स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अयोध्या में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। घर-घर तिरंगा पहुंचाने और लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रिकाबगंज चौराहे से शुरू हुई यात्रा नियावां चौराहे तक पहुंची। रास्तेभर हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका राष्ट्रभक्ति के रंग में नजर आया। यात्रा की अगुवाई प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता समेत भाजपा के अन्य नेताओं ने की। कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे लगाए। वीरों के बलिदान को याद करने का अवसर प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देश की आजादी के लिए वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। शाही ने कहा कि राष्ट्रीय तिरंगा हमारी आजादी और गौरव का प्रतीक है। इसे घर-घर पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और वीरों के बलिदान से परिचित कराना भी है, ताकि युवा मातृभूमि के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
किशनगंज जिले को श्रावणी मेला 2026 के सफल आयोजन के लिए बिहार सरकार ने 10 लाख रुपये आवंटित किए हैं।
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राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में मेले के आयोजन, सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च की जाएगी।
विभाग की सचिव सीमा त्रिपाठी ने बताया कि यह स्वीकृति किशनगंज के समाहर्ता द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर दी गई है।
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आवंटित राशि का उपयोग केवल श्रावणी मेला 2026 से संबंधित कार्यों में ही किया जाएगा और इसे किसी अन्य मद में खर्च नहीं किया जा सकेगा।
स्वीकृति जिले के लिए महत्वपूर्ण
आदेश में यह भी बताया गया है कि राशि की निकासी वित्तीय वर्ष 2026-27 में उपलब्ध निधि से निर्धारित बजट शीर्ष के अंतर्गत की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, राशि का आवंटन और भुगतान सीएफएमएस 2.0 प्रणाली के माध्यम से करने का निर्देश दिया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के प्रयासों से मिली इस स्वीकृति को जिले के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आवंटित राशि का विचलन नहीं किया जाएगा – सरकार
विभाग ने समाहर्ता, अपर समाहर्ता, संबंधित भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी और निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों को राशि के उपयोग के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी बनाया है।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि स्वीकृत धनराशि का व्यय निर्धारित नियमों के अनुरूप और उनकी प्रत्यक्ष निगरानी में हो।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का किसी भी परिस्थिति में विचलन नहीं किया जाएगा और इसके आधार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय दायित्व सृजित नहीं होगा।
विभाग ने निर्देश दिया है कि राशि खर्च होने के तीन माह के भीतर उपयोगिता प्रमाण-पत्र (यूसी) विभाग को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
सावन के दूसरे सोमवार पर रीवा शहर के शिवालय सुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंजते रहे। सुबह से शाम तक भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, फूल और प्रसाद चढ़ाकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सावन सोमवार का व्रत भी रखा। महामृत्युंजय मंदिर में सुबह से लगी कतार शहर के किला परिसर स्थित प्रसिद्ध महामृत्युंजय मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दर्शन के लिए मंदिर के बाहर और परिसर में कतारें लग गई थीं। दिन बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती गई। शाम तक बड़ी संख्या में भक्त बाबा महामृत्युंजय के दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते रहे। शाम तक 10 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन महामृत्युंजय मंदिर में सावन सोमवार के अवसर पर पूरे दिन भक्तों की भीड़ रही। शाम तक करीब 10 हजार लोगों के दर्शन करने की जानकारी सामने आई। श्रद्धालुओं ने कतार में लगकर भगवान महामृत्युंजय के दर्शन किए और जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा। दूध, दही, शहद और गंगाजल से महाअभिषेक सावन सोमवार के अवसर पर महामृत्युंजय मंदिर में भगवान शिव का विशेष महाअभिषेक किया गया। दूध, दही, शहद और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भी अपनी श्रद्धा के अनुसार शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित किए। इस दौरान मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा। मनकामेश्वर और पंचमठा मंदिर में भी भीड़ महामृत्युंजय मंदिर के अलावा शहर के मनकामेश्वर महादेव मंदिर, पंचमठा शिव मंदिर और द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्त कतार में लगकर भगवान शिव के दर्शन करते रहे। