नियमों को ताक पर रखकर दौड़ने वाले अवैध और ओवरलोड (क्षमता से अधिक वजन वाले) वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाले कई वाहनों को जब्त किया है। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल 5 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से केवल ओवरलोडिंग के मामले में ही 3 लाख 75 हजार रुपये वसूले गए हैं। सड़कों पर अवैध रूप से चल रहे वाहनों को पकड़ने के लिए परिवहन और पुलिस विभाग ने मिलकर एक खास टीम तैयार की थी। टीम में रमेश कुमार यादव (जिला परिवहन अधिकारी – DTO), सुमित कुमार (परिवहन निरीक्षक), रोहिताश भागासरा (परिवहन निरीक्षक) तथा बीरबल (सहायक उपनिरीक्षक – ASI) टीम में शामिल थे। ये की गई कार्रवाई DTO रमेश यादव ने बताया कि टीम ने औचक निरीक्षण करते हुए सड़कों पर वाहनों की जांच शुरू की। क्षमता से बहुत ज्यादा माल लादकर चल रहे 4 वाहनों को पकड़ा गया और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। टीम ने दो ऐसे वाहनों को भी सीज किया, जिनका रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) सरकार द्वारा पहले ही सस्पेंड किया जा चुका था, लेकिन वे फिर भी अवैध रूप से सड़कों पर दौड़ रहे थे। तीन अन्य ओवरलोड वाहनों को जब्त करके झुंझुनू जिला परिवहन अधिकारी (DTO) कार्यालय परिसर में खड़ा करवा दिया गया है। एक हरियाणा नंबर के ट्रांजिट मिक्सर (कंक्रीट मिलाने वाला बड़ा वाहन) को मुकुन्दगढ़ पुलिस थाने में बंद करवाया गया।
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झुंझुनू में अवैध और ओवरलोड वाहनों पर एक्शन: पुलिस और परिवहन विभाग ने वसूला लाखों का जुर्माना – Jhunjhunu News
अमरोहा की पहचान हैं ये 5 लाजवाब खाने की चीजें, जरूर करें ट्राई
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यूपी के अमरोहा जनपद में वैसे तो खाने-पीने की बहुत सी चीज हैं. लेकिन पांच ऐसी चीज है. जो खाने पीने में बहुत लाजवाब है. इसके साथ ही दूर-दूर से लोग इनका स्वाद लेने के लिए आते हैं और लोग इन्हें खूब पसंद करते हैं.अमरोहा में जो भी घूमने आता है. वह इन चीजों का स्वाद जरूर लेता है.
यूपी के अमरोहा जनपद में खाने की कई चीजें मशहूर हैं. जिनमें नान गोश्त और नल्ली निहारी,अमरोहा की मशहूर बिरयानी,लजीज पकौड़े और चाट,मटन पाया और कीमा,अमरोहा के आम शामिल है. यह चीज शहर की मशहूर चीज हैं. जिन्हें खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. और दूर-दूर तक इन चीजों की डिमांड रहती है. इसलिए अमरोहा शहर में जो भी आते हैं. वह इन चीजों का लुत्फ जरूर लेते हैं.

अमरोहा अपनी अन्य पहचान के साथ-साथ खाने-पीने के क्षेत्र में भी मशहूर है. यहां का नान गोश्त और नल्ली निहारी खाने के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. सुबह से देर रात तक यहां की गलियां गोश्त और मसालों की खुशबू से महकती रहती हैं.यह अमरोहा की सबसे मशहूर डिश है. मिट्टी के तंदूर में सिकी गरमागरम नान ऊपर से करारी और अंदर से रुई जैसी नरम होती है. इस पर लगा देसी घी और कलौंजी इसका स्वाद बढ़ा देते हैं. गोश्त को देसी घी, खड़े मसाले, भुना प्याज, दही और लहसुन-अदरक के साथ बड़ी देग में धीमी आंच पर 4 से 5 घंटे पकाया जाता है. ग्रेवी इतनी गाढ़ी और दानेदार होती है कि नान पर लपेटते ही चिपक जाए. बकरे का गोश्त इतना गल जाता है कि हड्डी खुद-ब-खुद अलग हो जाती है. तीखा, चटपटा और शाही जायका हर निवाले में मिलता है।

