Thursday, October 22, 2026
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टाइगर श्रॉफ पर हमले से पहले फायरिंग की प्रैक्टिस की: होटल में भी चली गोली; 10 गिरफ्तार, युवती का परिवार बोला- बेटी को बहाने से लेकर गए


मुंबईकुछ ही क्षण पहले

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दिल्ली से गिरफ्तार 4 आरोपी बुधवार देर रात मुंबई लाए गए। उन्हें मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ले जाया गया।

एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से पहले आरोपियों ने पिस्टल चलाने की प्रैक्टिस की थी। पुलिस के मुताबिक, अंधेरी के एक होटल में भी गलती से गोली चली थी, जो बिस्तर पर लगी।

मामले में दो युवतियों समेत अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें शामिल यूपी की बबीता के परिवार का दावा है कि राधा उसे मंदिर में दर्शन कराने के बहाने मुंबई ले गई थी।

परिवार का कहना है कि बबीता को हथियारों और फायरिंग की साजिश की जानकारी नहीं थी। टाइगर की कार पर 18 अक्टूबर की शाम फायरिंग हुई थी। उनका ड्राइवर और एक फैन घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने 20 अक्टूबर को कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली पुलिस ने 20 अक्टूबर को कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया था।

प्रैक्टिस में दो आरोपियों ने 3 राउंड फायर किए

मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने उस जगह के बारे में बताया, जहां उन्होंने हथियार चलाने की प्रैक्टिस की थी। एक आरोपी ने दो राउंड और दूसरे ने एक राउंड फायर किया था।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, अंधेरी के एक होटल के कमरे में पिस्टल की टेस्टिंग करते समय वह जाम हो गया था और गोली बिस्तर पर जा लगी।

अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस लाने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के सोनीपत के कुणाल ने लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस लिए थे। उसके साथ सुमित भी गया था।

जांच के मुताबिक, कुणाल ने राधा को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया। 15 अक्टूबर को वह राधा और बबीता के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा।

इस दौरान कुणाल और अनिल पंडित एक एन्क्रिप्टेड एप के जरिए संपर्क में थे। 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं।

इसके बाद एक अन्य आरोपी ने राधा से हथियारों वाला बैग लिया। अगले दिन टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। वारदात के समय राधा और बबीता ट्रेन से दिल्ली लौट गईं।

बबीता का परिवार बोला- बेटी दोषी हुई तो सजा मिलनी चाहिए

बबीता उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली है और हरियाणा के सोनीपत में पैकर का काम करती थी। उसके परिवार का दावा है कि राधा ने उसे मंदिरों में दर्शन कराने के बहाने मुंबई ले जाने की बात कही थी।

परिवार के मुताबिक, बबीता को हथियारों या फायरिंग की कथित साजिश की जानकारी नहीं थी। बबीता के पिता रामजनम राम ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी पाई जाती है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए।

दूसरी ओर, राधा की मां मैना ने भी अपनी बेटी को निर्दोष बताते हुए कहा कि हो सकता है उसे किसी ने बहकाया या मजबूर किया हो।

पुलिस ने तीन आरोपियों को 31 अक्टूबर तक हिरासत में लिया

राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार तीन आरोपियों- रेहान उर्फ सुक्का, रितिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह को बुधवार को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने हथियार बरामद करने, इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने और हमले के पीछे का मकसद पता लगाने के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी।

बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों से ट्रांजिट रिमांड के दौरान पूछताछ हो चुकी है और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने के लिए उन्हें हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

जुहू में फुटबॉल क्लब के बाहर हुई थी फायरिंग

18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 6 से 7 राउंड फायर किए गए।

टाइगर सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और व्लॉगर उमेश चौहान घायल हो गए। घटना के बाद हमलावरों की मोटरसाइकिल अंधेरी में लावारिस मिली थी।

घायल व्लॉगर के शरीर से गोली निकाली गई

व्लॉगर उमेश चौहान का 21 अक्टूबर को मुंबई के KEM अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। BMC के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके शरीर में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत स्थिर थी और उन्हें निगरानी में रखा गया।

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग-आरोपियों ने अमिताभ-सलमान, आमिर-अक्षय की रेकी की थी: सिक्योरिटी ज्यादा थी तो प्लान बदला

एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। आरोपियों के साथ एक चौथा युवक भी था, लेकिन वह हमले से एक रात पहले सिगरेट पीने के बहाने होटल से भाग गया। पूरी खबर पढ़ें..



