छतरपुर जिले स्थित बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को एंबुलेंस न मिलने और इलाज में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। सीने में दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल लाए गए 53 वर्षीय अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति को गंभीर हालत में दमोह रेफर किया गया था। लेकिन एंबुलेंस न मिलने पर परिजनों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा और दमोह पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। वहीं, एक अन्य मामले में एक गर्भवती महिला को भी एंबुलेंस के अभाव में निजी वाहन से दमोह ले जाना पड़ा। बक्सवाहा निवासी अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति सोमवार सुबह करीब 11 बजे न्यायालय परिसर में काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद साथी अधिवक्ताओं ने बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। परिजनों और अधिवक्ताओं का आरोप है कि अस्पताल में उन्हें समय पर अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल सकीं। गर्भवती महिला को भी उठानी पड़ी परेशानी
उसी दिन अस्पताल में एंबुलेंस न मिलने की एक और घटना सामने आई। ग्राम कुड़ाजनी निवासी कविता यादव को प्रसव पीड़ा होने पर इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद मजबूरी में निजी वाहन की व्यवस्था कर गर्भवती महिला को दमोह ले जाना पड़ा। अधिवक्ता संघ ने उठाए व्यवस्था पर सवाल
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बृजेश बिल्थरे ने इन दोनों घटनाओं को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, “साथी अधिवक्ता सुखदेव प्रजापति को जब गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, तब वहां समय पर समुचित व्यवस्था नहीं मिल सकी। यदि उन्हें तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा और एंबुलेंस उपलब्ध होती, तो संभवतः उनकी जान बचाई जा सकती थी।” डॉक्टर बोले- आरोप निराधार, हमने किया प्राथमिक उपचार
ड्यूटी पर मौजूद डॉ. मनीष राज ने इलाज में लापरवाही के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा, “अस्पताल पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। मैं स्वयं ड्यूटी पर था और मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार दिया गया था। मरीज की स्थिति अत्यधिक गंभीर थी, इसलिए बेहतर इलाज के लिए उन्हें जिला अस्पताल दमोह रेफर किया गया।” अस्पताल की सुविधाओं पर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
बक्सवाहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की कमी, आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस व्यवस्था को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात संतोषजनक नहीं हैं। लोगों ने प्रशासन से अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती और 24 घंटे एंबुलेंस सेवा सुनिश्चित करने की मांग की है।
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बक्सवाहा में एंबुलेंस न मिलने से वकील की मौत: सीने में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे थे; दमोह ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम – Chhatarpur (MP) News
गोंडा में मोहर्रम जुलूस पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: एसपी ने देर रात किया अलम जुलूस का निरीक्षण, ड्रोन से जुलूस की निगरानी के निर्देश। – Gonda News
गोंडा में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिले भर में निकलने वाले जुलूसों और धार्मिक आयोजनों पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। पुलिस प्रशासन आधुनिक तकनीक का भी उपयोग कर रहा है, जिसके तहत विभिन्न स्थानों पर ड्रोन कैमरों से जुलूसों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। पुलिसकर्मी और अधिकारी रात के समय भी गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। देर रात पुलिस अधीक्षक (एसपी) गोंडा विनीत जायसवाल ने कोतवाली नगर क्षेत्र में शिया समुदाय द्वारा निकाले गए अलम के जुलूस का निरीक्षण किया। उन्होंने जुलूस के मार्ग, सुरक्षा प्रबंधों और पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। एसपी जायसवाल ने संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को जुलूस को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए। एसपी ने चेतावनी दी कि माहौल खराब करने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए शांति और सद्भाव बनाए रखने का आग्रह किया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अजीत कुमार रजक, क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय और नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि मोहर्रम पर्व के दौरान जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है, ताकि सभी धार्मिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
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आम का अचार तो खाया होगा, लेकिन जंगल के इन 7 फलों का स्वाद आपको कर देगा हैरान
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Wild Fruit Pickles India: कभी भारत के गांवों में अचार का मतलब सिर्फ रसोई की एक चीज नहीं, बल्कि मौसम, जंगल और पुरानी परंपराओं को सहेजने का तरीका हुआ करता था. सुपरमार्केट में मिलने वाली रंग-बिरंगी अचार की बोतलों से बहुत पहले, देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग जंगलों और खेतों के आसपास उगने वाले देसी फलों को मसालों के साथ मिलाकर सालभर के लिए सुरक्षित रखते थे. इन अचारों में सिर्फ खट्टापन या स्वाद नहीं होता था, बल्कि उस जगह की मिट्टी, मौसम और लोगों की जीवनशैली की झलक भी मिलती थी. करोंदा से लेकर टिमरू बेर तक, भारत के कई जंगली फल आज भी पारंपरिक अचार की पहचान बने हुए हैं.
भारत के जंगलों से निकला अचार का पुराना स्वाद आज जब बाजार में हर तरह के अचार आसानी से मिल जाते हैं, तब भी कई ग्रामीण इलाकों में घर की बनी अचार की बरनी का महत्व कम नहीं हुआ है. खासकर जंगली और स्थानीय फलों से तैयार किए गए अचार पीढ़ियों से लोगों की रसोई का हिस्सा रहे हैं. इन फलों की खास बात यह है कि ये स्थानीय मौसम के अनुसार मिलते हैं और इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए नमक, तेल और मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. यही तरीका पुराने समय में लोगों को बिना फ्रिज के भी स्वाद बचाए रखने में मदद करता था.

