Tuesday, August 11, 2026
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काशी-क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह परखेंगे 16 जिलों का संगठन: 3 मीटिंग में जानेंगे सक्रियता-तैयारी, विधायक-मंत्री और जिलाध्यक्षों समेत 200 संग मंथन – Varanasi News




पूर्वांचल में भाजपा के 16 संगठनात्मक जिलों यानि काशी क्षेत्र के प्रभारी और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश सिंह आज दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी आएंगे। रमेश सिंह काशी क्षेत्र में संगठन का मन, मिजाज, कार्यकर्ताओं की सक्रियता परखेंगे। सर्किट हाउस में मंत्रियों, विधायकों, जिलाध्यक्षों समेत 16 जिलों के जनप्रतिनिधि व पदाधिकारियों के साथ संगठन की मजबूती पर मंथन करेंगे। विधानसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं की सक्रियता, सजगता और भूमिका पर चर्चा करेंगे। मंगलवार को आगमन पर काशी क्षेत्र के जिलों की सीमा में भव्य स्वागत किया जाएगा। सुल्तानपुर के जगदीशपुर से लेकर सर्किट हाउस तक जगदीशपुर, सुल्तानपुर, जौनपुर, मछलीशहर और बाबतपुरजगह-जगह कार्यकर्ता फूल माला पहनाएंगे।
भाजपा के संगठनात्मक अभियान और आगामी कार्यक्रमों के बीच प्रदेश उपाध्यक्ष एवं काशी क्षेत्र के नवनियुक्त प्रभारी रमेश सिंह आज काशी पहुंच रहे हैं। वे लखनऊ से प्रवास पर पहली बार काशी पहुंचेंगे। उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है और भव्य स्वागत की तैयारियों के बीच जगह-जगह होर्डिंग्स लगाए गए हैं। क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह सर्किट हाउस में क्रमवार तीन संगठनात्मक बैठकों को संबोधित करेंगे। पहली बैठक दोपहर 1 बजे सभागार में होगी। जिसमें काशी क्षेत्र के सभी 16 संगठनात्मक जिलों के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद, विधायक, महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, काशी क्षेत्र में रहने वाले प्रदेश पदाधिकारी, क्षेत्र पदाधिकारी, सातों मोर्चों के क्षेत्र अध्यक्ष, सभी 16 जिलों के जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी शामिल होंगे। दूसरी बैठक अपराह्न 3 बजे शुरू होगी। इसमें वाराणसी महानगर एवं जिले के सभी पदाधिकारी, सातों मोर्चों के महानगर एवं जिलाध्यक्ष तथा जिले-महानगर के कुल 33 मंडल अध्यक्ष और मंडल प्रभारी शामिल होंगे। तीसरी बैठक शाम 5 बजे होगी, जिसमें 13 अगस्त को जिले में प्रस्तावित तिरंगा यात्रा की व्यवस्था टोली के साथ तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। बाबा विश्वनाथ के दरबार में करेंगे दर्शन क्षेत्र प्रभारी रमेश सिंह तीनों बैठकों के बाद लगभग शाम 6 बजे श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके बाद वे सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे और अगले दिन सुबह लखनऊ के लिए रवाना होंगे। रमेश सिंह के स्वागत को लेकर लखनऊ से वाराणसी के बीच पड़ने वाले जगदीशपुर, सुल्तानपुर, जौनपुर, मछलीशहर, बाबतपुर समेत विभिन्न स्थानों पर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है।



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₹154 करोड़ के ब्रिज से झांकने लगे सरिए, VIDEO: भोपाल के डॉ. अंबेडकर ब्रिज से उखड़ा डामर; कई सड़कें छलनी हो गई – Bhopal News


बारिश में भोपाल की सड़कें उखड़ गई हैं। इनमें डॉ. अंबेडकर फ्लाईओवर भी शामिल हैं। इस फ्लाईओवर को लेकर कांग्रेस ने सवाल भी खड़े किए हैं।

