रूस, ईरान और उत्तर कोरिया ने दुनिया की बैंकिंग व्यवस्था से अलग क्रिप्टो के जरिए एक समानांतर भुगतान सिस्टम खड़ा कर लिया है। क्रिप्टो लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्था चेनालिसिस के मुताबिक, 2025 में इन्होंने क्रिप्टो के जरिए ₹9.92 लाख करोड़ का लेनदेन किया है। यह 2024 के मुकाबले 8 गुना ज्यादा है। ये देश इस रकम का इस्तेमाल सिर्फ ट्रेड या बचत के लिए नहीं, बल्कि ड्रोन, हथियारों के पुर्जे, सैन्य तकनीक व तेल के भुगतान में कर रहे हैं। रूस ने अपनी क्रिप्टो करेंसी तैयरा की रूस ने रूबल से जुड़ा ए75 टोकन तैयार किया। इसमें रूस में रूबल देकर विदेश में क्रिप्टो से बदला जा सकता है। मई तक इसमें 11.4 लाख करोड़ के लेनदेन हो चुके हैं। नेटवर्क में 41 हजार से ज्यादा खाते व 2.5 लाख ट्रांसफर दर्ज हुए। ईरान ने घरेलू एक्सचेंजों को तेल बिक्री और विदेशी भुगतान की वैकल्पिक पाइपलाइन बना लिया। रिवोल्यूशनरी गार्ड क्रिप्टो से तेल का पैसा लेते हैं और उसे डिजिटल वॉलेट में दूसरे देशों में भेजते हैं। विशेषज्ञ क्रिप्टो को रूस-ईरान के लिए प्रतिबंधों के समानांतर चलने वाली स्थायी वित्तीय व्यवस्था बता रहे हैं। कोरिया: क्रिप्टो चोरी से ₹20 हजार करोड़ जुटा हथियार खरीदे उत्तर कोरिया ने क्रिप्टो चोरी को कमाई और हथियार कार्यक्रम का जरिया बना लिया है। 2025 में उसके हैकरों ने 20 हजार करोड़ चुराए। सबसे बड़ी वारदात 21 फरवरी को हुई, जब लाजारस समूह ने बायबिट से 14,310 करोड़ उड़ाए। एफबीआई ने इसे ‘ट्रेडरेटर’ नेटवर्क से जोड़ा। 2016 से उ. कोरिया 263 घटनाओं में 6.75 अरब डॉलर की क्रिप्टो चुरा चुका है। इसे वह मिसाइल व सैन्य उपकरण खरीदने में लगा रहा है। ईरान: सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज का सुप्रीम लीडर के घराने से संबंध ईरान का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज नोबाइटेक्स। देश के करीब 70% डिजिटल मुद्रा लेनदेन संभालता है और इसके 1.1 करोड़ उपयोगकर्ता हैं। चीनी नेटवर्क रोज ₹4,200 करोड़ रुपए सफेद कर रहे चीन से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग नेटवर्क अब ‘लॉन्ड्रिंग-एज-ए-सर्विस’ मॉडल पर काम कर रहे हैं। चेनालिसिस के मुताबिक, चीनी नेटवर्क ₹4,200 करोड़ रोजाना ब्लैक मनी को व्हाइट में बदल रहे हैं। 2025 में इन्होंने ₹1.54 लाख करोड़ को व्हाइट में बदला। ये नेटवर्क प्रतिबंधित देशों के भुगतान और आतंकी फंडिंग की रकम को एक साथ प्रोसेस करते हैं। क्रिप्टो कंपनियों में फर्जी नौकरी; ₹26,700 करोड़ जुटाए फर्जी पहचान, एआई से बने दस्तावेज और डीपफेक इंटरव्यू के जरिए चीन, उत्तर कोरिया व ईरान जैसे देशों के ऑपरेटिव्स ने 40 देशों की क्रिप्टो व तकनीकी कंपनियों में रिमोट नौकरियां हासिल कीं। इस नेटवर्क ने दो वर्षों में ₹26,700 करोड़ जुटाए। कई मामलों में स्थानीय मददगारों ने ‘फर्म’ चलाए, ताकि कर्मचारी उसी देश में काम करता दिखाई दे। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… क्रिप्टो मार्केट वैल्यू एक महीने में ₹100 लाख करोड़ घटी:30% कम होकर ₹261 लाख करोड़ पर आई; बिटकॉइन ₹1.10 करोड़ से ₹76 लाख पहुंचा ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट की वैल्यू 3 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गई है। कॉइनमार्केटकैप के अनुसार अक्टूबर में ये 4.28 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब घटकर 2.95 ट्रिलियन डॉलर पर आ गई है। रुपए में वैल्यू करीब 379 लाख करोड़ से करीब 100 लाख करोड़ घटकर 261 लाख करोड़ हो गई है। यानी, करीब एक महीने में वैल्यू में 30% से ज्यादा की गिरावट आई है। पूरी खबर पढ़ें…
