उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को प्रयागराज में प्रेरणा स्थल के लोकार्पण समारोह के मंच से राजनीतिक संदेश देते हुए वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में हुई “चूक” को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि उस चूक का सभी को पछतावा है, लेकिन अब लक्ष्य वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव है। इसके लिए प्रयागराज की सभी 12 विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2027 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनानी है।
डॉ. मुखर्जी के बलिदान को किया याद
अपने संबोधन में मौर्य ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जिस धारा 370 को हटाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने बलिदान दिया था, वह अब समाप्त हो चुकी है। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सपने आज साकार हो रहे हैं।
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
उन्होंने कहा कि कभी किसी ने नहीं सोचा था कि भाजपा अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी, लेकिन प्रयागराज की जनता ने कमल का बटन दबाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि आज पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है और इसका श्रेय देश की जनता को जाता है।
सपा सरकार और कानून व्यवस्था पर हमला
डिप्टी सीएम ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रयागराज में विकास और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी। अतीक अहमद और उसके गिरोह का आतंक था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों को “मिट्टी में मिलाने” का काम किया गया।
2027 में 12 की 12 सीटें जीतने का आह्वान
भाषण के अंत में मौर्य ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संकल्प दिलाते हुए कहा कि 2027 में प्रयागराज की 12 की 12 विधानसभा सीटों पर कमल खिलाना होगा। उन्होंने कहा कि 2017 का इतिहास दोहराते हुए समाजवादी पार्टी का “सूपड़ा साफ” करना है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में हुई चूक से सबक लेकर भाजपा को और अधिक मजबूती के साथ मैदान में उतरना होगा। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने से 2029 के लोकसभा चुनाव का रास्ता भी और मजबूत होगा।
बूथ स्तर से संगठन मजबूत करने का आह्वान
अपने पूरे संबोधन में डिप्टी सीएम का फोकस आगामी विधानसभा चुनाव पर रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक जुटने, संगठन को मजबूत करने और भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए अभी से जुट जाने का आह्वान किया।
Source link
Dy. CM ने चूक मानने के साथ दिया चुनावी संदेश: प्रयागराज में केशव बोले- लोकसभा चुनाव की चूक का हम सभी को पछतावा – Prayagraj (Allahabad) News
पीपल के नीचे खड़े दो ग्रामीणों पर गिरी आकाशीय बिजली: शरीर का लगभग आधा हिस्सा झुलसा, पन्ना जिला अस्पताल में आईसीयू में भर्ती – Panna News
पन्ना जिले की इटवाकला ग्राम पंचायत में सोमवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से दो ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। तेज बारिश से बचने के लिए वे एक पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हुए थे, तभी वे इस हादसे का शिकार हो गए। दोनों को बेहद नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इटवाकला के रहने वाले मथुरा प्रसाद मिश्रा उर्फ बड्डे महाराज (48 साल) और चिरौंजी लाल चौधरी (50 साल) किसी निजी काम से गुनौर जा रहे थे। रास्ते में कोहनी इलाके में बने खेर माता मंदिर के पास अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पानी से बचने के लिए दोनों पास ही मौजूद एक पीपल के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी बीच अचानक कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली सीधे उसी पीपल के पेड़ पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि दोनों ग्रामीण मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर बाद जब चिरौंजी लाल का बेटा उन्हें ढूंढते हुए वहां पहुंचा, तो उसने दोनों को अचेत हालत में पड़ा देखा। शरीर का आधा हिस्सा झुलसा, हालत गंभीर परिजन ने आनन-फानन में दोनों को बाइक पर लादकर इटवाकला पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बिजली गिरने की वजह से दोनों ग्रामीणों के शरीर का लगभग आधा हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है। जिला अस्पताल में उन्हें आईसीयू या स्पेशल वार्ड में रखकर लगातार इलाज दिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है।
Source link
कटौना ओवरब्रिज पर हादसा, 2 होमगार्ड घायल: जमुई में खड़ी ट्रैक्टर से टकराई बाइक, एक की हालत गंभीर – Jamui News
जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कटौना ओवरब्रिज पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार बाइक खड़ी ट्रैक्टर से टकरा गई। इस हादसे में बाइक पर सवार दो होमगार्ड जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों की पहचान सोनो थाना क्षेत्र के आसन गांव निवासी शिव शंकर सिंह और घुटवे गांव निवासी अनुज सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद डायल-112 पुलिस टीम ने दोनों घायलों को तत्काल सदर अस्पताल, जमुई पहुंचाया। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सक डॉ. घनश्याम सुमन के अनुसार, दोनों घायलों में से एक जवान की स्थिति अधिक नाजुक है। दोनों होमगार्ड जवान बटिया थाना से अपनी राइफल और कारतूस जमा करने के लिए पुलिस लाइन मलयपुर गए थे। ड्यूटी से संबंधित यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे बाइक से अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि कटौना ओवरब्रिज पर पहुंचते ही सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन की तेज हेडलाइट के कारण बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों जवान सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
Source link
हैदराबादी बिरयानी में क्या मिलाया जाता है? यही है इसके लाजवाब स्वाद का सीक्रेट
Last Updated:
हैदराबादी बिरयानी का नाम सुनते ही मसालों की खुशबू और लाजवाब स्वाद याद आ जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इसका असली स्वाद किस चीज़ से आता है? दरअसल, इसकी खास पहचान सिर्फ मसालों से नहीं, बल्कि दम कुकिंग, केसर, बासमती चावल और खास मेरिनेशन की वजह से बनती है.
