Sunday, August 23, 2026
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FD जैसे ही अब कॉरपोरेट बॉन्‍ड में पैसा लगा सकेंगे, SEBI ला रहा नया सिस्टम


अगर आप अपना पैसा सिर्फ FD या सेविंग्स अकाउंट में रखते हैं क्‍योंक‍ि शेयर बाजार में उतरने से डर लगता है, तो रुक‍िये… आने वाले समय में कॉरपोरेट बॉन्‍ड आपके लिए निवेश का एक और विकल्प बन सकता है. बाजार नियामक SEBI ने कॉरपोरेट बॉन्ड और दूसरे तय आय वाले इन्‍वेस्‍टमेंट प्रोडक्‍ट में आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए नया फ्रेमवर्क पेश क‍िया है. इसका मॉडल काफी हद तक Mutual Fund ड‍िस्‍ट्रीब्‍यूटर की तरह होगा.

SEBI के प्रस्ताव के मुताबिक फ‍िक्‍स्‍ड इनकम चैनल पार्टनर्स यानी FICP बनाए जाएंगे. इन्हें स्‍टॉक एक्‍सचेंज में रज‍िस्‍टर क‍िया जाएगा और फ‍िर ऑनलाइन बॉन्‍ड प्‍लेटफार्म प्रोवाइडर्स यानी OBPPs इनकी नियुक्ति कर सकेंगे. इनका काम निवेशकों को फ‍िक्‍स्‍ड इनकम स‍िक्‍योर‍िटीज की जानकारी देना, उनके फीचर और जोखिम समझाना, जरूरी दस्तावेज पूरे कराने और प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश की प्रक्रिया में मदद करना होगा. यानी जिस तरह MFD आपको Mutual Fund समझाकर निवेश में मदद करता है, उसी तरह इस मामले में काम कर सकता है.

Corporate Bond है क्या?

मान लीजिए किसी बड़ी कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए 1,000 करोड़ की जरूरत है. कंपनी बैंक से पूरा कर्ज लेने के बजाय निवेशकों से भी पैसा जुटा सकती है. इसके लिए वह कॉरपोरेट बॉन्‍ड जारी करती है. आप उस बॉन्‍ड को खरीदकर कंपनी को एक तय अवधि के लिए पैसा देते हैं. बदले में कंपनी तय शर्तों के मुताबिक आपको ब्याज देती है और अवधि पूरी होने पर मूल रकम लौटाती है.

FD में आप बैंक को पैसा देते हैं, जबकि कॉरपोरेट बॉन्‍ड में कंपनी को पैसा उधार देते हैं. हालांकि दोनों की सुरक्षा, ब्याज और जोखिम अलग-अलग होते हैं. इसलिए कॉरपोरेट बॉन्‍ड को FD का दूसरा नाम समझना सही नहीं होगा.

60 लाख करोड़ का बाजार

  1. SEBI के मुताबिक देश का कॉरपोरेट बॉन्‍ड मार्केट पिछले एक दशक में तेजी से बड़ा हुआ है. FY15 के अंत में बकाया कॉरपोरेट बॉन्‍ड करीब 17.5 लाख करोड़ के थे. 31 जुलाई 2026 तक यह आंकड़ा बढ़कर 60 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है. इनमें लिस्‍टेड कॉरपोरेट बॉन्‍ड करीब 46 लाख करोड़ के हैं, जो कुल बाजार का लगभग 76.6 फीसदी है.
  2. यानी बाजार बहुत बड़ा हो चुका है, लेकिन इसमें आम निवेशक की हिस्सेदारी अभी भी उतनी नहीं है. कॉरपोरेट डेब्‍ट सिक्‍योर‍िटीज का इस्तेमाल अब भी मुख्य तौर पर बड़े संस्थागत निवेशक करते हैं. SEBI अब इसे बदलना चाहता है.
  3. रिटेल निवेशकों के लिए कॉरपोरेट बॉन्‍ड तक पहुंच पहले से आसान हुई है. ऑनलाइन बॉन्‍ड प्‍लेटफार्म प्रोवाइडर्स यानी OBPPs ऐसे प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं जहां निवेशक अलग-अलग लिस्‍टेड डेब्‍ट सिक्‍योर‍िटीज को देख और उनकी तुलना कर सकते हैं और ऑनलाइन लेनदेन कर सकते हैं.
  4. इसका असर र‍िक्‍वेस्‍ट ऑन कोट यानी RFQ प्लेटफॉर्म पर भी दिखाई दिया है. SEBI के मुताबिक FY25 में RFQ पर करीब 2.76 लाख ट्रेड हुए थे, जो FY26 में बढ़कर 17.84 लाख हो गए. यानी एक साल में करीब 546 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई. नियामक के मुताबिक OBPPs के जरिए बढ़ी रिटेल भागीदारी ने भी इस तेजी में भूमिका निभाई है.

अब छोटे शहरों की बारी

ऑनलाइन प्‍लेटफार्म होने के बावजूद टीयर टू, टीयर थ्री शहरों और ग्रामीण इलाकों में कॉरपोरेट बॉन्‍ड की पहुंच सीमित है. बहुत से निवेशकों को यह तक पता नहीं होता कि Bond खरीदा कैसे जाता है, किस कंपनी का Bond है, कितना ब्याज मिलेगा और इसमें क्या जोखिम हो सकता है.

