गोरखपुर में ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले 9वीं में पढ़ने वाले 16 साल के छात्र को जीआरपी गोरखपुर ने पकड़ा है। पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ये कार्रवाई की गई है। जिसके बाद से उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत मामला दर्ज गया है। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि- क्रिकेट खेलने के दौरान उसने ट्रेन में सफर कर रहे आदमी के हाथ में फ़ोन देखा और फोन को पाने के लिए उसने पत्थर चला दिया। नाबालिग को फ़ोन में गेम खेलें में मज़ा आता है, इसलिए उसने कदम उठाया। ‘जीआरपी ने 13 अगस्त को रेलवे स्टेशन डोमिनगढ़ के पास सूरजकुंड ओवरब्रिज के पास से नाबालिग को सादे कपड़ों में निगरानी करते हुए पकड़ा। पुलिस का कहना है कि नाबालिग 10 अगस्त को रेलवे ट्रैक के किनारे मौजूद था और इसी दौरान गुजर रही ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटना में शामिल था। मोबाइल के लालच में ट्रेन पर फेंका पत्थर पुलिस के अनुसार पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 10 अगस्त को वह रेलवे ट्रैक के किनारे खेल रहा था। इसी दौरान वहां से एक ट्रेन गुजर रही थी। उसने बताया कि मोबाइल के लालच में उसने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में नाबालिग ने यात्रियों को चोट पहुंचाने की नीयत से ट्रेन पर पत्थर मारने की बात भी बताई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रेलवे एक्ट की धारा 152 में दर्ज है केस जीआरपी के मुताबिक नाबालिग के खिलाफ थाना जीआरपी गोरखपुर में मु0अ0सं0 127/26, धारा 152 रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार नाबालिग को निगरानी में लिए जाने से ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चल रहा अभियान रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीआरपी और आरपीएफ की ओर से रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही अपराधियों की गिरफ्तारी, ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने, अवैध शराब की तस्करी और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी निगरानी की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में की गई। गोरखपुर रेलवे के पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम ने कार्रवाई की। इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई नाबालिग को निगरानी में लेने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सौरभ सिंह, एएसआई विवेक सिंह आरपीएफ पोस्ट गोरखपुर, कांस्टेबल अरविंद यादव, कांस्टेबल उपेंद्र यादव, कांस्टेबल निर्भय सिंह आरपीएफ, कांस्टेबल हरिगोपाल आरपीएफ और कांस्टेबल राकेश यादव आरपीएफ शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और नाबालिग के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
Source link
गोरखपुर में GRP ने 9 वीं के छात्र को पकड़ा: बोला- मोबाइल में गेम खेलने के लिए ट्रेन में यात्री पर मारा दिया पत्थर – Gorakhpur News
बस में सराफा व्यापारी से 7.5 करोड़ का सोना लूटा: रतलाम में जेवरों से भरा बैग छीनकर भागे बदमाश; 5 आरोपी होने की आशंका – Ratlam News
मध्यप्रदेश के रतलाम में सराफा व्यापारी से बदमाशों ने बस रुकवाकर करीब 5 किलो सोने के जेवरात से भरा बैग लूट लिया। सोने की कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वारदात गुरुवार रात करीब 9.15 बजे बिलपांक थाना क्षेत्र में रेन फंटे के पास हुई। पुलिस ने रात में ही बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, रतलाम की महलवाड़ा जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया गुरुवार को सोने के जेवरात बेचने के सिलसिले में उज्जैन के बड़नगर गए थे। रात करीब 8.15 बजे वे बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। ड्राइवर सीट के पास बैठे व्यक्ति ने बस रुकवाई
रात करीब 9.15 बजे बस रेन फंटे के पास पहुंची। इसी दौरान ड्राइवर की सीट के पास बैठे एक व्यक्ति ने बस रुकवाई। व्यापारी की सीट के पीछे बैठे दो बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और बस से उतरकर बाइक सवार साथी के साथ भाग गए। पुलिस को आशंका है कि वारदात में करीब 5 बदमाश शामिल थे। बड़नगर से कुछ लोग बस में सवार हुए थे और अलग-अलग सीटों पर बैठे थे। पुलिस इन यात्रियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पहले परिचित व्यापारियों को बताया, फिर पुलिस को सूचना
बैग लूटे जाने के बाद व्यापारी ने सबसे पहले अपने परिचित सराफा व्यापारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रात करीब 11 बजे पुलिस को वारदात की जानकारी मिली। इसके बाद रतलाम से एसडीओपी किशोर पाटनवाला भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्चिंग शुरू कर दी है। बस में सवार यात्रियों से जानकारी जुटा रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, व्यापारी ने बैग में करीब 5 किलो सोने के जेवरात होने की बात बताई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए है। पुलिस व्यापारी से पूछताछ के साथ बस में सवार यात्रियों और घटनास्थल के आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। फरियादी से संपर्क करने की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार वह फोन कॉल काट रहे हैं। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं
Source link
इमरान खान से रिश्तेदारों की मुलाकात पर कोर्ट करेगी फैसला: जेल से अस्पताल भेजने की याचिका पर भी सुनवाई, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के 3 जज सुनेंगे केस
इस्लामाबाद25 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर 18 अगस्त को सुनवाई तय की है।
तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इसमें जस्टिस शाहिद वाहिद, जस्टिस नईम अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल हैं। कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी संबंधित पक्षों और उनके वकीलों को नोटिस जारी कर दिया है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन पर भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक के कई मामले चल रहे हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिरने के बाद से उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार उनकी रिहाई और मुलाकात की मांग करती रही है।

इमरान मई 2024 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए थे। तब ही वह आखिरी बार दिखे थे।
पाकिस्तानी पत्रकार ने इमरान की मौत का दावा किया था
अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने एक वीडियो जारी कर इमरान की मौत की आशंका जाहिर की थी।
वजाहत ने कहा कि इमरान की मौत की आशंका सेना के अफसरों की सूचनाओं के आधार पर किया गया एक आकलन था। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद इमरान की बहनों ने भी सवाल उठाया कि उन्हें भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
इमरान की पार्टी बोली- सड़कों पर उतरेंगे
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि अगर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि PTI का केंद्रीय और प्रांतीय लीडरशिप और उसके सहयोगी दल इस फैसले पर साथ हैं।
उन्होंने कहा कि मार्च का मकसद सिर्फ इमरान खान की रिहाई नहीं, बल्कि पार्टी संस्थापक तक पहुंच और उनसे मुलाकात सुनिश्चित करना है।

नवंबर 2025 में इमरान से मिली थीं बहनें
इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया था कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई थी।
उन्होंने कहा था- इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है।

इमरान की बहन उज्मा ने पिछले साल उनसे मिलने के बाद मीडिया से बात की थी।
पिछली बार मई 2024 में नजर आए थे इमरान
इमरान खान पिछली बार 16 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम चुनाव से 5 दिन पहले मुझे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया, जिससे मैं चुनाव से दूर रहूं।
इमरान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- केजरीवाल को भी भारत में चुनाव के दौरान कैंपेन के लिए जमानत दी गई थी।
इमरान पर चल रहे केस के बारे में जानिए…

————–
यह खबर भी पढ़ें…
लाल किला धमाका अलकायदा ने कराया:UN की रिपोर्ट में दावा, NIA की जांच में भी यही निकला था; 11 मौतें हुई थीं

लाल किले के पास हुए धमाके में अलकायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: 2 हजार एकड़ में पाटलिपुत्र टाउनशिप के विकास की तैयारी; 4 हजार करोड़ के निवेश – Patna News
पटना में अब वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने की तैयारी है। इसके साथ ही शहर की कई सरकारी जमीन और पुरानी परिसंपत्तियों का नए सिरे से विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पटना में विभिन्न भूमि खंडों के पुनर्विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा। इन इलाकों की जमीन के विकास का भी प्रस्ताव बैठक में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के अलावा पटना के कई प्रमुख इलाकों में सरकारी जमीन के पुनर्विकास का प्रस्ताव रखा गया। इसमें बिहार म्यूजियम के सामने नेहरू पथ की जमीन, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड स्थित भूमि खंड शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन जमीनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए आधुनिक भवन, व्यावसायिक और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विकास करना है। पुराने और जर्जर सरकारी भवनों की जगह होंगे नए निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा, पटना को आधुनिक और वैश्विक स्तर का शहर बनाने के लिए ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जहां पुराने और जर्जर सरकारी भवन हैं, वहां जरूरत के हिसाब से नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। एनबीसीसी को अलग-अलग क्षेत्रों में निर्माण और पुनर्विकास के मॉडल तैयार करने के लिए भी कहा गया है। पाटलिपुत्र टाउनशिप में 2 हजार एकड़ जमीन के विकास की योजना मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र टाउनशिप में