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चिरौंजी की खीर उन पारंपरिक भारतीय मिठाइयों में शामिल है जिनका स्वाद साधारण मिठाइयों से बिल्कुल अलग महसूस होता है. इसका मलाईदार टेक्सचर, मेवों जैसी खुशबू और शाही स्वाद इसे खास बना देता है. अगर आपने अब तक इसे नहीं चखा, तो यह मिठाई एक बार जरूर ट्राई करने लायक है.
भारत में खीर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में चावल, दूध और इलायची की खुशबू वाली पारंपरिक मिठाई की तस्वीर उभर आती है. लेकिन देश के कई हिस्सों में खीर की ऐसी खास वैरायटी भी बनाई जाती है, जिसका स्वाद आम खीर से बिल्कुल अलग होता है. इन्हीं में से एक है चिरौंजी की खीर. इसका स्वाद इतना रिच और मलाईदार होता है कि एक बार खाने के बाद लोग इसे लंबे समय तक याद रखते हैं. खास बात यह है कि यह मिठाई सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी पारंपरिक पहचान और खास मौके पर बनने की वजह से भी मशहूर मानी जाती है.
चिरौंजी छोटे-छोटे बीज होते हैं जिन्हें कई लोग मिठाइयों और शाही व्यंजनों में इस्तेमाल करते हैं. इनका स्वाद हल्का नटी यानी मेवों जैसा होता है. जब इन्हें दूध के साथ पकाकर खीर बनाई जाती है, तो उसका स्वाद सामान्य चावल की खीर से काफी ज्यादा गाढ़ा और रिच महसूस होता है. कई जगहों पर इसमें मावा, केसर और ड्राई फ्रूट्स भी डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद और ज्यादा खास हो जाता है. यही वजह है कि इसे अक्सर त्योहारों, शादी-ब्याह और खास मौकों पर बनाया जाता है.
कहां है सबसे ज्यादा मशहूर?
चिरौंजी की खीर खासतौर पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुछ हिस्सों में काफी लोकप्रिय मानी जाती है. बुंदेलखंड और मालवा क्षेत्र में भी इसे पारंपरिक मिठाई की तरह पसंद किया जाता है. गांवों में पुराने समय से इसे मेहमानों के स्वागत और त्योहारों के दौरान खास डिश के रूप में बनाया जाता रहा है. कई लोग इसे “शाही खीर” भी कहते हैं क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाली चिरौंजी और मेवे इसे साधारण खीर से ज्यादा खास बना देते हैं.
स्वाद क्यों लगता है अलग?
चिरौंजी की सबसे बड़ी खासियत इसकी हल्की कुरकुरी बनावट और मलाईदार स्वाद है. दूध में पकने के बाद यह नरम हो जाती है लेकिन हल्का टेक्सचर बनाए रखती है, जो हर बाइट में अलग स्वाद देता है. इसमें इलायची, केसर और घी की हल्की खुशबू मिल जाए, तो इसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है. कई लोग इसे ठंडा करके खाना पसंद करते हैं, खासकर गर्मियों में.
कैसे बनाई जाती है?
चिरौंजी की खीर बनाने के लिए सबसे पहले दूध को धीमी आंच पर गाढ़ा किया जाता है. इसके बाद भिगोई हुई चिरौंजी डालकर उसे अच्छे से पकाया जाता है. फिर इसमें चीनी, इलायची और ड्राई फ्रूट्स मिलाए जाते हैं. धीरे-धीरे पकाने से इसका स्वाद ज्यादा उभरकर आता है. यही कारण है कि पुराने समय में लोग इसे जल्दी-जल्दी बनाने के बजाय आराम से धीमी आंच पर तैयार करते थे.
क्यों मानी जाती है खास मिठाई?
यह सिर्फ स्वाद के कारण खास नहीं है, बल्कि कई परिवारों में इसे परंपरा से भी जोड़ा जाता है. कई जगहों पर धार्मिक कार्यक्रमों और शुभ अवसरों में इसे प्रसाद के रूप में भी बनाया जाता है. इसके अलावा चिरौंजी को पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है, इसलिए लोग इसे ताकत देने वाली मिठाई भी कहते हैं.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें














