Thursday, October 8, 2026
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ट्रम्प ने फिर मांगा नोबेल शांति पुरस्कार: कहा- मैंने 8 युद्ध खत्म कराए, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं; 2025 में भी मांग की थी




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर अपना दावा जताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 8 युद्ध खत्म कराए हैं। ट्रम्प ने कहा, मैं अपनी तारीफ नहीं कर रहा हूं, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं। शायद किसी भी राष्ट्रपति ने इतने युद्ध नहीं सुलझाए हैं। शांति प्रयास जारी हैं और जल्द एक और युद्ध सुलझा सकते हैं। ट्रम्प लंबे समय से अपने कूटनीतिक प्रयासों के लिए इस पुरस्कार के हकदार होने का दावा करते रहे हैं। बुधवार को व्हाइट हाउस लौटने के बाद उन्होंने पत्रकारों से यह बात कही। पुरस्कार की घोषणा 9 अक्टूबर को नॉर्वे की नोबेल समिति करेगी। इससे पहले जून 2025 में भी ट्रम्प ने इस पुरस्कार पर अपना दावा जताया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें यह पुरस्कार 4 या 5 बार मिल जाना चाहिए था। ट्रम्प ने 3 बार इस पुरस्कार को लेकर दावे किए ट्रम्प ने पुरस्कार नहीं मिलने पर नाराजगी जताई थी जनवरी 2026 में ट्रम्प की इस पुरस्कार को लेकर नाराजगी नॉर्वे के साथ विवाद तक पहुंच गई थी। ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की कोशिश को लेकर विवाद के बीच ट्रम्प ने नॉर्वे के पीएम जोनास गार स्टोर को मैसेज भेजा था। ट्रम्प ने शिकायत की थी कि 8 युद्ध रोकने के बावजूद नॉर्वे ने उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया। इसके बाद स्टोर ने कहा था कि इस पुरस्कार का फैसला नॉर्वे की सरकार नहीं करती, बल्कि स्वतंत्र नॉर्वेजियन नोबेल समिति करती है। 2025 में मारिया मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था ट्रम्प की नोबेल दावेदारी का एक मामला वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो से भी जुड़ा है। मचाडो को 2025 का यह पुरस्कार लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके काम के लिए दिया गया था। बाद में उन्होंने व्हाइट हाउस में ट्रम्प से मुलाकात की और उन्हें अपना नोबेल मेडल दिया। हालांकि, इससे नोबेल पुरस्कार ट्रम्प को नहीं मिला। पुरस्कार मचाडो के पास ही रहा। नोबेल समिति के मुताबिक, पुरस्कार किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर, साझा या वापस नहीं किया जा सकता। ——————— यह खबर भी पढ़ें… 2026 का केमिस्ट्री नोबेल फ्रांस-जापान के वैज्ञानिकों को:अणुओं के मिरर इमेज की 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई; दवाएं बनाने में मदद मिली 2026 का केमिस्ट्री नोबेल पुरस्कार फ्रांस के वैज्ञानिक हेनरी बी. कागन और जापान के केन्सो सोआई को दिया गया है। दोनों वैज्ञानिकों ने रसायन विज्ञान की करीब 100 साल पुरानी गुत्थी सुलझाई है। पूरी खबर पढ़ें…



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फर्जी दस्तावेजों से पासपोर्ट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़: मुरादाबाद पुलिस ने 2 आरोपी पकड़े,फर्जी आधार, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और प्रधानों के लेटर पैड मिले – Moradabad News




