Thursday, October 1, 2026
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लखनऊ टुडे, 1 अक्टूबर- आपके काम की खबर: 11 दिवसीय 23वां राष्ट्रीय पुस्तक मेले का शुभारंभ, श्रीमद्भागवत महापुराण कथा – Lucknow News



शहर में बिजली की बेहतर सप्लाई के लिए 1 नवंबर 2025 से वर्टिकल व्यवस्था लागू है।

इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी कृष्णानगर – 9415901426

अवध चौराहा न्यू आलमबाग उपकेंद्र – 9415901426

वृंदावन कॉलोनी सेक्टर-3 – 8004921191

नादरगंज – 8004921191

कबीरनगर पारा – 8005480268

मोहनलालगंज न्यू – 9415005109

मलिहाबाद न्यू – 9415005109

(लखनऊ में वर्टिकल व्यवस्था की पूरी जानकारी)

बिजली संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए 1912 पर कॉल करें। मध्यांचल से 18001800440, पूर्वांचल से 18001805025, पश्चिमांचल से 18001803002, दक्षिणांचल से 18001803023 और केस्को से संबंधित सहायता के लिए 18001801912 डायल करें। इसके अलावा, लखनऊ के सभी पावर हाउस के अधिकारियों को सीधे भी संपर्क किया जा सकता है-

अपट्रॉन – 9415901108 – एक्सईएन आनंद प्रकाश वर्मा

अमीनाबाद – 9453007413 – एक्सईएन सुशील कुमार

आलमबाग – 9415901394 – एक्सईएन योगेश

इंदिरानगर – 9415901353 – एक्सईएन शोभित दीक्षित

ऐशबाग – 9415901401 – एक्सईएन सत्येंद्र कुमार साहू

कानपुर रोड – 9415901414 – एक्सईएन नीरज

गोमतीनगर – 9415901361 – एक्सईएन धीरज यादव

चिनहट – 9415901126 – एक्सईएन प्रभाकर

चौक – 9415901316 – एक्सईएन रमन वासुमित्र

जानकीपुरम – 9415901286 – सीई वीपी सिंह

जानकीपुरम अतिरिक्त – 9415901369 – एक्सईएन पंकज गुप्ता

ठाकुरगंज – 9415005797 – एक्सईएन दीपक कुमार

डालीगंज – 9453004714 – एक्सईएन सुशील कुमार वर्मा

नादरगंज – 9415901422 – एक्सईएन अश्विनी

पुरनिया – 9453004527 – एसई गीता आंनद

बीकेटी – 9453007418 – एक्सईएन पंकज कुमार गुप्ता

मलिहाबाद – 8005493760 – एक्सईएन सुदेश कुमार

महानगर – 9415901340 – एक्सईएन गौरव कुमार

महानगर अतिरिक्त – 8004910763 – एसई गीता आनंद

मुंशी पुलिया – 8005489479 – एक्सईएन एपी सिंह

मोहनलालगंज – 9415223990 – एक्सईएन श्रवण कुमार

राजभवन – 9415901857 – एक्सईएन धर्मेंद्र सक्सेना

राजाजीपुरम – 9453007416 – एक्सईएन अभिषेक कुमार

रेजीडेंसी – 9415901306 – एक्सईएन जयप्रकाश

विश्वविद्यालय – 8005488834 – एक्सईएन अजय कुमार

वृंदावन योजना – 9415901141 – एक्सईएन आनंद

सीतापुर रोड – 8005494576 – एक्सईएन अमरीश शुक्ला

हुसैनगंज – 9415901297 – एक्सईएन अरुण कुमार



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उदयपुर से सूरत के बीच चलेगी नई वंदे भारत ट्रेन: 3 अक्टूबर से पटरी पर दौड़ेगी; कल होगा उद्घाटन, गाड़ी में 8 डिब्बे लगेंगे – Udaipur News


मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन नियमित रूप से संचालित होगी। फाइल फोटो।

