Monday, June 29, 2026
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प्रतापगढ़ में शराब की दुकान में सेंध, VIDEO: छत तोड़कर 25 हजार नकद, 5 हजार की शराब चोरी – Lalganj (Pratapgarh) News




प्रतापगढ़ नगर में रविवार रात चोरों ने एक कंपोजिट शराब की दुकान को सेंध लगाकर निशाना बनाया। बदमाशों ने छत की फॉल सीलिंग तोड़कर दुकान में प्रवेश किया और नकदी सहित शराब चोरी कर ली। यह घटना रविवार रात को अफीम कोठी स्थित दुकान में हुई। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चोरों ने दुकान की दक्षिण दिशा की दीवार और छत की फॉल सीलिंग को तोड़ा। वे कैश काउंटर से 25 हजार रुपए नकद और लगभग पांच हजार रुपए मूल्य की शराब लेकर फरार हो गए। दुकान पर कार्यरत सेल्समैन राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि उन्होंने रविवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद की थी। सोमवार सुबह लगभग 10 बजे जब वह दुकान पहुंचे, तो शटर खोलने पर अंदर का सामान बिखरा हुआ मिला और कैश काउंटर खुला था। जांच करने पर नकदी गायब पाई गई। जायसवाल ने बताया कि चारों ओर देखने पर छत की फॉल सीलिंग टूटी हुई दिखाई दी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि चोर उसी रास्ते से दुकान के अंदर दाखिल हुए थे। उन्होंने तुरंत नगर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो संदिग्ध कंबल ओढ़े हुए चोरी करते दिखाई दिए हैं। पुलिस इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुट गई है।



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गोरखपुर के ये 3 नॉनवेज अड्डे हैं फूड लवर्स की पहली पसंद, जानिए खासियत और जगह


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गोरखपुर के ये 3 नॉनवेज अड्डे हैं फूड लवर्स की पहली पसंद, जानिए खासियत और जगह

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अगर आप नॉनवेज खाने के शौकीन हैं और गोरखपुर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो शहर की ये तीन मशहूर दुकानें आपकी फूड लिस्ट में जरूर होनी चाहिए. यहां का हांडी मटन, कीमा-कलेजी और देसी स्टाइल में तैयार मटन अपने खास स्वाद और पारंपरिक रेसिपी के लिए दूर-दूर तक मशहूर है.

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश का गोरखपुर जिला अपनी खास मेहमाननवाजी और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है. लेकिन इसके साथ ही यहां का जायका भी बेहद बेमिसाल है. अगर आप नॉनवेज खाने के शौकीन हैं, तो गोरखपुर आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है.

यहां के पारंपरिक मसालों, धीमी आंच पर पकाने के पुराने तरीकों और सीक्रेट रेसिपी की वजह से यहां के व्यंजनों का स्वाद बिल्कुल अलग होता है. अगर आप कभी भी गोरखपुर घूमने आ रहे हैं, तो शहर की ये तीन जगहें आपकी फूड लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.

गोरखपुर के मोहद्दीपुर इलाके में स्थित ‘अदालत हांडी मटन’ अपने बिल्कुल अनोखे अंदाज के लिए पूरे शहर में मशहूर है. यहां मटन को किसी कुकर या स्टील के बर्तन में नहीं, बल्कि मिट्टी की पारंपरिक हांडी में कोयले की धीमी आंच पर पकाया जाता है. इस तरीके से पकाने की वजह से सभी खास मसालों का स्वाद मटन के पीस के अंदर तक अच्छी तरह समा जाता है. जब ग्राहक दुकान पर पहुंचते हैं, तो उनके सामने ही कतार से लगी हांडियों में मटन पकता हुआ दिखाई देता है, जिसे देखकर ही मुंह में पानी आ जाता है. यहां का स्वाद ऐसा है कि लोग एक बार खाने के बाद दोबारा यहां आने की प्लानिंग करने लगते हैं.

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अगर आप असली स्वाद का एक साथ मजा लेना चाहते हैं, तो जिला अस्पताल रोड पर स्थित ‘सिंधी होटल’ जरूर जाएं. स्थानीय लोग इसे ‘दानाराम होटल’ के नाम से भी जानते हैं. यह दुकान लगभग 70 साल पुरानी है और यहां मिलने वाली कीमा-कलेजी का कोई मुकाबला नहीं है. इस दुकान की कमान संभाल रहे प्रीतम दास आहूजा बताते हैं कि यहां आज भी उसी खास पारंपरिक मसाले का इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी शुरुआत उनके पिता ने दशकों पहले की थी. मसालों का वही पुराना अंदाज आज भी कायम है, यही वजह है कि गरमा-गरम रोटी के साथ परोसी जाने वाली यह कीमा-कलेजी आज भी दूर-दूर से आने वाले ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है.

