शाहजहांपुर में जलालाबाद के भाजपा विधायक हरि प्रकाश वर्मा द्वारा एसडीएम की कुर्सी पर बैठकर बैठक करने का मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन गया है। इस बैठक में दो एसडीएम उनके बराबर में बैठे थे। विधायक ने स्वयं इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा किया था। यह प्रकरण शुक्रवार को जलालाबाद एसडीएम कार्यालय में हुआ। विधायक हरि प्रकाश वर्मा विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक कर रहे थे। बैठक में जलालाबाद के एसडीएम प्रभात राय और कलान के एसडीएम अभिषेक प्रताप सिंह भी मौजूद थे। तस्वीरों में विधायक एसडीएम की कुर्सी पर बैठे दिख रहे हैं, जबकि दोनों एसडीएम उनके बगल की कुर्सियों पर बैठे थे। विधायक ने शुक्रवार को इन तस्वीरों को अपनी फेसबुक आईडी पर साझा करते हुए बैठक की जानकारी दी थी। शनिवार को ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो गईं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने विधायक के एसडीएम की कुर्सी पर बैठने को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी दोनों की अपनी अलग गरिमा होती है। लोगों का मत है कि विधायक को अधिकारी की कुर्सी पर नहीं बैठना चाहिए था,और एसडीएम को भी अपनी कुर्सी विधायक को नहीं देनी चाहिए थी,बल्कि उनके लिए अलग से कुर्सी की व्यवस्था करनी चाहिए थी।
एसडीएम जलालाबाद प्रभात राय ने बताया कि विद्युत विभाग की बैठक की गई।जिसमे विधायक हरि प्रकाश वर्मा आए थे।उन्होने कहा कि ऐसा कोई नियम नही है कि कुर्सी नही दे सकते हैं या दे सकते हैं। मीटिंग हाल में मीटिंग चल रही थी।उसमे लाइन मैन भी बुलाए गए थे। संभावना थी कि बैठक में बहुत लोग होंगे लेकिन ज्यादा लोग नही आए और सिर्फ 10-12 लोग ही आए थे।कम लोगों को देखते विधायक ने कार्यालय में बैठकर बैठक करने के लिए कहा था।विधायक आगे आगे चल रहे थे तो वह उस कुर्सी पर बैठ गए थे।इसलिए उसमे ऐसी कोई बात नही थी।उन्होंने कहा कि वह माननीय हैं और उनका प्रोटोकॉल है।
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BJP विधायक ने SDM की कुर्सी पर बैठकर की बैठक: दो एसडीएम बराबर में बैठे, विधायक ने फोटो शेयर किए, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस – Shahjahanpur News
मेची नदी उफान पर, भारत-नेपाल सीमा पर कटाव तेज: हजारों ग्रामीण और 100 एकड़ कृषि भूमि खतरे में, SSB चौकियां भी चपेट में – Kishanganj (Bihar) News
नेपाल के तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण किशनगंज में भारत-नेपाल सीमा पर बहने वाली मेची नदी उफान पर है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में कटाव की स्थिति गंभीर हो गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मेची नदी लगातार भारतीय भूभाग का कटाव कर रही है और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है। कई स्थानों पर नदी और गांवों के बीच की दूरी मात्र 100 से 200 मीटर रह गई है। यदि कटाव की वर्तमान रफ्तार बनी रहती है, तो ठाकुरगंज प्रखंड की भातगांव पंचायत सहित बक्सरभिट्ठा, ठिकाटोली, लकड़ी डिपो, थारोधाधनी, नीमुगुड़ी, पासवान टोला, आदिवासी टोला और नगराडूबा जैसे कई गांवों के अस्तित्व पर संकट आ सकता है। हजारों ग्रामीण बाढ़ और कटाव के खतरे का सामना कर रहे हैं। कटाव की चपेट में आएगी 100 एकड़ उपजाऊ जमीन मेची नदी के बढ़ते जलस्तर और कटाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 100 एकड़ से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि कटाव की चपेट में आ सकती है। नदी किनारे बड़े पैमाने पर चाय, धान और केला की खेती की जाती है, जिससे