Wednesday, July 1, 2026
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लॉक अप रियल्टी शो में कंटेस्टेंट के गले में क्या है, आपके मन में भी है ये सवाल? ये है जवाब


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रियलिटी शो ‘लॉक अप’ में कंटेस्टेंट्स के गले में चौबीसों घंटे दिखने वाला भारी गोल गैजेट न तो कोई माइक्रोफोन है और न ही कोई जीपीएस ट्रैकर. यह असल में खास तौर पर शो के लिए तैयार किया गया एक ‘स्टेटस बैंड’ है. इसका एकमात्र काम कंटेस्टेंट्स के खेल के आधार पर अपना रंग बदलना है, जिससे उनके अच्छे या खराब प्रदर्शन का पता चलता है.

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लॉक अप के कंटेस्टेंट ने गले में पट्टा क्यों पहना है? ये है जवाबZoom

इस गोल डिवाइस का काम किसी की जासूसी करना या बातचीत टेप करना बिल्कुल नहीं है. (youtube/netflix india)

नई दिल्ली. रियलिटी शो ‘लॉक अप’ देखने वाले दर्शकों के मन में अक्सर एक सवाल जरूर कौंधता है कि कंटेस्टेंट्स के गले में चौबीसों घंटे दिखने वाला वह भारी, गोल और काले रंग का गैजेट आखिर क्या है? सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जाते रहे हैं. कोई इसे कंटेस्टेंट्स की आवाज रिकॉर्ड करने वाला एडवांस माइक्रोफोन बताता है, तो कोई इसे जेल की थीम के तहत कैदियों को ट्रैक करने वाला जीपीएस (GPS) सर्विलांस कॉलर कहता है. लेकिन इंटरनेट पर चलने वाली इन तमाम थ्योरीज और दावों से अलग इस गैजेट की असलियत बेहद साधारण और दिलचस्प है.

तकनीकी रूप से यह गैजेट न तो कोई आवाज रिकॉर्ड करने वाला माइक्रोफोन है और न ही किसी को ट्रैक करने वाला कोई जीपीएस लोकेटर. यह असल में खास तौर पर इसी शो के लिए डिजाइन किया गया एक ‘स्टेटस बैंड’ (Status Band) है. मेकर्स ने शो में कैदियों जैसा माहौल बनाने और खेल के रोमांच को लाइव दिखाने के लिए इस खास गैजेट को तैयार करवाया है, जो सीधे कंट्रोल रूम से ऑपरेट होता है.

कैसे काम करता है यह स्टेटस बैंड और क्या है इसका काम?

इस गोल डिवाइस का काम किसी की जासूसी करना या बातचीत टेप करना बिल्कुल नहीं है. यह केवल एक विजुअल इंडिकेटर (रंग बदलने वाला बैंड) की तरह काम करता है. इस डिवाइस का मुख्य काम और खासियत निम्नलिखित हैं:

  • खेल का स्टेटस दिखाना: यह बैंड सीधे तौर पर कंटेस्टेंट्स के बर्ताव और शो में उनके प्रदर्शन को लाइव दर्शाता है. जब कोई प्रतियोगी शो के नियमों का पालन करता है, टास्क में बेहतरीन प्रदर्शन करता है या अच्छा काम करता है, तो कंट्रोल रूम से इस बैंड की ‘ग्रीन लाइट’ (हरी बत्ती) को ऑन कर दिया जाता है.
  • नियमों के उल्लंघन पर अलर्ट: इसके विपरीत, जब कोई कंटेस्टेंट जेल के नियमों को तोड़ता है, किसी से बदतमीजी करता है या टास्क में खराब प्रदर्शन करता है, तो इस स्टेटस बैंड की ‘रेड लाइट’ (लाल बत्ती) ऑन हो जाती है. यह लाल बत्ती इस बात का प्रतीक होती है कि वह कंटेस्टेंट अब खतरे में है या उसे कोई सजा मिल सकती है.
  • दर्शकों और जेलर के लिए सीधा संकेत: इस गैजेट का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि शो के होस्ट, जेलर या लाइव फीड देख रहे दर्शकों को तुरंत पता चल जाता है कि इस समय किस कैदी का स्टेटस सुरक्षित (जेल की भाषा में कहें तो उनका आचरण सही) है और कौन रेड ज़ोन में चल रहा है.

