गोरखपुर में एक तरफ जहां गर्मी का प्रचंड रूप देखने के लिए मिल रहा है वहीं पर गोरखपुर से एक ऐसी तस्वीर आई, जो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। शहर के बक्शीपुर और विकासनगर इलाके में बिजली विभाग के अधिकारियों ने पावर हाउस में लगे ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। दरअसल, भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते बिजली लोड की वजह से शहर के कई इलाकों में ट्रांसफार्मर गर्म होकर फुंकने की घटनाएं सामने आ रही थीं। ऐसे में बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित रखने और बिजली आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए अनोखे तरीके अपनाने शुरू कर दिए हैं। ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए किया जा रहा उपाय गोरखपुर के बक्शीपुर और विकासनगर इलाके में बिजली विभाग के अधिकारियों ने पावर हाउस में लगे ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। बक्शीपुर उपकेंद्र पर एक्सईएन के निर्देश पर ट्रांसफार्मर के पास बड़े एग्जॉस्ट फैन लगाए गए हैं, ताकि लगातार हवा मिलती रहे और गर्मी कम हो सके। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर की बाहरी सतह पर लगातार पानी का छिड़काव भी किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ विकासनगर इलाके की एक तस्वीर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां ट्रांसफार्मर को ठंडा रखने के लिए उसके सामने सीधे कुलर लगा दिया गया है। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग बिजली विभाग के इस देसी जुगाड़ की जमकर चर्चा कर रहे हैं। बिजली विभाग के मुताबिक, लगातार बढ़ रही गर्मी और ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर में आग लगने और जलने की घटनाएं भी हुई थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है। SDO बोले- कारगर साबित हुआ उपाय दैनिक भास्कर से बात करते हुए एसडीओ पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर के अंदर कवाल को ठंडा करने के लिए इन उपायों का होना जरूरी होता है। भीषण गर्मी पड़ने के चलते पानी का छिड़काव एग्जॉस्ट फैन जैसी चीजों का उपयोग किया जा रहा है। गोरखपुर में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रांसफार्मरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। फिलहाल बिजली विभाग द्वारा अपनाई गई यह तरकीब कारगर साबित हो रही है। विभाग का कहना है कि इन उपायों से ट्रांसफार्मर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद मिल रही है और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित नहीं हो रही है।
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गोरखपुर में ट्रांसफार्मर को ठंडा कर रहा कुलर, VIDEO: पाइप से किया जा रहा तरी, भीषण गर्मी में बिजली विभाग का देसी जुगाड़ – Gorakhpur News
ठीक दोपहर बाद बदलेगा कन्या राशि का मिजाज, बढ़ सकता है गुस्सा-तनाव, यहां समाधान
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Aaj ka Kanya Rashifal 22 May 2026: आज कन्या राशि वालों के लिए दिन की शुरुआत थोड़ी उतार-चढ़ाव भरी रह सकती है, लेकिन दोपहर बाद किस्मत का पूरा साथ मिलने वाला है.ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार हनुमान जी के आसान उपाय करने से तनाव दूर होगा और रुके काम बनने लगेंगे.
देवघर: कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहने वाला है, लेकिन दोपहर के बाद समय पूरी तरह आपके पक्ष में जाता दिखाई दे रहा है. ज्योतिष शास्त्र में दैनिक राशिफल ग्रहों की चाल, नक्षत्र और पंचांग के आधार पर निकाला जाता है. ऋषिकेश पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है. साथ ही हस्त नक्षत्र और सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है. सबसे खास बात यह है कि चन्द्रमा आज कन्या राशि में संचार कर रहा है, जिसका प्रभाव सीधे कन्या राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा.
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य
देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंद किशोर मुदगल के अनुसार दिन की शुरुआत थोड़ी सामान्य और संभलकर चलने वाली रहेगी. खासकर दोपहर से पहले आपको अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी. छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है, इसलिए किसी भी विवाद से दूर रहने की सलाह दी जाती है. अगर आप नौकरी करते हैं तो कार्यस्थल पर किसी सहकर्मी से बहस करने से बचें. वहीं व्यापार करने वाले लोगों को भी दिन के शुरुआती समय में बड़ा धन निवेश करने से बचना चाहिए. जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है.
