Wednesday, August 12, 2026
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लोगों की भलाई के नाम पर किन रास्तों से भारत आता है चंदा, समझिए FCRA डोनेशन का पूरा खेल


नई दिल्ली. विदेशी चंदे से जुड़े एफसीआरए (फॉरेन कॉन्ट्रिब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) संशोधन बिल 2026 से जुड़े विधेयक को 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया है. सरकार का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों का मकसद विदेशी फंडिंग में पारदर्शिता बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि विदेश से आने वाले पैसे का इस्तेमाल देश के हितों के खिलाफ न हो. वहीं विपक्ष और कुछ धार्मिक संगठनों ने विधेयक के कुछ प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं.

एफसीआरए भारत में विदेश से मिलने वाले चंदे को नियंत्रित करने वाला कानून है. इसे गृह मंत्रालय लागू करता है. इसके तहत एनजीओ, ट्रस्ट, सोसायटी और दूसरी पात्र संस्थाओं को विदेश से पैसा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन या किसी खास दानदाता और उद्देश्य के लिए पहले से अनुमति लेनी होती है. अब प्रस्तावित बदलावों को लेकर बहस तेज है, खासकर विदेशी चंदे से खरीदी या बनाई गई संपत्तियों को लेकर.

क्या है एफसीआरए

एफसीआरए यानी विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम, 2010 का मकसद विदेश से आने वाले पैसे की निगरानी करना है. कानून यह तय करता है कि विदेशी चंदा कौन ले सकता है, उसे किस काम में खर्च किया जा सकता है और उसका हिसाब सरकार को किस तरह देना होगा. विदेशी चंदे का इस्तेमाल सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. इसमें स्कूल और अस्पताल चलाना, गरीबों की मदद, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, शोध, धार्मिक गतिविधियां और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े काम शामिल हैं.

विदेशी चंदा लेने के लिए क्या जरूरी है

किसी संस्था को विदेशी चंदा लेने के लिए एफसीआरए के तहत रजिस्ट्रेशन कराना होता है. अगर संस्था के पास रजिस्ट्रेशन नहीं है तो किसी खास विदेशी दानदाता से किसी खास उद्देश्य के लिए पहले से अनुमति लेकर विदेशी चंदा लिया जा सकता है. विदेशी चंदे के लिए अलग बैंक खाता रखना भी जरूरी है. एफसीआरए के तहत विदेशी योगदान भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की नई दिल्ली स्थित मुख्य शाखा में खोले गए एफसीआरए खाते में प्राप्त किया जाता है. संस्था को विदेशी चंदे की प्राप्ति और उसके खर्च का रिकॉर्ड रखना होता है और इसकी जानकारी गृह मंत्रालय को देनी होती है.

विदेशी चंदे का इस्तेमाल कहां किया जा सकता है

एफसीआरए के तहत विदेशी चंदे का इस्तेमाल कई तरह के सामाजिक और जनकल्याण के कामों में किया जा सकता है. इनमें अनाथालय, वृद्धाश्रम, आश्रय स्थल, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और दूसरी शैक्षणिक संस्थाएं चलाना शामिल है. इसके अलावा महिलाओं और बच्चों के कल्याण, ग्रामीण विकास, कौशल विकास, रोजगार, कृषि, पशुपालन, पर्यावरण, शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी विदेशी चंदे का इस्तेमाल किया जा सकता है. धार्मिक संस्थाएं भी कानून में तय शर्तों के तहत विदेशी चंदा ले सकती हैं.

किन कामों में विदेशी चंदा नहीं लगा सकते

विदेशी चंदे का इस्तेमाल भारत की संप्रभुता और अखंडता, सार्वजनिक हित या देश के रणनीतिक और आर्थिक हितों के खिलाफ गतिविधियों में नहीं किया जा सकता. राजनीतिक दलों और कुछ राजनीतिक गतिविधियों को विदेशी फंडिंग देने पर भी रोक है. संस्था को विदेशी चंदे का इस्तेमाल उसी उद्देश्य के लिए करना होता है जिसके लिए उसे पैसा मिला है. नियमों का उल्लंघन होने पर सरकार कार्रवाई कर सकती है. इसमें जुर्माना, एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द करना और कुछ मामलों में जेल की सजा तक का प्रावधान है.

