श्रीगंगानगर में पुरानी आबादी क्षेत्र के एक युवक के बैंक अकाउंट्स में गुजरात और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों से साइबर फ्रॉड के पैसे ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ है। पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच शुरू हुई तो बैंक अकाउंट्स की पड़ताल में बड़े खुलासे हुए। पुरानी आबादी थाना पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमा एएसआई रणवीर की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया। आरोपी पुरानी आबादी के प्रभु चौक निवासी आयुष अरोड़ा और जवाहरनगर थाना क्षेत्र के कुम्हार मोहल्ला निवासी जितेंद्र और गुलशन हैं। जांच अधिकारी हवलदार कमलेश मीणा ने बताया कि साइबर पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के बाद संबंधित बैंक अकाउंट्स की जांच की गई। जांच में सामने आया कि आयुष अरोड़ा के नाम पर कुल आठ बैंक अकाउंट्स संचालित हैं। इनमें से छह अकाउंट्स में साइबर ठगी के पैसे ट्रांसफर होने के मामले पोर्टल पर दर्ज हैं, जबकि एक अन्य अकाउंट्स के पैसे भी होल्ड पर है। पुलिस अब विभिन्न बैंकों से इन अकाउंट्स का पूरा ट्रांजेक्शन हिस्ट्री मंगवा रही है। इसके बाद स्पष्ट होगा कि किन-किन राज्यों से और कितनी राशि इन अकाउंट्स में जमा हुई तथा उसका आगे कैसे उपयोग किया गया। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गैंग कथित रूप से करीब 40 हजार रुपए देकर बैंक खाते खरीदता था और उन्हें साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए इस्तेमाल करता था। खाताधारकों के एटीएम कार्ड और बैंक अकाउंट्स से जुड़े मोबाइल सिम भी गिरोह अपने कब्जे में रखता था। ठगी की राशि अकाउंट्स में आने के बाद एटीएम के माध्यम से कैश निकालकर आपस में बांट ली जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इन अकाउंट्स के जरिए लाखों रुपए के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। मामले में साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गुजरात-महाराष्ट्र से आ रहा ठगी का पैसा: श्रीगंगानगर का युवक बना साइबर फ्रॉड का ‘म्यूल अकाउंट’, पोर्टल पर शिकायत के बाद खुला राज – Sriganganagar News
पहली बार ट्रांसप्लांटेशन के लिए वंदेभारत ट्रेन से पहुंचाया दिल: सूरत से अहमदाबाद तक बना ग्रीन कॉरिडोर, 250km की दूरी 217 मिनट में तय की
देश में पहली बार एक दिल को ट्रांसप्लांटेशन के लिए वंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन से सूरत से अहमदाबाद लाय गया। इस हार्ट ट्रांसप्लांटेशन के लिए पहले हॉस्पिटल से स्टेशन तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। इसके बाद हार्ट को अहमदाबाद के एक कार्डियक टीचिंग अस्पताल में ट्रांसप्लांट के लिए पहुंचाया गया। रेलवे के मुताबिक शुक्रवार को हुए इस पूरे घटनाक्रम में सूरत से अहमदाबाद की 250km की दूरी तय करने में वंदेभारत ने करीब 217 मिनट का वक्त लिया। स्टेशन तक बनाया ग्रीन कॉरिडोर, 2 तस्वीरें… 4 एजेंसियों की मदद से बना ग्रीन कॉरिडोर रेलवे, गुजरात पुलिस, आरपीएफ और मेडिकल टीमों के बीच मजबूत तालमेल से दिल को हॉस्पिटल तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। अहमदाबाद स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 से यूएन मेहता इंस्टीट्यूट तक हार्ट को तेजी से पहुंचाने के लिए RPF और गुजरात पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया था। अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) वेद प्रकाश ने इसे भारतीय रेलवे के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे ने पहली बार वंदेभारत एक्सप्रेस ने हार्ट को पहुंचाकर इतिहास बना दिया है। मुख्यमंत्री बोले- ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन में हर सेकंड कीमती मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया में हर सेकंड कीमती होता है। वंदे भारत की तेज रफ्तार के कारण ही यह प्रयास संभव हो सका। मुख्यमंत्री ने अस्पताल के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को अबतक 77 सफल हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए बधाई दी। हार्ट ट्रांसप्लांटेशन से जुड़ा नॉलेज फैक्ट
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गोंडा की गिरिजा देवी पारंपरिक खेती छोड़ सांवा और रागी की खेती, न पानी, न खाद, बंपर पैदावार
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गोंडा की किसान गिरिजा देवी बताती हैं कि सांवा और रागी की खेती में बुवाई के बाद न तो अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत पड़ती है और न ही रासायनिक खाद की. बरसात के पानी से ही फसल अच्छी तरह तैयार हो जाती है. बुवाई के करीब चार महीने बाद इसकी कटाई कर ली जाती है, जिससे कम लागत में अच्छा उत्पादन मिलता है. गिरिजा देवी बताती है कि रागी और सांवा दोनों ही मोटे अनाज की श्रेणी में आते हैं. इनमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. रागी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जबकि सावा भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि आजकल लोग इन अनाजों से बने आटा, दलिया और अन्य खाद्य पदार्थों का अधिक उपयोग कर रहे हैं.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के विकासखंड झंझरी की एक महिला किसान ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर सांवा और रागी जैसे मोटे अनाज की खेती शुरू की है. उनकी मेहनत अब रंग ला रही है. इस खेती से उन्हें अच्छी आमदनी होने के साथ-साथ दूसरे किसानों को भी नई फसलें अपनाने की प्रेरणा मिल रही है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान प्रगतिशील महिला किसान गिरिजा देवी का कहना है कि पहले वह सामान्य फसलों की खेती करती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने सांवा और रागी की खेती करने का फैसला किया. और इस समय लगभग एक बीघा में सावा और रागी जैसे मोटे अनाज की खेती कर रही हैं. भविष्य में स्कोर आगे बढ़ाना है.
न पानी, न खाद, फिर भी शानदार पैदावार
किसान गिरिजा देवी बताती हैं कि सांवा और रागी की खेती में बुवाई के बाद न तो अतिरिक्त सिंचाई की जरूरत पड़ती है और न ही रासायनिक खाद की. बरसात के पानी से ही फसल अच्छी तरह तैयार हो जाती है. बुवाई के करीब चार महीने बाद इसकी कटाई कर ली जाती है, जिससे कम लागत में अच्छा उत्पादन मिलता है. गिरिजा देवी बताती है कि रागी और सांवा दोनों ही मोटे अनाज की श्रेणी में आते हैं. इनमें कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. रागी में कैल्शियम, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है, जबकि सावा भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है. यही कारण है कि आजकल लोग इन अनाजों से बने आटा, दलिया और अन्य खाद्य पदार्थों का अधिक उपयोग कर रहे हैं. बढ़ती मांग का फायदा किसानों को भी मिल रहा है.