उदयपुर और गुजरात के सूरत के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने सुविधा बढ़ाई है। रेलवे की ओर से सूरत और उदयपुर सिटी के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की जाएगी। यह रेल सेवा मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन नियमित रूप से संचालित होगी।

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इस नई वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत कल यानी 2 अक्टूबर को उद्घाटन स्पेशल के रूप में होगी। गाड़ी संख्या 09103 सूरत-उदयपुर सिटी उद्घाटन स्पेशल ट्रेन कल सुबह 10 बजे सूरत से रवाना होगी। शाम 17:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी। इस उद्घाटन ट्रेन में वंदे भारत के 08 डिब्बों का रैक होगा।

इसके बाद 3 अक्टूबर 2026 से इस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। गाड़ी संख्या 26904 उदयपुर सिटी-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस 3 अक्टूबर से हर मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन दोपहर 15:35 बजे उदयपुर सिटी से चलकर रात 23:00 बजे सूरत पहुंचेगी।

3 अक्टूबर 2026 से इस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। फाइल फोटो।

इसी तरह वापसी में गाड़ी संख्या 26903 सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस 4 अक्टूबर से मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन सुबह 06:10 बजे सूरत से रवाना होकर दोपहर 13:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी।

पुराने रूट में बदलाव

यह नियमित वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन दोनों ही दिशाओं में सफर के दौरान 9 स्टेशनों पर रुकेगी। इस पूरी नियमित सेवा में भी वंदे भारत के 08 डिब्बों का रैक लगाया जाएगा।

इस नई ट्रेन के संचालन के साथ ही पुराने रूट को लेकर भी बदलाव किया गया है। गाड़ी संख्या 26963/26964 उदयपुर सिटी-असारवा-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन 2 अक्टूबर से बंद किया जा रहा है। इस बदलाव से इस रूट के यात्रियों को सीधे सूरत तक की तेज और आधुनिक ट्रेन सेवा का सीधा लाभ मिलेगा।



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शेयर बाजार की सुस्त शुरुआत, सेंसेक्स 72,410 के पास, निफ्टी ऑटो पर दबाव


शेयर बाजार में गुरुवार को लगातार चौथे कारोबारी दिन दबाव बने रहने के संकेत मिल रहे हैं. सेंसेक्स 66 अंक गिरकर 72,413 पर और निफ्टी 40 अंक टूटकर 22,581 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. हालांकि, सुबह 7 बजे एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख नजर आया. कोरियाई Kospi 0.11 फीसदी, Nikkei 2.03 फीसदी और Taiwan Index 0.43 फीसदी की बढ़त में देखी गई.

Kotak Mahindra Bank के शेयर 3% चढ़े

Kotak Mahindra Bank ने Anup Kumar Saha को नया MD और CEO नियुक्त किया है. इस खबर के बाद 1 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में बैंक के शेयर 3% से ज्यादा बढ़ गए.

शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत, निफ्टी 22,550 के आसपास

1 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत हल्की गिरावट के साथ हुई. सेंसेक्स 66 अंक गिरकर 72,413 पर और निफ्टी 40 अंक टूटकर 22,581 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. शुरुआती कारोबार में 942 शेयरों में तेजी, 1,551 शेयरों में गिरावट और 145 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. निफ्टी पर Kotak Mahindra Bank, Infosys, TCS, HCL Technologies और Tech Mahindra बढ़त में रहे, जबकि Bajaj Auto, M&M, Apollo Hospitals, Max Healthcare और L&T में गिरावट दिखी.

रुपया कमजोर खुला, डॉलर के मुकाबले 95.95 पर पहुंचा

गुरुवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर खुला. रुपया 95.95 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि बुधवार को यह 95.82 के स्तर पर बंद हुआ था.

प्री-ओपनिंग में बाजार कमजोर, सेंसेक्स 319 अंक लुढ़का

प्री-ओपनिंग सेशन में शेयर बाजार पर दबाव दिख रहा है. सेंसेक्स करीब 319 अंक गिरकर 72,161 पर और निफ्टी 159 अंक टूटकर 22,461 के स्तर पर पहुंच गया.

