लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने शहर के दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गोविंद नगर निवासी 28 वर्षीय संयम विज और बर्रा-सात के 25 वर्षीय सूरजभान सिंह की हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वह एक एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे। एक साथ काम करने की वजह से दोनों बहुत अच्छे दोस्त भी थे। युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोहल्ले के लोग और दोस्त जानकारी मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। वहीं लोग परिवार को सांत्वना देते रहे। इसके साथ ही बर्रा सात निवासी सूरजभान की मौत की खबर परिजनों ने उनकी मां को नहीं दी। गोविंद नगर ब्लाक-11 निवासी संयम विज के परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। महज 10 दिन पहले उनकी दादी का निधन हुआ था और मंगलवार को उनका 17 वां (तेरहवीं) होनी थी। परिवार के लोग उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही मौत की खबर पहुंच गई। संयम के मामा मोनू सेठी ने बताया कि वह दादी के निधन पर घर आया था और तेरहवीं में शामिल होने के लिए मंगलवार को फिर आना था। इससे पहले ही ऐसी खबर आई कि जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। संयम के पिता पुष्पराज का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो गया था, उनका लाटूश रोड में पुली का कारोबार था। पिता की मौत के पांच वर्ष बाद उनकी मां सोनिया ने सीमू देसाई से दूसरी शादी कर ली थी। परिवार में बड़े भाई शुभम हैं, जो गुरुग्राम में नौकरी करते हैं और अपनी पत्नी पलक के साथ वहीं रहते हैं। हादसे की खबर सुनते ही दोनों की परिवारों का रो का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बर्रा-सात निवासी सूरजभान सिंह की मौत ने भी पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सूरजभान के पिता शिवराम का पहले ही निधन हो चुका है। वह नौकरी के सिलसिले में लखनऊ में रहते थे, लेकिन हर शनिवार घर आते और रविवार शाम वापस लौट जाते थे। उनके भतीजे करन ने बताया कि रविवार को ही वह काम पर लखनऊ गए थे लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी अंतिम विदाई साबित होगी। सूरजभान के परिवार में उनकी मां मीरा और छोटा भाई सम्राट हैं। घटना की सूचना मिलते ही सम्राट जो घटना के समय ऋषिकेश गए हुए थे, तुरंत ही कानपुर के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने मां मीरा को सूरजभान के मौत के बारे में नहीं बताया ताकि कहीं उन्हें सदमा न लग जाए। दोनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों के साथ-साथ पड़ोस और परिचित भी गमगीन हैं। दोनों युवकों के परिजनों ने बताया कि वह हंसमुख,जिंदादिल और हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। एक ओर जहां घर में तेरहवीं की तैयारी थी, वहीं अब अंतिम संस्कार की तैयारी ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया है। मंगलवार दोपहर तक पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव उनके घर पहुंचेगे। शादी का चल रही थी तैयारी परिजन ने बताया कि संयम की अच्छी नौकरी कर रहा था। परिजन उनकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। जल्द ही उसकी शादी होने की उम्मीद थी। मगर किसी को इस हादसे की उम्मीद नहीं थी। सेंसर वाला गेट होने के कारण नहीं भाग सका भांजा संयम के मामा सौरभ दुआ ने बताया कि भांजा जिस कॉम्प्लेक्स में काम करता था। वहां सेंसर वाले गेट लगे हुए थे। आग लगने के कारण सेंसर काम नहीं कर रहा था। जिस कारण हादसे के बाद गेट नहीं खुल सका। कई लोग गेट से बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन अंदर दम घुटने के कारण भांजे से कई लोगों की मौत हो गई। अगर कॉम्प्लेक्स में सेंसर वाला गेट नहीं होता या गेट खुल जाता तो इतने लोगों की मौत नहीं होती।
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लखनऊ के अग्निकांड में कानपुर के दो दोस्त जिंदा जले: संयम को आज दादी की तेहरवीं में आना था, बेटे की मौत से अनजान सूरजभान की मां – Kanpur News
जेल से छूटते ही फिर शुरू की वाहन चोरी: GPS हटाकर ले गए थे स्कॉर्पियो, 1000 CCTV कैमरों की पड़ताल के बाद वाहन हिस्ट्रीशीटर चोर गिरफ्तार – Jaipur News
जयपुर वेस्ट पुलिस ने वाहन चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह (38) को गिरफ्तार किया है। आरोपी सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले
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डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि चित्रकूट निवासी सयानारायण यादव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून की रात उनके घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो एस-11 क्लासिक कार अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर एक टाटा अल्ट्रोज कार के साथ वारदात को अंजाम देते दिखाई दिए। चोरों ने वाहन में लगे जीपीएस उपकरण को भी निकाल दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के डाटा का अध्ययन किया। करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह की संलिप्तता के संकेत मिले।
पुलिस ने लगातार दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दीपावली के बाद जेल से छूटा था और इसके बाद अपने साथी अमोल मीणा उर्फ मनोहरी के साथ मिलकर वाहन चोरी की वारदातें करने लगा। आरोपियों ने पहले सांगानेर क्षेत्र से टाटा अल्ट्रोज कार चोरी की और बाद में दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों से वाहन चुराए। आरोपी ने चित्रकूट से स्कॉर्पियो चोरी करने और 10 जून को भीलवाड़ा से एक अन्य स्कॉर्पियो चोरी करने की बात भी स्वीकार की है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चित्रकूट क्षेत्र से चोरी हुई स्कॉर्पियो और सांगानेर से चोरी की गई टाटा अल्ट्रोज कार बरामद कर ली है। पुलिस अन्य चोरी के वाहनों की बरामदगी और फरार आरोपी अमोल मीणा की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह के खिलाफ जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, जोधपुर, सवाई माधोपुर सहित विभिन्न जिलों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
महाकाल क्षेत्र में साड़ी बेचते 11 संदिग्ध युवक पकड़े: हिंदूवादी संगठन ने दस्तावेजों और मंदिर परिसर के वीडियो की जांच मांगी – Ujjain News
उज्जैन में महाकाल क्षेत्र से देर रात 11 संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने इन लोगों को चिह्नित कर पुलिस के हवाले किया। इनमें से कुछ को मौके से पकड़कर थाने भेजा गया, जबकि अन्य के संबंध में भी पुलिस को जानकारी दी गई है। संगठन के पदाधिकारी अर्जुन प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पकड़े गए लोगों के पास पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के आधार कार्ड मिले हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिन संदिग्धों को पुलिस को सौंपा था, उनके दस्तावेज भी मुर्शिदाबाद से जुड़े पाए गए थे। सिंह ने सभी मामलों की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल आधार कार्ड के आधार पर नागरिकता मान लेना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, ये लोग शहर में साड़ी बेचने का काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मार्कशीट सहित कई दस्तावेज मिले। संगठन ने इन सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की मांग की है। संगठन ने यह भी दावा किया है कि कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन में महाकाल मंदिर और महाकाल लोक परिसर के वीडियो मिले हैं। इसे लेकर उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि महाकाल क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है और यहां आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन आवश्यक है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ये लोग शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। उन्होंने पुलिस से होटल, उनके ठहरने की व्यवस्था और स्थानीय संपर्कों की भी जांच करने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि उन्हें शहर में किसने ठहराया और वे कब से यहां रह रहे थे। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। कई राज्यों में पहचान और सत्यापन अभियान भी चलाए गए हैं।
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मिक्सी का इस्तेमाल कर सिर्फ 2 मिनट में बनाएं कोल्ड कॉफी, इसे पीने के बाद कैफे भूल जाएंगे
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Cold Coffee Simple Recipe: अगर आप कैफे जैसी कोल्ड कॉफी घर पर बनाना चाहते हैं, तो मिक्सी का इस्तेमाल कर सकते हैं. मिक्सी की मदद से आप 2 मिनट में झागदार टेस्टी कोल्ड कॉफी बना सकते हैं. इंस्टेंट कॉफी, दूध, चीनी और आइस क्यूब्स की मदद से मिनटों में आप स्वादिष्ट कोल्ड कॉफी बनाकर आनंद ले सकते हैं.
घर पर मिक्सी की मदद से टेस्टी कोल्ड कॉफी सिर्फ 2 मिनट में बना सकते हैं.
