Wednesday, October 7, 2026
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पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम् का राहुल गाँधी पर कटाक्ष: बोले- राहुल परिपक्व हुए, जानते हैं कि नौटंकी 2047 तक करनी है – Sambhal News




मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच संभल के श्रीकल्कि धाम के पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने मंगलवार रात एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर तंज कसा। आचार्य ने लिखा कि राहुल गांधी अब पूरी तरह परिपक्व हो चुके हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि उन्हें यह नौटंकी 2047 तक करनी है। आचार्य प्रमोद कृष्णम् लंबे समय से राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीति पर हमलावर रहे हैं। 2024 में अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने का समर्थन करने के बाद उन्हें कांग्रेस ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इसके बाद भी उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधना जारी रखा है। राहुल गांधी को लेकर देश में जब भी कोई राजनीतिक विवाद या प्रतिक्रिया सामने आती है, आचार्य प्रमोद कृष्णम् खुलकर अपनी राय रखते हैं। वह कई बार राहुल गांधी को कांग्रेस की मौजूदा स्थिति और पार्टी के कमजोर होने के लिए जिम्मेदार ठहरा चुके हैं। हालांकि, उनकी टिप्पणियों में प्रियंका गांधी को लेकर ऐसा रुख नहीं रहा और वह कई मौकों पर उनका समर्थन करते नजर आए हैं। दो लाइन की पोस्ट से शुरू हुई नई सियासी चर्चा दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ चल रहे विपक्ष के प्रदर्शन में राहुल गांधी की भूमिका को लेकर आचार्य ने अपनी दो लाइन की पोस्ट के जरिए हमला बोला। पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई। विपक्ष के तेवर और सरकार के रुख के बीच यह बयान सियासी माहौल को और गरमाने वाला माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी दी प्रतिक्रियाएं आचार्य की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। समर्थकों और विरोधियों के बीच पोस्ट को लेकर बहस शुरू हो गई। राहुल गांधी को लेकर आचार्य की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से चर्चा में है। श्रीकल्कि धाम में पीएम मोदी ने रखी थी मंदिर की नींव श्रीकल्कि धाम को लेकर सुरक्षा का मुद्दा भी हाल में सामने आया है। बताया गया है कि खालसा आतंकवादी संगठन के सरगना कुलवीर सिंह सिद्धू ने रॉकेट लांचर और बम से हमला करने की धमकी दी है। इसके बाद साधु-संतों की ओर से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जा रही है। 19 फरवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल के ऐंचौड़ा कम्बोह गांव स्थित श्रीकल्कि धाम में शिला पूजन कर मंदिर निर्माण की नींव रखी थी।



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FY27 का रियल GDP ग्रोथ अनुमान 7.1%, जानें आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी के फैसले


RBI MPC October 2026 Meeting LIVE: RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिन से चल रही बैठक आज, बुधवार 7 अक्टूबर को खत्म हो गई. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए MPC के फैसलों और आगे की नीति को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख बताएं. इस बार रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया.

RBI MPC October 2026 Meeting LIVE: खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी

आरबीआई गवर्नर के अनुसार, खाने-पीने की चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी अब ज्यादा सामानों तक फैल गई है. खास तौर पर चीनी और प्याज जैसी कुछ चीजों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है. अगस्त में खाद्य महंगाई थोड़ी बढ़ी, जिसकी मुख्य वजह पिछले साल की तुलना में कमजोर बेस इफेक्ट रही.

RBI MPC Meeting 2026 LIVE: रियल GDP ग्रोथ का अनुमान

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है. पहली तिमाही (Q1) में देश की वास्तविक GDP ग्रोथ 7.8% रही. दूसरी तिमाही (Q2) में मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI दोनों में बढ़त जारी रही, हालांकि ग्रोथ की रफ्तार पहली तिमाही के मुकाबले थोड़ी धीमी हुई. इस साल वास्तविक GDP ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान है. Q2 में यह 7.2%, Q3 में 6.9% और Q4 में 6.8% रह सकती है. अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में GDP ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान है.

RBI Repo Rate Today LIVE: महंगाई के दूसरे दौर के असर को कम करने के लिए आरबीआई का फैसला

RBI Repo Rate Today LIVE:  MPC ने कहा कि मौद्रिक नीति का मुख्य काम महंगाई के दूसरे दौर के असर को कम करना है. यानी, महंगाई बढ़ने के बाद उसका वेतन, कीमतों और दूसरी चीजों पर दोबारा असर न पड़े, इसे रोकने में मौद्रिक नीति अहम भूमिका निभाती है.

SDF और MSF पर आरबीआई गवर्नर का फैसला

SDF (Standing Deposit Facility) की दर 5.25% कर दी गई है. वहीं, Marginal Standing Facility (MSF) और बैंक रेट को 5.75% कर दिया गया है.

रेपो रेट पर आरबीआई का ऐलान

आरबीआई ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की है. रेपो रेट 5.25 फीसदी से अब बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है.

Goldman Sachs का अनुमान

Goldman Sachs को RBI के रुख में बदलाव की संभावना दिख रही है. Goldman Sachs के विश्लेषकों का मानना है कि RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी कर सकती है. इसके साथ ही MPC अपने मौजूदा न्यूट्रल रुख को बदलकर ब्याज दरों को लेकर थोड़ा सख्त रुख अपना सकती है. अब निवेशकों की नजर RBI के अगले कदम और ब्याज दरों को लेकर उसके संकेतों पर है, खासकर बढ़ती महंगाई और दुनियाभर में सख्त वित्तीय परिस्थितियों के बीच.

RBI Repo Rate Today LIVE: महंगाई को काबू में रखने के लिए फैसला

लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन, BYST की संस्थापक और मैनेजमेंट ट्रस्टी हैं. उनका कहना है कि अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% हो गई, जबकि औद्योगिक उत्पादन की ग्रोथ बढ़कर 8% रही. ऐसे में RBI के सामने महंगाई को काबू में रखने और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार बनाए रखने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है. उनके मुताबिक, माइक्रो और छोटे कारोबारियों के लिए यह संतुलन और भी जरूरी है. कच्चे माल, ईंधन और कारोबार चलाने की लागत बढ़ रही है. रुपये में कमजोरी और विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का भी दबाव है. हाल में अमेरिकी फेड की दर बढ़ोतरी के बाद अगर भारत में भी कर्ज महंगा होता है, तो छोटे कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल, लोन की किस्त, कारोबार बढ़ाने और नई भर्ती की योजनाओं पर असर पड़ सकता है.

वेंकटेशन का कहना है कि RBI की मौद्रिक नीति में मैक्रो इकोनॉमिक स्थिरता के साथ छोटे और सक्षम कारोबारियों को समय पर और कम लागत पर कर्ज मिलने पर भी ध्यान देना चाहिए. सही तरीके से कर्ज पहुंचाना, पर्याप्त वर्किंग कैपिटल उपलब्ध कराना और कारोबारियों के लिए उचित repayment structure जरूरी है.

