Friday, August 14, 2026
Home Blog

धौलपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का जागरूकता कार्यक्रम: आमजन, वाहन ड्राइवरों और यात्रियों को जुड़ने के लिए किया प्रेरित – Dholpur News




धौलपुर में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत जिला परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान विभागीय टीम ने रोडवेज बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर आमजन, वाहन चालकों और यात्रियों को अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अभियान के तहत रोडवेज बस स्टैंड परिसर में ‘हर घर तिरंगा’ से संबंधित स्टिकर लगाए गए। इसके अतिरिक्त, वाहन चालकों के वाहनों पर भी अभियान के संदेश वाले स्टिकर लगाए गए। इसका उद्देश्य सड़क पर चलने वाले वाहनों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाना था। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने तक सीमित नहीं है। यह देश के प्रति सम्मान, गौरव और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने आमजन से 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने घरों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने की अपील की। परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन चालकों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान तथा निर्धारित नियमों के अनुसार तिरंगा फहराने के संबंध में जानकारी प्रदान की। वाहन चालकों ने भी अभियान में सहयोग करते हुए स्वेच्छा से अपने वाहनों पर स्टिकर लगाए। विभाग ने सूचित किया है कि आगामी दिनों में भी बस स्टैंडों, सार्वजनिक स्थानों और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में जागरूकता गतिविधियां जारी रहेंगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़कर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश घर-घर तक पहुंचाना है।



Source link

अमेरिका की इस यूनिवर्सिटी ने शुरू किया कंटेंट क्रिएशन डिग्री कोर्स, इन्फ्लुएंसर्स को करियर बनाने में मिलेगी मदद


अमेरिका की प्रसिद्ध एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी (एएसयू) ने कंटेंट क्रिएशन में डिग्री प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स उन युवाओं के लिए तैयार किया गया है जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, डिजिटल स्टोरीटेलर या प्रोफेशनल कंटेंट क्रिएटर बनना चाहते हैं। विश्वविद्यालय का दावा है कि यह डिग्री क्रिएटर इकोनॉमी में करियर बनाने में छात्रों की प्रभावी मदद करेगी। बता दें कि, यूनिवर्सिटी ने अपने वाल्टर क्रोनकाइट स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के माध्यम से कंटेंट क्रिएशन में एक नई बैचलर डिग्री शुरू की है। इसका सिलेबस एएसयू के मास कम्युनिकेशन और मीडिया स्टडीज डिग्री के सिलेबस से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें मुख्य अंतर पॉडकास्टिंग, स्टूडियो प्रोडक्शन और ऑन-कैमरा प्रेजेंस पर विशेष ऐच्छिक कोर्सेज का होना है। 

डिग्री कोर्स की कीमत 

एएसयू में, एरिजोना के निवासियों के लिए स्कॉलरशिप को छोड़कर प्रति शैक्षणिक वर्ष की मूल ट्यूशन फीस लगभग 12,000 डॉलर है, लेकिन आवास, भोजन और अन्य शुल्कों को जोड़ने के बाद कुल लागत 37,000 डॉलर से अधिक हो सकती है। एरिजोना के बाहर के छात्रों के लिए, ट्यूशन फीस 35,000 डॉलर से अधिक है और स्कॉलरशिप से पहले कुल लागत लगभग 60,000 डॉलर है।

एएसयू को झेलनी पड़ीं आलोचनाएं 

एएसयू के इस कोर्स पर कई पक्षों से तुरंत आलोचना हुईं। कुछ लोगों का मानना ​​है कि कंटेंट क्रिएशन एक वैध पेशा नहीं है, तो कुछ लोग सोशल मीडिया के प्रोफशन में करियर शुरू करने के लिए कॉलेज की डिग्री के महत्व पर सवाल उठा रहे हैं। गौरतलब है कि, छात्रों की घटती संख्या के लिए प्रतिस्पर्धा करने के इच्छुक विश्वविद्यालय, छात्रों को आज के करियर के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नए कोर्सेज शुरू कर रहे हैं। हालांकि, इनसे रोजगार मिलने की संभावना पर बहस हो सकती है। 

