Wednesday, June 3, 2026
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सहरसा में 100 करोड़ की लागत से बनेगा ड्रेनेज सिस्टम: जलजमाव से लोगों को मिलेगी राहत, 10 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का दावा – Saharsa News




सहरसा शहर में हर साल होने वाली जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। विधायक गुप्ता ने बताया कि आगामी 10 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्या निर्देश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों में जलनिकासी के कार्य शुरू होंगे,जिससे अगले दो महीनों में लोगों को जलजमाव से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 25 वर्षों में शहर में एक प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित नहीं हो सका है, जिसके कारण सहरसा के कई हिस्से आज भी जलजमाव की समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम के नगर आयुक्त और विभागीय अधिकारियों को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। 100 करोड़ रुपए से बनाई जाएगी ड्रेनेज सिस्टम विधायक गुप्ता ने एक बड़ी ड्रेनेज सिस्टम परियोजना की जानकारी दी। यह योजना रिफ्यूजी कॉलोनी से कहरा प्रखंड जाने वाली सड़क पर महावीर चौक से सुभाष चौक तक 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाई जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य रिफ्यूजी कॉलोनी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। नगर निगम ने इसकी प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके अतिरिक्त, लक्ष्मीनिया चौक से पॉलिटेक्निक ढाला तक सड़क के दोनों किनारों पर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की भी योजना है।आरसीडी विभाग के कार्यपालक अभियंता ने विधायक को सूचित किया है कि इस कार्य को 9 जून तक शुरू कर दिया जाएगा। पॉलिटेक्निक ढाला के पास मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम में एक सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) का निर्माण भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका को कम करना है। बटराहा में अतिक्रमण हटाकर पूरा होगा ड्रेनेज कार्य बटराहा मोहल्ले में जलजमाव की समस्या पर विधायक ने कहा कि बुडको द्वारा सड़क किनारे नाला निर्माण कराया गया है, लेकिन नाले की ऊंचाई सड़क से अधिक होने के कारण पानी सड़क पर जमा हो जाता है। नगर निगम द्वारा ड्रेनेज सिस्टम का लगभग 500 फीट निर्माण कराया जा चुका है, जबकि शेष कार्य अतिक्रमण के कारण रुका हुआ है।

उन्होंने नगर निगम को अतिक्रमण हटाकर शेष ड्रेनेज निर्माण शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है। विधायक का कहना है कि एक-दो दिनों में यहां कार्य प्रारंभ हो जाएगा, जिससे जलजमाव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। साथ ही मारूफगंज से बटराहा जाने वाली लगभग 700 फीट सड़क को ऊंचा करने का भी प्रस्ताव है, जिससे बरसात के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। रोशनी और जलनिकासी की व्यवस्था होगी बेहतर शहर के बाइपास स्थित सर्वा ढाला क्षेत्र में जलभराव और अपर्याप्त रोशनी को लेकर भी विधायक ने चिंता जताई। उन्होंने नगर निगम को पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने तथा जलनिकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि रेलवे के वाशिंग पिट और सड़क क्रॉसिंग के कारण यहां जलनिकासी प्रभावित हुई थी, लेकिन नगर निगम ने पानी निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गोदाम के समीप कच्ची खुदाई कर जलनिकासी को और सुगम बनाने का निर्देश भी दिया गया है। 10 जून तक वर्क ऑर्डर होगा जारी विधायक ने कहा कि 5 जून तक टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार शामिल हो जाएंगे और 10 जून तक अधिकांश योजनाओं का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू होगा। उन्होंने पूर्व के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर के विकास और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर गंभीर पहल नहीं किए जाने के कारण आज ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। अब नगर निगम और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।



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नेता प्रतिपक्ष कार्यालय ने सीएस को लिखी चिट्‌ठी: तिलहन संघ के कर्मचारियों को दें पांचवें वेतनमान का लाभ, कोर्ट में चल रहे 300 से अधिक केस – Bhopal News




