Sunday, October 4, 2026
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लखनऊ में पितृपक्ष पर भागवत कथा शुरू: पुंडरीक गोस्वामी महाराज के कथावाचन से मंत्रमुग्ध हुए भक्त, पहले दिन पहुंचे डिप्टी सीएम – Lucknow News




लखनऊ में श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाता है। पितृपक्ष के पावन अवसर पर दिवंगत पितरों की शांति, तृप्ति और मोक्ष की कामना से ऐशबाग स्थित डीएवी कॉलेज में 4 से 10 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कथा के पहले दिन पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने भागवत महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन किया। कथा से पहले सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके बाद वृंदावन धाम से पहुंचे पुंडरीक गोस्वामी महाराज का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। उनके पहुंचते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल कथा का शुभारंभ श्री राधारमण लाल के जयकारों, शंखनाद और ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, हरे राम, हरे राम’ के संकीर्तन से हुआ। अयोध्या धाम के रामजानकी मंदिर से पहुंचे कौशल दास महाराज ने श्रद्धालुओं के साथ ‘ले लो, ले लो हरि का नाम, अमृत बरसेगा’ का संकीर्तन कराया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया आशीर्वाद मुख्य आयोजक एवं यजमान ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनका स्वागत किया गया। उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। उन्होंने कहा कि व्यास गद्दी पर विराजमान पूज्य गुरुदेव के मुख से कथा का श्रवण करने का अवसर हम सभी को मिला है। सभी कथा का श्रवण करें और इस सुनहरे पल का लाभ उठाएं। आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आश्विन मास के पितृपक्ष में कथा का आयोजन यजमानों के दिवंगत पितरों और पूर्वजों की आत्मिक शांति, तृप्ति और मोक्ष की कामना से किया जा रहा है। श्रद्धालु पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान और कथा श्रवण कर रहे हैं। भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास अमरनाथ मिश्र ने कहा कि कथा के माध्यम से राधा-कृष्ण की भक्ति, प्रेम, करुणा और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होने की अपील की।



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लहार में शराब के नशे में विवाद के बाद फायरिंग: युवक की जांघ में लगी गोली, पुरानी चुंगी पास हुई कहासुनी, घायल ग्वालियर रेफर – Bhind News




भिंड के लहार कस्बे में रविवार शाम शराब के नशे में हुए विवाद के बाद फायरिंग हो गई। गोली लगने से भीकमपुरा निवासी बिक्कू उर्फ विवेक सिंह राजावत घायल हो गया। उसके बाएं पैर की जांघ में गोली लगी। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल लहार में प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया। घटना रविवार शाम करीब 7:30 बजे पुरानी चुंगी क्षेत्र की है। शराब के नशे में बिक्कू उर्फ विवेक सिंह राजावत का छुन्नू सिंह नाम के युवक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच कहासुनी हुई। गाली-गलौज के बाद मामला बढ़ गया। युवक ने देसी कट्टे से किया फायर आरोप है कि इसी दौरान राहुल उर्फ छुन्नू सिंह ने देसी कट्टे से फायर कर दिया। गोली बिक्कू के बाएं पैर की जांघ में जा लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायल को तुरंत सिविल अस्पताल लहार पहुंचाया गया। जहां से डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मामले में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। खबर लिखे जाने तक लहार थाना पुलिस की ओर से प्रकरण दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस घटना की जांच कर रही है।



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गयाजी में कांग्रेस का ‘सत्याग्रह’ जनजागरण अभियान: राहुल गांधी के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील, कांग्रेस बोले- जनआंदोलनों को मिलेगा एक मंच – Gayaji News




