Tuesday, May 5, 2026
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महुआ भाभी! ढाका में शोरूम खुलवाऊं…निशिकांत का तंज, BAN राजदूत से किया संपर्क


नई दिल्ली: राजनीति के मैदान में हार-जीत तो चलती रहती है, लेकिन जब जुबानी जंग साड़ियों के शोरूम और सरहद पार ढाका तक पहुंच जाए तो समझ लीजिए कि मामला बेहद दिलचस्प हो चुका है. पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों की तपिश अभी ठंडी भी नहीं हुई है कि बीजेपी सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर एक ऐसा बम फोड़ा जिसने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी. महुआ मोइत्रा को भाभी संबोधित करते हुए दुबे ने न केवल उनके पुराने रिश्तों का हवाला दिया बल्कि सीधे बांग्लादेश के राजदूत से उनके लिए ढाका में जमदानी साड़ी का शोरूम खुलवाने की सिफारिश तक कर डाली.

यह महज एक तंज नहीं था बल्कि महुआ के उस प्रहार का पलटवार था जिसमें उन्होंने बीजेपी को दोमुंहा बताते हुए कहा था कि उन्हें बांग्लादेशी कहने वालों की पत्नियां ही ढाकाई साड़ियों की दीवानी हैं. साड़ियों के ताने-बाने में बुनी गई यह व्यक्तिगत और राजनीतिक छींटाकशी अब एक ऐसे मोड़ पर है, जहां मर्यादा और मजाक की लकीरें धुंधली पड़ती दिख रही हैं.

चुनावी हार और निशिकांत दुबे का तंज
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर महुआ मोइत्रा को भाभी संबोधित करते हुए एक विवादित पोस्ट साझा की. उन्होंने लिखा कि चूंकि पिनाकी मिश्रा उनके पुराने दोस्त हैं इसलिए महुआ मोइत्रा उनकी भाभी हुईं. दुबे ने आगे तंज कसते हुए कहा कि बंगाल में टीएमसी की हार के बाद उन्होंने बांग्लादेश के नवनियुक्त राजदूत से आग्रह किया है कि महुआ के लिए ढाका में जमदानी साड़ी का शोरूम या बुनकर केंद्र खुलवा दिया जाए.

यह कटाक्ष महुआ मोइत्रा के उस ट्वीट के जवाब में आया जिसमें उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि बीजेपी के सांसद हमें बांग्लादेशी और रोहिंग्या कहते हैं जबकि उनकी पत्नी बंगाल अभियान के दौरान लोगों से असली ढाकाई जमदानी साड़ियां खरीदने की जगह पूछती हैं.

साड़ी, सरहद और सियासत
इस विवाद के केंद्र में पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजे हैं. बीजेपी लगातार टीएमसी पर तुष्टीकरण और घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाती रही है. निशिकांत दुबे का महुआ मोइत्रा को ढाका भेजने का सुझाव उसी बाहरी बनाम घुसपैठिया नैरेटिव का विस्तार है जिसे बीजेपी चुनाव के दौरान भुनाती रही है.

1. सांस्कृतिक प्रहार: जमदानी साड़ी बंगाल की साझा संस्कृति का हिस्सा है लेकिन इसे ढाका (बांग्लादेश) से जोड़कर दुबे ने महुआ की निष्ठा और उनकी राजनीति पर सवाल उठाने की कोशिश की है.

2. व्यक्तिगत राजनीति: पिनाकी मिश्रा का नाम लेकर महुआ को भाभी कहना राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत स्तर पर ले जाने का संकेत है.

3. हार का नैरेटिव: टीएमसी के चुनाव हारते ही इस तरह के बयान यह दर्शाते हैं कि बीजेपी अब विपक्ष को राज्य की सीमाओं से बाहर के मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है.

सवाल-जवाब
1. निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा को बांग्लादेश भेजने की बात क्यों कही?

निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के उस ट्वीट पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने बीजेपी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था. दुबे ने टीएमसी की चुनावी हार का हवाला देते हुए तंज कसा कि अब उनके लिए ढाका में साड़ियों का व्यवसाय शुरू करना ही बेहतर विकल्प होगा.

