Monday, September 21, 2026
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किसानों का इंतजार खत्म, जल्द आएगी पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त


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पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार करने वाले किसानों के लिए बड़ी अपडेट है. ये किस्त अक्टूबर या दिवाली से पहले जारी होने की संभावना जताई जा रही है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना कि 24वीं किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी पूरी होना और बैंक खाते का आधार से लिंक होना जरूरी है. नए आवेदकों के लिए फार्मर आईडी भी जरूरी बताई गई है. वहीं, बटाई या पट्टे पर खेती करने वाले किसानों के लिए अस्थायी फार्मर आईडी की तैयारी की जा रही है.

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PM Kisan की 24वीं किस्त पर नया बड़ा अपडेट आया है.

PM Kisan Yojana 24th Installment: देश के करोड़ों किसानों को पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का लंबे समय से इंतजार था. अब इस किस्त से जुड़ी बड़े अपडेट आ गई है. पिछले साल 2025 में 19 नवबंर को पीएम किसान योजना की दूसरी किस्त जारी की गई थी. इससे पहले 2024 में 5 अक्टूबर को भी सरकार ने किस्त जारी की थी.

ऐसे में कई किसानों को इंतजार है कि अक्टूबर में ये किस्त जारी हो सकती है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवाली के त्यौहार से पहले भी ये किस्त जारी हो सकती है. ऐसे में ये जान लें कि किन किसानों के खाते में ये पैसा नहीं आएगा.

किन किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान योजना का फायदा?

पीएम किसान योजना की अगली किस्त का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा जिन्होंने e-KYC नहीं कराई है. असल में, इस योजना का फायदा उठाने के लिए आपको ई-केवाईसी कराना जरूरी है. इसके अलावा बैंक अकाउंट को भी आधार से लिंक कराना होगा. अगर आपने ये काम पूरे नहीं किए तो पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त आपके खाते में नहीं आएगी.

कब आएगी पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त?

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त अब जल्द ही आपके खाते में आने वाली है. इस किसान योजना के जरिए हर चार महीने पर 2000 रुपये की किस्त के जरिए सालाना 6000 रुपये दिए जाते हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार नवरात्रि या फिर दिवाली से पहले भी इस योजना की अगली किस्त जारी कर सकती है. लेकिन योजना की अगली किस्त पर फिलहास कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

नए आवेदकों के लिए जरूरी है ये डॉक्यूमेंट

अगर आपने पीएम किसान योजना में पहली बार रजिस्ट्रेशन कराया है तो ऐसे में आपको फार्मर आईडी बनवाना बहुत जरूरी है. कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि नए आवेदकों के लिए डिजिटल पहचान पत्र अब पूरी तरह जरूरी है. नए किसानों के लिए पोर्टल पर फार्मर आईडी दर्ज किए बिना आवेदन प्रोसेस आगे नहीं बढ़ेगा. इस आईडी में किसानों की आधार संख्या, मोबाइल नंबर और कृषि योग्य जमीन की सारी डिटेल पूरी तरह से डिजिटल रूप से सेव हो जाती है. नया फॉर्म भरने से पहले आप पास के सीएससी सेंटर या राज्य के कृषि पोर्टल पर जाकर यह आईडी जरूर बनवा सकते हैं.

जिन किसानों के नाम जमीन नहीं है और वे बटाई या पट्टे पर खेत लेकर खेती करते हैं, उनके लिए भी सरकार अस्थायी फार्मर आईडी देने की तैयारी कर रही है. हालांकि, मौजूदा नियमों के मुताबिक पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा जमीन के रजिस्टर्ड मालिकों को ही मिलता है.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव बिजनेस और फाइनेंस जर्नलिज्म से जुड़ी युवा पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब तीन साल का अनुभव है. फिलहाल, वह News18 हिंदी के साथ मनी सेक्शन में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. उनका फोक…

