“नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) राजस्थान यूनिट को बड़ी सफलता मिली है। ब्यूरो ने आगरा से महवा लाई जा रही 72 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल की खेप जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीबीएन को खुफिया सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) की बस से प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप लेकर आगरा से महवा की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर सीबीएन जयपुर के अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर बस की निगरानी और कार्रवाई के लिए रवाना किया गया। कड़ी निगरानी के बाद संदिग्ध बस की पहचान कर उसे आगरा-महवा मार्ग पर भरतपुर बाईपास के निकट महवा, जिला दौसा में रोका गया। बस की तलाशी के दौरान एक संदिग्ध यात्री की पहचान की गई। जांच में उसके कब्जे से तीन पॉलीबैग में छिपाकर रखे गए कुल 72,000 प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। सीबीएन अधिकारियों ने पूरी खेप को जब्त कर लिया और आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि खेप कहां से लाई गई थी, किसे पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय है। सीबीएन अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई खुफिया तंत्र, सतर्क निगरानी और टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत उसकी कार्रवाई केवल मादक पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं है, बल्कि अवैध तस्करी नेटवर्क और ड्रग कार्टेल्स को पूरी तरह ध्वस्त करना भी लक्ष्य है। गौरतलब है कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। खुफिया सूचना पर बिछाया जाल सूचना मिलते ही सीबीएन जयपुर की टीम सक्रिय हो गई। संदिग्ध बस की पहचान कर भरतपुर बाईपास के पास उसे रोककर तलाशी ली गई, जहां आरोपी के पास से भारी मात्रा में ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुए। आमजन से सहयोग की अपील केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी, नशे या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल सीबीएन को दें। ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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बस में छिपाकर लाई जा रही 72हजार ट्रामाडोल-कैप्सूल की खेप: एक तस्कर गिरफ्तार, आगरा से महवा लाई जा रही थी प्रतिबंधित दवा – Jaipur News
दीपिका पादुकोण को स्टार बनाना नहीं था आसान, फराह खान ने दी थी तगड़ी ट्रेनिंग
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आज दीपिका पादुकोण बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में से एक हैं. सफलता के जिस मुकाम पर वह आज हैं, इसके पीछे लंबी तैयारी और कड़ी मेहनत छिपी थी. अपनी पहली फिल्म पाने के लिए उन्होंने इतनी ही मेहनत की थी. इस बात का खुलासा खुद फिल्ममेकर फराह खान ने किया है.
नई दिल्ली. दीपिका पादुकोण ने एक्टिंग की दुनिया में कदम साल 2007 में आई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से की थी. इस फिल्म में उन्होंने शांति का किरदार निभाकर इतिहास रच दिया था. लेकिन फराह खान ने खुलासा किया है इसके लिए उन्होंने बहुत ट्रेनिंग देनी पड़ी थी.

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने साल 2007 में आई फिल्म ओम शांति ओम से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में फराह खान ने उन्हें लॉन्च करने के लिए जी तोड़ मेहनत की थी.शाहरुख खान के साथ पहली फिल्म मिलना दीपिका के लिए भी आसान नहीं था.

फराह ने बताया कि उन्होंने दीपिका को एक्टिंग सीखने के लिए भेजा था, उन्हें कथक डांस की ट्रेनिंग दी गई उसके बाद भी 10 दिन सेट पर बुलाया गया था.
दरअसल, फराह खान हाल ही में अपने कुकिंग व्लॉग के एक एपिसोड के लिए दीया मिर्जा के घर गई थीं.
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इसी दौरान उन्होंने बताया था कि बॉलीवुड में डेब्यू के लिए दीपिका को क्या करना पड़ा था. उन्होंने बताया कि पादुकोण को फिल्म ओम शांति ओम के लिए कास्ट किया था तो पहले उन्हें अनुपम खेर के एक्टिंग स्कूल भेज दिया गया था. उन्हें एक्टिंग की क्लासेस दी गई थी. तब जाकर उन्हें दीपिका से शांति बनाया था.

इस पर फराह खान ने दीपिका पादुकोण के डेब्यू के दिनों को याद किया. उन्होंने बताया कि दीपिका को ओम शांति ओम शुरू होने से पहले करीब 3 से 4 महीने तक ट्रेनिंग दी गई थी. सबसे पहले उन्हें अनुपम खेर की एक्टिंग क्लास में भेजा गया.