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रूस-ईरान ने क्रिप्टो में ₹9.92 लाख करोड़ का व्यापार किया: दुनिया के बैंकिंग सिस्टम से अलग नेटवर्क बनाया; ड्रोन, तेल और हथियार खरीदे
मटन-चिकन भी फेल! बारिश में जब थाली में सजती है मिथिलांचल की खास सुखौती, जानें रेसिपी
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Mithila Sukhauti Sabji Recipe: मानसून की शुरुआत के साथ ही बाजारों में हरी सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं. ऐसे में मिथिलांचल की पारंपरिक सुखौती यानी सूखी गोभी लोगों के जायके और जेब दोनों का ख्याल रख रही है. सीजन में बेहद सस्ते दामों पर खरीदकर स्टोर की जाने वाली इस गोभी की सब्जी का स्वाद बेमौसम में भी लाजवाब होता है. जानें रेसिपी.
मधुबनी: मानसून की दस्तक के साथ ही बाजारों में हरी सब्जियों के दाम आसमान छूने लगे हैं. ऐसे में गृहणियों के लिए रसोई का बजट संभालना एक बड़ी चुनौती बन गया है. लेकिन अगर आप मधुबनी या मिथिलांचल क्षेत्र में हैं. तो इस बेमौसम और महंगी सब्जियों के दौर में भी एक पारंपरिक तरीके से पैसे की बचत और स्वाद दोनों का आनंद ले सकते हैं. इस मौसम में मिथिला के घरों में पारंपरिक रूप से तैयार की जाने वाली सूखी गोभी (सुखौती) और कुम्हर (पेठा) की सब्जी थाली की शान बढ़ा रही है. बेमौसम गोभी की यह सब्जी खाने में बेहद लाजवाब और जायकेदार होती है.
सीजन में 5 रुपये किलो खरीदो और बारिश के लिए करो स्टोर
मिथिलांचल में फूड मैनेजमेंट और बचत की यह परंपरा सदियों पुरानी है. दरअसल जब सर्दियों के सीजन में बाजार में गोभी की भारी आवक होती है. यह बेहद सस्ती महज 5 से 7 रुपये प्रति किलो मिलती है. उस समय यहां के लोग इसे भारी मात्रा में खरीद लेते हैं. गोभी को साफ करके छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. इसके बाद इसे धूप में अच्छी तरह सुखाकर पूरे साल के लिए स्टोर कर लिया जाता है. जिसे स्थानीय भाषा में सुखौती कहते हैं.बारिश के मौसम में जब हरी सब्जियां सड़ने-गलने लगती हैं. बेहद महंगी हो जाती हैं. तब यह सुखौती संकटमोचक बनती है. इससे पैसे की भारी बचत होती है और बेमौसम में भी गोभी का लजीज स्वाद मिल जाता है.
लाजवाब सुखौती की सब्जी बनाने की पूरी रेसिपी
इस पारंपरिक और स्वादिष्ट सब्जी को बनाने की विधि बेहद सरल है. इसे आप नीचे दिए गए स्टेप्स से अपने घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं. सबसे पहले सूखी गोभी (सुखौती) और आलू को प्रेशर कुकर में डालकर एक या दो सीटी आने तक अच्छी तरह उबाल लें. उबलने के बाद आलू के छिलके उतार लें. अब एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म करें और उबाली हुई गोभी को हल्का फ्राई करके अलग निकाल लें. अब कढ़ाई में दोबारा तेल गर्म करें. तेल अच्छे से कड़क जाए तो उसमें पांचफोरन, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. जब तड़का चटकने लगे तब इसमें टमाटर, प्याज और लहसुन का बारीक पेस्ट डालकर अच्छी तरह भूनें.