SEBI इसी कमी को दूर करना चाहता है. अगर FICP का प्रस्ताव लागू होता है तो छोटे शहरों में मौजूद ऐसे लोग या संस्थाएं निवेशकों को कॉरपोरेट बॉन्‍ड और फ‍िक्‍स्‍ड इनकम प्रोडक्‍ट के बारे में समझाने में मदद कर सकेंगे. यानी निवेश सिर्फ बड़े शहरों और बड़े निवेशकों तक सीमित रखने के बजाय इसे ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश होगी.

आम आदमी के लिए क्या बदलेगा?

SEBI का पूरा प्लान सिर्फ Bond बेचने का नहीं, बल्कि Bond Investment को समझने और उस तक पहुंच आसान बनाने का है. मसलन, अगर किसी व्यक्ति के पास 1 लाख है और वह उसे शेयर बाजार में नहीं लगाना चाहता, लेकिन FD के अलावा Fixed Income का कोई विकल्प तलाश रहा है, तो वह Corporate Bond के बारे में जानकारी ले सकता है.

लेकिन यहां सावधानी जरूरी है. Corporate Bond में निवेश का मतलब यह नहीं है कि पैसा पूरी तरह सुरक्षित हो गया. कंपनी की वित्तीय स्थिति खराब होने पर Credit Risk हो सकता है. इसके अलावा Bond को समय से पहले बेचने पर Liquidity Risk भी हो सकता है. इसलिए सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर निवेश करना ठीक नहीं है. निवेशक को कंपनी, Bond की Rating, अवधि और जोखिम को समझना जरूरी है. SEBI की Investor वेबसाइट भी निवेशकों को अलग-अलग Investment Avenues और उनसे जुड़े जोखिमों को समझने की सलाह देती है.



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गाजियाबाद में त्योहारों को लेकर पुलिस कमिश्नर की मीटिंग: बारावफात पर गोकशी हुई तो थानेदार सस्पेंड, बाजारों में पैदल गश्त करें अधिकारी – Ghaziabad News




गाजियाबाद में आज रविवार को आगामी त्योहारों को लेकर पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने वीडियो कांफ्रेंस से मीटिंग की। जिसमें रक्षाबंधन, बारावफात, रक्षाबंधन पर्व को लेकर सुरक्षा काे लेकर कड़े निर्देश दिए। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था के लिए भी डीसीपी को निर्देश दिए। इस मीटिंग में एडिशनल पुलिस कमिश्नर केशव कुमार चौधरी और एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नैयर, डीसपी धवल जायसवाल और डीसीपी सुरेंद्रनाथ तिवारी व ट्रैफिक के अधिकारी रहे। बाजारों में गश्त करेंगे एसीपी व थाना प्रभारी पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने सभी थाना प्रभारी व एसीपी को निर्देश दिए हैं सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर पैदल गश्त करेंगे। धार्मिक स्थलों, प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों एवं महत्वपूर्ण चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं सुदृढ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बारावफात के दृष्टि से गोकशी की घटनाओं की रोकथाम के लिए नामजद प्रकाश में आए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। बाजारों में पैदल गश्त, फुट पेट्रोलिंग एवं नियमित पुलिस पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाए तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की प्रभावी चेकिंग की जाए। सभी समुदायों के गणमान्य व्यक्तियों व पीस कमेटी के सदस्यों के साथ संवाद स्थापित कर आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द का वातावरण बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएं। शोभा यात्रा को लेकर लापरवाही मिली तो कार्रवाई एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजकरन नैयर ने कहा कि त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूस शोभायात्राओं व धार्मिक आयोजनों के संबंध में आयोजकों से बात कर रूट देख लें। साथ ही पुलिस की ड्यूटी रही। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में लापरवाही मिली तो सम्बंधित थाना प्रभारी पर कार्रवाई होगी। बिना अनुमति के कार्यक्रमों पर रोक रहेगी। यातायात को लेकर भी निर्देश यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार रूट डायवर्जन एवं पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बाजारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लापरवाही मिलने पर बीट सिपाही से लेकर थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे।



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अतिथि शिक्षक बोले- परमानेंट करो या इच्छामृत्यु दो: स्वतंत्रता पार्क में बैठक के बाद प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; जल्द नीति बनाने की मांग – Guna News