मुरादाबाद में कटघर थाना पुलिस ने फर्जी पहचान और जाली दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने रामगंगा पुल के पास से गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र और ग्राम प्रधानों के लेटर पैड बरामद हुए हैं। एसपी सिटी कुमार रणविजय ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महफूज (निवासी अगवानपुर, हाल निवासी पीर का बाजार, मुरादाबाद) और आकाश (निवासी फरीदपुर सेक्टर-78, फरीदाबाद) के रूप में हुई है। इन्हें बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे रामगंगा पुल के पास से दबोचा गया। इस मामले की रिपोर्ट छह अक्टूबर को कटघर थाने में दर्ज कराई गई थी। पूछताछ में आरोपी महफूज ने खुलासा किया कि बरेली निवासी मुकेश शर्मा नामक व्यक्ति पासपोर्ट बनवाने के इच्छुक ग्राहकों के नाम और फोटो उन्हें भेजता था। इसके बाद यह गिरोह फर्जी पते पर दस्तावेज तैयार कर पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करता था। आरोपियों ने हाल ही में रवि निवासी ताजपुर माफी के नाम पर भी पासपोर्ट बनवाने का प्रयास किया था, लेकिन आवेदन निरस्त होने के बाद वे दोबारा कागजात तैयार कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन के अलावा 25 फर्जी आधार कार्ड, 4 पैन कार्ड, 5 जन्म प्रमाणपत्र, 6 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, फर्जी अंकपत्र, दो आरसी (RC), फर्जी बिजली बिल और ग्राम प्रधान व पार्षदों के लेटर पैड बरामद किए हैं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि आरोपी महफूज के खिलाफ विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, पासपोर्ट अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह के तीसरे मुख्य साथी मुकेश शर्मा की तलाश में दबिश दे रही है।*



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एलआईजी-नवलखा एलिवेटेड कॉरिडोर पर सवा घंटे बहस: 24 मीटर रोटरी और 350 करोड़ लागत पर सवाल; एलिवेटेड कॉरिडोर मामले में अंतिम सुनवाई पूरी – Indore News




