Monday, July 13, 2026
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शामली में 2kv कनेक्शन बढ़ाने के मैसेज से उपभोक्ता परेशान: विभाग बोला- सभी का नहीं बढ़ेगा लोड, सिर्फ ज्यादा खपत वालों को भेजे जा रहे संदेश – Shamli News




शामली सर्किल क्षेत्र में 2 किलोवाट बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट में अपग्रेड कराने संबंधी संदेश मिलने के बाद लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई है। बड़ी संख्या में उपभोक्ता जानकारी लेने के लिए बिजली विभाग के उपखंड कार्यालय पहुंच रहे हैं और लोड बढ़ने को लेकर अपनी शंकाएं दूर कर रहे हैं। उपखंड अधिकारी शामली विनीत वर्मा ने स्पष्ट किया कि विभाग सभी 2 किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं का लोड नहीं बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि ये संदेश केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को भेजे गए हैं, जिनके यहां लगातार तीन महीने तक स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली लोड दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि यदि 2 किलोवाट कनेक्शन पर लगातार 2.1 किलोवाट या उससे अधिक लोड इस्तेमाल होता है तो इसे अतिरिक्त भार माना जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं पर नियमों के अनुसार करीब 660 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। 3 किलोवाट कराने पर बिल में मामूली अंतर विनीत वर्मा ने बताया कि विभाग ऐसे उपभोक्ताओं को स्वेच्छा से कनेक्शन क्षमता 3 किलोवाट कराने की सलाह दे रहा है। उन्होंने कहा कि सामान्य उपयोग की स्थिति में 2 किलोवाट से 3 किलोवाट कनेक्शन कराने पर बिजली बिल में लगभग 27 रुपये का ही अंतर आएगा। स्वतः नहीं बढ़ाया जा रहा किसी का लोड उपखंड अधिकारी ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन की ओर से किसी भी उपभोक्ता का लोड अपने आप नहीं बढ़ाया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं के यहां पिछले तीन माह से निर्धारित सीमा से अधिक खपत दर्ज हुई है, केवल उन्हीं को एसएमएस भेजकर वास्तविक लोड के अनुसार कनेक्शन अपडेट कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कार्यालय पहुंचकर दूर कर सकते हैं शंकाएं बिजली विभाग ने बताया कि उपभोक्ताओं की सभी समस्याओं और शंकाओं का समाधान उपखंड कार्यालय में किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से लोगों को नियमों की जानकारी देकर सही क्षमता के अनुसार कनेक्शन कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।



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दिल्ली सरकार का लक्ष्य 70 लाख पौधे: जनभागीदारी से बनेगी हरित राजधानी, सीएम बोलीं- हर दिल्लीवासी लगाए एक पौधा – New Delhi News




दिल्ली सरकार के 70 लाख पौधारोपण अभियान के तहत सोमवार को सीएम रेखा गुप्ता ने मॉडल टाउन विधानसभा क्षेत्र में आयोजित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में पौधारोपण किया। ‘हरित दिल्ली संकल्प’ के तहत आयोजित इस अभियान में मॉडल टाउन में करीब 1,100 पौधे लगाए गए। इनमें सेंट्रल वर्ज, मेट्रो कॉरिडोर के नीचे और सड़कों के दोनों ओर हरित पट्टियां विकसित की जा रही हैं। सीएम ने कहा कि हर पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, हरियाली और बेहतर जीवन का संकल्प है। उन्होंने कहा दिल्ली सरकार राजधानी के हर उपयुक्त खाली स्थान को हरित क्षेत्र में बदलने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाकर 70 लाख पौधारोपण के लक्ष्य को पूरा करने में भागीदारी निभाएं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की थी शुरुआत कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक अशोक गोयल, स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। सीएम ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 7 जुलाई को मेगा प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की थी, जिसके बाद दिल्ली सरकार ने जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष ऑनलाइन पोर्टल https://greendrive.delhivanmahotsav.in भी शुरू किया है। उन्होंने कहा’एक पेड़ मां के नाम’ केवल पौधारोपण अभियान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और मातृत्व के सम्मान का जनआंदोलन है। यह अभियान नागरिकों को प्रकृति से जोड़ते हुए दिल्ली को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ा रहा है। ऐसे जुड़े अभियान से…



