मऊगंज जिले के हनुमना नगर परिषद क्षेत्र में नालियों की सफाई न होने के कारण जलभराव हो रहा है। बारिश का पानी सड़कों और रिहायशी इलाकों में भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने मंगलवार को कलेक्टर संजय कुमार जैन से मिलकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली की लिखित शिकायत की है। सीमेंट गोदाम में घुसा पानी, लाखों का माल खराब शिकायत के अनुसार, वार्ड क्रमांक 8 में बिजली कार्यालय के सामने स्थित रत्ना ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीमेंट गोदाम के पास की नाली लंबे समय से बंद है। नाली में भारी मात्रा में कचरा जमा होने के कारण बारिश का पानी सीधे गोदाम के भीतर घुस गया। इससे गोदाम में रखी सीमेंट, फ्लाई ऐश ब्रिक और पेवर ब्लॉक बनाने के लिए रखा गया भारी मात्रा में कच्चा माल पानी में भीगकर पूरी तरह खराब हो गया। छह से आठ माह से नहीं हुई नालियों की सफाई कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि इस नाली की पिछले छह महीने से सफाई नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर परिषद सीएमओ और सब इंजीनियर को कई बार लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया गया, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि नगर के कई इलाकों में पिछले आठ महीनों से सफाई कार्य ठप है। मुआवजे की मांग, कलेक्टर ने दिया जांच का आश्वासन ब्लॉक अध्यक्ष ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर हनुमना नगर परिषद क्षेत्र की सभी नालियों की तत्काल सफाई कराने, कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने और जलभराव से प्रभावित हुए व्यापारियों व नागरिकों के नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। जिला कलेक्टर संजय कुमार जैन ने मामले की जांच कराकर संबंधितों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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हनुमना में नाली की सफाई नहीं, गोदाम में घुसा पानी: कांग्रेस ने कलेक्टर से की शिकायत; नपा पर 6 महीने से सफाई न कराने का आरोप – Mauganj News
बाजार की Soft Drink छोड़िए! घर पर बनाएं शुगर-फ्री फ्रूट सोडा, जानें रेसिपी
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अगर आप मीठी सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाना चाहते हैं, तो घर पर बनने वाली No Sugar Fruit Soda एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. ताजे फलों, नींबू और सोडा वाटर से तैयार यह ड्रिंक बिना अतिरिक्त चीनी के भी स्वाद और ताजगी से भरपूर होती है. इसे अपनी पसंद के किसी भी फल के साथ कुछ ही मिनटों में तैयार किया जा सकता है.
नो शुगर फ्रूट सोडा.
गर्मी और उमस भरे मौसम में ठंडी ड्रिंक पीने का मन होना आम बात है. लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सॉफ्ट ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड सोडा में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है. नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी पहुंच सकती है. अगर आप ऐसी ड्रिंक चाहते हैं जो स्वाद में भी शानदार हो और उसमें अतिरिक्त चीनी भी न हो, तो घर पर नो शुगर फ्रूट सोडा बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसमें फलों की प्राकृतिक मिठास और ताजगी का स्वाद मिलता है, जबकि आप अपनी पसंद के अनुसार फ्लेवर भी बदल सकते हैं.
इस ड्रिंक की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी खास सामग्री या ज्यादा समय की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद ताजे फल, सोडा वाटर और कुछ सामान्य चीजों की मदद से कुछ ही मिनटों में यह ड्रिंक तैयार हो जाती है. इसमें आप आम, संतरा, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, कीवी, अनार, तरबूज या मौसमी जैसे फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं. अलग-अलग फलों के साथ इसका स्वाद भी हर बार नया महसूस होगा.
सामग्री
1 कप अपनी पसंद का ताजा फल (कटा हुआ)
1 गिलास ठंडा सोडा वाटर
1 बड़ा चम्मच नींबू का रस
6–8 पुदीने की पत्तियां
बर्फ के टुकड़े
चुटकीभर काला नमक (वैकल्पिक)
कुछ स्लाइस फल सजाने के लिए
बनाने का तरीका
सबसे पहले चुने हुए फल को अच्छी तरह धोकर छोटे टुकड़ों में काट लें. अब इन्हें एक गिलास या मिक्सिंग जार में डालकर हल्का-सा मैश करें, ताकि उनका प्राकृतिक रस निकल आए. इसके बाद इसमें नींबू का रस और पुदीने की पत्तियां डालकर एक बार फिर हल्के हाथ से मिलाएं. अब सर्विंग गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें और तैयार फल का मिश्रण उसमें भर दें. आखिर में ऊपर से धीरे-धीरे ठंडा सोडा वाटर डालें. चाहें तो हल्का-सा काला नमक मिलाकर स्वाद बढ़ा सकते हैं. तैयार ड्रिंक को ताजे फलों और पुदीने की पत्तियों से सजाकर तुरंत सर्व करें.
