Sunday, May 10, 2026
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ग्लैमर की दुनिया को ‘राधे-राधे’ क्यों कह रहे स्टार: क्या श्रीकृष्ण से ज्यादा राधा भक्ति बढ़ी; वृंदावन सुकून तलाशने 8 गुना ज्यादा लोग पहुंच रहे




कभी चमक-धमक वाली लाइटें, कैमरे का ग्लैमर और करोड़ों की फिल्म, सीरियल…। आज गले में तुलसी की माला, माथे पर तिलक और जुबां पर ‘राधे-राधे’। ग्लैमर की दुनिया से ऊब चुके स्टार अब वृंदावन की कुंज गलियों में सुकून तलाश रहे हैं। सावधान इंडिया फेम एना जयसिंघानी हों या सुपरस्टार अनुष्का शर्मा। संतों की सादगी और राधा भक्ति में ऐसी रमीं कि मायामोह छोड़कर भक्ति की राह पर चल पड़ीं। एना ने टीवी इंडस्ट्री छोड़ दी। अनुष्का 2018 के बाद फिल्मों में नहीं दिखीं। पिछले कुछ सालों में वृंदावन आत्मिक शांति का केंद्र बन गया है। सिर्फ अनुष्का शर्मा और एना जयसिंघानी ही नहीं, शिल्पा शेट्‌टी, हेमा मालिनी, आशुतोष राणा, मीका सिंह जैसे कलाकार प्रेमानंद महाराज से मिलकर राधा नाम जपने लगे हैं। इस बार संडे बिग स्टोरी में राधा भक्ति के बढ़ते ग्राफ को समझते हैं… कुंज गलियों में श्रीकृष्णा… श्रीकृष्णा के साथ, राधे-राधे की गूंज बढ़ गई है। भक्ति की इस बदलती लहर में लोग खूब रम रहे हैं। एक वक्त था, जब लोग बांके बिहारी के दर्शन करते थे। कुंज गलियों में श्रीकृष्ण को तलाशते थे और फिर अपने शहर लौट जाते थे। अब वही लोग राधाजी के गांव बरसाना को देखने जरूर जाते हैं। श्रीजी मंदिर के दर्शन करते हैं। बड़ी संख्या में युवा वृंदावन में कई-कई दिन रहते हैं। गोवर्धन, बरसाना, श्रीजी मंदिर के वक्त बिताते हैं। यहां वो वैरागी की तरह रहते हैं। प्रेमानंद महाराज के श्रीकेली कुंज आश्रम पहुंचकर प्रवचन सुनते हैं। इस माहौल के पीछे संत प्रेमानंद महाराज का नाम भी तेजी से उभरा है। उन्होंने राधा केली कुंज और पदयात्रा के जरिए ऐसा माहौल बनाया कि वृंदावन आने वाला हर व्यक्ति उनके दर्शन करके राधा नाम संकीर्तन से जुड़ना चाहता है। इससे न केवल आस्था बढ़ी, बल्कि ब्रज के लोकल व्यापारियों (लड्डू गोपाल मूर्तियां, पोशाक, माला) का बिजनेस भी 10 गुना तक बढ़ गया है। ताजा मामला एना जयसिंघानी का है, पहले वो पढ़िए टीवी सीरियल से श्रीराधा की सखी बनी
एना जयसिंघानी मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की रहने वाली हैं। 2011 में मुंबई चली गईं। वहां एकता कपूर की बालाजी टेली फिल्म से कोर्स किया। कोरियोग्राफर थॉमस पॉलसन और सलमान खान के साथ फ्रीलांस कोरियोग्राफर की तरह काम किया। फिर टीवी सीरियल सावधान इंडिया में काम किया। उन्हें सोनी चैनल के एक टीवी सीरियल ‘देखा एक ख्वाब’ में काम मिला। इस रोल से एना पॉपुलर हो गईं। फिर फियर फाइल्स सीरियल में काम मिला। एना जयसिंघानी कहती हैं- वृंदावन घूमने आई, यहां आकर ऐसा एहसास हुआ कि प्याज-लहसुन खाना छोड़ दिया। मुंबई लौटकर एक रात सपने में प्रेमानंद महाराज दिखे। उन्होंने कहा कि राधा नाम जप करो…। मैंने तय किया कि अब श्रीजी की शरण में जाना है। जनवरी, 2026 के बसंत पंचमी के दिन प्रेमानंद महराज से दीक्षा ली। अब यहीं रहती हूं। पहले चकाचौंध में फंसी थी, अब यहां सुकून है। अनुष्का 5 महीने में 3 बार प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचीं गले में तुलसी की माला, अब फिल्मों में नहीं दिखतीं
