Thursday, June 11, 2026
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आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत: जालौन में एक घायल, भैंस और तीन बकरियों की भी जान गई – Jalaun News




जालौन में गुरुवार शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि एक भैंस और तीन बकरियों की भी जान चली गई। यह घटना थाना कोटरा क्षेत्र के मौजा हिलगना में हुई। जानकारी के अनुसार, गुरुवार शाम करीब पांच बजे शानू पठान पुत्र वहीद पठान और गोविंद दास यादव पुत्र गोपाल यादव, जो कस्बा कोटरा के निवासी हैं, खेत में बनी एक झोपड़ी के नीचे बैठे थे। इसी दौरान अचानक झोपड़ी के पास आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आकर दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बिजली गिरने से झोपड़ी में बंधी एक भैंस और तीन बकरियों की मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज उरई पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने गोविंद दास यादव की गंभीर हालत देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शानू पठान का उपचार जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर ज्योति सिंह मेडिकल कॉलेज पहुंचीं। उन्होंने घायल युवक के उपचार की जानकारी ली और चिकित्सकों को इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। एसडीएम ज्योति सिंह ने बताया कि इस घटना को दैवीय आपदा की श्रेणी में दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मृतक के परिजनों को शासन द्वारा निर्धारित आर्थिक सहायता दिलाने और पशुहानि का आकलन कर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।



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कोचिंग-ट्यूशन पढ़ाने वाले सरकारी टीचर्स पर होगी कार्रवाई: शिक्षा विभाग का सख्त आदेश, कहा- सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स की पढ़ाई होती है प्रभावित – Patna News




बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने पर सख्ती दिखाई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। अब विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। ऐसे में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने विद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। कोचिंग में पढ़ाने को माना जाएगा नियमों का उल्लंघन विभाग के अनुसार, कुछ शिक्षक विद्यालय परिसर या अन्य स्थानों पर कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने का कार्य करते हैं। इससे सरकारी विद्यालयों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए इसे शिक्षकों की आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। दोषी शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक कोचिंग, निजी ट्यूशन या व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या निजी ट्यूशन में संलिप्त न रहे। विभाग ने इस मामले में निगरानी बढ़ाने को भी कहा है।



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पुणे एसिड अटैक की शिकार युवती ने तोड़ा दम: 80 फीसदी झुलसी पीड़िता की 21 दिन बाद मौत; बैतूल का रहने वाला है आरोपी – Betul News




पुणे में हुए एसिड अटैक में गंभीर रूप से झुलसी 21 वर्षीय युवती की 21 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है। युवती ने मंगलवार, 10 जून को मुंबई के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। बुधवार को उसका शव उसके पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। यह घटना 20 मई 2026 की रात करीब 1:55 बजे पुणे के ताड़ीवाला रोड स्थित जनता विद्यालय के सामने हुई थी। आरोपी ने युवती और उसके 21 वर्षीय मित्र पर ज्वलनशील पदार्थ फेंका था, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे। पहले से एक-दूसरे को जानते थे
पुणे के बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के अनुसार, आरोपी की पहचान बैतूल जिले के आमला तहसील अंतर्गत तोरणवाड़ा गांव निवासी श्रीराम मधु सावनेर (30) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, युवती मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली थी और पुणे में निजी कार्य कर रही थी। आरोपी और युवती एक-दूसरे को पहले से जानते थे। हमले के बाद दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। युवती की हालत बेहद गंभीर थी और वह लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गई थी, जिसमें उसके शरीर का पिछला हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ था। युवती का पहले सरकारी अस्पताल में चार दिन और फिर पृथ्वी अस्पताल में आठ दिन तक इलाज चला। हालत में सुधार न होने पर परिजन उसे मुंबई ले गए, जहां 10 जून को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती का एक दोस्त भी घायल हुआ था
बंडगार्डन पुलिस स्टेशन के पीएसआई गणेश चौहान ने बताया कि हमले में युवती के साथ मौजूद उसका मित्र भी घायल हुआ था। उसके पैर पर एसिड गिरने से वह झुलस गया था, हालांकि अब वह स्वस्थ है। पुलिस ने आरोपी को घटना के कुछ घंटों बाद 21 मई की सुबह गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ पहले हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था। हमले की वास्विक वजह पता करने में जुटी पुलिस
पीएसआई गणेश चौहान ने बताया कि युवती की मौत के बाद अब मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी जाएंगी। फिलहाल आरोपी गिरफ्तार है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि हमले के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी। बुधवार को जब युवती का शव उसके पैतृक गांव पहुंचा तो शोक की लहर फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस ने मृतका की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और संवेदनशीलता को देखते हुए उसकी व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी गई है।