इसके अलावा उनके कई लुक टेस्ट भी किए गए ताकि उनके किरदार को बेहतर से बेहतर तरीके से पेश किया जा सके. उन्होंने ये खुलासा भी किया कि दीपिका की शूटिंग बाकी स्टार के 10 दिन बाद शुरू करवाई गई थी, क्योंकि इन 10 दिनों में दीपिका सिर्फ ऑब्जर्व करती थीं, कौन कैसे काम कर रहा है.

फराह चाहती थीं कि किसी को ये न लगे कि शाहरुख के सामने कोई नई लड़की कंप्लीट नहीं कर पाई, या शाहरुख के साथ अनफेयर लगे. वह उनकी हीरोइन के तौर पर उन्हें एक्टिंग के लिए तैयार कर रही थीं.

फराह ने ये भी खुलासा किया कि दीपिका को इस दौरान काफी कुछ सीखने को मिला और उसका नतीजा ये हुआ कि फिल्म में उन्होंने बेहतरीन काम किया. ओम शांति ओम में दीपिका और शाहरुख खान दोनों ने डबल रोल निभाया था. ये साल 2007 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक रही थी. यहीं से दीपिका के करियर को नई उड़ान मिली थी.
राजेश एक्सपोर्ट्स पर ED का शिकंजा, बेंगलुरु में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
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देश की प्रमुख ज्वेलरी निर्यातक कंपनियों में शामिल राजेश एक्सपोर्ट्स की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को कंपनी और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में SEBI ने कंपनी के कुछ वित्तीय लेनदेन और रिपोर्टिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे. मामले ने निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.
राजेश एक्सपोर्ट्स के ठिकानों पर ED की कार्रवाई. (Representative Image: AI)
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार सुबह से बेंगलुरु में राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर्स से जुड़े कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया. सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी की टीमें अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं. कार्रवाई सुबह शुरू हुई और कई घंटों तक जारी रही. हालांकि एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर तलाशी के दायरे और बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.
SEBI की हालिया कार्रवाई के बाद बढ़ी जांच
यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है जब बाजार नियामक SEBI ने हाल ही में कंपनी से जुड़े कुछ वित्तीय मामलों पर सवाल उठाए थे. नियामक ने अपने आदेश में कई स्तरों वाले लेनदेन और संबंधित संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय व्यवहार की जांच की जरूरत बताई थी. SEBI ने कंपनी की वित्तीय रिपोर्टिंग से जुड़े कुछ पहलुओं को लेकर भी चिंता जताई थी. माना जा रहा है कि इन्हीं मुद्दों के आधार पर अब अन्य एजेंसियां भी मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.
वित्तीय लेनदेन पर उठे थे सवाल
नियामक संस्था द्वारा जारी आदेश में कथित तौर पर कई जटिल लेनदेन संरचनाओं का उल्लेख किया गया था. जांच में यह देखने की कोशिश की जा रही है कि विभिन्न संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय लेनदेन नियमों के अनुरूप थे या नहीं. इसके अलावा कुछ वित्तीय आंकड़ों और रिपोर्टिंग प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए थे. इन आरोपों के सामने आने के बाद कंपनी का नाम चर्चा में आ गया और निवेशकों के बीच भी उत्सुकता बढ़ गई.
ED किन पहलुओं की कर रही है पड़ताल?
सूत्रों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय फिलहाल उन बिंदुओं की जांच कर रहा है जिनका उल्लेख पहले नियामकीय कार्रवाई में किया गया था. एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि संबंधित लेनदेन की वास्तविक प्रकृति क्या थी और उनमें किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि जांच किस चरण में है और किन-किन दस्तावेजों या रिकॉर्ड को एजेंसी ने अपने कब्जे में लिया है. जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर अधिक साफ हो सकेगी.
