कृषि मंत्री डॉ. किरोडीलाल मीणा ने आरपीएससी द्वारा एसआई भर्ती परीक्षा दोबारा कराने के सवाल पर कहा कि उस समय जो अभ्यर्थी शामिल हुए थे, उन्हें दोबारा मौका मिलेगा और शामिल भी होने भी वही चाहिए। वे अभ्यर्थी पिछले डेढ साल से न्याय की मांग कर रहे थे। अगर दूसरे अभ्यर्थी तत्काल एप्लाई करके शामिल हो जाएं तो फिर अन्यायपूर्ण कार्रवाई हो जाएगी। दौसा में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा- विपक्ष में रहते हमारी पार्टी ने युवाओं के लिए लडाई लडी थी और मैंने विशेष रूप से इस मुद्दे को उठाया था। हमारे कपड़े फाडकर बेइज्जत किया गया था
उन्होंने कहा- जल जीवन मिशन में घोटाले का मुद्दा उठाया, एफआइआर की मांग को लेकर 3 दिन तक अशोक नगर थाने पर धरना दिया था। इसके विपरित मुझे गिरफ्तार कर चाकसू ले जाया गया। पिछले राज में मैंने जो भी मामले उठाए, धरना-प्रदर्शन किए, वीरांगना के मामले में तो हमारे कपड़े फाडकर बेइज्जत किया गया। जबकि मैंने पूरे प्रमाण के साथ पूर्व की सरकार के समक्ष बात रखी थी। यदि पूर्ववर्ती सरकार मेरी बात मान जाती तो आज उनकी इतनी दुर्दशा नहीं होती। कांग्रेस ने बर्बाद किया युवाओं का भविष्य
कृषि मंत्री ने कहा- कांग्रेस राज में भर्ती परीक्षाओं के 18 में से 17 पेपर लीक होने के साक्ष्य मैंने मीडिया के सामने रखे थे। तत्कालीन सीएम अशोक गहलोत को आग्रह किया, लेकिन उन्होंने सुनी नहीं। अब हमारी सरकार ने कार्रवाई की तो 67 एसआई जेल में हैं, दो आरपीएससी मेंबर जेल में हैं। जेजेएम घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी जेल में हैं। जिन-जिन ने भी प्रदेश को लूटा और युवाओं का भविष्य बर्बाद किया, उनके खिलाफ हमारी सरकार एक्शन ले रही है। द्वेषतापूर्ण कार्रवाई बताना पूरी तरह गलत
वहीं पूर्व सीएम गहलोत के आरोपों पर कहा कि मैंने उस वक्त कहा कि 20 हजार करोड के टेंडर में गडबडी हुई है। 900 करोड के टेंडरों में घपले होने के प्रमाण दिए थे। ऐसे में यदि सुबोध अग्रवाल आरोपी है तो तत्कालीन मंत्री महेश जोशी भी दोषी है। ऐसे में गहलोत द्वारा इसे द्वेषतापूर्ण कार्रवाई बताना पूरी तरह गलत है। कृषि मंत्री नांगल क्षेत्र के मानपुरिया गांव जाते वक्त दौसा में आरपीएससी के पूर्व सदस्य विनोद बिहारी शर्मा के निवास पर रूके थे। जहां उन्होंने कई मुद्दों पर चर्चा की। मंत्री ने गांव में लगाई रात्रि चौपाल, समस्याएं सुनी
कृषि मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने मानपुरिया गांव में रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी, साथ ही सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। मंत्री ने लोगों की समस्याओं का मौके पर मौजूद अधिकारियों से तत्काल निराकरण करवाया। उन्होंने कहा कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत 23 से 25 मई को जयपुर में आयोजित होगी। जहां किसान, निवेशक और उद्योगपतियों को एक मंच पर लाकर एग्रीकल्चर बेस इंडस्ट्रीज विकसित करने पर चर्चा होगी। एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट को बढ़ावा मिले और आधुनिक तकनीक से खेती की किसानों को जानकारी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का किसान संपन्न हो। इसके लिए गांव-गांव में ग्राम रथ के माध्यम से भी उन्हें योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
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मेरी बात मानते तो कांग्रेस की दुर्दशा नहीं होती: कृषि मंत्री बोले- वीरांगना मामले में मेरे कपड़े फाडकर बेइज्जत किया था; घोटालेबाजों को जेल भेज रही सरकार – Dausa News
नहीं थम रही ‘राजा शिवाजी’ की रफ्तार, कमाई में आया उछाल, फिल्म ने बटोरे लिए इतने करोड़
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Raja Shivaji Box Office Collection Day 9: रितेश देशमुख की फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है. इस फिल्म की कमाई में दूसरे शनिवार को जबरदस्त उछाल आया है. कमाल की बात है कि मूवी ने 9 दिनों में भारत में 60 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. रितेश और जेनेलिया की इस फिल्म ने मराठी सिनेमा में कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं. संजय दत्त और अभिषेक बच्चन भी इस फिल्म का हिस्सा हैं जबकि सलमान खान ने अपने दमदार कैमियो से सबका दिल जीत लिया है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार रितेश देशमुख की पीरियड ड्रामा फिल्म राजा शिवाजी बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच रही है. छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित यह फिल्म दर्शकों का दिल जीतने में सफल रही है और अब यह मूवी अपने दूसरे हफ्ते में एंटर कर चुकी है.

बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा शिवाजी’ की शुरुआत अच्छी रही और फिर लगातार तीन दिनों तक इसने डबल डिजिट में बिजनेस किया. हालांकि वर्किंड डेज पर मूवी की कमाई में थोड़ी गिरावट आई है. चलिए जानते हैं कि रितेश देशमुख की फिल्म ने भारत में अब तक कितने करोड़ का बिजनेस कर लिया है.

‘राजा शिवाजी’ के 9वें दिन की कमाई के आंकड़े सामने आ गए हैं. ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फिल्म ने दूसरे शनिवार को 5.60 करोड़ का कलेक्शन किया है जो 8वें दिन की कमाई से 75 फीसदी ज्यादा है. वैसे यह अर्ली एस्टीमेट है और ऑफिशियल डेटा आने के बाद इसमें थोड़ा-बहुत बदलाव हो सकता है.
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इस तरह ‘राजा शिवाजी’ 9 दिनों में भारत में 61.45 करोड़ रुपये का शानदार कलेक्शन कर चुकी है, जबकि इसका ग्रोस कलेक्शन 72 करोड़ के पार पहुंच गया है. यह मराठी सिनेमा के इतिहास में पहले हफ्ते में 50 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली फिल्म बन गई है.

फिलहाल यह फिल्म ‘सैराट’ और ‘वेड’ जैसी मराठी फिल्मों को कड़ी टक्कर देते हुए चौथे नंबर पर है. ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूसरे वीकेंड के खत्म होने तक यह 75 करोड़ के मील का पत्थर को भी छू लेगी. हाल ही में रितेश ने उन अफवाहों पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया कि ‘राजा शिवाजी’ का बजट 100 करोड़ रुपये है.

रितेश देशमुख ने द राइट एंगल के साथ इंटरव्यू में कहा कि ‘राजा शिवाजी’ के बजट को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, उनकी असलियत सिर्फ प्रोड्यूसर्स को ही पता है. एक फिल्ममेकर के लिए फिल्म के बजट पर चर्चा करना सबसे आखिरी काम होना चाहिए, क्योंकि इससे फिल्म पर कोई फर्क नहीं पड़ता.

उन्होंने आगे कहा कि अगर मुझसे कोई पूछता कि फिल्म का बजट कितना है तो मैं कहता कि आप कितने रुपये का टिकट ले रहो. अगर वो बोलता कि 100, 200 या 300 रुपये. फिर मैं कहता कि यही फिल्म का बजट है. उनका तर्क है कि फिल्मों के बजट पर बात बंद कर देना चाहिए और थिएटर जाकर लोगों को सिर्फ मूवी को एंजॉय करना चाहिए.

बताते चलें कि रितेश देशमुख ने ‘राजा शिवाजी’ को लिखा और डायरेक्ट किया है. यह मूवी मुंबई फिल्म कंपनी और जियो स्टूडियोज के बैनर तले बनी है. इसमें रितेश देशमुख के अलावा जेनेलिया देशमुखस संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, महेश मांजरेकर, सचिन खेडेकर, भाग्यश्री, फरदीन खान और अमोल गुप्ते जैसे सितारे अहम किरदारों में हैं.
