राजस्थान के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में 85 प्रतिशत स्टेट कोटा सीटों पर दाखिले के लिए आयोजित स्ट्रे-वैकेंसी राउंड का प्रोविजनल सीट आवंटन परिणाम मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग बोर्ड की ओर से जारी कर दिया गया है। कुल 1,064 अभ्यर्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि जारी परिणामों में 947 एमबीबीएस और 117 बीडीएस सीटें शामिल हैं। सूची के विश्लेषण में सबसे दिलचस्प तथ्य यह सामने आया है कि ऑल इंडिया 11,93,250वीं रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी को कोटा के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में जनरल एमबीबीएस सीट आवंटित हुई है। इस स्टूडेंट ने नीट-यूजी में 720 में से मात्र 177 नंबर यानी 24.58 प्रतिशत नंबर हासिल किए हैं। देव शर्मा के अनुसार, स्ट्रे-वैकेंसी राउंड तक आते-आते सरकारी मेडिकल कॉलेजों की लगभग सभी सीटें भर चुकी थीं। इस लास्ट राउंड में केवल 6 गवर्नमेंट एमबीबीएस सीटें ही आवंटित हो सकी हैं। इन आवंटित सीटों में 4 लडके और दो लडकियां शामिल हैं। वर्गवार स्थिति की बात करें तो इनमें से 5 अभ्यर्थी जनरल,ओबीसी-एनसीएल श्रेणी के हैं, जबकि 1 अभ्यर्थी एससी श्रेणी से है। जोधपुर और कोटा मेडिकल कॉलेज की कट-ऑफ रही सबसे ऊपर
गवर्नमेंट एमबीबीएस सीटों के आवंटन में सबसे ऊंचा कट-ऑफ एसएन मेडिकल कॉलेज जोधपुर का रहा, जहां अनरिजर्व्ड बॉय कैटेगरी में 585 अंकों पर सीट आवंटित हुई। वहीं गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कोटा में अनरिजर्व्ड बॉय कैटेगरी की कट ऑफ 584 अंक रही। अन्य सरकारी कॉलेजों में कट-ऑफ का गणित
अन्य जिलों के नए व क्षेत्रीय सरकारी मेडिकल कॉलेजों की बात करें तो गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज टोंक में 569 अंक, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जैसलमेर में 568 अंक तथा गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बांसवाड़ा में 565 अंकों पर सामान्य श्रेणी की सीट आवंटित की गई। इसके अलावा, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जैसलमेर में ही एससी कैटेगरी के तहत अंतिम आवंटन 483 अंकों पर हुआ।
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177 नंबर पर भी मिली एमबीबीएस सीट: नीट-यूजी स्टेट कोटा, स्ट्रे-वैकेंसी राउंड में 11.93 लाख रैंक वाले छात्र को भी प्राइवेट कॉलेज में मिली जनरल सीट – Kota News
चौपरिया में नया आधार सेवा केंद्र शुरू: आठ काउंटरों पर मिलेगी सुविधा, नए कार्ड मुफ्त बनेंगे – Maharajganj News
महराजगंज के फरेंदा रोड स्थित चौपरिया में नया आधार सेवा केंद्र शुरू हो गया है। यहां आठ काउंटरों के जरिए आधार कार्ड बनाने और उसमें सुधार का काम किया जाएगा। इससे चौपरिया और आसपास के लोगों को आधार संबंधी कामों में सुविधा मिलेगी। नए आधार कार्ड का रजिस्ट्रेशन मुफ्त किया जा रहा है। वहीं, बायोमेट्रिक और फोटो अपडेट कराने के लिए 125 रुपये का शुल्क तय किया गया है। इसके अलावा, आधार कार्ड में नाम, पता और जन्मतिथि बदलवाने के लिए 75 रुपये देने होंगे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले आधार कार्ड बनवाने या उसमें बदलाव कराने के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। इससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। अब चौपरिया में ही यह केंद्र खुलने से लोगों को अपने इलाके में ही सुविधा मिल रही है।