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दरभंगा में स्मैक तस्कर गिरफ्तार: मोबाइल टावर कैंपस से चल रहा था कारोबार; सहरसा तक जुड़े तार, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस – Darbhanga News




दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के डुमरी मोड़ स्थित एयरटेल टावर परिसर में कथित रूप से चल रहे स्मैक कारोबार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी दीपू कामत(25) को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले 18 सितंबर की रात पुलिस ने टावर परिसर में छापेमारी कर 1.68 ग्राम स्मैक बरामद किया था। छापेमारी के दौरान टावर पर तैनात टेक्नीशियन लाला पटेल को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सुरक्षा गार्ड कामिनी देवी से पूछताछ की गई थी। डुमरी गांव निवासी मुख्य आरोपी दीपू कामत अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार, रविवार सुबह गुप्त सूचना मिली कि दीपू इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। थानाध्यक्ष चंद्रमणि के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने टावर कैंपस से ही स्मैक का कारोबार संचालित किए जाने की बात स्वीकार की है। कारोबार से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं और इसके तार सीमावर्ती जिले सहरसा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। 18 सितंबर को हुई थी छापेमारी पुलिस के मुताबिक, 18 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान एसआई मुकेश कुमार को सूचना मिली थी कि टावर परिसर के एक कमरे में स्मैक का कारोबार किया जा रहा है। जानकारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और बिरौल थानाध्यक्ष को दी गई। इसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय से जारी आदेश के आधार पर कृषि समन्वयक शैलेंद्र कुमार चमन को दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया। रात करीब 9 बजे दंडाधिकारी और पुलिस बल टावर परिसर पहुंचे और नियमानुसार तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई। प्लेट पर मिला था संदिग्ध पदार्थ तलाशी के दौरान टावर के मुख्य गेट के दाहिनी ओर ईंट और एलबेस्टस से बने कमरे में लकड़ी की चौकी मिली। पुलिस के अनुसार, चौकी पर रखी शीशे की प्लेट पर भूरे रंग का पदार्थ चिपका हुआ था। पुलिस ने पदार्थ को संदिग्ध स्मैक मानते हुए ब्लेड से खुरचकर एकत्र किया। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से तौलने पर उसका वजन 1.68 ग्राम पाया गया। एल्युमिनियम रोल में रखकर तौलने पर कुल वजन 4.11 ग्राम बताया गया। कमरे से पुलिस ने एक चाकू, ब्लेड, स्टील का चम्मच, फटा हुआ एल्युमिनियम रोल और प्लास्टिक की बोतल भी बरामद की। पुलिस के अनुसार, बोतल में नशा सेवन में इस्तेमाल होने वाला फूका लगा हुआ था। तलाशी के दौरान कमरे से नशीले पदार्थ जैसी गंध आने की बात भी प्राथमिकी में दर्ज की गई है। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कर उसे ई-साक्ष्य एप पर अपलोड किए जाने की बात कही है। टेक्नीशियन गिरफ्तार, गार्ड से भी पूछताछ कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद टावर के टेक्नीशियन लाला पटेल (40) को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र के बहिलवारा ग्वाल दक्षिण का रहने वाला है। वहीं, देवकुली निवासी सुरक्षा गार्ड कामिनी देवी(50) से भी पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने शीशे की प्लेट पर मिले पदार्थ को स्मैक बताया था। इसके बाद लाला पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि कामिनी देवी को निगरानी में रखकर मामले में उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। सहरसा तक जुड़े तार, पूरे नेटवर्क की तलाश दीपू कामत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब स्मैक की खरीद-बिक्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। थानाध्यक्ष चंद्रमणि ने बताया कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। इस कारोबार के तार सीमावर्ती जिले सहरसा से जुड़े होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्मैक कहां से मंगाया जाता था, इसे टावर परिसर तक कौन पहुंचाता था और इसके कारोबार में अन्य कौन-कौन लोग शामिल है। अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की दिशा में पुलिस काम कर रही है। NDPS एक्ट के तहत दर्ज है मामला
इस मामले में बिरौल थाना कांड संख्या 658/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21(A) एवं 25/29 के तहत कार्रवाई शुरू की है। प्राथमिकी में गिरफ्तार लाला पटेल, कामिनी देवी, फरार रहे दीपू कामत और स्मैक की खरीद-बिक्री में संलिप्त अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।



