सीकर की शेखावाटी यूनिवर्सिटी में छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया(SFI) का छात्रहितों की मांगो को लेकर 36 दिन से चल रहा धरना आज समाप्त हो गया। यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त VC डॉ. युद्धवीर सिंह ने पहल की और खुद धरनास्थल पर स्टूडेंट्स के बीच पहुंचे। VC डॉ. सिंह ने आंदोलनरत स्टूडेंट्स से बात की और उचित 17 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की सहमति दी और जल्द कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रहितों में कई निर्णयों पर दी सहमति वार्ता के दौरान यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रहितों में कई निर्णयों पर सहमति दी। एंट्रेंस परीक्षा के नाम पर विद्यार्थियों से लिए जाने वाले ₹700 फीस को अगले एकेडमिक सेशन से पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, अगले शैक्षणिक सत्र से फीस कम करने का भी निर्णय लिया गया है। विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए बंद किए गए पाठ्यक्रमों को दोबारा चालू किया जाएगा और LLM थर्ड सेमेस्टर में ‘क्रिमिनल ब्रांच’ को भी शुरू किया जाएगा। समझौता वार्ता में अगले सेशन से पहले हॉस्टल शुरू करने, छात्राओं के लिए अलग हॉस्टल का प्रस्ताव भेजने, इंडोर/आउटडोर खेल स्टेडियम और ऑडिटोरियम के लंबित कार्यों को पूरा करने के लिए कमेटी गठित कर स्थाईखेल मैदान का निर्माण तुरंत शुरू करने, अगले सत्र से BA LLB, LLB और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े नए पाठ्यक्रम शुरू करने, सीटें बढ़ाने, लाइब्रेरी की पुस्तकों का डाटा वेबसाइट पर उपलब्ध करवाने, एकेडमिक कैलेंडर जारी करने, शिकायत/सुझाव पेटियां लगाने, स्थाई शिक्षकों की भर्ती शुरु करने आदि मांगों पर सहमति दी। लिखित सहमति के बाद SFI ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की छात्रहितों पर लिखित सहमति के बाद SFI ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। इकाई अध्यक्ष सुशीला चौधरी, इकाई सचिव अमित बाजिया और सह-सचिव लोकेश बिजारणियां ने कहा कि 36 दिनों का संघर्ष सफल रहा है और अब इन फैसलों को धरातल पर लागू कराना प्राथमिक लक्ष्य रहेगा। धरना समाप्ति पर छात्र संगठन SFI के पदाधिकारियों समेत सभी छात्रों ने VC डॉ. युद्धवीर सिंह व यूनिवर्सिटी प्रशासन का आभार जताया।
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शेखावाटी यूनिवर्सिटी में 36 दिन बाद SFI का धरना खत्म: नए VC की पहल, खुद वार्ता करने आए, 17 सूत्रीय मांगों पर लिखित सहमति – Sikar News
राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर बलिया में कांग्रेसियों का धरना: चित्तू पांडेय चौराहे पर जुटे कार्यकर्ता, बोले- रिहाई तक जारी रहेगा प्रदर्शन – Ballia News
राहुल गांधी की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बलिया में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक के नेतृत्व में मंगलवार रात करीब 9 बजे शहर के चित्तू पांडेय चौराहे पर कांग्रेसियों ने धरना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को रिहा करने और ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। जिलाध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने कहा कि पुलिस ने जननेता राहुल गांधी को गिरफ्तार किया है। कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता के समर्थन में धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राहुल गांधी को रिहा नहीं किया जाता, प्रदर्शन जारी रहेगा। ज्ञानेश कुमार पर लगाए आरोप पाठक ने ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी करके विपक्ष को हराने और संविधान को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलने जा रहे थे, तभी पुलिस ने उनके नेता राहुल गांधी को रोक दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस दौरान राहुल गांधी की रिहाई और ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। धरने में मुन्ना उपाध्याय, संतोष चौबे चुन्नू, जैनेन्द्र पाण्डेय मिंटू, सागर सिंह राहुल और मुखिया पाण्डेय समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