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देवास में मोबाइल चोरी से इंटरस्टेट गैंग का खुलासा: 6 लाख नकद, ₹1.5 करोड़ के 400 मोबाइल जब्त; 3 आरोपी पकड़े, 5 राज्यों में फैला था नेटवर्क – Dewas News
देवास पुलिस ने शहर के अपना स्वीट्स और तिवारी स्वीट्स पर हुई मोबाइल चोरी की दो घटनाओं की जांच करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह मध्यप्रदेश समेत पांच राज्यों के 22 जिलों में सक्रिय था। पुलिस ने मनीष पारदी, सूरज सिंह पारदी और शुभम राठौर को गिरफ्तार किया। शुभम को चोरी के मोबाइल का मुख्य रिसीवर बताया गया है। आरोपियों के पास से करीब 1.50 करोड़ रुपए के 400 मोबाइल फोन और 6 लाख रुपए नकद जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 1.56 करोड़ रुपए बताई गई है। पुलिस सप्लाई चेन की जांच कर रही जांच में यह आशंका भी सामने आई है कि चोरी के मोबाइल इंदौर में इकट्ठा कर एजेंटों के जरिए विदेशों में भेजे जाते थे। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन की जांच कर रही है। विदेशों में सप्लाई की आशंका, जांच जारी पुलिस के अनुसार, इंदौर में एकत्रित किए गए चोरी के मोबाइल अन्य एजेंटों के माध्यम से विदेशों में तस्करी कर भेजे जाने की आशंका है। हालांकि, इस संबंध में जांच जारी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, मोबाइल की खरीद-फरोख्त और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जानकारी जुटा रही है।
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सर्दियों में बाजरे की रोटी के साथ खाएं मारवाड़ की काछर की चटनी, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटत
पाली. सर्दियों का मौसम हो और थाली में गरमा-गरम बाजरे की रोटी के साथ सिलबट्टे पर पिसी काछर की चटनी मिल जाए, तो देसी खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. मारवाड़ के घरों में यह पारंपरिक जायका सर्दियों की खास पहचान है, मक्खन या देसी घी से चुपड़ी बाजरे की रोटी और लहसुन-मिर्च के तीखेपन वाली काछर की चटनी का स्वाद ऐसा होता है कि खाने वाले उंगलियां चाटते रह जाते हैं.
खास बात यह है कि इस चटनी को बनाने के लिए न किसी खास मशीन की जरूरत है और न ही ज्यादा सामग्री की. सिलबट्टे पर पिसे मसालों की सोंधी खुशबू और काछर का खट्टा-चटपटा स्वाद इसे खास बनाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने का पारंपरिक देसी तरीका.
काछर की चटनी बनाने के लिए सामग्री
इस चटनी को बनाने के लिए 4-5 काछर, 5-6 भीगी हुई साबुत लाल मिर्च, 10-12 लहसुन की कलियां, एक छोटा चम्मच साबुत जीरा और स्वादानुसार नमक लें. चाहें तो चटनी में तड़का लगाने के लिए एक बड़ा चम्मच देसी घी या सरसों का तेल भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
सिलबट्टे पर ऐसे तैयार करें चटपटी चटनी
सबसे पहले काछर को अच्छी तरह धोकर छील लें और छोटे टुकड़ों में काट लें. इस्तेमाल करने से पहले थोड़ा चख लें, ताकि कड़वी काछर चटनी का स्वाद खराब न करे. अब सिलबट्टे पर भीगी हुई लाल मिर्च, लहसुन, जीरा और नमक डालकर दरदरा पीस लें.
जब मसालों का पेस्ट तैयार हो जाए, तो इसमें कटे हुए काछर डालें और हल्के हाथों से पीसें. ध्यान रखें कि चटनी को बहुत ज्यादा बारीक न पीसें, इसका असली स्वाद दरदरेपन और ताजे मसालों में ही आता है. अगर आप चटनी में तड़का लगाना चाहते हैं, तो कढ़ाई में थोड़ा देसी घी या सरसों का तेल गर्म करें. इसमें जीरा और हींग डालकर चटनी मिलाएं और धीमी आंच पर करीब दो मिनट भून लें. हालांकि, पारंपरिक कच्चा स्वाद पसंद करने वाले इसे बिना तड़के के भी खा सकते हैं.