निवेशकों की नजर आगे की कार्रवाई पर
राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ी इस कार्रवाई पर अब निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों की नजर बनी हुई है. किसी भी बड़ी सूचीबद्ध कंपनी के खिलाफ नियामकीय और जांच एजेंसियों की कार्रवाई का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है. फिलहाल कंपनी या उसके प्रमोटर्स की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट, कंपनी का पक्ष और नियामकीय प्रक्रियाओं की दिशा इस पूरे मामले की आगे की तस्वीर तय करेगी. फिलहाल इतना तय है कि राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ा यह मामला बाजार में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है और इसकी हर नई जानकारी पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
गुजरात- AAP विधायक, पत्नी समेत 9 को 7-7 साल जेल: वन्यकर्मियों से मारपीट, वसूली के मामले में मिली सजा, ₹96000 का जुर्माना भी
नर्मदा (गुजरात)48 मिनट पहले
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नर्मदा जिले की डेडियापाड़ा से AAP के विधायक हैं चैतर वसावा।
गुजरात में नर्मदा जिले की एक कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और 7 अन्य को 7-7 साल जेल की सजा सुनाई है। इन पर वन-विभाग के अधिकारियों से मारपीट और वसूली का आरोप था।
सजा के अलावा विधायक की पत्नी और अन्य पर 96 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कुल 9 आरोपियों में 4 महिलाएं शामिल हैं।
मामला 30 अक्टूबर 2023 का है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जंगल की जमीन पर हुए अतिक्रमण हटा दिए थे। इस पर वसावा ने पांच अधिकारियों को अपने घर बुलाया था।
प्राथमिकी के मुताबिक, चैतर वसावा और उनके साथियों ने अधिकारियों के साथ मारपीट की और उनसे प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने के नाम पर वसूली की थी।

चैतर वसावा गुजरात AAP के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।
आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज था
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चैतर वसावा ने इस दौरान हवाई फायरिंग भी की थी। आरोप है कि जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया, उसके लिए उनके पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसके चलते उन पर आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
अधिकारियों ने ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर किए थे
इस घटना के अगले ही दिन, चैतर वासावा के पीए और अन्य लोगों ने दो अधिकारियों से 30-30 हजार रुपए की फिरौती मांगी थी। चूंकि वन कर्मचारियों के पास पैसे नहीं थे। इसलिए उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया और दो अधिकारियों ने 60 हजार रुपए ऑनलाइन पीए और अन्य आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए थे। कोर्ट में इसे सबूत के तौर पर पेश किया गया था।
मामले में PA और 6 गांववाले भी थे आरोपी
इस मामले में चैतर वसावा के अलावा उनकी पत्नी शकुंतला वसावा, निजी सहायक (PA) जितेंद्र वसावा और 6 ग्रामीणों को आरोपी बनाया गया था। शकुंतला वसावा उस समय नर्मदा जिला पंचायत की सदस्य थीं। घटना के बाद कुछ आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था।
हालांकि, चैतर वसावा कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। उन्होंने 14 दिसंबर 2023 को सरेंडर किया था। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव में भरूच सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

नर्मदा जिले के आदिवासी इलाके में मजबूत पकड़ रखते हैं वसावा।
2022 के विधानसभा चुनाव में जीत से चर्चा में आए थे
चैतर वसावा AAP के टिकट पर साल 2022 के विधानसभा चुनाव में डेडियापाड़ा सीट से जीतकर चर्चा में आए थे। उनकी जीत ने दक्षिण गुजरात के आदिवासी इलाके में AAP को मजबूत आधार दिया था।
चैतर वसावा ने खुद को आदिवासी भूमि अधिकारों के प्रमुख नेता के रूप में स्थापित किया है। हालांकि, अब अदालत के फैसले ने उनकी राजनीतिक राह मुश्किल कर दी है।
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वडोदरा में चॉकलेट केबिन चलाने वाली गीता बनीं मेयर: गुजरात की 15 महानगरपालिकाओं के मेयर और डिप्टी मेयर के नाम का ऐलान

गुजरात में निकाय चुनाव परिणामों के लगभग एक महीने बाद अहमदाबाद, नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, जामनगर, पोरबंदर, नडियाद और महेसाणा समेत 8 महानगरपालिकाओं में पदाधिकारियों की घोषणा की गई। इसके बाद 28 मई को सूरत, वडोदरा, सुरेंद्रनगर, भावनगर, वापी, आणंद-करमसद और राजकोट के पदाधिकारियों के नाम का ऐलान किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
गरीब ऑडियंस को ध्यान में रखते हुए अनु अग्रवाल ने रिजेक्ट की कई फिल्में, लिखा लंबा नोट
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अनु अग्रवाल ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में कई बड़ी फिल्में रिजेक्ट करने की वजह बताई है. उन्होंने अपनी एक तस्वीर शेयर की और लंबा नोट लिखा है. उन्होंने बताया कि वह गरीब ऑडियंस को ध्यान में रखती थीं. वह पैसे जोड़कर टिकट खरीदते हैं और वो उन्हें क्या अच्छा दे रही हैं? इस बारे में सोच फिल्मों को छोड़ देती थीं.
