Thursday, August 27, 2026
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जलमहल में युवक के छलांग लगाने से मचा हड़कंप: देर रात तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, युवक बोला- हमारे सामने कूदा, 12 बजे तक नहीं मिला, सुबह फिर ढूंढेंगे – Jaipur News




जलमहल में बुधवार देर रात एक युवक के छलांग लगाने की सूचना से हड़कंप मच गया। रात करीब सवा दस बजे युवक के जलमहल में कूदने की सूचना प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही ब्रह्मपुरी थाना पुलिस, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और झील में युवक की तलाश शुरू की। करीब दो घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद देर रात तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका। पाल पर मौजूद युवकों ने दी पुलिस को सूचना ब्रह्मपुरी थानाधिकारी बृज मोहन कविया ने बताया कि जलमहल के पास मौजूद दो युवकों ने पुलिस को सूचना दी थी कि एक युवक जलमहल में कूद गया है। इसके बाद पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने मौके पर पहुंचकर पानी में युवक की तलाश शुरू की। जलमहल की पाल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- पानी में दिखे युवक के हाथ प्रत्यक्षदर्शी राहुल ने बताया कि रात करीब सवा दस बजे एक युवक पजामा-टीशर्ट पहने जलमहल की पाल पर आया। कुछ देर बाद उसने अचानक झील में छलांग लगा दी। राहुल के अनुसार, वह चार दोस्तों के साथ चौपाटी पर मौजूद था। सूचना मिलने पर जब वे पाल के पास पहुंचे तो पानी में युवक के हाथ दिखाई दिए, लेकिन कुछ ही पल बाद वह पानी में डूब गया। मौके पर मौजूद देवेंद्र शर्मा ने भी बताया कि पजामा-टीशर्ट पहने युवक जलमहल की पाल पर आया और अचानक पानी में छलांग लगा दी। युवक के कूदते ही वहां मौजूद लोग उसकी ओर दौड़े, लेकिन तब तक वह पानी में डूब चुका था। शुरुआत में पानी के बीच उसके हाथ नजर आए, जो कुछ ही देर बाद दिखाई देना बंद हो गए। नाइट वॉक कर रहे लोगों ने देखा घटनाक्रम बताया जा रहा है कि उस समय चौपाटी पर नाइट वॉक कर रहे लोगों ने युवक को झील में डूबने से बचने के लिए हाथ-पैर चलाते हुए देखा। इसके बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने नाव व अन्य संसाधनों की मदद से झील में युवक की तलाश शुरू की। देर रात तक नहीं मिला युवक का सुराग करीब दो घंटे तक पुलिस, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमों ने जलमहल की झील में सर्च ऑपरेशन चलाया। हालांकि देर रात तक युवक का पता नहीं चल सका।



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UP TET 2026 का रिजल्ट हुआ जारी, 13 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी हुए सफल


लखनऊ: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने बुधवार (26 अगस्त) को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 के नतीजे घोषित किए, जिसमें प्राइमरी और अपर-प्राइमरी स्तर पर 13 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार सफल हुए।

प्राइमरी लेवल पर, जिसमें क्लास 1 से 5 तक शामिल हैं, कुल 7,13,648 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 5,71,435 यानी 80.07 प्रतिशत सफल घोषित किए गए। अपर-प्राइमरी लेवल पर, जिसमें क्लास 6 से 8 तक शामिल हैं, 10,57,021 उम्मीदवार शामिल हुए, जिनमें से 7,59,513 यानी 71.85 प्रतिशत उम्मीदवार क्वालिफाई हुए।

परीक्षा में शामिल होने वाले कार्यरत शिक्षकों में से, 1,22,405 उम्मीदवारों में से 93,387 (76.29 प्रतिशत) प्राइमरी लेवल पर क्वालिफ़ाई हुए। अपर-प्राइमरी लेवल पर, 1,46,394 कार्यरत शिक्षकों में से 1,13,384 (77.45 प्रतिशत) सफल घोषित किए गए।