थीम और ड्रामे को बढ़ाने वाला गैजेट

चूंकि ‘लॉक अप’ शो का पूरा कॉन्सेप्ट एक सख्त और असली जेल पर आधारित है, इसलिए मेकर्स ने कंटेस्टेंट्स के लिए इसे चौबीसों घंटे गले में पहनना अनिवार्य कर दिया है. यह भारी और अजीब दिखने वाला गोल बैंड जब गले में लटका रहता है, तो दर्शकों को भी स्क्रीन पर एक असली कैदी वाली फीलिंग आती है. इस स्टेटस बैंड का केवल यही एक काम है कि यह कंटेस्टेंट्स के अच्छे-बुरे काम के हिसाब से अपना रंग बदलता रहता है, जिससे शो का रोमांच और ड्रामा कई गुना बढ़ जाता है.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



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4 हीरो के साथ नजर आई थीं 4 हीरोइन, 3 करोड़ी मूवी ने तोड़ डाले थे कमाई के सारे रिकॉर्ड


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जब भी बॉलीवुड का इतिहास देशभक्ति और शानदार सिनेमा के इर्द-गिर्द घूमता है, तो एक फिल्म का नाम अक्सर दिमाग में आता है. ठीक 45 साल पहले, 1981 में थिएटर में एक जबरदस्त फिल्म रिलीज हुई थी जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. हम बात कर रहे हैं ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर ‘क्रांति’ की, जिसे मशहूर मनोज कुमार ने डायरेक्ट और लिखा था. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत सिल्वर स्क्रीन पर इसकी बेमिसाल मौजूदगी थी, जिसमें चार मशहूर हीरो और चार टॉप हीरोइन थीं.

नई दिल्ली. साल 1981 को बॉलीवुड के इतिहास में ‘क्रांति’ के साल के तौर पर याद किया जाता है. जब मनोज कुमार ने 19वीं सदी में ब्रिटिश राज के खिलाफ भारत के विद्रोह और उसकी गहरी देशभक्ति पर आधारित इस फिल्म को पर्दे पर लाने का फैसला किया, तो उन्होंने उस समय सोच से भी परे एक बोल्ड कास्टिंग का फैसला किया. यह फिल्म न सिर्फ एक्टिंग का सुपर-स्कूल साबित हुई, बल्कि उस समय के शानदार बिजनेस फिगर भी हासिल किए, जो आज के समय में कई सौ करोड़ के बराबर हैं.

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‘क्रांति’ की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कल्ट और बड़ी स्टार कास्ट थी. मनोज कुमार ने देश के कुछ सबसे बड़े एक्टर्स को एक ही फ्रेम में एक साथ लाया. ‘ट्रेजेडी किंग’ दिलीप कुमार ने इस फिल्म में लीड और दमदार रोल निभाया, जो पांच साल के ब्रेक के बाद एक्टिंग में लौटे थे. मनोज कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर और राइटर होने के साथ-साथ मुख्य क्रांतिकारी, भारत का रोल भी निभाया.

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शशि कपूर ने एक सख्त और वफादार राजा/मिलिट्री ऑफिसर का रोल किया था, जो बाद में क्रांतिकारियों में शामिल हो जाता है, जबकि शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने सख्त व्यवहार और दमदार आवाज से एक शेर दिल क्रांतिकारी का रोल किया था. फिल्म की मेन लीड हेमा मालिनी, दिलीप कुमार और मनोज कुमार के साथ उनके मिशन पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थीं.

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परवीन बॉबी ने अपनी ग्लैमरस परफॉर्मेंस और बेहतरीन एक्टिंग से फिल्म को और बेहतर बनाया. सारिका ने फिल्म में बहुत सीरियस और जरूरी रोल किया था. बॉलीवुड की मशहूर ‘मां’ निरूपा रॉय ने भी अपनी जबरदस्त और इमोशनल परफॉर्मेंस से दर्शकों को रुला दिया. इन आठ मेन स्टार्स के अलावा फिल्म में प्रेम चोपड़ा, मदन पुरी और टॉम ऑल्टर जैसे मजबूत विलेन भी थे.

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फिल्म के बिजनेस साइकिल और आंकड़ों को देखें तो, यह उस समय भी एक बड़ा इन्वेस्टमेंट था. शानदार सेट, असली जहाजों पर जबरदस्त एक्शन सीन और हजारों जूनियर आर्टिस्ट के साथ, इसका कुल बजट लगभग 3 करोड़ तक पहुंच गया, जिसे 1981 में बहुत बड़ा और रिस्की बजट माना गया था.