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर बेलपत्र, फूल, दूध और जल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। सुबह की आरती से शुरू हुआ दर्शन का दौर सावन के दूसरे सोमवार पर शहर के शिव मंदिरों में सुबह की आरती के साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी थी। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, मंदिरों में भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई। कई मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक का आयोजन किया गया। शाम तक श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते रहे। परिवार की सुख-शांति और अच्छी बारिश की कामना श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की पूजा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। कई भक्तों ने अच्छी बारिश के लिए भी भगवान शिव से प्रार्थना की। सावन सोमवार के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने व्रत रखा और दिनभर धार्मिक गतिविधियों में शामिल रहे। परिवार के साथ मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। सोम प्रदोष का भी रहा संयोग इस बार सावन के दूसरे सोमवार के साथ सोम प्रदोष का भी संयोग रहा। सोमवार को दिनभर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन करने के बाद शाम को प्रदोष काल में भी श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। सोम प्रदोष के संयोग को लेकर शिव भक्तों में खास उत्साह रहा। शाम को भी मंदिरों में पहुंचते रहे श्रद्धालु सोम प्रदोष के कारण शाम के समय भी शिव मंदिरों में दर्शन और पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। भक्तों ने प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की और अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना की। मंदिरों के आसपास देर शाम तक धार्मिक माहौल बना रहा। पूरे शहर में गूंजते रहे शिव के जयकारे सावन के दूसरे सोमवार पर रीवा शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आया। प्रमुख शिवालयों में सुबह से शाम तक भक्तों की भीड़ रही और हर-हर महादेव तथा बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। भगवान शिव के जलाभिषेक, महाअभिषेक और विशेष पूजा के साथ श्रद्धालुओं ने सावन सोमवार और सोम प्रदोष का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया।
Sweet Corn Soup Recipe: जब कुछ हल्का खाने का मन करे, तब एक कटोरी ठंडा स्वीट कॉर्न सूप स्वाद के साथ ताजगी भी दे सकता है. आमतौर पर सूप का नाम सुनते ही गरम कटोरी और भाप उठता हुआ स्वाद याद आता है, लेकिन यह रेसिपी थोड़ी अलग है. इसमें ताजे स्वीट कॉर्न की हल्की मिठास, सब्जियों के स्टॉक का स्वाद, क्रीम की नरमियत और हरे प्याज की ताजगी मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करते हैं, जिसे ठंडा करके परोसा जाता है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.
घर में उपलब्ध कुछ सामान्य चीजों से इसकी तैयारी हो जाती है. अगर बच्चों को भी कॉर्न पसंद है, तो यह सूप उनके लिए भी एक अच्छा विकल्प बन सकता है. दोपहर के खाने से पहले या शाम को हल्की भूख लगने पर इसे आसानी से सर्व किया जा सकता है.
ठंडा स्वीट कॉर्न सूप क्यों है खास?
इस सूप की सबसे अलग बात इसका ठंडा और रेशमी टेक्सचर है. सामान्य कॉर्न सूप की तरह इसे गरम-गरम पीने के बजाय अच्छी तरह ठंडा करके परोसा जाता है. स्वीट कॉर्न के दानों को प्याज और लहसुन के साथ हल्का भूनने से स्वाद की बेस तैयार होती है. इसके बाद वेजिटेबल स्टॉक डालकर कॉर्न को नरम किया जाता है. यहां एक छोटी-सी बात सूप का स्वाद काफी बदल देती है. ब्लेंड करने के बाद मिश्रण को छलनी से छानना जरूरी है. इससे कॉर्न के छिलके अलग हो जाते हैं और सूप ज्यादा चिकना और मुलायम बनता है. ऊपर से थोड़ी फ्रेश क्रीम और कटा हुआ हरा प्याज इसे देखने में भी आकर्षक बनाता है.
स्वीट कॉर्न सूप बनाने के लिए सामग्री
इस रेसिपी के लिए 2 कप स्वीट कॉर्न के दाने, 1 बड़ा चम्मच मक्खन, 1 छोटा प्याज, 1 लहसुन की कली, 3 कप वेजिटेबल स्टॉक, 1/4 कप ताजी क्रीम, स्वादानुसार नमक और सफेद या काली मिर्च की जरूरत होगी. सजाने के लिए थोड़ा कटा हुआ हरा प्याज लिया जा सकता है. अगर ताजा स्वीट कॉर्न उपलब्ध नहीं है, तो फ्रोजन कॉर्न से भी यह सूप बनाया जा सकता है. बस कॉर्न को इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह पिघला लें.
