चित्रकूट में ग्रामीण क्षेत्रों की नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट और स्टैंडर्ड चार्टर्ड के सहयोग से रविवार को ‘रूरल आई केयर एजुकेशन एकेडमी’ का शुभारंभ किया गया। इस एकेडमी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 20 हजार से अधिक नेत्र देखभाल पेशेवर तैयार करना है, जिसमें महिलाओं और वंचित वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। एकेडमी का उद्घाटन मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने किया। इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य राजीव नयन चौबे (सेवानिवृत्त आईएएस), स्टैंडर्ड चार्टर्ड की भारत की सस्टेनेबिलिटी प्रमुख करूणा भाटिया, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन और श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के निदेशक एवं कार्यकारी ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन उपस्थित रहे। इस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित, रोजगारपरक और लैंगिक समावेशी नेत्र स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करना है। यहां नेत्र रोग विशेषज्ञों, एलाइड ऑप्थैल्मिक पर्सनल, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और नेत्र देखभाल प्रबंधकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रबंधन पाठ्यक्रमों में कम से कम 50 प्रतिशत और एलाइड ऑप्थैल्मिक प्रशिक्षण में 70 प्रतिशत तक महिलाओं को अवसर देने की योजना है। एकेडमी में सिमुलेशन आधारित स्किल लैब, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां दीर्घकालिक रोजगारपरक कोर्स के साथ अल्पकालिक क्लीनिकल एवं प्रबंधकीय प्रशिक्षण भी संचालित होंगे। सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय पिछले पांच दशकों से मध्य और उत्तरी भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के ‘सीइंग इज बिलीविंग’ कार्यक्रम के सहयोग से अब तक 8.5 लाख से अधिक लोगों की नेत्र जांच, दो लाख से ज्यादा चश्मों का वितरण और 68 हजार से अधिक मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में 64 विजन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन महिला विजन टेक्नीशियन कर रही हैं। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान देशभर में नेत्र चिकित्सा के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा। करूणा भाटिया ने इस अवसर पर कहा कि स्थायी बदलाव के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और प्रशिक्षित कार्यबल आवश्यक है।
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चित्रकूट में रूरल आई केयर एकेडमी का शुभारंभ: अगले तीन वर्षों में 20 हजार नेत्र देखभाल पेशेवर तैयार होंगे – Chitrakoot News
भोजपुर में 8 साल के बच्चे की मौत: खेलने के दौरान अमरूद के पेड़ से नीचे गिरा, गला दबने से गई जान – Bhojpur News
भोजपुर में 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। अमरूद के पेड़ से गिरने और गला दबने के कारण हादसा हुआ है। मृतक की पहचान देवकुली गांव निवासी सनत कुमार दुबे के पुत्र इशांत कुमार के तौर पर हुई है। घटना गड़हनी थाना क्षेत्र के बड़ौरा गांव की है। मृतक की मां ने बताया कि इशांत घर में खेल रहा था। इस दौरान मैंने उससे कहा कि चलो नहा लो, तो उसने कहा कि ठीक है मैं आता हूं। इस बीच वह घर के पास अमरूद के पेड़ पर चढ़ गया। जहां से गिर जाने के कारण उसके गला दब गया। कुछ देर बाद मैंने अपनी बेटी को कहा कि देखो बाबू कहां गया है। जब उसकी बहन वहां पहुंची तो उसने देखा कि वह पेड़ से लटका हुआ है। आनन-फानन में अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर में मचा कोहराम इशांत घर में इकलौता लड़का था। परिवार में मां और दो बहन श्रेष्ठी, श्रेया है। मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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विदिशा में SATI कॉलेज गेट के सामने मिनी ट्रक पलटा: तेल की कैन भरकर बसौदा जा रहा था, डिवाइडर बनाने के बाद नहीं लगाए रिफ्लेक्टर-चेतावनी बोर्ड – Vidisha News
विदिशा शहर के सिविल लाइन रोड स्थित SATI कॉलेज गेट के सामने शनिवार रात करीब 8 बजे एक मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और पलट गया। ट्रक अडानी फैक्ट्री से तेल की कैन लेकर बासौदा जा रहा था। हादसे में चालक सुरक्षित रहा। हालांकि, वाहन और उसमें
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बाइक सवार को बचाने के दौरान हुआ हादसा
ट्रक चालक सलीम ने बताया कि रास्ते में अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। पुलिस ने पलटे हुए वाहन को हटाने की कार्रवाई शुरू कराई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की डिवाइडर वाली सड़कों पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि ईदगाह चौराहा से मुखर्जी नगर मार्ग पर भी अक्सर हादसे होते रहते हैं। दो दिन पहले भी इसी तरह एक कार रात के समय डिवाइडर पर चढ़ गई थी। उस हादसे में वाहन को भारी नुकसान हुआ था, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई थी।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सड़कों पर डिवाइडर तो बना दिए गए हैं, लेकिन पर्याप्त रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत, रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
दिल्ली के ये हैं टॉप साउथ इंडिया रेस्टोरेंट, डोसा प्रेमियों के लिए है जन्नत
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Delhi Best Restaurants: अगर आप साउथ इंडियन खाने के शौकीन हैं और दिल्ली में बेस्ट साउथ इंडियन रेस्टोरेंट की तलाश कर रहे हैं तो आपको बता दें कि दिल्ली में एक नहीं, बल्कि कई साउथ इंडियन रेस्टोरेंट हैं. जहां पर इडली, सांभर, मसाला डोसा और पनीर डोसा से लेकर सब कुछ मिलता है. इन रेस्टोरेंट में साउथ इंडियन स्टाइल में ही खाना भी परोसा जाता हैं. आइये यहां जानते हैं दिल्ली के बेस्ट रेस्टोरेंट को बारे में.
साउथ इंडियन रेस्टोरेंट जो दिल्ली में सबसे ऊपर आता है, उसमें जगरनॉट रेस्टोरेंट का नाम सबसे पहले आता है. जो कि ग्रेटर कैलाश-1 में है. यहां पर बेहतरीन डोसा, पोडी इडली, रसम और साउथ इंडियन थाली मिलती है. साउथ इंडियन टूरिस्ट यहां पर जरूर आता है और तो और दिल्ली वाले भी यहां पर साउथ इंडियन खाने का मजा लेने हमेशा आते हैं. यही वजह है कि यह रेस्टोरेंट हमेशा फुल रहता है. यहां पर लंबी वेटिंग चलती है.