प्रशासनिक खर्च की सीमा कितनी है

एफसीआरए के तहत विदेशी चंदे का इस्तेमाल प्रशासनिक खर्चों के लिए एक तय सीमा तक ही किया जा सकता है. मौजूदा नियमों के तहत यह सीमा 20% है. इसमें वेतन, कार्यालय का किराया और दूसरे प्रशासनिक खर्च शामिल हो सकते हैं. इस नियम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी चंदे का बड़ा हिस्सा संस्था के घोषित सामाजिक या दूसरे वैध उद्देश्यों पर ही खर्च हो.

नए एफसीआरए बिल में क्या बदलाव प्रस्तावित हैं

एफसीआरए संशोधन बिल 2026 में विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों को लेकर अहम बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं. अगर किसी संस्था का एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है, संस्था खुद इसे वापस कर देती है या समय पर उसका रिन्यूअल नहीं होता है तो विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों को एक नामित अथॉरिटी के नियंत्रण में रखने का प्रस्ताव है. अगर संस्था तय समय में अपना एफसीआरए रजिस्ट्रेशन दोबारा हासिल कर लेती है तो संपत्ति और इस्तेमाल नहीं किया गया विदेशी चंदा उसे वापस मिल सकता है. अगर रजिस्ट्रेशन बहाल नहीं होता है तो प्रस्तावित नियमों के तहत संपत्ति पर स्थायी अधिकार का प्रावधान लागू हो सकता है. इसी प्रावधान को लेकर विपक्ष और कई संगठनों ने सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि इससे एफसीआरए रजिस्ट्रेशन खोने वाली संस्थाओं की संपत्तियों पर सरकार का नियंत्रण बढ़ सकता है. सरकार का कहना है कि प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद विदेशी चंदे से बनी संपत्तियों के इस्तेमाल और प्रबंधन को स्पष्ट करना है.

धार्मिक संस्थाओं की संपत्ति पर भी चर्चा

एफसीआरए बिल को लेकर धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों का मुद्दा भी चर्चा में है. प्रस्तावित व्यवस्था में विदेशी चंदे से बनी किसी संपत्ति के पूजा स्थल होने की स्थिति में उसके धार्मिक चरित्र को बनाए रखने का प्रावधान बताया गया है. कुछ धार्मिक संगठनों ने आशंका जताई है कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने या रिन्यू नहीं होने की स्थिति में उनकी संपत्तियां प्रभावित हो सकती हैं. सरकार का कहना है कि विधेयक किसी धर्म विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं है और इसका मकसद विदेशी फंडिंग की निगरानी को मजबूत करना है.

सरकार एफसीआरए को सख्त क्यों करना चाहती है

सरकार लंबे समय से यह कहती रही है कि विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल देश की सुरक्षा, संप्रभुता और सार्वजनिक हित के खिलाफ नहीं होना चाहिए. सरकार को आशंका रहती है कि बिना पर्याप्त निगरानी के विदेशी पैसा ऐसी गतिविधियों में इस्तेमाल हो सकता है जो भारत के हितों के खिलाफ हों. इसी वजह से विदेशी चंदा लेने वाली संस्थाओं के लिए बैंकिंग, रिपोर्टिंग, ऑडिट और फंड के इस्तेमाल से जुड़े नियम सख्त किए गए हैं. सरकार का तर्क है कि विदेशी पैसा लेने वाली संस्थाओं को यह बताना चाहिए कि पैसा कहां से आया और उसका इस्तेमाल कहां किया गया.