ऐसे बनाएं ठंडा कॉर्न सूप
पहले तैयार करें बेस
एक बर्तन को मध्यम आंच पर रखें और उसमें मक्खन डालकर पिघलाएं. अब इसमें मोटा कटा हुआ प्याज और बारीक कटा लहसुन डालें. दोनों को तब तक हल्का भूनें, जब तक प्याज पारदर्शी न दिखने लगे. इसे बहुत ज्यादा भूरा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सूप का रंग हल्का और स्वाद नाजुक रखना है.
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कॉर्न और स्टॉक डालकर पकाएं
अब स्वीट कॉर्न के दाने बर्तन में डालें और ऊपर से वेजिटेबल स्टॉक मिला दें. मिश्रण को उबाल आने दें. इसके बाद आंच थोड़ी धीमी करके करीब 10 मिनट तक पकाएं. जब कॉर्न नरम हो जाए, तो गैस बंद कर दें और मिश्रण को कुछ देर ठंडा होने दें.
ब्लेंड करके छानें
हल्का ठंडा होने के बाद मिश्रण को ब्लेंडर में डालें और पूरी तरह चिकना होने तक ब्लेंड करें. अब यहां जल्दबाजी न करें. तैयार प्यूरी को बारीक छलनी से दूसरे बर्तन में छानें. इससे सूप की बनावट काफी मुलायम हो जाएगी और पीते समय कॉर्न के रेशे महसूस नहीं होंगे. इसके बाद इसमें ताजी क्रीम, नमक और स्वादानुसार सफेद या काली मिर्च डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. सूप को ढककर करीब दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दें.
सर्व करते समय रखें इस बात का ध्यान
सूप अच्छी तरह ठंडा हो जाए तो इसे सर्विंग बाउल में निकालें. ऊपर से थोड़ा हरा प्याज डालें. चाहें तो क्रीम की कुछ बूंदें डालकर इसे सजा सकते हैं. लंच या शाम के हल्के स्नैक के साथ यह ठंडा सूप अच्छा विकल्प बन सकता है. ध्यान रखें कि सूप को बहुत ज्यादा पतला न करें. अगर स्टॉक की मात्रा बढ़ा दी जाए तो कॉर्न का प्राकृतिक स्वाद हल्का पड़ सकता है. इसी तरह क्रीम भी जरूरत से ज्यादा डालने पर सूप भारी लग सकता है. सही मात्रा में कॉर्न, स्टॉक और क्रीम का संतुलन ही इसे मखमली स्वाद देता है.
Flipkart पर चल रही Freedom Sale में गूगल पिक्सल 10 की कीमत में कटौती की गई है।
गूगल का यह फोन लॉन्च प्राइस से 17,000 रुपये सस्ते में मिल रहा है।
Google Pixel 11 सीरीज लॉन्च होने से पहले पिछले मॉडल को सस्ते में खरीदा जा सकता है।
Google Pixel 10 को सस्ते में खरीदने का मौका है। ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर चल रहे Freedom Sale में गूगल के इस फ्लैगशिप फोन को सस्ते में खरीदा जा सकता है। इस सेल में फोन को लॉन्च प्राइस से 17,000 रुपये सस्ते में घर ला सकते हैं। गूगल ने इस फोन को पिछले साल अगस्त में लॉन्च किया था, जल्द ही कंपनी Google Pixel 11 सीरीज को लॉन्च करने वाली है। कंपनी ने फोन की लॉन्च डेट हाल ही में कंफर्म की है। इस सीरीज में Google Pixel 11 के साथ-साथ Pixel 11 Pro, Pixel 11 Pro XL और Pixel 11 Pro Fold लॉन्च किया जाएगा।
Pixel 10 पर डिस्काउंट
गूगल का यह फ्लैगशिप फोन भारत में एक ही स्टोरेज वेरिएंट 12GB RAM + 256GB में आता है। इस फोन की कीमत 79,999 रुपये है। ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर चल रही सेल में यह फोन 62,999 रुपये की कीमत में मिल रहा है। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर फोन की खरीद पर 7,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। इसके अलावा नो-कॉस्ट EMI और एक्सचेंज ऑफर का भी लाभ दिया जा रहा है। फोन की कीमत में 10,000 रुपये की कटौती की गई है। इस तरह कुल मिलाकर 17,000 रुपये बचाए जा सकते हैं।
Google Pixel 10 के फीचर्स
गूगल के इस फ्लैगशिप फोन में 6.3 इंच का Actua OLED डिस्प्ले मिलता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 2 का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलेगा। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 3,000 निट्स तक की है।
Google Pixel 10
फीचर्स
डिस्प्ले
6.3 इंच, 120Hz
प्रोसेसर
Tensor G5
स्टोरेज
12GB, 256GB
बैटरी
4970mAh, 30W, 10W
कैमरा
48MP + 13MP + 10.8MP, 10.5MP
OS
Android 16
