दिल्ली सरकार ने ACP विवेक भगत को एडिशनल DCP का चार्ज देने पर रोक लगा दी है। भगत पर 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से यौन उत्पीड़न का आरोप है। उनके खिलाफ FIR की मांग को लेकर पिछले 3 दिन से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर प्रदर्शन जारी है। सरकार के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेशों के 12 अधिकारियों को एडिशनल DCP का करेंट ड्यूटी चार्ज यानी CDC देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को शुरू हुई थी, यानी मौजूदा विवाद से पहले। 5 अक्टूबर को मंजूरी के बाद आदेश जारी हुआ था। दिल्ली सरकार के मुताबिक, विवेक भगत ने खुद कहा कि वे महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न की पूरी जांच होने तक वह अतिरिक्त DCP का चार्ज नहीं लेना चाहते। इसके बाद पहले जारी आदेश में बदलाव किया गया। बाकी 11 अधिकारियों के लिए CDC का आदेश दोबारा जारी होगा। सरकार बोली- CDC अस्थायी व्यवस्था, प्रमोशन नहीं दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि करेंट ड्यूटी चार्ज एक अस्थायी व्यवस्था है। इसे नियमित पदोन्नति नहीं माना जाता। CDC मिलने से अधिकारी को कोई अतिरिक्त आर्थिक लाभ नहीं मिलता। सरकार ने कहा कि जिस अधिकारी को CDC दिया जाता है, वह उस पद पर नियमित रूप से तैनात अधिकारी के वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। इससे वेतन, सीनियरिटी या अन्य नियमित सेवा लाभों में भी कोई बदलाव नहीं होता। 3 महिला पत्रकारों ने लगाए पुलिस अधिकारियों पर आरोप 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में था। प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। इनमें एक पत्रकार ने दावा किया कि ACP विवेक भगत ने उनसे सीने पर हाथ मारा। FIR दर्ज करने और CCTV जांच की मांग को लेकर थाने के बाहर प्रदर्शन ACP विवेक भगत के खिलाफ आरोपों को लेकर 5 अक्टूबर को प्रदर्शनकारियों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया। उनकी मांग थी कि मामले में FIR दर्ज की जाए और घटना के CCTV फुटेज की जांच कराई जाए। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि उन्होंने घटना वाले दिन ही पुलिस से CCTV फुटेज की मांग की थी, लेकिन उन्हें 24 घंटे बाद आने के लिए कहा गया। दोबारा थाने पहुंचने पर भी फुटेज नहीं दी गई और FIR दर्ज करने या जांच की स्थिति की जानकारी नहीं मिली। प्रदर्शनकारी बोली- ACP के खिलाफ जुलाई में भी आई थी शिकायत हिरासत में ली गई एक महिला प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि ACP विवेक भगत के खिलाफ जुलाई में भी इसी तरह की शिकायत सामने आई थी। लेकिन जांच नहीं हुई। नई दिल्ली जिला पुलिस ने तीनों महिला पत्रकारों की शिकायतों को क्राइम ब्रांच को भेजा है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतें निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के लिए ट्रांसफर की गई हैं। SIR को लेकर ज्ञानेश और चुनाव आयोग पर सवाल CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर SIR को लेकर सवालों खड़े हुए हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। दावा है कि कई फैसले और आदेश संधू और जोशी की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इसके बाद से विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए देशभर में प्रदर्शन कर रहा है। 10 अक्टूबर को कॉकरोच पार्टी दिल्ली में प्रदर्शन करेगी CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को कहा कि ज्ञानेश कुमार ने इस्तीफा नहीं दिया तो 10 अक्टूबर को पूरे देश से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे। दीपके ने लिखा- अगर दिल्ली पुलिस हमें रोकने की कोशिश करती है, तो जहां वे हमें रोकेंगे, वही हमारा जंतर-मंतर होगा। हमारा आंदोलन शांतिपूर्ण होगा। हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ते पर चलेंगे। ——————————– ये खबर भी पढ़ें: मुंबई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का प्रदर्शन:मुख्य चुनाव आयुक्त पद से इस्तीफे की मांग; दीपके बोले- 10 अक्टूबर को कॉकरोच दिल्ली आएंगे मुंबई के शिवाजी पार्क में शुक्रवार को कॉकरोच जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पार्टी ने वोटर लिस्ट के SIR को लेकर भी सवाल उठाए। इस दौरान स्टेज पर मौजूद सभी लोग महात्मा गांधी की फोटो वाली टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…
