Wednesday, August 19, 2026
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मेरठ में गर्लफ्रेंड, पति ने मिलकर पत्नी को पीटा: सुपरटेक पामग्रीन सोसाइटी के पास घूमते हुए पकड़े गए – Meerut News




मेरठ में पति ने प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी की पिटाई कर दी। घटना बुधवार सुबह की है। जब पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सुपरटेक के साथ घूम रहा था। अचानक पत्नी वहां पहुंच गई। उसने अपने पति को दूसरी युवती के साथ रंगेहाथों पकड़ लिया। इसके बाद पत्नी ने चीखना शुरू कर दिया। यह देखकर पति उसकी प्रेमिका ने मिलकर पत्नी को सड़क पर गिराकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पति को दूसरी महिला के साथ देखकर पकड़ लिया
बताया गया कि बुधवार सुबह एक महिला ने अपने पति को किसी अन्य महिला के साथ देखा। इसके बाद उसने दोनों को रोक लिया और पति से सवाल-जवाब करने लगी। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पति के साथ मौजूद महिला ने पत्नी से मारपीट शुरू कर दी। पति पर भी पत्नी के साथ हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है। सड़क पर गिराकर एक-दूसरे को पीटा
विवाद बढ़ने के बाद दोनों महिलाओं में जमकर मारपीट हुई। दोनों ने एक-दूसरे को सड़क पर गिराकर पीटा और बाल भी खींचे। कुछ देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। घटना देखने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। महिला की शिकायत पर जांच में जुटी पुलिस
हंगामे की सूचना और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े पक्षों से जानकारी जुटा रही है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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थांदला-टीमरवानी फोरलेन योजना में 4 गुना मुआवजे की मांग: किसान बोले- अधिग्रहण से जमीन की सिंचाई प्रभावित; 3,839 करोड़ की परियोजना से 50 गांव प्रभावित – Jhabua News




थांदला से टीमरवानी के बीच 80.45 Km लंबा फोरलेन मार्ग बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। मामले में मुआवजे की राशि को लेकर किसान नाराज है। किसान आरोप लगा रहे हैं कि उनकी जमीन का दाम गलत तय किया गया है। वे चार गुना मुआवजे की मांग कर रहे हैं। 3,839 करोड़ रुपए की इस परियोजना में मुआवजा वितरण आखरी चरण में है। यह परियोजना 50 से ज्यादा गांवों से होकर गुजर रही है। इसके लिए कुल 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। 32 आरा जमीन का मुआवजा 7 लाख रुपए तय परियोजना से प्रभावित टेमरिया गांव के किसान लक्ष्मण भेरूलाल खराण की मुख्य मार्ग पर 32 आरा जमीन है। सरकार ने इसका मुआवजा 7 लाख रुपए तय किया है। लक्ष्मण के मुताबिक, उनके खेत से लगी उनके भाई की जमीन 300 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से करोड़ों रुपए में बिकी है। इसी वजह से वे जमीन के मूल्यांकन पर सवाल उठा रहे हैं। लक्ष्मण के बताया- 72 आरा जमीन में से बाकी 40 बीघा जमीन सड़क के दोनों ओर अलग-अलग हिस्सों में बंट गई है। इससे खेती प्रभावित हो रही है।
फोरलेन के चपेट में 20 बीघा जमीन की सिंचाई करने वाला कुआं किसान रणछोड़ गोबाजी आंजना की कुल 33.5 आरा जमीन का भी अधिग्रहण किया जा रहा है। फोरलेन उनकी जमीन के बीच से गुजर रहा है। इसके कारण उनका पुराना कुआं भी परियोजना की जद में आ गया है। रणछोड़ के मुताबिक- इस कुएं से करीब 20 बीघा जमीन की सिंचाई होती थी। कुएं के लिए 8 लाख रुपए का मुआवजा तय किया गया है। रणछोड़ का कहना है कि कुआं अधिग्रहण में जाने से उनकी बची जमीन की सिंचाई प्रभावित होगी। इससे खेती करना मुश्किल हो जाएगा। 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण फोरलेन परियोजना 50 से अधिक गांवों से होकर गुजर रही है। इसके लिए कुल 155.579 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। प्रभावित किसान मुआवजे की राशि को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से तय मुआवजा काफी नहीं है। किसानों का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन का उचित मूल्यांकन नहीं किया गया है। मुआवजे को लेकर असंतुष्ट किसानों ने विरोध तेज करने की बात कही है। किसानों की मांग है की जमीन के मूल्यांकन की समीक्षा की जाए और उन्हें चार गुना मुआवजा मिले।



