Friday, October 9, 2026
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अज्ञात वाहन की टक्कर से दो युवकों की मौत: आगरा में आगरा-जलेसर मार्ग पर हादसा, आवल खेड़ा से गांव लौट रहे थे – Khandauli(Etmadpur) News




आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र में आगरा-जलेसर मार्ग पर गुरुवार रात करीब 10 बजे एक सड़क हादसा हो गया। बास मोहन सहाय के पास अज्ञात वाहन ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। उपनिरीक्षक निखिल राजपूत ने बताया कि मरने वालों की पहचान पुरा गोवर्धन निवासी राहुल राजपूत और अतीन्द्र राजपूत के रूप में हुई है। दोनों आवल खेड़ा की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में बास मोहन सहाय के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों मृतक आपस में रिश्तेदार भी थे। सूचना मिलने पर खंदौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। इस घटना से गांव में दुख का माहौल है।



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ठंडी हवाओं और बादलों ने दिलाई भीषण गर्मी से राहत: आगामी दिनों में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी – Jaisalmer News




जैसलमेर में शुक्रवार को मौसम का मिजाज बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिली। आसमान में बादलों की आवाजाही और ठंडी हवाओं के चलने से तापमान के तेवर नरम पड़े हैं। मौसम में आए इस बदलाव के पीछे उत्तर भारत के वायुमंडल में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव बताया जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दिनों में जैसलमेर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और बारिश की संभावना नहीं है। चार दिन साफ रहेगा आसमान, बारिश के आसार नहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 10 से 13 अक्टूबर तक जैसलमेर में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने और मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में धूप रहने के साथ सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ से बदला हवाओं का रुख मौसम में आए बदलाव की वजह उत्तर भारत के ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव माना जा रहा है। इससे पहले जैसलमेर सहित पश्चिमी राजस्थान में गर्म और शुष्क हवाएं चल रही थीं। वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव के कारण हवाओं के रुख में परिवर्तन हुआ, जिससे आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिली। बादलों की छांव और ठंडी हवाओं के कारण गर्मी का असर कुछ कम हुआ है। हालांकि, मौसम में बदलाव के बावजूद फिलहाल तेज बारिश या आंधी जैसे हालात बनने की संभावना नहीं जताई गई है। धीरे-धीरे बदलने लगेगा मौसम का मिजाज मौसम केंद्र जयपुर के पूर्वानुमान के अनुसार, आगामी दिनों में तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। सुबह और शाम के तापमान में नरमी के साथ लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, दिन के समय अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक रहने के कारण गर्मी का असर पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है।



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समस्तीपुर- अनियंत्रित बोलेरो से कुचलकर दो चचेरे भाइयों की मौत: बच्चे को सांप ने काटा था, इलाज के बाद बच्चा सो न जाए, इसलिए सड़क पर टहल रहे थे – Samastipur News




समस्तीपुर के मोहनपुर में नेशनल हाइवे-122B के किनारे गुरुवार देर रात एक तेज रफ्तार बोलेरो ने सड़क किनारे बैठे पांच लोगों को कुचल दिया। हादसे के शिकार दो चचेरे भाइयों की मौत हो जबकि, जबकि तीन घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए एडमिट कराया गया है। हादसे में दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान मोहनपुर ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या-3 के रहने वाले खोभारी ठाकुर के बेटे पप्पू ठाकुर और नरेश ठाकुर के बेटे विकास ठाकुर के रूप में हुई है। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। परिजन आनन-फानन में दोनों युवकों को मोहनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायलों में सांप काटने वाला एक लड़का भी शामिल है। हादसे में उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद बोलेरो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सांप काटने के बाद रातभर जगाने की दी गई थी सलाह मृतक के चाचा के अनुसार, विकास ठाकुर के बेटे को शाम में सांप ने काट लिया था। इसके बाद परिजन उसे झाड़-फूंक कराने के लिए एक भगत के पास ले गए। वहां से लौटने के बाद भगत ने लड़के को रातभर जगाकर रखने की सलाह दी थी। इसी वजह से परिवार के लोग रात में जाग रहे थे। बताया गया कि इसी दौरान कुछ लोग गांव में सड़क किनारे बैठे या घूम रहे थे। तभी तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर वहां पहुंची और लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में पप्पू ठाकुर और विकास ठाकुर की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए। डीएसपी ने कहा- ड्राइवर बोलेरो लेकर फरार पटोरी के डीएसपी बीके मेधावी ने बताया कि सड़क किनारे बोलेरो की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हुई है, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। हादसे के बाद चालक बोलेरो लेकर फरार हो गया। मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। फरार बोलेरो चालक और वाहन के संबंध में आगे की जानकारी का इंतजार है।



