Bank Holiday News : जिन राज्यों में बैंक बंद हैं, वहां ग्राहक ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल ऐप, यूपीआई (UPI) और एटीएम (ATM) जैसी डिजिटल बैंकिंग सर्विसेज का यूज कर सकते हैं.
उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात में आज बैंक बंद हैं.
नई दिल्ली. रक्षाबंधन का पावन त्योहार मनाया जा रहा है. कई राज्यों में आज स्कूल और सरकारी ऑफिस त्योहार के कारण बंद हैं. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, रक्षाबंधन को क्षेत्रीय अवकाश श्रेणी में रखा गया है. इस वजह से आज कुछ राज्यों में बैंक बंद है तो कुछ में खुलेंगे. ऐसे में यदि आप आज बैंक शाखा जाने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह जानना जरूरी है कि आपके राज्य में छुट्टी है या नहीं.
रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर साइबर अपराध के मामलों में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐंठने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 25 हजार रुपए नकद और दो बाइक बरामद की हैं। प्रशिक्षु आरपीएस एवं किशनगढ़बास थाना प्रभारी नेहा मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई 26 अगस्त को पुलिस कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना में बताया गया था कि दो व्यक्ति नांगल मोजिया गांव के पास बाइक लेकर खड़े हैं। उन्होंने एक व्यक्ति को उसके बेटे के साइबर अपराध में फंसने का डर दिखाकर धमकाया और मुकदमे से बचाने के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। आरोपियों में से एक ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और राजस्थान पुलिस की टी-शर्ट भी पहन रखी थी। सूचना मिलने के बाद किशनगढ़बास पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नांगल मोजिया निवासी अब्दुल (28 वर्ष) पुत्र शहीद और साधूका, थाना किशनगढ़बास निवासी सलीम (36 वर्ष) पुत्र सरीफ के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई जयपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक राहुल प्रकाश, खैरथल-तिजारा एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयासिंह एवं किशनगढ़बास डीएसपी लालसिंह यादव के निकट पर्यवेक्षण में की गई। इस पूरी कार्रवाई में थाना किशनगढ़बास की टीम की अहम भूमिका रही।
उन्नाव के पुरवा क्षेत्र में गुरुवार की आधी रात एक दो मंजिला पक्का मकान ढह गया। इस हादसे में परिवार के सात लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से करीब दो घंटे चले बचाव अभियान के बाद सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। यह घटना गुरुवार रात करीब 12:05 बजे धीरजीखेड़ा गांव में हुई। बारिश के बीच हुए इस हादसे की सूचना शिवम पटेल ने डायल 112 पर दी। सूचना मिलते ही पीआरवी के साथ क्षेत्राधिकारी पुरवा अरविंद चौरसिया और थाना पुरवा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने अंधेरे में मलबे को हटाकर बचाव कार्य शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों में 55 वर्षीय शर्मिला देवी पत्नी राजकुमार, 60 वर्षीय जयदेवी, 38 वर्षीय रेशमा पत्नी रोहतास, 40 वर्षीय पूजा पत्नी जीतू, 35 वर्षीय शिखा पत्नी विनीत, 42 वर्षीय रोहतास पुत्र राजकुमार और छह माह का मासूम कृष्णा पुत्र रोहतास शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सीएचसी पुरवा भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शुक्रवार भोर करीब तीन बजे जिला अस्पताल में उनका उपचार शुरू हुआ। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण भी अस्पताल पहुंच गए। बाद तत्काल अस्पताल भेजा गया। रात में हुई इस घटना के दौरान कुछ देर के लिए गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस की तत्परता से समय रहते निकाले गए सभी लोग
सीओ पुरवा अरविंद चौरसिया ने बताया कि रात में मकान गिरने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे सभी लोगों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
लगातार बारिश के बीच पक्के दो मंजिला मकान के अचानक गिरने से ग्रामीणों में दहशत है। हादसे ने बारिश के दौरान जर्जर और कमजोर भवनों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल घायलों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और पुलिस-प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।