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औरंगाबाद में 13 सूत्री मांगों पर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन: सरकार को भेजा ज्ञापन, मार्च निकालकर श्रमिक का दर्जा-सामाजिक सुरक्षा की उठाई मांग – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद के सभी प्रखंडों सहित जिला मुख्यालय में सोमवार को आशा कार्यकर्ताओं और फैसिलिटेटरों ने अपनी 13 सूत्री मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय में जिला मंत्री सुधा सुमन और वरीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ प्रसाद सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रमेश चौक से समाहरणालय मार्ग होते हुए दानी बिगहा स्थित धरना स्थल तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा में वक्ताओं ने केंद्र-राज्य सरकार से लंबित मांगों को अविलंब पूरा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन आज भी उन्हें उनके कार्य के अनुरूप सम्मान, वेतन, सुरक्षा और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। समस्याओं की लगातार उपेक्षा की जा रही सभा को संबोधित करते हुए जिला मंत्री सुधा सुमन, वरीय उपाध्यक्ष वशिष्ठ प्रसाद सिंह, मदनपुर अध्यक्ष कुसुमलता देवी और देव अध्यक्ष बिंदु कुमारी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य योजनाओं के सफल संचालन में आशा कार्यकर्ताओं पर निर्भर है, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने संसद में घोषित बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का एरियर सहित तत्काल भुगतान करने की मांग की। श्रमिक का दर्जा, न्यूनतम वेतन और पेंशन देने की मांग वक्ताओं ने कहा कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों को श्रमिक का दर्जा दिया जाए और उन्हें न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और 65 वर्ष तक सेवा का अधिकार दिया जाए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत सभी कर्मियों की सेवा नियमित करने और स्वास्थ्य क्षेत्र पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6 प्रतिशत खर्च करने की मांग की गई। उन्होंने मोबाइल रिचार्ज भत्ता एवं पोशाक भत्ता बढ़ाने, बंद आईडी को चालू करने और कार्य के हिसाब से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन, पोषण अभियान सहित अनेक स्वास्थ्य योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में सरकार को उनके हितों की अनदेखी बंद कर सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
केंद्र को 6 सूत्री और बिहार सरकार को 7 सूत्री मांगपत्र सौंपा
प्रदर्शन के बाद आशा संघ की ओर से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को छह सूत्री और बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग को 7 सूत्री मांगपत्र भेजा गया। केंद्र सरकार को भेजे गए मांगपत्र में बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि का एरियर सहित भुगतान, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण पर रोक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों की सेवा नियमित करने, स्वास्थ्य क्षेत्र पर जीडीपी का छह प्रतिशत खर्च करने और आशा एवं आशा फैसिलिटेटरों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग शामिल है। प्रदर्शन में शिल्पा कुमारी, प्रभा कुमारी, रंभा देवी, संजू कुमारी, आरती कुमारी, बीना देवी, ललमनी देवी, सुषमा कुमारी, नेहा कुमारी सहित जिले के सभी प्रखंडों से बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता एवं आशा फैसिलिटेटर शामिल रहीं।



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अब मऊगंज जिला अस्पताल में होगा मोतियाबिंद का आधुनिक इलाज: कलेक्टर ने किया याग लेजर और फेको मशीन का शुभारंभ; रीवा-चित्रकूट जाने से मिलेगी मुक्ति – Mauganj News




मऊगंज जिला अस्पताल में सोमवार को आंखों के मरीजों के लिए आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की शुरुआत की गई। कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सिविल अस्पताल में याग लेजर और फेको मशीन सहित अत्याधुनिक नेत्र उपकरणों का शुभारंभ किया। इन मशीनों के चालू होने से अब जिले के मरीजों को इलाज और जांच के लिए रीवा या चित्रकूट जैसे बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। रोजाना आते हैं 50 से अधिक मरीज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने बताया कि जिले को तीन अत्याधुनिक नेत्र मशीनें मिली हैं। इनमें से एक मशीन मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए है, जबकि अन्य मशीनें मरीजों की नियमित जांच में उपयोग की जाएंगी। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 50 से अधिक आंखों के मरीज आते हैं, जिन्हें अब स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। उद्घाटन के दौरान कलेक्टर ने खुद अपनी आंखों की जांच कराकर मशीनों की कार्यप्रणाली को देखा। फेको मशीन से होगा मोतियाबिंद का ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मण पटेल ने जानकारी दी कि फेको मशीन के माध्यम से मोतियाबिंद का ऑपरेशन अत्याधुनिक तकनीक से किया जाएगा। ऑपरेशन के दौरान लगाए जाने वाले लेंस भी शासन की ओर से अस्पताल में ही मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मरीजों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। याग लेजर से दूर होगी लेंस की धुंधलाहट डॉ. पटेल ने बताया कि याग लेजर मशीन की मदद से मोतियाबिंद ऑपरेशन के दो से तीन साल बाद लेंस में आने वाली धुंधलाहट और अन्य समस्याओं का उपचार भी मऊगंज में ही संभव होगा। अस्पताल में लगभग 70 से 75 प्रतिशत आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हो चुकी हैं और शेष मशीनें भी जल्द आ जाएंगी। पोषण पुनर्वास केंद्र का किया निरीक्षण कार्यक्रम के बाद कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां साफ-सफाई और सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही किचन का जायजा लेते हुए भर्ती बच्चों और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, देसी घी के लड्डू और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।