एक्सपर्ट से समझिए इस कोर्स का महत्व 

  • कॉर्नेल विश्वविद्यालय में संचार की प्रोफेसर ब्रुक एरिन डफी के अनुसार ये कॉलेज कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतिनिधित्व करते हैं। डफी ने कहा कि पिछले एक साल में शिक्षा और अन्य क्षेत्रों के संस्थानों ने कंटेंट क्रिएशन को एक बेहतर करियर विकल्प के रूप में स्वीकार किया है। भले ही “इन्फ्लुएंसर” शब्द कुछ लोगों को असहज कर दे। डफी ने कहा कि एक आदर्श इन्फ्लुएंसर की छवि आमतौर पर एक “युवा लड़की की होती है जो सेल्फी ले रही होती है और बिना कुछ किए ही जबरदस्त लाभ कमा रही होती है।” लेकिन यह उन कंटेंट क्रिएटर्स के लिए नहीं है, जो मीडिया प्रोडक्शन, ऑडियंस रिटेंशन स्ट्रेटेजी, ब्रांड पार्टनरशिप और अपनी ऑनलाइन उपस्थिति से जुड़े व्यावसायिक संबंधों पर काम कर रहे हैं। डफी के मुताबिक, यह एक समय लेने वाला, श्रमसाध्य काम है जिसमें अक्सर अच्छी तनख्वाह नहीं मिलती, कम से कम शुरुआत में तो नहीं। लेकिन इस बात को अक्सर इस धारणा के पीछे छिपा दिया जाता है कि यह एक सपनों की नौकरी है। 
  • दूसरे एक्सपर्ट ईमार्केटर के प्रमुख विश्लेषक मैक्स विलेंस के मुताबिक, सोशल मीडिया पहले से ही एक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, और आने वाले वर्षों में यह और भी अधिक प्रतिस्पर्धी होने वाला है। ईमार्केटर का अनुमान है कि अमेरिका में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की आय इस साल 20 अरब डॉलर से ऊपर पहुंच जाएगी, लेकिन विलेंस ने कहा कि यह समझना महत्वपूर्ण है कि इसका व्यक्तिगत क्रिएटर्स के लिए क्या मतलब है। उन्होंने कहा, ‘उस पैसे का अधिकांश हिस्सा क्रिएटर्स की जेब में नहीं जा रहा है।’ 
  • कंटेंट क्रिएटर और अभिनेता सैमी क्रिस्टर्ना ने इस साल एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र और राजनीति विज्ञान में डिग्री के साथ स्नातक किया, लेकिन उन्होंने कहा कि अगर कंटेंट क्रिएशन प्रोग्राम उपलब्ध होता तो वह निश्चित रूप से उसमें कक्षाएं लेते और इस विषय को मुख्य विषय के रूप में चुनने पर विचार करते। क्रिस्टर्ना ने कहा कि ये कोर्स ब्रांड सौदों पर बातचीत करने, मॉनेटाइजेशन के अवसरों को अधिकतम करने और दर्शकों को आकर्षित करने और बनाए रखने के तरीके सीखने में उपयोगी होते। उन्होंने आगे कहा कि इनमें से कुछ कौशल अनुभव के माध्यम से स्वयं सीखे जा सकते हैं। फिर भी, “औपचारिक शिक्षा प्राप्त करना अच्छा है।”

कई संस्थान कर चुके हैं ऐसे कोर्स की शुरुआत

पिछले कुछ वर्षों में कई उच्च शिक्षा संस्थानों ने उभरते हुए कंटेंट क्रिएशन उद्योग पर केंद्रित पाठ्यक्रम शुरू कर दिए हैं और कई संस्थानों में सर्टिफिकेट या माइनर प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं। इनमें सिरैक्यूज़ विश्वविद्यालय, क्विनिपियाक विश्वविद्यालय और कोलोराडो स्टेट यूनिवर्सिटी के नाम शामिल हैं जिन्होंने माइनर कोर्स शुरू किए हैं और सेंट बोनावेंचर विश्वविद्यालय ने भी पूर्व में कंटेंट क्रिएशन में मेजर कोर्स की घोषणा की थी।

ये भी पढ़ें –


NCERT में 1596 और CBSE में 933 पद खाली, संसदीय समिति ने रिक्त पदों की संख्या पर जताई चिंता





Source link

सीडीओ के नेतृत्व में निकली तिरंगा यात्रा: अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया भाग, देशभक्ति का दिखा जोश – Bahraich News




बहराइच में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शुक्रवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सुनील कुमार धनवंत के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। यह तिरंगा यात्रा कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू हुई और शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। यात्रा में शामिल प्रतिभागियों के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था, और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘वंदे मातरम्’ के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से गूंज उठा। यात्रा का समापन शहीद स्मारक पर हुआ, जहां देश के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर देशभक्ति से ओत-प्रोत गीत भी प्रस्तुत किए गए। अधिकारियों ने बताया कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति कर्तव्यबोध की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया और राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया।



