एटा में सैकड़ों शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने शुक्रवार शाम पुरानी पेंशन बहाली और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के विरोध में तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले आयोजित की गई। शाम साढ़े छह बजे शहीद पार्क से शुरू हुई यह यात्रा जिला संयोजक ओमेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में निकाली गई। शिक्षकों ने हाथों में तिरंगा झंडा थामकर माया पैलेस चौराहा, जीटी रोड और कचहरी मार्ग से होते हुए धरना स्थल स्थित कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। यात्रा के समापन पर संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक लिखित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रांतीय जिला मंत्री वीरपाल सिंह जाटव ने बताया कि प्रांतीय अध्यक्ष विजय कुमार के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में संगठन द्वारा तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली और उन शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता का विरोध करना है, जो पिछले तीस वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस यात्रा में जिला संयोजक ओमेंद्र प्रताप, संयोजिका शिल्पी मिश्रा, जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार फौजी, मुकेश कुमार, आरजू पांडेय, सुमनलता, शौर्या मिश्रा, कामिनी सिंह, देवेंद्र यादव, राजीव वर्मा, सतेंद्र यादव सहित सैकड़ों शिक्षक और शिक्षिकाएं शामिल हुए।
नई दिल्ली. ऊंची दुकान का फीका पकवान वाली कहावत तो आपने भी सुनी होगी. अब इसे अमेरिका पर अप्लाई करके देखें तो कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने आएंगे. अमेरिकी अर्थव्यवस्था को दुनिया में सबसे बड़ा और विकसित माना जाता है. लेकिन, क्या आपको पता है कि इस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर सबसे बड़ा कर्ज भी लदा है. इतना कि इसे उतारना अमेरिका के लिए भी अब असंभव जितना मुश्किल हो गया है. यही वजह है कि उस पर आने वाला कोई भी जोखिम अब पूरी दुनिया के लिए परेशानी का सबब बन चुका है. फिलहाल अमेरिका के वित्त मंत्री यानी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने अपनी अर्थव्यवस्था को थामने के लिए कुछ फैसले किए हैं, जिसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखने वाला है.
सबसे पहले आपको यह बता दें कि अमेरिका पर इतना दबाव क्यों है और उसके वित्तमंत्री के माथे पर पसीना क्यों झलक रहा है. इसे आप ऐसे समझें कि अमेरिका अपने ज्यादातर खर्चे या यूं कहें कि अर्थव्यवस्था को बॉन्ड बाजार के भरोसे ही चलाता है. चूंकि, इस पर कर्ज काफी ज्यादा हो चुका है तो उसके बॉन्ड मार्केट पर भी इसका असर दिखने लगा और यील्ड बढ़ने से बॉन्ड बाजार में गिरावट दिखने लगी है. इसे थामने के लिए वित्त मंत्री ने 19 अगस्त को ऐलान किया कि वह बॉन्ड बाजार में डेट बायबैक ऑपरेशन को डबल करने वाले हैं.
क्यों उठाया ऐसा कदम अमेरिकी वित्त मंत्री को यह कदम तब उठाना पड़ा, जब उसका लॉन्ग टर्म ट्रेजरी यील्ड 20 साल से भी ऊपर पहुंच गया. अमेरिका पर करीब 40 ट्रिलियन डॉलर यानी भारतीय अर्थव्यवस्था का 10 गुना ज्यादा कर्ज लदा है. ट्रेजरी यील्ड बढ़ने की वजह से ही वित्तमंत्री ने बायबैक प्रोग्राम को 9 सितंबर से दोगुना बढ़ाकर 4 अरब डॉलर प्रति सेशन कर दिया गया है. यह फैसला खासकर 10 से 20 साल और 20 से 30 साल वाले बॉन्ड पर लिया गया है. इसका मकसद अमेरिका पर कर्ज की लागत को कम करना है.
कैसा है अमेरिकी बॉन्ड मार्केट अमेरिका के बॉन्ड बाजार में अभी भारी उथल पुथल मची हुई है. बॉन्ड की कीमत गिर रही है, जिससे बॉन्ड यील्ड में लगातार उछाल आ रहा है. 30 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.3 फीसदी पहुंच गई है, जबकि 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7 फीसदी है. इतना ही नहीं, 24 जून से अब तक 2 साल और 10 साल की बॉन्ड यील्ड के बीच 29 आधार अंक का अंतर आ चुका है.