वर्षों पुरानी मांगों, भविष्य को सुरक्षित करने और स्थाईकरण की गुहार लेकर रविवार को छुट्टी के दिन बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक गुना कलेक्टोरेट परिसर पहुंचे। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति मध्यप्रदेश के बैनर तले एकत्रित हुए शिक्षकों ने राज्यपाल के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने साफ तौर पर कहा कि या तो शासन उनके नियमितीकरण की स्थाई नीति बनाए या फिर उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। ज्ञापन में ध्यानाकर्षण कराते हुए प्रतिनिधियों ने बताया कि अतिथि शिक्षक पिछले 18 वर्षों से बेहद अल्प मानदेय पर अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। शिक्षा विभाग की रीढ़ माने जाने वाले ये शिक्षक 70 से 80 किलोमीटर दूर जाकर भी पूरी लगन से अध्यापन कार्य कराते हैं। इसके बावजूद सीधी भर्ती, प्रमोशन और ट्रांसफर जैसी नीतियों के कारण उन्हें कभी भी सेवा से पृथक कर बेरोजगार कर दिया जाता है। उन्हें समान कार्य समान वेतन तो दूर, समय पर मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है। 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी अतिथि शिक्षकों ने शासन के सामने 8 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखी हैं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि 7 या उससे अधिक सत्रों में कम से कम 1000 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले अतिथि शिक्षकों को संविदा शिक्षक बनाया जाए। इसके अलावा स्थाई शिक्षकों के साथ प्राथमिक व माध्यमिक पात्रता परीक्षा में शामिल करने, उच्च माध्यमिक, माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में ईडब्ल्यूएस की भांति 10 प्रतिशत अर्हता अंकों में छूट देने तथा सेवाकाल के अनुसार बोनस अंक दिए जाने की मांग उठाई गई है। समिति ने यह भी मांग रखी है कि अतिथि शिक्षक भर्ती में रिक्त पदों पर फॉलेन आउट अतिथि शिक्षकों को सेवाकाल के अनुसार वरीयताक्रम में प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही ई-अटेंडेंस लॉगिन का समय सुबह 11 बजे और लॉग आउट का समय शाम 4 बजे तय किया जाए और प्रतिमाह 10 तारीख तक मानदेय का अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए। ज्ञापन में वर्षों से कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों को सेवा में रहते हुए एनआईओएस से डीएलएड कराने और शिक्षा मंत्री की पूर्व घोषणानुसार अवकाश प्रदान करने के संबंध में शीघ्र आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है, ताकि प्रदेश के लाखों अतिथि शिक्षकों को आर्थिक व सामाजिक संकट से राहत मिल सके।



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गयाजी रेलवे स्टेशन पर ₹10 लाख के साथ युवक धराया: नगद के डॉक्यूमेंट नहीं थे, रेल पुलिस ने आयकर विभाग के हवाले किया – Gayaji News




गयाजी रेलवे स्टेशन पर 10 लाख रुपए के साथ एक युवक पकड़ाया है। युवक ने आरपीएफ और जीआरपी की टीम को किसी प्रकार के डॉक्यूमेंट नहीं दिखाए हैं। जिसके बाद युवक और नगद को आयकर विभाग को सौंप दिया गया। रेलवे परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। प्लेटफॉर्म नंबर एक के दक्षिणी तरफ किलोमीटर संख्या 470/09 के पास एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में नजर आया। टीम ने उसे रोक कर पूछताछ की। उसकी पहचान 37 वर्षीय नसरुल्लाह के रूप में हुई। वह न्यू करीमगंज रोड नंबर-8 का रहने वाला है। पूछताछ के बाद उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली गई। बैग से कुल 10 लाख 3 हजार 170 रुपए बरामद हुए। इतनी बड़ी रकम के संबंध में टीम ने उससे कागजात मांगे, लेकिन वह मौके पर रकम से जुड़े कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। आयकर की टीम आरपीएफ पोस्ट पहुंची आरपीएफ ने नियमानुसार उसे डिटेन कर लिया। मामले की जानकारी आयकर विभाग के इन्वेस्टिगेशन विंग को दी गई। सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग के निरीक्षक सिद्धीकांत चौधरी गयाजी आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आरपीएफ ने पकड़े गए नसरुल्लाह और उसके पास से बरामद 10 लाख 3 हजार 170 रुपए आयकर विभाग के अधिकारी को सौंप दिए। अब आयकर विभाग की ओर से नकदी के स्रोत और उसके इस्तेमाल को लेकर आगे की जांच की जाएगी।
कार्रवाई में ये थे शामिल कार्रवाई आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने की। टीम में आरपीएफ के उप निरीक्षक विकास कुमार सहित जवान और जीआरपी के उप निरीक्षक निरंजन कुमार और महिला पुलिसकर्मी सुषमा कुमारी शामिल थीं। श्रावण माह में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए स्टेशन पर इस तरह की जांच लगातार की जा रही है।



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सावन व्रत में खाएं बिना चीनी की मखाना खीर, स्वाद के साथ मिलेगी भरपूर एनर्जी, जानें रेसिपी

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सावन के व्रत में बिना चीनी के तैयार की जाने वाली मखाना खीर स्वाद और पोषण से भरपूर विकल्प है. कोडरमा की कविता कुमारी ने इसकी आसान विधि साझा की. मखाना, दूध, खजूर, बादाम, किशमिश और केसर से तैयार यह खीर प्राकृतिक मिठास के साथ इंस्टेंट एनर्जी देने में मदद करती है. रोस्ट किए मखाने को पीसकर दूध में मिलाने से खीर गाढ़ी बनती है.

कोडरमा: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए खास माना जाता है. इस महीने बड़ी संख्या में लोग उपवास रखते हैं. व्रत के दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा और पोषण मिलना भी जरूरी है. ऐसे में घर पर तैयार की जाने वाली मखाना खीर अच्छा विकल्प हो सकती है. यह स्वादिष्ट होने के साथ पौष्टिक भी होती है. खास बात यह है कि इसे बिना चीनी के भी तैयार किया जा सकता है. कोडरमा की कविता कुमारी ने व्रत के दौरान तुरंत ऊर्जा देने वाली मखाना खीर बनाने की आसान विधि साझा की है. उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए मखाना, दूध, खजूर, बादाम, किशमिश और केसर की जरूरत होती है. इसमें अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती है. खजूर खीर में प्राकृतिक मिठास देता है. इससे खीर का स्वाद भी बेहतर हो जाता है.