उन्होंने कहा कि पहली बार कारोबार शुरू करने वाले उद्यमियों, महिला उद्यमियों और Grampreneurs® के लिए सिर्फ कर्ज मिलना काफी नहीं है. उन्हें मेंटोरिंग और बिजनेस गाइडेंस भी मिलनी चाहिए. इससे छोटे कारोबारी अपना बिजनेस मजबूत कर सकते हैं, रोजगार पैदा कर सकते हैं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे सकते हैं.

RBI MPC Meeting 2026 LIVE: रिटेल महंगाई का हाल

आरबीआई एमपीसी मीटिंग 2026 लाइव: भारत की रिटेल महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82% हो गई, जबकि जुलाई में यह 4.45% थी. महंगाई में यह बढ़ोतरी RBI के लिए अहम है, क्योंकि मौद्रिक नीति समिति (MPC) ब्याज दरों पर फैसला लेते समय महंगाई को भी ध्यान में रखती है. अगस्त के आंकड़ों का असर RBI के repo rate और आगे की मॉनिटरी पॉलिसी को लेकर उसके संकेतों पर पड़ सकता है.

GIFT Nifty में गिरावट

भारतीय शेयर बाजार में 7 अक्टूबर को कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. सुबह 8 बजे GIFT Nifty करीब 22,677 पर कारोबार कर रहा था, जो 97 अंक या 0.43% नीचे है. बाजार की नजर आज RBI की मौद्रिक नीति के फैसले पर भी है.

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही, जबकि अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए. MSCI Asia Pacific Index 0.4% गिरा. जापान के Topix और हांगकांग के Hang Seng में भी गिरावट रही. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी चिंता बढ़ाई है. Brent क्रूड $101 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है. घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार 8वें सत्र में बिकवाल रहे. 6 अक्टूबर को FIIs ने ₹2,961 करोड़ की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने ₹5,000 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की.

RBI Repo Rate Today LIVE: FD के ब्याज पर असर

आरबीआई रेपो रेट आज लाइव: सिद्धार्थ मौर्य, मैनेजिंग डायरेक्टर, विभावंगल अनुकूलकरा प्राइवेट लिमिटेड के मुताबिक, अगर RBI रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% करता है, तो कर्ज लेने वालों और बचत करने वालों पर अलग-अलग असर हो सकता है. फ्लोटिंग रेट वाले होम और कार लोन की EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है. ऐसे में लोगों को अपने बजट में बढ़ी हुई EMI का असर पहले से देख लेना चाहिए. अतिरिक्त पैसा उपलब्ध हो तो कुछ लोग लोन का आंशिक प्रीपेमेंट कर सकते हैं.

दूसरी ओर, रेपो रेट बढ़ने पर बैंक FD पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं. ऐसे में छोटी से मध्यम अवधि की FD पर ध्यान दिया जा सकता है. हालांकि, कच्चे तेल की कीमत $100 प्रति बैरल से ऊपर और रुपये में कमजोरी के कारण महंगाई बढ़ने पर FD से मिलने वाला वास्तविक रिटर्न कम हो सकता है. इसलिए सिर्फ ज्यादा ब्याज के लालच में FD चुनने से बचना चाहिए. नए निवेश से पहले कर्ज, लिक्विड फंड, इमरजेंसी फंड और इंश्योरेंस की समीक्षा करना भी जरूरी है.

RBI MPC October 2026 Meeting LIVE: प्रॉपर्टी सेगमेंट पर असर

आरबीआई एमपीसी अक्टूबर 2026 मीटिंग लाइव: हार्दिक शाह, डायरेक्टर, श्याम ग्रुप-धोलेरा SIR के मुताबिक, रेपो रेट बढ़कर 5.50% होने से रियल एस्टेट निवेशकों के लिए प्रॉपर्टी और FD जैसे फिक्स्ड इनकम निवेश के बीच का समीकरण बदल सकता है. ब्याज दर बढ़ने से कर्ज महंगा होगा, जिसका असर उन प्रॉपर्टी सेगमेंट पर पड़ सकता है जो ब्याज दरों के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं.

कमर्शियल रियल एस्टेट और REITs के लिए भी फाइनेंसिंग लागत बढ़ सकती है. हालांकि, लंबे समय के लीज कॉन्ट्रैक्ट से मिलने वाली नियमित आय इन पर कुछ दबाव कम कर सकती है. ऑफिस और रिटेल प्रॉपर्टी में निवेशक ज्यादा रिटर्न की मांग कर सकते हैं. कमजोर रुपया और ग्लोबल अनिश्चितता भी निवेश को प्रभावित कर सकती है. वहीं, अगर घरों की मांग बनी रहती है तो अफोर्डेबल और किराये के मकानों में असर सीमित रह सकता है. आगे बाजार पर सबसे ज्यादा निर्भर करेगा कि यह सिर्फ एक छोटी बढ़ोतरी है या लगातार ब्याज दरें बढ़ने की शुरुआत.

ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता

शिव गर्ग, डायरेक्टर, फोर्टएशिया रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के मुताबिक, रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी से रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार पर दबाव पड़ सकता है. नवरात्रि से दिवाली तक का समय घरों की बिक्री के लिए अहम होता है. ऐसे में होम लोन की ब्याज दर थोड़ी भी बढ़ने पर कुछ खरीदार अपना फैसला टाल सकते हैं. खासकर तब, जब प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही ऊंची हैं और ग्लोबल स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है. उनके अनुसार, रेपो रेट बढ़ने पर डेवलपर्स बिक्री बढ़ाने के लिए तैयार घरों पर ज्यादा छूट, इंसेंटिव और सबवेंशन ऑफर दे सकते हैं. वहीं, खरीदार ऐसी होम लोन EMI को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिसका मंथली खर्च पहले से तय हो. इससे इस फेस्टिव सीजन में डेवलपर्स की बिक्री रणनीति पर असर पड़ सकता है.

RBI Monetary Policy: 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की उम्मीद

विजय रौंदल, मैनेजिंग डायरेक्टर, तीर्थ रियल्टीज के मुताबिक, रेपो रेट बढ़कर 5.5% होने से बिल्डरों के लिए निर्माण और कारोबार चलाने का खर्च बढ़ सकता है. अगर ब्याज दर में सिर्फ 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी भी होती है, तो फ्लोटिंग रेट वाले कर्ज पर डेवलपर्स का ब्याज खर्च बढ़ जाएगा. पहले से बढ़ी हुई निर्माण लागत के कारण बिल्डरों के मुनाफे पर दबाव है. छोटे शहरों में काम करने वाले छोटे डेवलपर्स के लिए यह बढ़ी लागत ग्राहकों पर डालना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में वे नए प्रोजेक्ट लॉन्च करने में देरी कर सकते हैं। बड़े डेवलपर्स कुछ समय तक इस दबाव को संभाल सकते हैं, लेकिन लगातार ब्याज दरें बढ़ने पर कंपनियों को अपनी विस्तार योजनाओं और लागत पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है.



