नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने उदयपुर से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। इसमें उदयपुर में पिंडवाडा, उदयपुर-ईडर और उदयपुर के देबारी से अहमदाबाद जाने वाले काया बाईपास पर बने टोल प्लाजा शामिल हैं। ये बढ़ोतरी 18 जुलाई से लागू होगी। NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में टोल बूथ पर बढ़ोतरी की है। इसके तहत अब इन मार्गों से गुजरने वाले वाहनों का टोल चार्ज महंगा होगा। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है। किसी प्लाजा पर कार, जीप पर 5 रुपए तो किसी पर मासिक शुल्क में 20 से 30 रुपए की बढ़ोतरी की है। गोगुंदा के जसवंतगढ़ टोल की नई दरें गोगुंदा-पिंडवाडा के बीच मालेरा टोल की नई दरें देबारी-काया के बीच डाकनकोटड़ा टोल की नई दरें उदयपुर-ईडर के बीच पीपलवास टोल की नई दरें उदयपुर-ईडर के बीच करेल टोल की नई दरें कैसे तय होता है टोल रेट टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल के आधार पर भी तय होती हैं। जहां ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी अधिक लगता है।
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Fish Recipe: बिलासपुर समेत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बारिश का मौसम पारंपरिक खानपान का खास समय माना जाता है. इस दौरान नदियों और तालाबों का पानी खेतों तक पहुंचने पर कोतरी, लपची और टेंगना जैसी छोटी मछलियां खेतों में आ जाती हैं. ग्रामीण इन्हें पकड़कर देसी मसालों के साथ स्वादिष्ट मिक्स मछली की सब्जी तैयार करते हैं. इस रेसिपी की खासियत आमा खोईला (अमचूर) का उपयोग है, जो इसका स्वाद और बढ़ा देता है. सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले मछलियों को अच्छी तरह साफ कर नमक और हल्दी लगाकर कुछ देर रखा जाता है. इसके बाद इन्हें तेल में सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लिया जाता है. फिर कड़ाही में तेल गर्म कर जीरा, हरी मिर्च और आमा खोईला का तड़का लगाया जाता है. इसमें टमाटर, कसूरी मेथी, हल्दी, लाल मिर्च, नमक और गरम मसाला डालकर मसाला अच्छी तरह पकाया जाता है. आखिर में पानी और तली हुई मछलियां डालकर 5–7 मिनट तक धीमी आंच पर पकाया जाता है. यह पारंपरिक छत्तीसगढ़िया डिश गरम भात के साथ परोसी जाती है और बरसात में लोगों की पसंदीदा रेसिपी मानी जाती है.