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बसों की बॉडी-इंटीरियर के नाम पर 2 करोड़ की ठगी: इंदौर का गैरेज संचालक 18 से ज्यादा बस मालिकों से एडवांस लेकर फरार – Indore News




इंदौर में बसों की बॉडी बनाने वाले गैरेज संचालक पर 2 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। आरोपी ने बसों की बॉडी बिल्डिंग, सीट कवर, एसी और इंटीरियर के काम के नाम पर एडवांस रकम ली, लेकिन काम पूरा किए बिना फरार हो गया। 18 से ज्यादा बस संचालकों की शिकायत पर विजय नगर थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जनसुनवाई में डीसीपी से की शिकायत विजय नगर पुलिस के अनुसार, फरियादी राजा दिव्यांशु बर्मन, प्रथम गुप्ता, सूरज भारद्वाज, शमशेर सिंह और अन्य बस मालिकों ने आरोपी मोहित उर्फ मन्नू पुत्र सत्यनारायण दीक्षित के खिलाफ जनसुनवाई में डीसीपी को लिखित शिकायत दी थी। पीड़ितों के मुताबिक, आरोपी ‘एमबी बस’ के नाम से बसों की बॉडी बनाने और कस्टमाइजेशन का काम करता है। बस संचालकों ने बॉडी बिल्डिंग, सीट कवर, एसी और इंटीरियर के काम के लिए उसे कुल 2 करोड़ रुपए से ज्यादा दिए थे। आरोप है कि एडवांस रकम लेने के बाद उसने काम अधूरा छोड़ दिया और पैसा लेकर फरार हो गया। 18 से ज्यादा बस संचालकों से रकम लेने का आरोप पीड़ितों ने बताया कि लंबे समय से व्यावसायिक लेनदेन होने के कारण उन्हें आरोपी पर भरोसा था। इसी भरोसे पर उन्होंने काम के लिए मोटी रकम एडवांस में दी। कुछ मामलों में आरोपी ने काम कराने के बाद भी सप्लायरों और कारीगरों का भुगतान नहीं किया। ठगी का अहसास होने पर बस मालिक कई दिनों तक आरोपी के गैरेज और विजय नगर स्थित ठिकानों पर जाते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने डीसीपी से शिकायत की। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी मोहित उर्फ मन्नू के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।



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गुलाब जामुन तलते ही फटने लगते हैं या अंदर रह जाती है गांठ? ऐसे बनाएं परफेक्ट मिठाई

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Gulab Jamun Recipe: गुलाब जामुन बनाते समय अक्सर ऐसा होता है कि बाहर से मिठाई का रंग तो अच्छा आ जाता है, लेकिन अंदर गांठें रह जाती हैं. कभी जामुन तलते समय फटने लगते हैं तो कभी चाशनी में डालने के बाद भी अंदर से सख्त रहते हैं. इसकी एक वजह खोया या मिल्क पाउडर के मिश्रण का सही तरीके से तैयार न होना हो सकती है. अच्छी बात यह है कि कुछ छोटी बातों का ध्यान रखकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

खोया छानने से लेकर आटा मिलाने और आटा गूंथने तक की प्रक्रिया में सावधानी जरूरी है. आइए जानते हैं कि गुलाब जामुन का मिश्रण बिना गांठ वाला कैसे बनाएं और गूंथते समय किन गलतियों से बचें.

गुलाब जामुन के मिश्रण में गांठें क्यों पड़ती हैं?

गुलाब जामुन का मिश्रण खोया, पनीर, मैदा या मिल्क पाउडर जैसी सामग्री से बनाया जा सकता है. हर विधि में गांठ पड़ने की वजह थोड़ी अलग हो सकती है. खोया इस्तेमाल कर रहे हैं तो वह सूखा, कड़ा या दानेदार होने पर मिश्रण में छोटे-छोटे टुकड़े छोड़ सकता है. वहीं मिल्क पाउडर को बिना छाने या सही लिक्विड के बिना मिलाने से भी गांठें बन सकती हैं. एक और आम गलती है कि मिश्रण को जरूरत से ज्यादा गूंथ दिया जाता है. इससे तैयार जामुन की बनावट पर असर होता है. इसलिए शुरुआत में ही सामग्री को अच्छी तरह मिलाना और जरूरत के अनुसार नमी बनाए रखना जरूरी है.

