पाली में शराब के कर्टन से भरा एक मिनी ट्रक असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में उसमें भ्ज्ञरी शराब के कर्टन सड़क पर बिखर गए। शराब की बोतले फूट गई। जिससे करीब 10-12 लाख रुपए की शराब सड़क पर बह गई। आबकारी का यह मिनी ट्रक 54.89 लाख कीमत की शराब लेकर जयपुर से सांचौर डिपो जा रहा था। इस दौरान पाली जिले के जेतपुर थाना क्षेत्र के मांडावास-खुटानी के पास शनिवार को यह हादसा हो गया।
आबकारी निरीक्षक संजय अखावत ने बताया कि मिनी ट्रक में राजस्थान निर्मित 1200 कर्टन शराब भरी हुई थी। जिसकी कीमत 54.89 लाख के करीब है। 500 कर्टन में कांच की बोतले में शराब थी। वही 700 कर्टन में प्लास्टिक पव्वों थे। इस हादसे में करीब 10 से 12 लाख की शराब का नुकसान हुआ। मिनी ट्रक में जयपुर के आरएसबीसीएल डिपो से शराब भरकर सांचौर डिपो जा रहा था। इस दौरान यह हादसा हो गया।
जेतपुर थानाप्रभारी अरूण कुमार ने बताया कि हादसे के चलते सड़क पर शराब की टूटी बोतले बिखर गई। मिनी ट्रक को सड़क किनारे करवा कर यातायात सुचारू किया।
Source link
पाली में सड़क पर बही 12 लाख की शराब: असंतुलित होकर पलटा शराब से भरा मिनी ट्रक – Pali (Marwar) News
कौन हैं कृष्णा स्वामीनाथन, जो आज संभालेंगे नौसेना की कमान
Last Updated:
Indian Navy Chief Krishna Swaminathan: वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अब तक वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे. वह 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और कम्युनिकेशन तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ माने जाते हैं. करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने नौसेना के कई अहम ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और प्रशासनिक पदों पर काम किया है.
कृष्णा स्वामीनाथन रविवार को भारतीय नौसेना की कमान संभालने वाले हैं.
भारतीय नौसेना को आज नया प्रमुख मिलने वाला है. केंद्र सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला चीफ ऑफ नेवल स्टाफ नियुक्त किया है. मौजूदा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई को सेवा से रिटायर हो रहे हैं, जिसके बाद कृष्णा स्वामीनाथन रविवार को भारतीय नौसेना की कमान संभालेंगे.
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अब तक वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे. वह 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और कम्युनिकेशन तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ माने जाते हैं. करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने नौसेना के कई अहम ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और प्रशासनिक पदों पर काम किया है.
कृष्णा स्वामीनाथन का कैसा रहा करियर
कृष्णा स्वामीनाथन ने अपने करियर के दौरान मिसाइल पोत INS विद्युत और INS विनाश, मिसाइल कॉर्वेट INS कुलिश, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS मैसूर और विमानवाहक युद्धपोत INS विक्रमादित्य की कमान संभाली है. नौसेना के सबसे महत्वपूर्ण बेड़ों में शामिल वेस्टर्न फ्लीट का नेतृत्व भी उनके खाते में दर्ज है.
रियर एडमिरल बनने के बाद उन्होंने दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) के रूप में काम किया और पूरे नौसेना तंत्र में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा भारतीय नौसेना सेफ्टी टीम की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जो नौसेना के विभिन्न अभियानों और गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की निगरानी करती है.
नेवी में संभाली कई बड़ी जिम्मेदारी
अपने करियर में उन्होंने फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट और फ्लैग ऑफिसर ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी संभाली. वाइस एडमिरल पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने वेस्टर्न नेवल कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ, नौसेना मुख्यालय में कंट्रोलर ऑफ पर्सनल सर्विसेज और चीफ ऑफ पर्सनल के रूप में भी सेवाएं दीं. मौजूदा नियुक्ति से पहले वह नौसेना मुख्यालय में वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ थे.
शिक्षा के क्षेत्र में भी कृष्णा स्वामीनाथन का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला से प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इसके अलावा ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, भारतीय नौसेना युद्ध महाविद्यालय और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी अध्ययन किया है.
उनके पास जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से बीएससी, कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से टेलीकम्युनिकेशन में एमएससी, लंदन के किंग्स कॉलेज से डिफेंस स्टडीज में एमए, मुंबई विश्वविद्यालय से स्ट्रैटेजिक स्टडीज में एमफिल और इंटरनेशनल स्टडीज में पीएचडी की डिग्री है.
देश के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है. अब भारतीय नौसेना की कमान संभालते हुए उनके सामने समुद्री सुरक्षा, हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक चुनौतियों और नौसेना के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.
About the Author
साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें
सुपरस्टार के प्यार में दीवाना था नया नवेला हीरो, मजहब बनी दीवार, प्रेम कहानी बन गई मिसाल
Last Updated:
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई प्रेम कहानियां चर्चित रहीं, लेकिन अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री सुरैया का रिश्ता आज भी सबसे भावुक और दर्दभरी प्रेम कहानियों में गिना जाता है. यह सिर्फ दो सितारों का प्यार नहीं था, बल्कि ऐसा रिश्ता था जो तमाम मुश्किलों के बावजूद अधूरा रह गया.
नई दिल्ली. सुरैया और देव आनंद की प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अमर प्रेम कहानियों में रही है. इन दोनों के प्यार की आजतक मिसाल दी जाती है. एक दूसरे के प्यार में दोनों ने सारी हदें पार कर दी थी, लेकिन धर्म दोनों के रिश्ते के आड़े आ गया और ये इश्क अधूरा ही रह गया.