निहारी अमरोहा की सुबह की शान है.बड़े की नल्ली और गोश्त को रातभर कोयले की धीमी आंच पर पकाया जाता है. इसमें सोंठ, सौंफ, पीपली, जावित्री और खास निहारी मसाला डाला जाता है. 8 से 10 घंटे पकने के बाद ग्रेवी गाढ़ी हो जाती है और ऊपर सुनहरा तेल तैरने लगता है. इसे खमीरी रोटी, कुलचा या शीरमाल के साथ खाया जाता है. परोसते समय ऊपर से बारीक कटा अदरक, हरी मिर्च, हरा धनिया और नींबू डाला जाता है. एक चम्मच मुंह में जाते ही सारा स्वाद घुल जाता है. सर्दियों में तो इसका मजा दोगुना हो जाता है।
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अमरोहा की बिरयानी सिर्फ एक डिश नहीं, यह यहां की तहजीब और खाने की विरासत का हिस्सा है. अपने अनोखे जायके, खुशबू और बनाने के तरीके के कारण यह दूर दूर तक मशहूर है. लखनवी और मुरादाबादी बिरयानी से इसका अंदाज थोड़ा अलग और खास है.यहां की बिरयानी असली दम पुख्त तरीके से तैयार होती है. सबसे पहले बकरे के गोश्त को दही, अदरक लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, तला हुआ प्याज, केवड़ा जल, गुलाब जल और खास गरम मसालों में 5 से 6 घंटे तक मैरिनेट किया जाता है. इससे गोश्त रसीला और खुशबूदार हो जाता है।

लंबे दाने वाले बासमती चावल को तेज पत्ते, दालचीनी और नमक के साथ आधा उबाला जाता है.फिर बड़ी तांबे की देग में नीचे मैरिनेट किया हुआ गोश्त और ऊपर आधे पके चावल की परत लगाई जाती है. बीच में तला प्याज, पुदीना, केसर वाला दूध और देसी घी डाला जाता है. देग का मुंह आटे से सील करके कोयले की धीमी आंच पर दम दिया जाता है.इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका हल्का सुनहरा पीला रंग और ऐसी भीनी खुशबू जो गली में आते ही भूख बढ़ा दे.चावल का एक एक दाना खिला हुआ होता है. गोश्त इतना नरम कि हड्डी से खुद अलग हो जाए. इसमें मिर्च और तेल कम होता है पर जायका पूरा शाही मिलता है. हर निवाले में केवड़े और गरम मसाले का स्वाद घुला होता है।

अमरोहा के पकोड़े और चाट का स्वाद पूरे इलाके में मशहूर है. यहां के आलू, पालक और पनीर के पकोड़े बेसन में अजवाइन और हींग डालकर कुरकुरे तले जाते हैं. इन्हें हरी चटनी और इमली की खट्टी मीठी चटनी के साथ गरमागरम परोसा जाता है. यहां की आलू टिक्की चाट और दही भल्ले की बात ही अलग है. आलू टिक्की को करारा सेंककर उस पर दही, हरी चटनी, मीठी चटनी, चाट मसाला और सेव डाला जाता है. दही भल्ले मुंह में जाते ही घुल जाते हैं.मंडी चौक और रेलवे रोड की पुरानी दुकानों पर शाम को भीड़ लगती है.तीखा, चटपटा और खट्टा मीठा स्वाद हर किसी को अपना दीवाना बना देता है।

अमरोहा का मटन पाया और कीमा खाने वालों की पहली पसंद है. पाया को रातभर धीमी आंच पर अदरक लहसुन, गरम मसाले और देसी घी में पकाया जाता है. सुबह तक शोरबा गाढ़ा और लजीज हो जाता है. पाया इतना गल जाता है कि हड्डी का सारा रस ग्रेवी में उतर आता है. इसे कुलचा या तंदूरी रोटी के साथ खाया जाता है. यहां का कीमा भी खास है. बकरे के कीमे को भुने प्याज, टमाटर, दही और खास मसालों में भूनकर तैयार किया जाता है. इसमें तेल कम और खुशबू ज्यादा होती है.मंडी चौक और कोट की पुरानी दुकानों पर सुबह से ही पाया और कीमे की महक गली में फैल जाती है. एक बार खाएंगे तो भूल नहीं पाएंगे।

अमरोहा के दशहरी, लंगड़ा और चौसा आम पूरे देश में मशहूर हैं. यहां के आमों का स्वाद, खुशबू और मिठास बेमिसाल है. अमरोहा के आम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता तक जाते हैं. साथ ही दुबई, सऊदी अरब और यूरोप के कई देशों में भी निर्यात होते है. हर साल हजारों टन आम विदेश भेजे जाते हैं.यहां आम का सीजन मई के आखिरी हफ्ते से शुरू होकर अगस्त तक चलता है.सबसे पहले दशहरी, फिर लंगड़ा और आखिर में चौसा बाजार में आता है. अमरोहा को आमों की नगरी भी कहा जाता है. यहां की मिट्टी और मौसम आम को खास मिठास देते हैं. एक बार खाएंगे तो स्वाद कभी नहीं भूलेंगे.
