Monday, October 19, 2026
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मटर, मीठी चटनी और खास मसाला… ₹20 वाली जमशेदपुर की इस पकौड़ी के दीवाने हैं लोग

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Palak Patta Pakoda Recipe: जमशेदपुर के हावड़ा ब्रिज के सामने राजू जी की दुकान पर मिलने वाली पालक पत्ते की पकौड़ी बेहद लोकप्रिय है. मात्र 20 रुपये में मिलने वाली इस कुरकुरी पकौड़ी को मटर, चटनी और मसालों के साथ परोसा जाता है. ग्राहक कहते हैं कि 20 रुपये में पकौड़ी खाने के बाद पूरा पेट तक भर जाता है.

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जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर में खाने-पीने के शौकीनों की कमी नहीं है. यहां लोग अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेना पसंद करते हैं. शहर में कई ऐसे स्ट्रीट फूड भी हैं, जिनका स्वाद लोगों को बार-बार अपनी ओर खींचता है. इन्हीं में से एक है पालक पत्ते की पकौड़ी, जो जमशेदपुर के हावड़ा ब्रिज के ठीक सामने राजू जी की दुकान पर मिलती है. यहां सुबह 6 बजे से ही पकौड़ी बनाने का काम शुरू हो जाता है और नाश्ते के लिए लोग पहुंचने लगते हैं. आइये जानते हैं इस दुकान की पत्ते की पकौड़ी की खासियत के बारे में.

जानें पकौड़ी की मार्केट में कीमत

राजू जी की पालक पत्ते की पकौड़ी की खासियत इसका कुरकुरा स्वाद और इसे परोसने का अनोखा अंदाज है. यहां मात्र 20 रुपये में एक प्लेट पकौड़ी मिलती है, जिसमें करीब 10 से 12 पीस दिए जाते हैं. इसके ऊपर मटर, मीठी चटनी, सलाद और खास मसाला डालकर परोसा जाता है. इन सभी चीजों का मेल पकौड़ी के स्वाद को और भी खास बना देता है. कम कीमत में भरपेट नाश्ता मिलने के कारण भी यह लोगों के बीच पसंद की जाती है.

सुबह ही लग जाती है ग्राहकों की भीड़

दुकान संचालक राजू जी बताते हैं कि उनकी दुकान पर सुबह से ही ग्राहकों का आना शुरू हो जाता है. लोग यहां गरमागरम पकौड़ी का स्वाद लेने पहुंचते हैं. पालक के पत्तों से तैयार होने वाली यह पकौड़ी अपने कुरकुरेपन और चटपटी टॉपिंग के कारण दूसरी पकौड़ियों से अलग लगती है. सबसे खास बात यह है कि इसे चटनी और मसाले के साथ खाने पर इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

20 रुपये में भर जाता है पूरा पेट

यहां नाश्ता करने पहुंचे नीतीश बताते हैं कि पालक पत्ते की पकौड़ी काफी कुरकुरी और मजेदार होती है. इसके ऊपर डाली जाने वाली मटर, मीठी चटनी और मसाला इसके स्वाद को और बेहतर बना देते हैं. उनका कहना है कि 20 रुपये की एक प्लेट खाने के बाद पेट भी भर जाता है और स्वाद का आनंद भी मिल जाता है.

सुबह के नाश्ते से लेकर शाम की हल्की भूख मिटाने तक, यह पकौड़ी लोगों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बन गई है. अगर आप भी जमशेदपुर में कम कीमत पर कुछ चटपटा और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो हावड़ा ब्रिज के ठीक सामने राजू जी की पालक पत्ते की पकौड़ी का स्वाद जरूर चख सकते हैं.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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नगर पूजा और 40 मंदिरों में चढ़ेगा मदिरा का भोग: महामाया-महालया की आरती के बाद ढोल-नगाड़ों के साथ निकलेगा दल, रात में हांडी फोड़ – Ujjain News


उज्जैन में शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी पर सदियों पुरानी नगर पूजा की परंपरा निभाई जा रही है। सोमवार सुबह चौबीस खंबा माता मंदिर में महामाया और महालया माता की पूजा-अर्चना कर मदिरा का भोग लगाया जाएगा।

