Wednesday, July 1, 2026
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‘कोर्ट’ डायरेक्टर चैतन्य ताम्हाणे अब पढ़ेंगे आपका दिमाग, करेंगे अपना पहला ‘माइंडरीडिंग’ शो


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फिल्मों के जरिए समाज और इंसानी मन की परतें खोलने वाले एक चर्चित निर्देशक चैतन्य ताम्हाणे अब कुछ नया ला रहे हैं. अब वह पर्दे से बाहर दर्शकों के सामने एक बिल्कुल अलग किरदार में उतरने जा रहे हैं. इस बार न कोई कैमरा होगा, न बड़ा सेट और न ही फिल्मी कहानी, बल्कि आमने-सामने बैठे लोगों के बीच ऐसा अनुभव होगा, जो सोच, भरोसे और भ्रम की सीमाओं को परखेगा. उनकी यह नई शुरुआत पहले से ही चर्चा का विषय बन गई है. क्या है उनका नया प्लान चलिए बताते हैं…

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निर्देशक चैतन्य ताम्हाणे अपनी नई फिल्म से पहले ये एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं.

नई दिल्ली. 39 साल के मशहूर फिल्ममेकर चैतन्य ताम्हाणे अब एक नया कमाल करने जा रहे हैं. अपनी फिल्मों से दुनिया भर में तारीफ बटोरने वाले चैतन्य अब लोगों का दिमाग पढ़ेंगे. वह मुंबई में अपना पहला पब्लिक ‘मेंटलिज्म’ यानी माइंडरीडिंग शो लेकर आ रहे हैं. इस लाइव शो का नाम है ‘व्हाइल आई स्टिल कैन’. यह शो 3 जुलाई से मुंबई के ‘3 आर्ट हाउस’ में शुरू होगा. दर्शकों के बीच इस शो का भारी क्रेज है. यही वजह है कि शो की सभी टिकटें पहले ही बिक चुकी हैं.

चैतन्य ताम्हाणे ने साल 2014 में अपनी पहली फिल्म ‘कोर्ट’ से दुनिया भर में पहचान बनाई. यह मराठी फिल्म भारत की तरफ से 88वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) के लिए भेजी गई थी. इसके बाद साल 2020 में आई उनकी दूसरी फिल्म ‘द डिसाइपल’ को भी काफी सराहना मिली. अब वह अपनी अगली फिल्म की शुरुआत करने से पहले लोगों का दिमाग पढ़ने की तैयारी में हैं. पिछले कई सालों से निजी तौर पर अपने इस कला का प्रदर्शन करने के बाद, वह अब मेंटलिज्म के अपने इस जुनून को सार्वजनिक मंच पर ला रहे हैं.

मुंबई में होगा पहला शो

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जुलाई से वह मुंबई के 3 आर्ट हाउस में अपना पहला सार्वजनिक ‘मेंटलिज्म’ शो पेश करेंगे, जिसका टाइटल है- ‘व्हाइल आई स्टिल कैन: माइंड रीडिंग, वंडर एंड अदर लॉस्ट कॉजेज. इस शो की दीवानगी का आलम यह है कि 70 मिनट के इस शो की सभी टिकटें पहले ही बिक चुकी हैं. शो के टिकट की कीमत 499 रुपये रखी गई थी.

क्या है मेंटलिज्म?

चैतन्य ताम्हाणे ने बताया कि वह करीब 20 सालों से जादू की दुनिया से जुड़े हुए हैं. फिल्मों में आने से पहले भी वह इस कला का अध्ययन करते थे. पिछले चार सालों से वह निजी तौर पर लोगों के लिए मेंटलिज्म सेशन करते रहे हैं. लेकिन अब पहली बार भारत में इसे सार्वजनिक रूप से पेश करेंगे. इससे पहले वह फ्रांस और इटली जैसे देशों में कलाकारों के कार्यक्रमों के दौरान अपने शो कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि मेंटलिज्म पारंपरिक जादू से अलग कला है. इसमें ताश, रस्सी या वस्तुओं के करतब नहीं होते, बल्कि ध्यान, मनोविज्ञान, कहानी कहने की शैली और इंसानी व्यवहार की समझ के जरिए दर्शकों के साथ वास्तविक समय में जुड़ाव बनाया जाता है. उन्होंने साफ किया कि इसमें कोई अलौकिक या रहस्यमयी शक्ति नहीं होती, बल्कि यह पूरी तरह एक परफॉर्मिंग आर्ट है.

