Monday, September 21, 2026
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28 सितंबर से जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता: कैमूर के जगजीवन स्टेडियम में उद्घाटन; प्रमंडल स्तर के लिए चयन, 23 तक कराएं रजिस्ट्रेशन – Kaimur News




कैमूर में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता का आयोजन खेल विभाग, बिहार और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में होगा। इसका उद्देश्य स्कूल स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराना और उन्हें प्रमंडल व राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। जगजीवन स्टेडियम में होगा उद्घाटन प्रतियोगिता का उद्घाटन जगजीवन स्टेडियम, भभुआ में किया जाएगा। इसके बाद अलग-अलग खेलों के मुकाबले जिले के विभिन्न खेल मैदानों पर होंगे। इनमें उच्च विद्यालय भभुआ, श्रीमती उदासी देवी उच्च विद्यालय, डीएवी स्कूल जदपुर और श्रीराम दयाल सिंह यादव स्टेडियम बहुआर रामगढ़ शामिल हैं। 25 खेलों में खिलाड़ी दिखाएंगे प्रतिभा जिला स्तरीय प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल और बैडमिंटन समेत कुल 25 खेलों को शामिल किया गया है। विभिन्न स्कूलों के खिलाड़ी इन खेलों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। 23 सितंबर तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए 18 से 23 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चलेगी। इसमें बिहार राज्य के मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्र ही भाग ले सकेंगे। प्रमंडल स्तर के लिए होगा चयन जिला खेल पदाधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को आगे प्रमंडल स्तर की प्रतियोगिता में भेजा जाएगा। आयोजकों की ओर से खेल मैदानों की सफाई, खिलाड़ियों के लिए पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है।



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28 साल का युवक फंदे से लटका मिला: बाइक पर बनाया वीडियो; बोला- बहुत मांफी मांगी, अब फांसी लगाने जा रहा हूं – Neemuch News




नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र के अठाना गांव में रविवार शाम 28 वर्षीय युवक फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान अठाना निवासी चेतन (28) पिता जमनालाल सुथार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना के समय चेतन घर पर अकेला था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घर में अकेला था युवक, कमरे में फंदे से लटका मिला परिजनों के अनुसार, शाम करीब 6 बजे चेतन की मां खेत से घर लौटीं तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जवाब नहीं मिलने पर पड़ोसियों और परिजनों की मदद से दरवाजा खोला गया। अंदर चेतन फंदे से लटका मिला। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। युवती पर परेशान करने का आरोप मृतक के भाई और परिजनों के अनुसार, चेतन ने घटना से पहले एक वीडियो बनाया था। परिजनों का दावा है कि वीडियो में उसने अपनी स्थिति के बारे में बात की थी। परिजनों ने चेतन के मोबाइल और वॉट्सऐप चैट के आधार पर एक युवती पर पिछले 5-7 दिनों से उसे मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसी वजह से चेतन ने यह कदम उठाया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर संबंधित युवती की भूमिका की जांच करने और दोष पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। जावद पुलिस के अनुसार, मामले में कार्रवाई की गई है और जांच जारी है। पुलिस जांच में मौत के कारणों और परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि की जाएगी।



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पहली गिरफ्तारी गैरकानूनी हुई तो दोबारा मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी: पुलिस सीधे अरेस्ट नहीं करेगी, पहले वजह बतानी होगी; SC ने नियम तय किए




सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि अगर गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए जाने पर किसी की गिरफ्तारी गैरकानूनी घोषित होती है, तो उसे दोबारा गिरफ्तार करने से पहले पुलिस को मजिस्ट्रेट से मंजूरी लेनी होगी। कोर्ट ने कहा कि दोबारा गिरफ्तारी से पहले आरोपी को लिखित में गिरफ्तारी की वजह बतानी होगी। पहली गिरफ्तारी करने वाले पुलिस अधिकारी के वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी भी जरूरी होगी। दोबारा गिरफ्तारी के लिए मजिस्ट्रेट को देनी होगी वजह पुलिस को मजिस्ट्रेट के सामने अर्जी देकर बताना होगा कि पहली गिरफ्तारी के समय आरोपी को कारण क्यों नहीं बताए गए थे। अर्जी पर संबंधित पुलिस अधिकारी के तत्काल वरिष्ठ अधिकारी की सहमति भी जरूरी होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहली गिरफ्तारी में गलती करने वाला अधिकारी दोबारा गिरफ्तारी का फैसला नहीं ले सकता। मामले की जांच भी किसी दूसरे अधिकारी को सौंपनी होगी। पहली गिरफ्तारी करने वाले अधिकारी पर विभागीय जांच कोर्ट ने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। गलती साबित होने पर उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और सर्विस बुक में भी इसका रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के बाद ही दोबारा गिरफ्तारी मजिस्ट्रेट तभी अनुमति देगा, जब उसे लगे कि पहली बार गिरफ्तारी के समय किसी वास्तविक वजह से आरोपी को कारण नहीं बताए जा सके थे। साथ ही बाद में कारण लिखित रूप में बताए गए हों और दोबारा गिरफ्तारी जरूरी हो। अनुच्छेद 22(1) हर गिरफ्तारी पर लागू कोर्ट ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 22(1) सभी गिरफ्तारियों पर लागू होता है। विशेष कानूनों के तहत हुई गिरफ्तारी में भी इसका पालन जरूरी है। आरोपी को यह साबित करने की जरूरत नहीं है कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए जाने से उसे नुकसान हुआ। यह उसका मौलिक अधिकार है। गैरकानूनी गिरफ्तारी के बाद रिहाई जमानत नहीं कोर्ट ने साफ किया कि अनुच्छेद 22(1) के उल्लंघन के कारण गिरफ्तारी रद्द होने पर व्यक्ति की रिहाई को जमानत नहीं माना जाएगा। यह फैसला 2025 के मिहिर राजेश शाह बनाम महाराष्ट्र सरकार मामले में दिए गए सिद्धांतों को आगे बढ़ाता है।



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घर के खाने में रेस्टोरेंट जैसा स्वाद क्यों नहीं आता, जबकि मसाले लगभग वही होते हैं?

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Restaurant Jaisa Taste: घर पर वही पनीर, वही मसाले और वही सब्जियां इस्तेमाल करने के बाद भी कभी-कभी खाने का स्वाद वैसा नहीं आता जैसा रेस्टोरेंट में मिलता है. ग्रेवी ठीक होती है, मसाला भी कम नहीं पड़ता, फिर भी कुछ कमी महसूस होती है. कई लोग इसका कारण महंगे मसालों या खास रेस्टोरेंट सीक्रेट को मान लेते हैं. जबकि अक्सर फर्क खाना बनाने के तरीके में छिपा होता है. घर की रसोई में हम जल्दबाजी में कई चीजें एक साथ डाल देते हैं या किसी स्टेप को छोटा कर देते हैं.

यही छोटी-सी आदत स्वाद, खुशबू और ग्रेवी की बनावट पर असर डाल सकती है, अगर आपकी डिश स्वादिष्ट तो बनती है लेकिन रेस्टोरेंट जैसा स्वाद नहीं दे पाती, तो कुछ सामान्य गलतियों पर ध्यान देना जरूरी है.

रेस्टोरेंट जैसा स्वाद आखिर क्यों अलग लगता है?

रेस्टोरेंट की डिश का स्वाद सिर्फ सामग्री पर निर्भर नहीं करता. प्याज, टमाटर, मसाले, तेल और सब्जियां घर पर भी वही हो सकती हैं. असली अंतर कई बार उनकी तैयारी और पकाने के क्रम से आता है. घर में हम अक्सर प्याज को जल्दी-जल्दी भूनकर तुरंत टमाटर या मसाले डाल देते हैं. इससे खाना बन तो जाता है लेकिन प्याज की मिठास और गहराई पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती. रेस्टोरेंट स्टाइल ग्रेवी में कई बार बेस को पर्याप्त समय तक पकाया जाता है. इससे मसालों का कच्चापन कम होता है और स्वाद ज्यादा संतुलित महसूस होता है.

