बूंदी में पंचायत चुनाव के लिए तीसरे और चौथे चरण के लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
बूंदी में पंचायत राज आम चुनाव-2026 के तीसरे और चौथे चरण के लिए रिटर्निंग और सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। यह एक दिवसीय प्रशिक्षण सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ। इसमें नामांकन प्रक्रिया से जुड़े कामों की जानकारी दी गई।
.
मास्टर ट्रेनर चंद्र प्रकाश राठौर ने बताया कि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन पत्र लेने और उनकी जांच का पूरा काम रिटर्निंग अधिकारियों की देखरेख में होगा।
प्रशिक्षण में पंच, सरपंच, उपसरपंच, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव नियमों पर विस्तार से बताया गया। नामांकन पत्र के दस्तावेज, उनकी जांच, नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन की जानकारी दी गई।
दोहरी चुनाव प्रक्रिया के कारण सभी कर्मचारियों को बहुत सतर्क रहना होगा। पूरी प्रक्रिया बिना किसी गलती के पूरी करने के लिए सावधानी से काम करने को कहा गया।
कुशीनगर जिले में सोमवार को 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 का समापन हुआ। जिला मुख्यालय स्थित डीपीआरसी भवन में अपरान्ह 3 बजे हुए इस कार्यक्रम में बच्चों के पोषण, मां के स्वास्थ्य और कुपोषण से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। बतौर मुख्य अतिथि सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि सुपोषित बचपन ही विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने पौष्टिक खाने, अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं और पोषण जागरूकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सांसद विजय कुमार दूबे और विधायक मनीष जायसवाल ने दीप जलाकर की। सांसद ने महिलाओं, बच्चों और गरीब लोगों तक पोषण सुविधाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया। सदर विधायक मनीष जायसवाल ने अपने संबोधन में स्वस्थ मां, सुपोषित बचपन और मजबूत भविष्य के लिए जनभागीदारी को अहम बताया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पोषण जागरूकता को घर-घर तक पहुंचाने को कहा।
कार्यक्रम में संतुलित आहार, मां-शिशु स्वास्थ्य, साफ-सफाई और कुपोषण से बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। बच्चों के विकास के लिए सही पोषण और जागरूकता जरूरी है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मनंजय तिवारी ने किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी अरुण दुबे ने सभी का स्वागत किया। इस दौरान सीडीपीओ सीमा सिंह सहित ग्राम सचिव समेत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
शिवपुरी जिले के खनियांधाना थाना क्षेत्र के सिलपुरा गांव में 35 साल के पदम सिंह कुशवाह की सांप के डसने से मौत हो गई। वह अपने घर में सो रहे थे। तभी एक जहरीले सांप ने उनकी पीठ पर काट लिया। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए। लेकिन उनकी जान नहीं बची। पदम सिंह छह बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी मौत से परिवार पर दुख का माहौल है। पदम सिंह खेती-किसानी कर अपने परिवार का गुजारा करते थे। सोमवार सुबह करीब 5 बजे यह घटना हुई। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम उन्हें पहले खनियांधाना स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पदम सिंह की पत्नी करीब पांच साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से वह अपने बेटे और बेटी की परवरिश अकेले ही कर रहे थे। अब पिता की मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है और मामले में जांच कर रही है।
दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में सोमवार को 5वां दीक्षांत समारोह हुआ। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने उद्घाटन किया। समारोह में 61 मेधावी विद्यार्थियों को 95 स्वर्ण पदक दिए गए। 2023 और 2024 में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की पढ़ाई पूरी करने वाले कुल 1662 विद्यार्थियों को उपाधियां मिलीं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार भी अतिथि थे। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने संबोधन में गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षकों के सम्मान पर जोर दिया। गुरु-शिक्षक का संबंध भारतीय परंपरा की पहचान है। विद्यार्थियों से शिक्षकों का योगदान न भूलने की अपील की। राज्यपाल ने बिहार में 211 नए कॉलेजों के लिए 2400 सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति का भी जिक्र किया। 80 सहायक प्राध्यापक सीयूएसबी से हैं। उन्होंने वेतन भुगतान में देरी से चिंतित शिक्षकों को जल्द वेतन मिलने का भरोसा दिया। अकेले नहीं, अपनों के साथ बांटें खुशियां
