Thursday, June 18, 2026
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जरुरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर मंथन: इधर मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के 70 मरीजों ने ऑनलाइन फिजियोथेरपी वर्कशॉप में लिया हिस्सा – Pali (Marwar) News




श्री क्षत्रिय युवक संघ के आनुसंगिक संगठन श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के तत्वावधान में आशापुरा मंदिर परिसर में जिलास्तरीय राजकीय कर्मचारी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को पुष्पांजलि अर्पित कर तथा संघ के संस्थापक पूज्य तन सिंह के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं गणेश वंदना के साथ किया गया।
कार्यशाला में जिले के विभिन्न विभागों के राजकीय कर्मचारियों ने भाग लिया और अपने विचार साझा किए। इस दौरान समाज में व्याप्त कुरीतियों के उन्मूलन, अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने तथा उन्हें अधिकतम लाभ दिलाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में महावीर सिंह गुड़ा भीमसिंह, राजेंद्र सिंह गुड़ा, सूरसिंह, प्रेमपाल सिंह मुंडारा, दलपत सिंह गुड़ा, केसर सिंह, भवानी सिंह सादड़ा, परबत सिंह खिंनदारा एवं विचित्र सिंह मगरतलब सहित कई वक्ताओं ने समाज हित से जुड़े विचार रखे।
जयपुर से आए श्री क्षत्रिय युवक संघ के केंद्रीय कार्यकारी सदस्य रेवंत सिंह पाटोदा ने कहा कि राजकीय सेवा में रहते हुए अन्य समाजों के लोगों के साथ बेहतर समन्वय और सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं की सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया।
फाउंडेशन के जिला प्रभारी कुन्दन सिंह खैरवा ने बताया कि आगामी महीनों में आयोजित होने वाले शिविरों एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा पर प्रांत प्रमुख हीर सिंह लौड़ता के साथ चर्चा की गई। वहीं संभाग प्रमुख मोहब्बत सिंह धींगाना ने नए कैलेंडर वर्ष के अनुसार अधिक से अधिक बालक-बालिकाओं को शिविरों में भेजने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन दिग्विजय सिंह कोलीवाड़ा ने किया। ऑनलाइन फिजियोथेरेपी सत्र आयोजित
स्वावलम्बन फाउंडेशन की ओर से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित लोगो एवं केयरगिवर्स (देखभालकर्ताओ) के लिए ऑनलाइन फिजियोथेरेपी सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से 70 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
बता दे कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एक आनुवंशिक एवं प्रगतिशील दुर्लभ बीमारी है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होती जाती हैं और समय के साथ उनका क्षय होने लगता है। इस बीमारी का प्रभाव चलने-फिरने, बैठने, खड़े होने, हाथों की गतिविधियों तथा श्वसन क्रिया पर भी पड़ सकता है। कार्यक्रम के विशेषज्ञ वक्ता डॉ. संदीप कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, फिजियोथेरेपी कॉलेज, बाबा फरीद स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, फरीदकोट रहे। उन्होंने मस्कुलर डिस्ट्रॉफी से प्रभावित व्यक्तियों के लिए नियमित व्यायाम, स्ट्रेचिंग, जोड़ों की गतिशीलता बनाए रखने, श्वसन संबंधी व्यायाम तथा दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली फिजियोथेरेपी तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
सत्र के दौरान प्रतिभागियों एवं केयरगिवर्स द्वारा पूछे गए विभिन्न प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए तथा घर पर सुरक्षित रूप से किए जा सकने वाले व्यायामों के बारे में मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस अवसर पर स्वावलंबन फाउंडेशन के फ़ाउंडर डॉ वैभव भंडारी ने संस्था की ओर से मस्कुलर डिस्ट्रॉफी एवं दुर्लभ बीमारियों के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, जागरूकता अभियानों, सहायता कार्यक्रमों तथा पुनर्वास प्रयासों की भी जानकारी साझा की और भविष्य में भी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी योद्धाओं एवं उनके परिवारों के लिए ऐसे ज्ञानवर्धक एवं सहायक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।



