Wednesday, July 22, 2026
Home Blog

ट्रंप के एक कदम से खड़ी हो गई तीन-तीन मुसीबत, क्रूड-बाजार और टैरिफ की तिकड़ी


Last Updated:

Share vs Crude : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट दिखी है. इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है. ट्रंप ने टैरिफ का दोबारा ऐलान कर दिया है, जिससे कई देशों के कारोबार पर दबाव बढ़ गया है. यही वजह है कि आज डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट दिख रही है.

Zoom

टैरिफ के ऐलान के बाद शेयर बाजार और करेंसी पर गहरा दबाव दिखा है.

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही देश की सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बावजूद टैरिफ के मुद्दे पर अड़े हुए हैं. उन्होंने पड़ोसी देश कनाडा पर 50 फीसदी टैरिफ ठोक भी दिया और अब भारत सहित उन सभी देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं, जो रूस से कच्चे तेल की खरीद करते हैं. एक तरफ ईरान के साथ जारी युद्ध और दूसरी ओर टैरिफ वॉर के ऐलान ने भारत सहित दुनियाभर की इकनॉमी पर तिहरा संकट खड़ा कर दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन सहित तमाम देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है. साथ ही ईरान के साथ युद्ध भी तेज कर दिया है. इस दोहरे संकट की वजह से 22 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में तो उछाल दिखा ही है. साथ ही शेयर बाजार पर भी दबाव बढ़ गया है. यही वजह रही कि भारतीय शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए. दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का जोखिम भी बढ़ना शुरू हो गया है.

कच्चे तेल पर क्या दिखा असर
जून में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी. इससे उम्मीद जगी थी कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में नरमी रहेगी. लेकिन, टैरिफ का ऐलान और ईरान के साथ दोबारा युद्ध के हालात ने सारा मामला ही पलटकर रख दिया. ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर बढ़कर 95 डॉलर के आसपास पहुंच गई है. 22 जुलाई कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3.72 डॉलर प्रति बैरल का उछाल दिखा और ब्रेंट क्रूड का भाव 94.73 डॉलर प्रित बैरल पहुंच गया है. डब्ल्यूटीआई भी 3.20 डॉलर के उछाल के साथ 87.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहा है.

शेयर बाजार में भी दिखी गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद के बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दिख रही है. आज बीएसई सेंसेक्स 715 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 191 अंक की गिरावट दिखी है. इस दौरान बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.33 फीसदी लुढ़का जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप 1.16 फीसदी नीचे आया. बीएसई में सूचीबद्ध 2,780 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,458 शेयर बढ़त में रहे. सेंसेक्स मंगलवार को भी 238 अंक टूटकर बंद हुआ था. इस तरह देखा जाए तो दो दिनों में सेंसेक्स 957 अंक टूट चुका है.

तेल चढ़ा तो रुपया भी फिसला
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 34 पैसे टूटकर 96.59 पर बंद हुआ है. आज सुबह रुपये में ट्रेडिंग 96.36 प्रति डॉलर पर शुरू हुई. कारोबार के दौरान यह 96.25 से 96.57 प्रति डॉलर के दायरे में रहा. अंत में यह 96.59 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 34 पैसे की गिरावट है. रुपया मंगलवार को 11 पैसे की बढ़त के साथ 96.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



Source link

NEET छात्रों पर बर्बरता, राहुल की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन: प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन – Kaushambi News


पंकज केसरवानी | कौशांबी3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

कौशाम्बी जिला मुख्यालय में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली में NEET परीक्षा लीक मामले को लेकर छात्रों पर हुई कथित बर्बरता और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी व बदसलूकी के विरोध में था।

इस दौरान कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से देश में राष्ट्रपति शासन लागू कर दोबारा चुनाव कराने की भी मांग की है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी न्यायहित में नहीं थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पुलिस के दम पर ‘गुंडागर्दी’ पर उतारू है और उनके कार्यकर्ताओं को ‘हाउस अरेस्ट’ कर रही है।

पाण्डेय ने सवाल उठाया कि सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा क्यों नहीं ले पा रही है, जबकि छात्रों पर बर्बरता की जा रही है। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।