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ताजमहल ही नहीं, आगरा की यह ₹15 वाली कचौड़ी भी है सुपरहिट, सुबह से लगती है लाइन


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ताजमहल ही नहीं, आगरा की यह ₹15 वाली कचौड़ी भी है सुपरहिट, सुबह से लगती है लाइन

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आगरा का नाम सुनते ही ताजमहल की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है, लेकिन यह शहर अपने लाजवाब नाश्ते के लिए भी जाना जाता है. सिकंदरा स्थित ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ ऐसी ही एक मशहूर दुकान है, जहां शुद्ध सरसों के तेल, घर के मसालों और खास राजस्थानी अंदाज में तैयार कढ़ी-कचौड़ी का स्वाद लेने के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है.

Agra ki mashhoor kachori: उत्तर प्रदेश के आगरा को ताजमहल के लिए विश्वभर में जाना जाता है. आगरा केवल ताजमहल ही नहीं, बल्कि अपने स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. आगरा में सुबह का नाश्ता कई राज्यों में मशहूर है. बाहर से आगरा आने वाले लोग यहां का नाश्ता जरूर करते हैं. सुबह आगरा में आलू-दाल की कचौड़ी, बेड़ई और जलेबी काफी ज्यादा मशहूर हैं. सुबह से ही बेड़ई-कचौड़ी खाने वालों की लाइन दुकानों पर लग जाती है.

ऐसी ही एक दुकान है जो खड़े मसालों की सब्जी के अतिरिक्त कढ़ी और दाल की कचौड़ी देती है, जो आसपास काफी मशहूर है. दुकानदार बताते हैं कि दूर-दराज से लोग इसे खाने के लिए आते हैं. आगरा की यह मशहूर दुकान कारगिल पेट्रोल पंप, सिकंदरा पर स्थित है. इस दुकान का नाम ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ है.

आगरा के सिकंदरा से कारगिल-बोदला रोड पर स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास ‘चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी’ की दुकान है. यहां के दुकानदार जगन सिसोदिया ने बताया कि वह आगरा में राजस्थानी स्वाद लोगों को दे रहे हैं. जिस तरह राजस्थान में कचौड़ी-कढ़ी मशहूर है, वैसे ही आगरा में वह लोगों को दे रहे हैं, जिसके शौकीन दूर-दूर से खाने के लिए यहां आते हैं. उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त वह सब्जी भी रखते हैं.

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शौकीन जिसके साथ कचौड़ी खाना चाहें, उनकी पसंद के हिसाब से दी जाती है. महज 15 रुपये प्रति कचौड़ी लोगों को दी जाती है. उन्होंने कहा कि एक कचौड़ी में काफी अच्छी मात्रा में माल भरा जाता है. उन्होंने कहा कि आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से लोग उनके यहां खाने आते हैं. उन्होंने दावा किया कि जो एक बार यहां कचौड़ी खा जाता है, वह दोबारा जरूर आता है.

आगरा के सिकंदरा से कारगिल-बोदला रोड पर स्थित कारगिल पेट्रोल पंप के पास स्थित चित्तौड़गढ़ की कढ़ी कचौड़ी की दुकान है. यहां के दुकानदार जगन सिसोदिया ने बताया कि वह शुद्ध सरसों के तेल में कचौड़ी और बेड़ई बनाते हैं. उनके यहां बनने वाली सब्जी में खड़े मसालों के साथ घर में तैयार किए गए मसालों को डाला जाता है, इसके अतिरिक्त ड्राई फ्रूट्स भी सब्जी में डाले जाते हैं.