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दिल्ली ACP विवेक भगत को एडिशनल-DCP चार्ज देने पर रोक: महिला पत्रकार से बदसलूकी का आरोप, जांच होने तक पद नहीं संभालेंगे; सरकार बोली- यह प्रमोशन नहीं
प्रधानाचार्य चयन के खिलाफ 115 याचिकाएं खारिज: हाईकोर्ट का प्रधानाचार्य पदों पर घोषित सूची की याचिका में हस्तक्षेप से इंकार – Prayagraj (Allahabad) News
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड द्वारा विज्ञापन संख्या 3/2013 के तहत प्रधानाचार्य/प्रधानाध्यापक पदों पर घोषित चयन सूची को चुनौती देने वाली 115 याचिकाओं के पूरे समूह को खारिज कर दिया है।
न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने डा संजय कुमार मिश्र व तमाम अन्य याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। क्या है मामला जानिये याचिकाकर्ता इंटरमीडिएट कॉलेजों के वरिष्ठतम प्रवक्ता हैं, जो कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने साक्षात्कार में भाग लिया, लेकिन 11 और 13 नवंबर 2022 को क्षेत्रवार घोषित चयन सूची में उनका नाम नहीं आया। याचिकाएँ तीन श्रेणियों में बँटी थीं: (क) जो 25.फरवरी .2014 की अंतिम तिथि को पात्र नहीं थे, (ख) जो मुकदमे के दौरान सेवानिवृत्त हो गए, और (ग) जो साक्षात्कार में कम अंकों के कारण चयनित नहीं हुए। विबंधन” लागू होने की आपत्ति स्वीकार्य चयन प्रक्रिया में भाग लेने के कारण याचिकाकर्ताओं पर “विबंधन” लागू होने की आपत्ति को कोर्ट ने अस्वीकार किया। परिणाम घोषित होते समय बोर्ड के सभी सदस्य सेवानिवृत्त हो चुके थे और केवल अध्यक्ष ही बचे थे। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि “बैठक” के लिए कोरम जरूरी है और एक व्यक्ति की बैठक नहीं हो सकती। कोर्ट ने “आवश्यकता के सिद्धांत” का सहारा लेते हुए कहा कि यह सिद्धांत केवल पक्षपात के मामलों तक सीमित नहीं है।
साक्षात्कार के समय सदस्य मौजूद थे और उन्होंने संस्तुतियाँ की थीं। अन्यथा 2013 से चल रही पूरी प्रक्रिया निरर्थक हो जाती। कोर्ट ने इसे अध्यक्ष का वैध कार्य माना। याचिकाकर्ताओं की दलीलें अलग याचिकाकर्ताओं की मुख्य दलील थी कि पुराने दिशानिर्देशों के अनुसार प्रत्येक संस्था के लिए दो वरिष्ठतम शिक्षकों के साथ ग्रेडेड सूची के शीर्ष पाँच अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार में बुलाया जाना चाहिए था। कोर्ट ने यह नहीं माना। वे दिशानिर्देश नियमावली 1983 के दौर के थे, जब गुणांक देने की कोई विधि निर्धारित नहीं थी। मौजूदा चयन नियमावली 1998 से संचालित है, जिसमें विस्तृत प्रक्रिया दी गई है, और नियम 12(8) के अनुसार पैनल संस्था-वार, अभ्यर्थियों की वरीयता और प्राप्तांकों के क्रम में बनता है।
शीर्ष पाँच तक सीमित करना इस नियम के विपरीत होता। कोर्ट ने कहा कि नियम 11(2)(b) के तहत प्रबंधन द्वारा दो वरिष्ठतम शिक्षकों के नाम भेजना अनिवार्य है, पर इससे उन्हें सीधे भर्ती अभ्यर्थियों पर कोई वरीयता नहीं मिल जाती। वे अन्य संस्थाओं के लिए भी सामान्य अभ्यर्थी के रूप में आवेदन कर सकते हैं। उन्हें वरीयता देना वैधानिक प्रावधान के विपरीत होगा। पूरे याचिका समूह को खारिज कर दिया गया जनवरी.2022 की अधिसूचना के तहत सभी ने ऑनलाइन आवेदन भरे, विवरण सत्यापित किए और तीन संस्थाओं की वरीयता दी। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि उन्हें प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने कहा पात्रता आवेदन की अंतिम तिथि (25.फरवरी.2014) को देखी जाती है। अपात्र होने के कारण याचिकाकर्ताओं को चयन सूची को चुनौती देने का वाद-हेतु नहीं है। इस बिंदु का किसी पक्ष ने खंडन भी नहीं किया। अधिवर्षता आयु पूरी कर चुके या विस्तार पर कार्यरत व्यक्तियों का पद पर बने रहने का निहित अधिकार नहीं होता और उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा सकती। इस पर याचिकाकर्ताओं ने कोई विपरीत तर्क भी नहीं रखा। कोर्ट ने कहा कि 2013 में शुरू हुआ चयन अब अपने तार्किक अंत तक पहुंचाया जाएगा। पूरे याचिका समूह को खारिज कर दिया गया।
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महिलाओं के आपत्तिजनक VIDEO बनाने वाले आरोपी पर पहली FIR: साध्वी बोलीं- रास्ता रोककर हाथ पकड़ा, दोस्ती के लिए कहा; विरोध पर जान से मारने की धमकी – Gwalior News
इस तरह के वीडियो योगेश के मोबाइल से मिले हैं।
ग्वालियर में महिलाओं से दोस्ती कर चोरी-छिपे उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में पकड़े गए आरोपी योगेश गुप्ता के खिलाफ पहली FIR दर्ज हुई है। एक साध्वी ने विश्वविद्यालय थाने पहुंचकर उसके खिलाफ छेड़छाड़, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी देने की श
