Friday, May 8, 2026
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टेंशन को कहें टाटा! ‘जीना दिल से’ सिखाएगी खुश रहने का असली फंडा, 29 मई को देगी दस्तक


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डायरेक्टर अधीश राणा की म्यूजिकल कॉमेडी फिल्म ‘जीना दिल से’ 29 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. ‘जिंदगी छोटी है, टेंशन बड़ी क्यों?’ की टैगलाइन वाली यह फिल्म हरियाणा की एक सच्ची कहानी पर आधारित है. फिल्म में लक्ष्य हांडा और अभिषेक सिंह सहित 15 से अधिक कलाकार अहम भूमिकाओं में हैं. इसमें 6 बेहतरीन गाने हैं, जिन्हें श्रेया घोषाल और जावेद अली जैसे बड़े गायकों ने आवाज दी है. यह फिल्म दोस्ती और खुश रहने का संदेश देती है और इसे कॉमेडी, रोमांस व शानदार संगीत का बेहतरीन संगम बताया गया है.

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फिल्म की कहानी हरियाणा की एक सच्ची घटना से प्रेरित है

नई दिल्ली: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्सर टेंशन के बोझ तले दबकर मुस्कुराना ही भूल जाते हैं. इसी गंभीर समस्या का मजेदार समाधान लेकर आ रहे हैं डायरेक्टर अधीश राणा अपनी म्यूजिकल कॉमेडी फिल्म ‘जीना दिल से’ के साथ. फिल्म की टैगलाइन ही बहुत कुछ कह देती है— ‘जिंदगी छोटी है… टेंशन बड़ी क्यों?’ यह फिल्म 29 मई को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है. फिल्म का बज अभी से ही बहुत जबरदस्त है और इसके गानों ने सोशल मीडिया पर धूम मचा रखी है. खासकर ‘मधुबाला’ गाना लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है, तो वहीं नक्काश अजीज की आवाज में ‘अक्कड़ बक्कड़’ गाना नया पार्टी एंथेम बनकर उभरा है. इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि कॉमेडी होने के बावजूद इसमें संगीत का तगड़ा तड़का लगाया गया है, जिसमें जावेद अली, श्रेया घोषाल और अरमान मलिक जैसे दिग्गजों ने अपनी आवाज दी है.

फिल्म की कहानी हरियाणा की एक सच्ची घटना से प्रेरित है और इसकी शूटिंग भी वहीं की असली लोकेशनों पर हुई है. इसमें 15 से भी ज्यादा कलाकारों की एक बड़ी फौज है, जो अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और मजेदार डायलॉग्स से दर्शकों को लोटपोट करने के लिए तैयार है. लक्ष्य हांडा, अभिषेक सिंह और यश पुरोहित जैसे कलाकारों के साथ यह फिल्म दोस्ती, रोमांस और ढेर सारी मस्ती का एक पैकेज है. डायरेक्टर अधीश राणा के लिए यह फिल्म किसी सपने से कम नहीं है. बचपन से ही फिल्मों के शौकीन रहे अधीश ने अपनी सालों की मेहनत और जुनून को इस प्रोजेक्ट में झोंक दिया है. उनका कहना है कि ‘जीना दिल से’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक इमोशन है, जिसका मकसद लोगों को यह बताना है कि खुशियां तलाशना और दोस्ती निभाना ही जिंदगी का असली मतलब है.

असली घटना पर बनी है फिल्म
प्रोडक्शन की बात करें तो यह फिल्म ADR मीडिया प्रॉडक्शन के बैनर तले बनी है, जिसे अमरदीप राणा, अधीश राणा और अधिराज राणा ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म के टाइटल ट्रैक को जावेद अली ने अपनी सुरीली आवाज से संवारा है, जो कहानी की रूह को बयां करता है. गानों में विविधता लाने के लिए राहुल जैन, प्रशांत इंगोले और धनेलिया ब्रदर्स जैसे टैलेंटेड संगीतकारों को साथ लाया गया है. कुल मिलाकर, ‘जीना दिल से’ युवा पीढ़ी के साथ-साथ हर उम्र के दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई है. अगर आप भी रोजाना के तनाव से ब्रेक लेकर कुछ हल्का-फुल्का और म्यूजिकल देखना चाहते हैं, तो 29 मई की तारीख अपने कैलेंडर में मार्क कर लीजिए. यह फिल्म आपको सिखाएगी कि मुश्किलें चाहे कितनी भी हों, जिंदगी को तो बस दिल से ही जीना चाहिए.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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‘चंद्रनाथ रथ की हत्या एक राजनीतिक आतंकवाद है’, बंगाल में नई सरकार बनने से पहले होगा बवाल?


कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का नतीजा सत्ता परिवर्तन के रूप में सामने आने के महज 48 घंटे बाद वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य को ऐसी स्थिति में धकेल दिया है जहां चुनाव बाद की हिंसा के लोकतांत्रिक परिवर्तन पर भारी पड़ने का खतरा पैदा हो गया है. भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद छिटपुट झड़पों के रूप में जो शुरू हुआ था, वह अब तेजी से एक बड़े टकराव का रूप ले चुका है, जिसमें भय, प्रतिशोध का विमर्श और राजनीतिक रूप से संवेदनशील जिलों में क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई शामिल है.

बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने की तैयारी कर रही भाजपा के लिए यह हत्या एक चुनौती होने के साथ-साथ एक राजनीतिक अवसर भी है. चुनौती भावनात्मक रूप से आवेशित भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से जवाबी हिंसा को रोकने की है जबकि अवसर भगवा खेमे के लंबे समय से चले आ रहे इस आरोप को पुष्ट करने का है कि तृणमूल शासन के तहत धमकियां, लक्षित हमले और मजबूत स्थानीय सत्ता नेटवर्क बंगाल की राजनीति में हिंसा की संस्कृति को दर्शाते रहे हैं.

घटना को ‘पूर्व नियोजित’ बताते हुए, अधिकारी ने आरोप लगाया कि उनके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मध्यग्राम में गोली मारकर हत्या करने से पहले कई दिन तक उनकी रेकी की गई. बुधवार देर रात अस्पताल पहुंचने के बाद अधिकारी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “यह दिल दहला देने वाला है. उन्होंने उसका पीछा किया और उसे मार डाला.” उन्होंने इसके साथ ही समर्थकों से अपील की कि वे “कानून को अपने हाथ में न लें”. इस अपील से ही भाजपा नेतृत्व के भीतर व्याप्त चिंता का व्यापक स्वरूप झलकता है.

हत्या के कुछ ही घंटों के भीतर, जिलों में पार्टी के संगठनात्मक नेटवर्क के माध्यम से, विशेष रूप से उत्तर 24 परगना और पूर्वी मेदिनीपुर में, जहां अधिकारी का काफी प्रभाव है, आक्रोश तेजी से फैल गया. भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने निजी तौर पर इस बात की आशंका जताई कि अगर इस स्थिति को राजनीतिक रूप से नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे स्वतःस्फूर्त प्रतिशोध भड़क सकता है. पार्टी के एक नेता ने कहा, “यह हत्या का कोई सामान्य मामला नहीं है. यह राजनीतिक आतंकवाद है.” उन्होंने “पुरानी व्यवस्था” पर नई सरकार के सत्ता संभालने से पहले भय का माहौल पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया.

रथ कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं थे, बल्कि भाजपा की चुनाव मशीनरी में गहराई से शामिल व्यक्ति थे. वह बंगाल में पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार और तृणमूल कांग्रेस विरोधी सबसे जुझारू चेहरे सुवेंदु अधिकारी के साथ घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे. राजनीतिक विश्लेषक सुभोमोय मोइत्रा ने कहा, “यह बंगाल की राजनीति का सबसे संवेदनशील दौर है – एक शासन के पतन और दूसरे के सत्ता में आने के बीच का समय. इस दौरान होने वाली हर हिंसक घटना प्रतीकात्मक महत्व रखती है.”

चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद से कई जिलों से पार्टी कार्यालयों पर हमले, तोड़फोड़, धमकी और झड़पों की खबरें सामने आई हैं. मध्यग्राम में हुई हत्या से जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ने और उत्तर 24 परगना, नदिया, हुगली तथा पूर्वी मेदिनीपुर जैसे जिलों में ध्रुवीकरण गहराने की आशंका है, जहां हाल के वर्षों में राजनीतिक निष्ठाओं में तेजी से बदलाव आया है.

वहीं, एक अन्य विश्लेषक ने कहा, “खतरा यह है कि हिंसा स्वतःस्फूर्त होती है. हर हमला प्रतिशोध के लिए एक और औचित्य प्रदान करता है.” भाजपा इस घटना को न केवल एक आपराधिक कृत्य के रूप में बल्कि इस बात के सबूत के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रही है कि निवर्तमान सत्ताधारी तंत्र के कुछ वर्ग सत्ता हस्तांतरण को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं.

इस हत्या से भाजपा के भीतर उन आवाजों को भी मजबूती मिल सकती है जो शपथग्रहण समारोह के तुरंत बाद राजनीतिक रूप से अस्थिर क्षेत्रों में त्वरित पुलिस फेरबदल, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और आक्रामक कार्रवाई की वकालत कर रही हैं. स्थिति पर एक राजनीतिक विश्लेषक ने टिप्पणी की, “भाजपा का संदेश स्पष्ट है; वे इसे एक ढहती हुई व्यवस्था के अंतिम प्रतिरोध के रूप में चित्रित करना चाहते हैं.”

साथ ही, भाजपा नेतृत्व के सामने एक नाजुक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है.  हालांकि, पार्टी सार्वजनिक रूप से आक्रामक रुख अपना रही है, लेकिन वह इस बात से अवगत है कि स्थानीय कैडर नेटवर्क के अनियंत्रित प्रतिशोध से नए प्रशासन के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने से पहले ही अस्थिरता और गहरी हो सकती है.

