Monday, October 12, 2026
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विधायक गुड़िया कठेरिया के भाई को मिली नई जिम्मेदारी: कानपुर देहात में BJP ने सौंपी अनुसूचित मोर्चा की कमान – Kanpur Dehat News




कानपुर देहात में बीजेपी के संगठनात्मक फेरबदल के बीच सुमित कठेरिया को जिला स्तर पर नई जिम्मेदारी मिली है। पार्टी ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा, कानपुर देहात का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। रविवार देर शाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्षों की सूची जारी की कानपुर देहात को सिकंदरा विधानसभा के ग्राम उरसान के रहने वाले सुमित कठेरिया लंबे समय से बीजेपी से जुड़े हैं और युवा मोर्चा के जरिए संगठन में सक्रिय रहे हैं। सुमित कठेरिया की इस नियुक्ति को उनकी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उनकी बड़ी बहन गुड़िया कठेरिया औरैया जिले की सदर विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक हैं। गुड़िया कठेरिया का मायका कानपुर देहात के सिकंदरा के उरसान गांव में है। ऐसे में भाई को गृह जनपद में पार्टी के अनुसूचित मोर्चा की कमान मिलने के बाद जिले की सियासत में इस नियुक्ति की चर्चा शुरू हो गई है। अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया सुमित कठेरिया लंबे समय से बीजेपी युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी इच्छा युवा मोर्चा में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने की थी, लेकिन पार्टी ने संगठन और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति में बहन गुड़िया कठेरिया की राजनीतिक भूमिका को अहम बताया जा रहा है बीजेपी में संगठनात्मक पद केवल जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक जमीन मजबूत करने का माध्यम भी माने जाते हैं। जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी ऐसे में सुमित कठेरिया के सामने अब अनुसूचित वर्ग के बीच पार्टी के संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। अब देखना होगा कि सुमित कठेरिया अपनी नई जिम्मेदारी के जरिए संगठन में कितनी मजबूत पकड़ बनाते हैं और उनकी यह नियुक्ति कानपुर देहात की राजनीति में क्या असर छोड़ती है।



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खिलचीपुर में बड़े पुल पर फन फैलाकर बैठा रहा कोबरा: आधे घंटे तक रहा; स्ट्रीट लाइट नहीं होने से नवरात्रि में आवाजाही को लेकर खतरा – rajgarh (MP) News


आधे घंटे बाद सांप पुल से उतरकर पास रखे पत्थरों के बीच चला गया।

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गाड़ गंगा नदी के बड़े पुल पर रविवार रात करीब 8 बजे 5 फीट लंबा कोबरा सांप फन फैलाकर बैठ गया। सांप करीब आधे घंटे तक पुल पर ही रहा। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोग उसे देखते रहे और वीडियो भी बनाए।

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कुछ लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को सांप से दूर हटाया, लेकिन उसे पकड़ने वाला कोई नहीं मिला। करीब आधे घंटे बाद सांप पुल से उतरकर पास रखे पत्थरों के बीच चला गया।

टीआई कमल सिंह गेहलोत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सांप पकड़ने वाले को बुलाने की कोशिश की, पर कोई नहीं मिला। इसके बाद पुलिस भी लौट गई और सांप पत्थरों के बीच ही बैठा रहा।

नवरात्र शुरू होने से शहर के लोग माता की झांकियां देखने के लिए इसी पुल से सोमवारिया की ओर जाते हैं। पुल पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में अंधेरा रहता है। ऐसे में पत्थरों के बीच छिपे सांप से लोगों को खतरा हो सकता है।

सांप पत्थरों के बीच छिप गया।



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राह चलती युवती को टक्कर मारने की कोशिश,अशलील इशारे किए: आरोपी फरार, गांव जा रही थी; पुलिस ने जांच में जुटी – Sikar News