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जबलपुर में 10 लाख की 145 पेटी अवैध शराब जब्त: 5 KM पीछा कर पुलिस ने पिकअप पकड़ी, ड्राइवर फरार – Jabalpur News
जबलपुर में मंगलवार रात पुलिस ने कटनी से बाइपास होते हुए लाई जा रही अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी। रात करीब साढ़े 8 बजे मुखबिर के बताए वाहन को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक स्पीड बढ़ाकर भाग निकला। पुलिस ने करीब 5 किलोमीटर तक पीछा किया और नागपुर रोड पर पिकअप वाहन को पकड़ लिया। वाहन से करीब 145 पेटी अंग्रेजी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने पिकअप वाहन भी जब्त कर लिया है। चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने अंधमूक बाइपास पर की घेराबंदी सीएसपी एमएस नगोतिया को सूचना मिली थी कि पिकअप से शराब लाई जा रही है। इसके बाद अंधमूक बाइपास पर पुलिस ने घेराबंदी की। MP 32 G 0493 नंबर की पिकअप खजरी खिरिया-कटनी रोड से धनवंतरी नगर बाइपास की ओर आ रही थी। पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। इस दौरान उसमें सवार दो अज्ञात व्यक्ति मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पिकअप और शराब जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जब्त शराब की कीमत 10 लाख रुपए सीएसपी गोरखपुर एमडी नागोतिया ने बताया कि वाहन चालक और मालिक की तलाश की जा रही है। शराब कटनी में कहां से लाई गई और जबलपुर में कहां खपानी थी, इसकी भी जांच हो रही है। जब्त शराब की कीमत करीब 10 लाख रुपए है। एएसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि संभवत: दशहरा में शराब खपाने के लिए इसे जबलपुर लाया गया था। चालक और मालिक की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे हो सकते हैं।
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अब जन्म के 24-72 घंटे में 63 बीमारियों की जांच: दिल्ली सरकार ने बढ़ाया मिशन अनमोल, सालाना स्क्रीनिंग कवरेज बढ़ाकर 2.5 लाख करने का लक्ष्य – New Delhi News
दिल्ली सरकार ने नवजात शिशुओं में गंभीर लेकिन उपचार योग्य बीमारियों की समय रहते पहचान और इलाज के लिए मिशन अनमोल का विस्तार किया है। जीबी पंत अस्पताल में मंगलवार को उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने अनमोल पहल नवजातों के लिए सुरक्षा चक्र कार्यक्रम के तहत इसका शुभारंभ किया। मिशन के तहत नवजात के जन्म के 24 से 72 घंटे के भीतर 63 जन्मजात, आनुवंशिक और मेटाबॉलिक बीमारियों की स्क्रीनिंग की जाएगी। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की शुरुआती स्तर पर पहचान कर समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिलेगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार नवजातों की वार्षिक स्क्रीनिंग कवरेज को करीब 1.5 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख करने की दिशा में काम कर रही है। अब तक 75 हजार से अधिक नवजातों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और 700 से अधिक बच्चों को समय पर उपचार मिला है। कार्यक्रम में जीबी पंत अस्पताल में स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन के नए भवन का भी उद्घाटन किया गया। इससे दिल्ली में अंग एवं ऊतक दान, प्रत्यारोपण, जागरूकता और इससे जुड़ी गतिविधियों के समन्वय को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली सरकार ने निजी नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन और रिन्यूल के लिए नर्सिंग होम मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल भी शुरू किया। इससे आवेदन, दस्तावेज जमा करने और प्रक्रिया की स्थिति जानने की सुविधा ऑनलाइन मिलेगी। एलजी संधू ने कहा कि आधुनिक तकनीक और बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
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हेमा मालिनी का फिटनेस सीक्रेट, 77 में भी एक्टिव
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Hema Malini Lifestyle: हेमा मालिनी की फिटनेस लाइफस्टाइल में योग, डांस, सादा शाकाहारी भोजन और व्रत जैसी आदतों का जिक्र मिलता है. उनकी दिनचर्या से नियमित एक्टिविटी और खान-पान में संतुलन की अहमियत समझी जा सकती है. हालांकि हर व्यक्ति को अपनी जरूरत के अनुसार रूटीन अपनाना चाहिए.
