Wednesday, November 4, 2026
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सिर्फ 500 रुपये से शुरू हुआ अचार का कारोबार, बिलासपुर की सरिता वैष्णव आज कमा रहीं हर महीने


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बिलासपुर की सरिता वैष्णव बिहान योजना से जुड़कर अचार बनाने का व्यवसाय कर रही हैं. उन्होंने घर से ही आम, कटहल, लहसुन और आंवले समेत कई तरह के अचार बनाने शुरू किए. अचार बेचकर लागत निकालने के बाद हर महीने 6 से 8 हजार रुपये कमा रही हैं. स्वयं सहायता समूह और बिहान योजना के सहयोग से सरिता आत्मनिर्भर बनकर परिवार को आर्थिक सहारा दे रही हैं.

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बिलासपुर: अगर हौसले बुलंद हों और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो छोटी सी शुरुआत भी बड़ी सफलता की कहानी बन सकती है. इसकी मिसाल बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत अमने की रहने वाली सरिता वैष्णव हैं, जिन्होंने बिहान योजना से जुड़कर न सिर्फ खुद का रोजगार शुरू किया, बल्कि अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाया है. कभी घर की जिम्मेदारियों के बीच सीमित रहने वाली सरिता आज घर पर ही अलग-अलग तरह के स्वादिष्ट अचार तैयार कर रही हैं और उन्हें बाजार में बेचकर अच्छी खासी कमाई कर रही हैं. सरिता ने स्वयं सहायता समूह के माध्यम से पहले आरएफ की राशि प्राप्त की और फिर डेढ़ लाख रुपये का लोन लेकर करीब 500 रुपये की छोटी पूंजी से अचार बनाने का कारोबार शुरू किया. कारोबार में अच्छा मुनाफा मिलने के बाद उन्होंने 3 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन लिया और अपने काम को आगे बढ़ाया. आज सरिता आम, कटहल, लहसुन, गाजर-गोभी, आंवला और नींबू समेत कई तरह के अचार तैयार करती हैं. इन अचारों की बिक्री समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर, बैंक और सरस मेले के साथ-साथ ग्राहकों के ऑर्डर पर भी करती हैं. सरिता बताती हैं कि सभी खर्च और लागत निकालने के बाद उन्हें हर महीने करीब 6 से 8 हजार रुपये की बचत हो जाती है. बिहान योजना से मिले सहयोग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है.

₹500 से शुरू किया अचार बनाने का कारोबार
बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत अमने की रहने वाली सरिता वैष्णव ने महज 500 रुपये की छोटी पूंजी से घर पर अचार बनाने का व्यवसाय शुरू किया. बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्वयं सहायता समूह के माध्यम से आर्थिक सहयोग मिला, जिससे उन्होंने अपने छोटे से कारोबार को आगे बढ़ाया.

लोन लेकर बढ़ाया अपना कारोबार
सरिता ने शुरुआत में डेढ़ लाख रुपये का लोन लेकर अचार का व्यवसाय शुरू किया. कारोबार में अच्छी आमदनी होने लगी तो उन्होंने 3 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन लिया. इससे उन्हें अपना काम बढ़ाने और अधिक मात्रा में अचार तैयार करने का मौका मिला.

कई तरह के स्वादिष्ट अचार बनाती हैं सरिता
सरिता घर पर आम, कटहल, लहसुन, गाजर-गोभी मिक्स, आंवला और नींबू समेत कई तरह के अचार तैयार करती हैं. इसके अलावा सीजन के अनुसार जमीकंद का अचार बनाने की भी तैयारी कर रही हैं. उनके बनाए अचार की कीमत और गुणवत्ता के आधार पर ग्राहक खरीदारी करते हैं.

हर महीने हो रही 6 से 8 हजार रुपये की कमाई
सरिता के मुताबिक अचार बनाने में लागत और अन्य खर्च निकालने के बाद उन्हें हर महीने करीब 6 से 7 हजार रुपये की बचत होती है. कई बार यह कमाई बढ़कर 8 हजार रुपये तक पहुंच जाती है. इस आमदनी से वह अपने परिवार के खर्च में आर्थिक सहयोग कर रही हैं.