ऐसे तैयार करें मखाना खीर
कविता ने बताया कि सबसे पहले जरूरत के अनुसार मखाना लें. एक फ्राइंग पैन में थोड़ा घी डालें. अब इसमें मखाना डालकर अच्छी तरह रोस्ट करें. मखाने को तब तक भूनें, जब तक वह कुरकुरा न हो जाए. इसके बाद गैस बंद कर दें. अब रोस्ट किए हुए मखाने का करीब 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा मिक्सर ग्राइंडर में डालें. इसे बारीक पीस लें. पिसा हुआ मखाना खीर को गाढ़ा करने में मदद करेगा. इससे खीर का स्वाद और बनावट भी बेहतर होगी. कुछ रोस्ट किए हुए मखाने अलग रख लें. इन्हें बाद में खीर में डाला जाएगा.

दूध में प्राकृतिक मिठास
इसके बाद एक बर्तन में दूध लें. इसे धीमी आंच पर गर्म करें. अब खजूर के बीज निकाल लें. इसके बाद खजूर को दूध में डाल दें. दूध और खजूर को धीमी आंच पर पकने दें. धीरे-धीरे खजूर दूध में घुलने लगेगा. इससे दूध में प्राकृतिक मिठास आ जाएगी. इससे खीर में अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं होगी. अब इसमें केसर डालें. कुछ देर तक दूध को धीमी आंच पर पकाएं. धीरे-धीरे दूध का रंग हल्का केसरिया होने लगेगा. साथ ही, इसमें केसर की खुशबू भी आने लगेगी.

गाढ़ा होने तक पकाएं
इसके बाद दूध में पिसा हुआ मखाना डालें. इसे अच्छी तरह मिलाएं. खीर को धीमी आंच पर लगातार पकाते रहें. मखाना दूध को धीरे-धीरे गाढ़ा करने लगेगा. इस दौरान खीर को बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि यह बर्तन के तले में न लगे. जब खीर अच्छी तरह गाढ़ी होने लगे, तो इसमें कटे हुए बादाम और किशमिश डालें. इसे करीब एक से दो मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इसके बाद पहले से बचाकर रखे गए रोस्ट किए हुए साबुत मखाने खीर में डालें. इन्हें डालने के बाद करीब एक मिनट तक और पकाएं. अब गैस बंद कर दें. तैयार मखाना खीर को एक बर्तन में निकाल लें. इसे गर्म या अपनी पसंद के अनुसार ठंडा करके भी परोसा जा सकता है.

व्रत में देगा ऊर्जा
कविता के अनुसार, यह खीर व्रत के दौरान खाने के लिए अच्छा विकल्प हो सकती है. इसमें मखाना, बादाम, किशमिश और खजूर जैसे खाद्य पदार्थ शामिल होते हैं. खजूर खीर में प्राकृतिक मिठास देता है. मखाना और ड्राई फ्रूट्स इसे अधिक पौष्टिक बनाते हैं. इसलिए व्रत के दौरान लंबे समय तक भूखे रहने के बजाय इसे सीमित मात्रा में लिया जा सकता है. बिना चीनी के तैयार होने के कारण यह सामान्य खीर से अलग विकल्प भी है. सावन में व्रत रखने वाले लोग इसे घर पर आसानी से तैयार कर सकते हैं. इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती है. कम समय में तैयार होने वाली यह खीर स्वाद और पोषण दोनों का बेहतर विकल्प बन सकती है.

About the Author

Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…

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जापान में टोक्यो के पास 5.9 तीव्रता का भूकंप: 37 लोग घायल; अगले एक हफ्ते तक फिर भूकंप की चेतावनी, सुनामी का खतरा नहीं


46 मिनट पहले

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जापान में भूकंप के दौरान की तस्वीर।

जापान की राजधानी टोक्यो और आसपास के कांतो इलाके में रविवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें कम से कम 37 लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक शख्स गंभीर रूप से घायल है।

जापान टाइम्स के मुताबिक, अधिकारियों ने लोगों को अगले एक हफ्ते तक इसी तरह के तेज भूकंप के लिए सतर्क रहने को कहा है।

भूकंप का केंद्र इबाराकी प्रांत के दक्षिणी हिस्से में था। यह जमीन से करीब 68 किलोमीटर नीचे आया। कई इलाकों में भूकंप के झटके करीब एक मिनट तक महसूस किए गए। भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई।

भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…

भूकंप के दौरान पानी और पुल की लाइट हिलती हुई।

भूकंप के दौरान पानी और पुल की लाइट हिलती हुई।

भूकंप के दौरान कई घरों के दरवाजे और लाइट हिलने लगे।

भूकंप के दौरान कई घरों के दरवाजे और लाइट हिलने लगे।

भूकंप से पहले मोबाइल फोन पर चेतावनी का अलार्म बजा। रात करीब 2 बजे आए झटकों से कई लोग नींद से जाग गए।

