Friday, August 28, 2026
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नागौर से जयपुर जा रही 5.4-किलो MDMA की खेप पकड़ी: अंतरराष्ट्रीय कीमत 1.62 करोड़ रुपए, नाबालिग सहित एक गिरफ्तार – Nagaur News



नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नागौर जिले के जायल थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है।

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टीम ने नागौर से जयपुर ले जाई जा रही 5 किलो 400 ग्राम MDMA की खेप बरामद कर एक कार जब्त की।

कार्रवाई के दौरान विधि से संघर्षरत एक बालक को निरुद्ध किया गया। बरामद MDMA की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपए बताई गई है।

जयपुर पहुंचने से पहले ही पकड़ी नशे की खेप

ANTF के अनुसार यह MDMA की खेप नागौर से जयपुर सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। तस्करों की योजना जयपुर पहुंचकर इसे अलग-अलग पार्टियों से जुड़े ग्राहकों तक पहुंचाने की थी।

टीम को तस्करी की सूचना मिलने के बाद संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की गई और उसका पीछा किया गया।

सूचना के आधार पर टीम ने दुगौली गांव में खारी-जोघा जाने वाली सड़क पर देव नारायण बगीची के सामने नाकाबंदी की।

इसी दौरान TUV 300 कार नंबर RJ21UC2898 आती दिखाई दी। कार को रोकने पर चालक युवक घबरा गया। स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर कार की तलाशी ली गई।

सीट के नीचे छिपाकर रखा था MDMA

तलाशी के दौरान कार की खाली सीट के नीचे सफेद रंग का प्लास्टिक का कट्टा मिला। इसे खोलने पर हरे रंग की पांच प्लास्टिक थैलियां मिलीं।

जिनमें MDMA बरामद हुआ। पुलिस ने MDMA और तस्करी में इस्तेमाल कार को जब्त कर विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध कर लिया।

पूछताछ में सामने आया सप्लाई नेटवर्क

पूछताछ में बालक ने MDMA सालासर/मालास, थाना मेडतारोड़, नागौर से प्राप्त करना बताया। उसे सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन ऐप के जरिए रोटू से धुड़िला गांव की ओर आने के लिए कहा गया था।

धुड़िला गांव के पास सालासर/मालास का तस्कर उससे मिला और MDMA से भरा कट्टा देकर चला गया। इसके बाद बालक खेप लेकर जयपुर की ओर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया।

मोबाइल में मिले 16 लाख रुपए के लेनदेन के सुराग

ANTF ने बालक के कब्जे से मिले मोबाइल को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। मोबाइल में मौजूद एक अकाउंटिंग/खाताबुक ऐप में ‘SD MUTH’ नाम से करीब 16 लाख रुपए के लेनदेन का हिसाब मिला।

बालक ने पूछताछ में इन लेनदेन को अपने तस्कर दोस्त से अवैध मादक पदार्थ से संबंधित बताया। पुलिस अब सप्लायर, परिवहन में सहयोग करने वाले लोगों और आगे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।

ANTF महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि टीम का उद्देश्य केवल मादक पदार्थ बरामद करना नहीं, बल्कि इसके सप्लाई स्रोत, मुख्य सप्लायर, रिसीवर और पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है।

कार्रवाई में ANTF टीम के साथ जायल थाना पुलिस की भी विशेष भूमिका रही।

10 महीने में करीब 197 किलो MDMA पकड़ी

ANTF के अनुसार गठन के बाद महज 10 महीनों में करीब 196.76124 किलो MDMA बरामद की जा चुकी है और तस्करी से जुड़े सरगनाओं को जेल भेजा गया है।



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अलीगढ़ में रक्षाबंधन पर जेल पहुंचीं बहनें: भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र, सलामती के लिए की प्रार्थना – Aligarh News