समूह और सरस मेले में बेचती हैं अपने उत्पाद
सरिता अपने बनाए अचार को स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर और बैंक के माध्यम से बेचती हैं. इसके अलावा सरस मेले और छोटे-बड़े आयोजनों में भी अपने उत्पाद लेकर पहुंचती हैं. ग्राहकों से मिलने वाले ऑर्डर पर अचार की सप्लाई भी करती हैं. बिहान योजना से मिले सहयोग ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…

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युवक को पीटने के आरोपी 24 घंटे बाद भी-गिरफ्तार नहीं: पीड़ित के पिता ने भाजपा पार्षद के बेटे और तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई – Shahjahanpur News




शाहजहांपुर में युवक से मारपीट के मामले में पुलिस 24 घंटे बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। सोमवार को दिनदहाड़े राजघाट पुलिस चौकी के पास युवक को पीटा गया था। पीड़ित सिख समाज से है। तिलहर थाना क्षेत्र के हाजी नगला गांव के हरपिंदर सिंह ने मंगलवार को कोतवाली में FIR दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा योगराज सिंह सोमवार शाम करीब 5 बजे कोचिंग से घर लौट रहा था। हरपिंदर सिंह के मुताबिक, चित्रा टॉकीज के पास रहने वाले प्रदीप सक्सेना का बेटा अनिरुद्ध सक्सेना अपने तीन साथियों के साथ वहां आया और योगराज को पीटा। इसके बाद आरोपी FIR दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी देकर चले गए। मारपीट में योगराज को चोटें आई हैं।
पुलिस ने अनिरुद्ध सक्सेना को नामजद करते हुए तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटना का वीडियो भी वायरल हुआ। वीडियो में कुछ लोग योगराज के लंबे बाल पकड़कर खींचते और उसे घूंसे-थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। मारपीट के दौरान सड़क पर यातायात रुक गया था। मौके पर मौजूद लोग घटना देखते रहे, लेकिन किसी ने योगराज को बचाने की कोशिश नहीं की। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक प्रदीप राय ने कहा कि आरोपी कम उम्र के हैं। पुलिस जांच कर रही है कि वे बालिग हैं या नाबालिग। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।



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बेड के नीचे पत्नी ने रखी पति की लाश: ऊपर बॉयफ्रेंड संग रात बिताई, फ्रिज के कार्टन ने खोला मर्डर का राज – Madhya Pradesh News


क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 18 जून 2018 को शिवपुरी के दिनारा इलाके में सड़क किनारे पीली बोरी में बंद एक युवक की सड़ी-गली लाश मिली थी।

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शव के पास फ्रिज के कार्टन पर लिखा एक मोबाइल नंबर पुलिस को झांसी तक ले गया, लेकिन कई महीनों की जांच के बाद भी मृतक की पहचान नहीं हो सकी।

करीब 10 महीने बाद झांसी में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट से पता चला कि शव रेलवे से रिटायर राधारमण भारद्वाज के बड़े बेटे रिंकू का है।

पुलिस की जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि रिंकू की हत्या उसके अपने घर में हुई थी। जिस बेड के नीचे बॉक्स में उसकी लाश छिपाई गई, उसी पर उसकी पत्नी हेमलता ने प्रेमी के साथ रात बिताई।

सुबह शव को कार्टन में पैक कर दूसरे जिले में फेंक दिया गया। करीब एक साल तक पुलिस को उलझाने वाले इस केस में आखिरकार कार्टन पर लिखा मोबाइल नंबर ही अहम सुराग बना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

रिंकू की पहचान होने के बाद पुलिस ने परिवार के लोगों से पूछताछ शुरू की। सामने आया कि उसके पिता राधारमण रेलवे में नौकरी करते थे। पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने दूसरी शादी की थी। रिंकू पहली पत्नी का बेटा था, जबकि दूसरी पत्नी से एक बेटा और एक बेटी थे। राधारमण ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर अपनी सरकारी नौकरी छोटे बेटे रोहित को दिलवा दी थी। रिंकू की पत्नी हेमलता उर्फ आरती इस फैसले से नाराज थी।

देरी से रिपोर्ट पर पुलिस को संदेह

तनाव बढ़ने पर राधारमण ने रिंकू और हेमलता को अपना मकान दे दिया था। वे दूसरी पत्नी और बच्चों के साथ अलग किराए के मकान में रहने लगे।

परिवार के बीच बातचीत कम हो गई थी। रिंकू ड्राइविंग के काम से अक्सर बाहर रहता था। ऐसे में उसके कई महीनों तक घर नहीं लौटने पर भी शुरुआत में किसी ने गंभीरता से तलाश नहीं की।

लेकिन पुलिस के सामने एक सवाल था- रिंकू की हत्या जून 2018 में हो चुकी थी, फिर हेमलता ने जनवरी 2019 में गुमशुदगी की रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई?

