Sunday, October 11, 2026
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BHU की दीवारों पर लगे चुनाव बहिष्कार के पोस्टर: भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर वापस लेने की मांग उठाई – Varanasi News




मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन का असर बीएचयू में भी दिखने लगा है। जहां एक और अलग-अलग पार्टियां ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन, अस्थि विसर्जन जैसे कार्यक्रम कर रही हैं, वहीं बीएचयू के दीवारों पर भी चुनाव बहिष्कार के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर अंग्रेजी में ‘बॉयकॉट इलेक्शंस’, ‘रोलबैक एसआईआर’ और ‘रोलबैक सीएए-एनआरसी’ जैसे नारे लिखे हैं। यह पोस्टर भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (बीएसएम) ने लगाए हैं। संगठन ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग की है। देखें तस्वीरें…. पोस्टरों पर लिखे हैं ये नारे
दीवारों पर चिपकाए गए पोस्टरों में चुनावों के बहिष्कार, एसआईआर वापस लेने और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) तथा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को वापस लेने की मांग की गई है। चुनावी व्यवस्था के बहिष्कार की अपील
संगठन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मोर्चा चुनावी व्यवस्था का बहिष्कार करने और क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़कर भारत में नवजनवादी क्रांति को सफल बनाने की बात कर रहा है। संगठन ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रद्द करने की मांग के समर्थन में पोस्टर अभियान चलाया है। पूरे देश में चल रहा ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध आंदोलन पूरे देश में मुख्यालय चुनावायुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है।



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होर्मुज में तेल टैंकर समुद्री माइन से टकराया: जहाज में ब्लास्ट के बाद आग लगी; अब तक 10 दिन में 13 घटनाएं




होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर समुद्री माइन से टकरा गया। इसके बाद जहाज में ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने जहाज की पहचान और उसके झंडे वाले देश का नाम नहीं बताया। रॉयटर्स के मुताबिक, 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तेल, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जाने वाले टैंकरों से जुड़ी 13 घटनाएं हुईं। JMIC बोला- ईरान समुद्री रास्तों पर अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने रविवार को कहा कि होर्मुज में ऐसी गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन गतिविधियों से पता चलता है कि ईरान समुद्री रास्तों पर अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर दबाव बनाए रखना चाहता है। 6 अक्टूबर: व्यापारिक जहाज पर हमला, 11 भारतीय जख्मी भारत ने 6 अक्टूबर को ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज पर हमले की निंदा की थी। हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए थे, जिनमें 11 भारतीय थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमटी ऑन पीस ओमान के तट से गुजर रहा था। इसी दौरान उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे। इनमें 17 भारतीय नागरिक थे। ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को निकालकर ओमान के खासाब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। फरवरी से अब तक होर्मुज में हमलो में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हो चुके हैं। वहीं, इन हमलों में 11 भारतीय नाविकों की जान गई। खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के इलाके में अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 6 भारत-झंडे वाले कमर्शियल जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा 6 विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए सामान लेकर चल रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं। जायसवाल के मुताबिक, भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन उनकी मदद के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट, रेड सी और ब्लैक सी में जहाजों और नाविकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि ऐसी हिंसा और जान का नुकसान रुकना चाहिए। इसके अगले दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के बयान में भी जयशंकर ने कहा कि समुद्र में बढ़ते नए खतरे पहले से मौजूद जमीनी संकट को और गंभीर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी और दूसरे समुद्री रास्तों पर हुए हमलों में भारतीय और अन्य देशों के नाविकों की जान गई है। भारत ने तनाव कम करने, संयम बरतने और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की। ———— ये खबर भी पढ़ें… भारतीय नाविकों वाले जहाज पर 48 घंटे में तीसरा हमला:ब्लैक सी में 2 हमले, यूक्रेनी ड्रोन तेल टैंकर से टकराया; होर्मुज में भी 1 जहाज पर अटैक रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। टैंकर पर 23 लोगों का क्रू था। सभी भारतीय नागरिक थे और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…



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संत को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, हाईकोर्ट सख्त: तीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चार्जशीट पेश नहीं की, केस डायरी तलब – Jabalpur News