लसोड़ा का अचार: राजस्थान और उत्तर भारत की पहचान लसोड़ा यानी गोंदी जैसे छोटे फल का अचार राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में पुराने समय से बनाया जाता रहा है. इसकी खासियत इसका हल्का चिपचिपा texture है, जो इसे बाकी अचारों से अलग बनाता है. घर की बुजुर्ग महिलाएं अक्सर इसे खास मसालों के साथ तैयार करती थीं. इसका स्वाद साधारण खाने को भी खास बना देता है.

पूर्वोत्तर भारत का चोल्टा और देसी अचार परंपरा पूर्वोत्तर भारत में मिलने वाला चोल्टा यानी Elephant Apple भी पारंपरिक अचार का हिस्सा रहा है. असम, मेघालय और आसपास के क्षेत्रों में इसे उबालकर सरसों के तेल, गुड़ और मसालों के साथ तैयार किया जाता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है और यह स्थानीय भोजन के साथ खूब पसंद किया जाता है.
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महुआ फल: जंगलों से जुड़ी परंपरा महुआ का नाम सुनते ही अक्सर इसके फूलों की चर्चा होती है, लेकिन कई आदिवासी और ग्रामीण समुदाय इसके फल का भी इस्तेमाल करते हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के कुछ क्षेत्रों में महुआ से जुड़े पारंपरिक खाद्य पदार्थों की लंबी परंपरा रही है. महुआ सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि कई समुदायों की संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा रहा है.

बेर और टिमरू: पहाड़ों और गांवों की बरनियों में कैद स्वाद बेर का अचार पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे क्षेत्रों में लोकप्रिय है. इसे अक्सर गुड़, सरसों के तेल और मसालों के साथ बनाया जाता है. वहीं हिमालयी क्षेत्रों में मिलने वाला टिमरू बेर पहाड़ी समुदायों के बीच पारंपरिक रूप से संरक्षित किया जाता रहा है. नमक और मसालों के साथ इसे लंबे समय तक रखा जाता है.

कोकम: पश्चिमी घाट का खट्टा स्वाद महाराष्ट्र, गोवा और कोंकण क्षेत्र में पाया जाने वाला कोकम आमतौर पर गर्मियों के पेय के लिए जाना जाता है, लेकिन इससे अचार भी बनाया जाता है. कोकम का खट्टा और हल्का मीठा स्वाद इसे खास बनाता है. स्थानीय रसोई में इसे मसालों के साथ मिलाकर अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है.