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दिल्ली में 39 जन कल्याण शिविरों की तैयारी: 18 से 20 जून तक लगेंगे, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश – New Delhi News




नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 18 से 20 जून तक दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 39 जन कल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सीधे नागरिकों तक पहुंचाया जाएगा। इन जन कल्याण शिविरों की तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने की। बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, एमसीडी, बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान शिविरों के सफल आयोजन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा नागरिकों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य इन शिविरों के माध्यम से पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाना भी है।



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गर्मियों में चावल की नहीं खाएं खरबूजे की खीर, सेहत के लिए बेहद पौष्टिक, आसान है रेसिपी


Muskmelon Kheer Recipe: गर्मी के मौसम में लोग ऐसे व्यंजनों की तलाश में रहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक भी पहुंचाएं. ऐसे में खरबूजे की खीर एक शानदार विकल्प है. दूध, चावल और पके हुए खरबूजे से तैयार यह मिठाई हल्की, क्रीमी और ताजगी से भरपूर होती है, जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है.

क्यों खास है खरबूजे की खीर?

खरबूजे की खीर पारंपरिक खीर का एक अलग और हेल्दी रूप है. इसमें खरबूजे का प्राकृतिक स्वाद और दूध की मलाईदार बनावट मिलकर ऐसा स्वाद तैयार करते हैं, जो गर्मियों में खाने का आनंद दोगुना कर देता है. ठंडा परोसने पर यह और भी ज्यादा स्वादिष्ट लगती है.

गर्मियों में खरबूजा खाने के फायदे

खरबूजे में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. तेज गर्मी और पसीने के कारण होने वाली पानी की कमी को पूरा करने में यह फल काफी उपयोगी माना जाता है. यही वजह है कि इसे गर्मियों के सबसे पसंदीदा फलों में गिना जाता है.

पोषक तत्वों से भरपूर फल

खरबूजे में विटामिन ए, विटामिन सी, पोटैशियम और फाइबर जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने, पाचन क्रिया को बेहतर रखने और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक हो सकते हैं.

त्वचा और शरीर को पहुंचाता है ठंडक

आयुर्वेद में खरबूजे को शीतल प्रकृति का फल माना गया है. इसका सेवन शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने और पेट को ठंडक देने में मदद कर सकता है. साथ ही इसमें मौजूद विटामिन त्वचा की सेहत बनाए रखने और आंखों के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं.

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वजन कम करने में कारगर

कम कैलोरी और अधिक पानी वाले इस फल का सेवन लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास देता है, जिससे बार-बार भूख लगने की संभावना कम हो सकती है. हालांकि, मधुमेह से पीड़ित लोगों को इसका सेवन अपनी चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए.

ऐसे बनाएं स्वादिष्ट खरबूजे की खीर

सबसे पहले दूध को उबालें. अब इसमें धुले हुए चावल डालकर धीमी आंच पर अच्छी तरह से पकाएं. जब चावल नरम हो जाएं तो स्वादानुसार कंडेंस्ड मिल्क या चीनी मिलाएं. इसके बाद गैस बंद करके मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें. अब इसमें पके हुए खरबूजे का गूदा मिलाएं. तैयार खीर को फ्रिज में ठंडा करें और परोसते समय ऊपर से केसर, कटे हुए बादाम या पिस्ता डालकर सजाएं.

