Tuesday, June 2, 2026
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कौन हैं प्रशांत सीताराम लोखंडे? सीबीएसई की चुनौतियों भरी ताज की जिम्मेदारी, क्या होंगी चुनौतियां


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कौन हैं प्रशांत सीताराम लोखंडे? सीबीएसई की चुनौतियों भरी ताज की जिम्मेदारी, क्या होंगी चुनौतियां

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Who is Prashant Sitaram Lokhande: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को अपना नया मुखिया मिल गया है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके नाम को हरी झंडी दे दी है. प्रशांत सीताराम लोखंडे एजीएमयूटी कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, जो निवर्तमान चेयरमैन राहुल सिंह की जगह बोर्ड की कमान संभालेंगे. आइए जानते हैं कि कौन हैं सीबीएसई के नए चेयरमैन और उनका प्रशासनिक बैकग्राउंड क्या है.

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CBSE New Chairperson Prashant Sitaram Lokhande: देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है. केंद्र सरकार ने वरिष्ठ नौकरशाह प्रशांत सीताराम लोखंडे को सीबीएसई का नया अध्यक्ष (Chairperson) नियुक्त किया है. सरकार की तरफ से 2 जून 2026 को जारी आधिकारिक लेटर के अनुसार, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू की गई है.

सीबीएसई में मचे घमासान के बाद छात्र और अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि बोर्ड का मुखिया कौन है. ऐसे में वर्तमान राहुल सिंह के ट्रांसफर के बाद, अब प्रशांत सीताराम लोखंडे बोर्ड के सभी बड़े फैसले लेंगे.

कौन हैं नए चेयरमैन प्रशांत सीताराम लोखंडे?

प्रशांत सीताराम लोखंडे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के बेहद अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारी हैं.

  • कैडर और बैच: वे एजीएमयूटी (AGMUT: अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी हैं.
  • पिछली तैनाती: सीबीएसई के अध्यक्ष का पद संभालने से ठीक पहले, वे केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे.
  • रैंक और वेतनमान: आधिकारिक आदेश के मुताबिक, उन्हें सीबीएसई चेयरमैन के पद पर अतिरिक्त सचिव के रैंक और वेतनमान में ही नियुक्त किया गया है.
  • प्रशासनिक हलकों में प्रशांत सीताराम लोखंडे को उनके अनुशासित काम करने के तरीके और नीतिगत मामलों में उनकी गहरी समझ के लिए जाना जाता है.

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‘काला हिरण’ पोस्टर रिलीज होते ही मचा बवाल, फिल्म निर्देशक ने तोड़ी चुप्पी


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Kala Hiran Controvercy: 1998 के चर्चित ‘ब्लैक बक शिकार’ वाले घटनाक्रम पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण द बैटल फॉर लेगेसी’ अब विवादों में घिर गई है. दरअसल फिल्म को लेकर सलमान खान की लीगल टीम ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को नोटिस भेजा है, जिसको लेकर अब निर्देशक भारत एस श्रीनेत ने अपनी चुप्पी तोड़ी है.

नोएडा: 1998 के चर्चित ‘ब्लैक बक शिकार’ वाले घटनाक्रम पर आधारित बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण द बैटल फॉर लेगेसी’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है. फिल्म के पोस्टर लॉन्च होने के बाद ही अभिनेता सलमान खान की लीगल टीम ने निर्माता और निर्देशक को कानूनी नोटिस भेजा है. नोटिस में फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने, पोस्टर और प्रचार सामग्री हटाने की मांग की गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि मांगों का पालन नहीं किया गया तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस घटनाक्रम के बाद फिल्म को लेकर बहस और तेज हो गई है और इसके रिलीज को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है.

