‘कॉकटेल 2’ और ‘मां इंती बंगारम’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार रफ्तार पकड़ी है. शाहिद कपूर और कृति सेनन की रोमांटिक ड्रामा की कमाई में दूसरे दिन करीब 20 फीसदी का तगड़ा उछाल देखा गया, जिससे दो दिनों कमाई लगभग 30 करोड़ रुपये हो चुकी है. वहीं, सामंथा रूथ प्रभु की ‘मां इंती बंगारम’ भी पीछे नहीं है. दूसरे दिन तेलुगु मूवी को 40 फीसदी की ग्रोथ मिली है. वैसे कलेक्शन के मामले में बॉक्स ऑफिस पर फिलहाल ‘कॉकटेल 2’ आगे चल रही है.
नई दिल्ली. बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों दो फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन स्टारर ‘कॉकटेल 2’ ने दूसरे दिन भी डबल डिजिट में कमाई की है. वहीं, सामंथा रूथ प्रभु की मोस्ट अवेटेड तेलुगु फिल्म ‘मां इंती बंगारम’ को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है. दूसरे दिन फिल्म की कमाई में अच्छा उछाल देखने को मिला. चलिए जानते हैं कि दोनों फिल्मों ने दो दिनों में कितने करोड़ का बिजनेस कर लिया है.
रोमांटिक ड्रामा ‘कॉकटेल 2’ साल 2012 में आई फिल्म ‘कॉकटेल’ का स्पिरिचुअल सीक्वल है जिसके फैंस आज भी दीवाने हैं. खास तौर पर दीपिका पादुकोण की दमदार परफॉर्मेंस के लिए याद किया जाता है. ‘कॉकेटल 2’ ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई के साथ शुरुआत की.
ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, ‘कॉकटेल 2’ ने दूसरे दिन 16.25 करोड़ का शानदार कलेक्शन किया है. शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को फिल्म की कमाई में 20.4 फीसदी का उछाल देखने को मिला, जहां इसने पहले दिन 13.50 करोड़ रुपये बटोरे थे. इस तरह फिल्म ने दो दिनों में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर कुल 29.75 करोड़ रुपये का नेट बिजनेस कर लिया है और इसका ग्रोस कलेक्शन 35.70 करोड़ रुपये हो चुका है.
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भले ही क्रिटिक्स फिल्म को मिले-जुले रिव्यूज मिले हों, लेकिन इसके पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ पर कोई खास असर पड़ता नहीं दिख रहा है. बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. अब सबकी नजरें रविवार की कमाई पर टिकी हैं. देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘कॉकटेल 2’ संडे को और तगड़ी ग्रोथ दिखाकर अपने पहले वीकेंड पर 50 करोड़ का जादुई आंकड़ा पार कर पाती है या नहीं.
इस फिल्म का निर्देशन होमी अदजानिया ने किया है, जिन्होंने सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी की साल 2012 में आई ‘कॉकटेल’ का डायरेक्शन किया था. स्पिरिचुअल सीक्वल फिल्म में शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन लीड किरदारों में नजर आते हैं और उनकी तिकड़ी को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं.
अब बात करते हैं ‘मां इंती बंगारम’ की. साउथ स्टार सामंथा रूथ प्रभु ने इस फिल्म से पर्दे पर धमाकेदार वापसी की है. कई बार टलने के बाद आखिरकार उनकी मोस्ट अवेटेड फिल्म सिनेमाघरों में शुक्रवार को रिलीज हुई और अब इसे दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है. बेहतरीन ओपनिंग के बाद फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन यानी शनिवार को बॉक्स ऑफिस पर और भी तगड़ी बढ़त हासिल की है.
सैकनिल्क की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘मां इंती बंगारम’ ने दूसरे दिन 7.50 करोड़ का शानदार बिजनेस किया है. शनिवार की छुट्टी और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म की कमाई का ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है. इससे पहले फिल्म ने अपने ओपनिंग डे यानी शुक्रवार को 5.35 करोड़ रुपये बटोरे थे.
इस तरह सामंथा रुथ प्रभु की फिल्म का दो दिनों का कुल घरेलू कलेक्शन 12.85 करोड़ रुपये हो गया है. वहीं, ग्रोस कलेक्शन 14.90 करोड़ तक पहुंच गया है. दिलचस्प बात यह है कि सामंथा की इस फिल्म ने पहले दिन की कमाई से ‘यशोदा’, ‘घाटी’ और ‘द गर्लफ्रेंड’ के ओपनिंग डे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था.