Source link

विदिशा में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन पर रोक, धारा-163 लागू: रैली, जुलूस और पुतला दहन के लिए लेनी होगी अनुमति; कांग्रेस बोली- लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन – Vidisha News




विदिशा में कानून-व्यवस्था और लोकशांति बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा-163 के तहत अगले दो माह के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। अब जिले में सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन और अन्य सामूहिक विरोध कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने यह आदेश पुलिस अधीक्षक के प्रस्ताव पर जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि हाल के दिनों में बिना अनुमति सार्वजनिक कार्यक्रमों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रभावित हो रहा था और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी रहती थी। आगामी धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक आयोजनों को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है। बारात और शवयात्रा को दी गई छूट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शादी की बारात, पारिवारिक समारोह और शवयात्रा जैसे पारंपरिक आयोजनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। इन कार्यक्रमों पर धारा-163 के तहत लगाए गए प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। यह आदेश ऐसे समय जारी हुआ है, जब मंगलवार रात कांग्रेस कार्यकर्ता जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और करीब एक घंटे तक धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस घटना के अगले ही दिन धारा-163 लागू होने से जिले की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस बोली- लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने प्रशासन के फैसले का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और धरना-प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। उनका आरोप है कि जिला प्रशासन ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए सरकार के दबाव में यह आदेश जारी किया है। रघुवंशी ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने का प्रयास उचित नहीं है और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करते हैं।



Source link

मुजफ्फरपुर में पीएम मोदी, धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका: कांग्रेस जिलाध्यक्ष बोले- केंद्र ने राहुल, प्रियंका, खड़गे से आंतकियों जैसा व्यवहार किया; छात्रों पर लाठीचार्ज बर्बरता – Muzaffarpur News




दिल्ली में छात्रों पर मंगलवार को पुलिस की ओर से की गई लाठीचार्ज के विरोध में मुजफ्फरपुर में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद मुकुल ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और राहुल गांधी, प्रियंका गांधी तथा मल्लिकार्जुन खरगे समेत कांग्रेस सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जैसे वे आतंकवादी हों। मुजफ्फरपुर कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे केंद्र सरकार की तानाशाही और दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई बताते हुए कहा कि इसी के विरोध में आक्रोश मार्च निकाला गया है। मुजफ्फरपुर में विरोध-प्रदर्शन की 3 तस्वीरें देखिए पीएम मोदी और धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से सरैयागंज टावर तक जुलूस निकालकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने पूरे मार्च के दौरान केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। इस दौरान सरैयागंज टावर पर पीएम मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में करीब 50 की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, युवा और सीनियर नेता शामिल हुए। वहीं, नगर प्रभारी लाल बाबू ने कहा कि नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं हो रही हैं, छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हैं और जब वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के साथ हुए व्यवहार के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरे हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों के मुद्दों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



Source link

15 मिनट में बनाएं गरमा-गरम ढाबा स्टाइल ‘भुट्टा-टमाटर सूप’, जाने तरीका


Last Updated:

Bhutta Tamatar Soup Recipe : बारिश के मौसम में गरमा-गरम सूप मिल जाए तो शाम का मज़ा दोगुना हो जाता है. ऐसे में आप पैकेट वाले सूप को छोड़ें और सिर्फ 15 मिनट में ताजे भुट्टे और टमाटर से बनाएं एकदम क्रीमी व मसालेदार ढाबा स्टाइल सूप. इसका देसी स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब पसंद आएगा. जानिए आसान रेसिपी!

ख़बरें फटाफट

Zoom

यह सूप न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि ताजे भुट्टे और टमाटर के गुणों से भरपूर होने के कारण सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है.(AI)

Corn Tomato Soup Recipe: बारिश की हल्की फुहारों और सुहावने मौसम में अगर गरमा-गरम, चटपटा सूप मिल जाए, तो शाम का मज़ा दोगुना हो जाता है. अक्सर हम झटपट सूप बनाने के लिए बाजार के पैकेट वाले सूप का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें प्रिजर्वेटिव्स और आर्टिफिशियल फ्लेवर होते हैं. लेकिन इस मानसून क्यों न कुछ सेहतमंद और असली स्वाद वाला आजमाया जाए? ताजे भुट्टे (Corn) और रसीले टमाटरों का संगम जब देसी मसालों से मिलता है, तो तैयार होता है एकदम क्रीमी और चटपटा ढाबा स्टाइल ‘भुट्टा-टमाटर का सूप(Corn Tomato Soup)’. आइए जानते हैं इसे घर पर सिर्फ 15 मिनट में बनाने की सबसे आसान रेसिपी!