साल 1940 के दशक के अंत में सुरैया भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी स्टार्स में शुमार थीं. वह एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ मशहूर गायिका भी थीं. उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि कई बार फिल्मों में उनके नाम को ही सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता था. दूसरी तरफ देव आनंद फिल्म इंडस्ट्री में अपने कदम जमा रहे थे और एक उभरते हुए अभिनेता के रूप में पहचान बना रहे थे.

कहा जाता है कि दोनों की प्रेम कहानी की शुरुआत 1948 में फिल्म ‘विद्या’ की शूटिंग के दौरान हुई. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही देव आनंद और सुरैया के प्यार की शुरुआत हुई थी. कहा जाता है कि फिल्म के एक सीन के दौरान नाव पलट गया था और एक्टर ने सुपरस्टार हीरोइन को डूबने से बचाया था. देवा आनंद ने सुरैया की जान बचाई औऱ यहीं से दोनों के रिश्ते की शुरुआत हुई.
Add News18 as
Preferred Source on Google

विद्या के सेट पर दोनों करीब आए औऱ धीरे-धीरे ये सिलसिला जान-पहचान से आगे बढ़ गया और उनका प्यार परवान चढ़ने लगा. होते-होते दोनों में प्यार हो गया. इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री में ऑफस्क्रीन बॉन्डिंग साफ झलकने लगी थी. दोनों की जोड़ी को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिलने लगा था.

देव आनंद सुरैया से बेइंतह प्यार करने लगे थे. समय के साथ दोनों का रिश्ता और प्यार गहरा होते चला गया. एक्टर ने अपनी बायोग्राफी ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में सुरैया के साथ अपने रिश्ते का जिक्र किया था. उन्होंने इस रिश्ते का जिक्र करते हुए कई भावुक यादें साझा की हैं.

देव आनंद और सुरैया एक-दूसरे को खत लिखा करते थे. एक बार सुरैया ने देव के खत का जवाब देते हुए लिखा था कि वह भी उनसे उतना ही प्यार करती हैं और उनसे मिलने के लिए तड़प रही हैं. लेकिन उनका प्यार आसान नहीं था. दोनों के रिश्ते में मजहब एक बड़ा रोड़ा बना.

