Saturday, August 8, 2026
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उदयपुर में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महिला को कुचला, मौत: कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई; पुरानी रंजिश का मामला – Udaipur News



उदयपुर में आज शाम को स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महिला को इस तरह कुचल दिया।

उदयपुर में तीन गाड़ियों में सवार आरोपियों ने पहले कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। इसके बाद बाहर खड़ी गाड़ियों को पत्थर मारकर तोड़फोड़ की। इसके बाद घर से बाहर निकली एक महिला को स्कॉर्पियो से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

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प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित कपिल विहार कॉलोनी में यह वारदात शुक्रवार शाम करीब 5:43 बजे हुई। हादसे में गंभीर घायल उर्मिला कुंवर (50) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई।

पहले से चल रहा था विवाद

बताया जा रहा है कि उर्मिला कुंवर के बेटे का आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी एक काली स्कॉर्पियो और दो थार में सवार होकर कपिल विहार पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने पहले कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई।

इसी दौरान उर्मिला कुंवर घर से बाहर आईं। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि काली स्कॉर्पियो महिला की ओर बढ़ी और जोरदार टक्कर मार दी।

घटना की सूचना मिलने पर प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र का मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश कारण हो सकता है।



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भगवान खुश, भक्त फिट…इस सावन बनाएं दूध, मखाना और केसर की खीर, ये रही रेसिपी


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भगवान खुश, भक्त फिट…इस सावन बनाएं दूध, मखाना और केसर की खीर, ये रही रेसिपी

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Recipe for sawan fast : अगर इस बार आप व्रत के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं तो यह आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें. सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास का माना जाता है. इस दौरान लोग सात्विक भोजन के लिए ऐसी चीजें चुनते हैं जो लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा दें. ऐसे लोगों के लिए दूध, मखाना और केसर से तैयार की जाने वाली खीर एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. रायबरेली के गृह विज्ञान प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि मखाना प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है. दूध शरीर को कैल्शियम और प्रोटीन देता है, केसर व्यंजन की खुशबू और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है.

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सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास का विशेष समय माना जाता है. इस दौरान लोग सात्विक भोजन का सेवन करते हैं और ऐसी चीजें चुनते हैं जो लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ शरीर को पोषण भी प्रदान करे. अगर आप भी सावन के व्रत में कुछ स्वादिष्ट और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो दूध, मखाना और केसर से तैयार की जाने वाली खीर एक बेहतरीन विकल्प है. यह खीर स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है और घर के सभी सदस्य इसे पसंद करते हैं.

रायबरेली जिले के एसबीवीपी इंटर कॉलेज के गृह विज्ञान के प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह (एमए बीएड लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बताते हैं कि मखाना प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है. दूध शरीर को कैल्शियम और प्रोटीन देता है जबकि केसर इसकी खुशबू और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है. सूखे मेवों के साथ तैयार की गई यह खीर व्रत के दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देती है.

अरुण कुमार सिंह बताते हैं कि इसे बनाने के लिए एक लीटर फुल क्रीम दूध, 2 कप मखाना,  8 से 10 केसर के धागे चाहिए. इसके अलावा 5 से 6 बड़ा चम्मच चीनी या स्वादानुसार, एक बड़ा चम्मच देसी घी, 8 से 10 बादाम कटे हुए, 8 से 10 काजू कटे हुए, एक बड़ा चम्मच पिस्ता बारीक कटा हुआ और 4 से 5 छोटी इलायची का पाउडर चाहिए.

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अरुण कुमार के मुताबिक, सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा सा देसी घी गर्म करें और उसमें मखानों को 4 से 5 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भून लें. ठंडा होने पर आधे मखानों को मोटा-मोटा तोड़ लें और बाकी को साबुत रहने दें. अरुण कुमार बताते हैं कि इससे खीर का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं.

अब एक भारी तले वाले बर्तन में दूध को उबालें. जब दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तब उसमें भुने हुए मखाने डाल दें. धीमी आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक पकाएं ताकि मखाने अच्छी तरह नरम हो जाए. इसके बाद चीनी, इलायची पाउडर और पहले से थोड़े गर्म दूध में भिगोए हुए केसर के धागे डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर 5 से 7 मिनट और पकाएं. आखिर में कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डालकर गैस बंद कर दें.