बिना गांठ की गुलाब जामुन बनाने के लिए अपनाएं ये तरीके

1. खोया इस्तेमाल कर रहे हैं तो पहले उसे अच्छी तरह मसलें

अगर आप मावे से गुलाब जामुन बना रहे हैं तो सबसे पहले उसे कमरे के तापमान पर थोड़ा नरम होने दें. इसके बाद हाथों से अच्छी तरह मसलें या बड़ी छलनी से छान लें. इससे मावे के बड़े टुकड़े अलग हो जाएंगे और मिश्रण ज्यादा एकसार बनेगा. अगर मावा बहुत सूखा है तो उसे जबरदस्ती ज्यादा दूध डालकर गीला न करें. जरूरत के मुताबिक ही नमी बढ़ाएं.

2. मिल्क पाउडर को छानकर इस्तेमाल करें

मिल्क पाउडर से गुलाब जामुन बना रहे हैं तो उसे मैदा और बेकिंग पाउडर जैसी सूखी सामग्री के साथ छलनी से छान लें. इससे पाउडर के छोटे लम्प्स टूट जाएंगे और सभी सामग्री आपस में अच्छी तरह मिल सकेगी. दूध या अन्य तरल सामग्री एक साथ बहुत ज्यादा डालने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिलाएं.

3. आटा गूंथने के बजाय हल्के हाथों से मिलाएं

गुलाब जामुन का मिश्रण रोटी के आटे की तरह सख्त नहीं गूंथना चाहिए. सामग्री को हल्के हाथों से मिलाकर नरम और एकसार मिश्रण तैयार करें. अगर मिश्रण सूखा लगे तो विधि के अनुसार थोड़ा दूध डालें. अगर वह चिपचिपा है तो तुरंत बहुत सारा मैदा डालने के बजाय पहले कुछ देर उसकी बनावट देखें.

4. तलने से पहले छोटी-सी लोई बनाकर जांचें

मिश्रण तैयार होने के बाद एक छोटा गोला बनाएं. उसकी सतह चिकनी होनी चाहिए और उसमें दरारें नहीं दिखनी चाहिए. अगर गोले पर दरारें पड़ रही हैं तो मिश्रण में नमी कम हो सकती है. ऐसे में थोड़ी नमी मिलाकर दोबारा हल्के हाथों से एकसार करें. एक छोटा जामुन तलकर देखना भी सही है. इससे पता चल सकता है कि मिश्रण ठीक है या उसमें बदलाव की जरूरत है.

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गांठें रह गई हों तो क्या करें?

अगर मिश्रण में बड़ी गांठें दिखाई दे रही हैं तो उन्हें उंगलियों से धीरे-धीरे तोड़कर बाकी मिश्रण में मिलाएं. खोया वाले मिश्रण को हल्के हाथों से दोबारा मसल सकते हैं. मिल्क पाउडर के मिश्रण में सूखी गांठें हों तो थोड़ा-सा दूध डालकर धीरे-धीरे मिलाएं.

ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा दूध या मैदा डालने से मिश्रण बिगड़ सकता है. इसी तरह तैयार जामुन को तेज आंच पर तलने से बाहर की परत जल्दी गहरी हो सकती है, जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पकता. इसलिए मीडियम से धीमी फ्लेम पर धीरे-धीरे तलना बेहतर रहता है.

चाशनी भी होनी चाहिए सही

बिना गांठ वाले मिश्रण के बावजूद गुलाब जामुन का अंदरूनी हिस्सा सख्त रह सकता है, अगर गोले बहुत बड़े हों या तलने का तापमान सही न हो. चाशनी भी इतनी गाढ़ी नहीं होनी चाहिए कि जामुन उसमें आसानी से रस न सोख पाएं. तले हुए जामुन को गर्म चाशनी में डालने से पहले आंच बंद कर दें या चाशनी को हल्का गर्म रखें. उन्हें 2-3 घंटे का समय दें ताकि वे रस सोख सकें.



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अमेरिकी झटके के बाद भी शेयर बाजार में छाई रौनक, सेंसेक्स 500 अंक उछला


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शेयर बाजार में आज क्या हलचल रही, किन शेयरों में तेजी या गिरावट देखने को मिली और बाजार की चाल को किन खबरों ने प्रभावित किया, इसकी हर अपडेट आपको यहां मिलेगी. ग्लोबल मार्केट के संकेतों से लेकर सेंसेक्स-निफ्टी की च…और पढ़ें

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शेयर बाजार में आज तेजी के साथ शुरुआत होने के संकेत मिल रहे हैं.

