Friday, July 10, 2026
Home Blog

बाबा आनंदेश्वर का फूलों और फलों से हुआ दिव्य श्रृंगार: मोगरा-बेलपत्र से सजा दरबार, पेड़ा-बर्फी का लगा भोग – Kanpur News




कानपुर के परमट स्थित बाबा आनंदेश्वर मंदिर में शुक्रवार सुबह बाबा आनंदेश्वर महादेव का विशेष श्रृंगार किया गया। सुबह करीब 7 बजे गर्भगृह के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए। प्राकृतिक फूलों, ताजे फलों और बेलपत्रों से किए गए श्रृंगार को देखने के लिए सुबह से ही मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रृंगार के बाद बाबा की भव्य आरती की गई। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। आरती के बाद श्रद्धालुओं को महाप्रसाद भी वितरित किया गया। मोगरा और बेला के फूलों से सजा शिवलिंग बाबा आनंदेश्वर के शिवलिंग के चारों ओर सफेद मोगरा और बेला के फूलों की सजावट की गई। इसके ऊपर नारंगी और लाल रंग के जरबेरा व गेंदे के फूलों से गोलाकार आकृतियां बनाई गईं। रंग-बिरंगे फूलों की सजावट ने पूरे दरबार को आकर्षक बना दिया। चंदन से बनाया गया त्रिपुंड श्रृंगार के दौरान शिवलिंग पर पीले चंदन का लेप लगाया गया। इसके ऊपर काले रंग से त्रिपुंड और अर्धचंद्र बनाया गया। त्रिपुंड के बीच लाल कुमकुम से तीसरी आंख का स्वरूप उकेरा गया, जिसने बाबा के स्वरूप को और भव्य बना दिया। बेलपत्र पर लिखा गया ‘राम’ नाम श्रृंगार में चारों ओर गुलाबी कमल और लाल गुलाब के फूल सजाए गए। शिवलिंग के पास रखे बेलपत्रों पर चंदन और कुमकुम से ‘राम’ नाम अंकित किया गया। बाहरी घेरे में रुद्राक्ष की मालाएं और ताजे फलों से भी सजावट की गई। श्रृंगार के बाद बाबा को पेड़ा और बर्फी का विशेष भोग लगाया गया। आरती के बाद यही महाप्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। सुबह बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।



Source link

DM विक्रम विरकर ने पर्यटन स्थलों का किया निरीक्षण: मां कात्यायनी धाम और कसरैया धार में विकास कार्यों का लिया जायजा – Khagaria News




खगड़िया में पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने गुरुवार को विभिन्न प्रस्तावित पर्यटन स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने चौथम प्रखंड स्थित प्रसिद्ध मां कात्यायनी धाम और कसरैया धार पहुंचकर विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। निरीक्षण की शुरुआत जिलाधिकारी ने मां कात्यायनी मंदिर परिसर से की। यहां उन्होंने पर्यटन की दृष्टि से प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली उन्होंने परिसर के सौंदर्यीकरण, स्वच्छता व्यवस्था, सुगम आवागमन, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और पार्किंग सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की जानकारी ली। मौके पर मौजूद प्रभारी पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने प्रस्तावित योजनाओं की वर्तमान स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया। इसके बाद जिलाधिकारी कसरैया धार पहुंचे, जहां उन्होंने प्राकृतिक पर्यटन की संभावनाओं का आकलन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक विशेषताओं को संरक्षित रखते हुए इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर भी बल दिया गया। आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि खगड़िया के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का सुनियोजित विकास जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा। इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पर्यटन विकास योजनाओं में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। प्रशासन का लक्ष्य है कि खगड़िया के प्रमुख धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थलों को बेहतर पर्यटन सुविधाओं से जोड़कर उन्हें राज्य के महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।



Source link

SBI कियोस्क संचालक लापता, लाखों के गबन की आशंका: ग्राहकों के खातों से निकली रकम नहीं मिली, जांच में 40 लाख तक अनियमितता शक – Raisen News