कार्टन का सुराग पहुंचा उसी घर के पास

पुलिस ने झांसी में रिंकू के घर के आसपास रहने वालों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान फ्रिज के कार्टन का सुराग फिर अहम साबित हुआ।

पता चला कि जिस कमरे तक कार्टन पर लिखे मोबाइल नंबर की जांच पहुंची थी, वहां अरमान नाम का युवक बेकरी चलाता था। यह बेकरी रिंकू और हेमलता के घर से लगी हुई थी।

अरमान बेकरी के लिए रिंकू के घर से पानी लाता था। बिजली का तार भी उसी घर से खींच रखा था। इस वजह से उसका घर में आना-जाना सामान्य हो गया था।

घर के अंदर हुई हत्या, बेड के बॉक्स में छिपाया शव

रिंकू को जब पत्नी और अरमान के संबंधों के बारे में पता चला तो घर में विवाद होने लगा। पुलिस के मुताबिक, इसी तनाव के बीच हेमलता और अरमान ने मिलकर रिंकू की हत्या की साजिश रची।

पुलिस की जांच के मुताबिक, 14 जून 2018 की रात अरमान रिंकू के घर पहुंचा। वहां उसने चाकू से रिंकू पर कई वार किए। गर्दन पर हुए हमलों और अत्यधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई।

हत्या के बाद दोनों ने शव को चादर में लपेटकर बोरी में भर दिया और डबल बेड के बॉक्स में छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद अरमान और हेमलता ने उसी बेड पर रात बिताई।

मोपेड पर कार्टन में शव लेकर निकला

सुबह शव को ठिकाने लगाने की तैयारी शुरू हुई। अरमान अपनी बेकरी से फ्रिज और बिस्कुट के कार्टन लेकर आया। शव को बोरी समेत कार्टन में पैक किया और मोपेड पर रखकर वहां से निकल गया।

बेकरी के काम के चलते उसका कार्टन लेकर आना-जाना आम बात थी। किसी को शक नहीं हुआ। वह शव को शिवपुरी जिले के बरकुआं गांव के हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे फेंक आया।

पेंट, चाकू और बेड की प्लाई से मिले अहम सबूत

हत्या के करीब एक साल बाद पुलिस ने 1 जून 2019 को हेमलता और अरमान को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने अरमान की बेकरी की दीवार से पेंट का नमूना लिया।

जांच में कार्टन पर लगे हरे पेंट और बेकरी की दीवार पर इस्तेमाल किए गए पेंट में समानता सामने आई। पुलिस को रिंकू के घर में रखे डबल बेड की प्लाई पर भी खून के निशान मिले।

चाकू, मोपेड और बेड से जुड़े साक्ष्यों को भी अहम माना गया। जिस बेड के बॉक्स में शव छिपाया गया था, उसकी प्लाई पर मिले खून के निशान जुर्म को साबित करने के लिए अहम सबूत बन गए।

अदालत में 24 गवाहों ने क्या बताया?

मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 24 गवाह पेश किए। रिंकू के पिता राधारमण ने परिवार में नौकरी और संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद की जानकारी दी। छोटे भाई रोहित ने भी रिंकू और हेमलता के बीच होने वाले झगड़ों तथा अरमान के घर आने-जाने की बात अदालत में बताई।

रिंकू के रिश्तेदार श्याम भारद्वाज ने बताया कि जनवरी 2019 में वह झांसी में एक शादी में शामिल होने आया था। इस दौरान वह हेमलता के घर गया, जहां उसने एक युवक को बैठे देखा। पूछने पर हेमलता ने बताया कि वह अरमान है और बेकरी चलाता है।

