फिरोजाबाद के नसीरपुर क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और घटना को लेकर सवाल उठाए। मृतका की पहचान प्रियंका यादव (28) के रूप में हुई है, जो फतेहपुर नसीरपुर निवासी संजय यादव की पत्नी थीं। उनकी शादी करीब 10 साल पहले हुई थी और उनका एक सात वर्षीय बेटा शौर्य यादव है। मायके पक्ष, जो गाजियाबाद से हैं, ने प्रियंका की मौत पर संदेह जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका ने पहले पति द्वारा पिटाई किए जाने की शिकायत की थी। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत (तहरीर) प्राप्त नहीं हुई है। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
Source link
संदिग्ध परिस्थितियों में विवाहिता की मौत: फिरोजाबाद में मायके पक्ष ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग – Firozabad News
भोजपुर में ट्रैक्टर ने ऑटो में मारी टक्कर: पिता-पुत्र समेत 5 लोग घायल, जमीन के काम से पीरो बाजार जा रहे थे – Bhojpur News
आरा-अरवल मार्ग पर पवना पेट्रोल पंप के पास गुरुवार को ट्रैक्टर ने ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो सवार पिता-पुत्र समेत पांच लोग जख्मी हो गए। तीन लोगों के इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया है। जबकि दो अन्य लोगों का इलाज प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार घायलों में छोटका पहरपुर गांव निवासी बबन पासवान(55), उनका पुत्र विजय पासवान(33), उसी गांव के निवासी सत्येंद्र पांडेय का के पुत्र मदन पांडेय(30) और दो अन्य लोग शामिल है। घटना पवना थाना क्षेत्र की है। जमीन के काम से जा रहे थे जानकारी के मुताबिक बबन पासवान अपने बेटे विजय पासवान के साथ जमीन के काम से पीरो जा रहे थे। रास्ते में ट्रैक्टर से ऑटो की टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल लाया गया।
Source link
दिल्ली अग्निकांड, एक-दूसरे की बाहों में मिले कपल के शव: IVF के लिए रुके थे; 21 मौतें, लाइबेरियाई महिला की पहचान हुई, पति अस्पताल में भर्ती
नई दिल्ली7 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून को लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले 21 लोगों में एक अफ्रीकी कपल भी शामिल था। बचाव दल को उनके शव बाथरूम में मिले, जहां दोनों एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे।
महिला टॉयलेट सीट पर बैठी थी, जबकि उसका पति पास रखी कुर्सी पर बैठा था। दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ रखा था और महिला का सिर पति के कंधे पर टिका हुआ था। दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार यह कपल पास के अस्पताल में IVF ट्रीटमेंट करा रहा था।
आग में जान गंवाने वाली 61 साल की लाइबेरियाई महिला जेनजे एन. रोलैंड के शव की पहचान भी कर ली गई है। महिला के बीमार पति पहले से मैक्स अस्पताल में भर्ती थे। एक रिश्तेदार ने AIIMS मोर्चरी पहुंचकर महिला के शव की पहचान की।

5 मंजिला फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी थी।
होटल मालिक पूछताछ में बोला- दिल्ली में सब चलता है
हादसे के मुख्य आरोपी और होटल मालिक लवकेश बजाज को गुरुवार को कोर्ट ने 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बजाज से जब पूछा गया कि 6 कमरे का लाइसेंस लेकर 25 कमरे कैसे चला रहे थे? फायर एनओसी भी नहीं थी।
इस पर उसने कहा- ‘दिल्ली में सब चलता है।’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह होटल तीन पार्टनर मिलकर चला रहे थे। पूरी दिल्ली में इनके कई होटल और गेस्ट हाउस हैं। पर्यटन विभाग का लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर था।
बजाज ने पूछताछ में और भी कई चौंकाने वाला खुलासे किए। पुलिस के अनुसार, आग लगने के दौरान बजाज अपनी कार से जलती हुई इमारत के पास से गुजरा था। आरोपी ने बताया कि वह डर के कारण भाग गया था। उसने किसी की मदद नहीं की और पूरे दिन शहर में इधर-उधर घूमता रहा।

