ग्वालियर में दीपावली और आगामी त्योहारों को ध्यान में रखकर आमजन की सुरक्षा को लेकर ग्वालियर पुलिस अलर्ट मोड पर है। सोमवार रात को थानांं बहोड़ापुर और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर स्थित दो गोदामों पर छापेमारी कर 645 किलो 310 ग्राम प्रतिबंधित कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया है। जिला मजिस्ट्रेट के प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन कर बिना लाइसेंस अवैध भंडारण करने पर पुलिस ने दोनों गोदाम संचालकों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। राजा स्टील के गोदाम से 600 किलो कार्बाइड बरामद पुलिस को सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर स्थित राजा स्टील के गोदाम में भारी मात्रा में खतरनाक रसायन रखा हुआ है। प्रभारी एसपी जयराज कुबेर के निर्देश पर सोमवार रात सीएसपी कृष्ण पाल सिंह और क्राइम ब्रांच की टीम ने दबिश दी। तलाशी के दौरान 6 सीलबंद लोहे के ड्रमों में 600 किलो कैल्शियम कार्बाइड मिला। मौके पर मौजूद रीकेश पसरीजा (35, निवासी शिंदे की छावनी) से भंडारण लाइसेंस मांगा गया, जो वह पेश नहीं कर सका। पुलिस ने मामला दर्ज कर सामग्री जब्त कर ली। छारिया हार्डवेयर के गोदाम से 45 किलो से ज्यादा कार्बाइड जब्त पहली कार्रवाई के 30 मिनट बाद सोमवार रात 9 बजे ट्रांसपोर्ट नगर पार्किंग नंबर-01 स्थित छारिया हार्डवेयर स्टोर के गोदाम पर छापा मारा। यहां संचालक अनिल कुमार छारिया (53) के कब्जे से लोहे के ड्रम में रखा 45 किलो 310 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड मिला। अनिल भी कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा पाया, जिसके बाद उसके खिलाफ भी बहोड़ापुर थाने में केस दर्ज किया गया। कलेक्टर के आदेश की उड़ रही थी धज्जियां ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 22 अक्टूबर को बीएनएसएस की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर कैल्शियम कार्बाइड के निर्माण, संग्रहण और क्रय-विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद दोनों व्यापारी अवैध रूप से इसका भंडारण कर रहे थे। क्यों खतरनाक है कैल्शियम कार्बाइड? कैल्शियम कार्बाइड नमी या पानी के संपर्क में आते ही एसिटिलीन गैस छोड़ता है, जो अत्यधिक ज्वलनशील और विस्फोटक होती है। त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाके या गोदाम में इसके अवैध भंडारण से बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
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दीपावली से पहले ग्वालियर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: सोमवार रात को ट्रांसपोर्ट नगर के 2 गोदामों से 645 किलो कैल्शियम कार्बाइड जब्त – Gwalior News
बलिया में नया सवेरा ग्रुप का स्थापना दिवस मना: बापू भवन टाउन हॉल में रक्तदान शिविर लगा, पूर्व सैनिकों-खिलाड़ी सम्मानित – Ballia News
बलिया के बापू भवन टाउन हॉल में सोमवार को नया सवेरा ग्रुप का पहला स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम सुबह करीब 11 बजे से शाम चार बजे तक चला। इसका उद्घाटन वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दूबे और 104 वर्षीय पूर्व सैनिक घुरहू सिंह ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर रक्तदान शिविर भी लगा, जिसमें पूर्व सैनिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रक्तदान करने वालों, शहीदों की वीर नारियों और 1971 युद्ध के पूर्व सैनिक घुरहू सिंह को सम्मानित किया गया। बेल्थरारोड की 12 नेशनल-इंटरनेशनल फुटबॉल खिलाड़ियों, उनके कोच और NCC कैडेट्स को भी सम्मान मिला। मुख्य अतिथि आनंद दूबे ने कहा कि हम स्वतंत्र भारत में सेना की वजह से खुली हवा में सांस ले रहे हैं। उन्होंने सैनिकों के सम्मान को सर्वोपरि बताया। इस दौरान पूर्व सैनिक संगठन के दुबहड़ अध्यक्ष अंगद सिंह, रजनीश चौबे, नित्यानंद ठाकुर, महेश प्रसाद, हरेंद्र पाण्डेय, अजीत दूबे, लालजी ठाकुर समेत ग्रुप के संस्थापक अनिल पाण्डेय, अध्यक्ष अजय शंकर पाण्डेय, उपाध्यक्ष अनिल दूबे, मंत्री कमलेश वर्मा, वीर बहादुर यादव, योगेंद्र कुमार और गुलाब सिंह मौजूद रहे।
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Jio IPO Allotment: आज होगा शेयर अलॉटमेंट, ऐसे चेक करें अलॉटमेंट स्टेटस
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JIO IPO Allotment Status: जियो आईपीओ के शेयरों का आज अलॉटमेंट होने वाला है. इस इश्यू में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया और यह 22 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ. अगर आपने भी इस ₹30,213 करोड़ के महा-आईपीओ में पैसा लगाया है तो आईपीओ के आधिकारिक रजिस्ट्रार KFin Technologies, बीएसई और एनएसई की वेबसाइट पर अलॉटमेंट चेक कर सकते हैं.
