Sunday, November 1, 2026
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प्रेम प्रसंग में पाक्सो एक्ट के आरोपी को जमानत: मेरठ के इस मामले को हाईकोर्ट ने ‘किशोरी प्रेम’ का मामला माना – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है। कोर्ट ने इसे प्रथम दृष्टया ‘किशोरी प्रेम’ का मामला माना है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन ने याची अधिवक्ता सुनील चौधरी को सुनकर दिया । पीड़िता के पिता ने मेरठ के परतापुर थाने में आरोपी विकाश के विरुद्ध उसकी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व शारीरिक सम्बन्ध बनाने का आरोप है। क्या है मामला जानिये पीड़िता ने अपने बयानों में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था कि वह अपनी मर्जी से आरोपी के साथ गई थी ,पिछले 4 साल से एक दूसरे को जानते है और दोनों ने आपस में मंदिर में शादी कर ली थी और पति पत्नी की तरह रहे हैं । मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में पीड़िता ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि “शादी के बाद वह अपनी सास के साथ सोती थी और आरोपी (पति) ने उसके साथ कभी कोई शारीरिक संबंध नहीं बनाए।” इसके अलावा अदालत के सामने यह तथ्य भी आया कि दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था और इससे पहले भी पीड़िता दो बार (वर्ष 2025 में) आरोपी के साथ भाग चुकी थी, जिसके बाद पीड़िता के पिता ने पहले भी दो एफआईआर दर्ज कराई थीं, जिनमें आरोपी पहले से जमानत पर था।



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ऑरोरा एक्स कंपनी मामले में दो पर FIR: 40 दिन में रुपए डबल करने का देते थे झांसा; हजारों लोगों से करोड़ों जुटाए – Bhind News




भिण्ड में 40 दिन में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाकर हजारों लोगों से करोड़ों रुपए जुटाने वाली ऑरोरा एक्स कंपनी के खिलाफ आखिरकार सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। कंपनी के झांसे में आकर भिंड शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी लगा दी थी। कंपनी ने हाउसिंग कॉलोनी में कार्यालय खोलकर और शहरभर में बैनर लगाकर अपना प्रचार किया था। बेरोजगार युवाओं को रोजगार का लालच देकर भी लोगों को अपने नेटवर्क से जोड़ा गया। अब कंपनी कारोबार समेटकर गायब हो चुकी है और निवेशकों की लाखों-करोड़ों रुपए की रकम फंसी हुई है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अनीता गुर्जर ने दैनिक भास्कर को बताया कि भरौली निवासी विक्की सिंह राजावत की शिकायत पर ऑरोरा एक्स कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। कंपनी लोगों को 40 दिन में रकम दोगुनी करने का भरोसा दिलाती थी। इसके लिए निवेशकों को एक मोबाइल एप दिया गया था, जिसके जरिए डॉलर ट्रेडिंग के माध्यम से कमाई होने का दावा किया जाता था। निवेशकों को एप में अपनी रकम लगाने और उससे मुनाफा कमाने का लालच दिया गया था। 14 अक्टूबर से बंद होने लगी थी निकासी कंपनी की गतिविधियों पर सवाल तब उठने लगे, जब 14 अक्टूबर से निवेशकों की रकम निकालने पर रोक लगना शुरू हो गई। पहले कंपनी ने एप में तकनीकी अपडेट का हवाला दिया। इसके बाद निवेशकों को ट्रेडिंग और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर लगातार इंतजार कराया जाता रहा। 23 अक्टूबर तक रकम निकासी शुरू होने का भरोसा दिया गया, लेकिन इसके बाद भी निवेशकों को पैसा वापस नहीं मिला। बाद में कंपनी ने साइबर अटैक का हवाला देकर अपना कारोबार समेट लिया। भास्कर लगातार उठा रहा था निवेशकों का मुद्दा उल्लेखनीय है कि दैनिक भास्कर डिजिटल लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठा रहा था। कंपनी का स्थानीय स्तर पर संचालन करने वाले लोग भी लंबे समय से भिंड से गायब बताए जा रहे थे। निवेशकों की बढ़ती शिकायतों के बीच पुलिस पर राजनीतिक माध्यमों से दबाव बनाकर एफआईआर रुकवाने के प्रयासों की भी चर्चा थी। हालांकि अब पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने गिरफ्तारी के प्रयास शुरू करने की बात कही है।



