Sunday, June 14, 2026
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रामादेवी में अमरनाथ यात्रा भंडारे को रवाना: विभिन्न दलों के नेताओं ने दिखाई एकजुटता – Kanpur News




कानपुर के रामादेवी स्थित एचएएल कॉलोनी परिसर में अमरनाथ यात्रा के लिए भंडारे को रवाना किया गया। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और समाजसेवी एक मंच पर नजर आए, जिससे सामाजिक और धार्मिक एकता का संदेश गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजन-अर्चन के साथ की गई। इसके बाद अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और भंडारा सेवा दल को रवाना किया गया। पूरे परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। राजनीतिक दलों के नेता रहे मौजूद इस अवसर पर संदीप शुक्ला, विजय रत्ना तोमर और मनोज शुक्ला सहित विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहे। नेताओं की उपस्थिति ने यह संदेश दिया कि धार्मिक और सामाजिक कार्यों में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर भी सहभागिता संभव है। सेवा भाव से आयोजित होता है भंडारा कार्यक्रम के आयोजक नीरज तिवारी ने बताया कि अमरनाथ यात्रा के श्रद्धालुओं की सेवा के उद्देश्य से यह भंडारा हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। सेवा कर्मियों का हुआ सम्मान कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा में योगदान देने वाले विभिन्न विभागों के कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। भाजपा, कांग्रेस और सपा के नेताओं ने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट किए। आयोजकों ने कहा कि यह सम्मान उनके निरंतर सामाजिक योगदान की सराहना है। भंडारे की रवानगी के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। उन्होंने बाबा अमरनाथ से देश में सुख, शांति, समृद्धि और आपसी भाईचारे की कामना की।



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ट्रेन में नशीली चाय पिलाकर लूटने वाला दोषी करार: नीमच कोर्ट ने 5 साल की जेल, ₹5000 जुर्माना लगाया – Neemuch News




नीमच की एक अदालत ने ट्रेन में यात्रियों को नशीला पदार्थ पिलाकर लूटने के मामले में एक आरोपी को सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रधान न्यायाधीश) वीरेंद्रसिंह राजपूत की अदालत ने आरोपी महेंद्र मीणा को 5 साल के कठोर सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। यह फैसला शनिवार शाम को सुनाया गया। यह घटना 21 दिसंबर 2024 की सुबह करीब 5:25 बजे हुई थी। फरियादी प्रेमकुमार शर्मा (निवासी भगवत नगर, मंदसौर) मंदसौर रेलवे स्टेशन पर उदयपुर जाने वाली ट्रेन में चित्तौड़गढ़ के लिए जनरल टिकट लेकर बैठे थे। ट्रेन की बोगी में पहले से ही दो अन्य युवक मौजूद थे। ऐसे दिया था घटना को अंजाम ट्रेन के रुकने पर आरोपियों ने अपने तीसरे साथी को बुलाया। वह साथी स्टेशन की कैंटीन से पानी की बोतल और गर्म चाय लेकर आया। आरोपियों ने सहयात्री होने का नाटक करते हुए प्रेमकुमार शर्मा से भी चाय और पानी पीने का आग्रह किया। प्रेमकुमार ने पहले तो मना किया, लेकिन आरोपियों के बार-बार आग्रह करने पर उन्होंने चाय और पानी की कुछ घूंट पी ली। कुछ ही मिनटों में प्रेमकुमार अचेत हो गए। इसके बाद आरोपियों ने उनका मोबाइल, रुपयों से भरा पर्स और अन्य कीमती सामान लूट लिया और मौके से फरार हो गया। इस मामले में मध्य प्रदेश शासन की ओर से जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती और अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने कोर्ट में प्रभावी पैरवी की। उनकी पैरवी के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई गई।