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जब फिल्म रिलीज हुई, तो थिएटर के बाहर मीलों तक लाइनें लगी हुई थीं. कई सेंटर महीनों तक हाउसफुल रहे. इसने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 3 करोड़ की नेट कमाई की, जबकि इसकी कुल कमाई 19-20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई. यह 1981 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई. इसके ऐतिहासिक मुनाफे को देखते हुए, ट्रेड पंडितों ने इसे ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ का साफ फैसला दिया.

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फिल्म का म्यूजिक इस जबरदस्त सफलता की रीढ़ था. ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’ और ‘चना जोर गरम’ जैसे गाने 45 साल बाद भी हर किसी की जुबान पर हैं. दर्शकों के लिए दिलीप कुमार को पांच साल बाद बड़े पर्दे पर देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला, जबरदस्त अनुभव था. उनके और मनोज कुमार के बीच के सीन सिनेमा के इतिहास का खजाना हैं. फिल्म में जोरदार ड्रामा, साफ डायलॉग डिलीवरी और अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त एक्शन का एकदम सही मेल था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था.

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चकमार्ग पर अवैध कब्जे से किसानों की राह बंद: ग्रामीणों ने DM से की शिकायत, कार्रवाई न होने पर जताई नाराजगी – Lakhimpur-Kheri News




लखीमपुर खीरी के धौरहरा तहसील क्षेत्र के ग्राम खरवहिया नंबर-1 में चकमार्ग पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरकारी चकमार्ग पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर रास्ता बाधित करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, गाटा संख्या 843/0.067 के चकमार्ग पर कथित तौर पर भू-माफियाओं ने अवैध कब्जा कर लिया है। इससे किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता खुलवाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। जान से मारने की धमकी दी शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कब्जे का विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर चकमार्ग को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए। उनका कहना है कि इससे किसानों का आवागमन सुचारु हो सकेगा और उन्हें असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की भी मांग की है।



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कोर्ट से कब्जा मिला, फिर भी दबंग कर रहे परेशान: जमीन पर नहीं कर पा रही खेती, महिला बोली- फसल बोने जाती हूं तो मारपीट करते हैं – rajgarh (MP) News




राजगढ़ अदालतों में छह साल तक कानूनी लड़ाई जीतने के बाद भी एक महिला अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रही है। राजगढ़ जिले के छापीहेड़ा वार्ड क्रमांक-5 निवासी रेखा शर्मा ने बुधवार को शिकायत लेकर अधिकारियों से कार्रवाई की गुहार लगाई। उनका आरोप है कि न्यायालय के आदेश पर 13 बीघा जमीन का कब्जा मिलने के बावजूद कुछ लोग उन्हें खेत में फसल नहीं बोने दे रहे हैं। जब भी वह बेटे के साथ खेत पर जाती हैं, उनके साथ मारपीट कर भगा दिया जाता है। 2020 से शुरू हुई कानूनी लड़ाई रेखा शर्मा ने बताया कि छापीहेड़ा से करीब एक किलोमीटर दूर कांकरिया रोड स्थित उनकी 13 बीघा कृषि भूमि को लेकर वर्ष 2020 में उन्होंने खिलचीपुर न्यायालय में दावा दायर किया था। मामला राजगढ़ न्यायालय और इंदौर हाईकोर्ट तक पहुंचा, जहां से फैसला उनके पक्ष में आया। इसके बाद 9 अप्रैल 2026 को न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर उन्हें जमीन का कब्जा दिलाया। कब्जा मिलने के बाद भी दबंगों ने खेती नहीं करने दी महिला का आरोप है कि कब्जा मिलने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। 14 जून को वह अपने बेटे लखन के साथ खेत पर पहुंचीं तो अमित कंजर, बलराम कंजर, राम कंजर, कमल कंजर और अविनाश कंजर ने उनके साथ मारपीट की और खेती नहीं करने दी। स्टे आदेश लेने के बाद भी दोबारा हुआ विवाद रेखा शर्मा के अनुसार, उन्होंने 22 जून को छापीहेड़ा थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने उनसे कोर्ट का स्टे आदेश लाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने 24 जून को खिलचीपुर न्यायालय से स्टे आदेश भी प्राप्त कर लिया। महिला का कहना है कि इसके बाद भी सोमवार को आरोपी दोबारा खेत पर पहुंचे। उनके साथ महिलाओं ने भी उनके और उनके बेटे के साथ मारपीट की। जब बेटा लखन घटना का वीडियो बनाने लगा तो उसका मोबाइल तोड़ दिया गया। इसके बाद दोनों को खेत से भगा दिया गया। महिला ने सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की रेखा शर्मा का आरोप है कि आरोपी लगातार उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें खेती नहीं करने दी जा रही है और जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने जिला प्रशासन से न्यायालय के आदेश का पालन कराने, सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस बोली- महिला के पक्ष में फैसला, कराएंगे बुआई छापीहेड़ा थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती ने बताया कि महिला की ओर से शिकायती आवेदन मिला है। कोर्ट का फैसला रेखा शर्मा के पक्ष में हुआ है। उन्हें कब्जा दिलाकर जमीन की बुआई कराई जाएगी।



