Wednesday, June 3, 2026
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‘पति पत्नी और वो दो’, ‘भूत बंगला’ सब भूल जाएंगे, अगर देखने बैठ गए वामिका गब्बी की ये फिल्म


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अपनी जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग और सस्पेंस वाली फिल्मों से बॉलीवुड दर्शकों का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस वामिका गब्बी आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. इन दिनों वह अपनी फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ को लेकर सुर्खियों में हैं. इससे ‘भूत बंगला’ और ‘भूल चूक माफ’ जैसी बड़ी कॉमेडी फिल्मों में उनकी एक्टिंग की दर्शकों द्वारा काफी तारीफ की गई थी. लेकिन, अगर आप वामिका गब्बी की एक्टिंग की असली गहराई और उनका जबरदस्त अवतार देखना चाहते हैं, तो आपको उनकी बेहद खतरनाक और सस्पेंस वाली फिल्म ‘खुफिया’ जरूर देखनी चाहिए. यह फिल्म देखने के बाद आपको उनकी एक्टिंग से पक्का प्यार हो जाएगा.

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नई दिल्ली. बड़े पर्दे और ओटीटी की दुनिया में वामिका गब्बी को आज की सबसे वर्सेटाइल और होनहार एक्ट्रेस में से एक माना जाता है. नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘माई’ और विशाल भारद्वाज की ‘जुबली’ में अपनी काबिलियत साबित करने के बाद, वामिका ने बड़े पर्दे पर राज किया. उन्होंने कॉमेडी ड्रामा ‘पति पत्नी और वो 2’, ‘भूत बंगला’ और ‘भूल चूक माफ’ से भी लोगों का दिल जीता. लेकिन, वामिका सिर्फ कॉमेडी या हल्के-फुल्के रोल तक ही सीमित हैं. उनका असली और सबसे खतरनाक साइड 2023 की नेटफ्लिक्स ओरिजिनल फिल्म ‘खुफिया’ में सामने आया था, जिसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए थे.

