लखनऊ में आषाढ़ माह की भीषण गर्मी के बीच, परिवर्तन चौराहा पर श्री दुर्गा जी मंदिर धर्म जागरण एवं सेवा समिति पिछले 29 वर्षों से नि:शुल्क जल सेवा प्रदान कर रही है। इस पहल से प्रतिदिन हजारों राहगीरों को राहत मिल रही है। समिति द्वारा संचालित यह सेवा प्रतिदिन सुबह से शुरू होकर मध्य रात्रि तक जारी रहती है। इसके तहत राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और आम नागरिकों को शीतल जल उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिलती है। जल सेवा के प्रभारी प्रदीप शुक्ला ने बताया कि श्री दुर्गा जी मंदिर, शास्त्रीय नगर में स्थित एक पौराणिक कुएं से विशेष रूप से जल लाकर वितरित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समिति का लक्ष्य केवल जल पिलाना नहीं है, बल्कि मानव सेवा के माध्यम से समाज में सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
ग्वालियर में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोरी गिरोह के खिलाफ इंदरगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने अब चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सराफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 8 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। मामले में अब तक एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं। थाना प्रभारी दीप्ति तोमर के अनुसार, बृज बिहार कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी आकाश माहौर से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी के जेवर उसने अपने साथी की मदद से सराफा कारोबारी विशाल सोनी को बेचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सराफा बाजार स्थित राजस्थान ज्वेलर्स पर दबिश देकर संचालक विशाल सोनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी का माल खरीदने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने बरामद किए लाखों के जेवर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी कारोबारी के पास से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए। इनमें सोने की चेन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, झुमके सहित कई कीमती गहने शामिल हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जब्त किए गए गहने शहर की अन्य चोरी की वारदातों से जुड़े हैं या नहीं। नाबालिग करता था चोरी के माल का सौदा जांच में सामने आया है कि गिरोह के साथ एक 17 वर्षीय नाबालिग भी जुड़ा था। पुलिस के मुताबिक, वह चोरी के जेवर सराफा कारोबारियों तक पहुंचाने और सौदा कराने का काम करता था। पुलिस ने उसे पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी मामले में फरमान खान और विवेक प्रजापति अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शहर की अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।
इस वीडियो में मास्टरशेफ पंकज भदौरिया ने ब्रेड की 3 बेहतरीन ब्रेकफास्ट रेसिपी शेयर की है. यदि आपके बच्चे नाश्ते में रोज सैंडविच खाकर बोर हो गए हैं, या आपको अपनी मॉर्निंग शिफ्ट के लिए जल्दी से टिफिन पैक करना है तो ये रेसिपीज आपके परेशानी का हल साबित हो सकते हैं. ये तीनों रेसिपी पेट भरने वाली और बनाने में आसान हैं. इनमें ब्रेड उपमा, ब्रेड कटलेट और चीज़ बर्स्ट ब्रेड पिज़्ज़ा शामिल हैं. आप इनमें से किसी भी रेसिपी को शाम के नाश्ते के रूप में भी बना सकते हैं.
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CM विजय ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, फैसला हुआ तो ‘बल्ले-बल्ले’
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कपास पर 11 फीसदी आयात शुल्क शून्य करने की मांग की, कहा इससे टेक्सटाइल सेक्टर और लाखों नौकरियां बचेंगी.
थलापति विजय
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर कपास पर लगने वाली 11 फीसदी आयात शुल्क को खत्म करने की मांग की है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगर केंद्र सरकार यह फैसला लेती है तो राज्य की टेक्सटाइल और अपैरल इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी और लाखों नौकरियां बच सकेंगी. अगर केंद्र ने यह फैसला ले लिया तो इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की बल्ले बल्ले हो जाएगी.
मुख्यमंत्री विजय ने अपने पत्र में कहा कि तमिलनाडु देश का सबसे बड़ा टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्ट करने वाला राज्य है. इस सेक्टर पर लाखों लोगों की रोजी-रोटी निर्भर है, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों की महिलाओं की है. लेकिन पिछले कुछ महीनों में कपास और धागे की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने उद्योग को संकट में डाल दिया है.