मसाले और आलू का मेल
जैसे ही पेस्ट तेल छोड़ने लगे. इसमें उबले हुए आलुओं को मैश करके डाल दें. इसके साथ ही रसोई के बुनियादी मसाले जैसे हल्दी, नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला डालें. यदि आप चाहें तो खड़े मसालों को सिलबट्टे पर पीसकर डालेंगे. तो इसका स्वाद दोगुना हो जाएगा.
मसालों के अच्छी तरह भुन जाने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार पानी डालें. जब ग्रेवी में अच्छा उबाल आ जाए. तब इसमें पहले से फ्राई करके रखी हुई गोभी डाल दें और धीमी आंच पर कुछ मिनट पकने दें. आपकी गरमा-गरम और खुशबूदार सुखौती की सब्जी पूरी तरह तैयार है. मिथिलांचल में लोग इसे बड़े चाव से उबले हुए चावल (भात) के साथ पूरे परिवार के साथ मिलकर खाते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
झांसी HDFC बैंक के डिप्टी मैनेजर की हादसे में मौत: आगरा से मीटिंग कर लौट रहे थे झांसी, गाय सामने आने पर ट्रक के सामने आ गई कार – Gwalior News
उत्तर प्रदेश के आगरा में बैंक की अहम मीटिंग में शामिल होकर झांसी लौट रहे एचडीएफसी (HDFC) बैंक के डिप्टी मैनेजर की रविवार शाम ग्वालियर के सिरोल हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनकी महिला सहकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हाईवे पर अचानक गाय सामने आने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड चली गई और सामने से आ रहे ट्रक से उसकी आमने-सामने भिड़ंत हो गई। आगरा से लौटते समय हुआ हादसा सिरोल थाना पुलिस के अनुसार, झांसी के मसीहागंज निवासी 33 वर्षीय राहुल सैनी, पुत्र रवींद्र सैनी, एचडीएफसी बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत थे और वर्तमान में गुरसराय शाखा में पदस्थ थे। वे 11 जुलाई को बैंक की आवश्यक बैठक में शामिल होने के लिए आगरा गए थे। उनके साथ बैंक कर्मचारी गरिमा माथुर भी थीं। बैठक समाप्त होने के बाद दोनों रविवार शाम झांसी लौट रहे थे। गाय को बचाने के प्रयास में कार हुई बेकाबू शाम करीब 5:45 बजे दोनों की ऑल्टो-800 कार मेहरा टोल पार कर सिरोल स्थित होटल रंगमहल के सामने पहुंची। इसी दौरान अचानक सड़क पर गाय आ गई। राहुल सैनी ने गाय को बचाने के लिए कार मोड़ी, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए रॉन्ग साइड पहुंच गया। उसी समय सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से कार की सीधी भिड़ंत हो गई। कार के उड़े परखच्चे, राहुल की मौके पर मौत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों उसमें फंस गए। सूचना मिलने पर सिरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कार को काटकर दोनों को बाहर निकाला गया और 108 एम्बुलेंस से जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने राहुल सैनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि गरिमा माथुर की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। हाईवे पर लगा जाम, पुलिस ने शुरू की जांच हादसे के बाद कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया। पुलिस अब ट्रक चालक से पूछताछ कर रही है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि दुर्घटना के सही कारणों की पुष्टि हो सके। सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगोली ने बताया कि आगरा-झांसी मार्ग पर होटल रंगमहल के पास ऑल्टो कार और ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर हुई है। हादसे में एचडीएफसी बैंक के डिप्टी मैनेजर राहुल सैनी की मौत हो गई है, जबकि उनकी महिला सहकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
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समस्तीपुर में चोरी करने वाले 4 हुए गिरफ्तार: रिहायशी इलाकों में बंद घरों को बनाते थे निशाना, एक यूपी का रहने वाला – Samastipur News
समस्तीपुर के नगर थाना क्षेत्र में चोरी के मामलों में 4 को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नीरपुर निवासी राजेश पासवान का बेटा गनौर पासवान (23), चकमेहसी क्षेत्र निवासी चंदेश्वर पासवान का बेटा सुनील पासवान (20), गुप्ता चौक गोपालपुर निवासी शिव नारायण पासवान का बेटा पासवान (42) और उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी दिलीप मद्धेशिया का बेटा शिवम मद्धेशिया (24) के रूप में हुई है। पिछले कुछ दिनों से नगर थाना क्षेत्र के बंद घरों और रिहायशी इलाकों में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही थीं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर थाना पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने छापेमारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की। नेटवर्क की जांच की जा रही है पुलिस अब इनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। साथ ही, चोरी के सामान की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इस संबंध में नगर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि नगर थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने लगातार अभियान चलाकर इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की जा रही है। सभी का सदर अस्पताल में चिकित्सीय परीक्षण कराया गया है। मेडिकल जांच के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा: अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था; चुनाव आयोग बोला- इससे पहचान-रिकॉर्ड मिलाना आसान होगा
नई दिल्ली5 घंटे पहले
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चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा।
चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा।

चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों बनाया?