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भारत में बन रहे गई ग्रेटर शहर, पर आप जानते हैं दुनिया की पहली ग्रेटर सिटी का नाम


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First Greater City : भारत में ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर फरीदाबाद बन रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया का पहला ग्रेटर शहर कौन सा है. आखिर किसी शहर को ग्रेटर बनाने के पीछे क्या मकसद होता है और इसके लिए किन-किन सेक्टर्स में ग्रोथ पर जोर देना पड़ता है. भारत अपने शहरों को ग्रेटर बनाने के लिए क्या कदम उठा सकता है और उसकी क्या चुनौतियां हैं.

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भारत में बन रहे गई ग्रेटर शहर, पर जानते हैं दुनिया की पहली ग्रेटर सिटी का नामZoom

दुनिया का पहला ग्रेटर शहर न्यूयॉर्क है.

नई दिल्ली. ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर फरीदाबाद सहित देश में तमाम शहरों का विस्तार कर उसका नया ग्रेटर वर्जन बनाया जा रहा है. लेकिन, क्या आपको पता है कि दुनिया का पहला ग्रेटर शहर कौन सा था और उसे ग्रेटर बनाने के लिए किन-किन चीजों का विकास किया गया. ग्रेटर शहर की अवधारणा मुख्य रूप से तब शुरू की जाती है, जबकि मौजूदा शहर उसकी बढ़ती आबादी के लिए पर्याप्त नहीं रह जाता है. इस लिहाज से देखें तो दुनिया का वह कौन सा शहर है, जहां सबसे पहले आबादी के हिसाब से सुविधाएं बढ़ाने का प्रयास किया गया.

आपको बता दें कि ग्रेटर सिटी के तहत पहली बार अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर का विस्तार किया गया था. साल 1898 में सिटी ऑफ ग्रेटर न्यूयॉर्क (City of Greater New York) बनाया गया था. तब न्यूयॉर्क शहर के आसपास की तमाम नगरपालिकाओं को मिलाकर शहर का विस्तार किया गया था. इसी तरह, दूसरा ग्रेटर शहर लंदन को बनाया गया. 1 अप्रैल, 1965 को ग्रेटर लंदन की नींव रखी गई और इस शहर का विस्तार कर आसपास के तमाम इलाकों को लंदन शहर में शामिल कर लिया गया.

5 शहरों को मिलाकर बना था ग्रेटर न्यूयॉर्क
अमेरिका ने सबसे पहले दुनिया का ग्रेटर शहर बनाया. 1 जनवरी, 1898 को 5 शहरों और क्षेत्रों को मिलाकर एक महानगर बनाया गया था. इसका मकसद सिर्फ शहर का क्षेत्रफल बढ़ाना नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, पानी, बंदरगाह, पुलिस और प्रशासन के स्तर तक बेहतर सुविधाएं विकसित करना था. तब न्यूयॉर्क में मैनहट्टन, ब्रुकलिन, ब्रॉन्क्स, क्वींस और स्टेटन आईलैंड को मिलाया गया था. इस एकीकरण से पहले तक न्यूयॉर्क का कुल क्षेत्रफल 60 वर्ग मील था, जो बाद में बढ़कर 360 वर्गमील हो गया है.