28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होंगे.
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े आईपीओ, जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ के शेयरों का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए आज का दिन बेहद अहम है. ₹30,213 करोड़ के इस इश्यू के शेयरों के अलॉटमेंट को आज, 26 अक्टूबर को दिया जाएगा. जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, उनके डीमैट खातों में मंगलवार, 27 अक्टूबर को शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे. इसके अगले दिन यानी बुधवार, 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर एनएसई और बीएसई पर लिस्ट होंगे.
जियो आईपीओ को लेकर निवेशकों में गजब उत्साह दिखा था और यह कुल 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ है. क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा 70.55 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) की कैटेगरी में 14 गुना आवेदन आए. खुदरा निवेशकों के लिए रिजर्व हिस्सा 2.72 गुना भरा. शेयरधारक कोटा 7.6 गुना और कर्मचारियों का आरक्षित हिस्सा 2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ था.
ऐसे चेक करें जियो शेयर अलॉटमेंट स्टेटस
अगर आपने भी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए बोली लगाई थी, तो आप इश्यू के आधिकारिक रजिस्ट्रार KFin Technologies की वेबसाइट पर जाकर चुटकियों में चेक कर सकते हैं-
- सबसे पहले KFin Technologies के आईपीओ अलॉटमेंट पोर्टल
- https://ipostatus.kfintech.com/ पर जाएं.
- होमपेज पर ड्रॉपडाउन मेन्यू में जाकर Jio Platforms Limited का चयन करें.
- स्टेटस सर्च करने के लिए PAN कार्ड नंबर या एप्लिकेशन नंबर का विकल्प चुनें.
- चुनी गई श्रेणी के अनुसार बॉक्स में अपना पैन नंबर या एप्लिकेशन नंबर दर्ज करें और कैप्चा कोड भरें.
- सबमिट बटन पर क्लिक करें, स्क्रीन पर आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिखाई दे जाएगा.
इसके अतिरिक्त, निवेशक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) की आधिकारिक वेबसाइटों पर लॉग इन करके भी अपना अलॉटमेंट स्टेटस जांच सकते हैं.
मिल सकता है मोटा मुनाफा
ग्रे मार्केट के आंकड़ों पर विश्वास करें तो यह इश्यू पैसा लगाने वालों को निराश नहीं करेगा और लिस्टिंग पर अच्छा-खासा मुनाफा देगा. ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाली वेबसाइट, आईपीओवॉच. इन के अनुसार, इस समय जियो आईपीओ के शेयर 250 रुपये प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. आईपीओ के ऊपर प्राइस बैंड 1119 रुपये के हिसाब से देखें तो निवेशकों को 22.34 फीसदी लिस्टिंग गेन हो सकता है.
(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
सिर्फ बेसन और मोतीचूर नहीं, इन 6 लड्डुओं का स्वाद भी है खास
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भारत में मिठाइयों की बात हो और लड्डुओं का जिक्र न हो, ऐसा कम ही होता है. त्योहार हो, शादी-ब्याह या घर में कोई खास मौका, लड्डू अक्सर मिठाई की थाली का हिस्सा होते हैं. बेसन और मोतीचूर के लड्डू तो आपने कई बार खाए होंगे, लेकिन देश के अलग-अलग हिस्सों में कई दूसरी किस्म के लड्डू भी बनाए जाते हैं. इनका स्वाद, बनाने का तरीका और इस्तेमाल होने वाली सामग्री इन्हें एक-दूसरे से अलग बनाती है. आइए जानते हैं ऐसे ही 7 लड्डुओं के बारे में, जिन्हें आप भी घर पर बनाकर चख सकते हैं.