मसाले डालने का सही समय भी जरूरी है

एक आम गलती यह है कि सारे मसाले एक साथ डाल दिए जाएं. इससे हर मसाले का स्वाद अलग-अलग उभरने के बजाय एक जैसा मिश्रण बन सकता है. मसालों को सही समय पर डालना डिश के स्वाद में बड़ा फर्क ला सकता है. उदाहरण के लिए, साबुत मसालों को तेल में थोड़ी देर भूनने से उनकी खुशबू निकलती है. वहीं पिसे मसालों को बहुत तेज आंच पर लंबे समय तक पकाने से उनका स्वाद बिगड़ सकता है. इसलिए मसाले डालने के बाद आंच और नमी का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.

ग्रेवी की एक गलती बिगाड़ सकती है पूरी डिश

रेस्टोरेंट जैसी ग्रेवी के लिए सिर्फ ज्यादा तेल या क्रीम डालना जरूरी नहीं है. ग्रेवी की बेस सामग्री को अच्छी तरह पकाना ज्यादा अहम है. प्याज और टमाटर को सही तरह से पकाने के बाद ही उनका स्वाद एकसार होता है. घर पर अक्सर लोग पानी जल्दी डाल देते हैं. इससे मसालों और सब्जियों का मिश्रण पकने के बजाय कुछ हद तक उबलने लगता है, अगर रेसिपी में पहले मसाले और बेस को भूनने की जरूरत है, तो पानी डालने से पहले उस प्रक्रिया को पूरा करना बेहतर रहता है.

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तेज आंच हमेशा बेहतर नहीं होती

जल्दी खाना बनाने के चक्कर में तेज आंच रखना भी स्वाद को प्रभावित कर सकता है. तेज आंच पर प्याज या मसाले ऊपर से जल्दी पक जाते हैं लेकिन अंदर का स्वाद उस तरह विकसित नहीं हो पाता. कुछ ग्रेवी और मसालेदार सब्जियों में मध्यम या धीमी आंच पर पकाना बेहतर परिणाम दे सकता है. इससे सामग्री धीरे-धीरे अपना स्वाद छोड़ती है और ग्रेवी ज्यादा अच्छी तरह तैयार होती है.

नमक और पानी का संतुलन भी खेल बदलता है

कई बार खाना फीका इसलिए नहीं होता कि नमक कम है. समस्या यह भी हो सकती है कि पानी ज्यादा पड़ गया है. ज्यादा पानी डालने से मसालों का स्वाद हल्का हो सकता है और फिर स्वाद ठीक करने के लिए लोग अतिरिक्त नमक या मसाला डाल देते हैं. पानी एक साथ ज्यादा डालने के बजाय जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा डालना बेहतर तरीका है. खासकर ग्रेवी वाली डिश में यह छोटी आदत काफी फर्क डाल सकती है.

आखिर में डालने वाली चीजों को नजरअंदाज न करें

धनिया, कसूरी मेथी, गरम मसाला या ताजा क्रीम जैसी चीजें कई डिश में आखिर के चरण में डाली जाती हैं. इन्हें बहुत पहले डाल देने से उनकी खुशबू कम महसूस हो सकती है. यही वजह है कि रेस्टोरेंट की डिश खाते समय उसकी खुशबू और स्वाद दोनों अलग महसूस होते हैं. घर पर भी अगर सामग्री वही है, तो उसका क्रम, आंच, पकाने का समय और पानी की मात्रा सही रखने से स्वाद में काफी सुधार आ सकता है.



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ChatGPT को भी हैक किया जा सकता है, 3 भारतीय लड़कों ने लगाई सेंध, गिनाई कमियां


ChatGPT के दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स हैं। भारत में भी इस एआई टूल को बड़े पैमाने पर यूज किया जा सकता है। OpenAI के इस टूल को तीन भारतीय मूल के लड़कों ने हैक कर लिया। साथ ही, इसकी कई कमियों को भी उजार किया है। भारतीय मूल के ये तीनों लड़के कोई प्रोफेशनल हैकर्स नहीं थे, बल्कि साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स थे, जिन्होंने बग-बाउंटी प्रोग्राम के तहत ChatGPT में सेंध लगाकर दिखाई। कंपनी की तरफ से इन तीनों को 5.5 लाख रुपये का ईनाम भी दिया गया।

कौन हैं भारतीय मूल के लड़के?