गयाजी में कांग्रेस ने राहुल गांधी के ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का जनजागरण अभियान चलाया। यह देशभर के जनआंदोलनों को एक मंच देगा। रविवार को गयाजी के हृदय स्थल चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास कांग्रेस नेताओं ने लोगों को इसकी जानकारी दी और जुड़ने की अपील की। इस अभियान में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और जिला उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह सहित कई नेता शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि छात्र, युवा, किसान, मजदूर और महिलाएं अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये आंदोलन अक्सर स्थानीय ही रह जाते हैं। राहुल गांधी ने उन्हें एक मंच देने के लिए यह प्लेटफॉर्म शुरू किया है, ताकि उनकी आवाज दूर तक पहुंचे। नेताओं ने ‘सत्याग्रह’ अभियान को महात्मा गांधी की परंपरा से जोड़ा। आजादी की लड़ाई में गांधीजी तक लोगों की समस्याएं पहुंचती थीं। राहुल गांधी मानते हैं कि आज भी लोग अपने अधिकारों के लिए अकेले लड़ रहे हैं। लोग आंदोलन से जुड़ेंगे तो समस्याएं व्यापक स्तर तक जा सकती यदि अलग-अलग जगहों के लोग और आंदोलन एक साथ जुड़कर अपनी आवाज उठाएं तो उनकी समस्याओं को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी सड़क से संसद तक जनता की समस्याओं को उठाने के साथ विभिन्न आंदोलनों को एक साझा मंच से जोड़ने की पहल कर रहे हैं। ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं और संघर्षों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप ‘संघर्ष जोड़ो-भारत जोड़ो’ जैसे नारों को बुलंद किया।
आवाज को मजबूती देने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी नेताओं ने देशभर के छात्र, युवा, किसान, मजदूर और विभिन्न सामाजिक समूहों से जुड़े लोगों से ‘सत्याग्रह’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं की आवाज को मजबूती देने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है। गयाजी में चलाए गए इस अभियान के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।



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गिलकी से बनाएं टेस्टी पकौड़े, चाव से खाते है बुरहानपुर के लोग, दो दिन तक नहीं होगा खराब

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गिलकी से बनाएं टेस्टी पकौड़े, चाव से खाते है बुरहानपुर के लोग, दो दिन तक खाएं

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Gilki ke Pakode Recipe: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में बारिश का मौसम शुरू होते ही खान-पान को लेकर लोगों का उत्साह बढ़ जाता है. बारिश की फुहारों के बीच गर्मागर्म चाय के साथ पकौड़े खाने का अपना ही आनंद है. बुरहानपुर में इस मौसम में गिलकी से तैयार होने वाले पकौड़े भी लोगों के बीच खास पसंद किए जाते हैं. ऐसे में गिलकी के पकौड़े स्वाद के साथ-साथ स्थानीय खान-पान की एक खास पहचान भी बन जाते हैं. आप भी इस बारिश में घर पर आसानी से गिलकी के पकौड़े बनाकर इसका स्वाद ले सकते हैं.

लोकल 18 की टीम को एक्सपर्ट महिला फूलाबाई ने जानकारी देते हुए बताया कि गिलकी एक सामान्य सब्जी है लेकिन इससे बनने वाले पकौड़े स्वाद में काफी खास होते हैं. बारिश के दिनों में घरों में लोग इसे नाश्ते के रूप में तैयार करते हैं.

इसे बनाने की विधि भी काफी आसान है और इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. गिलकी के पकौड़े बनाने के लिए सबसे पहले गिलकी को अच्छी तरह धोकर साफ किया जाता है और उसके छोटे-छोटे टुकड़े या पतले टुकड़े काट लिए जाते हैं.

इसके बाद बेसन में जीरा, लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. इसमें जरूरत के अनुसार पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद गिलकी के टुकड़ों को बेसन के घोल में अच्छी तरह लपेटकर गर्म तेल में डाला जाता है.

