Saturday, August 8, 2026
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UPI : 95% ट्रांजेक्शन रहेंगे पूरी तरह फ्री, आम आदमी को घबराने की जरूरत नहीं


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UPI Transactions : संसद में कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक पास हुआ है. नए बिल में डिजिटल पेमेंट पर मिलने वाली चार्ज-फ्री छूट की समीक्षा करने की बात कही गई है. बिल पास होने के बाद से ही ये अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि यूपीआई पेमेंट पर भी शुल्‍क लग सकता है. हालांकि सरकार और एनपीसीआई साफ कर चुके हैं कि आम आदमी को कोई शुल्‍क नहीं देना होगा.

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UPI : 95% ट्रांजेक्शन रहेंगे पूरी तरह फ्री, आम आदमी को घबराने की जरूरत नहीं Zoom

यूपीआई पेमेंट पर शुल्‍क लगाने की अटकलें चल रही हैं.

नई दिल्ली. संसद में हाल ही में पारित हुए नए टैक्स संशोधन बिल के बाद आप भी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि चाय की टपरी से लेकर किराना दुकान तक हर यूपीआई ट्रांसफर पर जेब ढीली करनी पड़ेगी, तो आपके लिए राहत भरी बड़ी खबर है. देश में होने वाले 95 फीसदी से अधिक यूपीआई ट्रांजेक्शन पूरी तरह ‘फ्री’ रहेंगे. पेमेंट इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, भारत में UPI के जरिए होने वाले दैनिक भुगतानों का एक बड़ा हिस्सा छोटी राशि का होता है. वित्त वर्ष 2025-26 में पर्सन टू मर्चेंट (P2M) के बीच हुए कुल UPI पेमेंट्स में से केवल 4% लेनदेन ही ₹2,000 से अधिक के थे. इसलिए किराना दुकान, सब्‍जी विक्रेता से लेकर छोटे व्यापारियों को किए जाने वाले छोटे भुगतानों पर किसी भी तरह का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR लगने की कोई संभावना नहीं है.

इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, पेमेंट इंडस्‍ट्री से जुड़े एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि किराना दुकानों पर होने वाले लेनदेन की औसत राशि ₹100 से ₹200 के बीच होती है. इन सभी छोटे भुगतानों को पूरी तरह से शुल्क-मुक्त रखा जाएगा. एमडीआर वह शुल्क है जो बैंक और पेमेंट कंपनियां भुगतान की प्रोसेसिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए लेती हैं. संभावित MDR केवल शॉपिंग मॉल, बड़ी ई-कॉमर्स वेबसाइटों और उन बड़े कॉर्पोरेट्स पर लग सकता है जिनका सालाना टर्नओवर काफी अधिक (जैसे ₹50 करोड़ से ऊपर) है.

वित्‍त मंत्री भी कर चुकी इंकार

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण भी यह साफ कर चुकी हैं कि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की स्टीयरिंग कमेटी ने अभी एमडीआर पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है. अगर यह लागू भी होता है, तो यह केवल बड़े मर्चेंट्स पर होगा, एंड-यूजर्स या ग्राहकों पर बिल्कुल नहीं. पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिय ने स्पष्ट किया है कि एमडीआर केवल बड़े व्यापारियों और पेमेंट कंपनियों के बीच का समझौता होता है. आम ग्राहकों से यूपीआई इस्तेमाल करने के बदले कोई चार्ज कभी नहीं लिया जाएगा.

क्‍यों है एमडीआर की जरूरत?

वित्त वर्ष 2025-26 में 24,000 करोड़ से अधिक यूपीआई लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹314 लाख करोड़ रही. इस विशाल नेटवर्क को चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के चलाने, साइबर सुरक्षा मजबूत करने, फ्रॉड रोकने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI का विस्तार करने के लिए पेमेंट इंडस्ट्री को हर साल ₹15,000 करोड़ खर्च करने पड़ रहे हैं.



