शाहजहांपुर में एक नाबालिग प्रेमिका की गला दबाकर हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके प्रेमी को शुक्रवार दोपहर दो बजे गिरफ्तार किया है। आरोपी ने हत्या के बाद शव को नहर में फेंक दिया था। यह घटना करीब एक सप्ताह पहले हुई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी और मृतका एक ही गांव के निवासी थे और पिछले पांच महीने से उनके बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों परिवारों को इसकी जानकारी नहीं थी। मृतका की मां ने 19 जून को सदर थाने में बेटी के अपहरण किये जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी। करीब एक सप्ताह पहले सिंधौली थाना क्षेत्र में एक नहर से नाबालिग लड़की का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव की पहचान अपनी बेटी के रूप में की थी। इसके बाद पुलिस ने एफआईआर में संबंधित धाराएं बढ़ाकर जांच शुरू की। जांच के दौरान गांव के 25 वर्षीय ऋतिक का नाम सामने आया। पुलिस की गहन विवेचना में पता चला कि ऋतिक और नाबालिग के बीच प्रेम प्रसंग था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि एक सप्ताह पहले वह अपनी प्रेमिका को बाइक पर घुमाने के लिए सिधौली क्षेत्र में नहर के पास ले गया था। वहां दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने मारपीट की और फिर गला दबाकर प्रेमिका की हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने नहर में फेंक दिया था। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने बताया कि युवक और नाबालिग के बीच प्रेम प्रसंग था। युवक ने गला दबाकर उसकी हत्या की और शव को नहर में फेंक दिया था।
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Palamu Sonu Farming Story: डिग्री हाथ में आते ही जहां युवा बड़े शहरों की ओर नौकरी के लिए भागते हैं. वहीं पलामू के खामडीह निवासी सोनू कुमार गुप्ता ने खेती को ही अपना फुल-टाइम करियर बना लिया. साल 2018 में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद सोनू ने नौकरी की अंधी दौड़ में शामिल होने के बजाय सब्जी उत्पादन का रुख किया, जिसने आज उनके परिवार की किस्मत बदल दी है. पहले उनका परिवार पारंपरिक रूप से सिर्फ धान-गेहूं उगाता था. जिसमें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था. सोनू ने इस ढर्रे को बदला और करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर करैला, नेनुआ, झिंगी, कद्दू और खीरा जैसी मौसमी सब्जियों की खेती शुरू की. आज वे तमाम लागत निकालकर सालाना 3 से 4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं. अब सोनू का अगला लक्ष्य ‘ट्रिपल लेयर’ (मल्टीलेयर) फार्मिंग जैसे आधुनिक वैज्ञानिक मॉडल को अपनाना है, ताकि एक ही जमीन से तीन गुना उत्पादन लिया जा सके. हालांकि, पलामू में बिजली संकट के कारण सिंचाई एक बड़ी बाधा है. सोनू का कहना है कि अगर सरकार से उन्हें सोलर पंप का सहयोग मिल जाए, तो वे लागत घटाकर इस मॉडल को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं.

