खैरथल-तिजारा जिले में एक सरकारी डॉक्टर और वार्ड बॉय पर एक महिला को स्वास्थ्य केंद्र लाकर अभद्र हरकत करने का आरोप लगे हैं। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण PHC पहुंचे और विरोध जताते हुए तालाबंदी की चेतावनी दी। मामला बढ़ता देख मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अरविंद गेट और BCMHO की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से लिखित शिकायत ली। इसके बाद संबंधित डॉक्टर को APO कर दिया गया, जबकि वार्ड बॉय की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए गए। डॉक्टर और वार्ड बॉय की कथित गतिविधियों को लेकर नाराज ग्रामीण बुधवार को एकत्रित होकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच कराने और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वास्थ्य केंद्र पर तालाबंदी करेंगे। CMHO ने मौके पर पहुंचकर ली लिखित शिकायत CMHO डॉ. अरविंद गेट ने पूरे मामले की जानकारी ली और ग्रामीणों से लिखित शिकायत ली। इसके बाद डॉ. अरविंद ने विभागीय स्तर पर जांच के बाद दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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PHC में महिला के साथ अनैतिक गतिविधि का आरोप: ग्रामीणों के हंगामे के बाद सीएमएचओ ने डॉक्टर को किया APO, वार्ड बॉय बर्खास्त – Khairthal-Tijara News
‘मां की बात मान लेता तो जिंदा होता बेटा’: पिता बोले- डॉक्टर बनाने घर गिरवी रखा, कर्ज कैसे चुकाऊंगा; ग्वालियर हादसे में अबतक 16 मौतें – Gwalior News
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ये दर्द है ग्वालियर के विद्याराम राठौर का। 17 अक्टूबर की रात शीतला माता मंदिर में दर्शन करने गया उनका 21 वर्षीय बेटा पवन ‘नो एंट्री’ में घुसे बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हुई।
पवन की मौत से परिवार का सपना टूट गया। अब विद्याराम को गिरवी रखे मकान का कर्ज चुकाने की चिंता है। उनकी सरकार से गुहार है कि बड़े बेटे को नौकरी मिल जाए, ताकि परिवार संभल सके और कर्ज उतारने में मदद मिले।
पवन के पिता विद्याराम राठौर बोले- मेरा सब कुछ छिन गया।
‘मां मना करती रही, लेकिन वह जाने की जिद कर बैठा’
विद्याराम बताते हैं कि हादसे वाली रात पवन के कुछ दोस्त पैदल शीतला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। पवन ने भी उनके साथ जाने की इच्छा जताई। उसकी मां ने उसे जाने से मना किया, लेकिन वह दोस्तों के साथ जाने की जिद करने लगा। आखिरकार माता-पिता ने उसे जाने दिया।
परिवार को अंदाजा नहीं था कि दोस्तों के साथ मंदिर जाने की यह जिद पवन की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगी। जिस बेटे के लौटने का इंतजार था, उसके घर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत की खबर आ गई।

अब घर में पवन की यह तस्वीर रखी हुई है।
‘दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर खेती करने को मजबूर’
पवन पढ़ाई में होशियार था। पिता विद्याराम उसे डॉक्टर बनाना चाहते थे। वह ग्वालियर से बीएचएमएस की पढ़ाई कर रहा था। उसकी पढ़ाई जारी रखने और परिवार का खर्च चलाने के लिए विद्याराम ने मकान गिरवी रख दिया। वह दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर खेती करने लगे।
परिवार को उम्मीद थी कि पवन डॉक्टर बनकर आर्थिक परेशानियां दूर करेगा। उनका बड़ा बेटा विशाल भोपाल से बीटेक कर रहा है। माता-पिता चाहते थे कि दोनों बेटे अपने पैरों पर खड़े हो जाएं, ताकि उन्हें भी मेहनत भरी जिंदगी से राहत मिल सके।
बेटे को याद कर माता-पिता रो पड़ते हैं। विद्याराम कहते हैं- हमने सोचा था कि पवन पढ़कर बड़ा डॉक्टर बनेगा और हमारे बुढ़ापे की लाठी बनेगा, लेकिन भगवान ने हमारी वही लाठी छीन ली। अब हमारे जीने का कोई मकसद नहीं बचा।

पवन के घर उसके पिता, भाई और दोस्त।
‘नहाकर दर्शन करने की बात कह रहा था, तभी ट्रक ने कुचल दिया’
पवन के दोस्तों ने परिवार को बताया कि वह धार्मिक स्वभाव का था। सभी पैदल मंदिर पहुंचे तो पवन ने गेट के पास नहाने की बात कही। वह कह रहा था कि नहाकर ही मंदिर में दर्शन करने जाएगा।