करोंदा: खट्टे स्वाद वाला देसी खजाना मध्य भारत, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे इलाकों में मिलने वाला करोंदा अपने खट्टे स्वाद के लिए जाना जाता है. इसका स्वाद कुछ हद तक क्रैनबेरी जैसा महसूस होता है, इसलिए इससे बना मसालेदार अचार गांवों में काफी पसंद किया जाता है. करोंदे का अचार खासकर गर्मियों में बनाया जाता है. सरसों का तेल, लाल मिर्च और मसालों के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. कई ग्रामीण परिवार आज भी इसे पारंपरिक तरीके से तैयार करते हैं.

सिर्फ अचार नहीं, एक सांस्कृतिक विरासत इन जंगली फलों से बने अचार सिर्फ खाने की चीज नहीं हैं. ये भारत के अलग-अलग इलाकों की जीवनशैली, स्थानीय ज्ञान और प्रकृति के साथ रिश्ते को दिखाते हैं. आज जब लोग दोबारा देसी स्वाद और पारंपरिक खानपान की ओर लौट रहे हैं, तब इन पुराने अचारों की अहमियत भी बढ़ रही है. एक छोटी सी बरनी में बंद ये स्वाद दरअसल भारत के जंगलों और गांवों की पुरानी कहानी सुनाते हैं.
वर्ल्ड अपडेट्स: पाकिस्तान में सैनिटरी पैड और गर्भनिरोधक प्रोडक्ट्स पर 18% टैक्स खत्म करेगा
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28 मिनट पहले
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पाकिस्तान सरकार सैनिटरी पैड और गर्भनिरोधक प्रोडक्ट्स पर लगने वाला 18% सेल्स टैक्स खत्म करने की तैयारी कर रही है। पिछले हफ्ते पेश किए गए बजट में सरकार ने टैक्स हटाने का प्रस्ताव रखा था।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि सैनिटरी प्रोडक्ट्स महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक जीवन में उनकी भागीदारी के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके पीछे उन्होंने देश की तेजी से बढ़ती आबादी को वजह बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आबादी के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है और परिवार नियोजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
यूनिसेफ के अनुसार पाकिस्तान में केवल 12% महिलाएं और लड़कियां ही बाजार में मिलने वाले सैनिटरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। बाकी महिलाएं कपड़े या घर में तैयार किए गए अन्य विकल्पों का सहारा लेती हैं।
यूनिसेफ के मुताबिक स्थानीय और अन्य टैक्स को जोड़ने के बाद पाकिस्तान में महिलाओं को सैनिटरी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए करीब 40% अतिरिक्त टैक्स चुकाना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं पर पड़ता है।
विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2025 के मध्य तक पाकिस्तान की लगभग 45% आबादी प्रतिदिन 4.20 डॉलर (करीब 1,175 पाकिस्तानी रुपए) की आय वाली निम्न-मध्यम आय गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिता रही थी। वहीं एक पैकेट में मिलने वाले 10 सैनिटरी पैड की कीमत औसतन एक दिन की कमाई के एक-तिहाई से भी ज्यादा होती है। कई मामलों में एक पैकेट पूरे महीने के लिए पर्याप्त भी नहीं होता।
जहानाबाद में युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत: मामा ने पिता-सौतेली मां पर हत्या का आरोप लगाया – Jehanabad News
जहानाबाद नगर थाना क्षेत्र के गांधी मैदान इलाके में बुधवार को 20 वर्षीय अंकित कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के मामा ने अंकित के पिता और सौतेली मां पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया है। मामा के अनुसार, अंकित को उसके पिता और सौतेली मां ने कथित तौर पर जबरन सलफास खिला दिया था। इससे उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। मामा ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। नगर थाना अध्यक्ष उमेश प्रसाद ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया है। मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है और सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच जारी है। घटनास्थल से भी आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। युवक की मौत को लेकर इलाके में विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है। मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही सामने आएगी।
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धर्मेंद्र-अमिताभ बच्चन जैसे दिखते हैं गोविंदा का बेटा, सुनीता ने बताई वजह
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सुनीता आहूजा इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो में ‘मां है न’ में नजर आ रही हैं. हाल ही में उन्होंने कान्स के रेड कॉर्पेट पर चलने की वजह से सुर्खियां बटोरी थीं. अब उन्होंने अपने बेटे यशवर्धन आहूजा के बारे में बात की है. यशवर्शन ने बॉलीवुड डेब्यू करने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका बेटा अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की तरह लगता है.
गोविंदा और सुनीता आहूजा के बेटे यशवर्धन आहूजा साजिद खान की फिल्म से डेब्यू करने जा रहे हैं. बेटे के डेब्यू से पहले सुनीता ने बताया कि उनकी पर्सनैलिटी गोविंदा से नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र से मिलती है. इसके लिए उन्होंने अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान का एक किस्सा भी बताया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

