Friday, September 18, 2026
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2 कंपनियां बनाएंगी 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, 35 साल तक संभालेंगी मेंटेनेंस का भी काम


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Vande Bharat Sleeper Train : भारतीय रेलवे ने 2 सरकारी कंपनियों को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बनाने का ठेका दिया है. यह कंपनियां 80 स्लीपर ट्रेनें बनाने के साथ ही 35 साल तक उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालेंगी. यह पूरा प्रोजेक्ट करीब 24 हजार करोड़ रुपये का होगा.

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भेल और टीटागढ़ रेल को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बनाने का जिम्मा मिला है.

नई दिल्ली. देश में जबसे वंदे भारत ट्रेन चलनी शुरू हुई है, हर कोई इसका कायल है. खासकर वंदे भारत की स्लीपर ट्रेनों का एहसास तो फ्लाइट में बैठने जैसा होता है. वैसे तो अभी वंदे भारत की स्लीपर ट्रेनें काफी कम हैं, लेकिन जल्द ही देश में हर बड़े शहर के बीच वंदे भारत की स्लीपर ट्रेनें दौड़ती नजर आएंगी. इन स्लीपर ट्रेनों को बनाने के लिए दो सरकारी कंपनियों ने हाथ मिलाया है. इन दोनों कंपनियों ने एक ज्वाइंट वेंचर तैयार किया है, जो 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार करेगा और 35 साल तक इनके रखरखाव की भी जिम्मेदारी संभालेगा.

दरअसल, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स लिमिटेड (TRSL) ने एक ज्वाइंट वेंचर तैयार किया है. यह दोनों कंपनियां मिलकर 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें तैयार करेंगी और 35 साल तक उनके रखरखाव की भी जिम्मेदारी निभाएंगी. इस काम के लिए दोनों कंपनियों ने 15 सितंबर को समझौता किया है, जिसके तहत जल्द ही नई कंपनी बनाने का काम शुरू हो जाएगा.

24 हजार करोड़ का होगा प्रोजेक्ट
भेल और टीटागढ़ कंसोर्टियम को दिया गया प्रोजेक्ट करीब 24 हजार करोड़ रुपये का होगा. इसमें 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का निर्माण और उनका 35 साल तक रखरखाव शामिल है. इसका मतलब है कि इन ट्रेनों का मेंटेनेंस साल 2061 तक करना होगा. नया ज्वाइंट वेंचर दोनों कंपनियों का बराबर हिस्सेदारी वाला होगा. इसका मतलब है कि रेलवे ने इन दोनों कंपनियों को सिर्फ नई ट्रेनें बनाने की ही जिम्मेदारी नहीं सौंपी है, बल्कि उसके मेंटनेंस का जिम्मा भी दिया है. इससे रेलवे को लंबे समय तक इन ट्रेनों के रखरखाव आदि की चिंता नहीं करनी होगी.

कई हिस्सों में बंटा है कॉन्ट्रैक्ट
भेल और टीटागढ़ कंसोर्टियम का यह कॉन्ट्रैक्ट कई हिस्सों में बंटा हुआ है. 24 हजार करोड़ के इस प्रोजेक्ट में सरकारी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और ट्रेनसेट डिपो को अपग्रेड करने का काम भी शामिल है. इसका मकसद सिर्फ ट्रेनें बनाना नहीं है, बल्कि इन ट्रेनों के ऑपरेशन से लेकर इन्फ्रा तक सभी चीजों को लंबे समय तक सपोर्ट करने का काम भी इसका ही होता है.

लंबे मेंटेनेंस से क्या होगा फायदा
प्रोजेक्ट की सबसे जरूरी चीज इसका लंबे समय तक मेंटेनेंस प्लान है. दरअसल, किसी भी नए ट्रेनसेट को लंबे समय तक रखरखाव की जरूरत होती है. अमूमन ट्रेनसेट बनाने और उसके रखरखाव का काम अलग-अलग कंपनियों को सौंपा जाता है, जिससे काम उतना बेहतर तरीके से नहीं हो पाता. इसे ध्यान में रखते हुए दोनों काम एक ही कंपनी को सौंपा गया है, ताकि निर्माण के समय ही यह ध्यान रखा जा सके कि उसका मेंटेनेंस भी उसी कंपनी को लंबे समय तक करना है. ऐसे में ट्रेनसेट बनाने वाली कंपनी क्वालिटी का खास ध्यान रखेगी.