प्रदेश में अलग-अलग विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य सरकार ने अब तक पांचवां वेतनमान नहीं दिया है। इसको लेकर हाईकोर्ट में 300 से अधिक मामले जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट में चल रहे हैं। नाम मात्र की संख्या में बचे ऐसे कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ देने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय ने मुख्य सचिव को चिट्‌ठी लिखी है। नेता प्रतिपक्ष कार्यालय द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति, संविलियन पर शासन में पदस्थ कर्मचारियों को पंचम वेतनमान का लाभ देने तथा वर्षों से लंबित न्यायालयीन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जरूरत है। 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके वर्ष 1998 से राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति अथवा संविलियन पर कार्यरत तिलहन संघ के लगभग 800 कर्मचारियों को अब तक पांचवें वेतनमान और एरियर राशि का लाभ नहीं मिल सका है। इनमें से करीब 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले से जुड़ी लगभग 300 याचिका एवं अवमानना प्रकरण वर्ष 2008 से जबलपुर और इंदौर खंडपीठ में लंबित हैं। वहीं, विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 200 कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ पहले ही मिल चुका है, जबकि अन्य विभागों और संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। 50 प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित यह भी कहा गया है कि इन प्रकरणों में शासन द्वारा अधिवक्ताओं की फीस, अधिकारियों की यात्रा और अन्य प्रशासनिक मदों पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पत्र में उच्च न्यायालय, जबलपुर के उन आदेशों का भी उल्लेख किया गया है, जिनसे संबंधित करीब 50 प्रकरण लंबित बताए गए हैं। पत्र में संविधान के समानता के अधिकार और “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत का हवाला देते हुए कर्मचारियों को वैधानिक लाभ से वंचित रखना अनुचित बताया गया है।



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दिल्ली में होटल में आग; PHOTOS: नीचे लपटें, जान बचाने छज्जे पर पहुंचे; एंबुलेंस लेट, स्थानीय उठाकर बाहर लाए




दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। बिल्डिंग से अब तक 37 लोगों को बचाया जा चुका है। बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत गंभीर है, मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई। रेस्क्यू जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी वह 6 मंजिल की है। सुबह 8.51 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी। जब वहां का कांच फोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फेल गई। यहां फ्लोरिस स्टे होटल संचालित होता था। आग लगने की 2 तस्वीरें… जान- माल बचाने की जद्दोजहद, 3 तस्वीरें… आग बुझाने, रेस्क्यू की तस्वीरें…



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घर में कोई नहीं खाता बैंगन? एक बार ट्राई करें यह रेसिपी, बच्चे भी करेंगे पसंद


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बैंगन को थोड़े अलग तरीके से बनाया जाए तो यही साधारण सब्जी बेहद स्वादिष्ट और लाजवाब बन सकती है. आज हम आपको बैंगन की एक ऐसी आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. साथ ही, इसका स्वाद इतना शानदार होता है. यहां तक कि बच्चे भी इसे चाव से खा सकते हैं. इस खास रेसिपी को बनाने के लिए आपको ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.

जमशेदपुर: अक्सर घरों में देखा जाता है कि बैंगन का नाम सुनते ही कई लोग मुंह बनाने लगते हैं. खासकर बच्चों को बैंगन की सब्जी पसंद नहीं आती. लेकिन अगर बैंगन को थोड़े अलग तरीके से बनाया जाए, तो यही साधारण सब्जी बेहद स्वादिष्ट बन सकती है. आज हम आपको बैंगन की एक आसान और स्वादिष्ट रेसिपी बता रहे हैं, जिसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चे भी इसे चाव से खा सकते हैं.

ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं
इस खास रेसिपी को तैयार करने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं है. इसके लिए बैंगन, टमाटर, लहसुन, प्याज, हरी मिर्च, नमक, हल्दी और थोड़ा सा तेल चाहिए. सबसे पहले बैंगन को अच्छी तरह धोकर छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें. टमाटर को पतले स्लाइस में काट लें. वहीं, लहसुन को बारीक काटें और प्याज व हरी मिर्च को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में तैयार कर लें.

