Saturday, June 27, 2026
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किसी को नहीं था भरोसा,तब राकेश झुनझुनवाला ने टाइटन पर लगाया दांव, रचा इतिहास


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शेयर बाजार में बड़ी कमाई सिर्फ सही कंपनी चुनने से नहीं, बल्कि सही समय पर भरोसा करने से होती है. दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने यही करके दिखाया था, जब उन्होंने टाइटन में उस समय निवेश किया, जब ज्यादातर निवेशक उससे दूरी बना रहे थे. आज यही निवेश भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में गिना जाता है.

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टाइटन में राकेश झुनझुनवाला ने क्यों किया था बड़ा निवेश? रामदेव अग्रवाल ने बताया सफलता का राज. (Representative Image: AI)

नई दिल्ली. भारत के मशहूर निवेशक राकेश झुनझुनवाला का टाइटन में किया गया निवेश आज भी निवेशकों के लिए प्रेरणा का उदाहरण माना जाता है. उस दौर में टाइटन को लेकर बाजार में ज्यादा उत्साह नहीं था. कंपनी कमजोर मांग, सोने की बढ़ती कीमतों, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कुछ आंतरिक चुनौतियों से जूझ रही थी. इसके चलते शेयर की कीमत करीब 30 से 35 रुपये के आसपास थी और ज्यादातर निवेशक इसे आकर्षक विकल्प नहीं मान रहे थे. लेकिन झुनझुनवाला ने भीड़ से अलग सोच दिखाई और इसी दौर में कंपनी के शेयर खरीदने शुरू कर दिए. उनका यह फैसला आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी निवेश सफलता साबित हुआ.

क्या थी झुनझुनवाला की सबसे बड़ी ताकत
मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि राकेश झुनझुनवाला में सस्ते लेकिन मजबूत कारोबार पहचानने की अनोखी क्षमता थी. उनके अनुसार, यह सिर्फ पढ़ाई या अनुभव का परिणाम नहीं था, बल्कि बाजार को समझने की एक स्वाभाविक प्रतिभा थी. जब उन्हें किसी कंपनी में भविष्य दिखाई देता था, तो वह पूरे विश्वास के साथ निवेश करते थे. टाइटन के मामले में भी उन्होंने कंपनी की तत्काल मुश्किलों के बजाय उसके मजबूत ब्रांड, अनुभवी प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं को देखा. खासतौर पर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क के जरिए कंपनी के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया.

धैर्य ने बनाया निवेश को करोड़ों का खजाना
टाइटन में शुरुआती दौर में कई लोगों ने निवेश किया था, लेकिन लंबे समय तक टिके रहना हर किसी के बस की बात नहीं थी. राकेश झुनझुनवाला ने दो दशक से भी ज्यादा समय तक अपने निवेश पर भरोसा बनाए रखा. इसी धैर्य का नतीजा यह रहा कि 31 मार्च 2026 तक झुनझुनवाला परिवार के पास Titan में करीब 5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20,250 करोड़ रुपये पहुंच गई. यह दिखाता है कि शेयर बाजार में केवल सही कंपनी चुनना ही काफी नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक निवेश बनाए रखना भी उतना ही जरूरी होता है.

टाइटन ने कारोबार और मुनाफे दोनों में दिखाई शानदार रफ्तार
टाइटन ने सिर्फ शेयर बाजार में ही नहीं, बल्कि अपने कारोबार में भी लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह बढ़कर 76,078 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. वहीं, कंपनी का शुद्ध लाभ 52 प्रतिशत बढ़कर 5,073 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने ज्वेलरी कारोबार के साथ-साथ घड़ियों, आईवियर और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी मजबूत की है. तनिष्क आज भी टाइटन की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है और आने वाले वर्षों में कंपनी अपने ज्वेलरी कारोबार को और तेजी से बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है.

