Wednesday, September 16, 2026
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आवासीय भूमि पर चल रहा अंजनी हॉस्पिटल सील: आवास विकास परिषद ने की कार्रवाई, भर्ती मरीजों को किया गया शिफ्ट – Agra News




आवासीय उपयोग के लिए आवंटित भूखंड पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अस्पताल का निर्माण कर उसका संचालन किया जा रहा था। उ.प्र. आवास एवं विकास परिषद ने सिकंदरा योजना के सेक्टर-2बी स्थित अंजनी हॉस्पिटल को सील कर दिया। अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल के आदेश पर प्रवर्तन दल ने यह कार्रवाई की। सीलिंग के समय अस्पताल में 5-6 मरीज मौजूद थे। सीएमओ कार्यालय की टीम ने मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की थी, लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी। मरीज डिस्चार्ज होकर चले गए, इसके बाद अस्पताल को सील किया गया। डॉ. नरेंद्र सिंह को आवासीय उपयोग के लिए मिला था भूखंड प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जीएम खान ने बताया कि सिकंदरा योजना के सेक्टर-2बी में भूखंड संख्या-1149 डॉ. नरेंद्र सिंह को आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित किया गया था। इस भूखंड पर सक्षम स्तर से मानचित्र स्वीकृत कराए बिना अस्पताल का निर्माण किया गया और ‘अंजनी हॉस्पिटल’ के नाम से संचालन किया जा रहा था। मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर नोटिस चस्पा किया गया। इसके बाद सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों की मौजूदगी में भवन को सील कर दिया गया। अधिशासी अभियंता के नेतृत्व में हुई कार्रवाई पूरी कार्रवाई अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में हुई। सीलिंग के दौरान प्रवर्तन दल के साथ सहायक अभियंता मयंक कुमार कौशिक, अवर अभियंता सुनील कुमार यादव, सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधि और स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा। आवासीय भूखंडों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर कार्रवाई जारी रहेगी परिषद के अधीक्षण अभियंता पंकज कुमार पाल ने कहा कि आवासीय भूखंडों का व्यावसायिक या अन्य गैर-अनुमोदित उपयोग करने और बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



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किशाऊ बांध-परियोजना के लिए राजस्थान सहित 6 राज्यों में एमओयू: केन्द्रीय मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुए साइन, राजस्थान को मिलेगा 124 एमसीएम पानी – Jaipur News




केंद्रीय गृह-सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में किशाऊ बहुउद्देश्यीय बांध परियोजना के लिए एमओयू हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमालच प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना यमुना की प्रमुख सहायक टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित है। करीब 15 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना से 660 मेगावाट बिजली बनेगी और इससे राजस्थान सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा लाभान्वित होंगे। परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश के जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को आवंटित किया जाएगा। इसके बदले दोनों राज्य हिमाचल प्रदेश की विद्युत घटक की लागत में योगदान देंगे। जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार द्वारा सहायता के रूप में वहन की जाएगी और शेष 10 प्रतिशत भागीदार राज्यों द्वारा दिया जाएगा। शेखावटी अंचल को मिलेगा 124 एमसीएम पानी
किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 एमसीएम पानी को यमुना जल परियोजना के अंतर्गत तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों केर जरिए हरियाणा के हांसीवासी से चूरू तक पहुंचाने की योजना है। इससे सीकर, चूरू, झुंझुनूं और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए पानी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस समझौते को राज्यों के बीच आपसी सहयोग की मिसाल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ-सबका विकास-सबका प्रयास-सबका विश्वास’ के विजन को तेजी से आगे बढ़ाया है। जिससे राज्यों की सहमति से दशकों से अटकी परियोजनाओं का समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सौभाग्यशाली प्रदेश है,जिसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यमुना जल समझौता, रामजल सेतु लिंक परियोजना, नर्मदा जल समझौता और किशाऊ बांध परियोजना जैसी बड़ी सौगातें मिली हैं। ये जल समझौते जल सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है और आने वाली पीढ़ियां इन्हें याद रखेगी। राजस्थान-दिल्ली को मिलेगा 95 प्रतिशत पानी
किशाऊ समझौते में राजस्थान के हितों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हिमाचल प्रदेश द्वारा अपने विद्युत घटक से संबंधित लागत वहन किए जाने के बदले किशाऊ परियोजना के उसके आवंटित जल हिस्से का 95 प्रतिशत दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध होगा, जबकि 5 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश अपने स्थानीय उपयोग के लिए रखेगा। इस 95 प्रतिशत हिस्से में दिल्ली और राजस्थान की हिस्सेदारी 75:25 के अनुपात में होगी।



