Sunday, November 1, 2026
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उन्नाव में मां भगवती जागरण: कलाकारों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दी, धार्मिक एकता का दिया संदेश – Unnao News




उन्नाव में अजगैन कस्बे का रामशाला प्रांगण शनिवार रात मां भगवती के जयकारों से गूंज उठा। नवयुवक कमेटी की ओर से पांचवें विशाल मां भगवती जागरण का आयोजन किया गया। इस दौरान मां का भव्य श्रृंगार कर आकर्षक दरबार सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने माथा टेककर आशीर्वाद लिया। जागरण में उन्नाव की जीएच जागरण पार्टी और कानपुर के शिवा शालू ग्रुप के कलाकारों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं। माता की भेंटों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। देर रात तक भजनों और जयकारों का सिलसिला चलता रहा। आयोजन में क्षेत्र के लोगों ने उत्साह से भाग लिया। नवयुवक कमेटी ने कार्यक्रम के जरिए धार्मिक एकता और भक्ति का संदेश दिया।



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घर में घुसकर गहने और कैश चुराने वाले 3 गिरफ्तार: मुरैना में आरोपियों के पास से 4.40 लाख कैश बरामद – Morena News




मुरैना के बागचीनी थाना क्षेत्र में घरों में घुसकर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर करीब 12 लाख 60 हजार रुपए कीमत का चोरी गया सामान बरामद किया गया है। इसमें करीब 6 तोला सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी के आभूषण और 4 लाख 40 हजार रुपए नकद शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बागचीनी क्षेत्र में दो अलग-अलग चोरी की वारदात करना स्वीकार किया है। अलमारी में रखे गहने और नकदी चुराई थी ग्राम बागचीनी निवासी विष्णु अग्रवाल ने थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 26 और 27 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात चोर उनके घर में घुस आए थे। चोरों ने अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चुरा ली थी। चोरी गए सामान में सोने की चेन, हार, मंगलसूत्र, अंगूठियां, झुमकी, चांदी की पायल और बिछिया सहित अन्य आभूषण शामिल थे। अंबाह बाइपास के पास से पकड़े गए तीनों आरोपी मामले की जांच के दौरान बागचीनी थाना पुलिस ने संदेह के आधार पर तीन युवकों को मुरैना के अंबाह बाइपास स्थित पत्थर के फड़ के पास से पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान ओमवीर उर्फ मास्टर (20), रामकुमार उर्फ रमक (28) और बद्री उर्फ मरत (32) के रूप में हुई। ओमवीर उर्फ मास्टर पुत्र रामप्रकाश उर्फ प्रकाश गुर्जर राजस्थान के धौलपुर जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र के बारबासिन गांव का निवासी है। वह फिलहाल राजस्थान के डांगबसई थाना क्षेत्र के डेहरा गांव में रह रहा था। रामकुमार उर्फ रमक पुत्र विजेंद्र गुर्जर सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पिडावली गांव का निवासी है। बद्री उर्फ मरत पुत्र फौजदार उर्फ रामदयाल गुर्जर देवगढ़ थाना क्षेत्र के खुलावली गांव का निवासी है। करौरी गांव में हुई चोरी में भी शामिल होने की बात कबूली बागचीनी थाना प्रभारी टीआई कुलदीप राव के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदात करना स्वीकार किया। उन्होंने बागचीनी थाना क्षेत्र के करौरी गांव में 22 और 23 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात हुई चोरी में भी शामिल होना बताया। आरोपियों की निशानदेही पर दोनों मामलों में चोरी गया सामान बरामद किया गया है। पुलिस अब उनके अन्य साथियों और जिले में हुई दूसरी चोरी की वारदातों में उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है।



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कटिहार में नशामुक्ति जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक: कलाकारों ने शराब और नशे के नुकसान बताए, टोल फ्री नंबर 15545 की जानकारी दी – Katihar News