इसी दौरान चीनौर की ओर से ढलान पर तेजी से एक बेकाबू ट्रक आया। टक्कर इतनी तेज थी कि पवन उछलकर पास की दुकान में जा गिरा। ट्रक उसके ऊपर चढ़ गया। मंदिर में दर्शन करने निकला पवन फिर कभी घर नहीं लौटा।

पवन की डॉक्टर की ड्रेस में तस्वीर।
‘यह सिर्फ हादसा नहीं, पुलिस-प्रशासन की लापरवाही है’
पवन की मौत से परिवार में दुख के साथ आक्रोश भी है। परिजन का कहना है कि ‘नो एंट्री’ के दौरान भारी ट्रक का मंदिर के पास तक पहुंच जाना पुलिस और प्रशासन की गंभीर लापरवाही है।
उनका आरोप है कि अगर ट्रक को रास्ते में ही रोक लिया जाता, तो कई लोगों की जान बच सकती थी। परिवार ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।

पवन के बड़े भाई विशाल राठौर ने कहा- हादसे से पहले एक और ट्रक गुजरा था।
बड़ा भाई विशाल बोला- ऐसे रास्ते से ट्रक कैसे गुजरा?
पवन के बड़े भाई विशाल राठौर हादसे वाली जगह पर उसका फोन और बाकी सामान ढूंढने गए थे। उन्होंने बताया कि वहां रास्ता बहुत संकरा है। पत्थर भी छोटे-छोटे हैं। ऐसे में इतना बड़ा ट्रक उस रास्ते से कैसे गुजर गया, यह उनकी समझ से परे है।
विशाल के मुताबिक, सीसीटीवी में यह भी सामने आया है कि हादसे से पहले एक और ट्रक वहां से गुजरा था। उन्होंने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाई को खोने का मुझे बहुत दुख है। मेरी मां बीमार रहती हैं। अब जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
‘बड़े बेटे को नौकरी मिल जाए तो कर्ज चुका सकें’
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। मकान गिरवी रखकर लिया गया कर्ज भी चुकाना है। ऐसे में विद्याराम की सरकार से गुहार है कि उनके बड़े बेटे को नौकरी मिल जाए, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति संभल सके और कर्ज उतारने में मदद मिले।
जिस बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए विद्याराम ने अपना घर गिरवी रखा, वह सपना अब अधूरा रह गया है। परिवार के सामने एक तरफ बेटे को खोने का गम है, तो दूसरी तरफ कर्ज चुकाने और आगे की जिंदगी संभालने की चिंता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पहुंचे…

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मृतक पवन के घर पहुंचे और परिजनों से बातचीत की।
जानिए, क्या हुआ था ग्वालियर में…
17 अक्टूबर की रात ग्वालियर के सातऊ गांव की पहाड़ियों पर स्थित शीतला माता मंदिर में सप्तमी पर दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। रात करीब 1:30 बजे चीनौर की ओर से ढलान वाले रास्ते पर दो ट्रक आए।
एक चालक ने ट्रक रोक लिया, लेकिन दूसरा उसे संभाल नहीं सका। बेकाबू ट्रक ‘नो एंट्री’ के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया। लोगों को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हुई, जबकि 41 घायल हो गए।

ग्वालियर हादसे से जुड़ी एक तस्वीर।
हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू
शीतला माता मंदिर के बाहर हुए हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर (एडीएम) सीबी प्रसाद को सौंपी है। उन्हें 7 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
बुधवार से घटना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच में पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित रास्ते पर भारी ट्रक कैसे पहुंचे, उन्हें प्रवेश किसने दिया और हादसे के समय सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी थी।

₹200 में ट्रक को एंट्री देने का आरोप
बताया जा रहा है कि ग्वालियर में हादसे से पहले ट्रक को ₹200 लेकर प्रवेश दिया गया था। चेक पॉइंट पर कथित अवैध वसूली को लेकर सरकार और नगर निगम के अधिकारियों के बीच चर्चा होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, ₹200 लेकर ट्रक को प्रवेश देने के आरोप की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू:सात दिन में देनी होगी रिपोर्ट

ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के बाहर हुए भीषण सड़क हादसे की मजिस्ट्रियल जांच शुरू हो गई है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने जांच की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर (एडीएम) सीबी प्रसाद को सौंपी है। उन्हें 7 दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। बुधवार से घटना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।पूरी खबर पढ़ें