क्यों बढ़ रहा ट्रेजरी यील्ड अमेरिका पर 40 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज हो चुका है, जबकि सरकार लंबे समय से बड़े राजकोषीय घाटे के साथ काम कर रही है. अनुमान है कि अमेरिकी खजाने पर 2.1 ट्रिलियन डॉलर का राजकोषीय घाटा है, जो उसकी जीडीपी का 6.4 फीसदी है. सरकार जितना ज्यादा कर्ज लेती है, उसके बॉन्ड में निवेश करने वालों पर उतना ही दबाव बढ़ता है और बॉन्ड की कीमत घटने से यील्ड बढ़ता जाता है. इससे बड़े राजकोषीय घाटे, कर्ज और ब्याज भुगतान का एक चक्र शुरू हो जाता है. इस भारी कर्ज का मतलब है कि अमेरिका को अपने रक्षा बजट से ज्यादा कर्ज के ब्याज भुगतान पर खर्च करना पड़ेगा, जबकि बच्चों के प्रोग्राम से डेढ़ गुना ज्यादा खर्चा करना होगा.
एआई निवेश ने बढ़ाया बोझ अमेरिका में एआई इन्फ्रा में बढ़ते निवेश की वजह से भी बॉन्ड बाजार पर दबाव बढ़ा है. अमेरिकी चिप कंपनी Nvidia ने 500 अरब डॉलर का निवेश करने की बात कही है तो कुछ कंपनियों ने 200 अरब डॉलर का कॉरपोरेट बॉन्ड जारी है, जो अमेरिकी ट्रेजरी का करीब 25 फीसदी है. मेटा ने भी 420 अरब डॉलर के निवेश की बात कही है, जिससे कुल देनदारी 1.65 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गई है. ट्रेजरी पर निवेशकों का यील्ड बढ़कर 6.4 फीसदी से 7.5 फीसदी तक पहुंच गया है. इतना ही नहीं, 10 साल का बॉन्ड यील्ड 0.3 फीसदी बढ़ चुका है.
ईरान वॉर ने बढ़ाई मुसीबत ईरान के साथ युद्ध ने ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट की कीमतें 118 डॉलर तक पहुंचा दी और अमेरिका में महंगाई दर 4.2 फीसदी हो गई. इसका मतलब है कि बाजार में खुदरा तेल 4 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई. महंगाई बढ़ने से निवेशकों ने लॉन्ग टर्म डेट में पैसे लगाने शुरू कर दिए और यही वजह रही कि 10 साल और 30 साल का बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.69 फीसदी और 5.21 फीसदी हो गया. कुछ दिन पहले ही फेडरल चेयरमैन केविन वॉर्श ने ब्याज दरों पर कोई फैसला नहीं करके सभी को चौंका दिया है.
इसका अमेरिका और दुनिया के लिए क्या मतलब अमेरिकी नागरिकों पर इस बॉन्ड मार्केट का गहरा असर पड़ने वाला है. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने से लोन की औसत ब्याज दर 6.75 फीसदी पहुंच सकती है. इससे हर महीने होम लोन की ईएमाआई बढ़ेगी और लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो जाएगा. ब्याज बढ़ने से हाउसिंग बाजार पर भी दबाव आएगा और उपभोक्ताओं का खर्च सीमित होगा. इससे अमेरिका की कुल इकनॉमिक ग्रोथ भी सुस्त पड़ जाएगी. अमेरिकी ट्रेजरी पर पड़ने वाला दबाव दुनियाभर के फाइनेंशियल बाजार पर दबाव डालेगा. यूके, जर्मनी, फ्रेंच और जापान में भी बॉन्ड यील्ड बढ़ी है और दुनियाभर में कर्ज की लागत बढ़ रही है. इसका सीधा असर शेयर बाजार पर भी दिखने वाला है.
