राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए सरपंच पद का मतदान पूरा हो गया है। अब मतगणना जारी है। शनिवार को हुए इस चरण में 16 जिलों की 104 पंचायत समितियों में चुनाव हुए थे। फलोदी जिले की 9 पंचायत समितियों की 274 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ। यहां 31 सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं। आप अपनी ग्राम पंचायत का सबसे पहले और सटीक रिजल्ट जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
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फलोदी में सरपंच चुनाव के सबसे पहले नतीजे: दैनिक भास्कर ऐप पर जानें कौन जीता, किसे कितने वोट मिले, पूरी जानकारी एक क्लिक में – Phalodi News
मिलेट्स महोत्सव में सांवा की खीर ने जीता पहला इनाम: बलिया में श्रीअन्न से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता में 11 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा – Ballia News
बलिया शहर के ऑफिसर्स क्लब में शनिवार को मिलेट्स महोत्सव, रेसिपी विकास एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के न्यूट्री सीरियल घटक और उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत आयोजित महोत्सव में श्रीअन्न से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता हुई। कार्यक्रम सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे संपन्न हुआ। इसकी अध्यक्षता परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के प्रतिनिधि धर्मेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार ने की।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 11 प्रतिभागियों ने श्रीअन्न से तैयार व्यंजन निर्णायक समिति के सामने प्रस्तुत किए। समिति ने व्यंजनों के स्वाद, गुणवत्ता और प्रस्तुति के आधार पर विजेताओं का चयन किया। रेसिपी प्रतियोगिता में मां गायत्री स्वयं सहायता समूह, बहादुरपुर की शारदा देवी ने सांवा की खीर बनाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। शक्ति स्वयं सहायता समूह, चंदुकी की लालसा देवी मड़ुआ की इडली के लिए दूसरे और सशक्ति आजीविका स्वयं सहायता समूह, बरवां हनुमानगंज की शकुंतला शर्मा बाजरे के लड्डू के लिए तीसरे स्थान पर रहीं। मिलेट्स की जानकारी देने वाली प्रतियोगिता भी हुई महोत्सव में मिलेट्स के गुणों और पोषण संबंधी विशेषताओं की जानकारी रखने वाले प्रतिभागियों के बीच भी प्रतियोगिता कराई गई। इसमें रणजीत कुमार यादव ने प्रथम, अधिराज सिंह ने द्वितीय और सोनाली पाठक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। विभिन्न विभागों ने लगाए स्टॉल मिलेट्स महोत्सव में उद्यान, मत्स्य, पशुपालन और गन्ना विभाग सहित अन्य विभागों ने स्टॉल लगाए। इनके माध्यम से विभागीय योजनाओं, कृषि गतिविधियों और उपलब्ध उत्पादों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रीअन्न के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसके उपयोग को प्रोत्साहित करना और मिलेट्स से बनने वाले विभिन्न व्यंजनों को लोकप्रिय बनाना रहा। इस अवसर पर धर्मेंद्र सिंह ने किसानों को मिलेट्स की खेती और उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने श्रीअन्न के उत्पादन और उपभोग को प्रोत्साहित करने में ऐसे आयोजनों के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष अभिजीत कुमार तिवारी, मंडल अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, गड़वार मंडल अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह सहित जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम का संयोजन उप कृषि निदेशक मनीष कुमार सिंह ने किया। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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पीजी कॉलेज में छात्र कम,नियमित क्लास नहीं लगने का आरोप: प्राचार्य ने मानी परेशानी, बोले- उपस्थिति बढ़ाने के लिए कर रहे प्रयास – Shivpuri News
