प्रतापगढ़ की धमोत्तर पंचायत समिति की मगरी पंचायत में लगे ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग ने विरासत नामांतरण मामलों का समाधान किया गया। गांव के पीरूलाल और कमतू बाई ने बताया कि उनके पिता बापूलाल के निधन के बाद हमारे नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हो पाए थे। इस कारण उन्हें राजस्व कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विरासत नामांतरण के लिए आवेदन पेश किया। शिविर में मौजूद पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने मामले की सुनवाई की और नामांतरण खोलने की प्रक्रिया पूरी की। इसी शिविर में राजस्व विभाग ने ग्राम पंचायत मगरी के छह अन्य लाभार्थियों के विरासत नामांतरण भी खोले। इन लाभार्थियों ने बताया कि उनके पिता रामाजी के निधन के बाद उनके नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हो पाए थे, जिससे उन्हें राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी हो रही थी। शिविर के दौरान राजस्व विभाग से विरासत नामांतरण की प्रक्रिया की जानकारी मिलने पर इन लाभार्थियों ने भी आवेदन पेश किए। पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने नामांतरण खोलने की प्रक्रिया पूरी की। बाबरिया, हुरजी, इंद्रा, गुड़ी, मगदू बाई और सोनिया के नाम जमाबंदी में दर्ज कर उन्हें जमाबंदी की कॉपी दी गई।
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मगरी पंचायत में लगा ग्रामीण सेवा शिविर: राजस्व विभाग ने मौके पर ही जमीन के नामांतरण खोले – pratapgarh (Rajasthan) News
सागर पर एक्शन होता तो जिंदा तो जिंदा होती बेटी: पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में छात्रा की हत्या पर परिजन बोले- प्रिंसिपल की लापरवाही से हत्या हुई – Pilibhit News
पीलीभीत मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल छात्रा की हत्या के मामले में प्रिंसिपल पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का कहना है कि अगर कॉलेज प्रशासन समय रहते कार्रवाई करता तो आज उनकी बेटी जिंदा होती। आरोप है कि कशिश ने करीब 15 दिन पहले आरोपी छात्र सागर की हरकतों की शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की थी, लेकिन उसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। कशिश के चाचा विकास पटेल ने कहा- कॉलेज प्रशासन को शिकायत की जानकारी थी तो परिवार को भी इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी। अगर ये लोग बेटी की सुरक्षा नहीं कर पा रहे थे तो हम लोगों काू बता देते। हम अपनी बेटी को यहां से ले जाते। प्राचार्य समेत पूरा प्रशासनिक स्टाफ इस घटना के लिए जिम्मेदार है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र दिया गया है। फिरोजाबाद का पुराना मामला फिर आया चर्चा में मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा के खिलाफ 2022 में फिरोजाबाद के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में भी गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एमबीबीएस सेकेंड ईयर के छात्र शैलेंद्र शंखवार ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मेडिकल छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर चक्काजाम कर कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न, परीक्षा में फेल करने की धमकी और अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। छात्र के पिता की तहरीर पर तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा, परीक्षा नियंत्रक और वार्डन समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। दोनों मामलों में समान आरोप परिजनों और छात्रों का कहना है कि दोनों मामलों में शिकायतों के प्रति प्रशासन का रवैया लगभग एक जैसा रहा। फिरोजाबाद में छात्र द्वारा प्रताड़ना की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। पीलीभीत में भी छात्रा कशिश की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पीलीभीत में शिकायत के बाद आरोपी छात्र से समझौता कराया गया और कुछ दिनों के लिए उसे छुट्टी पर भेज दिया गया। घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन पर शिकायतों से इनकार करने और जिम्मेदारी से बचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मेडिकल सुविधाओं पर भी उठे सवाल घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं भी सवालों के घेरे में आ गई हैं। परिजनों का कहना है कि कशिश की गर्दन की मुख्य रक्त वाहिनी कट जाने के बावजूद कॉलेज में तत्काल विशेषज्ञ वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं मिल सकी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वेंटिलेटर एम्बुलेंस से बरेली के निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में गंभीर आपात स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात कई कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं हुआ है और कई कर्मियों को नियमित नियुक्ति पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। इस संबंध में पहले भी उच्च अधिकारियों और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें की जा चुकी थीं। घटना के बाद प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कॉलेज स्टाफ के साथ बैठक कर दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। कॉलेज परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा हॉस्टल वार्डन को तत्काल आवास आवंटित करने और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, छात्रा के परिजन और छात्र संगठन अब भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
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इंदौर में मेडिकल छात्र और बुजुर्ग ने दी जान: दो अलग-अलग मामलों की जांच में जुटी पुलिस; बुजुर्ग पेट की बिमारी से परेशान था – Indore News
इंदौर के इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के एक छात्र और लसूडिया इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। मेडिकल छात्र की अस्पताल में मौत खुड़ैल थाना पुलिस के मुताबिक इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के थर्ड ईयर के छात्र रामगोपाल पाल (21) ने बुधवार दोपहर हॉस्टल परिसर में जहरीला पदार्थ खा लिया। कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रात में उनकी मौत हो गई। रामगोपाल बड़वाह के पास रामगढ़ के रहने वाले थे। पुलिस को उनके कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। तबीयत गंभीर होने के कारण उनके बयान भी दर्ज नहीं हो सके। पुलिस ने परिजनों को सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच जारी है। पेट की बीमारी से परेशान बुजुर्ग ने फांसी लगाई लसूडिया थाना क्षेत्र के बापू गांधी नगर में रहने वाले राजेश जाधव (60) ने बुधवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार, राजेश ने घटना से पहले पत्नी को ऊपर के कमरे में चाय लेकर आने के लिए कहा था। जब पत्नी चाय लेकर पहुंची तो वह फंदे पर लटके मिले। परिवार ने शुरुआती बयान में बताया है कि वह पिछले कुछ समय से पेट की बीमारी से परेशान थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक विवाहित बेटी हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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जबलपुर में 14.87 किलो सोना लूटकांड, गयाजी पहुंची MP पुलिस: गुरुआ की ज्वेलरी दुकानों के रिकॉर्ड खंगाले; पूछताछ के लिए एक युवक को हिरासत में लिया – Gaya News
मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुई 14.87 किलो सोना लूट मामले की जांच अब गयाजी तक पहुंच गई है। इस चर्चित बैंक लूट कांड में सुराग मिलने के बाद MP पुलिस की टीम जिले के गुरुआ पहुंची। शहर के कई ज्वेलरी दुकानों में जांच की गई। खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड खंगाले गए। दुकानदारों से भी लंबी पूछताछ की गई। एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार ने कहा, ‘फिलहाल जांच चल रही है। इसलिए अभी कुछ भी सटीक नहीं कहा जा सकता है।’ जांच में मिले इनपुट के आधार पर गुरुआ पहुंची MP पुलिस जानकारी के मुताबिक, एमपी पुलिस पिछले कई दिनों से इस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच के दौरान कुछ ऐसे इनपुट मिले, जिनके बाद टीम सीधे गुरुआ पहुंची। पुलिस को आशंका है कि लूट का कुछ सोना बिहार के रास्ते खपाने की कोशिश की गई होगी। इसी संभावना को लेकर कार्रवाई की जा रही है। ज्वेलरी दुकानों के रिकॉर्ड की हुई जांच गुरुआ बाजार की कई ज्वेलरी दुकानों में MP पुलिस पहुंची। दुकानों के खरीद-बिक्री रजिस्टर देखे गए। बिल, स्टॉक और अन्य दस्तावेजों की भी जांच हुई। कारोबारियों से यह जानकारी ली गई कि हाल के दिनों में किससे कितना सोना खरीदा गया और किसे बेचा गया। पुलिस हर रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। एक युवक से हिरासत में पूछताछ जारी सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान एक युवक को हिरासत में लिया और उससे लगातार पूछताछ चल रही है। पुलिस उसके बयान का मिलान दूसरे साक्ष्यों से कर रही है। हालांकि, उसकी भूमिका को लेकर अभी कोई पुलिस की ओर से ठोस जानकारी नहीं दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी। पहले भी गयाजी पहुंच चुकी हैं जांच एजेंसियां इस मामले में गयाजी पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है। इससे पहले बिहार एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गया से आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से तीन किलो से अधिक सोना भी बरामद हुआ था। उसी कार्रवाई के दौरान मिले कुछ नए सुराग के आधार पर अब मध्य प्रदेश पुलिस दोबारा गया पहुंची है। स्थानीय बाजार तक सोना पहुंचा या नहीं, जांच जारी सूत्र बताते हैं कि पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लूट का सोना स्थानीय बाजार तक पहुंचा या नहीं। यदि पहुंचा तो किन लोगों के माध्यम से उसकी खरीद-बिक्री हुई। इसी वजह से दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर और लोगों से भी पूछताछ हो सकती है।
फिलहाल किसी भी ज्वेलरी कारोबारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। बिना जांच पूरी हुए किसी पर आरोप नहीं लगाया जा सकता।
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स्वाद में मटन से आगे है यह जंगली सब्जी, साल में 10-15 दिन ही उपलब्ध, रेट ₹1000
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जमशेदपुर के बाजारों में देसी जंगली मशरूम की बहार है. बारिश में उगने वाला यह मशरूम 1000 रुपये किलो तक बिक रहा है. स्वाद में इसे शाकाहारियों का मटन कहा जाता है. इसका सीजन सिर्फ 10-15 दिनों का होता है. इससे ग्रामीणों को अच्छी आमदनी हो रही है.
जमशेदपुर: मानसून की पहली बारिश के साथ ही जमशेदपुर के बाजारों में देसी मशरूम की बहार लौट आई है. स्टेशन रोड, साकची और आसपास के बाजारों में इन दिनों सरायकेला, पटमदा, बोड़ाम, हालीपोखर, सिनी और हाता क्षेत्र के ग्रामीण जंगलों से प्राकृतिक रूप से उगने वाले मशरूम लेकर पहुंच रहे हैं. बारिश के मौसम में मिलने वाला यह देसी मशरूम स्वाद और पौष्टिकता के कारण लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. बाजार में इसकी मांग इतनी अधिक है कि कई किस्मों के मशरूम 1000 रुपये प्रति किलो या उससे अधिक कीमत पर बिक रहे हैं.
जंगल में होता है यह मशरूम
ग्रामीण महिला प्रेमी मुर्मू बताती हैं कि बारिश शुरू होते ही गांव के लोग सुबह चार बजे जंगल और खेतों के आसपास निकल जाते हैं. पेड़ों की जड़ों, सड़ी-गली लकड़ियों, पुआल और नम जमीन पर उगने वाले मशरूम को सावधानी से एकत्र किया जाता है. इसके बाद इन्हें साफ कर टोकरी और थैलों में भरकर जमशेदपुर के बाजारों में बिक्री के लिए लाया जाता है. उनका कहना है कि यह काम केवल कुछ दिनों तक ही चलता है क्योंकि देसी मशरूम का मौसम बहुत छोटा होता है. जंगलों में उगने के कारण इसे जंगली मशरूम भी कहा जाता है.
बाजार में इस समय कई तरह के देसी मशरूम देखने को मिल रहे हैं. इनमें बटन मशरूम, पुआल मशरूम, बस करील, रुगड़ा और अन्य स्थानीय किस्में शामिल हैं. रुगड़ा और बस करील को झारखंड की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. इनका स्वाद इतना खास होता है कि कई लोग इसे मांसाहारी व्यंजनों से भी बेहतर बताते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में इन मशरूमों की सब्जी, झोल और भुजिया बड़े चाव से बनाई जाती है.
शाकाहारियों का मटन
खरीदारों का कहना है कि देसी मशरूम की सब्जी का स्वाद बाजार में मिलने वाले सामान्य मशरूम से बिल्कुल अलग होता है. टेस्ट के मामले में इसे शाकाहारियों का मटन भी कहा जाता है. इसमें प्राकृतिक खुशबू और मिट्टी की सौंधी महक होती है, जो भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. यही वजह है कि ऊंची कीमत होने के बावजूद लोग इसे खरीदने से पीछे नहीं हटते. कई ग्राहक तो अपने परिचित ग्रामीणों को पहले से ही मशरूम लाने का आग्रह कर देते हैं.
