ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर मंगलवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है. कच्चे तेल की कीमत में तेज उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड करीब 91 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. आज 18 अगस्त को सुबह 7 बजे गिफ्ट निफ्टी करीब 79 अंक फिसलकर 24,313 के आसपास कारोबार करता दिखा. ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हो सकती है.
एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला है. जापान का निक्कई करीब 0.89 फीसदी नीचे है, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.94 फीसदी चढ़ा है. चिप कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से कोस्पी को मजबूती मिली है. ताइवान के बाजार में भी मामूली 0.02 फीसदी की बढ़त है. इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 281 अंक गिरकर 77,728 पर और निफ्टी 78 अंक टूटकर 24,287 पर बंद हुआ था.
कच्चे तेल में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. ब्रेंट क्रूड 14 फीसदी चढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. निवेशकों को डर है कि लंबे समय तक तनाव रहने से तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. तेल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की लागत के साथ महंगाई पर भी दबाव बढ़ सकता है.
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आत्मसमर्पण करने को कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका हर हफ्ते लाखों बैरल तेल निकाल रहा है और होर्मुज खुला है. हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के संकेत फिलहाल कमजोर नजर आ रहे हैं. अस्थायी संघर्षविराम को आगे बढ़ाने को लेकर भी कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है.
एशियाई बाजारों का हाल
मंगलवार को एशियाई बाजारों में अलग-अलग रुख रहा. जापान का निक्कई दबाव में है, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2 फीसदी चढ़ा. कोस्पी में तेजी की बड़ी वजह चिप शेयरों में खरीदारी रही है. ताइवान के बाजार में भी हल्की बढ़त है. वहीं, अमेरिकी बाजार सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए.
वॉल स्ट्रीट भी फिसला
सोमवार को डाउ जोन्स 0.51 फीसदी गिरकर 53,459 पर बंद हुआ. एसएंडपी 500 में 0.52 फीसदी की गिरावट रही, जबकि नैस्डेक 0.32 फीसदी नीचे बंद हुआ. अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ती तेल कीमतों के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 4.7 फीसदी के पार चली गई. इससे निवेशकों की चिंता और बढ़ी है.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी दबाव बढ़ा रही है. उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने कैश मार्केट में करीब 2,535 करोड़ रुपये की बिकवाली की है. कैश और वायदा बाजार को मिलाकर यह बिकवाली करीब 3,175 करोड़ रुपये रही. ऐसे में आज निवेशकों की नजर कच्चे तेल की कीमत, ईरान-अमेरिका तनाव, विदेशी निवेश और ग्लोबल बाजारों के रुख पर रहेगी.