6 सेक्टर्स में ग्रोथ पर था फोकस

  • सड़क नेटवर्क : ग्रेटर न्यूयॉर्क बनने के बाद मैनहट्टन को ब्रुकलिन और दूसरे क्षेत्रों से जोड़ने के लिए नए पुलों का निर्माण किया गया. इसके बाद तीन बड़े ब्रिज विलियम्सबर्ग (1903), मैनहट्टन ब्रिज (1909) और क्वींसबोरो ब्रिज (1909) में खोला गया.
  • अंडग्राउंड मेट्रो : ग्रेटर न्यूयॉर्क बनने के बाद साल 1904 में पहली बार आधुनिक सब-वे लाइन शुरू की गई. भूमिगत मेट्रो चलाए जाने से मैनहट्टन और आसपास के इलाकों के बीच बड़े पैमाने पर आवाजाही संभव हो सकी.
  • वॉटर सप्लाई : शहर की आबादी बढ़ी तो पानी की जरूरतें भी बढ़ने लगीं. तब बड़े जलाशय बनाने के साथ एक्वाडक्ट लाइन शुरू की ई और साल 1915 में दूरदराज के जल स्रोतों से शहर तक पानी पहुंचाया गया.
  • पोर्ट और कारोबार : ग्रेटर न्यूयॉर्क के साथ न्यूयॉर्क हार्बर को भी विकसित किया गया और शहर में जहाजों की आवाजाही, माल ढुलाई और कारोबारी गतिविधियों को बेहतर बनाया गया.
  • पार्क और मनोरंजन का विकास : ग्रेटर न्यूयॉर्क में तमाम पार्क और खुले स्थान के साथ मनोरंजन की सुविधाओं का भी विकास किया गया. न्यूयॉर्क का सेंट्रल पार्क पहले से ही मौजूद था, लेकिन बाद में कई और पार्क बनाए गए.
  • प्रशासनिक विकास : ग्रेटर न्यूयॉर्क बनाने के लिए इसमें कई नगरपालिकाओं को मिलाया गया और एक महानगर बना. इस महानगर को बेहतर बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और टैक्स व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया.

    भारत के लिए क्या है सबक
    ग्रेटर न्यूयॉर्क शहर के मॉडल से भारत भी अपने शहरों के विकास के लिए बेहतर व्यवस्था बना सकता है. भारत की दो प्रमुख राजधानियों दिल्ली और मुंबई के आसपास ऐसा ही मॉडल विकसित किया जा रहा है. दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के बीच बेहतर कनेक्टिवटी बनाई जा रही है. इसी तरह, मुंबई महानगर क्षेत्र का भी विस्तार किया जा रहा है और इसमें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली और आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर बड़ा शहर बनाया जा रहा है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मधुबनी में CM का आपत्तिजनक फोटो पोस्ट करने पर FIR: सोशल मीडिया पर किया था वायरल, जांच में जुटी पुलिस – Madhubani News




मधुबनी में सोशल मीडिया पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की छवि और प्रतिष्ठा को धूमिल करने के कथित प्रयास के मामले में मधुबनी साइबर थाना पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। एक आपत्तिजनक फोटो और वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में साइबर थाना, मधुबनी में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने संबंधित इंस्टाग्राम आईडी की पहचान कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को पूर्वाह्न 10:13 बजे CCSU Social Media, पटना के मोबाइल से मधुबनी साइबर थाना के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक आपत्तिजनक फोटो और वीडियो क्लिप भेजी गई थी। वीडियो में एक अज्ञात व्यक्ति को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का चरणस्पर्श करते हुए दिखाया गया था। इसके बाद साइबर थाना की तकनीकी टीम ने प्राप्त फोटो और वीडियो क्लिप की बारीकी से जांच एवं सत्यापन किया। जांच के दौरान सामने आया कि उक्त फोटो और वीडियो क्लिप को इंस्टाग्राम के माध्यम से प्रसारित किया गया था। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संबंधित इंस्टाग्राम प्रोफाइल की पहचान ‘Ripu Yaduvanshi’ के नाम से संचालित आईडी के रूप में की गई। पुलिस अब इस आईडी के वास्तविक संचालक और इसके माध्यम से सामग्री प्रसारित करने में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। इस मामले की पुष्टि शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजे मधुबनी साइबर डीएसपी नवीन कुमार ने की। उन्होंने बताया कि भ्रामक एवं कथित रूप से मनगढ़ंत फोटो और वीडियो क्लिप के माध्यम से मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा एवं राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में साइबर थाना, मधुबनी कांड संख्या 41/26, दिनांक 28 अक्टूबर 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356 एवं 351(2) तथा आईटी एक्ट 2000 की धारा 66(C) और 66(D) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।



