Wednesday, July 1, 2026
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‘राम गोपाल वर्मा की फेवरेट हीरोइन’, माधुरी दीक्षित की कहलाई कार्बन कॉपी, अब हैं गुमनाम


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एक दौर में राम गोपाल वर्मा की फिल्मों का अहम चेहरा रहीं अभिनेत्री अंतरा माली ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने कम समय में कई अलग तरह के किरदार निभाए और अपनी एक्टिंग से लोगों का ध्यान खींचा. हालांकि, करियर के पीक पर पहुंचने के बाद उन्होंने अचानक फिल्मों से दूरी बना ली. अपने इस फैसले पर अंतरा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वो लाइफ को ज्यादा प्लान नहीं करती. यही बेफिक्र सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है.

नई दिल्ली. 1 जुलाई 1975 को मुंबई में जन्मीं अंतरा माली मशहूर फोटोग्राफर जगदीश माली की बेटी हैं. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों में करियर बनाएंगी. साल 1998 में उन्होंने फिल्म ‘ढूंढते रह जाओगे’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी, लेकिन यहीं से उनके अभिनय सफर की शुरुआत हुई.

इसके बाद 1999 में रिलीज हुई राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘मस्त’ ने उनके करियर को नई दिशा दी. इस फिल्म के बाद वह लगातार राम गोपाल वर्मा की कई फिल्मों में नजर आईं. कहा जाता है कि अंतरा अपने किरदारों के लिए ज्यादा तैयारी करने के बजाय उन्हें महसूस करके निभाने में विश्वास रखती थीं.

धीरे-धीरे उन्होंने ‘रोड’, ‘कंपनी’, ‘डरना मना है’, ‘गायब’ और ‘नाच’ जैसी फिल्मों में काम किया. नाच में तो उन्होंने अभिषेक बच्चन के साथ काम किया था. इसके अलावा उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की, लेकिन उन्हें वह स्टारडम नहीं मिल पाया जिसकी उनसे उम्मीद की जा रही थी.

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साल 2003 में आई फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ उनके करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक रही. इस फिल्म में उन्होंने माधुरी दीक्षित की जबरदस्त फैन का किरदार निभाया था. उनकी एक्टिंग को दर्शकों और समीक्षकों, दोनों ने खूब सराहा.

साल 2005 में अंतरा ने सिर्फ एक्टिंग तक खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने फिल्म ‘मिस्टर या मिस’ के लेखन और निर्देशन में भी हाथ आजमाया. हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी. इसके कुछ समय बाद उन्होंने अचानक फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली.

अपने इस फैसले पर अंतरा माली ने कहा था कि मैंने कभी भी अपनी जिंदगी को प्लान के हिसाब से नहीं जिया. मेरा जो मन करता था, मैं वही करती थी. एक समय मुझे लगा कि मैं वह काम आगे नहीं बढ़ा पा रही हूं, जो मैं करना चाहती थी.’

करीब पांच साल बाद उन्होंने 2010 में अमोल पालेकर की फिल्म ‘…एंड वन्स अगेन’ से वापसी की. इस फिल्म में उन्होंने एक भिक्षु का किरदार निभाया. इस रोल के लिए उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था. हालांकि, इसके बाद भी वह फिल्मों में ज्यादा सक्रिय नजर नहीं आईं.

आज भले ही अंतरा माली बड़े पर्दे से दूर हैं, लेकिन उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस और अलग तरह के किरदार आज भी दर्शकों को याद हैं. खासतौर पर उनका माधुरी वाला डांसिंग स्टाइल तो लोग कभी भूल ही नहीं पाएंगे.