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झुंझुनूं में सफाई को लेकर नगर परिषद में हंगामा: पार्षद और सफाई निरीक्षक में बहस, आयुक्त को करना पड़ा बीच-बचाव – Jhunjhunu News




झुंझुनूं में सफाई व्यवस्था और कचरा उठाने की शिकायत लेकर भाजपा और निर्दलीय पार्षद नगर परिषद पहुंच गए। जहां पर सफाई निरीक्षक (एसआई) और पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ा कि आयुक्त के कक्ष में ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और काफी देर तक कहासुनी चली। हालांकि, बाद में नगर परिषद आयुक्त राकेश कुमार ने मामला शांत कराया। सफाई की शिकायत लेकर पहुंचे थे पार्षद भाजपा और निर्दलीय पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल शहर में सफाई व्यवस्था और कचरा उठाने की समस्या को लेकर आयुक्त राकेश कुमार से मिलने पहुंचा था। पार्षदों का कहना था कि कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो रही है और कचरा उठाने को लेकर भी परेशानी आ रही है। पार्षदों ने सफाई निरीक्षक नीरज पर भी आरोप लगाया कि सफाई से जुड़ी समस्या बताने के लिए फोन करने के बावजूद एसआई फोन नहीं उठाते हैं। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि वार्ड में सफाई व्यवस्था से जुड़ी शिकायत आने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी से संपर्क करना पड़ता है। इसी के साथ एसआई की शिकायत करने वाले एक पार्षद प्रतिनिधि से उनकी पहचान पूछे जाने की बात सामने आई। जिसपर प्रतिनिधि और पार्षद पक्ष ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए विरोध किया। मामला बढ़ता देख आयुक्त राकेश कुमार ने बीच में बोलकर दोनों पक्षों को शांत कराया। आयुक्त बोले- बहस जैसी कोई बात नहीं आयुक्त राकेश कुमार का कहना है कि- कोई खास बात नहीं थी। सफाई व्यवस्था की बात थी। बहस जैसी कोई बात नहीं थी। आपस में सभी बैठकर बातें कर रहे थे। उन्होंने समस्याओं को दूर करने और शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था बेहतर करने का आश्वासन भी दिया है। ये रहे मौजूद प्रतिनिधिमंडल में पार्षद अशोक प्रजापति, रोहन सैनी, इदरीश अली, मनोज सैनी, योगेंद्र योगी, रामकरण सैनी सहित अन्य पार्षद व प्रतिनिधि शामिल थे।



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​अनाथ आश्रम से शादी का झांसा देकर 24,500 रुपए ठगे: ग्वालियर में फेसबुक पर विज्ञापन देखकर बेटे-भाई के लिए दुल्हन तलाश रही थीं महिलाएं – Gwalior News




सोशल मीडिया पर अनाथ आश्रम से शादी कराने का विज्ञापन देखकर ग्वालियर की दो महिलाएं साइबर ठगी का शिकार हो गईं। जालसाजों ने बेटे और रिश्तेदार के लिए दुल्हन तलाश रही महिलाओं से अलग-अलग किश्तों में 24,500 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। जब महिलाओं ने शादी से पहले दुल्हन से वीडियो कॉल पर बात कराने को कहा तो आरोपियों ने उनके नंबर ब्लॉक कर दिए। पीड़िताओं ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और पुलिस में शिकायत की है। फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ संपर्क शब्दप्रताप आश्रम क्षेत्र के रामपुरी मोहल्ला निवासी आरती शाक्य और उनकी पड़ोसन पूनम जाटव ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा था। इसमें दावा किया गया था कि शादी के इच्छुक कुंवारे लड़कों का विवाह अनाथ आश्रम की लड़कियों से कराया जाता है। पूनम अपने मौसी के बेटे और आरती अपने बेटे के लिए लड़की तलाश रही थीं। विज्ञापन में दिए नंबर पर संपर्क करने पर आरोपी ने अपना नाम गौरव शर्मा बताया और इंदौर के ‘गुरूनानक अनाथ आश्रम’ से बात करने का दावा किया। तस्वीरें भेजीं, फर्जी फॉर्म और सर्टिफिकेट दिखाए महिलाओं का भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने वॉट्सऐप पर 8-9 लड़कियों की तस्वीरें भेजीं। लड़की पसंद करने के बाद आरोपी ने दूल्हे-दुल्हन की फोटो लगाकर 500 रुपए के स्टाम्प पेपर जैसा दिखने वाला फर्जी रजिस्ट्रेशन फॉर्म और मैरिज सर्टिफिकेट का ड्राफ्ट भेजा। आरोपी ने 2 अक्टूबर को शादी कराने का भरोसा भी दिलाया। उसने कहा कि वे केवल एक घंटे के लिए ग्वालियर आएंगे और शादी कराकर लौट जाएंगे। लड़की की शॉपिंग का खर्च लड़के वालों को उठाने की बात कही। दहेज का सामान दिखाकर QR कोड भेजा इसके बाद आरोपी ने वॉट्सऐप पर एक वीडियो भेजा, जिसमें फ्रिज, अलमारी, कूलर, बाइक सहित घरेलू सामान दिख रहा था। आरोपी ने दावा किया कि अनाथालय अपनी ओर से बेटी को शादी में यह सामान देता है। इसके बाद एक QR कोड भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। पहली किस्त के 7,500 रुपए ट्रांसफर करने पर खाते में ‘तालिम खान’ नाम दिखाई दिया। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में कुल 24,500 रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। ​वीडियो कॉल की मांग की तो नंबर कर दिए ब्लॉक महिलाओं ने शादी से पहले दुल्हन से वीडियो कॉल पर बात कराने की इच्छा जताई तो आरोपी ने आश्रम में वीडियो कॉल की अनुमति नहीं होने की बात कही। तय समय पर शादी के लिए संपर्क किया तो आरोपी के नंबर बंद मिले। बाद में दोनों महिलाओं के वॉट्सऐप नंबर भी ब्लॉक कर दिए गए। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उधार लेकर जुटाए थे रुपए आरती शाक्य ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं। परिवार में बहू आने की उम्मीद में उन्होंने उधार लेकर रुपए जुटाए थे, लेकिन ठगों ने उनकी जमा-पूंजी ठग ली। पूनम जाटव ने कहा कि वे ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं हैं और फर्जी फॉर्म व वीडियो देखकर आरोपियों पर भरोसा कर बैठीं। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई कर रुपए वापस दिलाने की मांग की है। नंबर की डिटेल खंगाल रही पुलिस पुलिस के अनुसार महिलाओं की शिकायत को जांच में लिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की भी डिटेल निकाली जा रही है।



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बेगूसराय बस स्टैंड में 10 राउंड फायरिंग, दो लोग घायल: जुआ कारोबारी की जांघ में लगी गोली, बोला- मेरी हत्या करने आए थे; फल विक्रेता भी लगी बुलेट – Begusarai News




