Monday, August 24, 2026
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गयाजी से 4 अफसर लखीसराय भेजे गए: अशोकधाम में सुरक्षा-व्यवस्था संभालेंगे, भगदड़ में 7 लोगों की हुई थी मौत; अलर्ट मोड में प्रशासन – Gayaji News




बिहार के लखीसराय में अंतिम सोमवारी पर सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भगड़ के बाद प्रशासन ने अतिरिक्त व्यवस्था की है। गयाजी से चार बड़े अधिकारियों को लखीसराय में तैनात किया गया है। इनके अलावा समस्तीपुर और वैशाली समेत दूसरे जिलों के अफसरों की भी ड्यूटी लगाई है। मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए बिहार प्रशासनिक सेवा के 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन कुमार पंकज, अपर समाहर्ता विभागीय जांच रविशंकर शर्मा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी आदित्य कुमार और वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार को लखीसराय भेजा गया है। ये अधिकारी 23-24 अगस्त और फिर 27-28 अगस्त को सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। अधिकारियों को विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। जिले से भेजे गए सभी अफसरों के पास भीड़ नियंत्रण का अनुभव बेहतर है। इन्हें आकस्मिक स्थिति में तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई करने की जिम्मेदारी दी गई है। भगदड़ में 7 लोगों की हुई थी मौत… इस बार भीड़ पर खास नजर 17 अगस्त को तीसरी सोमवारी पर यहां करीब 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। घटना के बाद अंतिम सोमवारी की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरती है। मंदिर, रेलवे स्टेशन और आसपास के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 27-28 अगस्त को भी जुटेंगे श्रद्धालु अशोकधाम में भीड़ सिर्फ अंतिम सोमवारी तक सीमित नहीं रहेगी। 27 और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के मौके पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। यह श्रावण मास के समापन और पूर्णिमा स्नान-पूजन से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। कई श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव का दर्शन और जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। पूर्णिमा के साथ रक्षाबंधन का पर्व भी है। इससे मंदिर और आसपास के धार्मिक स्थलों पर आवाजाही बढ़ने की संभावना है। अशोकधाम में पूरे श्रावणी मेले के दौरान दूर-दूर से कांवरिया और श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के सोमवार यहां विशेष महत्व रखते हैं। अंतिम सोमवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ जाती है। प्रशासन ने इसी वजह से 28 अगस्त तक मेले की विशेष व्यवस्था जारी रखी है।



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जमीन बेचने से मना किया, मां को मार डाला: बेटे ने पहले पत्थर फिर रॉड से वार किया; जान जाने के बाद पास ही बैठा रहा – Chhatarpur (MP) News




छतरपुर जिले के बड़ामलहरा अनुभाग के बमनौरा कलां में जमीन विवाद को लेकर एक बेटे ने अपनी 50 वर्षीय मां की हत्या कर दी। शनिवार रात हुई इस घटना में आरोपी ने पहले पत्थर से हमला किया, फिर लोहे की रॉड से सिर पर वार किए। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद रविवार देर शाम आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया। बमनौरा कलां के हरिजन मोहल्ला निवासी सुनती बाई अहिरवार (50) अपने दो बेटों के साथ रहती थीं। वह धार्मिक स्थलों पर लोगों से मिलने वाली मदद से परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनके नाम पर कृषि भूमि थी। इसी जमीन को बेचने को लेकर उनके बेटे जाहर उर्फ रंगाराव अहिरवार का मां से विवाद चल रहा था। जाहर जमीन बेचना चाहता था, जबकि सुनती बाई इसका विरोध कर रही थीं। हमले के समय घर में अकेली थीं
शनिवार रात करीब 11 बजे सुनती बाई और आरोपी जाहर घर में अकेले थे। आरोपी का बड़ा भाई जगदीश अहिरवार उस समय घर पर मौजूद नहीं था। आरोप है कि इसी दौरान जाहर ने अपनी मां पर हमला कर दिया। उसने पत्थर से मारपीट की, जिससे सुनती बाई के हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। इसके बाद जाहर ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुनती बाई की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत बमनौरा पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और महिला को खून से लथपथ पाया। जांच के बाद उसकी मौत की पुष्टि हुई। शराब पीने का आदी है आरोपी
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीएफएसएल (CFSL) टीम ने भी मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी जाहर उर्फ रंगाराव शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। जमीन के विवाद को हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। चौकी प्रभारी रामटोरिया राजकपूर सिंह बघेल ने बताया कि मौके पर शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया। जांच में सामने आया कि सुनती बाई अहिरवार की हत्या उनके बेटे जाहर उर्फ रंगाराव अहिरवार ने की है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे नियमानुसार आज (सोमवार) न्यायालय में पेश किया जाएगा। एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक अपनी मां के साथ मारपीट कर रहा है। जब पुलिस पहुंची तो महिला की मौत हो चुकी थी, उसका बेटा वहां मिला था, वह शव के पास ही बैठा था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जांच और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।