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किशनगंज में 10 साल के बच्चे का मिला शव: हत्या कर नहर में बॉडी फेंकने की आशंका, घटनास्थल से आइसक्रीम गाड़ी-बैटरी बरामद – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में बुधवार को सड़क किनारे 10 साल के बच्चे का शव मिला है। घटना कोचाधामन थाना क्षेत्र के सुंदरबाड़ी और दांती के बीच की है। मृतक की पहचान साढ़ेगोड़ा गांव निवासी नदीम आलम के बेटे उमर फारूक के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे के शव के पास एक आइसक्रीम की गाड़ी, एक बैटरी और एक बड़े व्यक्ति की चप्पल मिली है। इन वस्तुओं की बरामदगी से घटना की परिस्थितियों को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। हत्या कर नहर में शव फेंकने का आरोप परिजनों और स्थानीय लोगों ने बच्चे की हत्या कर शव को सड़क से लगभग पांच मीटर दूर पानी की नहर में फेंकने का आरोप लगाया है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह, इसमें इस्तेमाल हथियार और अन्य तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी। घटना की सूचना मिलते ही कोचाधामन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पानी की नहर से बच्चे के शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौके पर सुंदरबाड़ी पंचायत के चेयरमैन सकेबालम सहित अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने की मांग की है। घटनास्थ से बरामद सामान की तस्वीरें.. 24 घंटे में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि सुंदरबाड़ी और दांती के बीच इस इलाके में पहले भी कई आपराधिक घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से 24 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। बच्चे की मौत के सही कारण और घटना की पूरी सच्चाई पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आने की उम्मीद है।



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चाय में पहले दूध डालना चाहिए या पानी? जानिए इसे बनाने का एकदम परफेक्ट तरीका

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भारत में चाय सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा है. सुबह की शुरुआत हो या दिनभर की थकान मिटानी हो, एक कप गर्म चाय मूड को तरोताजा कर देती है. हालांकि, चाय बनाते समय एक सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि पहले दूध डालना चाहिए या पानी? अलग-अलग घरों में इसे बनाने का तरीका भी अलग होता है. लेकिन अगर आप स्वादिष्ट, खुशबूदार और संतुलित चाय बनाना चाहते हैं, तो सही क्रम जानना जरूरी है.

पहले पानी डालना क्यों माना जाता है बेहतर?

चाय विशेषज्ञों के अनुसार, चाय बनाते समय सबसे पहले पानी को उबालना चाहिए. उबलते पानी में चायपत्ती डालने से उसका स्वाद, रंग और खुशबू अच्छी तरह निकलकर आती है. यदि शुरुआत में ही दूध डाल दिया जाए, तो चायपत्ती का फ्लेवर पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता.

पानी में चायपत्ती को एक से दो मिनट तक उबालने के बाद उसमें अदरक, इलायची या अन्य मसाले भी मिलाए जा सकते हैं. इससे चाय का स्वाद और भी बेहतर हो जाता है.

कब डालना चाहिए दूध?

जब पानी में चायपत्ती अच्छी तरह उबल जाए और उसका रंग गहरा हो जाए, तब उसमें दूध मिलाना सबसे अच्छा माना जाता है. इसके बाद चाय को दो से तीन मिनट तक और उबालें. इससे दूध और चाय का स्वाद आपस में अच्छी तरह मिल जाता है और चाय का रंग भी आकर्षक बनता है.

