शरद पूर्णिमा के अवसर पर रविवार को श्री हिंदू उत्सव समिति की ओर से चल समारोह निकाला गया। भगवान श्री राधा-कृष्ण की भक्ति और धार्मिक उल्लास के बीच निकले समारोह में आकर्षक झांकी, सुसज्जित बग्घी, ढोल और दो बैंड शामिल रहे। चल समारोह के शीतलदास की बगिया पहुंचने पर आतिशबाजी की गई। यहां भगवान श्री राधा-कृष्ण ने नौका विहार किया। इसके बाद श्रद्धालुओं को खीर प्रसाद वितरित किया गया। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि चल समारोह शाम 6:30 बजे घोड़ा निक्कास स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से शुरू हुआ। यहां से जनकपुरी, सिंधी मार्केट, भवानी चौक, सोमवारा, रेतघाट और कमला पार्क होते हुए समारोह शीतलदास की बगिया पहुंचा। रास्ते में धार्मिक आयोजन और भगवान राधा-कृष्ण की झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। समिति ने शरद पूर्णिमा के अवसर पर इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। आयोजन के सफल संचालन के लिए अशोक विश्वकर्मा को संयोजक बनाया गया था। समिति ने श्रद्धालुओं के सहभाग के लिए आभार जताया।
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शरद पूर्णिमा पर निकला हिंदू उत्सव समिति का चल समारोह: राधा-कृष्ण ने किया नौका विहार, शीतलदास की बगिया में हुई आतिशबाजी – Bhopal News
यूपी: 15,000 करोड़ की लागत से बनेंगे 3 नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
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UP Greenfield Expressway: सीएम योगी आदित्यनाथ की यूपी सरकार यूपी के रोड इंफ्रास्टक्चर में बदलाव के लिए कमर कस ली है. राज्य में यात्री और माल ढुलाई को रफ्तार देने के लिए मास्टरप्लान तैयार किया है. इसके तहत तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए करीब 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. इस पूरी भू-अधिग्रहण प्रक्रिया पर राज्य के खजाने से 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी. इन परियोजनाओं को यूपीडा (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के साल 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के सपने को भारी बल मिलेगा.
उत्तर प्रदेश में आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलने वाला है. प्रदेश में यात्री परिवहन और माल ढुलाई (कार्गो मोबिलिटी) को पंख लगाने के लिए सरकार ने तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने का निर्णय लिया है. इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए राज्य सरकार लगभग 8,200 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने जा रही है, जिस पर कुल 15,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम खर्च आएगा.
योगी सरकार ने बताया कि वर्तमान और आगामी एक्सप्रेसवे परियोजनाएं उत्तर प्रदेश को वर्ष 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था (1 Trillion Dollar Economy) बनाने के लक्ष्य की तरफ तेजी से अग्रसर करने में मील का पत्थर साबित होंगी.
इन तीनों शानदार परियोजनाओं को राज्य की नोडल एजेंसी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है. सरकार ने इन तीनों एक्सप्रेसवे के संरेखण (Alignments) को भी अंतिम रूप दे दिया है, जो उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के लगभग 650 गांवों से होकर गुजरेंगे.
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विंध्य एक्सप्रेसवे (Vindhya Expressway): यह तीनों परियोजनाओं में सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग 4,615 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इसके लिए किया जाएगा, जो 109 गांवों से होकर गुजरेगा. यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे लंबे 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, भदोही और मिर्ज़ापुर जिलों के रास्ते सीधे सोनभद्र से जोड़ेगा.
मेरठ-Haridwar एक्सप्रेसवे (Meerut-Haridwar Expressway): इस प्रोजेक्ट के तहत गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के मेरठ से आगे बढ़ाकर उत्तराखंड के हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा. इसके लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा और बिजनौर जिलों के साथ-साथ उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के कुल 184 गांवों से लगभग 2,020 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा.
विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे (Vindhya Purvanchal Link Expressway): पूर्वी यूपी के चंदौली, गाजीपुर और मिर्ज़ापुर जिलों के 140 गांवों में लगभग 1,560 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण इस तीसरे लिंक एक्सप्रेसवे के लिए किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 29 अप्रैल 2026 को देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे यानी ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन किया जा चुका है. 36,000 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे को भी यूपीडा (UPEIDA) द्वारा पीपीपी (PPP) मॉडल पर विकसित किया गया था, जो वर्तमान में यूपी के 12 जिलों (मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) को आपस में जोड़ता है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही राज्य के निवेश माहौल को बेहतर बनाने की रीढ़ है. तेज और सुगम कनेक्टिविटी न केवल परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देती है, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण इलाकों और आंतरिक क्षेत्रों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के विकास को भी तीव्र गति प्रदान करती है.
हाल ही में अपने उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान एक्सिस बैंक के एमडी और सीईओ अमिताभ चौधरी ने भी इस बात की सराहना की थी कि अब यूपी में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बड़े महानगरों से निकलकर टायर-II और टायर-III शहरों तक तेजी से फैल रही हैं, जिससे राज्य में भारी मात्रा में नए निवेश आकर्षित हो रहे हैं. इन नए एक्सप्रेसवे के बन जाने से पूर्वांचल से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश तक व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अनगिनत नए द्वार खुलेंगे.
बेहतर चिकित्सा सेवा देने वाले डॉक्टर सम्मानित: भागलपुर में हेल्थ इमिनेंस अवार्ड, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद – Bhagalpur News
भागलपुर में दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित हेल्थ इमिनेंस अवार्ड समारोह में भागलपुर समेत कई जिलों के वरिष्ठ चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान और समाज के प्रति उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें अवार्ड दिए गए। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और चिकित्सा जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागलपुर जिले के प्रभारी डीएम राकेश कुमार और भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. वसुंधरा लाल शामिल हुईं। इनके अलावा वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एसएन झा, डॉ. एचपी दूबे, डॉ. बिहारी लाल और डॉ. हेमशंकर शर्मा समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह में चिकित्सकों को उनके कार्यों और समाज के प्रति योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के काम को पहचान देना और उनका उत्साह बढ़ाना था। बच्चियों की नृत्य प्रस्तुति ने कार्यक्रम में बांधा समां समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। शरण्या नृत्य कला से जुड़ी बच्ची ने नृत्य की प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भर दिया। आयोजन में सम्मान समारोह के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम को भी शामिल किया गया, जिससे उपस्थित अतिथियों को कला और संस्कृति की झलक देखने को मिली।
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बस्तर की खास देसी सब्जी केउ का स्वाद है लाजवाब, चना और कम मसालों से ऐसे करें तैयार
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बस्तर के लोग केउ कंद की सब्जी को बड़े चाव से खाते हैं. इस कंद को बस्तर में चना के साथ भी बनाया जाता है और इसे अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है. केउ की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले केउ को उबालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। यह सब्जी बेहद आसानी से और कम मेहनत में तैयार हो जाती है.
बस्तर क्षेत्र में केउ नामक कंद की सब्जी को बहुत पसंद किया जाता है, जिसे ग्रामीण बरसात के दिनों में उगाते हैं. इसका आयुर्वेदिक महत्व भी है और इसे चना के साथ तथा कम मसालों में बेहद स्वादिष्ट तरीके से बनाया जाता है.
परिचय
छत्तीसगढ़ के बस्तर में केउ की सब्जी अपनी अनूठी और लाजवाब स्वाद के लिए काफी प्रसिद्ध है. स्थानीय ग्रामीण बरसात के दिनों में इस कंद को अपने घरों के बड़े आंगन में उगाते हैं. बहुत कम मसालों के साथ बनने वाली इस देसी सब्जी को बनाने के लिए कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो किया जाता है, जिसे एक बार खाने के बाद लोग बार-बार खाना पसंद करते हैं.
मामला क्या है
बस्तर के लोग केउ कंद की सब्जी को बड़े चाव से खाते हैं. इस कंद को बस्तर में चना के साथ भी बनाया जाता है और इसे अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है. केउ की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले केउ को उबालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। यह सब्जी बेहद आसानी से और कम मेहनत में तैयार हो जाती है.