मैशेबल इंडिया के मुताबिक, सुनीता आहूजा ने बताया कि जब वह प्रेग्नेंट थीं, तब अक्सर अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की फोटोज देखा करती थीं. अब उन्हें लगता है कि उनके बेटे में दोनों सितारों की झलक है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सुनीता आहूजा ने कहा, “यशवर्धन में अमित जी की पर्सनैलिटी और धरम जी की शक्ल है.” यशवर्धन के जन्म से पहले के समय को याद करते हुए सुनीता ने कहा कि अमिताभ बच्चन हमेशा उनके पसंदीदा एक्टर रहे हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)
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सुनीता आहूजा ने कहा, “मेरे फेवरिट हीरो हैं वो. मेरा बेटा जब पेट में था तो मैंने दो ही लोगों का फोटो देखा था, एक धरम जी, अमित जी. यशवर्धन की पर्सनैलिटी अमित जी जैसी हो गई है और शक्ल धरम जी जैसी, मैं बहुत खुश हूं.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सुनीता आहूजा ने प्रेग्नेंसी से जुड़ी पुरानी मान्यताओं को भी याद किया. उन्होंने बताया, “हमें कहा जाता था कि रामायण देखो क्योंकि बच्चा मां के पेट में सुनता है. तो मेरी मां जब भी ग्रहण होता था, टीवी पर रामायण लगा देती थीं. लेकिन आज के बच्चे ये सब नहीं सुनेंगे.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यशवर्धन निर्देशक साजिद खान की फिल्म से एक्टिंग डेब्यू करने जा रहे हैं. फिल्म नाम फिलहाल ‘100’ बताया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट में नितांशी गोयल भी नजर आएंगी और फिल्म की शूटिंग शुरू हो चुकी है. खबरों के अनुसार, मेकर्स ने मुंबई की फिल्म सिटी में 23 जनवरी को शूटिंग शुरू की. यह फिल्म साजिद खान की निर्देशन में वापसी भी मानी जा रही है. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

सुनीता ने बताया कि यशवर्धन ने पहली फिल्म मिलने से पहले 90 से ज्यादा ऑडिशन दिए. पॉपुलर स्टार का बेटे होने के बावजूद यशवर्धन के लिए इंडस्ट्री में एंट्री आसान नहीं थी. कैमरे के सामने आने से पहले यशवर्धन ने पर्दे के पीछे भी काम किया. यशवर्धन ने ‘ढिशूम’ और ‘बागी’ जैसी फिल्मों में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

