कौशाम्बी में करारी पुलिस ने मुन्ना समेत छह आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें मंझनपुर क्षेत्र के बहादुरपुर गांव की सफीका खातून भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह पर गोकशी समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। अब आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस के अनुसार, 30 नवंबर 2025 को करारी थाना क्षेत्र के तियरा जमालपुर गांव में चारागाह की जमीन पर पशुओं के कटे अवशेष और खून मिलने के बाद गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान मुन्ना, तुफैल अहमद, नयाब, तौफीक अहमद, जुनैद अहमद उर्फ सुहेल अहमद और सफीका खातून के नाम सामने आए। पुलिस ने मुन्ना को गिरोह का सरगना बताया है। इस मामले में एक दिसंबर 2025 को मुन्ना और तुफैल अहमद को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचे और कारतूस बरामद होने का दावा किया था। वहीं, मुन्ना के खिलाफ वर्ष 2023 में दर्ज एक अन्य मामले में अपहरण और बाद में दुष्कर्म से संबंधित धाराएं बढ़ाए जाने का भी उल्लेख है। एसपी सत्यनारायण के मुताबिक, गिरोह के प्रभाव के कारण स्थानीय लोग शिकायत करने और गवाही देने से डरते थे। इसी आधार पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद 18 अक्टूबर 2026 को करारी थाने में उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
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शाजापुर में चलती 4 कारों पर पथराव: गाड़ियों के शीशे टूटे, दुपाड़ा रोड पर ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी – shajapur (MP) News
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र अंतर्गत दुपाड़ा रोड पर सोमवार शाम उपद्रवियों ने चलती गाड़ियों पर पथराव कर दिया। पत्थरबाजी की इस घटना में 3 से 4 चारपहिया वाहनों के कांच टूट गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि वाहन सवार यात्री बाल-बाल बच गए। लगातार हो रही इन घटनाओं से इस मार्ग पर सफर करने वाले चालकों में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। एक के बाद एक गाड़ियों पर फेंके गए पत्थर जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे करेड़ी नाका के आगे दुपाड़ा रोड पर इंदौर निवासी धरम इंगले अपनी ग्लैंझा कार से मां बगलामुखी के दर्शन कर लौट रहे थे, तभी अचानक किसी ने उनकी गाड़ी पर पत्थर मारा। इससे कार के कंडक्टर साइड का पिछला कांच चकनाचूर हो गया। इसी दौरान आगर मालवा से शाजापुर आ रहे हीरपुर टेका भरड़ निवासी जितेंद्र कुम्हार की ग्रैंड आई-10 कार पर भी हरणगांव टर्न के पास पथराव किया गया, जिससे उनकी कार का कांच भी टूट गया। इसके अलावा दो अन्य गाड़ियों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। पहले भी हो चुकी हैं वारदातें, यात्रियों में डर दुपाड़ा रोड पर पथराव की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी एक बोलेरो गाड़ी सहित अन्य वाहनों पर पत्थरबाजी हो चुकी है। पिछली घटना में तो वाहन की पिछली सीट पर बैठी एक महिला गंभीर रूप से घायल भी हो गई थी। इस तरह बार-बार हो रही घटनाओं से इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इलाके में पुलिस चेकिंग शुरू पुलिस मौके पर पहुंचा और आसपास के इलाके व झाड़ियों में टॉर्च जलाकर सर्चिंग की, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकले। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रियंका शुक्ला ने बताया कि एक ही इलाके में बार-बार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए प्रभावित मार्ग पर पुलिस चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं। पुलिस दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच कर रही है और आरोपियों को चिन्हित कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
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पूर्व सीएम गहलोत बोले- प्रदेश में पानी-चारे का संकट: कहा- सरकार अभी से करे तैयारी, दूसरे राज्यों से करें व्यवस्था – Jodhpur News
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को जोधपुर दौरे पर रहे। जोधपुर से जयपुर जाते समय उन्होंने एयरपोर्ट पर मीडिया बात करते हुए सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की कोशिश की। गहलोत ने प्रदेश में संभावित जल संकट, चारे की कमी और रोजगार के संकट को लेकर राज्य सरकार को अभी से सचेत होने की सलाह दी है। उन्होंने कहा- इस बार हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। बांधों में पानी की आवक नहीं हुई है। फसलें प्रभावित हुई हैं और चारे का भी पर्याप्त उत्पादन नहीं हुआ है। ऐसे में पशुधन को बचाना और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के लिए रोजगार की व्यवस्था करना सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी। गहलोत ने कहा- जोधपुर में अभी से पानी की समस्या सामने आने