यही नहीं, सरवन भवन रेस्टोरेंट जो कि जनपथ, कनॉट प्लेस में है. यह एक ऑथेंटिक तमिल शैली का स्वाद, इडली, मसाला डोसा और फिल्टर कॉफी के लिए लोगों का पसंदीदा रेस्टोरेंट है. यहां का फूड सस्ता और अच्छा होता है. यहां पर हमेशा आपको लोगों की भीड़ नजर आ जाएगी.

दशाप्रकाश जो कि दिल्ली के कनॉट प्लेस में है, यह रेस्टोरेंट भी शुद्ध शाकाहारी खाने के लिए मशहूर है. यहां का मैसूर मसाला डोसा, रवा डोसा और पारंपरिक दक्षिण भारतीय नाश्ते के लिए शानदार विकल्प हैं. यहां का साउथ इंडियन फूड बेहद चटपटा होता है. साउथ इंडियन के साथ जो लोग शुद्ध शाकाहारी खाना पसंद करते हैं. उनको यह बहुत पसंद आता है.
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दक्षिण शेराटन न्यू दिल्ली जो कि साकेत में है. यह अपने प्रीमियम डाइनिंग के साथ केरल, तमिलनाडु, आंध्र और कर्नाटक के प्रामाणिक व्यंजन के लिए बेहद मशहूर है. हालांकि यह थोड़ा महंगा है, लेकिन यहां पर भी साउथ इंडियन फूड का स्वाद लेने लोग आते हैं.