कटिहार जिले में नशामुक्त भारत अभियान के तहत नुक्कड़ नाटकों के जरिए लोगों को नशे के नुकसान बताए जा रहे हैं। यह अभियान बिहार सरकार के मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के निर्देश पर शुरू किया गया है। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के निर्देश पर मद्य निषेध विभाग ने कटिहार रेलवे स्टेशन परिसर, शहीद चौक, मनिहारी बस स्टैंड और कलेक्ट्रेट परिसर में नुक्कड़ नाटक करवाए। नाटक का विषय ‘एक भूल- बर्बाद पूरा परिवार’ था। इसमें दिखाया गया कि शराब और नशे की लत से एक युवा का रोजगार, स्वास्थ्य और परिवार की खुशियां प्रभावित होती हैं। नाटक के अंत में कलाकारों ने लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। अभियान का उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को शराब और अन्य नशीले पदार्थों के नुकसान बताना है। लोगों को पूर्ण शराबबंदी कानून और टोल फ्री नंबर 15545 की जानकारी भी दी जा रही है। नशे की लत से जूझ रहे लोगों को नशामुक्ति केंद्र पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, नशा करने वालों का सामाजिक बहिष्कार करने के बजाय उन्हें सुधारने में मदद करने का संदेश दिया जा रहा है। सहायक निदेशक, मद्य निषेध ने बताया कि नुक्कड़ नाटक मंडली जिले के हाट-बाजार, स्कूल-कॉलेज, पंचायत भवन और भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रस्तुतियां देगी। स्थानीय लोग भी इस पहल में शामिल हुए और अभियान का समर्थन किया।



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उबले और कच्चे आलू से बनाएं सुनहरा कुरकुरा नाश्ता, चावल का आटा बढ़ाएंगे स्वाद

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उबले और कच्चे आलू से बनाएं सुनहरा कुरकुरा नाश्ता, चावल का आटा बढ़ाएंगे स्वाद

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Potato Carrot Pancake Recipe: उबले और कच्चे आलू को मिलाकर बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम नाश्ता बना सकते हैं. इसमें गाजर, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाने से स्वाद बढ़ता है. चावल का आटा मिश्रण को बांधने और सुनहरी परत बनाने में मदद करता है. पैन पर पतला फैलाकर धीमी से मध्यम आंच पर अच्छी तरह पकाना जरूरी है. तैयार आलू-गाजर पैनकेक को हरी चटनी या केचप के साथ गरम परोसें.

Potato Carrot Pancake Recipe: सुबह के नाश्ते में आलू का इस्तेमाल कई तरह से किया जाता है. कभी पराठे बनते हैं, तो कभी सैंडविच या सब्जी के साथ पूरी परोसी जाती है. लेकिन उबले और कच्चे आलू को एक साथ मिलाकर भी ऐसा नाश्ता बनाया जा सकता है, जिसकी बाहर की परत कुरकुरी और अंदर का हिस्सा नरम रहता है. इसमें कद्दूकस की हुई गाजर, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाने से स्वाद के साथ रंग भी अच्छा आता है. चावल का आटा मिश्रण को बांधने और सेंकने पर सुनहरी परत बनाने में मदद करता है. इस नाश्ते के लिए न अलग से गेहूं का आटा गूंथना पड़ता है और न ही भरावन तैयार करना होता है. सारी चीजें एक बर्तन में मिलाकर सीधे पैन पर फैलाई जाती हैं. अगर उबले आलू पहले से रखे हों, तो तैयारी और आसान हो जाती है. आशी की रसोई से मिली इस रेसिपी को बनाते समय बस मिश्रण की नमी और पैन पर उसकी मोटाई का ध्यान रखें. इसे हरी चटनी या केचप के साथ नाश्ते में परोस सकते हैं. (इमेज AI)

बनाने के लिए निकाल लें ये सामग्री: इस नाश्ते के लिए उबले और अच्छी तरह मैश किए हुए आलू, एक कप कद्दूकस किया कच्चा आलू और आधा कप कद्दूकस की हुई गाजर चाहिए. साथ में आधा कप चावल का आटा, एक छोटा चम्मच बारीक कटी हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच चिली फ्लेक्स, कटा हरा धनिया और स्वाद के अनुसार नमक रखें. सेंकने के लिए थोड़ा तेल या घी निकाल लें. दी गई रेसिपी में उबले आलू की मात्रा तय नहीं बताई गई है, इसलिए उन्हें थोड़ा-थोड़ा मिलाकर मिश्रण की बनावट देखें. मिश्रण ऐसा होना चाहिए कि पैन में फैलाने के बाद अपना आकार बनाए रखे. (इमेज AI)

