कोटपूतली के सीताराम बड़ा मंदिर ट्रस्ट प्रांगण में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई। ट्रस्ट के अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा ने बैठक की अध्यक्षता की। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाने और मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले झांकी कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में मंदिर परिसर में रंग-रोगन और साफ-सफाई करवाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर के बगीचे में पेड़-पौधों को व्यवस्थित करने तथा जन्माष्टमी पर्व के अवसर पर भगवान की पोशाक एवं सजावट की आवश्यक सामग्री खरीदने पर भी सहमति बनी। झांकी में नहीं लगेंगे चुनावी बैनर
झांकी कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में चुनावी बैनर नहीं लगाने का फैसला किया गया। हालांकि, निर्धारित शुल्क के साथ कंपनी प्रमोशन के विज्ञापन बैनर लगाने की अनुमति दी गई, लेकिन इन्हें स्वागत द्वार पर नहीं लगाने का निर्णय लिया गया। जन्माष्टमी पर्व के आयोजन को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए एक युवा कमेटी का गठन किया गया। इस युवा कमेटी की जिम्मेदारी अमरजीत सिंह शेखावत की देखरेख में रहेगी। व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा
इसके अलावा, कार्यकर्ताओं द्वारा मंदिर परिसर में आवश्यक सामग्री निर्धारित रूप से लाने और उससे संबंधित खर्च स्वयं वहन करने पर भी सहमति बनी। बैठक में जन्माष्टमी आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा, धर्मेंद्र शर्मा, अमित यादव, मनीष यादव, घनश्याम अथोनिया, अनिल सिंघल, सुरेश सिंघल, मुकेश शर्मा, प्रदीप अग्रवाल, हनुमान बली, अमरजीत सिंह शेखावत, गौतम, रवि ओमप्रकाश सहित कमेटी के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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कोटपूतली सीताराम मंदिर में जन्माष्टमी तैयारी बैठक: पर्व को भव्य बनाने के लिए युवा कमेटी गठित, झांकी में चुनावी बैनर नहीं लगाने का फैसला – Kotputli-Behror News
उन्नाव में अंबेडकर प्रतिमा पुनर्स्थापित करने की मांग: नागरिकों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा, 12 साल पहले प्रतिमा हटी थी – Unnao News
उन्नाव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने सोमवार दोपहर एसडीएम कहकशां को ज्ञापन सौंपा। यह प्रतिमा गंगाघाट थाना क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के दौरान हटाई गई थी। नागरिकों ने प्रशासन से प्रतिमा को उसके पूर्व स्थान पर सम्मानपूर्वक स्थापित करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि गंगाघाट थाने के पास बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा कई वर्षों से स्थापित थी। यह प्रतिमा क्षेत्र के लोगों और बाबा साहेब के अनुयायियों के लिए सम्मान और प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लगभग 12 वर्ष पहले सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू होने पर इस प्रतिमा को वहां से हटा दिया गया था। प्रतिमा को दोबारा स्थापित नहीं किया गया स्थानीय लोगों के अनुसार, उस समय प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा होने के बाद प्रतिमा को उसी स्थान पर सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित कर दिया जाएगा। हालांकि, सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद प्रतिमा को दोबारा स्थापित नहीं किया गया है। इस दिशा में ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में गहरी नाराजगी है। नागरिकों का कहना है कि यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों और सामाजिक समानता के संदेश का प्रतीक है। लंबे समय से प्रतिमा की पुनर्स्थापना की मांग लंबित है, जिससे स्थानीय नागरिकों और अनुयायियों में निराशा बनी हुई है। ज्ञापन के माध्यम से अर्पित गौतम और अनिमेष गौतम सहित अन्य लोगों ने एसडीएम से मांग की है कि संबंधित स्थल का भौतिक परीक्षण कराया जाए। उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर जल्द से जल्द डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को उसके पूर्व स्थान पर स्थापित करने का आग्रह किया। नागरिकों ने कहा कि प्रतिमा की पुनर्स्थापना से क्षेत्रवासियों की भावनाओं का सम्मान होगा और उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकेगी।
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सावन की आखिरी सोमवारी पर अररिया में शिव भक्ति: शहर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, निकली भव्य जलाभिषेक यात्रा – Araria News
सावन की आखिरी सोमवारी के अवसर पर सोमवार को अररिया शहर में शिव भक्ति का माहौल रहा। शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्त अहले सुबह करीब चार बजे से ही मंदिरों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक में जुट गए। इस दौरान शहर की सड़कों से लेकर प्रमुख शिवालयों तक हर-हर महादेव, हर-हर भोला और हर-हर शिव के जयकारे गूंजते रहे। इस अवसर पर, शहर के इटहरा वार्ड संख्या-07 स्थित शिव मंदिर से एक भव्य शिव जलाभिषेक यात्रा निकाली गई। इटहरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए श्रद्धालु इस यात्रा का नेतृत्व 151 कुमारी कन्याओं और महिलाओं ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए। डीजे की धुन और शिव भक्ति के गीतों के साथ श्रद्धालु शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए त्रिसुलिया घाट स्थित परमान नदी के तट पर पहुंचे। परमान नदी के तट पर पहुंचने के बाद, श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से स्नान और ध्यान किया। इसके उपरांत, उन्होंने कलश में पवित्र जल भरा। जल भरने के बाद, श्रद्धालु पुनः डीजे की धुन पर इटहरा शिव मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर पहुंचने पर, वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की जाएगी और कलश में लाए गए जल से शिवलिंग का जलाभिषेक किया जाएगा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई इटहरा से निकली इस जलाभिषेक यात्रा में नगर परिषद के मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा, वार्ड संख्या-07 के वार्ड पार्षद श्याम कुमार मंडल सहित उमेश मंडल, बबलू विश्वास, पिंटू कुमार, दुर्गानंद कुमार और सुनील मंडल जैसे कई स्थानीय लोग शामिल थे। इसके अतिरिक्त, शहर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। इनमें विश्व प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर परिसर स्थित बाबा खरगेश्वर नाथ शिव मंदिर, प्राचीन सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर स्थित बाबा अररिया नाथ शिव मंदिर, महादेव चौक स्थित महादेव शिव मंदिर, बाबा मदानेश्वर धाम और प्राचीन सुंदरनाथ धाम शामिल हैं। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर शहर के मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का विशेष संदेश कई स्थानों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी की गईं। मंदिर परिसर और आसपास का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। सावन की अंतिम सोमवारी पर निकली इटहरा की जलाभिषेक यात्रा ने शहर में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सहभागिता का विशेष संदेश दिया। महिलाओं और कुमारी कन्याओं की बड़ी भागीदारी ने यात्रा को और भी भव्य बना दिया।श्रद्धालुओं ने आस्था और उमंग के साथ भगवान भोलेनाथ की आराधना की और सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न किया। इसके अलावा अररिया आरएस स्थित असुर विनाशिनी मां दुर्गा मंदिर से सैकड़ो की संख्या में शिव भक्तों ने कावड़ यात्रा निकली जो नगर भ्रमण के बाद राम जानकी ठाकुरवादी मंदिर अररिया आर एस पहुंचकर भगवान शिव पर जल अर्पित किया।
