Tuesday, September 22, 2026
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गोंडा में 24 पुलिसकर्मियों का गैरजनपद तबादला: एसपी ने तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए; कमलाकांत त्रिपाठी गोरखपुर भेजे गए – Gonda News




गोंडा में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। जिले में तैनात दो निरीक्षक और 22 दारोगा व यातायात पुलिसकर्मियों का दूसरे जिलों और इकाइयों में तबादला किया गया है। गोंडा एसपी अभिषेक झा ने मंगलवार सुबह 8 बजे सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। आदेश के अनुसार, सभी पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द नई तैनाती वाली जगह पर ज्वाइन करना होगा। तबादला किए गए निरीक्षकों में कमलाकांत त्रिपाठी को गोरखपुर और संतोष कुमार सिंह को बलरामपुर भेजा गया है। इन उपनिरीक्षकों का हुआ तबादला उपनिरीक्षक बृजेश यादव, घनश्याम वर्मा, मनोज कुमार, अजय कुमार सिंह, अवनीश शुक्ल और पवन कुमार गिरि को बहराइच भेजा गया है। केदार राम, उमेश सिंह और नितिन उपाध्याय का तबादला देवरिया किया गया है। उपनिरीक्षक शिवचंद्र सिंह को कुशीनगर भेजा गया है।
इसके अलावा सुभाष यादव को बस्ती रेंज, डोरीलाल को लखनऊ जोन, विश्वास कुमार चतुर्वेदी को बलरामपुर और अमित सिंह को लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है। विक्रम बहादुर सिंह को संतकबीर नगर और वैभव सिंह को मेरठ जोन में तैनाती दी गई है। पीएसी और जीआरपी मुख्यालय भी भेजे गए पुलिसकर्मी अन्य पुलिसकर्मियों में बलराम सिंह को पीएसी मुख्यालय भेजा गया है। वहीं, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, सौरभ वर्मा, विवेक कुमार और उपेंद्र कुमार सिंह का तबादला जीआरपी मुख्यालय लखनऊ किया गया है। एक साथ 24 पुलिस अधिकारियों के दूसरे जिलों और इकाइयों में तबादले तथा तत्काल कार्यमुक्त करने के आदेश के बाद पुलिस विभाग में चर्चा है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्यमुक्त होने के बाद सभी पुलिसकर्मी बिना देरी किए अपनी नई तैनाती वाली जगह पर ज्वाइन करेंगे। निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि उनके कार्यमुक्त होने की तारीख तय हो गई है। इसके बाद वह ट्रांसफर वाले जिले में जाकर ज्वाइन करेंगे।



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सवाई माधोपुर में आज उप सभापति का चुनाव: सुबह 10 बजे शुरू होगी प्रक्रिया, ढाई बजे से मतदान; 6 निकायों में भाजपा का दबदबा – Sawai Madhopur News




सवाई माधोपुर नगर परिषद में सोमवार को सभापति का चुनाव संपन्न होने के बाद अब आज उप सभापति का चुनाव होगा। सोमवार को भाजपा की मेवा चौधरी सभापति निर्वाचित हुई थीं। अब उप सभापति के चुनाव की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू होगी। भाजपा और कांग्रेस की ओर से प्रत्याशियों के नामांकन किए जाने की संभावना है। नामांकन के बाद होगी स्क्रूटनी, ढाई बजे से मतदान सुबह 10 बजे से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन दाखिल होने के बाद प्रत्याशियों के फार्म की स्क्रूटनी की जाएगी। इसके बाद दोपहर ढाई बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतदान पूरा होने के बाद मतगणना कर चुनाव परिणाम घोषित किया जाएगा। जिले के 6 निकायों में 4 में भाजपा का सभापति-अध्यक्ष जिले में कुल 6 नगर निकाय हैं। इनमें सवाई माधोपुर नगर परिषद, गंगापुर सिटी नगर परिषद के अलावा खंडार, बौंली, वजीरपुर और बामनवास नगर पालिकाएं शामिल हैं। इनमें सवाई माधोपुर, खंडार, बौंली और वजीरपुर में भाजपा के सभापति-अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। वहीं बामनवास और गंगापुर सिटी में कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। इसी समीकरण के आधार पर उप सभापति-अध्यक्ष के चुनाव में भी भाजपा को चार और कांग्रेस को दो निकायों में जीत की उम्मीद है। — चुनाव की ये खबरें भी पढ़ें… सवाई माधोपुर नगर परिषद की सभापति बनीं मेवा चौधरी:भाजपा को मिले 43 वोट; 4 निकायों में भाजपा का बोर्ड पूर्व कैबिनेट-मंत्री खंडार में नहीं बनवा सके बोर्ड:BJP, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अपने घर में पिछड़े, डॉ. किरोड़ीलाल और खंडार विधायक का बढ़ा दबदबा सवाई माधोपुर नगर परिषद में भाजपा को मिला पूर्ण बहुमत:60 वार्डों के नतीजे घोषित; 33 बीजेपी, 18 कांग्रेस और 9 निर्दलीय