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औरंगाबाद में तीन अलग जगह पलटा ऑटो: एक्सीडेंट में 14 लोग घायल, 8 की स्थिति गंभीर; तेज रफ्तार के कारण हादसा – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद में मदनपुर थाना क्षेत्र में रविवार को अलग-अलग 3 जगहों पर सड़क हादसे हुए हैं। जिसमें 14 लोग घायल हुए हैं। सभी को ग्रामीणों की मदद से सीएचसी मदनपुर पहुंचाया गया। घायलों में 8 की स्थिति गंभीर है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। पहली घटना मदनपुर-कासमा रोड स्थित जोगडी के पास की है। जानकारी के अनुसार बेला से खिरियावां बाजार जा रहा ऑटो सड़क किनारे पलट गया। हादसे में आठ लोग घायल हो गए। घायलों में बेला निवासी इन्दु देवी, शिवनाथ चौधरी, भुइयां बिगहा निवासी रोहित कुमार, उमेश कुमार यादव, राम ध्यान यादव और अमरेन्द्र कुमार यादव समेत अन्य लोग शामिल हैं। चिकित्सकों ने इन्दु देवी, रोहित कुमार, उमेश कुमार यादव, राम ध्यान यादव और अमरेन्द्र कुमार यादव की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया। दूसरी घटना में 5 लोग घायल हुए दूसरी घटना मिठाईयां-नारायणपुर मार्ग के पास की है, जहां एक एक और ऑटो पलट लगा। सवार 5 लोग घायल हुए। घायलों में गुरुआ थाना क्षेत्र के कुरथिया टांड़ निवासी मुन्नी देवी, अनिता देवी और रसलपुर निवासी शकुंती देवी शामिल हैं। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया गया। तीसरी घटना में भी ऑटो पलटा है। जिसमें दक्षिणी उमगा पंचायत क्षेत्र के बंगरे, पड़रा, भुइयां बिगहा और प्राणपुर गांव के रहने वाले मुन्ना कुमार, केदार यादव, दिलीप कुमार, नीतीश कुमार और रेणु देवी घायल हो गए। डॉ. कुमार जय ने बताया कि मुन्नी देवी, अनिता देवी और नीतीश कुमार को गंभीर चोटें आई हैं, जिसके कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। राहत-बचाव कार्य में जुटे घटना की सूचना मिलते ही मदनपुर थाना की पुलिस टीम एएसआई अनिल कुमार के नेतृत्व में अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। राहत-बचाव कार्य में पूर्व जिला परिषद सदस्य सह मुखिया प्रतिनिधि प्रफुल्ल कुमार सिंह, खिरियावां पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि रंजीत कुमार यादव, पैक्स अध्यक्ष संजय कुमार यादव और विनोद कुमार सिंह समेत कई स्थानीय लोग सक्रिय रूप से जुटे रहे। लगातार हुई इन सड़क दुर्घटनाओं ने क्षेत्र में यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।



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हौज रानी अग्निकांड: रसोइये की रिहाई को लेकर प्रदर्शन: जंतर-मंतर पर जुटे लोग, बोले- असली जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई – New Delhi News




नई दिल्ली के हौज रानी के ‘फ्लोरिश स्टे होटल’ में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में गिरफ्तार रसोइये केसर सिंह नेगी की ससम्मान रिहाई और असली गुनहगारों को जेल भेजने की मांग को लेकर रविवार को जंतर-मंतर पर सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ज्ञात हो कि इस दर्दनाक हादसे में 15 विदेशी नागरिकों सहित कुल 23 लोगों की मौत हो गई थी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रशासन निर्दोषों को फंसाने के बजाय उन असली अपराधियों को गिरफ्तार करे जो इस जनहानि के असली जिम्मेदार हैं। इस दौरान अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी दी गई। निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने की मांग प्रदर्शन में शामिल राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के राष्ट्रीय सह-संयोजक जगदीश ममगांई, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत और दिल्ली भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति डंगवाल सहित कई बुद्धिजीवियों और मीडियाकर्मियों ने इस अग्निकांड की निष्पक्ष जांच किसी विशेष व स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख और पारदर्शी न्याय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए विश्वसनीय जांच होना बेहद जरूरी है। दिल्ली पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल एकीकृत दिल्ली नगर निगम की निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष और शहरी मामलों के विशेषज्ञ जगदीश ममगांई ने दिल्ली पुलिस की जांच पर गहरा असंतोष जताया। उन्होंने पुलिस के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें कहा गया है कि आग लगते ही केसर ने बिजली का स्विच बंद कर दिया था। ममगांई ने कहा, “मैं खुद सिविल डिफेंस का वॉलिंटियर रहा हूँ और मैंने फायर फाइटिंग व रेस्क्यू का प्रशिक्षण लिया है। आपदा प्रबंधन का पहला नियम ही यही कहता है कि आग लगने पर सबसे पहले विद्युत कनेक्शन या फ्यूज बॉक्स को बंद किया जाए ताकि आग फैले नहीं। केसर ने वही किया जो प्रशिक्षण में सिखाया जाता है, तो वह दोषी कैसे हो गया?” ममगांई ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि अवैध निर्माण से वसूली करने वाला नगर निगम का बिल्डिंग विभाग, स्थानीय पार्षद, विधायक और पुलिस तंत्र खुद इस अवैध कारोबार और लोगों की मौत के जिम्मेदार हैं। भ्रष्टाचार के चलते हजारों लोग ऐसी अकाल मौत मर रहे हैं, लेकिन असली जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही? कालकाजी आग हादसे में बुजुर्ग महिला को बचाने वाले दमकल कर्मियों का अभिनंदन वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने राजधानी में बढ़ती आग की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए दिल्लीवासियों से विशेष सतर्कता बरतने का आह्वान किया है। उन्होंने रविवार को कालकाजी में लगी भीषण आग और गैस सिलेंडरों के धमाकों के बीच, दूसरी मंजिल पर फंसी एक 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सुरक्षित बाहर निकालने वाले फायर ब्रिगेड कर्मियों की बहादुरी की जमकर सराहना की। हर्ष मल्होत्रा ने कहा, “अपनी जान जोखिम में डालकर बुजुर्ग महिला को सुरक्षित निकालने वाले जांबाज दमकल कर्मियों का मैं सभी दिल्लीवासियों की ओर से हार्दिक अभिनंदन करता हूं।” भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि तड़के कालकाजी की एक इमारत में अचानक आग लग गई, जिससे बगल की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय विधायक आतिशी पर साधा निशाना इस हादसे के बीच हर्ष मल्होत्रा ने स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए हौज रानी कांड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हम आग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं करना चाहते, लेकिन यह बेहद खेदजनक है कि महज पांच दिन पहले मैक्स अस्पताल के बाहर हौज रानी दुर्घटना पर घड़ियाली आंसू बहाने वाली स्थानीय कालकाजी विधायक आतिशी मार्लेना, अपने ही क्षेत्र में हुए इस हादसे के घंटों बाद भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचीं।”