हेमा मालिनी का फिटनेस सीक्रेट, 77 में भी एक्टिव (Image – Instagram @dreamgirlhemamalini)
Hema Malini Lifestyle: कई लोगों को लगता है कि बढ़ती उम्र के साथ थकान और शरीर की सुस्ती को रोक पाना मुश्किल है, लेकिन हेमा मालिनी आज भी अपनी दिनचर्या और काम के बीच खुद को एक्टिव रखने पर ध्यान देती हैं. 77 साल की उम्र में भी उनकी फिटनेस और एनर्जी अक्सर चर्चा में रहती है. उनकी लाइफस्टाइल में कोई एक खास फॉर्मूला नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही कुछ नियमित आदतें शामिल हैं. योग, डांस और खान-पान को लेकर उनकी सावधानी उनके रूटीन का अहम हिस्सा बताई जाती है.
वह अपनी डाइट में सादगी रखने के साथ शरीर को एक्टिव रखने की कोशिश करती हैं. यही वजह है कि उनकी फिटनेस को लेकर लोगों की दिलचस्पी बनी रहती है. आइए जानते हैं उनके बताए इन तीन रूटीन के बारे में.
1. योग और डांस को देती हैं जगह
हेमा मालिनी के फिटनेस रूटीन में योग की खास जगह है. वह योग करना पसंद करती हैं और इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाए रखने की कोशिश करती हैं. उनके लिए फिटनेस का मतलब केवल जिम में घंटों एक्सरसाइज करना नहीं है. शरीर को लचीला और एक्टिव रखने के लिए वह योग को महत्व देती हैं. डांस भी उनकी जिंदगी का पुराना हिस्सा रहा है. खासकर कथक से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. डांस शरीर की गतिविधि बढ़ाने के साथ मन को भी व्यस्त रखता है. उम्र बढ़ने के साथ शरीर को पूरी तरह निष्क्रिय रखने के बजाय अपनी क्षमता के अनुसार एक्टिव रहना फायदेमंद हो सकता है. हालांकि किसी भी एक्सरसाइज या योग का तरीका उम्र और हेल्थ के अनुसार तय करना बेहतर रहता है.
2. खाने में सादगी और संतुलन पर जोर
हेमा मालिनी लंबे समय से शाकाहारी भोजन पसंद करने के लिए जानी जाती हैं. उनकी पसंद में इडली, डोसा, उत्तपम और उपमा जैसे साउथ इंडियन व्यंजन भी शामिल हैं. वह बहुत ज्यादा तला-भुना खाना पसंद नहीं करतीं. उनके खान-पान से जुड़ी यही सादगी उनकी लाइफस्टाइल का एक खास हिस्सा बताई जाती है. उनकी डाइट को लेकर एक और बात अक्सर सामने आती है कि वह सफेद चीनी से दूरी रखती हैं और मिठास के लिए गुड़ या शहद का इस्तेमाल करती हैं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि गुड़ या शहद को असीमित मात्रा में लेना सही है. मीठी चीजों की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है. वह चावल और रोटी को एक साथ खाने के बजाय अलग-अलग लेना पसंद करती हैं. यह उनकी व्यक्तिगत खाने की आदत है. इसे हर व्यक्ति के लिए वजन कम करने या फिट रहने का तय नियम नहीं माना जाना चाहिए. शरीर की जरूरत उम्र, गतिविधि और हेल्थ के हिसाब से अलग हो सकती है.
3. व्रत और हल्के भोजन की आदत
हेमा मालिनी के रूटीन में व्रत का भी जिक्र मिलता है. बताया जाता है कि वह सोमवार और शुक्रवार को व्रत रखती हैं. व्रत के दौरान फल, नारियल पानी, सब्जियों का जूस और पनीर जैसी चीजों को अपने खान-पान में शामिल करती हैं. व्रत हर व्यक्ति के लिए एक जैसा नहीं होता. खासकर उम्र बढ़ने के साथ लंबे समय तक खाना न खाने से पहले अपनी सेहत और शरीर की जरूरत को समझना जरूरी है. अगर किसी को डायबिटीज, कमजोरी या दूसरी हेल्थ समस्या है तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.
फिटनेस के लिए सबसे जरूरी है नियमितता
हेमा मालिनी की लाइफस्टाइल से एक बात जरूर समझ आती है कि फिट रहने के लिए केवल एक दिन की मेहनत काफी नहीं होती. योग, डांस, संतुलित खाना और अपनी दिनचर्या पर ध्यान लंबे समय में आदत बनते हैं. हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है इसलिए किसी सेलिब्रिटी की पूरी डाइट या रूटीन की कॉपी करने के बजाय उसमें से अपनी उम्र और हेल्थ के मुताबिक सही आदतें चुनना ज्यादा बेहतर होगा.