2. इस विवाद में ‘जमदानी साड़ी’ का जिक्र क्यों हो रहा है?

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया था कि बीजेपी नेता टीएमसी को ‘बांग्लादेशी’ कहते हैं, लेकिन उनकी पत्नियां ढाकाई जमदानी साड़ियों की तलाश करती हैं. इसी का जवाब देते हुए दुबे ने उन्हें ढाका में शोरूम खोलने की सलाह दे डाली.

3. ‘भाभी’ संबोधन के पीछे निशिकांत दुबे ने क्या तर्क दिया?

निशिकांत दुबे ने तर्क दिया कि चूंकि पिनाकी मिश्रा उनके पुराने मित्र हैं, इसलिए रिश्तों के नाते महुआ मोइत्रा उनकी ‘भाभी’ लगती हैं. हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे एक तीखे व्यक्तिगत कटाक्ष के रूप में देखा जा रहा है.

4. इस बयान का राजनीतिक निहितार्थ क्या है?

यह बयान बीजेपी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वे टीएमसी नेताओं को बांग्लादेशी हितों से जुड़ा हुआ दिखाने की कोशिश करते हैं. चुनाव हारने के बाद इस तरह की बयानबाजी विपक्ष के मनोबल पर चोट करने के लिए की जा रही है.



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ब्लॉकबस्टर फिल्म का वो सीन, जिसे देख फट पड़ता है हर मां का कलेजा, देखा तो 4.23 मिनट तक ठहर जाएंगी नजरें


 

नई दिल्ली. साल 2002 में संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास आई थी. जिसमें शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय बच्चन,माधुरी दीक्षित और जैकी श्रॉफ एक साथ स्क्रीन शेयर किया था.देवदास बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी,वहीं इसके गाने भी काफी ज्यादा हिट हुए थे.मूवी का एक सीन ऐसा है जिसे दर्शक आज भी भूल नहीं पाए हैं.यह वो सीन है जब पारो की मां उसका रिश्ता लेकर देवदास के घर बेबी शावर फंक्शन में पहुंचती हैं. जिसके बाद देवदास की मां कौशल्या ने पूरी महफिल में सुमित्रा को बेइज्जत करने लगती हैं. इसी के बाद से देव और पारो की राहें अलग हो गई थी.यह सीन देख आज भी कोई मां अपने आंसू रोक नहीं पाती है.

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इंदौर में आज दिनभर की 10 बड़ी खबरें: फ्लाइट के अंदर व्यापारी के बैग का ताला टूटा मिला, मौसम में बदलाव, युवक का अपहरण – Indore News


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ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..।

1. एअर इंडिया की फ्लाइट से सामान चोरी

दौर एयरपोर्ट पर बैगेज से छेड़छाड़ और सामान चोरी का मामला सामने आया है। मुंबई से फ्लाइट से पहुंचे एक व्यापारी के बैग का ताला टूटा मिला और अंदर रखा कीमती सामान गायब था। मामले में एरोड्रम थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता फर्नीचर व्यापारी हिमांशु गुप्ता (निवासी श्रीनाथ रेजीडेंसी) के अनुसार वे 2 मई को मुंबई से एअर इंडिया की फ्लाइट AI2591 से इंदौर पहुंचे थे।पूरी खबर पढ़ें

2. बस स्टैंड से युवक का अपहरण, सीसीटीवी

इंदौर के छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में सवारी बैठाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने युवक का अपहरण कर लिया। बाद में युवक के शोर मचाने पर उससे मारपीट कर 5 किलोमीटर दूर छोड़कर भाग गए। मामला 4 मई का है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामले का सीसीटीवी भी सामने आया है।पूरी खबर पढ़ें

