Sunday, September 13, 2026
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चारपाई बिछाने पर बुजुर्ग से मारपीट: लाठी और लोहे की वस्तु से हमला करने का आरोप, पुलिस जांच में जुटी – Banda News




बांदा जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र के कुलकुम्हारी गांव में चारपाई बिछाने को लेकर एक बुजुर्ग से मारपीट हुई है। बुजुर्ग ने गांव के ही दो लोगों पर लाठी और लोहे की वस्तु से हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुलकुम्हारी गांव के रहने वाले चैता नाम के बुजुर्ग ने बताया कि शनिवार रात करीब आठ बजे वह अपने घर के दरवाजे के पास चारपाई बिछा रहे थे। उनके रिश्तेदार आने वाले थे, जिनके बैठने के लिए उन्होंने चारपाई डाली थी। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर जांच जारी बुजुर्ग का आरोप है कि इसी बात को लेकर गांव के बाबू और मोहनलाल ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। चैता ने बताया कि मारपीट के दौरान एक व्यक्ति के हाथ में लोहे की वस्तु थी, जबकि दूसरे के हाथ में लाठी थी। दोनों ने मिलकर उन पर हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद पीड़ित चैता ने पुलिस को जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बुजुर्ग का मेडिकल कराया है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे: भाजपा 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक मनाएगी सेवा संकल्प अभियान – shajapur (MP) News




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने पर भाजपा शाजापुर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी। यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा। रविवार को जिला भाजपा कार्यालय में हुई प्रेस वार्ता में राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने इसकी जानकारी दी। पंवार ने बताया कि अभियान के तहत ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा-विकसित भारत का संकल्प’ निकाली जाएगी। इसमें कार्यकर्ता और आम लोग पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियों के जरिए शामिल होंगे। यात्राओं के आखिर में सामूहिक कार्यक्रम होंगे, जहां विकसित भारत-2047 का संकल्प लिया जाएगा। ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान में कार्यकर्ता 25 तरह के सेवा संकल्प लेंगे। नागरिक कम से कम 25 मिनट श्रमदान करके इसमें हिस्सा लेंगे। विधानसभा स्तर पर ‘सेवा सेतु कैंप’ लगेंगे। इनमें लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी मदद दी जाएगी। इसके अलावा ‘सेवा के रंग-राष्ट्र के संग’ के तहत मानव रंगोली बनाई जाएगी। युवाओं के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी होगा। पंवार ने कहा कि इस अभियान का मकसद लोगों की भागीदारी बढ़ाकर विकसित भारत बनाने में उनकी सहभागिता बढ़ाना है। प्रेस वार्ता में विधायक अरुण भीमावद, जिला अध्यक्ष डॉ. रवि पांडे और नगर अध्यक्ष आशीष नागर समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।



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दहेज नहीं मिलने पर विवाहिता को जिंदा जलाने की कोशिश: पति पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने और दूसरी शादी का आरोप – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज में दहेज नहीं मिलने पर एक महिला को परेशान करने और जिंदा जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता ने अपने पति समेत ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाने में FIR दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूर्णिया जिले की रहने वाली महिला की शादी चार साल पहले कोढ़ोबाड़ी थाना क्षेत्र के पक्काबाड़ी गांव के सलीम से हुई थी। उनके दो बच्चे भी हैं। नुरंगी का आरोप है कि शादी के छह महीने बाद से ही पति और ससुराल वाले उनसे पांच लाख रुपये नकद और एक बुलेट बाइक मांगने लगे थे। गला दबाकर हत्या करने की कोशिश मांग पूरी नहीं होने पर उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान किया जाता था। पीड़िता ने बताया कि चार महीने पहले उनके पति ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद भी दहेज की मांग जारी रही। आरोप है कि 15 मार्च की रात पति सलीम एक दूसरे आदमी को घर लेकर आया और नुरंगी पर उस आदमी के साथ संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। जब उन्होंने विरोध किया, तो उनकी बेरहमी से पिटाई की गई। महिला के मुताबिक, जान बचाने के लिए जब वह कमरे से बाहर निकली, तो ससुराल वालों ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने गला दबाकर उसकी हत्या करने की कोशिश की। पीड़िता के आवेदन पर मामला दर्ज – पुलिस इसके बाद उस पर किरासन तेल छिड़ककर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। हालांकि, महिला और उसके बच्चों के शोर मचाने पर आसपास के लोग जमा होने लगे। इसके बाद वह किसी तरह वहां से भागने में कामयाब रही। पीड़िता ने बताया कि उसने पूरी रात मक्का के खेत में छिपकर बिताई और सुबह अपने मायके पहुंची। घटना की जानकारी मिलने पर मायके वाले जब ससुराल पहुंचे, तो उनके साथ भी मारपीट कर उन्हें भगा दिया गया। इसके बाद पीड़िता ने महिला थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी ने पीड़िता के आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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घर पर बनाएं बाजार जैसी मलाई बर्फी, मेहमानों का दिल जीत लेगी यह नरम और स्वादिष्ट मिठाई