किसानों को अपनी फसलें नदी में समा जाने का डर सता रहा है। समय पर सुरक्षा उपाय न होने पर सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है। बढ़ते कटाव का असर सीमा सुरक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। पिछले साल नदी में समा गया था पिलर ग्रामीणों ने बताया कि 41वीं वाहिनी एसएसबी के बक्सरभिट्ठा, नीमुगुड़ी और नगराडूबा बीओपी (सीमा चौकी) भी खतरे की जद में आ गए हैं। पिछले वर्ष भारत-नेपाल सीमा निर्धारित करने वाला एक सीमा स्तंभ (पिलर) भी कटाव के कारण नदी में समा गया था, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नेपाल की ओर नदी तट पर कराए गए कटावरोधी कार्यों के कारण मेची नदी का दबाव भारतीय क्षेत्र की ओर बढ़ गया है। इसके परिणामस्वरूप नदी की धारा बदल रही है और भारतीय भूभाग में कटाव तेज हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या हर साल बढ़ती जा रही है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।
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इंदौर में महिला ने किया सुसाइड: आत्महत्या के पहले छोटे भाई को चाकू दिखाकर बाहर भगाया; सुसाइड नोट में लिखा- मैं आपके लायक नहीं – Indore News
इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना शुक्रवार शाम की है। मृतका की शादी करीब दो साल पहले हुई थी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। सुसाइड नोट में लिखा है, पति को छोड़ने से पहले दुनिया छोड़नी होगी। वहीं, ये भी लिखा है कि मैं आपके सबके लायक नहीं हूं। परिजनों का कहना है कि आत्महत्या से पहले महिला ने अपने छोटे भाई को घर से बाहर निकाल दिया था। वहीं, पति और जेठ ने दावा किया है कि महिला किसी युवक के संपर्क में थी और इसी बात को लेकर वह तनाव में रहती थी। गांधी नगर पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान अनिता (17) पति सूरज ठाकुर निवासी पालाखेड़ी कांकड़ के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शनिवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। छोटे भाई को चाकू दिखाकर घर से बाहर निकाला परिजनों के अनुसार घटना के समय घर में अनिता और उसका 9 साल का छोटा भाई रोहन मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आत्महत्या करने से पहले अनिता ने अपने छोटे भाई को घर से बाहर जाने के लिए कहा। जब वह बाहर नहीं गया तो उसने उसे डांटा और चाकू दिखाकर डरा दिया। इसके बाद रोहन घर के बाहर चला गया। रोहन काफी देर तक बाहर बैठा रहा, लेकिन जब अनिता ने दरवाजा नहीं खोला तो वह रोने लगा। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे। लोगों ने परिवार को सूचना दी। जब तक परिवार के लोग पहुंचे, तब तक मोहल्ले के लोगों ने अनिता को फंदे से नीचे उतार लिया था। अस्पताल ले जाते समय हुई मौत पति सूरज ने बताया कि अनिता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पति और जेठ ने लगाए आरोप मृतका के पति सूरज और जेठ अर्जुन ने बताया कि अनिता गांव के एक युवक से बातचीत करती थी। कुछ महीने पहले उसके मोबाइल की चैट सामने आई थी। उस समय परिवार को इसकी जानकारी मिली थी। अनिता के पिता भी इंदौर आए थे और दो दिन तक यहां रुके थे। परिजनों का आरोप है कि उस दौरान भी अनिता ने अपने पिता के मोबाइल से उस युवक से बातचीत की थी। हालांकि परिवार का कहना है कि यह मामला पुराना था, लेकिन इसके बाद भी वह मानसिक तनाव में रहती थी। उन्होंने यह भी बताया कि करीब एक साल पहले भी अनिता ने आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी। ब्लाउज में मिला सुसाइड नोट पुलिस को जांच के दौरान अनिता के ब्लाउज