ऐसे बनाएं नरम और स्वादिष्ट बाजरे की रोटी
बाजरे की रोटी बनाने के लिए एक परात में बाजरे का आटा लें, इसमें चुटकी भर नमक और थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी डालकर आटे को अच्छी तरह मसलते हुए गूंध लें. अब छोटी लोई बनाकर हथेलियों से थपकी देते हुए गोल रोटी तैयार करें. गर्म तवे पर रोटी को दोनों तरफ से अच्छी तरह सेंकें. जरूरत के अनुसार धीमी से मध्यम आंच रखें, ताकि रोटी अंदर तक पक जाए. तैयार रोटी पर देसी घी या मक्खन लगाएं और सिलबट्टे पर पिसी काछर की चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें. सर्दियों में यह पारंपरिक मारवाड़ी भोजन स्वाद के साथ हमारी रसोई की पुरानी परंपराओं की याद भी दिलाता है. अगर आप देसी जायके के शौकीन हैं, तो बाजरे की रोटी और काछर की चटनी का यह मेल जरूर आजमाएं.
दुबई में डीजल दिल्ली से 28 रुपए महंगा हुआ: UAE सरकार ने इस महीने 12% कीमत बढ़ाई; जंग के बाद दोगुने हुए तेल के दाम
तेल के बड़े उत्पादक देशों में शामिल UAE में तेल की कीमतें भारत से भी ज्यादा हो गई हैं। 22 अक्टूबर के भाव के मुताबिक, दुबई में एक लीटर डीजल ₹123 का है, जबकि दिल्ली में यही डीजल ₹95 में मिल रहा है। यानी दिल्ली के मुकाबले वहां ₹28 ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। दरअसल UAE ने अक्टूबर में डीजल के दाम 12% बढ़ाए हैं। पिछले 8 महीने में इसमें 90% का इजाफा हुआ है। ऐसे में वहां ईंधन की कीमत करीब दोगुनी हो गई है। भारत के दूसरे शहरों में भी दुबई से सस्ता डीजल मुंबई – ₹98 कोलकाता – ₹100 चेन्नई – ₹100 हैदराबाद – ₹105 दुबई में पेट्रोल-डीजल के दाम क्यों बढ़े? अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन महंगा हुआ: यूएई में पेट्रोल-डीजल की कीमतें वैश्विक बाजार से जुड़ी हैं। वहां हर महीने अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर नए दाम तय किए जाते हैं। अमेरिका-ईरान जंग का असर: जंग और होर्मुज स्ट्रेट से तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ाईं। इसका असर यूएई के ईंधन के दामों पर भी पड़ा। UAE चीन को सबसे ज्यादा तेल बेचता है (आंकड़े लाख बैरल-रोजाना) UAE के तेल ठिकानों पर हमले 14 मार्च: फुजैराह के तेल निर्यात केंद्र पर हमले के बाद आग लगी। तेल जहाजों में तेल भरने का काम कुछ समय के लिए रोकना पड़ा। 19 मार्च: मिसाइलों को हवा में रोकने के बाद मलबा गिरने से अबू धाबी का हबशान गैस प्लांट और बाब तेल क्षेत्र बंद करना पड़ा। 4 मई: फुजैराह के तेल औद्योगिक क्षेत्र पर ड्रोन हमले के बाद आग लगी। इसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए। 16 अक्टूबर: रॉयटर्स की पड़ताल के मुताबिक, युद्ध के दौरान फुजैराह पर कम से कम 19 हमले हुए। तेल के टैंकों और पाइपलाइन तंत्र को नुकसान पहुंचा। मार्च में यहां से तेल लोडिंग घटकर रोज करीब 4.4 लाख बैरल रह गई, जबकि 2025 में यह इससे दोगुने से ज्यादा थी। असर: होर्मुज स्ट्रेट के बाहर स्थित फुजैराह यूएई का अहम तेल निर्यात केंद्र है। यहां हमलों से तेल की ढुलाई प्रभावित हुई और यूएई के वैकल्पिक निर्यात मार्ग पर दबाव बढ़ा। ———————– यह खबर भी पढ़ें… ईरान बोला-एक ग्राम एनरिच्ड-यूरेनियम भी देश से बाहर नहीं जाएगा: जब तक अमेरिका भरोसा पैदा नहीं करता, कोई बातचीत नहीं होगी ईरान ने मंगलवार को कहा कि वह अपना एक ग्राम भी एनरिच्ड यूरेनियम किसी दूसरे देश नहीं भेजेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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2027-28 तक तैयार होगी ब्रह्मोस-नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल: चीफ बोले- वजन 1.3 टन होगा; रेंज बढ़ाकर 1500km करना रोडमैप में शामिल, इसकी शुरुआती रेंज 290km थी