सामाजिक और ऐतिहासिक घटनाक्रम दर्शाना उद्देश्य
विवाद के बीच फिल्म के निर्देशक भारत एस श्रीनेत ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए लोकल 18 की टीम को बताया कि जब कोई संवेदनशील और वास्तविक घटनाओं से जुड़ा विषय उठाया जाता है, तो विवाद होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा कि सच को सामने लाने की कोशिश हमेशा कुछ लोगों को असहज करती है. निर्देशक के मुताबिक, फिल्म का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि एक सामाजिक और ऐतिहासिक घटनाक्रम को दर्शाना है.

उन्होंने बताया कि फिल्म का पोस्टर जारी किया जा चुका है और 20 जून को इसका टीजर रिलीज किया जाएगा. साथ ही उन्होंने दावा किया कि फिल्म को काफी शोध और मेहनत के साथ तैयार किया गया है. इसकी रिलीज डेट भी जल्द घोषित की जाएगी.

फिल्म का ये है मकशद
भारत एस श्रीनेत का कहना है कि फिल्म का मुख्य उद्देश्य बिश्नोई समाज के संघर्ष, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सामने लाना है. उनके अनुसार, यह फिल्म उस विरासत की कहानी है, जिसके लिए समाज ने वर्षों तक संघर्ष और बलिदान दिए हैं. निर्देशक ने दावा किया कि फिल्म निर्माण से पहले मामले से जुड़े प्रमुख गवाहों और संबंधित पक्षों से जरूरी अनुमति ली गई है. उनका कहना है कि फिल्म में वही तथ्य और घटनाएं दिखाई गई हैं, जो पहले से सार्वजनिक रिकॉर्ड और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं, बल्कि एक फीचर फिल्म है, इसलिए सिनेमाई प्रस्तुति के साथ कहानी को दर्शाया गया है.

1998 से 2024 तक की घटनाओं को दर्शाया
फिल्म में लॉरेंस बिश्नोई से मिलते-जुलते किरदार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. इस पर निर्देशक ने कहा कि फिल्म में 1998 से लेकर 2024 तक की घटनाओं को दर्शाया गया है. इसमें ‘लॉयन विश्रोई’ नाम का एक किरदार दिखाया गया है, जो कथित तौर पर घटना से प्रभावित होकर मुख्य पात्र के लिए खतरा बनता है. हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि फिल्म में किसी भी व्यक्ति का महिमामंडन नहीं किया गया है.

मामला अदालत में होने के बावजूद फिल्म बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि न्यायालय सर्वोच्च है और अंतिम फैसला वही करेगा कि फिल्म रिलीज होगी या नहीं. उनके मुताबिक, समाज और कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे अदालतों में विचाराधीन रहते हैं और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए.

सोशल साइट के जरिए ये आरोप
उधर फिल्म के निर्माता अमित जानी ने भी सलमान खान की टीम की ओर से भेजे गए नोटिस पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नोटिस साझा करते हुए आरोप लगाया कि फिल्म से जुड़े लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है. अमित जानी इससे पहले भी कई विवादित और चर्चित घटनाओं पर आधारित फिल्मों के निर्माण को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं. 30 मई को फिल्म का पहला पोस्टर जारी किया गया था और निर्माताओं का दावा है कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रस्तुति और हॉलीवुड तर्ज के साथ तैयार किया गया है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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रामपुर में चाय कारोबारी के प्रतिष्ठान पर छापेमारी: 17 क्विंटल से ज्यादा चाय पत्ती जब्त, बिना लाइसेंस चल रही पैकिंग यूनिट सील – Rampur News




रामपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने चाय कारोबार से जुड़े एक प्रतिष्ठान पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 क्विंटल से अधिक चाय पत्ती जब्त की है। जांच में बिना लाइसेंस चाय की रिपैकिंग और पैकिंग यूनिट संचालित होने का मामला सामने आया, जिसके बाद विभाग ने मशीन सील कर दी। मौके से लिए गए नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में खाद्य विभाग की टीम ने जजेस कॉलोनी, हजारा बाग और बरेली गेट स्थित राजा टी ट्रेडर्स पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान विभिन्न ब्रांडों की कुल 17 क्विंटल 24 किलोग्राम चाय पत्ती का स्टॉक बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 3.08 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। विभागीय अधिकारियों ने मौके से चाय पत्ती के पांच नमूने भी जांच के लिए संग्रहित किए।
जांच में पता चला कि प्रतिष्ठान पर वैध लाइसेंस के बिना चाय की रिपैकिंग की जा रही थी। टीम ने चाय पत्ती की पैकिंग और उस पर निर्माण संबंधी विवरण अंकित करने वाली मशीन को संचालित अवस्था में पाया। नियमों के उल्लंघन पर विभाग ने मशीन और पैकिंग यूनिट को तत्काल सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट में मिलावट या अन्य अनियमितता मिलने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिना लाइसेंस कारोबार संचालित करने के मामले में न्यायालय में वाद भी दायर किया जाएगा। इस छापेमारी में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार, राहुल शुक्ला, धर्मपाल सिंह, देवकांत और शहाबुद्दीन दोस्त सहित विभागीय टीम शामिल रही। 3 लाख से ज्यादा की चाय पत्ती जब्त
छापेमारी में 17 क्विंटल 24 किलोग्राम चाय पत्ती बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 3,08,660 रुपये बताई गई है। विभाग ने पांच नमूने जांच के लिए भेजे हैं।
बिना लाइसेंस चल रही थी रिपैकिंग यूनिट
जांच में प्रतिष्ठान पर वैध लाइसेंस के बिना चाय की रिपैकिंग और पैकिंग कार्य संचालित मिलता पाया गया। विभाग ने पैकिंग मशीन को सील कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



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जमुई में झाझा थाने का ड्राइवर रिश्वत लेते गिरफ्तार: निगरानी टीम ने अवैध बालू कारोबार में 12 हजार रुपए के साथ पकड़ा – Jamui News




जमुई में निगरानी विभाग ने अवैध बालू उठाव और परिवहन से जुड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की है। झाझा थाना में पदस्थापित सरकारी चालक जितेंद्र कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। चालक जितेंद्र कुमार पर अवैध बालू कारोबार से जुड़े लोगों से सुविधा देने के नाम पर नियमित रूप से अवैध वसूली का आरोप था। वह अवैध बालू ढोने वाले ट्रैक्टर चालकों से प्रति ट्रैक्टर प्रतिदिन तीन हजार रुपये की मांग करता था। आरोपों की पुष्टि होने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया इस मामले की शिकायत ट्रैक्टर चालक उमेश यादव ने निगरानी विभाग से की थी। विभाग ने आरोपों की पुष्टि होने पर एक योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। चालक जितेंद्र कुमार को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया और घूस की पूरी राशि भी बरामद कर ली गई। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में झाझा थाना प्रभारी की संलिप्तता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी निगरानी विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी चालक को अपने साथ ले गई, जहां उससे पूछताछ जारी है।



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दिल्ली में परिजनों ने सड़क पर शव रखकर किया प्रदर्शन: बोले- आरोपियों का एनकाउंटर करें; गोली मारकर की थी हत्या – New Delhi News




दिल्ली में साउथ ईस्ट जिले के अमर कॉलोनी थाना इलाके में गत 26 मई को साईं कुमार को गोली मार दी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। वहीं मृतक के परिजन आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही मौके पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पकड़ा है। वहीं एक नाबालिग अभी भी इस मामले में फरार है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। बता दें कि साउथ ईस्ट जिले के अमर कॉलोनी इलाके के एक रेस्तरां में एक 17 वर्षीय किशोर के सिर में गोली मारने का मामला सामने आया था। क्राइम ब्रांच ने नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पकड़ा आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच को भी जिम्मा सौंपा गया। टीम ने गुप्त सूचना के बाद नाबालिग समेत 3 आरोपियों को पकड़ा। इस संबंध में किशोरी ने पुलिस को बताया था कि वह अपने दोस्त के साथ रेस्तरां में बैठी थी। तभी वहां मौजूद लड़कों में से एक ने उसकी बगल वाली कुर्सी के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। साईं ने इस पर आपत्ति जताई तो वह लड़का साईं को घूरने लगा। साईं ने किशोरी से कहा कि वह जल्दी से खाना खत्म कर वहां से निकल जाए। इस बीच आरोपी भी कुछ देर के लिए वहां से चले गए, लेकिन थोड़ी ही देर बाद वे वापस लौट आए। जिस लड़के ने साईं को गाली दी थी, उसने साई के सिर के पीछे गोली मारी थी। इसके बाद वे फरार हो गए।



