Monday, September 28, 2026
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सेंसेक्स 730 अंक लुढ़का, निफ्टी 22,900 के पास, आखिर क्या है गिरावट की वजह


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28 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में कारोबार से पहले ग्लोबल संकेत मिले-जुले हैं. गिफ्ट निफ्टी 33 अंक की गिरावट के साथ 23,153 के आसपास है, जबकि ब्रेंट क्रूड 1.80 फीसदी चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. एशिया…और पढ़ें

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शेयर बाजार में हल्की गिरावट से शुरुआत होने के संकेत हैं.

शेयर बाजार में आज 28 सितंबर को कारोबार की शुरुआत से पहले ग्लोबल संकेत मिले-जुले नजर आ रहे हैं. गिफ्ट निफ्टी में हल्की कमजोरी है और इंडेक्स करीब 33 अंक फिसलकर 23,153 के आसपास कारोबार कर रहा है. वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है. ब्रेंट क्रूड करीब 1.80 फीसदी चढ़कर 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है. ऐसे में बाजार की नजर तेल की कीमतों और विदेशी बाजारों के रुख पर रहेगी.

September 28, 202609:43 IST

क्या है गिरावट की वजह?

September 28, 202609:31 IST

सेंसेक्स-निफ्टी फिसले

शेयर बाजार में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स 730 अंक गिरकर 73,152.61 पर पहुंच गया, जबकि Nifty 234 अंक टूटकर 22,909 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया.

September 28, 202608:54 IST

20 कंपनियों की लिस्टिंग

अगले हफ्ते बाजार में 20 IPO आने वाले हैं और 20 कंपनियों की लिस्टिंग भी होगी. सितंबर में अब तक 34 कंपनियों ने IPO के जरिए 39,255.16 करोड़ रुपये जुटाए हैं. वहीं, इस साल अब तक 96 कंपनियां मेनबोर्ड IPO ला चुकी हैं और कुल 1,12,928.6 करोड़ रुपये जुटाए हैं.

September 28, 202608:25 IST

Swiggy पर JPMorgan की राय, ₹360 का टारगेट

JPMorgan ने Swiggy पर Overweight (OW) रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर के लिए ₹360 का टारगेट प्राइस दिया है. कंपनी के CFO के साथ हुई बैठक के बाद ब्रोकरेज ने कहा कि Swiggy का क्विक-कॉमर्स कारोबार वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में शुरुआती दोहरे अंकों की ग्रोथ दर्ज कर सकता है. JPMorgan को उम्मीद है कि Q3FY27 में यह ग्रोथ तिमाही आधार पर और बेहतर हो सकती है.

September 28, 202608:16 IST

इस हफ्ते 6 कंपनियों पर रहेगी नजर, बोनस से डिविडेंड तक होंगे अहम कॉरपोरेट एक्शन

इस हफ्ते छह कंपनियां अपने अलग-अलग कॉरपोरेट एक्शन को लेकर चर्चा में रहेंगी. Aastha Spintex, Indraprastha Gas (IGL), SAIL, Natco Pharma, Saraswati Saree Depot और R Systems International की रिकॉर्ड डेट इसी सप्ताह पड़ रही है. इनमें IGL, SAIL, Saraswati Saree Depot और R Systems International के शेयर एक्स-डिविडेंड होंगे, जबकि Aastha Spintex के शेयर एक्स-बोनस ट्रेड करेंगे. वहीं, Natco Pharma के लिए राइट्स इश्यू की रिकॉर्ड डेट इसी सप्ताह है.

September 28, 202607:37 IST

सोने-चांदी की कीमतें

सोने और चांदी की कीमतों पर आज दबाव देखने को मिला. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में तेजी के चलते बिना ब्याज वाले एसेट्स की मांग प्रभावित हुई. अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX गोल्ड 1.57 फीसदी गिरकर 4,253.40 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. वहीं, COMEX सिल्वर में 2.76 फीसदी की गिरावट रही और यह 63.01 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा.

September 28, 202607:35 IST

Strait of Hormuz तनाव से तेल की कीमतों में उछाल

तेल की कीमतों में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. इसके बाद इस अहम समुद्री मार्ग से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. बाजार में मिडिल ईस्ट से संभावित सप्लाई बाधित होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर इसके असर को लेकर सतर्कता बनी हुई है.



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करौली में बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में बारिश: सुबह गुलाबी ठंड, दोपहर में तेज धूप और शाम को बारिश; हिण्डौन में 36MM बरसात – Karauli News




करौली में रविवार को मौसम ने कई रंग बदले। सुबह हल्की ठंडक, दोपहर में तेज धूप और शाम को अचानक बारिश हुई। हिण्डौन में आंधी के साथ तेज बारिश से कई रास्तों पर पानी भर गया। खेतों में कटी बाजरा की फसल भीगने से किसानों की चिंता बढ़ी।
शनिवार रात ठंडी हवाएं चलने से रविवार सुबह तापमान गिरा। दिन में धूप तेज हुई और दोपहर में गर्मी बढ़ी। शाम करीब 7:30 बजे अचानक तेज हवाएं चलीं और कई क्षेत्रों में बारिश हुई। जल संसाधन विभाग के अनुसार, हिण्डौन में सबसे ज्यादा 36 एमएम बारिश हुई। टोडाभीम में 26, जगर बांध पर 25, नादौती में 15, श्रीमहावीरजी में 5, कालीसिल बांध पर 5, करौली में 4, सपोटरा में 1 और पांचना बांध पर 1 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम में हल्की ठंडक घुल गई।



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बांका में 6 महीने में टूटी PCC सड़क: ग्रामीणों ने गड़बड़ी का आरोप लगा जांच की मांग की, मुखिया बोली- बारिश से धंसी – Banka News