सुरैया मुस्लिम थीं और देव आनंद हिंदू थीं. दोनों के रिश्ते में धर्म दीवार बना. सुरैया का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था. एक्ट्रेस की नानी और मामी इस रिश्ते के खिलाफ थे. परिवार के दबाव में आकर एक्ट्रेस ने अपना रिश्ता तोड़ दिया था.

देव आनंद के मुताबिक, कई दिनों की जुदाई के बाद वह सुरैया से मिले, उन्हें गले लगाया और शादी के लिए प्रपोज किया. देव ने एक्ट्रेस से पूछा, ‘क्या तुम मुझसे शादी करोगी?’ सुरैया का जवाब था, ‘आई लव यू! आई लव यू! आई लव यू!’. शादी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होकर देव आनंद ने सुरैया के लिए एक महंगी इंगेजमेंट रिंग खरीदी. सुरैया ने उसे स्वीकार किया और छुपकर संभाल कर रखा. कुछ वक्त के लिए लगा कि प्यार जीत गया है. लेकिन परिवार का दबाव लगातार बढ़ता गया और आखिरकार सबकुछ बदल गया. दोनों का रिश्ता सिर्फ किस्सा बनकर रह गया.

रिश्ता टूटने के बाद देव आनंद अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए. एक्टर ने साल 1954 में एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक से शादी कर ली. फिर भी उन्होंने कभी इस बात से इनकार नहीं किया कि सुरैया का उनके जीवन पर कितना असर रहा. वहीं सुरैया ने पहला प्यार अधूरा रहने के बाद कभी शादी नहीं की.
बीएड प्रवेश परीक्षा आज, 4445 अभ्यर्थी होंगे शामिल: लखीमपुर खीरी के 11 केंद्रों पर होगी परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम – Lakhimpur-Kheri News
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026-27 रविवार को आयोजित की जाएगी। जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4445 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने परीक्षा से पहले अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर शासन के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी और अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है। अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा कक्ष में ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने जानकारी दी कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या परीक्षा में व्यवधान डालने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला समन्वयक डॉ. हेमंत पाल के अनुसार, परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को दोनों प्रश्नपत्र अलग-अलग पालियों में देने होंगे। जिले में अबुल कलाम आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज, भगवानदीन आर्य कन्या इंटर कॉलेज, धर्मसभा इंटर कॉलेज, गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, जीआईसी, गुरुनानक इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, पीके इंटर कॉलेज, स्वामी श्याम प्रकाश इंटर कॉलेज और युवराज दत्त महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
Source link
मंदसौर के अफजलपुर में सरपंच प्रतिनिधि-पंच में विवाद: पंचायत चुनाव की रंजिश में विवाद, मारपीट में दो घायल; एक उदयपुर रेफर – Mandsaur News
मंदसौर जिले के अफजलपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट की इस घटना में सरपंच प्रतिनिधि सहित दो लोग घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सरपंच प्रतिनिधि को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल लखन पिता मोहनलाल (30) ने बताया कि वह शनिवार रात बड़वन फंटे से अफजलपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान पंच पप्पू सिंह ने उसे रास्ते में रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर पप्पू सिंह और उसके साथियों ने कथित रूप से लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में लखन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बीच-बचाव करने पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि पर भी हमला घटना की सूचना मिलने पर सरपंच प्रतिनिधि राकेश भाटी पिता रामसिंह भाटी (36) मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इस दौरान दूसरा पक्ष और उग्र हो गया तथा राकेश भाटी के साथ भी मारपीट कर दी। हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए शनिवार देर रात उदयपुर रेफर कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पप्पू सिंह, राजू पिता