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बरेली में Blinkit से जुड़ी दवा फर्म पर छापा: रिकॉर्ड और स्टॉक में गड़बड़ी, दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक – Bareilly News


शशांक राठौर | बरेली4 मिनट पहले

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बरेली में औषधि विभाग ने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Blinkit से जुड़ी फर्म मेसर्स मूनस्टोन वेंचर एलएलपी पर छापेमारी की। जांच में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद विभाग ने फर्म की दवाओं की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

कार्रवाई सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल संदीप कुमार द्वारा Blinkit से ऑनलाइन दवा मंगाने के बाद सामने आई अनियमितताओं के आधार पर की गई। उनके निर्देश पर औषधि निरीक्षक राजेश कुमार ने टीम के साथ बुधवार को नेकपुर स्थित फर्म पर जांच की।

टीम ने रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट विजय कुमार की मौजूदगी में दवा बिक्री लाइसेंस, खरीद-बिक्री के अभिलेख और स्टॉक में रखी एलोपैथिक दवाओं की जांच की। इस दौरान पांच प्रकार की एलोपैथिक दवाओं के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में गंभीर अंतर पाया गया।

जांच में यह कमियां सामने आईं-

बिक्री बिल पर फॉर्म-21 का उल्लेख नहीं था।

फर्म का गलत पता दर्ज मिला।

डॉक्टर का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं था।

शेड्यूल H1 रजिस्टर अपडेट नहीं मिला।

एक्सपायरी दवाओं के लिए अलग भंडारण व्यवस्था नहीं थी।

कंप्यूटर सिस्टम में दवाओं की बैच नंबर के आधार पर एंट्री नहीं की गई थी।

दवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा फ्रिज निर्धारित मानकों के अनुसार संचालित नहीं हो रहा था।

औषधि विभाग ने मौके पर निरीक्षण आख्या तैयार कर सभी कमियों को दर्ज किया और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की संबंधित धाराओं के तहत फर्म को अगले आदेश तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त औषधि, बरेली मंडल को भेज दी गई है। विभाग की इस कार्रवाई से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से दवाओं की बिक्री और नियामकीय मानकों के पालन को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं।



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फरीदकोट में नौकरानी ने ही चुराए थे 12 तोले गहने: धार्मिक यात्रा पर गया परिवार, पीछे से दीया था वारदात को अंजाम, महिला गिरफ्तार – Faridkot News




फरीदकोट में थाना सिटी कोटकपूरा पुलिस ने घर से18 लाख की करीब कीमत के 12 तोले सोने के गहने चोरी के मामले को ट्रेस कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि घर में काम करने वाली नौकरानी ने ही वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला की पहचान मोहल्ला काजियां निवासी बिंदू के रूप में हुई, जोकि पिछले करीब छह महीनों से शिकायतकर्ता के घर में घरेलू काम कर रही थी। धार्मिक यात्रा पर गया था परिवार, पीछे से नौकरानी ने दिया वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार, पुराना शहर निवासी ओम प्रकाश जोशी ने थाना सिटी में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह अपनी पत्नी के साथ धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे। यात्रा से वापस घर लौटने पर उन्होंने देखा कि घर अलमारी में रखे करीब 12 तोले सोने के गहने गायब थे। जब घर में रखे गहनों के गायब होने का पता चला, तो परिवार ने अपने स्तर पर मामले की पड़ताल शुरू कर दी, घर में आने-जाने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। इस दौरान पिछले करीब छह महीनों से घर में काम कर रही नौकरानी बिंदू पर शक जताया। इसके बाद मामले की जानकारी थाना सिटी पुलिस को दी गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए विभिन्न पहलुओं से पड़ताल की। जांच के दौरान पुलिस ने केस दर्ज कर उसे उक्त महिला नौकरानी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी किए गए सोने के गहने कहां छिपाए गए हैं और इस मामले में कौन-कौन शामिल है। रिमांड हासिल कर आभूषण बरामद किए जाएंगे-एसएचओ इस मामले में थाना सिटी के एसएचओ सुखविंदर सिंह ने बताया कि जांच में महिला को आरोपी पाए जाने पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी महिला को गिरफ्तार करके अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जा रहा है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी और चोरी किए गए गहने बरामद करने के प्रयास किए जाएंगे। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।



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अरवल अस्पताल से मोटरसाइकिल चोरी, CCTV वीडियो वायरल: पुलिस फुटेज के आधार पर चोर की पहचान में जुटी – Arwal News