बांका जिले के रजौन प्रखंड के धौनी-बामदेव पंचायत अंतर्गत मड़नी गांव के वार्ड नंबर 11 में निर्माण के करीब छह माह बाद ही पीसीसी सड़क के क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए दर्जनों ग्रामीणों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन उप विकास आयुक्त, बांका को देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। छठे वित्त आयोग की राशि से सड़क का निर्माण ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में ग्राम पंचायत की ओर से छठे वित्त आयोग की राशि से मड़नी गांव में ट्रांसफार्मर से प्राथमिक विद्यालय तक पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया। इसकी प्राक्कलित राशि 5,19,400 रुपए और मापी पुस्तिका के अनुसार राशि 5,19,331 रुपए बताई गई है। वहीं, नहर तक सड़क निर्माण की दूसरी योजना की प्राक्कलित राशि 8,53,900 रुपए तथा मापी पुस्तिका की राशि 8,53,638 रुपए है। बारिश के कारण कुछ जगह सड़क धंस गई – मुखिया ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण विभागीय नियमों के अनुरूप नहीं कराया गया, जिसके कारण छह माह में ही सड़क टूटने लगी। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है। इस संदर्भ में मुखिया अनुपम कुमारी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि बारिश के कारण कुछ जगह सड़क धंस गई है और गिट्टी निकल गई है। साथ ही भारी वाहनों के आवागमन से भी सड़क खराब हुई है।बारिश समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत करा दी जाएगी।



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मदन महल थाने में 6.5 फीट का कोबरा मिला: मंदिर के पीछे सुस्त बैठा था इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा; सर्प विशेषज्ञ ने बरगी के जंगल में छोड़ा – Jabalpur News




जबलपुर के मदन महल थाना परिसर में स्थित मंदिर के पीछे करीब साढ़े 6 फीट लंबा कोबरा दिखाई दिया। सांप को देखकर पुलिसकर्मी और वहां मौजूद लोग अलर्ट हो गए। आरक्षक मुन्ना चौधरी ने सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया। थाने के मंदिर के पीछे बैठा था सांप आरक्षक मुन्ना चौधरी ने थाना परिसर में सांप को देखकर तुरंत सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी। जानकारी मिलते ही दुबे मौके पर पहुंचे और बिना किसी नुकसान के सांप को सावधानीपूर्वक पकड़ लिया। गर्मी-उमस में ठंडक की तलाश सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि गर्मी और उमस के कारण सांप ठंडक की तलाश में थाना परिसर में आया था। सांप ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया और न ही किसी व्यक्ति ने उससे छेड़छाड़ की। इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा था सांप थाने के एसआई सतीश संरागी ने बताया कि सांप आकार में काफी बड़ा था। गजेंद्र दुबे के अनुसार, रेस्क्यू किया गया सांप इंडियन स्पेक्टेकल्ड कोबरा है, जिसके काटने पर जहर नर्वस सिस्टम में फैलता है। रेस्क्यू के बाद सांप को बरगी के जंगलों में सुरक्षित छोड़ दिया गया।



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ऑफिसर चाट वाला: जमशेदपुर में फेमस है वीरेंद्र जी के स्टॉल की गरमा-गरम चाट

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जमशेदपुर के जिला मुख्यालय के पास वीरेंद्र जी अपनी खस्ता कचौड़ी और मसालेदार चाट की दुकान लगाते हैं. वे हमेशा फॉर्मल कपड़ों में रहते हैं इसलिए लोग उन्हें ‘ऑफिसर चाट वाला’ कहते हैं. चाट की कीमत मात्र ₹30 प्लेट हैं. जिसका स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है.

ख़बरें फटाफट

जमशेदपुरः पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय के ठीक समीप सुबह 10:00 बजे से वीरेंद्र जी अपनी खस्ता कचौड़ी और मसालेदार चाट की दुकान लगाते हैं. लोग इन्हें प्यार से ‘ऑफिसर चाट वाला’ के नाम से भी बुलाते हैं. इसकी एक खास वजह यह है कि इनकी दुकान जिला मुख्यालय के ठीक बगल में लगती है. वहीं, वीरेंद्र जी हमेशा फॉर्मल कपड़ों में साफ-सुथरे अंदाज में नजर आते हैं और ग्राहकों से भी बेहद सॉफ्ट व्यवहार से बात करते हैं. यही वजह है कि उनकी दुकान पर दूर-दूर से लोग चाट खाने पहुंचते हैं.

वीरेंद्र जी की खासियत उनकी मसालेदार चाट है. यहां महज ₹30 में एक प्लेट पापड़ी चाट मिलती है. इसमें खस्ता पापड़ी के साथ गरमा-गरम मटर, खास मसाले और चटनी डालकर चाट तैयार की जाती है. गर्म मटर और मसालों का स्वाद पापड़ी के साथ मिलकर चाट को और भी स्वादिष्ट बना देता है. कम कीमत में भरपेट और स्वादिष्ट चाट मिलने के कारण यहां हर दिन ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखने को मिलती है.

दुकान पर आने वाले ग्राहकों में जिला मुख्यालय और आसपास के कार्यालयों में काम करने वाले लोग भी शामिल हैं. कई लोग अपने काम के बीच यहां चाट खाने पहुंचते हैं, तो कुछ ऐसे ग्राहक भी हैं जो लंबे समय से वीरेंद्र जी की दुकान पर आते रहे हैं. उनकी साफ-सफाई और ग्राहकों से बातचीत करने का तरीका भी लोगों को काफी पसंद आता है.