2-Minute Cold Coffee Recipe: गर्मियों में कोल्ड कॉफी पीने का मजा ही अलग होता है. कई लोग कैफे जाकर कोल्ड कॉफी पीना पसंद करते हैं. रोज-रोज कैफे जाना महंगा पड़ता है. इस वजह से लोग कभी-कभार ही कैफे वाली कोल्ड कॉफी का आनंद ले पाते हैं. क्या आप जानते हैं कि घर पर भी बिल्कुल कैफे जैसी झागदार और स्वादिष्ट कोल्ड कॉफी सिर्फ 2 मिनट में तैयार की जा सकती है? जी हां, आप घर पर भी आसानी से कोल्ड कॉफी बनाकर एंजॉय कर सकते हैं. इसके लिए आपको किसी खास मशीन की जरूरत नहीं है. सिर्फ एक मिक्सी और कुछ आसान सामग्री की मदद से आप टेस्टी कोल्ड कॉफी बना सकते हैं.
कोल्ड कॉफी के लिए जरूरी सामग्री
स्वादिष्ट कोल्ड कॉफी बनाने के लिए आपको 2 चम्मच इंस्टेंट कॉफी, 2 चम्मच चीनी, 1 कप ठंडा दूध, 5 से 6 आइस क्यूब और थोड़ा सा चॉकलेट सिरप या कोको पाउडर चाहिए. अगर आप ज्यादा क्रीमी स्वाद चाहते हैं, तो इसमें एक स्कूप वनीला आइसक्रीम भी मिला सकते हैं. इससे कॉफी का स्वाद और भी जबरदस्त हो जाएगा.
2 मिनट में ऐसे बनाएं कोल्ड कॉफी
सबसे पहले मिक्सी के जार में इंस्टेंट कॉफी, चीनी, ठंडा दूध और आइस क्यूब डालें. अब इसे 1 से 2 मिनट तक अच्छी तरह ब्लेंड करें. ब्लेंडिंग के दौरान कॉफी में अच्छी मात्रा में झाग बन जाएगी, जो इसे कैफे स्टाइल लुक और स्वाद देती है.
जब कॉफी स्मूद और फ्रोथी हो जाए, तो इसे एक लंबे गिलास में निकाल लें. ऊपर से थोड़ा चॉकलेट सिरप, कोको पाउडर या चॉकलेट शेविंग्स डालकर सर्व करें. अगर आप कोल्ड कॉफी को और ज्यादा रिच बनाना चाहते हैं, तो दूध के साथ थोड़ा फ्रेश क्रीम या वनीला आइसक्रीम मिला सकते हैं. इससे कॉफी का टेक्सचर बेहद क्रीमी हो जाता है.
कॉफी बनाने से पहले गिलास को कुछ मिनट के लिए फ्रिज में ठंडा कर लें. इससे कोल्ड कॉफी ज्यादा देर तक ठंडी बनी रहती है. साधारण कोल्ड कॉफी के अलावा आप इसमें कैरेमल सिरप, हेजलनट फ्लेवर या चॉकलेट सिरप मिलाकर नए स्वाद का आनंद ले सकते हैं. कुछ लोग इसमें थोड़ी सी दालचीनी पाउडर भी मिलाते हैं, जिससे इसकी खुशबू बढ़ जाती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
सुपरस्टार ने अक्षय खन्ना की हीरोइन से रचाई शादी, फिर भी नहीं बसा घर संसार
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बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की प्रोफेशनल लाइफ जितनी सक्से थी, उनकी पर्सनल लाइफ में उतने ही उतार चढ़ाव थे. वह अक्सर सुर्खियों में छाए रहते थे. कभी एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू संग अपने रिश्ते को लेकर. कभी खुद से आधी उम्र की एक्ट्रेस संग सादी को लेकर. हद तो तब हुई जब वह अपनी बारात का रास्ता ही अपनी एक्स गर्लफ्रेंड अंजू महेंद्रू के घर के सामने से लेकर गए थे.