विजय चौक पर स्थित ‘भोला मटन’ भी गोरखपुर के सबसे चर्चित नॉनवेज ठिकानों में से एक है. यहां मटन को एक बड़े भगोने में बेहद पारंपरिक और देहाती शैली में पकाया जाता है. इस मटन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे तैयार करते समय बाहर से ज्यादा तेल-घी डालने के बजाय मटन की ही चर्बी का इस्तेमाल किया जाता है. इससे मटन की ग्रेवी बेहद गाढ़ी, तरीदार और एकदम असली देसी स्वाद वाली बनती है. मसालों का सही संतुलन और धीमी आंच पर घंटों भूनने की वजह से यह मटन बेहद सॉफ्ट हो जाता है. शाम होते ही यहां मटन प्रेमियों की भारी भीड़ लग जाती है.

ये तीनों जगहें सिर्फ खाना खिलाने की दुकानें नहीं हैं, बल्कि ये गोरखपुर के पुराने और समृद्ध स्वाद की पहचान हैं. अदालत का हांडी मटन, सिंधी होटल की कीमा-कलेजी और भोला मटन का देसी अंदाज हर नॉनवेज प्रेमी को एक बार जरूर चखना चाहिए.

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मंदसौर पुलिस ने 5.5 किलो अफीम, 30 किलो डोडाचूरा पकड़ा: ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जा रहे दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार – Mandsaur News




मंदसौर जिले की नारायणगढ़ पुलिस ने ट्रैक्टर के टायरों में छिपाकर ले जाई जा रही 5.5 किलोग्राम अफीम और 30 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद कर लिया। मामले में दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त किए गए मादक पदार्थों और वाहनों की कुल कीमत 16.35 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई सोमवार तड़के की। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेंद्र कुमार पवार के नेतृत्व में बूढ़ा चौकी प्रभारी विकास गेहलोत की टीम ने झारड़ा-भंवरासा रोड स्थित बोरखेड़ी फंटा यात्री प्रतीक्षालय के पास घेराबंदी की। यहां एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका गया। तलाशी के दौरान, ट्रॉली में रखे एक अन्य लाल रंग के मैसी 1035 डीआई ट्रैक्टर की जांच की गई। इस ट्रैक्टर के दाहिने पिछले टायर के भीतर 30 किलोग्राम डोडाचूरा और बाएं अगले टायर के अंदर 5.5 किलोग्राम अफीम स्किम के तहत छिपाई हुई मिली। राजस्थान के रहने वाले दो आरोपी अरेस्ट
पुलिस ने मौके से विकास पिता बोहराराम जाट (26) और प्रधान पिता सेवाराम जाट (27) को गिरफ्तार किया। ये दोनों राजस्थान के जोधपुर जिले की लूणी तहसील के ग्राम बड़लिया, थाना झंवर के निवासी हैं। आरोपियों के खिलाफ नारायणगढ़ थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने 8.25 लाख रुपए की 5.5 किलोग्राम अफीम, 60 हजार रुपये का 30 किलोग्राम डोडाचूरा, 4.50 लाख रुपए का मैसी 241 डीआई ट्रैक्टर मय ट्रॉली और 3 लाख रुपए का मैसी 1035 डीआई ट्रैक्टर जब्त किया है। जमानत पर छूटने के बाद फिर तस्करी में पकड़ा गया
बता दें कि अगस्त 2025 में मल्हारगढ़ पुलिस ने सोहनलाल नाम के आरोपी को 2 किलो 714 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले की जांच में सामने आया था कि मादक पदार्थ लेने के लिए प्रधान ने ही सोहनलाल को भेजा था। प्रकरण में प्रधान बाद में जमानत पर बाहर आ गया था। अब एक बार फिर वह मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए नारायणगढ़ पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था तथा इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।



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रामनगर से लौट रहे युवक की सड़क हादसे में मौत: पीछे से ट्रक ने मारी टक्कर, मौके पर गई जान, परिजनों ने मुआवजे की मांग की – Kaimur News