Google Pixel 10 में Tensor G5 दिया गया है। यह गूगल का अब तक का सबसे लेटेस्ट चिपसेट है। साथ ही, फोन में 12GB रैम और 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट दिया गया है। इस स्मार्टफोन में कंपनी ने 4,970mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 30W वायर्ड और 10W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट मिलेगा।
इस फोन के बैक में कंपनी ने ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया है। फोन में 48MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 13MP का सेकेंडरी और 10.8MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 10.5MP का कैमरा मिलेगा। यह स्मार्टफोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। साथ ही, यह IP68 रेटिंग से लैस है, जिसकी वजह से पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में यह खराब नहीं होगा।
चीन में डॉल्फिन तूफान इस साल का सबसे बड़ा तूफान है।
जापान में तबाही मचाने के बाद डॉल्फिन तूफान अब चीन पहुंच गया है। रविवार देर रात इसने पूर्वी चीन के तटीय इलाकों में दस्तक दी। उस समय इसकी रफ्तार करीब 150 किमी प्रति घंटे थी।
इसके बाद कई शहरों में तेज बारिश शुरू हो गई। सबसे ज्यादा असर शंघाई में दिखा, जहां पिछले 150 साल में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई।
चीनी अधिकारियों के मुताबिक, खतरे को देखते हुए 10 लाख से ज्यादा लोगों को पहले ही सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया था।
चीनी मीडिया SCMP के मुताबिक अब तूफान कमजोर पड़ रहा है। इसलिए चीन की मौसम एजेंसी ने चेतावनी का स्तर घटा दिया है। हालांकि, लगातार बारिश की वजह से बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है। कुछ जगहों पर पहाड़ों से मिट्टी और चट्टानें खिसकने की घटनाएं भी हुई हैं।
तूफान की 5 तस्वीरें…
झेजियांग प्रांत में तूफान की तेज हवाओं की वजह से एक ट्रक पलट गया।
झेजियांग प्रांत में तूफान के कारण समुद्र के किनारे ऊंची लहरें टकराती नजर आ रही हैं।
तस्वीरों में तूफान की तेज रफ्तार हवाओं को देखा जा सकता है।
तेज हवाओं में लोगों के छाते उड़ता नजर आ रहे हैं।
शंघाई में भारी बारिश के बाद घरों और दुकानों में पानी भर गया।
943 उड़ाने रद्द की गई, लोकल ट्रेन भी बंद
शंघाई में भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शहर के दो प्रमुख एयरपोर्ट पर सोमवार को 943 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दक्षिण-पश्चिम चीन के चेंगदू से रविवार को शंघाई जा रही एक फ्लाइट बारिश के कारण शंघाई में लैंड नहीं कर सकी।
विमान को कुछ देर शंघाई के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बीजिंग डायवर्ट कर दिया गया। वहां उतरने के बाद विमान रात में चेंगदू लौट गया।
इसके अलावा लोकल ट्रेन समेत कई आम लोगों के लिए परिवहन सेवाएं भी बंद रहीं। झेजियांग के निंगबो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार दोपहर से उड़ानें फिर शुरू कर दी गईं।
हालांकि, एयरपोर्ट ने कहा कि तूफान का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में कुछ उड़ानों में देरी हो सकती है या उन्हें रद्द करना पड़ सकता है।
कई इलाकों में सड़कें पानी में डूब गईं। शंघाई सरकार ने शहर के कुछ हिस्सों में 30 सेंटीमीटर तक पानी जमा होने की आशंका जताई है।
बीजिंग में बारिश का रेड अलर्ट जारी
चीन की राजधानी बीजिंग भी अलर्ट पर है। शहर के पांच जिलों में सोमवार को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया। कुछ इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बताया गया। बीजिंग के मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है।
लोगों को जरूरी काम के अलावा बाहर न निकलने और आउटडोर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। चीन के मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान अब उत्तर-पश्चिम दिशा में 15 से 20 kmph की रफ्तार से बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, डॉल्फिन का क्लाउड सिस्टम करीब 1,300 km तक फैला है।
मैप से समझिए तूफान की लोकेशन
चीन में बार-बार तूफान क्यों आते हैं?
