नालंदा में किसानों को पटवन की समस्या से निजात दिलाने और खेतों में जल आपूर्ति के लिए सांसद कौशलेंद्र कुमार ने उदेरा स्थान बराज का निरीक्षण किया। सांसद ने सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता और अन्य तकनीकी पदाधिकारियों के साथ बराज से निकलने वाली सभी प्रमुख नहरों में पानी के वर्तमान स्तर और प्रवाह की स्थिति का जायजा लिया। सांसद ने बराज कार्यालय में विभागीय अभियंताओं के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में कम बारिश पर किसानों के अंतिम छोर के खेतों तक पानी पहुंचाया जाए। जल प्रवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश सांसद ने इस्लामपुर-औगारीधाम नहर में जल प्रवाह में आ रही बाधाओं को तत्काल दूर करने और तेल्हाड़ा नहर में आवश्यकतानुसार पानी की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने हिलसा और करायपरसुराय प्रखंडों में पानी के कारण बाढ़ या जलजमाव की स्थिति न बने, इसके लिए भी अभियंताओं को पहले से सतर्कता बरतने और जरूरी तकनीकी उपाय करने को कहा। खेती के लिए उदेरा स्थान बराज सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोत सांसद कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि नालंदा के पश्चिमी क्षेत्र में खेती के लिए उदेरा स्थान बराज सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोत है और किसानों की समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मौके पर वरिष्ठ जदयू नेता वीरेंद्र प्रसाद, संजय साहू, अजय चंद्रवंशी, कुमार मंगलम, अमित कुमार अधिवक्ता, विजय प्रसाद, मोहन कुमार, धर्मवीर प्रसाद, बबलू प्रसाद, आशुतोष कुमार, धनंजय कुमार और वाल्मीकि महतो सहित जल संसाधन व सिंचाई विभाग के कई अभियंता उपस्थित रहे।
ग्वालियर में दुकान के बाहर छांव में बैठने पर एक फीमेल स्ट्रीट डॉग को लोहे की रॉड से पीट-पीटकर मारने का मामला सामने आया है। एनिमल लवर और समाजसेविका की शिकायत पर बुधवार को पुलिस ने आरोपी दुकानदार और उसके कर्मचारी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। रस्सी से बांधे पैर, सिर पर रॉड से किए वार घटना 17 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे की कोतवाली थाना क्षेत्र की दही मंडी में चेला जी का अखाड़ा के पास की है। समाजसेविका बबीता शर्मा को सूचना मिली कि दही मंडी में एक डॉग लहूलुहान हालत में मृत पड़ा है। वह मौके पर पहुंचीं तो फीमेल डॉग के चारों पैर रस्सी से बंधे थे और सिर से खून निकल रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, डॉग दोपहर में तेज धूप से बचने के लिए आरोपी पंकज रस्तोगी की दुकान के बाहर छांव में बैठती थी। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर पंकज ने अपने कर्मचारी के साथ मिलकर डॉग को पकड़ा और उसके पैर रस्सी से बांध दिए। इसके बाद दोनों ने लोहे की रॉड से उस पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में कई हड्डियां टूटने की पुष्टि सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा बनाया। पुलिस ने डॉग का पोस्टमार्टम कराया। इसमें शरीर की कई हड्डियां टूटने और सिर में गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम के बाद बबीता शर्मा और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में डॉग का अंतिम संस्कार किया गया। दुकानदार और कर्मचारी पर केस दर्ज कोतवाली थाना सर्किल की सीएसपी किरण अहिरवार ने बताया कि दही मंडी में स्ट्रीट डॉग को छांव में बैठने की बात पर लोहे की रॉड से पीटकर मारने का मामला सामने आया है। एनिमल लवर की शिकायत पर आरोपी दुकानदार पंकज रस्तोगी और उसके साथी के खिलाफ संबंधित धाराओं और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ मामले की जांच कर रही है।