रामनगर से अपने गांव भेरिया लौट रहे एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना कर्मनाशा से खजुरा की ओर नौबतपुर से आगे हुई। मृतक की पहचान रोहित सिंह (पिता: वकील सिंह) के रूप में हुई है। मृतक के रिश्तेदार विजय पांडे ने बताया कि रोहित रामनगर से भेरिया जा रहे थे। तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित सिंह सीधे ड्राइवर की तरफ गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं। सरकार से मुआवजे की मांग की स्थानीय लोगों ने तुरंत घटना की सूचना परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन रामनगर से घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक रोहित सिंह की मौत हो चुकी थी। मृतक रोहित सिंह अविवाहित थे। इस घटना के बाद उनके नाना विजय पांडे और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।



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रेप के दोषी नाबालिग बालक को 20 साल की जेल: DNA रिपोर्ट ने साबित किया अपराध, पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजा – Karauli News




पॉक्सो मामलों के विशिष्ट न्यायाधीश बृजेश कुमार शर्मा ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कारावास और 1 लाख 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके साथ ही पीड़ित बालिका को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने का भी आदेश दिया गया है। इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य, विशेषकर डीएनए रिपोर्ट, आरोपी को दोषी सिद्ध करने का प्रमुख आधार बनी। विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मामला जिले के महावीरजी थाना क्षेत्र का है। पीड़ित बालिका की ताई ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार घटना से लगभग तीन-चार महीने पहले आरोपी बालक ने पीड़िता को अपनी मौसी के लड़के को खिलाने के बहाने अपने घर बुलाया था। जब पीड़िता उसके घर पहुंची, तो आरोपी उसे जबरन एक कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के चिल्लाने पर आरोपी ने उसके मुंह में चुन्नी ठूंस दी और धमकी दी कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे जान से मार देगा। इस डरावनी घटना और जान से मारने की धमकी के कारण पीड़िता चुप रही। परिणामस्वरूप, उसे चार माह का गर्भ ठहर गया। पेट में बदलाव देखने के बाद पीड़िता ने अपनी ताई को पूरी आपबीती सुनाई। इसके बाद महावीरजी थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन अनुसंधान किया और आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 21 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इसके अतिरिक्त 43 महत्वपूर्ण दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। पीड़िता के गर्भपात के बाद सुरक्षित रखे गए भ्रूण के सैंपल और विधि से संघर्षरत बालक के खून के नमूने की डीएनए जांच कराई गई थी। फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि भ्रूण का जैविक पिता वही बालक था। इन सभी पुख्ता और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विशिष्ट न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कारावास और आर्थिक जुर्माने की सजा सुनाई।



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दिल्ली विधानसभा में डॉ. आशुतोष मुखर्जी को श्रद्धांजलि: विशेष ग्रंथ होगा जारी, जेपी नड्डा करेंगे संकलित भाषणों का लोकार्पण, सीएम रहेंगी मौजूद – New Delhi News




डॉ. आशुतोष मुखर्जी की 162वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली विधानसभा मंगलवार को उनके संसदीय विचारों पर आधारित विशेष स्मारक ग्रंथ ‘बंगाल टाइगर आशुतोष मुखर्जी के संकलित भाषण’ का लोकार्पण करेगी। यह समारोह दिल्ली विधानसभा सदन में आयोजित होगा। भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश (जे.पी.) नड्डा इस विशेष ग्रंथ का विमोचन करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता करेंगे। समारोह में सीएम रेखा गुप्ता, शिक्षा, गृह एवं शहरी विकास मंत्री आशीष सूद तथा विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा विधायक, शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, शोधकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों की भी उपस्थिति रहेगी। डॉ. आशुतोष मुखर्जी, जिन्हें ‘बंगाल टाइगर’ के नाम से जाना जाता है, स्वतंत्रता-पूर्व भारत के प्रमुख शिक्षाविद्, विधिवेत्ता और राष्ट्रनिर्माताओं में गिने जाते हैं। वे 1904 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य रहे और उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, संस्थान निर्माण तथा शैक्षणिक उत्कृष्टता को नई दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. मुखर्जी के संसदीय भाषणों को एक ही संकलन में प्रस्तुत किया दिल्ली विधानसभा द्वारा प्रकाशित इस स्मारक ग्रंथ में पहली बार डॉ. मुखर्जी के संसदीय भाषणों को एक ही संकलन में प्रस्तुत किया गया है। इससे शिक्षा, संवैधानिक शासन, संस्थान निर्माण और सार्वजनिक जीवन से जुड़े उनके विचार विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, विधायकों और आम पाठकों तक व्यवस्थित रूप से पहुंच सकेंगे। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि यह प्रकाशन केवल एक स्मारक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक और शैक्षणिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसका उद्देश्य उन राष्ट्रीय विभूतियों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है, जिन्होंने आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कौन थे डॉ. आशुतोष मुखर्जी 1864 में जन्मे, 1924 में हुआ निधन ‘बंगाल टाइगर’ के नाम से थे प्रसिद्ध प्रख्यात शिक्षाविद्, विधिवेत्ता और राष्ट्रनिर्माता 1904 में इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य बने उच्च शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और संस्थान निर्माण में दिया ऐतिहासिक योगदान पहली बार उनके संसदीय भाषण एक ही संकलन में प्रकाशित किए गए हैं