3. मौसम में बदलाव, तापमान एक डिग्री गिरा

इंदौर में मई के पहले हफ्ते में भी तापमान में गिरावट चल रही है और गर्मी के तेवर नरम होते जा रहे हैं। पिछले 24 घंटों में दिन का तापमान 1 डिग्री गिरकर 38 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। दरअसल सोमवार को मौसम बदला, फिर बादल छाए और हवा का दौर चला। इससे तापमान में गिरावट आई। इसका असर रात को भी रहा और पारा 4 डिग्री गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।पूरी खबर पढ़ें

4. पोलोग्राउंड में बनेगा 6 मंजिला औद्योगिक कॉम्प्लेक्स

इंदौर के पोलोग्राउंड औद्योगिक क्षेत्र में अब स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों के लिए राह आसान होने वाली है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र यहां एक औद्योगिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण करने जा रहा है, जिसके फेज-वन की तैयारी तेज होने के साथ ही फेज-टू की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।पूरी खबर पढ़ें

5. नवकारसी विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चाओं में

महावीर जन्म कल्याणक के अवसर पर नवकारसी आयोजन में हुई एक घटना से शुरू हुआ विवाद अब स्थानीय दायरे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। श्वेतांबर जैन समाज के भीतर उठा यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर 22 हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं सामने आ चुकी हैं।पूरी खबर पढ़ें

6. झाबुआ में तैयार होगा DAVV का मेडिकल कॉलेज

इंदौर की देवी अहिल्या विश्वविद्यालय झाबुआ में मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी में है। इसके लिए यूनिवर्सिटी को जमीन भी अलॉट हो चुकी है। हालांकि जब तक कॉलेज की बिल्डिंग तैयार नहीं होती तब वहां के इंजीनियरिंग कॉलेज में ही मेडिकल कॉलेज चलाने के लिए यूनिवर्सिटी ने परमिशन मांगी है। इस पर जल्द जवाब आने की यूनिवर्सिटी प्रबंधन को उम्मीद है।पूरी खबर पढ़ें

7. छात्रा के साथ नेपाली युवक ने किया रेप

इंदौर के गांधी नगर पुलिस ने एक महिला की शिकायत के बाद उसकी बेटी के साथ रेप करने के मामले मे आरोपी के खिलाफ एफआइआर की है। महिला और आरोपी युवक एक कंपनी में काम करते है। नाबालिग छात्रा वहीं अपनी मां से मिलने पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी उसे अपने साथ लेकर चले गया।पूरी खबर पढ़ें

8. एमपी में बंद परिवहन सेवा पर हाईकोर्ट सख्त

मध्य प्रदेश में पिछले 21 वर्षों से बंद पड़ी सड़क परिवहन सेवा को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य और केंद्र सरकार को पुनः नोटिस जारी कर छह सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह जनहित याचिका सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट बीएल जैन द्वारा 14 अगस्त 2024 को दायर की गई थी।पूरी खबर पढ़ें

9. इंदौर फायर सर्विस हाईटेक: अब आग से लड़ेगा रोबोट

इंदौर फायर सर्विस को और ज्यादा सक्षम और आधुनिक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में गंभीर अग्नि दुर्घटनाओं से निपटने के लिए अब फायर फाइटिंग रोबोट का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही फायर स्टेशनों पर स्टाफ की कमी दूर करने के लिए नए हेल्पर और चालकों की भर्ती कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।पूरी खबर पढ़ें

10. हीट स्ट्रोक पर नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान

बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए इंदौर संभाग में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा रहा है। कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सभी जिलों को जिला एवं सिविल अस्पतालों में हीट स्ट्रोक क्लीनिक प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए थे। इन निर्देशों के पालन में स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।पूरी खबर पढ़ें



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गोपालगंज में पोखरे में डूबा छात्र, SDRF तलाश में जुटी: 3 दोस्तों के साथ नहाने गया था, 24 घंटे बाद भी नहीं मिला सुराग – Gopalganj News




