Tuesday, July 28, 2026
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फ्यूल महंगा, जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट कम हुई: सूरत की इकलौती फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ 5 दिन चलेगी – Jaipur News




एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की बढ़ती कीमतों का असर अब जयपुर एयरपोर्ट से चलने वाली उड़ानों पर भी दिखाई देने लगा है। इंडिगो एयरलाइंस ने जयपुर से सूरत के बीच चलने वाली इकलौती सीधी फ्लाइट अब सप्ताह में 5 दिन चलेगी है। पहले यह फ्लाइट सप्ताह के सातों दिन संचालित होती थी। अब मंगलवार और गुरुवार को इसका संचालन बंद कर दिया गया है। जयपुर और सूरत के बीच इंडिगो की फ्लाइट 6E-6851 दोपहर 2:05 बजे जयपुर से उड़ान भरती है। यह दोनों शहरों के बीच एकमात्र सीधी हवाई सेवा है। इसका उपयोग व्यापारियों, उद्योगपतियों, टेक्सटाइल कारोबारियों और आम पैसेंजर्स बड़ी संख्या में करते हैं। लेकिन अब सप्ताह में दो दिन फ्लाइट बंद होने से पैसेंजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रूटों की समीक्षा की जा रही एयरलाइन सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी और परिचालन लागत बढ़ने के कारण कई रूटों की समीक्षा की जा रही है। इसी के तहत कुछ सेक्टरों में उड़ानों की संख्या कम करने का फैसला लिया गया है। जयपुर-सूरत रूट भी इसी फैसले से प्रभावित हुआ है। कारोबारी और ज्वेलरी व्यवसायी नियमित ट्रैवल करते हैं सूरत गुजरात का प्रमुख औद्योगिक और डायमंड-टेक्सटाइल हब है। जयपुर से बड़ी संख्या में कारोबारी, ज्वेलरी व्यवसायी और टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े लोग नियमित रूप से इस रूट पर ट्रैवल करते हैं। ऐसे में सप्ताह में दो दिन सीधी फ्लाइट नहीं मिलने से पैसेंजर्स को अहमदाबाद, मुंबई या दिल्ली के जरिए कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ेंगे। बता दें कि पिछले कुछ महीनों में एयरलाइंस लगातार मांग, परिचालन लागत और विमान उपलब्धता के आधार पर अपने नेटवर्क में बदलाव कर रही है। जयपुर एयरपोर्ट से भी कई उड़ानों के समय और संचालन दिनों में बदलाव देखने को मिला है। अब सूरत रूट पर भी कटौती होने से यह संकेत मिल रहे हैं कि अगर परिचालन लागत और बढ़ती है तो अन्य रूट भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि इंडिगो की फ्लाइट 6E-6851 जयपुर से सूरत के लिए अब सोमवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को संचालित होगी।



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हापुड़ में कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का स्वागत, VIDEO: कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से किया अभिनंदन – Hapur News




उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम का मंगलवार को हापुड़ पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निजामपुर बाईपास पर स्वागत किया। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाईं और ‘जय भीम’ का पटका ओढ़ाकर अभिनंदन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने बताया कि राजेंद्र पाल गौतम दिल्ली से रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश प्रभारी के निर्देश पर सभी जिलाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ इस कार्यक्रम में पहुंचने के लिए कहा गया है। राकेश त्यागी ने कहा कि राजेंद्र पाल गौतम के उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी बनने के बाद कार्यकर्ताओं में नया उत्साह देखा जा रहा है। उनके नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हो रहा है और पूरे प्रदेश में कांग्रेस की गतिविधियां तेज हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता पूरी सक्रियता के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रभारी तौकीर आलम भी उनके साथ मौजूद थे। इस स्वागत कार्यक्रम में शहर कांग्रेस अध्यक्ष इरफान अहमद, पूर्व धौलाना विधानसभा प्रत्याशी पंडित अरविंद शर्मा, पिलखुआ नगर अध्यक्ष रजनीश त्यागी, रश्मि चौधरी, मानवी सिंह, सीमा शर्मा नरेश भाटी, अफजाल आढ़ती, चौधरी मुरसलीन, गौरव गर्ग, सौरभ शर्मा, पवन कौशिक, सुधीर शर्मा, आदेश शर्मा, मोहम्मद परवेज, दीपक मोघे, यूसुफ हवारी, आस मोहम्मद, आमिर मलिक, एडवोकेट फुरकान, गुलफाम अली, गुलफाम कुरैशी, विकास कुमार, रामलाल आर्य जयपाल सिंह, खुशनूद अली, देवकीनंदन, सरदार पवनजीत, कुसुम लता, सुखपाल गौतम, यशपाल ढिलोर, सुरेंद्र सिंह, देवेंद्र कुमार, मनोज कुमार, मुकेश शर्मा, शाहनवाज और गोपाल भारती समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।