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राजस्थान के सरकारी हॉस्पिटल्स में ICU की चौंकाने वाली हकीकत: डॉक्टर-नर्स की कमी, वेंटिलेटर-मशीनें गायब, कई जगह आग बुझाने तक के इंतजाम नहीं – Rajasthan News




जिस इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में मरीज जिंदगी बचने की आखिरी उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं उनकी जिंदगी दांव पर है। राजस्थान के अधिकतर सरकारी हॉस्पिटल्स के इन आईसीयू में ट्रेंड डॉक्टर औन नर्स तक की कमी है। कहीं जरूरी मशीनें गायब हैं तो कई हॉस्पिटल्स के ICU में आग बुझाने तक के इंतजाम नहीं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश के 55 जिला अस्पतालों में हुए गैप एनालिसिस में ये हकीकत सामने आई है। ज्यादतर ICU ऐसे ही मिले हैं, जहां तय मानक पूरे नहीं हो रहे। भास्कर टीम ने राजधानी जयपुर के कांवटिया हॉस्पिटल में जाकर जमीनी पड़ताल की। वहां भी ICU में बेड की संख्या तय मानकों से भी कम मिली। गंभीर मरीजों के शरीर की अहम जानकारी देने वाली मशीनें तक नहीं थीं। सबसे पहले देखिए- जयपुर के हॉस्पिटल के ICU की हकीकत 8 बेड की जगह 5, ABG मशीन भी नहीं जयपुर का कांवटिया हॉस्पिटल SMS मेडिकल कॉलेज से अटैच है। हॉस्पिटल में ICU दूसरी मंजिल पर बना है। हमने मौके पर जाकर देखा तो 5 बेड मिले, जबकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार लेवल-1 मानकों के तहत यहां 6 से 8 बेड होने चाहिए थे। यहां दो मरीज भर्ती मिले। अस्पताल के डॉक्टरों ने खुद स्वीकार किया कि यहां ट्रेंड डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की कमी है। SMS मेडिकल कॉलेज से तीन रेजिडेंट डॉक्टर रोटेशन से ड्यूटी करने आते हैं। एनेस्थीसिया विभाग के रेजिडेंट और कंसल्टेंट भी आते हैं, लेकिन उनकी ड्यूटी ऑपरेशन थिएटर में ज्यादा रहती है। ऐसे में ICU में उनकी उपलब्धता बहुत सीमित रहती है। ICU में भर्ती गंभीर मरीजों के फेफड़ों में ऑक्सीजन का दबाव, पीएच लेवल जैसी कई महत्वपूर्ण जानकरियां देने वाली ABG मशीन भी उपलब्ध नहीं थी। जांच में सामने आया कि अकेले जयपुर के कांवटिया अस्पताल में नहीं बांसवाड़ा, करौली, हिंडौन और धौलपुर के अस्पतालों के ICU में भी यही हालात हैं। 1. बांसवाड़ा: ICU में फायर NOC नहीं, जरूरी उपकरण भी कम गैप एनालिसिस रिपोर्ट के अनुसार बांसवाड़ा जिला हॉस्पिटल के ICU की जांच में फायर NOC नहीं मिली। स्वास्थ्य विभाग की चेकलिस्ट के मुताबिक पोर्टेबल मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर के साथ ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर भी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा पोर्टेबल मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर, ट्रांसपोर्ट वेंटिलेटर और बॉडी वार्मिंग डिवाइस जैसे बेहद जरूरी उपकरण भी वहां उपलब्ध नहीं हैं। 2. करौली और हिंडौन सिटी : फायर NOC और इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं हिडौन सिटी हॉस्पिटल् के ICU के लिए भी फायर NOC नहीं है। इससे भी हैरान करने वाली बात ये है कि ICU में इमरजेंसी एग्जिट तक नहीं है। लेवल-1 के अनुसार मरीजों की संख्या के अनुपात में नर्सिंग स्टाफ की कमी भी सामने आई। करौली जिला हॉस्पिटल की फायर NOC के रिन्यूअल प्रोसेस में है। 