करीब 2,000 एकड़ जमीन के विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अन्य टाउनशिप के लिए करीब 1,000 एकड़ जमीन में विकास और पुनर्विकास की योजना बनाने को कहा गया है। इसके लिए पटना के अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध सरकारी जमीन को चिह्नित कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। सरकार अब सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहना चाहती। गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों में भी उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान की जाएगी। इन जमीनों के इस्तेमाल के लिए शहरों की जरूरत के अनुसार एक समेकित विकास योजना तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य इन शहरों में भी आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और बेहतर शहरी ढांचे का विकास करना है। 4 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना प्रस्तावित परियोजनाओं के जरिए पटना में करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। वहीं, इन परियोजनाओं से करीब 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व सृजन का अनुमान है। सरकार का मानना है कि सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल होने से विकास के साथ-साथ राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही निर्माण और पुनर्विकास परियोजनाओं में ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ अपनाने पर भी जोर दिया गया। यानी निर्माण के दौरान कचरे को कम करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में काम किया जाएगा। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन की पहचान जल्द पूरी की जाए। इसके बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्माण और पुनर्विकास का काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। पटना के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए सरकारी जमीन और सरकारी परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
Source link
कार बेचने का झांसा देकर 3.25 लाख ठगे: गुजरात में पेमेंट करवाया, रकम मिलते ही चाबी-डॉक्यूमेंट लेकर भागे – Sriganganagar News
श्रीगंगानगर में कार खरीदने पहुंचे डीलर से 3 लाख 25 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कार बेचने का झांसा देकर डीलर को श्यामनगर बुलाया और 3.25 लाख रुपए का सौदा तय किया। इसके बाद साजिश के तहत पेमेंट गांधीनगर (गुजरात) में करवाया गया। वहां रकम मिलने की पुष्टि होते ही आरोपी कार की चाबी, 29-30 नंबर फॉर्म, बैंक की एनओसी और दूसरे कागजात लेकर बैठ गए और डिलीवरी देने से इनकार कर दिया। डीलर को धमकाकर वापस भेज दिया गया। मामले में पुरानी आबादी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार-24 का सेल्स एग्जिक्यूटिव बताकर किया कॉन्टेक्ट पुलिस के अनुसार सिंह कार बाजार के संचालक प्रिंस गंभीरी निवासी चूनावढ़ ने रिपोर्ट दी है। इसमें हितेश शाह, उसके पिता अशोक शाह और नीतिश उर्फ अभिषेक निवासी गांधीनगर (गुजरात) पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। प्रिंस ने बताया कि नीतिश ने उसे कॉल कर खुद को कार-24 का सेल्स एग्जिक्यूटिव बताया और कहा कि श्यामनगर में उसके जानकार की कार बिकाऊ है। इसके बाद प्रिंस अपने साथी डेनिश सनेजा के साथ श्यामनगर पहुंचा। ट्रायल के बाद 3.25 लाख में सौदा तय हुआ श्यामनगर पहुंचने पर प्रिंस और डेनिश की मुलाकात हितेश और अशोक शाह से हुई। कार की ट्रायल लेने के बाद दोनों पक्षों के बीच 3 लाख 25 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद अशोक और हितेश के कहने पर प्रिंस ने 3.25 लाख रुपए का भुगतान गांधीनगर में करवाया। अभिषेक का एक व्यक्ति वहां से रकम लेकर चला गया। गुजरात में पेमेंट मिलते ही चाबी-कागजात उठाए प्रिंस ने पुलिस को बताया कि इस दौरान वह और डेनिश, हितेश और अशोक के पास बैठे रहे। गुजरात में रकम मिलने की पुष्टि होने के बाद हितेश और अशोक ने टेबल पर रखी कार की चाबी, 29-30 नंबर फॉर्म, बैंक की एनओसी और अन्य कागजात उठा लिए। इसके बाद उन्होंने कार की डिलीवरी देने से इनकार कर दिया और दोनों को धमकाकर वापस भेज दिया। पुरानी आबादी थाने में केस, ASI कर रहे जांच ठगी के बाद प्रिंस गंभीरी ने पुरानी आबादी थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने हितेश शाह, अशोक शाह और नीतिश उर्फ अभिषेक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई छिंदरपाल सिंह कर रहे हैं।
Source link
पनीर पराठे का स्वाद हो जाएगा दोगुना, स्टफिंग में मिलाएं ये भुना मसाला
Last Updated:
Paneer Paratha Recipe: अगर आप भी घर पर ढाबा स्टाइल खस्ता, नरम और लजीज पनीर पराठा बनाना चाहते हैं, लेकिन बेलते समय स्टफिंग बाहर निकल आती है या पराठा सख्त हो जाता है, तो यह खास रेसिपी आपके लिए ही है. सही आटे के चुनाव से लेकर भुने-कुटे खास मसालों के सटीक तालमेल के साथ अब मिनटों में तैयार करें स्वादिष्ट पनीर पराठा. आइए जानते हैं एकदम परफेक्ट और रुई जैसा सॉफ्ट पनीर पराठा बनाने का आसान तरीका.