अलग-अलग फ्लेवर भी कर सकते हैं ट्राई
अगर आपको थोड़ा खट्टा स्वाद पसंद है, तो संतरा और कीवी का कॉम्बिनेशन अच्छा रहेगा. मीठे स्वाद के लिए तरबूज और स्ट्रॉबेरी का मिश्रण बनाया जा सकता है. अनार और नींबू का फ्लेवर भी काफी ताजगी देता है. वहीं आम और पुदीने का कॉम्बिनेशन गर्मियों के लिए बेहतरीन माना जाता है. हर बार अलग फल चुनकर आप नई ड्रिंक का मजा ले सकते हैं.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
जोधपुर शहर में 17 जुलाई को नहीं आएगा पानी: पानी के स्टोरेज और मेंटेनेंस के चलते होगा शटडाउन; जानें-क्या रहेगा शेड्यूल – Jodhpur News
गर्मी के लिए पानी स्टोरेज और जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस, पाइप लाइनों के मेंटेनेंस के चलते 17 जुलाई को जोधपुर शहर के समस्त फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में पानी सप्लाई नहीं होगा। शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 17 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 18 जुलाई और 18 जुलाई को होने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को की जाएगी। पीएचईडी एसई राजेंद्र मेहता ने बताया कि झालामंड और 0 तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुडे क्षेत्र सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाइपास, शिल्पग्राम के आस-पास क्षेत्रो में 17 जुलाई को सुबह 10:00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 18 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 19 जुलाई को और 19 जुलाई को की जाने वाली जलापूर्ति 20 जुलाई को होगी।
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HMD Asha 505 में मिलेगा Nokia Lumia जैसा डिजाइन, लॉन्च से पहले रिवील हुए फीचर्स
HMD Global नोकिया ब्रांड के तहत आने वाले आइकॉनिक Asha फोन को फिर से लॉन्च करने वाला है। एचएमडी का यह फोन HMD Asha 505 के नाम से लॉन्च किया जा सकता है। इस फोन से जुड़ी नई लीक सामने आई है, जिसमें फोन के कुछ फीचर्स के साथ-साथ इसका डिजाइन भी रिवील हुआ है। इस फोन का लुक Nokia Lumia से इंस्पायर्ड होगा।
HMD Asha 505 के बारे में नई जानकारी टिप्स्टर ने सोशल मीडिया हैंडल X पर शेयर की है। इस फोन को Cyan, Blue और Pink कलर ऑप्शन में पेश किया जा सकता है। इस फोन को बेहद कॉम्पैक्ट डिजाइन के साथ पेश किया जा सकता है। लीक हुए पोस्टर में फोन के बैक में सर्कुलर रिंग वाला कैमरा देखा जा सकता है, जो सेंटर में प्लेस होगा।
मिलेंगे ये फीचर्स
लीक के मुताबिक, HMD Asha 505 में 5 इंच का HD डिस्प्ले मिल सकता है। फोन के डिस्प्ले की प्रोटेक्शन के लिए ड्रेगनटेल ग्लास दिया जाएगा। यह फोन ऑक्टाकोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है। इसमें 4GB रैम के साथ 64GB स्टोरेज का सपोर्ट मिल सकता है। यह फोन Android 14 Go ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ पेश किया जा सकता है। फोन में 3000mAh की बैटरी और USB Type C चार्जिंग मिल सकता है। साथ ही, यह फोन 3.5mm जैक, GPS, डुअल सिम, WiFi जैसे फीचर्स के साथ आ सकता है।
HMD Global के इस फोन को हाल ही में सर्टिफिकेशन साइट पर देखा गया है। यह अपकमिंग फोन HMD TA-1779 मॉडल नंबर के साथ लिस्ट किया गया है। पहले इसे HMD Asha 305 के नाम से लॉन्च किए जाने की खबर आई थी। HMD का यह अपकमिंग फोन 4G, LTE कनेक्टिविटी के साथ आएगा। साथ ही, इसके हार्डवेयर में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। इस स्मार्टफोन को बजट फ्रेंडली यूजर्स के लिए पेश किया जा सकता है।
2012 में हुआ था लॉन्च