Source link

पति पर देह व्यापार में धकेलने का आरोप: हैदराबाद में 4 लोगों से करवाया गैंगरेप, किशनगंज महिला थाना में FIR दर्ज – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में एक महिला ने अपने पति पर जबरदस्ती देहव्यापार करवाने का आरोप लगाते हुए महिला थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि पति उसे गैर पुरुषों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था। साथ ही, सालों तक अननेचुरल सेक्स और शारीरिक प्रताड़ना का शिकार बनाता रहा। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। कोचाधामन थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि शादी के बाद से ही पति उसके साथ जबरन अननेचुरल सेक्स करता था। सामाजिक बदनामी और परिवार की प्रतिष्ठा के कारण वह लंबे समय तक चुप रही। शोषण का विरोध करने पर जान से मारने की दी धमकी पीड़िता के अनुसार, बाद में पति रोजगार दिलाने का झांसा देकर उसे दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे महानगरों में ले गया। वहां उसे जबरन देह व्यापार के धंधे में धकेल दिया और उससे कमाई गई रकम अपने पास रखता था। इस दौरान वह एक बच्ची की मां भी बनी, लेकिन इसके बावजूद पति उसका शोषण करता रहा। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। हैदराबाद से मायके लेकर आया भाई महिला ने आरोप लगाया है कि हैदराबाद में एक बार उसके पति ने उसे चार व्यक्तियों के साथ एक घर में बंद कर दिया, जहां उसके साथ गैंगरेप किया गया। घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बीमारी की सूचना मिलने पर उसका भाई हैदराबाद पहुंचा और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसे मायके लेकर आ गया। मायके पहुंचने के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी। कुछ दिनों बाद उसका पति भी वहां पहुंच गया और उसे दोबारा महानगर ले जाने का दबाव बनाने लगा। इनकार करने पर उसके साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गई। परिजनों ने उसका उपचार कराया। पीड़िता के आवेदन पर महिला थाने में FIR दर्ज स्वास्थ्य ठीक होने के बाद पीड़िता न्याय की गुहार लेकर महिला थाना पहुंची और लिखित शिकायत दी। महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी ने बताया कि पीड़िता के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।



Source link

भोपाल के मुगालिया हाट में आज शिविर: इलेक्ट्रिक बस से पहुंचे कमिश्नर-आईजी; 30 गांव के लोगों की समस्याएं दूर करेंगे – Bhopal News




भोपाल के मुगालिया हाट में शुक्रवार को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत शिविर शुरू हो गया है। इसमें आसपास के 30 गांव के लोगों की विभिन्न समस्याएं दूर की जाएगी। शिविर में शामिल होने के लिए कमिश्नर कर्मवीर शर्मा, आईजी राजेश सिंह चंदेल, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा समेत अन्य जिला अधिकारी 2 इलेक्ट्रिक बसों से रवाना हुए। एसपी देहात पंकज पांडे, जिला पंचायत सीईओ इला तिवारी समेत जिला अधिकारी भोपाल कलेक्टोरेट से इलेक्ट्रिक बस में सवार हुए और मुगालिया हाट पहुंचे। बता दें कि ईंधन बचाने का संदेश देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इलेक्ट्रिक कार की सवारी कर रहे तो जगदीशपुर में हुई कैबिनेट मीटिंग में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री, सभी मंत्री और अधिकारी इलेक्ट्रिक बसों से ही गए थे। इन्हें लेकर शिविर में होगी सुनवाई
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी अधिनियम और राजस्व प्रकरण की समीक्षा के साथ किसान आईडी, आयुष्मान भारत कार्ड, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन को लेकर शिविर में सुनवाई होगी। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। उद्यमियों से संवाद भी करेंगे
हुजूर तहसील के फंदा विकासखंड की ग्राम पंचायत मुगालिया हाट में लगे शिविर में शाम तक लोगों की समस्याओं और ग्राम पंचायतों से संबंधित प्रकरण का एक ही स्थान पर निराकरण किया जाएगा। इस अवसर पर क्षेत्र के उद्यमियों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों पर भी चर्चा की जाएगी।



Source link

रातभर साबूदाना भिगोना भूल गए तो टेंशन नहीं, ये आसान ट्रिक बचाएगी आपका समय, बनेगा खिला-खिला

0


Last Updated:

Sabudana Soaking Trick: साबूदाना की खिचड़ी, खीर या दूसरी फलाहारी डिश बनाने के लिए उसे घंटों भिगोना पड़ता है. अगर भिगोना भूल गए हैं तो सही मात्रा में गुनगुने पानी का इस्तेमाल करके इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

साबूदाना भिगोने की ट्रिक: कम समय में बनेगा खिला-खिला (Image-AI generated)

Sabudana Soaking Trick: साबूदाने की कोई डिश बनाने का मन हो और तभी याद आए कि इसे तो घंटों पहले भिगोना था! व्रत के दिनों में ऐसा अक्सर होता है. खासकर सावन सोमवार जैसे मौकों पर जब घर में फलाहारी खाना बनाने की तैयारी चल रही हो, तब साबूदाना खिचड़ी या साबूदाना वड़ा के लिए पहले से भिगोना भूल जाना पूरा प्लान बिगाड़ सकता है. आमतौर पर साबूदाना अच्छी तरह फूलने में 4 से 7 घंटे तक ले सकता है. मोटे दानों को तो और ज्यादा समय चाहिए होता है.

लेकिन हर बार रात में भिगोकर रखना संभव नहीं. ऐसे में एक आसान तरीका काम आ सकता है. बस साबूदाना धोने, पानी की मात्रा और तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. इससे कम समय में दाने नरम हो सकते हैं और सही तरीके से तैयार किए जा सकते हैं.

साबूदाना कितनी देर भिगोना जरूरी है?

