Friday, June 26, 2026
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Welcome to the Jungle Review LIVE: ‘वेलकम टू द जंगल’ को मिले अच्छे रिव्यूज, पेड प्रीव्यू म


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Welcome to the Jungle Review LIVE: अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज समेत 34 एक्टर वाली ‘वेलकम टू द जंगल’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो चुकी है. रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने पेड प्रीव्य के जरिए 3…और पढ़ें

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‘वेलकम टू द जंगल’ रिलीज हो गई. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम @akshaykumar)

मुंबई. Welcome to the Jungle Review LIVE: अक्षय कुमार स्टारर मच अवेटेड फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ आज रिलीज हो गई है. फिल्म में अक्षय के अलावा 33 कलाकार हैं. इनमें सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडीज, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, परेश रावल, रवीना टंडन, लारा दत्ता, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, ज़ाकिर हुसैन, विंदू दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान, स्वर्गीय पंकज धीर, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृही कोडवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली शामिल हैं.

अक्षय कुमार ने ‘वेलकम टू द जंगल’ का एक पोस्टर शेयर किया जिसमें वह हाथ जोड़कर खड़े हैं, जबकि बाकी कलाकार उनके पीछे खड़े हैं. उन्होंने क्रिटिक्स और इन्फ्लुएंसर्स के लिए एक मैसेज लिखा -“क्रिटिक्स और इन्फ्लुएंसर्स, प्लीज़ स्टार रेटिंग्स की जगह हंसी वाले इमोजी का इस्तेमाल करें.”

यह ‘वेलकम’ फ्रैंचाइज़ी की तीसरी फिल्म है. साल 2007 में कैरटरीना कैफ, नाना पाटेकर और अनिल कपूर समेत कई कलाकार थे. फ्रैंचाइज़ी की दूसरी फिल्म ‘वेलकम बैक’ है, जो साल 2015 में रिलीज हुई थी. फिल्म में जॉन अब्राहम और श्रुति हासन के साथ-साथ नाना पाटेकर और अनिल कपूर भी थे.

Welcome to the Jungle Review LIVE: तरण आदर्श ने दिए 3.5 स्टार

फिल्म क्रिटिक्स और ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने ‘वेलकम टू जंगल’ को 3.5 स्टार दिए हैं. उन्होंने फिल्म को 1980 के दशक की मसाला एंटरटेनर फिल्म बताया है. उन्होंने लिखा कि फिल्म देखने के लॉजिक या रीजनिंग नहीं लेकिन इसका फोकस फन, हंसी और पुरानी यादें और जबरदस्त एंटरटेनमेंट से है. यह फिल्म छोटे शहरों और आरम लोगो के लिए है. उन्होंने डायरेक्टर अहमद खान की तारीफ की और कहा कि खूबसूरती के साथ इतनी बड़ी स्टारकास्ट को काफी अच्छे से संभाला.





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संगीत की दुनिया की ‘महारानी’, जिसके आगे झुकते थे राजे-रजवाड़े, डिमांड पर चलानी पड़ी ट्रेन


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गौहर जान को आज लोग भले नहीं जानते, मगर वे आजादी से पहले भारत की मशहूर शख्सियत थीं. उन्हें पहली सेलिब्रिटी गायिका बताया जाता है. उन्होंने साल 1902 में देश की पहली ग्रामोफोन रिकॉर्डिंग करके इतिहास रचा था. उन्होंने 10 से ज्यादा भाषाओं में 600 से ज्यादा गाने गाए थे. गौहर जान अपनी बेमिसाल गायकी के साथ-साथ अपने रॉयल अंदाज के लिए भी मशहूर थीं. आप उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि उन्हें एक कार्यक्रम में जाने के लिए उनकी स्पेशल ट्रेन की मांग तक पूरी की गई थी. उन्होंने साल 1911 में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम के सामने भी परफॉर्मेंस दी थी.

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गौहर जान का असली नाम एंजेलिना योवर्ड था. (फोटो साभार: IANS)

नई दिल्ली: भारतीय संगीत के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिनके हुनर से एक नया दौर शुरू हुआ. उन्हीं में से एक बड़ा नाम हैं- गौहर जान. गौहर जान को भारत की पहली रिकॉर्डिंग स्टार और पहली सेलिब्रिटी गायिका माना जाता है. वह न सिर्फ अपनी बेमिसाल गायकी के लिए जानी जाती थीं, बल्कि अपनी ठाठ-बाठ और बेबाकी के लिए भी मशहूर थीं. गायिका की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि एक बार किसी रियासत के कार्यक्रम में जाने के लिए उन्होंने पूरी टीम के साथ सफर के लिए स्पेशल ट्रेन की मांग की थी, जिसे मान भी लिया गया था.