गोरखपुर में धू-धू कर जला रावण का पुतला: 164 साल पुरानी परंपरा का साक्षी बने हजारों लोग, देखें VIDEO – Gorakhpur News
गोरखपुर बर्डघाट रामलीला मैदान में बुधवार रात श्री श्री रामलीला समिति की ओर से रावण वध का मंचन किया गया। राम-रावण युद्ध देखने के लिए मैदान में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जैसे ही भगवान श्रीराम ने तीर चलाकर रावण का वध किया, पूरा परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। रावण का पुतला धू-धू कर जलने लगा और दर्शकों ने तालियां बजाकर भगवान श्रीराम की जय-जयकार की। रावण वध के साथ ही अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश दिया गया। इससे पहले रामलीला मंचन के दौरान भगवान श्रीराम और रावण की सेना के बीच जोरदार युद्ध हुआ। श्रीराम ने युद्ध में कुंभकरण को पराजित किया। भाई की मृत्यु से बौखलाया रावण स्वयं युद्ध करने पहुंचा। इसके बाद दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। अंत में भगवान श्रीराम के एक तीर से रावण धराशायी हो गया। रावण वध का दृश्य देखकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। विजय शोभायात्रा में निकले श्रीराम, सीता और लक्ष्मण रावण वध के बाद भगवान श्रीराम की विजय शोभायात्रा निकाली गई। रथ पर भगवान श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण सवार थे। शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह भगवान की आरती उतारी। लोगों ने मत्था टेककर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। शाम चार बजे शुरू हुआ मंचन, लोगों ने उतारी आरती विजयादशमी के अवसर पर बर्डघाट रामलीला मैदान में शाम करीब चार बजे रामलीला का मंचन शुरू हुआ। इस दौरान समिति के प्रमुख पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और पूजा-अर्चना की। रात में रावण वध के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। 164 साल से लग रहा मेला, दुकानों पर उमड़ी भीड़ श्री श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष गणेश वर्मा ने बताया कि बर्डघाट में 164 साल से रामलीला और मेले की परंपरा चली आ रही है। मेले में खानपान, खिलौने, सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू सामान की दुकानें सजी रहीं। खिलौनों की दुकानों पर बच्चों और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही। लोगों ने मिठाइयां खरीदीं और भगवान श्रीराम को चढ़ाने के बाद प्रसाद घर ले गए। पूरे मैदान में उत्सव और उल्लास का माहौल रहा।
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जामनगर: सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में रूबियो, मुकेश और अनंत अंबानी ने किया स्वागत
जामनगर: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुजरात के जामनगर स्थित दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी परिसर का दौरा किया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने दोनों मेहमानों का स्वागत किया. इस दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को जामनगर के अत्याधुनिक रिफाइनरी ऑपरेशंस, न्यू एनर्जी गीगाफैक्ट्री और निर्माणाधीन विशाल डेटा सेंटर्स का विस्तृत दौरा कराया गया. अंबानी परिवार ने जामनगर को ग्लोबल इनोवेशन, डीप-टेक और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने के अपने दीर्घकालिक विजन को साझा किया.
जामनगर में अमेरिकी दिग्गजों ने क्या देखा और किन मुद्दों पर हुई बात?
रिलायंस के जामनगर दौरे पर दोनों पक्षों ने पारंपरिक तेल शोधन के साथ-साथ न्यू एनर्जी के भविष्य पर गंभीर चर्चा की. इस दौरान किफायती ऊर्जा की निरंतर सप्लाई, ग्लोबल सप्लाई चेन की मजबूती और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी भारी निवेश पर विचार साझा किए गए. इसके अलावा ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते तालमेल पर विशेष ध्यान दिया गया.