अनुष्का शर्मा 2018 में आखिरी बार फिल्म जीरो में दिखीं थीं। 4 जुलाई, 2023 को अनुष्का पति विराट कोहली के साथ प्रेमानंद महराज से मिलने पहुंचीं। फिर 3 साल में 4 बार अनुष्का और विराट प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे। दिसंबर, 2025 में अनुष्का ने प्रेमानंद से कहा- हम आपके हैं महाराज जी, आप हमारे हैं। प्रेमानंद कहते हैं- निरंतर राधा नाम जाप करते रहें। अनुष्का पिछले 5 महीने में 3 बार केलीकुंज आश्रम पहुंचीं। पिछले दिनों अनुष्का और विराट जब प्रेमानंद महाराज से मिले, तो उनके गले में तुलसी की माला नजर आई। यह माला आमतौर पर दीक्षा ले चुके लोग पहनते हैं। ऐसी चर्चा है कि अनुष्का ने भी दीक्षा ले ली है। कुछ और बॉलीवुड स्टार, जो राधा नाम के करीब आए प्रेमानंद कहते हैं- समस्या कोई भी हो, उपाय सिर्फ राधा नाम सोशल मीडिया के दौर में एक संत की ‘सादगी’ और ‘राधा नाम’ की गूंज ने लोगों को अपनी ओर खींच रही है। वे हर दिन श्रीकृष्ण शरणम सोसाइटी से केलीकुंज आश्रम जाते हैं। रात में 2 बजे उन्हें देखने के लिए हजारों लोग पहुंचते थे। इस वक्त वे शाम 5 बजे आश्रम जाते हैं। केलीकुंज आश्रम में एकांत मुलाकात करते हैं। इसके वीडियो भजन मार्ग चैनल पर पोस्ट किए जाते हैं। यहां कोई जटिल मंत्र नहीं, बल्कि डिप्रेशन, करियर और पारिवारिक उलझनों का समाधान सिर्फ ‘राधा नाम’ के जप में बताए जाते हैं। यही वजह है कि यूथ सबसे ज्यादा उनसे जुड़ रहा है। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस वक्त 1 से डेढ़ लाख लोग हर दिन मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं। छुट्टी और बड़े त्योहार पर यह संख्या 10 गुना तक बढ़ जाती है। अब मथुरा-वृंदावन में कारोबार को समझते हैं… ————————— ये खबरें भी पढ़ें वीडियो बनाकर करोड़पति बन रहे क्रिएटर, कोई ‘हलो फ्रेंडा’ से हिट, कोई ‘बिस्कुट का रेट’ पूछकर फेमस; यूपी में 50 हजार करोड़ का कारोबार औरैया की शिवानी कुमारी। एक वीडियो में हैलो फ्रैंड की जगह हलो फ्रेंडा बोलकर वायरल हो गईं। उनकी बोलने की अलग स्टाइल ही पहचान बनी। आज इनकी नेटवर्थ करोड़ों में है। मेरठ के शादाब जकाती। सऊदी अरब में ड्राइवर थे। 10 रुपए वाला बिस्कुट कितने का है जी… वीडियो से इतना फेमस हुए कि रैपर बादशाह और क्रिकेटर रिंकू सिंह ने उनकी थीम पर वीडियो बनाए। ये सिर्फ 2 नाम हैं। पढ़िए पूरी खबर… हर्षा ने संन्यास लिया, IITian बाबा ने शादी की:माला बेचने वाली लड़की शादी करके फंसी; महाकुंभ के 3 चेहरे फिर से चर्चा में महाकुंभ खत्म हुए सालभर से ज्यादा बीत चुका है। लेकिन, 3 चेहरे आज भी चर्चा में बने हैं। पहला- माला बेचने वाली एक लड़की, जो अपनी आंखों की वजह से वायरल हो गई। दूसरा- आईआईटीएन बाबा, जिन्होंने IIT बॉम्बे से पढ़ाई की, फिर सब छोड़कर संन्यास ले लिया। तीसरी- हर्षा रिछारिया, जो निरंजनी अखाड़े के रथ पर भगवा पहनकर सवार हुईं तो सबकी नजरें उनकी ओर टिक गईं। पढ़िए पूरी खबर…



