हाईकोर्ट ने आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती-2025 पर अंतरिम रोक लगा दी हैं। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने यह रोक डॉ ज्योति जांगिड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई। याचिका में कहा गया था कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 1340 आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती का संयुक्त विज्ञापन निकाला था। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्वति के डॉक्टरों की भर्ती होनी थी। लेकिन बोर्ड ने तीनों ही पद्वतियों के डॉक्टरों की एक कॉमन जनरल मैरिट लिस्ट बना रहा हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल है कि किस पद्वति के कितने पद हैं और उनके लिए कितने आवेदन आए हैं। जबकि तीनों पद्वति के अलग-अलग पेपर होते हैं और कठिनाई का स्तर पर भी अलग-अलग होता है। एक्सपर्ट की रिपोर्ट की दरकिनार
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अश्विनी जैमन ने बताया कोर्ट को बताया गया कि तीनों पद्वतियों की एक ही मैरिट लिस्ट बनाने के खिलाफ एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी पेश हुई थी। इसमें तीनों पद्वतियों की एक ही मैरिट लिस्ट बनाने को गलत बताया था। लेकिन बोर्ड ने इस रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए एक ही मैरिट लिस्ट बना रहा हैं। तीनों पद्वतियों में आयुर्वेद पद्वति का कठिनाई लेवल ज्यादा होता है। लेकिन तीनों की एक ही मैरिट लिस्ट बनने के कारण उन्हें मैरिट में नुकसान हो रहा है। इसलिए तीनों पद्वतियों की अलग-अलग मैरिट लिस्ट बनाकर नियुक्तियां दी जाएं।
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आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से मांगा जवाब, 1340 पदों पर होनी है भर्ती – Jaipur News
अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस, एक दोषी की फांसी पर रोक: 18 साल पहले 70 मिनट में हुए थे 21 धमाके, 56 लोगों की हुई थी मौत
अहमदाबाद2 घंटे पहले
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स्पेशल कोर्ट ने फरवरी 2022 में 38 दोषियों को फांसी और 11 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
सुप्रीम कोर्ट ने 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम धमाकों के मामले में दोषी मोहम्मद तनवीर की फांसी की सजा पर रोक लगा दी है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने तनवीर की याचिका पर सुनवाई की।
तनवीर ने गुजरात हाईकोर्ट के 7 जुलाई के फैसले को चुनौती दी थी। गुजरात हाईकोर्ट ने 7 जुलाई, 2026 को सुनाए अपने फैसले में प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन के 38 दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखी थी।
26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद के अलग-अलग इलाकों में करीब 70 मिनट के भीतर 21 बम धमाके हुए थे। इन हमलों में 56 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

7 जुलाई, 2026 को गुजरात हाईकोर्ट ने सुनाई थी फांसी की सजा
इस मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने 7 जुलाई, 2026 को स्पेशल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। विशेष अदालत ने फरवरी 2022 में 38 दोषियों को फांसी और 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
दोषियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर सभी अपीलों को खारिज करते हुए प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) से जुड़े लोगों की सजा को सही ठहराया था।
इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को 56 मृतकों के परिजन को 10-10 लाख रुपए और 200 से ज्यादा घायलों को 1-1 लाख रुपए मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा राशि का भुगतान 30 मार्च 2027 तक कर दिया जाए।

2009 में ट्रायल की शुरुआत, लॉकडाउन में भी सुनवाई
धमाकों के बाद पुलिस ने अहमदाबाद की सभी ब्लास्ट साइट्स और सूरत में मिले बमों के मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कीं। बाद में करीब 35 मामलों को मिलाकर एक बड़ा केस बनाया गया।
सभी मामलों को एक साथ जोड़ने के बाद 2009 में इस केस का ट्रायल शुरू हुआ। जांच और अदालत की सुनवाई 12 साल तक चली। करीब 80 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चला। कोरोना के समय भी सुनवाई बंद नहीं हुई।
प्रॉसिक्यूशन ने जज एआर पटेल की अदालत में 1,100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज कराए। कोर्ट में 6,000 से अधिक दस्तावेज पेश किए गए। मामले में 5,47 चार्जशीट के कुल 3,47,800 पन्ने दाखिल किए गए, जबकि सिर्फ मुख्य चार्जशीट ही 9,800 पन्नों की थी।

ब्लास्ट में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ था
जांच के दौरान पुलिस ने दावा किया कि धमाकों के पीछे आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े लोगों का हाथ था। इसे 2000 के दशक में बनाया गया था।
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औरैया-दिबियापुर में 60 फीट के रावण का दहन: दशहरे पर मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात – Auraiya News
