Thursday, September 24, 2026
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आजमगढ़ में पति सास ससुर को 10 वर्ष की सजा: दहेज हत्या के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला, 2025 में हुई थी घटना – Azamgarh News




आजमगढ़ में दहेज हत्या के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने पति,सास और ससुर को दस दस वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को पांच हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयप्रकाश पांडेय ने गुरुवार को सुनाया। अभियोजन कथानक के अनुसार वादी राम मिलन मौर्य निवासी मुबारकपुर फिकर थाना राजेश सुल्तानपुर जनपद अंबेडकर नगर की पुत्री सोनी का विवाह राहुल मोर्य निवासी शिवपुर थाना महाराजगंज के साथ 10 जुलाई 2024 को हुआ था विवाह के बाद दहेज की मांग को लेकर ससुराल में सोने का उत्पीड़न होने लगा अंततः 10 जून 2025 को सोनी की ससुराल में हत्या कर दी गई।पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद पति सास और ससुर के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित किया।अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता पीयूष प्रियदर्शी त्रिपाठी तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दीपक कुमार मिश्रा ने कुल दस अधिवक्ताओं को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद सुनाया फैसला
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत में आरोपी पति राहुल मौर्य, राजपति देवी और ससुर राम कुशल को दस दस वर्ष के कठोर कारावास तथा प्रत्येक को पांच हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।



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गोपालगंज में 188 भूमिहीन-भवनहीन स्कूलों पर प्रशासन सख्त: 1 सप्ताह में जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश, 37 स्कूलों को भूमि मिल चुकी – Gopalganj News




गोपालगंज में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने जिले के 188 भूमिहीन और भवनहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए भवन निर्माण और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। 188 स्कूलों को जमीन और भवन की सुविधा देने पर जोर जिन विद्यालयों के पास अपनी जमीन या भवन नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जमीन उपलब्ध कराकर शिफ्ट करने या नया भवन बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। समीक्षा में सामने आया कि 37 विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। इनमें 17 नए प्राथमिक विद्यालय और 20 अपग्रेड किए गए हाई स्कूल शामिल हैं। 1 सप्ताह में जमीन की कार्रवाई पूरी करने का निर्देश डीएम ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) और जिला शिक्षा पदाधिकारी को संबंधित अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय कर काम करने को कहा। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर भूमि उपलब्धता से संबंधित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भवन निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सके। विषयवार शिक्षक नहीं तो स्मार्ट क्लास में होगी कठिन विषयों में कमजोर छात्रों की पढ़ाई सुधारने के लिए स्मार्ट क्लासरूम का इस्तेमाल किया जाएगा। जिन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की कमी है, वहां लाइव क्लास के जरिए विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे दूर-दराज के विद्यालयों के छात्रों को भी विशेषज्ञ शिक्षकों की कक्षाओं का लाभ मिल सकेगा। शिक्षक-अधिकारी होंगे कार्रवाई के दायरे में डीएम ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य से किसी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, मिड-डे मील की गुणवत्ता और साफ-सफाई की अचानक जांच जारी रहेगी। पढ़ाई में लापरवाही मिलने पर संबंधित शिक्षक और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं बेहतर काम करने वाले शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों को चिन्हित कर प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया। जर्जर भवन, छत और शौचालय की होगी मरम्मत जिन स्कूलों के भवन, छत, शौचालय या दरवाजे खराब हैं, वहां तत्काल मरम्मत का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विद्यालयों में पीने का पानी, चालू शौचालय, बाउंड्रीवॉल और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया गया। स्कूल परिसर के आसपास उगी झाड़ियों और जंगल की भी सफाई कराने को कहा गया। सैनिक स्कूल के निर्माण में गुणवत्ता पर सख्ती बैठक में सैनिक स्कूल कुचायकोट में चल रहे निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ताविहीन निर्माण मिलने पर संबंधित अभियंताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



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वडनगर से वाराणसी निकली ‘जल जन सेवा यात्रा’ बैतूल पहुंची: राइडर्स ने ग्रामीणों के साथ पौधे लगाए, केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया – Betul News