पूनमचंद, जितेंद्र सिंह, दोनों आरोपियों की पत्नियों, करण सिंह सहित कुल सात लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि सभी ने मिलकर दोनों घायलों के साथ मारपीट की। चुनावी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा विवाद पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना की वजह पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश है। बताया गया कि राकेश भाटी की पत्नी सीमा बाई और राजू पंचायत चुनाव में आमने-सामने थे। चुनाव में सीमा बाई की जीत के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। शनिवार रात हुई मारपीट को भी इसी चुनावी रंजिश का परिणाम माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल और सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और मामले की समीक्षा की। एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल ने बताया कि अफजलपुर थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना हुई है। इसमें सरपंच प्रतिनिधि सहित दो लोग घायल हुए हैं। पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Source link
क्रेडिट लेने को लेकर भिड़े जनप्रतिनिधि, हाई वोल्टेज ड्रामा; VIDEO: विधायक और LJP (R) जिलाध्यक्ष में तीखी नोकझोंक, 4 महीने बाद खुली कपरपुरा रेलवे गुमटी – Muzaffarpur News
मुजफ्फरपुर जिले के कांटी स्थित कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 को महीनों बाद दोबारा खोल दिया गया, लेकिन इस दौरान इसका श्रेय लेने को लेकर ऐसा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। गुमटी खुलने के कार्यक्रम के दौरान वैशाली सांसद वीणा देवी की मौजूदगी में कांटी के जदयू विधायक अजीत कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गुमटी खुलने की खुशी के बीच शुरू हुई बहस शनिवार दोपहर कपरपुरा रेलवे गुमटी को औपचारिक रूप से खोले जाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लंबे समय से बंद इस रेलवे गुमटी के खुलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल था। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर श्रेय लेने को लेकर दोनों नेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते बहस तेज हो गई और दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। हालांकि मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। चुलबुल शाही बोले- सांसद के प्रयास से खुली गुमटी लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि वैशाली सांसद वीणा देवी ने कई बार रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों से बातचीत की थी, जिसके बाद रेलवे ने गुमटी खोलने का निर्णय लिया। चुलबुल शाही के अनुसार, शनिवार को समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों की ओर से गुमटी खोलने की स्वीकृति मिलने के बाद उद्घाटन का समय तय किया गया था। उनका आरोप है कि कार्यक्रम में विधायक अजीत कुमार ने सांसद की मौजूदगी पर सवाल उठाया और कहा कि उनके क्षेत्र में आने से पहले उन्हें सूचना दी जानी चाहिए थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। विधायक अकेले इस कार्य का श्रेय लेना चाहते थे, जबकि इसके लिए कई लोगों ने मिलकर प्रयास किया था। विधायक अजीत कुमार ने भी रखा पक्ष वहीं, कांटी विधायक अजीत कुमार ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए थे और विधानसभा से लेकर रेलवे के विभिन्न स्तरों तक इस मुद्दे को उठाया था। कार्यक्रम में उन्होंने केवल इतना कहा था कि क्षेत्र से जुड़े किसी कार्यक्रम में आने से पहले जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय होना चाहिए। इसी दौरान कुछ लोग अनावश्यक रूप से उनसे उलझ गए, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी। 22 फरवरी से बंद थी रेलवे गुमटी गौरतलब है कि रेलवे द्वारा अंडरपास निर्माण कार्य को लेकर कपरपुरा रेलवे गुमटी को 22 फरवरी की मध्यरात्रि से बंद कर दिया गया था। गुमटी बंद होने के बाद कांटी और आसपास के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया था। स्थानीय लोगों को बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। इसे लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से आंदोलन और मांग उठाई जा रही थी। बीच-बचाव के बाद शांत हुआ मामला विवाद बढ़ने के बाद कांटी प्रखंड प्रमुख कृपा शंकर शाही सहित अन्य स्थानीय गणमान्य लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रेलवे गुमटी को औपचारिक रूप से खोल दिया गया। गुमटी खुलने के साथ ही इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया, जिससे महीनों से परेशान स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि गुमटी खुलने से ज्यादा चर्चा अब उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुए राजनीतिक टकराव और वायरल वीडियो की हो रही है।
