Saturday, July 25, 2026
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राजस्थान में पेपरलीक की सजा उम्रकैद, 10 करोड़ जुर्माना: देश में सबसे सख्त कानून वाले 4 राज्यों में, सजा 1 को भी नहीं – Rajasthan News


दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रोटेस्ट के बीच प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक करने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार के कानून में सख्त संशोधन को केबिनेट में मंजूरी मिल गई है। अब इस संशोधन बिल को लोकसभा में रखा जाएगा।

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राजस्थान में 2023 के विधानसभा चुनाव में पेपर लीक ही सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना था। खास बात यह है कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ देश का सबसे सख्त कानून राजस्थान में है।

फिर भी अब तक किसी भी आरोपी को कोर्ट से सजा नहीं हुई है। साल 2015 के बाद से अब तक 600 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

एक्सपट्‌र्स के अनुसार, आरोपियों को जल्दी सजा तक पहुंचाने के लिए अब बस यहां फास्ट ट्रैक कोर्ट की जरूरत है। राजस्थान के अलावा पेपर लीक मामलों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और झारखंड के कानून में भी उम्रकैद का प्रावधान है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

राजस्थान में 2023 से पेपर लीक और नकल विरोधी संशोधन कानून लागू हो चुका है। वहीं केंद्र में संशोधन को सरकार सोमवार को संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है।

राजस्थान के पेपर लीक मामलों में RPSC और कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से आयोजित सभी तरह की प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं।

वहीं, केंद्रीय कानून में UPSC, SSC, रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB), बैंकिंग परीक्षाएं (IBPS) और NTA की ओर से आयोजित NEET, JEE, और UGC-NET जैसी बड़ी प्रवेश व पात्रता परीक्षाएं शामिल हैं।

राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार दवाब में लाई थी संशोधन बिल

राजस्थान में पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने के लिए 21 जुलाई 2023 को संशोधन बिल (राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2023) विधानसभा में पारित हो गया था।

इसके बाद 5 अगस्त 2023 को राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही इसने कानूनी रूप ले लिया। पिछली सरकार में 2021 में रीट 2021 व सब-इंस्पेक्टर और 2022 में सीनियर टीचर, कॉन्स्टेबल भर्ती, हाई कोर्ट LDC भर्ती सहित कई परीक्षाओं में पेपर लीक हुए।

वहीं RAS जैसी परीक्षा के बाद ओएमआर शीट तक बदलने के मामले को ACB ने पकड़ा। पेपर लीक के मामले में बीजेपी ने कांग्रेस सरकार को जमकर घेरा हुआ था।

पिछली सरकार काफी दबाव में थी और चुनाव भी नजदीक आते जा रहे थे। ऐसे में सरकार पेपर लीक और नकल रोकने के लिए राजस्थान परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) अधिनियम, 1992 में 2023 में संशोधन बिल लेकर आई थी।

पेपर लीक, नकल या गलत तरीके से नौकरी पाने वाले 190 कर्मचारी हटाए

राजस्थान में पिछले ढाई सालों में पेपर लीक को लेकर कई कार्रवाई हुई हैं। सरकार में आते ही सीएम भजनलाल शर्मा ने पेपर लीक मामलों की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया।

सरकार ने पेपर पाकर नौकरी पर लगने वाले, नकल करके या गलत सर्टिफिकेट के जरिए नौकरी पाने वाले करीब 190 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इन्हें बर्खास्त कर सरकार ने इनकी सेवा समाप्त कर दी है।

सरकार ने 135 शारीरिक शिक्षकों को भी नियुक्ति रद्द की, इन्होंने फर्जी खेल सर्टिफिकेट लगाए थे। सरकार की रेडार पर 500 सरकारी कर्मचारी ओर हैं, इनके खिलाफ जांच जारी है।

615 गिरफ्तार, सजा 1 को भी नहीं

पेपर लीक करने वाले या ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे करीब 570 लोग यहां गिरफ्तार हो चुके हैं। यदि 2015 से अब तक के आंकड़े देखें तो पेपर लीक मामलों में 615 से भी अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी है।

लेकिन कोर्ट से किसी को भी अब तक कोई सजा नहीं हुई है। मामलों में सुनवाई जारी है। राजस्थान में पिछले ढाई साल में अब तक 380 से ज्यादा छोटी-बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित हो चुकी हैं।

लेकिन सरकार की ओर से की गई सख्ती के चलते पेपर लीक की घटनाएं काफी हद तक थम गई हैं। हाल ही राजस्थान सरकार ने दावा भी किया कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ।

राज्य सरकार की सबसे बड़ी कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक में की गई थी। अकेले इस मामले में 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसमें आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा और रामूराम राईका को भी गिरफ्तार किया गया।