गोपालगंज के बरौली प्रखंड के सिकटिया गांव स्थित एक पोखरे में नहाने गया 12 वर्षीय छात्र लापता हो गया है। पांचवीं कक्षा का छात्र सोमवार को अपने दोस्तों के साथ पोखरे में नहाने गया था, जहां वह गहरे पानी में डूब गया। सूचना मिलने के बाद से एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। लापता छात्र की पहचान परसौनी गांव निवासी प्रदीप महतो के बेटे सुमित कुमार के रूप में हुई है। घटना सोमवार की है जब सुमित अपने तीन दोस्तों के साथ गांव के पोखरे में नहाने गया था। दोस्तों ने शोर मचाकर परिजनों को सूचना दी नहाते समय वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसके दोस्तों ने शोर मचाकर परिजनों को सूचना दी, लेकिन तब तक सुमित पानी में समा चुका था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। पिछले 24 घंटों से अधिक समय से गोताखोरों की मदद से छात्र की तलाश जारी है, लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पोखरे में पानी अधिक होने और नीचे गाद होने के कारण बचाव अभियान में चुनौतियां आ रही हैं। एसडीआरएफ की टीम जाल और महाजाल का उपयोग कर शव को खोजने का हरसंभव प्रयास कर रही है। बच्चों को तालाब या नदियों के पास न जाने दें सुमित अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था। छात्र के डूबने की खबर मिलते ही परिजनों में गहरा दुख छा गया है। उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है और वह बार-बार बेहोश हो रही हैं। गांव में भी गम का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को अकेले तालाब या नदियों के पास न जाने दें, खासकर गर्मी और मानसून के मौसम में डूबने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। फिलहाल, सभी की नजरें पोखरे पर टिकी हैं, जहाँ सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।



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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की समीक्षा: कलेक्टर ने महिला समाधान समिति के कार्यों पर की चर्चा – Didwana-Kuchaman News




डीडवाना में जिला कलेक्टर अवधेश मीना की अध्यक्षता में मंगलवार को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान एवं महिला समाधान समिति की बैठक हुई। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। कलेक्टर ने बैठक में जिले में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना और प्रस्तावित गतिविधियों पर अधिकारियों से चर्चा की।
इसके अलावा महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र और वन स्टॉप सखी केंद्र के कार्यों की प्रगति का भी जायजा लिया गया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नियमित जागरूकता कार्यशालाएं करने के निर्देश
कलेक्टर ने महिला अधिकारिता विभाग को महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर नियमित जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन स्टॉप सखी केंद्र पर आने वाली महिलाओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण काउंसलिंग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। चिकित्सा विभाग को सोनोग्राफी केंद्रों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, शिक्षा विभाग को बाल विवाह की रोकथाम के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया।
बैठक में महिला अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक जयप्रकाश, जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक ओमप्रकाश, आरसीएचओ डॉ. इरफान अली सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।



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ChatGPT वाली कंपनी ला रही दुनिया का पहला AI Phone, प्रोसेसर की डिटेल आई सामने


ChatGPT वाली कंपनी OpenAI दुनिया के पहले AI Phone को जल्द लॉन्च करने वाली है। इस फोन के प्रोसेसर की जानकारी सामने आई है। एप्पल एनालिस्ट मिंग-ची-कुओ ने ओपनएआई के अपकमिंग AI Phone के जल्द लॉन्च होने की संभावना जताई है। यह फोन MediaTek के TSMC N2P चिपसेट के साथ आ सकता है। इसमें कंपनी Dimensity सीरीज के 5G चिप का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो 2nm प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी से लैस होगा।

जल्द शुरू होगा मास प्रोडक्शन

मिंग ची कुओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर OpenAI के पहले AI Phone की डिटेल शेयर की है। कुओ का दावा है कि Open AI के पहले AI Phone का मास प्रोडक्शन जल्द शुरू हो सकता है। 2027 की पहली छमाही में ही कंपनी इसे प्रोडक्शन लाइन में उतारने वाली है। Open AI के पहले AI Phone से जुड़ी जानकारी पहले भी सामने आ चुकी है, जिसमें कहा गया था कि 2028 में इसका मास प्रोडक्शन शुरू हो सकता है।