नई दिल्ली. राजेश खन्ना की जिंदगी से जुड़े कई किस्से हैं, जो काफी दिलचस्प है. उनकी जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. फिर चाहे वह अंजू महेंद्रू संग उनका अफेयर रहा हो, या डिंपल कपाड़िया संग उनकी शादी रही हो. उनका स्टारडम भी ऐसा था, जिसे लोग सिर्फ सपनों में ही पा सकते हैं.

राजेश खन्ना ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दी हैं. उनका करियर हिट, सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों से भरा पड़ा है. मेकर्स उनके घर के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहते थे. कुछ मेकर्स तो उनको फिल्मों में कास्ट करने करने के लिए तरस जाया करते थे.

शर्मिला टैगोर, हेमा मालिनी, मुमताज, पद्मिनी कोल्हापुरे और आशा पारेख समेत उन्होंने तकरीबन हर एक्ट्रेस के साथ काम किया. लेकिन इनमें ज्यादा उन्होंने मुमताज के साथ हिट फिल्में दीं. फिल्मों के अलावा वह अपने अफेयर को लेकर भी चर्चा में रहा करते थे.
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खासकर उनकी लव लाइफ अक्सर खबरों में बनी रहती थी. एक समय था जब उनका नाम मॉडल और अभिनेत्री अंजू महेंद्रू के साथ जुड़ा था. दोनों का रिश्ता कई सालों तक चला, लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए.

यूं तो राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी की थी. लेकिन वह पहले अंजू महेंद्रू संग शादी करना चाहते थे. उन्होंने एक्ट्रेस से कहा भी था कि वह एक्टिंग करियर छोड़ दें और उनके साथ घर बसा लें. लेकिन एक्ट्रेस ने ये शर्त नहीं मानी.

राजेश खन्ना की दुल्हन बनने के बजाय उन्होंने करियर पर फोकस किया. इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं और आखिरकार उनका रिश्ता टूट गया.इसके बाद राजेश खन्ना की जिंदगी में डिंपल कपाड़िया आईं और उन्होंने शादी का फैसला किया.

डिंपल राजेश खन्ना से 15 साल छोटी थीं. हर तरफ एक ही चर्चा थी कि राजेश खन्ना, डिंपल संग शादी रचा रहे हैं. लेकिन राजेश अंजू को इतना पसंद करते थे कि उन्होंने अपनी का रास्ता भी ऐसे तय किया कि वह दुल्हा बनकर अंजू महेंद्रू के घर के सामने से गुजरे.

उस दौर में खूब चर्चा हुई थी कि राजेश खन्ना अपनी पूर्व प्रेमिका को दिखाना चाहते थे कि वह जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं और एक नई शुरुआत कर रहे हैं. लेकिन बाद में डिंपल के साथ भी उनका रिश्ता कुछ खास नहीं चला और दोनों आखिर वक्त तक अलग-अलग रहते रहे. डिंपल ने अलग होकर फिर एक्टिंग शुरू की और ऋषि कपूर, अक्षय खन्ना समेत हर एक्टर संग काम किया.
वोडाफोन आइडिया पर बरसे 1100 करोड़, क्या शेयरों में फिर आएगा जबरदस्त उछाल?
नई दिल्ली. टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया ने अपनी लिक्विडिटी और वित्तीय स्थिति को सुधारने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. कंपनी के बोर्ड ने सोमवार, 22 जून को हुई बैठक में प्रमोटर आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी सूर्याजा इन्वेस्टमेंट्स को ₹11 प्रति वारंट की कीमत पर 430 करोड़ वारंट आवंटित करने की मंजूरी दी है. इस सौदे के तहत कंपनी को कुल रकम का 25 प्रतिशत यानी ₹2.75 प्रति वारंट के हिसाब से ₹1,182.50 करोड़ की शुरुआती राशि प्राप्त हो चुकी है. बाकी बची 75 प्रतिशत रकम का भुगतान प्रमोटर ग्रुप को अगले 18 महीनों के भीतर करना होगा, जिसके बाद प्रत्येक वारंट को ₹10 के फेस वैल्यू और ₹1 के प्रीमियम पर एक फुली पेड-अप इक्विटी शेयर में बदल दिया जाएगा. बिज़नेस और फाइनेंस की भाषा में वारंट एक वित्तीय साधन (Financial Instrument) होता है, जो किसी निवेशक को एक निश्चित समय के भीतर किसी कंपनी के शेयर को एक पहले से तय कीमत पर खरीदने का अधिकार देता है.
