चंदेरिया थाना पुलिस ने सात दिन से लापता एक व्यक्ति के मामले में ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरी कहानी बदल दी। जिस व्यक्ति की तलाश में पुलिस ने दिन-रात मेहनत की, दो कुओं का पानी खाली करवाया, सिविल डिफेंस और गोताखोरों की मदद ली, वह नागौर जिले में अपने पुराने परिचित के यहां रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह फाइनेंस कंपनियों के कर्ज और दूसरे विवादों के दबाव से बचने के लिए खुद ही घर छोड़कर चला गया था। इतना ही नहीं, पुलिस का दावा है कि उसके परिवार को भी उसकी जानकारी थी और वह लगातार उनसे फोन पर बात कर रहा था, लेकिन यह बात पुलिस से छिपाई गई। आखिरकार तकनीकी जांच और लगातार पड़ताल के बाद पुलिस उसे नागौर से लेकर चित्तौड़गढ़ पहुंची। कुएं के पास मिला मोबाइल और बाइक, पुलिस ने हर संभावना पर किया काम चंदेरिया थानाधिकारी मोतीराम सारण ने बताया कि 40 वर्षीय रतनलाल गाडरी पुत्र ओंकार गाडरी 28 जून को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई और आशंका जताई कि वह किसी कुएं में गिर गया होगा। जांच के दौरान एक कुएं के पास उसका मोबाइल मिला, जबकि दूसरे कुएं के पास उसकी बाइक खड़ी मिली। इससे पुलिस को लगा कि मामला किसी हादसे से जुड़ा हो सकता है। उसी रात पुलिस मौके पर पहुंच गई और अगले दिन सिविल डिफेंस तथा गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। दो बड़े मोटरों से दोनों कुओं का पानी घंटों तक बाहर निकाला गया और पूरी तलाशी ली गई, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद भी पुलिस ने तलाश जारी रखी और हर संभावित सुराग पर काम करती रही। जांच में खुली पूरी सच्चाई, कर्ज से बचने के लिए रची गई थी योजना उन्होंने बताया कि लगातार जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रतनलाल ने फाइनेंस कंपनियों से पांच ट्रैक्टर, एक पिकअप, एक कार, एक बुलेट, एक प्लेटिना बाइक सहित कई गाड़ियां फाइनेंस करवा रखे थे। इसके अलावा उस पर कई छोटे-बड़े लोन भी थे। पुलिस का कहना है कि इन कर्जों और फाइनेंस कंपनियों के दबाव से बचने के लिए उसने खुद ही गायब होने की योजना बनाई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उसका पड़ोसियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में कोर्ट का फैसला भी उसके खिलाफ आया था, जिससे उस पर और दबाव बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार इन सभी कारणों से उसने ऐसा माहौल बनाया कि लोगों को लगे उसके साथ कोई बड़ी घटना हो गई है। परिवार को थी पूरी जानकारी, फिर भी पुलिस को नहीं बताया पुलिस का दावा है कि रतनलाल घर छोड़ने के बाद भी लगातार अपने परिवार के संपर्क में था। वह फोन पर घरवालों से बात कर रहा था, लेकिन परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी। जांच में सामने आया कि उसके बेटे शंकरलाल और अन्य परिजनों को भी उसके सुरक्षित होने की जानकारी थी। इसके बावजूद वे लगातार गुमशुदगी की बात कहते रहे। इस दौरान परिवार की ओर से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कई ज्ञापन भी दिए गए। इतना ही नहीं, सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना देने की तैयारी भी कर ली गई थी। आसपास के 15 से 20 गांवों में लोगों को बुलाने की सूचना भी दी गई थी। थानाधिकारी ने बताया कि अगर समय रहते सच्चाई सामने नहीं आती तो मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता था। पुराने परिचित के पास पहुंची पुलिस, नागौर से लेकर आई चित्तौड़गढ़ जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रतनलाल पहले नागौर जिले के कुचेरा इलाके में रह चुका है और संभव है कि वहीं गया हो। इसके बाद चंदेरिया थाना पुलिस ने कुचेरा पुलिस से संपर्क किया। स्थानीय पुलिस की मदद से उसके पुराने परिचितों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच करते हुए पुलिस नागौर जिले के कुचेरा क्षेत्र तक पहुंची, जहां रतनलाल मिल गया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ चित्तौड़गढ़ लेकर रवाना हो गई। अधिकारियों का कहना है कि लगातार जांच, तकनीकी इनपुट और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ही यह मामला सुलझ सका। सात दिन की मेहनत के बाद खुला मामला, अब आगे होगी कार्रवाई इस पूरे मामले में पुलिस ने सात दिन तक लगातार अलग-अलग स्तर पर जांच की। कुओं की तलाशी से लेकर तकनीकी जांच और दूसरे जिले तक पहुंचकर व्यक्ति को तलाशने तक हर पहलू पर काम किया गया। अब रतनलाल और उसके परिवार के खिलाफ पुलिस को गलत जानकारी देकर गुमराह करने और सरकारी संसाधनों का अनावश्यक इस्तेमाल करवाने के मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि झूठी जानकारी के कारण पुलिस और बचाव टीमों का कितना समय और संसाधन खर्च हो सकता है, जबकि उसी समय उनकी जरूरत किसी वास्तविक आपात स्थिति में भी पड़ सकती थी।
