Saturday, August 29, 2026
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सुल्तानपुर में युवक के सीने में लगीं 3 गोलियां: रक्षाबंधन पर घर लौटा था, लखनऊ रेफर; सीओ बोले- गिरफ्तारी में जुटी टीमें – Sultanpur News


सुल्तानपुर7 मिनट पहले

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सुल्तानपुर में रक्षाबंधन के दिन घर लौटे एक युवक को देर रात बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी। घटना शुक्रवार रात करीब 11:45 बजे हुई, जिसमें 40 वर्षीय विपिन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

यह वारदात ढेमा चौराहे स्थित विपिन सिंह के घर के बाहर हुई। तीन बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। विपिन के बाएं सीने में तीन गोलियां लगीं, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल विपिन को पहले सीएचसी मोतिगरपुर ले जाया गया, जहां से उन्हें सुल्तानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ के ट्रामा सेंटर भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है। मुड़हा निवासी शिवम सिंह और इंद्रसेन सिंह के परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। घायल विपिन सिंह, इंद्रसेन सिंह के पुत्र हैं।

विपिन के चाचा दान बहादुर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि विपिन घर के सामने खड़े थे, तभी बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। घटनास्थल से पुलिस ने चार खाली कारतूस बरामद किए हैं। चाचा की तहरीर पर पुलिस ने शिवम सिंह और दो अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है।

अपराध निरीक्षक चंद्रभान वर्मा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विपिन मध्य प्रदेश में कोयला खदान में निजी काम करते हैं और रक्षाबंधन पर ही घर लौटे थे। इस वारदात से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

सीओ जयसिंहपुर सुनील कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त कर संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है। अभियुक्तों की जल्द गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।अधिकारियों के अनुसार, और अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।



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करैरा में लंपी वायरस की दस्तक, आधा दर्जन गोवंश संक्रमित: आरोप- करैरा-दिनारा अस्पतालों में वैक्सीन नहीं, समय पर टीकाकरण न होने से बढ़ा खतरा – Shivpuri News




शिवपुरी जिले के करैरा अनुविभाग क्षेत्र में लंपी वायरस के मामले सामने आए हैं। इससे गोवंश पालकों की चिंता बढ़ गई है। कई गांवों में गायों में इस बीमारी के लक्षण देखे जा रहे हैं। पशुपालकों ने बताया है कि करैरा और दिनारा के पशु अस्पतालों में लंपी वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि यदि समय पर टीकाकरण नहीं हुआ, तो बीमारी के तेजी से फैलने का खतरा है। ग्राम टकटकी निवासी किसान लखन सिंह लोधी ने जानकारी दी कि उनकी एक गाय लंपी वायरस से संक्रमित हो गई है। बीमारी के कारण गाय ने कई दिनों से खाना-पीना छोड़ दिया है और दूध भी नहीं दे रही है। इससे उनके परिवार को आर्थिक हानि हो रही है। समय पर टीकाकरण न होने का आरोप
क्षेत्रीय निवासी दुर्ग सिंह लोधी ने बताया वैक्सीन की कमी है। उन्होंने बताया कि करैरा और दिनारा के पशु अस्पतालों में लंपी वायरस की वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लोधी ने चेतावनी दी कि समय पर टीकाकरण न होने पर बीमारी अन्य पशुओं में तेजी से फैल सकती है। करैरा पशु चिकित्सालय के चिकित्सक अरविंद नरवरिया ने बताया कि क्षेत्र में लंपी वायरस के लगभग आधा दर्जन मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमित पशुओं का उपचार किया जा रहा है और उनका टीकाकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। पशु चिकित्सालय द्वारा प्रभावित पशुओं की लगातार निगरानी की जा रही है। जानिए, क्या हैं लंपी वायरल के लक्षण
लंपी स्किन डिजीज एक संक्रामक वायरल बीमारी है। इसके लक्षणों में पशुओं के शरीर पर गांठें या घाव, तेज बुखार और खाना-पीना कम करना शामिल हैं। यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छर, मक्खी और टिक जैसे खून चूसने वाले कीटों के जरिए फैलती है। पशुपालकों को सलाह दी कि यदि किसी पशु में लंपी के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें। साथ ही, तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करें। पशुओं के बाड़े में साफ-सफाई बनाए रखना और मच्छर-मक्खियों की रोकथाम करना भी आवश्यक है। समय पर टीकाकरण और संक्रमित पशुओं को अलग रखना इस बीमारी की रोकथाम के महत्वपूर्ण उपाय हैं।



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‘राजनीतिक पुरोधा जॉर्ज फर्नांडिस जी को भी सुन लीजिए’: बक्सर में फरक्का संधि पर सुधाकर सिंह बोले- जनता को गुमराह किया जा रहा – Buxar News