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घर में कैसे बनाएं आटा ब्रेड? बिना प्रिजर्वेटिव के तैयार होगी हेल्दी और सॉफ्ट ब्रेड


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बाजार में मिलने वाली ब्रेड में अक्सर प्रिजर्वेटिव और कई अतिरिक्त सामग्री मिलाई जाती हैं. अगर आप हेल्दी और ताजा विकल्प चाहते हैं, तो घर पर आटे की ब्रेड बनाना एक बेहतरीन तरीका हो सकता है. कुछ आसान सामग्री और सही विधि की मदद से आप सॉफ्ट, स्वादिष्ट और पौष्टिक आटा ब्रेड तैयार कर सकते हैं.

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ब्रेड बनाने का तरीका.

बाजार में मिलने वाली ब्रेड अक्सर मैदा, प्रिजर्वेटिव और अतिरिक्त शुगर के साथ बनाई जाती है. ऐसे में अगर आप घर पर हेल्दी विकल्प तलाश रहे हैं, तो आटे की ब्रेड एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. गेहूं के आटे से बनी ब्रेड में फाइबर अधिक होता है और यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकती है. अच्छी बात यह है कि इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसके लिए किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.

घर पर आटा ब्रेड बनाने के लिए 3 कप गेहूं का आटा, 1 कप गुनगुना दूध या पानी, 2 चम्मच शहद या चीनी, 1 चम्मच इंस्टेंट यीस्ट, 2 चम्मच तेल या मक्खन और आधा चम्मच नमक लें. ये सभी सामग्री सामान्यतः हर रसोई में आसानी से मिल जाती हैं.

सबसे पहले तैयार करें यीस्ट
एक बर्तन में गुनगुना पानी लें और उसमें शहद या चीनी मिलाएं. अब इसमें यीस्ट डालकर 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ दें. यदि यीस्ट सक्रिय है तो मिश्रण के ऊपर झाग बनने लगेगा. यह संकेत है कि ब्रेड अच्छी तरह फूल सकेगी. यदि झाग नहीं बनता तो नया यीस्ट इस्तेमाल करना बेहतर होगा.

आटा गूंधने की प्रक्रिया
एक बड़े बाउल में गेहूं का आटा और नमक मिलाएं. अब इसमें तैयार किया गया यीस्ट मिश्रण और तेल डालें. धीरे-धीरे पानी या दूध मिलाते हुए मुलायम आटा गूंध लें. आटे को लगभग 8 से 10 मिनट तक अच्छी तरह मसलें ताकि वह चिकना और लचीला बन जाए. इससे ब्रेड की बनावट बेहतर होती है.