आज 9 अक्टूबर को शेयर बाजार हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आ रहा है. गिफ्ट निफ्टी 71 अंक उछलकर 22,364 के स्तर पर कारोबार करते हुए सुबह 7 जबे नजर आया. वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और क्रूड 0.74 फीसदी फिसलकर 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटकर 5.23 फीसदी पर पहुंच गई है. इन ग्लोबल संकेतों के बीच आज बाजार की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी. इसके अलावा, विदेशी बाजारों के रुख और बड़े शेयरों में होने वाली खरीदारी-बिकवाली से भी बाजार की दिशा तय हो सकती है.

शेयर बाजार में तेजी कायम

शेयर बाजार में तेजी जारी है. सेंसेक्स 499.06 अंक यानी 0.70% चढ़कर 72,092.30 के स्तर पर पहुंच गया है. वहीं, निफ्टी 157.10 अंक की बढ़त के साथ 22,388.90 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

TCS के शेयर्स में तेजी

बाजार खुलते ही TCS के शेयरों में 3.5% से ज्यादा की तेजी आई है.

TCS के नतीजे कैसे रहे

TCS के CEO और MD के कृतिवासन ने कहा कि कंपनी लगातार पांचवीं तिमाही में पॉजिटिव ग्रोथ दर्ज कर रही है और सभी प्रमुख बाजारों में अच्छा प्रदर्शन रहा है. उनके मुताबिक, करीब 50% आईटी सर्विसेज कॉन्ट्रैक्ट में कीमतों में कमी का असर दिख रहा है. AI के कारण कुछ प्रोजेक्ट्स में 10-20% तक कीमतों में गिरावट हो सकती है, लेकिन यह हर कॉन्ट्रैक्ट पर लागू नहीं होती. AI की मदद से नए प्रोजेक्ट्स में बेहतर बिजनेस नतीजे मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि पुराने कारोबार में कमी के मुकाबले नई टेक्नोलॉजी और सर्विसेज तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन AI से होने वाली ग्रोथ कब तक इस कमी की भरपाई करेगी, यह कहना मुश्किल है. कमजोर खर्च के बावजूद कंपनियों का वेंडर कंसोलिडेशन और टेक्नोलॉजी मॉडर्नाइजेशन TCS के लिए नए मौके बना रहे हैं. उन्होंने टाटा संस के विवाद का TCS पर कोई असर होने से भी इनकार किया.

शेयर बाजार की ओपनिंग

शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल रही है. सेंसेक्स 295.61 अंक यानी 0.41% चढ़कर 71,888.85 के स्तर पर पहुंच गया है. वहीं, निफ्टी 90.50 अंक यानी 0.41% की बढ़त के साथ 22,322.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.



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अमेरिका में 2 लाख भारतवंशी वोटर्स के नाम कटे: मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प को हार का डर; 2024 में 65% ने विपक्ष को वोट दिया था


49 मिनट पहलेलेखक: न्यूयॉर्क से भास्कर के लिए मोहम्मद अली

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अमेरिका की वोटर लिस्ट से 2 लाख भारतीय मूल के वोटर्स का नाम कट गया है। इन लोगों के नाम उन 26 राज्यों में काटे गए हैं, जहां ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी की सरकार है।

अमेरिका में करीब 21 लाख भारतवंशी वोटर्स हैं। 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं। इन चुनावों में ट्रम्प की पार्टी को हार का डर सता रहा है। इसकी एक वजह भारतीय मूल के वोटरों का रुझान है, जो हमेशा से उनकी विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर रहा है।

2024 के राष्ट्रपति चुनाव में करीब 65% भारतीय मूल के लोगों ने डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को वोट दिया था।

ओहायो के वैंडालिया स्थित बटलर हाई स्कूल में आयोजित चुनावी रैली के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।

ओहायो के वैंडालिया स्थित बटलर हाई स्कूल में आयोजित चुनावी रैली के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।

वोटर लिस्ट की जांच क्यों हो रही

अमेरिका में ट्रम्प प्रशासन वोटर लिस्ट की जांच कर रहा है, ताकि अयोग्य वोटर्स के नाम हटाए जा सकें। सरकार का कहना है कि इससे चुनाव में गड़बड़ी रोकने और वोटिंग प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

इसी मकसद से ट्रम्प ‘सेव अमेरिका एक्ट’ का समर्थन कर रहे हैं। फरवरी में अमेरिकी संसद के निचले सदन ने इस बिल को मंजूरी दी थी। इसके तहत वोटर के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने वालों को अमेरिकी नागरिकता साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट जैसे दस्तावेज देने होंगे।

वोट डालने के लिए पहचान पत्र दिखाने के नियम भी सख्त किए जाएंगे। ये नियम मतदान केंद्र पर और डाक से वोट डालने, दोनों पर लागू होंगे।