दो बड़े किरदार

बाबू लाल कटारा : चलती बस में पेपर सॉल्व

उदयपुर जिले के बेकरिया थाना पुलिस ने 24 दिसंबर 2022 को एक बस को पकड़ा था। पेपर लीक के सरगना चलती बस में द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के 49 अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पेपर हल करवा रहे थे।

इसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ और तार तत्कालीन आरपीएससी के सदस्य बाबूलाल कटारा से जुड़ गए। ग्रेड सेकेंड टीचर भर्ती-2022 पेपर लीक मामले में कटारा को इस परीक्षा के पेपर और उत्तर कुंजी तैयार करने का दायित्व मिला था।

उसने पेपर लीक कर दिया। कटारा के घर से 51.20 लाख रुपए नकद और 541 ग्राम सोने के 9 गहने बरामद हुए थे।

एसओजी ने 2023 में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर और ड्राइवर को गिरफ्तार किया।

एसओजी ने 2023 में RPSC के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा, उसके भांजे विजय डामोर और ड्राइवर को गिरफ्तार किया।

रामूराम राइका : बेटे-बेटी के लिए पेपर लिया

रामूराम राईका को 1 सितंबर 2024 को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने 5 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। राईका पर आरोप है कि उसने निलंबित RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा से अपने बेटे और बेटी के लिए एसआई भर्ती परीक्षा से पहले पेपर लिया था। रामूराम राईका 2018 से 2022 तक आरपीएससी मेंबर रहा था।

पेपर लीक मामले में आरपीएससी (RPSC) के पूर्व सदस्य रामूराम राईका को 2024 में SOG ने गिरफ्तार किया था।

पेपर लीक मामले में आरपीएससी (RPSC) के पूर्व सदस्य रामूराम राईका को 2024 में SOG ने गिरफ्तार किया था।

पेपर लीक में सजा जल्दी क्यों नहीं मिल पाती…

एक्सपर्ट के अनुसार पेपर लीक मामलों में आरोपियों की संख्या काफी अधिक होती है। ये गैंग के रूप में होते हैं। एक के बाद दूसरा, तीसरा…ऐसे चेन जुड़ी हुई रहती है।

हर पेपर लीक मामले में आरोपियों की संख्या काफी अधिक होने के कारण जांच भी लगातार चलती रहती है। कोर्ट में सुनवाई भी लगातार चलने के कारण काफी समय लगता है। पिछले कुछ सालों में पकड़े गए आरोपियों की संख्या भी यहां काफी अधिक है।

पेपर लीक के आरोपियों को जल्दी सजा के लिए कुछेक ही विकल्प हो सकते हैं। जैसे सरकार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों को ले जाना चाहिए, जिससे कोर्ट ऐसे मामलों पर ही फोकस करते हुए काम करे।

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कोटा में प्रदर्शन, मंत्रियों के घरों के बाहर पुलिस तैनात:जोधपुर-बूंदी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस में धक्का-मुक्की; जयपुर में वकीलों ने निकाला पैदल मार्च

दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर हुई पुलिस की कार्रवाई का विरोध राजस्थान में भी हुआ। जोधपुर में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए। पूरी खबर पढ़िए…



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‘पुलिस ने डंडों में कीलें ठोकीं, महिलाओं के कपड़े फाड़े’: युवती बोली- 2 साल NEET की तैयारी की, परिवार ने छुड़वाकर पॉलिटेक्निक में एडमिशन कराया – Sirsa News




