Tuesday, June 30, 2026
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करोड़ों व्यूज और आज भी वही क्रेज: इमरान हाशमी के इस एक गाने ने बदल दी थी उनकी किस्मत, रातों-रात बने स्टार


 

साल 2004 में आई फिल्म ‘मर्डर’ का गाना “भीगे होंठ तेरे” बॉलीवुड इतिहास के सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर गानों में से एक है. संगीतकार अनु मलिक के कंपोजिशन और कुणाल गांजावाला की अनूठी ‘हस्की’ आवाज में गाए गए इस गाने ने रिलीज होते ही चार्टबस्टर्स पर कब्जा कर लिया था. इस एक गाने ने इमरान हाशमी के करियर की दिशा बदल दी और उन्हें इंडस्ट्री में एक रोमांटिक स्टार के रूप में स्थापित किया. दशकों बाद भी, यूट्यूब और म्यूजिक स्ट्रीमिंग ऐप्स पर इस गाने की ‘लूप वैल्यू’का क्रेज वैसी ही बनी हुई है. ईमरान हाशमी का ये गाना आज भी हर आशिक की प्लेलिस्ट का एक फेवरेट गाना है. यूट्यूब पर इसके 31 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं.

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इंडिगो की अहमदाबाद-मुंबई फ्लाइट की सूरत में इमरजेंसी लैंडिंग: उड़ान के दौरान 3 साल का बच्चा बेहोश हुआ, समय पर इलाज मिलने से बची जान




अहमदाबाद से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E-7018 में सोमवार शाम 3 साल का बच्चा बेहोश हो गया। उसकी हालत बिगड़ने पर पायलट ने मेडिकल इमरजेंसी घोषित की। फ्लाइट की सूरत एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। बच्चे को सूरत के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। बच्चे की पहचान सौरभ के रूप में हुई है। फ्लाइट में मौजूद दो डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक इलाज देने की कोशिश की, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क कर सूरत एयरपोर्ट पर उतरने की अनुमति मांगी। लैंडिंग से पहले एयरपोर्ट पर एम्बुलेंस और मेडिकल टीम तैयार थी मेडिकल इमरजेंसी की सूचना मिलते ही सूरत एयरपोर्ट को अलर्ट कर दिया गया। CISF, एयरपोर्ट की मेडिकल टीम और इंडिगो की ग्राउंड टीम ने पहले से तैयारी कर ली। विमान के उतरते ही डॉक्टर अंदर पहुंचे। बच्चे को प्राथमिक इलाज देने के बाद एम्बुलेंस से प्राइवेट हॉस्पिटल भेज दिया गया। बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के बाद एयरपोर्ट प्रशासन और इंडिगो ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद फ्लाइट मुंबई के लिए रवाना हो गई। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, इस इमरजेंसी लैंडिंग का दूसरी उड़ानों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग की पिछली दो घटनाएं… 15 जून: जयपुर में इंडिगो की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट में एक पैसेंजर की तबीयत बिगड़ गई। पैसेंजर की स्थिति को देखते हुए पायलट ने तुरंत मेडिकल इमरजेंसी घोषित की और जयपुर एयरपोर्ट पर फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराने का फैसला लिया। दरअसल, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-322 दिल्ली से मुंबई के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान एक पैसेंजर की तबीयत खराब हो गई। विमान में मौजूद क्रू मेंबर्स ने प्राथमिक स्तर पर पैसेंजर को सहायता उपलब्ध कराई, लेकिन स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं होने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क कर नजदीकी एयरपोर्ट पर लैंडिंग की अनुमति मांगी गई। पूरी खबर पढ़ें… 12 मई: एअर इंडिया की बेंगलुरु-दिल्ली फ्लाइट की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग एअर इंडिया की बेंगलुरु से दिल्ली जा रही फ्लाइट AI2802 की दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। फ्लाइट जब हवा में थी तब कॉकपिट क्रू को एक इंजन में आग लगने का अलर्ट मिला। इसके बाद विमान को रात करीब 9.30 बजे दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारा गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान में करीब 171 पैसेंजर थे। सभी पैसेंजर और क्रू सुरक्षित हैं। फ्लाइट को टो करके ले जाया गया। परी खबर पढ़ें… —————- ये खबर भी पढ़ें… इंडिगो फ्लाइट का इंजन फेल, दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग:वाइब्रेशन के बाद एक इंजन बंद हुआ, दूसरे से उतारा; 160 पैसेंजर सवार थे विशाखापट्टनम से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट 6E 579 की दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इंजन बंद होने की वजह से इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। फ्लाइट में 160 यात्री सवार थे। विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरपोर्ट के रनवे 28 पर ‘फुल इमरजेंसी’ लागू की गई थी। रनवे के चारों ओर दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस मौजूद थीं, जिस बोइंग 737 विमान (TC-CON) के इंजन में खराबी आई, वह तुर्की की कोरेनडन एयरलाइन्स से लीज पर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…