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‘भारत पर टैरिफ लगाकर कुछ नहीं मिलेगा, आफत और हो जाएगी’, ट्रंप को क‍िसने समझाया


100 फीसदी टैर‍िफ वाला बिल पास करके अमेर‍िकी फूल के कुप्‍पा हो रहे हैं. लेकिन जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमोन ने अमेर‍िकी राष्‍ट्रपत‍ि डोनाल्‍ड ट्रंप को सीधे सीधे बता द‍िया है क‍ि रूस के ल‍िए भारत पर टैर‍िफ लगाकर कुछ नहीं म‍िलेगा. उनका कहना है कि रूस को दबाने के चक्कर में अमेरिका को भारत और पूरी दुनिया के तेल बाजार को सजा नहीं देनी चाहिए.

जेमी डिमोन ने जेपी मॉर्गन इंडिया इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका को रूस के तेल पर कोई भी नया टैरिफ या प्रतिबंध लगाने से पहले यह समझना चाहिए कि उसका असर भारत और ग्लोबल ऑयल मार्केट पर क्या होगा. उन्होंने साफ कहा कि वह रूसी तेल पर किसी तरह का टैरिफ लगाने के पक्ष में नहीं हैं. डिमोन का इशारा साफ है क‍ि रूस पर दबाव बनाना है तो बनाइए, लेकिन इसका ऐसा रास्ता मत चुनिए जिससे भारत समेत पूरी दुनिया के तेल बाजार में परेशानी खड़ी हो जाए. यानी रूस को घेरने की अमेरिकी कोशिश में कहीं ऐसा न हो कि तेल महंगा होने का बिल बाकी दुनिया को चुकाना पड़े.

भारत रूसी तेल खरीदता है तो वजह भी समझिए

कहानी सिर्फ इतनी नहीं है कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है. असली खेल रिफाइनरी का है. भारत की रिफाइनरियां अलग-अलग तरह के कच्चे तेल को प्रोसेस करने के हिसाब से तैयार होती हैं. हर रिफाइनरी हर तरह के क्रूड को एक ही तरीके से नहीं चला सकती. डिमोन ने इसी बात पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अगर भारत रूस से यह तेल नहीं खरीदेगा तो उसे कहीं और से खरीदना पड़ेगा. लेकिन जो दूसरा तेल मिलेगा, जरूरी नहीं कि वह भारतीय रिफाइनरियों के लिए उसी तरह उपयुक्त हो.यानी अमेरिका अगर सिर्फ इतना सोचता है कि भारत रूसी तेल लेना बंद कर दे, तो सवाल उठता है- उसके बाद भारत कौन सा तेल खरीदेगा? और उस तेल की कीमत क्या होगी?

रूस का तेल बंद कराओगे, तो तेल जाएगा कहां?

डिमोन ने इसी पूरे गणित को समझाने की कोशिश की. उनका कहना था कि रूस का तेल अगर भारत नहीं खरीदेगा तो वह तेल किसी और बाजार में जा सकता है और भारत को अपनी जरूरत के लिए कहीं और से क्रूड खरीदना पड़ेगा. यानी तेल की सप्लाई दुनिया से गायब नहीं हो जाती. खरीदार बदल सकता है, रास्ता बदल सकता है, लेकिन भारत जैसे बड़े तेल आयातक को अपनी रिफाइनरियां चलाने के लिए कच्चा तेल तो चाहिए ही. और यहीं से मामला रूस से निकलकर वैश्विक तेल कीमतों तक पहुंच जाता है.

