Sunday, September 27, 2026
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एएसपी का दलाल 2 करोड़ की रिश्वत लेते ट्रेप: एसीबी टीम ने बालोतरा से ट्रेप किया, एडिशनल एसपी उदयपुर एसओजी में हैं तैनात – Udaipur News




उदयपुर एसीबी की टीम ने 2 करोड़ रुपए की रिश्वत लेते हुए एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी के दलाल सज्जन कुमार को ट्रेप किया है। बताया जा रहा है कि परिवादी के खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में राहत देने और अन्य मुकदमे दर्ज नहीं करने की एवज में एडिशनल एसपी के नाम से रिश्वत की मांग की जा रही थी। रिश्वत के लिए बार-बार परिवादी को परेशान किया जा रहा था। ​इसके बाद परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी टीम को कर दी। एसीबी टीम ने ट्रेप का जाल बिछाया और दलाल को रंगे हाथों बालोतरा से गिरफ्तार कर लिया। उससे रिश्वत की ली गई राशि बरामद की है। मुकेश कुमार सोनी उदयपुर में एसओजी के एडिशनल एसपी पद पर तैनात हैं। फिलहाल एसीबी की टीम दलाल से पूरे नेटकर्व को लेकर पूछताछ कर रही है। डीआईजी डॉ रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा और सीआई डॉ सोनू शेखावत ने यह कार्रवाई की।



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लोहिया अस्पताल में टिन शेड के पाइप में उतरा करंट: तीमारदार को लगा झटका, पाइप छूते ही जमीन पर गिरा – Farrukhabad News




फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल में शनिवार रात 8 बजे इमरजेंसी गेट के पास टिन शेड के पाइप में करंट उतर आया। कायमगंज तहसील क्षेत्र के मोती नगला निवासी विजेंद्र मरीज को भर्ती कराने पहुंचे थे। इमरजेंसी गेट के पास पाइप पकड़ते ही उन्हें करंट का झटका लगा और वह जमीन पर गिर गए। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें खींचकर पाइप से अलग किया। सूचना पर अस्पताल के गार्ड ने इमरजेंसी में ड्यूटी कर रही चिकित्सक को जानकारी दी। पाइप छूते ही लगा करंट विजेंद्र परिवार के लोगों के साथ इमरजेंसी गेट के पास खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने टिन शेड के पाइप को पकड़ लिया। पाइप में करंट होने से उन्हें तेज झटका लगा और वह गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़कर वहां से हटाया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा के लिए बेंच लगाकर रास्ता रोका मामले की जानकारी ड्यूटी पर तैनात गार्ड को दी गई। गार्ड ने इमरजेंसी में ड्यूटी कर रही चिकित्सक को इसकी सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को पाइप के पास जाने से रोकने के लिए वहां बेंच लगा दी गई। अस्पताल परिसर में एक फीट तक पानी बारिश के कारण लोहिया अस्पताल परिसर में जलभराव भी है। अस्पताल में करीब एक फीट तक पानी भरा हुआ है। पानी पुरुष अस्पताल के इमरजेंसी गेट तक पहुंच गया है। पानी में स्टेचर खींचकर ले जा रहे मरीज इमरजेंसी गेट तक पानी पहुंचने के कारण मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हो रही है। मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए तीमारदार और स्वास्थ्यकर्मी पानी के बीच स्टेचर खींचकर ले जाने को मजबूर हैं।



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जॉब और इंटर्नशिप के साथ रोज 6 घंटे पढ़ाई, मधुबनी की काजल का NEET PG में AIR-3


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Madhubani Kajal Pathak NEET PG Success Story: मधुबनी की काजल पाठक ने NEET PG परीक्षा में पहले ही प्रयास में AIR 3 हासिल कर देश भर में रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने लाखों डॉक्टरों को पीछे छोड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की. इंटर्नशिप और जॉब के साथ तैयारी करते हुए 14 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की. जानें इनकी सफल कहानी.