मोदी सरकार युवाओं से जुड़ने के लिए रोज एक यूनिवर्सिटी में एक केंद्रीय मंत्री भेजने की योजना बना रही है। मंत्री छात्रों से उनकी चिंताओं पर बात करेंगे और देश से जुड़े मुद्दों पर उनका नजरिया समझेंगे। ‘वन डे, वन यूनिवर्सिटी’ कार्यक्रम के तहत मंत्री तय यूनिवर्सिटी में जाकर छात्रों से अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा करेंगे। वे छात्रों की राय सुनेंगे और खासकर युवाओं व छात्रों के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। न्यूज एजेंसी PTI के सूत्रों के मुताबिक, इसके जरिए जेन Z से सीधे जुड़ना है। दो केंद्रीय मंत्रियों को जिम्मेदारी सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को यूनिवर्सिटी और दौरे पर जाने वाले मंत्रियों के साथ तालमेल की जिम्मेदारी दी गई है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी इस योजना पर चर्चा हुई। हालांकि, मंत्रियों के यूनिवर्सिटी दौरे का पूरा कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद विरोध बढ़ा दिल्ली में 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया था। इसके बाद सरकार को बड़े विरोध का सामना करना पड़ा और विपक्ष ने संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही में रुकावट डाली। इसके बाद ही 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था। देश में 1,300 यूनिवर्सिटी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मुताबिक, देश में करीब 1,300 यूनिवर्सिटी हैं। इनमें 57 केंद्रीय यूनिवर्सिटी और 522 राज्य यूनिवर्सिटी शामिल हैं। बाकी यूनिवर्सिटी डीम्ड-टु-बी या निजी यूनिवर्सिटी हैं। इसी नेटवर्क के तहत केंद्रीय मंत्रियों के रोजाना यूनिवर्सिटी दौरे की योजना बनाई जा रही है। पीएम ने सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी किए NEET पेपर लीक पर जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच पीएम मोदी ने कई बार सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया था। इन वीडियो में उन्होंने जेन-जी को पेपर लीक के मुद्दे पर संबोधित किया था। एक वीडियो में पीएम ने उन स्टूडेंट्स को माफ करने की भी बात कही थी जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान उन्हें गाली दी थी। खबर अपडेट हो रही है…
बांग्लादेश के चटगांव में अल-कायदा से जुड़ा नेता हारुन इझार ने हिंदुओं पर बयान दिया।
बांग्लादेश में अल-कायदा से जुड़े नेता हारुन इजहार का हिंदुओं को लेकर विवादित बयान सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में वह कहता नजर आ रहा है कि हिंदुओं को आसानी से मारा जा सकता है।
यह वीडियो चटगांव में आयोजित एक कार्यक्रम का है। इसमें इजहार यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि उसे खुद कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि उसके समर्थक ही ऐसा करने के लिए काफी हैं।
शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं और दूसरे अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों और भेदभाव के कई आरोप लग चुके हैं।
बांग्लादेशी नेता हारून इजहार का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
हारुन इजहार कौन है?
हारुन इजहार बांग्लादेश के चटगांव का कट्टरपंथी इस्लामी नेता है और हिफाजत-ए-इस्लाम से जुड़ा रहा है। उसके पिता मुफ्ती इजहारुल इस्लाम भी चटगांव के एक चर्चित इस्लामी नेता और मदरसा संचालक रहे हैं।
हारुन का नाम लंबे समय से कट्टरपंथ और हिंसक गतिविधियों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है। 2013 में चटगांव के लालखान बाजार स्थित मदरसे में विस्फोट हुआ था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई थी।
जांच के दौरान पुलिस ने विस्फोटक बनाने की सामग्री, तेजाब और बिना फटे ग्रेनेड बरामद किए थे। इस मामले में हारुन और उसके पिता समेत कई लोगों पर केस दर्ज हुआ था।
बांग्लादेशी नेता हारून इजहार को कई सुरक्षा एजेंसियां कट्टरपंथी शख्स मानती हैं। (फाइल फोटो)
अल-कायदा से कनेक्शन का क्या मामला है?