Nokia Asha को करीब 14 साल पहले लॉन्च किया गया था। 2012 में लॉन्च हुआ यह फोन फुल टच स्क्रीन के साथ आने वाला कंपनी का सबसे सस्ता फोन था। नोकिया की N और E सीरीज के टच स्क्रीन वाले फोन फ्लैगशिप प्राइस रेंज में आते थे। इसमें 3 इंच का कैपेसिटिव LCD डिस्प्ले मिलता था। फोन में 2G कनेक्टिविटी और EDGE इंटरनेट सपोर्ट दिया गया था।
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30 लाख टन जस्ता, 1500 टन चांदी और 10 लाख टन तांबा, एक कंपनी करेगी ये सारा काम
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Vedanta Target : वेदांता ने अपने कारोबार का टार्गेट अगले 5 साल में करीब तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा है कि हमारे हर सेक्टर के पास भविष्य में 100 अरब डॉलर के वैल्यूएशन तक पहुंचने की क्षमता है. इसके लिए हर खनिज का उत्पादन दो से तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.
वेदांता ने साल 2031 तक अपना प्रोडक्शन तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है.
नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने कई साल पहले आत्मनिर्भर भारत की मुहिम शुरू की थी. आज भी कई ऐसे सेक्टर हैं, जहां आयात के जरिये ही ज्यादातर जरूरतें पूरी की जाती हैं. इसके लिए खनिज सेक्टर में भारत को खुद का उत्पादन बढ़ाना बेहद जरूरी है. इस जरूरत को समझते हुए ही खनन सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता ने 5 साल में भारत को खनन सेक्टर में मजबूत बनाने का बड़ा लक्ष्य रखा है. वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने मंगलवार को कहा कि कंपनी जस्ता एवं सीसा का उत्पादन लगभग तीन गुना, चांदी का उत्पादन दोगुना करने के साथ लिथियम और दुर्लभ खनिज तत्वों सहित महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिजों की खोज में तेजी लाएगी।
अग्रवाल ने वेदांता लिमिटेड की 61वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कहा कि तेल एवं गैस कारोबार के विस्तार के लिए 5 अरब डॉलर का निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी साल 2031 तक जस्ता और सीसा का उत्पादन बढ़ाकर लगभग 30 लाख टन करने, चांदी का उत्पादन दोगुना कर 1,500 टन तक पहुंचाने और इस दशक के अंत तक तांबा उत्पादन बढ़ाकर 10 लाख टन करने की योजना बना रही है.
खनिज उत्पादन पर कंपनी का जोर
उन्होंने कहा कि फेरोक्रोम की उत्पादन क्षमता वित्तवर्ष 2027-28 तक बढ़ाकर पांच लाख टन की जाएगी और निकल का उत्पादन बढ़ाकर 60,000 टन किया जाएगा. कंपनी लिथियम, कोबाल्ट, सोना, तांबा, निकल, मैंगनीज, दुर्लभ खनिज तत्वों और पोटाश से जुड़े अपने 10 महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिज ब्लॉक में खोज गतिविधियों में तेजी लाएगी. वेदांता समूह ने अपने अलग किए गए कारोबार के विस्तार की योजना दोहराते हुए कहा कि वह अगले तीन से पांच वर्षों में विभिन्न इकाइयों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर पूरी तरह फोकस करेगी.
एल्युमीनियम का उत्पादन होगा दोगुना
वेदांता एल्युमीनियम अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन सालाना करेगी और वैश्विक स्तर पर सबसे कम लागत वाली उत्पादक कंपनी का लक्ष्य बनाकर चल रही है. वेदांता ऑयल एंड गैस प्रतिदिन 5 लाख बैरल उत्पादन का लक्ष्य हासिल करने के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में पांच अरब डॉलर का निवेश करेगी. वेदांता आयरन एंड स्टील अपनी उत्पादन क्षमता 40 लाख टन से बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन सालाना करेगी.