HUDCO का लोन वितरण 37% बढ़कर ₹35,371 करोड़ हुआ

HUDCO ने 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई छमाही में ₹1,04,592 करोड़ के लोन मंजूर किए हैं. यह आंकड़ा प्रोविजनल है और ऑडिट के अधीन है. वहीं, कंपनी ने इस दौरान ₹35,371 करोड़ के लोन वितरित किए, जो पिछले आंकड़े के मुकाबले 36.9% की बढ़ोतरी है.

इन शेयरों पर रहेगी नजर

गुरुवार, 1 अक्टूबर को सितंबर ऑटो सेल्स, कीमतों में बढ़ोतरी, फंड जुटाने की योजनाओं, नए ऑर्डर और रेगुलेटरी अपडेट के चलते कई शेयर फोकस में रहेंगे. Tata Motors कमर्शियल व्हीकल्स की कीमत 1% बढ़ाएगी, जबकि Bajaj Finance और Aarti Industries फंड जुटाने पर विचार करेंगे. Natco Pharma की ₹750 प्रति शेयर की राइट्स इश्यू की रिकॉर्ड डेट आज है. Tech Mahindra बोनस शेयर और डिविडेंड पर विचार करेगी. वहीं Blue Dart Express घरेलू सेवाओं के दाम 9-12% बढ़ाएगी. NCC और Interarch Building Solutions को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि MCX को ₹103 करोड़ से ज्यादा का GST शो-कॉज नोटिस मिला है.



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भिंड से मकरोनिया तक दौड़ेगी भर्ती स्पेशल ट्रेन: सेना की भर्ती में हिस्सा लेने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगी सुविधा, अनारक्षित कोच में कर सकेंगे सफर – Bhind News




सेना भर्ती रैली में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे ने भिंड से मकरोनिया के बीच अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन नंबर 01833 भिंड से 2, 7, 9, 10 और 11 अक्टूबर को चलेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 01834 मकरोनिया से 3, 10, 11 और 12 अक्टूबर को भिंड के लिए रवाना होगी। इस स्पेशल ट्रेन के चलने से भर्ती में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आने-जाने के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। दोपहर 3:15 बजे भिंड से चलेगी ट्रेन ट्रेन नंबर 01833 भिंड से दोपहर 3:15 बजे रवाना होगी। यह सोनी, गोहद रोड, ग्वालियर, दतिया, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ललितपुर, बीना मालखेड़ी, खुरई और सागर होते हुए रात 2:20 बजे मकरोनिया पहुंचेगी। भिंड से चलने के बाद ट्रेन सोनी स्टेशन पर 3:55 बजे, गोहद रोड पर 4:35 बजे और ग्वालियर में शाम 6:20 बजे पहुंचेगी। मकरोनिया से सुबह 3:15 बजे वापसी वापसी में ट्रेन नंबर 01834 मकरोनिया से सुबह 3:15 बजे चलेगी। ट्रेन सागर, खुरई, बीना मालखेड़ी, आगासोद, ललितपुर, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी और दतिया होते हुए ग्वालियर पहुंचेगी। ग्वालियर से यह ट्रेन सुबह 10:30 बजे रवाना होगी और गोहद रोड व सोनी होते हुए दोपहर 1:10 बजे भिंड पहुंचेगी। छह जनरल कोच और एक एसएलआर रहेगा दोनों दिशाओं में चलने वाली इस परीक्षा स्पेशल ट्रेन में कुल 7 कोच रहेंगे। इनमें 6 जनरल सेकंड क्लास और एक एसएलआर/डी कोच शामिल है। सभी कोच अनारक्षित रहेंगे। रेलवे ने भर्ती रैली के दौरान अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था की है। मुरैना से भी मकरोनिया के लिए स्पेशल ट्रेन सेना भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए मुरैना से मकरोनिया के बीच भी अनारक्षित परीक्षा स्पेशल ट्रेन चलेगी। ट्रेन नंबर 01831 मुरैना से 1, 3, 4, 5, 6 और 8 अक्टूबर को चलेगी। वापसी में ट्रेन नंबर 01832 मकरोनिया से 2, 4, 5, 6 और 7 अक्टूबर को चलेगी। यह ट्रेन बानमोर, ग्वालियर, दतिया, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, ललितपुर, बीना मालखेड़ी, खुरई और सागर होते हुए मकरोनिया पहुंचेगी। रेलवे ने अभ्यर्थियों से की अपील रेल प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय से पहले स्टेशन पहुंचने की अपील की है। साथ ही यात्रा से पहले ट्रेन की वास्तविक स्थिति रेलवे हेल्पलाइन 139 या NTES के जरिए जांचने की सलाह दी है।