तिल और गुड़ से बनने वाले लड्डू खासतौर पर सर्दियों और मकर संक्रांति के आसपास बनाए जाते हैं. इन्हें तैयार करने के लिए तिल को अच्छी तरह भूनकर गुड़ की चाशनी या पिघले हुए गुड़ में मिलाया जाता है. इसके बाद मिश्रण को हल्का ठंडा करके गोल आकार दिया जाता है. तिल का स्वाद और गुड़ की मिठास इन लड्डुओं को खास बनाते हैं. कुछ लोग इनमें मूंगफली या सूखे मेवे भी मिलाते हैं.
गोंद के लड्डू उत्तर भारत के कई घरों में पारंपरिक रूप से बनाए जाते हैं. इन्हें बनाने के लिए खाने वाला गोंद घी में तलकर फूलाया जाता है. इसके बाद इसमें आटा, गुड़ या चीनी और कटे हुए मेवे मिलाए जाते हैं. तैयार मिश्रण से गोल लड्डू बनाए जाते हैं. इनका स्वाद हल्का कुरकुरा होता है और घी व मेवों की खुशबू इन्हें खास बनाती है. कई परिवारों में इन्हें सर्दियों के दौरान बनाया जाता है.
दक्षिण भारत में उड़द दाल से बनने वाले लड्डू भी काफी पसंद किए जाते हैं. आंध्र प्रदेश में इन्हें सुन्नुंडालु के नाम से जाना जाता है. इन्हें बनाने के लिए उड़द दाल को भूनकर बारीक पीसा जाता है. फिर इसमें घी और चीनी या गुड़ मिलाकर लड्डू बनाए जाते हैं. इनका स्वाद दूसरे लड्डुओं से थोड़ा अलग होता है और इनमें भुनी हुई दाल की खास खुशबू आती है.
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बिहार और आसपास के इलाकों में सत्तू का इस्तेमाल कई तरह के व्यंजन बनाने में किया जाता है. इससे लड्डू भी तैयार किए जाते हैं. भुने चने के सत्तू में घी और गुड़ या चीनी मिलाकर मिश्रण तैयार किया जाता है. चाहें तो इसमें बादाम, काजू या इलायची भी डाल सकते हैं. इसके बाद मिश्रण को गोल आकार दे दिया जाता है. इन लड्डुओं का स्वाद सत्तू की सोंधी खुशबू और गुड़ की मिठास से बनता है.
राजस्थान के चूरमा के लड्डू अपने पारंपरिक स्वाद के लिए मशहूर हैं. इन्हें बनाने के लिए गेहूं के आटे से बाटी या मोटी रोटी तैयार की जाती है. पकने के बाद इसे बारीक चूरा करके इसमें घी और गुड़ या चीनी मिलाई जाती है. कई लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इलायची और कटे हुए मेवे भी डालते हैं. फिर इस मिश्रण को गोल आकार दिया जाता है. राजस्थान में चूरमा के लड्डू दाल-बाटी के साथ भी खूब पसंद किए जाते हैं.
मूंगफली और गुड़ के लड्डू बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. सबसे पहले मूंगफली को भूनकर उसका छिलका उतार लिया जाता है. इसके बाद इसे हल्का दरदरा कूटकर पिघले हुए गुड़ के साथ मिलाया जाता है. मिश्रण गर्म रहते ही इसके लड्डू बना लिए जाते हैं, क्योंकि ठंडा होने पर गुड़ सख्त हो सकता है. मूंगफली का कुरकुरापन और गुड़ की मिठास इन लड्डुओं को खास बनाती है. सर्दियों और मकर संक्रांति के मौके पर इन्हें कई घरों में बनाया जाता है.