पूर्णिया विश्वविद्यालय, पूर्णिया के तत्वावधान में सत्र 2026-27 की अंतर महाविद्यालय वार्षिक शतरंज प्रतियोगिता पूर्णिया महिला महाविद्यालय, पूर्णिया में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में अररिया महाविद्यालय, अररिया की छात्रा निशा कुमारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त किया। निशा की इस उपलब्धि से अररिया महाविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है और उन्होंने महाविद्यालय का नाम रोशन किया है। पदक प्रदान कर सम्मानित किया महाविद्यालय की अन्य प्रतिभागियों मुस्कान कुमारी, ईशा राज, गुड़िया कुमारी, आतिफ और गर्व का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। सभी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता के दौरान खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूर्णिया महिला महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) अनंत प्रसाद गुप्ता ने समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में पदक प्रदान किए। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक पुरस्कार वितरण समारोह के उपरांत अररिया महाविद्यालय परिसर में विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राम दयाल पासवान तथा समस्त महाविद्यालय परिवार ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राम दयाल पासवान ने प्रतियोगिता में महाविद्यालय की ओर से सफल नेतृत्व एवं खिलाड़ियों को मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए क्रीड़ा अध्यक्ष डॉ. संदेश यादव को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि निशा कुमारी की उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। महाविद्यालय परिवार ने सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
आगर मालवा जिले के सुसनेर में शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। उन्होंने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के बैनर तले तहसील कार्यालय पहुंचकर समान नागरिक संहिता (UCC) के विरोध में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार भंवर सिंह चौहान को दिया गया। ज्ञापन के दौरान मुस्लिम समाजजनों ने UCC को लेकर अपनी आपत्तियां और विरोध दर्ज कराया। उन्होंने सरकार से इस संबंध में मुस्लिम समाज की भावनाओं का ध्यान रखने की मांग की। इस अवसर पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जिला अध्यक्ष हाफिज नवाब साहब ने कहा कि यदि सरकार द्वारा इस बिल को लागू किया जाता है, तो मुस्लिम समाज इसका विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर समाज उग्र आंदोलन कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों में UCC को लेकर विरोध और नाराजगी स्पष्ट रूप से देखी गई। इस मौके पर बड़ी संख्या में मुस्लिम समाजजन और जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पदाधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया।
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Bedami Puri Recipe: रोज-रोज साधारण पूरियां खाकर अगर स्वाद बदलने का मन है, तो इस बार बेड़मी पूरी ट्राई कर सकते हैं. उड़द की दाल, मसालों और आटे से तैयार होने वाली यह खस्ता पूरी उत्तर भारत के मशहूर नाश्तों में शामिल है. खासकर मथुरा और दिल्ली में इसका स्वाद लोगों के बीच काफी पसंद किया जाता है. गरमा-गरम बेड़मी पूरी के साथ रसेदार आलू की सब्जी, कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी या रायता मिल जाए तो स्वाद और भी बढ़ जाता है. बरसात के मौसम में इस देसी नाश्ते का मजा लेने के लिए आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं.
रोज-रोज सिंपल पूरियां खाकर अगर आपका मन ऊब चुका है तो बेड़मी पूरी आपके लिए एक लजीज ऑप्शन साबित हो सकती है. यह खास डिश उत्तर भारत में बेहद मशहूर है और बारिश की फुहारों के बीच इसके स्वाद का आनंद लेना एक अलग ही सुखद अहसास देता है.
बेड़मी पूरी का नाम सुनते ही सबसे पहले दिल्ली की गलियों और मथुरा-वृंदावन के प्रसिद्ध स्वादों की याद आ जाती है. उत्तर प्रदेश और दिल्ली के स्थानीय खान-पान में बेड़मी पूरी का एक विशेष स्थान है जहां इसे लोग बड़े चाव से नाश्ते में खाते हैं. मथुरा में तो मंदिरों के बाहर मिलने वाला यह नाश्ता वहां की पहचान बन चुका है. दाल और चुनिंदा भारतीय मसालों के मेल से तैयार होने वाली यह पूरी आम पूरियों की तुलना में ज्यादा भारी, स्वादिष्ट और सुगंधित होती है.