लगी है। आने वाले समय में प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी स्थिति बिगड़ सकती है, क्योंकि कई क्षेत्रों में सूखे जैसे हालात हैं। उन्होंने कहा- सरकार को पेयजल संकट से निपटने के लिए अभी से पूरी योजना तैयार करनी चाहिए। साथ ही दूसरे राज्यों से पानी और चारे की व्यवस्था करने सहित सभी जरूरी विकल्पों पर काम शुरू करना चाहिए। चारा डिपो खोलने और पशु शिविर लगाने की मांग गहलोत ने कहा- सूखे के हालात से निपटने के लिए पहले प्रभावित तहसीलों और गांवों की पहचान कर उन्हें अकालग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। इसके बाद चारा डिपो खोलने, चारे की व्यवस्था करने और पशुओं के लिए शिविर लगाने की योजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा- चारे की कीमतें बढ़ने से पशुपालकों की परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसे में सरकार को अनुदान और अन्य राहत उपायों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा- जब तक सरकार पूरी तैयारी नहीं करेगी, तब तक प्रभावित लोगों और पशुपालकों को समय पर राहत देना मुश्किल होगा। इसलिए पेयजल, चारा और पशुधन संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। फसल खराब होने से ग्रामीण रोजगार पर असर पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के मुद्दे पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा- इस बार फसलें प्रभावित हुई हैं। जिन गरीब परिवारों के पास अपनी जमीन नहीं है और जो मजदूरी करके जीवनयापन करते हैं। उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो सकता है। गहलोत ने मनरेगा का जिक्र करते हुए कहा- इसके बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की समस्या और गंभीर हो सकती है। उन्होंने राज्य सरकार से सवाल किया कि फसल खराब होने और मजदूरी के अवसर कम होने की स्थिति में ग्रामीण गरीबों को रोजगार कैसे मिलेगा। पंचायत चुनाव के बीच सरकार को किया सचेत पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए गहलोत ने नगर निगम चुनाव में कथित अनियमितताओं और पुलिस की भूमिका पर भी गहलोत ने सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि जोधपुर और जयपुर सहित कुछ जगहों पर कांग्रेस को अधिक वोट मिलने के बावजूद बोर्ड गठन की स्थिति अलग रही। उन्होंने ग्रामीणों से पंचायत और जिला परिषद चुनावों में मजबूती से भाग लेने तथा अपने प्रतिनिधियों को चुनने की अपील भी की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को खुद धरने पर बैठना पड़ा, यह सरकार की कार्यशैली पर सवाल गहलोत ने प्रदेश में मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी को लेकर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत मिलने के बाद समय पर एफआईआर दर्ज कर ली जाती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती और कांग्रेस को धरना देने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता। गहलोत ने कहा- इस मामले में ऐसी स्थिति बन गई कि कांग्रेस नेताओं को धरना देना पड़ा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को खुद धरने पर बैठना पड़ा। उन्होंने इसे सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला घटनाक्रम बताया।
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इटली में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीयों के लिए एडवाइजरी: भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहने की सलाह; PM मेलोनी ने इमरजेंसी बैठक बुलाई
इटली में बढ़ती महंगाई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के हिंसक होने के बाद भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने सोमवार को भारतीयों से भीड़भाड़ वाली जगहों और प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहने और स्थानीय खबरों पर नजर रखने को कहा है। इस बीच, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की घटनाओं के बाद सोमवार को इमरजेंसी सिक्योरिटी बैठक बुलाई है। भारतीय दूतावास ने आपात स्थिति में मदद के लिए रोम और मिलान स्थित अपने कार्यालयों के नंबर जारी किए हैं। मिलान में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी, दुकानों में लूटपाट इटली के कई शहरों में रविवार को बढ़ती महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हुए। शुरुआत में शांतिपूर्ण रहे इन प्रदर्शनों के दौरान मिलान में हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर, कूड़ेदान और कुर्सियां फेंकीं। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वीकेंड पर मिलान में 5,000 से ज्यादा लोग जुटे थे। हिंसा के दौरान दुकानों में लूटपाट की गई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया। इटली की न्यूज एजेंसी अंसा के मुताबिक, पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया। इनमें करीब 80% नाबालिग हैं। झड़पों में पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के घायल होने की भी खबर है। ट्यूरिन में पत्थर और हथौड़े लेकर घूम रहे लोग पकड़े गए हिंसा का असर इटली के दूसरे शहरों में भी देखने को मिला। मेलोनी के मुताबिक, ट्यूरिन में कुछ लोगों को पत्थर और शीशे तोड़ने वाले हथौड़े लेकर जाते समय हिरासत में लिया गया। वहीं, बोलोन्या में गड़बड़ी की आशंका के चलते एक रेलवे स्टेशन को एहतियातन बंद कर दिया गया। मिलान के मेयर ग्यूसेपे साला ने कहा कि दुकानों के टूटे शीशे, लूटपाट और डरे हुए नागरिकों को देखकर चिंता होती है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं दुनिया के कई शहरों में देखने को मिल रही हैं। मेलोनी बोलीं- प्रदर्शन करना अधिकार, शहरों में आग लगाना नहीं प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा, ‘प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन हमारे शहरों को बर्बाद करना नहीं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उपद्रवियों ने प्रदर्शनों का फायदा उठाकर अराजकता फैलाने की कोशिश की। मेलोनी ने विपक्षी दलों से भी हिंसा की स्पष्ट रूप से निंदा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी तरह की अस्पष्टता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि हिंसा की निंदा करने में हिचकिचाहट को उसका समर्थन समझा जा सकता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन:फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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बॉम्बे HC बोला- प्रदर्शनकारी अपराधी न हो, बैकग्राउंड जानना जरूरी: 2 अक्टूबर को मुंबई में जुटे थे CJP समर्थक, 500 के खिलाफ केस दर्ज
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मुंबई3 घंटे पहले
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मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को हुए इस प्रदर्शन में एक्टर नसरुद्दीन शाह, शबाना आजमी, संगीतकार विशाल ददलानी समेत कई हस्तियां शामिल हुई थीं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई में सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है। लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने से पहले प्रदर्शनकारियों की पृष्ठभूमि और जनता की असुविधा पर विचार किया जाना भी जरूरी है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में ‘जेल भरो’ आंदोलन किया था। प्रदर्शन के बाद मुंबई पुलिस ने आयोजकों और 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इसी मामले को लेकर एडवोकेट सावर देवरे ने मुंबई पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। इसी याचिका की सुनवाई पर अदालत ने यह टिप्पणी की। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को होगी।

कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को भी जवाब देने का निर्देश दिया
चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार को उन याचिकाओं पर जवाब देने का भी निर्देश दिया, जिनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ मुंबई में हाल में हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस पर लोगों को अवैध रूप से हिरासत में लेने के आरोप लगाए गए हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणी
- हर किसी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए। महाराष्ट्र में हमने देखा है कि पुलिस ने काफी संयम बरता है।
- यह भी देखा जाना चाहिए कि प्रदर्शन में शामिल लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो। आम नागरिकों की आड़ में अपराधियों को प्रदर्शनों में शामिल नहीं होना चाहिए।2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में हुए प्रदर्शन की तीन तस्वीरें…

नसीरुद्दीन शाह ने मंच पर अभिजीत दीपके से मुलाकात की थी।

शबाना आजमी भी प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ाते नजर आई थीं।

बॉलीवुड सिंगर विशाल ददलानी भी प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
सीजेपी की मांग और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए किया मुंबई के शिवाजी पार्क में किया गया था। सीजेपी नेता अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि नीट लीक के बाद दो महीने में यह उनका दूसरा बड़ा आंदोलन है।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती दी थी कि सरकार चाहे तो उन्हें जेल भेज सकती है। दरअसल, यह विवाद मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गड़बड़ी को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद शुरू हुआ था।
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आशुतोष-सौरव की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाई गई:14 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ा दी गई है। सोमवार को दोनो के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने पेश किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