दिल्ली का एक और ऐसा रेस्टोरेंट है. जो अपने साउथ इंडियन खाने के साथ साथ स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करने के मामले में भी काफी मशहूर है. इसका नाम नैवेद्यम है जोकि आईआईटी दिल्ली के साथ ही हौज़ खास और नोएडा तक फैला हुआ है. इनकी कई ब्रांच पूरे दिल्ली में हैं. यह रेस्टोरेंट केले के पत्ते पर परोसी जाने वाली थाली और पारंपरिक स्वाद के लिए प्रसिद्ध है.

कर्नाटक फूड सेंटर जो कि दिल्ली के आरकेपुरम में है. यह एक किफायती और स्वादिष्ट मैसूर मसाला डोसा, वड़ा और केसरी बाथ के लिए मशहूर है. यहां पर टूरिस्ट और लोकल दिल्ली वाले भी जाते हैं. यहां का खाना ऐसा है कि एक बार अगर आपने खा लिया तो आप बार बार यहीं पर खाने आयेंगे.
सिया और केतन ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट खोजा: लोहगढ़ किले पर केतन को मारने की रिहर्सल की, पुलिस के सवालों के जवाब भी सर्च किए
पुणे7 मिनट पहले
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चेतन और सिया 17 जून को पुणे के एक कैफे में मिले थे। यहीं पर केतन का मर्डर प्लान किया था।
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस को साजिश से जुड़े कई सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने गूगल मैप पर लोहगढ़ किले की पगडंडियों, खतरनाक जगहों और खाइयों की जानकारी जुटाई।
दोनों ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट’ और ‘जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो’ जैसी सवाल भी गूगल पर सर्च किया था।
दोनों ने पहले से यह भी तय कर लिया था कि पूछताछ के दौरान क्या जवाब देना है। कौन-कौन से व्हाट्सएप मैसेज डिलीट करने हैं। मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से भी साजिश की पुष्टि हुई है।
चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मर्डर के दिन अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था। इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। पुलिस डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज की भी फोरेंसिक जांच करा रही है।
क्रिकेट मैच के दौरान पहचान हुई थी
पुलिस के मुताबिक, सिया की चेतन से पहचान क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। सिया के भाई साहिल ने भी पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह चेतन को पहले से जानता था। जांच एजेंसियां दोनों के बीच संबंध और साजिश की पूरी टाइमलाइन खंगाल रही हैं।

सिया और चेतन का ये वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखती नजर आ रहे है। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
केतन की मां बोलीं- दोनों के फांसी की सजा मिले
केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ में परिवार और सोसाइटी के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘मेरा 26 साल का बेटा बिना किसी गलती के मारा गया। मैं उसकी शादी कराने निकला था, लेकिन बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। मेरी सिर्फ एक मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।’
केतन की मां राखी अग्रवाल ने कहा, ‘मैं एक मां हूं और सिया की भी मां है। इसके बावजूद मैं चाहती हूं कि सिया और चेतन, दोनों को फांसी की सजा मिले। मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।’
सिया के परिवार से पूछताछ की 2 तस्वीरें…
गोयल के माता-पिता प्रवीण गोयल और पूजा गोयल से शनिवार को लोणावला पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। इससे पहले शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है।

शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता को पुणे पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया।

शुक्रवार को आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की।
केतन मर्डर केस में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए…
दावा- केतन का सिर कुचला हुआ था
नया दावा सामने आया है। केतन का शव रेस्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया है कि केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई जगह चोट थीं। अन्य लोग रो रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन सिया गोयल शांत खड़ी थी। ‘
सुनील ने कहा- शव को जंगल के रास्ते बाहर लाया गया। पुलिस को 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। बचाव अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला और करीब 1:30 बजे शव एंबुलेंस में पहुंचाया गया था।
केतन के पिता बोले- घटना वाले दिन ही सिया पर शक हुआ
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए थे। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी जवाब नहीं दिया।
चेतन के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया था कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकाला जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर उसकी पहचान की गई।
दरअसल, सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हुई थी। सिया पर बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मंगेतर की हत्या का आरोप है। दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
बुआ सिया को ले गई, तभी परिवार का शक गहराया
केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही। सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।

सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई नवंबर, 2025 में हुई थी। दोनों के परिवार शादी की तैयारियां कर रहे थे।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर सिया के अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया-चेतन ने चैट डिलीट की
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डेटा रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे।
ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
पुलिस का दावा- विग और हकलाने की वजह से की हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, केतन के पिता के मुताबिक शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
सिया की मां पूजा बोलीं- इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
सिया ने पिता प्रवीण ने कहा कि सिया ने खुद कहा था कि केतन से उसका रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था। केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।

सिया के माता-पिता ने गुरुवार को पहली बार मीडिया से इस केस पर बात की। पिता ने कहा कि केतन और सिया को एक-दूसरे से प्यार था।
केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन

केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।
केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था। दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर

31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा
11 फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया
सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया
सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया
19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।

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अमेरिका ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया: ईरान का कुवैत-बहरीन पर अटैक; होर्मुज में एक और जहाज पर हमला
अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताई। CENTCOM के मुताबिक ये हमले होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए। यह कार्रवाई ‘एम/टी किकु’ नाम के तेल टैंकर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई है। रॉयटर्स के मुताबिक होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। जहाज को नुकसान पहुंचा, लेकिन वह आगे बढ़ रहा है। अमेरिका ने ईरान पर हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यह कार्रवाई अमेरिका की ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले का यह वीडियो जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हवाई हमले: अमेरिका ने शुक्रवार को करीब एक घंटे तक ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम तोड़ा था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
2. ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला: ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, किन ठिकानों पर हमला हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
3. होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला: ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा है, लेकिन सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और तेल रिसाव की सूचना नहीं है।
4. खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां: ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए उनके पार्थिव शरीर को सड़क के बजाय हेलिकॉप्टर या सैन्य विमान से ले जाने पर विचार किया जा रहा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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‘वेलकम टू द जंगल’ ने बॉक्स ऑफिस पर उड़ा दिया गर्दा, दूसरे दिन कलेक्शन में 31 फीसदी उछाल
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सुपरस्टार अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी ड्रामा ‘वेलकम टू द जंगल’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी किश्त को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसके चलते दूसरे दिन फिल्म की कमाई में बड़ा उछाल देखा गया. पेड प्रिव्यूज और शनिवार के दमदार कलेक्शन की बदौलत फिल्म ने महज दो दिनों में 40 करोड़ के करीब पहुंच गई है. वीकेंड पर फिल्म की यह रफ्तार बॉक्स ऑफिस पर बड़े रिकॉर्ड की तरफ इशारा कर रही है.
नई दिल्ली. सुपरस्टार अक्षय कुमार की कॉमेडी-एक्शन ड्रामा ‘वेलकम टू द जंगल’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस मल्टीस्टारर फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है, जिसके दम पर मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद शानदार शुरुआत की. पहले दिन ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर डबल डिजिट के साथ धुआंधार बिजनेस किया.

अब ‘वेलकम टू द जंगल’ ने दूसरे दिन भी डबल डिजिट में ही कलेक्शन किया है. कमाल की बात है कि शनिवार को फिल्म की कमाई में 31.1 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया है. ट्रे़ड वेबसाइट सैकनिल्क के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन 20 करोड़ रुपये का दमदार कलेक्शन किया.

यह आंकड़ा पहले दिन हुई 15.25 करोड़ की कमाई से भी बेहतर है. वहीं, पेड प्रिव्यूज से मिले 3.75 करोड़ को मिलाकर ‘वेलकम टू द जंगल’ का इंडिया में नेट कलेक्शन 39 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि इसका इंडिया ग्रोस कलेक्शन 46.80 करोड़ रुपये हो चुका है.
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इसी के साथ अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ इस साल बॉलीवुड की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई है. इस लिस्ट में पहले दो नंबर पर ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (238.60 करोड़ रुपये) और ‘बॉर्डर 2’ (43.50 करोड़ रुपये ) का कब्जा है.