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स्कूल में छात्रों से मारपीट मामले में पूरी चौकी सस्पेंड: बागपत के शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज में बाहरी लोगों ने घुसकर मारपीट की थी, 21 नामजद समेत 71 पर FIR; 10 गिरफ्तार – Baghpat News




बागपत के पदडा स्थित शास्त्री स्मारक इंटर कॉलेज में छात्रों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो गुरुवार की सुबह 10 बजे से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बुधवार को कक्षा 11 के छात्र मोहित पर एक छात्र और उसके परिजनों ने हमला किया था, जिसमें मोहित और उसका साथी विपुल गंभीर रूप से घायल हो गए। गय्यूर पक्ष ने स्कूल में अपने परिवार के छात्र से मारपीट का आरोप लगाया। दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मारपीट में मोहित, विपुल, गय्यूर सहित कई लोग घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते दिखे। बाहरी लोग भी स्कूल में घुसकर मारपीट कर रहे थे, जो पुलिस के सामने भी जारी रही। पुलिस ने 21 नामजद और 50 अज्ञात पर केस दर्ज कर 10 को गिरफ्तार किया है। घायलों का इलाज जारी है, फरार आरोपियों की तलाश चल रही है। कोतवाली प्रभारी मनोज चाहल ने बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है।



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जेपी अस्पताल के 3 डॉक्टर रातभर भूख हड़ताल पर बैठे: एक महीने का वेतन भी पूरा नहीं दिया, बोले- खाते में पूरी राशि नहीं आई – Bhopal News




जयप्रकाश जिला अस्पताल (जेपी अस्पताल) में वेतन और स्टाइपेंड नहीं मिलने से नाराज तीन डॉक्टरों की भूख हड़ताल गुरुवार को भी जारी है। डॉक्टर 21 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और रातभर अस्पताल परिसर में डटे रहे। उनका आरोप है कि बुधवार सुबह सिविल सर्जन की ओर से आया प्रतिनिधिमंडल एक महीने का वेतन जारी करने की बात कहकर गया था, लेकिन भुगतान की स्थिति जांचने पर उन्हें पूरी राशि नहीं मिली। वहीं, पीजी छात्र डॉ. शुभम कश्यप का पांच महीने का स्टाइपेंड अब भी बकाया है। अस्पताल में चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बरथरे ने बताया कि वे बुधवार से भूख हड़ताल पर हैं। सुबह सिविल सर्जन के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने एक महीने का वेतन निकालने की बात कही, लेकिन डॉक्टरों के मुताबिक, भुगतान की जांच करने पर एक महीने का वेतन भी पूरा नहीं मिला। उनका कहना है कि वेतन में कटौती करके राशि दी गई है। पीजी छात्र को अब तक स्टाइपेंड नहीं डॉ. बरथरे के मुताबिक उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे पीजी छात्र डॉ. शुभम कश्यप का पांच महीने का स्टाइपेंड रुका हुआ है। उन्हें अब तक एक महीने का भी स्टाइपेंड नहीं दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि बकाया भुगतान और वेतन में कटौती को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण उन्होंने आंदोलन जारी रखा है। तीन डॉक्टरों ने उठाए भुगतान प्रक्रिया पर सवाल डॉक्टरों के अनुसार, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष बरथरे और पीजीएमओ (ऑर्थोपेडिक्स) डॉ. रविंद्र पाल का करीब तीन महीने का वेतन बकाया होने की शिकायत है। वहीं, डॉ. शुभम कश्यप ने पांच महीने का स्टाइपेंड और पिछले तीन साल में स्टाइपेंड बढ़ोतरी का एरियर नहीं मिलने की बात कही है। डॉक्टरों ने भुगतान में देरी और कटौती के कारण स्पष्ट करने के साथ बकाया राशि जारी करने की मांग की है। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से भुगतान में देरी और कथित कटौती के कारणों पर आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।



