Friday, July 24, 2026
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US Tariff : अमेरिका ने भारत सहित 60 देशों पर लगाया 10 फीसदी टैरिफ


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US New Tariff : नई टैरिफ व्यवस्था अमेरिका के लगभग 99.4% आयात-व्यापार को कवर करेगी.यह कदम फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा ट्रंप प्रशासन के पुराने शुल्कों को रद्द किए जाने के बाद उठाया गया है.

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नए टैरिफ आज से लागू हा गए हैं.

नई दिल्ली. अमेरिका ने भारत समेत दुनिया के 60 व्यापारिक देशों पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से इस साल की शुरुआत में लागू  किए गए10% अस्‍थाई टैरिफ गुरुवार आधी रात को समाप्त होने के बाद शक्रवार आधी रात से नया टैरिफ लागू हो गया है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने यह जानकारी देते हए बताया कि शुक्रवार12:01 बजे से प्रभावी हो जाएंगे. भारत सहित 60 देशों पर न्यूनतम 10% टैरिफ लगाया गया है, जबकि कुछ देशों के लिए यह दर 12.5% तक रखी गई है. भारत को 10% टैरिफ वाली श्रेणी में रखा गया है.

अमेरिका बंधुआ मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से जुड़े आयात के मुद्दे पर भारत समेत 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ ‘धारा 301’ के तहत यह टैरिफ लगाया है.पिछले महीने यूएसटीआर कार्यालय ने इस मुद्दे पर 10 फीसदी और 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया था.

बंधुआ मजदूरी पर कोई ढिलाई नहीं

नए शुल्कों का ऐलान करते हुए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर ने  कहा, ” अमेरिका में लगभग एक सदी से जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध है. हम इसका सख्ती से पालन कराते हैं. अब समय आ गया है कि हमारे व्यापारिक साझेदार भी ऐसा ही करें.”

किस देश पर कितना टैरिफ

10%  टैरिफ दर: यह दर उन देशों पर लागू होगी जिन्होंने अपने यहां जबरन श्रम पर कड़े प्रतिबंधात्मक कानून बनाए हैं. इसमें  भारत, कनाडा, यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन (UK) शामिल हैं.

12.5% शुल्‍क:  चीन और जापान सहित अन्य व्यापारिक साझेदारों पर 12.5% की उच्च दर से शुल्क लगाया जाएगा.

भारत ने किया है पुरजोर विरोध

भारत ने अमेरिकी सरकार की जबरन श्रम की जांचों का विरोध करते हुए कहा था कि ऐसे मुद्दों पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत चर्चा की जा सकती है, जिस पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है. अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और निर्यात का प्रमुख गंतव्य है.



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जेल में बंद रिटायर्ड IAS सुबोध अग्रवाल की बढ़ी मुश्किलें: ACB ने सरकार को भेजे सबूत, केस की परमिशन मांगी; 979 करोड़ के घोटाले हुए थी गिरफ्तारी – Rajasthan News


जल जीवन मिशन घोटाले में जेल में बंद पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सुबोध अग्रवाल के खिलाफ केस चलाने (अभियोजन स्वीकृति) के लिए एप्लीकेशन दी है।

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ACB के अफसरों ने इस घोटाले में सुबोध अग्रवाल के खिलाफ सबूत की फाइल कार्मिक विभाग (DOP) भेजी है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में फैसला मुख्यमंत्री स्तर पर होगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

20 जुलाई को एप्लीकेशन दी

कार्मिक विभाग (DOP)के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया- एसीबी ने 20 जुलाई को अभियोजन स्वीकृति की एप्लीकेशन दी है।

एसीबी के सबूत और डॉक्यूमेंट्स देखने के बाद विभाग नोटशीट तैयार करेगा। इसके बाद मामले की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। स्वीकृति देने या न देने का निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे।

दरअसल, एसीबी ने जल जीवन मिशन में 979.27 करोड़ के फर्जी टेंडर मामले में रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के खिलाफ 30 अक्टूबर 2024 को एफआईआर दर्ज की थी।

इसके बाद 9 अप्रैल को सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई थी। इससे पहले 4 जून को इस पूरे घोटाले की चार्जशीट एसीबी ने कोर्ट में पेश कर दी थी।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 19 के तहत दागी कार्मिकों पर अभियोजन स्वीकृति देने के लिए अधिकतम 4 महीने की समय-सीमा निर्धारित है।

सरकार ने 13 अप्रैल 2012 को परिपत्र जारी कर सक्षम प्राधिकारियों को हर हाल में 4 महीने में निर्णय करने के सख्त निर्देश दिए थे।

सीनियर एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल का कहना है- एसीबी आरोपी के खिलाफ कोर्ट में बिना अभियोजन के चालान पेश कर सकती है, लेकिन बिना अभियोजन के कोर्ट मामले में प्रसंज्ञान नहीं ले सकता।

सुबोध अग्रवाल पर क्या हैं आरोप?