तृणमूल कांग्रेस के लिए, यह घटना एक खतरनाक राजनीतिक जाल की तरह है. पार्टी ने हत्या की निंदा की और अदालत की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की, साथ ही यह आरोप भी लगाया कि चुनाव के बाद हुई झड़पों में उसके कई कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया है. हालांकि, भाजपा ने हत्या के इर्द-गिर्द खुद के पीड़ित होने का विमर्श सफलतापूर्वक मजबूत कर लिया है.

यह स्थिति तृणमूल कांग्रेस के लिए विशेष रूप से समस्या पैदा करने वाली है, ऐसे समय में जब वह चुनावी हार के बाद संगठनात्मक क्षरण की धारणाओं से पहले से ही जूझ रही है. पिछले कुछ वर्षों में, अधिकारी ने खुद को बंगाल की राजनीति में भाजपा के जमीनी स्तर के प्रमुख लड़ाके के रूप में स्थापित किया है, और तृणमूल कांग्रेस के साथ लगातार टकराव के माध्यम से अपनी छवि बनाई है. अधिकारी के करीबी सहयोगी की हत्या से भाजपा का रुख और भी सख्त होने की संभावना है तथा आने वाले दिनों में पार्टी का राजनीतिक संदेश और भी तीव्र हो सकता है.



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नौकरी पाने के लिए बनाया फर्जी टेंडर: भाजपा के नाम पर 30 करोड़ का फर्जी टेंडर वायरल; आरोपी गिरफ्तार – Jaipur News




पुलिस थाना अशोकनगर ने भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों के नाम और लेटरहेड का दुरुपयोग कर 30 करोड़ रुपये का फर्जी टेंडर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को महज 12 घंटे में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जब्त किए हैं। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि बुधवार को अजय कुमार विजयवर्गीय द्वारा थाने में शिकायत दी गई थी। शिकायत में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने भाजपा पदाधिकारियों के नाम, लेटरहेड और संगठनात्मक पहचान का दुरुपयोग करते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किए हैं। अमित मालवीय और मदन राठौड़ के नाम का इस्तेमाल पुलिस के अनुसार वायरल दस्तावेजों में “NAMODOOT RAJASTHAN CAMPAIGN Election Outreach Ground Mobilisation Programme” नाम से कथित आरएफपी दस्तावेज तैयार किया गया था। इसमें भाजपा आईटी सेल नई दिल्ली और अमित मालवीय के नाम का उपयोग करते हुए 30 करोड़ रुपये के कथित टेंडर, ईएमडी और अन्य वित्तीय जानकारियां दर्शाई गई थीं। इसके अलावा एक अन्य पत्र में मदन राठौड़ के नाम और भाजपा लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया था। फर्जी टेंडर प्रक्रिया में ईएमडी राशि जमा कराने के लिए एसबीआई खाते की जानकारी भी साझा की गई, जो भाजपा का अधिकृत खाता नहीं था। 12 घंटे में आरोपी तक पहुंची पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए ललित शर्मा और बालाराम के निर्देशन में थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पुलकित गुप्ता निवासी महेशनगर जयपुर की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। नौकरी पाने के लिए बनाया फर्जी टेंडर पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्रचार-प्रसार से जुड़ी एक बड़ी कंपनी में नौकरी पाने के उद्देश्य से लैपटॉप, इंटरनेट और एआई तकनीक की मदद से भाजपा के नाम पर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद 30 करोड़ रुपये के मनगढ़ंत टेंडर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त कर लिए हैं तथा मामले में गहन अनुसंधान जारी है।



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CUET-UG 2026 परीक्षा की आ गई तारीख, अभी से नोट कर लें डेट


कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG) 2026 की तारीख सामने आई गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि CUET-UG 2026 को 11 मई से 31 मई 2026 तक भारत में और भारत के बाहर 15 शहरों में आयोजित किया जाएगा। ये परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) द्वारा कराई जाएगी।

आस्था से जुड़ी चीजें पहनने की अनुमति

एनटीए द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, ‘उम्मीदवारों को अपनी आस्था से जुड़ी चीजें या वस्तुएं पहनने की अनुमति है। बशर्ते वे सेंटर पर काफी पहले पहुंच जाएं ताकि उनकी सही से तलाशी ली जा सके। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया है कि कलावा जैसे धार्मिक धागे पहनने की अनुमति है। 

एग्जाम सेंटर में ऊनी कपड़े भी पहन सकते हैं छात्र

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा कि हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर है। अगर जरूरत महसूस हो तो उम्मीदवार ऊनी कपड़े भी पहन सकते हैं, बशर्ते वे सेंटर पर काफी पहले पहुंच जाएं ताकि उनकी तलाशी ली जा सके।

जानिए क्या है CUET-UG परीक्षा

बता दें कि CUET-UG देश की केंद्रीय, राज्य, डीम्ड और कई निजी यूनिवर्सिटियों में ग्रेजुएशन (UG) कोर्स में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा है। यह परीक्षा National Testing Agency (NTA) कराता है। इसके जरिए छात्र BA, BSc, BCom, BBA समेत कई अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।