निवेशकों के लिए क्या है सबसे बड़ा सबक?
टाइटन की कहानी सिर्फ एक सफल शेयर की कहानी नहीं है, बल्कि यह धैर्य, भरोसे और दूरदर्शी सोच की मिसाल भी है. जब बाजार किसी कंपनी को नजरअंदाज कर रहा था, तब राकेश झुनझुनवाला ने उसके भविष्य को पहचाना. उन्होंने जल्द मुनाफा कमाने की बजाय लंबे समय तक निवेश बनाए रखा और कंपनी के मजबूत होते कारोबार का पूरा लाभ उठाया. यही वजह है कि टाइटन आज उनकी सबसे यादगार निवेश सफलता मानी जाती है. यह कहानी नए और पुराने दोनों तरह के निवेशकों को सिखाती है कि मजबूत कारोबार वाली कंपनी में सही समय पर किया गया धैर्यपूर्ण निवेश लंबे समय में असाधारण संपत्ति बना सकता है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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‘हर दिन हमारा मार्गदर्शन करती हो’, हर दिन मां के बारे में सोचती हैं माधुरी दीक्षित


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माधुरी दीक्षित की मां स्नेहलता दीक्षित की आज बर्थ एनिवर्सरी है. इस मौके पर उन्होंने मां के साथ वाली कई तस्वीरों का एक कोलाज शेयर किया और भावुक नोट लिखा है. इसमें उन्होंने बताया कि वह हर दिन अपनी मां को याद करती हैं. उनकी गाइडेंस ही वह एक अच्छी एक्ट्रेस और महिला बन सकी हैं.

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माधुरी दीक्षित मां की बर्थ एनिवर्सरी पर भावुक हुईं.

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने अपनी मां स्नेहलता दीक्षित को उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर याद किया और कहा कि ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब वह उनके बारे में न सोचती हों और ज़िंदगी के छोटे-छोटे पलों में उनकी मौजूदगी महसूस न करती हों. माधुरी ने अपने स्टोरीज सेक्शन में अपनी और अपनी मां की तस्वीरों का एक कोलाज शेयर किया. इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “हैप्पी बर्थडे, आई. ऐसा कोई दिन नहीं बीतता जब मैं आपके बारे में न सोचूं और जिंदगी के छोटे-छोटे पलों में आपकी मौजूदगी महसूस न करूं.”

माधुरी दक्षित ने आगे लिखा, “आपका प्यार, हिम्मत और अपनापन हर दिन हमारा मार्गदर्शन करते हैं. आपकी हमेशा याद आती है और आज प्यार के साथ आपको याद कर रही हूं.” दरअसल, माधुरी की मां, स्नेहलता दीक्षित का जन्म 27 जून को हुआ था. 12 मार्च, 2023 को मुंबई स्थित उनके घर पर 91 साल की उम्र में निधन हो गया था.

माधुरी दीक्षित का पोस्ट.

माधुरी दीक्षित अक्सर अपनी मां को याद करती रहती हैं. अपनी मां की बर्थ एनिवर्सरी पर भी एक्ट्रेस ने उनके साथ की कुछ खूबसूरत तस्वीरों के साथ एक प्यारा सा नोट भी लिखा. करियर की बात करें तो, माधुरी को हाल ही में रिलीज ‘मां बहन’ में देखा गया था. इस डार्क कॉमेडी फिल्म को सुरेश त्रिवेणी ने नेटफ्लिक्स के लिए डायरेक्ट किया है. माधुरी के अलावा, फिल्म में तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा, रवि किशन, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज जैसे कलाकार भी हैं.

माधुरी दीक्षित ने ‘मिसेज देशपांडे’ में निभाया लीड रोल

माधुरी दीक्षित हाल में नागेश कुकुनूर द्वारा डायरेक्ट की गई ओटीटी सीरीज ‘मिसेज देशपांडे’ भी शामिल है. इसमें वह एक सीरियल किलर का किरदार निभाती नजर आई थीं. यह कहानी एक पुलिस वाले के बारे में है जो एक कॉपीकैट किलर के मामले की जांच करता है. अपराधों के रहस्य को सुलझाने के लिए, वे जेल में बंद उस सीरियल किलर से संपर्क करते हैं जिसके तरीकों की नकल की जा रही होती है.