UPTET स्कोरकार्ड PDF कैसे डाउनलोड करें

उम्मीदवार UPTET स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को फ़ॉलो कर सकते हैं। UPTET स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड करने के लिए, उम्मीदवारों को ऑफ़िशियल वेबसाइट – upessc.up.gov.in पर जाना होगा और UPTET स्कोरकार्ड PDF लिंक पर क्लिक करना होगा। लॉग-इन क्रेडेंशियल – एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि – डालें। UPTET स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा; UPTET स्कोरकार्ड PDF को सेव करें और उसका प्रिंटआउट ले लें।

  • ऑफिशियल वेबसाइट – upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • UPTET स्कोरकार्ड PDF लिंक पर क्लिक करें।
  • जरूरी लॉगिन क्रेडेंशियल के तौर पर एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि का इस्तेमाल करें।
  • UPTET स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड के लिए स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  • UPTET स्कोरकार्ड PDF को सेव करें और उसकी हार्ड कॉपी लें।

UPTET मेरिट लिस्ट कैसे डाउनलोड करें

  • ऑफिशियल वेबसाइट – upessc.up.gov.in पर जाएं।
  • UPTET मेरिट लिस्ट PDF लिंक पर क्लिक करें।
  • UPTET मेरिट लिस्ट PDF डाउनलोड के लिए स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • UPTET टॉपर लिस्ट PDF को सेव करें और प्रिंटआउट निकाल लें।

चयन आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आयोग ने 19  लाख से अधिक अभ्यर्थियों वाली इस विशाल परीक्षा को पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ सम्पन्न कराया है। विज्ञापन में पूर्व से निर्धारित तुलनात्मक मूल्यांकन प्रक्रिया का पालन करते हुए परिणाम तैयार किया गया है। 

इससे पहले UPTGT का 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी हुआ था।

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अहमदाबाद- 300Km/h की स्पीड से कार भगाई, पायलट अरेस्ट: पुलिस ने पोर्शे कार जब्त की, तीन दिनों से वायरल हो रहा था वीडियो




अहमदाबाद के रिहायशी इलाके की सड़क पर 300Km/h की स्पीड से पोर्शे कार दौड़ाने वाले शख्स को पुलिस को अरेस्ट कर लिया है। कार चलाने वाले शख्स की पहचान 24 साल के मोहम्मद अकरान तिरमिजी के रूप में हई है। तिरमिजी पेशे के कमर्शियल पायलट है। पुलिस ने बताया कि कार तिरमिजी के पिता मोहम्मद इलियास तिरमिजी के नाम पर रजिस्टर्ड है। फिलहाल कार भी जब्त कर ली गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। 23 अगस्त को वीडियो हुआ था वायरल नवरंगपुरा पुलिस के मुताबिक, यह घटना 22 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे हुई थी। अगले दिन इसका वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में सिल्वर रंग की पोर्श कार एचसीजी अस्पताल से लॉ गार्डन के बीच खतरनाक स्पीड से गुजरती नजर आ रही है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 में केस अकरान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। धारा 281 में सार्वजनिक रास्ते पर इस तरह तेज या लापरवाही से वाहन चलाने पर सजा का प्रावधान है, जिससे किसी की जान खतरे में पड़ सकती है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… गर्लफ्रेंड ने कार पर किए 3400 किस, VIDEO:लिपस्टिक के निशान से बनाई ‘किसिंग कार मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा व्यूज पाने के लिए युवक ने अपनी कार को ‘किसिंग कार’ बना दिया। युवक की गर्लफ्रेंड ने कार की पूरी बॉडी पर करीब 3400 किस किए, जिससे जगह-जगह लिपस्टिक के निशान बन गए। ट्रैफिक पुलिस ने 5500 रुपए का जुर्माना लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…



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बिहार-झारखण्ड-छत्तीसगढ़ वाले जल्दी पहुंचेंगे, रेलवे के ये 7 रूट्स होंगे फोर लेन