अरुण कुमार बताते हैं कि यह खीर गर्म भी बेहद स्वादिष्ट लगती है और फ्रिज में ठंडी करके भी परोसी जा सकती है. अगर आप व्रत में चीनी का सेवन नहीं करना चाहते तो इसकी जगह मिश्री या स्वादानुसार गुड़ का उपयोग भी कर सकते है. ध्यान रखें कि गुड़ का इस्तेमाल करते समय दूध को गैस से उतारने के बाद ही मिलाएं ताकि दूध फटे नहीं.

अरुण कुमार के मुताबिक दूध, मखाना और केसर से बनी यह खीर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है. इसमें मौजूद प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और हेल्दी फैट शरीर को ऊर्जा देते है. यही वजह है कि सावन के व्रत में इसे सबसे पसंदीदा और पौष्टिक व्यंजनों में गिना जाता है. अगर इस बार आप व्रत के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं तो यह आसान और स्वादिष्ट रेसिपी जरूर ट्राई करें.

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बेकाबू होता जा रहा है AI, फेक प्रोफाइल बनाकर साइबर फ्रॉड की कोशिश


AI मॉडल्स अब हाथ से निकलते जा रहे हैं। इसकी वजह से लोगों की नौकरियां तो जा ही रही थी। अब एआई मॉडल ने सिस्टम में सेंध लगाना शुरू कर दिया है। हाल में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा के एक एआई मॉडल ने टेस्टिंग के दौरान सिस्टम में सेंध लगा दिया। इसने लोगों के फर्जी प्रोफाइल बनाकर साइबर फ्रॉड करने की कोशिश की। इससे पहले भी Anthropic और ChatGPT वाली कंपनी OpenAI के मॉडल ने भी ऐसी कोशिश की थी।

बेकाबू होते जा रहें एआई मॉडल

रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा के एआई मॉडल को टेस्टिंग के दौरान इंटरनेट का एक्सेस मिल गया, जिसके बाद इसने दूसरी कंपनी के सिस्टम में जाकर सुरक्षा खामी का फायदा उठा लिया और सेंधमारी की कोशिश की है। मेटा ने बताया कि कंपनी की इंडिपेंडेंट टेस्टिंग पार्टनर Irregular की एक गलत कन्फिगरेशन की वजह से एआई मॉडल को टेस्टिंग के दौरान इंटरनेट का एक्सेस मिल गया।

Irregular ने अपने स्टेटमेंट में बताया कि यह टेस्टिंग एनवायरोमेंट की समस्या की वजह से एआई मॉडल को ओपन इंटरनेट एक्सेस मिल गया था, जिसके बाद तीन अलग-अलग संगठनों के सिस्टम तक पहुंच बन गई थी। हालांकि, कंपनी ने यह साफ किया था कि यह Sandbox Escape  या कोई साइबर अटैक नहीं था।

इंटरनल सिस्टम में घुसने की कोशिश

वहीं, एक और रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा के एआई मॉडल ने एक अज्ञात कंपनी के सिस्टम में घुसकर उसके इंटरनल सिस्टम में कुछ बदलाव कर दिए। इसके बाद कंपनी ने इस घटना की जांच शुरू की है। इसके अलावा ब्रिटेन के AI सिक्योरिटी इंस्टीट्यूट (AISI) की साइबर सिक्योरिटी टेस्टिंग के दौरान दुनिया के एडवांस एआई मॉडल्स ने ऐसा बर्ताव किया, जिसने एक्सपर्ट्स की चिंता बढ़ा दी है। इसने बिना किसी कमांड मिले ही खुद की फर्जी ऑनलाइन पहचान बनाई है और असली लोगों व सगंठनों से कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की। हालांकि, जांच के दौरान इन एक्टिविटी को समय रहते रोक दिया गया।

इन मामलों के अलावा Anthropic Mythos 5 AI मॉडल ने साइबर सिक्योरिटी चैलेंज के दौरान AI को GitHub तक पहुंच बनाने का काम दिया गया था लेकिन इसने प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई और फर्जी प्रोफाइल बनाकर मैलेशियस कोड को मंजूरी दिलाने की कोशिश की है।

