कोटपूतली कई ऐतिहासिक बावड़ी पर शुक्रवार को साफ-सफाई के लिए अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी और अन्य संगठनों ने मिलकर शिव मंदिर तालाब बावड़ी पर सफाई की। ये अभियान जिला प्रशासन और नगर परिषद कोटपूतली ने यूनिसेफ पूनम मीणा और बावड़ी बाईसा आकांक्षा मोदी के संयुक्त सहयोग से चलाया। इसका उद्देश्य कोटपूतली के ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक संगठनों, युवाओं ने किया सामूहिक श्रमदान
अभियान में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी, स्वच्छता सेवा दल प्रवीण बंसल, लायंस क्लब कमल किशोर और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक श्रमदान किया। अभियान के दौरान ऐतिहासिक बावड़ी परिसर में व्यापक स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े संदेशों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने श्रमदान कर यह संदेश दिया कि जल धरोहरों का संरक्षण केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर बोलीं- जनसहभागिता के बिना संरक्षण संभव नहीं
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐतिहासिक जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत होने के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। इनका संरक्षण जनसहभागिता के बिना संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कलेक्टर ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो जिले की प्रत्येक जल धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से ऐसे अभियानों में निरंतर सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भारत स्काउट एवं गाइड, जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया। प्रशासन ने जिले के नागरिकों, छात्रों, व्यापारिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा योगदान भी स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ कोटपूतली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, एसीईओ गोपाल लाल मीणा, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा सहित नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, सफाई कर्मी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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कोटपूतली कलेक्टर ने शिव मंदिर तालाब बावड़ी में की सफाई: बोलीं- जनभागीदारी से ही जल स्त्रोतों का संरक्षण संभव; सामाजिक संगठन और युवा भी हुए शामिल – Kotputli-Behror News
पहलवान विनेश फोगाट मामले में WFI ने बनाई अनुशासन समिति: 22 जुलाई को होगी सुनवाई, शोकॉज नोटिस पर दिए गए जवाब पर होगा फैसला – Gonda News
भारतीय कुश्ती संघ (WFI) ने पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस से जुड़े मामले में विनेश फोगाट द्वारा दिए गए जवाबों पर सुनवाई और उसके निस्तारण को लेकर के आज शनिवार सुबह 10 बजे एक उच्च स्तरीय अनुशासन समिति का गठन किया है। गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट स्टेडियम से 11 मई को शुरू हुआ यह प्रकरण अब समाधान की ओर बढ़ रहा है, जिससे भारतीय कुश्ती जगत में फिर से हलचल है।डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने आज शनिवार 10 बजे सुबह औपचारिक रूप से इस पांच सदस्यीय समिति का गठन किया। इसका मुख्य उद्देश्य विनेश फोगाट से संबंधित विशिष्ट मामलों और अनुशासनात्मक पहलुओं की बारीकी से जांच करना और उनका निस्तारण करना है। इस अनुशासन समिति की कमान संघ के कार्यवाहक महासचिव जय प्रकाश को सौंपी गई है, जिन्हें अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। डब्ल्यूएफआई के कोषाध्यक्ष डॉ. एस.पी. देशवाल को संयोजक और कार्यकारिणी सदस्य उम्मेद सिंह को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कानूनी सलाहकार हेमंत फाल्फर और आंतरिक शिकायत समिति (ICC-WFI) की अध्यक्ष मोनिका खेरा को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। समिति की पहली बैठक 22 जुलाई 2026 को शाम 4:00 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित की जाएगी। अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने सभी संबंधित सदस्यों से निर्धारित समय और स्थान पर उपस्थित होकर कार्यवाही में शामिल होने का अनुरोध किया है।
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए भारतीय कुश्ती संघ को निर्देश दिया था कि वह दो सप्ताह के भीतर विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर फैसला ले।हाईकोर्ट द्वारा दिए गए निर्देश के बाद तीन दिन पहले 15 जुलाई को भारतीय कुश्ती संघ ने विनेश फोगाट को एक नोटिस जारी किया था और इस सुनवाई में भाग लेने के लिए कहा था अब सुनवाई कमेटी का भी गठन हो गया है। इसी कमेटी द्वारा 22 जुलाई को विनेश फोगाट द्वारा जो भारतीय कुश्ती संघ को शोकॉज नोटिस पर जवाब दिया गया है उन जवाब को लेकर के सुनवाई की जाएगी।