कुओ ने इस बार दावा किया है कि इस एआई फोन में मीडियाटेक का चिपसेट यूज किया जाएगा। इससे पहले कुओ दावा कर चुके थे कि OpenAI के पहले AI Phone में क्वालकॉम का चिपसेट इस्तेमाल किया जाएगा। MediaTek के 2nm टेक्नोलॉजी वाले चिपसेट Dimensity 9600 का प्रोडक्शन साल की दूसरी छमाही में शुरू किया जाएगा। इसी प्रोसेसर का इस्तेमाल OpenAI के पहले AI Phone में हो सकता है। इसमें डुअल NPU आर्किटेक्चर मिलेगा, जो हेट्रोजीनस एआई प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी से लैस है।

फीचर्स आए सामने

यह फोन LPDR6 मेमोरी चिपसेट, UFS 5.0 स्टोरेज और प्रोटेक्टेड कर्नल बेस्ड वर्चुअल मशीन (pKVM) मिलेगा, जो डिवाइस की सिक्योरिटी को बेहतर बनाएगा। एनालिस्ट का कहना है कि OpenAI के पहले AI Phone का प्रोडक्शन 2027 से लेकर 2028 के बीच 30 मिलियन यूनिट्स का रह सकता है। हालांकि, कंपनी की तरफ से फिलहाल आधिकारिक तौर पर अपने AI फोन को लेकर कोई जानकारी शेयर नहीं की गई है।

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मूंगदाल के मंगौड़े बनेंगे एकदम परफेक्ट, जानिये बनाने का तरीका, सभी पूछेंगे रेसिपी


मूंगदाल के मंगौड़े उत्तर भारत में बहुत पसंद किए जाते हैं. ये बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं. कई बार सही तरीका न अपनाने से मंगौड़े या तो कड़े बन जाते हैं या तेल ज्यादा सोख लेते हैं. अगर आप नीचे बताए गए टिप्स और स्टेप्स को ध्यान से फॉलो करेंगे, तो आपके मंगौड़े हर बार एकदम परफेक्ट बनेंगे.

सामग्री
धुली मूंग दाल – 1 कप
हरी मिर्च – 1–2 (बारीक कटी)
अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस)
हींग – 1 चुटकी
जीरा – ½ छोटी चम्मच
नमक – स्वादानुसार
पानी – आवश्यकता अनुसार
तेल – तलने के लिए

मंगौड़े बनाने का सही तरीका
1. दाल भिगोने का सही समय
मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 4–5 घंटे के लिए भिगो दें. ज्यादा देर भिगोने से दाल पतली हो सकती है और कम भिगोने से मंगौड़े खुरदरे बनते हैं.

2. दाल पीसने की परफेक्ट ट्रिक
भीगी दाल का पानी निकाल दें और बहुत कम पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं. पेस्ट ज्यादा पतला होगा तो मंगौड़े फैल जाएंगे.
पिसी दाल को उंगली से गिराएं, अगर वह गिरते‑गिरते फैले नहीं, तो पेस्ट सही है.

3. घोल को फेंटना है जरूरी
यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है.
दाल के पेस्ट को 5–7 मिनट एक ही दिशा में अच्छी तरह फेंटें. इससे घोल में हवा भरती है और मंगौड़े नरम व फूले‑फूले बनते हैं.

4. मसाले मिलाने का सही समय
अब घोल में हरी मिर्च, अदरक, जीरा, हींग और नमक डालें. अंत में मिलाने से स्वाद बेहतर रहता है.

5. तेल का तापमान सही रखें
कड़ाही में तेल मध्यम आंच पर गरम करें. तेल बहुत तेज होगा तो मंगौड़े बाहर से जल जाएंगे और अंदर से कच्चे रहेंगे.
थोड़ा‑सा घोल डालकर देखें, अगर वह धीरे‑धीरे ऊपर आए, तो तेल ठीक है.

6. तलने की सही विधि
चम्मच या हाथ से तेल में छोटे‑छोटे मंगौड़े डालें.
धीमी‑मध्यम आंच पर पलट‑पलटकर सुनहरे और कुरकुरे होने तक तलें.

