Monday, July 27, 2026
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बिहार छात्र संसद क्विज़ चैंपियनशिप का पहला चरण संपन्न: नवादा में हजारों छात्रों ने लिया हिस्सा, क्लास 5-12वीं तक के छात्र शामिल – Nawada News




शिक्षा, जागरूकता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बिहार छात्र संसद द्वारा आयोजित “बिहार छात्र संसद क्विज़ चैंपियनशिप–2026” का प्रथम चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस प्रतियोगिता में नवादा जिले के विभिन्न विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों से हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह प्रतियोगिता चार चरणों में आयोजित की गई थी, जिसमें कक्षा 5-6, कक्षा 7-8, कक्षा 9-10 और कक्षा 11-12 के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के सामान्य ज्ञान, तार्किक क्षमता, संवैधानिक समझ और समसामयिक विषयों के प्रति जागरूकता को विकसित करना था। परीक्षा में भारतीय राजनीति, भारतीय संविधान, अर्थव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, विज्ञान एवं गणित, समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs), लॉजिकल रीजनिंग, बिहार एवं नवादा विशेष तथा हिंदी साहित्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों से प्रश्न पूछे गए। उत्क्रमित मध्य विद्यालय–भरौसा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय–ओढ़नपुर, होली व्यू स्कूल, प्रज्ञा कोचिंग सेंटर, करतार कोचिंग सेंटर, लक्ष्य कोचिंग सेंटर, मदर टेरेसा स्कूल, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, देदौर, उच्च माध्यमिक विद्यालय, ओरैना, उत्क्रमित मध्य विधालय, नेमदारगंज, उच्च माध्यमिक विद्यालय–देदौर तथा उच्च माध्यमिक विधालय, नेमदारगंज सहित कई शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। परीक्षा को निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों में अलग-अलग परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बिहार छात्र संसद ने बताया कि प्रथम चरण की लिखित परीक्षा के परिणाम के आधार पर प्रत्येक वर्ग से सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 15-15 विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके बाद इन चयनित विद्यार्थियों के बीच द्वितीय चरण (सेमीफाइनल क्विज़) आयोजित होगा। सेमीफाइनल से प्रत्येक वर्ग से 5-5 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले के लिए चुने जाएंगे। ग्रैंड फिनाले में चयनित प्रतिभागियों से दर्शकों की उपस्थिति में मंच पर मौखिक प्रश्नोत्तर (लाइव ओरल क्विज़ राउंड) कराया जाएगा। प्रतिभागियों के प्रदर्शन और सही उत्तरों के आधार पर प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान का निर्धारण होगा। प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी/मोमेंटो, मेडल एवं सम्मान-पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं, प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बिहार छात्र संसद की ओर से प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।



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जन्मदिन मनाने जा रहे युवकों पर गैंग का हमला: सरिया-डंडों से पीटा, दबदबा बनाने के लिए वीडियो वायरल किया – Shivpuri News




शिवपुरी शहर में गुटबाजी के चलते युवकों पर हमले की घटना सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र में जन्मदिन मनाने जा रहे कुछ युवकों पर स्कॉर्पियो सवार चार आरोपियों ने सरिया और डंडों से हमला कर दिया। हमलावरों ने इलाके में अपना दबदबा बनाने के लिए मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। पुरानी शिवपुरी के कुशवाह मोहल्ला निवासी 23 वर्षीय अंकित कुशवाह ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। अंकित ने बताया कि 26 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे वह अपने दोस्तों देवेंद्र कुशवाह, दीपेश कुशवाह, योगेश कुशवाह, राहुल कुशवाह और मोहित कुशवाह के साथ अपने मित्र हिमांशु बाथम का जन्मदिन मनाने के लिए उसे लेने पिपरसमा जा रहा था। रास्ते में गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल के पास पीछे से एक बिना नंबर की काले रंग की स्कॉर्पियो आई। उसमें से देवा रावत, अभि धाकड़, प्रिंस रावत और राजवीर गुर्जर उतरे और पुरानी रंजिश के चलते गाली-गलौज करने लगे। जब अंकित ने विरोध किया, तो देवा रावत ने कांटेदार तार लगे डंडे से उसके बाएं हाथ पर हमला कर दिया, जिससे उसे गंभीर चोट आई। इसके बाद राजवीर गुर्जर ने सरिया से अंकित के सिर पर वार किया, जिससे खून बहने लगा। अंकित को बचाने आए देवेंद्र, दीपेश और योगेश के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। इस हमले में देवेंद्र की पीठ पर खरोंच आई, जबकि दीपेश के हाथ और पीठ तथा योगेश के कंधे, पीठ और कोहनी में चोटें आईं। हमलावर पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आरोपियों ने मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उनका उद्देश्य शहर में अपने गैंग का दबदबा दिखाना और लोगों में भय का माहौल पैदा करना था। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर देवा रावत, अभि धाकड़, प्रिंस रावत और राजवीर गुर्जर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।



