मुंबई के कोस्टल रोड पर रविवार सुबह तेज रफ्तार BMW ने चार पैदल यात्रियों को टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक 20 साल का युवक गंभीर रूप से घायल है। हादसा सुबह करीब 5:20 बजे लाला कॉलेज के सामने, लोटस जेट्टी के पास हुआ। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम के मुताबिक, BMW मरीन ड्राइव से हाजी अली की ओर जा रही थी। 20 साल के युवक की हालत गंभीर हादसे के बाद चारों घायलों को नायर अस्पताल ले जाया गया, जहां CMO के अनुसार तीन को मृत घोषित कर दिया गया। कोस्टल रोड कंट्रोल रूम के मुताबिक, BMW तेज रफ्तार में थी। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह ओवरस्पीडिंग बताई गई है। दो मृतकों की पहचान शनाय गज्जल और धिर्या सेठ के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान अभी सामने नहीं आई है। वहीं 20 साल के घायल युवक को नायर अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है। हादसे से जुड़ी अन्य जानकारी का इंतजार है। यह खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
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मुंबई में तेज रफ्तार BMW ने 4 लोगों को कुचला: 3 की मौत, एक गंभीर; मरीन ड्राइव से हाजी अली जा रही थी कार
नर्मदापुरम में 7500 उपभोक्ताओं को राहत: नया सब-स्टेशन तैयार, ट्रिपिंग-ओवरलोडिंग होगी कम; चार फीडरों से सप्लाई – narmadapuram (hoshangabad) News
नर्मदापुरम में शहर के मिल्क डेयरी बिजली सब-स्टेशन से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। लंबे समय से ओवरलोडिंग व बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की मार झेल रहे मालाखेड़ी क्षेत्र के 7,500 उपभोक्ताओं को अब इस समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। बिजली कंपनी ने क्षेत्र में बढ़ते लोड को देखते हुए नया मालाखेड़ी सब-स्टेशन पूरी तरह तैयार कर लिया है। जिसका लोकार्पण आज रविवार को लोक निर्माण विभाग एवं नर्मदापुरम जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह करेंगे। दोपहर 12 बजे नवनिर्मित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण करेंगे। लोकार्पण के लिए सब स्टेशन पर टेंट लगाकर मंच तैयार किया गया है। मिल्क डेयरी सब-स्टेशन का लोड हो जाएगा आधा एई राहुल बोवड़े ने बताया अबतक मिल्क डेयरी सब-स्टेशन से ही मालाखेड़ी फीडर चलता था। जिस पर क्षमता से दोगुना दबाव था। इसके कारण ग्रिड के किसी भी हिस्से में तकनीकी खराबी या फॉल्ट आने पर उससे जुड़े सभी 14 हजार उपभोक्ताओं की बिजली एक साथ बंद हो जाती थी। गर्मियों व पीक ऑवर्स में यह समस्या और गंभीर हो जाती थी। इससे स्थानीय निवासियों की मांग थी। मालाखेड़ी में तेजी से ग्रोथ हो रही है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को राहत देने मालाखेड़ी विद्युत सब स्टेशन बनाया गया। इसमें चार फीडर तैयार किए है। गोदावरी फीडर, रेशम केंद्र, माखननगर रोड और राधा कृष्ण फीडर है। जो मालाखेड़ी सब स्टेशन से संचालित होगा। आधुनिक सिस्टम से सुधरेगी सप्लाई उपभोक्ताओं की इसी मांग को देखते हुए नया पावर ग्रिड अत्याधुनिक कंट्रोल रूम व एडवांस पैनल सिस्टम के साथ तैयार किया है। मिल्क डेयरी ग्रिड के आधे कनेक्शन यहां शिफ्ट होने से दोनों क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या खत्म होगी। 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सकेगी।
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खाद्य सुरक्षा विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा: पटना में 10×15 फीट के कमरे में दफ्तर, 7 जिलों का जिम्मा एक अधिकारी पर – Patna News
पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग खुद संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। जिले में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विभाग के पास न तो पर्याप्त दफ्तर है, न जरूरत के मुताबिक अधिकारी-कर्मचारी और न ही सैंपल सुरक्षित रखने की पूरी व्यवस्था। विभाग के अधिकारी करीब 10×15 फीट के एक छोटे कमरे में दफ्तर चला रहे हैं। संसाधनों की कमी के कारण खाद्य संरक्षा विभाग के लिए पदार्थों की नियमित जांच करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इससे मिलावटखोरों पर ठीक से लगाम नहीं लग पा रही है, जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। पटना में एक खाद्य सुरक्षा अधिकारी, 6 अन्य जिलों का भी प्रभार पटना जिले में फिलहाल एक खाद्य संरक्षा अधिकारी तैनात हैं। उनके पास पटना के अलावा नालंदा, भोजपुर, बक्सर, अरवल, रोहतास और कैमूर का भी अतिरिक्त प्रभार है। यानी एक अधिकारी के जिम्मे कुल 7 जिलों की जिम्मेदारी है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, सैंपलिंग, शिकायतों पर कार्रवाई और जब्त सामग्री की निगरानी जैसे कामों के लिए लगातार फील्ड में जाना पड़ता है। ऐसे में सभी कार्रवाई का जिम्मा अकेले एक अधिकारी पर है, जिससे नियमित जांच कर पाना बहुत मुश्किल हो गया है। 6 रेफ्रिजरेटर की जरूरत, उपलब्ध सिर्फ एक खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के बाद उन्हें सही परिस्थितियों में सुरक्षित रखना जांच प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। पटना जैसे बड़े शहर के लिए करीब 6 रेफ्रिजरेटर की जरूरत है, लेकिन विभाग के पास सिर्फ एक रेफ्रिजरेटर है। यह भी कई बार खराब हो जाता है। ऐसे में अलग-अलग तरह के खाद्य नमूनों को सही तापमान और परिस्थितियों में सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। सीज खाद्य सामग्री रखने के लिए पर्याप्त वेयरहाउस नहीं खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के दौरान कई बार खाद्य सामग्री जब्त की जाती है। ऐसी सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए सही स्टोरेज की जरूरत होती है। लेकिन पटना में जब्त किए गए खाद्य पदार्थों को रखने के लिए पर्याप्त वेयरहाउस की सुविधा नहीं है। यह भी विभाग की बड़ी समस्याओं में से एक है। एक अधिकारी के जिम्मे 7 जिले, वाहन और स्टाफ भी कम खाद्य सुरक्षा विभाग का ज्यादातर काम फील्ड में होता है। बाजारों, होटल-रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों, डेयरी, फूड आउटलेट और पैकेज्ड फूड की दुकानों में निरीक्षण और सैंपलिंग के लिए अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में जाना पड़ता है।
लेकिन पटना में तैनात एक अधिकारी के पास 7 जिलों का प्रभार है। पर्याप्त फील्ड स्टाफ और वाहन की कमी के बीच एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचना भी चुनौती है। इससे राजधानी में नियमित निरीक्षण की क्षमता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
पटना में लगातार होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, डेयरी और अन्य फूड आउटलेट बढ़ रहे हैं। ऐसे में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए विभागीय संसाधनों का पर्याप्त होना जरूरी है। असिस्टेंट से लेकर आदेशपाल तक की कमी विभाग के स्थानीय कार्यालय में सिर्फ अधिकारी और फील्ड स्टाफ की ही कमी नहीं है। असिस्टेंट और आदेशपाल जैसे कर्मचारियों की भी कमी है। कार्यालय में वाई-फाई जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग को बाजारों में खाद्य पदार्थों की जांच, सैंपलिंग, शिकायतों पर कार्रवाई और सीज सामग्री की निगरानी जैसे कई काम करने होते हैं। इसके लिए फील्ड संसाधनों के साथ कार्यालयी ढांचे की भी जरूरत होती है। विभाग का दावा- नियमित निरीक्षण और सैंपलिंग पर असर नहीं विभाग के अनुसार पटना जैसे बड़े शहर में नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और खाद्य नमूनों के सुरक्षित रखरखाव के लिए अतिरिक्त मानव संसाधन, वाहन, कार्यालयी सुविधाओं और स्टोरेज की आवश्यकता है। हालांकि, उपलब्ध संसाधनों के आधार पर विभागीय कार्य नियमित रूप से संचालित किए जा रहे हैं। खाद्य संरक्षा अधिकारी सुदामा चौधरी का कहना है कि संसाधनों को लेकर कुछ आवश्यकताएं जरूर हैं, लेकिन नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और कार्रवाई की प्रक्रिया पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