दिल्ली पुलिस ने 3 जून की रात होटल के सह-मालिक लवकेश बजाज को हिरासत में लिया।
5 मंजिला होटल के ग्राउंड फ्लोर पर लगी आग, रास्ता बंद हो गया था
फ्लरिश स्टे होटल में 3 जून की सुबह करीब 8:30 बजे आग लगी थी। इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 11 विदेशी और 10 भारतीय हैं। विदेशियों में 9 अफ्रीकी देशों के नागरिक थे।
दिल्ली फायर सर्विस के चीफ फायर ऑफिसर ए.के. मलिक ने बताया कि यह ग्राउंड+पांच मंजिला इमारत थी। आने-जाने के लिए सिर्फ एक सीढ़ी थी। सभी खिड़कियां सील कर दी गई थीं, जिससे अंदर फंसे लोगों के पास बचने के बहुत कम मौके थे।
फायर अधिकारी के अनुसार आग ग्राउंड फ्लोर पर लगी थी। आने-जाने का एकमात्र रास्ता ब्लॉक हो गया था। धुआं तेजी से ऊपर के फ्लोर तक फैल गया, जिससे ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।
हादसा होने की 5 बड़ी वजह
- खिड़कियां बंद थीं। वेंटिलेशन नहीं था। आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता था। जगह काफी सकरी थी। बाहरी फायर एस्केप (आपातकालीन निकास) की कोई व्यवस्था नहीं थी। ऐसी इमारतें ‘चिमनी’ जैसी बन जाती हैं, धुआं-गर्मी कुछ ही सेकंड में ऊपर पहुंच जाती है।
- प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया, सेंसर आधारित मुख्य गेट बंद हो गया था। इसकी वजह से लोग बाहर ही नहीं निकल पाए।
- स्मोक डिटेक्टर, फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम जैसे जरूरी फायर सेफ्टी उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
- ग्राउंड फ्लोर पर कई भारी एलपीजी सिलेंडर रखे गए थे, जिनके लिए कोई फायर-आइसोलेशन सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

दिल्ली अग्निकांड की 5 तस्वीरें…

एक विदेशी नागरिक आग से बचने के लिए छत की बाउंड्री पर पहुंच गया।

फर्स्ट फ्लोर की खिड़की तोड़कर लोगों ने बिल्डिंग से नीचे छलांग लगा दी।

एक व्यक्ति होटल की तीसरे फ्लोर से नीचे कूद गया। इससे वह घायल हो गया।

स्थानीय लोगों ने होटल से कई लोगों का रेस्क्यू किया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

आग में पूरा होटल जल गया। आसपास की बिल्डिंग्स को भी नुकसान पहुंचा है।
दिल्ली में जनवरी 2021 से आग से 445 मौत
देश की राजधानी दिल्ली में जनवरी 2021 से मई 2026 हादसों में 6,466 लोगों की मौत हुई है, जबकि 14,857 लोग घायल हुए हैं। इनमें आगजनी में 445 लोगों की मौत और 3193 लोग घायल हुए। अन्य घटनाओं में 6021 लोगों की मौत और 11,718 लाेग घायल हुए है।

———————————-
हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
आग से बचने पांचवीं मंजिल से कूदे लोग:कुछ ने खिड़की तोड़कर जान बचाई; दिल्ली हादसे की 13 PHOTOS
बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट: दिल्ली के जिस होटल में आग लगी, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल

दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
इजराइल बोला- पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा नहीं: वहां हमास नेता बहुत दौरे कर रहे; ईरान की चेतावनी- हमला हुआ तो पलटवार करेंगे
भारत में इजराइल के राजदूत रियुवेन अजार ने पाकिस्तान को समस्याग्रस्त देश बताया। उन्होने कहा है कि उस पर क्षेत्रीय विवादों में मध्यस्थ के रूप में आसानी से भरोसा नहीं किया जा सकता। PTI को दिए एक इंटरव्यू में अजार ने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका को लेकर उनके मन में सवाल हैं। अगर कोई मध्यस्थ किसी एक पक्ष के ज्यादा करीब हो जाए, तो बातचीत मुश्किल हो सकती है। अजार ने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ सालों में हमास नेताओं की पाकिस्तान और बांग्लादेश की यात्राएं बढ़ी हैं। भारत के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इजराइल जिन सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है, उनसे दूसरे देश भी सीख ले सकते हैं। वहीं, ईरान का कहना है कि अगर उसके ऊपर हमला किया जाता है तो वह उसका जवाब जरूर देगा। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि अपनी सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि कुवैत और बहरीन भी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते, क्योंकि उन्होंने अमेरिका को अपनी जमीन और सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल करने की अनुमति दी है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source link
‘मुझे PM मोदी पसंद हैं, वह मेरे अच्छे दोस्त’: ट्रंप ने की तारीफ, ट्रेड डील पर भी अपडेट
Last Updated:
Donald Trump Praises PM Modi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में पीएम मोदी की तारीफ की. उन्होंने कहा, ‘मुझे PM मोदी पसंद हैं, वह मेरे अच्छे दोस्त हैं. इतना ही नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भी अपडेट दिया. उन्होंने कहा कि जल्द ही यह डील होगी.
मुझे पीएम मोदी पसंद हैं, वह मेरे अच्छे दोस्त हैं’: ट्रंप ने कहा भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता होगा
Donald Trump Praises PM Modi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पीएम मोदी की तारीफ की है. डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ विवाद के बीच तारीफ कर कहा कि पीएम मोदी उनके अच्छे दोस्त हैं. उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी नया अपडेट दिया. जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को भरोसा जताया कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली जल्द ही व्यापार समझौते पर पहुंच जाएंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना अच्छा दोस्त बताया और कहा कि उनके साथ उनके संबंध मजबूत हैं.
दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को वाइट हाउस में पत्रकारों से बाकचीत के दौरान कहा, ‘हम व्यापार समझौते तक पहुंच जाएंगे क्योंकि मुझे आपके प्रधानमंत्री बहुत पसंद हैं, वह मेरे अच्छे दोस्त हैं और हमारे बीच अच्छी बनती है. हमारे संबंध अच्छे हैं.’ हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर भारत के खिलाफ भी बोला. ट्रंप ने एक बार फिर भारत की टैरिफ नीति की आलोचना की और कहा कि नई दिल्ली ने वर्षों तक अमेरिकी सामानों पर भारी शुल्क लगाया, जबकि उसे अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिली.
ट्रंप ने टैरिफ पर भारत को कोसा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘सालों तक भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया. उन्होंने हम पर भारी टैरिफ लगाए और कुछ नहीं चुकाया.’ हालांकि, ट्रंप ने दावा किया कि हाल के वर्षों में व्यापार का समीकरण बदल गया है और अब अमेरिका को भारत के साथ आर्थिक संबंधों से ज्यादा फायदा हो रहा है. उन्होंने कहा, ‘अब स्थिति पूरी तरह उलट गई है और हम भारत के साथ बहुत पैसा कमा रहे हैं.’
ट्रंप ने हार्ले-डेविडसन का किया जिक्र
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी मोटरसाइकिल निर्माता हार्ले-डेविडसन का उदाहरण दिया, जिसे वह अक्सर अनुचित व्यापार बाधाओं का उदाहरण बताते हैं. उन्होंने कहा, टवे हार्ले-डेविडसन को भारत में नहीं आने देते थे. वे 200% टैरिफ लगाते थे. दुर्भाग्य से यह सब मेरे कार्यकाल से पहले हुआ. वे यहां मोटरसाइकिल बेचना चाहते थे और हमने उन पर कोई शुल्क नहीं लगाया.’
ट्रेड डील पर आखिरी दौर की बातचीत
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है, जिसे दोनों पक्षों ने आर्थिक सहयोग और बाजार पहुंच को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया है. इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आया था और गुरुवार को चार दिन की बातचीत के बाद एक अंतरिम द्विपक्षीय समझौते पर चर्चा पूरी की.
पुतिन ने भी की मोदी की तारीफ
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि व्यापार वार्ता सहयोग और व्यावहारिकता की भावना के साथ हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी लाभकारी समझौते को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे. इतना ही नहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे वक्त में पीएम मोदी की तारीफ की है, जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी की तारीफ की. पुतिन ने भी गुरुवार को कहा कि पीएम मोदी पर अमेरिका का प्रेशर बेअसर होगा.
About the Author