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‘जंग कब और कैसे खत्म होगी, यह हम तय करेंगे’: ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अमेरिका-इजराइल को चेतावनी दी, सेना को तैयार रहने के लिए कहा


2 घंटे पहले

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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों ने दोबारा हमला किया तो ईरान उसका तुरंत जवाब देगा। उन्होंने कहा कि जंग कब और किन शर्तों पर खत्म होगी, यह भी ईरान तय करेगा।

खामेनेई ने शनिवार को ईरान की सेना के वरिष्ठ कमांडरों के साथ बैठक में यह बयान दिया। इसके बाद उनका बयान टेलीग्राम अकाउंट पर जारी किया गया।

सुप्रीम लीडर खामेनेई ने सेना को किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहने का आदेश भी दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि जवाबी हमले के लिए किसी भौगोलिक सीमा की पाबंदी नहीं होगी।

खामेनेई ने हमले के लिए नई टारगेट लिस्ट बनाने को कहा

खामेनेई ने ईरानी सेना को अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों और दूसरी संपत्तियों की नई सूची तैयार करने का आदेश भी दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें निशाना बनाया जा सके।

वहीं, अमेरिकी न्यूज चैनल MS NOW की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ने खाड़ी देशों को अलर्ट रहने को कहा है। तीन वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने 4 नवंबर से ईरान पर संभावित हमले की तैयारी करने को कहा है।

अधिकारियों के मुताबिक, हमला ज्यादा समय तक नहीं चलेगा, लेकिन काफी घातक हो सकता है।

अराघची बोले- अमेरिकी हमले की आशंका से इनकार नहीं

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अमेरिका के एक और हमले की आशंका को खारिज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।

अराघची ने यह भी बताया कि ईरान को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है। ईरान के बड़े अधिकारियों ने इस पर चर्चा की है। फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीधे बैठक की कोई योजना नहीं है। आगे बातचीत आमने-सामने होगी या मध्यस्थों के जरिए, यह ईरान की शर्तें पूरी होने पर निर्भर करेगा।

अराघची ने यह भी माना है कि अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का ईरान पर असर पड़ा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान इन दबावों के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अमेरिका के लिए सिर्फ एक बहाना है। (फाइल फोटो)

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अमेरिका के लिए सिर्फ एक बहाना है। (फाइल फोटो)

अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प बातचीत से मामला सुलझाना चाहते हैं

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को अटलांटा में G20 की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर दोबारा हमला करने का अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

ट्रम्प फिलहाल बातचीत के जरिए मामला सुलझाना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। रुबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अपनी मांगें मनवाने के लिए जहाजों पर हमले करने और पड़ोसी देशों के तेल-गैस ठिकानों को तबाह करने की धमकी दे रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अटलांटा में G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। तस्वीर 31 अक्टूबर 2026 की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अटलांटा में G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। तस्वीर 31 अक्टूबर 2026 की है।

अमेरिका संग बातचीत में ईरान की तीन बड़ी मांगें

  • तेल बेचने की छूट बहाल हो: ईरान चाहता है कि अमेरिका उसे तेल बेचने की पहले जैसी छूट दें।
  • आर्थिक प्रतिबंध हटें: ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध खत्म किए जाएं, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को राहत मिले।
  • कतर में जमा 6 अरब डॉलर वापस मिलें: ईरान चाहता है कि कतर में रोकी गई उसकी करीब 6 अरब डॉलर की रकम उसे वापस दी जाए।

