अलवर जिले में पिछले पांच दिनों तक मौसम में बदलाव और रुक-रुक कर हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली थी, लेकिन बुधवार को एक बार फिर गर्मी का असर देखने को मिला तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। गुरूवार को सुबह से धूप निकली हुई हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार से अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार 4 से 7 जून तक जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक, हल्की बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। गुरुवार और शुक्रवार के लिए भी इसी प्रकार की चेतावनी जारी की गई है, जबकि 6 और 7 जून को भी मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार यदि जिले में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलती हैं तो तापमान फिर से 36 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ सकता है। हालांकि 8 और 9 जून के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। इन दिनों मौसम साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे 9 जून तक पारा फिर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है। गौरतलब है कि पिछले दिनों जिले के कई क्षेत्रों में कहीं बूंदाबांदी तो कहीं तेज बारिश और आंधी दर्ज की गई थी, जिससे तापमान में गिरावट आई थी। अब मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक बादल, बारिश और
Source link
अलवर में आज फिर बदलेगा मौसम,आंधी-बारिश का अलर्ट: जानिए अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम;9 जून को वापस तापमान बढ़ेगा – Alwar News
भारत के S-400 की एक स्क्वाड्रन में कितनी मिसाइलें होती हैं? जानकर चौंक जाएंगे
Last Updated:
भारत की वायु रक्षा को बड़ा बूस्ट मिला है. चौथे S-400 स्क्वाड्रन के पहुंचने के बाद जानिए एक स्क्वाड्रन में कितनी मिसाइलें होती हैं और क्यों इसे दुनिया के सबसे खतरनाक एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है.
भारत की लंबी दूरी की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रूस से S-400 सुदर्शन एयर डिफेंस सिस्टम का चौथा स्क्वाड्रन भारत पहुंच गया है. रक्षा सूत्रों के अनुसार यह सिस्टम कुछ दिन पहले जहाज के जरिए भारत पहुंचा और इसे जल्द ही परिचालन क्षेत्र में तैनात किया जाएगा.
S-400 सुदर्शन रूस का एक लंबी दूरी का सतह से हवा में मार करने वाला एयर डिफेंस सिस्टम है. यह 2018 में हुए उस समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत भारत ने रूस से कुल पांच S-400 स्क्वाड्रन खरीदने का फैसला किया था. इनमें से तीन स्क्वाड्रन दो वर्ष पहले ही भारत पहुंच चुके थे और वर्तमान में परिचालन में हैं. रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण शेष दो स्क्वाड्रन की आपूर्ति में देरी हुई थी.
एक S-400 स्क्वाड्रन में आमतौर पर 8 से 12 मोबाइल ट्रांसपोर्टर इरेक्टर लॉन्चर (TEL) होते हैं. प्रत्येक TEL में 4 मिसाइल ट्यूब लगी होती हैं, जिससे लॉन्चरों पर किसी भी समय 48 मिसाइलें तुरंत दागने के लिए तैयार रहती हैं. दोबारा लोडिंग और सहायक वाहनों के साथ एक स्क्वाड्रन में कुल मिलाकर 128 मिसाइलें तैनात की जा सकती हैं.
प्रत्येक S-400 स्क्वाड्रन में 16 वाहन होते हैं, जिनमें कमांड एंड कंट्रोल यूनिट, रडार, मिसाइल लॉन्चर और अन्य सहायक वाहन शामिल हैं. S-400 प्रणाली की लंबी दूरी की निगरानी क्षमता 600 किलोमीटर तक है. यह एक साथ कई हवाई खतरों, जैसे लड़ाकू विमान, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को विभिन्न ऊंचाइयों और दूरियों पर पहचानकर निशाना बना सकती है.
भारत ने इस सौदे के तहत कुल 60 लॉन्चर और 6,000 मिसाइलें खरीदी हैं. इन मिसाइलों की लक्ष्य भेदन क्षमता 120 किलोमीटर से 400 किलोमीटर तक है. S-400 सुदर्शन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस सिस्टम ने पाकिस्तान वायुसेना की क्षमताओं को विफल करने में बड़ी भूमिका निभाई. ऑपरेशन के दौरान इसने 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर उड़ रहे पाकिस्तान वायुसेना के एक उच्च-मूल्य निगरानी विमान को मार गिराकर सबसे लंबी दर्ज सतह से हवा में मार करने का रिकॉर्ड बनाया था.
भारत को मिलने वाला यह स्क्वाड्रन पांच में से चौथा है. पांचवें और अंतिम S-400 स्क्वाड्रन के भी अगले कुछ महीनों में भारत पहुंचने की उम्मीद है. इस बीच रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) पांच अतिरिक्त S-400 स्क्वाड्रन की खरीद को पहले ही मंजूरी दे चुकी है. साथ ही भारत ‘प्रोजेक्ट कुशा’ नामक स्वदेशी कार्यक्रम पर भी काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य रूस के S-400 जैसी क्षमता वाली एयर डिफेंस प्रणाली विकसित करना है, जो दुश्मन के ड्रोन और अन्य हवाई खतरों को लंबी दूरी से मार गिरा सके. इस परियोजना में भारतीय रक्षा कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज भी विकास और उत्पादन साझेदार के रूप में शामिल है.
About the Author