इस रक्षाबंधन पर शुक्रवार को खजराना गणेश को 40 इंच बाय 40 इंच की सनातन राखी अर्पित की जाएगी। राखी को तैयार करने में करीब ढाई महीने का समय लगा है। पिछले 23 सालों से पालरेचा परिवार इस परंपरा को निभाता आ रहा है। 24 वें साल में भगवान गणेश को सनातन राखी अर्पित की जाएगी। पालरेचा परिवार शुक्रवार सुबह खजराना गणेश मंदिर जाएंगे। जहां पर पूरी आस्था के साथ भगवान खजराना गणेश को उनके द्वारा तैयार की गई राखी अर्पित की जाएगी। इसके साथ ही यहां पर भगवान का पूजन-अर्चन भी किया जाएगा। इधर, शुभ मुहूर्त में बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी। प्रमुख विशेषताएं एवं राष्ट्रीय-धार्मिक संदेश ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ का उत्सव: इस वर्ष राखी की मूल थीम ‘राष्ट्रभाव’ और ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ पर आधारित है, जो इंदौर की कला के माध्यम से पूरे देश में राष्ट्रीय चेतना का संचार करती है। भोजशाला में मां वाग्देवी की पुनर्स्थापना का संकल्प: राखी में मां वाग्देवी के स्वरूप को उकेरकर लंदन संग्रहालय में रखी उनकी ऐतिहासिक प्रतिमा को धार की ऐतिहासिक भोजशाला में पुनः स्थापित करने के राष्ट्रीय संकल्प को स्वर दिया गया है। कमल पुष्प पर सजा सनातन वैभव:कमल के भव्य आकार में तैयार इस राखी में सनातन संस्कृति के प्रमुख स्तंभों को समाहित किया गया है। भद्रा न होने से पूरा दिन शुभ इंदौर के पंडित मनीष शर्मा के मुताबिक पंचांग के अनुसार, रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9:08 बजे शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के हिसाब से 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाना शुभ माना गया है। खास बात यह है कि 27 अगस्त को भद्रा का समय भी रहेगा, जबकि 28 अगस्त की सुबह राखी बांधने के लिए भद्रा नहीं होगी। रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस बार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर अगले दिन यानी 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ बताया गया है। पंचांग के अनुसार, सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय रहेगा। हालांकि, सूर्योदय के समय में शहर के हिसाब से थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना बेहतर रहेगा। कल भद्रा न होने की वजह से रक्षाबंधन के लिए पूरा दिन शुभ है।
सावन माह के समापन से पहले अररिया शहर में गुरुवार मध्य रात्रि को देवघर जैसा भक्तिमय नजारा देखने को मिला। कटिहार जिले के मनिहारी घाट से गंगाजल लेकर सैकड़ों डाक बम, बाइक बम और कांवड़िए अररिया के प्राचीन शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचे। अररिया-पूर्णिया मार्ग स्थित एनएच-27 पर शिवभक्त भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। डीजे की धुन पर कांवड़िए नाचते-गाते हुए थिरक रहे थे। इस दौरान पूरे मार्ग में ‘हर हर भोला’, ‘हर हर शिव’ और ‘बोल-बम’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं को आराम करने की सुविधा कराई उपलब्ध कांवड़ियों की सुविधा और सेवा के लिए कटिहार के मनिहारी घाट से लेकर अररिया जिले तक सड़क किनारे जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए थे। स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने इन शिविरों में कांवड़ियों के लिए फल, शरबत, पानी और भोजन की व्यवस्था की थी। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को रुकने और आराम करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। रात के समय का यह दृश्य ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो श्रद्धालु बाबा की नगरी देवघर में पहुंच गए हों। शुक्रवार सुबह शहर के विभिन्न प्राचीन शिव मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्त हाथों में फूलों की थाली और पूजन सामग्री लेकर मंदिर पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर जलाभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस प्रशासन ने भी व्यापक प्रबंध किए थे। जगह-जगह पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात थे।
बढ़े हुए वजन की समस्या ज्यादातर लोगों को है और इसे कम करने के लिए लोग कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन फिटनेस इन्फ्लुएंसर ने सिंपल रूटीन अपनाकर अपना 8 किलो वजन कम कर लिया और इस दौरान उन्होंने बर्गर भी खाया। चलिए उनका फिटनेस रूटीन जानते हैं।
वजन कम करना हर किसी के लिए अलग टास्क जैसा होता है और लोग इसकी वजह से खाना-पीना छोड़ देते हैं और जिम में पसीना बहाने लगते हैं। वहीं कुछ लोग सिंपल रूटीन को अपनाकर वेट लॉस करते हैं और साथ में अपनी पसंदीदा चीजों को भी खाते रहते हैं। फिटनेस इन्फ्लुएंसर शिवानी अग्रवाल ने अपने इंस्टाग्राम पर अपनी वेट लॉस जर्नी शेयर की है और उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने 63 से 55 किलो वजन कर लिया। उन्होंने सिर्फ 8 आदतों को रूटीन के साथ अपनाते हुए 8 किलो वजन घटा लिया। शिवानी का कहना है कि वजन कम करने के लिए आपको हर दिन खुद को तकलीफ नहीं देनी चाहिए बल्कि सिर्फ रूटीन के साथ चीजों को अपनाना चाहिए और यही उन्होंने किया। चलिए आपको उनके फिटनेस रूटीन और डाइट प्लान के बारे में बताते हैं।
वजन कम करने के लिए कौन सी आदतें अपनाईं?