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें
गोविंदा की हीरोइन, 7 भाषाओं में की 100 से ज्यादा फिल्में, कहलाई साउथ की दिव्या भारती
Last Updated:
90 के दशक की मशहूर एक्ट्रेस ने महज 16 साल की उम्र में डेब्यू किया था. एक्ट्रेस की बड़ी-बड़ी आंखें, मासूमियत और तेजी से सफल होते करियर के कारण उन्हें ‘साउथ की दिव्या भारती’ का टैग दिया गया था. उन्होंने साउथ में पॉपुलैरिटी हासिल करने के बाद बॉलीवुड का रुख किया. सलमान खान के साथ ‘जुड़वां’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम करते हुए लगभग 7 भाषाओं में 100 से ज्यादा फिल्में कीं. साल 2010 में कनाडाई बिजनेसमैन से शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली.
नई दिल्ली: 90 का दशक भारतीय सिनेमा के लिए वाकई बड़ा जादुई था. इसी दौर में कई ऐसी खूबसूरत और टैलेंटेड अभिनेत्रियों ने बड़े पर्दे पर कदम रखा, जिनकी सादगी और मासूमियत ने दर्शकों को दीवाना बना दिया. इन्हीं में से एक नाम था एक्ट्रेस रंभा का, जिन्होंने जब फिल्मी दुनिया में एंट्री ली, तो उन्हें लेकर एक बेहद दिलचस्प चर्चा शुरू हो गई थी.
(फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

उस जमाने में हर कोई रंभा की तुलना बॉलीवुड की सुपरहिट एक्ट्रेस दिव्या भारती से करने लगा था. फिल्म क्रिटिक्स से लेकर आम दर्शकों तक, सब उन्हें ‘साउथ की दिव्या भारती’ कहकर बुलाते थे. ऐसा इसलिए था क्योंकि रंभा का चेहरा-मोहरा काफी हद तक दिव्या भारती से मिलता था और उनके करियर की रफ्तार भी वैसी ही तूफानी थी. (फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

रंभा का जन्म 5 जून 1976 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ था और उनके माता-पिता ने उनका नाम विजयलक्ष्मी रखा था. बचपन से ही उन्हें एक्टिंग और डांस का बड़ा शौक था. किस्मत ने भी उनका साथ दिया और उन्होंने बहुत ही छोटी उम्र में ग्लैमर की दुनिया में कदम रख दिया, जहां उन्हें नया नाम ‘रंभा’ मिला.
Add News18 as
Preferred Source on Google

साल 1992 में आई मलयालम फिल्म ‘सरगम’ से रंभा ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 16 साल थी. उन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली. इसके बाद तो जैसे तेलुगु और तमिल फिल्मों की लाइन लग गई और वह साउथ की टॉप एक्ट्रेस बन गईं.
(फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

दिव्या भारती ने भी बहुत कम उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था और देखते ही देखते सुपरस्टार बन गई थीं. रंभा के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ. उनकी बड़ी-बड़ी आंखें, प्यारी सी मुस्कान और कैमरे के सामने गजब का कॉन्फिडेंस देखकर हर कोई हैरान था. इसी पॉपुलैरिटी और तेज रफ्तार करियर की वजह से मीडिया ने उन्हें दिव्या भारती का अक्स बताना शुरू कर दिया. (फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

साउथ में तहलका मचाने के बाद रंभा ने बॉलीवुड का रुख किया और 1995 में फिल्म ‘जल्लाद’ से हिंदी सिनेमा में कदम रखा. इसके बाद तो उन्होंने सलमान खान के साथ ‘जुड़वां’ और ‘बंधन’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया. गोविंदा, अक्षय कुमार और अजय देवगन जैसे बड़े स्टार्स के साथ उनकी कॉमिक टाइमिंग और ग्लैमरस अंदाज को लोगों ने खूब पसंद किया.
(फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)

रंभा सिर्फ किसी एक भाषा या इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहीं. उन्होंने अपने करियर में तेलुगु, तमिल, मलयालम, कन्नड़, हिंदी, भोजपुरी और बंगाली सहित करीब 7 अलग-अलग भाषाओं में 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टीवी पर बतौर जज भी अपनी पहचान बनाई और खूब नाम कमाया.

सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद रंभा ने साल 2010 में कनाडाई बिजनेसमैन इंद्र कुमार पद्मनाथन से शादी कर ली. उन्होंने शादी के बाद फिल्मों से दूरी बना ली और पूरी तरह अपने परिवार और बच्चों की परवरिश में बिजी हो गईं. हालांकि, आज भी वह सोशल मीडिया के जरिए अपने फैंस के साथ अक्सर जुड़ी रहती हैं. (फोटो साभार: Instagram@rambhaindran_)
‘गहरा दुख पहुंचा’, संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कश्यप के निधन पर PM मोदी भावुक
Last Updated:
सुभाष कश्यप कश्यप 1984 से 1990 तक सातवीं, आठवीं और नौवीं लोकसभा के महासचिव रहे. वह एक प्रख्यात राजनीतिक वैज्ञानिक, भारतीय संविधान, संवैधानिक कानून, संसदीय मामलों के विशेषज्ञ थे. उनका जन्म 10 मई 1929 को हुआ था. पत्रकारिता से अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत करने वाले कश्यप कुछ समय के लिए वकील और शिक्षक भी रहे. वह 1953 में लोकसभा सचिवालय के साथ जुड़े और 37 वर्षों तक सेवा दी.
लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप का 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. भारत के प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, पूर्व लोकसभा महासचिव और संसदीय मामलों के जानकार डॉ. सुभाष सी. कश्यप का गुरुवार को दिल्ली स्थित उनके आवास पर लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. वह 97 वर्ष के थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है.
उन्होंने कहा कि डॉ. कश्यप भारत के अग्रणी संवैधानिक विद्वानों में से एक थे, जिनके संसदीय और संवैधानिक विमर्श में योगदान ने समाज को समृद्ध बनाया. प्रधानमंत्री ने उनकी लेखनी और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का भी जिक्र किया. उन्होंने शोक संतप्त परिवार और मित्रों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए ‘ॐ शांति’ कहा.
सुभाष कश्यप ने संसद की प्रणाली को बेहतर बनाया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी उनके निधन पर गहरा दुख जताया. राष्ट्रपति ने कहा कि लोकसभा के पूर्व महासचिव एवं सुप्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सी. कश्यप के निधन का समाचार बहुत दुखद है. उन्होंने हमारे संविधान के अध्ययन को तथा हमारी संसदीय प्रणाली के विकास को अपनी विद्वत्ता और अंतर्दृष्टि से समृद्ध किया है. मैं उनके परिवारजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं.
वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने भी शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि डॉ. सुभाष सी. कश्यप एक प्रतिष्ठित संवैधानिक विशेषज्ञ और विद्वान थे. उन्होंने अपनी पुस्तकों, शोध और सार्वजनिक सेवा के माध्यम से भारतीय संविधान और संसदीय लोकतंत्र की समझ को मजबूत करने में अमूल्य योगदान दिया. उनकी स्पष्ट सोच, बौद्धिक क्षमता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति समर्पण ने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया.
बिरला ने सुभाष कश्यप को संविधान का ‘विश्वकोश’ कहा
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी सुभाष कश्यप के निधन पर दुख जताया और कहा कि वह भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था के जीवंत विश्वकोश थे. बिरला ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ, पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. सुभाष सी. कश्यप जी का निधन अत्यंत दुःखद है. डॉ. कश्यप भारतीय संविधान और संसदीय व्यवस्था के जीवंत विश्वकोश थे. लोकसभा के महासचिव के रूप में उनकी दीर्घ और विशिष्ट सेवाएं, संवैधानिक विषयों पर उनका गहन अध्ययन तथा उनकी सौ से अधिक पुस्तकों ने देश की कई पीढ़ियों को मार्गदर्शन प्रदान किया.”