परोसने के सुझाव
मूंगदाल के मंगौड़े हरी चटनी, धनिया‑लहसुन की चटनी या दही के साथ बहुत स्वादिष्ट लगते हैं. चाहें तो इन्हें सब्जी या कढ़ी में भी डाल सकते हैं.

खास टिप्स
बेकिंग सोडा न डालें, फेंटना ही काफी है.
पतला घोल मंगौड़े खराब कर देता है.
तलते समय धैर्य रखें.

इन स्टेप्स से बने मंगौड़े हर बार कुरकुरे, हल्के और बेहद स्वादिष्ट बनेंगे.



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शिक्षा मित्रों को ‘ट्रेड यूनियन शैली’ छोड़नी चाहिए; CM योगी आदित्यनाथ ने ऐसा क्यों कहा


आज यानी 5 मई को गोरखपुर में एक समारोह आयोजित किया गया था। शिक्षा मित्रों के सम्मान में यह समोराह आयोजित किया गया था। इस समारोह को संबोधित करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा मित्रों को अपनी मांग रखते समय उन्हें टकराव करने की जगह बातचीत करना चाहिए और एक रचनात्मक दृष्टिकोण को अपनाना चाहिए। उन्होंने साथ में ही शिक्षा मित्रों से ट्रेड यूनियन वाली शैली को छोड़ने के लिए कहा। CM योगी ने कहा, ‘कई सालों से आपकी जो मांगे थी, उन्हें टकराव के जरिए आगे बढ़ाने की कोशिश की गई। इसकी जगह हमें बातचीत के जरिए किसी भी समाधान की तरफ बढ़ना चाहिए।’

पैरा-शिक्षकों का मानदेय बढ़ा

आपको बता दें कि गोरखपुर में शिक्षा मित्रों के सम्मान में जो समारोह आयोजित हुआ था वो राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से चलाए जा रहे प्राथमिक विद्यालयों में काम करने रहे 1.43 लाख शिक्षा मित्रों के मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार किए जाने के अवसर पर था। इस दौरान सीएम योगी ने पिछले सरकारों की आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारों ने नियमों का उल्लंघन किया और जरूरी नियम बनाए बिना उन्हें मान्यता देने की कोशिश की। ऐसे मनमाने कार्यों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का आदेश दे दिया।’

सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे क्या कहा?

इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा, ‘इस कारण हमें एक गंभीर चुनौती का सामना करना पड़ा। इस वजह से करीब 1.5 लाख परिवारों की आजीविका छिनने का खतरा था। ऐसे में वो कहां जाते। इसी कारण हमारी सरकार ने उनकी सेवा खत्म नहीं करने का फैसला लिया और साथ ही उनका मानदेय भी बढ़ाया।’ उन्होंने आगे कहा, ‘साल 2017 में हमने शिक्षा मित्रों का मानदेय 3,500 से बढ़ाकर 10 हजार किया।’

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छोटी बचत से बड़ा फंड! डेली SIP या मंथली SIP, कौन देगा ज्यादा फायदा?


आजकल कई लोगों का फेवरेट इन्वेटमेंट ऑप्शन म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए निवेश बन गया है. कई लोग सोचते हैं कि रोज कम पैसे एसआईपी निवेश करने में फायदा है तो वहीं, कुछ का मानना है कि रोजना की बजाय महीने में एक बार निवेश करना बेहतर है. इसी कंफ्यूजन को आज हम दूर करेंगे. इसे हम एक उदाहरण से समझाएंगे. हर दिन ₹200 का निवेश या महीने में ₹6000 एक साथ निवेश करना, दोनों में से किसमें फायदा है. दोनों में कुल निवेश लगभग बराबर होता है, लेकिन तरीका अलग होता है. मंथली SIP में आप हर महीने एक तय तारीख पर ₹6000 निवेश करते हैं, जो सैलरी के बाद करना आसान रहता है.

वहीं, डेली SIP में आप रोज ₹200 निवेश करते हैं, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का बेहतर औसत मिल जाता है क्योंकि पैसा पूरे महीने अलग-अलग कीमतों पर लगता है. इसे रुपये कॉस्ट एवरेजिंग कहते हैं. दोनों में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है, लेकिन डेली SIP में थोड़ा बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना हो सकती है.

