महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। इसमें वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़े ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की गई है।
चोकलिंगम चाहते हैं कि स्थानीय अधिकारियों को अपने कानूनी अधिकारों के मुताबिक फैसला लेने की सुविधा मिले। उन्होंने ECINet में 4 बदलाव सुझाए हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दो चुनाव आयुक्त ECINet के केंद्रीय नियंत्रण पर आपत्ति जता चुके हैं। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे।
चोकलिंगम ने ECINet में ये 4 बदलाव मांगे
सुनवाई का फैसला ERO करें: कौन से मामले में मतदाता को बुलाना है, यह ERO तय कर सकें।
दस्तावेज तय करने की छूट: ERO जरूरत के हिसाब से दस्तावेज स्वीकार कर सकें।
मामले खुद निपटा सकें: ERO को कुछ मामलों में अपने स्तर पर फैसला लेने की सुविधा मिले।
सॉफ्टवेयर में अधिकार मिलें: ECINet में ERO के कानूनी अधिकारों के मुताबिक विकल्प दिए जाएं।
SIR में ‘लॉजिकल गड़बड़ी’ वाले रिकॉर्ड की जांच
SIR के दौरान कुछ मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ मिली है। इसका मतलब पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में अंतर होना है। ऐसे मामलों में नोटिस भेजे जा रहे हैं। ERO को दस्तावेज और रिकॉर्ड देखकर फैसला करना होता है।
महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया जारी
महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाता सूची की जांच चल रही है। 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी।
इसमें 21.1% मतदाताओं की संख्या कम हुई थी। अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को जारी होनी है।
दो चुनाव आयुक्त ECINet पर आपत्ति जता चुके
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINet के केंद्रीय नियंत्रण पर सवाल उठाए थे।
उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े अधिकार ERO, जिला निर्वाचन अधिकारी और CEO के पास हैं। लेकिन सॉफ्टवेयर का एक्सेस कंट्रोल केंद्रीय स्तर पर होने से इन अधिकारियों की भूमिका प्रभावित हो सकती है।
चुनाव आयोग ने सॉफ्टवेयर की समीक्षा का फैसला लिया
इधर, चुनाव आयोग ने ECINet की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का फैसला लिया है। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त करेंगे। समिति में IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा।
हापुड़ के थाना हापुड़ कोतवाली क्षेत्र में मोदीनगर रोड पर स्थित बदनौली गांव के बाहर मंगलवार सुबह एक अज्ञात युवक का रक्तरंजित शव मिला। शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और काफी खून बहकर जमीन पर जमा था। इससे युवक की हत्या की आशंका जताई जा रही है। मंगलवार सुबह गांव के ग्रामीण और राहगीरों ने सड़क किनारे शव देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस रंजिश और हत्या समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि जल्द ही मृतक की पहचान कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
आज शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत देखने को मिली. सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले. सुबह 7 बजे ग्लोबल संकेत भी मिले-जुले मिले. गिफ्ट निफ्टी भी 0.07 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 22,834 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. एशियाई बाजारों में हांग सेंग 0.02 फीसदी ऊपर है, जबकि शंघाई इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करते हुए दिखा.
September 29, 202609:45 IST
सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट
सेंसेक्स 566.11 अंक यानी 0.78% गिरकर 72,205.61 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी 161.50 अंक यानी 0.71% टूटकर 22,618.75 पर आ गया.
September 29, 202609:45 IST
बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें
FII की बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बेचे. 28 सितंबर को FIIs ने ₹5,300 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की.
कच्चा तेल महंगा हुआ: ब्रेंट क्रूड 1.5% बढ़कर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया. महंगे तेल से भारत का आयात बिल और महंगाई बढ़ने का दबाव रहता है.
ग्लोबल मार्केट में कमजोरी: एशियाई बाजारों में भी गिरावट रही. जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजार दबाव में रहे.
अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता: तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ी है. इससे बाजार में आगे ब्याज दरें ऊंची रहने की चिंता बढ़ी है.
वेस्ट एशिया तनाव का असर: अमेरिका-ईरान तनाव से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है. इससे क्रूड की कीमतों में तेजी आई और भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा.
September 29, 202609:42 IST
Currency Check: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, ₹96.05 पर खुला
डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज बढ़ोतरी के बीच मंगलवार को रुपया कमजोरी के साथ ₹96.05 प्रति डॉलर पर खुला. अब बाजार की नजर इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर फैसले के संकेतों पर है.
September 29, 202609:19 IST
कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच बाजार की गिरावट के साथ शुरुआत
कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच 29 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. निफ्टी 22,800 के नीचे खुला. सेंसेक्स 236.06 अंक यानी 0.32% गिरकर 72,535.66 पर और निफ्टी 68.15 अंक यानी 0.30% नीचे 22,712.10 पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में करीब 920 शेयरों में तेजी, 864 शेयरों में गिरावट और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.