परफेक्ट चाय बनाने की आसान विधि

सामग्री

1 कप पानी
½ कप दूध
1 से 1½ चम्मच चायपत्ती
1 से 2 चम्मच चीनी (स्वादानुसार)
थोड़ा-सा अदरक या इलायची

बनाने का तरीका

सबसे पहले एक पैन में पानी डालकर उबाल लें. पानी उबलने लगे तो उसमें चायपत्ती और अदरक या इलायची डालें. इसे लगभग 1 से 2 मिनट तक उबलने दें. इसके बाद दूध और चीनी मिलाएं. अब चाय को मध्यम आंच पर 2 से 3 मिनट तक पकाएं. जब चाय अच्छी तरह उबल जाए और उसका रंग गाढ़ा दिखने लगे, तब गैस बंद कर दें और छानकर कप में परोसें.

इन बातों का भी रखें ध्यान

चाय को बहुत ज्यादा देर तक न उबालें, इससे स्वाद कड़वा हो सकता है.
दूध और पानी का अनुपात अपनी पसंद के अनुसार रखें.
ताजी चायपत्ती का उपयोग करने से स्वाद बेहतर आता है.
मसाला चाय बनाते समय मसालों को पहले पानी में उबालना बेहतर रहता है.



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पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा: इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं; 15 अगस्त को रिलीज हुई थी




ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और इससे असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ ने मंगलवार रात करीब 2 बजे सोशल मीडिया X पर यह बयान दिया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को ‘ट्रैजेडी और कॉमेडी’ तक बताया। उनका आरोप है कि फिल्म में कुछ चुनिंदा इंटरव्यू, भावुक कहानी और फिल्मी अंदाज का इस्तेमाल किया गया है। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री ‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ 15 अगस्त को रिलीज हुई थी। इसमें ऑपरेशन सिंदूर में शामिल भारतीय सैन्य अधिकारियों के इंटरव्यू हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी इसमें नजर आए हैं। पाकिस्तान बोला- सैन्य नाकामी को जीत बताया पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे को अपनी जीत के तौर पर दिखाया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कहानी और वीडियो के जरिए सैन्य नाकामी को सफल ऑपरेशन बताया गया है। उनका कहना था कि फिल्म बनाने से उस समय हुई असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के संघर्ष में उनकी सेना ने 8 भारतीय सैन्य विमान गिराए थे। हालांकि, भारत इन दावों को पहले ही नकार चुका है। सीजफायर पर भी पाकिस्तान ने सवाल उठाए पाकिस्तानी सेना ने कहा कि लड़ाई दोनों देशों के DGMO यानी सैन्य ऑपरेशन के प्रमुख अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद रुकी थी। इसलिए इसे भारत की एकतरफा जीत बताना सही नहीं है। पाकिस्तान ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में एक तरफ भारत की बड़ी और सटीक सैन्य कार्रवाई की बात कही गई है, तो दूसरी तरफ यह भी कहा गया है कि भारत ने लड़ाई को सीमित रखा और पाकिस्तान को पीछे हटने का मौका दिया। पाकिस्तान ने इसे विरोधाभासी दावा बताया। पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक 19 दिनों में क्या-क्या हुआ? 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा। 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ा और 10 मई को DGMO स्तर की बातचीत के बाद सीजफायर पर सहमति बनी। ————————
ये खबर भी पढ़ें…. इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM अस्पताल शिफ्ट किए जाएंगे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मुलाकात हुई। नोरीन 9 महीने बाद इमरान से मिलीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं माता-पिता: सुप्रीम कोर्ट का आदेश; कहा- उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना सभ्य समाज की पहचान


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नई दिल्ली41 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सीनियर सिटीजन्स अपने बच्चों को संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि बढ़ती उम्र का मतलब असुरक्षा या अपमान नहीं होना चाहिए। हर व्यक्ति को जीवनभर गरिमा के साथ जीने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को भी पलट दिया, जिसमें बेटे और बहू को मकान से बेदखल करने के ट्रिब्यूनल कोर्ट के आदेश को रद्द किया गया था। कोर्ट ने कहा कि बुजुर्गों की गरिमा के लिए ट्रिब्यूनल के पास बच्चों को संपत्ति से निकालने का आदेश देने का अधिकार है।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि कानून का मकसद बुजुर्गों की गरिमा और सुरक्षा तय करना है। सभ्य समाज का स्तर अक्सर इस बात से तय होता है कि वह अपने बुजुर्गों को कितनी गरिमा, सम्मान और सुरक्षा देता है।

