Sunday, November 8, 2026
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महराजगंज एसपी ने त्योहार शांति से मनाने की अपील की: शक्ति मोहन अवस्थी ने दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की शुभकामनाएं दीं – Maharajganj News




महराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने जिले के लोगों को दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि प्रकाश और खुशियों के ये त्योहार सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आएं। साथ ही जिले में आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बना रहे। एसपी ने अपने संदेश में कहा कि दीपावली अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक है। यह पर्व जीवन में सकारात्मकता, सद्भाव और अच्छे कार्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है। वहीं गोवर्धन पूजा धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है। भैया दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और पारिवारिक रिश्तों की मिठास को दर्शाता है। त्योहारों से मजबूत होता है सामाजिक सौहार्द उन्होंने कहा कि त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं हैं, बल्कि समाज में एकता, आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश भी देते हैं। ऐसे अवसरों पर सभी को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए मिल-जुलकर पर्व मनाना चाहिए। सुरक्षित माहौल में त्योहार मनाने की अपील पुलिस अधीक्षक ने जनपदवासियों से दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज हर्षोल्लास के साथ सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि हर परिवार का जीवन खुशियों से भरा रहे और महराजगंज में शांति, सद्भाव व भाईचारे की परंपरा हमेशा कायम रहे।



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‘बिहारियों को अपमानित करने वालों को हिसाब देना होगा’: राहुल गांधी पर गिरिराज सिंह का तंज, बोले- कांग्रेस नेता में राजनीतिक, वैचारिक लड़ाई की ताकत नहीं बची – Begusarai News




केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की जुबान में अब सीधे तौर पर राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई लड़ने की ताकत नहीं बची है। जिसके चलते वे उत्तर प्रदेश में अपने करीबियों और समर्थकों के माध्यम से बिहार के लोगों को लगातार अपमानित करवा रहे हैं। गिरिराज सिंह ने कहा है कि बिहार के मान-सम्मान और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। उन्होंने बिहार के गौरवशाली इतिहास और महान सांस्कृतिक धरोहर का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि यह वही भूमि है जहां नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्व प्रसिद्ध ज्ञान के केंद्र रहे हैं। ‘राहुल गांधी और उनके सहयोगी जितनी भी कोशिश कर लें…’ बेगूसराय सांसद ने कहा कि दुनिया को शांति और अहिंसा का संदेश देने वाले गौतम बुद्ध और भगवान महावीर इसी पावन धरती पर अवतरित हुए। धर्म और राष्ट्र की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का यह कार्यक्षेत्र रहा है। कूटनीति के आचार्य चाणक्य और गणित एवं खगोल विज्ञान के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले आर्यभट्ट की भी यह जन्मभूमि है। ​केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी जितनी भी कोशिश कर लें, वे इस महान भूमि और यहां के स्वाभिमानी लोगों को नीचा दिखाने में कामयाब नहीं होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिहार के लोगों को अपमानित करने का यह सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जनता एक-एक पाई का हिसाब चुकता करेगी। गिरिराज सिंह ने खुद को चाणक्य, गुरु गोविंद सिंह, गौतम बुद्ध के विचारों का वंशज बताया खुद को चाणक्य, गुरु गोविंद सिंह, गौतम बुद्ध, महावीर और आर्यभट्ट की परंपरा और विचारों का वंशज बताते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वे बिहार के स्वाभिमान की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर डटकर मुकाबला करेंगे। इस तरह की राजनीति और बयानबाजी की संस्कृति को तुरंत बंद करें और इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। गिरिराज सिंह ने कहा है कि यदि इस तरह के रवैये में सुधार नहीं हुआ और वे भविष्य में बिहार की धरती पर कदम रखेंगे, तो राज्य की जनता और कार्यकर्ता उनके खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराएंगे। राहुल गांधी नीचे और नीच स्तर पर जाकर बिहारियों को अपमानित करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी गाली-गलौज बंद करो, माफी मांगो, नहीं तो बिहार घुसने पर तुम्हारे खिलाफ होंगे सब।



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बड़वानी में दीपावली पर बाजारों में भीड़ से लगा जाम: एमजी-कचहरी रोड, झंडा-रंजीत चौक में फंसे वाहन, पाला बाजार में गाड़ियों की लंबी कतारें – Barwani News




