दीपावली पहले गाजियाबाद में पटाखों की बिक्री को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। जिसमें पुलिस और प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बिना लाइसेंस के कहीं भी पटाखे नहीं बेचे जा सकेंगे। एनसीआर में ग्रीन पटाखे को बेचने की ही लाइसेंस के आधार पर छूट है, इनके अलावा कहीं भी भंडारण या अवैध तरीके से पटाखे मिलते हैं तो ऐसे व्यक्तियों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। 3 जोन में 11 स्थान चिन्हित गाजियाबाद में तीनों जोन में कुल 11 स्थानों पर अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। इन दुकानों पर 5 से 7 नवंबर तक ही ग्रीन पटाखों की बिक्री होगी। इसके लिए अस्थायी लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। जहां-जहां पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है, यहां दमकल विभाग ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी की व्यवस्था की है। इन स्थानों पर लगेगी दुकान नगर क्षेत्र में घंटाघर, कविनगर और विजयनगर सेक्टर-9 रामलीला मैदान। ट्रांस हिंडन में इंदिरापुरम थाने के पीछे आवास विकास का मैदान, साहिबाबाद गोल पार्क रामलीला मैदान और टीला मोड़ स्थित ऑक्सी होम के सामने मैदान निर्धारित किया गया है। देहात क्षेत्र में गढ़ी कटैया नगर पालिका मैदान, लोनी इंटर कॉलेज मैदान, मोदीनगर का KN मोदी मैदान, सारा रोड स्थित महर्षि इंटर कॉलेज मैदान और मुरादनगर चुंगी नंबर-3 रामलीला मैदान शामिल हैं। पटाखा दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस के साथ अग्निशमन विभाग की एनओसी और सुरक्षा इंतजाम करने होंगे। दुकानों का आकार और उनके बीच दूरी भी निर्धारित की गई है। बिक्री 5 नवंबर से शुरू होकर 7 नवंबर तक ही चलेगी।
Source link
गाजियाबाद में 11 स्थान पर बिकेंगे ग्रीन पटाखे: 5 से 7 नवंबर तक बिक्री, अवैध भंडारण पर होगी गिरफ्तारी – Ghaziabad News
आलोक रंजन ने इंडिया गठबंधन की रैली को फ्लॉप बताया: बोले-रामलीला मैदान में आधे से ज्यादा जगह खाली थी, 30 हजार लोग भी नहीं जुटा सके – Saharsa News
बिहार के पूर्व मंत्री डॉ.आलोक रंजन ने दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन की रैली को फ्लॉप बताया। उन्होंने कहा कि देशभर से भीड़ जुटाने का दावा करने वाले गठबंधन की रैली में उम्मीद के मुताबिक लोग नहीं पहुंचे। सहरसा स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में रंजन ने कहा कि रामलीला मैदान में करीब 50 हजार लोगों की भीड़ जुटती है, लेकिन रैली के दौरान आधे से ज्यादा मैदान खाली था। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और सरकार की नीतियों से जनता को अवगत कराना है। 30 हजार लोगों को नहीं जुटा सकीं एसआईआर के तहत 47 लाख मतदाताओं के नाम काटे जाने के विपक्ष के आरोप पर उन्होंने कहा कि अगर इतने बड़े पैमाने पर नाम काटे गए होते, तो उसका असर रैली में भी दिखता। उन्होंने दावा किया कि देशभर की 19 पार्टियां मिलकर भी 25 से 30 हजार लोगों को नहीं जुटा सकीं। रंजन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, वे जनता के बीच असरदार नहीं हैं। राहुल गांधी 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट चोरी से सरकार बनने की बात करते हैं। रंजन ने कहा कि उनके अपने तर्क के मुताबिक, राहुल गांधी कानूनी तौर पर नेता प्रतिपक्ष भी नहीं होने चाहिए। राहुल गांधी को बयानों को सुनना-समझना चाहिए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को पहले अपने बयानों को सुनना और समझना चाहिए, फिर उन पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए। रंजन ने कहा, ‘उन्हें खुद भी समझ नहीं आ रहा कि क्या बोलना है।’ पूर्व मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने की इतनी जल्दबाजी क्यों है। प्रधानमंत्री बनने के लिए जल्दबाजी के बजाय जनता के असली मुद्दों को समझना और उन पर बहस करना जरूरी है। भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश रंजन ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अराजकता और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस भ्रम को दूर करने के लिए एनडीए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नारे के साथ सभी जिलों में अभियान चला रहा है। इसी क्रम में 4 नवंबर को सहरसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के नेतृत्व में पदयात्रा निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों के बीच विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करना और सरकार की नीतियों से जनता को अवगत कराना है।
Source link
नेपाल घूमने जाने में भारतीय पीछे छूटे, अमेरिका नंबर-1: अक्टूबर में सबसे ज्यादा पर्यटक पहुंचे, भारतीयों की संख्या में 30% गिरावट
लंबे समय से नेपाल में सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक भारत से पहुंचते रहे हैं, लेकिन अक्टूबर 2026 में अमेरिका ने भारत को पीछे छोड़ दिया। नेपाल पर्यटन बोर्ड के एक अधिकारी ने काठमांडू पोस्ट को बताया कि नेपाल के इतिहास में पहली बार अमेरिका सबसे ज्यादा पर्यटक भेजने वाला देश बना है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, अक्टूबर में अमेरिका से 17,437 पर्यटक नेपाल पहुंचे। वहीं, भारत से 12,097 पर्यटक आए। पिछले साल अक्टूबर में 17,298 भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचे थे। यानी इस बार भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 30% की गिरावट आई है। चीन से 11,695 पर्यटक पहुंचे और वह तीसरे स्थान पर रहा। नेपाल में भारतीय पर्यटकों की संख्या घटने की एक बड़ी वजह अगस्त में आई बाढ़ और भूस्खलन को माना जा रहा है। इसकी वजह से कई सड़कें और यात्रा मार्ग टूट गए, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई। खासकर कैलाश मानसरोवर जाने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। भारतीय पर्यटकों की संख्या में 30% गिरावट नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, इस साल अक्टूबर में 1.32 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक नेपाल पहुंचे। यह पिछले साल के मुकाबले 3.4% ज्यादा है। हालांकि, भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या में करीब 30% की गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की क्या वजह है? नेपाल के टूर ऑपरेटरों के मुताबिक, अमेरिका से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की एक वजह ट्रेकिंग और पहाड़ों पर चढ़ाई में बढ़ती रुचि है। खासकर युवा पर्यटक नेपाल आ रहे हैं। नेपाल हाइकिंग टीम के प्रमुख गंगा बहादुर थापा ने बताया कि अगस्त की बाढ़ के बाद भी किसी अमेरिकी ग्राहक ने यात्रा रद्द नहीं की। कुछ ने यात्रा टाल दी, जबकि बाकी तय कार्यक्रम के मुताबिक नेपाल पहुंचे। थापा के मुताबिक, बाढ़ से लैंगटांग जाने का रास्ता प्रभावित हुआ था। वहां जाने की योजना बना रहे पर्यटकों को कंपनी ने अन्नपूर्णा सर्किट और एवरेस्ट बेस कैंप जैसे दूसरे ट्रेकिंग मार्गों के विकल्प दिए। इसके अलावा, अमेरिका में रहने वाले नेपाली मूल के लोग भी नेपाल पहुंच रहे हैं। दशैं और तिहार जैसे त्योहारों पर वे अपने परिवारों से मिलने आते हैं। इससे नेपाल आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ती है। इस साल अब तक करीब 10 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे नेपाल में जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच कुल 9,98,734 विदेशी पर्यटक पहुंचे। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5.83% ज्यादा है। अक्टूबर में 1.32 लाख से ज्यादा पर्यटकों का पहुंचना नेपाल के पर्यटन कारोबार के लिए अच्छा संकेत है। कोरोना महामारी से पहले 2019 नेपाल के पर्यटन के लिए सबसे अच्छा साल रहा था। उस साल 11,97,191 विदेशी पर्यटक नेपाल पहुंचे थे। महामारी के कारण 2020 और उसके बाद के वर्षों में पर्यटन कारोबार को बड़ा नुकसान हुआ। इसके बाद पर्यटकों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी। साल 2024 में नेपाल में 11,47,567 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जबकि 2025 में यह संख्या बढ़कर 11,58,459 हो गई। इस साल अक्टूबर तक करीब 10 लाख पर्यटक नेपाल पहुंच चुके हैं। 2019 का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नवंबर और दिसंबर में करीब 1.98 लाख और पर्यटकों का आना जरूरी है। नेपाल का पर्यटन उद्योग अब महामारी से पहले के रिकॉर्ड तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
————————– यह खबर भी पढ़ें…
नेपाल में लैंडिंग के दौरान 2 हेलिकॉप्टर टकराए:भारतीय पर्यटक की मौत, न्यूजीलैंड का नागरिक और दोनों पायलट जख्मी
नेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में मंगलवार सुबह लैंडिंग के दौरान दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। हादसे में एक भारतीय पर्यटक की मौत हो गई, जबकि न्यूजीलैंड का एक भारतीय मूल का नागरिक घायल हो गया। पूरी खबर पढ़ें…
Source link
दही और मसालों में मटन भूनकर बनाएं स्वादिष्ट तहरी, उसी ग्रेवी में पकेंगे बासमती चावल
Last Updated:
Mutton Tahari Recipe: मटन तहरी में दही और मसालों के साथ पके मटन की ग्रेवी में बासमती चावल पकाए जाते हैं. प्याज, टमाटर, अदरक और लहसुन इसके स्वाद को भरपूर बनाते हैं. चावल डालने से पहले मटन का काफी हद तक नरम होना जरूरी है. ग्रेवी में मौजूद पानी देखकर अतिरिक्त पानी डालने से चावल की बनावट संभालना आसान होता है. तैयार तहरी पर पुदीना और तला प्याज डालकर रायते के साथ परोस सकते हैं.
Mutton Tahari Recipe: मटन और चावल का मेल पसंद है, तो इस बार घर पर तहरी बनाकर देख सकते हैं. इसमें दही और मसालों में लिपटे मटन को प्याज और टमाटर के साथ पकाया जाता है. फिर उसी ग्रेवी में चावल डाले जाते हैं, जिससे मटन और मसालों का स्वाद चावल में अच्छी तरह पहुंचता है. ऊपर से हरा धनिया, पुदीना और तला हुआ प्याज इसकी खुशबू को और बढ़ा देते हैं. इस रेसिपी की अच्छी बात यह है कि मटन और चावल को अलग-अलग पकाकर उनकी परत लगाने की जरूरत नहीं होती. हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि सारी चीजें एक साथ डालकर पका दें. मटन को चावल से ज्यादा समय लगता है, इसलिए पहले उसे काफी हद तक नरम करना जरूरी है. उसके बाद चावल और पानी की मात्रा संभालनी होती है. दोपहर के खास खाने या परिवार के साथ रात के खाने के लिए यह डिश तैयार कर सकते हैं. साथ में सादा रायता और प्याज का सलाद रख दें, तो खाने का स्वाद और अच्छा लगेगा. (इमेज AI)