भोपाल में मध्य प्रदेश के दूसरे सबसे लंबे ब्रिज डॉ. अंबेडकर (जीजी) फ्लाईओवर की सड़क से सरिए झांकने लगे हैं। रही कसर 2 दिन से हो रही तेज बारिश ने पूरी कर दी। कई जगहों से डामर उखड़ गया है। इधर, बारिश की वजह से शहर की कई सड़कें छलनी हो गई है।

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यह फ्लाईओवर करीब 154 करोड़ रुपए की लागत से बना है। लोकार्पण के बाद से ही यह सुर्खियों में रहता है। लोकार्पण के ठीक बाद ही सीमेंट क्रांकीट में खुरदुरापन, वाइब्रेशन जैसी समस्याएं सामने आई थीं। कुछ महीने बाद डामर उखड़ गया था। इसके बाद अब इसके सरिए बाहर झांकने लगे हैं।

बारिश के बाद सोमवार को जब सड़क कई जगहों से उखड़ी मिली तो कांग्रेस नेता अभिनव बारोलिया ने ब्रिज पर पहुंचकर सवाल उठाए। कहा कि राजधानी में 150 करोड़ से ज्यादा लागत से पिछले साल ही बने अंबेडकर फ्लाईओवर के गड्ढे बता रहे हैं कि कितना भष्ट्राचार व कमीशनखोरी हुई है।

इस पर कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए वीडियो भी जारी किए हैं।

डॉ. अंबेडकर ब्रिज से इस तरह झांक रहे सरिए।

रोज हजारों VVIP और लोग गुजरते हैं

इस ओवरफ्लाई से हर रोज हजारों वीवीआईपी और आम लोग ब्रिज के ऊपर से गुजर रहे हैं। लोकार्पण के दौरान यह प्रदेश का पहला सबसे लंबा ब्रिज था। बाद में जबलपुर में इससे लंबा ब्रिज बना। इस हिसाब से अब यह प्रदेश का दूसरा सबसे लंबा ब्रिज है।

मेट्रो स्टेशन के नीचे ही उखड़ा रोड, होशंगाबाद रोड पर भी गड्‌ढे

शहर की मुख्य सड़कें हो या अंदरूनी, उन पर गड्‌ढे ही गड्‌ढे हो गए हैं। मुख्य सड़कें- होशंगाबाद रोड, रायसेन रोड, अवधपुरी, अयोध्या बायपास, रातीबड़, एमपी नगर, लिंक रोड नंबर-2 में कई जगहों से सड़कें उखड़ गई हैं।

मिसरोद से वीर सावरकर ब्रिज तक कई जगहों पर गड्‌ढे हैं। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर लंबी सड़क जर्जर हालत में है। इस कारण सिग्नल के बाद तेजी से आने वाले वाहनों के हादसे का शिकार होने की संभावना रहती है।

बीजेपी ऑफिस के पास तिराहे की हालत भी खस्ता है। इस चौराहे का कायाकल्प किया जा रहा है, लेकिन टर्निंग पर ही सड़क उखड़ गई हैं।

भोपाल में जर्जर सड़कों की देखिए तस्वीरें…

सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन से पहले सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है।

सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन से पहले सड़कों की स्थिति ठीक नहीं है।

अशोका गार्डन इलाके की सड़कों की हालत ठीक नहीं है।

अशोका गार्डन इलाके की सड़कों की हालत ठीक नहीं है।

भोपाल में कई सड़कों ने तालाबनुमा आकार ले लिया है।

भोपाल में कई सड़कों ने तालाबनुमा आकार ले लिया है।

50 मीटर में मुर्रम बिछाई, लेकिन हो गए गड्‌ढे

सुभाषनगर ब्रिज से पहले इनकम टैक्स ऑफिस तिराहे पर सड़क की तस्वीर ठीक नहीं है। हाल ही में यहां पीडब्ल्यूडी ने मुर्रम बिछाई थी, लेकिन बारिश की वजह से पूरी मुर्रम बह गई। इससे आधा फीट गहरे तक गड्‌ढे हो गए हैं। सुबह व शाम के समय यह तिराहा सबसे व्यस्त रहता है, क्योंकि पुराने शहर से एमपी नगर, होशंगाबाद रोड को जोड़ने वाला यह अहम रास्ता है। करीब 50 मीटर तक सड़क पूरी तरह से उखड़ गई हैं।

