विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है और पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद को लगातार सपोर्ट देने के जवाब में यह संधि रोक दी गई है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 2025 में इस संधि को रोक दिया था। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस्लामाबाद में हाल ही में हुए संधि पर एक सेमिनार के बारे में एक सवाल के जवाब में अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “IWT पर, मैं वही दोहराऊंगा जो हमने पहले भी कहा है। सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है।” वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता वाली यह ट्रीटी 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल को कंट्रोल करती है। इस्लामाबाद में हुए एक सेमिनार में पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा था कि पाकिस्तान भारत के IWT को रद्द करने के फैसले को खारिज करता है। कोई भी पार्टी ऐसी ट्रीटी के तहत अपनी जिम्मेदारियों को एकतरफा तौर पर सस्पेंड या खत्म नहीं कर सकती जिसमें ऐसा कोई प्रोविजन न हो। आज की बाकी बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में स्कूलों के 500 मीटर क्षेत्र में एनर्जी ड्रिंक बैन महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूलों में एनर्जी ड्रिंक के नुकसान को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सावरकर के प्रपौत्र ने कोर्ट में कहा- राजनीतिक प्रयासों से हुई थी सावरकर की रिहाई स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की रिहाई दया याचिकाओं के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रयासों के चलते हुई थी। उनके प्रपौत्र सत्यकी सावरकर ने पुणे की विशेष अदालत में यह बयान दिया है।
यह मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका से जुड़ा है। अगली सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित की गई है। सत्यकी ने यह भी कहा कि वे यह निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि सावरकर ने ब्रिटिश सरकार को किसी शर्त के तहत राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया था या नहीं। या सावरकर ने दया याचिकाओं में ‘आपका आज्ञाकारी सेवक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था या नहीं। हालांकि अदालत में मौजूद दस्तावेजों में 1920 की एक याचिका में ऐसे शब्द दर्ज होने का उल्लेख सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे में कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर 18 साल की लड़की ने आत्महत्या की ठाणे के कल्याण में 18 साल की एक लड़की ने कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अक्षदा वाल्वी के तौर पर हुई। पुलिस के मुताबिक उसने कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा पास की थी और बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (BCA) कोर्स करना चाहती थी। परीक्षा के बाद वह अपनी बहन के साथ नंदुरबार में मामा के घर चली गई थी। 14 जून को जब अक्षदा लौटी, तो उसे पता चला कि मुंबई यूनिवर्सिटी का BCA के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल बंद हो चुका था। परेशान और तनाव में आकर, उसने 18 जून को अपने घर पर चूहे मारने की दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर उसने अपनी मां को बताया कि उसने चूहामार दवा खाई है। घर वाले उसे हॉस्पिटल लेकर गए। अक्षदा के माता-पिता प्राइवेट अस्पताल में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, इसलिए उसे मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां 28 जून को उसकी मौत हो गई। 30 जून को कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से मौत) का मामला दर्ज किया गया। लड़की की मौत की खबर शुक्रवार को सामने आई। चुनाव आयोग ने ओडिशा में SIR की देखरेख के लिए 10 IAS अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया इलेक्शन कमीशन ने ओडिशा में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की देखरेख के लिए 10 सीनियर IAS अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर (ERO) नियुक्त किया है। ओडिशा के लिए वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट 5 जुलाई को पब्लिश होने वाला है। शुक्रवार को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन अधिकारियों को SIR के काम के दौरान उन्हें दिए गए जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करने के लिए कहा गया है।
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भास्कर अपडेट्स: विदेश मंत्रालय बोला- सिंधु जल संधि पर भारत का रुख नहीं बदला; पाकिस्तान को आतंकवाद को सपोर्ट देना छोड़ना होगा
नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाला में 4.64 करोड़ की हेराफेरी: ED की जांच तेज, सहकारी समिति की जमीन बेचकर फंड गबन का आरोप – Indore News
इंदौर की चर्चित नवभारत हाउसिंग सोसायटी में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 4.64 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं और जमीन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने आरोपी श्रीकांत घंटे, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायालय, इंदौर में चालान पेश किया है। मामले में कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मामला इंदौर के एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें नवभारत गृह निर्माण सहकारी समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की जांच प्रारंभ की थी। जमीन बेचकर सोसायटी फंड में सेंध लगाने का आरोप ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने नियोजित तरीके से सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि सोसायटी के फंड से खरीदी गई जमीनों को विभिन्न संस्थाओं और पक्षों को बेच दिया गया और उससे प्राप्त राशि का हिसाब-किताब छिपाकर फंड का गबन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सोसायटी के सदस्यों को धोखे में रखा गया और जमीन बिक्री से जुड़े कई रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने न आ सके। ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को विभिन्न स्तरों पर खपाया गया और बाद में उससे अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए, जिन्हें धनशोधन की श्रेणी में माना गया है। 64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को पीएमएलए-2002 के तहत आरोपी श्रीकांत घंटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज करीब 64 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दी थीं। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।
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बाजार जैसी अंगूरी रसमलाई घर पर बनाएं, मेहमान भी पूछेंगे कहां से लाए, नोट कर लें रेसिपी
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Angoori Rasmalai Recipe: अंगूरी रसमलाई का नाम सुनते ही मिठाई लवर्स के मुंह में पानी आ जाता है. आमतौर पर लोग इसे बाजार से खरीदकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन अब आप इसे घर पर भी बना सकते हैं वो भी बिल्कुल हलवाई जैसी स्वादिष्ट और मुलायम. अंगूरी रसमलाई थोड़ी मेहनत और सही तरीके से बनाई जाए तो यह किसी भी खास मौके को और भी खास बना सकती है. देश के कई बड़े होटल्स में काम कर चुकी शेफ स्पर्श नरूला बताती हैं कि सॉफ्ट और स्पंजी अंगूरी रसमलाई बनाने के लिए दूध से छेना बनाने, छेना को छानने या फिर उसको मसलते समय कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं. अक्सर लोग इसमें एक गलती कर देते हैं, इस वजह से रसमलाई मनचाही रंगत नहीं ला पाती है.
अंगूरी रसमलाई बनाने के लिए सबसे पहले छेना तैयार करने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 2 से 3 बड़े चम्मच सिरका, आधा कप पानी, 1 छोटा चम्मच कॉर्नफ्लोर और एक चुटकी बेकिंग सोडा की जरूरत होगी. वहीं स्वादिष्ट रबड़ी बनाने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध, स्वादानुसार चीनी, कुछ केसर और आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर लें. अपने हिसाब से कोई भी ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं. इसके अलावा चाशनी तैयार करने के लिए डेढ़ कप चीनी और 4 कप पानी की जरूरत पड़ेगी. थोड़ी बर्फ भी रेडी रखें, आगे काम आएगी.

सबसे पहले एक लीटर दूध को किसी बड़े बर्तन में डालकर उसे उबाल लें. उबाल आने के बाद गैस बंद कर दें और दूध को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद 3 चम्मच सिरके को आधा कप पानी में मिलाकर धीरे-धीरे दूध में डालें और लगातार चलाते रहें. दूध पूरी तरह फट जाए तो इसे कॉटन के कपड़े में छान लें. छेना को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि सिरके का स्वाद निकल जाए. फिर कपड़े को करीब एक घंटे के लिए टांग दें ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए.

शेफ टिप्स की बात करें तो यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दूध में उबाल आने के बाद उसे तुरंत न फाड़ें. पहले उसे 5 से 7 मिनट तक हल्का ठंडा होने दें. इसके बाद ही फाड़ने वाला आइटम डालें. ऐसा करने से छेना मुलायम और चिकना बनता है. वहीं अगर उबलते हुए दूध में सीधे सिरका डाल दिया जाए, तो छेना सख्त होने की संभावना बढ़ जाती है. इससे रसमलाई उतनी स्पंजी और नरम नहीं बन पाती.