भूकंप से पहले मोबाइल फोन पर चेतावनी का अलार्म बजा। रात करीब 2 बजे आए झटकों से कई लोग नींद से जाग गए।

एक दूकान में टंगी चीजे भी हिलने लगीं।

एक दूकान में टंगी चीजे भी हिलने लगीं।

टोक्यो के पास आए भूकंप के झटके रविवार सुबह महसूस किए गए थे।

टोक्यो के पास आए भूकंप के झटके रविवार सुबह महसूस किए गए थे।

भूकंप के बाद ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई

भूकंप के कारण टोक्यो और नारिता एयरपोर्ट जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों में देरी हुई। उत्तर-पूर्वी इलाकों में चलने वाली कुछ स्थानीय ट्रेन सेवाओं पर भी असर पड़ा। हालांकि, ईस्ट जापान रेलवे कंपनी के मुताबिक शिंकानसेन बुलेट ट्रेनें सामान्य रूप से चलती रहीं।

भूकंप के बाद मोबाइल फोन पर इमरजेंसी अलर्ट जारी हुए और टोक्यो में भी तेज झटके महसूस किए गए। एनएचके पब्लिक टेलीविजन पर मिटो और साइतामा समेत आसपास के शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य दिखाई दिया।

टोक्यो के पूर्वी वार्ड कोतो में जमीन के नीचे पानी की पाइपलाइन टूट गई। लेकिन बाद में पाइपलाइन की मरम्मत कर दी गई और पानी का रिसाव बंद हो गया।

सोते समय घबराए लोग, घर में फर्नीचर गिरने से भी घायल हुए

प्रांतीय अधिकारियों और फायर एंड डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के मुताबिक, पांच प्रांतों में लोग घायल हुए। टोक्यो में 15, साइतामा में 9, कानागावा में 8, चिबा में 4 और इबाराकी में 1 शख्स घायल हुआ।

  • अधिकारियों ने बताया कि ज्यादातर लोग सोते समय भूकंप से घबरा गए और बिस्तर से उठते हुए गिर गए या फर्नीचर और दरवाजों से टकरा गए।
  • इनमें योकोहामा की रहने वाली 80 साल की एक महिला भी शामिल हैं, जो बिस्तर से गिर गईं और उनके कूल्हे में गंभीर चोट आई। यह जानकारी योमिउरी अखबार ने दी।
  • टोक्यो के पूर्वी इलाके ताइतो में खरीदारी कर रहे 23 साल के एक शख्स ने असाही अखबार को बताया कि भूकंप का अलर्ट बजने के कुछ सेकंड बाद उसे ऊपर-नीचे तेज झटका महसूस हुआ।
  • उसने कहा कि इमारत हिलने के दौरान उसे डर था कि अलमारियों से गिरता सामान उसे चोट पहुंचा सकता है।
  • टोक्यो के 23 वार्डों के साथ साइतामा और चिबा में लंबे समय तक चलने वाले झटके भी दर्ज किए गए। इसे लॉन्ग पीरियड ग्राउंड मोशन कहा जाता है।
  • ऐसे झटकों में ऊंची इमारतें काफी देर तक हिल सकती हैं। इसके दूसरे स्तर पर लोगों को खड़े रहने में परेशानी हो सकती है और फर्नीचर या दूसरी चीजें हिलकर गिर सकती हैं।

सराकार ने टास्क फोर्स बनाई, लोगों से सतर्क रहने को कहा

प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने सोशल मीडिया पर बताया कि सरकार ने संभावित नुकसान का जायजा लेने के लिए टास्क फोर्स बनाई है।पीएम ने उन इलाकों के लोगों से खास तौर पर सतर्क रहने को कहा, जहां भूकंप के तेज झटके महसूस हुए हैं।

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इलाके के लोगों से करीब एक हफ्ते तक एक और भूकंप की संभावना को लेकर भी सावधान रहने को कहा है।

परमाणु नियमन प्राधिकरण के मुताबिक, करीब 12 परमाणु बिजली संयंत्रों और परमाणु सामग्री संभालने वाली अन्य जगहों से किसी तरह की असामान्य स्थिति की जानकारी नहीं मिली।

पिछले महीने जापान के सबसे दक्षिणी द्वीप क्यूशू के कुमामोतो इलाके में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था। इसमें 38 लोगों की मौत हुई थी और 364 लोग घायल हुए थे।

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जापान भूकंप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

जापान में 6.8 तीव्रता का भूकंप, शॉपिंग मॉल गिरा:50 से ज्यादा लोग फंसे, 1.5 लाख लोगों को हटाया गया; टोक्यो से 900km दूर था केंद्र

जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 6.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। तेज झटकों के बाद काशिमा शहर स्थित एक शॉपिंग मॉल की दूसरी मंजिल ढह गई। पूरी खबर पढ़ें…

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सरकार ने वादे पूरे किए या नहीं, रिव्यू करेगी CJP: कहा- जरूरत पड़ने पर दोबारा आंदोलन करेंगे; जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान उठाई थीं 3 मांगें


नई दिल्ली1 घंटे पहले

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तस्वीर जुलाई में CJP प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बीच हुई बातचीत की है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सोमवार को अपनी नेशनल वर्किंग कमेटी की बैठक करने वाली है। इसमें 25 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लेने के बाद केंद्र सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