डॉ. सुभाष सी. कश्यप 1983 से 1990 तक लोकसभा के महासचिव रहे. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की पहली लोकसभा से लेकर नौवीं लोकसभा तक करीब 37 वर्षों तक संसद की सेवा की. वह 100 से अधिक पुस्तकों के लेखक थे और भारतीय संविधान तथा संसदीय प्रक्रियाओं के सबसे विश्वसनीय विशेषज्ञों में गिने जाते थे.
साल 1929 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर में स्वतंत्रता सेनानी परिवार में जन्मे डॉ. कश्यप ने इलाहाबाद, नई दिल्ली, वॉशिंगटन डीसी, लंदन और जिनेवा में उच्च शिक्षा और पेशेवर प्रशिक्षण प्राप्त किया. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने पत्रकार और इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के रूप में की थी. बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकालत का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने संसद की सेवा में प्रवेश किया.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
LDA सीमा में शामिल 477 गांव: जिला पंचायत से पास नक्शे होंगे वैध, नहीं देना होगा जुर्माना – Lucknow News
लखनऊ. प्रदेश सरकार ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसला किया है कि विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल हो चुके ग्रामीण क्षेत्रों में 31 मार्च तक जिला पंचायत से स्वीकृत सभी भवन नक्शों को पूरी तरह वैध माना जाएगा। इससे लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की सीमा में शामिल 477 गांवों के हजारों मकान मालिकों को सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इन गांवों में जिला पंचायत से नक्शा पास कराकर मकान बनाने वाले लोगों को यह डर बना रहता था कि एलडीए उनके निर्माण को अवैध घोषित कर सकता है। कई मामलों में लोगों को शमन शुल्क जमा करने या कार्रवाई का सामना करने की आशंका रहती थी। नए फैसले के बाद ऐसे सभी निर्माणों को कानूनी मान्यता मिल जाएगी। नहीं देना होगा शमन शुल्क सरकार के निर्णय के अनुसार, जिला पंचायत के नियमों के तहत बनाए गए मकानों और व्यावसायिक भवनों के मालिकों को अब एलडीए को भारी-भरकम शमन शुल्क या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा। इससे वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता खत्म होगी। बैंक लोन और रजिस्ट्री होगी आसान नक्शों को वैधता मिलने के बाद इन क्षेत्रों की संपत्तियों पर बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा। साथ ही मकानों और भूखंडों की खरीद-बिक्री तथा रजिस्ट्री में आने वाली कानूनी बाधाएं भी दूर होंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति बाजार को भी गति मिलने की उम्मीद है। क्यों लिया गया फैसला? दरअसल, किसी ग्रामीण क्षेत्र को विकास प्राधिकरण की सीमा में शामिल किए जाने के बाद वहां जिला पंचायत से पहले स्वीकृत नक्शों की वैधता को लेकर विवाद खड़ा हो जाता था। प्राधिकरण कई बार ऐसे निर्माणों को नियम विरुद्ध मानकर नोटिस जारी करता था। सरकार के इस फैसले से प्राधिकरण और ग्रामीणों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद है। नए निर्माणों के लिए एलडीए से लेनी होगी मंजूरी सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल उन निर्माणों पर लागू होगी, जिनके नक्शे संबंधित क्षेत्र के विकास प्राधिकरण में शामिल होने से पहले जिला पंचायत से स्वीकृत हो चुके हैं। भविष्य में इन गांवों में होने वाले किसी भी नए निर्माण या भवन विस्तार के लिए एलडीए से नक्शा पास कराना अनिवार्य होगा। इस फैसले से हजारों परिवारों को राहत मिलने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और संपत्ति कारोबार को भी नई गति मिलने की संभावना है।
Source link
