Thursday, September 24, 2026
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जमुई कांड के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन: मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी; दोषियों पर कार्रवाई की मांग – Sheikhpura News




शेखपुरा में जमुई कांड के विरोध में जिला युवा कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय आजाद हिंद आश्रम से पटेल चौक तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमुई की पीड़िता को न्याय दिलाने और बिहार में बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… आजाद हिंद आश्रम से पटेल चौक तक मार्च विरोध मार्च का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस नेता राहुल कुमार ने किया। कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ मार्च पटेल चौक पहुंचा। यहां कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। राहुल कुमार ने सरकार पर साधा निशाना प्रदर्शन के दौरान राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयान का जिक्र करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कुछ दिन पहले कहा था कि अगर रात 12 बजे भी किसी ने हमारी बेटी को छू लिया तो अगली सुबह वे इस्तीफा दे देंगे। बोले- शाम में ही सामने आ रही ऐसी घटनाएं राहुल कुमार ने कहा कि आज स्थिति यह है कि रात 12 बजे की बात तो दूर, बिहार में शाम के समय ही बेटियों के साथ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल भाषण और बयान से नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई से सुनिश्चित होगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेता ने सरकार से जमुई की पीड़िता को न्याय दिलाने और मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाएं रखें प्रदर्शन के दौरान राहुल कुमार ने देश में चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर चल रही बहस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बनाए रखने की मांग की। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद कार्यक्रम में मुन्ना सिंह, प्रेम कुमार गुप्ता, अमीर राज मंडल, गौतम साह, चुनूं साव, राजा राम प्रसाद, सहदेव चौरसिया, पप्पू मिश्रा, आशीष रंजन, अधिवक्ता सुमन कुमार, राजीव पटेल, कौशल सिंह, मोहम्मद मुर्शीद और निगम कुमार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, युवा कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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एशियन गेम्स में MP के जय मीना ने रचा इतिहास: भारत को सॉफ्ट टेनिस में दिलाया पहला पदक; पुरुष एकल स्पर्धा में जीता कांस्य – Bhopal News




भोपाल के रहने वाले मध्यप्रदेश के सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी जय मीना ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया। जय ने पुरुष एकल वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए सॉफ्ट टेनिस का पहला एशियाई खेल पदक पक्का किया। सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार मिली। इसके साथ ही जय को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। सेमीफाइनल में जापानी खिलाड़ी से मिली हार सेमीफाइनल मुकाबले में जय ने जापान के ताकुया कुरोसाका को कड़ी चुनौती दी। उन्होंने कई मौकों पर वापसी की कोशिश की, लेकिन निर्णायक पलों में कुरोसाका बढ़त बनाए रखने में सफल रहे। अंतिम चार में पहुंचने के साथ ही जय का पदक सुनिश्चित हो गया था। क्वार्टरफाइनल में फिलीपींस के खिलाड़ी को हराया सेमीफाइनल से पहले जय ने क्वार्टरफाइनल में फिलीपींस के खिलाड़ी के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबला जीता और अंतिम चार में जगह बनाई। मुकाबला निर्णायक चरण तक पहुंचा, लेकिन जय ने दबाव के बीच बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की। उनकी इस जीत के साथ ही भारत का पदक तय हो गया था। 2022 नेशनल गेम्स में जीता था स्वर्ण जय मीना ने 2022 में गुजरात में हुए 36वें नेशनल गेम्स में पुरुष एकल का स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने पुरुष टीम और युगल स्पर्धाओं में भी मध्यप्रदेश के लिए पदक जीते हैं। वर्ष 2025 में वे पुरुष एकल के नेशनल चैंपियन बने। वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जीता था कांस्य जय ने 2024 की वर्ल्ड सॉफ्ट टेनिस चैंपियनशिप में अंडर-21 मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने आध्या तिवारी के साथ मिलकर यह पदक हासिल किया था। यह जोड़ी विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली पदक विजेता जोड़ी बनी थी। देवास के स्कूल कोर्ट से शुरू हुआ सफर जय मीना का अंतरराष्ट्रीय सफर देवास के Pioneer Public School के कोर्ट से शुरू हुआ। स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्होंने पहली बार सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ियों को खेलते देखा। शुरुआत में वे खिलाड़ियों को देखने के साथ बॉल बॉय के तौर पर मदद करते थे। धीरे-धीरे खेल में रुचि बढ़ी और उन्होंने खुद रैकेट थाम लिया। स्कूल और जिला स्तर की प्रतियोगिताओं से आगे बढ़ते हुए जय ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। 14 साल की उम्र में उन्होंने जापान में अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया था। अब उसी जापान में एशियन गेम्स के मंच पर भारत के लिए ऐतिहासिक पदक पक्का कर उन्होंने अपने सफर को नई ऊंचाई दी है। मंत्री सारंग ने दी बधाई मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने जय मीना को ऐतिहासिक कांस्य पदक सुनिश्चित करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि जय की उपलब्धि मध्यप्रदेश के साथ पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। सॉफ्ट टेनिस में भारत को एशियन गेम्स का पहला पदक दिलाकर जय ने भारतीय खेल इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि जय की सफलता प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।



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Recipe: न घी की भरमार, न महंगे ड्राय फ्रूट्स… आटा और गुड़ से तैयार होती है बुरहानपुर की

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Gulgula Sweet Recipe: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल के बुरहानपुर में गेहूं के आटे और गुड़ से तैयार होने वाली गुलगुला मिठाई काफी लोकप्रिय है. यह पारंपरिक व्यंजन स्वाद में खास है और इसे सफर के लिए भी सुविधाजनक माना जाता है क्योंकि यह करीब सात दिनों तक खराब नहीं होता.

