Saturday, July 4, 2026
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UP के 10-लाख शिक्षक–कर्मचारियों का 1 करोड़ तक का बीमा: बेसिक शिक्षा विभाग और SBI के बीच 8 जुलाई को होगा ऐतिहासिक समझौता – Uttar Pradesh News




उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को 1 करोड़ तक का बीमा कवच मिलने जा रहा है। 8 जुलाई को वाराणसी में सीएम योगी की मौजूदगी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच इस पर समझौता होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक इस समझौते के तहत विभाग में कार्यरत 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा, दोनों तरह के कर्मियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए बस इन कर्मचारियों का सैलरी खाता एसबीआई में खोलना होगा। इसका लाभ नियमित शिक्षक, अन्य सहयोगी कर्मचारी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कर्मी, मिड–डे मील से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों ये लाभ मिलेंगे– बच्चों के लिए एड-ऑन कवर किसी भी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए अलग से वित्तीय सहायता (एड-ऑन कवर) का प्रावधान भी इस समझौते में किया गया है। योगी सरकार ने संविदा कर्मियों का भी पूरा ध्यान रखा है। इन्हें वेतन के आधार पर दो श्रेणियों में लाभ मिलेगा। श्रेणी 1: 10,000 से अधिक मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी श्रेणी 2: 10,000 से कम मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ?



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पालम में 500 किलोवाट सोलर पावर प्लांट शुरू: सीएम रेखा गुप्ता ने किया उद्घाटन; 375 घरों को मिलेगी स्वच्छ बिजली – New Delhi News




दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को पालम विधानसभा के द्वारका सेक्टर-7 स्थित एयर फोर्स एवं नेवल ऑफिसर्स एन्क्लेव में 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया। राजधानी की सबसे बड़ी आवासीय सौर परियोजनाओं में शामिल यह प्लांट करीब 375 घरों की बिजली जरूरतों को स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा। इस मौके पर दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, पालम के विधायक कुलदीप सोलंकी, पूर्व विधायक धर्मदेव सोलंकी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सौर ऊर्जा को नई गति मिली है और दिल्ली सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त योजनाओं के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर लगाने पर एक लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा रही है। रेखा गुप्ता ने बताया कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट को केंद्र सरकार से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार से 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिली है। परियोजना शुरू होने से एन्क्लेव का मासिक बिजली बिल लगभग 12 लाख रुपये से घटकर 6 लाख रुपये रह जाएगा, जिससे सालाना करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बिजली बचत का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉडल दिल्ली की अन्य आवासीय सोसायटियों और संस्थानों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।



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औरंगाबाद में चोरी की बाइक के साथ तीन बदमाश अरेस्ट: अंबा बाजार से चोरी बुई थी मोटरसाइकिल, झारखंड से पकड़ाया बदमाश – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद की अंबा थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में माली थाना क्षेत्र के मिश्र बिगहा निवासी शिवशंकर कुमार, भरतौल निवासी संदीप कुमार और झारखंड के पलामू के छतरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मसीहानी टोला जगदीह निवासी अफरोज आलम शामिल हैं। कार्रवाई थानाध्यक्ष राहुल राज के नेतृत्व में दारोगा राजा कुमार ने की। बरामद बाइक अंबा थाना क्षेत्र के सोना बिगहा गांव निवासी विष्णु कुमार की बताई जा रही है, जो कुछ दिन पहले अंबा बाजार से चोरी हो गई थी। इस संबंध में विष्णु कुमार ने अज्ञात चोरों के खिलाफ अंबा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस के अनुसार, बाइक मालिक के परिजनों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पूरे मामले का खुलासा हो सका। झारखंड से तीसरा आरोपी गिरफ्तार जानकारी के अनुसार, विष्णु कुमार की बाइक अंबा-औरंगाबाद रोड स्थित मछली मार्केट के पास सड़क किनारे खड़ी थी, जहां से चोर उसे लेकर फरार हो गए थे। शुक्रवार को दोनों आरोपी उसी चोरी की बाइक से अंबा बाजार पहुंचे और वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर एक होटल में चले गए। इसी दौरान बाइक मालिक के परिजनों की नजर अपनी बाइक पर पड़ गई। उन्होंने वाहन की पहचान कर दोनों युवकों को पकड़ लिया और तत्काल अंबा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर थाना ले गई। पूछताछ के दौरान दोनों ने चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर शनिवार को पुलिस ने झारखंड के छतरपुर थाना क्षेत्र के मसीहानी टोला जगदीह में छापेमारी कर तीसरे आरोपी अफरोज आलम को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष राहुल राज ने बताया कि पूछताछ में अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए बिहार और झारखंड के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है और जल्द ही अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की उम्मीद है। अंबा बाजार से कई बाइकों की हो चुकी है चोरी कुछ दिनों से अंबा बाजार में बाइक चोर गिरोह के सदस्य लगातार सक्रिय है। अंबा और अलग-अलग इलाकों से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं सामने आती रही है। लोगों की माने तो बाइक चोर गिरोह के सदस्यों का शराब कारोबारी के साथ तालमेल होता है। चोरी की बाइकों को बाइक चोर शराब कारोबारी को औने पौने दामों में बेच देते हैं। जिसका इस्तेमाल झारखंड से शराब की खेप लाने में किया जाता है। यही कारण है कि शराब की खेत के साथ पकड़ी गई अधिकांश बाइक और चोरी की होती है। पुलिस से गिरते देखकर शराब की खेप ढोने वाले तस्कर बाइक और शराब को छोड़कर फरार हो जाते हैं। ऐसे में पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाती है, क्योंकि बाइक का रजिस्ट्रेशन दूसरे के नाम पर होता है।



