Friday, October 30, 2026
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सहारनपुर में कार से 200 किलो रसगुल्ले मिले: खाद्य विभाग ने नमूना लिया, दस्तावेज नहीं मिलने पर वरना कार सीज – Saharanpur News




सहारनपुर के नानौता में गुरुवार शाम 6 बजे चेकिंग के दौरान हुंडई वरना कार से करीब 200 किलो सफेद रसगुल्ले मिले। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मौके पर नमूना लिया और बाकी मिठाई गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दी। कार के जरूरी दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस ने उसे सीज कर दिया। रसगुल्लों की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी। एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि नानौता थाना क्षेत्र में चेकिंग के दौरान कार को रोका गया था। उसमें करीब 200 किलो सफेद रसगुल्ले मिले। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विपिन कुमार और खाद्य अधिकारी उमेश कुमार ने मिठाई का निरीक्षण किया और जांच के लिए नमूना लिया। नमूना लेने के बाद टीम ने बाकी रसगुल्ले गड्ढा खुदवाकर नष्ट करा दिए। नमूने की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि मिठाई में मिलावट थी या नहीं। कार में सवार दो लोगों की पहचान सौरव शर्मा निवासी नस्तरपुर सडोली, थाना कोतवाली, सहारनपुर और जान मोहम्मद निवासी भैसानी, थाना भवन, शामली के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, वाहन नंबर यूपी-11 सीजे-9976 के जरूरी दस्तावेज मौके पर नहीं दिखाए गए। इसके बाद सीसी टीम प्रभारी उपनिरीक्षक सतीश कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत कार सीज कर दी। यह कार्रवाई थानाध्यक्ष विकास चारण के नेतृत्व में नानौता पुलिस, सीसी टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने की।



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जबलपुर में 14 कार्बाइड गन जब्त, दो अरेस्ट: बघराजी में बना रहे थे, मदन महल की दुकान से 45 किलो कार्बाइड मिला – Jabalpur News




जबलपुर के बघराजी गांव में कार्बाइड गन बनाने की सूचना पर क्राइम ब्रांच और कुंडम थाना पुलिस ने गुरुवार रात दो जगह छापा मारा। दशरथ बड़गैया (56) के पास से 10 कार्बाइड गन, 11 किलो 500 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड और गन बनाने की सामग्री मिली। वहीं, चित्रांश साहू (29) के घर से 4 कार्बाइड गन जब्त की गईं। पूछताछ में आरोपियों ने मदन महल स्थित लाठिया ट्रेडर्स से कैल्शियम कार्बाइड खरीदने की बात बताई। इसके बाद पुलिस ने दुकान पर छापा मारकर 45 किलो कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी संपत उपाध्याय ने बताया कि गुरुवार रात क्राइम ब्रांच के एएसपी जितेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि कुंडम थाना क्षेत्र के बघराजी गांव में कार्बाइड गन बनाई जा रही हैं और वहां बड़ी मात्रा में कैल्शियम कार्बाइड रखा है। सूचना पर क्राइम ब्रांच और कुंडम थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर छापा मारा। पहली जगह दशरथ बड़गैया (56) के पास से 10 कार्बाइड गन, करीब 11 किलो 500 ग्राम कैल्शियम कार्बाइड और गन बनाने की सामग्री जब्त की गई। दूसरी जगह चित्रांश साहू (29) के घर पर छापा मारा गया, जहां वह गन बनाते मिला। उसके पास से 4 कार्बाइड गन बरामद हुईं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मदन महल स्थित लाठिया ट्रेडर्स के मालिक विजय साहू की दुकान से कैल्शियम कार्बाइड खरीदा था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मदन महल पुलिस के साथ दुकान पर छापा मारकर 45 किलो कैल्शियम कार्बाइड जब्त किया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जबलपुर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा और एसपी संपत उपाध्याय ने हाल ही में नागरिकों, खासकर युवाओं और बच्चों से दीपावली पर कार्बाइड गन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की थी। प्रशासन ने इनके इस्तेमाल, बिक्री, वितरण और प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया है। कार्बाइड गन क्यों खतरनाक है? आंखों में चोट: धमाके और उड़ते हुए कणों से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। प्लास्टिक के टुकड़ों से चोट: दबाव के कारण पाइप फट सकता है। इसके नुकीले टुकड़े चेहरे, आंखों और त्वचा में धंस सकते हैं। जलने का खतरा: धमाके से चेहरा और हाथ झुलस सकते हैं। सुनने की क्षमता पर असर: तेज आवाज से कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है।