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तेल में पकने के बाद जब पकौड़े सुनहरे और कुरकुरे हो जाते हैं तो उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है.गर्मागर्म पकौड़ों को चाय, हरी चटनी या अन्य पसंदीदा चटनी के साथ परोसा जाता है. बारिश के मौसम में इनका स्वाद लोगों को खास तौर पर पसंद आता है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, गिलकी के पकौड़ों की एक खासियत यह भी मानी जाती है कि इन्हें सही तरीके से तैयार और सुरक्षित रखने पर करीब दो दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, गर्मागर्म पकौड़ों का स्वाद सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है.

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यमन ने हूतियों को खदेड़ने के लिए फौज भेजी: इनके कब्जे में देश का एक-तिहाई हिस्सा, यहां 80% आबादी रहती है




यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने हूती विद्रोहियों को खदेड़ने और कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए फौज भेजना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति राशद अल-अलीमी ने रविवार को इसका ऐलान करते हुए कहा कि सरकारी सेना पूरे यमन में राज्य का नियंत्रण बहाल करेगी। यमन में हूतियों का करीब एक-तिहाई इलाके पर नियंत्रण है। यहां देश की करीब 80% आबादी रहती है। यही वजह है कि हूतियों का क्षेत्रफल कम होने के बावजूद उनका देश की आबादी और अहम शहरों पर बड़ा प्रभाव है। हूतियों ने यमन के पश्चिमी तट पर कब्जा बढ़ाया हूतियों ने पिछले 48 घंटों में यमन के पश्चिमी तट पर कई रणनीतिक पहाड़ियों पर कब्जा किया है। अगर हूती इस इलाके को सरकारी इलाके से काट देते हैं, तो सरकार पूरी तरह इस पर नियंत्रण खो देगी। हूतियो ने इस इलाके में यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज पर भी कब्जा बढ़ाया है। यहां सैकड़ों लोग रहते हैं और हजारों सरकारी समर्थक लड़ाके भी तैनात हैं। शहर पर दबाव बढ़ने से आम लोगों के लिए भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। यमनी पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक मोहम्मद अल-कादी के मुताबिक, आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा हूतियों को मजबूत रक्षा स्थिति देता है। इससे तट की ओर होने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई का सामना करना उनके लिए आसान होगा और इन इलाकों को वापस लेना सरकार के लिए मुश्किल हो सकता है। बाब अल-मंदेब पर भी हूतियों की नजर हूतियों की हालिया बढ़त सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है। उन्होंने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास भी अपनी स्थिति मजबूत की है। यह लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाला अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। दुनिया का 12% तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। हाल ही में हूतियों ने दक्षिणी लाल सागर में दो और अहम द्वीपों ग्रेटर हनीश और लेसर हनीश पर कब्जा कर लिया है। ये द्वीप बाब-अल मंदेब स्ट्रेट से करीब 160 किमी उत्तर में हैं। इन पर कब्जे से लाल सागर के समुद्री रास्ते पर उनका दबदबा और मजबूत हो गया है। यूरोप और एशिया के बीच आने-जाने वाले जहाजों के लिए यह रास्ता बेहद अहम है। ऐसे में इस इलाके पर हूतियों का नियंत्रण बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर भी असर पड़ सकता है। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बीच बाब अल-मंदेब की अहमियत और बढ़ गई है। 12 साल से चल रही हैं यमन में लड़ाई यमन में सरकार और हूतियों के बीच करीब 12 साल से लड़ाई चल रही है। सऊदी अरब यमन की सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूतियों को ईरान का समर्थन मिलता है। 2022 में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर हुआ था। इसके बाद बड़े पैमाने पर लड़ाई काफी कम हो गई थी। अब हूतियों की बढ़त के बाद यमन में फिर बड़े गृहयुद्ध का खतरा पैदा हो गया है। युद्ध से यमन पहले ही गंभीर मानवीय संकट में है। देश का बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हो चुका है। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के मुताबिक, कुछ इलाकों में हर 4 में से 3 परिवारों को पर्याप्त खाना नहीं मिल रहा। नई लड़ाई में हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं। ऐसे में अगर सैन्य अभियान लंबा चला, तो यमन में भूख और विस्थापन का संकट और बढ़ सकता है। सऊदी अरब भी हूतियों पर हमला कर सकता है सऊदी अरब भी यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जंग शुरू करने की तैयारी कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी 1 लाख से ज्यादा सैनिकों को उतार सकता है। इसका मकसद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को हूतियों के कब्जे से छुड़ाना और समुद्री व्यापार का रास्ता सुरक्षित करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब के सामने सैन्य कार्रवाई के दो विकल्प हैं – इस ऑपरेशन का नेतृत्व यमन की सेनाएं करेंगी, जिन्हें सऊदी अरब का समर्थन मिलेगा। जरूरत पड़ने पर सऊदी अरब हवाई हमले भी कर सकता है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… अल-कायदा ने फ्लाईदुबई हमले के आरोपी की तारीफ की: कहा- जंग अभी खत्म नहीं हुई, अमेरिकी-इजराइली विमानों पर 9/11 जैसे हमले करो आतंकी संगठन अल-कायदा ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी की तारीफ की। पूरी खबर पढ़ें…