जेल की ऊंची दीवारें और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था शुक्रवार को भाई-बहन के स्नेह के सामने फीकी नजर आई। रक्षाबंधन पर जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। किसी ने भाई के माथे पर तिलक लगाया तो किसी ने कलाई पर राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना की। लंबे समय बाद भाई को सामने देखकर कई बहनों की आंखें भर आईं। भाई भी भावुक हो गए। बहनों ने भाइयों से कहा कि जेल से बाहर आने के बाद अपराध की राह छोड़कर परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करें। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि वह खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे। 200 से 300 महिलाओं के समूह में कराई मुलाकात रक्षाबंधन को लेकर जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जेल के मुख्य द्वार पर पहुंचने वाली सभी महिलाओं की जांच की गई। इसके बाद बैरिकेडिंग के बीच उन्हें जेल परिसर में प्रवेश दिया गया। एक बार में करीब 200 से 300 महिलाओं के समूह को पार्क में ले जाकर उनके भाइयों से मुलाकात कराई गई। भाई-बहनों ने साथ बैठकर रक्षाबंधन मनाया। इस दौरान कई बहनें भाइयों से लिपटकर रो पड़ीं। भाइयों की आंखों में भी आंसू आ गए। मुस्लिम बहनों ने भी भाइयों को बांधी राखी रक्षाबंधन पर जेल में सांप्रदायिक सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली। कई मुस्लिम महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं। उन्होंने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और पर्व की खुशियां साझा कीं। वहीं महिला जेल में बंद बहनों से राखी बंधवाने के लिए उनके भाई भी पहुंचे। बहनों को सामने देखकर भाई भावुक हो गए। उन्होंने बहनों का हौसला बढ़ाते हुए हर परिस्थिति में मजबूत रहने का भरोसा दिया। बच्चों के साथ पहुंचीं महिलाएं कई महिलाएं अपने बच्चों को भी साथ लेकर जेल पहुंचीं। सुरक्षा जांच के बाद बच्चों को भी परिसर में प्रवेश दिया गया। बच्चों और उनके परिजनों के बीच भी मुलाकात के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले। बाहर से मिठाई ले जाने पर रोक जेल प्रशासन ने सुरक्षा के चलते बाहर से मिठाई और खाने-पीने का सामान अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी। घेवर समेत किसी भी खाद्य सामग्री को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया। बंदियों और उनके परिजनों के लिए जेल परिसर में ही मिठाई और अन्य खाने-पीने की व्यवस्था कराई गई। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पंकज सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन पर सुबह से ही बहनों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। सुरक्षा को देखते हुए मुख्य गेट से लेकर जेल परिसर तक बैरिकेडिंग की गई थी। सभी मुलाकातियों की जांच के बाद ही उन्हें अंदर प्रवेश दिया गया।



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अशोकनगर जेल में बंदी भाइयों को राखी बांधने पहुंचीं बहनें: खुली मुलाकात में हर बंदी को 10 मिनट, 250 ग्राम मिठाई की भी अनुमति – Ashoknagar News




अशोकनगर जिला जेल में रक्षाबंधन पर्व पर शुक्रवार को बंदियों की बहनों के लिए विशेष खुली मुलाकात की व्यवस्था की गई। जेल प्रशासन के निर्देशानुसार, बहनों ने अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी और तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहन भावुक दिखे। जेल में कुल 215 कैदी हैं, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। जेल अधीक्षक ललित सिंह दीक्षित ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन ही प्रत्यक्ष मुलाकात की अनुमति दी गई थी। मुलाकात का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और फिर दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया था। प्रत्येक बंदी को राखी बंधवाने और प्रसाद ग्रहण करने के लिए 10 मिनट का समय दिया गया। जेल प्रशासन ने पूजा की थाली उपलब्ध करवाई
पुरुष बंदियों से राखी बंधवाने के लिए परिवार की अधिकतम तीन महिला सदस्यों और उनके साथ आने वाले 6 वर्ष तक के बच्चों को प्रवेश की अनुमति थी। महिलाओं को फोटोयुक्त पहचान पत्र की मूल प्रति और एक छायाप्रति साथ लाने के निर्देश दिए गए थे। जेल प्रशासन की ओर से राखी बांधने के लिए पूजा की थाली में हल्दी, कुमकुम और चावल की व्यवस्था की गई थी। बहनें अपने साथ 250 ग्राम तक मिठाई और दो नग मौसमी फल भी ले जा सकीं। सुरक्षा के मद्देनजर, मोबाइल, पैसे, हथियार और नशीले पदार्थ सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को जेल परिसर में ले जाने पर रोक थी। महिला जेलकर्मियों द्वारा तलाशी के बाद ही आगंतुकों को प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर जेल में भाई-बहन के रिश्ते की झलक देखने को मिली। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें जल्द सामान्य जीवन में लौटने और बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं दीं।