कीमतों में आया उछाल
सीएम ने लिखा कि देश में कपास उत्पादन में कमी और ट्रेडिंग गतिविधियों में तेजी के कारण बाजार में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. मुख्यमंत्री के मुताबिक पिछले दो महीनों में कपास की कीमत 54,700 रुपये प्रति कैंडी से बढ़कर 67,700 रुपये प्रति कैंडी तक पहुंच गई है. यानी करीब 25 फीसदी का उछाल आया है. वहीं धागे की कीमत भी 301 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 330 रुपये प्रति किलो हो गई है.
विजय ने कहा कि ऐसे हालात में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के लिए कच्चे माल की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना मुश्किल हो रहा है. उनका कहना है कि उद्योग को बचाने के लिए कपास आयात जरूरी हो गया है, लेकिन मौजूदा 11 फीसदी आयात शुल्क इसकी राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है.
शून्य करने की मांग
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से अपील करते हुए कहा कि कपास पर लगने वाले आयात शुल्क को 11 फीसदी से घटाकर शून्य किया जाए. उनका तर्क है कि अगर ड्यूटी फ्री आयात की अनुमति मिलती है तो उद्योग अपनी बढ़ती निर्यात प्रतिबद्धताओं को पूरा कर सकेगा और वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बना रहेगा.
विजय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि कृषि के बाद टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर देश में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा क्षेत्र है. खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं के लिए यह सेक्टर आर्थिक सहारा बना हुआ है. ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस इंडस्ट्री को संकट से बाहर निकालने के लिए जरूरी कदम उठाए. उन्होंने कहा कि अगर कच्चे माल की लागत इसी तरह बढ़ती रही तो छोटे और मध्यम टेक्सटाइल यूनिट्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. इससे उत्पादन घट सकता है, निर्यात प्रभावित हो सकता है और बड़ी संख्या में रोजगार पर खतरा पैदा हो सकता है.
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें
बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं से सप्ताह में दो दिन साइकिल का उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने गुरुवार शाम भागलपुर से पटना जाते समय मुंगेर सर्किट हाउस में यह घोषणा की। मंत्री ने कहा कि यह पहल पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत के लिए आवश्यक है। मंत्री ने भाजपा जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे अंचल, थाना, प्रखंड या बाजार जाते समय बाइक और कार के साथ-साथ साइकिल का भी उपयोग करें। आवास से विभागीय कार्यालय तक साइकिल से जाएंगे
कुमार शैलेंद्र ने बताया कि वह स्वयं भी सप्ताह में दो दिन अपने विधायक आवास से विभागीय कार्यालय तक साइकिल से जाएंगे। उनका उद्देश्य आम लोगों के बीच एक सकारात्मक संदेश पहुंचाना है। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार कम ईंधन खपत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक कर रही हैं, ऐसे में जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। लोहे का बेली ब्रिज तैयार किया जा रहा
इस दौरान मंत्री ने भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाए जा रहे बेली ब्रिज के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुल पर लोहे का बेली ब्रिज तैयार किया जा रहा है, जिसकी निगरानी इंजीनियरों की टीम कर रही है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और अगले 15 दिनों के भीतर इसका इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाएगा। मंत्री ने दावा किया कि यह देश का पहला अत्याधुनिक बेली ब्रिज होगा, जिसकी संरचना 35 वर्षों तक सुरक्षित रहने की गारंटी के साथ बनाई जा रही है। मंत्री ने बिहार में सड़क निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विभाग ने सभी कमिश्नरी में इंजीनियरों की तैनाती की है, जो सड़क परियोजनाओं की पूरी रूपरेखा तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि सड़क कब बनेगी, कितनी लागत आएगी और उसकी जीवन अवधि कितनी होगी, इसकी विस्तृत जानकारी विभागीय कार्यालय से उपलब्ध कराई जाएगी।
फिल्म स्टार रणबीर कपूर ने अयोध्या में सरयू नदी के तट पर 3.31 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है. उन्होंने ‘द सरयू’ नाम के लग्जरी प्रोजेक्ट में 2,134 वर्ग फीट का प्लॉट लिया है, जिसे वे अपने परिवार की विरासत मानते हैं. रणबीर कपूर के अनुसार, यह फैसला अयोध्या की सांस्कृतिक पुकार का जवाब है. दिलचस्प बात यह है कि रणबीर से पहले अमिताभ बच्चन भी अयोध्या में भारी निवेश कर चुके हैं. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ फिल्म में रणबीर के साथ साई पल्लवी, यश और सनी देओल जैसे दिग्गज कलाकार नजर आएंगे.