बड़वानी में रविवार को लक्ष्मी पूजन के लिए खरीदारी करने पहुंचे लोगों की भीड़ से बाजारों में जाम लगा। शहर के मुख्य रास्तों पर गाड़ियों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी हुई। दीपावली और लक्ष्मी पूजन की खरीदारी के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों से लोग बाजार पहुंचे। एमजी रोड, कचहरी रोड, झंडा चौक, रंजीत चौक और पाला बाजार में काफी भीड़ रही। समाजसेवी अशोक गोले ने बताया कि इन बाजारों में लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों, दीयों, फूल-मालाओं, रंगोली और पूजन सामग्री की दुकानें लगी थीं। पार्किंग की सही व्यवस्था नहीं थी और सड़क किनारे वाहन खड़े होने से रास्ते संकरे हो गए। इस वजह से बार-बार लंबा जाम लगा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को बाजार में चलने में ज्यादा परेशानी हुई। यातायात पुलिस ने भीड़ को देखते हुए मुख्य बाजारों में तीन और चार पहिया वाहनों और लोडिंग वाहनों की नो-एंट्री लागू करने की बात कही थी। इसके लिए जगह-जगह पोस्टर-बैनर भी लगाए गए थे। लेकिन प्रतिबंधित समय में भारी और लोडिंग वाहन बाजार में पहुंचे। जाम संभालने के लिए पुलिस बल कम नजर आया। कई जगह लोग खुद ही यातायात संभालते दिखे। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कुछ जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। प्रशासन ने लोगों से वाहन तय पार्किंग स्थलों पर खड़े करने की अपील की, ताकि बाजारों में जाम से बचा जा सके। क्या कहते हैं यातायात थाना प्रभारी
यातायात थाना प्रभारी विनोद बघेल ने बताया कि त्योहारों के दौरान यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जगह-जगह बैरिकेड्स लगाकर जवानों को तैनात किया गया है। बड़े वाहनों का त्यौहारों तक इन मार्गों पर आगमन बंद किया गया है। इसके लिए शहर का कचहरी रोड, जैन मंदिर मार्ग, एमजी रोड सहित अन्य मार्ग बंद कर दिए गए हैं। वहीं लोगों को भी टू व्हीलर वाहनों को सड़क किनारे व्यवस्थित खड़े करने के निर्देश दिए गए हैं। नागरिकों ने जताई नाराजगी
लक्ष्मी नारायण गुप्ता सहित स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की पर्याप्त तैनाती नहीं होने और नो एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन न कराए जाने के कारण जाम की स्थिति और गंभीर हो गई। लोगों का कहना है कि त्योहार के दिनों में हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन कोई स्थाई व्यवस्था नहीं करता। खरीदारों का कहना है कि यदि पार्किंग की स्थाई व्यवस्था और सख्त नो-एंट्री लागू हो तो जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।



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रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया बाड़मेर शहर: शाम 6:15 से रात 8:11 बजे शुभ मुहूर्त, आदर्श स्टेडियम में सजा पटाखा बाजार – Barmer News




बाड़मेर में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। रविवार को घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में विधि-विधान से मां लक्ष्मी का पूजन किया जाएगा। इसे लेकर लोगों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से लक्ष्मी पूजन करने से घर में धन-समृद्धि और खुशहाली आती है। शाम को शुभ मुहूर्त में पूजन के बाद लोग आतिशबाजी करेंगे। पंडित सुनील जोशी ने बताया कि रविवार को वृषभ लग्न में लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गोधूलि वेला में शुभ-अमृत चौघड़िया शाम 6 बजकर 55 मिनट से रात 9 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। वहीं, सिंह लग्न का मुहूर्त रात 12 बजकर 43 मिनट से 2 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। ये सभी लक्ष्मी पूजन के श्रेष्ठ मुहूर्त हैं। आदर्श स्टेडियम में सजा पटाखा बाजार प्रशासन की ओर से शहर के आदर्श स्टेडियम खेल मैदान में पटाखा बाजार सजाया गया है। दुकानदारों ने अपनी दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाया है। पिछले तीन दिनों से यहां दिनभर लोगों की भीड़ जुट रही है और आतिशबाजी की खरीदारी जारी है। रविवार सुबह से ही लोग पटाखे खरीदने पहुंच रहे हैं। त्योहारी सीजन में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मुस्तैद है। रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया बाड़मेर दीपावली के मौके पर शहर की गलियों, सर्किलों और इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। सरकारी कार्यालयों पर भी सजावटी लाइटें लगाई गई हैं। रात होते ही पूरा शहर रोशनी से जगमगाने लगा है। बाजारों और प्रमुख स्थानों पर दीपावली की रौनक देखने को मिल रही है।



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सत्तू और प्याज की चटपटी भरावन से बनाएं खस्ता कचौड़ी, खूब जमेगा स्वाद, जानिए रेसिपी