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देश के सबसे व्यस्त रेलवे रूटों पर ट्रेनों की रफ्तार और संख्या बढ़ाने के लिए रेलवे बड़ा विस्तार करने जा रहा है. करीब 11 हजार किलोमीटर लंबे हाई डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर लेन करने की योजना है. इन रूटों पर देश के कुल रेल ट्रैफिक का करीब 41 फीसदी हिस्सा चलता है, जबकि ये पूरे रेल नेटवर्क का सिर्फ 16 फीसदी हैं. इस विस्तार से यात्रियों के साथ मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए भी ज्यादा क्षमता उपलब्ध होगी.

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ये रूट पूरे भारतीय रेल नेटवर्क के सिर्फ 16 फीसदी हिस्से में फैले हैं.

नई दिल्ली. देश में ट्रेन से सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए रेलवे जल्द ही अपनी सबसे व्यस्त रेल लाइनों की क्षमता बढ़ाने जा रहा है. जिन रूटों पर अभी ट्रेनों की भीड़ सबसे ज्यादा रहती है, वहां अतिरिक्त रेलवे लाइन बिछाकर नेटवर्क को फोर लेन किया जाएगा. इसका मतलब यह है कि इन कॉरिडोर पर ट्रेनों के लिए ज्यादा रास्ता उपलब्ध होगा और एक ही लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही के कारण होने वाली दिक्कतें कम की जा सकेंगी. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने देश के हाई डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर लेन करने की योजना की जानकारी दी है.

करीब 11 हजार किलोमीटर लंबे इन प्रमुख रेल रूटों पर देश के कुल रेल ट्रैफिक का लगभग 41 फीसदी हिस्सा चलता है. खास बात यह है कि ये रूट पूरे भारतीय रेल नेटवर्क के सिर्फ 16 फीसदी हिस्से में फैले हैं. यानी रेलवे के एक छोटे से हिस्से पर ट्रेनों का बहुत बड़ा ट्रैफिक चल रहा है.

किन रूटों को किया जाएगा फोर लेन

रेलवे की योजना में 7 प्रमुख हाई डेंसिटी रूट शामिल हैं.

  • दिल्ली से हावड़ा.
  • हावड़ा से चेन्नई.
  • चेन्नई से मुंबई.
  • मुंबई से दिल्ली.
  • दिल्ली से चेन्नई.
  • मुंबई से हावड़ा.
  • दिल्ली से गुवाहाटी.

इन रूटों को देश की सबसे व्यस्त रेल लाइनों में गिना जाता है. इन पर यात्री ट्रेन, एक्सप्रेस ट्रेन और बड़ी संख्या में मालगाड़ियां एक साथ चलती हैं. ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण कई बार नई ट्रेन शुरू करने या मौजूदा ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में रेलवे को क्षमता की समस्या का सामना करना पड़ता है.

बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ वालों को क्या फायदा

इस योजना का फायदा सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा. दिल्ली हावड़ा और मुंबई हावड़ा जैसे प्रमुख कॉरिडोर देश के पूर्वी हिस्से को उत्तर और पश्चिम भारत से जोड़ते हैं. इन रूटों से बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई प्रमुख रेल कनेक्शन जुड़े हुए हैं. अभी इन इलाकों से दिल्ली, मुंबई या देश के दूसरे हिस्सों की तरफ जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है. नई रेलवे लाइनें बनने से इस नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी. इसका फायदा आने वाले समय में नई ट्रेनों को चलाने, ट्रेनों के फेरे बढ़ाने और मालगाड़ियों के लिए अलग से ज्यादा क्षमता उपलब्ध कराने में मिल सकता है.