आटे को फूलने दें
गूंधे हुए आटे पर हल्का तेल लगाकर उसे ढक दें और किसी गर्म जगह पर 1 से 1.5 घंटे के लिए रख दें. इस दौरान आटा लगभग दोगुना हो जाएगा. इसके बाद आटे को हल्के हाथों से दबाकर अतिरिक्त हवा निकालें और ब्रेड के आकार में रोल कर लें.

बेक करने का सही तरीका
ब्रेड टिन को हल्का चिकना करें और तैयार आटा उसमें रख दें. इसे दोबारा 30 से 40 मिनट तक ढककर रखें ताकि यह फिर से थोड़ा फूल जाए. अब पहले से 180 डिग्री सेल्सियस पर गर्म किए गए ओवन में 30 से 35 मिनट तक बेक करें. जब ऊपर से गोल्डन रंग आ जाए तो ब्रेड तैयार है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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राजस्थान दिनभर, 10 बड़ी खबरें: बेंगलुरु के 3 पुलिसकर्मी जयपुर में रिश्वत लेते गिरफ्तार; स्कॉर्पियो पर चढ़ी कार, 2 की मौत; सरकारी स्कूल में पकाया नॉनवेज – Rajasthan News


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आज की सबसे बड़ी खबर जयपुर से है। यहां ACB ने बेंगलुरु पुलिस की महिला एसआई और 2 हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा…

पहले टॉप 5 खबरें 1. कोटा समेत 5 जिलों में बारिश, आंधी से पेड़ गिरा राजस्थान में प्री-मानूसन एक्टिविटी तेज हो गई है। कोटा, अजमेर, टोंक, चित्तौड़गढ़ और दौसा में रविवार को बारिश हुई। चित्तौड़गढ़ में आंधी से पेड़ भी गिर गया। जयपुर में दोपहर में धूलभरी हवा चली और बादल छाए। पूरी खबर पढ़ें

2. किरोड़ी बोले-पेपरलीक के मगरमच्छ नहीं पकड़े तो बड़ा कदम उठाऊंगा कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा- RAS पेपरलीक के बड़े आरोपी, REET पेपर के बड़े मगरमच्छ अभी बचे हुए हैं। सरकार ने उनके खिलाफ संतोषजनक कार्रवाई नहीं की तो मैं बड़ा कदम उठाऊंगा। जिसकी अभी घोषणा नहीं करूंगा। पूरी खबर पढ़ें

3. जयपुर एयरपोर्ट से उड़ते ही प्लेन से टकराया पक्षी जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ी एक फ्लाइट से पक्षी टकरा गया। शनिवार देर रात हुई इस घटना के बाद फ्लाइट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने रिकॉल कर लिया। एहतियात के तौर पर विमान को वापस जयपुर लाने का फैसला किया। करीब आधे घंटे बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई। पूरी खबर पढ़ें

4. सिजेरियन डिलीवरी के एक दिन बाद महिला की मौत कोटपूतली-बहरोड़ जिले में सिजेरियन डिलीवरी के 1 दिन बाद तबीयत बिगड़ने से महिला की मौत हो गई। महिला के परिजनों ने बहरोड़ जिला अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं अस्पताल प्रशासन ने किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ें

5. बेंगलुरु पुलिस की महिला SI समेत 3 पुलिसकर्मी जयपुर में गिरफ्तार जयपुर में भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने बेंगलुरु पुलिस की महिला एसआई और 2 हेड कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। तीनों पुलिसकर्मी दहेज केस की जांच के लिए जयपुर आए थे। इस दौरान केस में कार्रवाई नहीं करने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। पूरी खबर पढ़ें

अब 3 अहम खबरें 6. तेज रफ्तार कार स्कॉर्पियो पर चढ़ी, 2 महिलाओं की मौत जालोर में दो कारों में भिड़ंत में 2 महिलाओं की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार आगे चल रही स्कॉर्पियो को टक्कर मारते हुए उसके ऊपर चढ़ गई। हादसे के बाद दोनों वाहन पलट गए। मंदिर जा रहे कार सवार 6 लोग गाड़ी के अंदर ही फंस गए। स्कॉर्पियो सवार गाड़ी छोड़कर भाग गए। पूरी खबर पढ़ें