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कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…
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फुमान ऑयलफील्ड: 19000 फुट नीचे ‘पाताल’ में चीन को मिला ‘काला सोना
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Fuman Oilfield : फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) से चीन अब तक 2.036 करोड़ टन कच्चा तेल और 8.15 अरब घन मीटर प्राकृतिक गैस निकाल चुका है. 6000 मीटर की गहराई से तेल और गैस निकाली जा रही हैं. इस गहराई पर अत्यधिक दबाव और खौलते तापमान के कारण ड्रिलिंग करना बेहद मुश्किल काम है. लेकिन, चीन ने तकनीकी चुनौतियों को मात देकर तकलीमाकान रेगिस्तान (Taklamakan desert) को अपनी ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा गढ़ बना लिया है.
फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) चीन का सबसे बड़ा रेगिस्तानी और अल्ट्रा-डीप तेल और गैस क्षेत्र है. ( फोटो साभार : @CGTNOfficial/X)
नई दिल्ली. दुनिया के सबसे बड़े रेतीले और ठंडे रेगिस्तानों में गिने जाने वाले तकलीमाकान रेगिस्तान (Taklamakan desert) का सीना चीरकर चीन ने जमीन के 19,000 फीट नीचे एक तेल और गैस का विशाल भंडार खोज निकाला है. चीन के इस कारनामे से दुनिया हैरान है. उत्तर-पश्चिमी चीन के शिनजियांग क्षेत्र में स्थित फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) अब ड्रैगन के लिए कुबेर का खजाना साबित हो रहा है और वह ‘पाताल’ की परतों से रात-दिन तेल और गैस खींचने में जुटा हुआ है. चाइना ग्लोबल टेलीविजन नेटवर्क की एक रिपोर्ट के अनुसार, चाइना नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (CNPC) द्वारा संचालित फुमान ऑयलफील्ड से अब तक कुल 2.686 करोड़ टन तेल और गैस निकाली जा चुकी है.
फुमान ऑयलफील्ड (Fuman Oilfield) चीन का सबसे बड़ा रेगिस्तानी और अल्ट्रा-डीप तेल और गैस क्षेत्र है. यह उत्तर-पश्चिम चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित टकलीमाकान (Taklimakan Desert) के तारिम बेसिन में स्थित है. इस ऑयलफील्ड में तेल और गैस के भंडार जमीन में 6,000 मीटर से लेकर 10,000 मीटर तक हैं. इतनी गहराई से तेल और गैस निकालना बेहद कठिन काम है. लेकिन, चीन ने इस चुनौती को भी पार पा लिया है. पेट्रोचाइना के अनुसार, इस पूरे क्षेत्र में 1 अरब टन से अधिक तेल और गैस होने का अनुमान है. इंटरनेशनल एनर्जी मार्केट में छाई अनिश्चितता के बीच चीन अपनी घरेलू तेल आपूर्ति बढ़ाने के लिए टकलीमाकान रेगिस्तान में तेजी से तेल और गैस निकाल रहा है.
खोद डाले 485 गहरे कुएं
ड्रैगन फुमान ऑयलफील्ड में अब तक 485 अल्ट्रा-डीप कुएं खोदे चुका है. इनमें से 464 कुएं ऐसे हैं, जो प्रति कुआं 10,000 टन से अधिक उत्पादन दे रहे हैं. वहीं, 133 कुओं ने 1 लाख टन से अधिक का रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया है. इतनी विशाल संख्या में गहरे कुओं के नेटवर्क ने फुमान को चीन का सबसे बड़ा रेगिस्तानी तेल क्षेत्र और अल्ट्रा-डीप हाइड्रोकार्बन उत्पादन का मुख्य केंद्र बना दिया है.
रेगिस्तान के साथ ही चीन गहरे समुद्र से भी कच्चा तेल निकाल रहा है.