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योगी जी लाएं चंदा चोरी पर नया कानून: वाराणसी पहुंचे धर्माचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बोले – राम-मंदिर के चंदा-चोरों के घरों पर चले बुलडोजर – Varanasi News




वाराणसी पहुंचे धर्माचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री ने राम मंदिर चंदा चोरी पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा की जिसने चोरी की है और जो दोषी पाए गए हैं। उनके घरों पर सरकार बुलडोजर की कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने नया कानून बनाने की मांग भी उत्तर प्रदेश के सीएम से की। संस्कृत विश्वविद्यालय के योग संस्थान में स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री का स्वागत किया गया। काशी विद्वत धर्म परिषद की तरफ से आयोजित इस स्वागत समारोह में उन्होंने काशी को मुक्ति की नगरी बताया। दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री ने कहा – राम मंदिर में चंदा चोरी हो या कोई भी चोरी हो यह शास्त्र में सदा सर्वथा निषिद्ध था। अपने संविधान में भी इसके लिए दंडविधान है। तो मै सरकार से यही कहूंगा की जो दोषी है। उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। और ऐसी चोरी आगे किसी भी मंदिरों में न हो इसके लिए प्रावधान हो और कानून बनाया जाए। योगी महराज जी से हम आग्रह करते हैं कि जो लोग भी राम मंदिर में चोरी के दोषी पाए गए हैं। उनके घरों के ऊपर भी बुलडोजर चलाया जाए। वेद और वेदांग से जुड़ी हुई काशी स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री ने कहा – मै महाराष्ट्र के नासिक से मुक्ति की धरती काशी में आया हूं। काशी विद्वत धर्म परिषद की जो परंपरा रही है। उसके माध्यम से यह काशी नगरी सिर्फ नगरी न रहकर यह ज्ञान और वेद वेदांग से जुड़ी हुई है। ऐसा दिव्य कार्य काशी विद्वत धर्म परिषद लगतार काशी में कर रहा है। आज हमें यहां आने का मौका मिला है। कुछ दिन प्रवास कर काशी में सभी मंदिरों में पूजन अर्चन करूंगा और फिर प्रस्थान करूंगा।



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मखाना उत्पादन से निर्यात तक की प्रक्रिया का लिया जायजा: किसानों से जानी समस्याएं, दरभंगा में उत्पादन बढ़ाने और आय सुधार पर हुआ मंथन – Darbhanga News




दरभंगा में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार और जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मखाना से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मखाना की खेती से लेकर हार्वेस्टिंग, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया को देखा। इस दौरान किसानों से उत्पादन लागत, खेती में आ रही समस्याओं, तकनीकी जरूरतों और आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने ‘श्री मिथिला मखाना किसान उत्पादक संगठन सहकारी समिति’ का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मखाना उत्पादन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी ली। किसानों ने फील्ड सिस्टम और पारंपरिक पॉन्ड सिस्टम से मखाना उत्पादन की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने फसल के अलग-अलग चरणों में पानी की जरूरत, जल प्रबंधन और फसल चक्र की भी जानकारी ली। किसानों की परेशानियां जानी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खेत के पास तालाब में चल रहे मखाना हार्वेस्टिंग कार्य को भी देखा। समिति के सदस्यों और किसानों ने पानी से मखाना बीज (गुड़ी) निकालने की पारंपरिक तकनीक का प्रदर्शन किया। संयुक्त सचिव और डीएम ने हार्वेस्टिंग में लगने वाले श्रम, समय और लागत के साथ किसानों को होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों ने गुड़ी से मखाना लावा तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मखाना भूनने, पारंपरिक फोरी विधि से लावा तैयार करने और आधुनिक फोरी मशीनों के संचालन की जानकारी ली गई। प्रसंस्करणकर्ताओं और किसानों से मशीनों की उपलब्धता, प्रसंस्करण लागत, तकनीकी समस्याओं, उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार की मांग को लेकर भी संवाद किया गया। ग्रेडिंग और पैकेजिंग का भी लिया जायजा
अधिकारियों ने मखाना की गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग-पैकेजिंग यूनिट का निरीक्षण कर विभिन्न आकार और गुणवत्ता के मखाना की ग्रेडिंग-पैकेजिंग प्रक्रिया को देखा। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से देश-विदेश के बाजार में मांग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे मखाना-सह-मछली पालन (इंटीग्रेटेड एक्वा फार्मिंग) मॉडल का भी अधिकारियों ने जायजा लिया। एक ही जल क्षेत्र में मखाना उत्पादन के साथ मछली पालन से किसानों को होने वाली अतिरिक्त आय की जानकारी ली गई। हैचरी प्रबंधन और एकीकृत कृषि मॉडल की गतिविधियों को भी देखा गया। अधिकारियों ने इस मॉडल को किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताया। गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग की जानकारी ली
संयुक्त सचिव साकेत कुमार और डीएम कौशल कुमार ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सी फूड प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां मखाना के निर्यात से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्यात प्रक्रिया, विदेशी बाजार, गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग से संबंधित जानकारी ली।
बेला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिया एग्रीटेक का भी निरीक्षण किया गया। यहां ऑर्गेनिक मखाना उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ऑर्गेनिक मखाना की मांग, उत्पादन, प्रसंस्करण की प्रक्रिया और देश-विदेश में इसके बाजार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने उत्पादन से लेकर अंतिम उत्पाद और निर्यात तक की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया।
मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की संभावनाएं- डीएम जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर प्रसंस्करण, ग्रेडिंग-पैकेजिंग और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराकर मखाना की मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी नीरज कुमार झा, डॉ. सीवी सिंह, उप महाप्रबंधक एपीडा, समिति के अध्यक्ष महेश मुखिया सहित बड़ी संख्या में किसान और संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।