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नरसिंहपुर में दुकान में घुसकर किराना दुकानदार से मारपीट: तीन युवकों ने बेसबॉल बैट व लाठी-डंडों से मारा; CCTV फुटेज सामने आया – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले के गिधवानी चौराहे पर किराना दुकानदार के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो आज मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित दुकानदार प्रेमराज कुशवाहा ने बताया कि घटना 24 जुलाई की दोपहर की है। दो बाइक पर सवार तीन युवक उनकी दुकान पर आए और दुकान के अंदर घुसकर बेसबॉल बैट व लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में दुकानदार का हाथ फ्रैक्चर हो गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं।
दुकानदार बोला-बेसबॉल बैट और लाठियों से मारा मारपीट के बाद घायल दुकानदार इलाज के लिए जिला अस्पताल गए। पीड़ित ने सोमवार शाम को पुलिस अधीक्षक को मामले की जानकारी दी थी। इसके आज बाद मंगलवार को घटना का सीसीटीवी सामने आया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने बेसबॉल बैट और लाठियों से मारपीट की। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। दरअसल, आरोप है कि 23 जुलाई की रात में शराब के नशे में दोनों पक्षों में गाली गलौज हुई और दूसरे दिन तीन युवक दुकान के अंदर घुस गए और बेसबॉल बैट व लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया।



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जिला परिषद अध्यक्ष के ठिकानों पर EOU की रेड: दुलारी देवी के आवास पर सुबह से दस्तावेजों की जांच जारी, सहयोगी के घर भी छापेमारी – Jamui News




जमुई में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की टीम ने मंगलवार सुबह जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी उनके सहयोगी के आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई सुबह से ही जारी है। ईओयू की टीम दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों ने परिसर में आने-जाने पर निगरानी रखी और आवश्यक कागजात की पड़ताल शुरू की है। फिलहाल, इस संबंध में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हाल के दिनों में जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी अपने नए आवास के निर्माण को लेकर चर्चा में रही थीं। उनके पति गुड्डू यादव का नाम भी पूर्व में आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। ईओयू की इस कार्रवाई को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर तेज है। जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही कार्रवाई के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी। घटनास्थल की तस्वीरें….
खबर अपडेट हो रही है…..



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अंडे और शेक भूल जाइए! वजन घटाने और मसल्स बनाने के लिए खाएं ये 6 हाई-प्रोटीन पराठे


Paratha For Weight Loss : जब भी भारतीय घरों में पराठों की बात होती है, तो दिमाग में सबसे पहले स्वाद और कम्फर्ट फूड का ख्याल आता है. लेकिन जो लोग वजन घटाने (Weight Loss) या मसल्स बनाने (Muscle Growth) की कोशिश में लगे हैं, वे अक्सर कैलोरी और कार्ब्स के डर से पराठों से दूरी बना लेते हैं. अगर आप भी मानते हैं कि बॉडी बनाने या फिट रहने के लिए सिर्फ उबले अंडे, प्रोटीन शेक या सप्लीमेंट्स ही एकमात्र सहारा हैं, तो अब अपनी सोच बदलने का समय आ गया है!

सही सामग्री और थोड़े से फेरबदल के साथ आपकी रसोई में बनने वाले साधारण पराठे भी ‘न्यूट्रिशन पावरहाउस’ बन सकते हैं. ये न केवल आपकी प्रोटीन की दैनिक जरूरत को पूरा करेंगे, बल्कि आपको लंबे समय तक फुल रखकर अनहेल्दी क्रेविंग से भी बचाएंगे.