शो की खास बातें

तारीख और जगह: 3 जुलाई से 31 जुलाई तक, मुंबई के 3 आर्ट हाउस में.
शो रननिंग टाइम: हर शो 70 मिनट का होगा, जिसने सिर्फ 15 लोग ही शामिल हो सकेंगे.
भाषा: अंग्रेजी
उम्र सीमा: 18 साल से ज्यादा

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Shikha Pandey

शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें



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जुलाई की गर्मी में पिएं कैफे स्टाइल कोल्ड कॉफी, जानें आसान रेसिपी


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घर पर सिर्फ दूध, कॉफी, चीनी, आइस क्यूब और आइसक्रीम से बनाएं कैफे स्टाइल क्रीमी और झागदार कोल्ड कॉफी. जानिए 5 मिनट में तैयार होने वाली आसान रेसिपी, जो गर्मी में देगी ताजगी और शानदार स्वाद.

जुलाई का महीना शुरू होते ही लोग ठंडी और रिफ्रेशिंग ड्रिंक्स की तलाश में रहते हैं, ऐसे में कैफे स्टाइल कोल्ड कॉफी हर किसी की पहली पसंद बन जाती है, लेकिन अब आपको इसके लिए बाहर जाने या ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप इसे आसानी से घर पर भी बना सकते हैं.

बेहद आसान इंग्रेडिएंट्स और कुछ ही मिनटों में तैयार होने वाली यह कोल्ड कॉफी स्वाद में किसी कैफे से कम नहीं होती. इसकी रेसिपी बता रही हैं शेफ गुड़िया कुमारी. घर पर कोल्ड कॉफी बनाने के लिए आपको ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं पड़ती.

बस दूध, कॉफी, चीनी, आइस क्यूब और आइसक्रीम जैसी नॉर्मल इंग्रेडिएंट्स से आप इसे तैयार कर सकते हैं. सबसे खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली हर चीज आसानी से आपके किचन में उपलब्ध होती है. इसीलिए यह रेसिपी और भी आसान बन जाती है.

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इस ड्रिंक को बनाने की शुरुआत कॉफी और चीनी को मिक्सी में डालकर की जाती है. इसमें थोड़ा सा दूध मिलाकर अच्छे से ब्लेंड कर लें, ताकि कॉफी और चीनी पूरी तरह घुल जाए. यह पहला स्टेप बहुत इंपोर्टेंट है, क्योंकि यही आपके ड्रिंक का बेस तैयार करता है.

साथ ही स्वाद को बैलेंस करता है. इसके बाद इसमें आइस क्यूब्स डालकर फिर से ब्लेंड करें, जब तक मिश्रण थोड़ा गाढ़ा और झागदार न हो जाए, तब तक इसे ब्लेंड करते रहना है. अगले स्टेप में इसमें बचा हुआ दूध डालकर एक बार फिर से ब्लेंड करना है.

इससे कॉफी का फ्लेवर बैलेंस होता है और ड्रिंक की क्वांटिटी भी बढ़ जाती है. इसके बाद इसमें आइसक्रीम डालकर अंतिम बार ब्लेंड किया जाता है. आइसक्रीम डालने से स्वाद और भी रिच और डेजर्ट जैसे हो जाती है. तैयार कोल्ड कॉफी को एक ग्लास में डालकर सर्व करने के लिए रेडी करें.

सर्व करते समय ऊपर से थोड़ा सा आइसक्रीम डालकर गार्निश कर लें. इससे यह देखने में और भी आकर्षक लगती है. चाहें तो इसके ऊपर चॉकलेट सॉस डालकर इसका फ्लेवर और प्रेजेंटेशन दोनों को और बेहतर बनाया जा सकता है.

तैयार कोल्ड कॉफी को एक ग्लास में डालकर सर्व करने के लिए रेडी करें. सर्व करते समय ऊपर से थोड़ा सा आइसक्रीम डालकर गार्निश कर लें. इससे यह देखने में और भी आकर्षक लगती है. चाहें तो इसके ऊपर चॉकलेट सॉस डालकर इसका फ्लेवर और प्रेजेंटेशन दोनों को और बेहतर बनाया जा सकता है.