बिहार में फरक्का जल संधि को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा पर निशाना साधा है। सुधाकर सिंह ने फरक्का जल संधि पर संजय झा के हालिया बयानों पर सवाल उठाए हैं। दरअसल, संजय झा ने केंद्र सरकार से फरक्का जल संधि को मौजूदा स्वरूप में नवीनीकृत न करने की मांग की है। उनका तर्क है कि 1996 में जब यह समझौता हुआ था, तब बिहार के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया था। पिछले 30 वर्षों के अनुभव में बिहार को बाढ़ और सूखे की दोहरी मार झेलनी पड़ी है। सोशल मीडिया पर सुधाकर सिंह ने संजय झा पर किया पलटवार संजय झा ने यह भी कहा है कि संधि की अवधि समाप्त होने के बाद वर्ष 2050 तक बिहार सहित गंगा बेसिन के सभी राज्यों की जल जरूरतों का वैज्ञानिक आकलन कर एक नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि जब यह संधि 1996 में हुई थी, तब बिहार के मुख्यमंत्री कौन थे और उस समय राज्य के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए थे। झा ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि बिहार की दीर्घकालिक जल सुरक्षा का सवाल उठा रहे हैं। इसी बयान को लेकर सुधाकर सिंह ने सोशल मीडिया पर संजय झा पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “संजय झा जी, अब अपने ही राजनीतिक पुरोधा जॉर्ज फर्नांडिस जी को भी सुन लीजिए।” बिहार की जनता को गुमराह किया जा रहा – सुधाकर सिंह सुधाकर सिंह ने समता पार्टी के संस्थापक जॉर्ज फर्नांडिस के पुराने लोकसभा भाषण का वीडियो साझा करते हुए कहा कि फरक्का बांध और भारत-बांग्लादेश जल संधि को लेकर फर्नांडिस का रुख इतिहास में दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उनके राजनीतिक पुरोधा इस संधि की तारीफ कर रहे थे, तो आज उसी संधि को लेकर बिहार की जनता को गुमराह किया जा रहा है। सुधाकर सिंह ने यह भी सवाल किया कि यदि संधि में हर पांच साल में समीक्षा का प्रावधान था और बिहार के हितों की इतनी चिंता थी, तो केंद्र में लंबे समय तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार रहने के बावजूद इसे पहले क्यों नहीं बदलवाया गया। उन्होंने पूछा कि सत्ता में साझेदार रहते हुए बिहार के हित में आवाज उस समय कहां थी। NDA से समर्थन वापस लेने की अपील राजद सांसद ने आगे कहा कि यदि संजय झा और जदयू वास्तव में बिहार, गंगा और किसानों के हित में गंभीर हैं तो केवल बयान देने के बजाय एनडीए से समर्थन वापस लेने और भारत-बांग्लादेश जल संधि समाप्त कराने की मांग रखनी चाहिए। सुधाकर सिंह ने आरोप लगाया कि दिल्ली की राजनीति में बिहार के किसानों और गंगा के अधिकार से ज्यादा दूसरी प्राथमिकताओं को महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने अडानी की हिफाजत को लेकर भी संजय झा पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं। फरक्का मुद्दे पर जदयू और राजद के बीच यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय तेज हुआ है, जब वर्ष 1996 की भारत-बांग्लादेश गंगा जल संधि की 30 साल की अवधि 12 दिसंबर 2026 को समाप्त होने वाली है।



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न पोहा,न ब्रेड,न आलू का पराठा! नाश्ते में बनाएं क्रिस्पी-सॉफ्ट सूजी पराठा

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Suji Paratha Recipe: सुबह का नाश्ता ऐसा हो जो स्वादिष्ट भी लगे और बनाने में ज्यादा वक्त भी न ले, तो दिन की शुरुआत ही आसान हो जाती है. लेकिन रोज-रोज पोहा, ब्रेड, सैंडविच या वही आलू का पराठा देखकर घरवालों का मन भी ऊबने लगता है. ऐसे में नाश्ते की प्लेट में थोड़ा ट्विस्ट लाने के लिए सूजी पराठा एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. सूजी और गेहूं के आटे से तैयार यह पराठा बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट रखा जा सकता है. खास बात यह है कि इसके लिए अलग से कोई भारी-भरकम तैयारी नहीं करनी पड़ती. प्याज, हरी मिर्च, धनिया और कुछ रोजमर्रा के मसालों से इसका स्वाद आसानी से बढ़ाया जा सकता है. दही, हरी चटनी या अचार के साथ गर्मागर्म पराठा परोसें और नाश्ते में नया स्वाद पाएं.

नाश्ते में क्यों ट्राई करें सूजी पराठा?
कई बार नाश्ते में बदलाव के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं होती. घर में मौजूद साधारण सामग्री से भी कुछ नया बनाया जा सकता है. सूजी पराठा ऐसी ही रेसिपी है. इसमें मसाले और सब्जियां अपनी पसंद के हिसाब से कम या ज्यादा की जा सकती हैं. बच्चों के लिए हरी मिर्च कम रखें और चाहें तो इसमें थोड़ा कद्दूकस किया हुआ गाजर या पनीर भी मिलाया जा सकता है. वहीं बड़ों के लिए अजवाइन, हरी मिर्च और मसालों की मात्रा बढ़ाकर इसे चटपटा बनाया जा सकता है.

सूजी पराठा बनाने के लिए सामग्री
इस आसान रेसिपी के लिए 2 कप सूजी, आधा कप गेहूं का आटा, आधा प्याज बारीक कटा हुआ, आधा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, 1-2 हरी मिर्च, थोड़ा हरा धनिया, आधा चम्मच जीरा, आधा चम्मच अजवाइन, स्वादानुसार नमक, थोड़ा कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और 1 चम्मच तेल चाहिए. आटा गूंथने के लिए गुनगुना पानी और पराठे सेंकने के लिए थोड़ा तेल या घी रखें.

(इमेज AI)

कैसे बनाएं सॉफ्ट और क्रिस्पी सूजी पराठा?

आटा तैयार करने का तरीका
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सूजी और गेहूं का आटा डालें. इसमें प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, धनिया, जीरा, अजवाइन, नमक और कश्मीरी लाल मिर्च डालकर मिला लें. अब एक चम्मच तेल डालें और सभी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स करें. इसके बाद गुनगुना पानी थोड़ा-थोड़ा डालते हुए नरम आटा गूंथ लें. पानी एक साथ डालने से आटा जरूरत से ज्यादा ढीला हो सकता है, इसलिए धीरे-धीरे पानी मिलाना बेहतर रहेगा. आटे को 10-15 मिनट ढककर रखें, ताकि सूजी अच्छी तरह पानी सोख ले.