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अमेरिकी नाकेबंदी को चकमा देकर ईरान ने सैन्य सामान खरीदा: रिपोर्ट- 5000 फर्जी एजेंसियों का नेटवर्क बनाया, चीन-रूस से मंगवाए मिसाइलों के पुर्जे

अमेरिका ने ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं। समुद्र में अमेरिकी नाकेबंदी के चलते उसके लिए दूसरे देशों से सैन्य सामान मंगाना भी मुश्किल है। इसके बावजूद ईरान ने हथियारों की सप्लाई जारी रखी। पूरी खबर पढ़ें…

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सर्दियों में बनाएं सेहतमंद अलसी के लड्डू, जानें गोंद-मेवे वाली आसान रेसिपी

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Alsi Ke Laddu Recipe: सर्दियों के मौसम में शरीर को अंदरूनी गर्माहट, ताकत और भरपूर ऊर्जा देने के लिए अलसी के लड्डू एक बेहतरीन पारंपरिक उपाय हैं. फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर यह सुपरफूड न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, बल्कि जोड़ों के दर्द और मौसमी बीमारियों से भी राहत दिलाता है. उत्तर प्रदेश के गोंडा की गृहिणी मीरा तिवारी से जानिए घर पर ही गुड़, गोंद और ड्राई फ्रूट्स के साथ पौष्टिक और स्वादिष्ट अलसी के लड्डू तैयार करने की आसान विधि.

Alsi Ke Laddu Recipe: अगर आप सर्दियों में घर पर कुछ स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो अलसी के लड्डू एक अच्छा विकल्प हैं. इन्हें आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. अलसी में फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है. सर्दियों में कई लोग अलसी के लड्डू खाना पसंद करते हैं. आइए गृहिणी मीरा तिवारी से जानते हैं अलसी के लड्डू बनाने की आसान विधि.

अलसी के लड्डू बनाने के लिए जरूरी सामग्री
लोकल 18 से बातचीत के दौरान गृहिणी मीरा तिवारी बताती हैं कि अलसी के लड्डू बनाने के लिए अलसी के बीज, गुड़, थोड़ा घी, गोंद और अपनी पसंद के मेवे की जरूरत होती है. इसमें काजू, बादाम, पिस्ता और मूंगफली भी मिला सकते हैं. इसके अलावा आप अपनी पसंद के अनुसार अन्य मेवे भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

अलसी को साफ करने और भूनने का सही तरीका
मीरा तिवारी बताती हैं कि सबसे पहले बाजार से अच्छी गुणवत्ता वाली अलसी खरीद लें. अलसी को पानी से नहीं धोना चाहिए, क्योंकि पानी के संपर्क में आने पर इसमें चिपचिपापन आ सकता है. इसलिए अलसी को अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद कड़ाही में धीमी आंच पर अलसी को अच्छी तरह भून लें. भूनने के बाद इसे ठंडा करके दरदरा पीस लें.

लड्डू बनाने में गोंद और मेवों का प्रयोग
अलसी के लड्डू में स्वाद बढ़ाने के लिए अपनी पसंद के मेवे डाल सकते हैं. मीरा तिवारी बताती हैं कि इसमें काजू, बादाम और पिस्ता के साथ गोंद का भी प्रयोग किया जाता है. सबसे पहले गोंद को थोड़े घी में हल्का गर्म करके अच्छी तरह फुला लें. ठंडा होने के बाद इसे पीसकर रख लें. मेवों को भी छोटे टुकड़ों में काट लें.