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मैहर में दो बाइक की टक्कर में 6 घायल: कटनी से बहन को लेने आया था भाई, जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे दोस्त – Maihar News




मैहर जिले के नादन थाना क्षेत्र में बुधवार शाम बाठिया गेट के पास दो बाइकों की टक्कर में छह लोग घायल हो गए। इस हादसे में दो युवकों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल मैहर में भर्ती कराया गया है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब अमरपाटन से मैहर की ओर आ रही एक बाइक ने सड़क किनारे तेल डलवाने के लिए खड़ी दूसरी बाइक को टक्कर मार दी। शाम करीब 5 बजे हुए इस हादसे में कुल छह लोग घायल हुए। जानकारी के अनुसार, दिठौरा निवासी अभिषेक साकेत, महेंद्र साकेत और सूरज साकेत एक बाइक पर अपने दोस्त का जन्मदिन मनाकर वापस लौट रहे थे। बाठिया गेट के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी दूसरी बाइक से टकरा गई। दूसरी बाइक पर खेरवा, कटनी निवासी आशीष कुमार शाहू अपने बेटे के साथ नादन आए थे। वे अपनी बहन को लेने के बाद बाइक में तेल डलवाने के लिए सड़क किनारे रुके थे, तभी पीछे से आ रही बाइक ने उनकी खड़ी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में सूरज साकेत और राहुल शाहू को गंभीर चोटें आई हैं। अभिषेक साकेत, महेंद्र साकेत और आशीष कुमार शाहू सहित अन्य लोगों को भी चोटें लगी हैं। सभी छह घायलों को डायल-112 की मदद से सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घायल अभिषेक साकेत ने बताया कि वे जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे, तभी खड़ी बाइक से उनकी बाइक टकरा गई। वहीं, आशीष कुमार शाहू ने बताया कि वे बहन को लेने आए थे और तेल डलवाने के लिए रुके थे, तभी पीछे से टक्कर हो गई। गंभीर रूप से घायल सूरज साकेत और राहुल शाहू की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस इस घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।



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दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू: पात्र महिलाओं को हर माह मिलेंगे ₹2,500, पहले चरण में बांटे 4,000 स्वीकृति पत्र – New Delhi News