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सोनभद्र में नशा तस्कर की 27 लाख की संपत्ति फ्रीज: पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई की – Sonbhadra News




सोनभद्र पुलिस ने नशा तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 27 लाख रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी है। पुलिस ने यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के तहत की है जानकारी के अनुसार अनपरा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा मे दर्ज मुकदमे का अभियुक्त मनोज कुमार पुत्र फूलचन्द्र कुमार निवासी डिबुलगंज को 10 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार कर 8 फरवरी 2026 को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी और उसके परिजनों ने मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन से चल एवं अचल संपत्तियां बनाई थीं। इसके बाद थाना अनपरा पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा के तहत संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की थी। बाद में सक्षम प्राधिकारी और प्रशासक तस्कर और विदेशी मुद्रा हेरफेरकर्ता (संपत्ति की जब्ती) अधिनियम, 1976 एसएएफईएम (एफओपी) और एनडीपीएस एक्ट, नई दिल्ली ने 30 अप्रैल को आदेश जारी कर इस कार्रवाई को वैध ठहराते हुए संपत्तियों को फ्रीज करने की पुष्टि की है। फ्रीज की गई संपत्तियों में इंडियन बैंक अनपरा शाखा के खाते में जमा 1,15,175 रुपए की धनराशि तथा ग्राम डिबुलगंज स्थित प्लॉट संख्या 841 पर बने मकान और भूमि शामिल हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 25,46,990 रुपए बताई गई है। सीओ पिपरी हर्ष पांडेय ने बताया- नशे के कारोबारियों के खिलाफ सोनभद्र पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा और अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों पर कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।



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सुबह-सुबह आलू-दाल की गरमा-गरम कचौड़ी की खुशबू से महक उठता है फिरोजाबाद, जाने खासियत


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फिरोजाबाद की सुबह गरमा-गरम कचौड़ियों की खुशबू से शुरू होती है. यहां लोग चाय-नमकीन से ज्यादा आलू और दाल की खस्ता कचौड़ियां खाना पसंद करते हैं. सिर्फ 12 रुपये में मिलने वाली ये टेस्टी कचौड़ियां शुद्ध मसालों, आलू की सब्जी और रायते के साथ परोसी जाती हैं, जिनका स्वाद लोगों को बार-बार दुकान तक खींच लाता है.

फिरोजाबाद. सुबह के नाश्ते की बात की जाए तो लोग चाय, नमकीन और जूस ही पसंद करते हैं, लेकिन यूपी के फिरोजाबाद में लोग सुबह नाश्ते में कचौड़ियां खाना पसंद करते हैं. वही कचौड़ियों का नाश्ता फिरोजाबाद का फेमस लोकल फूड है. सुबह होते ही दुकानों पर कचौड़ियां बनना शुरू हो जाती है और लोग खाने के लिए आने लगते हैं. वही इन कचौड़ियों को काफी टेस्टी बनाया जाता है, जिसे एक बार खाने के बाद लोग दोबारा जरूर आते हैं. फिरोजाबाद में लोग सुबह नाश्ते में कचौड़ियां खाना पसंद करते हैं. कचौड़ियों की दुकान करने वाले राजू ने लोकल 18 को बताया कि उनके यहां 35 साल से कचौड़ियों का काम हो रहा है. फिरोजाबाद में कचौड़ियों का नाश्ता काफी फेमस है, लोग सुबह होते ही नाश्ते के लिए आना शुरू हो जाते हैं. वही उन्होंने बताया कि उनके यहां दो तरह की कचौड़ियां तैयार होती हैं. जिनमें आलू और दाल की कचौड़ियां हैं, इसके साथ ही खाने के लिए आलू की सब्जी और रायता भी दिया जाता है. उनकी कचौड़ियों की खास बात यह कि वह शुद्ध मसालों से खाने का आइटम तैयार करते हैं. जिससे इनका स्वाद बेहद अलग होता है. उनके यहां आने वाले लोग एक बार खाकर दोबारा जरूर आते हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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गंदगी और बिना लाइसेंस चल रही कुल्फी फैक्ट्री सील: खाद्य पदार्थों में लापरवाही पर शिकंजा, 29 नमूने जांच को भेजे; कई प्रतिष्ठान दायरे में – Indore News