केंद्र सरकार की योजना जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के जलदाय विभाग ने 2023 में करीब 979 करोड़ का टेंडर निकाला था। आरोप हैं जलदाय विभाग (PHED) के तत्कालीन एसीएस सुबोध अग्रवाल ने पद का दुरुपयोग करते हुए टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की। फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाने वाली फर्मों को टेंडर जारी कर शर्तों में हेराफेरी की गई। एसीबी अफसरों के मुताबिक पूर्व आईएएस के खिलाफ 50 करोड़ रुपए तक के प्रोजेक्ट्स मंजूर करने के भी आरोप हैं।

टॉप ब्यूरोक्रेट्स से लेकर ‘घोटाले’ का प्रमुख चेहरा कैसे बने?

  • सुबोध अग्रवाल राजस्थान कैडर के 1988 बैच के रिटायर्ड आईएएस हैं। आईआईटी दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक (1987) किया, उसके बाद प्रिंसटन विश्वविद्यालय से लोक नीति में मास्टर डिग्री और अर्थशास्त्र में पीएचडी हासिल की।
  • प्रदेश में बतौर IAS अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, जिला मजिस्ट्रेट और प्रबंध निदेशक सहित विभिन्न पदों पर रहे। 31 दिसंबर, 2025 को सुबोध अग्रवाल रिटायरमेंट हो गए।
  • सितंबर 2023 में एसीबी ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर टेंडर हासिल करने के आरोप में श्याम ट्यूबवैल और गणपति ट्यूबवैल के खिलाफ एआईआर दर्ज की।
  • फर्म के संचालकों ने कथित रूप से इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर PHED विभाग में करीब 979.27 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल किए गए। उस दौरान PHED विभाग के एसीएस सुबोध अग्रवाल थे।

7 अगस्त, 2023 के एसीबी ने पीएचईडी इंजीनियर मायालाल सैनी, प्रदीप के साथ ठेकेदार पदमचंद जैन और कंपनी के सुपरवाइजर मलकेत सिंह को पकड़ा था। दलाल प्रवीण गुप्ता भी गिरफ्तार हुआ था।

इनके पास से 2.90 लाख रुपए कैश जब्त किया था। तत्कालीन बहरोड़ एईएन राकेश चौहान की भूमिका संदिग्ध सामने आने के बाद उसे भी अरेस्ट कर लिया।

पदमचंद जैन और महेश मित्तल ने जेजेएम में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र लगाए थे। तत्कालीन पीएचएडी मंत्री हमेश जोशी पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर लगभग 960 करोड़ रुपए के टेंडर जारी करने और रिश्वत लेने के गंभीर आरोप हैं।

एसीबी अधिकारियों का दावा है कि उनके पास रिटायर्ड आईएएस के खिलाफ घोटाले में शामिल होने के पूरे सबूत हैं।

एसीबी अधिकारियों का दावा है कि उनके पास रिटायर्ड आईएएस के खिलाफ घोटाले में शामिल होने के पूरे सबूत हैं।

दिल्ली से किया था गिरफ्तार

9 अप्रैल 2026 को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) टीम ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में फरार चल रहे पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गुरुवार को गिरफ्तार किया था।

पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल के खिलाफ जेजेएम घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी था। जानकारी के अनुसार साल 2024 में शुरू हुई जांच में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी फरार हैं।

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जलदाय विभाग के अफसरों को होटल में बांटी थी रिश्वत:फरार SE ने 15 लाख रुपए में बनवाया था फर्मों का फर्जी सर्टिफिकेट; संपत्ति होगी कुर्क

राजस्थान में 960 करोड़ के जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले में अफसरों को जयपुर के एक होटल में बुलाकर रिश्वत बांटी गई थी। घोटाले में शामिल पूर्व IAS सुबोध अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 9 अफसर 17 फरवरी को पकड़े गए थे….(CLICK कर पढ़ें)