इस रेसिपी से बढ़ता है कई गुना स्वाद
अब एक कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर सबसे पहले लहसुन डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. लहसुन की खुशबू इस रेसिपी का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. इसके बाद प्याज और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह भूनें. जब प्याज सुनहरा होने लगे, तो समझिए कि मसाले का बेस तैयार हो गया है.

बैंगन और टमाटर अच्छी तरह मिलाएं
अब इसमें कटे हुए बैंगन और टमाटर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और कुछ मिनट तक भूनें. इसके बाद स्वादानुसार नमक और हल्दी पाउडर डालें. मसालों को अच्छी तरह मिलाने के बाद थोड़ा सा पानी डाल दें, ताकि सब्जी तले में न लगे और बैंगन आसानी से पक जाए. अब कढ़ाई को ढककर 10 से 15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकने दें.

ऊपर से हरा धनिया डालें
करीब 10 मिनट बाद ढक्कन हटाकर देखें. बैंगन और टमाटर अच्छी तरह गलकर आपस में मिल चुके होंगे. टमाटर की हल्की खटास और लहसुन का स्वाद बैंगन को एक अलग ही फ्लेवर देता है. अब इसे चम्मच से हल्के हाथों से चलाते हुए भर्ते जैसा टेक्सचर दे सकते हैं. आखिर में ऊपर से ताजा कटा हुआ हरा धनिया डाल दें.

रेसिपी बेहद आसान
अब आपका स्वादिष्ट देसी बैंगन भर्ता तैयार है. इसे गरमा-गरम रोटी, पराठे या चावल के साथ परोसा जा सकता है. खास बात यह है कि यह रेसिपी बेहद आसान, पौष्टिक और कम सामग्री में तैयार हो जाती है. अगर आपके घर में भी बच्चे या बड़े बैंगन खाने से कतराते हैं, तो एक बार यह तरीका जरूर आजमाएं. इसका स्वाद उन्हें बैंगन का दीवाना बना सकता है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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ऑटो-रीसेट हुआ फोन और खाली हो गया बैंक अकाउंट, नए तरह के फ्रॉड से टेंशन में यूजर्स


Online Fraud के इस नए तरीके ने लोगों को हैरान कर दिया है, जिसमें फोन अपने आप रीसेट यानी ऑटो-रीसेट हो जाता है और बैंक अकाउंट पैसे निकल जाते हैं। मायानगरी मुंबई से ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक CISF जवान के साथ ऐसा हुआ है। पहले स्मार्टफोन अपने आप रीसेट होता है और फिर सारे ऐप्स फोन से गायब हो जाते हैं। जैसे ही ऐप्स को दोबारा डाउनलोड करके बैंक अकाउंट चेक किया जाता है, उसमें से करीब 95 हजार रुपये गायब मिलते हैं।

कैसे होता है इस तरह का फ्रॉड?

इस तरह का डिजिटल फ्रॉड करने के लिए साइबर क्रिमिनल्स आपके स्मार्टफोन को हैक करके उसका रिमोट एक्सेस ले लेंगे। रिमोट एक्सेस होने से आपको पता भी नहीं चल पाएगा कि फोन में कौन सा ऐप ओपन किया जा रहा है। आपका फोन पॉकेट में होगा और पीछ से साइबर अपराधी आपके फोन को रीसेट तक कर सकते हैं। फोन का रिमोट एक्सेस मिलने से उस पर आने वाले कॉल और मैसेज का भी एक्सेस साइबर क्रिमिनल्स को हो जाता है। वो मैसेज पर आने वाले OTP को पढ़ सकते हैं और आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं।

फ्रॉड होने पर क्या करें?

अगर, आपके साथ भी किसी तरह का साइबर फ्रॉड होता है तो सबसे पहले साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें। यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। इसके अलावा आप नजदीकी साइबर थाने या पुलिस स्टेशन में जाकर भी इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।

फ्रॉड से कैसे बचें?