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गृह राज्यमंत्री बेढम ने खैरथल में की 5 घंटे बैठक: निकाय चुनाव की रणनीति पर मंथन, निर्दलियों के हाथ सत्ता की चाबी – Khairthal-Tijara News
खैरथल में नगर निकायों के अध्यक्ष पद चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शनिवार को राजस्थान के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम खैरथल पहुंचे। उन्होंने ग्रीनलैंड होटल में भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ करीब साढ़े पांच घंटे बैठक की। यह बैठक दोपहर 2 बजे शुरू हुई और शाम 7:30 बजे तक चली। इसमें खैरथल नगर परिषद समेत जिले की सभी निकायों में भाजपा का बोर्ड बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई। खैरथल पहुंचने पर किशनगढ़बास के पूर्व विधायक रामहेत सिंह यादव ने गृह राज्य मंत्री बेढम का स्वागत किया। बैठक में अलवर सरस डेयरी के चेयरमैन नितिन सांगवान, भाजपा जिला संगठन प्रभारी अशोक सैनी और खैरथल नगर परिषद भाजपा के चुनाव प्रभारी बलवान सिंह यादव समेत कई भाजपा नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। मंत्री बेढम ने बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, निकाय चुनाव की तैयारियों और पार्षदों के समर्थन पर फीडबैक लिया। जवाहर सिंह बेढम ने बताया – कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी संगठन पर विचार-विमर्श हुआ है। खैरथल-तिजारा जिले के सभी निकायों में भाजपा चुनाव जीतेगी। निर्दलियों को मनाने में लगी पार्टियां खैरथल नगर परिषद में सभापति पद का चुनाव काफी चर्चा में है। यहां कुल 45 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव में भाजपा के 8, कांग्रेस के 20 और 17 निर्दलीय पार्षद जीते हैं। सभापति के लिए बहुमत का आंकड़ा 23 है। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम हो गई है। इस बीच, खैरथल नगर परिषद के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के बड़े चेहरे विक्रम सिंह चौधरी उर्फ विक्की चौधरी ने भाजपा जॉइन कर ली है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली। इससे चुनावी समीकरण बदल गए हैं। भाजपा ने विक्रम सिंह चौधरी को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने ओमप्रकाश रोघा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। 21 सितंबर को होगा सभापति पद का फैसला
खैरथल नगर परिषद के सभापति पद के लिए 21 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमे अपने-अपने पक्ष में पार्षदों का समर्थन जुटाने में जुटे हैं। निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी राजनीतिक दलों की नजर बनी हुई है।
दो पार्षदों के अपहरण के मामले से माहौल गरमाया
सभापति चुनाव से पहले खैरथल में दो पार्षदों के कथित अपहरण को लेकर भी विवाद सामने आया है। वार्ड 3 के पार्षद रामधन और वार्ड 20 के पार्षद भगवानदास के अपहरण को लेकर उनके परिजनों की ओर से खैरथल थाने में अलग-अलग मामले दर्ज कराए गए हैं। मामलों में कांग्रेस नेताओं और व्यापारियों पर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। शनिवार को बंद रहे बाजार
मामले को लेकर व्यापारियों में आक्रोश देखने को मिला। शनिवार को खैरथल कस्बे के प्रमुख बाजारों के साथ अनाज मंडी और सब्जी मंडी में भी बाजार बंद रहे। व्यापारियों ने अनाज मंडी में पुलिस-प्रशासन की ओर से कराई गई व्यापारी के अपहरण की मॉक ड्रिल पर भी आपत्ति जताई। व्यापारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान इस तरह की मॉक ड्रिल से किसानों और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा हुआ है।
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हेल्दी समझकर रोज खाते हैं पपीता? इन बीमारियों में बढ़ सकती है परेशानी
Who Should Avoid Papaya: पपीता उन फलों में शामिल है जिन्हें सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. पपीता पाचन को बेहतर बनाने, इम्यूनिटी मजबूत करने, आंखों की सेहत सुधारने और त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है. इसके अलावा ये वेट कंट्रोल रखने और शरीर को कई बीमारियों से बचाने में भी सहायक माना जाता है.