गौहर जान का जन्म 26 जून 1873 को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में हुआ था और उनका असली नाम एंजेलिना योवर्ड था. उनके पिता रॉबर्ट विलियम योवर्ड एक इंजीनियर थे और मां विक्टोरिया हेमिंग्स संगीत और डांस की शौकीन थीं. बचपन में ही माता-पिता के अलग होने के बाद उनकी मां ने इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम मलका जान रख लिया. एंजेलिना का भी नाम बदलकर गौहर जान हो गया. बाद में मां-बेटी कोलकाता आ गईं, जहां गौहर ने उस दौर के बड़े-बड़े उस्तादों से शास्त्रीय संगीत और कथक सीखा. उन्होंने कम उम्र में ही दरभंगा राज के दरबार से अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी.

आवाज रिकॉर्ड करवाकर रचा इतिहास
20वीं सदी की शुरुआत में जब भारत में ग्रामोफोन तकनीक आई, तो साल 1902 में गौहर जान ने अपनी आवाज रिकॉर्ड करवाकर इतिहास रच दिया. उस जमाने में रिकॉर्डिंग का समय सिर्फ तीन मिनट का होता था, इसलिए उन्होंने लंबे शास्त्रीय गानों को छोटे समय में समेटने की गजब की कला सीखी. हर रिकॉर्डिंग के खत्म होने पर उनका शान से यह कहना कि ‘माय नेम इज गौहर जान’ उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गया. उन्होंने साल 1902 से 1920 के बीच 10 से ज्यादा भाषाओं में 600 से भी अधिक गाने रिकॉर्ड किए, जो उस समय के हिसाब से एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था.

आखिरी दिनों में बनीं दरबारी संगीतकार
गौहर जान की दीवानगी ऐसी थी कि उस दौर में उनकी तस्वीरें पोस्टकार्डों पर छपती थीं और वह एक इवेंट के लिए भारी-भरकम फीस लेती थीं. उन्हें साल 1911 में दिल्ली दरबार में ब्रिटेन के सम्राट जॉर्ज पंचम के सामने परफॉर्म करने का मौका मिला, जो किसी भी कलाकार के लिए बहुत गर्व की बात थी. जिंदगी के आखिरी दिनों में वह मैसूर के महाराजा कृष्णराज वाडियार चतुर्थ के बुलावे पर वहां की दरबारी संगीतकार बनीं. हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ उनकी सेहत बिगड़ने लगी और आखिरकार 17 जनवरी 1930 को मैसूर में इस महान गायिका ने दुनिया को अलविदा कह दिया.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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वेनेजुएला भूकंप में अब तक 188 की मौत: 1500 से ज्यादा घायल; सरकार बोली- 39,000 लोग लापता, मलबे के नीचे से आ रही आवाजें




दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भूकंप में अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं। वेनेजुएला में बुधवार को सन् 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। इसलिए अधिकतर लोग घरों में थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। इससे मलबे में दबने वालों की संख्या ज्यादा होने की आशंका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मलबे के अंदर से आवाजें आ रहीं हैं। सरकार ने देर रात बताया कि 39 हजार से अधिक लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है। वहीं, 30% आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिगेज से बात कर मदद की पेशकश की है। मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। भूकंप से जुड़ी 3 तस्वीरें… वेनेजुएला भूकंप से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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लखनऊ में होटलों में फायर सेफ्टी पर एलडीए सख्त:: अब शपथपत्र अनिवार्य, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई – Lucknow News




लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होटल संचालकों के साथ बैठक कर एलडीए ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में होटल संचालकों को निर्देश दिए गए कि एलपीजी सिलेंडर सीढ़ियों, बेसमेंट या संकुचित स्थानों पर न रखें, भवनों में आपातकालीन निकास हर हाल में उपलब्ध हों और उनमें कोई अवरोध न हो। विद्युत सुरक्षा के लिए मानक गुणवत्ता की वायरिंग और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अब भवन स्वीकृति से पहले अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन का नोटरीकृत शपथपत्र देना अनिवार्य होगा। जिन भवनों को फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं है, वहां भी न्यूनतम सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। एलडीए जल्द ही जिम, कोचिंग सेंटर, क्लब, रेस्टोरेंट और स्कूल संचालकों के साथ भी जागरूकता बैठकें आयोजित करेगा।