ट्रम्प चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली होने के दावा करते रहे हैं। हालांकि, इन दावों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं मिले हैं। ब्रेनन सेंटर फॉर जस्टिस की एक रिसर्च में भी जांच किए गए चुनावों में धांधली के मामले बेहद कम पाए गए।

बिल के विरोधियों का कहना है कि सख्त दस्तावेजी नियमों के कारण उन योग्य नागरिकों को भी वोट देने में परेशानी हो सकती है, जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट नहीं है। मोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का आरोप है कि ट्रम्प प्रशासन इन कदमों से मिडटर्म चुनावों को प्रभावित करना चाहता है।

ट्रम्प के कामकाज से 70% अमेरिकी संतुष्ट नहीं

ट्रम्प के खिलाफ उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी में बगावत के संकेत दिखने लगे हैं। ट्रम्प की लोकप्रियता घट रही है। पार्टी नेताओं को डर है कि मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प का साथ उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है।

नवंबर में होने वाले चुनाव से पहले कई रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रम्प से दूरी बना रहे हैं। कुछ ने अपनी चुनावी वेबसाइट से ट्रम्प और उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ एजेंडे का जिक्र हटा दिया है। कुछ नेता उनके साथ मंच साझा करने से भी बच रहे हैं।

AP-NORC सर्वे के मुताबिक, सिर्फ 30% अमेरिकी ट्रम्प के कामकाज से खुश हैं। अर्थव्यवस्था पर उनकी अप्रूवल रेटिंग 26% है। महंगाई से निपटने के मामले में यह सिर्फ 17% है। 65% से ज्यादा अमेरिकी बढ़ती कीमतों के लिए ट्रम्प की नीतियों को जिम्मेदार मानते हैं।

संसद में ट्रम्प के लिए बहुमत बचाना जरूरी है

  • मिडटर्म चुनाव ये चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के बीच में होते हैं। इनमें अमेरिकी लोग संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों – हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट के लिए प्रतिनिधि चुनते हैं।
  • इन चुनावों से यह तय होता है कि अगले दो साल में अमेरिकी संसद में किस पार्टी की ताकत कितनी रहेगी। सीनेट में 100 सदस्य होते हैं। इस बार 35 सीटों पर चुनाव होने हैं।
  • वहीं हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 435 सीटों पर चुनाव होने हैं। अभी रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में 53 सीटें हैं। जबकि हाउस में 218 सीटें हैं।
  • अगर ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ये चुनाव हार जाती है तो संसद में ट्रम्प के लिए बिल पास कराना बहुत मुश्किल हो जाएगा। वह अपनी मर्जी से किसी बिल को सीधे कानून नहीं बना पाएंगे।

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यह खबर भी पढ़ें…

ट्रम्प ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने गुरुवार को 8 बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इनमें भारत की चार कंपनियां टाटा, इंफोसिस, विप्रो और HCL हैं। इनके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी पर भी यह रोक लगाई गई है। पूरी खबर पढ़ें…



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ज्ञानेश कुमार-SIR के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन का चौथा दिन: PM हाउस-राष्ट्रपति भवन तक जा सकते हैं, CEC के घर और दफ्तर की सुरक्षा बढ़ी


नई दिल्ली6 मिनट पहले

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विपक्षी सांसद गुरुवार को प्रदर्शन के तीसरे दिन राजघाट पहुंचे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन का शुक्रवार को चौथा दिन है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, INDIA ब्लॉक के सांसद आज दोपहर 3 बजे संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में बैठक करेंगे। इसके बाद विपक्षी सांसद गृह मंत्री, पीएम आवास, सेवा तीर्थ या उपराष्ट्रपति आवास की ओर मार्च कर सकते हैं।

विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने के लिए 10 अक्टूबर का समय मांगा है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, मुलाकात के लिए पहला 2 अक्टूबर को समय मांगा गया था। समय नहीं मिलने पर राष्ट्रपति भवन तक प्रदर्शन किया जा सकता है।

लगातार हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ज्ञानेश कुमार के सरकारी आवास और चुनाव आयोग के के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हुई झड़पों को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ अब तक 4 FIR दर्ज की जा चुकी हैं।