चाट का स्वाद काफी बेहतरीन
चाट खाने पहुंचे राहुल बताते हैं कि यहां की चाट का स्वाद काफी बेहतरीन है. वह कहते हैं कि ₹30 में मिलने वाली यह चाट स्वाद और कीमत दोनों के लिहाज से काफी अच्छी है. वहीं निधि बताती हैं कि जब भी वह इस रास्ते से गुजरती हैं, तो यहां चाट जरूर खाती हैं. उनका कहना है कि वह और उनके परिवार के लोग कई सालों से यहां चाट का स्वाद लेते आ रहे हैं.

वीरेंद्र जी की दुकान की खास बात यह है कि यहां कोई बड़ा रेस्टोरेंट या भव्य सेटअप नहीं है, लेकिन स्वाद, साफ-सफाई और व्यवहार ने उनकी अलग पहचान बना दी है. जिला मुख्यालय के पास होने के कारण यहां आने वाले कई लोग उन्हें पहचानते हैं और प्यार से ऑफिसर चाट वाला. कहकर बुलाते हैं.

अगर आप भी जिला मुख्यालय के आसपास से गुजर रहे हैं और कुछ चटपटा खाने का मन है, तो महज ₹30 में मिलने वाली वीरेंद्र जी की गरमा-गरम मसालेदार चाट का स्वाद ले सकते हैं. खस्ता पापड़ी, गर्म मटर और मसाले का यह स्वाद लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है.

About the Author

Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

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पहली बार पृथ्वी के चक्कर लगाएगा स्टारशिप: 26 सैटेलाइट्स भी छोड़ेगा; सबसे ताकतवर रॉकेट का 14वां टेस्ट आज




इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स सबसे ताकतवर रॉकेट ‘स्टारशिप’ की 14वीं टेस्ट उड़ान के लिए तैयार है। यह पहली बार होगा जब स्टारशिप को पृथ्वी की ऑर्बिट में भेजा जाएगा। इसकी लॉन्चिंग सोमवार, 28 सितंबर को भारतीय समयानुसार शाम 5:45 बजे से होगी। इससे पहले की सभी उड़ानों में रॉकेट को सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी तक ही सीमित रखा गया था ताकि सुरक्षा बनी रहे और ज्यादा से ज्यादा डेटा जुटाया जा सके। स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट (ऊपरी हिस्सा) और सुपर हैवी बूस्टर (निचला हिस्सा) को कलेक्टिवली ‘स्टारशिप’ कहा जाता है। इस व्हीकल की ऊंचाई 403 फीट है। ऑर्बिटल और सब-ऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी में अंतर 10 घंटे का सफर, पृथ्वी के लगाएगा 6 चक्कर इस मिशन में स्टारशिप जमीन से लगभग 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ेगा। करीब 10 घंटे लंबे इस सफर में यह पृथ्वी के 6 चक्कर पूरे करेगा। मिशन खत्म होने के बाद रॉकेट चिली देश के पास प्रशांत महासागर में सुरक्षित पानी पर लैंड यानी स्प्लैशडाउन करेगा। पहली बार स्पेस में छोड़े जाएंगे 26 नए स्टारलिंक सैटेलाइट्स इस उड़ान से पहली बार नई तकनीक वाले 26 ‘स्टारलिंक V3’ सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजे जा रहे हैं। इनसे पूरी दुनिया में इंटरनेट की स्पीड और नेटवर्क काफी बेहतर हो जाएगा। इस नए मॉडल का सिर्फ एक सैटेलाइट ही नेटवर्क में 1 टेराबिट प्रति सेकंड (Tbps) की डेटा क्षमता जोड़ देगा, यानी इस अकेले मिशन से कुल 26 Tbps की क्षमता जुड़ जाएगी, जो कि फॉल्कन 9 रॉकेट से भेजे जाने वाले छोटे सैटेलाइट्स के मुकाबले लगभग 10 गुना ज्यादा है। रॉकेट से अलग होते ही ये सैटेलाइट अपने एंटीना और सोलर पैनल खोल लेंगे और रेडियो तरंगों व लेजर के जरिए जमीन तथा बाकी सैटेलाइट्स से संपर्क साधेंगे। इसके बाद वे अपने छोटे इंजनों की मदद से तय कक्षा में पहुंच जाएंगे और सभी शुरुआती जांचों के बाद इंटरनेट सर्विस देना शुरू कर देंगे। 3 सैटेलाइट्स में कैमरे लगे हैं, स्टारशिप की करेंगे निगरानी इस मिशन में शामिल 3 सैटेलाइट्स को खास तौर पर बदला गया है। इनमें हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे अंतरिक्ष में स्टारशिप की ‘हीटशील्ड’ यानी गर्मी से बचाने वाली बाहरी परत को स्कैन करेंगे और तस्वीरें सीधे जमीन पर मौजूद वैज्ञानिकों को भेजेंगे। इससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि धरती पर लौटते वक्त स्टारशिप की हीटशील्ड कितनी सुरक्षित रहती है। ये तस्वीरें और टेस्ट के रिजल्ट भविष्य में रॉकेट को लॉन्च पैड पर वापस सुरक्षित उतारने के काम आएंगे। अब स्टारशिप के पहले हुए 13 टेस्ट के बारे में जानें…. 13वां टेस्ट: पहली बार पानी में सुरक्षित तैरता दिखा स्टारशिप स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान भारतीय समय के अनुसार 25 जुलाई 2026 को हुई थी। इसमें अपर स्टेज ने हिंद महासागर में लैंड किया, जबकि इसके बूस्टर ने मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की। यह पहली बार था जब स्टारशिप को सुरक्षित पानी में उतारा। लैंडिंग के दौरान स्टारशिप अपनी ‘बेली-फ्लॉप’ स्थिति से सीधा हुआ और पानी पर लंबवत उतरा। इसके बाद यह धीरे-धीरे एक तरफ झुककर समुद्र में तैरने लगा।
12वां टेस्ट: इंजन फेल होने के बाद भी हिंद महासागर में लैंडिंग ‘स्टारशिप’ का 12वां टेस्ट सफलताओं और नाकामियों का मिला-जुला सफर रहा था। इसमें स्टारशिप के नए और बड़े वर्जन (V3) का इस्तेमाल पहली बार किया गया था। टेक्सास के दक्षिणी छोर पर स्थित ‘स्टारबेस’ लॉन्चिंग पैड से उड़ान भरने के बाद इंजन में खराबी आ गई। इस कारण रॉकेट के नष्ट होने का खतरा मंडरा रहा था। इसके बावजूद लगभग एक घंटे बाद स्टारशिप स्पेसक्राफ्ट हिंद महासागर में सुरक्षित लैंड करने में कामयाब रहा। इस टेस्ट को भारतीय समय के अनुसार 23 मई की सुबह लॉन्च किया गया।
11वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 11वां टेस्ट 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से किया गया था। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था, जिसमें सुपर हैवी बूस्टर की अमेरिका की खाड़ी में वॉटर लैंडिंग कराई गई। वहीं स्टारशिप की हिंद महासागर में वॉटर लैंडिंग कराई गई। इस फ्लाइट का मकसद भविष्य में रॉकेट को उड़ान भरने वाली जगह पर वापस लाने से जुड़े टेस्ट करना था। 10वां टेस्ट: पहली बार आठ डमी सैटेलाइट अंतरिक्ष में छोड़े स्टारशिप का 10वां टेस्ट 27 अगस्त 2025 को किया गया था, जो कामयाब रहा था। रॉकेट को सुबह 5:00 बजे टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। ये टेस्ट 1 घंटे 6 मिनट का था। इस मिशन में स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट को अंतरिक्ष में छोड़ने से लेकर इंजन चालू करने जैसे सभी ऑब्जेक्टिव पूरे हुए। स्टारलिंक सिम्युलेटर सैटेलाइट असली स्टारलिंक सैटेलाइट्स के डमी हैं। इनका इस्तेमाल स्टारशिप की सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट क्षमता को परखने के लिए किया जाता है। 