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प्रतापगढ़ में शराब की दुकान में सेंध, VIDEO: छत तोड़कर 25 हजार नकद, 5 हजार की शराब चोरी – Lalganj (Pratapgarh) News




प्रतापगढ़ नगर में रविवार रात चोरों ने एक कंपोजिट शराब की दुकान को सेंध लगाकर निशाना बनाया। बदमाशों ने छत की फॉल सीलिंग तोड़कर दुकान में प्रवेश किया और नकदी सहित शराब चोरी कर ली। यह घटना रविवार रात को अफीम कोठी स्थित दुकान में हुई। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चोरों ने दुकान की दक्षिण दिशा की दीवार और छत की फॉल सीलिंग को तोड़ा। वे कैश काउंटर से 25 हजार रुपए नकद और लगभग पांच हजार रुपए मूल्य की शराब लेकर फरार हो गए। दुकान पर कार्यरत सेल्समैन राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि उन्होंने रविवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद की थी। सोमवार सुबह लगभग 10 बजे जब वह दुकान पहुंचे, तो शटर खोलने पर अंदर का सामान बिखरा हुआ मिला और कैश काउंटर खुला था। जांच करने पर नकदी गायब पाई गई। जायसवाल ने बताया कि चारों ओर देखने पर छत की फॉल सीलिंग टूटी हुई दिखाई दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चोर उसी रास्ते से दुकान के अंदर दाखिल हुए थे। उन्होंने तुरंत नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो संदिग्ध कंबल ओढ़े हुए चोरी करते दिखाई दिए हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुट गई है।



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गोरखपुर के ये 3 नॉनवेज अड्डे हैं फूड लवर्स की पहली पसंद, जानिए खासियत और जगह


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गोरखपुर के ये 3 नॉनवेज अड्डे हैं फूड लवर्स की पहली पसंद, जानिए खासियत और जगह

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अगर आप नॉनवेज खाने के शौकीन हैं और गोरखपुर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो शहर की ये तीन मशहूर दुकानें आपकी फूड लिस्ट में जरूर होनी चाहिए. यहां का हांडी मटन, कीमा-कलेजी और देसी स्टाइल में तैयार मटन अपने खास स्वाद और पारंपरिक रेसिपी के लिए दूर-दूर तक मशहूर है.

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश का गोरखपुर जिला अपनी खास मेहमाननवाजी और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है. लेकिन इसके साथ ही यहां का जायका भी बेहद बेमिसाल है. अगर आप नॉनवेज खाने के शौकीन हैं, तो गोरखपुर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है.

यहां के पारंपरिक मसालों, धीमी आंच पर पकाने के पुराने तरीकों और सीक्रेट रेसिपी की वजह से यहां के व्यंजनों का स्वाद बिल्कुल अलग होता है. अगर आप कभी भी गोरखपुर घूमने आ रहे हैं, तो शहर की ये तीन जगहें आपकी फूड लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.

