Friday, July 24, 2026
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डीपटेक का पावरहाउस बन रहा साउथ इंडिया, यहां के टैलेंट की दुनियाभर में डिमांड


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Rising Bharat Summit 2026 : न्यूज 18 के राइजिंग भारत समिट में डीपटेक इंडस्ट्री के दिग्गजों ने अपने विचार रखे. इंडस्ट्री के लीडर्स ने बताया कि देश में डीपटेक का तेजी से विकास हो रहा है. दक्षिण भारत इस मामले में दुनिया का हब बन रहा है. सरकार की नीतियों की वजह से पिछले कुछ साल में डीपटेक को काफी ग्रोथ मिली है.

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राइजिंग भारत समिट 2026 में डीपटेक पर दिग्गजों ने अपनी बात रखी.

नई दिल्ली. भारत के दक्षिणी राज्य सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, पूरी दुनिया में डीपटेक के पावरहाउस के रूप में उभर रहे हैं. इन राज्यों में सरकार की नीतियों, निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी, मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम और ग्लोबल लेवल पर बढ़ती डिमांड की वजह से दक्षिण में डीपटेक को विकसित करने में मदद मिली है. यही वजह है कि भारत में डीपटेक को विकसित करने में दक्षिणी राज्यों का योगदान लगातार बढ़ रहा है.

बैंगलुरु में चल रही News18 राइजिंग भारत समिट में तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों ने अपनी बात रखी. इस दौरान मौजूद इंडस्ट्री के लीडर्स ने ‘दक्षिण भारत कैसे देश के डीप-टेक लक्ष्यों को आगे बढ़ा रहा है’ विषय पर एक पैनल चर्चा में भारत के डीप-टेक इकोसिस्टम पर बातचीत की. इस चर्चा में T-Hub के सीईओ कविऋत, ध्रुव स्पेस के फ़ाउंडर और सीईओ संजय नेक्कंती, Ethereal Machines के को-फ़ाउंडर और सीईओ कौशिक मुड्डा, कारा टेक्नोलॉजीज के फ़ाउंडर और सीईओ भक्ता केशवचार और Helex की को-फ़ाउंडर और सीईओ पौलमी चौधरी शामिल रहे.

कुछ ही साल में भारत की तेज तरक्की
ध्रुव स्पेस के फाउंडर और CEO संजय नेक्कंती ने कहा कि भारत के डीप-टेक इकोसिस्टम ने पिछले कुछ वर्षों में काफी तरक्की की है. उन्होंने कहा कि भारत में एक डीप-टेक इकोसिस्टम के तौर पर हम काफी आगे आ चुके हैं. ग्लोबल स्पेस इंडस्ट्री से तुलना करते हुए नेक्कंती ने कहा कि अमेरिका में प्राइवेट कंपनियां हज़ारों सैटेलाइट लॉन्च कर रही हैं, जिससे स्पेस टेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग के सबसे मुश्किल क्षेत्रों में से एक बन गई है. स्पेस का क्षेत्र आमतौर पर मल्टी-डिसिप्लिनरी इंजीनियरिंग है. यह कई डीप-टेक का कॉम्बिनेशन है जो एक साथ काम करते हैं.

सरकार की मदद से डीप टेक को मिली रफ्तार
उन्होंने इस सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहलों जैसे रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन फंड (RDIF) को भी श्रेय दिया. हमें भी RDIF का फायदा मिला है. इन समस्याओं का समाधान खोजना बहुत रोमांचक है और सरकार की तरफ से इनोवेशन के लिए बढ़ावा भी मिलता है. नेक्कंती के अनुसार, शुरुआती सरकारी मदद ने डीप-टेक स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने में अहम भूमिका निभाई है. सरकार इनमें से कुछ डीप-टेक कंपनियों की मददगार रही है, जिससे उन्हें एक शानदार शुरुआत मिली. आज हमारा ऑर्डर बुक लगभग 500 करोड़ रुपये का है और कुछ हज़ार करोड़ रुपये की पाइपलाइन है.

