Tuesday, September 22, 2026
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अस्थायी कैजुअल रेलवे कर्मियों के परिजनों को नहीं मिलेगी पेंशन: हाईकोर्ट की फुल बेंच ने साल पुराने विवाद का निपटारा किया; नियमित नियुक्ति से पहले मौत पर लाभ नहीं – Jodhpur News




राजस्थान हाईकोर्ट की तीन सदस्यीय फुल बेंच ने रेलवे के कैजुअल कर्मचारियों की पेंशन से जुड़े पुराने कानूनी विवाद को खत्म कर दिया है। कोर्ट ने कहा- अगर अस्थायी दर्जा प्राप्त कैजुअल कर्मचारियों की नियमित या अस्थायी पद पर नियुक्ति से पहले मौत हो जाती है तो उनके परिजन या विधवाएं पेंशन का लाभ पाने के हकदार नहीं होंगे। मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल, न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश मुन्नुरी लक्ष्मण की फुल बेंच ने अल्मा और अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए यह फैसला सुनाया। याचिकाकर्ताओं के पति उत्तर रेलवे के जोधपुर मंडल में कैजुअल गैंगमैन और सब्स्टीट्यूट खलासी जैसे पदों पर काम करते थे। उनकी नौकरी के दौरान ही मौत हो गई थी। रेलवे ने जब पेंशन देने से मना कर दिया तो परिजनों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण का दरवाजा खटखटाया। वहां से राहत न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कीं। साल 2003 में एक पुराने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए इस मामले को फुल बेंच के पास भेजा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि सुप्रीम कोर्ट ने चंदा देवी मामले (2008) में इस बारे में स्थिति पहले ही साफ कर दी थी। इंडियन रेलवे एस्टेब्लिशमेंट मैनुअल के पैरा 1501 के मुताबिक, ‘अस्थाई रेलवे कर्मचारी’ की परिभाषा में कैजुअल लेबर (भले ही उन्हें अस्थाई दर्जा मिला हो) शामिल नहीं हैं। केंद्र सरकार की तरफ से सीनियर पैनल काउंसिल प्रकाश चौधरी ने अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट की फुल बेंच ने माना कि याचिकाकर्ताओं के पति किसी अस्थाई पद पर नियुक्त होने से पहले ही गुजर गए थे। इसलिए, वे रेलवे मैनुअल के तहत पेंशन के हकदार नहीं थे। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दीं।



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11 महीने के मासूम पर गर्म दूध गिरा, मौत: उन्नाव में पिता के हाथ से छूटा बर्तन, अस्पताल में दम तोड़ा – Unnao News




उन्नाव के मौरावां थाना क्षेत्र के जैस गांव में सोमवार शाम एक हादसा हुआ। यहां गर्म दूध से झुलसने के कारण 11 माह के मासूम राजेश चंद्र की मौत हो गई। परिजन उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले गए, लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। जैस गांव निवासी राजेश चंद्र की उम्र 11 माह थी। सोमवार शाम करीब छह बजे घर में गर्म दूध रखा था। परिजनों ने बताया कि बच्चे के पिता गर्म दूध का बर्तन टांगने के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान अचानक उनके हाथ से दूध का बर्तन छूट गया। बर्तन गिरने से खौलता हुआ दूध पास खड़े मासूम राजेश चंद्र पर गिर गया।
गर्म दूध गिरने से बच्चा गंभीर रूप से झुलस गया। हादसे के बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन तुरंत बच्चे को मौरावां अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उन्नाव जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया। हालांकि, बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। जिला अस्पताल में करीब सवा सात बजे डॉक्टरों ने राजेश चंद्र को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस हादसे से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने भी मामले की जांच की। परिजनों ने बताया कि कुछ देर पहले तक घर में सब सामान्य था, लेकिन इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।



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बक्सर में 23 सितंबर को आएंगे CM सम्राट चौधरी: आगमन-वामन द्वादशी पर बदलेगा ट्रैफिक, 22 की रात से बड़े वाहनों की नो-एंट्री – Buxar News




