रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर एटा पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं गरिमा सुनिश्चित करने के लिए एंटी रोमियो अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों और मनचलों पर कड़ी नजर रखी गई। एटा पुलिस ने शुक्रवार देर शाम 7 बजकर 20 मिनट पर इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की। अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पाण्डेय और अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में थाना स्तर पर गठित एंटी रोमियो टीमों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सघन चेकिंग की। इन टीमों ने बाजार, चौराहों, स्कूल-कॉलेज, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी। अभियान के दौरान पहली बार अनुचित गतिविधियों में पकड़े गए युवकों की काउंसलिंग की गई और उन्हें चेतावनी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार की पुनरावृत्ति होने अथवा गंभीर मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीमों ने छात्राओं और महिलाओं को महिला सुरक्षा से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर जागरूक भी किया। उन्हें वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 112 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 समेत अन्य माध्यमों के बारे में बताया गया। पुलिस ने इस अभियान के माध्यम से संदेश दिया कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। आमजन से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस के अनुसार, एंटी रोमियो अभियान जनपद में आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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एटा पुलिस ने चलाया एंटी रोमियो अभियान: सार्वजनिक स्थानों पर सघन चेकिंग, मनचलों को चेतावनी दी – Etah News
मुंगेर गोलीकांड- CID ने फिर शुरू की जांच: मृतक अनुराग के माता-पिता के बयान दोबारा हुआ दर्ज, टीम पटना लौटी – Munger News
मुंगेर में वर्ष 2020 के दुर्गा प्रतिमा विसर्जन गोलीकांड में नया मोड़ आया है। इस मामले में पांच साल बाद सीआईडी ने दोबारा जांच शुरू की है, जिसमें श्रद्धालु अनुराग पोद्दार की मौत हुई थी। सीआईडी की विशेष जांच टीम ने वर्ष 2022 में ही इस मामले में हाईकोर्ट में अंतिम रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बावजूद दोबारा जांच शुरू होने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अग्रतर अनुसंधान के तहत, डीएसपी सीआईडी और अनुसंधानकर्ता फैजल ने मृतक अनुराग पोद्दार के पिता अमरनाथ पोद्दार (जो मामले के सूचक हैं), उनकी मां और बहन के बयान दोबारा दर्ज किए। पूछताछ के दौरान, तीनों से मुख्य रूप से यह जानकारी ली गई कि अनुराग दाएं हाथ से काम करता था या बाएं हाथ से। इससे पहले, वरीय डीएसपी सीआईडी सत्यकाम ने गवाह गौरव कुमार को नोटिस जारी कर 7 जुलाई 2026 को सीआईडी मुख्यालय पटना बुलाया था और उनका भी बयान दोबारा दर्ज किया था। HC की निगरानी में जांच टीम गठित की गई थी मानवाधिकार मामलों से जुड़े अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार के अनुसार, हाईकोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश राजीव रंजन के निर्देश पर कोतवाली थाना में कांड संख्या 311/2020 दर्ज किया गया था। इसके बाद हाईकोर्ट की निगरानी में सीआईडी की विशेष जांच टीम गठित की गई थी। टीम ने लगभग 15 महीने तक विभिन्न पहलुओं पर जांच की और 12 जुलाई 2022 को हाईकोर्ट में अंतिम जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान सीआईडी की कार्यप्रणाली को लेकर हाईकोर्ट ने कई बार नाराजगी भी जताई थी। एमिकस क्यूरी की नियुक्ति के बाद भी नहीं शुरू हुई सुनवाई अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार के मुताबिक 3 अगस्त 2022 को हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई में सहयोग के लिए अधिवक्ता प्रतीक मिश्रा को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था। कोर्ट ने बीएएलएसए को निर्धारित राशि प्रत्येक माह एमिकस क्यूरी को देने का निर्देश भी दिया