फिरोजाबाद के ढोलपुरा गांव में गेल गैस विभाग के एक खुले चैंबर में गिरने से एक युवक की मौत हो गई। मंगलवार रात हुई इस घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और आक्रोशित ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ढोलपुरा निवासी छोटेलाल पुत्र राम भरोसी मंगलवार रात करीब 11 बजे गांव के बाहर से गुजर रहे थे। इसी दौरान वह खुले पड़े गैस चैंबर में गिर गए। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की, जिसके बाद उनका शव चैंबर में मिला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गेल गैस विभाग का चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था और उसकी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। उनका कहना था कि कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने लापरवाही बरती। सूचना मिलने पर एसडीएम और सदर विधायक भी मौके पर पहुंचे। उनके साथ किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। यूनियन नेताओं ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। एसडीएम ने कहा- दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी
एसडीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति चेंबर में गिरकर मृत हो गया है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। परिजनों को आश्वासन दिया गया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतक के परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जाएगा। विधायक बोले- ये हद दर्जे की लापरवाही
सदर विधायक मनीष असीजा ने कहा कि यह हद दर्जे की लापरवाही है। उन्होंने बताया कि करीब 8 से 10 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर मजदूर की मौत हुई है। मृतक के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। विधायक ने कहा कि बच्चों की देखरेख और आर्थिक सहायता के लिए सरकार से मांग की जाएगी। साथ ही डीएम से भी इस संबंध में मांग की गई है। उन्होंने बताया कि डीएम को पूरी घटना से अवगत करा दिया गया है और नगरायुक्त को मौके पर भेजकर सभी खुले गड्ढों को तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
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खुले गैस चैंबर में गिरने से युवक की मौत: फिरोजाबाद में ग्रामीणों ने हंगामा किया, विधायक बोले- हद दर्जे की लापरवाही – Firozabad News
औरंगाबाद में डीएम के आदेश की उड़ रही धज्जियां: रामाबांध बस स्टैंड के पास सड़क पर लग रही यात्री बसें, जाम से लोग परेशान – Aurangabad (Bihar) News
औरंगाबाद शहर को जाममुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना से आम लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के रामाबांध स्थित बस स्टैंड के पास एनएच-139 पर यात्री बसों की अवैध पार्किंग के कारण प्रतिदिन भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। इससे राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पांच दिन पहले जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा, पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने संयुक्त रूप से रामाबांध बस स्टैंड का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिया था कि बस स्टैंड के सामने एनएच-139 पर कोई भी बस या भारी वाहन खड़ा नहीं होगा। सभी यात्री बसों का परिचालन बस स्टैंड परिसर से ही सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बावजूद आदेशों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे बसें खड़ी कर यात्रियों को बैठाया जा रहा है। एनएच 139 पर बस खड़ा कर सवारी बैठा रहे बस संचालक स्थिति यह है कि कई यात्री बसें घंटों तक सवारियों के इंतजार में सड़क पर ही खड़ी रहती है। इसके कारण रामाबांध से लेकर ओवरब्रिज तक लंबा जाम लग जाता है। खासकर औरंगाबाद से अंबा की ओर जाने वाले और वहां से शहर आने वाले छोटे-बड़े वाहनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार एंबुलेंस और स्कूली वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे लोगों में प्रशासन और बस संचालकों के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। बसों के अवैध पार्किंग के कारण रामाबांध बस स्टैंड से लेकर ओवर ब्रिज और महाराजगंज रोड तक जाम की स्थिति बनी रहती है। यात्री घंटों जाम में फंसे रहते हैं। स्थानीय वरुण कुमार सिंह उर्फ जब्बर सिंह ने बताया कि बस स्टैंड के पास ही उनका दुकान है। घर से दुकान तक पहुंचने में भी काफी परेशानी होती है। कभी-कभी तो सड़क जाम के कारण महज 500 मीटर की दूरी तय करने में आधा घंटा या उससे अधिक समय लग जाता है। जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। सख्त कार्रवाई कर दिया गया था निर्देश निरीक्षण के दौरान डीएम ने बस स्टैंड परिसर की साफ-सफाई, रंग-रोगन तथा समुचित रख-रखाव सुनिश्चित करने का निर्देश नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को दिया था। उन्होंने कहा था कि बस स्टैंड को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाया जाए ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। साथ ही बसों के व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया था। जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी को भी निर्देश दिया था कि राष्ट्रीय उच्च पथ-139 के किनारे भारी वाहनों की अवैध पार्किंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा जुर्माना लगाया जाए। इसके अलावा पुराने और अनुपयोगी वाहनों के निबंधन निरस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का भी निर्देश दिया गया था। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया था कि सड़क किनारे बस खड़ी कर सवारी बैठाने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी, ताकि शहर में जाम की समस्या से लोगों को राहत मिल सके। शहर को जाम मुक्त करने के लिए लाया जा रहा है विशेष अभियान डीएम-एसपी ने निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड एवं आसपास के क्षेत्रों का जायजा लेते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और औरंगाबाद शहर को जाममुक्त करने के लिए समुचित कार्य योजना तैयार करने की बात कही थी। प्रशासन ने यह भी कहा था कि लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। प्रशासनिक आदेशों के बावजूद बस संचालकों की मनमानी जारी है और सड़क किनारे बसों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है, जिन्हें रोजाना जाम और अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है। यात्रियों के लिए व्यवस्था की जा रही है वहीं, इस संबंध में जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि बस स्टैंड अभी फंक्शनल नहीं है। बस स्टैंड में यात्रियों के लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही आदेश का अनुपालन किया जाएगा।
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इंदौर में ऑटो में बैठाकर बड़नगर के व्यापारी को लूटा: सुनसान जगह ले जाकर 1.70 लाख रुपए लूटकर बदमाश फरार, पुलिस जांच में जुटी – Indore News
परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में बड़नगर से खरीदारी करने आए एक स्टोर्स कर्मचारी के साथ लूट की वारदात हो गई। बदमाश ऑटो में बैठाकर उसे सुनसान इलाके में ले गए और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में करीब 1 लाख 70 हजार रुपए रखे हुए थे। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक फरियादी गणेश सिंह सोलंकी रविवार शाम बड़नगर से ट्रेन के जरिए इंदौर पहुंचे थे। वे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर उतरे और सियागंज जाने के लिए ऑटो किया। बताया जा रहा है कि ऑटो में पहले से एक युवक बैठा हुआ था। ऑटो चालक ने कहा कि पहले वह युवक को राजबाड़ा छोड़ेगा, उसके बाद गणेश को सियागंज छोड़ देगा। इसके बाद आरोपी गणेश को लेकर राजकुमार ब्रिज के पास पहुंचे। यहां गणेश को शंका हुई तो उन्होंने ऑटो रोकने के लिए कहा। इसी दौरान ऑटो चालक और उसके साथी ने विवाद शुरू कर दिया। आरोपियों ने गणेश को धक्का देकर उसका बैग छीन लिया और ऑटो लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत अपने मालिक को घटना की जानकारी दी और बाद में थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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पीएम मोदी की अपील के बाद सोने पर बड़ा अपडेट, जल्द खुलेगा बुलियन बैंक
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Bullion Bank : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 दिन पहले देशवासियों से अपील की थी कि देशहित में सालभर सोने की खरीद कम कर दें. इसके बाद से ही देश में एक्सपर्ट और आम आदमी सभी अपनी-अपनी तरह से कयास लगा रहे हैं. ज्वैलरी के बिजनेस से जुड़े कारोबारियों ने भी पीएम और सरकार से ऐसा कोई कदम न उठाने की अपील की है. हालांकि, पीएम मोदी की अपील के 24 घंटे के भीतर आम आदमी की राहत के लिए बुलियन बैंक लॉन्च कर दिया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोने को लेकर एक अहम घोषणा की है. इसके बाद पूरा देश सोने पर चर्चा कर रहा है, जबकि ज्वैलर्स एसोसिएशन ने हाल ही में इस मुद्दे पर सरकार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा है कि सोने की खरीद को टालना समस्या का समाधान नहीं है. ऐसा करने से 35 लाख लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी. ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड ज्वैलर्स फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने केंद्र सरकार को यह स्पष्ट कर दिया है कि विदेशी मुद्रा बचाने का सही तरीका घरेलू सोने को जुटाना और उसका दोबारा इस्तेमाल करना है.