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रणबीर कपूर ने ‘रामायण’ की रिलीज से पहले बड़ा कदम उठाया है.
नई दिल्ली: रणबीर कपूर इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘रामायण’ को लेकर हर तरफ छाए हुए हैं, लेकिन इस बार चर्चा फिल्म की शूटिंग से ज्यादा उनकी एक खास इनवेस्टमेंट को लेकर हो रही है. खबर है कि सिल्वर स्क्रीन पर भगवान राम का किरदार निभाने जा रहे रणबीर ने असल जिंदगी में भी राम नगरी अयोध्या से नाता जोड़ लिया है. उन्होंने अयोध्या में सरयू नदी के किनारे बसे एक बेहद आलीशान प्रोजेक्ट ‘द सरयू’ में करीब 3.31 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है. 2,134 वर्ग फीट का यह प्लॉट उनके परिवार के लिए एक खास विरासत की तरह होगा. रणबीर का कहना है कि अयोध्या ने उन्हें खुद चुना है और उन्होंने बस उस पुकार का सम्मान किया है. यह जमीन ‘हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा’ के उस भव्य प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो सरयू के किनारे 75 एकड़ में फैला हुआ है और जहां लग्जरी सुविधाओं के साथ-साथ एक बड़ा शाकाहारी होटल भी बन रहा है.
देखा जाए तो अयोध्या अब बॉलीवुड सितारों का पसंदीदा ठिकाना बनता जा रहा है. रणबीर कपूर से पहले सदी के महानायक अमिताभ बच्चन भी यहां भारी-भरकम निवेश कर चुके हैं. बिग बी ने तो अलग-अलग मौकों पर अयोध्या में करोड़ों की जमीन खरीदी है, जिससे साफ पता चलता है कि फिल्मी गलियारों में इस ऐतिहासिक शहर का महत्व कितना बढ़ गया है. रणबीर के लिए यह प्लॉट खरीदना न सिर्फ एक प्रॉपर्टी डील है, बल्कि एक इमोशनल फैसला भी है क्योंकि वह अयोध्या को भारतीय संस्कृति और इतिहास का सबसे अहम हिस्सा मानते हैं. यह प्रोजेक्ट न केवल प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है, बल्कि यहां रहने वालों को मॉडर्न सुविधाओं के साथ आध्यात्मिक शांति का अनुभव भी मिलेगा, जो रणबीर के इस फैसले को और भी खास बनाता है.
अयोध्या की मिट्टी से हुआ जुड़ाव दूसरी ओर, रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट सातवें आसमान पर है. नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस मेगा बजट फिल्म में रणबीर कपूर के साथ साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी. फिल्म की स्टार कास्ट काफी तगड़ी है, जिसमें रावण के रूप में यश, हनुमान के रोल में सनी देओल और लक्ष्मण के किरदार में रवि दुबे जैसे सितारे अपनी कला का जौहर दिखाएंगे. म्यूजिक की कमान एआर रहमान और हॉलीवुड के दिग्गज हंस जिमर के हाथों में है. ऐसे में रणबीर का फिल्म की रिलीज से पहले अयोध्या में घर बसाने की तैयारी करना उनके फैन्स के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है. अुयोध्या की मिट्टी से जुड़ने का यह कदम उनके फिल्मी किरदार और असल जिंदगी, दोनों के लिहाज से एक नया चैप्टर शुरू करने जैसा है.