1. भूमध्य रेखा के पास और उत्तर में स्थित होना
पश्चिमी प्रशांत महासागर में हर साल सबसे ज्यादा 25 से 30 तूफान आते हैं। यह दुनिया भर में आने वाले कुल तूफानों का लगभग 30% है। इसकी वजह इस इलाके का भूमध्य रेखा के पास (उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में) स्थित होना है।
पृथ्वी के घूमने के कारण यहां हवाओं को गोल घुमाने वाला बल (कोरियोलिस इफेक्ट) बहुत मजबूत होता है। तूफान बनने के बाद ये हवाओं के बहाव के साथ जापान, ताइवान, चीन, कोरिया और फिलीपींस की तरफ बढ़ते हैं। यही वजह है कि इन देशों में सबसे ज्यादा तूफान आते हैं।
2. समुद्र का तेजी से गर्म होना
तूफान बनने और मजबूत होने की सबसे बड़ी वजह गर्म समुद्र है। जब समुद्र की सतह का तापमान बढ़ता है, तो पानी तेजी से भाप बनकर ऊपर उठता है। यह भाप तूफान के लिए ईंधन का काम करती है, जिससे हवाएं और बारिश दोनों बेहद तेज हो जाती हैं।
1901 में दुनिया भर के महासागरों की सतह का औसत तापमान लगभग 15.2°C से 15.3°C था। बीते कुछ साल में यह औसतन वैश्विक समुद्र सतह तापमान 21.1°C को पार कर गया है, जो इतिहास में सबसे ज्यादा है।
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जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान: 2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका
जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। जबकि 500 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। हालात को देखते हुए टोयोटा ने भी अपनी 9 फैक्ट्रियों में काम रोक दिया है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के मुताबिक, डॉल्फिन कैटेगरी-1 का तूफान है। इसकी लगातार हवा की रफ्तार 144 किमी प्रति घंटा और झोंकों की रफ्तार 198 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। यह तूफान क्यूशू और ओकिनावा के बीच स्थित द्वीपों की ओर बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
गुजरात में सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के फर्स्ट ईयर रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या ने रविवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। इस मामले में खुलासा हुआ है कि उन्होंने रैगिंग से परेशान होकर यह कदम उठाया। जांच में चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर की पहचान हुई है, जो काफी समय से उनकी रैगिंग और वर्बली एब्यूज कर रहे थे।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने चारों आरोपियों को को छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया है।साथ ही उन्हें हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया है। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद इनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी और तीन फैकल्टी सदस्यों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
रैगिंग के आरोप में सस्पेंड किए चारों आरोपी डॉक्टर
हॉस्टल के कमरे में किया था सुसाइड रविवार सुबह हॉस्टल के रूम नंबर 1004 का दरवाजा अंदर से बंद था। हर्ष पंड्या से संपर्क नहीं हो पाने पर उनके साथी डॉक्टर कमरे के बाहर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा न खुले पर सिक्योरिटी स्टाफ को खबर दी गई। स्टाफ ने दरवाजा तोड़ा और जाकर देखा तो हर्ष पंड्या पंखे से लटके मिले। उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वाड और कॉलेज काउंसिल ने जांच की। जांच में सेकेंड ईयर के चार रेजिडेंट डॉक्टरों पर जूनियर डॉक्टरों की रैगिंग और मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप सामने आए। कुछ पीड़ितों ने बताया कि आरोपी उन्हें कमरों में बंद कर कई-कई घंटों तक टॉर्चर करते थे। गालियां देते थे और मारपीट करते थे।
सिविल हॉस्पिटल में मृतक डॉक्टर के परिवार के लोग।
मृतक डॉक्टर के परिवार ने लगाया था रैगिंग का आरोप
डॉक्टर हर्ष पंड्या की मौत की खबर मिलते ही उनके पिता, चचेरे भाई और कई रिलेटिव सूरत सिविल अस्पताल पहुंचे। इस घटना में रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच रैगिंग का मुद्दा उठा और परिवार ने आरोप लगाया कि हर्ष ने रैगिंग के चलते आत्महत्या की। परिवार की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने जांच शुरू की और करीब 8 घंटे की पूछतात के बाद रैगिंग के आरोप सही पाए।
जांच में यह भी पता चला है कि कुछ जूनियर डॉक्टरों ने घटना से पहले शिक्षकों से रैगिंग को लेकर शिकायत भी की थी। अब इसकी भी जांच की जा रही है कि आखिर पहले ही आरोपियों के खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया गया।