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छिंदवाड़ा में बारिश की कमी से बढ़ी चिंता: कन्हरगांव जलाशय सिर्फ 7% भरा, पेयजल और सिंचाई पर संकट के संकेत – Chhindwara News
छिंदवाड़ा में मानसून सीजन शुरू हुए करीब एक महीना बीत चुका है, लेकिन जिले में अब तक अपेक्षित बारिश नहीं हो सकी है। इसका सीधा असर जलाशयों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। शहर की पेयजल आपूर्ति का मुख्य स्रोत कन्हरगांव जलाशय अभी तक अपनी कुल क्षमता का केवल 7 प्रतिशत ही भर पाया है। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो पेयजल और सिंचाई दोनों पर संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। LSL से ऊपर पहुंचा जलस्तर, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक जल संसाधन विभाग के अनुसार, कन्हरगांव जलाशय का जलस्तर फिलहाल लोएस्ट स्टोरेज लेवल (LSL) से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे तत्काल पेयजल आपूर्ति पर खतरा नहीं है। हालांकि, जलाशय अभी भी अपनी क्षमता से काफी पीछे है और पर्याप्त जलभराव के लिए अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है। शहर की पेयजल व्यवस्था इसी जलाशय पर निर्भर कन्हरगांव जलाशय से छिंदवाड़ा शहर के हजारों लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा जिले की कई समूह जल प्रदाय योजनाएं भी विभिन्न जलाशयों पर निर्भर हैं। जलस्तर कम रहने से भविष्य में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सिंचाई परियोजनाओं पर भी दिखने लगा असर बारिश की कमी का असर केवल पेयजल तक सीमित नहीं है। जिले में सिंचाई के लिए उपयोग किए जाने वाले 144 जलाशयों में से अधिकांश का जलस्तर अभी भी LSL से नीचे बना हुआ है। इससे खरीफ सीजन की फसलों, विशेषकर धान, मक्का और सोयाबीन की खेती प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। पिछले साल से 150 मिमी कम बारिश मौसम के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 295 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई बारिश की तुलना में करीब 150 मिमी कम है। लगातार कम वर्षा के कारण जलाशयों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। अच्छी बारिश का इंतजार प्रशासन, किसान और आम नागरिकों की निगाहें अब आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हैं। मौसम अनुकूल रहा और अच्छी वर्षा हुई तो जलाशयों का जलस्तर सुधर सकता है। वहीं यदि बारिश का सिलसिला कमजोर रहा, तो आने वाले महीनों में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और जल प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
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समस्तीपुर में थाने में ASI की मौत: थर्ड फ्लोर पर कमरे में फंदे से लटका मिला शव; डायल-112 में तैनात थे – Samastipur News
समस्तीपुर में ASI बबलू कुमार प्रसाद(50) की थाने में संदिग्ध हालत में मौत हो गई। उनका शव शनिवार सुबह थाने के तीसरे फ्लोर पर कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला है। घटना मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र की है। बबलू कुमार प्रसाद डायल-112 में सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) की पोस्ट पर थे। वो मूल रूप से पश्चिम चंपारण जिले के बगहा के रहने वाले थे। सूचना मिलते ही पटोरी के एसडीपीओ वीरेंद्र कुमार मेधावी और सर्किल इंस्पेक्टर पवन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस आत्महत्या समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। खबर अपडेट की जा रही है।
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बच्चों की पसंदीदा मैगी को बनाइए एक स्पेशल तरीके से, स्वाद के साथ मिलेगी सेहत भी
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मैगी को हेल्दी बनाने के लिए उसमें प्याज, गाजर, शिमला मिर्च, मटर, स्वीट कॉर्न और टमाटर जैसी सब्जियां मिलाएं. यह स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन मेल है. तो अगली बार मैगी का ये तरीका जरूर आजमाएं.
स्वाद के साथ मिलेगी भरपूर सेहत भी, जानिये मैगी का एक नया तरीका. Image AI
मैगी बच्चों से लेकर बड़ों तक लगभग सभी की पसंदीदा डिश है. जब भूख लगे और समय कम हो, तो सबसे पहले मैगी का ही ख्याल आता है. हालांकि अक्सर इसे जंक फूड मानकर लोग खाने से बचते हैं. लेकिन अगर कुछ हेल्दी चीजें इसमें शामिल कर दी जाएं, तो मैगी का स्वाद भी बढ़ जाएगा और इसकी पौष्टिकता भी. आइए जानते हैं एक ऐसी स्पेशल हेल्दी मैगी की रेसिपी, जो स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है.