हाल ही में यशवर्धन आहूजा तब चर्चा में आए जब उनका एक वीडियो रशा ठडानी के साथ गोविंदा के हिट गाने ‘आंखियों से गोली मारे’ पर डांस करते हुए वायरल हो गया. इस क्लिप को दर्शकों ने खूब सराहा, कई लोगों ने उनके एक्सप्रेशन्स और डांसिंग स्किल्स की तारीफ की. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)
‘मेरे साथ रात बिताओ, तभी शूट होगा गाना’: मॉडल बोली- लुधियाना बुला डायरेक्टर ने शर्त रखी; 2 गानों के लिए आई, दोनों बार कंप्रोमाइज करने को कहा – Ludhiana News
श्वेता खन्ना ने बताया कि डायरेक्टर ने उसे बताए बिना सॉन्ग रिलीज कर दिया और उसमें उसके बोल्ड सीन दिखा दिए थे।
पंजाबी म्युजिक इंडस्ट्री में काम के बदले समझौते के ऑफर मिलने के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं। दिल्ली की मॉडल श्वेता खन्ना ने दावा किया कि करियर के शुरुआती दौर में उन्हें एक गाने में रोल दिलाने के बहाने लुधियाना बुलाया गया था।
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श्वेता ने कहा- वह इस मौके को लेकर काफी उत्साहित थीं, लेकिन जब वो लुधियाना के एक होटल में पहुंची और डायरेक्टर आधी रात को उसके कमरे में पहुंच गया। डायरेक्टर ने उसे साफ कह दिया कि रात बिताओगी तो ही गाना शूट होगा।
श्वेता ने कहा कि म्युजिक इंडस्ट्री के कई डायरेक्टर्स, प्रड्यूसर्स व सिंगर्स ऐसे हैं, लड़कियों को देखते ही उनके माइंड में सेक्स दौड़ने लगता है। उसे कई बार डायरेक्टर्स, सिंगर्स व प्रड्यूडर्स इस तरह का ऑफर दे चुके हैं, लेकिन उसने कभी फेम के लिए होटल के कमरों में उनके साथ लेटना स्वीकार नहीं किया।
श्वेता ने कहा- पंजाब में उसका एक्सपीरिएंस अच्छा नहीं रहा। अब तक वह दो गानों के लिए पंजाब आई और दोनों बार उसे गाना शूट करवाने के बदले कंप्रोमाइज करने को कहा गया, पर वो तैयार नहीं हुई। एक बार तो बिना समति के उसके बोल्ड सीन ले लिए थे, जिससे सॉन्ग यूट्यूब से डिलीट करवाया था। उनका कहना है कि अकेला ऐसा पंजाब में नहीं है, बल्कि सभी जगहों पर ऐसा ही है।
उसके साथ ऐसे कई घटनाएं हुई, हरियाणा से लेकर मुंबई तक। श्वेता ने बताया कि वो इस बात का खुलासा इसलिए कर रही हैं, ताकि लड़कियों को अवेयर कर सकूं कि वो इस इंडस्ट्री में आती हैं, तो अपना करेक्टर खुद बचाकर रखें।
मॉडल श्वेता खन्ना ने कहा कि सॉन्ग में काम करने का ऑफर मिलने से मैं बेहद उत्साहित थी। मेरी फेमिली भी इस बात से बेहद खुश थी।
मॉडल के साथ हुई दो घटनाओं को जानिए…
- सॉन्ग में काम करने के लिए लुधियाना बुलाया: श्वेता खन्ना ने कहा कि 2020 में पंजाब के एक डायरेक्टर ने पंजाबी सॉन्ग में गाने के लिए लुधियाना बुलाया। सॉन्ग में काम करने का ऑफर मिलने से मैं बेहद उत्साहित थी। मेरी फेमिली भी इस बात से बेहद खुश थी।