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गयाजी में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत,: चालान-बैंकिंग समेत अन्य मामलों का होगा निपटारा, कोर्ट-कचहरी के चक्कर से मिलेगी राहत – Gayaji News




गयाजी में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का निपटारा करके त्वरित न्याय दिलाना है। इस संबंध में जिला जज राकेश सिंह ने पीसी में जानकारी दी और पूरे प्रशासनिक खाके को साझा किया। जिला जज राकेश सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को पदभार ग्रहण किया था। योगदान देने के दिन से ही सचिव के साथ विशेष बातचीत कर आगामी लोक अदालत की रणनीति पर काम शुरू कर दिया गया था। हमारा प्रयास है कि लोक अदालत के लिए बेहतर से बेहतर तैयारी की जाए। इससे अधिक से अधिक मुकदमों का निपटारा संभव हो सकेगा। ​इन मामलों का होगा निष्पादन ​जिला जज ने बताया कि कि लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न प्रकार के कंपाउंडेबल मामलों का समाधान किया जाएगा। इसमें आपराधिक कम्पाउंडेबल मामले, लेबर लॉ, फॉरेस्ट, वेट एंड मेजरमेंट, चालान, एमएसीटी (दुर्घटना दावा), इंश्योरेंस और बैंकिंग सेक्टर से जुड़े विवाद प्रमुख हैं। इसके अलावा अन्य कई सुलह योग्य मामलों की भी सुनवाई होगी। इन मामलों के जल्द निपटारे से आम जनता को कोर्ट-कचहरी के चक्कर से राहत मिलेगी।
मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है जिला जज ने बताया कि ​तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। बताया कि सेक्रेटरी साहब और अन्य न्यायिक अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न काउंटरपार्ट्स को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इंश्योरेंस, बैंकिंग, फॉरेस्ट, लेबर और वेट एंड मेजरमेंट विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत कर मुकदमों को चिह्नित किया जा रहा है। प्री-सिटिंग के जरिए दोनों पक्षों की सहमति से मामलों की फाइलें तैयार की जा रही हैं। यदि पक्षकार राजी होते हैं, तो वे लोक अदालत से पहले भी कंपाउंडिंग फीस जमा कर मामला समाप्त करा सकते हैं। ​बिजली और चालान के मामलों पर विशेष ध्यान
​गयाजी में बिजली मामलों के लिए विशेष न्यायालय और विशेष पीठासीन अधिकारी कार्यरत हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला जज ने स्पेशल जज (ADJ) और बिजली बोर्ड के DGM के साथ विशेष बैठक की। निर्देश दिए गए हैं कि बिजली से संबंधित मामलों में नोटिस जारी कर पक्षकारों को सूचित किया जाए।
​चालान और बिजली से जुड़े मुकदमों के लिए विशेष सहूलियत दी गई है। लोग लोक अदालत के दिन या उससे पहले अपनी शमन राशि जमा कर सकते हैं। ​ काउंटर और फीस जमा करने की व्यवस्था
​चालान के मामलों में सहूलियत के लिए DTO ऑफिस और जिला विधिक सेवा प्राधिकार कार्यालय में विशेष काउंटर खोलने की व्यवस्था की गई है। जिला जज राकेश सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं। लोक अदालत के दिन या उससे पहले संबंधित बेंच में उपस्थित होकर अपने वादों का स्थायी निपटारा कराएं।



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दिल्ली के कपल पर पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप: दुबई के रास्ते 8 भारतीय सिम भेजे, पाकिस्तानी हैंडलर से 2 साल से संपर्क में थे




दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने जासूसी के आरोप में दिल्ली के कपल साहिल (25) और उसकी पत्नी समीरा (21) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों 2024 से पाकिस्तान में बैठे खुफिया अधिकारियों के संपर्क में थे। वे भारत से जुड़ी संवेदनशील जानकारी जुटाने, 8 भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेजने और दूसरे लोगों को जासूसी के लिए तैयार करने में मदद कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि जांच में इस नेटवर्क के तार दिल्ली से कराची और इस्लामाबाद तक जुड़े मिले हैं। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर दोनों को पैसे भी भेजते थे। दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजे 8 भारतीय सिम पुलिस के मुताबिक, साहिल और समीरा ने 2024 से 2025 के बीच 8 भारतीय सिम कार्ड हासिल किए। इन सिम कार्ड को दुबई के रास्ते पाकिस्तान भेजा गया। हैंडलर ने इसके लिए दंपती को 30 हजार रुपए दिए थे। पुलिस ने बताया कि इन नंबरों से पाकिस्तान में वॉट्सऐप अकाउंट एक्टिवेट किए गए। पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने इन अकाउंट के जरिए भारत में लोगों से संपर्क किया और संवेदनशील जानकारी जुटाने की कोशिश की। इनमें से कुछ अकाउंट के जरिए भारतीय वॉट्सऐप ग्रुप में भी दाखिल होने की कोशिश की गई। पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के जरिए भारत में लोगों से संपर्क कर रहे थे। सैन्य इलाकों की जानकारी जुटाने का आरोप पुलिस का आरोप है कि साहिल को भारत के अलग-अलग हिस्सों में कैंटोनमेंट इलाकों की रेकी करने का काम दिया गया था। उसे जासूसी और फील्ड ऑपरेशन के लिए लोगों को भर्ती करने की जिम्मेदारी भी दी गई थी। जांच में सामने आया कि साहिल ने ट्रिब्यूनल के सामने कोर्ट मार्शल की कार्रवाई का सामना कर रहे सेना के जवानों से जुड़ी जानकारी भी कथित तौर पर उपलब्ध कराई थी। साहिल और समीरा कौन हैं साहिल का जन्म 2001 में हुआ था। उसने दिल्ली की इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री ली है। पुलिस के मुताबिक, साहिल एक वकील के साथ काम कर चुका है और एलएलबी करने की योजना बना रहा था। उसने जून 2025 में नौकरी छोड़ दी थी और तब से बेरोजगार था। समीरा का जन्म 2005 में हुआ था। उसने केशव पुरम के कन्या विद्यालय से 12वीं तक पढ़ाई की और बाद में कॉरेस्पॉन्डेंस से बीए किया। गिरफ्तारी से पहले समीरा नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम कर रही थी। आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक मदद की सूचना से शुरू हुई जांच पुलिस ने बताया कि स्पेशल सेल को आतंकी संगठनों, उनके कथित ओवरग्राउंड वर्कर और स्लीपर सेल को लॉजिस्टिक मदद दिए जाने की जानकारी मिली थी। इसी सूचना के बाद जांच शुरू की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने ऐसे स्थानीय लोगों की पहचान की, जो नेटवर्क को भारतीय सिम कार्ड हासिल करने और पाकिस्तान में बैठे हैंडलर की भारत के लोगों से बातचीत कराने में मदद कर रहे थे। स्पेशल सेल के अनुसार, साहिल और समीरा की गिरफ्तारी से पाकिस्तान में बैठे खुफिया नेटवर्क और भारत में उसके कथित संपर्कों के बारे में अहम सुराग मिले हैं। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल के कूचबिहार से 3 संदिग्ध ISI एजेंट गिरफ्तार:STF का दावा- भारतीय सिम कार्ड पाकिस्तान भेज रहे थे; नकली नोट भी बनाते थे पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े 3 संदिग्धोंं को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान राशिदुल हक, नूर नसीरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें…



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बोर्ड, JEE और NEET उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी! बिहार सरकार ने लॉन्च किया ‘विद्या साथी’ शिक्षक सहायता ऐप; ये होंगे फायदे


बिहार सरकार ने छात्रों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप का शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को 24 घंटे एक-से-एक शिक्षक सहायता प्रदान करेगा। इसमें जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी डिजिटल सामग्री उपलब्ध है। 

75 हजार शिक्षक होंगे उपलब्ध 

ऐप का लॉन्च वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुआ। शुरुआती चरण में राज्य के सभी 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों में इसे शुरू किया गया है। करीब तीन लाख छात्र इससे लाभान्वित होंगे। लगभग 75 हजार शिक्षक ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। छात्र अपनी पसंद के शिक्षक चुनकर डाउट क्लियर कर सकेंगे।   

