Saturday, May 30, 2026
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CUET यूजी परीक्षा में दिक्कत, NTA ने मांगी माफी, कई केंद्रों पर एग्जाम में देरी


नई दिल्ली (CUET UG 2026). देश में पहले से ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट  को लेकर भारी घमासान मचा हुआ है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी चौतरफा विवादों से घिरी है. इसी बीच, आज यानी 30 मई 2026 को एनटीए की एक और परीक्षा सीयूईटी यूजी 2026 के परीक्षा केंद्रों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. देश के कई परीक्षा केंद्रों पर सुबह की शिफ्ट का पेपर अपने तय समय पर शुरू नहीं हो सका, जिससे सेंटर्स के बाहर तपती धूप में खड़े उम्मीदवारों और उनके माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा. इस हंगामे के बाद आनन-फानन में एनटीए को आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देना पड़ा है.

एनटीए ने अपने ऑफिशियल नोटिस में स्वीकार किया है कि सीयूईटी यूजी परीक्षा कराने वाली टेक्निकल पार्टनर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (M/s TCS) के एंड पर एक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी. इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण सुबह की शिफ्ट की परीक्षा में देरी हुई. इस बड़ी चूक का सीधा असर अब दोपहर की शिफ्ट पर भी पड़ा है, जिसके चलते एनटीए को दोपहर के सत्र के समय में बड़ा बदलाव करना पड़ा है. एजेंसी ने इस असुविधा के लिए छात्रों और अभिभावकों से खेद जताया है और भरोसा दिया है कि किसी भी उम्मीदवार का समय का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा.

TCS के सर्वर में खराबी: अटकी सीयूईटी परीक्षा!

भारत की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलता है. आज, 30 मई को सीयूईटी परीक्षा शुरू होते ही टीसीएस के सिस्टम ने जवाब दे दिया. एनटीए ने बताया कि टीसीएस की तरफ से आई इस तकनीकी खराबी के कारण कुछ चुनिंदा सेंटर्स पर परीक्षा समय से शुरू नहीं हो सकी. कंप्यूटर स्क्रीन और सर्वर डाउन होने की वजह से छात्र अपनी सीटों पर बैठे इंतजार करते रहे. हालांकि, एनटीए का दावा है कि अब इस तकनीकी खराबी को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है और प्रभावित सेंटर्स पर परीक्षा दोबारा सुचारू रूप से शुरू करा दी गई है.

दोपहर की शिफ्ट का समय बदला: अब 3 नहीं, 4 बजे से शुरू होगा पेपर

सुबह की शिफ्ट में हुई इस देरी का सीधा असर दोपहर के सत्र पर पड़ा है. एनटीए ने तुरंत एडवाइजरी जारी कर दोपहर की शिफ्ट के समय को री-शेड्यूल कर दिया है. नए टाइमिंग के मुताबिक:

  • रिपोर्टिंग और एंट्री का समय: दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा.
  • परीक्षा शुरू होने का समय: अब दोपहर 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे से परीक्षा शुरू होगी.

एनटीए ने सभी संबंधित परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे नए टाइमिंग के हिसाब से ही उम्मीदवारों को एंट्री दें, जिससे सेंटर्स पर अफरा-तफरी का माहौल न बने.

सुबह वाले छात्रों को मिलेगा पूरा समय, बीच में निकलने पर रोक

देरी से परेशान सुबह की शिफ्ट के उम्मीदवारों को राहत देते हुए एनटीए ने साफ किया है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. तकनीकी खराबी के कारण जितना भी समय बर्बाद हुआ है, उसकी पूरी भरपाई ‘कंपनसेटरी टाइम’ (Compensatory Time) देकर की जा रही है. छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित पूरा समय दिया जाएगा. इसके साथ ही एनटीए ने सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए सख्त नियम लागू किया है कि सुबह की शिफ्ट का कोई भी उम्मीदवार अपना पेपर पूरा किए बिना या निर्धारित समय से पहले एग्जाम हॉल से बाहर नहीं निकल सकेगा.

एनटीए ने जताया खेद, हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी

पहले से ही विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही एनटीए ने इस घटना के तुरंत बाद उम्मीदवारों और अभिभावकों को हुई मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है. इसके साथ ही, किसी भी तरह की शंका, शिकायत या मदद के लिए एनटीए ने हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की है. उम्मीदवार और पेरेंट्स किसी भी अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रख सकते हैं:

  • हेल्पलाइन नंबर: +91-11-40759000
  • ऑफिशियल ईमेल: cuet-ug@nta.ac.in
  • ऑफिशियल वेबसाइट: https://cuet.nta.ac.in

कई केंद्रों से परीक्षा रद्द होने की सूचना

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एनटीए के ट्वीट के नीचे कमेंट सेक्शन में कई उम्मीदवार आज की सीयूईटी यूजी परीक्षा रद्द होने की जानकारी दे रहे हैं. इन उम्मीदवारों ने कमेंट में लिखा है कि नोएडा के सेक्टर 64 समेत कई केंद्रों में परीक्षा शुरू ही नहीं हुई.