था। एमिकस क्यूरी की ओर से कुछ बिंदुओं पर आगे जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद सीआईडी टीम ने उन बिंदुओं पर भी जांच कर वर्ष 2022 में ही दोबारा अंतिम जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत कर दी थी। इसके बावजूद मामले में सुनवाई की तारीखें निर्धारित होती रहीं। अधिवक्ता के अनुसार तीन वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मामले की सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है। पिछली सुनवाई की तिथि 14 अगस्त 2026 निर्धारित थी। अंतिम रिपोर्ट के बाद अग्रतर अनुसंधान पर उठ रहे सवाल
सीआईडी द्वारा अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के तीन वर्ष से अधिक समय बाद अब अग्रतर अनुसंधान किए जाने को लेकर मृतक के परिजनों और मामले से जुड़े लोगों के बीच सवाल उठ रहे हैं। हालांकि यह अनुसंधान किस आदेश के आधार पर शुरू किया गया है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
मृतक के पिता अमरनाथ पोद्दार और अधिवक्ता ओम प्रकाश पोद्दार पूर्व में सीआईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए पक्षपातपूर्ण अनुसंधान और गवाहों को परेशान किए जाने के आरोप लगा चुके हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जानें, क्या है पूरा मामला…
26 अक्टूबर 2020 को मुंगेर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस फायरिंग में श्रद्धालु अनुराग पोद्दार की मौत हो गई थी। घटना में कई अन्य श्रद्धालुओं के घायल होने की भी बात सामने आई थी। घटना के दो दिन बाद विधानसभा चुनाव होना था। उस समय मुंगेर की एसपी लिपि सिंह थीं। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई और फायरिंग को लेकर व्यापक विवाद हुआ था।
परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया था कि पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर फायरिंग की गई। मामले की जांच में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।
चुनाव आयोग ने डीएम-एसपी को हटाया था
घटना के बाद चुनाव आयोग ने तत्कालीन डीएम और एसपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें मुंगेर से हटा दिया था। इसके बाद भी मामले को लेकर विवाद बना रहा। पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक भूमिका की जांच की मांग लगातार उठती रही।
हाईकोर्ट की निगरानी में हुई थी जांच
मामले में साक्ष्य नष्ट करने और पक्षपातपूर्ण जांच के आरोप भी लगाए गए थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद तत्कालीन एसपी मानवजीत सिंह ढिल्लों समेत कुछ पुलिस अधिकारियों और थानाध्यक्ष के स्थानांतरण की कार्रवाई हुई थी। हालांकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी उठता रहा है। अब पांच वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद सीआईडी द्वारा फिर से गवाहों और मृतक के परिजनों से पूछताछ किए जाने से मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब वर्ष 2022 में जांच पूरी कर अंतिम रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंप दी गई थी, तो अब अग्रतर अनुसंधान किस आदेश के तहत और किन नए तथ्यों के आधार पर किया जा रहा है। मामले की अगली कार्रवाई और हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से ही इसकी स्थिति स्पष्ट होगी।
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नेपाल त्रासदी में फंसीं अनूपपुर की दो बेटियां सुरक्षित: सरकार की मदद से पोखरा पहुंचीं पलक-पल्लवी, कल तक घर लौटेंगी – Anuppur News