भारत में AI डीपफेक से जुड़े नियमों को और भी सख्त बना दिए गए हैं। इसकी वजह से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्हें डीपफेक की शिकायत मिलने पर पहले के मुकाबले 12 गुना तेजी से कार्रवाई करनी होगी।

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औरैया में महिला ने किया सुसाइड: घर से डेढ़ किमी दूर जंगल में पेड़ से फांसी लगाई, पति करता है मजदूरी – Auraiya News




थाना सहायल क्षेत्र के ताजपुर गांव में शुक्रवार की। दोपहर बाद करीब तीन बजे एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान मोहिनी कठेरिया (29 वर्ष) पत्नी प्रथम बाबू के रूप में हुई है, जो ताजपुर गांव की निवासी थीं। उन्होंने अपने गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पुरवा फकीरे के जंगल में नाले के किनारे एक पेड़ पर अपनी साड़ी से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मोहिनी की शादी मई 2017 में हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें अंशिका (7 वर्ष), हीरो (5 वर्ष) और यश (3 वर्ष) शामिल हैं। उनके पति प्रथम बाबू मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के पति, ससुराल पक्ष के लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मायका पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। थाना प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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मेटा को नसीहत : कंपनी ऐसी व्यवस्था करे कि खुद से भी हटाया जा सके आपत्तिजनक कंटेंट


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Action on Meta : सरकार ने आपत्तिजनक कंटेंट के मामले में मेटा से दो टूक कहा है कि ऐसे कंटेंट को सिर्फ एआई के जरिये हटाने की व्यवस्था न करें, बल्कि इसमें मानवीय हस्तक्षेप करने की भी व्यवस्था की जाए.

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मेटा को नसीहत : कंपनी ऐसी व्यवस्था करे कि हटाया जा सके आपत्तिजनक कंटेंट Zoom

मेटा के नियमों की सरकार समीक्षा कर रही है.

नई दिल्ली. आपत्तिजनक और हानिकारक कंटेंट की मॉडरेशन को लेकर केंद्र सरकार ने Meta से कंटेंट हटाने की प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप (Human Intervention) बढ़ाने को कहा है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने साफ कहा है कि केवल AI आधारित मॉडरेशन पर्याप्त नहीं है, बल्कि भारतीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भ (Indian languages and Context) को समझने वाले अधिक लोगों को इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि कंटेंट मॉडरेशन अधिक प्रभावी और सटीक हो सके.

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प्रियंका काण्डपालवरिष्ठ संवाददाता

आज तक से टीवी पत्रकारिता शुरू करने वाली प्रियंका कांडपाल को अब तक तकरीबन 11 साल का अनुभव है. तकरीबन चार साल आज तक में रिपोर्टिंग के साथ एंकरिंग भी कर चुकी हैं. उसके बाद इंडिया टीवी में पांच साल तक काम किया. 201…

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पेपरलेस रजिस्ट्रेशन के विरोध में चौथे दिन हड़ताल: लखीसराय में रजिस्ट्री कार्यालय में कामकाज ठप, कहा-‘पुरानी व्यवस्था बहाल हो’ – Lakhisarai News




लखीसराय में पेपरलेस जमीन निबंधन व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज नवीस (कातिब), स्टांप विक्रेता और मुंशियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। इस कारण जिला निबंधन कार्यालय में कामकाज पूरी तरह ठप रहा और रजिस्ट्री कराने आए लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। स्टांप विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट हड़तालियों ने जिला निबंधन कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए सरकार से पुरानी निबंधन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि नई पेपरलेस प्रणाली से कातिबों, दस्तावेज लेखकों, मुंशियों और स्टांप विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। दस्तावेज नवीस महासंघ की जिला शाखा के सचिव परमानंद प्रसाद सिन्हा ने बताया कि वर्षों से रजिस्ट्री कार्यालयों में काम कर रहे सैकड़ों परिवारों की आजीविका इस व्यवस्था से प्रभावित होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नई प्रणाली लागू करने से पहले सरकार ने इससे जुड़े लोगों की समस्याओं और सुझावों पर विचार नहीं किया। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को परेशानी होगी प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से दस्तावेज तैयार करने वाले कातिबों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को तकनीकी जानकारी के अभाव में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हड़तालियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने तीन अगस्त से पेपरलेस जमीन निबंधन व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत अधिकांश प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। लखीसराय में 1 भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई नई व्यवस्था लागू होने के बाद से अब तक लखीसराय में एक भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। हड़ताल के कारण जिला निबंधन कार्यालय में सन्नाटा पसरा है और आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन में महासंघ के उपसचिव अरुण कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष गोपाल कुमार, अर्जुन सिंह, मनोज सिंह, कृष्णनंदन सिन्हा, विनोद कुमार सिन्हा, दीपक कुमार सिन्हा, नरेश प्रसाद सिन्हा, सुरेंद्र यादव, पंकज कुमार, भोपाल यादव, शंभु कुमार सिन्हा, राजीव कुमार और रंजीत कुमार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में कातिब, स्टांप विक्रेता और मुंशी शामिल थे।