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लहेरियासराय में रुकेगी जयनगर-पटना नमो भारत रैपिड ट्रेन: 2 अक्टूबर से होगा शुभारंभ; बीजेपी सांसद बोले- स्टैंडिंग कमेटी की मीटिंग में उठाया था मुद्दा – Darbhanga News




दरभंगा के लहेरियासराय रेलवे स्टेशन पर 2 अक्टूबर से जयनगर-पटना नमो भारत रैपिड ट्रेन का ठहराव शुरू होगा। रेलवे मंत्रालय ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ठहराव की मंजूरी दी है। इस मौके पर रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। रेल मंत्री से हुई थी मुलाकात स्थानीय सांसद सह रेलवे स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य डॉ. गोपालजी ठाकुर ने बताया कि 11 और 13 अगस्त 2026 को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर लहेरियासराय स्टेशन पर नमो भारत ट्रेन के ठहराव की मांग रखी थी। इस दौरान उन्होंने स्टेशन से जुड़े 50 से अधिक गांवों के यात्रियों को होने वाली परेशानी से रेल मंत्री को अवगत कराया था। इसके अलावा रेलवे स्टैंडिंग कमेटी की बैठकों में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था। अब ट्रेन के यहां रुकने से लोगों को पटना जाने में सुविधा होगी। लहेरियासराय स्टेशन के विकास पर जोर डॉ. गोपालजी ठाकुर ने कहा कि लहेरियासराय रेलवे स्टेशन की पुरानी महत्ता को फिर से स्थापित करने के लिए रेलवे की ओर से पहल की जा रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन के सर्वांगीण विकास की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नमो भारत रैपिड ट्रेन का ठहराव इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में और विस्तार किया जाएगा। जयनगर, सीतामढ़ी और झंझारपुर की ओर से आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों के लहेरियासराय स्टेशन पर ठहराव को सुनिश्चित कराने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। विकास कार्यों की सराहना सांसद ने दरभंगा जिले में रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि लहेरियासराय स्टेशन को प्रमुख रेलवे केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर से नमो भारत रैपिड ट्रेन का ठहराव शुरू होना इसी विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।



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शुद्ध दूध, खोवा और मावा से बनता है फेमस मथुरा पेड़ा, कीमत 400, ऐसें करें तैयार

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Famous Mathura Peda: छतरपुर जिले में मिलने वाला मथुरा पेड़े की सालभर मांग बनी रहती है. मथुरा पेड़े की खासियत ये है कि इसे पूरी तरह शुद्ध और देसी तरीके से बनाया जाता है. इसको खाने के बाद आप इसका स्वाद कभी भूलेंगे नहीं. यही वजह है कि शौकीन इस पेड़े के महंगे दाम देकर खरीदते हैं.