3. धौलपुर: NOC के लिए आवेदन किया, अभी मिली नहीं धौलपुर जिला हॉस्पिटल् में भी ICU के लिए फायर NOC उपलब्ध नहीं है। अस्पताल की ओर से NOC के लिए आवेदन किया जा चुका है। राजस्थान में कितने अस्पतालों का गैप एनालिसिस हुआ? राजस्थान में 55 जिला अस्पताल हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि इनमें से 16 अस्पतालों में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा 6 मेडिकल कॉलेजों के साथ राजमेस के मेडिकल कॉलेज भी संचालित हैं। स्वास्थ्य विभाग के कार्यवाहक निदेशक डॉ. नरोत्तम शर्मा के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी अस्पतालों का ICU गैप एनालिसिस कराया गया है। अब जानते हैं लेवल-1 ICU में क्या-क्या होना जरूरी है? भारत सरकार ने आईसीयू के लिए तीन लेवल निर्धारित किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दो महिने पहले ICU को लेकर तैयार किए गए मानकों को स्वीकार करते हुए सभी राज्यों को लेवल-1 आईसीयू मानक लागू करने को कहा था। साथ ही तय समय सीमा में कमियां दूर करने की योजना पेश करने को कहा था। राजस्थान में भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने गैप एनालिसिस कराया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भारत सरकार ने ICU के लिए ये एक समान मानक तय किए हैं… इंफ्रास्ट्रक्चर: ICU में सामान्यतः 6 से 8 बेड, पर्याप्त स्पेस, इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर (OT) के नजदीक लोकेशन, बिजली बैकअप, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट जरूरी हैं। मेडिकल उपकरण और मशीनें : हर बेड पर ऑक्सीजन और सक्शन की सुविधा, मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर, सिरिंज व इन्फ्यूजन पंप, वेंटिलेटर, डिफिब्रिलेटर, पोर्टेबल सक्शन, 12-चैनल ECG, ग्लूकोमीटर और अन्य जरूरी उपकरण होने चाहिए। ABG, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और जरूरी लैब सुविधाएं भी उपलब्ध होनी चाहिए। डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ : ICU की देखरेख के लिए क्रिटिकल केयर का अनुभव या ट्रेनिंग प्राप्त योग्य डॉक्टर होना चाहिए। 24 घंटे MBBS या उससे अधिक योग्यता वाला डॉक्टर ड्यूटी पर उपलब्ध रहना चाहिए। नर्सिंग स्टाफ: सामान्य मरीजों की निगरानी के लिए 2 से 3 मरीज पर एक नर्सिंग स्टाफ और गंभीर या वेंटिलेटर पर भर्ती मरीज के लिए एक मरीज पर एक नर्स का प्रावधान है। रिकॉर्ड मेंटेनेंस : मेडिकल रिकॉर्ड- जैसे डॉक्टर के नोट्स, नर्सिंग रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और इलाज की फाइलें सुरक्षित रखी जानी चाहिए। …. ये खबर भी पढ़िए… जयपुर का SMS हॉस्पिटल… जांच के लिए काटते रहिए चक्कर:पूर्व चिकित्सा मंत्री बिना टेस्ट कराए लौटे थे, मरीज बोले- न साइन बोर्ड, न सही जानकारी जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल में MRI कराने गए पूर्व चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा नाराज हो गए थे। 26 मार्च को हुई इस घटना के बाद भास्कर टीम SMS अस्पताल पहुंची थी। पूर्व मंत्री ने जो दावे किए उसकी हकीकत जानी थी। पूरी खबर पढ़िए…