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मधुबनी: बिहार की प्रतिभाओं ने एक बार फिर देशभर में अपनी पहचान बनाई है. मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली काजल पाठक ने NEET PG में ऑल इंडिया रैंक-3 (AIR-3) हासिल कर जिले और बिहार का नाम रोशन किया है. खास बात यह है कि काजल ने यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल की है. इंटर्नशिप और जॉब के साथ तैयारी करते हुए देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के बीच टॉप-3 में जगह बनाना उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

पहले प्रयास में टॉप-3 रैंक का लक्ष्य
काजल पाठक ने बातचीत में बताया कि उन्होंने शुरुआत से ही अपना लक्ष्य तय कर रखा था. उनका सपना था कि पहले प्रयास में ऐसी रैंक हासिल हो. जिससे दिल्ली में अपनी पसंद का मेडिकल कॉलेज मिल सके. उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ इंटर्नशिप और जॉब को मैनेज करना आसान नहीं था. जॉब के दौरान समय कम मिलता था. इसके बावजूद वह रोज करीब 6 घंटे पढ़ाई करती थीं. परीक्षा से पहले के आखिरी तीन महीने उन्होंने गांव में रहकर पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान दिया. करीब 14 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की. काजल ने बताया कि तैयारी के दौरान उनका लक्ष्य टॉप-100 में जगह बनाना था. उन्हें लगता था कि अगर प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं भी रहा तो कम से कम टॉप-500 में रैंक हासिल करनी है. AIR-3 हासिल करना उनके लिए भी बड़ी उपलब्धि है.

दिल्ली से की MBBS की पढ़ाई
काजल पाठक ने दिल्ली से MBBS की पढ़ाई पूरी की है. फिलहाल इंटर्नशिप कर रही हैं. पढ़ाई के साथ जॉब और इंटर्नशिप की जिम्मेदारियों को संभालते हुए उन्होंने NEET PG की तैयारी की. काजल का कहना है कि सफलता के लिए शुरुआत से लक्ष्य स्पष्ट होना जरूरी है. उन्होंने अपनी तैयारी में नियमित पढ़ाई और समय के बेहतर प्रबंधन को प्राथमिकता दी.

पिता 26 साल से चला रहे ट्यूशन इंस्टीट्यूट
काजल के परिवार में माता-पिता और दो भाई समेत कुल पांच सदस्य हैं. उनके पिता राजमोहन पाठक पिछले करीब 26 वर्षों से गांव में ट्यूशन इंस्टीट्यूट चलाते हैं. जबकि उनकी मां गृहिणी हैं. राजमोहन पाठक बताते हैं कि बच्चों की सफलता के लिए सही दिशा और लगातार मार्गदर्शन जरूरी है. उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित रखना और मोबाइल फोन के अनावश्यक इस्तेमाल से दूर रखना भी अभिभावकों की जिम्मेदारी है.

उन्होंने बताया कि काजल की प्रारंभिक शिक्षा 12वीं तक बेनीपट्टी में ही हुई. इसके बाद उन्होंने पटना और दिल्ली में पढ़ाई की. काजल शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं. इसलिए परिवार ने उनकी रुचि के अनुसार शिक्षा और तैयारी के लिए जरूरी सहयोग और मार्गदर्शन दिया.

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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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भभुआ में घर से चोरी हुए सोने-चांदी के गहने बरामद: 5 आरोपी गिरफ्तार, दुर्गा मंदिर चोरी की जांच में पुलिस को मिली सफलता – Kaimur News




कैमूर के भभुआ में दुर्गा मंदिर चोरी की जांच कर रही पुलिस टीम को एक और सफलता मिली है। पुलिस ने वार्ड 22 स्थित अरविंद गुप्ता के घर हुई सोने-चांदी के गहनों की चोरी का खुलासा करते हुए खरीददार समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के गहने भी बरामद किए हैं। 22 सितंबर की रात घर से गहने चोरी
एएसआई दिग्विजय कुमार के अनुसार, 22 सितंबर की रात वार्ड 22 निवासी अरविंद गुप्ता के घर चोरी हुई थी। चोर घर से सोने की मंटिका, दो कान की बाली, चांदी की दो जोड़ी पायल, तीन घुंघरू, एक सीकड़ और कमरबंद छल्ला लेकर फरार हो गए थे। पीड़ित की शिकायत पर भभुआ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दुर्गा मंदिर चोरी की जांच में मिला सुराग
दुर्गा मंदिर में हुई चोरी की जांच के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की। इसी क्रम में वार्ड 22 के घर में हुई चोरी का भी सुराग मिला। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए चोरी के सामान की बरामदगी के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वार्ड 25 और 17 के आरोपी गिरफ्तार
थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वार्ड 25 निवासी रंजीत पासवान, अजीत कुमार, दीपक खरवार का बेटा अभय कुमार, वार्ड 17 निवासी अंशु सेठ और सोनहन थाना क्षेत्र के सिलौटा गांव निवासी सुबोध कुमार शामिल हैं। चोरी के सामान के साथ भेजे गए जेल
पुलिस के अनुसार, सभी पांच आरोपियों को चोरी के सामान के साथ पकड़ा गया। पूछताछ और आवश्यक कार्रवाई के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य मामलों में संलिप्तता और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।