- होटल में कमरा बुक कर दिया: श्वेता ने बताया कि डायरेक्टर ने उसे कहा कि शूट के लिए सुबह अर्ली मॉर्निंग अलग-अलग साइट्स पर जाना है, इसलिए आप एक दिन पहले नाइट स्टे के लिए लुधियाना आ जाना। यहां पर आपके लिए होटल में कमरा बुक कर दिया है। अगले दिन शाम को लुधियाना आई और सीधे बताए गए होटल में गई।
- फोन पर सूचना दी आ गई: श्वेता ने बताया कि उसने फोन पर डायरेक्टर को सूचना दी कि वो लुधियाना आ गई और होटल में है। कल कहां मिलना है, बता दें। जिस पर डायरेक्टर ने कहा कि थोड़ी देर में बात करते हैं, आप रेस्ट कर लो।
- आपकी ड्रेस देखनी है, होटल आ रहा हूं: श्वेता ने बताया कि डायरेक्टर ने करीब 11 बजे फोन किया कि आप शूट के लिए कोन सी ड्रेस लेकर आई हैं, वो चेक करनी हैं, तो मैं होटल आ रहा हूं। मैंने कहा कि सुबह देख लेना तो उन्होंने कहा नहीं ड्रेस बहुत इंपोर्टेंट होती है। इसलिए अभी चेक करनी पड़ेंगी।
- सेक्स करने की डिमांड: श्वेता ने बताया कि जैसे ही डायरेक्टर होटल के रूम में आया तो उसने पहले ड्रेस दिखाने की बात की। 12 बजे तक वापस ही नहीं गया। तो मैंने उसे कहा कि सर अब चले जाओ। जिस पर उसने कहा कि श्वेता तुम्हें नहीं पता कि एक दिन पहले क्यों बुलाया जाता। मैंने कहा नहीं। जिस पर उसने कहा कि सच में नहीं पता। उसके बाद उसने कहा कि आपके साथ नाइट बितानी और सेक्स करना है। मैंने मना किया और कहा कि क्या आपके साथ डील हुई थी। उसके बाद मैंने उसे कहा कि बहुत रात हो गई। सुबह देख लेंगे।
- रात नहीं बिताई तो गाना रिलीज नहीं होगा: श्वेता खन्ना ने बताया कि डायरेक्टर ने उसे सीधे कह दिया कि अगर उसके साथ रात नहीं बिताई, तो गाना रिलीज नहीं होगा। श्वेता ने बताया कि उन्होंने कहा कि कल शूट के बाद फ्री होकर होटल में आ जाएंगे फिर देख लेंगे। श्वेता का कहना है कि वो शूट को छोड़ना भी नहीं चाहती थी और उसके साथ रात बिताना भी नहीं चाहती थी। इसलिए उसने बात कल पर टाल दी।
- हस्बैंड को विश्वास में लिया: श्वेता ने बताया कि वह अगले दिन शूटिंग पर गई और उसी दौरान फोन करके अपने हस्बैंड को इस बारे में हल्की सी बात की और उन्हें विश्वास में लिया। श्वेता ने बताया कि शाम को जैसे ही शूटिंग खत्म हुई, तो डायरेक्टर को कहा कि उसके हस्बैंड उसे लेने आ रहे हैं। उसे जाना पड़ेगा। इस बात पर वो झल्ला गया था और उसने फिर कहा कि ये सॉन्ग रिलीज नहीं होगा। जिस पर उसने कहा कि हस्बैंड को बुलाने की जरूरत नहीं है। वॉल्बो में चले जाओ। श्वेता खन्ना ने बताया कि उनका यह सॉन्ग रिलीज नहीं हुआ। बाद में उन्होंने खुद पैसे देकर सॉन्ग रिलीज किया। उन्होंने बताया कि सॉन्ग का नाम इसलिए नहीं बताउंगी, क्योंकि इस पर बड़ी कंट्रोवर्सी खड़ी हो जाएगी।