आइए जानते हैं ऐसे ही 6 स्वादिष्ट और हाई-प्रोटीन पराठों की आसान रेसिपीज, जिन्हें आप ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर में बेझिझक शामिल कर सकते हैं:

1. सत्तू पराठा (Sattu Paratha) –
भुने हुए चने का आटा यानी सत्तू को देसी सुपरफूड माना जाता है. इसमें प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर और मिनरल्स प्रचुर मात्रा में होते हैं. यह डाइजेशन में सुधार करता है, शरीर को ठंडक देता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देता.

कैसे बनाएं: सत्तू में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, नमक, थोड़ा अजवाइन और नींबू का रस मिलाएं. थोड़े से पानी के छींटे देकर स्टफिंग तैयार करें. गेहूं के आटे की लोई में भरकर बेलें और तवे पर थोड़ा सा देशी घी लगाकर सुनहरा सेक लें.

2. मेथी पनीर पराठा (Methi Paneer Paratha) –
यह पराठा ताजी मेथी और प्रोटीन-रिच पनीर का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है. मेथी जहां ब्लड शुगर और पाचन को सही रखती है, वहीं पनीर मसल्स बनाने के लिए जरूरी क्वालिटी प्रोटीन प्रदान करता है.

कैसे बनाएं: मेथी के पत्तों को बारीक काटकर हल्का सा सौते (sauté) कर लें ताकि कड़वाहट कम हो जाए. अब इसमें कद्दूकस किया पनीर, चुटकी भर नमक और मसाले मिलाएं. इसे लोई में भरकर बेलें और तवे पर कम घी में सेकें. इसे ताजे दही या हरी चटनी के साथ सर्व करें.

3. मटर पराठा (Matar Paratha) –
हरी मटर सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि इसमें भरपूर प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. यह आपकी इम्युनिटी को बूस्ट करती है और पेट को हल्का रखते हुए भी तृप्त रखती है.

कैसे बनाएं: मटर को उबालकर अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें जीरा, धनिया पाउडर, हींग और हरी मिर्च मिलाकर चटपटा मसाला तैयार करें. आटे में स्टफ करके तवे पर सेकें और गरमा-गरम आनंद लें.

4. पालक पनीर पराठा (Spinach Paneer Paratha)-
आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स से भरपूर पालक जब पनीर के साथ मिलता है, तो यह पराठा आपके बोन हेल्थ और एनर्जी लेवल को कई गुना बढ़ा देता है. यह किसी भी समय के खाने के लिए परफेक्ट न्यूट्रिएंट-डेंस मील है.

कैसे बनाएं: पालक के पत्तों को ब्लांच (blanch) करके बारीक काट लें. इसमें ग्रेटेड पनीर, लहसुन और हल्के मसाले मिलाएं. तैयार मिश्रण को लोई में भरकर तवे पर सेक लें.

5. एग पराठा (Egg Paratha) –
अंडे में कम्पप्लीट प्रोटीन, ओमेगा-3 और विटामिन B12 भरपूर मात्रा में होता है, जो मसल ग्रोथ और ब्रेन फंक्शन दोनों को बेहतर बनाता है. यह पराठा बनने में बेहद आसान और काफी फिलिंग होता है.

कैसे बनाएं: रोटी को बेलकर तवे पर एक तरफ से हल्का सेक लें. एक कटोरी में अंडा, कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च और नमक फेंटें. इस घोल को तवे पर पराठे के ऊपर फैलाएं, पलटें और अंडे के सेट होने तक अच्छे से सेक लें.

6. मूंग दाल पराठा (Moong Dal Paratha) –
मूंग दाल सबसे सुपाच्य प्रोटीन सोर्स मानी जाती है. जो लोग वेट लॉस जर्नी में हैं और पेट को भारी किए बिना न्यूट्रिशन चाहते हैं, उनके लिए यह बेस्ट ऑप्शन है.

कैसे बनाएं: भीगी हुई मूंग दाल को दरदरा पीस लें. इसमें जीरा, हींग और पसंदीदा मसाले मिलाकर सीधे गेहूं के आटे में गूंथ लें. इस प्रोटीन-रिच आटे से पराठे बनाकर सेकें और दही के साथ परोसें.