औरैया और दिबियापुर के साथ पूरे जिले में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व उत्साह से मनाया जाएगा। औरैया और दिबियापुर में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन होगा। मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगे। औरैया जिला मुख्यालय पर पुरानी नुमाइश मैदान में रावण दहन होगा। पुलिस ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। दिबियापुर में पानी की टंकी के पास नुमाइश मैदान में रावण दहन होगा। यहां रामलीला मेले के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। अमेरिकी इन्फ्लुएंसर मार्विन आची के शामिल होने की संभावना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था संभाली है। औरैया में सुभाष चौक से जेसीज चौराहे तक बड़े और चार पहिया वाहनों पर रोक रहेगी। दिबियापुर के प्रमुख चौराहों पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से शांति और अनुशासन बनाए रखने के साथ यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
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हत्या के विरोध में गढ़ाकोटा में चक्काजाम जाम: आरोपियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग; समझाइश के बाद माने परिजन – Sagar News
दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के सैमरा बुजुर्ग गांव के पास रविवार की शाम गढ़ाकोटा निवासी 35 वर्षीय परम उर्फ रिक्कू यादव की मारपीट कर हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, मृतक परम जब बाइक से अपने घर लौट रहा था। तभी कुछ लोगों ने रास्ते में उसकी बाइक के आगे कार अड़ाकर उसे गिरा दिया। धारदार हथियारों से हमला किया। जिसमें वह गंभीर घायल हुआ। घटना के बाद मृतक के भाई ने 108 एंबुलेंस की मदद से घायल परम यादव को पथरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर दमोह एएसपी मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। सड़क पर शव रखकर बैठे परिजन घटनाक्रम के विरोध में सोमवार को आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने गढ़ाकोटा बस स्टैंड के सागर-गढाकोटा मार्ग पर सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश दी। लेकिन परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग पर अड़ गए। मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री और रहली विधायक गोपाल भार्गव मौके पर पहुंचे। परिजन से बात कर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। आरोपियों के अवैध अतिक्रमण की जांच कराने और कार्रवाई करने की बात कही। जिसके बाद परिजन माने और चक्काजाम खत्म किया। शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए रवाना हुए।
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मुजफ्फरपुर में अवैध मादक पदार्थ के साथ तस्कर गिरफ्तार: पुलिस खंगाल रही अवैध कारोबार के लिंक; गांजा की 37, स्मैक की 22 पुड़िया बरामद – Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थों के साथ उसे पकड़ा। यह कार्रवाई वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) मुजफ्फरपुर के निर्देश पर कच्ची पक्की ओपी की थानेदार सब इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी के नेतृत्व में की गई। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। पुलिस को 19 अक्टूबर 2026 को चकभिखी गांव में एक घर में अवैध शराब और मादक पदार्थों की बिक्री की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत छापेमारी की। गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस अवैध कारोबार के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालने में लगी है। भारी मात्रा में गांजा और स्मैक बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से अवैध मादक पदार्थों की खेप बरामद की है। पुलिस ने आरोपी के पास से गांजा की 37 पुड़िया और स्मैक की 22 पुड़िया बरामद की हैं। इसके अलावा, तलाशी के दौरान मौके से 120 रुपये नकद भी जप्त किए गए हैं। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से मादक पदार्थ तस्करों में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान और आगे की कार्रवाई पुलिस ने मौके से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गणेश राय के रूप में हुई है, जो कच्ची पक्की ओपी थाना क्षेत्र, जिला मुजफ्फरपुर का रहने वाला है। इस संबंध में कच्ची पक्की ओपी (सदर थाना) में कांड संख्या-985/26 दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त के पुराने आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह पहले भी इस तरह के अवैध धंधों में संलिप्त रहा है या नहीं। फिलहाल पुलिस मामले में अग्रतर कार्रवाई कर रही है और अन्य संलिप्त तस्करों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है।
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आपका स्मार्ट टीवी भी सुनता है बातें, तुरंत ऑन कर लें ये सेटिंग्स
Smart TV भी आपकी बातें चुपके-चुपके सुन सकता है। घर की ड्राइंग या बेडरूम में लगा यह टीवी आपकी निजी या प्राइवेट बातें भी रिकॉर्ड कर सकता है। घरों में इस्तेमाल होने वाले हर स्मार्ट डिवाइस की तरह ही इससे भी डेटा लीक का खतरा रहता है। ऐसे में हर स्मार्ट डिवाइस की तरह ही स्मार्ट टीवी इस्तेमाल करते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की जरूरत है, नहीं तो आपकी निजी बातें वायरल हो सकती है।
क्यों है रिस्क?