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Sattu Kachori Recipe: गर्म चाय के साथ खस्ता कचौड़ी मिल जाए तो शाम का नाश्ता खास बन जाता है. बाहर की कुरकुरी परत और अंदर की मसालेदार भरावन का स्वाद हर निवाले में अच्छा लगता है. आलू या दाल की कचौड़ी आपने कई बार खाई होगी, लेकिन सत्तू की भरावन वाली कचौड़ी का स्वाद कुछ अलग होता है. इसमें भुने चने के सत्तू के साथ प्याज, अदरक, हरी मिर्च और सौंफ मिलती है. अमचूर और नींबू हल्का खट्टापन लाते हैं, जबकि अजवाइन वाला आटा इसकी खुशबू बढ़ाता है. इसे घर पर बनाने के लिए बहुत मुश्किल तैयारी नहीं करनी पड़ती.

बस आटे में सही मोयन, भरावन में संतुलित नमी और तलते समय आंच का ध्यान रखना होता है. छुट्टी के दिन परिवार के लिए नाश्ता बनाना हो या मेहमानों को चाय के साथ कुछ गर्म परोसना हो, यह कचौड़ी बना सकते हैं. हरी चटनी और मीठी इमली की चटनी के साथ इसका स्वाद और खुलकर आता है.

आटे के लिए क्या सामग्री चाहिए
करीब छह लोगों के नाश्ते के लिए दो कप मैदा, स्वादानुसार नमक, एक छोटा चम्मच अजवाइन और दो बड़े चम्मच घी लें. आटा गूंथने के लिए पानी जरूरत के अनुसार रखें. इस मात्रा से कचौड़ियों की संख्या उनके आकार पर निर्भर करेगी. छोटी कचौड़ियां बनाएंगे तो ज्यादा बनेंगी. आटा गूंथते समय पानी थोड़ा-थोड़ा डालना है, इसलिए पहले से बहुत ज्यादा पानी न मिलाएं.

सत्तू की भरावन के मसाले तैयार रखें
भरावन के लिए डेढ़ कप भुने चने का सत्तू, एक मध्यम आकार का बारीक कटा प्याज, एक बड़ा चम्मच अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट लें. साथ में एक छोटा चम्मच जीरा, एक छोटा चम्मच सौंफ, एक छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा से एक छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और आधा छोटा चम्मच हल्दी रखें. खट्टे स्वाद के लिए एक छोटा चम्मच अमचूर, आधा छोटा चम्मच चाट मसाला और जरूरत के अनुसार नींबू का रस लें. एक चुटकी हींग, थोड़ा हरा धनिया, नमक और एक बड़ा चम्मच घी भी रखें. तलने के लिए अलग से तेल चाहिए.

मैदे में घी का मोयन अच्छी तरह मिलाएं
एक बड़े बर्तन में मैदा, नमक और अजवाइन डालें. अजवाइन को हथेलियों के बीच हल्का मसलकर डालेंगे तो उसकी खुशबू अच्छी आएगी. अब इसमें दो बड़े चम्मच घी डालकर उंगलियों से अच्छी तरह मिलाएं. घी पूरे मैदे में बराबर मिलना चाहिए. यही मोयन कचौड़ी की बाहरी परत को खस्ता बनाने में मदद करता है. इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए चिकना आटा गूंथ लें. आटा न बहुत सख्त रखें और न इतना नरम कि हाथों पर चिपकने लगे.

(इमेज AI)
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आटे को ढककर कुछ देर आराम दें
गूंथे हुए आटे को साफ, हल्के नम कपड़े से ढककर करीब 20 मिनट रख दें. कपड़े से पानी नहीं टपकना चाहिए. आटा खुला रहेगा तो ऊपर की परत सूख सकती है और भरावन बंद करते समय दरारें पड़ सकती हैं. आटा आराम कर रहा हो, तब भरावन बना लें. इससे समय भी बचेगा और भरावन को ठंडा होने का मौका भी मिलेगा. कचौड़ी बनाने से पहले आटे को एक बार हल्के हाथ से मसल लें.

प्याज और मसालों को हल्का भूनें
एक पैन में एक बड़ा चम्मच घी गर्म करें. इसमें जीरा और सौंफ डालें. खुशबू आने लगे तो हींग और बारीक कटा प्याज मिला दें. प्याज को हल्का नरम होने तक भूनें. इसे बहुत गहरा भूरा करने की जरूरत नहीं है. अब अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट डालकर कुछ देर चलाएं. इसके बाद आंच धीमी करें और हल्दी, लाल मिर्च तथा धनिया पाउडर मिलाएं. मसालों को जलने से बचाने के लिए लगातार चलाते रहें.