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शहडोल में पानी भरे गड्ढों में ग्रामीणों ने किया हवन: जर्जर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क की मरम्मत के लिए अनोखा प्रदर्शन; बड़े आंदोलन की चेतावनी – Shahdol News




शहडोल जिले के आखेटपुर गांव में शनिवार को ग्रामीणों ने जर्जर सड़क को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बदहाल सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढों में बैठकर विधि-विधान से हवन किया और मरम्मत की मांग की। बारिश के पानी से तालाब बने सड़क के गहरे गड्ढे ग्रामीणों का आरोप है कि आखेटपुर से गुजरने वाली यह मुख्य सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो बारिश के पानी से भरकर तालाब की तरह नजर आ रहे हैं। गहराई का अंदाजा न होने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। लिखित शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ कोई सुधार जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि सड़क की जर्जर हालत को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों की इसी लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर हवन किया और इसे प्रशासन की ‘कुंभकर्णी नींद’ जगाने का प्रयास बताया। कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी इस प्रदर्शन में मुकेश तिवारी, आशुतोष पटेल, पवन, राकेश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस मार्ग का निरीक्षण करें और सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण शुरू कराएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करेंगे।



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बांसवाड़ा में 60 पुलिस टीमों ने 244 अपराधी पकड़े: ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-2 के तहत वांछित अपराधियों की धरपकड़, 301 पुलिसकर्मियों ने 424 जगह दी दबिश – Banswara News




​बांसवाड़ा जिला पुलिस ने अपराधियों और अवैध मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। उदयपुर रेंज आईजी गौरव श्रीवास्तव के आदेशानुसार जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए शनिवार को एक दिवसीय विशेष अभियान ‘एरिया डोमिनेशन’ चलाया गया। ​पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन और सुपरविजन में पुलिस ने चक्रव्यूह रचकर जिले भर में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस मेगा ऑपरेशन के लिए जिला पुलिस की 60 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जिसमें 301 पुलिसकर्मियों ने शामिल होकर 424 चिन्हित स्थानों पर दबिश दी और कुल 244 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। ​’ऑपरेशन सुदर्शन चक्र-02′ और ‘त्रिनेत्र’ के तहत हुई कार्रवाई ​एसपी सुधीर जोशी और एएसपी नरपत सिंह के निकट पर्यवेक्षण में सभी थानाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराधियों को घेरा। इस अभियान के तहत अलग-अलग मामलों में बड़ी गिरफ्तारियां और बरामदगी की गई है: ​अवैध शराब पर कड़ा प्रहार (ऑपरेशन त्रिनेत्र): आबकारी अधिनियम के तहत 20 मामले दर्ज कर 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 3 वांछित आरोपियों को भी दबोचा गया। पुलिस ने 161 लीटर देसी हथकड़ शराब बरामद की और 58 अवैध भट्टियों को तोड़कर करीब 7730 लीटर अवैध महुआ वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया। ​हत्या के प्रयास के आरोपी गिरफ्तार: कुशलगढ़ थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में वांछित चल रहे 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ​वारंटी और भगोड़े दबोचे: पुलिस ने स्थाई वारंटी, उद्घोषित अपराधी और 335 बीएनएसएस के तहत 5 आरोपियों को, गिरफ्तारी वारंट के तहत 18 वांछित आरोपियों को और 138 एनआई एक्ट के तहत 6 वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ​कुर्की वारंट से वसूली: खमेरा थाना पुलिस ने कुर्की वारंट के तहत अभियुक्त 44 हजार रुपए वसूल कर न्यायालय में जमा कराए। ​अन्य बड़ी कार्रवाइयां: सामान्य प्रकरणों में वांछित 16 आरोपी और निरोधात्मक कार्रवाई के तहत 195 गैर सायलो को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा पुलिस ने 98 हिस्ट्रीशीटर्स व एचएस की चेकिंग की और संपत्ति संबंधी अपराधों (लूट, डकैती, नकबजनी, चोरी) में लिप्त रहे 93 अपराधियों को थाने लाकर कड़ाई से पूछताछ की। ​अपराधियों को सख्त संदेश: एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे।



