सीतापुर में 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को विश्वविख्यात शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मां भगवती के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। नवरात्र महोत्सव को लेकर मंदिर को आकर्षक विद्युत झालरों और रंग-रोगन से सजाया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष मां भगवती का आगमन गज यानी हाथी पर माना गया है। इसे सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। विद्युत सजावट से जगमगाया मां का दरबार नवरात्र महोत्सव के लिए मंदिर परिसर में विशेष सजावट कराई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद वितरण समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी एवं कालीपीठाधीश्वर आचार्य गोपाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होगी। प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे और रात 8 बजे मां भगवती की आरती की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आरती में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। ललितोपाख्यान में वर्णित है मां की महिमा मां ललिता देवी की महिमा का वर्णन ब्रह्मांड पुराण के ललितोपाख्यान में मिलता है। धार्मिक मान्यताओं में मां ललिता त्रिपुरसुंदरी को आदिशक्ति और जगज्जननी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। भंडासुर वध का प्रसंग अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। नैमिषारण्य स्थित चक्रतीर्थ और मां ललिता देवी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्र में विभिन्न राज्यों से भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में उमड़ी भीड़ से पूरी तीर्थनगरी भक्तिमय हो उठी। नैमिषारण्य में सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 सीओ, 4 इंस्पेक्टर,12 सबइंस्पेक्टर, 80 महिला आरक्षी, 139 पुरुष आरक्षी,1 प्लाटून पीएसी सहित 3 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात किया गया है।
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नैमिषारण्य में नवरात्र पर मां-ललिता देवी मंदिर में उमड़ी भीड़: गज पर सवार होकर आएंगी मां भगवती, 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली में जगमगाया दरबार – Sitapur News
जयप्रकाश की 124वीं जयंती आज: आयकर गोलंबर पर राजकीय समारोह, CM सम्राट करेंगे जेपी पथ का करेंगे निरीक्षण; सड़क और यातायात व्यवस्था की लेंगे जानकारी – Patna News
लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 124वीं जयंती के अवसर पर आज राजधानी पटना में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आयकर गोलंबर पहुंचकर जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री जयप्रकाश पथ का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वे सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुविधाओं का जायजा लेंगे। आयकर गोलंबर पर राजकीय समारोह में देंगे श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे आज सुबह पटना के आयकर गोलंबर पहुंचेंगे। यहां लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर आयोजित राजकीय श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करेंगे। लोकनायक जयप्रकाश नारायण भारतीय राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा, भ्रष्टाचार के विरोध और सामाजिक बदलाव के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में 1970 के दशक में चले आंदोलन ने देश की राजनीति को नई दिशा दी। बिहार इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा था। ऐसे में पटना में उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का विशेष महत्व है। जयप्रकाश पथ का निरीक्षण करेंगे मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज जयप्रकाश पथ का निरीक्षण करने निकलेंगे। इस दौरान वे मार्ग की स्थिति और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लेंगे। साथ ही सड़क पर आवागमन, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं और व्यवस्थाओं से जुड़े बिंदुओं पर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं।