‘NDA 8 सीटों पर खाता खोलने की लड़ाई लड़ रहा’: प्रशांत किशोर बोले-सम्राट चौधरी के नेतृत्व में BJP की जीत मुश्किल; FIR पर सरकार जांच कराए – Kishanganj (Bihar) News
किशनगंज में जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और जन सुराज प्रत्याशी के खिलाफ FIR दर्ज होने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार में भाजपा की सरकार है, जन सुराज की नहीं। अगर जन सुराज का कोई प्रत्याशी, कार्यकर्ता या नेता गलती करता है, तो सरकार उसके खिलाफ FIR दर्ज करे, जांच कराए और कानून के मुताबिक सजा दे। इस मामले में बहस करने का कोई फायदा नहीं है। NDA के सभी सीटें जीतने के दावे पर कसा तंज किशनगंज में प्रबुद्धजनों के संवाद कार्यक्रम में पहुंचे प्रशांत किशोर ने NDA की सभी सीटों पर जीत के दावे पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनके आकलन के मुताबिक NDA 8 सीटों पर खाता खोलने की लड़ाई लड़ रहा है। PK ने कहा कि नीतीश कुमार के हटने से कोई चुनाव नहीं जीत गया है। उन्होंने भोजपुर में MLC चुनाव में हार और बांकीपुर में भाजपा के अपना किला नहीं बचा पाने का जिक्र करते हुए NDA की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। प्रशांत किशोर ने दावा किया कि पूरे चुनाव में नीतीश कुमार कहीं नजर नहीं आ रहे हैं और JDU-BJP अलग-अलग हैं। उनके मुताबिक, इसका असर चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है। बांकीपुर में 360 बूथों पर हार का किया जिक्र प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की हार को लेकर कहा कि पार्टी 360 बूथों पर हार गई। उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उनके क्षेत्र को सबसे मजबूत बताया जाता है। PK ने कहा कि जब पार्टी का नेतृत्व किसी क्षेत्र को सबसे मजबूत बताता है और वहां कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने की बात करता है, तो उसी क्षेत्र में हार के कारणों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व पर भी निशाना प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे हर गमछा देखकर गोली मारने की बात कहते हैं। उन्होंने दावा किया कि यह चुनाव एक बार फिर साबित करेगा कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भाजपा के लिए चुनाव जीतना मुश्किल है।
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बैंगन की सब्जी खाकर हो गए हैं बोर?, ट्राई करें रांची की उषा की क्रिस्पी बैंगन फ्राई रेसिपी
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Crispy Baingan Fry Recipe: बैंगन से बनी कई तरह की डिश आपने खाई होंगी, लेकिन अगर कुछ नया और कुरकुरा खाने का मन है तो क्रिस्पी बैंगन फ्राई ट्राई कर सकते हैं. इसे घर पर बनाना बेहद आसान है और इसके लिए बहुत ज्यादा सामग्री की भी जरूरत नहीं पड़ती. रांची की गृहणी उषा के मुताबिक, बैंगन फ्राई को बाहर से कुरकुरा बनाने के लिए बेसन के घोल में चावल का आटा और सूजी मिलाना जरूरी है. इसके साथ धनिया पाउडर, नमक, हल्दी और मिक्स मसाले डालकर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इसमें बैंगन के गोल स्लाइस लपेटकर सुनहरा होने तक तल लें. तैयार क्रिस्पी बैंगन फ्राई को चटनी या सॉस के साथ स्नैक्स की तरह खा सकते हैं या लंच में भी परोस सकते हैं.
वैसे तो आप बैंगन के तो कई सारे डिश खाए होंगे, लेकिन बैंगन क्रिस्पी फ्राई खाने में बहुत ही टेस्टी लगती है. इसे क्रिस्पी बनाने के लिए इसमें 2-3 बातों का ख्याल रखना पड़ता है. यहां देखिए इसे बनाने का सबसे आसान तरीका. इसे यूं ही खा सकते हैं या फिर लंच में भी परोस सकते हैं.
रांची की फेमस गृहणी उषा बताती हैं कि इसको बनाने के लिए सबसे पहले आपको एक काम करना है. जहां सबसे पहले बढ़िया बैंगन चुनिए. ध्यान रहे कि बैंगन सड़ा नहीं होना चाहिए और उसको गोल-गोल स्लाइस में काट कर रख लीजिए. आपको जितना स्लाइस चाहिए, उतना आप काट सकते हैं. इसके बाद आपको बेसन का एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करना है.
इसके बाद आप 2-3 चम्मच आप बेसन लीजिए और उसमें एक चम्मच आपको चावल का आटा भी डालना है. हां यही एक चीज है, जो इसे कुरकुरा बनाता है और बहुत लोग इसे नहीं डालते हैं. इसीलिए कुरकुरा और क्रिस्पी नहीं बन पाता है. एक चम्मच चावल का आटा जरूर डालिए और एक चम्मच सूजी डालिए, यही दो चीज हैं जो आपके फ्लेवर को बदल देती हैं.
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इसके बाद इन दोनों को डालने के बाद आपको कुछ मसाले भी डालने हैं. जैसे धनिया पाउडर साथ में नमक, हल्दी, मिक्स मसाला यह सभी डालकर अच्छे से मिला लीजिए और उसके बाद थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लीजिए. ध्यान रहे, पेस्ट गाढ़ा होना चाहिए पतला बिल्कुल भी नहीं और इसके बाद बैंगन को इसमें डाल दीजिए जो आपने काट कर रखा है.