7. सरकारी स्कूल में पकाया नॉनवेज, ग्रामीणों ने बुलाई पुलिस बाड़मेर के सरकारी स्कूल में ठेकेदार के 5 लोग नॉनवेज पार्टी कर रहे थे। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 2 लोगों को डिटेन किया है और ट्रैक्टर भी जब्त किया है। सुबह CBEO स्कूल पहुंचे तो पार्टी का कोई सबूत नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें

8. टूरिस्ट जिप्सी के आगे से गुर्राता हुआ निकला लेपर्ड सवाई माधोपुर के रणथंभौर में रविवार को पर्यटकों को एक साथ तीन लेपर्ड नजर आए। इनमें से एक लेपर्ड टूरिस्ट जिप्सी के ठीक सामने से गुर्राता हुआ निकला। जिप्सी के सामने लेपर्ड को देखकर पर्यटक रोमांचित हो गए। कुछ देर बाद तीनों लेपर्ड जंगल में चले गए। पूरी खबर पढ़ें

खबर जो हटकर है 9. भगवान जगन्नाथ के लिए थर्माकॉल से तैयार किया रथ जोधपुर में श्री जगन्नाथ रथ यात्रा निकालने के लिए रथ को थर्माकॉल से तैयार किया गया है। इसके लिए जयपुर से फूल मंगवाए गए और जो ज्वेलरी पहनाई गई है, वह हाथों से तैयार की गई है, जिसे बनाने में करीब सात दिन का समय लगा। पूरी खबर पढ़ें

कल क्या होगा खास 10. जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी का 15 जून को प्रदर्शन जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी को विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है। पार्टी 15 जून को शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करेगी। पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी थी। पूरी खबर पढ़ें



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मोहित चौहान का गाना, रिलीज से पहले डरे हुए थे एआर रहमान, कुरान-ऋग्वेद से है प्रेरित


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Mohit Chauhan Evergreen Hit Song : 14 साल पहले आई एक फिल्म के गाने ने युवाओं को दीवाना बना दिया था. एआर रहमान के संगीत और इरशाद कामिल के बोलों ने ऐसा जादू किया, जिसका खुमार अभी तक दिलों से उतरा नहीं है. लोग इसे आज गाना नहीं, बल्कि इबादत मानते हैं. कमाल की बात यह है कि गाने को कुरान की आयतों और ऋग्वेद के मंत्रों से प्रेरणा लेकर लिखा गया था. रणबीर कपूर पर फिल्माए गाने पर अब इम्तियाज अली ने कई दिलचस्प खुलासे किए हैं.