नई दिल्ली. बड़े पर्दे और ओटीटी की दुनिया में वामिका गब्बी को आज की सबसे वर्सेटाइल और होनहार एक्ट्रेस में से एक माना जाता है. नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘माई’ और विशाल भारद्वाज की ‘जुबली’ में अपनी काबिलियत साबित करने के बाद, वामिका ने बड़े पर्दे पर राज किया. उन्होंने कॉमेडी ड्रामा ‘पति पत्नी और वो 2’, ‘भूत बंगला’ और ‘भूल चूक माफ’ से भी लोगों का दिल जीता. लेकिन, वामिका सिर्फ कॉमेडी या हल्के-फुल्के रोल तक ही सीमित हैं. उनका असली और सबसे खतरनाक साइड 2023 की नेटफ्लिक्स ओरिजिनल फिल्म ‘खुफिया’ में सामने आया था, जिसने दर्शकों के रोंगटे खड़े कर दिए थे.
विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी ‘खुफिया’ अमर भूषण के मशहूर जासूसी नॉवेल ‘एस्केप टू नोवेयर’ पर आधारित एक कल्ट स्पाई-थ्रिलर है. यह फिल्म भारतीय खुफिया एजेंसी ‘रॉ’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां देश के कुछ सबसे कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट्स और जानकारी लीक हो रही हैं. तब्बू एक सीनियर रॉ ऑफिसर का लीड रोल निभा रही हैं, जो एक गद्दार को पकड़ने के मिशन पर निकलती है.
इस हाई-वोल्टेज और डार्क जासूसी कहानी के सेंटर में वामिका गब्बी का कैरेक्टर ‘चारू रवि’ है. चारू एक ऐसी औरत है जो अनजाने में एक बहुत खतरनाक जाल में फंस जाती है. उसके पति का रोल अली फजल ने किया है, जो एक रॉ एजेंट है. एक बेबस पत्नी, एक प्रोटेक्टिव मां और बाद में एक जासूस के तौर पर देश के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाली औरत के रूप में वामिका की परफॉर्मेंस रोंगटे खड़े कर देने वाली है.
किसी भी नए या उभरते हुए आर्टिस्ट के लिए तब्बू जैसी नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस और अली फजल जैसे अनुभवी इंटरनेशनल एक्टर के साथ स्क्रीन शेयर करना एक बहुत बड़ा चैलेंज होता है. लेकिन, इस फिल्म में वामिका गब्बी की परफॉर्मेंस साबित करती है कि वह एक लॉन्ग शॉट हैं. जहां कई सीन में तब्बू की सीरियस परफॉर्मेंस साफ दिखती है, वहीं वामिका गब्बी के चेहरे के एक्सप्रेशन, डर और गुस्सा दर्शकों को स्क्रीन से बांधे रखते हैं. खासकर फिल्म के दूसरे हाफ में, जब वामिका का कैरेक्टर अपनी जिंदगी के सबसे खतरनाक मिशन पर निकलता है, तो उनकी परफॉर्मेंस दर्शकों को हैरान कर देती है.
‘खुफिया’ सिर्फ एक सिंपल जासूसी फिल्म नहीं है. यह इंसानी रिश्तों के काले राज भी दिखाती है. विशाल भारद्वाज ने फिल्म में कमाल का सस्पेंस और थ्रिल बनाया है. वामिका गब्बी वाले कुछ इमोशनल और इंटेंस सीन इतने रियलिस्टिक हैं कि दर्शकों को उनके कैरेक्टर का दर्द और डर महसूस होता है. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक और डार्क सिनेमैटोग्राफी इसके खतरनाक माहौल को और बढ़ाते हैं. अगर आपने अभी तक यह फिल्म नहीं देखी है, तो यह आपकी नेटफ्लिक्स वॉचलिस्ट में एक बढ़िया एडिशन हो सकती है.
अक्सर दर्शक किसी स्टार को उनकी कमर्शियल फिल्मों जैसे ‘भूत बंगला’ या ‘पति पत्नी और वो 2’ से आंकते हैं, जहां मेन फोकस एंटरटेनमेंट और कॉमेडी पर होता है. लेकिन, एक सिनेमा लवर के तौर पर, वामिका गब्बी की असली एक्टिंग एबिलिटी और रेंज को समझने के लिए ‘खुफिया’ देखना जरूरी है. यह फिल्म दिखाती है कि वामिका कॉमेडी में भी उतनी ही आसानी से लोगों को हंसा सकती हैं और वह डार्क थ्रिलर में भी दर्शकों को डरा और शॉक कर सकती हैं.
अगर आप सस्पेंस, थ्रिल और दमदार एक्टिंग से भरी फिल्मों के फैन हैं, तो इस वीकेंड ‘खुफिया’ देखने के लिए बैठ जाइए. यकीन मानिए, यह फिल्म देखने के बाद आप वामिका गब्बी की एक्टिंग की तारीफ करते नहीं थकेंगे और उनके सबसे बड़े फैन बन जाएंगे.

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Pratik ShekharEntertainment Head

पिछले 15 सालों से डिजिटल मीडिया की दुनिया में एक्टिव, प्रतीक शेखर अभी News18 में एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर काम कर रहे हैं. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की गहरी समझ के साथ, प्रतीक ने खुद को एक और पढ़ें





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स्टार व्हाइट फूल की खेती से 30 लाख की कमाई, युवा किसान चंदा यादव बने मिसाल!


जयपुर. जयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र बस्सी झाझड़ा गांव में एक युवा किसान फूलों की अनोखी खेती कर रहे हैं. यह किसान कोलकाता में उगाए जाने वाले स्टार व्हाइट फूल की खेती कर रहे हैं. खास बात यह है कि जयपुर जिले में इस फूल की खेती करने वाले वे पहले किसानों में गिने जाते हैं. किसान का नाम चंदा यादव है, जिन्होंने कम उम्र में ही आधुनिक खेती के जरिए अपनी अलग पहचान बना ली है. उन्होंने बताया कि स्टार व्हाइट फूल का पौधा एक बार लगाने के बाद करीब एक वर्ष तक लगातार फूल देता है.