उबले आलू में न रहने दें बड़े टुकड़े: सबसे पहले उबले आलू का छिलका उतारकर उन्हें एक बड़े बर्तन में रखें. आलू बहुत गरम हों, तो पहले ठंडे होने दें. अब मैशर या कांटे की मदद से अच्छी तरह मसल लें. इनमें बड़े टुकड़े नहीं रहने चाहिए, क्योंकि उनकी वजह से पैन पर मिश्रण बराबर फैलाना मुश्किल हो सकता है. चिकने मैश किए आलू बाकी चीजों को एक साथ रखने में मदद करते हैं. आलू मैश करने के बाद उन्हें ढककर एक तरफ रखें और बाकी सब्जियों की तैयारी कर लें. (इमेज AI)

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कच्चे आलू और गाजर को बारीक कद्दूकस करें: कच्चे आलू और गाजर को धोकर छील लें. इसके बाद दोनों को कद्दूकस करें. कच्चे आलू के बहुत मोटे लच्छे न बनाएं, क्योंकि उन्हें अंदर तक पकने में ज्यादा समय लगेगा. कद्दूकस किए आलू में पानी ज्यादा दिखाई दे, तो हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें. अब एक कप कच्चा आलू और आधा कप गाजर मैश किए आलू में मिलाएं. कच्चे आलू को कद्दूकस करने के बाद बहुत देर तक खुला न रखें और बाकी तैयारी के साथ ही इस्तेमाल करें. (इमेज AI)

मिर्च और धनिये से बढ़ाएं मिश्रण का स्वाद: आलू और गाजर के मिश्रण में बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, चिली फ्लेक्स और नमक डालें. सभी चीजों को हाथ या चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं, ताकि मसाले हर हिस्से में पहुंच जाएं. बच्चों के लिए बना रहे हैं, तो हरी मिर्च और चिली फ्लेक्स कम कर सकते हैं. नमक डालने के बाद सब्जियां कुछ पानी छोड़ सकती हैं, इसलिए तैयार मिश्रण को बहुत देर तक रखने के बजाय जल्द पकाना बेहतर रहेगा. (इमेज AI)

चावल का आटा थोड़ा-थोड़ा मिलाएं: अब मिश्रण में चावल का आटा डालें और हल्के हाथ से मिलाते जाएं. शुरुआत में पूरा आटा एक साथ डालने के बजाय थोड़ा हिस्सा मिलाकर बनावट देखें. मिश्रण नरम रहे, लेकिन इतना ढीला न हो कि पैन में बिखरने लगे. अगर सब्जियों की नमी ज्यादा हो, तो बचा हुआ आटा मिलाएं. जरूरत से ज्यादा आटा डालने पर नाश्ता सख्त लग सकता है. वहीं, मिश्रण बहुत सूखा होकर टूट रहा हो, तो थोड़ा मैश किया आलू मिलाकर दोबारा एकसार कर लें. (इमेज AI)

पैन में फैलाएं पतली और बराबर परत: नॉन-स्टिक पैन या अच्छी तरह तैयार तवे पर थोड़ा तेल या घी फैलाएं. पैन हल्का गरम होने पर मिश्रण का एक हिस्सा बीच में रखें. अब चम्मच या पलटे से दबाकर गोल आकार में फैलाएं. इसे बहुत मोटा न रखें, वरना बाहर से रंग आने के बाद भी कच्चा आलू अंदर से ठीक तरह नहीं पकेगा. पहली बार बना रहे हैं, तो बड़े आकार के बजाय छोटे पैनकेक बनाएं. उन्हें फैलाना, पलटना और बराबर सेंकना आसान रहेगा. (इमेज AI)