सत्तू मिलाकर तैयार करें चटपटी भरावन
भुने मसालों में सत्तू डालें और धीमी आंच पर अच्छी तरह मिलाएं. सत्तू पहले से भुने चने से बनता है, इसलिए इसे लंबे समय तक भूनने की जरूरत नहीं है. बस इतना चलाएं कि प्याज और मसाले पूरे सत्तू में मिल जाएं. अब अमचूर, चाट मसाला और थोड़ा नमक डालें. चाट मसाले में भी नमक होता है, इसलिए साधारण नमक संभलकर मिलाएं. गैस बंद करके हरा धनिया डालें. नींबू का रस थोड़ा डालकर स्वाद चखें और जरूरत हो तभी बढ़ाएं.

भरावन न बहुत सूखी हो, न गीली
तैयार भरावन को चम्मच से दबाने पर वह हल्की बंधनी चाहिए. अगर मिश्रण बिल्कुल बिखर रहा हो तो एक-दो छोटे चम्मच पानी छिड़ककर मिला सकते हैं. पानी एक साथ ज्यादा न डालें. गीली भरावन कचौड़ी में भरना मुश्किल होगा और आटे की परत भी कमजोर पड़ सकती है. भरावन को प्लेट में फैलाकर पूरी तरह ठंडा होने दें. गर्म मिश्रण भरने से लोई नरम होकर फट सकती है.

(इमेज AI)

लोई में भरावन भरकर किनारे बंद करें
आटे की बराबर लोइयां बना लें. एक लोई लेकर उंगलियों से फैलाएं और कटोरी जैसा आकार दें. बीच का हिस्सा थोड़ा मोटा रखें, ताकि भरावन नीचे से बाहर न निकले. अब इसमें आकार के अनुसार सत्तू का मिश्रण रखें. शुरुआत में कम भरावन डालें, ताकि किनारे आसानी से बंद हो जाएं. चारों तरफ का आटा ऊपर लाकर जोड़ें और अच्छी तरह दबाकर बंद कर दें. कोई खुला हिस्सा नहीं रहना चाहिए.

कचौड़ी को हल्के हाथ से चपटा करें
भरी हुई लोई को हथेली से धीरे दबाकर चपटा करें. जरूरत लगे तो बेलन से बहुत हल्के हाथों से बेलें. ज्यादा दबाव देने या बहुत पतला बेलने से भरावन बाहर आ सकती है. सभी कचौड़ियों की मोटाई लगभग बराबर रखें, ताकि वे समान रूप से सिकें. तैयार कचौड़ियों को साफ कपड़े से ढकते जाएं. अगर किसी कचौड़ी में छोटी दरार दिखे तो थोड़ा आटा लगाकर उसे बंद कर दें.

धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरी तलें
कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल मध्यम गर्म हो तो उसमें सावधानी से कचौड़ियां डालें. एक साथ बहुत सारी कचौड़ियां न डालें. शुरुआत में उन्हें तुरंत पलटने के बजाय नीचे की परत हल्की सिकने दें. फिर धीरे से पलटकर दोनों तरफ सुनहरी होने तक तलें. बहुत तेज आंच पर बाहरी परत जल्दी रंग पकड़ लेगी और अंदर का आटा अधपका रह सकता है. सही तरह तली कचौड़ियां झारे से निकालें और अतिरिक्त तेल निथरने दें.

चटनी के साथ गर्म परोसें
सत्तू की कचौड़ी को धनिया-पुदीने की हरी चटनी या मीठी इमली की चटनी के साथ परोसें. चाहें तो साथ में आलू की रसेदार सब्जी भी रख सकते हैं. तली हुई कचौड़ियों को तुरंत बंद डिब्बे में न भरें, क्योंकि भाप से उनकी परत नरम पड़ सकती है. जितनी खानी हों, उतनी गर्म परोसें. प्याज वाली भरावन के कारण इन्हें कई दिनों तक कमरे के तापमान पर रखने से बचें.



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क्‍या सस्‍ते घरों का जमाना गया? ये आंकड़ा बयां कर प्रॉपर्टी बाजार की कहानी


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Property Market : भारत में महंगे और लग्‍जरी घरों की मांग लगातार बढ़ रही है और बजट फ्लैट्स की मांग गिर रही है. जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 1 करोड़ रुपये से कम कीमत वाले घरों की मांग चालू वित्‍त वर्ष के पहले नौ महीनों में 23 फीसदी गिर गई है. वहीं, 1 करोड़ से ऊपर रेट वाले घरों की सेल 23 फीसदी बढ़ गई है.

