Sunday, May 17, 2026
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मीन राशि वालें आज रहे सावधान, सोच-समझकर लें फैसले, करियर में रहेगा तनाव, करें ये उपाय


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Aaj Ka Meen Rashifal, Pisces Horoscope Today: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन मिश्रित परिणाम लेकर आएगा. पारिवारिक जीवन में प्रेम और आपसी सामंजस्य रखना जरूरी होगा. सेहत और आर्थिक क्षेत्र मे अच्छे परिणाम देखने को मिलेगे. आइए जानते है करियर और व्यापार का हाल.

मन में बेचैनी और मानसिक दबाव महसूस हो सकता है, जिससे एकाग्रता प्रभावित रहेगी. छोटी-छोटी बातों को लेकर चिंता बढ़ सकती है और निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है. नए काम या योजनाओं को शुरू करने का विचार मन में आएगा, लेकिन परिस्थितियां पूरी तरह पक्ष में नजर नहीं आएंगी. जल्दबाजी या भावनाओं में लिया गया फैसला परेशानी बढ़ा सकता है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, ग्रहों की चाल आज कुछ बाधाएं ला सकती है, इसलिए धैर्य रखें और बड़े फैसले फिलहाल टालना बेहतर रहेगा. आइए जानते है करियर, स्वास्थ और आर्थिक स्थिति मे आज का दिन कैसा रहेगा.

मीन राशि वालों का करियर राशिफल
आज मीन राशि वालों के लिए करियर के क्षेत्र में दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. कार्यस्थल पर कुछ लोगों का व्यवहार आपको उलझन में डाल सकता है, जिससे तनाव बढ़ने की संभावना है. किसी अनजान व्यक्ति पर जल्द भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. छोटी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है, इसलिए हर निर्णय सोच-समझकर लें और पूरे दिन सतर्कता के साथ आगे बढ़ें.

मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल
मीन राशि के व्यापार से जुड़े जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रह सकता है. किसी सहयोगी या साझेदार की वजह से बड़ा व्यापारिक अवसर अंतिम समय पर अटक सकता है, जिससे मन थोड़ा परेशान रह सकता है. निवेश के लिए समय अनुकूल दिख रहा है, लेकिन बिना सोच-विचार के उठाया गया कदम नुकसान पहुंचा सकता है. हर निर्णय धैर्य और समझदारी से लें. साथ ही काम की भागदौड़ में खुद के लिए समय निकालना भी जरूरी रहेगा.

मीन राशि वालों का स्वास्थ्य राशिफल
मीन राशि के जातकों के लिए आज स्वास्थ्य के मामले में सजग रहने का दिन है. अपनी दिनचर्या और खानपान पर ध्यान देने से आप बेहतर महसूस करेंगे. पुरानी परेशानियों में धीरे-धीरे सुधार के संकेत मिल सकते हैं. बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें और परिवार के साथ संतुलन बनाए रखें. सकारात्मक सोच और छोटी सावधानियां दिन को बेहतर बना सकती हैं. धैर्य और अनुशासन के साथ आगे बढ़ेंगे तो दिन सुखद और संतुलित रहने की संभावना है.

मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफल 
मीन राशि के जातक का आज का दिन आर्थिक दृष्टि से काफी सकारात्मक रहने वाला है. यदि अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो आपके करीबी मित्र और सहयोगी हर संभव मदद के लिए आगे आएंगे. इसलिए बेवजह की चिंता और तनाव से खुद को दूर रखें. खास बात यह है कि पहले किए गए निवेश आज अच्छा मुनाफा दे सकते हैं. धन लाभ के मजबूत संकेत बन रहे हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति और प्रबल होगी.

मीन राशि वालों का लव राशिफल
मीन राशि के जातकों के लिए आज प्रेम जीवन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. रिश्तों में भावनात्मक असमंजस और छोटी-छोटी बातों को लेकर गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. पार्टनर के व्यवहार से मन थोड़ा उदास रह सकता है और उम्मीदों के मुताबिक चीजें न होने से निराशा महसूस हो सकती है. संवाद की कमी रिश्ते में दूरी ला सकती है. वहीं विवाहित लोगों को जीवनसाथी के साथ बेहतर तालमेल और धैर्य बनाए रखने की जरूरत होगी, ताकि तनाव से बचा जा सके.