विजय सिन्हा की लाइन पर मंत्री दिलीप जायसवाल: JDU नेता की गोद में डांसर का ठुमका, स्कूल में गुरु जी की ‘मटन मस्ती’ – Bihar News
बात खरी है… इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें…
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भोपाल में जनगणना की जमीनी हकीकत: दो कमरों के घर बने दो मकान, नंबर मांगने पर बहस; भास्कर टीम ने जनगणनाकर्मी के साथ बिताया पूरा दिन – Bhopal News
1 मई से शुरू हुई जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती के साथ रहन-सहन से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही हैं, लेकिन फील्ड पर जनगणनाकर्मी के सामने अजीब चुनौतियां आ रही हैं। लोग अपने दो कमरों के घर को अलग-अलग मकान बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग मोबाइल नंबर देने से इनकार कर रहे हैं। तेज धूप, बंद गेट और लोगों की झिझक ने सर्वे का काम और मुश्किल बना दिया है। पहले चरण में मकानों की गणना के साथ परिवारों से आवास, सुविधाओं और जीवनशैली से जुड़ी जानकारी ली जा रही है। एक सुपरवाइजर के अधीन 6 जनगणनाकर्मी काम कर रहे हैं। प्रत्येक कर्मी को 5 दिन में 200 घरों का सर्वे करने का लक्ष्य दिया गया है। दैनिक भास्कर की टीम ने जनगणनाकर्मियों के साथ पूरा दिन बिताकर घर-घर चल रहे सर्वे को करीब से देखा। इस दौरान यह समझने की कोशिश की गई कि फील्ड पर प्रगणकों को किस तरह की दिक्कतों और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 9 बजे से शुरू हुई पड़ताल भास्कर टीम सुबह करीब 9 बजे भोपाल के भीमनगर कॉलोनी स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंची। यहां सुपरवाइजर एसएस खरे अपनी टीम के साथ मिले। कुछ देर बाद टीम जनगणनाकर्मी के साथ फील्ड में निकली। पहला दरवाजा खटखटाया गया, लेकिन काफी देर तक कोई बाहर नहीं आया। पड़ोसियों ने बताया कि अभी सो रहे हैं’। इसके बाद टीम ने बगल के घर से नंबरिंग और गणना शुरू की। प्रगणक ने परिवार से 33 सवाल पूछे। इनमें मकान किसके नाम है, छत और दीवार कैसी है, घर में बिजली-पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, कितने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं, परिवार किस अनाज का इस्तेमाल करता है जैसी जानकारियां शामिल थीं। अंत में मोबाइल नंबर लेकर डेटा ऐप पर अपलोड किया गया। एक गली में चार कमरे, पर हर कमरा ‘ एक अलग मकान’ कुछ ही देर बाद टीम एक ऐसे मकान पर पहुंची, जहां एक ही परिवार के चार दंपत्ति रह रहे थे। घर में चार कमरे थे, लेकिन हर परिवार अपने कमरे को अलग मकान बताने पर अड़ा था। पूछने पर पता चला कि लोगों में भ्रम है कि सरकार मकानों का सर्वे इसलिए करा रही है ताकि भविष्य में मकान आवंटित किए जा सकें। इसी वजह से एक मकान को कई मकान बताने की कोशिश हो रही है। “फोन नंबर क्यों दें?”…15 मिनट तक बहस दोपहर करीब 12 बजे एक घर पर मोबाइल नंबर मांगने पर परिवार ने जानकारी देने से इनकार कर दिया। करीब 10 से 15 मिनट तक जनगणनाकर्मी से बहस होती रही। बाद में टीम ने एप और पूरी प्रक्रिया समझाई, तब जाकर परिवार ने भाई का नंबर दिया। 45 डिग्री जैसी धूप में घर-घर दस्तक सुबह 11:30 बजे तक सूरज सिर पर आ चुका था। तेज गर्मी के बीच जनगणनाकर्मी लगातार गलियों में घूमते रहे। इसी दौरान एक बुजुर्ग महिला मिलीं, जो अपने दो कमरों के घर को दो अलग मकान बता रही थीं। कुछ आगे ऐसे परिवार भी मिले जो 40-50 साल पहले गुजरात से भोपाल आए थे। आज भी मिट्टी के घरों में रहते हैं, जंगल से लकड़ियां लाकर चूल्हे पर खाना बनाते हैं। कहीं बंद गेट, कहीं लोगों का सहयोग कई घरों पर ताला लगा मिला। पड़ोसियों से पूछने पर भी पूरी जानकारी नहीं मिल सकी। वहीं कुछ परिवार ऐसे भी मिले, जो नौकरी पर जाने से पहले दरवाजे पर अपना नाम और मोबाइल नंबर लिखकर गए थे, ताकि जनगणनाकर्मी को दोबारा न आना पड़े। इस दौरान करीब साढ़े 12 बजे तक भास्कर टीम ने अलग-अलग जनगणनाकर्मी के साथ लगभग 40 घरों की गणना देखी। जनगणना अधिकारी ने जारी की अपील जनगणनाकर्मियों को हो रही परेशानियों और लोगों द्वारा जानकारी छुपाने के मामले में भोपाल के जिला जनगणना अधिकारी ने भी लोगों से अपील की है। जिला जनगणना अधिकारी भुवन गुप्ता के अनुसार जनगणना की जानकारी पूरी तरह से गोपनीय होती है। यह केवल सांख्यिकी उपयोग के लिए है। इसका किसी भी तरह लोगों को मिल रहे हित-लाभ से संंबंध नहीं है।