29 जून स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था इससे पहले ये टेस्ट 29 जून 2025 को होना था, लेकिन स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान स्टारशिप में ब्लास्ट हो गया था। इस टेस्ट में रॉकेट को जमीन पर रखकर उसके इंजन को चालू किया जाता है, ताकि लॉन्च से पहले सब कुछ ठीक हो, ये चेक किया जा सके। टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से में अचानक विस्फोट शुरू हुआ। देखते ही देखते पूरा रॉकेट आग के गोले में बदल गया था। नौवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ने कंट्रोल खो दिया 28 मई 2025 को हुए 9वें टेस्ट में लॉन्चिंग के करीब 30 मिनट बाद स्टारशिप ने कंट्रोल खो दिया था, जिस कारण पृथ्वी के वातावरण में एंटर करने पर ये नष्ट हो गया था। ये लगातार तीसरी बार था जब स्टारशिप आसमान में ही नष्ट हुआ था। हालांकि, बूस्टर ने अमेरिका की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट: बूस्टर लैंड हो गया था, लेकिन शिप ब्लास्ट हो गई थी स्टारशिप का आठवां टेस्ट भारतीय समयानुसार 7 मार्च 2025 को हुआ था। लॉन्चिंग के 7 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया। लेकिन 8 मिनट बाद शिप (ऊपरी हिस्सा) के छह इंजनों में से 4 ने काम करना बंद कर दिया जिससे शिप ने कंट्रोल खो दिया। इसके बाद ऑटोमेटेड अबॉर्ट सिस्टम ने शिप को ब्लास्ट कर दिया। गिरते मलबे की वजह से मियामी, ऑरलैंडो, पाम बीच और फोर्ट लॉडरडेल के हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित हुईं थी। सातवां टेस्ट: बूस्टर वापस आया; लेकिन स्पेसक्राफ्ट आसमान में ही ब्लास्ट हुआ 17 जनवरी 2025 को भी स्टारशिप का सातवां टेस्ट पूरी तरह से कामयाब नहीं रहा था। लॉन्चिंग के 8 मिनट बाद बूस्टर (निचला हिस्सा) अलग होकर वापस लॉन्च पैड पर आ गया था, लेकिन शिप (ऊपरी हिस्सा) में ऑक्सीजन लीक से ब्लास्ट हो गया था। छठा टेस्ट: लॉन्चपैड पर उतरने में दिक्कत दिखी तो पानी पर लैंड कराया, ट्रम्प भी मौजूद रहे स्टारशिप का छठा टेस्ट 20 नवंबर 2024 को सुबह 03:30 बजे किया गया था। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी टेस्ट देखने के लिए स्टारबेस पहुंचे थे। इस टेस्ट में बूस्टर को लॉन्च करने के बाद वापस लॉन्चपैड पर कैच किया जाना था, लेकिन सभी पैरामीटर ठीक नहीं होने के कारण इसे पानी में लैंड कराने का फैसला लिया गया। स्टारशिप के इंजन को स्पेस में फिर से चालू किया गया। इसके बाद हिंद महासागर में लैंडिंग हुई। पांचवां टेस्ट: पहली बार बूस्टर को लॉन्चपैड पर कैच किया था स्टारशिप का पांचवां टेस्ट 13 अक्टूबर 2024 को किया गया था। इस टेस्ट में पृथ्वी से 96 Km ऊपर भेजे गए सुपर हैवी बूस्टर को लॉन्चपैड पर वापस लाया गया, जिसे मैकेजिला ने पकड़ा। मैकेजिला दो मेटल आर्म हैं जो चॉपस्टिक्स की तरह दिखाई देती हैं। वहीं स्टारशिप की पृथ्वी के वायुमंडल में री-एंट्री कराकर हिंद महासागर में कंट्रोल्ड लैंडिंग कराई गई। स्टारशिप ने जब पृथ्वी के वातावरण में एंट्री की तब उसकी रफ्तार 26,000 किलोमीटर प्रति घंटे थी और तापमान 1,430°C तक पहुंच गया था। चौथा टेस्ट: स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पानी में लैंडिंग हुई स्टारशिप का चौथा टेस्ट 6 जून 2024 को हुआ था, जो सक्सेसफुल रहा था। 1.05 घंटे के इस मिशन को बोका चिका से शाम 6.20 बजे लॉन्च किया गया था। इसमें स्टारशिप को स्पेस में ले जाया गया, फिर पृथ्वी पर वापस लाकर पानी पर लैंड कराया गया। टेस्ट का मेन गोल यह देखना था कि स्टारशिप पृथ्वी के वातावरण में एंट्री के दौरान सर्वाइव कर पाता है या नहीं। टेस्ट के बाद कंपनी के मालिक इलॉन मस्क ने कहा था, ‘कई टाइल्स के नुकसान और एक डैमेज्ड फ्लैप के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग की।’ तीसरा टेस्ट: रीएंट्री के बाद स्टारशिप से संपर्क टूटा था ये टेस्ट 14 मार्च 2024 को हुआ था। स्पेसएक्स ने बताया था कि स्टारशिप रीएंट्री के दौरान सर्वाइव नहीं कर पाया, लेकिन उसने उड़ान के दौरान कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। वहीं इलॉन मस्क ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल आधा दर्जन स्टारशिप उड़ान भरेंगे। स्टारशिप ने ऑर्बिट में पहुंचने के बाद पेलोड डोर को खोला और बंद किया। रॉकेट के भीतर दो टैंकों के बीच कई टन तरल ऑक्सीजन को मूव किया। स्टारशिप की पृथ्वी के वातावरण में रीएंट्री कराई गई, लेकिन संपर्क टूट गया। दूसरा टेस्ट: स्टेज सेपरेशन के बाद खराबी आ गई थी स्टारशिप का दूसरा टेस्ट 18 नवंबर 2023 को शाम करीब 6:30 बजे किया गया था। लॉन्चिंग के करीब 2.4 मिनट बाद सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप का सेपरेशन हुआ। बूस्टर को वापस पृथ्वी पर लैंड होना था, लेकिन 3.2 मिनट बाद 90 Km ऊपर यह फट गया। वहीं स्टारशिप तय प्लान के अनुसार आगे बढ़ गया। करीब 8 मिनट बाद पृथ्वी से 148 Km ऊपर स्टारशिप में भी खराबी आ गई, जिस कारण उसे नष्ट करना पड़ा। फ्लाइट टर्मिनेशन सिस्टम के जरिए इसे नष्ट किया गया था। दूसरे टेस्ट में रॉकेट और स्टारशिप को अलग करने के लिए पहली बार हॉट स्टैगिंग प्रोसेस का इस्तेमाल किया गया था, जो पूरी तरह सक्सेसफुल रही थी। सभी 33 रैप्टर इंजनों ने भी लॉन्च से सेपरेशन तक ठीक से फायर किया था। पहला टेस्ट: लॉन्चिंग के 4 मिनट बाद विस्फोट हो गया था 20 अप्रैल 2023 को स्टारशिप का पहला ऑर्बिटल टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट में बूस्टर 7 और शिप 24 को लॉन्च किया गया था। उड़ान भरने के 4 मिनट बाद ही मेक्सिको की खाड़ी के पास 30 किलोमीटर ऊपर स्टारशिप में विस्फोट हो गया था। स्टारशिप के फेल होने के बाद भी इलॉनमस्क और एम्प्लॉइज खुशी मना रहे थे। ऐसा इसलिए क्योंकि रॉकेट का लॉन्च पैड से उड़ना ही बड़ी सफलता थी। मस्क ने लॉन्चिंग से दो दिन पहले कहा था- सफलता शायद मिले, लेकिन एक्साइटमेंट की गारंटी है। स्पेसएक्स ने कहा था- सेपरेशन स्टेज से पहले ही इसका एक हिस्सा अचानक अलग हो गया, जबकि यह तय नहीं था। इस तरह के एक टेस्ट के साथ हम जो सीखते हैं, उससे सफलता मिलती है। आज का टेस्ट हमें स्टारशिप की रिलायबिलिटी में सुधार करने में मदद करेगा। टीमें डेटा को रिव्यू करना जारी रखेंगीं और अगले फ्लाइट टेस्ट की दिशा में काम करेंगीं।