साबूदाने को भिगोने का समय उसके आकार और क्वालिटी पर निर्भर करता है. छोटे दानों वाला साबूदाना सामान्य तौर पर करीब 4-5 घंटे में अच्छी तरह फूल सकता है, जबकि मोटे साबूदाने को 6-7 घंटे या उससे अधिक समय लग सकता है. यही वजह है कि इसे अक्सर रात में भिगोकर सुबह इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है. सही तरीके से भिगा हुआ साबूदाना दबाने पर आसानी से नरम हो जाता है, लेकिन दाने आपस में चिपकते नहीं हैं. यही टेक्सचर खिचड़ी जैसी डिश के लिए सबसे जरूरी है. ज्यादा पानी या जरूरत से ज्यादा भिगोने पर साबूदाना चिपचिपा हो सकता है और पूरी डिश का स्वाद व बनावट बिगड़ सकती है.

जल्दी तैयार करना हो तो अपनाएं ये तरीका

अगर साबूदाना पहले से भिगोना भूल गए हैं, तो सबसे पहले इसे 2-3 बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इससे अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है और दाने आपस में ज्यादा चिपकने से बचते हैं.

पानी की मात्रा रखें बिल्कुल सही

अब एक पैन में साबूदाने के बराबर मात्रा में पानी गर्म करें. मसलन, अगर आपने एक कप साबूदाना लिया है तो करीब एक कप पानी लें. पानी को उबालना नहीं है. वह सिर्फ इतना गर्म होना चाहिए कि उसे छूने पर बहुत तेज गर्माहट महसूस न हो. अब इस गुनगुने पानी में धुला हुआ साबूदाना डालकर बर्तन को ढक दें. करीब 20-25 मिनट के लिए इसे ऐसे ही छोड़ दें. इस दौरान दाने पानी सोखने लगेंगे. इसके बाद अगर थोड़ा पानी बचा है तो उसे निकाल दें और साबूदाने को दोबारा ढककर करीब 20-25 मिनट के लिए रख दें. कुछ मामलों में इससे साबूदाना काफी नरम और इस्तेमाल लायक हो जाता है. हालांकि अलग-अलग किस्म के साबूदाने में समय थोड़ा बदल सकता है, इसलिए डिश बनाने से पहले एक दाना दबाकर जरूर जांच लें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

जल्दबाजी में ये गलती न करें

साबूदाने को जल्दी फूलाने के चक्कर में खौलता हुआ पानी डालना सही तरीका नहीं है. बहुत गर्म पानी से बाहरी हिस्सा जल्दी नरम होकर चिपचिपा हो सकता है, जबकि अंदर का हिस्सा वैसा ही रह सकता है. इसी तरह जरूरत से ज्यादा पानी डालने पर भी दाने गीले और चिपचिपे हो सकते हैं. एक और बात ध्यान रखें. अगर साबूदाना पानी सोख चुका है तो उसे लंबे समय तक उसी पानी में पड़ा न रहने दें. अतिरिक्त पानी निकालकर उसे ढककर रखने से दानों की बनावट बेहतर रह सकती है.

खिचड़ी से लेकर खीर तक, ऐसे करें इस्तेमाल

जब साबूदाना अच्छी तरह नरम हो जाए तो इससे खिचड़ी, खीर, टिक्की, पराठा या दूसरी फलाहारी डिश तैयार की जा सकती है. खासकर व्रत के दौरान अचानक कुछ बनाने की जरूरत पड़ जाए तो यह तरीका समय बचाने में मदद कर सकता है. फिर भी अगर समय उपलब्ध हो, तो साबूदाने को सामान्य तरीके से कई घंटे भिगोना ही बेहतर विकल्प है. जल्दी वाला तरीका जरूरत के समय काम आ सकता है, लेकिन पानी का अनुपात और तापमान सही रखना सबसे अहम है.

About the Author

authorimg

Keerti Rajpoot

कीर्ति राजपूत हिंदी डिजिटल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 13 साल का अनुभव है. वर्तमान में वह साल 2021 से News18 हिंदी की धर्म टीम के साथ जुड़ी हैं, जहां…

और पढ़ें



Source link

हैदराबाद यूनिवर्सिटी विवाद पर CJI बोले-यह छात्रों और मेरा मामला: बार काउंसिल दखल देने वाला कौन; जस्टिस सूर्यकांत के विरोध पर इनरोलमेंट रोकने कहा था


नई दिल्ली24 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को हैदराबाद की लॉ यूनिवर्सिटी, NALSAR से जुड़े विवाद को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को फटकार लगाई। CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह छात्रों और मेरे बीच की बातचीत है, BCI इसमें दखल देने वाला कौन होता है?