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साध्वी के मुताबिक, 10 अगस्त को वह स्कूटी से लौट रही थीं। दोपहर करीब 3 बजे हुरावली चौराहे पर योगेश उनकी स्कूटी के सामने आ गया और रास्ता रोककर उनका हाथ पकड़ लिया। उसने कहा- ‘मैं तुम्हें पसंद करता हूं, मुझसे दोस्ती कर लो।’
साध्वी ने विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उन्होंने उस समय पुलिस में शिकायत नहीं की। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद वह थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी योगेश गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
योगेश से पहले से थी पहचान, धाम में कर चुका है सेवा
FIR के मुताबिक, योगेश करीब तीन साल पहले उस धाम में सेवा कार्य कर चुका है, जहां साध्वी रहती हैं। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई थी और अक्सर बातचीत होती थी। साध्वी के अनुसार, 10 अगस्त को शहर से लौटते समय योगेश ने हुरावली चौराहे पर उनकी स्कूटी रोकी। इसके बाद उसने हाथ पकड़कर दोस्ती करने के लिए कहा।
विरोध करने पर पुलिस में शिकायत करने की स्थिति में जान से खत्म करने की धमकी दी।घटना के बाद उन्होंने इसकी जानकारी कुछ परिचितों को दी थी। हाल ही में योगेश के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मोबाइल से मिले आपत्तिजनक VIDEO
योगेश को एक दिन पहले सनातन सेना के पदाधिकारियों ने एक महिला की सूचना पर पकड़कर विश्वविद्यालय थाना पुलिस के हवाले किया था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से दोस्ती करता था। इसके बाद वीडियो चैट के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डर और स्पाई कैमरे के जरिए उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था।
उसके मोबाइल से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग शहरों की महिलाओं और हाई-प्रोफाइल हस्तियों के आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है।
घटनास्थल सिरोल क्षेत्र का, केस डायरी वहां भेजी जाएगी
सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया कि एक महिला ने युवक के खिलाफ छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। महिला ने घटनाक्रम 10 अगस्त को हुरावली चौराहे का बताया है।
शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल सिरोल थाना क्षेत्र में होने के कारण केस डायरी वहां भेजी जा रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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ASI, डॉक्टर-साध्वी समेत 50+ महिलाओं के अश्लील VIDEO बनाए:सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती
ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाने वाले युवक को पकड़ा है। उसके मोबाइल से 50 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें MP और UP के अलग-अलग शहरों की महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 40-50 साल की विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं से दोस्ती करता था। पढ़ें पूरी खबर
श्रीमाधोपुर डिपो के चीफ मैनेजर को 4 साल की जेल: 40 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी कोर्ट का फैसला – Sikar News
सीकर की एसीबी कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में श्रीमाधोपुर रोडवेज के पूर्व चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह को 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 72 वर्षीय आरोपी प्रदीप सिंह पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं मामले में सह-अभियुक्त राजकुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। ये था मामला स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर मुकेश कुमार सिर्वा ने बताया कि यह मामला 8 अप्रैल 2015 का है। श्रीमाधोपुर आगार के तत्कालीन चीफ मैनेज प्रदीप सिंह ने रोडवेज कंडक्टर कर्णसिंह से बिना टिकट सवारियों के रिमार्क हटाने और सस्पेंशन से बचाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। परिवादी कर्णसिंह के अनुसार, आरोपी चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह ने बस चैकिंग के दौरान 9 सवारियां बिना टिकट मिलने का रिमार्क लगाया था। इसके बाद रिमार्क हटाने और टर्मिनेट ना करने की धमकी देकर भारी रकम मांगी गई। परिवादी पहले भी 45 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन अभियुक्त और पैसों का दबाव बना रहा था। फिर 40 हजार रुपए में मामला तय हुआ। 