ऐसे तैयार करें स्वादिष्ट और पौष्टिक अलसी के लड्डू
सबसे पहले कड़ाही में गुड़ डालकर धीमी आंच पर पिघला लें. गुड़ को पकाकर एक तार की चाशनी तैयार कर लें. इसके बाद इसमें भुनी हुई अलसी, कटे हुए मेवे और पिसा हुआ गोंद डालकर अच्छी तरह मिला लें. मिश्रण थोड़ा ठंडा होने पर हाथों से गोल-गोल लड्डू बना लें. इस तरह घर पर स्वादिष्ट अलसी के लड्डू तैयार हो जाएंगे. इन्हें ठंडा होने के बाद किसी साफ और सूखे डिब्बे में रख सकते हैं और जरूरत के अनुसार खा सकते हैं.

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Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

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उद्धव ठाकरे बोले- BJP से 2019 के बाद संवाद नहीं: कुछ लोगों के फोन हमेशा के लिए बंद हो गए; संजय राउत की 17वीं किताब लॉन्च




शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी से बातचीत 2019 में बंद हुई और फिर दोबारा कभी नहीं हुई। कुछ लोगों के फोन आना बंद हुए और फिर हमेशा के लिए बंद हो गया। मुंबई में संजय राउत की नई किताब ‘बोध कीर्तन’ के विमोचन पर उद्धव ने यह बात कही। राउत शिवसेना (UBT) के सांसद और ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक हैं। उद्धव ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दो दिन पुराने बयान का भी जवाब दिया। CM फडणवीस ने कहा था कि 2019 के बाद से उद्धव ने फोन नहीं किया। फडणवीस ने यह बात उस किताब के विमोचन कार्यक्रम में कही थी, जिसमें उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे भी शामिल हुए थे। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था, “2019 के बाद उन्होंने फोन नहीं किया। मैं इंतजार करता रहा।” 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर अविभाजित शिवसेना ने अपने लंबे समय के सहयोगी बीजेपी से नाता तोड़ लिया था। 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद दोनों दलों के रिश्ते और खराब हो गए। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला गुट बीजेपी के खेमे में शामिल हो गया था। किताब में नरेंद्र मोदी के भाषण पर लेख ‘बोध कीर्तन’ में संजय राउत के दार्शनिक विचार और उनके अनुभव शामिल हैं। किताब में अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए भाषण पर एक लेख भी है। कार्यक्रम में राज ठाकरे ने पत्रकार के तौर पर संजय राउत के सफर का जिक्र किया। उन्होंने राउत और अपने 40 साल से ज्यादा पुराने संबंध के बारे में भी बताया। बाल ठाकरे का इंटरव्यू याद किया राज ठाकरे ने कहा कि पहले जब संजय राउत किसी दूसरी पत्रिका में काम करते थे, तब वे शिवसेना पर आलोचनात्मक लेख लिखते थे। इससे शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे नाराज होते थे। राज ने राउत के साथ बाल ठाकरे के पहले इंटरव्यू को भी याद किया। यह इंटरव्यू एक पत्रिका के लिए हुआ था। MNS प्रमुख ने कहा कि बाल ठाकरे ने राउत के लिए कुछ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था। राउत ने इन शब्दों को हटाए बिना इंटरव्यू प्रकाशित कर दिया था। राज ठाकरे के मुताबिक, बाल ठाकरे को राउत की यही बात पसंद आई थी। बाद में इसी वजह से राउत ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक बने। ‘सामना’ शिवसेना का मुखपत्र है।



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दिल्ली फायर सर्विस में 84 साल बाद बड़ा बदलाव: स्वीकृत पदों की संख्या 3,096 से बढ़कर 5,441 होगी – New Delhi News