यह सूप न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि ताजे भुट्टे और टमाटर के गुणों से भरपूर होने के कारण सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसे बनाने की पूरी सामग्री और तरीका नीचे दिया गया है:

आवश्यक सामग्री (Ingredients);
ताजे भुट्टे के दाने (Sweet Corn): 1 कप (उबले हुए)
पके हुए लाल टमाटर: 3-4 (बड़े आकार के)
बटर / मक्खन: 1 बड़ा चम्मच
बारीक कटा लहसुन और अदरक: 1-1 छोटा चम्मच
काली मिर्च पाउडर: ½ छोटा चम्मच
भुना जीरा पाउडर: ½ छोटा चम्मच
काला नमक और सादा नमक: स्वाद अनुसार
ताजा हरा धनिया: गार्निशिंग के लिए

बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि (Step-by-Step Recipe)

टमाटर और भुट्टे का बेस तैयार करें: सब्स पहले टमाटरों को पानी में 2 मिनट उबालकर उनका छिलका उतार लें और उन्हें मिक्सी में पीसकर प्यूरी बना लें. अब उबले हुए भुट्टे के दानों में से 2-3 चम्मच दाने अलग रख लें और बाकी दानों को थोड़ा सा पानी डालकर दरदरा (coarse) पीस लें.

तड़का लगाएं (ढाबा फ्लेवर): एक कढ़ाई या पैन में 1 चम्मच बटर गरम करें. इसमें बारीक कटा लहसुन और अदरक डालकर 30 सेकंड के लिए भूनें, ताकि बटर में इनका स्वाद और खुशबू अच्छे से समा जाए.

प्यूरी और मसालों को पकाएं: अब कढ़ाई में तैयार टमाटर की प्यूरी और दरदरा पिसा हुआ भुट्टा डालें. इसे मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक चलाएं. इसके बाद इसमें आधा कप पानी मिलाएं ताकि सूप की सही थिकनेस (गाढ़ापन) मिल सके.

सीज़निंग और उबाल: सूप में काली मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर, काला नमक और सादा नमक मिलाएं. अब इसमें साबुत उबले हुए भुट्टे के दाने डाल दें, जो पीते वक्त मुंह में बहुत क्रंची और टेस्टी लगते हैं. इसे 4-5 मिनट तक मध्यम आंच पर उबलने दें.

सर्विंग टिप (Serving Tip)-
आपका गरमा-गरम, क्रीमी और मसालेदार ‘भुट्टा-टमाटर का सूप’ तैयार है. इसे बाउल में निकालें, ऊपर से थोड़ा सा ताजा मक्खन और हरा धनिया डालकर गर्मागर्म सर्व करें. इसे टोस्टेड ब्रेड या ब्रेड क्रूटोंस के साथ सर्व करेंगे, तो बच्चे और बड़े सभी चटकारे लेकर पिएंगे!

About the Author

authorimg

Pranaty Tiwary

मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…और पढ़ें



Source link

फ्रांस में कृषि कानून का विरोध, पर्यावरण मंत्री का इस्तीफा: कीटनाशकों के इस्तेमाल की मंजूरी से मंत्री नाराज, बोलीं- इससे मधुमक्खियों को नुकसान होगा