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मुड़े हुए पैरों वाले 4 नवजात बच्चों को मिला सहारा: खरगोन में जन्मजात विकृति से जूझ रहे थे बच्चे, उपचार के बाद पहनाए गए विशेष ब्रेसेस – Khargone News




खरगोन जिला अस्पताल में विश्व क्लब फुट दिवस के अवसर पर क्लब फुट से पीड़ित चार नवजात बच्चों को विशेष ब्रेसेस (विशेष जूते) प्रदान किए गए। इन बच्चों का चरणबद्ध प्लास्टर उपचार सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद उन्हें यह विशेष जूते पहनाए गए, ताकि भविष्य में उनके पैरों की विकृति दोबारा न हो और वे सामान्य बच्चों की तरह चल-फिर सकें। इस अवसर पर सिरवेल गांव की 22 दिन की जुड़वा बच्चियां गीता और मनीषा, पिता अनिल किराड़े, चिपीपुरा की 19 दिन की साक्षी, पिता ओमकार, तथा झिरन्या के 45 दिन के वासु, पिता जितेंद्र राठौड़ को विशेष जूते प्रदान किए गए। डॉक्टर बोले- जन्मजात विकृति थी जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक वास्के की देखरेख में इन बच्चों का उपचार किया गया। उन्होंने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसमें शिशु के एक या दोनों पैर अंदर और नीचे की ओर मुड़े हुए होते हैं। यदि समय रहते इसका उपचार नहीं कराया जाए, तो बच्चे को आगे चलकर चलने-फिरने में गंभीर परेशानी हो सकती है। डॉ. वास्के ने बताया कि इस बीमारी के उपचार में पैर को धीरे-धीरे सही स्थिति में लाने के लिए क्रमिक रूप से प्लास्टर लगाए जाते हैं। कई मामलों में आवश्यकता पड़ने पर छोटी शल्य क्रिया भी की जाती है। उपचार पूरा होने के बाद बच्चों को विशेष ब्रेसेस या जूते पहनाए जाते हैं, जिससे पैर सही स्थिति में बने रहते हैं और विकृति दोबारा विकसित नहीं होती। समय पर इलाज से सामान्य जीवन संभव विशेषज्ञों का कहना है कि यदि क्लब फुट की पहचान जन्म के तुरंत बाद हो जाए और समय पर उपचार शुरू कर दिया जाए, तो अधिकांश बच्चे पूरी तरह सामान्य जीवन जी सकते हैं। इसके लिए माता-पिता को जागरूक रहना और नियमित उपचार कराना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान डीईआईसी मैनेजर विनोद पवार, डॉ. शुभम महाजन और अनुष्का फाउंडेशन के मनोज यादव भी मौजूद रहे। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की कि नवजात शिशुओं में यदि पैरों की बनावट असामान्य दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके और बच्चे को भविष्य में किसी प्रकार की शारीरिक परेशानी का सामना न करना पड़े।



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16 जून को लॉन्च होगा Redmi का 7560mAh बैटरी वाला Turbo फोन


Redmi भारत में 16 जून को दो स्मार्टफोन पेश कर सकता है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर Redmi Turbo 5 की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। पहले खबरें सामने आ रही थी कि यह फोन 2 जून को लॉन्च किया जाएगा। हालांकि, कंपनी ने आज इसकी लॉन्च डेट ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Amazon पर रिवील की है। इस टर्बो फोन के अलावा कंपनी Redmi 17 को भी भारतीय बाजार में उतार सकती है। इससे जुड़ी जानकारियां भी सामने आ रही हैं।

