Friday, July 10, 2026
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भारतमाला हाईवे पर पकड़ी स्विफ्ट कार, 425 ग्राम MD बरामद: तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार, गाड़ी जब्त – Jalore News




जालोर में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और स्थानीय पुलिस ने भारतमाला हाईवे पर हरियाली गांव की सरहद में एक स्विफ्ट कार से 425 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद किया। कार में सवार 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कार को पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस के अनुसार- एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि दो-तीन व्यक्ति स्विफ्ट कार में डावल गांव की ओर से हरियाली क्षेत्र में किसी व्यक्ति को अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई देने आने वाले हैं। सूचना की पुष्टि के बाद टीम ने दो अलग-अलग दल बनाकर जोधपुर और सांचौर की ओर से निगरानी शुरू की। कार्रवाई के दौरान भारतमाला हाईवे के पास हरियाली की सरहद में संदिग्ध स्विफ्ट कार दिखाई दी। कार में सवार तीनों युवक नीचे उतरकर किसी का इंतजार कर रहे थे। पुलिस टीम के पहुंचते ही तीनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। इसके बाद स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर कार की तलाशी ली गई, जिसमें 425 ग्राम एमडी बरामद हुई। पुलिस ने मादक पदार्थ के साथ स्विफ्ट कार को जब्त कर तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तार आरोपियों में डावल निवासी सुरेश कुमार उर्फ लाखाराम, हिन्डवाड़ा निवासी श्रवण (21) और डावल निवासी अशोक (24) शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से मादक पदार्थ के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है।



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बरसात में बनाएं निमाड़ का फेमस हलीम, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे


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बुरहानपुर जिले में जैसे ही बरसात का समय शुरू होता है तो लोग अपने घरों पर चने की गेहूं चने की दाल का हलीम बनाना शुरू कर देते हैं. यह हलीम आप आपके घर पर भी तैयार कर सकते हैं. इसको बनाने के लिए चने की दाल भीगे हुए. गेहूं गरम मसाला पीली मिर्च प्याज तेल का इस्तेमाल कर बनाया जाता है. जिससे यह बहुत ही टेस्टी बन जाता है इसको बनाने के लिए दो दिन का समय लगता है.

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में जैसे ही बरसात का समय शुरू होता है तो लोग अपने घरों पर चने की गेहूं चने की दाल का हलीम बनाना शुरू कर देते हैं. यह हलीम आप आपके घर पर भी तैयार कर सकते हैं. इसको बनाने के लिए चने की दाल भीगे हुए. गेहूं गरम मसाला पीली मिर्च प्याज तेल का इस्तेमाल कर बनाया जाता है. जिससे यह बहुत ही टेस्टी बन जाता है इसको बनाने के लिए दो दिन का समय लगता है. हरी मिर्ची भी इसमें इस्तेमाल होती है.

एक्सपर्ट महिला ने दी जानकारी 
लोकल 18 की टीम ने जब एक्सपर्ट महिला फुलाई बाई से बात की तो उन्होंने बताया कि यदि आप भी आपके घर पर बरसात में कुछ चटपटा खाने का प्लान बना रहे हैं तो निमाड़ के बुरहानपुर का सबसे फेमस गेहूं और चने की दाल से बनने वाला हलीम होता है. इसको घर पर आप आसानी से तैयार कर सकते हैं. खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगता है. इसको बनाने के लिए भीगे हुए गेहूं चने की दाल पीली मिर्च हरी मिर्च धनिया का पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. जिससे यह हलीम बनकर तैयार हो जाता है. इस हलीम की खासियत होती है कि 2 दिन तक खराब नहीं होता है इसमें ऊपर से प्याज डाली जाती है.