लंबी दूरी के लिए डिजाइन है ट्रेन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को खास तौर से लंबी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है. यही वजह है कि इन ट्रेनों की क्वालिटी को खास बनाया जाता है. इसमें आराम, आधुनिक डिजाइन और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जैसी चीजों पर जोर दिया जाता है. इस साल जनवरी में ही पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलनी शुरू हुई है, जबकि अब इसे देश के कई प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए चलाने का लक्ष्य है. देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को इंटीग्रल कोच फैक्ट्री, चेन्नई में बनाया गया था.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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जीरन में रेतम नदी उफान पर,बांध के 7 गेट खुले: नीमच में मल्हारगढ़-जीरन मार्ग ठप; पुलिया डूबी, गांवों में पुलिस गश्त तेज – Neemuch News




नीमच के जीरन क्षेत्र में तीन दिन से हो रही तेज बारिश के बाद रेतम नदी उफान पर है। कुंचडोद के पास काका साहब गाडगिल सागर बांध के 9 में से 7 गेट शुक्रवार शाम तक खोल दिए गए। पानी बढ़ने से मल्हारगढ़ से कुंचडोद-जीरन और नयाखेड़ा जाने वाले रास्ते की पुलिया डूब गई और मार्ग पर यातायात बंद हो गया। पुलिया डूबने से रास्ता बंद बांध से पानी छोड़े जाने के बाद रेतम नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी के तेज बहाव से पुलिया पूरी तरह पानी में डूब गई। इसके चलते मल्हारगढ़ से कुंचडोद-जीरन और नयाखेड़ा जाने वाले रास्ते पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति देखी सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी, हल्का पटवारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जलस्तर और पुलिया की स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने लोगों से बहते पानी में रास्ता पार नहीं करने की अपील की है। गांवों में पुलिस की गश्त बढ़ाई सुरक्षा के लिए जीरन थाने के चार पुलिस जवान प्रभावित क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। पुलिस चलदू, पलसोड़ा समेत नदी किनारे बसे आसपास के गांवों में लगातार गश्त कर रही है। बारिश जारी रही तो बढ़ सकता है जलस्तर क्षेत्र में बारिश का दौर जारी है। प्रशासन नदी और बांध के जलस्तर पर नजर रख रहा है। बारिश बढ़ने पर नदी का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।



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बैद्यनाथ हत्याकांड-कुख्यात एजाज पर 25 हजार का इनाम: सीतामढ़ी कोर्ट से वारंट लेकर घर की कुर्की, फरार आरोपी पर पुलिस ने बढ़ाया दबाव – Sitamarhi News




सीतामढ़ी में जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो हत्याकांड के फरार आरोपी कुख्यात मोहम्मद एजाज पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने कोर्ट से कुर्की-जब्ती का वारंट लिया। इसके बाद शुक्रवार को डुमरा थाना पुलिस ने उसके घर पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। कार्रवाई एडिशनल एसपी आशीष आनंद के नेतृत्व में की गई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… केथरिया का रहने वाला है मोहम्मद एजाज पुलिस के अनुसार, मोहम्मद एजाज डुमरा थाना क्षेत्र के केथरिया का रहने वाला है। उसके खिलाफ सीतामढ़ी में आठ और मुजफ्फरपुर में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और डकैती जैसे गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। मॉर्निंग वॉक के दौरान मारी गई थी गोली 12 सितंबर की सुबह बैद्यनाथ महतो केथरिया इलाके में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। रिपोर्ट के मुताबिक हमलावरों ने बैद्यनाथ महतो को आठ गोलियां मारी थीं, जिससे उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद भड़का था लोगों का आक्रोश हत्याकांड के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। गुस्साए लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव किया था। इस दौरान कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज कर दी। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को छापेमारी पुलिस नामजद और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसी क्रम में मोहम्मद एजाज के खिलाफ पहले इनाम घोषित किया गया और गिरफ्तारी नहीं होने पर कोर्ट से कुर्की-जब्ती का वारंट हासिल किया गया। एसपी बोले- आरोपी को नहीं बख्शा जाएगा एसपी अमित रंजन ने बताया कि हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। फरार आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत इनाम घोषित करने और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। गिरफ्तारी के लिए बढ़ाया गया दबाव पुलिस की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई के बाद मोहम्मद एजाज पर गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया है। पुलिस उसके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाकर लगातार छापेमारी कर रही है। हत्याकांड में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी भी पुलिस के लिए अहम चुनौती बनी हुई है।



