मेरठ के सेंट्रल मार्केट में आर्थिक संकट से जूझ रहे एक परिवार में गुरुवार रात ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को झकझोरकर रख दिया। 35 वर्षीय करुणेश ने पहले चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर खुद पिया। इसके बाद अपनी आठ माह की गर्भवती पत्नी काजल और दो मासूम बेटियों को भी कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। चारों की हालत बिगड़ने पर पड़ोसियों की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। पत्नी और दोनों बच्चियों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि करुणेश की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उसे वेंटिलेटर पर रखने के बाद जगदंबा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना को लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। पड़ोस में रहने वाली महिला ने परिवार की बदहाली के लिए आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, नौचंदी पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में पति-पत्नी के बीच विवाद की बात सामने आई है। करुणेश लंबे समय से सेंट्रल मार्केट में चाय की दुकान चलाता था। आरोप है कि आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान उसकी दुकान भी टूट गई। इसके बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। दुकान से होने वाली आमदनी बंद होने के बाद करुणेश ठेला चलाकर परिवार का खर्च उठाने की कोशिश कर रहा था लेकिन आर्थिक हालात में सुधार नहीं हो पा रहा था। पड़ौसी महिला के मुताबिक, परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर था। दुकान टूटने के बाद उसकी परेशानी और बढ़ गई। आधी रात चाय और कोल्ड ड्रिंक में मिलाया जहरीला पदार्थ
बताया गया कि गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे करुणेश ने चाय में जहरीला पदार्थ मिलाकर पी लिया। इसके बाद उसने अपनी पत्नी काजल और दोनों मासूम बेटियों को कोल्ड ड्रिंक में जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। कुछ ही देर में काजल और दोनों बच्चियों को उल्टियां होने लगीं लेकिन करुणेश की हालत भी बिगड़ने लगी। काजल ने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग सक्रिय हुए। पड़ोस में रहने वाली महिला को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने पास ही रहने वाले अभिनव नाम के युवक को करुणेश के घर भेजा। अभिनव ने बिना देर किए चारों को अपनी गाड़ी में बैठाया और अस्पताल लेकर पहुंचा। लोकप्रिय से पारस, फिर आनंद अस्पताल पहुंचे चारों
अभिनव चारों को पहले लोकप्रिय अस्पताल लेकर पहुंचे। इसके बाद उन्हें पारस अस्पताल ले जाया गया। वहां से आगे ले जाने की बात कहे जाने के बाद चारों को आनंद अस्पताल में भर्ती कराया गया। करुणेश की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे वेंटिलेटर पर रखा। पत्नी और दोनों बच्चियों को भी उपचार दिया गया। उनकी हालत ज्यादा गंभीर नहीं बताई गई। कुछ घंटे बाद करुणेश को जगदंबा अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका उपचार जारी है। अस्पताल का बिल भरने के लिए लोगों ने जुटाया चंदा
परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर बताई जा रही है कि अस्पताल के उपचार का खर्च उठाना भी मुश्किल हो गया। आनंद अस्पताल का बिल भरने के लिए क्षेत्र के लोगों को चंदा इकट्ठा करना पड़ा। कुछ अस्पतालों की ओर से बिल में छूट दिए जाने के बाद करुणेश को जगदंबा अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। अब जगदंबा अस्पताल के संचालक रविंद्र गुर्जर ने करुणेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसका नि:शुल्क उपचार करने का भरोसा दिलाया है। क्षेत्र के लोग भी परिवार की मदद के लिए आगे आए हैं। पड़ोसी महिला ने परिषद की कार्रवाई पर उठाए सवाल
घटना के बाद पड़ोस में रहने वाली महिला ने आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करुणेश की चाय की दुकान टूटने के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट गहरा गया था। यदि दुकान नहीं टूटती तो परिवार के सामने रोजी-रोटी की इतनी बड़ी समस्या नहीं आती। महिला ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर परिषद की कार्रवाई को जिम्मेदार ठहराया। पुलिस की शुरुआती जांच में घरेलू विवाद की बात भी सामने आई है। पुलिस बोली- पति-पत्नी के बीच हुआ था विवाद