ऐसे तैयार होता है हलीम 
यदि आप भी आपके घर पर हलीम तैयार करने जा रहे हैं तो सबसे पहले 1 किलो गेहूं को आप पानी में भीगा दे 12 घंटे तक उसको पानी में भीगने दे उसके बाद एक डेग ले लीजिए उसमें आप 1 किलो भीगे हुए गेहूं आधा किलो चने की दाल तीन लीटर पानी और 100 ग्राम पिसी हुई पीली मिर्च 300 ग्राम अदरक लहसुन का पेस्ट 400 ग्राम तेल 20 ग्राम नमक 50 ग्राम हरी मिर्च का मसाला इसमें डाल दीजिए. इन सभी को मिक्स कर दीजिए और एक चूल्हा लगाए. उस पर यह डेग रख दीजिए और उसको करीब 2 घंटे तक पकने दीजिये जिससे आपका यह गरमा गरम हलीम तैयार हो जाएगा. खाने में बहुत ही आनंद आता है. आप इसमें तली हुई प्याज ऊपर से डालकर खा सकते हैं.



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50 दिन से दूसरे बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट का इंतजार कर रहे CBSE 10वीं के छात्र


इस साल सीबीएसई बोर्ड से 10वीं की दूसरी परीक्षा देने वाले छात्र अब तक अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। इन छात्रों की परीक्षा 50 दिन पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक रिजल्ट नहीं जारी हुआ है। इस वजह से छात्रों को 11वीं कक्षा में एडमिशन लेने में परेशानी आ रही है। छात्रों के माता-पिता सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी साझा कर रहे हैं और बोर्ड से जल्द ही रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं। एक छात्र की मां ने बताया कि बच्चे का एडमिशन अब तक पक्का नहीं हुआ है, क्योंकि दूसरी बोर्ड परीक्षा के नतीजे नहीं आए हैं, लेकिन स्कूल अप्रैल के महीने से फीस की मांग कर रहे हैं।

क्या है मामला?

सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए दो बोर्ड परीक्षा की स्कीम शुरू की है। बोर्ड के अनुसार 2026 से कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा दो बार कराई जा रही है। इसके तहत छात्रों को पहली (मुख्य) परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल होना होगा, जबकि दूसरी परीक्षा ‘कंपार्टमेंट’ श्रेणी वाले छात्रों और अंकों में सुधार चाहने वालों के लिए एक अतिरिक्त अवसर होगी। बोर्ड द्वारा जारी अंक-तालिका-सह-प्रमाणपत्र में दोनों परीक्षाओं में से सबसे अच्छे अंक दिखाए जाएंगे। जो छात्र पहली परीक्षा पास कर लेते हैं, वे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से अधिकतम तीन विषयों में अपने अंक सुधार सकते हैं।

68 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी दूसरी परीक्षा

10वीं कक्षा की दूसरी बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 6,68,854 नियमित उम्मीदवारों ने आवेदन किया, जिनमें से 5,25,655 ने सुधार के लिए, 85,285 ने ‘कंपार्टमेंट’ श्रेणी के तहत और 57,914 ने ‘कंपार्टमेंट’ तथा सुधार दोनों श्रेणियों के लिए आवेदन किया। 15 से 21 मई के बीच इन छात्रों की परीक्षा हुई, लेकिन अब तक रिजल्ट नहीं जारी किया गया है। वहीं, अन्य छात्रों का 11वीं कक्षा में एडमिशन अप्रैल के महीने में ही हो चुका है और पढ़ाई भी जारी है, लेकिन जिन छात्रों ने दूसरी परीक्षा दी, उन्हें अभी भी रिजल्ट का इंतजार है, ताकि उनका एडमिशन पूरा हो सके।

छात्रों को हो रही परेशानी

रिजल्ट में देरी के कारण छात्रों और उनके माता-पिता को परेशानी हो रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि एक सप्ताह के अंदर रिजल्ट जारी किया जा सकता है, लेकिन इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। एक छात्र के परिजनों ने एक्स पर लिखा कि रिजल्ट में देरी के कारण बच्चे का एडमिशन अब तक नहीं हो सका है, लेकिन स्कूल अप्रैल के महीने से फीस की मांग कर रहे हैं।