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बिना चीनी-केमिकल के घर पर बनाएं यह शाही शरबत, गर्मी के लिए है अमृत समान
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पलामू की रानू सिन्हा ने गर्मी के लिए ‘शाही बादाम शरबत’ की रेसिपी साझा की है. यह बिना चीनी और केमिकल के तैयार होता है. इसमें बादाम, केसर और मिश्री का उपयोग किया जाता है. यह शरीर को अंदरूनी ठंडक और ऊर्जा देता है. इसे आसानी से घर पर स्टोर किया जा सकता है.
पलामूः इन दिनों भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है. ऐसे मौसम में शरीर को अंदर से ठंडक देना बेहद जरूरी हो जाता है. अगर घर में मेहमान आने वाले हों या ऑफिस के बॉस को किसी खास ड्रिंक से इंप्रेस करना हो तो बाजार की कोल्ड ड्रिंक की जगह घर का बना शाही बादाम शरबत एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. स्वाद, सेहत और शाही अंदाज से भरपूर यह शरबत पुराने समय में राजा-महाराजाओं की पहली पसंद माना जाता था.
दरअसल, पुराने जमाने में चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने के लिए राजा-महाराजा बादाम का शरबत पिया करते थे. यह शरबत शरीर को अंदरूनी ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी देता था. खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाली चीजें शरीर को ताकत और ताजगी दोनों देती हैं. आजकल बाजार में भी कई तरह के बादाम शरबत मिलते हैं, लेकिन उनमें चीनी और प्रिजर्वेटिव्स की मात्रा काफी ज्यादा होती है. वहीं कीमत भी काफी अधिक होती है.
पलामू जिले की घरेलू महिला रानू सिन्हा घर पर ही शुद्ध और बिना चीनी वाला शाही बादाम शरबत तैयार करती हैं. उनका कहना है कि घर में बने शरबत में न तो किसी तरह का केमिकल होता है और न ही अतिरिक्त चीनी. यही वजह है कि यह स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. गर्मी में इसे पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और थकान भी दूर होती है.
शरबत बनाने के लिए चाहिए ये चीजें
उन्होंने बताया कि शाही बादाम शरबत बनाने के लिए एक कप भीगे और छिले हुए बादाम, आधा कप धागे वाली मिश्री या खजूर, 8 से 10 इलायची, 10 से 12 केसर के धागे और दो बड़े चम्मच खरबूजे के बीज की जरूरत होती है. इसके अलावा आवश्यकता अनुसार पानी या दूध लिया जाता है. मिश्री को चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है, जबकि खरबूजे के बीज शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं.
ऐसे तैयार करें शाही बादाम शरबत
सबसे पहले भीगे हुए बादाम, इलायची और खरबूजे के बीज को थोड़ा दूध या पानी डालकर मिक्सर में महीन पेस्ट बना लें. इसके बाद एक बर्तन में पानी लेकर उसमें मिश्री डालें और धीमी आंच पर तब तक उबालें जब तक मिश्री पूरी तरह घुल न जाए. फिर तैयार बादाम पेस्ट को इसमें मिलाकर 10 से 15 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. जब मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए तो गुनगुने दूध में भीगे हुए केसर को इसमें डाल दें. इससे शरबत में शाही रंग और खुशबू आ जाती है.
ऐसे करें स्टोर और सर्व
मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में रखा जा सकता है. जब भी शरबत पीना हो तो एक गिलास ठंडे दूध या पानी में दो से तीन चम्मच यह सिरप मिलाएं. इसके बाद तैयार हो जाएगा स्वाद और सेहत से भरपूर ठंडा-ठंडा शाही बादाम शरबत. ये गर्मी के मौसम में यह शरबत न सिर्फ शरीर को राहत देता है, बल्कि मेहमानों के सामने आपकी खास मेहमाननवाजी का भी एहसास कराता है.