CJI सूर्यकांत ने BCI के उस सर्कुलर पर नाराजगी जताई जिसमें NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट रोकने को कहा गया था। CJI ने कहा- यह बिल्कुल बेवजह था।

कोर्ट ने इस पर BCI नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने NALSAR के छात्रों और फैकल्टी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश दिया।

NALSAR के दीक्षांत में CJI को चीफ गेस्ट बनाने का विरोध हुआ था

NALSAR के करीब 450 छात्रों ने CJI सूर्यकांत को यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने का विरोध किया था। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को लेटर लिखकर आमंत्रण वापस लेने की मांग की थी। यह विरोध CJI की उन हालिया टिप्पणियों को लेकर था, जिन्हें छात्रों ने प्रदर्शनकारियों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान किया गया बताया था।

इसके बाद बार काउंसिल ने 13 अगस्त को सभी स्टेट बार काउंसिलों को निर्देश दिया था कि NALSAR के 2026 बैच के लॉ ग्रेजुएट्स का वकील के तौर पर एनरोलमेंट अगले आदेश तक न किया जाए। साथ ही यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से तीन दिन में रिपोर्ट मांगकर विरोध अभियान शुरू करने, उसे आयोजित करने या छात्रों को जुटाने वालों की जानकारी मांगी गई थी।

विवाद के बाद बार काउंसिल ने अपना फैसला बदला था

विरोध के बाद बार काउंसिल ने उसी दिन अपना फैसला बदल दिया। बार काउंसिल ने कहा कि 2026 बैच के ज्यादातर छात्र निर्दोष हैं और उन्हें किसी दूसरे की गलती के लिए नुकसान नहीं उठाना चाहिए। अब सभी NALSAR छात्र अपनी पसंद की स्टेट बार काउंसिल में एनरोल हो सकते हैं।

बार काउंसिल ने हालांकि कहा कि वह यूनिवर्सिटी से मांगी गई रिपोर्ट का इंतजार करेगी और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जा सकता है। बाद में काउंसिल ने छात्रों के खिलाफ अपनी कार्यवाही भी बंद कर दी और कहा कि बैच के छात्रों की किसी गड़बड़ी या आंदोलन में भूमिका नहीं मिली।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी BCI के एक्शन पर सवाल उठाए

बार काउंसिल ऑफ इंडिया के शुरुआती आदेश पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के अध्यक्ष और सीनियर वकील विकास सिंह ने भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे मनमाना, गैरकानूनी और जरूरत से ज्यादा कार्रवाई बताते हुए कहा था कि छात्रों को अपनी बात रखने के कारण वकालत में प्रवेश से वंचित करने की धमकी नहीं दी जानी चाहिए।

CJI सूर्यकांत के 3 बयान, जिसके कारण छात्र भड़के

15 मई: CJI ने कहा था- कुछ युवा कॉकरोच की तरह भटक रहे

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान युवाओं पर टिप्पणी की थी। CJI सूर्यकांत ने कहा था- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI और दूसरे तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं।’

इस बयान के बाद ही 16 जुलाई को अभिजीत दीपके नाम के शख्स ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम से सोशल मीडिया पेज बनाया। इसने ही दिल्ली जंतर-मंतर पर 35 दिन तक प्रदर्शन किया था।

22 जुलाई: CJI ने कहा था- हमें वीडियो देखने में दिलचस्पी नहीं है

दरअसल, 22 जुलाई को एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने कहा- छात्र महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। लेकिन उन पर पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई जल्द की जाए।

इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, ‘हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास देखने का समय नहीं है।’ जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।’ पढ़ें पूरी खबर…

24 जुलाई: CJI ने कहा था- किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया

प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की हिंसा से जुड़ी 2 याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें कई राज्य पक्षकार के तौर पर शामिल हैं। इनका जिक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतजार कर रहे थे। इन दलीलों के बाद CJI ने कहा, “इसे लिस्टिंग में आने दें, हम इस पर सुनवाई करेंगे।”

इससे पहले एक दूसरे मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था- मैंने CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज से जुड़ी किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया। सच ये है कि कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। मीडिया ने भी गलत खबरें चलाईं। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

जापान में एक घंटे में पूरे महीने की बारिश: 4 की मौत, एयरपोर्ट पर 7 हजार लोग फंसे; पहली बार खतरे की सबसे ऊंची चेतावनी जारी


टोक्यो1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

जापान की राजधानी टोक्यो से सटे चिबा प्रांत में गुरुवार रात महज एक घंटे में 115 मिमी बारिश हुई। यह सामान्य तौर पर पूरे अगस्त महीने में होने वाली बारिश के बराबर है।

मूसलाधार बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 घायल भी हुए हैं।

भारी बारिश के कारण नारिता एयरपोर्ट पर 7 हजार यात्री रातभर फंसे रहे, जबकि 4 लाख से ज्यादा लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश देना पड़ा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने पहली बार इस इलाके के लिए लेवल-5 की सबसे ऊंची चेतावनी जारी की है। यह सबसे ऊंचा अलर्ट होता है, जिसे जान पर तत्काल खतरा होने की स्थिति में जारी किया जाता है।

चिबा मेट्रो स्टेशन पर 13 अगस्त 2026 को भारी बारिश के दौरान टैक्सी का इंतजार करते लोग।

चिबा मेट्रो स्टेशन पर 13 अगस्त 2026 को भारी बारिश के दौरान टैक्सी का इंतजार करते लोग।