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सिंध नदी में अवैध रेत खनन पर एनजीटी का आदेश: संयुक्त समिति बनाकर 6 हफ्तों में देनी होगी रिपोर्ट, कांग्रेस नेता की याचिका पर हुई सुनवाई – Bhopal News




मध्य प्रदेश के भिंड और दतिया जिलों से गुजरने वाली सिंध नदी में धड़ल्ले से चल रहे अवैध रूप से मशीनों के जरिए होने वाले रेत खनन के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सेंट्रल जोन बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी के न्यायिक सदस्य शेव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने जमीनी हकीकत का पता लगाने और कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय संयुक्त समिति का गठन भी कर दिया है NGT के आदेश पर अब संयुक्त समिति 6 हफ्ते में देगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), मध्य प्रदेश पर्यावरण विभाग के सचिव द्वारा नामित एक प्रतिनिधि और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPPCB) के प्रतिनिधि को शामिल कर एक संयुक्त समिति बनाई है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस समिति के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। ट्रिब्यूनल ने इस समिति को प्रभावित इलाकों का दौरा कर छह सप्ताह के भीतर अपनी तथ्यात्मक और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। मशीनों के जरिए हो रहा सिंध में अवैध रेत खनन याचिकाकर्ता डॉ. गोविंद सिंह की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने ट्रिब्यूनल को बताया कि चंबल-यमुना प्रणाली की प्रमुख सहायक नदी ‘सिंध’ में बड़े पैमाने पर भारी मशीनों और सक्शन-ड्रेजिंग उपकरणों से लैस नावों के जरिए नदी की मुख्य धारा के भीतर से रेत निकाली जा रही है। यह अवैध कारोबार भिंड जिले के 18 और दतिया जिले के 6 गांवों में खुलेआम चल रहा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बिना किसी वैध जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) या पर्यावरण मंजूरी के निकाली जा रही इस रेत को बिना वैध ट्रांजिट परमिट के मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भेजा जा रहा है। इस मामले में पुलिस की संलिप्तता को लेकर एक प्रारंभिक सतर्कता (विजिलेंस) जांच भी शुरू हो चुकी है। आदेश का पालन नहीं कर रहा प्रशासन
सुनवाई के दौरान यह दलील भी दी गई कि मध्य प्रदेश सरकार पूर्व में एनजीटी द्वारा ‘गीता उर्फ लक्ष्मी मीणा बनाम मध्य प्रदेश राज्य’ मामले में तय किए गए सुरक्षात्मक दिशा-निर्देशों को इन जिलों में लागू करने में पूरी तरह विफल रही है। इन नियमों के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन, पीरियोडिक निरीक्षण, वार्षिक पुनर्भरण अध्ययन (Annual Replenishment Study) और अवैध वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है, जिसका पालन नहीं किया जा रहा है। घड़ियालों और वन्य जीवों को खतरा सिंध नदी का यह क्षेत्र पर्यावरण और वन्यजीवों के लिहाज से बेहद संवेदनशील है, क्योंकि यह राष्ट्रीय चंबल (घड़ियाल) वन्यजीव अभ्यारण्य से पारिस्थितिक रूप से जुड़ा हुआ है। यह नदी मगरमच्छों, प्रवासी पक्षियों और गंभीर रूप से लुप्तप्राय भारतीय फ्लैपशेल कछुओं व घड़ियालों का प्रमुख प्रजनन स्थल है। अनियंत्रित और अवैध खनन के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है, जल प्रदूषण गंभीर रूप ले चुका है और इन दुर्लभ जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास पूरी तरह नष्ट होने के कगार पर पहुंच गया है। 7 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई एनजीटी ने माना कि इस मामले में पर्यावरण से जुड़ा एक बेहद गंभीर मुद्दा उठाया गया है। सभी प्रतिवादियों को अगले चार हफ्तों के भीतर नोटिस का जवाब देने और छह सप्ताह में विस्तृत ई-फाइलिंग जवाब दाखिल करने का आदेश दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई अब 7 अक्टूबर 2026 को होगी।



