Wednesday, June 17, 2026
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प्रयागराज में तेज रफ्तार कार ने युवक को टक्कर मारी: टक्कर के बाद चालक फरार, घायल युवक अस्पताल में भर्ती – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज में एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार ने सड़क पार कर रहे एक युवक को टक्कर मार दी। इस हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सिविल लाइंस क्षेत्र से सुलेम सराय स्थित अपने घर लौट रहे पंकज नामक युवक को सप्लाई डिपो के पास कार ने टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पंकज सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका। स्थानीय लोगों ने बताया कि चालक ने पहले वाहन को आगे बढ़ाया और फिर सप्लाई डिपो की ओर से मोड़कर तेजी से फरार हो गया। लोगों ने उसे रोकने के लिए शोर मचाया और कुछ ने वाहन पर पत्थर भी फेंके, लेकिन चालक भागने में सफल रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने कार का नंबर UP70CK8586 बताया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल पंकज को तुरंत स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से फरार चालक की जल्द पहचान और गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने वाहन नंबर के आधार पर चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।



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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए


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कुल्हड़ में मिलती है मिर्जापुर की सबसे फेमस लस्सी, एक घूंट पीते ही मजे, जानिए

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गर्मियों में ठंडक और स्वाद का बेहतरीन संगम चाहिए तो मिर्जापुर की विजय लस्सी एक शानदार विकल्प है. शुद्ध दही, मावा और खास देसी अंदाज में तैयार होने वाली यह कुल्हड़ लस्सी वर्षों से स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की भी पसंद बनी हुई है.

मिर्जापुर: गर्मी का मौसम और तेज धूप में कुछ पीने का मन हो. इसी मौसम में शुद्ध दही से बनी लस्सी मिल जाए तो क्या ही कहना. लस्सी फेमस दुकान से हो सोने पर सुहागा. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में विजय की लस्सी खूब फेमस है. लस्सी का स्वाद बेहद ही लाजवाब रहता है.

लस्सी के स्वाद को बढ़ाने के लिए उसमें प्यार भरी मिठास वाला चीनी और खुशबू के लिए इतर मिलाया जाता है, जिसे एक बार पीने के बाद बार-बार पीने का मन करें. यहां पर लस्सी के दीवानों की भीड़ लगी रहती है. दूर-दूर से लोग विजय की लस्सी को पीने के लिए आते हैं. लस्सी में स्वाद का राज छिपा हुआ है. दाम भी बेहद कम.

मिर्जापुर के चिनियहवा का इनारा के पास विजय लस्सी की दुकान है. विजय लस्सी की दुकान काफी पुरानी है, यहां पर विजय शुद्ध दही से लस्सी को तैयार करते हैं. दही लेने के बाद शक्कर मावा और इत्र इत्यादि का प्रयोग करके लस्सी को बनाते हैं.

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खास बात यह है कि शुद्ध दही से बने होने के कारण इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. कुल्हड़ स्वाद को सोंधा कर देता है. प्यार वाली मिठास लस्सी में जाने के बाद खाने वाले ग्राहकों का दिन बाग-बाग हो जाता है. यही वजह है कि विजय की लस्सी मिर्जापुर में खूब फेमस है और यहां पर इसके स्वाद का आनंद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं.

दुकान के मालिक विजय ने बताया कि लस्सी की दुकान काफी फेमस है. यहां पर काफी दूर-दूर से लोग स्वाद का आनंद लेने के लिए आते हैं. लस्सी को बनाने में किसी खास सामान का उपयोग नहीं होता है, जो भी सामान इसमें मिलाए जाते हैं. वह शुद्ध और देसी रहते हैं. यही वजह है कि इसका स्वाद कई गुना तक बढ़ जाता है. दही से बनी लस्सी के ऊपर जब मावे डाले जाते हैं, जिससे स्वाद बेहद ही खास हो जाता है.

लस्सी पीने के लिए आए शाहिद खान ने बताया कि यहां की लस्सी कई सालों से फेमस है. पहली बार हम दोस्तों के साथ दुकान पर पहुंचे थे. हालांकि, एक बार लस्सी पीने के बाद हम खुद अपने दोस्तों को लेकर यहां पर आते हैं. इनके यहां जो लस्सी मिलती है, उसके स्वाद का जवाब पूरे शहर में कहीं पर नहीं है. दम भी बेहद कम है. अगर आप भी लस्सी के दीवाने हैं तो एक बार विजय की लस्सी का स्वाद जरूर लीजिए.