नई दिल्ली: फिल्म ‘रॉकस्टार’ का यूं तो हर एक गाना अपने-आप में कल्ट है, मगर एक गाने की बात निराली है. गाने का संगीत और बोल इतने पवित्र लगते हैं कि इसे पूरी टीम ने नंगे पैर रिकॉर्ड किया था. रणबीर कपूर को गाने में ट्रांस स्टेट में दिखाया गया है, जिसमें प्रेम, ईश्वर से मिलन का प्रतीक बनता नजर आता है. हम गाने ‘कुन फाया कुन’ की बात कर रहे हैं, जिसे कुरान की आयत और ऋग्वेद के मंत्रों से प्रेरित होकर क्रिएट किया गया था. फिल्म ‘रॉकस्टार’ के डायरेक्टर इम्तियाज अली ने गाने को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं.
(फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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फिल्म ‘रॉकस्टार’ के जादुई गाना ‘कुन फाया कुन’ ही घूम जाता है. इस गाने में जॉर्डन का किरदार जिस तरह संगीत की दुनिया में खो जाता है, उसने दर्शकों के दिलों को छू लिया था. आज भी यह गाना एआर रहमान की सबसे बेहतरीन और रूहानी धुनों में से एक माना जाता है, जो लोगों को एक अलग ही शांति देता है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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फिल्म के डायरेक्टर इम्तियाज अली ने इस गाने से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और बड़ा राज खोला है. उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक गाना नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई गहरे धार्मिक और दार्शनिक विचार छिपे हैं. इम्तियाज की मानें, तो गाने को लिखते और बनाते समय पवित्र कुरान शरीफ और ऋग्वेद जैसी महान किताबों से प्रेरणा ली गई थी. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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इम्तियाज अली ने बहुत ही सादगी से इस गाने की कामयाबी का पूरा क्रेडिट खुद लेने के बजाय अपनी टीम को दिया. उन्होंने कहा कि इसका असली श्रेय संगीतकार एआर रहमान और गीतकार इरशाद कामिल को जाता है. उन्होंने ही अलग-अलग धार्मिक ग्रंथों की अच्छी बातों को मिलाकर इस गाने के शब्दों को पिरोया है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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गाने की गहराई को समझाते हुए डायरेक्टर ने बताया कि इसमें ऋग्वेद, कुरान शरीफ और भगवद गीता का निचोड़ शामिल है. जैसे गाने की शुरुआत में जो लाइन आती है- ‘जब कहीं भी, कुछ नहीं, भी नहीं था’, वह असल में ऋग्वेद के सृष्टि की रचना के सूक्त से प्रेरित है. गाने का जो टाइटल है- ‘कुन फाया कुन’ वह पवित्र कुरान से लिया गया है. इसका सीधा और आसान मतलब होता है- ‘हो, और वह हो गया’ यानी अल्लाह के ‘हो’ कहने पर दुनिया वजूद में आ गई. यही बात बाइबल में भी कही गई है. इस तरह यह गाना अलग-अलग धर्मों की खूबसूरत सोच को एक-साथ पिरोने का काम करता है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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इम्तियाज अली ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि एआर रहमान इस गाने को लेकर बहुत गंभीर थे. रहमान साहब जानते थे कि इन शब्दों में बहुत ताकत है, इसलिए वे किसी भी तरह की कोई गलती नहीं करना चाहते थे. उन्होंने गाना फाइनल करने से पहले कई जानकारों से सलाह भी ली थी कि इसे फिल्म के किरदार पर फिल्माना सही रहेगा या नहीं. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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गाने को रिकॉर्ड करने का माहौल भी किसी इबादत से कम नहीं था. इम्तियाज बताते हैं कि जब टीम स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के लिए इकट्ठा हुई, तो सभी लोग हाथ-पैर धोकर और नंगे पैर अंदर आए थे. पूरी टीम के मन में इस गाने के प्रति एक खास इज्जत और जिम्मेदारी का अहसास था, जिसे सबने बखूबी निभाया. गाने को मोहित चौहान ने गाया है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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इम्तियाज अली ने साफ किया कि वे किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे, इसलिए गाने के साथ-साथ उसके विजुअल्स पर भी पूरा ध्यान दिया गया. टीम की इसी संवेदनशीलता और सम्मान की वजह से यह गाना आज भी हर किसी के दिल के बेहद करीब है. इन दिनों इम्तियाज अपनी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ को लेकर चर्चा में हैं, जो हाल में सिनेमाघरों में रिलीज हुई है. (फोटो साभार: YouTube/Videograb)

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क्या आपको पता है? PF खाते के साथ मुफ्त में मिलता है 7 लाख तक का सुरक्षा कवच


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देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सिर्फ रिटायरमेंट बचत का साधन नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच भी है. अधिकांश कर्मचारी हर महीने अपने PF खाते में जमा होने वाली रकम पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि इसके साथ एक बड़ा बीमा लाभ भी जुड़ा हुआ है. EPFO की एक खास योजना के तहत पात्र कर्मचारियों के परिवार को 7 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकता है. सबसे खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए कर्मचारी को अलग से कोई प्रीमियम या अतिरिक्त योगदान नहीं देना पड़ता.

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EPF खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी! बिना अतिरिक्त खर्च के मिलता है 7 लाख रुपये का बीमा. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित EPF योजना देश के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों में से एक मानी जाती है. इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है. नौकरी के दौरान कर्मचारी और नियोक्ता दोनों हर महीने एक निश्चित राशि PF खाते में जमा करते हैं, जिस पर समय-समय पर ब्याज भी मिलता रहता है. वर्षों तक जमा होने वाली यह रकम रिटायरमेंट के समय एक बड़े फंड का रूप ले लेती है. हालांकि, EPF का फायदा केवल भविष्य की बचत तक सीमित नहीं है. इसके साथ एक ऐसा बीमा लाभ भी जुड़ा है, जिसकी जानकारी अब भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नहीं है.

EPFO 3.0 सुधारों से बढ़ी कर्मचारियों की सुविधा
हाल के वर्षों में EPFO ने अपनी सेवाओं को अधिक डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं. EPFO 3.0 सुधारों का उद्देश्य कर्मचारियों को कम कागजी कार्रवाई, तेज सेवाएं और आसान खाता प्रबंधन उपलब्ध कराना है. अब PF निकासी, दावा प्रक्रिया और खाते से जुड़ी कई सेवाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल हो गई हैं. इन बदलावों का फायदा यह है कि कर्मचारियों को अपने पैसे तक तेजी से पहुंच मिलती है और दावों के निपटारे में भी कम समय लगता है. डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार से लाखों कर्मचारियों को घर बैठे कई सुविधाएं मिलने लगी हैं.

