मथुरा में पुलिस भर्ती परीक्षा सोमवार को जिले के 16 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने वीडीपी राजकीय इंटर कॉलेज, सेठ बी.एन. पोद्दार इंटर कॉलेज और श्री गुरु कार्ष्णि इंटर कॉलेज सहित कई केंद्रों पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान सीसीटीवी कंट्रोल रूम, अभ्यर्थियों की जांच प्रक्रिया, सुरक्षा इंतजाम, प्रकाश व्यवस्था और शुद्ध पेयजल जैसी सुविधाओं को परखा गया। अधिकारियों ने केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के निर्देश दिए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली अपराह्न 3 बजे से शाम 5 बजे तक चली। जिले के सभी केंद्रों पर पहले दिन कुल 12 हजार 480 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 4,781 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 1,459 अनुपस्थित थे, जिससे उपस्थिति प्रतिशत 76.61 रहा। दूसरी पाली में 4,891 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी और 1,349 अनुपस्थित रहे, इस हिसाब से पहली पाली में 76.61 प्रतिशत व दूसरी पाली में उपस्थिति प्रतिशत बढ़कर 78.38 प्रतिशत दर्ज किया गया। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को अपेक्षाकृत आसान बताया। नोएडा से आए एक अभ्यर्थी ने कहा कि पेपर सरल था और अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम पर आधारित थे। वहीं, बुलंदशहर से आए एक अन्य परीक्षार्थी ने अनुमान लगाया कि प्रश्नपत्र आसान होने के कारण इस बार मेरिट अधिक जा सकती है। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा और कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की गई। प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर संतोष व्यक्त किया।
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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा: 75% से अधिक रही उपस्थिति, मथुरा में डीएम-एसएसपी ने संभाली कमान – Mathura News
अग्निशमन विभाग का 17 होटल्स, प्रतिष्ठानों में छापा:: कंकड़बाग इलाके में पहुंची टींम, लापरवाही और मानकों का उल्लंघन करते पकड़े गए होटल्स – Patna News
अग्निशमन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई जारी है। कंकड़बाग इलाके में आज 17 होटल्स और अन्य प्रतिष्ठानों में अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार के नेतृत्व में औचक निरीक्षण और धावा बोला गया। इसमें राजेंद्र नगर टर्मिनल के ठीक सामने स्थित होटल रॉयल पैलेस हंग्री हाउस रेस्टोरेंट, HOTEL PANASIA, समेत अन्य दो होटल्स में औचक धावा दल पहुंचा। इस दौरान घोर लापरवाही पाई गई। खानापूर्ति के लिए फायर एक्सटिंग्विशर रखे गए थे। जब इसकी जांच हुई तो इन सभी के डेट एक साल पहले ही लेप्स पाए गए। एंट्री एग्जिट गेट पर साइनेज नहीं मिले पानी टैंक भी मानकों के मुताबिक नहीं पाया गया। एंट्री एग्जिट गेट पर साइनेज नहीं मिले। सीढ़ियों की चौड़ाई और गैलरी भी मानकों के मुताबिक नहीं थी। फायर सर्टिफिकेट की जांच जब अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी ने की तो वो भी 1 वर्ष पहले के लेप्स प्रस्तुत किए गए। अग्निशमन अनुमंडल पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार लगातार कार्रवाई की जा रही है। आज कंकड़बाग इलाके के 17 प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। खासकर के होटल्स में खामियां पाई गई हैं। 15 दिन की मोहल्लत दी गई है इन सभी को 7 से 15 दिन की मोहल्लत दी गई है। सभी को नोटिस दिया गया है। इसके बाद एक बार फिर आकर देखा जाएगा। उस समय अवधि तक इसे दुरुस्त नहीं किया जाता है, तो बिल्डिंग सील करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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500 CCTV खंगालकर बाइक लूट गैंग का खुलासा: देवास में , 2 नाबालिग समेत 6 आरोपी गिरफ्तार, चोरी के बाद पार्ट्स निकालकर कबाड़ी को बेचे थे – Dewas News