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सतना में घर से 81 हजार की अवैध शराब जब्त: 22 साल का आरोपी गिरफ्तार; दूसरे की तलाश – Satna News




सतना के कोटर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा गांव में आबकारी विभाग ने एक घर से 81 हजार 654 रुपए की अवैध शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान 135.54 बल्क लीटर शराब मिली। मामले में प्रवीण साकेत (22) को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सतेंद्र गुप्ता के शामिल होने की बात सामने आने पर उसे सह-आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। मुखबिर की सूचना पर घर में दबिश आबकारी विभाग को रविवार को सूचना मिली थी कि सोनवर्षा निवासी प्रवीण साकेत के घर में अवैध शराब रखी है। इसके बाद आबकारी टीम ने गवाहों की मौजूदगी में घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान 339 पाव प्लेन प्रिंस लेमन और 414 पाव गोवा व्हिस्की मिली। शराब की कुल मात्रा 135.54 बल्क लीटर है। इसकी कीमत करीब 81 हजार 654 रुपए बताई गई है। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज आबकारी विभाग ने प्रवीण साकेत पिता रामकिशोर साकेत, निवासी सोनवर्षा, थाना कोटर के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) और 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। सतेंद्र गुप्ता की तलाश जारी जांच के दौरान आबकारी विभाग ने शराब के संग्रहण और बिक्री में सतेंद्र गुप्ता पिता रोशनलाल गुप्ता के शामिल होने की बात कही है। उसे मामले में सह-आरोपी बनाया गया है। उसकी गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। आबकारी विभाग की टीम उसकी तलाश कर रही है।



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मिथिला का प्याज वाला पराठा, टिफिन के लिए झटपट बनाएं, दही-चटनी के साथ मिलेगा डबल मजा

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मिथिला का प्याज वाला पराठा, टिफिन के लिए झटपट बनाएं,दही-चटनी के साथ मिलेगा मजा

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Mithila Pyaz Paratha Recipe: सुबह के नाश्ते या बच्चों के टिफिन के लिए झटपट बनने वाला प्याज का पराठा एक बेहतरीन विकल्प है. मिथिला की रसोई एक्सपर्ट रीना चौधरी ने प्याज के पराठे को परफेक्ट बनाने की एक खास ट्रिक बताई है, जिससे पराठा फटेगा नहीं और मसाला बाहर भी नहीं निकलेगा. आइये जानते हैं इसकी आसान रेसिपी के बारे में.

बता दें कि सुबह जल्दी ऑफिस जाने वालों या बच्चों के लिए लंच तैयार करने वालों के लिए प्याज का चटपटा और मसालेदार पराठा एक शानदार और जल्दी बनने वाला नाश्ता है. यह खाने में स्वादिष्ट होता है और कम समय में तैयार हो जाता है. इसे खाने के बाद आप तारीफ जरूर करेंगे.

रीना चौधरी के अनुसार, प्याज के पराठे बनाते समय अक्सर लोग गलतियां करते हैं, जिससे पराठा फट जाता है और स्वाद बिगड़ जाता है. उन्होंने इस समस्या से बचने के लिए एक विशेष तरीका बताया है. उन्होंने बताया कि मिथिला में इसे सुबह ज्यादा लोग पसंद करते है.

सबसे पहले दो बड़े प्याज को बहुत पतला-पतला काट लें. वहीं, प्याज जितना पतला कटेगा, पराठा उतना ही अच्छा बनेगा. इसके बाद कटे हुए प्याज में स्वादानुसार नमक, थोड़ा गरम मसाला, धनिया पाउडर, अजवाइन, बारीक कटी हरी मिर्च और बारीक कटा लहसुन डालकर अच्छी तरह मिला लें. नमक डालने के बाद प्याज तुरंत पानी छोड़ देगा, इसलिए इसे तुरंत इस्तेमाल करना चाहिए.