नौचंदी पुलिस का कहना है कि शुरुआती छानबीन में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है। इसी दौरान युवक द्वारा जहरीले पदार्थ का सेवन किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस मामले की परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। एसपी बोले- तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि प्रथम दृष्टया घरेलू कलह में जहरीले पदार्थ का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। फिलहाल परिवार की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलने पर उसके आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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तंगी से जूझ रहे युवक ने परिवार सहित खाया जहर: खुद जहर पीकर पत्नी-बेटियों को भी पिलाया, लोगों में आवास-विकास परिषद को लेकर आक्रोश – Meerut News
जबलपुर में राजपूत महिलाओं ने किया शौर्य प्रदर्शन: शस्त्र पूजन के बाद बालिकाओं ने भी की तलवारबाजी, पारंपरिक पोशाक में दिखीं – Jabalpur News
जबलपुर में ‘रॉयल राजपुताना महिला संगठन’ ने शुक्रवार को तिलहरी रोड स्थित होटल पशरीचा में ‘विजयदशमी शस्त्र पूजन एवं ग्रैंड तलवार रास’ का आयोजन किया गया। शाम 4 बजे से आयोजित हुए इस पर्व में देश के विभिन्न अंचलों से मेहमान आए और करीब 200 राजपूतानियाँ शिरकत की । समारोह का मुख्य आकर्षण पारंपरिक शस्त्र पूजन के साथ एकल व दोहरी तलवार रास और 5 से 20 वर्ष तक की बालिकाओं द्वारा किया जाने वाला साहसिक तलवार संचालन और माता पद्मिनी को याद करते हुए परफॉर्मेंस किया। आयोजन के दौरान महिलाए पारंपरिक पोशाक में नजर आई इस दौरान सिद्धि गौर ने बताया कि तलवार चलाने के लिए उनको ट्रेनिंग के साथ सावधानी बताई गई है और वह काफी समय से प्रैक्टिस कर रही है । सुहानी परिहार ने बताया कि इस कार्यक्रम में उन्हें जबलपुर के अंदर राजस्थान देखने मिला है । अनुराधा सिंह ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से तलवार संचालन आना जरूरी है और जरूरत पड़ने पर तलवार उठाई भी जा सकती है। संगठन की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. आराधना सिंह चौहान ने बताया कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि नारी शक्ति, आत्मरक्षा, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के जागरण का संदेश है। मुख्य अतिथि के रूप में ज्ञानेश्वरी देवी, छतरपुर महारानी कविता सिंह, जयपुर से करिश्मा हाड़ा , राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि, लोनि मंत्री राकेश सिंह और धर्मपत्नी माला सिंह रही।
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29 अक्टूबर को लॉन्च होंगे OnePlus के दो और तगड़े फोन, कलर वेरिएंट्स हुए कंफर्म
OnePlus 16 के बाद चीनी कंपनी दो और तगड़े फोन लॉन्च करने की तैयारी में है। OnePlus Ace सीरीज के ये दोनों फोन 29 अक्टूबर को चीन में लॉन्च किया जाएगा। कंपनी ने फोन के फीचर्स आधिकारिक तौर पर कंफर्म करने शुरू कर दिए हैं। चीनी ब्रांड ने अपने अपकमिंग फोन के कलर वेरिएंट्स रिवील किए हैं। वनप्लस के ये दोनों फोन Qualcomm के फ्लैगशिप चिपसेट के साथ आएंगे। भारत में ये फोन OnePlus 16R के नाम से पेश किए जा सकते हैं।
OnePlus के ये फोन Ace 7 और Ace 7 Pro के नाम से लॉन्च किए जाएंगे। भारत में इसका प्रो मॉडल OnePlus 16R के नाम से लॉन्च किया जा सकता है। इन दोनों गेमिंग फोन में थर्मल मैनेजमेंट के लिए डेडिकेटेड हार्डवेयर दिया जाएगा। फोन का डिजाइन OnePlus 16 की तरह ही होगा। इसके बैक में भी स्क्वॉयर साइज वाला कैमरा मॉड्यूल मिल सकता है।
कलर वेरिएंट्स हुए कंफर्म
डिजिटल चैट स्टेशन के मुताबिक, OnePlus Ace 7 को तीन कलर ऑप्शन – Tempered, Midnight Black और Radiant White में लॉन्च किया जा सकता है। वहीं, OnePlus Ace 7 Pro को भी तीन कलर ऑप्शन- Windbreaker, Midnight Black और Radiant White में पेश किया जा सकता है।
इस सीरीज के स्टैंडर्ड मॉडल में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5V चिपसेट मिल सकता है। वहीं, इसका प्रो मॉडल Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 के साथ लॉन्च किया जा सकता है। फोन में 9,000mAh की दमदार बैटरी मिल सकती है। साथ ही, ये फोन 120W SuperVOOC फास्ट चार्जिंग और Android 17 पर बेस्ड ColorOS 17 के साथ लॉन्च किए जा सकते हैं।
OnePlus Ace 7 सीरीज के इन दोनों फोन में 6.78 इंच का 1.5K OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 185Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट कर सकता है। फोन में 16GB रैम के साथ 1TB स्टोरेज का सपोर्ट मिल सकता है। कैमरे की बात करें तो इस सीरीज के दोनों फोन 200MP कैमरे के साथ लॉन्च किए जा सकते हैं। सेल्फी के लिए इनमें 50MP का कैमरा मिल सकता है।