फायदे का सौदा बन रहा डीप टेक
Ethereal Machines के को-फाउंडर और सीईओ कौशिक मुड्डा ने कहा कि सरकारी नीतियों और फंडिंग ने डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए माहौल को काफी बेहतर बनाया है. RDI फंडिंग के लिए केंद्र सरकार को बहुत श्रेय जाता है. यही वजह है कि डीप-टेक अब एक शानदार सेक्टर बन गया है. इस सेक्टर को अब पहले से कहीं ज़्यादा पहचान मिल रही है. सरकारी नीतियों और निवेश की वजह से अब इसे काफी पहचान मिल रही है. फिलहाल देश में ऐसा कोई वेंचर कैपिटल या इन्वेस्टर नहीं है जिसने हमें पहले नजरअंदाज किया हो और फिर बाद में हिस्सेदारी (एलोकेशन) के लिए वापस आया हो.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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आपकी रसोई में तो नहीं हैं ये 5 चीजें? डॉक्टर ने बताया इनका नुकसान


डॉक्टर पंक्ति शाह के अनुसार ये 5 चीजें रसोई में नहीं होनी चाहिए

सेहतमंद रसोई सिर्फ महंगे सामान से नहीं बनती!
हम अक्सर सोचते हैं कि महंगे बर्तन और नए उपकरण ही रसोई को बेहतर बनाते हैं। लेकिन डॉक्टर पंक्ति शाह (M.D. Physician & Diabetologist, Vadodara) के अनुसार, असली बात यह है कि रसोई में ऐसी चीजें कम हों, जिनसे लंबे समय तक शरीर का बेवजह केमिकल्स से संपर्क होता रहे। यह नुकसान एक दिन में नहीं होता, लेकिन सालों तक छोटी-छोटी लापरवाहियां सेहत पर असर डाल सकती हैं। इसलिए रसोई की कुछ आदतों को समय रहते बदलना जरूरी है।



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EPFO की तीन बड़ी योजनाएं लागू: EEC-2026, विश्वास योजना और एमनेस्टी योजना का उठाए लाभ, EPFO 3.0 से क्लेम प्रक्रिया हुई आसान – Noida (Gautambudh Nagar) News




कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, ग्रेटर नोएडा ने नियोक्ताओं से कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC-2026), विश्वास योजना-2026 और एमनेस्टी योजना-2026 का समय रहते लाभ उठाने की अपील की है। संगठन का कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना, लंबित विवादों का समाधान करना और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाना है।
क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वैभव सिंह ने बताया कि कर्मचारी नामांकन अभियान (EEC-2026) के तहत ऐसे कर्मचारियों का पंजीकरण कराया जा सकता है, जिन्हें पहले किसी कारणवश EPF से नहीं जोड़ा जा सका था। वहीं, विश्वास योजना-2026 के माध्यम से भविष्य निधि अंशदान से जुड़े क्षतिपूर्ति (डैमेज) मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। एमनेस्टी योजना-2026 विशेष रूप से उन प्रतिष्ठानों के लिए शुरू की गई है, जो छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्ट संचालित कर रहे हैं, लेकिन उनकी अनुपालन प्रक्रिया अधूरी है। सेवाएं पूरी तरह डिजिटल
वैभव सिंह ने बताया कि EPFO 3.0 और CITES प्रणाली लागू होने से सदस्य और नियोक्ता सेवाएं पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और तेज हो गई हैं। अब सदस्य किसी भी EPFO कार्यालय में फिजिकल क्लेम जमा कर सकते हैं, पात्र निकासी राशि ऑनलाइन देख सकते हैं और क्लेम का निस्तारण पहले की तुलना में अधिक तेजी से होगा। 25 लाख पात्र सदस्यों का वार्षिक ब्याज अपडेट
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ग्रेटर नोएडा क्षेत्रीय कार्यालय ने 6,000 प्रतिष्ठानों के 25 लाख से अधिक पात्र सदस्यों के पीएफ खातों का वार्षिक ब्याज अपडेट कर दिया है। सदस्य अब EPFO सदस्य पोर्टल और उमंग ऐप पर अपना बैलेंस और ब्याज देख सकते हैं। साथ ही ऑटो क्लेम सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है और पात्र दावों का भुगतान सामान्यतः 72 घंटे के भीतर किया जा रहा है। एक जुलाई से लागू योजना
1 जुलाई 2026 से नई EPF, EPS और EDLI योजनाएं लागू हो गई हैं। इन योजनाओं में डिजिटल अनुपालन, ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार, एडवांस क्लेम प्रक्रिया का सरलीकरण और केंद्रीकृत सेवा वितरण जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वैभव सिंह ने सभी नियोक्ताओं से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों की अनुपालन स्थिति की समीक्षा कर निर्धारित समय सीमा के भीतर इन योजनाओं का लाभ उठाएं।



