ललितपुर जीआरपी थानाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह का स्थानांतरण झांसी जीआरपी में एसएसआई के पद पर हो गया है। उनके स्थान पर कौशांबी से आए दिनेश सिंह परिहार को ललितपुर जीआरपी का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंगलवार शाम को थानाध्यक्ष दिनेश सिंह परिहार ने अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, उन्होंने रेलवे प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि प्लेटफॉर्म पर चोरी की किसी भी घटना को हर हाल में रोका जाए। उन्होंने कहा कि ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी। दिनेश सिंह परिहार का पूर्व में पॉवर कॉरपोरेशन ललितपुर-झांसी में भी कार्यकाल रहा है। इसके अतिरिक्त, वह कौशांबी में यातायात प्रभारी के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
Source link
दिनेश सिंह परिहार बने ललितपुर जीआरपी थानाध्यक्ष: बोले- ट्रेन चोरी रोकना और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करना प्राथमिकता – Lalitpur News
हनुमना में नाली की सफाई नहीं, गोदाम में घुसा पानी: कांग्रेस ने कलेक्टर से की शिकायत; नपा पर 6 महीने से सफाई न कराने का आरोप – Mauganj News
मऊगंज जिले के हनुमना नगर परिषद क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने के कारण जलभराव हो रहा है। बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्टर संजय कुमार जैन से मिलकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली की लिखित शिकायत की है। सीमेंट गोदाम में घुसा पानी, लाखों का माल खराब शिकायत के अनुसार, वार्ड क्रमांक 8 में बिजली कार्यालय के सामने स्थित रत्ना ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीमेंट गोदाम के पास की नाली लंबे समय से बंद है। नाली में भारी मात्रा में कचरा जमा होने के कारण बारिश का पानी सीधे गोदाम के भीतर घुस गया। इससे गोदाम में रखी सीमेंट, फ्लाई ऐश ब्रिक और पेवर ब्लॉक बनाने के लिए रखा गया भारी मात्रा में कच्चा माल पानी में भीगकर पूरी तरह खराब हो गया। छह से आठ माह से नहीं हुई नालियों की सफाई कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस नाली की पिछले छह महीने से सफाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर परिषद सीएमओ और सब इंजीनियर को कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि नगर के कई इलाकों में पिछले आठ महीनों से सफाई कार्य ठप है। मुआवजे की मांग, कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन ब्लॉक अध्यक्ष ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर हनुमना नगर परिषद क्षेत्र की सभी नालियों की तत्काल सफाई कराने, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने और जलभराव से प्रभावित हुए व्यापारियों व नागरिकों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
Source link
मधुबनी पुलिस ने लक्ष्य से अधिक मामले निपटाए: 43 पुलिस पदाधिकारी सम्मानित, एसएसपी ने की मासिक क्राइम मीटिंग – Madhubani News
मधुबनी में मंगलवार शाम 5:00 बजे से मधुबनी समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में जिला पुलिस की मासिक क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) योगेंद्र कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान जिले में विधि-व्यवस्था, लंबित मामलों के निष्पादन, अपराध नियंत्रण और मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। जून माह में निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य करते हुए 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के लिए 43 पुलिस पदाधिकारियों को सम्मानित भी किया गया। बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में एसएसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार संध्या 7:00 बजे मधुबनी के समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में बताया कि जून माह के दौरान जिले में कुल 1,123 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 130 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शिवम धाकड़, एएसपी रश्मि, जिले के सभी अनुमंडलों के एसडीपीओ, साइबर डीएसपी अंकुर कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार, सभी थाना अध्यक्ष और सर्किल इंस्पेक्टर सहित कई अन्य पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। लक्ष्य से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन करने वाले जिले के 43 पुलिस पदाधिकारियों को एसएसपी योगेंद्र कुमार और ग्रामीण एसपी शिवम धाकड़ ने संयुक्त रूप से प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार आता है। जून माह में जिले भर से कुल 1,250 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें हत्या के 26 और आर्म्स एक्ट के तहत 22 अपराधी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, नारकोटिक्स के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान के दौरान लगभग 3.30 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा एवं ब्राउन शुगर जब्त किए गए, और 23 तस्करों व अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी योगेंद्र कुमार ने जोर देकर कहा कि मधुबनी पुलिस अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक तथा आमजन की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
Source link
बाजार की Soft Drink छोड़िए! घर पर बनाएं शुगर-फ्री फ्रूट सोडा, जानें रेसिपी
Last Updated:
अगर आप मीठी सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाना चाहते हैं, तो घर पर बनने वाली No Sugar Fruit Soda एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. ताजे फलों, नींबू और सोडा वाटर से तैयार यह ड्रिंक बिना अतिरिक्त चीनी के भी स्वाद और ताजगी से भरपूर होती है. इसे अपनी पसंद के किसी भी फल के साथ कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है.