8,000 मीटर नीचे मिलीं 50 करोड़ साल पुरानी चट्टानें
हाल ही में फुमान ऑयलफील्ड के झेंटान-1 कुएं में चीनी इंजीनियरों ने 8,080 मीटर (लगभग 26,500 फीट) की हराई से चट्टानों के नमूने यानी रॉक कोर निकाले हैं. ये वो चट्टानें हैं जो लगभग 50 करोड़ साल से धरती के गर्भ में दबी हुई हैं. यह पहली बार है जब उत्तर-पश्चिमी तारिम बेसिन में 8 हजार मीटर से अधिक गहराई से इस प्रकार के नमूने निकाले गए हैं. इन नमूनों की जांच से यह समझने में मदद मिलेगी कि धरती की इतनी गहराई में तेल और गैस की परतें कितनी मोटी और परिपक्व हैं.
50 करोड़ टन का प्रमाणित भंडार
तकलीमाकान रेगिस्तान में 50 करोड़ टन से अधिक के प्रमाणित तेल और गैस भंडार हैं. इनका आधा हिस्सा 6,000 मीटर से ज्यादा गहरी अल्ट्रा-डीप परतों में मौजूद है. 8 किलोमीटर नीचे तक पहुंचकर रॉक कोर निकालने की सफलता यह साबित करती है कि चीन अब ऊर्जा के लिए सिर्फ सामान्य भंडारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि वह उन भू-गर्भीय सीमाओं को लांघ रहा है जहां तक पहुंचना अब तक नामुमकिन समझा जाता रहा है.
सबसे बड़ा तेल आयातक है चीन
चीन दुनिया का कच्चे तेल (crude oil) का सबसे बड़ा आयातक है. चीन की घरेलू खपत का 70% से अधिक हिस्सा आयातित तेल से पूरा होता है. साल 2025 में चीन ने रिकॉर्ड 55.773 करोड़ टन कच्चा तेल आयात किया. यानी हर दिन औसतन 1.155 करोड़ बैरल. वहीं चीन का वार्षिक घरेलू क्रूड उत्पादन लगभग 21.5 करोड़ मीट्रिक टन है. चीन हर दिन लगभग 11 मिलियन बैरल कच्चा तेल अपनी धरती और समुद्र से निकालता है.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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किशनगंज में बेकाबू डम्पर ने सड़क किनारे की दुकानें रौंदी: कई दुकानें क्षतिग्रस्त, लाखों का नुकसान, ड्राईवर मौके से भागा – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। NH-327E पर चरघरिया और काशीबारी के बीच तेज रफ्तार गिट्टी लदा डम्पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
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हादसे में सड़क किनारे बनीं कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डम्पर तेज गति से आ रहा था। चरघरिया-काशीबारी के पास अचानक चालक ने नियंत्रण खो दिया और डम्पर सड़क किनारे दुकानों पर पलट गया।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो से तीन दुकानें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि दुकानों में रखा सामान भी बिखर गया। दुकानदारों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है।
घटना के समय दुकानें बंद थीं या दुकानदार किसी काम से बाहर गए हुए थे, जिसके कारण बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही
अगर दुकानें खुली होतीं तो कई लोगों की जान जा सकती थी। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त डम्पर को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से NH-327E पर तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने और ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित के सम्मान में प्रस्ताव पारित: आतंकी हमले को नाकाम करने की तारीफ की; भारतीय पायलट को बहादुर बताया
अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में प्रस्ताव पास किया है। इसे दोनों पार्टियों ने समर्थन दिया है। इसमें 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हुए हमले के दौरान कैप्टन मच्छर की बहादुरी की तारीफ की गई है। प्रस्ताव में इस घटना को आतंकी हमला बताया गया है। हमलावर ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी को पकड़ने में मदद करने वाले यात्रियों की भी सराहना की गई है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छर पर हमला हुआ और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को पकड़ लिया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक ले जाया गया, जहां कैप्टन मच्छर का इलाज किया गया। कैप्टन मच्छर को बचाने 45 मिनट तक जुटा रहा डेंटिस्ट हमले के बाद फ्लाइट में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसेव ने कैप्टन स्मित मच्छर को करीब 45 मिनट