तहरी बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री: इस रेसिपी के लिए 700 ग्राम मटन और 500 ग्राम बासमती चावल लें. साथ में दो छोटे पतले कटे प्याज, दो मध्यम कटे टमाटर, दो बड़े चम्मच गाढ़ा दही और एक बड़ा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट चाहिए. मसालों में एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक छोटा चम्मच जीरा पाउडर, एक छोटा चम्मच हल्दी और स्वाद के अनुसार नमक रखें. दो बड़े चम्मच नींबू का रस, दो बड़े चम्मच कटा हरा धनिया, एक बड़ा चम्मच कटा पुदीना और ऊपर से डालने के लिए तला प्याज भी निकाल लें. भूनने के लिए तेल और खुशबू के लिए थोड़ी इलायची, दालचीनी, लौंग तथा साबुत काली मिर्च रखें. हरी मिर्च अपनी पसंद के अनुसार लें. मटन और चावल की यह मात्रा कई लोगों के लिए पर्याप्त हो सकती है, इसलिए जरूरत के हिसाब से कम कर सकते हैं. (इमेज AI)
दही और मसालों में मिलाकर रखें मटन: एक बड़े बर्तन में मटन लें और उसमें गाढ़ा दही, अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, जीरा पाउडर और थोड़ा नमक डालें. अब थोड़ा हरा धनिया, पुदीना और कटी हरी मिर्च मिलाएं. हाथ या चम्मच से अच्छी तरह चलाएं, ताकि हर टुकड़े पर मसाला लग जाए. बर्तन को ढककर बाकी तैयारी होने तक फ्रिज में रखें. मटन को मसाले लगाकर लंबे समय तक रसोई में बाहर न छोड़ें. नींबू का रस फिलहाल अलग रख सकते हैं, जिसे बाद में स्वाद के हिसाब से मिलाना आसान रहेगा. (इमेज AI)
Add News18 as
Preferred Source on Google
चावल धोकर कुछ देर भिगो दें: बासमती चावल को हल्के हाथ से दो से तीन बार धो लें. इसके बाद लगभग 20 से 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें या पैकेट पर दिए निर्देश मानें. भिगोने के बाद पानी निकालकर चावल अलग रखें. इन्हें बहुत जोर से रगड़कर धोने से दाने टूट सकते हैं. चावल की किस्म और भिगोने का समय आगे पानी की मात्रा पर असर डालते हैं. इसलिए मटन की ग्रेवी में पहले से मौजूद पानी को देखे बिना ऊपर से ज्यादा पानी न डालें. (इमेज AI)
साबुत मसालों के साथ प्याज भूनें: प्रेशर कुकर में तेल गरम करें और इलायची, दालचीनी, लौंग तथा साबुत काली मिर्च डालें. खुशबू आने लगे, तो पतले कटे प्याज मिलाएं. प्याज को मध्यम आंच पर चलाते हुए सुनहरा भूरा होने तक भूनें. बहुत गहरा रंग आने तक भूनेंगे, तो प्याज कड़वा हो सकता है. अगर ऊपर से डालने के लिए तला प्याज पहले से तैयार नहीं है, तो इसी समय थोड़ा प्याज निकालकर अलग रख लें. बाकी प्याज में कटे टमाटर डालें और नरम होने तक पकाएं. (इमेज AI)
मटन डालकर मसाले को अच्छी तरह पकाएं: अब मसाला लगा मटन कुकर में डालें और प्याज-टमाटर के साथ मिलाएं. मध्यम आंच पर कुछ देर भूनें, ताकि दही और टमाटर का मसाला एकसार हो जाए. नीचे लगने लगे, तो थोड़ा पानी डालकर चलाएं. इसके बाद मटन पकाने लायक पानी डालें और कुकर का ढक्कन लगाएं. पानी और सामग्री कुकर की तय सीमा के अंदर ही रखें. मटन के टुकड़ों का आकार और उनकी बनावट अलग हो सकती है, इसलिए सिर्फ एक सीटी को पकने की गारंटी न मानें. (इमेज AI)
चावल डालने से पहले जांचें मटन का नरमपन: गैस बंद करने के बाद कुकर का प्रेशर अपने आप निकलने दें. फिर ढक्कन खोलकर मटन जांचें. उसे काफी हद तक नरम हो जाना चाहिए, ताकि चावल पकने के समय वह भी पूरी तरह तैयार हो जाए. मटन अभी सख्त हो, तो जरूरत के अनुसार पानी मिलाकर पहले उसे कुछ देर और पकाएं. सख्त मटन में चावल डाल देने पर मुश्किल यह होती है कि मटन नरम होने तक चावल जरूरत से ज्यादा गल सकते हैं. इस कदम पर थोड़ा समय देना तहरी की बनावट संभालने में मदद करेगा. (इमेज AI)