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विजय सिन्हा की लाइन पर मंत्री दिलीप जायसवाल: JDU नेता की गोद में डांसर का ठुमका, स्कूल में गुरु जी की ‘मटन मस्ती’ – Bihar News




बात खरी है… इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…



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भोपाल में जनगणना की जमीनी हकीकत: दो कमरों के घर बने दो मकान, नंबर मांगने पर बहस; भास्कर टीम ने जनगणनाकर्मी के साथ बिताया पूरा दिन – Bhopal News




1 मई से शुरू हुई जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती के साथ रहन-सहन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही हैं, लेकिन फील्ड पर जनगणनाकर्मी के सामने अजीब चुनौतियां आ रही हैं। लोग अपने दो कमरों के घर को अलग-अलग मकान बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग मोबाइल नंबर देने से इनकार कर रहे हैं। तेज धूप, बंद गेट और लोगों की झिझक ने सर्वे का काम और मुश्किल बना दिया है। पहले चरण में मकानों की गणना के साथ परिवारों से आवास, सुविधाओं और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी ली जा रही है। एक सुपरवाइजर के अधीन 6 जनगणनाकर्मी काम कर रहे हैं। प्रत्येक कर्मी को 5 दिन में 200 घरों का सर्वे करने का लक्ष्य दिया गया है। दैनिक भास्कर की टीम ने जनगणनाकर्मियों के साथ पूरा दिन बिताकर घर-घर चल रहे सर्वे को करीब से देखा। इस दौरान यह समझने की कोशिश की गई कि फील्ड पर प्रगणकों को किस तरह की दिक्कतों और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 9 बजे से शुरू हुई पड़ताल भास्कर टीम सुबह करीब 9 बजे भोपाल के भीमनगर कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। यहां सुपरवाइजर एसएस खरे अपनी टीम के साथ मिले। कुछ देर बाद टीम जनगणनाकर्मी के साथ फील्ड में निकली। पहला दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया। पड़ोसियों ने बताया कि अभी सो रहे हैं’। इसके बाद टीम ने बगल के घर से नंबरिंग और गणना शुरू की। प्रगणक ने परिवार से 33 सवाल पूछे। इनमें मकान किसके नाम है, छत और दीवार कैसी है, घर में बिजली-पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, कितने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं, परिवार किस अनाज का इस्तेमाल करता है जैसी जानकारियां शामिल थीं। अंत में मोबाइल नंबर लेकर डेटा ऐप पर अपलोड किया गया। एक गली में चार कमरे, पर हर कमरा ‘ एक अलग मकान’ कुछ ही देर बाद टीम एक ऐसे मकान पर पहुंची, जहां एक ही परिवार के चार दंपत्ति रह रहे थे। घर में चार कमरे थे, लेकिन हर परिवार अपने कमरे को अलग मकान बताने पर अड़ा था। पूछने पर पता चला कि लोगों में भ्रम है कि सरकार मकानों का सर्वे इसलिए करा रही है ताकि भविष्य में मकान आवंटित किए जा सकें। इसी वजह से एक मकान को कई मकान बताने की कोशिश हो रही है। “फोन नंबर क्यों दें?”…15 मिनट तक बहस दोपहर करीब 12 बजे एक घर पर मोबाइल नंबर मांगने पर परिवार ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। करीब 10 से 15 मिनट तक जनगणनाकर्मी से बहस होती रही। बाद में टीम ने एप और पूरी प्रक्रिया समझाई, तब जाकर परिवार ने भाई का नंबर दिया। 45 डिग्री जैसी धूप में घर-घर दस्तक सुबह 11:30 बजे तक सूरज सिर पर आ चुका था। तेज गर्मी के बीच जनगणनाकर्मी लगातार गलियों में घूमते रहे। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला मिलीं, जो अपने दो कमरों के घर को दो अलग मकान बता रही थीं। कुछ आगे ऐसे परिवार भी मिले जो 40-50 साल पहले गुजरात से भोपाल आए थे। आज भी मिट्टी के घरों में रहते हैं, जंगल से लकड़ियां लाकर चूल्हे पर खाना बनाते हैं। कहीं बंद गेट, कहीं लोगों का सहयोग कई घरों पर ताला लगा मिला। पड़ोसियों से पूछने पर भी पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी मिले, जो नौकरी पर जाने से पहले दरवाजे पर अपना नाम और मोबाइल नंबर लिखकर गए थे, ताकि जनगणनाकर्मी को दोबारा न आना पड़े। इस दौरान करीब साढ़े 12 बजे तक भास्कर टीम ने अलग-अलग जनगणनाकर्मी के साथ लगभग 40 घरों की गणना देखी। जनगणना अधिकारी ने जारी की अपील जनगणनाकर्मियों को हो रही परेशानियों और लोगों द्वारा जानकारी छुपाने के मामले में भोपाल के जिला जनगणना अधिकारी ने भी लोगों से अपील की है। जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता के अनुसार जनगणना की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय होती है। यह केवल सांख्यिकी उपयोग के लिए है। इसका किसी भी तरह लोगों को मिल रहे हित-लाभ से संंबंध नहीं है।