- नए मतदाताओं की पहचान और रिकॉर्ड का मिलान करना आसान होगा।
- आवेदकों को कम दस्तावेज जमा करने पड़ेंगे।
- डुप्लीकेट, मर चुके, ट्रांसफर हो चुके और विदेशी वोटर्स पहचानने में मदद मिलेगी।
- ऑनलाइन Form-6 भरने वाले आवेदक भी यह घोषणा भरे बिना आवेदन आगे नहीं बढ़ा सकते।
फॉर्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र
EC अधिकारियों ने बताया कि बिहार में जून 2025 में शुरू किए गए SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन के साथ यह घोषणा भी भरनी होती थी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी कर इस घोषणा को अनिवार्य बनाया गया है।
संयुक्त राष्ट्र की आपत्तियों पर EC का जवाब
चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्तेयर्स द्वारा SIR की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नाम हटाना है।
किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और यदि किसी का नाम हटता है, तो उसे चुनौती देने का अवसर दिया जाता है।
SIR से जुड़ा अपडेट….
चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज, सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था।
दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ।

तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं।


सोर्स- विकीपीडिया
SIR: भारत में 21 साल बाद हो रहा वोटर लिस्ट का रिविजन
SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट की पूरी तरह से जांच और अपडेट किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि वोटर लिस्ट में सिर्फ पात्र और सही मतदाताओं के नाम हों।
भारत में SIR करीब 21 साल बाद हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इससे पहले देशभर में ऐसा बड़ा अभियान 2002 से 2004 के बीच चला था। चुनाव आयोग ने बताया था कि देश में SIR की प्रक्रिया आठवीं बार हो रही है।

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सुप्रीम कोर्ट बोला- SIR अवैध नहीं: चुनाव आयोग शर्तों के साथ नागरिकता जांच सकता है; SIR में 13 राज्य-UT में 7.41 करोड़ नाम कटे

सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने बुधवार को कहा था कि SIR मनमाना नहीं है और चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। पूरी खबर पढ़ें…
लखनऊ में युवाओं ने शिक्षा, भर्ती सुधार की मांग की: इको गार्डन में इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0 का समापन, छात्रों ने उठाई आवाज – Lucknow News
लखनऊ के इको गार्डन में रविवार को शिक्षा सुधार, निष्पक्ष भर्ती और युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर ‘इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0’ के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई यह पदयात्रा लखनऊ में समाप्त हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र,युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सत्याग्रही मनीष मौर्या और लकी मौर्या ने लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसमें उन्होंने पांच जिलों की सीमाएं पार कीं।इस यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों पर छात्रों,युवाओं और आम लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ।आंदोलनकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है। शिक्षा व्यवस्था को छात्र हितैषी बनाया जाए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों से परीक्षा,परिणाम और भर्तियों में देरी के साथ-साथ पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाए।यूथ इंकलाब टीम उत्तर प्रदेश ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। टीम के प्रमुख श्रेयांश यशस्वी ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि युवाओं के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एक जनआंदोलन है,जिसे प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। आंदोलनकारीयों ने प्रमुख मांगे रखी आंदोलन के दौरान कई विशिष्ट मांगें उठाई गईं। इनमें शिक्षा पर कुल बजट का 10 प्रतिशत खर्च करना, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक स्वतंत्र संवैधानिक परीक्षा आयोग का गठन, अनुभवी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति,टीजीटी-पीजीटी सहित शिक्षक भर्तियों को प्रतिवर्ष आयोजित करना,कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, प्राथमिक शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना और पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना शामिल है। सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह शाक्य और उनकी टीम ने आंदोलन को कानूनी सहायता प्रदान की,जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (एआईएसए) ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति ने शिक्षा सुधार और निष्पक्ष भर्ती के मुद्दे को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी।