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मलाई बर्फी बनाने की आसान रेसिपी, जिसमें फुल क्रीम दूध, मिल्क पाउडर, चीनी और घी का उपयोग होता है. इसे त्योहारों पर घर पर आसानी से बनाया जा सकता है. जरूर इसकी रेसिपी ट्राई करें, और खाने का जायका बढाएं.

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बनाइए स्वादिष्ट रेसिपी, मुंह में रखते ही घुल जाएगी मिठास. Image AI

मलाई बर्फी एक बेहद स्वादिष्ट और पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो अपने नरम टेक्सचर और रिच स्वाद के लिए जानी जाती है. त्योहारों, पूजा-पाठ, जन्मदिन या किसी खास अवसर पर बनाई जाने वाली यह मिठाई घर पर बहुत आसानी से तैयार की जा सकती है. यदि आप बाजार जैसी स्वादिष्ट मलाई बर्फी घर में बनाना चाहते हैं, तो यह आसान रेसिपी आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है.

आवश्यक सामग्री

1 लीटर फुल क्रीम दूध
1 कप मिल्क पाउडर
½ कप चीनी
2 बड़े चम्मच घी
¼ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
8-10 बादाम (कटे हुए)
8-10 पिस्ता (कटे हुए)
कुछ केसर के धागे

बनाने की विधि

  • सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही या पैन में दूध डालकर मध्यम आंच पर उबालने के लिए रखें. दूध को लगातार चलाते रहें ताकि वह तले में न लगे. जब दूध लगभग आधा रह जाए तो उसमें मिल्क पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें.
  • अब मिश्रण को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं. धीरे-धीरे यह गाढ़ा होने लगेगा. जब मिश्रण हलवा जैसी स्थिरता में आ जाए, तब इसमें चीनी डालें. चीनी डालने के बाद मिश्रण थोड़ा पतला होगा, इसलिए इसे कुछ मिनट और पकाएं.
  • अब इसमें घी और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक वह पैन छोड़ने न लगे. यदि आप केसर का उपयोग कर रहे हैं तो इस चरण में केसर भी मिला सकते हैं.
  • एक ट्रे या प्लेट में थोड़ा घी लगाकर चिकना कर लें. तैयार मिश्रण को ट्रे में डालें और चम्मच या स्पैटुला की सहायता से समान रूप से फैला दें. ऊपर से कटे हुए बादाम और पिस्ता छिड़क दें और हल्के हाथ से दबा दें ताकि मेवे बर्फी पर अच्छी तरह चिपक जाएं.
  • अब इसे कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें. इसके बाद लगभग 1-2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें ताकि बर्फी अच्छी तरह सेट हो जाए.
  • जब बर्फी पूरी तरह जम जाए, तब इसे मनचाहे आकार में चौकोर या डायमंड शेप में काट लें.