भारतीय मूल के ये साइबर सिक्योरिटी रिसचर्स हर्ष जायसवाल, मोहन पेधापति और राहुल मैनी हैं। साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स की इस टीम को हर्ष जायसवाल लीड कर रहे थे। हर्ष हैक्ट्ऱ़ॉन एआई के को-फाउंडर हैं और उन्हें बग-बाउंटी में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। वो जोमैटो, एप्पल जैसी कंपनियों के बग-बाउंटी प्रोग्राम में हिस्सा ले चुके हैं।

वहीं, उनकी टीम में शामिल मोहन पेधापति भी हैक्ट्रॉन के सीटीओ और को-फाउंडर हैं। मोहन आंध्र प्रदेश के कॉलेज से बीटेक कर चुके हैं और वेब एक्सप्लॉइटेशन एक्सपर्ट हैं। इस टीम में शामिल राहुल मैनी दिल्ली के भारती विद्यापीठ से पढाई कर चुके हैं और वल्नरबिलिटी रिसर्चर हैं। वो अमेरिकी कंपनी AT&T के हॉल ऑफ फेम में भी जगह बना चुके हैं।

कैसे हैक किया सिस्टम?

भारतीय मूल के ये तीनों रिसर्चर्स OpenAI की तरफ से चलाए जा रहे बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत सिस्टम में सेंध लगाने का काम किया। 72 घंटे तक चले इस प्रोग्राम में रिसर्चर्स ने OpenAI के कर्मचारियों के अकाउंट्स से लेकर प्राइवेट गिटहब तक को एक्सेस कर लिया। अमेरिकी पब्लिकेशन द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, OpenAI के सिस्टम में खामी तलाशने के लिए चलाए गए इस प्रोग्राम में रिसर्चर्स ने Anthropic के Claude AI की मदद से सिस्टम में एंटर किया।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस बग बाउंटी प्रोग्राम में रिसर्चर्स ने OpenAI की कई खामियों को उजागर करने का काम किया। इसके लिए कंपनी की तरह से उन्हें 6,500 डॉलर्स यानी लगभग 5.5 लाख रुपये का ईनाम भी दिया गया। इसमें खास तौर पर लॉग-इन टोकन से जुड़ी एक कमजोरी का पता लगाया, जिसमें OpenAI के कर्मचारियों के अकाउंट्स में सेंध लगाकर Codex अकाउंट के जरिए कंपनी के प्राइवेट गिटहब का एक्सेस ले लिया।

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पाकिस्तान की अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक, दावा- 28 आतंकी मारे: तालिबान बोला- एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, हमले का जवाब देंगे




पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तानी अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में 28 आतंकी मारे गए। वहीं, तालिबान सरकार ने कहा कि कुनार में 3 नागरिकों की मौत हुई और 4 लोग घायल हुए। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि कुनार में एक घर पर हुए हमले में एक महिला और दो पुरुष मारे गए। पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में भी दो जगहों पर बमबारी हुई। यहां एक घर और दुकान को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के मारे जाने की जानकारी नहीं है। मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इस हमले का उचित जवाब देगा। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से आतंकी उसके खिलाफ हमले कर रहे हैं। तालिबान बोला- पाकिस्तान ने अमेरिकी बम से हमला किया तालिबान सरकार ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक में अमेरिका में बना Mk82 बम इस्तेमाल किया। अफगान सरकार ने बम के गाइडेंस सिस्टम का एक टुकड़ा भी जारी किया है। अफगान सरकार के मुताबिक, यह टुकड़ा Mk82 जनरल-पर्पस बम का है और सोमवार सुबह हुए पाकिस्तानी हमले में इसका इस्तेमाल किया गया था। Mk82 अमेरिका में बना सामान्य इस्तेमाल वाला बम है। पाकिस्तान का आरोप- तालिबान TTP को पनाह दे रहा पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि TTP के लड़ाके अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल कर पाकिस्तान में आतंकी हमले करते हैं। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट में शुक्रवार को पुलिस परिसर के पास एक आत्मघाती हमला हुआ था। इसमें 16 लोगों की मौत हुई थी। इसके अगले दिन हंगू में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में 6 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए। पाकिस्तान इन हमलों के लिए अफगानिस्तान में मौजूद TTP और उससे जुड़े समूहों को जिम्मेदार मानता है और उनके ठिकानों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को जायज ठहराता है। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। ———————- पाकिस्तान से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी मंत्री बोले- पेट्रोल 1000 रुपए तक पहुंच सकता है:अब तक 50% महंगा हुआ, 389 रुपए लीटर कीमत पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 1000 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने रविवार को कहा कि अगर देश में पेट्रोल की कमी हुई तो कीमत और बढ़ सकती है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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IIT बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर सस्पेंड: संस्थान ने माफी मांगी, कहा था- छात्र नकल करते पकड़ाया था; 20 साल में IITs में 160 आत्महत्याएं