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मंदसौर में सेवा संकल्प अभियान को लेकर भाजपा की बैठक: बूथ तक सक्रिय रहने पर जोर, महामंत्री बोले- कार्यकर्ता जनता से लगातार संपर्क में रहें – Mandsaur News


मंदसौर में शनिवार को भाजपा के सेवा संकल्प अभियान-2026 को लेकर संभागीय बैठक हुई। शुभ कामना रिसॉर्ट में हुई बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने मंदसौर, रतलाम और नीमच जिले के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अभियान को लेकर निर्देश दिए। उन्हो

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अजय जामवाल ने कहा कि अभियान के कार्यक्रमों में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सेवा, जनभागीदारी और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने और जनता से लगातार संपर्क में रहने को कहा। सेवा कार्यों और जनसंपर्क के जरिए अधिक लोगों को अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।

भाजपा के सेवा संकल्प अभियान-2026 को लेकर संभागीय बैठक हुई।

संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने मंदसौर, रतलाम और नीमच के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अभियान को लेकर निर्देश दिए।

संगठन महामंत्री अजय जामवाल ने मंदसौर, रतलाम और नीमच के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अभियान को लेकर निर्देश दिए।

जनभागीदारी और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर।

जनभागीदारी और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर।

जामवाल ने भाजपा सरकार की योजनाओं के लाभार्थी परिवारों से संपर्क बनाए रखने और उनकी समस्याओं को समझने के लिए भी कहा। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभव का लाभ लेने और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर जोर दिया।

सुरेश आर्य बोले- योजनाओं की जानकारी से जवाब दें

संगठन प्रभारी सुरेश आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और विपक्षी दल जनता में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं की जानकारी लाभार्थी परिवारों तक पहुंचाने और विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक जवाब देने को कहा।

जिलाध्यक्षों ने संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी

बैठक में नीमच भाजपा जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, रतलाम जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और मंदसौर जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अपने-अपने जिलों में हुए संगठनात्मक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आने वाले समय में सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों को गति देने की बात कही।

‘वोकल फॉर लोकल’ के स्टॉल लगाए

बैठक स्थल पर ‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत स्वदेशी सामग्रियों के स्टॉल लगाए गए। बैठक से पहले अजय जामवाल ने नव निर्मित भाजपा कार्यालय में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित से कार्यालय

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने बताया कि मंदसौर संभाग की बैठक में तीनों जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मंदसौर भौगोलिक रूप से संभाग के केंद्र में होने के कारण बैठक के लिए यहां आयोजन किया गया। निर्माण की जानकारी भी ली।

ये रहे मौजूद

बैठक में भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, प्रभारी मंत्री निर्मला भूरिया, कैबिनेट मंत्री चैतन्य कश्यप, संगठन प्रभारी सुभाष पटेल, विधायक हरदीप सिंह डंग, चंदरसिंह सिसौदिया, ओमप्रकाश सकलेचा, दिलीपसिंह परिहार, माधव मारू, राजेंद्र पांडे, चिंतामणी मालवीय, मथुरालाल डामोर, प्रदेश प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा पाटीदार और नगर पालिका अध्यक्ष रमा देवी गुर्जर सहित मंदसौर, रतलाम और नीमच के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



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घर पर कम मेहमत में बनाएं कच्चे पपीते की टेस्टी सब्जी; जानें बनाने का तरीका

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Papeete Ki Sabji Ki Recipe : कच्चे पपीते की सब्जी ग्रामीण क्षेत्रों में काफी पसंद की जाती है. इसे बनाना आसान है और यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है. भीलवाड़ा की कीर्ति ने इसकी विधि बताई. आमतौर पर गांव में कच्चे पपीते आसानी से मिल जाते हैं. घर में कच्चा पपीता उपलब्ध हो तो इससे कम मेहनत में एक स्वादिष्ट देसी सब्जी बनाई जा सकती है.

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पपीते की सब्जी. आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के आसपास या घर के बाड़े में पपीते के पौधे आसानी से देखने को मिल जाते हैं. कई बार मौसम में बदलाव या अन्य कारणों से पपीते के फल समय पर पक नहीं पाते. ऐसे में कच्चे पपीते को फेंकने की जरूरत नहीं है. इससे टेस्टी और देसी अंदाज में आसानी से बनने वाली सब्जी तैयार की जा सकती है. ग्रामीण इलाकों में कच्चे पपीते की सब्जी काफी पसंद की जाती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय और सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. थोड़े ही समय में यह सब्जी तैयार हो जाती है. यह स्वाद में लाजवाब होने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है.