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200 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ किसानों का भोपाल कूच: ईंटखेड़ी में रुके, यहीं भोजन किया; रात में कलेक्टर के वीडियो कॉल पर माने – Bhopal News




अधिक बारिश से बर्बाद हुई फसलों को लेकर मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद भारतीय किसान संघ के बैनर तले नजीराबाद, बैरसिया और हुजूर के सैकड़ों किसान 200 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर भोपाल कूच कर गए। रात में बैरसिया रोड स्थित ईंटखेड़ी रुके और यही पर भोजन किया। किसानों की बुधवार को कलेक्टोरेट घेरने की रणनीति थी। इसके चलते उन्होंने रात में ही ईंटखेड़ी में डेरा डाल दिया। किसानों के प्रदर्शन के चलते कलेक्टोरेट के मुख्य गेट पर बैरिकेडिंग कर दी गई। रात 10.30 बजे तक किसान अपनी जिद पर अड़े रहे, लेकिन मौके पर एडीएम प्रकाश नायक ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा से वीडियो कॉल पर किसानों की बात कराई। प्रदर्शन की देखिए 3 तस्वीरें… 5 मिनट चली बातचीत
किसान और कलेक्टर के बीच करीब पांच मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत चलती रही। जिसमें कलेक्टर मिश्रा ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों का उचित निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर के आश्वासन के बाद किसान मान गए और उन्होंने कलेक्टोरेट घेराव का कार्यक्रम स्थगित कर दिया। भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि कलेक्टर, एडीएम से बातचीत की गई। उन्होंने समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिलाया। इसके बाद प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। बुधवार को कलेक्टोरेट का घेराव नहीं करेंगे। खराब मौसम से सोयाबीन-उड़द की सफद बर्बाद हुई
किसानों का कहना था कि खराब मौसम और इल्ली के प्रकोप से सोयाबीन और उड़द समेत खरीफ की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, लेकिन 2024-25 का फसल बीमा आज तक नहीं मिला है। इससे पहले उन्होंने मंगलवार को नजीराबाद से रैली निकाली, जो बैरसिया पहुंची। इसके बाद किसान भोपाल की ओर कूच कर गए। यहां पर किसानों ने अधिकारियों की बात मानने से इनकार कर दिया था। बस स्टैंड चौराहे पर ही बैरसिया एसडीएम को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप दिया।



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रिश्वत केस में राजस्व कर्मचारी को 4 साल की सजा: पटना में निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई, 18 हजार का जुर्माना भी लगा – Patna News




पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को मंगलवार को एक पुराने मामले में सफलता मिली है। नौ हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में फुलवारीशरीफ अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा पर 18 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। अगर वह जुर्माने की राशि नहीं देते हैं, तो उन्हें तीन महीने और जेल में रहना होगा। अदालत ने उन्हें भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी पाया। यह मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के लिए नौ हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। निगरानी टीम ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 23 जनवरी 2015 को जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराए के मकान से नौ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने उन्हें चार साल के सश्रम कारावास और 18 हजार रुपये के आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। नाम हस्तांतरण के लिए मांगे थे 9 हजार रुपए विशेष लोक अभियोजक प्रभारी किशोर कुमार सिंह के अनुसार, मामला निगरानी थाना कांड संख्या 7/2015 से जुड़ा है। तत्कालीन राजस्व कर्मचारी अमरेन्द्र कुमार सिन्हा ने परिवादी अरुण कुमार से नाम हस्तांतरण के एवज में 9 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के आधार पर निगरानी टीम ने 23 जनवरी 2015 को कार्रवाई की थी। टीम ने जक्कनपुर थाना क्षेत्र के सिपारा स्थित मदर टेरेसा गली के एक किराये के निजी मकान में अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को 9 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था।

गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार मामले की सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने अमरेन्द्र कुमार सिन्हा को भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी माना। इसके बाद विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने उसे 4 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने 18 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्त को 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।