बिहार के राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ खुशियां बांटने की सीख दी। उन्होंने कहा कि खुशी अकेले मनाने से नहीं, बल्कि माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों के साथ साझा करने से बढ़ती है। जीवन में आगे बढ़ते समय उन लोगों को भी साथ लेकर चलना चाहिए, जिन्हें समान अवसर और संसाधन नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं रखने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने की अपील की। उन्होंने संदेश दिया कि दूसरों का हाथ थामकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर देना ही सच्ची सामाजिक जिम्मेदारी है।
टीबी मुक्त बिहार बनाने में विश्वविद्यालय निभाएं भूमिका स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बिहार को टीबी मुक्त बनाने के अभियान में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कुलपति से विश्वविद्यालय को इस अभियान में आगे लाने का आग्रह किया। साथ ही कैंसर जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण चुनौतियां बताया। बिहार के राज्यपाल ने कहा कि बच्चों और युवाओं पर बढ़ते मानसिक दबाव को समझना समाज की जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए, ताकि वे अपने परिवार और समाज के लोगों की बेहतर तरीके से सहायता कर सकें। शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान राज्यपाल ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने संदेश दिया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना और नौकरी पाना नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना भी है। सीयूएसबी का पंचम दीक्षा समारोह मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान के साथ उन्हें जीवन में उत्कृष्टता, संवेदनशीलता और सामाजिक सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला आयोजन बना।
Lauki Chilka Bhujia Recipe: लौकी के छिलकों को फेंकने की बजाय उनसे स्वादिष्ट भुजिया बनाई जा सकती है. बारीक कटे छिलकों और आलू को मसालों के साथ पकाकर यह रेसिपी तैयार होती है. तेज आंच पर आखिर में भूनने से इसका स्वाद और टेक्सचर बेहतर हो जाता है.
ख़बरें फटाफट
लौकी के छिलके की भुजिया, आसान और चटपटी रेसिपी (इमेज AI)
Lauki Chilka Bhujia Recipe: लौकी काटते समय उसके छिलके अक्सर सीधे कूड़ेदान में चले जाते हैं, अगर आपके घर में भी ऐसा होता है तो अगली बार इन्हें फेंकने से पहले एक बार यह आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें. ताजे और नरम लौकी के छिलकों से स्वादिष्ट भुजिया बनाई जा सकती है. इसमें बारीक कटे आलू, हरी मिर्च, अदरक और मसालों का तड़का लगाया जाता है, जिससे इसका स्वाद काफी चटपटा हो जाता है.
खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती और पानी भी नहीं डालना होता. अच्छी तरह बारीक कटे छिलके और आलू धीमी आंच पर पककर नरम होते हैं और आखिर में तेज आंच पर भूनने से भुजिया में हल्का कुरकुरापन आ जाता है.
लौकी के छिलके की भुजिया के लिए सामग्री 1. 2 कप लौकी के छिलके, अच्छी तरह धोकर बारीक कटे हुए 2. 1 मध्यम आलू, छोटे टुकड़ों में कटा हुआ 3. 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल 4. 1/2 छोटा चम्मच राई 5. 1/2 छोटा चम्मच जीरा 6. 1/4 छोटा चम्मच हींग 7. 2 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई 8. 1/2 इंच अदरक, कद्दूकस किया हुआ 9. 1/2 छोटा चम्मच हल्दी 10. 1/2 छोटा चम्मच धनिया पाउडर 11. 1/2 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर या चाट मसाला 12. स्वादानुसार नमक 13. बारीक कटा हरा धनिया
कैसे बनाएं लौकी के छिलके की भुजिया सबसे पहले लौकी के ताजे और नरम छिलकों को पानी से अच्छी तरह धो लें. इन्हें जितना बारीक काटेंगे, भुजिया उतनी ही आसानी से पकेगी. आलू को भी छोटे टुकड़ों में काटकर तैयार रखें. अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर इसमें राई और जीरा डालें. इनके चटकने के बाद हींग, हरी मिर्च और अदरक डालकर कुछ सेकंड भूनें.