नेपाल में 26 अगस्त की सुबह आई जलप्रलय त्रासदी में अनूपपुर जिले के कोतमा की दो बेटियां फंस गई थीं। अब वे सुरक्षित हैं और सरकार की मदद से उन्हें नेपाल के पोखरा पहुंचाया गया है। कोतमा वार्ड क्रमांक 8 निवासी मंजू माझी की बेटियां पलक माझी और पल्लवी माझी ग्वालियर में पढ़ाई और नौकरी करती हैं। वे कुछ दिन पहले छुट्टी पर नेपाल घूमने गई थीं। जलप्रलय के कारण वे नेपाल में फंस गईं। त्रासदी और नेटवर्क की समस्या के चलते दो दिनों तक परिजनों का पलक और पल्लवी से कोई संपर्क नहीं हो पाया था। इस दौरान परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। 9 लोगों का ग्रुप गया था घूमने दोनों बेटियों के सुरक्षित होने की खबर मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। परिजनों के अनुसार, वे शनिवार को नेपाल से अपने घर कोतमा के लिए रवाना होंगी। पिता ने फोन पर दोनों बेटियों से बात की है। बताया गया है कि पलक और पल्लवी कुल 9 लोगों के समूह के साथ नेपाल घूमने गई थीं। उनके पिता ने जानकारी दी है कि समूह के 6 लोग सुरक्षित हैं, जबकि तीन अन्य के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
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दिल्ली में 35 रुपए किलो प्याज की बिक्री शुरू: महाराष्ट्र से प्याज लेकर कांदा एक्सप्रेस पहुंची आदर्श नगर – New Delhi News
दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों से आम लोगों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 35 रुपए प्रति किलो की रियायती दर पर प्याज की खुदरा बिक्री शुरू कर दी है। महाराष्ट्र से प्याज की खेप लेकर चली कांदा एक्सप्रेस शुक्रवार को दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुंची। प्याज के दाम बढ़ने और खुदरा महंगाई पर इसके असर को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। इससे पहले महाराष्ट्र के नासिक स्थित लासलगांव स्टेशन पर किसानों द्वारा ट्रेन में घटिया गुणवत्ता का प्याज लोड किए जाने का आरोप लगाकर उसे रोके जाने की खबर सामने आई थी। इधर, दिल्ली सरकार भी नैफेड से प्याज और चीनी खरीदेगी। इन्हें राजधानी के विभिन्न इलाकों में खरीद मूल्य पर ही उपलब्ध कराने की योजना है। खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि परिवहन और अन्य संबंधित खर्च दिल्ली सरकार वहन करेगी, ताकि आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्याज की आपूर्ति और कीमतों को लेकर समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को नियमित निगरानी रखने, पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कैंप लगाकर लोगों को सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य प्याज की कीमतों में संभावित उछाल से आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ने वाले असर को कम करना और बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है।
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चलती ट्रेन में दिखे कोई भी समस्या, रेल मदद से लगाएं गुहार और प्रॉब्लम सॉल्व
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Rail Madad System Upgrade : भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को चलती ट्रेन में जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने और शिकायतों के निवारण के लिए नया सिस्टम बनाने का ऐलान किया है. करीब 7 साल पहले शुरू किए गए रेल मदद सिस्टम को अब अपग्रेड किया जा रहा है और शिकायतों को सीधे चलती ट्रेन में तैनात स्टाफ तक पहुंचाया जा सकेगा.
रेलवे चलती ट्रेन में समस्याओं के निस्तारण के लिए रेल मदद सिस्टम को अपग्रेड कर रही है.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को चलती ट्रेन में ही मदद पहुंचाने के लिए बड़ी तैयारी शुरू कर दी है. इंडियन रेलवे ‘रेल मदद’ ऐप के जरिये की गई शिकायतों को सुलझाने में और तेजी लाने पर काम कर रहा है. इसके लिए नया सिस्टम शुरू किया जा रहा है, जो यात्रियों की शिकायत को उसी ट्रेन में तैनात स्टाफ तक पहुंचाएगा और उसका निवारण जल्द किया जा सकेगा. शिकायतों के निवारण में तेजी लाने के लिए ही पुरानी व्यवस्था के साथ नया सिस्टम भी जोड़ा जा रहा है.
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, नए सिस्टम के तहत यह पक्का किया जा रहा है कि यात्रियों की शिकायतें सीधे उस ट्रेन में तैनात स्टाफ तक पहुंचें और उनका समाधान जल्द किया जा सके. इसके लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे से कहा है कि वे CMM/रेल केयर सिस्टम में एस्कॉर्टिंग स्टाफ की जानकारी अपडेट रखें. इससे ‘रेल मदद’ के जरिये मिली शिकायतों को ‘कोच मित्र’ सिस्टम के माध्यम से संबंधित स्टाफ तक भेजा जा सकेगा.