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इजराइल चुनाव- सरकार बनाने की कोशिशों में जुटे आइजनकोट: तीन विपक्षी नेताओं से मुलाकात की; बोले- नेतन्याहू चुनाव को बदनाम कर रहे




इजराइल में चुनाव के बाद विपक्षी नेता गादी आइजनकोट सरकार बनाने की कोशिशों में जुट गए हैं। आइजनकोट ने डेमोक्रेट्स पार्टी के प्रमुख यायर गोलान, बियाचाद के प्रमुख नफ्ताली बेनेट और विपक्षी नेता यायर लैपिड से मुलाकात की है। आइजनकोट ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू और उनकी लिकुड पार्टी चुनाव के नतीजों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नेतन्याहू ऐसा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें बहुमत नहीं मिला। आइजनकोट ने साफ कहा कि वे संसद यानी नेसेट की शपथ ग्रहण प्रक्रिया को रोकने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि इजराइल में कानून का राज है और संसद की बैठक तय कार्यक्रम के मुताबिक होगी। चुनावी नतीजों में अब तक उनके गठबंधन को 48 सीटें मिली हैं, वहीं प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खेमे को 53 सीटें मिली हैं।
इजराइल की संसद में कुल 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत है। अरब पार्टियों को 19 सीटें मिली हैं। ऐसे में किसी भी खेमे के पास बहुमत नहीं है और सरकार बनाने के लिए दूसरे दलों का समर्थन जरूरी होगा।



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क्या बैनामा और वसीयत से ज्यादा अहम है पॉवर ऑफ अटॉर्नी, कब करती है काम?


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Power of Attorney : पॉवर ऑफ अटॉर्नी के बारे में तो आपने कई बार सुना होगा. लेकिन, इसकी पॉवर असल में कितनी होती है, यह कम ही लोग जानते होंगे. अगर आप रजिस्ट्री, वसीयत और पॉवर ऑफ अटॉर्नी में से कौन सा ताकतवर होता है, यह नहीं जानते तो संपत्ति का सौदा करने से पहले इस बारे में अपनी कंफ्यूजन क्लीयर करना बेहतर होगा.

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क्या बैनामा और वसीयत से ज्यादा अहम है पॉवर ऑफ अटॉर्नी, कब करती है काम?Zoom

रजिस्ट्री, वसीयत से कमजोर होता है पॉवर ऑफ अटॉर्नी का डॉक्यूमेंट.

नई दिल्ली. एनसीआर के रहने वाले उमाकांत झा की पटना में काफी जमीन है. कुछ एक फ्लैट और मकान भी बने हैं. उमाकांत ने नोएडा में भी अपना घर बनवा लिया है और वहीं परिवार के साथ सेटल हो गए हैं. उनका बिजनेस भी दिल्ली-एनसीआर में फैला है, लिहाजा पटना आना-जाना काफी कम हो पाता है. उनकी दिक्कत ये है कि बिना पटना में रहे अपनी प्रॉपर्टी कैसे बेचें. अब उनके सामने पॉवर ऑफ अटॉर्नी ही यह जरिया है, जो बिना किसी दिक्कत के उनका सौदा पूरा कर सकता है. आपने भी कई बार पॉवर ऑफ अटॉर्नी के बारे में सुना होगा, लेकिन इसके बारे में कितना जानते हैं आप. क्या पॉवर ऑफ अटॉर्नी बाकी सभी दस्तावेजों से ऊपर होता है और इसका इस्तेमाल कब किया जाता है.