अंदरूनी रास्तों पर चलना मुश्किल

भास्कर ने जब पुराने शहर के अशोका गार्डन, निशातपुरा, शबरी नगर, वसुंधरा कॉलोनी, करोंद समेत अन्य इलाकों का मुआयना किया तो बुरे हालात नजर आए। अशोका गार्डन में तो स्थिति बेहद गंभीर है। अशोका नगर थाने के पास से ही कैलाश नगर, सेमरा की तरफ जाने का रास्ता है, लेकिन पूरी सड़क ही उखड़ी हुई है।

अयोध्या बायपास का 10 लेन सड़क में बदला जा रहा है, लेकिन इससे जुड़ी सड़कों पर ढेरों गड्‌ढे हैं। कोलार के दानिशकुंज, बंजारी, कान्हाकुंज की हालत भी ठीक नहीं है, जबकि रोहित नगर, बावड़ियाकलां, अवधपुरी इलाके में भी सड़क जर्जर हो रही है। सुभाषनगर ब्रिज के शुरुआती हिस्से में भी सड़क पर गड्‌ढे हैं। ऐसे में तेजी से आने वाली गाड़ियों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा रहता है।

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भोपाल में निचली बस्तियां डूबीं, स्कूल बंद

मध्य प्रदेश में ब्रेक के बाद मानसून जमकर बरस रहा है। पिछले 24 घंटे में भोपाल में सबसे ज्यादा 7 इंच बारिश हो गई। नर्मदापुरम में 5, रायसेन में 4.9, राजगढ़-शाजापुर में 4.5 और सीहोर में 4 इंच पानी गिर गया। भोपाल के सेमरा में पानी भरने से करीब 200 मकानों के लोग घरों में कैद हो गए।पूरी खबर पढ़ें



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बक्सर में बधार में मिला अधेड़ का शव: चप्पल कुछ दूरी पर पड़ी मिली, करंट से मौत की आशंका; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज – Buxar News




