वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार कार मोहनसराय से रोहनिया की तरफ जा रही। इस अज्ञात कार ने 55 वर्षीय साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल के परखच्चे उड़ गए और वृद्ध घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। देखिए तस्वीरें…
नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रोहनिया थाना पुलिस ने घायल वृद्ध को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। समाचार लिखे जाने तक घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस वाहन मालिक और फरार चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि चालक की पहचान होते ही उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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वाराणसी में कार ने साइकिल सवार को रौंदा, मौत: नंबर प्लेट टूटी मिली, चालक मौके से फरार – Araji Line(Varanasi) News
गयाजी एयरपोर्ट पर हाईजैकिंग से निपटने के लिए मॉक एक्सरसाइज: सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाई, पुलिस की एटीएस टीम ने भी ड्रिल में भागीदारी निभाई – Gaya News
गयाजी हवाई अड्डे पर मंगलवार शाम को एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस दौरान विमानपत्तन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई, जिसमें संभावित विमान अपहरण (हाईजैकिंग) जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस व्यापक अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न सुरक्षा और प्रशासनिक एजेंसियों के बीच समन्वय, प्रतिक्रिया क्षमता और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का व्यावहारिक परीक्षण करना था। विमानपत्तन समिति किसी भी हवाई अड्डे पर हाईजैकिंग जैसी गंभीर परिस्थितियों में सक्रिय की जाने वाली प्रमुख स्थानीय समिति होती है। बैठक में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), जिला प्रशासन, बिहार पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एयरलाइन ऑपरेटर और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुरूप विभिन्न विभागों की भूमिकाओं, जिम्मेदारियों और आपसी समन्वय की समीक्षा की। पुलिस की एटीएस टीम ने भी ड्रिल में भागीदारी निभाई बैठक के बाद आयोजित एंटी हाईजैकिंग मॉक एक्सरसाइज में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों ने अपनी रणनीतिक दक्षता और तत्परता का प्रदर्शन किया। बिहार पुलिस की एटीएस टीम ने भी ड्रिल में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसमें संभावित खतरे की स्थिति में सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान काल्पनिक परिस्थितियां तैयार कर सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया, संचार व्यवस्था, यात्रियों की सुरक्षा, क्षेत्र की घेराबंदी और आपातकालीन कार्रवाई प्रक्रियाओं का परीक्षण किया गया। जिला प्रशासन की ओर से विमानपत्तन समिति की बैठक और मॉक एक्सरसाइज की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी आदित्य कुमार पीयूष ने की। उन्होंने सभी विभागों को किसी भी आपात स्थिति में बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने और नियमित अंतराल पर ऐसे अभ्यास आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसका उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। हवाई अड्डे के विमानपत्तन निदेशक अवधेश कुमार ने मॉक एक्सरसाइज के सफल आयोजन पर सभी सहभागी विभागों, सुरक्षा एजेंसियों और हितधारकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के नियमित अभ्यास से विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल विकसित होता है और किसी भी अप्रत्याशित चुनौती का सामना करने की क्षमता मजबूत होती है। बता दें कि देश के संवेदनशील हवाई अड्डों पर समय-समय पर इस प्रकार की सुरक्षा मॉक ड्रिल आयोजित की जाती है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियां हर परिस्थिति में पूरी तरह तैयार रहें।
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नीमच में तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को मारी टक्कर: मनासा नाके पर सड़क पर दूर जा गिरा; पैर की हड्डी टूटी, निजी अस्पताल रेफर – Neemuch News