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही बोइंग 787-8 फ्लाइट टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद क्रैश हो गई थी।
अहमदाबाद में 12 जून, 2025 को हुए एआई 171 विमान हादसे को एक साल पूरा होने में एक महीने से भी कम समय बचा है। जबकि,मृतकों के पीड़ित परिवार न्याय के लिए अब तक संघर्ष कर रहे हैं। उनका आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला है। यहां
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पीड़ितों के कुछ परिवारों ने अहमदाबाद के सोला भगवत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इसमें उन्होंने मुआवजे, दुर्घटनास्थल पर एक वर्ष के भीतर भूमि शुद्धिकरण और विभिन्न धर्मों के लोगों को धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति देने की मांग की।
इसके अलावा, मृतकों के परिवारों समेत कई लोग अभी भी दुर्घटना के सटीक कारण का पता नहीं लगा पाए हैं। हालांकि सरकार ने एक महीने के भीतर रिपोर्ट जारी करने की बात कही है, लेकिन पीड़ितों के परिवार ब्लैक बॉक्स डेटा जारी करने की मांग कर रहे हैं।
हेतल प्रजापति की पति महेश जीरावाला के साथ। (फाइल फोटो)
हादसे में जान गंवाने वाले फिल्म निर्माता महेश जीरावाला की पत्नी हेतलबेन प्रजापति ने कहा- टाटा समूह के कुछ लोगों ने मुझे मेरी एजुकेशन के आधार पर नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। नौकरी का आश्वासन दिए हुए 11 महीने बीत चुके हैं। हमने कई बार ईमेल किया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब एयरलाइन और टाटा समूह किसी भी तरह से सहयोग नहीं कर रहे हैं।
वहीं, घटना के समय पुलिस ने कोई सहयोग नहीं दिया। जब हमने जांच की तो पता चला कि डीएनए मिलान हो गया है और मेरे पति की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद एयरलाइन और टाटा समूह के कुछ लोग हमसे मिलने हमारे घर आए। उन्होंने भविष्य में किसी भी तरह की समस्या आने पर मदद का आश्वासन दिया था।
टाटा समूह की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया गया विमान दुर्घटना में अपने बेटे को खोने वाले मोहम्मद रफीकभाई ने कहा- विमान दुर्घटना में मेरे बेटे की मृत्यु हो गई। लेकिन 11 महीने बीत जाने के बाद भी टाटा समूह की ओर से कोई मुआवजा नहीं दिया गया है। साथ ही, कोई जवाब भी नहीं मिल रहा है।
यहां तक कि ईमेल करने पर भी हमें कोई उचित जवाब नहीं मिल रहा है। हमारा फोन भी अब नहीं उठाया जा रहा है। हम मांग करते हैं कि मुझे न्याय मिले और उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही, हमें इस घटना के बारे में भी स्पष्ट जानकारी दी जाए कि यह कैसे हुई।
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता कविराज ने कहा कि 12 जून 2026 को हुए विमान हादसे को एक साल पूरा हो जाएगा। अब एक महीने से भी कम समय बचा है। इसलिए पीड़ितों के परिवार दुर्घटनास्थल की भूमि को शुद्ध करना चाहते हैं और धार्मिक कार्यक्रम की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार ब्लैक बॉक्स का डेटा उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजे हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।
जून में प्लेन क्रैश की फाइनल रिपोर्ट आने की संभावना
गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून 2025 को एअर इंडिया का AI17 प्लेन क्रैश हुआ था। यह फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन जा रही थी लेकिन टेक-ऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गई थी। इस हादसे में 270 लोगों की मौत हुई थी।
पीड़ित परिवारों ने लेटर की कॉपी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB), डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को भी भेजी हैं। इस मामले में एअर इंडिया की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पिछले साल जुलाई में प्लेन क्रैश की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपी थी। फाइनल रिपोर्ट इस साल जून में, यानी हादसे की पहली बरसी के आसपास आने की संभावना है।
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अहमदाबाद प्लेन हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
अहमदाबाद प्लेन क्रैश- विमान में पहले से खराबी थी:अमेरिकी रिपोर्ट में इलेक्ट्रिकल फेलियर की आशंका
अहमदाबाद में 12 जून 2025 को क्रैश हुए एअर इंडिया के बोइंग 787 विमान में पहले से कई गंभीर तकनीकी दिक्कतें थीं। चार साल पहले प्लेन में आग भी लगी थी। अमेरिका स्थित फाउंडेशन फॉर एविएशन सेफ्टी (FAS) ने दावा किया है कि विमान में इलेक्ट्रिकल सिस्टम फेल होने से एक के बाद एक कई सिस्टम बंद हुए। पूरी खबर पढ़ें…
‘मैं जो चोगा पहनती हूं वो…’ जस्टिस स्वर्णकांता ने ऐसा ये क्यों कहा?