अमेरिका रूस को चोट पहुंचाए, लेकिन भारत को क्यों?

डिमोन ने रूस के खिलाफ ज्यादा कार्रवाई की जरूरत की बात भी कही. उन्होंने कहा कि अमेरिका को यूक्रेन की मदद के लिए और कदम उठाने चाहिए. यानी उनकी बात का मतलब यह नहीं है कि रूस पर दबाव ही न बनाया जाए. उनका सवाल तरीका और उसके असर को लेकर है.

डिमोन के मुताबिक अमेरिका को भारत के साथ बैठकर यह समझना चाहिए कि प्रतिबंध या टैरिफ कहां और कैसे लगाए जाएं. ऐसा नहीं होना चाहिए कि रूस को दबाने की कोशिश में भारत की रिफाइनिंग इंडस्ट्री और दुनिया का तेल बाजार ही झटके में आ जाए.

ट्रंप के लिए असली पेंच यहीं

अमेरिका के लिए भारत कोई छोटा तेल खरीदार नहीं है. भारत दुनिया के बड़े तेल आयातकों में शामिल है और उसकी रिफाइनरियां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल प्रोसेस करती हैं. इसलिए भारत की खरीद में बड़ा बदलाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहता. अगर भारत अचानक रूसी क्रूड से दूरी बनाता है और दूसरे स्रोतों से ज्यादा तेल खरीदता है, तो मांग का दबाव दूसरे बाजारों पर भी पड़ सकता है. ऐसे में कीमतों पर असर का सवाल खड़ा होता है.यही वजह है कि डिमोन का बयान सिर्फ भारत के लिए नहीं, अमेरिका के लिए भी एक कारोबारी चेतावनी की तरह देखा जा सकता है- रूस पर दबाव बनाने की रणनीति बनाइए, लेकिन तेल बाजार के गणित को नजरअंदाज करके नहीं.

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी फंसा पेंच

जेमी डिमोन ने सिर्फ तेल की बात नहीं की. उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच अटके ट्रेड एग्रीमेंट पर भी दोनों सरकारों को बातचीत आगे बढ़ाने की सलाह दी. उनका कहना था कि दोनों देशों को बैठकर इस समझौते को पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कारोबार के लिए नियमों और कानूनों में स्थिरता को अहम बताया. मतलब साफ है क‍ि एक तरफ रूस का तेल, दूसरी तरफ टैरिफ और तीसरी तरफ ट्रेड डील. तीनों चीजें अब एक-दूसरे से जुड़ती जा रही हैं.

असली लड़ाई सिर्फ रूस की नहीं, तेल के बाजार की भी

पूरे मामले को अगर आसान भाषा में समझें तो अमेरिका रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना चाहता है. भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है. अमेरिका चाहता है कि रूस की तेल कमाई पर चोट पहुंचे. लेकिन भारत के लिए तेल सिर्फ कोई सामान्य आयात नहीं है- यही क्रूड रिफाइन होकर पेट्रोल, डीजल, एविएशन फ्यूल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पादों में बदलता है. इसलिए भारत की खरीद पर चोट का असर आगे चलकर सप्लाई और कीमतों के सवाल से जुड़ सकता है. और शायद यही वह बात है जिसे जेमी डिमोन सामने रख रहे हैं- रूस को घेरने की रणनीति ऐसी नहीं होनी चाहिए जिसमें भारत और ग्लोबल ऑयल मार्केट को भी नुकसान का सामना करना पड़े.



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रायसेन में मानसून की विदाई के बीच बारिश: फिर भी 13.07 इंच कम पानी; हलाली डैम 90% और बारना 80% भरा – Raisen News




रायसेन जिले में मानसून की विदाई का समय शुरू होने के बाद भी सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश हो रही है। पिछले पांच दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से जिले में औसत 865.02 मिलीमीटर (34.06 इंच) बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, जिले की सामान्य औसत बारिश 1197.1 मिलीमीटर (47.13 इंच) है। इस हिसाब से अभी भी करीब 332.08 मिलीमीटर (13.07 इंच) बारिश कम हुई है। हलाली बांध 90 प्रतिशत भर चुका
बारना डैम के एसडीओ विकास अमलानी ने बताया कि डैम का जलस्तर 347.15 मीटर तक पहुंच गया है। अभी जितना पानी भरा है, उसे देखते हुए रबी सीजन में किसानों को पलेवा के साथ दो बार पानी दिया जा सकता है। आने वाले दिनों में और बारिश होने पर सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ सकती है। वहीं, हलाली बांध के एसडीओ बीकेबीके बुगोलिया ने जानकारी दी कि बांध करीब 90 प्रतिशत भर चुका है। हालांकि, जिले के कई दूसरे जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने से रबी सीजन की सिंचाई को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है।