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दूध, मलाई और ड्राई फ्रूट का कमाल, गोरखपुर की ये पंजाबी आइसक्रीम है बेहद खास


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दूध, मलाई और ड्राई फ्रूट का कमाल, गोरखपुर की ये पंजाबी आइसक्रीम है बेहद खास

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गोरखपुर की गलियों में अब पंजाबी स्वाद का नया तड़का देखने को मिल रहा है. अमृतसरी कुल्चा-छोले के साथ यहां मिलने वाला अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम लोगों को खूब पसंद आ रहा है. खास स्वाद और क्रीमी टेक्सचर की वजह से ये डेजर्ट शहर में चर्चा का विषय बन गए हैं.

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Gorakhpur Street Food: गोरखपुर में इन दिनों पंजाबी खाने का स्वाद लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है. शहर के अलग-अलग इलाकों में कुल्चा-छोले और पंजाबी तड़का दाल का जायका लोगों को अपनी ओर खींच रहा है. इसी ट्रेंड के बीच अमृतसरी कुल्चा-छोले की दुकान चलाने वाले दीपक ने अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम से भी खास पहचान बनाई है. गर्मी के मौसम में लोग इन दोनों डेजर्ट को बड़े चाव से पसंद कर रहे हैं और अब कई लोग इसे घर पर बनाने की कोशिश भी कर रहे हैं.

दीपक बताते हैं कि, अमृतसरी मिल्क की खासियत उसका गाढ़ापन और फ्लेवर है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले फुल क्रीम दूध को अच्छे से उबाला जाता है, फिर उसमें स्वादानुसार चीनी मिलाई जाती है ताकि मिठास संतुलित रहे. इसके बाद हल्का सा ऑरेंज फ्लेवर डाला जाता है, जो इसे एक अलग खुशबू और टेस्ट देता है.

दूध को ठंडा होने दिया जाता है और फिर उसमें मलाई और बारीक कटे बादाम, काजू और पिस्ता मिलाए जाते हैं. तैयार मिश्रण को बोतल में भरकर फ्रिज में ठंडा किया जाता है. ठंडा होने के बाद यह अमृतसरी मिल्क गाढ़ा, क्रीमी और बेहद स्वादिष्ट बन जाता है.

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वहीं, ड्राई फ्रूट पंजाबी आइसक्रीम बनाने की प्रक्रिया भी बेहद खास है. इसके लिए केला, संतरा, आम और अंगूर जैसे ताजे फलों को मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार किया जाता है. इस पेस्ट में गाढ़ा दूध या क्रीम मिलाकर अच्छी तरह फेंटा जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी बन सके. इसके बाद इसमें कटे हुए ड्राई फ्रूट मिलाए जाते हैं और मिश्रण को कंटेनर में डालकर फ्रीजर में जमने के लिए रख दिया जाता है. जब आइसक्रीम पूरी तरह सेट हो जाती है, तब उसे निकालकर ऊपर से रंगीन चेरी और अतिरिक्त ड्राई फ्रूट से सजाया जाता है.

घर पर तैयार यह अमृतसरी मिल्क और ड्राई फ्रूट आइसक्रीम न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि शुद्धता के लिहाज से भी बेहतर है. कम सामान और आसान प्रक्रिया के जरिए आप भी इस पंजाबी फ्लेवर का आनंद अपने परिवार के साथ ले सकते हैं. सबसे खास बात इसे बनाने का तरीका भी बेहद आसान होता है और जब आप इसे खाएंगे तो एक ऑथेंटिक फ्रूट का मजा भी आपको मिलेगा.

