आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में इलाज की आधुनिक सुविधाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। अब यहां मरीजों को एम्स की तर्ज पर रोबोटिक सर्जरी की सुविधा देने की तैयारी शुरू हो गई है। शासन और मेडिकल कॉलेज स्तर पर तीन सर्जिकल रोबोट खरीदे जाएंगे, जिससे जटिल ऑपरेशन अधिक सटीक और सुरक्षित तरीके से किए जा सकेंगे। एसएन मेडिकल कॉलेज में 1200 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान पर काम चल रहा है। इसी योजना के तहत रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। योजना के अनुसार एक सर्जिकल रोबोट शासन उपलब्ध कराएगा, जबकि दो रोबोट मेडिकल कॉलेज अपने संसाधनों से खरीदेगा। वर्ष 2027 तक इन रोबोटों के उपलब्ध होने की उम्मीद है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि शासन प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों को एक-एक रोबोट उपलब्ध कराएगा। प्रत्येक रोबोट की अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। ये रोबोट अमेरिका और जर्मनी की तकनीक पर आधारित होंगे। खरीद प्रक्रिया के लिए शासन ने टास्क फोर्स का गठन किया है और कंपनियों का प्रेजेंटेशन भी हो चुका है। रोबोटिक तकनीक के जरिए हड्डी रोग, पेट रोग, बाल रोग और ईएनटी विभाग में जटिल सर्जरी की जा सकेगी। इसके लिए एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जनों को एम्स में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि सुविधा शुरू होने पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। एसएन मेडिकल कॉलेज में हर महीने करीब 90 हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा लगभग 3700 छोटे-बड़े ऑपरेशन और साढ़े पांच हजार मरीज भर्ती होते हैं। रोबोटिक सर्जरी की सुविधा मिलने के बाद गंभीर और जटिल मामलों का इलाज अधिक सटीकता के साथ किया जा सकेगा, जिससे आगरा ही नहीं, आसपास के जिलों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इंटीग्रेटेड प्लान के तहत रेडियो डायग्नोस्टिक विभाग के लिए 10 मंजिला नई इमारत भी बनाई जाएगी। यहां एआई आधारित सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें स्थापित करने का प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इससे जटिल बीमारियों की पहचान पहले से अधिक सटीक और तेजी से की जा सकेगी। सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता के अनुसार, रोबोटिक सर्जरी में कम चीरा लगता है, रक्तस्राव और दर्द कम होता है तथा संक्रमण का खतरा भी घट जाता है। थ्री-डी हाई-डेफिनेशन विजुअल और 360 डिग्री तक घूमने वाली रोबोटिक तकनीक के कारण शरीर के जटिल हिस्सों में भी अधिक सटीक सर्जरी संभव हो सकेगी।
Source link
एसएन में जल्द शुरू होंगे रोबोटिक ऑपरेशन: 25 करोड़ से आएंगे तीन हाईटेक रोबोट, जटिल सर्जरी होंगी आसान – Agra News
खैरथल-तिजारा में चिटफंड धोखाधड़ी मामला, ईडी ने मांगे सबूत: सभी पीड़ितों को समन जारी, एफआईआर और बैंक डिटेल्स जमा करानी होगी – Khairthal-Tijara News
खैरथल-तिजारा के गांव मातौर में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड धोखाधड़ी मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी एंट्री हो गई है। भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, ईडी जयपुर ने मामले की जांच के तहत परिवादी सत्यवीर चौधरी, राजकुमार, धर्मेंद्र चौधरी सहित कई पीड़ित जमाकर्ताओं को समन जारी किए हैं। सभी को महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से मांगे सबूत
शिकायतकर्ताओं के वकील प्रताप सैन ने बताया- ईडी ने समन में पीड़ितों से पैन कार्ड और आधार कार्ड सहित पहचान एवं पते के प्रमाण, नवअंश ग्रुप एवं उसके निदेशकों के खिलाफ दर्ज शिकायत या एफआईआर की प्रति, स्वयं एवं परिवार के सदस्यों के नाम पर संचालित सभी बैंक खातों का विवरण तथा नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड और सिंदुरिया माइक्रोफाइनेंस फाउंडेशन के निदेशकों एवं एजेंटों के माध्यम से खुलवाए गए एफडी, बचत खाते, ऋण खाते सहित अन्य बैंक खातों की जानकारी मांगी है। करोड़ों के गबन का लगा आरोप