माधुरी दीक्षित ने की 70 से ज्यादा फिल्में

बता दें, माधुरी दीक्षित 70 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं और उन्हें पूरे देश में ऐसी स्टारडम मिली जिसने भारतीय पॉपुलर कल्चर को प्रभावित किया. उन्हें पुरुषों के दबदबे वाले इस इंडस्ट्री में अपने पुरुष साथियों के बराबर स्टारडम हासिल करने और लीड रोल निभाने का श्रेय दिया जाता है.

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रमेश कुमारSenior Sub Editor

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें





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सुरियावां में 101 टीबी रोगियों को पोषण पोटली मिली: भदोही को प्रदेश में प्रथम स्थान, जनसहयोग से मिली सफलता – Bhadohi (Sant Ravidas Nagar) News




राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 101 क्षय (टीबी) रोगियों को पोषण पोटली वितरित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, पूर्व विधायक रवीन्द्र नाथ त्रिपाठी, जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने संयुक्त रूप से टीबी रोगियों को पोषण पोटली प्रदान की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि जनपदवासियों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, निक्षय मित्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के सक्रिय सहयोग से अब तक 2,200 से अधिक पोषण पोटलियों का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इसी जनसहयोग, सहभागिता और स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों के परिणामस्वरूप जनपद ने इस अभियान में प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद में 1,440 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बलगम की नियमित जांच के माध्यम से रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, प्रत्येक पात्र रोगी को भारत सरकार द्वारा प्रतिमाह ₹1,000 की पोषण सहायता भी प्रदान की जा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य बीमारी है। यदि रोगी समय पर जांच कराकर चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार नियमित रूप से दवाओं का सेवन करे, तो वह पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष में तीन बार संचालित होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान के दौरान संभावित टीबी रोगियों का चिन्हीकरण कर उनकी जांच एवं उपचार भी सुनिश्चित कराया जाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने टीबी रोगियों के पोषण एवं उपचार में समाज की सक्रिय भागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से निक्षय मित्र बनकर इस मानवीय अभियान में सहयोग करने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने कहा कि टीबी रोगियों का मनोबल बढ़ाना, उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना तथा उन्हें समाज का सहयोग उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहयोग से ही टीबी मुक्त समाज का सपना साकार होगा।



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DM ने स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसी का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया: कटिहार में 6 बच्चों की सुविधाओं, रिकार्ड्स की जांच; स्वच्छता पर फोकस – Katihar News




जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिला निरीक्षण समिति के साथ विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) का औचक निरीक्षण किया। किशोर न्याय (बालकों की देख-रेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत यह निरीक्षण बच्चों को दी जा रही बुनियादी सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और विधिक प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से किया गया। संस्थान में वर्तमान में कुल 06 बच्चे आवासित हैं। जिला पदाधिकारी ने संस्थान में रह रहे बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, खेल-कूद और उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बच्चों से उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी ली। डीएम ने प्रत्येक बच्चे की हेल्थ रिपोर्ट और टीकाकरण रिकॉर्ड की भी जांच की। CWC के आदेशों की गहन जांच की निरीक्षण समिति के सदस्यों ने बच्चों के व्यक्तिगत अभिलेख, दत्तक ग्रहण से जुड़ी पत्रावलियां, केस हिस्ट्री और बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेशों की गहन जांच की। बच्चों के शयनकक्ष, रसोईघर, शौचालय और परिसर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। जिला पदाधिकारी ने स्वच्छता मानकों को उच्च बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए। रसोई में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया। बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था का भी आकलन किया गया, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास और सुरक्षा गार्ड की उपलब्धता शामिल थी। इसके अतिरिक्त, संस्थान में कार्यरत कर्मियों की उपस्थिति पंजी, प्रशिक्षण रिकॉर्ड और बच्चों के प्रति उनके व्यवहार की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने संस्थान के प्रभारी को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित काउंसलिंग, खेल गतिविधियों और शिक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने, CARINGS पोर्टल को अद्यतन रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। इस निरीक्षण के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, सिविल सर्जन प्रतिनिधि और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।



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बेसन नहीं मूंग दाल से बनाएं सॉफ्ट खमन ढोकला, स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रेसिपी