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नोबेल नहीं मिला तो अब पुलित्जर पुरस्कार चाहते हैं ट्रम्प: कहा- मुझे लिखने के लिए सम्मान मिलना चाहिए था; 19 किताबें लिख चुके हैं




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उन्हें लेखन के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिलना चाहिए था। ट्रम्प ने बुधवार को एक रैली में रूस से जुड़ी जांच की रिपोर्टिंग के लिए पुलित्जर जीतने वाले पत्रकारों की आलोचना की। साथ ही, कई युद्ध रुकवाने का श्रेय लेते हुए एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर नाराजगी जताई। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि पत्रकारों ने इस मामले में गलत रिपोर्टिंग की थी और उन्हें इसके लिए पुरस्कार नहीं मिलना चाहिए था। ट्रम्प अब तक 19 किताबें लिख चुके हैं। इनमें 1987 में आई द आर्ट ऑफ द डील सबसे चर्चित है। पुलित्जर पुरस्कार पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है। हालांकि यह किताबों, नाटक और संगीत के लिए भी दिया जाता है। सोशल मीडिया पर ट्रम्प का मजाक उड़ा पुलित्जर पुरस्कार के लिए ट्रम्प के दावे पर सोशल मीडिया यूजर्स ने उनका मजाक उड़ाया। कुछ लोगों ने उनके लेखन की क्षमता पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, “जो व्यक्ति बच्चों की किताब तक नहीं लिख सकता, उसे लगता है कि उसे पुलित्जर मिलना चाहिए?” एक अन्य यूजर ने ट्रम्प के बोलने के तरीके पर तंज कसते हुए लिखा, “ट्रम्प लेखन के लिए पुलित्जर चाहते हैं? वे अंग्रेजी भाषा के साथ ऐसा बर्ताव करते हैं, जैसे उसे बंधक बना लिया हो। उनके वाक्यों को समझने के लिए तो खोजी दल की जरूरत पड़ेगी।” 2026 के पुलित्जर में ट्रम्प प्रशासन की रिपोर्टिंग भी शामिल 2026 में आधिकारिक सूची के मुताबिक, पुलित्जर पुरस्कार कुल 25 पुरस्कारों के रूप में दिए गए थे। इनमें पत्रकारिता, किताबों, नाटक, संगीत और एक विशेष सम्मान की श्रेणियां शामिल थीं। इन पुरस्कारों में ट्रम्प सरकार की नीतियों और उसके कामकाज पर की गई रिपोर्टिंग को भी सम्मान मिला। रूसी मामले पर 2018 में 2 अखबारों को मिला था पुलित्जर ट्रम्प ने रैली में रूस से जुड़े मामले पर अवार्ड पाने का जिक्र किया यह 2018 का मामला है। 2018 में द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट को रूस से जुड़ी खबरों के लिए पुलित्जर पुरस्कार मिला था। इन अखबारों ने अपनी खबरों में बताया था कि 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने दखल दिया था और उसकी जांच में ट्रम्प की चुनावी टीम के संबंधों की पड़ताल की गई थी। ट्रम्प इन खबरों को गलत बताते हैं। उन्होंने पुरस्कार वापस लेने की मांग भी की थी। लेकिन 2022 में पुलित्जर बोर्ड ने जांच के बाद उनकी मांग खारिज कर दी। बोर्ड ने कहा कि उसे ऐसा कोई सबूत नहीं मिला, जिससे साबित हो कि पुरस्कार जीतने वाली खबरें बाद में गलत साबित हुई थीं।



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सहरसा में मजदूर के पोस्टमॉर्टम में 15 घंटे की देरी: परिजन ने डॉक्टर पर लापरवाही का लगाया आरोप, बाइक की टक्कर से हुई थी मौत – Saharsa News




