लखनऊ। जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शों के आधार पर बने भवनों को वैध करने की प्रक्रिया लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शुरू कर दी है। पहले चरण में ऐसे करीब 1700 भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। ये वे भवन हैं, जिनके नक्शे जिला पंचायत से पास थे, लेकिन एलडीए सीमा विस्तार के बाद तकनीकी रूप से अवैध की श्रेणी में आ गए थे। एलडीए ने सभी भवनों की जोनवार सूची तैयार कर ली है। नियमितीकरण अभियान की शुरुआत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से होगी। इसके बाद आवासीय भवनों के नक्शों को वैध किया जाएगा। भवन स्वामियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत एलडीए में आवेदन करना होगा। कैबिनेट के फैसले के बाद मिली राहत जिला पंचायत और एलडीए के अलग-अलग नियमों के कारण वर्षों से हजारों भवनों पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ था। उत्तर प्रदेश कैबिनेट के नीतिगत फैसले के बाद अब एलडीए ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे बड़ी संख्या में भवन स्वामियों को राहत मिलने के साथ प्राधिकरण के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भारी शमन शुल्क से मिलेगी राहत जिला पंचायत के नियमों के तहत बने भवनों के मालिकों को एलडीए में नियमितीकरण के दौरान भारी शमन शुल्क या पेनाल्टी नहीं देनी होगी। यदि किसी भवन का निर्माण मास्टर प्लान के भूमि उपयोग के विपरीत है तो उसे सीधे खारिज करने के बजाय निर्धारित शुल्क लेकर कंपाउंड करने का प्रावधान रखा गया है। ये दस्तावेज होंगे जरूरी भवन स्वामी को जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शे और स्वीकृति पत्र की प्रति, जमा शुल्क का विवरण, भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज तथा वर्तमान स्थिति के अनुसार तैयार भवन का नक्शा एलडीए में जमा करना होगा। 477 गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ इस फैसले का सबसे अधिक फायदा एलडीए के विस्तारित क्षेत्र के 477 गांवों को मिलेगा। सरोजनीनगर, मलिहाबाद, काकोरी, बीकेटी, गोसाईंगंज और मोहनलालगंज क्षेत्र में बने हजारों मकान, अपार्टमेंट, कॉलेज और व्यावसायिक भवन नियमितीकरण के दायरे में आएंगे। नक्शा वैध होने के बाद भवन मालिकों को बैंक लोन, रजिस्ट्री, बिजली-पानी के स्थायी कनेक्शन और ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई से राहत मिल सकेगी।
Source link
मुंबई एयरपोर्ट में रनवे पर आमने-सामने आए प्लेन: एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद खड़ा था, एअर इंडिया प्लेन ने टेक-ऑफ रन शुरू कर दिया
- Hindi News
- National
- Mumbai Airport Runway Incident Air India, AI Express Planes Face to face
मुंबई5 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार रात को हादसा टल गया। एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। यह घटना रात करीब 10 बजे हुई। एअर इंडिया के विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश पर टेक-ऑफ रोक दी, जिससे एक संभावित हादसा टल गया।
सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से हटा नहीं था, तभी दिल्ली जाने वाला एयर इंडिया का विमान उसी रनवे से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश के बाद टेक-ऑफ रोक दिया गया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सिलिगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट रनवे खाली कर ही रही थी, तभी दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट उसी रनवे से टेकऑफ की तैयारी में थी।
ATC के निर्देश पर रोका टेक-ऑफ रन
एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI816 के क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश मिलते ही टेकऑफ रन तत्काल रोक दिया और विमान को वापस बे (पार्किंग एरिया) में ले जाया गया।
एयरलाइन के मुताबिक, विमान की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत जांच की जाएगी। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
आम तौर पर, टेक-ऑफ रन का मतलब है टेक-ऑफ की रफ्तार पकड़ने से पहले विमान का जमीन पर दौड़ना।
यात्रियों की संख्या का खुलासा नहीं
फिलहाल दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन में लाया जाएगा।

पिछले महीने अहमदाबाद में हुई थी ऐसी ही घटना

इससे पहले जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी ऐसी ही घटना हुई थी, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे (रनवे का एक हिस्सा) पर आमने-सामने आ गए थे हालांकि दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया था।
दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एअर इंडिया विमान को टो करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इसके बाद इंडिगो विमान रनवे पर पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…
खबर अपडेट की जा रही है…
बिहार- SH पर प्राइवेट गाड़ियों को नहीं देना होगा टोल: बैकफुट पर बिहार सरकार, 24 घंटे में बदला फैसला; कॉमर्शियल वाहनों से वसूली की रेट तय – Patna News
बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर बड़ा यू टर्न लिया है। कैबिनेट की बैठक में स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर सभी श्रेणी के वाहनों से यूजर फीस टोल वसूलने के नियमों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद आम लोगों में यह संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। हालांकि, फैसले के 24 घंटे के भीतर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निजी वाहनों से कोई यूजर फीस नहीं ली जाएगी। अब यह शुल्क केवल व्यावसायिक वाहनों पर ही लागू होगा। प्राइवेट वाहनों को मिली पूरी छूट सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लाखों निजी वाहन मालिकों को राहत मिली है। सरकार ने साफ किया है कि निजी उपयोग के लिए चलने वाली कार, जीप, बाइक और अन्य व्यक्तिगत वाहन इस व्यवस्था से पूरी तरह बाहर रहेंगे। यानी बिहार के किसी भी स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। बिना फास्टैग वाले वाहनों से अधिक शुल्क और ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया था। अब इन दरों का प्रभाव केवल कॉमर्शियल वाहनों पर ही रहेगा। लाई गई नई व्यवस्था का बड़ा कारण सरकार का कहना है कि बिहार में स्टेट हाईवे, बड़े पुल, बाइपास और अन्य सड़क परियोजनाओं के रखरखाव, मरम्मत और भविष्य में नई सड़कों के निर्माण के लिए लगातार पैसे की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस लेने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और रखरखाव के लिए स्थायी संसाधन उपलब्ध होंगे। किन सड़कों पर लगेगा टोल बाद में घोषणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी स्टेट हाईवे पर एक साथ टोल वसूली शुरू नहीं होगी। पहले ट्रैफिक सर्वे, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी मानकों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना जारी कर उन स्टेट हाईवे और पुलों की सूची घोषित की जाएगी जहां व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस वसूली जाएगी। विपक्ष के सवालों के बीच सरकार का यू-टर्न कैबिनेट के फैसले के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार आम लोगों पर नया आर्थिक बोझ डाल रही है। सोशल मीडिया पर भी निजी वाहनों पर टोल लगाने को लेकर व्यापक चर्चा और आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण जारी कर साफ कर दिया कि निजी वाहनों पर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा। सरकार के इस कदम को आम लोगों की चिंता और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद लिया गया बड़ा निर्णय माना जा रहा है।
Source link
लखनऊ में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: कमरे में पंखे से लटका मिला शव, आर्थिक तंगी से परेशान था – Lucknow News
लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव कमरे में पंखे के सहारे लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम करीब 6 बजे सूचना मिली कि फतेहगंज गल्ला मंडी स्थित दुगांवा इलाके के एक मकान में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही नाका हिंडोला पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान फतेहगंज गल्ला मंडी, दुगांवा नाका हिंडोला निवासी अजय गुप्ता पुत्र स्व. माताप्रसाद गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार अजय ने अपने कमरे में छत पर लगे पंखे के कुंडे से दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या की। घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए पुलिस ने फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है।
Source link
मुंगेर में लापता छात्रा का कुएं से शव बरामद: NEET की कर रही थी तैयारी, मानसिक रूप से थी परेशान – Munger News
मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित कल्याणचक गांव में तीन दिनों से लापता 20 साल की छात्रा संध्या कुमारी का शव मंगलवार को घर के समीप एक पुराने कुएं से बरामद किया गया।
.
सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया।

निराश और मानसिक तनाव में रहने लगी थी
मृतका के पिता धर्मवीर यादव और चाचा सुमीत धीराज ने बताया कि संध्या परिवार की इकलौती बेटी थी और उसके दो भाई हैं। वह पढ़ाई में मेधावी थी और डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। उसने दो बार नीट (NEET) परीक्षा दी थी।
परिजनों के अनुसार, लगातार दो बार नीट परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण संध्या निराश और मानसिक तनाव में रहने लगी थी।
अपनी दवाएं लेना बंद कर दिया था
परिवार ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से उसका इलाज चल रहा था। गुमशुदगी की सूचना पुलिस को देते समय भी परिजनों ने आवेदन में उसकी मानसिक स्थिति का उल्लेख किया था। परिजनों के मुताबिक, लापता होने से लगभग दो दिन पहले उसने अपनी दवाएं लेना बंद कर दिया था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ गई थी।
संध्या 5 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे बिना बताए घर से निकल गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार को घर के समीप स्थित पुराने कुएं में उसका शव मिला।
घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष बीपीन कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले परिजनों ने युवती के लापता होने की सूचना दी थी। आवेदन में यह भी बताया गया था कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तभी कुएं में शव मिलने की सूचना मिली।
शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और एफएसएल टीम से भी जांच कराई गई है। मामले की जांच जारी है। वहीं, परिजनों ने राज्य में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों पर नाराजगी जताते हुए इसे बेटी के मानसिक तनाव का प्रमुख कारण बताया और प्रशासन तथा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
जोधपुर में घोड़ी पर बिठाकर थानाधिकारी को विदाई दी: डीजे पर जमकर नाचे साथी पुलिसकर्मी, CID में हुआ है ट्रांसफर – Jodhpur News
जोधपुर के नागौरी गेट थाने से अधिकारी को अनोखी विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मी डीजे की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। थाना अधिकारी शेफाली सांखला को घोड़ी पर बैठाकर विदा किया। दरअसल, नागौरी गेट थाना अधिकारी शेफाली सांखला का हाल ही में सीआईडी-सीबी में तबादला हुआ है। थाने से रिलीव होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें यादगार अंदाज में विदाई दी। इस अनोखी विदाई का वीडियो सामने आने के बाद लोग भी तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोग इसे पुलिसकर्मियों और उनके अधिकारी के बीच बेहतर कार्य संबंध और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं।
Source link
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग का पुनर्गठन: ओम प्रकाश व्यास बने अध्यक्ष, 4 सदस्य भी बनाए, CM रेखा के निर्देश पर नियुक्ति – New Delhi News
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर दिल्ली सरकार ने लगभग 3 वर्षों से रिक्त पड़े दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) का पुनर्गठन कर दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत आयोग में एक अध्यक्ष और 4 सदस्यों की नियुक्ति की गई है। अधिसूचना के अनुसार ओम प्रकाश व्यास को आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं राहुल गौतम, कुंदन कंसकार, स्वाति गुप्ता और मोनिका शर्मा को सदस्य बनाया गया है। सभी नियुक्तियां संबंधित पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होंगी। आयु सीमा पूरी होते ही कार्यकाल समाप्त सरकार के अनुसार आयोग का कार्यकाल 3 वर्ष का होगा। हालांकि अध्यक्ष के लिए अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष और सदस्यों के लिए 60 वर्ष निर्धारित की गई है। यदि कार्यकाल के दौरान आयु सीमा पूरी हो जाती है तो उसी दिन उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। नियुक्तियां बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग नियम, 2008 और गृह मंत्रालय की अधिसूचना के तहत की गई हैं। बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अवसरों से भरपूर बचपन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम ने विश्वास जताया कि आयोग का नया नेतृत्व संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार बाल संरक्षण व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है।
Source link
दूध उबालने का स्मार्ट तरीका, न जलेगा दूध न आएगी बदबू, जानिए तरीका
Milk Boiling Tips: रोज की रसोई में दूध उबालना एक छोटा सा काम लगता है, लेकिन कई बार यही काम सबसे ज्यादा परेशानी खड़ी कर देता है. जरा सा ध्यान इधर-उधर हुआ नहीं कि दूध उफनकर गैस पर फैल जाता है या फिर बर्तन की तली में चिपककर जल जाता है. इसके बाद पूरे दूध में ऐसी महक आ जाती है कि चाय, कॉफी, खीर या कोई भी दूसरी चीज बनाने का मन नहीं करता. कई लोग इस परेशानी से बचने के लिए दूध को बार-बार चलाते रहते हैं, लेकिन हर समय गैस के सामने खड़े रहना भी आसान नहीं होता.
ऐसे में अगर कोई आसान और देसी तरीका मिल जाए, जिससे दूध आसानी से उबल जाए और तली में चिपके भी नहीं, तो इससे बेहतर क्या हो सकता है. आज हम आपको ऐसा ही एक पुराना घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जिसे कई घरों में सालों से अपनाया जाता है. यह तरीका बेहद आसान है और अगर सही तरह से अपनाया जाए तो दूध जलने की परेशानी काफी हद तक कम हो सकती है.
आखिर दूध तली में क्यों चिपक जाता है?