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केले पर धागे जैसे रेशे क्यों होते हैं? इन्हें हटाकर खाना चाहिए या नहीं, जानें फायदे-नुकसान


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केला छीलते समय दिखने वाले सफेद धागे जैसे रेशे आखिर क्या होते हैं? जानिए इनका वैज्ञानिक कारण, क्या इन्हें खाना सुरक्षित है और क्यों इन्हें हटाना सिर्फ आपकी पसंद पर निर्भर करता है.

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केला दुनिया के सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोटैशियम, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत भी माना जाता है. लेकिन जब भी केला छीला जाता है, तो उसके साथ लंबे सफेद धागे जैसे रेशे भी निकलते हैं. कुछ लोग इन्हें बिना सोचे-समझे हटा देते हैं, जबकि कुछ इन्हें केले के साथ ही खा लेते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये रेशे क्यों होते हैं और क्या इन्हें खाना सुरक्षित है? आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण.

केले पर दिखाई देने वाले इन सफेद धागों को वैज्ञानिक भाषा में Phloem Bundles कहा जाता है. ये केले के अंदर मौजूद प्राकृतिक ऊतक (Tissues) होते हैं, जो फल के विकास के दौरान पोषक तत्व, पानी और प्राकृतिक शर्करा को पौधे से केले के हर हिस्से तक पहुंचाने का काम करते हैं. इन्हें आप केले की “सप्लाई लाइन” भी कह सकते हैं. जिस तरह हमारे शरीर में नसें पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को अलग-अलग अंगों तक पहुंचाती हैं, उसी तरह ये रेशे केले को बढ़ने और पकने में मदद करते हैं. इसलिए ये कोई खराबी या अतिरिक्त हिस्सा नहीं, बल्कि केले की संरचना का महत्वपूर्ण भाग होते हैं.

क्या ये रेशे खाने योग्य होते हैं?

हां, ये रेशे पूरी तरह खाने योग्य होते हैं और इन्हें खाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता. चूंकि ये फल का ही प्राकृतिक हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी नहीं है. कई लोग केवल इनके हल्के रेशेदार टेक्सचर की वजह से इन्हें निकाल देते हैं. अगर आप इन्हें केले के साथ खा लेते हैं, तो यह बिल्कुल सामान्य बात है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.

क्या इनमें भी पोषक तत्व मौजूद होते हैं?

इन रेशों पर अलग से बहुत ज्यादा वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन माना जाता है कि इनमें भी थोड़ी मात्रा में फाइबर और केले के कुछ पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं. चूंकि ये पूरे फल से जुड़े रहते हैं, इसलिए इनमें भी केले के समान कुछ प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि केले का मुख्य पोषण उसके गूदे से ही मिलता है, लेकिन इन रेशों को बेकार समझकर फेंकना जरूरी नहीं है.

लोग इन्हें हटाकर क्यों खाते हैं?

