालों से लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है.

यही वजह है कि इस रास्ते से गुजरने वाले कई राहगीर बिना रुके आगे नहीं बढ़ते. बूढ़ई बाजार का यह देसी नाश्ता इलाके की पहचान बन चुका है. यहां दुकानदार एक प्लेट में मुड़ी के साथ गर्मागर्म घुघनी की सब्जी डालते हैं. इसके बाद चूड़ा, कुरकुरा चॉप, पकौड़ी और एक समोसा मिलाकर पूरा मिश्रण तैयार किया जाता है. हर निवाले में अलग-अलग स्वाद का मेल महसूस होता है. खास बात यह है कि महंगाई के दौर में भी यह भरपेट नाश्ता सिर्फ 20 से 50रुपये में मिल जाता है, इसलिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले यात्री भी इसे खूब पसंद करते हैं.

बूढ़ई के रहने वाले ग्राहक संतोष दास ने लोकल 18 के संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि वह पिछले करीब 15 सालों से इस देसी नाश्ते का स्वाद ले रहे हैं. उनके मुताबिक, इस प्लेट में मुड़ी, घुघनी की सब्जी, चूड़ा, चॉप, पकौड़ी और एक समोसा दिया जाता है. यही इसका असली स्वाद है.

उन्होंने कहा कि इसका स्वाद इतना लाजवाब रहता है कि जो एक बार इसे खा ले, उसका मन बार-बार यहां आकर इसे खाने का करता है. उनके अनुसार, यही वजह है कि इस दुकान पर हमेशा ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

देवघर, गिरिडीह और रांची को जोड़ने वाले इस रास्ते पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं. ऐसे में कई लोग बूढ़ई बाजार पहुंचकर चाय के साथ इस देसी नाश्ते का भी आनंद लेते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी यहां रुककर इस खास प्लेट का स्वाद जरूर चखते हैं.

कम कीमत, भरपूर मात्रा और देसी स्वाद ने इस नाश्ते को बूढ़ई बाजार की अलग पहचान दिला दी है. आज यह सिर्फ एक प्लेट नाश्ता नहीं, बल्कि इस कस्बे की ऐसी पहचान बन चुका है, जिसका जिक्र यहां आने वाला हर दूसरा शख्स करता नजर आता है.

लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया✅देखें.



Source link

95 साल बाद जनगणना में जाति पूछी जाएगी: यूपी-पंजाब समेत 5 चुनावी राज्यों में फिलहाल नहीं; बाकी देश में 25 जनवरी से 28 फरवरी तक


नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

देश में जनगणना का दूसरा फेज 25 जनवरी 2027 से शुरू होगा, जो 28 फरवरी तक चलेगा। इस बार 40 सवाल पूछे जाएंगे। जनगणना का घरों की गिनती का पहला फेज जून 2026 में पूरा हो चुका है। बड़ी बात ये कि 95 साल बाद यानी 1931 के बाद पहली बार देश में जाति की गिनती हो रही है।

5 राज्यों मणिपुर, गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड को छोड़कर पूरे देश में जनगणना होगी। इन राज्यों में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। बर्फबारी वाले क्षेत्रों- लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी जनगणना नहीं होगी।

सरकार की अधिसूचना के मुताबिक 10 से 24 जनवरी 2027 तक आप खुद पोर्टल पर डेटा भर सकते हैं। ये भारत की पहली डिजिटल जनगणना है। रेफरेंस डेट 1 मार्च 2027 को रात 12 बजे होगी।

इन राज्यों में जनवरी-फरवरी में जनगणना नहीं

  • मणिपुर– यहां जातीय हिंसा की वजह से हालात अभी सामान्य नहीं है। इसलिए मणिपुर की जनगणना अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है।
  • 5 चुनावी राज्य– गोवा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, इसलिए स्टाफ चुनाव में लगेगा।
  • बर्फ वाले इलाके- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के बर्फ वाले इलाके जैसे लाहौल-स्पीति, किन्नौर के ऊंचे इलाके। यहां बर्फबारी के चलते रास्ते बंद हो जाते हैं। यहां सितंबर-अक्टूबर में हो सकती है।

तीन स्टेप में प्रक्रिया होगी

गृह मंत्रालय के तहत रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया। सेंसस एक्ट 1948 की धारा 3 के तहत आदेश जारी हुआ है। करीब 30 लाख गिनती करने वाले और सुपरवाइजर टैबलेट/मोबाइल ऐप से डेटा लेंगे।

जनगणना के दौरान तीन स्टेप फॉलो करने होंगे। पहला आप चाहें तो खुद ऑनलाइन भर दें, फिर प्रगणक आपके घर आएगा और आखिर में 5 दिन का रिवीजन राउंड होगा, ताकि कोई भी व्यक्ति न छूटे।

जनगणना के लिए ₹11,718 करोड़ का बजट मंजूर

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के लिए 11,718.24 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी है। जनगणना पूरे देश में केंद्र के समन्वय से होगी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारें इसके क्रियान्वयन में मदद करेंगी।

देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी

जनगणना 2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी। डेटा डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा और लोगों को खुद अपनी जानकारी देने यानी सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी मिलेगा। जनगणना की कानूनी प्रक्रिया सेंसस एक्ट, 1948 और सेंसस रूल्स, 1990 के तहत होगी।

केंद्र के मुताबिक, लोगों की दी गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सेंसस एक्ट की धारा 15 के तहत इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, RTI के तहत नहीं दिया जा सकता और किसी कोर्ट में सबूत के तौर पर भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जनगणना पहले 2021 में होने वाली थी। इसे कोरोना महामारी के कारण टाल दिया गया था।

———————-

ये खबर भी पढ़ें…

जनगणना में पूछा जाएगा- कोविड वैक्सीन कहां लगवाई, कितने बैंक अकाउंट, सवालों की लिस्ट जारी

केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 में जनगणना-2027 के लिए 40 सवालों की लिस्ट जारी की थी। इसमें खास बात यह है कि लोगों से कोविड वैक्सीन कहां लगवाई थी, यह सवाल भी पूछा जाएगा। इसके साथ मोबाइल नंबर, आधार, वोटर ID और बैंक अकाउंट से जुड़े सवाल भी होंगे। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

कोटा में डकैती की योजना बनाते 10 आरोपी गिरफ्तार: नांता पुलिस ने दो थार-वेन्यू कार की जब्त; मकबरा पुलिस ने चरस के साथ तस्कर पकड़ा – Kota News




कोटा शहर में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई की है। नांता थाना पुलिस ने डकैती की योजना बनाते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके अलावा दो बाल अपचारियों को डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों से दो थार और एक वेन्यू कार सहित चाकू, लोहे के पाइप और मिर्ची पाउडर बरामद किया है। वहीं, मकबरा थाना पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़व्यूह के तहत 210 ग्राम शुद्ध चरस के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। 10 आरोपियों के साथ 2 नाबालिग भी डिटेन कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि 30 अक्टूबर को नांता थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पत्थरमंडी स्थित यूनियन ऑफिस के पास खाली जगह में बने खंडहर कमरे में कुछ बदमाश बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना पर थानाधिकारी महावीर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। यहां गौरव मेहरा, रोहित चावला, रोहित प्रजापति, अनुराग, निखिल महावर, आशिक, विशाल मेहरा, प्रकाश सुमन, प्रिंस यादव और बबलू उर्फ कृपाशंकर को गिरफ्तार किया। साथ ही दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया। पुलिस ने मौके से तीन लग्जरी गाड़ियां, चाकू, लोहे के पाइप और मिर्ची पाउडर जब्त किया। पुलिस आरोपियों से डकैती की योजना और संभावित वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। मोटरसाइकिल से मिली 210 ग्राम चरस दूसरी कार्रवाई में मकबरा थाना पुलिस ने ऑपरेशन गरुड़व्यूह के तहत पीर मोहम्मद उर्फ पीरू (48) निवासी चंद्रघटा, मकबरा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार 27 अक्टूबर को थानाधिकारी राजेश कुमार टीम के साथ गश्त और चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर आरोपी को डिटेन कर तलाशी ली गई। उसकी मोटरसाइकिल से 210 ग्राम शुद्ध चरस मिली। पुलिस ने चरस और मोटरसाइकिल जब्त कर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा में मामला दर्ज किया है।



Source link

मेरठ में 2 नवंबर को होगी चुनावी तैयारियों की समीक्षा: UP के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यूपी के 18 जिलों के अफसरों के साथ लेंगे अहम बैठक – Meerut News




मेरठ में आने वाले 2 नवंबर को उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग की तरफ से बड़ी बैठक होने जा रही है। बैठक में यूपी के 18 जिलों के अफसर पहुंचेंगे। उनके साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा होगी। उत्तर प्रदेश निवार्चन अधिकारी नवदीप सिंह रिणवा भी इस बैठक में मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे। चार मंडल के कमिश्नर, जनपदों के डीएम, पुलिस आयुक्त, एसएसपी इसमें प्रजेंटेशन करेंगे।
चार मंडलों के कमिश्नर रहेंगे मौजूद
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारी में भारत निर्वाचन आयोग अब पूरे जी जान से जुट गया है। पश्चिम के चार मंडल के 18 जनपदों की विधानसभा चुनाव की तैयारियों की दो नवंबर को मेरठ में समीक्षा होगी। जिसमें चारों कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, जनपदों के डीएम, एसएसपी अपनी चुनाव की तैयारियों का प्रजेंटेशन करेंगे। भारत निर्वाचन आयोग से उच्च अधिकारियों के साथ साथ प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तैयारियों की समीक्षा करके उसमें सुधार के निर्देश देंगे। वेस्ट यूपी से चुनाव आयोग की शुरूआत
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू करते हुए सबसे पहले पश्चिम उत्तर प्रदेश की तैयारियों को परखने का निर्णय लिया है। इसके लिए 2 नवंबर को मेरठ में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडल के 18 जनपदों की तैयारियों की समीक्षा होगी। समीक्षा करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग से वरिष्ठ अधिकारी मेरठ आएंगे। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के साथ अपर और उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी रहेंगे।



Source link