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इंदौर में अंतरिक्ष की मौत: पिता बोले-रैगिंग-बुलिंग सह रहा था बेटा, दरवाजा बंद कर सोने की भी अनुमति नहीं थी
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र अंतरिक्ष अग्रवाल के सुसाइड के बाद रैगिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्र के परिजनों ने सीनियर छात्रों की प्रताड़ना को मौत की वजह बताया है, जबकि कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग के ठोस सबूत नहीं मिलने की बात कही है। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्या वाहिनी योजना के तहत कक्षा 9 की 200 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल तक आने-जाने की सुविधा बढ़ाना और उनकी शिक्षा के रास्ते में आने वाली रोजमर्रा की बाधाओं को कम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्राओं को शिक्षा के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साइकिल मिलने से छात्राओं को स्कूल आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होगी और वह अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। योजना से 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, इस वर्ष दिल्लीभर में कक्षा 9 की करीब 1.40 लाख छात्राओं को विद्या वाहिनी योजना के तहत साइकिल दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे खासतौर पर उन छात्राओं को फायदा मिलेगा। जिन्हें स्कूल आने-जाने में दूरी या परिवहन संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
योजना को छात्राओं की शिक्षा, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का कहना है कि स्कूल तक आसान पहुंच से छात्राओं की नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने और पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का लक्ष्य हर बेटी को शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराना है। साइकिल वितरण जैसी पहल इसी दिशा में एक कदम है, जिससे छात्राओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर अवसर और अधिक स्वतंत्रता मिल सके।
धौलपुर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत बाइक तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। यह रैली दोपहर 1 बजे इंदिरा गांधी स्टेडियम, बाड़ी फील्ड से शुरू हुई। इसमें हाथों में तिरंगा लिए बाइक सवारों ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए देशभक्ति का संदेश दिया। रैली लाल बाजार, पैलेस रोड और गुलाब बाग से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर समाप्त हुई। इस रैली में प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ आरएसी के जवान भी शामिल थे। बाइक सवारों ने तिरंगा लहराते हुए लोगों को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में अधिक से अधिक भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। रैली के दौरान पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल देखा गया। अतिरिक्त जिला कलेक्टर हरिराम मीणा ने जिलेवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक नागरिक अपने घर, वाहन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पर तिरंगा फहराकर इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दे सकता है। मीणा ने लोगों से तिरंगे के साथ अपनी तस्वीरें लेकर अभियान की वेबसाइट www.harghartiranga.com पर अपलोड करने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करना है। प्रशासन द्वारा जिलेभर में इस अभियान को व्यापक स्तर पर सफल बनाने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ मुलाकात के दौरान ग्लास्गो के एक रेस्तरां में भारत के गलत नक्शे पर आपत्ति जताने पर मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की सराहना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ मुलाकात के दौरान ग्लास्गो के एक रेस्तरां में भारत के गलत नक्शे पर आपत्ति जताने पर मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की सराहना की। प्रधानमंत्री ने रविवार को हुई इस बातचीत के दौरान पदक विजेताओं से खेलों की तैयारी और ग्लास्गो में उनके अनुभवों के बारे में सुना। इस दौरान भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने पिछले चार सालों के अपने संघर्ष के बारे में भी मोदी को बताया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को इसका लगभग 10 मिनट का वीडियो जारी किया। इस अवसर पर खेल मंत्री मनसुख मांडविया, खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा भी उपस्थित थीं।
मोदी ने 75 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतने वाली लवलीना से पूछा, ”क्या हुआ वो रेस्टोरेंट वाले से झगड़ा कर रही थी?”