उम्मीदवारों को होंगे ये फायदे

मैट्रिक और कक्षा 10 की परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए, ऐप सभी विषयों में शिक्षकों का मार्गदर्शन प्रदान करेगा, जबकि इंटरमीडिएट और 12वीं विज्ञान स्ट्रीम के छात्रों के लिए, यह सुविधा बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ JEE और NEET की तैयारी में भी सहायक होगी। यह प्लेटफॉर्म कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को डिजिटल अध्ययन सामग्री भी प्रदान करेगा। बिहार स्कूल परीक्षा बोर्ड ने X पर एक पोस्ट में बताया कि राज्य भर के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों के छात्र अब ऐप के माध्यम से मुफ्त असीमित शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 

इसमें आगे कहा गया है कि चाहे कोई संदेह हो या कोई विषय – इसे समझने के लिए 24 घंटे के भीतर अपनी पसंद के शिक्षक के साथ कभी भी अध्ययन करने की व्यवस्था है। बता दें कि, तैयारी के लिए उम्मीदवारों को डिजिटल स्टडी मटेरियल, एआई आधारित टूल्स और अनलिमिटेड प्रैक्टिस सेट मिलेंगे। सेवा पूरी तरह नि:शुल्क है। छात्र किसी भी समय सवाल पूछ सकते हैं। 

सीएम ने कही ये बात

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि, ‘यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन देने की दिशा में बड़ा कदम है। ऐप के जरिए स्कूल की पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी आसान होगी। भविष्य में इसे अन्य स्कूलों तक विस्तार देने की योजना है।’ यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। कोचिंग की ऊंची फीस से राहत मिलेगी। शिक्षक रेटिंग के आधार पर भी काम करेंगे। छात्रों ने लॉन्च के दौरान ऐप का ट्रायल भी किया। बिहार शिक्षा विभाग की यह कोशिश डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने वाली है। जेईई-नीट उम्मीदवारों के लिए विशेष सामग्री उपलब्ध होने से प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर छात्र को समान अवसर मिलें। 

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सेहत से भरपूर है सहजन दाल तड़का: 10 मिनट में ऐसे बनाएं यह प्रोटीन-रिच ड्रमस्टिक रेसिपी

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Moringa Dal Tadka Recipe: क्या आप रोज़-रोज़ की वही साधारण दाल खाकर बोर हो चुके हैं? तो आज ही अपनी किचन में बनाएं यह सुपर-हेल्दी और सुपर-टेस्टी ड्रमस्टिक दाल तड़का (सहजन दाल तड़का)! स्वाद में जबरदस्त होने के साथ-साथ यह रेसिपी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. मोरिंगा यानी सहजन में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, आयरन और न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं, जो आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह झटपट सिर्फ 10 मिनट में बनकर तैयार हो जाती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान और स्वाद से भरपूर देसी विधि!

सेहत से भरपूर है सहजन दाल तड़का

 आवश्यक सामग्री (Ingredients)

दाल उबलने के लिए:
तूर दाल (अरहर दाल): 150 ग्राम
लहसुन: 4 से 5 कलियां
जीरा: 1/2 छोटा चम्मच
हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
पानी: 2 कप
नमक: स्वादानुसार

सहजन मसाला ग्रेवी के लिए:
सहजन (Drumsticks): 200 ग्राम (छीलकर कटे हुए)
तेल: 4 बड़े चम्मच कटा हुआ
लहसुन: 10 कलियां
प्याज: 1 मध्यम (बारीक कटा)
टमाटर: 2 मध्यम (बारीक कटे)
लाल मिर्च पाउडर: 1 छोटा चम्मच
जीरा पाउडर: 1 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर: 1 छोटा चम्मच
हल्दी पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच
नमक: स्वादानुसार
हरा धनिया: गार्निशिंग के लिए

स्पेशल तड़का के लिए:
शुद्ध देसी घी: 2 बड़े चम्मच
राई (Mustard seeds): 1/2 छोटा चम्मच
जीरा: 1/2 छोटा चम्मच
सूखी लाल मिर्च: 1
कढ़ी पत्ता: 7-8 पत्तियां

बनाने की आसान विधि (Step-by-Step Recipe)

दाल उबालें: सबसे पहले कुकर में धोई हुई तूर दाल, 4-5 लहसुन की कलियां, 1/2 चम्मच जीरा, 1/2 चम्मच हल्दी, नमक और 2 कप पानी डालकर 3 से 4 सीटी आने तक मध्यम आंच पर पका लें.

