राजस्थान के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में आगामी 28 अक्टूबर को ‘विशेष अभियान-6’ के तहत ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) के प्रबंधन और इसके सही निस्तारण को लेकर जागरूक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने इस संबंध में सभी शिक्षा अधिकारियों को अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए हैं। निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा की थीम ‘ई-वेस्ट मैनेजमेंट’ रखी जाएगी। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को इलेक्ट्रॉनिक कचरे जैसे- पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, बैटरी आदि के नुकसान, इसके सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण में उनकी भूमिका समझाने के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज) और अन्य गतिविधियां कराई जाएंगी। खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान को करेंगे इकट्ठा
इस अभियान के तहत स्कूलों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को इकट्ठा किया जाएगा और उन्हें अधिकृत रिसाइकलर्स या रिफर्बिशर्स को सौंपा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ई-वेस्ट के गलत निस्तारण से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकना और कचरा प्रबंधन के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाना है। शिक्षक संघ रेसटा ने कहा- पर्यावरण के लिए अभियान जरूरी
शिक्षक संघ ‘रेसटा’ के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने इस अभियान का स्वागत करते हुए कहा कि ई-वेस्ट प्रबंधन आज के समय की बड़ी जरूरत है। खराब मोबाइल, कंप्यूटर और बैटरियों का सही निस्तारण न होने से मिट्टी और पानी दूषित होते हैं। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को केवल जानकारी देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन्हें इसके सही संग्रहण और रिसाइकलिंग की व्यावहारिक जानकारी देना भी जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट और फोटो
अभियान के तहत आयोजित सभी गतिविधियों की रिपोर्ट 28 अक्टूबर को ही ‘इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ’ पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में जमा करनी होगी। इसके साथ ही गतिविधियों के प्रमाण के रूप में जियो-टैग लोकेशन वाली फोटो भी पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। यह अभियान केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के तहत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना है।
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सभी स्कूलों में ई-वेस्ट प्रबंधन अभियान 28 को: प्रार्थना सभा की थीम पर्यावरण सरंक्षण आधारित होगी, शिक्षा विभाग के आदेश जारी – Tonk News
सीतापुर में बिल्डर की गिरफ्तारी पर सांसद ने उठाए सवाल: किसान मंच का मंगलवार से होगा धरना, गैंगस्टर लगाने और संपत्ति नीलाम करने की मांग – Sitapur News
सीतापुर में केशव ग्रीन सिटी के बिल्डर मुकेश अग्रवाल समेत सात लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में गिरफ्तारी न होने पर कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने मोर्चा खोल दिया है। रविवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। साथ ही किसान मंच के नेता शिव प्रकाश की अगुवाई में मंगलवार से शुरू होने वाले अनिश्चितकालीन धरने को समर्थन देने का ऐलान किया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को राहत दिलाना है। सांसद राकेश राठौर ने आरोप लगाया कि केशव ग्रीन सिटी में कथित तौर पर अवैध प्लाटिंग कर लोगों को जमीन बेची गई। आवासीय योजना के लिए उपयुक्त नहीं होने वाली जमीनों को भी कूटरचित दस्तावेजों के सहारे बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को आगाह किया गया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। सांसद के मुताबिक, बाढ़ के दौरान केशव ग्रीन सिटी के बाशिंदों को परेशानी होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद सरकारी अधिकारी की ओर से बिल्डर समेत करीब सात लोगों के खिलाफ 16 अक्टूबर को गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बावजूद अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। गैंगस्टर लगाने और संपत्ति नीलाम करने की मांग सांसद ने कहा कि जब मुकदमा सरकारी अधिकारी की ओर से दर्ज कराया गया है, तब भी कार्रवाई नहीं होना चिंताजनक है। उन्होंने बिल्डर को भूमाफिया घोषित करने, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने और कथित तौर पर अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की जांच कर उसे नीलाम करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे केशव ग्रीन सिटी के प्रभावित लोगों को राहत मिल सकेगी। किसान मंच के नेता शिव प्रकाश मंगलवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। सांसद ने स्पष्ट किया कि वह इस आंदोलन के साथ हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक कार्रवाई की मांग जारी रहेगी।
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MP दिनभर, 10 बड़ी खबरें: कार ने दो महिलाओं समेत 3 को कुचला, घर में घुसे चीते, पति-पत्नी भागे; धीरेंद्र शास्त्री के पंडाल में लगी आग – Madhya Pradesh News
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।
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दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, एमपी में आज, क्या रहा खास.