लेकिन हर हेल्दी फूड हर व्यक्ति के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं है. कई शोध बताते हैं कि कुछ लोगों में पपीता परेशानी बढ़ा सकता है या पहले से मौजूद लक्षणों को गंभीर बना सकता है. इसलिए अगर आप किसी खास बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं, तो पपीते को नियमित रूप से खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है
हाइपोग्लाइसीमिया के मरीज
हाइपोग्लाइसीमिया ऐसी स्थिति है जिसमें खून में शुगर का लेवल काफी कम हो जाता है. इससे चक्कर आना, कमजोरी, कंपकंपी और भ्रम जैसी समस्याएं हो सकती हैं. पपीता ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है, लेकिन जिन लोगों का शुगर लेवल पहले से ही कम रहता है, उनमें इसका अधिक सेवन ब्लड शुगर को और नीचे ले जा सकता है. इसलिए ऐसे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
अनियमित धड़कन की समस्या वाले लोग
जिन लोगों को दिल की धड़कन अनियमित रहने की समस्या है, उन्हें भी पपीते का सेवन सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती है. पपीते में मौजूद कुछ यौगिक शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए दिल से संबंधित समस्या या थायरॉयड से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए.
किडनी स्टोन के मरीज
पपीता विटामिन सी का अच्छा सोर्स है, लेकिन जिन लोगों को किडनी स्टोन की समस्या है, उन्हें इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए. बहुत ज्यादा विटामिन सी शरीर में ऑक्सलेट की मात्रा बढ़ा सकता है, जिससे कुछ प्रकार की पथरी बनने या बढ़ने का जोखिम बढ़ सकता है. ऐसे लोगों के लिए संतुलित मात्रा में सेवन करना बेहतर माना जाता है.
ध्यान रखें ये बातें
यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है या आप किसी दवा का सेवन कर रहे हैं, तो अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें.
1 अक्टूबर से ढाई करोड़ ग्राहकों के लिए मुश्किल होगी एलपीजी बुकिंग, लागू हो गया नया नियम
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LPG Subsidy Rule : रसोई गैस को लेकर जितनी उठापटक साल 2026 में हुई है, उतनी बीते एक दशक में कभी नहीं हुई. पहले तो अमेरिका और ईरान युद्ध की वजह से इसके आयात पर दिक्कतें आईं और सरकार ने भी इसके नियमों में लगातार बदलाव किया है. अब एलपीजी की सब्सिडी को लेकर एक बार फिर नियमों में बदलाव किया जा रहा है. 1 अक्टूबर से एलपीजी बुकिंग को लेकर कुछ बदलाव किया जा रहा है, खासकर सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं.