बेगूसराय बस स्टैंड में बुधवार सुबह बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ 8 से 10 राउंड फायरिंग की। घटना में दो लोग गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के गाछी टोला निवासी जुआ कारोबारी मनोज पासवान और फल विक्रेता अर्जुन साह के रूप में हुई है। घटना नगर थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां एक घायल को सदर अस्पताल और दूसरे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि नगर थाना क्षेत्र के गाछी टोला निवासी मनोज पासवान जमीन और फल के व्यवसाय से जुड़ा है। घायल जुआ कारोबारी का आपराधिक इतिहास भी रहा है घायल जुआ कारोबारी मनोज पासवान का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। इन दिनों मनोज पासवान बस स्टैंड के पास जुआ का कारोबार करवाता है। मनोज पासवान रोज की तरह सुबह करीब 5:30 बजे वे अपने घर से निकला और बस स्टैंड के समीप स्थित एक चाय दुकान पर रुककर चाय पी रहा था। इसी दौरान एक पर आए दो अपराधियों ने मनोज पासवान को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। अचानक हुई इस फायरिंग में एक गोली मनोज पासवान के जांघ में लग गई। गोली लगते ही मनोज पासवान अपनी जान बचाने के लिए अपने घर की दिशा में भागने लगे, लेकिन बेखौफ अपराधियों ने उसका पीछा करते हुए खदेड़कर फिर फायरिंग की। बदमाशों की ओर से मनोज पासवान पर की जा रही गोलीबारी की चपेट में पास ही फुटपाथ पर अपनी दुकान लगा रहे फल विक्रेता अर्जुन साह भी आ गए। अर्जुन साह उस समय अपनी ठेले की फल दुकान सजा रहे थे। इसी दौरान अपराधियों की ओर से चलाई गई एक गोली अर्जुन साह की जांघ में भी जा लगी। गोली लगते ही वे वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बाइक सवार अपराधी मौके से हथियार लहराते हुए पावर हाउस की ओर हथियार लहराते हुए फरार हो गए। घायल जुआ कारोबारी ने कहा- किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं घायल मनोज पासवान ने बताया कि वे रोज की तरह बस स्टैंड आए थे। इसी बीच बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक पहुंचे और अचानक उन पर फायरिंग शुरू कर दी। उनकी किसी से कोई सीधी दुश्मनी या विवाद नहीं था और न ही वे गोली चलाने वाले अपराधियों को पहचानते हैं। मनोज पासवान ने बताया कि अपराधियों का मुख्य मकसद उनकी हत्या करना ही था, क्योंकि वे लगातार उन्हें ही टारगेट कर गोलियां चला रहे थे। वहीं, घायल फल विक्रेता अर्जुन साह के बड़े बेटे अजय कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनके पिता 20-25 वर्षों से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के बीच फुटपाथ पर ठेले पर फल बेचने का काम करते हैं। आज उनके पिता सुबह करीब 5:40 बजे घर से अपनी फल की दुकान खोलने निकले थे। दुकान खोलने के बाद वे मंडी से फल लाने की तैयारी में थे, तभी अचानक यह वारदात हो गई। अजय कुमार ने बताया कि उनके पिता का किसी भी व्यक्ति के साथ कोई आपसी रंजिश या दुश्मनी नहीं है। अपनी दुकान खोल रहे थे और उन्हें आसपास की किसी गतिविधि का पता नहीं चल सका। अचानक चली गोली उनकी जांघ में लग गई। अजय कुमार ने बताया कि घटना के करीब 10-15 मिनट बाद सुबह 6 बजे के आसपास परिजनों को इस बात की सूचना मिली। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और घायल हालत में उन्हें अस्पताल लेकर आए। जुआ से जुड़े मामले में हारने वाले पर फायरिंग की आशंका बस स्टैंड के पास रहने वाले स्थानीय लोग और घटना के प्रत्यक्षदर्शी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पावर हाउस रोड गाछी टोला का रहने वाला मनोज पासवान बस स्टैंड, ट्रैफिक चौक और रेलवे स्टेशन से लेकर पावर हाउस तक जुआ का कारोबार करवाता है। मंगलवार को एक युवक इसके गैंग के चक्कर में फंस गया और हारने लगा तो इसके सहयोगियों ने जीतने का विश्वास दिलाया। लेकिन 20 हजार हार गया। इसके बाद उसने गुहार लगाई कि 500 रुपए दे दो, ताकि मैं घर चला जाऊं, लेकिन उन लोगों ने पैसा नहीं दिया। इस दौरान मनोज पासवान भी वहां मौजूद था और मनोज पासवान के साथ उसके गिरोह के सदस्यों ने युवक के साथ मारपीट की थी। इसी के प्रतिशोध में यह घटना हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए घटना की सूचना मिलते ही सदर डीएसपी प्रशांत कुमार और नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके पर से तीन चले हुए खोखे बरामद किए। इसके साथ ही पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार दोनों बदमाशों की तस्वीरें कैद हुई हैं, जिनके आधार पर पुलिस अपराधियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस का कहना है कि मनोज पासवान के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए भी मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि हमलावरों का मुख्य निशाना मनोज पासवान ही थे और फल विक्रेता अर्जुन साह बीच में आने के कारण गोली का शिकार बन गए। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर मामले की छानबीन कर रही है कि इस जानलेवा हमले के पीछे की असली वजह पुरानी रंजिश है या फिर कोई व्यावसायिक विवाद।



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वाह पांडेय जी! ट्रंप-ओबामा भी इस 83 साल पुरानी दुकान से खा चुके हैं पान

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दिल्ली: वैसे तो देश की राजधानी दिल्ली में पान खाने वालों की कमी नहीं है और न ही यहां पान की दुकानों की, लेकिन कुछ दुकानें सिर्फ अपने पान के स्वाद के लिए नहीं, बल्कि अपनी कहानी और सालों पुरानी पहचान के लिए जानी जाती हैं. ऐसी ही एक दुकान दिल्ली के नार्थ एवेन्यू पार्लियामेंट हाउस में पांडेय पान नाम से है, जो साल 1943 से लोगों को पान खिला रही है. करीब 83 साल पुरानी यह दुकान आज तीसरी पीढ़ी संभाल रही है. यहां आने वाले लोगों में आम ग्राहक से लेकर कई बड़े नाम भी शामिल रहे हैं.

आज तीसरी पीढ़ी संभाल रही है दुकान

पांडेय पान की शुरुआत 1943 में हुई थी. इस दुकान के संचालक देवी प्रसाद पांडे बताते हैं कि शुरुआत से ही कोशिश रही कि पान का स्वाद बाकी दुकानों से अलग हो. इसके लिए पान में इस्तेमाल होने वाली कई चीजों को लेकर खुद प्रयोग और तैयारी की गई. आज भी दुकान की पहचान इसी खास स्वाद से जुड़ी हुई है. दुकान की तीसरी पीढ़ी अब इस काम को आगे बढ़ा रही है. इस दुकान के संचालक के मुताबिक, इन 83 सालों में पान खाने का तरीका भी काफी बदला है. खासकर नई पीढ़ी में तंबाकू और सिगरेट से दूरी बढ़ी है. यही वजह है कि दुकान पर मीठे और सादे पान की मांग ज्यादा देखने को मिलती है.

यहां मिलते हैं 150 तरह के पान

पांडेय पान की सबसे खास बात यहां मिलने वाली पान की अलग-अलग किस्में हैं. दुकान पर करीब 150 तरह के मीठे और सादे पान मिलते हैं. यहां की सबसे खास बात यह है कि पान में कृत्रिम रंग, खुशबू या स्वाद डालने के बजाय प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर दिया जाता है. गुलकंद के लिए गुलाब की पंखुड़ियों और चीनी का इस्तेमाल किया जाता है. आम वाला पान हो तो उसमें आम का टुकड़ा, ब्लूबेरी वाला पान हो तो असली ब्लूबेरी और बादाम वाला पान हो तो उसमें बादाम का इस्तेमाल किया जाता है. यानी पान को सिर्फ स्वाद देने के लिए नाम नहीं रखा गया, बल्कि उसमें उसी चीज का इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है.