1. देवास में बेकाबू कार ने 3 लोगों को कुचला, मौत, इनमें दो महिलाएं
सीसीटीवी में बेकाबू कार घर के बाहर बैठे लोगों को रौंदते नजर आ रही है।
देवास जिले के उदयनगर में बेकाबू कार ने तीन लोगों को कुचल दिया। पहले कार ने दो महिलाओं को टक्कर मारी, फिर एक बुजुर्ग को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौत हो गई। बताया गया कि कार चलाने वाला आरोपी इंदौर से पिकनिक मनाने आया था। पढ़ें पूरी खबर
2. महेश्वर घाट पर इंदौर के 343 वोटर कार्ड मिले, कांग्रेस का धरना
खरगोन जिले के महेश्वर में नर्मदा घाट पर इंदौर के 343 वोटर कार्ड मिलने का मामला सामने आया। इसे लेकर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए धरना दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वोट चोरी के खुलेआम सबूत मिले हैं। पढ़ें पूरी खबर
3. श्योपुर में घर में घुसे दो चीते, बछड़ों का शिकार किया

श्योपुर में चीतों ने बछड़ों का शिकार किया। दंपती भी वहीं सो रहे थे। जान बचाकर भागे।
श्योपुर में दो चीते एक घर में घुस गए और बछड़ों का शिकार किया। घटना के समय पति-पत्नी घर में खटिया पर सो रहे थे। चीतों को देखकर दोनों ने भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश है। पढ़ें पूरी खबर
4. दिग्विजय बोले- हिंदुत्व का सनातन धर्म से लेना-देना नहीं
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। शाजापुर में मां राजराजेश्वरी मंदिर में पूजा के बाद उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की। इस दौरान उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे पर चुनाव आयोग को भी घेरा। पढ़ें पूरी खबर
5. जिला पंचायत उपाध्यक्ष बोले- TI से कहो केशु आया है, थाने को ड्यूटी सिखा दूंगा

वीडियो में जिला पंचायत उपाध्यक्ष थाने के बाहर बैठकर धमकाते नजर आ रहे हैं।
रतलाम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा का पुलिस थाने में धमकी देने का वीडियो सामने आया। वे टेबल पर बैठकर पुलिसकर्मियों से कह रहे हैं, ‘TI से बोलो केशु आया है… थाने को ड्यूटी सिखा दूंगा।’ आदिवासियों को नक्सली बताए जाने पर वे भड़क गए थे। पढ़ें पूरी खबर
6. इंदौर-महू में RSS के पथ संचलन, मंत्री विजयवर्गीय ने की कदमताल
इंदौर और महू में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन निकाले गए। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय भी संचलन में शामिल हुए। प्रदेश में 345 बस्तियों में पथ संचलन निकाले जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
7. धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा के पंडाल में आग, पुलिस ने बुझाई
शिवपुरी में धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा के पंडाल में आग लग गई। बिजली के तारों में स्पार्किंग होने से आग लगने की बात सामने आई। पुलिसकर्मियों ने सीढ़ी लगाकर करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया। पढ़ें पूरी खबर
पॉजिटिव खबर
8. सतना हाफ मैराथन में 22 राज्यों के 5,029 धावक दौड़े

मैराथन में 22 राज्यों के धावकों ने हिस्सा लिया। खेल मंत्री सारंग ने हरी झंडी दिखाई।
सतना हाफ मैराथन-2026 में 22 राज्यों के 5,029 धावकों ने हिस्सा लिया। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की। आयोजन के दौरान सतना को ‘पिंक सिटी’ नाम दिया गया।पढ़ें पूरी खबर
खबर जरा हटके
9. भोपाल कोर्ट के बाहर हथकड़ी लगे आरोपी ने पी सिगरेट, वीडियो वायरल
भोपाल कोर्ट के बाहर हथकड़ी लगे आरोपी की खातिरदारी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आरोपी सिगरेट पीता और मोबाइल पर बात करता नजर आ रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
कल का बिग इवेंट
10. CM मोहन यादव कल नलखेड़ा और नरसिंहपुर में कार्यक्रमों से जुड़ेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 26 अक्टूबर को नलखेड़ा में मां बगलामुखी लोक का भूमिपूजन करेंगे। इसी दिन वे नरसिंहपुर में होने वाले बलराम कृषि महोत्सव-2026 में किसानों से वर्चुअली संवाद करेंगे।
JEE Main 2027 के जनवरी सत्र का रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कैसे होगा आवेदन
जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (JEE) मेन 2027 के जनवरी सत्र के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। जो उम्मीदवार आवेदन करना चाहते हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट – jeemain.nta.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। JEE मेन 2027 के जनवरी सत्र के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 नवंबर है। JEE मेन 2027 का पहला सत्र 22, 23, 24, 28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित किया जाएगा, और इसके एडमिट कार्ड 13 जनवरी को जारी किए जाएंगे।
कैसे करें आवेदन?
उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट – jeemain.nta.nic.in पर जाकर JEE मेन के लिए आवेदन कर सकते हैं। JEE मेन जनवरी सत्र 2027 के लिए आवेदन करने के लिए, उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाना होगा और ‘JEE मेन जनवरी सत्र पंजीकरण’ (JEE Main January session registration) लिंक पर क्लिक करना होगा। आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें। JEE मेन सत्र 1 के आवेदन फॉर्म की PDF को सेव कर लें और उसका प्रिंट आउट निकाल लें।
- आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जाएं
- ‘JEE मेन आवेदन प्रक्रिया’ (JEE Main application process) लिंक पर क्लिक करें
- JEE मेन आवेदन फॉर्म में अपनी जानकारी भरें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन शुल्क का भुगतान करें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें
- JEE मेन 2027 आवेदन फॉर्म की PDF को सेव करें और उसका प्रिंट आउट (हार्ड कॉपी) निकाल लें
JEE मेन जनवरी सेशन 2027 की महत्वपूर्ण तारीखें
- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू: 24 अक्टूबर
- ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख: 22 नवंबर
- लेट फीस के साथ ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करने की तारीख: 23 से 26 नवंबर
- आवेदन फॉर्म के विवरण में सुधार: 27 से 29 नवंबर
- परीक्षा शहर की पर्ची (सिटी एग्जाम स्लिप) जारी होने की तारीख: 30 दिसंबर
- एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: 13 जनवरी
- JEE मेन परीक्षा की तारीखें: 20, 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी
योग्यता मानदंड
- किसी मान्यता प्राप्त केंद्रीय/राज्य बोर्ड, CBSE या CISCE द्वारा आयोजित 10+2 प्रणाली की अंतिम परीक्षा।
- किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट या दो साल की प्री-यूनिवर्सिटी परीक्षा।
- नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के जॉइंट सर्विसेज विंग के दो साल के कोर्स की अंतिम परीक्षा।
- नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा आयोजित सीनियर सेकेंडरी स्कूल परीक्षा, जिसमें कम से कम पांच विषय हों।
- भारत या किसी अन्य देश की कोई भी पब्लिक स्कूल/बोर्ड/विश्वविद्यालय परीक्षा, जिसे ‘एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज’ (AIU) द्वारा 10+2 प्रणाली के समकक्ष मान्यता प्राप्त हो।
- हायर सेकेंडरी सर्टिफिकेट वोकेशनल (व्यावसायिक) परीक्षा।
आवश्यक दस्तावेज
- उम्मीदवार की फोटो, हस्ताक्षर और 10वीं कक्षा (या समकक्ष) के प्रमाण पत्र/मार्कशीट की स्कैन की गई कॉपी अपलोड करें।
- यदि लागू हो तो PwD/PwBD प्रमाण पत्र भी अपलोड करें।
- हाल ही की पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो होनी चाहिए, जिसमें सफेद बैकग्राउंड के सामने चेहरा (बिना मास्क के) 80% दिखना चाहिए और कान भी दिखाई देने चाहिए।
- फोटो का नाम ‘Photograph’ रखें; यह JPG/JPEG फॉर्मेट में होनी चाहिए (साफ तौर पर दिखाई देने वाली) और इसका साइज 10 kb से 300 kb के बीच होना चाहिए।
- हस्ताक्षर (सिग्नेचर) की फाइल का नाम ‘Signature’ रखें; यह JPG/JPEG फॉर्मेट में होनी चाहिए (साफ तौर पर दिखाई देने वाली) और इसका साइज 10 kb से 50 kb के बीच होना चाहिए।
- कक्षा 10 या इसके समकक्ष प्रमाण-पत्र/अंक-पत्र की स्कैन की गई कॉपी का नाम ‘Class-X Certificate’ होना चाहिए। यह 10 kb से 300 kb के बीच की PDF फाइल होनी चाहिए (जिसमें सब कुछ स्पष्ट रूप से पढ़ा जा सके)।
- PwD/PwBD प्रमाण-पत्र की स्कैन की गई कॉपी का नाम ‘Disability Certificate’ होना चाहिए। यह 10 kb से 300 kb के बीच की PDF फाइल होनी चाहिए (जिसमें सब कुछ स्पष्ट रूप से पढ़ा जा सके)।