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गयाजी में सड़क हादसे में प्रिंसिपल समेत 2 की मौत: कार की टक्कर से बाइक सवार 3 लोग 20 फीट हवा में उछले, हादसे में 4 लोग घायल – Gaya News
गयाजी में रविवार की शाम करीब 7 बजे बाइक और कार के बीच सामने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दो की मौत हुई है, जबकि 4 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में इमामगंज के एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल सुनील पांडेय (51) और झारखंड के रहने वाले मुकेश कुमार (38) है। बाइक पर मुकेश के अलावा दो और लोग बैठे थे। जो हादसे में घायल हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ कार सवार 2 लोग भी जख्मी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर लगते ही बाइक सवार करीब 20 फीट दूर हवा में उछाल मारते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। घटना बाराचट्टी थाना क्षेत्र के जीटी रोड (NH-19) पर जयगीर मोड़ के पास की है। झारखंड की ओर से आ रही थी कार बताया जा रहा कि कार झारखंड की तरफ से आ रही थी। वहीं, बाइक सवार 3 लोग बाराचट्टी बाजार से झारखंड की ओर जा रहे थे। बाइक सवार मुकेश झारखंड के चतरा के रहने वाले पोकन सिंह का बेटा है। हादसे में गंभीर रूप से घायल ललन कुमार को स्थानीय लोगों ने ऑटो से बाराचट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। ललन कुमार भी चतरा के टेकन गांव का रहने वाला है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए इलाज के लिए गया अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है। बाकी घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस लेट पहुंची
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। लोगों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बावजूद डायल-112 की इमरजेंसी टीम समय पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने अपने स्तर से ऑटो रिजर्व कर घायलों को अस्पताल भेज दिया, उसके करीब 10 मिनट बाद डायल-112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, इससे पहले बाराचट्टी थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच चुकी थी।
शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है बाराचट्टी के थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि जीटी रोड जयगीर मोड़ पर कार और बाइक की टक्कर में दो लोगों की मौत हुई है। घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गयाजी भेजा जा रहा है।
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पुलिस विभाग में सूबेदार और कार्यवाहक आरआई के प्रमोशन: मध्य प्रदेश के 168 अफसर बने रक्षित निरीक्षक, पदोन्नति आदेश जारी – Bhopal News
मध्यप्रदेश के पुलिस विभाग में प्रदेश के 168 सूबेदार और कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों (RI) को रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। जीएडी के पत्र के बाद शुरू हुई प्रमोशन प्रक्रिया बता दें कि 30 जून 2026 को मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी पत्र और ‘मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के विधिक परामर्श के अंतर्गत यह प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस आदेश के तहत प्रमोट हुए अधिकारियों को रक्षित निरीक्षक के रिक्त पदों पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। इन सभी अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मेट्रिक्स लेवल-10 (वेतनमान 9300-34800 + 4200) का लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से मिलेगा। विभागीय जांच या अधूरी ट्रेनिंग वाले अफसर नहीं होंगे रिलीव पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह सभी पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 और भविष्य में न्यायालयों द्वारा आने वाले फैसलों के अधीन रहेंगी। इसके साथ ही, प्रमोट किए गए सभी सरकारी कर्मचारियों को नियम 13 के अनुसार वेतन निर्धारण के लिए आदेश मिलने के एक माह के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। मुख्यालय ने इकाई प्रमुखों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है, विभागीय जांच का सामना कर रहा है, आपराधिक मामले में चार्जशीटेड है या उसने अपना मूलभूत प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में कार्यमुक्त न किया जाए।
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नॉनवेज से भी ज्यादा टेस्टी ये पनीर डिश, जानिए मसाला पनीर कलेजी बनाने का तरीका
पनीर भारतीय रसोई का एक बहुत कॉमन फूड है, जिससे कई तरह की स्वादिष्ट डिशेज बनाई जाती हैं. यदि आप शाही पनीर, मटर पनीर जैसी रेसिपी खाकर बोर हो गए हैं, तो पनीर कलेजी की रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. ये डिश अपने अनोखे स्वाद और खास बनाने के तरीके की वजह से काफी अलग नजर आती है. इसमें पनीर को पहले चायपत्ती वाले पानी में उबाला जाता है, जिससे इसका रंग हल्का गहरा हो जाता है और स्वाद भी काफी खास बनता है.