नो शुगर फ्रूट सोडा.
गर्मी और उमस भरे मौसम में ठंडी ड्रिंक पीने का मन होना आम बात है. लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सॉफ्ट ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड सोडा में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंच सकती है. अगर आप ऐसी ड्रिंक चाहते हैं जो स्वाद में भी शानदार हो और उसमें अतिरिक्त चीनी भी न हो, तो घर पर नो शुगर फ्रूट सोडा बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें फलों की प्राकृतिक मिठास और ताजगी का स्वाद मिलता है, जबकि आप अपनी पसंद के अनुसार फ्लेवर भी बदल सकते हैं.
इस ड्रिंक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी खास सामग्री या ज्यादा समय की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद ताजे फल, सोडा वाटर और कुछ सामान्य चीजों की मदद से कुछ ही मिनटों में यह ड्रिंक तैयार हो जाती है. इसमें आप आम, संतरा, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, कीवी, अनार, तरबूज या मौसमी जैसे फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. अलग-अलग फलों के साथ इसका स्वाद भी हर बार नया महसूस होगा.
सामग्री
1 कप अपनी पसंद का ताजा फल (कटा हुआ)
1 गिलास ठंडा सोडा वाटर
1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
6–8 पुदीने की पत्तियां
बर्फ के टुकड़े
चुटकीभर काला नमक (वैकल्पिक)
कुछ स्लाइस फल सजाने के लिए
बनाने का तरीका
सबसे पहले चुने हुए फल को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन्हें एक गिलास या मिक्सिंग जार में डालकर हल्का-सा मैश करें, ताकि उनका प्राकृतिक रस निकल आए. इसके बाद इसमें नींबू का रस और पुदीने की पत्तियां डालकर एक बार फिर हल्के हाथ से मिलाएं. अब सर्विंग गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें और तैयार फल का मिश्रण उसमें भर दें. आखिर में ऊपर से धीरे-धीरे ठंडा सोडा वाटर डालें. चाहें तो हल्का-सा काला नमक मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते हैं. तैयार ड्रिंक को ताजे फलों और पुदीने की पत्तियों से सजाकर तुरंत सर्व करें.
अलग-अलग फ्लेवर भी कर सकते हैं ट्राई
अगर आपको थोड़ा खट्टा स्वाद पसंद है, तो संतरा और कीवी का कॉम्बिनेशन अच्छा रहेगा. मीठे स्वाद के लिए तरबूज और स्ट्रॉबेरी का मिश्रण बनाया जा सकता है. अनार और नींबू का फ्लेवर भी काफी ताजगी देता है. वहीं आम और पुदीने का कॉम्बिनेशन गर्मियों के लिए बेहतरीन माना जाता है. हर बार अलग फल चुनकर आप नई ड्रिंक का मजा ले सकते हैं.