पॉवर ऑफ अटॉर्नी यानी मुख्तारनामा पर सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल में एक फैसला दिया था, जिसमें कहा था कि यह दस्तावेज किसी को भी स्वत: मालिकाना हक नहीं देता है. इससे जाहिर होता है कि यह सिर्फ एक कानूनी दस्तावेजा है, जो किसी व्यक्ति को अपनी तरफ से अन्य किसी को प्रतिनिधि बनाने और संपत्ति या अन्य वित्तीय काम करने का अधिकार देता है. मसलन, उमाकांत झा जी नोएडा में रहते हैं लेकिन वह पटना में किसी परिचित के नाम पॉवर ऑफ अटॉर्नी बनवाकर उन्हें अपनी संपत्ति का सौदा करने का अधिकार दे सकते हैं. यह डॉक्यूमेंट अन्य किसी को भी संपत्ति की देखरेख, किराया वसूलने अथवा रजिस्ट्री से जुडे़ काम करने का भी अधिकार देता है.

रजिस्ट्री और पॉवर अटॉर्नी में ज्यादा मजबूत कौन
सु्प्रीम कोर्ट ने सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज वर्सेज स्टेट ऑफ हरियाणा के मामले में स्पष्ट किया है कि पॉवर ऑफ अटॉर्नी से संपत्ति का मालिकाना हक अपने आप किसी को ट्रांसफर नहीं होता. यह सिर्फ अधिकार सौंपने का दस्तावेज है, किसी को संपत्ति बेचने या ट्रासंफर करने का विकल्प नहीं है. इसका मतलब है कि रजिस्ट्री के मुकाबले पॉवर ऑफ अटॉर्नी का कोई जोर नहीं है. रजिस्ट्री को ही हर मायने संपत्ति ट्रांसफर करने का जरिया माना गया है.

गिफ्ट डीड, वसीयत से बड़ी है पॉवर ऑफ अटॉर्नी
यहां भी सुप्रीम कोर्ट का वही फैसला लागू होता है कि पॉवर ऑफ अटॉर्नी सिर्फ अधिकारों का हस्तांतरण है, न कि किसी संपत्ति पर मालिकाना हक तय करने और उसके ट्रांसफर करने का अधिकार. इस लिहाज से पॉवर ऑफ अटॉर्नी की शक्तियां गिफ्ट डीड और वसीयत के सामने भी फीकी पड़ जाती है. गिफ्ट डीडी एक तरह की सेल डीड ही होती है, जो खून के रिश्तों के बीच संपत्ति के ट्रांसफर में काम आती है. इसी तरह, वसीयत किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही लागू होती है. वसीयत भी एक तरह का संपत्ति टांसफर डॉक्यूमेंट होता है लेकिन यह जीते जी लागू नहीं होता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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औरंगाबाद में कला महोत्सव के ऑडिशन पूरे: हर प्रखंड से चुने गए तीन कलाकार, 1 नवंबर को फाइनल, विजेताओं को मिलेंगे अलग-अलग खिताब – Aurangabad (Bihar) News




बिहार प्रदेश स्तरीय कला महोत्सव 2026 के लिए औरंगाबाद जिले के सभी प्रखंडों और जिला मुख्यालय में ऑडिशन पूरे हो गए। संगीत और नृत्य के ऑडिशन में स्थानीय कलाकारों ने हिस्सा लिया। चयनित कलाकार 1 नवंबर को फाइनल मुकाबले में प्रस्तुति देंगे।
ऑडिशन में कला कौशल मंच के अध्यक्ष आदित्य श्रीवास्तव, लोक गायक राम श्लोक रामा, गीत रचनाकार अक्षय पाठक, साधना संगीत विद्यालय के निदेशक रंजन, म्यूजिक निर्देशक राजकुमार, वीरेंद्र सिंह, प्रभात कुमार और पाल सिंह सहित अन्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम संयोजक आदित्य श्रीवास्तव ने बताया कि हर प्रखंड से तीन कलाकार चुने गए हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच देना और बिहार की लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत व नृत्य को बढ़ावा देना है।
संगीत प्रतियोगिता के विजेता को ‘बिहार के सुरों के बादशाह’ और नृत्य प्रतियोगिता के विजेता को ‘भरतनाट्यम नृत्य उस्ताद’ का खिताब दिया जाएगा।
फाइनल मुकाबला 1 नवंबर को लॉर्ड बुद्धा पब्लिक स्कूल परिसर के सिद्धार्थ सभागार हॉल में होगा। निर्णायक मंडल में बिहार और झारखंड के कलाकारों को आमंत्रित किया गया है।