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सात दिन से लापता व्यक्ति नागौर में मिला: कर्ज से बचने के लिए घर छोड़कर गया था, परिवार के साथ मिलकर पुलिस को किया गुमराह – Chittorgarh News
5 आतंकियों को उनके गांव लेकर पहुंची गुजरात ATS: मध्यप्रदेश-गुजरात से गिरफ्तार किए गए थे 8 आतंकी, टेररिस्ट नेटवर्क फैलाने का काम कर रहे थे
पालनपुर59 मिनट पहले
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पकड़े गए 8 में से 5 आतंकी पालनपुर तालुका के भागल गांव के रहने वाले हैं।
गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा था। जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें से 5 तो पालनपुर तालुका के भागल गांव के ही रहने वाले हैं। सोमवार को एटीएस इन पांचों को लेकर भागल गांव में इनके घर पहुंची।
क्योंकि, गिरफ्तार किए गए 8 में से 5 आतंकी इसी गांव के रहने वाले हैं। मुदाशिर गाजीवाला और अहमद गाजीवाला चचेरे भाई हैं। एटीएस सभी संबंधित लोगों को साथ लेकर जांच कर रही है और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
आतंकियों के घर से साहित्य और अन्य सामान जब्त पालनपुर तालुका के भागल गांव में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादियों के घर पर तलाशी अभियान के दौरान, गुजरात एटीएस टीम ने आतंकवादी संगठन से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य जब्त किया है। एटीएस अधिकारियों ने आतंकवादियों में से एक के घर से सामग्री से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए हैं।

गुजरात ATS आतंकियों को लेकर पालनपुर के भागल गांव पहुंची।

पांचों आतंकियों को एक-एककर उनके घर ले जाया गया।

आतंकियों में से एक के घर से आपत्तिजनक साहित्य से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए गए।

3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़े गए थे आतंकी
गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है।
ये सभी गुजरात में JeM का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया सके। एटीएस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
सूचना मिलने के बाद, एटीएस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाकर एक बड़ा अभियान चलाया। एटीएस की टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटण और मध्य प्रदेश के देवास से 8 लोगों को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के ही रहने वाले हैं और एक पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे।

पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था: डीआईजी
गुजरात के एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से काफी साहित्य और झंडे भी बरामद हुए। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं।
पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे: डीआईजी
डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं।
सदस्यों की भर्ती के लिए तंजीम नाम का संगठन बनाया था
डीआईजी सुनील जोशी ने कहा- आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए गुजरात में एक तंजीम नाम का संगठन बनाया था। वर्तमान में, तंजीम में 8 सदस्य शामिल हो चुके थे और अपने क्षेत्र में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद करके स्थानीय स्तर पर इसकी विचारधारा का प्रचार भी कर रहे थे।
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गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट

गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत के वो 5 राज्य जहां इनकम है सबसे ज्यादा, दूसरे पर कर्नाटक लेकिन पहले पर कौन?
