Wednesday, May 27, 2026
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चिरौंजी की खीर का ऐसा स्वाद आपने कभी नहीं चखा होगा! जानिए क्यों ये है खास मिठाई


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चिरौंजी की खीर उन पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में शामिल है जिनका स्वाद साधारण मिठाइयों से बिल्कुल अलग महसूस होता है. इसका मलाईदार टेक्सचर, मेवों जैसी खुशबू और शाही स्वाद इसे खास बना देता है. अगर आपने अब तक इसे नहीं चखा, तो यह मिठाई एक बार जरूर ट्राई करने लायक है.

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भारत में खीर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में चावल, दूध और इलायची की खुशबू वाली पारंपरिक मिठाई की तस्वीर उभर आती है. लेकिन देश के कई हिस्सों में खीर की ऐसी खास वैरायटी भी बनाई जाती है, जिसका स्वाद आम खीर से बिल्कुल अलग होता है. इन्हीं में से एक है चिरौंजी की खीर. इसका स्वाद इतना रिच और मलाईदार होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसे लंबे समय तक याद रखते हैं. खास बात यह है कि यह मिठाई सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी पारंपरिक पहचान और खास मौके पर बनने की वजह से भी मशहूर मानी जाती है.

चिरौंजी छोटे-छोटे बीज होते हैं जिन्हें कई लोग मिठाइयों और शाही व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं. इनका स्वाद हल्का नटी यानी मेवों जैसा होता है. जब इन्हें दूध के साथ पकाकर खीर बनाई जाती है, तो उसका स्वाद सामान्य चावल की खीर से काफी ज्यादा गाढ़ा और रिच महसूस होता है. कई जगहों पर इसमें मावा, केसर और ड्राई फ्रूट्स भी डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और ज्यादा खास हो जाता है. यही वजह है कि इसे अक्सर त्योहारों, शादी-ब्याह और खास मौकों पर बनाया जाता है.

कहां है सबसे ज्यादा मशहूर?
चिरौंजी की खीर खासतौर पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में काफी लोकप्रिय मानी जाती है. बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र में भी इसे पारंपरिक मिठाई की तरह पसंद किया जाता है. गांवों में पुराने समय से इसे मेहमानों के स्वागत और त्योहारों के दौरान खास डिश के रूप में बनाया जाता रहा है. कई लोग इसे “शाही खीर” भी कहते हैं क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली चिरौंजी और मेवे इसे साधारण खीर से ज्यादा खास बना देते हैं.

स्वाद क्यों लगता है अलग?
चिरौंजी की सबसे बड़ी खासियत इसकी हल्की कुरकुरी बनावट और मलाईदार स्वाद है. दूध में पकने के बाद यह नरम हो जाती है लेकिन हल्का टेक्सचर बनाए रखती है, जो हर बाइट में अलग स्वाद देता है. इसमें इलायची, केसर और घी की हल्की खुशबू मिल जाए, तो इसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है. कई लोग इसे ठंडा करके खाना पसंद करते हैं, खासकर गर्मियों में.

कैसे बनाई जाती है?
चिरौंजी की खीर बनाने के लिए सबसे पहले दूध को धीमी आंच पर गाढ़ा किया जाता है. इसके बाद भिगोई हुई चिरौंजी डालकर उसे अच्छे से पकाया जाता है. फिर इसमें चीनी, इलायची और ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं. धीरे-धीरे पकाने से इसका स्वाद ज्यादा उभरकर आता है. यही कारण है कि पुराने समय में लोग इसे जल्दी-जल्दी बनाने के बजाय आराम से धीमी आंच पर तैयार करते थे.

क्यों मानी जाती है खास मिठाई?
यह सिर्फ स्वाद के कारण खास नहीं है, बल्कि कई परिवारों में इसे परंपरा से भी जोड़ा जाता है. कई जगहों पर धार्मिक कार्यक्रमों और शुभ अवसरों में इसे प्रसाद के रूप में भी बनाया जाता है. इसके अलावा चिरौंजी को पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है, इसलिए लोग इसे ताकत देने वाली मिठाई भी कहते हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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सरकारी कर्मचारी बहू मिसेज राजस्थान बनी,दुल्हन की तरह हुआ स्वागत: कहा- ऑफिस का स्टाफ भी साथ रहा; दूसरी विजेता बोलीं- मुझे मंच पर देख परिवार का नजरिया बदला – Jaipur News