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मुंबई19 मिनट पहले

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18 सितंबर को साहिल की मौत के बाद से IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है।

IIT बॉम्बे ने बीटेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को डीन पद से सस्पेंड कर दिया है। वहीं, संस्थान ने साहिल की मौत को लेकर पहले कही गई अपनी बातों के लिए माफी भी मांगी है।

IIT बॉम्बे ने कहा कि साहिल की मौत से पहले क्या हुआ था, इसकी जांच पूरी होने से पहले कुछ भी बताना सही नहीं था। 22 साल के साहिल IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकेंड ईयर के स्टूडेंट थे। 18 सितंबर की रात वे पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे।

IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को अपने ऑफिशियल बयान में कहा था कि घटना वाले दिन साहिल को मिड-सेमेस्टर एग्जाम में फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान ने दावा किया था साहिल ने ChatGPT पर क्वेश्चन पेपर अपलोड करने की कोशिश की। फिर हॉस्टल जाकर उन्होंने सुसाइड कर लिया।

इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं।

IIT बॉम्बे ने कहा- डायरेक्टर ने अभी इस्तीफा नहीं दिया

IIT बॉम्बे ने डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे को लेकर भी सफाई दी। संस्थान ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। इस्तीफे के मुद्दे पर IIT बॉम्बे के बोर्ड की सोमवार को बैठक होनी है।

इससे पहले रविवार देर रात डायरेक्टर ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ 3 घंटे मीटिंग की थी। उन्होंने छात्रों से कहा था कि वह तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस्तीफा देंगे। डायरेक्टर ने छात्रों की 18 मांगों वाले डॉक्यूमेंट पर साइन भी किए थे।

साहिल 18 सितंबर की रात अपने हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे।

साहिल 18 सितंबर की रात अपने हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे।

छात्रों की 18 मांगों में डायरेक्टर के इस्तीफे सहित कई शर्त…

  • डॉक्यूमेंट में मांगों को लेकर हर हफ्ते अपडेट देने की बात कही गई। छात्रों ने कहा कि तय मांगें एक महीने के भीतर पूरे नहीं होने पर डायरेक्टर, डीन AP और डीन SA को इस्तीफा देना चाहिए।
  • छात्रों ने IIT बॉम्बे से सार्वजनिक माफी की भी मांग की। उनका आरोप है कि संस्थान की एक पुरानी लिंक्डइन पोस्ट में साहिल के बारे में अधूरी और स्पष्ट जानकारी देकर उसकी छवि खराब की गई।
  • इसके अलावा डायरेक्टर, डीन SA, डीन AP और साहिल के डिपार्टमेंट हेड के साथ ओपन हाउस आयोजित करने की मांग की गई। छात्रों ने इसमें घटना से जुड़े सवाल सीधे रखने का मौका देने की बात कही है।
  • इसके अलावा इस साल IIT बॉम्बे में जान गंवाने वाले सभी छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद देने की मांग भी रखी गई।

पेरेंट्स का आरोप- प्रोफेसर ने साहिल को जातिसूचक गालियां दीं

साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर दुल्ला समेत अन्य लोगों के खिलाफ 19 सितंबर को FIR दर्ज कराई थी। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा कि प्रोफेसर दूल्ला उनके बेटे को जातिसूचक गालियां देते थे और करीब 3 महीने से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।