नई दिल्ली. भारत की औसत आय भले ही अभी भी लोअर-मिडिल इनकम कैटेगरी में हो, लेकिन देश के भीतर तस्वीर काफी अलग है. वर्ल्ड बैंक समूह की 1 जुलाई 2026 को जारी Country Income Classifications रिपोर्ट बताती है कि भारत की प्रति व्यक्ति आय 2,760 डॉलर है, जो उसे अभी भी निम्न-मध्यम आय वाले देश की श्रेणी में रखती है. लेकिन इसी रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत के 5 राज्य अब अपर-मिडिल इनकम लेवल को पार कर चुके हैं. यह साफ संकेत है कि भारत की आर्थिक कहानी अब एक जैसी नहीं रही. कुछ राज्य तेजी से आगे बढ़े हैं, जबकि कुछ अब भी बहुत पीछे हैं.
कौन से 5 राज्य उच्च-मध्यम आय स्तर में पहुंच गए?
वर्ल्ड बैंक की अपर मिडिल इनकम कैटेगरी की सीमा 4,636 डॉलर प्रति व्यक्ति आय से शुरू होती है. इस स्तर को पार करने वाले भारत के 5 राज्य इस प्रकार हैं:
- राज्य प्रति व्यक्ति आय (2025-26) वर्ल्ड बैंक की सीमा से तुलना
- दिल्ली 6,217 डॉलर बहुत आगे
- कर्नाटक 5,579 डॉलर बहुत आगे
- तेलंगाना 5,407 डॉलर बहुत आगे
- तमिलनाडु 5,329 डॉलर बहुत आगे
- गुजरात 4,734 डॉलर सीमा पार
इनमें दिल्ली सबसे आगे है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय 6,217 डॉलर तक पहुंच गई है. इसके बाद कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और गुजरात हैं.
किन राज्यों की स्थिति सीमा के सबसे करीब है?
कुछ राज्य उच्च-मध्यम आय सीमा के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी थोड़ा पीछे हैं.
- महाराष्ट्र: 4,628 डॉलर
- हरियाणा: 4,627 डॉलर
- केरल: 4,610 डॉलर
इन तीनों राज्यों और वर्ल्ड बैंक की सीमा के बीच का अंतर बहुत कम है. यानी आने वाले समय में ये राज्य भी उच्च-मध्यम आय श्रेणी में शामिल हो सकते हैं.
सबसे गरीब राज्य कौन से हैं?
रिपोर्ट में राज्यों के बीच आय का अंतर भी साफ दिखता है. सबसे पीछे रहने वाले राज्यों में:
- बिहार: 984 डॉलर
- उत्तर प्रदेश: 1,403 डॉलर
- झारखंड: 1,470 डॉलर
इन आंकड़ों से साफ है कि भारत के कुछ राज्यों की आय विकसित देशों के स्तर की ओर बढ़ रही है, जबकि कुछ राज्य अभी भी बहुत कम आधार से शुरुआत कर रहे हैं.
बिहार की आय कितनी कम है?
रिपोर्ट के मुताबिक बिहार की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 984 डॉलर है. यह न सिर्फ भारत के औसत से बहुत कम है, बल्कि नेपाल और कई उप-सहारा अफ्रीकी देशों से भी नीचे बताई गई है.
यह अंतर बताता है कि भारत के भीतर विकास की रफ्तार समान नहीं रही है. एक तरफ कुछ राज्य वैश्विक स्तर के उच्च-मध्यम आय वाले समूह में पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य अभी भी बुनियादी आय स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं.
30 साल में कितना बदला भारत?
रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा पिछले 30 वर्षों का बदलाव है. 1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य मध्यम आय स्तर पर नहीं था. लेकिन 2025-26 तक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
आज कई भारतीय राज्य ऐसे स्तर पर पहुंच चुके हैं, जहां उनकी प्रति व्यक्ति आय कुछ देशों के बराबर या उनसे भी ज्यादा है.
- आज किन देशों के बराबर या आगे हैं भारतीय राज्य?
कर्नाटक और तेलंगाना की आय इंडोनेशिया (5,120 डॉलर) और वियतनाम (4,970 डॉलर) से ज्यादा हो गई है. - कई भारतीय राज्य दक्षिण अफ्रीका (6,270 डॉलर), फिजी (6,230 डॉलर) और मंगोलिया (6,210 डॉलर) के बराबर या उनसे आगे पहुंच चुके हैं.
यह दिखाता है कि भारत के कुछ हिस्सों ने पिछले तीन दशकों में तेज आर्थिक छलांग लगाई है.
राज्यों के बीच असमानता क्यों बढ़ी?
रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों के बीच असमानता कम होने के बजाय बढ़ी है.
- गिनी गुणांक (Coefficient) 0.230 से बढ़कर 0.261 हो गया है.
- सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्यों के बीच आय का अंतर 2.38 गुना से बढ़कर 3.73 गुना हो गया है.
- मध्यम आय वाले राज्यों ने सबसे तेज बढ़त दर्ज की है, जिनकी आय 36.7 गुना बढ़ी.
- जबकि सबसे गरीब राज्यों की आय सबसे धीमी रही और सिर्फ 26.6 गुना बढ़ी.
इसका मतलब है कि विकास हुआ जरूर है, लेकिन उसका फायदा सभी राज्यों तक बराबरी से नहीं पहुंचा.
कौन से राज्य आगे निकले और कौन पीछे रह गए?
रिपोर्ट में कुछ राज्यों की तुलना भी दिलचस्प है.
आगे रहने वाले राज्य
- ओडिशा ने उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है. अब ओडिशा की आय उत्तर प्रदेश से 75% ज्यादा है.
- असम ने झारखंड को पीछे छोड़ दिया है. असम की आय अब झारखंड से 48% ज्यादा है.
पीछे रह जाने वाले राज्य
- पंजाब, जो 1994-95 में सबसे आगे था, अब राजस्थान के बराबर पहुंच गया है.
- इतना ही नहीं, पंजाब अब 7 अन्य राज्यों से पीछे है.
यह बदलाव बताता है कि भारत में आर्थिक नेतृत्व अब पुराने औद्योगिक या कृषि-समृद्ध राज्यों तक सीमित नहीं रहा. नए राज्य तेजी से उभरे हैं.
इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश क्या है?
इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भारत की औसत आय भले ही निम्न-मध्यम आय श्रेणी में हो, लेकिन राज्य स्तर पर तस्वीर बेहद असमान है. कुछ राज्य अब वैश्विक स्तर पर उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं की कतार में खड़े हैं, जबकि कुछ राज्य अभी भी बहुत पीछे हैं. यानी भारत की विकास यात्रा एक समान नहीं रही, बल्कि कुछ राज्यों ने तेज रफ्तार पकड़ी और कुछ पीछे छूट गए.
वॉट्सएप ग्रुप से 500 करोड़ का फ्रॉड करने वाला गिरफ्तार: फाइनेंस कंपनियों की आड़ में फर्जी बैंक खाते खुलवाए, विदेश भेज रहा था रुपए – Jaipur News
राजस्थान पुलिस ने वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर में 500 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले बदमाश को गिरफ्तार किया है। जो शेयर बाजार में फायदे का लालच देकर लोगों झांसे में लेता था। निवेश के नाम पर रुपए ले लेता। फाइनेंस कंपनियों की आड़ में लोगों के दस्तावेज हासिल करता था। इससे फर्जीवाड़े के लिए म्यूल बैंक अकाउंट खोलता था। पुलिस ने मामले में मुख्य सरगना युवराज सतीश मुदलियार (35) को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया है। जो म्यून अकाउंट के जरिए ठगी की रकम को हवाला और क्रिप्टो कसेंसी के जरिए विदेशों तक पहुंचा रहा था। अतिरिक्त महानिदेशक (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया- स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में सेंधाराम चौधरी ने 16 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उसे ‘105 IND STOCKS ADV’ नाम के वॉट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। फर्जी योजनाओं में निवेश करने के नाम पर 16 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम टीम ने वॉट्सएप ग्रुप की चैट, मोबाइल नंबर, डिजिटल ट्रेल और बैंक खातों की जांच की। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इसी एक वॉट्सएप ग्रुप के जरिए देशभर के लोगों से करीब 500 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की जा चुकी थी। ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने बताया- जांच में सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और वॉट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश और ट्रेडिंग से कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देता था। लोगों का विश्वास में लेने के लिए थोड़ा बहुत मुनाफा उनके खातों में भेजा जाता था। इससे पीड़ितों का भरोसा बढ़ जाता था। इसके बाद लोग अपनी जमा-पूंजी और बड़ी रकम निवेश कर देते थे। विशेष टीम गठित कर शुरू की गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने दर्जनों बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया। पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। पुणे से गिरफ्तार हुआ मुख्य सरगना जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के मुख्य आरोपी युवराज सतीश मुदलियार (35) निवासी लोहगांव, पुणे (महाराष्ट्र) को पुणे से गिरफ्तार किया। आरोपी को ट्रांजिट वारंट पर जयपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। फर्जी फाइनेंस कंपनियों की आड़ में तैयार करता था म्यूल बैंक खाते