बक्सर में वामन द्वादशी पूजा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रस्तावित आगमन को लेकर जिला पुलिस ने ट्रैफिक प्लान जारी किया है। पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय से 20 सितंबर को जारी सूचना के मुताबिक, 22 और 23 सितंबर को शहर में कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी। 23 सितंबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कई प्रमुख रास्तों पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही पर रोक या नियंत्रण रहेगा। 23 सितंबर को इन रास्तों पर रहेगा ट्रैफिक नियंत्रण पुलिस के अनुसार, आईटीआई मोड़ से मठिया मोड़, हवाई अड्डा मोड़, सेंट्रल जेल मोड़, ठोरा पुल होते हुए ताड़का नाच तक जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित रहेगा। इसी तरह आईटीआई मोड़ से डीएवी मोड़, ज्योति चौक, बस स्टैंड, सिंडिकेट मोड़ होते हुए गोलंबर तक वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। गोलंबर से अहिरौली, कठकौली मोड़, चुरामनपुर और पड़री मोड़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी निर्धारित समय में यातायात प्रतिबंध लागू रहेगा। चारपहिया, ऑटो और ई-रिक्शा के लिए अलग रूट पुलिस ने चारपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा के लिए वैकल्पिक रूट भी तय किए हैं। गोलंबर से सेमरीपुर पुल, मठिया पुल, मुनीम चौक, जमुना चौक और ठठेरी बाजार होते हुए पुलिस चौकी तक जाने का रास्ता निर्धारित किया गया है। पुलिस चौकी से रामरेखा घाट, पीपी रोड और मुनीम चौक की ओर जाने के लिए भी वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। मंदिर और घाट जाने वालों के लिए भी रूट तय पुलिस चौकी से नाथ बाबा पुल, जेल मोड़, श्री सुमेश्वर नाथ मंदिर, श्री वामन देव मंदिर, सिपाही घाट और तीन मोहानी घाट तक जाने के लिए अलग रूट निर्धारित किया गया है। वहीं, पुलिस चौकी से ज्योति चौक, अंबेडकर चौक, रेलवे स्टेशन और इटाढ़ी गुमटी की ओर जाने वालों के लिए भी निर्धारित मार्ग से आवागमन की व्यवस्था की गई है। चार जगहों पर होगी वाहनों की पार्किंग पुलिस ने शहर में वाहनों की पार्किंग के लिए चार स्थान तय किए हैं। इनमें किला मैदान, बाजार समिति कैंपस, सिपाही घाट और रेलवे स्टेशन के बगल में माल गोदाम के सामने पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। किला मैदान और बाजार समिति कैंपस में ट्रैक्टर, पिकअप समेत छोटी-बड़ी गाड़ियों की पार्किंग की जा सकेगी। सिपाही घाट पर छोटे वाहनों और मोटरसाइकिलों के लिए पार्किंग रहेगी। माल गोदाम के सामने मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर, ट्रक और चारपहिया वाहनों की पार्किंग निर्धारित की गई है। मरीज और एंबुलेंस को नो-एंट्री से छूट पुलिस ने मरीजों, एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को नो-एंट्री से मुक्त रखा है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को अपने साथ रेलवे टिकट रखना होगा। पुलिस ने आम लोगों से अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहन लेकर शहर में नहीं निकलने की अपील की है। 22 सितंबर की रात से बड़े वाहनों की नो-एंट्री वामन द्वादशी और मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए 22 सितंबर की रात 8 बजे से 23 सितंबर की रात 10 बजे तक बक्सर शहर में बड़े वाहनों की नो-एंट्री रहेगी। पुलिस ने लोगों से निर्धारित रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने तथा यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।



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अशोका गार्डन, दानिश हिल्स-हिनोतिया में कल बिजली कटौती: भोपाल के 35 इलाकों में असर; बसंतकुंज-कान्हाकुंज में भी सप्लाई नहीं – Bhopal News




भोपाल के करीब 35 इलाकों में मंगलवार को 4 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिश हिल्स, कान्हाकुंज, राजीव नगर, हिनोतिया, अनंतपुर कोकता, अशोका गार्डन, प्रकाश नगर, भेल नगर, बसंतकुंज, वर्धमान नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर



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ईरान के आसमान में फिर UFO का दावा: 1976 में भी दिखा था ऐसा ऑब्जेक्ट, पीछा करने पहुंचे फाइटर जेट के सिस्टम फेल हुए थे


7 मिनट पहले

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ईरान की राजधानी तेहरान के आसमान में चमकती अलग-अलग रंगों की लाइट वाला एक ऑब्जेक्ट दिखाई देने का दावा किया गया है। सोशल मीडिया पर इसके कई वीडियो सामने आए हैं। लोग दावा कर रहे हैं की यह UFO हो सकता है।ऑब्जेक्ट काफी नीचे उड़ रहा था।