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NEET 2026 LIVE | NEET Re Exam 2026 Update; Delhi Mumbai Jaipur Bhopal NTA Exam Centres Photos
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ2 घंटे पहले
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एग्जाम से एक दिन पहले शनिवार को देशभर में मॉकड्रिल की। एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से पेपर सेंटर्स तक पहुंच गए।
देश भर में आज NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा होगी। इसमें 22.79 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल होंगे। पेन-पेपर मोड में हो रही परीक्षा के लिए 564 शहरों में 5400 से ज्यादा एग्जाम सेंटर्स बनाए गए हैं। इनमें भारत के 551 और विदेश के 12 शहर हैं।
NTA के मुताबिक, पूरे देश के एग्जाम सेंटरों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। पेपर लीक रोकने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया है।
एयरफोर्स ने 200 से ज्यादा उड़ानें भरकर NEET-UG के क्वेश्चन पेपर देशभर के अलग-अलग जोन तक पहुंचाए हैं। NEET-UG परीक्षा 3 मई 2026 को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। मामले की जांच CBI कर रही है।
री-एग्जाम में स्टूडेंट्स को 15 मिनट ज्यादा मिलेंगे
NTA ने NEET-UG री-एग्जाम के नियमों में बदलाव किए हैं। परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दिया गया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक (3 घंटे 15 मिनट) तक चलेगी। PwD और PwBD कैटेगरी के स्टूडेंट्स को अतिरिक्त समय देते हुए शाम 6:20 बजे तक एग्जाम लिखने की अनुमति होगी।
दिल्ली में फ्री ORS मिलेगा, एमपी में स्पेशल ट्रेनें चलेंगी
दिल्ली: राजधानी में 97 सेंटर हैं। छात्र को DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। यह सुविधा आने और जाने के लिए मिलेगी। सेंटर्स के बाहर छात्रों के माता-पिता के लिए कूलिंग जोन बनाए जाएंगे, जहां ORS ड्रिंक्स, पीने का पानी और नींबू पानी मिलेगा।
राजस्थान: राज्य में 25 जिलों के करीब 611 केंद्रों पर एग्जाम होगी। सभी केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरे, सिग्नल जैमर और 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की गई है। SOG और इंटेलिजेंस एजेंसियां भी परीक्षा पर नजर रखेंगी। परीक्षा प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।
मध्य प्रदेश: राज्य के 30 शहरों में एग्जाम होंगे। रेलवे 20-21 जून को इंदौर, भोपाल और रतलाम को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।
तमिलनाडु: राज्य में 1.4 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। 31 जिलों में 307 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। चेन्नई में सबसे अधिक 43 केंद्र हैं।
तेलंगाना: स्टूडेंट्स राज्य सरकार की RTC बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना NEET हॉल टिकट दिखाना होगा।
महाराष्ट्र: मुंबई में सभी 1,820 लोकल ट्रेनें अपने पूरे शेड्यूल के साथ चलेंगी। सेंट्रल रेलवे के किसी भी रूट पर कोई मेगा ब्लॉक नहीं होगा।
उत्तराखंड: देहरादून में परीक्षा के लिए बनाए गए 16 केंद्रों के 200 मीटर दायरे में BNSS की धारा 163 लागू की गई है। परीक्षा खत्म होने तक पांच या उससे अधिक लोगों के जुटने पर रोक रहेगी।
दिल्ली में शनिवार को सेंटर्स के बाहर अधिकारियों ने मॉक ड्रिल का जायजा लिया।
NTA की छात्रों से अपील- अफवाहों पर ध्यान न दें
NEET-UG री-एग्जाम से पहले NTA ने छात्रों से शांत रहने और अपनी तैयारी पर भरोसा रखने की अपील की है। एजेंसी ने पेरेंट्स, शिक्षक और आम लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। छात्रों को तनावमुक्त रखने में मदद करें। NTA ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों और गड़बड़ियों को रोका जा सके।
घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें
NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट और केला, सेब या संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है।
एक्सपर्ट को भी नहीं पता था, किस परीक्षा के लिए सवाल बना रहे हैं
NTA ने प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए नया सिस्टम बनाया। इसके तहत सवाल बनाने वाले एक्सपर्ट्स को भी यह जानकारी नहीं दी गई कि उनके तैयार किए गए प्रश्न किस परीक्षा में इस्तेमाल होने हैं।
इन प्रश्नों को करीब 10 हजार सवालों वाले एक डिजिटल क्वेश्चन बैंक में रखा गया। बाद में तकनीक की मदद से इन्हीं सवालों में से अलग-अलग परीक्षाओं के लिए फाइनल क्वेश्चन पेपर तैयार किए गए।
3 मई को परीक्षा हुई, 9 दिन बाद रद्द
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।
12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 15 मई को शिक्षा मंत्रालय और NTA ने NEET री-एग्जाम की तारीख का ऐलान किया। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
8 साल पहले बनी थी NTA, कई बार विवादों में रही
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) देश की प्रमुख एंट्रेंस और एलिजिबिलिटी टेस्ट कराने वाली केंद्र सरकार की स्वतंत्र संस्था है। मुख्यालय दिल्ली में है। हर साल NEET-UG, JEE Main, CUET-UG/PG, UGC-NET, CSIR-UGC NET, AISSEE, NCET समेत 10 से अधिक नेशनल लेवल के एग्जाम कराती है।