शिवानी का कहना है कि वजन कम करने के लिए आपको खुद से रेडी होना चाहिए और उसके साथ सही रूटीन पता होना चाहिए। अगर आप कोई भी रूटीन फॉलो नहीं कर रहे हैं, तो वजन कम करना मुश्किल होता है। चलिए जानते हैं उनका रूटीन क्या था?
1. टहलना हर दिन है जरूरी
शिवानी का कहना है कि उन्होंने हर दिन वॉक की। ऐसा जरूरी नहीं है कि आप हर दिन 10 हजार कदम ही चलें, लेकिन टहलना जरूर चाहिए। फिर चाहे आप सिर्फ 15-20 मिनट ही टहलें, वॉकिंग से वेट लॉस में मदद मिलती है और एनर्जी भी बनी रहती है।
2. डिनर में कार्ब्स किया कम
उन्होंने रात के खाने में कार्ब्स को कम शामिल किया और प्रोटीन-फाइबर युक्त खाना खाया। उन्होंने रात के समय चावल और रोटी का सेवन कम कर दिया और अंडे, पनीर, दाल और चिकन जैसे खाद्य पदार्थों के जरिए डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई। उनका कहना है कि उन्होंने कोई सख्त डाइट फॉलो नहीं की लेकिन हेल्दी फूड खाया।
3. बर्गर भी खाया
वजन कम करने का मतलब ये नहीं है कि आप खुद को सजा दीजिए बल्कि आप अपनी फेवरेट चीजों को भी कभी-कभार खा लें। शिवानी ने बताया कि उनका जब मन करता था तब वह बर्गर खा लेती थीं। इससे रूटीन भी मेंटेन रहता था और उनका मन खुश रहता था।
4. खाना धीरे खाना शुरू किया
खाना अक्सर हम लोग जल्दी में बिना चबाए ही खा लेते हैं और यही आदत शिवानी की भी थी। फिर उन्होंने खाना धीरे-धीरे चबाकर खाना शुरू किया। ऐसा करने पर उन्हें जल्दी पेट भरा हुआ लगने लगता था और वह ज्यादा नहीं खाती थीं। जब आप खाना धीरे-धीरे खाते हैं, तब ब्रेन पेट को 20 मिनट में सिग्नल देता है कि पेट फुल हो गया और इससे वजन कम करने में हेल्प मिलती है।
5. खाने से पहले पानी पीने की आदत
वैसे तो कहा जाता है कि खाने के बीच और तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए लेकिन खाने से पहले पी सकते हैं। शिवानी लंच-डिनर से पहले 1 गिलास पानी पीती थीं और फिर खाना खाती थीं। इससे वह हेल्दी चीजों को खा लेती थीं और ज्यादा नहीं होता था। जब आप वेट लॉस करते हैं, तब हेल्दी और कम खाना सही रहता है।
6. रोजाना वजन नहीं करती थीं चेक
शिवानी का कहना है कि जब आप रोजाना किसी चीज को देखते या फिर चेक करते हैं, तो उसका निगेटिव असर दिमाग पर होता है। इसलिए उन्होंने डेली अपना वजन चेक करना बंद कर दिया था और हफ्ते में सिर्फ एक बार ही वह चेक करती थीं। उन्हें यह तरीका ज्यादा आसान लगा और इससे वह पॉजिटिव रहीं।
7. स्लीप साइकिल की फिक्स
उन्होंने अपने सोने का सही समय तय किया और वह रोजाना उसी समय पर सो जाया करती थीं। लेट नाइट तक जगे रहने से भूख लगती है और आप स्नैकिंग करने लगते हैं। ऐसे में वजन कम करना मुश्किल होता है। हमेशा अपनी नींद का समय तय करें।
रक्षाबंधन पर दिल्ली के मौजपुर स्थित शगुन स्वीट्स ने ‘सुपरपावर पैक’ घेवर लॉन्च किया है. यह घेवर शुद्ध देसी घी, चिलगोजा और केसर से तैयार किया गया है. इसका स्वाद लाजवाब है और यह बेहद सेहतमंद है. लोग इसे उपहार के रूप में मुंबई तक भेज रहे हैं.