सीकर में राह चलती युवती को अश्लील इशारे और छेड़छाड़ की कोशिश करने का मामला सामने आया है। आरोपी ड्राइवर ने युवती को टक्कर मारने की भी कोशिश की, हालांकि युवती जैसे-तैसे बचकर भाग निकली। मामले में अब युवती ने मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस जांच में जुटी है। मामले में 25 साल की युवती ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वह किसी काम से अपने गांव जा रही थी। इसी दौरान एक युवक गाड़ी लेकर उसके पास आया। जिसने गाड़ी को लापरवाही से चलाते हुए युवती को टक्कर मारने की कोशिश की। हालांकि युवती साइड में होने से बच गई। इसके बाद युवती ने विरोध किया तो आरोपी ने गंदे-गंदे इशारे किए और फिर गाड़ी लेकर फरार हो गया। युवती ने गाड़ी के नंबरों की पहचान कर पुलिस में शिकायत दी है। गाड़ी के नंबरों के आधार पर पुलिस आरोपी का पता लगा रही है। अंदेशा है कि आरोपी और युवती परिचित हो। फिलहाल जांच होने के बाद ही हकीकत सामने आएगी। 22 साल की युवती लापता सीकर जिले में 22 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी दोपहर के समय घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। जिसका कुछ भी पता नहीं चल पाया है।



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पोस्ट ऑफिस स्कीम का कमाल, हर महीने 6000 जमा करें, मिलेंगे 4.28 लाख


अगर आप हर महीने अपनी सैलरी या कमाई में से कुछ पैसे बचाना चाहते हैं, लेकिन बाजार के उतार-चढ़ाव का रिस्क नहीं लेना चाहते, तो डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना एक विकल्प हो सकती है. इस योजना में आपको एकमुश्त बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं होती. आप हर महीने एक तय राशि जमा करके धीरे-धीरे अपना फंड तैयार कर सकते हैं. खास बात यह है कि इसमें निवेश की आदत भी बनती है और तय नियमों के अनुसार ब्याज भी मिलता है.

मान लीजिए आप हर महीने 6,000 रुपये बचाते हैं और इस रकम को खर्च करने के बजाय डाकघर की आरडी में जमा करते हैं. पांच साल तक ऐसा करने पर आपका कुल निवेश 3.60 लाख रुपये होगा. अब सवाल है कि इस पर कितना ब्याज मिलेगा और मैच्योरिटी के समय आपके हाथ में कुल कितनी रकम आएगी? इस योजना में पैसा कैसे बढ़ता है और निवेश करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ये आपको बताते हैं.

डाकघर आरडी योजना क्या है?

डाकघर की रिकरिंग डिपॉजिट योजना छोटी बचत करने वालों के लिए बनाई गई है. इसमें निवेशक को हर महीने एक फिक्स्ड रकम जमा करनी होती है. इसकी अवधि पांच साल यानी 60 महीने है. इस दौरान जमा की गई रकम पर तय नियमों के अनुसार ब्याज मिलता है.

इस योजना में कम से कम 100 रुपये प्रति महीने से खाता खोला जा सकता है. अधिकतम जमा की कोई तय सीमा नहीं है. यानी आप अपनी कमाई और बचत की क्षमता के हिसाब से मासिक किस्त चुन सकते हैं. यह योजना उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा करके भविष्य के लिए पैसा तैयार करना चाहते हैं.

हर महीने ₹6,000 जमा करने पर कितना पैसा मिलेगा?

डाकघर की आरडी योजना में ब्याज दर 6.7% सालाना मानकर चलें, तो पांच साल में मिलने वाली रकम का अनुमान चेक कर लें.

  • हर महीने जमा: 6,000 रुपये
  • निवेश की अवधि: 5 साल यानी 60 महीने
  • कुल जमा रकम: 3,60,000 रुपये
  • अनुमानित ब्याज: करीब 68,000 रुपये
  • मैच्योरिटी पर कुल रकम: करीब 4,28,000 रुपये
निवेश रकम
हर महीने जमा ₹6,000
निवेश की अवधि 5 साल
कुल जमा रकम ₹3,60,000
अनुमानित ब्याज ₹68,000
मैच्योरिटी पर कुल रकम ₹4,28,000

इस तरह पांच साल में आपकी जमा रकम पर लगभग 68 हजार रुपये का ब्याज जुड़ सकता है. हालांकि, यह अनुमान है. मैच्योरिटी राशि लागू ब्याज दर, किस्त जमा करने के समय और डाकघर के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है. खाता खोलने से पहले कैलकुलेटर या डाकघर से इसकी पुष्टि जरूर करें.