संत दिगंबर अखाड़े के जगद्गुरु स्वामी राघव देवाचार्य को सोशल मीडिया पर ‘सिर तन से जुदा’ करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। स्वामी की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब की है। अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को तय की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले में आगे प्रभावी कार्रवाई नहीं की। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आरोपपत्र भी पेश नहीं किया गया है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि स्वामी राघव देवाचार्य ने धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायतें दी थीं। उनके अनुसार, पुलिस को 41 पेज के व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। एसपी, आईजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। बूढ़ी माता पर टिप्पणी के विरोध के बाद मिली थी धमकी मामले की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी। जानकारी के मुताबिक, 8 अप्रैल को हनुमानताल निवासी अब्दुल मजीद ने बूढ़ी माता को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी का शहर में विरोध हुआ। स्वामी राघव देवाचार्य ने भी हिंदू धर्म और भगवान के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद 13 अप्रैल को स्वामी राघव देवाचार्य को सोशल मीडिया पर ‘सिर तन से जुदा’ करने और जान से मारने की धमकी मिलने की बात सामने आई। स्वामी का कहना है कि उन्हें ये धमकियां धर्म और भगवान के खिलाफ की गई टिप्पणियों का विरोध करने के बाद मिली थीं। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, आगे कार्रवाई नहीं होने का आरोप प्रारंभिक मामले में पुलिस ने 11 अप्रैल को अब्दुल मजीद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और अब्दुल मजीद के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू की थी। वहीं, धमकी के मामले में स्वामी की ओर से 30 से अधिक लोगों के नाम पुलिस को दिए जाने की बात कही गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने केवल तीन लोगों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित रखी। अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच, आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और आरोपपत्र दाखिल करने में देरी पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से आशंका जताई गई कि कार्रवाई में देरी से समर्थकों में नाराजगी बनी हुई है और स्थिति बिगड़ने का खतरा हो सकता है। कोर्ट ने पुलिस से कार्रवाई का ब्योरा मांगा स्वामी राघव देवाचार्य की याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस हिमांशु जोशी की अदालत में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पुलिस की कार्रवाई और जांच में देरी का मुद्दा उठाया गया। अदालत ने सरकारी वकील से निर्देश प्राप्त करने को कहा और केस डायरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि अब तक हुई कार्रवाई की स्थिति देखी जा सके। मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी।



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बेगूसराय में NH-31 पर CNG टेंपो में लगी आग: 40 मिनट में बुझाई गई, वाहन जलकर राख; एक घंटे तक दोनों लेन पर जाम – Begusarai News


बेगूसराय में NH-31 फोरलेन पर शनिवार की रात एक बड़ा हादसा होने से बच गया। चकिया में एनटीपीसी रेलवे गुमटी के समीप उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब अचानक एक मालवाहक सीएनजी टेंपो में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरे वाहन को अपनी चपेट

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इस घटना के कारण हाईवे और आसपास के इलाके में करीब एक घंटे तक हड़कंप की स्थिति बनी रही। जानकारी के अनुसार मालवाहक सीएनजी टेंपो हाथीदह की ओर से आ रही थी। जैसे ही टेंपो एनटीपीसी के सामने स्थित चकिया रेलवे गुमटी के नजदीक पहुंची, तभी अचानक उसमें से आग की लपटें उठने लगीं। स्थिति को भांपते ही ड्राइवर गाड़ी छोड़कर भाग निकला।

आग की ऊंची लपटें

40 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया

ड्राइवर के हटते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बीच सड़क पर ही टेंपो धू-धू कर जलने लगा। घटना के समय वहां से गुजर रहे बीहट नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार ने तुरंत आपातकालीन सेवा डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चकिया थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

इसके साथ ही एनटीपीसी से दो दमकल गाड़ी बुलाया गया। अग्निशमन टीम और पुलिस कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद करीब 40 मिनट की कड़ी कोशिशों से आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, तब तक मालवाहक टेंपो पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। हादसे और आग बुझाने की कार्रवाई के दौरान फोरलेन की दोनों लेन पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई।

आग बुझाती फायर बिग्रेड टीम

आग बुझाती फायर बिग्रेड टीम

ड्राइवर का पता लगाने में जुटी पुलिस

जिससे करीब एक घंटे के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। पुलिस प्रशासन ने आग पर काबू पाने के बाद यातायात को सामान्य कराया। टेंपो कहां की थी, ड्राइवर या मालिक कौन था, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। लेकिन शार्ट सर्किट या सीएनजी रिसाव की आशंका जताई जा रही है।