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और वूमेन-लेड-डेवेलपमेंट के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली लक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा समेत दिल्ली सरकार के मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को दैनिक जरूरतों, शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं में आर्थिक सहयोग देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के शुभारंभ के मौके पर पहले चरण में 4,000 पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। सीएम ने बताया कि योजना को लेकर महिलाओं में व्यापक उत्साह है और अब तक 9 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के भरोसे और योजना की स्वीकार्यता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए अधिक अवसर और आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



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Redmi ने लॉन्च किया 6000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन, बैक में मिलेगा 50MP का कैमरा


Redmi 17C 5G भारत से पहले सिंगापुर में लॉन्च हो गया है। रेडमी के इस फोन को हाल ही में BIS पर देखा गया था। यह फोन 6000mAh की बैटरी, 50MP कैमरा, MediaTek के प्रोसेसर के साथ आता है। Xiaomi का यह बजट फ्रेंडली फोन BIS पर मॉडल नंबर 2607FRNEAI के नाम से देखा जा चुका है। वहीं, कंपनी Redmi 17 को भी लॉन्च करने की तैयारी में है।

Redmi 17c 5G की कीमत

रेडमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। इसके टॉप वेरिएंट की कीमत कंपनी ने रिवील की है। इसे SGD 279 यानी लगभग 20,900 रुपये में पेश किया गया है। यह फोन ब्लैक, ब्राउन और पर्पल कलर में खरीदा जा सकता है।

Redmi 17C 5G के फीचर्स

रेडमी कायह फोन 6.9 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1600 x 700 पिक्सल है। इस फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और 810 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। फोन में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है, जिसे खास तौर पर बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन में यूज किया जाता है।

इस फोन में 4GB रैम के साथ 128GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है। यह स्मार्टफोन Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 पर काम करता है। फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का मेन और एक सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए रेडमी के इस फोन में 8MP का कैमरा दिया गया है।










Redmi 17C 5G फीचर्स
डिस्प्ले 6.9 इंच, 120Hz
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 6300
स्टोरेज 4GB, 128GB
बैटरी 6000mAh, 44W
कैमरा 50MP, 8MP
OS Android 16, HyperOS 3

यह फोन 5G, 4G, 3G, 2G कनेक्टिविटी के साथ आता है। इसमें डुअल सिम कार्ड का सपोर्ट दिया गया है। साथ ही, इसमें WiFi, Bluetooth 5.4, USB Type C और NFC जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। यही नहीं, इस बजट फ्रेंडली फोन में AI फीचर भी मिलता है। फोन में 6000mAh की बैटरी के साथ 33W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। यह फोन IP64 रेटेड है।

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एक कड़ाही और 12 लीटर दूध से शुरू हुआ कारोबार, आज विदेशों तक मशहूर है ये कलाकंद

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ग्रेटर नोएडा. एक छोटी सी दुकान, एक कड़ाही और महज 12 लीटर दूध से शुरू हुआ मिठाई का कारोबार आज हजारों ग्राहकों की पसंद बन चुका है. साल 2010 में शुरू हुआ नवी कलाकंद अब ग्रेटर नोएडा के चर्चित मिठाई कारोबारों में शामिल है. यहां का कलाकंद खाने के लिए दिल्ली-NCR के अलावा दूसरे शहरों से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं.

ग्रेटर नोएडा. शहर में मिठाइयों के शौकीनों के बीच कुछ दुकानों की अपनी अलग पहचान होती है. ग्रेटर नोएडा की नवी कलाकंद भी ऐसी ही एक दुकान है, जिसने करीब डेढ़ दशक पहले बेहद छोटे स्तर से शुरुआत की थी. साल 2010 में किराए की दुकान और सिर्फ एक कड़ाही से शुरू हुआ कारोबार आज ग्राहकों के बीच अपनी खास पहचान बना चुका है. यहां का कलाकंद खाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे शहरों और विदेशों से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं.