आरडी में पैसा जमा करने से पहले जान लें ये नियम

इस योजना में हर महीने समय पर किस्त जमा करना जरूरी है. किस्त जमा करने में देरी होने पर नियमों के मुताबिक जुर्माना लग सकता है. इसलिए ऐसी मंथली राशि चुनें, जिसे आप अपनी आमदनी और जरूरी खर्चों के बाद आसानी से जमा कर सकें.

अगर निवेश के बीच पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो समय से पहले खाता बंद करने के नियम लागू होते हैं. आम तौर पर तीन साल पूरे होने के बाद समय से पहले खाता बंद करने की सुविधा मिल सकती है, लेकिन इस स्थिति में ब्याज का लाभ प्रभावित हो सकता है. इसलिए निवेश से पहले निकासी की शर्तें समझ लें.

किन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है यह योजना?

डाकघर की आरडी उन लोगों के लिए एक ऑप्शन है, जो नियमित बचत करना चाहते हैं और शेयर बाजार से जुड़े रिस्क से दूर रहना पसंद करते हैं. नौकरीपेशा लोग अपनी सैलरी से हर महीने एक तय रकम अलग रख सकते हैं. इसी तरह छोटे कारोबारी और नियमित आमदनी वाले लोग भी अपनी बचत की योजना बना सकते हैं. हालांकि, निवेश करने से पहले यह ध्यान रखें कि ब्याज से होने वाली आय पर लागू आयकर नियमों के अनुसार टैक्स लग सकता है.



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होर्मुज के पास जहाज पर ड्रोन हमला, 2 भारतीय लापता: भारत ने हमले रोकने को कहा; 3 दिन में भारतीय नाविकों वाले तीन जहाजों पर हमला


कुछ ही क्षण पहले

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भारतीय क्रू वाले एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हुए हमले का वीडियो वायरल है।

होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय क्रू वाले एक टैंकर पर रविवार को ड्रोन से हमला हुआ। जहाज पर सवार 11 भारतीय नाविकों में से 9 को बचा लिया गया, जबकि 2 अब भी लापता हैं। हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

पिछले 3 दिनों में इस क्षेत्र में भारतीय क्रू वाले 3 जहाजों पर हमले हुए हैं। इनमें से एक हमला एमटी वाल्थेरा पर हुआ था, जिसके बाद जहाज में आग लग गई थी। भारत ने जहाजों पर होने वाले हमले तुरंत रोकने को कहा है।

एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हमले के बाद लापता नाविकों को खोजने की कोशिश जारी है।

एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर हमले के बाद लापता नाविकों को खोजने की कोशिश जारी है।

सोहर बंदरगाह के पास हमला हुआ

निकारागुआ के झंडे वाले टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ओमान के सोहर बंदरगाह के पास जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ।

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि भारतीय अधिकारी स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर लापता नाविकों को खोजने की कोशिश कर रहे हैं।

ओमान की राजधानी मस्कट में भारतीय दूतावास भी मामले पर नजर रख रहा है और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है।

दूसरे टैंकर वाल्थेरा पर भी हमला, सभी 11 भारतीय सुरक्षित

रविवार को ही मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले टैंकर एमटी वाल्थेरा पर होर्मुज स्ट्रेट में एक ड्रोन या मिसाइल से हमला हुआ। इससे जहाज में आग लग गई। इस टैंकर पर भी 11 भारतीय नाविक सवार थे।

सोनोवाल ने बताया कि सरकार जहाज के प्रबंधन से जुड़ी कंपनी के संपर्क में है और नाविकों की सुरक्षा पर नजर रख रही है।

9 अक्टूबर को भी हमला हुआ था

इससे पहले 9 अक्टूबर को पनामा के झंडे वाले कच्चे तेल के जहाज एमटी जेम नंबर 2 पर शारजाह के पास ड्रोन से हमला हुआ था। इस जहाज पर 22 भारतीय नाविक सवार थे।