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उत्तराखंड में बर्फबारी से 136 पर्वतारोही फंसे: यूपी के गोंडा-बदायूं में पुल डूबे; बिहार के 2 जिलों में बाढ़, 82 हजार लोग प्रभावित


नई दिल्ली38 मिनट पहले

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उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से आदि कैलाश मार्ग समेत 86 सड़कें बंद हैं। इनमें चमोली की 21, नैनीताल की 18 और पिथौरागढ़ की 15 सड़कें शामिल हैं। बर्फबारी के बीच उत्तरकाशी के ऊंचाई वाले इलाकों में 136 पर्वतारोही, ट्रैकर और सपोर्ट स्टाफ फंसे हैं। उनका रेस्क्यू किया जा रहा है।

वहीं, नेपाल से गंडक नदी में पानी छोड़े जाने के बाद बिहार के पश्चिम चंपारण और सुपौल के 23 गांवों में बाढ़ आ गई। बाढ़ से करीब 82 हजार लोग प्रभावित हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में 4 दिनों से लगातार बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। गोंडा और बदायूं में छोटे पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है। आंधी-बारिश से पिछले 2 दिनों में 63 लोगों की मौत हुई है।

प्रदेश में 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुशीनगर में 2 गांवों के 1,400 परिवार प्रभावित हैं। राज्य के 46 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं। मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर, शहडोल और रीवा संभाग में तीन दिनों से बारिश हो रही है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश के चलते महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बाढ़ के हालात हैं।

छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश के चलते महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बाढ़ के हालात हैं।

लखनऊ के शंकर पुरवा वार्ड में घरों-दुकानों में पानी भर गया। गलियों में कमर तक पानी भरा है।

लखनऊ के शंकर पुरवा वार्ड में घरों-दुकानों में पानी भर गया। गलियों में कमर तक पानी भरा है।

बिहार के सुपौल में रविवार को मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया।

बिहार के सुपौल में रविवार को मूसलाधार बारिश के बाद सड़कों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया।

मध्यप्रदेश के उमरिया में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं।

मध्यप्रदेश के उमरिया में पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से नदियां उफान पर हैं।

केदारनाथ धाम में भी बारिश हो रही है। श्रद्धालु भारी बारिश के बीच बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।

केदारनाथ धाम में भी बारिश हो रही है। श्रद्धालु भारी बारिश के बीच बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं।

कानपुर में कई इलाकों में जलभराव हो गया है। परिवार घरों में फंस गए हैं। NDRF और PAC की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

कानपुर में कई इलाकों में जलभराव हो गया है। परिवार घरों में फंस गए हैं। NDRF और PAC की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं।

देशभर में मौसम से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

53 मिनट पहले

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मध्य प्रदेश: 37.7 इंच बारिश, यह कोटे की 95.8%

मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई एक सप्ताह के अंदर होने लगेगी। मौसम केंद्र (IMD), भोपाल के मुताबिक- अगले 4 दिन प्रदेश के किसी भी जिले में अति भारी या भारी बारिश होने का अनुमान नहीं है। मंगलवार से उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर-चंबल संभाग में तेज धूप खिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…

03:13 AM28 सितम्बर 2026

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यूपी: नदियां उफनाईं, 600 परिवारों ने घर छोड़ा, 8 शहरों में स्कूल बंद

यूपी में 4 दिनों तक लगातार हुई बारिश के बाद नदियां उफान पर हैं। 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई गांवों में पानी घुस गया है। कुशीनगर के 2 गांवों के 1,400 परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। 600 परिवार अपना घर छोड़कर तटबंध पर रहने को मजबूर हैं। पूरी खबर पढ़ें…

03:10 AM28 सितम्बर 2026

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उत्तराखंड: आदि कैलाश मार्ग समेत 86 सड़कें बंद, 7 जिलों में यलो अलर्ट

उत्तराखंड में आज मौसम विभाग ने गढ़वाल मंडल के सभी जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, देहरादून और हरिद्वार में यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, लैंडस्लाइड से आदि कैलाश मार्ग समेत 86 सड़कें बंद हैं। इनमें चमोली की 21, नैनीताल की 18 और पिथौरागढ़ की 15 सड़कें शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

03:07 AM28 सितम्बर 2026

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बिहार: नेपाल ने 6.52 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, 28 साल का रिकॉर्ड टूटा

नेपाल के तराई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के बाद उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। नेपाल के देवघाट गेज स्टेशन से रिकॉर्ड 6.52 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। इससे पहले 27 अगस्त 1999 को 5.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। पूरी खबर पढ़ें…

02:01 AM28 सितम्बर 2026

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देश के प्रमुख शहरों में तापमान का अनुमान



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दोस्त की हत्या कर ट्रेन से कटा 7वीं का छात्र: गोरखपुर में कमरे में मिली एक सड़ी लाश, रेलवे ट्रैक पर मिला दूसरे किशोर का शव – Gorakhpur News