मॉडल श्वेता खन्ना ने कहा कि मैं गाने के लिए दो बार पंजाब आई, लेकिन दोनों बार ही कंप्रोमाइज करने के लिए बोला गया है।
फगवाड़ा में शूट गाने को यूट्यूब से डिलीट करवाने की कहानी…
- फगवाड़ा में सॉन्ग शूट करने बुलाया: श्वेता खन्ना ने बताया कि 2021 में उसे फिर पंजाबी सॉन्ग में काम करने के लिए बुलाया गया। फगवाड़ा में एक स्विमिंग पूल में शूट होना था। मुझे कहा गया कि शॉर्ट स्विमिंग सूट लेकर आना। मैं अपने हिसाब से थोड़ा बड़ा स्विमिंग शूट लेकर गई। शूट पानी के अंदर होना था।
- धोखे से कर दिए बोल्ड सीन शूट: श्वेता ने बताया कि डायरेक्टर प्रड्यूसर ने धोखे से कैमरामैन से ऐसे एंगल से मेरे वीडियो शूट किए कि वो काफी बोल्ड थे। स्विमिंग शूट शरीर पर चिपक गया था और उसे क्लोजअप करके शूट कर दिया। जब वो नीचे झुगी तो उसके क्लोजअप शॉट बना दिए। ऐसे सीन न तो उसे दिखाए और न ही उससे बात की। श्वेता ने बताया कि उन्होंने उसी समय कह दिया था कि इसमें अगर कोई बोल्ड सीन हुए तो उन्हें हटा दो।
- सिंगर करने लगा कंप्रो की डिमांड: श्वेता ने बताया कि उसी दौरान सिंगर उसे कहने लगा कि मेरे साथ कंप्रो करो। उसी दौरान मैं ने डायरेक्टर को कहा कि इसे चुप करवाओ। उसके बाद कैफे में एक सीन शूट होना था तो उस समय सिंगर मेरे ऊपर ही आकर बैठ गया और मेरे शरीर को टच करने लगा। जिस पर मैंने हंगामा कर दिया। श्वेता सिंह ने बताया कि डायरेक्टर की मां ने रिक्वेस्ट की और शूटिंग पूरी की।
- डायरेक्टर ने बिना बताए सॉन्ग रिलीज कर दिया: श्वेता खन्ना ने बताया कि डायरेक्टर ने उसे बताए बिना सॉन्ग रिलीज कर दिया और उसमें उसके बोल्ड सीन दिखा दिए। जब उसे एक साथी का फोन आया कि सॉन्ग रिलीज हो गया और पांच दिन में ही 1 लाख व्यूज आ गए। उसने लिंक भेजा। श्वेता ने कहा कि जब उसने लिंक देखा तो पता चला कि गाने में बहुत बोल्ड सीन हैं।
- गाना डिलीट करवाया: श्वेता ने बताया कि वहां भी डायरेक्टर और सिंगर कंप्रो की बात कर रहे थे। मैंने मना किया। उन्होंने बताया कि जब उसने सॉन्ग में सीन देखे तो तुरंत उसे हटाने को कहा। जब उसने नहीं हटाया तो उसे कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। क्योंकि उसने मेरी सहमति के बिना ये सीन डाल दिए थे। मेरे साथ कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं था। इसके बाद उन्होंने सॉन्ग डिलीट किया।