हम 19 जुलाई को सिरसा से दिल्ली पहुंचे थे। 20 को जंतर-मंतर गए। वहां दो-तीन जगह बैरिकेडिंग की गई थी। करीब एक घंटे तक नारेबाजी हुई, जिसके बाद पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज कर दिया। महिलाओं को धक्के दिए गए और उनके कपड़े फाड़ दिए गए। एक गर्भवती महिला को भी दूर धकेल दिया। यह दावा सिरसा के दारेवाला गांव निवासी सरोज रानी का है। सरोज 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद मार्च में शामिल होने दिल्ली गई थीं। इस दौरान उन्हें पुलिस ने डिटेन किया था। सिरसा लौटने के बाद दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर कई आरोप लगाए। सरोज के साथ मार्च में शामिल हुई अन्य युवतियों ने भी वहां का माहौल बताया। इन्हीं में शामिल पायल ने बताया- मैंने दो साल तक NEET की तैयारी की थी, लेकिन पेपर में गड़बड़ियों के बाद मेरे परिवार ने तैयारी छुड़वाकर एडमिशन सिरसा के पॉलिटेक्निक कॉलेज में करवा दिया। ‘महिलाओं के कपड़े फाड़े, डंडों में कीलें ठोक रखी थीं ‘ सिरसा के दारेवाला गांव निवासी सरोज रानी ने कहा- “20 जुलाई को मैं खुद जंतर-मंतर पर मौजूद थी। मैंने अपनी आंखों से देखा कि पुलिसकर्मियों ने हमारी बच्चियों के कपड़े फाड़ दिए और उन्हें अर्धनग्न कर दिया। यह बेहद शर्मनाक था। बच्चों के साथ हर अभिभावक खड़ा है और उनके समर्थन में आवाज उठाना जरूरी था। प्रदर्शन स्थल पर न शौचालय की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। मैंने अपनी आंखों से देखा कि यदि प्रदर्शन स्थल पर खाना भी पहुंचता है तो वह बच्चों तक नहीं पहुंच पाता, क्योंकि वहां प्रदर्शनकारियों की संख्या बहुत ज्यादा है। सरकार ने बच्चों को ‘कॉकरोच’ कहकर अपनी घटिया मानसिकता दिखाई है। पिछले 12 साल में पहली बार प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर सामने आकर बातचीत की है। वरना वह सिर्फ ‘मन की बात’ करते रहे हैं। वहां का माहौल ऐसा है कि कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को वहां ले जाना नहीं चाहेगा।” हमने भगत सिंह को दोबारा देखा है। पहले सिर्फ उनके बारे में पढ़ा और सुना था। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और फायरिंग की, लेकिन बच्चों ने भी उनका डटकर सामना किया। वहां पत्थरों से भरे ट्रक लाए गए और डंडों में कीलें ठोंक रखी थीं। इतने बच्चों का खून बहने के बाद जाकर प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर मुंह खोला। अब जनता खुद तय करे कि उन्हें देश की ज्यादा चिंता है या हवाई यात्राओं की।” ‘हमारे पेरेंट्स दिल्ली भेजने से डर रहे’ सिरसा के आनंद विहार निवासी छात्रा पूजा ने बताया- “स्टूडेंट ने 20 जुलाई को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने एवं संसद तक जाने को कहा था। इतनी बेरहमी से उनको मारा गया। एक पुलिस वाले ने तो अपने डंडे पर कील लगा रखी थी। हमारे पेरेंट्स हमें वहां जाने नहीं दे रहे। वो डर रहे हैं कि बच्चों को कुछ हो ना जाए। हम अपने जिले में रहकर आवाज उठा सकते हैं। एक ये NEET एग्जाम की बात नहीं है, हर एग्जाम में हेरा-फेरी हुई है। CJL में हेरा-फेरी हुई। मैंने साल 2024 में BSF का फॉर्म भरा था। मेरे साथ और भी स्टूडेंट स्टेडियम में तैयारी करने के लिए आते थे। सभी का फिजिकल भी क्लीयर हुआ। हमारा फिजिकल इतनी दूर था कि हमारा पांच से दस हजार के बीच खर्चा आया। वो क्या फ्री के आए थे? उसका अभी तक एग्जाम नहीं हुआ। सरकार क्या कर रही है? हम अपना भविष्य कहां देखें। अभी सरकारी भर्ती के लिए पेपरों की तैयारी कर रही हूं।” ‘NTA चेयरमैन का नहीं, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए’ पूजा ने कहा- “यह सिर्फ NEET पेपर लीक का मामला नहीं है। आज ऐसे कई युवा हैं, जिन्होंने बीएससी और एमएससी जैसी डिग्रियां हासिल की हैं, लेकिन 10-10 साल पढ़ाई करने के बाद भी बेरोजगार घूम रहे हैं। सरकारी भर्तियों की तैयारी में काफी समय और पैसा खर्च होता है। आवेदन फॉर्म भरने के लिए भी फीस देनी पड़ती है। जिनके माता-पिता सरकारी नौकरी में हैं, वे किसी तरह खर्च उठा लेते हैं, लेकिन कई परिवारों के लिए यह संभव नहीं होता। सरकार ने एनटीए के चेयरमैन का इस्तीफा मांगा है, लेकिन यह सिर्फ एनटीए का मामला नहीं है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। यदि शिक्षा व्यवस्था पर प्रभावी निगरानी नहीं होगी, तो चाहे कोई भी बोर्ड हो, पेपर लीक जैसी घटनाएं होती रहेंगी।” ‘NEET की तैयारी छोड़ पॉलिटेक्निक में एडमिशन लिया’ सहारणी गांव निवासी पायल ने बताया- “मैंने दो साल पहले NEET की तैयारी की थी। उस समय मेरी उम्र भी परीक्षा देने की थी। मैंने एक साल ड्रॉप लेकर तैयारी की, लेकिन उसी दौरान स्कैम सामने आया। 28 छात्रों को पूरे अंक दिए गए थे। इससे पहले NEET में ऐसा कभी देखने को नहीं मिला था। उस समय कई छात्रों के साथ अन्याय हुआ था। इसी वजह से मेरे परिवार ने मुझसे कहा कि अब आगे NEET की तैयारी नहीं करनी है। इसके बाद मेरे परिवार ने मेरा दाखिला सिरसा के पॉलिटेक्निक कॉलेज में आर्किटेक्चर ट्रेड में करवा दिया। मैं इस प्रदर्शन में इसलिए शामिल हूं ताकि भविष्य में इस तरह पेपर लीक या परीक्षा में गड़बड़ी जैसी घटनाएं दोबारा न हों। मेरे साथ पढ़ने वाले कुछ छात्रों ने NEET का री-एग्जाम भी दिया था। री-एग्जाम में उन्हें पहले की तुलना में काफी कम अंक मिले, जबकि पहले वाले पेपर में उनके नंबर अच्छे थे।” ————————– ये खबर भी पढ़ें :- जंतर-मंतर लाठीचार्ज-कॉकरोच पोस्ट पर घिरीं हरियाणवी लेडी अफसर:DUSU चुनाव लड़ चुकीं, किरण बेदी जैसी बनने का सपना; प्रोटेस्ट में हाथ फ्रैक्चर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच जमीन पर छटपटाते कॉकरोच की वीडियो पर कमेंट के साथ स्टोरी शेयर करने के बाद से ट्रोल हो रहीं CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत के हाथ में फ्रेक्चर के कारण मेडिकल लीव पर भेजा गया है। साथ ही हालात और थ्रेट्स को देखते हुए धरने से दूर कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…