About the Author
विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
जोधपुर शहर में 17 जुलाई को नहीं आएगा पानी: पानी के स्टोरेज और मेंटेनेंस के चलते होगा शटडाउन; जानें-क्या रहेगा शेड्यूल – Jodhpur News
गर्मी के लिए पानी स्टोरेज और जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस, पाइप लाइनों के मेंटेनेंस के चलते 17 जुलाई को जोधपुर शहर के समस्त फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में पानी सप्लाई नहीं होगा। शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 17 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 18 जुलाई और 18 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को की जाएगी। पीएचईडी एसई राजेंद्र मेहता ने बताया कि झालामंड और 0 तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुडे क्षेत्र सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाइपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रो में 17 जुलाई को सुबह 10:00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 18 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को और 19 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 20 जुलाई को होगी।
Source link
HMD Asha 505 में मिलेगा Nokia Lumia जैसा डिजाइन, लॉन्च से पहले रिवील हुए फीचर्स
HMD Global नोकिया ब्रांड के तहत आने वाले आइकॉनिक Asha फोन को फिर से लॉन्च करने वाला है। एचएमडी का यह फोन HMD Asha 505 के नाम से लॉन्च किया जा सकता है। इस फोन से जुड़ी नई लीक सामने आई है, जिसमें फोन के कुछ फीचर्स के साथ-साथ इसका डिजाइन भी रिवील हुआ है। इस फोन का लुक Nokia Lumia से इंस्पायर्ड होगा।
HMD Asha 505 के बारे में नई जानकारी टिप्स्टर ने सोशल मीडिया हैंडल X पर शेयर की है। इस फोन को Cyan, Blue और Pink कलर ऑप्शन में पेश किया जा सकता है। इस फोन को बेहद कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ पेश किया जा सकता है। लीक हुए पोस्टर में फोन के बैक में सर्कुलर रिंग वाला कैमरा देखा जा सकता है, जो सेंटर में प्लेस होगा।
मिलेंगे ये फीचर्स
लीक के मुताबिक, HMD Asha 505 में 5 इंच का HD डिस्प्ले मिल सकता है। फोन के डिस्प्ले की प्रोटेक्शन के लिए ड्रेगनटेल ग्लास दिया जाएगा। यह फोन ऑक्टाकोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है। इसमें 4GB रैम के साथ 64GB स्टोरेज का सपोर्ट मिल सकता है। यह फोन Android 14 Go ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ पेश किया जा सकता है। फोन में 3000mAh की बैटरी और USB Type C चार्जिंग मिल सकता है। साथ ही, यह फोन 3.5mm जैक, GPS, डुअल सिम, WiFi जैसे फीचर्स के साथ आ सकता है।
HMD Global के इस फोन को हाल ही में सर्टिफिकेशन साइट पर देखा गया है। यह अपकमिंग फोन HMD TA-1779 मॉडल नंबर के साथ लिस्ट किया गया है। पहले इसे HMD Asha 305 के नाम से लॉन्च किए जाने की खबर आई थी। HMD का यह अपकमिंग फोन 4G, LTE कनेक्टिविटी के साथ आएगा। साथ ही, इसके हार्डवेयर में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। इस स्मार्टफोन को बजट फ्रेंडली यूजर्स के लिए पेश किया जा सकता है।
2012 में हुआ था लॉन्च
Nokia Asha को करीब 14 साल पहले लॉन्च किया गया था। 2012 में लॉन्च हुआ यह फोन फुल टच स्क्रीन के साथ आने वाला कंपनी का सबसे सस्ता फोन था। नोकिया की N और E सीरीज के टच स्क्रीन वाले फोन फ्लैगशिप प्राइस रेंज में आते थे। इसमें 3 इंच का कैपेसिटिव LCD डिस्प्ले मिलता था। फोन में 2G कनेक्टिविटी और EDGE इंटरनेट सपोर्ट दिया गया था।
यह भी पढ़ें – Redmi Note 17 सीरीज की धांसू एंट्री, लॉन्च हुआ 9000mAh बैटरी वाला तगड़ा फोन
गाजीपुर डंप साइट पर लिगेसी वेस्ट निस्तारण की समीक्षा: केंद्रीय मंत्री मल्होत्रा ने दिए तेजी के निर्देश; बोले-तीनों लैंडफिल से 95 एकड़ जमीन हुई खाली – New Delhi News