लखनऊ के मकान से जुड़ा मामला

यह मामला लखनऊ के विकास नगर निवासी रवि कांत गुप्ता की अपील से जुड़ा था। गुप्ता ने 5 जून 2022 को अपने बेटे को मकान से निकालने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन दिया था।

यह मकान उनकी खुद की खरीदी हुई संपत्ति थी। मामला तब सामने आया, जब गुप्ता की 81 साल की मां को घर छोड़कर वृद्धाश्रम में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा।

SDM ने 15 नवंबर 2022 को बेटे की बेदखली का आदेश दिया। जिला मजिस्ट्रेट ने 9 अगस्त 2023 को इसे बरकरार रखते हुए बेटे और बहू को मकान खाली करने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने बेदखली का आदेश रद्द किया था

बेटे और बहू ने SDM और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने कहा था कि 2007 का कानून बुजुर्गों को अपनी संपत्ति से बच्चों को बेदखल करने का अधिकार नहीं देता। इसके बाद दोनों आदेश रद्द कर दिए गए।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने ट्रिब्यूनल के आदेश में दखल देकर गलती की। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भरण-पोषण और सुरक्षा के लिए जरूरी होने पर ट्रिब्यूनल बेदखली का आदेश दे सकता है।

कोर्ट ने कहा कि एक्ट की धारा 7 के तहत ट्रिब्यूनल बनाए गए हैं और धारा 8 उन्हें सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां देती है। वहीं, धारा 27 सिविल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर रोक लगाती है। इसलिए ट्रिब्यूनल को कानून के उद्देश्य को लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाने की शक्ति भी है।

कोर्ट ने 2021 के फैसले का भी हवाला दिया

  • कोर्ट ने एस. वनिता बनाम डिप्टी कमिश्नर (2021) मामले का हवाला देते हुए कहा कि माता-पिता या वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर ट्रिब्यूनल बेदखली का आदेश दे सकता है। यानी संपत्ति से बच्चों को हटाना भी बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा का एक तरीका हो सकता है।
  • कोर्ट ने बताया कि यही कानूनी स्थिति बाद में समटोला देवी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार (2025) और कमलकांत मिश्रा बनाम एडिशनल कलेक्टर (2025) मामलों में भी दोहराई गई।

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सुप्रीम कोर्ट में फांसी सिस्टम खत्म करने की याचिका खारिज:मौत के लिए जहरीले इंजेक्शन या गोली मारने जैसे तरीकों की मांग की गई थी

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मौत की सजा देने के लिए फांसी की मौजूदा व्यवस्था खत्म करने की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं है, जिसके कारण फांसी को असंवैधानिक घोषित किया जाए। पूरी खबर पढ़ें…

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हाईवे की होगी ‘परीक्षा’,उद्घाटन से पहले 3 महीने फ्री चलेंगी गाड़ियां


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Highway New Rule : ट्रायल रन के दौरान बारिश या भारी वाहनों के दबाव से सड़क का कोई हिस्सा बैठता है, दरारें आती हैं या पानी निकासी सही से नहीं हो रही है तो इसका पता उद्घाटन से पहले ही चल जाएगा.

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ट्रायल रन तभी शुरू होगा, जब निर्माण कार्य और सुरक्षा ऑडिट पूरी तरह मुकम्मल हो चुके हों.

नई दिल्ली. देश में किसी भी नए एक्सप्रेसवे या हाईवे पर सफर करने के लिए आपकी जेब से टोल तभी कटेगा, जब सड़क हर कसौटी पर खरी उतरेगी. सरकार किसी भी नवनिर्मित हाईवे के उद्घाटन से पहले उस पर 2 से 3 महीने तक उसका ट्रायल रन करने की योजना बना रही है. ट्रायल रन के दौरान टोल नहीं वसूला जाएगा. हाल के दिनों में लखनऊ-कानपुर सहित कुछ नए बनी सड़कों के उद्धाटन के कुछ ही दिन उनके धंसने और गड्ढे पड़ने से सरकार की किरकिरी हुई है. इसी से सबक लेते हुए अब पहले हाईवे की असली ‘परीक्षा’ लेकर कमियां ठीक होंगी और उसके बाद ही जनता से टोल वसूला जाएगा.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे परियोजना की समीक्षा बैठक में इस नए मॉडल पर मंथन किया गया. गडकरी ने एनएचएआई के अधिकारियों, ठेकेदारों और सलाहकारों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

ट्रायल रन के क्या होंगे फायदे?