इस तरह 9 से 11 अक्टूबर के बीच खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीन जहाजों पर हमलों की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं ने होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

भारत ने तुरंत हमले रोकने को कहा

भारतीय विदेश मंत्रालय ने व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने और व्यापारिक जहाजों, नाविकों व नागरिक ठिकानों पर हमले रोकने को कहा है।

मंत्रालय ने कहा कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। संघर्ष का हल बातचीत और कूटनीति से निकाला जाना चाहिए। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से व्यापार को सुरक्षित और बिना रुकावट जारी रखने पर भी जोर दिया।

दुनिया के जहाजों पर 3.20 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक

भारत दुनिया में व्यापारिक जहाजों के लिए नाविक उपलब्ध कराने वाले बड़े देशों में शामिल है। जहाजरानी मंत्रालय के मुताबिक, 2025 में भारत में 3.20 लाख से ज्यादा सक्रिय नाविक थे।

अमेरिका और इजराइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद से होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों में भारतीय नाविकों की मौत की घटनाएं भी सामने आई हैं।

पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय ने ओमान के तट के पास पनामा के झंडे वाले एक जहाज पर हुए हमले की निंदा की थी। मंत्रालय ने क्षेत्र में जहाजों पर हो रहे हमलों को रोकने और शांति बनाए रखने की अपील की थी।

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भारतीय नाविकों वाले जहाज पर 48 घंटे में तीसरा हमला:ब्लैक सी में 2 हमले, यूक्रेनी ड्रोन तेल टैंकर से टकराया

रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। टैंकर पर 23 लोगों का क्रू था। सभी भारतीय नागरिक थे और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन, फूलों की बढ़ी मांग: औरंगाबाद में गेंदा-गुलाब की बिक्री में उछाल; मंदिरों-पूजा पंडालों में मां दुर्गा का विशेष श्रृंगार – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद शहर में शारदीय नवरात्र शुरू होते ही फूलों की डिमांड बढ़ गई है। मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, मंदिरों की सजावट और प्रतिमाओं के श्रृंगार के लिए श्रद्धालु फूलों की खरीदारी कर रहे हैं। इससे बाजार में रौनक बढ़ गई है। खासकर पीले गेंदा और लाल गुलाब की मांग सबसे अधिक है। फूल विक्रेताओं के अनुसार, नवरात्र के दौरान फूलों की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ जाती है। शहर के धर्मशाला रोड स्थित मां दुर्गा मंदिर, काली क्लब, क्लब रोड मां का मंदिर, बाईपास पंचदेव मंदिर, अहरी देवी मंदिर, धर्मदास संगत स्थित प्रतिमा स्थल, गांधी नगर स्थित देवी मंदिर, बिजली कॉलोनी के मंदिर और प्रतिमा स्थल में फूलों से विशेष सजावट की जा रही है। सुबह और शाम की आरती के दौरान श्रद्धालु गेंदा, गुलाब, कमल और गुड़हल के फूल लेकर पहुंच रहे हैं। रंग-बिरंगी फूलों की मालाओं और सुगंध से शहर का माहौल भक्तिमय हो गया है। डिमांड बढ़ने से फूल कारोबार में आई तेजी नवरात्र के अवसर पर मंदिरों के साथ-साथ पूजा पंडालों में भी फूलों की सजावट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पूजा समितियां थोक में फूल मंगाकर मां दुर्गा के दरबार को आकर्षक रूप देने में जुटी हैं। गेंदा की मालाओं का इस्तेमाल मंदिरों के प्रवेश द्वार, पूजा स्थल और प्रतिमा के आसपास सजावट के लिए किया जा रहा है। वहीं, गुलाब और अन्य फूलों से मां का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। फूलों की बढ़ती मांग का असर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। मांग के अनुसार कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं आई है। लोग अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार फूलों की खरीदारी कर रहे हैं। फूल विक्रेताओं के लिए नवरात्र का समय कारोबार बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बन गया है। वहीं, स्थानीय स्तर पर फूलों की खेती करने वाले किसानों को भी अपनी उपज बेचने के लिए अच्छा बाजार मिल रहा है। नौ बीघा में गेंदा की खेती, खेत से ही बिक रहे फूल नवरात्र में फूलों की बढ़ती मांग का लाभ किसानों को भी मिल रहा है। कुटुंबा प्रखंड के दधपा गांव निवासी संतोष मालाकार ने लीज पर लेकर नौ बीघा खते में गेंदा फूल की खेती की है। उन्होंने बताया कि उनके खेत से प्रतिदिन लगभग 40 से 50 कोड़ी गेंदा फूल निकल रहा है। इसकी बिक्री के लिए अब उन्हें दूसरे शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। खरीदार सीधे खेत पर पहुंचकर फूल खरीद ले जा रहे हैं। संतोष मालाकार के अनुसार, वर्तमान में गेंदा फूल की कीमत 350 से 400 रुपये प्रति कोड़ी तक मिल रही है। नवरात्र के दौरान मांग बढ़ने से उन्हें अच्छी कमाई की उम्मीद है। पहले फूल बेचने के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय बाजार में ही खरीदार मिल रहे हैं। इससे समय और परिवहन खर्च की बचत हो रही है। फूल उत्पादकों को फायदा नवरात्र ने जहां शहर के फूल कारोबार को गति दी है, वहीं संतोष जैसे किसानों के लिए भी बेहतर आमदनी की उम्मीद जगाई है। धार्मिक आस्था और स्थानीय कृषि का यह मेल फूल उत्पादकों के लिए त्योहार को आर्थिक रूप से भी खास बना रहा है।



