Thursday, August 13, 2026
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अयोध्या में एक घंटे हुई बारिश: उमस से थोड़ी राहत, धान किसानों को अभी अच्छी बारिश का इंतजार – Ayodhya News




अयोध्या के कुमारगंज क्षेत्र में गुरुवार को सुबह करीब 11:30 बजे बारिश शुरू हुई। करीब एक घंटे तक हुई बारिश से उमसभरी गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली, लेकिन कम बारिश के कारण धान के खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल सका। किसानों के अनुसार धान की फसल को इस समय ज्यादा पानी की जरूरत है। बारिश कम होने से खेतों में नमी घट रही है और सिंचाई के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ रहे हैं। किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। तापमान सामान्य से अधिक रहा आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज की मौसम वेधशाला के अनुसार गुरुवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 81 और न्यूनतम 58 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा दो किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा से चली। अगले 24 घंटे हल्की बारिश के आसार मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने बताया कि अगले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में हल्के से मध्यम बादल छाए रह सकते हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, लेकिन अच्छी बारिश के आसार कम हैं।



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नालंदा में डंपर ने शख्स को रौंदा, मौत: ससुराल आए थे, बच्चों के लिए चॉकलेट खरीदने बाजार गए थे; लौटते वक्त हादसा – Nalanda News




नालंदा में बुधवार को देर शाम सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने रौंद डाला। मृतक रोह थाना क्षेत्र के बंदाजोर गांव निवासी सहदेव मांझी का बेटा अजय मांधी है। मृतक के साले जितेंद्र मांझी ने बताया कि उनके बहनोई अजय मांझी ससुराल आए हुए थे। बुधवार शाम को उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए कुछ सामान लेकर नहीं आए हैं, इसलिए सकरौल से चॉकलेट खरीदकर लाते हैं। जब वह सामान लेकर पैदल ही लौट रहे थे, तभी सकरौल मस्जिद और ट्रांसफार्मर के पास यह हादसा हो गया। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सकरौल गांव स्थित मुसहरी टोला के पास की है। वाहन मोड़ते वक्त हादसा जितेंद्र के अनुसार, अजय सड़क के एकदम किनारे से आ रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक वाहन पीछे की तरफ आ रहा था। इस वजह से ड्राइवर ने अजय को नहीं देखा और अजय को रौंद डाला। हादसे की सूचना राहगीरों ने परिजनों को दी। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि अजय मृत अवस्था में पड़े थे और उनके शरीर और पास की मिट्टी पर गाड़ी के चक्के के गहरे निशान मौजूद थे। अंधेरे के कारण हुआ हादसा घटना की सूचना मिलते ही दीपनगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अजय मांझी सड़क किनारे अंधेरे में बैठे थे। इसी दौरान एक डंपर बैक करने के चक्कर में उन पर चढ़ गया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। फिलहाल अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए पुलिस इलाके में पूछताछ कर रही है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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हरदा में वीर दुर्गादास राठौर की 388वीं जयंती मनाई गई: समाज ने वाहन रैली निकाली, स्मारक पर माल्यार्पण किया – Harda News




हरदा में गुरुवार को राठौर समाज ने अपने आराध्य वीर दुर्गादास राठौर की 388वीं जयंती धूमधाम से मनाई। जयंती के अवसर पर समाज के युवाओं और सदस्यों ने शहर में भव्य वाहन रैली निकाली। रैली के बाद नया बस स्टैंड स्थित वीर दुर्गादास राठौर के स्मारक पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और समाज के सदस्य मौजूद रहे। स्मारक पर किया माल्यार्पण वाहन रैली के बाद समाजजन नया बस स्टैंड स्थित वीर दुर्गादास राठौर के स्मारक पहुंचे। यहां समाज के सदस्यों ने वीर दुर्गादास राठौर को श्रद्धांजलि देते हुए स्मारक पर माल्यार्पण किया। समाज के अध्यक्ष शिवनारायण राठौर ने वीर दुर्गादास राठौर के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुर्गादास राठौर ने देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने समाज के सभी सदस्यों से देश और समाज के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। पराक्रम और मातृभूमि के योगदान को किया याद शिवनारायण राठौर ने सनातन संस्कृति और इतिहास के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वीर दुर्गादास राठौर ने मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया और वे एक वफादार योद्धा के रूप में जाने जाते हैं। पूर्व अध्यक्ष अशोक राठौर और वरिष्ठ समाजसेवी नारायण राठौर ने भी वीर दुर्गादास राठौर की जीवनी से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि दुर्गादास राठौर शेर जैसे पराक्रमी होने के बावजूद साधु की तरह रहे और राष्ट्र रक्षा के अलावा उन्होंने कभी शासन का काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि दुर्गादास राठौर सहनशील और पराक्रमी योद्धा थे। यदि वे नहीं होते तो मारवाड़-जोधपुर की वर्तमान स्थिति शायद अलग होती। समाज ऐसे वीरों को श्रद्धा से याद करता है, जिन्होंने देश और धर्म के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। बच्चों ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां जयंती समारोह से एक दिन पहले बुधवार शाम को समाज की धर्मशाला में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों ने विभिन्न कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रस्तुतियों के बाद अतिथियों ने बच्चों को इनाम भी वितरित किए। देखें कार्यक्रम तस्वीरें



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सुबह- रात या खाली पेट, जानें केला खाने का सही समय क्या है?