स्वादिष्ट बेड़मी पूरी का असली मज़ा उसके साथ परोसी जाने वाली चटपटी और मसालेदार सब्जियों के साथ ही आता है. आमतौर पर बेड़मी पूरी को रसेदार चटपटे आलू की सब्जी या काबुली चनों के साथ सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है. इसके अलावा कई जगह पर इसे खट्टे-मीठे कद्दू की सब्जी या ठंडे रायते के साथ भी परोसा जाता है.इन सभी चीज़ों का संयोजन इस पारंपरिक पकवान के स्वाद को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है और हर बाइट में एक नया ज़ायका देता है.
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बेड़मी पूरी बनाने के लिए कुछ खास सामग्री की जरूरत होती है. इसमें एक कप उड़द की दाल, आधा कप सूजी, दो कप गेहूं का आटा और लगभग 50 ग्राम कद्दूकस किया हुआ पनीर इस्तेमाल किया जाता है.इसके अलावा स्वादानुसार नमक, तीन चम्मच साबुत धनिया, एक हरी मिर्च, दो चम्मच काली मिर्च, एक चम्मच हल्दी, दो चम्मच लाल मिर्च पाउडर, कसूरी मेथी, जीरा, सौंफ, अजवाइन, हींग, अदरक, हरा धनिया और आटा गूंथने के लिए दो-तीन चम्मच देसी घी की ज़रूरत होती है.
बेड़मी पूरी बनाने की शुरुआत उड़द की दाल की तैयारी से होती है. सबसे पहले उड़द की दाल को अच्छी तरह धोकर कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें. जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तो पानी निकालकर इसे मिक्सी के जार में डालें. अब इसी दाल के साथ अदरक, साबुत धनिया, काली मिर्च, हरी मिर्च, सौंफ जीरा और ग्रिड किए हुए पनीर को मिलाएं. इन सभी सामग्रियों को एक साथ थोड़ा दरदरा पीसकर एक सुगंधित और चटपटा पेस्ट तैयार कर लें.यह पेस्ट ही पूरी के असली स्वाद का आधार बनता है.
दाल का पेस्ट तैयार होने के बाद अब आटा गूंथने की बारी आती है.एक बड़े और गहरे बर्तन में गेहूं का आटा और सूजी एक साथ मिलाएं.इसके बाद इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अजवाइन, हींग, कसूरी मेथी, नमक और देसी घी का मोयन डालें. अब तैयार किया गया उड़द दाल का दरदरा पेस्ट और कद्दूकस किया हुआ पनीर भी इसमें मिला दें. अंत में बारीक कटा हरा धनिया डालकर सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाएं और थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटा तैयार करें. ध्यान रखें कि आटा न तो बहुत ज्यादा सख्त होना चाहिए और न ही ज्यादा मुलायम.
आटा गूंथने के बाद इसे कुछ देर सेट होने के लिए ढककर रख दें. इसके बाद आटे की छोटी-छोटी और एक समान आकार की लोइयां तैयार कर लें. एक कढ़ाई में तेल डालकर उसे मध्यम-तेज़ आंच पर अच्छी तरह गर्म करें. अब बेलन की मदद से लोइयों को थोड़ा मोटा बेल लें ताकि वे तलते समय अच्छी तरह फूल सकें. बेड़मी पूरी को बहुत ज्यादा पतला नहीं बेला जाता क्योंकि इसमें दाल और मसालों का मिक्सचर होता है जिससे इसका खस्तापन बना रहता है.
बेलने के बाद पूरियों को सावधानी से गर्म तेल में डालें और आंच को मध्यम रखें. पूरियों को दोनों तरफ से पलट-पलटकर सुनहरा और बेहद कुरकुरा होने तक अच्छी तरह तलें. जब पूरियां अच्छी तरह फूल जाएं और उनका रंग खूबसूरत सुनहरा हो जाए तो उन्हें तेल से बाहर निकाल लें. आपकी गरमा-गरम, खस्ता और स्वादिष्ट बेड़मी पूरियां पूरी तरह से तैयार हैं. अब इन्हें गरमा-गरम आलू की रसेदार सब्जी, कद्दू की खट्टी-मीठी सब्जी या ठंडे रायते के साथ परोसें और मॉनसून के इस मौसम में परिवार के साथ इस ऑथेंटिक टेस्ट का लुत्फ उठाएं.