Mohit Chauhan is an Editorial Researcher with over eight years of experience in digital and television journalism, specializing in Defence, Weapons, International Relations, and Strategic Military Affairs. He c…और पढ़ें
बॉलीवुड की ‘बदनसीब’ हीरोइन, 10 फिल्मों में किया काम, हाथ लगी सिर्फ 1 हिट मूवी
Last Updated:
आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी बेहद खूबसूरत और टैलेंटेड एक्ट्रेस की, जिसने साउथ सिनेमा में तो सफलता के झंडे गाड़े, लेकिन बॉलीवुड में उसकी किस्मत ने उसका साथ नहीं दिया. करीब 12 साल के लंबे करियर और 10 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद भी इस एक्ट्रेस के खाते में बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ एक इकलौती हिट फिल्म आई है. लगातार फ्लॉप फिल्मों के इस सिलसिले ने इन्हें बॉलीवुड की फ्लॉप हीरोइन की लिस्ट में लाकर खड़ा कर दिया है.
नई दिल्ली. मनोरंजन की दुनिया में यह बात अक्सर कही जाती है कि बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ और सिर्फ सफलता बोलती है. कोई स्टार कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर उसकी फिल्में दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहती हैं, तो उसे अनलकी का टैग मिलते देर नहीं लगती. कुछ ऐसा ही हुआ है इस मशहूर हसीना के साथ, जिनका नाम है- रकुल प्रीत सिंह.

रकुल प्रीत सिंह ने तमिल और तेलुगु सिनेमा में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं और वहां वह टॉप एक्ट्रेसेस की लिस्ट में शुमार रही हैं. लेकिन जब बात हिंदी सिनेमा यानी बॉलीवुड की आती है, तो पिछले 12 सालों का उनका बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बेहद चौंकाने वाला और निराशाजनक रहा है. 10 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम करने के बाद भी उनके हिस्से महज एक क्लीन हिट फिल्म आई है.

रकुल प्रीत सिंह ने साल 2014 में आई फिल्म ‘यारियां’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. दिव्या खोसला कुमार के निर्देशन में बनी इस यूथ-ओरिएंटेड फिल्म का संगीत बेहद सफल रहा था, जिसने फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर एवरेज सफलता दिलाई. हालांकि, इस फिल्म से रकुल को वह स्टारडम नहीं मिला जिसकी उन्हें तलाश थी. इसके बाद वह दोबारा साउथ इंडस्ट्री की तरफ लौट गईं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

इसके बाद साल 2018 में उन्होंने सिद्धार्थ मल्होत्रा और मनोज बाजपेयी के साथ नीरज पांडे की फिल्म ‘अय्यारी’ से वापसी की. बड़े डायरेक्टर और शानदार स्टारकास्ट होने के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई.

रकुल प्रीत सिंह के पूरे बॉलीवुड करियर का सबसे सुनहरा पल साल 2019 में आया. इस साल रिलीज हुई लव रंजन की रॉम-कॉम फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ में वह अजय देवगन और तब्बू के साथ नजर आईं. फिल्म में रकुल की एक्टिंग और उनकी ग्लैमरस अदाओं को दर्शकों ने खूब पसंद किया. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का बिजनेस किया और यह रकुल के करियर की पहली और आखिरी क्लीन हिट फिल्म साबित हुई.

‘दे दे प्यार दे’ की बड़ी कामयाबी के बाद ऐसा लगा कि रकुल प्रीत सिंह का बॉलीवुड करियर अब उड़ान भरेगा, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने सबको हैरान कर दिया. साल 2019 के आखिर में आई ‘मरजावां’ बॉक्स ऑफिस पर महज औसत रही. इसके बाद तो जैसे फ्लॉप फिल्मों की झड़ी लग गई.