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बिहारशरीफ में जलजमाव-बाढ़ से मिलेगी राहत: सदन में विधायक सुनील कुमार ने की मांग, पंचाने नदी की सफाई-रिवर फ्रंट विस्तार का आश्वासन मिला – Nalanda News




बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बिहारशरीफ के विधायक सह पूर्व मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने अपने क्षेत्र की गंभीर बाढ़, जलजमाव और विकास से जुड़ी प्रमुख समस्याओं को सदन में जोर-शोर से उठाया। उन्होंने पंचाने नदी की गाद सफाई और कोसुक रिवर फ्रंट परियोजना के विस्तार की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। ​पंचाने नदी की गाद सफाई से मिलेगी जलजमाव से राहत ​सदन में अपनी बात रखते हुए डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि बिहारशरीफ शहर के बीच से गुजरने वाली पंचाने नदी में सालों से गाद जमी हुई है। इस कारण बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ जाता है और शहर के कई प्रमुख मोहल्लों में बाढ़ व जलजमाव की विकट स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि देवीसराय से सोहसराय होते हुए रहुई तक पंचाने नदी की व्यापक स्तर पर गाद सफाई कराई जाए, ताकि शहरवासियों को इस समस्या से स्थायी निजात मिल सके। ​कोसुक रिवर फ्रंट परियोजना के विस्तार का प्रस्ताव ​इसके साथ ही, विधायक ने कोसुक में निर्माणाधीन रिवर फ्रंट परियोजना का दायरा बढ़ाकर इसे बिहारशरीफ से सोहसराय होते हुए बबूरबन्ना मोहल्ला तक करने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इस विस्तार से न केवल नदी का सौंदर्यीकरण और संरक्षण होगा, बल्कि शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। ​सरकार की ओर से मिला सकारात्मक आश्वासन ​मामले की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने इस प्रस्ताव को नगर विकास एवं आवास विभाग को स्थानांतरित करने पर सहमति जताई। इसके बाद, नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि इस परियोजना के विस्तार के लिए जल्द ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जाएगा, ताकि काम को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके। ​विधायक ने जताया आभार ​सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद विधायक डॉ. सुनील कुमार ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने दोहराया कि बिहारशरीफ विधानसभा क्षेत्र का समग्र विकास और जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान कराना उनका मुख्य संकल्प है, जिसे वे आगे भी पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे।



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भोपाल के बिलखिरिया में महिला टीचर से रेप: सहकर्मी मंदिर ले जाने के बहाने घर ले गया; 6 महीने तक धमकाकर दुष्कर्म करता रहा, अरेस्ट – Bhopal News




भोपाल के बिलखिरिया थाना क्षेत्र में सरकारी स्कूल की 47 वर्षीय महिला शिक्षक ने अपने सहकर्मी पर दुष्कर्म और लगातार यौन शोषण का आरोप लगाया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी दिसंबर 2025 में महिला को मंदिर ले जाने के बहाने अपने घर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर करीब 6 महीने तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। बिलखिरिया थाना प्रभारी उमेश चौहान के मुताबिक, पीड़िता शासकीय स्कूल में शिक्षक है। आरोपी उसी स्कूल में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, अरोपी ने पीड़िता को कथित रूप से जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी विवाहित है। उसकी 22 वर्षीय बेटी भी है। पीड़ित महिला ने हाल ही में पूरी घटना की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद उसने बिलखिरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। एमपी में हर 3 घंटे में होता है एक रेप केस दर्ज नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट 2024 के मुताबिक, एमपी में हर तीन घंटे में एक रेप का केस दर्ज हो रहा है। वहीं साल 2024 में हजार से भी ज्यादा रेप केस दर्ज किए गए थे।



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अल्जारी जोसेफ ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने से किया इनकार, कोच सैमी ने खोली पोल


वेस्टइंडीज के कोच डैरेन सैमी ने अल्जारी जोसेफ के टीम में शामिल नहीं होने की वजह बताई है। उन्होंने कहा कि तेज गेंदबाज ने चुने जाने से इनकार कर दिया है

वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डैरेन सैमी ने बताया है कि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ ने पाकिस्तान के खिलाफ यहां शनिवार से शुरू होने वाली दो टेस्ट मैचों की घरेलू सीरीज में खेलने से इनकार कर दिया। सीरीज के लिए टीम की घोषणा करते हुए क्रिकेट वेस्टइंडीज ने कहा था कि जोसेफ निजी कारणों से उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन सैमी ने इस बारे में और जानकारी दी। जोसेफ़ ने जून-जुलाई में श्रीलंका के ख़िलाफ़ दोनों टेस्ट खेले, जिनमें उन्होंने कुल छह विकेट लिए, और फिर न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पाँच मैचों की वनडे सीरीज़ खेली, जिसमें पहले मैच में 41 रन देकर 4 विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई।

कोच सैमी ने किया खुलासा

सैमी ने सीरीज के पहले मैच की पूर्व संध्या पर प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ”हमारे लिए यह एक बड़ा नुकसान है। जोसेफ ने टीम में चुने जाने से इनकार कर दिया है। यही सच है। ” कोच ने कहा, ”उन्हें चुना गया था। मेरा मतलब है, वह चोट से वापसी कर रहे हैं। और उसके बाद कुछ कारणों से उन्होंने चयन से इनकार कर दिया। यह फैसला मेरे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। मैं इसे निदेशकों पर छोड़ता हूं कि वे इसका कोई समाधान निकालें कि अनुबंधित खिलाड़ी चुने जाने से इनकार करते हैं तो क्या होगा। ” जोसेफ ने वेस्टइंडीज के लिए 42 टेस्ट खेले हैं और 130 विकेट लिए हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैचों के लिए तेज गेंदबाजी लाइन-अप में शमार जोसेफ़, केमार रोच, जेडन सील्स और ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स और कीमो पॉल शामिल हैं, जबकि स्पिन के लिए जोमेल वारिकन, नए खिलाड़ी जोशुआ बिशप और कप्तान रोस्टन चेज़ जैसे विकल्प मौजूद हैं। सैमी ने कहा, “मैं बस इतना कह सकता हूँ कि हमारे पास ऐसी बॉलिंग लाइन-अप है जो 20 विकेट ले सकती है। टेस्ट मैच जीतने के लिए यही पहली जरूरत होती है।”

बॉलिंग में टक्कर दी

उनसे पूछा गया था कि क्या वेस्ट इंडीज के पास पाकिस्तान का मुकाबला करने की क्षमता है। हमने इसे न्यूजीलैंड में देखा। हमने इसे ऑस्ट्रेलिया सीरीज में भी देखा। हमने बॉलिंग में ऑस्ट्रेलिया को टक्कर दी। हमने न्यूजीलैंड को भी बॉलिंग में टक्कर दी। और बल्लेबाजों ने जो मेहनत और भरोसा दिखाया है, उसका असर श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में साफ दिखेगा। आप देखेंगे कि खेल में ज्यादा निरंतरता आ रही है। दूसरा टेस्ट दो अगस्त से पोर्ट ऑफ स्पेन में खेला जाएगा। वेस्टइंडीज ने पाकस्तान के खिलाफ 25 जुलाई से छह अगस्त होने वाले दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए गुरुवार को घोषित 15 सदस्यीय टीम में बाएं हाथ के स्पिनर जोशुआ बिशन को जगह दी है।

पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टंडीज की टीम- रोस्टन चेस (कप्तान), जोमेल वारिकन (उप-कप्तान), जोशुआ बिशप, टैगनारिन चंद्रपॉल, जोशुआ डा सिल्वा, जस्टिन ग्रीव्स, कावेम हॉज, शाई होप, अमीर जांगू, शामार जोसेफ, ब्रैंडन किंग, किर्क मैकेंजी, कीमो पॉल, केमार रोच और जेडन सील्स।



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रेस्टोरेंट जैसी स्वादिष्ट और मसालेदार एग करी बनाना चाहते हैं, तो नोट करें ये रेसिपी


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एग करी भारतीय रसोई की एक लोकप्रिय, स्वादिष्ट और प्रोटीन से भरपूर डिश है. इसे उबले अंडे और मसालेदार ग्रेवी से बनाया जाता है. इसे रोटी, नान या चावल के साथ परोस सकते हैं.