उन्होंने कहा कि भरपूर मात्रा में मखाने आदि सब्जी में डाले जाते हैं, जिससे इसका स्वाद दोगुना बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि वह अपनी सब्जी में लाल मिर्च का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते हैं, जिससे लोगों का स्वास्थ्य भी खराब नहीं होता है. शुद्ध घर के मसालों से सब्जी बनाई जाती है और यही कारण है कि लोग दूर-दराज से उनके पास कचौड़ी-बेड़ई खाने के लिए आते हैं.

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Samsung Galaxy A27 5G Review: मिड प्राइस रेंज में दमदार फीचर वाला फोन, जानें कैसा रहा एक्सपीरियंस


Samsung Galaxy A27 5G

  • Display
  • Processor
  • Front Camera
  • Rear Camera
  • Ram
  • Storage
  • Battery
  • Os
  • Resolution

  • Display6.7 इंच, AMOLED, 120Hz
  • ProcessorQualcomm Snapdragon 6 Gen 3
  • Front Camera12MP
  • Rear Camera50MP + 5MP + 2MP
  • Ram8GB
  • Storage256GB
  • Battery5000mAh, 25W
  • OsAndroid 16
  • ResolutionFHD+

Samsung ने इस महीने की शुरुआत में भारतीय बाजार में Galaxy A सीरीज में एक और फोन पेश किया है। यह फोन Galaxy A27 5G के नाम से पेश किया गया है। सैमसंग का यह फोन पिछले साल आए Galaxy A26 का अपग्रेड है। फोन के डिजाइन से लेकर प्रोसेसर और कैमरे में कंपनी ने बड़ा अपग्रेड किया है। हमने इस फोन को कुछ समय के लिए इस्तेमाल किया है। हमें यह फोन कैसा लगा है, आइए जानते हैं…

Samsung Galaxy A27 5G: डिजाइन और डिस्प्ले

Samsung Galaxy A27 5G का डिजाइन और डिस्प्ले पिछले दिनों लॉन्च हुए Galaxy A57 और Galaxy A37 की तरह ही है। फोन का लुक और फील भी इन दोनों मिड बजट फोन की तरह ही लगेगा। इस फोन बैक में दिए गए कैमरा मॉड्यूल में कंपनी ने विजिबल बंप दिया है, जो देखने में प्रीमियम फील देता है। साइड में कर्व्ड डिजाइन देखने को मिलता है। फोन के बैक पैनल में मैट फिनिश होने की वजह से यह धूल को अपनी ओर आकर्षित नहीं करता है।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

इस फोन के दाहिनी तरफ वॉल्यूम और पावर बटन्स का कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। वहीं, नीचे की तरफ USB Type C चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल्स दिए गए हैं। कंपनी ने फोन को पिछले मॉडल के मुकाबले पतला रखने की कोशिश की है। स्लिम डिजाइन होने की वजह से यह फोन प्रीमियम लुक भी देता है। साथ ही, फोन का वजन काफी कम है, जिसकी वजह से इसे आप आसानी से सिंगल हैंडली ऑपरेट कर पाएंगे।

Galaxy A27 में कंपनी ने 6.7 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इस फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास मिलेगा। फोन के डिस्प्ले पैनल में सेंटर अलाइंड पंच-होल डिजाइन मिलता है, जिसे कंपनी ने Infinity-O नाम दिया है। गोरिल्ला ग्लास की वजह से फोन के डिस्प्ले की ड्यूरेबिलिटी बेहतर है।

इस मिड बजट फोन के डिस्प्ले पर देखे जाने वाले कंटेंट में नेचुरल कलर लगेगा। ऐसा आपको कभी नहीं लगेगा कि कंटेंट को एआई की मदद से जबरदस्ती ब्राइट करने की कोशिश की गई है। इस फोन में आप 4K रेजलूशन तक के वीडियो कंटेंट एक्सपीरियंस कर सकते हैं। गेमिंग में भी फोन का डिस्प्ले सही काम करता है। हाई रेजलूशन गेम के ग्राफिक्स सही दिखते हैं। हमने Galaxy A27 5G का First Impressions Review भी किया है। पहली नजर में हमें यह फोन देखने में काफी अच्छा लगा था।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