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जीएसटी कानून में फिर बड़ा बदलाव, अब अधिकारी नहीं कर सकेंगे गिरफ्तार


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GST Reform 3.0 : जीएसटी परिषद ने पिछले साल सितंबर में 2.0 सुधार के बाद अब कानूनी प्रक्रिया में बदलाव की तैयारी कर रही है. परिषद की इसी सप्ताह होने वाली बैठक में कानूनी प्रक्रिया में बदलाव किया जाएगा. माना जा रहा है कि परिषद सीधे गिरफ्तारी के मामलों पर रोक लगा सकती है और अधिकारियों से यह अधिकार छीना जा सकता है. अब गिरफ्तारी सिर्फ कोर्ट के आदेश पर ही की जा सकेगी.

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जीएसटी परिषद की बैठक में टैक्स अधिकारियों की शक्तियां घटाने पर चर्चा हो सकती है.

नई दिल्ली. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने एक बार फिर कानून में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है. परिषद की इस महीने होने वाली बैठक में कर अधिकारियों से गिरफ्तारी का अधिकार वापस लेने और किसी भी गिरफ्तारी के लिए अदालत की मंजूरी अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है. मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि जीएसटी पर निर्णय लेने वाली शीर्ष संस्था जीएसटी परिषद 7 अक्टूबर की बैठक में गिरफ्तारी जुड़े सुधारों के पैकेज पर भी विचार कर सकती है. इसमें अपराधों के लिए आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये किया जा सकता है.

सूत्रों का कहना है कि अभियोजन के प्रावधानों का दायरा भी सीमित किया जा सकता है, ताकि वस्तुओं या सेवाओं के वर्गीकरण, मूल्यांकन या इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े सामान्य विवादों पर आपराधिक कार्रवाई न हो. ऐसे मामलों में कारोबारी और कर अधिकारी एक ही लेनदेन की अलग-अलग व्याख्या कर सकते हैं. ये प्रस्ताव सरकार के अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों का हिस्सा हैं. सितंबर 2025 में जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने के बाद सुधारों का अगला चरण प्रशासन को सरल बनाने, अनुपालन लागत घटाने और प्रवर्तन को अधिक आनुपातिक बनाने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है.

और क्या बदलने की तैयारी
मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि विचाराधीन पैकेज में जीएसटी पंजीकरण आसान करना बनाया जा सकता है. इसके अलावा तेजी से रिफंड देना, इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया सरल करना और कारण बताओ नोटिस और जुर्माने से जुड़े नियमों में बदलाव शामिल हैं. प्रवर्तन से जुड़े प्रस्ताव के केंद्र में केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 69 है. इसके तहत निर्धारित कानूनी शर्तें पूरी होने और किसी व्यक्ति के कुछ विशेष अपराध किए जाने के पर्याप्त कारण होने पर आयुक्त किसी अधिकारी को उसे गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत कर सकता है. प्रस्तावित बदलाव में कर अधिकारियों से यह शक्ति वापस लेने और किसी भी गिरफ्तारी के लिए न्यायिक मंजूरी जरूरी करने की बात है.