देवास में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत बाइक लूटने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो नाबालिगों सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटी गई बाइक के विभिन्न पार्ट्स, चोरी की एक अन्य मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 3 फरवरी 2026 की रात मांगलिया निवासी अनिल प्रजापति क्षिप्रा स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मोबाइल पर बात कर रहे थे। तभी बाइक पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। एक आरोपी ने पीछे से अनिल की गर्दन पकड़ ली, जबकि दूसरे ने बियर की कांच की बोतल से उनके सिर और जांघ पर वार किया। इसके बाद आरोपी बाइक की चाबी छीनकर उन्हें नाली की ओर धकेलते हुए मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए। 500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाली मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ के तहत 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर 7 जून को आरोपी आकाश पटेल उर्फ अप्पु खोटा और दो नाबालिगों को पकड़ा गया। पूछताछ में आकाश पटेल और नाबालिगों ने बताया कि लूटी गई बाइक शहजाद कुरैशी को बेच दी गई थी। पुलिस ने शहजाद को गिरफ्तार किया। उसने स्वीकार किया कि बाइक के पार्ट्स अलग-अलग कर कबाड़ी विनोद योगी और सद्दाम गौरी को बेच दिए थे। इसके बाद पुलिस ने विनोद योगी और सद्दाम गौरी को भी गिरफ्तार कर बाइक के विभिन्न पार्ट्स बरामद किए। एक और चोरी की बाइक बरामद जांच में सामने आया कि आरोपियों ने क्षिप्रा थाना क्षेत्र से एक अन्य मोटरसाइकिल भी चोरी की थी। पुलिस ने वह बाइक भी बरामद कर ली है। आरोपियों ने नागदा पहाड़ी क्षेत्र में केबल चोरी की कई वारदातों में शामिल होना भी स्वीकार किया है। पुलिस इन मामलों में पूछताछ कर रही है और चोरी का अन्य सामान बरामद करने का प्रयास जारी है। मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत चौरसिया के नेतृत्व में प्रआर अजय बैस, शैलेन्द्र राणा, आरक्षक अजय जाट, राबी यादव, अर्पित जायसवाल, सैनिक ज्ञानेन्द्र द्विवेदी एवं तेजसिंह मण्डलोई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने इसे ऑपरेशन त्रिनेत्रम की बड़ी सफलता बताया।
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स्वच्छता और हरियाली से निखरा सूरजमल विहार का पार्क: उप-महापौर ने किया अभियान का नेतृत्व; एमसीडी ने चलाया विशेष सफाई अभियान – New Delhi News
दिल्ली के सूरजमल विहार स्थित सी-ब्लॉक शिव मंदिर पार्क में स्वच्छता और हरियाली का संगम देखने को मिला। दिल्ली की उप-महापौर डॉ मोनिका पंत के नेतृत्व में यहां एक विशेष स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर निगम के आला अधिकारी, शाहदरा साउथ जोन के उपायुक्त, सहायक आयुक्त और उद्यान विभाग की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अभियान के तहत पार्क और उसके आसपास के क्षेत्रों की सघन सफाई की गई। इस दौरान डॉ मोनिका पंत ने उपस्थित अधिकारियों को क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। एक पेड़ मां के नाम के तहत हुआ पौधरोपण स्वच्छता अभियान के बाद प्रधानमंत्री के प्रेरणादायी अभियान एक पेड़ मां के नाम के तहत उप-महापौर और उपायुक्त ने पार्क परिसर में पौधों का रोपण किया। इस मौके पर उप-महापौर ने कहा, स्वच्छता और हरियाली, दोनों ही एक स्वस्थ एवं विकसित दिल्ली की आधारशिला हैं। नगर निगम दिल्ली को सुंदर और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं नागरिकों से भी अपील करती हूं कि वे अपने आसपास के परिवेश को साफ रखें और अधिक से अधिक पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखना था, बल्कि जन-भागीदारी के जरिए दिल्ली को पर्यावरण की दृष्टि से समृद्ध बनाना भी था।
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बहराइच में कलेक्ट्रेट के सामने मिल रही है बिना बर्फ और केमिकल वाली खास लस्सी
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Bahraich khas lassi: गर्मियों के इस मौसम में यदि आप कलेक्ट्रेट के सामने से गुजर रहे हैं, तो रुकिए! यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथों का बना एक ऐसा अमृत आपका इंतजार कर रहा है, जिसका स्वाद बड़े-बड़े होटलों की महंगी लस्सी को भी मात दे रहा है. शुद्ध दूध, ढेर सारे ड्राईफ्रूट्स और चेरी के लाजवाब संगम से तैयार इस खास लस्सी के 200 एमएल गिलास की कीमत मात्र 51 रुपये है. बिना किसी केमिकल और बिना बर्फ के शुद्धता से तैयार इस लस्सी का स्वाद ऐसा है कि आप इसे एक बार पीने के बाद कभी भूल नहीं पाएंगे.