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पहले से गूंथे हुए आटे की लोई लेकर उसे रोटी के आकार में बेल लें. इस रोटी को बीच से आधा काट लें. इसके बाद कटे हुए हिस्से के एक कोने में तैयार प्याज का मसाला भरें और उसे समोसे के आकार में फोल्ड करें. समोसे जैसा फोल्ड करने के बाद उसे हल्के हाथों से बेलकर पराठे का आकार दें. इस ट्रिक से पराठा बेलते या सेंकते समय फटेगा नहीं और प्याज का मसाला बाहर नहीं निकलेगा.

अब तवे पर थोड़ा घी या तेल लगाकर पराठे को दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंक लें. इसके बाद कुरकुरा, चटपटा और मसालेदार प्याज का पराठा तैयार है. इसे हरी चटनी, अचार या दही के साथ परोसा जा सकता है.

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रूस में पुतिन समर्थक पार्टी की जीत: यूनाइटेड रशिया को शुरुआती गिनती में 57.5% वोट; 2021 में 450 में से 324 सीटें जीती थीं




रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की समर्थक यूनाइटेड रशिया पार्टी ने जीत हासिल कर ली है। शुरुआती नतीजों में पार्टी ने 57.5% वोट के साथ अजेय बढ़त बना ली है। चुनाव के आधिकारिक नतीजे अभी बाकी हैं। यह फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। पुतिन ने चुनाव को यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन से जोड़कर पेश किया था। 2021 के पिछले संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया ने स्टेट ड्यूमा की 450 में से 324 सीटें जीती थीं। स्टेट ड्यूमा रूस की संसद का निचला सदन है। इसमें कुल 450 सीटें हैं। इनमें 225 सीटें पार्टी को मिले वोट के आधार पर और 225 सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में सीधे चुनाव से तय होती हैं। यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली पार्टी चुनाव से बाहर रूस की युद्ध-विरोधी पार्टी याब्लोको को इस बार पार्टी के नाम पर चुनाव लड़ने से रोक दिया गया। हालांकि, पार्टी के कुछ नेताओं को अलग-अलग सीटों से चुनाव लड़ने की अनुमति मिली। इसके अलावा कई सरकार विरोधी नेताओं और उम्मीदवारों को भी चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। रूस में इस चुनाव में 56.66% लोगों ने वोट डाला। मॉस्को में मतदान रिकॉर्ड स्तर पर रहा। चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे पुतिन पुतिन खुद इस संसदीय चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे। वे यूनाइटेड रशिया पार्टी के सदस्य भी नहीं हैं। हालांकि, वे 2008 से 2012 तक इस पार्टी के नेता रह चुके हैं। रूस में अगला राष्ट्रपति चुनाव 2030 में होना है। चुनाव से पहले पुतिन ने कहा था कि लोगों का वोट यूक्रेन में लड़ रहे रूसी सैनिकों के समर्थन को दिखाएगा। पुतिन चुनाव के नतीजों को पुतिन की नीतियों और यूक्रेन युद्ध के समर्थन के तौर पर पेश कर सकते हैं। चुनाव के आखिरी दिन मॉस्को पर यूक्रेन का ड्रोन हमला रूस में संसदीय चुनाव के आखिरी दिन रविवार को यूक्रेन ने मॉस्को और आसपास के इलाकों में 1,600 से ज्यादा ड्रोन भेजे। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इनमें करीब 450 ड्रोन मॉस्को की तरफ बढ़ रहे थे। हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हुई। इनमें एक 44 साल की महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति शामिल हैं। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक, हमले में राजधानी की एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है। रिफाइनरी में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। एक ड्रोन 21 मंजिला अपार्टमेंट से टकरा गया, जिससे इमारत में आग लग गई। इसके बाद करीब 400 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें 70 बच्चे भी शामिल थे मॉस्को की ऑयल रिफाइनरी में लगी आग से उठता धुआं। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को यूक्रेन के बड़े ड्रोन हमले में रिफाइनरी को नुकसान पहुंचा। स्टेट ड्यूमा को आसान भाषा में जानिए सवाल 1: स्टेट ड्यूमा क्या है? जवाब: स्टेट ड्यूमा रूस की संसद का निचला सदन है। इसमें 450 सांसद होते हैं। इसे आसान भाषा में भारत की लोकसभा जैसा समझ सकते हैं। सवाल 2: इसका सबसे बड़ा काम क्या है? जवाब: स्टेट ड्यूमा में देश के कानून बनाए जाते हैं और पुराने कानूनों में बदलाव किया जाता है। सांसद किसी कानून पर चर्चा करते हैं और फिर वोटिंग होती है। सवाल 3: क्या ड्यूमा सरकार से सवाल कर सकता है? जवाब: हां। सांसद सरकार और मंत्रियों से उनके काम और नीतियों पर सवाल पूछ सकते हैं। सरकार को ड्यूमा के सामने जवाब देना होता है। सवाल 4: क्या ड्यूमा का बजट में भी रोल है? जवाब: हां। सरकार का बजट ड्यूमा में पेश किया जाता है। सांसद इस पर चर्चा करते हैं और इसे मंजूरी देने के लिए वोट करते हैं। सवाल 5: पुतिन के लिए ड्यूमा क्यों अहम है? जवाब: राष्ट्रपति पुतिन की सरकार को कई कानूनों और नीतियों के लिए संसद की जरूरत होती है। ड्यूमा में पुतिन समर्थक दलों का बहुमत होने से सरकार के लिए अपने प्रस्ताव पास कराना आसान हो जाता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… मेलोनी बोलीं- इटली में बुर्का और नकाब पर बैन लगाएंगे:अभी दुनिया के 24 देशों में रोक; कहा- स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या भी सीमित होगी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार को कहा कि कैबिनेट जल्द इस पर फैसला लेगी। इसके अलावा उन्होंने बताया कि स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या भी सीमित रखी जाएगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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मेलोनी बोलीं- इटली में बुर्का और नकाब पर बैन लगाएंगे: अभी दुनिया के 24 देशों में रोक; कहा- स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या भी सीमित होगी