ख़बरें फटाफट
नई दिल्लीः घेवर तो आपने खूब खाए होंगे लेकिन इस बार दिल्ली एनसीआर के मार्केट में खास घेवर बहुत ज्यादा वायरल हो रहा है, जिसे सुपरपावर पैक घेवर कहा जा रहा है. इसे मुंह में रखते ही यह पूरी तरह से घुल जाता है. उसकी खासियत यह है कि इसे चिलगोजा से बनाया गया है. उसमें केसर का फ्लेवर डाला गया है. इस वजह से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. इसे सुपर पावर पैक इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसमें चिलगोजा जैसा महंगा और प्रीमियम ड्राई फ्रूट डाला गया है.
इस वजह से लोग इसे पसंद कर रहे हैं. ऊपर से इसमें डाला गया केसर का फ्लेवर भी काफी लोगों को पसंद आ रहा है. लोग इस घेवर को खास तौर पर गिफ्ट के आइटम के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं. इस रक्षाबंधन इस खास ड्राई फ्रूट्स और चिलगोजा से बनाए गए घेवर को लांच किया है दिल्ली के मौजपुर स्थित शगुन स्वीट्स ने जिनकी ओर से इस घेवर को शुद्ध देसी घी में बनाया गया है.
लाजवाब है इसका स्वाद शगुन स्वीट्स मौजपुर की सदस्य जिज्ञासा ने बताया कि यह घेवर इसलिए खास है क्योंकि इसे शुद्ध देसी घी में बनाया गया है. यह प्रीमियम घेवर है जो खास मार्केट में मिल रहे हैं उनसे बहुत अलग है. इसे रक्षाबंधन के लिए लॉन्च किया गया है. इसे पहली बार लॉन्च किया गया है. इसे पूरी तरह से चिलगोजा जैसे प्रीमियम ड्राई फ्रूट से बनाया गया जो स्वाद के साथ ही सेहत भी देते हैं. इसमें केसर डाला गया है. केसर भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. केसर और चिलगोजा दोनों के फ्लेवर से मिलकर इस घेवर को बनाया गया है, जिस वजह से यह घेवर काफी स्वादिष्ट है और लोगों को स्वाद के साथ ही सेहत भी दे रहा है. इसकी कीमत अलग-अलग है. यानी किलो के हिसाब से कीमत रखी गई है.
मुंबई तक भेज रहे लोग शगुन स्वीट्स के मालिक मुकेश बंसल ने बताया कि इस बार इस घेवर की बहुत ज्यादा डिमांड है. लोग मुंबई तक भेज रहे हैं. इस घेवर को खास तौर पर प्रीमियम क्लास के लिए बनाया गया है, जो लोग महंगा घेवर खरीदना पसंद करते हैं उनके लिए बनाया गया है. खास तौर पर रक्षाबंधन के लिए तैयार किया गया है, क्योंकि रक्षाबंधन पर और सावन के महीने की ही यह खास मिठाई होती है. सावन और रक्षाबंधन तक यह मिलेगी इसके बाद मार्केट से घेवर नहीं मिलता है. सावन और रक्षाबंधन के बाद घेवर सिर्फ खास ऑर्डर पर ही बनाया जाता है, लेकिन सावन और रक्षाबंधन पर घेवर अलग-अलग फ्लेवर के साथ बनाया जाता है. इसी सीजन में सबसे ज्यादा बिकता है.
प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.