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गणेश विसर्जन शुरू- मुंबई में दूसरे दिन 2,859 मूर्तियां विसर्जित: कहीं डेढ़ दिन, कहीं 5 दिन में ही विजर्सन की परंपरा


2 घंटे पहले

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मुंबई में गणेश उत्सव के दूसरे दिन से भगवान गणेश का विजर्सन शुरू हो गया है। मुंबई में मंगलवार को शाम 6 बजे तक भगवान गणेश की 2,850 से ज़्यादा मूर्तियों को अलग-अलग जलाशयों में विसर्जित किया। यह 12 दिन तक चलने वाले उत्सव का पहला विसर्जन दिवस था।

अलग-अलग परंपराओं के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन स्थापना के डेढ़ दिन और पांच दिन बाद किया जाता है।

इस साल गणेशोत्सव 25 सितंबर तक चलेगा। जो अनंत चतुर्दशी के साथ पूरा होगा। इस दिन जुलूस निकालकर मूर्तियों का जलाशयों में विसर्जन किया जाएगा।

विजर्सन की कुछ तस्वीरें…

मुंबई में विसर्जन से पहले भगवान के कान में महिला ने अपनी इच्छा बोली।

मुंबई में विसर्जन से पहले भगवान के कान में महिला ने अपनी इच्छा बोली।

विसर्जन में सार्वजनिक गणेश मंडलों की 25, घरों में स्थापित 2,834 मूर्तियां शामिल थीं।

विसर्जन में सार्वजनिक गणेश मंडलों की 25, घरों में स्थापित 2,834 मूर्तियां शामिल थीं।

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्‌टी ने अपने घर में रखे गणपति का विजर्सन किया।

बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्‌टी ने अपने घर में रखे गणपति का विजर्सन किया।

बृहन्मुंबई नगर निगम के मुताबिक शहर भर में विजर्सन के लिए कृत्रिम जलाशय बनाए गए हैं।

बृहन्मुंबई नगर निगम के मुताबिक शहर भर में विजर्सन के लिए कृत्रिम जलाशय बनाए गए हैं।

भगवान गणेश के विजर्सन से पहले उनके कान पकड़कर क्षमा मांगते हुए एक व्यक्ति।

भगवान गणेश के विजर्सन से पहले उनके कान पकड़कर क्षमा मांगते हुए एक व्यक्ति।

बच्चों ने विसर्जन से पहले गणेश भगवान का अंतिम पूजन किया।

बच्चों ने विसर्जन से पहले गणेश भगवान का अंतिम पूजन किया।

त्योहार अनंत चतुर्दशी के दिन संपन्न होगा, जो इस साल 25 सितंबर को है।

त्योहार अनंत चतुर्दशी के दिन संपन्न होगा, जो इस साल 25 सितंबर को है।



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ईरान में उड़ान भरते ही विमान का टायर फटा: बोइंग 737 के इंजन में भी खराबी आई; मशहद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई




ईरान के मशहद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान का हवा में ही एक टायर फट गया। RT के मुताबिक, सेफरान एयरलाइंस के बोइंग 737 विमान के टायर फटने के बाद इंजन को भी नुकसान पहुंचा। इसके चलते पायलट ने विमान को सुरक्षित वापस मशहद ले जाने का फैसला किया। यह विमान मशहद से केरमानशाह जा रहा था। घटना के दौरान विमान के अंदर बैठे यात्री काफी घबरा गए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में सवार सभी लोगों को सुरक्षित उतार लिया गया और किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। लैंडिंग के दौरान विमान की छत का हिस्सा गिरा ईरान के रजावी खोरासान प्रांत की सरकार ने बताया की यह घटना स्थानीय समय के मुताबिक शाम 5:39 बजे हुई। ईरानी न्यूज एजेंसी आखरीन खबर ने घटना का एक वीडियो जारी किया है। वीडियो में दिख रहा है कि लैंडिंग के दौरान विमान की छत की अंदरूनी परत का एक हिस्सा टूटकर यात्रियों के ऊपर गिर गया। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की जानकारी नहीं है। सेफरान एयरलाइंस के प्रवक्ता हसन जाफरी ने सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स को बताया कि सभी यात्री सुरक्षित विमान से बाहर निकल गए। इसके बाद उन्हें दूसरी फ्लाइट से केरमानशाह भेजने की व्यवस्था की गई। हादसे के बाद एयरपोर्ट का रनवे कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया था। बाद में इसे फिर से खोल दिया गया। विमान का टायर फटना कितना खतरनाक? टायर फटना अपने आप में विमान के गिरने का मतलब नहीं है। असली खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि टायर कब फटा, विमान टेकऑफ कर रहा था या लैंडिंग, कितने टायर प्रभावित हुए और फटने से कोई दूसरा हिस्सा, जैसे इंजन या लैंडिंग गियर क्षतिग्रस्त हुआ या नहीं। टायर के टुकड़े भी विमान के दूसरे हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसी वजह से पायलट ऐसी स्थिति में तुरंत इमरजेंसी प्रक्रिया अपनाते हैं और जरूरत पड़ने पर विमान को वापस एयरपोर्ट लाकर उतारते हैं। विमान के टायर फटने के पुराने मामले… विमान का टायर फटना पहले भी कई बार गंभीर स्थिति पैदा कर चुका है, लेकिन हर टायर फटने की घटना विमान हादसे में नहीं बदलती। अगस्त 2026- अमेरिका: लॉस एंजिल्स में बोइंग 737 कार्गो विमान के उतरते समय ब्रेक लॉक हो गए, जिससे चारों टायर फट गए और विमान के नीचे आग लग गई। विमान रनवे पर रुक गया और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। मई 2024- तुर्किये: गाजिपासा एयरपोर्ट पर कोरेंडन एयरलाइंस के बोइंग 737 का अगला टायर लैंडिंग के दौरान फट गया था। विमान का लैंडिंग गियर भी क्षतिग्रस्त हुआ और विमान रनवे पर रुक गया। इसमें 184 यात्री और 6 क्रू मेंबर थे और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बोइंग 737 काफी समय से विवाद में हाल के कुछ हादसों और तकनीकी घटनाओं के कारण बोइंग 737, खासकर 737 MAX, की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 737 दुनिया के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले विमानों में से एक है। 2018-19 में 737 MAX के दो हादसों में 346 लोगों की मौत के बाद विमान को करीब 20 महीने तक दुनिया भर में उड़ान से रोका गया। साथ ही, अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने इसके सॉफ्टवेयर, फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम और पायलट ट्रेनिंग में कई बदलाव जरूरी किए। इसके बावजूद 2024 में अलास्का एयरलाइंस के 737 MAX 9 में दरवाजे का प्लग निकलने की घटना हुई, जिसकी जांच में बोइंग की फैक्ट्री में ट्रेनिंग, गाइडेंस और निगरानी की कमी को जिम्मेदार माना गया। —————– यह खबर भी पढ़ें… न्यूयॉर्क में भारतीय मूल की महिला ट्रेन से कटी: पटरी पर साथ बैठे नेपाली दोस्त की भी मौत; ड्राइवर बोला- महिला हंस रही थी अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक हादसे में भारतीय मूल की महिला और उसके नेपाली मूल के दोस्त की मौत हो गई। दोनों की उम्र 24 साल थी। पूरी खबर पढ़ें…



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प्रवर्तन निदेशालय का नया ढांचा 2027 से लागू होगा: PMLA के 50, FEMA के 5 जोन बनेंगे; जांच का समय 1.5 साल करने का लक्ष्य


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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फाइल फोटो

प्रवर्तन निदेशालय यानी ED देशभर में अपनी जांच व्यवस्था को और बड़ा करने जा रहा है। 1 जनवरी 2027 से ED के पास 50 PMLA जोन और 5 अलग FEMA जोन होंगे। साथ ही एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक अपराधों की जांच को मौजूदा 4-5 साल से घटाकर करीब डेढ़ साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

इस रीस्ट्रक्चरिंग से डायरेक्टरेट की मंजूर पोस्ट 2,029 से बढ़कर 3256 हो जाएंगी। फंक्शनल यूनिट्स की संख्या 131 से बढ़कर 241 हो जाएगी। वहीं, FEMA जोन दिल्ली, चंडीगढ़, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में होंगे।

इसके अलावा प्रोजेक्ट प्रवर्तन भवन’ के तहत 31 मार्च 2029 तक ED के कामकाज वाले सभी 39 शहरों में अपने कार्यालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

ये सभी फैसले ED के 14-15 सितंबर को बेंगलुरु में हुए 36वें जोनल अधिकारियों के तिमाही सम्मेलन के दौरान लिए गए।