दिल्ली में आग लगने और आपातकालीन घटनाओं के दौरान बचाव व्यवस्था मजबूत करने के लिए सरकार ने दिल्ली अग्निशमन सेवा का बड़ा विस्तार करने का फैसला किया है। विभाग में अलग-अलग श्रेणियों के 2,345 नए पद सृजित किए जाएंगे। वर्ष 1942 में विभाग की स्थापना के बाद 84 साल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर पदों का पुनर्गठन किया जा रहा है। इसके बाद विभाग में स्वीकृत पदों की संख्या 3,096 से बढ़कर 5,441 हो जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्लीवासियों की जान-माल की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजधानी की बढ़ती आबादी, घनी बस्तियों, बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को देखते हुए अग्निशमन सेवा को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप मजबूत करना जरूरी है। वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड स्टाफ तक बढ़ेंगे पद पुनर्गठन के तहत उप मुख्य अग्निशमन अधिकारी, मंडल अधिकारी, सहायक मंडल अधिकारी, स्टेशन अधिकारी, उप अधिकारी, अग्रणी अग्निशामक और अग्नि ऑपरेटर के पद बढ़ाए जाएंगे। इसके अलावा चपरासी और माली के पदों का भी विस्तार होगा। सरकार के मुताबिक, नए पदों से विभाग में नेतृत्व और निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही आग और अन्य आपात स्थितियों में मौके पर पहुंचने वाली टीमों को पर्याप्त कर्मचारी मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ने से बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।



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कांग्रेसजनों ने इंदिरा गांधी और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी: ब्रह्मधाम में कार्यक्रम के बाद वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को भोजन कराया – Beawar News




ब्यावर में इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कांग्रेसजनों ने ब्रह्मधाम में श्रद्धांजलि कार्यक्रम किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने ब्रह्मानंद धाम स्थित वृद्धाश्रम में बुजुर्गों को भोजन कराया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अपने नेतृत्व और फैसलों से देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में भूमिका निभाई। पूर्व राज्य गृहमंत्री लक्ष्मण सिंह रावत ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। सरदार पटेल ने स्वतंत्र भारत को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। खनन प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष आशीषपाल पदावत, राजसमंद की पूर्व जिला प्रमुख बसंता देवी, पूर्व विधायक माणक डाणी और कांग्रेस प्रत्याशी पारस पंच ने भी विचार रखे। उन्होंने दोनों नेताओं के जीवन, संघर्ष, त्याग और राष्ट्रसेवा को प्रेरणादायक बताया। वक्ताओं ने कहा कि उनके आदर्शों पर चलकर समाजसेवा और जनकल्याण के काम करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ समय बिताया, उनका हालचाल पूछा और आशीर्वाद लिया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा करना महापुरुषों के प्रति सम्मान जताने का तरीका है। कार्यक्रम में संगठन महामंत्री गोपाल डाणी, वरिष्ठ नेता नरेंद्र झंवर, बृजवल्लभ पाराशर, पुष्पांजलि पारीक, देवकरण शर्मा, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष अजमत काठात, पार्षद इब्राहिम खां, घनश्याम फुलवारी, इमरान नागौरी, राहुल सामरिया, हनुमान सांखला, योगेश पंचोली, रोहित बजारी, अश्वनी प्रजापत, पप्पू पहलवान, अनिल शर्मा, भरत बंधीवाल, राहुल कड़ीवाल, मनीष सामरिया, जगदीश जांगिड़, भंवरलाल जांगिड़, कैलाश बैरवा, सुरेंद्र कुमार, सुनील चौहान और अजय स्वामी सहित कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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दादा नगर में निःशुल्क भोजन वितरण: 640वीं रसोई में 100 श्रमिकों ने प्रसाद ग्रहण किया – Kanpur News




कानपुर में श्री श्याम जी सेवा समिति की ओर से संचालित 640वीं श्री श्याम रसोई के तहत शनिवार, 31 अक्टूबर को दादानगर में भोजन वितरण किया गया। इस दौरान अरुण अरोड़ा ने श्रमिकों को पूड़ी-सब्जी वितरित की। रसोई में करीब 100 श्रमिकों ने प्रसाद ग्रहण किया। समिति के संस्थापक विशाल हरलालका ने बताया कि संस्था जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराकर ‘नर सेवा नारायण सेवा’ के भाव से कार्य कर रही है। समिति का उद्देश्य जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाना और सेवा के माध्यम से समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है।



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