इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि गर्भावस्था किसी महिला को सरकारी नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं हो सकती। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि मातृत्व के कारण किसी महिला को भर्ती प्रक्रिया से बाहर करना उसके प्रजनन और रोजगार के अधिकारों का उल्लंघन है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह फैसला वन रक्षक एवं वन्यजीव रक्षक भर्ती की अभ्यर्थी कोमल जायसवाल की विशेष अपील को स्वीकार करते हुए सुनाया। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के उस निर्णय को रद्द कर दिया, जिसमें कोमल की पीईटी स्थगित करने की मांग खारिज कर दी गई थी। कोमल जायसवाल ने वर्ष 2023 की भर्ती में लिखित परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली थी। हालांकि, शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) के समय वह नौ माह की गर्भवती थीं। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया था कि उनकी पीईटी बाद में आयोजित की जाए। आयोग ने कोमल के अनुरोध को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था कि नियमों में शारीरिक दक्षता परीक्षा स्थगित करने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद, एकल पीठ ने भी उनकी याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके विरुद्ध उन्होंने विशेष अपील दायर की थी। न्यायालय ने अपने फैसले में जोर दिया कि किसी महिला का विवाहित होना या गर्भवती होना नियुक्ति के लिए अयोग्यता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि नियमों में पीईटी स्थगित करने पर कोई स्पष्ट रोक नहीं है, तो आयोग को ऐसे मामलों में संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए था। खंडपीठ ने यह भी माना कि भर्ती प्रक्रिया काफी लंबी चली। लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के बीच दो वर्ष से अधिक का अंतर रहा, जिसके कारण इस अवधि में विवाह और गर्भधारण होना स्वाभाविक है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर कोमल जायसवाल की शारीरिक दक्षता परीक्षा दोबारा आयोजित करे। यदि वह पीईटी, मेडिकल परीक्षण और मेरिट में सफल होती हैं, तो उन्हें उसी तिथि से नियुक्ति का लाभ दिया जाएगा, जिस दिन उनसे कम मेरिट वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति मिली थी। साथ ही, अदालत ने ओबीसी महिला वर्ग का एक पद तब तक रिक्त रखने का भी आदेश दिया है।
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गर्भावस्था के आधार पर नौकरी से वंचित नहीं कर सकते: लखनऊ हाईकोर्ट ने महिला अभ्यर्थी की दोबारा पीईटी कराने का आयोग को आदेश दिया – Lucknow News
नाश्ते में बनाएं कच्चे केले की कुरकुरी टिक्की, स्वाद-सेहत का बेहतरीन कॉम्बो
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Banana Tikkis Recipe: आलू की टिक्की तो लगभग हर घर में बनाई जाती है, लेकिन कच्चे केले से तैयार की गई टिक्की स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम यह टिक्की बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकती है.
दिन की शुरुआत अगर पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ते से हो, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. हालांकि रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाने से अक्सर लोग ऊब जाते हैं. ऐसे में अगर आप कुछ नया, हेल्दी और चटपटा ट्राई करना चाहती हैं, तो कच्चे केले की टिक्की एक शानदार विकल्प हो सकती है. ये रेसिपी स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर है. खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर सामान आसानी से घर की रसोई में मिल जाते हैं. इसे सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक या टिफिन के लिए भी तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.
आवश्यक सामग्री
- 3 से 4 उबले हुए कच्चे केले
- 3 बड़े चम्मच ओट्स का पाउडर
- बारीक कटी हरी मिर्च
- कटा हुआ हरा धनिया
- बारीक कटा प्याज
- थोड़े से कॉर्न
- स्वादानुसार नमक
- 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
- तेल या देसी घी
टिक्की बनाने का तरीका
सबसे पहले कच्चे केलों को अच्छी तरह धो लें और प्रेशर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें. जब केले ठंडे हो जाएं, तो उनका छिलका हटाकर उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें. ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठें न रहें.
अब एक बड़े बाउल में मैश किए हुए केले डालें. इसमें ओट्स पाउडर, हरी मिर्च, हरा धनिया, प्याज, कॉर्न, जीरा पाउडर और नमक मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक मुलायम मिश्रण तैयार कर लें.
इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार गोल या चपटी टिक्कियां बना लें. एक पैन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें और टिक्कियों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें. जब टिक्कियां कुरकुरी और हल्की ब्राउन दिखने लगें, तो उन्हें प्लेट में निकाल लें.