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तवे पर ऐसे सेंकें पराठा
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. सूखा आटा लगाकर इन्हें हल्के हाथों से बेलें. सूजी वाला आटा गेहूं के आटे जितना लचीला नहीं होता, इसलिए बेलते समय ज्यादा दबाव न डालें. तवा गर्म करके पराठा डालें और दोनों तरफ से हल्का सेंक लें. इसके बाद थोड़ा तेल या घी लगाकर दोनों तरफ से सुनहरा और हल्का क्रिस्पी होने तक पकाएं. ध्यान रखें कि तवा बहुत तेज गर्म न हो, वरना बाहर से पराठा जल्दी सिक सकता है जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पक पाएगा. गरमागरम सूजी पराठे को दही, हरी चटनी या अचार के साथ परोसें. इसे बच्चों के टिफिन में भी रखा जा सकता है. सुबह की जल्दबाजी में जब कुछ अलग और आसान बनाने का मन हो, तब यह रेसिपी नाश्ते का अच्छा विकल्प बन सकती है.



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अमेरिका ने वेनेजुएला का 65 अरब बैरल तेल कब्जाया: यह भारत की 40 साल की जरूरत के बराबर; ट्रम्प बोले- इतिहास की सबसे बड़ी डील




अमेरिका ने वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा तेल भंडार पर कंट्रोल हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। यह आंकड़ा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि अमेरिका के पास खुद करीब 46 अरब बैरल तेल है। भारत से तुलना करें तो देश हर साल करीब 1.6 से 1.7 अरब बैरल कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। इस हिसाब से 65 अरब बैरल तेल भारत के 40 साल के ऑयल इम्पोर्ट के बराबर है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, यह काम वेनेजुएला में काम करने वाली एक निजी कंपनी के साथ मिलकर किया जाएगा। इस साझेदारी से निकलने वाले तेल में अमेरिका को 55% हिस्सा मिलेगा। हालांकि, इस निजी कंपनी का नाम अभी नहीं बताया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे दुनिया की सबसे बड़ी डील बताया है। वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने भी इसे ऐतिहासिक समझौता बताया है। वेनेजुएला में 300 अरब बैरल तेल मौजूद वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है। वहां 300 अरब बैरल से ज्यादा तेल मौजूद है। ट्रम्प जिस 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिकी कंट्रोल की बात कर रहे हैं, वह वेनेजुएला के कुल तेल भंडार का करीब पांचवां हिस्सा है। वेनेजुएला के पास इतना बड़ा तेल भंडार होने के बावजूद वहां उत्पादन काफी कम है। आर्थिक संकट, निवेश की कमी और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण उसका तेल उद्योग लंबे समय से मुश्किल में है। अमेरिका के हिस्से में कितना तेल आएगा इस डील में सबसे अहम बात अभी भी साफ नहीं है। अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल तेल का मालिकाना हक मिलेगा या सिर्फ उसके उत्पादन में बड़ा हिस्सा मिलेगा, यह समझना जरूरी है। अभी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमेरिका को साझेदारी से होने वाले तेल उत्पादन का 55% हिस्सा मिलेगा। लेकिन इस काम में शामिल निजी कंपनी का नाम और समझौते की पूरी शर्तें अभी सामने नहीं आई हैं। इसलिए 65 अरब बैरल तेल पर अमेरिका का कंट्रोल होने का मतलब यह नहीं है कि पूरा तेल अमेरिका का हो गया है। असल में अमेरिका को कितना अधिकार मिलेगा, यह डील की पूरी शर्तें सामने आने के बाद ही साफ होगा। 100 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश राष्ट्रपति रोड्रिग्ज के मुताबिक, समझौते के तहत वेनेजुएला के 17 तेल क्षेत्रों को दोबारा विकसित किया जाएगा। इसमें 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश होने की बात कही गई है। उनका कहना है कि इस पूरे काम से वेनेजुएला की सरकार को आने वाले समय में करीब 209 अरब डॉलर टैक्स मिल सकता है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अपने बड़े तेल भंडार का इस्तेमाल देश के विकास के लिए करना चाहता है। मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदले रिश्ते अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते जनवरी में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद बदल गए। डेल्सी रोड्रिग्ज के राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों देशों में बातचीत बढ़ी और वेनेजुएला का तेल इसका सबसे अहम मुद्दा बन गया। इसके बाद वेनेजुएला ने तेल उद्योग के नियम बदले। नए नियमों से विदेशी कंपनियों को ज्यादा अधिकार मिले और अमेरिकी कंपनियों के लिए वहां निवेश और तेल उत्पादन बढ़ाने का रास्ता खुल गया। वेनेजुएला के पास सबसे ज्यादा तेल, फिर भी गरीब वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था लंबे समय से संकट में है। देश की सरकारी तेल कंपनी कमजोर हुई, तेल उद्योग में निवेश कम हुआ और उत्पादन लगातार गिरा। इसके अलावा अमेरिकी प्रतिबंधों ने भी तेल कारोबार को नुकसान पहुंचाया। यानी जमीन के नीचे तेल बहुत है, लेकिन उसे निकालने, बेचने और उससे कमाई करने की क्षमता कमजोर हो गई। इसके साथ ही देश में कई साल तक महंगाई, आर्थिक कुप्रबंधन और राजनीतिक अस्थिरता रही। इसका सीधा असर आम लोगों की कमाई और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा। इस डील से OPEC को चुनौती OPEC तेल उत्पादक देशों का समूह है। इसके सदस्य तेल का उत्पादन घटाकर या बढ़ाकर बाजार में सप्लाई को प्रभावित करते हैं। सप्लाई कम हो तो कीमत बढ़ सकती है और ज्यादा तेल आने पर कीमत घट सकती है। वेनेजुएला भी OPEC का सदस्य है। अगर वेनेजुएला का उत्पादन बढ़ा और बाजार में ज्यादा तेल आया, तो तेल की कीमतों पर गिरावट का दबाव बन सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि डील के तुरंत बाद पेट्रोल-डीजल सस्ता हो जाएगा। वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ाने में समय लगेगा। इसके अलावा ईरान युद्ध, OPEC के फैसले, दुनिया में तेल की मांग और दूसरे देशों का उत्पादन भी कीमत तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। —————————– रिपोर्ट- वेनेजुएला का तेल भारत को देगा अमेरिका:ट्रम्प दुनिया की बड़ी ऑयल कंपनियों के अफसरों से मिले; रिलायंस भी तेल खरीद सकती है
अमेरिका, भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की इजाजत दे सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प प्रशासन के एक सीनियर अधिकारी ने इसकी जानकारी दी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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दृश्यम देखकर रची साजिश, प्रेमिका को मारकर खेत में दफनाया: तालाब-श्मशान में बॉडी ढूंढती रही पुलिस, 5 महीने बाद खुदाई में निकला कंकाल – Rajasthan News