अरवल सदर अस्पताल परिसर से दो दिन पहले एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। चोरी की यह पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़ित की पहचान औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र स्थित जमुआमा गांव निवासी अंकित कुमार के रूप में हुई है। अंकित अरवल में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल रोज की तरह सदर अस्पताल परिसर में खड़ी की थी, जिसके बाद चोर ने मौका पाकर उसे चुरा लिया। घटना की सूचना मिलने पर पीड़ित ने अज्ञात चोर के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। बुधवार को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कुमार संजय ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज की मदद से चोर की पहचान कर ली गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि चोर को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अरवल पुलिस ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार सक्रियता से काम कर रही है।



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रीवा में सड़क पर अतिक्रमण, कलेक्टर से मिले रहवासी: कब्जा हटाने और पक्की सड़क की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग – Rewa News




रीवा शहर के वार्ड क्रमांक 09 स्थित सुदर्शन नगर के रहवासी कॉलोनी की मुख्य सड़क की बदहाली और अतिक्रमण की समस्या को लेकर बुधवार को एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। रहवासियों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर सड़क से अतिक्रमण हटाने, जल निकासी की व्यवस्था कराने और पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की। रहवासियों ने बताया कि कॉलोनी का विकास वर्ष 2010 से शुरू हुआ था और वर्तमान में यहां करीब 50 से 55 परिवार निवास कर रहे हैं। कॉलोनी में मकानों का निर्माण होने के बावजूद मुख्य मार्ग की स्थिति बेहद खराब है। रहवासियों का कहना है कि प्लॉट खरीदते समय मुख्य सड़क की चौड़ाई करीब 20 फीट बताई गई थी, लेकिन वर्तमान में अतिक्रमण के कारण मार्ग की चौड़ाई करीब 10 से 15 फीट ही रह गई है। बारिश में कीचड़ और गड्ढों से परेशानी रहवासियों के अनुसार, मुख्य सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हैं और बारिश का पानी जमा होने से पूरा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है। इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को आने-जाने में परेशानी होती है। कई बार वाहन भी कीचड़ में फंस जाते हैं। रहवासियों ने आवेदन में दावा किया कि कॉलोनी की मुख्य सड़क आज तक राजस्व अभिलेख यानी खसरे में सड़क के रूप में दर्ज नहीं की गई है। उनका आरोप है कि मार्ग पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर सड़क की चौड़ाई कम कर दी है। इस संबंध में पहले भी संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। राजस्व अभिलेख में सड़क दर्ज कराने की मांग कलेक्ट्रेट पहुंचे रहवासियों ने मांग की कि मुख्य मार्ग को राजस्व अभिलेख में सड़क के रूप में दर्ज कराया जाए। सड़क से सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाकर उसकी मूल स्वीकृत चौड़ाई करीब 20 फीट बहाल की जाए। साथ ही सड़क का समतलीकरण, जल निकासी की व्यवस्था और पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। रहवासियों ने यह भी मांग की कि भविष्य में सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आवेदन की प्रतिलिपि विश्वविद्यालय थाना प्रभारी, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम रीवा और स्थानीय जनप्रतिनिधि को भी दी गई है।



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15 अगस्त पर मेहमानों को खिलाएं तिरंगी नारियल बर्फी, जानें आसान रेसिपी!

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15 August Recipe: 15 अगस्त हर भारतीय के लिए एक खास मौका होता है. इस दिन घरों, स्कूलों और दूसरी जगहों को तिरंगे के रंगों से सजाया जाता है. अगर आप इस मौके पर कुछ खास और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो ‘तिरंगा नारियल बर्फी’ एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. नारियल, दूध और चीनी से बनी यह मिठाई न सिर्फ़ स्वादिष्ट होती है, बल्कि देखने में भी बहुत आकर्षक लगती है. आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी…

तिरंगी नारियल बर्फी के लिए सामग्री
इस बर्फी को बनाने के लिए आपको लगभग 2 कप सूखा कद्दूकस किया हुआ नारियल, 1 कप कंडेंस्ड मिल्क, 2-3 बड़े चम्मच दूध, 1 छोटा चम्मच घी और थोड़ा सा इलायची पाउडर चाहिए होगा. तिरंगा लुक देने के लिए आप केसरिया और हरे रंग के फ़ूड कलर का इस्तेमाल कर सकते हैं, सफ़ेद परत के लिए मिश्रण को बिना रंग का ही रहने दें.