दुकान संचालक राहुल सिंह बिसोया बताते हैं कि नवी कलाकंद की शुरुआत उनके पिता ने 2010 में की थी. उस समय दुकान किराए की थी और रोजाना करीब 12 लीटर दूध से मिठाइयां तैयार की जाती थीं. शुरुआत में कारोबार छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे स्वाद और गुणवत्ता के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी. राहुल के मुताबिक, परिवार ने मिठाई बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया. ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया और कारोबार भी लगातार आगे बढ़ता रहा.

सालों तक किराए की दुकान से कारोबार चलाने के बाद अब परिवार ने उसी दुकान के सामने अपनी खुद की नई दुकान शुरू की है. संचालक इसे वर्षों की मेहनत और ग्राहकों के भरोसे का परिणाम बताते हैं. उनका कहना है कि कारोबार के सफर में कई बदलाव आए, लेकिन मिठाई की गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद को बनाए रखने पर हमेशा जोर दिया गया.

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नवी कलाकंद की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में कलाकंद का नाम सबसे ऊपर आता है. इसके अलावा सावन और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान घेवर की मांग भी बढ़ जाती है. दुकान संचालकों के अनुसार, मिठाइयों में जरूरत के मुताबिक चीनी का इस्तेमाल किया जाता है और कृत्रिम स्वाद या अनावश्यक मिलावट से बचने की कोशिश की जाती है. मिठाइयां भैंस के दूध से तैयार की जाती हैं. संचालक के मुताबिक, लंबे समय से एक ही दूध सप्लायर से दूध लेने की वजह से गुणवत्ता में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलती है.

दुकान पर मिठाइयां तैयार करने के तरीके में भी पारंपरिक अंदाज नजर आता है. संचालक के मुताबिक, गैस सिलेंडर से जुड़ी परेशानियों के बाद कई मिठाइयां लकड़ी की धीमी आंच पर तैयार की जाने लगीं. उनका मानना है कि धीमी आंच पर दूध को पकाने से मिठाई में अलग स्वाद और खुशबू आती है. वर्तमान में दुकान पर रोजाना करीब 25 से 30 केन दूध की खपत होती है.

समय के साथ दुकान ने अपने कारोबार को ऑनलाइन माध्यम से भी जोड़ा है. दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से ग्राहक फोन और ऑनलाइन माध्यम से मिठाई का ऑर्डर करते हैं. ग्राहक अपना पता और संपर्क विवरण साझा करते हैं, जिसके बाद उपलब्धता के अनुसार मिठाइयां उनके घर तक पहुंचाई जाती हैं. इससे दुकान की पहुंच स्थानीय बाजार से आगे बढ़ी है और दूर रहने वाले ग्राहक भी यहां की मिठाइयों का स्वाद ले पा रहे हैं.

संचालक के मुताबिक, दुकान पर दूसरे शहरों के साथ विदेश से आने वाले ग्राहक भी पहुंचते हैं. कई लोग विदेश जाते समय यहां का कलाकंद और दूसरी मिठाइयां अपने साथ ले जाते हैं. नियमित ग्राहक कुलदीप नागर बताते हैं कि वह कई वर्षों से यहां मिठाई खरीदते आ रहे हैं. उनके अनुसार, दुकान की खासियत स्वाद और गुणवत्ता में लगातार बनी रहने वाली एकरूपता है. वहीं ग्राहक वैभव का कहना है कि यहां की मिठाइयां उन्हें काफी पसंद हैं और वह अक्सर दुकान से मिठाई खरीदते हैं. एक कड़ाही और कुछ लीटर दूध से शुरू हुआ नवी कलाकंद का कारोबार आज बड़े स्तर तक पहुंच चुका है. पारंपरिक स्वाद, गुणवत्ता और ग्राहकों के लंबे समय से बने भरोसे ने इस मिठाई की दुकान को ग्रेटर नोएडा के चर्चित स्थानीय कारोबारों में जगह दिलाई है.

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