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Video: डिग्री छोड़ खेत में उतरे, सीजनली 4 लाख का मुनाफा! अब ट्रिपल लेयर फार्मिंग से 3 गुना कमाई की तैयारी


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डिग्री छोड़ खेत में उतरे, सीजनली 4 लाख का मुनाफा

 

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Palamu Sonu Farming Story: डिग्री हाथ में आते ही जहां युवा बड़े शहरों की ओर नौकरी के लिए भागते हैं. वहीं पलामू के खामडीह निवासी सोनू कुमार गुप्ता ने खेती को ही अपना फुल-टाइम करियर बना लिया. साल 2018 में ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद सोनू ने नौकरी की अंधी दौड़ में शामिल होने के बजाय सब्जी उत्पादन का रुख किया, जिसने आज उनके परिवार की किस्मत बदल दी है. पहले उनका परिवार पारंपरिक रूप से सिर्फ धान-गेहूं उगाता था. जिसमें अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था. सोनू ने इस ढर्रे को बदला और करीब डेढ़ एकड़ भूमि पर करैला, नेनुआ, झिंगी, कद्दू और खीरा जैसी मौसमी सब्जियों की खेती शुरू की. आज वे तमाम लागत निकालकर सालाना 3 से 4 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं. अब सोनू का अगला लक्ष्य ‘ट्रिपल लेयर’ (मल्टीलेयर) फार्मिंग जैसे आधुनिक वैज्ञानिक मॉडल को अपनाना है, ताकि एक ही जमीन से तीन गुना उत्पादन लिया जा सके. हालांकि, पलामू में बिजली संकट के कारण सिंचाई एक बड़ी बाधा है. सोनू का कहना है कि अगर सरकार से उन्हें सोलर पंप का सहयोग मिल जाए, तो वे लागत घटाकर इस मॉडल को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं. 

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अनुज हत्याकांड: प्रभाकर चौधरी समेत ज्यादातर आरोपी जमानत पर छूटे: हाईप्रोफाइल मर्डर केस में आरोपियों के बाहर आने से फिर टकराव की आशंका,पुलिस अलर्ट – Moradabad News




मुरादाबाद के बहुचर्चित अनुज चौधरी हत्याकांड में असमोली की ब्लॉक प्रमुख के पति प्रभाकर चौधरी समेत कई मुख्य आरोपी जेल से जमानत पर बाहर आ गए हैं। वारदात को अंजाम देने वाले शूटर भी जेल से बाहर आ चुके हैं। इस हाईप्रोफाइल मर्डर केस के आरोपियों के जेल से बाहर आने की वजह से पुलिस की सिरदर्दी बढ़ गई है। दोनों गुटों में फिर से टकराव की आशंका में पुलिस ने जेल से रिहा हुए आरोपियों की निगरानी बढ़ा दी है। शुक्रवार को इसकी समीक्षा की गई है।
बता दें कि भाजपा नेता अनुज चौधरी की 10 अगस्त 2023 को मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा अपार्टमेंट में सरेआम गोलियां बरसाकर सनसनीखेज अंदाज में हत्या कर दी गई थी। बाइक सवार शूटर्स ने सरेआम अनुज को 25 सेकेंड में 4 गोलियां मारी थीं। हत्या के वक्त अनुज अपने एक दोस्त के साथ गेटेड सोसाइटी के अंदर कंपाउंड में इवनिंग वॉक कर रहे थे। तभी शाम को करीब 7:30 बजे हत्यारों ने उन पर गोलियां बरसाकर उनकी हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड में असमोली की ब्लॉक प्रमु ख के पति प्रभाकर चौधरी, बेटा अनिकेत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख और गैंगस्टर ललित कौशिक समेत अन्य 14 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। एक एनकाउंटर में पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटरों को भी गोली मारकर अरेस्ट कर लिया था।
लेकिन पिछले 15-20 दिन में इसके सभी मुख्य आरोपी एक-एक करके जेल से बाहर आ गए हैं। इसमें वे दोनों शूटर भी शामिल हैं जिन्होंने अनुज चौधरी को सरेआम गोलियों से भूना था।
रिहा होने वालों में मुख्य रूप से संभल के एंचौड़ा कम्बोह थाना क्षेत्र में हाजीबेड़ा निवासी असमोली की ब्लॉक प्रमुख संतोष देवी का पति प्रभाकर चौधरी, बरेली जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे कुख्ययात शूटर मोहित चौधरी का भाई अमित चौधरी और दोनों शूटरों समेत करीब-करीब सभी आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं। ऐसे में पुलिस को फिर से इन गुटों के बीच टकराव की आशंका सता रही है।