स्वाद बढ़ाने के टिप्स

मलाईदार स्वाद के लिए हमेशा फुल क्रीम दूध का उपयोग करें.
अधिक रिचनेस के लिए थोड़ा मावा भी मिला सकते हैं.
बर्फी को नरम बनाए रखने के लिए मिश्रण को ज्यादा सूखा न पकाएं.
गुलाब जल की कुछ बूंदें डालने से स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है.



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अमेरिका में अच्छी कमाई के लिए नामचीन डिग्री जरूरी नहीं: पिछड़े कॉलेजों के ग्रेजुएट भी हार्वर्ड जैसा कमा रहे, सैलरी औसतन 95 लाख सालाना




अमेरिका की फोर्ब्स टॉप-500 कॉलेज रैंकिंग के मुताबिक सालाना 95 लाख रुपए से ज्यादा कमाई के लिए किसी ‘बड़े’ या ‘नामचीन’ कॉलेज की डिग्री जरूरी नहीं है। रैंकिंग में सबसे नीचे वाले कॉलेजों के ग्रेजुएट्स भी डिग्री लेने के 10 साल बाद औसतन 95 लाख रुपए से ज्यादा कमा रहे हैं। फोर्ब्स की लिस्ट में एमआईटी, प्रिंसटन और हार्वर्ड सबसे ऊपर हैं। इन कॉलेजों से पढ़ने वालों की 10 साल बाद कमाई 1.15 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई गई है। वहीं, लिस्ट में 500वें नंबर पर ओहायो के ग्रामीण इलाके का निजी मेरिएटा कॉलेज है। यहां से पढ़ने वालों की 10 साल बाद औसत कमाई करीब 1 करोड़ रुपए है। रिपोर्ट के मुताबिक लिस्ट में लगभग हर कॉलेज के ग्रेजुएट्स की औसत कमाई 86 लाख रुपए से ज्यादा है। यानी कम मशहूर कॉलेजों से पढ़ने वालों की कमाई भी काफी अच्छी हो सकती है। कॉलेज चुनने में कमाई को आधार न बनाएं रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉलेज चुनते समय सिर्फ कमाई को आधार नहीं बनाना चाहिए। ऊंची रैंक वाले कॉलेजों में पुराने छात्रों का मजबूत नेटवर्क और कॉलेज के नाम की पहचान जैसे फायदे मिलते हैं। पर ये फायदे 10 साल बाद की कमाई के आंकड़ों में सीधे नहीं दिखते। अमेरिका में बैचलर डिग्री पर औसतन 33 लाख कर्ज एजुकेशन डेटा इनिशिएटिव के मुताबिक पिछले 20 साल में कॉलेज की औसत लागत दोगुने से ज्यादा हो गई है। इसी वजह से अब एक बैचलर डिग्री के लिए औसतन 33 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज लेना पड़ रहा है। डिग्री सफलता की गारंटी नहीं: सीईओ कई बड़े कारोबारी भी मानते हैं कि डिग्री सफलता की पक्की गारंटी नहीं है। मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा कि कॉलेज लोगों से जुड़ने और रिश्ते बनाने में मदद करता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या कॉलेज आज की नौकरियों के लिए युवाओं को तैयार कर रहा है?



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मलेशियाई PM राहुल गांधी से मिले, साथ नाश्ता किया: नेता प्रतिपक्ष को गुड फ्रेंड बताया; 8 सालों में तीसरी मुलाकात, हर भारत दौरे पर मिलते हैं


नई दिल्ली2 घंटे पहले

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कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की तस्वीरें शेयर की हैं।

दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS समिट के बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं।

यह मीटिंग BRICS समिट के इतर हुई। सभी ने साथ में ब्रेकफास्ट किया। लेकिन मुलाकात कहां पर हुई, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कांग्रेस और PM इब्राहिम ने X पर तस्वीरें भी शेयर की हैं।

इब्राहिम ने लिखा- आज सुबह ब्रेकफास्ट पर अपने अच्छे दोस्त राहुल गांधी से एक बार फिर मिलने का मौका मिला। हमने हाल के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर अपने विचार शेयर किए।

देखिए मुलाकात की 2 तस्वीरें…

राहुल और PM इब्राहिम को हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए देखा गया।