हैदराबादी बिरयानी भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे लोकप्रिय बिरयानियों में गिनी जाती है. इसका स्वाद इतना खास होता है कि एक बार खाने वाला इसे आसानी से नहीं भूलता. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इस बिरयानी का असली स्वाद किस चीज से आता है? आइए जानते हैं इसके पीछे की खास वजह.
हैदराबादी बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘दम’ तकनीक है. इसमें मेरिनेट किए गए मटन या चिकन और आधे पके हुए बासमती चावल को एक बर्तन में परतों में रखा जाता है. इसके बाद बर्तन का ढक्कन आटे से पूरी तरह सील कर दिया जाता है और धीमी आंच पर पकाया जाता है. इस प्रक्रिया में भाप बाहर नहीं निकलती और सभी मसालों की खुशबू चावल और मांस में अच्छी तरह समा जाती है. यही तकनीक बिरयानी को उसका अलग स्वाद और खुशबू देती है.
लंबे बासमती चावल का बड़ा योगदान
असली हैदराबादी बिरयानी में लंबे दाने वाले अच्छी गुणवत्ता के बासमती चावल का इस्तेमाल किया जाता है. पकने के बाद हर दाना अलग-अलग रहता है और उसमें मसालों का स्वाद अच्छी तरह समा जाता है. अगर चावल की गुणवत्ता अच्छी न हो, तो बिरयानी का स्वाद और टेक्सचर दोनों प्रभावित हो सकते हैं. यही वजह है कि चावल का चुनाव भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है जितना मसालों का.
केसर और देसी घी बढ़ाते हैं स्वाद
हैदराबादी बिरयानी की खुशबू में केसर (Saffron) की अहम भूमिका होती है. केसर को हल्के गर्म दूध में भिगोकर चावल पर डाला जाता है, जिससे बिरयानी को सुनहरा रंग और हल्की सुगंध मिलती है. इसके साथ ही देसी घी का इस्तेमाल स्वाद को और भी रिच बना देता है. कई पारंपरिक रेसिपी में गुलाब जल और केवड़ा जल की कुछ बूंदें भी डाली जाती हैं, जिससे इसकी खुशबू और बढ़ जाती है.
मसालों का सही संतुलन बनाता है इसे खास
हैदराबादी बिरयानी में इलायची, लौंग, दालचीनी, तेजपत्ता, जावित्री, जायफल, काली मिर्च और शाही जीरा जैसे साबुत मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. इन मसालों की मात्रा संतुलित रखी जाती है ताकि कोई एक मसाला दूसरे पर हावी न हो. इसके अलावा चिकन या मटन को दही, अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के साथ कई घंटों तक मेरिनेट किया जाता है. इससे मांस मुलायम होने के साथ-साथ मसालों का स्वाद भी अच्छी तरह अंदर तक पहुंच जाता है.
तले हुए प्याज और पुदीना भी हैं जरूरी
हैदराबादी बिरयानी में इस्तेमाल होने वाले ब्राउन फ्राइड अनियन (बिरिस्ता) इसका स्वाद और मिठास बढ़ाते हैं. वहीं ताजा पुदीना और हरा धनिया बिरयानी को ताजगी और अलग फ्लेवर देते हैं. ये छोटे-छोटे इंग्रीडिएंट्स मिलकर बिरयानी को संतुलित स्वाद देते हैं, जो इसे दूसरी बिरयानियों से अलग बनाता है.