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Arvind Kejriwal News: दिल्ली शराब घोटाले केस में कई आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस शर्मा ने पाया कि कई लोगों ने अदालत की अवमानना की है. जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा था कि वह ऐसे आरोपों के सामने चुप नहीं रह सकतीं और संकेत दिया कि अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी और अब वह इस मामले में ही फैसला दे रही हैं…
अरविंद केजरीवाल केस में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने क्या क्या कहा (Photo AI)
नई दिल्ली. ‘मैं जो चोगा पहनती हूं वो इतना कमज़ोर नहीं है कि कुछ आलोचनाओं से उस पर असर पड़े’ अरविंद केजरीवाल समेत 22 आरोपियों को दिल्ली आरोप मुक्त करने के मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्णकांता ने यह टिप्पणी की.दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि वह कुछ प्रतिवादियों और व्यक्तियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करेगा जब दिल्ली शराब घोटाले मामले के संबंध में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर ‘बेहद मानहानिकारक सामग्री’ फैलाई गई थी.
दरअसल, कोर्ट ने साफ किया कि अवमानना की ये कार्यवाही अचानक या किसी निजी नाराजगी की वजह से शुरू नहीं हुई. फैसला सुनाने के बाद कोर्ट के संज्ञान में आया कि सोशल मीडिया पर एक सुनियोजित डिजिटल कैंपेन चलाया गया था. एडिट किए हुए वीडियो, चिट्ठियां और पोस्ट बड़े पैमाने पर फैलाए गए जिनका मकसद सिर्फ आलोचना नहीं, बल्कि पूरी न्यायपालिका की छवि को निशाना बनाना था.
‘जज का चोगा पहनने वाले से शांत रहने की अपेक्षा होती है’ जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि उन्हें निष्पक्ष आलोचना और असहमति स्वीकार करने की ट्रेनिंग दी गई है, और जज का चोगा पहनने वाले से शांत रहने की अपेक्षा की जाती है. लेकिन उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि हर बार चुप रहना न्यायिक संयम नहीं होता. इस मामले में की गई टिप्पणियां सिर्फ असहमति नहीं थीं बल्कि एक बदनामी अभियान का हिस्सा थीं, जिसमें कुछ लोगों के पास राजनीतिक ताकत भी थी.
‘डराने-धमकाने की कोशिश की गई’ जस्टिस शर्मा ने कहा कि उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की गई. कोर्ट के खिलाफ मनगढ़ंत कहानियां गढ़ी गईं और यहां तक कि उनके परिवार को भी इन कहानियों में घसीटा गया ताकि सोच-समझकर उनका अपमान किया जा सके. जब कोर्ट के अंदर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी तब बाहर समानांतर डिजिटल नैरेटिव खड़ा किया जा रहा था जो सीधे इस कोर्ट और न्यायपालिका को टारगेट कर रहा था.