जोधपुर में प्रेमिका का मर्डर कर उसकी बॉडी खेत में गाड़ने वाले प्रेमी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने मर्डर से पहले 10 बार से ज्यादा अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम’ देखकर पूरी साजिश रची थी।

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शव को ऐसी जगह छिपाया कि पुलिस उसे 5 महीने तक नहीं ढूंढ पाई। आरोपी फिल्मी स्टाइल में बार-बार पुलिस को गुमराह करता रहा।

श्मशान घाट में जली चिताओं में भी हड्डियों को तलाशने की कोशिश हुई। आखिरकार एक क्लू से पुलिस आरोपी के खेत तक पहुंची और खुदाई कर कंकाल में तब्दील हुई डेड बॉडी को रिकवर किया।

दरअसल, जोधपुर के बिलाड़ा का रहने वाले आरोपी प्रेमी राजू ने पुलिस को बताया कि ब्यावर की लीला देवी के साथ 2 साल से अफेयर था।

लेकिन उसने पैसों के लिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। इसी के चलते मर्डर को अंजाम दिया। 14 मार्च की रात को हुए इस मर्डर का पूरा खुलासा पुलिस ने 26 अगस्त को किया। पढ़िए- कैसे इस मर्डर का राज खुला…

होटल में मुलाकात के बाद शुरू हुई लव स्टोरी

जोधपुर के बिलाड़ा कस्बे में गांव पिचियाक निवासी राजू गिरी ट्रेवल एजेंट का काम करता था। उसकी ब्यावर की लीला देवी से 2 साल पहले जैतारण (पाली) के एक होटल में मुलाकात हुई थी।

उस मुलाकात के बाद वह महिला से मोहब्बत करने लगा। दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अफेयर के चलते राजू को उसकी दिव्यांग पत्नी छोड़ कर अपने पीहर चली गई थी।

प्रेमिका को खुश करने के लिए उसने पत्नी के गहने गिफ्ट कर दिए। लेकिन उसकी डिमांड बढ़ती जा रही थी। लीला ने 2 लाख रुपए और देने को कहा। यहीं से मर्डर की साजिश रचना शुरू कर दी।

अब सिलसिलेवार पढ़िए- वारदात की पूरी कहानी

1. घर से 40 किलोमीटर दूर खेत ले जाकर हत्या

ब्यावर एसपी रतनसिंह ने बताया- 13 मार्च, 2026 को पिचियाक निवासी आरोपी राजू गिरी के बुलाने पर लीला उससे मिलने पहुंच गई। आरोपी उसे 40 किमी दूर खोखरिया गांव के पास अपने खेत पर ले गया।

प्लानिंग के तहत उसने लीला को 14-15 मार्च की रात शराब पिलाई। फिर लाठी के वार से हत्या कर दी। शव को खेत के किनारे छोटी झाड़ियों के बीच ले जाकर पटक दिया। आरोपी को पता था कि इस सुनसान इलाके में जंगली जानवर बॉडी को खा जाएंगे।

खोखरिया गांव में वो खेत जहां लीला का मर्डर हुआ।

खोखरिया गांव में वो खेत जहां लीला का मर्डर हुआ।

2. एक माह बाद गुमशुदगी दर्ज, जानवर नोच चुके थे बॉडी

ब्यावर साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि – आरोपी राजू गिरी को पता था कि मृतका के परिजन उसकी तलाश नहीं करेंगे, क्योंकि लीला पहले भी कई दिन तक उसके साथ रह चुकी थी।

करीब एक माह बाद 11 अप्रैल 2026 को गणेशपुरा निवासी कालू सिंह ने साकेत नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दी। रिपोर्ट में बताया कि उसकी बेटी लीला देवी अपने पति से अलग गंगा कॉलोनी में किराए के मकान में रहती थी।

13 मार्च 2026 को बिना बताए कहीं चली गई। इस पर पुलिस ने लीला की तलाश शुरू की। शक के आधार पर लीला के संपर्क में आए लोगों से पूछताछ शुरू की। राजू गिरी से पूछा गया तो उसने स्वीकार किया- लीला मेरे पास 15 मार्च को आई थी, लेकिन चली गई।

पुलिस को उसकी कहानी पर इसलिए यकीन हो गया क्योंकि मृतका का मोबाइल नंबर 15 मार्च तक चालू था। दूसरा- पुलिस को जानकारी थी कि लीला अक्सर घर से बाहर रहती थी।

ऐसे में पुलिस और परिजनों ने गुमशुदगी मामले में ज्यादा ध्यान नहीं दिया। करीब 4 महीने तक लीला का कोई अता-पता नहीं चल पाया।

साकेत नगर थाना पुलिस ने अगस्त में मृतका के बेटे की ओर से दर्ज मुकदमे के बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया।

साकेत नगर थाना पुलिस ने अगस्त में मृतका के बेटे की ओर से दर्ज मुकदमे के बाद सर्च ऑपरेशन तेज किया।

3. चार महीने बाद बेटे के मुकदमे पर एक्टिव हुई पुलिस

11 अगस्त को मृतका लीला के बेटे ने अपने ननिहाल पक्ष पर अपहरण और हत्या के आरोप में केस दर्ज कराया। उसे शक था कि प्रॉपर्टी के लिए मां लीला की हत्या करवाई गई है।