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नहर में डूबने से 7 साल की बच्ची की मौत: पोस्टमार्टम में देरी पर भड़के परिजन; डेढ़ घंटे तक रोड जाम रखा, मुआवजे की मांग – Nalanda News




नालंदा में पानी भरे गड्‌ढे में डूबने से सात साल की बच्ची की मौत हो गई। पैर फिसलने से हादसा हुआ है। मृतका की पहचान धमार गांव निवासी उमेश पंडित की पुत्री मंगली कुमारी के तौर पर हुई है। गांव के ही आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ती थी। घटना राजगीर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक गांव के दो-तीन बच्चों के साथ मंगली खेत की तरफ शौच के लिए गई थी। लौटने के दौरान वह नहर के किनारे पैर-हाथ धोने गई। अचानक पैर फिसलने से वह तेज धार में बह गई। सुनसान जगह होने के कारण बच्चे शोर नहीं मचा सके और दौड़कर परिजनों को खबर दी। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, बच्ची काफी दूर बह चुकी थी। खोजबीन के बाद शव को घटनास्थल से काफी दूर मिला। सड़क जाम कर मुआवजे की मांग हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही राजगीर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझा-बुझाकर मामले का शांत कराया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया। परिजन ने लगाए आरोप वहीं, सदर अस्पताल में रातभर पोस्टमार्टम न होने पर परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। मृतका के भाई राहुल कुमार ने बताया कि रात में शव लेकर अस्पताल पहुंचने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने टालमटोल किया और सुबह तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत के आधार पर होगी कार्रवाई आरोप है कि कर्मचारी नशे की हालत में थे और परिजनों से बदसलूकी भी की गई। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस संबंध में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि परिजनों की ओर से न तो कोई लिखित या मौखिक शिकायत की गई है। शिकायत प्राप्त होने पर मामले की जांच की जाएगी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है मामले को लेकर राजगीर थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि नहर में डूबने से बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ भेज दिया है। पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है।



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दिल्ली के कालकाजी में नाबालिग से गैंगरेप: दर्शन कर दोस्त के साथ पार्क गई, 3 युवकों ने पुलिसकर्मी बनकर धमकाया; एक गिरफ्तार, सितंबर में तीसरा मामला


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नई दिल्ली25 मिनट पहले

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एनकाउंटर वाली जगह पर पुलिस ने जांच की, वहां एक बाइक और पिस्टल दिखाई दी।

दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास 17 साल की नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया है। घटना सोमवार शाम की है। पुलिस ने मंगलवार सुबह एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। घटनास्थल पर एक बाइक और पिस्टल भी दिखी।

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग अपने 17 साल के दोस्त के साथ मंदिर में दर्शन के लिए गई थी। इसके बाद दोनों आस्था कुंज पार्क पहुंचे। वहां तीन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर उन्हें धमकाया और नाबालिग का यौन शोषण किया।

दिल्ली में इस महीने नाबालिग से रेप का यह तीसरा मामला है। 12 सितंबर को स्वरूप नगर में 14 साल की नाबालिग की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। 16 सितंबर को सदर बाजार में 10 साल की बच्ची का रेप हुआ था।

रेप के दौरान नाबालिग के दोस्त को आरोपियों ने पकड़ा

पुलिस के मुताबिक, नाबालिग ने बताया कि वह सोमवार शाम करीब 7 बजे अपने दोस्त के साथ कालकाजी मंदिर पहुंची थी। दर्शन के बाद दोनों करीब 7:30 बजे मंदिर के पास पार्क में गए।

इसी दौरान 25 से 30 साल की उम्र के तीन युवक वहां पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताया। आरोप है कि उन्होंने दोनों को धमकाया और नाबालिग से रेप किया। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसके दोस्त को पकड़ रखा था।