गर्मियों के लिए बेहतरीन डेजर्ट

खरबूजे की खीर स्वाद, पोषण और ताजगी का शानदार मेल है. यह न सिर्फ मीठा खाने की इच्छा पूरी करती है, बल्कि गर्म मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा देने का भी काम करती है. परिवार और मेहमानों के लिए यह एक अलग और हेल्दी समर डेजर्ट साबित हो सकती है.



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Amazon की नई सेल, 11499 रुपये में मिल रहा Realme का स्मार्टफोन


Amazon पर कल यानी 12 जून से नई सेल शुरू हो रही है। इस सेल में Realme के फोन 11,499 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदे जा सकते हैं। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर शुरू होने वाली इस Realme Days Sale में चीनी ब्रांड के इस साल लॉन्च हुए कई फोन को सस्ते में खरीदा जा सकता है। ई-कॉमर्स वेबसाइट पर बैंक डिस्काउंट के साथ-साथ एक्सचेंज ऑफर का भी लाभ मिलेगा। साथ ही, कई फोन की खरीद पर कूपन डिस्काउंट भी ऑफर किया जा रहा है।

Realme Days Sale में ऑफर

ई-कॉमर्स वेबसाइट पर आयोजित होने वाली इस सेल में Realme Narzo Power, Realme Narzo 90x, Realme Narzo N100 Lite और Realme Narzo 80 Lite की खरीद पर अच्छा डिस्काउंट दिया जा रहा है।

Realme Narzo Power

Realme Narzo Power को इस सेल में 25,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। रियलमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 27,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 8GB RAM + 256GB में आता है, जिसकी कीमत 29,999 रुपये है। अमेजन पर शुरू होने वाली सेल में इसकी खरीद पर 2,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर दिया जा रहा है।

Realme Narzo 90x

Realme Narzo 90x को 17,999 रुपये की शुरुआती कीमत में घर लाया जा सकता है। इस फोन को 19,499 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। यह फोन 6GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 128GB में आता है। इसके बेस वेरिएंट की खरीद पर 1,500 रुपये का डिस्काउंट मिल रहा है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 21,499 रुपये में आता है। रियलमी डेज सेल में यह फोन 1,000 रुपये सस्ता यानी 20,499 रुपये में मिलेगा।

Realme Narzo N100 Lite

Realme Narzo N100 Lite की खरीद पर 1,250 रुपये तक का डिस्काउंट मिल रहा है। इस फोन को 14,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। सेल में यह फोन 500 रुपये सस्ता यानी 14,499 रुपये की शुरुआती कीमत में मिलेगा। वहीं, इसका 4GB RAM + 128GB वाला वेरिएंट 16,499 रुपये में आता है। इसे 15,249 रुपये की कीमत में खरीदा जा सकता है। वहीं, इसका 6GB RAM + 128GB वाला वेरिएंट 17,999 रुपये में मिलेगा। इसकी कीमत 18,499 रुपये है।

Realme Narzo 80 Lite

Realme Narzo 80 Lite को 11,499 रुपये की शुरुआती कीमत में घर ला सकते हैं। यह फोन 11,999 रुपये की कीमत में आता है। फोन की खरीद पर 500 रुपये का कूपन डिस्काउंट मिलेगा। यह फोन 4GB RAM + 64GB में आता है।

यह भी पढ़ें – OnePlus N6 होगा कंपनी का सबसे सस्ता फोन? भारत में लॉन्च के लिए तैयार





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डीएनटी-वंचित वर्गों का 10 फीसदी आरक्षण को लेकर प्रदर्शन: जयपुर में 1 जुलाई को महापड़ाव की चेतावनी, मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा – Baran News