इस पर पुलिस ने संदेह और तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से लीला से आखिरी बार संपर्क में आए राजू गिरी को दुबारा पकड़कर पूछताछ की।

इस बार आरोपी ने हत्या करने की बात तो कबूल कर ली। लेकिन शातिर को यकीन था कि जबतक वह नहीं बताएगा पुलिस डेड बॉडी रिकवर नहीं कर पाएगी और वो जेल जाने से बच जाएगा। अब उसने डेड बॉडी की को लेकर गुमराह करना शुरू किया। झूठी कहानी बनाता रहा।

4 . कभी श्मशान की राख में खोजी हड्डियां, कभी तालाब में रेस्क्यू

पहला झूठ: एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि- आरोपी ने सबसे पहले बताया कि बॉडी को उसने तालाब में फेंका। लेकिन कई घंटे रेस्क्यू चलाने के बाद भी बॉडी नहीं मिली।

पुलिस ने तालाब में भी शव के लिए गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया।

पुलिस ने तालाब में भी शव के लिए गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया।

दूसरा झूठ: फिर गुमराह करते हुए कहा- श्मशान में एक आदमी की जलती हुई चिता में लीला के शव को जला दिया। पुलिस ने पता लगाया कि गांव में आखिरी मौत 19 मई, 2026 को हुई थी। वारदात के करीब 2 माह बाद महिला की बॉडी जलाने के बात पुलिस के भी गले नहीं उतर रही थी। फिर भी क्लू जुटाने के लिए पुलिस ने श्मशान की राख में हड्डियां खोजी, लेकिन वहां भी कुछ नहीं मिला।

तीसरा झूठ : आरोपी ने पुलिस को फिर गुमराह करते हुए बताया- उसने पिचियाक निवासी विजयसिंह नाम के परिचित को 20 हजार रुपए में महिला की बॉडी ठिकाने लगाने को कहा था। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि विजयसिंह नाम के व्यक्ति की मौत तो आठ माह पहले जनवरी में हो चुकी थी।

खेत में ट्रैक्टर से खुदाई करवाकर शव की तलाश करते हुए पुलिस।

खेत में ट्रैक्टर से खुदाई करवाकर शव की तलाश करते हुए पुलिस।

5. खेत की खुदाई में निकला कंकाल

पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से पता लगा लिया कि मृतका का मोबाइल 15 मार्च तक एक्टिव था। तब लोकेशन बिलाड़ा स्थित आरोपी के गांव पिचियाक की आ रही थी।

लेकिन इससे 1-2 दिन पहले की लोकेशन घर से काफी दूर खोखरिया गांव की थी। इससे क्लू मिला की तब भी लीला आरोपी के साथ थी।

ब्यावर एसपी रतनसिंह ने बताया- विशेष टीम की मदद से खोखरिया गांव में आरोपी के खेत में ट्रैक्टर से खुदाई कराई गई। इस दौरान आरोपी राजू गिरी टूट गया।

उसने वारदात कबूल करते हुए पूरा सच उगल दिया। पुलिस ने मौके पर खेत में दबे मृतका के कंकाल, हड्डियां, बैग, आधार कार्ड बरामद कर लिए।

गायब होने के करीब 6 महीने के बाद लीला देवी का कंकाल राजू गिरी के खेत से मिला।

गायब होने के करीब 6 महीने के बाद लीला देवी का कंकाल राजू गिरी के खेत से मिला।

6. मर्डर के लिए 10 बार देखी थी दृश्यम मूवी

आरोपी राजू ने कबूल किया कि लीला को मारने की साजिश जनवरी-फरवरी से ही रच रहा था। इसके लिए उसने अजय देवगन की फिल्म दृश्यम के दोनों पार्ट कम से कम 10 बार देखे थे।

यहीं से उसे आइडिया मिला कि डेड बॉडी को ऐसी जगह ठिकाने लगाना है जहां से पुलिस उसे ढूंढ नहीं पाए। लेकिन एक सुराग के चलते वह पकड़ा गया।

साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से पुलिस ने शव रिकवर कर लिया।

साकेत नगर एसएचओ सुरजीत ठोलिया ने बताया कि तकनीकी एक्सपर्ट की मदद से पुलिस ने शव रिकवर कर लिया।

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मर्डर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…

जयपुर-पति की हत्या के लिए पिता से मंगवाया था जहर:प्यार का वास्ता देकर कीटनाशक मिला जूस पिलाया, डेढ़ घंटा तड़पते देखती रही

जयपुर में पति को जहर देकर हत्या करने की आरोपी पत्नी ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी कविता मीणा (23) ने बताया कि- घर पर जहर देकर मारने पर फंसने का डर था। 5 अगस्त को मंदिर जाने के बहाने उसे बाहर लेकर गई। पूरी खबर पढ़िए…



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पैकेट देखकर ही समझ जाएंगे कोल्‍ड ड्रिंक-चिप्‍स में ज्‍यादा तो नहीं नमक-चीनी


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प्रोसेस्‍ड फूड में ज्‍यादा नमक-चीनी को लेकर एक मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने ऐसे प्रोडक्‍ट पर लाल चेतावनी लगाने का प्रस्‍ताव दिया है.