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सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में मारपीट: लाठी-भाटा चलने का वीडियो वायरल, पुलिस ने 4 को शांति भंग में गिरफ्तार किया – Jaipur News




शहर के गलता गेट थाना क्षेत्र स्थित नाग तलाई इलाके में वन विभाग की सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर रविवार को दो पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक ही समुदाय के दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-भाटा चलने लगे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दो युवक लाठी डंडे से युवक को पिटते नजर आए। वहीं दुसरे पश्र के व्यक्ति ने पहले पत्थर उठाया फिर डंडा पकड़े व्यक्ति को मुक्के मारे। वीडियो में महिला भी झगड़े का हिस्स बनती नजर आई। वीडियों में एक व्यक्ति रेड टी शर्ट में पहने धोंस दिखाते हुए गाली बकता नजर आया। लाल टी शर्ट पहने युवक ने पीछे से आकर एक बच्चे का गला पकड़ा और उसे धकेलते हुए बोला तू हट जा। वीडियों में महिला चिल्लाते नजर आई की मेरा हाथ तोड़ दिया। तुमने मेरा हाथ तोड़ दिया, और गालियों देते हुए जेल में बंद करवाने की धमकी देते नजर आई। दोनों पक्षों की ओर से करीब 1 घंटे से ज्यादा इलाके में गाली गलौच मारपीट से तनाव हो गया। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे वन विभाग की सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद शुरू हुआ। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इमरान नामक युवक ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है, जिसे लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। सूचना मिलने पर गलता गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया। गलता गेट थानाधिकारी धर्म सिंह ने बताया कि नाग तलाई इलाके में झगड़े की सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस टीम भेजी गई थी। मामले में कार्रवाई करते हुए चार लोगों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।



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ग्वालियर में दो इनामी शूटर गिरफ्तार: पार्किंग की रंजिश में युवक को पेट में मारी गोली, एक महीने से दे रहे थे चकमा – Gwalior News




ग्वालियर की गिरवाई थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक ने 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी पिछले एक महीने से पुलिस को चकमा दे रहे थे, लेकिन मंगलवार रात शहर में एंट्री करते ही पुलिस के जाल में फंस गए। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने की घेराबंदी, भागने की कोशिश नाकाम गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह यादव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जानलेवा हमले के बाद फरार आरोपी मंगलवार को ग्वालियर आने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने शहर के प्रवेश मार्गों पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही दोनों संदिग्ध वहां पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेर लिया। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बहोड़ापुर निवासी मोनू पिता सुरेश शर्मा और निम्बाजी की खोह, जनकगंज निवासी आकाश पिता रमेश कुशवाह के रूप में हुई है। पार्किंग को लेकर हुआ था विवाद यह विवाद कार पार्किंग को लेकर हुए मामूली झगड़े से शुरू हुआ था। निम्बाजी की खोह निवासी अखिलेश कुशवाह 12 मई को गिरवाई क्षेत्र में पुराने थाने के पास से गुजर रहा था। तभी आकाश कुशवाह, मोनू शर्मा और उनके अन्य साथी कारों और बाइकों से वहां पहुंचे और अखिलेश को घेर लिया। आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से उसके पेट में गोली मार दी और फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना से करीब तीन महीने पहले घायल अखिलेश का आरोपियों से कार पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। आरोपी इसी रंजिश का बदला लेने की फिराक में थे। वारदात के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस पहले ही 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। मंगलवार को दो और इनामी बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। हालांकि, मामले का मुख्य नामजद आरोपी अनिल उर्फ अन्नू उर्फ बाला यादव निवासी निम्बाजी की खोह और दो अन्य अज्ञात आरोपी अभी भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। एएसपी ग्वालियर सुमन गुर्जर ने कहा हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे दो इनामी आरोपी मोनू शर्मा और आकाश कुशवाह को गिरवाई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उनके छिपने के ठिकानों और फरार मुख्य आरोपी अनिल उर्फ बाला यादव के बारे में जानकारी मिल सके। जल्द ही अन्य तीन फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



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डेल के CEO ने रचा इतिहास, यूनिवर्सिटी को दान किए 75 करोड़ डॉलर से ज्यादा


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एक छोटे से छात्रावास के कमरे में शुरू हुआ सपना आज दुनिया की सबसे बड़ी टेक सफलता की कहानियों में गिना जाता है. Dell Technologies के सीईओ माइकल डेल ने अपनी पुरानी यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का ऐतिहासिक दान देकर सभी को चौंका दिया है. इस रकम से अत्याधुनिक AI आधारित अस्पताल, मेडिकल रिसर्च और छात्रों के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी. शिक्षा, तकनीक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह योगदान आने वाले वर्षों में लाखों लोगों की जिंदगी बदल सकता है.