बक्सर के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के सोवा गांव से पश्चिम बधार में सोमवार को एक अधेड़ व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव की पहचान नोनियापुरा गांव निवासी रमई केवट (50) के रूप में हुई है। शव मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष रवि कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। शव मिलने की परिस्थितियों ने पुलिस की जांच को गंभीर बना दिया है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर मृतक की चप्पल मिली है। वहीं, शरीर पर मिले कुछ निशानों के आधार पर प्रथमदृष्टया बिजली का करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों ने देखा शव सोमवार को कुछ ग्रामीण खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर बधार में पड़े एक व्यक्ति के शव पर पड़ी। शव देखते ही ग्रामीणों ने आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। कुछ ही देर में घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने के बाद कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष रवि कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव की स्थिति का जायजा लिया और आसपास के इलाके में छानबीन की। प्रथमदृष्टया पुलिस को शव करीब दो दिन पुराना होने का अनुमान है। हालांकि, शव कितने समय से वहां पड़ा था, इसकी स्पष्ट जानकारी पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही सामने आएगी। शव से कुछ दूरी पर मिली मृतक की चप्पल घटनास्थल पर शव मिलने के बाद एक और तथ्य पुलिस के लिए जांच का अहम बिंदु बन गया। शव मिलने वाली जगह से कुछ दूरी पर रमई केवट की चप्पल पड़ी मिली। चप्पल का शव से दूर मिलना पुलिस के लिए कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि रमई की मौत उसी स्थान पर हुई थी या फिर किसी दूसरे स्थान पर मौत होने के बाद शव को बधार में लाकर छोड़ा गया। हालांकि, अभी तक पुलिस को शव को कहीं और से लाकर फेंके जाने की पुष्टि करने वाला कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है। शरीर पर मिले निशान, करंट लगने की आशंका शव की प्रारंभिक जांच के दौरान शरीर पर कुछ निशान मिले हैं। इन्हीं निशानों के आधार पर प्रथमदृष्टया बिजली का करंट लगने से मौत की आशंका जताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यदि करंट से मौत हुई है तो घटना कहां और किन परिस्थितियों में हुई। इसके लिए पुलिस ने आसपास के खेतों और बिजली के तारों की भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। संभावित घटनास्थलों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मृतक कब घर से निकला था और आखिरी बार उसे किस स्थान पर देखा गया था। दो दिन पुराना बताया जा रहा शव पुलिस के अनुसार शव की स्थिति देखकर उसके करीब दो दिन पुराना होने का अनुमान लगाया जा रहा है। इस दौरान रमई केवट के परिजन भी उसकी तलाश कर रहे थे। शव की पहचान होने के बाद परिवार के लोगों को इसकी सूचना दी गई। शव मिलने की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे और शव की पहचान की। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ कर मृतक के पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों और उसके आने-जाने के बारे में जानकारी जुटाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण घटनास्थल पर आवश्यक जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बक्सर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण का स्पष्ट पता चल सकेगा। कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष रवि कुमार ने बताया कि मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी। घटनास्थल और उसके आसपास के क्षेत्र की जांच की जा रही है। शव मिलने की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रमई केवट की मौत कैसे हुई और उसकी चप्पल शव से कुछ दूरी पर कैसे पहुंची। यदि करंट लगने की बात सामने आती है तो घटना के स्थान और परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी। वहीं, जांच में यदि कोई संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो उस दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।



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चीन बोला- भारत का अरुणाचल का मैप जारी करना गलत: कहा- इससे चीन का दावा नहीं बदलेगा; भारत ने 3 दिन पहले नक्शा जारी किया था




चीन ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के भारतीय मानचित्र पर मानक नाम दर्ज करने के कदम को अवैध बताया। चीन ने इसे ‘शून्य और अमान्य’ करार दिया। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत की हाल की घोषणा पर सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि चीन भारत की ओर से बनाए गए तथाकथित अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं देता। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और उनकी भौगोलिक विशेषताओं को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया था। यह कदम चीन की ओर से राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान बताना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। म सरकार ने ऐसा क्यों किया इन नामों को आधिकारिक मानचित्रों में शामिल करने का मकसद प्रशासन को बेहतर बनाना है। इससे सरकारी रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल होगा और आपदा के समय मदद पहुंचाने में आसानी होगी। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इन नामों के आधार पर लोगों के पासपोर्ट या दूसरे निजी दस्तावेजों में कोई बदलाव किया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य इन क्षेत्रों की आधिकारिक पहचान तय करना और भारत के प्रशासनिक रिकॉर्ड में उन्हें शामिल करना है। चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है चीन ने कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है। भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।



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वेल्डिंग की नई तकनीक पर जोधपुर IIT की रिसर्च: परमाणु रिएक्टर से लेकर पावर प्लांट तक में हो सकेगा यूज; टीम डवलप कर रही इलेक्ट्रोड कोटिंग – Jodhpur News