Gulgula Sweet Recipe: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में खान-पान की अपनी अलग पहचान है और यहां बनने वाले पारंपरिक व्यंजन आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. बुरहानपुर जिले में भी कई ऐसे पारंपरिक पकवान हैं जिनका स्वाद लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. इन्हीं में से एक है गुलगुला मिठाई जो गेहूं के आटे और गुड़ से तैयार की जाती है. निमाड़ की रसोई से निकला यह देसी स्वाद बुरहानपुर की खान-पान की संस्कृति को भी दर्शाता है. यही वजह है कि गुलगुला आज भी स्थानीय लोगों की पसंदीदा पारंपरिक मिठाइयों में शामिल है.

एक्सपर्ट महिला ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को एक्सपर्ट महिला फूलाबाई ने जानकारी देते हुए बताया कि गुलगुला बनाने के लिए मुख्य रूप से गेहूं का जाड़ा आटा गुड़ और तेल की जरूरत होती है. इन साधारण सामग्री से तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद में बेहद खास होती है. पहले आटे और गुड़ को मिलाकर इसका मिश्रण तैयार किया जाता है. इसके बाद इसे आकार देकर तेल में पकाया जाता है. तैयार होने के बाद गुलगुले बाहर से हल्के कुरकुरे और अंदर से नरम होते हैं.

निमाड़ की फेमस है मिठाई
बुरहानपुर और निमाड़ क्षेत्र में गुलगुला सिर्फ एक मिठाई नहीं बल्कि पारंपरिक खान-पान का हिस्सा माना जाता है. घरों में जब भी मेहमान आते हैं तो कई परिवार इसे बनाकर मेहमानों को परोसते हैं. खास बात यह है कि इसे बच्चे और बड़े सभी बड़े चाव से खाते हैं. ग्रामीण और पारंपरिक परिवारों में गुलगुले को कई बार बड़े चावल जैसे स्थानीय भोजन के साथ भी खाया जाता है. वहीं परिवार के लोग यात्रा पर जाते समय भी इसे साथ लेकर जाते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी लंबे समय तक टिकने की क्षमता है. सही तरीके से तैयार और सुरक्षित रखने पर गुलगुला करीब सात दिनों तक खराब नहीं होता है. यही वजह है कि इसे सफर के लिए भी सुविधाजनक माना जाता है. आज के दौर में जहां बाजार में तरह-तरह की आधुनिक मिठाइयां उपलब्ध हैं. वहीं, बुरहानपुर का गुलगुला अपनी पारंपरिक पहचान बनाए हुए है. गेहूं के आटे और गुड़ से बनने वाली यह मिठाई कम सामग्री में तैयार होकर भी स्वाद और परंपरा का अनोखा मेल पेश करती है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…

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इस्लामाबाद में इमरान समर्थकों का मार्च रोकने 2,000 कंटेनर लगाए: हाईवे बंद, बुलडोजर-क्रेन लेकर रास्ता खोलने पहुंचेंगे PTI कार्यकर्ता




पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान करीब 3 साल से जेल में बंद हैं। उनकी रिहाई के लिए PTI ने 27 सितंबर को देशभर में मार्च का ऐलान किया है। इससे पहले इस्लामाबाद में प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। हाईवे बंद किए जा रहे हैं। करीब 2 हजार कंटेनर सड़कों पर लगाए गए हैं। पंजाब और सिंध से 20 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी बुलाए गए हैं। सरकार ने रैलियों, जुलूस और सार्वजनिक सभाओं पर 2 महीने के लिए रोक लगा दी है। दूसरी तरफ PTI ने भी रास्ते में लगाए जाने वाले कंटेनरों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक बुलडोजर और क्रेन जैसे भारी वाहन जुटा रहे हैं। इन्हें इस्लामाबाद ले जाने की तैयारी है। इस्लामाबाद में धारा 144 लागू, 5 से ज्यादा लोगों के जुटने पर रोक इस्लामाबाद में धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके तहत 5 या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने पर रोक है। रैली, जुलूस और प्रदर्शन भी नहीं हो सकेंगे। शहर के कई हिस्सों में कंटेनरों को वेल्डिंग करके जोड़ा गया है। कुछ कंटेनरों के बाहर लोहे के कीले भी लगाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे, इस्लामाबाद-डेरा इस्माइल खान मोटरवे और ग्रैंड ट्रंक रोड को कई जगह बंद किया जाएगा। रावलपिंडी और अटक के कुछ इलाकों में 27 सितंबर को मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद करने की मांग भी की गई है। शहबाज सरकार ने PTI से मार्च टालने को कहा गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने PTI नेताओं से मार्च पर दोबारा विचार करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि सरकार इस्लामाबाद की ओर होने वाले मार्च को हर संभव तरीके से रोकेगी। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान किसी की जान जाने पर आयोजकों को जिम्मेदार ठहराने की चेतावनी भी दी है। PTI ने हालांकि अपना कार्यक्रम रद्द नहीं किया है। पार्टी का कहना है कि इमरान खान की रिहाई के लिए मार्च किया जाएगा। PTI नेता इसे 2024 के प्रदर्शन से बड़ा बनाने की तैयारी में हैं। हाईकोर्ट ने कहा- सड़कों और सरकारी इमारतों पर कब्जा नहीं कर सकते इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 14 सितंबर को PTI के मार्च से जुड़े मामले में अहम निर्देश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि कोई राजनीतिक पार्टी या नेता सार्वजनिक सड़क, हाईवे, इंटरचेंज, टोल प्लाजा या सरकारी इमारत पर कब्जा नहीं कर सकता। कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रांतीय सरकारें प्रदर्शन के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल न होने दें। यानी मार्च के दौरान सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी रोक लगाई गई है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 14 सितंबर को कहा था कि प्रदर्शन के दौरान कोई राजनीतिक पार्टी, नेता, प्रांतीय सरकार या सरकारी अधिकारी सार्वजनिक सड़कों, हाईवे, इंटरचेंज, टोल प्लाजा या सरकारी इमारतों पर कब्जा नहीं कर सकता। पाकिस्तान में कंटेनरों से रास्ते रोकना पुराना तरीका पाकिस्तान में राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान कंटेनर लगाने का इतिहास करीब 30 साल पुराना है। 1996 में बेनजीर भुट्टो सरकार ने जमात-ए-इस्लामी नेता काजी हुसैन अहमद को इस्लामाबाद पहुंचने से रोकने के लिए कंटेनर लगाए थे। 2014 में इमरान खान के धरने के दौरान यही कंटेनर प्रदर्शन का मंच बन गए। इमरान और उनके समर्थक कई हफ्तों तक एक कंटेनर से भाषण देते रहे। इसके बाद पाकिस्तान की राजनीति में ‘कंटेनर पॉलिटिक्स’ शब्द प्रचलित हो गया। 2016, 2019 और 2022 में हुए बड़े प्रदर्शनों के दौरान भी राजधानी जाने वाले रास्तों को कंटेनर लगाकर बंद किया गया था। अगस्त 2023 से जेल में हैं इमरान 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। बाद में सिफर और इद्दत निकाह मामलों में उन्हें अदालत से राहत मिल गई। तोशाखाना मामले में भी उनकी एक सजा रोक दी गई। इसके बावजूद दूसरे मामलों के चलते वह अभी जेल में हैं। इमरान खान और उनकी पार्टी PTI का कहना है कि 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद उनके खिलाफ राजनीतिक वजहों से मामले दर्ज किए गए। उनका आरोप है कि उन्हें राजनीति और चुनाव से दूर रखने के लिए ऐसा किया गया। वहीं, पाकिस्तान सरकार और जांच एजेंसियां इन आरोपों को खारिज करती हैं। उनका कहना है कि ये मामले कानूनी प्रक्रिया के तहत चल रहे हैं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की:कहा- ड्रोन हमलों का जवाब दिया, तालिबान ने पहले चौकियों पर गोलाबारी की पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तराड़ ने कहा कि ये हमले अफगानिस्तान से एक दिन पहले हुए ड्रोन हमलों के जवाब में किए गए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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देसी कंपनी ने 11999 रुपये में लॉन्च किया 5G स्मार्टफोन, iPhone 16 जैसा है बैक पैनल


देसी कंपनी Mivi ने अपना पहला स्मार्टफोन लॉन्च कर दिया है। मिवी का यह 5G स्मार्टफोन 11,999 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया गया है। हैदराबाद बेस्ड कंपनी का यह पहला फोन है, जिसे फ्लिपकार्ट पर लॉन्च किया गया है। इस फोन में 6000mAh की दमदार बैटरी और 50MP कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। वहीं बैक पैनल का डिजाइन iPhone 16 से इंस्पायर्ड है।

कितनी है कीमत?