बारां में डीएनटी और वंचित वर्गों ने 10% आरक्षण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पशु पालक संघ, डीएनटी संघर्ष समिति और मूल ओबीसी महापंचायत के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी राज्य सरकार से डीएनटी समाज सहित वंचित वर्गों के लिए 10% आरक्षण की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो 1 जुलाई को जयपुर में महापड़ाव किया जाएगा। डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य डीएनटी समाज की 11 सूत्री मांगों को लागू करवाना है। इन मांगों में डीएनटी समाज को अलग से 10% आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी, आवासीय पट्टे, भूमि अधिकार और शिक्षा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। उन्होंने मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता कर मांगों के समाधान के लिए स्पष्ट रोडमैप और वार्ता की तिथि तत्काल घोषित करने की मांग की। समिति के सह-अध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया ने बताया कि समाज पिछले दो वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के साथ पूर्व में हुई वार्ताओं के बावजूद मांगों पर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। कालबेलिया ने आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। सह-अध्यक्ष कालूराम योगी ने कहा कि अब इस आंदोलन में वंचित ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग भी शामिल हो चुके हैं। उन्होंने आरक्षण के उपवर्गीकरण और सभी वर्गों को न्यायोचित प्रतिनिधित्व देने की मांग उठाई। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा और 1 जुलाई को जयपुर में बड़ा महापड़ाव आयोजित किया जाएगा।



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‘सोशल मीडिया बदनामी का अड्डा नहीं’, हाईकोर्ट ने सलमान संग विवाद पर पड़ोसी को लगाई फटकार


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बॉम्बे हाईकोर्ट ने अभिनेता सलमान खान और उनके पड़ोसी केतन कक्कड़ के विवाद पर अहम बयान दिया है. कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया का अधिकार किसी को भी दूसरों को बदनाम करने का लाइसेंस नहीं देता. सलमान खान के पड़ोसी ने उनके पनवेल फार्महाउस का वीडियो पोस्ट किया था. भाईजान ने इसे मानहानि और सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बताते हुए कोर्ट का रुख किया था. जबकि पड़ोसी का आरोप था कि सलमान ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करके उनका रास्ता रोका है. न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि शिकायतों को अधिकारियों के पास ले जाने के बजाय सीधे सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं किया जाना चाहिए. हाईकोर्ट ने कीमती न्यायिक समय की बर्बादी का हवाला देते हुए केतन कक्कड़ को विवादित पोस्ट हटाने पर विचार करने का सुझाव दिया है. अगली सुनवाई 6 जुलाई तय की है.

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विवाद सलमान खान के फार्महाउस को लेकर है.

नई दिल्ली: बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर एक बेहद जरूरी और बड़ी बात कही है. कोर्ट का कहना है कि सोशल मीडिया का एक्सेस मिलने का मतलब यह नहीं है कि कोई भी किसी के खिलाफ कुछ भी मानहानि वाली बातें पोस्ट करने लगे. फिर चाहे वह इंसान कोई आम नागरिक हो या कोई बड़ा सेलिब्रिटी. दरअसल, यह पूरा मामला बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और उनके पनवेल फार्महाउस के पड़ोसी केतन कक्कड़ के बीच का है. न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की पीठ ने इस बात पर कड़ा एतराज जताया. उन्होंने सवाल उठाया कि लोग अपनी कानूनी शिकायतों को सरकारी अधिकारियों के पास ले जाने के बजाय चीजें सीधे सोशल मीडिया पर क्यों अपलोड कर देते हैं?

विवाद की शुरुआत तब हुई, जब सलमान के पड़ोसी केतन कक्कड़ ने आरोप लगाया कि अभिनेता ने अपने फार्महाउस का कंस्ट्रक्शन नियमों को ताक पर रख किया था. ईटाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान के पड़ोसी ने उन पर उनकी जमीन का रास्ता भी रोकने का आरोप लगाया. केतन कक्कड़ का दावा है कि उन्होंने इस बारे में अधिकारियों से शिकायत भी की थी, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो उन्होंने सोशल मीडिया का सहारा लिया. जवाब में सलमान खान ने केतन कक्कड़ के खिलाफ मानहानि का केस ठोक दिया. सलमान का कहना है कि पड़ोसी ने उनके फार्महाउस की एक्टिविटीज को लेकर जो वीडियो पोस्ट शेयर किए हैं, वे न सिर्फ उनकी अमेज खराब करने वाले हैं, बल्कि सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ भी हैं.