कई अभिभावकों का कहना है कि जो सीयूईटी यूजी परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होकर 10.30 बजे खत्म होनी थी, वो शायद अब तक शुरू ही नहीं हुई है. 1 बज चुका है और उनके बच्चे अभी तक सीयूईटी यूजी परीक्षा केंद्र से बाहर ही नहीं निकले हैं.





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बॉलीवुड की पहली महिला डायरेक्टर, 1 फैसले से तोड़ डाली थी इंडस्ट्री की बेड़ियां


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भारतीय सिनेमा में महिलाओं के लिए नई राह बनाने वाली फातमा बेगम को देश की पहली महिला फिल्म निर्देशक माना जाता है. 1892 में जन्मीं फातमा ने उर्दू थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की और बाद में मूक फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री बनीं. 1926 में उन्होंने ‘बुलबुल-ए-परिस्तान’ का निर्देशन कर इतिहास रच दिया. उन्होंने अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘फातमा फिल्म्स’ की भी स्थापना की, जहां लेखन, निर्माण, निर्देशन और अभिनय की जिम्मेदारी संभाली. उनकी बेटियों में जुबैदा ने भारत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ में अभिनय किया.

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फातमा बेगम बॉलीवुड की पहली महिला डायरेक्टर थीं.

नई दिल्ली.   फिल्म इंडस्ट्री में आज जया अख्तर, फराह खान, मेघना गुलजार और जोया अख्तर जैसी महिला फिल्मकारों का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है. ये वो महिला फिल्ममेकर्स हैं जिन्होंने अपनी शानदार फिल्मों से दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई. भारतीय सिनेमा में महिलाओं के निर्देशन का रास्ता करीब एक सदी पहले ही एक साहसी महिला ने खोल दिया था. उनका नाम था फातमा बेगम, जिन्हें भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक के रूप में जाना जाता है. ऐसे दौर में जब फिल्म जगत में पुरुषों का बोलबाला हुआ करता था, उस वक्त फातमा बेगम ने अपने साहस और संकल्प से नई मिसाल कायम की थी.

साल 1892 में जन्मी फातमा बेगम ने अपने करियर की शुरुआत उर्दू थिएटर से की थी. उस समय थिएटर और फिल्मों में महिलाओं की भागीदारी बेहद सीमित थी, लेकिन उन्होंने सामाजिक बंधनों को चुनौती देते हुए अभिनय की दुनिया में कदम रखा. बाद में उन्होंने मूक फिल्मों में काम करना शुरू किया और अपनी प्रभावशाली अदाकारी के कारण जल्द ही इंडस्ट्री में एक पहचान बना ली.

फातमा बेगम बनीं भारत की पहली महिला डायरेक्टर

फातमा बेगम ने साल 1926 में भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा, जब उन्होंने फिल्म ‘बुलबुल-ए-परिस्तान’ का निर्देशन किया. इस फिल्म के साथ वह भारत की पहली महिला फिल्म निर्देशक बन गईं. यह एक फैंटेसी फिल्म थी, जिसे उस समय के हिसाब से काफी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना गया था. खास बात यह थी कि फिल्म में स्पेशल इफेक्ट्स का भी इस्तेमाल किया गया था, जो उस दौर की भारतीय फिल्मों में बहुत कम देखने को मिलता था. उनके इस प्रयोग ने साबित कर दिया कि वह केवल एक कलाकार ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी फिल्मकार भी थीं.

प्रोडक्शन में भी आजमाया हाथ

निर्देशन के अलावा फातमा बेगम ने प्रोडक्शन के फील्ड में भी अपना हाथ आजमाया था. उन्होंने 1926 में अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी ‘फातमा फिल्म्स’ की स्थापना की, जो बाद में ‘विक्टोरिया-फातमा फिल्म्स’ के नाम से जानी गई. इस तरह वह भारत में अपनी फिल्म निर्माण कंपनी शुरू करने वाली पहली महिलाओं में शामिल हो गईं. अपने बैनर तले उन्होंने लेखन, निर्माण, निर्देशन और अभिनय जैसी कई जिम्मेदारियां निभाईं.

दी कईं कालजयी फिल्में

इसके बाद उन्होंने ‘हीर रांझा’ (1928), ‘चंद्रावली’, ‘शकुंतला’ और ‘गॉडेस ऑफ लक’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. उनके काम ने यह साबित किया कि महिलाएं केवल पर्दे पर अभिनय ही नहीं, बल्कि कैमरे के पीछे भी सफलतापूर्वक नेतृत्व कर सकती हैं. उनकी उपलब्धियों ने आने वाली पीढ़ियों की महिला फिल्मकारों के लिए नए रास्ते खोले.