पिछले कुछ सालों में रकुल की कई फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज हुईं, जिनमें ‘रनवे 34’, ‘थैंक गॉड’, ‘डॉक्टरजी जैसी फिल्मों को दर्शकों ने पूरी तरह नकार दिया. थिएटर्स में रिलीज हुई उनकी ज्यादातर फिल्में या तो फ्लॉप रहीं या बेहद कम कमाई करके सिमट गईं.

हालांकि, थिएटर में लगातार मिल रही असफलताओं के बीच रकुल को ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों का थोड़ा प्यार जरूर मिला. उनकी फिल्म ‘छतरीवाली’ सीधे ओटीटी पर रिलीज हुई, जहां उनकी एक्टिंग की तारीफ की गई. वहीं, इस बीच साल 2025 में अजय देवगन के साथ रिलीज हुई ‘दे दे प्यार दे 2’ भी बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाई. दुनियाभर में 104 करोड़ की कमाई के साथ फिल्म औसत साबित हुई.

कुछ दिनों पहले ही सिनेमाघरों में रकुल प्रीत सिंह की फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ रिलीज हुई, जिसे क्रिटिक्स से मिक्स रिव्यूज मिले हैं. इस मूवी को भारत में महज 4 करोड़ करोड़ की ओपनिंग मिली. 20 दिनों में यह जैसे-तैसे घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सिर्फ 49 करोड़ की कमाई कर पाई है. इस फिल्म का भी बॉक्स ऑफिस हिट हो पाना मुश्किल लग रहा है.
गंगा में नहाने गए किशोर-युवक की डूबने से मौत: ईद पर चंडीगढ़ से गांव आए थे, घंटों चले तलाशी अभियान के बाद मिले शव – Bijnor News
बिजनौर के मंडावर थाना क्षेत्र में बालावाली गंगा पुल के पास बुधवार दोपहर गंगा में नहाने गए एक किशोर और एक युवक की डूबने से मौत हो गई। काफी देर तक चले तलाशी अभियान के बाद दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मृतकों की पहचान गांव गोपालपुर भरूका निवासी 16 वर्षीय दिलशाद पुत्र फानूस और 18 वर्षीय शहबाज पुत्र साहिद के रूप में हुई है। ये दोनों अपने कुछ साथियों के साथ बुधवार दोपहर बाद गंगा में स्नान करने गए थे। नहाने के दौरान दिलशाद और शहबाज गहरे पानी में उतर गए और डूबने लगे। उनके साथ मौजूद अन्य युवकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की अधिक गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके और दोनों गंगा में समा गए।
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस गोताखोरों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और डूबे हुए किशोर व युवक की तलाश शुरू की। काफी तलाश के बाद पहले शहबाज का शव बरामद हुआ। परिजन उसे उत्तराखंड के रायसी स्थित एक चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके कुछ देर बाद चले अभियान के दौरान दिलशाद का शव भी गंगा से बरामद कर लिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि दिलशाद और शहबाज दोनों चंडीगढ़ में फर्नीचर बनाने का काम करते थे। वे ईद के अवसर पर अपने गांव आए हुए थे। गांव के युवक अक्सर गंगा में नहाने जाते हैं, और ये दोनों भी ग्रामीणों के साथ ही नहाने गए थे। इस संबंध में मंडावर थाना प्रभारी संजय कुमार ने जानकारी दी कि गंगा में डूबे किशोर और युवक के शव बरामद कर लिए गए हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया जारी है।
Source link
ट्रेन की चपेट में आने से युवक की मौत: बाजार से सब्जी खरीदकर वापस घर लौट रहा था, घर में अकेले कमाने वाला था – Bhojpur News
दानापुर-पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीडीयू) रेलखंड पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। घर से सब्जी खरीदने के लिए निकले थे। मृतक की पहचान शाहपुर के साहोडीह निवासी अलगू राम के पुत्र राजेंद्र राम(40) के तौर पर हुई है। घटना सिकरिया हॉल्ट के पास की है। रिश्तेदार हरेराम राम ने राजेंद्र बनाही बाजार गए थे। सब्जी लेने के बाद वापस घर लौट रहे थे। रास्ते में ट्रन की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। रेल पुलिस से जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। गुजरात में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। बुझ गया घर का इकलौता चिराग इस दर्दनाक हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। राजेंद्र तीन बहनों में इकलौता भाई था। अपने बूढ़े मां-बाप का एकमात्र सहारा (इकलौता चिराग) था। परिवार में पत्नी सुनीता देवी, दो बेटियां अंजलि, पम्मी और एक बेटा सचिन है। मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
Source link
गाढ़ा दही और खास मसाला, यही है मुकेश जी के मशहूर दही भल्लों का राज
Last Updated:
दिल्ली की भीषण गर्मी में जहां लोग ठंडक की तलाश में रहते हैं, वहीं नेहरू प्लेस का एक छोटा सा स्टॉल लोगों के लिए राहत का स्वाद बन गया है. 1989 से ग्राहकों को दही भल्ले का लाजवाब स्वाद परोस रहे मुकेश कुमार शर्मा अपने खास मसालों और गाढ़े दही के कारण काफी लोकप्रिय हैं. 2 रुपये की प्लेट से शुरू हुआ उनका सफर आज 50 रुपये प्रति प्लेट तक पहुंच चुका है, लेकिन स्वाद और गुणवत्ता पर उनका फोकस आज भी बरकरार है. यही वजह है कि गर्मियों के मौसम में उनके स्टॉल पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं और लोग दूर-दूर से उनके मशहूर दही भल्लों का स्वाद लेने पहुंचते हैं.
चिलचिलाती धूप, तपती सड़कें और पारा 45 डिग्री के पार ऐसे मौसम में लोग कुछ ऐसा ढूंढते हैं जो सिर्फ पेट ही नहीं, मन को भी ठंडक दे सके. इसी बीच नेहरू प्लेस मार्केट में एक नाम लोगों की जुबान पर तेजी से चढ़ रहा है मुखेश जी दही भल्ले वाले.