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में गंभीर समस्या आ गई है. इस संदर्भ में पीएम मोदी ने रविवार को आम नागरिकों से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित रखने के लिए कुछ समय के लिए सोने की खरीदारी स्थगित करने की अपील की है. इसके बाद आभूषण उद्योग ने इस अपील पर गंभीर चिंता जताई है.

प्रधानमंत्री की टिप्पणियों के मद्देनजर, एआईजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोरा ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और आयात बिलों में वृद्धि को लेकर सरकार की चिंता को वे समझ सकते हैं. हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि वैकल्पिक रचनात्मक उपाय दिखाए बिना खरीद रोकने का आह्वान करने से आभूषण उद्योग नष्ट हो जाएगा.
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पंकज अरोरा ने स्पष्ट किया कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा करने का सरकार का इरादा समझ में आता है, लेकिन मांग को नष्ट करना इसका समाधान नहीं होना चाहिए. एकमात्र समाधान घरेलू स्तर पर यानी लोगों के घरों में निष्क्रिय पड़े सोने को जुटाना, उसका पुनर्चक्रण करना और उसे उत्पादक प्रचलन में वापस लाना है.

ज्वैलर्स संघ ने चेतावनी दी कि यदि जनता की खरीदारी का रुझान अचानक नकारात्मक हो जाता है, तो उद्योग को अपूरणीय क्षति होगी. उसने स्पष्ट किया कि शोरूमों में आने वाले ग्राहकों की संख्या घट जाएगी और उत्पादन के ऑर्डर रुक जाएंगे. इससे छोटे व्यापारियों और कारीगरों की कमाई पर भारी बोझ पड़ेगा, जो सप्लाई चेन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

ज्वैलर्स एसोसिएशन का कहना है कि यह सिर्फ सोने के कारोबार से जुड़ी समस्या नहीं है. यह करोड़ों लोगों की आजीविका से जुड़ा मुद्दा है. उन्होंने केंद्र सरकार को वास्तविक स्थिति समझाने की कोशिश की और उन श्रमिकों का पक्ष लिया जो कारोबार ठप होने पर बेघर हो जाएंगे. इसका सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ेगा, क्योंकि उनका पूरा बाजार ही शादी-विवाह और त्योहारों जैसे महत्वपूर्ण समय पर निर्भर करता है.

इस अवसर पर संस्था ने भारतीय परिवारों में सोने के विशेष महत्व को भी याद दिलाया. उन्होंने कहा कि हमारे देश में सोना केवल विलासिता की वस्तु नहीं है, बल्कि यह विवाह संस्कृति का अभिन्न अंग है. यह ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए आर्थिक गारंटी का काम करता है. अरोरा ने अपने पत्र में लिखा कि लाखों भारतीय परिवारों के लिए आभूषण कोई सट्टा निवेश नहीं, बल्कि पहनने के रूप में बचत है.

फेडरेशन ने गोल्ड की खरीद रोकने के बजाय सरकार को कुछ महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिए हैं. इसने घरेलू सोने के संचय और कर्ज देने के लिए एक विशेष ‘बुलियन बैंक’ स्थापित करने का सुझाव दिया है. फेडरेशन ने कहा कि इसे GIFT-IFSC या इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज के तत्वावधान में स्थापित करने से अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे.

इसमें गोल्ड ईटीएफ को अपने भौतिक सोने के भंडार का 20-30 फीसदी बुलियन बैंकों के माध्यम से उधार देने की अनुमति देने का प्रस्ताव है. साथ ही, साल 2015 में शुरू की गई स्वर्ण मुद्रीकरण योजना में पूर्ण बदलाव का सुझाव दिया है. इसमें कर्ज के लिए गारंटी पेपर के रूप में गोल्ड प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने और सिस्टम के भीतर सोने के ट्रांसफर को टैक्स व जीएसटी से मुक्त करने जैसे बदलाव शामिल हैं.