सबसे पहले नारियल का मिश्रण तैयार करें
भारी तले वाली कड़ाही में थोड़ा घी गरम करें. कद्दूकस किया हुआ नारियल डालें और धीमी आंच पर 2-3 मिनट तक हल्का भूनें, ध्यान रहे कि नारियल का रंग ज़्यादा न बदले. इसके बाद, कंडेंस्ड मिल्क डालें और लगातार चलाते रहें. जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए और कड़ाही के किनारे छोड़ने लगे, तो इलायची पाउडर डालें और आंच बंद कर दें.

तीन रंगों की परतें बनाना
तैयार मिश्रण को तीन बराबर हिस्सों में बांट लें. पहले हिस्से को सफ़ेद ही रहने दे. दूसरे हिस्से में थोड़ा सा केसरिया फ़ूड कलर और तीसरे हिस्से में हरा फ़ूड कलर मिलाएं. रंगों को बहुत गहरा न करें ताकि बर्फी आकर्षक और स्वादिष्ट दिखे.

एक प्लेट या ट्रे पर घी लगाएं और केसरिया रंग वाले मिश्रण को पहली परत के रूप में फैलाएं. इसके ऊपर सफ़ेद मिश्रण की परत लगाएं और फिर सबसे ऊपर हरा मिश्रण फैलाएं, हर परत को अच्छी तरह दबाएं. चम्मच या स्पैटुला की मदद से सतह को चिकना कर लें.

सेट होने के बाद काटें
बर्फी को कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें, फिर लगभग 1-2 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें. जब यह अच्छी तरह सेट हो जाए, तो इसे चौकोर या डायमंड शेप में काट लें. अगर चाहें तो ऊपर से बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ते से सजा सकते हैं.

स्वाद और देशभक्ति का मेल
तिरंगी नारियल बर्फी आज़ादी के दिन की पार्टियों, स्कूल के कार्यक्रमों या घर पर होने वाले छोटे-मोटे जश्न के लिए एक शानदार मिठाई है. इसे बनाना आसान है और इसके तीन रंग 15 अगस्त के जश्न में एक खास रंग भर देते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp. आपका नाम गोपनीय रखकर हम देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा



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पाकिस्तान में इमरान खान की मौत का दावा झूठा: दावा करने वाला पत्रकार एक दिन बाद पलटा, PTI बोली- इमरान के लिए सड़कों पर उतरेंगे


3 मिनट पहले

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 5 अगस्त 2023 से लगातार जेल में हैं।

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की आशंका जताने वाले पाकिस्तानी पत्रकार दावे से पलट गया है। अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने मंगलवार रात 11 बजे एक वीडियो जारी कर इमरान की मौत की आशंका जाहिर की थी। इमरान रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।

इस खबर के बाद इमरान की बहनों ने भी सवाल उठाया कि उन्हें भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है। इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने चेतावनी दी है कि अगर इमरान से मिलने नहीं दिया गया, तो समर्थक सड़कों पर उतर जाएंगे।

पाकिस्तानी पत्रकार का वीडियो देखिए…

पत्रकार वजाहत सईद खान ने इमरान की मौत का दावा करने वाले वीडियो में कहा था- रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय के कम से कम तीन वरिष्ठ अधिकारियों को डर है कि इमरान खान अब जिंदा नहीं हैं। बाद में उन्होंने कहा कि यह कोई पक्की खबर नहीं, बल्कि केवल सेना के अंदर की आशंकाओं के आधार पर एक आकलन था।

PTI बोली- सड़कों पर उतरेंगे

पत्रकार के दावे के बाद इमरान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि अगर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है।

नवंबर 2025 में इमरान से मिली थीं बहनें

इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया था कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था- इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है।