खत्म नहीं होगा टैक्स वसूलने का अधिकार
इन बदलावों से सरकार का टैक्स वसूली या वित्तीय दंड लगाने का अधिकार खत्म नहीं होगा. कंपाउंडिंग के तहत निर्धारित टैकस, ब्याज और जुर्माना जुकाने के बाद अपराध का निपटारा किया जा सकता है. कम टैक्स चुकाने या गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने वालों के खिलाफ टैक्स वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी. गंभीर और जानबूझकर की गई कर चोरी या धोखाधड़ी के मामलों में अदालत के जरिये गिरफ्तारी की जा सकती है. यह कदम आर्थिक और नियामकीय अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने के सरकार के व्यापक प्रयास के अनुरूप भी होगा.

आईटीसी नियमों में भी बदलाव
व्यापारियों और कारोबारियों के लिए इन बदलावों से टैकस विवाद के अंतिम निपटारे से पहले गिरफ्तारी की संभावना कम होगी, जबकि सरकार की राजस्व वसूली की शक्तियां बरकरार रहेंगी. अगर प्रस्ताव मंजूर होते हैं तो रिटर्न दाखिल करने में देरी, वर्गीकरण से जुड़े विवाद और नकदी की कमी के कारण टैक्स भुगतान में देरी जैसे मामलों में करदाता टैक्स, ब्याज और आनुपातिक जुर्माना भरकर गिरफ्तारी से बच सकेंगे. फिलहाल जीएसटी अधिकारियों को आयुक्त स्तर के अधिकारी की पूर्व मंजूरी के बाद ऐसे गंभीर मामलों में गिरफ्तारी का अधिकार है, जिनमें कर चोरी, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट या गलत तरीके से रिफंड लेने की राशि एक करोड़ रुपये से अधिक हो. अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है, ताकि आपराधिक प्रक्रिया उन मामलों तक सीमित रहे जिनका आकार इसके लायक है.

पूरी तरह खत्म होंगे 9 अपराध
इस प्रस्तावों में अभियोजन संबंधी प्रावधान के तहत आने वाले 24 अपराधों में सजा के प्रावधानों को नरम किया जाएगा, जबकि 9 अपराधों को पूरी तरह हटाना और 11 को मौजूदा रूप में बनाए रखना शामिल है. न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाने का भी प्रस्ताव है, जिससे अदालत के लिए कारावास की सजा देना अनिवार्य नहीं रहेगा. हर मामले में जुर्माना लगाने का विकल्प उपलब्ध होगा, जबकि मध्यम श्रेणी के अपराधों में अधिकतम सजा तीन साल से घटाकर दो साल करने का प्रस्ताव है. परिषद छोटे करदाताओं के लिए विलंब शुल्क माफ करने और जुर्माने को तर्कसंगत बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार कर सकती है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मताधिकार से वंचित करने वाली प्रक्रिया मनमानी: सुप्रीम कोर्ट के जज बोले- कोई बहाना इसे सही नहीं ठहरा सकता, मताधिकार के बिना नागरिक अर्थहीन


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नई दिल्ली8 मिनट पहले

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फाइल फोटो

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्जल भुइयां ने कहा कि लाखों भारतीयों को मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मनमानी है। ऐसी प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था को नकारती है। कोई भी बहाना इसे सही नहीं ठहरा सकता।

जस्टिस भुइयां हैदराबाद में NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। हालांकि, अपने भाषण में उन्होंने किसी खास प्रक्रिया या अथॉरिटी का नाम नहीं लिया।