Source link
अमेरिका बोला- बातचीत नाकाम रही तो ईरान पर हमला करेंगे: ईरानी नेता बोले- हमें अमेरिका पर भरोसा नहीं, कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे
अमेरिका ने शनिवार को एक बार फिर से ईरान पर हमला करने की धमकी दी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में एक समिट के दौरान भाषण में कहा कि ईरान से चल रही बातचीत अगर नाकाम रहती है तो अमेरिका दोबारा हमला कर सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के वार्ताकार एक प्रस्तावित समझौते पर मतभेद दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस समझौते के तहत अप्रैल की शुरुआत में हुए अस्थायी युद्धविराम को 60 दिन और बढ़ाया जाना है और आगे स्थायी समझौते का रास्ता तैयार करना है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा था कि वह व्हाइट हाउस में एक बैठक में इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला करेंगे। हालांकि, 2 घंटे मीटिंग के बाद उन्होंने इसे टाल दिया था। वहीं, अब तक ईरान ने किसी समझौते के लिए कोई समयसीमा घोषित नहीं की है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि हमें को अमेरिका पर भरोसा नहीं है। जब तक अमेरिका कदम नहीं उठाता, तब तक ईरान भी कोई कदम नहीं उठाएगा। फिलहाल हमें इसकी जल्दबाजी नहीं। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प फैसला नहीं ले पाए: राष्ट्रपति ट्रम्प ने अधिकारियों के साथ व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में करीब दो घंटे तक बैठक की। इसके बाद भी ईरान के साथ संभावित समझौते पर अंतिम फैसला नहीं लिया। 2. अमेरिकी रक्षा मंत्री की चेतावनी: पीट हेगसेथ ने फिर चेतावनी दी है कि ईरान या तो समझौता स्वीकार करे या फिर बल प्रयोग का सामना करने के लिए तैयार रहे। 3. अमेरिका पर धोखा देने का आरोप: सुप्रीम लीडर के सलाहकार मोहसिन रजाई ने अमेरिका पर कूटनीति को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका समुद्री नाकाबंदी जारी रखकर बातचीत की प्रक्रिया के साथ धोखा कर रहा है। 4. होर्मुज में बारूदी सुरंग तैरती दिखी: ओमान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक संदिग्ध तैरती हुई समुद्री बारूदी सुरंग (फ्लोटिंग माइन) देखे जाने की जानकारी दी। जहाजों और मछुआरों को सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source link
भास्कर अपडेट्स: जम्मू-कश्मीर में 50 दिनों में 1,018 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार; 341 किलो नशीले पदार्थ जब्त
- Hindi News
- National
- Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar
52 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
जम्मू-कश्मीर में ड्रग तस्करी और नार्को-आतंकवाद के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 923 एफआईआर दर्ज करके 1,018 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है और 55 लोगों को सख्त कानून (PIT-NDPS) के तहत हिरासत में लिया है।
इस दौरान 341 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जिसमें 120 करोड़ रुपये मूल्य की 12 किलो हेरोइन और करीब 23 हजार से ज्यादा प्रतिबंधित नशीली गोलियां शामिल हैं। तस्करों की कमर तोड़ने के लिए प्रशासन ने उनकी 200 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर कार्रवाई की है।
स्कूलों और अस्पतालों के पास नशा रोकने के लिए भारी निगरानी रखी जा रही है, जिसके तहत 6,400 से ज्यादा मेडिकल स्टोरों की जांच की गई और संवेदनशील जगहों पर करीब 6,881 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
आज की अन्य बड़ी खबरें…
दिल्ली में PWD विभाग सभी सरकारी इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट करेगा, हर साल इसका सर्टिफिकेट जारी करना होगा

दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सभी सरकारी इमारतों का फायर सेफ्टी ऑडिट यानी आग से सुरक्षा की जांच कराने का आदेश दिया है। विभाग के आदेश के मुताबिक पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी जोन के सभी संबंधित इंजीनियरों को अगले महीने के अंत तक यानी 25 जून या उससे पहले अपनी हर बिल्डिंग की जांच पूरी करके हर साल इसका सर्टिफिकेट जारी करना होगा।
PWD ने यह कदम दिल्ली सरकार द्वारा हाल ही में दिल्ली फायर सर्विस के नियमों में किए गए बदलाव के बाद उठाया है। नए नियमों के तहत अब सरकारी और गैर-सरकारी इमारतों की सुरक्षा जांच किसी बाहरी एक्सपर्ट यानी थर्ड पार्टी से कराना अनिवार्य कर दिया गया है, और इस पूरी प्रक्रिया और जांच के बाद ही बिल्डिंग के लिए फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
कर्नाटक में तालाब में तैरने गए तीन नाबालिग लड़कों की मौत, छुट्टियों में रिश्तेदार के घर गए थे

कर्नाटक के धारवाड़ में शनिवार को में तालाब में तैरने गए तीन नाबालिग लड़कों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक यह घटना गराग थाना क्षेत्र के सिंगनहल्ली गांव के पास दोपहर करीब 4 से 4:15 बजे के बीच हुई।
धारवाड़ की पुलिस अधीक्षक (SP) गुंजन आर्य ने बताया कि डूबने वाले लड़कों की उम्र 12, 15 और 16 साल थी, जो आपस में रिश्तेदार थे। इनमें से दो लड़के सिंगनहल्ली गांव के ही रहने वाले थे, जबकि तीसरा लड़का छुट्टियों में अपने रिश्तेदारों के घर रहने आया था।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों लड़के पानी में तैरने के लिए थर्माकोल की शीट का सहारा लेकर उतरे थे। लेकिन तालाब के तल में भारी गाद (कीचड़) होने की वजह से वे उसमें फंस गए और डूब गए।
दिल्ली ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी रैकेट पकड़ा गया, 6 लोगों को गिरफ्तार