इस आसान और झटपट बनने वाली रेसिपी के साथ अब आप घर बैठे ही कैफे जैसा फीलिंग ले सकते हैं. खासकर जुलाई के महीने में यह कोल्ड कॉफी आपको ठंडक देने के साथ-साथ एनर्जी भी देती है, ऐसे में अगली बार जब भी आपका मन कुछ खास पीने का हो, तो इस रेसिपी को जरूर ट्राई करें और अपने परिवार के साथ इसका आनंद उठाएं.

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सिया-केतन के 27 गुण मिले थे: पुणे पुलिस का दावा- हत्या की 3 बार कोशिश की, घर के पास खाई में धक्का देने की रिहर्सल की




पुणे के केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी तय होने से पहले कुंडली मिलाई गई थी। ज्योतिषियों ने बताया था कि केतन का देव गण और सिया का मनुष्य गण होने की वजह से दोनों के बीच अच्छा तालमेल रहेगा। दोनों के 36 में से 27 गुण मिले थे। इधर, मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस का दावा है कि सिया और उसके साथी चेतन चौधरी ने हत्या से पहले तीन बार कोशिश की थी। दोनों ने पुणे में अपने घर के पास एक अज्ञात जगह पर केतन को खाई में धक्का देने की रिहर्सल भी की थी। अब पुलिस उस जगह की जांच करेगी। सिया और चेतन फिलहाल वडगांव मावल पुलिस की हिरासत में हैं। दोनों से पूछताछ चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में चेतन बेचैन है और पूछताछ के दौरान कई बार रो पड़ा। वहीं, सिया शांत है, लेकिन जांच में सहयोग नहीं कर रही। लोहगढ़ किले पर 50% टूरिस्ट बढ़े, ‘सिया पॉइंट’ नाम पर विवाद मर्डर केस के बाद लोहगढ़ किले पर आने वाले टूरिस्ट की संख्या करीब 50% बढ़ गई है। देशभर से लोग घटनास्थल देखने पहुंच रहे हैं। इस बीच किले की एक खाई को ‘सिया पॉइंट’ कहे जाने पर इतिहासकारों और स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी ऐतिहासिक स्थल को इस तरह नया नाम देना उसकी पहचान और इतिहास से छेड़छाड़ है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे नामों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है। जांच के चलते लोनावला ग्रामीण पुलिस ने फिलहाल लोहगढ़ किले को टूरिस्ट के लिए बंद कर दिया है। सिया ने केतन से ₹1 करोड़ लिए थे; केस से जुड़े 2 बड़े अपडेट्स… सिया के भाई को ₹10 करोड़ का मानहानि नोटिस मर्डर केस में वकील को लेकर भी विवाद सामने आया है। दो वकील आशुतोष श्रीवास्तव और विपुल दुशिंग ने सिया गोयल की ओर से कोर्ट में पैरवी करने का दावा किया है। आशुतोष का कहना है कि सिया गोयल ने अपना केस लड़ने के लिए उन्हें नियुक्त किया है। 29 जून को सुनवाई के दौरान वडगांव मावल कोर्ट में सुनवाई के दौरान सिया ने कहा कि आशुतोष श्रीवास्तव मेरे वकील नहीं हैं। मेरी ओर से विपुल दुशिंग पैरवी कर रहे हैं। इसके बाद आशुतोष श्रीवास्तव ने साहिल गोयल को कानूनी नोटिस भेजकर 10 करोड़ रुपए हर्जाने की मांग की है। नोटिस में उन्होंने मांग की है कि साहिल (सिया का भाई) उनके खिलाफ दिए गए कथित बयान तुरंत वापस लें। सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें। पुलिस के 3 और दावे, इशारा मिलते ही केतन को धक्का दिया हत्या से 6 दिन के अंदर आरोपी अरेस्ट 18 जून को केतन की हत्या से छह दिन के अंदर पुलिस ने आरोपी सिया और चेतन को अरेस्ट कर लिया। जांच के दौरान दोनों आरोपी एक-दूसरे को मास्टरमाइंड बता रहे हैं। पुलिस दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी कर चुकी है। 31 मई को मर्डर का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर 31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा। 5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया: सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया। 14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया: सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई। 18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया। ——————- ये खबर भी पढ़े… पुणे मर्डर- क्या हुडी में दिखा व्यक्ति चेतन ही था:पुलिस चलने का तरीका जांचेगी, सिया का केस लड़ने पर 2 वकीलों का दावा पुपुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस आरोपी चेतन चौधरी का गेट एनालिसिस करेगी। गेट एनालिसिस यानी पुलिस चेतन के चलने का तरीका, बॉडी मूमेंट, कदमों की लंबाई की जांच करेगी। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि दावा है कि 18 जून को (मर्डर वाले दिन) लोहगढ़ फोर्ट पर हुडी पहने दिखा युवक चेतन ही था। पूरी खबर पढ़ें…