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न्यूयार्क में UN मुख्यालय के बाहर तिब्बती कार्यकर्ता का आत्मदाह: चीन की बर्बरता के खिलाफ उठाया कदम, धर्मशाला में आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना – Dharamshala News


न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर तिब्बती मूल के एक अमेरिकी कार्यकर्ता द्वारा आत्मदाह करने का एक बेहद स्तब्ध करने वाला मामला सामने आया है। भारत में तिब्बती निर्वासित सरकार के मुख्यालय धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में जैसे ही इस घटना की

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आत्मदाह करने वाले लोबसांग पाल्डेन (लोबगा रंगजेन) लंबे समय से चीन की आजादी के लिए संघर्ष कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, लोबगा ने यह आत्मघाती कदम तिब्बत में चीन की बढ़ती दमनकारी नीतियों और हाल ही में बीजिंग द्वारा लागू किए गए ‘जातीय एकता और प्रगति’ कानून के कड़े विरोध में उठाया। इस घटना के बाद से ही दुनिया भर में निर्वासित जीवन जी रहे तिब्बतियों में शोक और आक्रोश की लहर है।

तिब्बती ध्वज और पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे लोबगा

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर गुरुवार शाम को एक ऐसी ऐतिहासिक और स्तब्ध कर देने वाली घटना घटी, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान तिब्बत मुद्दे की ओर खींच लिया है। तिब्बत की आजादी के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे 52 वर्षीय तिब्बती स्वतंत्रता सेनानी लोबसांग पाल्डेन ने चीन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के ठीक सामने खुद को आग के हवाले कर दिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्टों के अनुसार, जब लोबगा रंगजेन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर पहुंचे, तो उन्होंने तिब्बत की पारंपरिक पोशाक ‘चुपा’ पहनी हुई थी। उनके एक हाथ में तिब्बत का राष्ट्रीय ध्वज था। उन्होंने वहां चीन विरोधी नारे लगाए और खुद को आग के हवाले कर दिया।

धर्मशाला में शोक और आक्रोश: सड़कों पर उतरा जनसैलाब

भारत में तिब्बती निर्वासित सरकार के मुख्यालय धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में जैसे ही इस घटना की खबर पहुंची, पूरे तिब्बती समुदाय में शोक और गहरे गुस्से का माहौल बन गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (CTA) के सिक्योंग हॉल में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए एक विशेष और भव्य प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस सभा में प्रशासन के शीर्ष नेतृत्व, बौद्ध भिक्षुओं और सभी सरकारी कर्मचारियों ने भाग लेकर लोबगा को श्रद्धांजलि दी।

विशाल मशाल और कैंडल मार्च: शुक्रवार शाम होते-होते धर्मशाला के मैक्लोडगंज की सड़कें प्रदर्शनकारियों से पट गईं। बड़ी संख्या में तिब्बती आम नागरिक, महिलाएं और बौद्ध भिक्षु हाथों में मोमबत्तियां, जलती मशालें और तिब्बत की आजादी के झंडे लेकर सड़कों पर उतर आए। हवा “तिब्बत आजाद हो” और चीनी तानाशाही के खिलाफ नारों से गूंज उठी।