धीमी आंच पर दें अंदर तक पकने का समय: पैन को ढककर धीमी से मध्यम आंच पर पकाएं. केवल एक मिनट का समय देखकर न पलटें, बल्कि नीचे की परत जमने और हल्की सुनहरी होने का इंतजार करें. पकने का समय पैनकेक की मोटाई, कच्चे आलू के लच्छों और आंच के हिसाब से बदलेगा. परत जम जाए, तो चौड़े पलटे की मदद से धीरे से पलटें. जरूरत लगे, तो किनारों पर थोड़ा तेल लगाएं और दूसरी तरफ भी अच्छी तरह सेंकें. आखिर में ढक्कन हटाकर कुछ देर पकाने से बाहर की परत ज्यादा कुरकुरी हो सकती है. (इमेज AI)

पकने की जांच करके चटनी के साथ परोसें: दोनों तरफ सुनहरा रंग आने पर बीच का हिस्सा जांच लें. आलू के लच्छे नरम होने चाहिए और मिश्रण में कच्चापन नहीं रहना चाहिए. तैयार नाश्ते को प्लेट में निकालें और हरी चटनी या टोमेटो केचप के साथ गरम परोसें. चाहें तो बड़े पैनकेक को छोटे टुकड़ों में काट सकते हैं. कुरकुरापन बनाए रखने के लिए गरम पैनकेक तुरंत एक के ऊपर एक न रखें, क्योंकि भाप से उनकी बाहरी परत नरम पड़ सकती है. इन्हें पैन से उतारकर ताजा खाना सबसे अच्छा रहेगा. (इमेज AI)

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CISF ने सुरक्षा देने का 56 साल पुराना स्ट्रक्चर बदला: अब पावर-स्टील प्लांट, बंदरगाह के लिए अलग-अलग सेक्टर; पहले जोन वाइज अफसर था


कुछ ही क्षण पहले

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CISF में कुल 2.70 लाख कर्मचारी हैं- फोटो सोर्स X

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने सबसे बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। फोर्स ने आज से अपने 56 साल पुराने टेरिटोरियल कमांड मॉडल को खत्म करके फंक्शनल सेक्टर मॉडल अपना लिया है।

फोर्स अब तक जोन के हिसाब से काम करती थी। जैसे – मुंबई जोन के एक ही अधिकारी के पास पावर प्लांट भी होता था और कोयला खदान भी। इससे सुरक्षा मिली-जुली रहती थी।

नए मॉडल में एक जैसी इंडस्ट्रियल यूनिट को एक ही छतरी के नीचे लाया गया है। यानी देशभर के सारे पावर प्लांट, सारे स्टील प्लांट, सारे बंदरगाह अलग-अलग डेडिकेटेड सेक्टर के अधीन होंगे।

इस बदलाव का असर बिजली, कोयला, स्टील, पेट्रोलियम और नैचुरल गैस यूनिट पर पड़ेगा। सरकारी इमारतों, संग्रहालयों, स्मारकों, समुद्री बंदरगाहों और दिल्ली मेट्रो जैसी की सुरक्षा के लिए कुल 11 सेक्टर बनेंगे।

CISF का दावा- काम अलग तो सुरक्षा भी अलग हो

अब तक CISF के फील्ड और प्रशासनिक ठिकाने जोनल आधार पर बने थे। इस वजह से एक ही फील्ड फॉर्मेशन अलग-अलग क्षेत्रों में बनी औद्योगिक इकाईयों की सुरक्षा संभालता था। उदाहरण के लिए, किसी फील्ड फॉर्मेशन के पास बिजली और कोयला क्षेत्र की इकाइयों की जिम्मेदारी एक साथ होती थी।

अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और एयरपोर्ट की सुरक्षा करने वाली CISF इकाइयां इसका अपवाद थीं। ये पहले से एक ही कमांड के तहत थीं।

CISF ने कहा कि इस बदलाव का मूल सिद्धांत यह है कि सुरक्षा केवल संपत्ति की जगह के आधार पर तय नहीं होनी चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि संपत्ति क्या काम करती है और उसके प्रभावित होने का देश पर क्या असर पड़ेगा।