दोपहर बाद समय मे होगा अचानक बदलाव
हालांकि परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि दोपहर के बाद ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में मजबूत होने लगेगी. धीरे-धीरे रुके हुए काम आगे बढ़ेंगे और मन में सकारात्मक ऊर्जा महसूस होगी. जिन लोगों का पैसा कहीं फंसा हुआ है, उन्हें राहत मिलने के संकेत हैं. व्यापार में भी शाम तक स्थिति बेहतर होती दिखाई दे रही है. पुराने ग्राहकों से फायदा मिल सकता है और नए काम की शुरुआत की योजना भी बन सकती है.
घर का माहौल सामान्य रहेगा
पारिवारिक जीवन की बात करें तो आज घर का माहौल सामान्य और शांत रहने वाला है. जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर थोड़ी अनबन हो सकती है, लेकिन समझदारी से मामला जल्दी सुलझ जाएगा. परिवार के लोगों का सहयोग मिलेगा और घर में सकारात्मक वातावरण बना रहेगा. बच्चों की तरफ से कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है, जिससे मन खुश रहेगा.
आज का दिन मानसिक रूप से भी राहत देने वाला रहेगा. दोपहर बाद मन शांत रहेगा और तनाव कम महसूस होगा. लंबे समय से चल रही चिंता से थोड़ी राहत मिल सकती है. शाम के समय दोस्तों या परिवार के साथ घूमने का प्लान बन सकता है. मनपसंद भोजन खाने का मौका मिलेगा और दिन का अंत खुशी के साथ होगा. स्वास्थ्य के लिहाज से भी शाम का समय बेहतर रहेगा और शरीर में ताजगी महसूस होगी.
करें ये उपाय
सुबह स्नान के बाद हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं.हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे मन शांत रहेगा और नकारात्मकता दूर होगी.“ॐ हं हनुमते नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ रहेगा.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
तेज रफ्तार वाहन ने स्कूटी सवार को मारी टक्कर, मौत: मामा ससुर के घर से लौटते समय हादसा; सड़क पर तड़पता रहा युवक, नहीं बच सकी जान – Gwalior News
ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर पुल पर सोमवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। मामा ससुर के घर से लौट रहे एक स्कूटी सवार युवक को तेज रफ्तार वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मर्चुरी भेजकर वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रात 10:30 बजे मऊ के लिए निकला था युवक हजीरा थाना पुलिस के अनुसार, ग्राम मऊ निवासी सत्यप्रकाश लोधी पुत्र भीकम सिंह लोधी एक निजी कंपनी में काम करता था। सोमवार को वह पारिवारिक काम से ग्वालियर के हजीरा क्षेत्र में रहने वाले अपने मामा ससुर के घर आया था। रात करीब 10:30 बजे खाना खाने के बाद वह स्कूटी से वापस मऊ के लिए निकला। सत्यप्रकाश जैसे ही संजय नगर पुल के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने उसकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क पर तड़पता रहा युवक
टक्कर लगते ही सत्यप्रकाश स्कूटी सहित सड़क पर दूर जा गिरा, जिससे उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से तेजी से भाग निकला। सन्नाटे के बीच वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों ने जब लहूलुहान हालत में युवक को सड़क पर पड़े देखा, तो तुरंत हजीरा थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
सूचना मिलते ही हजीरा थाने का चेतक मोबाइल और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए गंभीर रूप से घायल सत्यप्रकाश को एम्बुलेंस के जरिए तुरंत पास के बिरला अस्पताल पहुंचाया। लेकिन, वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, अत्यधिक खून बह जाने और सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। हजीरा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया- सड़क हादसे में मृत युवक सत्यप्रकाश लोधी के शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है। परिजन की शिकायत पर वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और टक्कर मारकर मौत का कारण बनने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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हिमाचल की इस धुएं वाली चाय का स्वाद पीते ही भूल जाएंगे नॉर्मल टी, जानें रेसिपी
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हिमाचल की वादियों में बनने वाली “लुगड़ी चाय” एक अनोखी धुएं वाली पारंपरिक चाय है, जो लकड़ी के चूल्हे पर तैयार होती है. इसका हल्का स्मोकी स्वाद और देसी खुशबू इसे सामान्य चाय से बिल्कुल अलग बना देती है. ठंडे मौसम में इसे पीना एक अलग ही सुकून देता है.