घिसी-पिटी कहानियों से हो चुके हैं बोर, तो देखिए ये 8 डार्क कॉमेडी फिल्में
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अगर आप बॉलीवुड की वही घिसी-पिटी और प्रेडिक्टेबल फिल्में देखकर बोर हो चुके हैं, तो कुछ नया ट्राई करने का समय आ गया है. हम आपके लिए लेकर आए हैं बॉलीवुड की 8 ऐसी शानदार डार्क कॉमेडी फिल्में, जिनमें खौफनाक अपराध, सस्पेंस और मर्डर मिस्ट्री के बीच भी गजब का कॉमिक तड़का लगाया गया है. इन फिल्मों की अनोखी कहानियां और कमाल का सस्पेंस आपको अंत तक स्क्रीन से बांधे रखेगा और गंभीर से गंभीर सिचुएशन में भी आपकी हंसी छूट जाएगी.
नई दिल्ली. अगर आप कुछ हटके और थ्रिल से भरपूर देखना चाहते हैं, तो ये डार्क कॉमेडी फिल्में आपके लिए ही हैं. इन मूवीज में खौफनाक साजिशों और अनोखे सस्पेंस के बीच कमाल का कॉमिक तड़का लगाया गया है, जो आपको हैरान करने के साथ-साथ हंसने पर भी मजबूर कर देगा. अगर आप बोरिंग घिसी-पिटी कहानियों से दूर कुछ नया और मजेदार एक्सपीरियंस करना चाहते हैं, तो इन 8 फिल्मों को अपनी वॉचलिस्ट में तुरंत शामिल कर लीजिए.

मां बहन: यह एक सोशल सटायर फिल्म है, जिसकी कहानी एक बिंदास सिंगल मदर और उसकी बेटियों के इर्द-गिर्द घूमती है. इन तीनों की जिंदगी में उस वक्त भूचाल आ जाता है, जब इन्हें अचानक अपने पड़ोस के किचन में एक लावारिस लाश मिलती है. इसके बाद रातों-रात उनकी दुनिया पूरी तरह बदल जाती है और वह खुद को एक अजीबोगरीब मुसीबत में फंसा हुआ पाती हैं.

अंधाधुन: सस्पेंस और धोखे से भरी यह फिल्म भारतीय सिनेमा की बेहतरीन थ्रिलर मानी जाती है. कहानी एक ऐसे पियानो प्लेयर की है जो अंधा होने का नाटक करता है, लेकिन अनजाने में एक पूर्व एक्टर के मर्डर का गवाह बन जाता है. यहां से शुरू होता है मौत और जिंदगी का एक ऐसा अजीब खेल, जिसमें गजब का डार्क ह्यूमर अंत तक बांधे रखता है.
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मोनिका ओ माई डार्लिंग: शानदार रेट्रो म्यूजिक और नियॉन लाइट्स के बैकड्रॉप पर बनी यह फिल्म एक रोबोटिक्स एक्सपर्ट की कहानी है. वह ब्लैकमेलिंग के एक ऐसे जाल में फंस जाता है जो देखते ही देखते मर्डर मिस्ट्री में बदल जाता है. फिल्म के अजीबोगरीब और दिलचस्प किरदार कहानी को बेहद मजेदार बनाते हैं. लालच और सर्वाइवल पर बनी यह डार्क-कॉमेडी दर्शकों को एक अलग ही थ्रिल देती है.

डेल्ही बेली: कम बजट में तगड़ा धमाल मचाने वाली यह एक कल्ट-क्लासिक कॉमेडी फिल्म है. कहानी दिल्ली में रहने वाले तीन लापरवाह रूममेट्स की है, जो न चाहते हुए भी एक खतरनाक गैंगस्टर के निशाने पर आ जाते हैं. स्मगलिंग के हीरों की हेरा-फेरी और खराब खाने की वजह से हुए पेट दर्द के बीच उपजा कन्फ्यूजन पूरी कहानी में ऐसा तगड़ा रायता फैलाता है कि आप हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे.