नीमच सिटी थाना क्षेत्र के मनासा नाके पर मंगलवार शाम एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद निजी अस्पताल रेफर किया गया है। घर लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, चावला कॉलोनी का रहने वाला नवीन यादव मंगलवार शाम अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान मनासा नाके के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि नवीन सड़क पर दूर जा गिरा और उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। हालत गंभीर, निजी अस्पताल रेफर हादसे के बाद मौके पर मौजूद राहगीरों और नवीन के परिचित दीपक धाकड़ ने उसे तुरंत जिला चिकित्सालय पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन नवीन की गंभीर हालत और पैर के फ्रैक्चर को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। रहवासियों ने की स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग हादसे से गुस्साए परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही रहवासियों ने मनासा नाके पर सड़क के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि पास में ही शासकीय स्कूल और नीमच सिटी थाना होने के बावजूद इस मार्ग से रोजाना तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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फलोदी कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समीक्षा बैठक: विभागीय कार्य योजनाओं की जानकारी ली, कहा-पात्र लोगों को मिले लाभ – Phalodi News
फलोदी जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने मंगलवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने विभागवार कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रगति के निर्देश दिए। कलक्टर ने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने को कहा। कलेक्टर बोले-पात्र व्यक्तियों को मिले लाभ कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने पीएचईडी अधिकारियों से टैंकर के माध्यम से पेयजल वितरण की रिपोर्ट ली और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और आपदा प्रबंधन के तहत स्थाई मरम्मत कार्यों में सुधार के निर्देश भी दिए गए। उद्योग विभाग के अधिकारियों को बैंकों से समन्वय स्थापित कर केंद्र और राज्य सरकार की बैंकिंग योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, लंबित ऋण आवेदनों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में एसीईओ गौतम चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर 11वें दिन प्रदर्शन: भूख हड़ताल कर रहे वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, पुलिस पर समर्थकों को रोकने के आरोप
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नई दिल्ली25 मिनट पहले
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नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का 11वें दिन भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। इसी बीच वहां तीन दिनों से भूख हड़ताल कर रहे लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की मंगलवार को तबीयत बिगड़ गई।
आंदोलन के आयोजकों ने बताया कि वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर घटकर 66 पर पहुंच गया है, जो सामान्य से कम माना जाता है। वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल कर रहे हैं। वह शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
वहीं CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। समर्थकों और पार्टी के सदस्यों को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोका जा रहा है। कुछ लोगों को पहचान पत्र नहीं होने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की 4 तस्वीरें…

सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 117/60, ऑक्सीजन स्तर 96 और पल्स रेट 92 दर्ज किया गया।

CJP के समर्थक जंतर-मंतर पर कालीन पर सोते हुए।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में अंदर जाने के लिए कई लोग लाइन लगाकर खड़े हैं।

CJP के प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के छह छात्र नेता भी शामिल हैं।
सोनम वांगचुक 170 दिन जोधपुर जेल में रहे
लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन से वे जोधपुर जेल में थे। सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया।
दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था।

दीपके का दावा- राजस्थान पैरामेडिकल का पेपर जयपुर में लीक हुआ
- पेपर लीक सिर्फ NEET तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परीक्षाएं अनियमितताओं का शिकार हो रही हैं। राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल परीक्षा का पेपर भी जयपुर के कॉलेज से लीक हुआ।
- अगर आज आप आवाज नहीं उठाएंगे तो कल आपका पेपर भी लीक हो सकता है और आपकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।
- सरकार और प्रशासन पेपर माफिया पर कार्रवाई करने के बजाय प्रदर्शनकारियों को रोकने पर ध्यान दे रहे हैं। आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।