इसके बाद बारीक कटे आलू और लौकी के छिलके कड़ाही में डाल दें. हल्दी और नमक डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें. कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर करीब 8 से 10 मिनट पकाएं. बीच-बीच में भुजिया को चलाते रहें. इसमें अलग से पानी डालने की जरूरत नहीं है.
जब आलू और छिलके नरम हो जाएं तो ढक्कन हटा दें. अब धनिया पाउडर और अमचूर पाउडर या चाट मसाला डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद 2 मिनट तक तेज आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. इससे अतिरिक्त नमी निकल जाएगी और भुजिया का स्वाद ज्यादा अच्छा लगेगा. आखिर में हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
स्वाद बढ़ाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान भुजिया के लिए बहुत मोटे या सख्त छिलकों की बजाय ताजी लौकी के नरम छिलके लेना बेहतर रहेगा. छिलकों को काटने से पहले अच्छी तरह धोना जरूरी है, अगर आपको ज्यादा चटपटा स्वाद पसंद है तो अमचूर की जगह थोड़ा चाट मसाला डाल सकते हैं. तैयार भुजिया को गरमा-गरम रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ परोसा जा सकता है.
मीडिया इंडस्ट्री में 8+ साल का अनुभव, ABP, NDTV, दैनिक जागरण और इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़कर काम किया। लाइफस्टाइल, धर्म और संस्कृति की कहानियों को रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत करने का खास हुनर।…
Samsung ने अपने फोल्डेबल फोन की कीमत में भारी कटौती कर दी है।
सैमसंग के पिछले साल लॉन्च हुए फोल्डेबल फोन की कीमत में 75000 रुपये की कटौती की गई है।
Amazon पर चल रहे सेल में सैमसंग के इस फोन को सस्ते में घर ला सकते हैं।
Samsung के मुड़ने वाले फोन Galaxy Z Fold 7 को काफी सस्ते में खरीदा जा सकता है। सैमसंग का यह फोन 75,000 रुपये कम प्राइस में खरीदा जा सकता है। सैमसंग के इस फोन को कंपनी ने पिछले साल लॉन्च किया था। फोन में 200MP कैमरा और Google Gemini जैसे फीचर्स दिए गए हैं। Amazon पर चल रही सेल में सैमसंग का यह फोन काफी सस्ते में खरीदा जा सकता है।
Samsung Galaxy Z Fold 7 पर ऑफर
Samsung Galaxy Z Fold 7 को दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 512GB में खरीदा जा सकता है। इसे अमेजन पर 1,29,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। इसकी MRP 2,04,999 रुपये है। वहीं फोन की खरीद पर 1,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है। इसे तीन ृकलर ऑप्शन- ब्लू शैडो, जेट ब्लैक और कोरल रेड में खरीदा जा सकता है।
Samsung Galaxy Z Fold 7 के फीचर्स
Samsung Galaxy Z Fold 7 में 6.5 इंच का 2X डायनैमिक AMOLED कवर डिस्प्ले दिया गया है। वहीं, यह 8 इंच के बड़े 2X डायनैमिक AMOLED मेन डिस्प्ले के साथ आता है। इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 2,600 निट्स तक की है। फोल्ड होने के बाद इसकी मोटाई 8.9mm है। वहीं, अनफोल्ड होने के बाद इस फोन की मोटाई 4.2mm है। फोन का वजन भी 215 ग्राम है।
Samsung Galaxy Z Fold 7
फीचर्स
मेन डिस्प्ले
8 इंच AMOLED, 120Hz
कवर डिस्प्ले
6.5 इंच AMOLED
प्रोसेसर
Qualcomm Snapdragon 8 Elite
स्टोरेज
16GB + 1TB
बैटरी
4400mAh, 25W
कैमरा
200MP + 12MP + 10MP, 10MP + 10MP
OS
Android 16
सैमसंग का यह फोल्डेबल फोन लेटेस्ट Qualcomm Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर के साथ आता है। इसमें 16GB रैम और 1TB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इसमें 4,400mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ 25W वायर्ड और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है। फोन के फ्रंट और बैक पैनल में कॉर्निंग गोरिल्ला सिरैमिक 2 का प्रोटेक्शन मिलेगा।
इसके बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 200MP का मेन वाइड एंगल, 12MP का अल्ट्रा वाइड एंगल और 10MP का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें दो सेल्फी कैमरे मिलेंगे। इसमें 10MP का फ्रंट कैमरा और 10MP का कवर फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो कवर बंद होने के बाद सेल्फी कैमरे का काम करेगा। यह फोन Android 16 पर बेस्ड OneUI पर काम करता है।