पूछताछ में आरोपी ने बताया- वह पुणे में ग्रेस फाइनेंस, पॉजिटिव बैलेंस और गुरु फाइनेंस के नाम से फर्जी लोन कंपनियां संचालित करता था। लोन दिलाने के नाम पर वह लोगों से पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ले लेता था। बाद में उन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर म्यूल बैंक खाते खुलवाए जाते थे। खाताधारकों को इसके बदले करीब 10 हजार रुपए का कमीशन दिया जाता था। हवाला और क्रिप्टो के जरिए विदेश पहुंचती थी रकम इन म्यूल खातों में आने वाली करोड़ों रुपए की ठगी की रकम एटीएम से निकाल लेता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के माध्यम से आरोपी क्रिप्टो करेंसी खरीदता था। उसे विदेशों में बेच देता था। इस पूरे नेटवर्क के बदले उसे करीब 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और क्रिप्टो करेंसी वॉलेट को फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, म्यूल अकाउंट संचालकों और हवाला नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस देशव्यापी साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के थानाधिकारी और उपाधीक्षक पुलिस गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक हरिराम, उप निरीक्षक अजय कुमार, कांस्टेबल भींवाराम, सुभाष चाहर और चालक कांस्टेबल सुबेसिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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डीआरएम ने लखीमपुर स्टेशन का निरीक्षण किया: अमृत योजना का पहला चरण पूरा, जल्द होगा उद्घाटन – Lakhimpur-Kheri News
लखीमपुर खीरी में पूर्वोत्तर रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) गौरव अग्रवाल ने सोमवार दोपहर 2:30 बजे लखीमपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने यात्री सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीआरएम अग्रवाल ने स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, प्रतीक्षालय, शौचालय, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और टिकट प्रणाली का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत लखीमपुर रेलवे स्टेशन के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। इसका उद्घाटन अगले एक से डेढ़ माह के भीतर कर दिया जाएगा, जिसके बाद योजना के दूसरे चरण के कार्य शुरू होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए लखीमपुर स्टेशन पर ट्रेनों के वर्तमान दो मिनट के ठहराव को बढ़ाकर पांच मिनट करने का प्रयास किया जाएगा। इससे यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में आसानी होगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने डीआरएम को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें लखीमपुर से लखनऊ-बरेली के लिए लोकल ट्रेन और दिल्ली के लिए सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग की गई। डीआरएम ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों का प्रस्ताव रेलवे मंत्रालय को भेजा जाएगा और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय रेलवे प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे।
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पुलिस टीम पर हमला करने वाले 8 गिरफ्तार: वाहन चेकिंग में सरपंच से हो गया था विवाद, भीड़ ने किया था पथराव – Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर पुलिस टीम पर हमला करने वाले 8 नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के लिए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर टीम बनी थी। टीम ने विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी कर आरोपियों को पकड़ा। दरअसल, पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी क्रम में पियर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक डीजे लगे वाहन को चेकिंग के लिए रोका। इस दौरान वहां मौजूद स्थानीय जनप्रतिनिधि (सरपंच) और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और स्थानीय सरपंच की पिटाई की बात सामने आई। सरपंच के साथ हुई घटना की खबर मिलते ही स्थानीय लोग उग्र हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस-पब्लिक के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव और हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में पुलिस के कई वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। मामला पियर थाना क्षेत्र का है।