चंदा यादव बताते हैं कि यह फूल देखने में बेहद आकर्षक होता है और इसकी खुशबू भी काफी मनमोहक होती है. इसी वजह से बाजार में इसकी अच्छी मांग रहती है और किसानों को बेहतर कीमत मिलती है. उन्होंने बताया कि फूलों के दाम मौसम और मांग के अनुसार बदलते रहते हैं. शादी-विवाह और अन्य आयोजनों के दौरान इन फूलों की मांग सबसे ज्यादा रहती है. चंदा यादव का कहना है कि इस खेती से वे सालाना 8 से 10 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं. खेती का खर्च निकालने के बाद भी उन्हें करीब 7 से 8 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हो जाता है.

खेती में संभावनाएं असीमित

चंदा यादव की उम्र करीब 25 से 26 वर्ष है. जब उनसे पूछा गया कि आज के समय में युवा पढ़ाई और सरकारी नौकरी को प्राथमिकता देते हैं, तो उन्होंने कहा कि नौकरी में व्यक्ति का दायरा सीमित रहता है, जबकि खेती में संभावनाएं असीमित हैं. उनका मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाए तो खेती से नौकरी से भी अधिक कमाई की जा सकती है. साथ ही इसमें किसी बाहरी दबाव या हस्तक्षेप का सामना भी नहीं करना पड़ता. किसान अपनी योजना और मेहनत के अनुसार खेती कर बेहतर परिणाम हासिल कर सकता है.

बचपन से खेती में रही रुचि

चंदा यादव बताते हैं कि उनके पिता भी किसान हैं और वे बचपन से खेती-किसानी के माहौल में ही बड़े हुए हैं. स्कूल से लौटने के बाद खेतों में समय बिताना उन्हें अच्छा लगता था. धीरे-धीरे खेती के प्रति उनका लगाव बढ़ता गया. कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पूरी तरह खेती को ही अपना पेशा बना लिया. उनका कहना है कि वे अपनी शिक्षा और तकनीकी जानकारी का उपयोग खेती में कर रहे हैं और लगातार नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. भविष्य में वे इस क्षेत्र को और विस्तार देने की योजना बना रहे हैं.

फूलों के साथ सब्जियों से भी कमाई

चंदा यादव बताते हैं कि पहले किसान मुख्य रूप से बाजरा, गेहूं और मूंगफली जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते थे, लेकिन इनमें मेहनत के मुकाबले आय सीमित होती है. इसी कारण उन्होंने आधुनिक खेती का रास्ता चुना. वे पॉलीहाउस में खेती करते हैं और स्टार व्हाइट फूलों की खेती शुरू करने से पहले खीरा और शिमला मिर्च की खेती से भी अच्छी आय अर्जित कर चुके हैं. उनका कहना है कि इन फसलों में भी अच्छा मुनाफा है, लेकिन वे कुछ अलग करना चाहते थे. इसी सोच के साथ उन्होंने स्टार व्हाइट फूल की खेती शुरू की. हाल ही में उन्होंने डच रोज और लिली जैसे फूलों की खेती भी शुरू की है.

बड़े शहरों तक पहुंच रही मांग

चंदा यादव के पॉलीहाउस में तैयार होने वाले फूलों की मांग केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है. उन्होंने बताया कि उनके फूल जयपुर, दिल्ली, अहमदाबाद समेत कई बड़े शहरों में भेजे जाते हैं. सभी फूलों और अन्य फसलों को मिलाकर वे सालाना करीब 30 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर रहे हैं. उनका मानना है कि यदि वे किसी नौकरी में होते तो इतनी कमाई करना आसान नहीं होता. खेती के जरिए वे अपने घर पर रहकर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं.