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जब तक छेना से बचा हुआ पानी निकल रहा है, तब तक रबड़ी बना लेते हैं. इसके लिए एक लीटर दूध को बड़े बर्तन में डालकर आधा होने तक पकाएं. फिर इसमें कूटे हुए पिस्ता, बादाम, कूटी हुई इलायची, केसर और अपने अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद चीनी मिलाकर करीब 10 मिनट तक पकाएं. फिर गैस बंद कर ठंडा होने के लिए रख दें. यही रबड़ी अंगूरी रसमलाई का स्वाद बढ़ाएगी.

अब तैयार छेना को निकालकर करीब 8 मिनट तक अच्छी तरह मसलें. ध्यान रहे, छेने को मसलते हुए उसे इतना नहीं मसलना है कि उसका घी अलग होने लगे. बस इसे सॉफ्ट होने तक मसलना है. इसके बाद कॉर्नफ्लोर और बेकिंग सोडा मिलाकर दो मिनट और गूंथें. फिर कपड़े से ढककर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद छेना से कपड़ा हटाएं और उसे छोटे-छोटे अंगूर जैसे साइज के छोटे-छोटे बॉल्स बना लें.

एक चौड़े बर्तन में डेढ़ कप चीनी और चार कप पानी डालकर उबालें. जब चाशनी अच्छे से उबलने लगे तो उसमें छेना के बॉल्स डालें. बर्तन को ढककर लगभग 15 मिनट तक पकाएं. पकने के बाद इन्हें तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें और 5 मिनट तक रहने दें. इसके बाद बॉल्स को ठंडे पानी से निकालकर हल्के से हाथों से निचोड़कर इसको अलग बर्तन में बारी-बारी से रखें.

फिर उसमें रबड़ी को डाल दें. इसके ऊपर से आप पिस्ता, बादाम, इलायची पाउडर, केसर या फिर अपने हिसाब से कोई भी ड्राई फ्रूट्स डालकर कम से कम 5 से 6 घंटे या पूरी रात फ्रिज में रखें. जैसे ही आप फ्रिज खोलकर उसको निकालेंगे, तो रसमलाई अपनी रंगत में दिखाई देने लगेगी. सर्व करने से पहले बादाम, पिस्ता, केसर और सूखी गुलाब की पंखुड़ियों से इसको गार्निश कर सकते हैं. इस तरह ठंडी-ठंडी अंगूरी रसमलाई तैयार है. इसका स्वाद ऐसा होगा कि घर के लोग भी पूछ बैठेंगे कि मिठाई घर में बनी है या किसी मशहूर हलवाई की दुकान से लाई गई है.
लालू-राबड़ी को मिली Z सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ गाड़ी: बिहार सरकार ने वापस लौटाई सुरक्षा, बंगला विवाद के बीच घटाई गई थी सिक्योरिटी – Patna News
राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को Z कैटेगरी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों को बुलेट प्रूफ गाड़ी भी मुहैया कराई गई है। इसको लेकर बिहार सरकार ने शुक्रवार की शाम नोटिफिकेशन जारी किया है। बताया जा रहा है कि एक महीना पहले बिहार सरकार ने VVIP सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। सुरक्षा में बदलाव के विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस कर दी थी। 10 सर्कुलर स्थित बंगले से वापस किया था सुरक्षा सुरक्षा में कटौती से नाराज लालू परिवार ने राज्य सरकार की नई सुरक्षा व्यवस्था को खारिज कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले पर तैनात सभी सरकारी सुरक्षा जवानों को वापस लौटा दिया था। इसके बाद से सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सुरक्षा जवानों को वापस कर दिए थे। वहीं, राजद ने आरोप लगाया था कि विपक्ष के प्रमुख नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाते हुए उनकी सुरक्षा घटाई गई है। आवास विवाद के बीच घटाई गई सुरक्षा सम्राट सरकार की तरफ से राबड़ी आवास को खाली करने का नोटिस दिया गया। इस नोटिस पर विवाद बढ़ा तो लालू परिवार की जेड प्लस सिक्योरिटी खत्म कर दी गई है। दोनों को बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी, जिसमें एस्कॉर्ट, बुलेट प्रूफ कार और 8 से 16 गार्ड शामिल थे। इसके साथ ही लालू यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की भी Y कैटेगरी की सुरक्षा खत्म कर दी गई। 29 मई को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 29 मई को राबड़ी आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया था। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते थे। हालांकि, अब तेजस्वी यादव 1 पोलो रेड में शिफ्ट हो गए हैं और लालू-राबड़ी कौटिल्य नगर स्थिति निजी बंगले में शिफ्ट हो गए हैं।