गोरखपुर के मोहद्दीपुर इलाके में स्थित ‘अदालत हांडी मटन’ अपने बिल्कुल अनोखे अंदाज के लिए पूरे शहर में मशहूर है. यहां मटन को किसी कुकर या स्टील के बर्तन में नहीं, बल्कि मिट्टी की पारंपरिक हांडी में कोयले की धीमी आंच पर पकाया जाता है. इस तरीके से पकाने की वजह से सभी खास मसालों का स्वाद मटन के पीस के अंदर तक अच्छी तरह समा जाता है. जब ग्राहक दुकान पर पहुंचते हैं, तो उनके सामने ही कतार से लगी हांडियों में मटन पकता हुआ दिखाई देता है, जिसे देखकर ही मुंह में पानी आ जाता है. यहां का स्वाद ऐसा है कि लोग एक बार खाने के बाद दोबारा यहां आने की प्लानिंग करने लगते हैं.

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अगर आप असली स्वाद का एक साथ मजा लेना चाहते हैं, तो जिला अस्पताल रोड पर स्थित ‘सिंधी होटल’ जरूर जाएं. स्थानीय लोग इसे ‘दानाराम होटल’ के नाम से भी जानते हैं. यह दुकान लगभग 70 साल पुरानी है और यहां मिलने वाली कीमा-कलेजी का कोई मुकाबला नहीं है. इस दुकान की कमान संभाल रहे प्रीतम दास आहूजा बताते हैं कि यहां आज भी उसी खास पारंपरिक मसाले का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी शुरुआत उनके पिता ने दशकों पहले की थी. मसालों का वही पुराना अंदाज आज भी कायम है, यही वजह है कि गरमा-गरम रोटी के साथ परोसी जाने वाली यह कीमा-कलेजी आज भी दूर-दूर से आने वाले ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है.

विजय चौक पर स्थित ‘भोला मटन’ भी गोरखपुर के सबसे चर्चित नॉनवेज ठिकानों में से एक है. यहां मटन को एक बड़े भगोने में बेहद पारंपरिक और देहाती शैली में पकाया जाता है. इस मटन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे तैयार करते समय बाहर से ज्यादा तेल-घी डालने के बजाय मटन की ही चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है. इससे मटन की ग्रेवी बेहद गाढ़ी, तरीदार और एकदम असली देसी स्वाद वाली बनती है. मसालों का सही संतुलन और धीमी आंच पर घंटों भूनने की वजह से यह मटन बेहद सॉफ्ट हो जाता है. शाम होते ही यहां मटन प्रेमियों की भारी भीड़ लग जाती है.

ये तीनों जगहें सिर्फ खाना खिलाने की दुकानें नहीं हैं, बल्कि ये गोरखपुर के पुराने और समृद्ध स्वाद की पहचान हैं. अदालत का हांडी मटन, सिंधी होटल की कीमा-कलेजी और भोला मटन का देसी अंदाज हर नॉनवेज प्रेमी को एक बार जरूर चखना चाहिए.

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मंदसौर पुलिस ने 5.5 किलो अफीम, 30 किलो डोडाचूरा पकड़ा: ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जा रहे दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार – Mandsaur News