गोरखपुर के चौरी चौरा में 7वीं के छात्र ने दोस्त की गला घोटकर घोटकर हत्या कर दी। अगले दिन उसने भी ट्रेन से कटकर जान दे दी। चौरी चौरा पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने बताया कि 23 सितंबर को दोनों एक साथ घर से निकले थे। 24 सितंबर को रेलवे ट्रैक पर श्याम राजभर (17) का शव मिला। अगले दिन 25 सितंबर को जलकर परिसर के एक कमरे से दूसरे दोस्त शिव (14) का सड़ा हुआ शव मिला था। सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस ने इस केस का पर्दाफाश करने का दावा किया है। वहीं परिजनों का कहना है कि दोनों अच्छे दोस्त थे, फिर हत्या की बात कहां से आ गई। हत्या की कोई वजह तो होनी चाहिए। इसलिए पुलिस गहनता से इस मामले की जांच करे। पुलिस भी परिजनों और दोस्तों से पूछताछ कर हत्या और सुसाइड की वजह पता कर रही है। दोनों किशोरों की मौत के बाद दफन हो गए राज पुलिस के मुताबिक, चौरी टोला भरटोलिया के शिवा राजभर की उसके ही दोस्त श्याम राजभर ने गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके अगले ही दिन श्याम की भी ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर शिवा की हत्या की कड़ी श्याम से जोड़ते हुए घटना का खुलासा किया गया। हालांकि, शिवा की हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। श्याम ने ऐसा कदम क्यों उठाया और फिर खुद अपनी जान क्यों दे दी, इसका जवाब दोनों किशोरों की मौत के साथ ही दफन हो गया। 23 सितंबर का साथ निकले थे दोनों दोस्त
पुलिस के मुताबिक, चौरी चौरा में शिवा और श्याम 7वीं क्लास में साथ में पढ़ते थे। 23 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे शिवा और श्याम चकदेइया गांव स्थित जलकल परिसर में पहुंचे थे। दोनों के परिसर में प्रवेश करने की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। करीब सवा घंटे बाद श्याम अकेले बाहर निकलता दिखाई दिया। वह कपड़े साफ करते हुए परिसर से निकला और घर चला गया। अगले दिन 24 सितंबर को उसका शव सतहवा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस के मुताबिक उसकी मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई। सड़ गया था शिवा का शव इधर, 25 सितंबर को जलकल परिसर के कमरे से शिवा का शव मिला था। शव से दुर्गंध उठने पर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की कड़ियां जोड़ीं तो घटना में श्याम की भूमिका सामने आई। अब जांच का केंद्र हत्या की वजह है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किशोरों के बीच ऐसा क्या हुआ था कि दोस्ती का रिश्ता अचानक हत्या तक पहुंच गया। घटना से पहले दोनों की गतिविधियों और आपसी संबंधों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों किशोर के परिजन बोले, यकीन नहीं हो रहा है शिवा की मां मीना ने बताया कि मेरे बेटे को साजिश करके मारा गया है। मेरे लड़के के साथ क्या हुआ, किसने मारा है, इसकी गहनता से जांच होनी चाहिए। शिवा के पिता कमलेश राजभर पेंट पालिश का काम करते हैं। उन्होंने किसी से दुश्मनी की बात से भी इन्कार किया है। श्याम के पिता रविंद्र राजभर ने बताया कि एक आदमी अकेले किसी को नहीं मार सकता है। मेरे बेटे की लाश रेलवे ट्रैक पर मिली है। बताया जा रहा है कि उसने शिवा का गला घोटकर हत्या किया है। लेकिन यकीन नहीं हो रहा है। दोनों हमेशा साथ ही घूमते थे, फिर ऐसा कैसे हो सकता है। इस संबंध में चौरी चौरा थाना प्रभारी वेद प्रकाश शर्मा ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से श्याम द्वारा शिवा की गला घोंटकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। अगले दिन श्याम की ट्रेन से कटकर मौत हुई। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। परिजनों से पूछताछ कर घटना के कारण का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।



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अंडरग्राउंड मेट्रो के विरोध में सड़क पर उतरे रहवासी: बंगाली चौराहे पर एक दीया उम्मीद का जलाया, कैंडल मार्च निकाला, बोले- रातों की नींद उड़ गई – Indore News




इंदौर में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के बीच प्रस्तावित भूमिगत रूट को लेकर तिलक नगर, गोयल नगर, साईंनाथ कॉलोनी और आसपास के रहवासियों का विरोध तेज हो गया है। सोमवार रात को बड़ी संख्या में रहवासी बंगाली चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां उन्होंने एक दिया उम्मीद का जलाया और कैंडल मार्च निकालकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। विरोध के दौरान टेंडर की कॉपी फाड़कर नारेबाजी भी की गई। रहवासियों ने कहा कि उनका विरोध मेट्रो परियोजना से नहीं है। वे चाहते हैं कि घनी आबादी, पुराने मकानों और बड़ी संख्या में बोरिंग वाले इलाकों के नीचे से प्रस्तावित सुरंग के बजाय दूसरे संभावित रूट का भी तकनीकी अध्ययन कराया जाए। प्रदर्शन रात 9 बजे शुरू हुआ और 10.30 बजे तक जारी रहा। अभियान चलाकर लोगों को बताया प्रस्तावित रूट
रहवासी सीए मनीष जैन, राजेश अग्रवाल और राजीव जैन ने बताया कि इलाके के कई लोगों को प्रस्तावित भूमिगत रूट की पूरी जानकारी नहीं थी। अभियान के दौरान लोगों को रूट और इससे जुड़े संभावित प्रभावों की जानकारी दी गई। इसके बाद रहवासियों से उनकी आपत्तियां और सुझाव भी दर्ज किए गए। प्रदर्शन के दौरान विपुल जैन, विकास मिश्रा, राजेश जैन सहित महिलाएं भी शामिल रही। हमारी रातों की नींद उड़ गई
रहवासियों ने बताया कि हमारी रातों की नींद उड़ गई है, जबसे हमें पता चला है कि अंडरग्राउंड मेट्रो निकलने वाली है। तिलक नगर और आसपास के क्षेत्रों में कई परिवार घरेलू जरूरतों के लिए बोरिंग के पानी पर निर्भर हैं। रहवासियों ने आशंका जताई है कि टनल बोरिंग मशीन से भूमिगत निर्माण के दौरान स्थानीय जलस्रोतों और मौजूदा बोरिंग पर असर पड़ सकता है। बड़ी संख्या में बोरिंग प्रभावित हुए तो आने वाले समय में इलाके में जलसंकट की स्थिति पैदा हो सकती है। 50-60 साल पुराने मकानों की सुरक्षा का मुद्दा
विरोध कर रहे लोगों के मुताबिक इलाके में बड़ी संख्या में मकान 50 से 60 वर्ष पुराने हैं। ऐसे में रहवासियों का सवाल है कि भूमिगत निर्माण के दौरान जमीन में होने वाले बदलाव और कंपन का इन पुराने भवनों की नींव पर क्या असर पड़ेगा।
तिलक नगर के रहवासी सीए मनीष जैन हमने उम्मीद का एक दिया जलाकर प्रशासन को बताया है कि हमारी उम्मीद अभी भी जारी है। रहवासी क्षेत्र से मेट्रो निकलेगी तो सभी की समस्या बढ़ जाएगी। पुराने मकान के टूटने का खतरा होगा। लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन
गोयल नगर के रहवासी राजेश अग्रवाल ने बताया कि शासन, प्रशासन, मेट्रो प्रबंधन और जनप्रतिनिधि जब तक हमें लिखित में आश्वासन नहीं देंगे, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। हमने कोर्ट में भी याचिका लगा दी है। हमारे साथ धोखा हुआ है, इन्होंने बिना जानकारी देते हुए टेंडर बदला है। जेन जी भी आंदोलन में शामिल होने की तैयारी में
रहवासी अंकित दुबे ने कहा कि इस आंदोलन में अब जेन जी (Gen Z) भी जुड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जल्द ही युवाओं की ओर से भूमिगत मेट्रो के प्रस्तावित रूट को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।आने वाले दिनों में अभियान को और व्यापक किया जाएगा और क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ा जाएगा। हमारे बोरिंग खत्म हो जाएंगे
गोयल नगर की रहवासी स्मिता ने बताया कि हमारे बोरिंग खत्म हो जाएंगे। हमारे मकानों में दरार आने की आशंका है। हम हमारे घर के नीचे से मेट्रो नहीं निकलने देंगे। एडवोकेट सपना ने बताया कि रहवासी क्षेत्र से अंडरग्राउंड निकल रही है। पहले यहां से एलिटिवेटेड मेट्रो निकलने वाली थी, लेकिन इन्होंने योजना में बदलाव कर दिया। छह हजार से अधिक मकान है, अंडरग्राउंड मेट्रो से सभी प्रभावित होंगे। रहवासियों की प्रमुख मांगें