- हम वायरस नहीं हैं, बल्कि उस वायरस के खिलाफ वैक्सीन हैं। डबल इंजन वाली सरकार में डबल इंजन-डबल लीक हो रहा। दबाव और रोक-टोक के बावजूद प्रदर्शन जारी रहेगा।
छात्र संगठनों का भी समर्थन
प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के छह छात्र नेता भी शामिल हैं, जो अलग मंच से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे हैं। इनमें संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश समेत अन्य छात्र नेता शामिल हैं।
CJP का यह आंदोलन 20 जून से जारी है और इसकी शुरुआत NEET समेत कई परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों और पेपर लीक के विरोध में की गई थी। पार्टी ने कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षा के साथ-साथ अन्य जवाबदेही से जुड़े मुद्दे भी आंदोलन का हिस्सा बनाए जाएंगे।
CJP का 8 शहरों में प्रदर्शन

CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं।
इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया।
10 जून तक CJP ते इंस्टाग्राम पर 2.27 करोड़ फॉलोअर्स थे। अब इसमें दो लाख की गिरावट आई है। फिर भी यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.79 लाख फॉलोअर्स हैं।

महाराष्ट्र के रहने वाले अभिजीत AAP से जुड़े थे
30 साल के अभिजीत महाराष्ट्र के संभाजी नगर के रहने वाले डिजिटल मीडिया स्ट्रैटजिस्ट हैं। अभिजीत ने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। फिलहाल, अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस से मास्टर्स की पढ़ाई कर रहे हैं।

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चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 23 विपक्षी दलों और एक निर्दलीय सांसद ने मंगलवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) को लेटर लिखा। पूरी खबर पढ़ें…
बुंदेलखंडी तरीके से बनाएं आम का अचार,1 साल तक रहेगा ताजा, स्वाद बरकरार, जानिए खास रेसिपी
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आम के अचार को सही तरीके से बनाने की विधि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले हमें यह कोशिश करना चाहिए. कच्चे आम ताजे खरीदें हम कच्चे अचार के आम बाजार में मिलते हैं या तोड़कर लाते हैं तो सबसे पहले उनको पानी से भरे किसी बर्तन में कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डालकर छोड़ दें. फिर 6 घंटे बाद उनको वापस निकाल कर सूखे कपड़े से साफ कर लें.
आज के समय में कौन नहीं होगा जो अचार नहीं खाता होगा लगभग हर घर में सीजन के हिसाब से अलग-अलग अचार तैयार किया जाता है. इस समय आम के अचार बनाने का समय चल रहा है. कई बार देखा जाता है कि किसी का अचार बहुत जल्दी खराब हो जाता है किसी का अचार मसाले के साथ ही घुल जाता है. किसी का अचार का टेस्ट बदल जाता है. ऐसे में आज हम आपको बुंदेलखंड की उस रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं.
जो अचार को 1 साल तक एकदम ताजा और फ्रेश बनाए रखती है. इसके लिए आपको कुछ चीजों को फॉलो करना होगा.आम के अचार को सही तरीके से बनाने की विधि के बारे में बात की जाए तो सबसे पहले हमें यह कोशिश करना चाहिए. कच्चे आम ताजे खरीदें हम कच्चे अचार के आम बाजार में मिलते हैं या तोड़कर लाते हैं तो सबसे पहले उनको पानी से भरे किसी बर्तन में कम से कम 4 से 6 घंटे के लिए डालकर छोड़ दें. फिर 6 घंटे बाद उनको वापस निकाल कर सूखे कपड़े से साफ कर लें.
आम का अचार तैयार करने की शानदार रेसिपी
इसके बाद कच्चे आम को हम पारंपरिक हथियार आम कटना से काटने की शुरुआत करें इसमें आम की साइज भी निर्भर करेगी की आपको उसके कितने पीस बनाना है एक आम से अधिकतम चार टुकड़े करना ठीक रहता है जब आपके पूरे आम कट कर तैयार हो जाएं तो फिर उनके लिए नमक लगाकर किसी जालीदार बर्तन में अगर लकड़ी से बने टोकरी में रखें तो अच्छा है रख दें शाम के समय रखें. सुबह उनके लिए उठाएं इस दौरान इन आम में जो भी खट्टापन या नुकसानदायक तोड़ रह जाता है वह पूरी तरह से निकल जाता है.
एक साल तक रहेगा ताजा आम का अचार
इसके बाद हम कोपर लेकर कटे हुए आम रख देते हैं. दूसरी तरफ हमने जो मसाला तैयार किया हुआ है जिसमें नमक पीला सरसों भुनी हुई मेथी दालचीनी सौंफ़ मिर्ची और सरसों का तेल होता है उसे मसले को इनमें डालकर अच्छे से मिक्स करते हैं. करीब 30 मिनट के लिए खुला रखने के बाद हमारे पास जो भी कांच का बर्तन है. उसमें यह आचार रख देते हैं. इस तरह से अचार तैयार हो जाता है.इसकी खासियत होती है कि यह काम से कम 1 साल तक एकदम ताजा और फ्रेश बना रहता है ना तो इसमें लिज लिजा पन आता है. वरना ही टेस्ट में कोई बदलाव होता है. यह एकदम हल्का खट्टा और बेहतरीन स्वाद वाला अचार बना रहता है जो हर मौसम ताजे अचार का एहसास कराता रहता है.