हारुन इजहार को लेकर अल-कायदा और दूसरे जिहादी नेटवर्क से संबंधों के आरोप पुराने हैं।
बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट्स में उसके पिता के मदरसे को प्रतिबंधित संगठन हरकत-उल-जिहाद-अल-इस्लामी बांग्लादेश के नेटवर्क से जोड़कर देखा गया है।
उसके पिता के ओसामा बिन लादेन और तालिबान नेता मुल्ला उमर से संपर्क होने का भी दावा किया गया है।
रिपोर्ट्स में हारुन इजहार को कट्टरपंथी संगठन हेफाजत-ए-इस्लाम का सीनियर नेता बताते हुए उसके अंतरराष्ट्रीय जिहादी नेटवर्क से कथित संबंधों का जिक्र है।
2021 में भी हिंसा के मामले में नाम आया
मार्च 2021: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान चटगांव और दूसरे इलाकों में हिंसा हुई थी। हारुन इजहार को इन हिंसक घटनाओं से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, उसने पूछताछ के दौरान हिंसा में अपनी भूमिका मानी और उन लोगों के नाम भी बताए, जिन्होंने हिंसा भड़काने में कथित तौर पर भूमिका निभाई थी। उसके खिलाफ ढाका, चटगांव और राजशाही में कई मामले दर्ज थे।
ढाका में मार्च 2021 को पीएम मोदी के दौरे के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन हुआ। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने एक टायर में आग लगाकर सड़क जाम कर दी थी।
2023: हारुन इजहार चटगांव सेंट्रल जेल से जमानत पर बाहर आया। पुलिस के मुताबिक, इजहार के खिलाफ दर्ज 11 मामलों में उसे जमानत मिल गई थी और पुलिस ने कहा था कि वह निगरानी में रहेगा।
2025: दिसंबर में भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के दौरान भी हारुन इजहार का नाम सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, चटगांव में भारतीय हितों के खिलाफ प्रदर्शन के बाद वह एक पुलिस स्टेशन पहुंचा था। वहां वह भारतीय राजनयिक मिशन पर हमले के आरोपियों के मामले में दखल देता नजर आया।
अल-कायदा बांग्लादेश में अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा
UNSC की 10 अगस्त को जारी रिपोर्ट कहा गया है कि अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) अब बिखरे हुए छोटे आतंकी संगठन की बजाय एक क्षेत्रीय आतंकी नेटवर्क के रूप में विकसित हो चुका है।
संगठन ने अपना लॉजिस्टिक्स और फाइनेंशियल नेटवर्क तैयार कर लिया है और अब बड़े समूहों के बजाय छोटे-छोटे, अलग-अलग सेल के जरिए काम कर रहा है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि AQIS बांग्लादेश में भी अपने आतंकी सेल बनाने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट में इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया गया है।
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बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे:जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा
बांग्लादेश, भारत के साथ गंगा जल संधि में ‘गारंटी क्लॉज’ शामिल करना चाहता है। बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने मंगलवार को ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। पूरी खबर पढ़ें…
Burhanpur’s Traditional Kanola Roti: बुरहानपुर में बारिश के मौसम में एक खास पारंपरिक रोटी, जिसे कानोला कहते हैं, काफी पसंद की जाती है. इसे सामान्य रोटी की तरह तवे पर सेंकने की बजाय भाप में पकाया जाता है और यह निमाड़ी खान-पान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
बुरहानपुर. निमाड़ के बुरहानपुर में बारिश का मौसम आते ही खान-पान का अंदाज भी बदल जाता है. इस दौरान यहां की एक खास पारंपरिक रोटी लोगों के बीच काफी पसंद की जाती है. खास बात यह है कि इसे सामान्य रोटी की तरह तवे पर सेंकने की जरूरत नहीं पड़ती स्थानीय भाषा में इसे कानोला कहा जाता है. बरसात शुरू होते ही कई घरों में इसे बनाने की परंपरा आज भी देखने को मिलती है. कानोला बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती.
लोकल 18 की टीम ने जब एक्सपर्ट महिला वंदना से बात कि तो उन्होंने बताया कि इसके लिए गेहूं का आटा, पानी और थोड़ा सा तेल मुख्य रूप से इस्तेमाल किया जाता है. सबसे पहले गेहूं के आटे में पानी डालकर नरम आटा तैयार किया जाता है. इसके बाद इसकी छोटी-छोटी लोई बनाकर उन्हें मनचाहे आकार में तैयार किया जाता है.
इस पारंपरिक रोटी को खास तरीके से भाप में पकाया जाता है. इसके लिए घर में उपलब्ध इडली के बर्तन या ऐसे बर्तन का इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें भाप से खाना पकाया जा सके. पानी गर्म होने के बाद रोटी को भाप में पकाया जाता है. कुछ समय बाद जब यह अच्छी तरह पक जाती है तो इसे बाहर निकाल लिया जाता है.
बरसात में खाते हैं लोग कानोला को खाने का भी अपना अलग अंदाज है. तैयार होने के बाद इसके ऊपर थोड़ा सा तेल लगाया जाता है. इसके साथ सब्जी, चटनी या अन्य पसंदीदा चीजें परोसी जाती हैं. बच्चों से लेकर बड़े तक इसे बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं. खासकर बारिश के मौसम में गर्मागर्म कानोला खाने का स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है.
