Friday, July 10, 2026
Home Blog

अमेरिका में H-1B वीजा के नियम सख्त हो सकते हैं: विश्वविद्यालयों की छूट सीमित हो सकती है; ग्रीन कार्ड से जुड़े नए नियम आना संभव


वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन नए इमिग्रेशन नियमों की तैयारी कर रहा है, जिससे एच-1बी वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और छात्र वीसा की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है।

प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर भारतीय पेशेवरों, छात्रों और अमेरिकी कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। ये प्रस्ताव अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और विदेश विभाग के एकीकृत रेगुलेटरी एजेंडा में शामिल हैं। इसके लिए अगस्त में बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है।

अगस्त में आ सकता है प्रस्ताव

एच-1बी: विश्वविद्यालयों और कुछ शोध संस्थानों को मिलने वाली एच-1बी कैप छूट सीमित की जा सकती है। कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनसे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है।

ग्रीन कार्ड: एच-1बी व ग्रीन कार्ड के लिए लागू न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भर्ती नियमों, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े प्रावधानों और भेदभाव-रोधी उपायों में बदलाव प्रस्तावित हैं।

छात्र वीसा: प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था खत्म कर निश्चित अवधि का प्रवास तय किया जा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को H-1B वीजा को लेकर नियमों में बदलाव से जुड़े ऑर्डर पर साइन किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को H-1B वीजा को लेकर नियमों में बदलाव से जुड़े ऑर्डर पर साइन किया था।

जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं।

हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया।

उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं।

—————————————–

ये खबर भी पढ़ें…

H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द:कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते; भारतीयों को सबसे ज्यादा राहत

अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने 9 जून को ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया था। बॉस्टन कोर्ट ने कहा कि यह फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने PG और लॉ-कोर्स की नई कटऑफ जारी: 10 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग, देखें कटऑफ – Prayagraj (Allahabad) News


इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए विभिन्न परास्नातक (PG) और विधि (Law) पाठ्यक्रमों की नई कटऑफ सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम समेत कई पाठ्यक्रमों के लिए अभ्यर्थिय

.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश शुल्क जमा करने की अपील की है। तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी के दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

प्रमुख पाठ्यक्रमों की कटऑफ

पाठ्यक्रम UR OBC EWS SC ST
LLB (Hons.) 180 136
LL.M 152 144 136 118
MA (Ancient History) 176.7 160 147.6 98
MA (English Literature) 192
M.Com 159.6 142 144.4 128 98
M.Sc (Zoology) 220 210 209 198 107
M.Sc (Physics) 154 136 136 110 66.5
M.Sc (Chemistry) 140 91 34
MA/M.Sc (Geography) 176 सभी ST अभ्यर्थी पात्र
M.Sc (Food Technology) सभी SC अभ्यर्थी पात्र सभी ST अभ्यर्थी पात्र
MA (Painting) सभी SC अभ्यर्थी पात्र सभी ST अभ्यर्थी पात्र

नोट: जिन श्रेणियों के लिए कट-ऑफ जारी नहीं की गई है, वहां (—) दर्शाया गया है।

10 जुलाई से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे 10 जुलाई से निर्धारित पोर्टल पर अपने शैक्षणिक दस्तावेज अपलोड कर समय से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन, दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।



Source link

उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड रोड का भूमि पूजन नागदा में होगा: 5017 करोड़ की लागत से 98.730 कि.मी. लंबाई वाले रोड का भूमि पूजन सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे – Ujjain News