एलआईजी चौराहा से नवलखा चौराहा तक प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर बुधवार को मप्र हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में सवा घंटे से अधिक समय तक अंतिम सुनवाई हुई। जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डिवीजन बेंच के सामने शासन और इंदौर उत्थान अभियान समिति ने कॉरिडोर को ट्रैफिक के लिहाज से उपयोगी और तकनीकी रूप से व्यवहार्य बताया। वहीं याचिकाकर्ताओं ने ट्रैफिक सर्वे की विश्वसनीयता, प्रोजेक्ट की लागत, डिजाइन, रोटरी, राइट टर्न और सतत एलिवेटेड कॉरिडोर की जरूरत पर सवाल उठाए। शासन की ओर से परियोजना की उपयोगिता समझाने के लिए कोर्ट में वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वीडियो से किसी प्रोजेक्ट की उपयोगिता साबित नहीं की जा सकती, इसके लिए वर्तमान ट्रैफिक आंकड़ों और स्वतंत्र तकनीकी अध्ययन की जरूरत है। दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता से बहस का संक्षिप्त सिनॉप्सिस मांगा है। अब मामले में अंतिम आदेश का इंतजार है। एक्रोपोलिस की ट्रैफिक सर्वे रिपोर्ट पर सबसे ज्यादा आपत्ति सुनवाई के दौरान एक्रोपोलिस कॉलेज की ट्रैफिक सर्वे रिपोर्ट सबसे अहम मुद्दों में रही। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर कॉरिडोर की उपयोगिता तय नहीं की जा सकती। उनका दावा है कि SGSITS ने सर्वे के मूल डेटा में डेटा दोहराव, कॉपी-पेस्ट की त्रुटियों और कथित डेटा मैनिपुलेशन जैसी विसंगतियां बताई थीं। याचिकाकर्ता पक्ष के अनुसार इन तकनीकी आपत्तियों पर लंबे समय तक विभागीय स्तर पर संयुक्त चर्चा नहीं हुई। बाद में एक्रोपोलिस से इन आपत्तियों पर जवाब मांगा गया। याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि सर्वे करने वाली संस्था, ऑडिट विशेषज्ञ और संबंधित विभागीय अधिकारियों की संयुक्त बैठक कर सभी तकनीकी आपत्तियों का समाधान कराया जाए। इंदौर उत्थान अभियान समिति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया ने तर्क दिया कि केवल एक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एलिवेटेड कॉरिडोर की व्यवहार्यता पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। उनके अनुसार SGSITS की तकनीकी जांच में मूल सर्वे डेटा की कमियां सामने आई थीं और परियोजना का आकलन मौजूदा यातायात परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। 350 करोड़ का प्रोजेक्ट या 700-750 करोड़ तक खर्च? लागत को लेकर भी दोनों पक्षों में अलग-अलग दलीलें सामने आईं। याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा कि करीब 350 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान वर्ष 2019-20 से चला आ रहा है। इस दौरान डिजाइन और परियोजना की विभिन्न भुजाओं में बदलाव हुए हैं। बिजली लाइनों की शिफ्टिंग और अन्य खर्च जोड़ने के बाद वास्तविक लागत 700 से 750 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। इसके जवाब में शासन ने बताया कि प्रोजेक्ट का GAD ERP पोर्टल पर अपलोड किया जा चुका है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपए है और इसमें करीब 10% तक बदलाव संभव है। 24 मीटर की रोटरी पर जाम की आशंका प्रस्तावित करीब 24 मीटर की आंतरिक रोटरी की क्षमता पर भी याचिकाकर्ताओं ने सवाल उठाए। उनका कहना था कि पीक आवर्स में सीमित क्षमता के कारण यहां ट्रैफिक जाम हो सकता है। ढलान से आने वाले वाहनों को रोटरी के पास रुकना पड़ने पर दुर्घटना की आशंका भी जताई गई। शासन की ओर से बताया गया कि गीता भवन सहित प्रमुख स्थानों पर रोटरी, आर्म्स और जरूरी कनेक्टिविटी का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य एलिवेटेड कॉरिडोर के साथ नीचे चलने वाले स्थानीय यातायात को