काठमांडू3 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल
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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,400 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।
बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में आया था और अब जिस झील में पानी जमा है, उसके दोबारा टूटने पर फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।
चीन ने बताया है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किमी ऊपर तिब्बत के ल्हेंदे नदी में एक नई बैरियर झील बन गई है। झील करीब 0.11 वर्ग किमी में फैली है। इसमें करीब करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा है। अगले 3 दिनों में 300 करोड़ लीटर और पानी आ सकता है।
तबाही के आंकड़े
नेपाल में
389 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 910 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 44 नेपाली सेना के जवान और 28 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।
तिब्बत में
3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 558 लोग अब भी लापता हैं।
लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा का रसुवागढ़ी बॉर्डर पोस्ट। बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद पोस्ट पूरी तरह तबाह नजर आया।
खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
5 मिनट पहले
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सचिन ने प्रभावित परिवारों और रेस्क्यू टीमों के लिए जताई संवेदना
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इससे बड़ी अनिश्चितता शायद ही कोई हो सकती है कि आपको यह पता न हो कि आपका कोई अपना सुरक्षित है या नहीं।
सचिन ने नेपाल की बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि खास तौर पर उन लोगों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं, जो अब भी किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। वह लापता लोगों के परिजनों और उन तक पहुंचने के लिए दिन-रात काम कर रही बचाव टीमों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
14 मिनट पहले
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चार जिलों से बरामद 102 शव पोखरा भेजे गए
त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे से बरामद कुल 102 शवों को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए पोखरा भेजा गया है। इनमें नवलपरासी से 41, धादिंग से 27, तनहूं से 23 और गोरखा से 11 शव शामिल हैं।
इन जिलों में शवों को रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण भेजा गया। जिला प्रशासन अब मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक सूचना जारी करने की तैयारी कर रहा है, ताकि शोक में डूबे परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की पहचान कर सकें।
24 मिनट पहले
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तस्वीरों में दिखा बाढ़ का दर्द, हर चेहरे पर चिंता और मायूसी
31 मिनट पहले
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ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल को 35 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया
ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 35 करोड़ भारतीय रुपए) की मदद देने का ऐलान किया है।
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी नेपाल भेजा जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। इसकी वजह से कई समुदाय अब भी दूसरे इलाकों से कटे हुए हैं और वहां पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में तेजी से मानवीय सहायता पहुंचाना जरूरी है।
मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में कम से कम 39 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अब भी लापता हैं।
50 मिनट पहले
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तबाही से पहले और बाद की 4 सैटेलाइट तस्वीरें…
18 अक्टूबर 2023 और 27 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल के स्याप्रुबेसी का सीमेंट प्लांट। बाढ़ के बाद इमारतें और पुल बह गए।
नेपाल के स्याप्रुबेसी स्थित त्रिशूली पुल की पहली सैटेलाइट तस्वीर 18 अक्टूबर 2023 की है। दूसरी तस्वीर बाढ़ के बाद 27 अगस्त की है, जिसमें पुल और आसपास की इमारतें बह गईं।