पोषण संबंधी जागरूकता है जरूरी
महिला किसान ने बताया कि इन फसलों की खेती में लागत बहुत कम आती है. यदि समय पर बुवाई और खरपतवार नियंत्रण किया जाए तो अच्छी पैदावार मिलती है. उन्होंने अन्य किसानों से भी मोटे अनाज की खेती अपनाने की अपील की है. गिरिजा देवी का कहना है कि बदलते मौसम और बढ़ती पोषण संबंधी जागरूकता को देखते हुए सांवा और रागी जैसी फसलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है. सरकार भी मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दे रही है. ऐसे में किसान इन फसलों की खेती कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं. गोंडा की इस महिला किसान की सफलता यह साबित करती है कि नई सोच और सही खेती की तकनीक अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन और अच्छी कमाई कर सकते हैं.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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रामपुर में कांवड़ यात्रा और चेहल्लुम को लेकर प्रशासन अलर्ट: भारी वाहनों पर प्रतिबंध, डीएम बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता – Rampur News
रामपुर में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा, चेहल्लुम पर्व और मानसून के दौरान जनसुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, बेहतर कानून-व्यवस्था और संचारी रोगों की रोकथाम को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लागू किए गए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए श्रावण माह के प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार तक जनपद से गुजरने वाले उपखनिज लदे भारी वाहनों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध 3, 10, 17 और 24 अगस्त के सोमवार तथा 11 अगस्त को शिवरात्रि के अवसर पर भी प्रभावी रहेगा। उन्होंने बताया कि टांडा, स्वार, दढ़ियाल, बाजपुर, मसवासी सहित निर्धारित मार्गों पर इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा। वाहन स्वामियों और चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की गई है, ताकि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि 4 अगस्त को चांद के दीदार के अनुसार मनाए जाने वाले चेहल्लुम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले के सभी संवेदनशील थाना क्षेत्रों में मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। ये मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, बैरियर और चेक पोस्ट की निगरानी, संदिग्ध वाहनों की जांच तथा शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाएंगे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कलेक्ट्रेट में कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिया गया है। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान की अवधि बढ़ाकर अब 10 अगस्त 2026 तक कर दी गई है। अभियान के तहत जलजनित एवं वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। जलभराव वाले क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग, घर-घर सर्वे, बुखार और अन्य लक्षण वाले मरीजों की पहचान तथा समय पर उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। सीएमओ ने कहा कि अभियान के दौरान जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी तेज किया जाएगा, ताकि लोग साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनाएं। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि कांवड़ यात्रा, चेहल्लुम और संचारी रोग नियंत्रण अभियान के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा प्रशासन का सहयोग करें, जिससे सभी आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सकें।
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मंडी शुल्क 1.5% करने पर विरोध: कटनी में कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, आदेश तत्काल निरस्त करने की मांग – Katni News
कटनी में कृषि उपज मंडी शुल्क को 1.5 प्रतिशत किए जाने के प्रदेश सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। शुक्रवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड के माध्यम से भेजा गया, जिसमें निर्णय को तत्काल निरस्त करने की मांग की गई। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि सरकार का यह निर्णय सीधे तौर पर किसान और व्यापारी विरोधी है। उन्होंने बताया कि मंडी शुल्क में बढ़ोतरी से कृषि उपज की व्यापारिक लागत बढ़ेगी, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिलने में कठिनाई होगी। इसका सीधा बोझ आम उपभोक्ता पर भी पड़ेगा, क्योंकि बाजार में आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ जाएंगे। व्यापार पलायन और रोजगार छीनने की जताई आशंका मध्य प्रदेश कांग्रेस उद्योग और व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री गोविन्द सचदेवा ने सरकार की कर नीति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले संबंधित पक्षों से चर्चा करनी चाहिए थी। सचदेवा ने जोर दिया कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में मंडी शुल्क अधिक होने से स्थानीय व्यापार दूसरे राज्यों में पलायन कर सकता है। इससे क्षेत्र के लघु एवं मध्यम उद्योगों के साथ-साथ हजारों हमाल, तुलावटी और कर्मचारियों के रोजगार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। कांग्रेस की प्रमुख मांगें मंडी शुल्क को 1.5 प्रतिशत करने का निर्णय तुरंत वापस लिया जाए। व्यापारिक और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को विश्वास में लेकर नई नीति बनाई जाए। भविष्य में किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले सभी हितधारकों से विचार-विमर्श अनिवार्य किया जाए। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस निर्णय पर शीघ्र पुनर्विचार नहीं किया, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी। चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।
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शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू, 2 दिन में 22,591 आवेदन: बिहार में 5.80 लाख टीचर्स को फायदा; 30 पसंद के स्कूल चुन सकते; 3 जिलों में शिक्षकों की कमी – Patna News
बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों के ट्रांसफर और समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को बताया कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत 29 जुलाई से ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है। इसका मकसद उन स्कूलों में शिक्षकों को भेजना है, जहां उनकी कमी है और जिन स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, वहां से उनका समायोजन करना है। शिक्षा मंत्री ने कहा, किसी भी शिक्षक का जबरन ट्रांसफर नहीं होगा। केवल वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो अपनी इच्छा से आवेदन करेंगे। सरकार हर दो दिन पर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा भी करेगी। 2 दिन में 22 हजार से ज्यादा शिक्षक जुड़े शिक्षा मंत्री ने बताया, पोर्टल खुलने के बाद पहले दो दिनों में 14,796 शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन जमा कर दिया है। वहीं 7,795 शिक्षकों ने आवेदन भरकर सेव किया है, लेकिन अभी उसे अंतिम रूप से जमा नहीं किया है। इस तरह कुल 22,591 शिक्षक इस प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं। इसके अलावा आपसी सहमति से होने वाले म्युचुअल ट्रांसफर के लिए भी दो दिनों में 2,142 शिक्षकों ने आवेदन किया है। 5.80 लाख शिक्षकों को मिलेगा फायदा मंत्री ने कहा कि इस नई व्यवस्था का फायदा राज्य के करीब 5 लाख 80 हजार शिक्षकों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि कई स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक हैं, जबकि कई स्कूल ऐसे हैं जहां पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। इसी असमानता को दूर करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। कहां कितने शिक्षक ज्यादा हैं शिक्षा विभाग के अनुसार, प्राथमिक स्कूलों (क्लास- 1 से 5) में 65,413 शिक्षक जरूरत से ज्यादा हैं। क्लास- 9 और 10 में करीब 16,400 और क्लास- 11 व 12 में लगभग 14,500 शिक्षक अधिक हैं। पूरे राज्य में ऐसे 1,06,788 अधिशेष शिक्षक हैं, जिनका समायोजन किया जाएगा। सरकार का नियम है कि 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए।
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जब समझ न आए नाश्ते में क्या बनाएं, तब सूजी की ये 5 आसान और स्वादिष्ट रेसिपी जरूर आजमाएं
Instant Suji Recipes: सुबह का समय लगभग हर घर में सबसे ज्यादा व्यस्त होता है. किसी को ऑफिस पहुंचना होता है, बच्चों को स्कूल भेजना होता है, तो किसी को घर के बाकी काम भी निपटाने होते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि नाश्ते में ऐसा क्या बनाया जाए, जो जल्दी भी बन जाए, पेट भी भर दे और स्वाद में भी किसी से कम न हो, अगर आप भी रोज इसी परेशानी से गुजरते हैं, तो आपकी रसोई में मौजूद सूजी इस समस्या का सबसे आसान हल बन सकती है.
सूजी से बनने वाली कई ऐसी इंस्टेंट रेसिपी हैं, जो 10 से 15 मिनट के अंदर तैयार हो जाती हैं. खास बात यह है कि इनमें ज्यादा तेल की जरूरत नहीं पड़ती और इन्हें बच्चे से लेकर बड़े तक सभी पसंद करते हैं. आइए जानते हैं सूजी से बनने वाली 5 ऐसी आसान और स्वादिष्ट डिशेस, जो आपकी सुबह को आसान और स्वाद से भरपूर बना सकती हैं.
1. सूजी का हलवा, जब मीठा खाने का हो मन
अगर सुबह कुछ मीठा और झटपट तैयार होने वाला नाश्ता चाहिए, तो सूजी का हलवा बेहतरीन विकल्प है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले कढ़ाई में थोड़ा देसी घी गर्म करें. अब सूजी को धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें. जब खुशबू आने लगे, तब इसमें गर्म दूध या पानी और स्वादानुसार चीनी डालें. लगातार चलाते रहें ताकि हलवा मुलायम बने. आखिर में इलायची पाउडर और काजू-बादाम डालकर गर्मागर्म परोसें. करीब 10 मिनट में तैयार होने वाला यह हलवा बच्चों और बड़ों, दोनों का पसंदीदा बन जाता है.