Mivi One 5G स्मार्टफोन को कंपनी ने तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 128GB, 6GB RAM+ 128GB और 8GB RAM + 128GB में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत 12,999 रुपये है। वहीं, इसके अन्य दोनों वेरिएंट्स क्रमशः 14,999 रुपये और 16,499 रुपये है। यह फोन पांच कलर ऑप्शन- ब्लू, बरगंडी, डार्क ब्लू, ग्रीन और पिंक में आता है। फोन की पहली सेल 8 अक्टूबर को Flipkart पर आयोजित की जाएगी। फोन की खरीद पर 1,000 रुपये का इंस्टैंड बैंक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है।

  • 4GB RAM + 128GB – 12,999 रुपये
  • 6GB RAM+ 128GB – 14,999 रुपये
  • 8GB RAM + 128GB – 16,499 रुपये

Mivi One 5G के फीचर्स

देसी कंपनी का यह स्मार्टफोन 6.75 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले में ट्रेडिशनल वाटरड्रॉप नॉच डिजाइन दिया गया है। इस स्मार्टफोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 720 x 1600 पिक्सल है। इस फोन में Qualcomm Snapdragon 4 Gen 2 5G चिपसेट दिया गया है। इसके साथ 8GB रैम और 128GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा, जिसे माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है।










Mivi One 5G फीचर्स
डिस्प्ले 6.75 इंच, HD+
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 4 Gen 2 5G
स्टोरेज 8GB, 128GB
बैटरी 6000mAh
कैमरा 50MP, 8MP
OS Android 16

Mivi One में कंपनी ने Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल किया है। कंपनी ने इसमें कोई कस्टमाइज्ड OS नहीं यूज किया है। फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें 50MP का मेन और एक सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। बैक में LED फ्लैश भी दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का कैमरा मिलेगा। इस फोन में 6000mAh की बैटरी और USB Type C चार्जिंग फीचर दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए मिवी के इस बजट फ्रेंडली फोन में 5G/4G/LTE/3G/2G, WiFi, Bluetooth जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें – OnePlus 16 के कई फीचर्स हुए कंफर्म, 200MP कैमरा के साथ जल्द होगा लॉन्च





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श्रावस्ती में 12 स्थानों की गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन: श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ बूढ़ी राप्ती और भकला घाट में किया विसर्जन – Shravasti News


श्रावस्ती1 मिनट पहले

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श्रावस्ती जिले में 14 सितंबर से चल रहे गणेश महोत्सव का बुधवार रात्रि 10:00 बजे तक कई जगहों पर श्रद्धा के साथ समापन हुआ। लक्ष्मणपुर बाजार, परसिया राजा, हरैया तराई और संग्रामगंज समेत करीब 12 स्थानों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं।श्रद्धालु ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों और भक्ति गीतों के साथ पैदल विसर्जन स्थलों तक पहुंचे।

लक्ष्मणपुर बाजार से शाम करीब सात बजे रथ पर सजी गणेश प्रतिमा के साथ शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे। वे करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर बहादुरपुर गोड़पुरवा स्थित बूढ़ी राप्ती नदी पहुंचे। यहां विधि-विधान से पूजा और आरती के बाद प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

भिनगा बाजार के चार स्थानों से शाम करीब छह बजे विसर्जन यात्रा निकली। डीजे पर बज रहे धार्मिक गीतों के बीच श्रद्धालु करीब 10 किलोमीटर पैदल चलकर भकला घाट पहुंचे। यहां पूजा के बाद गणेश प्रतिमाओं को पवित्र जल में विसर्जित किया गया। लक्ष्मण नगर में भी गणेश महोत्सव के समापन पर शोभायात्रा निकालकर भकला घाट में प्रतिमा का विसर्जन किया गया।

विसर्जन यात्राओं को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। शोभायात्रा के रास्ते और विसर्जन स्थलों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस की निगरानी में सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरे हुए। जिले के कई दूसरे इलाकों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन 25 सितंबर को होगा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक, सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि किसी भी शुभ काम की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से करने पर सारी बाधाएं दूर होती हैं। इसी वजह से उन्हें विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य कहा जाता है।

गणेश चतुर्थी पर श्रद्धालु घरों और सार्वजनिक जगहों पर गणेश प्रतिमा स्थापित कर पूजा, आरती, भजन-कीर्तन और प्रसाद बांटते हैं। उत्सव के आखिर में प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, विसर्जन को गणपति को सम्मान के साथ विदाई देने का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु गणपति से परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।



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UP-बिहार समेत 4 राज्यों के पुरुषों की No Entry! इस CEO के फैसले पर छिड़ी बहस


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बेंगलुरु की एक कंपनी के CEO कार्तिक एसजी ने उत्तर प्रदेश चार राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी न देने का ऐलान किया है. CEO ने इस फैसले की वजह एक पूर्व कर्मचारी पर महिला स्टाफ के साथ बदसलूकी और जबरदस्ती की कोशिश के आरोपों को बताया. उनका कहना है कि कंपनी बच्चों के साथ भी काम करती है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. इस फैसले ने सोशल मीडिया पर हायरिंग, क्षेत्रीय पहचान और वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है. ये पूरा मामला क्या है और सीआईओ ने अपनी पोस्ट में क्या बताया है, इसके बारे में बताते हैं.