आधुनिक डेटा सेंटर्स को चलाने के लिए जरूरी भरोसेमंद बिजली और डिजिटल इकोनॉमी के विस्तार में क्लीन एनर्जी की भूमिका को रेखांकित किया गया. मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी ने अमेरिकी कंपनियों के साथ टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में साझेदारी की संभावनाओं पर बल दिया.
RIL Media Statement
Reliance Industries Limited Chairman and Managing Director Shri Mukesh Ambani and Executive Director Mr Anant Ambani welcomed US Secretary of State Mr Marco Rubio and US Ambassador to India Mr Sergio Gor to Jamnagar, home to the world’s largest refinery. The Honorable visitors were given a tour of the world-class refinery complex, offering a first-hand view of its scale, advanced technology and integrated operations.
Secretary Rubio and Ambassador Gor were also explained Reliance’s New Energy giga-factories, which are currently being commissioned in phases, and the data centres under construction. The tour provided an overview of the company’s investments across energy and digital infrastructure, bringing together its well-established advanced manufacturing and deep-tech capabilities. Shri Mukesh Ambani and Shri Anant Ambani outlined Reliance’s long-term vision for the Jamnagar complex and its development as a centre for deep-tech, innovation and advanced manufacturing.
The visit included wide-ranging discussions on the global energy landscape and opportunities for commercial partnerships across conventional and new energy. The exchange covered reliable and affordable energy supplies, technological advances, resilient supply chains and the investment required to meet growing demand.
Discussions also explored the increasing intersection of energy and digital infrastructure, including the role of dependable power in supporting data centres and the expansion of the digital economy. Shri Mukesh Ambani and Shri Anant Ambani shared their perspectives on opportunities for collaboration with US companies, drawing on complementary strengths in technology, engineering and advanced manufacturing. The interaction provided a constructive opportunity to exchange industry perspectives and explore areas of mutual commercial interest.
We are extremely thankful to Secretary of State and the Ambassador for their esteemed visit.
ई-रिक्शा और बाइक की टक्कर में दो युवक घायल: खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर हुआ हादसा, एक को पटना रेफर किया – Jamui News
खैरा-सोनो मुख्य मार्ग पर सिंगारीटांड़ गांव के पास बुधवार की देर शाम तेज रफ्तार ई-रिक्शा और बाइक के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक सवार दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां चिकित्सक नवीन कुमार गुप्ता ने दोनों का प्रारंभिक उपचार किया। इस दौरान एक घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया, जबकि दूसरे घायल का इलाज सदर अस्पताल में जारी है। घायलों की पहचान खैरा प्रखंड क्षेत्र के जमुनीपुर गांव निवासी विकास तांती और कपिल तांती के रूप में हुई है। बताया जाता है कि खैरा में किसी व्यक्ति का सड़क हादसा हुआ था। उसी दुर्घटना के बारे में जानकारी लेने और देखने के लिए दोनों व्यक्ति बाइक से खैरा आए थे। इसके बाद देर शाम दोनों बाइक से वापस अपने घर जमुनीपुर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उनकी बाइक सिंगारीटांड़ गांव के पास पहुंची, सामने से आ रहे तेज रफ्तार ई-रिक्शा से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दोनों व्यक्ति सड़क पर गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है। वहीं, सदर अस्पताल में भर्ती दूसरे घायल की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे के बाद घायलों के परिजनों में चिंता का माहौल है।
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सूखी हो या गीली, दोनों तरह से बनाएं कड़ी पत्ता की चटनी, नोट करें विधि
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अगर आप रोजाना एक जैसी चटनी खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार मीठी नीम यानी कड़ी पत्ता की चटनी ट्राई कर सकते हैं. गोंडा की गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ममता त्रिपाठी से जानिए मूंगफली, तिल और मसालों से बनने वाली इस चटनी की आसान रेसिपी, जिसे सूखा और गीला दोनों तरह से तैयार किया जा सकता है.
गोंडा. खाने के साथ चटनी मिल जाए, तो भोजन का स्वाद और भी बढ़ जाता है. अगर आप भी घर पर कुछ अलग और स्वादिष्ट चटनी बनाना चाहते हैं, तो मीठी नीम यानी कड़ी पत्ता की चटपटी चटनी बना सकते हैं. इसे तैयार करना आसान है और इसमें इस्तेमाल होने वाली ज्यादातर सामग्री घर में आसानी से मिल जाती है. खास बात यह है कि इसे सूखी और गीली, दोनों तरह से बनाया जा सकता है.