दरअसल, मामला 29 सितंबर 2025 का है। खैरथल थाने में दर्ज इस मामले में नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों पर आम जनता से करोड़ों रुपए जमा कराकर गबन करने और फरार होने का आरोप है। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए थे। इसके बाद पीड़ितों ने खैरथल थाने में मामला दर्ज कराया और लगातार सरकार, प्रशासन तथा जांच एजेंसियों से कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत की जमा पूंजी फंस गई है, जिससे अनेक परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। 10 लोगों को आरोपी बनाया, एक की हुई मौत
मामले में पुलिस की जांच के दौरान 10 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें एजेंट दिनेश कुमार की मृत्यु हो चुकी है, जबकि शेष 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। इनमें उमराव, दाताराम, सतपाल और पुरण फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि जयपाल, नरेश, जिलेसिंह, वेंकटेश्वर प्रसाद और प्रेम कुमार जमानत पर रिहा हो चुके हैं। पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रताप सैन न्यायालय में पैरवी कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारी की कार्यशैली पर उठे सवाल
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को रजिस्ट्रार सहकारी समितियां, जयपुर एवं रजिस्ट्रार कंपनियां, जयपुर द्वारा सब रजिस्ट्रार सहकारी समिति, खैरथल को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किए जाने के बावजूद दावों के निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। कई लोगों के आवेदन स्वीकार नहीं किए गए और सुनवाई भी समय पर नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिले हैं। ये भी पढ़ें- मामा-भांजे ने फाइनेंस कंपनी बनाई, करोड़ों रुपए लेकर फरार:गुस्साए पीड़ितों ने घर में तोड़फोड़ की, बाइक फूंकी; बोले-मेहनत कर एक-एक पैसा जोड़ा था साल 2010… खैरथल-तिजारा का मातौर गांव मामा-भांजे ने नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड के नाम से फाइनेंस कंपनी बनाई। खुद का ऑफिस खोला और लोगों को रकम पर साल का 24% तक ब्याज देने का झांसा दिया। बॉन्ड, पासबुक और रसीदें भी छपवाईं। पहले कुछ साल ब्याज के साथ रुपए लौटाकर विश्वास जीता। इसके बाद लोग झांसे में आकर मेहनत से कमाई हुई मोटी रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) और RD (रिकरिंग डिपॉजिट) में जमा कराने लगे। 15 साल में निवेश के नाम पर जमा किए गए करोड़ों रुपए लेकर मामा-भांजा फरार हो गए। (पढ़ें पूरी खबर)
Source link
सड़क नहीं होने पर खाट से 2 किमी लाए: रीवा में अस्पताल पहुंचने से पहले महिला की मौत; ग्रामीण बोले- स्वीकृत के बाद भी नहीं बनी रोड – Rewa News
रीवा के मनगवां विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) में सड़क नहीं होने के कारण एक आदिवासी महिला को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका। आकाशीय बिजली गिरने के बाद परिजनों ने उन्हें करीब दो किलोमीटर तक खाट पर उठाकर कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते से बाहर निकाला, लेकिन अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना रविवार शाम की है। इसका वीडियो भी सामने आया है। मृतका की पहचान रामकली रावत, पत्नी स्वर्गीय राम स्वयंवर रावत, निवासी ग्राम पंचायत नदना (डिहिया) के रूप में हुई है। सामने आए वीडियो में ग्रामीण महिला को खाट पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते दिखाई दे रहे हैं। सड़क नहीं होने पर उठे सवाल घटना के बाद गांव की सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि ग्राम पंचायत में सड़क निर्माण के लिए विधायक निधि से 5 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे, लेकिन अब तक सड़क नहीं बन सकी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने जांच की मांग की ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अब महिला की मौत के बाद ग्रामीण पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है।