आईआईटी जोधपुर के वैज्ञानिकों ने वेल्डिंग की नई तकनीकों और इसके कम्पोनेंट पर महत्वपूर्व रिसर्च किया है। इसका उद्देश्य परमाणु रिएक्टर, ऊर्जा पाइपलाइन, पुल और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक संरचनाओं को अधिक सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ बनया जा सके। इस रिसर्च का नेतृत्व आईआईटी जोधपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर राहुल निब्बर कर रहे हैं। उनके वेल्डिंग एंड जॉइनिंग रिसर्च ग्रुप की ओर से उन्नत वेल्डिंग सामग्री, नई जॉइनिंग तकनीक और मटेरियल इंजीनियरिंग से जुड़े समाधान विकसित किए जा रहे हैं। इलेक्ट्रोड कोटिंग कर रहे है डवलप शोध समूह SMAW और SAW जैसी इंडस्ट्रीयल वेल्डिंग प्रोसेस के लिए विशेष फ्लक्स और इलेक्ट्रोड कोटिंग विकसित कर रहा है। इसमें रेड ओखर (Red Ochre) जैसे प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल खनिजों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। टीम यह भी स्टडी कर रही है कि वेल्डिंग के दौरान बहुत छोटे स्तर पर होने वाले बदलाव से कैसे मजबूती आए और ये लंबे समय तक चले। टीम डुप्लेक्स स्टेनलेस स्टील, इनकोनेल (Inconel) जैसे निकेल-आधारित सुपरएलॉय और उच्च-प्रदर्शन पाइपलाइन स्टील की वेल्डिंग पर काम कर रही है। वेल्डिंग के अलावा प्रोफेसर निब्बर का रिसर्व फाइबर पॉलिमर नैनो-कंपोजिट्स पर भी है। ये टेक्निक समुद्री एनवायरमेंट के लिए डेवलप की जा रही है। इसमें नमी और तापमान के प्रभाव के बाद भी कैसे इसे मजबूत किया जाए,इस पर स्टडी की जा रही है।



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पटना की सबसे पुरानी मिठाई दुकान, नमकीन खस्ता से शुरू हुआ सफर, आज 12 से ज्यादा आइटम

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पटना की सबसे पुरानी मिठाई दुकान, नमकीन खस्ता से शुरू हुआ सफर, आज 12 से ज्यादा

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Patna Oldest Mithai Shop: पटना. शहर में ऐसी कई पुरानी दुकानें हैं, जो अपने स्वाद के दम पर दशकों से लोगों की पसंद बनी हुई हैं. इन्हीं में से एक है पटना जंक्शन के पास न्यू मार्केट में स्थित बाबा शाही लस्सी वाला. करीब 66 साल पुरानी यह दुकान आज भी अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए जानी जाती है. यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग लस्सी, रसगुल्ला और दूसरी मिठाइयों का स्वाद लेने पहुंचते हैं. खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां इतनी भीड़ होती है कि ग्राहकों की सुविधा के लिए टोकन सिस्टम से बिक्री की जाती है.

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यहां का रसगुल्ला और गुलाब जामुन मुंह में रखते ही घुल जाता है. लस्सी का स्वाद ऐसा है कि पीने से ज्यादा लोग उसे खाते हैं. हालांकि, इस दुकान की शुरुआत केवल एक नमकीन खस्ता से हुई थी, लेकिन आज यहां एक दर्जन से भी ज्यादा फूड आइटम उपलब्ध हैं.

दुकान की तीसरी पीढ़ी के नईम जी इसे चला रहे हैं. उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत 1960 के आसपास केवल नमकीन खस्ता यानी निमकी बेचने से हुई थी. महावीर मंदिर के बिल्कुल नजदीक होने की वजह से लोग हमेशा यहां आते थे. उस समय लोगों को ताजा और स्वादिष्ट नमकीन मिलता था.

धीरे-धीरे ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया और दुकान में नए-नए फूड आइटम और मिठाइयां जुड़ती चली गईं. आज यह दुकान पटना की पहचान बन चुकी है. यहां दही भल्ला, लिट्टी, समोसा, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, चंद्रकला और लौंगलता मिलती है.

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समय के साथ यह कारोबार परिवार की दूसरी और अब तीसरी और चौथी पीढ़ी तक पहुंच चुका है. नई पीढ़ी भी पुरानी परंपरा और स्वाद को बरकरार रखते हुए ग्राहकों की पसंद का पूरा ध्यान रख रही है. यही वजह है कि वर्षों पुराने ग्राहक आज भी यहां आते हैं और नई पीढ़ी के लोग भी इस दुकान के स्वाद के दीवाने बन रहे हैं.