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरती, पहाड़ों और अनोखी परंपराओं के लिए जाना जाता है. लेकिन यहां की एक खास चीज इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रही है, जिसे “लुगड़ी चाय” या धुएं वाली पारंपरिक चाय कहा जाता है. यह कोई आम चाय नहीं है, बल्कि इसकी तैयारी और स्वाद दोनों ही इसे बेहद अलग और खास बनाते हैं. एक बार अगर आपने इसे पी लिया, तो सामान्य दूध वाली चाय का स्वाद आपको फीका लग सकता है.
लुगड़ी चाय हिमाचल के कुछ ग्रामीण इलाकों में बनने वाली एक पारंपरिक चाय है, जिसे खास तरीके से लकड़ी की आग पर तैयार किया जाता है. इसमें चाय पत्ती, दूध, गुड़ या कभी-कभी स्थानीय जड़ी-बूटियां डाली जाती हैं. लेकिन इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे सीधे गैस या इलेक्ट्रिक स्टोव पर नहीं बल्कि लकड़ी के चूल्हे पर लंबे समय तक उबालकर बनाया जाता है. इसी प्रक्रिया में इसमें हल्का सा धुएं का स्वाद आ जाता है, जो इसे एक अलग ही पहचान देता है.
क्यों कहा जाता है इसे “धुएं वाली चाय”?
इस चाय को धुएं वाली इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे तैयार करते समय लकड़ी के चूल्हे का धुआं धीरे-धीरे इसके स्वाद में घुल जाता है. पहाड़ी इलाकों में जब लोग ठंडे मौसम में आग के पास बैठकर इस चाय को पीते हैं, तो इसका स्वाद और भी गहरा और सुकून देने वाला लगता है. यही वजह है कि इसे सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि एक अनुभव माना जाता है.
स्वाद और खुशबू में क्या है खास?
लुगड़ी चाय का स्वाद सामान्य चाय से बिल्कुल अलग होता है. इसमें हल्की स्मोकी खुशबू होती है जो पीने वाले को पहाड़ों की मिट्टी और लकड़ी की आग की याद दिलाती है. यह चाय न तो बहुत मीठी होती है और न ही बहुत तीखी. इसका बैलेंस्ड स्वाद ही इसे खास बनाता है. कई लोग इसे सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए भी पीते हैं.
हिमाचल की संस्कृति से जुड़ा स्वाद
यह चाय सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि हिमाचल की लोक संस्कृति का हिस्सा है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग सुबह और शाम इसे पीना पसंद करते हैं. यह चाय लोगों को एक साथ बैठने, बातचीत करने और ठंड से बचने का बहाना भी देती है. यही वजह है कि इसे सामाजिक जुड़ाव का हिस्सा भी माना जाता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
भारत ने क्यों शुरू किया था पेट्रोल में इथेनॉल मिलाना? BPCL के पूर्व चेयरमैन ने बताई वजह
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भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का फैसला सिर्फ पर्यावरण बचाने के लिए नहीं लिया गया था. इसके पीछे देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी चिंता थी, जो हर बार कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर सामने आ जाती है. अब बीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन ने इसकी असली वजह खुलकर बताई है. सरकार कई सालों से तेल पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार नई रणनीति पर काम कर रही है. इथेनॉल मिश्रण से लेकर सौर, पवन और हाइड्रोजन तक, पूरा फोकस एक ऐसे भारत पर है जो भविष्य में विदेशी तेल के झटकों से कम प्रभावित हो.
गोपालन ने वैश्विक संकटों के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए तेल कंपनियों की तारीफ भी की.
नई दिल्ली. भारत में पेट्रोल की कीमतें जब भी बढ़ती हैं, उसके पीछे सबसे बड़ा कारण विदेशी कच्चा तेल माना जाता है. लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकार कई सालों से पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने पर इतना जोर क्यों दे रही है. इसके पीछे सिर्फ प्रदूषण कम करने की सोच नहीं बल्कि भारत की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती छिपी हुई है. देश हर साल अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है और यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में हलचल होते ही भारत पर भी दबाव बढ़ जाता है. अब भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी बीपीसीएल के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कृष्णकुमार गोपालन ने इस पूरी रणनीति के पीछे की असली वजह को विस्तार से समझाया है.