नेपाल का स्याप्रुबेसी इलाका, जहां 24 अगस्त को बर्फ से ढका ग्लेशियर नजर आ रहा था, जबकि 27 अगस्त को उसी जगह बड़ा गड्ढा और मलबा दिखाई दे रहा है।
52 मिनट पहले
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नेपाल बाढ़ में 32 देशों के नागरिक लापता
नेपाल में बाढ़ के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक शामिल हैं। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना-पुलिस के 85 जवान और रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है।
लापता लोगों में भारत के 290, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25, दक्षिण कोरिया के 9, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8, दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6, जापान और न्यूजीलैंड के 5-5, फ्रांस के 4 नागरिक शामिल हैं।
54 मिनट पहले
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पूर्व DRDO चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी समेत 35 कैलाश यात्री सुरक्षित
नेपाल में बाढ़ के बीच हैदराबाद से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 45 सदस्यीय दल सुरक्षित है। यह यात्रा MSR चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत आयोजित की गई थी। दल में 35 यात्री और 10 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।
इसमें पूर्व DRDO चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी और उनका परिवार भी शामिल है। ट्रस्ट ने बताया कि सभी ने कैलाश की परिक्रमा पूरी कर ली है और अब वापस लौट रहे हैं। जिस कीरुंग रास्ते से उन्हें लौटना था, वहां बाढ़ आने के बाद चीनी और तिब्बती अधिकारियों ने उनका रास्ता बदल दिया है।
अब दल दूसरे रास्ते से नेपाल लौटेगा। यात्री गुरुवार को सागा में रुकेंगे और शुक्रवार को न्यालम पहुंचेंगे। वहां इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद काठमांडू जाएंगे और फिर हैदराबाद लौटेंगे। सतीश रेड्डी ने भी फोन पर बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण वापसी का नया रास्ता तय किया जा रहा है और उम्मीद है कि वे 30 अगस्त तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।
बिहार के खगड़िया और चंपारण समेत 20 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
वहीं, नेपाल में आई बाढ़ से बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट है। गंगा और गंडक खतरे के निशान से ऊपर हैं। कोसी और बागमती नदियां भी उफान पर हैं। यहां 50 हजार से ज्यादा घर पानी में डूबे हैं।
उत्तराखंड के 11 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, गुरुवार को चमोली में लैंडस्लाइड से बद्रीनाथ हाईवे कुछ देर के लिए बाधित हुआ।
हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। शिमला मौसम विभाग ने 31 अगस्त से 2 सितंबर तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लैंडस्लाइड्स और भारी बारिश के चलते राज्य में 70 सड़कें बंद हैं।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
देशभर से मौसम की तस्वीरें
तस्वीर बिहार के वैशाली की है, जहां गंडक नदी गंगा में मिलती है। यहां देसरी, गनियारी घाट से सटे गांवों में पानी घुसने लगा है।
यूपी में गुरुवार सुबह से शाम तक महोबा में सबसे ज्यादा 131.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सड़कें डूबने से कई जगह जाम लगा रहा।
मध्य प्रदेश के निवाड़ी में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। हाईवे पर ट्रैफिक थम गया है।
राजस्थान में कोटा के नोनेरा डैम के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश हो रही है। इसके चलते डैम के गेट खोल दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर के ग्राम तेतरडीह में कृषि विभाग का बांध टूट गया। पानी खेतों में भरने से धान की फसल को नुकसान हुआ है।
देशभर के मौसम के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
3 मिनट पहले
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बिहार: आज पूरे राज्य में बारिश की संभावना