नईम जी ने बताया कि पहले यहां लस्सी 35 पैसे में मिलती थी, लेकिन अब इसकी कीमत 35 रुपये है. पनीर समोसा और खस्ता कचौड़ी 14 रुपये प्रति पीस, दही बड़ा 10 रुपये पीस, लौंगलता 15 रुपये प्रति पीस, गुलाब जामुन और रसगुल्ला भी 15 रुपये प्रति पीस, रसमलाई 30 रुपये पीस सहित अलग-अलग आइटम अलग-अलग कीमत पर उपलब्ध हैं.

पहले यहां एक काउंटर हुआ करता था, लेकिन आज की तारीख में चार काउंटर हैं.नईम जी का कहना है कि मंगलवार और शनिवार को यहां ग्राहकों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक रहती है. भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है.

ग्राहक पहले टोकन लेते हैं और फिर अपनी बारी आने पर ऑर्डर प्राप्त करते हैं. पटना जंक्शन के नजदीक होने की वजह से शहर के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले लोग भी इस दुकान तक पहुंचते हैं. कई ग्राहक वर्षों से यहां आते रहे हैं और अपने परिवार और दोस्तों को भी इस दुकान का स्वाद चखाने लेकर आते हैं.

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दिल्ली में भाजपा की तिरंगा यात्रा, हजारों कार्यकर्ता हुए शामिल: चांदनी चौक से हौज काजी तक निकली यात्रा; स्कूली छात्रों ने भी लिया हिस्सा – New Delhi News




भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस सप्ताह के तहत दिल्ली भाजपा ने पुरानी दिल्ली में तिरंगा यात्रा निकाली। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में चांदनी टाउन हॉल से हौज काजी तक निकली यात्रा में हजारों भाजपा कार्यकर्ता, स्कूली छात्र और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। यात्रा के मार्ग को तिरंगे और तोरणद्वारों से सजाया गया था। चांदनी चौक के सांसद प्रवीन खंडेलवाल भी यात्रा में शामिल हुए। स्थानीय व्यापारिक और नागरिक संगठनों ने जगह-जगह मंच लगाकर यात्रा में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। हर्ष मल्होत्रा और प्रवीन खंडेलवाल ने लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। पुरानी दिल्ली की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि पुरानी दिल्ली की धरती से तिरंगा यात्रा शुरू होना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि लाल किला केवल ऐतिहासिक इमारत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और देश की लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री हर वर्ष 15 अगस्त को यहीं से देश को संबोधित करते हैं। उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली की पहचान गंगा-जमुनी तहजीब है, जहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं। उन्होंने लोगों से हर घर तिरंगा अभियान से जुड़ने और देश की एकता व तिरंगे की शान बनाए रखने का संकल्प लेने की अपील की।



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अयोध्या में निकली भव्य तिरंगा यात्रा: हाथों में तिरंगा लेकर गूंजे देशभक्ति के नारे,दिखा राष्ट्रभक्ति का उत्साह – Ayodhya News




स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अयोध्या में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। घर-घर तिरंगा पहुंचाने और लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। रिकाबगंज चौराहे से शुरू हुई यात्रा नियावां चौराहे तक पहुंची। रास्तेभर हाथों में लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों से पूरा इलाका राष्ट्रभक्ति के रंग में नजर आया। यात्रा की अगुवाई प्रदेश के कृषि मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता समेत भाजपा के अन्य नेताओं ने की। कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जयकारे लगाए। वीरों के बलिदान को याद करने का अवसर प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि देश की आजादी के लिए वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उनके बलिदान और संघर्ष को याद करते हुए तिरंगा यात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। शाही ने कहा कि राष्ट्रीय तिरंगा हमारी आजादी और गौरव का प्रतीक है। इसे घर-घर पहुंचाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। तिरंगा यात्रा का उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और वीरों के बलिदान से परिचित कराना भी है, ताकि युवा मातृभूमि के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझें और राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।



