अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पिपरौली गांव के पास ट्रक को बचाने के प्रयास में रामगढ़ थाने के कांस्टेबल कैलाश की कार अनियंत्रित होकर कच्चे में उतर गई और सड़क किनारे खड़े बाइक सवार युवकों को टक्कर मारते हुए पलट गई। हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कांस्टेबल सहित दो लोग गंभीर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार हादसा रविवार शाम करीब 4 बजे हुआ। परिजनों ने बताया कि कैफ और अकरम बाइक पर सवार होकर अपने गांव पलखड़ी से रिश्तेदार के घर पिपरौली आ रहे थे। दोनों युवक गांव के पास सड़क किनारे खड़े थे, तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में कैफ (26) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अकरम और कार चालक कांस्टेबल कैलाश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं मृतक कैफ के शव को पोस्टमार्टम के लिए अलवर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। रामगढ़ थाना पुलिस मामले की जांच कर हादसे के सही कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
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कांस्टेबल की कार बाइक से टकराकर पलटी,युवक की मौत: कांस्टेबल और एक युवक घायल;ट्रक को बचाने के चक्कर में हुआ हादसा – Alwar News
गोंडा में पहली बार शुरू हुई प्राकृतिक चिकित्सा, लिवर-किडनी डिटॉक्स थेरेपी उपलब्ध
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Gonda News: आचार्य पीके शुक्ला का मानना है कि प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है. सही आहार, नियमित व्यायाम, योग और प्राकृतिक उपायों को दिनचर्या में शामिल करके व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकता है. गोंडा में इस सुविधा की शुरुआत को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है.
गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पहली बार प्राकृतिक चिकित्सा (नेचुरोपैथी) की सुविधा शुरू की गई है. इससे जिले के लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक वैकल्पिक उपचार पद्धति का विकल्प मिलेगा. प्राकृतिक चिकित्सा ऐसी प्रणाली है, जिसमें शरीर को स्वस्थ रखने और रोगों से राहत दिलाने के लिए प्रकृति के विभिन्न तत्वों का उपयोग किया जाता है.
लोकल 18 से बातचीत में आचार्य पीके शुक्ला ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा का मुख्य उद्देश्य शरीर की प्राकृतिक रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करना है. इस पद्धति में दवाओं के उपयोग पर कम और प्राकृतिक जीवनशैली पर अधिक जोर दिया जाता है. इसमें संतुलित आहार, योग, प्राणायाम, व्यायाम, जल चिकित्सा, मिट्टी चिकित्सा और अन्य प्राकृतिक तरीकों को अपनाया जाता है.
आचार्य पीके शुक्ला के अनुसार प्राकृतिक चिकित्सा इस सिद्धांत पर आधारित है कि मानव शरीर में स्वयं को स्वस्थ करने की क्षमता होती है. यदि व्यक्ति सही खानपान और नियमित दिनचर्या अपनाए तो शरीर कई समस्याओं से खुद ही मुकाबला कर सकता है. इसी वजह से इस उपचार पद्धति में जीवनशैली में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाता है. उनके केंद्र पर लिवर और किडनी डिटॉक्स की सुविधा उपलब्ध है. इसके साथ ही क्लींजिंग थेरेपी भी कराई जाती है. इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य शरीर में जमा अवांछित तत्वों को बाहर निकालना और शरीर को अधिक सक्रिय व स्वस्थ बनाना है.
प्राकृतिक चिकित्सा में जल चिकित्सा को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है. इसमें पानी के विभिन्न रूपों का उपयोग कर शरीर को आराम देने और स्वास्थ्य में सुधार करने की कोशिश की जाती है. वहीं मिट्टी चिकित्सा में शरीर के कुछ हिस्सों पर मिट्टी का लेप लगाया जाता है, जिसे कई लोग लाभकारी मानते है. आचार्य पी.के. शुक्ला बताते है कि उनके यहां लिवर, किडनी, पेट से जुड़ी समस्याओं और पित्त की पथरी का इलाज बिना ऑपरेशन के किया जाता है. उनके अनुसार 16 घंटे के भीतर ही असर दिखना शुरू हो जाता है.