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सुबह-सुबह मिली बड़ी राहत, 183 रुपये सस्ता हो गया एलपीजी सिलेंडर


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LPG Cylinder Price : सरकार ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट 183.50 रुपये घटा दिया है. इस कटौती के बाद अब इसका रेट ₹2930 हो गया है जो पहले ₹3,113.50 था. 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

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कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट में भारी कटौती की गई है.

नई दिल्‍ली. महीने के पहले ही दिन एक खुशखबरी आई है. सरकार ने 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट 183.50 रुपये घटा दिया है. इस कटौती के बाद अब इसका रेट ₹2930 हो गया है जो पहले ₹3,113.50 था. 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

इस साल पहली बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटे हैं. जनवरी 2026 में दिल्‍ली में इसका रेट 1691.50 रुपये था, जो जून बढ़कर लगभग दोगुना हो गया. मार्च 2026 में दो बार इसके रेट बढ़े. 1 मार्च कमर्शियल सिलेंडर 28 रुपये तो 7 मार्च को 114.50 रुपये महंगा हो गया. मई में इसके रेट में 993 रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई और दिल्ली में कीमत सीधे पहुंच गई 3071.50 रुपये पर पहुंच गई. 1 जून को यह 42 रुपये महंगा हो गया.

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‘राम गोपाल वर्मा की फेवरेट हीरोइन’, माधुरी दीक्षित की कहलाई कार्बन कॉपी, अब हैं गुमनाम


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एक दौर में राम गोपाल वर्मा की फिल्मों का अहम चेहरा रहीं अभिनेत्री अंतरा माली ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने कम समय में कई अलग तरह के किरदार निभाए और अपनी एक्टिंग से लोगों का ध्यान खींचा. हालांकि, करियर के पीक पर पहुंचने के बाद उन्होंने अचानक फिल्मों से दूरी बना ली. अपने इस फैसले पर अंतरा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो लाइफ को ज्यादा प्लान नहीं करती. यही बेफिक्र सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है.

नई दिल्ली. 1 जुलाई 1975 को मुंबई में जन्मीं अंतरा माली मशहूर फोटोग्राफर जगदीश माली की बेटी हैं. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों में करियर बनाएंगी. साल 1998 में उन्होंने फिल्म ‘ढूंढते रह जाओगे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी, लेकिन यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई.

इसके बाद 1999 में रिलीज हुई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘मस्त’ ने उनके करियर को नई दिशा दी. इस फिल्म के बाद वह लगातार राम गोपाल वर्मा की कई फिल्मों में नजर आईं. कहा जाता है कि अंतरा अपने किरदारों के लिए ज्यादा तैयारी करने के बजाय उन्हें महसूस करके निभाने में विश्वास रखती थीं.

धीरे-धीरे उन्होंने ‘रोड’, ‘कंपनी’, ‘डरना मना है’, ‘गायब’ और ‘नाच’ जैसी फिल्मों में काम किया. नाच में तो उन्होंने अभिषेक बच्चन के साथ काम किया था. इसके अलावा उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की, लेकिन उन्हें वह स्टारडम नहीं मिल पाया जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी.

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साल 2003 में आई फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही. इस फिल्म में उन्होंने माधुरी दीक्षित की जबरदस्त फैन का किरदार निभाया था. उनकी एक्टिंग को दर्शकों और समीक्षकों, दोनों ने खूब सराहा.

साल 2005 में अंतरा ने सिर्फ एक्टिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने फिल्म ‘मिस्टर या मिस’ के लेखन और निर्देशन में भी हाथ आजमाया. हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी. इसके कुछ समय बाद उन्होंने अचानक फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली.

अपने इस फैसले पर अंतरा माली ने कहा था कि मैंने कभी भी अपनी जिंदगी को प्लान के हिसाब से नहीं जिया. मेरा जो मन करता था, मैं वही करती थी. एक समय मुझे लगा कि मैं वह काम आगे नहीं बढ़ा पा रही हूं, जो मैं करना चाहती थी.’