नई दिल्ली/रोम14 मिनट पहले

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इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने रविवार को कहा कि स्कूलों में बुर्का और नकाब पर रोक लगाई जाएगी। कैबिनेट जल्द इस पर फैसला लेगा।

उन्होंने कहा कि स्कूलों में विदेशी छात्रों की संख्या भी सीमित की जाएगी। मेलोनी ने रोम में अपनी पार्टी ब्रदर्स ऑफ इटली के युवा संगठन के राष्ट्रीय महोत्सव में यह घोषणा की।

नियमों के तहत विदेशी छात्रों के उन पेरेंट्स को इटैलियन भाषा की क्लास करनी होगी, जिनके बच्चों को स्कूल व्यवस्था में घुलने-मिलने में दिक्कत है। कानून बनने के लिए सरकार की मंजूरी के बाद संसद से 60 दिनों के भीतर स्वीकृति जरूरी होगी। अभी फ्रांस और चीन समेत दुनिया के 24 देशों में बुर्का और नकाब पर बैन है।

स्कूलों में विदेशी छात्रों के आंकड़े

पाबंदियों का असर इटली के स्कूलों में पढ़ने वाले बड़ी संख्या में छात्रों पर पड़ेगा। शोध संस्थान फोंडाजियोने ISMU के मुताबिक, इटली के स्कूलों में करीब 9 लाख 30 हजार ऐसे छात्र पढ़ते हैं, जिनके पास इटली की नागरिकता नहीं है।