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बिना चीनी नहीं कम होगी चाय की मिठास, शक्कर की जगह यूज करें ये 5 चीज

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No Sugar Tea Making Tips: भारत में चाय सिर्फ एक बेवरेज नहीं, बल्कि इमोशन और दिनचर्या का अहम हिस्सा है. हालांकि, चाय पीने की आदत अब दिनो दिन महंगी होती जा रही है. पहले गैस, दूध और अब चीनी की कीमत में उछाल ने हर चुस्की को महंगा कर दिया है. ऐसे में चीनी के बिना चाय की मिठास को कैसे बनाए रखें चलिए इस लेख में जानते हैं.

चीनी महंगा होने पर इसका इस्तेमाल कम करना या बंद करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. लेकिन जैसे ही चाय में चीनी की मात्रा कम की जाती है, उसका स्वाद फीका लगने लगता है. ऐसे में अगर आप भी चाय का स्वाद बरकरार रखते हुए चीनी का सेवन कम करना चाहते हैं, तो कुछ प्राकृतिक और वैकल्पिक स्वीटनर आपकी मदद कर सकते हैं. ये विकल्प चाय में मिठास तो जोड़ते ही हैं, साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं.

गुड़ वाली चाय- अगर आप पारंपरिक और देसी विकल्प पसंद करते हैं, तो चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं. गुड़ चाय को अलग स्वाद और प्राकृतिक मिठास देता है. हालांकि, इसका सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए क्योंकि इसमें भी कैलोरी होती है.

स्टेविया का करें इस्तेमाल- स्टेविया एक प्राकृतिक स्वीटनर है, जो स्टेविया पौधे की पत्तियों से प्राप्त किया जाता है. यह सामान्य चीनी की तुलना में कई गुना अधिक मीठा होता है, इसलिए इसकी बहुत कम मात्रा ही पर्याप्त होती है. जो लोग कम कैलोरी वाला विकल्प चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छा विकल्प माना जाता है.

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मोंक फ्रूट स्वीटनर- मोंक फ्रूट भी चीनी का लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है. इसकी मिठास मोग्रोसाइड नामक प्राकृतिक तत्व से आती है. यह भी काफी मीठा होता है, इसलिए थोड़ी मात्रा में ही इस्तेमाल किया जाता है. आजकल यह ऑनलाइन और कई स्टोर्स पर आसानी से उपलब्ध है.

शहद से बढ़ाएं स्वाद- शहद का उपयोग भी चाय को मीठा बनाने के लिए किया जा सकता है. यह चाय में हल्की खुशबू और अलग स्वाद जोड़ता है. कई लोग इसे हर्बल और अन्य हेल्दी ड्रिंक्स में भी इस्तेमाल करते हैं.

खजूर से पाएं प्राकृतिक मिठास- खजूर प्राकृतिक मिठास का अच्छा स्रोत है. इसमें फाइबर और कुछ जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. चाय में खजूर का पेस्ट मिलाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है.

इन बातों का रखें ध्यान- स्टेविया और मोंक फ्रूट बहुत ज्यादा मीठे होते हैं, इसलिए इनका इस्तेमाल कम मात्रा में करें. गुड़ और शहद को भी अधिक मात्रा में न मिलाएं. किसी भी पैकेट वाले स्वीटनर को खरीदने से पहले उसके तत्वों की जानकारी जरूर पढ़ें. साथ ही, यदि आपका लक्ष्य चीनी कम करना है, तो धीरे-धीरे चाय की मिठास कम करने की आदत सबसे बेहतर तरीका हो सकता है.

