सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने नितोड़ा के निष्क्रमणीय पशुपालक राजकीय बालक आवासीय विद्यालय में बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम समाज कल्याण सप्ताह के चौथे दिन हुआ। इसकी शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम का संचालन अध्यापक निकलेश कुमार ने किया। उपनिदेशक राजेंद्र कुमार पुरोहित ने बच्चों को बाल अधिकारों और शिक्षा का महत्व समझाया। राजेन्द्र मुनि बी.एड कॉलेज के निदेशक आर.एम. अरोड़ा ने संघर्ष और मेहनत पर जोर दिया। राजकीय बालिका विद्यालय के व्याख्याता भवानी सिंह ने कहानी से जीवन का महत्व बताया। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सहयोगी ने बाल अधिकारों, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन पर बात की। विद्यार्थियों ने बाल अधिकारों पर अपने विचार रखे और खेलकूद में पुरस्कार जीते।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला समन्वयक मनोहर सिंह ने हेल्पलाइन की जानकारी दी। कार्यक्रम के आखिर में बाल विवाह और नशामुक्ति के खिलाफ शपथ दिलाई गई।
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प्रयागराज के हारिस ने एशियन U-14 टेनिस में जीते सिल्वर: एकल और युगल दोनों वर्गों के फाइनल में रनर-अप रहे – Prayagraj (Allahabad) News
प्रयागराज के संत जोसफ कॉलेज में कक्षा 8 के छात्र हारिस खान ने नैनीताल के चूनाखान में हुए एशियन टेनिस फेडरेशन (ATF) अंडर-14 टूर्नामेंट में दो सिल्वर मेडल जीते हैं। उन्होंने एकल और युगल दोनों वर्गों के फाइनल में पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। यह एशियन स्तर पर उनकी दूसरी सफलता है। यह प्रतियोगिता चूनाखान स्थित ऑप्टिमम टेनिस अकादमी में 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक हुई थी। एकल वर्ग के सेमीफाइनल में हारिस ने कनिष्क जसवीर को हराया। फाइनल में उन्हें आरव बेले से हार मिली और वह रनर-अप रहे। युगल वर्ग में हारिस ने राजस्थान के जयराज नयन के साथ जोड़ी बनाई। सेमीफाइनल में इस जोड़ी ने आरव सैनी और अजयविक पुरी को हराया। फाइनल में उन्हें आरव बेले और तेगवीर सिंह की जोड़ी से हार मिली, जिससे उन्हें दूसरा सिल्वर मेडल मिला। एक ही एशियन टूर्नामेंट में दोनों वर्गों के फाइनल में पहुंचना हारिस की खास बात है। उनके कोच असद इकबाल और सैफ इकबाल ने बधाई दी है। प्रायोजक इंडियन बुक पैलेस ने भी शुभकामनाएं दी हैं।
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गांधी पेट्रोलपंप की जमीन खाली कराने पर नपा अध्यक्ष बिफरीं: सीएमओ पर मिलीभगत का आरोप लगाया, 5 अक्टूबर तक कार्रवाई की बात कही – Shivpuri News
शिवपुरी शहर के झांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर नगर पालिका और पेट्रोल पंप संचालक के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सामने आ गया है। नगर पालिका कोर्ट में केस जीत चुकी है और जमीन खाली करने के लिए नोटिस भी जारी कर चुकी है, लेकिन तय समय सीमा निकलने के बाद भी जमीन खाली नहीं हुई। इसको लेकर नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने प्रेसवार्ता कर नगर पालिका प्रशासन पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सीएमओ यशवंत राठौड़ पर मिलीभगत कर नगर पालिका के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। दरअसल, नगर पालिका ने वर्ष 1960 में झांसी तिराहा के पास स्थित जमीन की 25 साल की लीज मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स के नाम की थी। इसके लिए 4472 रुपए प्रीमियम और 279.50 रुपए सालाना किराया तय किया गया था। इसी जमीन पर पेट्रोल पंप बनाया गया, जिसका संचालन वर्तमान में समीर गांधी द्वारा किया जा रहा है। लीज की अवधि पूरी होने के बाद जमीन की लीज दोबारा रिन्यू नहीं कराई गई, इसके बावजूद जमीन पर कब्जा बना रहा। नगर पालिका ने जमीन वापस लेने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पिछले महीने हाईकोर्ट में नगर पालिका के पक्ष में फैसला आने के बाद जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। 22 सितंबर को दिया था अंतिम नोटिस
नगर पालिका की ओर से 22 सितंबर को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। इसमें 10 दिन के भीतर जमीन खाली कर नगर पालिका को सुपुर्द करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि तय समय में जमीन खाली नहीं करने पर नगर पालिका जमीन को कब्जामुक्त कराएगी और हर्जाना भी वसूला जाएगा। नोटिस के मुताबिक 2 अक्टूबर तक जमीन खाली करनी थी, लेकिन समय सीमा निकलने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। अध्यक्ष बोलीं- करोड़ों की जमीन, पालिका को हो रहा नुकसान
नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने आरोप लगाया कि जिस जमीन को कभी कौड़ियों के भाव लीज पर दिया गया था, उसकी कीमत आज करोड़ों रुपए है। नगर पालिका ने इतने साल केस लड़ा, आने-जाने और कानूनी प्रक्रिया में खर्च हुआ।
उन्होंने दावा किया कि जमीन का किराया सहित पूरा हिसाब लगाया जाए तो करीब 2 करोड़ रुपए नगर पालिका के हिस्से में आ सकते हैं।
अध्यक्ष ने कहा कि अगर यह राशि नगर पालिका को मिलती तो उसकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती। लेकिन जमीन खाली कराने के मामले में कार्रवाई नहीं की जा रही है।
सीएमओ पर लगाया मौका देने का आरोप
गायत्री शर्मा ने आरोप लगाया कि उन्होंने सीएमओ यशवंत राठौड़ से इस मामले में पत्राचार भी किया है, लेकिन वे फोन तक रिसीव नहीं कर रहे हैं। अध्यक्ष का कहना है कि जानबूझकर समीर गांधी को सुप्रीम कोर्ट जाने और स्टे लेने का मौका दिया जा रहा है। इससे मामला दोबारा लंबा खिंच सकता है और जमीन नगर पालिका के कब्जे में आने में और समय लग सकता है।
उन्होंने कहा कि नगरीय प्रशासन चाहे तो 5 अक्टूबर तक जमीन को खाली कराया जा सकता है।
गांधी बोले- मामला सुप्रीम कोर्ट में
नगर पालिका अध्यक्ष के आरोपों को लेकर सीएमओ यशवंत राठौड़ से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
वहीं पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी ने कहा कि मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। नगर पालिका की ओर से केविएट भी लगाई गई है और अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है। उनका कहना है कि अब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए सभी पक्षों को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए।
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चाकू दिखाकर महिला से सोने के जेवरात छीने: पता पूछने के बहाने बाइक सवार पीड़िता के पास पहुंचा, ग्रामीणों ने 5 किमी खदेड़कर पकड़ा – Gayaji News
गयाजी में चाकू के बल पर महिला से सोने की जितिया और कान की बाली छीन ली। छिनतई के बाद आरोपी भाग रहा था। ग्रामीण उसे पकड़ने के लिए दौड़ पड़े। करीब 5 किमी तक ग्रामीण उसके पीछे दौड़ते रहे। खुद को घिरता देख आरोपी शेरघाटी के केके पैलेस में घुस गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची और उसे पकड़ लिया। युवक की पहचान प्रिंस के रूप में हुई है जो बाइक से था। प्रिंस पता पूछने के बहाने महिला के पास गया था। घटना शेरघाटी थाना क्षेत्र के पथलकट्टी गांव की है। आरोपी के पास से चाकू बरामद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर थाने पहुंची। उससे पूछताछ की जा रही है। पीड़िता प्रतिमा देवी के अनुसार वह ओवरब्रिज के पास थीं। इसी दौरान आरोपी ने उन्हें चाकू दिखाया। जान से मारने की धमकी देते हुए सोने का जितिया और कान की बाली छीन ली। इसके बाद आरोपी मौके से भागने लगा। सूचना मिलते ही शेरघाटी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी को सुरक्षित हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि उसकी कमर से चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात अकेले की गई या इसके पीछे कोई और भी शामिल है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस उसके साथियों और पहले की घटनाओं के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना और घटनास्थल के आसपास जुट गए। ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि दिनदहाड़े चाकू की नोंक पर महिला से जेवर छीनने की घटना ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता के बयान और बरामद सामान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पकड़ा गया युवक नीमा गांव का प्रिंस है।
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खट्टा-चटपटा पानी ऊपर से नमक-मिर्च, वायरल हो रही ‘काचरा शॉट’ की ये देसी रेसिपी
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Kachra Shot Recipe: राजस्थान के देसी काचरे को मिला मॉडर्न ट्विस्ट, खट्टे-चटपटे मसालों से तैयार ‘काचरा शॉट’ सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. जानिए घर पर इसे बनाने की आसान रेसिपी और देसी स्वाद का मजेदार अंदाज.