मंदसौर जिले की नारायणगढ़ पुलिस ने ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जाई जा रही 5.5 किलोग्राम अफीम और 30 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद कर लिया। मामले में दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों और वाहनों की कुल कीमत 16.35 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई सोमवार तड़के की। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार पवार के नेतृत्व में बूढ़ा चौकी प्रभारी विकास गेहलोत की टीम ने झारड़ा-भंवरासा रोड स्थित बोरखेड़ी फंटा यात्री प्रतीक्षालय के पास घेराबंदी की। यहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया। तलाशी के दौरान, ट्रॉली में रखे एक अन्य लाल रंग के मैसी 1035 डीआई ट्रैक्टर की जांच की गई। इस ट्रैक्टर के दाहिने पिछले टायर के भीतर 30 किलोग्राम डोडाचूरा और बाएं अगले टायर के अंदर 5.5 किलोग्राम अफीम स्किम के तहत छिपाई हुई मिली। राजस्थान के रहने वाले दो आरोपी अरेस्ट
पुलिस ने मौके से विकास पिता बोहराराम जाट (26) और प्रधान पिता सेवाराम जाट (27) को गिरफ्तार किया। ये दोनों राजस्थान के जोधपुर जिले की लूणी तहसील के ग्राम बड़लिया, थाना झंवर के निवासी हैं। आरोपियों के खिलाफ नारायणगढ़ थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने 8.25 लाख रुपए की 5.5 किलोग्राम अफीम, 60 हजार रुपये का 30 किलोग्राम डोडाचूरा, 4.50 लाख रुपए का मैसी 241 डीआई ट्रैक्टर मय ट्रॉली और 3 लाख रुपए का मैसी 1035 डीआई ट्रैक्टर जब्त किया है। जमानत पर छूटने के बाद फिर तस्करी में पकड़ा गया
बता दें कि अगस्त 2025 में मल्हारगढ़ पुलिस ने सोहनलाल नाम के आरोपी को 2 किलो 714 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले की जांच में सामने आया था कि मादक पदार्थ लेने के लिए प्रधान ने ही सोहनलाल को भेजा था। प्रकरण में प्रधान बाद में जमानत पर बाहर आ गया था। अब एक बार फिर वह मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए नारायणगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था तथा इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।



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रामनगर से लौट रहे युवक की सड़क हादसे में मौत: पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर, मौके पर गई जान, परिजनों ने मुआवजे की मांग की – Kaimur News




रामनगर से अपने गांव भेरिया लौट रहे एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना कर्मनाशा से खजुरा की ओर नौबतपुर से आगे हुई। मृतक की पहचान रोहित सिंह (पिता: वकील सिंह) के रूप में हुई है। मृतक के रिश्तेदार विजय पांडे ने बताया कि रोहित रामनगर से भेरिया जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित सिंह सीधे ड्राइवर की तरफ गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं। सरकार से मुआवजे की मांग की स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन रामनगर से घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक रोहित सिंह की मौत हो चुकी थी। मृतक रोहित सिंह अविवाहित थे। इस घटना के बाद उनके नाना विजय पांडे और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।



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रेप के दोषी नाबालिग बालक को 20 साल की जेल: DNA रिपोर्ट ने साबित किया अपराध, पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजा – Karauli News




पॉक्सो मामलों के विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास और 1 लाख 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके साथ ही पीड़ित बालिका को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने का भी आदेश दिया गया है। इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य, विशेषकर डीएनए रिपोर्ट, आरोपी को दोषी सिद्ध करने का प्रमुख आधार बनी। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मामला जिले के महावीरजी थाना क्षेत्र का है। पीड़ित बालिका की ताई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार घटना से लगभग तीन-चार महीने पहले आरोपी बालक ने पीड़िता को अपनी मौसी के लड़के को खिलाने के बहाने अपने घर बुलाया था। जब पीड़िता उसके घर पहुंची, तो आरोपी उसे जबरन एक कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी ने उसके मुंह में चुन्नी ठूंस दी और धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस डरावनी घटना और जान से मारने की धमकी के कारण पीड़िता चुप रही। परिणामस्वरूप, उसे चार माह का गर्भ ठहर गया। पेट में बदलाव देखने के बाद पीड़िता ने अपनी ताई को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद महावीरजी थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन अनुसंधान किया और आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 21 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त 43 महत्वपूर्ण दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। पीड़िता के गर्भपात के बाद सुरक्षित रखे गए भ्रूण के सैंपल और विधि से संघर्षरत बालक के खून के नमूने की डीएनए जांच कराई गई थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि भ्रूण का जैविक पिता वही बालक था। इन सभी पुख्ता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विशिष्ट न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई।