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नागदा स्थित श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में बहुप्रतीक्षित उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे नागदा हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हाईवे परियोजना का भूमिपूजन, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा हितग्राहियों को हेलमेट वितरण करेंगे। 98.73 किलोमीटर लंबा होगा हाईवे मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा करीब 5017 करोड़ रुपए की लागत से 98.730 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर विकसित होगी। हाईवे उज्जैन जिले के ग्राम मंगरोला से शुरू होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 8 लेन इंटरचेंज से जुड़ते हुए जावरा में होटल जोयो के समीप समाप्त होगा। यह चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे होगा, जिसमें दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स की सुविधा भी रहेगी। सिंहस्थ-2028 और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। साथ ही उज्जैन का सीधा संपर्क दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से स्थापित होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए यह हाईवे महत्वपूर्ण साबित होगा। आधुनिक सुरक्षा मानकों और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सुविधाओं से लैस इस मार्ग के बनने से यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कृषि को होगा लाभ ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ कृषि आधारित गतिविधियों और व्यापारिक परिवहन को भी नई गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना माल परिवहन का समय कम करेगी और उज्जैन संभाग के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



Source link

सड़क दुर्घटना में ऑटो चालक की मौत: कटिहार सीमा पर पर रौतारा के पास घटना, घर लौट रहा था मृतक – Purnia News




पूर्णिया-कटिहार जिले की सीमा पर रौतारा के पास गुरुवार की देर रात 10:00 बजे एक सड़क दुर्घटना में एक ऑटो चालक की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब चालक पूरे दिन काम कर अपने घर लौट रहा था। मृतक की पहचान रौतारा वार्ड नंबर 2, नया टोला निवासी सुगन मंडल के 40 वर्षीय पुत्र बबलू मंडल के रूप में हुई है। मृतक के भतीजे तूफानी कुमार ने बताया कि बबलू मंडल बिलौरी से रौतारा स्थित अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान टोल टैक्स से पहले उनकी टेंपो सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई, जिससे उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। बबलू मंडल अपने दो मासूम बच्चों का भरण-पोषण ऑटो चलाकर ही करते थे। बबलू की जांच करने वाले डॉक्टर आशुतोष कुमार ने बताया कि व्यक्ति की मौत भारी सिर की चोट (हेवी हेड इंजरी) के कारण हुई है। रोहतारा थानाध्यक्ष लाल शरबिंद ने सड़क दुर्घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शव का पोस्टमार्टम पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल में कराने की प्रक्रिया चल रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।



Source link

गुड़ में मिलावट को चेक करने का आसान तरीका, ऐसे करें असली और नकली की पहचान


Last Updated:

Real Vs Fake Gud: कई सारे लोग गुड़ इसलिए खाते हैं, क्योंकि इसे शक्कर से बेहतर बताया जाता है. इसमें कोई दोराय नहीं है, लेकिन यदि गुड़ में मिलावट है तो इससे आपको फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है. ऐसे में यहां जानिए गुड़ में मिलावट को पहचानने का आसान तरीका क्या है.

ख़बरें फटाफट

Zoom

गुड़ भारतीय रसोई का एक अहम हिस्सा है. इसका उपयोग मिठाइयों, पारंपरिक व्यंजनों और कई आयुर्वेदिक पेय पदार्थों में किया जाता है. स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य लाभों के कारण भी गुड़ को सफेद चीनी की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है. हालांकि, बढ़ती मांग के कारण बाजार में मिलावटी गुड़ की समस्या भी सामने आती है.

कई बार गुड़ का वजन बढ़ाने, रंग निखारने या उसे ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए उसमें अन्य पदार्थ मिला दिए जाते हैं. इसी को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुड़ की शुद्धता जांचने का एक आसान तरीका बताया है. इस साधारण टेस्ट की मदद से घर पर ही यह पता लगाया जा सकता है कि गुड़ में मिलावट है या नहीं.

गुड़ में क्यों की जाती है मिलावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, गुड़ में अक्सर चीनी, चॉक पाउडर और बेकिंग सोडा जैसी चीजें मिलाई जाती हैं. खासकर बेकिंग सोडा का इस्तेमाल गुड़ को अधिक चिकना और चमकदार दिखाने के लिए किया जाता है. इससे गुड़ देखने में अच्छा लग सकता है, लेकिन उसकी गुणवत्ता और पोषण मूल्य प्रभावित हो सकता है.