मिसेज राजस्थान 2026 में इस साल दो महिलाओं के सिर पर विजेता का ताज सजा। सिल्वर कैटेगरी (20 से 36 उम्र) में उमा मीना और गोल्ड कैटेगरी (37 से 51 उम्र) में श्वेता कंसाना मिसेज राजस्थान 2026 बनीं। टाइटल जीतने के बाद दोनों मॉडल्स दैनिक भास्कर ऑफिस पहुंचीं। अपने अनुभव साझा किए। उमा मीना ने बताया कि वो एक सरकारी कर्मचारी हैं। यहां तक पहुंचने में मुझे मेरे ऑफिस के चेयरमैन और पूरे स्टाफ का सहयोग मिला। जब मैं जीतकर घर पहुंची तो जैसे शादी के बाद दुल्हन बनकर घर (ससुराल) आई थी, वैसे ही दोबारा स्वागत किया गया। वहीं, श्वेता कंसाना ने बताया- वे एक डेंटिस्ट हैं। फैशन इंडस्ट्री को लेकर, शुरुआत में मेरे परिवार में भी अलग सोच थी। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने मुझे मंच पर देखा, उनका नजरिया बदल गया। आगे पढ़िए दोनों मॉडल्स से खास बातचीत… सवाल: जीत के बाद कैसा महसूस हो रहा है? उमा मीना: मैं मिसेज राजस्थान 2026 की सिल्वर कैटेगरी विनर हूं। यह मेरा पैशन था। मैंने पहले भी मिस राजस्थान के ऑडिशन दिए थे, लेकिन तब सफलता नहीं मिली। तब मेरी पैर में चोट आ गई थी। अब मिसेज राजस्थान जीतकर बहुत खुशी हो रही हूं। मैं चाहती हूं कि महिलाएं अपने सपनों को कभी न छोड़ें और अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करती रहें। श्वेता कंसाना: मैं मिसेज राजस्थान 2026 की गोल्ड कैटेगरी विनर हूं। पेशे से डेंटिस्ट हूं, लेकिन दिल से हमेशा मॉडलिंग की तरफ झुकाव रहा है। इस मंच ने मुझे आत्मविश्वास दिया कि मैं खुद को बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर सकती हूं। सवाल: उमा, आप सरकारी कर्मचारी भी हैं। मॉडलिंग को कैसे चुना और शादी के बाद ही क्यों? उमा मीना: शादी से पहले भी मैंने मिस राजस्थान के ऑडिशन दिए थे, लेकिन चयन नहीं हो पाया। मुझे सरकारी क्षेत्र भी हमेशा आकर्षित करता था। मैंने सिविल सर्विस की तैयारी भी की, लेकिन वहां पूरी सफलता नहीं मिली। इसी दौरान नौकरी लग गई। मुझे मेरे ऑफिस के चेयरमैन और पूरे स्टाफ का सहयोग मिला। शादी के बाद ऐसा परिवार मिला, जिसने मुझे हमेशा सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि अपने सपनों को पूरा करो, हम तुम्हारे साथ हैं। तभी मैंने फैसला लिया कि अब अपने पैशन के लिए पूरा प्रयास करूंगी। मैं जयपुर कंज्यूमर कोर्ट में जज की पीए के रूप में कार्यरत हूं। दोनों चीजों को साथ संभालना आसान नहीं था, लेकिन प्लानिंग के साथ काम किया। मैंने पहले ऑफिस की जिम्मेदारियां पूरी कीं। मेरे सीनियर अधिकारी ने भी कहा था कि अपना काम पूरा करो और फिर अपने सपनों के लिए पूरी मेहनत करो। उनका सहयोग मेरे लिए बहुत मायने रखता है। सवाल: श्वेता, आप डेंटिस्ट हैं। अब मॉडलिंग में भी पहचान बनाई है। दोनों प्रोफेशन को कैसे देखती हैं? श्वेता कंसाना: दोनों प्रोफेशन मेरे लिए महत्वपूर्ण हैं। डेंटिस्ट मेरा मुख्य पेशा है, लेकिन मॉडलिंग भी मेरे लिए उतनी ही खास है। यह मेरा सपना था और उसे पूरा करने के लिए मेहनत भी की। 40 साल की उम्र में खुद को बनाए रखना आसान नहीं होता। खासकर जब आप मां भी हों। लेकिन मेरा मानना है कि जिंदगी में आगे बढ़ते रहना चाहिए। जो सपना देखें, उसे पूरा करने के लिए पूरी मेहनत लगानी चाहिए। सवाल: उमा, जीतने के बाद परिवार का क्या रिएक्शन था? उमा मीना: मेरा पूरा परिवार बहुत खुश था। जिस दिन मैंने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, उसी दिन से सभी उत्साहित थे। सबका कहना था कि जीतो या हारो, लेकिन इस सफर को पूरी तरह जीकर आओ। मेरी सास, जेठानी, पीहर पक्ष और पूरा परिवार वहां मौजूद था। जब मेरा नाम विजेता के रूप में घोषित हुआ, उस समय परिवार के चेहरे की खुशी देखकर मैं भावुक हो गई। वह पल जिंदगीभर याद रहेगा। जब घर पहुंची तो मेरा स्वागत बहुत शानदार तरीके से हुआ। जैसे शादी के बाद दुल्हन बनकर घर आई थी, वैसे ही दोबारा स्वागत किया गया। ढोल-नगाड़े, शहनाई, फूल-मालाएं और पूरा घर खुशियों से भरा हुआ था। मेरे रिश्तेदार और पीहर वाले भी आए थे। वह पल मेरे लिए बहुत खास था। सवाल: श्वेता, अक्सर फैशन इंडस्ट्री को लेकर परिवार में अलग सोच होती है। क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ? श्वेता कंसाना: हां फैशन इंडस्ट्री को लेकर, शुरुआत में मेरे परिवार में भी अलग सोच थी। लेकिन जैसे-जैसे उन्होंने मुझे मंच पर देखा, उनका नजरिया बदल गया। उन्हें लगा कि यह एक अच्छा और सुरक्षित मंच है। मिसेज राजस्थान बहुत प्रतिष्ठित मंच है। परिवार ने देखा कि यहां हमें बहुत सम्मान और सुरक्षा मिलती है। अब परिवार को हम पर गर्व महसूस होता है। मेरे ससुर साहब फाइनल में मौजूद थे, जीत के बाद उन्होंने अपने हर परिचित को इस जीत से अवगत करवाया। उनकी खुशी ने मेरी जीत को और खास बना दिया। सवाल: आपके छोटे बेटे का क्या रिएक्शन था? श्वेता कंसाना: मेरा बेटा बहुत उत्साहित था। वह दो दिन पहले से ही कह रहा था कि ‘मेरी मम्मी मिसेज राजस्थान 2026 बनेंगी।’ उसकी बात सच हो गई। उसकी खुशी मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।