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श्रावणी मेले में CCTV से होगी निगरानी: पहलेजा घाट से गरीबनाथ धाम तक 300 कैमरे, सुनसान इलाकों पर विशेष रहेगी नजर – Muzaffarpur News


मुजफ्फरपुर9 मिनट पहले

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मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ धाम में इस बार श्रावणी मेले के दौरान कांवरियों की सुरक्षा व्यवस्था हाईटेक होगी। 30 जुलाई से शुरू होने वाले मेले में पहली बार पहलेजा घाट से लेकर बाबा गरीबनाथ धाम तक सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इन कैमरों के जरिए पूरे कांवरिया पथ पर 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी, जिससे छिनतई, मारपीट या अन्य अप्रिय घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले शहर में प्रवेश के बाद सीमित कैमरे लगते थे, लेकिन इस बार कांवरियों के पहलेजा घाट से जल भरने के साथ ही उनकी पूरी यात्रा कैमरों की निगरानी में रहेगी। नेशनल हाईवे के सुनसान इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां पहले छिनतई जैसी घटनाएं हुई थीं।

कैमरों की संख्या 100 से 300 होगी

जिला प्रशासन के अनुसार, सभी प्रमुख कैमरों को स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा। अनुमंडल कार्यालय और जिला कंट्रोल रूम से भी इनकी निगरानी होगी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस पदाधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजा जाएगा, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

इस बार केवल मंदिर परिसर ही नहीं, बल्कि कांवरिया पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य शिविरों, विश्राम स्थलों और प्रमुख चौराहों पर भी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्षों में करीब 100 कैमरे लगाए जाते थे, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़ाकर लगभग 300 की जाएगी।

श्रावणी मेले के दौरान शनिवार दोपहर से सोमवार दोपहर तक मुजफ्फरपुर-हाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी और मालवाहक वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध रहता है। इसके बावजूद कुछ वाहन ग्रामीण सड़कों से हाईवे पर आ जाते हैं, जिससे कांवरियों को परेशानी होती है। इस बार सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए ऐसे वाहनों की भी निगरानी की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।

सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाएगी।

सीसीटीवी की संख्या बढ़ाई जाएगी।

प्रशासन ने शुरू किया रूट निरीक्षण पूर्वी एसडीएम तुषार कुमार ने बताया कि श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। नगर आयुक्त के साथ संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का निरीक्षण किया गया है। जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त है, बिजली के पोल या लटकते तार हैं या सफाई की जरूरत है, वहां संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मेले के दौरान लगातार निरीक्षण किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पहली बार सीसीटीवी का इतना व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम, अनुमंडल कार्यालय और जिला कंट्रोल रूम से इसकी लगातार मॉनिटरिंग होगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनाई जा सकेगी।

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सीजन हो या न हो, देसी फ्लेवर का खजाना! बोईर रोटी और गुड़-बेर के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे ल


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Famous Boir Roti And Gud Ber: बिलासपुर के देवकीनंदन चौक पर पप्पू ठाकुर कई सालों से बोईर रोटी, गुड़-बेर और बैर पाउडर बेच रहे हैं. बिना सीजन के भी यहां बेर का पारंपरिक स्वाद मिलता है. बोईर रोटी 20 रुपये प्रति पीस और 50 रुपये में 3 मिलती है. इस कारोबार से उन्हें रोजाना लगभग 500 से 1000 रुपये की कमाई हो जाती है.

Famous Boir Roti And Gud Ber: बिलासपुर में अगर आपको बचपन का देसी स्वाद याद आ रहा है, तो देवकीनंदन चौक आपका इंतजार कर रहा है. यहां पिछले कई वर्षों से पप्पू ठाकुर हर मौसम में बोईर रोटी, गुड़-बेर और बैर पाउडर बेच रहे हैं. खास बात यह है कि बिना बेर के सीजन के भी यहां लोगों को यह पारंपरिक स्वाद आसानी से मिल जाता है. बचपन की यादों से जुड़ा यह स्वाद आज भी लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक यहां पहुंचते हैं और बोईर रोटी व अन्य पारंपरिक उत्पाद खरीदकर ले जाते हैं.