इन जगहों से जानकारी जुटाएगा ED

ED ने जांच के लिए NATGRID, इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम, कंपनियों और इमिग्रेशन से जुड़े डेटाबेस, डिजिटल करेंसी के लेनदेन और FIU-इंडिया की जानकारी के इस्तेमाल की समीक्षा की है।

साइबर अपराधों की जांच के लिए एडवांस फोरेंसिक टूल और मौके पर सबूत जुटाने वाली किट बढ़ाई जाएंगी।

नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं में विशेषज्ञों की मदद भी बढ़ाई जाएगी।

गौरतलब है कि ED की मौजूदा आधिकारिक संरचना में 5 रीजन, 27 जोन और 18 सब-जोन हैं।

सुप्रीम कोर्ट में भी ED से जुड़ी सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने भी मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। कोर्ट ने ED से पूछा है कि उसकी एडजुडीकेटिंग अथॉरिटी के सामने कितने मामले लंबित हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर बहुत बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और कानून के मुताबिक इन्हें 180 दिन के अंदर निपटाना है, तो क्या हर मामले में ठीक से सोच-विचार करके फैसला हो पाएगा?



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अलीगढ़ में निजी यूनिवर्सिटी को कैबिनेट की मंजूरी: साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के निर्माण को मिली हरी झंडी, 9.530 हेक्टेयर में बनेगी यूनिवर्सिटी – Aligarh News




अलीगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए इसके लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी करने को हरी झंडी दे दी है। यूनिवर्सिटी का निर्माण 9.530 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किया जाएगा। सरकार की मंजूरी के बाद अब इसके निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।
साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के स्वामी राकेश गुप्ता साईं ने बताया कि संस्थान की ओर से यूनिवर्सिटी की स्थापना को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही थीं। सारसौल क्षेत्र में पहले से ही आयुर्मेवेदिक मेडिकल कॉलेज संचालित है। अब प्रदेश सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी खोलने की अनुमति मिलने के बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान का विस्तार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लाइसेंस जारी होते ही यूनिवर्सिटी के निर्माण का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। सरकार की कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने को उन्होंने अलीगढ़ के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मेडिकल शिक्षा के बाद अब उच्च शिक्षा का विस्तार
साईं ग्लोबल यूनिवर्सिटी के शुरू होने के बाद अलीगढ़ में उच्च शिक्षा के विकल्पों का विस्तार होगा। मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में पहले से काम कर रहे संस्थान की ओर से अब यूनिवर्सिटी के माध्यम से विभिन्न उच्च शिक्षा पाठ्यक्रम विकसित करने की तैयारी है। मेडिकल कॉलेज परिसर में ही 9.530 हेक्टेयर में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी परिसर में शैक्षणिक एवं अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास की दिशा में काम किया जाएगा। इससे अलीगढ़ और आसपास के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के नए विकल्प मिलने की उम्मीद है। राकेश गुप्ता साईं ने कहा कि सरकार की मंजूरी के बाद अब आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी। लाइसेंस जारी होने के बाद यूनिवर्सिटी निर्माण से जुड़ा काम शुरू कराया जाएगा। आगामी शैक्षणिक गतिविधियों और पाठ्यक्रमों को लेकर जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।



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पटवारियों ने स्वामित्व योजना का काम लेने से किया इनकार: मंदसौर में बोले- व्यक्तिगत जिम्मेदारी मंजूर नहीं, 15 सितंबर से काम नहीं करने की चेतावनी – Mandsaur News