धर्मशाला में शोक: केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने आयोजित की प्रार्थना सभा

इस दुखद घटना की खबर जैसे ही हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला पहुंची, वहां माहौल गमगीन हो गया।

अमेरिका में किसी तिब्बती के आत्मदाह का पहला मामला

वैसे अपनी आजादी के लिए अबतक 100 से ज्यादा तिब्बती जान दे चुके हैं। लेकिन यह अमेरिकी इतिहास में किसी तिब्बती नागरिक द्वारा आत्मदाह (Self-Immolation) किए जाने का अब तक का पहला मामला है। इस घटना के बाद से वैश्विक स्तर पर चीन के खिलाफ तिब्बती समुदाय का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

आत्मदाह से ठीक पहले जारी किया भावुक वीडियो संदेश

कदम उठाने से ठीक पहले लोबगा ने एक वीडियो संदेश जारी किया था, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दुनिया भर के तिब्बतियों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता और हमारे मौलिक अधिकारों के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। कोई भी राष्ट्रीय लक्ष्य बिना कड़े प्रयासों के हासिल नहीं होता। हम सभी को क्षेत्र, संप्रदाय और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर देश हित में अपना सर्वोच्च योगदान देना होगा।”

“चीन के कठोर कानूनों ने उठाया कदम उठाने पर मजबूर किया” — सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के सिक्योंग (राष्ट्रपति) पेनपा त्सेरिंग ने घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चीन द्वारा तिब्बत में थोपे जा रहे कठोर और अमानवीय कानूनों ने ही लोबगा को यह आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश किया है। हालांकि, हम तिब्बती प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों से पुरजोर अपील करते हैं कि वे इस तरह आत्मदाह का रास्ता न चुनें।”

इसी कड़ी में सीटीए के धर्म और संस्कृति मंत्री ने भी मानव जीवन को अनमोल बताते हुए कहा कि तिब्बत के इस लंबे और ऐतिहासिक संघर्ष को जिंदा रखने के लिए युवाओं के जीवन को बचाना और जीवित रहकर लड़ना सबसे ज्यादा आवश्यक है।

2009 से अब तक 157 तिब्बती दे चुके हैं जान

उल्लेखनीय है कि तिब्बत की आजादी, मानवाधिकारों की बहाली और तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा की वतन वापसी की मांग को लेकर आत्मदाह का यह कोई पहला मामला नहीं है। वर्ष 2009 से लेकर अब तक तिब्बत के भीतर और दुनिया के अलग-अलग कोनों में कुल 157 तिब्बती नागरिक न्याय की गुहार लगाते हुए आत्मदाह कर अपने प्राणों की आहुति दे चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों का कड़ा संदेश: “मौन तोड़े संयुक्त राष्ट्र”: अंतरराष्ट्रीय समुदाय से न्याय की गुहार

न्यूयॉर्क से लेकर धर्मशाला तक प्रदर्शन कर रहे तिब्बती नेताओं और नागरिकों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और दुनिया की महाशक्तियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सिखों और बौद्ध भिक्षुओं सहित प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि लोबसांग पाल्डेन का यह बलिदान तिब्बत के भीतर चीनी अत्याचारों की पराकाष्ठा को दर्शाता है। तिब्बती समुदाय ने दोटूक शब्दों में कहा है कि संयुक्त राष्ट्र अब इस गंभीर मसले पर अपनी चुप्पी तोड़े और तिब्बत में हो रहे खुलेआम मानवाधिकारों के हनन पर चीन के खिलाफ सख्त राजनयिक कदम उठाए, ताकि लोबसांग पाल्डेन की शहादत व्यर्थ न जाए।

कौन थे लोबसांग पाल्डेन और क्यों उठाया यह कदम?