असल में इसका कारण स्वास्थ्य नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद है. कुछ लोगों को इन रेशों का स्वाद या बनावट पसंद नहीं आती. कई बार ये केले के गूदे से अलग होकर उंगलियों में चिपक जाते हैं, इसलिए लोग इन्हें निकाल देते हैं. खासकर बच्चों को ये रेशे पसंद नहीं आते. हालांकि इन्हें हटाने या न हटाने से केले की पौष्टिकता पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …

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भारत ने यूक्रेन के राजदूत को तलब किया: ब्लैक सी में जहाज पर हमले में भारतीय चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत




भारत ने ब्लैक सी में एक जहाज पर हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत के मामले में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्सांद्र पोलिशचुक को तलब किया है। भारतीय नाविकों की यूनियनों ने हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। विदेश मंत्रालय ने इस मामले को यूक्रेन के सामने मजबूती से उठाया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जहाज एमवी ओमोर्फी पर 18 जुलाई को ब्लैक सी से गुजरते समय हमला हुआ था। मंत्रालय ने पिछले हफ्ते जारी एक बयान में कहा था कि यह हमला कथित तौर पर रूसी क्षेत्रीय जलक्षेत्र में हुआ। हमले के समय जहाज पर 10 क्रू मेंबर सवार थे। इनमें 3 भारतीय नागरिक थे। हमले में भारतीय क्रू मेंबर और चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत हो गई। जहाज पर मौजूद दो अन्य भारतीय क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं। भारत ने हमले की निंदा की भारत ने जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग और नागरिक क्रू मेंबर पर हमले स्वीकार नहीं किए जा सकते। मंत्रालय ने सभी पक्षों से समुद्री आवाजाही की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यापार के मुक्त प्रवाह को बनाए रखने की अपील की है। भारत का कहना है कि कमर्शियल शिपिंग रूट्स की सुरक्षा जरूरी है और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला जहाज था एमवी ओमोर्फी एमवी ओमोर्फी मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला बल्क कैरियर है। इसे 2010 में बनाया गया था। यह उस क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जहां रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच व्यापारी जहाजों पर बार-बार हमले हुए हैं। इस घटना ने ब्लैक सी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के सामने बढ़ते सुरक्षा जोखिम को भी सामने रखा है। भारतीय नाविक दुनिया की मर्चेंट नेवी में सबसे बड़े समूहों में शामिल हैं। भारतीय नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी भारतीय अधिकारियों ने नाविकों और शिपिंग कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर ब्लैक सी या उसके आसपास के इलाकों में काम से पहले सुरक्षा जोखिमों का सावधानी से आकलन करने को कहा है। एडवाइजरी में नाविकों और शिपिंग कंपनियों को समुद्री मार्गों की पुष्टि करने, इंश्योरेंस कवरेज की जांच करने और इमरजेंसी प्रक्रियाओं को समझने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी असाइनमेंट को स्वीकार करने से पहले इन पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी है। हमले में यूक्रेनी ड्रोन के इस्तेमाल का आरोप भारतीय नाविकों की यूनियनों ने इस हमले के लिए यूक्रेनी ड्रोन को जिम्मेदार बताया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यूक्रेन की ओर से इस आरोप की पुष्टि का उल्लेख नहीं है। हमले की जिम्मेदारी और इसकी पूरी परिस्थितियों को लेकर उपलब्ध कॉपी में आगे की जानकारी नहीं दी गई है। भारत ने इससे पहले भी कमर्शियल शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। नई दिल्ली लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि समुद्री रास्तों से होने वाले वैश्विक व्यापार को सुरक्षित रखा जाए और नागरिक नाविकों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता न हो।



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E20 पेट्रोल के खिलाफ केजरीवाल का हल्लाबोल: 1 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में महाजुटान – New Delhi News