सरकार की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि 1 अक्टूबर, 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा होना जरूरी होगा. यानी जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक Aadhaar की बायोमेट्रिक जांच पूरी नहीं कराई है, उन्हें सब्सिडी वाले रेट पर सिलेंडर लेने से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
सरकार के मुताबिक, देश में सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं में से 27.43 करोड़ यानी 89.9% उपभोक्ता पहले ही बायोमेट्रिक Aadhaar Authentication पूरा कर चुके हैं. इन उपभोक्ताओं को दोबारा कोई प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी और उनकी LPG बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी. इसका मतलब है कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपनी बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी कर ली है, उनके लिए एलपीजी बुकिंग करना और उस पर सब्सिडी पाना आसान रहेगा.
आंकड़ों को देखें तो पता चलता है कि अभी करीब 2.47 करोड़ उपभोक्ताओं ने आधार सत्यापन नहीं कराया है. इसका मतलब है कि ये उपभोक्ता जब एलपीजी बुकिंग करने जाएंगे तो उन्हें आधार सत्यापन करना होगा. हालांकि, अगर अभी तक आपने आधार सत्यापन नहीं कराया है तो इसके कई ऑप्शन हैं. ग्राहक चाहें तो LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिये अपना आधार सत्यापन करा सकते हैं. इसके अलावा LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के शोरूम पर जाकर भी सत्यापन कराया जा सकता है और संबंधित OMC के मोबाइल ऐप से घर बैठे आधार सत्यापन करा सकते हैं.
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एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करने वाले उपभोक्ता अपनी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के ऐप से भी आधार सत्यापन करा सकते हैं. मान लीजिए कि आप Indane कंपनी के एलपीजी उपभोक्ता हैं तो इसके ऐप IndianOil ONE के जरिये आधार सत्यापन करा सकते हैं. इसी तरह, Bharatgas के उपभोक्ता HelloBPCL ऐप से घर बैठे अपना सत्यापन करा सकते हैं. HP Gas ने भी अपने उपभोक्ताओं को HP PAY नाम से ऐप दिया है, जिससे इस प्रक्रिया को घर बैठे पूरा किया जा सकता है.
अगर आप बिना सब्सिडी वाला एलपीजी लेना चाहते हैं और किसी कारणवश अपना बायोमीट्रिक आधार सत्यापन भी नहीं कराना चाहते तो उनके लिए भी मौके हैं. ऐसे उपभोक्ता बिना सत्यापन के भी LPG लेना जारी रख सकते हैं. इसके लिए उन्हें अपनी OMC के डिजिटल चैनल, मोबाइल ऐप, WhatsApp चैटबॉट, IVRS जैसे किसी भी विकल्प के जरिए अपनी पसंद दर्ज करनी होगी. ऐसे उपभोक्ताओं को सब्सिडी के बिना बाजार कीमत पर LPG दिया जाएगा. 5 किलो या 10 किलो के सिलेंडर स्थानीय उपलब्धता के आधार पर मिल सकेंगे.
सरकार ने बायोमीट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन यानी BAA पूरा करने की शुरुआती समयसीमा 30 जून 2026 थी, लेकिन उपभोक्ताओं को अतिरिक्त समय देने के लिए इसे कई बार बढ़ाया गया और आखिरकार 14 सितंबर 2026 को इसकी आखिरी डेडलाइन रखी थी. सरकार के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से चल रहे अभियान के तहत उपभोक्ताओं को 12 करोड़ से ज्यादा SMS और WhatsApp संदेश भेजे गए हैं. इसके अलावा LPG वितरकों, डिलीवरी कर्मचारियों और विशेष कैंपों के जरिये भी लोगों से Authentication पूरा करने की अपील की गई.
सरकार ने आंकड़े जारी कर बताया है कि सितंबर 2026 में 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर पर वास्तविक लागत और बिक्री मूल्य के बीच अंतर से जुड़ी अंतर्निहित सब्सिडी करीब 210 रुपये प्रति सिलेंडर है. जून 2026 में यह करीब 721 रुपये तक पहुंच गई थी. LPG सब्सिडी के लिए सरकार ने FY 2022-23 में OMCs को 22,000 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया था. FY 2025-26 और FY 2026-27 में 30,000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं.