इन दिनों आने वाले ज्यादातर स्मार्ट टीवी में माइक्रोफोन लगे होते हैं। ये माइक्रोफोन वॉइस कमांड के जरिए टीवी के ऐप्स को कंट्रोल करने के लिए दिए जाते हैं। ये माइक्रोफोन आपकी बेडरूम कन्वर्सेशन और निजी बातों को रिकॉर्ड कर सकता है। ऐसे में अगर, आपनी निजी बातें रिकॉर्ड हो गई और साइबर अपराधियों के हाथ लग गई तो भारी नुकसान हो सकता है।
आपने भी ऐसा एक्सपीरियंस किया होगा कि स्मार्ट टीवी में देखे जाने वाले मूवीज, शोज या प्रोग्राम की जानकारी उनमें स्टोर होती है। स्मार्ट टीवी में इस्तेमाल किया गया ऑपरेटिंग सिस्टम इसके आधार पर ही आपको प्रिफरेंस वाले मूवीज या शोज दिखाते हैं। कभी-कभी आप जिस मूवी या शो की बात कर रहे होते हैं, उसके सजेशन आपको टीवी पर दिख जाते हैं। ऐसा टीवी में लगे माइक्रोफोन की वजह से होता है। माइक्रोफोन को अगर आप एक्सेस देते हैं तो कन्वर्सेशन रिकॉर्ड होगा। टीवी में इंस्टॉल किए जाने वाले ऐप्स को माइक्रोफोन, स्टोरेज, IP अड्रेस और लोकेशन आदि का एक्सेस होता है।
कंपनियों के साथ होती हैं शेयर
टीवी का ऑपरेटिंग सिस्टम आपकी प्रिफरेंस को एडवर्टाइजिंग और एनालिटिक्स कंपनियों के साथ शेयर करता है। ऐसे में आपको स्मार्ट टीवी के सामने कुछ निजी बात करते समय इसका ध्यान रखना होगा। एक्सपर्ट्स की मानें तो टीवी में सबसे बड़ा खतरा ACR यानी आटोमैटिक कॉन्टेंट रेकोग्निशन की वजह से है। यह टीवी पर चल रहे हर कॉन्टेंट को स्कैन करता है। यह आपके द्वारा टीवी पर देखे जाने वाली हर जानकारी को कलेक्ट करता है। माइक्रोफोन के जरिए यह आपकी आवाज को भी स्टोर कर लेता है।
टीवी बनाने वाले कई ब्रांड्स जैसे कि गूगल, सैमसंग, एलजी आदि ये दावा करती हैं कि ACR का इस्तेमाल यूजर्स को उनके पसंद के टीवी शोज, वेब सीरीज आदि का सजेशन देने के लिए किया जाता है। हालांकि, कंपनियां इनका इस्तेमाल एडवर्टाइजिंग के लिए भी करती हैं। आपके डेटा को डिजिटल प्रोफाइल और ऐड टारगेट के लिए यूज किया जाता है।
इससे कैसे बचें?
- हमें डेली यूज किए जाने वाले हर स्मार्ट डिवाइस में अपनी प्राइवेसी को लेकर सचेत रहना चाहिए। स्मार्ट टीवी की सेटिंग्स में जाकर वॉइस कंट्रोल और वॉइस असिस्टेंट वाली सेटिंग्स बंद कर देनी चाहिए।
- इसके अलावा ACR और पर्सनलाइज्ड फीचर्स को भी बंद करके रखें।
- अगर, जरूरी न हो तो टीवी को स्वीच ऑफ कर दें और वाई-फाई से डिसकनेक्ट कर दें।
- कई स्मार्ट टीवी इन-बिल्ट कैमरा के साथ आती है। इनके कैमरा को बंद करके रखें। साथ ही, माइक्रोफोन को कोई भी एक्सेस न दें। स्मार्ट टीवी के डेटा को सिक्योर रखने के लिए समय-समय पर इसके सॉफ्टवेयर को अपडेट करते रहें।
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बांग्लादेश बोला-सऊदी ने बिना बताए हमारे नागरिकों को फांसी दी: मस्जिद में अश्लील हरकत करने पर पति-पत्नी को मौत की सजा मिली थी
ढाका1 घंटे पहले
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सऊदी अरब ने मक्का में पिछले बुधवार एक बांग्लादेशी पति-पत्नी को फांसी दे दी। दोनों को एक मस्जिद के अंदर अश्लील हरकत करने के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी।
बांग्लादेश सरकार ने रविवार को कहा है कि उसे सजा होने से पहले इसकी जानकारी नहीं दी गई। उन्हें इस मामले का पता फांसी दिए जाने के बाद चला।

मक्का इस्लाम धर्म के सबसे पवित्र शहर है और यहीं दुनिया की सबसे बड़ी और पवित्र मस्जिद ‘अल-हरम’ मौजूद है।
कैदियों की सूची में नाम थे, लेकिन सजा का जिक्र नहीं था
द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में बांग्लादेश के दूतावास ने जेलों में बंद बांग्लादेशी नागरिकों की सूची मांगी थी। सऊदी सरकार ने जो सूची भेजी, उसमें इस पति-पत्नी के नाम भी शामिल थे। हालांकि, सूची में यह जानकारी नहीं थी कि दोनों को मौत की सजा सुनाई गई है।
बांग्लादेश की विदेश मामलों की राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने कहा कि उनकी सरकार ने मामले की ज्यादा जानकारी लेने के लिए सऊदी अरब से संपर्क किया है। सऊदी सरकार का जवाब मिलने के बाद ही बांग्लादेश तय करेगा कि आगे क्या कदम उठाए जाएं।

बांग्लादेश की विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम।
सऊदी सरकार ने कहा- मस्जिद की पवित्रता का उल्लंघन किया