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Vi ने लॉन्च किए दो सस्ते रिचार्ज प्लान, अपनी मर्जी से सेट करें इंटरनेट डेटा लिमिट


वोडाफोन-आइडिया ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए खास रिचार्ज प्लान पेश किया है। यूजर्स अपनी मर्जी से प्लान में मिलने वाले डेटा का चुनाव कर सकते हैं। फिलहाल ऐसी सुविधा कोई दूसरी टेलीकॉम कंपनी ऑफर नहीं कर रही है। वोडाफोन-आइडिया का यह एक्सपेरिमेंट कितना कामयाब होगा ये तो आने वाले समय में ही पता चलेगा। कंपनी ने 249 और 250 रुपये वाले प्लान उतारे हैं। ये प्लान खास तौर पर उन यूजर्स के लिए पेश किया गया है, जो कम खर्च में अपना सिम एक्टिव रखना चाहते हैं। कंपनी ने हाल ही में 200 रुपये वाला एक प्लान पेश किया है, जिसमें OTT ऐप्स समेत कई बेनिफिट्स मिलते हैं।

इन दिनों आने वाले रिचार्ज प्लान डेली डेटा लिमिट के साथ आते हैं। ऐसे में अगर किसी कारण आपने अपना पूरा डेटा खत्म कर दिया है तो इंटरनेट यूज करने के लिए अगले दिन का इंतजार करना होगा या फिर आपको डेटा ऐड-ऑन पैक लेना होगा। वोडाफोन-आइडिया ने यूजर्स की इसी समस्या को दूर करने का प्रयास किया है। यूज चाहे तो नंबर रिचार्ज करने के बाद डेली डेटा को एक साथ कल्ब करके ले सकते हैं, जिसमें उन्हें किसी डेली लिमिट का डर नहीं रहेगा। वो अपनी मर्जी से डेटा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

249 रुपये वाला प्लान

Vi अपने इस सस्ते रिचार्ज प्लान में 28 दिनों की वैलिडिटी ऑफर कर रहा है। इस प्लान में यूजर्स को डेली 0.5GB और कुल 14GB डेटा ऑफर किया जा रहा है। यूजर्स अपने हिसाब से इस प्लान की डेटा लिमिट को बदल सकते हैं। इसके अलावा यूजर्स को इस प्लान में पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और डेली 100 फ्री SMS का लाभ मिलेगा। इस प्लान को खास तौर पर उन यूजर्स के लिए पेश किया गया है, जो कम खर्च में अपना नंबर एक्टिव रखना चाहते हैं।

250 रुपये वाला प्लान

इस प्लान में भी यूजर्स को 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इसके अलावा यूजर्स को पूरे भारत में फ्री नेशनल रोमिंग और अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग का लाभ मिलता है। वोडाफोन-आइडिया अपने इस प्लान में यूजर्स को 2GB डेटा भी ऑफर कर रहा है। साथ ही, 28 दिनों के लिए Spotify Premium का भी लाभ मिलेगा। इस प्लान में यूजर्स अपने डेटा का चुनाव अपनी मर्जी से नहीं कर पाएंगे।

कैसे चुनें डेटा?

  • वोडाफोन-आइडिया यूजर्स को अपना नंबर 249 रुपये वाले प्लान के साथ रिचार्ज करना होगा।
  • इसके बाद फोन के डायलर पर जाकर *188# डायल करना होगा।
  • फिर स्क्रीन पर दिए गए ऑप्शन में से वो एकमुश्त डेटा वाला ऑप्शन चुन सकते हैं।
  • इसके बाद यूजर को एक साथ 14GB डेटा का लाभ मिल जाएगा।
  • हालांकि, यूजर को इस बात का ध्यान देना होगा कि वो अपना नंबर रिचार्ज करने के तुरंत बाद इसका चुनाव कर लें। बाद में वो इसका लाभ नहीं ले पाएंगे।

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