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2-3 महीने तक सामान्य ट्रैफिक चलने से सड़क की वास्तविक मजबूती का पता चल सकेगा. बारिश या भारी वाहनों के दबाव से सड़क का कोई हिस्सा बैठता है, दरारें आती हैं या पानी निकासी सही से नहीं हो रही है तो इसका पता उद्घाटन से पहले ही चल जाएगा. कॉन्ट्रैक्ट के नियमों के तहत ठेकेदार डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के दौरान इन सभी खामियों को अपने खर्च पर ठीक करने के लिए बाध्य होंगे.

पहले भी हो चुका है यह प्रयोग

अधिकारियों का कहना है कि लंबा ट्रायल रन तभी शुरू होगा, जब निर्माण कार्य और सुरक्षा ऑडिट पूरी तरह मुकम्मल हो चुके हों. ऐसा प्रयोग पहले भी दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों और द्वारका एक्सप्रेसवे की सुरंग पर सफलतापूर्वक किया जा चुका है.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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गोरखपुर मुठभेड़ में 15 हजार का इनामी गिरफ्तार: पैर में लगी गोली, पुलिस पर फायरिंग कर भाग रहा था बदमाश – Gorakhpur News




गोरखपुर के खजनी थाना क्षेत्र में बुधवार भोर में 5 बजे 15 हजार के इनामी बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी है। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हत्या, लूट समेत 10 से अधिक मुकदमे बदमाश के खिलाफ थानों में दर्ज हैं। रंगदारी के मामले में वह काफी दिनों से फरार चल रहा था। बदमाश की पहचना खजनी के भीटी खोरिया के जितेंद्र पासवान उर्फ लादेन के रूप में हुई।



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मंत्रीजी का बर्थडे, सांप का काटा ‘केक’: खर्राजी के काफिले की कार ‘धक्का-मार’; ‘पंगा’ लेने वाली मैडम का ट्रांसफर – Rajasthan News