देसी मशरूम में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और कई प्रकार के खनिज तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. हालांकि लोगों को केवल पहचान वाले और सुरक्षित मशरूम ही खरीदने और खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि कुछ जंगली मशरूम जहरीले भी हो सकते हैं.
कुछ दिन ही उपलब्ध
ग्रामीणों के लिए यह मौसम अतिरिक्त आय का भी अच्छा अवसर लेकर आता है. केवल 10 से 15 दिनों तक मिलने वाले इन मशरूमों की बिक्री से कई परिवारों को अच्छी आमदनी हो जाती है. बरसात के इस छोटे से मौसम में जंगल की यह सौगात न केवल ग्रामीणों की जेब भर रही है, बल्कि शहरवासियों की थाली में भी देसी स्वाद का तड़का लगा रही है.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
अमेरिका ने ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की: जवाब में तेहरान का बहरीन-कुवैत में मिसाइल हमला, जॉर्डन ने 3 मिसाइलें गिराईं
अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान में सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, हमलों में मिसाइल लॉन्च साइट, रक्षा ठिकाने और सिस्तान-बलूचिस्तान में 388वीं ब्रिगेड की बैरक को निशाना बनाया गया। जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया, जबकि जॉर्डन ने तीन ईरानी मिसाइलें मार गिराने की जानकारी दी। इस बीच ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि अगर अमेरिका पीछे नहीं हटता, तो ईरान बड़े सैन्य टकराव के लिए तैयार है। वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ी तो मिडिल-ईस्ट से तेल और गैस का निर्यात भी रोका जा सकता है। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में जहाज नहीं भेज रहीं कंपनियां: ईरानी हमलों के बाद कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए अमेरिका की सुरक्षा लेने से भी बच रही हैं। 2. अमेरिकी हमलों में 35 ईरानी लोगों की मौत: ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि हाल के दिनों में हुए अमेरिकी हवाई हमलों में 35 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। 3. ईरान जंग के बाद पहली बार अमेरिका जाएंगे नेतन्याहू: इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू शनिवार को अमेरिका जाएंगे। वे दिवंगत अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम को श्रद्धांजलि देने जा रहे हैं। 4. अचानक कतर पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री: अब्बास अराघची अचानक कतर की राजधानी दोहा पहुंचे। वह कतर के पूर्व अमीर हमद बिन खलीफा अल थानी के सम्मान में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेंगे। 5. लापता भारतीय नाविक के मौत की पुष्टि: ओमान के तट के पास कारोबारी जहाज GFS गैलेक्सी पर 12 जुलाई को हुए हमले के बाद लापता हुए एक भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हो गई है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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डीजल पर ₹8.5 तो ATF पर ₹7.5 एक्सपोर्ट टैक्स बढ़ा, पेट्रोल का घटा, सरकार ने क्यों लिया यह फ
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अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने पर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल पर एक्सपोर्ट टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. हालांकि, पेट्रोल पर लेवी घटा दी है.
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच भारत ने डीज़ल और जेट फ़्यूल पर एक्सपोर्ट टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया; पेट्रोल पर लेवी घटाई.
अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ गई हैं. इसके चलते भारत ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स को 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है. हालांकि, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स में कटौती की है.
सरकारी आदेश के मुताबिक, अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने और ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ने के कारण भारत ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (जेट फ्यूल) के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स बढ़ा दिया है. सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, डीजल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स को 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है.
वहीं, सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. नई दरें आज यानी 16 जुलाई से लागू होंगी.
दरअसल, इस हफ़्ते अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया है. बुधवार को कीमतों में बढ़ोतरी हुई और फिर थोड़ी कमी आई, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी और ईरान ने इलाके में अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए.