बोनस टिप्स
टिक्कियों को सेंकने से पहले 10 से 15 मिनट के लिए फ्रिज में रखने से उनका आकार बना रहता है और वे टूटती नहीं हैं. बेहतर स्वाद के लिए मिश्रण में थोड़ा अदरक पेस्ट मिलाया जा सकता है. अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद पसंद है, तो थोड़ा अमचूर पाउडर भी डाल सकते हैं. इन स्वादिष्ट टिक्कियों को हरी चटनी या इमली की मीठी-खट्टी चटनी के साथ परोसें. ये हेल्दी रेसिपी बच्चों और बड़ों दोनों के लिए बेहतरीन नाश्ता साबित हो सकती है
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शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
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दिल्ली में जल बिल बकाया वालों पर DJB सख्त: 15 अगस्त तक भुगतान नहीं तो होगी कुर्की-सीलिंग, 5,000 करोड़ के मूल बकाये की वसूली पर सरकार का फोकस – New Delhi News
दिल्ली जल बोर्ड ने वर्षों से लंबित जल बिलों की वसूली के लिए सख्त अभियान शुरू कर दिया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने गुरुवार को बताया कि जिन व्यावसायिक संपत्तियों पर 25 लाख रुपये या उससे अधिक का जल बिल बकाया है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को 15 अगस्त 2026 तक बकाया राशि जमा करने का समय दिया गया है। निर्धारित समय तक भुगतान नहीं होने पर संबंधित संपत्तियों को नियमों के तहत कुर्क (अटैच) और सील किया जा सकता है। मंत्री ने बताया दिल्ली जल बोर्ड ने अब तक 1,025 ऐसे व्यावसायिक परिसरों की पहचान की है, जिन पर वर्षों से 25 लाख रुपये या उससे अधिक का बकाया है। उन्होंने कहा कि जल बोर्ड को ऐसे मामलों में संपत्ति कुर्क करने और सील करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है। समय सीमा समाप्त होने के बाद नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं से लेट पेमेंट सरचार्ज (एलपीएससी) माफी योजना का लाभ उठाने की अपील भी की है। पहले यह योजना केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए थी, जिसे बाद में व्यावसायिक श्रेणी तक बढ़ा दिया गया। इससे बकायेदारों को सरचार्ज में राहत मिलेगी और जल बोर्ड के राजस्व में भी वृद्धि होगी। प्रवेश वर्मा ने बताया सरकार का लक्ष्य दिल्ली जल बोर्ड के लगभग 5,000 करोड़ रुपये के मूल बकाये की वसूली करना है। इसके लिए करीब 11,000 करोड़ रुपये के लेट पेमेंट सरचार्ज में छूट दी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त के बाद एलपीएससी योजना को आगे बढ़ाने पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
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ई-मित्र के नाम पर नौकरी का झांसा-देकर लाखों की ठगी: संचालक समेत 11 युवक-युवतियां हिरासत में; 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल जब्त – Jaipur News
सीएसटी (CST) टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जवाहर नगर थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर संचालक सलमान सहित कुल 11 युवक-युवतियों को पकड़ा है। साथ ही 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। ई-मित्र और रोजगार के नाम पर लोगों से ठगी स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर के जरिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लोगों को ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र पर मिलने वाली विभिन्न सेवाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों ने नौकरी और कमाई का लालच देकर लोगों से मोटी रकम वसूली। 40 से 70 हजार रुपये तक वसूले डीसीपी क्राइम संजीव नैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों से 40 हजार से 70 हजार रुपये तक वसूले, लेकिन न तो रोजगार उपलब्ध कराया और न ही वादा की गई सेवाएं दीं। इस तरह लोगों को सुनियोजित तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया। दो से तीन साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो से तीन वर्षों से संचालित किया जा रहा था। बरामद कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क और पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके। पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब कॉल सेंटर के आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में ठगी के और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।
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कंगना रनौत के बयान पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: कटिहार में पुतला फूंका, माफी न मांगने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Katihar News