राहुल और PM इब्राहिम को हाथ मिलाते और मुस्कुराते हुए देखा गया।

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने राहुल और प्रियंका के साथ ब्रेकफास्ट किया।

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने राहुल और प्रियंका के साथ ब्रेकफास्ट किया।

8 सालों में राहुल से भारत में तीसरी बार मिले इब्राहिम

मलेशिया के PM अनवर इब्राहिम पिछले 8 सालों के दौरान तीन बार भारत आए। हर बार उन्होंने राहुल गांधी से मुलाकात जरूर की।

  • 2019 में पहली मुलाकात: राहुल गांधी और अनवर इब्राहिम की पहली मुलाकात जनवरी 2019 में नई दिल्ली में हुई थी। उस समय अनवर मलेशिया के प्रधानमंत्री नहीं थे। वे PKR के अध्यक्ष और देश के पूर्व उपप्रधानमंत्री के तौर पर रायसीना डायलॉग में हिस्सा लेने भारत आए थे। तब राहुल कांग्रेस अध्यक्ष थे।
  • 2024 में PM बनने के बाद मिले: 21 अगस्त 2024 को पीएम बनने के बाद अनवर इब्राहिम भारत आए थे। इस दौरान भी उन्होंने राहुल से मुलाकात की थी। उस समय राहुल लोकसभा में विपक्ष के नेता थे। मुलाकात के बाद अनवर इब्राहिम ने गांधी परिवार को अपना ‘फैमिली फ्रेंड’ बताया था।

BRICS डिनर में PM इब्राहिम ने किशोर कुमार का गाना गाया

अनवर इब्राहिम 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय BRICS समिट में शामिल होने भारत आए हैं। शनिवार को उन्होंने ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ विषय पर आयोजित सत्र में हिस्सा लिया।

इसके अलावा अनवर ने नई दिल्ली में BRICS नेताओं के साथ पौधरोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। फिर शनिवार शाम पीएम मोदी की ओर से आयोजित डिनर में भी शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पियानो की धुन पर किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत…’ गाया।

BRICS समिट में पुतिन-जिनपिंग सहित 11 देशों के नेता पहुंचे

BRICS समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित 11 देशों के नेता शामिल हुए हैं। 12 सितंबर को पीएम मोदी ने भारत मंडपम में सभी देशों के नेताओं का स्वागत किया था।

भारत पहुंचे विदेशी नेताओं में मलेशियाई PM इब्राहिम, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, वियतनाम के PM ले मिन्ह हंग, बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये, कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो शामिल हैं।

BRICS समिट के दूसरे दिन रविवार को PM मोदी और मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने भारत मंडपम में मुलाकात की और हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

BRICS समिट के दूसरे दिन रविवार को PM मोदी और मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने भारत मंडपम में मुलाकात की और हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया।

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मलेशियाई PM ने किशोर कुमार का गाना गाया, BRICS डिनर में ‘ख्वाब हो तुम या…’ गुनगुनाया, VIDEO शेयर कर लिखा- गुरु, इजाजत है

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने शनिवार को नई दिल्ली में किशोर कुमार का मशहूर गाना ‘ख्वाब हो तुम या कोई हकीकत…’ गाया। इब्राहिम BRICS समिट के डिनर में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मुकेश का गीत दोस्त दोस्त ना रहा… भी गुनगुनाया। पूरी खबर पढ़ें…

PM मोदी बोले- दुनिया में तनाव तेजी से बढ़ रहा, इसका आम लोगों पर बुरा असर; फोटो सेशन में जिनपिंग-पुतिन के बीच खड़े हुए

BRICS समिट के दूसरे दिन PM मोदी ने कहा कि दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत में भारत मंडपम में सदस्य देशों के नेताओं का ग्रुप फोटो सेशन हुआ। इस दौरान PM मोदी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीच खड़े नजर आए। पूरी खबर पढ़ें…



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बेसहारा बुजुर्ग का अंतिम संस्कार: शालू सैनी ने फिर पेश की मिशाल; 6 हजार लावारिस शवों को दे चुकी विदाई – Muzaffarnagar News