बचपन की यादें ताजा कर रहा देसी स्वाद
बोईर रोटी और गुड़-बेर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद का हिस्सा रहे हैं. पहले गांवों में यह आसानी से मिल जाता था, लेकिन समय के साथ यह कम होता गया. ऐसे में देवकीनंदन चौक पर पप्पू ठाकुर इस पारंपरिक स्वाद को जीवित रखे हुए हैं. यहां पहुंचने वाले कई लोग इसे देखकर अपने बचपन की यादें ताजा करते हैं.

हर मौसम में मिल रहा है बेर का स्वाद
आमतौर पर बेर एक मौसमी फल माना जाता है, लेकिन पप्पू ठाकुर के यहां बिना सीजन के भी बोईर रोटी, गुड़-बेर और बैर पाउडर उपलब्ध रहता है. यही वजह है कि बेर खाने के शौकीन लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं.

इतनी है कीमत
पप्पू ठाकुर के अनुसार, बोईर रोटी 20 रुपये प्रति पीस और 50 रुपये में 3 पीस मिलती है. वहीं बैर पाउडर और गुड़-बेर 50 रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से बेचे जाते हैं. किफायती कीमत होने के कारण ग्राहकों की अच्छी-खासी संख्या यहां रोज पहुंचती है.

रोजाना हो जाती है अच्छी कमाई
पप्पू ठाकुर बताते हैं कि इस कारोबार से उन्हें प्रतिदिन लगभग 500 से 1000 रुपये तक की आमदनी हो जाती है. वर्षों से इस काम से जुड़े होने के कारण उनके नियमित ग्राहक भी बन चुके हैं, जो अक्सर यहां खरीदारी करने पहुंचते हैं. इस तरह देवकीनंदन चौक आज भी बिलासपुर में पारंपरिक स्वाद और बचपन की यादों को संजोए हुए एक खास ठिकाना बना हुआ है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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नए FCRA 2.0 पोर्टल में क्या है बदलाव? बिना पेपर के होंगे हर काम


केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने FCRA 2.0 पोर्टल लॉन्च किया है। यह पोर्टल पूरी तरह से डिजिटलाइज्ड है और एडवांस फीचर से लैस है। इस नए पोर्टल में कई तरह के बदलाव किए गए हैं, जिसकी वजह से सिटिजन सर्विस बेहतर होगी। इस नए पोर्टल का डेटा क्लाउड बेस्ड सर्वर मेघराज पर स्टोर होगा, जिसकी वजह से इसके चोरी होने की गुंजाइश न के बराबर होगी। सरकार आने वाले कुछ महीनों में इसका मोबाइल ऐप भी लॉन्च करने वाली है। यही नहीं, इसके लिए एआई ऑपरेटेड चैटबॉट और बैंकों के लिए एक डेडिकेटेड डैशबोर्ड भी शुरू किया जाएगा।

नए FCRA 2.0 पोर्टल में क्या है खास?

इस नए पोर्टल को फॉरेन कंट्रिब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट के तहत कंप्लायेंस को सरल बनाने के लिए डेवलप किया गया है। इसमें पोर्टल पर प्राप्त हुए आवेदन, रिनुअल्स, वार्षिक रिटर्न और अन्य सर्विस को फुली डिजिटलाइज्ड किया गया है यानी अब लोगों को किसी भी तरह के पेपरवर्क की जरूरत नहीं होगी।

  • इस पोर्टल में रजिस्ट्रेशन, रिनुअल्स और वार्षिक रिटर्न फाइल या अन्य चीजों के लिए किसी भी तरह के पेपरवर्क की जरूरत नहीं होगी। यह एंड-टू-एंड पेपरलेस प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा।
  • इसमें सरकार ने एडवांस टेक्नोलॉजी को इंटिग्रेट किया है, जिनमें आधार बेस्ड ऑथेंटिकेशन, ई-सिग्नेचर और डॉक्यूमेंट्स के लिए ऑप्टिकल कैरेक्टर रेकोग्निशन (OCR) आदि शामिल हैं। ऐसे में फर्जी डॉक्यूमेंट्स को इस पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा सकेगा।
  • यही नहीं, नया FCRA 2.0 पोर्टल PAN, आधार, NGO दर्पण, बैंक और ICAI के UDIN सिस्टम के साथ डेटाबेस शेयर करेगा। ऐसे में वेरिफिकेशन आसान हो जाएगा।
  • साथ ही, इसके डैशबोर्ड को भी इन्हांस किया गया है, ताकि इसके जरिए आने वाली फंडिंग्स को आसानी से मॉनिटर किया जा सके।