सबसे जरूरी और अहम सवाल ये है कि इस तरह के साइबर फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है? इस तरह के फ्रॉड तब ही मुमकिन है, जब आपका फोन रिमोटली एक्सेस किया जाएगा। इसके लिए साइबर क्रिमिनल्स पहले आपको मैसेज या ई-मेल आदि के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं। अगर, आपने गलती से इन लिंक्स पर क्लिक कर लिया तो फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जो आपके फोन का एक्सेस साइबर क्रिमिनल्स को दे सकता है।

  • इससे बचने के लिए आपको सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी अनजान मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए लिंक को ओपन न करें।
  • फोन में कोई भी ऐप्स आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी ऐप्स या फिर APK के जरिए ऐप इंस्टॉल करना सुरक्षित नहीं है।
  • फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की परमिशन को चेक करें। किस ऐप को किन-किन चीजों का एक्सेस दिया गया है, उसे चेक करें और अगर जरूरी नहीं है तो परमिशन को रोक दें।

आपके द्वारा बरती जाने वाली छोटी से छोटी सावधानी भी आपको साइबर अपराधी की जाल में फंसने से बचा सकते हैं।

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बाथरूम में घुसकर महिला से रेप की कोशिश: चिल्लाने पर भागा आरोपी, पढ़ने गई 21 साल की युवती घर नहीं लौटी – Sikar News




सीकर जिले में 33 साल की महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। नहाते वक्त गांव का ही रहने वाला युवक बाथरूम में घुस गया। आरोपी ने महिला से रेप करने की कोशिश की, लेकिन महिला के चिल्लाने पर आरोपी फरार हो गया। मामले में महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 1 जून की शाम वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान करीब 7 बजे के लगभग वह बाथरूम में नहाने के लिए गई। तब गांव का ही रहने वाला आरोपी युवक बाथरूम में घुस गया और फिर महिला के साथ छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी उसका मुंह बंद करके धमकियां देने लगा। लेकिन महिला ने जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। तब आरोपी डरकर वहां से फरार हो गया। पति के आने पर महिला ने यह बात उसे बताई। इसके बाद पुलिस में पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ने के लिए आई 21 साल की युवती लापता सीकर जिले में पढ़ाई के लिए आई 21 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती के बड़े भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उसकी 21 साल की बहन 1 जून को पढ़ाई करने के लिए सीकर गई थी। जो वापस नहीं लौटी। उसकी काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।



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UPPSC APS 2023 की परीक्षा में सारे अभ्यर्थी फेल, एक मिनट में 80 शब्द टाइपिंग नहीं कर पाया कोई; 331 पद रह गए खाली


लखनऊः यूपीपीसीएस अपर निजी सचिव परीक्षा-2023 की परीक्षा में शामिल होने वाले 4,240 अभ्यर्थियों में से किसी ने भी यह परीक्षा नहीं पास कर पाया। इस परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थी फेल हो गए। इसकी वजह से 331 रिक्त पद को खाली घोषित किया गया है। इस परीक्षा में एक भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ। एक मिनट में 80 शब्द भी कोई टाइप नहीं कर पाया। यूपीपीसीएस की तरफ से बताया गया है कि द्वितीय चरण की परीक्षा के आधार पर तृतीय चरण की परीक्षा हेतु किसी भी अभ्यर्थी के सफल नहीं होने के कारण 331 पद रिक्त घोषित किए गए हैं।

4240 अभ्यर्थी ने दी थी परीक्षा

लोक सेवा आयोग की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि अपर निजी सचिव परीक्षा-2023 की कुल 331 रिक्तियों के सापेक्ष दिनांक-07.01.2024 को आयोजित प्रथम चरण की परीक्षा का परिणाम दिनांक-04.03.2024 को घोषित किया गया था, जिसमें कुल 5889 अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण की परीक्षा हेतु सफल घोषित किया गया था। प्रश्नगत चयन की द्वितीय चरण की परीक्षा दिनांक-28.06.2024 से 18.07.2024 तक 02 सत्रों में जनपद-लखनऊ में आयोजित की गयी थी, जिसमें कुल 4240 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे।