वहीं, दीपक की दुकान पर आए कस्टमर अमन बताते हैं कि, गोरखपुर में यह मिक्स फ्रूट आइसक्रीम बेहद खास आइटम है. जो इस दुकान पर मिलता है और इसे ऑथेंटिक फ्रूट से तैयार करते हैं, ड्राई फ्रूट और कलरफुल चेरी इसका टेस्ट और इसकी सुंदरता को बढ़ा देता है. शहर में ऐसे कई लोग हैं जो इसे रोज खाना बेहद पसंद करते हैं. हालांकि कुलचे छोले के साथ यह थोड़ा हैवी होता है, लेकिन कई लोग सिर्फ आइसक्रीम खाने ही आते हैं और इसका टेस्ट लेने आते हैं.

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Huawei ने लॉन्च किया 10100mAh बैटरी वाला टैबलेट, कीमत 25999 रुपये से शुरू


Huawei ने भारत में दो टैबलेट लॉन्च किए हैं। चीनी ब्रांड के ये टैबलेट MatePad 11 सीरीज में पेश किए गए हैं। इनमें 10,100mAh तक की तगड़ी बैटरी मिलती है। हुआवे ये टैबलेट इन-हाउस HarmoneyOS पर काम करता है। हाल ही में कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी स्मार्ट बैंड Huawei Band 11 Pro सीरीज पेश की है। ये स्मार्ट बैंड AI फीचर्स से लैस है। Huawei MatePad 11 सीरीज में कंपनी ने दो टैबलेट MatePad SE 11 और MatePad 11.5 Paper Matte Edition पेश किए हैं।

कितनी है कीमत?

हुआवे के ये टैबलेट भारत में 25,999 रुपये की शुरुआती कीमत में उपलब्ध हैं। इन दोनों टैबलेट को भारत में एक्सक्लूसिवली फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकेगा। इस सीरीज के MatePad 11.5 Paper Matte Edition की कीमत 49,999 रुपये है। इसके साथ कंपनी कीबोर्ड और एक्सेसरीज भी ऑफर कर रही है।

MatePad 11.5 Paper Matte Edition

हुआवे का यह टैबले 11.5 इंच के 2.5K Paper Matte डिस्प्ले के साथ आता है। इसका डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। कंपनी का दावा है कि इस टैबलेट में सर्कुलर पोलराइजेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है ताकि इस्तेमाल करते समय आंखों पर असर न पड़े। इसमें ग्लेयर फ्री और मिनिमल विजुअल फटिग फीचर मिलता है। इस टैबलेट के बैक में 13MP का कैमरा दिया गया है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का कैमरा मिलेगा। ये दोनों कैमरे HD क्वालिटी की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकते हैं।

MatePad 11.5 Paper Matte Edition में कंपनी ने HarmonyOS का इस्तेमाल किया है। इसमें Huawei Notes ऐप मिलेगा, जिसके जरिए यूजर्स हैंडरिटन नोट्स और वर्कफ्लो मैनेज कर सकते हैं। यह कंपनी के इन हाउस Kirin T82B चिपसेट पर काम करता है, जिसके साथ 8GB रैम और 256GB ऑनबोर्ड स्टोरेज मिलेगा। इसमें 10,100mAh की बैटरी और 40W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है।

Huawei MatePad SE 11

हुआवे का यह टैबलेट 11 इंच के FHD+ LCD डिस्प्ले के साथ आता है। इसकी पीक ब्राइटनेस 400 निट्स तक की है। इस टैबलेट में कंपनी ने Kirin 710A चिपसेट दिया है, जिसके साथ 8GB रैम और 128GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इस टैबलेट में कंपनी के M-Pen Lite Stylus का सपोर्ट मिलता है। इसमें क्वाड स्पीकर का सपोर्ट दिया गया है। इसके बैक में 8MP का रियर और 5MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। इस टैबलेट में कंपनी ने 7000mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 22.5W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलता है।

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कॉकरोच आंदोलन, PAK लिंक बताने वाले अमृतसर पुलिस कमिश्नर हटाए: आतंकी साजिश कहे जाने पर BJP ने बनाया था मुद्दा; नई पोस्टिंग नहीं दी – Amritsar News