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Alpha Teaser: पैसा देकर करवाई जा रही है आलिया की ट्रोलिंग? विक्रम भट्ट ने खोली PR की पोल


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Alia Bhatt Trolled for Alpha: क्या आलिया भट्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर साजिश हो रही है?’अल्फा’ टीजर के बाद आलिया की ट्रोलिंग पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने बॉलीवुड के एक बहुत बड़े डार्क सीक्रेट से पर्दा उठाया है. उन्होंने बताया कि कैसे कंपटीटर्स को बदनाम करने के लिए बोट्स और पेड ट्रोलिंग का सहारा लिया जाता है. नीचे पढ़ें विक्रम भट्ट का यह एक्सक्लूसिव और चौंकाने वाला बयान.

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‘अल्फा’ टीजर के बाद फिर ट्रोल हुईं आलिया भट्ट

Vikram Bhatt Support Alia Bhatt: फिल्म मेकर विक्रम भट्ट ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा किया है. दरअसल बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक आलिया भट्ट इन दिनों बार-बार ट्रोलिंग का शिकार हो रही हैं. अभी कुछ दिन पहले वह कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर भारत का नाम रौशन करने पहुंची थी, जहां उनके लुक और विदेशी मीडिया का उन्हें कवर न करने को लेकर तमाम बातें बनाई गई थीं. आलिया जहां कान्स में अपने खूबसूरत लुक के साथ पोज दे रही थीं,वहीं ट्रोलर्स कह रहे थे कि उन्हें कोई नोटिस नहीं कर रहा है.

अब हाल ही में आलिया की एक्शन फिल्म ‘अल्फा’ टीजर रिलीज हुआ है. जिसके बाद से एक्ट्रेस एक बार फिर ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई. लेकिन अब इस पूरे मामले पर विक्रम भट्ट ने नाराजगी जताते हुए आलिया का खुलकर सपोर्ट किया है. इसके अलावा उन्होंने पेड पीआर के डार्क सीक्रेट का खुलासा किया है. जिसके बाद से हर जगह इसकी बात की चर्चा हो रही है.

अल्फा के टीजर का किया बचाव

आलिया भट्ट इन दिनों अपनी फिल्म ‘अल्फा’ को लेकर चर्चा में हैं. वहीं इस मूवी का टीजर जब से सामने आया है, इंटरनेट पर कुछ लोग लगातार उनकी बुराई कर रहे हैं. इस बारे में बात करते हुए विक्रम भट्ट ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि लोग आलिया को क्यों ट्रोल कर रहे हैं.बेचारी आलिया को बिना बात के परेशान किया जा रहा है.विक्रम भट्ट के मुताबिक उन्हें अल्फा का टीजर बिल्कुल ठीक लगा और उसमें कोई कमी नहीं है. उन्होंने ट्रोलर्स को सलाह देते हुए कहा कि अगर आपको कोई फिल्म नहीं देखनी है तो मत देखिए, लेकिन किसी कलाकार पर इस तरह पर्सनल अटैक करना बिल्कुल गलत है.

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QS World University Ranking में IIT Delhi का कमाल, लगातार दूसरे साल भारत का टॉप संस्थान बना


आईआईटी-दिल्ली ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में लगातार दूसरे वर्ष भारतीय संस्थानों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है। आईआईटी दिल्ली वैश्विक स्तर पर पांच पायदान ऊपर चढ़कर 118वें स्थान पर पहुंच गया है। ये किसी भारतीय संस्थान के लिए अब तक का सर्वोच्च स्थान है, जिसे पहली बार आईआईटी-बॉम्बे ने 2025 की रैंकिंग में हासिल किया था। आईआईटी-बॉम्बे, जो अतीत में देश की सूची में शीर्ष पर रहा था, 129वें स्थान से गिरकर 134वें स्थान पर आ गया है। पिछले साल भी यह 11 रैंक नीचे गिर गया था।