सेवा संकल्प अभियान के तहत वडनगर से वाराणसी के लिए निकली ‘जल जन सेवा यात्रा’ गुरुवार को बैतूल पहुंची। जिले में राइडर्स का ग्रामीणों ने स्वागत किया। यात्रा दल ने केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों से बातचीत कर योजनाओं से उनके जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। भीमपुर के देसली गांव में करीब 30 जनजातीय कलाकारों ने पारंपरिक कोरकू लोकनृत्य ‘गदली सुसुन’ की प्रस्तुति देकर राइडर्स का स्वागत किया। कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे। ग्रामीणों ने फूल बरसाकर यात्रा दल का स्वागत किया। नांदा स्कूल में छात्रों से की बातचीत यात्रा दल पीएम श्री विद्यालय नांदा पहुंचा। यहां राइडर्स ने छात्रों और स्कूल प्रबंधन से बातचीत की। उन्होंने शिक्षा, पढ़ाई से जुड़ी गतिविधियों और बच्चों के विकास के लिए किए जा रहे कामों की जानकारी ली। राइडर्स ने ग्रामीणों के साथ पौधे भी लगाए। चिरापाटला में पारंपरिक नृत्य से स्वागत चिरापाटला में ग्रामीणों और बच्चों ने जनजातीय वेशभूषा में पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल की थाप और फूल बरसाकर यात्रा का स्वागत किया गया। यहां अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह धुर्वे समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। चिचोली में निकाली रैली, लाभार्थियों से संवाद चिचोली के जय स्तंभ चौक पर नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने फूल बरसाकर राइडर्स का स्वागत किया। इसके बाद चौक से पीएम श्री सरकारी माध्यमिक शाला तक रैली निकाली गई। मंगल भवन में हुए लाभार्थी संवाद में पीएम आवास और लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाओं से बातचीत की गई। महिलाओं ने बताया कि योजनाओं से उन्हें आर्थिक मदद मिली और उनके परिवार की स्थिति में सुधार हुआ। राइडर्स को स्थानीय उत्पाद भेंट किए विधायक हेमंत खंडेलवाल ने राइडर्स का स्वागत किया। उन्होंने बैतूल की जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा दल को बैतूल में जनजातीय जीवन, प्रकृति और विकास को करीब से देखने का मौका मिलेगा। इस दौरान राइडर्स को नांदा का शहद, कूकरू कॉफी और महुआ कॉफी जैसे स्थानीय उत्पाद भेंट किए गए। यात्रा के राष्ट्रीय प्रभारी जयदेव सोलंकी, यात्रा दल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, ग्रामीण और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।



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पितृ पक्ष से ठीक पहले सस्ता हो गया सोना, 5 हजार रुपये नीचे आ गया चांदी का भाव


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Gold/Silver Price Crash : ग्लोबल मार्केट में गिरावट के बाद गुरुवार को लगातार चौथे सत्र में सोने और चांदी की खुदरा कीमतों में गिरावट दिखी. सोने का भाव तो गिरकर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है, जबकि चांदी की खुदरा कीमतों में आज 5 हजार रुपये की एकमुश्त गिरावट दिखी है.

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सोने और चांदी के भाव में लगातार 4 सत्र से गिरावट आ रही है.

नई दिल्ली. सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट आनी शुरू हो गई है. पितृ पक्ष आने से ठीक पहले हाजिर बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दिखी है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने की कीमतों में 1,600 रुपये की गिरावट आई और यह 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. यह लगातार चौथा सत्र है, जब सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, क्योंकि अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर इस कीमती धातु पर बखूबी दिख रहा है.

स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की कीमत बुधवार के 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बंद भाव से 1,600 रुपये टूटकर 1,52,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई. इस दौरान, चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी गई. पिछले दो सत्रों में स्थिर रहने के बाद चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई. पिछले सत्र में चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी.

क्यों गिर रही सोने की कीमत
कारोबारियों का कहना है कि सोने में लगातार बिकवाली के कारण इसकी कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. व्यापारियों ने इस कमजोरी के लिए कमजोर ग्लोबल संकेतों और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली को जिम्मेदार ठहराया है.
हालांकि, इसका चांदी पर अधिक असर पड़ा क्योंकि इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव अधिक होता है और औद्योगिक मांग से जुड़े होने के कारण इस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे यह दिन के अंत में अपने पिछले बंद भाव से काफी नीचे पहुंच गई.