September 29, 202608:52 IST
आज SME प्लेटफॉर्म पर दो शेयरों की होगी एंट्री
आनंद सीमलेस और हिमालया न्यूट्रावेडिक्स इंडिया के शेयर आज SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे.दोनों कंपनियों के शेयरों की बाजार में आज से ट्रेडिंग शुरू होगी.
September 29, 202608:26 IST
ITC ने 645 करोड़ रुपये में Sproutlife Foods का अधिग्रहण पूरा किया
ITC ने Sproutlife Foods में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. कंपनी ने 13,445 अतिरिक्त इक्विटी शेयर खरीदकर Sproutlife Foods का पूरा अधिग्रहण किया है. इस सौदे की कुल कीमत 645 करोड़ रुपये है.
September 29, 202608:16 IST
Octaspace Realcon ने Paisalo Digital में हिस्सेदारी बढ़ाई
Octaspace Realcon ने NBFC कंपनी Paisalo Digital के 65.32 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं. यह कंपनी में 0.71 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है. इस खरीदारी के लिए कंपनी ने कुल 53.76 करोड़ रुपये खर्च किए और शेयर 82.30 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे गए. जून 2026 तक Octaspace Realcon के पास Paisalo Digital की 2.33 फीसदी हिस्सेदारी थी.
September 29, 202607:37 IST
डॉलर दो महीने के उच्च स्तर के करीब
डॉलर मंगलवार को करीब दो महीने के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है. तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज बढ़ोतरी से डॉलर को मजबूती मिली है. हालांकि, इसमें ज्यादा तेजी नहीं आई क्योंकि निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं. इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति के संकेत मिल सकते हैं.
September 29, 202607:32 IST
सोमवार को शेयर बाजार का हाल कैसा रहा?
भारतीय शेयर बाजार की हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही. सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर आ गया. कारोबार के दौरान निफ्टी 22,800 के नीचे फिसल गया और करीब 6 महीने के निचले स्तर के पास पहुंच गया. बाजार में बिकवाली की वजह कमजोर ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ऊंची बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध के बाद बढ़ी जियोपॉलिटिकल चिंता रही.
औरंगाबाद शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी कनेक्शन का नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है। उपलब्ध ताजा आंकड़ों के अनुसार 18 मार्च 2026 तक जिले में कुल 1,427 घरेलू पीएनजी कनेक्शन चालू थे। 27 सितंबर 2026 तक यह संख्या बढ़कर 2,091 हो गई। यानी करीब छह महीने की अवधि में 664 नए घरेलू कनेक्शन चालू किए गए। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में पीएनजी कनेक्शन की संख्या में करीब 46.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मार्च में जहां 1,427 घर पाइपलाइन गैस से जुड़े थे, वहीं सितंबर के अंत तक यह संख्या दो हजार के पार पहुंच गई। इससे शहर में पाइपलाइन आधारित गैस आपूर्ति के प्रति उपभोक्ताओं की बढ़ती पहुंच का पता चलता है। पीएनजी नेटवर्क का विस्तार फिलहाल शहर के कई आवासीय इलाकों में किया जा रहा है। राम राज्य नगर, श्रीकृष्ण नगर,पीएचईडी कॉलोनी, सत्येंद्र नगर, नगा बिगहा, पिपरडीह, गांधी नगर, मिनी बिगहा, न्यू एरिया, पटेल कॉलोनी, ब्लॉक मोड़ और जय मां कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है अथवा नेटवर्क विस्तार का काम चल रहा है। इन इलाकों में पाइपलाइन बिछाने के बाद घरों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। खासकर पटेल कॉलोनी में अधिक से अधिक घरों को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने पर जोर है। इससे आने वाले समय में घरेलू कनेक्शन की संख्या और बढ़ने की संभावना है। होटल-रेस्टोरेंट तक पहुंची पीएनजी , 10 व्यावसायिक कनेक्शन चालू पीएनजी का विस्तार सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। शहर में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी पाइपलाइन गैस का इस्तेमाल कर रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फिलहाल 10 व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन चालू हैं। पीएनजी को अपनाने की एक बड़ी वजह इसकी पाइपलाइन आधारित आपूर्ति है। उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की तरह बार-बार बुकिंग, डिलीवरी और सिलेंडर बदलने की आवश्यकता नहीं होती। घर तक पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचने से आपूर्ति की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सुविधाजनक हो जाती है। उपलब्ध