2. इंस्टेंट सूजी उपमा, हेल्दी और पेट भरने वाला नाश्ता
उपमा ऐसा नाश्ता है जिसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता. सबसे पहले सूजी को हल्का भूनकर अलग रख लें. फिर एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें राई, कढ़ी पत्ता, हरी मिर्च और प्याज डालकर भूनें. चाहें तो गाजर, मटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां भी मिला सकते हैं. जब सब्जियां हल्की पक जाएं, तब पानी और नमक डालें. उबाल आने पर धीरे-धीरे सूजी डालते जाएं और लगातार चलाते रहें. कुछ ही मिनटों में नरम और स्वादिष्ट उपमा तैयार हो जाएगा. यह उन लोगों के लिए भी अच्छा विकल्प है, जो हल्का लेकिन भरपेट नाश्ता पसंद करते हैं.
3. कम तेल में तैयार करें स्वादिष्ट सूजी चीला
अगर आप तला-भुना खाने से बचते हैं, तो सूजी का चीला जरूर ट्राई करें. इसके लिए सूजी में दही और थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया, जीरा और नमक मिला दें. तवे पर हल्का तेल लगाकर घोल फैलाएं और दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें. हरी चटनी या टमाटर की चटनी के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. यह नाश्ता स्वाद और सेहत का अच्छा मेल माना जाता है.
4. स्पंजी सूजी ढोकला, हल्का और स्वाद से भरपूर
अगर सुबह कुछ हल्का लेकिन अलग खाने का मन हो, तो सूजी का ढोकला बढ़िया विकल्प है. सूजी, दही, नमक और थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा बैटर तैयार करें. फिर इसमें थोड़ा ईनो या बेकिंग सोडा मिलाएं. इस घोल को चिकनाई लगी प्लेट में डालकर 10 से 12 मिनट तक स्टीम करें. तैयार होने के बाद राई, कढ़ी पत्ता और हरी मिर्च का तड़का लगाएं. मुलायम और स्पंजी ढोकला बच्चों के टिफिन के लिए भी अच्छा विकल्प बन सकता है.
5. रंग-बिरंगा सूजी उत्तपम, हर किसी का फेवरेट
अगर आप रोज के नाश्ते में थोड़ा बदलाव चाहते हैं, तो सूजी उत्तपम बना सकते हैं. सूजी और दही का गाढ़ा घोल तैयार करें. गर्म तवे पर इसे थोड़ा मोटा फैलाएं. ऊपर से प्याज, टमाटर, शिमला मिर्च और हरा धनिया डालकर हल्का दबाएं. फिर दोनों तरफ थोड़ा तेल या बटर लगाकर सुनहरा होने तक सेक लें. नारियल चटनी या सांभर के साथ इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. यह रेसिपी बच्चों को सब्जियां खिलाने का भी आसान तरीका है.
नाश्ते में सूजी क्यों है अच्छी पसंद?
सूजी से बनने वाली डिशेस जल्दी तैयार हो जाती हैं और इन्हें अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग सब्जियों के साथ बनाया जा सकता है. यही वजह है कि यह रोजमर्रा की भागदौड़ में समय बचाने के साथ नाश्ते में नया स्वाद भी जोड़ती है, अगर आप हर दिन एक जैसा नाश्ता खाकर ऊब चुके हैं, तो इन पांच आसान रेसिपीज को अपनी साप्ताहिक ब्रेकफास्ट लिस्ट में जरूर शामिल करें.