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मध्य प्रदेश समेत 4 राज्यों में बारिश: बिहार में ओले गिरे; राजस्थान में आंधी से एक शख्स की मौत, बाड़मेर 45.7°C के साथ सबसे गर्म


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भोपाल/लखनऊ/जयपुर/पटना25 मिनट पहले

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देश में शनिवार को बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश हुई। वहीं गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में तेज गर्मी होने लगी है।

बिहार में पिछले 10 दिनों से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। शनिवार को नालंदा और शेखपुरा में ओले भी गिरे। पटना जिले में 600 से ज्यादा पेड़ गिर गए। 50 से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। मध्य प्रदेश के 22 जिलों में बारिश हुई और सिवनी में ओले गिरे।

राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर कमजोर पड़ने के साथ ही गर्मी तेज होने लगी है। देश में सबसे ज्यादा गर्म बाड़मेर रहा। यहां तापमान 45.7°C और जैसलमेर में 45°C रहा। मौसम विभाग ने बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में हीटवेव की चेतावनी जारी की है। गुजरात के राजकोट में पारा 43.7°C रहा।

वहीं शनिवार को नागौर, अजमेर, टोंक और सवाई माधोपुर में आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। बूंदी में अंधड़ के दौरान टिनशेड समेत उड़े व्यक्ति की मोबाइल टावर से टकराने के बाद मौत हो गई।

देशभर में गर्मी और हीटवेव का हाल मैप में देखिए

अगले दिन के मौसम का हाल

11 मई:

  • मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में तापमान बढ़ने से गर्मी होगी है।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है।
  • बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है।

12 मई

  • पठानकोट, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में अलग-अलग स्थानों पर आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है।
  • उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गरज-चमक का अनुमान है।
  • दक्षिण और मध्य बिहार में आंधी-बारिश की संभावना।

देशभर से मौसम से जुड़ी 5 तस्वीरें

बिहार के पटना में बारिश के दौरान हवा की रफ्तार करीब 135kmph थी। इससे कई जगहों पर होर्डिंग्स उड़ गए।

बिहार के पटना में बारिश के दौरान हवा की रफ्तार करीब 135kmph थी। इससे कई जगहों पर होर्डिंग्स उड़ गए।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में धूप और गर्मी से बचाने के लिए महिला ने अपने बच्चे को कपड़े से ढंका। यहां पारा 39.4°C दर्ज किया गया।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में धूप और गर्मी से बचाने के लिए महिला ने अपने बच्चे को कपड़े से ढंका। यहां पारा 39.4°C दर्ज किया गया।

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर गर्मी से बचने के लिए महिला हैंड फैन का इस्तेमाल कर रही है। दिल्ली में पारा करीब 37°C रहा।

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर गर्मी से बचने के लिए महिला हैंड फैन का इस्तेमाल कर रही है। दिल्ली में पारा करीब 37°C रहा।

असम के गुवाहाटी में धूप से बचने के लिए छाता लगाकर जाते स्टूडेंट्स।

असम के गुवाहाटी में धूप से बचने के लिए छाता लगाकर जाते स्टूडेंट्स।

यूपी के प्रयागराज में बच्चे को कैप और कपड़े से कवर करके ले जाती एक महिला।

यूपी के प्रयागराज में बच्चे को कैप और कपड़े से कवर करके ले जाती एक महिला।

खबरें और भी हैं…



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बिना चीनी-केमिकल के घर पर बनाएं यह शाही शरबत, गर्मी के लिए है अमृत समान


Last Updated:

पलामू की रानू सिन्हा ने गर्मी के लिए ‘शाही बादाम शरबत’ की रेसिपी साझा की है. यह बिना चीनी और केमिकल के तैयार होता है. इसमें बादाम, केसर और मिश्री का उपयोग किया जाता है. यह शरीर को अंदरूनी ठंडक और ऊर्जा देता है. इसे आसानी से घर पर स्टोर किया जा सकता है.

ख़बरें फटाफट

पलामूः इन दिनों भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है. ऐसे मौसम में शरीर को अंदर से ठंडक देना बेहद जरूरी हो जाता है. अगर घर में मेहमान आने वाले हों या ऑफिस के बॉस को किसी खास ड्रिंक से इंप्रेस करना हो तो बाजार की कोल्ड ड्रिंक की जगह घर का बना शाही बादाम शरबत एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. स्वाद, सेहत और शाही अंदाज से भरपूर यह शरबत पुराने समय में राजा-महाराजाओं की पहली पसंद माना जाता था.