Samsung Galaxy A27 5G: परफॉर्मेंस और बैटरी

सैमसंग का यह फोन Qualcomm Snapdragon 6 Gen 3 चिपसेट पर काम करता है। इस फोन में 8GB रैम और 128GB/256GB स्टोरेज मिलता है। इसमें दो 5G नैनो सिम कार्ड लगाए जा सकते हैं। हमने इसका टॉप वेरिएंट रिव्यू के लिए यूज किया है। क्वालकॉम का 6 Gen चिपसेट होने की वजह से फोन की परफॉर्मेंस काफी अच्छी है। मिड बजट रेंज में यह प्रोसेसर बेसिक यूज में आपको ठीक-ठाक परफॉर्मेंस देता है।

यह फोन 5000mAh की बैटरी और 25W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आता है। कंपनी ने इस फोन के साथ चार्जिंग अडैप्टर नहीं दिया है। आप इसे अलग से खरीद सकते हैं। इस फोन की बैटरी को आप सिंगल चार्ज करके पूरे दिन आसानी से यूज कर सकते हैं। फोन के साथ कंपनी ने अडेप्टर नहीं दिया है। मैनें इसे Google Pixel के 33W वाले चार्जर से चार्ज किया है। फोन को 0 से फुल चार्ज होने में तकरीबन 80 से 85 मिनट का समय लगता है।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

यह फोन लेटेस्ट Android 16 पर बेस्ड OneUI 8.5 के साथ आता है। फोन में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी दी गई है। यह फोन कंपनी के Knox सिक्योरिटी के साथ आता है। फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम बेहद ही यूजर फ्रेंडली है। साथ ही, सैमसंग के फोन में आपको बेहतर सिक्योरिटी लेयर मिल जाता है। हालांकि, कंपनी ने फोन के साथ कई प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स दिए हैं, जो आपको इरिटेट कर सकते हैं। हालांकि, बाद में इसे आप अपनी सहूलियत के हिसाब से डिलीट भी कर सकते हैं।

Samsung Galaxy A27 5G: कैमरा

सैमसंग का यह फोन भी इस सीरीज के इस साल लॉन्च हुए अन्य दोनों फोन की तरह ही ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ आता है। इसमें 50MP के मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का सेकेंडरी और 2MP का मैक्रो कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इस फोन में कंपनी ने 12MP का फ्रंट कैमरा दिया है। इसके कैमरा एक्सपीरियंस की बात करें तो डे-लाइट में फोन का मेन कैमरा ठीक-ठाक काम करता है।

कैमरे से ली गई तस्वीर में आपको नेचुरल कलर देखने को मिलता है। इसमें कंपनी ने 5MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया है, जिसे और बेहतर किया जा सकता है। अल्ट्रा वाइड तस्वीर पिक्सलेट होती है। लो लाइट में ली गई तस्वीरों की बात करें तो इसमें धूंधलापन नजर आता है। हालांकि, फोन में दिया कैमरा ऐप ली गई तस्वीर को प्रोसेस कर देता है। ऐसे में अगर आप लो लाइट में तस्वीर लेना चाहते हैं तो फ्लैश लाइट को ऑन करके ही लें। फ्लैश के साथ ली गई तस्वीर ज्यादा बेहतर लगेगी।

Samsung Galaxy A27 5G Review

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी ए27 5जी रिव्यू

Samsung Galaxy A27 5G: हमारा फैसला

सैमसंग का यह मिड बजट फोन देखने में आपको प्रीमियम लगता है। फोन का लुक और डिजाइन आकर्षक है। साथ-साथ इसकी ड्यूरेबिलिटी भी अच्छी है। कंपनी ने इस मिड बजट फोन के प्रोसेसर को पिछले मॉडल के मुकाबले अपग्रेड किया है। फोन का बैटरी बैकअप अच्छा है। आप इसे सिंगल चार्ज में पूरे दिन आराम से इस्तेमाल कर सकते हैं। हैवी काम या मल्टी-टास्किंग के दौरान फोन का बैक पैनल गर्म हो जाता है।

ओवरऑल सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस हमें ठीक लगा है। कैमरे के मामले में भी यह फोन ठीक है। अल्ट्रा वाइड कैमरे में अपग्रेड की जरूरत है। वहीं, लो-लाइट फोटोग्राफी भी एवरेज है। फोन की शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है। हालांकि, इस प्राइस रेंज में आपको अन्य ब्रांड के फोन इससे बेहतर फीचर्स के साथ मिल सकते हैं। अगर, आप सैमसंग के लॉयल ग्राहक हैं तो यह फोन आप खरीद सकते हैं।