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भास्कर अपडेट्स: दिल्ली में इजराइली दूतावास का कर्मचारी लिफ्ट में फंसा, पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला




दिल्ली के वसंत विहार स्थित एक बिल्डिंग में मंगलवार दोपहर इजराइली दूतावास का कर्मचारी लिफ्ट में फंस गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 12:20 बजे घटना की सूचना मिली थी। दमकल विभाग ने तीन गाड़ियां मौके पर भेजीं। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने लिफ्ट में फंसे कर्मचारी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट बीच में रुक गई थी, जिससे कर्मचारी कुछ देर तक अंदर फंसा रहा। घटना में उसे कोई चोट नहीं आई और मेडिकल सहायता की जरूरत भी नहीं पड़ी। आज की अन्य बड़ी खबरें… मराठी थिएटर की दिग्गज निर्देशक विजय मेहता का निधन, 92 साल की उम्र में अंतिम सांस ली मराठी थिएटर को नई पहचान देने वाली सीनियर डायरेक्टर, अभिनेत्री और रंगकर्मी विजय मेहता का मंगलवार रात निधन हो गया। वह 92 साल की थीं। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उन्होंने दक्षिण मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। एक्टर विजय केंकरे ने उनके निधन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विजय मेहता का निधन रात करीब 9:30 से 10 बजे के बीच हुआ। केंकरे ने उन्हें अपना गुरु बताते हुए कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। विजय मेहता ने नाटककार विजय तेंदुलकर, अभिनेता डॉ. श्रीराम लागू और रंगकर्मी अरविंद देशपांडे के साथ मिलकर चर्चित थिएटर ग्रुप ‘रंगायन’ की स्थापना की थी। मराठी थिएटर में उनके योगदान को मील का पत्थर माना जाता है। उन्होंने ‘एक शून्य बाजीराव’, ‘बैरिस्टर’, ‘हमीदाबाईची कोठी’, ‘पुरुष’, ‘महासागर’ और ‘शकुंतल’ जैसे चर्चित नाटकों का निर्देशन किया। विजय मेहता ने हिंदी की समानांतर सिनेमा की चर्चित फिल्म ‘राव साहेब’ (1986) और ‘पेस्टनजी’ (1988) का निर्देशन किया। एक्टर के तौर पर वह 1984 में गोविंद निहलानी की फिल्म ‘पार्टी’ में भी नजर आई थीं।



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PoK में प्रदर्शन, लोग बोले- हम पाकिस्तान का हिस्सा नहीं: ₹1 करोड़ का इनामी शौकत नवाज गिरफ्तार; JAAC के 600 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता हिरासत में


मुजफ्फराबाद2 घंटे पहले

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मंगलवार को रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में हजारों लोग जुटे। उन्हेंने ऐलान किया कि PoK पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।

यह आंदोलन जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की अगुआई में चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, JAAC के प्रमुख नेता शौकत नवाज मीर को दो साथियों के साथ धीरकोट के सांगर फत्तारे इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। PoK में JAAC के 600 से ज्यादा नेता और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया है।

शौकत नवाज मीर समेत JAAC के नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना देने वालों के लिए पाकिस्तान सरकार ने ₹1 करोड़ के इनाम की घोषणा की थी।

प्रदर्शनकारी बोले- हमें नहीं, पाकिस्तान को हमारी जरूरत

प्रदर्शन के दौरान JAAC नेता सरदार अमन खान ने कहा, ‘हमें आपके राशन की जरूरत नहीं, आपको हमारी जरूरत है। अगर जरूरी सामान की सप्लाई बंद रही तो लोग जिंदा रहने के लिए दूसरा रास्ता चुनने को मजबूर होंगे।’

उनका आरोप है कि पाकिस्तान सरकार आंदोलन को दबाने के लिए जानबूझकर जरूरी सामान की सप्लाई रोक रही है।

महंगाई से शुरू हुआ आंदोलन, अब राजनीतिक मुद्दा बना

रिपोर्ट के मुताबिक, आंदोलन महंगाई, खाद्य संकट, बढ़ती कीमतों और स्थानीय प्रशासन के मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। अब यह पाकिस्तान सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का रूप ले चुका है। हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रावलाकोट और मीरपुर के लोगों को ‘असल कश्मीरी नहीं’ बताया था। इसके बाद विरोध और बढ़ गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, JAAC के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत केस भी दर्ज किए गए हैं। सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।