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विनोद खन्ना की एक्टिंग, हेमा मालिनी के हुस्न का चला जादू,फिल्म ने किया था हिप्नोटाइज


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साल 1981 में एक ऐसी फिल्म ने सिनेमाघरों में दस्तक दी थी, जिसे देख हर कोई हैरान हो गया था. फिल्म में राजेश खन्ना, हेमा मालिनी और विनोद खन्ना नजर आए थे. फिल्म की कहानी पुनर्जन्म पर आधारित थी. फिल्म की कहानी ने लोगों को ऐसा दीवाना बनाया था कि आज भी लोग फिल्म को भूल नहीं पाए हैं.

नई दिल्ली. यूं तो पिछले जन्म की कहानी पर कई फिल्में बनाई गई हैं. लेकिन साल 1981 में सिनेमाघरों में एक ऐसी फिल्म रिलीज हुई थी, जिसने लोगों का दिल जीत लिया था. फिल्म में विनोद खन्ना की एक्टिंग और हेमा मालिनी के हुस्न का ऐसा जादू चला कि फिल्म हिट साबित हुई थी.

हम बात कर रहे हैं, साल 1981 में आई फिल्म ‘कुदरत’ की. यूं तो इस फिल्म में राजेश खन्ना भी नजर आए थे, लेकिन ये फिल्म उस दौर में आई थी, जब राजेश खन्ना का बुरा दौर शुरू हो चुका था. फिल्म में विनोद खन्ना ने भी अपने रोल से तहलका मचाया था.

फिल्म में पिछले जन्म में पारो यानी हेमा मालिनी एक छोटे से गांव में रहती थी और माधव (राजेश खन्ना) को पसंद करती थी. लेकिन इसी गांव में राजकुमार एक शक्तिशाली और रसूखदार व्यक्ति, चौधरी जनक सिंह के रोल में नजर आए थे.

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फिल्म में राजेश खन्ना यानी माधव एक गरीब आदमी था. इसलिए (राज कुमार) की नजर पारो पर थी कि वह हमें छोड़कर माधव पर फिदा है. इसके बाद पारो के साथ चौधरी और उसके साथी बुरा व्यवहार करते हैं यानी उसके साथ (बलात्कार) कर उसकी हत्या कर देते हैं.

पारो की मौत के बाद माधव पूरी तरह टूट जाता है. इसके बाद अगले जन्म में पारो चंद्रमुखी के रोल में आती है, जो कि एक साइकोलॉजिस्ट है और (विनोद खन्ना) की मदद से सम्मोहन (हिप्नोसिस) के जरिए अपने अतीत के रहस्यों को जान लेती है.

फिल्म में राजेश खन्ना का स्टारडम, विनोद खन्ना की जबरदस्त एक्टिंग और हेमा मालिनी का जादुई चेहरा लोगों का दिल उस हद तक नहीं जीत पाया जैसा कि फिल्म से उम्मीद की जा रही थी कि फिल्म बहुत बड़ी हिट साबित होगी.

साल 1981 में आई ये फिल्म कुदरत बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई. फिल्म को चेतन आनंद ने डायरेक्ट किया था. फिल्म में आर.डी. बर्मन के यादगार संगीत के लिए काफी सराहना हुई. फिल्म का एक गाना हमें तुमसे प्यार कितना…. तो बड़ा हिटा साबित हुआ था.