मंदसौर में मंगलवार शाम जिलेभर के पटवारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले पटवारियों ने नारेबाजी की और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उनकी मुख्य मांग है कि ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ में पटवारियों को निष्पादक की जिम्मेदारी से हटाया जाए। जमीन का मालिक पटवारी नहीं जिला अध्यक्ष अंतिम बाला भार्गव ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को जमीन की रजिस्ट्री बनाकर दी जानी है। इसमें पटवारियों को निष्पादक की भूमिका दी गई है। संघ इसका विरोध कर रहा है। पटवारियों का कहना है कि जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, उसमें पटवारी का कोई नाम या मालिकाना हक नहीं है। इसके बावजूद रजिस्ट्रेशन के कागज में पटवारी का नाम, पद, पहचान और ई-सिग्नेचर रहेगा। आगे चलकर जमीन की सीमा, क्षेत्रफल, नाम, वारिस, हिस्सेदारी, कब्जे या पहचान को लेकर विवाद हुआ तो पटवारी पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी आ सकती है। संघ का कहना है कि जमीन का सर्वे और अधिकार तय करने का काम पहले ही कई स्तरों पर हो चुका है। इसलिए पटवारी को सीधे जिम्मेदार बनाना ठीक नहीं है। पंचायत विभाग से काम कराने की मांग पटवारियों ने कहा कि योजना शुरू करने से पहले रिकॉर्ड में हुई तकनीकी और लिपिकीय गलतियों को सुधारने का मौका दिया जाना चाहिए। ग्रामीण आबादी से जुड़े बाकी काम पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के जरिए कराए जाएं। पटवारियों ने इन कामों में सहयोग करने की बात कही है। फार्मर आईडी और गिरदावरी पर भी नाराजगी पटवारी संघ ने फार्मर आईडी के काम को लेकर भी अपनी बात रखी। संघ के मुताबिक, पटवारियों ने अब तक बड़ी संख्या में फार्मर आईडी बनाई हैं। बाकी आईडी तकनीकी दिक्कतें दूर होने के बाद बनाई जा सकती हैं। संघ ने कहा कि इसके लिए दबाव बनाकर कार्रवाई की गई तो पटवारी यह काम नहीं करेंगे। जिओ टैग गिरदावरी को भी पटवारियों ने अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जिओ टैग की व्यवस्था हटने तक गिरदावरी का काम नहीं करेंगे। दबाव या कार्रवाई होने पर प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वेतन और पदोन्नति की मांग भी उठाई पटवारियों ने वेतन विसंगति, ग्रेड-पे, कैडर रिव्यू और पदोन्नति से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। उनका कहना है कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं का काम बढ़ता जा रहा है, लेकिन उनकी सेवा से जुड़े पुराने मुद्दे अब तक हल नहीं हुए हैं। ज्ञापन में संघ ने कहा कि 3 अगस्त से प्रस्तावित प्रदेशव्यापी हड़ताल को तीन महीने के आश्वासन के बाद टाल दिया गया था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ। संघ ने कहा कि 15 सितंबर 2026 से प्रदेश के पटवारी ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026’ में निष्पादक का काम नहीं करेंगे। अगर उन पर ज्यादा दबाव बनाया गया तो पटवारी कलमबंद आंदोलन करेंगे।



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डंपर ने ई-रिक्शा को टक्कर मारी, ड्राइवर की मौत: नेशनल हाईवे पर हुआ एक्सीडेंट, डंपर चालक भागा; एक यात्री घायल – Siwan News




सीवान-छपरा मुख्य मार्ग NH-531 पर दरौंदा थाना क्षेत्र के दर्शनी (डहकनी) गांव के समीप मंगलवार को तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने सवारी लेकर जा रहे टोटो में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में टोटो चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि टोटो पर सवार एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टोटो के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद चालक डंपर लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान पिपरा गांव निवासी विकास कुमार उर्फ टीमल के रूप में हुई है। बताया जाता है कि विकास टोटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। गंभीर स्थिति में घायल रेफर मंगलवार को वह टोटो में सवारी लेकर सीवान-छपरा मुख्य मार्ग से गुजर रहा था। इसी दौरान दर्शनी गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टोटो में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर के बाद विकास की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टोटो पर सवार डुमरी गांव निवासी गौतम राम गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर जुट गए और पुलिस को जानकारी दी। दरौंदा पुलिस ने घायल गौतम राम को इलाज के लिए दरौंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल सीवान रेफर कर दिया। डंपर चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग विकास की मौत की खबर मिलते ही पिपरा गांव में मातम छा गया। परिजनों के अनुसार, विकास की शादी करीब पांच वर्ष पहले हुई थी। उसके परिवार में पत्नी सुजा कुमारी और दो साल की बेटी साक्षी हैं। पति की मौत के बाद पत्नी और मासूम बेटी के सामने परिवार की जिम्मेदारी का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा हादसे के जिम्मेदार डंपर चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने की मांग की है। दरौंदा थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मंगलवार को परिजनों को सौंप दिया गया है। दुर्घटना के बाद फरार डंपर की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी ली जा रही है। डंपर और उसके चालक की तलाश में पुलिस कार्रवाई कर रही है।



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