माधुरी पान क्यों है इतना खास

दुकान के सबसे चर्चित पानों में एक नाम माधुरी पान का है. इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है. दुकान के संचालक के मुताबिक, हुसैन साहब अभिनेत्री माधुरी के लिए यहां से पान ले जाया करते थे. उन्हें यह पान काफी पसंद था. इसके बाद उनके कहने पर दुकान ने माधुरी के नाम से पान शुरू किया. दुकान पर कई दूसरे मशहूर नामों के साथ तस्वीरें और पहचान जुड़ी हुई हैं, लेकिन माधुरी पान के नाम के साथ कोई अलग तस्वीर या स्टिकर नहीं लगाया गया. उसका नाम सीधे मेन्यू में रखा गया है. दुकान के मुताबिक, माधुरी पान यहां के सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पानों में शामिल है.

ट्रंप और ओबामा के लिए भी बना है यहां का पान

पांडेय पान की चर्चा सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रही है. दुकान के संचालक बताते हैं कि कई बड़े नेता, अभिनेता और क्रिकेटर यहां का पान खा चुके हैं. इनमें डोनाल्ड ट्रंप और बराक ओबामा जैसे नाम भी शामिल हैं.डोनाल्ड ट्रंप के लिए खास तौर पर वॉफल पान तैयार किया गया था. दुकान के मुताबिक, यह बेहद नरम पान होता है और इसमें विदेशी पत्तों के साथ अलग तरह की सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है. वहीं, राष्ट्रपति भवन में आयोजित रात्रिभोज के लिए भी यहां से पान भेजे जाने की बात दुकान संचालक बताते हैं.

बराक ओबामा के लिए 15 पान किए गए थे पैक

इस दुकान से जुड़ी एक और खास याद बराक ओबामा से जुड़ी है. देवी प्रसाद पांडे बताते हैं कि जब बराक ओबामा राष्ट्रपति भवन आए थे, तब उनके लिए पान तैयार करके भेजे गए थे. उनकी पत्नी ने भी पान के कई पैकेट साथ ले जाए थे. बताया जाता है कि उन्हें यहां का पान इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे पहले कभी खाए पान से अलग बताया.

तीन साल के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक खा सकते हैं पान

पांडेय पान की खासियत यह भी बताई जाती है कि यहां तंबाकू वाला पान नहीं मिलता. दुकान संचालक का कहना है कि वह चाहते हैं कि नई पीढ़ी तंबाकू के बजाय मीठे पान की तरफ आए. इसी वजह से दुकान पर अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए मीठे और प्राकृतिक चीजों से तैयार पान उपलब्ध हैं. यहां के पान में इस्तेमाल होने वाला पानी भी दुकान की खास पहचान का हिस्सा बताया जाता है. संचालक के मुताबिक, इसे पीने से मुंह लाल नहीं होता. इसके अलावा ठंडे पान की भी कई किस्में हैं, जिनमें पुदीना, अदरक, इलायची और लौंग जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है.

बनारस से आते हैं पान के पत्ते

दुकान में इस्तेमाल होने वाले पान के पत्ते बनारस से मंगाए जाते हैं. दुकान संचालक बताते हैं कि जरूरत के हिसाब से वहां के विक्रेताओं को पत्तों का ऑर्डर दिया जाता है और फिर उन्हें दिल्ली पहुंचाया जाता है.दुकान पर काम करने वाले पांडे जी के साथ पिछले करीब आठ साल से जुड़े कर्मचारी सौरभ पाठक बताते हैं कि यहां इस्तेमाल होने वाला एक खास पत्ता जगन्नाथी कहलाता है. इसे बहुत अच्छी गुणवत्ता का पत्ता माना जाता है. उनके मुताबिक, यह पत्ता मुंह में रखने पर जल्दी घुल जाता है और इसे अलग से थूकने की जरूरत भी नहीं पड़ती.

15 रुपये से शुरू, 100 रुपये तक जाता है पान

अगर आप सोच रहे हैं कि इतनी पुरानी और खास दुकान का पान बहुत महंगा होगा, तो ऐसा नहीं है. यहां पान की कीमत करीब 15 रुपये से शुरू होती है और सबसे महंगा पान 100 रुपये तक का है. यानी अलग-अलग बजट और पसंद के हिसाब से ग्राहक यहां पान चुन सकते हैं. दुकान पर सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पानों में माधुरी पान, बटरस्कॉच स्वीट कॉर्न और फोर्थ इडियट स्वीट कॉर्न शामिल हैं. फोर्थ इडियट पान का नाम फिल्म थ्री इडियट्स से जुड़ी एक मजेदार कहानी के कारण रखा गया. दुकान संचालक के मुताबिक, उन्होंने प्राकृतिक बेरीज के स्वाद को पहचानने की चुनौती दी थी और जब स्वाद पहचानना मुश्किल हुआ तो इसी मजेदार नाम से पान को पहचान मिल गई.

दिल्ली में हैं चार दुकानें

आज पांडेय पान की दिल्ली में चार दुकानें हैं. इनमें मिंटो ब्रिज लाइन स्थित एनडीएमसी मार्केट, भापा रेस्टोरेंट के पास वाली दुकान, एम ब्लॉक और जी ब्लॉक की दुकान शामिल हैं. इतने सालों बाद भी दुकान का सबसे बड़ा दावा यही है कि पान का स्वाद और उसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाता है.



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रूस के पास तेल टैंकर पर यूक्रेन का ड्रोन अटैक: 23 भारतीय सवार थे; ब्लैक सी में तनाव से रूस का अनाज निर्यात 71% घटा


2 घंटे पहले

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हमले के बाद तेल टैंकर पर आग लग गई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

रूस के पास ब्लैक सी में मंगलवार को लाइबेरिया के झंडे वाले तेल टैंकर में आग लग गई। टैंकर पर 23 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे। हमले के बाद इमरजेंसी टीमों ने सभी का रेस्कयू किया।

रूस के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक, टैंकर पर यूक्रेन की ओर से आए ड्रोन से हमला हुआ था। हमले के बाद जहाज में आग लगी और समुद्र में कच्चा तेल जलता दिखाई दिया।

लगातार हमलों से ब्लैक सी का समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ है। जहाज मालिक इस रूट पर जाने से बच रहे हैं और माल ढुलाई की लागत बढ़ रही है।

अगस्त में रूस का अनाज निर्यात 59 लाख टन से घटकर 17 लाख टन रह गया था, यानी 71% गिरावट। सितंबर में भी निर्यात करीब 50% घटकर 24.5 लाख टन रहने का अनुमान है।

हमले के बाद की तस्वीरें…

अफ्रामैक्स रियो रूस के काला सागर क्षेत्र में सोची के तट से करीब 15 किलोमीटर दूर था।