राज्यपाल बोले-‘मां’ जैसी फिल्में समाज को देती हैं सही दिशा: राजमंदिर में राजस्थानी फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग, एक्टर राज जांगिड़ भी रहे मौजूद – Jaipur News
राजस्थानी सिनेमा में पारिवारिक रिश्तों, संस्कारों और सामाजिक मूल्यों को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्में समाज को नई दिशा दे सकती हैं। ऐसी फिल्मों से हर वर्ग को प्रेरणा लेनी चाहिए। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने यह बात राजस्थानी फिल्म ‘मां’ के राजमंदिर सिनेमा में हुए विशेष शो के दौरान कही। राजस्थान रॉयलवुड ग्रुप की ओर से आयोजित इस शो में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर फिल्म का शुभारंभ किया और फिल्म देखने के बाद इसकी विषयवस्तु और संदेश की सराहना की। समाज को सही दिशा देने में भी भूमिका निभाती है फिल्में राज्यपाल ने कहा कि राजस्थानी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि राजस्थान की संस्कृति, सभ्यता और संस्कारों की पहचान है। प्रदेश में ऐसी पारिवारिक फिल्में बननी चाहिए, जो रिश्तों में अलगाव और बिखराव के बजाय आपसी प्रेम, सौहार्द और एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को सही दिशा देने और लोगों के विचारों को प्रभावित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्यपाल ने राजस्थानी फिल्मों के अभिनेता और ‘मां’ के मुख्य नायक राज जांगिड़ की भी सराहना की। उन्होंने राजस्थानी सिनेमा के उत्थान के लिए जांगिड़ की ओर से लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। ‘मां’ जैसी फिल्मों से राजस्थानी सिनेमा को मिलेगी नई पहचान विशेष शो में शामिल सिविल लाइंस विधायक डॉ. गोपाल शर्मा ने कहा कि ‘मां’ जैसी फिल्में राजस्थानी सिनेमा को नई पहचान देने के साथ प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और भावनात्मक विरासत को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, मातृभाषा और यहां की मिट्टी से जुड़ी कहानियों को बड़े पर्दे पर लाने का प्रयास सराहनीय है। फिल्म देखने के बाद विधायक बालमुकुंदाचार्य महाराज ने भी इसकी विषयवस्तु की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में समाज में जागरूकता पैदा करती हैं। फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और लेखकों को राजस्थान की अपनी कहानियों पर फिल्में बनानी चाहिए, ताकि प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत देशभर के दर्शकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि फिल्म का संदेश है कि युवा पीढ़ी के मन में माता-पिता के प्रति प्रेम और सद्भाव कम नहीं होना चाहिए। माता-पिता की सेवा करना भी ईश्वर की सेवा के समान है।
‘यह फिल्म नहीं, शिक्षा का मंदिर है’ फिल्म के विशेष शो में मौजूद पद्म ग्रुप के निदेशक और गौसेवी भामाशाह धर्मचंद कुलरिया फिल्म देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ‘मां’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि शिक्षा का मंदिर है। उनके अनुसार, जहां कुछ फिल्में समाज में गलत प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे सकती हैं, वहीं कुछ फिल्में लोगों में जागरूकता पैदा करने और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने का काम करती हैं। ‘मां’ इसी तरह का संदेश देने वाली फिल्म है। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े, विधायक डॉ. गोपाल शर्मा, धर्मचंद कुलरिया, रॉयलवुड ग्रुप के एन.के. मित्तल, सिनेमा हॉल के मैनेजर अशोक तंवर, फिल्म निर्देशक लखविंदर सिंह और फिल्म के मुख्य नायक राज जांगिड़ ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस मौके पर कई लोग रहे मौजूद इस अवसर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी डॉ. समित शर्मा, राज्यपाल के ओएसडी राजकुमार सागर, भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल, राजस्थान फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े श्रवण सागर कल्याण, राजेश जांगिड़, पी.एम. डूडी, रॉकी एस. संतोष, फिल्म निर्देशक धर्मेंद्र उपाध्याय, रेखा परिहार, निर्माता आदित्येंद्र शर्मा, वरिष्ठ पत्रकार एम.डी. सोनी, मुकेश झाझवड़, डॉ. शांति सैनी, ललिता शर्मा, डॉ. इंदु सैनी, आर.डी. भाटी, भाग्यश्री सैनी, हरिशंकर जांगिड़, नंदलाल खंडेला, हरलाल, नवरंग जांगिड़, अंकुर खंडेलवाल, उग्रसेन तंवर और प्रेम राठौड़ सहित कई लाेग उपस्थित रहे।