रुपये की मजबूती ने बनाया माहौल
उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.96 के स्तर तक गिरने से घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला, जिससे गिरावट की सीमा सीमित रही. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी के अनुसार, कमजोर ग्लोबल संकेतों और खुदरा मांग में कमी के बीच घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट आई है. मजबूत डॉलर और बॉण्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर कीमती धातुओं पर पड़ना जारी रहा है.

ग्लोबल मार्केट में कितना है भाव
भारतीय बाजार के साथ ही सोने और चांदी पर यह दबाव विदेशी बाजारों में भी समान रूप से देखा गया, जहां हाजिर सोना 33.74 डॉलर (लगभग 1 फीसदी) टूटकर 4,253.61 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 1.4 फीसदी टूटकर 63.56 डॉलर प्रति औंस रह गई. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भी कीमती धातुओं के लिए एक और नकारात्मक कारक साबित हुई. अभी ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है, जिसका असर सोने की कीमतों पर भी देखा जा रहा है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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दिल्ली में दिवाली तक 20 हजार स्ट्रीट लाइट होंगी स्मार्ट: जनवरी 2027 तक 1 लाख पुरानी लाइटें बदलने की योजना; कंट्रोल सेंटर से होगी रियल टाइम निगरानी – New Delhi News




दिल्ली में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने दिवाली तक 20 हजार पुरानी और खराब लाइटों को स्मार्ट एलईडी से बदलने का लक्ष्य रखा है। जनवरी 2027 तक कुल 1 लाख पुरानी स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट लाइट में बदलने की योजना है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने गुरुवार को बताया कि नई व्यवस्था में स्ट्रीट लाइटों की रियल टाइम निगरानी होगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी मुख्यालय में सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। कंट्रोल सेंटर से हर लाइट की स्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। लाइट खराब होने पर इसकी जानकारी तुरंत मिल जाएगी और जरूरत के मुताबिक उसे दूर से नियंत्रित भी किया जा सकेगा। इससे खराब लाइट की जानकारी के लिए नागरिकों की शिकायत का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और मरम्मत की प्रक्रिया तेज होगी। हर साल 30 करोड़ रुपए बिजली-रखरखाव में बचेंगे अधिकारियों के मुताबिक, पुरानी सोडियम लाइटों की जगह ऊर्जा दक्ष स्मार्ट एलईडी लगाने से बिजली और रखरखाव के खर्च में हर साल करीब 30 करोड़ रुपए की बचत होने का अनुमान है। परियोजना की अनुमानित लागत 473 करोड़ रुपए है। इसमें पांच साल का ऑपरेशन और मेंटेनेंस भी शामिल है। परियोजना में निजी कंपनी को भुगतान प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। लाइट पूरी तरह चालू और कार्यशील होने पर ही मासिक भुगतान किया जाएगा। कंपनी की जिम्मेदारी लाइट लगाने के साथ उसके संचालन, रखरखाव और समय पर मरम्मत की भी होगी। सड़क और महिलाओं की सुरक्षा पर भी जोर मंत्री ने कहा कि बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का सीधा संबंध सड़क और महिलाओं की सुरक्षा से है। अंधेरे वाले स्थानों पर पर्याप्त रोशनी उपलब्ध कराने में स्मार्ट लाइट परियोजना मददगार होगी। चरणबद्ध तरीके से 1 लाख लाइटें बदलने से व्यवस्था अधिक आधुनिक और जवाबदेह बनेगी।



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चीनी कंपनी ने लॉन्च किया 11000mAh बैटरी वाला तगड़ा फोन, मिलेगा सबसे चमकीला डिस्प्ले


Highlights

  • Honor ने 11000mAh की दमदार बैटरी वाला फोन मलेशिया में लॉन्च किया है।
  • इस फोन में 10000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस वाला चमकीला डिस्प्ले दिया गया है।
  • इस स्मार्टफोन में 108MP कैमरा दिया गया है और यह ड्यूरेबल है।

Honor ने 11000mAh बैटरी वाला एक और तगड़ा फोन लॉन्च कर दिया है। चीनी कंपनी का यह स्मार्टफोन सबसे चमकीले डिस्प्ले के साथ आता है। इस फोन का डिस्प्ले 10000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। चीनी कंपनी ने अपने इस स्मार्टफोन को ग्लोबल मार्केट में पेश किया है। मलेशिया में लॉन्च हुए इस फोन में 108MP का कैमरा मिलता है। कंपनी ने कुछ दिन पहले ही 8100mAh बैटरी वाला फोन Honor 600 Elite 5G लॉन्च किया है।