रायसेन शहर में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) में लाखों रुपए के कथित गबन का मामला गुरुवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत सोमवार रात से लापता है। इसके बाद बड़ी संख्या में खाताधारक एसबीआई शाखा पहुंचकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। आरोप है कि संचालक ने ग्राहकों के खातों से राशि निकाल ली, लेकिन उन्हें नकद भुगतान नहीं किया। शुरुआती जांच में 35 से 40 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। शाखा प्रबंधन और पुलिस ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद सांची रोड स्थित एसबीआई शाखा प्रबंधन ने खातों के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बैंक पहुंच रहे खाताधारक अपने पास मौजूद रसीदें और दस्तावेज जमा कर रहे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद एसबीआई की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय से इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता चल रही थी तो बैंक के फील्ड ऑफिसर और ऑडिटर ने समय पर कियोस्क के खातों का मिलान क्यों नहीं किया। नियमित निरीक्षण होने पर मामला पहले ही सामने आ सकता था। संचालक के माता-पिता ने दर्ज कराई गुमशुदगी
कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत के घर पर भी लोग अपने पैसे वापस लेने की मांग लेकर पहुंच रहे हैं। इस बीच उनके माता-पिता ने थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि उनके बेटे और परिवार के बैंक खातों की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यदि कोई राशि निकाली गई है तो वह कहां और किस खाते में गई। सूत्रों के अनुसार, शहर के कुछ व्यापारियों और अन्य लोगों ने भी कियोस्क संचालक के माध्यम से बड़ी रकम का लेनदेन किया था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई व्यक्ति खुलकर सामने नहीं आया है। बैंक मैनेजर बोले- जांच की जा रही
एसबीआई शाखा प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सभी खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।



Source link

OMG! ऊंटनी के दूध से तैयार ‘राजभोग’ फ्लेवर बना पर्यटकों की पहली पसंद


Last Updated:

Camel Milk Ice Cream: बीकानेर स्थित राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र ने पर्यटकों के लिए एक अनोखी सौगात पेश की है. बढ़ती मांग को देखते हुए अब ऊंटनी के दूध से बनी ‘राजभोग’ आइसक्रीम तैयार की गई है, जो स्वाद और पोषण का शानदार मेल मानी जा रही है. ऊंटनी के दूध में मौजूद पोषक तत्वों के कारण इसे स्वास्थ्य के लिहाज से भी लाभकारी माना जाता है. पहले यहां चॉकलेट, वनीला और अन्य फ्लेवर उपलब्ध थे, लेकिन अब पारंपरिक भारतीय स्वाद को ध्यान में रखते हुए राजभोग फ्लेवर जोड़ा गया है. बीकानेर आने वाले पर्यटक इस खास आइसक्रीम का स्वाद लेने के लिए उत्साहित हैं. यह नई पहल न केवल ऊंटनी के दूध से बने उत्पादों को बढ़ावा देगी, बल्कि राजस्थान के पर्यटन और स्थानीय खाद्य नवाचार को भी नई पहचान दिलाएगी.

ख़बरें फटाफट

बीकानेर. राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी), बीकानेर ने पर्यटकों की मांग और सुझावों को ध्यान में रखते हुए ऊंटनी के दूध से तैयार एक नया आइसक्रीम फ्लेवर विकसित किया है. अब तक केंद्र में आने वाले पर्यटकों को ऊंटनी के दूध से बनी वनीला फ्लेवर की आइसक्रीम परोसी जाती थी, लेकिन लगातार मिल रहे सुझावों के बाद वैज्ञानिकों ने एक नया और आकर्षक फ्लेवर तैयार किया है, जिसका नाम ‘राजभोग’ रखा गया है.

केंद्र की डेयरी टेक्नोलॉजी एंड प्रोसेसिंग यूनिट की ओर से तैयार की गई इस विशेष आइसक्रीम में स्वाद और पौष्टिकता का अनोखा मेल देखने को मिलता है. राजभोग फ्लेवर को खास बनाने के लिए इसमें विभिन्न प्रकार के ड्राई फ्रूट्स, नट्स, फ्रूट्स और अन्य प्राकृतिक फ्लेवर का उपयोग किया गया है. इससे आइसक्रीम का स्वाद और भी समृद्ध हो गया है.