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खड़गे के बयान पर भाजपा का प्रदर्शन: प्रदेश अध्यक्ष समेत 200 हिरासत में; PM मोदी के दिवंगत पिता पर कथित टिप्पणी का विरोध – New Delhi News
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कथित टिप्पणी के विरोध में सोमवार को दिल्ली भाजपा ने प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में करीब 2 हजार कार्यकर्ता राजाजी मार्ग स्थित खड़गे के आवास की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष समेत करीब 200 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पांच बसों से मंदिर मार्ग थाने ले जाया गया। भाजपा के मुताबिक, पटना में एक सभा के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके विरोध में भाजपा के पूर्वांचल, युवा और ओबीसी मोर्चा के कार्यकर्ता सेना भवन के पास एकत्र हुए। प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे सहित अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने खड़गे के आवास की ओर मार्च शुरू किया। पुलिस ने कुशक रोड मोड़ पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने का प्रयास किया। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोककर हिरासत में ले लिया। हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी कथित टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी हार से कांग्रेस नेतृत्व हताश है और मर्यादाहीन बयानबाजी कर रहा है। वहीं, विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। उनके परिवार के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कांग्रेस पर वंशवाद की राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
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मुंबई लोकल 10 घंटे ठप, ट्रैक पर मिले 3 शव: यात्रियों को पटरियों पर चलना पड़ा, विखरोली-ठाणे लाइन पर सिग्नल सिस्टम खराब था
मुंबई में सोमवार को रेलवे ट्रैक पर तीन लोगों के शव मिले। दरअसल मुंबई में सोमवार को कई लोकल ट्रेनें 10 घंटै तक तक फंसी रहीं और यात्रियों को ट्रैक पर चलना पड़ा। इसके बाद शाम को ट्रैक पर शव मिले। मुंबई के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में यह दिक्कत सुबह 10.00 बजे कांजुरमार्ग स्टेशन के पास लगी आग की वजह से हुई। इसके बाद विखरोली-ठाणे लाइन पर सिग्नलिंग सिस्टम खराब हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक घाटकोपर-विक्रोली सेक्शन पर दो लोग मृत मिले, दोनों को राजावाड़ी हॉस्पिटल भेजा गया है। भांडुप में भी ट्रेन की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, मृतक पटरियां पार कर रहा था, तभी वह ट्रेन की चपेट में आ गया। पटरियों पर चलते यात्री, तस्वीरें… 24 सिग्नल पर असर, 6 लाइनों पर ट्रेनें बंद रहीं सिग्नलिंग सिस्टम फेल होने के कारण मेन लाइन पर लोकल ट्रेन सेवाएं कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहीं, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कांजुरमार्ग स्टेशन पर रिले रूम में आग लगने से सिग्नलिंग सिस्टम फेल हो गया था, वहां सभी चार लोकल लाइनों पर सर्विस बंद। हालांकि शाम तक सेवाएं बहाल कर दी गईं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कांजुरमार्ग में सिग्नलिंग हट में आग लगने से कांजुरमार्ग और भांडुप स्टेशनों के बीच सभी छह लाइनों पर लगभग 24 सिग्नल प्रभावित हुए थे। मुंबई की लाइफ लाइन हैं लोकल ट्रेन सेंट्रल रेलवे की मेनलाइन पर चलने वाली लोकल ट्रेनों के समय-सारणी और लंबी दूरी की ट्रेन सेवाओं पर असर पड़ा। यह मेनलाइन दक्षिण मुंबई को मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन के ठाणे और रायगढ़ जिलों के दूर-दराज के इलाकों से जोड़ती है। सेंट्रल रेलवे की मेनलाइन दक्षिण मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) को ठाणे जिले के कल्याण से जोड़ती है। कल्याण में यह रूट दो हिस्सों में बंट जाता है – एक हिस्सा ठाणे में कसारा की ओर जाता है, और दूसरा रायगढ़ जिले में खोपोली की ओर।