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सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में एक सुनवाई में एफएसएसएआई से कहा था कि वह इन लेबलों को लागू करने में तेजी लाए. (photo : Canva)

नई दिल्‍ली. बाजार में ज्‍यादा नमक-चीनी वाले प्रोडक्‍ट्स खूब बिकते हैं. सेहत के लिए खतरनाक इन उत्‍पादों की पहचान करना भी मुश्किल होता है. इसका कारण यह है कि चिप्स, बिस्कुट या कोल्ड ड्रिंक के पैकेट के पीछे न्यूट्रिशन चार्ट इतने छोटे अक्षरों में छपा होता है कि अक्‍सर लोग उसे पढ़ ही नहीं पाते. अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ऐसा काम करने जा रही है, जिससे पैकेट के फ्रंट यानी सामने की तरफ देखते ही पता चल जाएगा कि उस सामान में नमक, चीनी या अनहेल्दी फैट की मात्रा ज्‍यादा तो नहीं है.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने प्रोसेस किए गए खाने-पीने की उन चीजों के पैकेट के सामने लाल रंग का वॉर्निंग लेबल लगाने का प्रस्ताव दिया है, जिनमें चीनी, नमक या फैट की मात्रा ज्यादा होती है. यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि ग्राहक सोच-समझकर सही चुनाव कर सकें. इसका सीधा मकसद यह है कि आम खरीदार बिना किसी भ्रामक विज्ञापन के चक्कर में पड़े तुरंत फैसला कर सके कि यह प्रोडक्ट उसकी सेहत के लिए कितना सही है.

सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है मामला

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एफएसएसएआई ने सुप्रीम कोर्ट में बताया है कि चेतावनी लेबल पर साफ-साफ लिखा होगा- जैसे ‘ज्यादा वसा वाला’, ‘ज्यादा चीनी वाला’, ‘ज्यादा नमक वाला’ या ‘बहुत ज्यादा मीठा पेय’… ताकि लोग आसानी से समझ सकें कि किस प्रोडक्ट में कौन सी चीज ज्यादा मात्रा में है. सुप्रीम कोर्ट में यह दलील इसलिए दी गई क्योंकि वह पश्चिमी देशों की तर्ज पर चेतावनी लेबल लगाने की मांग करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने की शुरुआत में एक सुनवाई में एफएसएसएआई से कहा था कि वह इन लेबलों को लागू करने में तेजी लाए.

बहुराष्‍ट्रीय कंपनियां कर रही हैं विरोध

नेस्ले, पेप्सिको और कोका-कोला जैसी बड़ी खाद्य कंपनियां इस कदम का विरोध कर रही हैं क्योंकि इससे बिक्री प्रभावित होने की आशंका है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान अनिवार्य पैकेज्ड फूड अलर्ट लेबल को लागू करने में लंबी देरी पर एफएसएसएआई की खिंचाई की थी. एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों, विशेषकर छोटे बच्चों को मोटापे जैसी बीमारियों के खतरे से बचाने के लिए पारदर्शी पोषण संबंधी खुलासे महत्वपूर्ण हैं.

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने वैधानिक नियामक की धीमी गति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. न्यायाधीशों ने सवाल किया कि क्या रेगुलेटरी अथॉरिटी वास्तव में भारतीय आबादी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हैं. नतीजतन, अदालत ने चेतावनी दी कि यदि कार्यकारी शाखा स्वतंत्र रूप से कार्य करने में विफल रही तो न्यायिक आदेशों का पालन किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने उन तर्कों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि पैकेज के सामने चेतावनी लेबल पारंपरिक भारतीय पैक किए गए स्नैक्स पर गलत तरीके से जुर्माना लगा सकते हैं. पीठ ने कहा कि व्यावसायिक हित सार्वजनिक स्वास्थ्य अनिवार्यताओं पर हावी नहीं हो सकते. इसने नियामक संस्था को एक निश्चित रूपरेखा स्थापित करने के लिए दो सप्ताह की सख्त अवधि प्रदान की. न्यायाधीशों ने इस बात पर जोर दिया कि युवा उपभोक्ताओं को अल्टा-प्रोसेस्ड वस्तुओं के एग्रेसिव मार्केटिंग का सामना करना पड़ता है.



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फर्जी किरायानामा से मकान पर कब्जे की कोशिश: टोरंट के जीएम-एजीएम समेत चार पर केस, कोर्ट ने दिए आदेश – Agra News




न्यू आगरा थाना क्षेत्र में मकान के हिस्से पर अवैध कब्जे के लिए फर्जी किरायानामा तैयार कर बिजली कनेक्शन लेने के मामले में कोर्ट के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। थाना न्यू आगरा पुलिस ने वैभव कुंज निवासी नवीन पालीवाल, उसके भाई गौरव पालीवाल के साथ टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह और सहायक महाप्रबंधक पीयूष कुमार सिन्हा को आरोपी बनाया है। शिकायत न्यू आगरा निवासी दिनेश कालरा ने की थी। फर्जी हस्ताक्षर कर तैयार किया किरायानामा
शिकायतकर्ता दिनेश कालरा ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि नवीन पालीवाल और गौरव पालीवाल ने उनके मकान के हिस्से पर कब्जा करने की नीयत से 15 अप्रैल 2014 का कूटरचित किरायानामा तैयार कर लिया। इसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए और परिवार के सदस्यों की फोटो का भी गलत इस्तेमाल किया गया। इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर टोरंट पावर से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिया गया।कालरा का आरोप है कि उन्होंने 7 अप्रैल 2015 को टोरंट पावर के अधिकारियों को लिखित में सूचना दी थी कि किराया अनुबंध खत्म हो चुका है और आरोपियों के दस्तावेज फर्जी हैं। इसके बावजूद नोटिस के बाद वर्ष 2015 में कनेक्शन जारी कर दिया गया। पीड़ित का कहना है कि सरकारी विभागों में जमा दस्तावेज जिला निर्वाचन अधिकारी की रिपोर्ट में भी फर्जी पाए गए हैं। 14 मई 2026 को पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, तब कोर्ट की शरण लेनी पड़ी। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर 27 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।वहीं टोरंट पावर के महाप्रबंधक संजय सिंह का कहना है कि नया कनेक्शन नियमानुसार दस्तावेजों की जांच और सर्वे के बाद ही दिया जाता है। शिकायत मिलने पर दो महीने के अंदर कनेक्शन काट दिया गया था।