Redmi Turbo 5 के फीचर्स

रेडमी का यह फोन चीन में पहले ही लॉन्च हो चुका है। भारत में पेश किए जाने वाले मॉडल में भी चीनी वेरिएंट जैसे फीचर्स दिए जा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, रेडमी का यह फोन 6.59 इंच के बड़े OLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया जाएगा। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट कर सकता है। वहीं, डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 3,500 निट्स और 480Hz टच सैम्पलिंग रेट मिलने की संभावना है।

चीन में लॉन्च हुए वेरिएंट में कंपनी ने MediaTek Dimensity 8500 Ultra चिपसेट यूज किया है। इस फोन में 16GB रैम और 512GB तक की इंटरनल स्टोरेज दिया जा सकता है। यह फोन डुअल कैमरा सेटअप के साथ आएगा। Turbo 5 में 50MP का मेन और 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा मिलेगा। साथ ही, इसमें 20MP का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है।










Redmi Turbo 5 संभावित फीचर्स
डिस्प्ले 6.59 इंच, OLED, 120Hz
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 8500 Ultra
बैटरी 7560mAh, 100W
स्टोरेज 16GB, 512GB
कैमरा 50MP + 8MP, 20MP
OS Android 16, HyperOS

Redmi का यह अपकमिंग फोन 7,560mAh की तगड़ी बैटरी के साथ लॉन्च किया जा सकता है। इसमें कंपनी 100W फास्ट चार्जिंग और 27W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग दे सकती है। यह स्मार्टफोन Android 16 पर बेस्ड Hyper OS के साथ लॉन्च होने की उम्मीद है। इसकी भारत में कीमत 30,000 रुपये से 35,000 रुपये की रेंज में हो सकती है।

Redmi 17 भी होगा पेश?

Redmi Turbo 5 के साथ कंपनी Redmi 17 को भी भारत में लॉन्च कर सकती है। यह फोन 7000mAh की बैटरी के साथ आएगा। फोन में 50MP का रियर और 8MP का सेल्फी कैमरा दिया जा सकता है। रेडमी का यह फोन बजट यूजर्स के लिए पेश किया जाएगा। फोन में 6.9 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिल सकता है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

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घर पर बचे हैं सिर्फ आलू, कोई बात नहीं, इस तरह बनाएं स्वादिष्ट सब्जी, हर कोई पूछेगा रेसिपी


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Shahi Dum Aloo Recipe: अगर घर में कोई और सब्जी न हो और सिर्फ आलू बचे हों, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. बिना टमाटर-प्याज के सिर्फ दही और मसालों का उपयोग करके स्वादिष्ट शाही दम आलू बना सकते हैं. इसकी रेसिपी भी बेहद आसान है और इसका स्वाद बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा आएगा. एक बार बनाने के बाद आप इस डिश को बार-बार बनाएंगे.

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घर पर आलू और दही से टेस्टी शाही दम आलू बना सकते हैं.

Shahi Dum Aloo Recipe: कई बार बाजार जाने का टाइम नहीं मिल पाता है और घर पर हरी सब्जियां खत्म हो जाती हैं. अधिकतर घरों में आलू हमेशा रखा रहता है, क्योंकि यह लंबे समय तक खराब नहीं होता है. तमाम लोग आलू का बोरा खरीदकर रख लेते हैं और उसे इस्तेमाल करते रहते हैं. अगर आपके घर में घर में हरी सब्जियां खत्म हो गई हैं और सिर्फ आलू बचे हैं, तो चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. अक्सर लोग सोचते हैं कि सिर्फ आलू से क्या खास बनेगा, लेकिन आज आपको आलू की एक ऐसी लाजवाब और शाही रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे खाकर हर कोई आपकी तारीफ करते नहीं थकेगा. यह डिश शाही दम आलू है, जिसे आप आलू, दही और मसालों से तैयार कर सकते हैं. इसकी रेसिपी बहुत आसान है.