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75 करोड़ डॉलर का महादान! AI अस्पताल बनाने के लिए आगे आए Dell के संस्थापक. (Image:News18)

नई दिल्ली. दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल Dell Technologies के संस्थापक और CEO माइकल डेल ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने शिक्षा और स्वास्थ्य जगत में नई चर्चा छेड़ दी है. उन्होंने अमेरिका की एक सार्वजनिक यूनिवर्सिटी को 75 करोड़ डॉलर का विशाल दान दिया है. इस राशि का उपयोग आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अस्पताल और शोध परियोजनाओं के विकास में किया जाएगा. इसे अमेरिका के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के इतिहास के सबसे बड़े दानों में से एक माना जा रहा है.

यूनिवर्सिटी को मिला ऐतिहासिक दान
माइकल डेल ने टेक्सास विश्वविद्यालय ऑस्टिन (The University of Texas at Austin) को 75 करोड़ डॉलर का दान देने की घोषणा की है. यह योगदान अमेरिकी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों को मिले सबसे बड़े निजी दानों में शामिल हो गया है. विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस फंड का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अनुसंधान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा. इस दान के बाद माइकल डेल और उनकी पत्नी सुसान डेल द्वारा विश्वविद्यालय को दी गई कुल सहायता 1 बिलियन डॉलर से भी अधिक हो गई है.

AI आधारित अस्पताल बनेगा नई पहचान
इस बड़ी राशि का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक अत्याधुनिक मेडिकल और रिसर्च कैंपस के निर्माण में खर्च किया जाएगा. विश्वविद्यालय का कहना है कि यहां देश का पहला ऐसा अस्पताल विकसित किया जाएगा, जिसकी संरचना और कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की प्रमुख भूमिका होगी. AI तकनीक की मदद से डॉक्टर बीमारियों की जल्दी पहचान कर सकेंगे और मरीजों के लिए अधिक व्यक्तिगत उपचार योजनाएं तैयार कर पाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है.

छात्रों और शोध कार्यों को भी मिलेगा लाभ
दान की गई राशि केवल अस्पताल निर्माण तक सीमित नहीं रहेगी. इसका उपयोग छात्रवृत्तियों, मेडिकल रिसर्च प्रोग्राम और उन्नत कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में भी किया जाएगा. विश्वविद्यालय का उद्देश्य भविष्य के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को विश्वस्तरीय संसाधन उपलब्ध कराना है. इससे हजारों छात्रों को बेहतर शिक्षा और शोध के नए अवसर मिल सकेंगे. साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में नई खोजों और नवाचारों को भी बढ़ावा मिलेगा.

यूनिवर्सिटी से जुड़ी है माइकल डेल की खास कहानी
माइकल डेल का इस विश्वविद्यालय से रिश्ता कई दशक पुराना है. उन्होंने 1983 में यहां प्री-मेडिकल छात्र के रूप में दाखिला लिया था. उनके माता-पिता चाहते थे कि वह डॉक्टर बनें, लेकिन किस्मत ने उनके लिए अलग रास्ता चुना. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने छात्रावास के कमरे से कंप्यूटर अपग्रेड किट बेचने का छोटा कारोबार शुरू किया. महज 1,000 डॉलर की शुरुआती पूंजी से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक Dell Technologies में बदल गया.

छात्रावास से अरबों डॉलर तक का सफर
कॉलेज के शुरुआती दिनों में शुरू किए गए कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए माइकल डेल ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. 1984 में शुरू की गई उनकी कंपनी ने तेजी से सफलता हासिल की और उन्हें दुनिया के प्रमुख उद्योगपतियों में शामिल कर दिया. विश्वविद्यालय ने भी उनके योगदान और उपलब्धियों को सम्मान देने का फैसला किया है. हाल ही में घोषणा की गई कि जिस छात्रावास में माइकल डेल अपने पहले वर्ष में रहते थे, उसका नाम बदलकर ‘डेल हाउस’ रखा जाएगा.