गुरप्रीत सिंह भुल्लर, जिन्हें सरकार ने हटा दिया है।

दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और आतंकी साजिश को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को पंजाब सरकार ने हटा दिया है। गृह विभाग ने शुक्रवार को आदेश जारी कर उनका तबादला कर दिया। उनकी

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4 अगस्त को भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने धरने के दौरान आतंकी हमले की साजिश रची थी। आरोपी ट्रेन से दिल्ली पहुंचे थे। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर के निर्देश पर उन्हें पेट्रोल बम उपलब्ध कराए गए थे। हालांकि, जंतर-मंतर पर दिल्ली पुलिस की मौजूदगी के कारण वो साजिश को अंजाम नहीं दे सके। इसमें शामिल चार नाबालिगों समेत कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद BJP ने भुल्लर के वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा था कि गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुलासा किया कि इस प्रदर्शन के पीछे ISI समर्थित मॉड्यूल सक्रिय है। इस पर एक दिन पहले अमृतसर पुलिस ने स्पष्टीकरण दिया था। पुलिस ने कहा था कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए कुछ दावे और वीडियो भ्रामक हैं। उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया।

पूर्व पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को आगामी आदेशों तक डीजीपी कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उनकी नई तैनाती को लेकर अलग से आदेश जारी किया जाएगा। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने इस पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश में तबादले की वजह प्रशासनिक आधार बताई गई है।

हरमनबीर सिंह।

BJP नेता रवनीत बिट्टू ने उठाए सवाल गुरप्रीत सिंह भुल्लर के अचानक तबादले के बाद सियासत गरमा गई है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री एंव BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर भुल्लर के तबादले के सवाल उठाए हैं। बिट्टू ने पूछा है कि क्या भुल्लर द्वारा जंतर-मंतर से जुड़ी कथित साजिश को लेकर किए गए खुलासों के बाद उनका तबादला किया गया है।

रवनीत बिट्टू का ट्वीट।

रवनीत बिट्टू का ट्वीट।

IPS अधिकारी गुरप्रीत सिंह भुल्लर को हटाने का ऑर्डर…

तबादले के ऑर्डर।

तबादले के ऑर्डर।

भाजपा के सोशल मीडिया हैंडल से यह पोस्ट शेयर की गई

पंजाब पुलिस ने ये बातें बताईं…

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयानों को तोड़ा-मरोड़ा गया: पुलिस प्रवक्ता ने बताया- कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स से कुछ ऐसे यूआरएल अपलोड किए गए हैं, जिनमें अमृतसर के पुलिस कमिश्नर की ओर से 4 अगस्त, 2026 को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। ताकि नई दिल्ली के जंतर-मंतर स्थल पर हुए प्रदर्शनों को पाकिस्तानी ISI समर्थित आतंकवादी मॉड्यूल्स से जोड़कर दिखाया जा सके। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर ने पंजाब पुलिस की ओर से आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने संबंधी तथ्यों के बारे में जानकारी दी गई थी।
  • आरोपियों ने प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी: पंजाब पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि अमृतसर के पुलिस कमिश्नर की 4 अगस्त, 2026 को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया था कि गिरफ्तार किए गए कुछ व्यक्तियों ने जंतर-मंतर पर जाकर रेकी की और पेट्रोल बमों से प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था, जिससे प्रतीत हो कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों ने विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया या जंतर-मंतर प्रदर्शनकारियों का मॉड्यूल से कोई संबंध है।
  • वीडियो में झूठ फैालाया जा रहा: प्रवक्ता ने बताया कि बदले गए बैकग्राउंड विज़ुअल, वीडियो की चयनात्मक एडिटिंग और साथ दिए गए कैप्शन गलत हैं और ये गुमराह करने वाला प्रभाव देते हैं कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों से संबंधित थे। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस की ऑडियो और तथ्यों को बदला या मॉर्फ नहीं किया गया है, लेकिन पोस्ट में दिखाया गया सिलेक्टेड स्टेटमेंट और साथ दिए गए कैप्शन व वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित नहीं करते।
  • हम कानूनी कार्रवाई कर रहे: प्रवक्ता ने कहा- ये ऐसी कोशिशें प्रतीत होती हैं कि 4 अगस्त, 2026 को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कमिश्नर की ओर से दिया गया बयान लोगों तक गलत एवं गुमराह करने वाले ढंग से पहुंचे। इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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