बुजुर्ग महिला से गहने लूटने वाला बदमाश मुरैना से गिरफ्तार: लूट से पहले मंदिर में दो घंटे रुका, पूजा-पाठ किया; जुए के कर्ज ने बनाया लुटेरा – Jaipur News
जयपुर साउथ पुलिस ने सोडाला थाना क्षेत्र में हुई सनसनीखेज चेन स्नैचिंग और लूट की वारदात के हुए मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मंदिर से लौट रही बुजुर्ग महिला को सड़क पर पटककर 17 सेकंड में 4.23 लाख रुपये के सोने के आभूषण लूटने वाले आरोपी को मध्यप्रदेश के मुरैना जिले से गिरफ्तार किया गया, जबकि लूट का माल खरीदने वाले दो ज्वेलर्स को भी पुलिस ने दबोच लिया है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी से पूछताछ में अन्य वारदातों के भी खुलासे होंगे। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पुलिस ने करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद आरोपी की पहचान अनिकेश रावत (21) पुत्र हरिज्ञान रावत के रूप में हुई। अनिकेश मूल रूप से मुरैना (मध्यप्रदेश) का निवासी है और वर्तमान में गंगाविहार कॉलोनी, सुशीलपुरा, सोडाला में किराए पर रह रहा था। मुरैना में छत से कूदकर भागने की कोशिश डीसीपी साउथ ने बताया कि आरोपी की लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम मध्यप्रदेश के सबलगढ़ पहुंची। देर रात गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के घर दबिश दी गई। पुलिस को देखकर अनिकेश छत से कूदकर भागने लगा, लेकिन गिरने से उसके हाथ-पैर और शरीर पर चोटें आ गईं। इसके बावजूद पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। जिसके बाद जयपुर लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूल कर ली। जुए के कर्ज ने बनाया लुटेरा पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह जयपुर में किराए का कमरा लेकर रह रहा था और इधर-उधर घूमकर रेकी करता था। इसी दौरान वह जुए-सट्टे में भी शामिल हो गया, जिससे उस पर कर्ज चढ़ गया। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपनी मोटरसाइकिल तक गिरवी रख दी थी। 2 जून को भी वह सुबह घर से निकलकर सोडाला और सुशीलपुरा क्षेत्र में घूमता रहा। रास्ते में हनुमान मंदिर में करीब दो घंटे तक रुका और पूजा-पाठ किया। इसके बाद शिकार की तलाश में निकल पड़ा। सुनसान रास्ते पर अकेली बुजुर्ग महिला को देखकर उसने वारदात को अंजाम दे दिया। गोपाल ज्वेलर्स को बेचा था लूटा गया माल पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने लूटे गए सोने के आभूषण मानसरोवर स्थित गोपाल ज्वेलर्स में बेच दिए थे। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो खरीदारों को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों की पहचान महेश चंद्र गुप्ता (61 वर्ष) निवासी वीटी रोड और राजेंद्र अग्रवाल (63 वर्ष) निवासी हीरापथ, मानसरोवर के रूप में हुई है। पुलिस लूटे गए आभूषणों की बरामदगी के प्रयास कर रही है। पहले भी कर चुका है चेन स्नैचिंग जांच में सामने आया है कि आरोपी अनिकेश रावत 24 अप्रैल को महेश नगर क्षेत्र के रामनगर विस्तार में भी एक महिला से मकान पूछने के बहाने सोने की चेन लूट चुका है। उस मामले में भी पुलिस जांच कर रही है। मंदिर से लौट रही महिला को बनाया था निशाना आरोपी ने बुजुर्ग महिला से घर के बाहर ही लूट की वारदात को अंजाम दिया था। संतोष अग्रवाल दोपहर करीब 12:40 बजे मंदिर से घर लौट रही थीं। श्याम सदन अपार्टमेंट, गुलाबी नगर, सोडाला के बाहर एक युवक काफी देर से उनका पीछा कर रहा था। मौका मिलते ही उसने पीछे से झपट्टा मारकर बुजुर्ग महिला को सड़क पर गिरा दिया और मारपीट करते हुए उनके कानों के टॉप्स तथा सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। वारदात के दौरान एक ऑटो भी उसके पीछे चलता दिखाई दिया।
Source link