शिक्षा और स्वास्थ्य के भविष्य में बड़ा निवेश
माइकल डेल का यह दान केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक के भविष्य में एक बड़ा निवेश माना जा रहा है. AI आधारित अस्पताल, उन्नत शोध केंद्र और छात्रवृत्ति कार्यक्रम आने वाले वर्षों में लाखों लोगों को लाभ पहुंचा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के योगदान से विश्वविद्यालयों को नई तकनीकों पर काम करने और समाज के लिए बेहतर समाधान विकसित करने में मदद मिलती है. छात्रावास के एक कमरे से शुरू हुई माइकल डेल की सफलता की कहानी अब शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में नई प्रेरणा बनती दिखाई दे रही है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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अब लैपटॉप से भी होगी वॉट्सऐप कॉलिंग, नए अपडेट में मिलेगा खास फीचर


WhatsApp यूजर्स अब लैपटॉप से भी वॉइस और वीडियो कॉलिंग फीचर को एक्सपीरियंस कर सकेंगे। मेटा के इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप के वेब वर्जन के लिए भी कॉलिंग फीचर को टेस्ट किया जा रहा है। हाल ही में इसकी एक झलक बीटा वर्जन में देखा गया है। इस फीचर के आने के बाद से यूजर्स अपने लैपटॉप या पीसी से भी वॉट्सऐप वॉइस और वीडियो कॉलिंग का लाभ ले सकेंगे। खास तौर पर ग्रुप कॉलिंग का एक्सपीरियंस पीसी में मिलेगा।

WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फीचर को लेटेस्ट बीटा वर्जन में देखा गया है। बता दें कि वॉट्सऐप पहले से ही पीसी के लिए वॉइस और वीडियो कॉलिंग का फीचर रोल आउट कर चुका है। हालांकि, इसके लिए पीसी में वॉट्सऐप को इंस्टॉल करने पड़ता है। हालांकि, अभी तक इसमें ग्रुप कॉलिंग वाला फीचर नहीं मिल रहा था। बीटा टेस्टिंग के बाद यूजर्स को यह ग्रुप कॉलिंग फीचर वेब वर्जन में मिलेगा।

ग्रुप कॉलिंग फीचर

वॉट्सऐप के ग्रुप कॉलिंग में एक साथ 32 लोगों को जोड़ा जा सकता है। ऐसे में यूजर्स ग्रुप कॉलिंग के जरिए 32 लोगों से कनेक्ट कर पाएंगे। इस फीचर को इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अपने पीसी या कम्प्यूटर में ब्राउजर की मदद से वॉट्सऐप ओपन करना होगा। यहां ऑप्शन में वॉइस कॉल और वीडियो कॉल दिखाई देंगे। यूजर्स अपने हिसाब से वॉइस या वीडियो में कोई भी कॉलिंग ऑप्शन चुन सकेंगे।

दुनियाभर के लाखों वॉट्सऐप यूजर्स इस फीचर का इंतजार कर रहे थे। इस फीचर में यूजर्स अपने पीसी से ऑफिस की मीटिंग, ऑनलाइन क्लास आदि कर पाएंगे। वॉट्सऐप में मिलने वाली एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन सुविधा अब ग्रुप वेब कॉलिंग पर भी मिलेगी। कंपनी इसे लेकर पहले ही दावा कर चुकी है। एनक्रिप्शन की वजह से वॉट्सऐप यूजर्स का डेटा सेफ रहता है। ग्रुप कॉलिंग वाले फीचर में यूजर्स को स्क्रीन शेयर करने का भी ऑप्शन मिलेगा।

होगा ये बड़ा बदलाव

WhatsApp की अन्य खबरों की बात करें तो ऐप में लंबे समय के बाद मैन्यू का डिजाइन बदल जाएगा। अपकमिंग फीचर्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट WABetaInfo के मुताबिक, इस नए मैन्यू को एंड्रॉइड बीटा वर्जन 2.26.23.8 में देखा गया है। यह फीचर केवल बीटा टेस्टर्स के लिए ही है। रिपोर्ट के मुताबिक, iOS यूजर्स के लिए पहले से ही मैन्यू को रीडिजाइन किया जा चुका है। एंड्रॉइड यूजर्स के लिए वॉट्सऐप के ओवरफ्लो मैन्यू को टॉप से हटाकर नीचे देने का है, जिससे यूजर्स का एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। एंड्रॉइड यूजर्स को भी iOS की तरह इंटरैक्शन मैन्यू नीचे ही मिलेगा।