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मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करने वालों को जेल: जांच में सामने आया स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में की थी अपील, सोशल मीडिया से पुलिस को मिली जानकारी – Indore News


मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने अपनी गलती भी मानी। साथ ही ये बात भी सामने आई है कि इन्होंने टंट्याभील चौराहे पर चल रहे स्टूडेंट्स के प्रदर्शन मे

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बुधवार दोपहर को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रहलाद पाण्डेय और उनकी पत्नी संगीता प्रदर्शन करने पहुंचे थे। हाथों में संविधान लेकर वे यहां पहुंचे। हालांकि उनके प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को एक घंटे पहले मिली। जिसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आई और उनके घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया।

दोनों ही पहुंचे, कोई साथ नहीं आया

इधर, परदेशीपुरा पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों दंपती ही यहां प्रदर्शन करने आए। उन्होंने कुछ लोगों से मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की थी। सोशल मीडिया पर मैसेज भी चलाए थे, इसके अलावा पुलिस पूछताछ में ये बात भी सामने आई कि इन्होंने टंट्याभील चौराहे पर चल रहे स्टूडेंट्स के धरना प्रदर्शन में भी उनके साथ मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। मगर उनका साथ देने कोई भी नहीं आया।

पुलिस ने प्रहलाद को टांगा-टोली कर पुलिस की गाड़ी में बैठाया था।

1 घंटे पहले मिली जानकारी

इधर, मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को करीब एक घंटे पहले सोशल मीडिया से मिली। जिसके बाद पुलिस ने सारी तैयारी की। जब दोनों दंपति यहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोका और समझाया भी, लेकिन वे नहीं माने।

प्रहलाद पाण्डेय के रोड पर बैठने के बाद पुलिस ने उन्हें उठाया और पुलिस की गाड़ी में बैठा दिया। उनकी पत्नी को भी पुलिस की गाड़ी में बैठाया और थाने ले जाकर पूछताछ की।

मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करने आए थे।

मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन करने आए थे।

पुलिस ने की कार्रवाई

टीआई आर.डी.कानवा ने बताया कि दोनों से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने अन्य लोगों से भी यहां आने की अपील की थी, लेकिन कोई उनके साथ नहीं आया। हालांकि उन्हें ये अहसास हो गया था कि उनसे चूक हुई है। बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन करने पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने 151 और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने पर केस दर्ज कर सोमवार को ही जेल भेज दिया।

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इंदौर में विजयवर्गीय के घर के सामने दंपती का प्रदर्शन

इंदौर में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के सामने बुधवार को दंपती ने प्रदर्शन किया। वे संविधान की कॉपी लेकर गेट के सामने खड़े हो गए। उनका कहना था कि विजयवर्गीय के हाल ही में दिए बयानों से वे आहत हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रदर्शन की अनुमति के बारे में पूछा तो पति-पत्नी बहस करने लगे। अधिकारियों ने दंपती को समझाइश दी लेकिन उन्होंने मंत्री के बंगले से हटने से इनकार कर दिया।पूरी खबर पढ़ें



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16.52 करोड़ से होगा मानकनगर स्टेशन का कायाकल्प: दो मंजिला स्टेशन भवन, नई लिफ्ट और आधुनिक यात्री सुविधाएं होंगी उपलब्ध – Lucknow News




उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल प्रशासन ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मानकनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्य को अगले वर्ष अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस परियोजना पर करीब 16.52 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसकी जानकारी सीनियर डीसीएम समर्थ गुप्ता ने दी। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा स्टेशन पुनर्विकास के तहत स्टेशन पर नया दो मंजिला भवन बनाया जा रहा है। इसमें आधुनिक टिकटिंग सुविधा और यात्रियों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय विकसित किए जाएंगे, ताकि सफर के दौरान लोगों को अधिक सुविधा मिल सके। लिफ्ट, पार्किंग और नए शौचालय भी बनेंगे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके अलावा तीन नई लिफ्ट लगाई जाएंगी। पुरुष, महिला और दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग-अलग शौचालय ब्लॉक बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्टेशन पर यात्री सुविधाओं से जुड़े अन्य आवश्यक विकास कार्य भी कराए जा रहे हैं। यात्रियों को मिलेगा आधुनिक स्टेशन का अनुभव रेलवे का कहना है कि पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद मानकनगर रेलवे स्टेशन पहले की तुलना में अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और यात्री-अनुकूल बनेगा, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।