भीलवाड़ा शहर की आरके कॉलोनी निवासी कीर्ति ने बताया कि आमतौर पर गांव में कच्चे पपीते आसानी से मिल जाते हैं. घर में कच्चा पपीता उपलब्ध हो तो इससे कम मेहनत में एक स्वादिष्ट देसी सब्जी बनाई जा सकती है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में साधारण सामग्री से बनने वाला इसका पारंपरिक स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है.

कच्चे पपीते की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले पपीते को अच्छी तरह धोकर उसका छिलका उतार लिया जाता है. इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लिया जाता है. अब कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म कर इसमें जीरा डाला जाता है. जीरा चटकने के बाद इसमें हींग, हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च जैसे मसाले डाले जाते हैं. मसालों को हल्का भूनने के बाद कटे हुए कच्चे पपीते के टुकड़े कड़ाही में डालकर अच्छी तरह मिला दिए जाते हैं.

इसके बाद स्वाद के अनुसार नमक डालकर सब्जी को कुछ देर पकने दिया जाता है. पपीते को जल्दी गलाने के लिए इसमें थोड़ा पानी डालकर कड़ाही को ढक दिया जाता है. धीमी आंच पर कुछ मिनट पकाने के बाद पपीता नरम हो जाता है. इसके बाद सब्जी को कुछ देर खुली कड़ाही में पकाया जाता है, जिससे अतिरिक्त पानी सूख जाए और मसाले पपीते में अच्छी तरह मिल जाएं.

स्वाद बढ़ाने के लिए आखिर में अमचूर पाउडर या थोड़ा नींबू का रस भी डाला जा सकता है. इससे सब्जी में हल्का खट्टापन आता है और इसका स्वाद और बेहतर हो जाता है. तैयार कच्चे पपीते की सब्जी को गर्मागर्म रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ परोसा जा सकता है. कच्चे पपीते में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं और इसे भोजन में शामिल करने के अलग-अलग तरीके हैं.

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आनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ के लिए 3 समितियां गठित: स्थलों को अंतिम रूप देने से लेकर सुरक्षा, यातायात, सफाई, बिजली और चिकित्सा व्यवस्था की करेंगी निगरानी – New Delhi News




दिल्ली में आगामी रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पूजा को श्रद्धा और सौहार्दपूर्ण माहौल में आयोजित कराने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर तीन विशेष समितियों का गठन किया गया है। समितियां आयोजन स्थलों की समीक्षा और उन्हें अंतिम रूप देने के साथ वहां नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, बिजली, चिकित्सा समेत अन्य व्यवस्थाओं की निगरानी और समन्वय करेंगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का उद्देश्य है कि इन प्रमुख धार्मिक पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों को किसी तरह की परेशानी न हो और सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। समितियों में विधायक अशोक गोयल, अनिल कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, संजय गोयल और संदीप सहरावत को सदस्य बनाया गया है। राजस्व विभाग के सचिव-सह-मंडलायुक्त को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। समिति का प्रमुख दायित्व संबंधित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के माध्यम से सिंगल विंडो सिस्टम के तहत जरूरी एनओसी जारी करवाना होगा। रामलीला समिति की अध्यक्षता रविंद्र इंद्राज सिंह करेंगे दिल्ली में रामलीला के लिए स्थलों और तैयारियों की समीक्षा कर उन्हें अंतिम रूप देने के लिए गठित समिति के अध्यक्ष समाज कल्याण, एससी-एसटी कल्याण, सहकारिता एवं निर्वाचन मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह होंगे। वहीं, दुर्गा पूजा और छठ पूजा के लिए गठित समिति की अध्यक्षता मंत्री कपिल मिश्रा करेंगे। नागरिक सुविधाओं से लेकर पर्यावरण संदेश तक जिम्मेदारी समितियां आयोजन स्थलों पर पीने के पानी, चिकित्सा सहायता, एंबुलेंस, अग्निशमन, सुरक्षा, मोबाइल शौचालय, यातायात प्रबंधन, सफाई और फॉगिंग की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करेंगी। बिजली कनेक्शन और निर्बाध बिजली आपूर्ति की व्यवस्था भी इनके दायरे में होगी। इसके अलावा समितियां रामलीला और अन्य आयोजनों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, ‘वोकल फॉर लोकल’, स्वच्छता, जल संरक्षण, स्वदेशी और ‘नशा मुक्त भारत’ जैसे अभियानों से जुड़े संदेशों को बढ़ावा देंगी। जरूरत के अनुसार अन्य विषयों को भी समितियां अपने कार्यक्षेत्र में शामिल कर सकेंगी।