50 साल पहले 19 सितंबर 1976 में भी तेहरान के आसमान में ऐसा ही एक चमकीला ऑब्जेक्ट दिखने की घटना सामने आई थी। इस ऑब्जेक्ट की जांच के लिए ईरान ने F-4 फाइटर जेट भेजे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, एक फाइटर जेट जब ऑब्जेक्ट के करीब पहुंचा तो उसके कुछ सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया था। पायलट पीछे हटा तो सिस्टम फिर सामान्य हो गया।

आधिकारिक रिकॉर्ड में यह साबित नहीं हुआ कि वह चीज आखिर थी क्या। बाद में यह घटना UFO पर रिसर्च करने वाले लोगों के बीच काफी चर्चित हो गई।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर सामने आया यह वीडियो रविवार 20 सितंबर का बताया जा रहा है। एक पोस्ट में दावा किया गया कि इसे तेहरान के आजादेगान एक्सप्रेसवे के पास देखा गया।

हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ऑब्जेक्ट वास्तव में किस जगह था, कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा था, उसकी रफ्तार कितनी थी और उसका आकार कितना बड़ा था।

ईरानी अधिकारियों ने भी इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। उन्होंने यह भी नहीं बताया है कि यह ऑब्जेक्ट क्या था या इससे कोई खतरा था।

ड्रोन से लेकर पतंग तक के दावे

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं। कुछ लोगों ने अमेरिका के साथ चल रही जंग के कारण कहा कि यह कोई सैन्य ड्रोन हो सकता है। कुछ ने एक साथ उड़ रहे कई ड्रोन होने की बात कही।

वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि दूर से देखने पर ये लाइट किसी पतंग या किसी दूसरे ऑब्जेक्ट की भी हो सकती हैं। साइबर न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी इनमें से किसी दावे की पुष्टि नहीं हुई है।

ईरान की US को धमकी- नए ठिकानों पर हमला करेंगे

ये वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को अमेरिका को चेतावनी दी।

IRGC ने कहा कि अगर अमेरिका के साथ तनाव और बढ़ता है तो ईरान नए हथियार और नई सैन्य रणनीति इस्तेमाल करेगा। साथ ही उन जगहों को भी निशाना बनाया जाएगा, जहां पहले हमला नहीं किया गया है।

IRGC के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरान लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार है। अगर लड़ाई और बढ़ती है तो ईरान अपनी रक्षा और जवाबी कार्रवाई के तरीके में बड़े बदलाव करेगा।

अमेरिकी रिकॉर्ड में भी 1976 की घटना का जिक्र

1976 की घटना अमेरिकी सरकार के रिकॉर्ड में भी मौजूद हैं। अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एजेंसी के आर्काइव में इस घटना से जुड़ी जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ की रिपोर्ट, डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट और अमेरिकी डिफेंस की रिपोर्ट शामिल हैं।

इन दस्तावेजों से इतना जरूर पता चलता है कि 1976 में तेहरान में ऑब्जेक्ट देखे जाने की घटना की आधिकारिक रिपोर्ट बनी थी और इसकी जांच की गई थी।

हालांकि, ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह कहा जा सके कि वह ऑब्जेक्ट और इस हफ्ते तेहरान में रिकॉर्ड किए गए वीडियो का आपस में कोई संबंध है।

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यह खबर भी पढ़ें…

अमेरिका से जंग के बावजूद न्यूयॉर्क जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति

अमेरिका और ईरान के बीच 7 महीने से जंग चल रही है। इसके बावजूद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली UNGA बैठक में शामिल होंगे। पूरी खबर पढ़ें…



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बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण का मामला उठाया: बोला- हम किसी धर्म-त्योहार के नहीं, शोर के खिलाफ; राज्य सरकार से गाइडलाइन मांगी




बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं है। चिंता केवल त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होने वाले शोर को लेकर है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर चिंता जताई। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 22 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह भी बताने को कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों के दौरान इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जुलूसों में शोर-वायु प्रदूषण पर भी निशाना साधा बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण पर भी ध्यान दिया। साथ ही DJ और रंगीन धुआं छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारों का जश्न नागरिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक उत्सव संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते। जश्न जरूर मनाए जाने चाहिए, लेकिन वे हजारों नागरिकों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं मनाए जा सकते, जो इससे गंभीर रूप से और बुरी तरह प्रभावित होते हैं और चुपचाप परेशानी झेलते हैं। आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की परमिशन पर भी सवाल बेंच ने कहा, “हमें इन जुलूसों में आधी रात यानी 12:00 बजे तक इतना तेज संगीत बजाने की इजाजत देने में कोई तर्क समझ नहीं आता, जबकि हमें बताया गया है कि ऐसे जुलूसों के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर के इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ रात 10 बजे तक ही होती है।” कोर्ट ने कहा कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रहा है। बेंच ने कहा, “मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यह सही समय है कि शोर और वायु प्रदूषण फैलाने वाले और हवा को जहरीला बनाने वाले पटाखों पर रोक लगाई जाए, ताकि एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।” कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। पटाखे 140-175 डीबी, बड़े लाउडस्पीकर 100-120 डीबी का शोर पैदा करते हैं ध्वनि की तीव्रता डेसीबल (dB) में मापी जाती है। 85 डेसीबल से ज्यादा की आवाज में लंबे समय तक रहना स्थायी बहरेपन का कारण बन सकता है, क्योंकि कान की कोशिकाएं बहुत नाजुक होती हैं। एक सामान्य पटाखा 140 dB से 175 dB तक की आवाज पैदा कर सकता है। यह स्तर तत्काल कान के पर्दे फाड़ने और स्थायी बहरेपन के लिए पर्याप्त है। त्यौहारों या कार्यक्रमों में बजने वाले बड़े साउंड सिस्टम आमतौर पर 100 dB से 120 dB तक पहुंच जाते हैं। इतने शोर में लंबे समय तक रहने से स्थायी श्रवण क्षति की संभावना बहुत ज्यादा होती है। 140 dB तक का शोर “पीड़ा की दहलीज” है, जिससे कान का पर्दा फट सकता है और दिमाग पर असर हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर तुरंत मौत का कारण नहीं बनता। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…



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बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण का मामला उठाया: बोला- हम किसी धर्म-त्योहार के नहीं, शोर के खिलाफ; राज्य सरकार से गाइडलाइन मांगी




बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं है। चिंता केवल त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होने वाले शोर को लेकर है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर चिंता जताई। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 22 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह भी बताने को कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों के दौरान इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जुलूसों में शोर-वायु प्रदूषण पर भी निशाना साधा बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण पर भी ध्यान दिया। साथ ही DJ और रंगीन धुआं छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारों का जश्न नागरिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक उत्सव संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते। जश्न जरूर मनाए जाने चाहिए, लेकिन वे हजारों नागरिकों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं मनाए जा सकते, जो इससे गंभीर रूप से और बुरी तरह प्रभावित होते हैं और चुपचाप परेशानी झेलते हैं। आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की परमिशन पर भी सवाल बेंच ने कहा, “हमें इन जुलूसों में आधी रात यानी 12:00 बजे तक इतना तेज संगीत बजाने की इजाजत देने में कोई तर्क समझ नहीं आता, जबकि हमें बताया गया है कि ऐसे जुलूसों के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर के इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ रात 10 बजे तक ही होती है।” कोर्ट ने कहा कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रहा है। बेंच ने कहा, “मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यह सही समय है कि शोर और वायु प्रदूषण फैलाने वाले और हवा को जहरीला बनाने वाले पटाखों पर रोक लगाई जाए, ताकि एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।” कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…



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2 मिनट में तैयार करें टेस्टी नाश्ता, आटा-बेसन-दूध से बनाएं पराठा, सब्जी की जरूरत नहीं

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Ranchi Famous Food: कई बार लोग सुबह ऑफिस या फिर काम में जाते हैं तो सुबह नाश्ता बनाने का टाइम नहीं होता है. ऐसे में आप आटा और बेसन व दूध को मिलाकर एक लिक्विड बैटर तैयार कर सकते हैं. इसका पराठा बेहद ही स्वादिष्ट लगता है. इसमें दो-चार मसाले और डाले जाते हैं. इसलिए इसमें सब्जी की जरूरत नहीं पड़ती है. आप अचार के साथ खा सकते हैं. इसके साथ ही इसे बनाने में मात्र 2 मिनट का समय लगता है. आइये जानते हैं इसके बारे में.

इसे बनाने के लिए रांची की गृहणी उषा बताती हैं कि इसके लिए आप एक कंटेनर में थोड़ा सा आटा ले लीजिए. फिर थोड़ी सी सूजी ले लीजिए. अब इसमें कटा हुआ प्याज डालिए थोड़ा सा मिर्च, काली मिर्च, थोड़ी सी हल्दी, धनिया पाउडर और स्वाद अनुसार नमक इन सभी को लेकर अच्छे से मिलाना पड़ता है.