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हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 लोगों की मौत: रतलाम में 10 से ज्यादा झुलसे, 5 गंभीर; मुहर्रम जुलूस में 200 लोग थे शामिल – Ratlam News




मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार रात ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में 10 से अधिक लोग आ गए। इनमें 3 की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना पिपलोदा के हतनारा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। हालांकि अरबाज के परिजन उसे अस्पताल से कहीं और ले गए। इस कारण प्रशासन ने 2 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर रविंद्र सोलंकी ने 3 मौतों की पुष्टि की है। घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों में अनास पिता अकरम (16), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ को रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… करीब 200 लोग जुलूस में थे शामिल प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी ने बताया कि मुहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली लाइन काफी नीचे थी। ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे के वक्त का वीडियो भी आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। आसपास के लोग घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ड्यूटी डॉक्टर बोले- तीन लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। 3 मृतकों में से 2 के परिजन औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना उन्हें अपने साथ ले गए। उन्हें बता दिया गया था कि उनकी धड़कनें बंद हो चुकी हैं। एएसपी बोले- हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद हुआ हादसा रतलाम एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



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एमआईए की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण: राजेंद्र गहलोत बोले: इंडस्ट्री के विकास और समस्याओं के लिए करेंगे प्रयास, सीनियर बिजनेसमैन को किया सम्मानित – Jodhpur News




मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी वर्ष का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ठ उद्यमी सम्मान समारोह मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के जगशांति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यों एवं एसोसिएशन के ऑडिटोरियम की सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के बारे में बताए ताकि समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने जोधपुर, पाली एवं बालोतरा की बंद यूनिट को दोबारा संचालित करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मेंडका भरोसा दिलाया।
इन्हें दिलाई शपथ
पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने एमआईए की 43 वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इसमें राकेश कुमार बंसल अध्यक्ष, भंवरलाल भूतड़ा एवं ओपी भंसाली उपाध्यक्ष, विनोद परिहार सचिव, नवरतनमल बैद एवं राजीव चैपड़ा सहसचिव, रमन सिंघल कोषाध्यक्ष, दिलीप सोनी निवर्तमान अध्यक्ष सहित अक्षय अग्रवाल, अमन त्रेहान, अनुपम शर्मा, दिव्येश परिहार, गजेन्द्र सोलंकी, गुमानाराम जांगिड़, गणेश चैधरी, इमरान खान, जयेश खत्री, मनोज जैन, मनोज भण्डारी, निर्मल मालू, पीयूष लूणिया, राजेश बांठिया, रचित माहेश्वरी, को कार्यकारिणी सदस्यों एवं अनिल गहलोत, अरूण सिंघल, दिनेश सोनी, कैलाश विश्नोई, सिद्धार्थ कंसारा एवं सिद्धार्थ सुराणा को सहवृत्त सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पूर्व चुनाव अधिकारी उपेन्द्र भंसाली ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों व सहवृत्त सदस्यों को मंच पर शपथग्रहण हेतु आमंत्रित किया।