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लखनऊ में बारिश – हवाओं के बीच बिजली हुई गुल: गोमती नगर – महानगर में पोल पर गिरे पेड़ , रहीमाबाद में सोशल मीडिया की मदद से आई बिजली – Lucknow News




लखनऊ में शुक्रवार को मौसम बदलने के बाद बिजली कई जगह गुल हो गई। तेज हवा और बारिश से जगह-जगह विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने और खंभे उखड़ने से सप्लाई बाधित हुई। अलीगंज, जानकीपुरम और महानगर समेत विभिन्न जगहों पर बिजली संकट रहा। बिजली कटौती के कारण कई कॉलोनियों में पानी का संकट देखने को मिला। शहर के इन इलाकों में बिजली गुल हुई अलीगंज में GSI उपकेंद्र के पास बिजली लाइन पर पेड़ गिर जाने से आपूर्ति ठप हो गई। महानगर इलाके में विद्युत पोल गिर गया। मोहनलालगंज में फीडर ब्रेकडाउन हो गया । इसके अलावा फैजुल्लागंज के गायत्री नगर और यूपीआईएल उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले राजेन्द्र नगर में भी देर तक अंधेरा छाया रहा। चिनहट, कमता,गोमतीनगर, इंदिरानगर, दाउद नगर, अमीनाबाद , जानकीपुरम,और चौक जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में दिनभर बिजली की आवाजाही का सिलसिला जारी रहा। इससे परेशान लोगों ने लेसा के टोल-फ्री नंबर 1912 और स्थानीय सब-स्टेशन पर कई बार फोन मिलाए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तारों का मकड़जाल होगा साफ शहर में अलग अलग हिस्सों से तारो का मकड़जाल हटाया जाएगा। कुर्सी रोड स्थित महावीर इंटर कॉलेज के सामने घरों और दुकानों के ऊपर फैले बिजली के तारों के को हटाया जाएगा। अधिशासी अभियंता पंकज गुप्ता ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एबीसी (एरियल बंच्ड) केबल लाइन बिछाई जाएगी, जिससे खुले बिजली तारों का जाल समाप्त होगा और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बिजली पोल भी लगाए जाएंगे। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपने परिसरों में आर्ड केबल लगवाने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि आर्ड केबल लगने के बाद विभाग की ओर से निशुल्क नया बिजली मीटर भी लगाया जाएगा। सोशल मीडिया की मदद से आई बिजली रहीमाबाद के गोपालपुर में महाराजा के घर पर लगा बिजली मीटर 15 दिनों से बंद पड़ा था। उपभोक्ता हर्षित ने बताया कि उनकी दादी महाराजा के नाम से बिजली कनेक्शन है। मीटर खराब हुआ तो टोल फ्री नंबर और उपकेंद्र पर शिकायत की थी, लेकिन बिजली मीटर नहीं बना। जिसके बाद सोशल मीडिया का सहारा लेकर वीडियो वायरल किया। जिसके बाद रहीमाबाद पावर हाउस से बिजली कर्मी मौके पर पहुंचे और बिजली मीटर सही करके सप्लाई चालू किया।



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MP में 20 IAS अफसरों के तबादले, 6 कलेक्टर बदले: राजौरा बने प्रशासन अकादमी के DG, डॉ. खाड़े मुख्यमंत्री के सचिव; भास्कर इंदौर संभागायुक्त – Bhopal News




मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार आधी रात 20 आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए। अशोक बर्णवाल को मुख्य सचिव बनाए जाने के 24 घंटे बाद हुई पहली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में 6 कलेक्टर बदले गए हैं। एसीएस डॉ. राजेश राजौरा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया गया है। इंदौर संभागायुक्त डॉ. सुदाम पी. खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि भास्कर लक्षकार नए इंदौर संभागायुक्त होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मण्डलोई को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 की कमान सौंपी गई है। इसके साथ ही उन्हें उद्योग एवं एमएसएमई विभाग की जिम्मेदारी भी दी गई है। यह विभाग अब तक प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह के पास था। 6 जिलों में नए कलेक्टर
शासन ने रतलाम में अजय कटेसरिया, शहडोल में मिशा सिंह, अनूपपुर में रत्नाकर झा, खरगोन में गुरु प्रसाद, मंदसौर में दिव्यांक सिंह और आगर मालवा में डॉ. शेर सिंह मीना को कलेक्टर बनाया है। इसी आदेश में शहडोल कलेक्टर केदार सिंह को अपर सचिव, लोक निर्माण विभाग भेजा गया है। मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग को ओएसडी सह आयुक्त, खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग और आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव को औद्योगिक विकास निगम, इंदौर का कार्यकारी संचालक बनाया गया है। खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल दो साल की स्टडी लीव पर चली गई हैं, इसलिए वहां गुरु प्रसाद को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। UCC ड्राफ्ट बनाने वाले कटेसरिया बने रतलाम कलेक्टर
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को रतलाम का कलेक्टर बनाया गया है। सरकार ने उनकी मेहनत का इनाम देते हुए पहली बार जिले की कमान सौंपी है। पहले दस साल तक बंद पड़ी पदोन्नति की प्रक्रिया के लिए उन्होंने पदोन्नति नियम-2025 तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। इसके बाद मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। संदीप यादव को जल संसाधन, NVD की जिम्मेदारी ई. रमेश कुमार को
एमडी कृषि उपज मंडी कुमार पुरुषोत्तम को मंडी बोर्ड के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव बनाया गया है। मुख्यमंत्री के विश्वस्त अधिकारी संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। अब केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध परियोजनाओं की जिम्मेदारी भी उनके पास रहेगी। शुक्रवार को डॉ. राजेश राजौरा को प्रशासन अकादमी का महानिदेशक बनाया गया था। उनके पास जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास (NVD) विभाग की जिम्मेदारी भी थी। जल संसाधन विभाग अब संदीप यादव को सौंपा गया है, जबकि NVD का प्रभार प्रमुख सचिव ई. रमेश कुमार को दिया गया है। वे राजस्व विभाग के साथ यह जिम्मेदारी भी संभालेंगे। ऊर्जा विभाग मनीष सिंह को, PHE की जिम्मेदारी सचिन सिन्हा को
राज्य सरकार ने अहम विभागों में भी बदलाव किया है। प्रशासन अकादमी के महानिदेशक पद से सचिन सिन्हा को हटाकर उन्हें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। वहीं नीरज मण्डलोई से ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी वापस लेकर यह विभाग प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मनीष सिंह को अतिरिक्त प्रभार के रूप में सौंपा गया है। राघवेंद्र सिंह अब वन विभाग के प्रमुख सचिव
पिछले ढाई साल से औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग संभाल रहे राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया है। उन्हें आनंद विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। 17 महिला कलेक्टर थीं, अब संख्या घटकर 15
प्रदेश के 55 जिलों में एक माह पहले तक 17 महिला कलेक्टर पदस्थ थीं। अब यह संख्या घटकर 15 रह गई है। खरगोन कलेक्टर भव्या मित्तल दो साल की स्टडी लीव पर चली गई हैं। वहीं मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग और आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव से कलेक्टरी लेकर उन्हें भोपाल पदस्थ किया गया है। दूसरी ओर मिशा सिंह को शहडोल का कलेक्टर बनाया गया है, जिससे महिला कलेक्टरों की संख्या में एक पद की भरपाई हुई।



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पुलिस मुठभेड़ में मंदिर से चोरी करने वाला गिरफ्तार: पैर में गोली लगने से घायल, कई जिलों में दर्ज हैं मुकदमे – Fatehpur News




फतेहपुर में मंदिरों से पीतल के घंटे-घंटियां चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। हुसैनगंज और चांदपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे नौगांव गांव के पास नहर पुलिया के आगे यह कार्रवाई की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। चोरी का सामान बरामद कराने ले गई थी पुलिस पुलिस के अनुसार गिरफ्तार, आरोपी की पहचान खागा थाना क्षेत्र के अजईपुर गांव निवासी महेश पुत्र जगतपाल के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने हुसैनगंज और चांदपुर थाना क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों से पीतल के घंटे-घंटियां चोरी करने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद करने के लिए पुलिस उसे मौके पर लेकर गई थी। झोले से तमंचा निकालकर पुलिस पर की फायरिंग पुलिस के मुताबिक, बरामदगी के दौरान आरोपी ने चोरी की घंटियों के झोले में छिपाकर रखा अवैध .315 बोर का तमंचा निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के बाएं पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। तमंचा, कारतूस, चोरी का सामान और बाइक बरामद आरोपी के पास से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, चोरी की 17 पीतल की छोटी-बड़ी घंटे-घंटियां, वारदात में इस्तेमाल होने वाले कटर, पेंचकस और रिंच बरामद किए गए। इसके अलावा कानपुर नगर के रेलबाजार थाना क्षेत्र से चोरी की गई एक मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं घटना की सूचना पर फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने समेत अन्य धाराओं में नया मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ फतेहपुर समेत अन्य जिलों में चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।