Source link
पूर्णिया में सड़क दुर्घटना, एक व्यक्ति की मौत: श्रीनगर को-ऑपरेटिव बाजार के पास हुआ हादसा – Purnia News
पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीनगर को-ऑपरेटिव बाजार के पास एक सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान सत्यनारायण यादव (45) के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सत्यनारायण यादव कोऑपरेटिव बाजार के निवासी थे। मृतक सत्यनारायण यादव के बेटे ने बताया कि उनके पिता की मौत श्रीनगर चौक पर हुए सड़क हादसे में हुई है। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक का इलाज कर रहे डॉक्टर गौरव कुमार ने जानकारी दी कि मरीज को अस्पताल में मृत अवस्था में लाया गया था। प्राथमिक जांच में उन्हें मृत पाया गया। मौत के सही कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
Source link
गोरखपुर में कैमरे की मदद से पकड़ा गया चोर: सराफा की दुकान से उड़ाया था 22 ग्राम सोना और 22 हजार रुपए – Gorakhpur News
गोरखपुर कोतवाली क्षेत्र के दुर्गाबाड़ी रोड स्थित एक सराफा की दुकान से 22 ग्राम सोना और 22 हजार रुपये चोरी हो गए थे। सीसीटीवी कैमरे की मदद से पहचान होने के बाद कोतवाली पुलिस ने रविवार की सुबह करीब 10 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जिसकी पहचान आर्यनगर के कुर्मियान टोला निवासी रोहित वर्मा के रूप में हुई। उसके कब्जे से चोरी की 41 सोने की नोज पिन और 620 रुपये बरामद हुए। दोपहर बाद आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। 2 जुलाई को शाम के समय हुई थी चोरी
दुर्गाबाड़ी के पास रहने वाले रामनारायण ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर बताया था कि 2 जुलाई की शाम करीब पांच बजे वह चाय पीने के लिए दुकान से बाहर गए थे। इसी दौरान काउंटर में रखी करीब 22 ग्राम वजन की 41 सोने की नोज पिन और 22 हजार रुपये नकद चोरी हो गए। लौटने पर सामान गायब देख उन्होंने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज में आर्यनगर का रोहित वर्मा चोरी करते हुए दिखा। जब वह उसके घर पहुंचे तो फरार हो गया। सीओ कोतवाली ओंकार दत्त ने बताया कि रविवार सुबह आरोपी को क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
Source link
साबूदाना भिगोने का सही तरीका, खिले-खिले रहेंगे दाने, खिचड़ी बनेगी बिल्कुल परफेक्ट
Last Updated:
Tricks To Make Non Sticky Sabudana: यदि आप हर बार स्वादिष्ट, दानेदार और बिल्कुल नॉन-स्टिकी साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं लेकिन बार-बार दाने चिपचिपे हो जाते हैं? तो यहां इस लेख में जानें खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का सबसे आसान तरीका.
साबूदाना खिचड़ी व्रत के दौरान सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली डिश में से एक है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मदद करती है. हालांकि, कई लोगों की शिकायत होती है कि खिचड़ी बनाते समय साबूदाना चिपक जाता है या फिर बहुत ज्यादा गीला हो जाता है. ऐसे में खिचड़ी का स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं. अगर आप भी हर बार खिला-खिला और दानेदार साबूदाना खिचड़ी बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान कुकिंग टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं.
सही साबूदाना चुनना है जरूरी
अच्छी खिचड़ी बनाने के लिए सही साबूदाना चुनना सबसे जरूरी कदम है. बाजार में कई तरह के साबूदाने मिलते हैं, लेकिन मध्यम आकार वाला गोल साबूदाना खिचड़ी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. यह आसानी से पकता है और चिपचिपा भी नहीं होता.