शिवपुरी के शासकीय श्रीमंत माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नियमित कक्षाओं के दौरान भी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम नजर आ रही है। कॉलेज में 36 नियमित प्रोफेसर और 15 गेस्ट फैकल्टी समेत अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं, लेकिन सामान्य दिनों में परिसर में विद्यार्थियों की संख्या कम दिखाई दे रही है। एलएलबी के विद्यार्थियों का आरोप है कि उन्हें कई बार यह तक पता नहीं होता कि किस विषय की क्लास कब लगेगी और संबंधित प्रोफेसर कौन हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। LLB छात्रों का आरोप- क्लास का समय और विषय की जानकारी नहीं मिलती एलएलबी के विद्यार्थियों के मुताबिक, कॉलेज पहुंचने के बाद कई बार उन्हें पता नहीं होता कि किस विषय की कक्षा कब लगेगी। उनका कहना है कि नोटिस बोर्ड पर भी समय-सारणी नियमित रूप से प्रदर्शित नहीं की जाती। कुछ विद्यार्थियों का दावा है कि सप्ताह में एक-दो दिन ही कक्षाएं लगती हैं। कई बार क्लास निरस्त होने या छुट्टी होने की जानकारी भी समय पर नहीं मिलती। विद्यार्थियों ने अटेंडेंस व्यवस्था में भी अनियमितता का आरोप लगाया है। छात्रों का कहना है कि लंबे समय से बनी इस स्थिति के कारण कई विद्यार्थियों ने कॉलेज आना ही कम कर दिया है। उनका आरोप है कि नियमित कक्षाएं और समय-सारणी की स्पष्ट जानकारी मिले तो विद्यार्थी भी नियमित रूप से कॉलेज पहुंचेंगे। कॉलेज में 36 नियमित और 15 गेस्ट प्रोफेसर शासकीय माधवराव सिंधिया स्नातकोत्तर महाविद्यालय शहर के प्रमुख सरकारी कॉलेजों में शामिल है। यहां 36 नियमित प्रोफेसर, 15 गेस्ट फैकल्टी और अन्य कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके बावजूद सामान्य दिनों में कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति दिखाई दे रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज में नियमित कक्षाएं लगना और उनकी जानकारी समय पर मिलना जरूरी है, ताकि वे अपनी पढ़ाई के अनुसार कॉलेज पहुंच सकें। प्राचार्य बोले- कम उपस्थिति चिंताजनक, अभिभावकों से संपर्क करेंगे प्राचार्य प्रो. पवन कुमार श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का समय सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक है और प्रोफेसर निर्धारित समय पर कक्षाओं में जाते हैं। कक्षाओं के अलावा छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक कार्य भी किए जाते हैं। प्राचार्य के अनुसार, प्रवेश फॉर्म और छात्रवृत्ति से जुड़े कार्यों के दौरान कॉलेज में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ जाती है, जबकि सामान्य दिनों में उपस्थिति कम रहती है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसरों को विद्यार्थियों को नियमित रूप से कॉलेज आने के लिए प्रेरित करने के साथ उनके अभिभावकों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई प्रोफेसर निर्धारित समय में कक्षा से अनुपस्थित पाया जाता है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा।
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दिवाली पर मिठाई खरीदने से पहले रहें सावधान! ऐसे पहचानें असली और नकली मिठाई
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दिवाली खुशियों और मिठास का त्योहार है, लेकिन मिठाई खरीदने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। साफ-सुथरी दुकान से खरीदारी करें, पैक्ड मिठाई की तारीख और जानकारी जांचें तथा रंग, गंध या बनावट में गड़बड़ी लगे तो उसे खाने से बचें। अगर मिलावट का संदेह हो, तो खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें। थोड़ी सी सावधानी त्योहार की खुशियों को बनाए रखने में मदद कर सकती है.
दिवाली पर मिठाई खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खा रहे मिलावटी मिठाई? रंग, खुशबू और स्वाद से ऐसे करें पहचान
दिवाली का त्योहार हो और घर में मिठाइयां न आएं, ऐसा भला कैसे हो सकता है। कोई मेहमानों के लिए मिठाई खरीदता है, तो कोई रिश्तेदारों और दोस्तों को मिठाई का डिब्बा उपहार में देता है। त्योहार के दिनों में बाजारों में बर्फी, पेड़ा, लड्डू, रसगुल्ले और मावे से बनी दूसरी मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है. इसी दौरान मिलावट और खराब मिठाई बिकने का खतरा भी रहता है. ऐसे में मिठाई खरीदते समय थोड़ी सी सावधानी जरूरी है। मिठाई का रंग, उसकी बनावट और महक देखकर कुछ गड़बड़ियों का अंदाजा लगाया जा सकता है.
मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाला दूध और मावा उनकी गुणवत्ता के लिए सबसे अहम है. बर्फी, पेड़ा, कलाकंद और दूसरी दूध से बनी मिठाइयों को खरीदते समय उनकी बनावट और महक पर ध्यान देना चाहिए. अगर मिठाई से बासी या असामान्य गंध आ रही है, उस पर फफूंद दिखाई दे रही है या उसका रंग और बनावट बदली हुई लग रही है, तो उसे खरीदने से बचें.