किसानों के लिए प्रेरणा

चंदा यादव का कहना है कि आज कई किसान परिवारों के युवा जमीन होने के बावजूद नौकरी की तलाश में भटकते हैं. उनका मानना है कि किसानों की जमीन किसी सोने की खान से कम नहीं है. यदि आधुनिक तकनीक, शिक्षा और सही योजना के साथ खेती की जाए तो किसान घर बैठे बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं. उनके अनुसार खेती में आज भी अपार संभावनाएं हैं और युवा पीढ़ी को इसे नए नजरिए से देखने की जरूरत है.



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फिरोजाबाद में सीएम ग्रिड कार्य में लापरवाही: खुले गड्ढों और मैनहोल से बढ़ रहा हादसे का खतरा – Firozabad News




फिरोजाबाद में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही सामने आई है। कोटला चुंगी से तिलक चौराहा होते हुए जलेसर रोड तक कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। इसके अलावा, कई जगह मैनहोल भी खुले पड़े हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी रवि कुमार ने बताया कि क्षेत्र में सीएम ग्रिड का कार्य लगभग एक माह से चल रहा है। कार्यदायी संस्था ने सड़क खोदने के बाद गड्ढों को ठीक से नहीं भरा है। गहरे गड्ढे और खुले मैनहोल विशेष रूप से रात के समय हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से खुले गड्ढों और मैनहोल को तत्काल बंद कराने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।



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सहरसा में 100 करोड़ की लागत से बनेगा ड्रेनेज सिस्टम: जलजमाव से लोगों को मिलेगी राहत, 10 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का दावा – Saharsa News




सहरसा शहर में हर साल होने वाली जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए विधायक इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता ने नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। विधायक गुप्ता ने बताया कि आगामी 10 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्या निर्देश जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न इलाकों में जलनिकासी के कार्य शुरू होंगे,जिससे अगले दो महीनों में लोगों को जलजमाव से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले 25 वर्षों में शहर में एक प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित नहीं हो सका है, जिसके कारण सहरसा के कई हिस्से आज भी जलजमाव की समस्या का सामना कर रहे हैं। उन्होंने नगर निगम के नगर आयुक्त और विभागीय अधिकारियों को इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं। 100 करोड़ रुपए से बनाई जाएगी ड्रेनेज सिस्टम विधायक गुप्ता ने एक बड़ी ड्रेनेज सिस्टम परियोजना की जानकारी दी। यह योजना रिफ्यूजी कॉलोनी से कहरा प्रखंड जाने वाली सड़क पर महावीर चौक से सुभाष चौक तक 100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बनाई जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य रिफ्यूजी कॉलोनी क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करना है। नगर निगम ने इसकी प्रशासनिक स्वीकृति के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना को प्रस्ताव भेज दिया है। इसके अतिरिक्त, लक्ष्मीनिया चौक से पॉलिटेक्निक ढाला तक सड़क के दोनों किनारों पर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की भी योजना है।आरसीडी विभाग के कार्यपालक अभियंता ने विधायक को सूचित किया है कि इस कार्य को 9 जून तक शुरू कर दिया जाएगा। पॉलिटेक्निक ढाला के पास मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम में एक सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) का निर्माण भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका को कम करना है। बटराहा में अतिक्रमण हटाकर पूरा होगा ड्रेनेज कार्य बटराहा मोहल्ले में जलजमाव की समस्या पर विधायक ने कहा कि बुडको द्वारा सड़क किनारे नाला निर्माण कराया गया है, लेकिन नाले की ऊंचाई सड़क से अधिक होने के कारण पानी सड़क पर जमा हो जाता है। नगर निगम द्वारा ड्रेनेज सिस्टम का लगभग 500 फीट निर्माण कराया जा चुका है, जबकि शेष कार्य अतिक्रमण के कारण रुका हुआ है।