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6 मेट्रो स्टेशनों पर शाम तक एंट्री-एग्जिट बंद: कांग्रेस और INDIA गठबंधन का दिल्ली कूच, 7 जगहों पर नाकाबंदी; बदरपुर बॉर्डर पर भी सख्ती – Faridabad News


फरीदाबाद25 मिनट पहले

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कांग्रेस के दिल्ली कूच से मेट्रो के छह स्टेशन बंद।

कांग्रेस और INDIA गठबंधन के दिल्ली कूच को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदर्शन के मद्देनजर पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशनों पर सुबह 6 से शाम 4 बजे तक प्रवेश और निकास बंद रहेगा, जबकि इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी।

दिल्ली-फरीदाबाद बदरपुर बॉर्डर समेत सात जगह पुलिस नाके लगाए गए हैं। गठबंधन का मार्च दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड जंक्शन से शुरू होना है। इससे मध्य दिल्ली में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि, यात्रियों को इन स्टेशनों पर मेट्रो बदलने यानी इंटरचेंज की सुविधा मिलती रहेगी। इस व्यवस्था से कनॉट प्लेस और मध्य दिल्ली के आसपास आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

दिल्ली और फरीदाबाद बदरपुर बार्डर पर पुलिस का नाका लगाया गया है। इसके अलावा यूपी और दूसरे जिलों से लगते बार्डर सहित कुल 7 पुलिस के नाके लगाए गए है।

इन 6 स्टेशनों पर बंद रहेंगे द्वार

प्रतिबंध के दायरे में पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय और बाराखंबा रोड मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर निर्धारित अवधि के दौरान यात्री बाहर नहीं निकल सकेंगे और न ही बाहर से स्टेशन में प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि, इंटरचेंज की सुविधा जारी रहने से यात्री मेट्रो की एक लाइन से दूसरी लाइन पर जा सकेंगे।

इन स्टेशनों पर निकास और प्रवेश बंद रहेगा।( फाइल फोटो)

इन स्टेशनों पर निकास और प्रवेश बंद रहेगा।( फाइल फोटो)

दोपहर में होगा मार्च

कांग्रेस और INDIA गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में मार्च का कार्यक्रम घोषित किया है। मार्च दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस-बाराखंबा रोड जंक्शन से शुरू होकर सुप्रीम कोर्ट की ओर जाना है।

स्टेशनों से यात्री दूसरी मेट्रो चेंज कर सकेंगे।( फाइल फोटो)

स्टेशनों से यात्री दूसरी मेट्रो चेंज कर सकेंगे।( फाइल फोटो)