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मेरठ में आज शिवभक्तों पर पुष्पवर्षा करेंगे मुख्यमंत्री: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, अलर्ट मोड पर पुलिस और प्रशासन – Meerut News




मेरठ में पिछले लगभग 1 हफ्ते से जारी कांवड़ यात्रा में आज शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचकर शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करेंगे। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल और प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए कांवड़ मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर डायवर्जन लागू किया गया है और अधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम स्थल के मंच को जर्मन हैंगर से कवर किया गया है, ताकि मौसम का आयोजन पर असर न पड़े। शनिवार को सुबह से ही दिल्ली-देहरादून हाईवे समेत प्रमुख कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। विभिन्न राज्यों से आए लाखों कांवड़िये अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पेयजल, विश्राम और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से प्रशासन द्वारा जारी यातायात और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।यदि चाहें, मैं इसे दैनिक भास्कर डिजिटल ऐप स्टाइल में अधिक आकर्षक इंट्रो और फैक्ट बॉक्स के साथ भी तैयार कर सकता हूँ।



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शिव पालकी यात्रा का पहला निमंत्रण चिंतामन गणेश मंदिर में – Sehore News



सीहोर| सनातन परंपरा के अनुसार शुभ कार्य की शुरुआत प्रथम पूज्य भगवान गणेश के पूजन से होती है। इसी परंपरा के तहत श्री सिद्धेश्वर महादेव समिति ने 17 अगस्त, तृतीय सावन सोमवार को निकलने वाली शिव पालकी यात्रा का पहला निमंत्रण शुक्रवार को प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में भगवान गणेश के चरणों में अर्पित किया। शिव पालकी यात्रा के मीडिया प्रभारी आशीष गुप्ता ने बताया कि भगवान गणेश को पहला निमंत्रण देने के साथ सावन माह का भक्ति वातावरण और भक्तिमय हुआ है। समिति संस्थापक किशोर कौशल और अध्यक्ष विपुल चांडक ने कहा कि भगवान गणेश को पहला निमंत्रण देना धार्मिक परंपरा है। श्री सिद्धेश्वर महादेव समिति के अनुसार शिव पालकी यात्रा 17 अगस्त को दोपहर 2 बजे स्थानीय कोतवाली चौराहे से शुरू होगी। इस मौके पर अध्यक्ष विपुल चांडक, शंकर प्रजापति, सुनील दुबे, प्रदीप चौहान, बृजमोहन सोनी, मनोज जैन, प्रदीप कौशल, अनिल शर्मा, सतनारायण माहेश्वरी, बृजेश पाराशर, प्रवीण तिवारी, आरसी जैन, प्रदीप चावड़ा, राजेश शर्मा सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।



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भावना बनीं पहली महिला ‘टॉप गन’: 20 सप्ताह का लीडर कोर्स पूरा कर हासिल की उपलब्धि, एक प्रतिशत पायलट एफसीएल के लिए चुने जाते हैं – Darbhanga News




मिथिला की बेटी और भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ ने एक और इतिहास रचा है। उन्होंने भारतीय वायुसेना का सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण फाइटर कॉम्बेट लीडर (एफसीएल) कोर्स पूरा कर लिया है। इसके साथ ही वह भारतीय वायुसेना की पहली महिला ‘टॉप गन’ बन गई हैं। इस उपलब्धि से उनके परिवार और मिथिला में खुशी का माहौल है। दरभंगा के घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव में उत्सव जैसा माहौल है। भावना के पिता तेज नारायण ने बताया कि एफसीएल कोर्स मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बेट डेवलपमेंट स्टेब्लिशमेंट में संचालित होता है। इसे भारतीय वायुसेना का सबसे प्रतिष्ठित ‘टॉप गन’ प्रशिक्षण संस्थान माना जाता है। करीब 20 सप्ताह तक चलने वाला यह प्रशिक्षण बेहद कठिन होता है। इसके लिए भारतीय वायुसेना के केवल लगभग एक प्रतिशत फाइटर पायलटों का चयन होता है। प्रशिक्षण में अत्याधुनिक हवाई युद्ध कौशल सिखाया जाता है। पायलटों को सामरिक नेतृत्व और आधुनिक लड़ाकू अभियानों की योजना का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। जटिल युद्ध परिस्थितियों से निपटने की तैयारी भी कराई जाती है। एफसीएल कोर्स पूरा करने के बाद स्क्वाड्रन लीडर भावना कंठ की जिम्मेदारियां और बढ़ेंगी। वह भविष्य में लड़ाकू अभियानों का नेतृत्व करेंगी पहले भी रच चुकी हैं कई इतिहास भावना कंठ इससे पहले भी कई उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। 2016 में वह अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुई थीं। नवंबर 2017 में उन्होंने फाइटर स्क्वाड्रन जॉइन किया। मार्च 2018 में उन्होंने मिग-21 बाइसन लड़ाकू विमान की पहली एकल उड़ान भरी। उन्होंने एक और इतिहास रचा। 2021 में वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट थीं। तब गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायुसेना की टुकड़ी का हिस्सा बनने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। पिता बोले- बचपन से अनुशासित थी भावना बेटी की सफलता पर पिता तेज नारायण कंठ ने गर्व जताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भावना को केवल एक लड़की के रूप में नहीं देखा। वह बचपन से ही मेधावी और अनुशासित थी। वह अपने लक्ष्य के प्रति भी समर्पित रही। भावना की प्रारंभिक शिक्षा बेगूसराय के बरौनी में हुई। बचपन से ही उसका सपना आसमान की ऊंचाइयों को छूना था। उसने मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर भारतीय वायुसेना में अपनी अलग पहचान बनाई।