NEET-UG 2024: पेपर लीक और कुछ छात्रों को अतिरिक्त अंक (ग्रेस मार्क्स) मिलने पर विवाद।
UGC-NET 2024: परीक्षा के बाद गड़बड़ी की आशंका के चलते परीक्षा रद्द करनी पड़ी।
CSIR-UGC NET 2024: परीक्षा तय समय पर नहीं हो सकी और उसे टालना पड़ा।
CUET-UG 2024: कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था, तकनीकी समस्याओं और देरी की शिकायतें मिलीं।
JEE Main 2024: कुछ वर्षों में उत्तर कुंजी और परीक्षा प्रबंधन को लेकर छात्रों ने सवाल उठाए।
NEET पेपर लीक केस सुप्रीम कोर्ट में, अब तक 2 सुनवाई
NEET पेपर लीक केस सुप्रीम कोर्ट में है। अब तक दो सुनवाई हो चुकी हैं। पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच सुनवाई कर रही है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) और अन्य याचिकाओं पर पहली सुनवाई 25 मई और दूसरी सुनवाई 29 मई को हुई थी।
25 मई: सुप्रीम कोर्ट बोला- NTA ने सबक नहीं लिया
सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को फटकार लगाते हुए कहा- दुखद है कि NTA ने पहले हुए पेपर लीक मामले से कोई सबक नहीं लिया। यह मामला 2024 में भी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। तब एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने कई सिफारिशें दीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सिफारिशों को NTA से जवाब मांगा था। पूरी खबर पढ़ें…
29 मई: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- NTA को UPSC से सीखने की जरूरत
सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG पेपर लीक मामले पर कहा था जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। कोर्ट में मौजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से सवाल किया कि UPSC तो आपसे बड़े पैमाने पर परीक्षा करवाता है, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ। NTA को उनसे सीखने की जरूरत है। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद NEET पेपरलीक की जांच पर नजर रख रहे हैं ताकि कोई चूक न हो। पूरी खबर पढ़ें…
NEET पेपर लीक के विरोध में देश के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। दावा है कि पेपर लीक के बाद से 14 छात्र सुसाइड कर चुके हैं।
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NEET री-एग्जाम- नागपुर के छात्र का सेंटर अबू धाबी:भुवनेश्वर की छात्रा का परीक्षा केंद्र 2300km दूर देहरादून; NTA की सफाई- कैंडिडेट ने खुद शहर बदला
देशभर में NEET-UG री-एग्जाम से एक दिन पहले एग्जाम सेंटर के अलॉटमेंट में गड़बड़ी के मामले सामने आए थे। नागपुर के एक छात्र अब्दुल्लाह मोहम्मद तालिब ने अबू धाबी (UAE) स्थित एक भारतीय स्कूल में सेंटर मिलने की शिकायत की। पूरी खबर पढ़ें…
भीषण गर्मी के बीच बिजली विभाग की लापरवाही से लोगों की समस्या और बढ़ गई है। रमदत्तपुर के लगभग 300 घरों के लोगों के यहां वोल्टेज इतना कम हो गया कि पंखा तक नहीं चल रहा था। लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। भीषण गर्मी से परेशान लोगों का सब्र टूट गया और उन्होंने सूरजकुंड उपकेंद्र पर पहुंचकर हंगामा किया। कल्याणपुर वार्ड के पार्षद शिवेंद्र मिश्र भी मौके पर पहुंच गए और बिजली निगम के अधिकारियों से वार्ता की। रात 1 बजे के बाद वोल्टेज को ठीक किया गया। लोड कम करने के लिए ट्रांसफार्मर से जुड़ी रोड लाइटों को बंद कर दिया गया।
रमदत्तपुर में शुक्रवार को ही ट्रांसफार्मर का ऑयल लीक होने के कारण बिजली कट गई थी। लगभग 5 घंटे तक लोग परेशान रहे। रात में कोई सो नहीं पाया। सबके इंवर्टर भी जवाब दे गए थे। इस बात की जानकारी बिजली निगम के अधिकारियों को दी गई। किसी अल्टरनेट ट्रांसफार्मर की व्यवस्था करने की बजाय बिजली निगम ने उस ट्रांसफार्मर का लोड कम करने के लिए इस मोहल्ले के लगभग 300 घरों का लोग अलवापुर के ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट कर दिया। जिससे लोगों के घरों में वोल्टेज काफी कम हो गया। कोई भी इलेक्ट्रिक उपकरण काम नहीं कर रहा था। लोगों का धैर्य जवाब दे गया गर्मी से परेशान लोगों ने बिजली निगम के अधिकारियों को फोन किया तो रात पर मैनेज करने को कहा गया। उन्होंने अपने पार्षद को फोन किया। पार्षद की ओर से भी कई बार एक्सईएन, जेई व लाइनमैन से बात की गई लेकिन रात में व्यवस्था ठीक करने को लेकर सभी ने हाथ खड़े कर दिए। यह जानकारी मिलने के बाद आक्रोशित लगभग 150 लोग उपकेंद्र पहुंच गए और नारेबाजी की। बिजली निगम के अधिकारियों के साथ उनकी तीखी बहस भी हुई। लोगों ने कहा कि हम समय से बिजली का बिल देते हैं। स्मार्ट मीटर लगाकर बिल बढ़ा दिया, उसे भी देते हैं। आप लोग सर्विस नहीं दे पा रहे हैं। इस बात का बिजली निगम के अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं था।
लोगों ने कहा कि उनके घरों में पानी नहीं है। पीने के पानी की भी समस्या हो रही है। किसी के यहां मोटर तो छोड़िए, पंखा भी नहीं चल पा रहा है। घर के सारे सदस्य जागकर रात बिताने को मजबूर हैं। पार्षद ने बताया कि इसके चलते 3 लोगों के मोटर जल गए। लगभग 25 लोगों के पंखे जल गए। बिजली निगम के अधिकारी कम घरों को प्रभावित बता रहे