फिल्म की कहानी एक चालाक पॉलिटिशियन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी 2000 करोड़ की अघोषित दौलत को टैक्स रेड से बचाने के लिए नकली फिल्म बनाने का ढोंग रचता है. वह इस मनगढ़ंत फिल्म में फ्लॉप एक्टर्स और नौसिखिए डायरेक्टर को जबरदस्ती कास्ट करता है. असली ट्विस्ट तब आता है, जब नेता का सारा पैसा गायब हो जाता है. अब इस अतरंगी टीम को 24 घंटे में फिल्म सुपरहिट बनानी है, जहां उनका सामना खतरनाक आतंकवादियों से होता है.

इस फिल्म को एए नाडियाडवाला, केप ऑफ गुड फिल्म्स और स्टार स्टूडियो18 द्वारा सीता फिल्म्स और राकेश डांग के सहयोग से पेश किया गया है. मशहूर ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की इस तीसरी किश्त में अक्षय कुमार के अलावा कई सितारों की फौज है, जो शायद ही बॉलीवुड के इतिहास में किसी फिल्म में नजर आई होगी.

अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ में सुनील शेट्टी, परेश रावल, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे सितारे शामिल हैं. अक्षय कुमार की इस कॉमेडी मूवी में लगभग 34 सितारों ने काम किया है.