नीट पेपर लीक मुद्दे के बाद अब विरोधी पार्टियां E20 पेट्रोल नीति को लेकर विरोध करने लगी हैं। अरविंद केजरीवाल ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधा है। उन्होंने 1 अगस्त को दिल्ली में ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ कार्यक्रम का ऐलान किया है, जिसमें वाहन मालिकों, विशेषज्ञों और प्रभावित लोगों के साथ आगे की रणनीति बनाई जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि E20 पेट्रोल नीति से बहुत लोग परेशान हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को अपील करते हुए कहा कि आप ही आगे आकर इस मुद्दे को सुलझा लीजिए। इससे पहले कि यह बी मुद्दा बनें, आपको आगे आना चाहिए।
1 अगस्त को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में महाजुटान E20 पेट्रोल के विरोध में जनसमर्थन जुटाने के लिए अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त (शनिवार) को राजधानी दिल्ली में एक विशाल टाउनहॉल कार्यक्रम का ऐलान किया है। इस विशेष कार्यक्रम को ‘नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20’ का नाम दिया गया है। केजरीवाल ने उम्मीद जताई है कि इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पीड़ित लोग, वाहन मालिक और विशेषज्ञ सीधे तौर पर शामिल होंगे। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नागरिकों से अपील की गई है कि वे शनिवार दोपहर 12 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम के लिए सुबह 11:30 बजे तक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब पहुंच जाएं। हजारों की संख्या में ऑनलाइन भी जुड़ेंगे लोग, हेल्पलाइन नंबर किया जारी केजरीवाल ने कहा कि जो लोग यहां पर नहीं पहुंच सकते हैं, उनके लिए ऑनलाइन जुड़ने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा उम्मीद है कि ऑनलाइन भी हजारों लोग जुड़ सकते हैं। इस लिए उन्होंने नंबर 85888- 33212 जारी किया है, इस नंबर पर व्हाट्सएप कीजिए। आपको एक लिंक भेजा जाएगा। जहां पर आप जुड़ कर इस अभियान में हिस्सा ले सकते हैं। आगे केजरीवाल ने कहा कि मैंने एक ऑनलाइन पटीशन शुरू की थी। जिसपर दो लाख से ज्यादा चिट्ठीयां आ चुकी हैं, जिन्हें लेकर मैं प्रधानमंत्री के घर भी जाउंगा।



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Vivo ने लॉन्च किया 5500mAh बैटरी वाला सस्ता फोन, कीमत 13999 रुपये से शुरू


Vivo ने एक और सस्ता फोन भारतीय बाजार में लॉन्च किया है। यह Vivo T5 सीरीज का यह चौथा फोन है। इससे पहले कंपनी इस सीरीज में Vivo T5 Lite 5G, Vivo T5 Pro 5G और Vivo T5x 5G भारतीय बाजार में उतार चुकी है। इसे Vivo T5e के नाम से पेश किया गया है। यह इस सीरीज का सबसे सस्ता फोन है, जिसे कंपनी ने 15,000 रुपये से कम कीमत में लॉन्च किया है।

Vivo T5e की कीमत

वीवो का यह स्मार्टफोन एक ही स्टोरेज वेरिएंट – 4GB RAM + 64GB में आता है। इसकी कीमत 13,999 रुपये है। इस स्मार्टफोन को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकता है। इसे दो कलर ऑप्शन – एयरो ब्लू और शैडो ग्रे में पेश किया गया है। वीवो इसके अलावा जल्द ही भारतीय बाजार में S2 सीरीज को लॉन्च करने वाला है। इस फोन से जुड़ी जानकारियां और लॉन्च डेट सामने आई है। इस फोन को अगले महीने भारत में पेश किया जा सकता है।

Vivo T5e के फीचर्स

Vivo T5e को कंपनी ने 6.74 इंच के HD+ रेजलूशन वाले डिस्प्ले के साथ पेश किया है। इस फोन में कंपनी ने LCD पैनल का इस्तेमाल किया है, जिसका रेजलूशन 720 x 1600 पिक्सल है। फोन का डिस्प्ले 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इस सस्ते स्मार्टफोन को कंपनी ने IP65 रेटिंग के साथ पेश किया है। फोन में वाटर और डस्ट प्रूफ रेटिंग के साथ-साथ मिलिट्री ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन भी मिलता है।

इस सस्ते फोन में Unisoc T7225 चिपसेट मिलता है, जिसके साथ 4GB रैम और 64GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 2TB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। यह सस्ता फोन सिंगल 8MP के रियर कैमरा के साथ आता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 5MP का कैमरा दिया गया है। यह स्मार्टफोन Android 16 पर बेस्ड ColorOS 16 पर काम करता है।

Vivo T5e में 5,500mAh की दमदार बैटरी मिलती है। इसके साथ 15W USB Type C चार्जिंग फीचर दिया गया है। वीवो के इस सस्ते फोन में कनेक्टिविटी के लिए WiFi, Bluetooth, डुअल सिम कार्ड जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स मिलेंगे।