फातमा बेगम का प्रभाव सिर्फ उनके करियर तक सीमित नहीं रहा. उनकी बेटियां जुबैदा, सुल्ताना और शहजादी भी मूक सिनेमा युग की लोकप्रिय अभिनेत्रियां बनीं. खास तौर पर जुबैदा ने भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपनी अलग जगह बनाई, क्योंकि उन्होंने 1931 में रिलीज हुई ‘आलम आरा’ में अभिनय किया था, जिसे भारत की पहली बोलती फिल्म माना जाता है.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें



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फरुखाबाद में फंदे से लटका मिला महिला का शव: पति पर लगा हत्या का आरोप, भाई बोला-शराब पीकर मारपीट करता था – NawabGanj(Farrukhabad) News




फर्रुखाबाद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के बसंतापुर गांव में एक महिला का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। शनिवार सुबह परिजनों को जानकारी होने पर परिजन महिला के ससुराल पहुंचे। महिला के भाई ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतका का भाई ने बहन के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर कई बिंदुओं से मामले की जांच शूरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला… नवाबगंज के बसंतापुर के रहनेवाले रामतीर्थ पुत्र राधेश्याम मजदूह हैं। राधेश्याम की शादी सात साल पहले यानी 2019 में कन्नौज के गुरसहायगंज थाना क्षेत्र के महोना गांव की रहने वाली संगीता देवी से हुई थी। शराब पीने का आदी हो गया था और नशे की हालत में घर आकर पत्नी संगीता के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता था। शुक्रवार रात संगीता का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। रात करीब साढ़े 12 बजे संगीता की सास नन्ही देवी ने फोन कर उसके भाई इंद्रेश को घटना की जानकारी दी कि संगीता ने साड़ी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सास ने फोन कर भाई को दी जानकारी सूचना मिलने पर शनिवार तड़के करीब 4 बजे इंद्रेश अपने परिजनों के साथ गांव बसंतापुर पहुंचा और यूपी-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची यूपी-112 टीम ने प्रारंभिक जांच की और थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। भाई इंद्रेश ने जाजी पर लगाया हत्या का आरोप मृतका के भाई इंद्रेश का आरोप है कि उसका बहनोई रामतीर्थ आए दिन शराब के नशे में संगीता के साथ मारपीट करता था। उसने बताया कि शुक्रवार रात करीब साढ़े आठ बजे उसकी संगीता से बात हुई थी, जिसमें उसने मारपीट की जानकारी दी थी। इंद्रेश ने आरोप लगाया कि इसके बाद रामतीर्थ और उसके परिजनों ने मिलकर संगीता की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया। मृतका अपने पीछे पांच वर्षीय पुत्री राशि और डेढ़ वर्षीय पुत्र विनायक को छोड़ गई है। घटना की सूचना पर जिला पंचायत सदस्य यशवीर सिंह आर्य भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी ली। मृतका के भाई इंद्रेश ने पुलिस को तहरीर देकर बहनोई रामतीर्थ समेत उसके परिजनों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राप्त तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



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नीमा चांदपुरा में शराब के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार: पुलिस ने की मुखबिर के सूचना पर कार्रवाई, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत भेजा – Begusarai News




बेगूसराय में नीमा चांदपुरा थाना पुलिस ने शनिवार को गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उसके पास से 5 लीटर देशी शराब बरामद की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना प्रभारी विवेक कुमार ने बताया कि अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह छापेमारी की गई थी। इस दौरान परना गांव निवासी तूफानी यादव (पिता- शोभी यादव) को 5 लीटर देशी शराब के साथ पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी तूफानी यादव के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया । थाना प्रभारी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार और तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।



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छिंदवाड़ा में आदिवासी प्रीमियर लीग सीजन-2 का शुभारंभ: टेनिस बॉल से होंगे क्रिकेट मैच, खिलाड़ियों को महापौर ने दी शुभकामनाएं – Chhindwara News


छिंदवाड़ा के नागपुर रोड स्थित इनर ग्राउंड में शनिवार सुबह आदिवासी प्रीमियर लीग (APL) 2026 सीजन-2 का शानदार आगाज हो गया। सर्व आदिवासी समाज के तत्वावधान में आयोजित इस हल्की टेनिस बॉल क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन नगर निगम महापौर विक्रम अहके ने किया। उन

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युवाओं को मंच देने की पहल, टीमें दिखाएंगी दमखम

इस मौके पर महापौर और आयोजन के मुख्य संरक्षक विक्रम अहके ने कहा कि इस लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी काबिलियत साबित करने का बेहतर मंच प्रदान करना है। समिति के मुताबिक, आगामी दिनों में जिले और आसपास के क्षेत्रों से आई कई टीमें इस मैदान पर अपना खेल कौशल दिखाएंगी।

महापौर के द्वारा खिलाड़ियों को T-शर्ट वितरित की गई

पिछले सीजन से ज्यादा भव्य है आयोजन

इस बार प्रतियोगिता को पहले से अधिक भव्य स्वरूप दिया गया है। मैदान पर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। टूर्नामेंट की विजेता और उपविजेता टीमों के लिए आकर्षक पुरस्कार घोषित किए गए हैं। उद्घाटन के दौरान बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और समाज के लोग मौजूद रहे, जिनमें आगामी मुकाबलों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।