बस फिर क्या अब आपको बैंगन को बेसन में लपेटे हुए तेल में डाल देना है और तल कर बाहर निकाल लेना है. इस तरह आप सारे बैंगन को तेल में फ्राई कर दीजिए और बाहर निकाल दीजिए गोल्डन ब्राउन होने पर. लीजिए बनकर तैयार है, आपका बैंगन फ्राई, खाने में क्या स्वादिष्ट लगता है. आप इसे यूं ही सॉस के साथ भी खा सकते हैं
AAP का बीजेपी पर बड़ा हमला: केजरीवाल बोले- खुद से कानून-व्यवस्था संभल नहीं रही, पंजाब में ज्ञान बांटने आ रहे – New Delhi News
मुंबई में फिल्म स्टार टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले के बाद एक बार फिर भाजपा शासित राज्यों की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गुजरात की साबरमती जेल में बंद खूंखार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा इस हमले की जिम्मेदारी लेने के बाद आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और नेता मनीष सिसोदिया ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया। इन्होंने गैंगस्टर को दामाद बना रखा है- केजरीवाल आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों से अपने राज्यों की कानून-व्यवस्था संभल नहीं रही है, वे पंजाब में ज्ञान बांटने आ रहे हैं। केजरीवाल ने तीखा प्रहार करते हुए कहा किदेश के सबसे बड़े गैंगस्टर को इन्होंने अपना दामाद बनाया हुआ है और उसे भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपराध करने की सारी सहूलियत दी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को अच्छी तरह पता है कि इन्हें वोट देना मतलब अपने राज्य में गैंगस्टर्स को न्योता देना है। गुजरात की जेलों और पोर्ट्स को बना रखा है सेफ हेवन- मनीष सिसोदिया आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि बीजेपी ने खूंखार गैंगस्टर्स के लिए गुजरात की जेलों को ‘सेफ हेवन बना रखा है, जिसका नुकसान पूरे देश को उठाना पड़ रहा है। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान से आने वाले ड्रग्स और नशे के कारोबार के लिए भी गुजरात के पोर्ट्स को सुरक्षित ठिकाना बनाया गया है, और इसकी भारी कीमत पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के युवाओं को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने मोदी सरकार की साइबर विंग पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गैंगस्टर्स के वे सोशल मीडिया पेज, जिन पर देश के बड़े सितारों को खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं, वे भारत में एक्टिव कैसे हैं। क्या पूरी साइबर फोर्स केवल विरोधियों को दबाने में ही लगी है।
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आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक: राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड से मांगा जवाब, 1340 पदों पर होनी है भर्ती – Jaipur News
हाईकोर्ट ने आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती-2025 पर अंतरिम रोक लगा दी हैं। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने यह रोक डॉ ज्योति जांगिड़ की याचिका पर सुनवाई करते हुए लगाई। याचिका में कहा गया था कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 1340 आयुष ऑफिसर संविदा भर्ती का संयुक्त विज्ञापन निकाला था। इसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी पद्वति के डॉक्टरों की भर्ती होनी थी। लेकिन बोर्ड ने तीनों ही पद्वतियों के डॉक्टरों की एक कॉमन जनरल मैरिट लिस्ट बना रहा हैं। इससे यह पता लगाना मुश्किल है कि किस पद्वति के कितने पद हैं और उनके लिए कितने आवेदन आए हैं। जबकि तीनों पद्वति के अलग-अलग पेपर होते हैं और कठिनाई का स्तर पर भी अलग-अलग होता है। एक्सपर्ट की रिपोर्ट की दरकिनार
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अश्विनी जैमन ने बताया कोर्ट को बताया गया कि तीनों पद्वतियों की एक ही मैरिट लिस्ट बनाने के खिलाफ एक्सपर्ट की रिपोर्ट भी पेश हुई थी। इसमें तीनों पद्वतियों की एक ही मैरिट लिस्ट बनाने को गलत बताया था। लेकिन बोर्ड ने इस रिपोर्ट को दरकिनार करते हुए एक ही मैरिट लिस्ट बना रहा हैं। तीनों पद्वतियों में आयुर्वेद पद्वति का कठिनाई लेवल ज्यादा होता है। लेकिन तीनों की एक ही मैरिट लिस्ट बनने के कारण उन्हें मैरिट में नुकसान हो रहा है। इसलिए तीनों पद्वतियों की अलग-अलग मैरिट लिस्ट बनाकर नियुक्तियां दी जाएं।
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