About the Author
मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
हंता के बाद अब नोरो वायरस: बीच समंदर दो क्रूज, दोनों में वायरस फैले; दुनियाभर में डर
क्रूज शिप होंडियस में हंता वायरस फैलने के बाद अब एक और क्रूज कैरेबियन प्रिंसेस में नोरो वायरस फैल गया है। अब बीच समंदर दो अलग-अलग जहाज वायरस प्रभावित हैं। दुनिया इन वायरस के आउटब्रेक से सकते में है। दोनों क्रूज शिप की निगरानी अमेरिकी एजेंसी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के जिम्मे है। बताया जा रहा है कि कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज की विशेष निगरानी की जा रही है। इसमें वायरस संक्रमण फैलने की सूचना शनिवार को ही सामने आई है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार होंडियस में संक्रमित पहले मरीज की मौत के बाद उसकी पत्नी से अन्य यात्रियों ने हाथ मिलाया था। उस महिला की भी संक्रमण के कारण मौत हो गई थी। होंडियस- 147 यात्रियों वाले क्रूज पर 6 संक्रमित, 3 की मौत अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की यात्रा पर निकले होंडियस क्रूज पर 147 यात्री और क्रू मेंबर सवार हैं। अब तक 6 प्रभावित और 3 की संक्रमण से मौत की पुष्टि। संक्रमण के चलते कैप वेर्दे में डॉकिंग नहीं मिली। अब इसे कैनरी आइलैंड ले जाया गया है। डब्ल्यूएचओ यात्रियों की निगरानी कर रहा है। कैरेबियन प्रिंसेस- 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू, इनमें 115 संक्रमित कैरेबियन प्रिंसेस क्रूज शिप फ्लोरिडा से 13 दिन की सदर्न कैरेबियन की यात्रा पर है। इस पर 3116 पैसेंजर और 1131 क्रू हैं। जहाज पर करीब 115 नोरो वायरस के कारण उल्टी-दस्त और पेट में संक्रमण से प्रभावित हैं। ये क्रूज शिप 11 मई को अमेरिका के पोर्ट कैनवारेल पहुंचेगा। हंतावायरस से मौतों में एंडीज स्ट्रेन का शक WHO के मुताबिक हंतावायरस से हुई तीन मौत के मामलों में एंडीज स्ट्रेन का शक है, जो इंसानों के बीच भी फैल सकता है। एंडीज स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका के अर्जेंटीना और चिली में पाया जाता है। WHO ने बताया कि एंडीज स्ट्रेन बाकी हंतावायरस से अलग है। यह संक्रमित चूहों या उनके मल-मूत्र से तो फैलता ही है, लेकिन कुछ मामलों में इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि, यह संक्रमण कोरोना जितना तेजी से नहीं फैलता। जांच में पता चला है कि पहले दो पीड़ित दंपती जहाज पर चढ़ने से पहले चिली, अर्जेंटीना और उरुग्वे में बर्ड वॉचिंग ट्रिप पर गए थे। WHO के मुताबिक इन इलाकों में वायरस फैलाने वाले खास किस्म के चूहे पाए जाते हैं। अर्जेंटीना की एजेंसियां अब इस दंपती की यात्रा का पता लगा रही हैं। 7 हफ्ते में कई देशों से गुजरा क्रूज नीदरलैंड के झंडे वाला यह क्रूज शिप 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना हुआ था। इसके बाद यह दक्षिणी ध्रुव के आसपास के इलाकों में गया और फिर अटलांटिक पार करते हुए यूरोप की ओर बढ़ रहा था। इसे सबसे आखिर में स्पेन के कैनरी द्वीप तक पहुंचना था, जो अफ्रीका के पास अटलांटिक में स्थित एक प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है। जहाज में कुल 170 यात्री और 71 क्रू सदस्य मौजूद हैं। इनमें एक डॉक्टर भी शामिल है। पहला मृतक 70 साल का एक व्यक्ति था, जिसकी मौत जहाज पर ही हो गई। वह अपनी पत्नी के साथ इस यात्रा पर था। इसके बाद उसका शव दक्षिण अटलांटिक में स्थित सेंट हेलेना में उतारा गया। उसकी पत्नी बाद में दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं, जहां से उन्हें अपने देश नीदरलैंड लौटना था। लेकिन एयरपोर्ट पर ही उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, वह बेहोश हो गईं और बाद में अस्पताल में उनकी मौत हो गई। क्रूज चलाने वाली कंपनी ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि तीसरे मृतक का शव अभी भी जहाज पर केप वर्डे में मौजूद है। साथ ही, WHO ने सेंट हेलेना में उतरने वाले यात्रियों के कारण 12 देशों को अलर्ट भेजा है। इनमें ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और सिंगापुर शामिल हैं। ————————