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Local18 से बातचीत में डॉक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि खराब या मिलावटी मिठाई खाने से सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने पर गुणवत्ता को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि मिठाई में कोई असामान्य गंध, स्वाद या बनावट नजर आए, तो उसे खाने से बचें. खास बात यह है कि केवल स्वाद सामान्य होने से मिठाई के शुद्ध होने की गारंटी नहीं मिलती. कुछ मिलावट ऐसी भी होती है, जिसे पहचानने के लिए प्रयोगशाला जांच की जरूरत पड़ती है.
दुकानों में मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए कई बार उन पर चमकीले रंगों और सजावट का इस्तेमाल किया जाता है। मिठाई खरीदते समय देखें कि उसका रंग असामान्य रूप से गहरा या भड़कीला तो नहीं है। अगर मिठाई पर रंग की परत दिखाई दे या उसे छूने पर हाथ में रंग लगने लगे, तो सावधानी बरतें.हालांकि, सिर्फ चमकदार रंग देखकर मिठाई को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता. कुछ मिठाइयों में नियमानुसार इस्तेमाल किए गए खाद्य रंग भी हो सकते हैं। इसलिए रंग के साथ दुकान की साफ-सफाई, मिठाई को रखने का तरीका और उसकी ताजगी पर भी ध्यान
मिठाई खरीदते समय उसकी खुशबू पर ध्यान देना भी जरूरी है. ताजा मिठाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के अनुसार सामान्य महक आती है, जबकि खराब होने पर उसमें बासी या खट्टी गंध आ सकती है। इसी तरह मिठाई में असामान्य कड़वापन, खट्टापन या दूसरा अजीब स्वाद महसूस हो, तो उसे खाना बंद कर दें.ध्यान रखें कि संदिग्ध मिठाई को चखकर जांचना सुरक्षित तरीका नहीं है। यदि उसकी गंध, रंग या बनावट देखकर शक हो, तो उसे मुंह में डालने के बजाय खरीदने से बचें.
दिवाली पर कई लोग डिब्बाबंद मिठाइयां खरीदते हैं. ऐसी मिठाइयां लेते समय पैकेट पर लिखी जानकारी जरूर पढ़ें. निर्माण की तारीख, उपयोग की अंतिम तारीख, सामग्री की जानकारी और पैकेट की सील जांचें। पैकेट फूला हुआ हो, खुला हो या उस पर जरूरी जानकारी स्पष्ट न हो, तो उसे न खरीदें.
मिठाइयों पर लगा चांदी का वर्क भी कई बार चर्चा में रहता है. बाजार में चांदी जैसे दिखने वाले दूसरे पदार्थों से बनी सजावट को लेकर लोगों के मन में सवाल उठते हैं। लेकिन वर्क को उंगली से रगड़कर या उसके मुड़ने के तरीके से उसकी शुद्धता की पक्की पहचान करना भरोसेमंद तरीका नहीं है.इसलिए केवल वर्क देखकर मिठाई की गुणवत्ता का फैसला न करें. बेहतर है कि मिठाई ऐसे विक्रेता से खरीदें, जो खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करता हो। मिठाई की शुद्धता पर गंभीर संदेह होने पर उसकी जांच अधिकृत प्रयोगशाला से ही कराई जा सकती है
मिठाई में मिलावट की पहचान के लिए इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई घरेलू तरीके बताए जाते हैं. इनमें मिठाई को पानी में घोलना, टिश्यू पेपर पर रगड़ना या उस पर आयोडीन डालकर रंग में बदलाव देखना शामिल है। लेकिन इन तरीकों से हर तरह की मिलावट की विश्वसनीय पहचान नहीं हो सकती.उदाहरण के लिए, आयोडीन से नीला या बैंगनी रंग आना स्टार्च की मौजूदगी का संकेत हो सकता है, लेकिन इसके लिए सही जांच प्रक्रिया और नमूने की जानकारी जरूरी है। इसी तरह पानी में मिठाई घुलने या रंग छूटने से अकेले यह साबित नहीं होता कि उसमें मिलावट
खराब या दूषित मिठाई खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं. वहीं, खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंगों या अन्य हानिकारक पदार्थों की मिलावट होने पर स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी वाले लोगों के लिए खाद्य सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है.