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इसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ शासकीय नगर पूजा दल 26 किलोमीटर की यात्रा पर निकलेगी। परंपरा के अनुसार, दल मिट्टी की हांडी से मदिरा की धार बहाते हुए शहर के करीब 40 देवी, भैरव और हनुमान मंदिरों में पूजन करेगा।

मान्यता है कि यह पूजा नगर को अनिष्ट, महामारी और प्राकृतिक आपदाओं से बचाने तथा नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। यात्रा का समापन रात करीब 8 बजे अंकपात क्षेत्र स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में हांडी फोड़कर होगा।

चौबीस खंबा मंदिर से सुबह 8 बजे शुरुआत

भूतभावन भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की महाअष्टमी पर शासन की ओर से परंपरागत नगर पूजा कराई जाती है। इसे तांत्रिक स्वरूप की पूजा माना जाता है।

सोमवार सुबह कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने चौबीस खंबा मंदिर में महामाया और महालया माता की पूजा-अर्चना कर मदिरा अर्पित की और आरती की। माता को सोलह शृंगार की सामग्री, चुनरी और बलबाकल का भोग भी लगाया गया।

पूजन के बाद शासकीय दल यात्रा पर रवाना हुआ। दल में शामिल सदस्य निर्धारित मार्ग पर चलते हुए मंदिरों में पूजा करते हैं। परंपरा के अनुसार, देवी और भैरव मंदिरों में मदिरा का भोग लगाया जाता है, जबकि हनुमान मंदिरों में ध्वजा अर्पित की जाती है।

26 किलोमीटर की यात्रा, 40 मंदिरों में पूजन

नगर पूजा की यात्रा सुबह करीब 8 बजे शुरू होकर शाम से रात तक चलती है। करीब 26 किलोमीटर का मार्ग पैदल तय किया जाता है। इस दौरान चामुंडा माता, भूखी माता, काल भैरव, चंड-मुंड नाशिनी सहित करीब 40 देवी, भैरव और हनुमान मंदिरों में पूजा की जाती है।

मंदिरों में पूजन के बाद आरती कर दल अगले पड़ाव की ओर बढ़ता है। रास्ते में कई स्थानों पर नगरवासी यात्रा दल का स्वागत भी करते हैं।

नगर पूजा का समापन गढ़कालिका माता मंदिर में पूजन के बाद समीप स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में किया जाता है। यहां हांडी फोड़ने के साथ परंपरागत यात्रा पूरी होती है।

प्रशासन करता है शराब से लेकर पूजन सामग्री की व्यवस्था

नगर पूजा के लिए मदिरा और अन्य पूजन सामग्री की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जाती है। पूजन सामग्री की व्यवस्था देखने वाले पटवारी भगवान सिंह यादव के अनुसार, पूजा के लिए करीब 45 तरह की सामग्री दो दिन पहले जुटा ली जाती है।

एक दिन पहले चौबीस खंबा माता मंदिर के पास काले चने और गेहूं उबालकर करीब 35 किलो बलबाकल तैयार किया जाता है। इसके साथ पूड़ी और भजिए भी बनाए जाते हैं। अष्टमी की सुबह करीब 6 बजे तक सामग्री तैयार कर ली जाती है।

पूजा में इस्तेमाल होने वाली मदिरा के लिए करीब एक सप्ताह पहले एसडीएम कार्यालय से आबकारी विभाग को पत्र भेजा जाता है। इसके बाद विभाग की ओर से पूजन के लिए 30 बोतल शराब निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है।

राजस्व विभाग के सहयोग से होने वाली इस पूजा का खर्च करीब 18 हजार रुपए बताया गया है। पूजा की जिम्मेदारी पटवारी, कोटवार और कस्बा पटेल सहित संबंधित कर्मचारियों की होती है।

इन मंदिरों में चढ़ाए जाते हैं सोलह शृंगार के सेट

नगर पूजा के दौरान कुछ प्रमुख देवी मंदिरों में अन्य पूजन सामग्री के अतिरिक्त सोलह शृंगार के सेट भी अर्पित किए जाते हैं। इनमें चौबीस खंबा मंदिर, चौंसठ योगिनी, नगरकोट महारानी, चामुंडा देवी, पद्मावती देवी, बहादुरगंज और गढ़कालिका मंदिर शामिल हैं।