मसालों से भरपूर इसकी ग्रेवी पनीर को एकदम नया फ्लेवर देती है. यह रेसिपी खास मौकों, फैमिली डिनर या मेहमानों के स्वागत के लिए भी शानदार है. अगर आप हमेशा एक जैसी पनीर की सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस स्वादिष्ट रेसिपी को जरूर ट्राई करें.
मसाला पनीर कलेजी की रेसिपी
मसाला पनीर कलेजी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करें. एक साफ कपड़े में चायपत्ती बांधकर छोटी पोटली बना लें और उसे पानी में डाल दें. इसके साथ पनीर के बड़े टुकड़े और थोड़ा नमक डालकर 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें. इससे पनीर का रंग और स्वाद दोनों बदल जाते हैं. उबालने के बाद पनीर को निकाल लें और पानी को संभालकर रख दें, क्योंकि इसका इस्तेमाल बाद में ग्रेवी बनाने में होगा.
अब एक कड़ाही में तेल या थोड़ा घी गर्म करें. इसमें जीरा, साबुत लाल मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी, इलायची, काली मिर्च और लौंग डालकर भूनें. जब मसालों की खुशबू आने लगे, तब बारीक कटा प्याज डालें और सुनहरा होने तक पकाएं. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ मिनट भून लें.
अब इसमें टमाटर और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, पनीर मसाला और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह पकाएं. जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब हरी मिर्च और अदरक का लच्छा डाल दें. इसके बाद उबला हुआ पनीर डालकर हल्के हाथों से मिलाएं.
अब बचा हुआ चायपत्ती वाला पानी जरूरत के अनुसार डालें और 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. जब ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तो ऊपर से कसूरी मेथी और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.
तैयार मसाला पनीर कलेजी को तंदूरी रोटी, बटर नान, मिस्सी रोटी या जीरा राइस के साथ परोसें. ऊपर से अदरक और हरे धनिये की सजावट इसका स्वाद और लुक दोनों बढ़ा देती है.
झुंझुनूं में उपभोक्ता आयोग ने एक दिन में निपटाए 35-मामलें: 33 उपभोक्ताओं को कल मिलेंगे चेक, बीमा कंपनी ने भी जमा करवाई क्लेम राशि – Jhunjhunu News
झुंझुनूं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने एक दिन में 35 मामलों(परिवाद) का निस्तारण किया। इस दौरान बीमा कंपनी ने भी आयोग के निर्णय का सम्मान करते 33 उपभोक्ताओं की अवॉर्ड राशि (क्लेम) रिकॉर्ड आयोग ऑफिस में जमा करवा दी है। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील वकीलों की मौजूदगी 33 उपभोक्ताओं को अवार्ड राशि के चेक सौंपेंगे, जो लंबे समय से अपने क्लेम का इंतजार कर रहे थे। अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए एक ही दिन में 35 मामलों में फैसले लिखवाकर सुना दिए। बीमा कंपनी ने भी क्लेम जमा करवाया
कानूनी मामलों में फैसलों के बाद उनकी पालना में लंबा समय लग जाता है, लेकिन आयोग की कार्यप्रणाली को देखते हुए बीमा कंपनी ने हाथोंहाथ फैसले लिए। आयोग के निर्णय का सम्मान करते हुए कंपनी ने 33 परिवादों से संबंधित क्लेम राशि आयोग में जमा करवा दी।
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