पार्षद व स्थानीय लोगों के मुताबिक लगभग 300 घर इससे प्रभावित हुए थे लेकिन बिजली निगम के अधिकारी सप्लाई के आधार पर घरों की संख्या 60 से 70 बता रहे थे। हालांकि हंगामा करने वालों में 150 से अधिक लोग शामिल थे। शहर से बाहर रहे पार्षद भी इस समस्या की सूचना मिलने के बाद उपकेंद्र पहुंच गए। लोगों के प्रदर्शन के बाद अलवापुर ट्रांसफार्मर पर शिफ्ट किया गया लोड वापस रमदत्तपुर के ट्रांसफार्मर से दिया गया। उसके बाद वोल्टेज देर रात सही हो गया लेकिन लोग काफी देर तक वहां जमा रहे। पार्षद ने अपने सामने लोड शिफ्ट करवाया। लगाया जाएगा अल्टरनेट ट्रांसफार्मर
वार्ता के दौरान बिजली निगम के अधिकारियों ने ट्राली पर अल्टरनेट ट्रांसफार्मर लगाने की जानकारी दी। इसके लिए रविवार का दिन तय किया गया है। उन्होंने पार्षद से जगह मांगी। पार्षद की ओर से कुछ विकल्प दिए गए हैं।
बिजली की बढ़ती मांग और ग्रिड पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए जयपुर डिस्कॉम ने एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत वैशाली नगर, मानसरोवर और मालवीय नगर के करीब 2 हजार घरेलू उपभोक्ताओं के एयर कंडीशनर (एसी) में मुफ्त स्मार्ट आईओटी डिवाइस लगाई जा रही है। इस तकनीक के जरिए पीक ऑवर्स में एसी की बिजली खपत को स्वचालित रूप से नियंत्रित किया जाएगा, जिससे बिजली की बचत के साथ ग्रिड का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।
डिस्कॉम ने यह पायलट प्रोजेक्ट प्रौद्योगिकी कंपनी फ्लॉक एनर्जी के सहयोग से शुरू किया है। अधिकारियों के अनुसार देश में पहली बार किसी विद्युत वितरण निगम की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं के एसी को ऑटोमेटेड डिमांड रिस्पांस (एडीआर) तकनीक से जोड़कर बिजली की मांग को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आने के साथ-साथ बिजली व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।
पीक ऑवर्स में कम होगा बिजली तंत्र पर दबाव
गर्मी के मौसम में एसी का उपयोग बढ़ने से बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड और विद्युत तंत्र पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नई एडीआर तकनीक ऐसे समय में एसी की बिजली खपत को नियंत्रित करेगी। इससे बिजली की मांग संतुलित रहेगी और ग्रिड को ओवरलोड होने से बचाया जा सकेगा।
डिस्कॉम अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना राजस्थान विद्युत नियामक प्राधिकरण के डिमांड फ्लेक्सिबिलिटी एवं डिमांड साइड मैनेजमेंट विनियम-2026 के तहत शुरू की गई है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो भविष्य में इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है। ऐसे काम करेगी स्मार्ट आईओटी डिवाइस
एडीआर डिवाइस दो हिस्सों में काम करती है। इसका एक भाग घर के सामान्य बिजली सॉकेट में लगाया जाता है, जबकि दूसरा भाग एसी यूनिट पर लगाया जाता है। यह डिवाइस घर के वाई-फाई नेटवर्क के माध्यम से ग्रिड प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी रहती है।
जब बिजली की मांग अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचती है, तब यह डिवाइस कमरे के आरामदायक तापमान को बनाए रखते हुए एसी के तापमान में करीब एक डिग्री की बढ़ोतरी कर देती है। इससे उपभोक्ता को किसी बड़े बदलाव का एहसास नहीं होता, लेकिन बिजली की खपत कम हो जाती है।
उपभोक्ताओं को मिलेगा बिजली बिल में फायदा
डिस्कॉम के अनुसार यदि एसी प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक चलाया जाए तो इस तकनीक की मदद से बिजली की खपत में 3 से 6 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। इससे सीधे तौर पर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बचत होगी।
अधिकारियों का मानना है कि 2 हजार उपभोक्ताओं के एसी को इस तकनीक से जोड़ने पर बिजली मांग में करीब 1 मेगावाट तक की कमी लाई जा सकती है। यह बचत पीक ऑवर्स में बिजली व्यवस्था को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या भी होगी कम
बिजली की मांग नियंत्रित रहने से ग्रिड और वितरण तंत्र पर दबाव कम होगा। इससे फॉल्ट और ट्रिपिंग की घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर वोल्टेज और बेहतर गुणवत्ता वाली बिजली आपूर्ति मिल सकेगी।
डिस्कॉम का मानना है कि यह परियोजना ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, बिजली बचत को प्रोत्साहित करने और भविष्य के स्मार्ट ग्रिड सिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत की मस्जिद को लेकर दिए भड़काऊ बयान पर भारत ने रिएक्शन दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय की तरफ से शनिवार को जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, जिस पर दुनिया भर में चर्चा होती है। ऐसे में पाकिस्तान की तरफ से ऐसी बयानबाजी बेतुकी लगती हैं। अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास जगजाहिर है। दरअसल जरदारी ने कहा था कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया। जिसे रेलवे ने अवैध निर्माण का नोटिस जारी किया है। जरदारी बोले थे- भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई से तनाव बढ़ सकता है पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस नोट जारी किया। जिसमें जरदारी ने कहा कि भारत में कई ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थल खतरे में हैं। उन्होंने खास तौर पर वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद का जिक्र किया, जिसे उन्होंने करीब 1000 साल पुरानी मस्जिद बताया। जरदारी ने भारत से अपील की कि ऐसे धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई को तुरंत रोका जाए। उनका कहना है कि इससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है और देश में अस्थिरता पैदा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करनी चाहिए। अब जानिए क्या है वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद विवाद… वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना के तहत रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा था। रेलवे का कहना है कि मस्जिद रेलवे की जमीन पर बना अवैध ढांचा है और 1991 में दायर एक दीवानी मुकदमे में अगस्त 2024 में आए फैसले के बाद कार्रवाई की जा रही है। रेलवे का कहना है कि 1991 में दायर मुकदमा 28 अगस्त 2024 को खारिज होने के बाद मस्जिद हटाने का रास्ता साफ हो गया। वहीं, मस्जिद प्रबंधन समिति का दावा है कि मामला मस्जिद के अस्तित्व से नहीं, बल्कि उसके पूर्वी हिस्से की जमीन से जुड़ा था और रेलवे अदालत के फैसले की गलत व्याख्या कर रहा है। मस्जिद की 3 तस्वीरें… रेल प्रशासन का क्या कहना है, 4 पॉइंट… मस्जिद कमेटी का पक्ष; बोले- हाईकोर्ट जाएंगे —————————
ग्वालियर के हस्तिनापुर गांव में शनिवार शाम एक नवविवाहित दंपती के शव कमरे के अंदर एक ही रस्सी से बने फंदे पर लटके मिले। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय विनोद प्रजापति और 20 वर्षीय लक्ष्मी प्रजापति के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। कमरे में सामान बिखरा पड़ा मिला, दोनों के मोबाइल फोन टूटे हुए थे और एक थाली में परोसा गया खाना बिना खाया रखा हुआ मिला। अप्रैल 2025 में हुई थी शादी, एक दिन पहले ही लौटे थे ससुराल से पुलिस के मुताबिक विनोद और लक्ष्मी की शादी अप्रैल 2025 में हुई थी। दोनों हाल ही में लक्ष्मी के मायके में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने भिंड गए थे। शुक्रवार रात ही वे वापस अपने घर लौटे थे। परिजनों के अनुसार घर आने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई थी और वे शनिवार सुबह से ही अपने कमरे में बंद थे। शाम तक नहीं खोला दरवाजा, पुलिस ने तोड़कर खोला कमरा शनिवार शाम विनोद का छोटा भाई हिमांशु घर पहुंचा तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उसने पिता लाखन सिंह को सूचना दी, जो एक शादी समारोह में गए हुए थे। पिता के घर पहुंचने के बाद हस्तिनापुर थाना पुलिस को सूचना दी गई। उप निरीक्षक लोकेन्द्र सिंह कुशवाह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने कुल्हाड़ी की मदद से दरवाजा तोड़ा। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। विनोद और लक्ष्मी एक ही फंदे से लटके हुए थे। कमरे में मिले अहम सुराग पुलिस ने कमरे की तलाशी ली तो पति-पत्नी दोनों के मोबाइल फोन बुरी तरह टूटे हुए मिले। आशंका है कि विवाद के दौरान गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़े गए होंगे। कमरे में एक थाली में भोजन परोसा हुआ रखा था, लेकिन उसमें से किसी ने खाना नहीं खाया था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। विवाद की वजह तलाश रही पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसा क्या हुआ था, जिसके कारण दोनों के बीच इतना बड़ा विवाद हुआ। यह भी जांच की जा रही है कि ससुराल में आयोजित शादी समारोह के दौरान कोई ऐसी घटना तो नहीं हुई, जिसका असर दोनों के रिश्ते पर पड़ा हो। दोनों के क्षतिग्रस्त मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल जानकारी हासिल की जा सके। मृतका के मायके पक्ष के लोगों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। हस्तिनापुर थाना के उप निरीक्षक लोकेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि नवविवाहित दंपती के आत्महत्या मामले में घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। कमरे से दोनों के टूटे हुए मोबाइल फोन और बिना खाया हुआ भोजन बरामद हुआ है। इससे प्रतीत होता है कि फांसी लगाने से पहले दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था। परिजनों और मायके पक्ष के बयान लिए जाएंगे तथा मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे विवाद की वास्तविक वजह सामने आ सके।
हर महीने वेतन पाने वाले करोड़ों लोग अपने सैलरी अकाउंट का इस्तेमाल सिर्फ पैसे लेने और खर्च करने के लिए करते हैं. लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि यह अकाउंट कई अतिरिक्त सुविधाओं और लाभों के साथ आता है. बैंक अक्सर इन फायदों का ज्यादा प्रचार नहीं करते, जिसके कारण ग्राहक इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते. अगर आपकी भी सैलरी सीधे बैंक खाते में आती है, तो इन सुविधाओं को जानना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.