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Kela Kab Kahana Chahiye: केला एक ऐसा फल है, जिसे आप रोज अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं. लेकिन क्या केला खाने का कोई सही समय होता है? अगर आप भी इसका जवाब खोज रहे हैं, तो ये लेख आपके लिए है. यहां आपको केले के सेवन से जुड़ी बहुत जरूरी जानकारी मिलेगी.

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केला भारत में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है. यह आसानी से उपलब्ध होने के साथ-साथ किफायती भी होता है, इसलिए कई लोग इसे अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करते हैं. कुछ लोग सुबह नाश्ते में केला खाते हैं, तो कुछ इसे वर्कआउट से पहले या बाद में खाना पसंद करते हैं. वहीं, कई लोग रात में हल्की भूख लगने पर भी केला खा लेते हैं.

हालांकि, केला खाने के समय को लेकर अक्सर अलग-अलग राय सुनने को मिलती हैं. कोई कहता है कि इसे खाली पेट खाना फायदेमंद है, जबकि कुछ लोग रात में केला खाने से बचने की सलाह देते हैं. लेकिन पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, केला खाने का कोई एक तय समय नहीं है. यह एक पौष्टिक फल है जिसे व्यक्ति अपनी जरूरत, दिनचर्या और पाचन क्षमता के अनुसार खा सकता है. सबसे जरूरी बात यह है कि केला संतुलित आहार का हिस्सा बने, न कि पूरा भोजन उसी पर निर्भर हो.

केले में कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
केला शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम और विटामिन बी6 अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। पोटैशियम शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने, नसों के सही कामकाज और मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

क्या खाली पेट केला खा सकते हैं?
यदि सुबह खाली पेट केला खाने से आपको कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे नाश्ते में शामिल किया जा सकता है. लेकिन कुछ लोगों को खाली पेट फल खाने के बाद पेट फूलना, गैस या भारीपन महसूस हो सकता है. ऐसे लोग केले को ओट्स, दही, ड्राई फ्रूट्स या ब्रेड के साथ खा सकते हैं. इससे पेट भी भरा रहता है और पोषण भी बेहतर मिलता है.

केला और दूध का कॉम्बिनेशन
केला और दूध का शेक या स्मूदी काफी लोकप्रिय है. केला शरीर को ऊर्जा देने वाले कार्बोहाइड्रेट देता है, जबकि दूध प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व उपलब्ध कराता है. यदि दोनों चीजें आपको आसानी से पच जाती हैं, तो यह कॉम्बिनेशन नॉर्मल डाइट का हिस्सा बन सकता है. हालांकि, जिन लोगों को दूध से एलर्जी या लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या होती है, उन्हें गैस या पेट संबंधी परेशानी हो सकती है.

क्या रात में केला खाना सही है?
रात में केला खाना आमतौर पर सेफ माना जाता है. हालांकि यदि इसे खाने के बाद पेट भारी लगता है या पाचन संबंधी परेशानी महसूस होती है, तो इसे दिन के समय खाना बेहतर हो सकता है. हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसलिए अपने एक्सपीरियंस के अनुसार फैसला लेना चाहिए.

किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?
डायबिटीज और किडनी रोग से पीड़ित लोगों को केला खाते समय विशेष ध्यान देना चाहिए. केले में नेचुरल शुगर होती है, जो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती है. वहीं किडनी की बीमारी में पोटैशियम का लेवल कंट्रोल रखना जरूरी होता है. ऐसे लोगों को डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार ही केला खाना चाहिए.

About the Author

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra से कितना अलग है Google Pixel 11 Pro Fold?


Google Pixel 11 सीरीज में कंपनी ने अपना लेटेस्ट फोल्डेबल फोन भी पेश किया है, जिसमें पिछले साल लॉन्च हुए मॉडल के मुकाबले अपग्रेड्स देखने को मिलेंगे। गूगल का यह फोल्डेबल फोन सीधे तौर पर पिछले महीने लॉन्च हुए Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra को टक्कर देगा। साथ ही, इसका मुकाबला Motorola के पहले बुक स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन Moto Razr Fold से भी होगा। गूगल का यह लेटेस्ट फोल्डेबल फोन Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra से बेहतर है या नहीं? आइए जानते हैं…