बुरहानपुर में यह सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि निमाड़ी खान-पान और स्थानीय परंपरा का हिस्सा है. बदलते समय के बावजूद कई परिवार आज भी बारिश के मौसम में इसे बनाना पसंद करते हैं. अगर आप भी बुरहानपुर के इस पारंपरिक स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं तो घर पर आसानी से कानोला बना सकते हैं. कम सामग्री और भाप में पकने वाली यह रोटी बरसात के दिनों में आपके खाने का स्वाद और भी खास बनाती हैं.
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…
गुरुग्राम: कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ग्लोबल ब्रांड्स की मौजूदगी भारत में लगातार बढ़ रही है। इसी कड़ी में ग्लोबल टेक ब्रांड हाइसेंस (Hisense) ने हरियाणा के गुरुग्राम में अपना पहला अत्याधुनिक और भव्य एक्सपीरियंस सेंटर लॉन्च किया है। इस सेंटर में कंपनी के प्रीमियम और ग्लोबल फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स को एक ही जगह पर प्रदर्शित किया गया है। यह एक्सपीरियंस सेंटर मीडिया, ग्राहकों और चैनल पार्टनर्स के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी का कहना है कि इसका मकसद ग्राहकों को प्रोडक्ट खरीदने से पहले उनकी टेक्नोलॉजी, डिजाइन और फीचर्स को करीब से समझने और अनुभव करने का मौका देना है।
116 इंच का RGB TV ने खींचा सबका ध्यान
एक्सपीरियंस सेंटर में Hisense के कई ग्लोबल फ्लैगशिप टेलीविजन मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें 116 इंच का RGB TV और 100 इंच का Mini LED TV खास आकर्षण हैं। कंपनी के मुताबिक, इन प्रीमियम टीवी को ग्लोबल स्तर पर कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं। बड़े स्क्रीन साइज और आधुनिक डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के जरिए कंपनी ग्राहकों को घर पर ही सिनेमाघर जैसा अनुभव देने पर जोर दे रही है। इसके अलावा आधुनिक घरों के इंटीरियर को ध्यान में रखते हुए Frame TV, Deco TV और Follow Me TV जैसे लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स भी सेंटर में प्रदर्शित किए गए हैं।
वॉशिंग मशीन से लेकर एसी तक पूरी रेंज
Hisense ने इस सेंटर में अपनी प्रीमियम और फ्लैगशिप रेंज की फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन भी प्रदर्शित की है। इसके अलावा कंपनी के टॉप लोड, सेमी-ऑटोमैटिक और फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन मॉडल भी भारतीय ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। सेंटर में रेफ्रिजरेटर की पूरी रेंज भी प्रदर्शित की गई है, जिसमें साइड-बाय-साइड और फ्रेंच डोर मॉडल शामिल हैं। इसके अलावा यहां Laser TV, Laser Projector और Small Domestic Appliances भी मौजूद हैं। कंपनी के मुताबिक, Hisense लेजर टीवी के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल है। एयर कंडीशनर सेगमेंट में भी कंपनी ने रूम AC के साथ-साथ कमर्शियल AC और पूरी VRF सॉल्यूशन रेंज को सेंटर में प्रदर्शित किया है।
‘भारत में पहली बार खोला ऐसा एक्सपीरियंस सेंटर’
एक्सपीरियंस सेंटर की ग्रैंड ओपनिंग के मौके पर Hisense के CEO पंकज राणा ने कहा कि यह भारत में कंपनी का पहला एक्सपीरियंस सेंटर है, जहां उसके ग्लोबल फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स को एक साथ प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने कहा,
‘आज हमने भारत में Hisense का पहला एक्सपीरियंस सेंटर गुरुग्राम में खोला है। इसमें हमारे ग्लोबल फ्लैगशिप टीवी प्रदर्शित किए गए हैं, जिन्हें कई ग्लोबल अवॉर्ड मिल चुके हैं। इनमें 116 इंच का RGB TV और 100 इंच का Mini LED TV शामिल है। सेंटर में Mini LED और RGB टीवी के साथ Frame TV, Deco TV और Follow Me TV जैसे लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स भी प्रदर्शित किए गए हैं। इसके अलावा प्रीमियम फ्रंट लोड वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, Laser TV और Laser Projector की रेंज भी यहां मौजूद है। यह एक्सपीरियंस सेंटर मीडिया, ग्राहकों और चैनल पार्टनर्स के लिए उपलब्ध रहेगा।’