इसी वजह से दुनिया भर में मशहूर है हैदराबादी बिरयानी
हैदराबादी बिरयानी का स्वाद किसी एक मसाले या सामग्री की वजह से नहीं, बल्कि दम कुकिंग, प्रीमियम बासमती चावल, केसर, देसी घी, मेरिनेट किया हुआ मटन या चिकन और संतुलित मसालों के सही मेल से तैयार होता है. यही कारण है कि इसे भारत की सबसे प्रतिष्ठित और स्वादिष्ट बिरयानियों में गिना जाता है और आज दुनिया के कई देशों में भी इसकी अलग पहचान बन चुकी है.
About the Author
विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें
डॉ. मुखर्जी की जयंती पर सिविक सेंटर में युवा सम्मेलन: गडकरी बोले-उनके विचार अमर हैं, सीएम ने कहा-सपनों का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा – New Delhi News
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार अमर हैं: नितिन गडकरी – 125वीं जयंती पर युवा सम्मेलन में बोले केंद्रीय मंत्री; – मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा- डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर के केदारनाथ साहनी सभागार में युवा सम्मेलन एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि भले ही आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने कहा, “सत्ता किसी व्यक्ति या व्यवस्था को समाप्त कर सकती है, लेकिन विचारों को कभी समाप्त नहीं किया जा सकता।” उन्होंने भारतीय संस्कृति की समावेशी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में व्यक्ति का मूल्य उसके गुणों से तय होता है। ‘डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत निरंतर आगे बढ़ रहा’ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 125 वर्ष बाद भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत की दिशा और स्वरूप को लेकर डॉ. मुखर्जी की स्पष्ट सोच थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि डॉ. मुखर्जी के सपनों का भारत निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर डॉ. मुखर्जी के योगदान का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने डॉ. मुखर्जी को पुष्पांजलि अर्पित की। इनमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा, संगठन महामंत्री पवन राणा, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, योगेंद्र चांदोलिया, बांसुरी स्वराज, महापौर प्रवेश वाही और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
Source link
सात दिन से लापता व्यक्ति नागौर में मिला: कर्ज से बचने के लिए घर छोड़कर गया था, परिवार के साथ मिलकर पुलिस को किया गुमराह – Chittorgarh News
चंदेरिया थाना पुलिस ने सात दिन से लापता एक व्यक्ति के मामले में ऐसा खुलासा किया है, जिसने पूरी कहानी बदल दी। जिस व्यक्ति की तलाश में पुलिस ने दिन-रात मेहनत की, दो कुओं का पानी खाली करवाया, सिविल डिफेंस और गोताखोरों की मदद ली, वह नागौर जिले में अपने पुराने परिचित के यहां रह रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह फाइनेंस कंपनियों के कर्ज और दूसरे विवादों के दबाव से बचने के लिए खुद ही घर छोड़कर चला गया था। इतना ही नहीं, पुलिस का दावा है कि उसके परिवार को भी उसकी जानकारी थी और वह लगातार उनसे फोन पर बात कर रहा था, लेकिन यह बात पुलिस से छिपाई गई। आखिरकार तकनीकी जांच और लगातार पड़ताल के बाद पुलिस उसे नागौर से लेकर चित्तौड़गढ़ पहुंची। कुएं के पास मिला मोबाइल और बाइक, पुलिस ने हर संभावना पर किया काम चंदेरिया थानाधिकारी मोतीराम सारण ने बताया कि 40 वर्षीय रतनलाल गाडरी पुत्र ओंकार गाडरी 28 जून को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज करवाई और आशंका जताई कि वह किसी कुएं में गिर गया होगा। जांच के दौरान एक कुएं के पास उसका मोबाइल मिला, जबकि दूसरे कुएं के पास उसकी बाइक खड़ी मिली। इससे पुलिस को लगा कि मामला किसी हादसे से जुड़ा हो सकता है। उसी रात पुलिस मौके पर पहुंच गई और अगले दिन सिविल डिफेंस तथा गोताखोरों की