भी सुचारू रखना है। अलग-अलग फ्लाईओवर बेहतर या एक ही सतत कॉरिडोर? सुनवाई में एलआईजी से नवलखा तक एक सतत एलिवेटेड कॉरिडोर के बजाय प्रमुख चौराहों पर अलग-अलग फ्लाईओवर बनाने के विकल्प पर भी बहस हुई। याचिकाकर्ताओं का तर्क: एबी रोड पर ट्रैफिक की समस्या मुख्य रूप से लेन की कमी से ज्यादा चौराहों पर क्रॉसिंग और टर्निंग की वजह से है। उनका दावा है कि बड़ी संख्या में वाहन एक-दो चौराहों के बाद ही अपने गंतव्य की ओर मुड़ जाते हैं। इसलिए प्रमुख चौराहों पर अलग-अलग फ्लाईओवर या दूसरे स्थानीय समाधान अधिक प्रभावी हो सकते हैं। इंदौर उत्थान अभियान समिति का तर्क: अलग-अलग फ्लाईओवर बनाने पर लंबे एप्रोच और रैंप की जरूरत होगी। पास-पास स्थित चौराहों के कारण इनके एप्रोच एक-दूसरे को प्रभावित कर सकते हैं और नीचे के स्थानीय यातायात के लिए समस्या बढ़ सकती है। समिति की ओर से इसके समर्थन में कोर्ट के सामने डायग्राम और तुलनात्मक चित्र भी प्रस्तुत किए गए। राइट टर्न की सुविधा पर भी सवाल याचिकाकर्ताओं ने साकेत, खजराना, बंगाली और पिपलियाहाना की ओर से आने वाले यातायात के लिए राइट टर्न की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जरूरी स्थानों पर राइट टर्न नहीं होने पर एलिवेटेड कॉरिडोर की उपयोगिता सीमित हो सकती है। शासन की ओर से जवाब दिया गया कि परियोजना में आवश्यक आर्म्स और कनेक्टिविटी का प्रावधान है, जिससे स्थानीय यातायात को प्रमुख चौराहों और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच मिलती रहेगी। नीचे का ट्रैफिक स्थानीय, ऊपर से गुजरेगा थ्रू ट्रैफिक इंदौर उत्थान अभियान समिति ने परियोजना की उपयोगिता समझाते हुए कहा कि एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्देश्य थ्रू ट्रैफिक को ऊपर ले जाना है, जबकि नीचे की सड़क स्थानीय यातायात के लिए उपलब्ध रहेगी। इससे दोनों प्रकार के यातायात को अलग-अलग स्तर पर संचालित किया जा सकेगा और चौराहों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी। फ्लाई ऐश के इस्तेमाल पर पर्यावरण का मुद्दा निर्माण के दौरान फ्लाई ऐश के इस्तेमाल पर भी याचिकाकर्ताओं ने आपत्ति उठाई। घनी आबादी वाले क्षेत्र में इसके परिवहन और हैंडलिंग से प्रदूषण व जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का मुद्दा उठाया गया। याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि कॉरिडोर की संरचना को देखते हुए बड़े पैमाने पर भराव की जरूरत नहीं होगी। स्वतंत्र तकनीकी समिति बनाने की मांग याचिकाकर्ता अतुल शेठ की ओर से पूरे प्रोजेक्ट का स्वतंत्र तकनीकी अध्ययन कराने के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की गई। उनका कहना था कि समिति की रिपोर्ट आने तक परियोजना से जुड़े कार्य रोके जाएं और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाए। याचिकाकर्ता पक्ष ने अपने अध्ययन के आधार पर दावा किया कि एलिवेटेड कॉरिडोर की उपयोगिता 10% से कम है, जबकि अलग-अलग प्रमुख चौराहों पर फ्लाईओवर की संयुक्त उपयोगिता 42% से अधिक हो सकती है। ये आंकड़े याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए दावे हैं, हाईकोर्ट का निष्कर्ष नहीं। अब कोर्ट के आदेश पर नजर सवा घंटे से अधिक चली अंतिम सुनवाई में दोनों पक्षों ने परियोजना की उपयोगिता, ट्रैफिक सर्वे, तकनीकी व्यवहार्यता, लागत और डिजाइन से जुड़े अपने तर्क रखे। सुनवाई के अंत में कोर्ट ने याचिकाकर्ता से बहस का संक्षिप्त सिनॉप्सिस मांगा है। इसके बाद मामले में अंतिम आदेश आने की उम्मीद है। याचिकाकर्ता अतुल शेठ सहित सात लोग इस मामले में पक्षकार हैं। इंदौर उत्थान अभियान समिति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया और अधिवक्ता मालविका मिश्रा पॉल ने पक्ष रखा।