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सावन का आखिरी सोमवार: महाकाल की भस्म आरती हुई; बाबा विश्वनाथ की मंगला आरती की गई, 20 दिन में 55.69 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए




आज सावन का चौथा और आखिरी सोमवार है। मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल की सुबह भस्म आरती की गई। महाकाल की सवारी दोपहर 3 बजे निकाली जाएगी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में सावन के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंदिर प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार सावन में अब तक 55.69 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमनाथ, विश्वनाथ और महाकाल मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंच सकते हैं।



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MP के 14 जिलों में हैवी रेन का अलर्ट: बिहार में गंगा उफान पर, यूपी के 19 जिलों में बाढ़; हिमाचल में 125 सड़कें बंद


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  • Monsoon Rain & Flood Update: Bihar UP Flood Crisis | Himachal Road Block

नई दिल्ली2 घंटे पहले

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मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसून ट्रफ एक्टिव होने से रविवार को जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 24 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं। यानी आने वाले दिनों में बारिश का असर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी बढ़ सकता है।

यूपी में लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। 92 गांवों में फसलें खराब हो गई हैं, जबकि 26 गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं। इन गांवों को दूसरे इलाकों से जोड़ने वाली सड़कें भी डूब गई हैं।

बिहार में गंगा नदी बक्सर से लेकर भागलपुर तक उफान पर है। पटना के गांधी घाट और हाथीदह समेत कई प्रमुख स्थानों पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। बक्सर में गंगा नदी वार्निंग लेबल को पार कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। यहां प्रति दो घंटे में एक सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा है।

उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में रविवार को भारी बारिश हुई। इस सिस्टम के असर से 26 अगस्त तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के पांच जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में कुल 125 सड़कें बंद हैं। सबसे ज्यादा मंडी में 62, कुल्लू में 31, शिमला में 10, चंबा और कांगड़ा में 8-8, ऊना में 4, बिलासपुर और लाहौल-स्पीति में 1-1 सड़क बंद हैं। मौसम विभाग ने राज्य में 29 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

गाजियाबाद में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कई गाड़ियां बंद हो गईं। ट्रैक्टर-ट्रॉली को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।

गाजियाबाद में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। कई गाड़ियां बंद हो गईं। ट्रैक्टर-ट्रॉली को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया।

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की शहपुरा नदी में एक डंपर बह गया। ड्राइवर ने तैरकर जान बचाई।

मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की शहपुरा नदी में एक डंपर बह गया। ड्राइवर ने तैरकर जान बचाई।

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लगातार बारिश से सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में लगातार बारिश से सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं।

यूपी के उन्नाव में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां डूबने लगीं। उन्हें बचाने पिता भी नदी में कूद गए, वह भी डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने तीनों को बचाया।

यूपी के उन्नाव में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां डूबने लगीं। उन्हें बचाने पिता भी नदी में कूद गए, वह भी डूबने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने तीनों को बचाया।

बिहार के बक्सर में गंगा में आई बाढ़ से बयासी सड़क डूब गई है। लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार कर रहे हैं।

बिहार के बक्सर में गंगा में आई बाढ़ से बयासी सड़क डूब गई है। लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार कर रहे हैं।

देहरादून के झाझरा में रविवार को टौंस नदी में अचानक आई बाढ़ में एक ट्रक डंपर फंस गया। हालांकि, चालक समेत लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।

देहरादून के झाझरा में रविवार को टौंस नदी में अचानक आई बाढ़ में एक ट्रक डंपर फंस गया। हालांकि, चालक समेत लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए।



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गिनी में कचरे का पहाड़ धंसा, 30 की मौत: 6 लोग घायल; भारी बारिश के बाद बचाव अभियान जारी