रात 8:45 बजे मिली PCR कॉल

दिल्ली पुलिस को रात करीब 8:45 बजे PCR कॉल के जरिए कालकाजी मंदिर और इस्कॉन मंदिर के पास गैंगरेप की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह एक आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस बाकी दो आरोपियों की तलाश कर रही है।

CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

पुलिस पार्क और आसपास के इलाकों की CCTV फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा घटना के समय पार्क या उसके आसपास मौजूद लोगों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है।

दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले

NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है।

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दिल्ली में बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप:ग्रेटर नोएडा से बैठाया; बस 47km दौड़ती रही, शीशे पर पर्दे लगे थे, ड्राइवर-कंडक्टर अरेस्ट

दिल्ली में 16 साल की छात्रा से चलती स्लीपर बस में गैंगरेप का मामला सामने आया है। घटना 4 अगस्त की है, पुलिस ने 31 अगस्त को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे। पूरी खबर पढ़ें

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सांचा हो या न हो, घर पर आसानी से बनेंगे नारियल-मावा मोदक, कम सामान में तैयार होगी मिठाई

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Nariyal Mawa Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को मोदक का भोग लगाने की परंपरा है. इस मौके पर घरों में अलग-अलग तरह के मोदक बनाए जाते हैं, अगर आप भी इस बार बाजार से मिठाई लाने के बजाय घर पर मोदक बनाना चाहते हैं, तो नारियल-मावा मोदक की यह आसान रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. इसमें नारियल, मिल्क पाउडर, मावा और चीनी जैसी आसानी से मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल होता है.

खास बात यह है कि इसके लिए बहुत ज्यादा तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती. मोदक का सांचा हो तो काम और भी आसान हो जाता है, लेकिन बिना सांचे के भी इन्हें खूबसूरत शेप दी जा सकती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.

नारियल-मावा मोदक बनाने के लिए सामग्री

इस आसान मोदक रेसिपी के लिए 1 कप नारियल पाउडर, 1 कप मिल्क पाउडर, करीब 1 कप पिसी हुई चीनी, थोड़ी इलायची, कुछ केसर के धागे और जरूरत के अनुसार दूध लें. स्वाद बढ़ाने के लिए मावा और अपनी पसंद के काजू, बादाम या पिस्ता भी ले सकते हैं. मावा डालने से मोदक का स्वाद और टेक्सचर ज्यादा मलाईदार हो सकता है, अगर आपके पास मावा नहीं है तो सिर्फ दूध की मदद से भी मिश्रण तैयार किया जा सकता है.

ऐसे तैयार करें मोदक का मिश्रण

पहला स्टेप: सबसे पहले एक बड़े बाउल में नारियल पाउडर और मिल्क पाउडर डालें. अब चीनी में थोड़ी इलायची मिलाकर इसे बारीक पीस लें और बाकी सामग्री के साथ मिला दें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करें, ताकि चीनी और इलायची पूरे मिश्रण में अच्छी तरह मिल जाए. अब थोड़े से गुनगुने दूध में केसर के धागे डालकर कुछ मिनट के लिए भिगो दें. इस केसर वाले दूध को थोड़ा-थोड़ा करके नारियल और मिल्क पाउडर के मिश्रण में डालें.

दूसरा स्टेप: मिश्रण को हाथ या चम्मच की मदद से मिलाते हुए नरम डो जैसा तैयार करें. दूध एक साथ ज्यादा न डालें, वरना मिश्रण बहुत ढीला हो सकता है, अगर मावा इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसे भी इसी समय मिलाकर अच्छी तरह गूंथ लें. अब पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स को बारीक काट लें. काजू, बादाम और पिस्ता की स्टफिंग मोदक के अंदर भरने से इसका स्वाद और अच्छा लगेगा.

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मोदक को ऐसे दें शेप

अगर आपके पास मोदक का सांचा है तो उसे हल्का सा चिकना कर लें. इसमें तैयार मिश्रण भरें और बीच में थोड़ी जगह बनाकर ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग डाल दें. अब ऊपर से थोड़ा मिश्रण डालकर सांचे को बंद करें और हल्के हाथ से दबाएं. सांचा खोलते ही मोदक तैयार हो जाएगा. अगर सांचा नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. मिश्रण की छोटी लोई लें, उसे हथेली पर हल्का चपटा करें और बीच में ड्राई फ्रूट्स की स्टफिंग रखें. अब इसे बंद करके हाथों से मोदक जैसी नुकीली शेप दें. ऊपर से कांटे की मदद से हल्की-हल्की लाइनें बनाकर इसे मोदक जैसा लुक दिया जा सकता है.