तुलना के अनुसार पीएनजी, एलपीजी की तुलना में 20 प्रतिशत से अधिक सस्ता पड़ सकता है। हालांकि वास्तविक खर्च उपभोग की मात्रा, स्थानीय दरों और संबंधित शुल्क पर निर्भर करेगा। प्राकृतिक गैस हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव की स्थिति में यह ऊपर की ओर फैलती है। फिर भी किसी भी गैस ईंधन के इस्तेमाल में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। शहर में बढ़ रहा नेटवर्क, ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधा औरंगाबाद में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार का असर शहर की ऊर्जा व्यवस्था में भी दिखाई दे रहा है। मार्च से सितंबर के बीच 664 नए घरेलू कनेक्शन जुड़ना इसका प्रमुख आंकड़ा है। यानी औसतन हर महीने करीब 111 नए कनेक्शन चालू किए गए। छह महीने में हुई 46 प्रतिशत से अधिक वृद्धि यह बताती है कि पाइपलाइन गैस का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पीएनजी के विस्तार के साथ शहर के नए इलाकों को नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। आवासीय क्षेत्रों के बाद होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे भविष्य में घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में कनेक्शन की संख्या बढ़ सकती है। पीएनजी को अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन भी माना जाता है। इसके इस्तेमाल से पारंपरिक ईंधनों की तुलना में प्रदूषक उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है। पाइपलाइन आपूर्ति होने के कारण सिलेंडर भंडारण की जरूरत भी कम होती है। हालांकि पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन करना आवश्यक है। पीएनजी कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध है। इच्छुक उपभोक्ता mypng.gov.in पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। पीएनजी से संबंधित आपात स्थिति अथवा सहायता के लिए 9835954995 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।मौजूदा आंकड़ों के आधार पर मार्च से सितंबर 2026 के बीच औरंगाबाद में पीएनजी नेटवर्क का सबसे बड़ा बदलाव घरेलू कनेक्शनों की संख्या का 1,427 से बढ़कर 2,091 होना है। अब शहर के जिन इलाकों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है, वहां नए कनेक्शन शुरू होने के साथ यह संख्या आगे और बढ़ सकती है।
पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध और विविध संस्कृति अब जयपुर में एक साथ देखने को मिलेगी। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से ‘ऑक्टेव 2026’ का आयोजन 1 से 4 अक्टूबर तक किया जाएगा। चार दिवसीय आयोजन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं, संगीत, पारंपरिक परिधानों, शिल्प और खानपान की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन का उद्घाटन 1 अक्टूबर को शाम 7 बजे होगा। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समारोह की अध्यक्षता करेंगे। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक निहाल चंद गोयल भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे।
मीडिया को संबोधित करते पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के निदेशक डॉ. अश्विन दलवी और आरआईसी के निदेशक निहालचंद गोयल।
राजस्थान में तीसरी बार होगा ऑक्टेव
‘ऑक्टेव’ केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की कला और सांस्कृतिक विरासत को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना है। राजस्थान में इसका आयोजन तीसरी बार हो रहा है। इससे पहले 2012 में जोधपुर और 2016 में अजमेर में ऑक्टेव का आयोजन किया जा चुका है। करीब 10 साल बाद यह आयोजन फिर राजस्थान में लौट रहा है और इस बार जयपुर को इसकी मेजबानी मिली है।
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि इस बार आयोजन में आठों राज्यों की संस्कृति को अलग-अलग माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में 250 से अधिक लोक कलाकार हिस्सा लेंगे, जिन्हें कोरियोग्राफर तरुण प्रधान तैयार करेंगे। आयोजन का आकर्षक एंबियंस कोलकाता के अनूप गिरी ने डिजाइन किया है।
बिहू से चेराव और नागा युद्ध नृत्य
चार दिनों तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर का मंच पूर्वोत्तर के लोक जीवन, प्रकृति, कृषि, पर्व, वीरता और लोक आस्थाओं से जुड़ी नृत्य परंपराओं से सजेगा। असम के बारदोई सिकला और बिहू, नागालैंड के नागा युद्ध नृत्य, मेघालय के वांगला, मिजोरम के प्रसिद्ध चेराव यानी बांस नृत्य और सरलामकाई समारोह प्रमुख आकर्षण होंगे।