गर्मियों के मौसम में यहां मिलने वाले ठंडे-ठंडे दही भल्ले लोगों के लिए राहत का स्वाद बन चुके हैं. दोपहर की तेज गर्मी हो या शाम की उमस, दुकान के बाहर ग्राहकों की भीड़ आसानी से देखी जा सकती है.

कोई काम से लौटते वक्त यहां रुकता है तो कोई परिवार और दोस्तों के साथ खास तौर पर स्वाद लेने पहुंचता है. वजह सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि वह ठंडक है जो दही से भरी एक प्लेट लोगों को कुछ पल के लिए गर्मी भूलने पर मजबूर कर देती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

साल 1989 से नेहरू प्लेस में लोगों के स्वाद का हिस्सा बने मुकेश कुमार शर्मा आज अपने खास दही भल्लों के लिए जाने जाते हैं. शर्मा चाट भंडार के नाम से मशहूर इस स्टॉल को मुकेश कुमार शर्मा खुद संभालते हैं. उनका कहना है कि उनके दही भल्लों का असली राज उनके खास मसाले में छिपा है, जिसे वह आज भी अपने हाथों से तैयार करते हैं.

मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपने इस सफर की शुरुआत सिर्फ 2 रुपए प्लेट से की थी, जो आज बढ़कर 50 रुपए प्लेट तक पहुंच गई है. समय बदला, कीमत बदली, लेकिन स्वाद वही पुराना और भरोसेमंद बना हुआ है.

यहां आने वाले कस्टमर मुकेश के दही भल्ले की तारीफ़ करते नहीं थकते. उनके दही भल्ले की खास बात यह है कि उनके मसाले इतने तीखे और तेज़ होते हैं कि दही में मिलाने पर वे बहुत स्वादिष्ट लगते हैं. वे दही भल्ले का स्वाद बढ़ाते हैं, और सबसे ज़रूरी बात, उनका दही बहुत गाढ़ा होता है और उसमें हल्की मिठास होती है, जिससे ₹50 की यह दही भल्ले की प्लेट इतनी भारी हो जाती है कि एक आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती है.