लाल कपड़े को लेकर भी है मान्यता

नगर पूजा से जुड़े लाल कपड़े को लेकर मान्यता है कि इसे घर में बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए बांधा जाता है। यह परंपरा नगर पूजा से जुड़ी लोक-आस्थाओं का हिस्सा है।

दोपहर 12 बजे हरसिद्धि माता मंदिर में शासकीय पूजन

चौबीस खंबा मंदिर में पूजा के बाद उसी दिन दोपहर करीब 12 बजे हरसिद्धि माता मंदिर में भी जिला प्रशासन की ओर से शासकीय पूजन किया जाता है। यहां मंदिर के गर्भगृह में माता हरसिद्धि की पूजा-अर्चना कर शृंगार सामग्री अर्पित की जाती है।

महाअष्टमी पर शहर के घरों में भी कुलदेवी का पूजन किया जाता है। नगर पूजा की परंपरा में प्रशासनिक व्यवस्था, धार्मिक अनुष्ठान और लोक-आस्था एक साथ दिखाई देते हैं।

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पेड़ से फोटो लटकाया तो होगा दुश्मन का अंत

रात का सन्नाटा… पेड़ों से लटकती महिला-पुरुषों की तस्वीरें…कहीं फोटो पर ठुकी कीलें तो कहीं टंगे सैंडल और कपड़ों से बने पुतले। उज्जैन में विक्रांत भैरव मंदिर के पास स्थित सती माता मंदिर में पहुंचने पर ऐसा नजारा दिखाई देता है। मेलडी माता मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस स्थान की मान्यता है कि यहां शत्रु नाश के लिए पूजन कराया जाता है।पूरी खबर पढ़ें



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महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा, मुंगेर पहुंचेंगे CM सम्राट: शाम में व्यास भरत समेत मनोज तिवारी आएंगे; कोलकाता हादसे के बाद पंडालों की सुरक्षा बढ़ी – Munger News




िमहानवमी पर आज मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के लिए दुर्गा पंडालों में श्रद्धालुओं की सुबह से भीड़ उमड़ रही है। कोलकाता के पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत के बाद बिहार में भी प्रशासन अलर्ट है। पंडालों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के साथ लोहे की बैरिकेडिंग की गई है। मुंगेर की बड़ी दुर्गा मंदिर में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई हैं, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से दर्शन कर सकें। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दोपहर 3 बजे मुंगेर पहुंचेंगे। वे शहर के अलग-अलग पूजा पंडालों में जाकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेंगे। सोमवार देर शाम भोजपुरी गायक मनोज तिवारी समेत व्यास भरत दुर्गा पूजा के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचेंगे। मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आज पूजा-अर्चना हो रही है। मान्यता है कि मां सिद्धिदात्री की पूजा से सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। मां अपने भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं। श्रद्धालु आज महानवमी पर व्रत रखकर मां की आराधना कर रहे हैं। कुछ भक्त आज कन्या पूजन कर पारण कर लेते हैं। महाअष्टमी की तस्वीरें देखिए… कई लोग आज करेंगे नवमी पूजन, कुछ 20 अक्टूबर को मनाएंगे महानवमी