पंकज राणा के मुताबिक, कंपनी के ज्यादातर प्रोडक्ट्स को CES और IFA जैसे प्रतिष्ठित ग्लोबल अवॉर्ड्स मिल चुके हैं। उन्होंने इसे कंपनी का फ्लैगशिप एक्सपीरियंस जोन बताया।
दिवाली में पूरे देश के ग्राहकों तक पहुंचेगी कंपनी
पंकज राणा ने कहा कि आने वाली दिवाली के दौरान कंपनी पूरे भारत में ग्राहकों को अपनी टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट रेंज के बारे में जानकारी देगी। उन्होंने कहा,
‘दिवाली के समय हम पूरे भारत में ग्राहकों को बताएंगे कि हमारे पास कौन-कौन सी टेक्नोलॉजी है। हमारे पास RGB टेक्नोलॉजी है, Mini LED है और वॉशिंग मशीन की पूरी रेंज है, जिसमें Top Load, Semi-Automatic और Front Load मॉडल शामिल हैं।’
राणा ने आगे बताया कि एयर कंडीशनर सेगमेंट में भी कंपनी के पास अलग-अलग क्षमता और जरूरत के हिसाब से पूरी रेंज मौजूद है। कंपनी आने वाले समय में इस पूरी प्रोडक्ट लाइनअप की जानकारी भारतीय ग्राहकों तक पहुंचाएगी।
ग्राहकों को एक ही जगह मिलेगा पूरा प्रोडक्ट अनुभव
गुरुग्राम में खोला गया यह सेंटर Hisense की भारत में विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। यहां ग्राहक टीवी, वॉशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, प्रोजेक्टर और एयर कंडीशनर समेत कंपनी के कई प्रोडक्ट्स को एक ही जगह पर देख और समझ सकेंगे। फेस्टिव सीजन से पहले इस सेंटर की शुरुआत से कंपनी को प्रीमियम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने की उम्मीद है। वहीं ग्राहकों के लिए भी यह सेंटर नई टेक्नोलॉजी और अलग-अलग प्रोडक्ट्स को करीब से जानने का नया प्लेटफॉर्म बनेगा। (रिपोर्ट: गोहित कौशिक)
निक किर्गियोस को कोकीन टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने के कारण अस्थायी रूप से टेनिस से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने खुद इसकी पुष्टि की।
ऑस्ट्रेलियाई टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस ने बुधवार को खुलासा किया कि उनका कोकीन टेस्ट पॉजिटिव आया है और उन्हें अस्थायी रूप से टेनिस से निलंबित कर दिया गया है। किर्गियोस 2022 विंबलडन के एकल फाइनल में नोवाक जोकोविच से हारकर उप विजेता रहे थे। 31 वर्षीय किर्गियोस लगातार चोटों के कारण विश्व रैंकिंग में अभी 919वें स्थान पर काबिज है।
मैंने बहुत बड़ी गलती की
किर्गियोस ने सोशल मीडिया पर इस मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने जून में आयोजित एक निचेल स्तर के टूर्नामेंट का जिक्र करते हुए लिखा, ”हाल में मल्लोर्का में मेरा ड्रग परीक्षण पॉजिटिव आया जिसमें मैं कोकीन के लिए पॉजिटिव मिला।” उन्होंने कहा, ”मैंने बहुत बड़ी गलती की और इसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं। ”
प्रतियोगिताओं के दौरान कोकीन को प्रतिबंधित डोपिंग पदार्थ माना जाता है। हालांकि प्रतियोगिता से बाहर इसके इस्तेमाल के मामलों में कम सजा का प्रावधान हो सकता है। किर्गियोस ने कहा कि पिछले दो वर्षों से चोटों से जूझने के कारण अपने करियर के अंतिम दौर के करीब पहुंचने की वास्तविकता को स्वीकार करना उनके लिए मुश्किल रहा है।
उन्होंने कहा, ”कई बार मैंने खुद को असहाय और अकेला महसूस किया है। लेकिन इनमें से कोई भी बात मेरे किए को सही नहीं ठहराती। ‘’ ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने अस्थायी निलंबन के खिलाफ अपील नहीं की है और कहा है कि वह 28 दिनों के लिए सोशल मीडिया और सार्वजनिक जीवन से दूर रहेंगे ताकि खुद को सही करने पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा, ”मुझे खेद है। मैं मेहनत करूंगा और बेहतर होकर वापस आऊंगा।”