एक मिनट में 80 शब्द भी टाइप नहीं कर पाए

द्वितीय चरण की परीक्षा में दो विषयों-हिन्दी आशुलेखन और हिन्दी टाइपिंग की परीक्षा हुई थी जिनका पूर्णांक क्रमशः 75 अंक और 25 अंक था। हिन्दी आशुलेखन में त्रुटिरहित न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट टाइपिंग करना अनिवार्य है। लेकिन कोई भी अभ्यर्थी एक मिनट में 80 शब्द को बिना गलती के टाइप नहीं कर पाया। इसकी वजह से तृतीय चरण की परीक्षा हेतु किसी भी अभ्यर्थी के सफल घोषित नहीं किया गया। 

UPPSC APS 2023 पात्रता मानदंड

UPPSC APS भर्ती के लिए पात्र माने जाने हेतु उम्मीदवारों को APS आवेदन के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। UPPSC APS भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। निर्धारित मानदंडों के अनुसार, आरक्षित श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में विशेष छूट के प्रावधान लागू होंगे। 

 UPPSC APS के लिए शैक्षणिक योग्यता  

उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। उम्मीदवारों की हिंदी शॉर्टहैंड में टाइपिंग गति कम से कम 80 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपराइटिंग में 25 शब्द प्रति मिनट होनी चाहिए। उम्मीदवारों को कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए, जो DOEACC सोसाइटी द्वारा संचालित ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटिंग’ (CCC) के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप हो। यह कोर्स ‘हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश’ द्वारा संचालित किया जाता है, या सरकार द्वारा इसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई अन्य कोर्स हो।

 





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3 साल में एक बार आने वाली परमा एकादशी, जानें व्रत की तिथि और महत्व


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एकादशी तिथि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए.पूजा घर को गंगाजल से छिड़काव करना चाहिए. एक चौकी पर पीला वस्त्र डाल कर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए. उसके बाद विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. भगवान विष्णु के सहस्त्र नाम का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से कहा जाता है जीवन की समस्त मनोकामना की

अयोध्या: सनातन धर्म में एकादशी का व्रत बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. साल में 24 एकादशी का व्रत रखा जाता है. यानी कि प्रत्येक महीने दो एकादशी का व्रत होता है.ऐसी स्थिति में हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक मास के दौरान ही परमा एकादशी का व्रत रखा जाता है. परमा एकादशी का व्रत अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. एकादशी तिथि के दिन भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना की जाती है. लेकिन खास बात यह है कि परमा एकादशी का व्रत 3 साल में एक बार ही रखा जाता है. कहा जाता है इस दिन व्रत और पूजा पाठ करने से जीवन के समस्त पापों से मुक्ति मिलती है. और मोक्ष की प्राप्ति होती है ऐसी स्थिति में आईए जानते हैं कब है परमा एकादशी क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि.

सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग

दरअसल, अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह के अधिक मास महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 11 जून को प्रारंभ हो रहा है. ऐसी स्थिति में उदया तिथि के अनुसार परमा एकादशी का व्रत 11 जून दिन गुरुवार को रखा जाएगा. इस दिन कई शुभ योग का निर्माण भी हो रहा है, जिसमें सर्वार्थ सिद्धि योग और शोभन योग भी बन रहा है. जो शुभ कार्य के लिए बेहद शुभ माना जाता है.

पूजा-पाठ की विधि

एकादशी तिथि के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना चाहिए. पूजा घर को गंगाजल से छिड़काव करना चाहिए. एक चौकी पर पीला वस्त्र डाल कर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करना चाहिए. उसके बाद विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करनी चाहिए. भगवान विष्णु के सहस्त्र नाम का पाठ करना चाहिए. ऐसा करने से कहा जाता है जीवन की समस्त मनोकामना की पूर्ति होती है.