OnePlus 16 को हाल ही में चीन में लॉन्च किया गया है। इस फोन को जल्द ही भारत में भी पेश किए जाने की संभावना है। वनप्लस का यह फ्लैगशिप फोन 200MP कैमरे के साथ आता है। इसमें 185Hz रिफ्रेश रेट वाला डिस्प्ले पैनल दिया गया है।
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जामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर फ्री कश्मीर-फ्री शर्जील के नारे: विश्व हिंदू परिषद ने आपत्ति जताई; छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रदर्शन, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद भी शामिल
नई दिल्ली2 मिनट पहले
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दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर फ्री कश्मीर और फ्री शरजील इमाम जैसे कई नारे लिखे मिले। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कहा है कि वह यूनिवर्सिटी को एंटी-इंडिया गतिविधियों का अड्डा नहीं बनने देगा।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने X पर फोटो शेयर कीं। इनमें फ्री कश्मीर, फ्री फिलिस्तीन, फ्री शरजील इमाम और RSS गो बैक जैसे नारे लिखे दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वहीं, यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूनिवर्सिटी के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
यूनिवर्सिटी पर लिखे नारों की तस्वीर…

VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने यूनिवर्सिटी की दीवारों की फोटो शेयर की।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को पुलिस ने हिरासत में लिया।
VHP ने कार्रवाई की मांग की
विनोद बंसल ने कहा कि देश की राजधानी की प्रतिष्ठित जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की दीवारों पर ऐसे नारे लिखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे शिक्षा के मंदिर को अपवित्र करने की गहरी साजिश बताया।
बंसल ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पुलिस से जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “क्या कुछ लोग इस केंद्रीय यूनिवर्सिटी को एंटी-इंडिया गतिविधियों का अड्डा बनाने की कोशिश कर रहे हैं?”
कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना
VHP प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व पर उन लोगों का राजनीतिक बचाव करने का आरोप लगाया, जो संविधान को फासीवादी बताते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोग भारत के टुकड़े करने जैसे नारे लगाते हैं।
बंसल ने कहा, “सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व साफ करे कि वे शरजील इमाम के साथ हैं या भारत के संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता के साथ।”
उन्होंने कहा कि एंटी-नेशनल विचारों को राजनीतिक संरक्षण अब खत्म होना चाहिए।
बंसल के मुताबिक, संविधान का अपमान करने और लोगों में अविश्वास फैलाने वालों का सार्वजनिक बहिष्कार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण देने के बजाय सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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दिल्ली में SIR के खिलाफ लेफ्ट का प्रदर्शन,100 हिरासत में:’ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़’ के नारे लगे

दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास शुक्रवार को SIR के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के पोस्टर लेकर पहुंचे और उनके इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन करीब 3 घंटे चला। पूरी खबर पढ़ें…
घर पर झटपट बनाएं पनीर की भुर्जी, 10 मिनट में हो जाएगी तैयार, ये रहा तरीका
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Paneer Bhurji Recipe : क्या आप भी सब्जियों में कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं. आज हम आपको एक ऐसी रेसिपी बताएंगे, जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाएगा. खाने के बाद आप वाह-वाह करेंगे. मिर्जापुर के फूड एक्सपर्ट दुर्गेश कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि अगर दो से तीन लोगों के लिए पनीर भुर्जी बनानी हो तो तीन प्याज, तीन टमाटर और करीब ढाई सौ ग्राम पनीर की जरूरत पड़ेगी. इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है. इसे आप पराठे, रोटी, पूड़ी या चावल के साथ खा सकते हैं. किसी मेहमान को खिला दी तो वह आपके घर बार-बार आने के बहाने खोजेगा.