इंटरनेट बंद, 22 मौतों का दावा

रिपोर्ट के मुताबिक, जून की शुरुआत से PoK के कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं सीमित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ऐसा आंदोलन की तस्वीरें और वीडियो बाहर जाने से रोकने के लिए किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले दो हफ्तों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों में कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है।

PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे

गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं।

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झांसी में सपेरे की इलाज के दौरान मौत: कोबरा पकड़ कर बच्चों को खेल दिखा रहा था, सांप ने चेहरे पर डस लिया – Jhansi News




झांसी से सटे मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के टोडा गांव में जहरीले कोबरा से खिलवाड़ एक सपेरे को भारी पड़ गया। सांप पकड़ने के बाद लोगों को करतब दिखा रहे 72 वर्षीय सपेरे बिच्छू अदिवादी को कोबरा ने चेहरे पर डस लिया। इसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मंगलवार को झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के टोडा गांव निवासी बिच्छू आदिवासी (72) वर्षों से सांप पकड़ने का काम करता था। सोमवार शाम इलाके में हुई बारिश के बाद गांव के एक घर में जहरीला कोबरा निकल आया। घरवालों ने सांप पकड़ने के लिए बिच्छू को बुलाया। इसके बाद सांप पकड़ने में एक्सपर्ट बिच्छू ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़ लिया। सांप पकड़े जाने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों और बच्चों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के कहने पर बिच्छू सांप का प्रदर्शन करने लगा। इसी दौरान वह कोबरा को अपने चेहरे के पास ले आया। लापरवाही के चलते सांप पर उसकी पकड़ ढीली पड़ गई और कोबरा ने उसके चेहरे पर डस लिया। सांप के डसते ही बिच्छू जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि कोबरा वहां से निकल भागा। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद मंगलवार को उसकी मौत हो गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के अनुसार, बिच्छू आदिवासी ने अपने जीवन में एक हजार से अधिक सांप और बिच्छू पकड़े थे। कोबरा समेत कई विषैले सांपों को पकड़कर वह उन्हें जंगल में छोड़ देता था। यही उसकी आजीविका का मुख्य साधन भी था। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे अनुभव के बावजूद उसके साथ पहले कभी सर्पदंश की घटना नहीं हुई थी। विडंबना यह रही कि पहली बार सांप के डसने की घटना ही उसकी मौत का कारण बन गई।



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रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन से ठगी करने वाला पुलिस रिमांड पर: आरोपी के ICICI बैंक के करंट अकाउंट में कई संदिग्ध ट्रांजेक्शन, बोला-उसे कमीशन मिलता था – Gwalior News




शहर की 69 वर्षीय सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन को 33 दिन तक कथित तौर पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर 1.58 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में क्राइम ब्रांच को पहली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक निवासी लोहा कारोबारी बिट्ठल फसले को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक के करंट अकाउंट में ठगी के 19.50 लाख रुपए जमा हुए थे। इसके अलावा खाते में कई संदिग्ध लेन-देन भी मिले हैं, जिनके संबंध में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसका बैंक खाता एक ‘म्यूल अकाउंट’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। खाते में आने वाली रकम के बदले उसे लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपी ने पुलिस को उन लोगों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनके कहने पर उसने अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है, जो ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर करते हैं। ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम क्राइम ब्रांच के अनुसार पीड़िता मीनाक्षी नाखरे, जो ग्वालियर में नेहरू पेट्रोल पंप के पास सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा क्षेत्र की निवासी हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 मई 2026 को उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वाले ने स्वयं को दिल्ली टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक अन्य मोबाइल नंबर संचालित हो रहा है, जिसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है। जब महिला ने बताया कि वह नंबर उनका नहीं है, तो कॉल करने वालों ने खुद को दिल्ली पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर उन्हें कथित जांच का हवाला दिया। गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए उन्हें लगातार 33 दिनों तक अपने नियंत्रण में रखा और इसी दौरान विभिन्न खातों में कुल 1.58 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए। 11 राज्यों के 133 खातों में पहुंचाई गई रकम साइबर जांच में सामने आया है कि पीड़िता से ठगी गई राशि सबसे पहले पश्चिम बंगाल, केरल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के चार करंट अकाउंट में भेजी गई। इसके बाद महज एक दिन के भीतर यह रकम देश के 11 राज्यों के 40 से अधिक शहरों में मौजूद 133 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई, ताकि धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश खाते म्यूल अकाउंट थे, जिन्हें कमीशन के आधार पर उपलब्ध कराया गया था। पुलिस का मानना है कि साइबर ठग ऐसे खातों का उपयोग ठगी की रकम को तेजी से कई खातों में बांटने के लिए करते हैं। कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क क्राइम ब्रांच की जांच में अब तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान तक साइबर ठगी के नेटवर्क के तार जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि विभिन्न राज्यों में सक्रिय एजेंट कमीशन लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं, जिनके माध्यम से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया जाता है। क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी से रिमांड के दौरान बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस की कई टीमें अन्य खाताधारकों और गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हैं। आरोपी को बुधवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।