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शिवपुरी में पंडाल में विवाद के बाद थाने का घेराव: डीजे बंद कराने पहुंचे दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठीचार्ज का आरोप, देर रात तक चलता रहा हंगामा – Shivpuri News
शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में रविवार देर रात माता के पंडाल में डीजे बंद कराने और जाम हटाने को लेकर विवाद हो गया। लोगों ने दो पुलिसकर्मियों पर शराब के नशे में लाठियां चलाने और मारपीट करने का आरोप लगाया। घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और दोनों पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग की। देर रात करीब डेढ़ बजे तक हंगामा चलता रहा। सड़क पर डीजे बजने से लगा था जाम जानकारी के अनुसार, फिजिकल थाने से कुछ ही दूरी पर माता के पंडाल में प्रतिमा स्थापित की जानी थी। इसके लिए रविवार रात करीब 11 बजे बीच सड़क पर डीजे लगाया गया था। पंडाल में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। रात करीब 12:30 बजे डीजे बंद कराने और जाम हटवाने के लिए दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। लोगों का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने लाठियां चलाईं और मारपीट की। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी अपना वाहन लेकर वहां से चले गए। नाराज लोगों ने फिजिकल थाने का घेराव किया घटना से नाराज लोग फिजिकल थाने पहुंच गए और घेराव कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी शराब के नशे में माता के पंडाल में घुसे और लोगों के साथ मारपीट की। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को फिजिकल थाने से हटाने की मांग की। थाने पर हंगामे की सूचना मिलने के बाद अन्य थानों से भी पुलिस बल बुलाया गया। देर रात करीब डेढ़ बजे तक चले घटनाक्रम के बाद मामला शांत हुआ।
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सीकर में 13 अक्टूबर को बारिश का यलो अलर्ट: तेज हवा के साथ बरसात की संभावना, रात का तापमान गिरने से बढ़ने लगी ठंड – Sikar News
सीकर8 मिनट पहले
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सीकर में 13 अक्टूबर तक बादलों की आवाजाही रहेगी।
सीकर में अब धीरे-धीरे रात को ठंडक बढ़ने लगी है। लगातार दूसरे दिन भी यहां पर न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे है। हालांकि आज से मौसम में थोड़ा बदलाव आएगा। अब 2 से 3 दिन सीकर जिले में बादलों की आवाजाही रह सकती है। 13 अक्टूबर को सीकर में तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है।
सीकर में आज न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले यहां पर शनिवार को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया था। दोपहर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से ज्यादा रहने के चलते गर्मी का भी एहसास होता है।
सुबह के समय हल्की सर्दी
हालांकि जैसे-जैसे रात बढ़ती है वैसे और सुबह के समय हल्की ठंडक रहती है। हालांकि अब दो से तीन दिन मौसम में बदलाव रहेगा। दरअसल प्रदेश के मौसम में वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हुआ है। जिसके असर से मौसम में बदलाव होने वाला है।
तेज हवा के साथ बारिश की संभावना
सीकर में अब 13 अक्टूबर तक आसमान में बादलों की आवाजाही रहेगी। 13 अक्टूबर को सीकर में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
व्रत में चटपटा खाने का है मन? झटपट बनाएं साबूदाना-आलू का ये स्वादिष्ट चीला
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Sabudana Aloo Chilla Recipe: नवरात्रि के व्रत में अगर आप साबूदाने की खिचड़ी खाते-खाते बोर हो गए हैं, तो इस बार कुरकुरा साबूदाना-आलू चीला जरूर ट्राई करें. इसे बनाना बेहद आसान है और इसका स्वाद भी लाजवाब होता है. इसे बनाने के लिए भीगे हुए साबूदाने, उबले आलू, सिंघाड़े या कुट्टू का आटा, सेंधा नमक और हरी मिर्च मिलाकर मिश्रण तैयार करें. अब तवे पर थोड़ा घी डालकर मिश्रण को चीले का आकार दें और दोनों तरफ से सुनहरा व कुरकुरा होने तक सेंकें. इसे दही, व्रत वाली चटनी या मूंगफली की चटनी के साथ परोस सकते हैं.