आपको इसमें दूध या पानी भी डाल सकते हैं. किसी को दूध से एलर्जी है तो ऐसे में पानी डालिए, अन्यथा आप दूध डाल दीजिए. ध्यान रहे, बैटर जो एकदम पानी की तरह होना चाहिए. मतलब एकदम पतला और सभी को अच्छे से मिलाकर फिर एक बड़ा तवा या फिर गैस पर चढ़ा दीजिए. एक चम्मच तेल डालिए और तेल गर्म हो जाना चाहिए.

इसके बाद गर्म तेल में बैटर डाल दीजिए. इसे डालने के बाद इसको ढक के रख दीजिए और एकदम लो फ्लेम में रखिये. तभी ये अच्छे से पकेगा आप देखेंगे 10 मिनट बाद यह खुद ही तवा छोड़ने लगा है. फिर इसे पलट जानें दीजिये.

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दोनों तरफ अच्छे से पकने के बाद नीचे उतार लीजिए और थोड़ा सा अचार लीजिए और खाकर देखिये क्या स्वादिष्ट लगता है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी तरह की कोई भी मेहनत नहीं लगती है. बस दो-तीन चीज डालकर पानी या फिर दूध डाल देना होता है.

आप अपना ऑफिस का भी काम कर सकते हैं और 10- 15 मिनट के लिए इसे ढक कर छोड़ सकते हैं. इसीलिए इसे सबसे आसान रेसिपी कहा जाता है. खासतौर पर वैसे लोग जिनका सुबह में जाने की हड़बड़ी होती है.

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रांची की रेशमा का कमाल, तसर सिल्क पर चिकनकारी का अनोखा संगम, 1 सूट की कीमत 25 हजार


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Women Success Story: झारखंड की राजधानी रांची की रेशमा खासतौर पर चिकनकारी पर काम करती हैं. उन्होंने बताया कि चिकनकारी और झारखंड का ट्रेडिशनल तसर सिल्क है. हम दोनों के कंबीनेशन पर काम करते हैं. यानी की तसर सिल्क कुर्ती और उसके ऊपर चिकनकारी का काम होता है. इसे खास कारीगर से बनाया जाता है. ऐसा कांबिनेशन आपको कहीं और देखने को नहीं मिलेगा. आइये जानते हैं रेशमा के इस बिजनेस के बारे में.

इस एक सूट की कीमत 5000 से ₹20,000 तक होती है. इसके डिजाइन से लेकर सब कुछ वह अपने हाथों से ही करती हैं. आज 47 साल की उम्र में वह आत्मनिर्भर हैं. हालांकि, इंडिपेंडेंस तो वह पहले भी थी, लेकिन अपने पति के दम पर थी, लेकिन खुद के दम पर आत्मनिर्भर होने का मजा ही कुछ और होता है. अब बाहर घूमने का भी मौका मिलता है. बड़े-बड़े शहरों में जाकर हम एग्जीबिशन में अपने प्रोडक्ट की मार्केटिंग भी करते हैं.

ऐसा कलेक्शन आपको दूसरा कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा. क्योंकि, तसर सिल्क में चिकनकारी का महीन काम होता है और खास बात ये है कि यह एकदम हाथ से होता है. मशीन का कोई काम नहीं होता, सलवार सूट बनाया जाता है यह भी हाथ से ही बनाया जाता है और उसके ऊपर जो काम होता है वह भी हाथ से होता है.

यही कारण है कि एक सूट बनने में 25 दिन का समय लग जाता है. इसीलिए इसकी कीमत 25000 तक चली जाती है. 4 से 5 कारीगर मिलकर एक सलवार सूट को तैयार करते हैं. इसके साथ ही उनके पास साधारण चिकनकारी भी है, जिसमें आपको कम से कम 25 से 30 कलर देखने को मिलेगी.

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आप जैसा कलर चाहेंगे हम वैसा आपको देंगे. हम खुद डिजाइन करते हैं और कलर भी करते हैं. रेशमा बताती हैं कि मैंने सोचा कि लोगों को ओरिजिनल चीज़ पहनाना है. अगर मुझे बिजनेस करना ही है तो क्यों ना कुछ ऐसा ओरिजिनल चीज का करूं.

जो भले दो ही पीस बिके, लेकिन वह शानदार हो. इसीलिए उन्होंने क्वालिटी पर फोकस किया. चिकनकारी तसर यह हमारे ट्रेडिशन का है और अब आलम यह है कि साउथ से लेकर बेंगलुरु, चेन्नई तक इसके ऑर्डर आते रहते हैं.