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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में निवाड़ी कांग्रेस का प्रदर्शन: महिला कांग्रेस ने उपवास रख निकाली संकीर्तन रैली; बाजार में पर्चे बांटकर जताया विरोध – Niwari News




अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर निवाड़ी में महिला कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय उपवास रखा और शहर में संकीर्तन रैली निकाली। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। बड़ी माता मंदिर में किया सद्बुद्धि यज्ञ महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन की शुरुआत जिला मुख्यालय के बड़ी माता मंदिर से की। यहाँ उन्होंने सबसे पहले सद्बुद्धि यज्ञ और भजन-संकीर्तन का आयोजन किया। इसके बाद बड़ी माता मंदिर से लेकर पुलिस थाना परिसर में स्थित हनुमान जी मंदिर तक महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर संकीर्तन रैली निकाली और विरोध दर्ज कराया। बाजार में पर्चे बांटकर जताया विरोध रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर पर्चे भी बांटे। इन पर्चों में राम जन्मभूमि पर सामने आई कथित चंदा चोरी की घटना को निंदनीय और शर्मनाक बताया गया है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले को लेकर सीधे तौर पर केंद्र सरकार और राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंदिर ट्रस्ट और नियुक्तियों पर उठाए सवाल महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा चंदे और चढ़ावे की राशि में बड़े स्तर पर अनियमितताएं की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में संचालित होने वाले इस ट्रस्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा जैसे पदाधिकारियों की नियुक्तियों पर सवाल उठाए। कांग्रेस का आरोप है कि मामले में छोटे आरोपियों को पकड़ा जा रहा है, जबकि मुख्य जिम्मेदार लोगों को बचाया जा रहा है। प्रदर्शन में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश यादव, आनंदी पाल सहित कई कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल रहीं।



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अररिया में 75 साल बाद भी नहीं बना पुल-सड़क: ग्रामीण बांस की चचरी से नदी पार करते हैं, बरसात में कट जाता है संपर्क – Araria News