मीन राशिफल उपाय
आज आपके लिए लकी नंबर 4 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज सूर्य देव को अर्घ देकर दिन की शुरुआत करे. उसके बाद गरीबों में लाल रंग की वस्तु व शितल जल का दान करें. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा.



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रिलीज होते ही वायरल हुआ भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ का फर्स्ट लुक


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डिजिटल स्टार सौरभ शर्मा की पांचवीं भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ का फर्स्ट लुक वट सावित्री व्रत के अवसर पर रिलीज किया गया है. यह पोस्टर सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. रमेश बोगाटी द्वारा निर्देशित और खुद सौरभ शर्मा द्वारा निर्मित यह फिल्म दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के विरोध पर बनी है, जिसकी शूटिंग बिहार के बीरपुर में हुई है. कई अवार्ड जीत चुके सौरभ शर्मा इसके बाद ‘सन्नाटा’ और ‘मन मंदिर’ जैसी बड़ी फिल्मों की शूटिंग शुरू करेंगे.

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फिल्म दहेज प्रथा पर बनी है.

नई दिल्ली: डिजिटल स्टार सौरभ शर्मा राजनीति की दुनिया में अपना लोहा मनवाने के बाद अब एक्टिंग के मैदान में तहलका मचा रहे हैं. वट सावित्री व्रत के पावन मौके पर उनकी पांचवीं भोजपुरी फिल्म ‘जान से प्यारी बहना हमारी’ का पहला लुक यानी पोस्टर सोशल मीडिया पर रिलीज कर दिया गया है. पोस्टर के सामने आते ही इंटरनेट पर यह तेजी से वायरल हो गया है. फैंस, दर्शकों और फिल्म क्रिटिक्स के बीच इस फर्स्ट लुक को लेकर भारी क्रेज देखने को मिल रहा है. लोग सौरभ के दमदार अवतार और फिल्म के इस अनोखे टाइटल की जमकर तारीफ कर रहे हैं और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बधाइयों और शुभकामनाओं के ढेर सारे मैसेज भेज रहे हैं.

फिल्म सिर्फ नाच-गाने और मनोरंजन के लिए नहीं बनाई गई है, बल्कि इसका मकसद समाज की एक बहुत बड़ी बुराई के खिलाफ आवाज उठाना है. बिहार के सुपौल जिले के बेहद खूबसूरत शहर बीरपुर की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म सीधे तौर पर ‘दहेज प्रथा’ जैसी कुप्रथा पर कड़ा प्रहार करती है. प्रीति एंटरप्राइजेज के बैनर तले बनी इस फिल्म के खुद सौरभ शर्मा ही निर्माता हैं, जबकि सह-निर्माता राजन देसाई और निर्देशक रमेश बोगाटी हैं. फिल्म में सौरभ शर्मा के साथ गोपाल चौहान, राजा भोजपुरिया, प्रियांशु सिंह और माधवी श्री जैसे कई बेहतरीन कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं. आज के इस दौर में सामाजिक संदेश देने वाली ऐसी फिल्मों की काफी जरूरत है.

‘पॉपुलर एक्टर’ के खिताब से नवाजे गए
सौरभ शर्मा बतौर हीरो भोजपुरी दर्शकों के बीच पहले से ही काफी मशहूर हैं और उनके शानदार काम के लिए उन्हें कई बड़े सम्मान भी मिल चुके हैं. उन्हें मुंबई के ग्रीन सिनेमा अवॉर्ड्स में ‘पॉपुलर एक्टर’ के खिताब और ‘मंगल पांडे अवॉर्ड’ से भी नवाजा जा चुका है. इससे पहले वह ‘ये स्वर्ग हमारा’, ‘सपनों के राजकुमार’, ‘प्रोडक्शन नंबर वन’ और ‘पुलिस वाली बहू’ जैसी फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेर चुके हैं. अब इस पाँचवीं फिल्म के बाद सौरभ के पास प्रोजेक्ट्स की लंबी लाइन लगी है. वह अगले महीने यानी जून में एक्ट्रेस श्रुति राव के साथ अपनी अगली फिल्म ‘सन्नाटा’ और जुलाई में सातवीं फिल्म ‘मन मंदिर’ की शूटिंग शुरू करने जा रहे हैं, जो दिखाता है कि वह इस इंडस्ट्री के सबसे बिजी स्टार बन चुके हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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जयपुर में स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़: घर लौटते समय बदमाश पड़ा पीछे, सुनसान जगह अकेला पाकर पकड़ा – Jaipur News