सहरसा के बनगांव थाना इलाके में सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम में देरी पर परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। 15 घंटे बाद भी शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। मृतक शंकर पासवान(55) बनगांव थाना के वार्ड नंबर 17 के थे। बुधवार शाम करीब 6 बजे वे खेत से चारा लेकर लौट रहे थे। तभी NH 327E पर एक बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी और उनकी मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार शाम 7 बजे शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा था। परिजनों का आरोप है कि रात भर इंतजार के बाद सुबह 8 बजे से डॉक्टर के पास पहुंचने पर दोपहर 2 बजे के बाद पोस्टमॉर्टम हुई। जानबूझकर देरी कर शव खराब करने का आरोप शंकर के बेटे सुबोध ने आरोप लगाया कि डॉक्टर जानबूझकर देरी कर शव खराब कर रहे हैं। परिवार ने विधायक आईपी गुप्ता को फोन पर जानकारी दी, जिसके बाद सिविल सर्जन ने जल्द पोस्टमॉर्टम के निर्देश दिए। सहरसा के सिविल सर्जन डॉ राजनरण प्रसाद ने कहा कि संदर्भ में विधायक के द्वारा भी फोन किया गया था। हमने अस्पताल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को फोन कर जल्द पोस्टमार्टम करने के लिए निर्देश दिए हैं।



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जानलेवा हमला और गाड़ी में तोड़फोड़ करने वाले दो गिरफ्तार: दिनदहाड़े दुकानदार पर गाड़ी चढ़ाने का किया था प्रयास, कार और कैंपर से आए थे बदमाश – Jodhpur News




जोधपुर शहर के सूरसागर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े जानलेवा हमला करने और गाड़ी चढ़ाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को पकड़ लिया है। घटना 31 मई की मणाई क्षेत्र में हुई। मामले में जब्बरसिंह पुत्र सरदारसिंह निवासी मणाई ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि वो 31 मई को अपनी दुकान पर बैठे थे, तभी परबतसिंह, भगवंतसिंह उर्फ भगवानसिंह उर्फ भगसा, लोकपालसिंह उर्फ बंटी और अन्य लोग ब्रेजा कार और कैंपर गाड़ियों में सवार होकर आए। जान से मारने के लिए गाड़ी चढ़ाने की कोशिश आरोप है कि इन लोगों ने प्लानिंग के साथ हॉकी, पाइप और सरिए से लैस होकर प्रार्थी की दुकान के सामने आतंक मचाया और जान से मारने की नीयत से कैंपर गाड़ी पीड़ित के ऊपर चढ़ाने की कोशिश की, जिससे उनके हाथों और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। मौके पर अर्टिगा और कैंपर गाड़ी क्षतिग्रस्त हालत में पाई गईं। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भगवंतसिंह उर्फ भगवानसिंह उर्फ भगसा पुत्र भोमसिंह, उम्र करीब 28 वर्ष, निवासी इन्द्रोका, सूरसागर और लोकपालसिंह उर्फ बंटी (26) पुत्र नरेन्द्रसिंह निवासी तेना, हाल इन्द्रोका, सूरसागर को गिरफ्तार किया है।



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एक मशीनों का बादशाह, दूसरा EU का गेटवे, 100 बिजनेसमैन लेकर पहुंचे पीयूष गोयल


यूरोप के बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए बड़ा मौका तलाशने की तैयारी है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 22 अक्टूबर यानी आज से जर्मनी और नीदरलैंड के दौरे पर हैं. उनके साथ करीब 100 भारतीय कारोबारी और स्टार्टअप भी जा रहे हैं. पूरी टीम 7 द‍िन इन दोनों देशों में रहेगी. मकसद सिर्फ व्यापार बढ़ाना नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, निवेश और यूरोप में भारतीय सामान की पहुंच को मजबूत करना भी है. यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और यूरोपीय यून‍ियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत जारी है.

एक ओर जर्मनी यूरोप की बड़ी इकॉनमी है. यहां भारतीय कंपनियों को हाईटेक टेक्‍नोलॉजी, मशीनरी और मैन्‍युफैक्‍चरिंग के क्षेत्र में सहयोग मिल सकता है. दूसरी तरफ नीदरलैंड का रॉटरडैम पोर्ट यूरोप के बड़े लॉजिस्टिक्स सेंटर में शामिल है. यहां तक पहुंच बनाना भारतीय निर्यातकों के लिए दूसरे यूरोपीय बाजारों तक सामान भेजने में काम आ सकता है.