इंदौर में खाद्य पदार्थों में मिलावट और अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य निर्माण के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ा अभियान चलाया है। बुधवार और गुरुवार को शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण कर कुल 29 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्रित किए गए। कई जगह गंभीर अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए, जबकि एक प्रतिष्ठान का संचालन तत्काल बंद कराया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने धार रोड स्थित मां इंटरप्राइजेज पर औचक निरीक्षण किया। यहां “बॉम्बे चौपाटी” ब्रांड की कुल्फी, आइसक्रीम और फ्रोजन डेजर्ट का निर्माण एवं भंडारण किया जा रहा था। जांच के दौरान कोई वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन नहीं मिला। संचालक द्वारा केवल स्टोरेज के लिए जारी पुराना रजिस्ट्रेशन प्रस्तुत किया गया, जबकि परिसर में निर्माण, ट्रेडिंग और स्टोरेज तीनों गतिविधियां संचालित हो रही थीं। निरीक्षण में कर्मचारी बिना कैप, ग्लव्स और एप्रोन के काम करते पाए गए। निर्माण स्थल पर गंदगी, मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्रों का अभाव और कुल्फी के सांचों को फर्श पर रखकर उपयोग किए जाने जैसी अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने कुल्फी और फ्रोजन डेजर्ट के 8 नमूने जांच के लिए जब्त किए और प्रतिष्ठान का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आवश्यक स्वच्छता मानकों और वैध लाइसेंस के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा बियाबानी धार रोड स्थित पंकज आइस कैंडी से आइस कैंडी और फ्रोजन डेजर्ट के 5 नमूने लिए गए। कलेक्टर हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर राधिका फरियाली एंड सैंडविच का निरीक्षण कर साफ-सफाई और पेस्ट कंट्रोल सुधारने के निर्देश दिए गए तथा साबूदाना खिचड़ी का नमूना जांच के लिए भेजा गया। कई जगह से लिए जांच के नमूने विभाग ने श्री साईं डोसा भवन से इडली और चटनी, चाइनीज वोक से सॉस और पनीर, एशिया 7 से हक्का नूडल्स तथा मोम स्टेशन जूस से पाइनएप्पल और मिक्स फ्रूट जूस के नमूने भी जांच के लिए लिए। एशिया 7 में वेज और नॉनवेज खाद्य पदार्थों का पृथक भंडारण नहीं मिलने पर नोटिस जारी किया गया। उपभोक्ता शिकायत पर ब्लिंक कॉमर्स प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण कर गंगवाल सूजी और मैदा के नमूने लिए गए। वहीं समोसा निक से समोसे का नमूना लिया गया। 6 मई को फ्रायो डीप से फ्रोजन डेजर्ट प्रीमिक्स, चॉकलेट वर्मीसेली और ग्रीक योगर्ट, जबकि डॉक्टर जोश से पाइनएप्पल जूस और सैंडविच के नमूने जांच के लिए लिए गए। इसी दौरान पालदा स्थित क्वालिटी केला कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण भी किया गया। यहां फलों को पकाने के लिए अनुमत रसायनों के उपयोग की पुष्टि हुई और विभाग ने संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। प्रशासन का कहना है कि आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



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विजय दर-दर भटक रहे, पूर्व CM ने कर दिया सरकार बनाने का दावा, गवर्नर का खेल!


सियासत के मंच पर एक ऐसा क्लाइमेक्स तैयार हो गया है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. जहां थलापति विजय बहुमत के लिए जोड़-तोड़ में जुटे हैं, वहीं राजभवन से निकली एक आवाज ने पूरे तमिलनाडु में भूकंप ला दिया है. न्‍यूज18 तमिल की रिपोर्ट के अनुसार राज्यपाल का यह कहना कि वे धुर विरोधी DMK और AIADMK के साथ आने पर सरकार बनाने का मौका देने को भी तैयार हैं, किसी फिल्मी ट्विस्ट से कम नहीं है. उधर पुडुचेरी में AIADMK ने रातों-रात बाजी पलटते हुए सरकार बनाने का दावा ठोक कर सबको सन्न कर दिया है. जब सत्ता की बिसात पर दो पुराने दुश्मन हाथ मिलाने को तैयार हों, तो नए खिलाड़ी की चमक फीकी पड़ना लाजमी है. विजय के राजतिलक की तैयारियों के बीच पुराने दिग्गज तमिलनाडु की राजनीति में मिलकर खेल करते नजर आ रहे हैं.

‘AIADMK की सरकार बनेगी’
खबर है कि तमिलनाडु के पूर्व सीएम और AIADMK के महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी ने पुडुचेरी में विधायकों की एक बैठक में बोलते हुए कहा, “इंतजार करें, अच्छी चीजें होंगी. AIADMK की सरकार बनेगी.” दक्षिण भारत की राजनीति इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ हर पल समीकरण बदल रहे हैं. एक तरफ थलापति विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता की दहलीज पर संघर्ष कर रही है तो दूसरी तरफ पुडुचेरी और तमिलनाडु में गठबंधन के नए और चौंकाने वाले फॉर्मूले सामने आ रहे हैं.

राज्यपाल का वेट एंड वॉच और रिसॉर्ट पॉलिटिक्स
तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर धमाका तो किया है लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े (118) से वह अब भी दूर हैं. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को सरकार बनाने का न्योता देने के बजाय उनसे 118 विधायकों के समर्थन का ठोस प्रमाण मांगा है. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बावजूद विजय का आंकड़ा 113 तक ही पहुंच पा रहा है. इसी खींचतान के बीच खरीद-फरोख्त के डर से विजय ने अपने विधायकों को महाबलीपुरम के रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया है. राज्यपाल का कड़ा रुख विजय के सीएम बनने के सपने के बीच सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है.