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ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद: कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट




व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 14 दिनों में 80 साल के होने वाले ट्रम्प की सेहत बेहतरीन हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस समय कॉलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए कुल तीन दवाएं ले रहे हैं। इनमें दो दवाएं, ‘रोसुवास्टैटिन’ और ‘एजेटिमिब’ कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए हैं। वहीं एक लो-डोज ‘एस्पिरिन’ हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए दी जा रही है। व्हाइट हाउस के डॉक्टर शॉन पी. बारबाबेला ने बताया कि ट्रम्प की सेहत शानदार है और वे राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह फिट हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी कार्डियक, फेफड़ों और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ मजबूत है। 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ट्रम्प की जांच की ट्रम्प का यह मेडिकल चेकअप मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुआ था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस दौरान 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी जांच की। इसमें CT स्कैन, हार्ट इमेजिंग, कैंसर स्क्रीनिंग और कई प्रिवेंटिव टेस्ट शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प का कॉग्निटिव और फिजिकल परफॉर्मेंस एक्सीलेंट है। डॉक्टर ने यह भी लिखा कि ट्रम्प की व्यस्त शेड्यूल, लगातार मीटिंग्स, पब्लिक इवेंट्स और शारीरिक गतिविधियां उनके ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करती हैं। डॉक्टर ने वजन कम करने की सलाह दी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प का वजन अब 238 पाउंड यानी करीब 108 किलो है। अप्रैल 2025 की पिछली मेडिकल जांच में उनका वजन 224 पाउंड यानी करीब 101.6 किलो था। ट्रम्प की लंबाई 6 फीट 3 इंच बताई गई है। डॉक्टर बारबाबेला ने ट्रम्प को वजन कम करने, हेल्दी डाइट अपनाने और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ और वेट लॉस को लेकर प्रिवेंटिव काउंसलिंग भी दी गई। बार-बार लोगों से हाथ मिलाने की वजह से हाथों पर पड़े निशान ट्रम्प के हाथों पर दिख रहे निशानों को लेकर पिछले कई महीनों से सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट में इसे लेकर भी सफाई दी गई है। डॉक्टर बारबाबेला के मुताबिक, बार-बार लोगों से हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथों पर हल्के निशान पड़ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्वतंत्र डॉक्टर पहले इस दावे पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि निशान ट्रम्प के बाएं हाथ पर ज्यादा दिखे, जबकि वे दाएं हाथ से काम करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन थी, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है। हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। ट्रम्प राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। वह अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल हैं। पिछले एक साल में उनके पैरों में सूजन, कुछ कार्यक्रमों में नींद में दिखने और गर्दन पर दिखे रैश को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। व्हाइट हाउस पहले बता चुका है कि ट्रम्प को ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ की समस्या है। यह उम्र से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिसमें पैरों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। मार्च में उनकी गर्दन पर दिखे रैश को लेकर भी कहा गया था कि वह स्किन ट्रीटमेंट की वजह से था। इसी बीच, ट्रम्प और उनके सहयोगी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। ट्रम्प ने हमेशा अपनी स्टैमिना और मानसिक क्षमता को अपनी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बताया है। मेडिकल रिपोर्ट में ‘कार्डियक एज’ का भी जिक्र व्हाइट हाउस की मेडिकल रिपोर्ट में एक और असामान्य बात शामिल की गई। डॉक्टर बारबाबेला ने दावा किया कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के आधार पर ट्रम्प की ‘कार्डियक एज’ (यानी दिल की वास्तविक उम्र) उनकी असली उम्र से 14 साल कम है। कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने इसे मेडिकल रिपोर्ट में शामिल किए जाने को असामान्य बताया। वहीं, ट्रम्प ने मंगलवार को चेकअप के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “वॉल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में मेरा 6 महीने का फिजिकल पूरा हुआ। सबकुछ बिल्कुल परफेक्ट निकला।” हालांकि, कई डॉक्टरों ने 6 महीने के फिजिकल वाले दावे पर सवाल उठाए। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की प्रोफेसर और डॉक्टर इशानी गांगुली ने कहा कि आमतौर पर फुल फिजिकल टेस्ट साल में एक बार होता है। छह महीने के फॉलोअप को आमतौर पर फिजिकल नहीं कहा जाता।



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मछली बनाते समय भूलकर भी न करें ये 8 गलतियां, जानिए बनाने का सही तरीका


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Fish Cooking Tips: मछली खाना जितना स्वादिष्ट होता है, उसे सही तरीके से पकाना उतना ही जरूरी होता है. कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से फिश सूखी, सख्त और बेस्वाद बन जाती है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी बनाई हुई मछली हर बार रेस्टोरेंट जैसी जूसी और स्वाद से भरपूर बने, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा. आइए जानते हैं मछली पकाते समय होने वाली उन गलतियों के बारे में जो पूरा स्वाद खराब कर सकती हैं.