पोर्ट सेक्टर के नाम भी बदले

इस बदलाव के तहत मुंबई मुख्यालय वाले CISF के वेस्टर्न सेक्टर का नाम बदलकर वेस्ट कोस्ट पोर्ट सेक्टर कर दिया गया है। चेन्नई स्थित सदर्न सेक्टर का नाम ईस्ट कोस्ट पोर्ट सेक्टर किया गया है। 2025 में केंद्र सरकार ने CISF को समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए नोडल बल बनाया था।

सरकार ने CISF को इस क्षेत्र के लिए रिकॉग्नाइज्ड सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन (RSO) के रूप में भी अधिकृत किया था।

पिछले साल 2025 में केंद्र सरकार ने CISF को सभी समुद्री बंदरगाहों की सुरक्षा के लिए नोडल फोर्स और मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (RSO) घोषित किया था, जिसके बाद इस बदलाव की जरूरत और बढ़ गई थी।

1969 में बना था केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल

CISF का गठन 1969 में हुआ था। वर्तमान में बल में करीब 2.70 लाख कर्मचारी हैं। CISF सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की महत्वपूर्ण इकाइयों की सुरक्षा करता है। इसके अलावा, बल 70 से अधिक नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा संभालता है। परमाणु और एयरोस्पेस क्षेत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी CISF के पास है।

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दिल्ली में मेट्रो स्टेशन में घुसा संदिग्ध, VIDEO: CISF जवान ने 8 सेकेंड में दौड़कर पकड़ा; बैग में रखे अंडरगारमेंट में छिपाया था सोने जैसा पाउडर

दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर संदिग्ध बैग लेकर भागने की कोशिश कर रहे एक व्यक्ति को CISF जवानों ने तुरंत पकड़ लिया। घटना CCTV में कैद हुई है। घटना 17 अक्टूबर की है। व्यक्ति काला बैकपैक लेकर भागने लगता है। वह महिलाओं के फ्रिस्किंग जोन से होते हुए एस्केलेटर की तरफ भागता है। CISF जवान 8 सेकेंड में सीढ़ियां चढ़कर व्यक्ति को एग्जिट गेट नंबर-1 पर पकड़ लेता है। पढ़े पूरी खबर…



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बांग्लादेश में कपड़ा मजदूरों का प्रदर्शन, 3 जगह हिंसा हुई: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, गाड़ी जलाई; वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे




बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत तीन इलाकों में रविवार को कपड़ा फैक्ट्रियों के मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगह हिंसा भी हुई। ढाका के मीरपुर इलाके में मजदूरों ने सड़कें जाम कर दीं। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके और एक पुलिस गाड़ी में आग लगा दी। गाजीपुर में मजदूरों ने हाईवे जाम किया और पुलिस चौकी में आग लगा दी। वहीं, अशुलिया में कम से कम 30 फैक्ट्रियां बंद रहीं। मजदूरों की मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन 9,600 रुपए से बढ़ाकर करीब 23 हजार रुपए किया जाए। प्रदर्शन से जुड़ी 3 तस्वीरें पुलिस ने लाठीचार्ज की, आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया रविवार सुबह ढाका के मीरपुर-10 चौराहे पर मजदूर इकट्ठा हुए। इस दौरान उन्होंने सड़कें जाम कर दी। इसके चलते मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। पुलिस के मुताबिक, कुछ मजदूरों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। भीड़ को हटाने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया गया। तनाव को देखते हुए मीरपुर-10 मेट्रो स्टेशन का गेट बंद करना पड़ा। शनिवार को भी मजदूरों ने इसी इलाके में करीब चार घंटे तक सड़कें जाम रखी थीं। गाजीपुर में हाईवे जाम, सुरक्षाकर्मी तैनात करने पड़े ढाका के उत्तर में स्थित गाजीपुर के कालीकैर इलाके में भी रविवार सुबह से प्रदर्शन शुरू हो गया। गाजीपुर के कोनाबाड़ी इलाके में प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस चौकी में आग लगा दी। हालात संभालने के लिए प्रशासन ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के पांच प्लाटून तैनात करने का ऐलान किया। हालात बिगड़े तो फैक्ट्री प्रबंधन ने छुट्टी दे दी ढाका के पास अशुलिया के औद्योगिक इलाके में भी शनिवार को मजदूरों ने प्रदर्शन किया। कई फैक्ट्रियों में काम बंद कर दिया गया। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ भी हुई। हालात बिगड़ने पर फैक्ट्री प्रबंधन ने छुट्टी घोषित कर दी। अलग-अलग रिपोर्ट के मुताबिक, इलाके में कम से कम 30 फैक्ट्रियां बंद रहीं। वेतन तय करने वाले बोर्ड में मजदूर संगठन के लोग भी शामिल प्रदर्शन के बीच बांग्लादेश सरकार ने रविवार को छह सदस्यों वाला वेतन बोर्ड बनाया है। इसका काम कपड़ा फैक्ट्रियों के मजदूरों की नई न्यूनतम सैलरी तय करना है। श्रम मंत्री अरिफुल हक चौधरी ने बताया कि बोर्ड जल्द से जल्द नई सैलरी तय करेगा। इसमें फैक्ट्री मालिकों, मजदूर संगठनों और एक स्वतंत्र प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। सरकार ने मजदूरों से सड़कें खाली कर काम पर लौटने की अपील की है। महंगाई के कारण मजदूरों की परेशानी बढ़ी बांग्लादेश में कपड़ा फैक्ट्रियों के मजदूरों का न्यूनतम मासिक वेतन दिसंबर 2023 में करीब 9,600 रुपए तय किया गया था। मजदूरों का कहना है कि ओवरटाइम जोड़ने के बाद भी उन्हें करीब 14000 से 15000 हजार रुपए ही मिल पाते हैं, जो घर चलाने के लिए काफी नहीं हैं। उनके मुताबिक, कुछ साल पहले जिस मकान का किराया करीब करीब 2000 रुपए था, वह अब बढ़कर 6000 रुपए तक पहुंच गया है। खाने-पीने, इलाज और बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी बढ़ा है। इसी वजह से मजदूर न्यूनतम वेतन 30 हजार टका करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने वेतन बोर्ड तो बना दिया है, लेकिन अभी यह तय नहीं हुआ है कि सैलरी कितनी बढ़ेगी और नई दरें कब से लागू होंगी। बांग्लादेश में 40 लाख से ज्यादा कपड़ा मजदूर बांग्लादेश गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (BGMEA) के मुताबिक, देश में करीब 4 हजार रजिस्टर्ड कपड़ा फैक्ट्रियां हैं। इनमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। चीन के बाद बांग्लादेश दुनिया में सबसे ज्यादा कपड़े निर्यात करने वाला दूसरा देश है।बांग्लादेश के कपड़े 150 से ज्यादा देशों में बेचे जाते हैं। BGMEA के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश ने करीब 3.68 लाख करोड़ रुपए के कपड़े दूसरे देशों को बेचे। ————————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प की नेतन्याहू से फोन पर बात: बाद में बोले- ईरान के 1-2 ठिकाने उड़ाने बाकी, रिपोर्ट- अमेरिका 4 नवंबर को हमला कर सकता है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से शनिवार को फोन पर बातचीत की। यह जानकारी वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी। पूरी खबर पढ़ें…



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हापुड़ में भैंस खरीदने जा रहे भाइयों से लूट: पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर रोका वाह, हथियारबंद बदमाशों ने की मारपीट – Hapur News