इसके साथ ही आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदु दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृही कोदवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली जैसे कई और जाने-माने चेहरे भी इस फिल्म में अपनी कॉमेडी और एक्टिंग का तड़का लगाया है.
बर्बाद कर देता है प्रॉपर्टी का झगड़ा, विवाद से बचने के लिए जरूर करें ये 5 काम
नई दिल्ली. पैसों या प्रॉपर्टी को लेकर होने वाला विवाद किसी भी हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर सकता है. भारत में आज भी अदालतों में चल रहे ज्यादातर पारिवारिक मुकदमों की मुख्य वजह संपत्ति का बंटवारा ही है- फिर चाहे वह मकान हो, जमीन हो, कैश हो या कोई बिजनेस.
कई बार मामला लालच का नहीं होता, बल्कि लोग अपने किसी करीबी की आखिरी इच्छा को ठीक से समझ नहीं पाते या फिर उन्हें संपत्ति के सही कागजात ही नहीं मिलते. इन कानूनी चक्करों में सालों बर्बाद हो जाते हैं और समय के साथ-साथ ढेर सारा पैसा भी पानी की तरह बह जाता है. अच्छी बात यह है कि सही प्लानिंग से इस पूरी परेशानी से बचा जा सकता है.
1. साफ और कानूनी रूप से वैध वसीयत बनाएं
भविष्य के झगड़ों से बचने का सबसे बेहतरीन तरीका है एक कानूनी रूप से मजबूत वसीयत बनाना. वसीयत में साफ लिखा होता है कि आपके जाने के बाद किसे क्या मिलेगा. अगर वसीयत नहीं होगी, तो संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकार कानून के हिसाब से होगा, जो शायद आपकी इच्छा के मुताबिक न हो. वसीयत में सभी वारिसों के नाम और संपत्ति का पूरा ब्योरा साफ-साफ होना चाहिए.
2. नॉमिनेशन अपडेट रखें
ज्यादातर लोग सोचते हैं कि बैंक अकाउंट, बीमा या इन्वेस्टमेंट में जिसे नॉमिनी बनाया है, वही उस संपत्ति का मालिक होगा. लेकिन ऐसा नहीं है बल्कि कई मामलों में नॉमिनी सिर्फ एक केयरटेकर होता है, असली मालिक नहीं. इसलिए शादी, तलाक, बच्चे के जन्म या किसी हादसे के बाद नॉमिनेशन को तुरंत अपडेट करें और इसे अपनी वसीयत के हिसाब से ही रखें ताकि कोई भ्रम न रहे.
3. अपनी सभी संपत्तियों का पूरा रिकॉर्ड रखें
कई बार झगड़ा सिर्फ इसलिए होता है क्योंकि परिवार वालों को पता ही नहीं होता कि कुल कितनी संपत्ति है. बैंक खाते, एफडी, म्यूचुअल फंड, शेयर और बीमा के कागजात अलग-अलग जगह बिखरे होने के कारण बाद में उन्हें ढूंढना मुश्किल हो जाता है. अपनी सभी संपत्तियों और कर्ज की एक लिस्ट बनाकर रखें, जिससे परिवार के लिए चीजें आसान हो जाएं.
4. अपने प्लान के बारे में परिवार से बात करें
संपत्ति और मौत जैसे विषयों पर बात करना थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन चुप्पी और भी खतरनाक हो सकती है. अगर आप कोई बड़ा फैसला ले रहे हैं, तो उस पर परिवार से खुलकर बात करें. आपको अपनी पूरी संपत्ति की पाई-पाई बताने की जरूरत नहीं है, बस उन्हें अपने फैसले की वजह समझा दें ताकि बाद में उन्हें कोई झटका न लगे.
5. समय-समय पर अपने प्लान की समीक्षा करें
जिंदगी बदलती रहती है, इसलिए आपकी संपत्ति की प्लानिंग भी बदलनी चाहिए. शादी, बच्चे का होना या कोई नई बड़ी प्रॉपर्टी खरीदने पर अपनी वसीयत और नॉमिनेशन को दोबारा चेक करें और जरूरत पड़ने पर बदलें. एक पुरानी और अधूरी वसीयत, वसीयत न होने जितनी ही खतरनाक हो सकती है.
एमपी में बिजली गिरने से 4 की मौत: मानसून 22 राज्यों में पहुंचा, आज यूपी में एंट्री संभव; राजस्थान में पारा 43°C पार
भोपाल/जयपुर/लखनऊ/पटना1 घंटे पहले
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देश के 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि, सात राज्यों में तेज गर्मी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पारा 43°C से ज्यादा दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच शनिवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग झुलस गए। शिवपुरी में तेज हवा से कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। एक ढाबा और मकान ढह गया। कार, बाइक और पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचा।
रतलाम में बारिश से सड़कों और अंडरब्रिज में पानी भर गया। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में भी बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। राजस्थान के 16 जिलों में बारिश हुई। बिहार के बेगूसराय, बांका समेत 6 जिलों में तेज बारिश हो रही है। मुजफ्फरपुर में 1 घंटे की बारिश से कई जगह पानी जमा हो गया है।
मानसून ने देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। यूपी में मानसून 9 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है, लेकिन इस बार 16 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका हुआ है। यह आज बिहार बॉर्डर से प्रदेश में एंट्री कर सकता है।
पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून…

देशभर से बारिश की 3 तस्वीरें…

मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में खेत में काम कर रहे युवक पर बिजली गिर गई।

मध्य प्रदेश के रतलाम शनिवार दोपहर के बाद तेज बारिश हुई।

राजस्थान के श्रीगंगानगर में बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया।
7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40° पार
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के फलोदी में 43.8°C दर्ज किया गया।
वहीं यूपी के आगरा और प्रयागराज में 43.2°C, हरियाणा के भिवानी में 43°C, एमपी के उमरिया में 42°C, दिल्ली में 41.9°C और गुजरात के राजकोट में 40.9°C रहा। यूपी के अलीगढ़ में गर्मी की वजह से 8वीं तक के स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई।

अगले 2 दिन के मौसम का हाल
29 जून:
- असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी।
- सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है।
- आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है।
- मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र (नागपुर-अमरावती रीजन) में लगातार चौथे दिन हीटवेव का अलर्ट है।
30 जून:
- छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरलम, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है।
- बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी।
- राजस्थान में 30-40kmph की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव जारी रहेगी।
राज्यों के मौसम का हाल…
मध्य प्रदेश: 45 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40°C पार