वारंट को इस खबर के संदर्भ में समझें तो प्रमोटर (आदित्य बिड़ला ग्रुप) ने आज ही कंपनी के साथ शेयर का भाव ₹11 प्रति शेयर पर लॉक कर दिया है. हालांकि, उन्होंने अभी पूरा पैसा नहीं चुकाया है बल्कि सिर्फ 25% रकम यानी ₹2.75 प्रति वारंट के हिसाब से ₹1,182.50 करोड़ का ‘बयाना’ (डाउन पेमेंट) देकर इन 430 करोड़ वारंट को बुक कर लिया है. अब प्रमोटर के पास अगले 18 महीने का वक्त है, जिसमें वे कभी भी बाकी बचा 75% पैसा कंपनी को चुकाकर इन वारंट को असली शेयरों में बदलवा सकते हैं. इसे बिल्कुल आसान उदाहरण से ऐसे समझें कि जैसे आपने आज ₹11 लाख की जमीन पसंद की और ₹2.75 लाख टोकन मनी देकर रेट लॉक करवा लिया कि अगले 18 महीने में बाकी का पैसा देकर आप रजिस्ट्री अपने नाम करा लेंगे. ठीक इसी तरह कॉरपोरेट जगत में कंपनियां तुरंत कैश जुटाने और बड़े निवेशकों को भविष्य में शेयर देने के लिए वारंट का इस्तेमाल करती हैं. लेकिन अगर 18 महीने की सीमा पार हो गई तो इन वारंट की कोई वैल्यू नहीं रह जाएगी.
कंपनी इस फंड और बैंकों से होने वाली बातचीत के जरिए आने वाले तीन सालों में अपने परिचालन को पूरी तरह बदलने की उम्मीद कर रही है. हालांकि, इस रिलीफ के बावजूद वोडाफोन आइडिया के सामने कर्ज चुकाने और अपनी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को सुधारने की चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं.
₹1 लाख करोड़ के कैशफ्लो का टार्गेट और कर्ज का भारी बोझ
वोडाफोन आइडिया ने अगले तीन सालों में अपने कैशफ्लो को तीन गुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है ताकि वह अपने भारी-भरकम सरकारी और वित्तीय बकाये को समय पर चुका सके:
- स्पेक्ट्रम और एजीआर का कुल बकाया: 31 मार्च 2026 तक कंपनी पर स्पेक्ट्रम फीस के रूप में ₹1,27,360 करोड़ और एजीआर (AGR) के रूप में ₹25,254 करोड़ का पुराना बकाया (ब्याज सहित) मौजूद है.
- तीन साल का रीपेमेंट शेड्यूल: बोफा (BofA) ग्लोबल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी को अगले तीन सालों में ₹49,000 करोड़ का स्पेक्ट्रम भुगतान करना है. यह भुगतान पहले साल ₹7,000 करोड़ से शुरू होकर, दूसरे साल ₹15,000 करोड़ और तीसरे साल बढ़कर ₹27,000 करोड़ हो जाएगा. मार्च 2027 तक कंपनी को ₹7,076 करोड़ की किस्त चुकानी है.
- स्पेक्ट्रम भुगतान में कोई बदलाव नहीं: कंपनी के मैनेजमेंट ने साफ किया है कि फिलहाल वे स्पेक्ट्रम भुगतान की समयसीमा या शर्तों में सरकार से किसी भी तरह के बदलाव या एडजस्टमेंट की मांग नहीं कर रहे हैं. इसके अलावा, कंपनी को ₹5,000 से ₹6,000 करोड़ का बैंक कर्ज भी चुकाना है.
सरकारी राहत से सालों बाद मुनाफे में लौटी कंपनी
शनिवार को घोषित हुए चौथी तिमाही के नतीजों में वोडाफोन आइडिया ने बाजार को चौंकाते हुए ₹51,970 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दिखाया है. हालांकि, इस आंकड़े के पीछे की जमीनी हकीकत थोड़ी अलग है.