गुरुग्राम पुलिस ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक अपार्टमेंट पर छापा मारकर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के जरिए धोखाधड़ी करने वाले साइबर क्राइम रैकेट से जुड़े छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को बैंक खाता किट, सिम कार्ड और क्यूआर कोड व्हाट्सएप के जरिए सप्लाई किए जाते थे। शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद मुख्य आरोपी निशांत और शोएब को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिनसे आगे की पूछताछ जारी है।
दुधारू पशुओं का सबसे बड़ा दुश्मन है ये रोग, जानें कारण और बचाव
Last Updated:
Animal Husbandry: पलामू के पशु डॉ. विकास कुमार ने बताया कि दुधारू पशुओं में खुरपका मुंहपका एफएमडी तेजी से फैल रहा है. पशुपालक इसका घरेलू उपाय के साथ एफएमडी वैक्सीन और नियमित देखभाल से ठीक कर सकते हैं. आइये जानते हैं उपाय के बारे में.
पलामू: आज के समय में पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के जीविकोपार्जन का बड़ा माध्यम बन चुका है. बड़ी संख्या में किसान और पशुपालक दुधारू पशुओं के सहारे अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन बदलते मौसम और सही देखभाल की कमी के कारण पशुओं में कई तरह की बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. इनमें खुरपका-मुंहपका रोग यानी एफएमडी (फुट एंड माउथ डिजीज) सबसे खतरनाक बीमारी मानी जाती है. यह बीमारी पशुओं को धीरे-धीरे कमजोर कर देती है और समय पर इलाज नहीं होने पर दुधारू पशु पूरी तरह बर्बाद हो सकता है.
बीमारी के लक्षण पहचानना जरूरी
पलामू के पशु चिकित्सक डॉ. विकास कुमार ने बताया की इस बीमारी की शुरुआत में पशु के मुंह से अधिक मात्रा में लार निकलने लगती है. पशु खाना-पीना छोड़ देता है और जुगाली करना बंद कर देता है. इसके साथ पशु को तेज बुखार भी हो सकता है. धीरे-धीरे उसके खुर में सड़न शुरू हो जाती है और जीभ में फोड़े पड़ जाते हैं. इस कारण पशु को खाने में परेशानी होती है और दूध उत्पादन तेजी से कम होने लगता है. कई बार स्थिति गंभीर होने पर पशु पूरी तरह कमजोर हो जाता है. इसके अलावा दुधारू पशुओं में कैल्सियम की कमी भी बड़ी समस्या बन रही है. खासकर बच्चा देने के बाद गाय और भैंस में कैल्सियम की भारी कमी हो जाती है, जिससे उन्हें उठने-बैठने में परेशानी होती है.
घरेलू उपाय से मिल सकती है राहत
उन्होंने कहा कि यदि पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग के शुरुआती लक्षण दिखाई दे तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. शुरुआती राहत के लिए एक मग पानी में एक चुटकी पोटैशियम परमैंगनेट मिलाकर हल्का गुलाबी घोल तैयार करें. इसके बाद पशु की जीभ और मुंह को इस पानी से साफ करें. फिर जीभ पर ग्लिसरीन लगाने से पशु को आराम मिलता है. वहीं, खुर की सड़न को पोटैशियम परमैंगनेट या फिटकरी वाले पानी से धोकर साफ करना चाहिए. इसके बाद प्रभावित जगह पर हिमेक्स क्रीम लगाने की सलाह दी जाती है. हालांकि यह केवल शुरुआती राहत के उपाय हैं, सही इलाज के लिए पशु चिकित्सक की सलाह बेहद जरूरी है.
एफएमडी वैक्सीन से होगा बचाव
उन्होंने बताया कि एफएमडी रोग से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे जरूरी उपाय है. झारखंड सरकार द्वारा पशुपालन विभाग के माध्यम से दुधारू पशुओं को एफएमडी वैक्सीन निशुल्क लगाया जा रहा है. यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है. समय पर वैक्सीन लगवाने से पशुओं में खुरपका-मुंहपका रोग होने की संभावना काफी कम हो जाती है. पशुपालकों को नियमित टीकाकरण और सही देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि उनके पशु स्वस्थ रहें और दूध उत्पादन प्रभावित न हो.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें
न ‘एनिमल’ न ‘आश्रम’, इस फ्लॉप मूवी को टर्निंग प्वॉइंट मानते हैं बॉबी देओल
Last Updated:
दर्शक भले बॉबी देओल के करियर के करियर का टर्निंग प्वॉइंट ‘एनिमल’ या ‘आश्रम’ को मानें, मगर वे 2017 की फ्लॉप फिल्म को टर्निंग प्वाॉइंट मानते हैं, जो सच्ची घटना से प्रेरित बताई जाती है. फिल्म में उनके भाई सनी देओल ने भी अहम रोल निभाया था. बाद में, ‘रेस 3’ में सलमान खान के साथ ने उनकी करियर में जान फूंकी. अब वे अपनी अगली फिल्म ‘बंदर’ में नजर आएंगे.
नई दिल्ली: बॉबी देओल ने अपनी पिछली फिल्मों और शोज से भारतीय दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है. दर्शक ‘आश्रम’ सीरीज को उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट मानते हैं, मगर वह 2017 की फ्लॉप फिल्म को अपने करियर का टर्निंग प्वॉइंट बताते हैं. इसमें बॉबी देओल के अलावा उनके बड़े भाई सनी देओल और श्रेयस तलपड़े ने अहम रोल निभाया था.