अन्य फीचर्स की बात करें तो यह पोर्टल पूरी तरह से जियोग्राफिकल ट्रैकिंग से लैस है, जिसमें डोनर के लोकेशन को ट्रैक किया जा सकेगा और उसे ट्रेस करना आसान होगा। यही नहीं, इस पोर्टल पर आवेदन करने वाले NGO को अपने सोशल मीडिया हैंडल, एक्टिव वेबसाइट समेत अन्य जानकारियां अपलोड करनी होगी।

सरकार का नया FCRA 2.0 पोर्टल NGO को मिलने वाले विदेश चंदे को रियल टाइम में मॉनिटर करने की सहूलियत देगा। साथ ही, फंड कहां से मिल रहा है उसके लोकेशन की ट्रेसिंग भी आसानी से हो सकेगी। इस पोर्टल में क्लाउड और एडवांस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।

यह भी पढ़ें – साइबर क्राइम पोर्टल की फर्जी वेबसाइट बनाकर हो रही ठगी, सरकार ने जारी की चेतावनी





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केजरीवाल ने अमित शाह से पूछे 5 सवाल: पूर्व CM बोले-वोट के लिए श्रीराम, दर्शन को वक़्त नहीं; पूछा-राम मंदिर क्यों नहीं गए – New Delhi News




आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के ढाई साल (सटीक रूप से 891 दिन) पूरे होने पर केजरीवाल ने दावा किया कि देश के ‘नंबर दो’ नेता अमित शाह आज तक एक बार भी रामलला के दर्शन करने अयोध्या नहीं गए। केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा केवल चुनाव जीतने और सत्ता हथियाने के लिए भगवान राम के नाम का दुरुपयोग करती है, लेकिन जब उनके चरणों में आशीर्वाद लेने की बात आती है, तो इनके पास समय नहीं होता। केजरीवाल के अमित शाह से वो 5 सवाल मंदिर में चढ़ावे की चोरी पर भी भाजपा को घेरा केजरीवाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे में हुई कथित चोरी को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “ये लोग भगवान राम को भगवान मानते ही नहीं हैं। अगर मानते, तो इन्हें अंदर से डर लगता कि सर्वव्यापी भगवान इनकी चोरी देख रहे हैं। इन्हें कोई डर नहीं है, ये खुलेआम चोरी कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि भगवान ने इन्हें 21 राज्यों और केंद्र में सरकार बनाने का मौका दिया, लेकिन अमित शाह भगवान का धन्यवाद करने ₹101 का प्रसाद चढ़ाने तक नहीं गए। यह हर सनातनी के दिल को दुखाने वाली बात है। “AAP ही देश की एकमात्र सच्ची सनातनी पार्टी” केजरीवाल ने खुद पर लग रहे ‘चुनावी सनातनी’ होने के आरोपों को खारिज करते हुए आम आदमी पार्टी को देश की इकलौती सच्ची सनातनी पार्टी बताया। पंजाब और दिल्ली सरकारों के कामों की फेहरिस्त गिनाते हुए उन्होंने कहा कि… इन्हें भगवान भी दंड देंगे और जनता सरकार बदलकर भी राम मंदिर घोटाले की जांच के लिए बनी SIT के समय विस्तार (Extension) पर तंज कसते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह सब जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए है। यह फर्जी SIT और फर्जी FIR असली चोरों को बचाने के लिए बनाई गई है। जब उनसे पूछा गया कि क्या चंदा चोरों को पाप लगेगा? तो केजरीवाल ने कहा, “चंदा चोरों का तीन स्तरों पर नाश होगा। पहला- सर्वशक्तिमान भगवान राम खुद इन्हें ऐसा दंड देंगे जो इन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा। दूसरा- कानूनी दंड, जिसके लिए जनता को उत्तर प्रदेश और केंद्र से यह सरकार बदलनी होगी, क्योंकि मौजूदा सरकार इन्हें कभी सजा नहीं देगी। तीसरा- सामाजिक बहिष्कार, जैसा बार एसोसिएशन ने किया, वैसा ही पूरा समाज इन चंदा चोरों का बहिष्कार करे।” अंत में केजरीवाल ने अमित शाह से अपील करते हुए कहा, “मैं गृहमंत्री जी से निवेदन करूँगा कि राजनीति छोड़िए, आज के बाद कम से कम एक बार भगवान राम के दर्शन करने अयोध्या जरूर जाएं।”