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जीरो बैलेंस से लेकर सस्ते लोन तक, सैलरी अकाउंट के 10 फायदे बदल सकते हैं आपकी फाइनेंस लाइफ. (Representative Image:AI)
नई दिल्ली. सैलरी अकाउंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती. यदि खाते में पैसा खत्म भी हो जाए तो आमतौर पर बैंक कोई जुर्माना नहीं लगाते. इसके अलावा कई बैंक ओवरड्राफ्ट की सुविधा भी देते हैं. इसका मतलब है कि जरूरत पड़ने पर आप खाते में बैलेंस न होने के बावजूद एक तय सीमा तक पैसे निकाल सकते हैं. अचानक आने वाले खर्चों के समय यह सुविधा काफी मददगार साबित हो सकती है.
लोन मिलने की प्रक्रिया होती है आसान बैंक सैलरी अकाउंट धारकों को अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला ग्राहक मानते हैं क्योंकि उनकी आय का रिकॉर्ड बैंक के पास मौजूद होता है. इसी वजह से पर्सनल लोन, होम लोन और कार लोन जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकती हैं. कई मामलों में ब्याज दर भी सामान्य ग्राहकों की तुलना में बेहतर मिल जाती है. इससे बड़े वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करना आसान हो सकता है.
डेबिट कार्ड, चेकबुक और डिजिटल ट्रांजैक्शन का फायदा अधिकांश बैंक सैलरी अकाउंट के साथ मुफ्त डेबिट कार्ड और चेकबुक प्रदान करते हैं. कई बार इनके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता. इसके अलावा NEFT, RTGS और कई मामलों में IMPS जैसी डिजिटल ट्रांजैक्शन सेवाएं भी बिना अतिरिक्त चार्ज के उपलब्ध होती हैं. इससे ऑनलाइन पैसे भेजना और भुगतान करना अधिक सुविधाजनक और किफायती बन जाता है.
क्रेडिट कार्ड और बीमा कवर का अतिरिक्त लाभ कई बैंक सैलरी अकाउंट धारकों को कम शुल्क या बिना वार्षिक शुल्क वाले क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराते हैं. इनके साथ रिवॉर्ड पॉइंट्स, कैशबैक और अन्य ऑफर भी मिल सकते हैं. इसके अलावा कुछ सैलरी अकाउंट में दुर्घटना बीमा या स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी शामिल होती हैं. यह एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जिसके लिए अलग से प्रीमियम नहीं देना पड़ता.
शॉपिंग ऑफर और प्रायोरिटी बैंकिंग से बढ़ती है सुविधा उच्च आय वाले ग्राहकों के लिए कई बैंक प्रायोरिटी बैंकिंग सेवाएं भी उपलब्ध कराते हैं. इसमें समर्पित रिलेशनशिप मैनेजर, अलग काउंटर और तेज सेवा जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं. साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग, फूड डिलीवरी ऐप और रेस्तरां पर विशेष छूट और कैशबैक ऑफर भी मिलते हैं. इससे रोजमर्रा के खर्चों में बचत करने का मौका मिलता है. कई बैंक हर महीने निश्चित संख्या में मुफ्त ATM ट्रांजैक्शन की सुविधा भी देते हैं, जिससे नकदी निकालने पर अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सकता है.
सही जानकारी से उठाएं पूरा फायदा वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि सैलरी अकाउंट केवल वेतन प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कई बैंकिंग सुविधाओं का पैकेज भी हो सकता है. हालांकि अलग-अलग बैंकों और अकाउंट श्रेणियों में सुविधाएं भिन्न हो सकती हैं. इसलिए अपने बैंक से संपर्क कर यह जानना जरूरी है कि आपके सैलरी अकाउंट में कौन-कौन से लाभ उपलब्ध हैं. सही जानकारी होने पर आप इन सुविधाओं का बेहतर उपयोग कर सकते हैं और अपनी वित्तीय योजना को अधिक मजबूत बना सकते हैं.