बचाव पक्ष के सवाल, अदालत का फैसला

बचाव पक्ष ने अभियोजन की कहानी पर सवाल उठाए। उसका तर्क था कि हत्या का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। डीएनए जांच से मृतक की पहचान का निर्णायक वैज्ञानिक मिलान भी नहीं हुआ था। कुछ गवाहों के बयान परिस्थितिजन्य थे।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पूरे घटनाक्रम और सबूतों का परीक्षण किया। शव की पहचान, घर के भीतर मिले खून के निशान, चाकू पर खून, कार्टन और बेकरी की दीवार के पेंट की समानता तथा गवाहों के बयानों को एक साथ देखा गया।

13 मई 2024 को अदालत ने अरमान उर्फ रिंकू खान और हेमलता उर्फ आरती उर्फ वेटू शर्मा को दोषी ठहराया। दोनों को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और एक-एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।

क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें…

100 किमी दूर सड़क किनारे बोरी में फेंकी लाश

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में इस बार कहानी शिवपुरी के एक ऐसे हत्याकांड की, जिसकी गुत्थी सुलझाने में पुलिस को करीब एक साल लग गए। सड़क किनारे मिली लाश के पास फ्रिज के कार्टन और उस पर लिखा एक मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगा। पढ़ें पूरी खबर…



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नालंदा यूनिवर्सिटी में ‘वन हेल्थ’ पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार: भूटान, बांग्लादेश, नेपाल के पॉलिसी मेकर्स, साइंटिस्ट भी पहुंचे; बोले- वसुधैव कुटुम्बकम से बीमारियों से निपटा जा सकता है – Nalanda News




विश्व वन हेल्थ दिवस के मौके पर नालंदा विश्वविद्यालय में वन हेल्थ को गति देने वाले क्षेत्रीय कारक’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज एंड लिटरेचर/ह्यूमैनिटीज अंतर्गत संचालित साइंस, टेक्नोलॉजी एवं पॉलिसी स्टडीज विभाग द्वारा आयोजित इस संगोष्ठी में भारत, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल के नीति-निर्माताओं व वैज्ञानिकों ने भाग लिया। आर्थिक विकास व तकनीकी समानता का जरिया है ‘वन हेल्थ’ उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि वन हेल्थ को केवल जनस्वास्थ्य तक सीमित न रखकर इसे आर्थिक विकास, तकनीकी समानता और वैश्विक सहयोग के नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती जैव-अर्थव्यवस्था, टीका निर्माण और नैदानिक क्षमताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि समान चुनौतियों से जूझ रहे विकासशील देशों को एक-दूसरे के संसाधनों और तकनीकी ज्ञान का लाभ उठाना चाहिए। रोकथाम, निगरानी और उभरती तकनीकों पर बल भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की वैज्ञानिक डॉ. संगीता अग्रवाल ने राष्ट्रीय वन हेल्थ मिशन की रूपरेखा रखते हुए एकीकृत निगरानी और 54 प्राथमिकता वाले रोगाणुओं की पहचान पर प्रकाश डाला। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एस. आर. राव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीनोमिक्स, अपशिष्ट जल निगरानी और रोगाणुरोधी प्रतिरोध से निपटने के लिए साझा पूर्व चेतावनी तंत्र विकसित करने पर जोर दिया। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के विचार को अपनाकर… वहीं संचार मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार अभिमन्यु सिंह ने आर्थिक पहलू रखते हुए कहा कि महामारी फैलने के बाद प्रबंधन पर होने वाले भारी खर्च की तुलना में पूर्व रोकथाम कहीं अधिक सस्ती है। भूटान के एफसीबीएल निदेशक छिमे छेवांग ने जलवायु परिवर्तन के पारिस्थितिकी पर असर, विद्यासागर विवि के डॉ. सुरोजित दास ने वन्यजीवों में रोगाणुरोधी प्रतिरोध के खतरे और विश्वविद्यालय के डीन प्रो. डी. वेंकट राव ने ‘चरक संहिता’ के हवाले से पारंपरिक ज्ञान व आधुनिक विज्ञान के समन्वय पर विचार रखे। वेबिनार में विशेषज्ञों ने एक स्वर में माना कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के विचार को अपनाकर ही जलवायु परिवर्तन, रोगाणुरोधी प्रतिरोध और संक्रामक बीमारियों से निपटा जा सकता है।