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‘गंगा का बढ़ा जलस्तर, हमारी बोहनी पर भी आफत’: गंगा पथ पर 500 दुकानों तक पहुंचा पानी, दुकानदार बोले- जिसे वोट दिया, उनसे अब उम्मीद नहीं – Patna News




पटना में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। दीघा घाट पर गंगा, आधा किलोमीटर नजदीक आ गई है। राजधानी का सबसे बड़ा फूड हब अब पानी से घिर चुका है। इस दौरान जेपी गंगा पथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। 500 से ज्यादा दुकानों तक पानी पहुंच गया है। इनमें से कई दुकानदारों के सामान भी डूब गए हैं। इस कारण दुकानदार अपना ठेला लेकर दुकान लगाने की जगह तलाश रहे हैं। दुकानदारों का कहना है, पानी नहीं था तो 2 रुपए कमा लेते थे, लेकिन अब तो बोहनी पर भी आफत है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अब हमें उनसे कोई उम्मीद नहीं है। बीजेपी वाले बोलते थे कि हम गरीबों के नेता है, लेकिन अब वे कहां हैं। दिल्ली में ठेला लगाता था तो बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनता था। यहां आया हूं तब भी स्थिति अच्छी नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है।…पढ़िए जलस्तर बढ़ने से दुकानदारों को क्या-क्या परेशानी हो रही…. जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा चाट की दुकान लगाने वाले नंदकिशोर दास ने कहा, पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद हमें बोला गया था कि हम ऊपर जेपी गंगा पथ पर लगा सकते हैं। लेकिन जब हमलोग लगाने गए तो नगर निगम ने हमें वहां से हटा दिया। उन्होंने हमें डराते हुए कहा कि सामान टांगकर ले जाएंगे। इस डर से हम लोग यहां नीचे मजबूरी में लगा रहे हैं। पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद आसपास के कचरे पूरी तरह से गीले हो गए हैं जिससे काफी बदबू आती है। मेरा यहां से सामान भी चोरी हो गया था। ताला काटकर चोरों ने मेरे दुकान से सामान चुरा लिए थे। इसके लिए मैंने थाना में कंप्लेंट भी किया था। हमें काफी परेशानी हो रही है। दुकान लगा कर बैठे रहते हैं लेकिन बोहनी नहीं होती है। सम्राट चौधरी से तो कोई उम्मीद ही नहीं है इसलिए अब उन्हें कुछ बोलना ही नहीं है। हम लोग वोट देकर गलती किए हैं। अब अगली बार से सोचेंगे। जिसे हमने वोट दिया वही हमारे पेट पर लात मार रहा है। ठेला लगाकर खड़े रहते 3 घंटे तक का कस्टमर नहीं आते बटाटापुरी दुकानदार मुन्ना महतो ने कहा कि पानी नहीं था तो दो रुपए कमा भी लेते थे। अब पानी आने से हमें इधर-उधर ठेला लगाना पड़ रहा है और पुलिस वाले हमें भाग रहे हैं। ठेला लगाकर हम लोग खड़े रहते हैं लेकिन 3 घंटे तक एक भी कस्टमर नहीं आता है। अटल पथ के पास खाली जमीन पर बने वेंडिंग जोन में हमें ठेला लगाने बोला गया है। वहां पर कोई ढंग से लाइट की व्यवस्था नहीं है। नाले में कुत्ता मरा रहता है, मगर कोई उठाने नहीं आता। ऐसी बदबू में कौन कस्टमर आएगा। जितना पूंजी लगाते हैं उससे ज्यादा हमें नुकसान होता है। इसपर सम्राट चौधरी को ध्यान देना चाहिए। बीजेपी वाले बोलते हैं कि हम गरीबों के नेता है। आखिर अब वे सब कहां है। इससे पहले मैं दिल्ली में ठेला लगाकर कमाता था। वहां पर सब बिहारी बोलकर गाली देते थे, मगर फिर भी पेट के लिए सब सुनते थे। जब से यहां मरीन ड्राइव बना है तो अपने राज्य कमाने आया हूं, मगर सरकार का कोई ध्यान नहीं है। पानी में कई सामान डूब गए करीब 4 साल से पाव भाजी की दुकान गंगापथ पर लगा रहे भोला शर्मा ने कहा कि हमें हद से ज्यादा परेशानी हो रही है। कोई सुनने वाला नहीं है। पहले नीचे भेज दिया गया फिर उम्मीद दी गई कि हमें जगह बनाकर दिया जाएगा। 45 दिन हम लोग इंतजार किए, मगर सिर्फ ढलईया करके हमें लगाने के लिए बोल दिया गया। वहां ना तो लाइट ना हीं नाले की व्यवस्था है। हम लोग फिर वहां से यहां आ गए हैं और कैसे भी गुजारा कर रहे हैं। हमारा कई सामान भी पानी में डूब गया और नुकसान हुआ है। पहले से ही हम लोग के ऊपर कर्ज का बोझ है। सरकार से हमें कोई उम्मीद नहीं है। पानी के बहाव से पत्थर-गिट्टी दुकान के पास जमा हो रहे लिट्टी चोखा दुकानदार प्रमोद साव ने कहा, जलस्तर बढ़ने से हमें काफी परेशानी हो रही है। पानी के बहाव से पत्थर गिट्टी दुकान के पास ही जमा हो जा रही है जिससे हमें पैरों में चुभ जाती है। हमने दो दिन ऊपर गंगा पथ पर लगाया गया था, मगर फिर हमें वहां से हटा दिया गया। पटना नगर निगम की ओर से कहा गया है कि अभी फिलहाल मरीन ड्राइव दुकानदारों को निगम की ओर से कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है। वह अपने सुविधा अनुसार दुकान लगा रहे हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद हमने टूरिस्ट घाट पर जाने को कहा था। निगम की ओर से ना अभी दुकानदारों को हटाया जा रहा है ना बसाया जा रहा है। क्योंकि अभी उस तरह की क्राइसिस सिचुएशन नहीं आई है। अगर हमें ऊपर से आदेश आएगा तो जिला प्रशासन के साथ मिलकर हम उचित कदम उठाएंगे।