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
पूर्णिया जिले के कामाख्या थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के चलते एक नाबालिग पर चाकू से हमला किया गया। घटना में 16 वर्षीय दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जीएमसीएच में प्राथमिक उपचार के बाद उसे मायागंज रेफर कर दिया गया है। घायल दीपक कुमार सहारा, मखनाहा पार का निवासी है और सुबोध ततमा का पुत्र है। उसके पिता दैनिक मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। दीपक की मां नीलम देवी ने पुलिस को बताया कि पड़ोसी बबलू शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में घुसकर दीपक की गर्दन पर चाकू से हमला किया। हमले के बाद दीपक खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। ग्रामीणों की मदद से उसे तत्काल पूर्णिया शहर के जीएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। दीपक के भाई बादल कुमार के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी बकरी ने पड़ोसी बबलू शर्मा के आंगन में रखी मूंग खा ली। इसी बात से नाराज होकर बबलू शर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने उनके घर में घुसकर रॉड, चाकू और दबिया से मारपीट की। पूर्णिया जीएमसीएच के डॉक्टरों ने घंटों इलाज के बाद, घायल दीपक को हायर सेकेंडरी भागलपुर मायागंज रेफर कर दिया है। घटना की सूचना मिलने पर मरंगा थाना पुलिस के विनोद कुमार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल परिवार के बयान दर्ज किए और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
How to Identify Chemical-Treated Vegetables: हरी-हरी ताजी सब्जियों के बिना खाना अधूरा है. पौष्टिक तत्वों से भरपूर ये ग्रीन वेजिटेबल्स शरीर को आयरन, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि प्रदान करती हैं, लेकिन कई बार केमिकल युक्त सब्जियों के सेवन से आपको कई तरह के नुकसान भी हो सकते हैं. आजकल सब्जी मार्केट में खूब केमिकल युक्त सब्जियों के बेचने का गोरखधंधा चल रहा है. सब्जी विक्रेता सब्जियों को जल्दी बड़ा करने, उन्हें ताजी और चमकदार दिखाने के लिए कई तरह के केमिकल्स, पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल करते हैं. ये शरीर के लिए हानिकारक होते हैं. ऐसे में आप इन्हें फ्रेश समझकर खरीद लेते हैं, लेकिन आप जानना चाहते हैं केमिकल लगी सब्जियों को पहचानने का तरीका, तो यहां बताए गए कुछ टिप्स पर गौर करें…
केमिकल लगी सब्जियों को पहचानने के टिप्स
1. जब आप ठेले पर से सब्जी लें, तो ध्यान से देखें कि कहीं वह जरूरत से ज्यादा चमकदार तो नजर नहीं आ रही हैं. शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन, खीरा असामान्य रूप से चमकदार दिख रही हैं तो अलर्ट हो जाएं. इन पर वैक्स या अन्य रसायनों की परत लगी हो सकती है.
2. जब कोई सब्जी नेचुरल तरीके से उगाई जाती है तो उनके रंग, आकार में थोड़ा बहुत फर्क होता है. सारे टमाटर, खीरे, बैंगन, शिमला मिर्च एक ही साइज, रंग, आकार के नजर आ रहे हों तो इन्हें ना खरीदें. इनमें रासायनिक उपचार की संभावना हो सकती है.
3. कोई भी सब्जी अपने मौसम के अनुसार ही खाने में अधिक टेस्टी और फ्रेश लगती है. ऑफ-सीजन मिलने वाली सब्जियों को फ्रेश रखने के लिए काफी सब्जी विक्रेता केमिकल का यूज करते हैं. साथ ही इनमें ग्रोथ रेगुलेटर का उपयोग भी काफी सब्जी बेचने वाले करते हैं, ताकि वे अधिक दिनों तक खराब न हों.
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4. असामान्य रूप से बड़ा आकार हो तो भी अलर्ट हो जाएं. ऐसी सब्जियों को खरीदने से बचें. कुछ लौकी, बैंगन या फिर भिंडी काफी बड़े साइज की नजर आती हैं. ऐसा सब्जियों के आकार को बढ़ाने के लिए ग्रोथ हॉर्मोन और अत्यधिक उर्वरकों के इस्तेमाल के कारण भी हो सकता है.
5. नेचुरल तरीके से उगाई गईं सब्जियां कुछ दिनों में मुरझाने लगती हैं, लेकिन जब यही सब्जी कई दिनों तक फ्रेश ही नजर आए तो समझ लें कुछ गड़बड़ है. इन सब्जियों पर प्रिजर्वेटिव या वैक्स की परत लगी हो सकती है.
6. कुछ सब्जियां काटने पर हाथों में बैंगनी, लाल, मैरून, हरा रंग लगे तो समझ लें इन्हें फ्रेश दिखाने के लिए नकली रंग लगाया गया है. इन्हें बिल्कुल भी ना खाएं.
केमिकल का असर कम करने के उपाय – सब्जियों से नकली रंग और केमिकल हटाने के लिए नमक वाले पानी में भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें. फिर दो से तीन बार साफ पानी से धो लें. कीटनाशक अवशेष हटाने में मदद मिलती है.
-पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा डालकर मिक्स करें. इसमें सब्जियों को 15 मिनट भिगोकर छोड़ दें. फिर साफ पानी से सब्जियां साफ कर लें.
– जिन सब्जियों का छिलका हटाना जरूरी है, उन्हें अच्छी तरह से छीलकर ही पकाएं. खीरा, लौकी, गाजर, चुकंदर आदि के छिलके उतार दें.
सब्जी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
हमेशा ताजी, लोकल और मौसमी सब्जियां खरीदें. विश्वसनीय सब्जी वाले से सब्जी खरीदें. ऑर्गेनिक या प्राकृतिक खेती से उगाई गई सब्जियां ही खाएं. चमकदार और असामान्य रूप से बड़े आकार की सब्जियां ना खरीदें.