भिगोने का सही तरीका अपनाएं
साबूदाना बनाने से पहले उसे 2-3 बार साफ पानी से धो लें ताकि एक्स्ट्रा स्टार्च निकल जाए. इसके बाद 1 कप साबूदाना में लगभग 3/4 कप पानी डालकर भिगो दें. ध्यान रखें कि ज्यादा पानी डालने से साबूदाना गीला और चिपचिपा हो सकता है. इसे लगभग 2 से ढाई घंटे के लिए ढककर छोड़ दें.
ऐसे पहचानें कि साबूदाना तैयार है
जब साबूदाना अच्छी तरह भीग जाए, तो उसके दाने आपस में चिपके नहीं होने चाहिए. दाने को हाथ से दबाने पर वह आसानी से टूट जाए और उसमें हल्की नमी महसूस हो, लेकिन वह ज्यादा गीला न लगे. यह संकेत है कि साबूदाना खिचड़ी बनाने के लिए तैयार है.
खिचड़ी बनाते समय रखें इन बातों का ध्यान
सबसे पहले कढ़ाई में थोड़ा घी गर्म करें. फिर जीरा, अदरक और हरी मिर्च डालकर भून लें. इसके बाद उबले हुए आलू और भुनी हुई मूंगफली डालें. अब भीगा हुआ साबूदाना, सेंधा नमक और काली मिर्च मिलाएं. हमेशा धीमी आंच पर पकाएं और लगातार हल्के हाथों से चलाते रहें.
मूंगफली पाउडर है सीक्रेट ट्रिक
खिला-खिला साबूदाना खिचड़ी बनाने का सबसे आसान तरीका है मूंगफली पाउडर का इस्तेमाल. ये इंग्रीडिएंट नमी को सोख लेता है और साबूदाने के दानों को अलग-अलग रखने में मदद करता है. इसी वजह से खिचड़ी चिपकती नहीं है. अंत में जब खिचड़ी तैयार हो जाए तो ऊपर से नींबू का रस और हरा धनिया डालें. फिर 1-2 मिनट के लिए ढककर रखें ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिल जाएं.इसे दही, व्रत की चटनी या भुनी मूंगफली के साथ परोसकर स्वाद को और बढ़ाया जा सकता है.
About the Author

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
जहानाबाद में सड़क प एसपी उतरे एसपी: वाहन जांच अभियान का नेतृत्व करते हुए नियमों का सख्ती से कराया पालन – Jehanabad News
जहानाबाद में रविवार को पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार ने स्वयं सड़क पर उतरकर वाहन जांच अभियान का नेतृत्व किया। इस दौरान हेलमेट, बीमा, नंबर प्लेट और यातायात नियमों के पालन को लेकर सख्त कार्रवाई की गई। एसपी के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान में 50 से अधिक वाहनों की जांच की गई। बिना हेलमेट, वैध दस्तावेजों की कमी और बीमा नहीं होने पर कई वाहन चालकों के चालान काटे गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी वाहनों की नंबर प्लेट निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। नंबर प्लेट पर किसी भी प्रकार का नाम, पद, प्रचार सामग्री या अन्य शब्द लिखना कानूनी अपराध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह नियम पुलिस अधिकारियों, सरकारी पदाधिकारियों और आम नागरिकों सहित सभी पर समान रूप से लागू होता है। एसपी ने ट्रिपल लोडिंग और तेज रफ्तार पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी वाहन पर तीन लोग सवार पाए जाते हैं, तो चालान के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई करते हुए वाहन जब्त भी किया जा सकता है। उन्होंने चार पहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट का उपयोग करने और निर्धारित गति सीमा के भीतर वाहन चलाने की अपील की। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह अभियान जिले के विभिन्न चौक-चौराहों और प्रमुख मार्गों पर लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें, सभी दस्तावेज दुरुस्त रखें और यातायात नियमों का पालन कर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। फिलहाल, काटे गए चालानों की कुल राशि की जानकारी नहीं दी गई है।
Source link
राजुला-खांभा में 12 इंच बारिश से बाढ़ के हालात: अमरेली में नदियां उफान पर आईं, हाईवे बंद होने से 20 गांवों का संपर्क टूटा – Gujarat News
गुजरात में अमरेली जिले के राजुला और खम्भा पंथक में बारिश ने भयंकर रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों में खांभा ग्रामीण और राजुला पंथक में 12 इंच से अधिक भारी बारिश हुई है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। धत्रावाडी और रायडी बांधों के ओवरफ्लो होने के बा
.