अररिया के पलासी प्रखंड की पिपरा बिजवार पंचायत के बच्चा खाड़ी वार्ड संख्या-03 के ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए न तो कोई पक्का पुल है और न ही संपर्क सड़क। ऐसे में ग्रामीण वर्षों से नदी पार करने के लिए बांस से बनी अस्थायी चचरी का उपयोग कर रहे हैं। बरसात के मौसम में यही चचरी ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। तेज बहाव के बीच लोग जान जोखिम में डालकर रोजाना नदी पार करने को मजबूर होते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर चचरी पर चलना बेहद खतरनाक हो जाता है। स्कूली बच्चे, मरीज और महिलाएं परेशान इसके बावजूद, गांव के स्कूली बच्चे, मरीज, महिलाएं, किसान और बुजुर्ग इसी खतरनाक रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं। कई बार भारी बारिश के कारण गांव का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालय से कई दिनों तक पूरी तरह कट जाता है। इससे मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने और किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बारिश में अस्पताल पहुंचना चुनौती ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश भी पूरे गांव की मुश्किलें बढ़ा देती है। यदि किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए, तो समय पर अस्पताल पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन जाती है। वहीं, स्कूली बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है, क्योंकि तेज बहाव के दौरान अभिभावक बच्चों को चचरी पार कर स्कूल भेजने से डरते हैं। ग्रामीण अशफाक आलम, मंगलू राम, बोकाई राम, सुरेश राम, बहुजन राम, सहदेव राम, महादेव राम, गुलई राम, शंभू राम, कस्तूर अली, वार्ड सदस्य खलीफुर रहमान, मैनुल हक और कलीमुद्दीन ने बताया कि देश को आजादी मिले 75 वर्ष से अधिक हो चुके हैं, लेकिन उनके गांव की यह मूलभूत समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण बोले-प्रशासन मांग पर नहीं करता विचार उनका कहना है कि यदि समय रहते यह कार्य नहीं कराया गया तो बरसात के दौरान किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी वर्षों पुरानी मांग पर गंभीरता से विचार करेगा, ताकि उन्हें हर बरसात में जान जोखिम में डालकर नदी पार करने की मजबूरी से राहत मिल सके। उनका कहना है कि वर्षों से नदी पर पक्का पुल और संपर्क सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधि पुल और सड़क निर्माण का आश्वासन देते हैं। पक्का पुल और संपर्क सड़क का निर्माण हो लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद वादे भूल जाते हैं। इसका खामियाजा गांव के लोगों को हर साल बरसात में भुगतना पड़ता है। उनका कहना है कि सड़क और पुल नहीं होने का सबसे अधिक असर शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती-किसानी पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से मांग की है कि बच्चा खाड़ी वार्ड संख्या-03 में नदी पर जल्द से जल्द पक्का पुल और संपर्क सड़क का निर्माण कराया जाए।



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छपरा की फेमस मिठाई है कलाकंद, दूसरी पीढ़ी संभाल रही दुकान, दुबई तक फैला है स्वाद


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छपरा की फेमस मिठाई है कलाकंद, दूसरी पीढ़ी संभाल रही दुकान, दुबई तक फैला स्वाद

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Chapra Famous Kalakand Shop: छपरा शहर में ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्र के बाजार में भी एक काफी स्वादिष्ट और मशहूर मिठाई मिलती है, जिसे खरीदने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं. आज हम जिले के एक ऐसे मशहूर कलाकंद के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां से कलाकंद खरीदकर दुबई में रहने वाले लोग भी ले जाते हैं. शुद्ध दूध से इसको तैयार किया जाता है. दूसरी पीढ़ी के लोग इस दुकान को संभाल रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि जो स्वाद पहले मिलता था, वही स्वाद मिठाई में आज भी मिलता है. इसका कारण यह है कि ग्रामीण क्षेत्र से आसानी से दूध मिल जाता है.

कोयले की आग पर लोगों के सामने खोवा निकालकर कलाकंद तैयार किया जाता है. यह मशहूर कलाकंद जिले के गरखा प्रखंड अंतर्गत बसंत बाजार में तैयार होता है, जहां दूसरी पीढ़ी के रूप में बबलू प्रसाद और उनके पुत्र मिलकर कलाकंद तैयार करते हैं.

इस दुकान की शुरुआत उनके पिताजी ने की थी. लगभग 50 वर्ष से अधिक पुरानी यह दुकान बताई जा रही है. जो स्वाद 50 वर्ष पहले मिलता था, वही स्वाद आज भी मिलता है. जिसकी वजह से यहां मिठाई खाने वाले पुराने से पुराने ग्राहक भी आते हैं.

लोकल 18 से ग्राहक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि ‘यह काफी पुरानी यह दुकान है. मैं जब छोटा था, तो अपने पिताजी के साथ यहीं पर कलाकंद खाने के लिए आता था और आज भी मैं यहीं का कलाकंद खाता हूं. जो पहले स्वाद मिलता था, वही स्वाद आज भी मिलता है. पहले बबलू प्रसाद के पिताजी शंभू प्रसाद जी यहां पर मिठाई बनाते थे.