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बीजेपी विधायक ने दरोगा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया: पीड़ित महिला के साथ एसपी से मिले, FIR दर्ज करने की मांग – Lakhimpur-Kheri News
लखीमपुर में सदर विधायक योगेश वर्मा ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शारदानगर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर कमरुद्दीन पर गंभीर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए। विधायक अपने साथ एक पीड़ित महिला को भी एसपी कार्यालय लेकर पहुंचे थे। विधायक का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर कमरुद्दीन ने एक मुकदमे से नाम हटाने के लिए पीड़ित पक्ष से 55 हजार रुपये की रिश्वत ली है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आरोपी दरोगा के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। विधायक ने कहा, भ्रष्टाचार के मामलों में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की और पीड़ित महिला को उसकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शिकायत की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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शेखपुरा में अतिक्रमण हटाओ अभियान, अवैध ठेले-दुकानें ध्वस्त: प्लास्टिक यूज पर भी रेड, 6000 रुपए का जुर्माना वसूला – Sheikhpura News
शेखपुरा नगर परिषद ने जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह अभियान जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के नेतृत्व में नगर क्षेत्र के पटेल चौक से भोजडीह रोड, हुसैनाबाद रोड और खांड पर राम जानकी मंदिर तक चलाया गया
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इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े ठेले और अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ ही नगर प्रशासन ने दुकानों में प्लास्टिक के प्रयोग को लेकर भी छापामारी की। इस कार्रवाई में लगभग 6000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।


राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी
उल्लेखनीय है कि सरकार के निर्देशों के तहत नगर क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी के नेतृत्व में पिछले सप्ताह भी ऐसा ही अभियान चलाया गया था। इसके अतिरिक्त, जिला परिवहन विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी है।
अतिक्रमण हटाने के दौरान संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्हें बताया गया कि यदि वे दोबारा इन स्थानों पर अतिक्रमण करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है।
रैंप पर दिखा हुनर, आत्मविश्वास और ग्लैमर का संगम: क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 के टॉप-30 फाइनलिस्ट ने बांधा समां – Jaipur News
आमेर रोड स्थित होटल जयपुर हेरिटेज में क्वीन ऑफ राजस्थान सीजन-5 की सैश सेरेमनी और टैलेंट राउंड का आयोजन किया गया। पूरे राजस्थान से चयनित टॉप-30 फाइनलिस्ट ने अपने व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अब ये सभी प्रतिभागी पांच दिवसीय ग्रूमिंग सेशन के बाद ग्रैंड फिनाले में अपनी अंतिम चुनौती पेश करेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत सैश सेरेमनी से हुई, जहां सभी टॉप-30 फाइनलिस्ट को मंच पर सम्मानपूर्वक सैश पहनाकर प्रतियोगिता के अगले चरण के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि शिव सिंह शेखावत, आमेर गुप्ता, अशोक बड़गुर्जर, मिसेज क्वीन ऑफ राजस्थान-2025 शालिनी शर्मा, क्वीन ऑफ इंडिया-2025 की फाइनलिस्ट कोमल गिल, भारत की फर्स्ट रनरअप क्वीन 2025 उर्वशी सुखवानी, राजस्थान क्वीन 2025 की सेकेंड रनरअप ऊर्जा पटेल, विकास मेघवाल, पीहू सिंह एवं मनीष खंडेलवाल ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही किसी भी मंच पर सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होती है। इसके बाद आयोजित टैलेंट राउंड में प्रतिभागियों ने अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं से सभी