अनु अग्रवाल ‘आशिकी’ से रातों रात स्टार बन गई थीं.
मुंबई. 1990 की सुपरहिट फिल्म ‘आशिकी’ से रातोंरात स्टार बनीं एक्ट्रेस अनु अग्रवाल ने अपने फिल्मी करियर को लेकर एक बड़ा खुलासा किया. अनु ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि एक्टिंग के दौरान आखिर क्यों उन्होंने कई फिल्मों के ऑफर ठुकराए थे. अनु अग्रवाल ने पोस्ट में अपनी एक फोटो शेयर की, जिसमें वह ऑफ वाइट सिंपल साड़ी में नजर आ रही है. इस पोस्ट के साथ उन्होंने बताया कि उनके हमेशा यह सवाल बहुत अहम रहा कि जो लोग थिएटर में मेरी फिल्म देखने आते हैं, क्या उन्हें उसके बदले में कुछ अच्छा मिल रहा है या नहीं.
अनु अग्रवाल ने अपने पोस्ट में लिखा, “एक बात जो मुझे एक कलाकार के तौर पर परेशान करती थी, वह यह कि लोग मेरी फिल्म देखने के लिए पैसे देते हैं. यह बात भले ही सुनने में आम लगे, लेकिन मैं इसके बारे में लगातार सोचती रहती थी. बहुत से दर्शक मिडिल-क्लास और लोअर-मिडिल-क्लास से आते हैं. कुछ लोग टिकट के लिए पैसे जोड़कर रखते हैं, कुछ लोग इसे खरीदने के लिए अपनी सुविधा से बाहर जाते हैं. ऐसे में मैं खुद से पूछती थी कि क्या हम उन्हें उनके पैसे के बदले कुछ बेहतर दे रहे हैं?”
अनु अग्रवाल का इंस्टाग्राम पोस्ट.
अनु अग्रवाल ने आगे लिखा, “यही सोच मेरे फिल्म चुनने के तरीके को बदल देती थी. सिर्फ किसी फिल्म का सफल होना काफी नहीं होता, बल्कि यह भी जरूरी होता है कि वह फिल्म दर्शकों के लायक है या नहीं. मेरे पास कई कहानियां ऐसी आई, जो दर्शकों के लिए सही नहीं थी, जिसके कारण मैंने वो फिल्में ठुकरा दी.”
अनु अग्रवाल ने बताया लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी
अनु अग्रवाल ने कहा,”यह सिर्फ टाइपकास्ट होने या सही किरदार चुनने की बात नहीं थी. मैं थिएटर में बैठे लोगों के प्रति जिम्मेदारी महसूस करती थी. दर्शकों ने मुझे बहुत कुछ दिया है. मेरे लिए सबसे कम, जो मैं कर सकती थी, वह था उनके समय, ध्यान और भरोसे का सम्मान करना. यही सोच मेरे करियर की पहचान थी और इसी कारण मैंने कई फिल्मों से दूरी बनाई.”