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पुतिन की जीत तय, फिर भी रूस में चुनाव: यूक्रेन के कब्जे वाले इलाकों में भी वोटिंग; युद्ध का विरोध करने वाली पार्टी बाहर


मॉस्को1 घंटे पहले

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रूस में शुक्रवार यानी 18 सितंबर से तीन दिन का संसदीय चुनाव शुरू हो गया। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी यूनाइटेड रशिया का संसद में दबदबा बरकरार रहने की उम्मीद है। वहीं, यूक्रेन युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली याब्लोको पार्टी को चुनाव से बाहर कर दिया गया है।

यह 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण सैन्य हमले के बाद पहला संसदीय चुनाव है। रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के इलाकों में भी वोटिंग हो रही है। यूक्रेन और यूरोपीय संघ ने वहां हो रहे मतदान को अवैध बताया है।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डालकर चुनाव में हिस्सा लिया।

राष्ट्रपति पुतिन ने भी शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डालकर चुनाव में हिस्सा लिया।

पुतिन की पार्टी का दबदबा फिर चुनाव जरूरी क्यों

क्रेमलिन के लिए यह चुनाव सिर्फ संसद के सदस्य चुनने तक सीमित नहीं है। पुतिन चाहते हैं कि बड़ी संख्या में लोग वोट डालें, ताकि यह संदेश जाए कि यूक्रेन युद्ध के बीच भी जनता सरकार और रूसी सैनिकों के साथ खड़ी है।

पुतिन ने शुक्रवार को ऑनलाइन वोट डाला। चुनाव से पहले उन्होंने कहा कि लोगों का फैसला दिखाएगा कि लाखों लोग रूस के सैनिकों के साथ खड़े हैं और देश एकजुट है।

450 सीटों के लिए हो रही वोटिंग

  • रूस के स्टेट ड्यूमा में 225 सीटों पर लोग राजनीतिक पार्टियों को वोट देंगे। बाकी 225 सीटों पर अलग-अलग इलाकों से खड़े उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनेंगे।
  • यूनाइटेड रशिया के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी, एलडीपीआर, ए जस्ट रशिया और न्यू पीपल जैसी पार्टियां भी चुनाव लड़ रही हैं।
  • हालांकि, इन्हें रूस में सरकार के खिलाफ मजबूत विपक्ष नहीं माना जाता। बड़े मुद्दों पर ये पार्टियां अक्सर सरकार का साथ देती हैं।
संसदीय चुनाव से पहले मॉस्को में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का डिजिटल चुनावी विज्ञापन।

संसदीय चुनाव से पहले मॉस्को में सत्तारूढ़ यूनाइटेड रशिया पार्टी का डिजिटल चुनावी विज्ञापन।

युद्ध विरोधी याब्लोको पार्टी चुनाव से बाहर

याब्लोको रूस की एकमात्र रजिस्टर्ड पार्टी थी, जो खुले तौर पर यूक्रेन युद्ध का विरोध करती रही है। पार्टी जंग खत्म करने और बातचीत के जरिए शांति की बात करती है।

रूस की सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में याब्लोको की उम्मीदवारों की सूची का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया।

कोर्ट के मुताबिक, पार्टी ने चुनाव प्रचार में ऐसे लोगों से मिले पैसे का इस्तेमाल किया, जिन्हें विदेश से पैसा मिला था। इसके अलावा पार्टी ने कुछ तस्वीरों और दूसरी प्रचार सामग्री का बिना अनुमति इस्तेमाल किया। इंटरनेट पर प्रचार को लेकर भी पार्टी ने नियम तोड़े।

हालांकि, याब्लोको का कहना है कि उसे असल में यूक्रेन युद्ध के खिलाफ उसके रुख की वजह से चुनाव से हटाया गया।

पार्टी के कुछ उम्मीदवार अब भी अलग-अलग सीटों पर व्यक्तिगत उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, कुछ दूसरे युद्ध विरोधी नेताओं को जेल भेजा गया है या उन्हें रूस छोड़ना पड़ा है।