टीम को बुलाया गया। दो बड़े मोटरों से दोनों कुओं का पानी घंटों तक बाहर निकाला गया और पूरी तलाशी ली गई, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इसके बाद भी पुलिस ने तलाश जारी रखी और हर संभावित सुराग पर काम करती रही। जांच में खुली पूरी सच्चाई, कर्ज से बचने के लिए रची गई थी योजना उन्होंने बताया कि लगातार जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि रतनलाल ने फाइनेंस कंपनियों से पांच ट्रैक्टर, एक पिकअप, एक कार, एक बुलेट, एक प्लेटिना बाइक सहित कई गाड़ियां फाइनेंस करवा रखे थे। इसके अलावा उस पर कई छोटे-बड़े लोन भी थे। पुलिस का कहना है कि इन कर्जों और फाइनेंस कंपनियों के दबाव से बचने के लिए उसने खुद ही गायब होने की योजना बनाई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि उसका पड़ोसियों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इस मामले में कोर्ट का फैसला भी उसके खिलाफ आया था, जिससे उस पर और दबाव बढ़ गया था। पुलिस के अनुसार इन सभी कारणों से उसने ऐसा माहौल बनाया कि लोगों को लगे उसके साथ कोई बड़ी घटना हो गई है। परिवार को थी पूरी जानकारी, फिर भी पुलिस को नहीं बताया पुलिस का दावा है कि रतनलाल घर छोड़ने के बाद भी लगातार अपने परिवार के संपर्क में था। वह फोन पर घरवालों से बात कर रहा था, लेकिन परिवार ने इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी। जांच में सामने आया कि उसके बेटे शंकरलाल और अन्य परिजनों को भी उसके सुरक्षित होने की जानकारी थी। इसके बावजूद वे लगातार गुमशुदगी की बात कहते रहे। इस दौरान परिवार की ओर से जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कई ज्ञापन भी दिए गए। इतना ही नहीं, सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना देने की तैयारी भी कर ली गई थी। आसपास के 15 से 20 गांवों में लोगों को बुलाने की सूचना भी दी गई थी। थानाधिकारी ने बताया कि अगर समय रहते सच्चाई सामने नहीं आती तो मामला और ज्यादा तूल पकड़ सकता था। पुराने परिचित के पास पहुंची पुलिस, नागौर से लेकर आई चित्तौड़गढ़ जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि रतनलाल पहले नागौर जिले के कुचेरा इलाके में रह चुका है और संभव है कि वहीं गया हो। इसके बाद चंदेरिया थाना पुलिस ने कुचेरा पुलिस से संपर्क किया। स्थानीय पुलिस की मदद से उसके पुराने परिचितों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच करते हुए पुलिस नागौर जिले के कुचेरा क्षेत्र तक पहुंची, जहां रतनलाल मिल गया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ चित्तौड़गढ़ लेकर रवाना हो गई। अधिकारियों का कहना है कि लगातार जांच, तकनीकी इनपुट और स्थानीय पुलिस के सहयोग से ही यह मामला सुलझ सका। सात दिन की मेहनत के बाद खुला मामला, अब आगे होगी कार्रवाई इस पूरे मामले में पुलिस ने सात दिन तक लगातार अलग-अलग स्तर पर जांच की। कुओं की तलाशी से लेकर तकनीकी जांच और दूसरे जिले तक पहुंचकर व्यक्ति को तलाशने तक हर पहलू पर काम किया गया। अब रतनलाल और उसके परिवार के खिलाफ पुलिस को गलत जानकारी देकर गुमराह करने और सरकारी संसाधनों का अनावश्यक इस्तेमाल करवाने के मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि झूठी जानकारी के कारण पुलिस और बचाव टीमों का कितना समय और संसाधन खर्च हो सकता है, जबकि उसी समय उनकी जरूरत किसी वास्तविक आपात स्थिति में भी पड़ सकती थी।
Source link
Redmi लॉन्च करने वाला है 7 इंच के डिस्प्ले वाला फोन, मिलेगी 10000mAh की बैटरी
Redmi एक 7 इंच के डिस्प्ले वाले फोन पर काम कर रहा है। चीनी कंपनी का यह फोन जल्द लॉन्च किया जा सकता है। इस फोन में 10,000mAh की बैटरी मिल सकती है। कंपनी ने हाल ही में Redmi K90 Ultra पेश किया है, जिसमें 6.83 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 165Hz रिफ्रेश रेट करता है। रेडमी इस 7 इंच वाला डिस्प्ले वाले फोन के साथ एक और मॉडल पेश कर सकता है।
7 इंच के डिस्प्ले वाला फोन