22 जून को लिया गया था सैंपल
पिछले महीने किर्गियोस को विंबलडन में युगल खेलने के लिए वाइल्ड कार्ड मिला था। उन्होंने अलेक्जेंडर बुब्लिक के साथ जोड़ी बनाई, लेकिन पहले ही दौर में हार गए। अंतराष्टीय टेनिस इंटीग्रिटी एजेंसी इस मामले में कार्रवाई करेगी। एजेंसी ने बताया कि किर्गियोस का नमूना 22 जून को लिया गया था और 17 जुलाई को उनके पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। किर्गियोस तब विंबलडन खेल चुके थे। एजेंसी ने कहा कि अनिवार्य अस्थायी निलंबन चार अगस्त से लागू किया गया था और किर्गियोस ने अब तक इस निलंबन के खिलाफ अपील नहीं की है।
सीकर में 39 साल बाद एक ही मंच पर 7 लोगों ने दीक्षा लेकर सन्यास अपना लिया। सीकर में जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याण दिवस पर दीक्षा दी गई। यह महामहोत्सव आचार्य वर्धमान सागर महाराज के सान्निध्य में करवाया गया। इससे पहले मार्च 1987 में आचार्य धर्मसागर ने सीकर में क्षुल्लिका अनंतमति को दीक्षा दी थी। 1961 में आचार्य शिव सागर ने सीकर में 8 जनों को दीक्षा दी थी। सुभाष पहाड़िया ने बताया- इससे पहले मंगलवार शाम को सातों दीक्षार्थियों की शोभायात्रा निकाली गई थी। इसमें संगीत व जयकारों के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए। दीक्षा महोत्सव के पहले दिन दीक्षार्थियों ने आचार्य व संघ के साधुओं को खाना खिलाया। इसके बाद 6 दीक्षार्थियों ने बर्तनों की जगह हथेलियों में आहार कर त्याग का संदेश दिया। इस अवसर पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा, विधायक राजेंद्र पारीक, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. कमल सिखवाल सहित अन्य समाजसेवी उपस्थित थे। इन्होंने दीक्षा ली पारसनाथ पर्वत का प्रतीकात्मक स्वरूप दिखा जैनेश्वरी दीक्षा महोत्सव स्थल पर इस बार झारखंड स्थित सम्मेद शिखरजी (स्वर्णभद्र टोंक) यानी पारसनाथ पर्वत का प्रतीकात्मक स्वरूप श्रद्धालुओं को देखने को मिला है। भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक से जुड़ा यह प्रतीकात्मक शिखर प्रमुख आकर्षण रहा। इसे थर्माकोल से तैयार किया गया है। पवन मोदी ने बताया- जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इसी दिन पार्श्वनाथ ने सम्मेद शिखरजी से कर्मों का क्षय कर मोक्ष प्राप्त किया था। अनुभव जैन ने बताया कि प्रतीकात्मक स्वरूप तैयार करने का उद्देश्य श्रद्धालुओं को इस पवित्र तीर्थ की अनुभूति कराना है। अंक गणित का अनूठा संयोग दीक्षा दिवस का अंक गणित भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के अंक 23 में 2 अरिहंत-सिद्ध बनने की भावना और 3 रत्नत्रय (सम्यक दर्शन, ज्ञान, चारित्र) का प्रतीक है। सप्तमी तिथि पर 7 दीक्षार्थियों ने संयम पथ अपनाया।
महाराष्ट्र में मराठी का ‘वर्किंग नॉलेज’ नहीं रखने वाले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ 20 अगस्त से अभियान शुरू होगा। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि पहले ड्राइवरों को नोटिस दिया जाएगा और उन्हें मराठी सीखने का मौका मिलेगा। इसके बाद भी नियम पूरा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार के मुताबिक, जिन ड्राइवरों के पास मराठी का जरूरी सर्टिफिकेट नहीं है या जिन्हें मराठी का कामचलाऊ ज्ञान नहीं है, उनकी जांच की जाएगी। यह अभियान पूरे राज्य में एक महीने तक चलेगा।
पहले नोटिस, फिर 3 महीने के लिए लाइसेंस सस्पेंड
मंत्री ने कहा कि ड्राइवरों पर सीधे कार्रवाई नहीं होगी। पहले उन्हें नोटिस देकर मराठी सीखने का समय दिया जाएगा। अगर इसके बाद भी वे जरूरी मराठी नहीं सीखते हैं तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस और बैज 3 महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है।