FSSAI का घरेलू टेस्ट
FSSAI द्वारा बताए गए तरीके के अनुसार, एक चौथाई चम्मच गुड़ को किसी छोटे कांच के बर्तन या टेस्ट ट्यूब में लें. इसमें लगभग 3 मिलीलीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) डालें और प्रतिक्रिया को ध्यान से देखें. यदि मिश्रण में बुलबुले नहीं बनते हैं, तो गुड़ के शुद्ध होने की संभावना अधिक होती है. यदि बुलबुले बनने लगते हैं, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है.

बुलबुले क्यों बनते हैं?
यदि गुड़ में बेकिंग सोडा यानी सोडियम बाइकार्बोनेट मिला हो, तो वह हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ प्रतिक्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है. इसी वजह से बुलबुले या झाग दिखाई देते हैं, जो मिलावट की ओर इशारा करते हैं.

क्या मिलावटी गुड़ नुकसानदायक हो सकता है?
मिलावटी गुड़ का नियमित सेवन उसके नेचुरल गुणों को कम कर सकता है. इससे पाचन, ऊर्जा और अन्य संभावित लाभ प्रभावित हो सकते हैं. साथ ही मिलावट स्वाद, रंग और पोषण मूल्य पर भी असर डालती है.

मिलावटी गुड़ खरीदने से कैसे बचें?
– पैक्ड गुड़ खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें.
– बहुत ज्यादा चमकदार या अत्यधिक पीले रंग के गुड़ से बचें.
– गहरे रंग के गुड़ को प्राथमिकता दें.
– भरोसेमंद ब्रांड या विक्रेता से ही खरीदारी करें.
– असामान्य रूप से सस्ते गुड़ से सावधान रहें.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



Source link

संगठन महामंत्री धर्मपाल ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र: कानपुर देहात में बूथ अध्यक्षों की 2027 विधानसभा चुनाव के लिए लगाई पाठशाला – Kanpur Dehat News


कानपुर देहात3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में गुरुवार देर शाम करीब 7:30 बजे भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह कानपुर देहात पहुंचे।

पार्टी कार्यालय में जिलाध्यक्ष रेणुका सचान के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। उसके पहले भोगनीपुर विधानसभा से विधायक व कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने कानपुर देहात के सीमा पर ही उनका स्वागत किया। उसके बाद संगठन महामंत्री ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नेताओं कार्यकर्ताओं की पाठशाला लगाई।

बीजेपी कार्यालय में संगठन महामंत्री के स्वागत के बाद जिला स्तरीय पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बूथ अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बूथ अध्यक्षों को बूथ के माइक्रोमैनेजमेंट, संगठन विस्तार और सोशल इंजीनियरिंग का विस्तृत मंत्र दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मजबूत बूथ ही भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है और 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत की नींव बूथ स्तर पर ही रखी जाएगी।

धर्मपाल सिंह ने बूथ अध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्रत्येक बूथ पर नियमित बैठकें आयोजित की जाएं, उनका एजेंडा तय हो और रजिस्टर का उचित रखरखाव किया जाए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने और समाज के हर वर्ग से निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा में बूथ अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने तक का अवसर मिलता है। इसलिए, प्रत्येक कार्यकर्ता को पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ संगठन के कार्यक्रमों को सफल बनाने में योगदान देना चाहिए।

यह बैठक देर रात करीब साढ़े नौ बजे तक चली, जिसमें संगठन महामंत्री ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति, बूथ प्रबंधन और संगठन की मजबूती के बारे में मार्गदर्शन दिया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, राज्यमंत्री अजीत पाल, विधायक पूनम शंखवार, एमएलसी अविनाश सिंह चौहान सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।



Source link

गोपालगंज में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत: विजयीपुर के बिलरुआ गांव में युवती भी झुलसी, परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल – Gopalganj News