इमरान की बहन उज्मा ने पिछले साल उनसे मिलने के बाद मीडिया से बात की थी।

इमरान की बहन उज्मा ने पिछले साल उनसे मिलने के बाद मीडिया से बात की थी।

प्रशासन ने नहीं मिलने दिया तो फैली थी अफवाह

नवंबर 2025 की शुरुआत में ही इमरान खान से मिलने उनके समर्थक और परिवार वाले पहुंचे थे, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें इजाजत नहीं दी। इसके बाद यह अफवाह फैल गई थी कि इमरान की मौत हो गई है और पाकिस्तान सरकार इसे छिपा रही है। इसके बाद पाकिस्तान में बड़ा प्रदर्शन किया गया था, जिसे देखते हुए रावलपिंडी से लेकर इस्लामाबाद तक हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।

खबरें और भी हैं…



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Price drop on Asics: मजबूत और टिकाऊ जूते पर पाएं 30 से 60% का छूट, आज ही खरीदें


Freedom Sale डील्स का लाभ उठाने का ये आखरी मौका! Asics के मजबूत और टिकाऊ जूतों पर चल रहा है आकर्षक डिस्काउंट ऑफर, इन्हें आज ही खरीदें।

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Asics के जूते भला किसे पसंद नहीं होंगे, मगर इनका दाम देखकर अक्सर लोग इन्हें खरीदने से पहले 10 बार सोचते हैं। लेकिन अब आपको ऐसा करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि Amazon great freedom sale में आखरी दिन Asics के जूतों पर चल रहा है भारी छूट। इनपर 60% तक ऑफ सहित अन्य फायदे जैसे कैशबैक और बैंक ऑफर्स भी मिल जाएंगे। यानी कुल मिलाकर इन्हें आधे से कम दाम में घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं। ऑफर सीमित समय तक लागू होगा, इसलिए मोबाइल उठाएं और इन्हें आज ही ऑर्डर करें।

एसिक्स के जूते।

Specifications

जेल कुशनिंग (GEL Cushioning)

ASICS की सबसे प्रसिद्ध विशेषता इनका ‘जेल’ तकनीक है। ये तकनीक गतिविधियों के दौरान पैरों पर पड़ने वाले झटकों (impact) को कम करता है और पैरों को आराम प्रदान करता है।

फ्लुइडराइड (FluidRide) सोल

इनका मिडसोल बहुत हल्का और टिकाऊ है। इसके मदद से लंबे समय तक चलने या दौड़ने में थकान का अनुभव नहीं होता है।

ट्रस्ट-स्टिक सिस्टम (Trusstic System)

यह तकनीक जूते के मिडसोल के नीचे होती है। यह जूते के वजन को कम करने के साथ ही पैरों के आर्च को मजबूती प्रदान करती है।

AHAR रबर

ASICS अपने आउटसोल में AHAR रबर का उपयोग करता है। यह सामग्री बहुत मजबूत होती है और जूतों को जल्दी घिसने से बचाती है, जिससे जूते लंबे समय तक चलते हैं।

यहां खरीदें Asics के बेस्ट रेटेड जूते:

Asics Gel-Contend 4B+ का ये जूता देखने में जितना आकर्षक है, इसकी बनावट उतनी ही आरामदायक है। ये पैरों को पूरी तरह समर्थन देते हैं, जिससे बेहतर संतुलन बना रहता है। वहीं इनमें इस्तेमाल हुई तकनीक गतिविधियों के दौरान जोड़ों पर कम दबाव डालती हैं, जिससे जॉइंट पेन का खतरा नहीं रहता। इसकी फ्लैक्सिबल फैब्रिक शारीरिक गतिविधियों के दौरान पैरों का मूवमेंट स्मूद रखता है, ताकि पैरों में चोट न लगे! 6000 से अधिक उपभोक्ताओं का पसंदीदा ये जूता आप सभी को भी बहुत पसंद आएगा। आउटिंग पर जाना हो या जॉगिंग करनी हो, इस जूते को आराम से कैरी कर सकते हैं।