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पिता की हत्या का आरोपी 26 घंटे बाद गिरफ्तार: शराब के लिए रुपये ने देने पर बेटे ने मार डाला था, पुलिस कर रही पूछताछ – Deoria News




देवरिया के सुरौली थाना क्षेत्र में एक बेटे ने शराब के लिए पैसे न देने पर अपने पिता की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी बेटे सुनील उर्फ सत्तू को करीब 26 घंटे बाद शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। यह घटना बहोरवा गांव में हुई। मृतक की पहचान 60 साल के रामअवतार राय के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम रामअवतार और उनके छोटे बेटे सुनील के बीच पैसों को लेकर झगड़ा हुआ था। सुनील ने पिता से शराब पीने के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन रामअवतार ने इनकार कर दिया।
आरोप है कि इसी दौरान सुनील ने लकड़ी के मुगड़े से पिता के सिर पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामअवतार को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने सुनील उर्फ सत्तू के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। करीब 26 घंटे की तलाश के बाद पुलिस ने उसे शनिवार रात 9 बजे हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।



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पन्ना में दो बच्चों की हत्या, विरोध में कैंडल मार्च: बांदा हत्याकांड की CBI जांच की मांग; महेंद्र पाल वर्मा के समर्थन में भी उतरे लोग – Panna News




उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के नंदवारा गांव में लोधी समाज के दो बच्चों की हत्या के विरोध में शनिवार, 10 अक्टूबर को पन्ना में कैंडल मार्च निकाला गया। एडवोकेट सोनी लाल प्रजापति के नेतृत्व में निकले मार्च में शामिल लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग की। छत्रसाल पार्क से अंबेडकर चौक तक निकला मार्च कैंडल मार्च छत्रसाल पार्क से शुरू होकर अंबेडकर चौक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘मासूम बच्चों को न्याय दिलाओ’ और ‘CBI जांच कराओ’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की। निष्पक्ष जांच की मांग मामले में पन्ना के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी महेंद्र पाल वर्मा का नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। आयोजकों का आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की कि जांच CBI से कराई जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके।



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गयाजी में 16 दिन का पितृपक्ष मेला संपन्न: 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान; 10.70 लाख ने मुफ्त ई-रिक्शा से सफर किया – Gayaji News




दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के जतूका गांव में जहरीला पदार्थ खाने से 42 वर्षीय फूलबीवी खातून की मौत हो गई। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना को लेकर उनकी 17 वर्षीय बेटी हफ्ता परवीन ने चाचा-चाची, दादी और विदेश में रह रहे पिता पर मां को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घर से निकालने को लेकर विवाद का आरोप हफ्ता परवीन के अनुसार, उसके चाचा मो. अरमान, चाची सहिस्ता परवीन, दूसरी चाची निलोफर और दादी संजीदा खातून कथित तौर पर उसे और उसकी मां को घर से निकालना चाहते थे। बेटी का आरोप है कि घर छोड़ने से इनकार करने पर सभी ने मिलकर उसकी मां के मुंह में जबरन जहरीला पदार्थ डाल दिया। इसके बाद फूलबीवी खातून की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें सकरी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने DMCH रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विदेश में रह रहे पिता पर भी लगाया आरोप बेटी ने अपने पिता मतीन अशरफ उर्फ तमन्ने पर भी घटना में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि विदेश में रह रहे पिता फोन के माध्यम से कथित तौर पर घटना को अंजाम देने का निर्देश दे रहे थे। उसने अपने एक अन्य चाचा मोहम्मद सद्दल उर्फ शम्मी की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। हफ्ता परवीन ने बताया कि उसकी मां की शादी करीब 18 साल पहले हुई थी और वह उनकी इकलौती संतान है। उसने अपने पिता की अन्य शादियों का भी जिक्र किया। हालांकि, घटना की वजह और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव महिला की मौत के बाद बेंता थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल, नाबालिग बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। जहरीला पदार्थ खाने की परिस्थितियों, आरोपितों की भूमिका और घटना की वास्तविक वजह का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।



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166 करोड़ में बनेगी एक किलोमीटर सड़क, देश में बन रहा सबसे मुश्किल एक्सप्रेसवे


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Double Decker Expressway : तमिलनाडु में देश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये बताई है, जिसमें महज 21 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी. इसकी खास बात दोमंजिला सड़के हैं, जो चेन्नई पोर्ट से निकलकर चेन्न्ई-कर्नाटक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी. इस डबल डेकर में से ऊपर की मंजिल पर पोर्ट जाने वाले वाहन दौड़ेंगे, जबकि नीचे की मंजिल को शहर के ट्रैफिक के लिए खाली रखा जाएगा.