सभी आरोपी एक ही थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं पुलिस ने पियर थाना में केस दर्ज किया। एसएसपी कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार पुलिस टीम पर हमला करने वाले चिह्नित उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने 8 को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी पियर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस के अनुसार, इस हिंसक घटना में संलिप्त अन्य फरार अभियुक्तों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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देवास में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पर दिया धरना, विधानसभा का घेराव करने की दी चेतावनी – Dewas News
देवास में सोमवार को आशा और आशा पर्यवेक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलेभर से दो हजार से अधिक कार्यकर्ता रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्होंने करीब आधे घंटे तक धरना देकर नारेबाजी की। तेज धूप के बावजूद कई महिलाएं छाता लगाकर धरने पर बैठीं। कुछ कार्यकर्ता अपने छोटे बच्चों के साथ भी प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होने के बावजूद उन्हें समय पर प्रोत्साहन राशि और अन्य अधिकार नहीं मिल रहे हैं। वेतन और एरियर की मांग कर रहीं रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंची। यहां कार्यकर्ताओं ने नियमित वेतन भुगतान, वर्ष 2023 में घोषित ₹1000 की वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर, लंबित प्रोत्साहन राशि और अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान परिसर “भारत माता की जय” और “हमारा हक हमें दो” जैसे नारों से गूंज उठा। भुगतान में देरी का लगाया आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई महीनों तक उन्हें भुगतान नहीं किया जाता। साथ ही मनमानी कटौती की जाती है और बकाया राशि का कोई स्पष्ट हिसाब भी नहीं दिया जाता। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्ष 2023 में घोषित ₹1000 की वार्षिक वेतन वृद्धि का एरियर अब तक नहीं मिला है। कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि ₹6000 मासिक प्रोत्साहन राशि में परिवार का भरण-पोषण करना संभव नहीं है। विधानसभा घेराव की चेतावनी दी आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगला कदम विधानसभा का घेराव होगा।
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नाम सुनकर राजनीति मत समझिए! जानिए मुंबई की मशहूर Eggs Kejriwal डिश का दिलचस्प इतिहास
Eggs Kejriwal Recipe: अगर आप अंडे से बनने वाली नई और स्वादिष्ट रेसिपी ट्राई करना पसंद करते हैं, तो एग्स केजरीवाल आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. पहली बार इसका नाम सुनने पर अक्सर लोगों को लगता है कि इसका किसी राजनीतिक व्यक्ति या राजनीति से कोई संबंध होगा, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. यह मुंबई की एक बेहद मशहूर कैफे स्टाइल डिश है, जिसे सालों से लोग बड़े चाव से खाते आ रहे हैं. ब्रेड का कुरकुरापन, पिघला हुआ चीज, हल्की तीखी हरी मिर्च और ऊपर रखा सॉफ्ट फ्राइड अंडा मिलकर ऐसा स्वाद देते हैं कि एक बार खाने के बाद इसे दोबारा जरूर बनाने का मन करता है.
यही वजह है कि यह डिश अब सिर्फ मुंबई तक सीमित नहीं रही, बल्कि देश के कई कैफे और रेस्तरां के मेन्यू का हिस्सा बन चुकी है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे घर पर भी बहुत आसानी से तैयार किया जा सकता है.
कैसे पड़ा एग्स केजरीवाल नाम
इस डिश की शुरुआत 1960 के दशक में मुंबई के साउथ मुंबई स्थित विलिंगडन स्पोर्ट्स क्लब में हुई थी. उस समय क्लब के नियमित सदस्य और कारोबारी देवी प्रसाद केजरीवाल नाश्ते में एक खास तरह का चीज टोस्ट और फ्राइड अंडा मंगवाते थे. इस डिश में टोस्ट पर भरपूर चीज, बारीक कटी हरी मिर्च और ऊपर सॉफ्ट फ्राइड अंडा परोसा जाता था. धीरे धीरे क्लब के दूसरे सदस्य भी वही डिश मांगने लगे और किचन स्टाफ से कहते कि हमें भी वही दीजिए जो केजरीवाल साहब खा रहे हैं. देखते ही देखते यह डिश क्लब में एग्स केजरीवाल के नाम से मशहूर हो गई और बाद में यही नाम हमेशा के लिए चल पड़ा.
मुंबई से पूरे देश तक पहुंची यह डिश
समय के साथ यह रेसिपी क्लब की चारदीवारी से निकलकर मुंबई के कई मशहूर कैफे और रेस्तरां तक पहुंच गई. इसके बाद दूसरे शहरों के रेस्तरां ने भी इसे अपने मेन्यू में शामिल करना शुरू कर दिया. आज कई जगह इस डिश में अलग तरह का चीज, अलग ब्रेड या अलग मसाले इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन इसका असली स्वाद उसी पारंपरिक तरीके में माना जाता है जिसमें टोस्ट, चीज, हरी मिर्च और फ्राइड अंडे का शानदार मेल होता है.