कैसे काम करेगा नया सिस्टम
साल 2019 में शुरू हुए ‘रेल मदद’ सुविधा के जरिए यात्री कई तरीकों से शिकायत दर्ज करा सकते हैं और मदद मांग सकते हैं. इसके लिए रेलवे ने 139 हेल्पलाइन, वेबसाइट, मोबाइल ऐप और SMS जैसी सुविधाएं शुरू की हैं. यूज़र अपनी शिकायतों पर की गई कार्रवाई के बारे में फीडबैक भी दे सकते हैं. प्रस्तावित सिस्टम के तहत हर ट्रिप के लिए किसी खास ट्रेन और कोच में तैनात स्टाफ की जानकारी CMM/रेल केयर सिस्टम में दर्ज की जाएगी. एक बार जानकारी उपलब्ध हो जाने पर ‘कोच मित्र’ के जरिये शिकायतों को संबंधित स्टाफ तक पहुंचाया जा सकेगा.
क्या होगा इस नए सिस्टम का फायदा
नया सिस्टम लागू होने के बाद चलती ट्रेन में स्टाफ यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई कर सकेगा, बजाय इसके कि वे शिकायतों के कई स्तरों से गुजरने का इंतजार करें. पुराने सिस्टम में रेलवे बोर्ड ने पाया कि ‘रेल मदद’ की कुछ शिकायतें तय समय-सीमा के भीतर एस्कॉर्टिंग स्टाफ तक नहीं पहुंच रही थी, जिससे उनके निवारण में भी ज्यादा समय लगता है. अभी स्टाफ की जानकारी नहीं होने से यात्रियों की शिकायतें पहले डिविजनल कंट्रोल को भेजी जाती हैं, जो ट्रेन में मौजूद स्टाफ से संपर्क करता है. इस वजह से मामले के निपटारे में देरी होती है. यही वजह है कि हर जोनल रेलवे को ट्रेन में चलने वाले स्टाफ की जानकारी अपडेट करने के लिए कहा गया है.
सिस्टम में कौन-कौन से कर्मचारी शामिल होंगे
रेलवे के इस नए सिस्टम में ट्रेनों में काम करने वाले कई कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा. इसमें ऑन-बोर्ड हाउसकीपिंग सर्विस (OBHS) स्टाफ, लिनन बांटने वाले कर्मचारी, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल एस्कॉर्टिंग टीम, TTE और TE, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) के जवान और IRCTC मैनेजर शामिल होंगे. इस तरीके से यात्रियों की किसी भी शिकायत पर तत्काल काम किया जा सकेगा.
यात्रियों को कैसे मिलेगा इसका लाभ
रेलवे के इस प्रस्तावित बदलाव से शिकायत होने के बाद इधर-उधर से अप्रूवल आने में समय बर्बाद नहीं होगा. इससे ‘रेल मदद’ और भी असरदार हो सकती है. शिकायत के ‘रेल मदद’ से कंट्रोल ऑफिस और फिर ट्रेन स्टाफ तक पहुंचने के बजाय इसे डिजिटल सिस्टम के जरिये सीधे संबंधित स्टाफ तक भेजा जा सकेगा. यात्रियों के लिए इसका मतलब यह हो सकता है कि ट्रेन में सफर के दौरान ही हाउसकीपिंग, लिनन, बिजली या मैकेनिकल समस्याओं और ट्रेन में होने वाली अन्य शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो सकेगी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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रोज चावल खाते हैं तो जान लें कौन सा है बेहतर, ब्राउन राइस या सफेद चावल?