ज्योतिषाचार्य राकेश झा के मुताबिक, उदयातिथि के अनुसार महानवमी का पर्व मंगलवार, 20 अक्टूबर इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा होगी। पूजन के बाद श्रद्धालु दुर्गा सप्तशती, रामचरितमानस, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड सहित अन्य धार्मिक ग्रंथों के पाठ का समापन करेंगे। मंत्र जाप और पाठ के बाद हवन, तर्पण, मार्जन और पुष्पांजलि की जाएगी। इसके बाद देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया जाएगा और प्रसाद ग्रहण किया जाएगा। मां सिद्धिदात्री की पूजा से मिलती हैं सिद्धियां देवी पुराण के अनुसार, मां दुर्गा के नौवें स्वरूप सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियां प्राप्त होती हैं। मान्यता है कि उनकी आराधना से लौकिक और पारलौकिक मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मां के स्मरण, ध्यान और पूजन से भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन के वास्तविक स्वरूप का बोध होता है। नवरात्र में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। ज्योतिषाचार्य राकेश झा ने श्रीमद् देवी भागवत पुराण के तीसरे स्कंध के 27वें अध्याय का उल्लेख करते हुए बताया कि दो से दस वर्ष तक की कन्याओं को देवी का स्वरूप माना गया है। मान्यता के अनुसार, कन्या पूजन से ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि, विद्या और सिद्धि की प्राप्ति होती है। शास्त्रों में कन्याओं की अलग-अलग आयु के अनुसार उनके स्वरूप बताए गए हैं। दो वर्ष की कन्या को कुमारी, तीन वर्ष की कन्या को त्रिमूर्ति, चार वर्ष की कन्या को कल्याणी, पांच वर्ष की कन्या को रोहिणी, छह वर्ष की कन्या को कालिका, सात वर्ष की कन्या को चंडिका, आठ वर्ष की कन्या को शाम्भवी, नौ वर्ष की कन्या को दुर्गा और दस वर्ष की कन्या को सुभद्रा माना गया है। मान्यता के अनुसार, एक कन्या के पूजन से ऐश्वर्य, दो कन्याओं के पूजन से भोग और मोक्ष, तीन कन्याओं के पूजन से धर्म-अर्थ-काम, चार कन्याओं के पूजन से राज्यपद और पांच कन्याओं के पूजन से विद्या की प्राप्ति होती है। इसी तरह छह कन्याओं के पूजन से सिद्धि, सात से राज्य, आठ से संपदा और नौ कन्याओं के पूजन से पृथ्वी पर प्रभुत्व प्राप्त होने की मान्यता है। रवियोग में मनेगी विजयादशमी, हाथी पर विदा होंगी मां ज्योतिषाचार्य राकेश झा के मुताबिक, शारदीय नवरात्र के समापन के बाद आश्विन शुक्ल दशमी को विजयादशमी मनाई जाएगी। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र और रवियोग का संयोग रहेगा। मां दुर्गा की विदाई के बाद श्रद्धालु जयंती धारण करेंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जयंती धारण करने से मानसिक शांति, आरोग्य, सुख-समृद्धि और पारिवारिक उन्नति का आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, इस बार मां दुर्गा की विदाई गज यानी हाथी पर होगी। नवरात्र का व्रत या फलाहार करने वाले श्रद्धालु बुधवार को देवी की विदाई के बाद पारण करेंगे। शनिवार को CM सम्राट चौधरी समेत नितिन नवीन ने की थी पूजा, देखें कुछ तस्वीरें….