JEE Main 2027 के बारे में अधिक जानकारी के लिए, कृपया आधिकारिक वेबसाइट – jeemain.nta.nic.in पर जाएं।
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यूपी में UPSSSC का PET एग्जाम शुरू, 60 शहरों में बनाए गए 1372 सेंटर, रखी जा रही कड़ी निगरानी
खगड़िया के 13 खिलाड़ी का राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सिलेक्शन: हैदराबाद में दिखाएंगे टैलेंट, डिस्ट्रिक्ट लेवल कॉम्पटीशन में किया था एक्सीलेंट परफॉरमेंस – Khagaria News
खगड़िया के 13 युवा एथलीट राष्ट्रीय स्तर की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। खगड़िया जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के तत्वावधान में जवाहर इंटर विद्यालय, समसपुर महेशखूंट में आयोजित जिला स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर इन खिलाड़ियों का चयन किया गया है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन हैदराबाद में होना है। खिलाड़ियों के चयन से जिले के खेल प्रेमियों और एथलेटिक्स से जुड़े लोगों में उत्साह है। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 14 एवं 16 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद इस दौरान 60 मीटर, 80 मीटर और 600 मीटर दौड़ के साथ लंबी कूद, ऊंची कूद, भाला फेंक और शॉट पुट जैसी विभिन्न स्पर्धाएं आयोजित की गईं। प्रतियोगिता में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय प्रतियोगिता ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। इस तरह के आयोजनों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर मिलता है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जताई। खेल के प्रति उत्साह और आगे बढ़ने की प्रेरणा प्रतियोगिता के सफल आयोजन में एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. प्रेम कुमार, सावन कुमार, डॉ. रवि कुमार एवं अधिवक्ता प्रिंस कुमार का मार्गदर्शन रहा। जिला सचिव रवि रोशन कुमार, मीडिया प्रभारी रितेश कुमार और अभिभावक की भूमिका में अभय सिंह ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वहीं, तकनीकी टीम में प्रियांश कुमार, सुधु कुमार, गुड्डू कुमार, वशिष्ठ कुमार, राहुल कुमार एवं बादल कुमार ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। प्रतियोगिता आयोजन समिति के अध्यक्ष राजा कुमार के नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। महिला प्रशिक्षक नैना कुमारी ने भी प्रतियोगिता के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि हैदराबाद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में खगड़िया के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर जिले के साथ बिहार का नाम रोशन करेंगे। प्रतियोगिता के आयोजन से स्थानीय युवा खिलाड़ियों में खेल के प्रति उत्साह और आगे बढ़ने की प्रेरणा देखने को मिली।
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सूजी- बेसन से बनाएं इंस्टेंट ढोकला, जालीदार टेक्सचर के लिए फॉलो करें ये रेसिपी
Instant Dhokla Recipe: इंस्टेंट ढोकला बनाने के लिए आपको बाजार से कुछ भी एक्स्ट्रा चीजें खरीदने की जरूरत नहीं है. इसमें इस्तेमाल होने वाली सामाग्री लगभग हर घर में आसानी से उपलब्ध होती है. आमतौर पर ढोकला बनाने के लिए बैटर को तैयार करके कुछ समय तक रखने की जरूरत पड़ती है, लेकिन सूजी और बेसन से बनने वाला ये इंस्टेंट ढोकला कम समय में तैयार किया जा सकता है. इसे सुबह के नाश्ते के अलावा शाम की चाय के साथ भी परोसा जा सकता है. आइए जानते हैं सूजी-बेसन का इंस्टेंट ढोकला बनाने की आसान रेसिपी.