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पंजाबी मॉडल को सॉन्ग में टेबल बनाया: सिंगर उसके ऊपर खाना रखकर खा रहा; अक्षिता बोली- पूरी कहानी ही बदल दी गई

पंजाबी सिंगर वरिंदर बराड़ के एल्बम 9/11 के विवादित टेबल सीन को लेकर चल रहे विवाद में अब वीडियो में नजर आई मॉडल और एक्ट्रेस अक्षिता शर्मा सामने आई हैं। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में अक्षिता ने म्यूजिक वीडियो के मेकर्स और डायरेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
प्रयागराज में तेज रफ्तार कार ने युवक को टक्कर मारी: टक्कर के बाद चालक फरार, घायल युवक अस्पताल में भर्ती – Prayagraj (Allahabad) News
प्रयागराज में एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क पार कर रहे एक युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिविल लाइंस क्षेत्र से सुलेम सराय स्थित अपने घर लौट रहे पंकज नामक युवक को सप्लाई डिपो के पास कार ने टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पंकज सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका। स्थानीय लोगों ने बताया कि चालक ने पहले वाहन को आगे बढ़ाया और फिर सप्लाई डिपो की ओर से मोड़कर तेजी से फरार हो गया। लोगों ने उसे रोकने के लिए शोर मचाया और कुछ ने वाहन पर पत्थर भी फेंके, लेकिन चालक भागने में सफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने कार का नंबर UP70CK8586 बताया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल पंकज को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से फरार चालक की जल्द पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए
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गर्मियों में ठंडक और स्वाद का बेहतरीन संगम चाहिए तो मिर्जापुर की विजय लस्सी एक शानदार विकल्प है. शुद्ध दही, मावा और खास देसी अंदाज में तैयार होने वाली यह कुल्हड़ लस्सी वर्षों से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की भी पसंद बनी हुई है.
मिर्जापुर: गर्मी का मौसम और तेज धूप में कुछ पीने का मन हो. इसी मौसम में शुद्ध दही से बनी लस्सी मिल जाए तो क्या ही कहना. लस्सी फेमस दुकान से हो सोने पर सुहागा. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विजय की लस्सी खूब फेमस है. लस्सी का स्वाद बेहद ही लाजवाब रहता है.

लस्सी के स्वाद को बढ़ाने के लिए उसमें प्यार भरी मिठास वाला चीनी और खुशबू के लिए इतर मिलाया जाता है, जिसे एक बार पीने के बाद बार-बार पीने का मन करें. यहां पर लस्सी के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. दूर-दूर से लोग विजय की लस्सी को पीने के लिए आते हैं. लस्सी में स्वाद का राज छिपा हुआ है. दाम भी बेहद कम.

मिर्जापुर के चिनियहवा का इनारा के पास विजय लस्सी की दुकान है. विजय लस्सी की दुकान काफी पुरानी है, यहां पर विजय शुद्ध दही से लस्सी को तैयार करते हैं. दही लेने के बाद शक्कर मावा और इत्र इत्यादि का प्रयोग करके लस्सी को बनाते हैं.
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खास बात यह है कि शुद्ध दही से बने होने के कारण इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. कुल्हड़ स्वाद को सोंधा कर देता है. प्यार वाली मिठास लस्सी में जाने के बाद खाने वाले ग्राहकों का दिन बाग-बाग हो जाता है. यही वजह है कि विजय की लस्सी मिर्जापुर में खूब फेमस है और यहां पर इसके स्वाद का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.

दुकान के मालिक विजय ने बताया कि लस्सी की दुकान काफी फेमस है. यहां पर काफी दूर-दूर से लोग स्वाद का आनंद लेने के लिए आते हैं. लस्सी को बनाने में किसी खास सामान का उपयोग नहीं होता है, जो भी सामान इसमें मिलाए जाते हैं. वह शुद्ध और देसी रहते हैं. यही वजह है कि इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. दही से बनी लस्सी के ऊपर जब मावे डाले जाते हैं, जिससे स्वाद बेहद ही खास हो जाता है.

लस्सी पीने के लिए आए शाहिद खान ने बताया कि यहां की लस्सी कई सालों से फेमस है. पहली बार हम दोस्तों के साथ दुकान पर पहुंचे थे. हालांकि, एक बार लस्सी पीने के बाद हम खुद अपने दोस्तों को लेकर यहां पर आते हैं. इनके यहां जो लस्सी मिलती है, उसके स्वाद का जवाब पूरे शहर में कहीं पर नहीं है. दम भी बेहद कम है. अगर आप भी लस्सी के दीवाने हैं तो एक बार विजय की लस्सी का स्वाद जरूर लीजिए.