दरअसल, पुराने जमाने में चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए राजा-महाराजा बादाम का शरबत पिया करते थे. यह शरबत शरीर को अंदरूनी ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी देता था. खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें शरीर को ताकत और ताजगी दोनों देती हैं. आजकल बाजार में भी कई तरह के बादाम शरबत मिलते हैं, लेकिन उनमें चीनी और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है. वहीं कीमत भी काफी अधिक होती है.

पलामू जिले की घरेलू महिला रानू सिन्हा घर पर ही शुद्ध और बिना चीनी वाला शाही बादाम शरबत तैयार करती हैं. उनका कहना है कि घर में बने शरबत में न तो किसी तरह का केमिकल होता है और न ही अतिरिक्त चीनी. यही वजह है कि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. गर्मी में इसे पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी दूर होती है.

शरबत बनाने के लिए चाहिए ये चीजें
उन्होंने बताया कि शाही बादाम शरबत बनाने के लिए एक कप भीगे और छिले हुए बादाम, आधा कप धागे वाली मिश्री या खजूर, 8 से 10 इलायची, 10 से 12 केसर के धागे और दो बड़े चम्मच खरबूजे के बीज की जरूरत होती है. इसके अलावा आवश्यकता अनुसार पानी या दूध लिया जाता है. मिश्री को चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है, जबकि खरबूजे के बीज शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं.

ऐसे तैयार करें शाही बादाम शरबत
सबसे पहले भीगे हुए बादाम, इलायची और खरबूजे के बीज को थोड़ा दूध या पानी डालकर मिक्सर में महीन पेस्ट बना लें. इसके बाद एक बर्तन में पानी लेकर उसमें मिश्री डालें और धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक मिश्री पूरी तरह घुल न जाए. फिर तैयार बादाम पेस्ट को इसमें मिलाकर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. जब मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो गुनगुने दूध में भीगे हुए केसर को इसमें डाल दें. इससे शरबत में शाही रंग और खुशबू आ जाती है.

ऐसे करें स्टोर और सर्व
मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में रखा जा सकता है. जब भी शरबत पीना हो तो एक गिलास ठंडे दूध या पानी में दो से तीन चम्मच यह सिरप मिलाएं. इसके बाद तैयार हो जाएगा स्वाद और सेहत से भरपूर ठंडा-ठंडा शाही बादाम शरबत. ये गर्मी के मौसम में यह शरबत न सिर्फ शरीर को राहत देता है, बल्कि मेहमानों के सामने आपकी खास मेहमाननवाजी का भी एहसास कराता है.

About the Author

Prashun Singh

मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.



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हंता के बाद अब नोरो वायरस: बीच समंदर दो क्रूज, दोनों में वायरस फैले; दुनियाभर में डर




क्रूज शिप होंडियस में हंता वायरस फैलने के बाद अब एक और क्रूज कैरेबियन प्रिंसेस में नोरो वायरस फैल गया है। अब बीच समंदर दो अलग-अलग जहाज वायरस प्रभावित हैं। दुनिया इन वायरस के आउटब्रेक से सकते में है। दोनों क्रूज शिप की निगरानी अमेरिकी एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जिम्मे है। बताया जा रहा है कि कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज की विशेष निगरानी की जा रही है। इसमें वायरस संक्रमण फैलने की सूचना शनिवार को ही सामने आई है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार होंडियस में संक्रमित पहले मरीज की मौत के बाद उसकी पत्नी से अन्य यात्रियों ने हाथ मिलाया था। उस महिला की भी संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। होंडियस- 147 यात्रियों वाले क्रूज पर 6 संक्रमित, 3 की मौत अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकले होंडियस क्रूज पर 147 यात्री और क्रू मेंबर सवार हैं। अब तक 6 प्रभावित और 3 की संक्रमण से मौत की पुष्टि। संक्रमण के चलते कैप वेर्दे में डॉकिंग नहीं मिली। अब इसे कैनरी आइलैंड ले जाया गया है। डब्ल्यूएचओ यात्रियों की निगरानी कर रहा है। कैरेबियन प्रिंसेस- 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू, इनमें 115 संक्रमित कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप फ्लोरिडा से 13 दिन की सदर्न कैरेबियन की यात्रा पर है। इस पर 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू हैं। जहाज पर करीब 115 नोरो वायरस के कारण उल्टी-दस्त और पेट में संक्रमण से प्रभावित हैं। ये क्रूज शिप 11 मई को अमेरिका के पोर्ट कैनवारेल पहुंचेगा। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। साथ ही, WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। ————————



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आज का पंचांग: सूर्य पूजा के साथ कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी, पंचांग से जानें शुभ व अशु


Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 10 May 2026: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन रविवार है. पंचांग के अनुसार, आज एक साथ सूर्य पूजा, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी उपरांत नवमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, कौलव करण, कृष्ण पक्ष और चंद्रमा मकर उपरांत कुंभ राशि में तो सूर्य मेष राशि में रहने वाले हैं. आज पश्चिम का दिशाशूल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार मासिक कृष्ण अष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. वहीं कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित मानी जाती हैय मान्यता है कि काल भैरव भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप हैं, जो भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. कई श्रद्धालु इस दिन रात में विशेष पूजा और भैरव मंत्रों का जाप भी करते हैं.