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नाश्ते में पराठे के साथ खाना है कुछ चटपटा, तो प्याज-टमाटर से बनाएं ये चटनी

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लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में सर्दियों का मौसम शुरू होते ही खानपान में भी बदलाव देखने को मिलता है. इस मौसम में लोग तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन खाना पसंद करते हैं. अगर आप भी रोजाना एक जैसी सब्जी खाकर परेशान हो गए हैं और सुबह के नाश्ते में कुछ नया और चटपटा बनाना चाहते हैं, तो टमाटर की चटनी आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह चटनी बनाने में बेहद आसान है और कम समय में घर पर तैयार हो जाती है. इसे आप गर्मागर्म पराठे, रोटी और पूरी के साथ खा सकते हैं. टमाटर का खट्टापन, प्याज की मिठास और हरी मिर्च का तीखापन इसके स्वाद को खास बना देता है.

सर्दियों में नाश्ते का स्वाद बढ़ाएगी टमाटर की चटनी

बातचीत करते हुए मुस्कान बताती हैं कि सर्दियों के मौसम में टमाटर की चटनी आज भी लोगों के नाश्ते की पसंदीदा चीजों में शामिल है. सुबह-सुबह गर्मागर्म पराठों के साथ अगर चटपटी टमाटर की चटनी मिल जाए तो खाने का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. खास बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए न तो ज्यादा महंगी सामग्री की जरूरत होती है और न ही घंटों रसोई में मेहनत करनी पड़ती है. घर में आसानी से उपलब्ध प्याज, टमाटर और मसालों से ही स्वादिष्ट चटनी तैयार की जा सकती है.

सर्दियों में क्यों पसंद की जाती है टमाटर की चटनी

सर्दियों के मौसम में बाजार में ताजे टमाटर आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. ऐसे में इनसे कई तरह की स्वादिष्ट डिश बनाई जा सकती हैं. टमाटर की चटनी भी इन्हीं में से एक है. यह रोजाना बनने वाली सब्जियों से अलग स्वाद देती है. खासतौर पर उन लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प है, जो नाश्ते में कुछ चटपटा खाना पसंद करते हैं.

मुस्कान बताती हैं कि घर में जब कभी नाश्ते में पराठे बनाए जाते हैं तो उनके साथ टमाटर की चटनी जरूर बनाई जाती है. परिवार के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को इसका स्वाद पसंद आता है. इसे अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा तीखा भी बनाया जा सकता है.

इस आसान तरीके से तैयार करें टमाटर की चटनी

टमाटर की चटनी बनाने के लिए सबसे पहले प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरे धनिये को अच्छी तरह साफ कर लें. इसके बाद प्याज और टमाटर को बारीक-बारीक काट लें. हरी मिर्च को भी छोटे टुकड़ों में काटकर अलग रख दें. इससे चटनी बनाते समय सभी सामग्री आसानी से पक जाएगी.

गर्म तेल में जीरा और प्याज भूनकर डालें टमाटर और हरी मिर्च

अब गैस पर एक कढ़ाई रखें और उसमें जरूरत के अनुसार तेल डालकर गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें एक चम्मच जीरा डाल दें. जब जीरा हल्का चटकने लगे तो बारीक कटे हुए प्याज को कढ़ाई में डालें. प्याज को मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक अच्छी तरह भूनें. ध्यान रखें कि प्याज न तो कच्चा रहे और न ही ज्यादा जलने पाए, क्योंकि प्याज का सही तरीके से भुनना चटनी के स्वाद को बेहतर बनाता है.

जब प्याज सुनहरा हो जाए तो इसमें कटे हुए टमाटर और हरी मिर्च डाल दें. इसके बाद स्वादानुसार नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और थोड़ा गरम मसाला डालकर सभी सामग्रियों को अच्छी तरह मिला लें.

8 से 10 मिनट में पककर तैयार हो जाएगी चटपटी टमाटर की चटनी

अब कढ़ाई को ढककर धीमी या मध्यम आंच पर पकने दें. बीच-बीच में चम्मच की सहायता से चटनी को चलाते रहें, जिससे टमाटर और प्याज कढ़ाई में चिपकें नहीं. लगभग 8 से 10 मिनट तक पकाने पर टमाटर अच्छी तरह गल जाएंगे और प्याज के साथ मिलकर गाढ़ी चटनी का रूप ले लेंगे.