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बिहार में फिल्मों को मिलेगी सब्सिडी, मुख्यमंत्री का ऐलान: भोजपुरी म्यूजिक अवार्ड में पहुंचे सितारे, पवन सिंह और शिल्पी राज को बेस्ट सिंगर का अवार्ड – Patna News
भोजपुरी संगीत और सिनेमा जगत के कलाकारों के लिए आज पटना में आईवीवाई भोजपुरी म्यूजिक अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया गया। इस समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया।
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इसमें भोजपुरी फिल्म और संगीत जगत की कई चर्चित हस्तियां मनोज तिवारी, पवन सिंह और दिनेश लाल यादव निरहुआ शामिल हुईं।
आयोजन का उद्देश्य भोजपुरी संगीत से जुड़े गायकों, गीतकारों, संगीतकारों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित करना और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। अवार्ड समारोह में पवन सिंह को बेस्ट मेल सिंगर और शिल्पी राज को बेस्ट फीमेल सिंगर का पुरस्कार दिया गया।
बिहार में इस साल से फिल्मों को सब्सिडी देने की शुरुआत होगी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, बिहार सरकार कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संकल्पित है। उन्होंने घोषणा की कि इस साल से फिल्मों को सब्सिडी देने की शुरुआत की जाएगी, जिसकी शुरुआत भोजपुरी फिल्मों से होगी।
उन्होंने भोजपुरी कलाकारों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि कलाकार मिलकर फिल्म सिटी के लिए उपयुक्त स्थान तय करें, सरकार इसके निर्माण में सहयोग करेगी।

भोजपुरी फिल्म और संगीत की कई हस्तियां शामिल हुईं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी पहुंचेगा समारोह
आईवीवाई एंटरटेनमेंट की पहल और याशी फिल्म्स के आयोजन में हो रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य भोजपुरी संगीत को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाना है। ऑनलाइन माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों में रहने वाले भोजपुरी संगीत प्रेमी भी कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे।

भोजपुरी संगीत की लोकप्रियता को देखते हुए इस आयोजन को कलाकारों की उपलब्धियों का उत्सव और उभरती प्रतिभाओं को मंच देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
जयपुर की 5 पंचायत समितियों में वोटिंग 28 अक्टूबर को: जिला परिषद के 11 वार्डो के लिए भी डाले जाएंगे वोट; कल भवानी निकेतन से रवाना होगी पोलिंग पार्टियां – Jaipur News
पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए 28 अक्टूबर को वोटिंग होगी। राजधानी जयपुर में दूसरे चरण में 5 पंचायत समितियों में वोट डलेंगे, जिसमें कुल 81 वार्ड सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। जबकि जयपुर जिला परिषद के भी 11 वार्ड मेम्बर्स के लिए वोटिंग करवाई जाएगी। वोटिंग के लिए कल यानी 27 अक्टूबर को सीकर रोड भवानी निकेतन परिसर से पोलिंग पार्टियां रवाना होगी। जयपुर जिला निर्वाचन शाखा की रिपोर्ट के मुताबिक 5 पंचायत समितियों में वोटिंग के लिए 413 पोलिंग बूथ बनाए है। इन पोलिंग बूथों पर ही पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के लिए वोटिंग होगी। इन चुनाव के लिए कल पोलिंग पार्टियां जयपुर से रवाना होगी। 28 अक्टूबर को वोटिंग पूरी होने के बाद ईवीएम मशीनों को जयपुर लाया जाएगा। वोटो की गणना और रिजल्ट 20 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। इन पंचायत समितियों में डाले जाएंगे वोट दूसरे चरण में अमरसर, आमेर, जालसू, रामपुरा-डाबड़ी और शाहपुरा पंचायत समितियां है। इन सभी पंचायत समितियों में कुल 81 वार्ड है, जिनमें चुनाव लड़ने के लिए 247 उम्मीदवार मैदान में है। जबकि इन पंचायत समितियों में आ रहे जिला परिषद के 11 वार्ड (वार्ड संख्या 11 से 14 और 51 से 57) के लिए भी वोटिंग होगी। जिला परिषद के इन 11 वार्डो में 30 उम्मीदवार मैदान में है। 