करीब पांच साल बाद उन्होंने 2010 में अमोल पालेकर की फिल्म ‘…एंड वन्स अगेन’ से वापसी की. इस फिल्म में उन्होंने एक भिक्षु का किरदार निभाया. इस रोल के लिए उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था. हालांकि, इसके बाद भी वह फिल्मों में ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आईं.

आज भले ही अंतरा माली बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस और अलग तरह के किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं. खासतौर पर उनका माधुरी वाला डांसिंग स्टाइल तो लोग कभी भूल ही नहीं पाएंगे.

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भास्कर अपडेट्स: दिल्ली में इजराइली दूतावास का कर्मचारी लिफ्ट में फंसा, पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला




दिल्ली के वसंत विहार स्थित एक बिल्डिंग में मंगलवार दोपहर इजराइली दूतावास का कर्मचारी लिफ्ट में फंस गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 12:20 बजे घटना की सूचना मिली थी। दमकल विभाग ने तीन गाड़ियां मौके पर भेजीं। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने लिफ्ट में फंसे कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट बीच में रुक गई थी, जिससे कर्मचारी कुछ देर तक अंदर फंसा रहा। घटना में उसे कोई चोट नहीं आई और मेडिकल सहायता की जरूरत भी नहीं पड़ी। आज की अन्य बड़ी खबरें… मराठी थिएटर की दिग्गज निर्देशक विजय मेहता का निधन, 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली मराठी थिएटर को नई पहचान देने वाली सीनियर डायरेक्टर, अभिनेत्री और रंगकर्मी विजय मेहता का मंगलवार रात निधन हो गया। वह 92 साल की थीं। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उन्होंने दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। एक्टर विजय केंकरे ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विजय मेहता का निधन रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। केंकरे ने उन्हें अपना गुरु बताते हुए कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। विजय मेहता ने नाटककार विजय तेंदुलकर, अभिनेता डॉ. श्रीराम लागू और रंगकर्मी अरविंद देशपांडे के साथ मिलकर चर्चित थिएटर ग्रुप ‘रंगायन’ की स्थापना की थी। मराठी थिएटर में उनके योगदान को मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने ‘एक शून्य बाजीराव’, ‘बैरिस्टर’, ‘हमीदाबाईची कोठी’, ‘पुरुष’, ‘महासागर’ और ‘शकुंतल’ जैसे चर्चित नाटकों का निर्देशन किया। विजय मेहता ने हिंदी की समानांतर सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘राव साहेब’ (1986) और ‘पेस्टनजी’ (1988) का निर्देशन किया। एक्टर के तौर पर वह 1984 में गोविंद निहलानी की फिल्म ‘पार्टी’ में भी नजर आई थीं।



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PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं: ₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में


मुजफ्फराबाद2 घंटे पहले

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने ऐलान किया कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।

यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को दो साथियों के साथ धीरकोट के सांगर फत्तारे इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। PoK में JAAC के 600 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है।

शौकत नवाज मीर समेत JAAC के नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना देने वालों के लिए पाकिस्तान सरकार ने ₹1 करोड़ के इनाम की घोषणा की थी।

प्रदर्शनकारी बोले- हमें नहीं, पाकिस्तान को हमारी जरूरत

प्रदर्शन के दौरान JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा, ‘हमें आपके राशन की जरूरत नहीं, आपको हमारी जरूरत है। अगर जरूरी सामान की सप्लाई बंद रही तो लोग जिंदा रहने के लिए दूसरा रास्ता चुनने को मजबूर होंगे।’

उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार आंदोलन को दबाने के लिए जानबूझकर जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है।

महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब राजनीतिक मुद्दा बना

रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का रूप ले चुका है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को ‘असल कश्मीरी नहीं’ बताया था। इसके बाद विरोध और बढ़ गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस भी दर्ज किए गए हैं। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

इंटरनेट बंद, 22 मौतों का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, जून की शुरुआत से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ऐसा आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहर जाने से रोकने के लिए किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दो हफ्तों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है।

PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे

गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं।

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झांसी में सपेरे की इलाज के दौरान मौत: कोबरा पकड़ कर बच्चों को खेल दिखा रहा था, सांप ने चेहरे पर डस लिया – Jhansi News