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राजस्थान पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 100 पुलिस-निरीक्षकों के तबादले: सबसे अधिक पोस्टिंग अजमेर, भरतपुर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में, सतपाल सिंह का ट्रांसफर निरस्त – Jaipur News




राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा रेंज के अलावा सीआईडी-सीबी, सीआईडी-सीबी सतर्कता शाखा, सीआईडी-सीबी सिविल राइट्स, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, राजस्थान पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण निदेशालय, पीटीएस भरतपुर, पीटीएस जोधपुर, पीटीएस खैरवाड़ा, पीटीएस बीकानेर, एजीटीएफ, लीगल सेल, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, एससीआरबी तथा राजस्थान राज्य महिला आयोग सहित कई इकाइयों में कार्यरत निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में रोहिताश, मेघना त्रिपाठी, हेमलता शर्मा, तुलसीराम, नरेंद्र सिंह, सुनील ताडा, मोहन सिंह, मुकेश चौधरी, छोटीलाल मीणा, रामेश्वरी, जगदीश सिंह, मुकेश चंद, करतार सिंह, प्रहलाद चंद, दिग्विजय सिंह, मुरारीलाल मीणा, सुमेर सिंह, हरिमन मीणा, हीरालाल, अजीत कुमार, कुसुमलता, तेजपाल सैनी, बच्चू सिंह, युधिष्ठिर, कंचन कुमारी, मांगेलाल, हरलाल, दयाराम मीणा, सुरेंद्र यादव, चौथमल बलाई, लक्ष्मीनारायण, कमल पुरी गोस्वामी, सत्यवीर, बशीलाल, महेंद्र सिंह, केशर, चंद्रवीर, अवधेश सांदू, महेश श्रीमाली, सुरेंद्र कुमार राणा, ज्ञानचंद, गंभीर सिंह, रामभरोसी मीणा, हरीसिंह मीणा, मदनलाल, हरेंद्र सिंह सौदा, आनंद यादव, मोहम्मद रफीक, माधोसिंह, दीप सिंह, प्रवीण राजपुरोहित, मिठूलाल मेघवाल, दलबीर सिंह, नेहरीलाल गुर्जर, हिमांशु सिंह राजावत, भीमसेन कौशिक, सुखवीर सिंह, प्रेमचंद, प्रदीप सिंह, विकांत शर्मा, विक्रम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, गौरव प्रधान, सुधीर कुमार उपाध्याय, कमल किशोर, लीला कुमारी, चंपाराम मेघवाल, सुरेश कुमार सोनी, भारत सिंह, अमित कुमार, शिवदास, महीराम बिश्नोई, बेगराज मीणा, रमेशचंद मीणा, राजेश कुमार, संगीता बंजारा, सुरेशचंद मेघवाल, राजेश शर्मा, शैफाली सांखला, सरोज कुमारी, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार गंगवानी, भरत सिंह, धर्मसिंह, अर्चना मीणा, रामकेश मीणा, भवानी सिंह राजावत, गीता कुमारी, संजू रानी, उर्मिला कुमारी, अशोक, नेकीराम, शेषकरण बारहट, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार शर्मा, अशोक कुमार सैनी, मनीषा, रूपनारायण तथा हरिसिंह देपावत समेत कुल 100 निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। आदेश के अनुसार सबसे अधिक पदस्थापन अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर तथा सीआईडी-सीबी में किए गए हैं। कई अधिकारियों को एटीएस-एसओजी, जीआरपी, एसीबी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रकरण अथवा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय ने 19 जून 2026 को जारी आदेश संख्या 1521 के तहत क्रम संख्या-3 पर अंकित पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से पुलिस आयुक्तालय जयपुर किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया है। सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडेंट और संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें। बीते दिनों भी हुए थे ट्रांसफर
उस समय जयपुर के पुलिस आयुक्तालय और JDA में भी कई अहम बदलाव देखने को मिला था। रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को जेडीए में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए एसीपी भी लगाए गए। जबकि बीते मई महीने में 19 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए गए। उस समय दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर ग्रामीण और झुंझुनू सहित कई जिलों के थाना प्रभारियों व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ था।
मुख्य तबादले: कौन कहां गया यहां देखें सूची