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जमीन के नीचे कुबेर का खजाना! खुदाई के बाद निकले 500-500 के नोटों से भरे बोरे


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Underground Recovered From TMC: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भ्रष्ट नेताओं पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. इस कड़ी में बदुरिया नगर पालिका के चेयरमैन दीपांकर भट्टाचार्य आ गए हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी कार्यालय के पास जमीन में गाड़ कर रखे गए 500 रुपये के नोटों से भरे 4 बैग और एक बोरा बरामद हुआ है. इससे पहले उनके पास से 80 लाख रुपये नकद और 4000 सरकारी तिरपाल जब्त किए गए थे.

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जमीन के अंदर से मिले 500-500 के नोट से भरे नोट.

500-500 Notes Found Under TMC Office: पश्चिम बंगाल राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है. कानून अपना काम पूरी सख्ती से करना शुरु कर दिया है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हो रही है. भ्रष्टाचार के ऐसे-ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिन्हें देखकर खुद जांच अधिकारियों के पसीने छूट गए हैं. बदुरिया में तो फिल्मी स्टाइल में जमीन के नीचे दबाकर रखा गया लाखों-करोड़ों का कैश बरामद हुआ है.

बदुरिया नगर पालिका के चेयरमैन और टीएमसी नेता दीपांकर भट्टाचार्य को पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया था. उनके खिलाफ सरकारी तिरपाल की हेराफेरी और अवैध संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज था. लेकिन सबसे बड़ा खुलासा उनकी पुलिस रिमांड के दौरान हुआ. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि काले धन को छिपाने के लिए जमीन के अंदर खजाना गाड़ा है.

500-500 की गड्डियां

सटीक जानकारी के आधार पर, पुलिस ने दीपांकर भट्टाचार्य के पार्टी कार्यालय के पास जमीन की खुदाई शुरू की. चश्मदीदों के मुताबिक, जैसे ही मिट्टी हटाई गई, वहां से 4 बड़े बैग और एक बोरा बरामद हुआ. इन सभी में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां ठूंस-ठूंस कर भरी हुई थीं. हालांकि अभी तक इस भारी-भरकम रकम की आधिकारिक गिनती पूरी नहीं हो पाई है, लेकिन नोटों के बंडल देखकर माना जा रहा है कि यह रकम करोड़ों में हो सकती है.