नवरात्रि के व्रत में अगर आप साबूदाने की खिचड़ी और कुट्टू की पूड़ी खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार साबूदाना-आलू का चीला ट्राई कर सकते हैं. यह स्वादिष्ट होने के साथ बनाने में भी आसान है. इसे तैयार करने के लिए भीगा हुआ साबूदाना, उबले आलू, कुट्टू या सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक और हरी मिर्च की जरूरत पड़ती है. जहां सभी सामग्रियों को मिलाकर मिश्रण तैयार करें. अब गर्म तवे पर घी लगाकर इसे चीले का आकार दें और दोनों तरफ से सुनहरा व कुरकुरा होने तक सेंकें. इसे व्रत वाली चटनी के साथ खा सकते हैं. ( एआई फोटो )
साबूदाना आलू चीला बनाने के लिए आपको 1 कप साबूदाना, 2 उबले हुए आलू और 2 बड़े चम्मच सिंघाड़े या कुट्टू के आटे की जरूरत होगी. इसके अलावा स्वादानुसार सेंधा नमक, 1-2 बारीक कटी हरी मिर्च, 1 छोटी चम्मच कद्दूकस किया हुआ . अदरक, 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया और आधा छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर लें. चीला सेंकने के लिए जरूरत के अनुसार घी या तेल रखें. इन सामग्रियों से व्रत के लिए स्वादिष्ट और कुरकुरा चीला तैयार किया जा सकता है. ( एआई फोटो )
सबसे पहले साबूदाने को धोकर 6-8 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें. फूलने पर पानी निकालकर इसे मिक्सर में थोड़ा पानी डालकर पीस लें. अब पेस्ट में मैश किए हुए उबले आलू, हरी मिर्च, अदरक, सेंधा नमक, काली मिर्च, हरा धनिया और कुट्टू या सिंघाड़े का आटा मिलाएं. सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें. जरूरत पड़ने पर थोड़ा पानी मिला सकते हैं. अब चीला बनाने के लिए मिश्रण तैयार है. ( एआई फोटो )
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अब तवे को गर्म करके थोड़ा घी या तेल लगाएं. जहां तैयार मिश्रण की एक करछी तवे पर डालें और गोल आकार में फैलाएं. चीले को मध्यम आंच पर पकने दें. एक तरफ सुनहरा होने पर पलट दें और दूसरी तरफ भी घी लगाकर अच्छी तरह सेंकें. जब चीला दोनों तरफ से कुरकुरा और सुनहरा हो जाए, तो इसे प्लेट में निकाल लें। आपका स्वादिष्ट साबूदाना-आलू चीला तैयार है. इसे व्रत वाली हरी चटनी, दही या मूंगफली की चटनी के साथ गरमागरम परोसें. ( एआई फोटो )
साबूदाना-आलू का चीला बनाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे पहले साबूदाने को अच्छी तरह 6-8 घंटे भिगोएं, ताकि वह आसानी से पीस सके और चीला मुलायम बने. व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का इस्तेमाल करें. बैटर को बहुत पतला न रखें, वरना चीला तवे पर फैलाने और पलटने में परेशानी हो सकती है. चीले को मध्यम आंच पर पकाएं, ताकि वह अंदर से अच्छी तरह पक जाए और बाहर से सुनहरा व कुरकुरा बने. ( एआई फोटो )
नवरात्रि के व्रत में कुछ नया और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो साबूदाना-आलू का चीला ट्राई करें. इसे बनाने के लिए 1 कप साबूदाना भिगोकर पीस लें. इसमें 2 उबले आलू, 2 बड़े चम्मच कुट्टू या सिंघाड़े का आटा, सेंधा नमक, हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और काली मिर्च मिलाएं. अब गर्म तवे पर घी लगाकर मिश्रण फैलाएं और मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा व कुरकुरा होने तक सेंकें. तैयार चीले को व्रत वाली हरी चटनी, दही या मूंगफली की चटनी के साथ गरमागरम परोसें. ( एआई फोटो )
मोबाइल से तीन स्टेप में खोल सकते हैं एनपीएस खाता, फोन-पे और भीम ऐप पर शुरू हुई सुविधा
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NPS Tatkal : पीएफआरडीए ने एनपीएस तत्काल नाम से सुविधा शुरू की है. इसके जरिये आप भीम ऐप या फोनपे पर अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं. इसमें आपको टीयर-1 और टीयर-2 दोनों ही तरह के खाते खोलने की सुविधा मिलती है. इन खातों के आधार पर आप अपने मिनिमम निवेश की शुरुआत कर सकते हैं.
पीएफआरडीए ने भीम ऐप और फोनपे पर एनपीएस तत्काल सर्विस शुरू की है.