जयपुर में स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। घर लौटते समय बदमाश ने पीछा कर सुनसान जगह अकेला पाकर पकड़ लिया। श्याम नगर थाना पुलिस ने पीड़िता की सूचना पर आरोपी युवक को CCTV फुटेज के आधार पर धर-दबोचा। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है। SHO (श्याम नगर) दलबीर सिंह ने बताया- जयपुर की रहने वाली 21 साल की युवती के साथ छेड़छाड़ हुई थी। 13 मई को वह अपने दोस्तों के साथ मंदिर दर्शन करने गई थी। रात करीब 3 बजे स्वेज फार्म एरिया में खड़ी अपने स्कूटी को लेकर घर के लिए रवाना हुई। इस दौरान उसके पीछे एक बदमाश स्कूटी लेकर पीछे लग गया। पीछा करते बदमाश ने श्याम नगर इलाके में सुनसान जगह पर अकेला पाकर स्कूटी सवार युवती से छेड़छाड़ की। शोर मचाने पर आरोपी यू-टर्न लेकर वहां से फरार हो गया। पीड़िता की ओर से नाकाबंदी में तैनात पुलिसकर्मियों को आपबीती सुनाई। श्याम नगर थाना पुलिस की ओर से मामला दर्ज कर तुरंत बदमाश की तलाश शुरू की। पुलिस टीम में शामिल कॉन्स्टेबल पवन कुमार ने 50 से अधिक CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को चिन्हिृत किया। पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी सुनील कुमार (39) निवासी श्याम पथ श्याम नगर को धर-दबोचा।



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पांच थानेदारों की कार्यशैली से नाखुश पुलिस कमिश्नर: ACP को फटकारा, कहा- आप मुंशी नहीं, जेल भेजने से पहले मामले को ठीक से समझें – Kanpur News




पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शनिवार को हुई अपराध समीक्षा बैठक में शांतिभंग और पाबंद की कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया। ग्रामीण सर्किल के एक एसीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि आप मुंशी नहीं हैं, आपके पास मजिस्ट्रेट की पावर है। शांतिभंग में जेल भेजने से पहले मामले को अच्छी तरह समझें। वहीं शहर के पांच थानेदारों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं पाई गई है, जिनकी कुर्सी पर तलवार लटक रही है। साढ़े चार घंटे तक चली बैठक वर्चुअल मोड में दोपहर ढाई बजे से शाम सात बजे तक चली बैठक में डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी जुड़े। बैठक में सबसे पहले वर्ष 2010 से फरार चल रहे इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी का रिपोर्ट कार्ड देखा गया। कार्रवाई में लापरवाही मिलने पर रेलबाजार, कल्याणपुर, बिठूर, नौबस्ता और नजीराबाद के थाना प्रभारियों से जवाब-तलब किया गया। हिस्ट्रीशीटरों और गुंडा एक्ट की कार्रवाई में ढिलाई मिलने पर कोतवाली, कलक्टरगंज, बजरिया, बेकनगंज, कोहना और काकादेव पुलिस को भी फटकार लगाई। साथ ही थानों में संदिग्धों को अनावश्यक बैठाने पर रोक लगाने, पूछताछ का जीडी में उल्लेख करने और थाना परिसर के सभी सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। CBCID की अनुमति पर खोले हिस्ट्रीशीट इसके अलावा कहा कि 21 वर्ष से कम उम्र के आरोपियों की हिस्ट्रीशीट सीबीसीआईडी की अनुमति के बाद ही खोली जाएं। बैठक में घाटमपुर और चौबेपुर में चोरी व हत्या की घटनाओं के खुलासे में देरी पर नाराजगी जताई गई। नरवल, सचेंडी, चौबेपुर, पनकी और घाटमपुर में सक्रिय संगठित चोर गिरोहों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई, सूखे नशे के खिलाफ विशेष अभियान और खुले में शराब पीने वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया। इसके अलावा आगामी बकरीद को सकुशल संपन्न कराने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर अन्य विभागों से समन्वय बनाने के निर्देश दिए।



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‘हम 2 हमारे 4’ करने पर 70000 देगा आंध्र, यहां तो गिफ्ट्स भी देती हैं सरकारें