मसाला बनाने की रेसिपी
अगर आपने 10 किलो कच्चे आम का आचार तैयार करना चाहते हैं तो इसमें 2 किलो नमक, एक लीटर सरसों तेल, 500 ग्राम मेथी, 500 ग्राम पीला सरसों, 300 ग्राम कुटी लाल मिर्च, 15 ग्राम हींग, 100 ग्राम सौंफ लेते हैं. इसमें सबसे पहले सरसों के तेल को कढ़ाई में डालकर गर्म करते हैं. फिर उसमें धीरे-धीरे यह सभी मसाले डाल देते हैं. हल्की भुनाई करते हैं. और कुछ समय में शानदार मसाला तैयार हो जाता जिसको कटे हुए आम में मिक्स किया जाता है.
फर्जी कॉल से लेकर OTP फ्रॉड तक, तेजी से बदला स्कैम करने का तरीका
पिछले कुछ समय में ऑनलाइन स्कैम की घटनाएं भारत में तेजी से बढ़ी हैं। मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोग सबसे पहले साइबर क्रिमिनल्स के निशाने पर रहते हैं। साइबर अपराधी फोन फर्जी फोन कॉल्स और मैसेज के साथ-साथ मैसेजिंग ऐप्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ई-मेल का इस्तेमाल करके लोगों के साथ ठगी को अंजाम देते हैं। आम तौर पर वे बैंक, सरकारी एजेंसी, कस्टमर सपोर्ट बनकर लोगों को अपनी जाल में फंसाते हैं। ऐसे में आपको तेजी से बदल रहे साइबर क्राइम के तौर तरीकों से कैसे बचकर रहना चाहिए, आइए जानते हैं…
साइबर क्रिमिनल्स के सबसे कॉमन तरीकों में फर्जी KYC अपडेट, अकाउंट या कार्ड ब्लॉक की चेतावनी आदि शामिल हैं। क्रिमिनल्स लोगों को फर्जी वेबसाइट्स पर रिडायरेक्ट करके बैंकिंग डिटेल्स जैसे कि अकाउंट नंबर, कार्ड नंबर आदि की चोरी करते हैं। फिर OTP या पासवर्ड पता लगाने के तरीके अपनाए जाते हैं। एक बार ये जानकारियां मिल जाती हैं, तो फ्रॉड को अंजाम दे दिया जाता है।
कैसे रूकेगा यह सिलसिला?
साइबर क्राइम की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार, बैंक, रेगुलेटर्स और टेलीकॉम ऑपरेटर्स साथ मिलकर काम कर रही हैं। इन सब के बावजूद साइबर क्राइम की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। लोगों को भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। एक्सपर्ट्स की मानें तो साइबर क्राइम को रोकने के सबसे बढ़िया तरीका सतर्कता है। लोग जितना अलर्ट रहेंगे, उतना ही साइबर क्राइम से बचकर रह सकते हैं।
क्या कर रही हैं ऑथोरिटीज?
पिछले दिनों दूरसंचार विभाग ने संचार साथी ऐप लॉन्च किया है, जिसमें फर्जी कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट किया जा सकता है। यह ऐप उन कॉल्स और मैसेज को रिपोर्ट करने की सहूलियत देता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए करते हैं। यही नहीं, रिजर्व बैंक और बैंकिंग ऑथोरिटीज लोगों को OTP, पासवर्ड, अकाउंट डिटेल्स जैसी जानकारियां किसी के साथ शेयर नहीं करने की सलाह देते हैं।
सरकारी ऑथोरिटीज के अलावा टेलीकॉम ऑपरेटर्स का भी साइबर क्राइम रोकने में अहम रोल है। एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल का मुख्य फोकस साइबर क्राइम की तेजी से बढ़ रही घटनाओं को रोकना है। टेलीकॉम ऑपरेटर्स अलग-अलग तरीकों जैसे स्पैम फिल्टरिंग, स्कैम डिटेक्शन और कस्टमर अवेयरनेस जैसे इनिशिएटिव्स का सहारा ले रहे हैं, ताकि फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।
क्या है OTP फ्रॉड अलर्ट फीचर?