लोबसांग पाल्डेन ‘तिब्बती नेशनल कांग्रेस NYNJ’ के अध्यक्ष थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिब्बत की आवाज बुलंद कर रहे थे।

विरोध की मुख्य वजह: पाल्डेन चीन सरकार द्वारा हाल ही में तिब्बत में लागू किए गए विवादित ‘जातीय एकता और प्रगति कानून’ का कड़ा विरोध कर रहे थे।

सांस्कृतिक पहचान पर खतरा: तिब्बती प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि इस नए काले कानून की आड़ में चीन, तिब्बत की बची-कुची सांस्कृतिक पहचान, बौद्ध परंपराओं और उनकी स्वायत्तता को हमेशा के लिए खत्म करना चाहता है। इसी दमनकारी नीति को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए पाल्डेन ने सर्वोच्च बलिदान का रास्ता चुना।



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हृदयम से चोटीवाला तक…ये ऋषिकेश के बिना प्याज-लहसुन वाले रेस्टोरेंट


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Rishikesh Satvik Restaurants : ऋषिकेश सिर्फ योग और अध्यात्म के लिए ही नहीं, बल्कि अपने सात्विक भोजन के लिए भी दुनियाभर में मशहूर है. यहां कई ऐसे रेस्टोरेंट हैं जहां बिना प्याज-लहसुन का शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसा जाता है. इन जगहों पर स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य और परंपरा का भी खास ध्यान रखा जाता है. हृदयम रेस्टोरेंट शांत माहौल और हेल्दी सात्विक भोजन के लिए जाना जाता है. यहां एक व्यक्ति का औसत खर्च 200 से 400 रुपये के बीच रहता है. अगर आप राम झूला घूमने आए हैं और शुद्ध शाकाहारी भोजन की तलाश में हैं, तो चोटीवाला एक बेहतरीन विकल्प है.

परमार्थ निकेतन आश्रम परिसर में स्थित हृदयम रेस्टोरेंट शांत माहौल और हेल्दी सात्विक भोजन के लिए जाना जाता है. यहां बिना प्याज-लहसुन के तैयार किए गए व्यंजन परोसे जाते हैं, जिनमें दाल, खिचड़ी, मौसमी सब्जियां, रोटी, सलाद और कई पौष्टिक विकल्प शामिल हैं. गंगा किनारे का सुकून भरा वातावरण यहां के खाने के अनुभव को और खास बना देता है.

योग और आध्यात्मिक यात्रा पर आने वाले लोग इस रेस्टोरेंट को काफी पसंद करते हैं. यहां एक व्यक्ति का औसत खर्च लगभग 200 से 400 रुपये के बीच रहता है. साफ-सफाई, ताजे भोजन और सात्विक स्वाद की वजह से हृदयम उन लोगों के लिए शानदार जगह है जो हल्का, पौष्टिक और शुद्ध शाकाहारी भोजन करना चाहते हैं.

ऋषिकेश का चोटीवाला रेस्टोरेंट वर्षों से सात्विक भोजन के लिए मशहूर है. राम झूला के पास स्वर्ग आश्रम क्षेत्र में स्थित यह रेस्टोरेंट देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की पहली पसंद माना जाता है. यहां बिना प्याज-लहसुन के बनी पारंपरिक उत्तर भारतीय थाली, दाल, कढ़ी, मौसमी सब्जियां और ताजी रोटियां परोसी जाती हैं. सादा लेकिन स्वादिष्ट भोजन इसकी सबसे बड़ी खासियत है.

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रेस्टोरेंट का माहौल पारिवारिक और धार्मिक वातावरण से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां का भोजन भी पूरी तरह सात्विक रखा जाता है. दो लोगों के खाने का औसत खर्च 400 से 700 रुपये के बीच आता है, जबकि एक थाली की कीमत करीब 200 से 350 रुपये रहती है. अगर आप राम झूला घूमने आए हैं और शुद्ध शाकाहारी भोजन की तलाश में हैं, तो चोटीवाला एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.

ऋषिकेश के मुख्य बाजार में स्थित राजस्थानी भोजनालय अपने घर जैसे स्वाद और किफायती सात्विक भोजन के लिए जाना जाता है. यहां बिना प्याज-लहसुन वाली शुद्ध शाकाहारी थाली आसानी से मिल जाती है. दाल, मौसमी सब्जी, ताजी रोटियां, चावल और रायते के साथ परोसी जाने वाली थाली लोगों को घर के खाने का एहसास कराती है.

यह भोजनालय स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के बीच भी काफी लोकप्रिय है. यहां एक थाली की कीमत 180 से 300 रुपये के बीच रहती है, जबकि दो लोगों का भोजन 350 से 700 रुपये में आराम से हो जाता है. अगर आप कम बजट में स्वादिष्ट और सात्विक भोजन करना चाहते हैं, तो यह जगह जरूर ट्राई कर सकते हैं.