नमस्कार, चुनावी सीजन में मंत्रीजी का सार्वजनिक बर्थडे सेलिब्रेशन तो समझ आता है, लेकिन सांप का भी? यूडीएच मंत्रीजी के काफिले की गाड़ी बंद पड़ी तो पुलिसकर्मियों की मशक्कत हो गई। जयपुर के एक थाना इंचार्ज साहब को घूमने वाले लोग बर्दाश्त नहीं और वनमंत्री से पंगा लेने वाली महिला अधिकारी का तबादला हो गया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. चुनावी सीजन में ‘बर्थडे सेलिब्रेशन’ चुनावी सीजन में हर सेलिब्रेशन का रंग चुनावी ही हो जाता है। अब देखिए, बाड़मेर में मंत्री केके विश्नोई जी ने अपने बर्थडे पर 13 किलो का केक काटा। केक सेरेमनी में निर्देश देने का काम चौहटन विधायक आदूलाल मेघवाल कर रहे थे। कार्यक्रम में बाड़मेर से निर्दलीय विधायक प्रियंका चौधरी भी शामिल थीं। विधायक जी ने लंबे छुरे से केट काटा। केक आदूराम जी की तरफ बढ़ाया। उन्होंने प्रियंका जी को केक खिलाने का निर्देश दिया। प्रियंका जी ने केक उठाकर बर्थडे बॉय को खिला दिया। मंत्रीजी ने दूसरे बार केक का पीस उठाया। प्रियंका जी की तरफ बढ़ाया। अबकी बार प्रियंका जी ने केक खा लिया। आदूराम जी का नंबर आया तो मंत्रीजी ने चुटकी में ‘चिन्ना’ सा केक लिया और आदूराम जी को लगभग छुआ कर रस्म-अदायगी कर दी। शायद आदूराम जी को केक की मनाही है। कुल मिलाकर मंत्रीजी ने सार्वजनिक कार्यक्रम में बढ़िया बर्थडे मना लिया। निकाय और पंचायतों में नेतागण की इसी एकता से चुनाव सधेगा। सुना है उधर वाली पार्टी के दो नेता एक मंच पर नहीं चढ़ते। राजधानी का चक्कर काटकर बड़े नेताओं से कलह दूर करने की सिफारिश भी कर आए। उन्हें भी मिलकर किसी न किसी का केक काट लेना चाहिए। बाकी जोधपुर के बिलाड़ा में एक कोबरा सांप के कुएं में पड़े होने की सूचना मिली। टीम ने रेस्क्यू कर निकाल लिया। बाइचांस इसी दिन नागपंचमी थी। ऐसे में टीम ने सांप को टेबल पर बैठाकर उसके सामने केक रखा और हैप्पी बर्थडे टू यू गाया। इसके बाद सांप को केक सुंघाकर जंगल में छोड़ दिया गया। चुनावी सीजन में सांपनाथ-नागनाथ का भी बोलबाला रहता है, उन्हें भी खुश रखना जरूरी है। 2. मंत्रीजी के काफिले की कार ‘धक्का-मार’ मंत्री झाबर सिंह खर्रा जब-जब अपने गृह क्षेत्र सीकर में होते हैं। तब कुछ न कुछ हो ही जाता है। दो बार तो उन्हें गुस्सा आ चुका है। राजधानी लौटकर उनकी मुस्कान भी वापस आ जाती है। चुनावी सीजन में मंत्रीजी अपने क्षेत्र में एक्टिव हैं। श्रीमाधोपुर के जालपाली में उन्होंने भूमि पूजन किया। यहां वे सरकारी कॉलेज की बिल्डिंग की सौगात दे रहे हैं। इसी कार्यक्रम में उनके काफिले में शामिल एक पुलिस वैन बंद पड़ गई। पुलिस वालों की शामत। मंत्रीजी कार्यक्रम में बिजी रहे और उधर पुलिस अधिकारी-कर्मचारी गाड़ी स्टार्ट करने की मशक्कत करते रहे। उमस में पुलिस वालों ने खूब पसीना बहाया, लेकिन गाड़ी स्टार्ट होने को तैयार नहीं। आखिर पुलिस वालों ने जनता की मदद ली। सभी लोग जुट पड़े और कार को धक्का लगाया। गनीमत रही कि कार मंत्रीजी के फ्री होने से पहले स्टार्ट हो गई। स्टार्ट होती कैसे नहीं। मंत्रीजी गांव को बहुत कुछ दे गए। पब्लिक को धक्का ही तो देना है। चुनावी वैतरणी भी इसी विधि से पार होती है। 3. SHO साहब को ‘पदक’ मिलना चाहिए उनका नाम सुखराम चौधरी है। वे जयपुर के करणी विहार थाने के इंचार्ज हैं। और आपको जानकारी न हो तो यह बहुत बड़ा पद है। इस पद पर बैठा व्यक्ति रात 3 बजे शहर में घूमने वाले नागरिकों को मोटा कहकर बुला सकता है। सवाल करने पर उंगली दिखाकर सामने वाले को यकीन दिला सकता है कि उसकी बॉडी वाकई शेमिंग लायक है। इंचार्ज साहब का एक वीडियो तेजी से घूम रहा है। खुद पर्सनल कार से सिविल ड्रेस में घूम रहे हैं। दूसरे युवक से पूछ रहे हैं- ओ मोटे यहां क्या कर रहा है। युवक ने तुरंत मोबाइल नामक हथियार निकाला और पूछा- आपने मोटा किसे कहा? शर्मिंदा होने के बजाय साहब ने जवाब दिया- तुझे कहा। युवक बोला- क्यों कहा? साहब का उत्तर- रात में 3 बजे यहां क्यों घूम रहे हो? युवक जिरह करने लगा- आप भी तो घूम रहे हैं। साहब के तेवर टाइट रहे- मैं तो थाना इंचार्ज हूं। 24 घंटे अपने इलाके में घूम सकता हूं। जरूरी नहीं कि वर्दी में ही घूमूं। अब तक युवक डाउन पड़ गया। हुकुम-हुकुम करते हुए वह बिना फीते के अपना रास्ता नापने लगा। 4. चलते-चलते.. सामने से मंत्रीजी आ रहे हों तो अफसर को कन्नी काटकर निकल जाना चाहिए। मंत्रीजी से पंगा लेने का एक ही हश्र होता है- तबादला। अलवर में मंत्रीजी महिला अधिकारियों से परेशान हैं। ये नियम से चलकर धौंस दिखाती हैं। ऐसे लोग अखरते हैं। मंत्रीगण पब्लिक की सेवा के बारे में सोचते हैं। इसलिए वे नियम का पुलिंदा बनाकर टांड पर रख देते हैं। उसी पुलिंदे को अफसर उतारकर शेखी बघारते हैं। दो महीने पहले लखनऊ (यूपी) में एक कांड हो गया। कोचिंग में आग लग गई। प्रदेश के सभी कोचिंग चेक होने लगे। अलवर के भी हुए। यूआईटी सचिव मैडम ने धड़ाधड़ उन कोचिंग-लाइब्रेरी को सील कर दिया, जिनके पास फायर एनओसी नहीं थे, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक थे। कोचिंग संचालक मंत्रीजी के पास भागे। मंत्रीजी ने आदेश दिया- सील उतारकर फेंक दो। सचिव मैडम अड़ गई। सील नहीं उतारी गई। दूसरे दिन कमिश्नर साहब ने सील उतार फेंकी। कोचिंग खुल गए, लेकिन सचिव मैडम पर मंत्रीजी की नजर टेढ़ी हो गई। अब उन्हें अलवर से उठाकर बीकानेर भेज दिया गया है। अब आप बताइये अगला नंबर किसका है। जानने वाले लोग एक स्वर में बोलेंगे- कलेक्टर साहिबा का। क्यों? क्योंकि कलेक्टर साहिबा ने जिला प्रमुख साहब को मीटिंग से बाहर कर दिया था। सफाईकर्मियों को नियुक्ति लेटर नहीं दिए थे। मंत्रीजी को धरने पर बैठना पड़ा। जुबान भी मैली करनी पड़ी। एक्सपर्ट लोग कहते हैं कि अगली लिस्ट में कलेक्टर साहिबा का नाम हो तो हैरान मत होना। इनपुट सहयोग- विजय कुमार (बाड़मेर), मुकेश नवहाल (श्रीमाधोपुर, सीकर), धर्मेंद्र यादव (अलवर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