CJP ने कहा कि सरकार ने आश्वासन पूरे करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की अब तक औपचारिक जानकारी नहीं दी है।

पार्टी ने कहा कि वादे पूरे कराने के लिए सभी विकल्पों पर विचार होगा, जिसमें दोबारा शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करना भी शामिल है।

25 जुलाई को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, जेपी नड्डा ने CJP के साथ जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।जिसमें आंदोलन खत्म करने और CJP की मांगें मानने की बात कही थी।

केंद्र के आश्वासनों पर उठाए सवाल

CJP ने कहा कि उसने देश के युवाओं से सरकार के वादे पर भरोसा करते हुए आंदोलन वापस लिया था। पार्टी ने कहा कि वह इस भरोसे को कमजोरी समझने की अनुमति नहीं देगी।

पार्टी ने छात्रों, युवा नागरिकों, समर्थकों और स्वयंसेवकों से सोमवार की बैठक के नतीजे के लिए तैयार रहने को कहा है। सोमवार की मीटिंग में स्थिति का आकलन कर CJP की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

CJP ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत करने वाले प्रतिनिधिमंडल ने लिखित आश्वासनों को पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने के लिए उससे औपचारिक संपर्क नहीं किया। इसमें एफआईआर और मुआवजे से जुड़े आश्वासन भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी FIR की लिस्ट

सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को एक सुनवाई हुई थी। जिसमें कोर्ट ने देशभर में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की लिस्ट मांगी थी। CJP के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से यह सूची तीन बार देने को कहा था। कोर्ट इन मामलों को रद्द करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने पर विचार कर सकता है।

CJP ने कहा कि कोर्ट की ओर से बार-बार सूची मांगे जाने के बावजूद केंद्र सरकार ने इसे देने की प्रतिबद्धता नहीं जताई। पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और कानूनी मामलों की प्रभारी रत्ना सिंह ने सुनवाई के तुरंत बाद इस पर चिंता जताई।

दोनों ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि CJP और केंद्र के बीच हुई बातचीत में दिए गए आश्वासनों के आधार पर आंदोलन वापस लेने के बाद सरकार युवा पीढ़ी को धोखा दे रही है।

आश्वासनों में एफआईआर और मुआवजा शामिल

CJP ने बताया कि आश्वासनों में आंदोलन से जुड़ी सभी एफआईआर वापस लेना या रद्द करना शामिल था। इसके अलावा, भविष्य में किसी छात्र या शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने की गारंटी भी दी गई थी।

इनमें उन NEET-UG अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने का आश्वासन भी शामिल था, जिन्होंने मई में पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी।

CJP ने कहा कि आंदोलन वापस लेने का फैसला सरकार के शब्दों के आधार पर किया गया था। पार्टी ने चेतावनी दी कि आश्वासनों को कमजोर करने, टालने, नए अर्थ में पेश करने या उनका अपमान करने की कोई कोशिश देश के युवाओं के साथ विश्वासघात मानी जाएगी।

25 जुलाई को वापस लिया था आंदोलन

CJP ने 25 जुलाई को अपना राष्ट्रव्यापी आंदोलन वापस लिया था। यह फैसला तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार के उस आश्वासन के तुरंत बाद लिया गया था, जिसमें छात्रों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन नहीं लेने की बात कही गई थी।

इस अभियान में NEET पेपर लीक विवाद में कार्रवाई और मृत अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी शामिल थी।

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जयपुर स्कूल विवाद- CJP का अल्टीमेटम खत्म: जोधपुर में स्टूडेंट्स से करेंगे संवाद

जयपुर में सीतापुरा इलाके के राजकीय प्राथमिक स्कूल रामपुरा कंवरपुरा के निरीक्षण को लेकर शुक्रवार को हुई मारपीट के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 48 घंटे का अल्टीमेटम आज पूरा हो गया। ऐसे में CJP की अगली रणनीति पर सबकी नजर है। CJP के सीनियर लीडर और कार्यकर्ता आज शाम जोधपुर में स्टूडेंट्स से संवाद करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

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क्या नई मां के लिए फायदेमंद साबित होगा मेडिटेशन? बच्चों की डॉक्टर के सवाल का गुरुदेव ने दिया जवाब


बच्चे के जन्म के बाद से ही एक नई मां को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़ता है। जिसमें पोस्टपार्टम डिप्रेशन पहले नंबर पर है। इस समस्या से निपटने के लिए क्या मेडिटेशन मददगार साबित होगा? गुरुदेव ने इस सवाल का जवाब दिया है।

जब कोई महिला पहली बार मां बनती है तो उसका एहसास काफी अलग होता है। ये एहसास पॉजिटिव और निगेटिव दोनों तरीके से हो सकता है। दरअसल, एक नई मां बच्चे के जन्म के बाद होने वाले पोस्ट पार्टम डिप्रेशन से जूझती है। ये एक सामान्य लेकिन गंभीर मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम है। जिसकी वजह से रोने जैसा महसूस होता है। कुछ महिलाएं तुरंत इससे रिकवर हो जाती हैं लेकिन कुछ को इसके गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में क्या मेडिटेशन मददगार साबित हो सकता है? आइए जानते हैं।

क्या नई मां के लिए फायदेमंद है मेडिटेशन?

बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने गुरुदेव से सवाल किया कि जब कोई महिला मां बनती है तो वह पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझती है ऐसे में क्या मेडिटेशन उनके लिए मददगार साबित हो सकता है। जिसका जवाब देते हुए गुरुदेव कहते हैं कि नई मां के लिए ध्यान बहुत ज्यादा मददगार साबित हो सकता है। दुनियाभर में लोगों को ध्यान लगाने से फायदा मिला है। इससे डिप्रेशन की समस्या दूर हो जाती है। शरीर के अलग-अलग तरह के दर्दों से निपटने में भी ये फायदेमंद साबित होता है। वहीं जब कोई मेडिटेशन करता है तो मन खुश रहता है और शरीर के तरंग अच्छे/पॉजिटिव हो जाते हैं। जब आप इसकी शुरुआत करते हैं तो आप हर चीज को एक पॉजिटिव नजरिए से देखने लगते हैं।

गुरुदेव कहते हैं कि आजकल जिस तरह से आत्महत्या की प्रवृत्ति के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। वह कहते हैं कि आजकल दुनिया में जितने मामले आत्महत्या के हो रहे हैं उनमें सबसे ज्यादा भारत में हो रहे हैं। गुरुदेव कहते हैं कि जब आप प्राणायाम करते हैं तो ये सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। वह कहते हैं कि आप किसी भी धर्म के हो ध्यान हर किसी के लिए मददगार साबित होता है और ये बहुत जरूरी है।

नई मां के लिए मेडिटेशन करने का आसान तरीका

-मेडिटेशन के लिए आराम से बैठ जाएं। जरूरी नहीं है कि आप पैरों को फोल्ड करें नॉर्मल डिलेवरी वाली महिलाएं पैर फैलाकर ही बैठें।

-आंखें बंद करके धीरे-धीरे सांस लें। सांस लेते समय ध्यान रखएं कि 4 सेकंड में अंदर, 6 सेकंड में बाहर छोड़नी है।

-अपना ध्यान सांस पर रखें। अगर कोई विचार आएं तो उन्हें रोकने की कोशिश न करें, बस ध्यान वापस सांस पर ले आएं।

– 5 मिनट बाद धीरे से आंखें खोलें और शरीर को आराम दें।

टिप- बच्चे के सोने के समय करना सुविधाजनक हो सकता है।



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महाराष्ट्र पहाड़ हादसे से पहले मां ने किया था पोस्ट: कहा- रिश्ता ऐसा हो तो तोड़ देना चाहिए, दावा- आईफोन के लिए पहाड़ी से कूदा था बेटा


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छत्रपति संभाजीनगर2 घंटे पहले

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महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को करीब 250 फीट गहरी खाई में गिरने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। मृतकों में मुरलीधर चांदगुडे (48 साल) संगीता चांदगुडे (42 साल) और इनका बेटा कुणाल चांदगुडे (18 साल) शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, बेटे ने iPhone तो खरीद लिया था, लेकिन वह इसकी EMI नहीं चुका पा रहा था। EMI चुकाने के लिए वह परिवार से पैसे मांग रहा था।

इसे लेकर उसकी अपने पिता के साथ कहासुनी हो गई थी। यहीं से इस दर्दनाक घटना की शुरुआत हुई। इसी के बाद कुणाल गुस्से में घर से निकल गया और खवड्या पहाड़ पर चढ़ गया था।

इस हादसे से महज एक दिन पहले संगीता ने अपने YouTube चैनल पर रिश्तों और प्यार की अहमियत को लेकर एक वीडियो पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था- जो व्यक्ति प्यार को महत्व नहीं देता, उसके लिए कुछ भी करने का कोई मतलब नहीं है।

संगीता के यूट्यूब पर 29,000 से अधिक फॉलोअर्स थे। उन्होंने अपने बेटे के साथ छोटे व्लॉग भी पोस्ट किए थे।

संगीता के यूट्यूब पर 29,000 से अधिक फॉलोअर्स थे। उन्होंने अपने बेटे के साथ छोटे व्लॉग भी पोस्ट किए थे।

एक चपाती तभी स्वादिष्ट लगती है जब वह दोनों तरफ से पक जाए: संगीता

मराठी भाषा में बनाए एक मिनट के वीडियो में संगीता ने कहा था- अपना भाग्य उसी व्यक्ति को सौंपने के लिए तैयार रहें, जो आपके प्रेम का सम्मान करता हो। यदि कोई व्यक्ति आपका सम्मान नहीं करता, आपके प्रेम का सम्मान नहीं करता, या आपके द्वारा उनके लिए किए गए कार्यों का सम्मान नहीं करता, तो ऐसे व्यक्ति के लिए कुछ भी करने का कोई मतलब नहीं है।

उन्होंने कहा- एक चपाती तभी स्वादिष्ट लगती है जब वह दोनों तरफ से पक जाए। रिश्तों के मामले में भी यही बात लागू होती है। अगर दोनों तरफ से अच्छा व्यवहार हो, दोनों ही रिश्ते को महत्व देते हों, तो ऐसे रिश्ते में बने रहें। अगर एक व्यक्ति रिश्ते को महत्व देता है और दूसरा नहीं, तो ऐसे रिश्ते का कोई मतलब नहीं है। ऐसे रिश्ते से बाहर निकल जाना हमेशा बेहतर होता है।

