बिजनेसमैन दूसरी शादी करना चाहता था। पत्नी पर तलाक के लिए दबाव डाला। मारपीट कर घर से निकाल दिया। पत्नी ने पति के खिलाफ केस कर दिया। समाज के पंचों को ये बात इतनी नागवार गुजरी कि महिला और उसके परिवार को समाज से बाहर कर दिया। पंचायात ने 4 लाख रुपए जुर्माना भी लगा दिया। शादी-समारोह और यहां तक कि किसी की मौत पर भी आने-जाने पर पाबंदी लगा दी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी पति सहित 22 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामला पाली जिले के चंडावल थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मूल रूप से देवली कलां और वर्तमान में सोजत रोड निवासी विवाहिता ने साल 2022 में अपने पति राजेन्द्र एवं ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया था। केस में आरोप था कि उसके पति राजेंद्र का चेन्नई में हार्डवेयर का बिजनेस है। वह दूसरी शादी करना चाहता है। उस पर तलाक के लिए दबाव बना रहा है। ऐसा नहीं करने पर पति व ससुराल पक्ष के लोगों ने मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया। वह अपने बच्चों के साथ पीहर में रह रही है। केस में पुलिस ने आरोपी पति राजेंद्र के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का जुर्म प्रमाणित मान कोर्ट में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद विवाहिता ने कोर्ट में घरेलू हिंसा और भरण-पोषण का मामला भी दायर किया। यह दोनों केस कोर्ट में विचाराधीन है। केस में आरोप लगाया गया है कि न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद पति पक्ष ने समाज के कुछ पंच-पटेलों के माध्यम से पत्नी और उसके परिवार पर कोर्ट केस वापस लेने का दबाव बनाने का प्रयास किया। समाज की पहली बैठक: पंचों ने कहा–मामला कोर्ट में है, हम कुछ नहीं कहेंगे एफआईआर में आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 को समाज के हलकारे के माध्यम से विवाहिता के परिवार को सूचना दी गई कि 11 अप्रैल को देवली कलां स्थित समाज की हथाई पर पंचायत में उपस्थित होना होगा। साथ ही 50 हजार रुपए की सिक्योरिटी राशि साथ लानी होगी। यह भी कहा गया कि यदि परिवार पंचायत में उपस्थित नहीं हुआ तो समाज एकतरफा निर्णय कर देगा। उस बैठक में समाज के पंचों ने कहा- महिला ने पति एवं ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया गया है। घरेलू हिंसा एवं भरण-पोषण के मामले भी न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसलिए हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। दूसरी बैठक : दो धड़ों मे बंटे पंच, आरोपी पक्ष ऊपरी पंचायत में ले गए एफआईआर में आरोप है कि 13 अप्रैल 2026 को देवली कलां में विवाहिता के ससुराल पक्ष के लोगों ने दूसरी बैठक बुलाई। आरोपी पंचों ने बैठक में आने के लिए पीड़ित परिवार को सिक्योरिटी राशि के 1 लाख रुपए लेकर आने को कहा। आरोप है कि देवली एवं छितरिया के कई पंचों ने फिर यह राय रखी कि न्यायालय में लंबित मामले पर पंचायत नहीं चलनी चाहिए, लेकिन चंडावल के कुछ पंचों ने स्वयं को समाज का सबसे बड़ा पंच बताते हुए कथित रूप से कहा कि समाज में उनका ही निर्णय चलेगा और मामला नौ खेड़ा पंचायत में ले जाया जाएगा। तीसरी बैठक : खाप पंचायत बुलाई, सिक्योरिटी राशि नहीं लाने पर समाज से बाहर निकाला एफआईआर में आरोप है कि 18 अप्रैल 2026 को चंडावल में हाईवे पर स्थित एक होटल के गार्डन में नौ खेड़ा की कथित पंचायत बुलाई गई। उस बैठक में पीड़ित पक्ष को 2.50 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि लेकर आने का कहा गया था। पीड़ित परिवार ने परिचितों से राशि एकत्र कर कथित रूप से पंचायत के कहे अनुसार जमा कराई। आरोप है कि जैसे ही विवाहिता के पिता जाजम पर पंचों को नमस्कार कर बैठने लगे। उसी समय समाज के कथित कुछ पंचों ने उन्हें जाजम से उठाकर जूतों के पास बैठाया। विवाहिता को अलग ले जाकर पूछताछ की। उसके चरित्र पर आरोप लगाए गए। मोबाइल और निजी जीवन के बारे में सवाल किए गए। न्यायालय में लंबित मुकदमे वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया गया। आरोप है कि चंडावल में नौ खेड़ा की पंचायत में आरोपी पंचों ने पीड़ित पक्ष से कहा– हमारा फरमान ही कोर्ट है। हम समाज की कोर्ट है और हमारा फैसला ही मानना पड़ेगा। आरोपी पंचों ने विवाहिता को दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा का केस वापस लेने के आदेश दिया। पीड़ित पक्ष ने कहा- मामला कोर्ट ने विचाराधीन है। अब जो कोर्ट फैसला देगा, उसके वैसे ही करेंगे। खाप पंचायत के पंच और ज्यादा नाराज हो गए और कहा- हम कोर्ट–कचहरी को नहीं मानते। समाज से बाहर निकालने का आदेश आरोप है कि पंचों ने कहा–समाज में हमारा फैसला मानना पड़ेगा। पीड़ित ने केस वापस लेने से इंकार का तो कथित पंचों ने पीड़ित परिवार को समाज से बहिष्कृत कर 4 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिा। आरोपी पंचों ने फरमान सुनाया कि जब तक वे लोग केस वापस नहीं लेंगे, तब तक परिवार के लोगों की रिश्तेदारों की शादी-ब्याह और मौत (शोक सभा के कार्यक्रम) में भी नो एंट्री होगी। आरोप है कि इस खाप पंचायत में झुझण्डा, दादिया, आलावास, सिसरवादा, पाचुण्डा, बागासनी, झाक, बासिया, देवली, छितरिया, चण्डावल सहित अन्य गांवों के पंच-पटेल मौजूद थे। पुलिस ने इनके खिलाफ दर्ज की एफआईआर पुलिस ने राजेन्द्र पुत्र घेवरराम, रतनाराम पुत्र जसाराम, चेतन पुत्र भबूतराम, बलदेवराम पुत्र रामाराम, चौनाराम, भंवरलाल पुत्र पोकरजी, पारस पुत्र हुकाराम, भंवर, जालाराम, नारायण, भैराराम, हापुराम, मोनाराम, नरपतराम पुत्र घेवरराम, मांगीलाल पुत्र हापुराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसी तरह किशोर पुत्र उमाराम जांगु, गिरधारीलाल पुत्र लाबुजी, घेवरराम पुत्र पुखाराम, बलदेवराम पुत्र रामाराम, भंवरलाल पुत्र पोकरराम और हीरालाल पुत्र भंवरलाल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। …. ये खबर भी पढ़िए… लिव-इन में रहने पर पंचों ने 21 लाख जुर्माना लगाया:दो परिवारों का हुक्का-पानी बंद किया, सामाजिक कार्यक्रम से निकाला; धार्मिक स्थल पर एंट्री बैन की जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है। लिव इन में रह रहे युवक और युवती पर 21 लाख का जुर्माना लगा दिया। दोनों के परिवार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का-पानी बंद कर दिया। पूरी खबर पढ़िए…
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