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दुबई-मुंबई इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग: कार्गो कंपार्टमेंट से धुआं निकलने पर पायलट ने प्लेन उतारा; 194 यात्री-क्रू सवार थे




दुबई-मुंबई इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग:कार्गो कंपार्टमेंट से धुआं निकलने पर पायलट ने प्लेन उतारा; 194 यात्री-क्रू सवार थे



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गौ-सम्मान के लिए विधायक नंगे पैर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे: विजय मंत्र के जाप से शुरू हुई रैली, 3.47 लाख साइन सौंपे – Bhilwara News




गौ सम्मान अभियान के दूसरे चरण में भीलवाड़ा में गौभक्तों ने रैली निकाली। शहर विधायक अशोक कोठारी समेत प्रतिनिधिमंडल करीब 2 किमी नंगे पैर चलकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा और राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम 3 लाख 47 हजार हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र कलेक्टर को सौंपा। अभियान के तहत देश के 780 केंद्रों पर जिला कलेक्टरों के माध्यम से ज्ञापन दिए जा रहे हैं। विजय मंत्र के जाप से शुरू हुई रैली रैली से पहले जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से गौभक्त बसों और चौपहिया वाहनों के काफिले के साथ हरिसेवा वाटिका पहुंचे। यहां संगीतमय वातावरण में विजय मंत्र का सामूहिक जाप किया गया। इसके बाद संतों के आशीर्वचन हुए और संकीर्तन प्रार्थना रैली शुरू हुई। रैली में स्कूली स्टूडेंट्स, एनजीओ सदस्य और बड़ी संख्या में गौभक्त शामिल हुए। बच्चे-बच्चियां हाथों में तख्तियां लेकर गौ माता के जयकारे लगाते हुए चले। 2 किमी नंगे पैर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे रैली हरिसेवा वाटिका से शुरू होकर सीताराम जी की बावड़ी, सूचना केंद्र चौराहा, बालाजी मार्केट, गोल प्याऊ चौराहा, अंबेडकर सर्किल और मशीनरी मार्केट होते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंची। रैली में गौभक्त भजनों पर चलते और राधा-कृष्ण के भजन गाते नजर आए। सजी-धजी बैलगाड़ियां भी रैली में शामिल हुईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। दुर्गा शक्ति अखाड़ा की बच्चियां भी हाथों में तख्तियां लेकर रैली में शामिल हुईं। कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र सौंपा। बड़ी संख्या में गौभक्त कलेक्टर कार्यालय के बाहर भी मौजूद रहे। गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करवाना और देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगवाना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी स्वराज्य से अधिक गो रक्षा को महत्वपूर्ण माना था, लेकिन आजादी के इतने वर्षों बाद भी यह मांग पूरी नहीं हुई। अभियान के तहत कुल 40 करोड़ हस्ताक्षर जुटाकर केंद्र सरकार को सौंपने का लक्ष्य रखा गया है। इसके पहले चरण में 27 अप्रैल 2026 तक सवा 5 करोड़ हस्ताक्षर जमा किए गए थे। दूसरे चरण में भीलवाड़ा जिले से 3 लाख 47 हजार हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया। संतों और गौभक्तों की मौजूदगी कार्यक्रम में महामंडलेश्वर हंसाराम, जिला प्रचारक संत लालजी महाराज, काठिया बाबा करेड़ा से संत सरजू दास, जैन सुरेश मुनि, जिला समन्वयक सुनील जागेटिया, संभाग प्रभारी नंदकिशोर साहू और जिला प्रभारी जगदीश तेली मौजूद रहे। इनके अलावा दुर्गा शक्ति अखाड़ा की बच्चियां, एनजीओ सदस्य और बड़ी संख्या में गौभक्त व शहरवासी शामिल हुए।



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भारत का शूटिंग वर्ल्ड कप में डबल धमाल, ईशा सिंह का गोल्ड और मनु भाकर का ब्रॉन्ज पर कब्जा


Esha Singh and Manu Bhaker ISSF World Cup: ईशा सिंह और मनु भाकर ने शूटिंग वर्ल्ड कप में मेडल अपने नाम किया है। निशानेबाज ईशा ने मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत को पहला गोल्ड दिलाया है।