अगर टाइमिंग की बात करें तो शर्मा जी सुबह 10:30 बजे तक यहां पहुंच जाते हैं और अपना सामान वगैरह लगा लेते हैं.मैं आपको बता दूं शर्मा जी के यहां पहुंचने से पहले ही यहां कस्टमर आने लगते हैं. अगर बात करें कि वह कब तक बेचते हैं तो मैं आपको बता दूं कि शर्मा जी सुबह 10:30 बजे से लेकर दोपहर 4:30 बजे तक यहां रहते हैं. लेकिन अगर उनके दही भल्ले उससे पहले खत्म हो जाते हैं तो वह चले जाते हैं.
कुवैत पर ईरानी हमले से भड़के खाड़ी देश: कहा- ऐसे कायराना हमले से तनाव बढ़ा; ट्रम्प बोले- ईरान पर अटैक मेरा फैसला
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने बुधवार को कुवैत और बहरीन पर हुए हमलों को लेकर ईरान की कड़ी आलोचना की। संगठन ने इन हमलों को कायराना बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। GCC के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने कहा कि ईरान लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जो खाड़ी देशों की सुरक्षा, स्थिरता और संप्रभुता के लिए खतरा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान के हालिया हमले अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र के नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन हैं। ऐसे कदमों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सख्त रुख अपनाना चाहिए। खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC में कुवैत, कतर, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान और UAE शामिल हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई का फैसला उन्होंने खुद लिया था। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें ऐसा करने के लिए प्रभावित किया था। एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा, किसी ने मुझे बहकाया नहीं। यह फैसला मेरा अपना था। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन-मिसाइल हमला: हमले में 1 भारतीय की मौत हुई, 63 लोग घायल हुए। एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा और उड़ानें अस्थायी रूप से रोकनी पड़ीं। 2. ईरान ने कुवैत और बहरीन को चेतावनी दी: तेहरान ने कहा कि अगर किसी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए हुआ तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। 3. ट्रम्प ने कहा- ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने की शर्त मानी: अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि प्रस्तावित समझौते में ईरान परमाणु बम नहीं बनाने का वादा करेगा। 4. नेतन्याहू पर ट्रम्प भड़के, ‘पागल’ तक कहा: रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान में इजराइली हमलों और बढ़ते तनाव को लेकर ट्रम्प ने नेतन्याहू से नाराजगी जताई। 5. लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई तेज: हिजबुल्लाह ने 13 हमलों का दावा किया, जबकि इजराइल ने कई इलाकों पर हवाई हमले किए और लोगों को घर खाली करने के आदेश दिए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source link
बंगाल की खाड़ी में तगड़ी हलचल, बस कुछ घंटे में दिखेगा मौसम का रौद्र रूप
Today Weather Live: देशभर में लोग जिस मानसून का इंतजार कर रहे थे, अब उसकी आहट साफ सुनाई देने लगी है. बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक मौसम का सिस्टम तेजी से एक्टिव हो चुका है और इसका असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. कई राज्यों में आसमान का रंग बदल चुका है, तेज हवाओं ने गर्मी की रफ्तार पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है और मौसम विभाग (IMD) लगातार अलर्ट जारी कर रहा है. IMD का कहना है कि अगले कुछ घंटों और दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है. कहीं धूलभरी आंधी चलेगी तो कहीं बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा रहेगा. सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिक मान रहे हैं कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे सिस्टम अब पूरे देश के मौसम को प्रभावित करेंगे. यही वजह है कि दिल्ली से लेकर बिहार, राजस्थान से लेकर ओडिशा और दक्षिण भारत तक लगातार चेतावनियां जारी की जा रही हैं. गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम का यह बदला हुआ रूप कई जगह परेशानी भी बढ़ा सकता है.
दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी.
- मौसम विभाग के अनुसार देशभर में कई स्तरों पर मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि वहां से लेकर उत्तरी तमिलनाडु तक एक द्रोणिका फैली हुई है. इसके अलावा पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश, पूर्वी-मध्य अरब सागर और उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर भी ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इन सभी सिस्टम का संयुक्त असर अब देश के मौसम पर दिखाई देने लगा है. कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदलता रहेगा.
- IMD के मुताबिक इस सप्ताह केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, मेघालय और अंडमान-निकोबार समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि भी हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों को भी फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है.
दिल्ली-NCR में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट
दिल्ली-NCR में अगले दो दिनों के दौरान मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. राजधानी में आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि बिजली गिरने और अचानक तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
यूपी में आंधी-तूफान का बढ़ता खतरा
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 4 से 6 जून तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है. वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, झांसी, जौनपुर और चंदौली समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है. कुछ जगहों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज हवाएं दर्ज की गईं. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.
बिहार में बारिश और लू दोनों का असर
बिहार में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है. राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में लू चलने की संभावना है, जबकि उत्तर-पूर्वी जिलों में गरज-चमक और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार समेत कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. IMD के अनुसार हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, लेकिन दक्षिणी हिस्सों में उमस और गर्मी बनी रह सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