सूजी-बेसन से बनाएं इंस्टेंट ढोकला
सामग्री
सूजी – आधा कप
बेसन – आधा कप
दही – आधा कप
हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
पिसी हुई चीनी – 1 बड़ा चम्मच
नमक – 1 छोटा चम्मच या स्वादानुसार
तेल – 1 बड़ा चम्मच
नींबू का रस – आधा छोटा चम्मच
ईनो या बेकिंग सोडा – 1 छोटा चम्मच
पानी – जरूरत के अनुसार
हरा धनिया – सजाने के लिए
तड़के के लिए
सरसों का तेल – 2 छोटे चम्मच
राई – 1 छोटा चम्मच
हरी मिर्च – 2-3
करी पत्ते – 8-10
सूजी-बेसन का इंस्टेंट ढोकला बनाने की विधि
बैटर तैयार करें- सबसे पहले एक बड़े बर्तन में सूजी, बेसन, दही, हल्दी, पिसी चीनी, नमक, तेल और नींबू का रस डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं. अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा, लेकिन आसानी से फैलने वाला बैटर तैयार कर लें.
बैटर को तैयार होने दें- मिश्रण को करीब 10-15 मिनट के लिए रख दें, ताकि सूजी पानी सोखकर अच्छी तरह फूल जाए. इसके बाद बैटर का गाढ़ापन जांचें. जरूरत हो तो थोड़ा पानी मिला लें.
ढोकला पकाएं- ढोकला बनाने वाले बर्तन या थाली में हल्का तेल लगाकर चिकना कर लें. अब बैटर में ईनो डालें और हल्के हाथ से मिलाएं. तुरंत बैटर को थाली में डाल दें. पहले से गर्म स्टीमर में इसे करीब 15-20 मिनट तक पकाएं. चाकू या टूथपिक डालकर जांचें. अगर वह साफ बाहर आए, तो ढोकला तैयार है.
तड़का लगाएं- एक छोटे पैन में सरसों का तेल गर्म करें. इसमें राई डालें. राई चटकने लगे, तो हरी मिर्च और करी पत्ते डालकर कुछ सेकंड भूनें.
परोसने के लिए तैयार करें- पके हुए ढोकले को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर टुकड़ों में काट लें. ऊपर से तड़का डालें और हरे धनिये से सजाएं. इसे हरी चटनी के साथ गर्मागर्म परोसें.
ढोकला बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बैटर बहुत ज्यादा पतला न रखें, वरना ढोकले का टेक्सचर बिगड़ सकता है. ईनो डालने के बाद बैटर को ज्यादा देर तक न रखें, बल्कि तुरंत स्टीम करें. ढोकले को अच्छी तरह पकने दें और काटने से पहले कुछ मिनट ठंडा होने दें.
नेतन्याहू ने परमाणु बम गिरने की AI तस्वीर पोस्ट की: कहा- ईरान के पास परमाणु हथियार होना बड़ा खतरा; विपक्ष बोला- डर फैला रहे PM
तेल अवीव54 मिनट पहले
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इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रविवार को यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को AI से बनी परमाणु बम गिरने की तस्वीर पोस्ट की। उन्होंने ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने को इजराइल के लिए बड़ा खतरा बताया।
नेतन्याहू ने यह तस्वीर इजराइली लेखक और राजनीतिक टिप्पणीकार युवाल ब्लूमबर्ग के बयान के साथ साझा की। इस बयान में लिखा है कि इजराइल के सामने अस्तित्व का खतरा है।
अगर ईरान ने परमाणु हथियार हासिल कर लिए, तो बाकी किसी चीज का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। ईरान से पैदा होने वाले खतरे के सामने बाकी सभी मुद्दे मामूली हैं।
वहीं, विपक्षी नेता यायर गोलान ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू लोगों में डर फैला रहे हैं। यह पोस्ट इजराइल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से दो दिन पहले आई है।

ट्रम्प के कार्यकाल के बचे दो साल का जिक्र
पोस्ट में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के कार्यकाल में इजराइल के पास ईरान के खतरे से निपटने के लिए सिर्फ दो साल और हैं। दरअसल, 2 साल बाद यानी 2028 को ट्रम्प का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
इसमें इजराइल की घरेलू राजनीति में चल रहे विवादों को देश की सबसे बड़ी सुरक्षा चुनौती से ध्यान भटकाने वाला बताया गया।

इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प फ्लोरिडा, अमेरिका में। यह तस्वीर 29 दिसंबर 2025 की है।