क्या होती है QS World University Ranking  

QS World University Ranking दुनिया की सबसे लोकप्रिय विश्वविद्यालय रैंकिंग में से एक है, जो ब्रिटेन की कंपनी Quacquarelli Symonds (QS) हर साल जारी करती है। यह रैंकिंग अकादमिक रेपुटेशन (30%), एम्प्लॉयर रेपुटेशन (15%), फैकल्टी-स्टूडेंट रेशियो, साइटेशंस पर फैकल्टी, इंटरनेशनलाइजेशन और एम्प्लॉयमेंट आउटकम्स जैसे इंडिकेटर्स पर आधारित होती है। 2026-27 संस्करण में MIT टॉप पर है, उसके बाद इंपीरियल कॉलेज और स्टैनफोर्ड हैं। लाखों छात्रों को बेहतर विश्वविद्यालय चुनने में मदद करने वाली यह रैंकिंग शिक्षा की गुणवत्ता, रिसर्च और ग्लोबल आउटलुक को मापती है।

Image Source : IITआईआईटी दिल्ली का जलवा।

देश के टॉप-10 संस्थानों में आईआईटी 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) देश के शीर्ष 10 संस्थानों की सूची में अपना दबदबा बनाए हुए हैं। आईआईटी दिल्ली और आईआईटी मुंबई के अलावा, आईआईटी मद्रास (पिछले साल के 180वें स्थान से ऊपर आकर इस साल 170वें स्थान पर) वैश्विक स्तर पर शीर्ष 200 संस्थानों में शामिल होने वाला एकमात्र भारतीय संस्थान है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनके अलावा, हिमाचल प्रदेश में स्थित निजी संस्थान शूलिनी यूनिवर्सिटी ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज भी भारत के शीर्ष 10 विश्वविद्यालयों की सूची में 452वें स्थान पर पहुंच गई है, जो पिछले साल का 503वां स्थान है।

राष्ट्रीय स्तर पर कौन से संस्थान कर रहे बेहतर 

आईआईटी खड़गपुर (205), आईआईटी कानपुर (221), भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर (221), दिल्ली विश्वविद्यालय (322), आईआईटी रुड़की (335) और आईआईटी गुवाहाटी (349)। इनमें से, आईएससी और आईआईटी गुवाहाटी की रैंकिंग पिछले वर्ष की तुलना में गिर गई है।

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नीट-यूजी परीक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट: बुलंदशहर के आठ केंद्रों पर कड़ी निगरानी रहेगी, केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देश जारी – Bulandshahar News




बुलंदशहर में 21 जून को होने वाली नीट (यूजी)-2026 परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी कुमार हर्ष की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने पर जोर दिया गया। यह परीक्षा जनपद के आठ केंद्रों पर दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी केंद्र व्यवस्थापकों को शासन की गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण परीक्षा है, जिसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों और केंद्र प्रभारियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। अभ्यर्थियों को सघन जांच और पहचान सत्यापन के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। जांच कार्य में लगी नामित एजेंसी के प्रतिनिधियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा के सुचारु संचालन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्रत्येक केंद्र पर मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पर्याप्त संख्या में केंद्रीय बल और पुलिस बल भी लगाया जाएगा, ताकि सुरक्षा पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नीतीश कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी प्रखर पांडेय, जिला विद्यालय निरीक्षक विनय कुमार सहित संबंधित अधिकारी और परीक्षा केंद्रों के प्रभारी उपस्थित रहे।



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कटनी में 3 महीने से पेंशन ठप: 1.06 लाख हितग्राही दाने-दाने को मोहताज; शासन से नहीं मिली राशि – Katni News


कटनी जिले में 1.06 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राही पिछले तीन महीने से पेंशन राशि से वंचित हैं। शासन स्तर से राशि का आवंटन न होने के कारण मार्च 2024 के बाद से इन हितग्राहियों के खातों में एक भी रुपया नहीं पहुंचा है। इससे दिव्यांग, वृद्ध, विधवा और