फिट रहने और वेट लॉस करने का मतलब उबाऊ या बेस्वाद खाना बिल्कुल नहीं है. इन 6 देसी हाई-प्रोटीन पराठों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं, स्वाद का मजा लें और बिना किसी गिल्ट के अपने फिटनेस गोल्स हासिल करें!



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स्पीकर बिड़ला बोले- सदन चले, बातचीत हो: विपक्ष का हंगामा, कहा- हमारी बात भी सुनें; लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित


04:09 AM28 जुलाई 2026

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मानसून सत्र के पिछले 4 दिनों की कार्यवाही

24 जुलाई: राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश किया गया

गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’ पेश किया। ‘वंदे मातरम्’ के अपमान या उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

22 जुलाई: लोकसभा 4 घंटे में 6 बार स्थगित, राहुल समेत विपक्ष ने PM हाउस घेरने की कोशिश की

लोकसभा की कार्रवाई विपक्ष के हंगामे के कारण चल नहीं सकी। सदन को 4 घंटे में 6 बार स्थगित करना पड़ा। इधर विपक्ष के साथ मिलकर कांग्रेस ने मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया। इसमें राहुल, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए। पढ़ें पूरी खबर…

21 जुलाई: खड़गे बोले- मेरा माइक बंद किया गया

सदन के बाहर आकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हमें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है, लोकतंत्र में ऐसा करना गलत है। पूरी खबर पढ़ें…

20 जुलाई: खड़गे बोले- जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज से बच्चों की आवाज दबा रही सरकार

मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर चर्चा की। खड़गे ने कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया। पूरी खबर पढ़ें…



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यौन अपराधी एपस्टीन की करोड़ों की संपत्ति किसे मिलेगी: बेलारूस की डेंटिस्ट सबसे बड़ी दावेदार, एपस्टीन ने मरने से पहले आखिरी कॉल उन्हें किया था




दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में शामिल जेफ्री एपस्टीन की मौत को सात साल हो चुके हैं, लेकिन उसकी अरबों रुपए की संपत्ति को लेकर विवाद अब भी जारी है। अमेरिकी जांच एजेंसियों के नए दस्तावेजों से पता चला है कि बेलारूस की 37 वर्षीय डेंटिस्ट कारिना शुलियाक उसकी संपत्ति की सबसे बड़ी दावेदार हो सकती हैं। दस्तावेजों के मुताबिक, एपस्टीन ने अपनी वसीयत में कारिना के नाम करीब 959 करोड़ रुपए की संपत्ति और 33 कैरेट की हीरे की अंगूठी छोड़ी थी। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कारिना शुलियाक एपस्टीन की गर्लफ्रेंड थीं। 10 अगस्त 2019 को न्यूयॉर्क की जेल में आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने आखिरी फोन कॉल भी उन्हें ही किया था। दोनों के प्राइवेट ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं जेफ्री एपस्टीन की 2019 में मौत के बाद डॉ. कारिना शुलियाक लोगों की नजरों से दूर रहकर सामान्य जिंदगी जी रही थीं। हालांकि, यह ज्यादा समय तक नहीं चल सका। जनवरी के आखिर में अमेरिकी न्याय विभाग ने एपस्टीन से जुड़े करीब 30 लाख पन्नों के दस्तावेज, ईमेल और रिकॉर्ड जारी किए। इनमें डॉ. कारिना शुलियाक और एपस्टीन के बीच हुए हजारों निजी ईमेल और दोनों की साथ में ली गई कई तस्वीरें भी शामिल हैं। इन दस्तावेजों से दोनों के करीब 8 साल पुराने रिश्ते का खुलासा हुआ। रिकॉर्ड के मुताबिक, बेलारूस में जन्मीं कारिना शुलियाक ने कभी खुद को एपस्टीन की पीड़िता नहीं बताया। वहीं, एफबीआई ने भी एपस्टीन मामले में उनसे कभी पूछताछ नहीं की। एपस्टीन की सैकड़ों कथित पीड़िताओं की ओर से केस लड़ने वाले वकीलों ने भी उनका बयान कभी दर्ज नहीं कराया। 21 साल की उम्र में एपस्टीन से मिली थीं कारिना जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, मार्च 2011 के आखिर में डॉ. कारिना शुलियाक की मुलाकात जेफ्री एपस्टीन से हुई थी। तब वह 21 साल की थीं और न्यूयॉर्क आए उन्हें सिर्फ नौ महीने हुए थे। वह बेलारूस से स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं, ताकि डेंटिस्ट की पढ़ाई पूरी कर सकें। उस समय एपस्टीन फ्लोरिडा में एक नाबालिग लड़की से वेश्यावृत्ति कराने के मामले में अपना अपराध स्वीकार कर चुका था। उस पर दर्जनों नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप भी लग चुके थे। एक महिला ने कराई थी मुलाकात द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात एक महिला ने कराई थी। उस महिला ने बताया कि उससे समय-समय पर दूसरी युवा महिलाओं को भी एपस्टीन के पास लाने के लिए कहा जाता था। महंगे तोहफों से प्रभावित करने की कोशिश शुरुआती मुलाकातों में एपस्टीन ने कारिना को महंगे तोहफे और दूसरी सुविधाएं देकर प्रभावित करने की कोशिश की। पहली मुलाकात में ही उसने उनके डेंटिस्ट बनने के सपने को पूरा करने में मदद की पेशकश भी की। शुलियाक पर जमकर खर्च करता था एपस्टीन जांच रिकॉर्ड के मुताबिक, जेफ्री एपस्टीन डॉ. कारिना शुलियाक को अपनी सबसे पसंदीदा बताता था और अक्सर कहता था कि वह उनसे प्यार करता है। उसने उन्हें अपने क्रेडिट कार्ड से मनचाही खरीदारी की पूरी छूट दे रखी थी। दोनों कई देशों की यात्रा भी साथ करते थे। रिकॉर्ड के अनुसार, एपस्टीन ने कई वर्षों में कारिना को करीब 10 लाख डॉलर दिए। उसने बेलारूस में रहने वाले उनके माता-पिता को भी हजारों डॉलर भेजे थे। ईमेल से यह भी पता चलता है कि 2012 में एपस्टीन ने कारिना का कोलंबिया यूनिवर्सिटी के डेंटल स्कूल में दाखिला कराने में मदद की। उसने तीन साल की पढ़ाई की पूरी फीस भरने का भी फैसला किया था। समय के साथ कारिना ने एपस्टीन का इतना भरोसा जीत लिया कि वह उसकी संपत्तियों और कर्मचारियों के प्रबंधन में भी मदद करने लगीं। ग्रीन कार्ड दिलाने के लिए कराई थी समलैंगिक शादी 2012 में डॉ. कारिना शुलियाक ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए आवेदन किया। तब तक उनका स्टूडेंट वीजा खत्म हो चुका था और वह तय समय से ज्यादा अमेरिका में रह रही थीं। अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, 2013 की शुरुआत में जेफ्री एपस्टीन ने उन्हें अमेरिका में रखने का रास्ता निकाला। उस समय न्यूयॉर्क में समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता मिल चुकी थी। एपस्टीन का मानना था कि किसी अमेरिकी महिला से शादी होने पर कारिना के लिए ग्रीन कार्ड और बाद में नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा। इसी योजना के तहत उसने अपनी एक महिला कर्मचारी से कारिना की शादी कराई। एक ईमेल में एपस्टीन ने लिखा था कि ग्रीन कार्ड पाने का सबसे तेज तरीका समलैंगिक विवाह है। बाद में अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट सांसदों ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का दुरुपयोग किया। उनका कहना था कि यह शादी सिर्फ कागजों पर थी। मई 2018 में डॉ. कारिना शुलियाक अमेरिकी नागरिक बन गईं और करीब एक साल बाद उनका तलाक हो गया। मौत से पहले वसीयत में कारिना का नाम जोड़ा जुलाई 2019 में जेफ्री एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद उसकी डॉ. कारिना शुलियाक से आखिरी बार करीब 20 मिनट फोन पर बात हुई। इस दौरान उसने कहा था कि सेक्स ट्रैफिकिंग का मामला उसकी उम्मीद से ज्यादा लंबा चलेगा। अगले ही दिन, 10 अगस्त 2019 को एपस्टीन न्यूयॉर्क की जेल में मृत मिला। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया। दस्तावेजों के मुताबिक, मौत से कुछ समय पहले एपस्टीन ने अपनी वसीयत में बदलाव किया था। एक नोट में उसने अपनी उस समय की 60 करोड़ डॉलर की संपत्ति का बड़ा हिस्सा डॉ. कारिना शुलियाक के नाम करने की बात लिखी थी। इसमें शादी के इरादे से दी जाने वाली एक बड़ी हीरे की अंगूठी का भी जिक्र था।