Honor X9e Pro की कीमत

चीनी कंपनी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 8GB RAM + 512GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत MYR 1899 (लगभग 44,668 रुपये) है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट MYR 2399 (लगभग 56,428 रुपये) है। यह फोन चार कलर ऑप्शन- Royal Purple, Midnight Black, Dawn Gold और Reddish Brown में आता है। इस स्मार्टफोन को 8 अक्टूबर से प्री-ऑर्डर के लिए मलेशिया में उपलब्ध कराया जाएगा।

Honor X9e Pro के फीचर्स

चीनी कंपनी के इस फोन में अब तक का सबसे चमकीला डिस्प्ले मिलता है। फोन में 6.8 इंच का AMOLED पैनल दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 10,000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। फोन के डिस्प्ले की प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विक्टस 2 मिलता है।

यह फोन IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने और धूल मिट्टी में यह खराब नहीं होगा। ऑनर के इस फोन में Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसके साथ 8GB रैम और 256GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। फोन के रैम को 24GB तक एक्सपेंड किया जा सकता है।










Honor X9e Pro 5G फीचर्स
डिस्प्ले 6.8 इंच, AMOLED, 120Hz
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5
स्टोरेज 8GB, 256GB
बैटरी 11000mAh, 80W
कैमरा 108MP + 5MP, 16MP
OS Android 16

इस स्मार्टफोन के बैक में डुअळ कैमरा सपोर्ट दिया गया है। फोन में 108MP का मेन कैमरा मिलता है। इसके साथ 5MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 16MP का कैमरा दिया गया है। इस फोन के कैमरे से 4K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है।

Honor X9e Pro में 11,000mAh की ताकतवर बैटरी दी गई है। इसके साथ 80W वायर्ड और 27W रिवर्स चार्जिंग दिया गया है। फोन Andorid 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है। इस फोन में कनेक्टिविटी के लिए 5G, WiFi 6E, Bluetooth, NFC जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

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सूजी और चीनी से बनती है ये पुरानी मशहूर मिठाई, स्वाद आज भी यादगार

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Bambai Mithai Recipe: बचपन की यादों से जुड़ी बम्बई की मिठाई आज भी अपने खास स्वाद के लिए पसंद की जाती है. सूजी और चीनी से तैयार होने वाली यह पारंपरिक मिठाई सादगी के बावजूद लोगों को खूब आकर्षित करती है. खासकर बच्चों के बीच इसका स्वाद लोकप्रिय रहा है. बदलते दौर में मिठाइयों की कई नई किस्में आ गई हैं, लेकिन बम्बई की मिठाई का पारंपरिक स्वाद आज भी पुरानी यादों को ताजा कर देता है.

भरतपुर में आज भी कई ऐसी चीजें हैं.जिनका स्वाद लोगों को सीधे उनके बचपन की यादों में ले जाता है.इन्हीं में से एक है मशहूर बम्बई की मिठाई स्थानीय स्तर पर पसंद की जाने वाली यह मिठाई खासतौर पर बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय रही है. कभी गली-मोहल्लों में मिठाई बेचने वालों के आसपास बच्चों की भीड़ नजर आती थी लेकिन बदलते समय के बावजूद इस मिठाई का आकर्षण आज भी बरकरार है.

बम्बई की मिठाई की खासियत यह है कि इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से सूजी और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है. साधारण सामग्री से तैयार होने के बावजूद इसका स्वाद बेहद खास होता है.मिठास और मुलायम बनावट इसे बच्चों के साथ-साथ बड़ों को भी पसंद आती है. यही वजह है कि कई लोगों के लिए यह मिठाई सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि बचपन की एक खूबसूरत याद भी है.

इसे तैयार करने की प्रक्रिया भी अपने आप में खास होती है. सबसे पहले सूजी को अच्छी तरह तैयार किया जाता है और फिर इसमें चीनी का मिश्रण मिलाया जाता है. इसके बाद मिश्रण को सही तरीके से पकाकर और लगातार चलाते हुए एक खास बनावट दी जाती है. मिठाई तैयार करने वाले कारीगर इसमें मिठास बनाए रखते हैं. जिससे इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है.

