डीग शहर के जलमहल स्थित गेट नंबर दो पर एक मंदबुद्धि महिला मिली। सूचना मिलने पर एंटी रोमियो टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। टीम को मोबाइल के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक महिला कुछ लोगों से घिरी हुई है। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद लोग फरार हो गए। एंटी रोमियो टीम में हेड कांस्टेबल जगन्नाथ, वेदपाल, कमलेश, देवेंद्री और सुमन शामिल थे। पूछताछ में महिला की पहचान शिवानी ठाकुर पुत्री नानक चंद के रूप में हुई। उसके भाइयों के नाम पुष्कर और जयप्रकाश बताए गए। पुलिस के अनुसार, महिला मानसिक रूप से मंदबुद्धि है। महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एंटी रोमियो टीम ने उसे ‘अपना घर’ संस्था को सौंप दिया। यह कदम उसकी उचित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। एंटी रोमियो टीम की त्वरित कार्रवाई से महिला को सुरक्षित आश्रय मिल सका और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को टाल दिया गया।
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भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने स्वीकार किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में श्रीलंका के स्वर्ण पदक विजेता रमेश पथिरागे के बड़े थ्रो का पीछा करना और नीरज चोपड़ा से भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करना गलती थी। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने 31 जुलाई को पुरुषों के भाला फेंक फाइनल में 81.56 मीटर के थ्रो के साथ सातवां स्थान हासिल किया। पथिरागे ने 89.75 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा (85.83 मीटर) और यशवीर सिंह (85.41 मीटर) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए।