सरकार ने हाल ही में वोडाफोन आइडिया के एजीआर बकाये को ₹87,695 करोड़ से घटाकर ₹64,046 करोड़ कर दिया है. इस वैधानिक राहत (Statutory Relief) को एक्सेप्शनल आइटम के रूप में बुक करने के कारण ही कंपनी का बैलेंस शीट मुनाफे में नजर आ रहा है, जबकि इसके स्पेक्ट्रम बकाये में कोई बदलाव नहीं हुआ है. अगर इस सरकारी राहत को हटा दिया जाए, तो कंपनी को इस तिमाही में ₹5,515 करोड़ का ऑपरेशनल घाटा हुआ है, और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कुल ऑपरेशनल लॉस ₹24,059 करोड़ रहा है. यही कारण है कि कंपनी नेटवर्क अपग्रेडेशन के साथ-साथ फंड जुटाने के लिए सभी बड़े बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ लगातार बातचीत कर रही है.
शेयरों की स्थिति
वोडाफोन आइडिया के शेयर पिछले कुछ समय से कई पॉजिटिव खबरों के बल पर लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं. इसमें सरकार की ओर से कर्ज में छूट मिलना और कुमार मंगलम बिड़ला के हाथों में वीआई की कमान आना जैसी खबरें शामिल हैं. अब फिर कंपनी के हाथों में कैश आना शेयरधारकों के मन में विश्वास पैदा कर सकता है. हालांकि, वारंट में शेयरों की कीमत बाजार भाव से कम रखी गई है, इसलिए देखना होगा कि मंगलवार को बाजार इस खबर पर अपना रिएक्शन कैसे देता है. आपको बता दें कि पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर पिछले 6 महीने में 22 परसेंट से ज्यादा बढ़ा है. हालांकि, सोमवार को वीआई के शेयर एनएसई पर 0.67 फीसदी की गिरावट के साथ 14.82 रुपये पर बंद हुए.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
पूर्णिया में सड़क दुर्घटना में तीन घायल: हॉस्टल से लौट रहे मां, मामा और बच्चा को स्कार्पियो ने मारी टक्कर – Purnia News
पूर्णिया जिले के सरसी थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज पूर्णिया के जीएमसीएच में चल रहा है। घायलों की पहचान मधेपुरा जिले के श्रीनगर थाना अंतर्गत प्रमानंदपुर निवासी मोहन कुमार (25), पिंकी देवी (30) और प्रीतम कुमार (10) के रूप में हुई है। घायल मोहन कुमार ने बताया कि वे अपने भांजे प्रीतम को पूर्णिया के हॉस्टल से लेकर मधेपुरा स्थित अपने घर जा रहे थे। सरसी थाना क्षेत्र के कुशहा पुल के पास पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार स्कार्पियो गाड़ी ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। मोहन कुमार के अनुसार, उनके सिर और पैर में फ्रैक्चर हुए हैं। प्रीतम कुमार के सिर में चोट आई है, जबकि पिंकी देवी का हाथ टूट गया है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस संबंध में सरसी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि थाने को अभी तक दुर्घटना की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि गश्ती पर गए पुलिस बल से घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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zee5 पर देखें अक्षय कुमार की 7 फिल्में, पहली ने बदली लोगों की सोच, चौथी हुई सुपरहिट
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अक्षय कुमार की स पर बनी एक कोर्ट रूम ड्रामा है, जिसकी कहानी आपके रोंगटे खड़े कर सकती. तीसरी फिल्म में गोविंदा के साथ कॉमेडी आज भी लोगों को गुदगुदाती है. कुल मिलाकर, यह आठ फिल्में हर मिजाज के दर्शकों के लिए एंटरटेनमेंट का कंप्लीट पैकेज है, जिसे आप परिवार के साथ वीकेंड पर एन्जॉय कर सकते हैं.
नई दिल्ली. अक्षय कुमार ने अपने करियर में कॉमेडी, एक्शन, थ्रिलर और इमोशनल हर जॉनर की फिल्में की हैं. अपने हर किरदार से उन्होंने फैंस का दिल जीता है. यही वजह है कि आज भी उनकी फिल्मों का क्रेज कम नहीं हुआ है. अगर आप घर बैठे अक्षयी की फिल्में देखना चाहते हैं, तो जी5 पर मौजूद हैं उनकी ये हैरान करने वाली फिल्में.