आखिर क्यों इतना पसंद किया जाता है
Eggs Kejriwal की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह इसका स्वाद और आसान रेसिपी है. इसमें इस्तेमाल होने वाली लगभग सभी चीजें घर की रसोई में आसानी से मिल जाती हैं. यह डिश कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है और नाश्ते, शाम के स्नैक या हल्के भोजन के रूप में भी खाई जा सकती है. चीज का क्रीमी स्वाद, हरी मिर्च की हल्की तीखापन और सॉफ्ट अंडे की जर्दी मिलकर हर निवाले को खास बना देती है.
घर पर ऐसे बनाएं एग्स केजरीवाल
अगर आप इसे घर पर बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले ब्रेड स्लाइस को हल्का सुनहरा और कुरकुरा होने तक टोस्ट कर लें. अब एक कटोरी में कद्दूकस किया हुआ चीज, बारीक कटी हरी मिर्च, स्प्रिंग अनियन और थोड़ा सा काली मिर्च पाउडर मिलाकर मिश्रण तैयार करें. इस मिश्रण को टोस्ट पर अच्छी तरह फैला दें. अब पहले से गर्म ओवन या एयर फ्रायर में इसे कुछ मिनट तक रखें ताकि चीज अच्छी तरह पिघल जाए और ऊपर से हल्का सुनहरा रंग आ जाए.
इसी दौरान एक पैन में थोड़ा सा मक्खन या तेल गर्म करें और उसमें एक अंडा फ्राई करें. कोशिश करें कि अंडे का सफेद हिस्सा पूरी तरह पक जाए लेकिन जर्दी हल्की नरम रहे. अब इस फ्राइड अंडे को तैयार चीज टोस्ट के ऊपर रखें. ऊपर से थोड़ा और चीज, बारीक कटी स्प्रिंग अनियन, हरी मिर्च और चाहें तो चिली फ्लेक्स या काली मिर्च भी डाल सकते हैं. गर्मागर्म टोमैटो केचप या अपनी पसंद की डिप के साथ इसे तुरंत परोसें.
स्वाद को और बेहतर बनाने के आसान तरीके
अगर आप इस डिश को और ज्यादा स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो ब्रेड पर पहले हल्का मक्खन लगा सकते हैं. चीज के लिए चेडर, मोजरेला या प्रोसेस्ड चीज का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर तीखा पसंद है तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ा दें. वहीं बच्चों के लिए इसे कम तीखा बनाना बेहतर रहेगा. कई लोग इसमें थोड़ा सा पापरिका या चिली फ्लेक्स भी डालते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
नाश्ते से लेकर पार्टी तक हर जगह हिट
एग्स केजरीवाल सिर्फ सुबह के नाश्ते तक सीमित नहीं है. इसे शाम की चाय के साथ स्नैक के रूप में भी खाया जा सकता है. घर में मेहमान आए हों या वीकेंड ब्रंच का प्लान हो, यह डिश हर मौके पर शानदार लगती है. इसे सलाद, फ्रेंच फ्राइज या कॉफी के साथ भी परोसा जा सकता है.
स्वाद और कहानी दोनों बनाते हैं इसे खास
एग्स केजरीवाल सिर्फ एक रेसिपी नहीं, बल्कि मुंबई की फूड कल्चर का एक खास हिस्सा है. एक क्लब में शुरू हुई यह साधारण सी डिश आज देशभर के फूड लवर्स की पसंद बन चुकी है. इसके नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी और आसान रेसिपी इसे बाकी एग डिश से अलग पहचान देती है. अगर आपने अभी तक इसे नहीं चखा है, तो इस बार घर पर जरूर बनाकर देखें. इसका कुरकुरा टोस्ट, पिघला चीज और सॉफ्ट अंडा आपको जरूर पसंद आएगा.