सड़क मार्ग से निकलने से पहले जांच लें रूट

प्रदर्शन को देखते हुए मध्य दिल्ली में यातायात प्रभावित होने और कुछ मार्गों पर डायवर्जन लागू होने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों को घर से निकलने से पहले मेट्रो और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ताजा एडवाइजरी देखने की सलाह दी गई है। खासकर कनॉट प्लेस, बाराखंबा रोड और आसपास के इलाकों में जाने वाले लोगों को वैकल्पिक मार्ग और अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए।

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Navratri Vrat Food: व्रत में आलू से बनाएं मीठा हलवा या चटपटे नमकीन आलू

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Easy steps for making salted potatoes and Aloo Halwa for Vrat: धौलपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में नवरात्रि व्रत के दौरान आलू से बने दो खास व्यंजन नमकीन आलू और आलू का हलवा बेहद पसंद किए जाते हैं. गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार, इन व्यंजनों को कम खर्च और कम समय में घर में उपलब्ध आसान सामग्री से बनाया जा सकता है. उबले आलू, देसी घी, सेंधा नमक और काली मिर्च से बने चटपटे नमकीन आलू और चीनी व घी के साथ भुना आलू का हलवा व्रत में ऊर्जा और बेहतरीन स्वाद प्रदान करते हैं. श्रद्धालु इन्हें अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार फलाहार में शामिल करते हैं.

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धौलपुर: धौलपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान माता रानी की पूजा-अर्चना के साथ फलाहार का विशेष महत्व रहता है. व्रत के दिनों में श्रद्धालु सात्विक, स्वादिष्ट और चटपटे व्यंजनों को तरजीह देते हैं. इस दौरान आलू से बनने वाली दो खास रेसिपीज आलू का हलवा और नमकीन आलू ग्रामीण महिलाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. इन व्यंजनों को बनाने में समय और खर्च दोनों ही बहुत कम लगते हैं. घर में आसानी से उपलब्ध होने वाली सामग्री से तैयार ये पकवान व्रत में ऊर्जा और स्वाद दोनों प्रदान करते हैं.

धौलपुर की गृहिणी प्रभा शर्मा के अनुसार, स्वादिष्ट नमकीन आलू बनाने के लिए सबसे पहले आलुओं को धोकर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें. उबले हुए आलुओं को छीलकर प्रत्येक आलू को चार टुकड़ों में काट लें. अब कढ़ाई में चार चम्मच शुद्ध देसी घी गर्म करें और उसमें कटे हुए आलू डालें. इसके बाद स्वादानुसार सेंधा नमक और कुटी हुई काली मिर्च मिलाकर आलू को अच्छी तरह चलाएं. कढ़ाई को करीब तीन मिनट तक ढककर मध्यम आंच पर पकाएं. चटपटे और लजीज नमकीन आलू तैयार हैं, जिन्हें बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी चाव से खाते हैं.

मीठे आलू का हलवा तैयार करने की रेसिपी
व्रत में कुछ मीठा और ऊर्जादायक खाने का मन हो तो आलू का हलवा सबसे बेहतरीन विकल्प है. इसे बनाने के लिए उबले हुए आलुओं को अच्छी तरह मैश कर लें. कढ़ाई में चार से पांच चम्मच घी गर्म करके मैश किए आलू डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें ताकि आलू कढ़ाई से न चिपके. लगभग पांच मिनट तक भूनने के बाद स्वादानुसार चीनी मिलाएं. जब मिश्रण का रंग हल्का सुनहरा हो जाए और उससे भीनी सुगंध आने लगे, तो हलवा बनकर तैयार हो जाता है.

परंपरा और फलाहार का महत्व
धौलपुर के ग्रामीण इलाकों में यह मान्यता है कि व्रत का खाना सात्विक होने के साथ-साथ सुपाच्य भी होना चाहिए. इन दोनों व्यंजनों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है. गृहिणी प्रभा शर्मा बताती हैं कि व्रत के दौरान नमक या मसालों का चयन हमेशा अपनी पारिवारिक परंपराओं और नियमों के अनुसार ही करना चाहिए. कम समय में झटपट बनने वाले ये व्यंजन नवरात्रि के व्रत में फलाहार के रूप में स्वाद का बेहतरीन अनुभव देते हैं.