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‘हम 2 हमारे 4’ करने पर 70000 देगा आंध्र, यहां तो गिफ्ट्स भी देती हैं सरकारें

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दुनिया भर में जनसंख्या घट रही है और सरकारें चिंता में हैं. भारत के आंध्र प्रदेश ने तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 देने का ऐलान किया है. भारत का यह इकलौता राज्‍य नहीं है, जहां इस तरह का बोनस दिया जा रहा है. बल्कि कई ऐसे देश हैं, जहां पर बच्‍चों के जन्‍म पर बोनस देता है. इसमें सिंगापुर देता है बेबी बोनस, हंगरी में कर छूट मिलती है, रूस में मैटरनिटी कैपिटल और फ्रांस में मासिक भत्ता देता है. कहीं योजना सफल है तो कहीं सवालों के घेरे में.। आइए जानते हैं कौन सा देश कितना पैसा लुटा रहा है और क्या इससे वाकई जनसंख्या बढ़ती है.

बच्चा पैदा करो, सरकार देगी इनाम. आंध्र प्रदेश ने तीसरे और चौथे बच्चे पर कैश गिफ्ट का ऐलान कर दिया है. जानिए दुनिया के कौन से देश पहले से ऐसा कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश में तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 मिलेंगे. यह पैसा जन्म के तुरंत बाद सीधे खाते में आएगा. क्या इससे जनसंख्या घटने की समस्या हल होगी?

सिंगापुर में हर नवजात पर कैश गिफ्ट और चाइल्ड डेवलपमेंट अकाउंट मिलता है. सरकार आपकी बचत से मिलान भी करती है. यह योजना बूढ़ी होती जनसंख्या को संतुलित करने के लिए बनाई गई है.

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हंगरी में तीन बच्चे होने पर पूरा इनकम टैक्स माफ हो जाता है. सरकार घर खरीदने के लिए ब्याज माफ लोन भी देती है. यूरोप में यह सबसे बड़ा प्रोत्साहन माना जाता है.

रूस में दूसरे बच्चे पर मैटरनिटी कैपिटल नाम से बड़ी राशि मिलती है. इस पैसे का उपयोग घर, पढ़ाई या माँ की पेंशन के लिए किया जा सकता है. हर साल यह राशि बढ़ती भी है.

फ्रांस में एकमुश्त पैसे की बजाय हर महीने परिवार भत्ता दिया जाता है. दो बच्चों पर भत्ता शुरू होता है और तीन पर बढ़ जाता है. यही वजह है कि फ्रांस की जनसंख्या दर यूरोप में सबसे अच्छी है.

आंध्र एकमुश्त नकद दे रहा है, सिंगापुर बेबी बोनस और बचत योजना. हंगरी टैक्स छूट देता है, रूस मैटरनिटी कैपिटल और फ्रांस मासिक भत्ता. एक नज़र में देखें कौन सी नीति सबसे मजबूत है.

क्या सिर्फ पैसे से बच्चे पैदा होंगे? एकमुश्त नकद का असर थोड़ी देर रहता है. लेकिन मासिक भत्ता, टैक्स छूट और शिक्षा सहायता ज्यादा कारगर साबित हुई हैं.

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मीठी चाय नहीं, पहाड़ों की ये रहस्यमयी चाय क्यों पीते हैं लोग? वजह जानकर हैरान रह जाएंगे


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भारत के पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी अनोखी चाय पी जाती है जिसमें चीनी नहीं बल्कि नमक और मक्खन डाला जाता है. लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में सदियों से पी जाने वाली यह बटर टी न सिर्फ ठंड से बचाने में मदद करती है बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देती है.

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भारत में ज्यादातर लोग सुबह की शुरुआत मीठी दूध वाली चाय से करते हैं, लेकिन देश के कई पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी चाय भी पी जाती है जिसमें चीनी नहीं, बल्कि नमक डाला जाता है. पहली बार सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में यह चाय सदियों से लोगों की जिंदगी का हिस्सा रही है. वहां के ठंडे मौसम और कठिन जीवनशैली में यह चाय शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने के लिए काफी लोकप्रिय मानी जाती है.