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला ने पहली बार फोन खरीदा: 81 की उम्र में सेल्फी लेना, इंस्टाग्राम चलाना सीख रहे; कल चुनाव में बोल्सोनारो से मुकाबला
ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने पहली बार स्मार्टफोन खरीदा है। अब वे सेल्फी लेना और इंस्टाग्राम चलाना सीख रहे हैं। 25 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में उनका मुकाबला पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो से है। 81 साल के लूला इससे पहले 2003 से 2010 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं। 2023 में उन्होंने तीसरी बार सत्ता संभाली थी। अब वे चौथी बार राष्ट्रपति बनना चाहते हैं। माना जा रहा है कि चुनाव के पहले दौर में उम्मीद से कम वोट मिलने के बाद लूला ने सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर ध्यान देना शुरू किया है। लूला को फ्लावियो बोल्सोनारो से 2% कम वोट मिले थे ब्राजील में पहले दौर की वोटिंग 4 अक्टूबर को हुई थी। लूला को 45% वोट मिले थे, जबकि पुर्व राष्ट्रपति के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो को 47% वोट मिले। किसी भी उम्मीदवार को 50% से ज्यादा वोट नहीं मिले, इसलिए दूसरे दौर का मतदान हो रहा है। लूला ने अब तक फोन क्यों नहीं लिया? ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा अब तक अपना निजी मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से बचते रहे हैं। उन्हें चिंता थी कि फोन पर बातचीत रिकॉर्ड या लीक हो सकती है। वे फोन पर ज्यादा समय बिताना भी पसंद नहीं करते। जरूरत पड़ने पर दूसरों के फोन का इस्तेमाल करते थे। लूला को सोशल मीडिया सिखा रहीं कानून की छात्रा पहले दौर में लूला के उम्मीद से कमजोर प्रदर्शन के बाद कानून की छात्रा आना एलिसा सिल्वा को उनकी टीम में शामिल किया गया। वे लूला को सोशल मीडिया पर लोगों से जुड़ने में मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लूला ने अपनी राजनीति इंटरनेट के आने से पहले शुरू की थी। वे मजदूरों, ट्रेड यूनियनों और बड़ी रैलियों के जरिए लोगों तक पहुंचते रहे हैं। लेकिन अब युवा सोशल मीडिया पर ज्यादा जानकारी लेते हैं। इसलिए लूला को भी अपने पुराने प्रचार के तरीकों के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल करना सीखना होगा। सोशल मीडिया पर युवा नेता लूला को टक्कर दे रहे पहले दौर के चुनावों में कई युवा नेताओं को बड़ी जीत मिली थी। इन नेताओं की सोशल मीडिया पर अच्छी पकड़ है। दक्षिणपंथी लिबरल पार्टी के 30 साल के निकोलस फरेरा को चुनाव में 30 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। इंस्टाग्राम पर फरेरा के करीब 2.5 करोड़ फॉलोअर्स हैं। वहीं, वामपंथी नेताओं में 33 साल की एरिका हिल्टन और सिर्फ 21 साल की आना एलिसा सिल्वा भी चुनी गईं। दोनों को 5 लाख से ज्यादा वोट मिले। ब्राजील में चुनाव पर अमेरिका और चीन की नजर ब्राजील लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और BRICS का संस्थापक सदस्य भी है। इसलिए यहां सरकार बदलने का असर सिर्फ देश की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। लूला की सरकार चीन और BRICS देशों के साथ रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देती रही है। ऐसे में उनकी वापसी से इन देशों के साथ मौजूदा रिश्ते और सहयोग जारी रहने की संभावना है। दूसरी तरफ फ्लावियो बोल्सोनारो को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीब माना जाता है। ऐसे में उनकी जीत से अमेरिका के साथ ब्राजील के रिश्तों में नया बदलाव आ सकता है। यानी इस चुनाव में मुकाबला सिर्फ लूला बनाम फ्लावियो का नहीं है। ब्राजील आगे अमेरिका के करीब जाता है या चीन और BRICS के साथ अपने मौजूदा रिश्तों को और मजबूत करता है, यह इस 25 अक्टूबर को होने वाले चुनाव का नतीजा तय करेगा। —————————– ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला कानून रोका, बोले- हमें फायदा, रूस से कर चुका डीजल खरीद डील अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को इस फैसले से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए और कहा कि यह कदम अमेरिका के हित में है। पूरी खबर पढ़ें…