शादी में अब लाइसेंसधारी कैटरर्स ही बनाएंगे खाना बिना एफएसएसएआई अनुमति पर होगी कार्रवाई – Baran News
बारां | जिले में अब शादी-ब्याह, धार्मिक आयोजनों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में भोजन परोसने के नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण वाले हलवाई और कैटरर्स सार्वजनिक आयोजनों में भोजन बना सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत आयोजकों को कार्यक्रम से पहले कैटरर्स की लाइसेंस संख्या सहित पूरी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को देनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई होगी। सीएमएचओ डॉ जगदीश कुशवाह ने बताया कि आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण राजस्थान की ओर से जारी एसओपी के अनुसार आयोजक या कैटरर्स को कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान, आयोजक का नाम, मोबाइल नंबर, कैटरर्स का नाम एफएसएसएआई लाइसेंस संख्या, संभावित मेहमानों की संख्या और भोजन तैयार व परोसने के स्थान की जानकारी पहले से देनी होगी। विभाग जिले के सभी हलवाई, कैटरर्स और खाद्य व्यवसाय संचालकों का सत्यापन भी करेगा। नई व्यवस्था में मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला, सामुदायिक भवन और फार्म हाउस संचालकों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर में केवल लाइसेंसधारी खाद्य व्यवसाय संचालक ही भोजन तैयार करें। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जाएंगे। एसओपी लागू की गई है: राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गई है। अब शादी-विवाह, धार्मिक, सामाजिक एवं अन्य सार्वजनिक आयोजनों में केवल वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण प्राप्त हलवाई, कैटरर्स और खाद्य व्यवसायी ही भोजन तैयार एवं परोस सकेंगे। अगर कोई व्यक्ति खाद्य पदार्थों में मिलावट कर रहा है, तो खाद्य सुरक्षा संबंधी शिकायत विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 07453 230451, 7976003636 पर दर्ज करवा सकते हैं।
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3 महीने तक दिल्ली कैंट पर नहीं रुकेंगी कई ट्रेनें: स्टेशन निर्माण कार्य शुरू, महेंद्रगढ़ के यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी – Narnaul News
दिल्ली मंडल के अंतर्गत दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर चल रहे मेजर अपग्रेडेशन कार्य के चलते महेंद्रगढ़ जिले के रेल यात्रियों को आगामी तीन माह तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। प्लेटफार्म संख्या दो और तीन पर ब्लॉक लिए जाने के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे की कई महत्वपूर्ण रेल सेवाएं दिल्ली कैंट स्टेशन पर अस्थायी रूप से नहीं रुकेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि 15 जुलाई से अक्टूबर 2026 तक विभिन्न तिथियों में कई रेलगाड़ियों के दिल्ली कैंट स्टेशन पर ठहराव को निरस्त किया गया है। दिल्ली जाने वाले लोग होंगे परेशान इसका असर महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल, अटेली और महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ेगा, क्योंकि जिले के अनेक यात्री दिल्ली कैंट स्टेशन का उपयोग आगे की यात्रा के लिए करते हैं। नारनौल-महेंद्रगढ़ के ये ट्रेन शामिल प्रभावित रेल सेवाओं में महेंद्रगढ़ जिले से होकर गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। इनमें सीकर-दिल्ली सराय रोहिल्ला (14713), उदयपुर सिटी-दिल्ली सराय रोहिल्ला (20474), जोधपुर-दिल्ली सराय रोहिल्ला (22422), लालगढ़-दिल्ली सराय रोहिल्ला (22471) जैसी ट्रेनें शामिल हैं। इसके अलावा जोधपुर-गोरखपुर स्पेशल (04829) भी निर्धारित अवधि तक दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। वहीं रेवाड़ी के रास्ते दिल्ली को जाने वाली कई अन्य ट्रेन जो जयपुर से आती हैं, वे भी दिल्ली कैंट स्टेशन पर नहीं रुकेंगी। अन्य विकल्प अपनाएं रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। जिन यात्रियों का गंतव्य दिल्ली कैंट है, उन्हें नई दिल्ली, दिल्ली सराय रोहिल्ला या अन्य निकटवर्ती स्टेशनों का विकल्प अपनाना पड़ सकता है। दिल्ली कैंट स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, लेकिन फिलहाल निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ेगी।