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भोजपुर में छत से गिरकर युवक की मौत: खाना खाने के बाद सोने गया था, लकड़ी की सीढ़ी से उतरने के दौरान पैर फिसला – Bhojpur News




भोजपुर जिले के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव में छत से गिरकर एक राजमिस्त्री की मौत हो गई। इलाज के दौरान सदर अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में उसने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव के रहने वाले 47 साल के जय प्रकाश राम के रूप में हुई है। मृतक के चचेरे भाई बलराम राम ने बताया कि सोमवार की देर रात वे खाना खाने के बाद छत पर सोने गए थे और छत पर जाने के लिए लकड़ी का सीढ़ी लगा हुआ है। इसी बीच जब वह लघुशंका करने के लिए छत से उतर रहे थे। तभी उनका पैर फिसल गया और वह छत से गिर पड़े। बलराम राम ने बताया कि लकड़ी की सीढ़ी से उतरने के दौरान पैर फिसलने से गिरे जय प्रकाश राम गंभीर रूप से जख्मी हो गए। इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। बिना पोस्टमार्टम के ही घर ले गए शव बलराम राम ने बताया कि अस्पताल में जयप्रकाश राम की मौत के बाद बिना पोस्टमॉर्टम के हम लोग शव को लेकर घर पहुंचे। मृतक अपने पांच भाई व तीन बहन में चौथे स्थान पर थे। उनके परिवार में पत्नी व दो पुत्र विकास कुमार, अभिषेक कुमार एवं एक पुत्री पूजा देवी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उनकी पत्नी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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