नेतन्याहू बोले- अगर इजराइल पर परमाणु बम गिर जाएं, तो क्या होगा
पोस्ट में कतर, अति-धार्मिक यहूदी समुदाय, सेना में अनिवार्य भर्ती और चेतावनियों जैसे मुद्दों का जिक्र किया गया। लेकिन पोस्ट में सवाल उठाया गया कि अगर इजराइल पर दो परमाणु बम गिर जाएं, तो इन विवादों की परवाह कौन करेगा।
दरअसल, नेतन्याहू की सरकार को कई मुद्दों पर घेरा गया है। इसमें 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले को रोकने में नाकामी की जांच न होना, यहूदियों को सेना में भर्ती से छूट, सुप्रीम कोर्ट की ताकत कम करने की कोशिश और युद्ध खत्म कर देश की सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
नेतन्याहू चुनाव प्रचार के दौरान लगातार ईरान के खतरे को प्रमुख मुद्दा बनाते रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना इजराइल की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।
विपक्षी नेता बोले- प्रधानमंत्री को सोशल मीडिया से दूर रखें
डेमोक्रेट्स पार्टी के अध्यक्ष यायर गोलान ने नेतन्याहू की पोस्ट की आलोचना की। इजराइली मीडिया ‘वाई-नेट’ को मुताबिक, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके आसपास के लोगों का संतुलन बिगड़ गया है और उन पर दबाव बढ़ रहा है।
गोलान ने कहा,
इजराइल के प्रधानमंत्री ने तेल अवीव पर परमाणु बम गिरने की तस्वीर पोस्ट की है। मैं मांग करता हूं कि उन्हें सोशल मीडिया से दूर रखा जाए।

उन्होंने चुनाव का जिक्र करते हुए कहा, ’27 अक्टूबर को हम डर फैलाने वालों को सत्ता से हटाएंगे और इजराइल में सुरक्षा और समझदारी को वापस लाएंगे।’

इजराइली वामपंथी पार्टी द डेमोक्रेट्स के नेता यायर गोलान। (फाइल फोटो)
नेतन्याहू ने ईरान विरोधी लेखक ब्लूमबर्ग का बयान साझा किया
नेतन्याहू ने युवाल ब्लूमबर्ग का बयान साझा किया, वे राजनीतिक टिप्पणीकार और लेखक हैं। वे 2023 में प्रकाशित अपनी किताब ‘द ओस्लो ट्रैप: फ्रॉम ड्रीमिंग ऑफ पीस टू अ ब्लडबाथ’ के लिए जाने जाते हैं।
इस किताब में उन्होंने 1993 के ओस्लो समझौते के पीछे की बातचीत, राजनीतिक खींचतान और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर उसके असर की समीक्षा की है। ब्लूमबर्ग ने किताब में तर्क दिया है कि शांति की उम्मीद के साथ किए गए इस समझौते के बाद इजराइल में आतंकवादी हमले बढ़े और शांति की उम्मीद कमजोर पड़ी।
ईरान को लेकर ब्लूमबर्ग का रुख सख्त है। उनका मानना है कि ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने से इजराइल के अस्तित्व पर खतरा पैदा हो सकता है और इस खतरे से निपटना जरूरी है।

इजराइली लेखक युवाल ब्लूमबर्ग की किताब ‘द ओस्लो ट्रैप: फ्रॉम ड्रीमिंग ऑफ पीस टू अ ब्लडबाथ’ का कवर।
इजराइल में 27 अक्टूबर को चुनाव है
इजराइल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने हैं। यह गाजा युद्ध और लेबनान-ईरान के साथ संघर्ष के बाद पहला चुनाव है। इसे नेतन्याहू के नेतृत्व और उनकी सरकार के कामकाज पर जनमत संग्रह की तरह देखा जा रहा है।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी के नेतृत्व वाला गठबंधन सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। चुनाव में सुरक्षा, युद्ध और सरकार की नीतियां अहम मुद्दे हैं।

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आज ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका: ट्रम्प बोले- हमें बड़ी डील की भी उम्मीद, ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देना चाहते

अमेरिका आज ईरान पर हमला कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि अमेरिका रविवार को हमला कर सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
जामिया में चुनाव की मांग पर छात्रों का प्रदर्शन जारी: विरोध-प्रदर्शन के बीच कैंपस के गेट बंद, स्टूडेंट्स को रोकने पर विवाद, कई हिरासत में