Fish Cooking Tips: मछली उन चुनिंदा खाद्य पदार्थों में से एक है जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए शानदार मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. लेकिन जितनी जल्दी मछली पक जाती है, उतनी ही जल्दी इसका स्वाद भी खराब हो सकता है. अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि घर पर बनाई गई फिश बाहर जैसी स्वादिष्ट नहीं बनती. कभी वह बहुत सूखी हो जाती है, कभी अंदर से कच्ची रह जाती है और कभी उसमें तेज गंध आने लगती है. इसकी वजह कोई बड़ी समस्या नहीं बल्कि किचन में होने वाली कुछ आम गलतियां होती हैं. सही तापमान, सही मसाले, सही समय और सही तैयारी मछली के स्वाद को पूरी तरह बदल सकते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपकी बनाई हुई फिश हर बार मुलायम, जूसी और स्वाद से भरपूर बने तो इन बातों को नजरअंदाज बिल्कुल न करें.

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ताजी मछली का चुनाव करना सबसे जरूरी: मछली की क्वालिटी ही उसके स्वाद की नींव होती है. अगर मछली ताजी नहीं है तो चाहे आप कितने भी अच्छे मसाले डाल लें, स्वाद वैसा नहीं आएगा. बासी मछली में अक्सर तेज गंध आने लगती है और उसका टेक्सचर भी खराब हो जाता है. मछली खरीदते समय उसकी त्वचा चमकदार होनी चाहिए और उसका मांस सख्त महसूस होना चाहिए. बहुत ज्यादा बदबू वाली मछली खरीदने से बचना चाहिए.

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ज्यादा देर तक पकाने से हो जाती है सख्त: मछली को चिकन या मटन की तरह लंबे समय तक पकाने की जरूरत नहीं होती. यह बहुत जल्दी पक जाती है. कई लोग इसे जरूरत से ज्यादा देर तक गैस पर रखते हैं, जिससे इसका सारा रस निकल जाता है और यह रबड़ जैसी सख्त हो जाती है. सही समय पर गैस बंद करना बेहद जरूरी है. जब मछली आसानी से टूटने लगे तो समझिए कि वह पक चुकी है.

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जरूरत से ज्यादा मसाले डालना भी नुकसानदायक: मछली का अपना एक अलग और हल्का स्वाद होता है. अगर उसमें बहुत ज्यादा मसाले डाल दिए जाएं तो उसका प्राकृतिक स्वाद दब जाता है. कई बार लोग ज्यादा लाल मिर्च, गरम मसाला और भारी मसाले डाल देते हैं, जिससे फिश का असली फ्लेवर खत्म हो जाता है. हल्के मसालों और नींबू का इस्तेमाल स्वाद को बेहतर बनाता है.

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सही तरीके से मैरिनेट करना जरूरी: मैरिनेशन मछली के स्वाद को बढ़ाने का काम करता है. लेकिन कई लोग या तो इसे बिल्कुल मैरिनेट नहीं करते या फिर घंटों तक मसालों में छोड़ देते हैं. दोनों ही तरीके गलत हैं. बहुत ज्यादा देर तक मैरिनेट करने से मछली का टेक्सचर खराब हो सकता है. आमतौर पर 20 से 30 मिनट का समय काफी माना जाता है.

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बहुत तेज आंच पर पकाने की गलती: जल्दी पकाने के चक्कर में लोग अक्सर तेज आंच का इस्तेमाल करते हैं. इससे मछली ऊपर से जल जाती है जबकि अंदर का हिस्सा ठीक से नहीं पकता. ऐसी स्थिति में स्वाद और टेक्सचर दोनों खराब हो जाते हैं. मध्यम आंच पर पकाने से मछली समान रूप से पकती है और ऊपर से हल्की सुनहरी परत भी बन जाती है.

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मछली को सुखाए बिना पकाना: मछली धोने के बाद अगर उस पर पानी रह जाए तो फ्राई करते समय वह ठीक से क्रिस्पी नहीं बनती. अतिरिक्त नमी की वजह से तेल भी ज्यादा उछलता है. इसलिए मछली को धोने के बाद किचन टॉवल से अच्छी तरह सुखाना जरूरी है. इससे उसका टेक्सचर बेहतर रहता है.

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बार-बार पलटना भी खराब कर सकता है स्वाद: कई लोग मछली को पकाते समय बार-बार पलटते रहते हैं. ऐसा करने से मछली टूट सकती है और उसका आकार बिगड़ सकता है. इसके अलावा उसका रस भी निकलने लगता है. मछली को एक तरफ से अच्छे से पकने दें और फिर सावधानी से पलटें. इससे वह बेहतर तरीके से पकती है.