भारत उन देशों में से एक है जिनके पास निजी हाथों में सोने का सबसे बड़ा भंडार है. फेडरेशन का अनुमान है कि अगर बुलियन बैंक प्रणाली को ठीक से लागू किया जाए, तो इससे सोने के आयात में सालाना 200-300 टन की कमी आ सकती है. एआईजेजीएफ ने कहा कि आभूषणों की मांग को दबाने से रोजगार पर असर पड़ेगा, लेकिन घरेलू सोने को जुटाकर रोजगार के अवसरों को नष्ट किए बिना विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है. इस मुद्दे पर सरकार को तत्काल मंत्री स्तरीय बैठक करनी चाहिए.
सीक्रेट रेसिपी का कमाल! बगारा बैंगन खाते ही भूल जाएंगे बाकी सब्जियों का टेस्ट
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Hyderabadi Bagara Baingan: हैदराबादी खानपान अपने तीखे मसालों, शाही अंदाज और खास स्वाद के लिए दुनियाभर में मशहूर है. इन्हीं खास व्यंजनों में शामिल है शाही बगारा बैंगन, जो अपने लाजवाब स्वाद और रिच ग्रेवी के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है. छोटे बैंगनों को मूंगफली, तिल, नारियल और मसालों से तैयार की गई खास ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद बेहद शानदार बन जाता है. यह डिश खासतौर पर बिरयानी के साथ परोसी जाती है और हैदराबादी दावतों की शान मानी जाती है. तीखेपन और नवाबी फ्लेवर का ऐसा मेल कम ही देखने को मिलता है.
हैदराबाद: तेलंगाना की पाक कला अपनी तीखी, चटपटी और खट्टी ग्रेवी के लिए दुनिया भर में मशहूर है. इसी निज़ामी विरासत का एक अनमोल रत्न है बगारा बैंगन. यह न केवल हैदराबाद की शान है.बल्कि हर उस खाने के शौकीन की पहली पसंद है जो मसालों के सही संतुलन की तलाश में रहता है. अगर आप अपने मेहमानों को कुछ शाही परोसना चाहते हैं तो यह डिश आपके दस्तरख्वान की रौनक बढ़ा देगी.

इस शाही डिश को तैयार करने के लिए आपको चाहिए: सब्जी 250 ग्राम छोटे और ताजे बैंगन, 3 बड़े चम्मच मूंगफली, 2 बड़े चम्मच सफेद तिल, और 2 बड़े चम्मच कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल, राई, जीरा, मेथी दाना, कलौंजी, करी पत्ता, बारीक कटा प्याज, अदरक-लहसुन पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, नमक और इमली का गाढ़ा पल्प.

बगारा बैंगन मूल रूप से हैदराबाद के निज़ामों के शाही खानपान का हिस्सा रहा है. यह अपनी गाढ़ी ग्रेवी और सुगंधित मसालों के लिए जाना जाता है. इसे अक्सर बगारा चावल यानी जीरा राइस जैसा लेकिन अधिक मसालों वाला के साथ परोसा जाता है. इसकी खासियत यह है कि इसमें मूंगफली की सोंधी मिठास, इमली का तीखा खट्टापन और मसालों की गर्माहट का एक अद्भुत मेल होता है.
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यदि आप कैलोरी को लेकर सजग हैं तो बैंगनों को तलने के बजाय एयर-फ्राई या तवे पर हल्का रोस्ट भी कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इस डिश का स्वाद अगले दिन और भी निखर कर आता है, क्योंकि समय के साथ बैंगन मसालों को गहराई से सोख लेते हैं. इसे हरे धनिये से सजाकर बगारा राइस या बिरयानी के साथ गरमा-गरम परोसें.

स्वाद की शुरुआत मसालों को भूनने से होती है. सबसे पहले मूंगफली, तिल और नारियल को धीमी आंच पर अलग-अलग सुनहरा होने तक भूनें. ठंडा होने पर इन्हें थोड़े से पानी के साथ मिलाकर एक महीन और चिकना पेस्ट बना लें. यही वह पेस्ट है जो ग्रेवी को वह मशहूर नवाबी बनावट और स्वाद देता है.