200 रुपये की एसआईपी से फायदा

अगर आप 20 साल तक रोज ₹200 की डेली SIP करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मानते हैं, तो इस अवधि में आपका कुल निवेश लगभग ₹14.6 लाख होगा. यह निवेश धीरे-धीरे हर दिन किया जाता है, जिससे बाजार के उतार-चढ़ाव का असर संतुलित हो जाता है.

इस निवेश पर आपको करीब ₹46.36 लाख का अनुमानित रिटर्न मिल सकता है. इस तरह 20 साल बाद आपका कुल फंड यानी कॉर्पस लगभग ₹60.96 लाख तक पहुंच सकता है. अगर आप 20 साल तक हर महीने ₹6000 की मंथली SIP करते हैं और औसतन 12% सालाना रिटर्न मानते हैं, तो आपका कुल निवेश लगभग ₹14.4 लाख होगा.

यह तरीका सैलरी आने के बाद एक तय तारीख पर निवेश करने के लिए आसान और सुविधाजनक माना जाता है. इस निवेश पर आपको करीब ₹45.54 लाख का अनुमानित रिटर्न मिल सकता है. इस तरह 20 साल बाद आपका कुल फंड यानी कॉर्पस लगभग ₹59.94 लाख तक पहुंच सकता है, जो लॉन्ग टर्म में कंपाउंडिंग का फायदा दिखाता है.

डेली एसआईपी से कितना फायदा?

डेली SIP में कुल निवेश थोड़ा ज्यादा (₹20,000) है क्योंकि 365 दिन × ₹200 = ₹73,000 सालाना, जबकि मंथली 12 × ₹6000 = ₹72,000 सालाना होगा. इसी वजह से कॉर्पस में भी फर्क दिखता है. डेली SIP ने लगभग ₹1 लाख ज्यादा कॉर्पस बनता है. यह अंतर कंपाउंडिंग और बेहतर मार्केट टाइमिंग की वजह से है.

डेली SIP बेहतर है या मंथली SIP?

डेली SIP और मंथली SIP दोनों ही निवेश के अच्छे तरीके हैं, लेकिन कौन बेहतर है यह आपकी जरूरत और सुविधा पर निर्भर करता है. डेली SIP में रोज थोड़ा-थोड़ा निवेश करने से बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है और रुपया कॉस्ट ऐवरेजिंग बेहतर मिलता है. साथ ही छोटी रकम से शुरुआत करना आसान होता है और रोज बचत की आदत भी बनती है.

डेली SIP में कंपाउंडिंग का फायदा भी थोड़ी ज्यादा बार मिलता है, जिससे लंबे समय में रिटर्न थोड़ा बेहतर हो सकता है. हालांकि, इसमें रोज ट्रांजेक्शन होने की वजह से इसे मैनेज करना कुछ लोगों के लिए मुश्किल लग सकता है.

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार, मंथली SIP ज्यादा आसान और सुविधाजनक होती है, खासकर सैलरी पाने वालों के लिए क्योंकि इसमें हर महीने ऑटो डेबिट हो जाता है. इसमें ट्रांजेक्शन कम होते हैं और बजट प्लानिंग करना भी आसान रहता है, इसलिए ज्यादातर लोग इसी ऑप्शन को चुनते हैं. अगर आपका रोज का खर्चा ट्रैक करना आसान है तो डेली SIP अच्छा है. लेकिन ज्यादातर सैलरी वाले लोगों के लिए मंथली SIP बेहतर लगती है.

₹200 रोज SIP और ₹6000 मंथली SIP दोनों ही लंबे समय में अच्छा फंड बना सकते हैं. लेकिन कैलकुलेशन दिखाता है कि डेली SIP थोड़ा बड़ा कॉर्पस बना सकता है. इस बात का भी ध्यान रखें कि आप जितनी जल्दी SIP शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग उतना ज्यादा फायदा मिलेगा.



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