यह भी पढ़ें – सस्ते रिचार्ज प्लान की उम्मीद खत्म? सरकार के प्रस्ताव से सहमत नहीं टेलीकॉम कंपनियां, बताई वजह





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प्रभास की फिल्म में होगा बड़ा ट्विस्ट! Kalki 2 में आलिया भट्ट की एंट्री, जानें पूरा मामला


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प्रभास की फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल को लेकर काफी समय से चर्चा हो रही है. फिल्म को लेकर फैंस काफी एक्साइटेड भी हैं. लेकिन फिल्म से दीपिका पादुकोण के बाहर होने के बाद अब खबर है कि आलिया भट्ट इस फिल्म से जुड़ गई हैं. कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया ने फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर दी है. लेकिन क्या वह दीपिका को रिप्लेस करेंगी या फिर उनका कोई अलग किरदार है.

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फिल्म को लेकर आ रही बड़ी खबर

नई दिल्ली. प्रभास की सुपरहिट फिल्म Kalki 2898 AD के सीक्वल का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. साल 2024 में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिक की थी. फिल्म में अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रभास और दीपिका पादुकोण नजर आए थे. लेकिन अब फिल्म के सीक्वल यानी कल्कि एडी 2 से आलिया भट्ट का नाम जुड़ रहा है.

दीपिका पादुकोण पहले इस फिल्म का हिस्सा थीं. लेकिन अब उन्हें इस फिल्म से बाहर कर दिया गया है. अब उनके फिल्म छोड़ने के बाद खबर है कि अब आलिया भट्ट का नाम Kalki 2 से जुड़ रहा है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आलिया फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर चुकी हैं.

फिल्म में हुई आलिया भट्ट की एंट्री!

दीपिका पादुकोण के फिल्म कल्कि एडी 2 से बाहर होते ही, आलिया भट्ट के फिल्म से जुड़ने की खबर सामने आई है. इस साइंस-फिक्शन यूनिवर्स का हिस्सा अब आलिया भट्ट हैं. कहा जा रहा है कि आलिया भट्ट फिल्म में खास रोल है. लेकिन ये पहली बार होगा कि प्रभास और आलिया किसी फिल्म में साथ काम करेंगे.कई मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया जा रहा है कि फिल्म में आलिया भट्ट शूटिंग शुरू कर चुकी है. उनके हैराबाद में पांच दिन की शूटिंग की बात भी सामने आ रही है. लेकिन इस पर अभी कोई ऑफिशियली ऐनाउंसमेंट नहीं की गई है.

आलिया का हो सकता है ये खास किरदार

लेकिन इस खबर के सामने आते ही ये चर्चा होने लगी कि आलिया भट्ट फिल्म में दीपिका पादुकोण को रिप्लेस करने वाली है. लेकिन लेकिन कुछ रिपोर्ट में ये भी कहा जा रहा है कि आलिया का फिल्म में एक अलग तरह का रोल है. वहीं दीपिका के किरदार सुमति के लिए साई पल्लवी के होने की भी चर्चा हो रही है. कुछ सुत्रों की मानें तो फिल्म पर काफी काम किया जा चुका है. Kalki 2 दिसंबर 2027 में रिलीज होने की पूरी संभावना है.

बता दें कि इस फिल्म की शूटिंग अगले साल अप्रैल तक पूरी होने की बात भी की जा रही है. लेकिन फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अब तक कोई मेकर्स की ओर से ऑफिशियली ऐनाउंसमेंट नहीं की गई है. इसके अलावा आलिया अपनी फिल्म अल्फा को लेकर भी चर्चा में हैं.

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Munish KumarSenior sub editor

न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें





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पूर्णिया में बदमाशों ने युवक को मारी गोली: छिनतई के दौरान दिया वारदात को अंजाम, लोगों को जुटते देख हथियार लहराते भाग निकले अपराधी – Purnia News