प्रदर्शन को लेकर विपक्ष और दिल्ली पुलिस की तैयारी

  • 9 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में करीब 23,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किए जा सकते हैं।
  • पुलिस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सरकारी आवास और चुनाव आयोग के ऑफिस के आस-पास सुरक्षा बढ़ा दी है।
  • कुमार को फिलहाल Z-प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है, जिसमें दिल्ली पुलिस के 32 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं।
  • कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन दिल्ली में शराब की सभी रिटेल दुकानें 9 और 10 अक्टूबर को बंद रहेंगी।
  • दिल्ली हाईकोर्ट आज इंडियन यूथ कांग्रेस की याचिका पर सुनवाई कर सकता है, जिसमें जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की इजाजत मांगी गई है।

कनॉट प्लेस में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस इलाके में कश्मीरी युवक पर हमले के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई युवक की शिकायत के बाद हुई।

पुलिस ने गुरुवार को हुई घटना में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये घटना गुरुवार को कांग्रेस के प्रदर्शन से थोड़ी देर पहले हुई थी।

प्रदर्शन के पिछले 3 दिन…

8 अक्टूबर- राहुल-प्रियंका ने राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि दी; खड़गे बोले- सरकार वोट देने का अधिकार छीन रही

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में विपक्ष ने दिल्ली में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया। राहुल-प्रियंका गांधी और INDIA ब्लॉक के सांसदों ने पहले कनॉट प्लेस में लंच किया, फिर बसों से राजघाट पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए भारी सुरक्षा व्यववस्था की गई थी। राजघाट पर करीब एक घंटे इंतजार के बाद उन्हें अंदर जाने दिया। यहां सांसदों ने बापू को श्रद्धांजलि दी। पढ़ें पूरी खबर…

7 अक्टूबर- राहुल तीसरी बार हिरासत में; बोले- CEC की नियुक्ति अवैध, इस्तीफे तक नहीं रुकेंगे

राहुल और प्रियंका गांधी ने बुधवार को लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। इस बार दोनों जंतर-मंतर के 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो प्रियंका संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर लेट गईं। दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी ऑफिस में जबरन घुसने के आरोप में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत आकाशवाणी ऑफिस की ओर से की गई है। पढ़ें पूरी खबर…

6 अक्टूबर- विपक्ष ने मार्च निकाला, राहुल-प्रियंका 8 घंटे धरने पर बैठे रहे, पुलिस ने 2 घंटे हिरासत में रखा

पहले दिन इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। इस दौरान राहुल और प्रियंका को दो बार हिरासत में लिया गया। पढ़ें पूरी खबर…



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AMU में गतिरोध, रात 3 बजे तक वार्ता बेनतीजा: छात्रसंघ बहाली-निलंबन वापसी पर सहमति के संकेत, प्रॉक्टर के इस्तीफे पर अटका मामला; शुक्रवार को आंदोलन और तेज करने की तैयारी – Aligarh News




अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में छात्रसंघ बहाली और निलंबित छात्र यासिर फहद की बहाली को लेकर चल रहा आंदोलन 19वें दिन शुक्रवार तड़के तक भी निर्णायक मोड़ पर नहीं पहुंच सका। धरना खत्म कराने के लिए कुलपति स्तर से शुरू हुई पहल गुरुवार देर रात तक चली, लेकिन प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान के इस्तीफे की मांग पर मामला अटक गया। कुलपति आवास पर दूसरे प्रतिनिधिमंडल के साथ रात 3 बजे तक चली वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद छात्रों ने धरना जारी रखने का ऐलान कर दिया। अब शुक्रवार को आंदोलन और उग्र होने के संकेत हैं।
आंदोलन खत्म होने की उम्मीद उस समय जगी, जब बुधवार से कुलपति की ओर से छात्रों के प्रतिनिधिमंडलों के साथ वार्ता शुरू हुई। शुरुआती दौर में संकेत मिले कि छात्रसंघ बहाली और यासिर फहद का निलंबन वापस होने पर सहमति बन सकती है। लेकिन बातचीत आगे बढ़ी तो छात्रों ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने और प्रॉक्टर को पद से हटाने की मांग भी सामने रख दी। यहीं से वार्ता का रुख बदल गया।
खुद यासिर ने जारी किए थे 12 छात्रों के नाम देर रात दूसरे दौर की वार्ता के लिए 12 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति आवास पहुंचा। इसमें कौन-कौन शामिल होगा, यह नाम खुद भूख हड़ताल पर बैठे यासिर फहद ने तय किए थे। रात करीब एक बजे प्रतिनिधिमंडल के मिलने जाने से पहले यासिर ने सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो बाइट के साथ पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने प्रतिनिधिमंडल में शामिल होकर जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी और खुद वार्ता में शामिल नहीं हो पाने की वजह बताई। खराब तबीयत के चलते यासिर प्रतिनिधिमंडल के साथ नहीं जा सके। 12 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल रात 3 बजे तक डटा रहा
देर रात दूसरे दौर की वार्ता के लिए 12 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति आवास पहुंचा। कुलपति के सामने हुई इस बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों, रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर की मौजूदगी भी रही। छात्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, वार्ता के दौरान कुलपति ने छात्रसंघ बहाली के लिए मुख्य चुनाव अधिकारी नियुक्त करने और चुनाव कराने की घोषणा करने पर सहमति के संकेत दिए। यासिर फहद का निलंबन वापस लेने पर भी सकारात्मक रुख सामने आने की बात कही गई। मगर छात्र प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। कुलपति की ओर से इस मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण रात 3 बजे तक चली वार्ता किसी निर्णय पर नहीं पहुंच सकी। प्रतिनिधिमंडल बाहर आया और छात्रों ने धरना स्थल पर लौटकर आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।
प्रॉक्टर के इस्तीफे पर फंसा पूरा मामला
आंदोलन अब सिर्फ छात्रसंघ बहाली और यासिर फहद के निलंबन वापसी तक सीमित नहीं रह गया है। छात्रों ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों की वापसी और प्रॉक्टर को हटाने की मांग भी जोड़ दी है। ऐसे में छात्रसंघ चुनाव और निलंबन वापसी पर सहमति के संकेत मिलने के बावजूद गतिरोध खत्म नहीं हो सका। फिलहाल प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग ही वार्ता में सबसे बड़ी अड़चन बनकर उभरी है। छात्रों के रुख से साफ है कि वे मांगों के एक हिस्से पर आश्वासन मिलने भर से धरना खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। शुक्रवार तड़के तीन बजे तक आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट कर दिया कि धरना जिस तरह चल रहा था, उसी तरह जारी रहेगा।
यासिर फहद की बिगड़ती हालत, दो नए छात्रों के भूख हड़ताल पर बैठने की तैयारी
आंदोलन के 19वें दिन पहुंचने के साथ यासिर फहद की सेहत भी बड़ा मुद्दा बन गई है। वह लगातार भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आ रही है। इसी वजह से वह कुलपति से वार्ता करने गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं हुए। छात्रों की ओर से संकेत दिए गए हैं कि यदि यासिर की मेडिकल रिपोर्ट में अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत सामने आती है, तो भूख हड़ताल जारी रखने के लिए दो अन्य छात्र तैयार हैं। यासिर की बिगड़ती सेहत के बीच आंदोलन को जारी रखने की यह तैयारी प्रशासन की चिंता बढ़ा सकती है। आधी रात के बाद वायरल हुए मैसेज, प्रॉक्टर पर मांगें पूरी न करने का आरोप
तीन बजे छात्रों के वीसी आवास से वापस आने के बाद सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो रहे हैं। वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि छात्रों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है। प्रॉक्टर के सामने बैठकर बातचीत करने के बावजूद केवल उनके इस्तीफे को लेकर सफाई दी जा रही थी। मैसेज में आरोप लगाया गया है कि बातचीत में छात्रों की मांगों पर ठोस प्रगति नहीं हुई और केवल बातें सुनकर छोड़ दिया गया। बाहरी समर्थन से आंदोलन को मिल रहा विस्तार
शुरुआत में विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित दिख रहा यह आंदोलन अब बाहरी समर्थन भी जुटा रहा है। एएमयू के पूर्व छात्र यानी अलीग्स और कॉकरोच जनता पार्टी सहित अन्य नीतिक दलों से जुड़े लोगों की सक्रियता बढ़ने से धरने का दायरा विस्तृत हुआ है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती सिर्फ छात्रों को वार्ता की मेज पर लाने की नहीं, बल्कि सभी प्रमुख मांगों पर सहमति बनाने की भी है।
साइन-डाई की आशंका के बीच सर सैयद डे की तैयारी
विश्वविद्यालय में 17 अक्टूबर को होने वाला सर सैयद डे सालाना आयोजन है। ऐसे में आंदोलन का लंबा खिंचना प्रशासन के लिए अतिरिक्त चुनौती बन सकता है। यदि गतिरोध नहीं टूटा तो परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने और विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन बंदी यानी साइन-डाई जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऐसी किसी घोषणा की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल एक तरफ प्रशासन आंदोलन समाप्त कराने के लिए वार्ता के रास्ते तलाश रहा है, तो दूसरी तरफ छात्र प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग छोड़े बिना धरना जारी रखने पर अड़े हैं। रात 3 बजे वार्ता खत्म होने के बाद छात्रों के रुख ने साफ कर दिया है कि शुक्रवार को आंदोलन खत्म होने के बजाय और तेज हो सकता है। छात्राओं की बढ़ती भागीदारी, गाना-बजाना और नाटक से प्रदर्शन
शुरुआत में विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित दिख रहा यह आंदोलन अब कैंपस के दूसरे हिस्सों तक फैल रहा है। अब्दुल्ला कॉलेज की छात्राओं के साथ अन्य छात्र-छात्राएं और हॉस्टलों से जुड़े विद्यार्थी भी लगातार आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। छात्राओं की बढ़ती भागीदारी से धरना स्थलों पर आंदोलन को समर्थन मिल रहा है। डक प्वाइंट और अब्दुल्ला कॉलेज के गेट पर चल रहे धरनों के बीच रात में भी लगातार संपर्क बना रहता है। दोनों स्थानों के छात्र एक-दूसरे से संपर्क में रहकर गतिविधियों का तालमेल बनाते हैं। इसी संवाद के साथ आंदोलन की गतिविधियों को गति मिल रही है। प्रदर्शन के तरीके भी बदल रहे हैं। धरना स्थलों पर नारेबाजी और भाषणों के साथ गाना-बजाना और नाटक जैसी गतिविधियां भी शुरू हो गई हैं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए धरनों में दिखाई देने वाले रचनात्मक विरोध के तरीकों की तर्ज पर छात्र सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी अपनी बात रख रहे हैं।