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vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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मरीज के परिजन से अस्पताल के फर्श पर लगवाया पोंछा: दमोह में बेटे को डायरिया की शिकायत थी, नर्स ने बुजुर्ग मां को सफाई करने कहा – Damoh News




दमोह जिला अस्पताल में मरीज की बुजुर्ग मां से फर्श पर पोछा लगवाने का एक वीडियो रविवार रात सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हुआ। मामला सामने आते ही सियासत गरमा गई और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फेसबुक पर वीडियो शेयर करते हुए राज्य सरकार और अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए। मामला दो दिन पुराना बताया जा रहा है। तेजगढ़ इलाके के सिमरिया गांव की रहने वाली 58 साल की हल्की बहू रात में अपने बीमार बेटे को लेकर जिला अस्पताल आई थी। बेटे को डायरिया (दस्त) की शिकायत थी। अस्पताल के फर्श पर गंदगी होने पर ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने बुजुर्ग मां को ही पोछा लगाने के लिए थमा दिया। वीडियो में महिला लाचार होकर खुद फर्श साफ करती दिख रही है। हालांकि, इलाज के बाद बेटे की तबीयत में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। जीतू पटवारी का बयान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लिखा कि यह लाचारी की इंतहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या अस्पतालों में सफाई स्टाफ नहीं है, या फिर बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है? अस्पताल प्रशासन का रुख मामला तूल पकड़ते ही जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आते ही कार्रवाई की। ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग ऑफिसर, सफाई एजेंसी और सहायक अस्पताल प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जांच के बाद दोषियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 55 सफाई कर्मचारी तैनात हैं जिला अस्पताल में करीब 55 सफाई कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से तैनात हैं। जिसमें 52 सफाई कर्मचारी हैं और तीन सुपरवाइजर हैं। प्रत्येक महीने करीब आठ लाख रुपए का भुगतान एजेंसी को किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद भी यदि किसी मरीज के परिजन को इस प्रकार से जिला अस्पताल में पोंछा लगाना पड़े तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस प्रकार से सफाई कर्मचारी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे होंगे।



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सर छोटू राम इंस्टीट्यूट में भिड़े छात्रों के दो गुट: हॉस्टल से लेकर बाहर तक जमकर चले लात घूसे, कैंपस में अफरा-तफरी;वीडियो वायरल – Meerut News


मेरठ के सर छोटू राम इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (SRIT) परिसर में स्थित आर्यभट्ट और एपीजे अब्दुल कलाम हॉस्टल के छात्रों के बीच देर रात जमकर मारपीट हुई। घटना के बाद परिसर में हलचल मच गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कॉलेज से लेकर यूनिव

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परिसर में एकत्रित हुई भीड़

बताया जा रहा है कि आर्यभट्ट और एपीजे अब्दुल कलाम दोनों हॉस्टलों के छात्रों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया जो बाद में इस स्थिति तक पहुंच गया। विवाद किन कारणों से शुरू हुआ और मारपीट में कितने छात्र शामिल थे, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के बीच घटना को लेकर छात्रों और कॉलेज प्रशासन के स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। विवाद की वजह और घटनाक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

हॉस्टल में होती मारपीट

हॉस्टल में होती मारपीट

नया सत्र शुरू होने के कुछ दिन बाद ही घटना

कॉलेज और यूनिवर्सिटी में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं। ऐसे समय में छात्रों के बीच मारपीट और कैंपस में तनाव की स्थिति देखने से अन्य छात्रों में भी दहशत है। वहीं पिछले एक महीने में लगातार कई घटना ऐसी हो चुकी हैं जिनके वीडियो भी सोशल मीडिया वर वायरल हुए हैं। इसके बाद भी विवि प्रबंधन द्वारा कोई कठोर कार्रवाई नहीं कर रहा है।

कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक फोर्स की तैनाती इस बात को दर्शाती है कि घटना के बाद स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत महसूस हुई। ऐसे में यह भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि संस्थान प्रशासन छात्रों के बीच विवाद की वजह का पता लगाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। फिलहाल, घटना के कारणों, संभावित घायलों और प्रशासन की आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।



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