नमक वाली चाय सबसे ज्यादा लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और तिब्बती इलाकों में पी जाती है. कश्मीर में भी “नून चाय” या “शीर चाय” काफी मशहूर है, जिसका स्वाद हल्का नमकीन होता है. वहीं लद्दाख और तिब्बती क्षेत्रों में इसे “बटर टी” या “गुर्गुर चाय” कहा जाता है. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं, बल्कि जरूरत भी मानी जाती है. वहां तापमान कई बार शून्य से नीचे चला जाता है, इसलिए लोग ऐसी चीजें पीना पसंद करते हैं जो शरीर को लंबे समय तक गर्म रख सकें.

क्या है इसका इतिहास?
माना जाता है कि नमक वाली चाय की शुरुआत तिब्बत और मध्य एशिया के पहाड़ी इलाकों से हुई थी. पुराने समय में वहां रहने वाले लोग लंबे सफर और ठंडे मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए चाय में मक्खन और नमक मिलाकर पीते थे. धीरे-धीरे यह परंपरा हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंच गई. तिब्बत में याक नाम के जानवर के दूध से बने मक्खन का इस्तेमाल इस चाय में किया जाता था. यही वजह है कि इसे “बटर टी” कहा जाने लगा. कई इतिहासकार मानते हैं कि यह चाय व्यापारिक रास्तों और बौद्ध संस्कृति के जरिए अलग-अलग पहाड़ी इलाकों में फैली.

कैसे बनाई जाती है नमक वाली चाय?
इस चाय को बनाने का तरीका सामान्य चाय से काफी अलग होता है. इसमें चायपत्ती को लंबे समय तक उबाला जाता है और फिर उसमें नमक, मक्खन और कई जगह दूध मिलाया जाता है. लद्दाख में इसे खास लकड़ी के बर्तन में फेंटा भी जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी हो जाता है. कश्मीर की नून चाय में गुलाबी रंग लाने के लिए बेकिंग सोडा भी डाला जाता है. वहीं तिब्बती बटर टी ज्यादा गाढ़ी और मक्खन वाली होती है.

ठंडे मौसम में क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
पहाड़ी इलाकों में लोग मानते हैं कि यह चाय शरीर को लंबे समय तक गर्म रखती है. मक्खन और फैट की वजह से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जबकि नमक शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है. यही कारण है कि ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोग दिन में कई बार इसे पीते हैं. पहले यह चाय सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित थी, लेकिन अब सोशल मीडिया और ट्रैवल व्लॉग्स की वजह से इसकी चर्चा पूरे देश में होने लगी है. कई ट्रैवलर्स पहाड़ों में जाकर इस अनोखी चाय को ट्राई करते हैं और उसका वीडियो शेयर करते हैं. अब बड़े शहरों के कुछ कैफे में भी बटर टी और नून चाय मिलने लगी है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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आयुष्मान कार्ड होने पर भी हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं,जानिए कौन सुविधाएं बाहर


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आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है. इस योजना के तहत पात्र लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है. लेकिन कई लोगों को यह गलतफहमी रहती है कि आयुष्मान कार्ड से हर बीमारी का इलाज मुफ्त हो जाता है. असल में इस योजना के तहत कुछ बीमारियां, टेस्ट और इलाज ऐसे भी हैं जो पूरी तरह कवर नहीं किए जाते.

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आयुष्मान कार्ड में हर बीमारी का इलाज मुफ्त नहीं है. (Representative Image:AI)

नई दिल्ली. आयुष्मान योजना गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत बनी है. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (Ayushman Bharat Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana) देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में गिनी जाती है. इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को महंगे इलाज के बोझ से बचाना है. इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है. खासतौर पर गंभीर बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यह योजना बड़ी मदद देती है. सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है. हालांकि योजना का दायरा बड़ा होने के बावजूद इसमें कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं, जिनके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है.

OPD और सामान्य जांच का खर्च नहीं होता शामिल
बहुत से लोग सोचते हैं कि आयुष्मान कार्ड बन जाने के बाद डॉक्टर की हर विजिट मुफ्त हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं है. इस योजना में केवल अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले इलाज को प्राथमिकता दी जाती है. अगर कोई व्यक्ति सिर्फ डॉक्टर से सलाह लेने गया है और उसे भर्ती नहीं किया गया, तो उस OPD खर्च को योजना के तहत कवर नहीं किया जाता. इसी तरह केवल जांच कराने का खर्च भी योजना में शामिल नहीं होता, जब तक कि डॉक्टर भर्ती मरीज के इलाज के दौरान उन टेस्ट की सलाह न दें. यही वजह है कि कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचने के बाद पता चलता है कि कुछ खर्च उन्हें खुद उठाने होंगे.