सहजन का मसाला तैयार करें: एक कढ़ाई में 4 चम्मच तेल गर्म करें. इसमें 10 कटी लहसुन की कलियां और प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. अब टमाटर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, हल्दी और हल्का नमक डालकर मसाला तेल छोड़ने तक अच्छी तरह पकाएं.

सहजन (Drumsticks) पकाएं: तैयार मसाले में कटी हुई ड्रमस्टिक और आधा कप पानी डालकर ढक दें, ताकि सहजन गलकर सॉफ्ट हो जाए.

दाल मिलाएं: सहजन पक जाने के बाद इसमें पहले से उबली हुई तूर दाल डाल दें. इसे अच्छे से मिक्स करें और 2-3 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें ताकि सारे फ्लेवर एक-दूसरे में मिल जाएं.

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पाकिस्तान में 200 साल पुराना गुरुद्वारा गिराया: मॉल बनाने की तैयारी, बलूचिस्तान में विरोध; BJP बोली- सिखों की विरासत खत्म करने की कोशिश – Jalandhar News


पाकिस्तान में इसी ऐतिहासिक ‘श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा’ को गिराया गया है।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक ‘श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा’ को गिरा दिया गया। अब इस जगह पर एक मॉल का निर्माण किया जा रहा है।

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बलूचिस्तान गुरुद्वारा सिंह सभा के सदस्य सरदार जसबीर सिंह के अनुसार, पूरा सिख समाज इसका विरोध कर रहा है, लेकिन अभी तक सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही। उन्होंने बताया कि बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारे थे, जिनमें से अब सिर्फ 2 बचे हैं।

गुरुद्वारे को गिराए जाने पर भारत में भी कड़ा विरोध हो रहा है। भाजपा के नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह ने कहा कि ये पाकिस्तान में सिखों की विरासत खत्म करने की कोशिश है। अकाल तख्त साहिब को पाकिस्तान सरकार के सामने मामला उठाना चाहिए और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

भाजपा के नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह की पोस्ट।

200 साल पुराने गुरुद्वारे में खुला था स्कूल

क्वेटा के आर्चर रोड स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा परिसर में बाद में सेंट गैब्रिएल स्कूल संचालित हो रहा था। सिख समुदाय के नेता सरदार जसबीर सिंह के मुताबिक, अब उसी गुरुद्वारे को ढहाकर यहां शॉपिंग प्लाजा का निर्माण कराया जा रहा है। मामला बलूचिस्तान हाई कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल निर्माण रोकने से इनकार कर दिया है।

निजी बिल्डर को जमीन बेची गई

सिख समुदाय के मुताबिक, यह जमीन श्री गुरु सिंह सभा से जुड़ी संपत्ति थी। आरोप है कि इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) ने इसे एक निजी बिल्डर को बेच दिया। अब सवाल उठ रहा है कि ETPB को इस धार्मिक संपत्ति को बेचने का अधिकार किस आधार पर मिला और जमीन की बिक्री की प्रक्रिया क्या थी? इस पर पाकिस्तान सरकार या ETPB की ओर से आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है।

4 पॉइंट्स में पढ़ें क्या बोले आरपी सिंह…

  • मॉल का निर्माण तुरंत रोकने की मांगः भाजपा नेशनल स्पोक्सपर्सन आरपी सिंह ने गुरुद्वारा साहिब की जमीन पर हो रहे मॉल के निर्माण को तत्काल रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक गुरुद्वारा परिसर का पुनर्निर्माण और संरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही बलूचिस्तान ही नहीं, पूरे पाकिस्तान में बचे सिख धार्मिक स्थलों और उनकी संपत्तियों की सुरक्षा की मांग की।
  • गुरुद्वारा गिराने वालों पर एक्शन होः आरपी सिंह ने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को गिराए जाने की निंदा करते हुए इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल को हटाकर वहां व्यावसायिक निर्माण किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने गुरुद्वारा विध्वंस की पूरी और स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग उठाई।
  • अकाल तख्त साहिब से मामला उठाने की अपीलः आरपी सिंह ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में सिख धार्मिक विरासत से जुड़े मामलों पर स्पष्ट और कड़ा रुख सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण को लेकर गंभीरता से आवाज उठाने की जरूरत है।
  • यह सिर्फ इमारत नहीं, सिख विरासत का सवालः आरपी सिंह ने कहा कि मामला सिर्फ एक इमारत या जमीन तक सीमित नहीं है। गुरुद्वारे सिख इतिहास, धार्मिक परंपरा और गुरु साहिबान से जुड़ी स्मृतियों के केंद्र हैं। उन्होंने निशान साहिब और सिख धार्मिक विरासत से जुड़े स्थलों को संरक्षित करने की मांग करते हुए पाकिस्तान सरकार से इस मामले में जवाबदेही तय करने की अपील की।
पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे को जमीदोंज कर दिया गया।