सरकार ने साफ कहा है कि जिन घरेलू LPG उपभोक्ताओं का BAA अभी पूरा नहीं हुआ है, वे 1 अक्टूबर 2026 से पहले Authentication हर हाल में पूरा कर लें. अगर इसे लेकर कोई भी सवाल या कंफ्यूजन है तो LPG सेवाओं से जुड़ी सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 2333 555 पर संपर्क किया जा सकता है.
अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में दूतावासों को अलर्ट भेजा: ट्रम्प छुट्टी खत्म होने से पहले व्हाइट हाउस लौटे; दावा- अमेरिकी विमान ब्रिटिश एयरबेस से रवाना हुए
वॉशिंगटन डीसी/तेहरान10 मिनट पहले
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अमेरिका ने मिडिल-ईस्ट में अपने दूतावासों और नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच लोगों से ज्यादा सतर्क रहने को कहा है।
इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपना कैंप डेविड दौरा एक दिन पहले खत्म कर शनिवार शाम व्हाइट हाउस लौट आए। ट्रम्प की जल्दी वापसी की वजह व्हाइट हाउस ने नहीं बताई है।
वहीं, रशिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी B-1B लांसर बॉम्बर ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस से फुल आफ्टरबर्नर के साथ उड़ान भरते हुए मिडिल-ईस्ट की तरफ रवाना हुआ है।
ईरान के प्रेस TV ने भी उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसकाह में खाराब अल-जिर एयरबेस के पास एयर डिफेंस एक्टिविटी की जानकारी दी है।
ब्रिटिश एयरबेस से अमेरिकी विमान के रवाना होने का वीडियो…
9 देशों में अमेरिकी नागरिकों को सावधानी की सलाह
अमेरिका ने इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में रह रहे अपने नागरिकों को सावधान रहने को कहा है।
अमेरिका ने कहा कि मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए इन देशों की यात्रा करने वाले अमेरिकियों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे फ्लाइट और एयरपोर्ट से जुड़ी ताजा जानकारी देखते रहें।
ईरान ने जंग खत्म करने के लिए 7 शर्तें रखीं
ईरान ने चल रही जंग खत्म करने के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखी हैं। ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका ने उसकी मांगें नहीं मानीं तो वह जंग जारी रखने के लिए तैयार है।
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने अल जजीरा से कहा कि कतर ने मध्यस्थ के तौर पर ईरान की शर्तें अमेरिका तक पहुंचा दी हैं। अब ईरान ट्रम्प के जवाब का इंतजार कर रहा है।
रेजाई के मुताबिक, ईरान की मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड जारी करना और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करना शामिल है।

सऊदी बोला- हूतियों ने रियाद पर मिसाइल हमले की कोशिश की
सऊदी अरब ने कहा कि हूतियों ने उसकी राजधानी रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की कोशिश की। सऊदी सेना के मुताबिक, उसने मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया।
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि संगठन ने सऊदी अरब पर कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ ड्रोन भी भेजे। उनके मुताबिक, रियाद और सऊदी तेल कंपनी अरामको की यानबू स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
इस हमले के बाद सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
ईरान की नोबेल विजेता बोलीं- जंग और दमन की कीमत लोग चुका रहे
ईरान की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नर्गिस मोहम्मदी ने कहा है कि देश में चल रही जंग, आर्थिक संकट और सरकारी दमन का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने AP से बातचीत में कहा कि हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है।
मोहम्मदी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में समाज में सरकारी दमन और बढ़ा है। आर्थिक दबाव के साथ लोगों पर बढ़ती पाबंदियों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