AIADMK और NDA का मास्टरस्ट्रोक
पड़ोसी राज्य पुडुचेरी में सियासत ने एकदम से करवट बदली है. ताजा अपडेट के अनुसार AIADMK ने निर्दलीय और अन्य छोटे दलों के विधायकों के साथ मिलकर एक नया समीकरण तैयार कर लिया है. AIADMK अब पुडुचेरी से तमिलनाडु में NDA की सरकार बनाने का दावा पेश करने की तैयारी में है. यह थलापति विजय और अन्य क्षेत्रीय खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि पुडुचेरी का यह ‘खेला’ पड़ोसी राज्यों की राजनीति को भी प्रभावित करेगा.

DMK-AIADMK विलय या गठबंधन?
सबसे चौंकाने वाला बयान राज्यपाल आर्लेकर की ओर से आया है. एक अंग्रेजी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि अगर DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाना चाहें तो उन्हें उसे स्वीकार करने में कोई गुरेज नहीं है. यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि DMK और AIADMK दशकों से एक-दूसरे की धुर विरोधी रही हैं.

उधर, DMK विधायकों की बैठक में एक बड़ा प्रस्ताव पास हुआ है:

· विधायकों ने गठबंधन तोड़ने के लिए कांग्रेस की कड़ी निंदा की है.

· DMK का साफ कहना है कि तमिलनाडु दोबारा चुनाव के लिए तैयार नहीं है.

· एम.के. स्टालिन को राजनीतिक स्थिति का विश्लेषण कर तत्काल निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है.

· पार्टी का मुख्य उद्देश्य राज्य में एक स्थिर सरकार बनाना है.

क्या वाकई होगा असंभव गठबंधन?
अगर स्टालिन की DMK और AIADMK हाथ मिलाते हैं तो यह भारतीय राजनीति का सबसे बड़ा यू-टर्न होगा. लेकिन DMK का यह कहना कि वे चुनाव नहीं चाहते इस बात की ओर इशारा करता है कि वे सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. यदि विजय को रोकने के लिए ये दो दिग्गज दल साथ आते हैं तो विजय की नई राजनीति का सफर शुरू होने से पहले ही मुश्किलों में घिर जाएगा.

सवाल-जवाब
राज्यपाल ने DMK-AIADMK गठबंधन पर क्या कहा है?

राज्यपाल ने कहा है कि यदि राज्य के हित में DMK और AIADMK साथ आकर सरकार बनाना चाहते हैं, तो वे इसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.

DMK ने दोबारा चुनाव पर क्या रुख अपनाया है?

DMK विधायकों ने प्रस्ताव पास किया है कि तमिलनाडु अभी दोबारा चुनाव के बोझ को सहने के लिए तैयार नहीं है और प्राथमिकता एक स्थिर सरकार की है.

कांग्रेस और DMK के बीच क्या विवाद हुआ है?

DMK विधायकों ने गठबंधन तोड़ने के लिए कांग्रेस की निंदा की है और स्टालिन को कड़े फैसले लेने के लिए अधिकृत किया है.

विजय के लिए बहुमत का रास्ता क्यों कठिन है?

विजय की पार्टी के पास 108 सीटें हैं और कांग्रेस के समर्थन के बाद भी वे 113 पर हैं, जो कि 118 के बहुमत के आंकड़े से 5 कम है. राज्यपाल बिना पूर्ण बहुमत के उन्हें शपथ दिलाने को तैयार नहीं हैं.



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बेगूसराय के 6 घर में चल रहा था अवैध बूचड़खाना: बारो में 29 जिंदा-आठ सिर कटा मृत गोवंश बरामद, दो कसाई गिरफ्तार – Begusarai News