यूरोप में बिजेनस का एक चौथाई ह‍िस्‍सा स‍िर्फ जर्मनी के साथ

भारत और जर्मनी के बीच फाइनेंश‍ियल ईयर 2025-26 में बाइलेटरल ट्रेड करीब 31.03 अरब डॉलर रहा. भारत ने जर्मनी को 11.53 अरब डॉलर का सामान एक्‍सपोर्ट किया, जबकि वहां से इंपोर्ट करीब 19.51 अरब डॉलर का रहा. यानी कारोबार बढ़ाने के साथ भारत के सामने व्यापार घाटा कम करने की चुनौती भी है.

जर्मनी के साथ भारत का कारोबार सिर्फ सामान खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है. यहां की कंपनियां मशीनरी, ऑटोमोबाइल, औद्योगिक उपकरण और उन्नत इंजीनियरिंग में मजबूत हैं. भारत के लिए ऐसी तकनीक और निवेश हासिल करना अपने कारखानों की क्षमता बढ़ाने में मददगार हो सकता है. इसी वजह से गोयल के कार्यक्रम में उन्नत विनिर्माण, ग्रीन मोबिलिटी, स्वच्छ तकनीक, माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स और डीप टेक जैसे क्षेत्रों को जगह दी गई है.

भारतीय कंपन‍ियों के ल‍िए कहां मौके

इंजीनियरिंग सामान, कपड़े, रसायन, दवाइयां और चमड़े के उत्पाद जर्मनी को भारत के प्रमुख निर्यातों में शामिल हैं. अगर बाजार तक पहुंच बेहतर होती है और कारोबारी साझेदारी मजबूत होती है, तो भारतीय कंपनियों को यूरोप में नए ग्राहक मिल सकते हैं. हालांकि, सिर्फ समझौते से ऑर्डर नहीं मिलते. कीमत, गुणवत्ता, तकनीकी मानक और समय पर आपूर्ति की शर्तें भी पूरी करनी होंगी.

नीदरलैंड तो भारत के ल‍िए यूरोप का गेटवे

अब बात नीदरलैंड की. यह देश भारतीय निर्यातकों के लिए इसलिए अहम है क्योंकि यहां का रॉटरडैम बंदरगाह यूरोप के प्रमुख व्यापारिक प्रवेश द्वारों में गिना जाता है. भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल 25 अक्टूबर को इस बंदरगाह की लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन व्यवस्था को समझने जाएगा. इसके बाद 26 अक्टूबर को हेग में भारत-नीदरलैंड बिजनेस फोरम होगा, जहां अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियां कारोबारी साझेदारी तलाशेंगी.

भारत और नीदरलैंड के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 23.29 अरब डॉलर का वस्तु व्यापार हुआ. भारत ने वहां लगभग 17.5 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया. इसमें पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, रसायन, कपड़े और दवाइयां शामिल हैं. नीदरलैंड में कारोबार बढ़ाने का फायदा यह हो सकता है कि भारतीय कंपनियां वहां के आयातकों, लॉजिस्टिक्स कंपनियों और वितरण नेटवर्क के साथ नए रिश्ते बना सकें. लेकिन नीदरलैंड के रास्ते यूरोप में बिक्री करने के लिए हर देश के नियम और उत्पाद मानक भी ध्यान में रखने होंगे.

FTA से क्या बदल सकता है?

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत का बड़ा मकसद दोनों तरफ कारोबार की बाधाएं कम करना और बाजार तक पहुंच बढ़ाना है. अगर समझौते में किसी उत्पाद पर शुल्क घटता है, तो भारतीय निर्यातक के लिए यूरोप में सामान बेचना अधिक प्रतिस्पर्धी हो सकता है. कपड़ा, दवाइयां, इंजीनियरिंग सामान और दूसरे विनिर्मित उत्पादों के लिए यह अवसर बन सकता है. लेकिन वास्तविक फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि अंतिम समझौते में किन उत्पादों पर कितनी राहत मिलती है और उसे कब लागू किया जाता है.