से एक सुसाइड नोट मिला है। हालांकि इस नोट पर न तो तारीख लिखी है और न ही कोई हस्ताक्षर हैं। सुसाइड नोट में लिखा है, “ऐसा क्या करूं जिससे आप सब खुश हो जाओ। आप सब चाहते हैं कि मैं उन्हें छोड़ दूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर सकती। पति को छोड़ने से पहले मुझे यह दुनिया छोड़नी होगी। मैं यह गलती फिर से दोहरा रही हूं। प्लीज मुझे माफ कर देना। मैं आपके सब के लायक नहीं हूं, इसलिए हमेशा के लिए जा रही हूं” इसके अलावा भी नोट में कई भावनात्मक बातें लिखी गई हैं। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है और उसकी जांच कर रही है। पुलिस कर रही हर पहलू से जांच गांधी नगर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सुसाइड नोट और मोबाइल की जांच के बाद ही आत्महत्या के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभी तक मृतका के मायके पक्ष की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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हर कोई पूछेगा रेसिपी! मेथी और अंगूर का कॉम्बिनेशन देगा ऐसा खट्टा-मीठा स्वाद
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Methi Grapes Curry Recipes: अगर आप रोज़ाना की पारंपरिक सब्जियों से कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मेथी और अंगूर की खट्टा-मीठी देसी सब्जी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. इस अनोखी रेसिपी में मेथी की हल्की कड़वाहट और अंगूर की प्राकृतिक मिठास मिलकर शानदार स्वाद पैदा करती है. यह सब्जी न केवल स्वाद में खास होती है, बल्कि पोषण से भी भरपूर मानी जाती है. इसे बनाने के लिए ताजी मेथी, अंगूर और सामान्य भारतीय मसालों का उपयोग किया जाता है. कम समय में तैयार होने वाली यह रेसिपी परिवार और मेहमानों दोनों को पसंद आ सकती है. खास बात यह है कि इसका खट्टा-मीठा स्वाद भोजन में नया बदलाव लेकर आता है. यदि आप अपनी रसोई में कुछ नया प्रयोग करना चाहते हैं, तो मेथी-अंगूर की यह पारंपरिक देसी सब्जी जरूर आजमाएं.
जालौर: राजस्थान की पारंपरिक गट्टे-मेथी की सब्जी के बारे में आपने बहुत सुना होगा, और इसका स्वाद भी आपने जरूर चखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सुना है मेथी के साथ अंगूर की सब्जी के बारे में? जालोर में इन दिनों कुछ घरों में मेथी और अंगूर की एक अलग तरह की सब्जी बनाई जा रही है. यह रेसिपी साधारण तरीके से घर में तैयार की जा रही है और लोग इसे अपने हिसाब से बना रहे हैं.
इस बारे में गृहिणी संतोष देवी ने बताया कि उन्होंने पहली बार यह सब्जी बनाई और उन्होंने लोकल18 के साथ जानकारी साझा करते हुए बताया कि मेथी के साथ अंगूर मिलाने पर इसका स्वाद थोड़ा अलग और हल्का मीठा हो जाता है, और घर के लोगों को यह पसंद आई. उन्होंने यह भी बताया कि यह रेसिपी उन्होंने पहले किसी से सीखी और फिर अपने तरीके से घर में तैयार की.
रेसिपी में सबसे महत्वपूर्ण चीज मेथी
संतोष देवी के अनुसार इस रेसिपी में सबसे महत्वपूर्ण चीज मेथी की तैयारी होती है. मेथी को सबसे पहले अच्छे से साफ किया जाता है ताकि उसमें कोई मिट्टी या कंकड न रह जाए. इसके बाद इसे कुछ देर के लिए पानी में भिगो दिया जाता है ताकि उसकी प्राकृतिक कड़वाहट कम हो जाए और पकने के बाद इसका स्वाद संतुलित रहे. कई लोग इसे हल्का उबालकर भी तैयार करते हैं ताकि यह और ज्यादा मुलायम हो सके. सबसे पहले मेथी को अच्छे से साफ करके कुछ देर के लिए पानी में भिगो दिया जाता है ताकि उसकी कड़वाहट कम हो जाए. इसके बाद कढ़ाई में तेल गर्म किया जाता है और उसमें जीरा, हरी मिर्च और थोड़ा सा हींग डालकर तड़का लगाया जाता है.