दूध की आइसक्रीम भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय
वैज्ञानिक मितुल कुमार ने बताया कि इस नए फ्लेवर को विकसित करने में करीब चार से पांच दिन का समय लगा. सही स्वाद, गुणवत्ता और बनावट सुनिश्चित करने के लिए कई चरणों में परीक्षण किए गए, जिसके बाद इसे अंतिम रूप दिया गया.
राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र है. यहां आने वाले पर्यटक ऊंट सफारी, ऊंट संग्रहालय और ऊंटनी के दूध से बने विभिन्न उत्पादों का अनुभव लेते हैं. ऊंटनी के दूध की आइसक्रीम भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है.

पर्यटकों के बीच आकर्षण का नया केंद्र
केंद्र का मानना है कि पर्यटकों के सुझावों के आधार पर नए उत्पाद विकसित करने से न केवल उनके अनुभव में बढ़ोतरी होगी, बल्कि ऊंटनी के दूध से तैयार उत्पादों को भी नई पहचान मिलेगी. ‘राजभोग’ फ्लेवर की यह नई आइसक्रीम स्वाद के साथ-साथ ऊंटनी के दूध के पोषण गुणों का भी बेहतरीन मिश्रण है और आने वाले दिनों में पर्यटकों के बीच आकर्षण का नया केंद्र बनने की उम्मीद है.

About the Author

Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



Source link

ईरान का दावा- अमेरिकी MQ-9 ड्रोन मार गिराया: कहा- होर्मुज में हमला किया तो कई देशों को आर्थिक नुकसान होगा; US ने 170 ठिकाने उड़ाए




ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, बुधवार को IRGC की एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन का पता लगाकर उसे इंटरसेप्ट किया और फिर नष्ट कर दिया। हालांकि अमेरिका ने इस दावे पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस बीच, IRGC ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह होर्मुज स्ट्रेट में दखल न दे। उसका कहना है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो स्ट्रेट में सामान्य आवाजाही बहाल नहीं हो पाएगी और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने मंगलवार और बुधवार को 170 से ज्यादा ईरानी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिका के मुताबिक, इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन भंडार, सैन्य स्पीड बोट और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। IRNA ने MQ-9 ड्रोन मार गिराने का यह वीडियो जारी किया है… पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स मिडिल ईस्ट हालात से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link

उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से 1000 लोग फंसे: यूपी में बारिश से 10 की मौत, राजस्थान में 6 ट्रेनें रद्द; दो दिन बाद मानसून पर ब्रेक संभव




मानसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया। इसे पूरे देश को कवर करने में 38 दिन लगते हैं, लेकिन इस बार 36 दिन में ही कवर कर लिया। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक दो दिन बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे लैंडस्लाइड से बंद हैं। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब 1000 यात्री फंसे हैं। 10 जिलों में बारिश के कारण आज स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग चट्टानें गिरने से बंद है। हरिद्वार में सड़कों पर 3-4 फीट पानी भर गया। उत्तर प्रदेश के 69 शहरों में गुरुवार को बारिश हुई। बारिश की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मस्जिद की पुरानी दीवार गिरने से एक ही परिवार के 2 लोगों की मौत हो गई। हरदोई में 2 बहनें नदी में बह गईं। राजस्थान के धौलपुर में बारिश के चलते मकान ढह गया और 6 लोग मलबे में दब गए। अजमेर के किशनगढ़ में भी कच्चा मकान ढहने से माता-पिता और बच्चा दब गया। राज्य में 6 ट्रेनें कैंसिल हुई हैं। कई ट्रेनें लेट भी हैं। दिल्ली में बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। कई जगह पेड़ गिरने से ट्रैफिक जाम लगा। देशभर से मौसम की 4 तस्वीरें… मानसून ने पूरे देश को कवर किया देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link

अमेरिका में H-1B वीजा के नियम सख्त हो सकते हैं: विश्वविद्यालयों की छूट सीमित हो सकती है; ग्रीन कार्ड से जुड़े नए नियम आना संभव


वॉशिंगटन डीसी14 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका का ट्रम्प प्रशासन नए इमिग्रेशन नियमों की तैयारी कर रहा है, जिससे एच-1बी वीजा, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड और छात्र वीसा की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है।