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आज का एक्सप्लेनर: तिहाड़ जेल से अमेरिका गया ‘भाड़े का सैनिक’ मैथ्यू; आतंकी साजिश के आरोप थे, फिर कैसे छूटा, क्या अब भारत लौटेगा


24 सितंबर को तिहाड़ जेल से निकला मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका की उड़ान भर चुका है। वही भाड़े का सैनिक मैथ्यू, जिसे 6 महीने पहले भारत की सबसे सख्त आतंकवाद-रोधी एजेंसी NIA ने पकड़ा था और UAPA जैसा कड़ा कानून लगाया था।

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आखिर कौन है मैथ्यू, UAPA लगने के बावजूद भारत से जाने क्यों दिया गया और क्या वापस लौटेगा; 3 चैप्टर्स में पूरी कहानी…

मैथ्यू वैनडाइक 1981 में अमेरिका के बाल्टीमोर में पैदा हुआ। वो खुद को मर्सिनरी बताता है, यानी भाड़े का सैनिक, जो पैसों के बदले किसी भी देश या संगठन के लिए लड़ सकता है। मैथ्यू की वेबसाइट के मुताबिक, वो ‘Sons of Liberty International’ (SOLI) नाम की प्राइवेट मिलिट्री का फाउंडर, जंग कवर करने वाला पत्रकार, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर है। वह सीरिया और इराक जैसे देशों में युद्धबंदी भी रहा है।

पिछले दो दशकों में उसने दुनियाभर में कई ऑपरेशन किए…

  • 2007 से 2010 के बीच मैथ्यू ने नॉर्थ अफ्रीका और मिडिल-ईस्ट में अकेले मोटरसाइकिल से घूमते हुए बतौर पत्रकार पूरा इलाका कवर किया। इस दौरान इराक में कई बार गिरफ्तार हुआ, फिर बच निकला।
  • 2011 में लीबिया के तानाशाह मुअम्मर अल-गद्दाफी के खिलाफ नेशनल ट्रांजिशनल काउंसिल यानी NTC के बैनर तले गृहयुद्ध चल रहा था। इस दौरान मैथ्यू अवैध तरीके से लीबिया में घुसा और गद्दाफी-विरोधी गुट से जुड़ गया।
  • गद्दाफी की सरकारी सेना ने पकड़ लिया। करीब 5 महीने तक एकांत कारावास में रहने के बाद 24 अगस्त 2011 को कुछ कैदियों के साथ जेल से भाग निकला।
  • मैथ्यू लीबिया से सीरिया पहुंचा। उसने 2 डॉक्यूमेंट्री बनाईं। पहली सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के खिलाफ विद्रोह कर रहे एक गुट पर- ‘Not Anymore: A Story of Revolution’ और दूसरी अपने सफर के बारे में ‘Point and Shoot’।
सीरिया में सिविल वॉर के दौरान मैथ्यू वैनडाइक।

सीरिया में सिविल वॉर के दौरान मैथ्यू वैनडाइक।

  • 2014 में सीरिया में इस्लामिक स्टेट ने मैथ्यू के 2 पत्रकार दोस्त जेम्स फोले और स्टीवन सोटलॉफ को अगवा करके कैमरे के सामने सिर कलम कर दिया। इसने मैथ्यू को इतना झकझोर दिया कि उसने SOLI नाम का प्राइवेट मिलिट्री ऑर्गनाइजेशन बना दिया।
  • SOLI का दावा है कि वो दुनिया के सबसे खतरनाक इलाकों में लोगों को मुफ्त सैन्य प्रशिक्षण और मदद देता है। SOLI के जरिए मैथ्यू ने इराक में असीरियन ईसाइयों को ISIS के खिलाफ ट्रेनिंग दी।
  • 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध छिड़ने के बाद यूक्रेन पहुंचकर टेरिटोरियल डिफेंस फोर्सेज को ट्रेनिंग दी, जो आम नागरिकों से बनी यूक्रेनी सेना की रिजर्व यूनिट थी।

तो मैथ्यू भारत में क्या कर रहा था?