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जामिया यूनिवर्सिटी में 20 साल बाद होंगे छात्र संघ चुनाव: प्रशासन ने छात्रों की बात मानी, कहा- 16 जुलाई से सेशन, 6 हफ्ते के अंदर चुनाव




दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्र संघ चुनाव करवाने को तैयार हो गया है। जामिया प्रशासन ने 29 अक्टूबर को एक नया ऑर्डर जारी किया है, जिसमें पहली बार टाइम-बाउंड डेडलाइन दी गई है। प्रशासन के मुताबिक, 16 जुलाई से एकडेमिक सेशन शुरू होगा। इसके के 6 हफ्तों के भीतर स्टूडेंट्स यूनियन के चुनाव कराए जाएंगे। संविधान पूरा करने की अंतिम तारीख 15 मई 2027 है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया प्रशासन ने स्टूडेंट्स यूनियन के संविधान को तय समयसीमा में पूरा करने को कहा है। प्रशासन ने कहा है कि 2 नवंबर से ऑफलाइन क्लासेज फिर शुरू होंगी। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान छात्रों पर जो शो-कॉज नोटिस, सस्पेंशन, रस्टिकेशन और कैंपस बैन लगाए गए थे, वे सब वापस लिए जाएंगे। इससे पहले 26 अक्टूबर को प्रशासन ने कहा था कि संविधान अप्रूव होने के 15 दिन बाद चुनाव होगा, लेकिन इसकी तारीख नहीं दी थी, इसलिए छात्र हड़ताल खत्म करने राजी नहीं हुए थे। यूनिवर्सिटी में जश्न की तस्वीर… 18 दिन की भूख हड़ताल खत्म छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर 5 छात्र भूख हड़ताल कर रहे थे। हड़ताल कर रहे एबिन बेसिल 12 अक्टूबर से भूख हड़ताल पर थे। बेसिल के मुताबिक, प्रशासन ने सभी मांगें मान ली हैं इसलिए वो अपनी हड़ताल खत्म कर रहा है। 17वें दिन तक उसका 7.1 किलो वजन कम हो चुका था, तबीयत काफी खराब हो रही थी। बेसिल के अलावा, रेहान खान, रितिक, अल्ताफ और अबूजर भी भूख हड़ताल कर रहे थे। यूनिवर्सिटी की सभी क्लासेस रेगुलर होंगी रजिस्ट्रार महताब आलम ने छात्रों से कहा कि हम बहुत जल्द कक्षाएं शुरू करने जा रहे हैं। जो छात्र अपने घर गए हुए हैं, उनके वापस लौटते ही हम दीपावली के बाद से ऑफलाइन कक्षाएं शुरू करने का प्रयास करेंगे। इसलिए, जो छात्र अभी बाहर गए हुए हैं, उनसे कहिए कि वे 8 नवंबर तक वापस आ जाएं, ताकि इसके बाद ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की जा सकें। 2006 में आखिरी बार हुए थे छात्र संघ चुनाव जामिया में आखिरी छात्रसंघ चुनाव 2006 में हुआ था। 2006 में इसे भंग कर दिया गया था। छात्र लिंगदोह कमेटी के नियमों के तहत चुनाव की मांग कर रहे थे। 2006 में बंद होने की मुख्य वजह कैंपस हिंसा बताई गई थी। 2005 में आखिरी चुनाव हुए थे, तब शम्स परवेज अध्यक्ष बने थे। वीसी मुशीरुल हसन थे, जिन्होंने 1996 से बंद पड़े चुनावों को 2005 में फिर शुरू करवाया था। 31 मार्च 2006 में प्रशासन ने JMISU को भंग कर दिया। यूनियन भंग किए जाने के आधिकारिक कारण 3 थे 20 साल तक क्यों नहीं हुआ प्रशासन ने JMI Act 1988 के स्टेट्यूट 27 का हवाला दिया, जिसमें सुरक्षा के लिए चुनाव रोकने का अधिकार है। 2012 में छात्र दिल्ली हाईकोर्ट गए। जामिया ने कहा माहौल ठीक नहीं। कोर्ट ने चुनाव कराने का आदेश नहीं दिया, पर रोक भी नहीं लगाई। 2017 में जामिया ने छात्र परिषद यानी हर क्लास से एक प्रतिनिधि का आइडिया दिया, छात्रों ने इसे अलोकतांत्रिक कहकर खारिज कर दिया। तब से सिर्फ डिपार्टमेंट की सब्जेक्ट एसाेसिएशन चल रही थीं, जिनमें डीन का वीटो होता था, केंद्रीय यूनियन नहीं थी।