साल 2017 में आई ‘पोस्टर बॉयज’ से एक्टर श्रेयस तलपड़े ने बतौर निर्देशक शुरुआत की थी. फिल्म को श्रेयस ने निर्देशित करने के साथ-साथ लिखा और को-प्रोड्यूस भी किया था. यह फिल्म असल में इसी नाम से बनी सुपरहिट मराठी फिल्म ‘पोस्टर बॉइज’ का ऑफिशियल हिंदी रीमेक है.

कहते हैं कि ‘पोस्टर बॉयज’ मजेदार और असल जिंदगी की घटना से प्रेरित है, जिसमें तीन कुलियों को अचानक एक नसबंदी के सरकारी विज्ञापन (पोस्टर) पर अपनी तस्वीरें छपी हुई मिलती हैं, जिसके बाद उनकी जिंदगी में अजीब और कॉमेडी से भरपूर बवाल मच जाता है. विकीपीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 15 करोड़ में बनी फिल्म ने 30 करोड़ बॉक्स ऑफिस से कमाए थे.
Add News18 as
Preferred Source on Google

बॉबी देओल ने फिर सलमान खान के साथ अपनी बॉन्डिंग को करियर का सहारा बताया. वे बोले, ‘सलमान खान दिल के काफी करीब हैं. मैं काफी लोगों से मिला काम के लिए. करियर की शुरुआत में लोग आपके पास आते थे. बाद में लोग बढ़े, तो कॉम्पिटिशन बढ़ा. पीआर शुरू हुआ. सब अपने ढिंढोरे पीटने लग गए. कोई भी देओल इसका हिस्सा नहीं था.’

बॉबी देओल ने फिर सलमान खान के साथ बिताए वक्त को याद किया. वे बोले, ‘हम सीसीएल खेला करते थे. सलमान उसके ब्रांड एंबेसडर थे. मैंने दाढ़ी उगाई हुई थी. सलमान बोले कि शेफ कर, तू इतना खूबसूरत है. देख मुझे, जब मेरा करियर चल नहीं रहा था, तो मैं संजय दत्त की पीठ पर चढ़ गया. आगे बढ़ा, फिर तेरे भैया की पीठ पर चढ़ा और आगे बढ़ा. मैं उसको प्यार से मामू बुलाता हूं, वो भी मुझको मामू बुलाता है.’

बॉबी फिर बोले, ‘मैंने सलमान से कहा- मामू यार मुझे तेरी पीठ पर चढ़ने दे. उन्हें याद था. कुछ सालों बाद एक दिन फोन आता है- मामू शर्ट उतारेगा. मैंने कहा- मामू कुछ भी करूंगा. ‘रेस 3′ में मुझे पता था कि सलमान खान कितना बड़ा स्टार है, जिसे देखने करोड़ों लोग जाएंगे. वह देखेंगे कि बॉबी देओल भी एक एक्टर है. इस तरह आप आगे बढ़ते हैं.’ बॉबी की फिर किस्मत ने पलटी मारी. उन्होंने चुनौती भरे रोल निभाए और विलेन के किरदारों में सुपरहिट हो गए. वे अगली बार फिल्म ‘बंदर’ में नजर आएंगे, जो 5 जून को रिलीज होने जा रही है.

फिल्म ‘रेस 3’ को एक बड़ी क्रिटिकल फ्लॉप, लेकिन कमर्शियल हिट माना जाता है. रिलीज के बाद दर्शकों ने इसे खराब रिव्यूज दिए थे. इसके कमजोर लॉजिक, बेतुके डायलॉग्स और खराब कहानी की सोशल मीडिया पर भारी आलोचना और ट्रोलिंग हुई थी. इसके बावजूद, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर छप्परफाड़ कमाई करने में कामयाब रही. फिल्म का तगड़ा बिजनेस सिर्फ सलमान खान की जबरदस्त स्टार पावर की बदौलत संभव हो पाया था.