इन्‍वेस्‍टमेंट पर फोकस

पीयूष गोयल के दौरे इन्‍वेस्‍टमेंट एक अहम मुद्दा रहने वाला है. करीब 100 भारतीय कारोबारी और स्टार्टअप इस दौरे में शामिल होंगे. जर्मनी में निवेश संबंधी बैठक और नीदरलैंड में क्षेत्रवार कारोबारी चर्चाओं का मकसद कंपनियों को साझेदार, तकनीक और नए बाजार तलाशने का मौका देना है. एजेंडे में ऑटोमोबाइल, एआई, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, फार्मा, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्र हैं.



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वाराणसी में अगले 2 दिन बंद रहेंगे 12वीं तक के सभी स्कूल


वाराणसी में सभी स्कूल दो दिनों तक बंद रहेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, वाराणसी में स्कूल दो दिनों 22 और 23 अक्तूबर के लिए बंद रहेंगे। यह छुट्टी जिले के प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों पर लागू होगी। इस आदेश में सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त संस्थान और निजी स्कूल शामिल हैं। यह आदेश CBSE, ICSE और अन्य शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों पर भी लागू होता है।

जानकारी के अनुसार, वाराणसी में एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन ‘भरत मिलाप’ के कारण 22 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा शहर में एक एयर शो भी आयोजित हो रहा है, जिससे भारी भीड़ जुटने और कुछ इलाकों में आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है।

MLC चुनाव की वजह से कल बंद रहेंगे स्कूल

23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव के तहत वाराणसी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले मतदान के कारण विशेष अवकाश रहेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को इस आदेश का पालन करने के लिए कहा है। वाराणसी के अभिभावक ध्यान दें कि स्कूल इन दोनों दिनों तक बंद रहेंगे और इस दौरान नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी। शनिवार को ज्यादातर स्कूलों में छुट्टी होती है या फिर हॉफ डे होता है। इस लिहाज से 26 अक्टूबर से कक्षाएं फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

चंदौली में भी बंद रहेंगे स्कूल

वहीं, वाराणसी में आयोजित होने वाले एयर शो के मद्देनजर चंदौली जिले के पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर और नियामताबाद ब्लॉक के सभी माध्यमिक विद्यालयों में 22 और 24 अक्टूबर को फिजिकल कक्षाएं (आमने-सामने की पढ़ाई) बंद रहेंगी। जिला विद्यालय निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि यह आदेश यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से संबद्ध स्कूलों और कॉलेजों पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। 

तमिलनाडु में बारिश का अलर्ट: क्या स्कूल बंद रहेंगे?

तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई है, जिससे 22 अक्टूबर को स्कूल में बच्चों की अटेंडेंस को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई। चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम और रानीपेट में रात भर भारी बारिश के बाद 21 अक्टूबर को स्कूल बंद कर दिए गए थे। राज्य में आज भी भारी बारिश के आसार हैं। इसलिए कुछ जगहों पर स्कूल बंद हैं।

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स्पेशल ग्रेवी मसाला क्यों है शेफ्स की पहली पसंद? उदाहरण के साथ समझिए इनकी खासियत

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भारतीय रसोई में ग्रेवी वाली सब्जियां और करी बेहद पसंद की जाती हैं. चाहे पनीर बटर मसाला हो, शाही कोफ्ता, मटर पनीर या कोई नॉन-वेज डिश, इनके स्वाद का सबसे बड़ा राज होता है स्पेशल ग्रेवी मसाला. यह सामान्य मसालों का मिश्रण नहीं होता, बल्कि कई सुगंधित और स्वाद बढ़ाने वाले मसालों को खास अनुपात में मिलाकर तैयार किया जाता है. यही वजह है कि होटल और रेस्टोरेंट की ग्रेवी का स्वाद घर की साधारण ग्रेवी से अलग महसूस होता है.

क्या होता है स्पेशल ग्रेवी मसाला?