मध्य प्रदेश में 24 जून को मानसून ने एंट्री की थी, लेकिन बीते 4 दिन से मानसून उन्हीं 15 जिलों में ठहरा हुआ है, जहां से दाखिल हुआ था। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिन मानसून राज्य में आगे बढ़ सकता है। पूरे राज्य को कवर कर सकता है। इधर, राज्य में तेज गर्मी भी जारी है। शनिवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 40°C से ज्यादा रहा। पूरी खबर पढ़ें…
उत्तर प्रदेश: प्री-मानसून बारिश के बीच 50 जिलों में आज हीटवेव का अलर्ट, प्रयागराज देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

यूपी में प्री-मानसून बारिश के बीच तेज गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। मौसम विभाग ने आज बांदा, कौशाम्बी समेत 50 जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं, शनिवार रात लखनऊ, कानपुर और उन्नाव में तेज बारिश हुई। लखनऊ में सुबह भी बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान: 26 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट, बांसवाड़ा-पाली में 76mm बारिश; जैसलमेर-बाड़मेर में पारा 43°C पार

राजस्थान के 26 जिलों में आज आंधी-बारिश का अलर्ट है। प्री-मानसून बारिश का असर 1 जुलाई तक रहेगा। शनिवार को उदयपुर, बांसवाड़ा, पाली समेत में 76mm बारिश हुई। उदयपुर में बाकल नदी बहने लगी, पहले इसमें कम पानी था। इसके अलावा राज्य में तेज गर्मी का भी असर है। बाड़मेर, जैसलमेर में अधिकतम तापमान 43°C पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें…
बिहार: 17 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, पटना में छाए बादल; 28 जून को 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

बिहार के 17 जिलों में आज बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 5 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में 60kmph की रफ्तार से हवा चलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में तेज गर्मी और उमस की भी स्थिति है। शनिवार को 41.7°C अधिकतम तापमान के साथ कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। बक्सर का तापमान 41.2°C रहा। पूरी खबर पढ़ें…

मां की मधुर आवाज से सीखा संगीत का ककहरा, बना बॉलीवुड का टॉप म्यूजिक कंपोजर
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मुंबई के एक सफल बिजनेस परिवार में जन्मे मशहूर म्यूजिक कंपोजर का बचपन सुख-सुविधाओं में बीता. पिता एक सफल बिल्डर थे, लेकिन बिजनेस संभालने के बजाय उनका दिल संगीत के लिए धड़का. उन्हें संगीत की शुरुआती प्रेरणा अपनी मां से मिली, जिन्हें घर में गुनगुनाते देख उन्होंने सुरों का ककहरा सीखा. मां की उसी सीख की बदौलत उन्होंने पहले एक रॉक बैंड बनाया और फिर बॉलीवुड में शानदार म्यूजिक जोड़ी के रूप में पहचान बनाकर इंडस्ट्री को अनगिनत ब्लॉकबस्टर गाने दिए.
नई दिल्ली. मशहूर म्यूजिक कंपोजर और सिंगर विशाल ददलानी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं. 28 जून 1973 को मुंबई के एक समृद्ध सिंधी परिवार में जन्मे विशाल का पालन-पोषण बांद्रा में हुआ. उनके पिता मोती ददलानी एक सफल बिल्डर थे, जिसके चलते उनका बचपन काफी सुख-सुविधाओं में बीता. लेकिन आगे चलकर उन्होंने म्यूजिक को अपना करियर चुना, जिसने उन्हें बॉलीवुड का रॉकस्टार बना दिया.