चीनी टिप्स्टर डिजिटल चैट स्टेशन (DCS) ने दावा किया है कि रेडमी दो स्मार्टफोन लाइन-अप पर काम कर रहा है। इस मिड रेंज सीरीज में एक 6.59 इंच और एक 7 इंच के डिस्प्ले वाला फोन पेश किया जा सकता है। इस फोन में दमदार फीचर्स दिए जा सकते हैं। यह फोन 7 इंच के बड़े डिस्प्ले के साथ 10,000mAh की बैटरी मिल सकती है। इस फोन का डिस्प्ले 2K रेजलूशन को सपोर्ट करेगा। इसे Redmi K100 सीरीज के नाम से पेश किया जा सकता है।
रेडमी के100 सीरीज
Redmi के अलावा एक और चीनी ब्रांड Honor भी 7 इंच के डिस्प्ले वाले फोन की तैयारी कर रहा है। इस स्मार्टफोन का डिस्प्ले 185Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। इसके अलावा कंपनी 6.89 इंच के डिस्प्ले पर काम कर रही है, जिसमें 2nm चिपसेट दिया जा सकता है।
Redmi K90 Ultra हुआ लॉन्च
Redmi ने हाल ही में K90 Ultra लॉन्च किया है। यह फोन दमदार कैमरा के साथ-साथ जबरदस्त फीचर्स के साथ आता है। इस फोन में 8,550mAh की बैटरी दी गई है। इसमें 16GB रैम और 512GB तक स्टोरेज मिलता है। रेडमी के इस फोन में 6.83 इंच का डिस्प्ले पैनल दिया गया है, जो 1.5K M10 AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। यह 165Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है।
रेडमी के इस फोन में Qualcomm Snapdragon 8 Elite चिपसेट मिलता है। फोन में 8550mAh की बैटरी दी गई है। यह 100W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। इसमें 50MP का मेन OIS और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इस फोन में 20MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन IP66, IP68 और IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से फोन पानी में डूबने और भींगने पर खराब नहीं होगा।
यह भी पढ़ें – Samsung Galaxy Z Fold 8 में मिलेगा नया हिंज, डिस्प्ले में क्रीज वाली दिक्कत होगी खत्म
5 आतंकियों को उनके गांव लेकर पहुंची गुजरात ATS: मध्यप्रदेश-गुजरात से गिरफ्तार किए गए थे 8 आतंकी, टेररिस्ट नेटवर्क फैलाने का काम कर रहे थे
पालनपुर59 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
पकड़े गए 8 में से 5 आतंकी पालनपुर तालुका के भागल गांव के रहने वाले हैं।
गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा था। जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें से 5 तो पालनपुर तालुका के भागल गांव के ही रहने वाले हैं। सोमवार को एटीएस इन पांचों को लेकर भागल गांव में इनके घर पहुंची।
क्योंकि, गिरफ्तार किए गए 8 में से 5 आतंकी इसी गांव के रहने वाले हैं। मुदाशिर गाजीवाला और अहमद गाजीवाला चचेरे भाई हैं। एटीएस सभी संबंधित लोगों को साथ लेकर जांच कर रही है और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इस जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
आतंकियों के घर से साहित्य और अन्य सामान जब्त पालनपुर तालुका के भागल गांव में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकवादियों के घर पर तलाशी अभियान के दौरान, गुजरात एटीएस टीम ने आतंकवादी संगठन से संबंधित आपत्तिजनक साहित्य जब्त किया है। एटीएस अधिकारियों ने आतंकवादियों में से एक के घर से सामग्री से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए हैं।

गुजरात ATS आतंकियों को लेकर पालनपुर के भागल गांव पहुंची।

पांचों आतंकियों को एक-एककर उनके घर ले जाया गया।

आतंकियों में से एक के घर से आपत्तिजनक साहित्य से भरे दो बड़े बैग भी जब्त किए गए।

3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़े गए थे आतंकी
गुजरात ATS ने आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आठ आतंकियों को 3 जुलाई को गुजरात और मध्य प्रदेश से पकड़ा है। सभी को अलग अलग जिलों से पकड़ा गया है। इनमें से दो की उम्र 18 और 19 साल है।