Bahraich khas lassi: वैसे तो बाजार में बहुत सी जगहों पर गर्मियों में लस्सी मिलती है और बहुत सी जगहों की लस्सी फेमस भी होती है. लेकिन बहराइच में महिलाओं द्वारा बनाई गई यह लस्सी बेहद स्वादिष्ट है. इसे महिलाएं अपने हाथों से, बिना किसी केमिकल के दही को जमाकर बनाती हैं. इसमें दूध भी अच्छी क्वालिटी का इस्तेमाल किया जाता है और लस्सी में ड्राईफ्रूट, चेरी और भी कई चीजों को डालकर परोसा जाता है. अब लोग धीरे-धीरे समूह की महिलाओं द्वारा बनाई गई इस लस्सी की ओर आकर्षित होकर इसका सेवन कर रहे हैं.
गर्मी को देखते हुए महिलाओं ने लगाया दिमाग!
समूह की महिलाओं द्वारा बनाई गई इस लस्सी की बिक्री गांव में नहीं, बल्कि शहर में की जा रही है. शहर में समूह की दुकान पर, जो बहराइच शहर के कलेक्ट्रेट के सामने बनी हुई है, वहां पर महिलाएं लस्सी को बनाकर बेचने के लिए भेज देती हैं. यहां पर महिलाओं द्वारा बनाई गई खाद्य सामग्री जैसे अचार, मुरब्बा, चूर्ण समेत लस्सी को बेचने का काम रवि नाम के शख्स करते हैं, जिन्होंने एक बैनर भी लगा रखा है. जहां पर आप पहुंचकर हर वक्त ताजी ठंडी लस्सी को पीकर ठंडक का एहसास बड़े आराम से ले सकते हैं.
लस्सी में चीनी की मात्रा सीमित, बर्फ न के बराबर!
लस्सी की बिक्री करने वाले रवि नाम के शख्स ने बताया कि इसमें बर्फ का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, इस वजह से पीने में यह बड़ी ही स्वादिष्ट लगती है और पनछुट्टी (पतली) नहीं होती है. वहीं चीनी की बात करें तो बहुत मीठी होने पर लस्सी का मजा किरकिरा हो जाता है, इसलिए चीनी की मात्रा कम ही डाली जाती है. शायद यही वजह है जो यह लस्सी सभी को पसंद आती है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
PoK में हिंसा, 11 की मौत, इनमें 4 पुलिसकर्मी: विधानसभा में आरक्षित सीटें खत्म करने की मांग, कश्मीर से आए लोगों को दी गई थी
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यह हिंसा जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) और क्षेत्रीय सरकार के बीच चल रहे विवाद के दौरान हुई। रिपोर्ट के अनुसार मृतकों में 7 नागरिक और 4 पुलिसकर्मी शामिल हैं। वहीं 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 30 लोगों को गिरफ्तार किया है। PoK में JAAC और सरकार के बीच विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों को लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। JAAC इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है। JAAC पर बैन लगा, जिसके बाद हिंसा भड़की रविवार को JAAC के कार्यकर्ता संगठन के एक सदस्य की मौत के विरोध में अस्पताल के शवगृह के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। सदस्य की मौत कथित तौर पर पुलिस फायरिंग में हुई थी। पुलिस जब प्रदर्शनकारियों को हटाने पहुंची, तभी झड़प शुरू हो गई और हिंसा फैल गई। रावलकोट के कमिश्नर सरदार वहीद खान ने रॉयटर्स से कहा कि प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की मौत हुई। उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में छह प्रदर्शनकारी मारे गए। पाकिस्तानी अखबार डॉन के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि JAAC से जुड़े लोगों ने सुरक्षाकर्मियों पर शॉटगन और अन्य हथियारों से हमला किया। पुलिस ने घटना को आतंकवादी कार्रवाई करार देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। क्षेत्रीय सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है। 