बेगूसराय में प्रशासन ने गौहत्या और गौमांस बेचने के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 29 जिंदा पशु को बचाया है। मौके पर से आठ सिर कटा मृत पशु बरामद किया गया है। इस दौरान तीन लोगों को धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है। तेघड़ा एसडीओ और डीएसपी के नेतृत्व में यह कार्रवाई फुलवरिया थाना के बारो बाजार में हुई है। प्रशासन को गौहत्या कर मांस बेचे जाने का इनपुट मिला था। फुलवरिया थाना क्षेत्र के बारो बाजार में आज तेघड़ा एसडीओ राकेश कुमार और डीएसपी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में बीडीओ, सीओ, फुलवड़िया थानाध्यक्ष, तेघड़ा थानाध्यक्ष और बछवाड़ा थानाध्यक्ष सहित सैकड़ों पुलिस कर्मियों ने छापेमारी कर दी। सभी पशुओं को कत्लखाना के पीछे छिपाकर रखा था बारो शाह टोला में अचानक पुलिस के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। इसके बाद छापेमारी कर 6 से अधिक मकान से आठ से अधिक सर कटा गौवंश के साथ आपत्तिजनक हथियार और अन्य प्रतिबंधित सामान पुलिस ने बरामद किया गया। मौके से दो गाय, चार बछिया और बीस से अधिक गाय का छोटा बच्चा बाछा जिंदा बरामद किया गया। सभी पशुओं को कत्लखाना के पीछे छिपाकर रखा था। मौके पर से बरौनी नगर परिषद वार्ड नंबर-29 शाह टोला के रहने वाले मो. हासीम एवं मो. इशरायाल को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जिंदा सभी पशु को एसडीओ के निर्देश पर तेघड़ा गौशाला भेजा गया है। लोगों का कहना है कि बीच आबादी में इस प्रकार पशु का खुलेआम कत्ल किया जाना दूर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार का कारोबार किसके संरक्षण में चल रहा है। उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। आजतक ऐसे लोग गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है। प्रशासन ऐसे लोगों पर कड़ी और कार्रवाई करे। तेघड़ा एसडीओ ने बेहतर प्रयास किया है। तेघड़ा एसडीओ तेघड़ा राकेश कुमार ने बताया कि गौ हत्या कर उसका मांस बेचने की लगातार शिकायत मिलने पर जगह को चिन्हित कर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, गौ हत्या या उसका मांस बेचना दंडनीय अपराध है। ऐसा करने वाले को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।



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अंडरवियर ऐड से देशभर में हुई बदनाम, ब्वॉफ्रेंड से मिले धोखे के बाद छोड़ी एक्टिंग


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एक्ट्रेस आज अक्सर हिजाब में नजर आती हैं, मगर कभी अंडर गारमेंट्स का विज्ञापन करके तहलका मचा दिया था. एक्ट्रेस ने 2005 में करियर शुरू किया था. विज्ञापन जगत की क्वीन बनने के बाद ‘बिग बॉस’ से खूब लाइमलाइट बटोरी. ब्वॉयफ्रेंड मिले और ‘वजह तुम हो’ जैसी फिल्मों के जरिए बड़ी शोहरत हासिल की. ब्वॉयफ्रेंड से मिले धोखे और दर्द ने उन्हें अंदर से इतना तोड़ दिया कि उन्होंने साल 2020 में ग्लैमर की दुनिया छोड़कर धर्म की राह चुनने का फैसला किया. डायमंड बिजनेसमैन से शादी के बाद वह खुशहाल जिंदगी गुजार रही हैं.

नई दिल्ली: आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी एक्ट्रेस की, जिसकी कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. एक्ट्रेस ने बिग बॉस के घर से घर-घर में पहचान बनाने वाली और बड़े पर्दे पर अपनी बोल्डनेस से तहलका मचाने वाली यह हसीना जब अपने करियर के पीक पर थी, तभी उसने ग्लैमर की चकाचौंध को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. ग्लैमरस लुक, करोड़ों की फैन फॉलोइंग और लग्जरी लाइफ को छोड़कर धर्म की राह चुनना हर किसी के बस की बात नहीं होती, लेकिन सना खान ने दुनिया को हैरान करते हुए यही रास्ता चुना.

Sana Khan began her journey in the entertainment industry with the 2005 low-budget Hindi film Yehi Hai High Society. While her debut was relatively low-key, it marked the beginning of a career that would soon see her become a familiar face across films, television, and advertisements. A year later, she stepped into Tamil cinema with a special appearance in the song ‘Theepori Parakkum’ from E. Over the years, Sana also built a strong presence in the advertising world, featuring in more than 50 television commercials and brand campaigns before eventually gaining wider recognition in mainstream entertainment.

सना खान के सफर की शुरुआत साल 2005 में ‘यही है हाई सोसाइटी’ नाम की एक छोटी फिल्म से हुई थी. शुरुआत में भले ही उन्हें ज्यादा नोटिस नहीं किया गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. जल्द ही वे विज्ञापनों की दुनिया का एक बड़ा चेहरा बन गईं. उन्होंने 50 से ज्यादा कमर्शियल्स किए, जिनमें शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े सितारों के साथ काम करना शामिल था. विज्ञापन जगत में उनकी पकड़ इतनी मजबूत थी कि हर दूसरा ब्रांड उन्हें साइन करना चाहता था.

One of her commercials turned into one of the biggest controversies of her career. In 2007, she appeared in a widely discussed advertisement for the men’s innerwear brand, where she was seen washing underwear in a suggestive manner. The commercial quickly grabbed attention across the country, sparking debates over obscenity and content in advertising. Amid growing backlash, the ad was eventually banned by the Indian government on grounds of alleged sexual vulgarity and indecency, making it one of the most talked-about commercials of that time.

सना खान के करियर में एक मोड़ ऐसा आया जिसने उन्हें रातों-रात नेशनल हेडलाइन्स में ला खड़ा किया. उन्होंने 2007 में एक अंडरवियर ब्रांड का विज्ञापन किया, जो उस समय के हिसाब से काफी ज्यादा बोल्ड माना गया. देखते ही देखते देशभर में इसे ‘अश्लील’ बताकर विरोध शुरू हो गया और नौबत यहां तक आ गई कि सरकार को इस विज्ञापन पर बैन लगाना पड़ा. हालांकि, इस कंट्रोवर्सी ने उन्हें काफी बदनाम किया, लेकिन इसी विवाद ने उन्हें ग्लैमर की दुनिया में एक अलग पहचान भी दिला दी.

