Saturday, May 30, 2026
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विकेंड पार्टी के लिए सिर्फ 5 चीजों से बनाएं 3 स्टार्टर, फॉलो करें पंकज भौदरिया की ये रेसिपी


 

किसी भी पार्टी को मजेदार बनाने के लिए पार्टी स्टार्टर्स बहुत जरूरी होते हैं. ये स्टार्टर्स, फिंगर फूड या स्नैक्स ही पार्टी का माहौल खुशनुमा बना देते हैं. यदि आप भी विकेंड पर दोस्तों को घर पर बुलाकर पार्टी करने का प्लान कर रहे हैं, तो वीडियो आपके लिए है. यहां आप पंकज भौदोरिया से 3 स्टार्टर्स की रेसिपीज सीख सकते हैं, जिसे बनाने के लिए सिर्फ 5 चीजों की जरूरत होती है. ये 3 स्टार्टर्स हैं- क्रीम चीज डिप प्लैटर, ब्लूमिंग बीन्स क्वेसाडिला रिंग्स और डेविल्ड पोटैटो. ये सभी शाकाहारी रेसिपीज हैं.

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वडोदरा में चॉकलेट केबिन चलाने वाली गीता बनीं मेयर: गुजरात की15 महानगरपालिकाओं के मेयर और डिप्टी मेयर के नाम का ऐलान – Gujarat News


वडोदरा की नवनियुक्त मेयर गीताबेन।

गुजरात में निकाय चुनाव परिणामों के लगभग एक महीने बाद अहमदाबाद, नवसारी, गांधीधाम, मोरबी, जामनगर, पोरबंदर, नडियाद और महेसाणा समेत 8 महानगरपालिकाओं में पदाधिकारियों की घोषणा की गई। इसके बाद 28 मई को सूरत, वडोदरा, सुरेंद्रनगर, भावनगर, वापी, आणंद-करमसद और

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चॉकलेट गीता मकवाणा बनीं मेयर गीता मकवाणा वडोदरा महानगरपालिका की मेयर बनाई गई हैं। वे मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। 2 साल पहले भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जुड़ने के बाद पार्टी ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। परिवार में सास, पति और 2 बच्चे हैं। पति उमेश मकवाणा 30 वर्ष से भाजपा के सक्रिय-वफादार कार्यकर्ता हैं। गीताबेन में छोटी चॉकलेट की केबिन चलाती हैं।

अहमदाबाद के मेयर सबसे कम पढ़े, मोरबी के मेयर सबसे युवा 15 मेयरों में 7 महिलाएं और 8 पुरुष हैं। मोरबी को उत्तम सुराणी नाम के सबसे कम उम्र 25 वर्ष के मेयर मिले हैं, जबकि नवसारी के मेयर सबसे अधिक 59 वर्ष के हैं।

सबसे अधिक शिक्षित राजकोट के मेयर नेहल शुक्ल पीएचडी हैं और अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट सबसे कम पढ़े-लिखे हैं।

—————- गुजरात निकाय चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

गुजरात के सभी 15 नगर निगमों में BJP जीती: 9 हजार में 7000 सीटों पर कब्जा; गोधरा में महिला हिंदू उम्मीदवार जीती

गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है। राज्य के 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के चुनाव की काउंटिंग सुबह 8 बजे से जारी है। पूरी खबर पढ़ें…



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जोजिला पास पर बड़ा हादसा! चंद सेकेंड में मलवे का ढ़ेर बना ट्रक, कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर



श्रीनगर-लेह हाईवे पर जोजिला पास में एक बड़ा हादसा सामने आया है. फिसलन भरी सड़क पर एक ट्रक अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से नीचे खाई में जा गिरा. हादसा कितना खतरनाक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चंद सेकेंड में एक अच्छा खासा ट्रक मलवे में तब्दील हो गया. पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है. हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया है. आपको बता दें कि जोजिला दर्रा देश के सबसे खतरनाक पर्वतीय मार्गों में गिना जाता है, जहां मौसम और फिसलन के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.