अगर आपको भी ब्रांड्स के जूते एक्सप्लोर करने का शौक है, तो Asics Gel-Venture 9 के जूते ट्राई करें। प्रीमियम क्वालिटी के ये रनिंग शूज अपने बेहतर संतुलन के लिए जानें जाते हैं, जब गतिविधियों के दौरान संतुलन बरकरार रहता है, तो चोट लगने की संभावना कम होती है। जिम जाना हो या रनिंग, जॉगिंग जैसी गतिविधियों में भाग लेना हो, आप इसे किसी से भी मौके पर स्टाइल कर सकते हैं। ये न केवल आरामदायक है, बल्कि इसका स्टाइल और कलर दोनों बेहद अट्रैक्टिव है, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया है।

Asics के इस रनिंग शूज की बनावट उसका डिजाइन दोनों कमाल का है। इस जूते का गद्देदार सोल और इसका लचीला बनावट पैरों के मूवमेंट अनुसार एडजस्ट हो जाता है, इस तरह आप बेफिक्र होकर शारीरिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। साथ ही गतिविधियों के दौरान जल्दी थक जाते हैं? तो ये जूता आपकी शारीरिक उत्पादकता बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही ये देखने में भी स्टाइलिश है, कैजुअल आउटफिट्स के साथ ये बेहद आकर्षक लगेगा। अगर आपको भी ये विकल्प पसंद आया है, तो इसे आज ही ऑर्डर करें।

Asics का lace up रनिंग शूज का डिजाइन आकर्षक है। अगर लंबे समय से मजबूत और टिकाऊ जूते की तलाश है, तो इस विकल्प को एक मौका जरूर दें। ये शारीरिक गतिविधियों के दौरान पैरों पर बेहद आरामदायक महसूस होगा, इस प्रकार लंबे समय तक सक्रिय रहने के बाद भी आपको थकान का अनुभव नहीं होगा। इस समय Asics के जूतों पर डिस्काउंट ऑफर चल रहा, जहां आप इन्हें बेहद सस्ते में घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं। इस ब्रांड के जूते काफी महंगे आते हैं, ये मौका हाथ से गया तो दोबारा मिलना मुश्किल है।

Asics Mens Jolt 5 रनिंग शूज मजबूत और टिकाऊ विकल्प है। इस ब्रांड का जूता आमतौर पर महंगा आता है, मगर इस समय ये 56% के ऑफ पर उपलब्ध है। ये इस समय आधे दाम में उपलब्ध मिल जाएगा। इस जूते का बनावट और इसका डिजाइन दोनों कमाल का है। खासकर इसे बनाने में इस्तेमाल हुई टेक्नोलॉजी के अनुसार ये जॉइंट्स पर कम दबाव डालता है, इस प्रकार गतिविधियों के दौरान जोड़ों से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा कम जाता है। भारी शारीरिक में गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो इस जूते को एक मौका जरूर दें।

वर्कआउट, रनिंग और जिम के अलावा इस जूते को ड्राइव और ट्रैवलिंग के दौरान आराम से पहन सकते हैं। ये शारीरिक गतिविधियों के दौरान आपके परफॉर्मेंस को बढ़ावा देता है, साथ ही चोट लगने की संभावना भी कम हो जाएगी। वहीं जो लोग रोजाना घंटों ड्राइव करते हैं, उनके लिए ये जूता आरामदायक विकल्प है। Freedom Sale के आखरी दिन 46% के ऑफ पर ये बेहद सस्ते में उपलब्ध है। ये जितना आरामदायक है, देखने में भी उतना ही स्टाइलिश है। मौके का लाभ उठाएं और ये जूता आज ही मंगवाएं।

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iPhone 18 Pro सीरीज के लॉन्च होते ही 10,000 रुपये तक महंगे हो जाएंगे पुराने आईफोन?