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घर पर ही बनाइए रेस्टोरेंट स्टाइल एग करी. Image AI

एग करी भारतीय रसोई की एक लोकप्रिय और स्वादिष्ट डिश है, जिसे उबले हुए अंडों और मसालेदार ग्रेवी के साथ तैयार किया जाता है. यह रेसिपी न केवल बनाने में आसान है, बल्कि प्रोटीन से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. एग करी को रोटी, पराठा, नान या चावल के साथ परोसा जा सकता है. यदि आप घर पर ढाबा या रेस्टोरेंट जैसा स्वाद चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर आजमाएं.

आवश्यक सामग्री
अंडों के लिए
6 उबले हुए अंडे
½ छोटा चम्मच हल्दी
½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 बड़ा चम्मच तेल

ग्रेवी के लिए
2 बड़े प्याज (बारीक कटे हुए)
3 टमाटर (प्यूरी बनाए हुए)
1 बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
2 हरी मिर्च (कटी हुई)
1 छोटा चम्मच जीरा
1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
½ छोटा चम्मच गरम मसाला
½ छोटा चम्मच कसूरी मेथी
नमक स्वादानुसार
2 बड़े चम्मच तेल
हरा धनिया सजावट के लिए

अंडे तैयार करने की विधि
सबसे पहले उबले हुए अंडों का छिलका निकाल लें. अंडों पर हल्के कट लगा दें ताकि मसाले अच्छी तरह अंदर तक पहुंच सकें. अब एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें हल्दी तथा लाल मिर्च पाउडर डालें. तुरंत अंडों को डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें. इससे अंडों का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है.

  • ग्रेवी बनाने की विधि
    एक कड़ाही में तेल गर्म करें और जीरा डालें. जीरा चटकने लगे तो उसमें बारीक कटे प्याज डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनें. इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर 2 मिनट तक पकाएं.
  • अब टमाटर की प्यूरी डालें और अच्छी तरह मिलाएं. इसमें हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालें. मसाले को तब तक भूनें जब तक तेल अलग न होने लगे. यह कदम एग करी को गहरा और लाजवाब स्वाद देता है.
  • जब मसाला अच्छी तरह पक जाए, तब आवश्यकतानुसार पानी डालकर ग्रेवी तैयार करें. ग्रेवी में उबाल आने पर भुने हुए अंडे डाल दें. कड़ाही को ढककर 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि अंडों में मसालों का स्वाद अच्छी तरह समा जाए.
  • अंत में गरम मसाला और कसूरी मेथी डालकर मिलाएं. गैस बंद कर दें और ऊपर से ताजा हरा धनिया छिड़कें.

परोसने का तरीका
गरमा-गरम एग करी को सादे चावल, जीरा राइस, तंदूरी रोटी, नान या पराठे के साथ परोसें. साथ में प्याज का सलाद और नींबू परोसने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.



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राहुल ने घायल छात्र की टी-शर्ट उठाकर घाव दिखाए: पुलिस की पैलेट गन से घायल हुआ; बोले- धर्मेंद्र प्रधान क्रिमिनल शिक्षा मंत्री, इस्तीफा दें




राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं।’ उन्होंने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’ 20 जुलाई को नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च निकाला था। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प में 100 से ज्यादा छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। साहिल इनमें से एक है। खबर का वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें…



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लोहा मंडी में जल्द शुरू होगा अतिक्रमण हटाओ अभियान: गुरु पूर्णिमा मेले के बाद शुरू होगी कार्रवाई, 80 फीट चौड़ी होगी सड़क – Deeg News




डीग शहर की लोहा मंडी में यातायात जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर परिषद ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी तेज कर दी है। इस सप्ताह के अंत तक अतिक्रमणों का चिन्हांकन कर निशान लगाए जाएंगे, जबकि गुरु पूर्णिमा मेले के समापन के बाद अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होगा। उल्लेखनीय है कि मास्टर प्लान-2031 के तहत घंटाघर से लोहा मंडी होते हुए इकलहरा तिराहे तक 80 फीट चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। वर्तमान में इस मार्ग पर कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी है, जिससे दिनभर वाहनों का दबाव और जाम की स्थिति बनी रहती है। 125 लोगों को 2 बार जारी ​हो चुके नोटिस
नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि लोहा मंडी क्षेत्र के लगभग 125 लोगों को पूर्व में 2 बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इन नोटिसों में संबंधित लोगों से अतिक्रमण हटाने और अपने वैध स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
अब तक 100 से अधिक लोगों ने नगर परिषद कार्यालय में अपने दस्तावेज जमा कराए हैं। इन दस्तावेजों के परीक्षण के आधार पर अतिक्रमणों का चिन्हांकन किया जाएगा। सप्ताहांत तक निशान लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। सड़क सीमा आने वाले हिस्सों पर होगी कार्रवाई
आयुक्त सिंह ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान केवल उन्हीं हिस्सों पर कार्रवाई की जाएगी जो सरकारी भूमि या प्रस्तावित सड़क सीमा में अतिक्रमण के दायरे में आते हैं। पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और दस्तावेजों के गहन परीक्षण के बाद ही अमल में लाई जाएगी। नगर परिषद का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ने से यातायात सुगम होगा। इससे स्थानीय व्यापारियों, राहगीरों और वाहन चालकों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।