कृष्णकुमार गोपालन के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है. इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है क्योंकि वैश्विक बाजार में तेल महंगा होते ही भारत का आयात बिल तेजी से बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि सरकार ने काफी पहले ही इस खतरे को समझ लिया था और इसी वजह से पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य तय किया गया. उनके मुताबिक यह भारत की तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में पहला बड़ा कदम था. सरकार लगातार तेल कंपनियों के साथ मिलकर ऐसी रणनीति पर काम कर रही है जिससे विदेशी तेल पर दबाव धीरे धीरे घटाया जा सके.
अब रिन्यूएबल एनर्जी पर पूरा फोकस
पूर्व बीपीसीएल प्रमुख ने कहा कि इथेनॉल के बाद अब सरकार का सबसे बड़ा ध्यान रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर है. भारत तेजी से सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रहा है. उन्होंने बताया कि भविष्य को देखते हुए हाइड्रोजन रिटेल आउटलेट्स पर भी विचार किया जा रहा है. उनका कहना था कि दुनिया धीरे धीरे पारंपरिक ईंधन से साफ ऊर्जा की तरफ बढ़ रही है और भारत भी इसी बदलाव की तैयारी कर रहा है.
तेल कंपनियों ने संभाला दबाव
गोपालन ने वैश्विक संकटों के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए तेल कंपनियों की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर की कुछ समस्याओं को छोड़ दें तो देश में शायद ही कभी ईंधन की बड़ी कमी देखने को मिली है. उनके मुताबिक तेल कंपनियों ने सप्लाई मैनेजमेंट का काम काफी बेहतर तरीके से संभाला है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद कंपनियों ने लागत का बड़ा हिस्सा खुद उठाया है.
पेट्रोल और डीजल पर भारी अंडर रिकवरी
पूर्व बीपीसीएल चेयरमैन के अनुसार फिलहाल पेट्रोल पर करीब 13 से 14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 38 रुपये प्रति लीटर की अंडर रिकवरी चल रही है. यानी कंपनियां जितनी लागत में ईंधन खरीद रही हैं, उतने दाम पर उसे बेच नहीं पा रहीं. हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि अब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी दिख रही है. अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बातचीत सफल रहती है और तनाव कम होता है, तो भारत को बड़ी राहत मिल सकती है. इससे तेल कंपनियों पर दबाव कम होगा और देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें
बॉलीवुड की वो 7 हसीनाएं, जिनके टॉवल सीन देख थिएटर में खूब बजी थीं तालियां
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हर साल 25 मई को दुनियाभर में ‘टॉवल डे’ मनाया जाता है. आज इसी मौके पर बॉलीवुड की उन हसीनाओं के बारे में आपको बताते हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री में टावल वाला ऐसा सीन दिया कि वो यादगार बन गया. कई ऐसी एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने टॉवल सीन देकर बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था.
नई दिल्ली. बॉलीवुड में अब तक कई ऐसी फिल्में बनाई जा चुकी हैं, जिनके टॉवल वाले सीन लोग भूल ही नहीं पाए हैं. इनमें कंगना रनौत, काजोल, कैटरीना कैफ और करीना कपूर जैसी एक्ट्रेस शामिल हैं. काजोल का टॉवल वाला सीन काफी चर्चा में रहा था. फिल्म भी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

इनमें पहली हैं, काजोल, उन्होंने फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ में अपने गाने मेरे ख्वाबों में जो आए में टॉवल वाला सीन दिया था. उनका वो लुक आज भी आइकॉनिक माना जाता है. फिल्म के इस सीन की खूब चर्चा हुई थी.

दूसरी है, कंगना रनौत. फिल्म ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’में कंगना ने बेबाक अंदाज दिखाया था. फिल्म में उन्होंने अपने रोल से तहलका मचा दिया था. इतना ही नहीं, फिल्म में कंगना का टॉवल वाला सीन तो देखकर लोग हंस-हंस कर लोट-पोट हो गए थे. फिल्म में कंगना के एक्सप्रेशंस ने इस मोमेंट को और भी यादगार बना दिया.