साहिल के पिता ने अपनी शिकायत में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर श्रीशिश बी. केदारे, कुछ फैकल्टी मेंबर्स और सीनियर अधिकारियों के नाम भी दिए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर के निर्देश पर साहिल का उत्पीड़न किया गया।

पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। PTI के मुताबिक, क्राइम ब्रांच आरोपी प्रोफेसर और अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है।

साहिल के माता-पिता 19 सितंबर को मुंबई के पवई पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।

साहिल के माता-पिता 19 सितंबर को मुंबई के पवई पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।

IIT ने कहा- साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की थी

IIT बॉम्बे ने अपने पुराने बयान में कहा था कि एग्जाम में फोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के बावजूद साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उनसे बात की और काउंसलिंग की थी।

संस्थान के मुताबिक, साहिल को भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उनके एकेडमिक करियर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह हॉस्टल लौट गए और बाद में अपने कमरे में मृत मिले।

IIT छात्रों पर पढ़ाई का दबाव सबसे बड़ा कारण

IIT के एक सर्वे के मुताबिक, संस्थान में हर 10 में 6 से ज्यादा छात्रों ने एकेडमिक तनाव को आत्महत्या का सबसे बड़ा दबाव बताया। इसका हिस्सा 61% रहा, जबकि अन्य 4 कारणों का हिस्सा मिलाकर 39% रहा। एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, बड़ी संख्या में सुसाइड मामले परीक्षाओं के आसपास सामने आते हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में 1,000 छात्रों पर 1 काउंसलर रखने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, IIT खड़गपुर में एक काउंसलर पर करीब 1,500 छात्र, IIT दिल्ली में 1,214 और IIT कानपुर में 1,058 छात्र थे। पिछले 5 साल के दौरान IIT खड़गपुर में सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।

छात्रों के प्रदर्शन के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाली गईं

साहिल की मौत के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं।

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IIT दिल्ली स्टूडेंट के सुसाइड पर बवाल:कमरा न मिलने से परेशान था, प्रोजेक्ट भी रूके, छात्रों ने किया कक्षा का बहिष्कार, गेट के बाहर प्रदर्शन

बेगूसराय के ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के कैंपस में सुसाइड कर लिया। उसने IIT दिल्ली के लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। पूरी खबर पढ़ें…

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हापुड़ में मेरे सपनों का भारत प्रतियोगिता: चित्रों में बच्चों ने सजाया ‘मेरे सपनों का भारत’, उत्कृष्ट प्रतिभागी सम्मानित – Hapur News




हापुड़ में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नगर क्षेत्र के शिवा प्राथमिक पाठशाला में सोमवार को चित्रकला, निबंध, भाषण और क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर गंज स्थित शिवा प्राथमिक पाठशाला में “मेरे सपनों का भारत” थीम पर चित्रकला प्रतियोगिता हुई। बच्चों को वृक्षारोपण, हरियाली, स्मार्ट विद्यालय और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय दिए गए। बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लेते हुए हरित और स्वच्छ भारत, आधुनिक स्कूल और पर्यावरण जागरूकता का संदेश देते हुए आकर्षक चित्र बनाए। प्रधानाध्यापिका डॉ. सुमन अग्रवाल ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएं बच्चों में रचनात्मकता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों को बढ़ाती हैं।



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कोटा संभाग में आज भी बारिश की संभावना: पारा 30 डिग्री पार पहुंचा, अब तक सामान्य से 22 प्रतिशत कम हुई बरसात – Kota News


कोटा में मानसून की विदाई शुरू होने के साथ ही बारिश का दौर कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग ने आज संभाग के बारां,झालावाड़ व कोटा में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। शहर में सुबह हल्की धूप खिली है। हल्के बादल भी छाए हैं।

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पारे में उतार-चढ़ाव से एक बार फिर तापमान 30 डिग्री के पार पहुंच गया है। रविवार को दिनभर धूप खिली रही। अधिकतम तापमान 32.7 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार- इस मानसून सीजन में अब तक औसत से 22% कम बारिश हुई है। सामान्यतया जिले में 20 सितंबर तक औसत 718.4 मिमी बारिश होती है। इस सीजन में अभी तक 558.7 मिमी बारिश हुई है।