फ्रांस की पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उन्होंने यह फैसला विवादित कृषि बिल के विरोध में लिया है, जिसमें दो प्रतिबंधित कीटनाशकों के इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के मुताबिक वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कीटनाशक मधुमक्खियों और दूसरे परागण करने वाले कीड़ों के लिए नुकसानदायक हैं। पर्यावरण मंत्री बनीं बारबू आज राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी। फ्रांस की संसद ने मंगलवार को यह बिल पेश किया था। सीनेट ने 214-111 मतों से विधेयक पारित कर दिया। सरकार ने दावा किया कि ये कानून किसानों की मदद के लिए लाया जा रहा है। उसका कहना है कि किसानों को घटती कमाई और खेती की बढ़ती लागत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिल के दो प्रावधानों से सबसे ज्यादा विवाद 1. कीटनाशकों की मंजूरी: प्रतिबंधित कीटनाशकों एसेटामिप्रिड और फ्लुपाइराडीफ्यूरोन के इस्तेमाल की अस्थायी मंजूरी देना। इसका इस्तेमाल चुकंदर, सेब और चेरी की खेती में किया जा सकेगा। नुकसान- पर्यावरणविदों का कहना है कि इससे मधुमक्खियों की संख्या तेजी से घटेगी जिससे परागण पर असर पड़ेगा। इससे किसानों की पैदावार और आय पर उल्टा असर पड़ेगा। 2. पानी जमा करने की इजाजत: किसानों को सिंचाई के लिए बड़े जलाशय या कृत्रिम तालाब बनाने की अनुमति आसानी से मिले। नुकसान- पर्यावरणविदों का कहना है कि ये जलाशय भूजल और नदियों से बड़ी मात्रा में पानी भरते हैं। इससे गर्मियों में नदियों और भूजल का स्तर घट सकता है जिससे पारिस्थितिक तंत्र पर असर पड़ेगा। आखिरी समय में जोड़े गए दोनों प्रावधान इन्हीं प्रावधानों को लेकर पर्यावरणविदों और सरकार के भीतर भी विरोध बढ़ गया। इसके विरोध में पर्यावरण मंत्री मोनिक बारबू ने पद छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वह कीटनाशक और पानी के भंडारण से जुड़े दोनों प्रस्तावों के खिलाफ थीं। ये दोनों प्रावधान विधेयक में आखिरी समय में जोड़े गए थे, ताकि रूढ़िवादी बहुमत वाली सीनेट से इसे पारित कराया जा सके। बारबू ने आरोप लगाया कि सरकार ने उनसे किए गए वादे के विपरीत इस प्रावधान को हटाने पर कोई चर्चा ही नहीं होने दी। बारबू ने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले नौ महीनों में मैंने जंगलों, साफ पानी, स्वच्छ हवा, उपजाऊ मिट्टी और जैव विविधता की रक्षा के लिए काम किया। लेकिन विरोधी ताकतें इतनी मजबूत हो गई हैं कि मैं अपने मकसद पूरे नहीं कर पा रही। राजनीति मेरी दुनिया नहीं है और अगर राजनीति ऐसी ही होती है, तो यह कभी मेरी दुनिया नहीं बन सकती। कीटनाशकों की मंजूरी के पीछे सरकार का तर्क सरकार का कहना है कि नए प्रावधान लाने का फैसला उन किसानों की मदद के लिए लिया गया है, जो मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। किसानों की लागत बढ़ने और कमाई घटने से खेती करना मुश्किल हो गया है। सरकार के मुताबिक अगर कीटनाशकों के सीमित इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई, तो फ्रांस के किसान यूरोप के दूसरे देशों के किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगे। क्योंकि कई यूरोपीय देशों में इन कीटनाशकों के इस्तेमाल की अनुमति पहले से है। फ्रांस की कृषि मंत्री एनी जेनेवार्ड ने बारबू के विरोध पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा, “अगर यह कानून विरोध या राजनीतिक कारणों से पास नहीं होता, तो पहले से मुश्किलों का सामना कर रहे किसान और ज्यादा संकट में आ जाते।” पहले भी विवाद में रहा है यह कीटनाशक



Source link

नीट पेपर लीक पर ठाकरे-केजरीवाल की प्रेस कॉन्फ्रेंस: कहा- सरकार को छात्रों की सुननी चाहिए बात, हम प्रदर्शन का करेंगे सर्मथन – New Delhi News