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रमेश कुमार, सितंबर 2021 से बतौर सीनियर सब एडिटर न्यूज18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रहे हैं. समय-समय पर विधानसभा-लोकसभा चुनाव पर भी काम करते हैं. इससे पहले हिंदीरश (पिंकविला) में एंटर…और पढ़ें
डॉ. नितेश जायसवाल डेनमार्क में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेंगे: अनुसंधान फाउंडेशन से मिला यात्रा अनुदान, शोध पत्र करेंगे प्रस्तुत – Jaunpur News
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान के रसायन विज्ञान विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. नितेश जायसवाल को डेनमार्क में आयोजित होने वाले 46वें अंतरराष्ट्रीय कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। यह सम्मेलन 28 जून से 3 जुलाई 2026 तक ओडेंस, डेनमार्क में होगा। यह सम्मेलन कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री के क्षेत्र का एक प्रतिष्ठित और विश्वस्तरीय आयोजन है, जो प्रत्येक दो वर्ष पर होता है। इसमें विभिन्न देशों के अग्रणी वैज्ञानिक, शिक्षाविद और शोधकर्ता भाग लेते हैं। डॉ. जायसवाल को इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता के लिए अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन, भारत सरकार की अंतरराष्ट्रीय यात्रा योजना के तहत यात्रा अनुदान स्वीकृत हुआ है। डॉ. जायसवाल इस सम्मेलन में अपने शोध विषय ‘मल्टीफंक्शनल सिफ बेस मेटल कॉम्प्लेक्सेस’ पर मौखिक प्रस्तुति देंगे। उनका शोध कार्य संक्रमण धातु-आधारित उपसहसंयोजक यौगिकों के संश्लेषण, संरचनात्मक अध्ययन तथा उनके जैविक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों से संबंधित है। इस अनुदान के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, वीजा शुल्क और सम्मेलन पंजीकरण शुल्क के लिए आर्थिक सहायता मिली है। सम्मेलन में उपसहसंयोजक यौगिकों के जैविक एवं चिकित्सीय अनुप्रयोग, उत्प्रेरण, ऊर्जा एवं स्थिरता के लिए समन्वय यौगिक, आणविक मॉडलिंग तथा उन्नत पदार्थ विज्ञान जैसे समसामयिक विषयों पर व्याख्यान और प्रस्तुतियां होंगी। डॉ. जायसवाल की इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. मिथिलेश सिंह और अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने भी बधाई दी। रसायन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रमोद कुमार ने कहा कि डॉ. जायसवाल की सहभागिता विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान को सुदृढ़ करेगी और वैश्विक शोध सहयोग को बढ़ावा देगी।
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गुड़र ब्लास्ट केस; डेढ़ वर्षीय शिवा ने भी दम तोड़ा: एक ही परिवार के पिता-पुत्री समेत चार मौतें, हादसे के कारण अब तक पता नहीं – Shivpuri News
शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र के गुड़र गांव में हुए ब्लास्ट में एक और मासूम की जान चली गई है। मंगलवार को ग्वालियर में उपचार के दौरान डेढ़ वर्षीय शिवा प्रजापति की मौत हो गई। इस हादसे में अब तक मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।
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शिवा के पिता प्राण सिंह प्रजापति, बहन 4 वर्षीय जानवी प्रजापति और पड़ोसी 11 वर्षीय कल्ला आदिवासी पहले ही दम तोड़ चुके थे। शिवा की मां रौशनी प्रजापति का उपचार ग्वालियर में जारी है, जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रही हैं।
धमाके में दीवार तक ढह गई थी यह भीषण धमाका पिछले बुधवार सुबह प्राण सिंह प्रजापति के घर में खाना बनाते समय हुआ था। धमाका इतना जोरदार था कि मकान की छत और दीवारें ढह गईं और घर में आग लग गई थी। हादसे के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
सबसे पहले मलबे में दबने और आग की चपेट में आने से 4 वर्षीय जानवी प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद ग्वालियर में उपचार के दौरान 11 वर्षीय कल्ला आदिवासी ने दम तोड़ा। गुरुवार शाम को गंभीर रूप से झुलसे प्राण सिंह प्रजापति की भी मौत हो गई थी। अब मंगलवार को डेढ़ वर्षीय शिवा प्रजापति ने भी उपचार के दौरान अंतिम सांस ली है।
आशंका- पेट्रोल-डीजल में आग लगी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना के समय घर में गैस चूल्हे पर नाश्ता बनाया जा रहा था। प्रशासन को आशंका है कि घर में रखे पेट्रोल-डीजल में आग लगने से विस्फोट हुआ। हालांकि, गैस सिलेंडर फटने की संभावना को भी जांच में शामिल किया गया है। पुलिस और प्रशासन अभी भी हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं।
एक ही परिवार के पिता, पुत्र और पुत्री समेत चार लोगों की मौत से गुड़र गांव में शोक का माहौल है।
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नाश्ता बनाते समय मकान में ब्लास्ट:छत ढहने और आग लगने से 4 साल की मासूम की मौत; 4 लोग झुलसे, शिवपुरी से ग्वालियर रेफर