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अब बबलू प्रसाद और उनके पुत्र के द्वारा कलाकंद तैयार किया जा रहा है. यह आज भी काफी स्वादिष्ट लगता है. शंभू मिष्ठान भंडार के नाम से यह दुकान पूरे जिले में मशहूर है. यहां के कलाकंद बहुत मशहूर हैं. दूर-दूर के लोग यहां के कलाकंद खाने आते हैं. यहां की मिठाई में आज भी शुद्धता बरकरार है.’

दुकानदार बबलू प्रसाद ने बताया कि ‘ग्रामीण क्षेत्र से शुद्ध दूध लाकर कोयले की आग पर खोवा निकाला जाता है, जिसमें इलायची, किशमिश, काजू सहित कई सामग्री स्वाद बढ़ाने के लिए डाली जाती है. शुद्धता में कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि लगभग 50 वर्ष से इस बाजार में दुकान संचालित हो रही है.

मेरे पिता शंभू प्रसाद ने इस दुकान की शुरुआत की थी. अब हम और मेरे पुत्र इसे संभाल रहे हैं. जिले के कोने-कोने से लोग मिठाई खाने के लिए आते हैं.यहां से दुबई में रहने वाले लोग भी मिठाई खरीदकर ले जाते हैं. कल ही यहां से 3 किलो कलाकंद खरीदकर लोग दुबई ले गए हैं.

यहां सफाई और शुद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाता है. यही वजह है कि आज भी स्वाद बरकरार है. जिसकी वजह से ग्राहकों का मेरी दुकान की मिठाई पर विश्वास है. छोटी दुकान है, लेकिन बड़े-बड़े दुकानों में भी इस तरह की स्वादिष्ट और शुद्ध मिठाई नहीं मिलती है. यही वजह है कि लोग मेरी मिठाई पर विश्वास करते हैं.’

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सुप्रीम कोर्ट में वकील ने CJI को अपशब्द कहे: जज को आदेश देने लगा, फाइल फेंकी; सिक्योरिटी ने कोर्ट रूम से बाहर निकाला


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नई दिल्ली6 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जिस वकील ने हंगामा किया, उसका नाम प्रबल प्रताप है।

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक याचिकाकर्ता वकील ने सुनवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई चल रही थी। याचिका वकील ने ही लगाई थी।

सुनवाई की शुरुआत से ही वकील ने बेहद आक्रामक रुख अपना रखा था। कुछ ही देर में उसने कोर्ट में गाली देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, केस से जुड़े कागज हवा में उछालते हुए कहा… “दे देना उस @#$&% CJI को….।”

याचिकाकर्ता वकील के इस व्यवहार से कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया। लेकिन तुरंत ही सिक्योरिटी ने उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया।

मामले की सुनवाई जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच कर रही थी। हालांकि कोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई न करने का फैसला किया, लेकिन उसकी याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट रूम में हुए हंगामे की 2 तस्वीरें…

वकील को सिक्योरिटी ने माइक से हटाया और कोर्ट रूम से बाहर ले गई।

वकील को सिक्योरिटी ने माइक से हटाया और कोर्ट रूम से बाहर ले गई।

वकील के कागज फेंकने के तुरंत बाद पीछे बैठी वकील बुरी तरह डर गई।

वकील के कागज फेंकने के तुरंत बाद पीछे बैठी वकील बुरी तरह डर गई।

हंगामे के बाद जज बोले- हमें उससे सहानुभूति है

सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता ने कहा, “न्यायिक अधिकारी महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि आप लखनऊ के ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दें। इस पर जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताते हुए पूछा, आप मुझे आदेश दे रहे हैं?