एयरटेल ने हाल ही में अपने यूजर्स के लिए OTP फ्रॉड अलर्ट फीचर रोल आउट किया है, जो इस तरह से डिजाइन किया गया है कि जैसे ही कॉल के दौरान उन्हें कोई OTP रिसीव होता है तो स्क्रीन पर अलर्ट मिल जाता है। यह फीचर फर्जी कॉल की पहचान करके लोगों को अलर्ट कर देता है। कंपनी ने इस फीचर के लिए AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल का इस्तेमाल किया है। वहीं, वोडाफोन-आइडिया ने भी नेटवर्क लेवल पर संदिग्ध कॉल्स और मैसेज को ब्लॉक करने के लिए टूल उतारा है। अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स भी ऐसे फीचर्स ला रहे हैं।
साइबर फ्रॉड से कैसे बचें?
तेजी से बढ़ रहे डिजिटल इंफ्रॉस्ट्रक्चर और बदलती टेक्नोलॉजी की वजह से साइबर फ्रॉड से खुद को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती है। लोगों को कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखने की जरूरत है।
- किसी भी अनजान नंबर से आने वाले कॉल्स, मैसेज आदि को इग्नोर करें।
- अनजान नंबर से आए मैसेज में दिए गए लिंक को भूलकर भी न क्लिक करें।
- सरकारी अधिकारी या कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले कॉल्स को रिपोर्ट करें।
- कभी भी गूगल पर कस्टमर केयर का नंबर सर्च न करें।
- बैंक की वेबसाइट्स को हमेशा सिक्योर्ड नेटवर्क पर ही ओपन करें।
- वेबसाइट ओपन करने के लिए हमेशा URL को टाइप करें।
- किसी भी ईनाम, लॉटरी और निवेश पर बढ़िया रिटर्न आदि की लालच में न फंसे।
- अगर, आपके साथ कोई फ्रॉड हुआ है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
- नेशनल साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी रिपोर्ट कर सकते हैं।
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आखिर क्या है पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स जिसका परीक्षा हुआ रद्द, यहां जानें उससे जुड़ी हर जानकारी
कल जयपुर के कालवाड़ स्थित प्रभा देवी मेमोरियल PG कॉलेज में पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा के दौरान नकल का खुलासा हुआ जिसके बाद प्रथम वर्ष की परीक्षा को रद्द कर दिया गया। इस खबर में हम आपको बताएंगे कि यह कौन सा कोर्स है जिसका परीक्षा रद्द हुआ। इससे जुड़ी अन्य जानकारी भी हम आपको देंगे। आपको बता दें कि पैरामेडिकल डिप्लोमा की जो परीक्षा रद्द हुई है उसे राजस्थान स्टेट अलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल आयोजित करवाती है और यह परीक्षा हार्ट से संबंधित जांच (ECG) करने वाले टेक्नीशियन तैयार करने के लिए कराई जाती है।
किस कोर्स की परीक्षा हुई रद्द?
आपको बता दें कि पैरामेडिकल डिप्लोमा की जो परीक्षा रद्द हुई है, उस कोर्स का नाम Diploma in ECG Technology है जिसकी अवधि 2 साल की होती है। इसमें वही छात्र दाखिला ले पाते हैं जो 12वीं कक्षा में विज्ञान के छात्र होते हैं और 12वीं पास करने के बाद दाखिला ले सकते हैं।
इस कोर्स में क्या पढ़ाया जाता है?