स्पेशल ग्रेवी मसाला कई प्रकार के साबुत और पिसे मसालों का मिश्रण होता है. इसमें आमतौर पर धनिया, जीरा, काली मिर्च, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, दालचीनी, लौंग, तेजपत्ता और जायफल जैसी चीजें शामिल की जाती हैं. इन मसालों को भूनकर पीसा जाता है, जिससे इनकी सुगंध और स्वाद और अधिक बढ़ जाता है.

काजू और खसखस का होता है इस्तेमाल

कई स्पेशल ग्रेवी मसालों में काजू, खसखस और तरबूज के बीज का भी उपयोग किया जाता है. ये सामग्री ग्रेवी को गाढ़ापन देने के साथ-साथ उसे रिच और क्रीमी बनाती हैं. यही कारण है कि शाही और मुगलई व्यंजनों की ग्रेवी बेहद स्वादिष्ट लगती है.

कसूरी मेथी बढ़ाती है स्वाद

कसूरी मेथी एक ऐसा इंग्रीडिएंट है जो ग्रेवी को खास खुशबू और अलग स्वाद देती है. थोड़ी-सी कसूरी मेथी भी किसी साधारण सब्जी को रेस्टोरेंट स्टाइल बना सकती है. इसे पकाने के अंत में डालने से इसका स्वाद और सुगंध बेहतर बनी रहती है.

प्याज-टमाटर का बेस

स्पेशल ग्रेवी मसाला केवल सूखे मसालों तक सीमित नहीं होता. इसकी नींव भुने हुए प्याज, टमाटर, अदरक और लहसुन के पेस्ट से तैयार की जाती है. यह मिश्रण ग्रेवी को गाढ़ापन, रंग और संतुलित स्वाद प्रदान करता है.

कुछ उदाहरण

पनीर बटर मसाला में काजू, मक्खन, कसूरी मेथी और गरम मसाले का विशेष मिश्रण उपयोग किया जाता है.
शाही पनीर में इलायची, काजू, क्रीम और केसर का प्रयोग स्वाद को शाही बनाता है.
चना मसाला में अमचूर, अनारदाना और विशेष चना मसाला पाउडर इसकी पहचान होते हैं.
मटन या चिकन करी में साबुत गरम मसालों का इस्तेमाल स्वाद को और गहरा बनाता है.

घर पर कैसे बनाएं?

धनिया, जीरा, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी और इलायची को हल्का भून लें. ठंडा होने पर इन्हें पीसकर एयरटाइट डिब्बे में भर लें. जरूरत पड़ने पर इस मसाले का उपयोग ग्रेवी में करें. इससे आपके व्यंजनों में भी रेस्टोरेंट जैसा स्वाद आ सकता है.



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बिक चुका प्लॉट दोबारा बेचकर 3 लाख हड़पे: 800 वर्गफीट के प्लॉट का सौदा किया, एडवांस में ली थी रकम – Bhopal News




नीलबड़ के गोरा गांव में पहले ही बिक चुके प्लॉट का दोबारा सौदा कर 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी कमलेश राजपूत ने 800 वर्गफीट के प्लॉट का धर्मेंद्र कुमार शर्मा से 3.30 लाख में सौदा किया और किस्तों में 3 लाख एडवांस ले लिए। तय तारीख पर रजिस्ट्री कराने आरोपी रजिस्ट्रार ऑफिस नहीं पहुंचा। पीड़ित की शिकायत पर टीटी नगर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र को आरोपी ने प्लॉट के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अपना नाम दिखाकर सौदा किया था। जबकि वह करीब दो महीने पहले ही यह प्लॉट शुभम यादव को बेच चुका था और शुभम के नाम रजिस्ट्री भी हो चुकी थी। हालांकि, रिकॉर्ड में नामांतरण नहीं हुआ था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने धर्मेंद्र से रकम ले ली। रजिस्ट्री के लिए तय तारीख पर आरोपी के नहीं पहुंचने पर धर्मेंद्र ने पुलिस से शिकायत की। टीटी नगर पुलिस ने आरोपी कमलेश राजपूत के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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