ब्रह्मोस एयरोस्पेस 2027-2028 तक ब्रह्मोस-नेक्स्ट जेनरेशन (NG) पहला प्रोटोटाइप तैयार कर सकता है। ब्रह्मोस-NG यानी मिसाइल का छोटा और हल्का रूप है। अभी वाली ब्रह्मोस 3 टन की है, इसलिए एक सुखोई-30 पर 1 ही मिसाइल लगती है। नई ब्रह्मोस-NG (नेक्स्ट जेनरेशन) सिर्फ 1.3 टन का होगा। सुखोई पर 3 मिसाइल लगेंगी। तेजस, राफेल जैसे छोटे फाइटर जेट पर भी लग सकेगी। यानी इसकी ज्यादा स्वदेशी, नई टेक्नोलॉजी और हल्के मटेरियल से बनेगी। कंपनी के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. जयतीर्थ जोशी ने ANI को दिए इंटरव्यू में बताया कि मिसाइल अपनी शुरुआती 290 किमी स्ट्राइक रेंज से आगे की क्षमता दिखा चुकी है। अब कंपनी 1500 KM रेंज वाली मिसाइल का सोच रही है, लेकिन वो अभी सिर्फ कागज पर है। इसके लिए रूस से बात चल रही है। विदेशी सेनाएं ब्रह्मोस-NG भी रुचि दिखा रहीं डॉ. जोशी ने बताया कि कुछ देशों ने लड़ाकू विमान से लॉन्च की जा सकने वाली बह्मोस को अपनी एयरफोर्स में शामिल करने में रुचि दिखाई है। इन देशों के पास सुखोई-30 विमान मौजूद हैं। इसके अलावा, कुछ देशों ने ब्रह्मोस-एनजी की इच्छा भी जताई है, जिसे पहले एयरबोर्न कॉन्फिगरेशन में विकसित किया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर में प्रदर्शन के बाद बढ़ी दिलचस्पी डॉ. जोशी के मुताबिक, मिसाइल के ऑपरेशन सिंदूर में प्रदर्शन के बाद विदेशी सेनाओं की इसके ऑपरेशनल और फंक्शनल पैरामीटर्स में दिलचस्पी बढ़ी है। सेनाएं ऐसा अत्याधुनिक सिस्टम चाहती हैं, जो तेजी से बदलते युद्ध के माहौल के अनुसार खुद को ढाल सके। डॉ. जोशी ने कहा कि ब्रह्मोस एक बेहद आधुनिक हथियार है। यह समय के साथ विकसित हो रहा है और इसने अपने प्रदर्शन की क्षमता साबित की है। पूरे ऑपरेशन के दौरान मिसाइल ने दुश्मन के ठिकानों पर सटीक निशाना लगाया। इस दौरान एक भी मिसाइल इंटरसेप्ट नहीं हुई। भारत के रक्षा निर्यात में ब्रह्मोस की भूमिका डॉ. जोशी ने कहा कि मिसाइल के युद्ध प्रदर्शन का भारत के रक्षा निर्यात पर असर पड़ा है। उनके मुताबिक, ब्रह्मोस भारत की रक्षा क्षमता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा, “ब्रह्मोस अब सिर्फ एक मिसाइल नहीं है। यह आत्मविश्वास से भरे और आत्मनिर्भर नए भारत की ताकत, सटीकता और गर्व है। सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेस, नूर खान समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। इससे इस हथियार प्रणाली की ताकत सामने आई। ब्रह्मोस सिस्टम भारत के रक्षा निर्यात का भी अहम आधार है। भारत का रक्षा निर्यात 38,400 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है। इसमें सालाना 62.7% की वृद्धि दर्ज की गई है।
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वेबसाइट पर HTTPS देखकर न करें भरोसा, eMudhra मामले ने खोली ऑनलाइन फ्रॉड की पोल
आपको ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो या अपने घर की बिजली का बिल भरना हो, वेबसाइट के नाम के आगे HTTPS देखकर अक्सर लगता है कि साइट सेफ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि HTTPS होने के बावजूद कोई वेबसाइट धोखाधड़ी करने वाली हो सकती है? भारत की साइबर सिक्योरिटी कंपनी eMudhra से जुड़े एक मामले ने ऑनलाइन सिक्योरिटी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसमें कंपनी के आठ डिजिटल सर्टिफिकेट की प्राइवेट-की बेहद कमजोर पाई गईं। इससे फर्जी वेबसाइट्स को असली दिखाकर लोगों को धोखा देने का खतरा पैदा हो सकता था।
क्या है eMudhra का मामला?