बैंगनों को बीच से चीरा लगाकर (डंठल के साथ) गरम तेल में तब तक तलें जब तक कि वे 80% तक पक न जाएं. जब बैंगनों की त्वचा पर हल्की झुर्रियां दिखने लगें, तो उन्हें निकाल लें. यह प्रक्रिया बैंगन के भीतर तक मसालों को सोखने में मदद करती है.

बचे हुए तेल में तड़के की सामग्री डालकर चटकाएं और फिर प्याज को सुनहरा होने तक भूनें. अब तैयार किया गया मूंगफली-तिल का पेस्ट डालें और तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न होने लगे. इसके बाद इमली का पल्प और सूखे मसाले मिलाएं. अंत में तले हुए बैंगन डालकर 5-7 मिनट तक धीमी आंच पर ढककर पकाएं ताकि ग्रेवी का सारा स्वाद बैंगनों में समा जाए.
दौसा में संविदा नर्सिंग कर्मियों ने निकाला कैंडल मार्च: स्थाई नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम एवं पैरामेडिकल भर्तियां मेरिट व बोनस अंक के आधार पर करने की मांग – Dausa News
अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस एवं फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती पर सोमवार शाम को संविदा नर्सिंग अधिकारी, एएनएम एवं पैरामेडिकल कर्मियों द्वारा कैंडल मार्च निकाला गया। नेहरू गार्डन शुरू हुआ कैंडल मार्च गांधी तिराहा तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों और परमानेंट नर्सिंग ऑफिसरों ने भाग लिया। मेडिकल कर्मियों ने एप्रिन एवं आईडी कार्ड पहनकर हाथों में मोमबत्तियां एवं फ्लोरेंस नाइटिंगेल की तस्वीर लेकर मार्च किया। राज्य स्तरीय आंदोलन तेज करेंगे
प्रदेशाध्यक्ष राकेश सैनी ने बताया कि प्रदेशभर में चल रहे राज्य स्तरीय आंदोलन के तहत कैंडल मार्च निकाला गया, ताकि सरकार तक संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की आवाज पहुंचाई जा सके। मेडिकल कर्मियों ने राज्य सरकार से स्थाई नर्सिंग ऑफिसर, एएनएम एवं पैरामेडिकल भर्तियों की विज्ञप्तियां मेरिट व बोनस अंक (10,20,30) के आधार पर भर्ती करने की मांग उठाई। जिलाध्यक्ष विजय मीणा ने बताया कि कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए तथा अंतिम सकारात्मक निर्णय तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक अरबाज खान, आरएनए जिलाध्यक्ष महेंद्र मीना, कर्मचारी महासंघ प्रमुख भगवान वर्मा, परमानेंट नर्सिंग ऑफिसर रामावतार मीणा, ओपी मीणा, अमरेश मीणा, समय गुर्जर, कपिल चौहान, शाहरुख खान, योगेश प्रजापत, भवानी सिंह, बाबू सरिया, शाहिद खान, कमलकांत शर्मा, पवन जैमन, चंद्रशेखर, खेमराज डाबर, नितेश नंदन आदि मौजूद रहे।
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वर्ल्ड अपडेट्स: प्रधानमंत्री मोदी 15 मई को 5 देशों के दौरे पर रवाना होंगे; ईरान जंग के बीच पहले UAE पहुंचेंगे
3 घंटे पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर जाएंगे। ANI के मुताबिक ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच उनका पहला पड़ाव UAE होगा, जहां ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा होने की संभावना है।
PM मोदी 15 मई को UAE पहुंचेंगे और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। बैठक में ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय हालात और भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी।
UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वहां 45 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है। भारत की तेल सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है।
PM मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री रॉब जेटन, किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल साझेदारी पर चर्चा होगी।
PM मोदी 17-18 मई को स्वीडन और 18-19 मई को नॉर्वे जाएंगे। नॉर्वे के ओस्लो में 19 मई को तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट आयोजित होगा। इस समिट में ग्रीन ट्रांजिशन, ब्लू इकॉनमी, रक्षा, स्पेस और नई टेक्नोलॉजी पर चर्चा होगी।
दौरे के आखिरी चरण में PM मोदी 19-20 मई को इटली जाएंगे। वहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। बैठकों में भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, रक्षा सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा पर चर्चा होगी।
मुर्गी खाती है पत्थर इसलिए कड़ा होता है अंडे का छिलका? जवाब सुन होंगे हैरान