विपक्षी पार्टी याब्लोको के नेता निकोलाय रिबाकोव इस महीने मॉस्को में एक कार्यक्रम के दौरान।

विपक्षी पार्टी याब्लोको के नेता निकोलाय रिबाकोव इस महीने मॉस्को में एक कार्यक्रम के दौरान।

कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी वोटिंग

इस चुनाव में रूस पहली बार यूक्रेन के डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिजिया के उन इलाकों में भी मतदान करा रहा है, जिन पर उसका कब्जा है।

रूस ने 2022 में इन चारों इलाकों को अपने देश में शामिल करने का दावा किया था। हालांकि, यूक्रेन और ज्यादातर दूसरे देश रूस के इस दावे को मान्यता नहीं देते। रूस का इन चारों इलाकों पर भी पूरा नियंत्रण नहीं है।

क्रीमिया में भी मतदान हो रहा है। रूस ने 2014 में क्रीमिया पर कब्जा कर इसे अपने देश में शामिल कर लिया था।

डोनेट्स्क के रूस के कब्जे वाले इलाके में मतदान के दौरान लोगों के पास एक हथियारबंद रूसी सैनिक भी तैनात दिखाई दिया।

चुनाव पर्यवेक्षकों को नहीं बुलाया

रूस ने इस बार यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (OSCE) के चुनाव पर्यवेक्षकों को भी नहीं बुलाया है। इससे चुनाव की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

20 सितंबर की शाम से शुरुआती नतीजे आने शुरू हो सकते हैं। 21 सितंबर तक लगभग पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। पुतिन की पार्टी के संसद में अपना दबदबा बनाए रखने की उम्मीद है।

लेकिन इस चुनाव की अहमियत सिर्फ यह देखने तक सीमित नहीं है कि किस पार्टी को कितनी सीटें मिलती हैं। पुतिन इसे यूक्रेन युद्ध के बीच जनता के समर्थन के तौर पर दिखाना चाहते हैं। वहीं, युद्ध का खुलकर विरोध करने वाली पार्टी चुनाव से बाहर है और रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी इलाकों में भी वोटिंग हो रही है।

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अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति:US वीजा मिला, संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करेंगे; उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो सकती

अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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Airtel का 84 दिन चलने वाला सस्ता प्लान, मिलेगा अनलिमिटेड 5G डेटा


Airtel के करोड़ों यूजर्स के लिए कई बजट फ्रेंडली रिचार्ज प्लान है। सब्सक्राइबर्स के मामले में देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने पिछले महीने अपने कई सस्ते रिचार्ज प्लान बंद किए हैं। हालांकि, कंपनी के पास अभी भी कई ऐसे प्लान हैं, जिनमें कम खर्च करके अनलिमिटेड 5G, कॉलिंग, OTT जैसे बेनिफिट्स मिलते हैं। एयरटेल के पास ऐसा ही एक 84 दिन वाला सस्ता प्लान है।

84 दिन वाला प्लान

एयरटेल का यह 84 दिन की वैलिडिटी वाला प्लान 979 रुपये में आता है। इस प्रीपेड प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो कंपनी यूजर्स को पूरे भारत में किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड फ्री कॉलिंग ऑफर करती है। साथ ही, यूजर्स को फ्री नेशनल रोमिंग का भी लाभ मिलता है। यह प्लान डेली 2GB हाई स्पीड डेटा और 100 फ्री SMS बेनिफिट्स के साथ आता है। अगर, आप 5G स्मार्टफोन यूज करते हैं तो अनलिमिटेड 5G डेटा ऑफर किया जाता है।

Image Source : AIRTELएयरटेल 84 दिन वाला प्लान

एयरटेल अपने इस सस्ते रिचार्ज प्लान के साथ SonyLIV, Zee5 जैसे 18 OTT ऐप्स का एक्सेस देता है। यूजर्स को Airtel Xtream Play का सब्सक्रिप्शन मिलता है, जो प्लान तक वैलिड है। इसके अलावा 12 महीने के लिए यूजर्स को Adobe Express Premium का भी लाभ मिलता है। इस प्लान के अलावा कंपनी के पास 365 दिन की वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता प्लान भी है।