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‘सबसे खराब किस था’ सैफ अली खान संग रानी मुखर्जी के रोमांटिक सीन पर हैरान थे आदित्य चोपड़ा


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साल 2004 की सुपरहिट फिल्म ‘हम तुम’ का किस्सा है. तब सैफ अली खान, रानी मुखर्जी और डायरेक्टर कुणाल कोहली के बीच अनबन थी. तीनों में आपसी तालमेल की कमी थी. कुणाल कोहली की समझाने पर सैफ अली खान ने रानी मुखर्जी के साथ काम शुरू किया. मगर एक ‘किस सीन’ के शूट के वक्त दोनों में हिचकिचाहट थी. अजीबो-गरीब हालात और हंसी के बीच दोनों सितारों ने हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे खराब किस माना.

नई दिल्ली: फिल्म ‘हम तुम’ की लव स्टोरी लोगों को बहुत पसंद आई थी. सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया था, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जब इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब सेट पर माहौल बिल्कुल अलग था. फिल्म के मेकर्स और एक्टर्स के बीच आपस में बातचीत तक बंद थी. फिल्म बनने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गई थी. (फोटो सााभर: IMDb/YouTube@videograb)

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डायरेक्टर कुणाल कोहली की फिल्म साल 2004 में आई थी, जिसने हमें करण और रिया जैसे यादगार किरदार दिए. पूरी कहानी इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले लड़ते हैं और फिर एक-दूसरे के प्यार में पड़ जाते हैं. फिल्म का लाजवाब ह्यूमर और रोमांस आज 22 साल बाद भी लोगों को उतना ही पसंद आता है. मगर कैमरे के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी, जिसे दर्शक कभी जान ही नहीं पाए.(फोटो सााभर: IMDb)

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डायरेक्टर कुणाल कोहली ने ‘एनडीटीवी’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि शूटिंग के शुरुआती दिनों में कोई भी एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाता था. सैफ अली खान बिल्कुल अकेले पड़ गए थे, जबकि दूसरी तरफ रानी और डायरेक्टर की अपनी अलग टीम थी. कुणाल ने साफ कहा कि ऑफ-स्क्रीन रानी और सैफ में बिल्कुल नहीं बनती थी. यहां तक कि कुणाल और सैफ के बीच भी काफी अनबन थी, बस रानी और कुणाल आपस में ठीक से बात करते थे. (फोटो सााभर: IMDb)

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कुणाल ने कड़वाहट को दूर करने के लिए एम्स्टर्डम शेड्यूल के दौरान सैफ को साइड में ले जाकर सीधे शब्दों में समझाया. उन्होंने कहा, ‘भाई, यह फिल्म तुम्हारे करियर के लिए बहुत जरूरी है. अगर यह फ्लॉप हो गई, तो तुम्हें कभी सोलो हीरो का रोल नहीं मिलेगा. जिंदगी भर शाहरुख खान के पीछे सेकंड लीड ही करते रह जाओगे- जैसे ‘कल हो ना हो’ में किया था.’ यह कड़वी बात सैफ के दिल को छू गई. (फोटो सााभर: IMDb)

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सैफ से डायरेक्टर की बातचीत के बाद सेट का माहौल एकदम से बदल गया और सब मिलकर काम करने लगे. कुणाल ने ईमानदारी से कुबूल किया कि इस खटास की कोई बड़ी वजह या झगड़ा नहीं था. असल में, वे सब उस वक्त जवान थे, जिद्दी थे और हर किसी में अपना एक अलग एटीट्यूड था. मजे की बात तो यह थी कि उस समय सिर्फ रानी के पास हिट फिल्में थीं, जबकि सैफ और कुणाल के खाते में नाकामी थी, फिर भी भाव आसमान पर थे.
(फोटो सााभर: IMDb)

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फिल्म के टाइटल ट्रैक में एक रोमांटिक सीन था जहां रानी मुखर्जी को सैफ को किस करना था, जो उस दौर में बहुत बड़ी बात थी. रानी इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं और काफी हिचकिचा रही थीं. पूरी रात शूटिंग चलने के बाद रानी आखिरकार सिर्फ एक टेक देने के लिए राजी हुईं. लेकिन जो टेक कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, उसने प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा को भी हैरत में डाल दिया.(फोटो सााभर: IMDb)

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जब कुणाल कोहली ने एडिटिंग टेबल पर वह सीन देखा, तो रानी असल में शर्माने के बजाय हंस रही थीं और हंसते हुए हिल रही थीं. कुणाल ने हंसते हुए माना कि वह हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे खराब और अजीब किस सीन था. बाद में एक वीडियो में सैफ ने भी इस बात को याद करते हुए रानी की खिंचाई की थी कि कैसे रानी ने उनसे कहा था कि तुम ही डायरेक्टर से बोल दो कि तुम मुझे किस नहीं करना चाहते. (फोटो सााभर: IMDb)