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Poultry Farming Secrets: मुर्गी पालन व्यवसाय में अंडे के उत्पादन की प्रक्रिया जितनी सहज दिखती है. वास्तव में उतनी ही जटिल है. पोल्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार मुर्गियों के दाने में राजस्थानी पत्थर का इस्तेमाल अनिवार्य होता है. यदि मुर्गियां पत्थर न खाएं, तो अंडे का सफेद भाग और उसका सख्त बाहरी कवच (हार्ड सेल) सही ढंग से तैयार नहीं हो पाएगा. दिन-रात की कड़ी मेहनत और इस बारीक प्रबंधन के जरिए ही बाजार तक उच्च गुणवत्ता वाले अंडे पहुँचते हैं.
जहानाबाद: बिहार में अब धीरे-धीरे उद्योग धंधे पनपते जा रहे हैं. कृषि क्षेत्र से लेकर पशुपालन का दायरा बढ़ने लगा है. क्योंकि हर एक युवा को अब ऐसा एहसास होने लगा है कि नौकरी का दायरा सीमित है. ऐसे में हर हाथ को नौकरी मिल पाना मुश्किल है. इन्हीं कारणों से हमारे यहां पशुपालन में मुर्गी पालन, बकरी पालन और गो पालन जैसी कंपनी सेट अप हो रही है. साथ ही लेयर फार्मिंग का भी व्यवसाय धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. पोल्ट्री फार्म लेयर फार्मिंग से युवा अच्छी कमाई कर रहे हैं. यह सबको पता है कि मुर्गियां से अंडे तैयार होते हैं.
अंडे का उजला भाग कैसे तैयार होता है?
उस अंडे का उजला भाग कैसे तैयार होता है? इसकी जानकारी बहुत कम लोगों को होती है. यदि आप भी यह सच्चाई नहीं जानते हैं तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे शख्स से जो आपको बताएंगे कि मुर्गियों से प्राप्त होने वाले अंडे का उजला हिस्सा कैसे तैयार होता है? जहानाबाद के शुकुलचक गांव के रहने वाले सुबोध कुमार एक बड़े स्तर पर चल रहे लेयर फार्मिंग के केयर टेकर है. वह सुबह 8:00 से लेकर रात 8:00 बजे तक इसी कार्य में लगे रहते हैं. मुर्गियों के पानी खाना से लेकर दाना बनाने तक अंडा निकालने तक का कार्य निष्पादन करते हैं. वह पिछले 5 सालों से इसी कार्य में लगे हुए हैं.
बढ़ता ही जा रहा पोल्ट्री का दायरा
लोकल 18 से सुबोध कुमार ने बताया कि हमारे यहां मुर्गियों का चारा बाहर से मंगवाने की जरूरत नहीं पड़ती है. क्योंकि खुद हम इसका दाना तैयार करते हैं. मुर्गियों के दानों को बनाने के लिए कुछ जरूरी आइटम्स उपयोग में आते हैं. जिसमें नीम का खली, सोया खली, राजस्थानी पत्थर का चूर्ण के साथ कई अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है. इन सबको मिक्स करके 1 घंटे में मिक्सर मशीन के सहयोग से मुर्गियों का दाना तैयार करने का काम किया जाता है. हालांकि सबसे खास बात यह है की जो दाना तैयार हो रहा है, उसमें पत्थर का भी इस्तेमाल हो रहा है.
ऐसे तैयार होता है अंडे का उजला हिस्सा
वो आगे बताते हैं कि मुर्गियां ही पत्थर खाती है. यदि वह पत्थर नहीं खाएगी तो अंडे का उजला भाग तैयार नहीं होगा. इस पत्थर की वजह से ही अंडे का हार्ड सेल तैयार होता है. यही कारण है कि हम लोग जब दाना बनाते हैं तो उसमें राजस्थानी पत्थर का इस्तेमाल करते हैं, ताकि मुर्गियां वह भी खाए और सही तरीके से अंडे बाहर दे. यह पूरी प्रक्रिया काफी जटिल होती है. हालांकि, हम लोग पूरे दिन मिलकर इस काम को करते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा’ बन गई रितेश देशमुख की फिल्म, कमाई में गिरावट भी नहीं रोक पाई रफ्तार
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रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ रही है. रिलीज के 11वें दिन यानी दूसरे सोमवार को फिल्म की कमाई में मामूली गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन इसने 70 करोड़ का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है. मराठी और हिंदी दोनों भाषाओं में रिलीज हुई इस फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. ‘राजा शिवाजी’ अब मराठी सिनेमा की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है, जिसने रितेश के विजन और स्टारडम को एक नई ऊंचाई दी है.
नई दिल्ली. रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर मजबूती से डटी हुई है. 1 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में अपने 11 दिन पूरे कर लिए हैं. शानदार वीकेंड के बाद दूसरे सोमवार को फिल्म की कमाई में उम्मीद के मुताबिक थोड़ी गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन फिल्म का जलवा अब भी बरकरार है.