जस्टिस भुइयां की स्पीच, 5 बड़ी बातें…

  • एक वर्ग वोट देने का अधिकार रखता हो और दूसरे वर्ग को इससे वंचित रखा जाए, भारत का संविधान नागरिकों के दो वर्ग नहीं बनाता।
  • भारतीय नागरिकों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 और 14 का उल्लंघन होगी।
  • अगर कोई प्रक्रिया लाखों भारतीय नागरिकों को उनके ही देश में दूसरे दर्जे का नागरिक बना देती है, तो ऐसी मनमानी है।
  • ऐसी प्रक्रिया संविधान की बुनियाद पर चोट करती है। यह भारतीय संविधान के संवैधानिक व्यवस्था को नकारने के बराबर है।
  • कोई भी संस्था इससे मुक्त नहीं है। कोई भी प्राधिकरण ऐसा नहीं कर सकता, कोई भी अदालत इसे माफ नहीं कर सकती। कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है।

अरबपति हो रिक्शा चालक, दोनों के वोट बराबर

जस्टिस भुइयां ने कहा, “भारतीय नागरिकों का मतदान का अधिकार, विदेशी शासन के खिलाफ भारत के लंबे संघर्ष से जुड़ा हुआ है। यह हमारी आजादी की अभिव्यक्ति है। अनुच्छेद 326 में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा- “एक व्यक्ति अरबपति हो सकता है और दूसरा रिक्शा चालक; फिर भी दोनों के पास अपने वोट होंगे और उनके वोटों का मूल्य बराबर होगा।”

अमेरिकी जज जस्टिस फेलिक्स फ्रैंकफर्टर की टिप्पणी का हवाला देते हुए कि लोकतंत्र में सर्वोच्च पद नागरिक का होता है, जस्टिस भुइयां ने पूछा- “मतदान के अधिकार के बिना एक नागरिक का क्या मूल्य है?”



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किड्स जोन में खेल रहे बच्चे को बेरहमी से पीटा: बच्चे ने कान पकड़कर माफी मांगी; फिर भी नहीं माना, सूरत की घटना




गुजरात के सूरत की अलथाण सोसायटी में एक शख्स ने छोटी सी बात पर 9 साल के बच्चे को बेरहमी से पीट दिया। थप्पड़ों से बच्चा जमीन पर गिर गया। इसके बाद भी आरोपी ने उसे कई थप्पड़ जड़े, जिससे बच्चे के कान में गंभीर चोटें आ गईं। बच्चे की मां ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। साइंस कॉलेज में प्रोफेसर जागृतिबेन सोनालिया द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुबाबिक, शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे, उनका 9 साल का बेटा हितार्थ बिल्डिंग के किड्स जोन में बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान उसकी स्माइली बॉल बिल्डिंग में रहने वाले वर्धन शाह की बेटी को लग गई। इसी बात से नाराज वर्धन ने बच्चे को गाली देते हुए उसे 5-6 थप्पड़ जड़ दिए। थप्पड़ों से हितार्थ फर्श पर गिर गया। बच्चे ने कान पकड़कर मांफी मांगी, लेकिन आरोपी ने फिर से उसे दो-तीन थप्पड़ जड़ दिए। बच्चे की रात को हुई तबीयत खराब जागृतिबेन ने आगे बताया कि जब वह घर पर आया तो सिसकियां लेकर रो रहा था। उसके गाल सूजे हुए थे और डर के मारे वह कांप रहा था। दूसरें बच्चों से पूछने पर उन्होंने घटना का बारे में बताया। इस पर परिवार वालों ने बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें किड्स जोन के सामने लगे कैमरे में कैद हुई यह वारदात देखी। वहीं, बच्चे की रात को तबीयत बिगड़ गई थी। सुबह उसे अस्पताल में एडमिट करवाया गया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। अलथान पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 115(2) और अत्याचार अधिनियम 1989 की धारा 3(1)(आर) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की जांच एच डिवीजन के एसीपी जेडआर देसाई को सौंप दी गई है।
————— ये खबर भी पढ़ें… अमृतसर में 5 साल की बच्ची को गिरा-गिराकर पीटा:महिला ने 3 सेकेंड में 6 थप्पड़ जड़े, फिर घसीटते ले गई अमृतसर में एक महिला ने पड़ोस में रहने वाली करीब 5 साल की बच्ची को बीच सड़क गिरा-गिराकर पीटा। घटना का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसमें महिला बच्ची को पकड़कर कुछ ही सेकेंड में कई थप्पड़ जड़ देती है। पूरी खबर पढ़ें…