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Vivo चीन के बार 10000mAh बैटरी वाला पहला फोन लॉन्च करेगा।
कंपनी ने इसकी लॉन्च डेट आधिकारिक तौर पर कंफर्म कर दी है।
इसे मलेशिया, पाकिस्तान समेत अन्य ग्लोबल मार्केट में पेश किया जाएगा।
Vivo अगले महीने 10000mAh बैटरी वाला फोन लॉन्च करने वाला है। चीनी कंपनी का यह फोन चुनिंदा ग्लोबल मार्केट में पेश किया जा सकता है। वीवो मलेशिया ने फोन की लॉन्च डेट कंफर्म की है। इसके अलावा इसे पाकिस्तान में भी लॉन्च किए जाने की संभावना है। वीवो का यह फोन Vivo V80 Lite के नाम से पेश किया जाएगा।
मिलेगी 10000mAh की बैटरी
मलेशिया में इस फोन को 3 सितंबर शाम के 7 बजे लॉन्च किया जाएगा। यह फोन पिंक और ग्रीन कलर ऑप्शन में आएगा। फोन के पोस्टर के मुताबिक, इसमें 10,000mAh बैटरी मिलेगी। यह चीनी कंपनी का ग्लोबल मार्केट में लॉन्च होने वाला पहला फोन होगा, जिसमें इतनी बड़ी बैटरी दी जाएगी। इससे पहले कंपनी Vivo V600 Pro को चीनी मार्केट में 10,200mAh की बैटरी के साथ लॉन्च कर चुकी है।
Image Source : VIVO MALASIYAवीवो वी80 लाइट
इससे पहले Vivo V80 Lite को SIRIM समेत कई सर्टिफिकेशन वेबसाइट पर देखा जा चुका है, जिसका मॉडल नंबर V2626 है। वहीं, गीकबेंच पर भी इसी मॉडल नंबर के साथ वीवो का फोन देखा गया है, जिसमें MediaTek Dimensity 7300e मिलेगा। फोन में 44W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया जाएगा। लिस्टिंग के मुताबिक, वीवो के इस फोन में 6GB रैम और Android 16 पर बेस्ड OriginOS 6 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया जाएगा।
Vivo S2 का रीब्रांडेड वर्जन
सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, वीवो का यह फोन भारत में पिछले दिनों लॉन्च हुए Vivo S2 का रीब्रांडेड वर्जन होगा। हालांकि, फोन की बैटरी में कंपनी बड़ा अपग्रेड करने वाली है। भारत में लॉन्च हुए Vivo S2 में 7050mAh की बैटरी और 44W चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है। इस फोन को भारत में 8GB रैम और 256GB स्टोरेज के साथ लॉन्च किया गया है। फोन में 6.83 इंच का AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है।
Vivo S2 के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 50MP का मेन और 2MP का सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 32MP का कैमरा दिया गया है। इस फोन को भारत में 39,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। इसमें 8GB रैम के साथ 256GB स्टोरेज तक का सपोर्ट मिलता है। यह फोन Android 16 पर बेस्ड OriginOS 6 पर काम करता है।
शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब से अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, शुक्रवार को सूरत में रहने वाले संजयसिंह डोडिया नाम के एक युवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इस युवक ने भी 16 अगस्त की रात को भावनगर में शराब पार्टी की थी। शराब पीने के बाद संजय रात को ही सूरत लौट आया था। सुबह तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। उसे सूरत के आईएनएस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। संजय पिछले तीन दिनों से वेंटिलेटर पर था। गुरुवार की रात संजय को हार्ट अटैक आया और आज सुबह उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। 25 अस्पतालों में भर्ती, 5 की हालत गंभीर भावनगर में अब भी 25 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, इनमें 5 की हालत गंभीर है। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। 