आवश्यक सामग्री
केउ की सब्जी बनाने के लिए जरूरी सामग्री में 50 ग्राम केउ, 2 प्याज, 2 लाल मिर्च, 2 हरी मिर्च, 2 टमाटर, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक शामिल है.
बनाने की विधि
केउ की देसी सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है. इसके बाद इसमें जीरा डालकर भूना जाता है और फिर कटी हुई प्याज व मिर्च डालकर पकाया जाता है. इसके बाद उबला हुआ केउ और कटे हुए टमाटर डालकर कुछ देर पकाया जाता है. अंत में हल्दी, मिर्च और स्वादानुसार नमक डालकर करीब 20 मिनट तक अच्छी तरह पकाने के बाद सब्जी को कड़ाही से उतार लिया जाता है.
परोसने का तरीका और निष्कर्ष
तैयार होने के बाद बस्तर की यह देसी केउ की सब्जी रोटी या चावल के साथ परोसी जाती है. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि इसे खाने के बाद आपका दोबारा खाने का मन करेगा और परिवार के लोग भी इसे बहुत पसंद करते हैं.
तिब्बत में फिर भूकंप, तीव्रता 5.9 रही: पिछले 5 दिनों में दूसरा बड़ा भूकंप; चीन और नेपाल में भी झटके
तिब्बत में रविवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई जमीन से 9 किलोमीटर नीचे थी। तिब्बत में पिछले 5 दिनों में यह दूसरा बड़ा भूकंप आया है। इससे पहले 22 अक्टूबर को तिब्बत में 7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 16 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, चीन के चिंघाई इलाके में 5.7 और नेपाल में भी 4.2 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। तिब्बत में पहले भी भूकंप मचा चुके तबाही तिब्बत दुनिया के उन इलाकों में शामिल है, जहां भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इनकी हलचल से हिमालय पर्वत बना है, लेकिन इसी वजह से इलाके में भूकंप भी आते रहते हैं। जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी काउंटी में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें तिब्बत में करीब 400 लोगों की मौत हुई थी, जबकि पड़ोसी नेपाल में 13 लोगों की जान गई थी। इसके झटके उत्तर भारत समेत दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए थे। इससे पहले 2010 में पड़ोसी चीनी प्रांत छिंगहाई के युशू में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें कम से कम 2,698 लोगों की मौत हुई थी और करीब 300 लोग लापता हो गए थे। तिब्बत में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं? नेपाल के बैतड़ी जिले में भी भूकंप नेपाल के भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, रविवार दोपहर बैतड़ी जिले के दिलासैनी इलाके में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। यह इलाका सुदूरपश्चिम प्रांत में नेपाल-भारत सीमा के पास है। भूकंप के झटके बैतड़ी और दार्चुला जिलों के आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। फिलहाल भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल खबर नहीं है। अगस्त में बाढ़ से भी मची थी तबाही नेपाल में 26 अगस्त को आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। चीन के तिब्बत से लगी सीमा के पास शुरू हुई इस बाढ़ का असर भोटेकोशी नदी और आसपास के इलाकों में देखने को मिला। अचानक आए तेज पानी ने घरों, सड़कों, पुलों और बिजली बनाने वाली परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। इसमें 1455 लोगों की मौत हुई थी। साथ ही 5,285 लोग अब भी लापता हैं। नेपाल में भूकंप आने का खतरा ज्यादा रहता है नेपाल में हर साल कई बार भूकंप आते हैं। इसकी वजह यह है कि देश हिमालय के ऐसे इलाके में स्थित है, जहां जमीन के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों में हलचल होती रहती है। नेपाल के कई हिस्से भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। यहां के इलाके भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में आते हैं, जहां भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका के फ्लोरिडा में स्टेडियम के पास फायरिंग, 12 घायल: इनमें 6 बच्चे शामिल; गोलीबारी से पहले छात्रों के बीच झगड़ा हुआ था अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के तलहासी में शनिवार रात फुटबॉल स्टेडियम के पास फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
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सभी स्कूलों में ई-वेस्ट प्रबंधन अभियान 28 को: प्रार्थना सभा की थीम पर्यावरण सरंक्षण आधारित होगी, शिक्षा विभाग के आदेश जारी – Tonk News