6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
सलमान खान ने पहले सिविल कोर्ट से इन वीडियो को हटवाने की मांग की थी, लेकिन वहां से राहत न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाईकोर्ट ने सुनवाई में कहा कि कोर्ट का कीमती समय सिर्फ इस बात की जांच में बर्बाद नहीं होना चाहिए कि किसका पोस्ट मानहानि करने वाला है और किसे हटाना चाहिए. पीठ ने साफ शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया दूसरों को बदनाम करने का अड्डा नहीं है. आखिर में, कोर्ट ने सलमान के पड़ोसी केतन कक्कड़ को सुझाव दिया कि वे खुद ही उन विवादित पोस्ट और वीडियो को सोशल मीडिया से हटाने पर विचार करें. अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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सरकार किसानों पर खर्चा करेगी 3.4 लाख करोड़! हर किसी को हजारों का फायदा


नई दिल्ली. खरीफ का सीजन शुरू होने वाला है और किसानों को सस्‍ते व पर्याप्‍त फर्टिलाइजर्स की चिंता भी सताने लगी है. ईरान संकट के बीच महंगे हो रहे आयात को देखते हुए आशंका जताई जा रही थी कि इस साल उर्वरक की उपलब्‍धता पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने इसका तगड़ा प्‍लान बना लिया है. सरकार ने गुरुवार को कहा कि देश में उर्वरकों का भंडार चालू खरीफ सीजन की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. साथ ही सब्सिडी भी पहले लगाए गए अनुमान से कम हो सकती है, क्‍योंकि ग्‍लोबल मार्केट में इसकी कीमतों में गिरावट देखी जा रही है.

सरकार ने पहले अनुमान लगाया था कि ग्‍लोबल मार्केट में उर्वरक की बढ़ती कीमतों के कारण सब्सिडी का आंकड़ा करीब 3.4 लाख करोड़ रुपये पहुंच सकता है. पिछले दिनों आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि अगर सब्सिडी को हटा दिया जाए तो एक बोरी यूरिया की कीमत 4,000 रुपये से भी ज्‍यादा हो सकती है. जाहिर है कि इस कीमत पर यूरिया खरीदकर खेती करना किसानों के लिए नामुमकिन होगा. इसी तरह, अन्‍य उर्वरकों की कीमतें भी बिना सब्सिडी के बेकाबू हो सकती हैं. लिहाजा चालू वित्‍तवर्ष में उर्वरक सब्सिडी का अनुमान बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया था. सरकार इन पैसों से किसानों पर पड़ने वाले बोझ को खत्‍म करेगी. हालांकि, अब ग्‍लोबल मार्केट में उर्वरक की कीमतों में नरमी आई है, जिससे सब्सिडी का आंकड़ा भी आने वाले समय में कम हो सकता है.

देश की उर्वरक सुरक्षा मजबूत
पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम पर एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अपर सचिव अपर्णा एस शर्मा ने कहा कि देश में उर्वरकों की स्थिति संतोषजनक है. भारत की उर्वरक सुरक्षा पहले की तरह मजबूत बनी हुई है. जब उनसे पूछा गया कि क्या 2026-27 के लिए 3.4 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी के अनुमान को वैश्विक कीमतों में गिरावट के कारण कम किया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सब्सिडी का अनुमान इस धारणा पर आधारित था कि मौजूदा रुझान जारी रहेगा. लेकिन, हाल ही में सरकार की ओर से हमारे एक उपक्रम द्वारा किए गए टेंडर के परिणामस्वरूप निश्चित रूप से सब्सिडी के आंकड़ों का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ेगा और हम इस पर फिर से विचार करेंगे.