झांसी से सटे मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के टोडा गांव में जहरीले कोबरा से खिलवाड़ एक सपेरे को भारी पड़ गया। सांप पकड़ने के बाद लोगों को करतब दिखा रहे 72 वर्षीय सपेरे बिच्छू अदिवादी को कोबरा ने चेहरे पर डस लिया। इसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मंगलवार को झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के टोडा गांव निवासी बिच्छू आदिवासी (72) वर्षों से सांप पकड़ने का काम करता था। सोमवार शाम इलाके में हुई बारिश के बाद गांव के एक घर में जहरीला कोबरा निकल आया। घरवालों ने सांप पकड़ने के लिए बिच्छू को बुलाया। इसके बाद सांप पकड़ने में एक्सपर्ट बिच्छू ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़ लिया। सांप पकड़े जाने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों और बच्चों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के कहने पर बिच्छू सांप का प्रदर्शन करने लगा। इसी दौरान वह कोबरा को अपने चेहरे के पास ले आया। लापरवाही के चलते सांप पर उसकी पकड़ ढीली पड़ गई और कोबरा ने उसके चेहरे पर डस लिया। सांप के डसते ही बिच्छू जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि कोबरा वहां से निकल भागा। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद मंगलवार को उसकी मौत हो गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के अनुसार, बिच्छू आदिवासी ने अपने जीवन में एक हजार से अधिक सांप और बिच्छू पकड़े थे। कोबरा समेत कई विषैले सांपों को पकड़कर वह उन्हें जंगल में छोड़ देता था। यही उसकी आजीविका का मुख्य साधन भी था। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे अनुभव के बावजूद उसके साथ पहले कभी सर्पदंश की घटना नहीं हुई थी। विडंबना यह रही कि पहली बार सांप के डसने की घटना ही उसकी मौत का कारण बन गई।



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रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से ठगी करने वाला पुलिस रिमांड पर: आरोपी के ICICI बैंक के करंट अकाउंट में कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन, बोला-उसे कमीशन मिलता था – Gwalior News




शहर की 69 वर्षीय सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन को 33 दिन तक कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.58 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में क्राइम ब्रांच को पहली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक निवासी लोहा कारोबारी बिट्ठल फसले को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक के करंट अकाउंट में ठगी के 19.50 लाख रुपए जमा हुए थे। इसके अलावा खाते में कई संदिग्ध लेन-देन भी मिले हैं, जिनके संबंध में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसका बैंक खाता एक ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। खाते में आने वाली रकम के बदले उसे लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपी ने पुलिस को उन लोगों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनके कहने पर उसने अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है, जो ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर करते हैं। ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम क्राइम ब्रांच के अनुसार पीड़िता मीनाक्षी नाखरे, जो ग्वालियर में नेहरू पेट्रोल पंप के पास सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा क्षेत्र की निवासी हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 मई 2026 को उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वाले ने स्वयं को दिल्ली टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक अन्य मोबाइल नंबर संचालित हो रहा है, जिसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है। जब महिला ने बताया कि वह नंबर उनका नहीं है, तो कॉल करने वालों ने खुद को दिल्ली पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर उन्हें कथित जांच का हवाला दिया। गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए उन्हें लगातार 33 दिनों तक अपने नियंत्रण में रखा और इसी दौरान विभिन्न खातों में कुल 1.58 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए। 11 राज्यों के 133 खातों में पहुंचाई गई रकम साइबर जांच में सामने आया है कि पीड़िता से ठगी गई राशि सबसे पहले पश्चिम बंगाल, केरल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के चार करंट अकाउंट में भेजी गई। इसके बाद महज एक दिन के भीतर यह रकम देश के 11 राज्यों के 40 से अधिक शहरों में मौजूद 133 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई, ताकि धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश खाते म्यूल अकाउंट थे, जिन्हें कमीशन के आधार पर उपलब्ध कराया गया था। पुलिस का मानना है कि साइबर ठग ऐसे खातों का उपयोग ठगी की रकम को तेजी से कई खातों में बांटने के लिए करते हैं। कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क क्राइम ब्रांच की जांच में अब तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान तक साइबर ठगी के नेटवर्क के तार जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि विभिन्न राज्यों में सक्रिय एजेंट कमीशन लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं, जिनके माध्यम से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया जाता है। क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी से रिमांड के दौरान बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस की कई टीमें अन्य खाताधारकों और गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हैं। आरोपी को बुधवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।