दूध में फैट, प्रोटीन और दूसरे ठोस तत्व मौजूद होते हैं. जब दूध को तेज आंच पर लंबे समय तक बिना हिलाए गर्म किया जाता है, तो ये तत्व धीरे-धीरे बर्तन की तली में जमा होने लगते हैं. लगातार गर्मी मिलने की वजह से यही हिस्सा पहले जलता है. जैसे ही दूध नीचे से जलता है, उसकी महक पूरे दूध में फैल जाती है और उसका स्वाद खराब हो जाता है. अगर दूध स्टील या मोटी तली वाले बर्तन में उबाला जाए और बीच-बीच में हल्का सा चलाया जाए, तो यह परेशानी काफी कम हो सकती है.
मिट्टी का छोटा दीया कर सकता है मदद
दूध को तली में चिपकने से बचाने के लिए मिट्टी का छोटा दीया इस्तेमाल करने की ट्रिक काफी पुरानी मानी जाती है. इस तरीके में उबालते समय बर्तन के अंदर साफ किया हुआ छोटा मिट्टी का दीया डाल दिया जाता है. कहा जाता है कि दूध उबलने के दौरान दीया हल्का-हल्का हिलता रहता है. इससे दूध के अंदर लगातार हल्की मूवमेंट बनी रहती है और दूध एक जगह टिककर तली में जमने की संभावना कम हो जाती है. इसी वजह से दूध के जलने का खतरा भी कम हो सकता है. हालांकि, यह एक घरेलू नुस्खा है. इसका असर बर्तन, आंच और दूध की मात्रा के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है.
इस ट्रिक को सही तरीके से कैसे अपनाएं?
अगर आप इस देसी तरीके को आजमाना चाहते हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें.
1. सबसे पहले मिट्टी का छोटा दीया बिल्कुल साफ होना चाहिए.
2. इस्तेमाल करने से पहले उसे 10 से 15 मिनट तक साफ पानी में भिगो दें.
3. इससे मिट्टी की धूल या छोटे कण निकल जाएंगे.
4. अब दूध वाले बर्तन में गीला दीया डाल दें.
5. इसके बाद दूध को धीमी या मीडियम आंच पर उबलने दें.
6. बीच-बीच में एक-दो बार चम्मच से दूध चला भी सकते हैं.
दूध उबालते समय इन गलतियों से बचें
अगर आप चाहते हैं कि दूध न जले और उसका स्वाद भी बना रहे, तो इन बातों का ध्यान रखें.
1. तेज आंच पर दूध न उबालें
बहुत तेज आंच पर दूध जल्दी गर्म जरूर होता है, लेकिन उसके तली में चिपकने का खतरा बढ़ जाता है.
2. मोटी तली वाला बर्तन चुनें
पतले बर्तन जल्दी गर्म हो जाते हैं, जिससे दूध नीचे से जल सकता है. मोटी तली वाला बर्तन बेहतर रहता है.
3. दूध को पूरी तरह अकेला न छोड़ें
भले ही आपने दीया डाल दिया हो, लेकिन दूध को लंबे समय तक बिना देखे छोड़ना ठीक नहीं है.
बर्तन को पहले धो लें
दूध उबालने से पहले बर्तन साफ होना चाहिए, अगर उसमें पहले से कोई जला हुआ हिस्सा या मसाले का अंश रह गया हो, तो उसका असर दूध के स्वाद पर पड़ सकता है.
क्या यह तरीका हर बार काम करेगा?
यह एक घरेलू उपाय है, जिसे कई लोग अपने अनुभव के आधार पर अपनाते हैं. हालांकि हर रसोई, हर बर्तन और हर गैस की आंच अलग होती है. इसलिए इसे अपनाने के साथ-साथ दूध पर हल्का ध्यान रखना भी जरूरी है, अगर सही बर्तन, सही आंच और थोड़ी सावधानी रखी जाए, तो दूध जलने की परेशानी काफी कम हो सकती है.
दूध का तली में चिपकना और जल जाना एक आम समस्या है, लेकिन थोड़ी सी समझदारी और एक आसान देसी ट्रिक इसे काफी हद तक कम कर सकती है. साफ मिट्टी का छोटा दीया इस्तेमाल करने के साथ अगर आप धीमी आंच, साफ बर्तन और बीच-बीच में दूध चलाने जैसी आदतें अपनाते हैं, तो दूध का स्वाद भी बना रहेगा और जलने की बदबू से भी बच सकते हैं.