43 मिनट पहले
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जामिया यूनिवर्सिटी के गेट पर मौजूद फोर्स ने छात्रों को बिना आईडी कार्ड के एंट्री नहीं दी।
दिल्ली में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों का रविवार को भी छात्र, चुनाव की मांगों को लेकर विरोध कर रहे हैं। छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के उस फैसले पर सवाल उठाए, जिसके तहत अचानक सभी क्लास ऑनलाइन कर दी गईं।
छात्रों का आरोप है कि यह कैंपस खाली कराने और ‘स्टूडेंट यूनियन’ (छात्र संघ) को बहाल करने की उनकी मांग को दबाने की एक सोची-समझी चाल है।
गेट नंबर 4 पर एंट्री पाबंदियों को लेकर पुलिस और छात्रों के बीच बहस हो गई। जिन छात्रों के पास कॉलेज के रेगुलर आईडी कार्ड तो थे, लेकिन हॉस्टल आईडी नहीं थी, उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया।
इधर, पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों को हिरासत में लिया है।
स्टूडेंट्स को हिरासत में लेने की 2 तस्वीरें…


यूनिवर्सिटी ने बंद किए सभी गेट, क्लासेस ऑनलाइन कीं
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शनिवार को घोषणा की कि अगले आदेश तक सभी कोर्स ऑनलाइन मोड में चलेंगे। इसके साथ ही लाइब्रेरी, कैंटीन और मुख्य प्रवेश द्वारों जैसी जरूरी सुविधाएं भी बंद कर दी गईं, जिससे छात्रों के लिए कैंपस में आना-जाना मुश्किल हो गया और जो छात्र कैंपस के अंदर थे, वे अलग-थलग पड़ गए।

12 अक्टूबर से जारी है प्रदर्शन
जामिया के छात्रों ने 12 अक्टूबर को प्रदर्शन और भूख हड़ताल शुरू की थी। वे छात्रों की यूनियन बहाल करने की मांग कर रहे हैं। हिंसक झड़पों, शिक्षकों पर हमलों और कक्षाओं में बार-बार बाधा डालने की घटनाओं के चलते 2006 में JMI छात्र संघ को निलंबित कर दिया गया था।
प्रदर्शन के शुरुआती दिनों में दिल्ली पुलिस ने कैंपस में तय प्रदर्शन स्थल से छात्रों को हटाने की कोशिश की थी। इसके बाद प्रदर्शन और बढ़ गया।

JNU की दीवारों पर ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ नारे लिखे गए
जामिया यूनिवर्सिटी के बाद जेएनयू में भी आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की बात सामने आई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी परिसर में आपत्तिजनक राजनीतिक नारे लिखे गए हैं, जिनमें ‘उमर खालिद को रिहा करो’ और ‘नक्सलबाड़ी जिंदाबाद’ जैसे नारे शामिल हैं। ABVP ने प्रशासन से इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
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जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के पांच छात्रों की भूख हड़ताल शनिवार को 13वें दिन भी जारी है। छात्र जामिया में स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) बहाल करने और चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं। जामिया की छात्र यूनियन को मार्च 2006 में भंग कर दिया गया था।
भूख हड़ताल करने वालों में जासिम अली खान, एबिन बासिल, रिहान हैदर, रिहान पवार, फैजान अली खान शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर…
हरदोई के टुभका में देवस्थान पर लाइट नहीं: कई बार विधायक प्रभास कुमार से कहा, फिर भी नहीं मिली बिजली – Faridapur(Sadar Tehsil) News
हरदोई के मानापुरवा में स्थित भोले बाबा के देवस्थान पर बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विधायक प्रभास कुमार और ब्लॉक प्रमुख धर्मवीर सिंह से भी संपर्क किया था। इसके बावजूद मंदिर पर न तो बिजली लगवाई गई और न ही पानी का इंतजाम किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर बनवाने और सुविधाओं के लिए कई बार सूचना दी गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। ब्लॉक प्रमुख ने अन्य जगहों पर पानी की व्यवस्था करवाई है, पर इस मंदिर पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। गांव के लोग इस अनदेखी से परेशान हैं।