हिल ग्रेंज हाई स्कूल और एचआर कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने वाले विशाल को संगीत का प्रारंभिक ज्ञान अपनी मां रेशमा ददलानी से मिला, जो अक्सर घर में मधुर आवाज में गुनगुनाया करती थीं. व्यावसायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से होने के बावजूद उन्होंने संगीत को अपनी अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया, जिसने उनके जीवन को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा दी. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)

साल 1994 में गठित ‘पेंटाग्राम’ भारतीय रॉक बैंड ने भारतीय स्वतंत्र संगीत (इंडी रॉक) के परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया. वैकल्पिक रॉक से इलेक्ट्रॉनिक-रॉक की ओर बढ़ते हुए इस बैंड ने साल 1996 में अपना पहला एल्बम ‘वी आर नॉट लिशनिंग’ जारी किया. कारगिल युद्ध के दौरान पेंटाग्राम ने प्रसिद्ध गीतकार जावेद अख्तर और शास्त्रीय गायक शंकर महादेवन के साथ मिलकर भारत का पहला इंटरनेट-विशेष गीत ‘द प्राइस ऑफ बुलेट’ रिकॉर्ड किया. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)
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हालांकि, राजनीतिक रूप से संवेदनशील विषय होने के कारण कई टेलीविजन चैनलों ने इसका प्रसारण नहीं किया. साल 2005 में पेंटाग्राम प्रतिष्ठित ‘ग्लास्टनबरी संगीत समारोह’ (यूके) में प्रदर्शन करने वाला पहला भारतीय बैंड बना. स्वतंत्र संगीत को बढ़ावा देने के लिए विशाल ददलानी ने साल 2002 में विजय नायर के साथ मिलकर ‘ओनली मच लाउडर’ (ओएमएल) की सह-स्थापना की और साल 2015 में अपना खुद का लेबल ‘वीएलटी’ (विशाल लाइक दिस) लॉन्च किया. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)

साल 1999 में शेखर रवजियानी के साथ मिलकर बनी ‘विशाल-शेखर’ की जोड़ी ने बॉलीवुड संगीत के ढांचे को आधुनिक तकनीक से संवारा. फिल्म ‘झंकार बीट्स’ (2003) की सफलता ने उन्हें मुख्यधारा में स्थापित किया और प्रतिष्ठित आरडी बर्मन पुरस्कार दिलाया.
पिछले दो दशकों में उन्होंने ‘ओम शांति ओम’ (2007) और ‘टाइगर जिंदा है’ (2017) जैसी कई सफल फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया. इसके अलावा उन्होंने इमोजेन हीप, डिप्लो और द वैम्प्स जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के साथ भी काम किया, जिससे भारतीय संगीत की वैश्विक पहुंच और मजबूत हुई. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)

विशाल ददलानी के चर्चित गीतों में ‘अजब सी’ (ओम शांति ओम), ‘जी ले जरा’ (तलाश), ‘शीला की जवानी’ (तीस मार खां), ‘छम्मक छल्लो’ (रा.वन), ‘जय जय शिवशंकर’ और ‘घुंघरू’ (वॉर), ‘झूमे जो पठान’ (पठान), ‘बेबी को बेस पसंद है’ (सुल्तान), ‘बिन तेरे’ (आई हेट लव स्टोरीज़) और ‘बॉयज आर बैक’ (तारा रम पम) प्रमुख हैं. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)

म्यूजिक कंपोजर का निजी जीवन भी उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. साल 1999 में उन्होंने प्रियाली कपूर से विवाह किया था. बाद में आपसी सहमति से साल 2017 में दोनों अलग हो गए. इसके बावजूद दोनों परिवारों के बीच आज भी सौहार्दपूर्ण संबंध बने हुए हैं. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)

53 साल के विशाल ददलानी मौजूदा समय में सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल 16’ में जज की भूमिका निभा रहे हैं. इसके साथ ही, वह अपने म्यूजिक पार्टनर शेखर रवजियानी (विशाल-शेखर) के साथ देश-विदेश में म्यूजिक कॉन्सर्ट और लाइव स्टेज शो करने में व्यस्त हैं. विशाल ददलानी ने बतौर जज ‘इंडियन आइडल’ में अपने सफर की शुरुआत सीजन 10 (2018) से की थी. हालांकि, बीच-बीच में उन्होंने कुछ सीजन्स के बाद ब्रेक भी लिया है. (फोटो साभार: Instagram@vishaldadlani)