45 हजार घरों की बिजली गई, सेना राहत काम में जुटी

मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, गर्म और नमी वाली हवा जब ऊपर मौजूद ठंडी हवा से मिली, तो वातावरण बेहद खराब हो गया। इसी वजह से बहुत तेज बारिश हुई। विभाग ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक बारिश जारी रहने की आशंका है।

लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बिगड़ गए। करीब 45 हजार घरों की बिजली गुल हो गई, जबकि राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जापान की सेना भी तैनात की गई है।

कारों में फंसे लोगों की जान गई

इचिकावा शहर में बाढ़ से भरी सड़क पर 60 से 70 साल उम्र के एक व्यक्ति का शव मिला। वहीं, सकुरा शहर में 66 साल की एक महिला की मौत हो गई। उनकी कार बाढ़ के पानी में फंस गई थी।

इसके अलावा दो और लोगों की भी मौत हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वे भी बाढ़ के दौरान अपनी कारों से बाहर नहीं निकल सके।

चिबा मेट्रो स्टेशन के पास पानी से भरी सड़क पर एक यात्री के पास से गुजरती कारें। तस्वीर शुक्रवार की है।

चिबा मेट्रो स्टेशन के पास पानी से भरी सड़क पर एक यात्री के पास से गुजरती कारें। तस्वीर शुक्रवार की है।

गवर्नर बोले- ऐसा पहले कभी नहीं देखा

चिबा के गवर्नर तोशिहितो कुमागाई ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान के पुराने मौसम रिकॉर्ड को देखते हुए भी यह बेहद खराब स्थिति है। उन्होंने कहा-

QuoteImage

बेहद खतरनाक हालात हैं। मैंने जीवन में पहले भी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति पहले कभी नहीं देखी।

QuoteImage

कुमागाई ने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है और बचाव अभियान जारी रखा जाएगा।

जापान के चिबा प्रांत के ओमिशिरासातो में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं।

जापान के चिबा प्रांत के ओमिशिरासातो में शुक्रवार को भारी बारिश के बाद सड़कें पानी में डूब गईं।

बारिश थमी, लेकिन खतरा अभी बरकरार

शुक्रवार को बारिश कम हो गई, लेकिन प्रशासन ने अभी भी बाढ़ के खतरे को लेकर लोगों को सावधान किया है।

जापान के भूमि, बुनियादी ढांचा, परिवहन और पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी कज़ुहितो शिमामोटो ने लोगों से कहा कि जिन इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है, वहां अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएं। उन्होंने लोगों से स्थानीय प्रशासन के निकासी आदेशों पर ध्यान देने और खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगह जाने की अपील की।

जापान में 15 दिन में 3 तूफान आए

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से जापान में बहुत ज्यादा बारिश और दूसरी खतरनाक मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं।

बीते 15 दिनों के भीतर जापान ने एक-एक कर 3 बड़े तूफानों- ‘डॉल्फिन’, ‘चैन-होम’ और ‘पीलोउ’ का सामना किया है।

इस वजह से कई शहरों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, भूस्खलन और भीषण बाढ़ जैसे हालात हैं। ओकिनावा से लेकर टोक्यो तक जनजीवन ठप हो गया है, उड़ानें रद्द हैं और हजारों घरों में अंधेरा छाया हुआ है।

—————————–

जापान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

जापान में 200kmph की रफ्तार से बढ़ रहा डॉल्फिन तूफान:2.6 लाख लोगों को घर छोड़ने का आदेश; टोयोटा ने 9 फैक्ट्रियों में काम रोका

जापान की ओर करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से डॉल्फिन तूफान बढ़ रहा है। इसकी वजह से 2.6 लाख लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश दिए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Xiaomi ला रहा Samsung Galaxy Z Fold 8 जैसा दिखने वाला फोन, जल्द हो सकता है लॉन्च


Highlights

  • Xiaomi अपने अगले फोल्डेबल फोन को जल्द लॉन्च करने वाला है।
  • चीनी कंपनी का यह फोल्डेबल फोन सैमसंग के चौड़ी स्क्रीन वाले फोन की तरह दिखेगा।
  • इस फोन से जुड़े कई फीचर्स ऑनलाइन सामने आए हैं।

Xiaomi जल्द Samsung Galaxy Z Fold 8 जैसे दिखने वाले फोल्डेबल फोन को लॉन्च करने की तैयारी में है। चीनी कंपनी का यह फोल्डेबल फोन वाइड डिस्प्ले पैनल के साथ आएगा। इसे Xiaomi Mix Fold 5 के नाम से पेश किया जा सकता है। कंपनी के पिछले फोल्डेबल फोन Xiaomi Mix Fold 3 का डिजाइन रेगुलर बुक स्टाइल फोल्डेबल फोन की तरह है।

सितंबर में होगा लॉन्च?