प्राइस कम्पैरिजन

गूगल का यह फोल्डेबल फोन एक ही स्टोरेज वेरिएंट 16GB RAM + 1TB में आता है। इसकी कीमत 1,86,999 रुपये है। वहीं, Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra की शुरुआती कीमत 1,99,999 रुपये है। यह 12GB RAM + 256GB के शुरुआती वेरिएंट में आता है। इसके 16GB RAM + 1TB वाले वेरिएंट की कीमत 2,39,999 रुपये है। यानी सैमसंग के फोल्डेबल फोन के लिए आपको 53,000 रुपये ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे।

डिस्प्ले कम्पैरिजन

गूगल और सैमसंग दोनों के फोल्डेबल फोन 8 इंच के मेन और 6.5 इंच के कवर डिस्प्ले साथ आते हैं। गूगल के फोन में Super Actua Flex OLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 3600 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। वहीं, सैमसंग के फोन में 2x Dynamic AMOLED 2X पैनल का इस्तेमाल हुआ है। यह 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करेगा।

परफॉर्मेंस कम्पैरिजन

गूगल के फोन में लेटेस्ट Tensor G6 चिपसेट दिया गया है। इसके अलावा फोन में डेडिकेटेड Titan M3 सिक्योरिटी चिप दिया गया है। वहीं, Samsung के फोल्डेबल फोन में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट मिलता है। ये दोनों फोन 16GB रैम और 1TB स्टोरेज को सपोर्ट करते हैं। ये दोनों ही Android 17 ऑपरेटिंग सिस्टम और फीचर्स से लैस है।















फीचर्स Google Pixel 11 Pro Fold Samsung Galaxy Z Fold 8 Ultra
मेन डिस्प्ले 8 इंच Super Actua Flex OLED 8 इंच 2x Dynamic AMOLED 2X
कवर डिस्प्ले 6.5 इंच Super Actua OLED 6.5 इंच AMOLED
प्रोसेसर Tensor G5, Titan M3 Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5
स्टोरेज 16GB + 1TB 16GB + 1TB
रियर कैमरा 48MP + 10.5MP+ 10.8MP 200MP + 50MP + 10MP
फ्रंट कैमरा 10MP + 10MP 10MP + 10MP
बैटरी 4806mAh 5000mAh
चार्जिंग स्पीड 30W, 25W वायरलेस 60W, 20W वायरलेस
OS Android 17 Android 17
IP रेटिंग IP68 IP48
कीमत 1,86,999 रुपये 1,99,999 रुपये से शुरू

गूगल के फोल्डेबल फोन में 4,806mAh की बैटरी दी गई है, जिसके साथ 30W वायर्ड और 25W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा। सैमसंग के फोल्डेबल फोन में 5000mAh की बैटरी दी गई है, जिसके साथ 60W वायर्ड और 20W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।

कैमरा कम्पैरिजन

गूगल के फोल्डेबल फोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 48MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके साथ 10.5MP का अल्ट्रा वाइड और 10.8MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा। वहीं, सैमसंग के फोन के बैक में भी ट्रिपल कैमरा मिलता है। इसमें 200MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके साथ 50MP का अल्ट्रा वाइड और 10MP का टेलीफोटो कैमरा मिलेगा।

इन दोनों फोन में दो सेल्फी कैमरे दिए गए हैं, जिनमें एक कवर और एक मेन डिस्प्ले में लगा है। गूगल ने 10MP का सेल्फी कैमरा यूज किया है। वहीं, सैमसंग ने भी 10MP का कैमरा ही फ्रंट में यूज किया है।

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लाल किला धमाका अलकायदा ने कराया: UN की रिपोर्ट में दावा, NIA की जांच में भी यही निकला था; 11 मौतें हुई थीं


1 घंटे पहले

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10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई घायल हुए थे।

लाल किले के पास हुए धमाके में अलकायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। 10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास हुए इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक अलकायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) ने इस धमाके को अंजाम दिया। इसमें कहा गया है कि AQIS अब छोटे-छोटे सेल के जरिए काम कर रहा है और उसने अपना लॉजिस्टिक्स, फाइनेंशियल नेटवर्क भी तैयार कर लिया है।

इससे पहले आई UNSC की 37वीं रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का हाथ बताया था। यानी इस हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की लगातार दो रिपोर्टों में दो अलग-अलग आतंकी संगठनों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, NIA की चार्जशीट में दावा किया गया था कि आरोपी AQIS से जुड़े थे।

लाल किले के पास हुआ धमाका इतना भीषण था कि आसपास की गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए थे।

लाल किले के पास हुआ धमाका इतना भीषण था कि आसपास की गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए थे।

AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा

UNSC की एनालिटिकल सपोर्ट एंड सेंक्शंस मॉनिटरिंग टीम की यह रिपोर्ट 10 अगस्त को जारी की गई। इसमें कहा गया है कि AQIS अब बिखरे हुए छोटे आतंकी संगठन की बजाय एक क्षेत्रीय आतंकी नेटवर्क के रूप में विकसित हो चुका है।