Airtel का 365 दिन वाला सस्ता प्लान

एयरटेल का लंबी वैलिडिटी वाला यह सस्ता रिचार्ज प्लान 1849 रुपये में आता है। इस प्लान में यूजर्स को 365 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। यह प्लान अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग के साथ आता है। इसमें यूजर्स को पूरे साल भर के लिए 3,600 फ्री SMS का भी लाभ मिलता है। कंपनी अपने इस प्लान में डेटा बेनिफिट्स नहीं देती है यानी यूजर्स को यह प्लान सिर्फ कॉलिंग और SMS बेनिफिट के साथ मिलेगा। हालांकि, यूजर्स डेटा ऐड-ऑन पैक लेकर इस प्लान में इंटरनेट का बेनिफिट ले सकते हैं।

इस प्लान के अलावा कंपनी के पास 365 दिन की वैलिडिटी वाला एक और सस्ता प्लान भी है, जिसमें यूजर्स को डेटा बेनिफिट मिलता है। इस प्रीपेड प्लान की कीमत 2249 रुपये है। इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ भी मिलता है। इसमें यूजर्स को 3,600 फ्री SMS और 30GB हाई स्पीड डेटा का लाभ भी मिलेगा।

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सुप्रीम कोर्ट की सलाह- युवा वकील सीनियर्स से ट्रेनिंग लें: उनके बिना पेशे की बारीकियां नहीं जान सकते, कोर्ट में क्या नहीं बोलना यह भी सीखेंगे


नई दिल्ली2 घंटे पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोर्ट रूम में मौजूद युवा वकीलों से कहा कि सीनियरों के साथ ट्रेनिंग के बिना वे पेशे की बारीकियां नहीं सीख पाएंगे। युवा वकीलों को यह पता होना चाहिए कि कोर्ट में क्या बोलना है और क्या नहीं।

ये बातें जस्टिस बीवी नागरत्ना और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने ये टिप्पणियां बॉम्बे हाईकोर्ट के एक आदेश से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान कीं।

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि कुछ युवा बिना ट्रेनिंग सीधे अपना काम शुरू कर रहे हैं। यह बिल्कुल सही नहीं है।

युवा सीनियर्स के पास जाएं, वे सही दिशा दिखाएंगे

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि युवा वकीलों को सीनियरों के पास जाना चाहिए। सीनियर उन्हें सही दिशा दिखाएंगे। उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि आजकल युवा महत्वाकांक्षी हैं। लेकिन सीनियरों के साथ ट्रेनिंग के बिना वे काम नहीं सीख पाएंगे।बयह प्रक्रिया पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती आ रही है। सम्मानित पेशे की बारीकियां और अच्छी कार्यप्रणालियां इसी तरह आगे बढ़ती हैं।”

डिग्री और ऑफिस के बाद जरूरी कौशल

बेंच ने कहा कि युवा वकीलों को कोर्ट में बैठकर कार्यवाही भी देखनी चाहिए। बेंच ने कहा- “युवा वकील डिग्री हासिल करने के बाद जल्द ही अपना ऑफिस शुरू कर रहे हैं। लेकिन सॉफ्ट स्किल्स कहां हैं? आपके पास हार्डवेयर हो सकता है, लेकिन सॉफ्ट स्किल्स हर दिन विकसित करनी पड़ती हैं।”

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, “हमें बार और बार के भविष्य की चिंता है। कोर्ट की कार्यवाही देखकर युवा वकील समझ सकते हैं कि कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए।

जस्टिस नागरत्ना ने अपने शुरुआती दिन याद किए

जस्टिस नागरत्ना ने वकील के रूप में अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने कहा, “जब मैं युवा थीं, तब मेरे पास कभी-कभार सिर्फ एक मामला या एक मेंशनिंग होती थी। लेकिन मैं कुछ कोर्ट हॉल में जाकर बैठती थी। खासकर, कठिन जजों की अदालतों में।”

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि ऐसा करने से वे जजों के सख्त रवैए की अभ्यस्त हो जाती थीं। अगली बार वहां मामला आने पर उन्हें पहले से पता होता था कि जज को देखकर कैसे जवाब देना है और क्या कहना है।

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सुप्रीम कोर्ट जांच करेगा- पेपर लीक रोकने के क्या इंतजाम हुए, जज NTA दफ्तर जाएंगे

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जरूरत पड़ने पर नीट परीक्षा सिस्टम की जांच के लिए जज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ऑफिस का दौरा करेंगे। वे देखेंगे कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने के इंतजाम वास्तव में काम कर रहे हैं या नहीं। पढ़ें पूरी खबर…