विटामिन, टॉनिक और सामान्य दवाओं पर नहीं मिलती राहत
आयुष्मान योजना का उद्देश्य गंभीर बीमारियों और जरूरी इलाज में मदद देना है. इसलिए सामान्य कमजोरी, थकान या स्वास्थ्य सुधार के लिए इस्तेमाल होने वाले विटामिन, टॉनिक और सप्लीमेंट्स का खर्च इसमें शामिल नहीं किया गया है. हालांकि अगर किसी गंभीर बीमारी या चोट के इलाज के दौरान डॉक्टर इन दवाओं को जरूरी बताते हैं, तो स्थिति अलग हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि योजना मुख्य रूप से जीवनरक्षक और अस्पताल आधारित इलाज के लिए बनाई गई है, इसलिए रोजमर्रा की सामान्य दवाओं को इसमें शामिल नहीं किया गया.

दांतों के सामान्य इलाज और IVF जैसी सुविधाएं भी बाहर
योजना के तहत नियमित दांतों की सफाई, कैविटी भरने या सामान्य डेंटल चेकअप का खर्च भी नहीं मिलता. केवल गंभीर हादसे, जबड़े की चोट, ट्यूमर या सिस्ट जैसी गंभीर स्थितियों में डेंटल इलाज को कवर किया जाता है. इसके अलावा IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी से जुड़े इलाज और दूसरी Assisted Reproductive Technologies भी योजना के दायरे से बाहर हैं. कॉस्मेटिक सर्जरी, टैटू हटाना, वजन कम करने की सर्जरी और नेक लिफ्ट जैसी प्रक्रियाएं भी मुफ्त इलाज सूची में शामिल नहीं हैं. सरकार का मानना है कि योजना का फोकस जरूरी और गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं पर होना चाहिए, इसलिए सौंदर्य या वैकल्पिक प्रक्रियाओं को इसमें जगह नहीं दी गई.

हर व्यक्ति नहीं बनवा सकता आयुष्मान कार्ड
यह योजना खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए तैयार की गई है. इसी वजह से हर व्यक्ति इसके लिए पात्र नहीं होता. सरकारी कर्मचारी, आयकर भरने वाले लोग, ESIC सुविधा लेने वाले कर्मचारी और संगठित क्षेत्र में काम करने वाले वे लोग जिनका PF कटता है, आमतौर पर इस योजना के दायरे में नहीं आते. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इलाज शुरू कराने से पहले यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि कौन-सा खर्च योजना में शामिल है और कौन-सा नहीं. इससे बाद में आर्थिक परेशानी और भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है. स्वास्थ्य योजनाओं के बढ़ते दायरे के बीच सही जानकारी ही सबसे बड़ी सुरक्षा मानी जा रही है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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‘मेरा क्या उखाड़ लिया’, ब्राह्मणों पर टिप्पणी करके फंसे अनुराग कश्यप, कोर्ट का सख्त आदेश


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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण समुदाय पर विवादित बयान दिया था, जिसने अब तूल पकड़ लिया है. सूरत जिला अदालत ने अनुराग कश्यप के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट/विज़ुअल्स को लेकर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. शिकायतकर्ता वकील कमलेश रावल ने कहा कि 19 मार्च पिछले साल अनुराग कश्यप ने एक ट्वीट किया था. इसके बाद एक्स यूजर आदित्य दत्ता ने उनसे ट्वीट हटाने को कहा. इस पर अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा पोस्ट किया और लिखा कि ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.

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विवादित बयान की वजह से फंसे अनुराग कश्यप

नई दिल्ली: मशहूर फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन इस बार उनके एक सोशल मीडिया कमेंट उनके लिए बड़ी कानूनी मुसीबत बन गया है. पिछले साल ब्राह्मण समुदाय को लेकर किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. गुजरात की सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अनुराग कश्यप के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का सख्त आदेश दे दिया है. कोर्ट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है, जिसके बाद अब पुलिस को इस पर कानूनी कार्रवाई शुरू करनी होगी.