अक्षय कुमार की राधिका आप्टे के साथ साल 2018 आई फिल्म पैडमैन एक ऐसी कहानी है, जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करती बल्कि एक जरूरी सामाजिक मुद्दे पर भी बात करती है. फिल्म सामाजिक उद्यमी अरुणाचलम मुरुगनंतम के जीवन से प्रेरित है. इसमें अक्षय एक ऐसे शख्स का किरदार निभाते हैं जो महिलाओं के लिए सस्ते और सुरक्षित सैनिटरी पैड बनाने का फैसला करता है. इस दौरान उसे समाज की सोच और कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन वह हार नहीं मानता. फिल्म एक मजबूत संदेश देती है और देखने के बाद लंबे समय तक याद रहती है.

अगर आपको पारिवारिक और इमोशनल फिल्में पसंद हैं, तो रक्षाबंधन आपके लिए है. साल 2022 में आई फिल्म में अक्षय कुमार एक ऐसे भाई का रोल निभाते हैं जिसकी दुनिया उसकी चार बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है. वह उनकी शादी और खुशियों के लिए हर संभव कोशिश करता है. कहानी में भाई-बहन के प्यार के साथ-साथ दहेज जैसी सामाजिक समस्या को भी दिखाया गया है. कई जगह फिल्म भावुक कर देती है और रिश्तों की अहमियत समझाती है.
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यह फिल्म पिता और बेटे के रिश्ते पर बनी सबसे यादगार फिल्मों में से एक मानी जाती है. साल 2005 में आई फिल्म में अमिताभ बच्चन पिता और अक्षय कुमार बेटे के किरदार में नजर आते हैं. अक्षय का किरदार जिम्मेदारियों से बचता रहता है, लेकिन उसका पिता उसे जीवन की सच्चाई और जिम्मेदारी का मतलब समझाने के लिए सख्त कदम उठाता है. फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जो भावुक कर देते हैं और परिवार की अहमियत का एहसास कराते हैं.

अगर आपका मूड थ्रिलर देखने का है तो ऐतराज़ एक बढ़िया चॉइस हो सकती है. साल 2004 में आई फिल्म में अक्षय कुमार ऐसे शख्स की भूमिका में हैं जिस पर झूठे आरोप लगाए जाते हैं. इसके बाद वह अपने सम्मान और सच्चाई के लिए लड़ाई लड़ता है. कोर्टरूम ड्रामा, सस्पेंस और दमदार परफॉर्मेंस इस फिल्म को खास बनाते हैं. कहानी शुरुआत से लेकर अंत तक दर्शकों को बांधे रखती है.

रुस्तम अक्षय कुमार के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है. साल 2016 में आई यह फिल्म मशहूर नानावटी केस से प्रेरित है, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था. फिल्म में अक्षय एक नेवी ऑफिसर के किरदार में नजर आते हैं, जिसकी जिंदगी एक घटना के बाद पूरी तरह बदल जाती है. फिल्म में सस्पेंस, इमोशन और कोर्टरूम ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है. इस फिल्म के लिए अक्षय कुमार को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था.

अगर आप हंसते-हंसते पेट पकड़ लेना चाहते हैं तो भागम भाग जरूर देखें. साल 2006 में आई फिल्म में अक्षय कुमार और गोविंदा की जोड़ी ने ऐसा धमाल मचाया कि आज भी लोग इसे पसंद करते हैं. गलतफहमियों, मजेदार परिस्थितियों और जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से भरी यह फिल्म शुरुआत से आखिर तक मनोरंजन करती है. यह उन फिल्मों में से है जिन्हें आप बार-बार देखकर भी बोर नहीं होंगे.

अक्षय कुमार की शुरुआती सुपरहिट फिल्मों में मोहरा का नाम जरूर लिया जाता है. साल 1994 में आई यह एक दमदार एक्शन फिल्म है जिसमें रोमांच, ड्रामा और शानदार गाने सब कुछ है. फिल्म में अक्षय के एक्शन सीन उस दौर में काफी पसंद किए गए थे. इसके गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं. अगर आपको 90 के दशक की मसाला फिल्में पसंद हैं तो मोहरा आपके लिए परफेक्ट है.