Samsung Galaxy F70 Pro भारत में जल्द होगा लॉन्च, कीमत और फीचर्स कंपनी ने किया कंफर्म
Samsung ने अपने अपकमिंग मिड बजट फोन Galaxy F70 Pro 5G की कीमत समेत फीचर्स कंफर्म कर दिए हैं। सैमसंग का यह स्मार्टफोन जल्द भारत में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर फोन की कीमत रिवील कर दी है। हालांकि, कंपनी ने फिलहाल इसकी लॉन्च प्राइस घोषित नहीं की है। साथ ही, फोन के फीचर्स भी कंपनी ने आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ फ्लिपकार्ट पर लिस्ट किया है।
Samsung Galaxy F70 Pro 5G की कीमत
फ्लिपकार्ट लिस्टिंग के मुताबिक, सैमसंग का यह फोन भारत में तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 6GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में आएगा। इसकी शुरुआती कीमत 25,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 29,999 रुपये और 34,999 रुपये है। यह स्मार्टफोन दो कलर ऑप्शन- Alpha Black और Aura Green में आता है।
- 6GB RAM + 128GB – 25,999 रुपये
- 8GB RAM + 128GB – 29,999 रुपये
- 8GB RAM + 256GB – 34,999 रुपये
सैमसंग गैलेक्सी एफ70 प्रो
Samsung Galaxy F70 Pro 5G के फीचर्स
सैमसंग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, यह फोन HDR सेल्फी कैमरा के साथ आएगा। इसके बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 50MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का अल्ट्रा वाइड और 2MP का मैक्रो कैमरा मिलेगा। फोन के रियर कैमरा से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है।
यह फोन Snapdragon के चिपसेट और LPDDR5X रैम के साथ आएगा। इसमें कंपनी ने FHD+ Super AMOLED डिस्प्ले दिया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस फोन में 6000mAh की बैटरी के साथ 45W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। यही नहीं, सैमसंग का यह फोन बाईपास चार्जिंग को सपोर्ट करेगा।
| Samsung Galaxy F70 Pro | फीचर्स |
| डिस्प्ले | Super AMOLED, 120Hz |
| प्रोसेसर | Qualcomm Octacore |
| स्टोरेज | 8GB, 256GB |
| बैटरी | 6000mAh, 45W |
| कैमरा | 50MP + 5MP + 2MP, HDR |
| OS | Android 16, OneUI 8.5 |
इस मिड बजट फोन के प्रोटेक्शन के लिए कंपनी ने कॉर्निंग गोरिल्ला विक्टस प्लस दिया है। इसके अलावा सर्किल-टू-सर्च और गूगल जेमिनी जैसे एआई फीचर्स भी दिए गए हैं। कंपनी फोन की खरीद पर 6 साल तक सिक्योरिटी और ऑपरेटिंग सिस्टम अपग्रेड ऑफर कर रही है। यह Android 16 पर बेस्ड OneUI 8.5 के साथ आएगा।
कई सर्टिफिकेशन साइट पर हुआ लिस्ट
सैमसंग का यह मिड बजट फोन कुछ दिन पहले ही भारतीय सर्टिफिकेशन वेबसाइट BIS पर लिस्ट हुआ था। यही नहीं, यह Bluetooth SIG और गीकबेंच पर भी लिस्ट किया जा चुका है। इस फोन को गीकबेंच पर सिंगल कोर में 998 और मल्टीकोर में 3090 स्कोर मिला है। लिस्टिंग के मुताबिक, यह फोन Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट के साथ आएगा।
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पाकिस्तान में गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई पर हमला: ल्यारी में अज्ञात हमलावरों ने घर के बाहर गोली मारी, हालत गंभीर
पाकिस्तान के कराची में जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला हुआ। कराची के ल्यारी इलाके में उनके घर के बाहर बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में 40 साल जुबैर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि गोलीबारी की चपेट में आए दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर के सीने और पेट में गोलियां लगी हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक, हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घायलों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां जुबैर की सर्जरी की गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, घायल राहगीरों में से एक की हालत भी गंभीर है। अपराधियों को पकड़ने के लिए चेकिंग तेज पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है ताकि हमलावरों के भागने के रूट का पता लगाया जा सके। मौके से गोलियों के खोल बरामद किए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि इस्तेमाल किए गए हथियार के प्रकार का पता चल सके। हमले के बाद ल्यारी में स्थिति तनावपूर्ण है, जिसके चलते वहां अतिरिक्त पुलिस बल और रेंजरों की तैनाती कर दी गई