इसके जवाब में याचिकाकर्ता ने कहा, “मेरी तरफ से बस इतना ही। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। इसके बाद उसने केस की फाइल हवा में फेंक दी और गाली-गलौज करने लगा। इसके तुरंत बाद सुरक्षा कर्मी सक्रिय हुए और उसे कोर्टरूम से बाहर ले गए।

हंगामे के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा- “वह बहुत परेशान है, यह सब हताशा है। हमें उसके लिए केवल सहानुभूति है।”

कोर्ट ने नहीं लिया एक्शन, लेकिन बार काउंसिल कर सकता है कार्रवाई

हंगामे के बावजूद, बेंच ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अदालत की अवमानना ​​या कोई दूसरी कार्रवाई न करने का फैसला किया। जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, “हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। जहां तक मामले के गुण-दोष की बात है, हमने रिकॉर्ड देख लिए हैं और हमें विवादित आदेश में दखल देने का कोई ठोस आधार नहीं मिला। स्पेशल लीव पिटीशन खारिज की जाती है।”

हालांकि इस वकील के खिलाफ बार काउंसिल भी कार्रवाई कर सकता है। दरअसल, अगर कोई वकील अपने पेशे के नियमों का पालन नहीं करता या गलत आचरण करता है, तो उसके खिलाफ एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के तहत कार्रवाई हो सकती है।

पहले शुरुआती जांच होती है, अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उसे बार काउंसिल की अनुशासनात्मक समिति के पास भेजा जाएगा। समिति शिकायत करने वाले और वकील दोनों की बात सुनने के बाद फैसला करेगी।

वकील दोषी मिला तो उसे चेतावनी दी जा सकती है, कुछ समय के लिए वकालत करने से रोका जा सकता है। गंभीर मामलों में उसका नाम बार काउंसिल की सूची से हटाया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में अभद्रता के मामले

सुप्रीम कोर्ट में कभी-कभार किसी वकील द्वारा बहस के दौरान ऊंची आवाज, तीखी बहस या अनुचित टिप्पणी के मामले सामने आए हैं, लेकिन CJI पर शारीरिक हमला या कोर्ट रूम के अंदर गंभीर अभद्रता जैसी घटनाएं सार्वजनिक रिकॉर्ड में मिलती ही नहीं हैं। CJI से अभद्रता की अबतक केवल 2 घटनाओं का जिक्र मिलता है…

1999 – CJI एएस आनंद पर एडवोकेट नंदलाल बलवानी ने जूता फेंका

तत्कालीन CJI एएस आनंद की बेंच के सामने एक वकील ने नारेबाजी की और कोर्ट रूम में जूता फेंका। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर आपराधिक अवमानना माना और उन्हें 4 महीने की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।

6 अक्टूबर 2025 – CJI बीआर गवई के कोर्ट रूम में जूता फेंकने की घटना

एक वकील ने सुनवाई के दौरान CJI बीआर गवई की ओर जूता फेंका और नारे लगाए। जूता CJI को नहीं लगा। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को हिरासत में ले लिया। इसके बाद बार काउंसिल ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की। बाहर जाते वक्त वकील ने नारा लगाया- सनातन का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान।

घटना के बाद CJI ने अदालत में मौजूद वकीलों से अपनी दलीलें जारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि इस सबसे परेशान न हों। मैं भी परेशान नहीं हूं, इन चीजों से मुझे फर्क नहीं पड़ता। पढ़ें पूरी खबर…

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नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए नकली कानूनी उदाहरणों का इस्तेमाल खतरनाक है। कोर्ट ने इसकी गंभीरता समझाने के लिए कहा कि यह खतरा उतना ही बड़ा है, जितना भोपाल गैस त्रासदी में जहरीली (AI) गैस का रिसाव था। पढ़ें पूरी खबर…

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शेख हसीना बोलीं- दिसंबर में बांग्लादेश लौटूंगी: कोर्ट में सरेंडर करूंगी, हत्या हो जाए तो भी मंजूर, देश की मिट्टी पर मरना चाहती हूं




बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह दिसंबर में भारत से बांग्लादेश देश लौटेंगी और कोर्ट में सरेंडर करेंगी। उन्होंने कहा कि उनके साथ अवामी लीग के कई सीनियर नेता भी बांग्लादेश लौटकर आत्मसमर्पण करेंगे। हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार कार्रवाई हो रही है। उनके मुताबिक, लगभग सभी बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं और कई लोग छिपकर रहने को मजबूर हैं। हालांकि, उन्होंने वापसी की सटीक तारीख नहीं बताई। रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, हसीना 2024 में सरकार विरोधी आंदोलन के बाद बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं। इसके बाद उन्हें छात्र आंदोलन पर कार्रवाई से जुड़े मामले में मौत की सजा सुनाई गई। वह इन आरोपों से इनकार करती रही हैं। हसीना बोलीं- सरकार से वापसी पर कोई बातचीत नहीं शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने बांग्लादेश लौटने को लेकर सरकार से कोई बातचीत नहीं की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र, चुनाव, अवामी लीग के राजनीतिक अधिकार और न्याय जैसे मुद्दों पर पर्दे के पीछे बातचीत नहीं हो सकती। हसीना ने दावा किया कि बांग्लादेश सरकार उन्हें वापस भेजने के लिए भारत को लगातार पत्र लिख रही है। उन्होंने कहा, “मुझे वापस लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, मैं खुद ही लौटूंगी।” हालांकि, हसीना के इस दावे पर बांग्लादेश सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं भारत ने भी फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पहले अप्रैल में भारत ने कहा था कि वह बांग्लादेश के प्रत्यर्पण अनुरोध पर विचार कर रहा है और नई सरकार के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। हसीना बोलीं- अगर गलती की है तो फैसला जनता करे शेख हसीना ने कहा कि उन्हें जेल जाने का डर नहीं है, क्योंकि वह पहले भी कई बार गिरफ्तार हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में लंबे समय तक रहने वाली किसी भी सरकार से गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उसका फैसला अदालत नहीं, जनता को करना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर हमारी सरकार से गलतियां हुई हैं, तो जनता फैसला करेगी।” रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में 2024 के छात्र आंदोलन पर कार्रवाई में करीब 1,400 लोगों की मौत होने की बात कही गई है। इसी मामले में शेख हसीना को अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई गई थी। हसीना ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि अदालत की सुनवाई शुरू होने पर सच्चाई सामने आ जाएगी। चार दिन पहले हसीना विरोधी रैली में धमाका राजधानी ढाका के पास सावर में चार दिन पहले सोमवार को शेख हसीना विरोधी रैली के दौरान बम धमाका हुआ था। इस हमले में 3 लोग घायल हुए, जबकि मंच पर छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल नाहिद इस्लाम समेत नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। धमाका सोमवार रात करीब 9:45 बजे उस समय हुआ, जब पार्टी की एक नेता सभा को संबोधित कर रही थीं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह रैली जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन की दूसरी बरसी के मौके पर निकाली गई थी। इसी आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। फिलहाल धमाके की वजह साफ नहीं हो सकी है और मामले की जांच जारी है।
सरकार बोली- शेख हसीना को वापस लाने की कोशिश जारी बांग्लादेश सरकार के मुताबिक हसीना को वापस लाने की कोशिश जारी है। विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद इस्लाम ने मंगलवार को बताया था कि हसीना को अदालत के सामने पेश करने के लिए सरकार राजनयिक स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है और इस प्रक्रिया में कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि हसीना को वापस लाने की प्रक्रिया अंतरिम सरकार के समय शुरू हुई थी और मौजूदा सरकार भी इसे आगे बढ़ा रही है। उनके मुताबिक, प्रत्यर्पण अंतरराष्ट्रीय नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होता है, इसलिए इसमें समय लगना स्वाभाविक है। जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत इस मामले में सहयोग कर रहा है, तो उन्होंने सीधे जवाब नहीं दिया।



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