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दिग्गज अभिनेत्री-निर्देशक विजया मेहता का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


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मराठी रंगमंच और भारतीय थिएटर की जानी मानी एक्ट्रेस निर्देशक और निर्माता विजया मेहता का 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपने घर पर उम्र संबंधी परेशानियों के चलते अंतिम सांस ली. उनके निधन से मराठी फिल्म और थिएटर जगत में शोक की लहर है.

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नई दिल्ली. विजया मेहता का जन्म 4 नवंबर 1934 को गुजरात के वडोदरा में हुआ था. उनका शुरुआती नाम विजया जयवंत था. उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी की और मशहूर रंगकर्मी इब्राहिम अल्काजी और आदि मर्जबान से अभिनय और रंगमंच की बारीकियां सीखीं. मराठी थिएटर में उन्हें प्यार और सम्मान से ‘बाई’ कहा जाता था.

1960 के दशक में विजया मेहता ने विजय तेंडुलकर, डॉ. श्रीराम लागू और अरविंद देशपांडे के साथ मिलकर ‘रंगायन’ थिएटर ग्रुप की स्थापना की. इस संस्था ने मराठी रंगमंच को नई दिशा दी और प्रायोगिक थिएटर को मजबूत पहचान दिलाई.

नाटक और फिल्मों में किया काम

विजया मेहता ने अपने करियर में ‘एक शून्य बाजीराव’, ‘अजब न्याय वर्तुलाचा’, ‘बैरिस्टर’, ‘शाकुंतल’, ‘हमीदाबाईची कोठी’, ‘वाडा चिरेबंदी’, ‘पुरुष’ और ‘हयवदन’ जैसे कई चर्चित नाटकों का निर्देशन किया. सिर्फ थिएटर ही नहीं, उन्होंने फिल्मों में भी अपनी अलग छाप छोड़ी. उन्होंने ‘रावसाहेब’ और ‘पेस्तनजी’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया, जबकि ‘पार्टी’ और ‘कलियुग’ जैसी फिल्मों में अभिनय भी किया. उनकी टीवी सीरियल ‘स्मृतिचित्रे’ और ‘लाइफलाइन’ भी काफी लोकप्रिय रहीं.

नाना पाटेकर की बनीं गुरु

विजया मेहता अपने अनुशासन और काम के प्रति समर्पण के लिए जानी जाती थीं. उनके मार्गदर्शन में नाना पाटेकर, विक्रम गोखले, नीना कुलकर्णी और अशोक सराफ जैसे कई कलाकारों ने अपने अभिनय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. उन्होंने अपना आत्मकथात्मक संस्मरण ‘झिम्मा: आठवणींचा गोफ’ भी लिखा.