क्या है मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार परमा एकादशी का व्रत करने से जीवन के सभी दुख कष्ट और पाप से मुक्ति मिलती है. सुख समृद्धि में वृद्धि होती है व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है. क्योंकि परमा एकादशी का व्रत प्रत्येक साल नहीं होता है यह हर 3 साल में एक बार आता है. ऐसी स्थिति में इस व्रत को करने से विधि विधान पूर्वक पूजा आराधना करने से भगवान श्री हरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें



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पर्दे पर ‘जज’ जो अपनी ही बदहाली का न कर सका इंसाफ, असल जिंदगी में रहा ‘लाचार’


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हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं, जिन्होंने पर्दे पर अपार सफलता हासिल की, लेकिन निजी जिंदगी में आर्थिक संघर्षों का सामना किया. ऐसे ही कलाकारों में उस एक्टर का भी नाम है, जिन्होंने चार दशक से ज्यादा लंबे करियर में 500 से ज्यादा फिल्मों में काम किया. पर्दे पर वे कभी जज बने, कभी राजा और कभी प्रभावशाली पिता के किरदार में नजर आए, लेकिन वास्तविक जीवन में उनका अंतिम समय आर्थिक तंगी और सादगी के बीच गुजरा.

नई दिल्ली. सिनेमा की दुनिया में वह चेहरा न्याय, रुतबे और अधिकार का प्रतीक माना जाता था. अदालत का सीन हो और जज की कुर्सी पर वही शख्स न दिखे, ऐसा कम ही होता था. पर्दे पर उसने सैकड़ों बार फैसले सुनाए, राजाओं और प्रभावशाली किरदारों को जीवंत किया. लेकिन किस्मत ने उसकी अपनी जिंदगी के साथ कुछ और ही फैसला लिख रखा था. एक नवाब के फरमान ने उसे अपना शहर छोड़ने पर मजबूर कर दिया और फिर शुरू हुआ संघर्षों का लंबा सफर. फिल्मों में पहचान, शोहरत और कामयाबी मिलने के बावजूद आर्थिक सुरक्षा उससे कोसों दूर रही. जिस कलाकार को करोड़ों दर्शक जानते थे, उसके परिवार को अभावों में दिन गुजारने पड़े. यहां तक कि घर में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं थी. 500 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले इस एक्टर की कहानी बताती है कि पर्दे की चमक हमेशा असल जिंदगी की हकीकत नहीं होती, चलिए बताते हैं कि वो एक्टर कौन हैं?

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चकाचौंध से भरी बॉलीवुड की दुनिया में जितने किस्से कामयाबी के मशहूर हैं, उतने ही दर्दनाक किस्से इसके स्याह पहलू के भी हैं. पर्दे पर राजा-महाराजा और जज की आलीशान भूमिकाएं निभाने वाले कलाकारों का असल जीवन कभी-कभी इस कदर तंगहाली में बीतता है, जिसकी कल्पना भी आम इंसान नहीं कर सकता. 1950 और 60 के दशक के मशहूर करेक्टर एक्टर मुराद की कहानी भी कुछ ऐसी ही है.

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500 से ज्यादा फिल्मों में काम करने वाले इस दिग्गज कलाकार का अंतिम समय घोर गरीबी में बीता. उनके बेटे और बॉलीवुड के जाने-माने एक्टर रजा मुराद ने एक भावुक इंटरव्यू में अपने पिता के जीवन से जुड़े कई चौंकाने वाले और दर्दनाक खुलासे किए थे.

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एक्टर मुराद का शुरुआती जीवन भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले थे. साल 1938 में रामपुर के नवाब रजा अली खान के साथ हुए एक विवाद के बाद मुराद को महज 24 घंटे के भीतर अपना गृहनगर छोड़ने का हुक्म सुना दिया गया. इस मजबूरी के कारण वे मुंबई आ गए. मुराद असल में एक लेखक बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वे एक्टिंग की दुनिया में आ गए.