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फ्रांस में बार-बार क्यों भड़कते हैं प्रदर्शन: पेंशन से लेकर महंगाई तक, सरकार के फैसलों पर सड़कों पर उतर आते हैं लोग




फ्रांस में स्कूलों की खराब हालत को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब महंगाई और ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ बड़े विरोध में बदल गया है। अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को देशभर में हुए प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोग सड़कों पर उतरे। पेरिस में करीब 1.10 लाख लोगों ने मार्च निकाला। कई जगह पुलिस से झड़प, दुकानों में लूटपाट और सरकारी इमारतों में आगजनी हुई। पेरिस और आसपास के इलाकों में 855 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इस आंदोलन ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि दुनिया के अमीर देशों में शामिल फ्रांस को लगातार आंदोलनों का सामना क्यों करना पड़ता है… 1. फ्रांस में प्रदर्शन करना लोगों की आदत नहीं, ताकत है फ्रांस में सरकार के फैसलों के खिलाफ सड़क पर उतरना कोई नई बात नहीं है। यहां छात्र, कर्मचारी और आम लोग अपनी मांगें मनवाने के लिए प्रदर्शन और हड़ताल करते रहे हैं। इसके पीछे फ्रांस का इतिहास भी एक बड़ी वजह है। 2. ट्रेड यूनियन और हड़तालें आंदोलन को बड़ा बनाती हैं फ्रांस में ट्रेड यूनियन कर्मचारियों को एकजुट कर बड़े पैमाने पर हड़तालें आयोजित करती हैं। इसका असर तब ज्यादा होता है, जब परिवहन, स्कूल और दूसरे सरकारी विभागों के कर्मचारी एक साथ काम बंद कर देते हैं। 1995 में इसका बड़ा उदाहरण देखने को मिला। तत्कालीन प्रधानमंत्री एलेन जुप्पे की सरकार ने पेंशन में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसके विरोध में रेलवे समेत कई क्षेत्रों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। फ्रांस में रेल सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं और पेरिस में लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। कई हफ्तों तक चले विरोध के बाद सरकार को अपनी प्रस्तावित योजना के अहम हिस्से वापस लेने पड़े। 3. फ्रांस में अमीर-गरीब की खाई भी विरोध की वजह फ्रांस में अमीर और गरीब के बीच आर्थिक असमानता लंबे समय से एक मुद्दा रही है। इसका असर सिर्फ लोगों की कमाई और जीवनशैली पर नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और आगे बढ़ने के अवसरों पर भी पड़ता है। फ्रांस की सरकारी संस्था INSEE के मुताबिक, देश के सबसे अमीर 10% परिवारों के पास कुल संपत्ति का करीब 47% हिस्सा है। वहीं, सबसे कम संपत्ति वाले 50% परिवारों के पास सिर्फ 8% संपत्ति है। यानी देश की आधी आबादी के मुकाबले अमीर परिवारों के पास कहीं ज्यादा संपत्ति है। आर्थिक असमानता का असर बच्चों की पढ़ाई में भी दिखाई देता है। OECD की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस में अमीर परिवारों के बच्चों ने गणित में गरीब परिवारों के बच्चों के मुकाबले औसतन 113 अंक ज्यादा हासिल किए। 4. स्कूलों की खस्ता हालत भी 2026 में आंदोलन की वजह बनी फ्रांस स्कूलों की खराब हालत 2026 के आंदोनल की बड़ी वजह बनी। छात्रों की शिकायत है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं और इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। इसके पीछे फ्रांस की आर्थिक तंगी और उस पर बढ़ते कर्ज को भी वजह बताया जा रहा है। फ्रांस का सरकारी कर्ज उसकी GDP के 119.3% के बराबर है। धीमी आर्थिक विकास दर और कर्ज पर बढ़ते ब्याज के कारण सरकार पर बजट संभालने का दबाव है। सरकार को रक्षा, अस्पताल, नई तकनीक और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे क्षेत्रों पर भी खर्च करना है। ऐसे में शिक्षा सहित अलग-अलग क्षेत्रों के लिए बजट तय करना चुनौती बन गया है। 5. फ्रांस में आंदोलन का असर यूरोप पर क्यों पड़ सकता है? फ्रांस में हो रहे प्रदर्शनों का असर यूरोप के दूसरे देशों की राजनीति पर भी पड़ सकता है। महंगाई, प्रवासन और सरकार की नीतियों से पहले से नाराज लोगों के बीच फिलिस्तीन के झंडे दिखने और दुकानों में लूटपाट के आरोप राष्ट्रीय पहचान और कानून-व्यवस्था पर बहस तेज कर सकते हैं। यूरोप में आर्थिक असंतोष नया नहीं है। फ्रांस के येलो वेस्ट आंदोलन से लेकर जर्मनी और ब्रिटेन में महंगाई के खिलाफ हुए प्रदर्शनों तक, जीवन-यापन का बढ़ता खर्च लोगों की नाराजगी की बड़ी वजह रहा है। वहीं, सीमा सुरक्षा और प्रवासन को लेकर भी कई देशों में बहस जारी है। ऐसे माहौल में फ्रांस में मरीन ले पेन की नेशनल रैली, जर्मनी में AfD और इटली में जॉर्जिया मेलोनी की पार्टी जैसे दक्षिणपंथी दलों को अपने मुद्दे उठाने का मौका मिल सकता है। फ्रांस में लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता रहने से रक्षा, प्रवासन और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुद्दों पर यूरोपीय देशों के बीच सहमति बनाना भी मुश्किल हो सकता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें…. फ्रांस में दुकानों से आईफोन लूटे, पुलिस को दौड़ाया:जोकर, कैप्टन अमेरिका बनकर पहुंचे प्रदर्शनकारी, 143 साल पुरानी इमारत में आग लगाई; 15 PHOTOS फ्रांस में महंगाई के खिलाफ शनिवार को 8 लाख लोग सड़कों पर उतर आए। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों पर पत्थर फेंके और पुलिसकर्मियों को दौड़ाया। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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देर रात ग्वार–गम फैक्ट्री में लगी भीषण आग: जान बचाने जलते हुए फैक्ट्री से बाहर भागे तीन मजदूर,17 मजदूर कर रहे थे काम, शेष की तलाश जारी – Pali (Marwar) News