मणिपुर की संस्कृति भी कई पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने आएगी। इनमें ढोल वादन और नृत्य का संगम पुंग चोलोम, पारंपरिक युद्धकला थांग-ता, मीतेई समुदाय की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा लाई हराओबा और चेरोल जागोई की प्रस्तुतियां शामिल हैं।
मणिपुरी रास और सत्रिया की शास्त्रीय प्रस्तुतियां
आयोजन में पूर्वोत्तर की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं को भी विशेष स्थान दिया गया है। 2 और 3 अक्टूबर को मणिपुरी रास की प्रस्तुति होगी। राधा-कृष्ण के प्रेम और गोपियों की भक्ति पर आधारित इस नृत्य शैली में भाव, लय और शास्त्रीय गतियों का समन्वय देखने को मिलेगा।
वहीं 3 और 4 अक्टूबर को असम की शास्त्रीय नृत्य परंपरा सत्रिया की प्रस्तुति होगी। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा प्रवर्तित सत्रिया में भक्ति और नाटकीय अभिव्यक्ति का अनूठा मेल दिखाई देता है।
पूर्वोत्तर की विविध लोक परंपराओं को मंच पर लाने के क्रम में सिक्किम का सिंघी छम यानी स्नो लायन नृत्य और तमांग सेलो, त्रिपुरा का होजागिरी और ममिता तथा अरुणाचल प्रदेश का जुजु-झा-झा और ताई खामती नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा।
इन प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को पूर्वोत्तर के अलग-अलग समुदायों की जीवनशैली, परंपराओं और लोक मान्यताओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
पारंपरिक परिधानों में दिखेगी आठ राज्यों की पहचान
1 और 2 अक्टूबर को एथनिक कॉस्ट्यूम शो आयोजित किया जाएगा। इसमें आठों राज्यों के पारंपरिक परिधान और आभूषण प्रदर्शित किए जाएंगे। परिधानों के माध्यम से वहां के अलग-अलग समुदायों की पहचान, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
वहीं 3 अक्टूबर को नागालैंड का समूह गायन होगा, जिसमें वहां की सामूहिक गायन परंपरा के साथ लोक और समकालीन संगीत के स्वर सुनाई देंगे।
‘ऑक्टेव’ के मुख्य आयोजन से पहले 28 सितंबर से सात दिवसीय नॉर्थ-ईस्ट पेंटर्स कैंप भी शुरू होगा। इसका आयोजन केंद्रीय ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर में पूर्वोत्तर के 10 नामचीन कलाकार हिस्सा लेकर अपनी कलाकृतियां तैयार करेंगे।
शिविर में त्रिपुरा से अभिजीत भट्टाचार्जी और निशान कुरी, असम से कौशिक कुंडू और प्रियम तालुकदार, मेघालय से बनियार्जिंगुमुत जीएल मावफलंग और ए इमोजेन फ्रांसेस्का वाहलांग, अरुणाचल प्रदेश से मारबा कामकी और एजुम रीबा, मिजोरम से लालजाव्मकिया तथा मणिपुर से राहुलदेव सीरम शामिल होंगे।
आयोजन के दौरान 1 और 2 अक्टूबर को दो दिवसीय सेमिनार भी होगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से 12 शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ पूर्वोत्तर की कला, संस्कृति, सामाजिक जीवन, पारंपरिक कलाओं और बदलते सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश पर चर्चा करेंगे।
नागालैंड के रॉक बैंड के साथ होगा समापन
4 अक्टूबर को ऑक्टेव का समापन होगा। समापन समारोह में सत्रिया और विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों के साथ नागालैंड के ‘डिवाइन कनेक्शन’ रॉक बैंड की प्रस्तुति होगी। इस तरह पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाओं के साथ पूर्वोत्तर की आधुनिक संगीत अभिव्यक्ति भी समारोह का हिस्सा बनेगी।
Chana Egg Bhurji: घर से दूर रहने वालों के लिए चना/पीनट एग भुर्जी एक टेस्टी और हेल्दी स्नैक ऑप्शन है. इसे बनाने में कम समय लगता है और यह प्रोटीन का डबल डोज देती है, जिसमें अंडा, चना और मूंगफली का इस्तेमाल होता है. इससे पेट भी भरता है और सेहत भी बनती है.
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जमशेदपुर. अगर आप भी घर से दूर अकेले रहते हैं और शाम के समय अचानक कुछ खाने का मन करता है, लेकिन बाजार से कुछ मंगाने के बजाय घर पर ही कुछ स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो पीनट एग भुर्जी एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और इसमें अंडे के साथ चना और मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह स्वादिष्ट होने के साथ पेट भरने वाला भी बन जाता है. साथ ही प्रोटीन का भी डबल डोज मिल जाता है.
प्रोटीन का डबल डोज इसे बनाने के लिए सबसे पहले चना लेना होगा. चने को कुछ घंटे पहले पानी में भिगोकर रख दें. अगर आपके पास समय है तो इसे अंकुरित भी कर सकते हैं. अंकुरित चना इस्तेमाल करने से इसका स्वाद और टेक्सचर दोनों अच्छे लगते हैं. इसके बाद चने को अच्छी तरह से धोकर अलग रख लें. इसी तरह आप भीगी हुई मूंगफली भी ले सकते हैं. चाहें तो उबले चने भी इस्तेमाल कर सकते हैं, यह आपकी च्वॉइस पर निर्भर करता है.