पूर्णिया शहर के मधुबनी थाना क्षेत्र के डीएवी चौक के पास हथियारों से लैस बदमाशों ने एक बाइक सवार युवक को गोली मार दी। छिनतई के दौरान अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने ताबड़तोड़ दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली युवक के पैर में जा लगी। गोली लगते ही युवक खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। लोगों की भीड़ बढ़ती देख बदमाश हथियार लहराते हुए बाइक से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय पुलिस और परिजनों को इसकी सूचना दी गई। मोबाइल छीन कर भागे बदमाश बता दें कि घटना मधुबनी थाना क्षेत्र डीएवी चौक सौंदर्य विहार के पास घटी है। यहां सैलून बंद कर घर जाने के दौरान मोबाइल छिनतई के दौरान गोली मार दी गई और बदमाश मोबाइल लेकर फरार हो गए है। घायल की पहचान चूनापुर निवासी धनीराम ठाकुर के बेटे मुकेश कुमार ठाकुर (35) के रूप की गई हैं। घटना को लेकर घायल ने बताया कि रोज के तरह मंगलवार रात दुकान बंद कर साइकिल से घर जा रहे थे। इसी दौरान मधुबनी थाना क्षेत्र डीएवी चौक सौंदर्य विहार के बाइक सवार दो अपराधियों ने साइकिल रोक लिया और मोबाइल छीन लिया। पुलिस और परिजनों की मदद से घायल युवक को इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।



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शिवरंजनी राग पर बना वो कालजयी गाना, किशोर कुमार गा पाए 30 दिन में! आज भी गाती है दुनिया


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Rajesh Khanna Kishore Kumar Hit Songs : बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार ने क्लासिकल सिंगिंग की ट्रेनिंग नहीं ली थी. वो सरगम गाने से हमेशा परहेज करते थे. किशोर दा अपने कई इंटरव्यू में इस बात को दोहरा चुके थे कि उन्हें ‘सा रे गा मा’ नहीं आता. एक बार तो उन्होंने पूरे 30 दिन गाने की रियाज की थी. इतना ही नहीं, उन्होंने आरडी बर्मन से साफ कहा था कि वो इस गाने को नहीं गाएंगे. पहले गाना लता मंगेशकर से रिकॉर्ड करवा लीजिए. किशोर दा ने लता मंगेशकर का गाना सुना. पूरे 30 दिन रियाज किया और फिर ऐसा कालजयी गाना रिकॉर्ड किया, जो अमर हो गया. जब फिल्म रिलीज हुई तो सुपर स्टार राजेश खन्ना खूब रोए थे.

किशोर कुमार और राजेश खन्ना के स्टारडम का दौर 1969 से साथ-साथ ही शुरू हुआ था. राजेश खन्ना ने हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर से कह रखा था कि किशोर कुमार ही उनके लिए प्लेबैक सिंगिंग करेंगे. आरडी बर्मन से उनकी अच्छी दोस्ती थी. एक बार आरडी बर्मन ने ऐसी धुन बनाई जिसे सुनते ही किशोर कुमार ने हाथ ख‌ड़े कर दिए. उन्होंने साफ कहा कि पहले इस गाने को लता मंगेशकर से रिकॉर्ड करवाइये. पंचम दा ने लता मंगेशकर से गाना रिकॉर्ड करवाया. फिर किशोर दा ने इस गाने को सुना. पूरे एक माह तक रियाज किया. फिर अपनी बुलंद आवाज में ऐसा दर्दभरा कालजयी गाना रिकॉर्ड किया, जिसने इतिहास रच दिया. यह गाना था : मेरे नैना सावन भादों….. गाना राजेश खन्ना पर फिल्माया गया था. फिल्म का नाम ‘महबूबा’ था.

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‘महबूबा’ फिल्म 19 जुलाई 1976 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन शक्ति सामंत ने किया था. वही शक्ति सामंत जिन्होंने राजेश खन्ना के साथ ‘आराधना’, ‘अमरप्रेम’, ‘कटी पतंग’ जैसी सुपरहिट फिल्में बनाईं. फिल्म की कहानी गुलशन नंदा ने लिखी थी. प्रोड्यूसर मुशीर रियाज थे.

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साल 1975 बॉलीवुड के लिए निर्णायक साल साबित हुआ. इसी साल आई ‘दीवार’ और ‘शोले’ फिल्म ने अमिताभ बच्चन को स्टारडम के शिखर पर बैठा दिया. राजेश खन्ना के सितारे धुंधले पड़ने लगे थे. उन्हें एक हिट फिल्म की सख्त जरूरत थी. राजेश खन्ना का मानना था कि एक्शन फिल्मों का दौर जल्द खत्म होगा और रोमांटिक फिल्में फिर से अच्छा बिजनेस करेंगी.