जोधपुर. इन दिनों खेतों में तरबूज, खीरा और काचरा खूब नजर आ रहे हैं, राजस्थान के गांवों में तो काचरा लोगों के पसंदीदा देसी स्वाद में शामिल है. कोई इसे नमक-मिर्च लगाकर खाना पसंद करता है तो कोई इसकी सब्जी और चटनी बनाकर इसका स्वाद लेता है. खेत से सीधे घर तक पहुंचने वाला यह देसी फल अब सोशल मीडिया पर भी अपनी खास पहचान बना रहा है. लोग इसे अलग-अलग अंदाज में बनाकर वीडियो और रील्स के जरिए शेयर कर रहे हैं. ऐसे में काचरे का एक नया और चटपटा अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है, जिसे नाम दिया गया है काचरा शॉट’.
सोशल मीडिया पर इन दिनों खीरा और ककड़ी से तैयार किए जाने वाले शॉट्स की रेसिपी काफी वायरल हो रही है. इसी ट्रेंड को राजस्थानी स्वाद से जोड़ते हुए काचरे को शॉट के रूप में तैयार किया गया है. खास बात यह है कि इसमें किसी महंगे या अलग तरह के सामान की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद मसालों और खेतों से मिलने वाले ताजे काचरे से ही यह चटपटा स्वाद तैयार किया जा सकता है. काचरे का खट्टापन और राजस्थानी मसालों का तड़का इसे और भी खास बना देता है.
ऐसे तैयार होगा काचरे का खट्टा-चटपटा पानी
काचरा शॉट बनाने के लिए सबसे पहले काचरे को अच्छी तरह धोकर उसके छिलके निकाल लें, इसके बाद काचरे को काटकर उसके सारे बीज एक कटोरी में निकाल लें. अब इन बीजों में स्वाद के अनुसार लाल मिर्च, नमक, काली मिर्च, जीरा पाउडर, काला नमक और जलजीरा डालें. सभी मसालों को अच्छी तरह मिलाने के बाद इसमें थोड़ा पानी डालकर इसे अच्छे से मिक्स करें. अब तैयार मिश्रण को छान लें, इससे जो खट्टा-चटपटा पानी तैयार होगा, वही काचरा शॉट का सबसे खास हिस्सा है और इसमें राजस्थानी स्वाद की असली झलक मिलेगी.
नमक-मिर्च लगाकर तैयार होगा देसी काचरा शॉट
अब छिले हुए काचरे को शॉट की तरह परोसने के लिए तैयार करें, काचरे के ऊपर हल्का नमक और लाल मिर्च लगाएं. इसके बाद इसमें तैयार किया गया खट्टा-चटपटा पानी भर दें. बस कुछ ही मिनट में तैयार हो जाएगा राजस्थान के देसी स्वाद वाला ‘काचरा शॉट’. यानी सोशल मीडिया के ट्रेंड को मिला गांव-ढाणी के स्वाद का तड़का. खट्टा, तीखा और मसालेदार यह देसी शॉट न सिर्फ देखने में अलग है, बल्कि इसका स्वाद भी काचरा खाने के पारंपरिक अंदाज को एक नया रूप देता है.