हापुड़ के गांव असरा के पास शनिवार रात करीब नौ बजे चार हथियारबंद बदमाशों ने भैंस खरीदने जा रहे दो भाइयों से 2.40 लाख रुपए लूट लिए। बदमाशों ने पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाकर उनका छोटा हाथी वाहन रुकवाया और हथियार दिखाकर दोनों को बंधक बना लिया। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए। मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र के लोटी गांव के रहने वाले संदीप अपने भाई आकाश के साथ शनिवार रात छोटा हाथी से भैंस खरीदने मथुरा जा रहे थे। रास्ते में गांव असरा के पास बाइक सवार एक युवक ने पेट्रोल खत्म होने की बात कहकर उनसे मदद मांगी। दोनों ने वाहन रोका तो पहले से घात लगाए चार बदमाश वहां पहुंच गए। आरोप है कि बदमाशों ने हथियार दिखाकर दोनों भाइयों को अपने कब्जे में ले लिया और उनके पास रखे 2.40 लाख रुपए लूट लिए। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। घटना की सूचना मिलने पर SP मधुबन कुमार सिंह, ASP महेश कुमार, CO सिटी दीपक चतुर्वेदी और थाना प्रभारी पारस मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित भाइयों से जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने रात में आसपास के जंगलों और संभावित ठिकानों पर तलाशी ली, लेकिन बदमाशों का पता नहीं चला। CO सिटी दीपक चतुर्वेदी ने बताया कि भाइयों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें बनाई गई हैं। आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।



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नरसिंहपुर में उत्साह से मना प्रदेश का स्थापना दिवस समारोह: दो मंत्री रहे मौजूद, युवाओं से मेहनत और पढ़ाई की आदत अपनाने का किया आग्रह – Narsinghpur News




मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर रविवार को नरसिंहपुर के स्टेडियम ग्राउंड में जिला स्तरीय समारोह हुआ। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई। प्रहलाद सिंह पटेल ने युवाओं से मेहनत करने और पढ़ने-लिखने की आदत बनाए रखने को कहा। उन्होंने कहा कि युवा श्रम से न बचें और लिखने-पढ़ने में कंजूसी न करें। ये आदतें छूटने पर भविष्य में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। पटेल ने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी है, लेकिन इसके चलते परंपराएं और तौर-तरीके नहीं छूटने चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति में पहनावा, खानपान, बोली, भाषा और जीवनशैली शामिल हैं। युवाओं से उन्होंने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बनाए रखने की अपील की, ताकि वे देश-दुनिया में कहीं भी जाएं तो उनकी पहचान मध्यप्रदेश के व्यक्ति के रूप में हो। राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सभी को पूरी शक्ति और सामर्थ्य के साथ, अनुशासित और समर्पित होकर प्रदेश और देश के कल्याण व प्रगति के लिए काम करना चाहिए।



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समस्तीपुर में छह दिवसीय प्रमंडलीय फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ: मुंगेर ने सारण को हराया; एकलव्य की टीम ने भी जीता पहला मुकाबला – Samastipur News




समस्तीपुर में छह दिवसीय राज्य स्तरीय अंतर प्रमंडलीय विद्यालय बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता की शुरूआत हो गई है। रेलवे परिसर स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय कैंपस में खेल विभाग, बिहार सरकार, राज्य खेल प्राधिकरण और जिला प्रशासन की ओर से आयोजन किया जा रहा है। जिसमें अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग की बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा, सदर एसडीओ राकेश कुमार, एनडीसी रजनीश कुमार राय, ओएसडी अलीएकराम, डीसीओ अनिल कुमार, प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार और जिला खेल पदाधिकारी विवेक कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद डीएम ने फुटबॉल को किक मारकर प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत की। डीएम ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह इस मौके पर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेने और जीत-हार से ऊपर उठकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की अपील की। उद्घाटन से पहले जिला खेल पदाधिकारी विवेक कुमार शर्मा ने अतिथियों को स्मृति चिह्न और खेल बैज देकर सम्मानित किया। वहीं, प्रधानाध्यापक अनंत कुमार राय ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा की शपथ दिलाई। मुंगेर ने सारण को 1-0 से हराया जिला खेल पदाधिकारी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता में बिहार के नौ प्रमंडलों के साथ बिहार एकलव्य की टीम भी हिस्सा ले रही है। हालांकि, पूर्णिया, कोसी और भागलपुर प्रमंडल की अंडर-14 टीमें पहले दिन प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुईं। प्रतियोगिता के पहले दिन अंडर-14 बालिका वर्ग में पहला मुकाबला मुंगेर प्रमंडल और सारण प्रमंडल की टीम के बीच खेला गया। इसमें मुंगेर की टीम ने सारण को 1-0 से हराकर अगले चक्र में प्रवेश किया। वहीं, दूसरे मुकाबले में बिहार एकलव्य की टीम ने मगध प्रमंडल को शिकस्त देकर अगले दौर में जगह बनाई। छह दिनों तक होंगे मुकाबले जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिता के सभी मुकाबले नॉकआउट आधार पर खेले जा रहे हैं। छह दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में तीनों आयु वर्गों की टीमें मैदान पर उतरेंगी। बालिका खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। आयोजन को लेकर खेल मैदान में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह देखा गया।