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दिल्ली विधानसभा में डॉ. आशुतोष मुखर्जी को श्रद्धांजलि: विशेष ग्रंथ होगा जारी, जेपी नड्डा करेंगे संकलित भाषणों का लोकार्पण, सीएम रहेंगी मौजूद – New Delhi News




डॉ. आशुतोष मुखर्जी की 162वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली विधानसभा मंगलवार को उनके संसदीय विचारों पर आधारित विशेष स्मारक ग्रंथ ‘बंगाल टाइगर आशुतोष मुखर्जी के संकलित भाषण’ का लोकार्पण करेगी। यह समारोह दिल्ली विधानसभा सदन में आयोजित होगा। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश (जे.पी.) नड्डा इस विशेष ग्रंथ का विमोचन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता करेंगे। समारोह में सीएम रेखा गुप्ता, शिक्षा, गृह एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा विधायक, शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों की भी उपस्थिति रहेगी। डॉ. आशुतोष मुखर्जी, जिन्हें ‘बंगाल टाइगर’ के नाम से जाना जाता है, स्वतंत्रता-पूर्व भारत के प्रमुख शिक्षाविद्, विधिवेत्ता और राष्ट्रनिर्माताओं में गिने जाते हैं। वे 1904 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य रहे और उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, संस्थान निर्माण तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. मुखर्जी के संसदीय भाषणों को एक ही संकलन में प्रस्तुत किया दिल्ली विधानसभा द्वारा प्रकाशित इस स्मारक ग्रंथ में पहली बार डॉ. मुखर्जी के संसदीय भाषणों को एक ही संकलन में प्रस्तुत किया गया है। इससे शिक्षा, संवैधानिक शासन, संस्थान निर्माण और सार्वजनिक जीवन से जुड़े उनके विचार विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, विधायकों और आम पाठकों तक व्यवस्थित रूप से पहुंच सकेंगे। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि यह प्रकाशन केवल एक स्मारक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक और शैक्षणिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसका उद्देश्य उन राष्ट्रीय विभूतियों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कौन थे डॉ. आशुतोष मुखर्जी 1864 में जन्मे, 1924 में हुआ निधन ‘बंगाल टाइगर’ के नाम से थे प्रसिद्ध प्रख्यात शिक्षाविद्, विधिवेत्ता और राष्ट्रनिर्माता 1904 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य बने उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और संस्थान निर्माण में दिया ऐतिहासिक योगदान पहली बार उनके संसदीय भाषण एक ही संकलन में प्रकाशित किए गए हैं



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विनोद खन्ना की एक्टिंग, हेमा मालिनी के हुस्न का चला जादू,फिल्म ने किया था हिप्नोटाइज


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साल 1981 में एक ऐसी फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी, जिसे देख हर कोई हैरान हो गया था. फिल्म में राजेश खन्ना, हेमा मालिनी और विनोद खन्ना नजर आए थे. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित थी. फिल्म की कहानी ने लोगों को ऐसा दीवाना बनाया था कि आज भी लोग फिल्म को भूल नहीं पाए हैं.

नई दिल्ली. यूं तो पिछले जन्म की कहानी पर कई फिल्में बनाई गई हैं. लेकिन साल 1981 में सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी, जिसने लोगों का दिल जीत लिया था. फिल्म में विनोद खन्ना की एक्टिंग और हेमा मालिनी के हुस्न का ऐसा जादू चला कि फिल्म हिट साबित हुई थी.

हम बात कर रहे हैं, साल 1981 में आई फिल्म ‘कुदरत’ की. यूं तो इस फिल्म में राजेश खन्ना भी नजर आए थे, लेकिन ये फिल्म उस दौर में आई थी, जब राजेश खन्ना का बुरा दौर शुरू हो चुका था. फिल्म में विनोद खन्ना ने भी अपने रोल से तहलका मचाया था.

फिल्म में पिछले जन्म में पारो यानी हेमा मालिनी एक छोटे से गांव में रहती थी और माधव (राजेश खन्ना) को पसंद करती थी. लेकिन इसी गांव में राजकुमार एक शक्तिशाली और रसूखदार व्यक्ति, चौधरी जनक सिंह के रोल में नजर आए थे.