हेल्दी वेजिटेबल मैगी बनाने के लिए सामग्री
1 पैकेट मैगी
1 छोटा प्याज बारीक कटा हुआ
1 छोटी गाजर कद्दूकस की हुई
1/4 कप शिमला मिर्च कटी हुई
1/4 कप मटर
2 चम्मच स्वीट कॉर्न
1 छोटा टमाटर बारीक कटा हुआ
1 चम्मच घी या ऑलिव ऑयल
हरा धनिया
थोड़ा सा नींबू रस
मैगी टेस्टमेकर
बनाने की विधि
सबसे पहले एक पैन में घी या ऑलिव ऑयल गर्म करें. अब इसमें प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद गाजर, मटर, शिमला मिर्च और कॉर्न डालकर 2 से 3 मिनट तक पकाएं. जब सब्जियां थोड़ी नरम हो जाएं तो टमाटर मिलाएं.
अब पैन में लगभग डेढ़ कप पानी डालें और उबाल आने दें. इसके बाद मैगी और टेस्टमेकर डालकर 2 से 3 मिनट तक पकाएं. जब मैगी अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो गैस बंद कर दें. ऊपर से हरा धनिया और कुछ बूंदें नींबू के रस की डालकर सर्व करें.
क्यों है यह मैगी ज्यादा हेल्दी?
सामान्य मैगी में सब्जियों की मात्रा बहुत कम होती है, जबकि इस स्पेशल रेसिपी में कई तरह की रंग-बिरंगी सब्जियां शामिल हैं. गाजर विटामिन-ए का अच्छा स्रोत है, मटर और कॉर्न फाइबर देते हैं, जबकि शिमला मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी भरपूर होता है.
अगर आप इसे और अधिक पौष्टिक बनाना चाहते हैं तो इसमें अंकुरित मूंग, पनीर के छोटे टुकड़े या उबले हुए सोयाबीन भी मिला सकते हैं. इससे प्रोटीन की मात्रा बढ़ जाएगी और यह एक संतुलित स्नैक बन जाएगा.
कुछ खास टिप्स
मैगी को डीप फ्राई या ज्यादा तेल में बनाने से बचें.
ज्यादा नमक डालने की जरूरत नहीं है क्योंकि टेस्टमेकर में पहले से नमक मौजूद होता है.
बच्चों के लिए इसमें पनीर और मक्खन की थोड़ी मात्रा मिलाई जा सकती है.
फिटनेस पसंद करने वाले लोग इसमें टोफू या स्प्राउट्स जोड़ सकते हैं.
दावा-होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट: US का लगातार सातवीं रात ईरान पर हमला; ईरान बोला-जमीनी हमले हुए तो कुवैत-बहरीन में घुस जाएंगे
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों में विस्फोट हो गया। IRGC ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की गलत जानकारी के कारण दोनों टैंकर समुद्र में बिछी माइंस से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस दावे को झूठा बताया। वहीं, CENTCOM ने कहा कि उसने लगातार सातवीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों, हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं पर हमले किए। अल जजीरा के मुताबिक, इन हमलों में सीरिक, बुशेहर, बंदर अब्बास, केश्म द्वीप और यज्द को निशाना बनाया गया। उधर, ईरानी सांसद अहमद बख्शायेश अर्देस्तानी ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया, तो ईरान कुवैत और बहरीन में घुस जाएगा और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह कर देगा। CENTCOM ने ईरान पर हमलों का यह वीडियो जारी किया… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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NEET में सफल होने वालों में करीब आधे OBC: हर दूसरा सफल छात्र इसी वर्ग से; SC परीक्षार्थी 63% और EWS 76% बढ़े
नई दिल्ली4 घंटे पहलेलेखक: उन्नति झाबक
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई की देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी किया था।
NEET 2026 के नतीजों में मेडिकल शिक्षा के सामाजिक-शैक्षणिक रुझानों में बड़ा बदलाव दिखा है। इस साल परीक्षा देने वालों में OBC सबसे बड़ा वर्ग रहा। कुल रजिस्ट्रेशन में OBC की हिस्सेदारी 41.8% थी, जबकि क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 45.7% हो गई। यानी लगभग हर दूसरा सफल छात्र OBC वर्ग से है।
वहीं, सामान्य वर्ग की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 29.2% थी, जो सफल छात्रों में घटकर 26% रह गई। SC की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 15.2% और सफल छात्रों में 14.2% रही। EWS का रजिस्ट्रेशन 7.3% था, लेकिन क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 8.5% हो गया। ST की हिस्सेदारी रजिस्ट्रेशन में 6.6% और सफल छात्रों में 5.7% रही।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 16 जुलाई की देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी किया था। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया।