गाजीपुर डंप साइट का काम तय समय से पहले पूरा करें-हर्ष मल्होत्रा -बायो-माइनिंग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश, तीनों लैंडफिल से 95 एकड़ जमीन हो चुकी है खाली दिल्ली के गाजीपुर डंप साइट पर लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री एवं भाजपा दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने की, जबकि महापौर प्रवेश वाही भी मौजूद रहे। बैठक में एमसीडी अधिकारियों ने भलस्वा, ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइटों पर चल रहे बायो-माइनिंग और वैज्ञानिक निस्तारण कार्यों की प्रगति का ब्यौरा प्रस्तुत किया। अधिकारियों ने बताया कि तीनों डंप साइटों से अब तक 95 एकड़ भूमि पुनः उपयोग के लिए खाली कराई जा चुकी है। इसमें भलस्वा से 45 एकड़, ओखला से 30 एकड़ और गाजीपुर से 20 एकड़ जमीन शामिल है। जुलाई 2022 से जुलाई 2026 के बीच 212.60 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया है। साथ ही, 109.50 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त कचरे के निस्तारण के लिए तीसरे चरण की निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं। गाजीपुर डंप साइट पर कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश समीक्षा के दौरान हर्ष मल्होत्रा ने विशेष रूप से गाजीपुर डंप साइट पर कार्य की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूरा करने के लिए नियमित निगरानी, गुणवत्ता नियंत्रण और संचालन संबंधी बाधाओं को प्राथमिकता से दूर किया जाए। बैठक में भविष्य की ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नीति और गोबर के वैज्ञानिक प्रबंधन की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। हर्ष मल्होत्रा ने कहा लेगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक निस्तारण केवल कचरा हटाने का काम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण में कमी और मूल्यवान शहरी भूमि को दोबारा उपयोग में लाने का महत्वपूर्ण अभियान है।
Source link
30 लाख टन जस्ता, 1500 टन चांदी और 10 लाख टन तांबा, एक कंपनी करेगी ये सारा काम
Last Updated:
Vedanta Target : वेदांता ने अपने कारोबार का टार्गेट अगले 5 साल में करीब तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है कि हमारे हर सेक्टर के पास भविष्य में 100 अरब डॉलर के वैल्यूएशन तक पहुंचने की क्षमता है. इसके लिए हर खनिज का उत्पादन दो से तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
वेदांता ने साल 2031 तक अपना प्रोडक्शन तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कई साल पहले आत्मनिर्भर भारत की मुहिम शुरू की थी. आज भी कई ऐसे सेक्टर हैं, जहां आयात के जरिये ही ज्यादातर जरूरतें पूरी की जाती हैं. इसके लिए खनिज सेक्टर में भारत को खुद का उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है. इस जरूरत को समझते हुए ही खनन सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता ने 5 साल में भारत को खनन सेक्टर में मजबूत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है. वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि कंपनी जस्ता एवं सीसा का उत्पादन लगभग तीन गुना, चांदी का उत्पादन दोगुना करने के साथ लिथियम और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिजों की खोज में तेजी लाएगी।
अग्रवाल ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि तेल एवं गैस कारोबार के विस्तार के लिए 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी साल 2031 तक जस्ता और सीसा का उत्पादन बढ़ाकर लगभग 30 लाख टन करने, चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने और इस दशक के अंत तक तांबा उत्पादन बढ़ाकर 10 लाख टन करने की योजना बना रही है.