ग्रेवी के हिसाब से पानी डालकर पकाएं चावल: मटन लगभग नरम हो जाए, तो भीगे चावल का पानी निकालकर कुकर में डालें. बचा हरा धनिया, पुदीना और जरूरत के अनुसार हरी मिर्च मिलाएं. अब कुकर में मौजूद ग्रेवी और पानी देखकर ही अतिरिक्त गरम पानी डालें. चावल के पैकेट और अपने कुकर के निर्देशों के अनुसार मात्रा रखें. नमक चखकर ठीक करें और नींबू का रस थोड़ा-थोड़ा मिलाएं, क्योंकि दही और टमाटर में भी खटास होती है. मिश्रण को हल्के हाथ से चलाएं और अपने कुकर के लिए उपयुक्त समय तक पकाएं. सीटी की एक तय संख्या हर कुकर और चावल पर लागू नहीं होती. (इमेज AI)
तला प्याज डालकर गरम परोसें: पकने के बाद गैस बंद करें और कुकर का प्रेशर स्वाभाविक रूप से निकलने दें. ढक्कन खोलकर तहरी को तुरंत तेज हाथ से न चलाएं. पहले कुछ देर रहने दें, फिर चौड़े चम्मच से हल्के हाथ से मटन और चावल मिलाएं. ऊपर से तला हुआ प्याज और थोड़ा हरा धनिया डालें. तैयार मटन तहरी को सादे दही के रायते, खीरे या प्याज के सलाद के साथ गरम परोसें. बचा हुआ खाना हो, तो उसे लंबे समय तक बाहर रखने के बजाय ठंडा करके जल्द फ्रिज में रखें. (इमेज AI)
दिल्ली के प्रदूषण पर सिरसा ने पंजाब सरकार को घेरा: पंजाब के मंत्री बोले-बदनाम किया जा रहा; हमें भी अपने बच्चे और परिवार प्यारे – Mohali News
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर वहां की भाजपा सरकार ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरा है। दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने पराली जलाने की तस्वीरें और एफआईआर दर्ज करने से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर कर पंजाब सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। सिरसा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद खेतों में पराली जलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार में हर मामले में गठजोड़ काम कर रहा है। पराली जलाने के मामलों में बिना नाम के दर्ज की जा रही एफआईआर को भी उन्होंने इसका सबूत बताया। सिरसा ने आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए कहा कि राजनीति से ऊपर जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी निभाने और दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए कदम उठाने की अपील की। पंजाब को बदनाम किया जा रहा: खुड्डियां वहीं, पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं, वैसा कोई काम उनके अधिकारी नहीं करते। अधिकारी खेतों में जाकर किसानों को पराली न जलाने के लिए समझा रहे हैं। पंजाब को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। खुड्डियां ने बताया कि राज्य में पराली प्रबंधन को लेकर 4 हजार से अधिक जागरूकता कैंप लगाए गए हैं। स्कूलों में भी बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदूषण पंजाब में पैदा होता तो सबसे पहले यहां के लोग प्रभावित होते। हमें भी अपने बच्चे और परिवार प्यारे हैं। सरकार नहीं, लेकिन लोग तो अपने है कृषि मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन के लिए 1 लाख 62 हजार मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। करीब 40 प्रतिशत पराली का इस्तेमाल उद्योगों और पशुओं के चारे के लिए किया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि दिल्ली में अब आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं है, ऐसे में भाजपा सरकार की ओर से पंजाब पर आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि भले ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं है, लेकिन वहां रहने वाले लोग तो अपने ही हैं।
Source link