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब वकील कमलेश रावल ने कोर्ट में अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 19 मार्च को अनुराग कश्यप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विवादित ट्वीट किया था. इसके बाद, जब आदित्य दत्ता नाम के एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने उन्हें वह पोस्ट हटाने की सलाह दी, तो अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर और ज्यादा आक्रामक रुख अपना लिया. उन्होंने न सिर्फ पोस्ट हटाने से मना किया, बल्कि बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा लिख दिया कि ‘ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.’ इसी बात को लेकर समाज में नाराजगी फैल गई और मामला अदालत तक पहुंच गया.

बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कानूनी लड़ाई में अनुराग कश्यप की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ गईं, क्योंकि उन्होंने कोर्ट की चेतावनियों को हल्के में लिया. अदालत ने इससे पहले भी उन्हें इस मामले में समन भेजकर पेश होने का साफ निर्देश दिया था, लेकिन वह तय तारीख पर कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हुए. उनकी इसी लापरवाही को देखते हुए सूरत कोर्ट ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है और उनके खिलाफ सीधे गुनाह दर्ज करने यानी एफआईआर का फैसला सुना दिया है. इस आदेश के बाद अब अनुराग कश्यप को हर हाल में कोर्ट में हाजिर होकर अपनी सफाई देनी होगी, नहीं तो उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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विशेषज्ञों ने कहा इलाज से बेहतर रोकथाम: भेल अस्पताल में हाई BP से बचाव पर व्याख्यान, डॉक्टरों ने बताए खतरे और उपाय – Bhopal News



भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के कस्तूरबा अस्पताल में शनिवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर ‘सेहत से सफलता’ व्याख्यान माला के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उच्च रक्तचाप की समस्या, उससे जुड़े जोखिम, सावधानियां

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हाई BP के कारण और खतरे समझाए

कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉ. दीपमलिका आतराम ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए हाई ब्लड प्रेशर के संभावित कारणों, उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों और समय रहते बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अनियमित दिनचर्या, तनाव, असंतुलित खानपान, पर्याप्त नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियां कम होने से उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। समय पर जांच, संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम अपनाकर इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

अस्पताल प्रबंधन ने साझा किए बचाव के सूत्र

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. पोमिला सचदेव ने अपने संबोधन में कहा कि भेल अस्पताल प्रबंधन लगातार कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पूर्व भेल चिकित्सा प्रमुख डॉ. अल्पना तिवारी की उपस्थिति भी विशेष रूप से सराही गई। उनके नेतृत्व में ही ‘सेहत से सफलता’ व्याख्यान माला की शुरुआत की गई थी।



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मुंगेर में हर पंचायत में जिम-खेलकूद की होगी व्यवस्था: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का ऐलान, अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन, धरोहरों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर – Munger News




केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने घोषणा की है कि सांसद फंड से हर पंचायत में जिम और खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह बात शनिवार देर शाम मुंगेर पहुंचने पर कही। मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है, ताकि वे विभिन्न नियुक्तियों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने देश के विकास पर भी प्रकाश डाला, बताया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 58 लाख के अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री शनिवार शाम दो दिवसीय दौरे पर मुंगेर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले अतिथि गृह में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित अन्य अधिकारियों के साथ जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने एनडीए कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय मंत्री पोलो मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए लगभग 58 लाख रुपए की लागत से बनाए गए अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन किया। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया
उद्घाटन के पश्चात उन्होंने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों से बातचीत की और टर्फ का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुंगेर जिला फुटबॉल संघ के सचिव भवेश कुमार उर्फ बंटी सिंह ने उन्हें मुख्य किला गेट का तैलचित्र भेंट कर सम्मानित किया। पोलो मैदान से निकलने के बाद मंत्री जिला परिषद भवन पहुंचे। यहां जिला प्रशासन ने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से भवन का सौंदर्यीकरण कराया है। लगभग 38 लाख रुपए की लागत से हुए इस कार्य के तहत भवन को रंगीन रोशनी से सजाया गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया। मंत्री ने यह भी कहा कि मुंगेर सहित बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने का काम किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत को समझ सकें और इतिहास से जुड़ सकें। कार्यक्रम के दौरान जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी, उपाध्यक्ष ब्यूटी विश्वास, जदयू जिलाध्यक्ष सौरव निधि सहित कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया। देर रात केंद्रीय मंत्री अतिथि गृह लौट गए। वहीं सोमवार को वह जिला अधिकारियों के साथ दिशा समिति की बैठक करेंगे।



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