2 दिन पहले JAAC पर बैन लगा था PoK सरकार ने JAAC पर 5 जून को बैन लगाया था। बैन लगाने के लिए सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया। इसके अगले दिन पुलिस ने संगठन के समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की और कई गिरफ्तारियां कीं। प्रशासन का दावा है कि JAAC की 38 मांगों में से ज्यादातर मांगों को पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। इसके बावजूद संगठन अपना आंदोलन जारी रखे हुए है। JAAC के आंदोलन की अहम वजह विधानसभा की 12 आरक्षित सीटें हैं, जिन्हें खत्म करने की मांग की जा रही है। असल में ये 12 सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित हैं, जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे। ये लोग 1947, 1965, 1971 युद्ध या बाद के संघर्षों की वजह से गए थे। JAAC का आरोप है कि आरक्षित सीटों के कारण स्थानीय आबादी का प्रतिनिधित्व कम हो जाता है और इसका फायदा कुछ ही परिवारों को मिल रहा है। वे चाहते हैं कि उनकी समस्याओं और जरूरतों के लिए अधिक विधायक चुने जाएं। PoK में 27 जुलाई को चुनाव होंगे गिलगित-बाल्टिस्तान के बाद 27 जुलाई को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। PoK की विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 45 सीटों पर सीधे चुनाव होता है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक विद्वानों के लिए आरक्षित हैं। PoK में विधानसभा का कार्यकाल पांच साल का होता है। इससे पहले 2021 में PoK विधानसभा चुनाव में इमरान खान की पार्टी (PTI) ने 45 में से 25 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी प्रधानमंत्री बने। हालांकि अप्रैल 2022 में इमरान खान की सरकार गिर गई। इसका असर वहां की राजनीति पर भी पड़ा। मई 2022 में सरदार अब्दुल कय्यूम नियाजी ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद PTI ने ही सरदार तनवीर इलियास को नया प्रधानमंत्री बनाया। लेकिन अप्रैल 2023 में PoK की उच्च अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद उनका पद चला गया और एक बार फिर नया प्रधानमंत्री चुनना पड़ा। इसके बाद PTI के ही चौधरी अनवरुल हक प्रधानमंत्री बने। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने इमरान खान और PTI से दूरी बना ली और खुद को स्वतंत्र नेता के रूप में स्थापित किया। चौधरी अनवरुल हक को भी नवंबर 2025 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटा दिया गया था, और अब वहां पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के फैसल मुमताज राठौर नए प्रधानमंत्री हैं। ————————— पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि पाकिस्तान जिस क्षेत्र पर अवैध और जबरन कब्जा किए हुए है, वहां चुनाव कराने की उसकी योजना पूरी तरह अस्वीकार्य है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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AC में स्विंग मोड ऑन करना चाहिए या नहीं? जानें क्या है फायदे और नुकसान
इन दिनों मार्केट में आने वाले एसी में कई तरह के मोड्स दिए जाते हैं। ये मोड्स आपके एसी को जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल करने के लिए होते हैं। ऑटो मोड में एसी का कंप्रेसर अपने आप ऑन और ऑफ होते रहता है, जिससे बिजली की बचत होती है। वहीं, बारिश के मौसम में ह्यूमिडिटी को खत्म करने के लिए ड्राई मोड का यूज किया जाता है। ठीक ऐसे ही एसी में स्विंग मोड भी होता है, तो इंडोर यूनिट के फ्लैप को घूमाता है। इसे कब ऑन करना चाहिए और कब नहीं? आइए, जानते हैं…
AC का Swing Mode कब करें ऑन?
एसी के अन्य फंक्शन की तरह की Swing Mode भी काफी उपयोगी होता है। यह कमरे में हवा को सही से सर्कुलेट करने के लिए यूज किया जाता है। हालांकि, हमेशा स्विंग मोड ऑन नहीं करना चाहिए। स्विंग मोड का इस्तेमाल हवा को ज्यादा एरिया में फैलाने के लिए किया जाता है। खास तौर पर अगर आपके रूम का साइज बड़ा है और दूर के कोने में एसी का एयरफ्लो नहीं पहुंच रहा है तो इस मोड को ऑन करना चाहिए।
इसके अलावा अगर कमरे में ज्यादा लोग मौजूद है तो भी आप इस मोड को ऑन कर सकते हैं। ऐसा करने से हवा का फैलाव पूरे कमरे में होगा और कमरा तेजी से ठंडा होगा। इस मोड के फायदे की बात करें तो यह बड़े एरिया को कवर करने के लिए होता है। साथ ही, कमरे के हर कोने को समान तरीके से ठंडा करने के लिए यूज किया जाता है।
स्विंग मोड बिजली बचाएगा या नहीं?