तक संभाला। चीखने की आवाज सुनकर मुसेव कॉकपिट पहुंचे थे। वहां कैप्टन फर्श पर खून से लथपथ पड़े थे। उन्होंने तुरंत खून रोकने की कोशिश शुरू की और कैप्टन को होश में रखने के लिए लगातार उनसे बात करते रहे। मुसेव ने बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ पर गहरे घाव थे। उन्होंने टी-शर्ट से घाव दबाए, लेकिन खून नहीं रुका। इसके बाद उन्होंने क्रू से बर्फ मंगाई। करीब 45 मिनट तक वह घावों पर दबाव बनाते रहे और बर्फ लगाते रहे। उनका कहना है कि जब भी वह टी-शर्ट हटाकर घाव देखते, खून फिर तेज बहने लगता था। होश में रखने के लिए पूछा- कितने बच्चे हैं कैप्टन को होश में रखने के लिए मुसेव उनसे लगातार बात करते रहे। उन्होंने पूछा, “आपके कितने बच्चे हैं, उनके नाम क्या हैं?” वह कैप्टन को भरोसा दिलाते रहे कि जल्द परिवार के पास पहुंच जाएंगे। कैप्टन ने अपना नाम और उम्र बताई। उन्होंने कहा कि वह दुबई में रहते हैं और भारत से हैं। दर्द में उन्होंने कहा, “मेरी मदद कीजिए। मैं जीना चाहता हूं, यहां मरना नहीं चाहता।” मुसेव के मुताबिक, एक समय कैप्टन की नब्ज बहुत धीमी हो गई। उन्होंने उनके पैर ऊपर किए तो नब्ज फिर चलने लगी। जब कैप्टन के होंठ नीले पड़ गए, तो मुसेव ने क्रू से कहा कि विमान को जल्द उतारना होगा। कैप्टन ने दर्द की दवा मांगी, लेकिन मुसेव ने देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि कैप्टन का काफी खून बह रहा था, इसलिए उन्हें हिलाने या दवा देने से खून और बह सकता था। को-पायलट ने इमरजेंसी के लिए रखे कुल्हाड़ी को हथियार बनाया UAE सरकार ने 3 अक्टूबर को बताया कि को-पायलट हमामी ने कैप्टन मच्छर पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। इससे पहले विमान में मौजूद यात्रियों की शुरुआती जानकारी में चाकू से हमला किए जाने की बात सामने आई थी। विमान में इमरजेंसी के लिए एक खास कुल्हाड़ी रखी जाती है, जिसे ‘क्रैश एक्स’ कहते हैं। इसका इस्तेमाल आग लगने पर किसी पैनल को काटकर अंदर तक पहुंचने, फंसे लोगों को बाहर निकालने का रास्ता बनाने या जरूरत पड़ने पर विमान के किसी हिस्से को काटने या खोलने के लिए किया जाता है। यात्रियों ने हेडफोन की तार से हमलावर को बांधा मुसेव ने कैप्टन को संभालने के साथ यात्रियों की हमलावर को पकड़ने में भी मदद की। यात्रियों ने हेडफोन की तार से उसके हाथ-पैर बांध दिए। वह छूटने की कोशिश करता रहा, तो यात्रियों ने उसे और कसकर बांध दिया। इसके बाद वह शांत हो गया। हमले के बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक ले जाया गया। वहां कैप्टन मच्छर का इलाज हुआ। बाद में उन्हें UAE ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं
दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने भारतीय को-पायलट पर हमला किया तो विमान तेजी से नीचे जाने लगा। घायल कैप्टन स्मित मच्छर ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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POCO X8 Power: लंबी बैटरी के साथ स्मार्ट परफॉर्मर फोन, डिजाइन भी बेहतर
Poco X8 Power
- Display
- Processor
- Front Camera
- Rear Camera
- Ram
- Storage
- Battery
- Os
- Resolution
- Display6.83 Inch, AMOLED, 120Hz
- ProcessorQualcomm Snapdragon 6 Gen 5
- Front Camera32MP
- Rear Camera50MP (OIS) + 8MP
- Ram8GB
- Storage256GB
- Battery10,000mAh, 100W
- OsAndroid 16, HyperOS 3
- Resolution1.5K
POCO X8 Power पिछले महीने यानी सितंबर में भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया था। मिड-प्राइस रेंज कैटेगरी में बड़ी बैटरी वाला स्मार्टफोन होना इसकी सबसे बड़ी खासियत है। इस हैंडसेट के 8GB RAM और 128GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 35,999 रुपये है। वहीं, इसके 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 38,999 रुपये है। हालांकि, लॉन्च ऑफर्स के बाद इस फोन को 32,999 रुपये की इफेक्टिव प्राइस में खरीदा जा सकता है। हमने चीनी कंपनी के इस डिवाइस को पूरे 2 हफ्ते तक इस्तेमाल किया है। खरीदने का फैसला करने से पहले यह जानना जरूरी है कि यह डिवाइस कैसा काम करता है? आइए, जानते हैं कि हमें यह कैसा लगा है..