पाकिस्तान में 125 साल पुराने गुरुद्वारे को जमीदोंज कर दिया गया।

फारूकाबाद में भी 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ा गया था

पाकिस्तान के फारूकाबाद में भी 125 साल पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब को तोड़ा गया था। इस पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि ये खबर बेहद दुखद है।

उन्होंने कहा था कि भारत इस घटना की कड़ी निंदा करता है। यह सिखों के एक पवित्र धार्मिक स्थल को जानबूझकर निशाना बनाकर की गई तोड़फोड़ है। सबसे चिंता की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाने की ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इससे साफ है कि वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमले अब भी जारी हैं।

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पाकिस्तान में 125 साल पुराना गुरुद्वारा तोड़ा:गुबंद गिराने पर सिखों में गुस्सा, तोड़फोड़ रुकवाई; ताला लगाकर जगह सील की

पाकिस्तान के पंजाब में गुरुद्वारों को गिराने का सिलसिला थम नहीं रहा। बीते शुक्रवार (26 जून) को फारूखाबाद (मंडी चूरकाना) में भूमाफिया ने प्रशासन के साथ मिलकर 125 साल पुराने ऐतिहासिक सिंह सभा गुरुद्वारे का एक हिस्सा गिरा दिया। पूरी खबर पढ़ें…



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आज बैंक खुले हैं या बंद? रक्षाबंधन पर किन राज्यों में है छुट्टी, जान लें


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Bank Holiday News : जिन राज्‍यों में बैंक बंद हैं, वहां ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप, यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) जैसी डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज का यूज कर सकते हैं.

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उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में आज बैंक बंद हैं.

नई दिल्‍ली. रक्षाबंधन का पावन त्योहार मनाया जा रहा है. कई राज्‍यों में आज स्‍कूल और सरकारी ऑफिस त्‍योहार के कारण बंद हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन को क्षेत्रीय अवकाश श्रेणी में रखा गया है. इस वजह से आज कुछ राज्‍यों में बैंक बंद है तो कुछ में खुलेंगे. ऐसे में यदि आप आज बैंक शाखा जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जानना जरूरी है कि आपके राज्य में छुट्टी है या नहीं.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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फर्जी पुलिस बनकर साइबर केस में फंसाने की धमकी: किशनगढ़बास पुलिस ने 25 हजार ऐंठने वाले दो आरोपी पकड़े, 2 बाइक भी जब्त – Khairthal-Tijara News




खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर साइबर अपराध के मामलों में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐंठने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 25 हजार रुपए नकद और दो बाइक बरामद की हैं। प्रशिक्षु आरपीएस एवं किशनगढ़बास थाना प्रभारी नेहा मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई 26 अगस्त को पुलिस कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि दो व्यक्ति नांगल मोजिया गांव के पास बाइक लेकर खड़े हैं। उन्होंने एक व्यक्ति को उसके बेटे के साइबर अपराध में फंसने का डर दिखाकर धमकाया और मुकदमे से बचाने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। आरोपियों में से एक ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और राजस्थान पुलिस की टी-शर्ट भी पहन रखी थी। सूचना मिलने के बाद किशनगढ़बास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नांगल मोजिया निवासी अब्दुल (28 वर्ष) पुत्र शहीद और साधूका, थाना किशनगढ़बास निवासी सलीम (36 वर्ष) पुत्र सरीफ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई जयपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश, खैरथल-तिजारा एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयासिंह एवं किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के निकट पर्यवेक्षण में की गई। इस पूरी कार्रवाई में थाना किशनगढ़बास की टीम की अहम भूमिका रही।



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