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तीसरी तिमाही (Q3) में बिके कुल मकानों की वैल्यू यानी कुल बिक्री मूल्यमें 15% का तगड़ा उछाल देखने को मिला है.

नई दिल्‍ली. भारत में अब किफायती और बजट घरों के बजाय महंगे लग्जरी अपार्टमेंट्स की बिक्री में तेज उछाल आया है. जेएलएल इंडिया (JLL India) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 के शुरुआती नौ महीनों (जनवरी से सितंबर) में देश के टॉप-7 शहरों में 2,14,562 घर बिक चुके हैं. घरों की बिक्री में सालाना आधार पर 6% की बढ़ोतरी हुई है. इस तेजी की ड्राइविंग सीट पर 1 करोड़ से 3 करोड़ रुपये वाले प्रीमियम और लग्जरी मकान हैं. कुल बिके मकानों में ₹1 करोड़ से अधिक कीमत वाले घरों की हिस्सेदारी बढ़कर 72% हो गई है. पिछले साल इनका हिस्‍सा 62% था. 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले फ्लैट्स की बिक्री भी वार्षिक आधार पर 23 फीसदी चढ़ गई है.

मांग में सबसे ज्‍यादा तेजी ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ कीमत वाले घरों में देखी गई है. इनकी बिक्री में सालाना आधार पर 54 फीसदी का उछाल आया है. इसके उलट, ₹1 करोड़ से कम कीमत वाले घरों की बिक्री में 23% की गिरावट आई है. रिपोर्ट के अनुसार, घर खरीदार अब क्लब हाउस, ओपेन स्पेस, स्विमिंग पूल और बड़ी बालकनी जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस बड़े घर पसंद कर रहे हैं.

सेल वैल्यू 15% उछली

भले ही यूनिट्स के लिहाज से घरों की बिक्री 6% बढ़ी हो, लेकिन 2026 की तीसरी तिमाही (Q3) में बिके कुल मकानों की वैल्यू यानी कुल बिक्री मूल्यमें 15% का तगड़ा उछाल देखने को मिला है. शहरों की तरफ बढ़ता पलायन, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो कनेक्टिविटी और मध्यम व उच्च-मध्यम वर्ग की बढ़ती आमदनी ने प्रीमियम घरों की बिक्री को बढ़ावा दिया है.

चेन्नई-बेंगलुरु में बिके सबसे ज्‍यादा घर

सात प्रमुख शहरों की बात करें तो चेन्नई में घरों की बिक्री 23 फीसदी की दर से बढी है. बेंगलुरु में सालाना आधार पर 18% ज्‍यादा घर इस वित्‍त वर्ष के पहले नौ महीनों में बिके हैं. लेकिन, यूनिट्स के लिहाज से यह सबसे आगे है और यहां इस वित्‍त वर्ष में अब तक 35,000 से ज्‍यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं. हैदराबाद में घरों की मांग में सालाना आधार पर 16% और दिल्ली-एनसीआर में 8% का उछाल आया है. कोलकाता में इस नौ महीनों में रियल एस्‍टेट बाजार स्थिर रहा है. वहीं, मुंबई में घरों की बिक्री में 1% और पुणे में 13% की गिरावट दर्ज हुई.

प्रीमियम प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में आएगी तेजी

जेएलएल इंडिया का अनुमान है कि ₹1.5 करोड़ से ₹3 करोड़ वाले घरों की मांग आगे भी थमने वाली नहीं है. आर्थिक रूप से मजबूत खरीदार और युवा प्रोफेशनल्स बड़े घरों की मांग को बनाए रखेंगे. बेंगलुरु के संजीवनी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्‍टर सुरेश एच ए का कहना है कि रियल एस्टेट बाजार में प्रीमियम घरों की ओर तेजी से रुझान बढ़ रहा है. डेवलपर्स प्रीमियम सेगमेंट की मांग के अनुरूप अपनी योजनाएं तैयार कर रहे हैं, जिसके चलते नई परियोजनाओं की लॉन्चिंग की संख्या में कुछ कमी आई है. लेकिन, घरों की वास्तविक बिक्री की गति अच्‍छी बनी हुई है. अगर हम बेंगलुरु की बात करें तो अधिक कमाई करने वाले प्रोफेशनल्‍स अब ऐसे घरों पर दिलखोलकर पैसा खर्च कर रहे हैं जो लंबे समय में उनकी लाइफस्‍टाइल को तो बेहतर बनाए ही, साथ ही उनकी पूंजी को भी सुरक्षित रखे.

आजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्‍टर ललित परिहार का कहना है कि जनवरी-सितंबर 2026 के दौरान हाउसिंग बिक्री में उछाल भारत के हाउसिंग सेक्टर की मजबूती को दर्शात है. महंगे लग्‍जरी घरों में लोगों का रुझान बढ़ रहा है. 1.5 करोड़ से 3 करोड़ रुपये की कीमत वाले घरों की मजबूत मांग लोगों की आय में वृद्धि का तो संकेत है ही साथ ही यह रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार पर भरोसे को भी दर्शाती है. आने वाले समय में यह वृद्धि इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रीमियम घरों की आपूर्ति, आम लोगों की खरीदने की क्षमता और वास्तविक घर खरीदारों की मांग के बीच कितना बेहतर संतुलन बनाए रखा जाता है.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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जापान में रात 1 बजे 5.7 तीव्रता का भूकंप: 22 घायल; इस महीने तीसरा बड़ा भूकंप; अगले हफ्ते तक तेज झटकों की आशंका




जापान में शनिवार की रात 5.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें कम से कम 22 लोग घायल हो गए। कई दुकानों के शीशे टूट गए। भूकंप के तेज झटकों से लोग घरों और इमारतों से बाहर निकलकर भागने लगे। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक भूकंप का केंद्र शिजुओका प्रांत में जमीन के 40 किमी नीचे था, जबकि सबसे तेज झटके आइची प्रांत में महसूस किए गए। यह महीने जापान में आया तीसरा तेज भूकंप है। इससे 1 नवंबर को 6 तीव्रता और 7 नवंबर को 5.6 तीव्रता का भूकंप आया था। जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने लोगों को अगले एक हफ्ते तक भूकंप को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। एजेंसी के मुताबिक, खासकर अगले 2 से 3 दिनों में तेज झटके आ सकते हैं। बुलेट ट्रेन की रफ्तार कम की गई भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों में शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई। रेलवे ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया। दरअसल, भूकंप से पटरियों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए हादसे का खतरा रहता है। जापान सबसे ज्यादा भूकंप वाले देशों में शामिल जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यह चार बड़े टेक्टोनिक प्लेटों पर बसा है और प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है। हर साल यहां करीब 1500 भूकंप आते हैं, जिनमें से ज्यादातर हल्के होते हैं। जापान में 2024 में भूंकप से 600 लोग मारे गए जापान के नोटो द्वीप में 2024 में आए भूकंप में करीब 600 लोग मारे गए थे। 2011 में 9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी ने 18 हजार से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी। जापान सरकार ने अगले 30 साल में यहां 75-82 प्रतिशत तक भूकंप के तीव्र होने की चेतावनी दी है। अगर ऐसा हुआ तो 2.98 लाख लोग मारे जा सकते हैं और 2 ट्रिलियन डॉलर (167 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हो सकता है। इस साल के बड़े भूकंप कहां-कहां आए…



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धनतेरस पर बिजली आपूर्ति में सुधार: बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने ऊर्जा अधिकारियों से की मुलाकात – Lucknow News




लखनऊ में धनतेरस के अवसर पर पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य रही। प्रदेश के किसी भी हिस्से से बिजली आपूर्ति बाधित होने की शिकायत सामने नहीं आई। इस संबंध में उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने शक्ति भवन में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान प्रदेश में बिजली आपूर्ति की स्थिति और उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई। धनतेरस जैसे प्रमुख त्योहार पर निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से कोई शिकायत नहीं मिलने को महत्वपूर्ण माना गया।



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10 लाख की वापसी को लेकर साइबर पुलिस पर सवाल: प्रेस रिलीज, पीड़ित के बयान में अंतर; आखिर रुपए लौटाने का मामला क्या है? – Gayaji News