भारत ने सोमवार को हांग्जो में जारी शूटिंग वर्ल्ड कप में डबल धमाल मचाया। निशानेबाज ईशा सिंह ने 25 मीटर पिस्टल इवेंट में जहां गोल्ड मेडल जीता तो वहीं मनु भाकर ने ब्रॉन्ज पर कब्जा जमाया। साल की शुरुआत में इस इवेंट में वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने के बाद हैदराबाद की ईशा ने एक बार फिर दिखाया कि वह दुनिया की सबसे बेहतरीन पिस्टल शूटर में से एक क्यों हैं। वह फाइनल में पूरी तरह से कंट्रोल में थीं। उन्होंने 50 में से 40 हिट लगाकर आराम से गोल्ड अपने नाम किया। वह चीन की युएयुए झांग से तीन अंक आगे रहीं, जिन्हें सिल्वर मिला। यह मौजूदा वर्ल्ड कप में भारत का पहला गोल्ड है।

ईशा के शानदार प्रदर्शन के बीच दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने भी अपने कलेक्शन में एक और इंटरनेशनल मेडल का इजाफा किया। भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में नॉर्थ कोरिया की ह्योन ग्योंग पाक को हराया, जिसमें डबल शूट-ऑफ की ज रूरत पड़ी। डबल पोडियम फिनिश से भारत की मेडल तालिका में इजाफा हुआ है। आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में भारत के अब तीन मेडल हो गए हैं। इससे पहले, संयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में सिल्वर जीतकर देश का मेडल का खाता खोला था।

भारत के दो निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और नीरज कुमार रविवार को आईएसएसएफ वर्ल्ड कप (राइफल, पिस्टल, शॉटगन) में पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने के बावजूद मेडल जीतने में नाकाम रहे। वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर विजेता ऐश्वर्य और एशियाई चैंपियनशिप के सिल्वर विजेता नीरज दोनों आठ निशानेबाजों के फाइनल में पहुंचे, लेकिन क्वालीफिकेशन में शानदार प्रदर्शन को पदक में नहीं बदल सके। ऐश्वर्य ने 314.3 अंकों के साथ छठा स्थान हासिल किया जबकि नीरज 303.4 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे।



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कन्नौज में पत्थर उतारते समय पलटा डंपर: डेढ़ घंटे जाम में फंसी एंबुलेंस और स्कूल बस, चालक सुरक्षित, प्रेशर पाइप की पिन टूटी – Kannauj News




कन्नौज के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में फर्रुखाबाद सीमा से सटे रामाश्रम के पास सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। सड़क निर्माण के लिए पत्थर उतारते समय एक डंपर अचानक सड़क पर पलट गया। हादसे में डंपर में भरे पत्थर सड़क पर फैल गए, जिससे कन्नौज-फर्रुखाबाद मार्ग पर लंबा जाम लग गया। हालांकि चालक सुरक्षित बच गया। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 8 बजे ग्वालियर से पत्थर लेकर पहुंचे डंपर चालक नरसिंह ने प्रेशर सिस्टम चालू कर पत्थर उतारने का प्रयास किया। इसी दौरान प्रेशर पाइप की पिन टूट गई और तेज धमाके के साथ डंपर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। देखते ही देखते सड़क पर पत्थर बिखर गए और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। नदी किनारे सड़क मजबूत करने का चल रहा था काम मौके पर मौजूद पोकलैंड चालक बृजेश कुमार ने बताया कि नदी किनारे सड़क के किनारों को मजबूत करने के लिए बड़े-बड़े पत्थर डाले जा रहे थे। इसी दौरान डंपर पलट गया। उन्होंने बताया कि हादसे में चालक को कोई चोट नहीं आई। डेढ़ घंटे तक लगा रहा जाम घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जेसीबी की मदद से पलटे डंपर और सड़क पर फैले पत्थरों को हटाया गया। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे बहाल कराया गया। बताया गया कि करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा, जिसमें एंबुलेंस, स्कूल बस समेत कई छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने उठाई सुरक्षा मानकों की मांग हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने की मांग की। उनका कहना है कि भारी निर्माण सामग्री उतारते समय पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति न हो।



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