स्वादिष्ट और नरम पनीर पराठा बनाने के लिए आपको घर में मौजूद बेसिक सामान की ही जरूरत होगी. इसके लिए अपनी आवश्यकता अनुसार गेहूं का आटा लें. मुख्य स्टफिंग तैयार करने के लिए कद्दूकस किया हुआ पनीर रखें. इसके साथ ही स्वाद बढ़ाने के लिए बारीक कटी हरी मिर्च, फ्रेश हरा धनिया और नमक लें. ये सभी चीजें मिलकर पराठे को एक बेहतरीन स्वाद और सुगंध देती हैं. इसमें कोई भी बाहरी या अप्राकृतिक चीज मिलाने की जरूरत नहीं है, यह घर के सादे सामान से ही बेहद स्वादिष्ट बनता है.
पराठे के स्वाद को एकदम खास और चटपटा बनाने के लिए मसालों का सही तालमेल जरूरी है. इस रेसिपी में अमचूर पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है जो इसमें हल्का खट्टापन लाता है. इसके अलावा एक खास भुना हुआ मसाला तैयार किया जाता है, जिसमें भुनी और कुटी हुई खड़ी धनिया, जीरा और साबुत लाल मिर्च शामिल है. यह भुना-कुटा मसाला जब कद्दूकस किए पनीर में मिलता है, तो पराठे का स्वाद और खुशबू कई गुना बढ़ा देता है. यह साधारण पराठे को भी ढाबा स्टाइल बना देता है.
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह हर तरह के खान-पान की पसंद के अनुकूल है. अगर आप प्याज खाना पसंद करते हैं या पराठे में इसका क्रंची स्वाद चाहते हैं, तो स्टफिंग में बारीक कटा प्याज मिला सकते हैं. वहीं, अगर आप प्याज नहीं खाते, व्रत या बिना प्याज का खाना पसंद करते हैं, तो इसे पूरी तरह से छोड़ सकते हैं. बिना प्याज के भी भुने मसालों और पनीर के मेल से यह पराठा उतना ही स्वादिष्ट, चटपटा और लाजवाब बनकर तैयार होता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
एक अच्छे और परफेक्ट पराठे की शुरुआत उसके आटे से होती है. इसके लिए एक बड़े बर्तन में आवश्यकता अनुसार गेहूं का आटा निकाल लें. अब इसमें थोड़ा-थोड़ा करके पानी मिलाते हुए एकदम नरम और सॉफ्ट आटा गूंध लें. ध्यान रखें कि आटा न तो बहुत ज्यादा कड़ा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा गीला. आटा जितना नरम और सही तरीके से गूंधा जाएगा, पराठे उतने ही स्पंजी बनेंगे और बेलते समय उनके फटने या स्टफिंग के बाहर निकलने की गुंजाइश बिल्कुल खत्म हो जाएगी.
आटा गूंधने के बाद अब मटेरियल भरने की बारी आती है. एक गहरे बाउल में कद्दूकस किया हुआ पनीर लें. इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया और स्वादानुसार नमक मिलाएं. अब इसमें खट्टेपन के लिए अमचूर पाउडर और तैयार किया हुआ भुना-कुटा मसाला खड़ी धनिया, जीरा और साबुत लाल मिर्च डालें. अगर आप प्याज का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो बारीक कटा प्याज भी इसी समय मिलाएं. सभी चीजों को हल्के हाथों से अच्छे से मिला लें ताकि सारे मसाले पनीर में अच्छी तरह से समा जाएं.