मोहम्मदी ने कहा कि इसके बावजूद कई ईरानी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर युवा पीढ़ी का जिक्र किया, जो अपने अधिकारों को समझती है और विरोध करने से पीछे नहीं हट रही।

नर्गिस मोहम्मदी खुद भी लंबे समय तक जेल में रहीं
नर्गिस मोहम्मदी कई सालों से मानवाधिकारों के लिए आवाज उठाती रही हैं और कई बार जेल जा चुकी हैं। उन्हें 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था।
दिसंबर में हिरासत के दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों पर मारपीट का आरोप लगाया था। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जमानत पर रिहा कर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि अब उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।
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रिपोर्ट- इजराइली सेना में हथियार-सैनिक कम पड़े:3 साल की जंग में टैंक भी घिसे, बोइंग से 12 अपाचे हेलिकॉप्टर की डील भी अटकी

इजराइल में सेना के पास कुछ हथियारों और सैनिकों की कमी हो गई है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया है। अखबार मारिव के मुताबिक 3 साल की जंग में इजराइली सेना ने जितना गोला-बारूद इस्तेमाल किया, वह पिछले 30 साल में इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद के बराबर था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर जेल से बाहर आएगा: बेटियों के नामकरण में शामिल होगा काला जठेड़ी; कड़ी सुरक्षा में तिहाड़ जेल से लाया जाएगा – Sonipat News
हरियाणा में सोनीपत का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी आज 4 घंटे की कस्टडी पैरोल पर बाहर आएगा। वह जठेड़ी गांव में अपनी जुड़वां बेटियों के जन्म के 80 दिन बाद होने वाले हवन-यज्ञ, नामकरण और अन्य रस्मों में शामिल होगा। काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी ‘लेडी डॉन’ के नाम से मशहूर है। अनुराधा चौधरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि पहले 6 घंटे की कस्टडी पैरोल की अनुमति ली गई थी, लेकिन प्रशासनिक गाइडलाइन के अनुसार अब 5 घंटे की पैरोल मिली है। काला जठेड़ी सुबह 11 बजे गांव पहुंचेगा और शाम 4 बजे तक वहां रहेगा। अनुराधा ने बताया कि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की शिफ्ट 5 घंटे की होती है। पैरोल के दौरान सुरक्षा का खर्च भी संबंधित पक्ष को ही उठाना पड़ता है। 10 घंटे की पैरोल संभव नहीं थी, क्योंकि एक घंटे बाद पुलिसकर्मियों की दूसरी शिफ्ट लगती और उसका खर्च भी देना पड़ता। बता दें, काला जठेड़ी पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में 30 से ज्यादा मामले दर्ज है। इनमें हत्या, फिरौती, रंगदारी, हत्या का प्रयास जैसे मामले शामिल हैं। काला जठेड़ी को 30 जुलाई 2021 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। 1 जुलाई को दिया था जुड़वां बेटियों का जन्म अनुराधा ने 1 जुलाई को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक से गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उसकी सीजेरियन डिलीवरी करानी पड़ी थी। इसी दिन काला जठेड़ी अपनी बेटियों को देखने के लिए 4 घंटे की कस्टडी पैरोल पर आया था। सुरक्षा कारणों के चलते कोर्ट ने अस्पताल का नाम सार्वजनिक नहीं करने का निर्देश दिया था। 2020 में जठेड़ी-अनुराधा की मुलाकात हुई अनुराधा चौधरी राजस्थान के सीकर की रहने वाली है। अनुराधा की भी आपराधिक पृष्ठभूमि रही है। वह कभी कुख्यात अपराधी आनंदपाल सिंह से जुड़ी थी। आनंदपाल के ठेठ पहनावे को अनुराधा ने ही बदला था। यहां तक की उसे अंग्रेजी बोलना भी सिखाया। इसी के बदले आनंदपाल ने अनुराधा को AK-47 चलाना सिखाया। 