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त्योहारों की मिठास बढ़ाने के लिये बनाइए, खास हलवाई स्टाइल चाशनी वाली गुजिया
होली, दिवाली या किसी भी खास अवसर पर गुजिया का नाम आते ही मुंह में मिठास घुल जाती है. खासतौर पर चाशनी में डूबी हलवाई स्टाइल गुजिया स्वाद में बेहद लाजवाब होती है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से मावा व मेवों की भरपूर स्टफिंग वाली यह मिठाई हर उम्र के लोगों को पसंद आती है. आइए जानते हैं हलवाई जैसी चाशनी वाली गुजिया बनाने की आसान रेसिपी.
आवश्यक सामग्री
गुजिया के आटे के लिए
2 कप मैदा
4 बड़े चम्मच घी
आवश्यकतानुसार पानी
स्टफिंग के लिए
250 ग्राम मावा (खोया)
2 बड़े चम्मच सूखा नारियल कद्दूकस किया हुआ
2 बड़े चम्मच काजू कटे हुए
2 बड़े चम्मच बादाम कटे हुए
1 बड़ा चम्मच किशमिश
½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
2 बड़े चम्मच पिसी चीनी
चाशनी के लिए
1 कप चीनी
½ कप पानी
4-5 केसर के धागे (वैकल्पिक)
2-3 इलायची
तलने के लिए
घी या तेल
बनाने की विधि
आटा तैयार करें
एक बड़े बर्तन में मैदा और घी मिलाकर अच्छी तरह मसल लें. जब मिश्रण मुट्ठी में दबाने पर बंधने लगे तो समझिए मोयन सही है. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंथ लें. आटे को ढककर 20-25 मिनट के लिए रख दें.
स्टफिंग बनाएं
एक कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. मावा ठंडा होने पर इसमें नारियल, काजू, बादाम, किशमिश, इलायची पाउडर और पिसी चीनी मिलाएं. स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार है.
गुजिया तैयार करें
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाकर पूड़ी की तरह बेल लें. अब गुजिया मोल्ड या हाथ की सहायता से इसके बीच में स्टफिंग भरें. किनारों पर हल्का पानी लगाकर अच्छी तरह बंद करें ताकि तलते समय स्टफिंग बाहर न निकले.
गुजिया तलें
कड़ाही में घी या तेल गर्म करें. मध्यम से धीमी आंच पर गुजिया को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. सभी गुजिया इसी तरह तैयार कर लें.
चाशनी बनाएं
एक पैन में चीनी और पानी डालकर उबालें. इसमें इलायची और केसर डालें. लगभग एक तार की चाशनी तैयार होने तक पकाएं. चाशनी बहुत अधिक गाढ़ी नहीं होनी चाहिए.
चाशनी में डुबोएं
तली हुई गर्म गुजिया को 2-3 मिनट के लिए गर्म चाशनी में डालें. इसके बाद निकालकर जाली या प्लेट पर रखें. चाशनी की हल्की परत गुजिया पर जम जाएगी और स्वाद कई गुना बढ़ जाएगा.
हलवाई जैसी परफेक्ट गुजिया बनाने के टिप्स
मोयन पर्याप्त मात्रा में डालें, इससे गुजिया खस्ता बनती है.
स्टफिंग पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही भरें.
गुजिया को हमेशा धीमी आंच पर तलें.
चाशनी एक तार की ही रखें, ज्यादा गाढ़ी होने पर स्वाद प्रभावित हो सकता है.
सजावट के लिए ऊपर से पिस्ता या बादाम की कतरन डाल सकते हैं.
देसी कंपनी ने लॉन्च किया 6000mAh बैटरी वाला सस्ता 5G फोन
Lava ने Virat V1 सीरीज में एक और सस्ता फोन लॉन्च कर दिया है। देसी कंपनी का यह फोन 6000mAh की दमदार बैटरी के साथ आता है। इससे पहले कंपनी इस सीरीज में Lava Virat V1 4G और Lava Virat V1 5G फोन पेश कर चुकी है। ये दोनों फोन अल्ट्रा लो बजट प्राइस में आते हैं। लावा का यह नया 5G फोन प्रो मॉडल में पेश किया गया है। इस फोन का लुक और डिजाइन स्टैंडर्ड मॉडल से अलग है।
Lava Virat V1 Pro की कीमत
लावा का यह फोन एक ही स्टोरेज वेरिएंट- 6GB RAM + 128GB में आता है। फोन की कीमत 15,999 रुपये है। इसे दो कलर ऑप्शन- Spiti Frost और Sikkim Midnight में पेश किया गया है। फोन की पहली सेल 31 अगस्त को दिन के 12 बजे ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर आयोजित की जाएगी। कंपनी फोन की खरीद पर 2,000 रुपये तक का बैंक डिस्काउंट ऑफर कर रही है। डिस्काउंट के बाद यह फोन 13,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा।
Lava Virat V1 Pro 5G के फीचर्स
देसी ब्रांड के इस फोन में 6.75 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 720 x 1600 पिक्सल है। इस फोन को Unisoc T8200 5G चिपसेट के साथ लॉन्च किया गया है। फोन में 6GB रैम और 128GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इसकी रैम को वर्चुअली 12GB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। वहीं, फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 2TB तक बढ़ाई जा सकती है।
| Lava Virat V1 Pro 5G | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.75 इंच, 120Hz |
| प्रोसेसर | Unisoc T8200 |
| स्टोरेज | 6GB, 128GB |
| बैटरी | 6000mAh |
| कैमरा | 50MP AI dual camera |
| OS | Android 16 |
Virat V1 Pro 5G में स्टॉक Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम मिलेगा। यह फोन IP64 रेटिंग के साथ आता है, जिसकी वजह से धूल और पानी में फोन खराब नहीं होगा। इसमें 6000mAh की बैटरी के साथ 15W USB Type C चार्जिंग फीचर दिया गया है। फोन के बैक में 50MP का AI डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा। बैक पैनल में LED फ्लैश लाइट दी गई है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें एक HD कैमरा मिलेगा। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
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ईरान होर्मुज में जहाजों से टोल वसूलेगा, संसद की मंजूरी: रियाल और पसंद की करेंसी में पेमेंट लेगा; बदले में सुरक्षा और इंश्योरेंस देगा
2 घंटे पहले
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ईरान की संसद ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से टोल यानी फीस लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, जिन देशों के जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, उनसे समुद्री सेवाओं के बदले शुल्क लिया जाएगा।
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता हसन काशकवी के मुताबिक, फीस के बदले समुद्री सेवाएं, सुरक्षा और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
इसके अलावा पर्यावरण संबंधी सेवाएं और खास परिस्थितियों में ईंधन भी दिया जाएगा भुगतान ईरानी रियाल या ईरान की पसंद की किसी दूसरी करेंसी में किया जा सकेगा।