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नमक डालने का सही समय जानना जरूरी: नमक स्वाद बढ़ाने का काम करता है लेकिन गलत समय पर डाला गया नमक मछली को सूखा बना सकता है. बहुत पहले नमक डालने से मछली की नमी बाहर आने लगती है. इसलिए नमक को संतुलित मात्रा में मैरिनेशन के दौरान या पकाने से ठीक पहले डालना बेहतर माना जाता है. इससे स्वाद भी अच्छा रहता है और मछली मुलायम भी बनी रहती है.

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सही तकनीक से बनेगी हर बार स्वादिष्ट मछली: मछली बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है, बस कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होता है. ताजी मछली चुनना, सही समय तक पकाना, हल्के मसालों का इस्तेमाल करना और आंच को नियंत्रित रखना स्वाद को कई गुना बेहतर बना सकता है. अगली बार जब आप फिश फ्राई, फिश करी या ग्रिल्ड फिश बनाएं, तो इन बातों को जरूर याद रखें. इससे आपकी मछली हर बार जूसी, मुलायम और स्वाद से भरपूर बनेगी.

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आर्मी चीफ बोले- भारत ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की तैयारी में: तीनों सेनाएं अगले युद्ध के लिए 24 घंटे तैयारी कर रहीं, अभी सिर्फ संघर्ष विराम


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पुणे/दिल्ली3 मिनट पहले

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जनरल द्विवेदी पुणे एकेडमी की 150वीं पासिंग आउट परेड में पहुंचे थे। वे यहीं से 65वें कोर्स के कैडेट रह चुके हैं। वे ‘चार्ली स्क्वाड्रन’ में थे।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल केवल संघर्षविराम जैसी स्थिति है। अगर जरूरत पड़ी तो तीनों सेनाएं ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के लिए पूरी तरह तैयारी कर रही हैं।

आर्मी चीफ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बेंचमार्क सेट कर दिया है कि भारत उकसावे पर कैसे जवाब देता है। कैडेट्स अपने सैन्य करियर की शुरुआत से ही इस बेंचमार्क को बनाए रखें।

आर्मी चीफ पुणे के खड़कवासला में शनिवार को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) का 150वीं पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। रिव्यूइंग ऑफिसर के तौर पर उन्होंने 355 कैडेट अफसरों की परेड की सलामी ली।

इस दौरान कैडेट्स ने मार्च पास्ट किया। फ्लाईपास्ट में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया।

सेना प्रमुख के नए अफसरों को मैसेज

  • मॉर्डन वॉरफेयर पूरी तरह पारदर्शी हो गया है। 24 घंटे हर गतिविधि पर नजर रखी जाती है। ऐसे में सैनिकों की तैनाती, ऑपरेशन और बॉर्डर एरिया में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है।
  • इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर तभी जीता जा सकता है जब देश के लोग सूचना देने वाले संस्थानों पर भरोसा करें। जिस देश के नागरिक और संस्थाएं एक-दूसरे पर विश्वास करती हैं, वह देश हमेशा मजबूत स्थिति में रहता है।
  • जब युद्ध की गति बहुत तेज हो रही हो, तो संसाधनों के दायरे में रहकर एडिशनल हेल्प की जरूरत पड़ती है, ताकि तेजी से फैसले ले सकें। बहुत सारी तकनीकों और संसाधनों को संभालने के लिए, ऑटोमेशन की जरूरत होती है, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसमें बहुत अहम रोल निभाता है।

अगले 2-3 साल में शुरू हो सकता है सेना का थिएटर कमांड सिस्टम

थिएटर कमांड व्यवस्था पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि थिएटराइजेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इससे जुड़ी पूरी रिपोर्ट रक्षा मंत्री को सौंप दी गई है। इसका अलग-अलग लेवल पर रिव्यू भी चल रहा है।

उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था में सेना, नौसेना और वायुसेना चीफ अपनी-अपनी सेनाओं की तैयारी और संसाधनों की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि थिएटर कमांडर जॉइंट मिलिट्री ऑपरेशन देखेंगे।

सेना प्रमुख ने उम्मीद जताई कि अगले 2 से 3 साल में यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर लागू होती दिखाई दे सकती है, इसके लिए तीनों सेनाओं के प्रमुख हितों का ध्यान रखा जाए।

पासिंग आउट परेड की 5 तस्वीरें…

आर्मी चीफ जनरल द्विवेदी ने पुणे के खड़कवासला में खेतरपाल परेड ग्राउंड में पासिंग आउट परेड की सलामी ली।

आर्मी चीफ जनरल द्विवेदी ने पुणे के खड़कवासला में खेतरपाल परेड ग्राउंड में पासिंग आउट परेड की सलामी ली।

फ्लाईपास्ट में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया।

फ्लाईपास्ट में Su-30 MKI लड़ाकू विमान, चेतक हेलिकॉप्टर, सारंग हेलिकॉप्टर एरोबेटिक्स टीम और आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने हिस्सा लिया।

355 कैडेट्स को भारतीय सेनाओं में कमीशन दिया गया। पास होने वाले इस बैच में 12 मित्र देशों के 24 कैडेट्स भी शामिल थे।