वोटरों को लुभाने के लिए ले जा रहे थे शॉल: पुलिस ने रास्ते में पकड़ा, अर्टिगा गाड़ी समेत जब्त कीं – Dholpur News
धौलपुर में पंचायत चुनाव के दौरान मतदाताओं को बांटने के लिए ले जाई जा रही 35 गर्म शॉल पुलिस ने जब्त की हैं। पुलिस ने शॉल ले जाने में इस्तेमाल की जा रही अर्टिगा गाड़ी को भी जब्त किया है। कार्रवाई आंगई थाना पुलिस ने गश्त के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सनौरा गांव के पास की। पुलिस को आशंका है कि शॉल का इस्तेमाल पंचायत चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए किया जाना था। मुखबिर की सूचना पर रोकी गाड़ी आंगई थाना पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सनौरा गांव के पास अर्टिगा गाड़ी में गर्म शॉल ले जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गाड़ी को रुकवाकर तलाशी ली। तलाशी में मिलीं 35 गर्म शॉल पुलिस ने अर्टिगा गाड़ी की तलाशी ली तो उसमें करीब 35 गर्म शॉल मिलीं। पुलिस ने शॉल जब्त करने के साथ ही परिवहन में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी को भी जब्त कर लिया। पुलिस को आशंका है कि पंचायत चुनाव के दौरान इन शॉल को मतदाताओं में बांटकर प्रभावित करने की तैयारी थी। थानाधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाई पूरी कार्रवाई थानाधिकारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
Source link
हादसे में चली गई पैरों की ताकत, लेकिन हौसले से सुमित ने बदली जिंदगी
Last Updated:
कभी-कभी जिंदगी में आया एक हादसा इंसान के सामने कई चुनौतियां खड़ी कर देता है, लेकिन मजबूत हौसला मुश्किलों के बीच भी रास्ता बना सकता है. ऐसी ही कहानी सुल्तानपुर के सुमित की है. दो मंजिला इमारत से गिरने के बाद उनके कमर से नीचे का हिस्सा प्रभावित हो गया और दोनों पैर पैरालाइज्ड हो गए. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. आज वह फूड डिलीवरी का काम करके अपनी आजीविका चला रहे हैं.
सुमित के साथ कुछ समय पहले एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी. वह दो मंजिला इमारत से नीचे गिर गए थे. इस दुर्घटना में उनकी कमर से नीचे का हिस्सा प्रभावित हुआ और दोनों पैर पैरालाइज्ड हो गए. हादसे के बाद उनके लिए चलना-फिरना और सामान्य दिनचर्या निभाना आसान नहीं रहा. अचानक आई इस परेशानी ने उनके सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दीं.
सुमित ने इंटर तक पढ़ाई की है. हादसे के बाद उनकी शारीरिक स्थिति बदल गई, जिसके कारण रोजगार तलाशना भी मुश्किल हो गया. एक तरफ स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी थी तो दूसरी तरफ अपनी और परिवार की जरूरतें पूरी करने की चिंता. ऐसे हालात में भी उन्होंने खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया और आजीविका चलाने के लिए काम तलाशना शुरू किया.
सुमित की जिंदगी में रंजीत की मदद अहम साबित हुई. रंजीत ने उन्हें जोमैटो से जोड़ा और फूड डिलीवरी का काम शुरू करवाया. इसके बाद सुमित ने धीरे-धीरे इस काम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया. इस काम के जरिए उन्हें अपनी मेहनत से कमाई करने का रास्ता मिला.
Add News18 as
Preferred Source on Google
सुमित पिछले करीब 10 महीने से शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे हैं. हादसे के बाद आई शारीरिक चुनौतियों के बावजूद वह लगातार काम कर रहे हैं. उनके लिए यह काम केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बने रहने और अपनी जरूरतें पूरी करने का माध्यम भी है.