उन्होंने नगर निगम को अतिक्रमण हटाकर शेष ड्रेनेज निर्माण शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया है। विधायक का कहना है कि एक-दो दिनों में यहां कार्य प्रारंभ हो जाएगा, जिससे जलजमाव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। साथ ही मारूफगंज से बटराहा जाने वाली लगभग 700 फीट सड़क को ऊंचा करने का भी प्रस्ताव है, जिससे बरसात के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं होगी। रोशनी और जलनिकासी की व्यवस्था होगी बेहतर शहर के बाइपास स्थित सर्वा ढाला क्षेत्र में जलभराव और अपर्याप्त रोशनी को लेकर भी विधायक ने चिंता जताई। उन्होंने नगर निगम को पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने तथा जलनिकासी की व्यवस्था सुदृढ़ करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि रेलवे के वाशिंग पिट और सड़क क्रॉसिंग के कारण यहां जलनिकासी प्रभावित हुई थी, लेकिन नगर निगम ने पानी निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी है। गोदाम के समीप कच्ची खुदाई कर जलनिकासी को और सुगम बनाने का निर्देश भी दिया गया है। 10 जून तक वर्क ऑर्डर होगा जारी विधायक ने कहा कि 5 जून तक टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार शामिल हो जाएंगे और 10 जून तक अधिकांश योजनाओं का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद विभिन्न परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू होगा। उन्होंने पूर्व के जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर के विकास और ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर गंभीर पहल नहीं किए जाने के कारण आज ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। अब नगर निगम और विभागीय अधिकारियों के सहयोग से जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।



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नेता प्रतिपक्ष कार्यालय ने सीएस को लिखी चिट्‌ठी: तिलहन संघ के कर्मचारियों को दें पांचवें वेतनमान का लाभ, कोर्ट में चल रहे 300 से अधिक केस – Bhopal News




प्रदेश में अलग-अलग विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य सरकार ने अब तक पांचवां वेतनमान नहीं दिया है। इसको लेकर हाईकोर्ट में 300 से अधिक मामले जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट में चल रहे हैं। नाम मात्र की संख्या में बचे ऐसे कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ देने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय ने मुख्य सचिव को चिट्‌ठी लिखी है। नेता प्रतिपक्ष कार्यालय द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति, संविलियन पर शासन में पदस्थ कर्मचारियों को पंचम वेतनमान का लाभ देने तथा वर्षों से लंबित न्यायालयीन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जरूरत है। 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके वर्ष 1998 से राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति अथवा संविलियन पर कार्यरत तिलहन संघ के लगभग 800 कर्मचारियों को अब तक पांचवें वेतनमान और एरियर राशि का लाभ नहीं मिल सका है। इनमें से करीब 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले से जुड़ी लगभग 300 याचिका एवं अवमानना प्रकरण वर्ष 2008 से जबलपुर और इंदौर खंडपीठ में लंबित हैं। वहीं, विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 200 कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ पहले ही मिल चुका है, जबकि अन्य विभागों और संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। 50 प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित यह भी कहा गया है कि इन प्रकरणों में शासन द्वारा अधिवक्ताओं की फीस, अधिकारियों की यात्रा और अन्य प्रशासनिक मदों पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पत्र में उच्च न्यायालय, जबलपुर के उन आदेशों का भी उल्लेख किया गया है, जिनसे संबंधित करीब 50 प्रकरण लंबित बताए गए हैं। पत्र में संविधान के समानता के अधिकार और “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत का हवाला देते हुए कर्मचारियों को वैधानिक लाभ से वंचित रखना अनुचित बताया गया है।



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दिल्ली में होटल में आग; PHOTOS: नीचे लपटें, जान बचाने छज्जे पर पहुंचे; एंबुलेंस लेट, स्थानीय उठाकर बाहर लाए




दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। बिल्डिंग से अब तक 37 लोगों को बचाया जा चुका है। बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत गंभीर है, मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई। रेस्क्यू जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी वह 6 मंजिल की है। सुबह 8.51 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी। जब वहां का कांच फोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फेल गई। यहां फ्लोरिस स्टे होटल संचालित होता था। आग लगने की 2 तस्वीरें… जान- माल बचाने की जद्दोजहद, 3 तस्वीरें… आग बुझाने, रेस्क्यू की तस्वीरें…



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घर में कोई नहीं खाता बैंगन? एक बार ट्राई करें यह रेसिपी, बच्चे भी करेंगे पसंद


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बैंगन को थोड़े अलग तरीके से बनाया जाए तो यही साधारण सब्जी बेहद स्वादिष्ट और लाजवाब बन सकती है. आज हम आपको बैंगन की एक ऐसी आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, जिसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. साथ ही, इसका स्वाद इतना शानदार होता है. यहां तक कि बच्चे भी इसे चाव से खा सकते हैं. इस खास रेसिपी को बनाने के लिए आपको ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती.