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6 गोली मारकर बेटे ने पिता का मर्डर किया: गाजियाबाद में बेटे को शराब पीने से रोकता था पिता, पत्नी और बेटा चिल्लाते रहे – Ghaziabad News
गाजियाबाद में बुधवार रात 12 बजे बड़े बेटे ने जमीन विवाद में अपने पिता की गोली बरसाकर हत्या कर दी। बेटे ने पिस्टल से 6 गोलियां मारीं, उसके बाद पिस्टल लेकर फरार हो गया। घर में हत्या से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर एसीपी मोदीनर भास्कर वर्मा और डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्यारोपी बेटे की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 4 टीमें लगाईं हैं, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस ने बतााया कि शराब के नशे में युवक ने जमीनी विवाद में पिता की हत्या की है। 150 करोड़ के मालिक थे हरिओम चौधरी गाजियाबाद के मोदीनगर थाना क्षेत्र के बुदाना गांव निवासी हरिओम चौधरी (52 साल) की गिनती क्षेत्र के सम्पन्न किसानों में थी। उनके नाम पर मोदीनगर के पास 75 बीघा जमीन है, जबकि मोदीनगर में दिल्ली- मेरठ रोड पर जीवन अस्पताल के सामने मार्केट है। हरिओम के परिवार में पत्नी अनिता, बड़ा बेटा निखिल नेहरा और छोटा बेटा नीशू है। एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़ा बेटा निखिल शराब पीने का आदी है, इसी को लेकर पिता उसे डांटते थे। बड़े बेटे को मार्केट में दुकानें और 25 बीघा जमीन भी दे रखी थी। लेकिन बेटा अपने हिस्से की जमीन अपने नाम कराना चाहता था, इस पर पिता कहते थे कि तू इस जमीन को भी शराब और अपने शौक में बेचकर खा जाएगा। अवैध पिस्टल से की हत्या हरिओम चौधरी ने रात में अपनी पत्नी और छोटे बेटे के साथ खाना खाया था, उस समय बड़ा बेटा घर पर नहीं था। वह रात में ही शराब पीकर आया था। बताया गया है कि पिता ने बेटे को शराब पीने पर डांट दिया। जिसके बाद निखिल (32 साल) ने पिस्टल निकाल ली। जहां निखिल का पिता से विवाद होने लगा। इस दौरान दूसरे कमरे से हरिओम की पत्नी अनीता और छोटा बेटा नीशू भी आ गए। जहां हाथापाई के बाद बड़े बेटे निखिल ने पिस्टल से गोली मार दी। चेहरे पर गोली लगकर हरिओम फर्श पर गिर पड़े, इसके बाद हरिओम ने चेहरे, सीने और प्राइवेट पार्ट के पास भी गोलियां मारी। जहां पुलिस ने 4 से 6 गोलियों के निशान बताए। 2018 में छोटे भाई को मारी थी गोली हरिओम के दोनों बेटों की शादी नहीं हुई है, पुलिस की जांच में आया कि निखिल का शराब पीने को लेकर अपनी मां ओर पिता से पूर्व में भी झगड़ा होता रहता था। साल 2018 में भी निखिल ने अपने छोटे भाई नीशू पर भी फायरिंग की थी, जिसमें एक गोली नीशू को लगी थी। अब पुलिस पूरे केस की भी जांच कर रही है। पति की हत्या के बाद पत्नी अनीता रोती बिलखती रहीं कि तूने तो पूरा घर ही उजाड़ दिया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि रात में निखिल ने मोदीनगर में दोस्तों के साथ शराब पार्टी की थी, उसके बाद घर पहुंचकर पिता की हत्या की। एसीपी का बयान एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि बड़े बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या की है। जांच में आया कि शराब पीकर बेटा घर में झगड़ा करता था। जमीन के विवाद को लेकर पुलिस जांच कर रही है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें लगाई गईं हैं।
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