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आज का पंचांग: सूर्य पूजा के साथ कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी, पंचांग से जानें शुभ व अशु
Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 10 May 2026: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दिन रविवार है. पंचांग के अनुसार, आज एक साथ सूर्य पूजा, कालाष्टमी और मासिक कृष्ण अष्टमी का विशेष संयोग बन रहा है, जिससे आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी उपरांत नवमी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, कौलव करण, कृष्ण पक्ष और चंद्रमा मकर उपरांत कुंभ राशि में तो सूर्य मेष राशि में रहने वाले हैं. आज पश्चिम का दिशाशूल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार मासिक कृष्ण अष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है. वहीं कालाष्टमी भगवान काल भैरव को समर्पित मानी जाती हैय मान्यता है कि काल भैरव भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप हैं, जो भक्तों को भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से बचाते हैं. कई श्रद्धालु इस दिन रात में विशेष पूजा और भैरव मंत्रों का जाप भी करते हैं.
आज के दिन सुबह सूर्य देव को अर्घ्य देने का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म में सूर्य देव को ऊर्जा, स्वास्थ्य और सफलता का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि नियमित रूप से सूर्य पूजा करने से व्यक्ति को आरोग्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है. साथ ही कुंडली में सूर्य ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है और सूर्यदोष खत्म होता है. सुबह तांबे के पात्र में जल भरकर गुड़हल का फूल और अक्षत डालकर सूर्यदेव को जल अर्पित करें और ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जप करते रहें. इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें और सूर्य से संबंधित चीजें जैसे तांबा, गेहूं, गुड़, लाल कपड़े, लाल फूल, लाल चंदन, मसूर की दाल आदि का दान करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य और जरूरतमंदों की सहायता करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है. तो चलिए जानते हैं कि कब से शुभ और अशुभ मुहूर्त लग रहे हैं.
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 10 मई 2026
आज की तिथि- अष्टमी – 03:06 पी एम तक, फिर नवमी तिथि
आज का नक्षत्र- धनिष्ठा – 12:50 ए एम, 11 मई तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र
आज का करण- कौलव – 03:06 पी एम तक, तैतिल – 03:21 ए एम, 11 मई तक
आज का योग- ब्रह्म – 02:09 ए एम, 11 मई तक, इंद्र योग
आज का पक्ष- कृष्ण पक्ष
आज का दिन- रविवार
चंद्र राशि- मकर उपरांत कुंभ राशि
सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समय
सूर्योदय- 05:34 ए एम
सूर्यास्त- 07:02 पी एम
चन्द्रोदय- 01:50 ए एम, 11 मई
चन्द्रास्त- 12:20 पी एम
आज के शुभ योग और मुहूर्त 10 मई 2026
ब्रह्म मुहूर्त: 04:09 ए एम से 04:51 ए एम
अभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एम
विजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:26 पी एम
अमृत काल: 01:49 पी एम से 03:30 पी एम
गोधूलि मुहूर्त: 07:00 पी एम से 07:22 पी एम
निशिता मुहूर्त: 11:56 पी एम से 12:38 ए एम, 11 मई
शिववास: गौरी के साथ – 03:06 पी एम तक, सभा में
आज के अशुभ मुहूर्त 10 मई 2026
राहुकाल: 05:21 पी एम से 07:02 पी एम
यमगण्ड: 12:18 पी एम से 01:59 पी एम
विडाल योग: 12:50 ए एम से 05:33 ए एम, 11 मई
आडल योग: 05:34 ए एम से 12:50 ए एम, 11 मई
दुर्मुहूर्त: 05:14 पी एम से 06:08 पी एम
गुलिक काल: 03:40 पी एम से 05:21 पी एम
पंचक काल: 12:12 पी एम से 05:33 ए एम, 11 मई
दिशाशूल- पश्चिम