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महाराष्ट्र में इंडियनऑयल अधिकारी पर 7 बार चाकू से हमला: मौत; पेट्रोल पंप सील करने पहुंचे थे, पेट्रोलियम मंत्री बोले- जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई हो




महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में मंगलवार को पेट्रोल पंप सील करने पहुंचे इंडियनऑयल अधिकारी महेश शेलके की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। विवाद के बाद उन पर 7 बार चाकू से हमला किया गया। पुलिस के मुताबिक, महेश इंडियनऑयल की टीम के साथ अंबाचोंडी गांव के पेट्रोल पंप को सील करने पहुंचे थे। इसी दौरान पंप मालिक के परिवार और वहां मौजूद लोगों से उनका विवाद हो गया। महेश इंडियनऑयल में मैनेजर और फील्ड ऑफिसर थे। यह पेट्रोल पंप कुछ दिन पहले ही दोबारा शुरू हुआ था। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने हत्या को निंदनीय और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय और इंडियनऑयल महेश के परिवार को हर संभव मदद देंगे। इंडियनऑयल चेयरमैन ने कहा- ड्यूटी के समय जानलेवा हमला किया गया इंडियनऑयल के चेयरमैन एएस साहनी ने कहा कि महेश की मौत से वह बेहद दुखी हैं। महाराष्ट्र के हिंगोली में आधिकारिक ड्यूटी निभाते समय उन पर जानलेवा हमला किया गया। इंडियनऑयल ने महेश को प्रतिभाशाली और होनहार सेल्स ऑफिसर बताया। कंपनी के मुताबिक, उनकी मेहनत और ईमानदारी के कारण उन्हें सहकर्मियों का सम्मान हासिल था। कंपनी ने कहा कि इस मुश्किल समय में वह उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता दे रही है। ऑफिसर्स एसोसिएशन ने 24 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की इंडियनऑयल ऑफिसर्स एसोसिएशन (IOOA) ने महेश की हत्या पर दुख और आक्रोश जताया। एसोसिएशन ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है। एसोसिएशन ने पेट्रोलियम मंत्रालय, इंडियनऑयल और महाराष्ट्र सरकार से जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही महेश के परिवार को मदद देने और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की। ——— ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में हिंगोली के पटाखा गोदाम में आग, 2 मौतें:7 लोग झुलसे; आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड भी जली महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में रात को पटाखों के गोदाम में आग लग गई। हादसा रात 8 बजे मारवाड़ी गली में हुआ। आग तेजी से फैली और पटाखे फटने से रुक-रुककर धमाके हुए। इससे इलाके में दहशत फैल गई। पूरी खबर पढ़ें…



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साईं सेंटर के खिलाड़ियों ने राज्यस्तरीय-स्कूल वेटलिफ्टिंग में जीते पदक: प्रतियोगिता में जयपुर सेंटर के खिलाड़ियों ने जीते 9 पदक, 5 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय स्तर पर चयन – Jaipur News




भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के जयपुर सेंटर के वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों ने हाल ही में आयोजित राज्य स्तरीय स्कूल वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न वर्गों में कुल 9 पदक अपने नाम किए। खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 5 स्वर्ण, 2 रजत एवं 2 कांस्य पदक जीतकर सेंटर का गौरव बढ़ाया। साई जयपुर सेंटर के वेटलिफ्टिंग कोच कुलदीप सिंह शेखावत ने बताया कि सहायक निदेशक साहिला और सेंटर इंचार्ज जॉय चाको के निर्देशन में खिलाड़ियों को नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, तकनीक, फिटनेस तथा प्रतियोगिताओं की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसी नियमित अभ्यास और बेहतर प्रशिक्षण का परिणाम है कि खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 26 नवंबर को मणिपुर में होगी राष्ट्रीय प्रतियोगिता कोच शेखावत ने बताया कि प्रतियोगिता में दीपांशु राणा, आयुष कुमार, यश पवार, अंशुल एवं आलोक कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किए। वहीं रावेंद्र एवं प्रियांशु ने रजत पदक प्राप्त किए। इसके अलावा आग्निक एवं रितेश नायक ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दीपांशु राणा, आयुष कुमार, यश पवार, अंशुल एवं आलोक कुमार का चयन स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया (SGFI) की राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप के लिए हुआ है। राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतियोगिता 26 नवंबर से मणिपुर में आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। कोच कुलदीप सिंह शेखावत ने बताया कि साई जयपुर सेंटर में खिलाड़ियों के लिए विश्वस्तरीय उपकरण एवं उत्कृष्ट खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। यहां खिलाड़ियों के खेल कौशल एवं प्रदर्शन में सुधार के लिए विशेषज्ञों द्वारा नियमित एवं वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाता है। सेंटर का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, उचित पोषण एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। इस अवसर पर कबड्डी कोच राहुल कुमार सहित सेंटर का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।



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मेरठ में दो बाइकों की टक्कर, एक युवक की मौत: हादसे में चार लोग गंभीर घायल, मेरठ रेफर – Meerut News




मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र के हर्रा-खिवाई मोड़ पर बुधवार रात तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि दोनों बाइकों पर सवार पांच लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही मौके पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए सीएचसी सरूरपुर पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें मेरठ रेफर कर दिया। हादसे में कस्बा खिवाई निवासी हामिद पुत्र ओसाफ, खुशी मोहम्मद पुत्र ताहिर और आसू पुत्र पद्दी घायल हुए थे। तीनों मजदूरी करने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान हर्रा-खिवाई मोड़ पर फैक्टरी के सामने उनकी बाइक सामने से आ रही दूसरी बाइक से टकरा गई। दूसरी बाइक पर खेड़ी गांव निवासी उवैस पुत्र जाहिर और कादिर पुत्र गुलाम मोहम्मद सवार थे। दोनों परिवार में होने वाली शादी के लिए कपड़े खरीदने बरनावा जा रहे थे। अचानक दोनों बाइकों की भिड़ंत होने से मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को सीएचसी सरूरपुर से मेरठ ले जाया जा रहा था। इसी दौरान खुशी मोहम्मद की हालत अचानक बिगड़ गई। मेरठ पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को लेकर वापस लौट आए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं हामिद, आसू, उवैस और कादिर का मेरठ में उपचार चल रहा है। चारों की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। हादसे की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार को दुर्घटना का कारण माना जा रहा है, हालांकि पुलिस जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह स्पष्ट करेगी।



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समस्तीपुर में बाइक सवार बदमाशों ने युवक को गोली मारी: दोस्त के साथ सब्जी मंडी से घर लौट रहा था, रास्ते में बदमाशों ने घेरा – Samastipur News




समस्तीपुर के कर्पूरीग्राम थाना इलाके में बुधवार देर शाम बाइक सवार दो बदमाशों ने एक युवक को पैर में गोली मारकर घायल कर दिया। घायल युवक की पहचान आधारपुर गांव के उमेश सिंह के बेटे सोनू कुमार के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना जोगिया मठ के पास हुई। सोनू अपने दोस्त के साथ बाइक से सब्जी मंडी से घर लौट रहा था। तभी पीछे से आए बाइक सवार दो लोगों ने उस पर गोली चला दी। सोनू के अनुसार, हमलावरों ने अपना चेहरा मास्क और कपड़े से छिपा रखा था। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने सोनू को अस्पताल पहुंचाया। कर्पूरीग्राम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की है। पुराने विवाद में हत्या की धमकी देने का आरोप
घायल सोनू ने पुलिस को बताया कि उसका पूर्व में कुंदन नामक व्यक्ति के साथ विवाद हुआ था। विवाद के बाद उसे हत्या की धमकी भी दी गई थी। सोनू का आरोप है कि इसी पुराने विवाद को लेकर उस पर हमला किया गया है। घायल ने हमलावरों को शरीर और हुलिए से पहचानने का दावा किया है। उसने बताया कि इस विवाद को लेकर पूर्व में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।
घटना के बाद पुलिस अब पुराने विवाद और पूर्व में दर्ज प्राथमिकी से जुड़े बिंदुओं को भी जांच के दायरे में रखकर आगे की कार्रवाई कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में शामिल दोनों हमलावर कौन थे और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या है।
हमलावरों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी
इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि गोलीबारी की घटना की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ-साथ आरोपितों की पहचान और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।