आज के दिन सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि नियमित रूप से सूर्य पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. साथ ही कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है और सूर्यदोष खत्म होता है. सुबह तांबे के पात्र में जल भरकर गुड़हल का फूल और अक्षत डालकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें और ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करते रहें. इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबा, गेहूं, गुड़, लाल कपड़े, लाल फूल, लाल चंदन, मसूर की दाल आदि का दान करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. तो चलिए जानते हैं कि कब से शुभ और अशुभ मुहूर्त लग रहे हैं.

आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 10 मई 2026
आज की तिथि- अष्टमी – 03:06 पी एम तक, फिर नवमी तिथि
आज का नक्षत्र- धनिष्ठा – 12:50 ए एम, 11 मई तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र
आज का करण- कौलव – 03:06 पी एम तक, तैतिल – 03:21 ए एम, 11 मई तक
आज का योग- ब्रह्म – 02:09 ए एम, 11 मई तक, इंद्र योग
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
आज का दिन- रविवार
चंद्र राशि- मकर उपरांत कुंभ राशि

सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:34 ए एम
सूर्यास्त- 07:02 पी एम
चन्द्रोदय- 01:50 ए एम, 11 मई
चन्द्रास्त- 12:20 पी एम

आज के शुभ योग और मुहूर्त 10 मई 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:09 ए एम से 04:51 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:26 पी एम
अमृत काल: 01:49 पी एम से 03:30 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:00 पी एम से 07:22 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, 11 मई

शिववास: गौरी के साथ – 03:06 पी एम तक, सभा में

आज के अशुभ मुहूर्त 10 मई 2026
राहुकाल: 05:21 पी एम से 07:02 पी एम
यमगण्ड: 12:18 पी एम से 01:59 पी एम
विडाल योग: 12:50 ए एम से 05:33 ए एम, 11 मई
आडल योग: 05:34 ए एम से 12:50 ए एम, 11 मई
दुर्मुहूर्त: 05:14 पी एम से 06:08 पी एम
गुलिक काल: 03:40 पी एम से 05:21 पी एम
पंचक काल: 12:12 पी एम से 05:33 ए एम, 11 मई
दिशाशूल- पश्चिम



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कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस, जयपुर कमिश्नर ने ली समीक्षा-बैठक: थानों में दर्ज प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर; यहां पढ़े जयपुर क्राइम की खबरें – Jaipur News




पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने शनिवार को पुलिस कमिश्नरेट में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत करने को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में भय का वातावरण स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने महिला अत्याचार, बाल अपराध और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर बैठक में चोरी, नकबजनी और संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने और अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही नए आपराधिक कानूनों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने और थानों में आवश्यक प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा पुलिस कमिश्नर ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, वांछित एवं हार्डकोर अपराधियों की धरपकड़ और विभागीय जांचों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कमजोर प्रदर्शन वाले थाना क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के लिए रणनीति बनाने को कहा गया। साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश बैठक में संगठित अपराध, गैंगस्टर गतिविधियों, साइबर क्राइम और ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में सख्ती बरतने के निर्देश भी दिए गए। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण कर पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश इसके अलावा थाना स्तर पर महिला बीट और यूथ सीएलजी गठन कर महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और बीट पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी पुलिस आयुक्त द्वारा दिए गए। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश, एडिशनल पुलिस कमिश्नर सिटी अजय सिंह राठौड़, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस लॉ एंड ऑडर राजीव पचार, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात एवं प्रशासन योगेश दाधीच सहित सभी पुलिस डीसीपी मौजूद रहे।



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थलापति विजय का कोस्टार, अब छोटे से होटल में करता है काम! एक्टर की बदहाली पर फैंस इमोशनल


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हम जिस मशहूर बैकग्राउंड डांसर की बात कर रहे हैं, वे तमिल सिनेमा के मशहूर एक्टर जापान कुमार हैं. जापान कुमार ने 90 के दशक में विजय और अजीत जैसे बड़े सितारों के साथ अनगिनत हिट गानों में डांस किया था. वे अपनी खास ऊर्जा और ‘पोक्किरी’ जैसी फिल्मों में अपनी कॉमेडी के लिए पॉपुलर हुए. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की मानें, तो वे चेन्नई में एक छोटा फूड स्टॉल चला रहे हैं. हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि यह उनके भाई की दुकान है, लेकिन इससे सिनेमा की चकाचौंध के पीछे छिपे गुमनाम कलाकारों का स्ट्रगल बयां होता है.