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भरतपुर में इस मिठाई से जुड़ी यादें खासतौर पर उन लोगों के बीच ज्यादा देखने को मिलती हैं. जिन्होंने अपना बचपन गली-मोहल्लों में ऐसी पारंपरिक मिठाइयों के साथ बिताया है. आज बाजार में तरह-तरह की आधुनिक मिठाइयां मौजूद हैं. लेकिन बम्बई की मिठाई की अपनी अलग पहचान बनी हुई है.

भरतपुर की पुरानी गलियों की मिठास को अपने अंदर समेटे हुए है. सूजी और चीनी से तैयार होने वाली यह साधारण सी मिठाई लोगों के लिए स्वाद के साथ-साथ बचपन की यादों का भी हिस्सा है. बदलते दौर में भी इसकी लोकप्रियता यह बताती है कि कुछ स्वाद समय के साथ पुराने नहीं होते बल्कि यादों के साथ और भी खास बन जाते हैं.

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गाजा में 2 बोरी आटे के बदले बेटी की शादी: UN रिपोर्ट- रेप पीड़िताओं की आरोपियों से शादी, बाल विवाह 123% बढ़े




संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने गाजा में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि एक पिता ने अपनी 14 साल की बेटी की शादी 2 बोरी आटे के बदले कर दी। गाजा में रेप पीड़िताओं की शादी आरोपियों से कराए जाने के मामले भी सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार और समाज में बदनामी से बचने और ‘इज्जत’ बनाए रखने के नाम पर कुछ पीड़िताओं की शादी आरोपियों या किसी दूसरे व्यक्ति से करा दी गई। गाजा में बाल और जबरन शादियों के दर्ज मामलों में 123% की बढ़ोतरी हुई है। UNFPA ने यह जानकारी गाजा में काम कर रही 10 संस्थाओं से जुटाई है। इसके अलावा, गाजा सिटी और खान यूनिस के विस्थापन शिविरों में रहने वाली 230 महिलाओं से बातचीत की गई। स्कूल में रेप के बाद उसी जगह शादी और जश्न गाजा सिटी और खान यूनिस के विस्थापन शिविरों में रहने वाली महिलाओं ने रेप के कई मामलों के बारे में बताया। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं टेंट, शरणस्थल के तौर पर इस्तेमाल हो रहे स्कूलों, गलियों और समुद्र किनारे तक में हुईं। जहां आरोपी पीड़िता को जानता था, वहां घटना को छिपाने की कोशिश की गई। कुछ मामलों में पीड़िता की शादी आरोपी या किसी दूसरे व्यक्ति से करा दी गई। एक महिला ने बताया, जब स्कूल में रेप का मामला सामने आता है, तो अगले दिन उसी स्कूल में शादी और जश्न होते हैं। युद्ध से पहले इस तरह की घटनाओं के बारे में सोचना भी मुश्किल था। अपाहिज लड़कियों पर ज्यादा खतरा रिपोर्ट में अपाहिज महिलाओं और लड़कियों को भी ज्यादा खतरे में बताया गया है। कुछ आरोपी उनकी इस स्थिति का फायदा उठाते हैं गाजा सिटी की एक महिला ने बताया कि एक अपाहिज लड़की 7 घंटे तक गायब रही। वापस आने के बाद वह रो रही थी, लेकिन परिवार को लगा कि वह डर गई है। करीब दो महीने बाद पता चला कि वह गर्भवती थी और उसके साथ रेप हुआ था। आरोपी का पता नहीं चल सका। एक दूसरे मामले में 20 साल की ऐसी महिला का जिक्र है, जिसे बातें समझने में परेशानी होती थी। महिला के मुताबिक, कई युवकों ने उसका उत्पीड़न किया और उनमें से एक ने उसके साथ रेप किया। माता-पिता की मौत के बाद 14-15 साल की लड़कियों की शादी युद्ध में माता-पिता खो चुकी लड़कियां भी कम उम्र में शादी के खतरे में हैं। गाजा सिटी की एक महिला ने बताया कि उसके परिवार की 14 और 15 साल की दो लड़कियों के माता-पिता युद्ध में मारे गए थे। इसके बाद उनके चाचाओं ने दोनों की शादी कर दी। महिला ने बताया, चाचा उनकी जिम्मेदारी और खर्च नहीं उठाना चाहते थे। लड़कियों की शादी उस उम्र में कर दी गई, जब वे यह भी नहीं समझती थीं कि शादी या जिंदगी क्या होती है। परिवार के अंदर भी रेप के मामले रिपोर्ट में परिवार के अंदर रेप का एक मामला भी बताया गया है। एक महिला के मुताबिक, उसके पति की मौत के बाद उसके देवर ने सोते समय उसके साथ रेप किया। बाद में वह गर्भवती हो गई। परिवार को इसकी जानकारी मिली तो आरोपी के परिवार ने दोनों की शादी कराने की कोशिश की। मामला जज के पास