ओडिशा में चार दिन तक गरज-चमक का खतरा
ओडिशा में अगले चार दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहने की संभावना है. IMD ने 22 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. बालासोर, मयूरभंज, कटक, पुरी, गंजाम और खुर्दा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर और शाम के समय मौसम ज्यादा खराब हो सकता है. तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. लोगों को बारिश के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंचने के बेहद करीब है.
राजस्थान में फिर लौटेगी धूलभरी आंधी
मध्यप्रदेश में गरज-चमक के साथ बदलेगा मौसम
मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रह सकता है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं आंधी जैसी स्थिति भी बन सकती है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. किसानों को खेतों में काम करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
पंजाब और हरियाणा में तेज हवाओं के साथ मौसम का यू-टर्न
- पंजाब और हरियाणा में 4 से 6 जून के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, मोहाली और गुरदासपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है.
- IMD के अनुसार कुछ इलाकों में तेज तूफानी हवाओं के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकते हैं. इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. बारिश के कारण दोनों राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है.
उत्तराखंड-हिमाचल में बारिश और बिजली गिरने का खतरा
- उत्तराखंड में देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, चमोली और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. पर्वतीय इलाकों में अचानक मौसम खराब हो सकता है. यात्रियों और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
- हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा समेत कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने 3 से 5 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार 5 से 8 जून के बीच कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका भी जताई गई है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अनुमान है. लोगों को नदी और नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.
दक्षिण भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री
दक्षिण भारत में मानसून सबसे ज्यादा असर दिखाने वाला है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है. तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. कई जगह जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिससे दक्षिण भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिलेगा.
आखिर मौसम अचानक इतना खतरनाक क्यों हो गया?
इस समय देशभर में कई मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और द्रोणिका मिलकर मौसम को अस्थिर बना रहे हैं. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है, जिससे आंधी, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं. यही कारण है कि कई राज्यों में एक साथ खराब मौसम देखने को मिल रहा है.
क्या मानसून समय से पहले आ रहा है?
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंचने के बेहद करीब है. परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं. हालांकि इसे समय से पहले या देरी से आने की आधिकारिक घोषणा IMD ही करता है, लेकिन मौजूदा मौसम गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि मानसून अब तेजी से आगे बढ़ सकता है.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?
फिलहाल केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. कई जगह 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. भारी बारिश और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है.
क्या गर्मी से राहत मिलेगी?
हां, बारिश और तेज हवाओं के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना है. हालांकि उमस बढ़ सकती है.
खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है. पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. तेज हवाओं के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें. किसानों को भी फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है.
भास्कर अपडेट्स: दिल्ली दंगों के दौरान IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या मामले में आज आ सकता है कोर्ट का फैसला
- Hindi News
- National
- Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai
5 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के चर्चित मामले में गुरुवार को अदालत फैसला सुना सकती है। इस मामले में पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत 11 लोग आरोपी हैं।
अंकित शर्मा का शव फरवरी 2020 में दिल्ली के खजूरी खास इलाके के एक नाले से बरामद हुआ था। उनके पिता ने ताहिर हुसैन और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। मार्च 2023 में अदालत ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।
अदालत सभी पक्षों की दलीलें सुन चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा है। फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध और समर्थन के बीच दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
आज की अन्य बड़ी खबरें…
मुंबई में 22 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, घटनास्थल से सिर्फ 9 किमी दूर रह रहा था

मुंबई पुलिस ने 22 साल से फरार चल रहे राजेंद्र शिंदे नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ अनैतिक देह व्यापार रोकथाम अधिनियम (PITA) के तहत मामला दर्ज था। मजगांव कोर्ट से गैर-जमानती वारंट जारी किए जाने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की थी।
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी विले पार्ले इलाके में रह रहा है। निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात यह है कि वह उस ओशिवारा इलाके से केवल 9 किलोमीटर दूर रह रहा था, जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
अरावली की परिभाषा की जांच के लिए समिति गठित

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की परिभाषा और सीमांकन पर केंद्र की रिपोर्ट की स्वतंत्र समीक्षा के लिए उच्च-स्तरीय 5 सदस्यीय समिति गठित की है। भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद की महानिदेशक कंचन देवी 31 अगस्त तक रिपोर्ट सौंपेंगी। समिति यह जांचेगी कि दो पहाड़ियों के बीच 500 मी. की वर्तमान परिभाषा संरक्षित क्षेत्रों के दायरे को काफी कम तो नहीं कर देगी?