गिनी की राजधानी कोनाक्री में रविवार तड़के शहर के सबसे बड़े लैंडफिल में कचरे का पहाड़ धंस गया। हादसे में 30 लोगों की मौत हुई है। लैंडफिल ऐसी जगह होती है जहां शहर का कचरा इकट्ठा करके जमा या डंप किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 2 बजे शुरू हुई भारी बारिश के बाद कचरे के ऊपर से पानी बहा। इससे लैंडस्लाइड हुई और पास की झोपड़ियां मलबे में दब गईं। हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और कई घर तबाह हो गए। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है। हादसे से जुड़ी 2 तस्वीरें… शहर का सबसे बड़ा लैंडफिल था यह हादसा दार एस सलाम के खुले कचरे के डंप में हुआ, जो कोनाक्री का सबसे बड़ा लैंडफिल है। सैन्य इंजीनियरिंग बटालियन के सफाई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल बाल्ड मामादो बैलो के मुताबिक, इस जगह को रविवार को बंद किया जाना था। लैंडफिल के आसपास रहने वाले लोगों को जगह खाली करने के नोटिस दिए गए थे। इसके बाद कई लोग इलाका छोड़कर चले गए, लेकिन हादसे के समय कई लोग अब भी वहीं मौजूद थे। गिनी में बॉक्साइट का बड़ा भंडार गिनी खनिज संपदा से भरपूर देश है। यहां बॉक्साइट के दुनिया के सबसे बड़े भंडार हैं। इसके अलावा देश में लौह अयस्क, सोना, हीरे और अन्य खनिज भी पाए जाते हैं। हालांकि, विश्व बैंक के मुताबिक गिनी की 43.7% आबादी राष्ट्रीय गरीबी रेखा से नीचे रहती है। —————————-



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खीर में नशे की छह गोलियां देकर पति की हत्या: शव बोरे में भरकर सूखी नहर में फेंका, पत्नी समेत तीन गिरफ्तार – Lucknow News




लखनऊ के गोसाईगंज के मीसा गांव निवासी श्रमिक रामतीरथ (35) की हत्या उसकी पत्नी, भाई और चचेरे भाई ने मिलकर की थी। आरोपियों ने पहले खीर में नशे की छह गोलियां देकर उसे बेहोश किया। इसके बाद ईंट से वार कर और कपड़े से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को बोरे में भरकर बाराबंकी के सतरिख इलाके की सूखी नहर में फेंक दिया। बाराबंकी पुलिस ने मामले में 10 जुलाई को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हत्या का घटनास्थल गोसाईगंज थाना क्षेत्र में होने की पुष्टि के बाद केस अब गोसाईगंज पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3 जुलाई से लापता था रामतीरथ रामतीरथ तीन जुलाई को अचानक लापता हो गया था। पांच जुलाई को उसका शव बाराबंकी के सतरिख इलाके में सूखी नहर में मिला था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी। 10 जुलाई को सोशल मीडिया पर शव की फोटो देखकर रामतीरथ के पिता दयाराम ने उसकी पहचान की। पिता ने रामतीरथ की पत्नी रामदुलारी, बेटे अवधेश और भतीजे सरजीत पर हत्या का शक जताया था। पोस्टमार्टम में चेहरे पर चोट के निशान मिले थे, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी थी। खीर में नशे की गोलियां मिलाकर ले गई पत्नी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि तीन जुलाई की रात रामदुलारी ने रामतीरथ को खीर में नशे की छह गोलियां मिलाकर दी थीं। इसके बाद अवधेश उसे सरजीत के घर ले गया। वहां तीनों ने मिलकर रामतीरथ पर ईंट से वार किया और कपड़े से मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पांच जुलाई की भोर में अवधेश और सरजीत ने शव को बोरे में भरा। इसके बाद स्कूटी से शव को सतरिख ले जाकर सूखी नहर में फेंक दिया। अवैध संबंध और नशे की लत से बढ़ता था विवाद पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि रामदुलारी के सरजीत से अवैध संबंध थे। वहीं, अवधेश नशे का आदी था। इन बातों को लेकर रामतीरथ का पत्नी और अन्य आरोपियों से कई बार विवाद हुआ था। पुलिस का कहना है कि इसी विवाद और अवैध संबंध के चलते तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची। सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईगंज ऋषभ यादव ने बताया कि जांच में हत्या का घटनास्थल सरजीत का मकान, गोसाईगंज सामने आया है। बाराबंकी से केस ट्रांसफर होने के बाद गोसाईगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।



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दतिया मेडिकल कॉलेज का स्टेनोग्राफर पकड़ाया: ग्वालियर में शादी का झांसा देकर युवती से किया दुष्कर्म, 3 साल बाद मुकर गया – Gwalior News