डार्लिंग्स: घरेलू हिंसा जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी यह फिल्म एक अलग ही अंदाज में दर्शकों के सामने आती है. इसमें एक प्रताड़ित पत्नी अपने ही घर में अपने जालिम पति को किडनैप कर उसे सबक सिखाने का फैसला करती है. फिल्म बहुत ही खूबसूरती से गहरे दर्द के बीच में भी कमाल का कॉमेडी का तड़का लगाती है, जिसे लीड किरदारों की दमदार एक्टिंग ने और भी यादगार बना दिया है.

गो गोवा गॉन: यह भारत की पहली और सबसे बेहतरीन जॉम्बी-कॉमेडी फिल्म मानी जाती है. कहानी तीन दोस्तों की है, जो गोवा के एक सुनसान आइलैंड पर रेव पार्टी करने जाते हैं, लेकिन वहां उनका पाला जॉम्बीज से पड़ जाता है. इस मुसीबत से निकलने के लिए उन्हें एक रशियन माफिया जॉम्बी हंटर का साथ मिलता है. फिल्म में जॉम्बीज से बचने की उनकी ये जंग बेहद फनी है.

लूडो: यह चार अलग-अलग कहानियों को एक साथ पिरोने वाली एक रंगीन और दिलचस्प एंथोलॉजी फिल्म है. इसमें एक सनकी गैंगस्टर, लीक हुआ सेक्स टेप और पैसों से भरा एक लावारिस बैग जैसी कई कहानियां एक मोड़ पर आकर आपस में टकराती हैं. फिल्म बहुत ही मजेदार तरीके से दिखाती है कि कैसे किस्मत, जिंदगी, मौत और इंसान के अच्छे-बुरे कर्म आपस में जुड़े हुए हैं.

ब्लैकमेल: यह फिल्म अपनी शादीशुदा जिंदगी से परेशान एक ऐसे शख्स की कहानी है, जिसे एक दिन पता चलता है कि उसकी पत्नी का किसी और से अफेयर चल रहा है. गुस्से में आने के बजाय वह अपनी ही पत्नी के बॉयफ्रेंड को गुमनाम बनकर ब्लैकमेल करने का प्लान बनाता है. लेकिन पासा उल्टा तब पड़ता है, जब ब्लैकमेलिंग की एक ऐसी चेन शुरू होती है जो खुद उसी पर भारी पड़ जाती है.
7 जून तक खुला रहेगा CBSE का रिवैल्यूएशन पोर्टल, बोर्ड ने छात्रों के हित में आगे बढ़ाई
सीबीएसई ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए परीक्षा कॉपी रिवैल्यूएशन की तारीख आगे बढ़ा दी है। यह पोर्टल 6 जून को बंद होने वाला था, लेकिन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे 24 घंटे आगे कर दिया गया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। बोर्ड ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ाकर सात जून कर दी है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कई छात्रों ने दो जून को शुरू किए गए सीबीएसई के एक पोर्टल पर उत्तर पुस्तिकाओं को देखने तथा सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने में आ रही समस्याओं को उठाया था।
एक्स पर दी जानकारी
बोर्ड ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “छात्रों के हित में, सीबीएसई ने 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे छात्रों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय और सहायता मिल सकेगी।” इसमें कहा गया है कि छह जून (मध्यरात्रि) की समय सीमा को अब बढ़ाकर सात जून (मध्यरात्रि) कर दिया गया है।
70 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन
सीबीएसई के अनुसार 70,433 छात्रों ने रिवैल्यूएशन के लिए आवेदन किया है। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन और 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन के लिए किए गए हैं। कई छात्रों ने एक्स पर लिखा है कि उन्हें पोर्टल में लॉगइन करने और पेमेंट करने में परेशानी हो रही है। इस पर सीबीएसई की तरफ से कहा गया कि सीधे मैसेज कर बोर्ड की टीम से मदद ले सकते हैं। छात्र सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए आधिकारिक वेबसाइट – cbse.gov.in/newsite_old/rchk.html पर आवेदन कर सकते हैं ।
कैसे करें आवेदन?