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मोदी ने पेपर-लीक पर रात 12 बजे वीडियो जारी किया: कहा- फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा को लेकर संसद में बिल पास कराएंगे




पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात छात्रों के नाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि इसे लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया गया है। गुरुवार रात संबंधित विभागों ने उन्हें मसौदा भेजा है। इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर सजा के प्रावधान हैं। इस पर शुक्रवार को कैबिनेट के बीच चर्चा होगी। जल्द ही संसद में बिल पास कराया जाएगा। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…



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मैदा वाले समोसे भूल जाएंगे, जब खाएंगे रागी से बना यह हेल्दी स्नैक


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No Maida Samosa Recipe: समोसे सिर्फ मैदे के बनते हैं, कम से कम ज्यादातर लोगों ने तो बचपन से यही देखा होगा. लेकिन अब ऐसा नहीं है. आप समोसे को हेल्दी टच भी दे सकते हैं. मैदा खाना सेहत के लिए नुकसानदेह माना जाता है, ऐसे में यदि आप अपने बैलेंस्ड डाइट में समोसे को एड करना चाहते हैं, तो इसे रागी के आटे से बनाएं. यहां जानिए पूरी रेसिपी.

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बरसात के मौसम में शाम की चाय के साथ गरमागरम और कुरकुरे समोसे खाने का मजा ही अलग होता है. हालांकि, पारंपरिक समोसे आमतौर पर मैदा से बनाए जाते हैं और तेल में डीप फ्राई किए जाते हैं, इसलिए हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले लोग इन्हें खाने से बचते हैं. लेकिन कुछ आसान कुकिंग हैक्स अपनाकर आप समोसे को थोड़ा हेल्दी बना सकते हैं. इसके लिए रागी के आटे का इस्तेमाल एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है.

रागी में फाइबर, कैल्शियम, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे मैदा की तुलना में अधिक पौष्टिक बनाते हैं. खास बात यह है कि रागी से बने समोसे स्वाद में भी शानदार लगते हैं और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं. अगर आप चाय के साथ कुछ स्वादिष्ट और थोड़ा हेल्दी स्नैक बनाना चाहते हैं, तो रागी समोसा एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

बिना मैदा समोसा कैसे बनाएं?

रागी समोसा बनाने के लिए सबसे पहले इसकी स्टफिंग तैयार करें. एक पैन में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें जीरा डालें. जब जीरे की खुशबू आने लगे, तब बारीक कटी हरी मिर्च और प्याज डालकर हल्का भून लें. इसके बाद इसमें हल्दी, नमक, उबले और मैश किए हुए आलू तथा हरी मटर डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर कुछ मिनट तक पकाएं. आखिर में इमली का अर्क डालें, जिससे स्टफिंग में हल्का खट्टापन आ जाएगा. मिश्रण को ठंडा होने के लिए अलग रख दें.

अब समोसे का आटा तैयार करें. एक बर्तन में रागी का आटा, थोड़ा सा आटा, जीरा, सौंफ, नमक और एक बड़ा चम्मच गर्म तेल डालें. धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए नरम और चिकना आटा गूंथ लें. आटे को कुछ मिनट के लिए ढककर रख दें ताकि वह अच्छे से सेट हो जाए.

इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें पतला बेल लें. हर रोटी को बीच से काटकर कोन का आकार दें. इसमें तैयार आलू-मटर की स्टफिंग भरें और किनारों को अच्छी तरह बंद कर दें ताकि तलते समय मिश्रण बाहर न निकले.

अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर समोसों को धीरे-धीरे डालें और सुनहरा भूरा तथा कुरकुरा होने तक तलें. तैयार समोसों को टिश्यू पेपर पर निकाल लें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए.

रागी के ये समोसे स्वाद और कुरकुरेपन में पारंपरिक समोसों जैसे ही लगते हैं, लेकिन इनमें रागी के पोषक तत्वों का अतिरिक्त फायदा भी मिलता है. आप इन्हें हरी चटनी, इमली की चटनी या मसाला चाय के साथ सर्व कर सकते हैं. अगली बार समोसा खाने का मन करे, तो मैदा वाले समोसे की जगह इस हेल्दी रागी समोसे को जरूर ट्राई करें.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…

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‘छात्रों पर लाठी, नेताओं पर पुलिस का दबाव’,: जन सुराज का भाजपा पर हमला, कहा- पुलिस के सहारे चुनाव लड़ रही भाजपा – Patna News