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चौथी फिल्म है, करीना कपूर की फिदा. इस फिल्म में करीना कपूर खान का ग्लैमरस टॉवल सीन काफी सुर्खियों में रहा था. फिल्म में उनका ये सीन काफी पसंद किया गया था.

फिल्म दोस्ताना में प्रियंका चोपड़ा, अभिषेक बच्चन और जॉन अब्राहम नजर आए थे. फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने अपने स्टाइल से तहलका मचा दिया था. फिल्म का टॉवल वाला ड्रेसिंग रूम सीन तो सुर्खियों में छा गया था. इस फिल्म का लव ट्रायंगल भी काफी पसंद किया गया था.

फिल्म मन में आमिर खान और मनीषा कोइराला नजर आए थे. इस फिल्म में उनके बीच एक टॉवल सीन फिल्माया गया था. मनीषा कोइराला का टॉवल वाला सीन हल्के-फुल्के कॉमिक अंदाज में दर्शाया गया था. फिल्म में लोगों को वो सीन काफी पसंद आया था.

इसके अलावा फिल्म हंगामा में रिमी सेन पर भी टॉवल सीन फिल्माया गया था. ये फिल्म में कॉमिक कन्फ्यूजन और रोमांटिक फील का हिस्सा था. आज भी लोग उस सीन को भूल नहीं पाए हैं.रिमी सेन ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दे चुकी हैं, लेकिन अब वह एक्टिंग को अलविदा कह चुकी हैं.
गलता-तीर्थ से हुआ वंदे गंगा जल सरक्षण अभियान का शुभारंभ: उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने गंगा आरती की, फावड़ा चलाकर श्रमदान का संदेश दिया – Jaipur News
राजस्थान में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को गंगा दशमी के पावन अवसर पर ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026’ का जिला स्तरीय शुभारंभ जयपुर स्थित गलता तीर्थ में किया गया।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पूजा-अर्चना, गंगा आरती और श्रमदान करके अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर दिया कुमार ने कहा कि राजस्थान जैसे शुष्क और रेगिस्तानी प्रदेश में जल संग्रहण एवं संरक्षण सबसे जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि 25 मई से 5 जून तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, जल संचयन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा इसे जन आंदोलन का रूप देना है। दिया ने फावड़ा चलाकर श्रमदान का संदेश दिया
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने फावड़ा चलाकर श्रमदान का संदेश भी किया। उन्होने महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा की अगुवाई की और गलता तीर्थ स्थित गौशाला में गायों को चारा खिलाकर गौसेवा भी की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उपस्थित रहे। गंगा आरती के दौरान पूरा गलता तीर्थ परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में जल संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से जल बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस दौरान भाजपा प्रत्याशी रवि नैयर, जिला कलेक्टर संदेश नायक, जिला परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रतिभा वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर चतुर्थ आशीष कुमार, देवस्थान विभाग के अतिरिक्त आयुक्त रतनलाल योगी सहित जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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जहानाबाद पुलिस ने चलाया सघन वाहन चेकिंग अभियान: बाइक और चार पहिया वाहनों की जांच हुई, अपराध नियंत्रण को लेकर कार्रवाई – Jehanabad News
जहानाबाद पुलिस ने जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सक्रियता दिखाई है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक अपराजित लोहान के निर्देश पर सोमवार को शहर के अरवल मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व सर्किल ऑफिसर रघुनाथ प्रसाद ने किया। अभियान के तहत, अरवल मोड़ से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की गई। पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों से पूछताछ की और उनके बैग, डिक्की सहित अन्य सामानों की तलाशी ली। पुलिस बल संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरी मुस्तैदी से तैनात था। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इस वाहन जांच का मुख्य उद्देश्य अपराध पर नियंत्रण, अवैध गतिविधियों पर रोक और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में भी जिले के विभिन्न संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऐसे सघन जांच अभियान जारी रहेंगे। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। जहानाबाद पुलिस की इस पहल की आम लोगों ने सराहना की है। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि ऐसे अभियानों से जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।
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जम्मू में ‘लुंगी गैंग’ की दहशत, रात में करते हैं घरों की रेकी, फिर कर देते कांड
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जम्मू में इन दिनों संदिग्ध ‘लुंगी गैंग’ को लेकर दहशत का माहौल है. आरोप है कि यह गैंग रात के अंधेरे में कॉलोनियों और घरों की रेकी करता है और मौका मिलते ही वारदात को अंजाम देता है. कई इलाकों में लोगों ने संदिग्ध गतिविधियों के वीडियो भी शेयर किए हैं, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.