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Lava ने लॉन्च की Virat V1 सीरीज, कीमत 8999 रुपये से शुरू, मिलेगी 6000mAh बैटरी


Lava ने भारत में नई Virat V1 सीरीज लॉन्च की है। देसी ब्रांड की इस सीरीज में कंपनी ने दो फोन उतारे हैं। इसमें एक 5G और एक 4G मॉडल पेश किया गया है। इस सीरीज के दोनों फोन Lava Virat V1 5G और Lava Virat V1 के नाम से उतारा है। लावा की यह स्मार्टफोन सीरीज 8,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च हुई है। फोन में 6000mAh तक की दमदार बैटरी दी गई है। देसी ब्रांड जल्द ही भारत के बाहर यूके के मार्केट में भी एंट्री की तैयारी में है। यूके में कंपनी का पहला फोन जल्द पेश किया जा सकता है।

कितनी है कीमत?

Lava Virat V1 सीरीज के ये दोनों फोन 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ आते हैं। Lava Virat V1 5G को 12,999 रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया है। फोन की खरीद पर 1,000 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है। इसे 11,999 रुपये में लॉन्च ऑफर के साथ खरीदा जा सकता है। इसे दो कलर ऑप्शन – Arya Blue और Sonar Gold में खरीद सकते हैं।

वहीं, Lava Virat V1 4G की कीमत 9,999 रुपये है। इसकी खरीद पर भी 1,000 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है। इसे 8,999 रुपये में खरीदा जा सकता है। इन दोनों फोन को 31 जुलाई दिन के 12 बजे ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट और कंपनी के आधिकारिक स्टोर से खरीदा जा सकता है। यह फोन भी दो कलर ऑप्शन- Nilgiri Blue और Himalayan Silver में आता है।

  • Lava Virat V1 5G – 11,999 रुपये
  • Lava Virat V1 – 8,999 रुपये

Lava Virat V1 सीरीज के फीचर्स

देसी ब्रांड के ये दोनों फोन 6.75 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आते हैं। इसके 5G मॉडल के डिस्प्ले में 120Hz रिफ्रेश रेट का सपोर्ट मिलता है। Lava Virat V1 5G में कंपनी ने Unisoc T8200 5G चिपसेट का इस्तेमाल किया है। वहीं, इसका 4G मॉडल Unisoc SC9863A चिपसेट पर काम करता है। ये दोनों ही फोन 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ आते हैं। इन दोनों फोन की रैम को वर्चुअली 4GB एक्सपेंड किया जा सकता है। वहीं, स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है।










  Lava Virat V1 5G Lava Virat V1
डिस्प्ले 6.75 इंच, 120Hz, HD+ 6.75 इंच, HD+
प्रोसेसर Unisoc T8200 Unisoc SC9863A
स्टोरेज 4GB, 64GB 4GB, 64GB
बैटरी 6000mAh 5000mAh
कैमरा 13MP AI, 5MP 13MP AI, 5MP
OS Android 16 Android 16

लावा के ये दोनों फोन IP64 डस्ट और वाटर रेसिस्टेंट से लैस है। इन दोनों फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 13MP का AI डुअल कैमरा मिलता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 5MP का कैमरा दिया गया है। इसके 5G मॉडल में 6000mAh की बैटरी दी गई है। वहीं, इसका 4G मॉडल 5000mAh की बैटरी के साथ आता है। ये दोनों ही फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते हैं।

यह भी पढ़ें – iQOO ने भारत में लॉन्च किया 6500mAh बैटरी वाला सस्ता गेमिंग फोन





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