‘न्यायिक चोगा इतना कमजोर नहीं होता’ इसी पृष्ठभूमि में जस्टिस स्वर्णकांता ने यह टिप्पणी की कि वे जो न्यायिक चोगा पहनती हैं, वह इतना कमज़ोर नहीं कि आलोचनाओं से हिल जाए लेकिन जब आलोचना की आड़ में न्यायपालिका की संस्थागत साख पर सुनियोजित हमला हो तो कोर्ट का चुप रहना भी न्यायिक संयम नहीं माना जा सकता. यही वह क्षण था जब उन्होंने अवमानना की कार्यवाही आगे बढ़ाने का संकेत दिया.
प्रतिभा सिन्हा बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस माला सिन्हा की बेटी हैं. फिल्मी बैकग्राउंड से आई प्रतिभा के लिए एक्टिंग में करियर बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं था.अपने करियर में उन्होंने अजय देवगन, गोविंदा और आमिर खान जैसे स्टार्स संग काम किया था.
नई दिल्ली. एक्टिंग की दुनिया में प्रतिभा सिन्हा ने अलग जगह बनाई थी. आमिर खान और करिश्मा कपूर संग एक गाने ने तो उन्हें कभी न मिटने वाली पहचान दी. लेकिन एक संगीतकार के चलते उन्होंने अपना बना बनाया करियर बर्बाद कर लिया.
जब प्रतिभा एक्टिंग की दुनिया में आईं, तो लोगों को उम्मीद थी कि वह भी अपनी मां की तरह बड़ा नाम बनेंगी. उनकी खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस को देखकर माना जा रहा था कि वह 90s की बड़ी स्टार बन सकती हैं. लेकिन असल जिंदगी में ऐसा नहीं हो सका.
प्रतिभा सिन्हा ने अपने करियर की शुरुआत साल 1992 में आई फिल्म ‘महबूब मेरे महबूब’ से की थी. लेकिन उनकी ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. इसके बाद भी प्रतिभा ने हार नहीं मानी और कई फिल्मों में कई बड़े स्टार्स संग काम किया.
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अजय देवगन के साथ वह फिल्म दिल है बेताब में भी नजर आई थीं. उस दौरान अजय देवगन की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा देती थीं. ये वो वक्त था, जब वह अपने करियर में उभरते सितारे के तौर पर पहचान बना रहे थे. इस फिल्म से लोगों ने उन्हें नोटिस करना शुरू किया था.
फिल्म दीवाना मस्ताना में वह गोविंदा के साथ नजर आई थीं. इस फिल्म के गाने खिड़की खुली जरा, जरा पर्दा सरक गया, कमरा था दिल का खाली कोई चुपके से आ गया. इस गाने में उन्होंने गोविंदा संग टूटकर रोमांस किया था.
इसके बाद साल 1996 में आई फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’ में भी प्रतिभा नजर आई थीं. इस फिल्म के 7 मिनट 12 सेकंड के गाने ‘परदेसी परदेसी जाना नहीं’ सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि 90 के दशक की सबसे गहरी मोहब्बत और बेबसी की पहचान बन गया था.
इस गाने में प्रतिभा सिन्हा ने ऐसा डांस किया था कि लोग उन्हें आज तक नहीं भूल पाए हैं. माधुरी दीक्षित की हमशक्ल कही जाने वाली प्रतिभा सिन्हा की सादगी और एक्सप्रेशन ने गाने को ब्लॉकबस्टर बना दिया था. लेकिन करियर के पीक पर उन्हें संगीतकार नदीम सैफी से प्यार हो गया. दोनों के प्यार के खूब चर्चे होने लगे थे. उस समय नदीम पहले से शादीशुदा थे, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रतिभा उनसे बेहद प्यार करती थीं. दोनों के रिश्ते ने खूब सुर्खियां बटोरीं.
नदीम सैफी का नाम बाद में कई विवादों में भी आया. इन विवादों का असर प्रतिभा सिन्हा के करियर पर भी पड़ा. धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने कम हो गए. जो करियर तेजी से आगे बढ़ सकता था, वह पटरी से उतरने लगा. देखते ही देखते वह एक्टिंग की दुनिया से गुमनाम हो गईं.