पहुंचा, लेकिन शादी नहीं हो सकी। उस समय महिला पति की मौत के बाद धार्मिक नियमों के तहत तय इंतजार की अवधि में थी। जज ने मामले को व्यभिचार माना। युद्ध के साथ घरेलू हिंसा भी बढ़ी गाजा में महिलाओं के लिए खतरा सिर्फ बाहर नहीं है। रिपोर्ट में महिलाओं ने बताया कि युद्ध के बाद परिवारों के अंदर भी हिंसा बढ़ी है। पति, पिता, भाई और ससुराल वालों के हाथों मारपीट, गाली-गलौज और दूसरी तरह की हिंसा के मामले सामने आए हैं। गाजा सिटी की एक महिला ने बताया कि युद्ध से पहले उसका पति कभी उस पर गुस्सा नहीं करता था। लेकिन घर तबाह होने और सब कुछ खोने के बाद वह चिड़चिड़ा रहने लगा और अपना गुस्सा पत्नी और बच्चों पर निकालने लगा। एक दूसरी महिला ने कहा कि मारपीट महिलाओं के साथ होने वाली सबसे आम हिंसा है। उसके मुताबिक, युद्ध के बाद पुरुष अपना गुस्सा पत्नियों पर निकाल रहे हैं और कई महिलाओं के पास इसे सहने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। महिलाओं ने इसकी वजह घर उजड़ने, बेरोजगारी, गरीबी, बार-बार विस्थापन और मानसिक तनाव को बताया। पति ने पत्नी को संबंध बनाने के लिए पीटा शिविरों में परिवारों के पास निजी जगह लगभग नहीं बची है। एक महिला ने बताया कि एक पति ने अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाने की मांग की। पत्नी ने बच्चों के सामने ऐसा करने से इनकार किया तो उसने उसे पीटा, उसका हाथ तोड़ दिया और आंख पर चोट पहुंचाई। दोनों जिस टेंट में रहते थे, उसमें बच्चों समेत 12 लोग रहते थे। बाद में पति ने स्कूल के बाथरूम में भी उसके साथ जबरन संबंध बनाए। रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़भाड़ और निजता की कमी ने ऐसी हिंसा का खतरा बढ़ाया है। हालांकि, वैवाहिक रेप युद्ध के बाद शुरू हुई नई समस्या नहीं है। खाने की मदद पर भी पति का कब्जा भूख और जरूरी सामान की कमी ने महिलाओं के लिए मुश्किल और बढ़ा दी है। रिपोर्ट में कुछ महिलाओं ने बताया कि उनके पति मानवीय मदद में मिली चीजों पर भी नियंत्रण रखते हैं। गाजा सिटी की एक महिला ने बताया कि उसे अपने फोन से मदद से जुड़े मैसेज मिटाने पड़ते हैं। उसे डर है कि अगर पति को पता चल गया कि उसे मदद मिली है, तो वह उसे और बच्चों को मिलने वाली मदद भी छीन लेगा। एक दूसरी महिला ने बताया कि कुछ पति परिवार के लिए खाना खरीदने के बजाय पैसे नशे या सिगरेट पर खर्च कर देते हैं। पत्नियों के विरोध करने पर उनके साथ हिंसा की जाती है। मारपीट के बाद भी पति के पास लौटी महिला रिपोर्ट में एक ऐसी महिला का मामला भी बताया गया है जिसे उसका पति पीटता था, गालियां देता था और यौन हिंसा करता था। महिला ने परिवार से छिपकर फोन पर मदद लेने की कोशिश की तो पति को इसकी जानकारी हो गई। इसके बाद पति उसे एक दोस्त के घर ले गया, बांधा और बाल पकड़कर घसीटा। महिला के शरीर पर चोट के निशान थे और उसका हाथ भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। इसके बावजूद वह पति के पास वापस चली गई। जब उससे पूछा गया कि वह वापस क्यों गई, तो उसने कहा, मैं कहां जाऊं? और मैं अपने बच्चों से दूर भी नहीं रह सकती। रिपोर्ट के मुताबिक, विस्थापन के कारण परिवार और रिश्तेदारों का सहारा कमजोर हुआ है। दूसरी तरफ महिलाओं के लिए सुरक्षित घर और दूसरी मदद की जगहें भी बहुत कम हैं। ऐसे में हिंसा झेलने वाली कई महिलाओं के पास घर छोड़ने का सुरक्षित रास्ता नहीं बचा है। भाई से लेकर बेटे तक, परिवार में ही हिंसा रिपोर्ट में परिवार के दूसरे सदस्यों की हिंसा के मामले भी सामने आए हैं। एक महिला ने बताया कि टेंट में ज्यादा लोगों के साथ रहने की वजह से भाई अपनी बहनों को छोटी-छोटी बातों पर पीटते और गालियां देते हैं। कुछ महिलाओं ने बेटों द्वारा बुजुर्ग मां को पीटे जाने की घटनाएं भी बताईं। एक महिला ने बताया कि उसके पास वाले टेंट में एक व्यक्ति अपनी बुजुर्ग मां को इसलिए पीटता था क्योंकि वह बिस्तर गीला कर देती थीं और डायपर बहुत महंगे थे। यौन हिंसा के मामले 61% बढ़े ——————————-