गौर करने वाली बात यह है कि अपने पहले ही हफ्ते में ‘राजा शिवाजी’ ने 50 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर यह फिल्म ब्लॉकबस्टर की राह पर निकल पड़ी थी. अब हर किसी की नजर इसके दूसरे हफ्ते के कुल कलेक्शन पर टिकी है.

ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक, रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ की कमाई में दूसरे सोमवार को थोड़ी गिरावट आई है और इसने 11वें दिन 2.40 करोड़ का कलेक्शन किया है. इसी के साथ भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई अब 70.65 करोड़ तक जा पहुंची है.
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राजा शिवाजी का ग्रोस कलेक्शन 83.80 करोड़ रुपये हो चुका है. फिल्म के लिए दूसरा वीकेंड काफी अच्छा रहा, जहां शुक्रवार को इसने 3.20 करोड़ बटोरे, वहीं शनिवार को 5.60 करोड़ और रविवार को 6.80 करोड़ की शानदार कमाई की. फिल्म की शुरुआत भी बेहद दमदार रही थी.

11.35 करोड़ की ओपनिंग लेने के बाद पहले शनिवार को 10.55 करोड़ और रविवार को 12 करोड़ का कारोबार करते हुए इसने अपने पहले हफ्ते का सफर 52.65 करोड़ पर खत्म किया था. दिलचस्प बात यह है कि हिंदी के मुकाबले मराठी वर्जन में फिल्म को दर्शकों का ज्यादा प्यार और बेहतर रिस्पॉन्स मिल रहा है.

रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी में सलमान खान का जीवा महाला के किरदार में कैमियो फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं है. रितेश ने पीटीआई से बातचीत में खुलासा किया कि इस रोल के लिए खुद सलमान ने ही जिद की थी. रितेश बताते हैं कि एक दिन सलमान ने मुझसे कहा कि उन्हें इस फिल्म का हिस्सा बनना ही है. सच कहूं तो पहले मैंने इसके बारे में नहीं सोचा था, लेकिन भाईजान का कहना था कि तुम मेरे बिना यह फिल्म नहीं बना सकते, मुझे इसमें रहना ही है.

फिल्म राजा शिवाजी न केवल रितेश देशमुख के निर्देशन में बनी है, बल्कि उन्होंने ही इसकी कहानी लिखी है और लीड रोल भी निभाया है. इसका निर्माण जेनेलिया डिसूजा और ज्योति देशपांडे ने मुंबई फिल्म कंपनी और जियो स्टूडियोज के बैनर तले किया है.

फिल्म की स्टारकास्ट में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, महेश मांजरेकर, भाग्यश्री, फरदीन खान और अमोल गुप्ते जैसे सितारे हैं. रितेश ने बताया कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के उनके ये तमाम दोस्त महज प्यार और सम्मान की खातिर इस फिल्म से जुड़े और किसी ने भी काम के बदले एक पैसा तक नहीं लिया. रिलीज के बाद राजा शिवाजी मराठी सिनेमा की तीसरी सबसे बड़ी फिल्म बन गई है.