प्याज-टमाटर भूनकर करें शुरुआत अब एक फ्राई पैन को गैस पर गर्म करें और उसमें थोड़ा सा तेल डालें. तेल गर्म होने के बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद इसमें हरी मिर्च और बारीक कटे हुए टमाटर डाल दें. सभी चीजों को अच्छी तरह से मिलाकर कुछ देर तक पकाएं, जिससे प्याज और टमाटर नरम हो जाएं और उनका स्वाद अच्छी तरह से मिल जाए.
भुर्जी बन जाए तो चना डालें अब इसी मिश्रण में दो अंडे फोड़कर डाल दें. अंडे को पैन में डालने के बाद लगातार चलाते रहें, ताकि वह अच्छी तरह से भुर्जी की तरह तैयार हो जाए. जब अंडा हल्का पक जाए तो इसमें पहले से तैयार किया हुआ चना डाल दें. अब अंडे, चने, प्याज और टमाटर को अच्छी तरह से मिक्स करें. कौन सा चना डालना है या मूंगफली डालनी है यह आप अपने स्वाद के हिसाब से देख लें.
ऊपर से धनिया से गार्निश कर दें इसके बाद स्वाद के अनुसार नमक डालें. आप चाहें तो इसमें हल्की सी काली मिर्च, लाल मिर्च या अपनी पसंद का मसाला भी डाल सकते हैं. सभी चीजों को कुछ मिनट तक अच्छी तरह से भूनें, ताकि मसाले चने और अंडे के साथ अच्छी तरह मिल जाएं. जब भुर्जी अच्छी तरह से तैयार हो जाए तो गैस बंद कर दें. ऊपर से बारीक कटी हुई धनिया पत्ती डालकर इसे गार्निश करें. आपकी स्वादिष्ट पीनट एग भुर्जी तैयार है. इसे आप रोटी, ब्रेड या फिर ऐसे ही गर्मागर्म खा सकते हैं.
हेल्दी ऑप्शन शाम के समय हल्की भूख लगने पर यह एक आसान घरेलू विकल्प हो सकता है. अंडे से प्रोटीन मिलता है, जबकि चना इसे ज्यादा फिलिंग बनाता है. अगर आप कुछ ऐसा बनाना चाहते हैं जो कम समय में तैयार हो जाए और स्वाद में भी अच्छा लगे, तो पीनट एग भुर्जी जरूर ट्राई कर सकते हैं. खास बात यह है कि ना के बराबर तेल-मसाले में यह तैयार हो जाता है और स्वाद में लाजवाब होता है.
Raina Shukla is an experienced journalist and content professional with nearly two decades of experience in print and digital media. She holds a Master’s degree in Mass Communication and Journalism from Bundelk…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से पहले 2500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने के बाद अब मोहन सरकार फिर 1500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। यह कर्ज केंद्रीय मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित भोपाल दौरे से पहले लिया जा रहा है। इसके लिए मंगलवार को मुंबई में
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डेढ़ हजार करोड़ रुपए का कर्ज दो हिस्सों में लिया जाएगा। इसमें 800 करोड़ रुपए 18 साल की अवधि के लिए और 700 करोड़ रुपए 30 साल की अवधि के लिए होंगे। दोनों कर्ज पर क्रमश: 7.61% और 7.75% वार्षिक ब्याज तय है। कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियों की नीलामी के जरिए लिया जाएगा।
सरकार के मुताबिक कर्ज से मिलने वाली राशि का उपयोग प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा।
मोदी के जन्मदिन से पहले लिया था 2500 करोड़ का कर्ज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से एक दिन पहले राज्य सरकार ने एक महीने तक चलने वाले सेवा कार्यक्रमों के बीच 2500 करोड़ रुपए के तीन अलग-अलग कर्ज लिए थे। ये कर्ज सरकारी सिक्योरिटी और री-इश्यू के माध्यम से आरबीआई की नीलामी से लिए गए थे। तब भी सरकार ने विकास योजनाओं और परियोजनाओं के वित्तपोषण को कर्ज लेने का कारण बताया था।
इससे पहले राज्य सरकार ने विकास और उत्पादक योजनाओं एवं परियोजनाओं के नाम पर 1 सितंबर को 3600 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था।
चालू वित्त वर्ष में 55,400 करोड़ तक पहुंचेगा कर्ज
आज लिए जाने वाले 1500 करोड़ रुपए के नए कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार की कुल उधारी 55,400 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। वहीं नए कर्ज के बाद राज्य सरकार पर कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख 44 हजार 114 करोड़ रुपए हो जाएगा।