बिहार में एक बार फिर मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग ने आज पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना जताई है। 20 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब के अबोहर का दुतारांवाली गांव। बाहर गांव का बोर्ड, अंदर जाती सड़क के दोनों तरफ खेत। कहीं बैलगाड़ी गुजर रही है तो कहीं पेड़ के नीचे ताश खेलते बुजुर्ग। यही गैंगस्टर लॉरेंस का गांव है। लॉरेंस इस वक्त अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है और कई गंभीर आ
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गांव में पहुंचते ही लॉरेंस का घर पूछा तो किराना दुकानदार थोड़ा झिझका, फिर रास्ता बता दिया। आगे मंदिर के पास मिले बुजुर्गों से बात हुई तो जुर्म की चर्चा से पहले लॉरेंस के बचपन की बातें सामने आईं- क्रिकेट, स्कूल और गांव का खेल का मैदान।
ग्रामीणों के मुताबिक, लॉरेंस के परिवार के पास करीब 110 किल्ले जमीन और 3-4 कोठियां हैं। एक ग्रामीण ने कहा, ‘उसे फिरौती मांगने की जरूरत नहीं थी।’ ग्रामीणों के मुताबिक, आखिरी बार लॉरेंस को 10-12 साल पहले गांव में देखा गया था।
तब से वह सिर्फ मीडिया में ही नजर आता है। वहीं, ग्राउंड में खेल रहे बच्चों ने लॉरेंस के बारे में कैमरे पर बात करने से इनकार कर दिया।
अबोहर के दुतारांवाली गांव में प्रवेश का रास्ता। यहीं लॉरेंस का बचपन बीता।
घर पूछने पर दुकानदार झिझका, फिर मंदिर का रास्ता बताया गांव में लॉरेंस का घर और उसके दादा की याद में बना मंदिर तलाशने के लिए टीम ने एक किराना की दुकान पर रुककर रास्ता पूछा। दुकानदार पहले थोड़ा झिझका, लेकिन बाद में मंदिर की तरफ जाने का रास्ता बता दिया। आगे बढ़ने पर मंदिर के पास पेड़ के नीचे कुछ बुजुर्ग ताश खेलते मिले। टीम ने अपना परिचय दिया तो उन्होंने बातचीत शुरू की।
दुतारांवाली में लॉरेंस के घर का रास्ता पूछने पर दुकानदार ने मंदिर की तरफ जाने का रास्ता बताया।
दादा की याद में मंदिर, यहीं मिले गांव के बुजुर्ग दुतारांवाली में लॉरेंस के दादा की याद में मंदिर बना हुआ है। इसी मंदिर के पास मिले बुजुर्गों से बातचीत में लॉरेंस के बचपन की बातें सामने आईं। बुजुर्गों ने बताया कि बचपन में लॉरेंस खेलकूद में आगे रहता था। उसे क्रिकेट का शौक था।
दुतारांवाली में लॉरेंस के दादा की याद में बना मंदिर।
क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए घर से पैसे लाता था गांव निवासी अशोक कुमार ने लॉरेंस के बचपन को याद करते हुए कहा कि वह खेलकूद में ज्यादा ध्यान देता था। अशोक के मुताबिक, लॉरेंस गांव में क्रिकेट टूर्नामेंट करवाने के लिए अपने घर से पैसे लगाता था।
लॉरेंस हमारे गांव में बहुत अच्छा लड़का था। लॉरेंस नशे के खिलाफ रहता था और नशा करने वाले युवाओं को रोकता-समझाता था
गांव निवासी अशोक कुमार ने लॉरेंस के बचपन और क्रिकेट के शौक की बातें बताईं।
5वीं तक साथ पढ़े, तब कोई गैंग या ग्रुप नहीं था लॉरेंस के साथ पांचवीं कक्षा तक पढ़े दर्शी राज ने भी उसके बचपन की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि उस समय लॉरेंस खेलकूद में रहता था और बच्चों को खेलवाने के लिए अपने घर से पैसे लगाता था। दर्शी राज ने बताया कि वह खुद मध्यम परिवार से हैं।
उनके मुताबिक, लॉरेंस ने उन्हें भी अपनी तरफ से खेलवाने के लिए पैसे दिए थे। उन्होंने कहा कि लॉरेंस पढ़ाई में भी अच्छा था और स्कूल के शिक्षकों के साथ उसका रिश्ता पिता-पुत्र जैसा था। बचपन में उसका कोई गैंग या ग्रुप नहीं था। वह खेल की भावना में रहता था।
लॉरेंस के साथ पांचवीं तक पढ़े दर्शी राज ने उसके बचपन की यादें साझा कीं।
परिवार के पास 110 किले जमीन, 3-4 कोठियां बातचीत में लॉरेंस के परिवार की संपत्ति का भी जिक्र आया। ग्रामीणों के मुताबिक, परिवार के पास करीब 110 किले जमीन और 3-4 कोठियां हैं। उसके पिता खेती से जुड़े रहे हैं। गांव निवासी कृष्ण कुमार ने कहा कि परिवार आर्थिक रूप से संपन्न है। उन्होंने कहा कि जब परिवार के पास अपनी जमीन-जायदाद है तो लॉरेंस को किसी से रंगदारी मांगने की जरूरत नहीं थी।
उन्होंने गांव में जरूरतमंद परिवारों की मदद और लड़कियों की शादी में पैसे देने की बात भी कही। कृष्ण कुमार ने कहा कि लॉरेंस के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी थी। उनका कहना है कि परिवार के पास अपनी जमीन थी, इसलिए लॉरेंस को किसी से रंगदारी मांगने की जरूरत नहीं थी।