साल 1981 में आई ये फिल्म उस दौर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक रही. फिल्म का गाना तूने ओ रंगीले’ तो आज भी लोग सुनते हैं. फिल्म को बेस्ट स्टोरी टाइम के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार मिला . राजेश खन्ना को उनकी एक्टिंग के लिए बेस्ट एक्टर अखिल भारतीय समीक्षक संघ (एआईसीए) पुरस्कार भी मिला. इसे आईएमडीबी पर भी 7.1 रेटिंग मिली है.

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IRCTC की नकली वेबसाइट से हो रही ठगी, सरकार ने जारी की चेतावनी


सरकार ने IRCTC की फर्जी वेबसइट के जरिए हो रही ठगी को लेकर चेतावनी जारी की है। साइबर क्रिमिनल्स इन दिनों फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को चूना लगा रहे हैं। फर्जी वेबसाइट के जरिए तीर्थयात्रियों को हैलीकॉप्टर बुकिंग और सर्विस के नाम पर ठगा जा रहा है। गृह मंत्रालय की साइबर सिक्योरिटी विंग I4C ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इसे लेकर चेतावनी जारी की है। साथ ही, लोगों को इससे बचने के लिए भी कहा है।

IRCTC की फर्जी वेबसाइट के नाम पर ठगी

I4C Cyber Dost ने अपने X हैंडल से कहा कि साइबर क्रिमिनल्स फर्जी बुकिंग वेबसाइट और मिसलीडिंग लिंक्स के जरिए लोगों को फर्जी यात्रा सेवाओं, हैलीकॉप्टर बुकिंग और पेमेंट स्कैम का शिकार बना सकते हैं। ऐसे नकली वेबसाइट से लोगों को बचना चाहिए और साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करनी चाहिए।

इससे पहले भी I4C ने फर्जी नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन वेबसाइट के जरिए की जाने वाली ठगी के बारे में लोगों को चेताया था। साइबर क्रिमिनल्स IRCTC के नाम पर फर्जी हैलीकॉप्टर बुकिंग वेबसाइट बनाकर लोगों को अपनी जाल में फंसा रहे हैं। आगामी 3 जुलाई से बाबा बर्फानी यानी अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो रही है। ऐसे में तीर्थयात्रियों को निशाना बनाया जा रहा है।

I4C ने अपने पोस्ट में irctchelicopter.com और irctchellyatra.com नाम की दो फर्जी वेबसाइट का जिक्र किया है। इन दोनों वेबसाइट के जरिए लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है। I4C ने बताया कि ये कोई बुकिंग वेबसाइट नहीं है। इन वेबसाइट्स से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही, लोगों को हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से ही किसी भी तरह की बुकिंग करने के लिए कहा है।

इन बातों का रखें ध्यान

  • सरकारी वेबसाइट के आखिर में .gov.in लगा रहता है। ऐसे में जिन वेबसाइट्स के आखिर में ये नहीं है उनपर भरोसा न करें।
  • पर्यटन संबंधी बुकिंग को हमेशा संबंधित विभाग की वेबसाइट या आधिकारिक पोर्टल से करें।
  • बुकिंग डिटेल्स भरने से पहले URL को सही से पढ़ें। फर्जी वेबसाइट्स के URL में आपको गलतियां खुद नजर आएंगी।
  • कभी भी सोशल मीडिया और गूगल द्वारा स्पॉन्सर्ड लिंक पर क्लिक न करें और उनपर आंखमूंदकर भरोसा न करें।
  • कहीं भी किसी सस्ते ऑफर और अर्जेंट कंफर्मेशन वाले लिंक को ओपन न करें।
  • अगर, किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड की भनक लगे तो हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in वेबसाइट पर रिपोर्ट करें।

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होर्मुज स्ट्रेट से LPG निकालने के लिए देना पड़ा भारत को टैक्स? हरदीप पुरी ने दिया जवाब


नई दिल्ली. इस साल फरवरी के अंत में ईरान पर हुए हमलों के बाद जब होर्मुज स्ट्रेट बंद हुआ, तो भारत के सामने रसोई गैस की आपूर्ति बनाए रखने की एक गंभीर चुनौती खड़ी हो गई थी. भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसका 90 प्रतिशत हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर आता है. इस अभूतपूर्व संकट से निपटने के लिए सरकार ने तुरंत कई मोर्चों पर एक साथ काम शुरू किया. केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि भारत ने इस पूरे संकट का सामना बिना किसी किल्लत के किया और आज देश के सारे पंप खुले हैं व स्टॉक पूरी तरह फुल हैं.