मिर्जापुर (Paneer Bhurji Recipe). क्या आप भी घर पर रोज भिंडी, टमाटर और आलू की सब्जी खाकर बोर हो गए हैं. परेशान मत होइये. आज हम आपको ऐसी रेसिपी बताएंगे, जिसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाएगा. आप पनीर की भुर्जी ट्राई कर सकते हैं. इसे खाने के बाद आप भी वाह-वाह करेंगे. मिर्जापुर के फूड एक्सपर्ट दुर्गेश कुमार लोकल 18 से बताते हैं कि दो से तीन लोगों के लिए पनीर भुर्जी अगर बनानी हो तो तीन प्याज, तीन टमाटर और करीब ढाई सौ ग्राम पनीर की जरूरत होगी. इसके साथ ही कुछ जरूरी मसाले भी चाहिए. पनीर की भुर्जी का स्वाद बेहद लाजवाब रहता है. इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता है. 10 से 15 मिनट के अंदर पनीर की भुर्जी तैयार हो जाती है, जिससे आप पराठे, रोटी, पूड़ी या चावल के साथ खा सकते हैं. स्वाद ऐसा रहेगा कि बार-बार खाने का मन करेगा.
क्या करें सबसे पहले
दुर्गेश कुमार बताते हैं कि पनीर की भुर्जी बनाने के लिए सबसे पहले दो प्याज को छीलकर काट लेंगे. प्याज काटने के बाद दो टमाटर को भी अच्छे से धुलने के बाद बारीक काटें. दोनों को काटने के बाद स्वादानुसार हरी मिर्च को भी काटें. इसके साथ 4 लहसुन कली और एक टुकड़ा अदरक का पेस्ट तैयार करें. ये दोनों इसका स्वाद बढ़ा देते हैं. इसके बाद पनीर को धागे के रूप में काट लें. सबसे पहले सरसों का तेल लें. उसमें हींग का तड़का लगा लें. हींग का तड़का लगाकर प्याज को पकाने के लिए छोड़ दें. प्याज पक जाए तो टमाटर डाल दें.
कैसे करें तैयार
दुर्गेश के मुताबिक, प्याज और टमाटर अच्छे से पक जाए तो उसमें स्वादानुसार गरम मसाला, धनिया पाउडर और हल्की सी लाल मिर्च मिला दें ताकि, स्वाद बेहतरीन हो जाए. जब सब कुछ अच्छे से पक जाए तो उसमें बारीक रेते हुए पनीर को मिलाएं. पनीर को मिलाकर अच्छे से चलाएंगे और करीब 5 से 10 मिनट तक पकने के लिए छोड़ दें. इसके बाद आपका पनीर भुर्जी तैयार हो जाएगा, जिसे आप अलग-अलग डिश के साथ खा सकते हैं. स्वाद इतना बेहतरीन रहता है कि खाने के बाद आप मुरीद हो जाएंगे.