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Later, in 2012, she entered Bigg Boss 6, hostes by Salman Khan. She entered the show as a popular model and actress and was known for her bubbly personality during her stint. Her clips from the show still continue to surface on social media. Sana Khan went on to feature in Salman Khan’s film Jai Ho in 2014. She played a key supporting role in the film. In 2016, the former actress took social media by storm with her bold scenes in the erotic thriller film, Wajah Tum Ho, alongside Sharman Joshi and Gurmeet Choudhary.

सना खान की असली पॉपुलैरिटी तब बढ़ी, जब उन्होंने सलमान खान के शो ‘बिग बॉस’ में एंट्री ली. शो में उनकी चुलबुली बातों और मासूमियत ने दर्शकों का दिल जीत लिया. सलमान खान भी उन्हें काफी पसंद करते थे, जिसका नतीजा यह हुआ कि सना को सलमान की फिल्म ‘जय हो’ में काम करने का मौका मिला. इसके बाद, साल 2016 में आई फिल्म ‘वजह तुम हो’ में उनके बेहद बोल्ड सीन्स ने इंटरनेट पर आग लगा दी थी और वे उस साल की सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली एक्ट्रेस बन गई थीं.

Sana also made headlines for her ugly breakup in public. She was dating choreographer Melvin Louis. She confirmed the same in February 2019. However, the relationship ended on a bad note in February 2020.

प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ सना की पर्सनल लाइफ भी किसी खुली किताब की तरह रही. कोरियोग्राफर मेल्विन लुइस के साथ उनका रिश्ता और फिर सरेआम हुआ उनका ब्रेकअप काफी चर्चा में रहा. सना ने खुद मीडिया के सामने आकर अपने धोखे और दर्द की दास्तां बयां की थी. उस दौर में सना काफी मानसिक तनाव से गुजर रही थीं और शायद यही वह वक्त था जब उनका मन ग्लैमर की इस दुनिया से उचटने लगा था और वे सुकून की तलाश करने लगी थीं.

Sana Khan was last seen in Special OPS which was released in 2020. In the same year, she announced, via an Instagram post, that she was quitting the entertainment industry and would “serve humanity and follow the order of her Creator.” Speaking about how everything changed in her life, Sana Khan earlier said, “In 2019 I still remember, during Ramadan, I used to see a grave in my dreams. I would see a burning, blazing grave and I could see myself in the grave. I didn't see the empty grave, I saw myself. I felt this is the sign that God is giving me that if I don’t change, this is what my end is. That got me a little anxiety. I still remember the changes that were happening. I would listen to all the motivational Islamic speeches and one night I remember reading something so beautiful."

सना ने साल 2020 में अचानक एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए धमाका कर दिया कि वे शोबिज की दुनिया छोड़ रही हैं. उन्होंने बताया कि 2019 के रमजान के दौरान उन्हें डरावने सपने आते थे, जिसमें वे खुद को जलती हुई कब्र में देखती थीं. उन्हें लगा कि यह ऊपरवाले का इशारा है कि वे अपनी जिंदगी का रास्ता बदल लें. उन्होंने कहा कि वह अब अपनी बाकी की जिंदगी इंसानियत की सेवा और अल्लाह के बताए रास्तों पर चलकर बिताना चाहती हैं.

सना ने इंडस्ट्री छोड़ने के कुछ ही समय बाद गुजरात के मुफ्ती अनस सैयद से शादी कर ली. शादी के बाद उनकी पूरी लाइफस्टाइल बदल गई. ग्लैमरस कपड़ों की जगह अब वे हमेशा हिजाब में नजर आती हैं. आज सना दो बेटों की मां हैं और अपनी फैमिली लाइफ को एन्जॉय कर रही हैं. सोशल मीडिया पर अब उनकी पोस्ट फिल्मों के बारे में नहीं, बल्कि दीन और धर्म के बारे में होती हैं. उनके इस बदलाव को देखकर आज भी उनके पुराने फैंस हैरान रह जाते हैं.

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सना ने भले ही एक्टिंग छोड़ दी हो, लेकिन उनकी लाइफ अब भी काफी आलीशान है. रिपोर्ट्स की मानें तो उनके पति मुफ्ती अनस एक बड़े डायमंड बिजनेसमैन हैं और उनकी कुल संपत्ति करीब 250 करोड़ रुपये है. मुंबई में उनके पास करोड़ों के लग्जरी घर हैं. सना अब अपनी निजी जिंदगी में बहुत खुश और शांत महसूस करती हैं. उनकी यह कहानी सिखाती है कि इंसान को सुकून वहीं मिलता है जहां उसका मन रमता है, फिर चाहे वह चकाचौंध भरी दुनिया हो या इबादत का रास्ता.

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