लुक और फील
Poco का यह स्मार्टफोन साफ-सुथरे मैट ब्लैक और क्लासिक येलो वीगन-लेदर फिनिश में आता है, जो हाथ में पकड़ने पर बहुत शानदार और प्रीमियम लगता है। यह वाकई बहुत आकर्षक और शानदार दिखता है। इस हैंडसेट में दिखावे के बजाय मजबूती को प्राथमिकता दी गई है। डिस्प्ले की बात करें तो, हैंडसेट में कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 की प्रोटेक्शन दी गई है। वहीं, धूल व पानी से बेहतरीन बचाव के लिए इसमें IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग्स मिलती हैं।
पोको एक्स 8 पावर
प्रोसेसर और परफॉर्मेंस
इस हैंडसेट में Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 प्रोसेसर (4nm) दिया गया है, जो स्मूथ परफॉर्मेंस देता है। इसमें 8GB तक LPDDR5X RAM और 256GB तक UFS 4.1 स्टोरेज (128GB वाले वैरिएंट में UFS 2.2 है) मिलती है, इसलिए एक ऐप से दूसरे ऐप पर स्विच करने में कोई दिक्कत नहीं होती है। यह बहुत आसानी से काम करता है।
यह फोन Android 16 पर आधारित HyperOS 3 के साथ आता है। इसमें 4 साल के OS अपग्रेड और 6 साल के सिक्योरिटी अपडेट ऑफर किया जाएगा। ये उन लोगों के लिए बहुत अच्छी बात है जो लंबे समय तक चलने वाला डिवाइस खरीदना चाहते हैं। मुझे बस एक ही बात परेशान करने वाली लगी और वह है बहुत सारे फालतू ऐप्स का होना। इस हैंडसेट में 35 थर्ड-पार्टी ऐप्स पहले से इंस्टॉल होकर आते हैं। अगर आपको इनकी जरूरत नहीं है (कम से कम आधे ऐप्स की तो बिल्कुल नहीं), तो यह बात झुंझलाहट पैदा कर सकती है।
फोटोग्राफी एक्सपीरियंस
यह स्मार्टफोन काफी अच्छा है और इसमें OIS के साथ 50MP का प्राइमरी सेंसर दिया गया है, जो दिन की रोशनी में शानदार और नैचुरल टोन वाली साफ तस्वीरें क्लिक कर सकता है। कम रोशनी में भी इस फोन का कैमरा बहुत अच्छी तस्वीरें कैप्चर कर सकता है, जिनमें नॉइज बहुत कम होता है। साथ ही, इसके नाइट मोड सीन में AI इन्हांसमेंट है, जो तस्वीरें ब्राइट बना सकता है और इस कीमत पर यह काफी अच्छा है। अगर, सेकेंडरी 8MP अल्ट्रावाइड कैमरे की बात करें, तो इसमें डिटेल्स थोड़ी कम हो सकती हैं, लेकिन कलर्स एक जैसे बने रहते हैं।
पोको एक्स 8 पावर
सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए इस फोन में 32MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है, जो क्लियर पोर्ट्रेट और वीडियो कॉल के लिए परफेक्ट है। सेल्फी के लिए, सब्जेक्ट को स्मूद और सुंदर बनाने वाला फीचर तब भी काम करता रहता है, जब आप इसे कम से कम या बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करते हैं। इसका मतलब है कि अपनी सेल्फी में असली दिखने वाली फोटो की उम्मीद न करें, क्योंकि उन्हें AI द्वारा सुंदर बनाया जाएगा, जिससे आपकी फोटो ज्यादा स्मूद और ज्यादा टेक्सचर वाली दिखेंगी। मेन लेंस से 4K @ 30 FPS पर ज्यादा से ज्यादा स्टेबल फ़ुटेज वाला वीडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।
गेमिंग: वाकई जबरदस्त!