मुजफ्फरनगर में मानवता और सेवा की मिसाल बन चुकीं शालू सैनी ने एक बार फिर एक बेसहारा मृतक के प्रति बेटी का फर्ज निभाया है। रेलवे स्टेशन और साईं बाबा मंदिर के पास रहने वाले एक अज्ञात बुजुर्ग के निधन के बाद जब कोई परिजन सामने नहीं आया, तो शालू सैनी ने खुद वारिस बनकर पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया। जानकारी के अनुसार, साईं बाबा मंदिर के सामने स्थित शालू सैनी के फास्ट फूड स्टॉल के आसपास ही यह बुजुर्ग पिछले कई दिनों से रह रहे थे और मांगकर अपना गुजारा करते थे। अचानक उनके निधन के बाद पुलिस और आसपास के लोगों ने उनकी पहचान और परिजनों की तलाश की, लेकिन उनका कोई वारिस नहीं मिला। इसके बाद शालू सैनी ने आगे बढ़कर बुजुर्ग को अपने परिवार का हिस्सा माना और उनकी अंतिम यात्रा की पूरी जिम्मेदारी उठाई। अंतिम संस्कार के बाद शालू सैनी ने कहा कि बेसहारा लोगों की सेवा करना उनके लिए कोई काम नहीं, बल्कि उनका धर्म, कर्म और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिनका इस दुनिया में कोई सहारा नहीं होता, उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई देना उनका संकल्प है। महाकाल की कृपा से वह आगे भी इसी तरह लावारिस और बेसहारा मृतकों की अंतिम यात्रा में बेटी की भूमिका निभाती रहेंगी। 6000 से अधिक शवों का कर चुकी हैं अंतिम संस्कार गौरतलब है कि शालू सैनी पिछले कई वर्षों से लावारिस और बेसहारा शवों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार करती आ रही हैं। उनके अनुसार, वह अब तक 6000 से अधिक मृतकों को सम्मानजनक अंतिम विदाई दे चुकी हैं। समाज सेवा और मानवीय संवेदना के इस पुनीत कार्य के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन भी उनकी जमकर सराहना करता है।



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भीलवाड़ा में 33 टेबलों पर होगी 70 वार्डों की मतगणना: कल सुबह 8 बजे से दो कमरों में होगी काउंटिंग – Bhilwara News




भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके लिए 33 टेबल निर्धारित की गई हैं। 18 टेबलों पर वार्ड 1 से 35 और 15 टेबलों पर वार्ड 36 से 70 की मतगणना होगी। मतगणना राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, तिलक नगर में की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। दो कमरों में होगी 70 वार्डों की काउंटिंग नगर निगम भीलवाड़ा के सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतों की गणना राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में होगी। मतगणना के लिए कक्ष, स्ट्रांग रूम, मतगणना टेबल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग कमरे निर्धारित किए गए हैं। रिटर्निंग अधिकारी के लिए कमरा नंबर 42 और सहायक रिटर्निंग अधिकारी के लिए कमरा नंबर 39 तय किया गया है। EVM कलेक्शन के लिए ग्राउंड फ्लोर पर कमरा नंबर 41 रहेगा। कमरा नंबर 42 में टेबल संख्या 1 से 18 तक वार्ड संख्या 1 से 35 की मतगणना होगी। वहीं कमरा नंबर 39 में टेबल संख्या 1 से 15 तक वार्ड संख्या 36 से 70 के वोट गिने जाएंगे। मतगणना स्थल पर अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए कमरे तय मतगणना स्थल पर पर्यवेक्षक कक्ष, जिला निर्वाचन अधिकारी कक्ष, पुलिस अधीक्षक कक्ष, जिला निर्वाचन शाखा, नियंत्रण कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष और सांख्यिकीय सूचनाएं कक्ष निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा आरक्षित मतगणना दल कक्ष, मीडिया कक्ष, लेखा भुगतान कक्ष, स्टोर कक्ष, अल्पाहार एवं सर्किट हाउस व्यवस्था कक्ष और यातायात प्रकोष्ठ कक्ष भी बनाए गए हैं। जिले की 10 नगर पालिकाओं में यहां होगी मतगणना नगर पालिका बीगोद की मतगणना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बीगोद, आसींद की राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आसींद और गुलाबपुरा की श्री गांधी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय गुलाबपुरा में होगी। गंगापुर के लिए उपखंड कार्यालय गंगापुर परिसर के पीछे स्थित बैठक हॉल (कृषि भवन), जबकि हमीरगढ़ के लिए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हमीरगढ़ को मतगणना स्थल बनाया गया है। बनेड़ा में राजकीय महाविद्यालय बनेड़ा, शाहपुरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुरा, जहाजपुर में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल जहाजपुर, मांडलगढ़ में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय मांडलगढ़ और बिजौलिया में राउमावि बिजौलिया को मतगणना स्थल निर्धारित किया गया है। नगर पालिकावार इतनी टेबलों पर होगी मतगणना बीगोद में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल, आसींद में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल, गुलाबपुरा में 35 वार्डों के लिए 7 टेबल और गंगापुर में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल निर्धारित की गई हैं। हमीरगढ़ में 20 वार्डों के लिए 4 टेबल, बनेड़ा में 20 वार्डों के लिए 4 टेबल, शाहपुरा में 35 वार्डों के लिए 7 टेबल, जहाजपुर में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल, मांडलगढ़ में 20 वार्डों के लिए 4 टेबल और बिजौलिया में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल पर मतगणना होगी। लापरवाही नहीं करने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित प्रभारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मतगणना से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मतगणना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराने को कहा है।



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शैंपू-यूरिया वाला ‘जहरीला दूध’ पी रहा MP?: दुधारू पशु नहीं बढ़े, फिर 33.27 लाख टन दूध कहां से आया; देखिए कैसे बनता है ‘सफेद जहर’ – Madhya Pradesh News




क्या बिना पशुओं की संख्या बढ़े दूध की नदियां बह सकती हैं? सरकारी आंकड़े तो कुछ ऐसा ही चमत्कार दिखा रहे हैं। मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले पांच सालों में प्रदेश में एक भी दुधारू गाय या भैंस नहीं बढ़ी। लेकिन कागजों पर राज्य का दूध उत्पादन 179.99 लाख मीट्रिक टन से छलांग लगाकर 213.26 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया। यानी 33.27 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त दूध कहां से आया? इस कागजी चमत्कार के दम पर मध्यप्रदेश 9.12% दुग्ध उत्पादन के साथ देश में तीसरे नंबर पर आ गया है। लेकिन जमीन पर सवाल बड़ा है। यह 33.27 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त दूध असली गाय-भैंसों का है? या फिर हमारे घरों में सिंथेटिक और मिलावटी दूध का जहर घोला जा रहा है? महंगाई की मार, 70% डेयरियां बंद, बढ़ने के बजाय घट गए जानवर सरकारी दावे एक तरफ और जमीन पर पशुपालकों का दर्द एक तरफ। विदिशा की स्वर्णकार कॉलोनी के डेयरी संचालकों की आपबीती बताती है कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है।

चंद्रमोहन यादव: 5 साल पहले मेरी डेयरी में 45 भैंसें और 30 गायें थीं, जिससे 350 लीटर दूध होता था। आज खली-चूनी 40 रुपये और भूसा 10 रुपये किलो है। महंगाई के कारण अब सिर्फ 3 भैंसें और 10 गायें बची हैं। जब जानवर ही घट रहे हैं, तो दूध कहां से बढ़ेगा?