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भारत-PAK की 117 प्रमुख हस्तियों ने मोदी-शहबाज को पत्र लिखा: बोले- दुश्मनी खत्म करें, बातचीत और रिश्ते फिर शुरू हों


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नई दिल्ली/इस्लामाबाद25 मिनट पहले

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चिट्ठी पर भारत की 61 और पाकिस्तान की 56 हस्तियों के साइन हैं।

भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने के लिए दोनों देशों की 117 हस्तियों ने पीएम मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके।

इन 117 हस्तियों में पूर्व अधिकारी, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों और पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने चिट्ठी पर साइन किए हैं।

मोदी-शरीफ को लिखी चिट्ठी

क्यों लिखा गया यह पत्र?

यह पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

भारत और पाकिस्तान से 11 मांगों के बारे में वह सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं

1. दोनों देशों के बीच संवाद दोबारा शुरू हो अभी की स्थिति: 25 दिसंबर 2015 को पीएम नरेंद्र मोदी ने लाहौर जाकर नवाज शरीफ से मुलाकात की थी। इसके बाद 2 जनवरी 2016 के पठानकोट आतंकी हमले के बाद द्विपक्षीय वार्ता बंद है।

साल 2015 में पीएम मोदी काबुल दौरे से लौटते समय अचानक पाकिस्तान पहुंच गए थे। यहां वे तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की नातिन की शादी में शामिल हुए थे।

साल 2015 में पीएम मोदी काबुल दौरे से लौटते समय अचानक पाकिस्तान पहुंच गए थे। यहां वे तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की नातिन की शादी में शामिल हुए थे।

2. जम्मू-कश्मीर समेत सभी विवादित मुद्दों पर बातचीत हो अभी की स्थिति: 5 अगस्त 2019 को भारत ने अनुच्छेद 370 हटाया। इसके बाद पाकिस्तान ने द्विपक्षीय बातचीत और कूटनीतिक रिश्तों को सीमित कर दिया।

3. सैन्य तनाव कम हो अभी की स्थिति: 25 फरवरी 2021 को दोनों देशों ने LoC पर 2003 के सीजफायर समझौते का फिर से पालन करने पर सहमति जताई। इसके बावजूद हालिया आतंकी घटनाओं के बाद सीमाओं पर तनाव बना हुआ है।

4. लोगों के बीच संपर्क बढ़े अभी की स्थिति: 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों ने नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगाए।

5. सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंध बेहतर हों अभी की स्थिति: 18 सितंबर 2016 (उरी हमले) के बाद कलाकारों के आदान-प्रदान और अधिकांश सांस्कृतिक कार्यक्रम लगभग बंद हो गए। विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग भी बहुत सीमित है।

6. क्रिकेट और अन्य खेलों की द्विपक्षीय सीरीज शुरू हो अभी की स्थिति: भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज 2012-13 में खेली गई थी। इसके बाद दोनों टीमें सिर्फ ICC और एशिया कप जैसे टूर्नामेंट में मिली हैं। दूसरे खेलों में भी यही स्थिति है।

पाकिस्तान टीम 3 एकदिवसीय मैच की सीरीज खेलने भारत आई थी। पाकिस्तान 2-1 से जीता था। 2 टी-20 मैच की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 से बराबर रही थीं। यह ODI सीरीज जीत के बाद की फोटो है।

पाकिस्तान टीम 3 एकदिवसीय मैच की सीरीज खेलने भारत आई थी। पाकिस्तान 2-1 से जीता था। 2 टी-20 मैच की सीरीज में दोनों टीमें 1-1 से बराबर रही थीं। यह ODI सीरीज जीत के बाद की फोटो है।

7. दोनों देशों के बीच हवाई सेवा शुरू हो अभी की स्थिति: 24 अप्रैल 2025 के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया। तब से सीधी उड़ानें बंद हैं।

8. वीजा प्रक्रिया आसान हो अभी की स्थिति: 24 अप्रैल 2025 के बाद अधिकांश वीजा सेवाएं निलंबित कर दी गईं और कई नागरिकों को वापस लौटना पड़ा।

9. हाई कमिश्नर दोबारा नियुक्त हों अभी की स्थिति: अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया। भारत ने भी अपना हाई कमिश्नर वापस बुला लिया था। तब से दोनों देशों में पूर्णकालिक हाई कमिश्नर नहीं हैं।