पहले भी मिले थे 80 लाख कैश और सरकारी तिरपाल

यह कोई पहला मौका नहीं है जब दीपांकर भट्टाचार्य के ठिकानों से ऐसा भारी खजाना निकला हो. इससे पहले भी पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर लगभग 80 लाख रुपये की भारी नकदी बरामद की थी. इसके साथ ही, प्राकृतिक आपदाओं में गरीबों के बीच बांटने के लिए आए करीब 4,000 सरकारी तिरपाल भी उनके पास से अवैध रूप से जमा किए हुए पाए गए थे. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है.

दुर्गापुर में टीएमसी का मजदूर नेता गिरफ्तार

भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के खिलाफ यह पुलिस कार्रवाई सिर्फ बदुरिया तक सीमित नहीं है. राज्य के दुर्गापुर-फरीदपुर ब्लॉक के लौदोहा इलाके में भी पुलिस ने देर रात एक बड़ा ऑपरेशन चलाते हुए टीएमसी के दबंग मजदूर यूनियन नेता शेख वसुल को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, शेख वसुल के खिलाफ इलाके में लंबे समय से कई गंभीर शिकायतें लंबित थीं.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि वह रोजगार दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूलता था. इसके अलावा, विधानसभा चुनाव से पहले इलाके में दहशत फैलाने, मतदाताओं पर वोटिंग के लिए अनुचित दबाव बनाने और अपना दबदबा कायम रखने के लिए गुंडागर्दी करने के भी गंभीर आरोप उस पर लगे हैं.

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Deep Raj DeepakSub-Editor

Deep Raj Deepak working with News18 Hindi (hindi.news18.com/) Central Desk since 2022. He has strong command over national and international political news, current affairs and science and research-based news. …और पढ़ें



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पत्नी के घर की छत से गिरा नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर अनिक दत्ता, हुई दर्दनाक मौत


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Anik Dutta Death: बंगाली फिल्म निर्देशक अनिक दत्ता को गंभीर हालत में ढाकुरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वे अपनी पत्नी के गरियाहाट स्थित घर पर थे. छत से गिरने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित किया. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

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डायरेक्टर अनिक दत्ता का निधन हो गया. (फोटो साभारः फेसबुक)

मुंबई. प्रसिद्ध बंगाली फिल्ममेकर और नेशनल फिल्म अवॉर्ड विजेत अनिक दत्ता का बुधवार 26 मई को निधन हो गया. बताया जा रहा है कि कोलकाता के गरियाहाट इलाके में छत से गिरने के बाद उन्हें गंभीर चोटें आई थीं. उन्हें तुरंत धाकुरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, यह घटना उनकी पत्नी के घर गरियाहाट में हुई, जहां अनिक कथित तौर घर की छत से गिर गए. पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है.

पुलिस इस मामले की जांच करने में लगी है किय यह हादसा था या इसमें कोई साजिश हुई है. सूत्रों का यह भी कहना है कि अनिक दत्ता की बेटी फिलहाल विदेश में रहती है और उनके कोलकाता पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा.

अनिक दत्ता को बंगाली सिनेमा की सबसे खास फिल्ममेकर्स में से एक माना जाता था. उन्होंने बड़े पर्दे पर निर्देशन की शुरुआत ‘भूतेर भविष्यत’ से की थी. यह एक व्यंग्यात्मक ड्रामा है और राजनीति, समाज और कोलकाता की बदलती शहरी संस्कृति पर तंज था. इसलिए इस फिल्म को कल्ट बंगाली फिल्म कहा जाता है.

अनिक दत्ता की फिल्में

अनिक दत्ता अपनी फिल्मों में हास्य और व्यंग्य के साथ मजबूत सामाजिक व्यवस्था पर चोट करते थे. वह अक्सर अपनी फिल्मों में राजनीति, अर्थशास्त्र और समाज की कड़वी सच्चाइयों को दिखाते थे. उन्होंने ‘अश्चर्य प्रदीप’, ‘मेघनाद बध रहस्य’, ‘भविष्यतेर भूत’, ‘बरुण बाबू के दोस्त’ और ‘अपराजितो’ जैसी फिल्मों का डायरेक्शन किया. उनकी आखिरी फिल्म ‘जतो कांडो कोलकातातेई’ है, जो पिछले साल दुर्गा पूजा के दौरान सिनेमाघरों में आई थी.