जमशेदपुर: अक्सर घरों में देखा जाता है कि बैंगन का नाम सुनते ही कई लोग मुंह बनाने लगते हैं. खासकर बच्चों को बैंगन की सब्जी पसंद नहीं आती. लेकिन अगर बैंगन को थोड़े अलग तरीके से बनाया जाए, तो यही साधारण सब्जी बेहद स्वादिष्ट बन सकती है. आज हम आपको बैंगन की एक आसान और स्वादिष्ट रेसिपी बता रहे हैं, जिसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि बच्चे भी इसे चाव से खा सकते हैं.

ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं
इस खास रेसिपी को तैयार करने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं है. इसके लिए बैंगन, टमाटर, लहसुन, प्याज, हरी मिर्च, नमक, हल्दी और थोड़ा सा तेल चाहिए. सबसे पहले बैंगन को अच्छी तरह धोकर छोटे-छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें. टमाटर को पतले स्लाइस में काट लें. वहीं, लहसुन को बारीक काटें और प्याज व हरी मिर्च को भी छोटे-छोटे टुकड़ों में तैयार कर लें.

इस रेसिपी से बढ़ता है कई गुना स्वाद
अब एक कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर सबसे पहले लहसुन डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. लहसुन की खुशबू इस रेसिपी का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है. इसके बाद प्याज और हरी मिर्च डालकर अच्छी तरह भूनें. जब प्याज सुनहरा होने लगे, तो समझिए कि मसाले का बेस तैयार हो गया है.

बैंगन और टमाटर अच्छी तरह मिलाएं
अब इसमें कटे हुए बैंगन और टमाटर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और कुछ मिनट तक भूनें. इसके बाद स्वादानुसार नमक और हल्दी पाउडर डालें. मसालों को अच्छी तरह मिलाने के बाद थोड़ा सा पानी डाल दें, ताकि सब्जी तले में न लगे और बैंगन आसानी से पक जाए. अब कढ़ाई को ढककर 10 से 15 मिनट तक मध्यम आंच पर पकने दें.

ऊपर से हरा धनिया डालें
करीब 10 मिनट बाद ढक्कन हटाकर देखें. बैंगन और टमाटर अच्छी तरह गलकर आपस में मिल चुके होंगे. टमाटर की हल्की खटास और लहसुन का स्वाद बैंगन को एक अलग ही फ्लेवर देता है. अब इसे चम्मच से हल्के हाथों से चलाते हुए भर्ते जैसा टेक्सचर दे सकते हैं. आखिर में ऊपर से ताजा कटा हुआ हरा धनिया डाल दें.

रेसिपी बेहद आसान
अब आपका स्वादिष्ट देसी बैंगन भर्ता तैयार है. इसे गरमा-गरम रोटी, पराठे या चावल के साथ परोसा जा सकता है. खास बात यह है कि यह रेसिपी बेहद आसान, पौष्टिक और कम सामग्री में तैयार हो जाती है. अगर आपके घर में भी बच्चे या बड़े बैंगन खाने से कतराते हैं, तो एक बार यह तरीका जरूर आजमाएं. इसका स्वाद उन्हें बैंगन का दीवाना बना सकता है.