Mathura Peda Recipe. अगर आप पेड़ा खाने के शौकीन हैं तो आप घर पर ही मथुरा पेड़ा बना सकते हैं. हालांकि, इन्हें बनाने की रेसिपी थोड़ी अलग होती है. दरअसल, मथुरा पेड़ा बनाने के लिए सबसे पहले मावा को लाल होने तक भूना जाता है. इसके बाद पेड़ा तैयार किए जाते हैं. इसलिए इस पेड़े को मथुरा पेड़ा कहा जाता है. एमपी के छतरपुर जिले में मिलने वाला मथुरा पेड़ा कुछ अलग ही अंदाज में तैयार किया जाता है.

लवकुश नगर स्थित बब्बी रेस्टोरेंट के हलवाई जगपाल बताते हैं कि, मथुरा पेड़े को तैयार करने में घंटों की मेहनत लगती है. सबसे पहले ताजे दूध को बड़े लोहे की कढ़ाही में डालकर मिट्टी के चूल्हे पर लकड़ी की धीमी आग पर पकाया जाता है. दूध को लगातार चलाते रहते हैं, ताकि वह जले नहीं और धीरे-धीरे गाढ़ा होता जाए. जब दूध मावा (खोवा) बन जाता है. इसके बाद जरूरी काम शुरू होता है.

मावा को लाल होने तक भूना जाता
हलवाई जगपाल बताते हैं कि मावा में अभी और काम करना होता है. दरअसल, मावा को अलग से कढ़ाई में भूना जाता है. इसे तब तक भूना जाता है जब तक मावा लाल नहीं हो जाता है. जब मावा लाल हो जाता है इसके बाद ही इसमें शक्कर मिलाते हैं. 1 किलो मावा में 200 से 250 ग्राम शक्कर मिला सकते हैं. कोशिश करें शक्कर कम ही मात्रा में रहे ताकि पेड़ा खाने में ज्यादा मिठा न लगे. यही मथुरा पेड़े का फार्मूला है. मावा में शक्कर और इलायची मिलाने के बाद इसे स्टील के लोटे से घेटा जाता है. मिश्रण तैयार होने पर उससे छोटे-छोटे पेड़े बनाए जाते हैं.

जगपाल बताते हैं कि हमारे मथुरा पेड़ा की खास बात ये कि इसके मावा को घंटे तक लकड़ी की धीमी आंच पर भूना जाता है. इसे पेड़े का स्वाद काफी अच्छा है. लोग काफी पसंद करते हैं. छोटी इलायची का पाउडर डालने से पेड़े का स्वाद और अच्छा हो जाता है.

400 रुपए किलो रेट
जगपाल बताते हैं कि मथुरा पेड़ा पूरी तरह शुद्ध है. इसे देसी तरीके से बनाया जाता है. इसमें किसी भी प्रकार की मिलावट नहीं होती है. हमारे रेस्टोरेंट में ये पेड़ा 400 रुपये किलो बिकता है. ऑर्डर पर भी पेड़ा बनाया जाता है. लेकिन, इसको खाने के बाद आप इसका स्वाद कभी भूलेंगे नहीं. यही वजह है कि शौकीन इस पेड़े के महंगे दाम देकर खरीदते हैं.

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Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…

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परमाणु विस्फोट पकड़ने अमेरिका ने जमीन के नीचे धमाके किए: जमीन के कंपन का डेटा जुटाया; चीन पर छिपकर परमाणु टेस्ट करने के आरोप