355 कैडेट्स को भारतीय सेनाओं में कमीशन दिया गया। पास होने वाले इस बैच में 12 मित्र देशों के 24 कैडेट्स भी शामिल थे।

पुणे की NDA एकेडमी से पासआउट होने वाले कैडेट्स में 18 महिला कैडेट भी शामिल हैं।

पुणे की NDA एकेडमी से पासआउट होने वाले कैडेट्स में 18 महिला कैडेट भी शामिल हैं।

परेड के बाद सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स और उनके परिवार के साथ फोटो सेशन भी करवाया।

परेड के बाद सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कैडेट्स और उनके परिवार के साथ फोटो सेशन भी करवाया।

‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ के तहत खुद को बदल रही है सेना

जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना युद्ध के बदलते रूप को समझते हुए खुद को भविष्य के लिए तैयार कर रही है। सेना “डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन” पहल के तहत आधुनिक और तकनीक-सक्षम बल में बदलने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि सेना के भीतर मौजूदा संसाधनों से ही फर्स्ट रेजिमेंट बटालियन, दिव्यास्त्र बैटरियां, शक्तिमान रेजिमेंट, भारत बटालियन और दूसरी तकनीक-आधारित सैन्य संरचनाएं विकसित की जा रही हैं। इसमें युवा पीढ़ी की भूमिका को सेंटर में रखा गया है।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर, जिसके दूसरे वर्जन का जिक्र आर्मी चीफ ने किया

कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने यह कार्रवाई की थी। इस दौरान भारतीय सेना ने 6-7 मई की रात केवल 24 मिनट में PoK से ऑपरेट 9 प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड और ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।

सैटेलाइट इमेजेस के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान के सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर एयरबेस को भी निशाना बनाया था, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा था।

सेना के अनुसार, इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा पाकिस्तानी जवान और कई कुख्यात आतंकवादी मारे गए थे। लेकिन 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा कर दी गई।

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रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि नए CDS होंगे:देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ; वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अगले नौसेना प्रमुख

रिटायर लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि देश के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) होंगे। केंद्र ने शनिवार को इसका ऐलान किया। सुब्रमणि रक्षा मामलों के विभाग के सचिव की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।

सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला नौसेना प्रमुख नियुक्त किया है। दोनों 31 मई को कार्यभार संभालेंगे। मौजूदा CDS अनिल चौहान का कार्यकाल 30 मई को खत्म हो रहा है। एनएस राजा सुब्रमणि देश के तीसरे CDS होंगे। पूरी खबर पढ़ें

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उदयपुर में बारिश से हाइवे सर्विस लाइन पर पानी भरा:तेज गर्मी के बीच मौसम हुआ ठंडा, आगे तेज गति से हवाएं चलेगी




उदयपुर में शनिवार तड़के मौसम ने अचानक करवट ली और भीषण गर्मी के बीच लोगों को राहत का अहसास हुआ। सुबह शहर के कई इलाकों में तेज और ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो गया। उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे पर टीडी के आसपास क्षेत्र में बारापाल-पडूणा में आज सुबह 20 मिनट तेज बारिश हुई। हाइवे पर हुई बारिश के बाद बारापाल के पास सर्विस रोड पर पानी भर गया और तेज बारिश के दौरान वाहन चालकों ने हेड लाइट का उपयोग किया। शहर में भी बारिश के दौरान सुबह तेज हवाएं चली। वल्लभनगर कस्बे में वल्लभनगर-उदयपुर मुख्य रोड पर एक विशालकाय पेड़ गिर गया। मौसम में आए इस बदलाव से वातावरण में ठंडक घुल गई और पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से लोगों को राहत मिली। सुबह ठंडी का हवाओं से गर्मी से तो राहत मिली लेकिन ठंडी हवाओं ने सर्दी का अहसास कराया। सुबह से बादलों ने डेरा डाल रखा और इसके बाद सवा नौ बजे बाद धूप निकली। बीते दिनों शहर का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, लेकिन शनिवार सुबह हुई बारिश और हवाओं के असर से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वैसे एक दिन पहले शुक्रवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे गर्मी का असर कुछ कम हुआ था। सुबह-सुबह हुई बारिश के कारण सड़कों पर भी ठंडक महसूस की गई। कई क्षेत्रों में लोगों ने मौसम के सुहाने होने का आनंद लिया। हालांकि तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटने और धूल उड़ने की भी सूचना मिली। सलूम्बर देर रात बारिश होने के साथ ही आज सुबह भी मौसम बदला हुआ था। सुबह हल्की ठंडी हवाएं चली और बादलों ने डेरा डाल रखा था। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव देखने को मिला है। आगामी दिनों में भी बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। गुरु नानक स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय उदयपुर के सहायक आचार्य भूगोल डॉ. आर.एस.देवड़ा ने बताया कि उतर और मध्य भारत मे उष्ण लहर का असर कम होने के साथ ही तापमान मे गिरावट होगी। उत्तर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान मे खंड वर्षा और बादल छाये रहने की संभावना है। पक्षिमी विक्षोभ के प्रभाव से मेवाड़ में तापमान मे कमी होने के साथ ही लू से राहत मिलेगी। और बादल छाये रहने के साथ आने वाले दो से चार दिनों तक तेज गति से के हवाएं चलेगी। मेघ गर्जना के साथ वर्षा होने की संभावना है। उदयपुर में मौसम से जुड़े फोटो देखे… इनपुट सहयोग : सलूंबर से गजेंद्र लक्षकार, टीडी से बंशीलाल मीणा और वल्लभनगर से रमेश डांगी