तैयार मोदक को ऐसे करें सर्व

सारे मोदक इसी तरह तैयार कर लें. इन्हें कुछ देर सेट होने के लिए रख दें, ताकि शेप अच्छी तरह बनी रहे. इसके बाद भगवान गणेश को भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में परिवार के साथ शेयर करें.



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चीन का AI में बड़ा निवेश, लेकिन अर्थव्यवस्था कमजोर: कार-घर की बिक्री घटी, युवाओं में बेरोजगारी 18.9%


2 घंटे पहले

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चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में तेजी से पैसा लगा रहा है। लेकिन दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ रही है। 2026 की पहली छमाही में घरेलू कारों और घरों की बिक्री घट गई।

वहीं अगस्त में युवाओं में बेरोजगारी 18.9% रही। ऐसे में कई चीनी अर्थशास्त्रियों को चिंता है कि सरकार AI जैसे सेक्टर में ज्यादा पैसा लगा रही है, जबकि अर्थव्यवस्था को नौकरियां और लोगों की खरीदारी बढ़ाने के लिए ज्यादा मदद की जरूरत है।

चीन की अर्थव्यवस्था की हालत समझिए

चीन की आर्थिक परेशानी आंकड़ों से साफ दिख रही है।

कारों की बिक्री

2026 के पहले 6 महीनों में घरेलू कारों की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 20% घट गई।

घरों की बिक्री

इसी दौरान घरों की बिक्री में 14% की गिरावट आई।

अर्थशास्त्री बोले- अर्थव्यवस्था को ज्यादा सहारे की जरूरत

जुलाई में चीन के पूर्व केंद्रीय बैंक सलाहकार ली दाओकुई ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था जरूरत से ज्यादा धीमी चल रही है।

एक और पूर्व सलाहकार लियू शिजिन ने ग्रामीण लोगों की पेंशन बढ़ाने का सुझाव दिया। उन्होंने पेंशन को करीब 2,800 रुपए से बढ़ाकर 14,000 रुपए महीने करने की बात कही।

केंद्रीय बैंक के सलाहकार हुआंग हाइजौ ने कहा कि टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने से पहले देश में थोड़ी महंगाई और कंपनियों की कमाई बढ़ना जरूरी है।

साल की पहली छमाही में कारों की बिक्री 20% और घरों की बिक्री 14% घटी। इससे चीन की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव दिख रहा है।

साल की पहली छमाही में कारों की बिक्री 20% और घरों की बिक्री 14% घटी। इससे चीन की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता दबाव दिख रहा है।

सरकार का पूरा फोकस AI पर

जुलाई में पोलितब्यूरो की बैठक के बाद चीन के नेताओं ने AI से जुड़ी नई अर्थव्यवस्था को बढ़ाने पर जोर दिया। सरकार ने सीमित आर्थिक मदद जारी रखने का फैसला भी किया।

AI में सरकारी निवेश लगातार बढ़ रहा है। स्टैनफोर्ड के अर्थशास्त्री शू चेंगगांग का कहना है कि इससे रोजगार और लोगों की खरीदारी बढ़ाने वाले क्षेत्रों के लिए कम पैसा बच सकता है। उनके मुताबिक, AI कंपनियों को सिर्फ सरकारी मदद नहीं, बल्कि ऐसे ग्राहक और कारोबार भी चाहिए जो उनके उत्पाद खरीदें।

शंघाई में आयोजित वर्ल्ड AI कॉन्फ्रेंस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। तस्वीर जुलाई की है।

शंघाई में आयोजित वर्ल्ड AI कॉन्फ्रेंस में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। तस्वीर जुलाई की है।

चीन की हालत की तुलना सोवियत संघ से क्यों?