प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर भारतीय पेशेवरों, छात्रों और अमेरिकी कंपनियों के लिए नियमों का पालन करना अधिक कठिन और महंगा हो सकता है। ये प्रस्ताव अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग, श्रम विभाग और विदेश विभाग के एकीकृत रेगुलेटरी एजेंडा में शामिल हैं। इसके लिए अगस्त में बदलाव का प्रस्ताव आ सकता है।

अगस्त में आ सकता है प्रस्ताव

एच-1बी: विश्वविद्यालयों और कुछ शोध संस्थानों को मिलने वाली एच-1बी कैप छूट सीमित की जा सकती है। कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनसे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है।

ग्रीन कार्ड: एच-1बी व ग्रीन कार्ड के लिए लागू न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव है। साथ ही भर्ती नियमों, अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी से जुड़े प्रावधानों और भेदभाव-रोधी उपायों में बदलाव प्रस्तावित हैं।

छात्र वीसा: प्रस्ताव के तहत विदेशी छात्रों के लिए मौजूदा ‘ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस’ व्यवस्था खत्म कर निश्चित अवधि का प्रवास तय किया जा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को H-1B वीजा को लेकर नियमों में बदलाव से जुड़े ऑर्डर पर साइन किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 19 सितंबर 2025 को H-1B वीजा को लेकर नियमों में बदलाव से जुड़े ऑर्डर पर साइन किया था।

जयशंकर ने भी उठाया था मुद्दा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इसी साल मई में यह मामला अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के सामने उठाया था। रूबियो ने माना था कि नए इमिग्रेशन सिस्टम में बदलाव के दौरान कुछ दिक्कतें और तनाव हो सकते हैं।

हालांकि, रूबियो ने कहा था कि अमेरिका इमिग्रेशन सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहा है और लंबे समय में इसका फायदा सभी पक्षों को मिलेगा। रूबियो ने यह भी कहा था कि यह कदम खासतौर पर भारत को निशाना बनाकर नहीं उठाया गया।

उनके मुताबिक अमेरिका पिछले कुछ सालों में बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासियों की समस्या से जूझ रहा है। 2 करोड़ से ज्यादा लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में दाखिल हुए और उसी चुनौती से निपटने के लिए यह बदलाव किए जा रहे हैं।

—————————————–

ये खबर भी पढ़ें…

H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर वसूलने का आदेश रद्द:कोर्ट बोला- ट्रम्प फीस के नाम पर टैक्स नहीं ले सकते; भारतीयों को सबसे ज्यादा राहत

अमेरिकी फेडरल कोर्ट ने 9 जून को ट्रम्प के H-1B वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपए) फीस वसूलने वाली नीति को रद्द कर दिया था। बॉस्टन कोर्ट ने कहा कि यह फीस नहीं बल्कि एक टैक्स है और इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति नहीं, बल्कि संसद की मंजूरी जरूरी थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने PG और लॉ-कोर्स की नई कटऑफ जारी: 10 जुलाई से शुरू होगी काउंसलिंग, देखें कटऑफ – Prayagraj (Allahabad) News


इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश के लिए विभिन्न परास्नातक (PG) और विधि (Law) पाठ्यक्रमों की नई कटऑफ सूची जारी कर दी है। विश्वविद्यालय की ओर से एमए, एमएससी, एमकॉम, एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम समेत कई पाठ्यक्रमों के लिए अभ्यर्थिय

.

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेजों का सत्यापन और प्रवेश शुल्क जमा करने की अपील की है। तय समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी के दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

प्रमुख पाठ्यक्रमों की कटऑफ

पाठ्यक्रम UR OBC EWS SC ST
LLB (Hons.) 180 136
LL.M 152 144 136 118
MA (Ancient History) 176.7 160 147.6 98
MA (English Literature) 192
M.Com 159.6 142 144.4 128 98
M.Sc (Zoology) 220 210 209 198 107
M.Sc (Physics) 154 136 136 110 66.5
M.Sc (Chemistry) 140 91 34
MA/M.Sc (Geography) 176 सभी ST अभ्यर्थी पात्र
M.Sc (Food Technology) सभी SC अभ्यर्थी पात्र सभी ST अभ्यर्थी पात्र
MA (Painting) सभी SC अभ्यर्थी पात्र सभी ST अभ्यर्थी पात्र