खांभा के ग्रामीण इलाकों में 8 इंच और पंथक में कुल 12 इंच बारिश के कारण नागेश्री नेशनल हाईवे पूरी तरह से ठप हो गया है। चोटिला-खम्भा से नागेश्री जाने वाला नेशनल हाईवे भी अवरुद्ध हो गया है। रानीगापारा गांव के पास कोजीखान के नजदीक बने अस्थायी पुल का मार्ग बाढ़ के तेज पानी में बह गया है।
शहर और जिले में लगातार दो दिन तक भारी बारिश के चलते तापी नदी में 51 हजार क्यूसेक पानी की भारी आवक होने से सीजन में पहली बार वियर-कम-कॉजवे ओवरफ्लो हो गया है। जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 6.80 मीटर तक पहुंच गया। इस बीच यहां बने मनमोहक दृश्यों को कैमरे में कैद करने के लिए कॉजवे के पास लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
अमरेली जिले में बाढ़ की 5 तस्वीरें…
राजुला तालुका की धातरवाडी-2 डैम के गेट खोले जाने से रायडी नदी उफान पर आ गई।

राजुला तालुका के भेराई गांव के पास पानी घुस गया, 50 से अधिक लोग फंस गए,जिन्हें बचाया गया।

अमरेली-पिपावाव सड़क डूब गई है। खतरा उठाकर सड़क पार कर रहे वाहनों को रोका जा रहा है।

राजुला-सावरकुंडला राजमार्ग पर बाढ़ से सड़क बह गई। इससे दोनों तरफ का यातायात ठप हो गया।

सावरकुंडला में दीवार गिरने से खाना पका रही महिला मलबे में दब कर गंभीर रूप से घायल हो गई।
———————–
ये खबर भी पढ़ें…
महाराष्ट्र में वाटरफॉल में फंसे 100 टूरिस्ट:रस्सी के सहारे रेस्क्यू; वसई में 20 कारें डूबीं; बिहार की कोसी नदी में समाए 6 घर

देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में जेनिथ वाटरफॉल में अचानक पानी का लेवल बढ़ गया, जिसमें 100 टूरिस्ट फंस गए। उन्हें रस्सी की मदद से निकाला गया। नालासोपारा में सड़क पर पानी भरने से 20 कारें उसमें डूब गईं। पूरी खबर पढ़ें…
निगम कमिश्नर ने जलूद में कामों को किया चेक: एक्स्ट्रा मशीनरी और संसाधन बढ़ाने को कहा, बोले – सुरक्षा का ध्यान रखे – Indore News
जलूद में चल रहे कामों को देखने के लिए रविवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल जलूद पहुंचे। यहां उन्होंने नर्मदा फेस 4 अमृत 2 परियोजना के अंतर्गत 1650 एमएलडी निर्माणाधीन इंटेक वेल और 180 एमएलडी फेज-1 और फेज-2 इंटेकवेल परियोजनाओं का दौरा किया। नगर निगम कमिश्नर ने बाकी खुदाई कामों में तेजी लाने के लिए एक्स्ट्रा मशीनरी और संसाधनों को तत्काल मोबिलाइजेशन करने और परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए कहा। इसके बाद रॉ वाटर मेन पंपिंग मेन पाइपलाइन निर्माण काम को भी देखा। उन्होंने यहां पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और निर्माण की उच्च क्वालिटी बनाए रखने व काम में ज्यादा तेजी लाने को कहा है। निगम कमिश्नर ने बताया कि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और समन्वित रूप से पूरा करना नगर निगम की प्राथमिकता है।
Source link
RBSE ने 10-12वीं बोर्ड परीक्षा की फीस 200 रुपए बढ़ाई: 20 लाख स्टूडेंट्स होंगे प्रभावित; आवेदन कल से होंगे शुरू – Tonk News