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उन्होंने साल 1943 में महबूब खान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘नजमा’ से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और करीब चार दशकों तक इंडस्ट्री पर राज किया. मुराद ने अपने करियर में ‘मुगल-ए-आजम’, ‘दो बीघा जमीन’ और ‘अंदाज’ जैसी भारतीय सिनेमा की कालजयी फिल्मों में काम किया. इसके अलावा, उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘टार्जन गोज टू इंडिया’ में भी अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा.

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मुराद के नाम सिनेमा में सबसे ज्यादा बार ‘जज’ की भूमिका निभाने का एक अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है. उन्होंने अपनी 500 फिल्मों में से लगभग 300 फिल्मों में जज का किरदार निभाया. उस दौर में जब भी किसी डायरेक्टर को जज के किरदार की जरूरत होती थी तो सबसे पहला चेहरा मुराद का ही सामने आता था. उन्होंने राजा, पुलिस अफसर और पिता की भी कई भूमिकाएं निभाईं, लेकिन उन्हें कभी किसी फिल्म में हीरो बनने का मौका नहीं मिला.

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बेटे रजा मुराद ने इंटरव्यू में बताया कि पर्दे पर भले ही उनके पिता रईस दिखते थे, लेकिन असल जिंदगी में उनका परिवार भयानक गरीबी से जूझ रहा था. रजा मुराद ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, ‘मैंने जीवन में बेहद कठिन दौर देखा है. भोपाल में हमारे घर में बिजली तक नहीं थी. परीक्षा के दिनों में मैं रात के 12 बजे से सुबह 6 बजे तक स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई करता था. पिता ने 500 से ज्यादा फिल्में की थीं, लेकिन हमारे पास खुद की कार तक नहीं थी. हम किराए के मकान में रहते थे और बस-ट्रेन से सफर करते थे.’

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रजा मुराद ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से पढ़ाई पूरी की और परिवार को आर्थिक संकट से निकालने के लिए खुद एक्टिंग में आए. रजा मुराद ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने पिता की जिंदगी से एक महत्वपूर्ण सबक सीखा. उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित होने के बाद सबसे पहले उन्होंने अपना घर खरीदा, ताकि भविष्य में परिवार को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े.

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अपने दमदार करेक्टर एक्टर से वे दर्शकों के दिलों में अमर हो गए. साल 1997 में एक्टर मुराद का निधन हो गया, लेकिन उनकी फिल्में और उनकी संघर्षभरी कहानी आज भी प्रेरणा और सीख दोनों देती है.

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लखनऊ में बढ़ेगी गर्मी; अगले छह दिन चढ़ेगा पारा: आज 38 डिग्री सेल्सियस रहेगा तापमान; अगले सोमवार तक 42 डिग्री पहुंचने के आसार – Lucknow News




लखनऊ में जून की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार सुबह सात बजे ही तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि महसूस होने वाला तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया। आज यानि बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री रिकार्ड किया जाएगा।
वही मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले छह दिनों में गर्मी का असर और बढ़ेगा तथा अधिकतम तापमान फिर 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

सुबह से तेज धूप, फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। सुबह आठ बजे के बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी शुरू हो गई और दोपहर तक इसके 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। फिलहाल आसमान साफ रहने के कारण बारिश की संभावना नहीं है।
मौसम के ताजा आंकड़ों के अनुसार हवा की गति महज दो किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिससे गर्म हवाओं से राहत मिलने की संभावना कम है। वहीं, आर्द्रता का स्तर 63 प्रतिशत रहने के कारण उमस भी लोगों को परेशान कर सकती है।

आने वाले दिन में और उमस बढ़ने से लोगों को सताएगी गर्मी पूर्वानुमान के मुताबिक गुरुवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री, शुक्रवार और शनिवार को 39 डिग्री तथा रविवार तक इसके 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान 29 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश की राजधानी में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ऐसे में दोपहर के समय घर से बाहर निकलने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जा रही है।



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