बता दें कि भारतीय रंगमंच और सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, कालिदास सम्मान, विष्णुदास भावे सुवर्ण पदक और संगीत नाटक अकादमी टैगोर रत्न जैसे कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. उन्हें फिल्म ‘रावसाहेब’ के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का सम्मान भी मिला.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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लोहानीपुर से 92 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त: मुखबिर की सूचना पर कदमकुआं पुलिस ने की कार्रवाई, तस्कर फरार – Patna News




पटना के लोहानीपुर रेलवे हंटर रोड से कदमकुआं थाना पुलिस ने 92 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की है। प्रत्येक बोतल 180 एमएल की थी। यह कार्रवाई आज सुबह 7:40 बजे की गई। पुलिस सुबह 6 बजे इलाके में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें शराब की तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब जब्त की। कदमकुआं थाना के एसआई अनिल कुमार और पीएसआई राजीव रंजन ओझा ने इस बरामदगी की पुष्टि की है। इस संबंध में कदमकुआं थाने में केस नंबर 487/26 दर्ज किया गया है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने यह शराब रखी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ लोग शराब लेकर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही वे शराब वहीं छोड़कर फरार हो गए। जब्त शराब की कीमत का आकलन अभी नहीं किया जा सका है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।



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जुलाई महीने में कब-कब बंद रहेंगे आपके बच्चों के स्कूल, यहां देखें पूरी लिस्ट


नई दिल्लीः देश भर में एक जुलाई यानी बुधवार से स्कूल खुल रहे हैं। गर्मियों की छुट्टियां आधिकारिक तौर पर खत्म 30 जून को खत्म हो गई। जुलाई में कोई बड़ी राष्ट्रीय सार्वजनिक छुट्टी नहीं होती जिससे स्कूल में लंबी छुट्टियां मिलें। हालांकि, कुछ राज्यों में क्षेत्रीय छुट्टियों का असर स्कूल के शेड्यूल पर पड़ सकता है।  


 

जुलाई 2026 में स्कूल छुट्टियों की लिस्ट

जुलाई में स्कूल सिर्फ़ वीकेंड और चुनिंदा क्षेत्रीय छुट्टियों पर ही बंद रहेंगे। छात्रों को रेगुलर वीकेंड की छुट्टियां मिलेंगी, साथ ही हीटवेव या किसी अन्य कारण से संबंधित राज्य प्रशासन द्वारा घोषित छुट्टियां भी हो सकती हैं। कुछ स्कूल या संस्थान अपने एकेडमिक कैलेंडर के आधार पर स्थानीय या धार्मिक मौकों पर छुट्टियां दे सकते हैं। इस महीने में होने वाले महत्वपूर्ण त्योहार/दिन इस प्रकार हैं:

16 जुलाई, 2026: रथ यात्रा (कुछ राज्यों और क्षेत्रों में प्रतिबंधित छुट्टी के तौर पर मनाई जाती है) 16 जुलाई को रथ यात्रा के उपलक्ष्य में छुट्टी हो सकती है। ये छुट्टियां, दिल्ली, झारखंड, ओडिशा समेत कई राज्यों में हो सकती हैं। 

29 जुलाई 2026ः 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर बिहार, यूपी, गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश में अवकाश हो सकती है। 

31 जुलाई, 2026: शहीद उधम सिंह शहादत दिवस (आमतौर पर पंजाब, हरियाणा और कुछ पड़ोसी क्षेत्रों में छुट्टी के तौर पर मनाया जाता है)

इन मौकों के अलावा जुलाई 2026 में कोई बड़ी राष्ट्रीय छुट्टी नहीं है। देश के कई हिस्सों में स्कूलों के अपने रेगुलर टाइम-टेबल के अनुसार चलने की उम्मीद है। स्कूल की छुट्टियों का शेड्यूल पहले से जानने से माता-पिता को गर्मियों की लंबी छुट्टियों के बाद अपने परिवार की योजनाओं को बेहतर ढंग से व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

अभिभावकों से ये अपील

देश भर के शिक्षा विभागों ने माता-पिता और छात्रों से अपील की है कि वे अपने स्कूलों और सरकारी घोषणाओं के ज़रिए जानकारी लेते रहें। अगर भीषण गर्मी जारी रहती है, तो राज्य सरकारें स्कूल के समय में बदलाव, क्लास के समय में कटौती या सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय लागू कर सकती हैं ताकि छात्रों को भीषण गर्मी से बचाया जा सके और पढ़ाई-लिखाई के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।