संगठन ने अपना लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल नेटवर्क तैयार कर लिया है और अब बड़े समूहों के बजाय छोटे-छोटे, अलग-अलग सेल के जरिए काम कर रहा है।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।

रासायनिक और जैविक हथियार बनाने की कोशिश में जुटा अलकायदा

रिपोर्ट में कहा गया है कि अलकायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIL/दाएश) लंबे समय से ऐसे जहरीले रासायनिक और जैविक हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे बड़ी संख्या में लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सके। हालांकि, अब तक वे इसमें पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि ऐसे हथियार बनाना बेहद मुश्किल काम है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन आतंकी संगठनों से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क पर अब भी ऐसे जहरीले पदार्थ बनाने के तरीके और जानकारी साझा की जा रही है। फरवरी में ISIL की अंग्रेजी पत्रिका ‘इनवेड’ में बोटुलिनम टॉक्सिन और साइनाइड जैसे जहरीले पदार्थ तैयार करने से जुड़े निर्देश प्रकाशित किए गए थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ISIL-K ने पिछले 12 महीनों के दौरान अपने नेटवर्क में ‘राइसिन’ नाम के एक बेहद जहरीले विष को तैयार करने से जुड़ी जानकारी भी साझा की है।

2014 में बना था AQIS

AQIS अलकायदा का दक्षिण एशिया में सक्रिय संगठन है। इसको सितंबर 2014 में अलकायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी ने बनाया था। इसका मकसद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों में अलकायदा का नेटवर्क बढ़ाना था।

अमेरिकी नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के मुताबिक, AQIS फिलहाल मुख्य रूप से अफगानिस्तान में सक्रिय है, जबकि इसके नेटवर्क की गतिविधियां पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश में भी बताई गई हैं।

यह संगठन बड़े हमलों के बजाय छोटे-छोटे सेल के जरिए काम करता है और हत्या, हथियारबंद हमले, घात लगाकर हमला और आत्मघाती हमले जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। अमेरिका ने 2016 में इसे विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था।

UNSC दिल्ली ब्लास्ट रिपोर्ट क्यों दे रहा?

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) आतंकवादी संगठनों की गतिविधियों पर नजर रखता है। इसके लिए एक मॉनिटरिंग टीम काम करती है, जो आतंकी संगठनों के नेटवर्क, फंडिंग और गतिविधियों की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट तैयार करती है।

अलकायदा और ISIS से जुड़े संगठनों के लिए UNSC की 1267 सैंक्शंस कमेटी काम करती है। इसके तहत मॉनिटरिंग टीम अलग-अलग देशों से मिली जानकारी के आधार पर आतंकी संगठनों से जुड़े खतरे का आकलन करती है। UNSC ऐसे संगठनों और उनसे जुड़े लोगों पर यात्रा प्रतिबंध, हथियारों पर रोक और संपत्ति फ्रीज जैसे प्रतिबंध भी लगाता है।

लाल किला ब्लास्ट में UNSC इसलिए अहम है, क्योंकि उसकी मॉनिटरिंग टीम की रिपोर्ट में इस हमले को AQIS से जोड़ा गया है।

NIA ने भी AQIS का हाथ बताया था

NIA ने मई में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। राउज एवेन्यू कोर्ट इस पर 27 अगस्त को सुनवाई करेगा। चार्जशीट में 580 से ज्यादा गवाहों के बयान भी शामिल हैं।

इसमें दावा किया गया था कि सभी आरोपी आतंकी संगठन सार गजवत-उल-हिंद और अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े थे।

10 नवंबर 2025 की शाम हुआ था धमाका

दिल्ली के लाल किला इलाके में 10 नवंबर 2025 की शाम जोरदार धमाका हुआ था। इससे आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए थे। कई दुकानों और इमारतों को भी नुकसान पहुंचा था। 11 लोगों की मौत हुई थी। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

शुरुआती जांच में ही जांच एजेंसियों को शक हो गया था कि यह हाई-इंटेंसिटी VBIED अटैक था। इस केस की गंभीरता को देखते हुए जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई थी।

धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था

NIA की जांच में सामने आया था कि कुछ आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित मेडिकल प्रोफेशनल थे। 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक में उन्होंने “AGuH Interim” नाम से संगठन को फिर सक्रिय किया और “Operation Heavenly Hind” शुरू किया था।

आरोपियों ने नए सदस्यों की भर्ती और बड़े पैमाने पर विस्फोटक तैयार किया था। एजेंसी ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल TATP विस्फोटक आरोपियों ने खुद तैयार किया था। इसके लिए केमिकल और उपकरण ऑनलाइन-ऑफलाइन जुटाए गए थे।

जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपी AK-47, Krinkov राइफल और अन्य हथियार जुटाने के साथ-साथ ड्रोन और रॉकेट ऑपरेटेड IED पर भी प्रयोग कर रहे थे। IA ने अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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कश्मीर के अनंतनाग में आतंकी हमला, हेड कॉन्स्टेबल की मौत:अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा में तैनात थे; लश्कर से जुड़े आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी ली

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग के लाल चौक इलाके में बुधवार को आतंकियों ने पुलिस पर हमला किया। इसमें हेड कॉन्स्टेबल (35 साल) की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक दोपहर करीब 12:30 बजे आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर अचानक फायरिंग की। पूरी खबर पढ़ें…



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महंगाई डेटा, क्रूड और MSCI में बदलाव, बाजार की चाल पर 5 फैक्टर्स डालेंगे असर


आज गुरुवार की सुबह 7 बजे गिफ्ट निफ्टी करीब 24,430 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. इससे संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत आज फ्लैट हो सकती है. हालांकि, बाजार की दिशा केवल गिफ्ट निफ्टी से तय नहीं होगी. आज निवेशकों की नजर एशियाई बाजारों, अमेरिकी बाजार, महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमत और कुछ बड़ी कंपनियों में होने वाले बदलाव पर रहेगी. इन सभी फैक्टर्स का असर निफ्टी और सेंसेक्स पर देखने को मिल सकता है.

दूसरी ओर, एशियाई बाजारों में गुरुवार को अच्छी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई 1.32 फीसदी से ज्यादा चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4% से अधिक मजबूत हुआ. चिप कंपनियों के शेयरों में तेजी से एशियाई बाजारों को सहारा मिला. अमेरिका में भी बुधवार को ज्यादातर प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए. वहां, महंगाई के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नरम रहने से ब्याज दर बढ़ने की चिंता कुछ कम हुई है. ऐसे में आज भारतीय बाजार के लिए घरेलू और ग्लोबल दोनों संकेत अहम रहेंगे.

एशियाई बाजार का हाल

एशियाई बाजारों की मजबूत शुरुआत भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत है. जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में खास तौर पर तेजी देखने को मिली. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.14 फीसदी तक चढ़ा है. चिप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली है.

अमेरिकी बाजारों से मिला-जुला रुख

अमेरिकी बाजार में भी बुधवार को ज्यादातर इंडेक्स बढ़त में रहे. S&P 500 में 0.26 फीसदी और Nasdaq में 0.54 फीसदी की तेजी रही. हालांकि, Dow Jones 0.04 फीसदी गिरकर बंद हुआ. अमेरिका में जुलाई की महंगाई उम्मीद से ज्यादा नहीं बढ़ी, जिससे अगले महीने ब्याज दर बढ़ने की आशंका कुछ कम हुई है. इसका असर आज दुनिया भर के बाजारों पर पड़ सकता है.

भारत और अमेरिका के महंगाई आंकड़े

भारत में जुलाई की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45 फीसदी हो गई है. जून में यह 4.38 फीसदी थी. यह नई सीरीज में अब तक का सबसे हाई लेवल है. महंगाई लगातार दूसरे महीने आरबीआई के ऐवरेज लक्ष्य से ऊपर रही है. इसलिए बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि आगे ब्याज दरों को लेकर आरबीआई का रुख कैसा रहता है.

वहीं, अमेरिका में जुलाई में CPI सिर्फ 0.1 फीसदी बढ़ा. इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से अगले महीने ब्याज दर बढ़ाने की चिंता कम हुई है. अगर अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर माहौल नरम रहता है तो इसका फायदा उभरते बाजारों को मिल सकता है. विदेशी निवेशकों की खरीदारी भी बाजार के लिए अहम होगी. इसके अलावा आज अमेरिके के PCE डेटा का भी निवेशकों को इंतजार रहेगा. इसका असर भी US के ब्याज दरों के फैसले पर पड़ता है.

MSCI इंडेक्स में बदलाव

MSCI की अगस्त समीक्षा में भारतीय बाजार से जुड़ी कुछ बड़ी कंपनियों के इंडेक्स में बदलाव किया गया है. अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, बिलियनब्रेन गैरेज वेंचर्स यानी ग्रो और लॉरस लैब्स को MSCI India Standard Index में शामिल किया गया है.

वहीं, एस्ट्रल, बालकृष्ण इंडस्ट्रीज और SBI कार्ड्स एंड पेमेंट सर्विसेज को इंडेक्स से बाहर किया जाएगा. ये बदलाव 31 अगस्त 2026 को बाजार बंद होने के बाद लागू होंगे. इससे इन कंपनियों के शेयरों में आने वाले दिनों में खरीदारी या बिकवाली बढ़ सकती है. इसलिए आज इन शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रह सकती है.

कच्चा तेल और रुपये की चाल

कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 1.05 फीसदी गिरकर 88.05 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वहीं, WTI क्रूड 1.16 फीसदी टूटकर 82.30 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. अमेरिका में कच्चे तेल का भंडार बढ़ने से कीमतों पर दबाव आया.