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Amita kishor

न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें



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ऑटो-रीसेट हुआ फोन और खाली हो गया बैंक अकाउंट, नए तरह के फ्रॉड से टेंशन में यूजर्स


Online Fraud के इस नए तरीके ने लोगों को हैरान कर दिया है, जिसमें फोन अपने आप रीसेट यानी ऑटो-रीसेट हो जाता है और बैंक अकाउंट पैसे निकल जाते हैं। मायानगरी मुंबई से ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक CISF जवान के साथ ऐसा हुआ है। पहले स्मार्टफोन अपने आप रीसेट होता है और फिर सारे ऐप्स फोन से गायब हो जाते हैं। जैसे ही ऐप्स को दोबारा डाउनलोड करके बैंक अकाउंट चेक किया जाता है, उसमें से करीब 95 हजार रुपये गायब मिलते हैं।

कैसे होता है इस तरह का फ्रॉड?

इस तरह का डिजिटल फ्रॉड करने के लिए साइबर क्रिमिनल्स आपके स्मार्टफोन को हैक करके उसका रिमोट एक्सेस ले लेंगे। रिमोट एक्सेस होने से आपको पता भी नहीं चल पाएगा कि फोन में कौन सा ऐप ओपन किया जा रहा है। आपका फोन पॉकेट में होगा और पीछ से साइबर अपराधी आपके फोन को रीसेट तक कर सकते हैं। फोन का रिमोट एक्सेस मिलने से उस पर आने वाले कॉल और मैसेज का भी एक्सेस साइबर क्रिमिनल्स को हो जाता है। वो मैसेज पर आने वाले OTP को पढ़ सकते हैं और आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं।

फ्रॉड होने पर क्या करें?

अगर, आपके साथ भी किसी तरह का साइबर फ्रॉड होता है तो सबसे पहले साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करें। यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। इसके अलावा आप नजदीकी साइबर थाने या पुलिस स्टेशन में जाकर भी इसे रिपोर्ट कर सकते हैं।

फ्रॉड से कैसे बचें?

सबसे जरूरी और अहम सवाल ये है कि इस तरह के साइबर फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है? इस तरह के फ्रॉड तब ही मुमकिन है, जब आपका फोन रिमोटली एक्सेस किया जाएगा। इसके लिए साइबर क्रिमिनल्स पहले आपको मैसेज या ई-मेल आदि के जरिए फर्जी लिंक भेजते हैं। अगर, आपने गलती से इन लिंक्स पर क्लिक कर लिया तो फोन में मालवेयर इंस्टॉल हो सकता है, जो आपके फोन का एक्सेस साइबर क्रिमिनल्स को दे सकता है।

  • इससे बचने के लिए आपको सतर्कता बरतने की जरूरत है। किसी भी अनजान मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए लिंक को ओपन न करें।
  • फोन में कोई भी ऐप्स आधिकारिक ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें। थर्ड पार्टी ऐप्स या फिर APK के जरिए ऐप इंस्टॉल करना सुरक्षित नहीं है।
  • फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप्स की परमिशन को चेक करें। किस ऐप को किन-किन चीजों का एक्सेस दिया गया है, उसे चेक करें और अगर जरूरी नहीं है तो परमिशन को रोक दें।

आपके द्वारा बरती जाने वाली छोटी से छोटी सावधानी भी आपको साइबर अपराधी की जाल में फंसने से बचा सकते हैं।

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बाथरूम में घुसकर महिला से रेप की कोशिश: चिल्लाने पर भागा आरोपी, पढ़ने गई 21 साल की युवती घर नहीं लौटी – Sikar News




सीकर जिले में 33 साल की महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। नहाते वक्त गांव का ही रहने वाला युवक बाथरूम में घुस गया। आरोपी ने महिला से रेप करने की कोशिश की, लेकिन महिला के चिल्लाने पर आरोपी फरार हो गया। मामले में महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 1 जून की शाम वह घर पर अकेली थी। इसी दौरान करीब 7 बजे के लगभग वह बाथरूम में नहाने के लिए गई। तब गांव का ही रहने वाला आरोपी युवक बाथरूम में घुस गया और फिर महिला के साथ छेड़छाड़ करने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी उसका मुंह बंद करके धमकियां देने लगा। लेकिन महिला ने जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। तब आरोपी डरकर वहां से फरार हो गया। पति के आने पर महिला ने यह बात उसे बताई। इसके बाद पुलिस में पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ने के लिए आई 21 साल की युवती लापता सीकर जिले में पढ़ाई के लिए आई 21 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती के बड़े भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उसकी 21 साल की बहन 1 जून को पढ़ाई करने के लिए सीकर गई थी। जो वापस नहीं लौटी। उसकी काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया।