- केवल वही छात्र अपनी कॉपी दोबारा चेक कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने इसकी फोटोकॉपी के लिए आवेदन किया था। ये छात्र जांच में पाई गई गलतियों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक को संबंधित विषय की मार्किंग स्कीम देखनी होगी, जो प्रश्न पत्र के साथ वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।
- रिवैल्यूएशन एप्लीकेशन की स्थिति उम्मीदवार के लॉगिन विवरण पर अपलोड की जाएगी और उपलब्ध होगी। एक अंक की कटौती भी प्रभावी होगी।
- पुनर्मूल्यांकन का परिणाम अंतिम होगा, और पुनर्मूल्यांकन के विरुद्ध कोई अपील या समीक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। बोर्ड द्वारा दिए गए अंक अंतिम होंगे और उम्मीदवारों पर बाध्यकारी होंगे।
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प्रेम-प्रसंग में युवक की गला घोंटकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार: तीसरे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कोतवाली घेरा – Bijnor News
बिजनौर में एक युवक की गला घोंटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में हत्या की वजह प्रेम प्रसंग सामने आई है। वहीं फरार तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण कोतवाली पहुंचे। मामला धामपुर थाना क्षेत्र के गांव पाडली मांडू का है। जानकारी के अनुसार, शुभम सैनी (25) 31 मई की सुबह खेत पर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद 2 जून को उसके पिता ओमप्रकाश ने कोतवाली धामपुर में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कब्रिस्तान के पास नहर से शुभम का शव बरामद जांच के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर बुधवार रात गांव के बाहर कब्रिस्तान के पास नहर से शुभम का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शव मिलने की सूचना पर परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में कोतवाली पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। क्षेत्राधिकारी अभय पांडे ने बताया कि मृतक के पिता की तहरीर पर वीरेंद्र सैनी, उसके बेटे अंकुश सैनी और चचेरे भाई गौरव सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने अंकुश और गौरव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वीरेंद्र सैनी फरार है।
आरोपियों के मन में रंजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम का आरोपी अंकुश सैनी की पत्नी के साथ प्रेम प्रसंग था। बताया जा रहा है कि 22 मई को दोनों को परिजनों ने आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था, जिसके बाद मामला पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गया था। इस संबंध में गांव में पंचायत भी हुई थी और समझौता करा दिया गया था, लेकिन आरोपियों के मन में रंजिश बनी रही। पुलिस के अनुसार, 31 मई की सुबह जब शुभम खेत की ओर जा रहा था, तभी आरोपियों ने उसे रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि उसका गला घोंटकर हत्या कर दी गई और शव को नहर के पास फेंक दिया गया, ताकि घटना को छिपाया जा सके। शुक्रवार को मृतक के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण धामपुर कोतवाली पहुंचे और फरार आरोपी वीरेंद्र सैनी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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जमुई में बज्रपात से एक की मौत: मवेशी चराकर लौटते समय हादसा, पांच बेटियां का सहारा छिना – Jamui News
जमुई में शुक्रवार की शाम बज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना सिकंदरा थाना क्षेत्र के कोनन इलाके की है। मृतक की पहचान कोनन निवासी महेंद्र यादव(47) के रूप में हुई है। महेंद्र यादव अपने पीछे पांच बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। महेंद्र शुक्रवार शाम अपने मवेशियों को चराने के लिए बहियार (खेत) गए थे। इसी दौरान मौसम अचानक बदल गया और तेज गर्जन के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश और बिजली चमकने के कारण वह मवेशियों को लेकर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में अचानक बज्रपात की चपेट में आ गए। बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मवेशी चराने के दौरान गिरा ठनका घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों को सूचना दी गई। मृतक के भाई ने बताया कि महेंद्र यादव प्रतिदिन की तरह मवेशियों को चराने गए थे और बारिश शुरू होने पर घर लौट रहे थे, तभी उन पर ठनका गिर गया। घटना की सूचना सिकंदरा थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रशासन से मुआवजा देने की मांग स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मृतक के परिवार को आपदा राहत योजना के तहत उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिल सके।
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मजदूरों से भरी बस ट्रक से टकराई, 1 की मौत: शाजापुर में NH-52 पर हादसा, 18 घायल; अवैध लकड़ी परिवहन पर उठे सवाल – shajapur (MP) News
शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर शुक्रवार देर रात एक सड़क हादसे में बस चालक की मौत हो गई, जबकि महिला, पुरुष और बच्चों समेत 18 यात्री घायल हो गए। हादसा महाकाल ढाबे के पास उस समय हुआ, जब मजदूरों से भरी एक बस आगे चल रहे लकड़ी से लदे ट्रक से टकरा गई। जानकारी के अनुसार, कमला बस में करीब 50 से 60 मजदूर सवार थे। सभी इंदौर के सांवेर क्षेत्र में ईंट-भट्टों पर काम करने के बाद उत्तर प्रदेश के ललितपुर स्थित अपने गांवों की ओर लौट रहे थे। रात करीब 1 से 2 बजे के बीच बस की ट्रक से पीछे से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चालक की मौके पर मौत हादसे में बस चालक मनोहर सिंह निवासी अशोकनगर की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही सुनेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को डायल-112 तथा 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती घायलों में दो गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका इलाज जारी है। लकड़ी से भरे ट्रक को लेकर उठे सवाल हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ट्रक में लकड़ी के गुटकों के परिवहन को लेकर सवाल उठाए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक लकड़ी से भरा हुआ था और दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। इस दौरान सड़क पर लकड़ी के गुटके बिखर गए थे। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि बाद में कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क पर बिखरी लकड़ी को उठाकर ले गए। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। अस्पताल में चल रहा इलाज जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर विनोद गुर्जर ने बताया कि हादसे में घायल सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिसकी पहचान बस चालक के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के कारणों और ट्रक चालक की तलाश के लिए कार्रवाई की जा रही है। हादसे में ये लोग हुए घायल
1. रूपेंद्र पुत्र भानु प्रताप सिंह, उम्र 30 वर्ष, निवासी इंदौर
2. राजेश पुत्र हिम्मत सिंह, उम्र 47 वर्ष, निवासी अशोकनगर (कमला बस पर हेल्पर)
3. देवेंद्र, उम्र 30 वर्ष, निवासी ललितपुर
4. अर्चना पत्नी देवेंद्र, उम्र 25 वर्ष, (गर्भवती), निवासी ललितपुर
5. आशा पत्नी धर्मेंद्र, उम्र 25 वर्ष, (गर्भवती), निवासी ललितपुर
6. धर्मेंद्र पुत्र भरत, उम्र 30 वर्ष, निवासी ललितपुर
7. किशन पुत्र सन्नू, उम्र 30 वर्ष, निवासी ललितपुर
8. सूत्वती पति किशन, उम्र 28 वर्ष, निवासी ललितपुर
9. प्रेमबाई पत्नी गुलाब, उम्र 50 वर्ष, निवासी ललितपुर
10. पालक पुत्र धर्मेंद्र, उम्र 7 वर्ष, निवासी ललितपुर
11. माधुरी पुत्री धर्मेंद्र, उम्र 5 वर्ष, निवासी ललितपुर
12. रामगोपाल पुत्र जयराम, उम्र 22 वर्ष, निवासी ललितपुर
13. प्रदीप पुत्र हरिप्रसाद, उम्र 8 वर्ष, निवासी ललितपुर
14. अंगूरी पत्नी हरिराम, उम्र 25 वर्ष, निवासी ललितपुर
15. हरिराम पुत्र बाबूलाल, उम्र 28 वर्ष, निवासी ललितपुर
16. मिथुन पुत्र नाबू, उम्र 35 वर्ष, निवासी बड़ोदिया, गुना
17. मीना पत्नी हरिलाल, उम्र 23 वर्ष, निवासी मोहनपुर, टीकमगढ़
18. रमाशंकर पुत्र कमलेश, उम्र 16 वर्ष, निवासी ललितपुर
19. मृतक की पहचान बस चालक मनोहर सिंह निवासी अशोकनगर के रूप में हुई है। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
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ईरान बोला- दोबारा जंग नहीं चाहते: लेकिन हमला हुआ तो पूरी ताकत से जवाब देंगे; अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए
ईरान ने कहा है कि वह किसी नए युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहता, लेकिन उस पर हमला हुआ तो वह पूरी ताकत से जवाब देगा। ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान का रुख पूरी तरह स्पष्ट है। देश पर किसी भी तरह का हमला या दबाव डाला गया तो तेहरान अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा। उधर, ट्रम्प प्रशासन ने ईरान के ऊर्जा और बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि उसने ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई की है, जो दक्षिण और पूर्वी एशिया में करोड़ों डॉलर मूल्य की ईरानी LPG बेच रहा था। अमेरिका का आरोप है कि ईरानी गैस को जानबूझकर ओमान की LPG बताकर बेचा जा रहा था, ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके। कुल 12 संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इनमें 5 कंपनियां मार्शल आइलैंड्स, 4 संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और 1 चीन में स्थित हैं। इसके अलावा 6 जहाजों पर भी कार्रवाई की गई है, जिनमें 4 पनामा-फ्लैग्ड टैंकर शामिल हैं। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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देसी चने का छोला खाकर भूल जाएंगे काबुली चना, जानिए आसान रेसिपी
बलिया: क्या आप रोज़ाना एक जैसा नाश्ता करते-करते ऊब चुके हैं? तो काले देसी चने का छोला आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. जी हां इसके स्वाद के आगे काबुली चना फेल है. देसी मसालों की खुशबू और काले चने के दमदार स्वाद से तैयार यह पारंपरिक व्यंजन आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. इसको बनाने में भी कोई तामझाम नहीं है. खास बात तो यह है कि, इसका न केवल स्वाद लाजवाब है, बल्कि जानकारों के मुताबिक प्रोटीन, फाइबर और पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. आइए जानते हैं काले चने के छोले की आसान रेसिपी, जिसके बाद हर निवाला ही यादगार बन जाएगा.