भारत के लिए सस्ता कच्चा तेल राहत की खबर हो सकता है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है. तेल की कीमत कम होने से महंगाई और आयात बिल पर दबाव घट सकता है. इसके अलावा आज रुपये की चाल, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और निफ्टी के अहम लेवल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम रहेंगे.



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राजधानी में ‘जैन जी’ का शक्ति-प्रदर्शन: लेडी कलेक्टर से परेशान हो गए मंत्रीजी; कोचिंग में हेलिकॉप्टर वाला ‘जुगाड़’ – Rajasthan News




नमस्कार, इन दिनों ‘जैन जी’ की चर्चा है। कॉकरोच पार्टी वाले नहीं, बाडमेर वाले मेवाराम जैन जी, जिन्होंने जयपुर में शक्ति प्रदर्शन कर दिया। अलवर में वनमंत्री जी कलेक्टर साहिबा के खिलाफ धरने पर बैठ गए और दौसा में कोचिंग संचालक ने छात्रों को बैठे-बिठाए हवाई सफर का अनुभव करा दिया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. ‘जैन जी’ का शक्ति प्रदर्शन ये ‘जैन जी’ जनरेशन वाले नहीं हैं। ये मेवाराम जैन हैं। जो लालसा की रपटीली राह पर एक बार फिसल गए थे और जिनके वीडियो रसिकों तक पहुंच गए थे। भजन गायक और गीतकार हरिओम शरण ने एक भजन लिखा और गाया था। भजन था- मैली चादर ओढ़ के कैसे द्वार तुम्हारे आऊं। मेवाराम जी भी अभी तक यही सोचकर कतरा रहे थे। बाड़मेर से 3 बार विधायक रहे मेवाराम जैन की चादर पर उस घटना ने ऐसा दाग लगाया कि उनकी वैसी ही स्थिति हो गई, जैसे- लागा चुनरी में दाग छुपाऊं कैसे? लालसा का चक्कर ही ऐसा है कि बड़े-बड़े संत जेल की सजा काट रहे हैं। मेवाराम जैन किसी तरह उस घटना से बाहर निकल तो आए लेकिन छीछालेदर खूब हुई। कांग्रेस कमेटी के ही कुछ शरारती तत्वों ने शहरभर में उनके बड़े बड़े पोस्टर बनाकर टंगवा दिए थे। कुछ कार्यकर्ता चाहते थे कि मेवाराम की कांग्रेस में वापसी न हो। लेकिन मेवाराम कोशिश करते रहे। माफी मांगते रहे। चरित्र पर लगा दाग धोते रहे। ये धुल तो नहीं सकता, लेकिन वक्त के साथ हल्का जरूर पड़ जाता है। मेवाराम ने दोबारा जड़ें जमाई और कांग्रेस में वापसी की। अब निकाय चुनाव से पहले बाड़मेर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं-पदाधिकारियों-सरपंचों-समर्थकों को लेकर वे राजधानी पहुंचे। पूर्व सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की। गहलोत ने उनकी ‘पर्सनलिटी’ की तारीफ की। मेवाराम पीसीसी दफ्तर भी पहुंचे। जहां चीफ साहब ने उनको 4 बार का विधायक कहा। जबकि वे 3 बार के विधायक हैं। समर्थकों ने जब ‘4 बार के विधायक’ को दुरुस्त करने की कोशिश की तो डोटासरा बोले- एक बार ज्यादा बता रहा हूं तो आपको क्या दिक्कत? इस पर सब हंस पड़े। वैसे दिक्कत उनको हो सकती है जो पोस्टर लगाने वाले गुट में शामिल थे। 2. कलेक्टर साहिबा पर भड़के वनमंत्री धरने का फैशन चल रहा है। इसी फैशन के हिसाब से वनमंत्री ने भी बहती गंगा में हाथ धो लिए और धरने पर बैठ गए। उन्होंने धरने पर बैठने के लिए नगर निगम को चुना और विरोध करने के लिए कलेक्टर साहिबा को। मंत्रीजी बोले- कलेक्टर रुख अजीब सा है। उन्होंने कलेक्टर साहिबा के उद्देश के बारे में बताया- उसको समाज का भला नहीं करना है। यहां कलेक्टर बनकर लूटकर खाना है। इसके बाद मंत्रीजी के मुंह से गाली जैसा भी कुछ निकल गया। हालांकि कलेक्टर पर गुस्सा करने का यह उनका पहला मौका नहीं था। इससे पहले सर्दी के सीजन में वे तत्कालीन सीकर कलेक्टर पर भी गर्म हो गए थे। तब कलेक्टर की भूल यह थी कि कैंप से गायब अफसरों की हिमायत कर रहे थे। इसी में मारे गए। मंत्रीजी ने गरजकर आदेश दिया- इन चोरों को प्रोटेक्शन देने की जरूरत नहीं। अलवर में मामला सफाई कर्मियों को नियुक्ति पत्र देने का था। आरोप है कि नगर निगम कमिश्नर नियुक्ति पत्र टालते रहे। इस बीच कमिश्नर का ट्रांसफर ऑर्डर आ गया। इस पर सफाईकर्मी भड़क गए और बोले कि नियुक्ति पत्र देकर जाओ वरना नहीं जाने देंगे। चैंबर से उन्हें निकलने नहीं दिया। पुलिस ने उन्हें निकाला। सफाई कर्मी वनमंत्री के पास पहुंच गए। मंत्री ने कलेक्टर से नियुक्ति पत्र की बात की। वे बोलीं- कमिशनर साहब फोन नहीं उठा रहे। मैं किसी को यहां बुलाकर जॉइन नहीं करवा सकती। इसी पर मंत्रीजी भड़के। इतना भड़के कि अपनी ही सरकार से कलेक्टर को हटाने की मांग कर डाली। कुछ दिन पहले PCC चीफ साहब को भी SDM से दिक्कत हो गई थी। दो दिन बाद ही एसडीएम साहब का तबादला सीकर से करौली हो गया। ऐसे में मंत्रीजी को भी मांग पूरी होने की जबरदस्त उम्मीद है। 3. चलते-चलते… होनहार छात्रों को हेलिकॉप्टर की सैर कराने की खबरें सामने आती हैं। सरकारी स्कूलों के ऐसे कई टीचर हैं जिन्होंने अपने खर्चे पर होनहार छात्रों को हवाई सफर कराया। हर टीचर के पास इतना जुगाड़ नहीं होता। फिर भी हर शिक्षक चाहता है कि वह अपने शिष्यों को आसमान छूते देखे। ये अलग बात है कि कई शिष्य ‘आसमान छूना’ और ‘हवा में उड़ना’ मुहावरों को एक समझ लेते हैं। दौसा में एक कोचिंग संचालक का जन्मदिन था। अपने जन्मदिन पर संचालक चाहता था कि उसके स्टूडेंट हवा में उड़ने का अनुभव लें। इसलिए उसने एक प्रोग्राम अरेंज किया। जिसमें विधायक डीसी बैरवा को बुला लिया। छत पर सैकड़ों छात्रों को जुटा लिया। इसके बाद अशोक शर्मा खेड़ला को पेश कर दिया। अशोक किसी हवाई वाहन के पायलट नहीं थे। वे एक मिमिक्री कलाकार हैं, जो मुंह से हेलिकॉप्टर की आवाज निकालते हैं। संचालक महोदय का आदेश हुआ और कलाकार ने हेलिकॉप्टर की आवाज निकालने शुरू किया। दूर से पास आता हेलिकॉप्टर, पास से दूर जाता हेलिकॉप्टर, लैंड करता हेलिकॉप्टर, उड़ान भरता हेलिकॉप्टर। बच्चों ने बैठे-बैठे ही हवा की सैर का अनुभव ले लिया। इनपुट सहयोग- स्वप्निल सक्सेना (सीकर), धर्मेंद्र यादव (अलवर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