रीको लि. के पूर्व स्वतंत्र निदेशक सुनील परिहार ने एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को दोबारा संचालित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार द्वारा समय रहते प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणीय मानकों में भी संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए ताकि 7 लाख से अधिक प्रभावित रोजगार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके।
सीनियर उद्यमियों का किया सम्मान
जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमकार वर्मा ने कहा- जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योगों की तालाबंदी केवल राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता के कारण ही संभव हुई है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार द्वारा समय रहते माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए बंद पड़े उद्योगों के शीघ्र संचालित करने हेतु त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में एमआईए द्वारा वरिष्ठ उद्यमी कैलाशराज टाटिया और विमलराज सिंघवी को वरिष्ठ उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया।
एमआईए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेशकुमार बंसल एवं नवनिर्वाचित सचिव विनोद परिहार ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन पर सभी उद्यमियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार से सम्बंधित कई समस्याओं को लेकर प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग त्रस्त है। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए दोबारा संचालित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम क शुरुआत में एमआईए अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। सचिव विनोद परिहार ने सालभर की एक्टिविटी के बारे में बताया। संचालन एमआईए के सहसचिव राजीव चैपड़ा ने किया। कार्य्रम में ये रहे में ये रहे मौजूद
समारोह में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण के पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी एवं जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर के पूर्व अध्यक्ष सलीम खान, रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक विनीत गुप्ता, रीको जोधपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक सुशील कटियार एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मितेश रतनानी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र से पूनम राठौड़ एवं ओमप्रकाश चैधरी, एचडीएफसी बैंक के कलस्टर हैड अमित भण्डारी, एचडीएफसी बासनी शाखा के शाखा प्रबंधक निर्मल गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक बासनी के शाखा प्रबंधक सुधीर पारीक, आईडीबीआई बैंक बासनी के ब्रांच हैड अभिमन्यूसिंह बराड़, जोधपुर डिस्काॅम के सहायक अभियंता बी-चतुर्थ संदीप पंवार एवं पंकज चैहान, वरिष्ठ उद्यमी रावलचंद चैपड़ा, कैलाशराज टाटिया, प्रकाश संचेती, रामजीलाल लीला, किशनसिंह देवड़ा, किशनलाल गर्ग, विष्णु मित्तल, राहुल सिंघवी, जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया, पूर्व अध्यक्ष एनके जैन, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चैपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष पंकज भण्डारी एवं सचिव राकेश चोरड़िया, बोरानाडा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सुराणा एवं सचिव राजेश सोलंकी, एमआईए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन. कंसारा, कमल मेहता, डॉ .एसके शर्मा, कमल सिंघवी, उमेश लीला, प्रदीप डाकलिया, उपेन्द्र भंसाली, योगेश माहेश्वरी, भंवरलाल चैपड़ा सहित नरेन्द्र छाजेड़, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश खत्री, अशोक एस. तातेड़, धनराज गुणपाल, केके लूंकड़, लक्ष्मीनारायण भाटी, हरदीपसिंह सलूजा, गौरव भंसाली, जितेन्द्र बोहरा, पार्षद योगेश गहलोत सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।



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बेगूसराय में नदी में डूबे दो किशोर: नहाने के दौरान हुई मौत, तीन घंटे बाद मिले शव – Begusarai News




बेगूसराय सदर के वनद्वारा पत्थर घाट पर गुरुवार को नहाने के दौरान दो किशोर नदी के गहरे पानी में डूब गए। इस घटना में उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान करते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक चले सघन सर्च अभियान के बाद गोताखोर श्याम सहनी, राम सहनी और रामचंद्र मुखिया ने दोनों किशोरों के शव नदी से बाहर निकाले। मृतकों की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के गौरा निवासी दिलीप रजक के 17 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार और नीमा-चांदपुरा थाना क्षेत्र के अझौर वार्ड-8 निवासी मोहम्मद सौकत के 13 वर्षीय पुत्र मोहम्मद समसाद के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर नीमा-चांदपुरा थाना प्रभारी विवेक कुमार, एएसआई सौरव कुमार और अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया।



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घर पर नहीं है कोई सब्जी, झटपट तैयार करें मट्ठा के आलू, एक बार खाएंगे तो बार-बार मांगेंगे


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Mattha Ke Aloo Recipe: अगर घर में हरी सब्जियां नहीं हैं और कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मट्ठा के आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं. कई जगहों पर मट्ठा के आलू शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ, आलू और मसालों से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश कम समय में बन जाती है और स्वाद ऐसा होता है कि हर कोई बार-बार मांगकर खाए.

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मट्ठा के आलू बनाने की रेसिपी आसान है और इसका टेस्ट गजब का होता है.

Mattha Ke Aloo Recipe: कई बार बाजार जाने का समय नहीं मिलता है और घर में सब्जियां खत्म हो जाती हैं. ऐसी कंडीशन में समझ नहीं आता कि खाने में क्या बनाया जाए. अगर आपके सामने ऐसी समस्या पैदा हो जाए, तो आप मट्ठा के आलू बना सकते हैं. आलू और मट्ठा यानी छाछ से बनने वाली यह डिश आपका दिन बना सकती है. मट्ठा के आलू यूपी के कई हिस्सों में काफी पसंद किए जाते हैं और शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ की हल्की खटास और मसालों का बेहतरीन स्वाद इस डिश को खास बनाता है. अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं, तो यह रेसिपी आपके खाने का स्वाद बदल सकती है.