जम्मू में लुंगी गैंग की दशहत है.
जम्मू के सैनिक कॉलोनी इलाके में बीती रात कुछ संदिग्ध युवक लुंगी पहनकर गलियों और घरों के आसपास घूमते नजर आए, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये युवक घरों की रेकी कर रहे थे और देर रात संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे. इलाके के लोगों ने बताया कि कुछ युवक घरों के बाहर रुक-रुक कर इधर-उधर देख रहे थे, जिसके बाद लोगों को शक हुआ. कई लोगों ने इनकी वीडियो और तस्वीरें भी अपने मोबाइल में रिकॉर्ड की हैं.
घटना के बाद स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं और रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. निवासियों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में पेट्रोलिंग तेज करने और संदिग्ध लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने की मांग की है. फिलहाल पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की जा रही है.
दो साल पहले यूपी में भी दिखा था खौफ
इस तरह की घटनाओं को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहले भी अफवाहें और डर का माहौल बनता रहा है. साल 2018 में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में “लुंगी गैंग” को लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें दावा किया गया था कि कुछ लोग रात में कॉलोनियों की रेकी कर चोरी और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते हैं. वहीं 2022 में उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों और दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में भी इसी तरह के संदिग्ध गिरोह की चर्चाएं सामने आई थीं. हालांकि कई मामलों में पुलिस जांच के बाद अफवाह और वास्तविक घटनाओं में फर्क भी सामने आया था, लेकिन रात में संदिग्ध तरीके से घूमते लोगों ने स्थानीय निवासियों में डर जरूर पैदा किया था.
युवाओं की टीमें कर रहीं गश्त
जम्मू के सैनिक कॉलोनी इलाके में सामने आई ताजा घटना के बाद लोगों ने खुद ही रात में निगरानी बढ़ानी शुरू कर दी है. कई मोहल्लों में युवकों की टीमें बनाकर रात के समय गश्त की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके. स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में चोरी और रेकी की घटनाओं की खबरों के कारण लोग पहले से ही सतर्क हैं, ऐसे में देर रात अज्ञात युवकों का गलियों में घूमना चिंता बढ़ाने वाला है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद आसपास के इलाकों में भी लोग अलर्ट हो गए हैं.
वायरल वीडियो की पड़ताल
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो की पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि बिना पुष्टि के किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अनावश्यक दहशत फैल सकती है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत स्थानीय थाने या कंट्रोल रूम को सूचना दें. साथ ही रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचने और मोहल्लों में सीसीटीवी व सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने की सलाह भी दी गई है.
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माधुरी दीक्षित ने किया आर्ट फिल्म में काम, निभाया ऐसा रोल, दिल में बस गई मूवी
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Madhuri Dixit Best movie : फिल्में समाज का आईना होती हैं. समाज की यथार्च सच्चाई आर्ट फिल्मों में सटीकता से दिखाई देती है. बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस हमेशा पैरेलल सिनेमा से दूरी बरतती रही हैं. उन्हें कॉमर्शियल सिनेमा ही भाता है. मसाला फिल्में जितनी ज्यादा बॉक्स ऑफिस पर सफल होती हैं, एक्ट्रेस की स्टार वैल्यू उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है. 90 के दशक की लेडी सुपर स्टार माधुरी दीक्षित ने करियर के पीक पर पैरेलल सिनेमा में काम किया था. उनके दोस्तों-शुभचिंतकों ने इस फिल्म में काम ना करने की नसीहत दी थी. माधुरी नहीं मानी. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप जरूर हो गई दर्शकों के दिल में बस गई. आज उस फिल्म की गिनती बॉलीवुड की कल्ट मूवी में होती है. फिल्म में 90 के दशक का एक सबसे रोमांटिक गाना था.