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जामिया के 5 स्टूडेंट 13वें दिन भी भूख हड़ताल पर: क्लासेस ऑनलाइन हुईं; मांग- छात्र संघ बहाल हो, यहां 20 साल से चुनाव नहीं हुए
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- Jamia University Protest Photos; Students JMISU Election Hunger Strike | AISA Delhi Police
नई दिल्ली2 घंटे पहले
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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पांच छात्रों की भूख हड़ताल शनिवार को 13वें दिन भी जारी है। छात्र जामिया में स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) बहाल करने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं। जामिया की छात्र यूनियन को मार्च 2006 में भंग कर दिया गया था।
इस बीच मैनेजमेंट ने सभी कोर्स की कक्षाएं ऑनलाइन करने का ऐलान कर दिया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेगी।
यूनिवर्सिटी ने नोटिस में सभी डीन, विभागाध्यक्ष, निदेशकों, शिक्षकों और नियमित छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस के शेड्यूल का पालन करने को कहा है।
नोटिस में शिक्षकों से ऑनलाइन क्लासेस की व्यवस्था करने को कहा गया है। साथ ही, छात्रों को जरूरी मदद देने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदर्शनस्थल खाली कराने की तस्वीर…

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जामिया में प्रशासन ने प्रदर्शन खत्म करा दिया है। छात्रों को जबरन हटाया गया है।
AISA का प्रशासन पर आरोप
AISA ने प्रेस रिलीज में कहा, “भूख हड़ताल कर रहे छात्रों और प्रदर्शन स्थल पर हमला किया जा रहा है। यह जामिया प्रशासन का सबसे क्रूर चेहरा दिखाता है।”
प्रदर्शन शुरू होने के बाद से भूख हड़ताल कर रहे जासिम अली खान ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने छात्रों का निलंबन रद्द करने की मांग की।

एक अन्य छात्र प्रदर्शनकारी अनस ने प्रॉक्टर और अनुशासन समिति की ओर से छात्रों को जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने की मांग की। अनस ने कहा कि छात्रों की यूनियन बहाल होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
‘फ्री कश्मीर’ नारे पर छात्रों का बयान
यूनिवर्सिटी कैंपस में ‘फ्री कश्मीर’ नारे वाली ग्रैफिटी को लेकर चल रहे विवाद पर भी अनस ने बात की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को बाधित करने के लिए एक नैरेटिव फैलाया जा रहा है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की।
अनस ने कहा, “हमें नहीं पता कि यह नैरेटिव प्रशासन फैला रहा है या कोई और। यह जांच का विषय है, क्योंकि जामिया की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन की है। कैमरे चेक किए जाएं और देखा जाए कि ऐसे नारे कौन लिख रहा है। इससे मामला साफ हो जाएगा।”
अनस ने कहा कि प्रदर्शनकारी और भूख हड़ताल कर रहे छात्र इसमें बिल्कुल शामिल नहीं हैं। उनके मुताबिक, प्रदर्शन पहले दिन से शांतिपूर्ण रहा है और आगे भी शांतिपूर्ण रहेगा।

12 अक्टूबर से जारी है प्रदर्शन
जामिया के छात्रों ने 12 अक्टूबर को प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की थी। वे छात्रों की यूनियन बहाल करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन के शुरुआती दिनों में दिल्ली पुलिस ने कैंपस में तय प्रदर्शन स्थल से छात्रों को हटाने की कोशिश की थी। इसके बाद प्रदर्शन और बढ़ गया।

स्टूडेंट्स के प्रदर्शन में पॉलिटिक्स की एंट्री
शुक्रवार को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी समर्थन में आए। दिल्ली पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया, इन पर दीवार फांदकर घुसने का आरोप, बाद में छोड़ा गया। नदवी ने धक्का-मुक्की का आरोप लगाया।
इमरान मसूद ने कहा – “एक भी फ्री कश्मीर नारा वहां नहीं लगा, कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, पोस्टर लगाने वालों पर एक्शन हो”। इनके अलावा JNU, DUSU, AMU छात्र संगठनों का भी समर्थन मिला है।
हेड कांस्टेबल फिरोज खान के देवास में दो और प्लॉट-आरामशीन: अब तक 50 प्लॉट-मकान सामने आए, संपत्तियों का बाजार मूल्य 65.71 करोड़; इंदौर लोकायुक्त की सर्चिंग – Indore News
इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल ड्राइवर फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में संपत्तियों से जुड़ी नई जानकारियां सामने आई हैं। जांच में देवास की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट, बैंक खातों में जमा राशि और एक आरा मशीन का पता च
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लोकायुक्त के मुताबिक अब तक फिरोज खान से संबंधित 50 अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनकी गाइडलाइन कीमत 18.29 करोड़ रुपए, जबकि अनुमानित बाजार कीमत 65.71 करोड़ रुपए आंकी गई है।
लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
इंदौर में स्कीम 94 की संपत्ति।
देवास की आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट मिले
जांच के दौरान देवास के सीनियर राधागंज क्षेत्र स्थित आदर्श कॉलोनी में दो प्लॉट की जानकारी सामने आई है। इनमें प्लॉट नंबर 16ए का क्षेत्रफल 958 वर्गफीट और प्लॉट नंबर 45 का क्षेत्रफल 1,060 वर्गफीट है।
रिकॉर्ड के अनुसार दोनों प्लॉट साहिल ट्रेडिंग कंपनी के नाम क्रमशः 8.74 लाख और 9.32 लाख रुपए में खरीदे गए थे। इनकी वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत करीब 60.54 लाख रुपए आंकी गई है।

बेटी की शादी में फिरोज के नोट उड़ाने के ये वीडियो वायरल हुए थे।
बैंक खातों में 19.76 लाख रुपए जमा
लोकायुक्त को बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, महाराजा रियल एस्टेट के बैंक खाते में 9.70 लाख रुपए जमा पाए गए हैं। जांच में अब तक विभिन्न बैंक खातों में कुल 19.76 लाख रुपए जमा होने की जानकारी सामने आई है। इन खातों और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच जारी है।

मां के नाम पर 6 लाख रुपए में खरीदी आरा मशीन
जांच में देवास जिले के सोनकच्छ क्षेत्र के पिपलरावां में लकड़ी की आरा मशीन होने की जानकारी भी मिली है। इसे आरोपी की मां वहीदा खान के नाम पर 6 लाख रुपए में खरीदा गया था। लोकायुक्त इस संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के साथ अन्य संपत्तियों के रिकॉर्ड की भी जांच कर रहा है।

इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल ड्राइवर फिरोज खान।
50 अचल संपत्तियां चिह्नित
लोकायुक्त के अनुसार, अब तक की जांच में फिरोज खान से संबंधित 50 अचल संपत्तियां चिह्नित की गई हैं। इनकी गाइडलाइन कीमत 18.29 करोड़ रुपए और वर्तमान अनुमानित बाजार कीमत 65.71 करोड़ रुपए आंकी गई है। चल-अचल संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल आगे भी जारी है।
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यह खबर भी पढ़िए…
1. हेड-कॉन्स्टेबल की संपत्तियों की जांच की भोपाल से मॉनीटरिंग
पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल चालक फिरोज खान की करीब 64 करोड़ रुपए की संपत्तियों के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। अब लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल से मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर…
2. हेड-कॉन्स्टेबल 64 करोड़ का मालिक, 9 गाड़ियां, 21 बैंक खाते

इंदौर पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों के नाम 46 अचल संपत्तियों का पता चला है। लोकायुक्त के मुताबिक, इनकी बाजार कीमत 64 करोड़ रुपए से ज्यादा है। जांच में 9 गाड़ियां और 21 बैंक खाते भी सामने आए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
3. करोड़पति पुलिस ड्राइवर, बेटी की शादी में नोट उड़ाए

जिसके कंधों पर कानून की जिम्मेदारी थी, उसकी संपत्तियों का हिसाब अब लोकायुक्त पुलिस खंगाल रही है। अब तक विवादित जमीनों के सौदे, परिजन के नाम फ्लैट और फर्में, बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन और एक किसान परिवार की 21.75 बीघा जमीन का एग्रीमेंट सामने आया है। इसी एग्रीमेंट की जांच में बड़े खुलासे हो रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा पालीवाल पार्क में फिर धंसी सड़क: 15 फीट लंबा-10 फीट गहरा गड्ढा, हादसा टला – Agra News