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फ्रिज में रखा खाना कितनी बार गर्म करना है सेफ? बार-बार गर्म करने की ये गलती…


आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग समय बचाने के लिए एक बार ज्यादा खाना बनाकर उसे फ्रिज में रख देते हैं. फिर जरूरत के हिसाब से उसे निकालकर गर्म करके खा लेते हैं. इससे समय और मेहनत दोनों बचते हैं, लेकिन कई बार लोग खाने को बार-बार गर्म करके वापस फ्रिज में रख देते हैं. यही आदत खाने की क्वालिटी और सेहत दोनों को प्रभावित कर सकती है.

फ्रिज में रखा खाना दोबारा गर्म किया जा सकता है, लेकिन इसे बार-बार गर्म करने से बचना चाहिए. बेहतर यही माना जाता है कि जितनी मात्रा में खाना खाना हो, उतना ही निकालकर गर्म करें. बार-बार गर्म और ठंडा करने से खाने में बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है, खासकर अगर खाना कुछ समय के लिए बाहर रखा गया हो.

कैसे गर्म करना चाहिए खाना?
खाने को गर्म करने का मतलब सिर्फ उसे हल्का गर्म करना नहीं है. खाना अंदर तक अच्छी तरह गर्म होना चाहिए, ताकि उसमें मौजूद संभावित बैक्टीरिया खत्म हो सकें. दाल, सब्जी, ग्रेवी और चावल जैसी चीजों को गर्म करते समय खास ध्यान रखना चाहिए.

बार-बार गर्म करने से क्या नुकसान हो सकता है?
बार-बार खाना गर्म करने से उसका स्वाद, टेक्सचर और पोषण प्रभावित हो सकता है. कई खाद्य पदार्थों में मौजूद कुछ पोषक तत्व ज्यादा गर्मी के कारण कम हो सकते हैं. वहीं, अगर खाना सही तरीके से स्टोर नहीं किया गया है तो उसमें बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर चावल, मीट, अंडे और डेयरी से बनी चीजों को संभालकर रखना चाहिए. इन चीजों को लंबे समय तक बाहर रखने से खराब होने की संभावना ज्यादा होती है.

फ्रिज में खाना रखने का सही तरीका क्या है?
खाना बचने के बाद उसे ज्यादा देर तक कमरे के तापमान पर नहीं छोड़ना चाहिए. खाना थोड़ा सामान्य तापमान पर आने के बाद उसे ढककर फ्रिज में रखना बेहतर होता है. फ्रिज का तापमान लगभग 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम रखना खाने को सुरक्षित रखने में मदद करता है. इसके अलावा, खाने को छोटे-छोटे कंटेनर में स्टोर करना अच्छा रहता है, क्योंकि इससे जरूरत के हिसाब से खाना निकाला जा सकता है और बार-बार पूरा कंटेनर गर्म करने की जरूरत नहीं पड़ती.

कौन से खाने को बार-बार गर्म करने से बचना चाहिए?
कुछ खाने जल्दी खराब हो सकते हैं, इसलिए इन्हें बार-बार गर्म करने से बचना चाहिए.

पके हुए चावल
चिकन और मीट
दूध से बनी चीजें
अंडे से बने व्यंजन
क्रीम वाली डिश

इन चीजों को सही तरीके से स्टोर करना और समय पर इस्तेमाल करना जरूरी होता है.

खाना गर्म करते समय रखें इन बातों का ध्यान
खाने को हमेशा उतनी ही मात्रा में गर्म करें जितनी आपको खानी है. माइक्रोवेव में गर्म करते समय बीच में खाना हिलाएं ताकि हर हिस्से तक गर्मी पहुंचे. अगर खाने की गंध बदल गई है, स्वाद अजीब लग रहा है या वह ज्यादा समय से रखा है तो उसे खाने से बचना बेहतर है.



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