Moong Dal Khaman Dhokla Recipe: आप रोज़ाना एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ हेल्दी, हल्का और स्वाद से भरपूर बनाना चाहते हैं, तो मूंग दाल का खमन ढोकला आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकता है. बेसन वाला ढोकला तो लगभग हर घर में बनता है, लेकिन इस बार थोड़ा नया एक्सपेरिमेंट कीजिए. मूंग दाल, सूजी और पोहे का अनोखा कॉम्बिनेशन इस रेसिपी को खास बनाता है. यही वजह है कि यह ढोकला अंदर से बेहद मुलायम, ऊपर से जालीदार और खाने में बिल्कुल बाजार जैसा लगता है. ‘अनिता की रसोई’ से मिली यह आसान रेसिपी उन लोगों के लिए भी बढ़िया है, जो हेल्दी खाने की तरफ ध्यान दे रहे हैं.

मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है और पचने में भी हल्की मानी जाती है. वहीं सूजी इसका टेक्सचर बेहतर बनाती है और पोहा इसे लंबे समय तक सॉफ्ट बनाए रखता है, अगर आप बच्चों के टिफिन, शाम की चाय या वीकेंड ब्रंच के लिए कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें.

क्यों खास है मूंग दाल का यह ढोकला?
ढोकला आमतौर पर बेसन या चने की दाल से बनाया जाता है, लेकिन मूंग दाल वाला यह वर्जन स्वाद और सेहत दोनों के मामले में आगे है. इसमें इस्तेमाल होने वाली खट्टी छाछ बैटर को नेचुरल फ्लेवर देती है, जबकि सूजी और पोहा इसे बेहतरीन स्पंज जैसा टेक्सचर देते हैं. इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती और कम समय में पौष्टिक नाश्ता तैयार हो जाता है.

सामग्री
1. 1 कप धुली हुई पीली मूंग दाल
2. ½ कप सूजी
3. ¼ कप धुला हुआ पोहा
4. ½ कप खट्टी छाछ
5. स्वादानुसार नमक
6. 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
7. 1 चम्मच तेल
8. 1 पैकेट इनो फ्रूट साल्ट
9 . 1 चम्मच पानी

तड़के के लिए
1. 1 चम्मच तेल
2. 1 चम्मच राई
3. 1 चम्मच सफेद तिल
4. 2 बारीक कटी हरी मिर्च
5. 8-10 कड़ी पत्ते
6. चुटकी भर हींग
7. ½ कप पानी
8. 1 चम्मच चीनी
9. बारीक कटा हरा धनिया
10. कद्दूकस किया हुआ ताजा नारियल

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ऐसे करें तैयारी
सबसे पहले मूंग दाल को अच्छी तरह धो लें. अब इसे 3 से 4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें, अगर सुबह नाश्ता बनाना है, तो दाल को रातभर भी भिगोकर रखा जा सकता है. दाल फूलने के बाद इसका पानी निकाल लें और मिक्सर जार में डालें. इसके साथ सूजी, पोहा और खट्टी छाछ डालकर बारीक पीस लें. बैटर ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए. अब इस बैटर को एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें नमक, हल्दी और एक चम्मच तेल डालकर करीब 2 मिनट तक एक ही दिशा में फेंटें. ऐसा करने से बैटर में अच्छी हवा भरती है और ढोकला ज्यादा स्पंजी बनता है.

इनो मिलाने का सही तरीका
स्टीमर या कढ़ाई में पहले से पानी गर्म होने के लिए रख दें. जिस थाली में ढोकला बनाना है, उसे तेल लगाकर चिकना कर लें. अब बैटर में इनो डालें और ऊपर से एक चम्मच पानी छिड़क दें. जैसे ही झाग बनने लगे, बैटर को हल्के हाथों से मिलाएं. ध्यान रखें कि इनो डालने के बाद ज्यादा देर न करें, वरना ढोकला अच्छी तरह फूल नहीं पाएगा.