केजरीवाल का BJP पर जुबामी हमला: बोले- भगवान राम-हनुमान को सत्ता का माध्यम मानती है भाजपा, हिंदुओं को सबसे ज्यादा लूटा – New Delhi News
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर 2 पोस्ट शेयर करके भाजपा पर हिंदू धर्म और भगवान राम-हनुमान को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपनी विचारधारा और भाजपा की विचारधारा की तुलना करते हुए कहा कि उनकी आस्था भगवान राम और हनुमान जी में है। उन्होंने लिखा कि वे भगवान राम और हनुमान जी के भक्त हैं, उनकी पूजा करते हैं, उनके सामने सिर झुकाते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। इसके विपरीत, केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग भगवान राम और हनुमान जी को भगवान नहीं मानते, बल्कि उन्हें सत्ता और पैसा हासिल करने का माध्यम समझते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भगवान का अपमान करने में भी कोई संकोच नहीं होता। भाजपा ने हिंदुओं को सबसे अधिक लूटा- केजरीवाल एक अन्य पोस्ट में केजरीवाल ने भाजपा पर और भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जितना नुकसान और अपमान भाजपा ने हिंदू धर्म का किया है, उतना शायद भारत के 5000 वर्षों के इतिहास में बाहरी आक्रमणकारियों ने भी नहीं किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा ने हिंदुओं को सबसे अधिक लूटा है और कहा कि ऐसे लोग हिंदू धर्म पर कलंक हैं।
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HMD ने पेश किए AI वाले 4G फीचर फोन, मिलेगा दो दिन का बैटरी बैकअप
HMD ने Nokia 235 4G, Nokia 215 4G, Nokia 210 4G और Nokia 200 4G फीचर फोन लॉन्च कर दिए हैं। इन फीचर फोन की खास बात ये है कि इनमें डेडिकेटेड AI असिस्टेंट बटन दिए गए हैं। यूजर्स फीचर फोन में भी एआई फीचर्स का लाभ ले सकते हैं। ये सभी फोन 1450mAh की दमदार बैटरी के साथ आते हैं। कंपनी का दावा है कि इनमें दो दिनों का बैटरी बैकअप मिलेगा।
कितनी है कीमत?
HMD ने अपने इन चारों मॉडल की कीमत घोषित नहीं की है। इन्हें HMD की आधिकारिक वेबसाइट पर लिस्ट कर दिया गया है। ये चारों फोन Nokia ब्रांड के तहत पेश किए गए हैं। इन सभी फोन में 32GB तक का स्टोरेज मिलता है। ये QVGA डिस्प्ले पैनल के साथ आते हैं।
Nokia 235 4G, Nokia 215 4G
नोकिया के ये दोनों फोन 2.8 इंच के QVGA डिस्प्ले के साथ आते हैं। Nokia 235 4G के बैक में कंपनी ने 2MP का कैमरा दिया है, जिसके साथ LED फ्लैश मिलेगा। वहीं, सेल्फी के लिए इस फीचर फोन में VGA कैमरा दिया गया है। यह S30+ ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। फोन में 64MB रैम और 128MB स्टोरेज मिलता है, जिसे 32GB तक एक्सपेंड किया जा सकता है।
वहीं, Nokia 215 4G में भी 2MP का बैक और VGA फ्रंट कैमरा मिलेगा। यह फोन भी S30+ ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इसमें 64MB का रैम और 128GB स्टोरेज दिया गया है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएडी कार्ड के जरिए 32GB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। ये दोनों फोन 1,450mAh की बैटरी के साथ आते हैं। कनेक्टिविटी के लिए इनमें USB Type C, Bluetooth 5.0, 3.5mm ऑडियो जैक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
Nokia 210 4G, Nokia 200 4G
नोकिया के ये दोनों फोन 2.4 इंच के QVGA डिस्प्ले के साथ आते हैं। इन दोनों फोन में भी 1,450mAh की बैटरी दी गई है। इनके फ्रंट और बैक में VGA कैमरा दिया गया है। इन दोनों फोन में भी 64MB का रैम और 128MB का स्टोरज मिलता है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 32GB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। कनेक्टिविटी के लिए इन दोनों फोन में भी कंपनी ने USB Type C, 3.5mm ऑडियो जैक, Bluetooth 5.0 जैसे फीचर्स दिए हैं। इन सभी फोन में FM रेडियो, 4G, LTE कनेक्टिविटी दी गई है।
डेडिकेटेड AI बटन
नोकिया के इन चारों फोन की खास बात ये है कि कंपनी इनमें AI फीचर्स देती है। ये फोन डेडिकेटेड AI बटन के साथ आते हैं। एआई फीचर्स इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को 6 महीने का फ्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। इसके बाद यूजर्स को एआई फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ेगा।
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