जनपद बलिया के बांसडीह तहसील अंतर्गत केवटलिया चौबे गांव निवासी मंटू कुमार भारद्वाज ने कहा कि वह फिलहाल अपने मित्रों के साथ गृह जनपद के शहर में किराए का रूम लेकर रहते हैं और पढ़ाई करते हैं. इन लोगों को खुद खुद ही खाना बनाना पड़ता है. हालांकि, मंटू अलग-अलग व्यंजन बनाते रहते हैं, जो उन्होंने अपनी माताजी से सीखा है. इसी कड़ी इन्होंने आज अपने किचन में चना आलू का छोला बनाए, जिसका स्वाद बेहद लाजवाब है.
क्या है रेसिपी
उन्होंने कहा कि सुबह में अगर छोले बनाना हो, तो रात में ही चने को पानी में भिगोकर रख दिया जाता है और सुबह इसे छान लिया जाता है. इसके बाद, आलू को उबाल लिया जाता है और इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है.
अब प्याज, हरा मिर्च, हरा धनिया, अदरक, टमाटर, लहसुन आदि काट लिया जाता है. इसके बाद, गैस चूल्हे पर कढ़ाई चढ़ा ली जाती है या फिर कूकर. इसमें सरसों का तेल डाल दिया जाता है. तेल गर्म होने पर उसमें दो चार दाना सरसों, कूटा हुआ काली मिर्च, जीरा, तेज पत्ता और हरा या लाल मिर्च डालकर फोरन तैयार कर ले. अब इसमें तैयार हरा मिर्च, प्याज, अदरक, आवश्यकता अनुसार नमक और मसाला आदि डालकर अच्छे से देर तक भूने.
इसके बाद, छोले मसाले या अन्य मसाले डालकर पकाना चाहिए. अब आलू और चने को भी डालकर अच्छे से भून जाता है. इसके बाद, आवश्यकता अनुसार पानी डाल दिया जाता है. अब कढ़ाई हो तो, किसी बर्तन से ढक दें, बीच-बीच में चलाते रहें. कूकर हो, तो बंद करके 3 से 4 सिटी लगा दें. जब इसमें से खास सुंगध आने लगे तो समझिए, आपका छोला बन चुका हैं. कहा कि यह छोले बनाने की रेसिपी जो उन्होंने अपने माता जी को बनाते हुए देखा और सीखा था, वह आज छात्र जीवन में बड़ा काम आ रहा है.
मौसम का महाकहर! 90KM वाला तूफान, 17 राज्यों में आंधी-बारिश, IMD का अलर्ट
Aaj Ka Mausam Live: देश का मौसम इस समय किसी बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. एक तरफ मानसून तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ गर्मी, उमस और तूफानी हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मौसम विभाग का नया अलर्ट सिर्फ सामान्य बारिश की चेतावनी नहीं है, बल्कि यह आने वाले कुछ दिनों में मौसम के खतरनाक रूप की तरफ इशारा कर रहा है. दिल्ली से लेकर बिहार, यूपी, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों तक आंधी, बिजली और भारी बारिश का असर दिखाई देने वाला है. कई जगहों पर हवा की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. यही वजह है कि IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. जून की शुरुआत में ही मौसम का यह उग्र रूप साफ संकेत दे रहा है कि इस बार मानसून कई राज्यों में भारी तबाही भी ला सकता है. खेतों, शहरों और पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग तरह के खतरे बढ़ने लगे हैं.
दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है.
- देशभर में मौसम का यह बदलाव सिर्फ मानसून की एंट्री तक सीमित नहीं है. कई राज्यों में तापमान गिरने लगा है, जबकि कुछ इलाकों में उमस और गर्मी अभी भी बनी हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से नमी लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि बारिश की गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में अचानक मौसम बदल सकता है.
- IMD ने साफ किया है कि पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मानसून की सक्रियता मिलकर बड़े स्तर पर असर डाल रहे हैं. उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बढ़ा है. वहीं दक्षिण भारत में लगातार बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं. पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की आशंका भी जताई गई है.