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हर साल पॉल्यूशन पेपर बनवाने से छुटकारा, सरकार बदलने जा रही पीयूसी के नियम


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PUC New Rule : सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में ढील देने का प्रस्ताव दिया है. सड़क एवं परिवहन विभाग ने कहा है कि देश में हर साल पीयूसीसी बनवाने के बजाय हर तीन साल में बनवाने की छूट देने पर विचार किया जा रहा है.

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पीयूसीसी के नए नियमों के तहत हर 3 तीन साल में सर्टिफिकेट बनवाना होगा.

नई दिल्ली. सरकार ने वाहन मालिकों पर कम्पलायंस का बोझ कम करने के लिए 6 साल तक पुराने निजी भारत स्टेज-6 (बीएस-6) वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की वैधता को मौजूदा एक साल से बढ़ाकर तीन साल करने का प्रस्ताव दिया है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक मसौदा अधिसूचना में कहा कि छह से 10 साल तक पुराने बीएस-6 वाहनों को हर दो साल में अपने पीयूसीसी प्रमाणपत्र को रीन्यू कराना होगा और 10 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को हर छह महीने में ऐसा करना होगा.

अधिसूचना के अनुसार बीएस-4 उत्सर्जन मानकों का कम्पलायंस पूरा करने वाले सभी मोटर वाहनों को हर छह महीने में अपने पीयूसीसी को रीन्यू कराना होगा. इसके अलावा बीएस-1, बीएस-2 और बीएस-3 उत्सर्जन मानकों का अनुपालन करने वाले सभी मोटर वाहनों को हर तीन महीने में अपने पीयूसीसी का नवीनीकरण कराना होगा. बीएस या भारत चरण देश में वाहन उत्सर्जन मानकों से संबंधित है. इसके जरिये कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन और पार्टिकुलेट मैटर जैसे प्रदूषकों की सीमा तय की जाती है.

कब खत्म हुआ बीएस -4 का टाइम
बीएस-4 को साल 2017 से 2020 तक लागू किया गया था. इसके बाद बीएस-6 अप्रैल, 2020 से लागू हो चुका है.
प्रदूषण नियंत्रण में तेजी लाने के लिए भारत ने बीएस-5 को छोड़ दिया और सीधे बीएस-6 पर आ गया. ये वाहन बहुत कम प्रदूषकों का उत्सर्जन करते हैं और इन्हें कम सल्फर वाले बीएस-6 ईंधन की आवश्यकता होती है. सरकार ने पॉल्यूशन घटाने के लिए ईंधन में बदलाव करने के साथ ही वाहनों के इंजन में भी बदलाव किया है. यही वजह है कि डीजल वाले पुराने वाहनों में प्रदूषण घटाने के लिए यूरिया डाली जाती है.

कितना लगता है जुर्माना
दिल्ली सहित देश के तमाम राज्यों में पीयूसीसी यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट न होने पर सीधे 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. इसके लिए परिवहन विभाग लगातार संदेश भेजकर वाहन मालिकों को सचेत भी करता रहता है. अगर समय पर पंजीकरण नहीं कराया जाता तो ऑनलाइन चालान करने की भी व्यवस्था होती है. बिना पीयूसीसी के वाहनों पर ईंधन को लेकर भी सख्त नियम बनाए जा रहे हैं.