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स्कूली बच्चों को नशामुक्ति के खिलाफ शपथ दिलाई: बाल अधिकारों और शिक्षा का महत्व गिनाया, नितोड़ा के आवासीय विद्यालय में हुआ बाल दिवस कार्यक्रम हुआ – Sirohi News




सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने नितोड़ा के निष्क्रमणीय पशुपालक राजकीय बालक आवासीय विद्यालय में बाल दिवस कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम समाज कल्याण सप्ताह के चौथे दिन हुआ। इसकी शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
कार्यक्रम का संचालन अध्यापक निकलेश कुमार ने किया। उपनिदेशक राजेंद्र कुमार पुरोहित ने बच्चों को बाल अधिकारों और शिक्षा का महत्व समझाया। राजेन्द्र मुनि बी.एड कॉलेज के निदेशक आर.एम. अरोड़ा ने संघर्ष और मेहनत पर जोर दिया। राजकीय बालिका विद्यालय के व्याख्याता भवानी सिंह ने कहानी से जीवन का महत्व बताया। एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सहयोगी ने बाल अधिकारों, सुरक्षा और सम्मानजनक बचपन पर बात की। विद्यार्थियों ने बाल अधिकारों पर अपने विचार रखे और खेलकूद में पुरस्कार जीते।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला समन्वयक मनोहर सिंह ने हेल्पलाइन की जानकारी दी। कार्यक्रम के आखिर में बाल विवाह और नशामुक्ति के खिलाफ शपथ दिलाई गई।



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प्रयागराज के हारिस ने एशियन U-14 टेनिस में जीते सिल्वर: एकल और युगल दोनों वर्गों के फाइनल में रनर-अप रहे – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज के संत जोसफ कॉलेज में कक्षा 8 के छात्र हारिस खान ने नैनीताल के चूनाखान में हुए एशियन टेनिस फेडरेशन (ATF) अंडर-14 टूर्नामेंट में दो सिल्वर मेडल जीते हैं। उन्होंने एकल और युगल दोनों वर्गों के फाइनल में पहुंचकर यह उपलब्धि हासिल की। यह एशियन स्तर पर उनकी दूसरी सफलता है। यह प्रतियोगिता चूनाखान स्थित ऑप्टिमम टेनिस अकादमी में 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक हुई थी। एकल वर्ग के सेमीफाइनल में हारिस ने कनिष्क जसवीर को हराया। फाइनल में उन्हें आरव बेले से हार मिली और वह रनर-अप रहे। युगल वर्ग में हारिस ने राजस्थान के जयराज नयन के साथ जोड़ी बनाई। सेमीफाइनल में इस जोड़ी ने आरव सैनी और अजयविक पुरी को हराया। फाइनल में उन्हें आरव बेले और तेगवीर सिंह की जोड़ी से हार मिली, जिससे उन्हें दूसरा सिल्वर मेडल मिला। एक ही एशियन टूर्नामेंट में दोनों वर्गों के फाइनल में पहुंचना हारिस की खास बात है। उनके कोच असद इकबाल और सैफ इकबाल ने बधाई दी है। प्रायोजक इंडियन बुक पैलेस ने भी शुभकामनाएं दी हैं।



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