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हाईकोर्ट ने जेएनवीयू की अपील खारिज की: कर्मचारी रमेश पंडित के नियमितीकरण मामले में एकल पीठ का आदेश बरकरार – Jodhpur News




राजस्थान हाईकोर्ट ने जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर की स्पेशल अपील खारिज कर दी। मामला कर्मचारी रमेश पंडित के नियमितीकरण से जुड़ा है। अदालत ने एकल पीठ का आदेश बरकरार रखा।
जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह फैसला सुनाया। विश्वविद्यालय ने कर्मचारी के पक्ष में दिए गए एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी थी। उस आदेश में ‘ललित गहलोत एवं अन्य बनाम जेएनवीयू’ मामले के फैसले को आधार बनाया गया था।
18 नवंबर 2024 को हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को अंतरिम राहत देते हुए एकल पीठ के आदेश पर रोक लगाई थी। इसकी वजह यह थी कि जेएनवीयू ने ‘ललित गहलोत’ मामले में एकल पीठ के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 22 जनवरी 2024 को उस आदेश पर रोक लगाई थी।
रमेश पंडित की ओर से मामले का जल्द निपटारा करने के लिए आवेदन दिया गया था। उनके वकील डॉ. निखिल डुंगावत, निहार जैन और निखिल भंडारी ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को जेएनवीयू की विशेष अनुमति याचिका अन्य संबंधित एसएलपी के साथ खारिज कर दी थी।
वकीलों ने 16 सितंबर 2026 को संतोष कुमार से जुड़े मामले में डिवीजन बेंच के फैसले का भी हवाला दिया। उस मामले में बेंच ने विश्वविद्यालय की अपील खारिज करते हुए कहा था कि मामला ‘मुकेश शर्मा’ के पहले से तय फैसलों से अलग नहीं है।
‘ललित गहलोत’ मामले की एसएलपी सुप्रीम कोर्ट से खारिज होने के बाद इस विवाद का कानूनी आधार समाप्त हो गया था।



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ओल की सब्जी करेगी चिकन मटन को फेल, बच्चे भी उंगलियां चाट के खाएंगे

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Ol Sabji Recipe: ओल की सब्जी ऐसी है कि अगर आप इसे बढ़िया से बनाएं तो यह चिकन-मटन को भी स्वाद में फेल कर देती है. बस बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. बाजार में इसकी कीमत 50 से 60 रुपए किलो तक होती है, लेकिन अगर इसे बढ़िया से बना लें तो लोग चिकन को तो फेल कर देगी. आज हम आपको यहां इसके बनाने का स्टेप बाय स्टेप जानकारी साझा करेंगे. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में.

रांची की गृहणी उषा बताती हैं कि ओल की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले ओल को छोटे-छोटे पीस में काट लीजिए. इसके बाद गर्म पानी में नींबू और नमक डालकर इसको उबाल लीजिए. अगर आप ऐसा करते हैं तो ओल आपको काटेगा नहीं और खाने में काफी बढ़िया लगेगा. यह स्टेप बिल्कुल भी ना भूलें, नींबू और नमक पानी डालकर ही उबालें.