ये सभी गुजरात में JeM का एक एक्टिव नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे, ताकि आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया सके। एटीएस ने इनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
सूचना मिलने के बाद, एटीएस ने 5 अलग-अलग टीमें बनाकर एक बड़ा अभियान चलाया। एटीएस की टीमों ने गुजरात के बनासकांठा, मेहसाणा, नवसारी, पाटण और मध्य प्रदेश के देवास से 8 लोगों को गिरफ्तार किया।
जांच में पता चला है कि ये सभी गुजरात के ही रहने वाले हैं और एक पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर काम कर रहे थे।

पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था: डीआईजी
गुजरात के एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बाद में छह अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से काफी साहित्य और झंडे भी बरामद हुए। आरोपियों से जब्त मोबाइल फोन से काफी जानकारियां मिली हैं।
पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के हैंडलर के संपर्क में थे: डीआईजी
डीआईजी सुनील जोशी ने आगे बताया कि सभी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के अब्दुल्ला साहब नाम के एक हैंडलर के संपर्क में थे। हैंडलर के इशारे पर ही गुजरात में मजबूत नेटवर्क खड़ा करने कोशिशों में लगे हुए थे। इन्हें एक शख्स के जरिए 3 लाख रुपए भी मिले थे। ये गुजरात में पाटण के एक मदरसे में रह रहे थे। मदरसे से साहित्य और कुछ पर्चे भी जब्त किए गए हैं।
सदस्यों की भर्ती के लिए तंजीम नाम का संगठन बनाया था
डीआईजी सुनील जोशी ने कहा- आरोपियों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के लिए गुजरात में एक तंजीम नाम का संगठन बनाया था। वर्तमान में, तंजीम में 8 सदस्य शामिल हो चुके थे और अपने क्षेत्र में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए उनका ब्रेनवॉश कर रहे थे। जांच में यह भी पता चला है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी साहित्य का गुजराती में अनुवाद करके स्थानीय स्तर पर इसकी विचारधारा का प्रचार भी कर रहे थे।
——————————
ये खबर भी पढ़ें…
गुजरात से 4 अलकायदा आतंकी गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर देश विरोधी और भड़काऊ पोस्ट

गुजरात एटीएस ने बताया कि उसने अल-कायदा से जुड़े 4 आतंकियों को गिरफ्तार किया है। दो आतंकी गुजरात, एक दिल्ली और एक नोएडा से पकड़ा गया है। ये चारों नकली नोटों के रैकेट और आतंकी संगठन से लोगों को जोड़ने का काम कर रहे थे। ये ऐसे एप्स का उपयोग कर रहे थे जिसमें कंटेंट अपने आप डिलीट हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत के वो 5 राज्य जहां इनकम है सबसे ज्यादा, दूसरे पर कर्नाटक लेकिन पहले पर कौन?
नई दिल्ली. भारत की औसत आय भले ही अभी भी लोअर-मिडिल इनकम कैटेगरी में हो, लेकिन देश के भीतर तस्वीर काफी अलग है. वर्ल्ड बैंक समूह की 1 जुलाई 2026 को जारी Country Income Classifications रिपोर्ट बताती है कि भारत की प्रति व्यक्ति आय 2,760 डॉलर है, जो उसे अभी भी निम्न-मध्यम आय वाले देश की श्रेणी में रखती है. लेकिन इसी रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भारत के 5 राज्य अब अपर-मिडिल इनकम लेवल को पार कर चुके हैं. यह साफ संकेत है कि भारत की आर्थिक कहानी अब एक जैसी नहीं रही. कुछ राज्य तेजी से आगे बढ़े हैं, जबकि कुछ अब भी बहुत पीछे हैं.
कौन से 5 राज्य उच्च-मध्यम आय स्तर में पहुंच गए?
वर्ल्ड बैंक की अपर मिडिल इनकम कैटेगरी की सीमा 4,636 डॉलर प्रति व्यक्ति आय से शुरू होती है. इस स्तर को पार करने वाले भारत के 5 राज्य इस प्रकार हैं:
- राज्य प्रति व्यक्ति आय (2025-26) वर्ल्ड बैंक की सीमा से तुलना
- दिल्ली 6,217 डॉलर बहुत आगे
- कर्नाटक 5,579 डॉलर बहुत आगे
- तेलंगाना 5,407 डॉलर बहुत आगे
- तमिलनाडु 5,329 डॉलर बहुत आगे
- गुजरात 4,734 डॉलर सीमा पार
इनमें दिल्ली सबसे आगे है, जिसकी प्रति व्यक्ति आय 6,217 डॉलर तक पहुंच गई है. इसके बाद कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और गुजरात हैं.