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166 करोड़ में बनेगी एक किलोमीटर सड़क, देश में बन रहा सबसे मुश्किल एक्सप्रेसवेZoom

चेन्नई में देश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है.

नई दिल्ली. देश में एक्सप्रेसवे तो कई बन रहे हैं, लेकिन आज हम जिस प्रोजेक्ट के बारे में बात करने जा रहे हैं, उसे सबसे मुश्किल और महंगा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है. इसकी चुनौती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस एक्सप्रेसवे की एक किलोमीटर सड़क बनाने पर करीब 166.7 करोड़ रुपये का खर्चा आ रहा है. यह ई-वे डबल डेकर यानी दोमंजिला बनाया जा रहा है और कुल दूरी महज 21 किलोमीटर है, लेकिन इसे बनाने पर आने वाला खर्चा करीब 3,500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.

देश के इस पहले डबल डेकर एक्सप्रेसवे को चेन्नई पोर्ट के पास बनाया जा रहा है. 21 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है, जो चेन्नई पोर्ट-मदुरावोयल एलिवेटेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है. इस डबल डेकर में से ऊपर की मंजिल वाली सड़क पर पोर्ट से आने-जाने वाले भारी वाहनों को चलाया जाएगा और इस पर आम ट्रैफिक के जाने की मनाही रहेगी. हालांकि, जो नीचे की मंजिल वाला एक्सप्रेसवे होगा उस पर लोकल और शहर का ट्रैफिक का चल सकेगा. दोनों एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज करने की भी व्यवस्था रहेगी और इस पर 7 एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे.

यूनिक डिजाइन ही इसकी खासियत
वैसे तो इस प्रोजेक्ट पर पहली बार साल 2010 में बात शुरू हुई थी, लेकिन इसे 2016 में टर्मिनेट कर दिया गया था. वापस 2023 में इस पर दोबारा काम शुरू हुआ और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस यूनिक डिजाइन वाले प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है. इसे पूरा करने की डेडलाइन नवंबर, 2027 रखी गई है. इसमें 2 टीयर बनाए जा रहे हैं, जिसमें नीचे वाला हिस्सा शहर की ट्रैफिक के लिए होगा और 13 रैम्प बनाए जा रहे हैं. ऊपर वाले टीयर को पोर्ट तक आने-जाने के लिए बनाया जा रहा है. यह रास्ता चेन्नई पोर्ट के गेट नंबर 10 से शुरू होकर सीधे शहर की तरफ जाता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद चेन्नई पोर्ट की क्षमता मौजूदा 5.3 करोड़ टन से बढ़कर साल 2047 तक 20 करोड़ टन सालाना पहुंच जाएगी.

चेन्ई-बैंगलुरु ई-वे से जुड़ेगा रास्ता
चेन्नई पोर्ट के पास बनने वाला यह डबल डेकर एक्सप्रेसवे सीधा चेन्नई-बैंगलुरु एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिसका काम लगभग समाप्त होने वाला है. यह एक्सप्रेसवे करीब 262 किलोमीटर लंबा है. एनएचएआई ने पिछले एक दशक में तमिलनाडु में कनेक्टिवटी बढ़ाने पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अभी यह प्रोजेक्ट करीब 40 हजार करोड़ का है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसकी लागत बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. इससे तमिलनाडु और आसपास के शहरों के बीच आवाजाही काफी आसान हो जाएगी.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, धमाकों के बाद खाली कराया: 24 घंटे में 225 उड़ानें रद्द; 20 दिन में चौथा हमला




सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को फिर हमला हुआ। हमले के बाद एयरपोर्ट खाली कराया गया और विमानों की आवाजाही रोक दी गई। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट अवेयर के मुताबिक, हमले के चलते बीते 24 घंटे में एयरपोर्ट की कम से कम 225 उड़ानें रद्द हुईं। रियाद एयरपोर्ट पर बीते 20 दिन में यह चौथा हमला है। हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस को चेतावनी दी समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, क्षेत्रीय अधिकारियों ने शनिवार को हुए हमले की जानकारी दी। हूतियों ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सऊदी सरकार ने भी बयान जारी नहीं किया है। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी अरब यमन सरकार की सेना को हवाई हमलों के जरिए मदद दे रहा है। इसका मकसद लाल सागर के पास हूतियों की हालिया बढ़त को रोकना है। हूतियों ने इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ानें चलाने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। हमले के बाद ट्रम्प बोले- मैं खुश नहीं सऊदी अरब ने अपने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और तेल से जुड़ी जगहों पर हमलों के बीच अमेरिका और दूसरे सहयोगी देशों से मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका की मदद में खुफिया जानकारी साझा करना, हमले के लिए ठिकानों की पहचान करना और सैन्य योजना बनाने में सहयोग देना शामिल है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, यह अच्छा नहीं है और मैं खुश नहीं हूं। हालांकि, इन हमलों के जवाब में अमेरिका की ओर से सैन्य मदद देने का कोई संकेत नहीं मिला। अमेरिका ने फिलहाल इस संर्घष से दूरी बनाई हुई है। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है। एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है। रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े 19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया। 7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (Airbus A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में फ्लोरिडा के तट से टकराया इसायस तूफान: 170 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रहीं अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी से लगे तटीय इलाकों में शुक्रवार को इसायस तूफान टकराया। फ्लोरिडा और अलबामा में 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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पाली में सर्वपितृ अमावस्या पर किया तर्पण: लाखोटिया तालाब के घाट पर हुआ आयोजन, तर्पण मंडल ने कहा- यह हमारा निशुल्क प्रयास – Pali (Marwar) News




पितृ पक्ष के अवसर पर पितृ तर्पण मंडल की ओर से पूर्णिमा से लेकर सर्वपितृ अमावस्या तक पितृ तर्पण का आयोजन किया गया। शनिवार को सर्वपितृ अमावस्या पर शहर के लाखोटिया तालाब के घाट पर दसविधि स्नान, भगवान विष्णु का पूजन, प्रायश्चित हवन और पितृ तर्पण सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धार्मिक विधियों का लाभ लिया। अनुष्ठान के दौरान आचार्य माधव दवे, आचार्य विशाल जोशी, आचार्य महिपाल शर्मा, आचार्य अजय शर्मा एवं आचार्य कृष्णकांत मिश्रा ने विधि-विधान से भगवान गणेश, श्रीविष्णु एवं महादेव का पूजन करवाया। इसके बाद हेमाद्रि संकल्प एवं प्रायश्चित हवन की विधि पूर्ण करवाई गई। श्रद्धालुओं ने हेमाद्रि संकल्प में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठान का लाभ लिया। इसके फल, औषधि सहित विभिन्न प्रकार के स्नान करवाए गए और पितरों की आत्मा की शांति एवं उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए तर्पण किया गया। छह प्रकार के तर्पण का बताया महत्व
तर्पण मंडल के सदस्य हरीश पांडे ने बताया कि नित्य तर्पण में छह प्रकार के तर्पण किए जाते हैं। इनमें देव तर्पण, ऋषि तर्पण, दिव्य मनुष्य तर्पण, यम तर्पण, दिव्य पितृ तर्पण एवं पितृ तर्पण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मंडल की ओर से यह आयोजन निशुल्क किया जाता है, जिससे श्रद्धालु पितृ पक्ष में विधि-विधान से धार्मिक अनुष्ठान कर सकें। कार्यक्रम में तर्पण मंडल के सदस्य मुकेश त्रिवेदी, मनोज सोनी, गोपाल सोनी, नरेश व्यास, कालू भाई दवे, हेमंत व्यास, सुरेंद्र, बालूराम, राजू अरोड़ा, अशोक भाटी, मानक शर्मा, हरीश पांडे, रामचंद्र जांगिड़, दिनेश व्यास, पुखराज चौधरी, भवानीशंकर, दीनदयाल एवं जितेंद्र व्यास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।



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