हादसे के बाद सुमित के सामने जिंदगी को दोबारा व्यवस्थित करने की चुनौती थी. इसके बावजूद उन्होंने परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने काम करने का फैसला किया और अपनी मेहनत से आगे बढ़ने की कोशिश जारी रखी. उनकी कहानी बताती है कि मुश्किल समय में भी हिम्मत और सही सहयोग से आगे बढ़ने के रास्ते तलाशे जा सकते हैं.
सुमित की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो किसी मुश्किल परिस्थिति के कारण आगे बढ़ने में परेशानी महसूस करते हैं. हादसे के बाद उनकी जिंदगी आसान नहीं रही, लेकिन उन्होंने काम करना नहीं छोड़ा. आज वह फूड डिलीवरी करके अपनी आजीविका चला रहे हैं. सुमित का कहना है कि परेशानी कितनी भी बड़ी हो, इंसान को हिम्मत नहीं हारनी चाहिए और मेहनत करते रहना चाहिए.
दिवाली का बाद महंगाई का झटका, 15 नवंबर से महंगे हो जाएंगे देसी ब्रांड के फोन
Highlights
- देसी ब्रांड्स Lava और Ai+ ने अपने बजट स्मार्टफोन की कीमत में इजाफा का ऐलान किया है।
- इन दोनों कंपनियों के स्मार्टफोन 15 नवंबर से 3,000 रुपये तक महंगे हो जाएंगे।
- फिलहाल फेस्टिव सीजन के दौरान इन दोनों ब्रांड के फोन सस्ते में मिल रहे हैं।
दिवाली के बाद लोगों को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन बनाने वाली देसी कंपनियां Lava और Ai+ ने अपने स्मार्टफोन की कीमत में इजाफा करने का फैसला किया है। इन दोनों ब्रांड्स के स्मार्टफोन की कीमत में 3,000 रुपये तक का इजाफा हो जाएगा। ब्रांड ने कंफर्म किया है कि फोन की कीमत में यह प्राइस हाइक 15 नवंबर से होगा।
Lava के सस्ते फोन हुए महंगे
Lava ने स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि मौजूदा इंडस्ट्री के वातावरण और मेमोरी कार्ड की शॉर्टेज की वजह से कंपनी अपने स्मार्टफोन पोर्टफोलियो की प्राइस में 3,000 रुपये तक का इजाफा करने वाली है। 15 नवंबर 2026 से स्मार्टफोन की कीमत 3,000 रुपये तक बढ़ जाएंगी। हालांकि, फिलहाल फेस्टिवल ऑफर के तहत लावा के स्मार्टफोन सस्ते में खरीदे जा सकते हैं। लावा के फोन की कीमत में यह इजाफा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों नेटवर्क में होगा।
Ai+ ने भी महंगे किए फोन
वहीं, एक और स्वदेसी ब्रांड Ai+ ने भी अपने स्मार्टफोन की कीमत में इजाफा करने का ऐलान किया है। ब्रांड के सभी फोन की कीमत में यह इजाफा किया जाएगा। 15 नवंबर से Ai+ Pulse, Ai+ Nova और Ai+ Nova Flip की कीमत बढ़ जाएगी। इन स्मार्टफोन की कीमत में 3,000 रुपये तक का इजाफा किया जाएगा। कंपनी ने अपने स्टेटमेंट में कहा कि इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी की वजह से ब्रांड को अपने चुनिंदा मॉडल की कीमत में 3,000 रुपये का इजाफा करना पड़ रहा है।
Ai+ के ये फोन हुए महंगे
| मॉडल | वेरिएंट | मौजूदा कीमत (14 नवंबर तक) | नई कीमत (15 नवंबर से) |
|
Ai+ Pulse 2 FE
|
4GB + 64GB
|
₹8,999
|
₹10,999
|
|
Ai+ Pulse 2
|
4GB + 64GB
|
₹8,999
|
₹10,999
|
|
Ai+ Pulse 2
|
4GB + 128GB
|
₹9,999