उन्होंने बताया कि मरीजों को दिन में हल्का भोजन करने की सलाह दी जाती है. इसके बाद उन्हें शाम 5:00 बजे केंद्र पर बुलाया जाता है और सुबह तक रखा जाता है. लगभग 15 से 16 घंटे केंद्र पर रहने के दौरान शरीर के अंदर जमा कचरा मल-मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाता है और मरीज को काफी आराम महसूस होता है. उनका दावा है कि जब शरीर डिटॉक्स हो जाता है तो हार्ट अटैक की संभावना बहुत कम हो जाती है. उनका कहना है कि लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता.
योग और प्राणायाम भी प्राकृतिक चिकित्सा का अहम हिस्सा है. नियमित योग और श्वास संबंधी अभ्यास न केवल शरीर को फिट रखने में मदद करते है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करते है. इसके साथ ही संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम को स्वस्थ जीवन की बुनियाद माना जाता है.
गोंडा में इस सुविधा की शुरुआत से उन लोगों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है जो प्राकृतिक तरीकों से स्वास्थ्य सुधारना चाहते है. अब ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग अपने ही जिले में इस उपचार पद्धति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और जरूरत के अनुसार इसका लाभ उठा सकेंगे. आचार्य पीके शुक्ला का मानना है कि प्राकृतिक चिकित्सा लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है. सही आहार, नियमित व्यायाम, योग और प्राकृतिक उपायों को दिनचर्या में शामिल करके व्यक्ति अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रख सकता है. गोंडा में इस सुविधा की शुरुआत को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है.
FWICE बैन के बाद पहली बार स्पॉट हुए रणवीर सिंह, छुपाया चेहरा
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रणवीर सिंह धुरंधर 2 की सक्सेस को एन्जॉय कर ही रहे थे कि विवादों में घिर गए हैं. फरहान अख्तर ने उनपर ‘डॉन 3’ छोड़ने के आरोप लगाए और उनकी शिकायत फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई(FWICE) से की. फेडरेशन ने रणवीर सिंह पर बैन लगा दिया है. फेडरेशन का एक भी सदस्य उनके साथ काम नहीं करेगा. इतना ही फरहान ने 45 करोड़ रुपए का डैमेज कंट्रोल भी मांगा है. इस बीच रणवीर एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए. उन्होंने अपना मुंह छुपाया हुआ था.
रणवीर सिंह एयरपोर्ट पर स्पॉट हुए. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम वीडियोग्राम)
मुंबई. रणवीर सिंह को फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉई(FWICE) ने बैन कर दिया है. बैन किए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से नजर आए. रणवीर को मुंबई एयरपोर्ट पर पैपराजी ने स्पॉट किया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में रणवीर अपनी कार से उतरते हुए और एयरपोर्ट टर्मिनल की ओर जाते हुए नजर आए. इस दौरान रणवीर ने पैपराजी से बचने की कोशिश की और कैमरों की तरफ नहीं देखा. उन्होंने अपना चेहरा भी मास्क से ढका हुआ था.
रणवीर सिंह की ऐसे समय में स्पॉट हुए हैं जब वह फरहान अख्तर के साथ ‘डॉन 3’ को लेकर विवाद के कारण सुर्खियों में हैं. फरहान के डायरेक्शन में बनने वाली इस फिल्म को रणवीर ने पहले ही छोड़ दी थी. अब FWICE ने फिल्म इंडस्ट्री से बैन कर दिया है. फिल्म संस्था ने सोमवार, 25 मई को रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन निर्देश जारी किया.