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के.डी. जैन स्कूल के खिलाड़ियों ने जीते 66 पदक: 30 स्वर्ण, 21 रजत और 15 कांस्य के साथ कई राज्यस्तर के लिए चयनित – Beawar News




मेवाड़ी गेट बाहर स्थित श्रीमती कंचन देवी जैन उच्च माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों ने 70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता सत्र 2026-27 के पहले चरण में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 66 पदक अपने नाम किए, जिनमें 30 स्वर्ण, 21 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर कई विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ है। स्कूल के खिलाड़ियों ने जूडो, वुशु, कुश्ती, नेटबॉल, राइफल शूटिंग, ताइक्वांडो और कराटे जैसे कई खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई। के.डी. जैन ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने ताइक्वांडो में अंडर-19 गर्ल्स और अंडर-19 बॉयज वर्ग में चैंपियनशिप जीती। वहीं, अंडर-17 बॉयज वर्ग में टीम उपविजेता रही। इसके अलावा, वुशु प्रतियोगिता में स्कूल ने लगातार चौथे साल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। नेटबॉल के अंडर-19 गर्ल्स वर्ग में टीम उपविजेता रही। स्कूल के खिलाड़ियों ने रग्बी-फुटबॉल और नेटबॉल में भी अच्छा प्रदर्शन किया। इन खेलों में भी कई खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुने गए हैं।



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CDO ने विकास कार्यों की कार्ययोजना पर की बैठक: कायाकल्प योजना और बाउंड्रीवॉल निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए – Ambedkarnagar News




विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें बीडीओ, क्षेत्र पंचायत प्रशासक और संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बनाई जाने वाली कार्ययोजना और विकास कार्यों को ठीक से लागू करने पर विस्तार से बात की गई। सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार के सबसे जरूरी कार्यक्रमों को कार्ययोजना में पहले नंबर पर रखा जाए। इनमें खास तौर पर कायाकल्प योजना और बाउंड्रीवॉल बनाने से जुड़े काम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में जरूरी विकास कार्यों की पहचान कर तय नियमों के हिसाब से कार्ययोजना बनाई जाए। सीडीओ ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग की कार्ययोजनाएं सरकारी आदेशों के प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग बनाई जाएं। कार्ययोजना बनाते समय तय नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि कार्ययोजना बनाने से लेकर विकास कार्यों को लागू करने तक किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मंजूर किए गए कामों को अच्छी गुणवत्ता के साथ और तय समय पर पूरा कराने पर भी जोर दिया गया। बैठक में जिला विकास अधिकारी सबिता सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, क्षेत्र पंचायत प्रशासक, खंड विकास अधिकारी और संबंधित अवर अभियंता समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।



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