इस संकट के दौरान भारत के सामने एलपीजी की संवेदनशीलता कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) से कहीं ज्यादा बड़ी थी. पेट्रोलियम मंत्रालय ने मार्च में एक ब्रीफिंग के दौरान बताया था कि भारत के क्रूड इम्पोर्ट का 70 प्रतिशत हिस्सा पहले ही होर्मुज स्ट्रेट के बाहर से रूट किया जा रहा था, लेकिन एलपीजी के मामले में निर्भरता बहुत अधिक थी. इस बड़े व्यवधान को संभालने के लिए सरकार ने अपनी सोची-समझी रणनीतियों के तहत काम किया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मचे इस बड़े ऊर्जा संकट का असर देश के आम उपभोक्ताओं की रसोई तक नहीं पहुंच सका.

रिफाइनरियों में बदलाव और बिना टैक्स सुरक्षित निकले टैंकर

इस संकट से निपटने के लिए सरकार ने जो सबसे बड़ा और आक्रामक कदम उठाया, वो था देश की घरेलू रिफाइनरियों के काम करने के तरीके को बदलना. हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर देश की उन रिफाइनरियों को भी महज कुछ दिनों के भीतर रीकॉन्फिगर (Reconfigure) कर दिया गया, जिन्होंने अपने इतिहास में पहले कभी रसोई गैस का उत्पादन नहीं किया था. रिफाइनरियों को आदेश दिया गया कि वे प्रोपेन, ब्यूटेन और प्रोपलीन जैसी गैसों को सीधे एलपीजी पूल में डाइवर्ट करें. इस त्वरित बदलाव का असर यह हुआ कि देश का घरेलू एलपीजी उत्पादन 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर सीधे 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन पर पहुंच गया, जिसने सप्लाई के अंतर को तुरंत पाट दिया.

इसके साथ ही, समुद्री रूट पर फंसे भारत के जहाजों को निकालना भी एक बड़ी चुनौती थी. केंद्रीय मंत्री ने ट्विटर पर एक कॉमेंट के जरिए बताया कि भारत ने बिना कोई अतिरिक्त टैक्स या टोल चुकाए अपने 12 से अधिक एलपीजी टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से सुरक्षित बाहर निकाल लिया. दरअसल, ओमान सरकार ने अमेरिकी-ईरानी बातचीत के बाद इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से जहाजों की टोल-फ्री आवाजाही का आश्वासन दिया था, जिसका भारत ने पुरजोर स्वागत किया क्योंकि नई दिल्ली इस मार्ग के लिए किसी भी तरह के टैक्स भुगतान के पक्ष में नहीं थी. इसके अलावा, जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने डिजिटल ऑथेंटिकेशन और सिलेंडरों की खरीद पर सीमा तय करने जैसे कड़े कदम भी उठाए.

मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने के लिए नए देशों से आयात

संकट की गंभीरता को देखते हुए भारत ने केवल खाड़ी देशों के भरोसे रहने के बजाय तुरंत अपने सप्लाई रूट में विविधता लाते हुए दुनिया के अन्य कोनों से एलपीजी मंगाना शुरू कर दिया. भारत ने अल्जीरिया, जापान और कनाडा जैसे देशों के साथ नए सप्लाई लिंक खोले और अमेरिका से अतिरिक्त एलपीजी कार्गो सुरक्षित किए. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जून महीने में अमेरिका से भारत का एलपीजी आयात रिकॉर्ड 10 लाख मीट्रिक टन को पार कर गया. इसके पहले अप्रैल में भारत का कुल एलपीजी आयात घटकर करीब 7 लाख टन रह गया था, जो मई में सुधरकर 11.5 लाख टन पर पहुंचा. पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी तेल आपूर्ति के बास्केट को 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक फैलाया है, जिसका फायदा इस संकट में साफ दिख रहा है.