राजस्थान के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आगामी 28 अक्टूबर को ‘विशेष अभियान-6’ के तहत ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) के प्रबंधन और इसके सही निस्तारण को लेकर जागरूक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस संबंध में सभी शिक्षा अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की थीम ‘ई-वेस्ट मैनेजमेंट’ रखी जाएगी। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक कचरे जैसे- पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी आदि के नुकसान, इसके सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका समझाने के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज) और अन्य गतिविधियां कराई जाएंगी। खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को करेंगे इकट्ठा
इस अभियान के तहत स्कूलों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इकट्ठा किया जाएगा और उन्हें अधिकृत रिसाइकलर्स या रिफर्बिशर्स को सौंपा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ई-वेस्ट के गलत निस्तारण से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और कचरा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है। शिक्षक संघ रेसटा ने कहा- पर्यावरण के लिए अभियान जरूरी
शिक्षक संघ ‘रेसटा’ के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि ई-वेस्ट प्रबंधन आज के समय की बड़ी जरूरत है। खराब मोबाइल, कंप्यूटर और बैटरियों का सही निस्तारण न होने से मिट्टी और पानी दूषित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को केवल जानकारी देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें इसके सही संग्रहण और रिसाइकलिंग की व्यावहारिक जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट और फोटो
अभियान के तहत आयोजित सभी गतिविधियों की रिपोर्ट 28 अक्टूबर को ही ‘इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ’ पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। इसके साथ ही गतिविधियों के प्रमाण के रूप में जियो-टैग लोकेशन वाली फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यह अभियान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना है।
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सीतापुर में बिल्डर की गिरफ्तारी पर सांसद ने उठाए सवाल: किसान मंच का मंगलवार से होगा धरना, गैंगस्टर लगाने और संपत्ति नीलाम करने की मांग – Sitapur News
सीतापुर में केशव ग्रीन सिटी के बिल्डर मुकेश अग्रवाल समेत सात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी न होने पर कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही किसान मंच के नेता शिव प्रकाश की अगुवाई में मंगलवार से शुरू होने वाले अनिश्चितकालीन धरने को समर्थन देने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को राहत दिलाना है। सांसद राकेश राठौर ने आरोप लगाया कि केशव ग्रीन सिटी में कथित तौर पर अवैध प्लाटिंग कर लोगों को जमीन बेची गई। आवासीय योजना के लिए उपयुक्त नहीं होने वाली जमीनों को भी कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को आगाह किया गया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सांसद के मुताबिक, बाढ़ के दौरान केशव ग्रीन सिटी के बाशिंदों को परेशानी होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद सरकारी अधिकारी की ओर से बिल्डर समेत करीब सात लोगों के खिलाफ 16 अक्टूबर को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। गैंगस्टर लगाने और संपत्ति नीलाम करने की मांग सांसद ने कहा कि जब मुकदमा सरकारी अधिकारी की ओर से दर्ज कराया गया है, तब भी कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने बिल्डर को भूमाफिया घोषित करने, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने और कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की जांच कर उसे नीलाम करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे केशव ग्रीन सिटी के प्रभावित लोगों को राहत मिल सकेगी। किसान मंच के नेता शिव प्रकाश मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। सांसद ने स्पष्ट किया कि वह इस आंदोलन के साथ हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।
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MP दिनभर, 10 बड़ी खबरें: कार ने दो महिलाओं समेत 3 को कुचला, घर में घुसे चीते, पति-पत्नी भागे; धीरेंद्र शास्त्री के पंडाल में लगी आग – Madhya Pradesh News
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
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दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, एमपी में आज, क्या रहा खास.