यह भी पढ़ें – भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड UK में एंट्री के लिए तैयार, जल्द लॉन्च कर सकता है दमदार स्मार्टफोन





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मांगें अनसुनी तो टंकी पर चढ़े 3 ग्रामीण: PM आवास में अनियमितता का आरोप, 2022 से अटके वाटर वर्क्स का विरोध – Hanumangarh News




हनुमानगढ़ के टिब्बी उपखंड स्थित डबली कलां गांव में सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित अनियमितताओं और साल 2022 से स्वीकृत डीबीएल वाटर वर्क्स का निर्माण शुरू नहीं होने के विरोध में तीन ग्रामीण पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए। घटना से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। टंकी पर चढ़कर किया विरोध प्रदर्शन प्रदर्शन करने वालों में राजू बारूपाल, नानकराम और पालाराम शामिल हैं। तीनों ग्रामीण पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके के लिए रवाना हो गए। PM आवास योजना में पात्रों की अनदेखी का आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में वास्तविक पात्र परिवारों को नजरअंदाज कर अपात्र लोगों को लाभार्थी सूची में शामिल किया गया है। उनका कहना है कि कई जरूरतमंद परिवार आज भी पक्के मकान से वंचित हैं, जबकि नियमों के विपरीत अन्य लोगों को योजना का लाभ दिया गया। 2022 से स्वीकृत वाटर वर्क्स शुरू कराने की मांग ग्रामीणों ने वर्ष 2022 में स्वीकृत 13 डीबीएल वाटर वर्क्स निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि स्वीकृति मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्र के लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से दोनों मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष गुहार लगा रहे हैं। करीब एक सप्ताह पहले विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी भी दी गई थी कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। मांगों पर सुनवाई नहीं होने के बाद सोमवार को तीनों ग्रामीण टंकी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन करने लगे। अब प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।



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वर्ल्ड अपडेट्स: दक्षिण चीन सागर को लेकर 14 देशों के बयान पर भड़का चीन, जापानी राजनयिक को तलब किया