को प्रभावित किया। किसी ने शानदार डांस प्रस्तुति दी, तो किसी ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया। कई प्रतिभागियों ने अभिनय और मिमिक्री के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति का परिचय दिया। मंच पर उनका आत्मविश्वास, स्टेज प्रेजेंस और प्रस्तुति का अंदाज दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। क्वीन ऑफ राजस्थान के संस्थापक एवं निदेशक मोनू वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता का अगला चरण बेहद महत्वपूर्ण होगा। सभी फाइनलिस्ट के लिए पांच दिनों का विशेष ग्रूमिंग सेशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें फैशन इंडस्ट्री के अनुभवी विशेषज्ञ उन्हें रैंप वॉक, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, कम्युनिकेशन स्किल्स, स्टेज प्रेजेंस, ग्रूमिंग, फोटो पोजिंग और कैमरा फेसिंग जैसी बारीकियों का प्रशिक्षण देंगे, ताकि वे ग्रैंड फिनाले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। जयपुर डायरेक्टर विराट गोविंद्र ने कहा कि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल एक विजेता चुनना नहीं, बल्कि युवतियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई देना और उन्हें फैशन एवं ग्लैमर इंडस्ट्री में सफल करियर के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस मंच से कई प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाई है और आने वाले वर्षों में भी यह मंच नई प्रतिभाओं को अवसर देता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन आरजे राहुल ने अपने ऊर्जावान और मनोरंजक अंदाज में किया। वहीं आयोजन के दौरान प्रतिभागियों के रैंप वॉक, टैलेंट परफॉर्मेंस और यादगार पलों को फोटोग्राफर अनिल कुमार ने अपने कैमरे में कैद किया।
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बिना केमिकल वाला गुड़ घर पर बनाना है आसान, जानें पूरी विधि
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Homemade Jaggery Making Tips: गुड़ चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है. लेकिन ज्यादातर लोग बाजार में मिलने वाले गुड़ पर ही निर्भर होते हैं, जबकि मिलावट का खतरा रहता है. ऐसे में आज हम आपको घर गुड़ बनाने का आसान तरीका यहां बता रहे हैं. इसे बनाना भी आसान है, और समय भी ज्यादा नहीं लगता है.
बाजार में मिलने वाला गुड़ हमेशा शुद्ध हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार इसे ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए इसमें केमिकल, आर्टिफिशियल कलर या अन्य मिलावटी चीजें मिलायी जाती हैं. इस तरह के गुड़ के स्वाद में बहुत फर्क समझ नहीं आता है, लेकिन सेहत के नजरिए से ये बिल्कुल फायदेमंद नहीं होता है.
अगर आप चाय, हलवा, खीर, दलिया या पारंपरिक मिठाइयों में गुड़ का इस्तेमाल करते हैं, तो शुद्ध गुड़ चुनना बेहद जरूरी है. ऐसे में घर पर बना गुड़ एक बेहतर विकल्प हो सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे बहुत ही आसानी और कम सामानों से बनाया जा सकता है. यहां आप घर पर गुड़ बनाने की पूरी विधि जान सकते हैं.
घर पर शुद्ध गुड़ बनाने का तरीका
- घर पर गुड़ बनाने के लिए सबसे जरूरी चीज है ताजा गन्ने का रस. यदि आपको किसी गन्ना विक्रेता या मिल से ताजा रस मिल जाए, तो आप आसानी से शुद्ध गुड़ तैयार कर सकते हैं.
- इसके बाद गन्ने के रस को एक साफ कपड़े या महीन छलनी से छान लें, ताकि उसमें मौजूद मिट्टी, घास या अन्य अशुद्धियां निकल जाएं.
- इसके बाद छने हुए रस को एक मोटे तले वाले बर्तन में डालें और धीमी आंच पर पकाना शुरू करें. जैसे-जैसे रस गर्म होगा, उसकी सतह पर झाग बनने लगेगा. यह झाग अशुद्धियों का मिश्रण होता है, इसलिए इसे समय-समय पर चम्मच की मदद से हटाते रहें. इससे गुड़ का रंग साफ और गुणवत्ता बेहतर बनी रहती है.
- रस को लगातार पकाते रहें और बीच-बीच में चलाते रहें. कुछ समय बाद रस गाढ़ा होने लगेगा और उसका रंग सुनहरा भूरा दिखाई देने लगेगा. जब मिश्रण अच्छी तरह गाढ़ा होकर गुड़ जैसी स्थिरता में आ जाए, तब गैस बंद कर दें.