About the Author
प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
यूसुफ पठान को 15 करोड़ का प्लॉट फ्री में मिला: गुजरात सरकार से 14 साल से चल रहा था विवाद, 4 महीने पहले TMC ममता गुट छोड़ा
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वडोदरा1 घंटे पहले
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गुजरात सरकार ने 2014 में युसुफ पठान से जमीन से कब्जा हटाने को कहा था।
गुजरात सरकार ने सांसद यूसुफ पठान को वडोदरा में 978 वर्ग मीटर का प्लॉट देने की मंजूरी दे दी है। इसकी कुल कीमत 20.53 करोड़ रुपए है। इसमें 500 वर्ग मीटर जमीन फ्री दी जाएगी, जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए है। यानी कि युसुफ पठान को बाकी 478 वर्ग मीटर जमीन के लिए तय कीमत का 55% यानी करीब 5.52 करोड़ रुपए ही देने होंगे।
इस संबंध में सोमवार को वडोदरा नगर निगम के आयुक्त ने कमेटी को यह प्रस्ताव पेश किया था। इसी मामले को लेकर आज नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया।
इस जमीन को लेकर गुजरात सरकार और यूसुफ पठान के बीच 14 साल से विवाद था। यूसुफ पठान 14 जून को तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। उनके साथ TMC के 19 अन्य सांसदों के भी पार्टी छोड़ने का दावा किया गया था।
गुजरात सरकार के इस फैसले का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। कांग्रेसी पार्षदों ने नगर निगम में ‘वोट चोर भाजपा’, ‘साजिश चोर भाजपा’, ‘एक वोट की कीमत 15 करोड़ रुपए’ जैसे स्लोगन वाले पोस्टर लहराए।

यह बंगला पठान परिवार का है। यहां दोनों भाई यूसुफ और इरफान पठान अपने परिवार और माता-पिता के साथ रहते हैं।
अब जानिए पूरा मामला
यह मामला वडोदरा के तंडलजा के TP-22 में 978 वर्ग मीटर के प्लॉट के आवंटन से जुड़ा है। इस प्लॉट को लेकर पिछले 14 वर्षों से यूसुफ पठान और नगर निगम के बीच विवाद चल रहा है। पूरे 978 वर्ग मीटर प्लॉट की कीमत लगभग 20.53 करोड़ रुपए है।
वर्ष 2012 में, यूसुफ पठान ने इस प्लॉट के आवंटन की मांग की थी। हालांकि 2014 में गुजरात सरकार ने इस प्लॉट के आवंटन के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और युसुफ पठान से कब्जा हटाने को कहा था।
इसके बाद यह विवाद जारी रहा और 2024 में मामला अदालत तक पहुंच गया, जहां पर भी पूर्व क्रिकेट को कोई राहत नहीं मिली। लेकिन लंबे समय से चल रहे इस विवाद में, अगस्त 2026 में गुजरात हाईकोर्ट से अपील वापस ले ली गई थी।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष ऋत्विज जोशी ने कहा कि भाजपा नेताओं ने 978 वर्ग मीटर का सरकारी भूखंड यूसुफ पठान को दे दिया। भाई सरकारी दामाद क्यों? वडोदरा का कोई भी नागरिक अगर सरकारी भूखंडों पर कोई गतिविधि करता है, तो उससे 5 से 10 हजार रुपए तक किराया वसूला जाता है।
यूसुफ पठान के पास 14 साल से कब्जा था। अगर 14 साल की गिनती करें तो यूसुफ पठान से 8 करोड़ रुपए से अधिक वसूला जाना चाहिए था। जब यूसुफ पठान TMC में थे, तब उन पर केस दर्ज करवा दिया गया था। अब अचानक ऐसा क्यो हो गया कि उन्हें इतनी महंगी जमीन मुफ्त में दी जा रही है।

नगर निगम मेें कांग्रेसी पार्षदों का विरोध प्रदर्शन।

गुजरात सरकार 978 वर्गमीटर का जो प्लॉट दे रही है, वह इसी बंगले के पास है।
यूसुफ ने 31 अगस्त को हाईकोर्ट से अपील वापस ली
3 मार्च, 2012: यूसुफ पठान ने प्लॉट मांगा- यूसुफ ने 2012 में नगर निगम आयुक्त को लेटर लिखकर अपने बंगले के पास 978 वर्ग मीटर का प्लॉट मांगा था। 30 मार्च और 8 जून को हुई बैठकों में प्लॉट देने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया। इसके लिए बिना नीलामी के 99 साल की लीज पर जमीन देने की तैयारी की गई थी।
9 जून, 2014: गुजरात सरकार ने प्रस्ताव खारिज किया- राज्य सरकार ने सार्वजनिक नीलामी के बिना प्लॉट देने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। इसके बाद जमीन देने की प्रक्रिया रुक गई।