खास तौर पर दोपहर की गर्मी में स्विंग मोड को ऑन करने से कमरा तेजी से ठंडा होने में मदद मिलती है। हालांकि, कई लोग ये सोचते हैं कि स्विंग ऑन करने से बिजली का बिल भी ज्यादा आता होगा क्योंकि स्विंग का मोटर ऑन होगा और वह बिजली की खपत करेगा। हालांकि, वास्तविक में ऐसा नहीं होता है। स्विंग ऑन होने से कमरा तेजी से ठंडा होता है, जिसकी वजह से कंप्रेसर पर जोर कम पड़ता है और बिजली के बिल में बचत होती है।
स्विंग मोड को इस्तेमाल करते समय ये सावधानी बरतें कि इसे लगातार ऑन न रखें। जब कमरा ठंडा हो जाए तो इसे बंद कर दें। ऐसा करने से एयर फ्लैप का मोटर जल्दी खराब नहीं होगा।
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नागौर मंडी में आज के भाव: सरसों और चने में लौटी तेजी, सौंफ 500 और जीरा 400 रुपये प्रति क्विंटल लुढ़का – Nagaur News
नागौर कृषि उपज मंडी में सोमवार को विभिन्न फसलों के भावों में मिला-जुला उतार-चढ़ाव देखने को मिला। मंडी में जहां मूंग, ज्वार, चना और सरसों के अधिकतम भावों में तेजी दर्ज की गई, वहीं जीरा, सौंफ, ग्वार और दाना मैथी के भावों में मंदी का रुख रहा। ईसबगोल, असालिया और तिल के भाव स्थिर बने रहे। मंडी में मूंग के अधिकतम भाव में 100 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी आई, जिससे शनिवार को 7900 रुपये पर बिकने वाला मूंग सोमवार को 8000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, हालांकि इसका न्यूनतम भाव 5000 रुपये पर ही टिका रहा। ज्वार के अधिकतम भाव में भी 200 रुपये का उछाल आया और यह 5800 रुपये से बढ़कर 6000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई। चना का अधिकतम भाव 5300 रुपये से बढ़कर 5350 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। तेल मिलों की मांग निकलने से सरसों (40 प्रतिशत फैट) के भाव में 100 रुपये की तेजी दर्ज की गई, जिससे सरसों के भाव 7200 रुपये से बढ़कर 7300 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गए। तारामीरा का अधिकतम भाव भी 50 रुपये सुधरकर 5900 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
दूसरी ओर, मसाला फसलों के बाजार में नरमी का माहौल रहा। जीरा के अधिकतम भाव में 400 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई, जिससे इसके भाव 20900 रुपये से घटकर 20500 रुपये रह गए। सौंफ के अधिकतम भाव में 500 रुपये की बड़ी मंदी आई और यह 11500 रुपये से नीचे उतरकर 11000 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई। दाना मैथी का अधिकतम भाव भी 150 रुपये टूटकर 6150 रुपये से 6000 रुपये प्रति क्विंटल रह गया। सिन्धी सुवा के अधिकतम भाव में 100 रुपये की कमी आई और यह 7000 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। ग्वार के अधिकतम भाव में 25 रुपये की मामूली गिरावट रही और यह 5625 रुपये से घटकर 5600 रुपये प्रति क्विंटल बिका। इन सभी फसलों के न्यूनतम भाव शनिवार के स्तर पर ही स्थिर रहे। मंडी में ईसबगोल, असालिया, काला तिल और सफेद तिल के भावों में सोमवार को कोई बदलाव नहीं देखा गया। ईसबगोल के भाव 9000 से 13000 रुपये, असालिया के भाव 5000 से 6100 रुपये, काला तिल के भाव 8000 से 9500 रुपये और सफेद तिल के भाव 9000 से 10500 रुपये प्रति क्विंटल पर पूरी तरह से स्थिर बने रहे।
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विशाखापत्तनम: वाइजैग स्टील प्लांट हादसे में 8 लोगों की गई जान
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हैदराबाद. आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित वाइजैग स्टील प्लांट में मंगलवार को हुए एक भीषण औद्योगिक हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं. हादसे के बाद पूरे प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लांट के एक उत्पादन इकाई में अचानक तकनीकी खराबी या विस्फोट जैसी घटना हुई, जिसके कारण वहां काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए. हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मौके पर ही कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया.