जानकी पुल के पास स्थित जानकी रेस्टोरेंट शुद्ध शाकाहारी और बिना प्याज-लहसुन वाले भोजन के लिए जाना जाता है. यहां दाल, मौसमी सब्जियां, रोटी, चावल, पराठे और हल्के नाश्ते के कई विकल्प मिलते हैं. साफ-सुथरा माहौल और ताजे भोजन की वजह से परिवार और श्रद्धालु यहां आराम से भोजन करना पसंद करते हैं.

कीमत की बात करें तो यह रेस्टोरेंट बजट फ्रेंडली माना जाता है. एक व्यक्ति का भोजन लगभग 200 से 350 रुपये में हो जाता है, जबकि दो लोगों का खर्च 400 से 700 रुपये के बीच आता है. अगर आप जानकी पुल या आसपास के इलाके में घूम रहे हैं, तो सात्विक और स्वादिष्ट भोजन के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है.

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मुक्त व्यापार समझौते पर एक और देश के साथ फंसा पेच, जल्द बातचीत की उम्मीद नहीं


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India-Peru FTA : भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत एक बार िफर अटक गई है. दोनों देशों ने इस पर साल 2017 में बातचीत शुरू की थी, लेिकन अभी तक अंितम पड़ाव नहीं आया है. केंद्रीय वािणज्य मंत्री ने कहा है िक िफलहाल इस पर बातचीत जल्द समाप्त होने की उम्मीद नहीं है.

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भारत और पेरू के साथ एफटीए पर बातचीत साल 2017 में शुरू हुई थी.

नई दिल्ली. अमेिरका के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर अभी बातचीत पूरी भी नहीं हुई है कि एक और देश के साथ एफटीए का पेच फंस गया है. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि कुछ उत्पादों में बाजार पहुंच संबंधी चिंताओं के कारण भारत-पेरू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए चल रही बातचीत के जल्द संपन्न होने की संभावना नहीं है.

गोयल ने कहाकि कुछ चिंताएं हैं. कई ऐसे उत्पाद हैं जहां हम उन्हें बाजार पहुंच की अनुमति नहीं दे सकते. मुझे नहीं लगता कि पेरू के साथ एफटीए बहुत जल्द होने जा रहा है. उल्लेखनीय है कि भारत और पेरू के बीच प्रस्तावित एफटीए के लिए बातचीत साल 2017 में शुरू हुई थी. दूसरी ओर, भारत-कनाडा एफटीए के संबंध में मंत्री ने सकारात्मक संकेत दिए हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय अधिकारियों का एक दल बातचीत के अगले दौर के लिए सोमवार को कनाडा जाएगा.

कनाडा से जल्द समझौते की उम्मीद
गोयल ने कहा कि कनाडा के साथ एफटीए वार्ता अच्छी प्रगति पर है. हमारी टीम अगले दौर की बातचीत के लिए सोमवार को जा रही है. हमारी कोशिश है कि हम अगले छह महीनों में इसे अंतिम रूप दे दें. केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि वह 13 जुलाई को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रेल, सूचना एवं प्रसारण व इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ ब्रसेल्स जाएंगे, जहां वे भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की बैठक में हिस्सा लेंगे.

पेरू से समझौते का भारत को क्या फायदा
भारत और पेरू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर 9 साल पहले बातचीत शुरू हुई थी. इस एफटीए का भारत को ज्यादा लाभ होगा. इससे पेरू से आने वाले तांबे, सोने और अन्य मेटल का आयात सस्ता हो जाएगा, इससे  भारत के इलेक्ट्रॉिनक्स और मैन्युफैक्चिरंग सेक्टर को काफी लाभ होगा. भारत को इन उत्पादों के विनर्माण िलए सस्ता कच्चा माल िमलेगा और उत्पादन को बढ़ाने में आसानी होगी. इसकी लागत में भी कमी आएगी.