शिवपुरी के गुड़र गांव में धमाके के साथ एक मकान की छत और दीवारें भर-भराकर गिर गईं। मलबे में दबने और आग की चपेट में आने से 4 वर्षीय मासूम जाह्नवी प्रजापति की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। पूरी खबर पढ़िए…
किशनगंज में नाबालिग लड़की लापता: घर से निकली थी काम बताकर, तलाश में जुटी पुलिस; संभावित ठिकानों पर छापेमारी – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज में नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला किशनगंज शहर के धर्मगंज इलाके का है, जहां एक नाबालिग लड़की के अचानक गायब होने के बाद परिजनों ने सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लड़की की तलाश शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, लड़की 20 जून को अपने घर से निकली थी। उसने घरवालों को बताया था कि वह किसी जरूरी काम से बाहर जा रही है। इसके बाद वह घर से चली गई, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां की तलाश शाम तक बेटी के घर नहीं लौटने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर से उसकी खोजबीन शुरू की। आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों से भी जानकारी ली गई, लेकिन कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। काफी देर तक तलाश करने के बाद भी जब नाबालिग लड़की का पता नहीं चला तो परिजन सोमवार को किशनगंज सदर थाना पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने शुरू की जांच, संभावित स्थानों पर तलाश जारी परिजनों की शिकायत के आधार पर सदर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब लड़की के मोबाइल नंबर, संपर्क में रहने वाले लोगों और आने-जाने वाले संभावित स्थानों की जानकारी जुटा रही है। सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़की की बरामदगी के लिए पुलिस टीम सक्रिय है। आसपास के थानों से भी संपर्क किया गया है और संभावित जगहों पर खोजबीन की जा रही है। जल्द ही लड़की को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार मामलों से अभिभावकों में बढ़ी चिंता जिले में लगातार सामने आ रहे नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामलों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति के संबंध में जानकारी मिलने पर तुरंत नजदीकी थाना को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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पुणे में सोनम रघुवंशी जैसा केस: लड़की ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को 400 फीट गहरी खाई में फेंका; नवंबर में शादी थी
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- Pune Ketan Agarwal Trekking Death Mystery; Siya Goyal Chetan Chaudhary | Lohagad Fort
पुणे8 मिनट पहले
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पुणे में इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसा मामला सामने आया है। बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने मंगलवार को उसकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) को गिरफ्तार किया। दोनों पर प्लानिंग के तहत केतन की हत्या का आरोप है।
केतन 18 जून को अपने मंगेतर सिया के साथ पुणे के लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। बाद में उनका शव खाई से बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, सिया और उसके प्रेमी ने केतन को किले से 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया था। बाद में इसे हादसा बताने की कोशिश की।
इंदौर के राजा रघुवंशी की हत्या भी उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शिलॉन्ग में गहरी खाई में धक्का देकर की थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सोनम फिलहाल जमानत पर बाहर है।

सर्च ऑपरेशन के बाद केतन को खाई में ढूंढा गया, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।
केतन रियल एस्टेट कारोबारी थे, सिया व्यापारी की बेटी
26 साल के केतन पुणे जिले के गहुंजे के रहने वाले थे और परिवार के रियल एस्टेट कंपनी में डायरेक्टर थे। वहीं सिया पुणे के एक मसाला व्यापारी की बेटी है। दोनों की इस साल नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक शाही पैलेस में शादी होने वाली थी।
यह शादी दोनों के परिवारों ने तय की थी। घर में तैयारियां भी शुरू थीं। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्राइवेट विमान की व्यवस्था भी की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी पर परिवार करीब ₹17 करोड़ खर्च करने वाला था।
प्री-बर्थडे सेलिब्रेट करने किले पर गए थे, पुलिस के 3 खुलासे