7 साल में EWS सबसे तेज बढ़े, SC दूसरे नंबर पर
2019 से 2026 के बीच सभी वर्गों के परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है। सबसे तेज बढ़ोतरी EWS वर्ग में 76.30% दर्ज की गई। इसके बाद SC वर्ग के परीक्षार्थी 63.52%, ST के 56.93%, OBC के 40.54% और सामान्य वर्ग के 24.52% बढ़े। विशेषज्ञों के मुताबिक, EWS आरक्षण लागू होने के बाद इस वर्ग की भागीदारी में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है।

छोटे राज्यों का प्रदर्शन बेहतर, राजस्थान अपवाद
क्वालिफाइंग प्रतिशत के मामले में छोटे राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का प्रदर्शन बेहतर रहा। चंडीगढ़ में 2,622 में से 70.14% छात्र सफल हुए। इसके बाद मिजोरम (62.47%), मणिपुर (60.93%), नगालैंड (59.17%) और हिमाचल प्रदेश (57.30%) रहे।
बड़े राज्यों में उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 3.28 लाख छात्रों ने परीक्षा दी, जिनमें 51.93% सफल हुए। महाराष्ट्र में 53.36%, बिहार में 49.24% छात्र क्वालिफाई हुए। राजस्थान बड़े राज्यों में अपवाद रहा, जहां 1.92 लाख परीक्षार्थियों में से 69.34% सफल रहे।

टॉप-138 में 109 लड़के, 29 लड़कियां
ऑल इंडिया रैंक के टॉप-138 में 109 लड़के और 29 लड़कियां शामिल हैं। इनमें राजस्थान के सबसे ज्यादा 19, महाराष्ट्र के 18, तमिलनाडु के 12, दिल्ली के 11, पंजाब के 10, उत्तर प्रदेश और गुजरात के 9-9, जबकि हरियाणा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के 8-8 छात्र हैं।
पेपर लीक के कारण दोबारा हुई थी NEET परीक्षा
पेपर लीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी।
NTA ने इस साल परीक्षा के मूल्यांकन प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया था। पहली बार मूल्यांकन के सभी चरण एक के बाद एक के बजाय समानांतर तरीके से पूरे किए। इससे तय समय पर रिजल्ट जारी किया जा सका। वहीं, पहली बार OMR शीट चैलेंज की प्रक्रिया को आंसर-की जारी करने की प्रक्रिया से अलग रखा गया।

NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन
- 3 मई 2026: NEET UG 2026 की पहली परीक्षा आयोजित
- 12 मई, 2026: पेपर लीक के आरोपों के बाद: 3 मई की परीक्षा रद्द की गई
- 21 जून 2026: देशभर में NEET UG की दोबारा परीक्षा हुई
- 25 जून 2026: प्रोविजनल आंसर-की जारी, ऑब्जेक्शन विंडो खुली
- 25–28 जून 2026: उम्मीदवारों से आंसर-की पर आपत्तियां मांगी गईं
- 13–15 जुलाई 2026: स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स जारी
- 16 जुलाई 2026: फाइनल आंसर-की जारी, NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित

2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा
पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है।
नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।


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NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद

देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…
पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी परेशानी, जिम्मेदार विभागों ने अब तक नहीं ली सुध – Tonk News
टोंक| बग्घी खाना परिसर में संचालित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल की करीब 150 साल पुरानी इमारत की जर्जर स्थिति पर एक साल बाद भी सुधार नहीं हुआ है। स्कूल में पिछले वर्ष एक कमरे को खतरनाक घोषित कर उस पर चेतावनी का निशान लगाया गया था, लेकिन मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। स्कूल प्रशासन के अनुसार परिसर में पांच कमरों में नौ कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। शाला प्रधान ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग और अधिकारियों को पहले ही सूचना दी गई थी। करीब 22 लाख रुपये का प्रस्ताव भी भेजा गया, लेकिन अब तक राशि आवंटित नहीं हुई। परिसर में पानी निकासी की व्यवस्था भी कमजोर बताई गई है। तेज बारिश के दौरान कक्षा-कक्षों में पानी भरने की शिकायत सामने आई है। पूर्व पार्षद शकील मियां के अनुसार कई बार पानी भरने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। विद्यालय स्टाफ ने नगर परिषद में शिविर के