जन सुराज पार्टी ने आज पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग की। साथ ही बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान पुलिस-प्रशासन के दुरुपयोग और भाजपा द्वारा चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराने को लेकर भी सरकार को घेरा। “छात्रों पर हुई बर्बरता लोकतंत्र के लिए शर्मनाक” बांकीपुर विधानसभा के प्रभारी और पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी ने कहा कि गांधी मैदान के पास छात्र आंदोलन के दौरान जो कार्रवाई हुई, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र केवल पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों पर सरकार से जवाब और संवाद चाहते थे, लेकिन सरकार ने बातचीत के बजाय बल प्रयोग का रास्ता चुना। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को काफी पहले ही इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए थी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाना चाहिए था। उनका कहना था कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होना व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है। छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और जन सुराज आंदोलनरत छात्रों की मांगों के साथ खड़ा है। “जन सुराज नेताओं को आधी रात में डराने की कोशिश” रामबली चंद्रवंशी ने आरोप लगाया कि देर रात भारी संख्या में पुलिस बल ने होटल पहुंचकर जन सुराज नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूछताछ की तथा उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि होटल का दरवाजा खुलवाने के लिए दबाव बनाया गया और यह पूछा गया कि नेताओं को वहां किसने ठहराया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी होटलों में ठहरे हुए हैं, तब केवल जन सुराज के नेताओं को ही निशाना क्यों बनाया जा रहा है। “भाजपा जन सुराज से घबराई हुई है” : किशोर कुमार पूर्व विधायक किशोर कुमार ने आरोप लगाया कि भाजपा जन सुराज की बढ़ती लोकप्रियता से घबरा गई है। भाजपा ने बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जबकि पहले वही पार्टी विपक्षी दलों के चुनाव आयोग जाने पर सवाल उठाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाने के बजाय पुलिस के जरिए विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने का प्रयास कर रही है। उनका दावा था कि 19 से 22 जुलाई के बीच जन सुराज के कई समर्थकों और कार्यकर्ताओं के घरों पर देर रात पुलिस भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की गई। किशोर कुमार ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के दौरान पुलिस का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी राजनीतिक दल के इशारे पर कार्रवाई करना। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विकास के मुद्दों से ध्यान हटाकर विरोधियों के खिलाफ भ्रामक प्रचार में लगी हुई है। “बांकीपुर भाजपा का गढ़ नहीं, हवा है” : विवेक कुमार पार्टी प्रवक्ता विवेक कुमार ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के मैदान में उतरने से भाजपा घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय से बांकीपुर को अपना गढ़ बताती रही है, लेकिन अब उसकी बेचैनी साबित करती है कि वह अपनी हार स्वीकार कर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव आयोग में मनगढ़ंत शिकायतें कर रही है और चुनावी मुकाबले से पहले ही दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। विवेक कुमार ने कहा कि संसाधनों के मामले में भाजपा काफी मजबूत है, लेकिन जनता बदलाव चाहती है और यही कारण है कि भाजपा जन सुराज से डर रही है। छात्र आंदोलन और बांकीपुर चुनाव को जोड़ा प्रेस वार्ता में जन सुराज नेताओं ने छात्र आंदोलन, पेपर लीक, पुलिस कार्रवाई और बांकीपुर उपचुनाव के मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि वह छात्रों के आंदोलन के समर्थन में खड़ी है और चुनाव के दौरान विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के साथ कथित प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध जारी रखेगी।



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12वीं की छात्रा ने शिक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप: बोली- इंग्लिश टीचर हिंदी और अंग्रेजी में गालियां देती हैं – Kanpur News




कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी विद्यालय की 12वीं की छात्रा ने अपनी इंग्लिश शिक्षिका पर मानसिक प्रताड़ना, जातिसूचक टिप्पणी, अभद्र भाषा का प्रयोग और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के आरोप लगाए हैं। परिजनों की शिकायत पर गुरुवार रात पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्रा का आरोप है कि बीते एक वर्ष से उसे लगातार निशाना बनाया जा रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई। ‘एक साल से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था’ पीड़िता के चाचा के अनुसार उनकी 17 वर्षीय भतीजी सरकारी विद्यालय में कक्षा 12 की छात्रा है। आरोप है कि विद्यालय की इंग्लिश शिक्षिका पिछले एक वर्ष से उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थीं। छात्रा के साथ जातिसूचक टिप्पणियां की जाती थीं, उस पर मानसिक दबाव बनाया जाता था और विरोध करने पर कानूनी कार्रवाई में फंसाने की धमकी दी जाती थी। परिजनों का कहना है कि लगातार प्रताड़ना के कारण छात्रा मानसिक तनाव का शिकार हो गई और उसने स्कूल जाना भी कम कर दिया। ‘स्टाफ रूम में बेइज्जत किया, पूरी क्लास के सामने गालियां दीं’ छात्रा का आरोप है कि वह 18 जुलाई से चकेरी थाने के चक्कर लगा रही थी, लेकिन शुरुआती शिकायत में उचित धाराएं नहीं लगाए जाने से उसे न्याय नहीं मिल रहा था। उसका कहना है कि शिक्षिका उसके चरित्र पर टिप्पणी करती थीं, स्टाफ रूम में सबके सामने खड़ा कर झाड़ू लगाने की धमकी देती थीं और पूरी कक्षा के सामने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में अभद्र शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करती थीं। परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर पीड़िता के परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर गुरुवार रात करीब 10:12 बजे पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और छात्रा के आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। चकेरी थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कानूनी धाराएं बढ़ाई जाएंगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर मेडिकल इंटर्न्स का प्रदर्शन: 24 जुलाई से काम बहिष्कार की चेतावनी, सीएम के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन – Bhopal News




मध्य प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस इंटर्न्स और भावी इंटर्न्स ने गुरुवार को स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर राजधानी भोपाल में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। करीब 1200 मेडिकल इंटर्न्स और विद्यार्थियों ने हमीदिया अस्पताल गेट नंबर-2 से कलेक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इंटर्न्स की प्रमुख मांग है कि वर्तमान में मिलने वाला 14,337 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह किया जाए। 9 जुलाई से प्रदेशभर में चल रहा है आंदोलन इंटर्न्स ने बताया कि स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर उनका आंदोलन 9 जुलाई से लगातार जारी है। इस दौरान भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, इंदौर और दतिया समेत विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों के अधिष्ठाताओं को ज्ञापन सौंपे गए। इसके बाद पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें पदयात्रा, बाइक रैली और काली पट्टी बांधकर कार्य जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंत्री, अफसरों और मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई मांग आंदोलन के दौरान 14 जुलाई को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री कार्यालय में ज्ञापन दिया गया। बाद में राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल से मुलाकात कर भी अपनी मांग रखी गई। 20 जुलाई को अपर मुख्य सचिव, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा और संचालक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) से भी प्रतिनिधिमंडल ने चर्चा की। इसके अलावा वित्त विभाग, वित्त मंत्री, उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री कार्यालय को भी ज्ञापन भेजे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से इंटर्न्स में नाराजगी बनी हुई है। कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन पदयात्रा के समापन पर मेडिकल विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के मेडिकल इंटर्न्स को अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड मिल रहा है, जबकि वे अस्पतालों में नियमित रूप से स्वास्थ्य सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 24 जुलाई से चिकित्सीय कार्य के बहिष्कार की चेतावनी इंटर्न्स ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 24 जुलाई से प्रदेशभर के एमबीबीएस इंटर्न्स चिकित्सीय कार्य का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।



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एक बार खाई तो बार-बार आएंगे! झारखंड की इस मशहूर चाट के स्वाद के आगे सब फेल


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एक बार खाई तो बार-बार आएंगे! झारखंड की इस मशहूर चाट के स्वाद के आगे सब फेल

 

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जमशेदपुर के गोलमुरी गोलचक्कर स्थित संजय जी की कचौड़ी-चाट की दुकान स्वाद प्रेमियों की पसंदीदा जगह बन चुकी है. सुबह 7 बजे से ही यहां ग्राहकों की लंबी कतार लग जाती है और कई लोगों को 30 से 45 मिनट तक इंतजार करना पड़ता है. सत्तू से भरी कुरकुरी कचौड़ी, आलू-मटर की सब्जी, धनिया की तीखी और इमली की मीठी चटनी इसका खास स्वाद बढ़ाती है. कभी 3 रुपये में मिलने वाली कचौड़ी आज दो पीस 25 रुपये में मिलती है. पूरे परिवार की मेहनत और वर्षों से कायम स्वाद ने इस दुकान को शहर की खास पहचान बना दिया है.

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