अफ्रामैक्स रियो रूस के काला सागर क्षेत्र में सोची के तट से करीब 15 किलोमीटर दूर था।

जहाज से उठती तेज आग और काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था।

जहाज से उठती तेज आग और काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था।

यह लाइबेरिया के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, इसकी लंबाई करीब 247 मीटर है।

यह लाइबेरिया के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, इसकी लंबाई करीब 247 मीटर है।

तेज आग के कारण बचाव दल नहीं पहुंच पा रहा था

हमले से पहले मरीनट्रैफिक ने जहाज की आखिरी लोकेशन काला सागर में रूस-जॉर्जिया सीमा के पास बताई थी।

रूस के परिवहन मंत्रालय के मुताबिक तेज आग की के कारण दमकलकर्मी शुरुआत में जहाज के पास नहीं पहुंच पा रहे थे।

मंत्रालय ने बाद में कहा कि आग की तीव्रता घटने के बाद इमरजेंसी टीमों के पास इसे नियंत्रित करने के पर्याप्त साधन थे।

जहाज यूक्रेन की प्रतिबंध सूची में था

द कीव इंडिपेंडेंट के मुताबिक, यह जहाज यूक्रेन की प्रतिबंध सूची में शामिल था। इसे रूस के कथित शैडो फ्लीट का हिस्सा बताया गया था।

रूस का शैडो फ्लीट उन टैंकरों और जहाजों का नेटवर्क है, जिनका इस्तेमाल रूस पश्चिमी प्रतिबंधों से बचकर तेल समेत दूसरे सामान के निर्यात में करता है।

यूक्रेन ने फरवरी में जहाज पर प्रतिबंध लगाए थे। उसका कहना था कि इस नेटवर्क के जहाज रूस को जरूरी ऊर्जा आय बनाए रखने में मदद करते हैं। इसी आय से रूस यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को फंड करता है।

रूस-यूक्रेन ने ब्लैक सी में 300 जहाजों पर हमले किए

रूस-यूक्रेन युद्ध में ब्लैक सी अब जंग का बड़ा मोर्चा बन गया है। पिछले करीब 2 महीने में दोनों देशों ने 300 से ज्यादा जहाजों को निशाना बनाया है।

इनमें अनाज ले जाने वाले जहाज, तेल टैंकर और दूसरे मालवाहक पोत शामिल हैं। लगातार हमलों का असर दुनिया की खाद्य सप्लाई पर पड़ने का खतरा है।

गेहूं और मक्का की कीमतों में तेजी आ सकती है। रूस और यूक्रेन मिलकर दुनिया के करीब 30% गेहूं निर्यात का हिस्सा रखते हैं। दोनों देशों का ज्यादातर अनाज ब्लैक सी के रास्ते दूसरे देशों तक पहुंचता है।

रूस से अब 16 देश ही गेहूं खरीदते हैं

रूसी गेहूं खरीदने वाले देशों की संख्या 43 से घटकर 16 रह गई है। वहीं, रूस से अनाज भेजने वाले बंदरगाहों की संख्या 47 से घटकर 10 रह गई। देश के सबसे बड़े बंदरगाह नोवोरोसिस्क से शिपमेंट 24.9 लाख टन से घटकर 10.4 लाख टन रह गया।

बंदरगाहों और जहाजों पर हमले बढ़ने से अनाज का समुद्री कारोबार प्रभावित हुआ है। दोनों देशों के गोदामों में अनाज मौजूद है, लेकिन उसे खरीदार देशों तक पहुंचाने में मुश्किल आ रही है।

इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिख रहा है। गेहूं की कीमतें पिछले एक साल में करीब 30% बढ़ चुकी हैं।

यूक्रेन ने सड़क-रेल से निर्यात बढ़ाया, लेकिन सप्लाई कम

ब्लैक सी का समुद्री रास्ता प्रभावित होने के बाद यूक्रेन सड़क और रेल नेटवर्क के जरिए अनाज दूसरे देशों तक भेज रहा है। हालांकि इन रास्तों की क्षमता ब्लैक सी के बंदरगाहों की तुलना में काफी कम है।

डेन्यूब नदी के रास्ते भी सीमित मात्रा में अनाज भेजा जा रहा है। लेकिन जलस्तर और परिवहन क्षमता की वजह से यह विकल्प समुद्री रास्ते की पूरी भरपाई नहीं कर पा रहा है।

मक्का की ग्लोबल सप्लाई पर भी असर का खतरा

ब्लैक सी में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ गेहूं पर नहीं, मक्का की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। 2025-26 में यूक्रेन ने 2.3 करोड़ टन मक्का निर्यात किया था।

यह दुनिया के कुल मक्का निर्यात का करीब 12% था। अगर मौजूदा हालात लंबे समय तक जारी रहे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में मक्का की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।

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होर्मुज के पास जहाज पर हमला, 11 भारतीय जख्मी

भारत ने मंगलवार को ओमान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पनामा के झंडे वाले व्यापारिक जहाज पर हमले की निंदा की। हमले में 12 क्रू मेंबर घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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मोदी ने दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा की: आज सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे; देशभर के कार्यकर्ताओं से वर्चुअली बात करेंगे


वडनगर (गुजरात)46 मिनट पहले

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पीएम मोदी ने दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की।

पीएम मोदी ने बुधवार को दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने आज सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे कर लिए हैं। यानी वे पिछले 25 साल से किसी न किसी बड़े पद पर हैं।

इसके बाद पीएम सबह 10 बजे देशभर के कार्यकर्ताओं से वर्चुअली बात करेंगे।

वहीं, पीएम के जन्मदिन पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित ‘वाराणसी से वडनगर सेवा यात्रा’ का समापन कार्यक्रम 7 अक्टूबर को मोदी के गृहनगर वडनगर में होने जा रहा है। मुख्य कार्यक्रम शाम 4 बजे वडनगर में होगा।

पीएम मोदी ने पूजा की, 2 तस्वीरें…

पीएम मोदी ने दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की।

पीएम मोदी ने दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की।

पूजा के बाद पुजारी ने मोदी को तिलक लगाया।

पूजा के बाद पुजारी ने मोदी को तिलक लगाया।

वडनगर में कार्यक्रम की तैयारियों की तीन तस्वीरें…

500 बाइकर्स मंगलवार शाम को वडनगर पहुंचें

सेवा यात्रा के तहत वाराणसी से रवाना हुए लगभग 500 बाइक सवार मंगलवार को वडनगर पहुंचें। इन बाइकर्स के स्वागत के लिए शहर में विशेष तैयारियां की गई हैं। शाम को ये सभी बाइकर्स वडनगर की ऐतिहासिक शर्मिष्ठा झील पर आयोजित भव्य महा आरती में शामिल हुए। इस अवसर पर गुजरात की विरासत और परंपराओं को दर्शाने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।

हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे

बुधवार की सुबह 8:00 बजे बाइकर्स वाराणसी से लाए गए पवित्र जल से वडनगर के प्राचीन हाटकेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद, वे स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री की ‘सेवा ज्योति यात्रा’ कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखेंगे।