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चाय में अदरक डालना पुराना हुआ, अब लोग इस देसी कॉम्बिनेशन से बना रहे हैं नया स्वाद

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Chai Masala Recipe: शाम होते ही चाय की तलब लगना भारतीय घरों की आम बात है. किसी को कड़क चाय पसंद है तो किसी के लिए इलायची और अदरक की खुशबू ही काफी होती है, लेकिन रोज एक ही स्वाद वाली चाय पीते-पीते कभी-कभी मन कुछ अलग करने का भी करता है. ऐसे में रसोई में रखे कुछ देसी मसाले आपकी साधारण चाय का स्वाद बदल सकते हैं.

इन दिनों अलग-अलग तरह की मसाला चाय और घर पर तैयार चाय मसाले की रेसिपी भी सामने आ रही हैं. सूखी अदरक, सौंफ, इलायची, दालचीनी और काली मिर्च जैसे मसालों का मेल चाय को खुशबूदार और कड़क स्वाद दे सकता है.

चाय में नया स्वाद देगा देसी मसाला कॉम्बिनेशन अगर आपको हर बार ताजा अदरक कूटकर चाय में डालना पसंद नहीं है तो घर का बना चाय मसाला एक आसान विकल्प हो सकता है. इसमें सूखी अदरक यानी सोंठ के साथ सौंफ, इलायची, दालचीनी, लौंग और काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है. इन मसालों का संतुलित मेल चाय को तेज खुशबू और मसालेदार स्वाद देता है. ऐसी चाय को आप अपनी पसंद के मुताबिक हल्का या कड़क रख सकते हैं.

घर पर ऐसे तैयार करें चाय मसाला

चाय मसाला बनाने के लिए सोंठ, सौंफ, काली मिर्च, बड़ी और छोटी इलायची, दालचीनी, लौंग और थोड़ा जायफल लिया जा सकता है. कुछ रेसिपी में सूखी तुलसी भी मिलाई जाती है. मसालों को बहुत ज्यादा भूनने की जरूरत नहीं होती. हल्की आंच पर इन्हें थोड़ा गर्म करने से खुशबू अच्छी तरह निकलती है. इसके बाद ठंडा करके दरदरा पीस लें. तैयार मसाले को सूखे और एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है. यहां एक बात का ध्यान रखना जरूरी है. सभी मसालों की मात्रा बराबर रखने की जरूरत नहीं है. सौंफ ज्यादा होने पर स्वाद हल्का मीठा और खुशबूदार लग सकता है, जबकि काली मिर्च और लौंग चाय को ज्यादा तीखा बना सकते हैं. इसलिए पहली बार कम मात्रा में मसाला बनाकर अपनी पसंद के हिसाब से स्वाद समझना बेहतर रहेगा.

एक कप चाय में कितना मसाला डालें

चाय बनाते समय पानी में चायपत्ती डालने से पहले मसालों को उबालने से उनका स्वाद अच्छी तरह पानी में आ सकता है. इसके बाद चायपत्ती और दूध डालकर सामान्य तरीके से चाय तैयार की जा सकती है. बहुत ज्यादा मसाला डालने से चाय का स्वाद कड़वा या जरूरत से ज्यादा तीखा हो सकता है. इसलिए एक कप चाय के लिए थोड़ी मात्रा से शुरुआत करना सही रहेगा, अगर घर में बच्चों या ऐसे लोगों के लिए चाय बन रही है जिन्हें तेज मसाले पसंद नहीं हैं तो काली मिर्च और लौंग कम रख सकते हैं. वहीं मसालों की खुशबू पसंद करने वाले लोग इलायची और सौंफ का स्वाद थोड़ा बढ़ा सकते हैं. यही छोटी-सी बात घर की चाय को अलग अंदाज दे सकती है.

कैरेमल शुगर से भी बदल सकता है स्वाद

अगर आप मसाला चाय से भी कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं तो कैरेमल शुगर वाली चाय एक और विकल्प है. इसमें चीनी को हल्का कैरेमलाइज करके चाय तैयार की जाती है. राजवाड़ी चाय की कुछ रेसिपी में इलायची, सौंफ, लौंग, दालचीनी, अदरक और केसर के साथ कैरेमलाइज्ड चीनी का इस्तेमाल किया जाता है. इससे चाय में हल्की सोंधी मिठास और अलग खुशबू आती है.