म्यांमार की सेना ने सोमवार को पश्चिमी रखाइन राज्य में एक बाजार के पास एयरस्ट्राइक की। इसमें कम से कम 49 लोगों की मौत हो गई और 58 लोग घायल हुए हैं। यह इलाका ताकतवर विद्रोही संगठन अराकान आर्मी के कब्जे में है। हमले के वक्त बाजार में दुकानदारों और ग्राहकों की भीड़ थी। अराकान आर्मी ने हमले में लोगों के मारे जाने की जानकारी दी है अराकान आर्मी के मुताबिक, सेना के लड़ाकू विमान ने बाजार के पास दो बम गिराए। घायलों में 22 की हालत गंभीर है। हालांकि, म्यांमार की सेना ने हमले पर कोई बयान नहीं दिया है। अराकान आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी अराकान आर्मी ने मंगलवार तड़के जारी बयान में कहा कि वह हमले के लिए जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ जल्द जवाबी कार्रवाई करेगी। संगठन ने आरोप लगाया कि जानबूझकर किए गए हवाई हमलों में बड़ी संख्या में आम लोगों की जान गई है। म्यांमार की सेना ने हमले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि, सेना पहले कहती रही है कि उसके हवाई हमलों का निशाना केवल सैन्य ठिकाने होते हैं। वह सैन्य शासन का विरोध करने वाले संगठनों पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप भी लगाती रही है। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से संघर्ष जारी म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को सेना ने आंग सान सू की की चुनी हुई सरकार को सत्ता से हटा दिया था। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनों को बलपूर्वक दबाया, जिसके बाद सैन्य शासन के कई विरोधियों ने हथियार उठा लिए। तब से देश के बड़े हिस्से में संघर्ष जारी है। अराकान आर्मी रखाइन के जातीय अल्पसंख्यक समुदाय को अधिक स्वायत्तता दिलाने की मांग करने वाले आंदोलन का सशस्त्र संगठन है। इसने नवंबर 2023 में रखाइन में सैन्य अभियान शुरू किया था। इसके बाद संगठन ने राज्य के 17 में से 14 टाउनशिप और एक अहम क्षेत्रीय सैन्य मुख्यालय पर कब्जा कर लिया। सेना की पाबंदियों से खाने-पीने की चीजों की कमी रखाइन में लड़ाई तेज होने के बाद म्यांमार की सेना ने व्यापारिक रास्तों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। इससे इलाके में खाने-पीने की चीजों की कमी बढ़ गई है। इससे पहले दिसंबर में रखाइन के म्राउक-यू टाउनशिप में एक अस्पताल पर हुए हवाई हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत हुई थी और 80 लोग घायल हुए थे।
दिल्ली की ट्रायल कोर्ट जज रजनी रंगा ने 10 साल की रेप पीड़ित बच्ची के लिए फैसला सुनाने के बाद एक खास लेटर लिखा। इसमें उन्होंने कहा- हम तुम्हारा बचपन तो नहीं लौटा सकते, लेकिन तुम्हारी हिम्मत याद रखेंगे। जिसने तुम्हें चोट पहुंचाई वह अब कभी जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट ने अब इस लेटर को बच्ची या उसके परिवार तक पहुंचाने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने इसे ‘करेज नोट’ यानी साहस का संदेश बताया। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को इसे प्रिंट कर दो हफ्ते में बच्ची तक पहुंचाने को कहा गया है।
मामला 23 जुलाई 2023 का है। उस समय बच्ची 7 साल की थी। उसके माता-पिता ने सुमित शक्य के खिलाफ रेप की शिकायत की थी। बच्ची उसे अंकल कहती थी। पीड़ित ने कोर्ट से कहा था कि अंकल को तब तक जेल में रखा जाए, जब तक वह बूढ़ा न हो जाए।
जज ने बच्ची को क्या लिखा
‘डियर चाइल्ड’ से शुरू हुआ लेटर
जज रजनी रंगा ने लेटर की शुरुआत ‘डियर चाइल्ड’ से की। उन्होंने बच्ची के कोर्ट में आने, आरोपी की पहचान करने और सच बताने की हिम्मत की तारीफ की।
जज ने लिखा- तुम चुप नहीं रही, बल्कि अपनी मां को पूरी बात बताई। तमने जिस हिम्मत के साथ सच बताया, उससे आरोपी को किसी दूसरे बच्चे को नुकसान पहुंचाने से रोका जा सका। कोर्ट तुम्हारी इस बहादुरी को याद रखेगा।
लेटर में ‘अंकल’ का भी जिक्र
जज ने लेटर में लिखा- कोर्ट ने तुम्हारी बात सुनी है। दोषी अपनी जिंदगी के बाकी समय तक जेल में रहेगा। वह जेल में ही बूढ़ा होगा और वहीं उसकी जिंदगी खत्म होगी। वह तुम्हें, तुम्हारी छोटी बहन या किसी दूसरे बच्चे को दोबारा नुकसान नहीं पहुंचा सकेगा।