संगीता के यूट्यूब पर 29,000 से अधिक फॉलोअर्स थे, ने अपने चैनल पर कई मोटिवेशनल वीडियो पोस्ट किए थे। उन्होंने अपने बेटे के साथ कई छोटे ब्लॉग भी पोस्ट किए थे।

मुरलीधर चांदगुडे (48 साल) संगीता चांदगुडे (42 साल) और बेटा कुणाल चांदगुडे (18 साल) की फाइल फोटो।

मुरलीधर चांदगुडे (48 साल) संगीता चांदगुडे (42 साल) और बेटा कुणाल चांदगुडे (18 साल) की फाइल फोटो।

अब पूरे घटनाक्रम को 4 फोटोज में समझें…

पहाड़ी के किनारे 4 घंटे तक खड़ा रहा था कुणाल

कुणाल सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर चढ़ गया था। बार-बार जगह बदल रहा था।

कुणाल सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर चढ़ गया था। बार-बार जगह बदल रहा था।

घटना के चश्मदीद और गांव के पूर्व सरपंच संजय ने बताया- कुणाल सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पहाड़ की ऊंची चट्टान पर खड़ा रहा। बार-बार अपनी जगह बदल रहा था। पिता मना रहे थे, उसकी मां भी लगातार रोते हुए बेटे से नीचे आने की गुहार कर रही थी, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था।

उन्होंने बताया- मैंने भी उसे समझाते हुए कहा कि तुम पढ़े-लिखे हो, ऐसा कदम मत उठाओ, लेकिन उस पर कोई असर नहीं हुआ। चार साल पहले कुणाल के छोटे भाई की भी मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद पूरा परिवार खत्म हो गया।

कुणाल के पिता पहाड़ी के उस हिस्से तक पहुंचे जहां वह खड़ा था। उन्होंने बेटे को पीछे खींचने की कोशिश की, लेकिन संतुलन बिगड़ने से दोनों गहरी खाई में गिर गए।

पिता ने बेटे को बचाने के लिए पकड़कर अपनी और खींचने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहे और दोनों नीचे गिर गए।

पिता ने बेटे को बचाने के लिए पकड़कर अपनी और खींचने की कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रहे और दोनों नीचे गिर गए।

रेस्क्यू टीम ने नीचे जाल बिछा रखा था, लेकिन कुणाल के बार-बार जगह बदलने से यह कोशिश नाकाम रही। दोनों दूसरी दिशा में गिरे।

रेस्क्यू टीम ने नीचे जाल बिछा रखा था, लेकिन कुणाल के बार-बार जगह बदलने से यह कोशिश नाकाम रही। दोनों दूसरी दिशा में गिरे।

मां भी पहाड़ी से कूद गई

यह दृश्य देखकर मां संगीता भी कुछ ही क्षण बाद पहाड़ी से नीचे कूद गईं।

यह दृश्य देखकर मां संगीता भी कुछ ही क्षण बाद पहाड़ी से नीचे कूद गईं।

पुलिस ने तीनों शव बरामद किए। इस मौके पर स्थानीय लोग भी मौजूद थे।

पुलिस ने तीनों शव बरामद किए। इस मौके पर स्थानीय लोग भी मौजूद थे।

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दावा-सिया ने चेतन से 4 महीने पहले सीक्रेट मैरिज की:गवाह बनी दो सहेलियों से पूछताछ जारी, नवंबर में केतन से शादी होनी थी

पुणे की वडगांव कोर्ट ने 3 जुलाई को सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में सिया और चेतन को लेकर नई जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सिया गोयल ने केतन से सगाई के बाद अपने प्रेमी चेतन चौधरी से गुपचुप शादी कर ली थी। पढ़ें पूरी खबर…



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झुंझुनू की गणपति रॉकिंग स्टार बनी चैंपियन: मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज की राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता जीती – Didwana-Kuchaman News




डीडवाना के राजकीय खेल स्टेडियम में मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। फाइनल मुकाबले में गणपति रॉकिंग स्टार झुंझुनू ने जयपुर टाइगर्स गंगानगर को हराकर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 16 टीमों ने भाग लिया था। फाइनल मुकाबले में जयपुर टाइगर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 15 ओवर में 127 रन बनाए और ऑलआउट हो गई। जवाब में, गणपति रॉकिंग स्टार की टीम ने 13.2 ओवर में 4 विकेट खोकर 128 रन बनाकर मैच जीत लिया। झुंझुनू टीम के खिलाड़ी सौरभ को फाइनल मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्हें पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के खिताब से भी सम्मानित किया गया। समापन समारोह में समाज के पदाधिकारियों और अतिथियों ने विजेता तथा उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया। उन्हें ट्रॉफी, स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार के चेक प्रदान किए गए। प्रतियोगिता को सफल बनाने में योगदान देने वाले समाज के बुजुर्गों, वरिष्ठजनों और भामाशाहों को भी दुपट्टा एवं मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राजस्थान के विभिन्न जिलों और उपखंडों से मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। प्रतियोगिता का समापन खेल भावना के साथ हुआ, जिससे समाजजनों में संतोष का माहौल देखा गया।



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