अब आपको ओल निकाल कर बढ़िया से तेल में फ्राई कर लेना है. मतलब अच्छे खासे तेल में आपको फ्राई करना है. इसे बाहर तब निकालना है, जब यह गोल्डन ब्राउन हो जाए, आप चाहें तो इसके साथ आलू भी ले सकते हैं. कई बार बच्चे ओल नहीं खाते हैं तो आप इसके साथ थोड़ा सा आलू भी फ्राई कर सकते हैं. अब आपको मसाला तैयार करना है.

मसाले के लिए प्याज, टमाटर, दालचीनी, तेज पत्ता, गोल मिर्च, जीरा, हल्दी, धनिया पाउडर, मिर्च मसाला, इलायची इन सभी को ले लेना है. इसका पेस्ट बना लेना है और तेल में डालकर इसको गोल्डन फ्राई कर लेना है. तब तक फ्राई करिए जब तक मसाला तेल ना छोड़ दे और इसके बाद जो आपने ओल फ्राई करके रखा है, उसको उसमें डाल दें.

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इसके बाद आपको अधिक फ्राई नहीं करना है. क्योंकि, मसाला ऑलरेडी फ्राई हो चुका है और ओल भी आपने फ्राई करके निकाला हुआ है. इसीलिए यह दोनों को बस दो-तीन बार चलाकर आपको थोड़ा सा पानी डाल देना है.

जितना आप ग्रेवी चाहते हैं, उस हिसाब से और 10- 15 मिनट बाद आप देखेंगे आपकी सब्जी बनकर तैयार है. ऊपर से कसूरी मेथी डाल दीजिए और अब सर्व करिये गरमा गरम. इसे खाने वाले उंगलियां तक चट जाएंगे.

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चुनावी झगड़े के बाद अवार गांव में 10 लोग गिरफ्तार: शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने पैदल मार्च किया, मुख्य आरोपी की तलाश जारी – Deeg News




डीग जिले के अवार गांव में पंचायत चुनाव के प्रचार के दौरान दो पक्षों में विवाद हुआ। इसके बाद पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए गांव में पैदल मार्च किया और दोनों पक्षों के 10 लोगों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी यश पचौरे की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार 28 अक्टूबर को चुनाव प्रचार के दौरान गांव में दो पक्षों के बीच झगड़े की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई कर दोनों पक्षों के 10 लोगों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के निर्देशन में कार्रवाई हुई। घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डीग अकलेश शर्मा, वृत्ताधिकारी डीग सीताराम बैरवा और थाना कुम्हेर पुलिस ने गांव में पैदल मार्च किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चुनाव के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। पुलिस ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान झगड़ा करने और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियम के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों की रिपोर्ट के आधार पर मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत जांच जारी है। पुलिस पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए गांव की कानून व्यवस्था पर नजर रख रही है।



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OnePlus ने लॉन्च किया 16GB रैम वाला धांसू गेमिंग फोन, मिलेगी 9000mAh की दमदार बैटरी


OnePlus Ace 7 सीरीज चीन में लॉन्च हो गई है। वनप्लस के ये दोनों गेमिंग स्मार्टफोन 9000mAh की दमदार बैटरी, ट्रिपल चिप के साथ आते हैं। OnePlus Ace 7 सीरीज में कंपनी ने दो फोन उतारे हैं, जो 16GB रैम को सपोर्ट करते हैं। OnePlus Ace 7 Pro में कंपनी ने 200MP का कैमरा भी दिया है। वनप्लस की इस सीरीज के फोन भारत में OnePlus 16R के नाम से पेश किए जा सकते हैं। हालांकि, कंपनी की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

OnePlus Ace 7 की कीमत

वनप्लस का यह गेमिंग फोन चार स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB, 16GB RAM + 256GB, 12GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 512GB में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 4399 (लगभग 70,000 रुपये) है।