अमेरिका ने बुधवार को नेवादा में जमीन के नीचे एक बड़ा विस्फोट किया। इसमें परमाणु बम का इस्तेमाल नहीं हुआ। वैज्ञानिकों ने शक्तिशाली रासायनिक विस्फोटक लगाए और उनके फटने पर पैदा हुए कंपन और दूसरे संकेतों को रिकॉर्ड किया। इस प्रयोग का मकसद यह समझना था कि अगर कोई देश जमीन के नीचे छोटा परमाणु धमाका करे और उसके संकेतों को छिपाने की कोशिश करे, तो उसका पता कैसे लगाया जा सकता है। यह प्रयोग ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका पहले भी चीन पर गुप्त परमाणु परीक्षण करने की कोशिश का आरोप लगा चुका है। साल 2020 में अमेरिका ने चीन के लोप नूर परमाणु परीक्षण केंद्र में ऐसे सीक्रेट टेस्ट किए जाने का आरोप लगाया था। जमीन के करीब 900 फीट नीचे किया गया टेस्ट यह प्रयोग नेवादा नेशनल सिक्योरिटी साइट के पी-टनल इलाके में किया गया। यह सुरंग जमीन के करीब 900 फीट नीचे है और लंबे समय से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रयोगों के लिए इस्तेमाल होती रही है। वैज्ञानिकों ने सुरंग के अंदर रासायनिक विस्फोटक लगाए। विस्फोट के दौरान पैदा होने वाले कंपन, ध्वनि और दूसरे संकेतों को रिकॉर्ड करने के लिए कई तरह के सेंसर लगाए गए थे। इस प्रयोग से मिले आंकड़ों का इस्तेमाल कंप्यूटर मॉडल और परमाणु विस्फोट का पता लगाने वाले सिस्टम को बेहतर बनाने में किया जाएगा। इससे अमेरिका को दुनिया में कहीं भी होने वाले संभावित परमाणु धमाकों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। परमाणु बम का इस्तेमाल क्यों नहीं किया? अमेरिका का मकसद परमाणु धमाका करना नहीं था। उसे यह देखना था कि जमीन के अंदर विस्फोट होने पर बाहर किस तरह के संकेत मिलते हैं। इसलिए वैज्ञानिकों ने परमाणु बम की जगह रासायनिक विस्फोटक इस्तेमाल किए। इनसे पैदा हुए कंपन और दूसरे संकेतों को रिकॉर्ड किया गया। जमीन के नीचे छिपा परमाणु धमाका पकड़ना मुश्किल क्यों? आमतौर पर जमीन के नीचे परमाणु धमाका होने पर आसपास की जमीन में तेज कंपन पैदा होता है। यह कंपन कुछ हद तक भूकंप जैसा होता है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लगे सेंसर ऐसे कंपन को रिकॉर्ड करते हैं। वैज्ञानिक इन संकेतों का अध्ययन करके यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि कहीं परमाणु परीक्षण तो नहीं हुआ। लेकिन समस्या तब होती है जब धमाके के संकेतों को जानबूझकर कमजोर करने की कोशिश की जाए। इसे ‘डिकपलिंग’ कहा जाता है। आसान भाषा में समझें तो विस्फोट को ऐसी जगह करने की कोशिश की जाती है, जहां उसकी ताकत का कुछ हिस्सा जमीन के बाहर तक कम पहुंचे। इससे सेंसर को मिलने वाला कंपन कमजोर हो सकता है और परीक्षण को पहचानना मुश्किल हो सकता है। अमेरिका का नया प्रयोग इसी तरह के छोटे या कम संकेत देने वाले विस्फोटों को पहचानने की क्षमता बेहतर करने से जुड़ा है। चीन ने अमेरिका के आरोप को खारिज किया था अमेरिका का आरोप है कि चीन ने 22 जून 2020 को शिनजियांग के लोप नूर परमाणु परीक्षण केंद्र में सीक्रेट भूमिगत परमाणु परीक्षण किया था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, वहां 2.75 तीव्रता का भूकंपीय झटका रिकॉर्ड हुआ था। उनका दावा था कि यह सामान्य भूकंप या खनन से हुआ धमाका नहीं था। अमेरिका का कहना है कि चीन ने ‘डिकपलिंग’ तकनीक अपनाई, जिसमें धमाके को जमीन के अंदर बड़ी गुफा में किया जाता है। इससे निगरानी सिस्टम में झटके रिकॉर्ड नहीं होते। चीन ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था। उसका कहना है कि उसने कोई परमाणु परीक्षण नहीं किया और अमेरिका बिना सबूत के आरोप लगा रहा है। वहीं, CTBTO ने कहा था कि उसके निगरानी नेटवर्क को उस दिन परमाणु परीक्षण का कोई साफ संकेत नहीं मिला। दो छोटे भूकंपीय झटके जरूर दर्ज हुए, लेकिन यह तय नहीं हो सका कि वे भूकंप, किसी दूसरे धमाके या परमाणु परीक्षण की वजह से थे। ——————— ये खबर भी पढ़ें… जिनपिंग के बॉडीगार्ड की पहचान उजागर:व्हाइट हाउस की गेस्ट लिस्ट में नाम-पद सामने आया चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई साल से एक अधिकारी विदेश दौरों और बड़ी बैठकों में नजर आता रहा है। वह कभी शी के पीछे खड़ा दिखा तो कभी उनके साथ मीटिंग में बैठा नजर आया। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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देश में 13वां सबसे सूखा मानसून: पंजाब में 41% और राजस्थान में 21% कम बारिश हुई; 10 अक्टूबर तक देशभर से जाएगा मानसून