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UPPSC APS 2023 की परीक्षा में सारे अभ्यर्थी फेल, एक मिनट में 80 शब्द टाइपिंग नहीं कर पाया कोई; 331 पद रह गए खाली


लखनऊः यूपीपीसीएस अपर निजी सचिव परीक्षा-2023 की परीक्षा में शामिल होने वाले 4,240 अभ्यर्थियों में से किसी ने भी यह परीक्षा नहीं पास कर पाया। इस परीक्षा में शामिल सभी अभ्यर्थी फेल हो गए। इसकी वजह से 331 रिक्त पद को खाली घोषित किया गया है। इस परीक्षा में एक भी अभ्यर्थी पास नहीं हुआ। एक मिनट में 80 शब्द भी कोई टाइप नहीं कर पाया। यूपीपीसीएस की तरफ से बताया गया है कि द्वितीय चरण की परीक्षा के आधार पर तृतीय चरण की परीक्षा हेतु किसी भी अभ्यर्थी के सफल नहीं होने के कारण 331 पद रिक्त घोषित किए गए हैं।

4240 अभ्यर्थी ने दी थी परीक्षा

लोक सेवा आयोग की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि अपर निजी सचिव परीक्षा-2023 की कुल 331 रिक्तियों के सापेक्ष दिनांक-07.01.2024 को आयोजित प्रथम चरण की परीक्षा का परिणाम दिनांक-04.03.2024 को घोषित किया गया था, जिसमें कुल 5889 अभ्यर्थियों को द्वितीय चरण की परीक्षा हेतु सफल घोषित किया गया था। प्रश्नगत चयन की द्वितीय चरण की परीक्षा दिनांक-28.06.2024 से 18.07.2024 तक 02 सत्रों में जनपद-लखनऊ में आयोजित की गयी थी, जिसमें कुल 4240 अभ्यर्थी सम्मिलित हुए थे।

एक मिनट में 80 शब्द भी टाइप नहीं कर पाए

द्वितीय चरण की परीक्षा में दो विषयों-हिन्दी आशुलेखन और हिन्दी टाइपिंग की परीक्षा हुई थी जिनका पूर्णांक क्रमशः 75 अंक और 25 अंक था। हिन्दी आशुलेखन में त्रुटिरहित न्यूनतम 80 शब्द प्रति मिनट टाइपिंग करना अनिवार्य है। लेकिन कोई भी अभ्यर्थी एक मिनट में 80 शब्द को बिना गलती के टाइप नहीं कर पाया। इसकी वजह से तृतीय चरण की परीक्षा हेतु किसी भी अभ्यर्थी के सफल घोषित नहीं किया गया। 

UPPSC APS 2023 पात्रता मानदंड

UPPSC APS भर्ती के लिए पात्र माने जाने हेतु उम्मीदवारों को APS आवेदन के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। UPPSC APS भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 21 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। निर्धारित मानदंडों के अनुसार, आरक्षित श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में विशेष छूट के प्रावधान लागू होंगे। 

 UPPSC APS के लिए शैक्षणिक योग्यता  

उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए। उम्मीदवारों की हिंदी शॉर्टहैंड में टाइपिंग गति कम से कम 80 शब्द प्रति मिनट और हिंदी टाइपराइटिंग में 25 शब्द प्रति मिनट होनी चाहिए। उम्मीदवारों को कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए, जो DOEACC सोसाइटी द्वारा संचालित ‘सर्टिफिकेट कोर्स इन कंप्यूटिंग’ (CCC) के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप हो। यह कोर्स ‘हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड, उत्तर प्रदेश’ द्वारा संचालित किया जाता है, या सरकार द्वारा इसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई अन्य कोर्स हो।

 





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