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149 रुपये में मिलेगा हेल्दी और टेस्टी सैंडविच, पूर्णिया के इस कैफे की हो रही खूब चर्चा


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149 रुपये में मिलेगा हेल्दी और टेस्टी सैंडविच, इस कैफे की हो रही खूब चर्चा

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अगर आप स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखते हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो पूर्णिया का यह खास कैफे आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है. शहर के मरंगा स्थित बी कैफे (Becafe) में मिलने वाला पालक और स्वीट कॉर्न से तैयार स्पेशल सैंडविच इन दिनों फूड लवर्स के बीच खूब लोकप्रिय हो रहा है. स्वाद, पोषण और क्रिस्पी टेक्सचर का शानदार मेल इस सैंडविच को खास बनाता है, यही वजह है कि इसे खाने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं.

आप भी सैंडविच खाने के शौकीन हैं? कुछ नया व हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो पूर्णिया में एक ऐसी जगह है जो इन दिनों शहरवासियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है. पूर्णिया के मरंगा स्थित माफा पेट्रोलियम परिसर में मौजूद बी कैफे (Becafe) अपने खास ‘पालक और मक्का (कॉर्न) सैंडविच’ के लिए चर्चा में है.

दावा किया जा रहा है कि यह पूरे पूर्णिया में इकलौता ऐसा कैफे है. जहां यह अनूठा और सेहतमंद सैंडविच परोसा जाता है. स्वाद और सेहत के इस बेहतरीन कॉम्बिनेशन का लुत्फ उठाने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आ रहे हैं.

कैफे में नियमित रूप से आने वाले ग्राहक अरशद, अभिनव और संजीव बताते हैं कि पूर्णिया की किसी अन्य दुकान या रेस्तरां में मक्का और पालक से बना सैंडविच नहीं मिलता. बी कैफे का यह सैंडविच न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. यही वजह है कि एक बार यहां आने के बाद लोग इस स्वाद के मुरीद हो जाते हैं.

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इस खास सैंडविच को तैयार करने की विधि भी बेहद दिलचस्प है. सबसे पहले पालक और मक्का (स्वीट कॉर्न) के विशेष पेस्ट को बटर के साथ ब्रेड पर अच्छी तरह मिक्स करके स्प्रेड किया जाता है. इसके बाद इसे क्रिस्पी होने तक पूरी तरह रोस्ट किया जाता है. गरमा-गरम और क्रंची सैंडविच जब ग्राहकों के सामने परोसा जाता है, तो इसका स्वाद उनके जायके को बदल देता है.

अगर आप भी इस अनोखे सैंडविच का स्वाद चखना चाहते हैं, तो पूर्णिया के मरंगा स्थित माफा पेट्रोल पंप परिसर के ‘बी कैफ़े’ में आ सकते हैं. यहां आपको यह स्पेशल सैंडविच मात्र 149 रुपये में मिल जाएगा. ‘बी कैफे’ के संचालक मयंक आनंद बताते हैं कि उनके कैफे में सबसे ज्यादा डिमांड इसी पालक-मक्का सैंडविच की होती है.

इसके अलावा यहां एक से बढ़कर एक कॉफी के ऑप्शंस भी उपलब्ध हैं. यदि आप घर बैठे इसका स्वाद लेना चाहते हैं, तो कैफे के मोबाइल नंबर 9155655597 पर कॉल करके अपना ऑर्डर भी बुक करा सकते हैं.

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बिहारी किचन में दें बंगाली फ्लेवर, पोस्ता दाना मछली करी की आसान रेसिपी जानें


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बिहारी किचन में दें बंगाली फ्लेवर, पोस्ता दाना मछली करी की आसान रेसिपी जानें

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अगर आप एक ही तरह की फिश करी खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया स्वाद चखना चाहते हैं, तो बंगाल की मशहूर पोस्ता दाना मछली करी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. खसखस (पोस्ता) के गाढ़े पेस्ट और सरसों के तेल में तैयार होने वाली यह रेसिपी स्वाद के साथ हल्की और आसानी से पचने वाली भी मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे घर पर बेहद कम समय और आसान विधि से तैयार किया जा सकता है, जिससे आप अपनी रसोई में ही बिहारी और बंगाली फ्लेवर का शानदार संगम अनुभव कर सकते हैं.