अब तैयार आटे की एक समान लोई बनाएं. लोई को थोड़ा सा सूखे आटे में लपेटकर हाथों से कटोरी जैसा गोल आकार दें या बेलन से हल्का सा बेल लें. अब इसके बीच में तैयार की गई पनीर और मसालों की स्टफिंग रखें. स्टफिंग भरने के बाद लोई के चारों किनारों को ऊपर की तरफ उठाकर बीच में लाएं और आपस में जोड़कर अच्छी तरह से सील कर दें. इससे बेलते समय स्टफिंग बाहर नहीं आएगी और पराठा एकदम परफेक्ट बनकर तैयार होगा.
स्टफिंग भरी हुई लोई पर थोड़ा सा सूखा गेहूं का आटा छिड़कें ताकि वह चकला या बेलन पर चिपके नहीं. अब बेलन की मदद से बहुत ही हल्के हाथों से दबाते हुए गोल-गोल पराठा बेल लें. बेलते समय ध्यान रखें कि बीच में ज्यादा दबाव न पड़े, बल्कि किनारों की तरफ से हल्का दबाव बनाते हुए बेलें. हल्के हाथों से बेलने से कद्दूकस किया हुआ पनीर और मसाले पराठे के अंदर चारों तरफ बराबर मात्रा में फैल जाते हैं और पराठा फटता भी नहीं है.
तवे को गैस पर रखकर मध्यम आंच पर गरम करें और बेला हुआ पराठा उस पर डालें. जब पराठा एक तरफ से हल्का सिक जाए, तो इसे पलट दें. अब इसे सेकने के लिए आप अपनी पसंद के अनुसार सरसों का तेल, देसी घी या रिफाइंड तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. पराठे के दोनों तरफ तेल या घी लगाएं और कलछी से दबाते हुए सुनहरा और क्रिस्पी होने तक सेकें. आपका गरमा-गरम, खस्ता और टेस्टी पनीर पराठा पूरी तरह तैयार है, इसे सभी को परोसें.
CJI बोले- संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत: न्यायपालिका किसी के पक्ष-विपक्ष का फैसला नहीं करती; पेंडिंग केस लिए बनाई योजना
नई दिल्ली1 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
CJI सूर्यकांत ने गुरुवार को डीडी न्यूज इंचरव्यू दिया था।
CJI सूर्यकांत बोले संविधान देश की सबसे बड़ी ताकत है। इसकी मूल संरचना की रक्षा करना और उसे मजबूत बनाए रखना न्यायपालिका की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है।
न्यायपालिका संविधान की संरक्षक है। यह किसी पक्ष या विपक्ष के लिए फैसला नहीं करती, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के आधार पर निर्णय लेती है।
उन्होंने आगे कहा कि देश में लंबित मामलों को लेकर न्यायपालिका ने कदम उठाने का फैसला किया है। इसके लिए केस मैनेजमेंट की एक आसान योजना बनाई गई है, जिसे अदालत में डॉकेट मैनेजमेंट कहा जाता है। उन्होंने यह बात डीडी न्यूज को दिए इंटरव्यू में कही।

CJI ने कहा- संविधान की मूल संरचना नहीं बदलेगी
- देश की परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद संविधान की मूल संरचना वही रहेगी। इसे बदला नहीं जा सकता।
- समाज के कमजोर और वंचित लोगों के लिए अदालतों का हस्तक्षेप उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। देश की बड़ी आबादी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी है।
- ऐसे लोग अपने कानूनी और संवैधानिक अधिकारों के लिए आसानी से अदालत का रुख नहीं कर पाते। ऐसे लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए जनहित याचिका और सुओ मोटो मामले जरूरी साधन हैं।
- इन अधिकारों की रक्षा करना न्यायपालिका की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन लोग इस जिम्मेदारी को न्यायिक सक्रियता कहते हैं।
24 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने थे
CJI सूर्यकांत को 24 मई 2019 को भारत के सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया था। उन्होंने 24 नवंबर 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।

————————
ये खबर भी पढ़ें…
हैदराबाद लॉ यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट्स के खिलाफ ऑर्डर पर यू-टर्न: BCI ने कहा था- वकील नहीं बनेंगे; छात्रों ने CJI को गेस्ट बनाने पर चिट्ठी लिखी थी

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी के 2026 बैच के छात्रों का नामांकन रोकने का आदेश वापस ले लिया है। इन छात्रों पर CJI जस्टिस सूर्यकांत के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप था।