NEET UG 2026 री-एग्जाम को लेकर तैयारी पूर हो चुकी है। देश भर में अधिकारियों ने परीक्षा आयोजित करने के लिए सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स से जुड़े इंतजाम बढ़ा दिए हैं। परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और CCTV निगरानी से लेकर ट्रांसपोर्ट और मेडिकल सहायता तक, हर तरह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इस परीक्षा में 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है। यह परीक्षा पेन-और-पेपर मोड में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में आयोजित की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे के बीच अपने सेंटर पर पहुंच जाएं, क्योंकि एंट्री गेट दोपहर 1:30 बजे बंद हो जाएंगे।
551 शहरों में होगी परीक्षा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने एक विज्ञप्ति जारी कर बताया कि 21 जून 2026 को होने वाली यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। परीक्षा अंग्रेजी और 12 भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही है। परीक्षा के लिए सभी केंद्रों पर कुल 1,38,560 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी फीड की निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर वर्चुअली की जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक गड़बड़ी से परीक्षा को सुरक्षित रखने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं।
अभ्यर्थियों की होगी कड़ी निगरानी
परीक्षा के दिन की ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को तैनात किया गया है। 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में से प्रत्येक में दो इनविजिलेटर होंगे, और हर केंद्र पर दस से अधिक अतिरिक्त परीक्षा अधिकारी तैनात होंगे। उम्मीदवार के वेरिफिकेशन को और मजबूत किया गया है; इसके लिए 38,795 फ्रिस्किंग स्टाफ और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए 48,448 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बायोमेट्रिक मैनपावर को दोगुना किया गया है और फेस ऑथेंटिकेशन का भी सहारा लिया गया है ताकि वेरिफिकेशन अच्छी तरह से हो सके और केंद्रों पर लाइनें कम से कम हों। CCTV फीड की निगरानी करने और किसी भी तकनीकी समस्या को मौके पर ही हल करने के लिए सभी 5,440 केंद्रों पर एक सेंटर सिस्टम ऑफिसर (CSO) तैनात किया गया है।
हर सेंटर पर होंगे 40-50 सुरक्षाकर्मी
राज्य और जिला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की है, जिसमें पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, भारतीय वायु सेना और डाक विभाग की तैनाती शामिल है। औसतन, हर परीक्षा केंद्र पर लगभग 40 से 50 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। गोपनीय सामग्री रखने वाली लगभग 1,500 बैंक शाखाओं में बैंक अधिकारियों को तैनात किया गया है, और डाक विभाग देश भर के लगभग 700 कलेक्शन सेंटरों से OMR शीट इकट्ठा करने के लिए अपनी टीमों के साथ तालमेल बिठाएगा। सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें की गई हैं, और जिलों ने केंद्र की व्यवस्थाओं की पुष्टि की है।
अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएं
राज्य सरकारों के साथ मिलकर, परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के लिए अनुकूल सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें पीने का पानी, ORS, एम्बुलेंस और माता-पिता के लिए छायादार वेटिंग एरिया शामिल हैं। उम्मीदवारों के लिए अतिरिक्त उपायों में हर परीक्षा कक्ष में दीवार घड़ी, रफ़-वर्क के लिए अतिरिक्त पेज (बाएं हाथ से लिखने वाले उम्मीदवारों की सुविधा के लिए बुकलेट की शुरुआत में पेज दिए गए हैं), और एंट्री की औपचारिकताओं में लगने वाले समय की भरपाई के लिए परीक्षा का बढ़ा हुआ समय शामिल है।
अफवाहों के खिलाफ एक्शन
NTA सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रहा है और अफवाह फैलाने वालों और “पेपर लीक” के फर्जी दावों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिनसे उम्मीदवारों को बेवजह तनाव होता है। उम्मीदवारों और माता-पिता को सलाह दी जाती है कि वे केवल NTA की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और बिना पुष्टि वाले संदेशों पर ध्यान न दें। NTA सभी संबंधित लोगों से अपील की है कि वे उम्मीदवारों को पूरा सहयोग दें और परीक्षा के दिन तनाव कम करने में मदद करें, ताकि 22 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार जो देश के भविष्य के डॉक्टर हैं शांत, सुरक्षित और सहयोगी माहौल में परीक्षा दे सकें।
पेपर लीक के बाद हो रहा री-एग्जाम
दरअसल, 3 मई को हुई परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने और प्रशासनिक गड़बड़ियों के आरोपों के बाद NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया गया था। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) इस मामले की जांच कर रही है और कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इस विवाद के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की खबरें भी आई हैं। इसी माहौल को देखते हुए, अलग-अलग राज्यों के अधिकारियों ने सुरक्षा कड़ी करने और तालमेल बेहतर बनाने पर ध्यान दिया है, ताकि 21 जून को परीक्षा में शामिल होने वाले 22.79 लाख से ज़्यादा उम्मीदवारों के लिए परीक्षा सुचारू और निष्पक्ष रूप से आयोजित की जा सके।