कृष्ण कुमार के मुताबिक, लॉरेंस पढ़ाई में अच्छा था। चंडीगढ़ जाने के बाद उसकी जिंदगी बदल गई। उन्होंने कहा- लॉरेंस ईमानदार लड़का था और अच्छी पढ़ाई कर रहा था। चंडीगढ़ गया और वहां किसी गलत संगत में पड़ गया। इसके बाद उसकी जिंदगी बदलती चली गई।
गांव निवासी कृष्ण कुमार ने लॉरेंस के परिवार की आर्थिक स्थिति के बारे में बताया।
आखिरी बार करीब 10-12 साल पहले देखा गांव निवासी शालू के मुताबिक, उन्होंने लॉरेंस को करीब 10-12 साल पहले आखिरी बार देखा था। शालू ने बताया कि उस समय लॉरेंस क्रिकेट खेलने के लिए ग्राउंड की तरफ जा रहा था। मंदिर के पास मुलाकात हुई तो उन्होंने लॉरेंस से हाथ भी मिलाया था। इसके बाद वह गांव नहीं आया।
शालू ने बताया कि उन्होंने लॉरेंस को करीब 10-12 साल पहले आखिरी बार देखा था।
बच्चे ग्राउंड में खेलते मिले, लेकिन लॉरेंस पर बात नहीं की गांव के ग्राउंड में बच्चे खेलते मिले। टीम ने उनसे लॉरेंस के बारे में बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने ऐसा क्यों किया, इसकी वजह उन्होंने नहीं बताई।
दुतारांवाली के ग्राउंड में खेलते बच्चे। बच्चों ने लॉरेंस के बारे में कैमरे पर बात करने से मना कर दिया।
चंडीगढ़ से साबरमती जेल तक: लॉरेंस की कहानी
कॉलेज से छात्र राजनीति: 2010 में चंडीगढ़ आया लॉरेंस DAV कॉलेज-10 में दाखिल हुआ और SOPU से जुड़ा। 2010 का चुनाव हारा, 2011 में जीतकर कैंपस प्रेसिडेंट बना। इसी दौरान विक्की मिड्डूखेड़ा और गोल्डी बराड़ से संपर्क हुआ।
2011 में पहली FIR: अप्रैल 2011 में हत्या के प्रयास और घर में घुसने के आरोप में पहली FIR हुई। इसके बाद मारपीट, हथियार और आपराधिक साजिश समेत कई मामलों में नाम जुड़ता गया। 2014 में राजस्थान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
सलमान खान को धमकी: 2018 में काला हिरण मामले को लेकर सलमान खान को धमकी देने के बाद वह राष्ट्रीय सुर्खियों में आया। उसके करीबी संपत नेहरा की सलमान की रेकी के आरोप में गिरफ्तारी हुई।
मूसेवाला हत्याकांड: 2021 में विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या के बाद 29 मई 2022 को सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई। गोल्डी बराड़ ने इसे मिड्डूखेड़ा की हत्या का बदला बताया।
जेल से इंटरव्यू: मार्च 2023 में जेल से लॉरेंस का टीवी इंटरव्यू सामने आया। इससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे। हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच और FIR हुई।
700 सदस्यों का नेटवर्क: NIA की चार्जशीट में उसके कथित सिंडिकेट को करीब 700 सदस्यों वाला नेटवर्क बताया गया। इसमें शूटर, हथियार-ड्रग्स सप्लाई और रंगदारी से जुड़े लोग शामिल बताए गए।
साबरमती जेल: 2023 में ड्रग्स केस में गुजरात ATS ने उसे कस्टडी में लिया। 10 मई 2023 को उसे साबरमती सेंट्रल जेल भेजा गया। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद उसे जेल से बाहर ले जाना प्रतिबंधित है।
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: अक्टूबर 2024 में बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद लॉरेंस नेटवर्क फिर चर्चा में आया। जांच में गैंग से जुड़े लोगों और उसके भाई अनमोल के नाम सामने आए।
जेल से नेटवर्क, अमेरिका तक पहुंच: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI के मुताबिक लॉरेंस जेल से अपना नेटवर्क चला रहा। अमेरिकी जांच में उसके नेटवर्क पर हत्या, रंगदारी और ड्रग्स तस्करी जैसे अपराधों के आरोप सामने आए हैं। जुलाई 2026 में अमेरिका ने लॉरेंस पर कनाडा में हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया।
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सलमान खान मुकाम धाम आकर माफी मांग ले तो बिश्नोई समाज और लॉरेंस उसे माफ कर देंगे,लेकिन न जाने उसके दिमाग में क्या बैठा है, माफी को इश्यू बना दिया, काले हिरण के शिकार केस में फंसे बॉलीवुड एक्टर के लिए ये कहना है लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई का।
अमेरिकी जांच एजेंसी FBI इन्वेस्टिगेशन के लिए लॉरेंस को अमेरिका ले जाने की बात कह चुकी है। इसको लेकर लॉरेंस के पारिवारिक सदस्य ने दैनिक भास्कर से एक्सक्लूसिव बातचीत की। रमेश बिश्नोई ने कहा कि लॉरेंस हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है तो वहां से नेटवर्क कैसे चला रहा, अमेरिकी जांच एजेंसी का दावा हिंदुस्तान के खिलाफ साजिश है (पढ़ें पूरी खबर)