16 अगस्त की रात पी थी शराब मामला 16 अगस्त की रात घोघा के खरकड़ी गांव से शुरू हुआ। यहां एक युवक ने पुलिस में भर्ती होने की खुशी में शराब पार्टी रखी थी। शराब घनश्याम नाम के एक तस्कर से ली गई थी। नकली शराब विदेशी बोतलों में भरी थी। पार्टी के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। कुछ लोगों की हालत इतनी तेजी से बिगड़ी कि उन्हें अस्पताल पहुंचाने का भी वक्त नहीं मिला। भावनगर के तीन युवकों ने घरों में उल्टी करते-करते ही दम तोड़ दिया था। स्थानीय लोगों का दावा है कि यही शराब कई गांवों तक पहुंची है। अगले दिन दूसरे इलाकों से भी ऐसे मामले सामने आए। शराब बनाने वाले की भी मौत, अब तक 15 अरेस्ट गुजरात पुलिस ने इस मामले में अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 13 भावनगर के रहने वाले हैं। ये सभी अवैध शराब तस्करी से जुड़े हुए हैं। वहीं, शराब कांड के मुख्य आरोपी रईस और जुबैर मध्यप्रदेश के उज्जैन के रहने वाले हैं। इन दिनों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। मुरैना का रहने वाला था नकली शराब बनाने वाला जांच के दौरान मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ ‘डॉक्टर’ की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रईस ने ही नरेंद्र यादव को अवैध शराब बनाने गुजरात बुलाया था। दोनों भावनगर के स्थानीय शराब तस्कर गौतम सोलंकी के साथ मिलकर शराब बना रहे थे। शराबकांड के तीन दिन पहले ही नरेंद्र और उसके साथियों ने जहरीली शराब की 25 पेटियां तैयार की थीं। यही शराब पीने की वजह से लोगों की जान गई। विडंबना यह रही कि खुद नरेंद्र ने भी यही शराब पी थी, जिससे उसकी भी मौत हो चुकी है।
शराब की 13 पेटियां गायब, 1000 गांवों में अलर्ट गुजरात पुलिस की शुरुआती जांच में दावा है कि इसके अलावा शराब की 28 पेटियां उज्जैन से भावनगर पहुंची थीं। इनमें 15 बरामद हो चुकी हैं। बाकी 13 पेटियों का पता नहीं चलने व कई गांवों तक शराब पहुंचने के दावे के बाद करीब 1000 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। भावनगर सिटी तहसीलदार और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट किशन बी. चांडालिया ने बताया कि 10 लोगों को गुरुवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि अस्पताल पहुंचे 18 अन्य लोगों की डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन उन्हें भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी। प्रशासन की मेडिकल टीम प्रभावित लोगों की जानकारी की जांच कर रही है। खून के सैंपल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और दूसरी लैब में भेजे गए हैं। ————-
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हरियाणा के फरीदाबाद में एक हेयर स्टाइलिस्ट ने नहर में छलांग लगाकर जान दे दी। नहर में कूदने से पहले उसने रोते हुए अपने पिता को फोन किया और कहा कि मां, बहन और भाई का ख्याल रखना। उसने बताया कि जिस युवती से वह पिछले 7 साल से प्यार करता था, उसने उसे धोखा दिया है। पिता का आरोप है कि बेटे ने युवती के मोबाइल में किसी दूसरे युवक के साथ उसकी चैट देख ली थी। इसी बात से वह परेशान था। मृतक के पिता ने युवती पर बेटे को मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पल्ला थाने में दी गई है। अब जानिए पिता ने क्या आरोप लगाए…. सात साल पहले दोस्ती हुई मृतक की पहचान दिल्ली के मीठापुर निवासी नकुल (22) के रूप में हुई है। वह फरीदाबाद के सेक्टर-21सी स्थित एक सैलून में हेयर स्टाइलिस्ट था। पिता हरिशंकर के मुताबिक, घर के पास रहने वाली युवती से नकुल की कई साल पहले दोस्ती हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए और करीब सात साल से दोनों साथ थे। हालांकि, पिछले कुछ समय से दोनों के बीच विवाद चल रहा था। नकुल ने गर्लफ्रेंड की युवक से चैट देखी हरिशंकर के मुताबिक, गुरुवार को नकुल अपनी गर्लफ्रेंड के साथ फिल्म देखने गया था। दोनों ने दिन साथ बिताया, लेकिन शाम को उनके बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि नकुल ने युवती के मोबाइल में किसी दूसरे युवक के साथ चैट देख ली थी। उसने युवती से इस बारे में सवाल किया, लेकिन उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद उसे लगा कि प्रेमिका उसे धोखा दे रही है। शाम साढ़े 7 बजे पिता को फोन किया पिता ने बताया कि विवाद के बाद नकुल युवती को उसके घर छोड़कर आया। इसके बाद वह घर जाने के बजाय मीठापुर के पास नहर पर पहुंच गया। शाम करीब 7:30 बजे उसने पिता को फोन कर अपनी परेशानी बताई। नकुल फोन पर बुरी तरह रो रहा था। उसने कहा कि जिस लड़की से वह करीब सात साल से प्यार करता है, उसने उसे धोखा दिया है। समझाने पर भी नकुल नहीं माना। रात साढ़े 8 बजे फोन बंद हुआ हरिशंकर के मुताबिक, रात करीब 8:30 बजे तक नकुल का फोन बंद हो गया। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी। परिवार के लोग गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्हें नहर में एक युवक का शव मिलने की जानकारी मिली। पुलिस से शव की फोटो देखने के बाद परिजनों ने उसकी पहचान नकुल के रूप में की। युवती से परेशान होकर नकुल ने यह कदम उठाया। थाना प्रभारी बोले- रात 10 बजे युवक का शव मिला पल्ला थाना इंचार्ज सत्याप्रकाश ने बताया कि स्थानीय लोगों ने नहर में युवक का शव बहते देखा था और इसकी सूचना दी। रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच शव बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Maharashtra Family Death Tragedy Video; Son Suicide Father Mother | Chhatrapati Sambhajinagar
छत्रपति संभाजीनगर2 घंटे पहले
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पहाड़ी से गिरते पिता-बेटे का यह वीडियो वायरल है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शुक्रवार को माता-पिता और बेटे समेत 3 लोगों की मौत हो गई। 18 साल का युवक सुसाइड करने के इरादे से पहाड़ी पर पहुंचा था।
पिता उसे चट्टान से पीछे खींचने की कोशिश कर रहे थे लेकिन दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। पति और बेटे की मौत अपनी आंखों के सामने देखने के बाद मां ने भी पहाड़ी से छलांग लगा दी। तीनों की मौत हो गई।
घटना तिसगांव इलाके के खावड्या पहाड़ की है। लड़का सुसाइड क्यों करने पहुंचा था इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हालांकि तिसगांव के पूर्व सरपंच का दावा है कि सुसाइड करने वाला लड़का आईफोन लेना चाहता था।
हादसे का 7 सेकंड का वीडियो वायरल…
लड़के को 3 घंटे समझाते रहे लोग
पुलिस ने बताया कि कुणाल चंदगुड़े (19) सुबह करीब 10 बजे पहाड़ी पर चढ़ गया था। बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन की मांग को लेकर माता-पिता से हुए झगड़े के बाद उसने आत्महत्या करने का इरादा किया था।
छत्रपति संभाजीनगर के ज़ल्टा फाटा इलाके में रहने वाले उसके माता-पिता, मुरलीधर (48) और संगीता चंदगुड़े, उसे रोकने के लिए वहां पहुंचे।
गांव के लोग भी उनके साथ पहुंचे। करीब तीन घंटे तक लोग उसे नीचे आने के लिए कहते रहे।
उन्होंने कुणाल से कहा कि वह नीचे आ जाए, उसे मोबाइल फोन देने की बात भी कही। कुणाल बेहद परेशान था और कह रहा था कि अब उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा है।
बचाने में पिता का संतुलन बिगड़ा
कुणाल के पिता आखिरी करीब 15-20 मिनट में उसके पास पहुंचे और उसे समझाने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान कुणाल ने अचानक खाई में छलांग लगा दी। उसे पकड़ने की कोशिश में उसके पिता का संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरी खाई में गिर गए। दोनों की मौत हो गई।
पति और बेटे को अपनी आंखों के सामने खाई में गिरते देखकर मां संगीता सदमे में आ गईं। उन्होंने भी पहाड़ से छलांग लगा दी। उनकी भी मौत हो गई।
फायर बिग्रेड कर्मचारियों ने जाल बिछाया, लेकिन लड़के ने दिशा बदली
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, दमकल कर्मियों ने युवक को बचाने के लिए पहाड़ की तलहटी में बड़ा सुरक्षा जाल बिछाया था, लेकिन पहाड़ की चोटी पर खड़ा युवक लगातार अपनी दिशा बदल रहा था।