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इमरान हाशमी फिट बॉडी के लिए 2 साल से कर रहे हैं ये काम, 47 की उम्र में ऐसा है फिटनेस रूटीन


अवारापन 2 फेम एक्टर इमरान हाशमी एक्टिंग के साथ फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं। इमरान टोन्ड बॉडी के लिए सख्त रूटीन अपनाते हैं, चलिए उनका डेली रूटीन और टिप्स आपको बताते हैं।

फिल्म आवारापन 2 के जरिए एक्टर इमरान हाशमी फिर से एक बार चर्चा में आने वाले हैं। उनके फैंस इस फिल्म को लेकर बेहद खुश हैं और उनकी एक्टिंग के साथ फिटनेस की भी खूब चर्चा हो रही है। इमरान हाशमी वैसे तो कई बार अपना फिटनेस रूटीन बता चुके हैं लेकिन हम आपको उनकी कुछ खास आदतों के बारे में बताएंगे। 47 साल के एक्टर फिटनेस के लिए सख्त रूटीन भी खुशी से अपना लेते हैं और फिर वही उनकी आदत बन जाती है। इमरान हाशमी ने एक बार इंटरव्यू में बताया था कि फिट बॉडी और सिक्स पैक एब्स के लिए वह 2 सालों से एक आदत अपना रहे हैं, जिससे उनकी पत्नी परेशान हो चुकी हैं। चलिए आपको एक्टर के फिटनेस रूटीन और आदतों के बारे में बताते हैं।

कंसिस्टेंसी है जरूरी

इमरान हाशमी का कहना है कि अगर आपको कुछ पाना है, तो उसके लिए हर दिन प्रयास करने होंगे। फिट बॉडी पाने के लिए भी यही शर्त है और इसलिए मैं कभी अपना वर्कआउट स्किप नहीं करता। वह रोजाना 1-2 घंटे जिम करते हैं, जिसमें कार्डियो, वेट ट्रेनिंग, पुश अप्स, रनिंग जैसी तमाम चीजें होती हैं। वह हफ्ते में 5 दिन लगातार वर्कआउट करते हैं और 2 दिन शरीर को रेस्ट देते हैं।