चीनी ब्रांड का यह फोल्डेबल फोन Xiaomi 18 सीरीज से पहले लॉन्च किया जा सकता है। रिपोर्ट की मानें तो इसे अगले महीने यानी सितंबर में चीनी मार्केट में पेश किया जाएगा। वहीं, ग्लोबल मार्केट में यह फोन साल के आखिर में पेश किया जा सकता है। इसमें Android 17 पर बेस्ड HyperOS 4 मिल सकता है। कंपनी पहले ही इस ऑपरेटिंग सिस्टम की घोषणा कर चुकी है। इसमें मौजूदा HyperOS 3 के मुकाबले अपग्रेड किया गया है।

मिलेगी 4:3 रेश्यो वाली स्क्रीन

चीनी टिप्स्ट डिजिटल चैट स्टेशन (DCS) ने Weibo पर इस अपकमिंग फोल्डेबल फोन को लेकर दावा किया है। इसमें भी Samsung Galaxy Z Fold 8 की तरह 4:3 आसपेक्ट रेश्यो वाला वाइड फोल्डेबल स्क्रीन मिलेगी। फोन के फोल्डेबल स्क्रीन में सेल्फी कैमरा को साइड में अलाइंड किया जाएगा। इसका डिजाइन फोल्डेबल टैबलेट की तरह होगा। इस फोन को लेकर अन्य कोई जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

कंपनी के पिछले Mix Fold 3 के फीचर्स की बात करें तो अगस्त 2023 में पेश हुए इस फोन में 8.02 इंच का फोल्डेबल डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके अलावा फोन में 6.56 इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। यह फोन Qualcomm Snapdragon 8 Gen 2 चिपसेट के साथ आता है। इसमें 4,500mAh की बैटरी दी गई है, जिसके साथ फास्ट वायर्ड और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है।

अपकमिंग Mix Fold 5 में कंपनी Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट का इस्तेमाल कर सकती है। इसके अलावा फोन में 200MP का कैमरा दिए जाने की संभावना है। सैमसंग के फोल्डेबल फोन में भी कंपनी ने 200MP का मेन कैमरा यूज किया है। यह फोन भी क्वालकॉम के फ्लैगशिप चिपसेट के साथ आता है। इसमें 12GB रैम और 512GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है।

यह भी पढ़ें – Realme ला रहा 7000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन, जल्द भारत में होगा लॉन्च, BIS पर हुआ लिस्ट





Source link

डांसर के दिल के करीब ‘किरोड़ी बाबा’: लॉटरी में निकली खर्रा जी की ‘मुस्कुराहट’; रिश्वतखोरी का ‘भैंस-कनेक्शन’ – Rajasthan News