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राजस्थान पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 100 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले: सबसे अधिक पोस्टिंग अजमेर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में, सतपाल सिंह का ट्रांसफर निरस्त – Jaipur News




राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा रेंज के अलावा सीआईडी-सीबी, सीआईडी-सीबी सतर्कता शाखा, सीआईडी-सीबी सिविल राइट्स, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, राजस्थान पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण निदेशालय, पीटीएस भरतपुर, पीटीएस जोधपुर, पीटीएस खैरवाड़ा, पीटीएस बीकानेर, एजीटीएफ, लीगल सेल, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, एससीआरबी तथा राजस्थान राज्य महिला आयोग सहित कई इकाइयों में कार्यरत निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में रोहिताश, मेघना त्रिपाठी, हेमलता शर्मा, तुलसीराम, नरेंद्र सिंह, सुनील ताडा, मोहन सिंह, मुकेश चौधरी, छोटीलाल मीणा, रामेश्वरी, जगदीश सिंह, मुकेश चंद, करतार सिंह, प्रहलाद चंद, दिग्विजय सिंह, मुरारीलाल मीणा, सुमेर सिंह, हरिमन मीणा, हीरालाल, अजीत कुमार, कुसुमलता, तेजपाल सैनी, बच्चू सिंह, युधिष्ठिर, कंचन कुमारी, मांगेलाल, हरलाल, दयाराम मीणा, सुरेंद्र यादव, चौथमल बलाई, लक्ष्मीनारायण, कमल पुरी गोस्वामी, सत्यवीर, बशीलाल, महेंद्र सिंह, केशर, चंद्रवीर, अवधेश सांदू, महेश श्रीमाली, सुरेंद्र कुमार राणा, ज्ञानचंद, गंभीर सिंह, रामभरोसी मीणा, हरीसिंह मीणा, मदनलाल, हरेंद्र सिंह सौदा, आनंद यादव, मोहम्मद रफीक, माधोसिंह, दीप सिंह, प्रवीण राजपुरोहित, मिठूलाल मेघवाल, दलबीर सिंह, नेहरीलाल गुर्जर, हिमांशु सिंह राजावत, भीमसेन कौशिक, सुखवीर सिंह, प्रेमचंद, प्रदीप सिंह, विकांत शर्मा, विक्रम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, गौरव प्रधान, सुधीर कुमार उपाध्याय, कमल किशोर, लीला कुमारी, चंपाराम मेघवाल, सुरेश कुमार सोनी, भारत सिंह, अमित कुमार, शिवदास, महीराम बिश्नोई, बेगराज मीणा, रमेशचंद मीणा, राजेश कुमार, संगीता बंजारा, सुरेशचंद मेघवाल, राजेश शर्मा, शैफाली सांखला, सरोज कुमारी, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार गंगवानी, भरत सिंह, धर्मसिंह, अर्चना मीणा, रामकेश मीणा, भवानी सिंह राजावत, गीता कुमारी, संजू रानी, उर्मिला कुमारी, अशोक, नेकीराम, शेषकरण बारहट, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार शर्मा, अशोक कुमार सैनी, मनीषा, रूपनारायण तथा हरिसिंह देपावत समेत कुल 100 निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। आदेश के अनुसार सबसे अधिक पदस्थापन अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर तथा सीआईडी-सीबी में किए गए हैं। कई अधिकारियों को एटीएस-एसओजी, जीआरपी, एसीबी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रकरण अथवा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय ने 19 जून 2026 को जारी आदेश संख्या 1521 के तहत क्रम संख्या-3 पर अंकित पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से पुलिस आयुक्तालय जयपुर किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया है। सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडेंट और संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें। बीते दिनों भी हुए थे ट्रांसफर
उस समय जयपुर के पुलिस आयुक्तालय और JDA में भी कई अहम बदलाव देखने को मिला था। रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को जेडीए में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए एसीपी भी लगाए गए। जबकि बीते मई महीने में 19 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए गए। उस समय दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर ग्रामीण और झुंझुनू सहित कई जिलों के थाना प्रभारियों व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ था।
मुख्य तबादले: कौन कहां गया यहां देखें सूची



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