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पोस्ट की वजह से सोशल मीडिया पर हायरिंग, क्षेत्रीय पहचान और वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

जरा सोचिए, आप किसी कंपनी में नौकरी के लिए पहुंचते हैं, इंटरव्यू भी देते हैं, लेकिन तभी पता चलता है कि आपके राज्य की वजह से आपको नौकरी ही नहीं मिलेगी. सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन बेंगलुरु की एक कंपनी की हायरिंग पॉलिसी को लेकर ऐसा ही मामला सामने आया है. कंपनी ने कुछ राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देने का ऐलान किया है.

इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है. कंपनी के CEO ने इस पॉलिसी के पीछे एक पूर्व कर्मचारी के साथ बदसलूकी करने की वजह बताई है. A1 Sports World के फाउंडर कार्तिक एसजी ने खुद 22 सितंबर को X पर पोस्ट कर कहा कि उनकी कंपनी अब उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश से आने वाले पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी नहीं देगी. उनके इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर हायरिंग, क्षेत्रीय पहचान और वर्कप्लेस सेफ्टी को लेकर बहस शुरू हो गई.

4 राज्यों के पुरुष उम्मीदवारों पर रोक का ऐलान

कार्तिक ने अपनी पोस्ट में चार राज्यों के नाम साफ तौर पर बताए. इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश शामिल हैं. कार्तिक ने अपने फैसले की वजह एक पूर्व कर्मचारी से जुड़ी कथित घटना को बताया है. इस कंपनी में 32 कर्मचारी हैं, जिनमें 14 महिलाएं हैं. कार्तिक के मुताबिक, उनकी कंपनी बच्चों से जुड़े स्पोर्ट्स प्रोग्राम भी चलाती है, इसलिए कर्मचारियों की सुरक्षा उनके लिए अहम है. यह पोस्ट सामने आने के बाद कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि किसी उम्मीदवार के राज्य के आधार पर भर्ती का फैसला करना कितना उचित है.

कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे क्षेत्रीय भेदभाव से जोड़कर आलोचना की. वहीं कुछ लोगों ने कंपनी की सुरक्षा संबंधी चिंता पर बात की. इस तरह बहस सिर्फ एक कंपनी की भर्ती नीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सवाल भी उठा कि किसी कर्मचारी के कथित व्यवहार के बाद भर्ती प्रक्रिया में किस तरह बदलाव किए जाने चाहिए.

पूर्व कर्मचारी से जुड़ी घटना क्या थी?



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‘बेटे के हत्यारे के टुकड़े होंगे, तभी मन शांत होगा’: मां बोली- 5 साल के बच्चे का चेहरा तेजाब से जलाया, दोनों हाथ-पैर काट ले गए अपराधी – Begusarai News