अमेरिकी वित्त मंत्री बोले- ईरान के खिलाफ आर्थिक जंग शुरू
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन अब ईरान के खिलाफ आर्थिक जंग के आखिरी दौर में पहुंच गया है। बेसेंट के मुताबिक अमेरिका का मकसद ईरान की कमाई के बड़े रास्ते बंद करना है।
बेसेंट ने कहा कि अमेरिका ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए अपनी सभी सरकारी एजेंसियों और अधिकारों का इस्तेमाल करेगा। इससे पहले ट्रम्प ने इसे किसी विरोधी देश के खिलाफ सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई बताया था और दूसरे देशों से ईरान को अलग-थलग करने में साथ देने की अपील की थी।
ईरान की खाड़ी देशों को चेतावनी- अमेरिका का साथ दिया तो दुश्मन मानेंगे
ईरान ने अमेरिका की आर्थिक कार्रवाई में साथ देने वाले खाड़ी देशों को चेतावनी दी है। ईरान के नए राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रेजाई ने कहा कि जो देश ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने में अमेरिका का साथ देगा, उसे दुश्मन माना जाएगा।।

ईरानी अधिकारी का दावा- मक्का एग्रीमेंट में शामिल होने का न्योता मिला
ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने दावा किया है कि तेहरान को मक्का एग्रीमेंट में शामिल होने का न्योता मिला है। ईरानी संसद से जुड़े मेहदी रहीमी ने शनिवार को ईरानी न्यूज चैनल अल मयादीन से बातचीत में यह जानकारी दी।
रहीमी के मुताबिक, ईरान को इस समझौते में शामिल होने का न्योता मिला है और मामले पर अभी विचार किया जा रहा है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय या समझौते के संस्थापक देशों सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने 7 अगस्त को मक्का में आपसी रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत किसी एक देश पर हमला होने को तीनों देशों पर हमला माना जाएगा।
होर्मुज को अमेरिका का इलाका बता चुके हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प होर्मुज स्ट्रेट को ‘न्यू यूएस टेरिटरी’ यानी नया अमेरिकी इलाका बता चुके हैं। 18 अगस्त को उन्होंने पहली बार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कही थी।
इसके बाद उन्होंने रविवार को दोबारा ऐसी तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज को अमेरिकी इलाके के तौर पर दिखाया गया।

ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी इलाका बताया।
जंग के बाद दो रास्तों में बंटा होर्मुज
जंग शुरू होने से पहले होर्मुज को एक ही समुद्री रास्ता माना जाता था। जहाज तय रास्ते से गुजरते थे। उनका रास्ता बंदरगाह, जहाज के समझौते और सुरक्षा को देखकर तय होता था। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के बाद यहां दो अलग रास्तों की बात होने लगी।
ईरानी रास्ता: यह होर्मुज के उत्तरी हिस्से में ईरान के तट के पास है। यह लारक और किश्म द्वीपों के करीब से गुजरता है और ईरान के बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों तक जाता है।
ओमानी रास्ता: यह होर्मुज के दक्षिणी हिस्से में ओमान के करीब है और ईरान के तट से दूर है। अमेरिका इसी रास्ते से जहाजों को गुजरने पर जोर देता है। अमेरिकी नौसेना की सुरक्षा में चलने वाले कई कॉमर्शियल जहाज भी इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।

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ट्रम्प बोले- होर्मुज पर जल्द अमेरिका का फुल कंट्रोल होगा:ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म, उसके पास सिर्फ कुछ मिसाइल और ड्रोन बचे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज स्ट्रेट पर पूरी तरह कंट्रोल कर लेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान की नेवी, एयरफोर्स और मिलिट्री लीडरशिप को बहुत नुकसान हुआ है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
महाराष्ट्र के अमरावती में अस्पताल के चाइल्ड यूनिट में आग: 3 नवजातों की मौत, 39 बच्चे भर्ती थे; वेंटिलेटर में धमाके के कारण हादसा
अमरावती44 मिनट पहले
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अमरावती जिला महिला अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में सोमवार सुबह 3:30 बजे आग लग गई।
महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे आग लग गई। हादसे में 3 नवजातों की मौत हो गई।
घटना अस्पताल की तीसरी मंजिल पर हुई, जहां आग के बाद धुआं फैल गया। उस समय NICU में 39 नवजात भर्ती थे। आग लगते ही डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल कर्मचारियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर कई बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
अमरावती के पुलिस कमिश्नर राकेश ओला के मुताबिक, NICU के तीन कंपार्टमेंट में से एक में 9 नवजात भर्ती थे। आग की चपेट में आने से इनमें से 3 की मौत हो गई, जबकि बाकी 6 को इलाज के लिए दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है।
इन 6 बच्चों की मौजूदा स्थिति को लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में NICU में लगे वेंटिलेटर के अंदर धमाके के बाद आग लगने की आशंका है। घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है।
हादसे के बाद की 4 तस्वीरें…