दीनदयाल शोध संस्थान कृषि विज्ञान केंद्र, गोपालग्राम की गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ममता त्रिपाठी ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मीठी नीम की चटनी बनाने के लिए करीब 250 ग्राम ताजी कड़ी पत्ता की पत्तियां, 50 ग्राम भुनी मूंगफली, 4 से 5 लहसुन की कलियां, हरी या लाल मिर्च, 3 से 4 बड़े चम्मच सफेद तिल, स्वादानुसार नमक, दो चुटकी काला नमक, एक छोटी चम्मच जीरा, अमचूर पाउडर या नींबू का रस और राई की जरूरत होती है.
सबसे पहले कड़ी पत्ता की ताजी पत्तियों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें और फिर उन्हें सुखा लें. इसके बाद कढ़ाई में पत्तियों को हल्का भून लें. अब भुनी हुई मूंगफली, लहसुन, हरी या लाल मिर्च, सफेद तिल, नमक, काला नमक और भुना हुआ जीरा डालकर हल्का भून लें. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें राई का तड़का भी लगाया जा सकता है.
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सभी सामग्री को ठंडा होने दें. इसके बाद कड़ी पत्ता और तैयार मसालों को मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें. इस तरह घर पर मीठी नीम की चटपटी सूखी चटनी तैयार हो जाएगी.
डॉ. ममता त्रिपाठी के अनुसार, अगर आप गीली चटनी बनाना चाहते हैं, तो कड़ी पत्ता को भूनने की जरूरत नहीं है. इसके लिए पेड़ से ताजी पत्तियां तोड़कर अच्छी तरह धो लें. फिर उन्हें मिक्सर में डालकर पीसें. इसमें सूखी चटनी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलाई जा सकती है. जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर सभी चीजों को पीस लें. इस तरह गीली चटनी तैयार हो जाएगी.
विशेषज्ञ के मुताबिक, सूखी चटनी को सही तरीके से तैयार करके एयरटाइट डिब्बे में रखा जाए, तो इसे करीब 2 से 3 महीने तक स्टोर किया जा सकता है. इसे खाते समय इसमें दही, सरसों का तेल या थोड़ा पानी मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.
मीठी नीम की यह चटनी रोटी, पराठे, दाल और चावल के साथ खाई जा सकती है. इसका चटपटा स्वाद भोजन का जायका बढ़ा देता है. घर में आसानी से मिलने वाली सामग्री से तैयार होने के कारण इसे कम मेहनत में बनाया जा सकता है.
बैंकॉक से मुंबई आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट लौटी: भारतीय यात्री ने हंगामा किया था; 45 मिनट बाद मुंबई के लिए उड़ान भरी
बैंकॉक से मुंबई आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 2338 को एक यात्री के हंगामे के चलते लौटना पड़ा। विमान ने बुधवार रात 8:20 बजे बैंकॉक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। इसके बाद यात्री के अजीब व्यवहार के कारण पायलट ने विमान को वापस ले जाने का फैसला किया। विमान रात 10:40 बजे बैंकॉक एयरपोर्ट पर उतर गया। विमान में सवार एक यात्री ने भास्कर को बताया कि विमान में सवार एक भारतीय यात्री अजीब तरीके से पेश आ रहा था और हंगामा कर रहा था। हालात को देखते हुए पायलट ने घोषणा की कि विमान को वापस बैंकॉक ले जाया जा रहा है। विमान के बैंकॉक में उतरने के बाद मेडिकल टीम पहुंची और यात्री को अपने साथ ले गई। फिलहाल यात्री के इस तरह व्यवहार करने की वजह और उसकी तबीयत के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है। इसके 45 मिनट बाद फ्लाइट ने बैंकॉक से मुंबई के लिए उड़ान भरी। एअर इंडिया की ओर से भी घटना पर आधिकारिक बयान नहीं आया है। फ्लाइट में हंगामा करने वाले यात्री को लेने पहुंची मेडिकल टीम, 3 तस्वीरें… बैंकॉक में फ्लाइट में हंगामा करने पर क्या सजा? विमान में हंगामा करने वाले यात्री पर उसके व्यवहार के हिसाब से कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अगर यात्री क्रू के निर्देश नहीं मानता, किसी को धमकी देता है या विमान की सुरक्षा में बाधा डालता है, तो मामला गंभीर हो सकता है। ऐसी स्थिति में पायलट को विमान वापस ले जाने का फैसला भी लेना पड़ सकता है। विमान में होने वाले अपराधों से निपटने के लिए 1963 में टोक्यो कन्वेंशन हुआ था। यह अंतरराष्ट्रीय समझौता विमान के अंदर अपराध या अनुशासन बिगाड़ने वाली घटनाओं से जुड़े अधिकारों और जिम्मेदारियों को तय करता है। 