मछली तो बिहार में बड़े ही चाव के साथ खाया जाता है. खासकर बिहार मछली करी की तो बात ही अलग होती है. लेकिन अगर आप बिहार में एक ही स्वाद का मछली खाकर बोर हो गए हैं और कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तब आप बिहारी अंदाज में बंगाल की फेमस पोस्ता दाना मछली करी बना सकते हैं. इसे बनाना तो बेहद आसान है ही, इसके साथ ही यह इतना स्वादिष्ट होता है कि अगर आप इसे एक बार बना कर खाएंगे तो आपको बार-बार इसे खाने का मन करेगा.

दरअसल बंगाल में बड़े पैमाने पर पोस्ता दाना में मछली बनाया जाता है. पिछले 20 वर्षों से भी अधिक समय से खाना बनाने का काम कर रहे शंभू साव बताते हैं कि इसका स्वाद बेहद ही जायकेदार होता है. यह इतना हल्का होता है कि यह बेहद ही आसानी से पच जाता है. तो अगर आप भी बदहजमी के डर से नॉनवेज खाने से परहेज करते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए है.

शंभू साव बताते हैं कि इसे बनाने के लिए सबसे पहले खसखस या पोस्ता को करीब 2 घंटे तक पानी में भिगोकर रख दें. ऐसा करने से इसका पेस्ट तैयार किया जा सकता है. फिर इसके बाद इसमें थोड़ी हरी मिर्च मिलाकर इसे दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि यह ज्यादा पतला नहीं होना चाहिए. इसके बाद मछली के टुकड़ों में हल्दी नमक लगाकर जिसे 10 मिनट तक रखें. फिर सरसों के तेल में डालकर मछली को फ्राई कर लें.

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जब मछली का रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब उसे अलग निकाल लें. अब इसके बाद आप पोस्ता दाना के साथ मछली का करी तैयार कर सकते हैं. शंभू बताते हैं कि इसके लिए सबसे पहले कढ़ाई में सरसों तेल लेकर इसमें बारीक कटा प्याज डाल दें. करीब एक प्याज काट कर इसे सुनहरा होने तक ढूंढ दें. इसके बाद पोस्ता दाना का तैयार किया हुआ पेस्ट इसमें डालकर इसे करीब 2 से 3 मिनट तक भूने.

शंभू बताते हैं कि पोस्ता दाना भून जाने के बाद इसमें थोड़ा हल्दी, स्वाद अनुसार नमक और थोड़ा पानी डालें. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी हो जाए तब इसमें फ्राई किया हुआ मछली डालकर इसे ढक दें और करीब 5 से 7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. इसके बाद अब ऊपर से हरी मिर्च डाल दें तथा इसे उतार दें.

आपका पोस्ता दाना करी का रेसिपी तैयार है. उन्होंने बताया कि यह बनाना इतना आसान है कि इसे आप बेहद ही कम समय में बना सकते हैं. जहां आमतौर पर बिहार में सरसों और लहसुन के साथ मछली की ग्रेवी बनाई जाती है, तो वहीं आप इसे घर पर ट्राई करके बंगाल के फेमस पोस्ता दाना मछली करी का स्वाद अपने घर पर उठा सकते हैं. अगर आप भी मछली का कुछ नया टेस्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके बेहद काम आ सकती है.

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5 हजार अतिथि शिक्षकों के हित में फैसला: 90% ई-अटेंडेंस नहीं तो भी कर सकेंगे री-जॉइनिंग, स्कूल शिक्षा विभाग ने दी राहत – Bhopal News




स्कूलों में पढ़ाने वाले प्रदेश के करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों के हित में लोक शिक्षण आयुक्त ने बड़ा फैसला लिया है। ई-अटेंडेंस 90 प्रतिशत से कम होने के कारण जो शिक्षक इस शिक्षा सत्र में विद्यालयों में री-जॉइन नहीं कर पा रहे थे, उन्हें राहत दी गई है। अब ऐसे शिक्षकों को री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। इसके बाद वे विद्यालयों में री-जॉइन कर सकेंगे, लेकिन आगे उन्हें नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा संकुल प्राचार्यों (हायर सेकेंडरी एवं हाई स्कूल) को जारी निर्देश में कहा है कि 30 जून 2026 को जारी आदेश में री-जॉइनिंग के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य की गई थी। इसके बाद अतिथि शिक्षक संगठन ने आयुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं और राहत देने का आवेदन सौंपा। इसके बाद आयुक्त अभिषेक सिंह ने नया आदेश जारी करते हुए कहा कि चालू शिक्षा सत्र के लिए री-जॉइनिंग में 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता में शिथिलता दी जाती है। हालांकि, री-जॉइनिंग के बाद अतिथि शिक्षकों को लिखित वचन-पत्र देना होगा कि भविष्य में इस संबंध में किसी प्रकार की राहत नहीं मांगी जाएगी और वे नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करेंगे। आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षा सत्रों में री-जॉइनिंग की प्रक्रिया ई-अटेंडेंस के आधार पर ही होगी और किसी प्रकार की शिथिलता नहीं दी जाएगी। एक लाख 10 हजार अतिथि शिक्षक, पांच हजार को राहत अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के अधीन कार्यरत अतिथि शिक्षकों की कुल संख्या करीब एक लाख 10 हजार है। उन्होंने बताया कि इनमें से करीब पांच हजार अतिथि शिक्षक 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता अचानक लागू होने के कारण री-जॉइनिंग से वंचित हो रहे थे। उनकी वास्तविक समस्याओं से 14 जुलाई को हुई बैठक में लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल के आयुक्त अभिषेक सिंह को अवगत कराया गया था। संगठन ने बताया था कि गंभीर बीमारी, मातृत्व अवकाश, परिवार में आकस्मिक मृत्यु, नेटवर्क की अनुपलब्धता, तकनीकी कारण, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने या स्वयं के विवाह जैसे कारणों से कई शिक्षकों की उपस्थिति 90 प्रतिशत से कम रही। ऐसे मामलों में मानवीय आधार पर राहत देने की मांग की गई थी। इसके बाद आयुक्त ने इन मामलों में राहत प्रदान की है। संगठन के प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता और उमाशंकर बैस ने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में भोपाल में प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें पद स्थायित्व और अवकाश की पात्रता सहित अन्य मांगों पर मंथन कर आगामी रणनीति तय की जाएगी।