ममता बनर्जी के विरोधी रगे थे अनिक दत्ता

 अनिक दत्ता का जन्म 22 मई को कोलकाता के देबदूत शीट नगर में हुआ था और वे बचपन से ही सिनेमा के बड़े शौकीन थे. फिल्म निर्माता सत्यजीत रे का उनके ऊपर गहरा प्रभाव था, जो उनकी कहानी कहने की शैली में साफ नजर आता था. द टेलीग्राफ के मुताबिक, अनिक दत्ता को वामपंथी सोच वाले फिल्मकार के रूप में जाना जाता है. वे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोधी रहे हैं. 2019 में उनकी फिल्म ‘भविष्यतेर भूत’ को सिनेमाघरों में दिखाने से रोक दिया गया था. अनिक ने कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान नंदन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के कटआउट्स की भारी मौजूदगी पर भी सवाल उठाए थे.

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रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें





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UPSC CSE Prelims Answer Key OUT : यूपीएससी प्रीलिम्स आंसर-की upsc.gov.in पर जारी, ऐसे डाउनलोड करें


UPSC CSE Prelims 2026 Answer Key OUT : यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (प्रारंभिक परीक्षा) 2026 की आंसर-की जारी कर दी गई है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइटों upsconline.nic.in और upsc.gov.in पर यूपीएससी सीएसई प्रारंभिक परीक्षा 2026 की आंसर-की PDF डाउनलोड कर सकते हैं। बता दें कि, यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की गई थी और परीक्षा का स्तर मध्यम था।  

5.49 लाख उम्मीदवारों ने दिया एग्जाम 

गौरतलब है कि, 24 मई 2026 को देश के 83 शहरों में बने 2,072 केंद्रों पर UPSC CSE Prelims परीक्षा का आयोजन किया, जिसमें करीब 5.49 लाख उम्मीदवार शामिल हुए। आयोग के अंतिम अंतिम आंकड़ों के अनुसार कुल 8 लाख, 19 हजार, 732 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था जिनमें से लगभग 67 प्रतिशत उम्मीदवार परीक्षा में उपस्थित हुए। 

कैसे डाउनलोड करें आंसर-की

उम्मीदवार UPSC CSE प्रीलिम्स 2026 की उत्तर कुंजी देखने और डाउनलोड करने के लिए इन चरणों का पालन कर सकते हैं:  

  • आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in या upsc.gov.in पर जाएं 
  • UPSC CSE Prelims 2026 की Answer Key के PDF Link पर क्लिक करें 
  • UPSC CSE Prelims 2026 की Answer Key PDF स्क्रीन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी 
  • UPSC CSE Prelims 2026 की Answer Key की PDF फ़ाइल को सेव करें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें 

Answer Key पर आपत्ति कैसे दर्ज करें 

  • upsconline.nic.in या upsc.gov.in पर जाएं
  • UPSC CSE Prelims 2026 की आंसर.की पर आपत्ति दर्ज करने के लिए ऑब्जेक्शन विंडो के लिंक पर क्लिक करें 
  • अब, लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें  
  • जिन प्रश्नों पर आप आपत्ति उठाना चाहते हैं, उन्हें चुनें 
  • उत्तर और सहायक दस्तावेज़ (PDF) अपलोड करें 
  • Answer Key आपत्ति विंडो शुल्क का भुगतान करें 
  • सबमिट पर क्लिक करें 
  • यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स की Answer Key की PDF फाइल को सेव करें और उसकी एक हार्ड कॉपी निकाल लें 

कब जारी होंगे नतीजे 

UPSC CSE प्रीलिम्स की Answer Key पर प्राप्त आपत्तियों की समीक्षा के बाद, UPSC अंतिम Answer Key और परिणाम जारी करेगा। UPSC CSE प्रीलिम्स की अंतिम Answer Key और परिणाम जून के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। UPSC प्रीलिम्स 2025 का परिणाम 25 मई को आयोजित परीक्षा के बाद 11 जून को घोषित किया गया था। UPSC CSE प्रीलिम्स 2026 की अंतिम Answer Key और परिणाम घोषित होने के बाद, उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in और upsc.gov.in पर अपना स्कोरकार्ड PDF में देख और डाउनलोड कर सकते हैं।   


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गुजरात के कच्छ से 1000 करोड़ की कोकीन जब्त: ब्राजील से आई खेप दिल्ली भेजने की तैयारी थी; तीन विदेशी गिरफ्तार, एक फरार


कच्छ (गुजरात)3 मिनट पहले

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कच्छ से 1000kg कोकीन की खेप पकड़ाई।

गुजरात के कच्छ से बुधवार को 1 हजार करोड़ रुपए की 118 किलो कोकीन जब्त की गई। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को अरेस्ट किया गया है। जहाज से पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि कोकीन ब्राजील से लोड की गई थी। इसकी डिलीवरी दिल्ली के द्वारका में रहने वाले दो विदेशी नागरिकों को की जानी थी।