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महबूब एक रोमांटिक फिल्म थी और पुनर्जन्म की कहानी पर बेस्ड थी. राजेश खन्ना के स्टारडम का दारोमदार इसी फिल्म पर टिका था.
फिल्म गुलशन नंदा के उपन्यास ‘सिसकते साज’ पर बेस्ड थी. नंदा ने ही फिल्म का स्क्रीनप्ले लिखा था. कहा जाता है कि यह नॉवेल पुराने संगीतकार खेमचंद्र की लाइफ पर बेस्ड था. महबूबा के डायलॉग अख्तर रोमानी ने लिखे थे. फिल्म को बेस्ट बनाने के लिए पूरे प्रयास किए गए. आरडी बर्मन ने अपने करियर का शानदार म्यूजिक कंपोज किया. आनंद बख्शी ने सुपरहिट गाने लिखे.

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‘महबूबा’ फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म के दो गाने ‘मेरे नैना सावन भादों’ और ‘परबत के पीछे चंबे दा गांव’ आज भी उतने ही लोकप्रिय हैं. ‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने के दो वर्जन थे. गाना शिवरंजनी राग पर आधारित है. एक बार गाना लता मंगेशकर की आवाज में तो दूसरी बार किशोर कुमार की आवाज में सुनाई देता है.

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‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने से जु‌ड़ा दिलचस्प किस्सा आरडी बर्मन ने अपने एक पुराने इंटरव्यू में सुनाया था. उन्होंने बताया था कि इस गाने की धुन सुनते ही किशोर कुमार ने कहा था कि गाना बहुत मुश्किल है. आरडी बर्मन ने बताया था, ‘मेरे नैना सावन भादों’ गाने की रिहर्सल के दौरान किशोर कुमार मौजूद थे. वो बोले कि इस गाने को लता भी गाने वाली हैं. पहले उनसे गवाओ, फिर मैं गाऊंगा. ये गाना बहुत मुश्किल है. पहले मैं लता का गाना सुनूंगा. उसका पोस्टमार्टम करूंगा, उसे खा जाऊंगा, फिर गाऊंगा. लता मंगेशकर से गाना रिकॉर्ड करवाया गया. फिर उन्होंने जो गाना गाया, इतिहास रच दिया.’

गीतकार आनंद बख्शी गाकर अपने गाने लिखते थे. उनकी धुनों पर कई संगीतकारों ने गाने भी बनाए हैं. इस फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘परबत के पीछे चंबे दा गांव’ की धुन आनंद बख्शी ने ही बनाई थी. गाने एक पंजाबी फॉक सॉन्ग से इंस्पायर्ड था. सुरिंदर और और प्रकाश कौर के गाए टप्पे पर यह गान बेस्ड है. वो गाना था : ‘साडे ते वेडे विच’. गाना आज भी रेडियो-टीवी पर सुनाई दे जाता है.

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फिल्म की दो-दो पुनर्जन्म की कहानियां थीं, इससे दर्शक उब गए. फिल्म के सुपरहिट म्यूजिक ने दर्शकों को बांधने की कोशिश की लेकिन नाकाफी रही. फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी. इस फिल्म के फ्लॉप होने के साथ ही राजेश खन्ना का स्टारडम खत्म सा हो गया. राजेश खन्ना ने अपना पूरा दमखम लगाया कि फिल्म समीक्षक मूवी को अच्छा बताएं लेकिन बात नहीं बनी. 1.25 करोड़ के बजट में बनी ‘महबूबा’ फिल्म ने डेढ़ करोड़ का कलेक्शन किया था. फिल्म एवरेज रही. इसी फिल्म की असफलता के साथ ही राजेश खन्ना का चार्म जाता रहा. वो असफलता से इतने दुखी हुए कि रात में अपनी छत पर बैठकर रोते थे.

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ट्रम्प ने G-7 में जेलेंस्की को नजरअंदाज किया, VIDEO: सभी नेताओं से मिले, यूक्रेनी प्रेसिडेंट को देखकर मुड़ गए; व्हाइट हाउस में तकरार हुई थी


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की।

यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी।

फ्रांस के शहर एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चैन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।

यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए।

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1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई।

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G-7 समिट के टॉप 8 मोमेंट्स…

G-7 समिट में 12 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन के नेताओं के साथ यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट शामिल हुए।

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G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है।

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G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं।

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मोदी की मैक्रों, मेलोनी और ट्रम्प से मुलाकात

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं।

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पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे।

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मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे।

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जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है।

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समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प।

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