सोशल मीडिया के साथ घरों में भी बनने लगा काचरा शॉट
सोशल मीडिया पर काचरा शॉट का यह नया अंदाज लोगों को खूब पसंद आ रहा है. वीडियो और रील्स में इसे देखने के बाद अब लोग इसे सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि घरों में भी अपने देसी अंदाज में तैयार करने लगे हैं. खासकर राजस्थान में काचरे के पारंपरिक स्वाद से परिचित लोगों के लिए यह रेसिपी कुछ अलग और मजेदार है. आप भी घर पर ताजा काचरा और रसोई में मौजूद मसालों से इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं और इस खट्टे-चटपटे राजस्थानी स्वाद का लुत्फ उठा सकते है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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नाजियों की जीत का कारण हिंसा, हिटलर का करिश्मा नहीं: जर्मनी के दो प्रांत्रों में नाजी समर्थक पार्टी की जीत से छिड़ी नई बहस
जर्मनी के दो प्रांतों में धुर-दक्षिणपंथी पार्टी के सत्ता में आने के बाद यूरोप में जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर (1933-1945 तक सत्ता में था) पर नई बहस छिड़ गई है। आम धारणा है कि हिटलर गजब का करिश्माई नेता था। उसका प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स का प्रोपेगैंडा बेजोड़ था और जर्मनी की आर्थिक मंदी ने नाजियों की राह आसान की। अब इन बातों को जर्मनी के लेखक और इतिहासकार फिलिप रुख ने सिरे से खारिज किया है। अपनी नई शोधपरक किताब ‘डेर रुकफॉल’ में रुख बताते हैं कि हिटलर कोई कुशल नेता नहीं था। वह एक आलसी अपराधी था, जो दोपहर तक सोता था। उसकी नाजी पार्टी की जीत को समझने के लिए 14 सितंबर 1930 के चुनावों को देखना होगा। 1928 में नाजी पार्टी को महज 8 लाख वोट और 12 सीटें मिली थीं। रुख बताते हैं कि 1930 में नाजियों को 64 लाख वोट और 107 सीटें मिलीं, जिससे यह सनकी गुट दूसरी राजनीतिक ताकत बना। हिंसा के खौफ से लोग नाजियों के साथ हुए और 1933 में सत्ता में आया। हिटलर से जुड़े 3 बड़े भ्रम ‘सेंटर फॉर पॉलिटिकल ब्यूटी’ के संस्थापक रुख कहते हैं- 1. हिटलर का करिश्मा छलावा था 1930 के चुनाव में हिटलर उम्मीदवार भी नहीं था, क्योंकि उसके पास जर्मन नागरिकता नहीं थी। तख्तापलट की साजिश में उस पर देश से निकाले जाने का खतरा था। 1929 में हिटलर ने पूरे साल में केवल 29 भाषण दिए थे। पार्टी दफ्तर जाने के बजाय कैफे और सिनेमाघरों में वक्त बिताता था। 2. कमजोर प्रोपेगैंडा नाजी अखबार जैसे- ‘इलुस्ट्रिएटर बीओबैक्टर’ बेहद स्तरहीन था। उसे बहुत कम लोग पढ़ते थे। अन्य पार्टियों के पास प्रचार के लिए नियॉन साइन जैसे बेहतर साधन थे, जबकि नाजियों की प्रचार सामग्री पेशेवर नहीं थी। 3. महामंदी मुख्य वजह नहीं जिन इलाकों में बेरोजगारी ज्यादा थी, वहां नाज़ियों को सबसे कम वोट मिले। महामंदी का असर जर्मनी में जुलाई 1931 में दिखा। रुख लिखते हैं कि नाजियों की सबसे बड़ी ताकत उनकी ‘राजनीतिक हिंसा और विरोधियों के सफाए की खुली सनक’ थी। दावा- दक्षिणपंथी पार्टियां समाज में नफरत का फायदा उठाती हैं फिलिप रुख के अनुसार, नाजी पार्टी किसी आर्थिक या सामाजिक नीति पर बात नहीं कर रही थी, बल्कि विरोधियों की हत्याओं के षड्यंत्र रच रही थी। दुर्भाग्य से यही हिंसक सनक उस समय के जर्मन मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को आकर्षित कर गई। रुख चेताते हैं कि आज के दौर में भी दक्षिणपंथी, चरमपंथी पार्टियों पर घोटालों या खुलासों का असर नहीं पड़ता, क्योंकि वे समाज के भीतर मौजूद नफरत का फायदा उठाती हैं।
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सिर्फ 2,000 रुपये हर महीने इस जगह लगाएं, बन सकता है ₹2 करोड़ का फंड
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हर महीने ₹2,000 की SIP लंबे समय में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है. ₹2 करोड़ तक पहुंचने का समय मिलने वाले औसत रिटर्न पर निर्भर करता है. 10% सालाना रिटर्न पर यह रकम करीब 46 साल 1 महीने में, 12% रिटर्न पर करीब 40 साल 4 महीने में और 15% रिटर्न पर करीब 34 साल 2 महीने में ₹2 करोड़ हो सकती है. इस दौरान आपका कुल निवेश कितना हो सकता है. इसके लिए आप पूरी कैलकुलेशन चेक कर सकते हैं.