जब टमाटर पूरी तरह पक जाएं और मसाले अच्छी तरह मिल जाएं तो ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डाल दें. इसके बाद एक बार अच्छी तरह चलाकर गैस बंद कर दें. इस तरह कुछ ही मिनटों में आपकी स्वादिष्ट टमाटर की चटनी बनकर तैयार हो जाएगी.

पराठे, रोटी और पूरी के साथ लें टमाटर की चटनी का मजा

इस चटपटी टमाटर की चटनी को गर्मागर्म पराठे, रोटी और पूरी के साथ परोस सकते हैं. सर्दियों के नाश्ते में यह घर के सभी लोगों के लिए स्वादिष्ट विकल्प बन सकती है.



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अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की काउंटिंग जारी: हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी 41 सीटों पर आगे, ट्रम्प की रिपब्लिकन को 17 पर बढ़त




अमेरिका के अलग-अलग राज्यों में वोटिंग खत्म होने के साथ ही मिडटर्म चुनाव के नतीजे आने शुरू हो गए हैं। शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बढ़त मिली है, जबकि सीनेट में भी दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला जारी है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के शुरुआती रुझानों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी 41 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी 17 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। हाउस में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हो रहा है। सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर इस बार चुनाव हो रहा है। एनबीसी के मुताबिक, सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास फिलहाल 43 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 31 सीटें हैं। बाकी 26 सीटों पर नतीजे आने बाकी हैं। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है।



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तूफान ‘मुरासु’ छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बदला मौसम: आंध्रप्रदेश में 35 ट्रेनें रद्द, ओडिशा के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट




आंध्र प्रदेश में आए भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु ने भारी तबाही मचाई है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, तूफान से राज्य में करीब 344 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। करीब 52,459 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। 35 ट्रेनें रद्द कर दी गईं हैं। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण हजारों पेड़ उखड़ गए और बिजली के 2,750 खंभे क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बुधवार को भी तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। ओडिशा के दक्षिणी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को गजपति, गंजम, कोरापुट, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कालाहांडी और कंधमाल जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का असर दिखने लगा है। मंगलवार शाम रायपुर में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने बुधवार को 15 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति
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गोरखपुर एम्स की झाड़ियों में मिला बच्चे का कंकाल: डॉक्टरों ने बताया डमी, पुलिस ने जांच के लिए माेर्चरी में रखवाया – Gorakhpur News




गोरखपुर एम्स परिसर में मंगलवार शाम टाइप-4 ब्लॉक के पीछे सफाई के दौरान बच्चे जैसा दिखने वाला एक कंकाल मिला। जेसीबी चालक की सूचना पर पहुंची एम्स चौकी पुलिस ने कंकाल को कब्जे में लेकर जांच के लिए एम्स के मोर्चरी हाउस भिजवा दिया। जेसीबी चालक देखकर चौंक गया पुलिस के मुताबिक, तीन नवंबर 2026 को शाम करीब छह बजे एम्स के डिप्टी डायरेक्टर ने चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक हिमांशी पांडेय को इसकी सूचना दी। बताया गया कि टाइप-4 ब्लॉक के पीछे साफ-सफाई के दौरान जेसीबी चालक को मानव बालक के कंकाल जैसा दिखाई देने वाला ढांचा पड़ा मिला है। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी पुलिसकर्मियों और एम्स के सुरक्षा गार्डों के साथ मौके पर पहुंचीं। शुरुआती जांच में कंकाल आर्थोपेडिक चिकित्सकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली डमी प्रतीत हुआ। जोड़ों पर नट-बोल्ट और स्क्रू लगे थे उसके जोड़ों पर नट-बोल्ट और स्क्रू लगे हुए थे। इसके बाद पुलिस ने एम्स के मर्चरी हाउस के चिकित्सक डॉ. आशीष सर्राफ को इसकी जानकारी दी। चिकित्सक के निर्देश पर पुलिस ने कंकाल को सील-मोहर कर विस्तृत जांच और सत्यापन के लिए एम्स के मर्चरी हाउस भेज दिया। इस संबंध में थाना प्रभारी महेंद्र कुमार पांडेय के अनुसार कंकाल के वास्तविक स्वरूप की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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मिड कैरियर ट्रेनिंग में जाएंगे एक DIG, सात SP: गृह विभाग ने 14 आईपीएस अफसरों का प्रभार दूसरे अफसरों को सौंपा – Bhopal News