नई दिल्ली: सिनेमा की दुनिया बाहर से जितनी चकाचौंध भरी और ग्लैमरस दिखती है, अंदर से उतनी ही अस्थिर भी होती है. हमें अक्सर पर्दे पर सिर्फ वही चेहरे और नाम याद रहते हैं जो सुपरहिट हो जाते हैं, लेकिन उन कलाकारों का क्या जो सालों तक अपनी मेहनत से फिल्मों में जान फूंकते हैं? कामयाबी की चमक सबको दिखती है, पर स्ट्रगल की कहानी अक्सर अंधेरे में ही रह जाती है.

आज हम बात कर रहे हैं 90 के दशक के एक ऐसे ही मशहूर डांसर की, जिनका नाम है जापान कुमार. अगर आप उस दौर की फिल्में देखकर बड़े हुए हैं, तो आपको उनका चेहरा जरूर याद होगा. वे लगभग हर बड़ी फिल्म के गानों में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर नजर आते थे और अपनी खास एनर्जी के लिए पहचाने जाते थे.

जापान कुमार ने विजय और अजित जैसे तमिल सुपरस्टार्स के साथ अनगिनत गानों में डांस किया है. खासकर थलपति विजय की फिल्म ‘कुरुवी’ के गानों में उनके जबरदस्त डांस मूव्स को भला कौन भूल सकता है? उस जमाने में शायद ही कोई ऐसा हिट गाना होगा, जिसमें जापान कुमार की झलक न दिखाई दी हो.

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सिर्फ एक्टर्स ही नहीं, उन्होंने प्रभु देवा, राजू सुंदरम और राघव लॉरेंस जैसे डांस के दिग्गजों के साथ भी काम किया. उन्होंने मशहूर गाने ‘जुंबलाका’ में भी अपनी परफॉर्मेंस दी थी. इतना ही नहीं, वे लंबे समय तक राजू सुंदरम मास्टर के असिस्टेंट के तौर पर भी फिल्म इंडस्ट्री में एक्टिव रहे और पर्दे के पीछे भी काफी काम किया.

एक्टर को अपने जापानी लुक और चुलबुले अंदाज की वजह से एक्टिंग के मौके भी मिले. विजय की फिल्म ‘जिला’ में उनका ‘गोरखा’ वाला रोल हो या ‘पोक्किरी’ में वादिवेलु के साथ कॉमेडी सीन, उन्होंने अपनी छोटी-छोटी भूमिकाओं से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया. धीरे-धीरे वे एक डांसर से एक पहचान रखने वाले कॉमेडियन बन गए.

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद लोग हैरान हैं. वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जापान कुमार अब चेन्नई के वडापलानी इलाके में एक छोटा सा फूड स्टॉल चला रहे हैं. इस खबर ने फैंस को काफी इमोशनल कर दिया है कि इतना बड़ा कलाकार अब एक होटल में काम कर रहा है.

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इंटरनेट पर चर्चा है कि फिल्मों में काम कम होने की वजह से उन्होंने ‘शक्ति वीट सप्पाडु’ नाम की दुकान खोल ली है. सोशल मीडिया पर लोग इसे सिनेमा की बेरहमी से जोड़कर देख रहे हैं कि कैसे एक वक्त का स्टार डांसर आज अपनी रोजी-रोटी के लिए खाने की दुकान चलाने को मजबूर है.

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हालांकि, इस कहानी का एक दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है. कुछ लोगों का कहना है कि वह दुकान दरअसल जापान कुमार के भाई की है और वे बस वहां हाथ बंटाने जाते हैं. सच जो भी हो, पर जापान कुमार की ये तस्वीरें हमें याद दिलाती हैं कि पर्दे के पीछे काम करने वाले इन कलाकारों का योगदान भी किसी हीरो से कम नहीं होता.