भारत में SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इस मामले को दुनियाभर के मीडिया संस्थानों को प्रमुखता से कवर किया गया है। NYT के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई से मोदी की लोकतांत्रिक नेता वाली छवि को झटका लगा है।
अल जजीरा के मुताबिक, युवा आंदोलन पीछे हटने को तैयार नहीं है। वॉशिंगटन पोस्ट, CNN और साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी टॉप स्टोरीज में इन प्रदर्शन को जगह दी है। NYT- सत्ता बनाए रखने के तरीके कमजोर पड़े
भारत में पहले कमजोर पड़ चुका विपक्ष अब फिर सक्रिय हो रहा है। विपक्षी दल युवाओं के आंदोलन से बनी राजनीतिक जगह का फायदा उठाकर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को दिल्ली में पुलिस की सख्त कार्रवाई के दृश्य दुनियाभर में प्रसारित हुए। इससे PM मोदी की लोकतांत्रिक नेता वाली छवि को झटका लगा।
अखबार के मुताबिक, मोदी समर्थक पहले विरोधियों को कमजोर बताकर या कुछ को आतंकवादी और देशविरोधी कहकर उनके आंदोलन को खारिज करते रहे हैं। लेकिन मौजूदा युवा आंदोलन में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हो रहे हैं। इससे सरकार के लिए प्रदर्शनकारियों को उसी तरीके से निशाना बनाना मुश्किल हो रहा है।
वॉशिंगटन पोस्ट- मोदी और CEC के खिलाफ गुस्सा
भारत में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच PM मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है।
वोटर लिस्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही कई नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है, जब इससे पहले पेपर लीक के मुद्दे पर हुए युवा प्रदर्शनों के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था।
अल जजीरा- PM के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती
ये PM मोदी और उनकी सरकार के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। पिछले हफ्ते इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद विरोध और तेज हो गया। इसमें बताया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए थे।
इन बदलावों के चलते वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। भाजपा का कहना है कि चुनावों में उसकी सफलता मोदी की लोकप्रियता और भारत की आर्थिक तरक्की को दिखाती है। पार्टी ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।
BBC- नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन को झटका
कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन अब बेरोजगारी और पेपर लीक से आगे बढ़कर चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन की रफ्तार पर असर पड़ा है।
एक प्रदर्शनकारी ने भी माना कि शीर्ष नेताओं की गैरमौजूदगी में आंदोलन को आगे बढ़ाने में मुश्किल हो रही है। हालांकि, पार्टी ने पीछे हटने से इनकार किया है। अब उसके सामने चुनौती है कि शिक्षा सुधारों के मुद्दे पर मिली सफलता को क्या वह चुनाव व्यवस्था में बदलाव की मांग के लिए भी दोहरा पाएगी।
CNN- सरकार ही नहीं CJP के लिए भी बड़ी परीक्षा
कई हफ्तों तक धरने और मार्च चलने के बाद जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। यह मोदी सरकार के लिए एक राजनीतिक झटका था।
विपक्षी दल भी सरकार को इस तरह झुका नहीं पाए थे।अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन CJP के लिए एक परीक्षा है।
CJP यह देखना चाहती है कि क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनाई गई उसकी सफल रणनीति को देश की चुनाव व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे पर भी दोहराया जा सकता है।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट- भारत में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल
वोटर लिस्ट में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबर के बाद विरोध तेज हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव से भाजपा को फायदा पहुंच सकता है।
शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए हजारों पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए, कई मेट्रो स्टेशन और बाजार बंद रहे और 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट ने इस विरोध को प्रधानमंत्री मोदी के लिए अब तक की गंभीर राजनीतिक चुनौतियों में से एक बताया है।
—————————-
यह खबर भी पढ़ें…
CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम: कहा- प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
CJP Vs Delhi Police; Jantar Mantar Protest | Abhijeet Dipke Saurav Das Ashutosh Ranka
3 घंटे पहले
कॉपी लिंक
कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को प्रदर्शन की अनुमति मांगने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
इसी बीच, CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने हिरासत का वीडियो एडिट करके जारी किया है। उन्होंने कहा- हिम्मत है तो पूरा वीडियो दिखाओ। दीपके के मुताबिक, दादी की मौत की खबर सुनने के बाद उन्होंने अपने चचेरे भाई से बात करने देने की अपील की। दो मिनट के लिए फोन देने के लिए भी कहा लेकिन पुलिस ने इजाजत नहीं दी।
दीपके, रांका और दास को शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था। वे जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने जा रहे थे। रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेशी के बाद तीनों को रिहा कर दिया गया। कोर्ट ने एक साल तक शांति भंग नहीं करने की शर्त भी रखी।
पुलिस ने रविवार को अभिजीत दीपके की हिरासत का डेढ़ मिनट का वीडियो जारी किया था।
आशुतोष रांका बोले- पुलिस को लेटर देकर प्रदर्शन की इजाजत मांगी
CJP लीडर आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पुलिस को लेटर देकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी है। उन्होंने पुलिस को प्रदर्शन की तारीख तय करने का ऑप्शन भी दिया है।
रांका ने कहा- DCP गलती से कमरे में आ गए थे, लेकिन हमें वहां बैठे देखकर बाहर चले गए। इस वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि एडिशनल DCP और SHO भी मौजूद नहीं थे। रांका के मुताबिक, ऐसा लग रहा था कि CJP के पहुंचने के बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन को खाली करा दिया गया है।
CJP लीडर आशुतोष रांका और सौरव दास पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पहुंचे तो मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया।
दीपके बोले- पुलिस ने परिवार को नहीं बताया कि मैं कहां हूं
दीपके ने कहा कि पुलिस हिरासत में वकील से संपर्क करना कानूनी अधिकार है, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा- पुलिस ने पूरे दिन मेरे माता-पिता और वकीलों को नहीं बताया कि मुझे कहां पर हिरासत में रखा है।
दीपके के मुताबिक, रात 3:30 बजे पुलिस ने उनसे माता-पिता को फोन करने को कहा। उस समय परिवार उनकी दादी की मौत के दुख से गुजर रहा था। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस ने उनके परिवार को खुद हिरासत की जगह क्यों नहीं बताई। दीपके ने कहा- पुलिस ने मुझे और मेरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
हिरासत में दादी की मौत की खबर सुनकर दीपके ने सिर पकड़ा
दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम दीपके की हिरासत का 1 मिनट 45 सेकंड का वीडियो जारी किया था। वीडियो में एक महिला पुलिसकर्मी दीपके को उनकी दादी के निधन की जानकारी देती है। यह सुनकर दीपके सिर पर हाथ रख लेते हैं।
पुलिस उन्हें पानी देती है और दादी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बस, ट्रेन या फ्लाइट की व्यवस्था करने का ऑफर देती है, लेकिन दीपके मना कर देते हैं।
रांका ने भी कहा था कि दीपके बार-बार गांव में दादी के साथ रहने वाले अपने कजिन से बात कराने की अपील करते रहे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। दीपके की मां अनीता ने कहा कि अगर उनके बेटे को पहले रिहा कर दिया जाता, तो वह दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता था। अब वह आखिरी बार उनका चेहरा भी नहीं देख सका।
शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन से दीपके को हिरासत में लिया गया थआ।
CEC के इस्तीफे की मांग कर रही CJP