सऊदी अरब के गृह मंत्रालय के मुताबिक, दोनों को इस्लामी कानून के तहत ‘ताजीर’ के नियमों के आधार पर मौत की सजा दी गई। ताजीर ऐसी सजा होती है, जिसकी गंभीरता तय करने का अधिकार न्यायाधीश के पास होता है।
मंत्रालय ने कहा कि दोनों का अपराध गंभीर था और उन्होंने मस्जिद की पवित्रता का उल्लंघन किया था। इसी वजह से उन्हें मौत की सजा दी गई।
सऊदी अरब में 30 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी रहते हैं
सऊदी अरब में 30 लाख से ज्यादा बांग्लादेशी रहते और काम करते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है, जो कम वेतन वाली नौकरियां करते हैं। दोनों देशों के बीच धार्मिक और आर्थिक संबंध भी काफी मजबूत हैं।
ऐसे में बांग्लादेशी नागरिकों को सजा दिए जाने के मामले में दोनों देशों के बीच जानकारी साझा किए जाने का सवाल अहम हो गया है। बांग्लादेश सरकार अब सऊदी अरब के जवाब का इंतजार कर रही है।
सऊदी अरब में इस साल करीब 100 लोगों को फांसी
एमनेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, सऊदी अरब में इस साल अब तक करीब 100 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। कई विदेशी नागरिकों को नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया था।
इससे पहले 2011 में सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आठ बांग्लादेशी पुरुषों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी गई थी। उन्हें मिस्र के एक नागरिक की हत्या का दोषी ठहराया गया था।

फेसबुक पर टिप्पणी के मामले में श्रीलंकाई नागरिक की सजा रद्द
इसी महीने सऊदी अरब ने श्रीलंका के एक नागरिक की मौत की सजा रद्द कर दी थी। उसे फेसबुक पर एक टिप्पणी करने के लिए धर्म का अपमान करने का दोषी ठहराया गया था।
इस मामले को लेकर श्रीलंका में विरोध हुआ था। इसके बाद उस व्यक्ति को राहत दिलाने के लिए कूटनीतिक स्तर पर कोशिशें की गईं। आखिरकार, सऊदी अरब ने उसकी मौत की सजा रद्द कर दी।
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मकान के नीचे बनी शराब की दुकान में आग: कानपुर में आग लगने से नुकसान का आकलन नहीं, पुलिस जांच में जुटी – Kanpur News
कानपुर के पनकी के रतनपुर में सोमवार तड़के एक मकान के नीचे बनी शराब की दुकान में आग लगने से हड़कंप मच गया। सुबह करीब पांच बजे आग लगने की सूचना अग्निशमन विभाग के मिनी कंट्रोल रूम को मिली। शुरुआती सूचना में मकान के अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका भी जताई गई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए पनकी और फजलगंज फायर स्टेशन से दमकल की गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकलकर्मियों ने पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया और काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। सोमवार सुबह 5:05 बजे कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि रतनपुर में एक मकान में आग लग गई है। सूचना में अंदर कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी,के निर्देश में फायर स्टेशन पनकी से प्रभारी को दमकल गाड़ी और टीम के साथ तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। आग की गंभीरता को देखते हुए फायर स्टेशन फजलगंज से भी एक फायर टेंडर भेजा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधनों के साथ आग बुझाने का काम किया जा सके। मकान के नीचे बनी दुकान से उठीं आग की लपटें दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं तो पता चला कि पनकी के रतनपुर स्थित बी-42 में मकान के नीचे बनी शराब की दुकान में आग लगी थी। सूचना मिलने पर आसपास के क्षेत्र में भी हलचल मच गई। दमकलकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की। दोनों फायर स्टेशनों की टीमों ने समन्वय बनाकर फायर टेंडर से पानी की पंपिंग की और आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। आग बुझाने के दौरान दमकलकर्मियों ने लगातार पानी की बौछार की। काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते दमकल की गाड़ियां पहुंचने और तत्काल कार्रवाई किए जाने से आग पर नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि, आग किस कारण लगी, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
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