नीट पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे दिल्ली पहुंचे हुए है। बीती रात को वह जंतर-मंतर पहुंचे और उन्होंने छात्राओं से मुलाकात की गई। इसके बाद आज आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की गई। मुलाकात के बाद केजरीवाल ने प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि देश में जो माहौल चल रहा है, जो-जो देश में सभी मुद्दे चल रहे है, उन सब पर बात हुई। उन्होंने कहा कि जो जंतर-मंतर पर सरकार द्वारा किया गया, उस पर खास बातचीत की गई है। कल दिन में मैं खुद जंतर-मंतर पर गया था, बीती रात को उद्धव ठाकरे भी गए थे। केजरीवाल ने कहा कि हमारी सरकार से मांग है कि यह हमारे बच्चे है। हमारे देश के बच्चे है, जो अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए अंदोलन करवाने के लिए आए है। कल मैंने एक वीडियो देखी, एमपी से एक बच्चा आया है। जिसने बैग से एक डिब्बा निकाला, जिसमें कुछ मुंगफली के दाने और प्याज और आचार था। बच्चा एमसी का छात्र है। किस-किस ज्जबा के साथ बच्चे प्रदर्शन में शामिल हो रहे है। केजरीवाल आगे बोले कि सरकार से कहना चाहते हैं कि पापर लीक हो रहे है, बहुत बड़े रैकेट चल रहे है। इसको ठीक करने की जिम्मेदारी सरकार की थी। सरकार उसे ठीक नहीं रख पाई, वह फेल रही है। जब लोगों को समाधान नहीं मिला, तो लोग सड़कों पर उतरे। जब सड़कों पर उतरे तो उन पर लाठीचार्ज करवाया गया। एसा क्या है, जो शिक्षा मंत्री इस्तिफा नहीं दे सकते। सरकार को इनकी बात जरूर सुननी चाहिए। हम इस प्रदर्शन का सर्मथन करते हैं।



Source link

चाय की दुकान पर खड़े युवक पर चाकू से हमला: बाइक पर आए तीन युवकों ने हमला किया, सिर और पैर में आई चोट – Bhilwara News




भीलवाड़ा में चाय की दुकान पर चाय ​पीने आए एक युवक पर तीन युवकों ने मारपीट कर चाकू से हमला कर दिया। जिससे युवक घायल हो गया। युवक के सिर और पैर में चोट आई है। मौजूदा लोगों ने युवक को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका इलाज चल रहा है। सूचना पर पुलिस पहुंची। घायल युवक के बयान पर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महावीर पार्क है। युवक चाय पीने गया था, तभी हमला हुआ मामला भीलवाड़ा के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। थाने के ASI जय सिंह ने बताया- कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित महावीर पार्क के पास एक चाय की दुकान पर विशाल शर्मा चाय पीने आया था। इस दौरान एक बाइक पर तीन युवक आकाश प्रजापत, रवि गाडरी और उनके साथ उनके एक अन्य साथी ने आते ही मारपीट की ओर विशाल पर चाकू से हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। मामला दर्ज, जांच शुरू इस हमले में चाकू युवक के सिर और पैर पर लगा है। जिससे वह वहीं गिर गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल विशाल को तत्काल महात्मा गांधी चिकित्सालय पहुंचाया गया। जहां उसका उपचार जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में पुरानी आपसी रंजिश के चलते हमला करना बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने अस्पताल पहुंच घायल युवक के बयान लिए और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।



Source link

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. नईम की सेवाएं समाप्त: झांसी में शोधार्थियों के उत्पीड़न केस में कार्य परिषद की बैठक में कार्रवाई – Jhansi News




झांसी में बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद नईम की सेवाएं समाप्त कर दी गई। मंगलवार को हुई कार्य परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। समाज कार्य विभाग के डॉ. नईम पर शोधार्थियों के उत्पीड़न के आरोप लगे थे। यूनिवर्सिटी ने इसकी जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद कार्रवाई की गई। वहीं, यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल करने के आरोप में प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा गौतम की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई। जांच रिपोर्ट पर एक्शन हुआ यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ब्लॉक में मंगलवार को कार्य परिषद की बैठक हुई। इसमें महिला और पुरुष शोधार्थी द्वारा डॉ. नईम पर लगाए गए आरोपों से संबंधित जांच रिपोर्ट रखी गई। इसके अलावा शिक्षक आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में हुई जांच की भी रिपोर्ट रखी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्य परिषद ने डॉ. नईम की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की। इसके बाद प्रशासनिक अधिकाी पुष्पा गौतम पर यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल करने के आरोप की जांच रिपोर्ट रखी गई। इस पर उनकी एक साल की वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी गई। बैठक में 13 अगस्त को होने वाले यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में चित्रकार दिनेश सोनी को डीलिट की मानद उपाधि देने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। अब यह प्रस्ताव कुलाधिपति के पास भेजा जाएगा। कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि कार्य परिषद में डॉ. मोहम्मद पर लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट रखी गई। उनकी सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की गई है। वहीं, यूनिवर्सिटी की छवि धूमिल करने के मामले में प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा गौतम के वेतनवृद्धि रोकी गई है।