गुजरात डीजीपी डॉ. केएलएन राव ने बताया कि सूचना मिलने के बाद इंडियन कोस्टगार्ड और गुजरात एटीएस ने मुंद्रा पोर्ट पर जॉइंट ऑपरेशन चलाया। इसी के तहत 25 मई की रात भारतीय समुद्री सीमा में एक कंटेनर जहाज पकड़ा गया।

कंटेनर की जांच करने पर अंदर छिपाकर रखी गई कोकीन जब्त की गई। जहाज में दो आरोपी थे, जिनमें से एक को पकड़ लिया गया। दूसरा आरोपी जहाज से कूदकर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। दिल्ली से भी दो विदेशियों की गिरफ्तारी हुई है।

मीडियो को जानकारी देते हुए गुजरात डीजीपी डॉ. केएलएन राव।

मीडियो को जानकारी देते हुए गुजरात डीजीपी डॉ. केएलएन राव।

जहाज से समुद्र में फेंके जा रहे थे पैकेट गुजरात एटीएस से मिली जानकारी के मुताबिक यह जहाज मुंद्रा तट से करीब 5 नॉटिकल मील (करीब साढ़े 9 किमी) दूर लंगर डाले खड़ा था। कोस्टगार्ड ने की घंटों तक इस पर नजर रखी। इसी दौरान अधिकारियों ने देखा कि जहाज से कुछ संदिग्ध बैग समुद्र में फेंके जा रहे हैं। इसके बाद कोस्टगार्ड और ATS की संयुक्त टीम हरकत में आई और रात में ही जहाज को घेरकर अपने कब्जे में ले लिया।

जो आरोपी पकड़ाया, वो नाइजीरिया का रहने वाला एटीएस की छापेमारी में जहाज पर दो लोग मिले थे। इनमें से जुम्मा नासिर उमर नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। यह मूल रूप से नाइजीरिया का रहने वाला है। वहीं, एक अन्य आरोपी ने समुद्र में छलांग लगा ली थी, जिसकी तलाश की जा रही है।

अरेस्ट किए गए आरोपी से पूछताछ में पता चला कि ब्राजील से आ रही कोकीन की डिलीवरी दिल्ली के द्वारका में रहने वाले विदेशी नागरिकों को दी जानी थी। एटीएस ने दिल्ली में रहने वाले क्लैविन चुकवुमा और ब्यारुहांगा जेम्स को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से एक सैटेलाइट फोन भी जब्त किया गया है।

पिछले साल पोरबंदर से पकड़ी गई थी 300 किलो ड्रग्स

पोरबंदर से पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत 1800 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

पोरबंदर से पकड़ी गई ड्रग्स की कीमत 1800 करोड़ रुपए आंकी गई थी।

इससे पहले 13 अप्रैल 2025 में पोरबंदर से 1800 करोड़ रुपए कीमत की 300 किलो ड्रग्स जब्त की गई थी। गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और कोस्टगार्ड ने 12 अप्रैल की रात जॉइंट ऑपरेशन में पोरबंदर से 190 किमी दूर समुद्र से ड्रग्स की खेप पकड़ी थी।

गुजरात ATS से मिली जानकारी के बाद कोस्टगार्ड ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) की ओर सर्चिंग के लिए जहाज भेजा था। कोस्टगार्ड की टीम ने एक बोट को स्पॉट किया। बोट सवारों से पहचान बताने को कहा। इससे घबराए तस्कर ड्रग्स के पैकेट्स समुद्र में फेंककर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भाग निकले थे। ——————-

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गुजरात के पोरबंदर तट पर ईरानी नाव पकड़ी:ईरान के 4 नागरिक गिरफ्तार, बोट में छिपाकर रखी गई 5 करोड़ की विदेशी सिगरेट जब्त

भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने एक बड़े समुद्री अभियान के तहत गुजरात के पोरबंदर के पास एक संदिग्ध विदेशी नाव को रोककर जांच की। इस नाव पर ईरानी चालक दल सवार था और इसमें तस्करी कर लाई जा रही विदेशी ब्रांड की बड़ी मात्रा में सिगरेट बरामद की गई। पूरी खबर पढ़ें…



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‘संवैधानिक रूप से SIR वैध…’ CJI सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को दी सुप्रीम राहत


होमताजा खबरदेश

‘संवैधानिक रूप से SIR सही…’ CJI सूर्यकांत ने चुनाव आयोग को दी सुप्रीम राहत

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Supreme Court Verdict on SIR: सीजेआई सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया संविधान के उस मूल दायित्व से अलग नहीं है, जिसका संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने से है. अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है.