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इस खास लकड़ी के मूसल में छिपा है देसी चटनी का राज, जानें क्या है खासियत
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Traditional Wooden Pestle: तेलंगाना की पारंपरिक रसोई में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का मूसल एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच रहा है. हैदराबाद के आधुनिक घरों में भी हाथ से कुटी चटनियों और मसालों के स्वाद को पसंद किया जा रहा है. कारीगर बताते हैं कि पच्चड़ी बंडा बनाने के लिए सघन और टिकाऊ लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. पत्थर की ओखली में इस मूसल से गोंगुरा, टमाटर, मिर्च, तिल और मूंगफली कूटकर पारंपरिक रोटी पच्चड़ी तैयार की जाती है. हाथ से कूटने पर सामग्री पूरी तरह महीन पेस्ट बनने के बजाय दरदरी रहती है, जिससे चटनी की बनावट अलग होती है. स्थानीय मान्यताओं में इस लकड़ी को स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है, हालांकि इसके औषधीय प्रभावों के वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट नहीं हैं. अलग-अलग जरूरतों के लिए 15, 18 और 24 इंच के मूसल बनाए जाते हैं.
हैदराबाद: मिक्सी और इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर के दौर में भले ही खाना जल्दी बन जाता हो, लेकिन तेलंगाना की पारंपरिक रसोई का असली जायका आज भी हाथ से कुटे मसालों और देशी चटनियों में ही बसता है. तेलंगाना के ग्रामीण इलाकों से लेकर हैदराबाद के आधुनिक घरों तक, पारंपरिक रोटी पच्चड़ी का स्वाद वापस अपनी जगह बना रहा है. इसी परंपरा और सेहत को ध्यान में रखते हुए रसोई में चंद्र लकड़ी से बने पारंपरिक मूसल यानी पच्चड़ी बंडा का चलन एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है.
रसोई उपकरण के पारंपरिक कारीगरों के मुताबिक, यह मूसल किसी सामान्य लकड़ी से नहीं, बल्कि मजबूत और ठोस नल्ला मानु यानी खैर प्रजाति से गढ़ा जाता है. यह लकड़ी प्राकृतिक रूप से बेहद भारी, सघन और टिकाऊ होती है. भारी होने के कारण पत्थर की ओखली में टमाटर, गोंगुरा, हरी मिर्च, भुनी मूंगफली या तिल कूटते समय ज्यादा ताकत नहीं लगानी पड़ती. सामग्री को कूटते वक्त उसका प्राकृतिक तेल और रस उड़ता नहीं, बल्कि बरकरार रहता है, जिससे चटनी का दरदरापन और असली टेक्सचर मिलता है.
चंद्र लकड़ी में पाए जाते हैं प्राकृतिक औषधीय तत्व
बुजुर्गों और पारंपरिक जानकारों का मानना है कि चंद्र लकड़ी में प्राकृतिक औषधीय तत्व समाहित होते हैं. जब इसमें खड़े मसाले या चटनियां कुटी जाती हैं, तो इसके बारीक प्राकृतिक गुण भोजन में मिलकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार माने जाते हैं। वहीं, बिजली वाले मिक्सी में तेज ब्लेड की गर्माहट से मसालों के पोषक तत्व और मूल महक नष्ट हो जाती है, जबकि इस लकड़ी के मूसल से तैयार भोजन पूरी तरह शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक रहता है.
अलग-अलग आकारों में मिल जाता है मूसल
महिलाओं और पारंपरिक कुकिंग के शौकीनों की सुविधा के लिए यह मूसल 15 इंच, 18 इंच और 24 इंच के तीन अलग-अलग आकारों में तैयार किया जाता है. छोटे आकार का मूसल रोजमर्रा की चटनी और अदरक-लहसुन कूटने के लिए मुफीद है, जबकि बड़े आकार का उपयोग भारी सामग्री और त्योहारों पर बनने वाले पकवानों के लिए किया जाता है। तेलंगाना की संस्कृति में यह सिर्फ एक रसोई उपकरण नहीं, बल्कि पुरानी विरासत और सेहतमंद जीवनशैली का प्रतीक बनता जा रहा है।
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दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…