8 सितंबर- दुबई-जयपुर फ्लाइट में यात्री ने इमरजेंसी गेट खोलने की कोशिश की 8 सितंबर को दुबई से जयपुर आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में एक यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट गेट खोलने की कोशिश की थी। क्रू मेंबर ने उसे रोक लिया था। जयपुर एयरपोर्ट पर विमान उतरने के बाद यात्री को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया गया था। यह घटना फ्लाइट नंबर IX-196 में हुई थी। यात्री की हरकत से विमान में हड़कंप मच गया था। क्रू मेंबर ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे रोका था। —————- ये खबर भी पढ़ें… दुनिया में पहली बार ड्रोन से घायल सैनिक का रेस्क्यू:यूक्रेनी सैनिक डेढ़ साल से बॉर्डर पर फंसा था, चारों तरफ बारूदी सुरंगें बिछी थीं दुनिया में पहली बार एक घायल सैनिक का ड्रोन से रेस्क्यू किया गया। कोस्त्यांतिन व्लासेंको नाम का यूक्रेनी सैनिक 491 दिनों से सीमा पर फंसा हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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दिल्ली के बाजारों-कॉलोनियों में रात को भी होगी सफाई: त्योहारों से पहले कूड़े के ढेर हटाने के निर्देश, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सफाई कर्मचारी होंगे तैनात – New Delhi News
दीपावली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर दिल्ली के रिहायशी इलाकों और प्रमुख बाजारों में अब रात को भी सफाई कराई जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कूड़े के ढेर तत्काल हटाए जाएं और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी के कई इलाकों से समय पर कूड़ा नहीं उठने और जगह-जगह गंदगी की शिकायतें मिल रही हैं। कुछ जोन में सफाई व्यवस्था में लापरवाही सामने आई है। सफाई के प्रयासों के बावजूद अपेक्षित सुधार जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो और इसका असर सड़कों व बाजारों में नजर आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने मेयर प्रवेश वाही और निगम आयुक्त संजीव खिरवार को पूरी दिल्ली में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त स्टाफ लगाया जाए। जरूरत पड़ने पर रात्रिकालीन सफाई के लिए नए कर्मचारी भी रखे जाएं। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बाजारों और रिहायशी कॉलोनियों में रात को सफाई होने से दिन में लोगों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी और स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी। बैठक में शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, मेयर प्रवेश वाही, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, निगम आयुक्त संजीव खिरवार सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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जालोर पुलिस लाइन में मनाया पुलिस स्मृति दिवस: शहीद जवानों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया, पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि – Jalore News
जालोर पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने शहीद जवानों को पुष्प चक्र और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में शहीदों के बलिदान को याद किया। शहीद जवानों को दिया गार्ड ऑफ ऑनर परेड में निरीक्षक लीलसिंह के नेतृत्व में शहीद जवानों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद एसपी शैलेन्द्र सिंह इन्दोलिया, एएसपी कैलाश विश्नोई, डीएसपी गौतम जैन सहित अन्य पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के बाद पुलिस अधीक्षक सहित अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों ने पुलिस लाइन परिसर में पौधरोपण भी किया। 1959 के बलिदान की याद में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस अक्टूबर 1959 में लद्दाख के दुर्गम क्षेत्र में मातृभूमि की रक्षा करते हुए भारतीय पुलिस के जवानों ने अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्हीं वीर जवानों के बलिदान को याद करने और उनसे प्रेरणा लेने के लिए हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिवस पुलिसकर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
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