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रेड लाइट एरिया में पुलिस का जागरूकता अभियान: सीतामढ़ी में नया सवेरा 3.0 के तहत मानव तस्करी रोकने पर फोकस – Sitamarhi News




मानव तस्करी और बाल तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सीतामढ़ी पुलिस ने शुक्रवार को नगर थाना क्षेत्र के बोहा टोला स्थित रेड लाइट एरिया में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर ‘नया सवेरा अभियान 3.0’ के तहत यह पहल की गई। अभियान में स्थानीय लोगों को मानव तस्करी के विभिन्न स्वरूप, उसके दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। मानव तस्करी से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के निर्देश और वरीय पुलिस उपाधीक्षक मो. नजीब अनवर के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया गया। इसका नेतृत्व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के पुलिस निरीक्षक सह शाखा प्रभारी सुशील कुमार सिंह ने किया। पुलिस टीम ने रेड लाइट एरिया में रहने वाले लोगों से सीधा संवाद कर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान तथा मानव तस्करी से बचाव के तरीकों पर जागरूक किया। आवश्यक संपर्क विवरण वाले जागरूकता पोस्टर भी लगाए लोगों से अपील की गई कि बाल तस्करी, मानव तस्करी या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें। अभियान के दौरान हेल्पलाइन नंबर और आवश्यक संपर्क विवरण वाले जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए। पुलिस अधिकारियों ने जोर दिया कि समय पर मिली सूचना कई लोगों को अपराधियों के चंगुल में फंसने से बचा सकती है। मानव तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार इस अवसर पर अदिति कवच परियोजना की टीम, ए.वी.ए. के प्रतिनिधि, नगर थाना एवं महिला थाना के पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने सामुदायिक सहभागिता को मानव तस्करी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताया। बाल अधिकार कार्यकर्ता मुकुंद कुमार चौधरी ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। चौधरी ने रेड लाइट एरिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को अपने अधिकारों, कानूनी सुरक्षा और सहायता के उपलब्ध माध्यमों की जानकारी मिलेगी। प्रशासन, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।



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शिवहर में 50-60 छात्र बिना अनुमति सड़क पर उतरे: पुलिस ने समझाकर लौटाया; SDPO बोले- संवेदनशील प्वाइंट चिन्हित, पेट्रोलिंग जारी – Sheohar News




शिवहर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को 50-60 छात्रों का एक समूह बिना प्रशासनिक अनुमति के सड़क पर उतर आया। छात्र जीरो माइल की ओर से आगे बढ़ रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस की समझाइश के बाद सभी छात्रों को उनके स्थान पर वापस भेज दिया गया। इस दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। शिवहर के एसडीपीओ अनुशील कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि प्रदर्शन के लिए प्रशासन से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। एसडीपीओ ने बताया कि लगभग 50-60 बच्चे एकत्र होकर आगे बढ़ रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें समझाया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। पुलिस की तत्परता के कारण मामला आगे नहीं बढ़ा और सभी छात्र शांतिपूर्ण तरीके से वापस लौट गए। पुलिस पूरी तरह सजग और सतर्क शनिवार को जिले में संभावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। एसडीपीओ अनुशील कुमार ने बताया कि संभावित प्रदर्शन को देखते हुए जिले के सभी संवेदनशील प्वाइंट चिन्हित कर लिए गए हैं। इन स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और लगातार पेट्रोलिंग कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरी तरह सजग और सतर्क है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। एसडीपीओ ने लोगों से शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।



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