तड़के की खुशबू आने के बाद भीगी हुई मेथी को इसमें डाल दिया जाता है. मेथी को धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि उसका कच्चापन दूर हो जाए और मसाले अच्छे से उसमें मिल जाएं. इसके बाद हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर इसे अच्छे से भून लिया जाता है ताकि मसालों का स्वाद मेथी में अच्छे से आ जाए.
मेथी की सब्जी से बिल्कुल अलग हो जाती
इसके बाद थोड़ा पानी डालकर इसे ढककर कुछ समय तक पकने दिया जाता है. इस दौरान मेथी नरम हो जाती है और मसालों के साथ उसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. बीच-बीच में इसे हल्के हाथ से चलाया जाता है ताकि यह तले में न लगे. इसके बाद इसमें नमक और मसाले मिलाए जाते हैं और अंत में अंगूर डालकर इसे हल्का पकाया जाता है. अंगूर डालने के बाद सब्जी में एक अलग तरह की मिठास और हल्का खट्टापन आ जाता है, जिससे इसका स्वाद सामान्य मेथी की सब्जी से बिल्कुल अलग हो जाती है.
रेसिपी को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता
अब स्वाद को संतुलित करने के लिए थोड़ा गुड़, अमचूर पाउडर और गरम मसाला डाला जाता है. गुड़ डालने से इसका स्वाद हल्का मीठा हो जाता है, जबकि अमचूर और मसाले इसे एक अलग स्वाद देते हैं. अंत में हरा धनिया डालकर इसे कुछ मिनट और पकाया जाता है और आपकी मेथी और अंगूर की सब्जी तैयार हो जाती है. इस रेसिपी को बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसे आसानी से घर में तैयार किया जा सकता है. बस सामग्री सही मात्रा में होनी चाहिए और पकाने का तरीका सही होना चाहिए.
घरों में भी लोग इसे ट्राई कर रहे
इस रेसिपी को लेकर जालोर के कुछ अन्य घरों में भी लोग इसे ट्राई कर रहे हैं और अपने-अपने स्वाद के अनुसार इसमें बदलाव भी कर रहे हैं. कुछ लोग इसे हल्का मीठा रखते हैं तो कुछ इसे मसालेदार अंदाज में बनाते हैं. यह सब्जी स्वाद में हल्की मीठी और हल्की खट्टी होती है, जिसे रोटी और पराठे के साथ बहुत पसंद किया जाता है. इसका अलग स्वाद इसे सामान्य सब्जियों से अलग पहचान देता है.
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पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत: 3 घायल; क्षेत्र में और बम होने की आशंका, सर्च ऑपरेशन जारी
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पहले धमाके के घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी कुछ देर बाद दूसरा धमाका हुआ। यह विस्फोट पहले हमले की जगह से करीब एक किलोमीटर दूर हुआ। इसमें 2 और लोगों की मौत हो गई और एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे बन्नू के जिला पुलिस अधिकारी (DPO) यासिर अफरीदी ने बताया कि सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए हैं। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बयान जारी कर इन हमलों को कायरतापूर्ण आतंकी कार्रवाई बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों गाड़ियों को रिमोट कंट्रोल से किए गए धमाकों में निशाना बनाया गया। राहत और बचाव टीमों ने मृतकों के शव और घायलों को डोमेल ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र और खलीफा गुल नवाज टीचिंग अस्पताल पहुंचाया। बाद में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों को आशंका है कि क्षेत्र में और भी बम मौजूद हो सकते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आतंकियों को चेतावनी दी पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने हमले की कड़ी निंदा की और नागरिकों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति जरदारी ने आतंकियों और उन्हें सुरक्षित ठिकाने, आर्थिक मदद के साथ अन्य संसाधन उपलब्ध कराने वाले को चेतावनी दी है। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सेवादार दंपती की गोलियां मारकर हत्या:हमले के बाद से परिसर के CCTV गायब, पुलिस को टारगेट किलिंग का शक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरुद्वारे के अंदर सिख केयरटेकर दंपती की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक, घटना पेशावर से करीब 60 किमी दूर मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। पूरी खबर पढ़ें
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NEET एग्जाम, दिल्ली से सहारनपुर तक स्पेशल ट्रेन: डीटीसी बसों में मुफ्त सफर की सुविधा, 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर बनाए कूलिंग जोन – New Delhi News