BCI ने गुरुवार को कहा कि ताजा रिपोर्ट के मुताबिक NALSAR के 2026 में पास होने वाले छात्रों में से ज्यादातर निर्दोष हैं। ये छात्र इस मुहिम में शामिल होने के इच्छुक नहीं थे। पढ़ें पूरी खबर…
मथुरा में 4 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा: ग्रामीण पहुंचे DM कार्यालय, बोले- लंबे समय से बेशकीमती जमीन पर नजर – Mathura News
मथुरा के सदर तहसील क्षेत्र के मौजा अल्हेपुर में करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने खसरा संख्या 58 की नवीन परती भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह जमीन चकबंदी के दौरान वर्ष 2000 में नवीन परती के रूप में छोड़ी गई थी। गांव के मुहाने पर मुख्य मार्ग से लगी होने के कारण इसकी बाजार कीमत करीब 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इन लोगों पर कब्जे का आरोप प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रहलाद, सत्यप्रकाश, मुकुट, हरिराम, रमेश, करन और टिंकू पुत्रगण राधाचरण तथा राहुल पुत्र दुर्गाप्रसाद खसरा संख्या 58 की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन पर नजर थी। अब सरकारी भूमि पर निर्माण कराने या कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले नगर निगम मथुरा-वृंदावन में भी की गई थी, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से खसरा संख्या 58 के राजस्व अभिलेखों की जांच कराने और सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही कब्जे का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है। शिकायत के साथ खसरा संख्या 58 की खतौनी की नकल भी लगाई गई है। अब मामले में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
Source link
शेखपुरा में तालाब में डूबने से बच्चे की मौत: वाजिदपुर गांव में हुआ एक्सीडेंट, 4 घंटे बाद बॉडी बरामद – Sheikhpura News
शेखपुरा जिले के वाजिदपुर गांव में गुरुवार को एक 13 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के बघार स्थित एक तालाब में हुई। मृतक की पहचान वाजिदपुर गांव निवासी बटोरन चौधरी के पुत्र मुकेश कुमार के रूप में हुई है। उसके बड़े भाई रौशन कुमार ने बताया कि मुकेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह गांव से पश्चिम अपने खेत में हो रही धान की रोपनी देखने गया था। मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ इसी दौरान तालाब के तटबंध से उसका पैर फिसल गया और वह पानी में जा डूबा। घटना के बाद काफी खोजबीन की गई। लगभग चार घंटे बाद बालक का शव तालाब से निकाला जा सका। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। घटना को लेकर UD केस दर्ज नगर थाना पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेज दिया है। नगर थाना अध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के संबंध में स्थानीय थाने में एक यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) केस दर्ज किया गया है।
Source link
यूक्रेन की 855KM रेंज वाली FP-9 मिसाइल, अटैक और डिफेंस का टू-इन-वन कॉम्बो
Last Updated:
यूक्रेन ने रूस को जवाब देने के लिए स्वदेशी FP-7 और FP-9 बैलिस्टिक मिसाइलें तैयार कर ली हैं. इसकी खूबियां कमाल की हैं. 200 किमी रेंज वाली FP-7 एयर डिफेंस का भी काम करेगी, जबकि 855 किमी मारक क्षमता और 800KG वॉरहेड वाली FP-9 मिसाइल सीधे मॉस्को में तबाही मचाने का दम रखती है.
यूक्रेन ने बैलिस्टिक मिसाइलें बना ली हैं, जो मॉस्को पर सीधा अटैक करने वाली हैं.
रूस-यूक्रेन जंग में अब वो होने जा रहा है, जिसका खौफ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सबसे ज्यादा था. अब तक यूक्रेन सिर्फ विदेशी हथियारों के दम पर रूस के हमलों से खुद को बचा रहा था या ड्रोन से छिटपुट पलटवार कर रहा था. लेकिन अब यूक्रेन ने अपने ही घर में एक ऐसा ब्रह्मास्त्र तैयार कर लिया है, जो मॉस्को में तबाही मचाने का दम रखता है. यूक्रेन ने 855KM रेंज वाली FP-9 मिसाइल बना ली है. साथ ही बैलिस्टिक मिसाइल FP-7 भी बनाई है. दोनों को आप अटैक और डिफेंस का टू-इन-वन कॉम्बो कह सकते हैं. क्योंकि यह न सिर्फ तबाही मचाती है, बल्कि दुश्मन के हमलों से डिफेंस भी करती है.