ग्वालियर में एक युवती को शादी का झांसा देकर तीन साल तक शारीरिक शोषण करने वाले दतिया मेडिकल कॉलेज के स्टेनोग्राफर को बिजौली थाना पुलिस रविवार रात दतिया से दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपी को पुलिस बिजौली लेकर पहुंची और पूछताछ करना शुरू कर दिया है। हालांकि पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया था, लेकिन उसे पकड़ लिया गया है। ऐसे समझिए पूरा मामला बिजौली थाना क्षेत्र निवासी 29 वर्षीय युवती की वर्ष 2023 में पहचान गंगापुर-बिलौआ निवासी परमार मिलन से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई और मोबाइल पर बातचीत होने लगी। 27 मई 2023 को परमार मिलन उसे गांव के पास पहाड़ी पर ले गया था, जहां शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद परमाल उसे कई अन्य स्थानों के साथ ही होटलों में ले गया और गलत काम किया। इसी दौरान आरोपी की नौकरी देवास कोर्ट में लग गई और वह नौकरी पर चला गया। तीन महीने पहले उसकी नौकरी दतिया मेडिकल कॉलेज में लग गई। इसके बाद भी वह उसे आश्वासन देता रहा और उसका शोषण करता रहा। शादी का दबाव बनाया तो तोड़ा वादा 17 जुलाई को जब युवती ने शादी का दबाव बनाया तो वह पहले की तरह ही उसे बहाना बनाकर टहलाने लगा। जब युवती ने उससे फाइनल तारीख देने को कहा तो वह अपने वादे से मुकर गया और शादी से इनकार कर दिया। साथ ही धमकी दी कि अगर यह बात किसी को बताई तो जान से खत्म कर देगा। मामले की शिकायत पुलिस से की तो पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। मामला दर्ज होते ही दतिया बनाया ठिकाना एसडीओपी बेहट मनीष यादव ने बताया कि थाना प्रभारी बिजौली सौरभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में पुलिस टीम दबिश दे रही थी। तभी पता चला है कि पिछले तीन दिन से स्टेनोग्राफर घर नहीं आ रहा है और दतिया में ठिकाना बनाया है। इसका पता चलते ही पुलिस टीम दतिया पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लाई। पुलिस अब उससे पूछताछ करने में जुट गई है। वहीं, एएसपी शिवेश बघेल का कहना है कि युवती को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले आरोपी स्टेनोग्राफर को बिजौली थाना पुलिस ने दतिया से दबोचा है। पकड़े गए आरोपी से पुलिस पूछताछ में जुटी है।



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जिला परिषद सदस्य जहांआरा बेगम का निधन: कटिहार में कांग्रेस नेताओं, सांसद तारिक अनवर ने श्रद्धांजलि दी – Katihar News




कटिहार जिले के मनसाही में जिला परिषद सदस्य जहांआरा बेगम का आकस्मिक निधन हो गया। वह समाजसेवी खुर्शीद आजाद की पत्नी थीं। उनके निधन पर कांग्रेस नेताओं और कटिहार सांसद तारिक अनवर ने संवेदना व्यक्त की है। सांसद तारिक अनवर के आवासीय कार्यालय परिसर में सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। शोक सभा के दौरान सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत जहांआरा बेगम को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद तारिक अनवर ने जहांआरा बेगम के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनका असामयिक निधन दुखद और एक महत्वपूर्ण क्षति है। उन्होंने बताया कि सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता और लोगों से उनका जुड़ाव हमेशा याद किया जाएगा। सांसद ने इस दुख की घड़ी में शोक संतप्त परिवार के साथ होने की बात कही और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने कहा कि जहांआरा बेगम के निधन से सभी लोग दुखी हैं। उनका निधन परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उन्होंने बताया कि जहांआरा बेगम सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती थीं और लोगों के सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ी रहती थीं। उन्होंने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। शोक सभा में दिलीप विश्वास, प्रोफेसर विनोद यादव, शाहनवाज खान, सुनीता देवी, अवधेश मंडल, संजय सिंग, बिमल बेगानी, कुमार गौरव, अरुण पियाश, मेजर जमाल, मोहम्मद रियाज, मोहम्मद असलम, अर्जुन उरांव, पंकज तंबाकू वाला, सिंकू मिश्रा, आनंद सिंह, आम्रपाली यादव, डॉ विपिन सिंह, भुवन अग्रवाल सहित कई कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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काले चने की चटनी एक बार चख ली तो धनिया-पुदीना भूल जाएंगे, बढ़ जाएगा का स्वाद