एनर्जी उत्पादन पर भी कंपनी का जोर
अग्रवाल ने कहा कि वेदांता पावर के पास अपनी क्षमता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने की तैयारी है, जिसके लिए कंपनी परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी. उन्होंने कहा कि कंपनी का भविष्य तीन सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें अधिक उत्पादन, बेहतर साझेदारी और लाभ से परे कारोबार का लक्ष्य शामिल है. अग्रवाल ने कहा कि समूह की 5 स्वतंत्र कंपनियां वेदांता लिमिटेड, वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता पावर लिमिटेड में से प्रत्येक के 100 अरब डॉलर मूल्य की फर्म बनने की क्षमता है. समूह अब एआई सेक्टर में भी अपनी मजबूती को बढ़ा रहा है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
अमेरिका अंतरिक्ष में ‘दर्पण’ लगाएगा, रात को भी सूरज चमकेगा: जब चाहें, जहां चाहें, मिलेगी रोशनी; इस साल लॉन्च हो सकते हैं दो सैटेलाइट
अमेरिकी संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने कैलिफोर्निया की कंपनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल को अंतरिक्ष में विशाल दर्पण वाला उपग्रह भेजने की मंजूरी दे दी है। कंपनी का पहला प्रायोगिक उपग्रह एरेन्डिल-1 करीब 60 फीट चौड़े रिफ्लेक्टर मिरर से लैस होगा। यह पृथ्वी से लगभग 640 किमी ऊपर कक्षा में रहेगा और जरूरत पड़ने पर सूर्य की किरणों को किसी खास स्थान की ओर मोड़ देगा। कंपनी का दावा है कि इससे करीब 5 किमी के दायरे में पूर्णिमा के चांद से चार गुना अधिक रोशनी पहुंचाई जा सकेगी। कंपनी की योजना है कि 2026 के अंत तक दो उपग्रह तैनात किए जाएं। 2027 तक 36 उपग्रहों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य है। सबसे महत्वाकांक्षी योजना 2035 तक 50,000 से अधिक उपग्रह तैनात करने की है। आपदा राहत, बचाव में मदद मिलेगी कंपनी का कहना है कि सूरज की इस कृत्रिम रोशनी का इस्तेमाल आपदा राहत, खोज एवं बचाव अभियान, रात में निर्माण कार्य, खेती, सौर ऊर्जा परियोजनाओं और दूरदराज के इलाकों में हो सकेगा। 4.7 लाख रु. प्रति घंटे पर मिलेगी कृत्रिम रोशनी रिफ्लेक्ट ऑर्बिटल के सीईओ बेन नोवाक का कहना है कि यदि कोई ग्राहक कम से कम 1,000 घंटे के लिए सालाना अनुबंध करता है, तो कंपनी एक दर्पण से एक घंटे की धूप के लिए लगभग 5,000 डॉलर (4.7 लाख रुपए) का शुल्क लेगी। बड़ी चिंता – दुनिया की जैविक घड़ी बदल जाएगी कई वैज्ञानिकों ने इस प्रोजेक्ट का विरोध करते हुए कहा है कि अगर रात का अंधेरा खत्म होने लगा तो इंसानों की नींद, हार्मोन, पक्षियों का प्रवास, निशाचर जीवों का व्यवहार, पौधों के मौसमी चक्र और समुद्री खाद्य श्रृंखला तक प्रभावित हो सकती है।
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उद्योग-व्यापार बंधु बैठक में समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए: सीडीओ ने स्वरोजगार योजनाओं, निवेश प्रगति की समीक्षा की; समस्याओं के बारे में जाना – Kushinagar News
कुशीनगर की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) वंदिता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु, व्यापार बंधु और श्रम बंधु की संयुक्त बैठक हुई। इस दौरान उद्यमियों, व्यापारियों और श्रमिकों से संबंधित विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में विभागवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र में स्थित एक गुड़ उद्योग इकाई के संपर्क मार्ग पर अतिक्रमण के मामले में राजस्व विभाग को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, दुदही के मिनी औद्योगिक आस्थान सरगटिया करनपट्टी में विद्युत ऊर्जीकरण से संबंधित प्रकरण पर उद्योग निदेशालय से समन्वय स्थापित कर जल्द समाधान कराने के लिए कहा गया। सीडीओ ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार सहायता योजना (एमवाईएसवाई) सहित विभिन्न रोजगारपरक योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने बैंकों में लंबित ऋण प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण के लिए 23 जुलाई को एक विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। जीबीसी-5 के तहत विभिन्न विभागों को आवंटित लक्ष्यों की समीक्षा भी की गई। शून्य प्रगति वाले विभागों को विशेष कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया। श्रम बंधु की बैठक के दौरान श्रम विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। इसमें पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया। व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को उनके प्रभावी समाधान के निर्देश दिए गए। बैठक में उपायुक्त उद्योग प्रवीण कुमार मौर्य, अग्रणी जिला प्रबंधक, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, राज्य कर विभाग के अधिकारी, उद्योग बंधु के पदाधिकारी, उद्यमी और व्यापारी उपस्थित रहे।
