Last Updated:
Tariff Effect on India : अमेरिका ने बंधुआ मजदूरी के आरोपों पर भारत के खिलाफ 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इस कदम के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि भारत पर 10 फीसदी का लोअर टैरिफ लगा है, जिसका असर भी सीमित है. यह टैरिफ भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले 45 फीसदी सामानों पर कोई असर नहीं डालेंगे.
बंधुआ मजदूरी के आरोपों में भारत पर 10 फीसदी टैरिफ लगा है.
नई दिल्ली. अमेरिका ने भारत के साथ चल ही व्यापार डील के बीच 10 फीसदी टैरिफ लगा ही दिया. अमेरिका लंबे समय से बंधुआ मजदूरी जैसे आरोपों की जांच कर रहा था और इस मामले में भारत सरकार की दलीलों को दरकिनार करते हुए टैरिफ लगाने का फैसला कर लिया है. इसके बाद सरकार की ओर से कहा गया है कि इस टैरिफ का सिर्फ आधे सामानों पर ही असर दिखेगा और भारत से निर्यात होने वाले 45 फीसदी उत्पाद आगे भी टैरिफ के दायरे से बाहर रहेंगे.
वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि अमेरिका ने कथित बंधुआ मजदूरी से जुड़ी धारा 301 में जांच के तहत उठाए गए कदमों के अंतर्गत भारत को 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क की निचली श्रेणी में रखा है. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के कार्यालय ने 23 जुलाई को अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत संबंधित देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी.
अमेरिका ने 60 देशों पर लगाया है शुल्क
अमेरिका ने धारा 301 के तहत भारत सहित 60 देशों पर शुल्क लगाया है. इन अर्थव्यवस्थाओं पर बंधुआ मजदूरी का आरोप लगा है और यहां के सामान आयात करने पर टैरिफ लगा दिया है. यूएसटीआर ने भारत से आयात पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगाया है. हालांकि, शुरुआत में अमेरिका ने 12.5 फीसदी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा था. बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात को लेकर की गई जांच के दौरान भारत ने अपना पक्ष रखा था, लेकिन अमेरिका ने इन सभी दलीलों से इनकार कर दिया.
कम शुल्क पर सरकार ने जताई राहत
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि आरोपों की जांच के बाद से लगातार किए गए प्रयासों का नतीजा यह है कि भारत को अंतिम उपायों के तहत अतिरिक्त शुल्क के लोअर स्लैब में रखा गया है. इससे देश के कई निर्यात क्षेत्रों को कम टैरिफ का फायदा मिलेगा. मंत्रालय ने बताया है कि भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का एक बड़ा हिस्सा, जिस पर वर्तमान में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता. अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के दायरे से बाहर बना हुआ हैं. इनमें जेनेरिक दवाएं, स्मार्टफोन और कुछ अन्य उत्पाद शामिल हैं.
किन प्रोडक्ट पर नहीं लगेगा शुल्क
यूएसटीआर की धारा 232 उपायों के तहत पहले से शामिल इस्पात, एल्युमिनियम और वाहन कलपुर्जे जैसे उत्पाद इस अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के अधीन नहीं हैं. अमेरिका व्यापार प्रशासन की धारा 232 में शामिल शुल्क सीमित अपवादों के साथ व्यापक रूप से सभी देशों पर लागू होते हैं. मंत्रालय ने कहा कि इन छूटों के कारण भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात का 45 फीसदी हिस्सा अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क के दायरे से बाहर बना हुआ है.
भारत के कितने सामान पर लगेगा शुल्क
मंत्रालय के मुताबिक, 55 फीसदी निर्यात पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगेगा, लेकिन भारत पर शुल्क का प्रभाव जांच में शामिल अधिकांश अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम है. सरकार ने यह भी कहा कि भारत अभी अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता कर रहा है, जिसमें शुल्क पर भी चर्चा की जाएगी. सरकार इस साल 2 फरवरी को घोषित और सात फरवरी को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने की दिशा में अमेरिका के साथ बातचीत कर रही है.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
और पढ़ें