नई दिल्ली। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 को देखते हुए रेलवे और दिल्ली सरकार ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। जहां उत्तर रेलवे ने परीक्षा विशेष ट्रेनों की अवधि एक दिन और बढ़ाने का निर्णय लिया है, वहीं दिल्ली सरकार ने परीक्षार्थियों को डीटीसी बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा देने के साथ सभी 97 परीक्षा केंद्रों के बाहर ‘कूलिंग जोन’ स्थापित करने की घोषणा की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नीट अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और परीक्षा के बाद घर लौटने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया गया है। 21 जून को आयोजित होने वाली परीक्षा के लिए दिल्ली में कुल 97 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। अब 21 जून को भी चलेगी परीक्षा विशेष ट्रेन उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि 04427 परीक्षा विशेष ट्रेन, जिसे पहले 20 जून तक चलाया जाना था, अब 21 जून को भी संचालित होगी। यह ट्रेन शाम 5:15 बजे शकूरबस्ती से रवाना होकर रात 10 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। इसी प्रकार 04428 विशेष ट्रेन, जिसकी अवधि 21 जून तक निर्धारित थी, अब 22 जून को भी चलेगी। यह ट्रेन सहारनपुर से सुबह 4:45 बजे रवाना होकर सुबह 9:40 बजे शकूरबस्ती पहुंचेगी। 04429 विशेष ट्रेन को भी 21 जून तक बढ़ाया गया है। यह ट्रेन शकूरबस्ती से सुबह 10:50 बजे चलकर दोपहर 3:30 बजे सहारनपुर पहुंचेगी। वहीं 04430 विशेष ट्रेन भी 21 जून को संचालित होगी, जो सहारनपुर से शाम 5:45 बजे रवाना होकर रात 10:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी
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डूंगरपुर एडीएम 1 महीने में दूसरी बार बदले गए: प्रकाशचंद्र रेगर नए एडीएम, साबला-आसपुर एसडीएम का भी तबादला – Dungarpur News
प्रदेश में 178 आरएएस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। डूंगरपुर के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) को एक महीने में दूसरी बार बदला गया है। इसके साथ ही साबला और आसपुर के उपखंड अधिकारियों (एसडीएम) का भी तबादला कर दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल में प्रकाशचंद्र रेगर डूंगरपुर के नए अतिरिक्त जिला कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) होंगे। रेगर वर्तमान में शाहपुरा, भीलवाड़ा में एडीएम के पद पर कार्यरत हैं। अरविंद कुमार जाखड़ का फिर ट्रांसफर
यह डूंगरपुर एडीएम पद पर एक महीने के भीतर दूसरा बदलाव है। इससे पहले हाल ही में डूंगरपुर आए एडीएम अरविंद कुमार जाखड़ का फिर से तबादला कर दिया गया है। उनसे पहले, पिछले महीने आरएएस दिनेशचंद्र धाकड़ का भी तबादला हुआ था। आसपुर विधानसभा क्षेत्र के साबला में मणिलाल तिरगर को नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। तिरगर इससे पहले भी डूंगरपुर के सागवाड़ा में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और वे कपासन, चित्तौड़गढ़ से साबला आ रहे हैं। साबला की निवर्तमान एसडीएम अभिलाषा का तबादला भिंडर, उदयपुर कर दिया गया है। वहीं, आसपुर के एसडीएम बाबूलाल जाट का तबादला मकराना, डीडवाना के लिए किया गया है। हालांकि, आसपुर में अभी तक किसी अधिकारी को पदस्थापित नहीं किया गया है, जिससे यह पद रिक्त रहेगा।
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23 साल पुरानी वो फिल्म, जिसे कहा गया डिजास्टर, रिलीज होते ही हाउसफुल हो गए थे सिनेमाघर
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साल 2003 की एक कल्ट फिल्म का बेहद दिलचस्प किस्सा इन दिनों चर्चा में है. डायरेक्टर ने खुलासा किया कि ट्रायल शो के दौरान फिल्म को डिजास्टर घोषित कर दिया था. उन्हें सबसे बड़ी आपत्ति यह थी कि मेकर्स ने एक एक्शन हीरो को अस्पताल की यूनिफॉर्म पहनाकर डॉक्टर क्यों बना दिया. इतना ही नहीं, रिलीज के पहले दिन सुबह का शो सिर्फ आधा भरा था, जिसे देखकर पूरी टीम घबरा गई थी. हालांकि, शाम होते-होते दर्शकों ने फिल्म पर ऐसा प्यार बरसाया कि सिनेमाघरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लग गए थे.