‘मेरे 5 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है। सिर को धड़ से अलग कर दिया। दोनों पैर और हाथों के पंजे काटकर अपराधी ले गए हैं। हमलोग मौके पर पहुंचे तो बच्चे का सिर धड़ से 10 मीटर दूर पड़ा था। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को तेजाब से जला दिया। कानून से मेरी गुजारिश है कि हत्यारे को खोजकर हमारे सामने लाया जाए। जैसे मेरे बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया है, वैसे ही उस हत्यारे के टुकड़े किए जाएं, तभी मेरे कलेजे को शांति मिलेगी।’ ये बातें बेगूसराय की शबाना खातून ने कही है। जिनके लापता 5 साल के बेटे सुफियान की हत्या हुई थी, 22 सितंबर को उसकी लाश मिली थी। लाश काफी सड़ चुकी थी, इसलिए उसे पोस्टमॉर्टम के लिए 23 सितंबर को DMCH भेजा गया है। मामला तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल गांव का है। बच्चे के साथ कब क्या हुआ, कैसे लापता हुआ, उसकी लाश तक परिजन-पुलिस कैसे पहुंचे, मां ने और क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट… पहले घटनास्थल से सामने आई कुछ तस्वीरें देखिए… अभी भी झाड़ियों और पेड़ के पत्तों पर हैं खून के दाग दैनिक भास्कर की टीम ने मृतक के घर से लेकर घटनास्थल तक को देखा। सुफियान का घर धनकौल गांव के रिहायशी हिस्से में है, जबकि उसकी लाश घर से महज 300 मीटर की दूरी पर बलान नदी के बांध किनारे पाई गई। नदी किनारे स्थित एक सीमल (सेमर) के पेड़ के पास पुलिस ने पीली टेप लगाकर क्राइम सीन को सील कर रखा है। सीमल के पेड़ के तने और नीचे झाड़ियों में अभी भी खून के गहरे धब्बे मौजूद हैं। ये वही जगह है, जहां बच्चे की काटकर हत्या हुई थी। स्थानीय लोगों को आशंका है कि नशेड़ियों के गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है। मौके पर देसी-विदेशी शराब की खाली बोतलें, स्मैक की पुड़िये मिले हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि दोपहर से देर रात 2 बजे तक यहां स्मैकर्स, शराबियों और असामाजिक तत्वों का हुड़दंग रहता है। बहन के साथ घर से निकला था सुफियान मृतक सुफियान की मां शबाना खातून ने कहा कि मेरे तीन बच्चें हैं। सबसे बड़ी आइसा (9), दूसरी बेटी रेहाना (7) और सबसे छोटा सुफियान (5) था। सुफियान की हत्या के बाद 2 बेटियां रह गईं। बड़ी बेटी आइसा कोचिंग में पढ़ती है। वो रोज घर से करीब 100 मीटर दूर ट्यूशन पढ़ने जाती है। उसके साथ सुफियान भी जाता था, वो वहां पढ़ाई नहीं करता था। बस अपनी बहन के साथ बैठा करता था। 17 सितंबर को भी आइसा कोचिंग गई थी। पीछे-पीछे सुफियान भी गया था। बेटी घर लौट आई, पर बेटा नहीं आया शबाना खातून ने कहा कि आइसा पढ़ाई के बाद घर लौट आई थी, पर सुफियान नहीं था। मैंने आइसा से पूछा कि सुफियान कहां है। उसने बताया कि वो तो कोचिंग के बाहर ही रुका हुआ था। मुझे लगा कि वो घर आ गया होगा। जिसके बाद हमने सुफियान को पूरे गांव में खोजा। लाउडस्पीकर से आवाजें दी गई, रिश्तेदारियों में फोन घुमाए गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात में गांव के लोगों ने टॉर्च लेकर खेतों, झाड़ियों और सुनसान इलाकों में छानबीन की, मगर हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मायूसी ही हाथ लगी। जेठ कब्रिस्तान की तरफ गए तो लाश देखी शबाना ने बताया कि 22 सितंबर को जब मेरे भैंसूर (जेठ) कब्रिस्तान और नदी किनारे की तरफ गए, तो देखा कि 4-5 कुत्ते एक जगह घेरा बनाए हुए थे। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनका कलेजा कांप गया, वहां मेरे सुफियान का शरीर पड़ा था। सिर और धड़ अलग थे। उन्होंने घर आकर हमें सूचना दी, फिर पुलिस भी आई। हमारी गांव में या बाहर किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। मेरे बेगुनाह मासूम को दरिंदगी से काटा गया है। परिजन-ग्रामीण को साजिश की आशंका परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार 16 सितंबर की शाम सुफियान घर में मकई का भुट्टा (कॉर्न) खाते हुए आया था। जब मां शबाना ने उससे पूछा कि यह भुट्टा कहां से मिला, तो मासूम ने बताया था कि एक आंटी ने खाने के लिए दिया है। अगले दिन, 17 सितंबर को 3:30 से 4:00 बजे के बीच, सुफियान रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गया। 16 सितंबर को इसी समय उसे किसी ने भुट्‌टा खाने के लिए दिया था। दिल्ली से इलाज कराने आए थे बीमार पिता सुफियान का परिवार आर्थिक और शारीरिक दुखों से जूझ रहा है। सुफियान के पिता मोहम्मद शकील लंबे समय से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। शकील सपरिवार दिल्ली में रहकर छोटी-मोटी मजदूरी करते थे, लेकिन कुछ महीने पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों के मुताबिक शकील की दोनों किडनियां और लीवर फेल हो चुके हैं, साथ ही उन्हें ब्रेन ट्यूमर की भी शिकायत है। दिल्ली में इलाज का खर्च न उठा पाने और स्थिति बिगड़ने पर वे करीब 6 महीने पहले अपने गांव धनकौल लौट आए थे। गांव वालों का कहना है कि जो व्यक्ति खुद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा हो और महीनों से बिस्तर पर पड़ा हो, उसकी भला किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है? किसी ने दुश्मनी निकाली है ग्रामीण मोहम्मद नासिर ने बताया कि तेजाब के असर से मासूम के सिर के पूरे बाल गायब हो चुके थे। स्किन जलकर काली पड़ चुकी थी और चेहरा पूरी तरह गल चुका था। कातिल ने बच्चे के हाथों की दोनों हथेलियों और पैरों के पंजों को धारदार हथियार से बेहद बेरहमी से काटा था। किसी ने अपनी दुश्मनी निकालने के लिए मासूम को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद से गांव में ऐसा खौफ है कि लोग अपने छोटे बच्चों को घर के आंगन से भी बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है- डीएसपी मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि 5 वर्षीय मोहम्मद सुफियान के 17 सितंबर को गायब होने की सूचना तेघड़ा थाना को दी गई थी। तेघड़ा थाना की पुलिस इस संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान 22 सितंबर को उसका शव बलान नदी के किनारे झाड़ी में मिला। शव को बरामद कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।



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रायसेन में टैक्स बकायादारों पर होगी तालाबंदी: 6 करोड़ से ज्यादा बकाया, दुकानों पर नोटिस चस्पा; वेतन के लिए हर माह 60 लाख रुपए चाहिए – Raisen News