6 जून, 2024: मामला कोर्ट पहुंचा- नगर निगम ने प्लॉट पर अवैध कब्जा हटाने के लिए कार्रवाई का आदेश दिया। यूसुफ ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 21 अगस्त, 2025 को गुजरात हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
4 फरवरी, 2026: सिंगल जज के फैसले के खिलाफ अपील- यूसुफ पठान ने सिंगल जज के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील की। इस साल 8 जून को कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब जमीन का कानूनी आवंटन नहीं हुआ और पैसे भी नहीं दिए गए, तो उस पर कब्जा कैसे किया गया। कोर्ट ने नगर निगम अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
15 जून, 2026: पठान के वकील ने समय मांगा- यूसुफ के वकील ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को जमीन देने से जुड़ी राज्य सरकार की नीति का हवाला देते हुए मामले में आगे की दलीलें पेश करने के लिए समय मांगा।
18 जून, 2026: नगर निगम ने नीलामी की तैयारी की- नगर निगम ने शहर के 7 प्लॉट की नीलामी का प्रस्ताव स्थायी समिति के सामने रखा। इनमें तांदलजा का 978 वर्ग मीटर का प्लॉट भी शामिल था। इसकी कीमत 2.10 लाख रुपए प्रति वर्ग मीटर तय की गई। इस हिसाब से प्लॉट की कुल कीमत करीब 20.53 करोड़ रुपए हुई।
31 अगस्त, 2026: यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपील वापस ली- 31 अगस्त को यूसुफ पठान ने हाईकोर्ट से अपनी अपील वापस ले ली। उन्होंने 2012 में इस प्लॉट की मांग की थी। अब 14 साल बाद इसे देने की प्रक्रिया फिर शुरू हुई है।
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यूसुफ पठान बोले- ममता ने सांसदी छोड़ने को नहीं कहा:वे चुनाव नहीं लड़ रहीं; गांगुली ने भी पोस्ट करके खबर को गलत बताया

TMC सांसद यूसुफ पठान ने कहा कि ममता बनर्जी ने कभी भी उनसे लोकसभा सीट छोड़ने के लिए नहीं कहा है। पार्टी के किसी नेता ने भी मुझे ऐसा कोई मैसेज नहीं दिया है। मीडिया में जो खबरें चल रही हैं वह गलत हैं। पूरी खबर पढ़ें…
ई-रिक्शा और बाइक से शराब तस्करी करते 3 गिरफ्तार: पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई कर 4.50 लीटर अंग्रेजी शराब पकड़ी – Motihari (East Champaran) News
मोतिहारी बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी थम नहीं रही है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई भी लगातार जारी है। इसी क्रम में छतौनी थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर ई-रिक्शा और बाइक से अंग्रेजी शराब की तस्करी कर रहे तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। छतौनी थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक ई-रिक्शा, एक मोटरसाइकिल और 6 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई है, जिसकी कुल मात्रा 4.50 लीटर बताई जा रही है। गुप्त सूचना मिली थी गिरफ्तार युवकों की पहचान पवन कुमार (19 वर्ष) पिता रामनाथ प्रसाद, साकिन भगवानपुर वार्ड नंबर 01, थाना मधुबन, रामू कुमार (29 वर्ष) पिता महेंद्र पंडित, साकिन रूपहरी वार्ड नंबर 09, थाना शिकारगंज और नीरज कुमार (32 वर्ष) पिता प्रयाग सहनी, साकिन बेलवनवा वार्ड नंबर 23, थाना नगर के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक ई-रिक्शा और बाइक से शराब की तस्करी कर रहे हैं। शराब तस्करों को कड़ी चेतावनी सूचना के आधार पर टीम बनाकर छापेमारी की गई तो तीनों युवक शराब के साथ पकड़े गए। थानाध्यक्ष ने कहा कि शराब के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने शराब तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वे शराब का धंधा छोड़ दें, नहीं तो उनका ठिकाना जेल होगा। इस छापेमारी दल में थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह के साथ एसआई बबली कुमारी सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जरांगे को ₹500Cr देने वाली क्लिप की जांच के आदेश: दावा- मराठा आरक्षण आंदोलन रोकने के लिए थे; एक्टिविस्ट जरांगे 11 बार भूख हड़ताल कर चुके
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1 घंटे पहले
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CM फडणवीस ने नागपुर में मीडिया से बात की।
महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर विवादित ऑडियो क्लिप को लेकर तनाव बढ़ गया है। दरअसल, मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने गुरुवार को एक ऑडियो क्लिप जारी की, जिसमें एक महिला कह रही है कि शिंदे के बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपए दिए गए।
इसके सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच के आदेश दिए। फडणवीस ने कहा कि क्लिप की पूरी जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।
इसी मामले में शिवसेना नेता रामदास कदम ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के कुछ लोग जरांगे के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश कर रहे हैं।

फडणवीस बोले- कई सवालों के जवाब जरूरी
फडणवीस ने नागपुर ग्रेजुएट्स सीट के महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में वोट डालने के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे जांच की मांग की थी।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने ऑडियो में सामने आए BJP नेताओं के नामों पर भी सवाल उठाए हैं। फडणवीस ने कहा कि BJP ने भी जांच की मांग की है।
फडणवीस ने कहा कि जरांगे ने खुद ऑडियो की जांच की मांग की है। इसलिए इस मामले की फोरेंसिक तरीके से पूरी जांच होगी और जो भी सच्चाई है, वह सामने आएगी।
जरांगे ने गुरुवार को जारी किया था ऑडियो
जरांगे ने गुरुवार को जालना में यह ऑडियो क्लिप जारी की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें चुप कराने और मराठा आंदोलन को कमजोर करने की साजिश रची गई है।
उन्होंने यह रिकॉर्डिंग तब सार्वजनिक की, जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उनसे आरोप साबित करने को कहा था। शिंदे ने आरोपों पर कहा था कि BJP से मिले 500 करोड़ रुपए उन्होंने अपने बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे तक पहुंचाए।
वायरल ऑडियो में एक महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि श्रीकांत शिंदे के जरिए जरांगे को 500 करोड़ रुपए दिए गए। श्रीकांत शिंदे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं।
रिकॉर्डिंग में कुछ लोग मराठवाड़ा क्षेत्र में जरांगे के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का मुकाबला करने की रणनीति पर चर्चा करते सुनाई देते हैं। यह चर्चा 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले की बताई गई है।
रिकॉर्डिंग में एक वक्ता जरांगे का सीधे विरोध करने के बजाय अप्रत्यक्ष तरीके से जवाब देने की बात करता है। वह कहता है कि BJP को मराठा विरोधी बताने वाला जरांगे का अभियान चुनावी चुनौती बन सकता है।
रामदास कदम ने BJP नेताओं पर उठाए सवाल
कदम ने जरांगे पर मराठा समुदाय को गुमराह करने और समूहों के बीच दरार पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जरांगे राज्य की टेंडर प्रक्रिया में शामिल हैं। कदम ने कहा, “आप BJP के साथ मिलकर मराठा नेता एकनाथ शिंदे को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं।”
उन्होंने BJP के भीतर उन लोगों के नाम पूछे, जो शिंदे को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। कदम ने कहा कि BJP के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर और प्रसाद लाड के नाम इस विवाद से जुड़े हैं।
दोनों नेताओं को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का करीबी माना जाता है। कदम ने लाड और जरांगे के साथ खाना खाते हुए तस्वीरें भी दिखाईं।
कदम ने सवाल किया, “BJP में वे लोग कौन हैं, जो एकनाथ शिंदे को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं?”
मोदी, शाह और भागवत को पत्र लिखा
पूर्व मंत्री कदम ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है।
उन्होंने इन सभी से ऑडियो क्लिप की विस्तृत फोरेंसिक जांच कराने की मांग की है।
कदम ने चेतावनी दी कि जिस दिन जरांगे एकनाथ शिंदे के खिलाफ जाएंगे, उस दिन समुदाय उनके खिलाफ खड़ा हो जाएगा।