Apple अपनी अगली iPhone 18 Pro सीरीज को अगले महीने लॉन्च कर सकता है। इस सीरीज के लॉन्च होते ही कंपनी अपने पुराने iPhone की कीमत में 10,000 रुपये तक इजाफा कर सकती है। एप्पल ने हाल ही में जापानी मार्केट में iPhone 17 सीरीज की कीमतें बढ़ाई है। ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि जापान के बाद अन्य मार्केट में भी पुराने आईफोन महंगे हो सकते हैं। कंपनी iPhone 18 Pro सीरीज के लॉन्च के साथ ही इसका ऐलान कर सकती है।

10,000 रुपये बढ़ जाएगी कीमत?

इससे पहले कंपनी जब भी अपना नया iPhone लॉन्च करती थी तो पुराने मॉडल की कीमत में 10,000 रुपये तक की कटौती की जाती थी। इस बार कंपनी पुराने मॉडल को महंगा करने वाली है। वहीं, अपकमिंग सीरीज को भी पहले के मुकाबले महंगी प्राइस में लॉन्च की जाएगी। पिछले कुछ महीनों से मेमोरी चिप की शॉर्टेज की वजह से कंपनियों को अपने फोन महंगे करने पड़े हैं। साथ ही, कई फोन महंगे लॉन्च हुए हैं। हाल ही में कई चीनी ब्रांड्स ने 4GB रैम वाले फोन मार्केट में पेश किए हैं ताकि शुरुआती कीमत बजट रेंज में रखी जा सके।

8 सितंबर को लॉन्च होंगे नए iPhone?

टिप्स्टर योगेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया है कि एप्पल अगले महीने 8 सितंबर को नई iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च करने वाला है। इस सीरीज के लॉन्च होते ही कंपनी पिछले साल आए iPhone 17 और iPhone Air की कीमत में इजाफा करेगी। अगले महीने आयोजित होने वाले एप्पल इवेंट में iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के साथ-साथ iPhone Ultra फोल्डेबल फोन लॉन्च किया जा सकता है।

टिप्स्टर ने दावा किया है कि पुराने आईफोन की कीमत में 100 डॉलर यानी लगभग 10,000 रुपये तक का इजाफा किया जा सकता है। हालांकि, कंपनी की तरफ से जापान के अलावा अन्य किसी मार्केट में आईफोन की कीमत में इजाफा नहीं किया गया है। हालांकि, एप्पल ने iPad, MacBook आदि की कीमतें आधिकारिक तौर पर बढ़ाई है।

iPad और MacBook हुए महंगे

एप्पल के सीईओ टिम कुक ने भी अमेरिकी मीडिया से हुई बातचीत में कंफर्म किया है कि कंपनी अपने हर पोर्टफोलियो में प्राइस हाइक कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max को मौजूदा iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max के मुकाबले महंगा लॉन्च किया जाएगा। पिछले साल भी कंपनी ने iPhone 17 को iPhone 16 के मुकाबले महंगे में लॉन्च किया था।

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भारत सरकार ने टेबल टेनिस फेडरेशन को किया निलंबित, आखिर क्यों उठाना पड़ा सख्त कदम?

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टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया (TTFI) की मान्यता निलंबित कर दी गई है। भारत सरकार ने ‘प्रशासनिक कमियों’ के मद्देनजर ऐसा किया। भारतीय ओलंपिक संघ अब एक तदर्थ समिति बनागा।

भारत सरकार ने बुधवार को टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया के खिलाफ (टीटीएफआई) सख्त कदम उठाया है। खेल मंत्रालय ने ‘प्रशासनिक कमियों’ का हवाला देते हुए फेडरेशन की मान्यता निलंबित कर दी। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) इस खेल के कामकाज को संभालने के लिए एक तदर्थ समिति बनाएगा।

खेल मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का ‘संतोषजनक जवाब नहीं मिलने’ और समय पर चुनाव नहीं करा पाने के कारण टीटीएफआई को निलंबित किया गया है।

मंत्रालय के आदेश में कहा गया, ”अंतरराष्ट्रीय संस्था (आईटीटीएफ) से सलाह-मशविरा करके आईओए एक आंतरिक नियमन व्यवस्था बनाने के लिए उचित कदम उठाएगा जिसमें एक तदर्थ समिति का गठन भी शामिल है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक टीटीएफआई में उचित संचालन ढांचा फिर से बहाल नहीं हो जाता।”



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