Source link

सिंपल खिचड़ी भी देगी एक स्पेशल स्वाद, जानिये इसे बनाने का खास तरीका


Last Updated:

खिचड़ी को स्वादिष्ट बनाने के लिए सही सामग्री, तड़का, सब्जियां और भुनी दाल-चावल का उपयोग करें. देसी घी, हरा धनिया और नींबू का रस डालकर परोसें. इस तरह से सिंपल खिचड़ी भी खास स्वाद देगी.

Zoom

सिंपल खिचड़ी को बनाइए एक खास तरीके से. Image AI

खिचड़ी भारतीय रसोई का एक ऐसा व्यंजन है जो स्वाद, सेहत और सादगी का बेहतरीन मेल माना जाता है. आमतौर पर जब हल्का भोजन करने का मन होता है या तबीयत ठीक नहीं होती, तो सबसे पहले खिचड़ी का नाम ही याद आता है. हालांकि कई लोगों को लगता है कि खिचड़ी केवल एक साधारण और फीकी डिश है, लेकिन कुछ छोटे-छोटे बदलाव और खास तरीके अपनाकर इसे बेहद स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि साधारण खिचड़ी में भी कैसे खास स्वाद जोड़ा जा सकता है.

सही सामग्री का चुनाव- सबसे पहले सही सामग्री का चुनाव करें. खिचड़ी के लिए अरहर, मूंग या मसूर दाल का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन मूंग दाल की खिचड़ी सबसे हल्की और स्वादिष्ट मानी जाती है. दाल और चावल को पकाने से पहले अच्छी तरह धो लें और लगभग 15 से 20 मिनट के लिए भिगो दें. इससे खिचड़ी जल्दी पकती है और उसका टेक्सचर भी बेहतर बनता है.

सही तड़का लगाना- खिचड़ी का असली स्वाद उसके तड़के में छिपा होता है. सामान्य तरीके से केवल नमक और हल्दी डालकर खिचड़ी बनाने की बजाय, घी में जीरा, हींग, अदरक और हरी मिर्च का तड़का लगाएं. यदि आप थोड़ा रिच फ्लेवर चाहते हैं तो इसमें लौंग, तेजपत्ता और दालचीनी का एक छोटा टुकड़ा भी डाल सकते हैं. ये मसाले खिचड़ी को एक अलग ही खुशबू और स्वाद देते हैं.

सब्जियों का सही चुनाव- सब्जियों का इस्तेमाल भी खिचड़ी को खास बना सकता है. गाजर, मटर, बीन्स, फूलगोभी और शिमला मिर्च जैसी सब्जियां मिलाने से न केवल पोषण बढ़ता है, बल्कि स्वाद भी कई गुना बेहतर हो जाता है. रंग-बिरंगी सब्जियों से खिचड़ी देखने में भी आकर्षक लगती है.

स्वाद में लाएं ज्यादा निखार- एक और खास तरीका है भुनी हुई दाल और चावल का उपयोग. खिचड़ी बनाने से पहले दाल और चावल को हल्का सा सूखा भून लें. इससे उनका स्वाद निखरकर सामने आता है और खिचड़ी में हल्की नट्टी फ्लेवर आ जाती है.

घी बढ़ाएगा स्वाद- जब खिचड़ी पूरी तरह पक जाए तो ऊपर से एक चम्मच शुद्ध देसी घी डालें. इसके साथ बारीक कटा हरा धनिया और थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर छिड़क दें. चाहें तो नींबू का रस भी मिला सकते हैं, जिससे स्वाद में ताजगी आ जाती है.

परोसने का सही तरीका- खिचड़ी को दही, पापड़, अचार या लहसुन की चटनी के साथ परोसें. यह साधारण भोजन को भी खास बना देता है. इन आसान टिप्स की मदद से आपकी रोजमर्रा की सिंपल खिचड़ी भी ऐसा शानदार स्वाद देगी कि घर के सभी लोग इसे बार-बार खाने की फरमाइश करेंगे.



Source link