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‘मैं बर्बाद हो जाऊंगा’, विनोद खन्ना के सामने गिड़गिड़ाया डायरेक्टर, अमिताभ को दे दिया रोल
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विनोद खन्ना ने अपने करियर में हर तरह के रोल निभाए हैं. करियर की शुरुआत से ही वह इंडस्ट्री में अपने टैलेंट से तहलका मचाए हुए थे. लेकिन साल 1977 में उन्होंने अपनी दरियादिली का ऐसा सबूत दिया कि कोई यकीन ही नहीं कर पाया. उन्होंने दोस्ती की ऐसी मिसाल कायम की जो लोग आज तक नहीं भूल पाए हैं.
नई दिल्ली. विनोद खन्ना जब इंडस्ट्री में छाए हुए थे, उस वक्त कोई नहीं था, जो उन्हें टक्कर दे पाता. मेकर्स उन्हें फिल्मों में कास्ट करने के लिए तरसा करते थे. लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब दोस्ती की खातिर वह साइड एक्टर बन गए थे.

विनोद खन्ना ने जब इंडस्ट्री में धाक जमा रखी थी, उस वक्त कोई नहीं था, जो उन्हें टक्कर दे पाता. लेकिन अमिताभ बच्चन और उनकी लोग खूब तुलना करते थे. दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम भी किया है. लेकिन एक फिल्म में उन्हें लीड रोल अमिताभ को देकर साइड रोल निभाना पड़ा था.

बात है साल 1977 में आई सुपरहिट फिल्म ‘खून पसीना’ की. फिल्म के लिए विनोद खन्ना को बतौर लीड हीरो कास्ट कास्ट किया गया था. फिल्म को डायरेक्टर राकेश कुमार लेकर आ रहे थे. दोनों की बहुत पक्की दोस्ती थी. विनोद खन्ना जब भी किसी प्रोड्यूसर से मिलते, तो राकेश को काम देने के बात करते थे.
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ये वो वक्त था, जब राकेश कुमार प्रकाश मेहरा के असिस्टेंट के तौर पर काम करते थे. इसी बीच एक्टर ओम प्रकाश के साले एक फिल्म प्रोड्यूस करना चाहते थे और उन्होंने राकेश को बतौर डायरेक्टर फाइनल कर लिया.लेकिन जैसे ही प्रकाश मेहरा को पता चला कि उनके असिस्टेंट एक बेहतरीन फिल्म बनाने जा रहा है, तो उन्होंने तुरन्त उन्हें कॉल किया.

उन्होंने राकेश को बुलाकर कहा कि मैं इस फिल्म को प्रोड्यूस करूंगा और फिल्म में हीरो अमिताभ बच्चन को कास्ट करेंगे. विनोद खन्ना को तुम सपोर्टिंग रोल में कास्ट कर लेना. ये सुनते ही राकेश के पैरों तले जमीन खिसक गईं कि मैं विनोद खन्ना से कैसे कहूंगा ये बात.

राकेश ने जब ये बात विनोद खन्ना को बताई तो पहले वह थोड़ा सोच में पड़ गए. लेकिन बाद में अपने दोस्त के लिए साइड रोल निभाने को भी तैयार हो गए. लेकिन प्रकाश मेहार ने स्क्रिप्ट में बदलाव किया और विनोद खन्ना का ये रोल ग्रे बाल यानी थोड़ी बड़ी उम्र का कर दिया.

ये सुनते ही विनोद खन्ना ने काम करने से मना कर दिया. लेकिन राकेश कुमार गिड़गिड़ाने लगे कि मेरा करियर बर्बाद हो जाएगा. विनोद खन्ना उस दौर में सुपरस्टार थे, वह अमिताभ बच्चन के अपोजिट साइड रोल नहीं निभा सकते थे.

लेकिन प्रकाश मेहरा ने भी विनोद खन्ना के स्टारडम की कद्र करते हुए उन्हें कहा कि उन्हें अमिताभ बच्चन के बराबर ही फीस मिलेगी. आपको रोल भी दमदार होगा, ये सुनकर विनोद खन्ना मान गए और फिल्म बनी और सुपरहिट साबित हुई. फिल्म की कहानी लोगों ने काफी पसंद की थी. लोगों ने फिल्म में विनोद खन्ना का रोल भी काफी पसंद किया था.