यूक्रेन की डिफेंस कंपनी फायर पॉइंट ये मिसाइलें बना रही है. कंपनी की सीईओ इरिना तेरेख ने दावा किया कि मिसाइलें इसी स्प्रिंग सीजन यानी पतझड़ के मौसम में एक्शन के लिए तैयार हो जाएंगी. ये इतनी खतरनाक होंगी जिनका जवाब तलाशना आसान नहीं होगा.
FP-7 मिसाइल की खूबियां
- FP-7 एक टैक्टिकल शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर तक है. यह अपने साथ 150 किलो का भारी वॉरहेड यानी विस्फोटक ले जाने में सक्षम है. यह अचूक वार से जमीन पर मौजूद रूसी ठिकानों को राख कर सकती है.
- FP-7 सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी कहर बरपाएगी. इसे इस तरह अपग्रेड किया जा रहा है कि यह एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा बन सके और हवा में ही दुश्मन की मिसाइलों को मार गिराए.
- यह मिसाइल अभी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में है और असली युद्ध क्षेत्र में इसका कड़ा परीक्षण किया जा रहा है, ताकि इसकी घातक क्षमता को साबित किया जा सके.
FP-9 मिसाइल, जिसका निशाना मॉस्को
- FP-9 की रेंज खतरनाक है. इसकी मारक क्षमता 855 किलोमीटर तक है. इस रेंज का सीधा मतलब है कि अब रूस की राजधानी मॉस्को और वहां मौजूद सैन्य ठिकाने यूक्रेन के सीधे निशाने पर होंगे.
- FP-9 मिसाइल 800 किलो का विशाल वॉरहेड लेकर उड़ेगी. इतनी भारी मात्रा में बारूद जब मॉस्को के करीब गिरेगा, तो तबाही का मंजर क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.
- यह मिसाइल इतनी तेज और घातक है कि रूस के लिए इसे इंटरसेप्ट करना या हवा में रोकना लगभग नामुमकिन होगा. यूक्रेन इसका इस्तेमाल सीधे रूस के उन ठिकानों को तबाह करने में करेगा, जहां से उस पर हमले होते हैं.
पहला एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम भी बनाया
FP-7 मिसाइल यूरोप के पहले कॉमन एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम फ्रेया का हिस्सा बनेगी. इस सिस्टम को अमेरिका की खतरनाक पैट्रियट मिसाइल की तर्ज पर बनाया जा रहा है. शुरुआत में FP-7 मिसाइल अमेरिकी PAC-2 की तरह काम करेगी, जो दुश्मन की मिसाइल के पास जाकर ब्लास्ट होती है और उसे नष्ट कर देती है. भविष्य में यूक्रेन PAC-3 की तरह ‘हिट-टू-किल’ तकनीक विकसित करेगा, जो सीधे हवा में दुश्मन की मिसाइल से टकराकर उसे मटियामेट कर देगी.
यूक्रेन का स्वदेशी ड्रोन और मिसाइल खौफ
यूक्रेन ने पहले से ही स्वदेशी ड्रोन्स FP-1 और FP-2 से रूस की ऑयल रिफाइनरियों और अहम ठिकानों पर कहर ढा रखा है. इरिना तेरेख ने कहा, हमने इस साल रूस पर जितने ड्रोन दागे हैं, वो रूस के हमलों से दोगुने हैं. 2022 में हम इसका सपना भी नहीं देख सकते थे. इन मिसाइलों के आने से यूक्रेन की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और उसे किसी विदेशी देश से रूस पर हमले की इजाजत नहीं मांगनी पड़ेगी.
यूक्रेन के इस स्वदेशी मिसाइल प्रोग्राम से रूस बुरी तरह बौखलाया हुआ है. रूसी खुफिया एजेंसियां लगातार यूक्रेन की फैक्ट्रियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं ताकि बड़े पैमाने पर उत्पादन को रोका जा सके. लेकिन यूक्रेन अब पीछे हटने के मूड में नहीं है, वह अपने हथियारों से रूस को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है.
About the Author

ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्हें मीडिया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …
और पढ़ें