Poco X8 Power में आप कैजुअल और मिड-टियर गेम्स को आसानी से चला सकते हैं और BGMI को 90 FPS तक सपोर्ट करता है। इसमें हीटिंग को अच्छे से कंट्रोल किया गया है, जिससे बिना किसी परेशानी के 30 मिनट तक स्मूद गेमप्ले का मजा लिया जा सकता है। Shadow Fight 3 और Ninja Arashi 3 जैसे भारी गेम्स को कम ग्राफिक्स सेटिंग्स पर स्टेबल तरीके से खेला जा सकता है।लेकिन अगर आपको यह डिवाइस मुख्य रूप से गेमिंग के लिए चाहिए, तो आपको इसमें गेमिंग चिप की कमी महसूस हो सकती है।
बैटरी: लंबे समय तक चलने वाली और दमदार
इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसकी 10,000mAh की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी है, जो 2 दिनों तक भारी मल्टीटास्किंग के बावजूद डिवाइस को आसानी से चलाए रखने के लिए काफी पावर देती है। वहीं, अगर आप डिवाइस का इस्तेमाल सिर्फ सोशल मीडिया और बेसिक कॉलिंग के लिए करते हैं, तो यह 3 दिनों से ज्यादा समय तक चल सकती है। यह उन लोगों के लिए वाकई शानदार है जो आलसी हैं और बार-बार डिवाइस को चार्जिंग पर लगाने की मेहनत नहीं करना चाहते।
पोको एक्स 8 पावर
एक घंटे की YouTube स्ट्रीमिंग से बैटरी सिर्फ 3% कम हो सकती है, यानी आप बिना किसी परेशानी के लंबे समय तक कई वीडियो देख सकते हैं। चार्जिंग की बात करें तो, साथ में मिलने वाला 100W हाइपरचार्ज अडैप्टर फोन को लगभग एक घंटे में 20% से 100% तक चार्ज कर देता है। यह 27W वायर्ड रिवर्स चार्जिंग के साथ पावर बैंक का भी काम करता है, जिससे आपके कनेक्टेड डिवाइस को चार्ज करने में मदद मिलती है।
कनेक्टिविटी, ऑडियो और कॉल क्वालिटी
5G कनेक्टिविटी, Wi-Fi 5 और इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट रिस्पॉन्स बहुत बढ़िया हैं। 6.83-इंच का 1.5K 120Hz AMOLED पैनल HDR10+ और Dolby Vision सपोर्ट के साथ शानदार अनुभव देता है। Dolby Atmos वाले स्टीरियो स्पीकर मीडिया देखने का अनुभव और बेहतर बनाते हैं।
32MP कैमरे से वीडियो कॉल साफ और स्पष्ट होती हैं। हालांकि “400 परसेंट ऑडियो बूस्ट” चालू करने पर स्पीकर की आवाज में थोड़ी खराबी आ सकती है; आधी क्षमता पर इस्तेमाल करने पर यह ठीक से काम करता है।
पोको एक्स 8 पावर
वैल्यू फॉर मनी?
35,999 रुपये की प्राइस रेंज में Poco X8 Power एक बेहतरीन फोन साबित हो सकता है। खासकर अगर आपकी प्राथमिकता लंबी और दमदार बैटरी लाइफ है जो कुछ दिनों तक चल सके। कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमतों के दौर में भी, इसमें शानदार डिस्प्ले और मजबूत IP रेटिंग्स मिलती हैं। मेरे एक्सपीरियंस के अनुसार, यह डिवाइस उन लोगों के लिए सही है जिन्हें गेमिंग के लिए दमदार परफॉर्मेंस, लंबी बैटरी लाइफ, तेज प्रोसेसर और लंबे समय तक इस्तेमाल करने लायक फोन चाहिए।
10,000 mAh की बड़ी बैटरी होने के बावजूद, POCO X8 Power का साइज (8.65 mm मोटाई और 229 ग्राम वजन) हैरानी की बात है कि संभालने में आसान है। यह बिल्कुल भी भारी नहीं लगता। हालांकि, इसे एक हाथ से इस्तेमाल करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। फिर भी, यह बाजार में मिलने वाले आम स्मार्टफोन के मुकाबले वजन में ज्यादा है।
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