CJP और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। इसी मुद्दे पर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन होना था।
हालांकि, शनिवार और रविवार को पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोका। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। इन दो दिनों में CJP, विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
—————————–
यह खबर भी पढ़ें…
राहुल बोले- विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात:इसमें कोई भी आ सकता है, ज्ञानेश के हटने तक प्रदर्शन होगा
राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। उन्होंने कहा कि यह सरकार से लड़ाई नहीं, बल्कि संविधान बचाने की मुहिम है। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वे पीछे नहीं हटेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
कानपुर देहात में बीजेपी के संगठनात्मक फेरबदल के बीच सुमित कठेरिया को जिला स्तर पर नई जिम्मेदारी मिली है। पार्टी ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित मोर्चा, कानपुर देहात का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। रविवार देर शाम बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्षों की सूची जारी की कानपुर देहात को सिकंदरा विधानसभा के ग्राम उरसान के रहने वाले सुमित कठेरिया लंबे समय से बीजेपी से जुड़े हैं और युवा मोर्चा के जरिए संगठन में सक्रिय रहे हैं। सुमित कठेरिया की इस नियुक्ति को उनकी पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि से जोड़कर भी देखा जा रहा है। उनकी बड़ी बहन गुड़िया कठेरिया औरैया जिले की सदर विधानसभा सीट से बीजेपी की विधायक हैं। गुड़िया कठेरिया का मायका कानपुर देहात के सिकंदरा के उरसान गांव में है। ऐसे में भाई को गृह जनपद में पार्टी के अनुसूचित मोर्चा की कमान मिलने के बाद जिले की सियासत में इस नियुक्ति की चर्चा शुरू हो गई है। अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया सुमित कठेरिया लंबे समय से बीजेपी युवा मोर्चा में सक्रिय रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनकी इच्छा युवा मोर्चा में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने की थी, लेकिन पार्टी ने संगठन और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उन्हें अनुसूचित मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति में बहन गुड़िया कठेरिया की राजनीतिक भूमिका को अहम बताया जा रहा है बीजेपी में संगठनात्मक पद केवल जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि राजनीतिक जमीन मजबूत करने का माध्यम भी माने जाते हैं। जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी ऐसे में सुमित कठेरिया के सामने अब अनुसूचित वर्ग के बीच पार्टी के संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को जोड़ने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी होगी। अब देखना होगा कि सुमित कठेरिया अपनी नई जिम्मेदारी के जरिए संगठन में कितनी मजबूत पकड़ बनाते हैं और उनकी यह नियुक्ति कानपुर देहात की राजनीति में क्या असर छोड़ती है।
आधे घंटे बाद सांप पुल से उतरकर पास रखे पत्थरों के बीच चला गया।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गाड़ गंगा नदी के बड़े पुल पर रविवार रात करीब 8 बजे 5 फीट लंबा कोबरा सांप फन फैलाकर बैठ गया। सांप करीब आधे घंटे तक पुल पर ही रहा। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोग उसे देखते रहे और वीडियो भी बनाए।
.
कुछ लोगों ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को सांप से दूर हटाया, लेकिन उसे पकड़ने वाला कोई नहीं मिला। करीब आधे घंटे बाद सांप पुल से उतरकर पास रखे पत्थरों के बीच चला गया।
टीआई कमल सिंह गेहलोत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सांप पकड़ने वाले को बुलाने की कोशिश की, पर कोई नहीं मिला। इसके बाद पुलिस भी लौट गई और सांप पत्थरों के बीच ही बैठा रहा।
नवरात्र शुरू होने से शहर के लोग माता की झांकियां देखने के लिए इसी पुल से सोमवारिया की ओर जाते हैं। पुल पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में अंधेरा रहता है। ऐसे में पत्थरों के बीच छिपे सांप से लोगों को खतरा हो सकता है।