नई दिल्ली. नेशनल पेंशन सिस्टम को अब सिर्फ सरकारी कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें प्राइवेट सेक्टर के कमर्चारी, कारोबारी यहां तक कि बच्चों के नाम खाता खुलवाने की सुविधा भी मिलने लगी है. अब तो खाता खोलना भी इतना आसान हो गया है कि आप घर बैठे महज तीन स्टेप में अपना एनपीएस अकाउंट खोल सकते हैं. पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने आसानी से खाता खोलने के लिए एनपीएस तत्काल (NPS Tatkal) नाम की सुविधा शुरू की है. यह सुविधा फोनपे और भीम ऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर भी मिलनी शुरू हो गई है.
पीएफआरडीए ने 6 अक्टूबर से यह सुविधा शुरू की है, जिसके बाद अकाउंट खोलना काफी आसान हो गया है. एनपीएस तत्काल सर्विस में डिजिटल, पेपरलेस तरीके से खाता खोला जा सकता है. अगर आप भी एनपीएस तत्काल के जरिये अपना खाता खोलना चाहते हैं तो इसकी स्टेप बाई स्टेप जानकारी होना जरूरी है. साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि इस खाते को कौन खोल सकता है और इसमें निवेश करने की मिनिमम वैल्यू कितनी है.
2 से 3 करोड़ नए खाते खुलेंगे
पीएफआरडीए ने 6 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में बताया कि तत्काल एनपीएस अब भीम और फोनपे पर शुरू हो चुका है. पीएफआरडीए के चेयरपर्सन एस रमन ने बताया कि अगर आप एक टैप से पेमेंट कर सकते हैं तो अब एक टैप से आपका रिटायरमेंट प्लान भी शुरू हो जाएगा. उन्होंने अनुमान लगाया कि एनपीएस तत्काल सर्विस के जरिये अगले दो साल के भीतर ही 2 से 3 करोड़ नए खाताधारकों के जुड़ने का अनुमान है. उनका दावा है कि यह सुविधा काफी तेजी से लोकप्रिय हो सकती है.
यूपीआई से कैसे खोल सकते हैं खाता
पीएफआरडीए ने बताया है कि एनपीएस तत्काल के जरिये खाता खोलने के लिए अब सिर्फ 3 स्टेप फॉलो करने होंगे. 18 से 85 साल के बीच का कोई भी भारतीय नागरिक यह खाता खोल सकता है. आपको बस तीन काम करने होंगे.
- अपना भीम यूपीआई या फोनपे ऐप खोलें.
- फिर अपनी डिटेल डालें और अपने बैंक खाते का चुनाव करें.
- इसके बाद आप यूपीआई के जरिये इसमें निवेश की शुरुआत कर सकते हैं.
- खाता खोलने के लिए जरूरी है कि आपके बैंक अकाउंट की ई-केवाईसी कराई गई हो.
- खाता खोलने के बाद परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) जेनरेट हो जाता है.
कितने रुपये से निवेश की शुरुआत
एनपीएस तत्काल के तहत निवेश की शुरुआत कितने रुपये से की जा सकती है, यह अकाउंट के प्रकार पर निर्भर करता है. आप टीयर-1 या टीयर-2 खाता खोल रहे हैं तो दोनों में मिनिमम निवेश का दायरा अलग-अलग होगा. अगर आपने टीयर-1 खाता खोला है तो इसमें मिनिमम 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है. हालांकि, अगर आपके पास टीयर-1 खाता पहले से है और सिर्फ टीयर-2 अकाउंट खोलते हैं तो इसमें मिनिमम 250 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है.