मट्ठा के आलू बनाने के लिए सामग्री

मट्ठा के आलू बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है. इस डिश के लिए आपको 4 से 5 उबले हुए आलू, 2 कप मट्ठा यानी छाछ, 1 बड़ा चम्मच बेसन, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 चुटकी हींग, 1 से 2 हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ा चम्मच तेल और थोड़ा सा हरा धनिया की जरूरत होगी. इन सभी चीजों से गजब की डिश तैयार हो जाएगी.

मट्ठा के आलू बनाने की आसान विधि

सबसे पहले उबले हुए आलुओं को बड़े टुकड़ों में काट लें. अब एक बाउल में मट्ठा और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें गांठें न रहें. इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर जीरा और हींग का तड़का लगाएं. फिर बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत मट्ठा-बेसन का मिश्रण कढ़ाई में डाल दें.

मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि मट्ठा फटे नहीं. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी होने लगे, तब उसमें कटे हुए आलू और नमक डाल दें. धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकाएं ताकि आलू मसालों और मट्ठे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें. जब ग्रेवी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तब गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.

गरमा-गरम मट्ठा के आलू को रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. खासकर गर्मियों में यह डिश बेहद पसंद की जाती है, क्योंकि मट्ठा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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दरवाजे की घंटी से आज भी कांप जाती हैं रिया चक्रवर्ती, 6 साल बाद छलका दर्द


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सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी. अब 6 साल बाद एक्ट्रेस ने उस मुश्किल दौर पर खुलकर बात की है. रिया ने बताया कि उस समय मिला ट्रॉमा आज भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा और वह अब तक पूरी तरह उससे उबर नहीं पाई हैं.

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आज भी दर्द में हैं रिया

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में उस मुश्किल दौर को याद किया, जिससे वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद गुजरी थीं. नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब चैट शो ‘डबल डेट’ में रिया अपने भाई शोविक चक्रवर्ती के साथ पहुंचीं, जहां दोनों ने उस समय के दर्द, डर और मानसिक तनाव पर खुलकर बात की.

साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच के दौरान ड्रग्स एंगल सामने आने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया और शोविक को गिरफ्तार किया था. इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा था और दोनों को काफी आलोचनाओं और मुश्किलों का सामना करना पड़ा था.

आसान नहीं रिया के लिए ये दर्द भुलाना

रिया से जब इस शो में पूछा गया कि क्या वह उस ट्रॉमा से पूरी तरह बाहर निकल चुकी हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसे एक्सपीरियंस कभी पूरी तरह खत्म नहीं होते. रिया ने बताया कि ट्रॉमा सिर्फ दिमाग पर नहीं, बल्कि शरीर और भावनाओं पर भी असर छोड़ जाता है. उन्होंने कहा कि वह थेरेपी की मदद से खुद को संभालने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उस दर्द को पूरी तरह भुला पाना आसान नहीं है.आज भी अगर दरवाजे की घंटी बजती है, तो मुझे पुराने दिन याद आ जाते हैं. उस समय ऐसा माहौल था कि हर छोटी आवाज भी हमें खतरे जैसी लगती थी.

टूट गया शोविक का सपना

इस शो में शोविक ने बताया कि उस घटना से पहले उनकी जिंदगी बिल्कुल अलग थी. उनका सपना आईआईएम या व्हार्टन जैसे बड़े बिजनेस स्कूल में पढ़ाई करने का था, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया. उन्होंने कहा कि जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.शोविक के मुताबिक, उस बुरे दौर से बाहर निकलने में उन्हें करीब चार से पांच साल लग गए. उन्होंने बताया कि आज भी कई बार वह उन घटनाओं को याद करते हैं और सोचते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) है और आज भी घर की घंटी बजने जैसी छोटी-छोटी चीजें उन्हें पुराने दिनों की याद दिला देती हैं.

बता दें कि रिया ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि उनके लिए ये एक्सपीरियंस इसलिए और ज्यादा मुश्किल था, क्योंकि सब कुछ सार्वजनिक रूप से हुआ. पूरे देश और मीडिया की नजरें उन पर थीं और हर कोई उनके बारे में अपनी राय बना रहा था. हालांकि, उन्होंने और उनके भाई ने धीरे-धीरे खुद को संभाला और जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की. ‘डबल डेट’ शो यूट्यूब पर स्ट्रीम होता है.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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