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Which Rice Better For Health: आजकल अगर आप किसी फिटनेस प्रेमी या हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले व्यक्ति से बात करें, तो एक सलाह लगभग तय है-सफेद चावल छोड़िए, ब्राउन राइस खाइए. सोशल मीडिया से लेकर डाइट चार्ट तक ब्राउन राइस को सुपरफूड की तरह पेश किया जाता है. ऐसे में कई लोग बिना अपनी उम्र, स्वास्थ्य और पाचन क्षमता को समझे सीधे सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस अपनाने लगते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या हर किसी के लिए ब्राउन राइस बेहतर है? या फिर सफेद चावल को पूरी तरह गलत मान लेना एक जल्दबाज़ी होगी? पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह अच्छा या बुरा कहना सही नहीं है. सही चुनाव आपकी जीवनशैली, स्वास्थ्य स्थिति और खाने की मात्रा पर निर्भर करता है. आइए जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर है और किसे अपनी थाली में जगह देनी चाहिए.
ब्राउन राइस आखिर इतना अलग क्यों माना जाता है? डॉक्टर ऋषि मजुंदार के अनुसार, ब्राउन राइस की बाहरी परत यानी ब्रान हटाई नहीं जाती. यही वजह है कि इसमें फाइबर, विटामिन बी, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व सफेद चावल की तुलना में ज्यादा बने रहते हैं. यही फाइबर पाचन को थोड़ा धीमा करता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है. जिन लोगों को बार-बार भूख लगती है, उनके लिए यह एक उपयोगी विकल्प बन सकता है. (Image-AI generated)
वजन घटाने में कितना मददगार है? सिर्फ ब्राउन राइस से नहीं घटेगा वजन अक्सर लोग सोचते हैं कि सफेद चावल छोड़ते ही वजन तेजी से कम होने लगेगा. हकीकत इससे थोड़ी अलग है. ब्राउन राइस में फाइबर अधिक होने से ओवरईटिंग कम हो सकती है, लेकिन वजन कम करने के लिए यह अकेला उपाय नहीं है, अगर दिनभर जंक फूड, मीठे पेय और कम शारीरिक गतिविधि बनी रहती है, तो केवल ब्राउन राइस खाने से खास फर्क नहीं पड़ेगा. संतुलित आहार, पर्याप्त प्रोटीन और नियमित व्यायाम भी उतने ही जरूरी हैं. (Image-AI generated)
डायबिटीज़ और दिल की सेहत पर क्या असर पड़ता है? ब्राउन राइस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स सामान्यतः सफेद चावल से कम माना जाता है. इसका मतलब है कि यह रक्त में शुगर का स्तर अपेक्षाकृत धीरे बढ़ा सकता है. लंबे समय तक संतुलित मात्रा में पूरे अनाज खाने से टाइप-2 डायबिटीज़, बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, जिन लोगों को पहले से डायबिटीज़ है, उन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार ही चावल की मात्रा तय करनी चाहिए. (Image-AI generated)
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क्या सफेद चावल वाकई नुकसानदेह है? हर थाली से इसे हटाना जरूरी नहीं यह सबसे बड़ा भ्रम है कि सफेद चावल पूरी तरह अस्वस्थ भोजन है. वास्तव में सफेद चावल आसानी से पच जाता है और शरीर को जल्दी ऊर्जा देता है. यही कारण है कि बच्चों, बुजुर्गों और बीमारी से उबर रहे लोगों के लिए कई बार यही बेहतर विकल्प माना जाता है. उदाहरण के तौर पर, तेज बुखार या पेट की तकलीफ के दौरान डॉक्टर अक्सर हल्की खिचड़ी या सादा चावल खाने की सलाह देते हैं क्योंकि यह पाचन पर ज्यादा दबाव नहीं डालता. (Image-AI generated)
ब्राउन राइस शुरू करने से पहले रखें ये बात याद अगर आपकी डाइट में अब तक फाइबर बहुत कम रहा है, तो अचानक रोज़ ब्राउन राइस खाना गैस, पेट फूलना या भारीपन जैसी परेशानी दे सकता है. बेहतर तरीका यह है कि शुरुआत में आधा सफेद और आधा ब्राउन राइस मिलाकर खाएं. धीरे-धीरे शरीर इसकी आदत बना लेता है और पाचन भी सहज रहता है. (Image-AI generated)
बाज़ार से खरीदते समय कैसे पहचानें अच्छा ब्राउन राइस? ब्राउन राइस खरीदते समय केवल पैकेट पर लिखा “हेल्दी” देखकर फैसला न करें. प्राकृतिक हल्के भूरे रंग वाला चावल चुनें और भरोसेमंद ब्रांड या अच्छी गुणवत्ता वाले स्रोत से ही खरीदें. अगर दानों का रंग असमान लगे, बहुत ज्यादा चमक हो या गुणवत्ता संदिग्ध लगे, तो उसे लेने से बचना बेहतर माना जाता है. (Image-AI generated)