गया में 10 लाख रुपए की वापसी को लेकर साइबर पुलिस की कार्रवाई पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। रकम वापस मिलने की कहानी में पुलिस की प्रेस रिलीज और पीड़ित के वीडियो बाइट के बीच कई अहम अंतर सामने आए हैं। पुलिस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कारोबारी के खाते से भूलवश दूसरे खाते में रकम ट्रांसफर होने की बात कही गई है। वहीं, पीड़ित के वीडियो बाइट में मोबाइल कंपनी का काम लेने के सिलसिले में 10 लाख रुपए ट्रांसफर करने और प्रभात पांडे नाम के व्यक्ति की ओर से धोखाधड़ी किए जाने का दावा है। दोनों ही बातें गया पुलिस की ओर से जारी की गई हैं। ऐसे में सवाल है कि आखिर 10 लाख रुपए की वापसी का वास्तविक मामला क्या है। प्रेस रिलीज में गलती, बाइट में धोखाधड़ी का दावा गया पुलिस की प्रेस रिलीज के अनुसार, विक्की इंटरप्राइजेज के मालिक साजिद इकबाल, पिता मोहम्मद फखरुद्दीन, निवासी वार्ड संख्या-18, उर्दू बाजार, शेरघाटी ने 30 मार्च 2026 को साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि भूलवश उनके बैंक खाते से 10 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए। यह खाता विंटेज मैप वेंचर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से दर्ज था। इसके उलट, पीड़ित के वीडियो बाइट में मोहम्मद साजिद इकबाल ने बताया कि 22 अक्टूबर 2026 को मोबाइल कंपनी का काम लेने के सिलसिले में उन्होंने जो वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट में 10 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इसी दौरान प्रभात पांडे नाम के व्यक्ति ने उनके साथ फ्रॉड किया। उन्होंने यह भी कहा कि 7 नवंबर 2026 को कंपनी की ओर से उनके 10 लाख रुपये वापस कर दिए गए और रकम उनके खाते में आ गई। कंपनी ने लौटाए पैसे या पुलिस ने कराए वापस यहीं से पुलिस की कहानी में सबसे बड़ा पेंच सामने आता है। प्रेस रिलीज में गया साइबर थाना की तकनीकी जांच और कार्रवाई के बाद कारोबारी के खाते में पूरी रकम वापस कराने का दावा किया गया है। वहीं, वीडियो बाइट में पीड़ित सीधे तौर पर कंपनी की ओर से रकम लौटाए जाने की बात कह रहे हैं। दोनों बयानों में रकम वापसी का श्रेय अलग-अलग तरीके से सामने आता है। शिकायत की तारीख, रकम ट्रांसफर होने की तारीख और संबंधित कंपनी के नाम में भी अंतर है। प्रेस रिलीज में 30 मार्च की शिकायत और Vantage Mep Ventures Private Limited का उल्लेख है, जबकि बाइट में 22 अक्टूबर की घटना और Zo Ventures Private Limited का नाम लिया गया है। पुलिस के अपने दो बयानों में सवाल गया पुलिस की ओर से जारी दोनों बयानों में सामने आए अंतर को स्पष्ट करना जरूरी है। क्या दोनों कंपनियां एक ही मामले से जुड़ी हैं। क्या शिकायत की तारीख में अंतर है या मामला अलग है। और रकम वापस कराने में कंपनी की भूमिका क्या रही? या फिर पीड़ित पक्ष पर साइबर पुलिस का कोई दवाब है। या फिर पूरी दाल ही काली है। इन सवालों का जवाब पुलिस की ओर से स्पष्ट किया जाना चाहिए।



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एमपी सरकार ₹100 कमा रही खर्च कर रही ₹124: लाड़ली बहना का खर्च ₹22000 करोड़, विकास कार्यों पर पहले चार महीने में केवल 23% खर्च – Madhya Pradesh News