27 जून, 2006 को बहुचर्चित जीवणराम गोदारा हत्याकांड के मुख्य गवाह प्रमोद चौधरी के भाई इंद्रचंद के अपहरण मामले में अनुराधा चौधरी का नाम आया था। साल 2016 में उसको जयपुर से गिरफ्तार किया था। अनुराधा चौधरी जब इस केस में दो साल की सजा काट रही थी तो साल 2017 में आनंदपाल सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इसके बाद 2020 में वह काला जठेड़ी के संपर्क में आई थी। हालांकि, अनुराधा दावा करती है कि उसके सभी केस बंद हो चुके है। 12 मार्च 2024 को हुई जठेड़ी-अनुराधा की शादी काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी की शादी 12 मार्च 2024 को दिल्ली के द्वारका सेक्टर-3 स्थित संतोष गार्डन में हुई थी। शादी के लिए द्वारका कोर्ट ने जठेड़ी को 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक उसे सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शादी समारोह में शामिल होना था। सुरक्षा कारणों से पुलिस का भारी बंदोबस्त किया गया था और जठेड़ी को तिहाड़ की मंडोली जेल से पुलिस सुरक्षा में शादी स्थल तक लाया गया। कोर्ट ने अगले दिन गृह प्रवेश के लिए भी पैरोल की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में यह अनुमति वापस ले ली गई।
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2027 से पहले भाजपा ने प्रयागराज में उतारे 3 प्रभारी: प्रत्याशी चयन से लेकर संगठन के साथ चुनाव प्रबंधन तक में निभाएंगे अहम भूमिका – Prayagraj (Allahabad) News
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में भाजपा ने प्रयागराज के संगठन में तीन नए प्रभारियों की तैनाती की है। पार्टी ने महानगर, यमुनापार और गंगापार के लिए अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किए हैं। महानगर की जिम्मेदारी राकेश त्रिवेदी, यमुनापार की अनिल सिंह और गंगापार क
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सीधे प्रदेश नेतृत्व को देंगे रिपोर्ट तीनों प्रभारियों की रिपोर्टिंग व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। राकेश त्रिवेदी, अनिल सिंह और अशोक मिश्रा सीधे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को रिपोर्ट करेंगे। यानी महानगर, यमुनापार और गंगापार की संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों का फीडबैक सीधे प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचेगा। जिलाध्यक्ष अपनी जगह, प्रभारी की भूमिका अलग प्रयागराज में महानगर, यमुनापार और गंगापार में पार्टी के जिलाध्यक्ष और स्थानीय संगठन पहले से काम कर रहे हैं। नए प्रभारी जिलाध्यक्षों का स्थान नहीं लेंगे। उनकी भूमिका प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय संगठन के बीच समन्वय की होगी। प्रभारी मंडल से लेकर बूथ स्तर तक संगठन की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की स्थिति, पार्टी अभियानों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। जरूरत के मुताबिक स्थानीय संगठन से फीडबैक लेकर उसे प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे।

चुनाव प्रबंधन पर भी नजर चुनाव नजदीक आने के साथ बूथ प्रबंधन, कार्यकर्ताओं की सक्रियता, मतदाता संपर्क अभियान और पार्टी के कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा भी प्रभारियों के जिम्मे होगी। इस तरह तीनों क्षेत्रों में स्थानीय संगठन के कामकाज और प्रदेश की चुनावी रणनीति के बीच समन्वय की जिम्मेदारी इन नेताओं के पास रहेगी। तीनों प्रभारियों का पुराना संगठनात्मक अनुभव महानगर प्रभारी बनाए गए राकेश त्रिवेदी भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं और मूल रूप से वाराणसी के रहने वाले हैं। अनिल सिंह मिर्जापुर के निवासी हैं और वहां जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वह पहले यमुनापार के प्रभारी भी रह चुके हैं। गंगापार के प्रभारी अशोक मिश्रा मूल रूप से सोनभद्र के रहने वाले हैं और वहां भाजपा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। तीनों नेताओं को संगठन में काम करने का अनुभव है, जिसका इस्तेमाल अब प्रयागराज में चुनावी तैयारियों के दौरान किया जाएगा।