कटिहार में गुरुवार, 30 जुलाई को भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के कथित बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला महिला कांग्रेस के नेतृत्व में शहीद चौक पर आयोजित किया गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजुमन कौसर उर्फ आम्रपाली यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कंगना रनौत का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने उनके बयान को जनभावनाओं और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। प्रदर्शन के दौरान सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कंगना रनौत और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराया और उनके खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कंगना रनौत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजुमन कौसर उर्फ आम्रपाली यादव ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कंगना रनौत से देश की जनता से माफी मांगने की अपील की। सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने कहा कि कंगना रनौत के बयान से समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को तेज करेगी। इस अवसर पर किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप विश्वास, इंटक अध्यक्ष संतोष यादव, शंभू शरण गुप्ता, रिया कुमारी, ईशा, आंचल, अनुराधा, चांदनी, प्रीति कुमारी, नंदिनी सिंह, पुष्पा देवी, भारती रानी, आरोही कुमारी, निशा भारती, मनीषा कुमारी, पूजा कुमारी, मोनिका, नीतू कुमारी, सोनम, सोनी और पलक सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।
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Asus ने भारत में लॉन्च किया 9000mAh बैटरी वाला तगड़ा टैबलेट, मिलेगी OLED स्क्रीन
Asus ने भारत में अपना Android टैबलेट लॉन्च कर दिया है। आसुस का यह टैबलेट मिड बजट रेंज में पेश किया गया है, जिसमें 9000mAh की दमदार बैटरी, OLED स्क्रीन जैसे फीचर्स दिए गए हैं। चीनी कंपनी ने अपने इस टैबलेट को पिछले महीने आयोजित Computex 2026 में शोकेस किया था। इस टैबलेट को भारत में 6 अगस्त से सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने साल की शुरुआत में ही घोषणा कर दी थी कि वो अब स्मार्टफोन बिजनेस से एग्जिट हो रही है। हालांकि, कंपनी अभी टैबलेट, लैपटॉप जैसे डिवाइसेज बना रही है।
Asus Pad के फीचर्स
आसुस का यह टैबलेट दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 45,990 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 49,990 रुपये में आता है। इस टैबलेट को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट और कंपनी के आधिकारिक ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर पर 6 अगस्त से खरीदा जा सकता है। साथ ही, यह रिलायंस डिजिटल और क्रोमा जैसे प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा। कंपनी ने कंफर्म किया है कि इस टैबलेट पर 12 महीने का नो-कॉस्ट EMI ऑफर भी मिलेगा।
- 8GB RAM + 128GB – 45,990 रुपये
- 8GB RAM + 256GB – 49,990 रुपये
Asus Pad के फीचर्स
आसुस का यह टैबलेट 12.2 इंच के 2.8K रेजलूशन वाले OLED डिस्प्ले के साथ आता है। इसके डिस्प्ले का रेजलूशन 1840 x 2800 पिक्सल है। इस टैबलेट का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसकी पीक ब्राइटनेस 2000 निट्स तक की है। चीनी ब्रांड का यह टैबलेट MediaTek Dimensity 8300 चिपसेट पर काम करता है।
इसमें 8GB रैम के साथ 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इसकी स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 1TB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। इस टैबलेट में कंपनी ने 13MP का रियर और 5MP का सेल्फी कैमरा दिया है। यह Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।
| Asus Pad | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 12.2 इंच, 144Hz |
| प्रोसेसर | MediaTek Dimensity 8300 |
| स्टोरेज | 8GB, 256GB |
| बैटरी | 9000mAh, 45W |
| कैमरा | 13MP, 5MP |
| OS | Android 16 |
कनेक्टिविटीकी बात करें तो आसुस का यह टैबलेट WiFi 6E, Bluetooth 5.3, USB Type C, डॉल्वी एटमस जैसे फीचर्स मिलेंगे। इसमें कंपनी ने 9000mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलता है।
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भारत सीमा के पास चीन की सैन्य गतिविधि तेज: LAC से सटे दो एयरबेस पर 12 J-20 स्टील्थ फाइटर तैनात होने का दावा
नई दिल्ली4 घंटे पहले
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सैटेलाइट से ली गई नई तस्वीरों में दावा किया गया है कि चीन ने भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अपने दो अहम एयरबेस पर सबसे आधुनिक J-20 स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं।
तस्वीरों के मुताबिक, शिनजियांग के होतान एयरबेस पर 8 और तिब्बत के डामशुंग एयरबेस पर 4, यानी कुल 12 J-20 विमान मौजूद हैं। हाल के वर्षों में LAC के पास J-20 लड़ाकू विमानों की यह सबसे बड़ी तैनातियों में से एक मानी जा रही है।
व्यावसायिक सैटेलाइट कंपनी वेंटर की 9 जुलाई को ली गई तस्वीरों में होतान एयरबेस पर 8 J-20 ‘माइटी ड्रैगन’ स्टील्थ फाइटर जेट खुले एप्रन पर खड़े दिखाई दिए।
वहीं, 25 जून की तस्वीरों में डामशुंग एयरबेस पर 4 J-20 विमान सुरक्षात्मक शेल्टर के नीचे नजर आए। तस्वीरों से संकेत मिलता है कि चीन ने LAC के पास अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की मौजूदगी बढ़ा दी है।

भारत-चीन सीमा के निकट चीन के दो एयरबेस पर करीब दो सप्ताह के भीतर कुल 12 J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दिए।
भारत की सीमा के कितने करीब हैं दोनों एयरबेस
होतान एयरबेस भारत के दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से करीब 245 किलोमीटर और लेह से लगभग 389 किलोमीटर दूर है।
वहीं, डामशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग से करीब 344 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
ये दोनों एयरबेस भारत-चीन सीमा के पश्चिमी और पूर्वी सेक्टर में चीन की वायुसेना के सबसे अहम फॉरवर्ड बेस माने जाते हैं।
होतान एयरबेस क्यों अहम है?
शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित होतान एयरबेस पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) का प्रमुख फॉरवर्ड एयरबेस है। भारत-चीन सीमा के करीब होने की वजह से यह चीन के सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल ठिकानों में गिना जाता है। यहां से सैन्य और नागरिक, दोनों तरह के विमान उड़ान भरते हैं।
करीब 3,700 मीटर लंबे रनवे की वजह से यहां बड़े और भारी सैन्य विमान भी आसानी से ऑपरेट किए जा सकते हैं। एयरबेस पर मजबूत एयरक्राफ्ट शेल्टर, नए एप्रन और आधुनिक ऑपरेशन सपोर्ट सुविधाएं मौजूद हैं।
यहां J-20 स्टील्थ फाइटर जेट के अलावा KJ-500 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान, इंटरसेप्टर फाइटर जेट और CH-4 निगरानी एवं स्ट्राइक ड्रोन भी तैनात रहते हैं। सीमा पर तनाव बढ़ने या बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान यहां H-6 रणनीतिक बमवर्षक विमानों की भी तैनाती की जाती है।
सैटेलाइट तस्वीर में भारत-चीन सीमा के पास स्थित एयरबेस पर चीन के J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान दिखाई दे रहे हैं।
J-20 की तैनाती क्यों अहम मानी जा रही है?
रक्षा सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊंचाई वाले एयरबेस पर J-20 लड़ाकू विमानों की लगातार मौजूदगी इस बात का संकेत है कि चीन अब इन्हें सिर्फ सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि नियमित ऑपरेशनल तैनाती का हिस्सा बना रहा है।
J-20 चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है। इसे रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक मिशन पूरा करने और आधुनिक हवाई युद्ध के लिए तैयार किया गया है। यह लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें ले जाने में सक्षम है और चीन की वायुसेना के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में शामिल है।
हालांकि, केवल सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि ये विमान स्थायी रूप से तैनात हैं या किसी सैन्य अभ्यास अथवा रोटेशन का हिस्सा हैं। फिर भी इतनी संख्या में J-20 विमानों का LAC के करीब दिखाई देना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-चीन सीमा पर अब भी बनी हुई है सैन्य गतिविधि
यह तैनाती ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा पर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ता हुई। कुछ इलाकों से सैनिकों की वापसी भी हुई, लेकिन इसके बावजूद LAC पर दोनों देशों ने बड़ी संख्या में सैनिक, बख्तरबंद वाहन, एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियार तैनात कर रखे हैं।
भारतीय वायुसेना के सामने क्या चुनौती है?
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना इस समय लड़ाकू विमानों की संख्या में कमी की चुनौती से जूझ रही है। स्वदेशी LCA तेजस Mk1A की डिलीवरी में देरी हुई है, जबकि 114 बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है।
ऐसे में LAC के करीब चीन के सबसे आधुनिक J-20 लड़ाकू विमानों की बढ़ती मौजूदगी भारत के लिए रणनीतिक नजरिए से अहम मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर दोनों देशों की वायु शक्ति में हो रहे बदलावों पर लगातार नजर रखना आने वाले समय में और भी अहम होगा।
वीआईपी पार्टी के जिलाध्यक्ष बने अजय साहनी: बलिया पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत, संगठन मजबूत करने का संकल्प – Ballia News
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अजय साहनी का गुरुवार को बलिया पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। टीडी कॉलेज चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नारेबाजी की। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय साहनी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली जिम्मेदारी का वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। साहनी ने बताया कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। वे सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी के जनाधार को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। अजय साहनी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। साहनी ने विश्वास जताया कि जिले की सभी विधानसभा सीटों पर वीआईपी पार्टी प्रभावी भूमिका निभाएगी। संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग से पार्टी को नई पहचान दिलाने का प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि जिलाध्यक्ष के रूप में मिली जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है। वे पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे तथा आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। इस अवसर पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अजय साहनी के नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में वीआईपी पार्टी बलिया में संगठनात्मक रूप से और अधिक मजबूत होगी। कार्यकर्ताओं ने आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। स्वागत कार्यक्रम में पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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