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सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं जिले में ठप पड़ी हैं। भीषण गर्मी में अपनी ट्राईसाइकिल और लाठी के सहारे बेसहारा लोग जनपद कार्यालयों और ग्राम पंचायतों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है।

पेंशन न मिलने से भुखमरी की नौबत

बड़वारा जनपद क्षेत्र के ग्राम रोहनिया निवासी कुशल बर्मन (दृष्टिबाधित) की आपबीती स्थिति को दर्शाती है। बर्मन ने बताया कि परिवार में उनका पालन-पोषण करने वाला कोई नहीं है और वह बिल्कुल अकेले हैं। शासन से मिलने वाली पेंशन ही उनका एकमात्र सहारा थी, जिससे दो वक्त की रोटी का इंतजाम होता था।

मार्च महीने से उनके खाते में पैसे नहीं आए हैं, जिससे अब भुखमरी की नौबत आ गई है। उन्हें दूसरों से मांगकर पेट भरना पड़ रहा है और वे दर-बदर भटक रहे हैं। यह कहानी सिर्फ कुशल बर्मन की नहीं, बल्कि जिले के हजारों दिव्यांगों और अन्य हितग्राहियों की है।

तीन महीने से पेंशन नहीं, हितग्राही परेशान

सामाजिक न्याय विभाग की ओर से संचालित जिन प्रमुख योजनाओं का लाभ पिछले तीन महीने से नहीं मिल पा रहा है, उनमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना, बहुविकलांग एवं मानसिक रूप से अविकसित निःशक्तजनों को आर्थिक सहायता, निःशक्त पेंशन योजना, दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता राशि, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना, परित्यक्ता और मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना शामिल हैं।

तीन महीने से पेंशनधारी भुगतान को तरसे लाभार्थी

1 लाख 6 हजार लाभार्थियों का भविष्य अधर में ​विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले भर में इन सभी योजनाओं को मिलाकर कुल लाभार्थियों की संख्या लगभग 1 लाख 6 हजार है। मार्च, अप्रैल और मई बीत जाने के बाद अब जून का महीना भी आधा खत्म हो चुका है।

लेकिन इन लाचारों के खातों में पेंशन की राशि नहीं आई है। सबसे ज्यादा मार उन दिव्यांगों और बुजुर्गों पर पड़ रही है, जिनका कोई और सहारा नहीं है और जो पूरी तरह इसी राशि पर आश्रित रहे।

पेंशन अटकने से 1.06 लाख हितग्राही परेशान

उपसंचालक, सामाजिक न्याय विभाग अनुराग मोदी ने बताया कि शासन स्तर से राशि का आवंटन नहीं होने के कारण पिछले तीन महीनों से दिव्यांगों और अन्य हितग्राहियों की पेंशन जारी नहीं हो सकी है। राशि उपलब्ध होते ही सभी पात्र हितग्राहियों के खातों में पेंशन की राशि तत्काल ट्रांसफर कर दी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों और शासन स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है।

​स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार एक तरफ बड़ी-बड़ी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रही है। वहीं समाज के सबसे कमजोर वर्ग को तीन महीने से उनके हक की मामूली राशि भी नसीब नहीं हो रही है।



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भोजपुर के शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार सस्पेंड: कर्तव्यहीनता और गंभीर चूक पर DIG ने की कार्रवाई; युवक ने पुलिसकर्मी पर तानी थी पिस्टल – Bhojpur News




भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौंटी गांव में पुलिसकर्मियों पर हथियार तानने और उससे जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। शाहाबाद प्रक्षेत्र के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने मामले में घोर लापरवाही और कर्तव्यहीनता पाए जाने पर शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई भोजपुर एसपी राज की अनुशंसा पर की गई। साथ ही ड्यूटी पर तैनात एक सब इंस्पेक्टर और सिपाही को भी निलंबित किया गया है। विभागीय कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बिलौंटी गांव में भरत भूषण तिवारी द्वारा अवैध हथियार लहराने की सूचना मिलने पर मंगलवार को पुलिस टीम जांच के लिए पहुंची थी। इसी दौरान युवक ने पुलिसकर्मियों के सामने पिस्तौल निकाल ली और उन्हें निशाना बनाते हुए हथियार तान दिया। घटना का वीडियो किसी ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे। हालांकि पुलिस एनकाउंटर में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई। मुठभेड़ के दौरान गोली लगी थी। एसपी की रिपोर्ट पर की गई कार्रवाई हैरानी की बात यह रही कि घटना के दौरान युवक को तत्काल काबू नहीं किया जा सका। वीडियो में युवक की मां भी मौजूद दिख रही है, जो पुलिसकर्मियों और अपने बेटे को समझाने का प्रयास कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने जांच कराई, जिसमें पुलिसकर्मियों की लापरवाही और कर्तव्य निर्वहन में गंभीर चूक सामने आई। इसके बाद एसपी की रिपोर्ट पर डीआईजी ने शाहपुर थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया। छत पर चढ़कर पुलिस टीम पर की फायरिंग बुधवार की सुबह भरत तिवारी फिर से फेसबुक पर लाइव आता है। वो छत पर खड़ा होकर पिस्टल लहराता और पुलिस को चुनौती देता है। वह खुद को व्यवस्था सुधार की लड़ाई लड़ने वाला बताते हुए सिस्टम में बदलाव की मांग दोहराता रहा। फेसबुक लाइव पर हथियार लहराने की खबर सुनकर पुलिस फिर से भरत तिवारी के घर पहुंचती है। पुलिस टीम उसके घर को घेर लेती है, लेकिन भरत तिवारी के घर का दरवाजा बंद रहता है। पुलिस ने सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन वो नहीं माना पुलिस को देखकर भरत तिवारी छत से ही पुलिस टीम पर फायरिंग कर देता है। वो काफी देर तक छत पर खड़ा होकर पिस्टल लहराता रहता है। कई घंटों तक ड्रामे के बाद आरोपी किसी तरह घर से निकलकर खेतों की ओर पहुंच जाता है। वो वहां भी पुलिस को खुलेआम ललकारता रहा। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी लगातार उसे आत्मसमर्पण के लिए समझाते हैं। आखिरकार आरोपी एक और हवाई फायरिंग करता है। वो पुलिस को कहता है कि मेरी मांग मान लीजिए, मैं हथियार फेंक दूंगा। पुलिस कहती है तुम्हारी हर मांग मान ली गई है। जिसके बाद वो पुलिस के सामने हथियार फेंक देता है। लेकिन जैसे ही पुलिस उसे पकड़ने जाती है वो पिस्टल उठा लेता है। उसके बाद पुलिस फायरिंग करती है। 2 गोली भरत के पैर में लगती है और वो खेत में गिर जाता है। इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई।



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वर्ल्ड अपडेट्स: भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू, G7 में मोदी- स्टार्मर ने इसकी घोषणा की


36 मिनट पहले

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भारत और ब्रिटेन का फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। पीएम नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस समझौते पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए थे। दोनों नेताओं की फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मुलाकात हुई थी। यानी कारोबारियों को नई व्यवस्था की तैयारी के लिए 28 दिन मिलेंगे। पीएम मोदी ने इसे भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

भारतीय कपड़े, फुटवियर और कुछ खाद्य उत्पादों पर टैरिफ घटाएगा। भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को ब्रिटेन में काम के दौरान दोहरे सोशल सिक्योरिटी योगदान से राहत मिलेगी। यह राहत 36 महीने से बढ़ाकर 60 महीने तक होगी। भारत में ब्रिटिश व्हिस्की पर शुल्क 150% से घटकर 40% होगा। ऑटोमोबाइल पर शुल्क कोटा के तहत 100% से घटकर 10% होगा।

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बघेलखंड की परंपरा से जुड़ा मीठा स्वाद गुलगुला, नोट करें झटपट वाली रेसिपी


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Gulgula Recipe: मीना द्विवेदी ने कहा कि स्वादिष्ट और मुलायम गुलगुले बनाने के लिए सबसे पहले एक कप गुड़ को डेढ़ कप गुनगुने पानी में अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इस घोल को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें. अब दो कप गेहूं के आटे में एक चम्मच सौंफ और एक चौथाई चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं.