पाली शहर के औद्योगिक थाना एरिया के फोर्थ फेज एरिया में स्थित सारडा बायो पॉलिमरस में रविवार देर रात को भीषण आग लग गई। कोई बॉयलर फटने की बात कह रहा है तो कोई लािफ्ट मेंशॉर्ट सर्किट से आग लगना बताया जा रहा है। फिलहाल दमकलकर्मी आग बुझाने में लगे है। बताया जा रहा है कि 17 मजदूर यहां काम कर रहे थे। तीन को इलाज के लिए बांगड़ हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां से उन्हें गंभीर हालत में जोधपुर रेफर किया गया। शेष मजदूरों की तलाश जारी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मजदूर अंदर ही आग में फंसे हो सकते है। सूचना पर sdm विमलेंद्र सिंह राणावत, सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत, औद्योगिक थाना प्रभारी निरमा विश्नोई भी टीम के साथ मौके पर पहुंची।



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देवरिया में चारपहिया वाहन की टक्कर से व्यक्ति की मौत: पैदल घर जाते समय हादसा, टक्कर मारने के बाद ड्राइवर फरार – Deoria News




देवरिया में औरा चौरी के पास रविवार रात करीब 10 बजे चारपहिया वाहन की टक्कर से पैदल जा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों की मदद से घायल को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सड़क पार करते समय वाहन ने मारी टक्कर मृतक की पहचान सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरवा मेहरा मोहल्ला निवासी धर्मेंद्र (40), पुत्र रामाज्ञा प्रसाद, के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र रविवार रात करीब 10 बजे घर लौट रहे थे। वह औरा चौरी के पास सड़क पार कर रहे थे, तभी देवरिया की तरफ से आ रहे एक चारपहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया टक्कर लगने से धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें इलाज के लिए महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फरार चालक की तलाश में जुटी पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है। फिलहाल चालक की पहचान और हादसे के संबंध में आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।



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16 साल के लड़के का शव कुएं में मिला: दुर्गा प्रतिमा देखने घर से निकला था, मैहर में परिजन ने हत्या की आशंका जताई – Maihar News




मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के पुरैना गांव में शनिवार से लापता 16 साल के लड़के का शव रविवार को गांव के ही एक कुएं में मिला। लड़का शनिवार दोपहर घर से दुर्गा प्रतिमा देखने जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। दुर्गा प्रतिमा देखने निकला था जानकारी के अनुसार, पुरैना गांव का रहने वाला उमंग यादव (16 साल) पिता मोनू यादव शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे घर से निकला था। देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंचा, तो घरवालों ने उसकी खोजबीन शुरू की। ढूंढते-ढूंढते जब परिजन गांव के कुएं के पास पहुंचे, तो वहां उमंग के कपड़े और चप्पलें पड़ी दिखाई दीं। जब कुएं के अंदर देखा गया तो उमंग का शव पानी में दिखा। परिजन ने जताई हत्या की आशंका घटना की खबर मिलते ही रामनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकलवाया और पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन ने हत्या का शक जताया है। हालांकि मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे की असली वजह क्या है, यह अभी साफ नहीं हो सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और शुरुआती जांच के तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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त्योहारों पर कितनी रहेगी सोने की कीमत, एक्सपर्ट ने बताया सटीक अनुमान


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Gold Price Projection : सोने-चांदी की कीमतों में अभी भले ही गिरावट दिख रही हो, लेकिन आने वाले त्योहारी सीजन में इसकी कीमतों में कितना उछाल या गिरावट आ सकती है. विश्लेषकों का कहना है त्योहारी सीजन होने और डिमांड बढ़ने के बावजूद इस साल सोने और चांदी की कीमतों में ज्यादा उछाल नहीं आएगा.

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त्योहारी सीजन में सोने और चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी.

नई दिल्ली. त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है और सोने-चांदी की कीमतों में आ रही गिरावट से साफ पता चलता है कि इस बार कीमतों में ज्यादा उछाल आने की संभावना नहीं है. विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों के 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने और रुपये की चाल से आने वाले सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. अभी निवेशकों की नजर शुरुआत में चीन के आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी, जो औद्योगिक धातुओं और चांदी के लिए अहम हैं. इसके बाद अमेरिका के आवास संबंधी आंकड़ों, उपभोक्ता धारणा, महंगाई की उम्मीदों और भारत, ब्रिटेन व अमेरिका सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के पीएमआई आंकड़ों पर नजर रहेगी.