महेश यादव: पिछले 5 सालों में विदिशा की 70% दूध डेयरियां बंद हो चुकी हैं। रूप सिंह, गोरेलाल और लल्लुलाल जैसे बड़े डेयरी मालिकों ने काम बंद कर दिया। इस इलाके में पहले 500 से ज्यादा भैंसें थीं, अब 100 भी नहीं बचीं।

राजा यादव और महेंद्र यादव: कांग्रेस नेता राजा यादव बताते हैं कि उनके पिता रमेश यादव के समय 18 भैंसें थीं, आज सिर्फ 2 बची हैं। वहीं महेंद्र यादव के पास भी 10 भैंसों और 5 गायों का कुनबा घटकर मात्र 2 भैंस और 2 गाय पर सिमट गया है। आंकड़ों का खेल: 5 साल से फ्रीज है पशुओं की संख्या विभाग के मुताबिक, साल 2020-21 में प्रदेश में जितने दुधारू पशु थे, साल 2024-25 तक उनमें एक भी अंक का बदलाव नहीं हुआ। हर साल बजट और टारगेट तय करने के लिए अफसर आंख मूंदकर एक ही पुरानी पशुगणना (2019) का डेटा कॉपी-पेस्ट कर रहे हैं। मिलावट का गणित: मांग बढ़ते ही बाजार में यूं घुलता है ‘सफेद ज़हर’ कारोबारी का बड़ा खुलासा: चंबल अंचल में नकली दूध के कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शैंपू, डिटर्जेंट पाउडर, रिफाइंड तेल, यूरिया और ग्लूकोज पाउडर के घोल से नकली दूध तैयार किया जाता है। त्योहारों या अधिक मांग के समय इसकी खपत अचानक बढ़ा दी जाती है।

सप्लाई का पैटर्न: 50% जहर + 50% असली दूध ऐसे बनता है मिश्रण: सबसे पहले 100 लीटर नकली (रसायनों का) दूध तैयार किया जाता है। मिक्सिंग का खेल: इस 100 लीटर नकली दूध में 100 लीटर असली दूध मिलाया जाता है, जिससे जांच में पकड़ना मुश्किल हो जाए। सप्लाई नेटवर्क: यह मिश्रण तैयार होते ही गांव-गांव और शहरों तक पहुंचने वाले वाहनों के जरिए बाजार में सप्लाई कर दिया जाता है। विभाग का दावा- नस्ल सुधर से उत्पादन बढ़ा विभाग का दावा है कि नस्ल सुधार से प्रति पशु उत्पादन बढ़ा है। लेकिन यदि औसतन 1 लीटर प्रति पशु की बढ़ोतरी मान भी ली जाए, तब भी यह गणित 33.27 लाख मीट्रिक टन की भारी बढ़ोतरी को पूरी तरह स्पष्ट नहीं करता। खासकर तब जब महंगाई के चलते 50% डेयरियां बंद हुई हैं और पशुओं की संख्या घटी है। ऐसे में सवाल यही है कि आंकड़ों और मांग के बीच का यह अंतर क्या मिलावटी दूध से पूरा हो रहा है?

नस्ल सुधार से दुग्ध उत्पादन बढ़ा पशुपान विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. संजय भारती ने बताया- नस्ल सुधार के कारण प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। साहीवाल, गिर, जर्सी और एचएफ गायों के साथ मुर्रा भैंसों की नस्ल सुधार से उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया- वर्तमान में गायों से औसतन 3.30 लीटर और भैंसों से 4.30 लीटर दूध प्रतिदिन मिल रहा है। सिंथेटिक दूध को लेकर विभाग को अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। भास्कर ने 8 जगह कराई दूध की टेस्टिंग, 5 जगह मिलावट मिली

ग्वालियर चंबल अंचल में नकली और मिलावटी दूध की हकीकत जानने के लिए दैनिक भास्कर ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ भिंड में सैंपलिंग कराई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने रैपिड किट से पांच जगह दूध की जांच की। जांच के दौरान चार जगह के दूध में मिलावट मिली। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने चारों स्थान पर दूध को संदिग्ध मानते हुए सैंपल लिए हैं, जो अब जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। वहीं भास्कर ने पोरसा, गोरमी और गोहद से दूध लेकर ग्वालियर में प्राइवेट लैब में टेस्टिंग कराई। रिपोर्ट में पोरसा से लिए दूध में रिफाइंड ऑयल की पुष्टि हुई है। इससे साफ है कि मिलावटी दूध का गोरखधंधा जारी है, जो डिमांड बढ़ने पर और ज्यादा बढ़ जाता है।