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CM मान बोले-पंजाब में निवेश का यह सही समय: मोहाली को बनाएंगे सिलिकॉन वैली; इसी महीने आएगी एक और स्टील कंपनी – Chandigarh News
पंजाब के CM भगवंत मान ने दिल्ली में कहा कि राज्य में निवेश करने का यह उपयुक्त समय है। सरकार ने निवेशकों के लिए समयबद्ध सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जिससे सभी आवश्यक मंजूरियां तय समय में मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में पंजाब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। सीएम ने कहा कि मोहाली देश की सिलिकॉन वैली बनने की ओर बढ़ रहा है। मोहाली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से पांच मिनट के दायरे में उद्योगों के लिए जरूरी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अलग विभाग बनाया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक पंजाब में करीब 2 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे 5 लाख रोजगार मिला हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास 6 एयरपोर्ट हैं, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं। रेलवे कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि पंजाब में संसाधनों और कुशल लोगों की कोई कमी नहीं है, अब सिर्फ उनके निवेश का इंतजार है।
अब सीएम की स्पीच के 7 मेन प्वाइंट जानिए टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का टेक्सटाइल सेक्टर आज भी देश के प्रमुख उद्योगों में शामिल है। लुधियाना देश के करीब 90 फीसदी होजरी और गारमेंट उद्योग का प्रमुख केंद्र है, जहां बड़े ब्रांड से लेकर एमएसएमई तक काम कर रहे हैं। इसके अलावा जालंधर और अमृतसर भी प्रमुख औद्योगिक शहर हैं। इसी वजह से पंजाब ने इस क्षेत्र में पार्टनर स्टेट बनने का फैसला लिया है। उद्योगपति चुनावी फंड का जरिया नहीं, परिवार का हिस्सा मान ने कहा कि सरकार का काम उद्योगों को सुविधाएं देना और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति सरकार के लिए चुनावी फंड का जरिया नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा हैं। उद्योगपति बोला, निवेश करेंगे, बस तंग मत करना मुख्यमंत्री ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद कई उद्योगपति उनसे मिलने आए। एक उद्योगपति ने कहा कि वह करोड़ों रुपये का निवेश करना चाहता है, लेकिन सरकार का सहयोग चाहिए। जब उन्होंने पूछा कि किस तरह का सहयोग चाहिए तो उद्योगपति ने हाथ जोड़कर कहा, “बस हमें तंग मत करना।” सीएम ने कहा कि इससे पता चलता है कि पहले उद्योगों के साथ कैसा व्यवहार होता था। पहले इंडस्ट्री को ATM की तरह इस्तेमाल किया जाता था सीएम ने आरोप लगाया कि पहले खराब माहौल से कई उद्योग पंजाब छोड़कर बद्दी और अन्य राज्यों में चले गए। उद्योगों को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन उनकी सरकार ने यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी है। पंजाब बिजली में सरप्लस राज्य मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज बिजली सरप्लस राज्य है। राज्य सरकार की तीन और निजी क्षेत्र की दो कोयला खदानें हैं। पंजाब को हर साल करीब 70 लाख मीट्रिक टन कोयला मिलता है और फिलहाल दो महीने का कोयला स्टॉक उपलब्ध है। इसलिए अब उद्योगों पर बिजली कटौती या किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया जाता। उद्योगों के लिए 22 सलाहकार समितियां सीएम ने कहा कि सरकार ने उद्योगों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा है। विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 22-23 सलाहकार समितियां गठित की गई हैं। होटल उद्योग के लिए भी अलग समिति बनाई गई है, जिसमें उसी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। इसी महीने आएगी एक और स्टील कंपनी मुख्यमंत्री ने बताया कि टाटा स्टील ने पंजाब में 3,200 करोड़ रुपये निवेश किए है। इसके अलावा आईची स्टील ने भी 2,600 करोड़ रुपये का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि इसी महीने कंपनी शुरू होगी पंजाबी दुनिया भर में अपनी मेहनत और उद्यमशीलता के लिए जाने जाते हैं। पंजाब ऐसा राज्य है, जहां आने वाला कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहता और हर मुश्किल में लोग एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आते हैं।
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BNMU में पहली बार हैंडबॉल को मिली जगह: 23 जुलाई से शुरू होंगी इंटर कॉलेज प्रतियोगिता; 15 खेलों को मिला अप्रूवल – Madhepura News