है। संदिग्धों को पकड़ने के लिए कराची के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग तेज कर दी गई है। गैंगवार और पुरानी रंजिश की जांच साउथ के डीआईजी सैयद असद रजा ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। अभी यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला गैंगवार की वजह से हुआ, पुरानी दुश्मनी के चलते हुआ या इसके पीछे कोई और कारण है। फिलहाल पुलिस ने किसी एक वजह की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक, जुबैर बलोच को 2012 में सात आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था। वह जनवरी 2025 में जेल से बाहर आया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसकी पुरानी आपराधिक रंजिशों का इस हमले से कोई संबंध है या नहीं। इलाके में गैंगवार फिर से शुरू होने की चर्चा इस घटना के बाद ल्यारी में एक बार फिर गैंगवार की आशंकाएं तेज हो गई हैं। इलाके के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जुबैर ने हाल ही में एक राजनीतिक पार्टी जॉइन की थी और कुछ महीने पहले इलाके में पार्टी के झंडे भी लगाए थे। हालांकि, इलाके में जारी तनाव के चलते उस राजनीतिक दल के नाम का खुलासा नहीं किया गया है, और न ही पार्टी की ओर से इस जानलेवा हमले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। उनका दावा है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई गैंगस्टरों के दोबारा लौटने की चर्चाएं हैं, जिससे स्थानीय लोगों में गैंगवार फिर शुरू होने का डर बढ़ गया है। उजैर बलोच पर कई गंभीर मामले दर्ज उजैर बलोच कभी कराची के सबसे ताकतवर गैंग लीडरों में गिना जाता था। उसे ल्यारी का कुख्यात गैंगस्टर अब्दुल रहमान उर्फ रहमान डकैत का दाहिना हाथ माना जाता था। पुलिस मुठभेड़ में रहमान डकैत के मारे जाने के बाद उजैर ने ल्यारी के अपराध जगत की कमान संभाल ली और धीरे-धीरे इलाके का सबसे प्रभावशाली गैंगस्टर बन गया। फिलहाल उजैर बलोच पाकिस्तान की जेल में बंद है। इसी साल मार्च में आतंकवाद विरोधी अदालत ने हत्या, पुलिस पर हमले और विस्फोटक रखने समेत सात मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं। उस पर 2012 में कलाकोट थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का भी आरोप है। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई थी। धुरंधर फिल्म की वजह से चर्चा में आया उजैर हाल के दिनों में उजैर बलोच का नाम भारतीय स्पाई-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ की वजह से भी चर्चा में रहा है। फिल्म में उसके किरदार को अभिनेता दानिश पंडोर ने निभाया है।
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विद्या वाहिनी योजना में 3 हजार छात्राओं को मिलीं साइकिलें: दिल्ली सरकार की पहल, 1लाख 40 हजार लड़कियों को मिलेगा लाभ – New Delhi News
राजधानी दिल्ली में छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने और स्कूल तक उनकी पहुँच को आसान बनाने के उद्देश्य से ‘विद्या वाहिनी योजना’ का शुभारंभ किया गया है। योजना के पहले चरण में आज मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कक्षा 9वीं में अध्ययनरत 3,000 से अधिक छात्राओं को नि:शुल्क साइकिलें वितरित कीं। चरणबद्ध तरीके से 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगा लाभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली के सभी सरकारी विद्यालयों की कक्षा 9 में पढ़ने वाली 1.40 लाख से अधिक छात्राओं तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि कोई भी जरूरतमंद छात्रा इससे वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा, यह पहल सिर्फ साधन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने, स्कूल तक उनकी सुरक्षित एवं सुगम पहुंच सुनिश्चित करने और उनके आत्मविश्वास को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने सभी छात्राओं को मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने सपनों को साकार करने और परिवार व देश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद इस गरिमामय समारोह में दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, कैबिनेट मंत्री आशीष सूद और स्थानीय विधायक रविंद्र नेगी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने इस योजना की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
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