मध्य प्रदेश पुलिस के 14 आईपीएस अधिकारियों को 28वें मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम (MCTP) फेज-III में शामिल होने के लिए चुना गया है। यह प्रशिक्षण 26 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में आयोजित किया जा रहा है। मिड कैरियर ट्रेनिंग के लिए जाने वाले अफसरों में एक डीआईजी और सात जिलों के पुलिस अधीक्षक का नाम शामिल है। गृह विभाग ने मंगलवार को जारी आदेश में प्रशिक्षण में शामिल होने वाले अधिकारियों के कार्यभार की वैकल्पिक व्यवस्था तय की है। इसके अंतर्गत संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति में उनके दायित्व दूसरे आईपीएस अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। इन अधिकारियों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी गृह विभाग के आदेश के अनुसार डीआईजी शहडोल रेंज विवेक सिंह के स्थान पर एसपी शहडोल संजय कुमार अग्रवाल जिम्मेदारी संभालेंगे। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल शैलेन्द्र सिंह चौहान के स्थान पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल मोनिका शुक्ला को दायित्व दिया जाएगा। इसी तरह 23वीं वाहिनी विसबल भोपाल के सेनानी प्रमोद कुमार सिन्हा के स्थान पर 25वीं वाहिनी के सेनानी नागेंद्र सिंह, एसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह के स्थान पर 13वीं वाहिनी के सेनानी श्रुतकीर्ति सोमवंशी जिम्मेदारी संभालेंगे। एमपी पुलिस अकादमी भौंरी के उप निदेशक रामजी श्रीवास्तव के स्थान पर राज्य पुलिस सेवा के रश्मि पाण्डेय, एसपी रायसेन आशुतोष के स्थान पर अंकित जायसवाल पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल तथा डीसीपी जोन-2 भोपाल विकास कुमार सहवाल के स्थान पर डीसीपी जोन-3 आयुष गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अन्य अधिकारियों की भी तय हुई वैकल्पिक व्यवस्था आदेश के अनुसार मनीष खत्री के स्थान पर हेलेन सोनाली सूना, एसपी रेल जबलपुर सुंदर सिंह कनेश के स्थान पर सिद्धार्थ चौधरी, एसपी बड़वानी पद्म विलोचन शुक्ला के स्थान पर सेनानी विनोद कुमार सिंह तथा एसपी आगर मालवा दिलीप कुमार सोनी के स्थान पर सेनानी दीपक कुमार शुक्ला को जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं एसपी अनूपपुर विक्रांत मुराव के स्थान पर अंकित सोनी, एसपी मऊगंज सुरेंद्र कुमार जैन के स्थान पर मनोहर सिंह मंडलोई और एसपी डिंडोरी आशीष खरे के स्थान पर सेनानी सुनील तिवारी को कार्यभार सौंपने की व्यवस्था की गई है।



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बालाजी नुथलापडी के बारे में जानिए, जिन्हें Equitas ने बनाया अंतरिम CEO


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बालाजी नुथलापडी कौन हैं, जिन्हें इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अंतरिम CEO बनाया है? Citi में 28 साल से ज्यादा काम करने वाले बालाजी का बैंकिंग करियर कैसा रहा है? पीएन वासुदेवन के इस्तीफे के बाद उनकी नियुक्ति से क्या बैंक के शेयर में रिकवरी आएगी और निवेशकों को क्या संकेत मिल रहे हैं?

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Equitas Small Finance Bank को नया सीईओ म‍िल गया है.

Equitas स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों में पिछले कुछ सत्रों से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. बैंक के लंबे समय तक MD और CEO रहे पीएन वासुदेवन के इस्तीफे के बाद निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई थी. अब बैंक ने इस लीडरश‍िप क्राइस‍िस को संभालने के लिए बालाजी नुथलापडी को अंतरिम CEO बनाने का फैसला किया है. क्या नए CEO की नियुक्ति से शेयर में रिकवरी आएगी?