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स्वाद के साथ मात्रा का भी रखें ध्यान

मसाला चाय स्वाद बदलने का आसान तरीका जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ज्यादा मसाले डालने से चाय और अच्छी हो जाएगी. हर मसाले का अपना तेज स्वाद होता है. इसलिए कम मात्रा से शुरुआत करना बेहतर है. खासकर अगर आप रोज चाय पीते हैं तो अपनी पसंद और सहनशीलता के अनुसार मसालों की मात्रा रखें.



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धोरीमन्ना पालिका की कमान जेन जी के हाथ में: बोली- सिविल सर्विसेज में जाना चाहती थी; पुलिसकर्मी पिता ने भी मांगा था विधायकी का टिकट – Barmer News




बालोतरा जिले की नई बनी धोरीमन्ना नगर पालिका में जेन जी कीर्ति गोसाईवाल पहली अध्यक्ष निर्विरोध बनी हैं। अध्यक्ष पद के लिए इसके अलावा किसी पार्षद ने नामांकन दाखिल नहीं किया। आज एसडीएम ने निर्विरोध निर्वाचित कर दिया। वहीं अध्यक्ष पद का प्रमाण-पत्र सौंप दिया। धोरीमन्ना नगर पालिका की पहली अध्यक्ष बनी हैं। इनकी उम्र 21 साल 47 दिन है। कीर्ति के पिता घेवर सिंह राजस्थान पुलिस ने सीआई पद से वीआरएस विधानसभा चुनाव से पहले लिया था। तब बिलाड़ा से खुद टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट नहीं मिली। इसके बाद से राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर एक्टिव हैं। कीर्ति गोसाईवाल ने बताया- मेरा सपना सिविल सर्विस में जाने का था। लेकिन पॉलिटिक्स में मुझे रूचि थी। मुझे धोरीमन्ना की जनता ने मुझे मौका दिया। पहले पार्षद बन गई। फिर हम उन्होंने मुझे नगर पालिका अध्यक्ष बना दिया। मैं मंत्री के.के. विश्नोई और पूरी भाजपा टीम को आभार व्यक्त करती हूं। मेरी प्राथमिकता रहेगी कि धोरीमन्ना की जनता के हर दुख सुख में भाग लूं। उनकी हर समस्या का जितना जल्दी हो सके समाधान करूं। धोरीमन्ना की कमान जेन जी के हाथ में दरअसल, बालोतरा जिले की धोरीमन्ना नगर पालिका में 20 वार्ड है। इसमें भाजपा ने 14 सीटें जीती। वहीं कांग्रेस 3 सीट पर ही सिमट गई। 3 निर्दलीय पार्षद बनें। 16 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल भाजपा से कीर्ति गोसाईवाल ने किया। वहीं कांग्रेस और निर्दलीय से किसी ने कोई नामांकन दाखिल नहीं किया। लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पत्र की जांच और नाम वापसी के बाद कीर्ति को निर्विरोध निर्वाचित किया। शुक्रवार को एसडीएम बद्रीनारायण विश्नोई ने प्रमाण-पत्र सौंपा। अब धोरीमन्ना नगर पालिका की कमान 21 साल की बेटी के हाथ में है। वार्ड 7 से लड़ा चुनाव धोरीमन्ना नगर पालिका पहली जेन जी अध्यक्ष कीर्ति गोसाईवाल इसी साल बीए की थी। इस साल एमए की तैयारी कर रही है। इनके पिता जोधपुर में रहते हैं। इनके चाचा और पूरा परिवार धोरीमन्ना रहता है। धोरीमन्ना में यह आते-जाते रहते हैं। कीर्ति गोसाईवाल ने नगरपालिका चुनाव में वार्ड संख्या 7 से भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 9 वोट के अंतर से हराकर पार्षद का चुनाव जीता। इसके बाद भाजपा ने उन्हे अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन के दौरान कांग्रेस व निर्दलीय पक्ष की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया। पहली अध्यक्ष बेटी बनी धोरीमन्ना नगर पालिका बनने के बाद पहली बार चुनाव हुए। इस चुनाव में पहली बार पार्षद चुने गए। अब पहली बार अध्यक्ष का निर्वाचन हुआ। ऐसे में 21 साल गोसाईवाल का निर्विरोध अध्यक्ष बनना धोरीमन्ना के नगर पालिका इतिहास में पहली राजनीतिक घटना बन गया है।