रायसेन में नगर पालिका ने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले बकायादारों के खिलाफ अब सख्ती शुरू कर दी है। शहरवासियों पर नगर पालिका का 6 करोड़ रुपए से ज्यादा टैक्स बकाया है। सीएमओ सुरेखा जाटव ने कहा है कि बार-बार सूचना देने के बाद भी बकाया जमा नहीं करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिका की ओर से बकायादारों को लगातार टैक्स जमा करने की सूचना दी जा रही है। इसके बावजूद कई बड़े बकायादार राशि जमा नहीं कर रहे हैं। अब ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हर महीने 60 लाख रुपए वेतन में खर्च नगर पालिका में 102 स्थायी कर्मचारी हैं। इनके वेतन पर हर महीने करीब 60 लाख रुपए खर्च होते हैं। नपा अधिकारियों के अनुसार, बड़ी मात्रा में टैक्स बकाया होने से राजस्व वसूली प्रभावित हो रही है। इसका असर नगर पालिका की आर्थिक व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर टैक्स जमा होने से कर्मचारियों के वेतन के साथ शहर की जरूरी सेवाओं और दूसरे खर्चों के लिए भी पर्याप्त राशि उपलब्ध रहेगी। तीन दुकानों पर नोटिस, आवंटन रद्द करने की तैयारी महामाया चौक स्थित दीनदयाल परिसर की तीन दुकानों पर भी नगर पालिका ने नोटिस चस्पा किए हैं। दुकानदारों को बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में राशि जमा नहीं होने पर दुकानों का आवंटन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। नपा ने बकायादारों से टैक्स जमा करने की अपील की सीएमओ सुरेखा जाटव ने व्यापारियों और शहरवासियों से अपील की है कि वे अपना बकाया टैक्स समय पर जमा करें। उन्होंने कहा कि नगर पालिका अब बकाया टैक्स की वसूली के लिए अभियान तेज करेगी। उन्होंने बताया कि जो लोग लगातार सूचना के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नपा ने शहरवासियों से नगर पालिका की सेवाओं और विकास कार्यों के संचालन में सहयोग करने की अपील की है।



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पत्नी विधवा कोटे से बनी सरकारी टीचर,पति ने करवाई FIR: बोला- फर्जी डॉक्यूमेंट दिए; मोबाइल पर बोलते सुना- पति पसंद नहीं, रास्ते से हटाना पड़ेगा – Jaipur News