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45 साल में पहली बार मई में चलेगी ‘पैलेस ऑन व्हील्स’, गर्मी में भी बढ़ी डिमांड


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राजस्थान की मशहूर लग्जरी ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ इस बार एक नया इतिहास बनाने जा रही है. 45 साल में पहली बार यह शाही ट्रेन मई महीने में चलने वाली है. आमतौर पर भीषण गर्मी के कारण इसकी सेवाएं अप्रैल के बाद रोक दी जाती थीं, लेकिन इस बार बढ़ती मांग ने रेलवे और पर्यटन विभाग को नया फैसला लेने पर मजबूर कर दिया. शाही सुविधाओं और राजसी अनुभव के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध यह ट्रेन अब गर्मियों में भी यात्रियों को राजस्थान की विरासत से रूबरू कराएगी.

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राजस्थान की शाही ट्रेन ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ का बदला शेड्यूल, मई में करेगी सफर. (Image: NWR)

नई दिल्ली. ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ को भारत की पहली लग्जरी हेरिटेज ट्रेन माना जाता है. इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1982 को हुई थी और तब से यह हर साल सितंबर से अप्रैल के बीच ही चलाई जाती रही है. मई और जून की तेज गर्मी को देखते हुए इस ट्रेन का संचालन बंद कर दिया जाता था. लेकिन इस बार रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन की जबरदस्त मांग सामने आई है. यही वजह है कि पहली बार इसे मई में चलाने का फैसला लिया गया. रेलवे का मानना है कि यह कदम राजस्थान पर्यटन के लिए भी बड़ा संदेश देगा कि अब गर्मी के मौसम में भी लग्जरी पर्यटन की मांग बढ़ रही है.

क्यों खास मानी जाती है ‘पैलेस ऑन व्हील्स’?
‘पैलेस ऑन व्हील्स’ सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि चलते-फिरते शाही महल जैसा अनुभव मानी जाती है. इसमें यात्रियों को राजसी ठाठ-बाट, लग्जरी कमरे, शानदार डाइनिंग और स्पा जैसी सुविधाएं मिलती हैं. ट्रेन के कई कोच राजस्थान की पुरानी रियासतों के नाम पर बनाए गए हैं, जिनमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे नाम शामिल हैं. अंदर की सजावट भी राजपूताना संस्कृति और शाही विरासत को ध्यान में रखकर की गई है. यही कारण है कि विदेशी पर्यटकों के बीच यह ट्रेन लंबे समय से बेहद लोकप्रिय रही है.

दिल्ली से शुरू होगा छह दिन का शाही सफर
रेलवे के मुताबिक यह विशेष यात्रा 20 मई से 25 मई तक चलेगी. ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से रवाना होगी और करीब 2,610 किलोमीटर का सफर तय करेगी. इस दौरान यह दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर और कई ऐतिहासिक शहरों से होकर गुजरेगी. इस लग्जरी ट्रेन को भारतीय रेलवे की ‘भारत गौरव ट्रेन पॉलिसी’ के तहत चलाया जा रहा है. ट्रेन का नंबर 00290 रखा गया है. छह दिन के इस सफर में यात्रियों को राजस्थान की संस्कृति, किले, महल और रेगिस्तानी खूबसूरती का शानदार अनुभव मिलेगा.

ट्रेन में मिलेंगी शाही सुविधाएं
‘पैलेस ऑन व्हील्स’ में कुल 22 कोच लगाए गए हैं. इनमें सुपर डीलक्स सैलून, रेस्टोरेंट-कम-बार, किचन, स्टाफ कोच और स्पा कार जैसी कई आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं. ट्रेन के अंदर का माहौल किसी फाइव स्टार होटल जैसा महसूस होता है. यात्रियों को पारंपरिक राजस्थानी भोजन के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यंजन भी परोसे जाते हैं. इसके अलावा हर कोच में शानदार इंटीरियर, आरामदायक बेड और आधुनिक सुविधाएं मौजूद रहती हैं. यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे शानदार लग्जरी ट्रेनों में गिना जाता है.

गर्मी में भी बढ़ रही लग्जरी पर्यटन की मांग
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस बार एक बड़े सरकारी बैंक ने पूरी ट्रेन बुक कराई है. यह दिखाता है कि भारत में लग्जरी और अनुभव आधारित पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी घरेलू पर्यटन क्षेत्र मजबूत बना हुआ है. राजस्थान जैसे राज्यों में अब लोग सिर्फ सर्दियों में ही नहीं, बल्कि सालभर यात्रा करने में रुचि दिखा रहे हैं. ऐसे में ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ का मई में संचालन पर्यटन उद्योग के लिए नई संभावनाओं का संकेत माना जा रहा है. आने वाले समय में अगर यात्रियों की प्रतिक्रिया अच्छी रही तो रेलवे गर्मियों में भी लग्जरी ट्रेन संचालन पर और बड़े फैसले ले सकता है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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