  • 13 मार्च 2026 को भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने काउंटर-टेरर ऑपरेशन के तहत मैथ्यू को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। उसके अलावा 6 यूक्रेनी नागरिक भी दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से पकड़े गए।
  • NIA का आरोप है कि सातों आरोपी वैध टूरिस्ट वीजा पर भारत आए। फिर जरूरी परमिट के बिना गुवाहाटी से मिजोरम की तरफ बढ़ने लगे। मिजोरम के ज्यादातर इलाकों में जाने के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
  • मिजोरम से ये म्यांमार में दाखिल हुए और कैंप विक्टोरिया पहुंचे, जो चिन नेशनल आर्मी (CNA) से जुड़ा एक सैन्य ठिकाना है। CNA म्यांमार की सैन्य जुंटा, यानी तख्तापलट के बाद आई सैन्य सत्ता के खिलाफ लड़ने वाला हथियारबंद संगठन है। यह भारत-म्यांमार सीमा से सटे इलाके में सक्रिय है।
  • NIA के शुरुआती आरोपों के मुताबिक, मैथ्यू और उसके यूक्रेनियाई साथियों ने भारत के पूर्वोत्तर में सक्रिय विद्रोही गुटों को हथियारों की सप्लाई की। उन्होंने म्यांमार विद्रोही गुटों को ड्रोन चलाने, असेंबल करने, उससे जंग लड़ने और जैम करने वगैरह की ट्रेनिंग दी। यूरोप से म्यांमार तक भारत के रास्ते अवैध तरीके से ड्रोन की बड़ी खेप भी पहुंचाई।
  • 16 मार्च को कोर्ट में NIA ने दावा किया कि इन सभी ने आतंकी गतिविधियों में मदद करने के साथ पूर्वोत्तर में विद्रोही गुटों का साथ देने की बात कबूल की है।

गिरफ्तारी के वक्त NIA ने आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, यानी UAPA की धारा 18 लगाई, जो आतंकी साजिश, कोशिश, समर्थन, उकसाने या मदद करने से जुड़ी है।

UAPA के तहत जांच पूरी करके 180 दिनों में चार्जशीट दायर करनी होती है, जो मैथ्यू के मामले में 8 सितंबर 2026 को खत्म हो रही थी। NIA ने 8 सितंबर को चार्जशीट दाखिल तो कर दी, लेकिन UAPA की धाराओं के बजाय इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 21 और 23 लगाईं।

धारा 21 वैध पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज के बिना भारत में दाखिल होने से जुड़ी है, जबकि धारा 23 वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में रुकने या वीजा नियमों को तोड़ने से जुड़ी है।

NIA का तर्क था कि जांच अब भी जारी है और UAPA के तहत अपराध की पुष्टि करने के लिए अभी और वक्त चाहिए।

यहीं से कानूनी छूट का एक मौका बना…

  • दरअसल, UAPA की धारा 43(D)(5) के कारण आरोपी को जमानत मिलना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन 180 दिन के भीतर जांच पूरी करके पुख्ता आरोपों के साथ चार्जशीट दाखिल न हो, तो जमानत की गुंजाइश बन जाती है।
  • दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल NIA जज प्रशांत शर्मा ने कहा कि UAPA के तहत जांच आगे जारी रहने की स्थिति में है। ऐसे में यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी मैथ्यू डिफॉल्ट बेल का हकदार नहीं है। NIA ने अधूरी चार्जशीट दाखिल की है।
  • 18 सितंबर को कोर्ट ने मैथ्यू को 1-1 लाख रुपए के पर्सनल बॉन्ड और श्योरिटी बॉन्ड पर जमानत दे दी, लेकिन दिल्ली में ही रहने का निर्देश दिया।
  • इस बीच फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस ने हर आरोपी पर 5.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाकर इमिग्रेशन एक्ट का मामला निपटा दिया।
कोर्ट में पेशी के बाद मैथ्यू के ले जाते NIA के अधिकारी।

कोर्ट में पेशी के बाद मैथ्यू के ले जाते NIA के अधिकारी।

  • 23 सितंबर को कोर्ट ने 6 यूक्रेनियों को भी 1-1 लाख रुपए के कैश बॉन्ड पर डिफॉल्ट बेल दे दी। वहीं मैथ्यू की जमानत की शर्त बदलते हुए उसे श्योरिटी बॉन्ड के बजाय सिर्फ कैश बॉन्ड पर छोड़ने का आदेश दिया, क्योंकि श्योरिटी बन के लिए भारत में उसका कोई जानने वाला नहीं था।
  • 24 सितंबर को कोर्ट ने आरोपियों के अपने घर जाने की छूट दे दी। कोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा का अधिकार आर्टिकल 21 के तहत मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। NIA ने भी माना कि आरोपियों की तत्काल मौजूदगी जरूरी नहीं है।

कोर्ट छूट के साथ कुछ शर्तें भी लगाईं…

  • भारत से जाने से पहले NIA को 24 घंटे के भीतर अपना पता, फोन नंबर और ईमेल देना होगा।
  • एक महीने बाद सभी को भारत लौटना होगा।
  • लौटने के 72 घंटे के भीतर कोर्ट को जानकारी देनी होगी।
  • एजेंसी की जांच में सहयोग करना होगा। जब भी वो बुलाए, हाजिर होना होगा। चाहे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से या खुद पेश होकर।