किन राज्यों की स्थिति सीमा के सबसे करीब है?
कुछ राज्य उच्च-मध्यम आय सीमा के बेहद करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी थोड़ा पीछे हैं.
- महाराष्ट्र: 4,628 डॉलर
- हरियाणा: 4,627 डॉलर
- केरल: 4,610 डॉलर
इन तीनों राज्यों और वर्ल्ड बैंक की सीमा के बीच का अंतर बहुत कम है. यानी आने वाले समय में ये राज्य भी उच्च-मध्यम आय श्रेणी में शामिल हो सकते हैं.
सबसे गरीब राज्य कौन से हैं?
रिपोर्ट में राज्यों के बीच आय का अंतर भी साफ दिखता है. सबसे पीछे रहने वाले राज्यों में:
- बिहार: 984 डॉलर
- उत्तर प्रदेश: 1,403 डॉलर
- झारखंड: 1,470 डॉलर
इन आंकड़ों से साफ है कि भारत के कुछ राज्यों की आय विकसित देशों के स्तर की ओर बढ़ रही है, जबकि कुछ राज्य अभी भी बहुत कम आधार से शुरुआत कर रहे हैं.
बिहार की आय कितनी कम है?
रिपोर्ट के मुताबिक बिहार की प्रति व्यक्ति आय सिर्फ 984 डॉलर है. यह न सिर्फ भारत के औसत से बहुत कम है, बल्कि नेपाल और कई उप-सहारा अफ्रीकी देशों से भी नीचे बताई गई है.
यह अंतर बताता है कि भारत के भीतर विकास की रफ्तार समान नहीं रही है. एक तरफ कुछ राज्य वैश्विक स्तर के उच्च-मध्यम आय वाले समूह में पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य अभी भी बुनियादी आय स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं.
30 साल में कितना बदला भारत?
रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा पिछले 30 वर्षों का बदलाव है. 1994 में भारत का कोई भी बड़ा राज्य मध्यम आय स्तर पर नहीं था. लेकिन 2025-26 तक तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है.
आज कई भारतीय राज्य ऐसे स्तर पर पहुंच चुके हैं, जहां उनकी प्रति व्यक्ति आय कुछ देशों के बराबर या उनसे भी ज्यादा है.
- आज किन देशों के बराबर या आगे हैं भारतीय राज्य?
कर्नाटक और तेलंगाना की आय इंडोनेशिया (5,120 डॉलर) और वियतनाम (4,970 डॉलर) से ज्यादा हो गई है. - कई भारतीय राज्य दक्षिण अफ्रीका (6,270 डॉलर), फिजी (6,230 डॉलर) और मंगोलिया (6,210 डॉलर) के बराबर या उनसे आगे पहुंच चुके हैं.
यह दिखाता है कि भारत के कुछ हिस्सों ने पिछले तीन दशकों में तेज आर्थिक छलांग लगाई है.
राज्यों के बीच असमानता क्यों बढ़ी?
रिपोर्ट के मुताबिक राज्यों के बीच असमानता कम होने के बजाय बढ़ी है.
- गिनी गुणांक (Coefficient) 0.230 से बढ़कर 0.261 हो गया है.
- सबसे अमीर और सबसे गरीब राज्यों के बीच आय का अंतर 2.38 गुना से बढ़कर 3.73 गुना हो गया है.
- मध्यम आय वाले राज्यों ने सबसे तेज बढ़त दर्ज की है, जिनकी आय 36.7 गुना बढ़ी.
- जबकि सबसे गरीब राज्यों की आय सबसे धीमी रही और सिर्फ 26.6 गुना बढ़ी.
इसका मतलब है कि विकास हुआ जरूर है, लेकिन उसका फायदा सभी राज्यों तक बराबरी से नहीं पहुंचा.
कौन से राज्य आगे निकले और कौन पीछे रह गए?
रिपोर्ट में कुछ राज्यों की तुलना भी दिलचस्प है.
आगे रहने वाले राज्य
- ओडिशा ने उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ दिया है. अब ओडिशा की आय उत्तर प्रदेश से 75% ज्यादा है.