क्या है EDLI योजना और कैसे मिलता है बीमा कवर?
EPF से जुड़ा यह विशेष बीमा लाभ कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना यानी EDLI (Employees’ Deposit Linked Insurance) के तहत दिया जाता है. यह बीमा सभी पात्र EPF सदस्यों के लिए स्वतः लागू हो जाता है. कर्मचारी को इसके लिए कोई अलग आवेदन नहीं करना पड़ता और न ही अतिरिक्त पैसा जमा करना होता है. यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके द्वारा नामित व्यक्ति या परिवार के सदस्य इस बीमा राशि का दावा कर सकते हैं. इस योजना के लिए नियोक्ता कर्मचारी के वेतन का 0.5 प्रतिशत हिस्सा बीमा फंड में जमा करता है. यानी बीमा का पूरा खर्च कंपनी की ओर से वहन किया जाता है, जबकि कर्मचारी को इसका लाभ मुफ्त में मिलता है.

परिवार को मिल सकती है 7 लाख रुपये तक की सहायता
EDLI योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कठिन समय में कर्मचारी के परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करती है. नियमों के अनुसार पात्र परिवार को कम से कम 2.5 लाख रुपये और अधिकतम 7 लाख रुपये तक की राशि मिल सकती है. यह रकम कर्मचारी के वेतन, PF खाते में जमा राशि और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर तय होती है. यदि किसी परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य अचानक नहीं रहता, तो यह सहायता राशि उनके लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है. यही कारण है कि इस योजना को नौकरीपेशा लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा उपाय माना जाता है.

कैसे तय होती है बीमा राशि?
बीमा लाभ की गणना कर्मचारी के वेतन और PF खाते के रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है. आम तौर पर पिछले 12 महीनों के औसत वेतन और PF बैलेंस को ध्यान में रखकर राशि निर्धारित की जाती है. एक गणना पद्धति के अनुसार औसत मासिक वेतन (अधिकतम 15,000 रुपये तक) का 35 गुना और PF बैलेंस के औसत का 50 प्रतिशत जोड़कर बीमा राशि तय की जाती है. हालांकि PF बैलेंस से मिलने वाले अतिरिक्त लाभ की एक सीमा भी निर्धारित है. इन सभी गणनाओं के बाद कुल भुगतान अधिकतम 7 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारी के परिवार को जरूरत पड़ने पर पर्याप्त आर्थिक सहायता मिल सके.

कम जानकारी, लेकिन बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि EPF से जुड़े इस बीमा लाभ के बारे में जागरूकता अभी भी काफी कम है. अधिकांश कर्मचारी केवल PF जमा और निकासी पर ध्यान देते हैं, जबकि EDLI जैसी योजनाएं उनके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. अच्छी बात यह है कि इस सुविधा के लिए किसी अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान नहीं करना पड़ता और बीमा अपने आप सक्रिय रहता है. साथ ही, दावा प्रक्रिया को भी तेज बनाया गया है ताकि जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक मदद मिल सके. ऐसे में हर EPF सदस्य को अपने खाते में नामांकन की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में परिवार को बिना परेशानी के इस लाभ का फायदा मिल सके.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO: 21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया




ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों ने युवती को सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग प्लेस की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म प्लेस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले इंसान के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह उसे वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई नियमों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। ट्रेनर की परमिशन मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा सेंटर न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज मॉर्डन कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। यहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की बॉर्डर पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। ——————— यह खभर भी पढ़ें…. कश्मीर के गुलमर्ग रोपवे में खराबी, 300 पर्यटकों का रेस्क्यू:7 घंटे ऑपरेशन चला; 65 ट्रॉली हवा में फंसीं, कई 500 फीट ऊंचाई पर थीं जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में एशिया के सबसे ऊंचे रोपवे गोंडोला (रोपवे) में 25 मई को तकनीकी खराबी आने से करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रोपवे के 65 केबिन दोपहर करीब 1.30 बजे बीच हवा में रुक गए थे। कुछ केबिन जमीन से करीब 500 फीट की ऊंचाई पर थे। एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। भारी बारिश के बीच SDRF, NDRF, सेना और पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाया। पूरी खबर पढ़ें…