- अब इस तैयार मिश्रण को घी लगी हुई ट्रे, थाली या किसी सांचे में डाल दें. इसे कुछ समय तक ठंडा होने दें. ठंडा होने के बाद यह सख्त हो जाएगा. फिर आप इसे अपनी पसंद के अनुसार छोटे या बड़े टुकड़ों में काट सकते हैं.
घर पर बना गुड़ खाने के फायदे
घर पर बना गुड़ नेचुरल रंग, खुशबू और स्वाद से भरपूर होता है. इसमें आयरन, मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. यही कारण है कि यह बाजार के मिलावटी गुड़ की तुलना में अधिक पौष्टिक माना जाता है. हालांकि घर पर गुड़ बनाने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसका स्वाद और शुद्धता मेहनत को पूरी तरह सफल बना देते हैं. इस गुड़ का इस्तेमाल आप चाय, खीर, हलवा, पराठा या किसी भी मीठी डिश में कर सकते हैं. इससे न केवल खाने का स्वाद बढ़ेगा, बल्कि आपको शुद्ध और पौष्टिक मिठास का लाभ भी मिलेगा.
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शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें
Airtel का 56 दिन वाला सस्ता प्लान, अनलिमिटेड कॉलिग, डेटा समेत मिलेंगे ये खास बेनिफिट
Airtel के पास अपने यूजर्स के लिए कई प्रीपेड प्लान मौजूद हैं, जिनमें 28 दिन, 56 दिन, 84 दिन समेत लंबी वैलिडिटी ऑफर की जाती है। कंपनी के पास एक 56 दिन की वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता प्लान है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई और बेनिफिट्स मिलते हैं। एयरटेल ने इस प्लान को अपनी वेबसाइट और थैंक्स ऐप पर लिस्ट किया है।
56 दिन वाला सबसे सस्ता प्लान
एयरटेल का यह प्रीपेड प्लान 579 रुपये में आता है। इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलेगा। साथ ही, यूजर्स फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ ले सकते हैं। इस प्लान में यूजर्स को डेली 1.5GB डेटा मिलता है। साथ ही, 100 फ्री SMS का भी बेनिफिट मिलेगा।
इस प्लान में मिलने वाले अतिरिक्त बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इसमें Airtel XStream Play का सब्सक्रिप्शन मिलेगा। यूजर्स इस ऐप के जरिए फ्री में कई OTT कंटेंट को एक्सेस कर सकेंगे। वहीं, यूजर्स को इस प्लान में फ्री हैलोट्यून्स का भी लाभ दिया जाता है। इसके अलावा Adobe Express Premium का एक्सेस पूरे 12 महीने के लिए मिलता है।
एयरटेल के 56 दिन की वैलिडिटी वाले अन्य प्लान्स की बात करें तो 649 रुपये में भी एक प्लान आता है। इसमें मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग के साथ-साथ डेली 2GB डेटा का लाभ मिलेगा। इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड 5G का भी लाभ मिलेगा।
अमरनाथ यात्रा में मिलेगी कनेक्टिविटी
एयरटेल ने अमरनाथ यात्रियों की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग में बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए मोबाइल साइट लाइव किया है। कंपनी ने बताया कि चंदनवारी, पिसू टॉप और बेताब वैली में एयरटेल का मोबाइल साइट लाइव हो गया है। अमरनाथ यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों को इन एरिया में एयरटेल की बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। साथ ही, इस एरिया में सुरक्षा अधिकारियों और लोकल ऑथोरिटी को भी बेहतर नेटवर्क का लाभ मिलेगा।
अमरनाथ यात्रा के दौरान किसी इमरजेंसी की स्थिति में तीर्थयात्री, सुरक्षा अधिकारी और लोकर ऑथोरिटी को बेहतर नेटवर्क की वजह से कनेक्टिविटी मिल सकेगी और सहायता मिलने में तेजी आ सकती है। तीर्थयात्री और सुरक्षा अधिकारी आपात स्थिति में भी लोगों के साथ कनेक्टेड रह सकेंगे और मदद ले सकेंगे।
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