सतना. बघेलखंड की पहचान सिर्फ उसकी बोली, लोकगीत और संस्कृति तक सीमित नहीं है बल्कि यहां के पारंपरिक व्यंजन भी लोगों के दिलों में खास जगह रखते हैं. इन्हीं में से एक है गुलगुला, जिसे कई लोग मीठा पुआ भी कहते हैं. गुड़, गेहूं के आटे और सौंफ से बनने वाला यह पारंपरिक पकवान आज भी गांवों से लेकर शहरों तक बड़े चाव से खाया जाता है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और बेहद साधारण सामग्री से तैयार होने वाला यह व्यंजन स्वाद में किसी मिठाई से कम नहीं होता. शाम की चाय हो, त्योहार का मौका हो या घर में कोई छोटा-मोटा शुभ कार्य, गुलगुले की खुशबू माहौल को मीठा बना देती है.

बघेलखंड के घरों में गुलगुला सिर्फ एक व्यंजन नहीं बल्कि परंपरा का हिस्सा माना जाता है. वर्षों से महिलाएं इसे घर में बनाती आ रही हैं. गुड़ की प्राकृतिक मिठास और सौंफ की खुशबू इसे खास स्वाद देती है. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी मेहमानों के स्वागत या पारिवारिक आयोजनों में गुलगुले बनाए जाते हैं. यही वजह है कि नई पीढ़ी भी इस पारंपरिक स्वाद से जुड़ी हुई है.

ऐसे तैयार करें गुलगुले का घोल
लोकल 18 से बातचीत में सतना निवासी मीना द्विवेदी ने बताया कि स्वादिष्ट और मुलायम गुलगुले बनाने के लिए सबसे पहले एक कप गुड़ को डेढ़ कप गुनगुने पानी में अच्छी तरह घोल लें. इसके बाद इस घोल को छानकर ठंडा होने के लिए रख दें. अब दो कप गेहूं के आटे में एक चम्मच सौंफ और एक चौथाई चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं. फिर गुड़ का पानी धीरे-धीरे डालते हुए पकौड़े जैसा गाढ़ा घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल में किसी तरह की गुठलियां न रहें. इसके बाद घोल को ढककर लगभग 15 से 20 मिनट तक रख दें ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए.

तलने का तरीका बनाता है स्वाद को खास
तलने से ठीक पहले घोल में एक चुटकी बेकिंग सोडा डालकर अच्छी तरह फेंट लेना चाहिए. इसके बाद कड़ाही में तेल या घी को मध्यम आंच पर गर्म करें. हाथों को हल्का गीला करके उंगलियों की मदद से घोल को छोटी-छोटी बॉल्स के रूप में तेल में डालें. गुलगुलों को लगातार अलट-पलट करते हुए मध्यम आंच पर लगभग पांच से छह मिनट तक तलें. जब उनका रंग सुनहरा और गहरा भूरा हो जाए, तब उन्हें बाहर निकाल लें. इस तरीके से बने गुलगुले बाहर से कुरकुरे और अंदर से नरम और जालीदार बनते हैं.

जन्मदिन और शुभ कार्यों का खास हिस्सा
पहले के समय विंध्य क्षेत्र में केक काटने का चलन नहीं था. ऐसे में बच्चों के जन्मदिन, नामकरण, पूजा-पाठ या अन्य मांगलिक अवसरों पर सबसे पहले गुलगुले बनाए जाते थे. बुजुर्गों का मानना था कि घर में मीठा बनने और कड़ाही चढ़ने से सुख-समृद्धि आती है. समय के साथ खाने-पीने की आदतें जरूर बदली हैं लेकिन बघेलखंड में गुलगुले का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है. त्योहारों, पारिवारिक आयोजनों और खास मौकों पर इसकी मौजूदगी अब भी देखने को मिल जाती है. बघेली लोकगीतों और लोक-संस्कृति में भी इसका जिक्र मिलता है. यही वजह है कि गुलगुला आज भी लोगों को अपने बचपन, गांव और पुरानी परंपराओं की मीठी यादों से जोड़ने का काम करता है.