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किसानों का इंतजार खत्म, जल्द आएगी पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त


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पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का इंतजार करने वाले किसानों के लिए बड़ी अपडेट है. ये किस्त अक्टूबर या दिवाली से पहले जारी होने की संभावना जताई जा रही है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना कि 24वीं किस्त पाने के लिए ई-केवाईसी पूरी होना और बैंक खाते का आधार से लिंक होना जरूरी है. नए आवेदकों के लिए फार्मर आईडी भी जरूरी बताई गई है. वहीं, बटाई या पट्टे पर खेती करने वाले किसानों के लिए अस्थायी फार्मर आईडी की तैयारी की जा रही है.

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PM Kisan की 24वीं किस्त पर नया बड़ा अपडेट आया है.

PM Kisan Yojana 24th Installment: देश के करोड़ों किसानों को पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त का लंबे समय से इंतजार था. अब इस किस्त से जुड़ी बड़े अपडेट आ गई है. पिछले साल 2025 में 19 नवबंर को पीएम किसान योजना की दूसरी किस्त जारी की गई थी. इससे पहले 2024 में 5 अक्टूबर को भी सरकार ने किस्त जारी की थी.

ऐसे में कई किसानों को इंतजार है कि अक्टूबर में ये किस्त जारी हो सकती है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिवाली के त्यौहार से पहले भी ये किस्त जारी हो सकती है. ऐसे में ये जान लें कि किन किसानों के खाते में ये पैसा नहीं आएगा.

किन किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान योजना का फायदा?

पीएम किसान योजना की अगली किस्त का फायदा उन किसानों को नहीं मिलेगा जिन्होंने e-KYC नहीं कराई है. असल में, इस योजना का फायदा उठाने के लिए आपको ई-केवाईसी कराना जरूरी है. इसके अलावा बैंक अकाउंट को भी आधार से लिंक कराना होगा. अगर आपने ये काम पूरे नहीं किए तो पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त आपके खाते में नहीं आएगी.

कब आएगी पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त?

पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त अब जल्द ही आपके खाते में आने वाली है. इस किसान योजना के जरिए हर चार महीने पर 2000 रुपये की किस्त के जरिए सालाना 6000 रुपये दिए जाते हैं. कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार नवरात्रि या फिर दिवाली से पहले भी इस योजना की अगली किस्त जारी कर सकती है. लेकिन योजना की अगली किस्त पर फिलहास कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

नए आवेदकों के लिए जरूरी है ये डॉक्यूमेंट

अगर आपने पीएम किसान योजना में पहली बार रजिस्ट्रेशन कराया है तो ऐसे में आपको फार्मर आईडी बनवाना बहुत जरूरी है. कृषि विभाग ने जानकारी दी है कि नए आवेदकों के लिए डिजिटल पहचान पत्र अब पूरी तरह जरूरी है. नए किसानों के लिए पोर्टल पर फार्मर आईडी दर्ज किए बिना आवेदन प्रोसेस आगे नहीं बढ़ेगा. इस आईडी में किसानों की आधार संख्या, मोबाइल नंबर और कृषि योग्य जमीन की सारी डिटेल पूरी तरह से डिजिटल रूप से सेव हो जाती है. नया फॉर्म भरने से पहले आप पास के सीएससी सेंटर या राज्य के कृषि पोर्टल पर जाकर यह आईडी जरूर बनवा सकते हैं.

जिन किसानों के नाम जमीन नहीं है और वे बटाई या पट्टे पर खेत लेकर खेती करते हैं, उनके लिए भी सरकार अस्थायी फार्मर आईडी देने की तैयारी कर रही है. हालांकि, मौजूदा नियमों के मुताबिक पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा जमीन के रजिस्टर्ड मालिकों को ही मिलता है.

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यशस्वी यादवSub Editor

यशस्वी यादव बिजनेस और फाइनेंस जर्नलिज्म से जुड़ी युवा पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब तीन साल का अनुभव है. फिलहाल, वह News18 हिंदी के साथ मनी सेक्शन में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. उनका फोक…

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