श्याम बेनेगल को बॉलीवुड में पैरेलल सिनेमा का जनक माना जाता है. शबाना आजमी और नसीरुद्दीन शाह ने पैरेलल सिनेमा में खूब काम किया. शशि कपूर भी यथार्थ सिनेमा बनाने के लिए जाने जाते थे. 90 के दशक में प्रकाश झा ने भी गंभीर मुद्दों पर फिल्में बनाईं. बिहार की पृष्ठभूमि, आर्थिक असामनता, राजनीति-समाज की सच्चाई को पर्दे पर उतारा. इन फिल्मों ने समाज को झकझोर कर रख दिया. माधुरी दीक्षित ने सोशल इश्यू पर बेस्ड ऐसी ही एक फिल्म में काम किया था. शानदार एक्टिंग से सबका दिल जीत लिया था. यह फिल्म मृत्यु्दंड थी जिसका निर्देशन प्रकाश झा ने किया था.

‘कह दो एक बार सजना, इतना क्यों प्यार सजना, ऐसा भी मुझमें क्या है रे’ माधुरी दीक्षित का यह गाना 90 के दशक के रोमांटिक सॉन्ग में शामिल है. माधुरी दीक्षित, शबाना आजमी, ओमपुरी, मोहन अगाशे और अयूब खान स्टारर इस फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन प्रकाश झा ने किया था.

मृत्युदंड फिल्म 11 जुलाई 1997 को रिलीज हुई थी. फिल्म में बिहार के ग्रामीण इलाकों की हालत, पुरुष-प्रधान समाज, भ्रष्टाचार, जमींदारी व्यवस्था और महिलाओं के शोषण को दिखाया गया. कहानी मुख्य रूप से तीन साहसी महिलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है जो समाज की जड़ता और दमनकारी पुरुषों के खिलाफ आवाज उठाती हैं. माधुरी दीक्षित, शबाना आज़मी और शिल्पा शिरोडकर ने ये रोल निभाए थे.
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फिल्म में माधुरी दीक्षित ने केतकी का रोल निभाया था. शबाना आज़मी ने चंद्रावती की भूमिका में शानदार परफॉर्मेंस दी थी. इसके अलावा, ओम पुरी, अयूब खान, मोहन आगाशे और मोहन जोशी जैसे सितारों ने अहम भूमिकाएं निभाई थीं.

माधुरी दीक्षित ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके शुभचिंतकों और दोस्तों ने इस फिल्म में काम ना करने की सलाह दी थी. सबका मानना था कि माधुरी दीक्षित की स्टार वैल्यू घट जाएगी. माधुरी दीक्षित ने कहा था, ‘उन दिनों कॉमर्शियल फिल्म एक्ट्रेस आर्ट फिल्म नहीं करती थी. मेरे मैनेजर मनमोहन शेट्टी तो हैरान रह गए थे. मुझे मृत्युदंड की कहानी बहुत पसंद आई थी. मुझे लगा कि कहानी महिला सशक्तिकरण के बारे में है. प्रकाश झा हर फ्रेम में पहले एक्टिंग करके दिखाते थे. फिर मैं वैसी ही एक्टिंग करती थी.’

‘मृत्युदंड’ फिल्म का म्यूजिक आनंद-मिलिंद ने कंपोज किया था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. फिल्म का सबसे फेमस गाना ‘कह दो एक बार सजना, इतना क्यूं प्यार सजना’ था, जिसे उदित नारायण अलका याज्ञनिक ने गाया था. बताया जाता है कि पहले यह फिल्म जूही चावला को ऑफर हुई थी लेकिन उन्होंने रिजेक्ट कर दी थी.

पहले इस फिल्म का टाइटल ‘अभिशप्त’ था जिसे बदलकर ‘मृत्युदंड’ किया गया. ‘मृत्युदंड’ माधुरी की बेहतरीन फिल्मों में से एक मानी जाती है. फिल्म कॉमर्शियल और आर्ट फिल्म के बीच का अच्छा बैलेंस बनाती है. दमदार सोशल ड्रामा है जो आज भी प्रासंगिक लगती है.

पौने 3 करोड़ के बजट में बनी ‘मृत्युदंड’ 100 स्क्रीन पर रिलीज हुई थी. फिल्म ने करीब 4 करोड़ का वर्ल्ड वाइड कलेक्शन किया था. बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म फ्लॉप रही थी लेकिन समय के साथ इस फिल्म के प्रति दर्शकों में दीवानगी बढ़ती गई. आज इसकी गिनती कल्ट मूवी में होती है.