3 मंजिला टीनशेड से कूदकर भागा था डिपो मैनेजर परिवादी ने इसकी शिकायत सीकर एसीबी से की, वॉइस रिकॉर्डिंग कर शिकायत का सत्यापन किया गया था। 8 अप्रैल 2015 को परिवादी कर्ण सिंह का बेटा सुनील 40 हजार रुपए लेकर डिपो पहुंचा। तत्कालीन चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह ने पहली मंजिल से इशारा कर एटीएम गार्ड राजकुमार के जरिए पैसे लिए। जैसे ही एसीबी टीम ने गार्ड को दबोचा, मुख्य प्रबंधक प्रदीप सिंह पकड़े जाने के डर से पहली मंजिल के पीछे स्थित टीनशैड पर कूदकर भागने लगा। हालांकि, पहले से घेराबंदी कर खड़ी एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया था। 19 गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपी मुकेश कुमार सिर्वा ने 19 गवाह और 48 दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश किए। विभिन्न उच्च अदालतों के फैसलों को आधार बनाकर और पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त प्रदीप सिंह को दोषी ठहराते हुए 4 साल के कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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मथुरा में यमुना में महिला ने लगाई छलांग: पुलिस ने शव बाहर निकाला, पहचान के प्रयास जारी; आत्महत्या के कारणों का पता नहीं – Mathura News
धार्मिक नगरी मथुरा में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बुजुर्ग महिला ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। महिला के यमुना में छलांग लगाने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अचानक यमुना नदी में कूद गई। लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह तेज बहाव के कारण पानी में डूब गई। घटना की सूचना तत्काल थाना जमुनापार पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की तलाश शुरू कराई। काफी प्रयासों के बाद महिला को यमुना से बाहर निकाला गया। पुलिस ने महिला की हालत की जांच कराई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। मृतका की पहचान के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही महिला की पहचान कराने के लिए अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की उम्र अधिक बताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह कहां से आई थी और यमुना किनारे तक कैसे पहुंची। महिला ने किन परिस्थितियों में नदी में छलांग लगाई, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रही है। पहचान होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की संभावना है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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7 अक्टूबर को नहीं होगी जीएसटी काउंसिल की बैठक, अब इस तारीख को होगी मीटिंग
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GST Council Meeting New Date : सरकार ने 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक को आगे खिसका दिया है. यह दूसरी बार है जब जीएसटी काउंसिल की मीटिंग की तारीख बदली गई है.
सरकार ने 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल बैठक को रिशेड्यूल किया है.
नई दिल्ली. सरकार ने 7 अक्टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक को टाल दिया है. अब यह बैठक 8 अक्टूबर को होगी. जीएसटी काउंसिल सेक्रेटरिएट की और से जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम में यह जानकारी दी गइ्र है. मेमोरेंडम में बताया गया है कि बैठक को “अपरिहार्य परिस्थितियों” (Unavoidable Circumstances) के कारण रिशेड्यूल किया गय है. जीएसटी परिषद की बैठक की तारीख दूसरी बार बदली गई है. शुरू में यह बैठक 12 सितंबर को होनी थी.
इस बैठक बैठक में प्रक्रियागत सुधारों को मुख्य एजेंडा बनाया गया है. आज दिन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट कर बताया कि परिषद की इस उच्चस्तरीय बैठक में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, कानूनी विवादों के निपटारे और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के निर्बाध प्रवाह से जुड़े अहम प्रस्तावों पर विचार होगा. सीतारमण ने लिखा, “टैक्सपेयर्स का अनुभव हमारी नीतियों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करता रहना चाहिए. GST की बढ़ती परिपक्वता हमें सुधारों के अगले चरण के लिए एक मजबूत आधार देती है.”