नोट: जिन श्रेणियों के लिए कट-ऑफ जारी नहीं की गई है, वहां (—) दर्शाया गया है।

10 जुलाई से करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे 10 जुलाई से निर्धारित पोर्टल पर अपने शैक्षणिक दस्तावेज अपलोड कर समय से प्रवेश प्रक्रिया पूरी करें। अंतिम तिथि के बाद किसी भी प्रकार का आवेदन, दस्तावेज या शुल्क स्वीकार नहीं किया जाएगा।



Source link

उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड रोड का भूमि पूजन नागदा में होगा: 5017 करोड़ की लागत से 98.730 कि.मी. लंबाई वाले रोड का भूमि पूजन सीएम डॉ. मोहन यादव करेंगे – Ujjain News




मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को नागदा स्थित श्री ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में बहुप्रतीक्षित उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री दोपहर 2 बजे नागदा हेलीपैड पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 2:10 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर हाईवे परियोजना का भूमिपूजन, विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण तथा हितग्राहियों को हेलमेट वितरण करेंगे। 98.73 किलोमीटर लंबा होगा हाईवे मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा करीब 5017 करोड़ रुपए की लागत से 98.730 किलोमीटर लंबे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। यह परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर विकसित होगी। हाईवे उज्जैन जिले के ग्राम मंगरोला से शुरू होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के 8 लेन इंटरचेंज से जुड़ते हुए जावरा में होटल जोयो के समीप समाप्त होगा। यह चार लेन ग्रीनफील्ड हाईवे होगा, जिसमें दोनों ओर पेव्ड शोल्डर्स की सुविधा भी रहेगी। सिंहस्थ-2028 और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति इस परियोजना के पूरा होने के बाद उज्जैन, नागदा, जावरा और रतलाम के बीच आवागमन अधिक तेज और सुगम होगा। साथ ही उज्जैन का सीधा संपर्क दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर (DMIC) और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से स्थापित होने से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों के लिए यह हाईवे महत्वपूर्ण साबित होगा। आधुनिक सुरक्षा मानकों और स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सुविधाओं से लैस इस मार्ग के बनने से यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। उद्योग, लॉजिस्टिक्स और कृषि को होगा लाभ ग्रीनफील्ड हाईवे बनने से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ कृषि आधारित गतिविधियों और व्यापारिक परिवहन को भी नई गति मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह परियोजना माल परिवहन का समय कम करेगी और उज्जैन संभाग के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



Source link

ट्रंप को बर्बाद कर गया बेटा, ‘जुए’ में उड़ा दिए ₹5700 करोड़, अपने साथ हजारों को ले डूबा!


नई दिल्ली. कभी सिर्फ बिटकॉइन माइनिंग के दम पर बड़ा मुनाफा कमाने का सपना दिखाने वाली अमेरिकन बिटकॉइन कॉर्प (American Bitcoin Corp.) अब खुद भारी मुश्किल में फंस गई है. यह कंपनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बेटे एरिक ट्रंप (Eric Trump) की है. पिछले 10 महीनों में इसके शेयर 95 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं. इसका असर सीधे एरिक ट्रंप की दौलत पर पड़ा है. उनकी हिस्सेदारी की बाजार कीमत करीब 600 मिलियन डॉलर यानी लगभग 5722 करोड़ रुपये कम हो गई है.

हालात इतने खराब हो गए कि कंपनी को नैस्डैक (Nasdaq) स्टॉक एक्सचेंज में अपनी लिस्टिंग बचाए रखने के लिए रिवर्स स्टॉक स्प्लिट करना पड़ा. इसके तहत 15 पुराने शेयरों को मिलाकर 1 नया शेयर बनाया गया. इसके बावजूद कंपनी का शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. इसके बावजूद कंपनी का शेयर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. यानी एरिक अपने साथ कंपनी के हजारों इन्वेस्टर्स की संपत्ति भी ले डूबे हैं.