ब्रोकरेज मंच लेमॉन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि हमें इस सप्ताह कीमतों में सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है. होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों पर इसके असर से बाजार में अनिश्चितता बनी रहेगी, जिससे सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ने से ऊर्जा की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका है, जो सोने-चांदी की कीमतों में तेजी को सीमित कर सकती है. हालांकि, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर यील्ड में नरमी से इन धातुओं को कुछ समर्थन मिल सकता है.

कितनी रहेगी एमसीएक्स पर कीमत
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर में आपूर्ति वाले सोने का वायदा भाव बीते सप्ताह 3,581 रुपये यानी 2.4 फीसदी की गिरावट के साथ 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ. वहीं, चांदी 14,568 रुपये यानी 6.4 फीसदी टूटकर 2.11 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. गर्ग ने कहा कि रुपये में मजबूती के कारण घरेलू बाजार में सोने की कीमत 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई. इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों का अंतर बढ़ गया है.

क्यों आ रही कीमतों में गिरावट
उन्होंने कहा कि कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह मुद्रा में बदलाव रहा है. भारतीय रुपया पांच कारोबारी सत्रों में 96.8 के स्तर से मजबूत होकर 94.8 के स्तर पर पहुंच गया. इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपये में 180 पैसे से अधिक की मजबूती आई. इसमें भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप और कारोबारियों की ओर से डॉलर की खरीद के सौदे घटाने की भूमिका रही. रुपये में मजबूती आने के बाद सोने की लागत कम हो गई है, जिससे घरेलू बाजार में चार सत्र के दौरान इसकी कीमत 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से अधिक गिर गई है. यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट से करीब पांच गुना ज्यादा थी.

चांदी में भी दिख रही नरमी
गर्ग ने कहा कि ब्याज दरों और आर्थिक वृद्धि को लेकर चिंताओं का चांदी पर ज्यादा असर पड़ा. इसकी कीमत में तेज गिरावट आई और बाद में यह करीब 2.11 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंची. उन्होंने कहा कि कारोबारियों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के मुकाबले रुपये की चाल का ज्यादा असर पड़ा. जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (जिंस एवं मुद्रा शोध) प्रणव मेर ने कहा कि पहले की बिकवाली के सौदे काटने और निचले स्तर पर खरीदारी के कारण इनमें तेजी का रुख रहा है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मंत्री श्रेयसी सिंह ने किया दुर्गा पूजा मेले का उद्घाटन: जमुई में ब्रेक डांस झूले का लिया आनंद; चाट भी खाई; लोगों के साथ खिंचवाई सेल्फी – Jamui News




जमुई के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में दुर्गा पूजा मेले की रौनक बढ़ने लगी है। रविवार देर शाम मंत्री श्रेयसी सिंह ने वीर कुंवर सिंह सेवा समिति की ओर से आयोजित दुर्गा पूजा समारोह का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। उद्घाटन के बाद मंत्री मेले में घूमीं, झूलों का आनंद लिया और स्टॉल पर चाट भी खाई। बच्चों और महिलाओं से मिलीं, लोगों के साथ खिंचवाई सेल्फी उद्घाटन के बाद श्रेयसी सिंह का सहज अंदाज देखने को मिला। वह औपचारिक कार्यक्रम के बाद आम श्रद्धालु की तरह मेले में घूमती नजर आईं। उन्होंने बच्चों और महिलाओं से मुलाकात की और लोगों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। मंत्री ने मेले में लगे ब्रेक डांस और ड्रैगन ट्रेन जैसे झूलों का आनंद लिया। इसके बाद स्टॉल पर पहुंचकर चाट का स्वाद चखा। उनके इस अंदाज को देखकर मेले में मौजूद लोगों में उत्साह दिखा। कई लोग उनके साथ बातचीत करते और सेल्फी लेते नजर आए। दुर्गा पूजा सामाजिक एकता और सौहार्द का प्रतीक अपने संबोधन में मंत्री श्रेयसी सिंह ने आयोजन के लिए वीर कुंवर सिंह सेवा समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करते हैं। उन्होंने जिलेवासियों को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं दीं और मां दुर्गा से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम में समिति के अध्यक्ष, सचिव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