आखिर किसे चुनना चाहिए? सही जवाब यह है कि दोनों चावल की अपनी जगह है. यदि आप स्वस्थ वयस्क हैं, वजन और ब्लड शुगर पर ध्यान देना चाहते हैं, तो सीमित मात्रा में ब्राउन राइस या अन्य पूरे अनाज शामिल कर सकते हैं. वहीं बच्चों, बुजुर्गों या जल्दी पचने वाले भोजन की जरूरत वाले लोगों के लिए सफेद चावल भी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है. (Image-AI generated)
नागौर से जयपुर जा रही 5.4-किलो MDMA की खेप पकड़ी: अंतरराष्ट्रीय कीमत 1.62 करोड़ रुपए, नाबालिग सहित एक गिरफ्तार – Nagaur News
नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नागौर जिले के जायल थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है।
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टीम ने नागौर से जयपुर ले जाई जा रही 5 किलो 400 ग्राम MDMA की खेप बरामद कर एक कार जब्त की।
कार्रवाई के दौरान विधि से संघर्षरत एक बालक को निरुद्ध किया गया। बरामद MDMA की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपए बताई गई है।
जयपुर पहुंचने से पहले ही पकड़ी नशे की खेप
ANTF के अनुसार यह MDMA की खेप नागौर से जयपुर सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। तस्करों की योजना जयपुर पहुंचकर इसे अलग-अलग पार्टियों से जुड़े ग्राहकों तक पहुंचाने की थी।
टीम को तस्करी की सूचना मिलने के बाद संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की गई और उसका पीछा किया गया।
सूचना के आधार पर टीम ने दुगौली गांव में खारी-जोघा जाने वाली सड़क पर देव नारायण बगीची के सामने नाकाबंदी की।
इसी दौरान TUV 300 कार नंबर RJ21UC2898 आती दिखाई दी। कार को रोकने पर चालक युवक घबरा गया। स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर कार की तलाशी ली गई।
सीट के नीचे छिपाकर रखा था MDMA
तलाशी के दौरान कार की खाली सीट के नीचे सफेद रंग का प्लास्टिक का कट्टा मिला। इसे खोलने पर हरे रंग की पांच प्लास्टिक थैलियां मिलीं।
जिनमें MDMA बरामद हुआ। पुलिस ने MDMA और तस्करी में इस्तेमाल कार को जब्त कर विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध कर लिया।
पूछताछ में सामने आया सप्लाई नेटवर्क
पूछताछ में बालक ने MDMA सालासर/मालास, थाना मेडतारोड़, नागौर से प्राप्त करना बताया। उसे सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन ऐप के जरिए रोटू से धुड़िला गांव की ओर आने के लिए कहा गया था।
धुड़िला गांव के पास सालासर/मालास का तस्कर उससे मिला और MDMA से भरा कट्टा देकर चला गया। इसके बाद बालक खेप लेकर जयपुर की ओर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया।
मोबाइल में मिले 16 लाख रुपए के लेनदेन के सुराग
ANTF ने बालक के कब्जे से मिले मोबाइल को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। मोबाइल में मौजूद एक अकाउंटिंग/खाताबुक ऐप में ‘SD MUTH’ नाम से करीब 16 लाख रुपए के लेनदेन का हिसाब मिला।
बालक ने पूछताछ में इन लेनदेन को अपने तस्कर दोस्त से अवैध मादक पदार्थ से संबंधित बताया। पुलिस अब सप्लायर, परिवहन में सहयोग करने वाले लोगों और आगे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
ANTF महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि टीम का उद्देश्य केवल मादक पदार्थ बरामद करना नहीं, बल्कि इसके सप्लाई स्रोत, मुख्य सप्लायर, रिसीवर और पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है।
कार्रवाई में ANTF टीम के साथ जायल थाना पुलिस की भी विशेष भूमिका रही।
10 महीने में करीब 197 किलो MDMA पकड़ी
ANTF के अनुसार गठन के बाद महज 10 महीनों में करीब 196.76124 किलो MDMA बरामद की जा चुकी है और तस्करी से जुड़े सरगनाओं को जेल भेजा गया है।
अलीगढ़ में रक्षाबंधन पर जेल पहुंचीं बहनें: भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सलामती के लिए की प्रार्थना – Aligarh News