दोपहर 12:30 बजे, सभी बाइकर्स वड़नगर साइंस कॉलेज में सामूहिक वृक्षारोपण के लिए जमा होंगे। वृक्षारोपण के बाद, वे ‘अनुभवात्मक संग्रहालय’ (अनंत अनादि वडनगर) का दौरा करेंगे। इस म्युजियम में वडनगर के गौरवशाली इतिहास और प्राचीन पहचान की झलकियां देखी जा सकती हैं।

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सेवा यात्रा का स्वागत, बाइकर्स ने तोड़े ट्रैफिक रूल:वडनगर से वाराणसी जा रही यात्रा पर फूलों की बारिश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सेवा कार्य पूरे होने पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत वडनगर (गुजरात) से वाराणसी तक सेवा यात्रा निकाली गई। कैमूर जिले के खुरमाबाद बॉर्डर पर NH 19 पर जेसीबी से फूलों की बारिश, टीका, ढोल-नगाड़ों से इसका स्वागत हुआ। पूरी खबर पढ़ें…



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मोदी कैबिनेट में पंजाब से बन सकते हैं दो मंत्री: मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा; राघव चड्ढा का नाम लगभग तय, 3 और नेता लाइन में – Ludhiana News




रवनीत सिंह बिट्टू के केंद्र की मोदी सरकार से बाहर होने के बाद से ही केंद्रीय मंत्रिपरिषद में पंजाब का कोई प्रतिनिधित्व नहीं बचा है। वहीं, हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को किसी भी राज्य से राज्यसभा उम्मीदवार न बनाए जाने पर उनकी मंत्रिमंडल से छुट्‌टी तय मानी जा रही है। इसी बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की सुगबुगाहट फिर से बढ़ने लगी है। पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए BJP शीर्ष नेतृत्व राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए नए चेहरों को केंद्र में शामिल करने का मन बना रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, BJP रणनीति के तहत पंजाब से एक नहीं, बल्कि दो नेताओं को मोदी कैबिनेट में जगह देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इन संभावित नामों में सबसे आगे आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम चल रहा है। राघव चड्‌ढा के अलावा पूर्व पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़, पद्मश्री कारोबारी विक्रमजीत सिंह साहनी और मनोनीत राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू की दावेदारी भी मजबूती से उभरी है। पंजाब से किन नेताओं का नाम है केंद्रीय मंत्री के लिए चर्चा में, जानिए 1. राघव चड्ढा: आक्रामक युवा चेहरा और पंजाब चुनाव रणनीति के धुरी वर्तमान में राघव चड्‌ढा पंजाब से BJP के राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। राघव चड्‌ढा को मंत्री बनाकर भाजपा दिल्ली और पंजाब दोनों राज्यों को साध सकती है। चड्‌ढा दिल्ली के पूर्व विधायक, AAP के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता और 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे। अप्रैल 2026 में AAP के 6 अन्य सांसदों के साथ BJP में शामिल हुए। राघव चड्ढा पहले से ही राज्यसभा सांसद हैं, इसलिए उन्हें मंत्री बनाने में कोई संवैधानिक तकनीकी अड़चन नहीं है। राघव चड्‌ढा 2027 पंजाब चुनाव का प्रमुख चेहरा बन सकते हैं। AAP छोड़कर आए सांसदों में चड्ढा सबसे चर्चित चेहरा हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पंजाब दौरे के दौरान रणनीति बैठकों में उनकी मौजूदगी ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी उन्हें पंजाब में एक मुख्य रणनीतिकार और आक्रामक चेहरे के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है। राघव चड्ढा की छवि एक पढ़े-लिखे, प्रोफेशनल युवा नेता की है, जिससे BJP को पंजाब के शहरी और शिक्षित युवाओं के बीच पैठ बनाने में मदद मिलेगी। 2. सुनील जाखड़: लंबे राजनीतिक अनुभव वाले बड़े नेता सुनील जाखड़ वर्तमान में न तो राज्यसभा सदस्य हैं और न ही लोकसभा के। पार्टी सुनील जाखड़ को इलेक्शन से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में एडजस्ट कर सकती है। जाखड़ 3 बार विधायक, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष, गुरदासपुर से सांसद और पंजाब BJP अध्यक्ष रह चुके हैं। पंजाब के पारंपरिक हिंदू वोट बैंक को सहेजने के लिए सुनील जाखड़ पार्टी में सबसे अनुभवी और सर्वस्वीकार्य चेहरा हैं। हाल ही में जालंधर दौरे के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के साथ जाखड़ की बंद कमरे में हुई विशेष मुलाकात ने उनके मंत्री बनने की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। कांग्रेस से BJP में आए जाखड़ के पास पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दों की जमीनी समझ है, जो 2027 के चुनाव में पार्टी के काम आ सकती है। उनके मंत्री बनने में सबसे बड़ी अड़चन यह है कि वर्तमान में सांसद न होने के कारण मंत्री बनने पर उन्हें 6 महीने के भीतर संसद के किसी सदन की सदस्यता हासिल करना अनिवार्य होगा। 3. विक्रमजीत सिंह साहनी: अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला सिख-कारोबारी चेहरा विक्रमजीत सिंह साहनी पंजाब से BJP के राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2028 तक है। साहनी प्रमुख उद्योगपति, सन फाउंडेशन के चेयरमैन, पद्मश्री से सम्मानित और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह अप्रैल 2026 में AAP से BJP में शामिल हुए। साहनी का अंतरराष्ट्रीय सिख समुदाय, व्यापारिक संगठनों और चैरिटेबल ट्रस्टों में व्यापक प्रभाव है। पार्टी सिख चेहरे के तौर पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। अगस्त 2026 में BJP के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष के पंजाब दौरे के दौरान पूर्व AAP सांसदों में से साहनी सबसे प्रमुखता से नजर आए थे। इसके बाद पंजाब चुनाव प्रभारी सीआर पाटिल के साथ उनकी दिल्ली में रणनीति बैठक भी हो चुकी है। साहनी लगातार पंजाब के आर्थिक, औद्योगिक और प्रवासी पंजाबियों के मुद्दों को उठाते रहे हैं, जिससे वह केंद्र और पंजाब के बीच ब्रिज की भूमिका निभा सकते हैं। 4. सतनाम सिंह संधू: शिक्षाविद और गृह मंत्री से नजदीकियां सतनाम सिंह संधू मनोनीत राज्यसभा सांसद हैं और उनका कार्यकाल 2030 तक है। संधू प्रसिद्ध शिक्षाविद, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के संस्थापक और इंडियन माइनॉरिटी फाउंडेशन (IMF) के प्रमुख हैं। संधू का केंद्रीय नेतृत्व, विशेषकर गृह मंत्री अमित शाह के साथ गहरा जुड़ाव है। मार्च 2026 में उन्होंने पंजाब के किसानों, उद्योग, बाढ़ और नशे से जुड़े 17 प्रमुख मुद्दों पर अमित शाह को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। राज्यसभा में 92% उपस्थिति, 115 बहसों में हिस्सा और 225 सवाल पूछकर उन्होंने खुद को एक सक्रिय और अध्ययनशील सांसद साबित किया है। IMF के माध्यम से वह सिख समुदाय और धार्मिक संस्थाओं के बीच BJP का सकारात्मक पक्ष रखने में लगातार प्रयासरत रहे हैं। हाल के दिनों में वह पूरे पंजाब में सक्रिय हैं और लोगों की समस्याओं को केंद्र सरकार के माध्यम से हल करवा रहे हैं। गुजरात प्रभारी बनने से तरुण चुघ की दावेदारी कमजोर हुई रवनीत सिंह बिट्टू के मोदी सरकार से बाहर होने के बाद पंजाब से नए केंद्रीय मंत्री की तलाश के बीच BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ का नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में था। हालांकि, अगस्त 2026 में हुए BJP के संगठनात्मक फेरबदल के बाद पंजाब से उनकी मंत्रिपद की दावेदारी काफी कमजोर मानी जा रही है। पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने तरुण चुघ को एक बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपते हुए गुजरात का नया चुनाव/प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया है। गुजरात को BJP का सबसे मजबूत राजनीतिक गढ़ माना जाता है और वहां संगठन को संभालना बेहद जिम्मेदारी भरा काम है। चुघ पहले से ही राष्ट्रीय महासचिव के रूप में महत्वपूर्ण राज्यों का जिम्मा संभालते रहे हैं।