गोपालगंज के विजयीपुर थाना क्षेत्र के बिलरुआ गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। इस घटना में एक युवती भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान बिलरुआ गांव निवासी राजमंगल यादव के रूप में हुई है। धान की रोपनी के समय हादसा जानकारी के अनुसार, मानसून की बारिश के बीच बिलरुआ गांव के कुछ ग्रामीण और किसान खेतों में धान की रोपनी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे खेत में जा गिरी। बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे राजमंगल यादव की मौके पर ही मौत हो गई। इसी हादसे में स्वर्गीय हरि यादव की बेटी अनिता कुमारी भी गंभीर रूप से झुलस गईं। युवती को पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र घटना के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने झुलसी युवती अनिता कुमारी को आनन-फानन में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद मृतक राजमंगल यादव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।



Source link

बेलदार असलम खान को झटका: करोड़ों की सोने की ज्वेलरी लौटाने के जिला कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक – Indore News




वर्ष 2018 में लोकायुक्त के चर्चित छापे में करोड़ों रुपए की संपत्ति मिलने के बाद सुर्खियों में आए नगर निगम के तत्कालीन बेलदार असलम खान को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट द्वारा जब्त सोने की ज्वेलरी लौटाने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय होने तक सभी आभूषण लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रहेंगे। लोकायुक्त संगठन ने अगस्त 2018 में असलम खान के ठिकानों पर छापा मारकर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया था। एक निम्न श्रेणी के कर्मचारी के यहां से मिली संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया था। कार्रवाई के दौरान करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषण, लगभग एक किलोग्राम सोने की सिल्लियां (बार) और अन्य कीमती संपत्ति बरामद की गई थी। इस कार्रवाई के बाद असलम खान का मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। मामले में असलम खान ने जिला कोट में आवेदन प्रस्तुत कर दावा किया था कि छापे के दौरान उसकी पुत्रियों सिदरा खान, ताहेमीन खान और अलिस्बा खान और उसकी मां बिलकिस खान के निजी आभूषण भी जब्त कर लिए गए थे। आवेदन में कहा गया कि परिवार के ये सदस्य केस में आरोपी नहीं हैं, इसलिए उनकी ज्वेलरी वापस की जानी चाहिए। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2018 में जब्त आभूषणों का मूल्य करीब 58 लाख रुपये आंका गया था, लेकिन सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्तमान में उनकी कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। 70 लाख की गारंटी पर लौटाने का दिया था आदेश जिला कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 70 लाख रुपए की बैंक गारंटी जमा कराने की शर्त पर ज्वेलरी लौटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई थी कि आभूषणों को न तो बेचा जाएगा और न ही उनमें कोई परिवर्तन किया जाएगा। उनका उपयोग केवल पहनने और सुरक्षित रखने तक सीमित रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आभूषण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक जिला कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दिए जाने पर हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंतिम सुनवाई और निर्णय होने तक जब्त की गई ज्वेलरी लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने मामले के सभी पक्षों से जवाब भी तलब किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की सोने की ज्वेलरी फिलहाल लोकायुक्त के कब्जे में ही रहेगी। मामला अब अगली सुनवाई पर है।



Source link

दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: एडवोकेट पीयूष दूसरी बार बने सदस्य: सबसे ज्यादा वोटों से जीते, 2018 में संभाल चुके सचिव और सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी – New Delhi News




दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) चुनाव में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर दूसरी बार सदस्य निर्वाचित होकर नया रिकॉर्ड बनाया। समर्थकों के अनुसार, वह सबसे कम उम्र में दूसरी बार बार काउंसिल के सदस्य बनने वाले अधिवक्ताओं में शामिल हो गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को हुए चुनाव में 18 सामान्य, 5 महिला आरक्षित और 2 महिला सह-नामित (को-ऑप्शन) सीटों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 57 हाजर 200 मत पड़े और जीत के लिए 2 हाजर 323 मतों का कोटा निर्धारित किया गया था। 7 मार्च से शुरू हुई मतगणना में बैलेट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे पीयूष गुप्ता इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। वह बार काउंसिल के सबसे कम उम्र के सचिव और सह-अध्यक्ष (को-चेयरमैन) भी रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता से जुड़े कई प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वर्तमान में पीयूष गुप्ता दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह जीत अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है। उनका मानना है कि कानूनी बिरादरी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा जताया है।