मनी कंट्रोल की र‍िपोर्ट के मुताबिक- बैंक के बोर्ड ने 3 नवंबर 2026 को बालाजी नुथलापडी की नियुक्ति को मंजूरी दी. हालांकि, यह नियुक्ति रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी. बैंक ने स्थायी MD और CEO की तलाश भी शुरू कर दी है. यानी फिलहाल बालाजी को बैंक की कमान संभालने के लिए अंतरिम जिम्मेदारी दी गई है.

कौन हैं बालाजी नुथलापडी?

  1. बालाजी नुथलापडी बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर का जाना-पहचाना अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल हैं. उन्होंने साल 1996 में IIM अहमदाबाद से पोस्ट ग्रेजुएशन किया. इसके बाद 1997 में उन्होंने Citi के साथ अपने करियर की शुरुआत की.
  2. Citi में उन्होंने करीब 28 साल से ज्यादा समय तक काम किया. इस दौरान उन्हें एशिया-पैसिफिक (APAC) और यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका (EMEA) के अलग-अलग बाजारों में काम करने का अनुभव मिला.
  3. मई 2021 में वह Citi साउथ एश‍िया में ऑपरेशंस और टेक्‍नोलॉजी के प्रमुख बने. सितंबर 2024 में उनकी जिम्मेदारी बढ़ी और वह मैनेज‍िंग डायरेक्‍टर और सेंट्रलाइज्‍ड कंट्रोल्‍स टेस्‍ट‍िंग एक्‍ज‍िक्‍यूशन के चीफ बने.
  4. मार्च 2025 में वह Equitas स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े. उन्हें बैंक का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और टेक्नोलॉजी एवं ऑपरेशंस की जिम्मेदारी दी गई थी. यानी वह बैंक के लिए नए नहीं हैं और पहले से ही इसके कामकाज का हिस्सा रहे हैं.
  5. उनके अनुभव में बैंकिंग ऑपरेशंस, टेक्नोलॉजी, डिजिटल बदलाव, जोखिम नियंत्रण, वेल्थ मैनेजमेंट और बैंकिंग प्रोडक्ट जैसे क्षेत्र शामिल हैं. यही अनुभव अब बैंक के लिए काम आ सकता है. खासकर ऐसे समय में जब निवेशकों का भरोसा दोबारा जीतना बैंक की प्राथमिकता होगी.

पीएन वासुदेवन के इस्तीफे के बाद क्यों बढ़ी थी चिंता?

Equitas के पूर्व MD और CEO पीएन वासुदेवन ने 29 अक्टूबर 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसकी वजह उनकी बेटी के एक NBFC यानी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी से जुड़े होने के कारण पैदा हुई हितों के टकराव की आशंका थी.

वासुदेवन की बेटी Unico Housing Finance की सह-संस्थापक और प्रमोटर हैं. वासुदेवन ने कहा था कि उनके और उनकी बेटी की भूमिकाएं नियामकीय नियमों के दायरे में थीं. हालांकि, निवेशकों के बीच इस मामले को लेकर बनी धारणा बैंक के शेयर पर दबाव डाल रही थी. इस्तीफे की खबर आने के बाद Equitas के शेयर में तेज बिकवाली हुई. 29 अक्टूबर को शेयर इंट्राडे में 20 फीसदी तक टूटकर लोअर सर्किट पर पहुंच गया था. इससे निवेशकों को झटका लगा.

क्या बालाजी की नियुक्ति से शेयर में आएगी तेजी?

बालाजी नुथलापडी की नियुक्ति को बैंक के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा सकता है. इसकी पहली वजह यह है कि बैंक के पास अब अंतरिम नेतृत्व का नाम है. दूसरी वजह उनका लंबा बैंकिंग अनुभव है. तीसरी बात यह कि वह पहले से बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, इसलिए उन्हें बैंक की कार्यप्रणाली समझने में ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए. लेकिन शेयर में तेजी की गारंटी सिर्फ CEO बदलने से नहीं मिलती. निवेशक यह भी देखेंगे कि RBI से नियुक्ति को कब मंजूरी मिलती है और बैंक स्थायी MD-CEO किसे बनाता है.

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ज्ञानेंद्र म‍िश्रDeputy News Editor

ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्‍हें मीड‍िया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …

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