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दुनिया भर में जनसंख्या घट रही है और सरकारें चिंता में हैं. भारत के आंध्र प्रदेश ने तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 देने का ऐलान किया है. भारत का यह इकलौता राज्य नहीं है, जहां इस तरह का बोनस दिया जा रहा है. बल्कि कई ऐसे देश हैं, जहां पर बच्चों के जन्म पर बोनस देता है. इसमें सिंगापुर देता है बेबी बोनस, हंगरी में कर छूट मिलती है, रूस में मैटरनिटी कैपिटल और फ्रांस में मासिक भत्ता देता है. कहीं योजना सफल है तो कहीं सवालों के घेरे में.। आइए जानते हैं कौन सा देश कितना पैसा लुटा रहा है और क्या इससे वाकई जनसंख्या बढ़ती है.
बच्चा पैदा करो, सरकार देगी इनाम. आंध्र प्रदेश ने तीसरे और चौथे बच्चे पर कैश गिफ्ट का ऐलान कर दिया है. जानिए दुनिया के कौन से देश पहले से ऐसा कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश में तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 मिलेंगे. यह पैसा जन्म के तुरंत बाद सीधे खाते में आएगा. क्या इससे जनसंख्या घटने की समस्या हल होगी?

सिंगापुर में हर नवजात पर कैश गिफ्ट और चाइल्ड डेवलपमेंट अकाउंट मिलता है. सरकार आपकी बचत से मिलान भी करती है. यह योजना बूढ़ी होती जनसंख्या को संतुलित करने के लिए बनाई गई है.
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हंगरी में तीन बच्चे होने पर पूरा इनकम टैक्स माफ हो जाता है. सरकार घर खरीदने के लिए ब्याज माफ लोन भी देती है. यूरोप में यह सबसे बड़ा प्रोत्साहन माना जाता है.

रूस में दूसरे बच्चे पर मैटरनिटी कैपिटल नाम से बड़ी राशि मिलती है. इस पैसे का उपयोग घर, पढ़ाई या माँ की पेंशन के लिए किया जा सकता है. हर साल यह राशि बढ़ती भी है.

फ्रांस में एकमुश्त पैसे की बजाय हर महीने परिवार भत्ता दिया जाता है. दो बच्चों पर भत्ता शुरू होता है और तीन पर बढ़ जाता है. यही वजह है कि फ्रांस की जनसंख्या दर यूरोप में सबसे अच्छी है.

आंध्र एकमुश्त नकद दे रहा है, सिंगापुर बेबी बोनस और बचत योजना. हंगरी टैक्स छूट देता है, रूस मैटरनिटी कैपिटल और फ्रांस मासिक भत्ता. एक नज़र में देखें कौन सी नीति सबसे मजबूत है.

क्या सिर्फ पैसे से बच्चे पैदा होंगे? एकमुश्त नकद का असर थोड़ी देर रहता है. लेकिन मासिक भत्ता, टैक्स छूट और शिक्षा सहायता ज्यादा कारगर साबित हुई हैं.