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जब अमरीश पुरी ने स्मिता पाटिल को जड़ दिया था सबके सामने थप्पड़, एक्ट्रेस ने किया था ये काम


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बॉलीवुड के सबसे बड़े खलनायक अमरीश पुरी और बेहतरीन एक्ट्रेस स्मिता पाटिल से जुड़ा एक पुराना किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल है. फिल्म ‘भूमिका’ के एक सीन को असली दिखाने के लिए अमरीश पुरी ने स्मिता पाटिल को सचमुच थप्पड़ मार दिया था.सेट पर क्या हुआ था और खुद अमरीश पुरी ने इस पर क्या सफाई दी थी, जानिए इस पूरी रिपोर्ट में.

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नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के सबसे खूंखार विलेन अमरीश पुरी और अपनी सादगी व बेहतरीन एक्टिंग के लिए मशहूर स्मिता पाटिल से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा इन दिनों चर्चा में है. फिल्म ‘भूमिका’ की शूटिंग के दौरान एक सीन को रियलिस्टिक बनाने के लिए अमरीश पुरी ने स्मिता पाटिल को जोरदार असली थप्पड़ जड़ दिया था.

खास बात यह थी कि स्मिता पाटिल को इस बात का अंदाजा भी नहीं था. खुद अमरीश पुरी ने एक पुराने इंटरव्यू में इस पूरी घटना का खुलासा करते हुए इसके पीछे की असली वजह बताई थी.

डायरेक्टर की डिमांड और अमरीश पुरी का आइडिया

दिग्गज अभिनेता अमरीश पुरी ने मशहूर टॉक शो ‘जीना इसी का नाम है’ में इस राज से पर्दा उठाया था. उन्होंने बताया कि फिल्म के एक सीन में उन्हें स्मिता पाटिल को घर से बाहर जाने से रोकना था और गुस्से में उन पर हाथ उठाना था. फिल्म के डायरेक्टर श्याम बेनेगल चाहते थे कि यह सीन बिल्कुल असली लगे और इसमें कोई दिखावा न हो. बस इसी बात को ध्यान में रखते हुए अमरीश पुरी के दिमाग में एक आइडिया आया.

बिना बताए मार दिया असली थप्पड़

अमरीश पुरी ने शूटिंग शुरू होने से ठीक पहले डायरेक्टर श्याम बेनेगल से पूछा कि क्या वह सीन के दौरान सचमुच स्मिता पाटिल को थप्पड़ मार सकते हैं, ताकि उनके चेहरे के हाव-भाव एकदम नेचुरल लगें. डायरेक्टर को यह बात पसंद आ गई और उन्होंने हां कह दिया. इसके बाद जैसे ही कैमरा रोल हुआ, अमरीश पुरी ने अचानक स्मिता पाटिल को सच में थप्पड़ मार दिया. चूंकि स्मिता पाटिल को इस बारे में पहले से कुछ नहीं पता था, इसलिए वह हैरान रह गईं और उनके चेहरे पर आया डर और दर्द पूरी तरह असली था.

16 फिल्मों में साथ किया काम

यह यादगार सीन फिल्म ‘भूमिका’ का था, जो मशहूर मराठी एक्ट्रेस हंसा वाडकर की बायोग्राफी पर आधारित थी. इस फिल्म में अमरीश पुरी और स्मिता पाटिल के अलावा नसीरुद्दीन शाह और अमोल पालेकर जैसे दिग्गज कलाकार भी थे. आपको बता दें कि अमरीश पुरी और स्मिता पाटिल की ऑन-स्क्रीन जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. इन दोनों स्टार्स ने अपने पूरे करियर में एक-दो नहीं, बल्कि कुल 16 फिल्मों में साथ काम किया था. उनकी पहली फिल्म ‘निशांत’ थी और दोनों आखिरी बार फिल्म ‘वारिस’ में साथ नजर आए थे.

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गार्गी द्विवेदीSub Editor

मैं इस समय News18 App टीम का हिस्सा हूं. News18 App पर आप आसानी से अपनी मनपसंद खबरें पढ़ सकते हैं. मुझे खबरें लिखने का 3 साल से ज्यादा का अनुभव है और फिलहाल मैं सब एडिटर के पद पर हूं. इससे पहले मैंने, दैनिक जाग…और पढ़ें



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