- असम ने झारखंड को पीछे छोड़ दिया है. असम की आय अब झारखंड से 48% ज्यादा है.
पीछे रह जाने वाले राज्य
- पंजाब, जो 1994-95 में सबसे आगे था, अब राजस्थान के बराबर पहुंच गया है.
- इतना ही नहीं, पंजाब अब 7 अन्य राज्यों से पीछे है.
यह बदलाव बताता है कि भारत में आर्थिक नेतृत्व अब पुराने औद्योगिक या कृषि-समृद्ध राज्यों तक सीमित नहीं रहा. नए राज्य तेजी से उभरे हैं.
इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश क्या है?
इस रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश यह है कि भारत की औसत आय भले ही निम्न-मध्यम आय श्रेणी में हो, लेकिन राज्य स्तर पर तस्वीर बेहद असमान है. कुछ राज्य अब वैश्विक स्तर पर उच्च-मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं की कतार में खड़े हैं, जबकि कुछ राज्य अभी भी बहुत पीछे हैं. यानी भारत की विकास यात्रा एक समान नहीं रही, बल्कि कुछ राज्यों ने तेज रफ्तार पकड़ी और कुछ पीछे छूट गए.
बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा 91 वर्ष के हुए: धर्मशाला-लद्दाख में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, पीएम मोदी का बधाई संदेश- विश्व शांति के लिए उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय – Dharamshala News
विश्व प्रसिद्ध बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा सोमवार को 91 वर्ष के हो गए हैं। इस विशेष अवसर पर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित उनके अस्थायी निवास स्थान के मुख्य तिब्बती मंदिर ‘त्सुगलाखंग प्रांगण’ में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) और स्थानीय तिब्बती समुदाय द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश से आए सैकड़ों बौद्ध अनुयायियों, पर्यटकों और स्थानीय भारतीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। दलाई लामा के बारे में जानें- नोबेल शांति पुरस्कार मिल चुका है जन्म: 6 जुलाई 1935 को पूर्वोत्तर तिब्बत के ताकत्सेर गांव में हुआ। भारत आगमन: वर्ष 1959 में तिब्बत पर चीनी आक्रमण के बाद वे भारत आए और तब से धर्मशाला को अपना निवास स्थान बनाकर विश्व को शांति का संदेश दे रहे हैं। वैश्विक सम्मान: विश्व शांति और अहिंसा के प्रति उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें वर्ष 1989 में प्रतिष्ठित नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी दीर्घायु की शुभकामनाएं दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पोस्ट कर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने लिखा कि दलाई लामा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। शांति और सद्भाव का उनका संदेश दुनिया भर के लोगों के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति रहा है। उनकी नैतिक और आध्यात्मिक शक्ति तथा वैश्विक कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है। मैं उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूं।” राष्ट्रगान और विशेष प्रार्थना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत धर्मशाला में आयोजित इस समारोह में कांगड़ा के उपायुक्त (डीसी) हेमराज बैरवा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत भारत और तिब्बत के राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके बाद दलाई लामा की लंबी उम्र और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया और केक काटा गया। मुख्य अतिथि का संबोधन: दलाई लामा शांति और करुणा के जीवंत प्रतीक मुख्य अतिथि डीसी हेमराज बैरवा ने राज्य सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दलाई लामा केवल एक वैश्विक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि संघर्ष और विभाजन से त्रस्त इस आधुनिक विश्व में शांति, करुणा और सार्वभौमिक उत्तरदायित्व के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असली सुख भौतिकता में नहीं, बल्कि दयालु हृदय और क्षमा में है। इसके साथ ही डीसी ने क्षेत्र के पर्यटन और अर्थव्यवस्था में तिब्बती समुदाय के योगदान की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और आधिकारिक संदेशों का वाचन समारोह के दौरान तिब्बती स्कूलों और ‘तिब्बती प्रदर्शन कला संस्थान’ के कलाकारों ने अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। इस मौके पर निर्वासित तिब्बती संसद के उपाध्यक्ष खेनपो सोनम टेनफेल और कार्यवाहक सिक्योंग त्सेग्याल चुक्या द्रानी ने क्रमशः संसद और काशाग (कैबिनेट) का आधिकारिक संदेश पढ़ा। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सीटीए के कई सिविल सेवकों को भी सम्मानित किया गया।
Source link