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Kale Chane Ki Chutney: रोज की रोटी और सब्जी अगर आपको भी कुछ फीकी लगने लगी है, तो थाली में एक ऐसी चटनी शामिल कीजिए जो स्वाद में देसी और बनाने में बेहद आसान है. काले चने से बनी यह चटनी साधारण खाने को भी मजेदार बना सकती है. काले चने की चटनी क्यों करें ट्राई? घर में चटनी बनाने की बात आते ही धनिया, पुदीना, लहसुन या टमाटर का ख्याल आता है, लेकिन इस बार कुछ अलग बनाया जा सकता है. काले चने से तैयार होने वाली यह चटनी स्वाद में थोड़ी तीखी, खट्टी और सोंधी होती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं पड़ती.

मान लीजिए दोपहर में लौकी, तोरई या किसी हल्की सब्जी के साथ रोटी बनी है और आपको लग रहा है कि खाने में कुछ कमी है. ऐसे समय में यह चटनी पूरी थाली का स्वाद बदल सकती है. पराठे, पूरी, दाल-चावल या साधारण रोटी के साथ भी इसका स्वाद अच्छा लगता है. काले चने में प्रोटीन और फाइबर पाए जाते हैं, इसलिए यह चटनी सामान्य चटनियों से थोड़ी अलग और भरपेट महसूस हो सकती है. हालांकि इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर रहता है.

काले चने की चटनी बनाने के लिए सामग्री
इस चटनी के लिए एक कप भीगे हुए काले चने, 8 से 10 लहसुन की कलियां, एक इंच अदरक, 3 से 4 हरी मिर्च, एक मुट्ठी हरा धनिया, आधा छोटा चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सामान्य नमक और एक बड़े नींबू का रस चाहिए. इसके अलावा एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल भूनने के लिए और करीब एक छोटा चम्मच ऊपर से मिलाने के लिए रखें.

पहले चने और मसाले भूनें
सबसे पहले काले चनों को 6 से 8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें. इसके बाद पानी निकालकर चनों को अच्छी तरह छान लें. पैन में एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल गर्म करें. इसमें लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनें. अब भीगे हुए काले चने डालें और मध्यम आंच पर कुछ मिनट चलाते हुए भूनें. चनों में हल्की सोंधी खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. मिश्रण को कुछ देर ठंडा होने दें.

(इमेज AI)

अब तैयार करें चटनी
ठंडे हुए चने, भुना हुआ अदरक-लहसुन और हरी मिर्च को मिक्सर जार में डालें. इसमें हरा धनिया, काला नमक और थोड़ा सामान्य नमक डालें. जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी मिलाकर इसे पीस लें. आप चाहें तो चटनी को बिल्कुल स्मूथ पीसें या थोड़ा दरदरा रखें. दरदरी चटनी में काले चने का स्वाद ज्यादा अच्छी तरह महसूस होता है.

आखिर में डालें नींबू और सरसों का तेल
चटनी को एक कटोरी में निकालें. इसमें नींबू का रस डालकर अच्छी तरह मिलाएं. ऊपर से थोड़ा कच्चा सरसों का तेल डालें. यही छोटा सा स्टेप चटनी में देसी स्वाद और खुशबू बढ़ा देता है, अगर आपको बहुत तीखा पसंद नहीं है तो हरी मिर्च की मात्रा कम कर सकते हैं. इसी तरह ज्यादा खटास पसंद होने पर थोड़ा अतिरिक्त नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है.

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किसके साथ करें सर्व?
काले चने की यह चटनी गर्म रोटी, पराठे और पूरी के साथ शानदार लगती है. इसे दाल-चावल के साथ साइड डिश की तरह भी परोसा जा सकता है. शाम के समय हल्के स्नैक के साथ भी यह अच्छी संगत बन सकती है. ध्यान रखें कि चने अच्छी तरह भीगे हों और चटनी बनाने से पहले साफ पानी से धो लिए जाएं. अगर पेट संवेदनशील है, तो बहुत ज्यादा मात्रा में चना एक साथ खाने से बचना बेहतर है.



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