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पब्लिक फंड ने खोला टाटा संस की लिस्टिंग का रास्‍ता, कब तक आएगा IPO


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Tata Sons IPO : टाटा संस के शीर्ष अधिकारी आगे की रणनीति और समयसीमा पर स्पष्टता के लिए जल्द ही आरबीआई के अधिकारियों से बैठक कर सकते हैं. अगर आरबीआई ने कोई अतिरिक्त ढील नहीं दी, तो टाटा संस को जल्‍द ही आईपीओ लाना पड़ सकता है.

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आरबीआई ने टाटा संस को अपर लेयर की एनबीएफसी लिस्ट में रखा है.

नई दिल्‍ली. टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस (Tata Sons) टाटा संस खुद को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के दायरे से बाहर निकालकर शेयर बाजार में लिस्ट होने से बचना चाहती थी. लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उसकी एनबीएफसी वाला दर्जा खत्‍मक करने की मांग खारिज कर दी. टाटा संस की इस मांग के खारिज होने के पीछे सबसे बड़ी वजह बना है पब्लिक फंड. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही टाटा संस खुद सीधे तौर पर पब्लिक फड न जुटाती हो, मगर उसकी समूह कंपनियों की पहुंच पब्लिक फंड तक है. जटिल क्रॉस-होल्डिंग के चलते टाटा संस अप्रत्यक्ष रूप से सार्वजनिक धन से गहराई से जुड़ी है. इसी एक तकनीकी अड़चन ने अब टाटा संस की लिस्टिंग के दरवाजे खोल दिए हैं.

टाटा समूह की कंपनियों के बीच शेयरों का ताना-बाना बेहद जटिल है. टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की 66 फीसदी हिस्सेदारी ह. शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप 18.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा एकल स्‍टैक होल्‍डर है. बाकी का बड़ा हिस्सा समूह की ही विभिन्न लिस्टेड कंपनियों और व्यक्तिगत शेयरधारकों के पास है. टाटा संस भी इन सभी कंपनियों में नियंत्रक हिस्सेदारी रखती है. सूत्रों का कहना है कि आरबीआई ने माना है कि जब समूह की सहायक कंपनियां बैंक फाइनेंस, डिबेंचर या कमर्शियल पेपर के जरिए बाजार से सार्वजनिक धन जुटाती हैं, तो होल्डिंग कंपनी होने के नाते टाटा संस को इससे अलग नहीं माना जा सकता.

क्या है पब्लिक फंड जिसने फंसाया पेंच

आरबीआई के नियमों के अनुसार पब्लिक फंड की परिभाषा सिर्फ बैंक में जमा पैसों तक सीमित नहीं है. इसमें बैंक फाइनेंस, इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट, कमर्शियल पेपर और डिबेंचर के जरिए जुटाया गया फंड भी शामिल है. इतना ही नहीं, सहयोगी और समूह कंपनियों के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से आने वाला फंड भी इसी दायरे में आता है. चूंकि टाटा संस की समूह कंपनियां इन वित्तीय साधनों का इस्तेमाल करती हैं, इसलिए नियामक ने माना कि कंपनी पर पब्लिक फंड की जवाबदेही पूरी तरह लागू होती है.

अब लिस्टिंग क्यों बन गई मजबूरी?

केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर 2022 में टाटा संस को अपर लेयर (NBFC-UL) के रूप में वर्गीकृत किया था. इस श्रेणी के कड़े नियमों के तहत कंपनी को अनिवार्य रूप से 30 सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना था. लिस्टिंग की बाध्यता से बचने के लिए ही टाटा संस ने दिसंबर 2024 में अपना एनबीएफसी दर्जा सरेंडर करने का आवेदन दिया था. अब याचिका खारिज होने के बाद टाटा संस एक बार फिर टाइप-1 एनबीएफसी-CIC के कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में आ गई है.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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