ये छात्र देश के सभी छात्रों का करीब 11.6% हैं। पिछले 10 साल में इटली में विदेशी नाबालिगों की संख्या 4.5% घटी है।

यूरोप की अदालतों ने बुर्का पर बैन को सही माना

यूरोप में अदालतों का मानना है कि समाज में मेलजोल के लिए बुर्का बैन सही है, जबकि मानवाधिकार संगठन और संयुक्त राष्ट्र इसे महिलाओं की धार्मिक आजादी पर हमला मानते हैं।

दूसरी तरफ, इटली की जीडीपी में विदेशी कामगारों का 9% योगदान है और खेती, निर्माण व बुजुर्गों की देखभाल जैसे क्षेत्र इन्हीं पर टिके हैं। मेलोनी सरकार के कड़े नियमों से इन कामगारों का आना-रहना मुश्किल हुआ, तो इटली में मजदूरों की भारी किल्लत हो सकती है।

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पीएम मोदी ने मेलोनी को बधाई दी:सबसे लंबे समय तक इटली की प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड, लगातार 1413 दिन से सत्ता में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने पर बधाई दी है। पूरी खबर पढ़ें…



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आगरा में गणेश पंडाल पर 20 लड़कों ने किया पथराव-VIDEO: माहौल बिगाड़ने की कोशिश, एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा, फोर्स तैनात – Agra News




आगरा थाना सदर क्षेत्र के शहजादी मंडी में रविवार रात करीब 11 बजे गणेश पंडाल पर पथराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। 20-25 लड़कों ने पंडाल में बैठे युवकों पर हमला कर पथराव कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया गया कि हमलावरों ने पंडाल में बैठे लड़कों की पिटाई की। शोर सुनकर स्थानीय लोग जुटे तो दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। लोगों को आता देख हमलावर भागने लगे, लेकिन दो युवक पकड़ में आ गए। लोगों ने उसकी पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। बताया जा रहा है कि ये लड़के इससे पहले रकाबगंज और कैंट में गणेश उत्सव के दौरान भी मारपीट करके आए थे। पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है। प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को पंडाल में जागरण था, तभी से बाहरी लड़के स्थानीय लड़कों से झगड़ रहे थे। मना करने पर भी नहीं माने और रविवार रात 25 लड़कों को लेकर लाठी-डंडे और पथराव करने आ गए। जागरण में हुआ था विवाद
प्रवीण अग्रवाल ने बताया कि शनिवार की रात गणेश उत्सव में जागरण का कार्यक्रम रखा गया था। तभी कुछ बाहरी लड़के स्थानीय लड़कों से उलझ गए थे। कई बार समझाने और मना करने के बावजूद वे नहीं माने। उसी बात को लेकर रविवार रात वे करीब 25 लड़कों को लेकर लाठी-डंडे लेकर पंडाल पर हमला करने आ गए और सड़क पर पथराव किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पकड़े गए दोनों युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य फरार आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।



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इंदौर में अवैध पोस्टर-बैनर के खिलाफ अनिश्चितकालीन उपवास: गांधी प्रतिमा के नीचे पत्नी के साथ बैठे प्रहलाद पांडे; बोले- हटने तक नहीं उठेंगे – Indore News