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बैंक-एटीएम और सीएसपी केंद्रों के पास गश्ती होगी: रात में संदिग्धों के भी जांच के निर्देश, औरंगाबाद में अपराध नियंत्रण को लेकर क्राइम मीटिंग – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद जिले में अपराध की स्थिति, अपराध नियंत्रण, आपराधिक कांडों के उद्भेदन और शांतिपूर्ण विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने पुलिस कार्यालय के सभागार में अपराध समीक्षा बैठक की। जिसमें सभी डीएसपी, एसडीपीओ, सर्किल इंस्पेक्टर थानाध्यक्ष और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी शामिल हुए। एसपी ने कहा कि पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहें और आम लोगों के बीच विश्वास कायम करें। गश्ती के दौरान अपराधियों और वांछित आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने पर विशेष जोर दिया गया। निर्देश दिया कि पुलिस की सक्रियता से अपराधियों में भय पैदा होना चाहिए। सभी थानाध्यक्षों को अपने क्षेत्र के बैंक, एटीएम और सीएसपी केंद्रों के आसपास नियमित रूप से गश्त करने और कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही रात के समय संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के लिए कहा है। घटना सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचने को कहा घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्षों को तत्काल नियंत्रण कक्ष को जानकारी देते हुए घटनास्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया। थानों में आने वाले फरियादियों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए समय पर कार्रवाई होनी चाहिए। फर्द बयान प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने और प्राथमिकी दर्ज होने के 30 मिनट के भीतर अनुसंधानकर्ता को घटनास्थल का निरीक्षण कर अनुसंधान शुरू करने का निर्देश दिया गया। वहीं प्राथमिकी दर्ज होने के सात दिनों के भीतर पर्यवेक्षी पदाधिकारी को कांड का पर्यवेक्षण करने को कहा गया।
चोरी, वारंट और गंभीर कांडों के त्वरित निष्पादन पर निर्देश अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने वाहन चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र में बाइक चोरों और अन्य वाहन चोरों के खिलाफ योजना बनाकर छापेमारी करने को कहा गया। सभी थानाध्यक्षों को गुंडा पंजी में दर्ज व्यक्तियों का एक सप्ताह के भीतर सत्यापन करने का निर्देश दिया गया। लंबित जमानतीय और अजमानतीय वारंट, कुर्की और इश्तेहार का एक सप्ताह के अंदर निष्पादन करने पर भी विशेष जोर दिया गया। हत्या, लूट, डकैती और पॉक्सो समेत गंभीर मामलों में अनुसंधान के दौरान साक्ष्य संकलन से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी पुलिस पदाधिकारियों को दी गई। पुलिस पर हमला और सांप्रदायिक दंगा जैसे मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और अंचल पुलिस निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्र के कांडों की नियमित समीक्षा कर त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने और अंतिम आदेश निर्गत करने को कहा गया। SC/ST कांडों में मुआवजा प्रस्ताव से संबंधित रिपोर्ट समय पर समर्पित करने का निर्देश भी दिया गया। शराबबंदी कानून के पालन और सड़क दुर्घटनाओं पर भी फोकस क्राइम मीटिंग में बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विशेष चर्चा हुई। शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए शराब के निर्माण, परिवहन और भंडारण के संबंध में गहनता से जांच करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा शराब तस्करी से जुड़े मामलों में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। पुलिस अधिकारियों को शराबबंदी कानून के उल्लंघन के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया। सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में समय पर iRaI/e-DAR पोर्टल पर आवश्यक विवरण अपलोड करने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधिकारियों को दुर्घटना से जुड़े मामलों में रिकॉर्ड और संबंधित जानकारी को समय पर दर्ज करने को कहा गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और थानाध्यक्षों को अवैध शराब के उत्पादन, परिवहन और भंडारण पर रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। साथ ही 7 साल की सजा वाले कांडों में घटनास्थल की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और गवाहों की रिकॉर्डिंग समेत साक्ष्यों के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।
भूमि विवाद के मामलों के समाधान के लिए भी थानाध्यक्षों को सक्रिय भूमिका निभाने को कहा गया। निर्देश दिया गया कि प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाली भूमि-विवाद बैठक में स्वयं भाग लें।
दुर्गापूजा को लेकर थानाध्यक्षों को विशेष सतर्कता का निर्देश आगामी दुर्गापूजा को लेकर जिले के सभी थानाध्यक्षों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया। पूजा के दौरान भीड़, जुलूस, पूजा पंडाल और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस को पहले से तैयारी करने को कहा गया। अधिकारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों से कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल घटना के बाद कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और समय पर हस्तक्षेप जरूरी है। बैंक, एटीएम, सीएसपी और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित गश्त के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने की आवश्यकता है। क्राइम मीटिंग में लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी, वारंटों के निष्पादन, गंभीर अपराधों में साक्ष्य संकलन और शराबबंदी कानून के प्रभावी अनुपालन को लेकर लक्ष्य निर्धारित किए गए।