स्टीम करने का तरीका
तुरंत बैटर को ग्रीस की हुई थाली में डालें और हल्का सा थपथपा दें. ऊपर से चुटकी भर लाल मिर्च पाउडर छिड़क दें. अब थाली को गर्म स्टीमर में रखें और मध्यम आंच पर 15 मिनट तक पकाएं. 15 मिनट बाद चाकू डालकर चेक करें, अगर चाकू साफ निकल आए, तो समझिए ढोकला तैयार है. इसे बाहर निकालकर 5 मिनट तक ठंडा होने दें और फिर मनचाहे आकार में काट लें.

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महू के भेरू घाट की ढलान पर फिर हादसा: पांच वाहन आपस में भिड़े, भोपाल की युवती की मौत, युवक घायल – Mhow News




शनिवार दोपहर महू के मानपुर थाना क्षेत्र में आगरा-मुंबई फोरलेन स्थित भेरू घाट पर एक सड़क हादसा हो गया। घाट की ढलान पर चार से पांच वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में भोपाल की एक युवती की मौत हो गई वहीं एक अधेड़ घायल हो गया। मानपुर थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले ने बताया कि भोपाल के नेहरू नगर निवासी रजनी पति विजय सिंह (34) और भोपाल निवासी एसके राय पिता केदारनाथ (59) घायल हुए थो। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए फोरलेन पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर आवागमन सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घाट की ढलान पर वाहनों की गति अनियंत्रित होने और एक के बाद एक ब्रेक लगने से यह टक्कर हुई। पुलिस दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रही है। अक्सर होते हैं भेरू घाट पर हादसे भेरू घाट की ढलान को लंबे समय से दुर्घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। तेज रफ्तार, तीखा ढलान और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण यहां अक्सर हादसे होते रहते हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी राज किशन भी मौके पर पहुंचीं और जांच का जायजा लिया।



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गुजरात के खेड़ा में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका: 6 मजदूर घायल; इनमें दो गंभीर, आवाज 4 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी


नाडियाद1 घंटे पहले

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गुजरात में खेड़ा जिले के कपडवंज में अवैध पटाखा फैक्ट्री में शनिवार को धमाका हो गया

गुजरात में खेड़ा जिले के कपडवंज में अवैध पटाखा फैक्ट्री में शनिवार को धमाका हो गया। हादसे में छह लोग घायल हो गए, जिनमें से दो मजदूर गंभीर हैं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हादसा 9:30 बजे हुआ।

धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के गांवों में धरती कांप उठी। धमाके की आवाज 4 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई। दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दिए।

हादसे की 4 तस्वीरें:

दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दे रहे थे।

दूर-दूर तक धुएं के गुबार दिखाई दे रहे थे।

दमकल की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।

दमकल की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।

धमाके से पूरी इमारत की छत ढह गई।

धमाके से पूरी इमारत की छत ढह गई।

धमाके के बाद दूर तक धुआं उठता देख लोगों की भीड़ जमा हो गई।

धमाके के बाद दूर तक धुआं उठता देख लोगों की भीड़ जमा हो गई।

विस्फोट की आवाज सुनकर भागे लोग

धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भयभीत होकर अपने घरों से बाहर भागे और घटनास्थल पर पहुंचे। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकलकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय विधायक अधिकारी और अपने दल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

इस बात का संदेह है कि कारखाना बिना अनुमति के चल रहा है।

प्रांतीय अधिकारी अनिल झाला ने बताया कि घटना के समय कारखाने में 5 से 6 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से 2 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उन्हें आगे के इलाज के लिए नाडियाड और अहमदाबाद के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि कारखाना कितने समय से चल रहा था।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस कारखाने की जानकारी क्यों नहीं थी? कारखाने को बिजली कनेक्शन के लिए अलग से ट्रांसफॉर्मर लगाया गया था। इसकी अनुमति किससे ली गई थी? फैक्ट्री का मालिक अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचा है। एक स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, इस फैक्ट्री का मालिक अहमदाबाद में रहता है।

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ये खबर भी पढ़ें:

तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 23 की मौत:इनमें 16 महिलाएं; रेस्क्यू के दौरान दूसरा ब्लास्ट, बचाव में जुटे 13 लोग घायल

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में रविवार (19 अप्रैल 2026) को एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका हुआ। पुलिस के मुताबिक, हादसे में 23 लोगों की मौत हुई है। 6 घायलों को ICU में भर्ती कराया गया है।