दूसरी बार बदली गई है तारीख
वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 57वीं बैठक की तारीख को दूसरी बार बदला गया है. पहले यह बैठक 12 सितंबर को आयोजित होनी थी. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में वार्षिक ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के आयोजन के चलते इस टाल दिया गया और 7 अक्टूबर की तारीख बैठक के लिए निश्चित की गई.
पिछली बैठक में टैक्स स्लैब में हुआ था बड़ा फेरबदल
56वीं जीएसटी परिषद की बैठक 3-4 सितंबर 2025 को हुई थी. उस बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर जीएसटी दरों और टैक्स स्लैब ढांचे में व्यापक सुधार करने का निर्णय लिया था. पारंपरिक चार-स्लैब व्यवस्था को समाप्त कर तीन स्लैब लागू किए गए. कई वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स में कटौती की गई.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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नाइजीरिया में 32 लोगों को ले जा रहा मिलिट्री-प्लेन क्रैश: 25 यात्री और 7 क्रू सवार थे; नदी के पास गिरा, सर्च ऑपरेशन जारी
नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार को 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हादसा ओंडो राज्य के नदी किनारे बसे इग्बोकोंडा शहर में हुआ। हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली है। नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो ने बताया कि प्लेन एक नियमित मिशन पर देश के आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे प्लेन रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह नौसैनिक बेस के पास क्रैश हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेन नदी के पास गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में डूब रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने कहा कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जो उन्हें बिजली गिरने जैसी लगी। इसके बाद उन्होंने प्लेन को पेड़ों के ऊपर से गुजरते और नीचे गिरते देखा। मौके पर शरीर के कुछ हिस्से, कपड़े और जूते भी मिले। प्लेन हादसे के बाद तस्वीर…. हादसे में ATR-42 मिलिट्री प्लेन क्रैश हुआ नाइजीरियाई एयरफोर्स ने बताया कि क्रैश हुआ प्लेन ATR-42 था। नाइजीरियाई सेना इस प्लेन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैनिकों व सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करती रही है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना ज्यादा मुश्किल नदी या पानी में प्लेन गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जमीन पर हादसे के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो सकता है। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को तेज बहाव, कम विजिबिलिटी, प्लेन के पानी में डूबने और मलबे के फैलने जैसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौतियां…. 1. पानी का तेज बहाव नदी का बहाव मलबे और लोगों को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है। इससे रेस्क्यू टीम के लिए सही जगह का पता लगाना मुश्किल होता है। 2. पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता नदी का पानी अक्सर गंदा होता है। गोताखोरों को कुछ मीटर दूर की चीज भी दिखाई नहीं दे सकती। ऐसे में उन्हें टॉर्च, सोनार और दूसरे उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। 3. प्लेन तेजी से डूब सकता है प्लेन का कोई हिस्सा पानी के अंदर जाने के बाद उसकी लोकेशन बदल सकती है। केबिन में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गोताखोरों को पहले प्लेन की स्थिति और गहराई का पता लगाना पड़ता है। 4. मलबे से चोट का खतरा टूटा हुआ प्लेन, सीटें, धातु के हिस्से और दूसरे सामान पानी के अंदर खतरा पैदा कर सकते हैं। गोताखोरों के कपड़े या उपकरण इनमें फंस भी सकते हैं। 5. नदी की गहराई और तल की स्थिति नदी के नीचे कीचड़, रेत या पत्थर होने से गोताखोरों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। गहराई ज्यादा होने पर सामान्य गोताखोरी भी मुश्किल हो जाती है। 6. पानी में ईंधन के फैलने से खतरा क्रैश के बाद प्लेन से ईंधन या दूसरे पदार्थ पानी में फैल सकते हैं। इससे रेस्क्यू टीम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है। 7. सोनार और दूसरे उपकरणों की जरूरत जब पानी में कुछ दिखाई नहीं देता, तो रेस्क्यू टीम मलबे और प्लेन की स्थिति पता लगाने के लिए सोनार जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद गोताखोरों को तय जगह पर भेजा जाता है। नाइजीरिया में पहले भी हुए बड़े प्लेन हादसे नाइजीरिया में पिछले 20 साल में कई बड़े प्लेन हादसे हुए हैं। इनमें यात्री और सैन्य प्लेन दोनों शामिल हैं। कुछ हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2005 में दो बड़े हादसे बेलव्यू एयरलाइंस हादसा: अक्टूबर 2005 में बेलव्यू एयरलाइंस का प्लेन लागोस से अबुजा जाते समय उड़ान भरने के कुछ देर बाद क्रैश हो गया। प्लेन में सवार 117 लोगों की मौत हुई। सोलिसो एयरलाइंस हादसा: दिसंबर 2005 में सोलिसो एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय गिर गया। इसमें 109 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई स्कूली बच्चे भी थे। 