दिल्ली-NCR में बारिश और तेज आंधी का डबल अलर्ट
दिल्ली-NCR में 6 जून को मौसम अचानक करवट ले सकता है. IMD ने गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. राजधानी में अधिकतम तापमान 39 डिग्री तक जा सकता है, लेकिन बारिश के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने खुले इलाकों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है.
यूपी में कई जिलों पर भारी बारिश का खतरा
उत्तर प्रदेश में मौसम अगले पांच दिनों तक बदलता रहेगा. मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और झांसी समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. पूर्वी यूपी में बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है. 9 जून के बाद कुछ इलाकों में फिर से लू चलने की संभावना जताई गई है.
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं.
बिहार में थंडरस्क्वॉल और बिजली गिरने का अलर्ट
बिहार के पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और तेज तूफान की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग के अनुसार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. 7 और 8 जून को कई जिलों में बिजली गिरने और तेज गरज के साथ बारिश होने की आशंका है.
झारखंड में 80KM तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
झारखंड के दुमका, बोकारो, धनबाद, पलामू और जमशेदपुर समेत कई इलाकों में तेज बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है. IMD के मुताबिक कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. लोगों को पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
पश्चिम बंगाल में मानसून से पहले तेज मौसम बदलाव
पश्चिम बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद, हुगली, हावड़ा और कालिम्पोंग में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. कोलकाता में तापमान 35 डिग्री के आसपास रह सकता है. मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में बन रही नमी के कारण अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं.
राजस्थान में आंधी-बारिश के बाद फिर बढ़ेगी गर्मी
मध्य प्रदेश में कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भोपाल, इंदौर, सागर, उज्जैन और बालाघाट समेत कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि कई जगहों पर बिजली गिर सकती है और तेज हवाएं चल सकती हैं. किसानों को खुले खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है.
पंजाब-हरियाणा में बदलेगा मौसम का मिजाज
- पंजाब और हरियाणा में भी मौसम तेजी से बदलने वाला है. अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, चंडीगढ़ और हिसार समेत कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. इससे गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
- हरियाणा के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी भी चल सकती है. मौसम विभाग ने किसानों को फसलों को सुरक्षित रखने और खुले में रखे सामान को बांधकर रखने की सलाह दी है. कई जिलों में बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है.
कोंकण, गोवा और मुंबई समेत कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो गया है.
पहाड़ों पर खतरनाक होगा मौसम
- उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, टिहरी और हरिद्वार में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. IMD ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई है. यात्रियों को पहाड़ी मार्गों पर सावधानी बरतने को कहा गया है.
- शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में अगले 48 घंटों तक बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. पर्यटकों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है.
- जम्मू, श्रीनगर, अनंतनाग और बारामूला में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम खराब हो सकता है. कुछ क्षेत्रों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा है.
महाराष्ट्र में मानसून ने बढ़ाई हलचल
कोंकण, गोवा और मुंबई समेत कई इलाकों में बारिश का दौर तेज हो गया है. मौसम विभाग के अनुसार 6 से 11 जून तक कई क्षेत्रों में लगातार बारिश हो सकती है. मुंबई और पुणे में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है. तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
असम, त्रिपुरा और मेघालय समेत कई पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है. गुवाहाटी, जोरहाट और धुबरी में 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है.
दक्षिण भारत में मानसून ने पकड़ी रफ्तार
केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. केरल के सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. चेन्नई, मदुरई और बेंगलुरु में तेज बारिश और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाएं चलने की आशंका है. कई जगहों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई गई है.
IMD ने किन राज्यों के लिए सबसे बड़ा अलर्ट जारी किया है?
मौसम विभाग ने यूपी, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु, उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर समेत 17 राज्यों के लिए भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. कई जगहों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का भी खतरा है.
दिल्ली और यूपी में मौसम का सबसे ज्यादा असर कब दिखेगा?
IMD के अनुसार 6 जून और उसके बाद के 48 घंटे सबसे ज्यादा संवेदनशील रहेंगे. दिल्ली-NCR में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी है. यूपी के कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
क्या मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है?
हां, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है. IMD के मुताबिक यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है. अगले 2-3 दिनों में इसके और आगे बढ़ने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून जल्द दस्तक दे सकता है.
किन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा है?
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन, मैदानी इलाकों में बिजली गिरने और तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा ज्यादा है. झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज तूफानी हवाओं से पेड़ और बिजली के खंभे गिर सकते हैं. केरल और असम के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने और खुले मैदानों में न जाने की सलाह दी है. किसानों को फसलों और मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट लगातार देखते रहने की सलाह दी गई है.