About the Author

Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.



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’25-30 धुरंधर एक्टर्स की फिल्म है’, ‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टारकास्ट पर बोले सुनील शेट्टी


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अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी मल्टी स्टारर फिल्मों में से एक होने वाली है. इस फिल्म में कलाकारों की इस भारी-भरकम फौज के साथ काम करने के अनुभव पर सुनील शेट्टी ने खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि यह किसी एक स्टार की नहीं, बल्कि 25-30 धुरंधर एक्टर्स की फिल्म है और यही इसका सबसे बड़ा आकर्षण है. सुनील के मुताबिक, आजकल के युवा एक्टर्स को मल्टी-स्टारर फिल्मों से डरना नहीं चाहिए और किसी भी फिल्म की असली सफलता एक-दूसरे का सपोर्ट करने में हैं.

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‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को रिलीज होगी.

नई दिल्ली. सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. दिलचस्प बात है कि इस फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार और परेश रावल की तिकड़ी भी नजर आएगी. यह एक जबरदस्त एक्शन-कॉमेडी ड्रामा फिल्म है, जिसमें बॉलीवुड सितारों की एक बहुत बड़ी फौज है. इस बीच सुनील शेट्टी ने ‘वेलकम टू द जंगल’ की शूटिंग और काम करने के अपने अनुभव को लेकर खुलकर बात की है. उनका कहना है कि ‘वेलकम टू द जंगल’ किसी एक एक्टर नहीं बल्कि 25-30 धुरंधर सितारों की फिल्म है.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सुनील शेट्टी ने फिल्म के माहौल को लेकर एक मजेदार किस्सा शेयर किया. उन्होंने कहा, ‘यह एक बेहतरीन एक्शन, कॉमेडी और फुल एंटरटेनिंग फिल्म है. लेकिन सच बताऊं तो हमारे लिए फिल्म में एक्शन करना कोई मुश्किल काम नहीं था. असली चुनौती तो यह थी कि सेट पर इतने मजेदार माहौल के बीच अपने चेहरे पर गंभीरता कैसे बनाए रखें. वहां इतने धुरंधर कलाकार थे कि जब भी कोई को-स्टार कोई मजेदार पंचलाइन मारता था, तो हम सब अपनी हंसी रोक ही नहीं पाते थे और हंसी छूटते ही शॉट कट करना पड़ता था.’

25-30 धुरंधर सितारों की फिल्म है ‘वेलकम टू द जंगल’

सुनील शेट्टी ने आगे कहा कि यह फिल्म किसी एक इंसान के भरोसे नहीं टिकी है, बल्कि यह 25-30 धुरंधर कलाकारों की फिल्म है. इस फिल्म की असली खूबसूरती और इसका बज भी इसी वजह से है. सेट पर मौजूद हर एक्टर की अपनी एक अलग फैन फॉलोइंग है और हम सब मिलकर इस फिल्म को आगे ले जा रहे हैं.

यंग सितारों को लेकर क्या बोले सुनील शेट्टी?

उन्होंने कहा, ‘आजकल के युवा सितारे अक्सर दो हीरो या मल्टी-स्टारर फिल्मों में काम करने से असुरक्षित महसूस करने लगते हैं. लेकिन मेरा मानना है कि आपकी असली मजबूती ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनने और मिलकर दर्शकों का मनोरंजन करने में है. जब आप अपने साथी कलाकार के साथ खड़े होते हैं, एक-दूसरे को सपोर्ट करते हैं, तभी फिल्म कमाल करती है. किसी भी एक्टर के लिए सबसे बड़ी असुरक्षा फिल्म का फ्लॉप होना होना चाहिए, सक्सेस कभी असुरक्षित नहीं हो सकती.’

‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टार कास्ट

बताते चलें कि ‘वेलकम टू द जंगल’ की स्टारकास्ट में अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल के अलावा दिशा पाटनी, जैकलिन फर्नांडिस, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन और लारा दत्ता जैसे बड़े नाम शामिल हैं. इनके अलावा फिल्म में फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार और जाकिर हुसैन जैसे कई जाने-माने चेहरे एक साथ पर्दे पर धमाल मचाते दिखाई देंगे. कॉमेडी से भरपूर यह एंटरटेनर फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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Kamta PrasadSenior Sub Editor

कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें





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शिवसेना उद्धव की संसदीय समिति की बैठक आज: सभी 9 लोकसभा सांसदों को आने का निर्देश, 6 के बागी होने की खबर


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मुंबई2 घंटे पहले

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शिवसेना (यूबीटी) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर गुरुवार को होने वाली संसदीय दल की बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

पार्टी की ओर से 16 जून को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि विभिन्न संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। बैठक गुरुवार सुबह 11 बजे संसद भवन स्थित संसदीय दल के कार्यालय में होगी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब यूबीटी के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छह सांसदों ने बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजी। हालांकि, अभी स्पीकर या बागी गुट की तरफ इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

स्पीकर को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजने की चर्चा

यूबीटी के बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। संजय ने बुधवार सुबह ही पार्टी छोड़ने की खबरों को खारिज किया था। इस बीच दिल्ली में राज्यसभा सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बागी सांसदों को गाली दी।

राउत ने कहा- ये साले #$% के। ये बेईमान लोग हैं। बेईमानी उनके खून में हैं। राउत ने बाद में सफाई देते हुए कहा- मराठी में ऐसे शब्द आम बोलचाल का हिस्सा हैं। राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के 9 में से सिर्फ 3 सांसद, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और अरविंद सावंत मौजूद रहे। राउत ने कहा कि बाकी सांसदों को खुद सामने आकर अटकलों का खंडन करना चाहिए।

शिवसेना में चार साल में यह दूसरी बड़ी टूट है। जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर शिवसेना का अलग गुट बनाया था।

6 सांसदों के गुट को दल-बदल कानून से मिल सकती है राहत

  • लोकसभा में शिवसेना (UBT) के 9 सांसद हैं। दल-बदल कानून के तहत किसी दल में टूट के बाद अयोग्यता से बचने के लिए कम से कम दो-तिहाई सांसदों का साथ होना जरूरी है।
  • यानी अगर 9 में से 6 सांसद एक साथ अलग होने का फैसला करते हैं, तो वे खुद को वैध गुट बताने का दावा कर सकते हैं।
  • इसी वजह से 6 सांसदों के बगावत करने की खबर राजनीतिक और कानूनी, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
  • जानकारों के मुताबिक, सिर्फ अलग गुट बनाना ही काफी नहीं होगा।
  • आगे चलकर इन सांसदों को किसी दूसरे दल में विलय की प्रक्रिया भी पूरी करनी पड़ सकती है, ताकि उनकी स्थिति कानूनी रूप से और मजबूत हो सके।

कांग्रेस बोली- शाह लोकसभा में अपनी बेइज्जती की भरपाई कर रहे

कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी दलों के सांसदों को भाजपा में शामिल कराने की कोशिश करने और भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया है।

पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने X पर कहा- शाह यह सब 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में हुई अपनी बेइज्जती की भरपाई के लिए कर रहे हैं, जब वे परिसीमन विधेयकों को पास नहीं करवा पाए थे।

रमेश ने कहा- शाह के प्रलोभन ऐसे कई लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, जो सिर्फ दो साल पहले मजबूत भाजपा-विरोधी एजेंडे पर चुने गए थे और अब भाजपा में शामिल हो रहे हैं। …………………………

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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छह सांसदों ने बुधवार सुबह 9:30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे गुट में विलय के लिए चिट्ठी भेजी। हालांकि, अभी स्पीकर या बागी गुट की तरफ इसकी पुष्टि नहीं की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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