- पुणे ग्रामीण पुलिस के एसपी संदीप सिंह गिल के अनुसार, केतन 18 जून की सुबह अपनी मंगेतर के साथ उसका प्री-बर्थडे सेलिब्रेट करने के लिए लोहागढ़ किले पर गए थे। सुबह करीब 10:30 बजे वे खाई में गिरे।
- स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीम ने उसी दिन केतन का शव बरामद कर लिया था। शुरुआत में पुलिस ने बताया था कि केतन लोहागढ़ किले पर तेज हवा के बीच फोटो खींचते समय खाई में गिर गए।
- मंगेतर सिया ने बताया था कि केतन का पैर फिसल गया और वह खाई में गिर गए। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने आकस्मिक मौत (ADR) का मामला दर्ज किया था। हालांकि, मौत की परिस्थितियां संदिग्ध लग रही थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केतन और सिया शादी से पहले बाली (इंडोनेशिया) घूमने जाने वाले थे।
शादी नहीं करना चाहती थी सिया, प्रेमी के साथ प्लान बनाया
पुलिस को जांच में पता चला कि सिया गोयल का पुणे के कोंढवा निवासी चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। सिया, केतन से शादी नहीं करना चाहती थी और उसे लगता था कि केतन उसके और चेतन के रिश्ते में रुकावट बन गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों ने मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची। प्लानिंग के तहत सिया, केतन को घूमने के बहाने लोहागढ़ किले पर ले गई। बाद में चेतन को भी वहां बुलाया गया। इसके बाद दोनों ने केतन को किले से नीचे धक्का दे दिया।

CCTV में केतन की मौत से ठीक पहले चेतन चौधरी लोहागढ़ किले पर जाता हुआ दिखा।
चेतन से पूछताछ के बाद सिया गिरफ्तार हुई
शक के आधार पर स्थानीय क्राइम ब्रांच ने चेतन को हिरासत में लिया। चेतन से पूछताछ के बाद सिया गोयल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि केतन के पिता विशाल अग्रवाल की शिकायत पर मंगलवार को हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस अब घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने, फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने और यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश में कोई और भी शामिल था या नहीं। लोहागढ़ किला मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास से जुड़ा हुआ है। यह महाराष्ट्र के 12 यूनेस्को विश्व धरोहर किलों में शामिल है।
CUET UG Result 2026: सीयूईटी यूजी रिजल्ट हुआ जारी, इस लिंक पर जाकर करें चेक
CUET UG Result 2026: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET)- अंडरग्रेजुएट (UG) 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट – cuet.nta.nic.in पर CUET UG स्कोरकार्ड PDF देख और डाउनलोड कर सकते हैं। CUET UG 2026 परीक्षा 11 से 31 मई और 6 से 7 जून, 2026 के बीच आयोजित की गई थी।
एनटीए ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 15,68,867 (पंद्रह लाख अड़सठ हज़ार आठ सौ सड़सठ) यूनिक रजिस्टर्ड उम्मीदवारों के लिए कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (UG) – 2026 [CUET (UG) – 2026] आयोजित किया। हर उम्मीदवार के पास पांच विषयों तक चुनने की सुविधा थी। इससे कुल मिलाकर लगभग 67,56,327 टेस्ट इंस्टेंस बने और 12,906 अलग-अलग विषय कॉम्बिनेशन तैयार हुए। परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखते हुए इतने बड़े पैमाने और विविधता को संभालने के लिए यह परीक्षा देश भर में और अंतरराष्ट्रीय जगहों पर 19 दिनों/35 शिफ्ट में आयोजित की गई।
कैसे डाउनलोड करें CUET UG स्कोरकार्ड
छात्र इन स्टेप्स को फॉलो करके ऑफिशियल पोर्टल – cuet.nta.nic.in पर CUET UG स्कोरकार्ड PDF देख और डाउनलोड कर सकते हैं-
- सबसे पहले, ऑफिशियल पोर्टल – cuet.nta.nic.in पर जाएं
- CUET UG स्कोरकार्ड PDF लिंक पर क्लिक करें
- अपनी लॉगिन डिटेल्स- रजिस्ट्रेशन नंबर/रोल नंबर डालें
- CUET UG स्कोरकार्ड PDF स्क्रीन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा
- इसे सेव कर लें और इसका हार्ड कॉपी प्रिंटआउट निकाल लें
CUET UG स्कोरकार्ड 2026 में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, कुल अंक, विषय-वार अंक, क्वालिफाइंग अंक, पास/फेल का स्टेटस और अन्य जानकारी शामिल होगी।
CUET UG की फाइनल आंसर की कैसे डाउनलोड करें
CUET UG की फाइनल आंसर की आधिकारिक वेबसाइट – cuet.nta.nic.in पर जारी कर दी गई है। CUET UG की फाइनल आंसर की डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें –
- आधिकारिक वेबसाइट – cuet.nta.nic.in पर जाएं
- CUET UG फाइनल आंसर की 2026 PDF लिंक पर क्लिक करें
- CUET UG फाइनल आंसर की 2026 PDF डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी
- CUET UG फाइनल आंसर की 2026 PDF को सेव करें और उसका प्रिंट आउट (हार्ड कॉपी) निकाल लें।
CUET UG रिजल्ट 2026 के बारे में जानकारी के लिए, कृपया आधिकारिक वेबसाइट – cuet.nta.nic.in पर जाएं।
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