अलवर के रामगढ़ नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस की बाड़ेबंदी के दौरान शनिवार को अकबरपुर के धवला रिसॉर्ट में उस समय हंगामा हो गया, जब अकबरपुर थाना पुलिस और रामगढ़ थाना पुलिस की टीम वार्ड 10 से निर्दलीय प्रत्याशी योगेश मिश्रा को अपने साथ ले जाने पहुंची। पुलिस का कहना था कि योगेश के अपहरण की शिकायत मिली है। वहीं योगेश ने मौके पर ही पुलिस के सामने स्पष्ट किया कि उसका कोई अपहरण नहीं हुआ और वह अपनी मर्जी से कांग्रेस की बाड़ेबंदी में आया है। पुलिस योगेश को अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक और खींचतान हुई। कभी पुलिस योगेश को अपनी ओर खींचती नजर आई तो कभी कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता उन्हें अपनी ओर खींचते रहे। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस योगेश को अपने साथ ले जाने में सफल नहीं हो सकी और वहां से लौट गई। देखे PHOTOS.. योगेश बोले- मेरा अपहरण नहीं हुआ, मैं अपनी मर्जी से आया हूं निर्दलीय प्रत्याशी योगेश मिश्रा ने पुलिस के सामने कहा कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया है। वह अपनी इच्छा से यहां आया है और यहीं रहना चाहता है। इसके बावजूद पुलिस उसे अपने साथ ले जाने की कोशिश करती रही। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया। आर्यन जुबेर खान बोले- सरकार के दबाव में काम कर रहा प्रशासन रामगढ़ से कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी आर्यन जुबेर खान ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ रह रहे प्रत्याशियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उनका आरोप है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर भाजपा का बोर्ड बनवाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन प्रत्याशी खुद कांग्रेस के साथ रहना चाहते हैं। आर्यन जुबेर खान ने कहा कि सरकार ने प्रशासन पर दबाव बनाया हुआ है कि किसी भी तरह भाजपा का बोर्ड बने। उन्होंने कहा कि यदि पार्षद प्रत्याशी अपनी इच्छा से कांग्रेस के साथ हैं तो पुलिस द्वारा उन्हें वहां से ले जाने की कोशिश करना गलत है। एक दिन पहले जयपुर के रिसोर्ट में भी हुआ था हंगामा नगर निकाय चुनाव में बाड़ेबंदी को लेकर यह दूसरा मामला है। शुक्रवार को जयपुर के तुंगा स्थित एक रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में वन विभाग के अधिकारी, पुलिसकर्मी और भाजपा से जुड़े लोग पहुंच गए थे। वहां से एक निर्दलीय प्रत्याशी को अपने साथ अलवर लाया गया था। इसके बाद शनिवार को अकबरपुर के धवला रिसॉर्ट में कांग्रेस की बाड़ेबंदी में पुलिस के पहुंचने और निर्दलीय प्रत्याशी को ले जाने की कोशिश से फिर हंगामा हो गया।
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आजकल वजन बढ़ना एक आम समस्या हो गई है। हमारा लाइफस्टाइल ही कुछ ऐसा है कि ज्यादातर दिन बैठे बैठे ही निकल जाता है और फिर खानपान का तो पूछो ही मत। बस ऐसे करते करते वजन इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि उसे कम कैसे करें ये समझ ही नहीं आता। अगर आप भी वेट लॉस करने का सोच रहे हैं तो क्लिनिकल न्यूट्रीशनिस्ट डॉ शिखा सिंह की जर्नी आपके लिए प्रेरणा बन सकती है। डॉक्टर एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताती हैं कि उन्हें खाने पीने का बहुत शौक था। बस इसी चलते उनका वजन पूरे 110 किलो तक पहुंच गया था। लेकिन अब उन्होंने पूरे 50 किलो वेट लॉस कर लिया है। आइए जानते हैं उनका डाइट प्लान क्या रहा।