शाही दम आलू के लिए जरूरी सामग्री

इस स्वादिष्ट सब्जी को बनाने के लिए आपको चाहिए 5-6 उबले और छिले हुए मीडियम साइज के आलू. ग्रेवी तैयार करने के लिए 1 कप ताजा दही लें. तड़के के लिए 2 चम्मच तेल या घी, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 तेजपत्ता, 1 दालचीनी का टुकड़ा और 2 लौंग की आवश्यकता होगी. मसालों में आपको 1 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1.5 छोटा चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, 1 चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला और स्वादानुसार नमक लेना है. आखिर में सब्जी का स्वाद दोगुना करने वाले खास ट्विस्ट के लिए 1 चम्मच कसूरी मेथी और बारीक कटा हुआ हरा धनिया पास रख लें.

शाही दम आलू बनाने की विधि

सबसे पहले उबले हुए आलुओं को छील लें. अब एक कांटे या टूथपिक की मदद से आलुओं में चारों तरफ छोटे-छोटे छेद कर लें. इससे मसालों का रस आलू के अंदर तक चला जाएगा. एक कढ़ाई में 2 चम्मच तेल या घी गर्म करें. इसमें आलुओं को डालकर तब तक फ्राई करें जब तक कि उन पर एक हल्की सुनहरी परत न आ जाए. फ्राई करने के बाद आलुओं को एक प्लेट में निकाल लें.

अब एक कटोरी में 1 कप दही लें. इसमें हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर अच्छी तरह फेंट लें. इसके बाद कढ़ाई के तेल में जीरा, तेजपत्ता, लौंग और दालचीनी डालें. जब मसाले चटकने लगें, तो गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें. अब इसमें दही और मसालों का मिश्रण डालें और लगातार चलाते रहें. इसे तब तक चलाना है जब तक कि ग्रेवी में उबाल न आ जाए और तेल ऊपर न तैरने लगे.

जब ग्रेवी तेल छोड़ दे, तो इसमें फ्राई किए हुए आलू और स्वाद अनुसार नमक डाल दें. ग्रेवी को गाढ़ा रखने के लिए आधा कप गुनगुना पानी मिलाएं. अब कढ़ाई को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट के लिए पकने दें ताकि आलू सारे मसालों को सोख लें. आखिर में ऊपर से गरम मसाला और हाथों से क्रश की हुई कसूरी मेथी डालें. 1 मिनट और पकाने के बाद गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने पर चर्चा: सहकारी समितियों के बैंक खाते, माइक्रो एटीएम, रूपे किसान क्रेडिट कार्ड वितरण पर जोर – jhalawar News