कितनी हो गई अब यूरिया की कीमत
अपर सचिव ने यह भी कहा कि पुनर्मूल्यांकन आपूर्तिकर्ताओं द्वारा दी गई मात्रा की पुष्टि और कुल आयात पर निर्भर करेगा. सरकारी कंपनी नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड ने हाल ही में 17 लाख टन यूरिया आयात के लिए टेंडर निकाला था, उसे 60 लाख टन से ज्यादा की बोलियां मिली हैं, जिसमें सबसे कम दर लगभग 445 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रही है. इस ताजा टेंडर में जो दरें आई हैं, वे अप्रैल में इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) द्वारा निकाले गए टेंडर की तुलना में 50 फीसदी से भी कम हैं, जिसका कारण ग्‍लोबल मार्केट में यूरिया कीमतों में आई गिरावट है.

सब्सिडी दोगुनी करने की अपील
इससे पहले सरकारी सूत्रों ने बताया था कि उर्वरक मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से 2026-27 के लिए बजट में तय 1.71 लाख करोड़ रुपये की तुलना में उर्वरक सब्सिडी को 100 फीसदी यानी करीब दोगुना बढ़ाने का अनुरोध किया है. यूरिया की वैश्विक कीमतों में गिरावट के बारे में शर्मा ने कहा कि नए देश निर्यात के लिए बाजार में आए हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति बढ़ी है. साथ ही भारत की मजबूत स्टॉक पोजिशन और निर्बाध घरेलू उत्पादन भी दरों को प्रभावित करने वाले कारक हो सकते हैं. कीमतों में गिरावट का कारण नए देशों का बड़े पैमाने पर बाजार में आना है. इससे कीमतें काफी नीचे आ गई हैं. हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है और हमारा उत्पादन भी लगातार चल रहा है.

देश में कितना यूरिया भंडार और कितनी जरूरत
शर्मा ने कहा कि हम 10 लाख टन या 20 लाख टन और आयात कर सकते हैं. हम अपने स्टॉक पर भी नजर रखेंगे. मानसून के खतरे को देखते हुए, जो भी अनुमान लगाया गया है, वह हमारे आयात को खरीफ सीजन में मार्गदर्शन देगा. खरीफ 2026 के लिए कृषि विभाग ने उर्वरक की जरूरत 383.9 लाख टन आंकी है, जबकि इसके मुकाबले स्टॉक 197.56 लाख टन है. संकट के बाद घरेलू यूरिया उत्पादन 71.41 लाख टन, डीएपी लगभग 10.04 लाख टन, एनपीके कॉम्प्लेक्स 22.96 लाख टन और एसएसपी लगभग 14 लाख टन रहा है. यानी कुल मिलाकर 153.79 लाख टन उर्वरक आयात और घरेलू उत्पादन के जरिए हमारे स्टॉक में जोड़े गए हैं. देश का यूरिया उत्पादन 2014-15 में 225 लाख टन से बढ़कर 2024-25 में 306.67 लाख टन हो गया है.

कितना है उर्वरक का खुदरा मूल्‍य
देश में फिलहाल नीम कोटेड यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 242 रुपये प्रति बोरी (45 किलो) है, जबकि डीएपी 1,350 रुपये प्रति बोरी (50 किलो) बिक रहा है. यूरिया, डीएपी, एनपीके और एसएसपी सहित कुल घरेलू उर्वरक उत्पादन 2021 में 433.29 लाख टन से बढ़कर 2025 में रिकॉर्ड 524.62 लाख टन हो गया है. पिछले कैलेंडर वर्ष में देश की कुल उर्वरक जरूरत का लगभग 73 फीसदी घरेलू उत्पादन से पूरा किया गया. इसके अलावा भारत 28 देशों ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्की और नीदरलैंड से यूरिया खरीदता है, जबकि डीएपी और एनपीके भी रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब (रेड सी के जरिए) से खरीदा जाता है.



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