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मूली ही नहीं, इसके पत्तों की सब्जी भी है कमाल, जानिए बनाने का आसान तरीका

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सर्दियों में मूली के पत्तों की सब्जी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसे आलू, प्याज और मसालों के साथ आसानी से बनाया जा सकता है. तो जानते हैं इसे बनाने का झटपट तरीका.

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मूली के पत्तों की हेल्दी और स्वादिष्ट सब्जी. Image AI

सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में ताजी मूली की भरमार हो जाती है. ज्यादातर लोग मूली का उपयोग सलाद, अचार या पराठे बनाने में करते हैं, लेकिन इसके पौष्टिक पत्तों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. मूली के पत्ते विटामिन ए, सी, आयरन, कैल्शियम और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनकी बनी सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर के लिए भी काफी फायदेमंद होती है. अगर आप रोजमर्रा की सब्जियों से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो मूली के पत्तों की यह खास सब्जी जरूर आजमाएं.

आवश्यक सामग्री

3 कप मूली के ताजे पत्ते (बारीक कटे हुए)
1 मध्यम आकार का आलू (छोटे टुकड़ों में कटा)
1 प्याज बारीक कटा हुआ
2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट
½ छोटा चम्मच जीरा
¼ छोटा चम्मच हींग
½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
स्वादानुसार नमक
2 बड़े चम्मच तेल
हरा धनिया सजाने के लिए

बनाने की विधि

  • सबसे पहले मूली के पत्तों को अच्छी तरह धो लें ताकि उनमें लगी मिट्टी और धूल पूरी तरह निकल जाए. इसके बाद पत्तों को बारीक काट लें.
  • अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा और हींग डालें. जब जीरा चटकने लगे, तब कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्ट और हरी मिर्च डालकर एक मिनट तक पकाएं.
  • अब इसमें कटे हुए आलू डालें और 3 से 4 मिनट तक भून लें. फिर हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
  • इसके बाद कटे हुए मूली के पत्ते कढ़ाई में डालें. शुरुआत में पत्ते अधिक लगेंगे, लेकिन पकने पर इनकी मात्रा कम हो जाती है. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर ढक्कन लगा दें और धीमी आंच पर 10 से 12 मिनट तक पकाएं.
  • बीच-बीच में सब्जी को चलाते रहें ताकि वह तले में न लगे. जब आलू नरम हो जाएं और पत्ते पूरी तरह पक जाएं, तब गैस बंद कर दें.

परोसने का तरीका

गरमागरम मूली के पत्तों की सब्जी को रोटी, पराठा या दाल-चावल के साथ परोसें. इसका देसी और हल्का तीखा स्वाद खाने का मजा दोगुना कर देता है.

स्वाद बढ़ाने के टिप्स

सब्जी में थोड़ा सा बेसन मिलाने से इसका स्वाद और बनावट बेहतर हो जाती है.
चाहें तो इसमें लहसुन की मात्रा बढ़ाकर देसी स्वाद का आनंद ले सकते हैं.
सरसों के तेल में बनाने पर सब्जी का स्वाद और भी शानदार लगता है.
मूली के कोमल और ताजे पत्तों का उपयोग करें, इससे सब्जी अधिक स्वादिष्ट बनेगी.



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