बीजिंग के प्रमुख समाजशास्त्री सन लिपिंग ने चीन की मौजूदा आर्थिक स्थिति की तुलना सोवियत संघ से की है।

उनके मुताबिक, सोवियत संघ के सबसे मजबूत दौर में उसकी अर्थव्यवस्था अमेरिका के आकार की करीब 70% थी। विज्ञान और टेक्नोलॉजी के कुछ क्षेत्रों में वह अमेरिका से आगे भी था।

लेकिन मजबूत विज्ञान और तकनीक के बावजूद सोवियत संघ की अर्थव्यवस्था आखिरकार कमजोर पड़ गई।

AI और डेटा सेंटरों पर लाखों करोड़ का निवेश

स्टैनफोर्ड की AI इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक, 2000 से 2023 के बीच सरकारी पहल पर बनाए गए निवेश फंडों ने AI कंपनियों में करीब 15 लाख करोड़ रुपए लगाए।

अब चीन AI के लिए जरूरी डेटा सेंटर भी तेजी से बना रहा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चीन अगले 5 साल में देशभर में डेटा सेंटर बनाने पर करीब 28 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की तैयारी कर रहा है। इन डेटा सेंटरों को सरकारी कंपनियां चलाएंगी।

इसलिए इसे ‘AI ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ कहा जा रहा

चीन के कुछ इंटरनेट यूजर्स सरकार के बड़े AI अभियान को ‘AI ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ कह रहे हैं। इसका नाम चीन के पूर्व नेता माओ जेडोंग के ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ अभियान से लिया गया है।

माओ ने 1958 में चीन को तेजी से औद्योगिक और ताकतवर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर उद्योग और खेती में बदलाव शुरू किए थे। लेकिन यह अभियान बुरी तरह नाकाम रहा और इसके कारण चीन में भयानक अकाल पड़ा।

आज चीन सरकार भी AI को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा लगा रही है। इसलिए कुछ लोग इसकी तुलना पुराने अभियान से कर रहे हैं। सवाल है कि जब देश की अर्थव्यवस्था सुस्त है, युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही, तब सरकार AI पर इतना बड़ा पैसा क्यों लगा रही है।

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AI की गलती से अमेरिका-चीन में जंग हो जाती: चैटबॉट ने चीनी जहाज में परमाणु उपकरण होने की फेक खबर दी

अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट की गलती से चीन से जंग के करीब पहुंच गया था। खबर यहां पढ़ें…

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साइबर अपराधियों का साम्राज्य ध्वस्त करेगी वाराणसी पुलिस: सीपी ने 15 दिन में थानों से मांगी रिपोर्ट, 58 गैंग के 277 गुर्गे दबोचे – Varanasi News




वाराणसी में साइबर ठगी की शिकायतों और कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस अब कठोर से कठोर एक्शन लेगी। अपराधियों को मात देने के लिए वाराणसी की साइबर क्राइम टीम अपनी पुलिसिंग में भी बदलाव करेगी। कार्रवाई के बाद गिरफ्तार हुए साइबर अपराधियों की केस फाइल उनके जेल जाने के बाद बंद नहीं होगी बल्कि नेटवर्क और साम्राज्य पर एक्शन जारी रहेगा। अपराधियों के साथ ही उनके मददगारों को दूसरे फेज में गिरफ्तार किया जाएगा। तीसरे फेज में उनकी संपत्तियों और अन्य स्रोतों पर कार्रवाई की जाएगी। अब सिर्फ ठगी करने वाले नहीं, बल्कि म्यूल अकाउंट खुलवाने वाले, फर्जी सिम बेचने वाले, फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले और ATM से ठगी की रकम निकालने वाले पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाए। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने जिले में चिह्नित हुए साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिसिंग में बदलाव लाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए साइबर टीम ने ब्लूप्रिंट भी रखा, जिसमें कुछ सुझाव के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया। सीपी ने तीनों जोन साइबर प्रभारियों को प्रत्येक 15 दिन में लंबित केसों की समीक्षा कर प्रगति रिपोर्ट तलब की है। साथ ही चिह्नित लोकल अपराधियों की निगरानी करने और उनके नंबरों को ट्रैस करने की बात कही। 58 गैंग का पर्दाफाश, 277 साइबर ठग दबोचे साइबर क्राइम टीम ने एक साल में कमिश्नरेट पुलिस की कामयाबी के साथ रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया। बताया कि पिछले एक साल में साइबर क्राइम पुलिस ने 58 साइबर गैंग का पर्दाफाश कर 277 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। डिजिटल अरेस्ट के 5 बड़े मामलों में 36 अपराधियों को पकड़ा गया और उनके पास से 1.20 करोड़ रुपये, कार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।अवैध कॉल सेंटरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 15 कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ कर 175 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गैंग निवेश, विदेशी नागरिकों से ठगी और नौकरी के नाम पर ठगी करते थे।साइबर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 16,982 NCRP शिकायतों का निस्तारण किया गया। 25 करोड़ होल्ड कराए, 4.5 करोड़ वापस दिलाए साइबर टीम ने बताया कि वित्तीय कार्रवाई में 25 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को होल्ड कराया गया। प्रक्रिया पूरी कर 4.5 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए गए। साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले 10,176 मोबाइल नंबर और 8,262 IMEI नंबर ब्लॉक कराए गए। 21 शातिरों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया गया। ठगों के जाल में फंसे 550 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया और 17 चार पहिया वाहन बरामद किए गए।सीपी ने बताया कि जागरूकता अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और चौराहों पर 25 हजार से ज्यादा लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए हैं। साइबर क्राइम की मीटिंग में डीसीपी अपराध नीतू, डीसीपी राजेश कुमार पाण्डेय, एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र सहित सभी जोन के साइबर प्रभारी और साइबर नोडल अधिकारी मौजूद रहे।