6 बैंकों के ग्राहक खोल सकते हैं खाता
पीएफआरडीए ने एनपीएस तत्काल की सुविधा फिलहाल 6 बैंकों के खाताधारकों के लिए शुरू की है. अगर आपके पास भी इन 6 बैंकों का अकाउंट है तो भीम ऐप या फोनपे के जरिये अपना एनपीएस खाता खोल सकते हैं. इन बैंकों में एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक शामिल हैं. आप पहले अपने बैंक खाते को भीम ऐप या फोनपे से जोड़ सकते हैं और फिर अपना एनपीएस खाता खोलने के लिए तैयार होंगे.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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BHU की दीवारों पर लगे चुनाव बहिष्कार के पोस्टर: भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर वापस लेने की मांग उठाई – Varanasi News
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे आंदोलन का असर बीएचयू में भी दिखने लगा है। जहां एक और अलग-अलग पार्टियां ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन, अस्थि विसर्जन जैसे कार्यक्रम कर रही हैं, वहीं बीएचयू के दीवारों पर भी चुनाव बहिष्कार के पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर अंग्रेजी में ‘बॉयकॉट इलेक्शंस’, ‘रोलबैक एसआईआर’ और ‘रोलबैक सीएए-एनआरसी’ जैसे नारे लिखे हैं। यह पोस्टर भगत सिंह स्टूडेंट्स मोर्चा (बीएसएम) ने लगाए हैं। संगठन ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग की है। देखें तस्वीरें…. पोस्टरों पर लिखे हैं ये नारे
दीवारों पर चिपकाए गए पोस्टरों में चुनावों के बहिष्कार, एसआईआर वापस लेने और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) तथा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को वापस लेने की मांग की गई है। चुनावी व्यवस्था के बहिष्कार की अपील
संगठन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मोर्चा चुनावी व्यवस्था का बहिष्कार करने और क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़कर भारत में नवजनवादी क्रांति को सफल बनाने की बात कर रहा है। संगठन ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रद्द करने की मांग के समर्थन में पोस्टर अभियान चलाया है। पूरे देश में चल रहा ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध आंदोलन पूरे देश में मुख्यालय चुनावायुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन चल रहा है।
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होर्मुज में तेल टैंकर समुद्री माइन से टकराया: जहाज में ब्लास्ट के बाद आग लगी; अब तक 10 दिन में 13 घटनाएं
होर्मुज स्ट्रेट में एक तेल टैंकर समुद्री माइन से टकरा गया। इसके बाद जहाज में ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह जानकारी दी। हालांकि, उन्होंने जहाज की पहचान और उसके झंडे वाले देश का नाम नहीं बताया। रॉयटर्स के मुताबिक, 28 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तेल, लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) ले जाने वाले टैंकरों से जुड़ी 13 घटनाएं हुईं। JMIC बोला- ईरान समुद्री रास्तों पर अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले जॉइंट मैरीटाइम इन्फॉर्मेशन सेंटर (JMIC) ने रविवार को कहा कि होर्मुज में ऐसी गतिविधियां जारी हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन गतिविधियों से पता चलता है कि ईरान समुद्री रास्तों पर अपनी मौजूदगी बनाए रखना चाहता है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर दबाव बनाए रखना चाहता है। 6 अक्टूबर: व्यापारिक जहाज पर हमला, 11 भारतीय जख्मी भारत ने 6 अक्टूबर को ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज पर हमले की निंदा की थी। हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए थे, जिनमें 11 भारतीय थे। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमटी ऑन पीस ओमान के तट से गुजर रहा था। इसी दौरान उस पर एक प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। जहाज पर कुल 19 लोग सवार थे। इनमें 17 भारतीय नागरिक थे। ओमानी अधिकारियों की मदद से घायलों को निकालकर ओमान के खासाब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। फरवरी से अब तक होर्मुज में हमलो में 100 से ज्यादा भारतीय नाविक प्रभावित हो चुके हैं। वहीं, इन हमलों में 11 भारतीय नाविकों की जान गई। खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के इलाके में अलग-अलग कमर्शियल जहाजों पर 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया था कि होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 6 भारत-झंडे वाले कमर्शियल जहाज मौजूद हैं। इसके अलावा 6 विदेशी झंडे वाले जहाज भी भारत के लिए सामान लेकर चल रहे हैं। इन 12 जहाजों पर करीब 163 भारतीय नाविक सवार हैं। जायसवाल के मुताबिक, भारत का शिपिंग मंत्रालय इन जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहा है। भारतीय दूतावासों और स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और उनकी स्थिति की निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर भारतीय