नमस्कार, यूडीएच मंत्रीजी बार-बार गुस्सा हो रहे थे, इस बार उनके चेहरे पर मुस्कान बिखर ही गई। डांसर गौरी नागौरी का कहना है कि मंत्री किरोड़ी लाल जी मुस्कुरा कर देख लेते हैं, इतना ही काफी है और बालोतरा से ट्रांसफर कराने के लिए पटवारी ने ‘बड़े-बड़ों’ से सिफारिश करवा दी। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. लॉटरी में निकली खर्राजी की ‘मुस्कुराहट’ यूडीएच मंत्रीजी से निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर सवाल पूछे जा रहे थे। हर बार वो यही कहते के सरकार जल्दी चुनाव कराएगी। चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हुई तो तमाम तरह के आंदोलन शुरू हो गए। मांगें उठने लगीं, लोग धरने पर बैठने लगे। अब निकाय चुनाव में आरक्षण की लॉटरी निकल चुकी है। निकायों की आरक्षण लॉटरी निकालते वक्त मंत्रीजी बार-बार मुस्कुराते नजर आए। बीते दिनों सार्वजनिक मंचों और स्थानों पर वे गुस्से में तमतमाते दिखे थे। सीकर में एक बार पीए पर भड़के और फिर संगठन की बैठक में माइक संभाल रहे कार्यकर्ता पर। प्रेशर में गुस्सा निकलता ही है। अब प्रेशर हट गया। सबका ध्यान चुनाव में चला गया है। मंत्रीजी हल्का महसूस कर रहे होंगे। यही वजह है कि खोई हुई मुस्कान लौट आई है। देखने वाली बात ये मुस्कान चुनाव के बाद भी बरकरार रहती है या नहीं। 2. दिल में ‘किरोड़ी बाबा’ डांसर गौरी नागौरी किरोड़ी बाबा की तारीफ करते नहीं थक रही हैं। उनकी तुलना फिल्मी सितारों से कर दी। बोलीं- उनके एक इशारे पर लोग धूप-उमस में बैठे रहे। समर्थक उनके लिए इतने पागल हैं कि बाबा कहें तो 24 घंटे बैठे रहें। दौसा के मीणा हाईकोर्ट पर डांसर गौरी ने अपनी प्रस्तुति देकर दिल जीत लिया था। रही-सही कसर दौसा वालों को ये कहकर पूरी कर दी कि मुझे दौसा वालों से प्यार है। मंच संचालक तुरंत बीच में कूदा। पूछा- किरोड़ी बाबा भी बैठे हैं। गौरी बोली- वे तो दिल के पास हैं। मंत्रीजी का चेहरा खिल गया। गौरी नागौरी कई बार राजनीति में आने की महत्वकांक्षा जाहिर कर चुकी हैं। राजनीति में एंट्री के लिए माकूल वक्त का इंतजार है। जब तक डांस से फेम और पैसा मिल रहा है, चल रहा है। इसके बाद राजनीति में प्रवेश के लिए कोई तो चाहिए। गौरी से एक पत्रकार ने पूछा- क्या किरोड़ी बाबा से 2028 के चुनाव को लेकर टिकट की बात हुई? गौरी ने चतुराई से जवाब दिया। कहा- इस बारे में बात नहीं हुई, वे मुस्कुरा कर मेरी तरफ देख लेते हैं, इसी में सब कुछ है। 3. भ्रष्टाचार का ‘भैंस-कनेक्शन’ वे पूर्व मंत्री हैं। उनका नाम रोहिताश्व शर्मा है। वे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के करीबी रहे। 5 साल पहले पार्टी विरोधी बयानबाजी के कारण उन्हें 6 साल के लिए बाहर कर दिया गया। वे बानसूर में घूसखोरी पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा- ऐसा नहीं था कि हमारे समय में भ्रष्टाचार नहीं था। तब अफसर डरते थे। दलालों के जरिए घूस लेते थे। अब तो कुर्सी पर बैठकर ऐसे रकम मांगते हैं जैसे भैंस बेचकर पैसा ले रहे हों। धड़ाके से बोलते हैं कि 5 हजार क्यों नहीं लाया रे? उन्होंने लोगों से कहा- हम भी इस व्यवस्था के आम नागरिक भी जिम्मेदार हैं। ये मत सोचो कि घूस नहीं दी तो काम नहीं होगा। मुझे सूचना दो और मेरा टेस्ट ले लो। मैं 2 मिनट में अफसर को सीधा कर दूंगा। फिर उन्होंने नाम लिए बिना विरोधी दल के नेताओं पर निशाना साधा। बोले- वे सब महाचोर हैं। वे मंत्री रहे। उनकी चोरी के आंकड़े मैंने अखबार में दिए। सोचिए। मंत्री को कोई चोर कह दे फिर भी उसका कुछ न बिगड़े, इसका मतलब मंत्री वाकई चोर है। गलत बोल रहा हूं तो जांच करा लो, गिरफ्तार कर लो। सरपंचों से पूछ लो कि इनका कटिंग की कितनी रकम मिलती थी। 5 लाख देने की बातें होती थी लेकिन कितना पैसा जेब में जाता था? कमीशन में चला जाता था। होशियार सरपंच ही कुछ बचा ले जाता था। पूर्व मंत्रीजी बानसूर में करप्शन पर बातें कर रहे थे और खबर आई कि नजदीकी कस्बे विराटनगर में तहसीलदार साहब रीडर समेत एसीबी के हत्थे चढ़ गए। रजिस्ट्री के कागजात सौंपने के नाम पर 55 हजार की रिश्वत लेते धरे गए। 4. चलते-चलते.. यूं तो 36 गुणों का विधान विवाह संस्कार में देखा जाता है। लेकिन एक पटवारी ऐसे हैं जिनके 36 के 36 गुण नेतागण से मिलते हैं। पटवारी साहब बालोतरा जिले के खेड़ गांव में पदस्थापित थे। भगवान जाने इन्होंने किस रीति-नीति से काम किया कि उन्हें चाहने वाले लोग उनके भक्त बन गए। और न चाहने वाले लोगों ने उनकी बदली कराने में पूरा जोर लगा दिया। उन्हें रोककर रखने वाले भी कम नहीं और दौड़ाने वालों की भी कमी नहीं। आखिरकार पटवारी साहब ने अपने गृह जिले जोधपुर जाने की मंशा जाहिर कर दी। उनके लिए बड़े बड़े नेताओं ने सिफारिश के पैगामों की झड़ी लगा दी। जोधपुर विधायक अतुल भंसाली, राजस्थान धरोहर प्रधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, पूर्व राज्यमंत्री महेंद्र राठौड़, यहां तक कि मंत्री जोराराम कुमावत तक ने सिफारिशी चिट्‌ठी लिख दी। ऐसे में ट्रांसफर होना ही था। जब ट्रांसफर की सूचना आई तो आधी रात घरों से निकलकर कुछ लोगों ने आतिशबाजी कर डाली। बोले कि पटवारी साहब से परेशान थे। अब निजात मिली। जबकि कुछ लोग कलेक्ट्रेट भागे और तबादला निरस्त करने की मांग करने लगे। कहा कि ऐसा पटवारी कभी नहीं मिलेगा। हमें तो यही पटवारी चाहिए। नौकरी चलेगी तब तक चलेगी। बाकी नेतागिरी में पटवारी महोदय का भविष्य उज्ज्वल कहा जा सकता है। इनपुट सहयोग- स्मित पालीवाल, रिषभ सैनी (जयपुर), राघवेंद्र गुर्जर (दौसा)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।



Source link