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दिल्‍लीवालों के लिए एक साथ आई दो खुशखबरी, वीकेंड पर मौज-मस्‍ती का बन गया माहौल


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दिल्‍लीवालों के लिए एक साथ आई दो खुशखबरी, वीकेंड पर मौज-मस्‍ती का बन गया माहौल

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Delhi Weather News: देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में मौसम का मिजाज इन दिनों पल में तोला, पल में माशा वाले दौर से गुजर रहा है. दो-तीन दिन पहले ही दिल्‍ली और आसपास के इलाके 45 से 46 डिग्री सेल्सियस वाले तापमान में झुलस रहे थे. उसके बाद बारिश और तूफान की वजह से तापमान में 9 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई. एयर पॉल्‍यूशन में भी सुधार हुआ है.

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दिल्‍ली में तूफानी हवा के साथ हुई बारिश से एक तरफ जहां तापमान में गिरावट आई तो दूसरी तरफ एयर पॉल्‍यूशन में भी सुधार हुआ है. (फोटो: PTI)

Delhi Weather News: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बड़ी राहत मिली है. पिछले 48 घंटों के दौरान राजधानी के अधिकतम तापमान में 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम में आए इस अचानक बदलाव के साथ ही वायु गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण के तहत लागू सभी प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से वापस लेने का फैसला किया है.

दिल्ली में 27 मई तक हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए थे. कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था. रिज क्षेत्र में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री, आया नगर में 45.4 डिग्री, पालम में 44.6 डिग्री, लोधी रोड में 44.6 डिग्री और सफदरजंग में 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. लगातार पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा था और अस्पतालों में हीट स्ट्रोक तथा गर्मी से जुड़ी अन्य बीमारियों के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही थी. हालांकि, 29 मई तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया. रिज क्षेत्र का तापमान घटकर 36.8 डिग्री सेल्सियस रह गया, जबकि आया नगर में 36.0 डिग्री, पालम में 35.2 डिग्री, लोधी रोड में 35.7 डिग्री और सफदरजंग में 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. कई स्थानों पर तापमान में करीब 8 से 9 डिग्री तक की गिरावट देखने को मिली.

IMD ने क्‍या बताई वजह?

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस बदलाव की मुख्य वजह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा पश्चिमी विक्षोभ है. इसके प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाएं चलीं, बादल छाए रहे और कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हुई. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन परिस्थितियों ने लू की स्थिति को समाप्त करने और तापमान को तेजी से नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई. आईएमडी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि तापमान में इस तरह की गिरावट बुजुर्गों, बच्चों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए विशेष रूप से राहत लेकर आई है. विभाग ने अगले कुछ दिनों तक अपेक्षाकृत सुहावने मौसम की संभावना जताई है. अनुमान है कि अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा, हालांकि इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में फिर बढ़ोतरी हो सकती है.

AQI पर पॉजिटिव असर

मौसम में आए बदलाव का सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ा है. तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण प्रदूषक कणों का स्तर कम हुआ, जिससे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहतर हुआ. गुरुवार को जहां दिल्ली का औसत AQI 207 दर्ज किया गया था, वहीं शुक्रवार को यह घटकर 123 पर पहुंच गया. यह स्तर ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है. वायु गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए सीएक्यूएम की जीआरएपी उपसमिति ने शुक्रवार को बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. समिति ने मौसम विभाग और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों का अध्ययन करने के बाद पूरे एनसीआर में जीआरएपी के पहले चरण के तहत लागू सभी उपायों को समाप्त करने का निर्णय लिया. गौरतलब है कि बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए 19 मई को GRAP-1 लागू किया गया था.

CAQM का क्‍या निर्देश?

CAQM ने हालांकि संबंधित राज्यों और दिल्ली सरकार की एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े सभी वैधानिक नियमों, दिशा-निर्देशों और आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. आयोग ने कहा कि वायु गुणवत्ता को ‘मध्यम’ श्रेणी में बनाए रखने और इसे दोबारा ‘खराब’ श्रेणी में जाने से रोकने के लिए निरंतर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है. मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली में मई और जून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है. इसलिए लोगों को राहत के बावजूद पर्याप्त पानी पीने, धूप के चरम समय में बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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