इंदौर में अवैध होर्डिंग-पोस्टर के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता प्रहलाद पांडे पत्नी संगीता पांडे के साथ रीगल तिराहे स्थित गांधी प्रतिमा के नीचे अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठे हैं। पांडे का कहना है कि जब तक शहर की गलियों, मोहल्लों और चौराहों से अवैध बैनर-पोस्टर नहीं हटाए जाते, तब तक वे उपवास जारी रखेंगे और केवल पानी पिएंगे। ‘आशा की किरण’ कार्यक्रम में कई लोग पहुंचे रविवार शाम धरना स्थल पर ‘आशा की किरण’ नाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया। पांडे के मुताबिक, इसमें कई लोग शामिल हुए हैं। महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग हाथों में मोमबत्तियां और फ्लैशलाइट लेकर पहुंचे और नारे लगाए। इसके बाद लोगों ने रीगल क्षेत्र में चक्कर भी लगाया। पांडे ने बताया कि अगले कार्यक्रम का आयोजन रात 8 से 10 बजे तक किया जाएगा। इसमें देशभक्ति गीत और महापुरुषों के संस्मरण होंगे। दिन में भी जो लोग धरना स्थल पर पहुंचना चाहें, उनका स्वागत रहेगा। वे इंदौर में 100 ऐसे ‘जनधर्मियों’ को जोड़ने की बात भी कह रहे हैं, जो जनहित के मुद्दों को लेकर सक्रिय होकर आवाज उठाएं। 16 सितंबर को मारपीट का आरोप पांडे के मुताबिक, 16 सितंबर को वे मरीमाता चौराहे पर स्मारक सूचक पर लगे कथित अवैध बैनर-पोस्टर का वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट की। उनका आरोप है कि लोगों ने माइक और रिकॉर्डिंग डिवाइस छीन लिया और उन्हें विधायक गोलू शुक्ला का नाम नहीं लेने के लिए कहा। पांडे ने मारपीट करने वालों को विधायक गोलू शुक्ला से जुड़ा बताते हुए आरोप लगाए हैं। हालांकि उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज होने और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद ही आरोपियों की पहचान और उनके संबंध स्पष्ट हो सकेंगे। उनके मुताबिक घटना के पांच दिन बाद तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी। पत्नी के साथ गांधी प्रतिमा के नीचे उपवास पांडे का कहना है कि घटना से वे आहत हुए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनके साथ मारपीट हुई, इसलिए उन्होंने गांधीजी की शरण में बैठकर लोगों को अवैध बैनर-पोस्टर के खिलाफ जागरूक करने का फैसला लिया। इसके बाद वे गांधी प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। बाद में उनकी पत्नी संगीता पांडे भी उनके साथ उपवास पर बैठ गईं। परिचितों और समर्थकों को जानकारी मिलने के बाद धीरे-धीरे अन्य लोग भी धरना स्थल पर पहुंचने लगे। बोले- हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक 24 घंटे में हटने चाहिए पोस्टर पांडे का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर अवैध बैनर-पोस्टर हटाए जाने चाहिए। जनता से अपील- अवैध पोस्टर दिखें तो फोटो लेकर आवाज उठाएं पांडे ने लोगों से अपील की कि शहर में जहां भी अवैध बैनर-पोस्टर दिखाई दें, उनकी तस्वीर लेकर आवाज उठाएं। उनका कहना है कि जब तक जनता ऐसे मामलों में जागरूक होकर सवाल नहीं करेगी, तब तक समस्या का समाधान मुश्किल है। उन्होंने लोगों से ऐसे काम करने वालों को वोट नहीं देने की अपील भी की।



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बुद्धेश्वर मंदिर के गेट पर मिला अधेड़ का शव: पटना का रहने वाला था, पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा – Dubagga News




लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में बुद्धेश्वर चौराहे पर एक अधेड़ का शव मिला है। रविवार दोपहर मंदिर के गेट नंबर चार के पास यह शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान सुरेश सिंह (55) के रूप में हुई है। वह पटना, बिहार के ममरखाबाद इंग्लिश, थाना गुनारख का रहने वाला था। जानकारी के अनुसार, सुरेश सिंह बुद्धेश्वर चौराहे के आसपास मजदूरी करता था और फुटपाथ पर सोकर गुजारा करता था। पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 3:54 बजे सुरेश सिंह को मृत हालत में अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। उसे एंबुलेंस संख्या UP32EG5057 से पारा थाने के हेड कॉन्स्टेबल अरुण कुमार बुद्धेश्वर मंदिर के पास से लाए थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत बताया और शव को अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। पारा पुलिस ने जरूरी कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। पुलिस का कहना है कि मौत की वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुरेश सिंह की मौत किन हालात में हुई।