छोटी SIP से आसानी से मोटा फंड बन सकता है.
हर महीने ₹2,000 की बचत भले ही आपको बहुत बड़ी रकम ना लगे, लेकिन अगर यही पैसा लगातार लंबे समय तक निवेश किया जाए तो इसका फंड काफी बड़ा हो सकता है. SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाता है. इसे ही कंपाउंडिंग का फायदा कहा जाता है. यही वजह है कि लंबी अवधि में छोटी-छोटी रकम भी बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकती है.
अब सवाल है कि ₹2,000 की मासिक SIP से ₹2 करोड़ का फंड कितने समय में तैयार हो सकता है? इसका जवाब एक तय संख्या में नहीं दिया जा सकता. यह इस बात पर निर्भर करता है कि निवेश पर औसतन कितना सालाना रिटर्न मिलता है. अगर 10%, 12% और 15% सालाना रिटर्न मानकर गणना करें, तो तीनों मामलों में टारगेट तक पहुंचने का समय अलग होगा. हर महीने ₹2,000 लगाने पर ₹2 करोड़ का कैसे बनेगा, ये आपको बताते हैं.
10% रिटर्न पर कितना समय लगेगा?
अगर ₹2,000 हर महीने SIP में लगाए जाएं और औसतन 10% सालाना रिटर्न मिले, तो ₹2 करोड़ का टारगेट करीब 46 साल 1 महीने में पूरा हो सकता है. इस दौरान आपकी जेब से कुल करीब ₹11.06 लाख जाएंगे. बाकी करीब ₹1.89 करोड़ रकम निवेश पर मिले रिटर्न से बनेगी. यानी यहां कुल रकम का बड़ा हिस्सा आपके निवेश से नहीं, बल्कि लंबे समय तक मिलने वाले रिटर्न और कंपाउंडिंग से तैयार होगा.
12% रिटर्न पर क्या होगा?
अब मान लीजिए SIP पर औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है. यानी ₹2 करोड़ का लक्ष्य करीब 40 साल 4 महीने में पूरा हो सकता है. इस अवधि में आप कुल करीब ₹9.68 लाख निवेश करेंगे. इसके मुकाबले करीब ₹1.90 करोड़ रकम रिटर्न से बन सकती है. यानी रिटर्न में थोड़ा अंतर भी लंबे समय में कई साल का फर्क पैदा कर सकता है.
15% रिटर्न मिले तो?
अगर लंबे समय तक औसतन 15% सालाना रिटर्न मिलता है, तो यही लक्ष्य करीब 34 साल 2 महीने में हासिल हो सकता है. इस दौरान कुल निवेश लगभग ₹8.20 लाख होगा. बाकी करीब ₹1.92 करोड़ रिटर्न से बन सकते हैं. लेकिन ध्यान रखें कि 15% रिटर्न हर साल मिलना तय नहीं है. म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़े निवेश में रिटर्न घट-बढ़ सकता है.
| सालाना रिटर्न | ₹2 करोड़ बनने में समय | कुल निवेश | अनुमानित रिटर्न |
|---|---|---|---|
| 10% | करीब 46 साल 1 महीना | ₹11.06 लाख | ₹1.89 करोड़ |
| 12% | करीब 40 साल 4 महीने | ₹9.68 लाख | ₹1.90 करोड़ |
| 15% | करीब 34 साल 2 महीने | ₹8.20 लाख | ₹1.92 करोड़ |
इस कैलकुलेशन से आप समझ सकते हैं कि ₹2,000 की SIP से ₹2 करोड़ बनाने में सबसे अहम भूमिका समय और कंपाउंडिंग की है. जितने लंबे समय तक निवेश चलता है, रिटर्न पर मिलने वाला रिटर्न उतना बड़ा असर डालता है. हालांकि, सिर्फ ज्यादा रिटर्न मानकर लक्ष्य तय करना सही नहीं होगा. 15% रिटर्न का अनुमान लगाने के बजाय अपनी फाइनेंशियल स्थिति और रिस्क को ध्यान में रखना जरूरी है.