3.78 लाख वोटर्स दूसरे चरण की 5 पंचायत समितियों में 3 लाख 78 हजार 364 वोटर्स है। इसमें 1 लाख 97,323 पुरूष, 1 लाख 81040 महिला और 1 थर्ड जेंडर वोटर है। सरपंच और वार्ड पंच के लिए 30 अक्टूबर को वोटिंग जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की वोटिंग के बाद अगले दिन यानी 29 अक्टूबर से इन पंचायत समितियों में मौजूद 112 ग्राम पंचायतों के वार्ड पंच और सरपंच की निर्वाचन प्रक्रिया शुरू होगी। 29 अक्टूबर को वार्ड पंच और सरपंच पद के लिए नामांकन भरे जाएंगे और देर शाम तक जांच और नाम वापसी के बाद फाइनल उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। 30 अक्टूबर को वार्ड पंच और सरपंच के लिए सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोटिंग होगी और वोटिंग खत्म होने के बाद मतगणना शुरू करके देर रात तक रिजल्ट घोषित किए जाएंगे।
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Anthropic के AI मॉडल ने चुनावी डेटा चुराकर मचाया हड़कंप, कंपनी ने दी सफाई
Anthropic के एआई मॉडल ने चुनावी डेटा एक्सेस करके पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। इसके बाद कंपनी को इसे लेकर सफाई देनी पड़ी है। एक तरफ भारत में जहां वोट चोरी वाला मुद्दा गर्माया हुआ है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के जॉर्जिया स्टेट के वोटर का डेटा एंथ्रोपिक के Claude एआई मॉडल ने बिना किसी कमांड के एक्सेस कर लिया है। हालांकि, एआई मॉडल ने इसमें किसी भी वोटर की निजी जानकारियां हासिल नहीं की है, लेकिन एआई मॉडल के द्वारा इस तरह डेटा एक्सेस किए जाने की घटना ने एक बार फिर से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा डिजिटल डेटा में सेंध लगाए जाने वाली चर्चा को हवा दे दिया है।
वोटर डेटा किए एक्सेस
एंथ्रोपिक ने कंफर्म किया है कि Claude AI ने पेवॉल को बाईपास करके अमेरिका के जॉर्जिया स्टेट के वोटर डेटा को एक्सेस किया था। कंपनी ने एआई मॉडल को ऐसा करने का कमांड जारी नहीं किया था। कंपनी ने बताया कि एक इंटरनल स्टेटिस्टिक प्रोजेक्ट में ट्रेनिंग के दौरान Claude ने ऐसा किया है। एआई ने वोटर डेटा को एक्सेस करके वोट काउंट दिखा दिया था, जबकि उसे ऐसा करने का कमांड नहीं दिया गया था। कंपनी ने यह भी नहीं बताया है कि Claude के कौन एआई मॉडल ने ऐसा किया है।
Anthropic के प्रवक्ता ने सफाई देते हुए कहा है कि बिना कहे ही, मॉडल ने एक डैशबोर्ड को क्वेरी करने के लिए टोकन मांगा, जिसमें ऐसी जानकारी मौजूद थी जो आमतौर पर शुल्क देकर यानी Paywall के जरिए ही मिलती है। कंपनी ने साथ ही यह भी कंफर्म किया है कि Claude ने किसी भी इंडिविजुअल वोटर डिटेल को एक्सेस नहीं किया है। एआई द्वारा एक्सेस की जानकारी पहले से ही पब्लिकली उपलब्ध है, जिसे लोग फीस चुकाकर हासिल करते हैं। क्लाउडे एआई मॉडल ने किसी भी स्टेट वोटर रजिस्ट्रेशन सिस्टम में सेंध नहीं लगाई है।
कंपनी ने इस घटना के बाद जॉर्जिया के स्टेट ऑफिस के सेक्रेटरी को इसकी जानकारी दी है। साथ ही, व्हाइट हाउस में भी कंपनी ने यह जानकारी उपलब्ध कराई है। इससे पहले भी एंथ्रोपिक के एआई मॉडल को लेकर कई बार सवाल उठाए जा चुके हैं। कंपनी के एआई रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने पिछले महीने ही इस्तीफा दिया है। उन्होंने एआई के बढ़ रहे खतरों को देखते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है।
सुपरइंटेलिजेंट एआई बन रहा खतरा
कॉक्सन के मुताबिक AI सिस्टम बहुत जल्द ऐसी क्षमताएं हासिल कर सकते हैं जो इंसानों से कहीं ज्यादा होंगी। उनका कहना है कि इस तकनीक की ताकत को कम करके नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने लिखा कि आने वाले समय में ऐसे सिस्टम हो सकते हैं जो किसी भी सिस्टम को हैक करने, किसी भी क्षेत्र में रातोंरात बड़ा बदलाव लाने और वास्तविक ताकत तथा संसाधन हासिल करने में सक्षम हों। उनका तर्क है कि इन सभी क्षेत्रों में AI की प्रगति पहले ही दिखाई दे रही है और इसकी रफ्तार कम नहीं हो रही।
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