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ट्रम्प ने मस्क को नेशनल साइंस मेडल से नवाजा: बोले- इलॉन हमारे दौर के थॉमस एडिसन हैं, साइंस को हकीकत में बदल दिया




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में आयोजित ‘साइंस: ए न्यू गोल्डन एज समिट’ में इलॉन मस्क को नेशनल मेडल ऑफ साइंस से सम्मानित किया। ट्रम्प ने अंतरिक्ष खोज, तकनीक और इनोवेशन में मस्क के योगदान की तारीफ करते हुए उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ और ‘आधुनिक दौर का थॉमस एडिसन’ बताया। अवार्ड देने से पहले ट्रम्प ने मस्क को उद्योग जगत का दिग्गज, शानदार इंजीनियर और अब तक के सबसे महान टेक्नोलॉजी फाउंडर्स में से एक बताया। उन्होंने कहा कि मस्क की प्रतिभा और दृढ़ संकल्प ने विज्ञान-कथा को हकीकत में बदल दिया है। ट्रम्प ने टेस्ला में मस्क की भूमिका की तारीफ की ट्रम्प ने टेस्ला की स्थापना में मस्क की भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने टेस्ला को 75 साल से ज्यादा समय में सफल होने वाली पहली नई कार निर्माता कंपनी बताया और कहा कि कंपनी ने इलेक्ट्रिक कारों और सेल्फ-ड्राइविंग तकनीक को व्यावसायिक रूप से सफल बनाया। ट्रम्प ने अपने चाचा डॉ. जॉन ट्रम्प का भी जिक्र किया, जिन्हें अमेरिकी सरकार ने आविष्कारक निकोला टेस्ला के काम का आकलन करने के लिए नियुक्त किया था। उन्होंने मस्क के न्यूरालिंक और सुपरइंटेलिजेंस से जुड़े काम की भी तारीफ की। ट्रम्प ने कहा कि मस्क ऐसे लोगों की नजर, बोलने और चलने की क्षमता बहाल करने पर काम कर रहे हैं, जो इन्हें खो चुके हैं। नेशनल मेडल ऑफ साइंस की स्थापना 1959 में हुई थी नेशनल मेडल ऑफ साइंस से गूगल के को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन, एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग और एएमडी की सीईओ लिसा सु को भी सम्मानित किया गया। वहीं, डेल टेक्नोलॉजीज के सीईओ माइकल डेल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिया गया। यह ट्रम्प के दोनों कार्यकालों में पहली बार था, जब उन्होंने नेशनल मेडल ऑफ साइंस और नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन दिए। —————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने टाटा-विप्रो को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड किया:8 आईटी कंपनियों के खिलाफ एक्शन, अमेरिका में काम कर रहे भारतीयों पर सीधा असर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन ने गुरुवार को 8 बड़ी आईटी कंपनियों को ग्रीन कार्ड प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। इनमें भारत की चार कंपनियां टाटा, इंफोसिस, विप्रो और HCL हैं। इनके अलावा माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी, कॉग्निजेंट और कैपजेमिनी पर भी यह रोक लगाई गई है। पूरी खबर पढ़ें…



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