तीन महीने बाद भी नियम पूरा नहीं करने पर लाइसेंस और बैज रद्द करने का आदेश दिया जा सकता है।
RTO की टीमें करेंगी जांच
इस अभियान की जिम्मेदारी अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ को दी गई है। RTO की फ्लाइंग स्क्वॉड राज्यभर में ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों की जांच करेंगी।
अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए निर्देश दिए गए हैं। ड्राइवरों की मराठी की जांच और वेरिफिकेशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी।
करीब 6 लाख ड्राइवरों को मराठी सिखाने की योजना
सरकार के मुताबिक, महाराष्ट्र में करीब 6 लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवर हैं, खासकर मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में बड़ी संख्या में ड्राइवर काम करते हैं। सरकार इन सभी को मराठी सीखने की पहल से जोड़ना चाहती है।
कुछ महीने पहले शुरू किए गए इस अभियान में अब तक 1 लाख 65 हजार 601 ड्राइवर शामिल हो चुके हैं। सरकार के मुताबिक, मराठी भाषा विभाग अब परिवहन विभाग और दूसरे अधिकारियों के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ाएगा।
दूसरे राज्यों से आए ड्राइवरों को लेकर चिंता
महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में ऑटो और टैक्सी ड्राइवर दूसरे राज्यों से आते हैं। इनमें कई ड्राइवरों को मराठी नहीं आती या वे बहुत कम मराठी बोल पाते हैं। ऐसे ड्राइवरों को लाइसेंस और परमिट रद्द होने का डर है।
हालांकि, सरकार का कहना है कि पहले उन्हें मराठी सीखने का मौका दिया जाएगा, उसके बाद ही कार्रवाई होगी।
‘वर्किंग नॉलेज’ क्या है, यह साफ नहीं
ड्राइवर यूनियन ने नियम को लेकर सवाल उठाए हैं। सेवा सारथी ऑटो-रिक्शा टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता डीएम गोसावी ने कहा कि सरकार ने मराठी का “वर्किंग नॉलेज” जरूरी कर दिया है, लेकिन यह साफ नहीं किया है कि कितनी मराठी जानना पर्याप्त माना जाएगा।
यूनियन का कहना है कि नियम स्पष्ट नहीं होने पर RTO अधिकारियों और ड्राइवरों के बीच विवाद हो सकता है और इससे भ्रष्टाचार या ड्राइवरों के आर्थिक शोषण का खतरा बढ़ सकता है।
सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद ड्राइवरों को मराठी सिखाना है, ताकि वे यात्रियों से आसानी से बातचीत कर सकें और राज्य के नियमों का पालन कर सकें।
मेरठ में पति ने प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी की पिटाई कर दी। घटना बुधवार सुबह की है। जब पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सुपरटेक के साथ घूम रहा था। अचानक पत्नी वहां पहुंच गई। उसने अपने पति को दूसरी युवती के साथ रंगेहाथों पकड़ लिया। इसके बाद पत्नी ने चीखना शुरू कर दिया। यह देखकर पति उसकी प्रेमिका ने मिलकर पत्नी को सड़क पर गिराकर पीटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पति को दूसरी महिला के साथ देखकर पकड़ लिया
बताया गया कि बुधवार सुबह एक महिला ने अपने पति को किसी अन्य महिला के साथ देखा। इसके बाद उसने दोनों को रोक लिया और पति से सवाल-जवाब करने लगी। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और पति के साथ मौजूद महिला ने पत्नी से मारपीट शुरू कर दी। पति पर भी पत्नी के साथ हाथापाई करने का आरोप लगाया गया है। सड़क पर गिराकर एक-दूसरे को पीटा
विवाद बढ़ने के बाद दोनों महिलाओं में जमकर मारपीट हुई। दोनों ने एक-दूसरे को सड़क पर गिराकर पीटा और बाल भी खींचे। कुछ देर तक सड़क पर हंगामा चलता रहा। घटना देखने के लिए आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। महिला की शिकायत पर जांच में जुटी पुलिस
हंगामे की सूचना और शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटना से जुड़े पक्षों से जानकारी जुटा रही है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।