1. देवास में बेकाबू कार ने 3 लोगों को कुचला, मौत, इनमें दो महिलाएं
सीसीटीवी में बेकाबू कार घर के बाहर बैठे लोगों को रौंदते नजर आ रही है।
देवास जिले के उदयनगर में बेकाबू कार ने तीन लोगों को कुचल दिया। पहले कार ने दो महिलाओं को टक्कर मारी, फिर एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई। बताया गया कि कार चलाने वाला आरोपी इंदौर से पिकनिक मनाने आया था। पढ़ें पूरी खबर
2. महेश्वर घाट पर इंदौर के 343 वोटर कार्ड मिले, कांग्रेस का धरना
खरगोन जिले के महेश्वर में नर्मदा घाट पर इंदौर के 343 वोटर कार्ड मिलने का मामला सामने आया। इसे लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वोट चोरी के खुलेआम सबूत मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर
3. श्योपुर में घर में घुसे दो चीते, बछड़ों का शिकार किया

श्योपुर में चीतों ने बछड़ों का शिकार किया। दंपती भी वहीं सो रहे थे। जान बचाकर भागे।
श्योपुर में दो चीते एक घर में घुस गए और बछड़ों का शिकार किया। घटना के समय पति-पत्नी घर में खटिया पर सो रहे थे। चीतों को देखकर दोनों ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश है। पढ़ें पूरी खबर
4. दिग्विजय बोले- हिंदुत्व का सनातन धर्म से लेना-देना नहीं
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। शाजापुर में मां राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा के बाद उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को भी घेरा। पढ़ें पूरी खबर
5. जिला पंचायत उपाध्यक्ष बोले- TI से कहो केशु आया है, थाने को ड्यूटी सिखा दूंगा

वीडियो में जिला पंचायत उपाध्यक्ष थाने के बाहर बैठकर धमकाते नजर आ रहे हैं।
रतलाम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा का पुलिस थाने में धमकी देने का वीडियो सामने आया। वे टेबल पर बैठकर पुलिसकर्मियों से कह रहे हैं, ‘TI से बोलो केशु आया है… थाने को ड्यूटी सिखा दूंगा।’ आदिवासियों को नक्सली बताए जाने पर वे भड़क गए थे। पढ़ें पूरी खबर
6. इंदौर-महू में RSS के पथ संचलन, मंत्री विजयवर्गीय ने की कदमताल
इंदौर और महू में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन निकाले गए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय भी संचलन में शामिल हुए। प्रदेश में 345 बस्तियों में पथ संचलन निकाले जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
7. धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा के पंडाल में आग, पुलिस ने बुझाई
शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा के पंडाल में आग लग गई। बिजली के तारों में स्पार्किंग होने से आग लगने की बात सामने आई। पुलिसकर्मियों ने सीढ़ी लगाकर करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया। पढ़ें पूरी खबर
पॉजिटिव खबर
8. सतना हाफ मैराथन में 22 राज्यों के 5,029 धावक दौड़े

मैराथन में 22 राज्यों के धावकों ने हिस्सा लिया। खेल मंत्री सारंग ने हरी झंडी दिखाई।
सतना हाफ मैराथन-2026 में 22 राज्यों के 5,029 धावकों ने हिस्सा लिया। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की। आयोजन के दौरान सतना को ‘पिंक सिटी’ नाम दिया गया।पढ़ें पूरी खबर
खबर जरा हटके
9. भोपाल कोर्ट के बाहर हथकड़ी लगे आरोपी ने पी सिगरेट, वीडियो वायरल
भोपाल कोर्ट के बाहर हथकड़ी लगे आरोपी की खातिरदारी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आरोपी सिगरेट पीता और मोबाइल पर बात करता नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
कल का बिग इवेंट
10. CM मोहन यादव कल नलखेड़ा और नरसिंहपुर में कार्यक्रमों से जुड़ेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अक्टूबर को नलखेड़ा में मां बगलामुखी लोक का भूमिपूजन करेंगे। इसी दिन वे नरसिंहपुर में होने वाले बलराम कृषि महोत्सव-2026 में किसानों से वर्चुअली संवाद करेंगे।
JEE Main 2027 के जनवरी सत्र का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कैसे होगा आवेदन
जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन 2027 के जनवरी सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट – jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। JEE मेन 2027 के जनवरी सत्र के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 नवंबर है। JEE मेन 2027 का पहला सत्र 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, और इसके एडमिट कार्ड 13 जनवरी को जारी किए जाएंगे।
कैसे करें आवेदन?
उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट – jeemain.nta.nic.in पर जाकर JEE मेन के लिए आवेदन कर सकते हैं। JEE मेन जनवरी सत्र 2027 के लिए आवेदन करने के लिए, उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाना होगा और ‘JEE मेन जनवरी सत्र पंजीकरण’ (JEE Main January session registration) लिंक पर क्लिक करना होगा। आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें। JEE मेन सत्र 1 के आवेदन फॉर्म की PDF को सेव कर लें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें।
- आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं
- ‘JEE मेन आवेदन प्रक्रिया’ (JEE Main application process) लिंक पर क्लिक करें
- JEE मेन आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी भरें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन शुल्क का भुगतान करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें
- JEE मेन 2027 आवेदन फॉर्म की PDF को सेव करें और उसका प्रिंट आउट (हार्ड कॉपी) निकाल लें
JEE मेन जनवरी सेशन 2027 की महत्वपूर्ण तारीखें
- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू: 24 अक्टूबर
- ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख: 22 नवंबर
- लेट फीस के साथ ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करने की तारीख: 23 से 26 नवंबर
- आवेदन फॉर्म के विवरण में सुधार: 27 से 29 नवंबर
- परीक्षा शहर की पर्ची (सिटी एग्जाम स्लिप) जारी होने की तारीख: 30 दिसंबर
- एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: 13 जनवरी
- JEE मेन परीक्षा की तारीखें: 20, 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी
योग्यता मानदंड
- किसी मान्यता प्राप्त केंद्रीय/राज्य बोर्ड, CBSE या CISCE द्वारा आयोजित 10+2 प्रणाली की अंतिम परीक्षा।
- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट या दो साल की प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा।
- नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के जॉइंट सर्विसेज विंग के दो साल के कोर्स की अंतिम परीक्षा।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा आयोजित सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा, जिसमें कम से कम पांच विषय हों।
- भारत या किसी अन्य देश की कोई भी पब्लिक स्कूल/बोर्ड/विश्वविद्यालय परीक्षा, जिसे ‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज’ (AIU) द्वारा 10+2 प्रणाली के समकक्ष मान्यता प्राप्त हो।
- हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट वोकेशनल (व्यावसायिक) परीक्षा।
आवश्यक दस्तावेज
- उम्मीदवार की फोटो, हस्ताक्षर और 10वीं कक्षा (या समकक्ष) के प्रमाण पत्र/मार्कशीट की स्कैन की गई कॉपी अपलोड करें।
- यदि लागू हो तो PwD/PwBD प्रमाण पत्र भी अपलोड करें।
- हाल ही की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो होनी चाहिए, जिसमें सफेद बैकग्राउंड के सामने चेहरा (बिना मास्क के) 80% दिखना चाहिए और कान भी दिखाई देने चाहिए।
- फोटो का नाम ‘Photograph’ रखें; यह JPG/JPEG फॉर्मेट में होनी चाहिए (साफ तौर पर दिखाई देने वाली) और इसका साइज 10 kb से 300 kb के बीच होना चाहिए।
- हस्ताक्षर (सिग्नेचर) की फाइल का नाम ‘Signature’ रखें; यह JPG/JPEG फॉर्मेट में होनी चाहिए (साफ तौर पर दिखाई देने वाली) और इसका साइज 10 kb से 50 kb के बीच होना चाहिए।
- कक्षा 10 या इसके समकक्ष प्रमाण-पत्र/अंक-पत्र की स्कैन की गई कॉपी का नाम ‘Class-X Certificate’ होना चाहिए। यह 10 kb से 300 kb के बीच की PDF फाइल होनी चाहिए (जिसमें सब कुछ स्पष्ट रूप से पढ़ा जा सके)।
- PwD/PwBD प्रमाण-पत्र की स्कैन की गई कॉपी का नाम ‘Disability Certificate’ होना चाहिए। यह 10 kb से 300 kb के बीच की PDF फाइल होनी चाहिए (जिसमें सब कुछ स्पष्ट रूप से पढ़ा जा सके)।
JEE Main 2027 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया आधिकारिक वेबसाइट – jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
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