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भास्कर अपडेट्स: पूर्व नारकोटिक्स सेल इंचार्ज को जमानत नहीं, हाईकोर्ट ने CBI से स्टेटस रिपोर्ट मांगी


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1 घंटे पहले

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दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस के पूर्व नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सुभाष चंद की जमानत याचिका पर CBI को नोटिस जारी किया है। जस्टिस गिरीश कठपालिया ने एजेंसी से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी। चंद को CBI ने रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार किया था।

सुभाष चंद पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को नारकोटिक्स केस में आरोपी नहीं बनाने के बदले रिश्वत मांगी थी। इस मामले में CBI चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। चंद गिरफ्तारी के समय द्वारका में दिल्ली पुलिस की नारकोटिक्स सेल के इंचार्ज थे।

CBI की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राजनी गुप्ता ने नोटिस स्वीकार किया। कोर्ट ने उन्हें अगली तारीख से कम से कम एक सप्ताह पहले स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की अनुमति दी है।

कर्नाटक CM ने बेंगलुरु में अमेरिकी कॉन्सुलेट की मांग की; बोले- भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत करने पर जोर

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु में पूर्ण अमेरिकी कॉन्सुलेट खोलने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए कर्नाटक में “सबसे अच्छी जगह” उपलब्ध कराएगी। शिवकुमार ने यह बात बेंगलुरु में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में कही।

शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु की बढ़ती वैश्विक पहचान और भारत की आर्थिक तरक्की में उसकी भूमिका को देखते हुए यहां पूर्ण अमेरिकी कॉन्सुलेट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि कर्नाटक में 1,000 से ज्यादा अमेरिकी कंपनियां हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत कम जगहें ऐसी हैं जहां इतनी अमेरिकी कंपनियां मौजूद हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है।

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अरुणाचल की 27 जगहों को मैप पर अलग से दिखाया: राज्य से सलाह के बाद फैसला; चीन ने कई बार भारतीय सीमा वाले इलाकों के नाम बदले


5 घंटे पहले

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भारत सरकार ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर दर्ज किया। यह कदम चीन की ओर से सीमावर्ती राज्य की जगहों के नाम बदलने की कोशिशों के बीच उठाया गया है।

गृह मंत्रालय के मुताबिक, यह काम अरुणाचल प्रदेश सरकार से सलाह लेकर किया गया है। इसका मकसद इन जगहों की सही पहचान सुनिश्चित करना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, “भारत सरकार ने अरुणाचल प्रदेश की राज्य सरकार से सलाह लेकर राज्य में स्थित कुल 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर उनके मानक नामों के साथ दर्ज किया है।”

बयान में कहा गया कि इन जगहों को आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का उद्देश्य उनकी सटीक पहचान आसान बनाना और आम लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

चीन अरुणाचल की जगहों के नाम जारी करता रहा है

चीन समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश की जगहों के लिए नामों की सूची जारी करता रहा है। वह अरुणाचल प्रदेश को जांगनान कहता है।

भारत ने चीन की इन कोशिशों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि इनका भारत की राज्य पर संप्रभुता पर कोई असर नहीं पड़ता।