दक्षिण चीन सागर पर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता फैसले की 10वीं वर्षगांठ पर जापान समेत 14 देशों द्वारा चीन के समुद्री दावों को खारिज किए जाने के बाद बीजिंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। चीन ने रविवार को बीजिंग स्थित जापानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि दक्षिण चीन सागर पर उसकी संप्रभुता कभी नहीं बदली है। अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फिलीपींस, कनाडा, जर्मनी, इटली, न्यूजीलैंड समेत कुल 14 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर 12 जुलाई 2016 को द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायाधिकरण (PCA) के फैसले को अंतिम और कानूनी रूप से बाध्यकारी बताया। बयान में कहा गया कि चीन के ‘नाइन-डैश लाइन’ दावों का संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS) के तहत कोई कानूनी आधार नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने जापान पर क्षेत्रीय मामलों में हस्तक्षेप और दक्षिण चीन सागर में शांति व स्थिरता को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि जापान इस विवाद का पक्षकार नहीं है और उसे इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा कि चीन द्वारा 2016 के फैसले को अस्वीकार करना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और अंतरराष्ट्रीय कानून के शासन के विपरीत है। चीन ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए जापान पर ऐतिहासिक विस्तारवाद की मानसिकता का भी आरोप लगाया। इस बीच, 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ ने भी 2016 के फैसले को शांतिपूर्ण विवाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया। चीन ने यूरोपीय संघ की टिप्पणी पर भी आपत्ति जताई। चीन लगातार 2016 के मध्यस्थता फैसले को “अवैध, अमान्य और गैर-बाध्यकारी” बताता रहा है। उसका कहना है कि न्यायाधिकरण को इस मामले में अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं था और दक्षिण चीन सागर पर उसके ऐतिहासिक अधिकार बरकरार हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बांग्लादेश में बारिश-बाढ़ से 51 की मौत, 10 लाख से ज्यादा प्रभावित
बांग्लादेश में लगातार हो रही भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 10 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, जबकि हजारों परिवारों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। पिछले एक सप्ताह से जारी बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। सबसे अधिक नुकसान कॉक्स बाजार जिले में हुआ है, जहां अब तक 28 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह इलाका दुनिया के सबसे बड़े रोहिंग्या शरणार्थी शिविर का भी केंद्र है। राजधानी ढाका में भी हालात गंभीर हैं। कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे यातायात बाधित हो गया है। स्थानीय मीडिया ने शहर की जल निकासी व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं। द. कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को अवैध राजनीतिक फंडिंग मामले में 2 साल की जेल
दक्षिण कोरिया की सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल को अवैध राजनीतिक फंडिंग मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत के अनुसार, यून सुक-योल ने एक राजनीतिक ब्रोकर से लगभग 27 करोड़ वॉन (करीब 1.80 लाख अमेरिकी डॉलर) मूल्य की 14 चरणों की जनमत सर्वेक्षण सेवाएं मुफ्त में प्राप्त की थीं। बाद में उन्होंने कथित तौर पर उस ब्रोकर का एहसान चुकाने के लिए एक पूर्व सांसद के नामांकन को प्रभावित किया। 65 वर्षीय यून सुक-योल इस समय आठ अलग-अलग कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। वह 2024 में मार्शल लॉ लागू करने से जुड़े कथित विद्रोह मामले में फरवरी में सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा के खिलाफ भी अपील कर रहे हैं। इसके अलावा, पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया के सुप्रीम कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी में बाधा डालने के मामले में सात साल की जेल की सजा को भी अंतिम रूप दे दिया था। जेलेंस्की ने एक साल बाद प्रधानमंत्री स्विरीदेंको को हटाया, पूरी सरकार ने दिया इस्तीफा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको को महज एक साल के कार्यकाल के बाद बदलने का फैसला किया है। उनकी घोषणा के बाद यूक्रेन के कानून के तहत पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया। जेलेंस्की ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नया प्रधानमंत्री कौन होगा या स्विरीदेंको की नई भूमिका क्या होगी। यूलिया स्विरीदेंको को अमेरिका में यूक्रेन का अगला राजदूत बनाए जाने की भी चर्चा है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के शीर्ष नेतृत्व में भी बदलाव किए जाएंगे। यूक्रेन के कानून के अनुसार, प्रधानमंत्री का इस्तीफा संसद की मंजूरी के बाद प्रभावी होता है। इसके साथ ही पूरी सरकार स्वतः भंग हो जाती है और नए मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है। यूक्रेनी सांसदों के अनुसार, नए प्रधानमंत्री की दौड़ में पूर्व प्रधानमंत्री एवं मौजूदा ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मीहाल, रक्षा मंत्री मिखाइलो फेदोरोव और सरकारी ऊर्जा कंपनी नाफ्टोगाज़ के प्रमुख सेरही कोरेत्स्की के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। पेरिस के सिनेगॉग के बाहर ‘मिलिट्री-ग्रेड’ हथियार मिलने से हड़कंप: 300 लोगों को निकाला
फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक सिनेगॉग के पास संदिग्ध वाहन से असॉल्ट राइफल और पिस्तौल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पुलिस ने एहतियातन करीब 300 लोगों को आसपास के इलाके से सुरक्षित निकाला और राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी अभियोजन कार्यालय (PNAT) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम एक चोरी का वाहन संदिग्ध अवस्था में मिला। तलाशी के दौरान उसमें से एक असॉल्ट राइफल और एक पिस्तौल बरामद हुई। बम निरोधक दस्ते की जांच में कोई विस्फोटक नहीं मिला। गृह मंत्री लॉरां नुनेज ने बरामद असॉल्ट राइफल को “मिलिट्री-ग्रेड” हथियार बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सिनेमा, रेस्तरां और अन्य इमारतों से लगभग 300 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है और हमले के संभावित उद्देश्य की जांच जारी है। गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से फ्रांस में यहूदी विरोधी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। गृह मंत्री के अनुसार, इस वर्ष यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली तीन साजिशों को पहले ही विफल किया जा चुका है। पिछले वर्ष देश में 1,320 यहूदी विरोधी घटनाएं दर्ज हुई थीं। स्पेन के जंगलों में लगी भीषण आग: झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की मौत, मृतकों की संख्या 13 हुई
स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी भीषण जंगल की आग में झुलसी 93 वर्षीय ब्रिटिश महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। यह आग गुरुवार को अल्मेरिया प्रांत के लॉस गालार्डोस इलाके में भड़की थी। अब तक 7,000 हेक्टेयर (करीब 17,300 एकड़) से अधिक क्षेत्र जल चुका है। अधिकारियों के मुताबिक यह स्पेन के इतिहास की सबसे घातक जंगल की आग की घटनाओं में से एक है। स्पेन की फोरेंसिक एजेंसी (CID) ने बताया कि दो और लोगों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। एजेंसी फ्रांस, ब्रिटेन और बेल्जियम के अधिकारियों के साथ मिलकर लापता लोगों की पहचान और डीएनए मिलान की प्रक्रिया चला रही है। बेल्जियम सरकार का कहना है कि मृतकों में उसके तीन नागरिक भी हो सकते हैं।