असम की मुक्केबाज ने हंसते हुए जवाब दिया, ”हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और यह खेलों का आखिरी दिन था। यह खुशी का अवसर था। हम जश्न मना रहे थे और मुझे देश का गलत नक्शा देखना अच्छा नहीं लगा। मैंने विनम्रतापूर्वक उन्हें बताया और उन्होंने बदलाव भी कर दिया।”
मोदी ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि यह समझदारी भरा काम था, खासकर ऐसे समय में जब वह अपनी जीत का जश्न मना रही थीं।
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में इस बार 39 पदक जीते जिनमें 13 गोल्ड पदक शामिल हैं। भारत ने सात गोल्ड मेडल बॉक्सिंग में जीते।
मोदी ने टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता से कहा, ”खेलों के समापन और जश्न के माहौल में उस नक्शे के महत्व को पहचान पाना। मैं आपको सच बता सकता हूं, वह वीडियो साधारण नहीं था। लोग उसे लंबे समय तक याद रखेंगे।”
ग्लास्गो में 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलोग्राम का रिकॉर्ड भार उठाकर गोल्ड मेडल जीतने वाली वेटलिफ्टर मीराबाई चानू से प्रधानमंत्री ने बातचीत में पोडियम पर उनके भावुक होने के बारे में पूछा। बातचीत के दौरान उन्होंने मीराबाई को लड्डू भी खिलाया।
मीराबाई ने कहा कि यह उन भावनाओं को बाहर निकालने का पल था जिन्हें वह पिछले चार वर्षों से अपने अंदर दबाए हुए थीं।
मोदी ने कहा, ”इतने आंसू टपक रहे थे।”
भावुक लेकिन मुस्कुराती हुई मीराबाई ने जवाब दिया, ”मैं उस क्षण बहुत खुश और भावुक थी। मैं इसलिए रो रही थी क्योंकि पेरिस ओलंपिक में मैं एक किलोग्राम से पदक से चूक गई थी। पिछले चार सालों में मैंने बहुत कुछ झेला है। मैं चोटों और कुछ पारिवारिक समस्याओं से भी जूझ रही थी।”
उन्होंने अपनी चोटोंं और पारिवारिक समस्याओं के बारे में विस्तार से बताए बिना कहा, ”कई सारी बातें थीं। ये चार साल मेरे लिए बहुत कठिन रहे। इसलिए जब मैं पोडियम पर खड़ी हुई और हमारा ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान बजा, तो मैं आंसू नहीं रोक पाई।”
पुरुषों के 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले मुक्केबाज नरेन्द्र बेरवाल ने 2015 के वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में एक पाकिस्तानी मुक्केबाज को हराने के बाद उससे मिली एक मजेदार प्रतिक्रिया के बारे में मोदी को बताया।
उन्होंने कहा, ”वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स 2015 के दौरान मेरा पाकिस्तान के एक मुक्केबाज से मुकाबला था। मैंने उसमें जीत हासिल की लेकिन इसके बाद जब उपचार के लिए हम दोनों मेडिकल रूम में थे तो उसने मुझसे कहा, ‘भाईजान, आपका नाम नरेन्द्र है, आपके कोच का नाम नरेन्द्र है, आपके प्रधानमंत्री का नाम नरेन्द्र है। मुझे नरेन्द्र नाम से नफरत हो गई है।”
इस पर मोदी हंस पड़े।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
मोदी ने कहा, ”मैं पिछले 12-13 वर्षों से इस घर में हूं और अगर कोई एक ऐसा वर्ग है जिससे मैं यहां नियमित रूप से मिला हूं, तो वह खिलाड़ी हैं। क्योंकि आप भारत के लिए पदक जीतने की कोशिश करते हैं और नई ऊंचाइयां छूने की परंपरा को आगे बढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा, ”स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने के हमारे प्रयासों से कहीं अधिक आपके पदक लोगों को प्रेरित करते हैं।”
मोदी ने मुक्केबाज जादुमणि सिंह (55 किलोग्राम) की भी तारीफ की, जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 26 जुलाई को पाकिस्तान के मुक्केबाज को हराया था। 26 जुलाई को 1999 के कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की विजय की याद में विजय दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।
मोदी ने भारतीय सेना में सेवारत जादुमणि से कहा, ”भारतीय सशस्त्र बलों को अपना पदक समर्पित करके आपने पहले से ही गौरवशाली क्षण में और गौरव जोड़ दिया है। आपने उसे हराया जिसे हारना चाहिए था।”