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ट्रम्प ने इजराइलियों से कहा- नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री बनाएं: किसी और को चुना तो ईरान के खिलाफ अमेरिका को अकेले लड़ना पड़ेगा




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के लोगों से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री चुनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बीबी नेतन्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर इजराइल ने नेतन्याहू के अलावा किसी दूसरे नेता को चुना, तो अमेरिका को ईरान के खिलाफ लड़ाई खुद लड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि वे ऐसा करने के इच्छुक नहीं हैं। ट्रम्प ने इजराइल के लोगों के नाम जारी संदेश में नेतन्याहू को ‘मजबूत, बहादुर और शानदार’ नेता बताया। ट्रम्प बोले- नेतन्याहू मुश्किल हालात में डटे रहे ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू को बेहद कठिन परिस्थितियों में काम करते देखा है। उनके मुताबिक, ऐसे दबाव में आम लोग कमजोर पड़ जाते, लेकिन नेतन्याहू मजबूती से डटे रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू को इजराइल के भीतर से विरोध का सामना करना पड़ा है। ट्रम्प ने ईरान पर पिछले 51 साल से इजराइल और अमेरिका को मिटाने की धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने ईरान के नारे ‘इजराइल की मौत, अमेरिका की मौत’ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयानों को नजरअंदाज करना खतरनाक है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य और आर्थिक ताकत को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने तेजी से अपना रवैया नहीं बदला, तो अमेरिका जल्द ही बाकी काम भी पूरा कर देगा। 4 सर्वे में नेतन्याहू पीएम पद की रेस में पिछड़े इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से पहले आए चार सर्वे में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी, गैडी आइजनकोट की याशर पार्टी से पिछड़ रही है। चारों सर्वे के औसत में याशर को 21.5 और लिकुड को 19 सीटें मिलने का अनुमान है।
मारिव और चैनल 13 के सर्वे में लिकुड को 18-18 सीटें, जबकि चैनल 13 में याशर को 20 सीटें मिलने का अनुमान है। कान न्यूज के सर्वे में भी याशर आगे है। चैनल 12 के मुताबिक, याशर को 23 और लिकुड को 20 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, किसी भी गठबंधन को बहुमत के लिए जरूरी 61 सीटें मिलती नहीं दिख रहीं। नेतन्याहू के गठबंधन को 49 से 53 और आइजनकोट के नेतृत्व वाले विपक्ष को 50 से 54 सीटें मिलने का अनुमान है। अरब पार्टियों को औसतन 13.75 सीटें मिल सकती हैं, जिससे सरकार बनाने में उनकी भूमिका अहम हो सकती है। ट्रम्प-नेतन्याहू की दोस्ती: 5 बड़े फैसले, जिन्होंने मिडिल ईस्ट की राजनीति बदली 1. यरुशलम को इजराइल की राजधानी की मान्यता (2017-18) ट्रम्प प्रशासन ने अमेरिकी नीति बदलते हुए यरुशलम को इजराइल की राजधानी माना और अमेरिकी दूतावास वहां शिफ्ट किया। 2. गोलान हाइट्स पर इजराइल के दावे को मान्यता (2019) अमेरिका ने सीरिया के गोलान हाइट्स पर इजराइल की संप्रभुता को मान्यता दी। 3. अब्राहम समझौता (2020) अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल ने संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के साथ संबंध सामान्य किए। बाद में अन्य देशों के साथ भी समझौते हुए। 4. ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका की वापसी (2018) ट्रम्प ने ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकाला। इससे इजराइल की ईरान नीति को समर्थन मिला, लेकिन क्षेत्रीय तनाव भी बढ़ा। 5. गाजा युद्ध और इजराइल को समर्थन ट्रम्प के दोनों कार्यकालों में गाजा युद्ध और इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर अमेरिकी नीति दोनों देशों के रिश्तों का अहम मुद्दा रही। —————————– ये खबर भी पढ़ें… चुनाव जीतकर भी क्या PM नहीं बन पाएंगे नेतन्याहू:दक्षिणपंथी वोटों के बंटने का डर; हाथ से निकल सकती है सत्ता इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने चुनाव के बाद सत्ता गंवाने का खतरा है। उनके अपने दक्षिणपंथी खेमे की छोटी पार्टियां उनके लिए मुश्किल खड़ी कर रही हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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