दीपावली पर प्रदेश के बाजार रोशनी से जगमगा रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार का खजाना वित्तीय दबाव से जूझ रहा है। सरकार की कमाई और खर्च के बीच बड़ा अंतर है। सरकार 100 रुपए कमा रही है तो करीब 124 रुपए खर्च कर रही है। इस अंतर को पूरा करने के लिए उसे लगातार बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है। त्योहार से ठीक पहले 3 नवंबर को सरकार ने बाजार से 4 हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया। अप्रैल से अक्टूबर के बीच वह 45 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी थी। सरकार का कहना है कि बाजार से लिए गए कर्ज का इस्तेमाल विकास परियोजनाओं और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में किया जाता है। हालांकि, वित्त विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष के शुरुआती चार महीनों में पूंजीगत व्यय के बजट का केवल 23% ही खर्च हो सका। ऐसे में सवाल है कि जब सरकार लगातार कर्ज ले रही है, तो विकास परियोजनाओं पर खर्च की रफ्तार धीमी क्यों है? दिवाली पर पढ़िए, मध्यप्रदेश सरकार के बजट में कर्ज, नियमित खर्च और विकास कार्यों की क्या स्थिति है। कमाई के हर ₹100 में से ₹45 वेतन, पेंशन और ब्याज पर सरकार के बजट पर वेतन, पेंशन और पुराने कर्ज के ब्याज का बड़ा बोझ है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों के मुताबिक यह राशि सरकार की अनुमानित राजस्व प्राप्तियों ₹3,08,703 करोड़ का करीब 44.7% है। इसका सीधा मतलब यह है कि सरकार राज्य के खजाने में आने वाले हर 100 रुपए में से करीब 45 रुपए सिर्फ अधिकारियों-कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और पुराने कर्जों का ब्याज भरने में ही खर्च कर देती है। हर महीने ₹4,100 करोड़ सिर्फ सब्सिडी और फ्री योजनाओं के लिए वेतन और ब्याज के अलावा, आम लोगों और किसानों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं और सब्सिडी का मासिक बोझ भी बेहद भारी है। सरकार को हर महीने लाड़ली बहना, बिजली सब्सिडी और अन्य सहायता योजनाओं के लिए करीब ₹4,100 करोड़ यानी सालाना लगभग ₹49,200 करोड़ का बंदोबस्त करना पड़ रहा है। चुनाव से पहले लागू 4 बड़ी योजनाओं का ₹24,537 करोड़ का भार तत्कालीन शिवराज सरकार द्वारा चुनाव से ठीक पहले लागू की गई चार प्रमुख योजनाओं से खजाने पर इस साल ₹24,537 करोड़ का वित्तीय भार आ रहा है। विकास बजट का 77% अब भी खर्च होना बाकी सब्सिडी, वेतन, पेंशन और ब्याज के खर्च के बीच बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर बजट खर्च की रफ्तार धीमी है। सरकार ने सड़क, पुल, सिंचाई, बिजली और पेयजल जैसी परियोजनाओं के लिए ₹78,920 करोड़ का पूंजीगत व्यय बजट रखा था। लेकिन जुलाई तक इसमें से ₹17,836 करोड़ ही खर्च हुए। यानी शुरुआती चार महीनों में पूंजीगत व्यय बजट का करीब 23% खर्च हुआ, जबकि ₹61,084 करोड़ यानी 77% राशि खर्च होना बाकी थी। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में पूंजीगत भुगतान की रफ्तार 21% कम बताई गई है। विभागवार आंकड़ों के मुताबिक, आर्थिक सेवाओं के लिए तय बजट का 31% और सामान्य सेवाओं का केवल 5.3% खर्च हुआ। एक्सपर्ट बोले- कमाई हो रही लेकिन खर्च कहीं और हो रहा अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, सरकार के सामने तीन बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, अपने संसाधनों से कर राजस्व बढ़ाना। दूसरी, लाड़ली बहना और बिजली सब्सिडी जैसी योजनाओं के लिए हर महीने करीब ₹4,100 करोड़ का इंतजाम करना। तीसरी, विकास परियोजनाओं पर पूंजीगत खर्च की रफ्तार बढ़ाना, ताकि रोजगार और कारोबार को गति मिले। आर्थिक मामलों के जानकार राजेश जैन कहते हैं कि हाल ही में देश का GST कलेक्शन ₹2.3 लाख करोड़ रहा। इसमें मध्यप्रदेश का भी योगदान है। यानी राजस्व संग्रह हो रहा है, लेकिन सवाल यह है कि सरकार इस राशि का इस्तेमाल किन मदों में कर रही है। जैन के मुताबिक, कुछ योजनाओं का लाभ सीधे व्यक्तियों को मिलता है। ऐसी योजनाओं को आमतौर पर फ्रीबीज कहा जाता है। चुनावी वादों को पूरा करने के लिए सरकार इन योजनाओं पर बड़ी राशि खर्च कर रही है। सरकार की आमदनी का अधिक हिस्सा सड़क, बिजली, सिंचाई और अन्य बुनियादी ढांचे पर खर्च होना चाहिए। इससे प्रदेश की विकास क्षमता बढ़ सकती है। FRBM एक्ट क्या है? FRBM (राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन) अधिनियम, 2003 भारत में एक महत्वपूर्ण कानून है, जिसे सरकार के वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चों में पारदर्शिता लाना, कर्ज के बोझ को कम करना और देश की दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। राज्यों के लिए कर्ज लेने की सीमा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 293(3) के तहत, केंद्र सरकार राज्यों के लिए कर्ज लेने की सीमा (नेट बॉरोइंग सीलिंग) निर्धारित करती है। सामान्य तौर पर, राज्यों को अपनी सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3% तक कर्ज लेने की अनुमति होती है। हालांकि, विशेष परिस्थितियों या नीतिगत बदलावों के आधार पर केंद्र सरकार इसमें समय-समय पर बदलाव कर सकती है।



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