जयपुर में महिला पर दूसरी शादी करने के बावजूद फर्जी डॉक्यूमेंट से विधवा कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है। यह आरोप उसके दूसरे पति ने लगाया है। आरोप है कि महिला ने दूसरी शादी से तीसरी संतान होने की बात भी छुपाई। झूठे शपथ-पत्रों को पेश कर कई सरकारी लाभ तक उठा लिए। महिला के तलाक का दबाव बनाने पर दूसरे पति ने जयपुर पुलिस में 22 सितंबर को FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले 45 साल के युवक ने FIR करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार- मई 2021 में युवक की महिला से लव मैरिज हुई थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी। उसकी पहले पति से दो बेटियां थी। शादी के बाद से दोनों बेटियों को दूसरे पति के परिवार में स्वीकार किया गया। दूसरी शादी के बाद महिला ने मार्च 2022 में एक बेटी को भी जन्म दिया। पति का आरोप है- उसने पत्नी को मोबाइल पर किसी से बातचीत करते सुना था। इस दौरान वह कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, उसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। SHO ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पति के आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जॉब लगने पर बदला व्यवहार शिकायत में बताया- शादी से पहले महिला ने आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर कई बार रुपए ऐंठे थे। अलग-अलग जरूरत बताकर लाखों रुपए हड़प लिए। शादी के समय महिला कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। साल 2022 में महिला का सिलेक्शन ग्रेड थर्ड टीचर के पद पर हो गया। उसकी नियुक्ति जयपुर में ही टीचर के पद पर हो गई। इसके बाद महिला का व्यवहार बदल गया। स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद काफी समय तक घर नहीं लौटती थी। घर आने के बाद भी घंटों मोबाइल पर बातचीत और सोशल मीडिया पर बिजी रहती थी। पूछने पर स्कूल में ज्यादा काम और अन्य कारण बताकर बात टाल देती थी। स्कूल पहुंचने पर मिली गायब पति का आरोप है कि साल 2023 में एक दिन वह किसी जरूरी काम के कारण स्कूल पहुंच गया। पत्नी स्कूल में नहीं मिली। प्रिंसिपल के साथ बाहर जाने का पता चला। फोन भी नहीं उठाया। कुछ देर बाद प्रिंसिपल के साथ स्कूल लौटी। वह ऐसे दिखाने लगी, जैसे वह मुझे नहीं जानती। प्रिंसिपल ने पूछा तो मैंने खुद का परिचय उसके पति के रूप में दिया। ये सुनकर प्रिंसिपल ने चौंकते हुए मेरी पत्नी को कहा कि आप खुद को विधवा और सिंगल मदर बताती हैं। इसके बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। प्रिंसिपल से अफेयर का शक युवक ने प्रिंसिपल से नजदीकियों का विरोध किया तो वह उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगी। साल 2025 में दीपावली से कुछ समय पहले महिला बिना बताए घर से चली गई। कॉन्टैक्ट करने पर कॉल नहीं उठाया। देर रात घर लौटने पर गाली-गलौज किया। इसके दो दिन बाद फिर बिना बताए घर से चली गई। लौटने पर गुस्सा कर कुछ नहीं बताया। ‘पति पसंद नहीं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा’ पति का आरोप है कि एक दिन वह अपने काम पर जाने के लिए घर से निकला। कोई काम याद आने पर घर लौट आया। घर लौटने पर पत्नी मोबाइल पर बात कर रही थी। उसे मेरे घर लौटने का पता नहीं था। बातचीत सुनने पर पता चला कि वह किसी से कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। तुम कोई व्यवस्था करो, चाहे कितना भी पैसा लगे। यह डराने-धमकाने से नहीं मानेगा। इसे तो रास्ते से ही हटाना पड़ेगा। मुझे अचानक घर पर देखकर वह घबरा गई। कॉल बंद कर दी। पूछने पर झगड़ा करते हुए दोनों बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई। कुछ दिन बाद घर में रखे डॉक्यूमेंट मिले। चेक करने पर पता चला कि उसने खुद को विधवा बताकर नौकरी हासिल की है। विधवा कोटे का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल की। तीसरी संतान के जन्म की बात भी छुपाई गई थी। झूठा शपथ-पत्र किया था पेश शिकायत में बताया- सरकारी नौकरी के लिए महिला ने जून 2022 को शिक्षा विभाग में शपथ-पत्र पेश किया था। घोषणा की कि उसने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं की है। जबकि शपथ-पत्र दिए जाने के 13 महीने पहले उसकी शादी हो चुकी थी। शपथ-पत्र पेश करने के 3 महीने बाद ही एक ओर बेटी का जन्म हो चुका था। RTE का भी उठाया फायदा सरकारी नौकरी होने के बाद भी राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बेटी के फेक डॉक्यूमेंट बनाकर निशुल्क एडमिशन करवाया। आरटीई कानून के तहत सालाना आय 2.50 लाख रुपए तक की है, जबकि उसकी नौकरी लगने के बाद अधिक सैलरी मिल रही थी। सरकारी नौकरी होने के बाद भी झूठे डॉक्यूमेंट से आरटीई के सरकारी लाभ का फायदा उठाया। नगर निगम में भी जालसाजी पति का आरोप है कि उसके कम पढ़े-लिखे होने का पत्नी ने फायदा उठाया। मई 2021 में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल तैयार करवाई गई थी। इसके आधार पर फेक विवाह प्रमाण-पत्र भी नगर निगम से बनवा लिया। इसमें शादी की तारीख अगस्त 2022 लिखवाई गई। इसके तहत तीसरी बेटी शादी से पहले ही हो गई। नगर निगम, शिक्षा विभाग और स्कूल में फेक डॉक्यूमेंट पेश कर सरकारी सेवा का लाभ उठाकर धोखाधड़ी की। शिक्षा विभाग ने शुरू की विभागीय जांच शिकायत में बताया- जालसाजी का पता चलने पर पत्नी की नियुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट और शिकायत प्रिंसिपल को दी। प्रिंसिपल ने भी फर्जीवाड़े में शामिल होकर शिकायत को दबाने का प्रयास किया। उसने शिकायत को अधिकारियों को नहीं भेजा। न ही विभागीय कार्रवाई शुरू करवाई। शिक्षा विभाग को नियुक्ति के संबंध में शिकायत और डॉक्यूमेंट पेश किए गए, जिसके आधार पर महिला के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला गंभीर पाते हुए विभागीय जांच प्रारंभ कर दी। झूठे केस में फंसाने की धमकी नवंबर 2025 में जांच शुरू होने पर पत्नी चुपचाप रहने लगी। पति की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। करीब 8 महीने चुप रहने के बाद जुलाई 2026 में विधिक नोटिस का जवाब भेजा। इसमें झूठे, गंभीर और पॉक्सो जैसे क्राइम के आरोप लगाए। नोटिस में धमकी दी कि या तो तलाक दे, नहीं तो झूठे केस में फंसाएगी। पुलिस के सामने बनाया दबाव पति का आरोप है कि साल 2021 में हुई शादी को लिव-इन में रहना बताया। जब वह FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई कर रहा था। इस दौरान थाने में उसे यह कहकर बुलाया गया कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद के संबंध में काउंसलिंग करनी है। थाने पहुंचने पर पत्नी ने शिक्षा विभाग में की गई शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया। यह लिखकर देने के लिए कहा कि शिक्षा विभाग में झूठी शिकायत की है। इसके साथ बिना किसी शर्त तलाक देने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर झूठे आरोपों के आधार पर पुलिस के सामने ही मारने और झूठी आपराधिक कार्रवाई करने की धमकियां दी। प्रिंसिपल की बहुत पहुंच होना बताकर धमकाया कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुलिस ने भी महिला पर कार्रवाई करने की बजाय उसे ही शांतिभंग में अरेस्ट कर लिया।



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