मिशन उनकी मदद के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र में भी भारत ने उठाया था मुद्दा विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 26 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र में कमर्शियल जहाजों और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट, रेड सी और ब्लैक सी में जहाजों और नाविकों पर लगातार हमले हो रहे हैं। उन्होंने इन हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि ऐसी हिंसा और जान का नुकसान रुकना चाहिए। इसके अगले दिन संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के बयान में भी जयशंकर ने कहा कि समुद्र में बढ़ते नए खतरे पहले से मौजूद जमीनी संकट को और गंभीर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि खाड़ी और दूसरे समुद्री रास्तों पर हुए हमलों में भारतीय और अन्य देशों के नाविकों की जान गई है। भारत ने तनाव कम करने, संयम बरतने और कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की। ———— ये खबर भी पढ़ें… भारतीय नाविकों वाले जहाज पर 48 घंटे में तीसरा हमला:ब्लैक सी में 2 हमले, यूक्रेनी ड्रोन तेल टैंकर से टकराया; होर्मुज में भी 1 जहाज पर अटैक रूस के ब्लैक सी तट के पास एक तेल टैंकर पर समुद्री ड्रोन से हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में आग लग गई। टैंकर पर 23 लोगों का क्रू था। सभी भारतीय नागरिक थे और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
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संत को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, हाईकोर्ट सख्त: तीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने चार्जशीट पेश नहीं की, केस डायरी तलब – Jabalpur News
संत दिगंबर अखाड़े के जगद्गुरु स्वामी राघव देवाचार्य को सोशल मीडिया पर ‘सिर तन से जुदा’ करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। स्वामी की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने केस डायरी तलब की है। अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को तय की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले में आगे प्रभावी कार्रवाई नहीं की। एक साल से अधिक समय बीतने के बावजूद आरोपपत्र भी पेश नहीं किया गया है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि स्वामी राघव देवाचार्य ने धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायतें दी थीं। उनके अनुसार, पुलिस को 41 पेज के व्हाट्सऐप स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए, लेकिन शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। एसपी, आईजी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। बूढ़ी माता पर टिप्पणी के विरोध के बाद मिली थी धमकी मामले की शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी। जानकारी के मुताबिक, 8 अप्रैल को हनुमानताल निवासी अब्दुल मजीद ने बूढ़ी माता को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी का शहर में विरोध हुआ। स्वामी राघव देवाचार्य ने भी हिंदू धर्म और भगवान के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद 13 अप्रैल को स्वामी राघव देवाचार्य को सोशल मीडिया पर ‘सिर तन से जुदा’ करने और जान से मारने की धमकी मिलने की बात सामने आई। स्वामी का कहना है कि उन्हें ये धमकियां धर्म और भगवान के खिलाफ की गई टिप्पणियों का विरोध करने के बाद मिली थीं। इस मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, आगे कार्रवाई नहीं होने का आरोप प्रारंभिक मामले में पुलिस ने 11 अप्रैल को अब्दुल मजीद सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था और अब्दुल मजीद के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई शुरू की थी। वहीं, धमकी के मामले में स्वामी की ओर से 30 से अधिक लोगों के नाम पुलिस को दिए जाने की बात कही गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने केवल तीन लोगों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित रखी। अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच, आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई और आरोपपत्र दाखिल करने में देरी पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से आशंका जताई गई कि कार्रवाई में देरी से समर्थकों में नाराजगी बनी हुई है और स्थिति बिगड़ने का खतरा हो सकता है। कोर्ट ने पुलिस से कार्रवाई का ब्योरा मांगा स्वामी राघव देवाचार्य की याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस हिमांशु जोशी की अदालत में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पुलिस की कार्रवाई और जांच में देरी का मुद्दा उठाया गया। अदालत ने सरकारी वकील से निर्देश प्राप्त करने को कहा और केस डायरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि अब तक हुई कार्रवाई की स्थिति देखी जा सके। मामले में अगली सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होगी।
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