खाने को लेकर हैं बेहद सीरियस

इमरान हाशमी ने बताया था कि उनकी फिटनेस का क्रेडिट उनकी प्लेट को भी जाता है। वह हेल्दी फूड ही खाते हैं, फिर चाहे भले ही एक ही खाना बार-बार खाना पड़े। एक्टर लंच में चिकन कीमा, सलाद और शकरकंद खाते हैं। उन्होंने बताया कि पूरा चिकन नहीं खाया जा सकता लेकिन कीमा को पचाना काफी आसान होता है, तो वह प्रोटीन के लिए इसे खाते हैं। शकरकंद उबली होती है और सलाद एवोकाडो, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, लेट्यूस, रॉकेट लीव्स और थोड़ा बाल्सामिक विनेगर मिलाकर बनाते हैं। उनके ट्रेनर ने बैलेंस प्लेट बनवाई है, जिसमें फाइबर, प्रोटीन, कार्ब्स सबकुछ है और शरीर के लिए परफेक्ट है।

2 साल से कर रहे हैं ये काम

अगर आपसे कहा जाए कि आपको एक ही खाना हर दिन खाना है, तो शायद आप 3-4 दिन खाने के बाद उससे ऊब जाएंगे लेकिन इमरान हाशमी के साथ ऐसा नहीं है। वह बीते 2 साल से लगातार चिकन कीमा, सलाद और शकरकंद खा रहे हैं। उनका लंच-डिनर हमेशा फिक्स होता है और इससे उनकी वाइफ भी बोर हो चुकी हैं। इमरान का कहना है कि फिटनेस के लिए मुझे प्रोटीन चाहिए और इस प्लेट से सब मिलता है, तो मैं हर दिन ये खाता हूं और अब ये आदत बन चुका है।

फिजिकल एक्टिविटीज पर भी फोकस

इमरान का कहना है कि सिर्फ वर्कआउट या फिर हेल्दी फूड से ही आप फिट नहीं होते, उसके लिए आपको फिजिकली एक्टिव भी रहना होगा। इसके लिए वह रनिंग, वॉक, साइकिलिंग, स्वीमिंग जैसी चीजें भी करते हैं। इससे शरीर एक्टिव बना रहता है और एनर्जी भी रहती है।

नींद से कोई समझौता नहीं

इमरान अपनी नींद हमेशा पूरी करते हैं। वह रात में करीब 10 बजे सो जाते हैं और सुबह 5-6 बजे उठ जाते हैं। उन्हें हर दिन 7-8 घंटे की नींद चाहिए। कुल मिलाकर इमरान ने खुद को फिट रखने के लिए कठिन रूटीन में ढाल लिया है और अब वही रूटीन उनकी आदत बन चुका है। फिटनेस के लिए इमरान के इस रूटीन को हर कोई फॉलो नहीं कर सकता।



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तीन साल में बना नोएडा का पहला स्काईवॉक: 45 करोड़ किए गए खर्च, 16 अगस्त से होगा शुरू, मेट्रो की दो लाइन को जोड़ेगा – Noida (Gautambudh Nagar) News



सेक्टर-51-52 मेट्रो को जोड़ने वाला स्काईवॉक।

नोएडा में लंबे इंतजार के बाद पहला स्काईवॉक 16 अगस्त तक शुरू हो जाएगा। यह स्काईवॉक सेक्टर-52 (ब्लू लाइन) और सेक्ट(एक्वा लाइन) मेट्रो स्टेशन को जोड़ेगा। इसके बनने से यात्रियों को सड़क पार नहीं करनी पड़ेगी और इंटरचेंज पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा। क

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2023 में शुरू हुआ निर्माण इस परियोजना का निर्माण 2023 में शुरू कराया था। स्काईवॉक बनने के बाद दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी यात्रियों को स्टेशन के नीचे बने पैदल मार्ग से होकर जाना पड़ता है, जहां अक्सर भीड़ रहती है। इसके निर्माण के दौरान डिजाइन में कुछ तकनीकी बदलाव किए गए थे। स्काईवॉक को मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट के सामने से जोड़ा गया है। इससे इसकी लंबाई बढ़ गई है।

6 मीटर चौड़ा और कई सुविधा स्काईवॉक करीब 6 मीटर चौड़ा है। जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान रहेगी। स्काईवॉक पर बेहतर लाइटिंग, मजबूत रेलिंग और दिव्यांग यात्रियों के लिए सुगम पहुंच की व्यवस्था भी की गई है। इससे दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच इंटरचेंज अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करूणेश ने बताया कि 16 अगस्त से स्काईवॉ के जरिए लोगों आ जा सकेंगे।



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