मधेपुरा स्थित बीएन मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू) ने सत्र 2026-27 के लिए अपने खेल एवं सांस्कृतिक कैलेंडर में बड़ा बदलाव किया है। विश्वविद्यालय ने पहली बार हैंडबॉल को खेल कैलेंडर में शामिल किया है। इसके साथ ही 15 अंतर महाविद्यालय खेल एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के आयोजन को मंजूरी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रतियोगिताओं के पुनर्गठन से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलेंगे और विश्वविद्यालय की टीमें अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में अधिक प्रभावी प्रदर्शन कर सकेंगी। इस संबंध में निर्णय कुलपति प्रो. बीएस झा की अध्यक्षता में आयोजित क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की वार्षिक बैठक में लिया गया। बैठक में परिषद के वार्षिक कैलेंडर, बजट और प्रशासनिक विषयों से जुड़े कुल 14 प्रस्तावों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। 23 जुलाई से शतरंज प्रतियोगिता के साथ होगी शुरुआत सत्र की पहली अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिता 23 जुलाई से पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता होगी। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के खेल एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का औपचारिक आगाज हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस बार प्रतियोगिताओं का कैलेंडर पहले से तैयार कर लिया गया है, ताकि सभी महाविद्यालय समय पर तैयारी कर सकें और खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास का अवसर मिल सके। 15 प्रतियोगिताओं को मिली मंजूरी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद ने प्रस्तावित 20 कार्यक्रमों में से 15 अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं के आयोजन को स्वीकृति दी है। इनमें शतरंज, मार्शल आर्ट, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, विजुअल आर्ट्स, फुटबॉल, लिटरेरी इवेंट, कबड्डी, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, डांस एंड म्यूजिक, क्रिकेट, थिएट्रिक्स, खो-खो और पहली बार शामिल किया गया हैंडबॉल शामिल हैं। विश्वविद्यालय के खेल कैलेंडर में हैंडबॉल को शामिल किए जाने को छात्रों के लिए नई उपलब्धि माना जा रहा है। इससे इस खेल से जुड़े खिलाड़ियों को विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और भविष्य में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर तैयारी हो सकेगी। परीक्षा और खेल कार्यक्रम में रहेगा बेहतर तालमेल बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि खेल एवं सांस्कृतिक परिषद का वार्षिक कैलेंडर परीक्षा विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कई बार परीक्षा और खेल प्रतियोगिताओं की तिथियां एक-दूसरे से टकरा जाती हैं, जिससे खिलाड़ियों को कठिनाई होती है। नए कैलेंडर के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खिलाड़ी बिना परीक्षा प्रभावित हुए प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकें। शिक्षकों और कर्मियों के लिए भी होंगे मैत्री मुकाबले बैठक में केवल छात्र गतिविधियों पर ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के बीच मैत्री खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि इस तरह के आयोजन से कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद, सहयोग और सौहार्द का वातावरण बनेगा, जिसका सकारात्मक प्रभाव शैक्षणिक माहौल पर भी पड़ेगा। इन अधिकारियों की रही मौजूदगी क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद की बैठक में अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. उमाशंकर चौधरी, कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार सिंह, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. नरेश कुमार, वित्तीय परामर्शी चतुर किस्कू, वित्त पदाधिकारी कृष्ण कुमार सहित परिषद के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक का संचालन क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद के निदेशक प्रो. मो. अबुल फजल ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नए खेल कैलेंडर और प्रतियोगिताओं के पुनर्गठन से छात्रों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच मिलेगा। साथ ही, विश्वविद्यालय की टीमें अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में अधिक संगठित तैयारी के साथ भाग लेंगी, जिससे संस्थान की खेल उपलब्धियों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।
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