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छोटा सा स्टॉल, बड़ा मेन्यू और बढ़ती भीड़, सीतामढ़ी में दो भाइयों ने बनाया फूड हॉटस्पॉट

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छोटा सा स्टॉल, बड़ा मेन्यू और बढ़ती भीड़, दो भाइयों ने बनाया फूड हॉटस्पॉट

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बिहार के सीतामढ़ी के शंकर चौक पर दो भाइयों का छोटा सा फूड स्टॉल पिछले ढाई महीनों में लोगों के बीच खास पहचान बना चुका है. शुरुआत में जहां रोजाना 20-25 स्टिक ही बिकती थीं, वहीं अब मांग बढ़कर 35 से 50 या उससे ज्यादा स्टिक तक पहुंच गई है. स्टॉल पर सोया मसाला चाप, मलाई चाप, अफगानी और ईरानी चाप के साथ मशरूम टिक्का, पनीर टिक्का, फ्रैंकी रोल और खास मशरूम व वेज शेक भी मिलते हैं. खास बात यह है कि यहां व्यंजनों की कीमत 70 रुपये से शुरू होकर 120 रुपये तक है, जिससे किफायती दाम में अलग-अलग स्वाद का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.

बिहार के सीतामढ़ी के व्यस्त शंकर चौक पर इन दिनों स्वाद के शौकीनों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. यहां दो भाइयों द्वारा संचालित एक छोटा सा फूड स्टॉल शहर का नया हॉटस्पॉट बन चुका है. पिछले करीब ढाई महीनों में इस स्टॉल ने अपनी एक खास पहचान बनाई है. पहले जहां लोग इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते थे, वहीं अब दूर-दूर से लोग यहां के लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने पहुंच रहे हैं.

यहां मिलने वाले व्यंजनों की बात करें तो मेन्यू में वैरायटी की कोई कमी नहीं है. दुकानदार दीपक कुमार ने बताया कि ग्राहकों के लिए सोया मसाला चाप, सोया मलाई चाप, अफगानी चाप और ईरानी चाप उपलब्ध हैं. इसके अलावा मशरूम टिक्का, पनीर टिक्का, अचारी, मलाई फ्लेवर और फ्रैंकी रोल भी तैयार किए जाते हैं. साथ ही यहां का खास ‘मशरूम शेक’ और वेज शेक लोगों के बीच काफी पसंद किया जा रहा है.

दुकानदार के अनुसार, शुरुआती दिनों की तुलना में अब उनके व्यंजनों की मांग काफी बढ़ चुकी है. पहले जहां वे रोजाना केवल 20 से 25 स्टिक ही बेच पाते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 35, 40, 50 और कभी-कभी इससे भी ज्यादा हो जाता है. बाजार में उनके स्वाद की पहचान बनने से बिक्री में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे दोनों भाइयों के चेहरे पर खुशी साफ झलकती है.

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दुकानदार के अनुसार, शुरुआती दिनों की तुलना में अब उनके व्यंजनों की मांग काफी बढ़ चुकी है. पहले जहां वे रोजाना केवल 20 से 25 स्टिक ही बेच पाते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 35, 40, 50 और कभी-कभी इससे भी ज्यादा हो जाता है. बाजार में उनके स्वाद की पहचान बनने से बिक्री में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इससे दोनों भाइयों के चेहरे पर खुशी साफ झलकती है.

स्वाद के साथ-साथ यहां के दाम भी आम लोगों की जेब के अनुकूल रखे गए हैं. स्टॉल पर व्यंजनों की कीमत मात्र 70 रुपये से शुरू होती है. यहां 70, 80, 90, 100, 110 और 120 रुपये तक की प्लेट उपलब्ध हैं. किफायती दाम, बेहतरीन क्वालिटी और अलग अंदाज में परोसे जाने वाले इस भोजन ने शंकर चौक को खाने-पीने के शौकीनों के लिए पसंदीदा जगह बना दिया है. तो अगर आप भी हैं खाने के शौकीन तो यहां एक बार जरूर जाएं.

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