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यशस्वी यादव बिजनेस और फाइनेंस जर्नलिज्म से जुड़ी युवा पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब तीन साल का अनुभव है. फिलहाल, वह News18 हिंदी के साथ मनी सेक्शन में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. उनका फोक…
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उदयपुर में पारा 35 डिग्री के पार, गर्मी बढ़ी: रात के तापमान में भी बढ़ोतरी, सुबह-शाम सर्दी का अहसास; जानें आगे कैसा रहेगा मौसम – Udaipur News
मानसून की विदाई के साथ ही उदयपुर में गर्मी बढ़ने लगी है। दिन के तापमान में तेजी आ रही है, वहीं रात में पारा घटने से सर्दी का अहसास होने लगा है। जिले में शनिवार को दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है। शनिवार को तापमान बढ़ने से गर्मी का असर बना रहा। गर्मी का असर इस कदर था कि शनिवार को देवस्थान विभाग की तीर्थ यात्रा रवानगी के समय टेंट में यात्रियों को राहत देने के लिए बड़े कूलर लगाए गए थे। वहां पर यात्रियों को विदाई के दौरान गर्मी ने बहुत परेशान किया था। बाद में यात्री जब अपने कोच में सवार हुए तब उनको एसी से राहत मिली। डबोक मौसम केंद्र के अनुसार उदयपुर में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री दर्ज हुआ, जो शुक्रवार के 35.4 डिग्री के मुकाबले 0.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 18.6 से बढ़कर 19.1 डिग्री पहुंच गया, यानि रात के तापमान में 0.5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। मौसम एक्सपर्ट डॉ. आर.एस.देवड़ा ने बताया कि अधिकतम तापमान में फिर से बढ़ोतरी की संभावना है जबकि न्यूनतम तापमान 18 से 22 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि सुबह और रात के समय में सर्दी का प्रभाव धीमे-धीमे बढ़ रहा है।
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उज्जैन में 32वीं बटालियन के आरक्षक से साइबर फ्रॉड: ठग ने पुराने नोटों की फोटो वाट्सएप पर मंगाई; 45 लाख कीमत बताकर 42 हजार रुपए ठगे – Ujjain News
उज्जैन में साइबर ठगों ने पुलिस विभाग में पदस्थ 46 वर्षीय आरक्षक धरमसिंह यादव से 42 हजार रुपए ठग लिए। ठग ने पुराने नोट और सिक्कों की लाखों रुपए में कीमत मिलने का झांसा देकर उनसे नोटों की तस्वीरें वाट्सएप पर मंगवाईं। इसके बाद 45 लाख रुपए कीमत बताकर अलग-अलग चार्ज के नाम पर QR कोड से भुगतान कराया। ठगी का अहसास होने पर आरक्षक ने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। 26 सितंबर को आया था कॉल मामला माधव नगर थाना क्षेत्र का है। राज्य साइबर सेल भोपाल से 1930 पर प्राप्त ई-जीरो एफआईआर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस लाइन उज्जैन निवासी धरमसिंह यादव 32 बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। आरक्षक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 सितंबर को उनके मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले ने कहा कि अगर उनके पास पुराने नोट या सिक्के हैं तो उनकी तस्वीर वाट्सएप पर भेजें। इसके बदले अच्छी कीमत दिलाने का झांसा दिया गया। तीन पुराने नोटों की फोटो भेजी आरक्षक ने अपने पास रखे पांच रुपए के एक और दो-दो रुपए के दो पुराने नोटों की तस्वीरें भेज दीं। इसके बाद ठग ने इन नोटों की कीमत 45 लाख रुपए बताई। रकम दिलाने के नाम पर ठग ने अलग-अलग तरह के चार्ज बताए। इसके बाद QR कोड भेजकर भुगतान कराया गया। इस तरह आरक्षक से कुल 42 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। 1930 पर की शिकायत, जांच शुरू ठगी का अहसास होने के बाद आरक्षक ने तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। माधव नगर थाना प्रभारी गजेंद्र पचोरिया ने बताया कि शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी से बचाव के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके बावजूद ठग नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।
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