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भोपाल के बावड़ियाकलां के 22 मकान अवैध घोषित: निगम ने कहा, खुद हटाएं निर्माण; 15 दिन की दी मोहलत – Bhopal News




भोपाल के बावड़िया कलां स्थित शुभालय बिहार (गौरव गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित) में टीएंडसीपी के स्वीकृत नक्शे के विपरीत बने 22 मकानों को नगर निगम ने अवैध घोषित कर नोटिस जारी किए हैं। इनमें 17 मकान मालिकों को 15 दिन में अवैध निर्माण खुद हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि 5 अधूरे मकानों का निर्माण तत्काल रोकने को कहा गया है। खास बात यह है कि जिन मकानों को निगम अब अवैध मान रहा है, उनमें से निर्माण की बिल्डिंग परमिशन खुद निगम की बिल्डिंग परमिशन शाखा ने जारी की थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट में दायर अवमानना याचिका के बाद हुई है। उपायुक्त सहकारिता ने 13 फरवरी 2026 को नगर निगम को पत्र भेजकर कार्रवाई के लिए कहा था। इसके बाद निगम ने पहले 17 और अब शेष 5 मकानों समेत सभी 22 निर्माणों को नोटिस जारी किए हैं। याचिकाकर्ता विवेक दीक्षित के मुताबिक, संस्था के 44 संस्थापक सदस्यों की करीब 5 एकड़ जमीन पर भू-माफिया ने 48 प्लॉट अवैध तरीके से बेच दिए। प्लॉट खरीदने वाले लोग संस्था के सदस्य नहीं हैं और उन्होंने संस्था को राशि भी नहीं दी। वहीं संस्था के संस्थापक सदस्यों को जमीन का हिस्सा नहीं मिला। सहकारिता विभाग ने इन रजिस्ट्रियों को शून्य कराने के लिए सिविल कोर्ट में केस दायर किया है। 38 रजिस्ट्रियों के 18.74 करोड़ रुपए संस्था के खाते में नहीं पहुंचे फरवरी 2026 में सहकारिता विभाग की जांच में सामने आया कि 2018 से 2023 के बीच वास्तविक सदस्यों को दरकिनार कर बाहरी लोगों के नाम करीब 50 रजिस्ट्रियां की गईं। इनमें से 32 रजिस्ट्रियां अवैध पाई गईं। जांच में 38 रजिस्ट्रियों की करीब 18.74 करोड़ रुपए की राशि संस्था के खाते में जमा नहीं होने की बात सामने आई। ऑपरेटर अनिल कुमार रावत की रिपोर्ट में फर्जी दस्तावेजों और हैंडराइटिंग में हेरफेर के जरिए वास्तविक सदस्यों के अधिकार छीने जाने का उल्लेख है। ये रजिस्ट्रियां तत्कालीन अध्यक्ष अनिता विष्ट और तत्कालीन प्रबंधक मनोज साहू के कार्यकाल में हुई थीं।



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