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तमाम झगड़ों, एटीट्यूड और किस सीन के दौरान हुई उस अजीब हंसी के बावजूद ‘हम तुम’ ने बॉक्स ऑफिस पर वो मुकाम हासिल किया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. फिल्म सुपरहिट रही और इसने सैफ अली खान को बॉलीवुड में एक लीडिंग हीरो के तौर पर स्थापित कर दिया. कैमरे के पीछे की सारी कड़वाहट फिल्म की शानदार एडिटिंग और फाइनल कट के पीछे हमेशा के लिए छिप गई.

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2 जून को लॉन्च होगा Redmi का धमाकेदार 5G फोन, कीमत हुई लीक, मिलेगी 7560mAh की बैटरी


Redmi अगले महीने की शुरुआत में अपने एक और दमदार फोन को लॉन्च करने वाला है। चीनी कंपनी का यह फोन 2 जून को भारतीय बाजार में पेश किया जाएगा। इस फोन को पिछले दिनों ही चीनी बाजार में पेश किया गया है। इस फोन को Amazon पर लिस्ट कर दिया गया है। कंपनी ने फोन का माइक्रो पेज भी बनाया है, जहां फोन के कई फीचर्स रिवील हुए हैं। रेडमी का यह फोन 7560mAh की दमदार बैटरी के साथ लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी 4 जून को Xiaomi 17T को भी भारत में लॉन्च करेगी।

Redmi Turbo 5 के संभावित फीचर्स

चीन में लॉन्च हुए Redmi Turbo 5 के फीचर्स की बात करें तो इसमं 6.59 इंच का बड़ा OLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन का डिस्प्ले 1.5K रेजलूशन को भी सपोर्ट कर सकता है। रेडमी के इस फोन के डिस्प्ले में 480Hz का टच सैम्प्लिंग रेट और 3,500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस मिल सकती है।

रेडमी के इस फोन में MediaTek Dimensity 8500 Ultra चिपसेट दिया गया है। फोन में 16GB तक रैम और 512GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगा। यह फोन Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 पर काम करेगा। Redmi Turbo 5 में IP66, IP68, IP69 और IP69K रेटिंग मिलेगा, जो डिवाइस को पानी और धूल मिट्टी से बचाएगा। इस फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा।










Redmi Turbo 5 संभावित फीचर्स
डिस्प्ले 6.59 इंच, OLED, 120Hz
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 8500 Ultra
बैटरी 7560mAh, 100W
स्टोरेज 16GB, 512GB
कैमरा 50MP + 8MP, 20MP
OS Android 16, HyperOS

इसमें 50MP का मेन और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया जा सकता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 20MP का कैमरा दिया जाएगा। इसमें 7,560mAh की दमदार बैटरी के साथ 100W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया जाएगा। वहीं, फोन में 27W रिवर्स चार्जिंग फीचर भी मिल सकता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ, वाई-फाई, NFC जैसे फीचर्स मिलेंगे।

कितनी होगी कीमत?

Redmi Turbo 5 को भारत में मिड बजट रेंज में पेश किया जा सकता है। यह फोन 30,000 से 35,000 रुपये की प्राइस रेंज में लॉन्च किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें – Vivo ने सस्ते में लॉन्च किया धांसू फोन, स्विमिंग पूल में भी कर सकते हैं फोटोग्राफी





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शिक्षक विधायक चुनाव को लेकर रामपुर पहुंचे हरि सिंह ढिल्लों: बोले- शिक्षक समाज की समस्या, सुझाव और अपेक्षाएं प्राथमिकता में – Rampur News




रामपुर में शिक्षक विधायक चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भाजपा प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लों के पहली बार जिला कार्यालय पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरि सिंह ढिल्लों ने कहा कि शिक्षक समाज की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा तथा शिक्षा जगत से जुड़े हर वर्ग की आवाज को मजबूती से मंच प्रदान किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार ने कहा कि भाजपा हमेशा शिक्षकों, कर्मचारियों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील रही है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक विधायक चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मैदान में जुटा है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि चुनाव संयोजक Maharaj Singh और सहसंयोजक Rajesh Singhal के नेतृत्व में चुनावी तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मौके पर सुभाष भटनागर, मोहनलाल सैनी, मोहन लोधी, सुनीता सैनी, रविंद्र सिंह रवि, अर्जुन रस्तोगी और आकाश सक्सेना समेत कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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स्कूल की बाउंड्री तोड़ खेल मैदान पर कब्जे का आरोप: गर्मी की छुट्टियों में खड़ी कर दी दीवार, धार में सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत – Dhar News




धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम भोपावर स्थित शासकीय विद्यालय फिफरफलिया की भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। विद्यालय प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि ग्राम भोपावर के सरपंच प्रतिनिधि मदन पिता मांगीलाल मखोड और समीपस्थ ग्राम बिछिया निवासी विजय पिता रमेश पाटीदार ने विद्यालय की बाउंड्री वॉल और खेल मैदान पर कब्जा कर लिया है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में शासकीय राशि से लगभग 1400 वर्ग फीट क्षेत्र में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया था। यह कार्य जनपद पंचायत से स्वीकृत था। आरोप है कि बाद में इसी बाउंड्री वॉल के बीचों-बीच एक और दीवार खड़ी कर परिसर को दो भागों में बांट दिया गया, जिससे विद्यालय की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किया गया, ताकि विद्यालय बंद होने के कारण किसी को इसकी जानकारी न मिल सके। हालांकि, आवश्यक कार्य से विद्यालय पहुंची प्रधान अध्यापिका संगीता परमार ने मौके पर नई दीवार देखी और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। बाउंड्री वॉल पर स्लोगन लिखवाने का भी आरोप
इतना ही नहीं, सरपंच प्रतिनिधि मदन मखोड पर यह भी आरोप है कि उन्होंने बाउंड्री वॉल पर अपने पिता की स्मृति में निर्माण करवाने संबंधी स्लोगन लिखवा दिया, जबकि यह निर्माण कार्य शासकीय राशि से हुआ था। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधान अध्यापिका संगीता परमार ने शुक्रवार को सरदारपुर एसडीएम सलोनी अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ जोशुआ पीटर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले की लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि मदन मखोड ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि आवेदन देना संबंधित पक्ष का अधिकार है और यदि वे गलत होंगे तो जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। उनके अनुसार, उनके खिलाफ झूठा आवेदन दिया गया है और जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।



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बक्सर में गंगा में डूबे 2 किशोर,एक की मौत: दूसरे की तलाश जारी; दादा के दशकर्म में पहुंचे थे;गहरे पानी में जाने से हादसा – Buxar News




बक्सर थाना क्षेत्र के पुलिया गंगा घाट पर शुक्रवार दोपहर गंगा स्नान के दौरान दो बच्चे गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दूसरा बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, अहिरौली गांव निवासी मनोज कुमार सिंह अपने पिता स्वर्गीय गोरखनाथ सिंह के दशकर्म के लिए पुलिया गंगा घाट पर पूजा-पाठ कर रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य भी घाट पर मौजूद थे। इसी दौरान मनोज कुमार सिंह का 7 वर्षीय पुत्र मुकुल कुमार सिंह और उनकी बहन का 13 वर्षीय पुत्र छोटू सिंह गंगा में स्नान करने चले गए। स्नान करते समय मुकुल कुमार सिंह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मुकुल को डूबता देख छोटू सिंह उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा। गंगा की तेज धारा और गहराई के कारण दोनों बच्चे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों और नाविकों ने तत्काल गंगा में छलांग लगाकर बच्चों को बचाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मुकुल कुमार सिंह को पानी से बाहर निकाला गया। परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, छोटू सिंह गहरे पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों तथा नाविकों की मदद से बच्चे की तलाश शुरू की गई। समाचार लिखे जाने तक छोटू सिंह का पता नहीं चल सका था और खोजबीन जारी थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक बच्चे के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल बना हुआ है। घाट पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से गंगा घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और लापता बच्चे की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।



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आप भी मिस कर रहे बिहारीगढ़ के पकौड़े? दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ही मिलेगा गरमा गरम


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Biharigarh Pakodas Dehradun : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने बहुत कुछ बदल डाला है. दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय कम हो गया है, लेकिन मुसाफिरों का एक अजीज जायका भी पीछे छूट गया. सालों से देहरादून आने-जाने वाले लोगों के लिए बिहारीगढ़ का स्टॉपेज एक परंपरा जैसा था. बिहारीगढ़ के मशहूर पकौड़ों के बारे में कौन नहीं जानता. एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड और बाईपास रूट की वजह से अब लोग सीधे दून पहुंच रहे हैं, इसकी वजह से इन पकौड़ों का स्वाद यात्रियों से दूर हो गया. हालांकि अब आपको उस पुराने स्वाद के लिए तरसने या एक्सप्रेसवे छोड़कर पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं है.