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बिना मैदा बनाएं स्वादिष्ट टैकोस, बच्चों की सेहत भी रहेगी स्वस्थ, गृहणी ने बताई आसान रेसिपी

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बच्चों के रोज-रोज के नाश्ते में कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहती हैं तो कोडरमा की गृहणी राधिका प्रजापति की गेहूं के आटे वाली टैकोस रेसिपी जरूर ट्राई करें. इसमें मैदे की जरूरत नहीं पड़ती. गेहूं के आटे की रोटी में आलू, शिमला मिर्च, प्याज, टमाटर और स्वीट कॉर्न की स्वादिष्ट स्टफिंग भरी जाती है. बस इसे कुरकुरा और चीजी बनाने के लिए….

कोडरमा: बच्चों के लिए रोज-रोज एक जैसा नाश्ता बनाना हर मां के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. बच्चे स्वाद के साथ-साथ खाने में कुछ नया और आकर्षक भी चाहते हैं. ऐसे में अगर आप घर पर ही कुछ स्वादिष्ट और आसान बनाना चाहती हैं तो गेहूं के आटे से तैयार टैकोस एक अच्छा विकल्प है. खास बात यह है कि इसे बनाने में मैदे की जरूरत नहीं पड़ती. कोडरमा की गृहणी राधिका प्रजापति ने घर पर टैकोस बनाने की आसान विधि साझा की है. उन्होंने बताया कि इसके लिए सबसे पहले दो कटोरा गेहूं का आटा लेकर उसे पानी की मदद से अच्छी तरह गूथ लें. आटा तैयार होने के बाद इसे करीब 10 से 15 मिनट तक रेस्ट करने के लिए छोड़ दें.

ऐसे तैयार करें टैकोस की स्टफिंग
उन्होंने बताया कि इसके बाद टैकोस की स्टफिंग तैयार करने के लिए सबसे पहले चार से पांच आलू उबाल लें. इसके बाद शिमला मिर्च, प्याज, हरी मिर्च और टमाटर को बारीक काट लें. चाहें तो इसमें स्वीट कॉर्न भी शामिल कर सकते हैं. इसके बाद एक कढ़ाई गर्म करें और उसमें थोड़ा तेल डालें. तेल गर्म होने पर इसमें प्याज, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, टमाटर और स्वीट कॉर्न डालकर करीब तीन से चार मिनट तक पकाएं. सब्जियों को तब तक पकाएं, जब तक वे हल्की सी ब्राउन न हो जाएं. इसके बाद इसमें स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर और गोलकी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अब इसमें उबले हुए आलू डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स करें. इसे करीब एक से दो मिनट तक पकाने के बाद गैस बंद कर दें और आलू के मिश्रण को दूसरे बर्तन में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें.

गेहूं की रोटी से बनाएं टैकोस का बेस
उन्होंने बताया कि जब स्टफिंग ठंडी हो जाए तब पहले से गूंथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. इन्हें बेलकर रोटी का आकार दें. इसके बाद किसी गोल कटोरी की सहायता से रोटी को गोल आकार में काट लें. अब कढ़ाई गर्म करके इन गोल रोटियों को एक-एक करके दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंक लें. रोटी पकने के बाद उसके ऊपर तैयार आलू और सब्जियों का मिश्रण रखें. बच्चों को पसंद आने वाला स्वाद और आकर्षक रूप देने के लिए इसके ऊपर चीज भी डालें. इसके बाद रोटी को मोड़कर टैकोस का आकार दें और धीमी आंच पर कुछ देर पकाएं, ताकि चीज अच्छी तरह मेल्ट हो जाए और टैकोस हल्का कुरकुरा हो जाए. इस तरह घर पर आसानी से गेहूं के आटे से स्वादिष्ट टैकोस तैयार किया जाता है.

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Rajneesh Singh

जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…

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