नई दिल्ली38 मिनट पहलेलेखक: ​​​​​​​​​​​​​​अनिरुद्ध शर्मा

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देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा सीजन रहा। पिछले 11 सालों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा है। हालांकि, सीजन खत्म होने से पहले हुई तेज बारिश के कारण बारिश की कमी में 2.5% का सुधार हुआ।

मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6% कम बारिश के साथ खत्म हुआ। देश के 43% जिलों में 20 से 72% तक कम बारिश हुई। सबसे ज्यादा पंजाब में 41% कम बारिश हुई। वहीं राजस्थान में करीब 22% कमी दर्ज की गई। इनके अलावा 9 राज्यों में भी औसत से कम बारिश हुई।

पूर्वी भारत में ओडिशा में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश हुई, जबकि बारिश के लिए प्रसिद्ध पूर्वोत्तर राज्यों में इस साल 1901 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई।

10 अक्टूबर तक देशभर से मानसून की विदाई संभव

मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो चुकी थी। अगले दो दिनों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से मानसून लौटने लगेगा। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी इसकी वापसी होगी।

हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो जाएगा। 15 अक्टूबर के बाद दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तर-पूर्व मानसून दस्तक दे सकता है।

आखिरी हफ्ते की बारिश से 2.5% कमी पूरी हुई

मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में सामान्य से 50% ज्यादा बारिश हुई। एक हफ्ते पहले मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम थी, लेकिन सीजन खत्म होते समय यह कमी घटकर 12.6% रह गई।

मानसून के 122 दिनों में से 77 दिन कोई न कोई मौसमी सिस्टम बना रहा। इससे बारिश होती रही और सीजन के अंत में कमी 12.6% पर सीमित रही। अल नीनो के कारण सीजन शुरू होने से पहले सूखे की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर स्थिति उतनी खराब नहीं रही।

282 जिलों में कम बारिश

देश के 38% हिस्से यानी 282 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। अत्यधिक बारिश के लिए प्रसिद्ध मेघालय में भी सामान्य से 60% कम बारिश दर्ज की गई।

24 सितंबर तक देश के 150 प्रमुख जलाशयों में 130 अरब घन मीटर (BCM) पानी उपलब्ध था। इनकी कुल भंडारण क्षमता 182.4 BCM है। यानी जलाशय अपनी क्षमता के करीब 71% तक भरे हैं। हालांकि, पानी का भंडार पिछले साल की तुलना में कम है।

अल नीनो के असर की कुछ भरपाई संभव

ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) इंडेक्स 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में मजबूत हो रहे अल नीनो के प्रतिकूल असर की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है। हालांकि, अल नीनो अभी भी मानसून के लिए प्रमुख जोखिम बना हुआ है।

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सूरत में 3 हत्याएं, पति-पत्नी ने 4 साल छिपाया राज: सास, नानी और बहन की जान ली; एक शव घर में दफनाया, अब मिले कंकाल


3 घंटे पहले

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आरोपियों ने शव को सीमेंट से सील करके जमीन में दफना दिया था।

गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा में तीन महिलाओं की हत्या का 4 साल बाद खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और कोसांबा पुलिस ने वडफालिया में एक घर के आंगन से मानव कंकाल बरामद किए।

पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला पर तीनों महिलाओं की हत्या का आरोप है। मृतकों में उर्मिला की नानी शांताबेन, बहन भगवतीबेन और माधवदास की मां मंजुलाबेन शामिल हैं।

मामला तब सामने आया जब माधवदास ने पत्नी को हत्या में फंसाने के लिए पुलिस में शिकायत की। जांच में उसकी शिकायत संदिग्ध लगी और पूछताछ के बाद तीनों हत्याओं का खुलासा हुआ।

शांताबेन का शव इसी गड्ढे में दफनाया गया था।

शांताबेन का शव इसी गड्ढे में दफनाया गया था।

2022 में हुईं तीनों महिलाओं की हत्याएं

1. पहली हत्या 25 फरवरी 2022 को हुई। पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने उर्मिला की बहन भगवतीबेन वसावा का तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। वह टीबी से पीड़ित थीं। इसके बाद उनकी मौत को बीमारी से हुई मौत बताया गया और शव को दफना दिया गया।

2. दूसरी हत्या 19 जुलाई 2022 को हुई। इस बार माधवदास की मां मंजुलाबेन भक्तिराम साधु की मौत हुई। वह पैरालिसिस के बाद बिस्तर पर थीं। पुलिस का आरोप है कि दंपती ने तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या की और बाद में बीमारी से मौत बताकर अंतिम संस्कार कर दिया।

3. तीसरी हत्या 7 अक्टूबर 2022 को शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हुई। पुलिस के मुताबिक, शांताबेन उर्मिला की नानी थीं। आरोप है कि सोते समय उनका मुंह तकिए से दबाया गया और हत्या के बाद शव को ड्रम में डाल दिया गया।

ड्रम में शव डालकर सीमेंट से किया था बंद

पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने शांताबेन के शव को ड्रम में रखा। उसमें तीन बोरी सीमेंट और पानी डालकर शव को सील कर दिया। करीब साढ़े तीन महीने बाद दोनों ने ड्रम को खोलकर शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया।

ऊपर से सीमेंट की परत भी डाल दी गई। शांताबेन की मौत को छिपाने के लिए रिश्तेदारों को बताया गया कि उनकी मौत कोरोना से हुई है। उस समय कोरोना के दौरान शव परिजनों को नहीं दिए जाने की बात कहकर मामला दबा दिया गया।

गड्ढे से बरामद मानव कंकाल की अब डीएनए जांच की जाएगी।

गड्ढे से बरामद मानव कंकाल की अब डीएनए जांच की जाएगी।

पत्नी को फंसाने की कोशिश में खुला राज

हाल ही में पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद माधवदास पुलिस के पास पहुंचा। उसने क्राइम ब्रांच को बताया था कि शांताबेन की हत्या उसकी पत्नी उर्मिला और उसके चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने की है। पुलिस ने अफजल से पूछताछ की, लेकिन उसकी हत्या में कोई भूमिका नहीं मिली।

इसके बाद जांच माधवदास की ओर मुड़ी। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, उसने पत्नी और उसके रिश्तेदार को फंसाने के लिए झूठी शिकायत करने की बात मानी और तीनों हत्याओं में अपनी और उर्मिला की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

आंगन की खुदाई में 4-5 फीट नीचे से मिले कंकाल

पुलिस ने माधवदास की निशानदेही पर घर के आंगन में खुदाई की। सीमेंट की मोटी परत तोड़कर करीब 4-5 फीट गहराई तक खुदाई के बाद मानव कंकाल बरामद किए गए।

इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शांताबेन के पड़ोसी भी इस खुलासे से हैरान हैं। उन्हें चार साल तक यही बताया गया था कि उनकी मौत कोरोना से हुई है।

पुलिस ने आरोपी माधवदास को गिरफ्तार किया है।

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