आइए अब आपको यह बताते हैं कि इस कोर्स में छात्रों को आखिर क्या पढ़ाया जाता है। इसमें कई विषय हैं और उनके नाम Human Anatomy & Physiology, ECG Machine Handling, Cardiac Diseases, Electrocardiography, Patient Care, Emergency Care, Practical Training हैं। यह भी बता दें कि इसके सिलेबस में ECG Technology को अलग पैरामेडिकल डिप्लोमा कोर्स के रूप में शामिल किया गया है।
इस कोर्स में सीटें कितनी होती हैं?
कई लोगों के दिमाग में यह भी सवाल आ रहा होगा कि इस कोर्स में कितनी सीटें होती हैं तो आपको बता दें कि राजस्थान में इस कोर्स की सीटें हर कॉलेज के अनुसार अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर निजी पैरामेडिकल कॉलेज में 20–40 सीटें होती हैं तो वहीं कुछ संस्थानों में 60 सीटें भी होती हैं। राज्य स्तर पर ECG Technology की कुल सीटों का कोई निश्चित सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है क्योंकि सीटें हर साल कॉलेज की मान्यता के अनुसार बदलती रहती हैं।
कोर्स में दाखिला कैसे मिलता है?
इस कोर्स में आमतौर पर 12वीं पास छात्र (Physics, Chemistry, Biology/Maths) आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद काउंसलिंग और मेरिट के आधार पर सीट का आवंटन होता है। वहीं कुछ निजी संस्थान इस कोर्स में सीधे दाखिला भी कर देते हैं।
इसी क्रम में आपको यह भी बता देते हैं कि इस कोर्स को करने के बाद नौकरी कहां मिलती है। इस कोर्स के बाद सरकारी अस्पताल, निजी अस्पताल, कार्डियोलॉजी सेंटर, डायग्नोस्टिक लैब, ICU एवं CCU यूनिट, हार्ट अस्पताल में नौकरी मिलती है।
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गुजरात बोर्ड: कक्षा 9-10 में अब तीन भाषाएं पढ़नी अनिवार्य: वोकेशनल आठवां विषय बना, कक्षा 9 में ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ नया विषय शामिल – Gujarat News
यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत किया गया है।
गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा-9 और 10वीं में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा-10 में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। वोकेशनल विषय अब तीसरी भाषा के विकल्प के बजाय अलग से आठवें विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा।
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वहीं कक्षा 9 में नया विषय ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ भी शामिल किया जाएगा। सूरत में इस वर्ष कक्षा-10 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों पर नया नियम लागू होगा। यह बदलाव नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत किया गया है।
4 की जगह 3 भाषाएं होंगी
बोर्ड ने कक्षा-9 के लिए भी नया विषय ढांचा घोषित किया है, जिसे शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू किया जाएगा। ‘व्यक्ति और समाज जीवन’ नाम का नया विषय जोड़ा गया है। पहले चार भाषा का प्रावधान था, जबकि अब तीन भाषाएं ही होंगी। गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, चित्रकला या संगीत, योग-पीटी तथा वोकेशनल या कंप्यूटर विषय भी होंगे।
पहले विद्यार्थी तीसरी भाषा के स्थान पर वोकेशनल विषय चुन सकते थे, लेकिन अब यह विकल्प समाप्त कर दिया गया है। वोकेशनल विषय को अलग आठवें विषय के रूप में शामिल किया गया है। इसे चुनने वाले छात्रों को हिंदी, संस्कृत, उर्दू, फारसी या बोर्ड द्वारा निर्धारित अन्य तीसरी भाषा भी अनिवार्य होगी। सूरत में कक्षा-10 में 92347 छात्रों ने प्रवेश लिया है। चुने गए सभी विषयों की बोर्ड परीक्षा और उत्तीर्ण होना जरूरी होगा।
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10वीं में तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं होगी:थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर CBSE का यूटर्न, नई गाइडलाइन जारी

CBSE ने सोमवार को थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी की। इसके मुताबिक, इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी। 7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें…