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दूल्हा नहीं आया, पड़ोसी के साथ मंडप में बैठी दुल्हन: फिंगरप्रिंट मिसमैच से पकड़ी गई, पिता ने बेटे को पीटा, 2027 में होना था निकाह – Kaushambi News




कौशांबी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दूल्हे के नहीं पहुंचने पर एक युवती दूसरे युवक के साथ मंडप में शादी करने बैठ गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक, युवती और उसके परिजनों को हिरासत में ले लिया। यह घटना रविवार को सयारा स्थित गेस्ट हाउस में हुई। सैनी थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती का निकाह रायबरेली जिले में 17 मार्च 2027 को तय है। इसके बावजूद युवती के परिवार ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन किया था। कार्यक्रम के दिन युवती का होने वाला पति किसी कारणवश नहीं पहुंचा। चर्चा है कि सरकारी दहेज के लालच में युवती की मां ने गांव के ही एक युवक को आधा दहेज देने का लालच देकर मंडप में बैठने के लिए राजी कर लिया। यह युवक सैनी फायर स्टेशन में कार्यरत एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का बेटा है, जिसके पिता की ड्यूटी भी सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लगी थी। जब युवक के मंडप में बैठने की जानकारी उसके पिता को मिली, तो वह अपने भाई के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक की जमकर पिटाई की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और युवक, युवती, उसकी मां सहित अन्य परिजनों को कोतवाली ले गई। मौजूद अधिकारियों के अनुसार, कार्यक्रम स्थल पर वर-वधू का फिंगरप्रिंट मिलान कराया जाता है। युवती का फिंगरप्रिंट तो मिल गया, लेकिन युवक का फिंगरप्रिंट नहीं मिला। इसके बाद युवती और युवक को परिजनों सहित कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। अधिकारियों ने इस चूक पर चुप्पी साधते हुए इसे भीड़ के कारण हुई गलती बताया। वहीं, युवक के परिवार ने स्पष्ट किया कि वे युवक को शादी के मंडप से उठाकर लाए थे और गुस्से में उसकी पिटाई की थी। इस पूरे मामले पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने बताया कि विवाह का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। किसी भी पक्ष को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाला कोई लाभ नहीं दिया जाएगा।



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ग्वालियर-चंबल में बारिश का इंतजार बढ़ा: कोई प्रभावी सिस्टम नहीं, किसान चिंतित, उमस से लोग बेहाल – Gwalior News




ग्वालियर-चंबल अंचल में बारिश का इंतजार और लंबा हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, क्षेत्र में कोई प्रभावी वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं है और मानसून की टर्फ लाइन भी अपनी सामान्य स्थिति से दूर बनी हुई है। इसके कारण पश्चिमी हवाएं बिना किसी रुकावट के सीधे गुजर रही हैं, जिससे अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है। इसका असर शहरवासियों और किसानों दोनों पर पड़ रहा है। बीते रविवार को दिनभर बादलों और धूप की आंख-मिचौली के बीच लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। सोमवार की सुबह भी उमस भरी गर्मी के साथ शुरू हुई, जिससे लोगों को तत्काल राहत नहीं मिली। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, फिलहाल ग्वालियर-चंबल संभाग के आसपास कोई चक्रवाती परिसंचरण या कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं हुआ है। इसी वजह से मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। यदि आने वाले दिनों में कोई नया वेदर सिस्टम सक्रिय नहीं होता है, तो अच्छी बारिश की संभावना नहीं बन पाएगी। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि चौथे या पांचवें दिन परिस्थितियों में बदलाव संभव है। उस दौरान हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। फिलहाल, उमस और गर्मी से लोगों को तत्काल राहत मिलने के आसार कम हैं। बारिश न होने से किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है। खरीफ फसलों की बुवाई करने वाले किसान अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बुवाई के समय फसलों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए किसान भाइयों को आवश्यकता पड़ने पर अलग से सिंचाई भी करनी चाहिए।



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