खनिज उत्पादन पर कंपनी का जोर
उन्होंने कहा कि फेरोक्रोम की उत्पादन क्षमता वित्तवर्ष 2027-28 तक बढ़ाकर पांच लाख टन की जाएगी और निकल का उत्पादन बढ़ाकर 60,000 टन किया जाएगा. कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकल, मैंगनीज, दुर्लभ खनिज तत्वों और पोटाश से जुड़े अपने 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉक में खोज गतिविधियों में तेजी लाएगी. वेदांता समूह ने अपने अलग किए गए कारोबार के विस्तार की योजना दोहराते हुए कहा कि वह अगले तीन से पांच वर्षों में विभिन्न इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर पूरी तरह फोकस करेगी.
एल्युमीनियम का उत्पादन होगा दोगुना
वेदांता एल्युमीनियम अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन सालाना करेगी और वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाली उत्पादक कंपनी का लक्ष्य बनाकर चल रही है. वेदांता ऑयल एंड गैस प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगी. वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन सालाना करेगी.
एनर्जी उत्पादन पर भी कंपनी का जोर
अग्रवाल ने कहा कि वेदांता पावर के पास अपनी क्षमता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने की तैयारी है, जिसके लिए कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें अधिक उत्पादन, बेहतर साझेदारी और लाभ से परे कारोबार का लक्ष्य शामिल है. अग्रवाल ने कहा कि समूह की 5 स्वतंत्र कंपनियां वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता पावर लिमिटेड में से प्रत्येक के 100 अरब डॉलर मूल्य की फर्म बनने की क्षमता है. समूह अब एआई सेक्टर में भी अपनी मजबूती को बढ़ा रहा है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
अमेरिका अंतरिक्ष में ‘दर्पण’ लगाएगा, रात को भी सूरज चमकेगा: जब चाहें, जहां चाहें, मिलेगी रोशनी; इस साल लॉन्च हो सकते हैं दो सैटेलाइट
अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने कैलिफोर्निया की कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को अंतरिक्ष में विशाल दर्पण वाला उपग्रह भेजने की मंजूरी दे दी है। कंपनी का पहला प्रायोगिक उपग्रह एरेन्डिल-1 करीब 60 फीट चौड़े रिफ्लेक्टर मिरर से लैस होगा। यह पृथ्वी से लगभग 640 किमी ऊपर कक्षा में रहेगा और जरूरत पड़ने पर सूर्य की किरणों को किसी खास स्थान की ओर मोड़ देगा। कंपनी का दावा है कि इससे करीब 5 किमी के दायरे में पूर्णिमा के चांद से चार गुना अधिक रोशनी पहुंचाई जा सकेगी। कंपनी की योजना है कि 2026 के अंत तक दो उपग्रह तैनात किए जाएं। 2027 तक 36 उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। सबसे महत्वाकांक्षी योजना 2035 तक 50,000 से अधिक उपग्रह तैनात करने की है। आपदा राहत, बचाव में मदद मिलेगी कंपनी का कहना है कि सूरज की इस कृत्रिम रोशनी का इस्तेमाल आपदा राहत, खोज एवं बचाव अभियान, रात में निर्माण कार्य, खेती, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और दूरदराज के इलाकों में हो सकेगा। 4.7 लाख रु. प्रति घंटे पर मिलेगी कृत्रिम रोशनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के सीईओ बेन नोवाक का कहना है कि यदि कोई ग्राहक कम से कम 1,000 घंटे के लिए सालाना अनुबंध करता है, तो कंपनी एक दर्पण से एक घंटे की धूप के लिए लगभग 5,000 डॉलर (4.7 लाख रुपए) का शुल्क लेगी। बड़ी चिंता – दुनिया की जैविक घड़ी बदल जाएगी कई वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कहा है कि अगर रात का अंधेरा खत्म होने लगा तो इंसानों की नींद, हार्मोन, पक्षियों का प्रवास, निशाचर जीवों का व्यवहार, पौधों के मौसमी चक्र और समुद्री खाद्य श्रृंखला तक प्रभावित हो सकती है।
Source link