|
₹11,999
|
|
Ai+ Pulse 2
|
6GB + 128GB
|
₹10,999
|
₹12,999
|
|
Ai+ Nova 2 5G
|
4GB + 64GB
|
₹11,999
|
₹13,999
|
|
Ai+ Nova 2 5G
|
4GB + 128GB
|
₹12,999
|
₹14,999
|
|
Ai+ Nova 2 5G
|
6GB + 128GB
|
₹13,999
|
₹15,999
|
|
Ai+ Nova 2 Neo 5G
|
4GB + 64GB
|
₹12,499
|
₹14,999
|
|
Ai+ Nova 2 Neo 5G
|
4GB + 128GB
|
₹12,999
|
₹15,999
|
|
Ai+ Nova 2 Neo 5G
|
6GB + 128GB
|
₹14,999
|
₹16,999
|
|
Ai+ Nova 2 Power 5G
|
6GB + 128GB
|
₹15,999*
|
₹17,999
|
|
Ai+ Nova 2 Power 5G
|
8GB + 128GB
|
₹16,999*
|
₹19,999
|
|
Ai+ Nova 2 Pro 5G
|
6GB + 128GB
|
₹16,999*
|
₹17,999
|
|
Ai+ Nova 2 Pro 5G
|
8GB + 128GB
|
₹17,999*
|
₹19,999
|
|
Ai+ Nova 2 Ultra 5G
|
6GB + 128GB
|
₹18,999*
|
₹20,999
|
|
Ai+ Nova 2 Ultra 5G
|
8GB + 128GB
|
₹19,999*
|
₹22,999
|
|
Ai+ NovaFlip 5G
|
8GB + 256GB
|
₹49,999
|
₹49,999
|
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब तेजी से बढ़ रही मेमोरी कंपोनेंट की कीमत की वजह से स्मार्टफोन निर्माता को अपने फोन की कीमत में इजाफा करना पड़ रहा है। इससे पहले भी Apple और Samsung जैसे ब्रांड्स ने अपने स्मार्टफोन की कीमत में 25,000 रुपये तक का इजाफा किया है। रिसर्च फर्म के डेटा पर नजर डालें तो पिछले एक साल के अंदर स्मार्टफोन की कीमत में 6% तक का इजाफा हो गया है।
यह भी पढ़ें – Xiaomi के डुअल डिस्प्ले वाले फ्लैगशिप फोन जल्द भारत में होंगे लॉन्च, कंपनी ने किया कंफर्म
मेले में जल परी शो का टैंक फटा: बहराइच में 4 बच्चे घायल, दो की हालत गंभीर; जिला अस्पताल रेफर – Bahraich News
बहराइच जल परी शो के ग्लास टैंक का शीशा अचानक फट गया। टूटे शीशे की चपेट में आकर चार बच्चे घायल हो गए। दो बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। हादसा फखरपुर कस्बे में सोमवार रात करीब 9 बजे दादा मियां के पास लगे मेले में हुआ। हादसे के समय फखरपुर थाना क्षेत्र के खालेपुर गांव के चार बच्चे शो देख रहे थे। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फखरपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दो बच्चों को जिला अस्पताल भेज दिया गया। रात 9 बजे शो के दौरान फटा शीशा सोमवार रात करीब 9 बजे मेले में जल परी शो चल रहा था। इसी दौरान ग्लास टैंक का शीशा फट गया। वहां मौजूद बच्चों पर टूटे शीशे के टुकड़े जा गिरे, जिससे चारों घायल हो गए। चार बच्चों को लगी चोट हादसे में आठ वर्षीय अर्श, सात वर्षीय बुरऊ, आठ वर्षीय अहद खान और नौ वर्षीय मोहम्मद सादिक घायल हुए। चारों बच्चे खालेपुर गांव के रहने वाले हैं। सीएचसी में कराया गया इलाज घटना के बाद घायलों को सीएचसी फखरपुर पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। दो बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलने पर फखरपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। घटना जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर फखरपुर कस्बे में हुई।
Source link