लॉन्गजू में 1959 में चीनी सेना पहुंची थी

सर्वे ऑफ इंडिया के नक्शे पर औपचारिक रूप से दर्ज जगहों में वास्तविक नियंत्रण रेखा(LAC) के पास स्थित लॉन्गजू भी शामिल है। 1959 में चीनी सेना के इस इलाके में घुसने के बाद लॉन्गजू भारत-चीन सीमा तनाव के शुरुआती केंद्रों में से एक बना था। अपर सुबनसिरी जिले का पास का माजा गांव भी इन जगहों में शामिल है।

जयरामपुर सुरक्षा बलों के लिए लॉजिस्टिक्स हब

चांगलांग जिले का जयरामपुर भी पहचानी गई जगहों में शामिल है। यह एक महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक्स हब है, जो पूर्वी अरुणाचल प्रदेश और म्यांमार सीमा की ओर सुरक्षा बलों की आवाजाही में मदद करता है।

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पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी: लखनऊ हाईकोर्ट ने कहा- साढ़े पांच महीने से पत्नी से संपर्क नहीं था – Lucknow News




इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के मामले में दोषी ठहराए गए पति को बरी कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि पति-पत्नी के बीच केवल विवाद या अलगाव आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह फैसला तब सुनाया जब यह स्पष्ट था कि आत्महत्या से करीब साढ़े पांच महीने पहले से दोनों के बीच कोई संपर्क या बातचीत नहीं थी। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने अंकुर टंडन की आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। निचली अदालत ने अंकुर को दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था। कोई साक्ष्य नहीं मिला उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दोषसिद्धि के लिए यह साबित करना आवश्यक है कि आरोपी ने आत्महत्या से ठीक पहले या उसके निकट समय में ऐसा कोई कार्य किया हो, जिससे पीड़िता आत्महत्या के लिए प्रेरित या विवश हुई हो। इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। न्यायालय ने दहेज मांगने के आरोपों पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि छह लाख रुपये दहेज दिए जाने के संबंध में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान परस्पर विरोधी थे। जमीन बेचने की तारीख, उससे मिली राशि और कथित भुगतान का भी कोई विश्वसनीय प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन परिस्थितियों में अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। इन तथ्यों के आधार पर, हाईकोर्ट ने निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा को निरस्त करते हुए पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया।



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भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास: रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में




अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। हालांकि, अभी ये कानून नहीं बना है। अभी इसे अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। अगर वहां भी बिल पास हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून बनेगा। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिल जाएगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। व्हाइट हाउस ने पहले भी रूस पर पाबंदियां लगाने की कोशिश की थी। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान जब होर्मुज बंद हुआ, तो तेल का संकट आ गया। इस वजह से अमेरिकी प्रशासन को तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए छूट देनी पड़ी थी। भारत ने जून में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… UK की व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। आज से भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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उदयपुर में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महिला को कुचला, मौत: कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई; पुरानी रंजिश का मामला – Udaipur News



उदयपुर में आज शाम को स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महिला को इस तरह कुचल दिया।

उदयपुर में तीन गाड़ियों में सवार आरोपियों ने पहले कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। इसके बाद बाहर खड़ी गाड़ियों को पत्थर मारकर तोड़फोड़ की। इसके बाद घर से बाहर निकली एक महिला को स्कॉर्पियो से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

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प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित कपिल विहार कॉलोनी में यह वारदात शुक्रवार शाम करीब 5:43 बजे हुई। हादसे में गंभीर घायल उर्मिला कुंवर (50) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई।

पहले से चल रहा था विवाद

बताया जा रहा है कि उर्मिला कुंवर के बेटे का आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी एक काली स्कॉर्पियो और दो थार में सवार होकर कपिल विहार पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने पहले कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई।

इसी दौरान उर्मिला कुंवर घर से बाहर आईं। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि काली स्कॉर्पियो महिला की ओर बढ़ी और जोरदार टक्कर मार दी।

घटना की सूचना मिलने पर प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र का मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश कारण हो सकता है।



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