देहरादून. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय को भले ही समेट दिया हो, लेकिन इस रफ्तार के चक्कर में कई मुसाफिरों का एक पुराना और अजीज जायका पीछे छूट गया है. वह जायका है-बिहारीगढ़ के मशहूर पकौड़े. सालों से देहरादून आने-जाने वाले लोगों के लिए बिहारीगढ़ का स्टॉपेज एक परंपरा जैसा था. सफर की थकान मिटाने के लिए गर्म-गर्म कढ़ाही से छनकर निकलते मिक्स वेज, पनीर, और प्याज के पकौड़े, और साथ में तीखी-चटपटी हरी चटनी. इसका स्वाद हर मुसाफिर की यादों में बसा है. एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड और बाईपास रूट की वजह से अब लोग सीधे दून पहुंच रहे हैं, जिससे बिहारीगढ़ का वह पारंपरिक स्वाद कहीं न कहीं पीछे छूट गया था, लेकिन दूनवासियों और पर्यटकों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है .

पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं

अब आपको उस पुराने स्वाद के लिए तरसने या एक्सप्रेसवे छोड़कर पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि देहरादून के मोहब्बेवाला में बिहारीगढ़ के मशहूर पकोड़े मिलने लगे हैं यहां भी आप उन क्रिस्पी पकौड़े खा सकते हैं. हम बात कर रहे हैं मां शाकुंभरी स्वीट्स की. मां शाकुंभरी स्वीट्स संचालक काके लोकल 18 से बताते हैं कि पिछले 35 साल से बिहारीगढ़ में उनकी दुकान चल रही है. हाल ही में देहरादून में दुकान शुरू की है. बिहारीगढ़ में उनके पकौड़े की उनका सोल्टी होना है और मूंग दाल के पकौड़ों की ज्यादा डिमांड रहती है.

कितने रुपये प्लेट

काके के मुताबिक, पकौड़े बनाने में मूंग दाल शुद्ध घी और शुद्ध बेसन का इस्तेमाल किया जाता है. उनके यहां दाल, आलू, गोभी, पालक, पनीर और मिर्च समेत कई तरह के पकौड़े बनते हैं. दिल्ली से आए टूरिस्ट अमित शर्मा बताते हैं कि उन्होंने यहां पनीर के पकौड़े का स्वाद लिया, जो क्रिस्पी और बहुत स्पाइसी थे. देहरादून के रहने वाले सुभाष रावत ने बताया कि वह इस रूट पर पिछले 25 सालों से विक्रम चला रहे हैं. पहले उन्हें इस रूट पर कुछ स्वादिष्ट खाने को नहीं मिलता था. अब घर से जल्दी निकल आते हैं और सुबह नाश्ते में यहां बिहारीगढ़ के पकौड़े खाते हैं. देहरादून के मोहब्बेवाला में साईं मंदिर के नजदीक यह दुकान है, जहां 70 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से खरीद सकते हैं.

About the Author

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई गई: रतनगढ़ के ग्रामीण किसान छात्रावास में कार्यक्रम आयोजित – Churu News




चूरू के रतनगढ़ के ग्रामीण किसान छात्रावास में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष सुल्तान सिंह भींचर ने की। वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के किसान हितैषी विचारों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह ने सदैव किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए कार्य किया। वक्ताओं ने जोर दिया कि उनके विचार आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं और हमें उन्हें अपने जीवन में उतारना चाहिए। चौधरी चरण सिंह को एक सच्चे किसान और गरीब के हितैषी के रूप में याद किया गया, जिन्होंने अपने जीवन में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। इस अवसर पर जाट बौद्धिक मंच अध्यक्ष मुकंदाराम नेहरा, भागीरथ खीचड़, रामेश्वरलाल डूडी, रामचंद्र खीचड़, भंवरलाल पूनिया, सुरजाराम बलारा, पप्पूराम सूंडा, हरलाल डूडी एवं सज्जन बाटड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शुभकरण नैण ने किया।



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