आखिर ऐसा क्या हुआ?

जब यह कंपनी शुरू हुई थी, तब इसकी पूरी रणनीति बिटकॉइन माइनिंग पर टिकी थी. कंपनी का मानना था कि ज्यादा से ज्यादा बिटकॉइन निकालकर और उसे जमा करके आगे बड़ा फायदा होगा. लेकिन पिछले कुछ महीनों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई. बिटकॉइन की कीमतों में बड़ी गिरावट आ गई. दूसरी तरफ AI का कारोबार तेजी से बढ़ने लगा. ऐसे में निवेशकों ने उन कंपनियों को पसंद करना शुरू कर दिया, जिन्होंने अपनी बिजली, जमीन और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल AI डेटा सेंटर बनाने में शुरू कर दिया. यहीं पर अमेरिकी बिटकॉइन पीछे रह गई.

दूसरी कंपनियां बदल गईं, यह नहीं बदली

रायट प्लेटफॉर्म्स (Riot Platforms), मारा होल्डिंग्स (MARA Holdings), सिफर डिजिटल (Cipher Digital) और टेरावुल्फ (TeraWulf) जैसी कई अमेरिकी कंपनियों ने बिटकॉइन माइनिंग के साथ साथ AI डेटा सेंटर का कारोबार भी शुरू कर दिया. इसका फायदा उन्हें मिला और इस साल उनके शेयर औसतन 60 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए. इसके उलट अमेरिकी बिटकॉइन सिर्फ बिटकॉइन पर ही भरोसा करती रही. इसी वजह से कंपनी के शेयर लगातार टूटते गए.

AI में क्यों नहीं उतर पाई कंपनी?

असल में कंपनी के पास सिर्फ बिटकॉइन माइनिंग मशीनें और बिटकॉइन हैं. जबकि बिजली, जमीन, डेटा सेंटर और दूसरी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं उसकी साझेदार कंपनी हट 8 (Hut 8) के पास हैं. हट 8 ने अपनी रणनीति बदलते हुए AI डेटा सेंटर के कारोबार पर बड़ा दांव लगाया और उसके शेयर इस साल दोगुने से ज्यादा चढ़ गए. लेकिन अमेरिकी बिटकॉइन के पास ऐसा करने की ज्यादा गुंजाइश नहीं थी.

फिर भी बिटकॉइन पर भरोसा कायम

इतनी गिरावट के बावजूद कंपनी पीछे हटने को तैयार नहीं है. एरिक ट्रंप का कहना है कि कंपनी अपने बिटकॉइन नहीं बेचेगी, जब तक कोई बेहद गंभीर स्थिति पैदा न हो जाए. इतना ही नहीं, कंपनी ने हाल ही में बाजार से 500 और बिटकॉइन खरीद लिए. उसका मानना है कि जब बाकी कंपनियां AI की तरफ जा रही हैं, तब बिटकॉइन नेटवर्क में प्रतिस्पर्धा कम होगी और भविष्य में ज्यादा बिटकॉइन कमाने का मौका मिलेगा.

कंपनी को कितना नुकसान हुआ?

वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 118.2 मिलियन डॉलर का ऑपरेटिंग लॉस हुआ. इसमें सबसे बड़ा कारण उसके पास मौजूद बिटकॉइन की कीमत घटने से हुआ करीब 117.2 मिलियन डॉलर का नुकसान रहा.

क्या आगे रिकवरी हो सकती है?

बाजार के कई जानकारों का मानना है कि बिटकॉइन अपने इस चक्र के निचले स्तर के आसपास हो सकता है. अगर आने वाले महीनों में इसकी कीमत दोबारा तेजी से बढ़ती है तो अमेरिकी बिटकॉइन को भी फायदा मिल सकता है. हालांकि फिलहाल कंपनी का पूरा भविष्य लगभग एक ही चीज पर टिका है. अगर बिटकॉइन की कीमत बढ़ी तो कंपनी संभल सकती है. लेकिन अगर गिरावट जारी रही तो एरिक ट्रंप की इस बड़ी क्रिप्टो कंपनी के सामने मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.



Source link