नई दिल्ली. संजय दत्त और अरशद वारसी की ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ बॉलीवुड की कल्ट फिल्मों में से एक है. इसका डायरेक्शन राजकुमार हिरानी ने किया था. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म को शुरुआत में ही डिजास्टर घोषित कर दिया गया था. रिलीज के बाद फिल्म के मॉर्निंग शोज को खास रिस्पॉन्स नहीं मिला, लेकिन शाम होते-होते सिनेमाघर हाउसफुल हो गए थे. यह खुलासा राजकुमार हिरानी ने खुद अपने एक इंटरव्यू में किया है.

राजकुमार हिरानी ने बताया कि उनकी फिल्म ‘मुन्नाभाई एमबीबीएस’ के पहले ट्रायल शो को देखने के बाद इंडस्ट्री के एक जाने-माने डायरेक्टर ने इसे डिजास्टर बता दिया था, जिससे वह काफी परेशान हो गए थे. संजय अरोड़ा के साथ बातचीत में राजकुमार हिरानी ने बताया कि उस डायरेक्टर ने संजय दत्त जैसे बड़े एक्शन हीरो को अस्पताल में रखने और यूनिफॉर्म पहनाने के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए थे.

हिरानी ने उस दौर को याद करते हुए बताया, ‘मुझे अच्छी तरह याद है, जब फिल्म पूरी हो गई थी और हमने एक ट्रायल शो रखा था. फिल्म देखने आए कुछ लोगों में एक डायरेक्टर भी शामिल थे. फिल्म खत्म होते ही उन्होंने मुझसे कहा कि ये तुमने क्या बना दिया है? ये तो डिजास्टर फिल्म है.’
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उन्होंने बताया, ‘डायरेक्टर ने आगे कहा कि संजय दत्त एक एक्शन हीरो हैं और तुम उन्हें लेकर अस्पताल के बैकग्राउंड पर फिल्म बना रहे हो? हद तो ये है कि तुमने गाने भी वहीं शूट कर लिए. कम से कम एक गाना तो किसी विदेशी लोकेशन पर फिल्माना चाहिए था. उनका मानना था कि फिल्म थोड़ी कलरफुल होनी चाहिए थी, जिसमें किरदारों के कपड़े रंग-बिरंगे होते. वह बोले कि ये क्या बकवास है? तुमने तो सबको अस्पताल की यूनिफॉर्म पहना दी है.’

‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर काफी ठंडी रही थी. हिरानी ने बताया कि रिलीज के पहले दिन दर्शकों का रिएक्शन देखने के लिए वह मुंबई के मशहूर गेटी गैलेक्सी सिनेमाहॉल गए थे. वहां पहुंचते ही थियेटर के गेटकीपर ने उन्हें नीचे की तरफ अंगूठा दिखाकर इशारा किया, जिसे देखकर हिरानी का दिल बैठ गया और उन्हें लगा कि फिल्म पिट गई.

राजकुमार हिरानी ने आगे बताया, ‘लेकिन जब मैं अंदर गया, तो देखा कि थियेटर सिर्फ 50 परसेंट ही भरा था. तब मुझे समझ आया कि गेटकीपर के उस इशारे का मतलब फिल्म का खराब होना नहीं, बल्कि शो का हाउसफुल न होना था. एक टिकट बेचने वाले के नजरिए से उसके लिए सिर्फ भीड़ मायने रखती थी.’