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SC Questions Centre On Election Commissioner Appointments | Opposition Leader Role
नई दिल्ली4 घंटे पहले
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयुक्त (CEC) और चुनाव आयुक्तों (EC) की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार से सवाल किया। कोर्ट ने कहा- अगर सरकार को ही फैसला करना है तो सिलेक्शन कमेटी में नेता विपक्ष (LoP) को रखकर स्वतंत्रता का दिखावा करने की जरूरत क्या है।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा कि CBI डायरेक्टर की सिलेक्शन कमेटी में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) शामिल होते हैं, लेकिन चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति में कोई स्वतंत्र सदस्य नहीं रखा गया है।
कोर्ट ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023’ को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
इस कानून के मुताबिक, CEC और EC की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और एक केंद्रीय मंत्री वाली समिति करेगी। पहले सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था में इसमें भारत के CJI को भी शामिल किया था।
याचिकाकर्ताओं का दावा- 2023 का कानून चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमजोर करता है
याचिकाओं में कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़ा 2023 का कानून चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को कमजोर करता है। इसमें चयन समिति से भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को हटा दिया गया है।
दरअसल, 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने ‘अनूप बरनवाल बनाम भारत संघ’ मामले में कहा था कि जब तक संसद नया कानून नहीं बनाती, तब तक चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और CJI की समिति करेगी।
बाद में केंद्र सरकार नया कानून लेकर आई, जिसमें CJI को समिति से बाहर कर दिया गया। इसी कानून को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।
कोर्ट ने कहा- नेता विपक्ष दिखावटी हो जाते हैं
कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी से पूछा, “अगर प्रधानमंत्री एक नाम चुनते हैं और विपक्ष का नेता दूसरा नाम चुनता है, और दोनों में मतभेद होता है, तो क्या तीसरा सदस्य विपक्ष के नेता के पक्ष में जाएगा?”
इस पर अटॉर्नी जनरल ने माना कि शायद ऐसा नहीं होगा। इस पर कोर्ट ने कहा- तो फिर सब कुछ कार्यपालिका ही कंट्रोल कर रही है। ऐसे में विपक्ष के नेता को शामिल ही क्यों करते हैं? वे सिर्फ दिखावटी हो जाते हैं।
6 मई: SC ने पूछा था- क्या हमारे पास कानून बनवाने का अधिकार
सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई को मामले की सुनवाई के दौरान पूछा था कि क्या अदालत संसद को नया कानून बनाने का निर्देश दे सकती है। बेंच ने कहा कि एक याचिका में संसद को कानून बनाने का निर्देश देने की मांग की गई है। लेकिन क्या अदालत ऐसा निर्देश दे सकती है और क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है क्योंकि कानून बनाना संसद का विशेषाधिकार है। पूरी खबर पढ़ें…
12 मई : राहुल बोले- विपक्ष का नेता रबर स्टैंप नहीं
राहुल गांधी ने 12 मई को पीएम आवास पर हुई मीटिंग में नए CBI डायरेक्टर के सेलेक्शन पर अपनी असहमति जताई थी। राहुल ने आरोप लगाया कि चयन के लिए जिन 69 उम्मीदवारों की लिस्ट दी है। उन्हें उनकी डिटेल उपलब्ध नहीं कराई।
उन्होंने बैठक के बाद कहा- सरकार ने चयन प्रक्रिया को केवल एक औपचारिकता बना दिया है। किसी पहले से तय व्यक्ति का चयन होता है। विपक्ष का नेता रबर स्टांप नहीं होता।
प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में CJI सूर्यकांत भी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। पूरी खबर पढ़ें…
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चीफ इन्फॉर्मेशन कमिश्नर (CIC) और 8 इन्फॉर्मेशन कमिश्नर्स की नियुक्ति के लिए चयनित उम्मीदवारों की जातियों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने असहमति जताई। राहुल ने कहा कि चयनित उम्मीदवारों में अनुसूचित जाति/जनजाति, OBC, EBC और अल्पसंख्यक समुदायों के नाम शामिल नहीं हैं। पूरी खबर पढ़ें…