10. बस सेवा, करतारपुर कॉरिडोर और अटारी-वाघा बॉर्डर फिर खोला जाए अभी की स्थिति: समझौता एक्सप्रेस और थार एक्सप्रेस अगस्त 2019 से बंद हैं। दिल्ली-लाहौर बस सेवा भी बंद है। अटारी-वाघा बॉर्डर से सामान्य नागरिक आवाजाही अप्रैल 2025 से प्रभावित है। करतारपुर कॉरिडोर, जो 9 नवंबर 2019 को खुला था, हालिया तनाव के कारण कई बार प्रभावित रहा है।

11. कारोबार फिर शुरू हो अभी की स्थिति: 9 अगस्त 2019 को पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार निलंबित कर दिया। तब से भारत ने पाकिस्तान से इंपोर्ट (सामान खरीदना) ना के बराबर कर दिया।

भाजपा ने कहा- भारत सरकार को किसी लेटर की जरूरत नहीं

जम्मू-कश्मीर भाजपा के नेता रविंदर रैना ने भारत-पाकिस्तान वार्ता की मांग को लेकर लिखे गए लेटर पर प्रतिक्रिया दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को किसी लेटर की जरूरत नहीं है। भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।

रैना ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे, लेकिन उसके बाद कारगिल में घुसपैठ हुई और फिर संसद पर आतंकी हमला हुआ। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शामिल हुए थे और बाद में मोदी खुद भी लाहौर गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग भारत-पाकिस्तान वार्ता के लिए लेटर लिख रहे हैं, क्या वे इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि पाकिस्तान भविष्य में कोई दुस्साहस या आतंकी कार्रवाई नहीं करेगा।

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क्या भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ती होने वाली है: 4 देशों में बैकचैनल मीटिंग्स

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। एक पत्रकार ने प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा- क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत हो रही है? अंद्राबी बोले- अगर मैं टिप्पणी करूंगा, तो वो बैकचैनल नहीं रहेगा।

इधर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के नंबर-2 नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम. एम. नरवणे भी बोले- सीमा के दोनों तरफ आम लोग रहते हैं, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…

पाकिस्तान बोला- हमारा पानी रोका तो हाथ काट देंगे: सिंधु जल संधि अब भी लागू, भारत इसे एकतरफा खत्म नहीं कर सकता

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर एक बार फिर भारत को धमकी दी है। पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा कि अगर किसी ने पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने की कोशिश की तो हम उन हाथों को काट देंगे। उन्होंने दावा किया कि भारत पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकना चाहता है। पूरी खबर पढ़ें…

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रोड किनारे सो रहे गाड़िया लुहार पर कार चढ़ी: महिला की मौत, बेटा घायल; पुलिस पर ड्राइवर को भगाने का आरोप – Alwar News




सीकरी के नगर रोड पेट्रोल पंप के पास मंगलवार देर रात तेज रफ्तार वेगनआर कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे सो रहे गाड़िया लुहारों पर चढ़ गई। चारपाई पर सो रही बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर आरोपी चालक को भगाने का गंभीर आरोप लगाया है। चारपाई पर सो रहे थे मां-बेटा, कार ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, गाड़िया लोहार परिवार के राजेश (30) और उनकी मां महमू (60) रोज की तरह अपनी झोपड़ी के बाहर चारपाई बिछाकर सो रहे थे। देर रात करीब 12 बजे नगर रोड की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार वेगनआर कार अचानक असंतुलित हो गई। गाड़ी सीधे चारपाई पर चढ़ गई। टक्कर इतनी तेज थी कि महमू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजेश गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और भारी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। अस्पताल में भर्ती, हालत नाजुक घटना की सूचना मिलते ही सीकरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लहूलुहान हालत में राजेश को तुरंत स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अलवर रेफर कर दिया है। फिलहाल राजेश की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। परिजनों का फूटा गुस्सा: ‘पुलिस ने खुद चालक को भगाया’ हादसे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका के परिजनों और गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। “हादसे के तुरंत बाद हमने ड्राइवर को पकड़ लिया था। लेकिन मौके पर पहुंची सीकरी थाना पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के बजाय आरोपी कार चालक को खुद अपनी मिलीभगत से मौके से भगा दिया।” परिजनों के हंगामे को देखते हुए पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वेगनआर कार को जब्त कर लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि परिजनों के आरोपों और हादसे के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।



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