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(RBSE), अजमेर ने राज्य में वर्ष 2027 में होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, सोमवार (6 जुलाई) से परीक्षा फॉर्म भरे जाएंगे, लेकिन इस बार सामान्य परीक्षा शुल्क में प्रति नियमित विद्यार्थी पर 200 रुपए बढ़ा दिए है। जिससे पूर्व में लगने वाले परीक्षा शुल्क 650 रुपए के स्थान पर 850 रुपए देने होंगे। इसका सीधा असर टोंक समेत राज्य भर में निजी एवं सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे लगभग 20 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ेगा। इस बार 2027 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले समस्त नियमित एवं स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आवेदन 6 जुलाई से भरना शुरू होंगे। बिना बिलंब शुल्क के 6 अगस्त तक आवेदन भरे जाएंगे। इसके बाद प्रत्येक चरण में विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क बढ़ता जाएगा। प्रायोगिक विषयों की फीस में भी 100 रुपए की वृद्धि की गई है। अब प्रत्येक प्रायोगिक विषय के लिए 200 रुपए अलग से देने होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों की उच्च माध्यमिक स्तर की संबद्धता संबंधी प्रक्रिया अभी लंबित है, उन्हें निर्धारित समय में कार्रवाई पूरी करनी होगी। ऐसा नहीं होने पर संबंधित विद्यालयों के विद्यार्थियों के परीक्षा आवेदन निरस्त किए जा सकते हैं। हालांकि बोर्ड परीक्षा शुल्क बढ़ाने को लेकर शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद का कहना है कि यह परीक्षार्थियों के हित में नहीं है। इस निर्णय को वापस लेना चाहिए। इन कैटेगरी के परीक्षार्थियों को मिलेगी फीस में छूट विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों, दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग परीक्षार्थियों, युद्ध में वीरगति प्राप्त सैनिकों और पुलवामा हमले के शहीदों के आश्रितों को परीक्षा शुल्क से छूट रहेगी। ऐसे विद्यार्थियों को केवल 50 रुपए टोकन शुल्क जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन से जुड़े दिशा-निर्देश बोर्ड की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। किसी भी प्रकार कीजानकारी के लिए बोर्ड कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। पढ़िए… बोर्ड परीक्षाओं का पूरा कार्यक्रम और महत्वपूर्ण डेट्स बोर्ड परीक्षाओं के आवेदन का प्रस्तावित कार्यक्रम आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां: परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत के कारण बढ़ाई फीस जानकारी के अनुसार, परीक्षा संचालन और व्यवस्थाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए शुल्क संशोधित किया गया है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए समय पर आवेदन करना सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि 6 अगस्त के बाद हर चरण में लेट फीस के साथ शुल्क तेजी से बढ़ेगा। यह बढ़ोतरी विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महंगी साबित हो सकती है, जो अंतिम समय तक आवेदन टालते हैं। 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में बोर्ड के बदलाव शिक्षक संघ ने कहा- बोर्ड परीक्षाओं का शुल्क बढ़ाना सही नहीं शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा 2027 की बोर्ड परीक्षाओं में कक्षा 10 एवं 12 वीं के विद्यार्थियों पर परीक्षा शुल्क 650 से बढ़ाकर 850 यानि 200 रुपए की वृद्धि कर दी है,जो सही नहीं है। बोर्ड को अपने निर्णय पर फिर से विचार कर इसे वापस लेना चाहिए। परीक्षा शुल्क में 200 रुपए की वृद्धि और प्रायोगिक विषयों की फीस बढ़ने से इस बार विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
Source link