दिल्ली में नहीं मिलेगा ईंधन
दिल्ली सरकार ने पहले ही कह दिया है कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र के बिना राजधानी के पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं दिया जाएगा. भविष्य में सिर्फ उन्हीं वाहनों को ईंधन दिया जाएगा, जिनके पास वैलिड पीयूसीसी होगा. इसका मकसद दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को कम करना है. सर्दियों के मौसम में अक्सर दिल्ली का प्रदूषण स्तर यानी एक्यूआई 500 से भी ऊपर पहुंच जाता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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महेंद्रगढ़ जिले से गुजरने वाली ट्रेनों में लगेंगे अतिरिक्त डिब्बे: सीकर-दिल्ली एक्सप्रेस में एसी, स्लीपर और जनरल कोच बढ़े, भिवानी-जयपुर में भी राहत – Narnaul News




हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला में सावन माह, कांवड़ यात्रा और बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने अगस्त माह के दौरान जिले के नारनौल, महेंद्रगढ़, अटेली, निजामपुर, बाछौद और अमरपुर जोरासी स्टेशनों से होकर गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे लगाने का निर्णय लिया है। इससे यात्रियों को सीट उपलब्ध होने में सुविधा मिलेगी और भीड़भाड़ की समस्या भी काफी हद तक कम होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार सावन के दौरान धार्मिक यात्राओं, कांवड़ यात्रा और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के चलते ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न रेल सेवाओं में अस्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़े जा रहे हैं। सीकर-दिल्ली में बढ़े डिब्बे महेंद्रगढ़ स्टेशन पर ठहराव करने वाली दिल्ली सराय-सीकर-दिल्ली सराय एक्सप्रेस (14713/14714) में 5 अगस्त से 4 सितंबर तक एक थर्ड एसी, एक स्लीपर तथा एक सामान्य श्रेणी का अतिरिक्त डिब्बा लगाया जाएगा। इससे दिल्ली, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और सीकर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आरक्षण मिलने की संभावना बढ़ेगी। नारनौल से गुजरने वाली ट्रेनों में राहत इसके अलावा जयपुर मंडल के अंतर्गत संचालित कई प्रमुख रेल सेवाओं में भी अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के डिब्बे लगाए जाएंगे। रेलवे के अनुसार मदार-रेवाड़ी-मदार (19617/19618), रेवाड़ी-फुलेरा-रेवाड़ी (19619/19620 एवं 19621/19622) तथा जयपुर-रेवाड़ी-जयपुर (09635/09636) रेल सेवाओं में 1 अगस्त से 31 अगस्त तक पांच-पांच अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के डिब्बे जोड़े जाएंगे। इन ट्रेनों का लाभ नारनौल, अटेली, निजामपुर, बाछौद और अमरपुर जोरासी स्टेशन के यात्रियों को मिलेगा। भिवानी के यात्रियों को भी लाभ वहीं भिवानी-कालका-भिवानी (14795/14796) रेल सेवा में 1 अगस्त से 31 अगस्त तक तीन अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के कोच लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त भिवानी-ढेहर का बालाजी (जयपुर) -भिवानी (14705/14706) रेल सेवा में 2 अगस्त से 1 सितंबर तक तीन अतिरिक्त सामान्य श्रेणी के डिब्बे लगाए जाएंगे। इनके अलावा रेलवे ने 49 जोड़ी ट्रेनों के डिब्बों में वृद्धि की है। यात्रियों को सीधा लाभ रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अतिरिक्त डिब्बे लगाए जाने से यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करने की मजबूरी कम होगी और त्योहारों व धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा। रेलवे के इस निर्णय से महेंद्रगढ़ जिले सहित दक्षिण हरियाणा के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।



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फेक मेट्रीमोनियल फर्म चला रहीं थीं बनारस में लड़कियां: वाराणसी पुलिस ने संचालिका सहित 10 को किया अरेस्ट, रजिस्ट्रेशन के नाम पर ऐंठे लाखों रुपए – Varanasi News