डायरेक्टर ने आगे कहा, ‘राहत की बात यह थी कि थियेटर के अंदर मौजूद वो आधी ऑडियंस भी फिल्म का भरपूर मजा ले रही थी और जमकर ठहाके लगा रही थी.’ हिरानी ने कहा कि सुबह का शो भले ही ठंडा था, लेकिन शाम होते-होते नजारा बदल गया और कई थियेटर्स के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लटक गए थे.’

संजय दत्त की इस फिल्म से राजकुमार हिरानी ने डायरेक्टोरियल डेब्यू किया था. यह फिल्म इस मायने में भी बेहद खास थी क्योंकि यह सुनील दत्त के करियर की आखिरी फिल्म साबित हुई, जिसमें उन्होंने पर्दे पर भी अपने रियल लाइफ बेटे संजय दत्त के पिता का ही किरदार निभाया था. अरशद वारसी, बोमन ईरानी और ग्रेसी सिंह जैसे सितारों से सजी यह फिल्म क्रिटिक्स की कसौटी पर तो खरी उतरी ही, साथ ही बॉक्स ऑफिस पर हिट होने के साथ कल्ट भी कहलाई.
जीवनरक्षक दवाओं पर हो रही 16 गुना तक मुनाफाखोरी: आगरा के सर्जन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, 23 जून को होगी सुनवाई – Agra News
जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में कथित भारी मुनाफाखोरी और दवा मूल्य नियंत्रण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक एवं सर्जन डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ दवाओं पर वास्तविक कीमत की तुलना में 16 गुना तक अधिक वसूली की जा रही है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर-2 में 23 जून को निर्धारित है। डॉ. कुलश्रेष्ठ ने याचिका में दवा सप्लाई चेन में रिटेलर्स और अस्पतालों की ओर से किए जा रहे कथित अनैतिक मुनाफे पर रोक लगाने तथा ड्रग्स प्राइसेज कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ)-2013 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कई फार्मा कंपनियां नियमों को दरकिनार कर मरीजों से दवाओं की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक राशि वसूल रही हैं। याचिका में एंटीबायोटिक दवा टाइगेबेक्स (Tigebex) का उदाहरण दिया गया है। इसके अनुसार दवा की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 5,635 रुपये है, जबकि यह दवा बाजार और अस्पतालों को करीब 350 रुपये में उपलब्ध हो जाती है। डॉ. कुलश्रेष्ठ का कहना है कि डीपीसीओ-2013 के तहत खुदरा विक्रेता के लिए सीमित मार्जिन का प्रावधान है, फिर भी दवाओं पर अत्यधिक लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने याचिका में सवाल उठाया है कि जब निर्धारित लाभ सीमा सीमित है तो 90 प्रतिशत से अधिक मार्जिन कैसे दिया जा रहा है। कॉरपोरेट अस्पतालों पर लगाए शोषण के आरोप याचिका में बड़े और कॉरपोरेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। डॉ. कुलश्रेष्ठ का आरोप है कि कई अस्पताल मरीजों को अस्पताल परिसर की फार्मेसी से ही दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जहां दवाएं पूरी एमआरपी पर बेची जाती हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में अस्पताल के कुल बिल का 40 प्रतिशत तक हिस्सा केवल दवाओं का होता है, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। एंटीबायोटिक के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता डॉ. कुलश्रेष्ठ ने याचिका में यह भी कहा है कि एंटीबायोटिक दवाओं पर अधिक मुनाफे के कारण उनका अनावश्यक उपयोग बढ़ रहा है। इससे देश में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस यानी सुपरबग का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति भविष्य में सामान्य संक्रमणों के इलाज को भी मुश्किल बना सकती है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से दवा मूल्य नियंत्रण नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने, अस्पतालों और दवा विक्रेताओं की जवाबदेही तय करने तथा मरीजों को राहत देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
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