eMudhra डिजिटल सिग्नेचर, ऑनलाइन पहचान और वेबसाइट सिक्योरिटी से जुड़ी सेवाएं देती है। कंपनी के ग्लोबल वेबसाइट सिक्योरिटी कारोबार से जुड़े आठ इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट में यह खामी सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, इनसे जुड़ी कमजोर प्राइवेट-की का पता लगाना बेहद आसान था। डिजिटल सर्टिफिकेट को वेबसाइट का पहचान पत्र समझ सकते हैं। ब्राउजर इनकी मदद से वेबसाइट की पहचान जांचता है और सुरक्षित कनेक्शन बनाने में मदद करता है। लेकिन अगर सर्टिफिकेट से जुड़ी प्राइवेट-की कमजोर हो, तो इसका गलत इस्तेमाल किए जाने का जोखिम बढ़ जाता है।
ऑनलाइन फ्रॉड कैसे हो सकता है?
मान लीजिए, कोई साइबर अपराधी आपके बैंक या किसी शॉपिंग वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी साइट बनाता है। अगर वह भरोसेमंद सर्टिफिकेट का गलत इस्तेमाल कर सके, तो उसकी वेबसाइट असली जैसी दिखाई दे सकती है। ऐसे में यूजर धोखे में आकर अपना पासवर्ड, लॉगिन डिटेल या पेमेंट की जानकारी साझा कर सकता है। हालांकि, इस मामले में संभावित खतरे का मतलब यह नहीं है कि ऐसा हमला हुआ ही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कमजोर की का इस्तेमाल करके साइबर हमले किए जाने का कोई सबूत सामने नहीं आया है।
eMudhra और सरकार ने क्या कदम उठाए?
कंपनी के मुताबिक, प्रभावित आठों इंटरमीडिएट सर्टिफिकेट 19 अक्टूबर को रद्द कर दिए गए थे। गूगल, मोजिला, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट को भी मामले की जानकारी दी गई और प्रभावित सर्टिफिकेट को ब्लॉक करने के कदम उठाए गए। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने जांच के लिए विशेष टीम बनाई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत की नियमन के तहत आने वाली डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट और eSign सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं। eMudhra ने भी कहा है कि उसके सिस्टम में सेंध या ग्राहक डेटा लीक होने की घटना नहीं हुई।
ऑनलाइन यूजर्स कैसे रहें सुरक्षित?
HTTPS या ताले के निशान को सुरक्षा की पूरी गारंटी न मानें। वेबसाइट का पता ध्यान से जांचें, अनजान मैसेज में आए पेमेंट लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी के साथ OTP या पासवर्ड शेयर न करें। ब्राउजर को अपडेट रखें और बैंकिंग या पेमेंट के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करें। याद रखें, HTTPS कनेक्शन को एन्क्रिप्ट करने में मदद करता है, लेकिन यह गारंटी नहीं देता कि वेबसाइट चलाने वाला व्यक्ति भरोसेमंद ही है।
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टाइगर श्रॉफ पर हमले से पहले फायरिंग की प्रैक्टिस की: होटल में भी चली गोली; 10 गिरफ्तार, युवती का परिवार बोला- बेटी को बहाने से लेकर गए
मुंबईकुछ ही क्षण पहले
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दिल्ली से गिरफ्तार 4 आरोपी बुधवार देर रात मुंबई लाए गए। उन्हें मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ले जाया गया।
एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग से पहले आरोपियों ने पिस्टल चलाने की प्रैक्टिस की थी। पुलिस के मुताबिक, अंधेरी के एक होटल में भी गलती से गोली चली थी, जो बिस्तर पर लगी।
मामले में दो युवतियों समेत अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें शामिल यूपी की बबीता के परिवार का दावा है कि राधा उसे मंदिर में दर्शन कराने के बहाने मुंबई ले गई थी।
परिवार का कहना है कि बबीता को हथियारों और फायरिंग की साजिश की जानकारी नहीं थी। टाइगर की कार पर 18 अक्टूबर की शाम फायरिंग हुई थी। उनका ड्राइवर और एक फैन घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने 20 अक्टूबर को कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया था।
प्रैक्टिस में दो आरोपियों ने 3 राउंड फायर किए
मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने उस जगह के बारे में बताया, जहां उन्होंने हथियार चलाने की प्रैक्टिस की थी। एक आरोपी ने दो राउंड और दूसरे ने एक राउंड फायर किया था।