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डिलीवरी बॉय हत्याकांड: CCTV फुटेज में गोली मारते दिखे बदमाश: विवाद सुलझाने गया था विवेक, 36 घंटे बाद भी तीनों आरोपी फरार, सात जिलों में पुलिस की दबिश – Gwalior News


ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर में डिलीवरी बॉय विवेक मीणा की हत्या का नया CCTV फुटेज सामने आया है। 51 सेकंड के इस फुटेज में बाइक सवार तीन बदमाश मोमोज ठेले वाले से बहस करते और इसके बाद बीच-बचाव करने आए विवेक को गोली मारते दिखाई दे रहे

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फुटेज में नजर आ रहा है कि तीनों बदमाश बाइक से ठेले के पास पहुंचते हैं। वे काफी देर तक मोमोज वाले से विवाद करते हैं। इसी दौरान विवेक बीच-बचाव करने पहुंचता है। बदमाश उससे भी बहस करते हैं और फिर उसके माथे में गोली मार देते हैं। इसके बाद तीनों बाइक से फरार हो जाते हैं।

वारदात को करीब 36 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस की छह विशेष टीमें आरोपियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं।

ऐसे हुई थी वारदात

नई सड़क निवासी 28 वर्षीय विवेक मीणा ऑनलाइन कंपनी में डिलीवरी बॉय था। गुरुवार रात वह आनंद नगर में डिलीवरी देने गया था। इसके बाद वह एक मोमोज के ठेले पर रुका था। इसी दौरान वहां बाइक से तीन बदमाश पहुंचे और ठेले वाले से विवाद करने लगे।

विवेक ने विवाद शांत कराने की कोशिश की। इसी बात पर बदमाशों ने उससे बहस की और गोली मार दी। गोली माथे में लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान राहुल गट्टा, सौरभ यादव और लाला अग्रवाल के रूप में की है। पुलिस के अनुसार, तीनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

पोस्टमार्टम के दौरान चक्काजाम, पुलिस ने खदेड़ा

शुक्रवार को पोस्टमार्टम के दौरान आरोपी गिरफ्तार नहीं होने से परिजन और विवेक के साथी आक्रोशित हो गए। उन्होंने मानसिक आरोग्यशाला तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाया।

सात जिलों में छापेमारी, भोपाल में छिपने का शक

SSP धर्मवीर सिंह के निर्देशन में छह विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया और भोपाल में आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस को एक आरोपी की महिला मित्र के भोपाल में रहने की जानकारी मिली है। इसी आधार पर वहां भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन शुक्रवार देर रात तक पुलिस के हाथ कोई आरोपी नहीं लगा।

SSP धर्मवीर सिंह ने कहा

आरोपियों की पहचान हो चुकी है। उन्हें पकड़ने के लिए कई जिलों में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। नए CCTV फुटेज में पूरी वारदात रिकॉर्ड हुई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के आनंद नगर में हुई डिलीवरी बॉय विवेक मीणा की हत्या में शुक्रवार रात को एक नया CCTV फुटेज सामने आया है। जिसमें बाइक सवार तीन बदमाश डिलीवरी बॉय विवेक को गोली मारते हुए नजर आ रहे हैं। बाइक सवार बदमाश पहले आते हैं और काफी देर तक वहां “मोमो’ वाले से बहस करते हैं।

जब विवेक बीच बचाव करता है तो उससे बहस करते हुए गोली मार देते हैं। 51 सेकंड का यह फुटेज वीडियो घटना के समय की पूरी कहानी बंया कर रहा है। इस हत्याकांड को 36 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक एक भी हत्या आरोपी नहीं पकड़ा गया है। पुलिस की टीम हत्या आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है। जबकि परिजन पहले ही काफी नाराजगी जता चुके हैं।

ऐसे समझिए पूरा मामला

शहर के नई सड़क निवासी विवेक मीणा एक ऑनलाइन कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था। गुरुवार रात वह आनंद नगर क्षेत्र में डिलीवरी देने गया था, जहां एक ठेले पर मोमोज खा रहा था। उसी दौरान पहुंचे तीन बदमाशों से ठेले वाले का विवाद हो गया।

विवेक ने जब ठेले वाले का बचाव किया, तो बदमाशों ने कुछ बहस के बाद सीधे उसके माथे में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे आरोपियों की पहचान राहुल गट्टा, सौरभ यादव और लाला अग्रवाल के रूप में हुई। तीनों आरोपी वारदात को अंजाम देकर बाइक से फरार होते दिखाई दिए हैं। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है।

पोस्टमार्टम के दौरान चक्काजाम, पुलिस ने खदेड़ा था

शुक्रवार को जब पोस्टमार्टम कराया जा रहा था, तभी आरोपी नहीं पकड़े जाने से नाराज परिजन और साथियों ने मानसिक आरोग्यशाला तिराहे पर चक्काजाम कर दिया। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने मोर्चा संभाला था। लाख समझाइश के बाद भी जब उग्र प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस को हल्का सा बल प्रयोग भी करना पड़ा था।

मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया, भोपाल में दी दबिश

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह के निर्देशन में पुलिस की 6 विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस टीम मुरैना, धौलपुर, आगरा, भिंड, शिवपुरी, दतिया और भोपाल तक दबिश दे रही है। पुलिस को सूचना मिली है कि एक आरोपी की महिला मित्र भोपाल में रहती है, जहां आरोपियों के छिपने की संभावना जताई जा रही है। शुक्रवार देर रात तक कई स्थानों पर दबिश के बाद भी पुलिस खाली हाथ रही है।

एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह का कहना

“आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उन्हें पकड़ने के लिए कई जिलों में दबिश दी जा रही है। एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें बदमाश गोली मारते नजर आ रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”



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