झालावाड़ में मंगलवार को केंद्रीय सहकारी बैंक मुख्यालय स्थित सहकार भवन में ‘सहकारिता में सरकार’ विषय पर एक जिला स्तरीय कार्यशाला एवं समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश जैन ने की। कार्यशाला में सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने, किसानों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तृत चर्चा हुई। अभियान के तहत सहकारी समितियों और उनके सदस्यों के खाते केंद्रीय सहकारी बैंक में खोलने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त डेयरी और अन्य प्राथमिक सहकारी समितियों को बैंक मित्र नियुक्त कर माइक्रो एटीएम उपलब्ध कराने और दुग्ध उत्पादक किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड वितरित करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। जिले की 19 प्राथमिक डेयरी समितियों और 48 पैक्स समितियों को रियायती दरों पर माइक्रो एटीएम वितरित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच आसान होगी। प्रबंध निदेशक ओमप्रकाश जैन ने बताया कि बैंक कार्यक्षेत्र में संचालित सभी 294 सक्रिय दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों के खाते केंद्रीय सहकारी बैंक में हैं, जिनमें 128.63 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा है। मत्स्य पालन विभाग की समितियों के खातों को भी नियमित रूप से बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। रूपे किसान क्रेडिट कार्ड वितरण अभियान के तहत बैंक ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बैंक कार्यक्षेत्र के लिए लगभग 5000 रूपे किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन प्राप्त हुए हैं। कार्ड मिलने पर डेयरी समितियों से जुड़े पात्र खाताधारकों को इनका वितरण किया जाएगा। इस दौरान 10 एटीएम कार्ड भी वितरित किए गए। कार्यशाला में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘सहकारिता में सरकार’ की जानकारी दी। उन्होंने सभी सहकारी संस्थाओं और हितधारकों को अपने-अपने क्षेत्र में ब्लॉक स्तर पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। कार्यशाला के अंत में सहकारिता क्षेत्र को और अधिक सशक्त एवं जनहितैषी बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। दो दिवसीय “टाइगर प्रदर्शनी” का आयोजन 5 से जिला प्रशासन झालावाड़ की ओर से संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान ” के तहत विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 एवं 6 जून को विजया राजे सिंधिया राजकीय खेल संकुल, झालावाड़ में दो दिवसीय “टाइगर प्रदर्शनी” का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी का शुभारंभ 5 जून को सवेरे 9 बजे होगा। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं एवं स्टूडेंट्स में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना है। बाघों के जीवन चक्र, व्यवहार, संरक्षण प्रयासों, वन पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका तथा वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़े प्रेरक संदेशों को आकर्षक चित्रों, फोटोग्राफ्स एवं जानकारीपूर्ण सामग्री के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन भविष्य में टाइगर सफारी एवं ईको-टूरिज्म जैसी अवधारणाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में भी सहायक सिद्ध होंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजन को वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास के बीच के संबंध से अवगत कराया जाएगा, जिससे प्राकृतिक धरों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिल सके। यह आयोजन प्रकृति, वन्यजीव एवं पर्यावरण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करते हुए आने वाली पीढ़ियों में संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करेगा। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से प्रदर्शनी में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है। अभियान के तहत आयोजित यह प्रदर्शनी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने, पर्यटन संभावनाओं को रेखांकित करने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति व्यापक जनजागरूकता उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



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गुजरात में 2 बसों की टक्कर में 7 की मौत: 10 से ज्यादा घायल, डिवाइडर क्रॉस कर एक बस से दूसरी टकराई




गुजरात में सूरत जिले के बारडोली के पास मंगलवार दोपहर को दो बसें टकरा गईं। हादसे में 7 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 10 से ज्यादा घायल हो गए। टक्कर के बाद एक बस के पलटते ही उसमें आग लग गई थी। दोनों बसें महाराष्ट्र की हैं। हादसा सड़क पर पलटे एक टैंकर को बचाने की कोशिश के दौरान हुआ। टैंकर की टक्कर से बचाने की कोशिश में एक बस ड्राइवर का स्टीयरिंग पर कंट्रोल नहीं रहा और बस डिवाइडर पार कर दूसरी लेन में जाकर सामने से आ रही दूसरी बस से टकरा गई। दोनों ही बसें स्पीड में थीं। इनमें एक बस में सड़क किनारे पलटते ही आग लग गई। सभी घायलों को बारडोली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। हादसे की 4 तस्वीरें… घायलों को तीन अस्पतालों में भर्ती कराया गया: कलेक्टर कलेक्टर तेजस पटेल ने दुर्घटना के बारे में बताया कि यह हादसा शाम 4:30 बजे हुआ। 17 घायलों का इलाज बारडोली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्पताल में किया जा रहा है और उनमें से किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। घायलों को तीन अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सभी का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टाफ नर्सों द्वारा किया जा रहा है। 7 घायलों को सूरत सिविल अस्पताल रेफर किया गया है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है। ————————————-
ये खबर भी पढ़ें… 3 साल में बस में आग लगने की 45 घटनाएं, इनमें 64 लोगों की मौत देश में पिछले तीन वर्षों में चलती बसों में आग लगने की 45 घटनाएं सामने आई हैं। इन हादसों में कुल 64 लोगों की मौत हुई है। यह जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को राज्यसभा में दी। पूरी खबर पढ़ें…



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