  • 12GB RAM + 256GB – CNY 4399 (लगभग 63,000 रुपये)
  • 16GB RAM + 256GB – CNY 4899 (लगभग 70,000 रुपये)
  • 12GB RAM + 512GB – CNY 5199 (लगभग 74,000 रुपये)
  • 16GB RAM + 512GB – CNY 5699 (लगभग 81,000 रुपये)

OnePlus Ace 7 Pro की कीमत

वनप्लस का यह फ्लैगशिप गेमिंग फोन 5 स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB, 16GB RAM + 256GB, 12GB RAM + 512GB, 16GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 1TB में लॉन्च किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत CNY 4799 (लगभग 69,000 रुपये) है।

  • 12GB RAM + 256GB – CNY 4799 (लगभग 69,000 रुपये)
  • 16GB RAM + 256GB – CNY 5299 (लगभग 76,000 रुपये)
  • 12GB RAM + 512GB – CNY 5599 (लगभग 80,000 रुपये)
  • 16GB RAM + 512GB – CNY 5999 (लगभग 86,000 रुपये)
  • 16GB RAM + 1TB – CNY 7299 (लगभग 1,04,000 रुपये)

OnePlus Ace 7 सीरीज के ये दोनों फोन 3 नवंबर को सेल के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। OnePlus Ace 7 को Midnight Black, Streamer White और Quenched कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है। वहीं, OnePlus Ace 7 Pro को Flowing White, Midnight Black और Windbreaker कलर वेरिएंट्स में घर ला सकते हैं।

OnePlus Ace 7, OnePlus 7 Pro के फीचर्स

वनप्लस के ये दोनों फोन Android 17 पर बेस्ड ColorOS 17 के साथ आते हैं। इस सीरीज के दोनों फोन में 6.78 इंच का 1.5K रेजलूशन वाला AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 185Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 2000 निट्स तक की है। ये दोनों फोन IP66 + IP68 + IP69 + IP69K वाटर और डस्टप्रूफ रेटिंग के साथ आते हैं।

OnePlus Ace 7 Pro में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया गया है। यह 16GB रैम और 1TB स्टोरेज को सपोर्ट करता है। वहीं, OnePlus Ace 7 में कंपनी ने Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5V चिपसेट दिया गया है, जिसके साथ 16GB रैम और 512GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। इन दोनों गेमिंग फोन में कंपनी ने ग्लेशियर एयर कूलिंग सिस्टम दिया है।










  OnePlus Ace 7 OnePlus Ace 7 Pro
डिस्प्ले 6.78 इंच, 185Hz 6.78 इंच, 185Hz
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5V
स्टोरेज 16GB + 512GB 16GB + 1TB
बैटरी 9000mAh, 100W 9000mAh, 100W
कैमरा 200MP + 8MP, 16MP 200MP + 50MP, 16MP
OS Android 17, ColorOS 17 Android 17, ColorOS 17

इस सीरीज के दोनों मॉडल के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। OnePlus Ace 7 के बैक में 200MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया गया है। इस फोन का कैमरा 20x डिजिटल जूम को सपोर्ट करता है। वहीं, OnePlus Ace 7 Pro के बैक में 200MP का मेन कैमरा मिलता है। इसके साथ 50MP का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है, जो 120x डिजिटल जूम को सपोर्ट करता है। इन दोनों फोन में 16MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा।

OnePlus Ace सीरीज के ये दोनों फोन 9000mAh की दमदार बैटरी के साथ आते हैं। इनमें 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग दिया गया है। ये दोनों फोन 5G, 4G LTE, Wi-Fi 7, Bluetooth 5.4, GPS, BeiDou, GLONASS, Galileo जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स के साथ आते हैं। इनमें इन-डिस्प्ले अल्ट्रासोनिक फिंगरप्रिंट सेंसर दिया है।

यह भी पढ़ें – iPhone Air 2 में मिलेगी बड़ी बैटरी? डुअल कैमरा के साथ जल्द होगा लॉन्च





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