जेल की ऊंची दीवारें और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था शुक्रवार को भाई-बहन के स्नेह के सामने फीकी नजर आई। रक्षाबंधन पर जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। किसी ने भाई के माथे पर तिलक लगाया तो किसी ने कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना की। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें भर आईं। भाई भी भावुक हो गए। बहनों ने भाइयों से कहा कि जेल से बाहर आने के बाद अपराध की राह छोड़कर परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करें। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वह खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। 200 से 300 महिलाओं के समूह में कराई मुलाकात रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जेल के मुख्य द्वार पर पहुंचने वाली सभी महिलाओं की जांच की गई। इसके बाद बैरिकेडिंग के बीच उन्हें जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। एक बार में करीब 200 से 300 महिलाओं के समूह को पार्क में ले जाकर उनके भाइयों से मुलाकात कराई गई। भाई-बहनों ने साथ बैठकर रक्षाबंधन मनाया। इस दौरान कई बहनें भाइयों से लिपटकर रो पड़ीं। भाइयों की आंखों में भी आंसू आ गए। मुस्लिम बहनों ने भी भाइयों को बांधी राखी रक्षाबंधन पर जेल में सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली। कई मुस्लिम महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। उन्होंने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और पर्व की खुशियां साझा कीं। वहीं महिला जेल में बंद बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी पहुंचे। बहनों को सामने देखकर भाई भावुक हो गए। उन्होंने बहनों का हौसला बढ़ाते हुए हर परिस्थिति में मजबूत रहने का भरोसा दिया। बच्चों के साथ पहुंचीं महिलाएं कई महिलाएं अपने बच्चों को भी साथ लेकर जेल पहुंचीं। सुरक्षा जांच के बाद बच्चों को भी परिसर में प्रवेश दिया गया। बच्चों और उनके परिजनों के बीच भी मुलाकात के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। बाहर से मिठाई ले जाने पर रोक जेल प्रशासन ने सुरक्षा के चलते बाहर से मिठाई और खाने-पीने का सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी। घेवर समेत किसी भी खाद्य सामग्री को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया। बंदियों और उनके परिजनों के लिए जेल परिसर में ही मिठाई और अन्य खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुबह से ही बहनों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सुरक्षा को देखते हुए मुख्य गेट से लेकर जेल परिसर तक बैरिकेडिंग की गई थी। सभी मुलाकातियों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।
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अशोकनगर जेल में बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें: खुली मुलाकात में हर बंदी को 10 मिनट, 250 ग्राम मिठाई की भी अनुमति – Ashoknagar News
अशोकनगर जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को बंदियों की बहनों के लिए विशेष खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई। जेल प्रशासन के निर्देशानुसार, बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहन भावुक दिखे। जेल में कुल 215 कैदी हैं, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ललित सिंह दीक्षित ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ही प्रत्यक्ष मुलाकात की अनुमति दी गई थी। मुलाकात का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया था। प्रत्येक बंदी को राखी बंधवाने और प्रसाद ग्रहण करने के लिए 10 मिनट का समय दिया गया। जेल प्रशासन ने पूजा की थाली उपलब्ध करवाई