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फिल्म में राजेश खन्ना यानी माधव एक गरीब आदमी था. इसलिए (राज कुमार) की नजर पारो पर थी कि वह हमें छोड़कर माधव पर फिदा है. इसके बाद पारो के साथ चौधरी और उसके साथी बुरा व्यवहार करते हैं यानी उसके साथ (बलात्कार) कर उसकी हत्या कर देते हैं.

पारो की मौत के बाद माधव पूरी तरह टूट जाता है. इसके बाद अगले जन्म में पारो चंद्रमुखी के रोल में आती है, जो कि एक साइकोलॉजिस्ट है और (विनोद खन्ना) की मदद से सम्मोहन (हिप्नोसिस) के जरिए अपने अतीत के रहस्यों को जान लेती है.

फिल्म में राजेश खन्ना का स्टारडम, विनोद खन्ना की जबरदस्त एक्टिंग और हेमा मालिनी का जादुई चेहरा लोगों का दिल उस हद तक नहीं जीत पाया जैसा कि फिल्म से उम्मीद की जा रही थी कि फिल्म बहुत बड़ी हिट साबित होगी.

साल 1981 में आई ये फिल्म कुदरत बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई. फिल्म को चेतन आनंद ने डायरेक्ट किया था. फिल्म में आर.डी. बर्मन के यादगार संगीत के लिए काफी सराहना हुई. फिल्म का एक गाना हमें तुमसे प्यार कितना…. तो बड़ा हिटा साबित हुआ था.

साल 1981 में आई ये फिल्म उस दौर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही. फिल्म का गाना तूने ओ रंगीले’ तो आज भी लोग सुनते हैं. फिल्म को बेस्ट स्टोरी टाइम के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला . राजेश खन्ना को उनकी एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर अखिल भारतीय समीक्षक संघ (एआईसीए) पुरस्कार भी मिला. इसे आईएमडीबी पर भी 7.1 रेटिंग मिली है.

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पावर बैंक ब्लास्ट, यूट्यूबर के बेडरूम में आग लगी: कमरे में लगा एसी पूरी तरह पिघल गया, डायमंड-गोल्डन बटन भी खाक हुए – Gujarat News




सूरत के जहांगीरपुरा क्षेत्र में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर और यूट्यूबर के घर में एक बड़ा हादसा हो गया। यूट्यूबर ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर बताया कि उनके बेडरूम में चार्जिंग पर रखी वायरलेस पावर बैंक में अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया। जिससे पूरे कमरे में भीषण आग लग गई। हादसे कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। हादसे के समय वह घर पर नहीं थी। शिवानी के मुताबिक, उन्होंने एक नामी कंपनी की करीब 4 से 4.5 हजार रुपए की पावर बैंक चार्जिंग में लगाई थी। चार्जिंग के दौरान पीछे की तरफ से उसमें ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से पूरे कमरे में फैल गई। आग इतनी भयानक थी कि कमरे में लगा एसी पूरी तरह पिघल गया। कमरे की लाइटें, पावर स्विच, कपड़े, महंगी बैग्स, एक्सेसरीज़, कबाट और उनकी बेटी आध्या की बचपन की याद में बनाई गई वॉल ड्रॉइंग तक जलकर नष्ट हो गई। कमरे में फैले धुएं से उल्टी और पेट दर्द की शिकायत
हादसे के समय उनका पालतू डॉग कोको भी उसी कमरे में बंद था, लेकिन पिता और मैनेजर ने पानी डालकर आग बुझा दी और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि जहरीले कार्बन मोनोऑक्साइड धुएं के कारण यूट्यूबर, उनके पिता और मैनेजर को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। यूट्यबर शिवानी ने लोगों से अपील की कि पावर बैंक या मोबाइल को कभी भी बेड या सिरहाने के पास चार्जिंग पर न रखें।



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