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मुरादाबाद में गौवंश को सुरक्षित गौशाला पहुंचाया: सनातन सेवा संगठन ने घायल नंदी को पहुंचाया गौशाला – Moradabad News




मुरादाबाद में सनातन सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने ट्रेन की चपेट में आकर घायल हुए नंदी महाराज को उपचार और देखभाल के लिए गौशाला भिजवाया। संगठन के सदस्यों को नंदी के घायल होने की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके बाद नंदी महाराज को गौशाला भेजा गया, जहां उसकी देखभाल की जाएगी। इस दौरान सनातन सेवा संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल कुमार, बृजेश शर्मा, उज्ज्वल सक्सेना, मोहित और हर्ष ठाकुर मौजूद रहे। संगठन के सदस्यों ने बताया कि घायल पशुओं की मदद के लिए वे आगे भी प्रयास करते रहेंगे।



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बांका में 10 किसान ड्रोन बैंक स्थापित होंगे: खेती में मॉडर्न टेक्नोलॉजी को बढ़ावा मिलेगा, 10 लाख के प्रोजेक्ट पर सब्सिडी – Banka News


बांका जिले में खेती को आधुनिक बनाने के लिए पहली बार 10 किसान ड्रोन बैंक स्थापित किए जाएंगे। कृषि यांत्रीकरण योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसकी मंजूरी मिल गई है।

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इन ड्रोन बैंकों से किसानों को कीटनाशक,तरल खाद और दूसरे कृषि कामों के लिए स्थानीय स्तर पर ही ड्रोन सेवा मिल सकेगी।

किसानों को ड्रोन खरीदने की जरूरत नहीं होगी,वे कस्टम हायरिंग सेंटर से जरूरत के हिसाब से ड्रोन ले सकेंगे।

राज्य सरकार की योजना के अनुसार,हर किसान ड्रोन कस्टम हायरिंग सेंटर की परियोजना लागत10लाख रुपए तय की गई है।

फसल प्रबंधन में मिलेगी काफी मदद

कृषि क्षेत्र में स्नातक (ग्रेजुएट)आवेदकों को परियोजना लागत का50 प्रतिशत या अधिकतम पांच लाख रुपए तक का अनुदान मिलेगा।

वहीं,गैर-कृषि स्नातक आवेदकों को40प्रतिशत या अधिकतम चार लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा।

इससे कृषि में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा और युवाओं को ड्रोन आधारित कृषि सेवा से रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

कृषि प्रधान बांका जिले में ड्रोन सेवा शुरू होने से किसानों को फसल प्रबंधन में काफी मदद मिलेगी।

ड्रोन की सुविधा मिलने से समय और लागत की बचत

पारंपरिक तरीके से कीटनाशक और तरल खाद के छिड़काव में ज्यादा मजदूर और समय लगता है।

ड्रोन से कम समय में बड़े इलाके में एक समान छिड़काव किया जा सकता है।

इससे मजदूरी और समय दोनों की बचत होगी। किसान अपनी फसल का समय पर इलाज भी करा सकेंगे। रजौन प्रखंड के उपरामा गांव में किसान पहले से ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

किसान रूपेश चौधरी ने बताया कि खेतों में कीटनाशक और तरल खाद के छिड़काव के लिए ड्रोन की सुविधा मिलने से समय और लागत दोनों बचती है।

समय पर छिड़काव करना होगा आसान

उन्होंने कहा कि बड़े इलाके में पारंपरिक तरीके से छिड़काव करने में कई मजदूर और कई घंटे लगते हैं, जबकि ड्रोन से कम समय में ज्यादा इलाके में छिड़काव हो जाता है।

इससे धान,गेहूं,मक्का और सब्जी समेत दूसरी फसलों में जरूरत के हिसाब से समय पर छिड़काव करना आसान होगा।

उप निदेशक, कृषि यांत्रिकरण रजनीश रंजन कुमार ने बताया कि इस वर्ष जिले को 10 किसान ड्रोन बैंक स्थापित करने का लक्ष्य मिला है।

इसके लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक आवेदक विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अन्य कृषि यंत्रों के लिए भी आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई है।



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