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सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने बिहार की वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मामले पर चुनाव आयोग को बड़ी राहत दे दी.

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में चल रही विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए चुनाव आयोग को बड़ी राहत दी है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि SIR प्रक्रिया जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act) में ‘नई जान फूंकने’ का काम करती है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को ज्यादा शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है.

सीजेआई सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि बिहार में चल रही SIR प्रक्रिया संविधान के उस मूल दायित्व से अलग नहीं है, जिसका संबंध स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने से है. अदालत ने माना कि चुनाव आयोग को मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की प्रक्रिया चलाने का अधिकार है.

इन तीन सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने किया विचार

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(3) चुनाव आयोग को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का अधिकार देते हैं. अदालत ने कहा कि बिहार में बड़े पैमाने पर जनसांख्यिकीय बदलाव, शहरीकरण और प्रवासन के कारण मतदाता सूची में व्यापक परिवर्तन हुए हैं, जिसके चलते चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया शुरू की.

चुनाव आयोग के लिए कितनी बड़ी राहत?

अदालत ने यह भी कहा कि SIR प्रक्रिया चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है और यह संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ नहीं जाता. कोर्ट के मुताबिक मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की बुनियादी शर्त है और चुनाव आयोग इस दिशा में कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है.

इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने दलील दी थी कि इतने बड़े स्तर पर SIR कराना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के खिलाफ है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया कानून के दायरे में है और उसका उद्देश्य वैध है.

इस फैसले को बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कराए गए वोटर लिस्ट सुधार अभियान पर चुनाव आयोग के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है. साथ ही यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल बन सकता है.

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Saad Omar

साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें



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बोल्ड सीन ने बनाया स्टार, फिर 1 गलती ने तबाह किया करियर, शादी के बाद छोड़ा बॉलीवुड


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महज 21 साल की उम्र में बोल्ड सीन ने एक्ट्रेस को रातों-रात पूरे देश का क्रश बना दिया था. शोमैन राज कपूर की खोज मानी जाने वाली इस हसीना की नीली आंखों और मासूमियत का हर कोई दीवाना था. लेकिन 90 के दशक की शुरुआत में अंडरवर्ल्ड डॉन के साथ नाम जुड़ने की एक गलती ने इनके चमकते करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया. विवादों और बदनामी से तंग आकर एक्ट्रेस ने ग्लैमर वर्ल्ड से दूरी बना ली और फिर शादी कर फिल्मी दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया.

नई दिल्ली. मंदाकिनी अपने दौर में बॉलीवुड की पॉपुलर हीरोइनों में से एक रही हैं. मेरठ के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी इस साधारण सी लड़की की आंखों में बड़े पर्दे पर चमकने के बड़े-बड़े ख्वाब थे. हालांकि, किस्मत ने उनके लिए कुछ ऐसा लिखा था कि उन्हें स्टारडम बेहद जल्दी मिला, जिसकी कल्पना शायद खुद उन्होंने या उनके परिवार ने कभी नहीं की होगी.

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महज 21 साल की उम्र में मंदाकिनी को वो शोहरत मिली जिसने उन्हें रातों-रात पूरे देश का क्रश बना दिया. शोमैन राज कपूर के निर्देशन में बनी आखिरी फिल्म राम तेरी गंगा मैली ने उनकी जिंदगी बदल कर रख दी. परदे पर उनकी मासूमियत, नीली आंखें और बेमिसाल खूबसूरती ने दर्शकों को दीवाना बना दिया. इस फिल्म के कुछ सीन्स ने उस दौर में देश भर में एक नई बहस को जन्म दे दिया था.

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फिल्म में सफेद साड़ी पहनकर झरने के नीचे नहाने वाले उस आइकॉनिक सीन ने मंदाकिनी को 80 के दशक की सबसे चर्चित एक्ट्रेस बना दिया. जहां कुछ लोगों ने इसे हिंदी सिनेमा में बोल्डनेस का नया दौर माना, तो वहीं कई लोगों ने इस पर खूब आपत्ति जताई. हालांकि, इस विवाद ने फिल्म को ब्लॉकबस्टर बना दिया. यह 1985 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी और मंदाकिनी को बेस्ट एक्ट्रेस का फिल्मफेयर नॉमिनेशन भी मिला.