Source link

न बेकिंग सोडा- न ईनो, सिर्फ 1 घंटे में तैयार करें इडली-डोसा का बैटर


Last Updated:

Idli Dosa Batter Trick: इडली और डोसा का बैटर आप बेकिंग सोडा और ईनो के बिना भी तैयार कर सकते हैं. इसके लिए आपको बैटर को 6-7 घंटे कवर करके रखने की भी जरूरत नहीं. फटाफट फर्मेंटेशन का जबरदस्त तरीका यहां जानिए.

ख़बरें फटाफट

Zoom

इडली-डोसा साउथ इंडियन कुजीन का अहम हिस्सा है. सिर्फ स्वाद ही नहीं फर्मेंटेड होने के कारण सेहत के नजरिए से भी इसे खाना पसंद किया जाता है. हालांकि इनका स्वाद और मुलायम बनावट काफी हद तक बैटर के सही तरीके से फर्मेंट होने पर निर्भर करती है. आमतौर पर इडली और डोसा का बैटर तैयार होने में 6 से 7 घंटे या उससे भी अधिक समय लग सकता है. लेकिन जब अचानक इडली या डोसा बनाने का मन हो जाए और बैटर फर्मेंट न हुआ हो, तो परेशानी बढ़ जाती है.

ऐसे समय में कुछ आसान किचन टिप्स काम आते हैं, जिनकी मदद से बैटर को जल्दी फर्मेंट करने में सहायता मिल सकती है. हालांकि, इसमें कोई दोराय नहीं कि नेचुरल तरीके से फर्मेंट किया गया बैटर स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतर माना जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ट्रिक्स यूज करना भी जरूरी है. आइए जानते हैं इडली और डोसा बैटर को जल्दी फर्मेंट करने के कुछ आसान उपाय.

प्रेशर कुकर की मदद लें
अगर आपके पास समय कम है, तो बैटर को एक बर्तन में निकालकर उसमें स्वादानुसार नमक मिला लें. अब एक प्रेशर कुकर को हल्का गर्म करें और उसके अंदर बैटर वाला बर्तन रख दें. कुकर का ढक्कन बंद कर दें और सीटी भी लगी रहने दें. इसे लगभग 5 मिनट तक धीमी आंच पर गर्म करें और फिर गैस बंद कर दें. इसके बाद बैटर को करीब एक घंटे तक कुकर के अंदर ही रहने दें. गर्म वातावरण के कारण बैटर जल्दी फर्मेंट होने में मदद मिल सकती है.

सही बर्तन का चुनाव करें
बैटर को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के बर्तनों की बजाय मिट्टी या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का उपयोग करना बेहतर माना जाता है. ये बर्तन बैटर के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे फर्मेंटेशन की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. खासतौर पर स्टील के बर्तन में बैटर रखना एक अच्छा विकल्प माना जाता है.

इन चीजों को मिलाएं
यदि बैटर को जल्दी तैयार करना हो, तो उसमें थोड़ा सेंधा नमक, आधा चम्मच दही, एक चौथाई चम्मच चीनी और एक चौथाई चम्मच नींबू का रस मिला सकते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर बर्तन को ढक दें. इसके बाद इसे किसी गर्म जगह, जैसे गैस स्टोव के आसपास, रख दें. इससे बैटर अपेक्षाकृत जल्दी तैयार हो सकता है.

ध्यान रखने वाली बात
ये सभी तरीके केवल इमरजेंसी या समय की कमी होने पर ही अपनाने चाहिए. प्राकृतिक रूप से 4 से 7 घंटे में फर्मेंट किया गया बैटर स्वाद, बनावट और पाचन के लिए अधिक लाभदायक माना जाता है. इसलिए बेहतर परिणाम के लिए पहले से योजना बनाकर बैटर तैयार करना सबसे अच्छा विकल्प है.

About the Author

authorimg

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



Source link