जांचकर्ताओं के मुताबिक, अंधेरी के एक होटल के कमरे में पिस्टल की टेस्टिंग करते समय वह जाम हो गया था और गोली बिस्तर पर जा लगी।
अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस लाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के सोनीपत के कुणाल ने लॉरेंस गैंग से जुड़े अनिल पंडित के निर्देश पर अमृतसर से पिस्टल और 20 कारतूस लिए थे। उसके साथ सुमित भी गया था।
जांच के मुताबिक, कुणाल ने राधा को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया। 15 अक्टूबर को वह राधा और बबीता के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचा।
इस दौरान कुणाल और अनिल पंडित एक एन्क्रिप्टेड एप के जरिए संपर्क में थे। 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं।
इसके बाद एक अन्य आरोपी ने राधा से हथियारों वाला बैग लिया। अगले दिन टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। वारदात के समय राधा और बबीता ट्रेन से दिल्ली लौट गईं।
बबीता का परिवार बोला- बेटी दोषी हुई तो सजा मिलनी चाहिए
बबीता उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ की रहने वाली है और हरियाणा के सोनीपत में पैकर का काम करती थी। उसके परिवार का दावा है कि राधा ने उसे मंदिरों में दर्शन कराने के बहाने मुंबई ले जाने की बात कही थी।
परिवार के मुताबिक, बबीता को हथियारों या फायरिंग की कथित साजिश की जानकारी नहीं थी। बबीता के पिता रामजनम राम ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी दोषी पाई जाती है, तो उसे सजा मिलनी चाहिए।
दूसरी ओर, राधा की मां मैना ने भी अपनी बेटी को निर्दोष बताते हुए कहा कि हो सकता है उसे किसी ने बहकाया या मजबूर किया हो।
पुलिस ने तीन आरोपियों को 31 अक्टूबर तक हिरासत में लिया
राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार तीन आरोपियों- रेहान उर्फ सुक्का, रितिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह को बुधवार को मुंबई की एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने हथियार बरामद करने, इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने और हमले के पीछे का मकसद पता लगाने के लिए 14 दिन की हिरासत मांगी थी।
बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों से ट्रांजिट रिमांड के दौरान पूछताछ हो चुकी है और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाने के लिए उन्हें हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
जुहू में फुटबॉल क्लब के बाहर हुई थी फायरिंग
18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल क्लब से निकल रहे थे, तभी दो हमलावरों ने उनकी कार पर गोलियां चलाईं। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 6 से 7 राउंड फायर किए गए।
टाइगर सुरक्षित बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और व्लॉगर उमेश चौहान घायल हो गए। घटना के बाद हमलावरों की मोटरसाइकिल अंधेरी में लावारिस मिली थी।
घायल व्लॉगर के शरीर से गोली निकाली गई
व्लॉगर उमेश चौहान का 21 अक्टूबर को मुंबई के KEM अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। BMC के मुताबिक, डॉक्टरों ने उनके शरीर में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उनकी हालत स्थिर थी और उन्हें निगरानी में रखा गया।

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टाइगर श्रॉफ फायरिंग-आरोपियों ने अमिताभ-सलमान, आमिर-अक्षय की रेकी की थी: सिक्योरिटी ज्यादा थी तो प्लान बदला

एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग करने वाले आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने पहले अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार की रेकी की थी, लेकिन सिक्योरिटी ज्यादा होने के कारण प्लान बदल दिया था। आरोपियों के साथ एक चौथा युवक भी था, लेकिन वह हमले से एक रात पहले सिगरेट पीने के बहाने होटल से भाग गया। पूरी खबर पढ़ें..


