इंदौर शहर के गुरु नानक टिंबर मार्केट में इनकम टैक्सर की टीम ने प्लाई और सीमेंट कारोबार से जुड़े दो कारोबारियों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे की कार्रवाई शुरू की है। टीम कारोबार से जुड़े दस्तावेजों, बिलिंग और माल की आपूर्ति के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कारोबार में किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर बिल बनाने और माल की डिलीवरी किसी दूसरी जगह करने से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम कारोबारी लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य बिलिंग और माल की वास्तविक आपूर्ति के बीच किसी तरह की गड़बड़ी है या नहीं, इसका पता लगाना है। हालांकि, फिलहाल जांच में सामने आए तथ्यों और संभावित कर अनियमितताओं को लेकर विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कई शहरों में एक साथ कार्रवाई आयकर विभाग की कार्रवाई केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। भोपाल, सतना और रीवा समेत प्रदेश के अन्य शहरों में भी टीमें जांच कर रही हैं। अलग-अलग स्थानों पर की जा रही कार्रवाई के जरिए कारोबार से जुड़े दस्तावेजों और लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। बिलिंग और माल की आपूर्ति पर फोकस गुरु नानक टिंबर मार्केट में जिन कारोबारियों के यहां सर्वे किया जा रहा है, वे प्लाई और सीमेंट के कारोबार से जुड़े हैं। जांच में इस बात पर फोकस है कि बिल किसके नाम पर जारी किए गए और माल वास्तव में किस व्यक्ति या स्थान पर पहुंचाया गया। दस्तावेजों और वास्तविक कारोबारी गतिविधियों का मिलान करने के बाद ही किसी तरह की अनियमितता को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कार्रवाई जारी है। सर्वे पूरा होने के बाद ही जांच के दायरे, कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड और किसी संभावित कर अनियमितता के संबंध में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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Ballia Famous Rasmalai: बलिया की 65 साल पुरानी रसमलाई अपने खास स्वाद और कम चीनी की वजह से लोगों के बीच काफी मशहूर है. यहां की रसमलाई खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इसे अच्छे दूध, रबड़ी और छेने से पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. यह दुकान बलिया में कचहरी रोड पर पालिका गेट के पास स्थित साधु जी का दिव्यांशु मिष्ठान भंडार है. यहां की रसमलाई लखनऊ, मऊ और गाजीपुर तक भेजी जाती है. कम मिठास और पारंपरिक स्वाद के कारण यह मिठाई लोगों को खूब पसंद आती है. दुकानदार दिव्यांशु गुप्ता के मुताबिक, यह दुकान उनके दादाजी ने शुरू की थी. यहां के कारीगर तीन पीढ़ियों से मिठाई बनाने का काम कर रहे हैं. रसमलाई के अलावा यहां कम चीनी वाला कलाकंद भी मिलता है. इसकी कीमत 40 रुपये प्रति पीस है.