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एएमयू में आधी रात उबाल: यासिर को उठाने पहुंची मेडिकल टीम तो भड़के छात्र, डक पॉइंट और अब्दुल्ला गेट बने प्रदर्शन के दो केंद्र – Aligarh News




अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में स्टूडेंट यूनियन बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार मध्य रात अचानक उग्र हो गया। 16 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता यासिर फहद को मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए रात करीब एक बजे प्रॉक्टर टीम और मेडिकल कॉलेज की टीम डक पॉइंट स्थित धरना स्थल पहुंची। यासिर की लगातार बिगड़ती तबीयत को देखते हुए टीम ने उन्हें धरने से उठाकर मेडिकल कॉलेज ले जाने का प्रयास किया, लेकिन यासिर ने जाने से इनकार कर दिया। छात्रों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया। विरोध बढ़ता देख कुछ ही देर में प्रॉक्टरियल टीम वापस लौट गई, लेकिन यासिर को धरना स्थल से हटाने की कोशिश की खबर पूरे कैंपस में तेजी से फैल गई। इसके बाद अलग-अलग हॉस्टलों से छात्र डक पॉइंट की ओर पहुंचने लगे। रात करीब दो बजे तक यहां करीब 1500 से 2000 छात्रों के जुटने की बात सामने आई। छात्र बेहद आक्रोशित थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे। ‘ये अब्र यहां से उठेगा’ के नारों से गूंजा डक पॉइंट डक पॉइंट पर छात्रों ने स्टूडेंट यूनियन बहाली की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। ‘वी वांट यूनियन’, ‘ये अब्र यहां से उठेगा’ और ‘जब-जब वीसी डरती है, पुलिस को आगे करती है’ जैसे नारे देर रात तक गूंजते रहे। छात्रों का कहना था कि 16 दिन से चल रहे आंदोलन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं कर रहा है। यासिर को मेडिकल कॉलेज ले जाने की कोशिश के बाद छात्रों की संख्या लगातार बढ़ती गई। इससे डक पॉइंट देर रात आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र बन गया। छात्र धरना स्थल पर जमा होकर नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे। अब्दुल्ला कॉलेज गेट पर छात्राओं ने संभाला मोर्चा इसी बीच आंदोलन का दूसरा बड़ा केंद्र अब्दुल्ला कॉलेज का गेट बन गया। डक पॉइंट पर छात्रों के जुटने के साथ ही अब्दुल्ला कॉलेज के अंदर आईजी हॉल की छात्राओं ने भी विरोध शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में छात्राएं हॉस्टल के गेट पर पहुंच गईं और नारेबाजी करने लगीं। इस दौरान छात्राओं ने गेट पीटा और ताला तोड़कर गेट खोलने का प्रयास भी किया। छात्राओं की ओर से भी स्टूडेंट यूनियन बहाली के समर्थन में नारे लगाए गए। देर रात तक अब्दुल्ला कॉलेज का गेट छात्राओं के प्रदर्शन का केंद्र बना रहा। कैंपस में एक साथ दो जगह प्रदर्शन, बढ़ी सुरक्षा इस तरह देर रात एएमयू में आंदोलन के दो प्रमुख केंद्र बन गए। पहला डक पॉइंट स्थित धरना स्थल, जहां बड़ी संख्या में छात्र जुटे थे और दूसरा अब्दुल्ला कॉलेज का गेट, जहां छात्राएं प्रदर्शन कर रही थीं। दोनों जगह लगातार नारेबाजी और विरोध के चलते कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया। कैंपस के बाहर पुलिस बल निगरानी में रहा, जबकि अंदर प्रॉक्टरियल टीम और सुरक्षा स्टाफ को तैनात किया गया। अब्दुल्ला कॉलेज के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई। तड़के तक दोनों स्थानों पर छात्रों और छात्राओं का प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही। 16वें दिन आंदोलन ने लिया नया मोड़ स्टूडेंट यूनियन बहाली की मांग को लेकर यासिर फहद की भूख हड़ताल मंगलवार को 16वें दिन में पहुंची थी। दिनभर धरना जारी रहने के बाद रात में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने की कोशिश की गई। इसी के बाद छात्रों का विरोध तेज हो गया और देखते ही देखते पूरा कैंपस आंदोलन की लहर में आ गया। एक तरफ डक पॉइंट पर हजारों की संख्या में छात्र जुटे रहे तो दूसरी तरफ अब्दुल्ला कॉलेज गेट पर छात्राओं ने मोर्चा संभाल लिया। देर रात तक दोनों केंद्रों पर प्रदर्शन जारी रहने से एएमयू कैंपस में तनाव की स्थिति बनी रही। यासिर का आरोप: रात में उठाने और छात्रों पर लाठीचार्ज की आशंका जताई भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता यासिर फहद ने मंगलवार रात वीडियो जारी कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। यासिर ने कहा कि प्रोटेस्ट साइट पर अफरा-तफरी का माहौल पैदा करने की तैयारी की जा रही है। उनके मुताबिक, प्रॉक्टर ने यूपी पुलिस के साथ अपनी टीम को भी सक्रिय कर रखा है और रात में उन्हें धरना स्थल से उठाने की कोशिश की जा सकती है। यासिर ने यह भी दावा किया कि धरना स्थल पर मौजूद सामान्य छात्रों पर लाठीचार्ज किए जाने की आशंका है। उन्होंने छात्रों से बड़ी संख्या में प्रोटेस्ट साइट पर पहुंचने की अपील की। वीडियो में यासिर ने कहा कि यदि उन्हें या किसी सामान्य छात्र के साथ जबरन कार्रवाई, मारपीट या किसी तरह का नुकसान होता है तो इसके लिए एएमयू प्रशासन जिम्मेदार होगा। उन्होंने वाइस चांसलर और प्रॉक्टर समेत विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। यासिर ने अपने वीडियो में कहा कि यदि किसी छात्र को जान-माल का नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदारी भी प्रशासन की होगी।



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