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एक्ट्रेस असली नाम यास्मीम जोसेफ है और उन्हें मंदाकिनी नाम खुद राज कपूर ने दिया था. वह हिमालय से निकलने वाली पवित्र और खूबसूरत मंदाकिनी नदी से बेहद प्रभावित थे, इसलिए उन्होंने यासमीन को यह नया नाम दिया. राज कपूर का दिया यह स्क्रीन नेम देखते ही देखते पूरे देश में ग्लैमर, खूबसूरती और एक अनसुलझे रहस्य की पहचान बन गया, जिसे आज भी लोग भूल नहीं पाए हैं.

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इस धमाकेदार डेब्यू के बाद मंदाकिनी के पास फिल्मों की लाइन लग गई. उन्होंने ‘डांस डांस’, ‘प्यार करके देखो’ और ‘कहां है कानून’ जैसी कई बड़ी फिल्मों में काम किया. इन फिल्मों के जरिए वह दर्शकों के बीच लगातार पॉपुलर तो बनी रहीं, लेकिन उनकी पहली ही फिल्म का साया उनके पूरे करियर पर इस कदर हावी रहा कि लोग उनके दूसरे किरदारों को उस नजर से देख ही नहीं पाए.

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मंदाकिनी की जिंदगी का सबसे बड़ा यू-टर्न परदे के पीछे आया. 90 के दशक की शुरुआत में वह तब एक बड़े विवाद में फंस गईं, गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम के साथ उनकी तस्वीरें सामने आईं. हालांकि, मंदाकिनी ने दाऊद के साथ किसी भी रिश्ते से हमेशा साफ इनकार किया, लेकिन इन अफवाहों ने उनके करियर और इमेज को भारी नुकसान पहुंचाया. उस दौर में अंडरवर्ल्ड के बढ़ते असर के चलते मेकर्स ने उनसे दूरी बना ली. फिल्मों के ऑफर्स कम हो गए, मीडिया का दबाव बढ़ा और धीरे-धीरे मंदाकिनी चकाचौंध की दुनिया से पूरी तरह गायब हो गईं.

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इसके बाद मंदाकिनी की जिंदगी में एक ऐसा बदलाव आया, जिसने सबको हैरान कर दिया. बॉलीवुड की इस चकाचौंध और विवादों से दूर उन्होंने एक बेहद शांत और सादगी भरी जिंदगी को चुना. मंदाकिनी ने पूर्व बौद्ध भिक्षु डॉ. काग्युर टी. रिनपोचे ठाकुर से शादी कर ली. शादी के बाद उन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड को पूरी तरह अलविदा कह दिया और अपना पूरा ध्यान अध्यात्म, परिवार और वेलनेस की तरफ लगा दिया.

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मंदाकिनी कभी अपनी बोल्ड इमेज और विवादों की वजह से फिल्मी मैग्जीन्स के कवर पेज पर छाई रहती थीं, अब वो एक बिल्कुल अलग जिंदगी जी रही हैं. खबरों की मानें तो मंदाकिनी अब अपने पति के साथ मिलकर मुंबई में एक तिब्बती योग और वेलनेस सेंटर चलाती हैं. इसके साथ ही वह लोगों को मेडिटेशन भी सिखाती हैं और पूरी तरह से सुकून भरी जिंदगी बिता रही हैं.

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महोबा में खेत में मिला किसान का शव: परिजनों ने जताई पार्टी के बहाने हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी – Mahoba News




महोबा में एक किसान की बेरहमी से हत्या का मामला सामने आया है। पिपरी गांव में खेत पर बने मकान में रहने वाले 54 वर्षीय किसान हरनारायण राजपूत का शव लहूलुहान हालत में मिला है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि किसी ने पार्टी के बहाने लोहे के सब्बल से वार कर और हाथ-पैर तोड़कर उनकी हत्या की है। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना महोबकंठ थाना क्षेत्र के पिपरी गांव की है। हरनारायण राजपूत का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उनके ही खेत में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए।मृतक के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों और रिश्तेदारों के अनुसार, हत्यारों ने किसान के हाथ-पैर तोड़ दिए और लोहे के भारी सब्बल से वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा। मृतक के साले बलदाऊ सिंह और दामाद रविन्द्र ने आशंका जताई है कि अज्ञात हमलावरों ने पहले किसान के साथ बैठकर पार्टी की और फिर इस वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, हत्यारों की पहचान और वारदात के पीछे की रंजिश का खुलासा अभी नहीं हो पाया है।
वारदात की सूचना मिलते ही महोबकंठ थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घटना की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। कुलपहाड़ सीओ रविकांत गौड़ ने बताया कि मृतक की पत्नी सुनीता देवी की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और हत्यारों की तलाश में जुटी है। और घटना के सभी पहलुओं की गहनता से जांच करते हुए जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।



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