आगरा शहर में सड़कों के धंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। शनिवार सुबह पालीवाल पार्क में सड़क धंस गई। 15 फीट लंबा और 10 फीट गहरा गड्ढा बन गया। सुबह टहलने आए लोगों ने गड्ढा देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई। गनीमत रही कि उस वक्त कोई वाहन या राहगीर उसकी चपेट में नहीं आया, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। बताया जा रहा है कि पानी की पाइपलाइन फटने से सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई और ऊपर की सड़क बैठ गई। करीब पांच से सात मीटर लंबाई तक सड़क धंस गई है। मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने तत्काल बैरिकेडिंग की मांग की ताकि कोई हादसा न हो। तीन महीने में दो दर्जन जगह धंसी सड़कें
यह कोई पहला मामला नहीं है। पिछले तीन महीने में शहर में दो दर्जन से ज्यादा जगहों पर सड़कें धंस चुकी हैं। कहीं बीच सड़क पर गड्ढा हो गया तो कहीं सड़क का बड़ा हिस्सा नीचे बैठ गया। भगवान टॉकीज, संजय प्लेस, कमला नगर, दयालबाग समेत कई इलाकों में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। बार-बार सड़क धंसने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि सड़क बनाने से पहले मिट्टी की टेस्टिंग होती है या नहीं? नीचे बिछी पाइपलाइन और सीवर लाइन की जांच की जाती है या नहीं? हर बार सड़क धंसने के बाद नगर निगम लीपापोती कर देता है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकलता। लोगों में आक्रोश, बोले- जान से खिलवाड़
स्थानीय निवासी अमित सिंह ने कहा- पालीवाल पार्क में रोज सैकड़ों लोग मॉर्निंग वॉक पर आते हैं। यहां से स्कूली बच्चों की बसें और वाहन गुजरते हैं। इतना बड़ा गड्ढा जान से खिलवाड़ है। लगता है विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि गड्ढे को तुरंत भरा जाए और बैरिकेडिंग लगाई जाए। साथ ही शहर की सभी सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। पार्क जैसी पॉश इलाके की सड़क का यह हाल है तो बाकी इलाकों का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल लोगों में दहशत है कि अगली बार कौन सी सड़क धंस जाएगी।
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सहरसा के मजदूर की पंजाब फैक्ट्री में मौत: मशीन का फीता चढ़ाते वक्त कटा हाथ, परिवार ने 50 लाख मुआवजे की मांग की – Saharsa News
पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक स्पिरिट फैक्ट्री में काम करने के दौरान हादसे में सहरसा के मजदूर की मौत हो गई। शनिवार की सुबह मृतक का शव एंबुलेंस से बटराहा मोहल्ला पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पहचान नगर निगम के वार्ड नंबर 35 स्थित बटराहा मोहल्ला निवासी चंद्र यादव के बेटे विपिन यादव(40) के रूप में हुई है। 2 साल से स्पिरिट फैक्ट्री में करता था काम विपिन पंजाब के गुरदासपुर स्थित एक स्पिरिट फैक्ट्री में मजदूरी करता था। वह पिछले दो वर्षों से वहां काम कर रहा था। हालांकि,परिजनों के अनुसार वह छह महीने पहले ही दोबारा फैक्ट्री में काम करने के लिए सहरसा से पंजाब गया था। घटना 22 अक्टूबर की सुबह की है। फैक्ट्री में मशीन का फीता चढ़ाने के दौरान उसका दाहिना हाथ बुरी तरह कट गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उसे समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया गया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आरोप मृतक के बड़े दामाद ब्रजेश कुमार ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण विपिन की जान गई है। परिजनों ने फैक्ट्री मालिक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक परिवार को किसी तरह का मुआवजा नहीं दिया गया है। घटना के बाद शव को एंबुलेंस से सहरसा भेज दिया गया। इधर, घटना की जानकारी मिलने पर जिला परिषद के उपाध्यक्ष धीरेंद्र यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने बिहार सरकार से पंजाब सरकार के साथ बातचीत कर पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। वहीं,राजद के नगर अध्यक्ष इंजीनियर कौशल यादव ने भी परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।उन्होंने कहा कि बिहार के मजदूर रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेशों में पलायन करने को मजबूर हैं,जहां आए दिन उनकी जान जा रही है। उन्होंने पंजाब सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की। विपिन दो भाइयों में सबसे बड़ा था परिवार में वही एकमात्र कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। परिजनों को चिंता सता रही है कि अब घर का खर्च और बच्चों की परवरिश कैसे होगी।
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