वाराणसी की कैंट पुलिस ने और साइबर सेल ने सोमवार की शाम बड़े साइबर फ्राड गैंग को पकड़ा है। पुलिस ने फेक मेट्रीमोनियल फर्म बनाकर लोगों को विवाह के नाम पर ठगने वाली 10 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। सभी महिलाएं वाराणसी की रहने वाली हैं। संचालिका अर्दली बाजार क्षेत्र के विंध्यवासिनी नगर कालोनी में एक फ्लैट में यह गोरख धंधा चला रही थी। संचालिका रागिनी देवी अखबारों में विज्ञापन के जरिए लाइफ टाइम सब्सक्रिप्शन के नाम पर लोगों को लूटती थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार 50 से अधिक लोगों ने इस मामले में पुलिस और साइबर थाने में कंप्लेन की थी। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। पूरा खेल व्हाट्सप्प से चल रहा था। व्हाट्सप्प के जरिये फोटो भेजकर लेती थी लाइफटाइम शुल्क एसीपी कैंट अपूर्व पांडेय ने बताया – साइबर सेल को प्रतिबिंब पोर्टल और एनसीआरपी पोर्टल पर दो संदिग्ध मोबाइल नंबरों के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जांच में पता चला कि शिकायतकर्ताओं ने समाचार पत्र में प्रकाशित वैवाहिक विज्ञापन देखकर दिए गए नंबरों पर संपर्क किया था। फोन करने पर खुद को मैट्रिमोनियल ब्यूरो का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सएप पर युवक-युवती की प्रोफाइल भेजी जाती थी और परिवार का संपर्क उपलब्ध कराने के नाम पर ‘लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन’ शुल्क जमा कराया जाता था। ऐसे पकड़ा गया गैंग एसीपी के अनुसार – एक महिला शिकायतकर्ता से चार किश्तों में 7,000 रुपये तथा एक अन्य शिकायतकर्ता से 3,500 रुपये सदस्यता शुल्क के नाम पर जमा कराए गए। रकम मिलने के बाद न तो किसी योग्य युवक-युवती का वास्तविक संपर्क उपलब्ध कराया गया और न ही सदस्यता शुल्क वापस किया गया। तकनीकी जांच, सीएएफ, सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि अर्दली बाजार स्थित विंध्यवासिनी नगर कालोनी में मकान संख्या-104 से ‘शुभ मैट्रिमोनियल’ के नाम से यह फर्जी कारोबार संचालित किया जा रहा था। 27 मोबाइल फोन बरामद सोमवार को साइबर सेल और कैंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने उक्त कार्यालय पर छापा मारा। वहां तीन कमरों में 10 महिलाएं मोबाइल और कीपैड फोन के माध्यम से लोगों से बातचीत करती मिलीं। तलाशी के दौरान पुलिस ने 27 मोबाइल फोन, एक एसर टैबलेट, चार बिल वाउचर, दो रजिस्टर, किरायानामा, उद्यम पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज, मैट्रिमोनियल रजिस्ट्रेशन फॉर्म, तीन क्यूआर कोड, एक पेमेंट साउंड बॉक्स, तीन चेकबुक, एक पासबुक और पांच डेबिट कार्ड बरामद किए। गैंग लीडर सहित 10 लड़कियां-औरतें गिरफ्तार एसीपी ने बताया – इस छापेमारी में मौके से मास्टरमाइंड रागिनी देवी निवासी हरहुआ, काजीसराय, वाराणसी के साथ आराध्या शर्मा निवासी हुकुलगंज, वाराणसी, ज्योति सिंह निवासी आवास-विकास कालोनी पांडेयपुर, वाराणसी, रूबी, निवासी राजाबाजार, नदेसर वाराणसी, सपना यादव मूल निवासी जौनपुर, हाल पता पहाड़िया वाराणसी, महक निवासी पांडेयपुर पंचकोशी, वाराणसी, शमा गिलट बाजार, वाराणसी, विधि श्रीवास्तव, इन्द्रनगर शिवपुर वाराणसी, रायमा परवीन, सदर बाजार, कैंटोनमेंट और अजमत फात्मा, नार्मल स्कूल शिवपूर, वाराणसी को गिरफ्तार किया गया है। शादी कराने का झांसा देकर वसूलते थे पैसा पुलिस की पूछताछ में संचालिका रागिनी देवी ने बताया कि विभिन्न समाचार पत्रों में आकर्षक वैवाहिक विज्ञापन प्रकाशित कराए जाते थे। विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले लोगों से सदस्यता शुल्क जमा कराया जाता था और भुगतान के बाद उन्हें वास्तविक वैवाहिक संपर्क उपलब्ध नहीं कराया जाता था। पुलिस के अनुसार साइबर शिकायतों के कारण कुछ खाते फ्रीज होने के बाद गिरोह अन्य बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से भी लोगों से रकम वसूल रहा था। पकड़ी गयी सभी महिलाओं के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 3(5), 319(2), 318(4), 336(3) एवं 340(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तथा देशभर में हुई समान प्रकार की साइबर ठगी के मामलों की जांच में जुटी है।



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