इसके बाद 24 सितंबर की रात मैथ्यू और बाकी 6 आरोपी तिहाड़ जेल से रिहा हो गए। इस पर कई विपक्षी नेता सवाल खड़े कर रहे हैं।

गिरफ्तार किए जाने के 196 दिन बाद 24 सितंबर को मैथ्यू को जमानत मिली और वो जेल से रिहा हुआ।

गिरफ्तार किए जाने के 196 दिन बाद 24 सितंबर को मैथ्यू को जमानत मिली और वो जेल से रिहा हुआ।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 23-26 मई को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री के सामने मैथ्यू का मुद्दा उठाया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव ने यह नतीजा तय किया, लेकिन भारत को बदले में क्या मिला? इससे भी अहम है कि इन विदेशी संदिग्धों को वीजा कैसे मिला और इन्हें भारत के रास्ते म्यांमार जाने की इजाजत कैसे मिली?

AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘UAPA के तहत किसके खिलाफ चार्जशीट दायर की जानी चाहिए, यह सर्जियो गोर तय करते हैं। भारतीय नागरिक UAPA के तहत 9 से 10 साल तक जेल में सड़ सकते हैं, क्योंकि उनके पास सर्जियो गोर नहीं हैं।’

स्ट्रैटजिक अफेयर्स एक्सपर्ट डॉ. ब्रह्मा चेलानी मानते हैं कि भारत ने बार-बार कूटनीतिक या रणनीतिक दबाव के तहत विदेशी नागरिकों या संस्थाओं के खिलाफ हाई-प्रोफाइल आपराधिक कार्यवाहियों को कमजोर कर दिया गया, छोड़ दिया गया या बेअसर कर दिया गया।

कोर्ट ने साफ कहा है कि एक महीने बाद मैथ्यू और बाकी 6 आरोपियों को भारत लौटना होगा और लौटने के 72 घंटों के भीतर कोर्ट को बताना होगा।

सीनियर एडवोकेट सुमित नेमा बताते हैं कि अगर खुद जांच एजेंसी यह मान रही है कि जांच में काफी समय लगेगा और इस दौरान आरोपी की शारीरिक मौजूदगी जरूरी नहीं है, तो किसी विदेशी आरोपी के वापस न आने की आशंका के आधार पर उसे लंबे समय तक भारत में रहने के लिए मजबूर करना उचित नहीं माना जा सकता।

सुमित कहते हैं कि कोर्ट के पास आरोपी के पासपोर्ट समेत सारी डिटेल्स हैं। अगर जरूरत पड़ी तो आरोपी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया जा सकता है। वो आदेश नहीं मानेगा कि आशंका पर उसे अपने देश जाने से रोका नहीं जा सकता है।

फिलहाल NIA की UAPA को लेकर जांच जारी है। अगर एजेंसी को सबूत मिले और अपराधों की पुष्टि हुई, तो वह सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है। ऐसा हुआ तो मैथ्यू पर फिर से UAPA के तहत आतंकी गतिविधियों के आरोप फिर से लग सकते हैं और केस चल सकता है।

लेकिन ऐसा पहले भी हो चुका है कि जब विदेशी आरोपी एक बार छूटने के बाद वापस लौटे ही नहीं। 3 चर्चित मामले…

  1. दिसंबर 1984 की भोपाल गैस त्रासदी मामले में यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वारेन एंडरसन भारत आए, तो उन्हें गिरफ्तार किया गया, लेकिन बाद में जमानत मिल गई और वो विदेश चले गए।
  2. 1986 के बोफोर्स घोटाले में CBI ने इटैलियन कारोबारी ओटावियो क्वात्रोची को आरोपी बनाया, लेकिन क्वात्रोची 1993 में ही देश छोड़कर भाग गए।
  3. फरवरी 2012 में केरल से सटे समुद्र में 2 भारतीय मछुआरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये गोलियां एनरिका लेक्सी नाम के इटैलियन तेल टैंकर पर सवाल 2 इटैलियन मरीन्स ने चलाई थी। दोनों गिरफ्तार हुए, लेकिन बाद में वे जमानत पर विदेश चले गए और लौटकर नहीं आए।

ऐसे में अगर मैथ्यू तय समय पर नहीं लौटता, तो भारत के पास 2 विकल्प हैं- जमानत रद्द कर गैर-जमानती वारंट जारी करना या भारत-अमेरिका की प्रत्यर्पण संधि (1997) के तहत औपचारिक प्रत्यर्पण की मांग करना।