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चित्रकूट में युवक की धारदार हथियार से हत्या: ढाबे पर विवाद के बाद घर में घुसकर हमला, 3 आरोपी फरार – Chitrakoot News
चित्रकूट में सोमवार देर रात एक युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान बाबूलाल यादव (40) के रूप में हुई है। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मामला पहाड़ी थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, बाबूलाल यादव कुछ दिन पहले ही पुणे से अपने गांव लौटे थे। वह वहां निजी नौकरी करते थे और परिवार में शादी समारोह के चलते घर आए हुए थे। बताया जा रहा है कि सोमवार रात करीब 10 बजे गांव के पास स्थित एक ढाबे पर बाबूलाल का अमन नामक युवक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद बाबूलाल अपने घर लौट आए और सो गए। परिजनों के मुताबिक, रात करीब 12 बजे अमन, गोलू और राकेश नाम के तीन युवक बाबूलाल के घर पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने घर में घुसकर बाबूलाल पर चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में बाबूलाल गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी भेज दिया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। अरुण कुमार सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश और ढाबे पर हुए विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा। एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया- शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश और ढाबे में हुए विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है। पुलिस ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
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बिहार पुलिस अकादमी राजगीर में 69वां दीक्षांत समारोह: 19 डीएसपी देश सेवा की शपथ लेंगे, डीजीपी ने ली पासिंग आउट परेड की सलामी – Nalanda News
बिहार पुलिस अकादमी राजगीर में 69वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। जिसमें एक साल का कठिन प्रशिक्षण पूरा करने वाले 19 डीएसपी प्रशिक्षु राष्ट्र सेवा की शपथ लेंगे। जिसमें 5 महिला डीएसपी भी शामिल हैं। समारोह के मुख्य अतिथि बिहार पुलिस के डीजीपी विनय कुमार हैं। पूजा कुमारी परेड कमांडर के नेतृत्व में भव्य पासिंग आउट परेड की सलामी ली। अकादमी परिसर को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इन प्रशिक्षु अधिकारियों को आधुनिक पुलिसिंग की चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। एक साल के व्यापक प्रशिक्षण सत्र के दौरान इन्हें अपराध अनुसंधान, साइबर फ्रॉड की बारीकियों, डिजिटल साक्ष्य संग्रहण, कानून-व्यवस्था प्रबंधन, दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन और आपदा के समय त्वरित कार्रवाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही, पुलिस व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और मानवाधिकारों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि वे भविष्य में एक संवेदनशील और सक्षम पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सके। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशिक्षुओं को घुड़सवारी, रायफल शूटिंग, कठिन फील्ड अभ्यास, मॉक ड्रिल और हथियार संचालन का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य उन्हें हर विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी, प्रशिक्षुओं के परिजन और अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहेंगे। आयोजन को अनुशासित और सुरक्षित संपन्न कराने के लिए अकादमी परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की गई है। राजगीर की धरती पर होने वाला यह दीक्षांत समारोह न केवल इन अधिकारियों के करियर की नई शुरुआत है, बल्कि बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली को और अधिक आधुनिक तथा सक्षम बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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सीजफायर के बीच अमेरिका का ईरान पर हमला: होर्मुज के पास मिसाइल साइट और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सीजफायर वार्ता के बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और बारूदी सुरंग बिछा रही बोट्स को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक यह कार्रवाई सेल्फ-डिफेंस यानी आत्मरक्षा में की गई। CENTCOM के प्रवक्ता टिमोथी हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों और युद्धपोतों को खतरे से बचाने के लिए ये हमले किए गए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सीजफायर के दौरान अमेरिका संयम बरत रहा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। अमेरिकी सेना का आरोप है कि ईरानी बोट्स समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय जहाजों और अमेरिकी युद्धपोतों को खतरा हो सकता था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान का यूरेनियम या तो अमेरिका को सौंप दिया जाएगा या फिर अंतरराष्ट्रीय निगरानी में नष्ट किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…. 1. ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान के साथ ओबामा जैसी डील नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि या तो अच्छा समझौता होगा या फिर कुछ भी नहीं होगा। 2. ईरान की दोहा वार्ता में होर्मुज और यूरेनियम मुद्दा सबसे अहम: ईरान के शीर्ष प्रतिनिधिमंडल की कतर यात्रा में होर्मुज स्ट्रेट और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं। साथ ही ईरान की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत हो रही है। 3. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सके। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि रविवार को ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं। 4. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। 5. ईरान का हिजबुल्लाह को फिर समर्थन: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान और हिजबुल्लाह के समर्थन में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि ईरान, इजराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ खड़ा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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ग्वालियर की ‘लाइफलाइन’ पर लापरवाही का पहरा: सर्दियों में पानी बचाया नहीं, अब तपती गर्मियों में पेजयल संकट की आहट – Gwalior News
शहर की प्यास बुझाने का एकमात्र जरिया तिघरा बांध है, जिसे हम सब इस शहर की ‘लाइफलाइन’ कहते हैं। ऊपर के बांधों में भी पेयजल सप्लाई के लिए पानी की निश्चित मात्रा में संग्रहित किया जाता है। लेकिन जैसे-जैसे शहर का दायरा बढ़ रहा है, आबादी और संसाधनों के साथ पानी की मांग भी लगातार बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में गर्मियों के चार महीनों में जनता को पानी के संकट से बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसका एकमात्र समाधान है- दूरदर्शिता और सटीक वॉटर मैनेजमेंट प्लान। बरसात के बाद बांधों में जो पानी जमा होता है, उसे भविष्य की जरूरत के हिसाब से सहेजना बेहद जरूरी है। वर्ष 2024 में शहर को पानी के संकट से बचाने के लिए पहली बार एक बेहतरीन ‘वॉटर मैनेजमेंट प्लान’ बनाया गया था। तब तत्कालीन निगम आयुक्त अमन वैष्णव ने इसे लागू भी किया था। इसी का नतीजा था कि साल 2025 की भीषण गर्मी में भी पूरे शहर को नियमित और भरपूर पानी की सप्लाई संभव हो सकी थी। लेकिन इस बार नगर निगम के जिम्मेदारों और पार्षदों ने इस सफल फॉर्मूले को कचरे के डिब्बे में डाल दिया, जिसका खामियाजा अब शहर की जनता भुगतने जा रही है। भास्कर एक्सपर्ट – हेमंत खरे , सेवानिवृत्त अधीक्षण यंत्री, जल संसाधन विभाग क्या था वो ‘सुपरहिट’ एक्सपर्ट प्लान, जिससे बच सकता था डेढ़ महीने का पानी? तिघरा का हाल: बज चुकी खतरे की घंटी मौसम विभाग के अनुसार वर्ष 2024 और 2025 में ग्वालियर में रिकॉर्ड बारिश हुई थी, जिससे तिघरा फुल था। लेकिन इस साल बारिश कम होने की संभावना है। आज का लेवल: 727.1 फीट (2010 mcft)
फुल लेवल: 740 फीट (4620 mcft) सर्दियों में 1 दिन छोड़कर पानी देना था… सर्दियो में पूर्व वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यदि एक दिन छोड़कर पानी प्रदाय किया जाता तो लगभग एक से डेढ़ माह का पानी गर्मियों में नियमित सप्लाई के लिए बचाया जा सकता था।
-पंकज सेंगर, कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग जल संसाधन विभाग के साथ निर्णय लेंगे तिघरा में वर्तमान में पानी की उपलब्धता और बारिश की संभावना को देखते हुए जुलाई से एक दिन छोड़कर सप्लाई का निर्णय लिया है। जून में जल संसाधन विभाग के साथ समीक्षा कर निर्णय लेंगे। -संघप्रिय, आयुक्त नगर निगम
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नौतपा में भी नहीं होगा बाल बांका, घर से निकलने से पहले पी ले ये एनर्जी ड्रिंक
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यह आज भी सबसे सुपर न्यूट्रिशन है. इसको बिहार में ज्यादा उपयोग में लाया जाता है, लेकिन इसमें कुछ चीज ऐड की जाती हैं और घर से निकलने से पहले या धूप में निकलने से पहले इसको पी सकते हैं. जो न सिर्फ गर्मी से बचाती है बल्कि प्रोटीन भी हमारे शरीर को भरपूर देती है. इसे साधारण लोक तो इस्तेमाल कर ही सकते हैं यहां तक की मरीज और कोविड-19 के पेशेंट भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
गर्मी का मौसम नौतपा के समय में अपने पूरे चरम पर पहुंच गया है. सुबह 9:00 बजे से ही तीखी धूप लोगों को चुभने लगती है. बाजार सूने हो जाते हैं. सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है. आने वाले दिनों में ऐसे ही गर्मी रहने का अनुमान है. जून के महीने भर गर्मी और धूप परेशान करती रहेगी लेकिन दफ्तर जाने वाले रोजमर्रा के काम करने वाले लोगों को मजबूरी में ही घर से निकालना पड़ता है. और जरा सी लापरवाही बरतने पर बीमार हो जाते हैं जिसकी वजह से अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं. काम प्रभावित होता है और शारीरिक परेशानी होती है वह अलग, लेकिन जिन लोगों को धूप में निकालना है वह स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी जरूरी एडवाइजरी को तो अपनाये ही लेकिन इसके साथ ही वह पुराना पारंपरिक और देसी नुस्खा भी अपनाए तो इस धूप और गर्मी के मौसम से बचाव किया जा सकता है.