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राहुल गांधी की हिरासत का शाजापुर में विरोध: कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका – shajapur (MP) News




दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेने के विरोध में शाजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुधवार रात प्रदर्शन किया। रात करीब 9 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता बस स्टैंड पर इकट्ठा हुए और धरने पर बैठकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध जताया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। पुतला जलाने के बाद नगर पालिका की फायर ब्रिगेड टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी डालकर आग बुझाई। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के सांसद चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया। जिलाध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की एनआईए (NIA) से जांच कराने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार विदेशी ताकतों के साथ मिलकर देश के लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।



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क्या है भर्ता और चोखा में फर्क, अच्छे-अच्छे फूडी को नहीं पता, जानें रेसिपी

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Chokha Vs Bharta: बैंगन, आलू और टमाटर को मैश करके बनने वाली डिश आपने जरूर खाई होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भर्ता और चोखा एक ही चीज नहीं हैं? दोनों दिखने में काफी मिलते-जुलते हैं, लेकिन इनके स्वाद, बनाने के तरीके और इस्तेमाल होने वाली सामग्री में फर्क होता है.

आसान भाषा में समझें तो भर्ता में सब्जियों को पकाकर या भूनकर मसालों के साथ मिलाया जाता है, जबकि चोखा में सब्जियों को भूनकर या उबालकर मैश किया जाता है और इसमें सरसों के तेल, प्याज, हरी मिर्च और नींबू जैसी चीजों का स्वाद ज्यादा उभरकर आता है. भर्ता का सबसे मशहूर उदाहरण बैंगन का भर्ता है. इसमें बैंगन को सीधे गैस की आंच पर भूनकर उसका छिलका हटाया जाता है. इसके बाद इसे प्याज, टमाटर, लहसुन, हरी मिर्च और मसालों के साथ पकाया जाता है. वहीं चोखा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की पारंपरिक डिश है. आलू, बैंगन और टमाटर से बनने वाला चोखा लिट्टी के साथ खास तौर पर परोसा जाता है.

बैंगन का भर्ता कैसे बनाएं?

इसके लिए 1 बड़ा बैंगन, 1 प्याज, 1-2 टमाटर, 3-4 लहसुन की कलियां, 1-2 हरी मिर्च, थोड़ा धनिया, तेल, नमक और मसाले लें. सबसे पहले बैंगन को धोकर उस पर हल्का तेल लगाएं और गैस की सीधी आंच पर चारों तरफ से अच्छी तरह भून लें. ठंडा होने पर इसका छिलका हटा दें और बैंगन को मैश कर लें. अब कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें प्याज, लहसुन, हरी मिर्च और टमाटर डालकर भूनें. नमक और अपने पसंद के मसाले डालें. आखिर में मैश किया हुआ बैंगन डालकर कुछ मिनट पकाएं. ऊपर से हरा धनिया डालें और गर्मागर्म परोसें.

बिहारी स्टाइल चोखा कैसे बनाएं
चोखे के लिए 2 उबले आलू, 1 बैंगन, 2 टमाटर, 1 प्याज, हरी मिर्च, लहसुन, हरा धनिया, नींबू, नमक और सरसों का तेल लें. बैंगन और टमाटर को भून लें और आलू उबाल लें. सभी चीजों का छिलका हटाकर एक बर्तन में डालें और अच्छी तरह मैश करें. इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, लहसुन, नमक, नींबू का रस और सरसों का तेल डालकर मिला दें. चोखा तैयार है.



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