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स्कूलों की निगरानी के लिए 41 अफसर लगाए: नियमित करेंगे निरीक्षण, टोंक जिले की प्रभारी बनी वर्षा मीना – Tonk News




शिक्षा विभाग ने 41 वरिष्ठ प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को जिलों का प्रभारी बनाकर उन्हें नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी है। अफसर मौके पर स्कूल की व्यवस्थाएं, सुरक्षा, नामांकन और बच्चों के सीखने का स्तर देखेंगे। स्थानीय स्तर पर समाधान योग्य कमी मिली तो उसे मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर दूर कराने पर जोर रहेगा।
टोंक जिले की जिम्मेदारी वर्षा मीना को सौपी गई है। स्कूल शिक्षा एवं भाषा, पुस्तकालय व पंचायतीराज (प्रारंभिक शिक्षा) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव के आदेश के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है। पीएम श्री और आवासीय स्कूल होंगे एजेंडे में शामिल प्रत्येक निरीक्षण के दौरान कम से कम दो पीएम श्री और दो आवासीय विद्यालयों का निरीक्षण करना होगा। इसके अलावा अन्य विद्यालयों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की जाएगी। पेयजल की उपलब्धता, छात्र-छात्राओं के लिए अलग और क्रियाशील शौचालय, स्कूल भवन की स्थिति और शैक्षणिक वातावरण प्रमुख जांच बिंदु होंगे। पीएम श्री और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में स्वीकृत क्षमता के मुकाबले नामांकन की स्थिति भी देखी जाएगी। असुरक्षित या जर्जर घोषित स्कूल भवनों और कमरों को लेकर निरीक्षण में विशेष सख्ती रहेगी। ऐसे भवन या कमरों पर तत्काल ताला लगाने और दरवाजे पर लाल रंग से ‘एक्स’ का निशान लगाने के निर्देश दिए गए है। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा, सीसीटीवी, भवन और शौचालयों की स्थिति भी जांची जाएगी। स्कूल परिसर में संचालित सह-स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों के भवनों की सुरक्षा भी निरीक्षण का हिस्सा होगी। बच्चों की पढ़ाई भी परखेंगे निरीक्षण में यह भी देखा जाए जाएगा कि स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ बच्चों के सीखने का वास्तविक स्तर क्या है। जिला प्रभारियों को निर्देश दिए गए है कि निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली ऐसी समस्याएं, जिनका समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उन्हें लंबित नहीं रखा जाए। संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर मौके पर ही समाधान कराने का प्रयास किया जाए। प्रदेशाध्यक्ष,शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान मोहर सिंह सलावद ने कहा शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 41 जिलों में संचालित राजकीय विद्यालयों के निरीक्षण, शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों को जिला प्रभारी नियुक्त किया गया है। जिला प्रभारियों द्वारा संबंधित जिलों में विद्यालयों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा तथा निरीक्षण के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



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NCC शिविर में कैडेट्स ने गोलीबारी और संविधान का प्रशिक्षण: कौशांबी के डॉ. ए.एच. रिजवी डिग्री कॉलेज में 600 कैडेट्स को प्रशिक्षण – Kaushambi News




कौशांबी के डॉ. ए.एच. रिजवी डिग्री कॉलेज में 17 यूपी बीएन एनसीसी का दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। शनिवार को छठे दिन करीब 600 कैडेट्स ने इसमें हिस्सा लिया। 14 जिलों से आए कैडेट्स को सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन और नेतृत्व की जानकारी दी गई। लेफ्टिनेंट कर्नल अरविंद सिंह शिविर का संचालन कर रहे हैं। छठे दिन कैडेट्स को गोलीबारी, अग्निशमन, ध्वज क्षेत्र और परेड का प्रशिक्षण मिला। गोलीबारी अभ्यास में सुरक्षा नियमों पर जोर रहा। अग्निशमन में आग से बचाव और आपातकालीन कार्रवाई सिखाई गई।
ध्वज क्षेत्र गतिविधि में कैडेट्स ने भारत का मानचित्र बनाया। मुख्य कक्षा में डॉ. रिजवी कॉलेज ऑफ लॉ के प्राचार्य डॉ. मुहम्मद जफर ने भारतीय संविधान और उसके मूल्यों पर जानकारी दी। परेड के दौरान कैडेट्स ने अनुशासन का अभ्यास किया। सांस्कृतिक गतिविधियों में भी हिस्सा लिया। शिविर का मकसद कैडेट्स में राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है।



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