इसके लिए सबसे अच्छा उपाय घरों में तैयार होने वाला सत्तू है. आजकल बाजार में भी यह अच्छी तरह से उपलब्ध हो जाता है लेकिन इस सत्तू में कुछ और चीजों को ऐड कर लिया जाए तो इनकी न्यूट्रीशनल वैल्यू 100% बढ़ जाती है जो न सिर्फ गर्मी से बचाती है बल्कि प्रोटीन भी हमारे शरीर को भरपूर देती है.
सागर में होम साइंस की विजिटिंग फैकल्टी पुलकिता सिंह गौर बताती है कि गर्मी के मौसम में चना जवा जीरा से सत्तू को तैयार किया जाता है, जिसे गर्मी का राजा भी कहा जाता है. इसमें अगर जौं को और मिला लिया जाए तो इसकी वैल्यू और अधिक बढ़ जाती है. इसको लेकर उन्होंने बाकायदा रिसर्च भी की है जिसमें उन्होंने इसके प्रभाव देखे हैं और लोगों को फायदा भी मिला है.
प्रोटीन से भरपूर बनती है ड्रिंक
पुलकिता सिंह आगे बताती हैं कि पहले यह बुंदेलखंड में हमारा सबसे बेस्ट फूड हुआ करता था लेकिन समय की वजह से व्हाट्सप्प यूट्यूब यूनिवर्सिटी की वजह से लोग इसको नेगलेक्ट करने लगे लेकिन यह आज भी सबसे सुपर न्यूट्रिशन है. इसको हमने बिहार से लिया है क्योंकि वहां आज भी इसका बहुत उपयोग किया जाता है लेकिन इसमें हमने कुछ चीज ऐड की हैं. जिसमें भुना हुआ चना और जो के साथ पुदीना धनिया, काला नमक, सफेद नमक, भुनी हुई सौंफ, जीरा, नींबू रस मिलाकर घर से निकलने से पहले या धूप में निकलने से पहले इसको पी सकते हैं. कंटेनर में ड्रिंक के रूप में रख सकते हैं. इसमें प्रोटीन भी होता है और नींबू नमक की वजह से इलेक्ट्रॉल भी मिल जाता हैं. इसे साधारण लोक तो इस्तेमाल कर ही सकते हैं यहां तक की मरीज और कोविड-19 के पेशेंट भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
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with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें
UP का बांदा, महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी सबसे गर्म, 47.6°C तापमान: दिल्ली में 14 साल बाद मई में सबसे गर्म रात; पंजाब में स्कूल-सरकारी दफ्तरों की टाइमिंग बदली
देश के कई हिस्सों में सोमवार को गर्मी का प्रकोप जारी रहा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक उत्तर प्रदेश का बांदा और महाराष्ट्र का ब्रह्मपुरी सोमवार को देश के सबसे गर्म स्थान रहे, जहां अधिकतम तापमान 47.6°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के खजुराहो में 47.2° तापमान दर्ज किया गया। दिल्ली में अधिकतम तापमान 43°C के पार पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 32.4°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 14 साल बाद दिल्ली में यह मई महीने की सबसे गर्म रात रही। इससे पहले 26 मई 2012 को रात का तापमान 32.5°C दर्ज किया गया था। इधर पंजाब सरकार ने सरकारी दफ्तरों और स्कूलों का समय बदल दिया है। सरकारी स्कूल और दफ्तर सुबह साढ़े 7 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक खुलेंगे। चंडीगढ़ के स्कूलों में समर कैंपों में आउटडोर एक्टिविटी पर रोक लगा दी गई है। मौसम की डिटेल नीचे बताएंगे, उससे पहले नौतपा के दौरान सेहत का ख्याल रखने वाली ये दो खबरें पढ़ लीजिए 1. नौतपा में तेज गर्मी से बीमार होने का रिस्क, डॉक्टर से जानें इन 9 दिनों में क्या करें, क्या न करें देश में आज से नौतपा शुरू हो रहे हैं। इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर होता है क्योंकि इन 9 दिनों गर्मी और हीटवेव और तेज हो जाती है। इसका असर हमारे हार्ट से लेकर ब्रेन तक होता है। इसलिए नौतपा में डेली रूटीन और खानपान में छोटे-छोटे बदलाव करना जरूरी हैं। पूरी खबर पढ़ें… 2. गर्मी में बढ़ जाता है नोज ब्लीडिंग का रिस्क, समझें नाक से खून आए तो क्या करें, क्या न करें गर्मियों में टेम्परेचर हाई होने से हवा रूखी हो जाती है। इससे सांस लेते समय नाक की म्यूकस लेयर इरिटेट होने लगती है। इसके कारण ब्लड वेसल्स फटने से कभी-कभार नाक से ब्लड आ सकता है। नाक से खून आने पर तुरंत क्या करें? किन लोगों को ज्यादा रिस्क होता है? पूरी खबर पढ़ें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 27 मई: 28 मई:
देशभर से मौसम की तस्वीरें…
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65 साल का शानदार करियर, 300 से ज्यादा फिल्मों में निभाए दमदार रोल,अब मिला बड़ा सम्मान
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हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है. इंडस्ट्री को 65 साल से ज्यादा समय तक अपना अतुलनीय योगदान देने वाले धर्मेंद्र ने अपने करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है.
नई दिल्ली. धर्मेंद्र ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए. उनके कुछ किरदार तो लोगों के जहन में बस चुके हैं. आज यानी 25 मई को धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया है.इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ पहलुओं के बारे में.

धर्मेंद्र ने अपने करियर में दमदार अंदाज और एक्शन इमेज के चलते खूब नाम कमाया. यही वजह है कि इंडस्ट्री में लोग उन्हें ही-मैन के नाम से भी पुकारते थे. अपने दौर में वह हाइएस्ट पेड एक्टर्स में से एक रहे. एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और इमोशनल किरदार, हर रोल में उन्होंने दर्शकों का दिल जीता.

धर्मेंद्र भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन उनके फैंस आज भी उन्हें भूल नहीं पाए हैं. उनके निभाए कई किरदार आज भी फैंस के जहन में बसे हैं. बॉलीवुड के हीमैन का निधन 24 नवंबर 2025 को हुआ था. वह अपने 90वें जन्मदिन से कुछ हफ्ते पहले इस दुनिया को अलविदा कह गए थे.
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साल 2012 में उन्हें पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. अब करीब 14 साल बाद मरणोपरांत उन्हें देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पद्म विभूषण दिया गया है, जिसे उनकी पत्नी और बॉलीवुड एक्ट्रेस हेमा मालिनी लेने पहुंचीं.

यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म अवॉर्ड्स 2026 समारोह में दिया गया.हेमा मालिनी के चेहरे पर अपने स्वर्गीय पति का गर्व साफ नजर आ रहा था. इस दौरान वह काफी भावुक भी नजर आ रही थीं. साथ ही उनकी बेटी अहाना देओल भी पिता को मिल रहे इस सम्मान देखकर काफी इमोशनल नजर आईं.

हेमा मालिनी ने इस दौरान कहा कि पूरा परिवार इस सम्मान से बेहद खुश और गर्व महसूस कर रहा है.इस खास सम्मान को मिलने के बाद सनी देओल, बॉबी देओल समेत परिवार के सभी सदस्य काफी खुश हैं.

धर्मेंद्र ने अपने करियर में कई बड़े सम्मान हासिल किए हैं. साल 1990 में उन्हें फिल्म घायल के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था. इसके अलावा उन्हें फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से भी धर्मेंद्र को सम्मानित किया गया था.

धर्मेंद्र आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने अतुलनीय योगदान की वजह से आज भी वह लोगों के जहन में जिंदा हैं. उन्होंने अपने करियर में हर एक्ट्रेस के साथ काम किया है. लेकिन उनकी जोड़ी सबसे ज्यादा हेमा मालिनी के साथ पसंद की जाती थी.