स्थिति अब पहले से बहुत बेहतर

अब होर्मुज स्ट्रेट में सप्लाई की स्थिति काफी सुधर चुकी है और सरकार ने उन कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर्स की आपूर्ति को 50 प्रतिशत तक बहाल कर दिया है, जिनकी सप्लाई पर रोक लगा दी गई थी. सबसे बड़ी राहत तब मिली जब ओमान ने अमेरिकी-ईरानी बातचीत के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को टोल-फ्री आवाजाही का आश्वासन दिया, जिसका भारत ने पुरजोर स्वागत किया क्योंकि नई दिल्ली इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के लिए किसी भी तरह के टैक्स भुगतान के पक्ष में नहीं थी. हरदीप पुरी ने ‘द इकोनॉमिक टाइम्स’ में लिखे अपने लेख और सोशल मीडिया पर कहा कि भारत ने बिना किसी किल्लत के इस संकट का सामना किया है और आज देश के सारे पंप खुले हैं व स्टॉक पूरी तरह फुल हैं.



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बेशुमार स्टारडम हासिल करने के बावजूद रत्तीभर नहीं बदला सुपरस्टार


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राजकुमार हिरानी ने कलाकारों के काम करने के तरीके पर खुलकर बात करते हुए सुपरस्टार शाहरुख खान के समर्पण की जमकर तारीफ की है. डायरेक्टर के मुताबिक, शाहरुख खान इतने बड़े स्टार होने के बावजूद आज भी किसी नए कलाकार की तरह हर दिन शूटिंग के बाद अपनी रिहर्सल का वीडियो रिकॉर्ड करके उन्हें भेजते हैं, ताकि अपने अभिनय में और सुधार कर सकें.

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सुपरस्टार की डायरेक्टर ने की तारीफ.

नई दिल्ली.  मनोरंजन जगत में किसी भी कलाकार की असली पहचान सिर्फ उसके अभिनय से नहीं, बल्कि सेट पर उसके काम करने के तरीके और उसकी प्रोफेशनल सोच से बनती है. फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशक राजकुमार हिरानी ने लेटेस्ट इंटरव्यू में इस विषय पर गहराई से बात की. उन्होंने बताया कि कैसे शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार आज भी एक नए स्टूडेंट की तरह मेहनत करते हैं, जबकि कुछ कलाकार बहुत जल्दी थक जाते हैं. वो किंग खान की तारीफ करते हुए कहते हैं कि पूरी दुनिया में नाम और शोहरत हासिल करने के बावजूद उनकी सीखने की ललक आज भी कायम है.

राजकुमार हिरानी ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के बेहतरीन निर्देशकों और अभिनेताओं के साथ काम किया है. अपने एक्सपीरियंस को साझा करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि कलाकार कितना सीनियर है या उसे कितना अनुभव है. असली अंतर उसकी सोच से पैदा होता है. आमिर खान, शाहरुख खान, संजय दत्त और अरशद वारसी जैसे अभिनेताओं ने काम के प्रति जो समर्पण दिखाया है, वह लाजवाब है. वहीं, नई पीढ़ी में रणबीर कपूर और विक्की कौशल जैसे सितारे भी उसी लगन और ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं.’

राजकुमार हिरानी ने जमकर की शाहरुख की तारीफ

डायरेक्टर ने इस आम धारणा को खारिज किया कि केवल पुराने दौर के कलाकार ही ज्यादा सहनशील और मेहनती होते हैं. उन्होंने साफ किया कि यह पूरी तरह से किसी व्यक्ति की आदत और उसके काम के प्रति सम्मान पर निर्भर करता है. जहां कुछ लोग सेट पर आते ही थकान का बहाना ढूंढते हैं, वहीं कुछ कलाकार हर शॉट को परफेक्ट बनाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं.

आज भी रिहर्सल क्लिप भेजते हैं सुपरस्टार

इंटरव्यू के दौरान राजकुमार हिरानी ने शाहरुख खान के काम करने के तरीके का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक उदाहरण दिया. उन्होंने बताया, ‘शाहरुख खान इतने बड़े मुकाम पर होने के बावजूद हर दिन शूटिंग खत्म होने के बाद अपने सीन की रिहर्सल करते हैं. वे खुद अपने मोबाइल फोन पर उसका वीडियो रिकॉर्ड करके मुझे भेजते हैं, ताकि मैं उसमें कमियां निकाल सकूं और सुधार के सुझाव दे सकूं. उनमें खुद को बेहतर बनाने की यह चाहत बिल्कुल किसी न्यूकमर जैसी है, जो इंडस्ट्री में अभी नया आया हो’. उन्होंने आगे कहा कि शाहरुख में स्टारडम का कोई घमंड नहीं है और वे रचनात्मक सुझावों को हमेशा खुले दिल से स्वीकार करते हैं.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें



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