पुरुष बंदियों से राखी बंधवाने के लिए परिवार की अधिकतम तीन महिला सदस्यों और उनके साथ आने वाले 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश की अनुमति थी। महिलाओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र की मूल प्रति और एक छायाप्रति साथ लाने के निर्देश दिए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से राखी बांधने के लिए पूजा की थाली में हल्दी, कुमकुम और चावल की व्यवस्था की गई थी। बहनें अपने साथ 250 ग्राम तक मिठाई और दो नग मौसमी फल भी ले जा सकीं। सुरक्षा के मद्देनजर, मोबाइल, पैसे, हथियार और नशीले पदार्थ सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को जेल परिसर में ले जाने पर रोक थी। महिला जेलकर्मियों द्वारा तलाशी के बाद ही आगंतुकों को प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर जेल में भाई-बहन के रिश्ते की झलक देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें जल्द सामान्य जीवन में लौटने और बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
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गयाजी में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत,: चालान-बैंकिंग समेत अन्य मामलों का होगा निपटारा, कोर्ट-कचहरी के चक्कर से मिलेगी राहत – Gayaji News
गयाजी में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करके त्वरित न्याय दिलाना है। इस संबंध में जिला जज राकेश सिंह ने पीसी में जानकारी दी और पूरे प्रशासनिक खाके को साझा किया। जिला जज राकेश सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को पदभार ग्रहण किया था। योगदान देने के दिन से ही सचिव के साथ विशेष बातचीत कर आगामी लोक अदालत की रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया था। हमारा प्रयास है कि लोक अदालत के लिए बेहतर से बेहतर तैयारी की जाए। इससे अधिक से अधिक मुकदमों का निपटारा संभव हो सकेगा। इन मामलों का होगा निष्पादन जिला जज ने बताया कि कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के कंपाउंडेबल मामलों का समाधान किया जाएगा। इसमें आपराधिक कम्पाउंडेबल मामले, लेबर लॉ, फॉरेस्ट, वेट एंड मेजरमेंट, चालान, एमएसीटी (दुर्घटना दावा), इंश्योरेंस और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े विवाद प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य कई सुलह योग्य मामलों की भी सुनवाई होगी। इन मामलों के जल्द निपटारे से आम जनता को कोर्ट-कचहरी के चक्कर से राहत मिलेगी।
मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है जिला जज ने बताया कि तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। बताया कि सेक्रेटरी साहब और अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न काउंटरपार्ट्स को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इंश्योरेंस, बैंकिंग, फॉरेस्ट, लेबर और वेट एंड मेजरमेंट विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है। प्री-सिटिंग के जरिए दोनों पक्षों की सहमति से मामलों की फाइलें तैयार की जा रही हैं। यदि पक्षकार राजी होते हैं, तो वे लोक अदालत से पहले भी कंपाउंडिंग फीस जमा कर मामला समाप्त करा सकते हैं। बिजली और चालान के मामलों पर विशेष ध्यान
गयाजी में बिजली मामलों के लिए विशेष न्यायालय और विशेष पीठासीन अधिकारी कार्यरत हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला जज ने स्पेशल जज (ADJ) और बिजली बोर्ड के DGM के साथ विशेष बैठक की। निर्देश दिए गए हैं कि बिजली से संबंधित मामलों में नोटिस जारी कर पक्षकारों को सूचित किया जाए।
चालान और बिजली से जुड़े मुकदमों के लिए विशेष सहूलियत दी गई है। लोग लोक अदालत के दिन या उससे पहले अपनी शमन राशि जमा कर सकते हैं। काउंटर और फीस जमा करने की व्यवस्था
चालान के मामलों में सहूलियत के लिए DTO ऑफिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में विशेष काउंटर खोलने की व्यवस्था की गई है। जिला जज राकेश सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। लोक अदालत के दिन या उससे पहले संबंधित बेंच में उपस्थित होकर अपने वादों का स्थायी निपटारा कराएं।
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