आग के कारण चाइल्ड केयर यूनिट में रखे कई मेडिकल उपकरण जल गए।

आग बुझने के बाद NICU में रखा सामान आग और धुएं से काला नजर आया।

NICU में लगे AC में भी ब्लास्ट की आशंका है। आग के बाद AC डैमेज दिखे।

हादसे के बाद पुलिस पहुंची है। आग के कारणों की जांच की जा रही है।
मृत बच्चों के परिवारों को ₹5 लाख की मदद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की हाईलेवल जांच के आदेश दिए हैं। फडणवीस ने कहा कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के सचिव को आज ही अमरावती जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृत नवजातों के परिवारों को राज्य सरकार की ओर से ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
दो दिन पहले एमपी में NICU में आग से एक बच्चे की मौत हुई थी
दो दिन पहले मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के NICU में भी ऐसी ही घटना हुई थी। शनिवार देर रात करीब 2 बजे वार्मर मशीन के फिलामेंट से निकली चिंगारी के बाद आग लग गई थी। हादसे में 3 नवजात झुलस गए थे।
अस्पताल स्टाफ ने फायर फाइटिंग उपकरणों की मदद से आग बुझाई और तीनों बच्चों को प्राथमिक इलाज दिया। इसके बाद तीनों नवजातों को बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया था। इनमें एक बच्चे की हालत गंभीर थी और उसे सर्जरी की जरूरत थी।
छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जबलपुर ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इनमें से एक बच्चे का जन्म हादसे से कुछ घंटे पहले ही हुआ था। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू की।

इस साल अस्पतालों में आग की 4 बड़ी घटनाएं
1. मुजफ्फरपुर, बिहार 4 जून को मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में भीषण आग लगी थी। शुरुआती रिपोर्टों में 4 मरीजों की मौत बताई गई थी। बाद की रिपोर्टों में मौतों का आंकड़ा 5-6 तक पहुंचने की जानकारी आई। करीब 20 मरीजों को ICU से निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया था।
2. कटक, ओडिशा 16 मार्च को SCB मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा ICU में आग लगी। 10 मरीजों की मौत हुई और 11 स्टाफ घायल हुए। शुरुआती तौर पर शॉर्ट-सर्किट की आशंका जताई गई।
3. कानपुर, उत्तर प्रदेश फरवरी में एक निजी नर्सिंग होम के NICU में वार्मर मशीन में आग लगने से नवजात बच्ची की मौत हुई। जांच में सामने आया कि NICU के पास वैध अनुमति नहीं थी और फायर एक्सटिंग्विशर की अवधि भी खत्म हो चुकी थी।
4. नागपुर, महाराष्ट्र मई में दागा मेमोरियल सरकारी महिला अस्पताल के SNCU में बिजली की स्पार्किंग से धुआं और आग की स्थिति बनी। वहां मौजूद 10 नवजातों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, 6 को दूसरे NICU में शिफ्ट किया गया। किसी की मौत नहीं हुई।
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बेसमेंट में कमरे और किचन, ना वेंटिलेशन, ना इमरजेंसी एग्जिट: दिल्ली के जिस होटल में आग से 21 जानें गईं, उसका मालिक पास में चला रहा ऐसे 2 होटल

दिल्ली के जिस फ्लरिश स्टे होटल में बुधवार को आग लगने से 21 लोगों की मौत हुई, उसका मालिक पास में ऐसे ही दो और होटल चला रहा है। लवकेश बजाज के इन दोनों होटलों में बेसमेंट के अंदर ही किचन और कमरे हैं। इनमें इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं है। फ्लरिश स्टे होटल दिल्ली के मालवीय नगर में है। इस इलाके में 400 से 500 मीटर के दायरे में 8 से 10 होटल हैं। पूरी खबर पढ़ें…