एक्सपोर्ट बढ़ाने में भी फायदा
पेरू के साथ एफटीए पूरा होने के बाद भारत का एक्सपोर्ट और बढ़ेगा. भारत से ऑटोमोबाइल, मशीनरी और सूती धागे का काफी एक्सपोर्ट पेरू में होता है. इन उत्पादों पर शुल्क खत्म होने के बाद पेरू को एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद िमलेगी. भारत की दवाओं की मांग भी पेरू में बढ़ेगी. फार्मा सेक्टर में भारत एक्सपोर्ट का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. इसका मतलब है िक पेरू के साथ मुक्त व्यापार समझौते से भारत के कई उद्योगों को फायदा होगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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मोदी ने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया: पीएम बोले- यहां हर साल 20 करोड़ चिप बनेंगी; 5 महीने में तीसरा प्लांट शुरू


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साणंद1 घंटे पहले

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पीएम मोदी ने शनिवार को साणंद में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया।

पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन किया। साणंद में स्थित सीजी सेमी के ओएसएटी (OSAT) प्लांट में आज से प्रोडक्शन शुरू हो गया है।

पीएम ने कहा- इस प्लांट में हर साल 20 करोड़ चिप बनेंगी। यहां पर हर साल 500 करोड़ चिप बनाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्ट करने वाला देश है। हम मोबाइल, इलेकट्रॉनिक्स प्रोडक्ट के साथ वह चिप भी बनाएंगे जिनसे पूरी दुनिया चलती है।

उन्होंने कहा- 20 साल पहले मैंने गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए पूरी प्लानिंग बनाई। उस समय की केंद्र सरकार बड़े बयान दे रही थी तो कई कंपनियां आईं भी लेकिन केंद्र सरकार को उस समय क्या हो गया, उनके पैरों में बेड़ियां लग गईं और बात आगे नहीं बढ़ पाई।

मोदी ने CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फैसिलिटी का इंस्पेक्शन किया।

मोदी ने CG सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) फैसिलिटी का इंस्पेक्शन किया।

पीएम ने उद्घाटन से पहले सेमीकंडक्टर प्लांट के प्लान का निरीक्षण किया।

पीएम ने उद्घाटन से पहले सेमीकंडक्टर प्लांट के प्लान का निरीक्षण किया।

5 महीने में तीन प्लांट शुरू

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहला प्लांट 28 फरवरी को, दूसरा 31 मार्च को और तीसरा प्लांट 4 जुलाई को शुरू हो रहा है। इतने कम समय में तीन बड़े प्लांट शुरू होना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।

बुलेट ट्रेन परियोजना 80% पूरी

अश्विनी वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना लगभग 80 फीसदी पूरी हो चुकी है। परियोजना का पहला खंड सूरत से बिलिमोरा के बीच साल 2027 में शुरू किया जाएगा। इसके बाद वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अहमदाबाद से मुंबई तक सेवा शुरू की जाएगी।

केंद्र सरकार का दावा है कि सेमीकंडक्टर निर्माण और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाएं भारत को आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगी।

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मोदी गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन करेंगे: 5 महीने में तीसरे प्लांट में चिप्स बनना शुरू, इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के लिए इम्पोर्ट निर्भरता कम होगी


साणंदकुछ ही क्षण पहले

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पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात के साणंद में देश के तीसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन करेंगे। साणंद में स्थित सीजी सेमी के ओएसएटी (OSAT) प्लांट में आज से प्रोडक्शन शुरू होगा।

इससे भारत की चिप निर्माण क्षमता बढ़ेगी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आयातित चिप्स पर निर्भरता कम होगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भागीदारी बनेगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पिछले 60 साल से देश में चिप उद्योग को विकसित करने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन मोदी के विजन से यह सपना अब साकार हो रहा है।

5 महीने में तीन प्लांट शुरू

वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि पहला प्लांट 28 फरवरी को, दूसरा 31 मार्च को और तीसरा प्लांट 4 जुलाई को शुरू हो रहा है। इतने कम समय में तीन बड़े प्लांट शुरू होना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।

बुलेट ट्रेन परियोजना 80% पूरी

अश्विनी वैष्णव ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति की जानकारी देते हुए कहा कि यह परियोजना लगभग 80 फीसदी पूरी हो चुकी है। परियोजना का पहला खंड सूरत से बिलिमोरा के बीच साल 2027 में शुरू किया जाएगा। इसके बाद वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद, अहमदाबाद-ठाणे और अहमदाबाद से मुंबई तक सेवा शुरू की जाएगी।

केंद्र सरकार का दावा है कि सेमीकंडक्टर निर्माण और बुलेट ट्रेन जैसी परियोजनाएं भारत को आधुनिक तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगी।



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