‘अब अपनी जिंदगी जियो’
लेटर के आखिर में जज ने बच्ची से कहा- अब बेटा, अपनी जिंदगी जियो। स्कूल जाओ। दोस्त बनाओ। हंसो। खेलो। सपने देखो।
आरोपी को उम्रभर जेल की सजा, बच्ची को ₹10.50 लाख मुआवजा
सुमित शक्य को POCSO के तहत 12 साल से कम उम्र की बच्ची के खिलाफ गंभीर यौन अपराध के मामले में प्राकृतिक जीवन के बाकी समय तक कठोर कारावास की सजा मिली है।
उस पर ₹1 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। आपराधिक धमकी के मामले में उसे 5 साल की कठोर कैद और ₹20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं साथ चलेंगी।
ट्रायल कोर्ट ने बच्ची के लिए ₹10.50 लाख मुआवजा तय किया था। हाईकोर्ट ने DLSA सचिव से इसके भुगतान की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
हाईकोर्ट ने जमानत पर राहत नहीं दी
इधर, दिल्ली हाईकोर्ट ने दोषी की सजा पर तत्काल रोक लगाने और जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट सहित अन्य सबूतों को ध्यान में रखा।
DLSA सचिव से मुआवजे के भुगतान की स्थिति पर रिपोर्ट भी मांगी गई है। मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर 2026 को होगी, जबकि आरोपी की अपील 20 जनवरी 2027 को सूचीबद्ध है।
दिल्ली में हर दिन बच्चों से यौन अपराध के 4 मामले
NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है।
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“मैं 50 साल से भजन गा रहा हूं, 5 हजार से ज्यादा भजन रिकॉर्ड किए, लेकिन जो प्रसिद्धि गायक सुनील लोधी को ‘हनुमत अंश’ मूवी के सिर्फ एक भजन से मिली, इसे कहते हैं ईश्वर की कृपा; भगवान की कृपा के आगे किसी का कुछ नहीं चलता।” यह बात सुप्रसिद्ध भजन सम्राट अनूप जलोटा ने बरेली में आयोजित ‘खत्री जाति रत्न’ सम्मान समारोह के दौरान कही। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज देश में भजनों का स्वरूप और दायरा अप्रत्याशित रूप से बढ़ चुका है—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) तक भजनों को आत्मसात कर रही है और युवाओं में भजन क्लबिंग व जैमिंग का नया उत्साह और क्रेज देखने को मिल रहा है। नाथ नगरी के रमाडा होटल में आयोजित इस समारोह में अनूप जलोटा ने न सिर्फ सुनील लोधी के भजन की पंक्तियां गाकर सबका दिल जीता, बल्कि खत्री समाज के गौरवशाली इतिहास पर बात की और बरेली से अपने पुराने रिश्ते व झुमके का भी जिक्र किया। साथ ही इस कार्यक्रम में समाज की प्रमुख विभूतियों को ‘खत्री जाति रत्न’ से अलंकृत किया गया। पेश है विस्तृत रिपोर्ट: मंच से गाया ‘हनुमत अंश’ का भजन, सुनील लोधी की प्रतिभा को सराहा
रमाडा होटल में आयोजित समारोह के दौरान अनूप जलोटा ने जैसे ही माइक थामा, उन्होंने फिल्म ‘हनुमत अंश’ के सुपरहिट भजन की पंक्तियां गुनगुनाईं— “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डाल दई…”। सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
इसके तुरंत बाद उन्होंने इस भजन के मूल गायक सुनील लोधी की तारीफ करते हुए कहा, “मैं पिछले 50 वर्षों से संगीत साधना में हूं और 5,000 भजन रिकॉर्ड कर चुका हूं। लेकिन जब भगवान की विशेष कृपा होती है, तो सुनील लोधी ने एक भजन गाया और वे हमसे आगे निकल गए। इसे ही सच्ची ईश्वरीय कृपा कहते हैं।” उन्होंने युवाओं और कलाकारों को संदेश देते हुए कहा कि फल की चिंता छोड़कर नतमस्तक होकर निष्काम भाव से कर्म करते रहें, प्रभु की कृपा होगी तो नाम अपने आप रोशन हो जाएगा। इसके बाद उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध भजन “ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन…” सुनाकर पूरे माहौल को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। खत्री जाति त्याग, ज्ञान और सेवा की प्रतीक
कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान अनूप जलोटा ने खत्री समाज के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि खत्री मूल रूप से क्षत्रिय परंपरा से जुड़े हुए हैं। सिखों के दसों गुरु क्षत्रिय व खत्री परंपरा से रहे, जिनके भीतर अपार ज्ञान, त्याग और सेवा का भाव विद्यमान था।
उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों के बड़े बलिदानों (सैक्रिफाइस) और तपस्या के कारण ही आज यह समाज दुनिया भर में इतना सुदृढ़ और प्रतिष्ठित स्थान रखता है। समाज के लोगों को चाहिए कि वे अपने इस गौरव को बनाए रखें और जीवन में व्यापार व करियर के साथ-साथ जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अनूप जलोटा ने कहा कि वे मुंबई में रहते हैं, जहां खत्री समाज का ऐसा संगठित और जीवंत स्वरूप कम देखने को मिलता है, जबकि बरेली में समाज की एकजुटता और सक्रियता बेहद सराहनीय है। दैनिक भास्कर से बातचीत: बरेली का केन फर्नीचर, झुमका और पारिवारिक नाता
दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में अनूप जलोटा ने शहर से अपने जुड़ाव के कई अनूठे पहलू साझा किए। उन्होंने कहा कि बरेली साहित्य और संस्कृति की धरती है, जहां पंडित राधेश्याम जैसी विभूतियों ने कार्य किया, इसलिए यह शहर स्वतः ही वंदनीय बन जाता है।
उन्होंने कहा, “हम संगीत के क्षेत्र से जुड़े हैं, तो बरेली का नाम आते ही ‘झुमका गिरा रे बरेली के बाजार में’ कैसे भूल सकते हैं! इसके अलावा बरेली का केन फर्नीचर बहुत प्रसिद्ध है, जिसे हम मुंबई में अपने घर में भी उपयोग करते हैं।” उन्होंने एक पारिवारिक राज साझा करते हुए बताया कि उनकी सगी बहन रीता का विवाह बरेली में ही विनोद कपूर के साथ हुआ है, जिस कारण बरेली से उनका केवल कलात्मक ही नहीं, बल्कि आत्मीय और पारिवारिक रिश्ता भी है।
भजनों के मौजूदा दौर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भजन कभी पुराने नहीं होते। आज प्रधानमंत्री मोदी खुद भजनों में शामिल होते हैं और युवा पीढ़ी इसे नए अंदाज में क्लबिंग व जैमिंग के जरिए अपना रही है, जो भारतीय सनातन संगीत के लिए एक सुखद संकेत है। समारोह में तीन हस्तियां ‘खत्री जाति रत्न’ से सम्मानित
समस्त खत्री सभा द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में देश की तीन प्रमुख विभूतियों को ‘खत्री जाति रत्न’ सम्मान देने की घोषणा की गई। इनमें महाराष्ट्र से भजन सम्राट अनूप जलोटा और बरेली से श्री सिद्धि विनायक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन अनुपम कपूर को सम्मानित किया गया। नई दिल्ली से पद्म विभूषण डॉ. अशोक सेठ व्यक्तिगत कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके।
सम्मान प्राप्त करने के बाद अनुपम कपूर ने कहा कि यह सम्मान उनका व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरी बरेली की जनता और खत्री समाज का सम्मान है। राजनीति में हिस्सेदारी की मांग: अनंत अरोड़ा
महासभा के अध्यक्ष अनंत अरोड़ा ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि “जिसकी जितनी संख्या, उसकी उतनी भागीदारी”। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब खत्री समाज राजनीति में भी अपनी सशक्त भागीदारी चाहता है। इसके लिए वे जल्द ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर बरेली शहर की विधानसभा सीट पर समाज के प्रतिनिधि के लिए टिकट की मांग करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा और अमृतसर से आए सुनील खन्ना ने खत्री जाति के इतिहास पर व्याख्यान दिया। सभा द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों और शहर के प्रमुख मंदिरों के अध्यक्षों का भी सम्मान किया गया। इस अवसर पर संजय आनंद, अमित अरोड़ा, सुमन साहनी, मनीषा आहूजा, डॉ. के.एम. अरोड़ा, शिक्षाविद गुरु मेहरोत्रा, सरदार ज्ञानी काल सिंह, सरदार एमपी सिंह, मंजीत सिंह नागपाल, सरदार परमजीत सिंह ओबरॉय, कार्यक्रम संयोजक सौरव मेहरोत्रा, अनमोल कपूर, अतुल कपूर, मोहित मेहरोत्रा, डॉ. सोमेश मेहरोत्रा, डॉ. सुमित टंडन, सीए विशाल अरोड़ा, गुलशन आनंद, रुचि कपूर, सौम्या मेहरोत्रा, कोमल कपूर, शिखा मेहरोत्रा, रोहित भसीन, हरि कपूर और बबली मेहरोत्रा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन व्यापारी नेता व सहसंयोजक विशाल मेहरोत्रा ने किया।