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सूरत में कर्मचारी ने ₹24 करोड़ का सामान फूंका…VIDEO: मालिकों ने वेतन का ₹10000 नहीं दिया तो ₹150 के पेट्रोल से मार्केट में आग लगाई




गुजरात में सूरत के संगिनी टेक्सटाइल मार्केट में 9 सितंबर की रात भीषण आग लग गई थी। अब इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आग मार्केट में ही काम करने वाले एक अकाउंटेंट ने लगाई थी। आरोपी की पहचान विनोद पंडित सावले (33 वर्ष) के रूप में हुई है। सूरत क्राइम ब्रांच की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 10 हजार रुपए के बकाया वेतन को लेकर दो मालिकों से बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। इसके लिए वह 150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था और दुकान के बाहर रखे कपड़ों के पार्सल में आग लगाकर फरार हो गया था। हालांकि, उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि इससे कई और दुकानदारों का भी करोड़ों का नुकसान हो जाएगा। दो दुकानों से 30 हजार रुपए का वेतन मिलता था क्राइम ब्रांच की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी की पहचान की आरोपी विनोद पंडित सावले (33 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में विनोद ने बताया कि उसने अप्रैल 2026 में श्याम संगिनी मार्केट जे कॉर्प इंडिया और जगदंबा टेक्सटाइल में अकाउंटेंट के रूप में नौकरी शुरू की थी। उसे 30 हजार रुपए का मासिक वेतन मिलता था। उसका कहना है कि मालिक सुमितभाई और हनुमान द्वारकाप्रसाद जवेर उसे सही से काम न आने की बात कहकर बहुत परेशान करते थे। इसी से तंग आकर उसने अगस्त में नौकरी छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने पर उसे 20 हजार रुपए ही दिए गए थे। उसका करीब 10 हजार रुपए वेतन बकाया था। बार-बार मांगने के बावजूद रकम नहीं मिल रही थी। इसी बात से गुस्सा होकर उसने मालिकों को सबक सिखाने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। 150 रुपए का पेट्रोल खरीदकर लाया था विनोद ने सूरत क्राइम ब्रांच को बताया कि उसने 8 सितंबर की रात करीब 10 बजे 150 रुपए का पेट्रोल प्लास्टिक की बोतल में खरीदा और उसे अपने बैग में रख लिया था। इसके बाद बिल्डिंग की सीढ़ियों पर बैठकर उसने पूरे मार्केट के खाली होने के इंतजार किया। रात करीब साढ़े 12 बजे जब पूरा मार्केट खाली हो गया तो उसने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और दुकान के बाहर रखे कपड़ों के पार्सलों पर पेट्रोल छिड़ककर माचिस लगा दी और भाग निकला। आग इतनी तेजी से फैली कि अलग-अलग दुकानों में रखा कपड़ा और अन्य सामान जलकर खाक हो गया था। इस घटना में 14 दुकानदारों को 24 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की करवाई शुरू की है। अगले दिन न्यूज चैनल पर देखा कि उसके खिलाफ FIR दर्ज हो गई है अगले दिन सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर आ की खबर देखने के बाद उसे पता चला कि भारी नुकसान हुआ है। इसके बाद उसे न्यूज चैनलों से यह भी पता चला कि सीसीटीवी फुटेज से उसकी पहचान हो गई है और FIR भी दर्ज हो गई है तोवह डर गया। अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर पत्नी और बच्चे के साथ राजस्थान के खाटूश्याम मंदिर चला गया। वहां से अयोध्या पहुंचा। बीते दिन ही रविवार को वह सूरत लौटा था। मुखबिरों की सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे अरेस्ट कर लिया। ———————- ये खबर भी पढ़ें… ‘करोड़ों की प्रॉपर्टी हड़पने के लिए बेटे को मुस्लिम बनाया’:शामली में पिता बोले- महिला जिम ट्रेनर ने फंसाया, फर्जी निकाह किया ‘मेरे 27 साल के बेटे को जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी ने प्यार के जाल में फंसाया। फिर धर्मांतरण करवाकर हिंदू से मुस्लिम बनाया। बाद में फर्जी तरीके से निकाह कर लिया।’ ये कहना है कि शामली के करोड़पति दवा कारोबारी देवराज सिंह का। उन्होंने कहा, बेटे ने पाकिस्तान का यू-ट्यूब चैनल सब्सक्राइब कर रखा था। पूरी खबर पढ़ें…



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