अब तक 19 शवों की पहचान हो चुकी है। इनमें 16 महिलाएं और तीन पुरुष हैं। हादसे के समय फैक्ट्री में 30 मजदूर काम कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें…



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दिल्ली में आज से त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल शुरू: मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में 3 दिवसीय आयोजन, क्वीन पाइनएप्पल को मिलेगा वैश्विक मंच – New Delhi News




त्रिपुरा सरकार का कृषि एवं किसान कल्याण विभाग 27 से 29 जून तक नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में ‘त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल 2026’ का आयोजन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय पाइनएप्पल दिवस के मौके पर शुरू हुए इस 3 दिवसीय उत्सव में देश-विदेश के किसान, नीति-निर्माता, व्यापारी और निवेशक हिस्सा लेंगे। इनके अलावा इस फेस्ट में कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी शामिल होंगे। जिनमें केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य मंत्री, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद भी शामिल होंगे। पाइनएप्पल किसानों को सम्मानित किया जाएगा उत्सव का मुख्य आकर्षण त्रिपुरा की जीआई-टैग प्राप्त ‘क्वीन पाइनएप्पल’ होगी, जिसे उसकी मिठास और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। कार्यक्रम में केंद्रीय और राज्य स्तर के कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। त्रिपुरा के 5 उत्कृष्ट पाइनएप्पल किसानों को सम्मानित किया जाएगा और राज्य के 25 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ परियोजना शुरू राज्य सरकार ने हाल ही में 236 करोड़ रुपए की ‘मिशन क्वीन पाइनएप्पल’ परियोजना शुरू की है, जिसका लक्ष्य उत्पादन, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देना है। सरकार ब्रोमेलेन निष्कर्षण, वैल्यू एडिशन और पाइनएप्पल फाइबर उद्योग के विकास पर भी काम कर रही है। यह उत्सव मीडिया, व्यापारिक खरीदारों और आम जनता के लिए निःशुल्क खुला रहेगा।



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जमीन विवाद में भतीजे ने की चाचा की हत्या: प्लॉट को लेकर लंबे समय से चल रहा था पारिवारिक झगड़ा, चाकू से किया हमला – jhalawar News




झालावाड़ के खानपुर थाना क्षेत्र के गोलाना गांव में जमीन विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। धनवाड़ा स्थित एक प्लॉट को लेकर लंबे समय से चल रहे पारिवारिक विवाद के बीच मंगलवार शाम 45 वर्षीय नेमीचंद रेगर की उनके ही भतीजे ने चाकू मारकर हत्या कर दी। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्लॉट विवाद बना हत्या की वजह मृतक के पिता किशनलाल ने बताया कि झालावाड़ शहर के धनवाड़ा में स्थित एक प्लॉट को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मंगलवार शाम करीब पांच बजे गोलाना गांव में हरिओम (28) पुत्र पप्पूलाल ने अपने चाचा नेमीचंद रेगर पर चाकू से हमला कर दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले टूट गई जिंदगी हमले में गंभीर रूप से घायल नेमीचंद को तत्काल झालावाड़ अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही खानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस जुटी जांच में अस्पताल चौकी के हेड कांस्टेबल आशुतोष ने बताया कि मामले की सूचना खानपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस की मौजूदगी में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया नेमीचंद रेगर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमें एक बेटा और एक बेटी दिव्यांग हैं। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया गया कि इसी प्लॉट को लेकर परिवार में पहले भी कई बार विवाद और झगड़े हो चुके थे। अस्पताल में जुटे परिजन और समाज के लोग हत्या की खबर फैलते ही अस्पताल में परिजन, रिश्तेदार और समाज के लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में जुटी है।



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कुणाल खेमू ने इंडस्ट्री की खोली पोल, कहा- पहले कुछ ही फैमिली बनाती थीं फिल्में


नई दिल्ली. कुणाल खेमू बॉलीवुड के पॉपुलर एक्टर हैं. अब उन्होंने रियलिटी शो ‘अलायंस’ के जरिए बतौर होस्ट डेब्यू किया है. हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने शो के कॉन्सेप्ट पर खुलकर बात की. कुणाल ने कहा कि यह शो असल जिंदगी से बहुत अलग नहीं है, क्योंकि असल जिंदगी में भी हमें सरवाइव करने के लिए कई तरह के अलायंस बनाने और तोड़ने पड़ते हैं. इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड में दिखने वाली गुटबाजी पर भी अपनी बात रखी और माना कि फिल्म इंडस्ट्री हमेशा सिर्फ टैलेंट के दम पर नहीं चलती.

हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में कुणाल खेमू ने कहा, ‘एक परिवार तो वो होता है, जिसमें आप पैदा होते हैं और एक परिवार वो होता है, जिसे आप खुद चुनते हैं या बनाते हैं- जैसे हमारे दोस्त, जो आगे चलकर परिवार जैसे ही हो जाते हैं. और कभी-कभी तो परिवार के रिश्ते भी टिक नहीं पाते. असल में इंसानी जिंदगी का पूरा ताना-बाना ही इन गठबंधनों पर टिका है. पुराने दौर में भी अगर आप खाना जुटाने में माहिर नहीं होते थे, तो जिंदा रहने के लिए आपको दूसरों से हाथ मिलाना ही पड़ता था. साफ कहें तो लाइफ में सरवाइव करने के लिए अलायंस बेहद जरूरी हैं.’

बॉलीवुड में होती है गुटबाजी

बॉलीवुड में होने वाली गुटबाजी पर बात करते हुए कुणाल ने कहा, ‘यह सच है कि इंडस्ट्री में कैम्प्स होते हैं. काम करने का सिर्फ यही एक तरीका नहीं है, लेकिन हर फील्ड की तरह यहां भी यह सब चलता है. आपको यह बात अच्छी लग सकती है या बुरी, पर सच यही है कि यह हमेशा रहेगा. आखिर यह इंसानी फितरत है. अगर मुझे कोई पसंद है और मैं उसके साथ काम करना चाहता हूं, तो कोई मुझे रोक नहीं सकता. हो सकता है इससे किसी दूसरे का नुकसान हो जाए, लेकिन बदकिस्मती से दुनिया ऐसे ही चलती है.’

कुछ ही फैमिलीज बना रही थीं फिल्में

उन्होंने आगे कहा, ‘पहले कैम्प्स बहुत ज्यादा होते थे, अब थोड़े कम हुए हैं क्योंकि उस दौर में कुछ गिने-चुने परिवार ही फिल्में बना रहे थे लेकिन फिर कॉपोरेट्स की एंट्री हुई. आज भी फिल्म बिजनेस हमेशा सिर्फ टैलेंट के दम पर तय नहीं होता. इसके पीछे कई बार ऐसा गणित काम करता है, जिसका कोई सिर-पैर ही नहीं होता.’

अच्छी कहानियों के बिना फिल्में हो जाती हैं फ्लॉप

कुणाल खेमू ने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे बिना टैलेंट और बिना अच्छी कहानी की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ढेर हो जाती हैं. उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि हमने फिल्में बनाना छोड़कर प्रोजेक्ट्स बनाना शुरू कर दिया था. लेकिन खुशकिस्मती से समय सब कुछ सिखा देता है. अब दर्शक ऐसी फिल्में देखने थिएटर्स में नहीं जा रहे हैं. वे साफ कह रहे हैं कि उन्हें सिर्फ बड़े प्रोजेक्ट्स नहीं, बल्कि दमदार कंटेंट चाहिए.’

प्राइम वीडियो पर दस्तक दे चुका है ‘अलायंस’

बताते चलें कि कुणाल खेमू का शो ‘अलायंस’ 26 जून को प्राइम वीडियो पर दस्तक दे चुका है. इस रियलिटी शो में रवि किशन, जैद दरबार, नीति टेलर, मिनी माथुर, डॉली जावेद, कुशाल टंडन, अर्सलान गोनी, पायल गेमिंग, सैबी सूरी, रूही दोसानी, रीवा किशन, डेजी शाह और वंशज समेत कई जाने-माने चेहरे नजर आ रहे हैं.



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