दौरान शिकायत दर्ज कराई थी, पर कार्रवाई नहीं हुई। यह परिसर केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं है। यहां महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल के साथ एक बालिका सीनियर सेकंडरी स्कूल और एक उच्च प्राथमिक स्कूल भी संचालित होते हैं। तीनों स्कूलों की इमारतें जर्जर बताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत और नए निर्माण की जरूरत लंबे समय से बनी हुई है। झालावाड़ और ककोड़ में स्कूल भवन गिरने की घटनाओं के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जर्जर स्कूलों की सूची पर काम शुरू किया था। हालांकि, स्थानीय स्तर पर आरोप है कि 60 से अधिक स्कूलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार केवल छह विद्यालयों के लिए करीब साढ़े 9 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई, जिसमें टोंक शहर के स्कूल शामिल नहीं हैं। कांग्रेस खेल प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इम्तियाज खान ने बताया कि इस मुद्दे को विधायक सचिन पायलट तक भी पहुंचाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रोग्रेसिव वेलफेयर सोसायटी ने नगर परिषद से परिसर के बाहर पार्किंग स्थल विकसित करने की मांग भी रखी है, ताकि सफाई व्यवस्था सुधरे और मरीजों, स्कूल आने-जाने वालों तथा अन्य सेवाओं को सुविधा मिल सके। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं और राशि मिलने के बाद ही काम हो पाएगा।
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लखनऊ के विभिन्न इलाकों में हुई बिजली कटौती: दुबग्गा में ट्रांसफार्मर में लगी आग , कटौती से नाराज लोगों ने उपेंद्र घेरा, नाला निर्माण में अंडरग्राउंड केबल कटी – Lucknow News
लखनऊ में शुक्रवार को शहर के विभिन्न हिस्सों में बिजली गुल हुई। खराब मौसम के कारण बिजली कटौती और बाधा उपभोक्ताओं को झेलना पड़ा। LDA की लापरवाही बिजली सप्लाई ध्वस्त हो गई। कबीर नगर में नाला निर्माण के दौरान अंडरग्राउंड केबल कटने से एक दर्जन कॉलोनियों में देर रात तक अंधेरा रहा। बत्ती गुल होने के बाद स्थानीय लोगों को पानी की भी परेशानी उठानी पड़ी। कबीर नगर उपकेंद्र पर शुक्रवार शाम करीब 5.30 बजे बत्ती गुल हो गई । चुन्नूखेड़ा तिराहे के पास परसादी खेड़ा रोड पर एलडीए द्वारा नाले का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इस दौरान सड़क की खुदाई करते समय की अंडरग्राउंड केबल कट गई। केबल कटने से पंडितखेड़ा, काशीराम कॉलोनी सदरौना, शुभम सिटी, गोल्ड सिटी, कृष्ण विहार कॉलोनी, रामदास खेड़ा, बजरंग सिटी, परसादी खेड़ा, आर्यपुरम और राधेबाग कॉलोनी समेत एक दर्जन से अधिक वीआईपी और घनी आबादी वाले इलाकों की बिजली ठप हो गई। बिजली कटौती से लगभग 30 हजार आबादी परेशान हो गई। उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र से लेकर टोल-फ्री नंबर 1912 पर कई बार शिकायत किया। सूचना पर जूनियर इंजीनियर और विभागीय कर्मचारी फाल्ट ठीक करने मौके पर पहुंचे, लेकिन केबल बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण देर रात तक आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी। नगराम के 50 गांवों में ठप रही सप्लाई दुबग्गा के मछली मंडी इलाके में एक ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। आग लगते ही पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। स्थानीय निवासियों ने तत्काल इसकी जानकारी देने के लिए उपकेंद्र से लेकर संबंधित एक्सईएन तक के मोबाइल पर फोन मिलाए। स्थानीयों के आरोप हैं किसी भी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया । नाराज नागरिकों और भारतीय किसान यूनियन (हिन्दुस्तान) के पदाधिकारियों ने उपकेंद्र घेराव करके नारेबाजी और प्रदर्शन किया। चौक में गुल रही बत्ती पुराने लखनऊ के चौक घंटाघर उपकेंद्र के दुर्गा मार्ग फीडर में केबल फाल्ट होने से लगभग 4 घंटे तक बिजली गुल रही। फैजुल्लागंज के गायत्री नगर और हरिओम नगर में भी लोग बिजली कटौती से परेशान रहे । वहीं, सरोसा उपकेंद्र के शिवग्राम पंचायत में दिनभर बिजली की आंख-मिचौली चलती रही, जबकि अलीगंज के चंद्रलोक फीडर के तहत दिन में एक घंटे की अघोषित कटौती की गई। अचानक बिजली कटौती से लोगों ने काफी नाराजगी जताई।
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