सैदुलाजाब-हौज रानी हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलीं सीएम रेखा: 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि सौंपी; बोलीं- हादसों के दोषियों को नहीं बख्शेंगे – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में सैदुलाजाब भवन ढहने की घटना और मालवीय नगर के हौज रानी अग्निकांड में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ा को शब्दों में बयां करना संभव नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे असहनीय दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। एक मां, एक बेटी और एक जनसेवक के रूप में वह इन परिवारों की पीड़ा को गहराई से महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि इन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। दोनों हादसों ने झकझोर दिया रेखा गुप्ता ने कहा कि 30 मई को सैदुलाजाब में हुई इमारत ढहने की घटना और 3 जून को हौज रानी में हुए अग्निकांड में जिन अमूल्य जिंदगियों का नुकसान हुआ। उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। सैदुलाजाब हादसे में कई होनहार युवाओं की जान गई, जिनकी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने थे। जबकि हौज रानी अग्निकांड ने एक ही परिवार की 2 पीढ़ियों को हमसे छीन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रभावित परिवारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दुख है। इस अवसर पर मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवारों के लिए सहायता सैदुलाजाब भवन ढहने और हौज रानी अग्निकांड के पीड़ित परिवारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की घोषणा मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
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गुजरात में IELTS-TOEFL परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़: आणंद में डमी उम्मीदवारों से एग्जाम दिलवाते थे आरोपी, मास्टरमाइंड फरार – Gujarat News
गुजरात के आणंद जिले में विदेश में पढ़ाई या नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को अवैध तरीके से IELTS और TOEFL जैसी अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी दक्षता परीक्षाएं पास कराने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तरुणकांत शर्मा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित मास्टरमाइंड हर्षद रावल और अर्थ बुंदेला फरार हैं। आणंद जिला साइबर क्राइम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 20 जून को आणंद शहर स्थित एक आर्ट्स कॉलेज की दूसरी मंजिल पर किराए पर लिए गए दो कमरों में छापा मारा। यहां एक निजी कंपनी द्वारा TOEFL, IELTS और अन्य विदेशी भाषा दक्षता परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र संचालित किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि रैकेट के कथित सरगना हर्षद रावल और उसके सहयोगी अर्थ बुंदेला ने करीब छह महीने पहले कॉलेज के साथ समझौता कर यह परिसर किराए पर लिया था। कमरे के बीच की दीवार में छेद कर रखे थे जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा देने आने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित बूथ में बैठाया जाता था, जबकि पास के कमरे में बैठे डमी उम्मीदवार उनके स्थान पर प्रश्नों के उत्तर हल करते थे। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र और दूसरे कमरे के बीच की दीवार में छेद कर रखे थे। HDMI स्प्लिटर एडॉप्टर और कंप्यूटर सिस्टम की मदद से परीक्षा स्क्रीन को दूसरे कमरे में मौजूद कंप्यूटरों पर दिखाया जाता था। इससे डमी परीक्षार्थी वास्तविक समय में सवालों के जवाब देकर उम्मीदवारों को परीक्षा पास कराने में मदद करते थे। पुलिस के अनुसार, असली उम्मीदवार परीक्षा कक्ष में मौजूद रहता था, लेकिन परीक्षा प्रभावी रूप से दूसरे कमरे में बैठा डमी व्यक्ति देता था। वह कथित मास्टरमाइंड हर्षद रावल का कर्मचारी था और परीक्षा केंद्र में काम कर रहा था। करीब डेढ़ महीने से सक्रिय था रैकेट मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान कंप्यूटर CPU, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 3.78 लाख रुपए बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह रैकेट करीब डेढ़ महीने से सक्रिय था। पुलिस अब जब्त किए गए कंप्यूटरों और मोबाइल फोन के डेटा की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने उम्मीदवारों ने इस तरीके से परीक्षा दी और इसके बदले कितनी रकम वसूली गई।
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