2006 में 114 लोगों की मौत अक्टूबर 2006 में एडीसी एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय क्रैश हुआ। प्लेन में 114 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। 2012 में रिहायशी इलाके में गिरा प्लेन जून 2012 में डाना एयर का प्लेन अबुजा से लागोस जाते समय क्रैश हो गया। प्लेन लागोस के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इसमें सवार 153 लोगों की मौत हुई। जमीन पर मौजूद लोग भी हादसे की चपेट में आए। ———————————– ये खबर भी पढ़ें….. लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान प्लेन ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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मुंगेर में शॉर्ट सर्किट से बिजली केबल में आग: 500 से ज्यादा घरों की बिजली गुल, बाजार में अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू – Munger News
मुंगेर में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के कोड़ा मैदान चौक पर सोमवार देर शाम बिजली केबल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। तेज चिंगारी के बाद केबल धू-धूकर जलने लगा। आग की लपटें उठती देख चौक पर मौजूद फल, सब्जी और किराना दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। लोग दुकानें छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की। घरों से पानी लाकर आग पर डाला गया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग नहीं बुझी। सूचना मिलने पर जिला अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद आसपास के दुकानदारों ने राहत की सांस ली। 500 से ज्यादा घरों में छाया अंधेरा आग में बिजली का केबल पूरी तरह जल गया। इसके चलते आसपास के मोहल्लों में 500 से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई। पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। बिजली विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त केबल को बदलने का काम शुरू किया। दुकान की बिजली ठीक कराने के दौरान हादसा स्थानीय लोगों के मुताबिक, चौक की एक किराना दुकान में बिजली नहीं आ रही थी। दुकानदार ने बिजली ठीक कराने के लिए निजी मिस्त्री को बुलाया था। तार जोड़ने के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली केबल में आग लग गई। घटना के समय चौक पर बड़ी संख्या में दुकानें खुली थीं। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद होने और दमकल टीम के पहुंचने से आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। इससे बड़ा हादसा टल गया।
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पिता के साथ ट्रैक्टर समेत कुएं में गिरे 2 बच्चे: खंडवा में 7 साल के बेटे की मौत, पिता और छोटे बेटे को मामूली चोट – Khandwa News
खंडवा के रोशनाई गांव में सोमवार शाम खेत जोतते समय ट्रैक्टर कुएं में पलट गया। ट्रैक्टर पर पिता सुरेश के साथ उनके दो बच्चे शुभम (7) और शिवम भी बैठे थे। हादसे में शुभम ट्रैक्टर के नीचे दब गया। पिता की आंखों के सामने उसकी मौत हो गई। शिवम ट्रैक्टर पलटने के दौरान जमीन पर गिर गया। सुरेश भी ट्रैक्टर के नीचे दबे थे, लेकिन किसी तरह बाहर निकल आए। पिता और छोटे बेटे को मामूली चोट आई है। हरी घास में फिसला ट्रैक्टर
पदमनगर टीआई दिलीप देवड़ा के मुताबिक, सुरेश खेत मालिक के ट्रैक्टर से खंडवा निवासी किसान ओम के यहां काम कर रहा था। परिवार बच्चों के साथ खेत पर ही रहता है। सोमवार शाम वह दोनों बच्चों को ट्रैक्टर पर बैठाकर खेत जोत रहा था। कुएं के पास नमी के कारण हरी घास उगी थी। इसी घास पर ट्रैक्टर का टायर फिसल गया। सुरेश ने ट्रैक्टर को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह कुएं में पलट गया। इसी दौरान शिवम जमीन किनारे पर गिर गया, सुरेश और शुभम ट्रैक्टर के साथ कुएं में अंदर गिर गए। ट्रैक्टर के नीचे दबने से शुभम की मौत हो गई। क्रेन से निकाला ट्रैक्टर,नीचे मिला बच्चे का शव
घटना शाम करीब 6 बजे की है। सूचना मिलने पर पदमनगर पुलिस मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शुभम का शव बरामद किया। शुभम पहली कक्षा का छात्र था। बेटे की मौत से पिता सुरेश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस तीनों पिता-पुत्र को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। शुभम के शव को मॉर्चरी में रखवाया गया। सुरेश और शिवम का प्राथमिक इलाज किया गया। दोनों को मामूली चोट आई है। शुभम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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