आंखों के सामने पत्नी जिंदा जलती रही…पति ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाता रहा, लेकिन कोई उसे बस से बाहर नहीं निकाल सका। जितेंद्र पांडे सीट के नीचे फंसी पत्नी प्रियंका को खींचकर बाहर निकालने की कोशिश करते रहे, लेकिन देखते ही देखते आग की लपटों ने चपेट में ले लिया
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वहीं बड़वाह के होटल संचालक दीपक सिंह तंवर भी इसी भीषण हादसे में जिंदा जल गए। मौत से कुछ घंटे पहले तक सब कुछ सामान्य था। दीपक सिंह तंवर ने सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाया था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…ढल गया दिन… हो गई रात।
राजस्थान के दौसा में हुए इस दर्दनाक बस हादसे ने मध्यप्रदेश के 6 समेत 8 लोगों की मौत हो गई। वे हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे। हादसा इतना भयावह था कि दोनों शव बुरी तरह जल गए। उनकी पहचान के लिए डीएनए जांच करानी पड़ेगी। डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को शव बड़वाह लाए जा सकेंगे।
भाई की मौत की खबर मिलते ही दीपक की बहन बार-बार बेहोश हो रही हैं। वह रोते-रोते जमीन पर गिर जाती हैं। दैनिक भास्कर ने दीपक के परिवार और प्रियंका के पड़ोसियों से से बात की।
ये तस्वीरें देखिए…
बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हादसे में 8 की मौत।
बस हादसे के बाद परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरिद्वार से लौटते वक्त बस हादसे में जान चली गई।
दीपक सिंह तंवर: परिवार के साथ घर से निकले थे
हादसे में कस्तूरबा मार्ग के रहने वाले दीपक सिंह तंवर की मौत हो गई। वह पिता नन्नू सिंह के साथ सनावद में होटल चलाते थे। वह 22 जून को परिवार के पांच अन्य सदस्यों के साथ ट्रेन से वैष्णोदेवी दर्शन के लिए निकले थे। वैष्णोदेवी दर्शन के बाद अमृतसर और हरिद्वार के दर्शन कर लिए थे।
बुधवार को इंदौर और फिर घर आना था। वह भी इसी स्लीपर बस से बड़वाह लौट रहे थे। हादसे में नन्नूसिंह तंवर के छोटे बेटे सन्नी (24), उनकी पत्नी नेहा (26), दीपक की पत्नी दिव्या (25), बेटी यशिका (3), बेटा वंशराज (7) और इंदौर के रहने वाले नाती हर्षद पिता संजय तंवर घायल हुए हैं।
घर पर बहन बार-बार बेहोश हो रही
कस्तूरबा मार्ग पर होली टेकड़ा में घर पर सिर्फ दीपक की बहन कविता तंवर है। वह बार-बार बेहोश हुए जा रही है। पड़ोसी उन्हें संभाल रहे हैं। घर के बाहर पड़ोसी भी मौजूद हैं। बाकी सभी परिवारवाले राजस्थान गए हैं। वह ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
कविता ने रोते हुए बताया कि रात करीब ढाई बजे सन्नी भैय्या का पिता को कॉल आया था। उन्होंने कहा था कि हमारी बस का एक्सीडेंट हो गया है। दीपक भैया नहीं मिल रहे हैं। सभी लोग सुबह तक घर आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही मौत की खबर आ गई।
परिवार ने मौत से पहले स्टेटस पर लिखा था- ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे।
सोशल मीडिया पर लिखा– ट्रिप खत्म, फिर काम पर
घटना से पहले दीपक ने सोशल मीडिया पर स्टेटस शेयर किया। इसमें लिखा है… ट्रिप खत्म, अब फिर काम पर लगेंगे…। इसके बैक ग्राउंड पर ‘सो गया ये जहां…’ गाना भी चल रहा है। इसके अलावा, दीपक ने सोशल मीडिया पर वीडियो भी शेयर किया है। इसमें ट्रेन में सभी हाथ उठाकर झूमते दिख रहे हैं। दूसरे वीडियो में वैष्णो देवी के दर्शन करते भी दिख रहे हैं।
पड़ोसी ने बताया- जितेंद्र की पत्नी जिंदा जल गई
हादसे में बड़वाह में वन विभाग में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर पदस्थ जितेंद्र पांडे (40) की पत्नी प्रियंका पांडे (35) की भी मौत हो गई है। जितेंद्र 26 जून को ही पत्नी और बेटे अभिनव (7) के साथ हरिद्वार के लिए निकले थे। इसी बात से इंदौर लौट रहे थे।
जितेंद्र मूलत: रीवा के रहने वाले थे। यहां दशहरा मैदान के पास पटेल नगर में किराए से रहते थे। पड़ोसी दिलीप चौरे ने बताया कि सुबह जितेंद्र का फोन आया था। उसने कहा था कि टक्कर के बाद अफरा–तफरी में मैं और बेटा बाहर निकल आए, जबकि पत्नी अंदर रह गई।
परिवार ने ट्रेन में मस्ती करते हुए वीडियो अपलोड किया था।
सीट के नीचे फंसी पत्नी, मैं दौड़ता रहा, बचाने को चिल्लाता रहा
इंदौर निवासी वन विभाग में ऑपरेटर जितेन्द्र पांडेय बताते हैं- मैं, पत्नी और बच्चा इस बस में सवार थे। हमारी सीट ड्राइवर के पीछे थी और बच्चा साइड वाली बर्थ पर सो रहा था। बहुत तेज आवाज और झटके के कारण नींद खुली।
पत्नी प्रियंका सीट के नीचे फंसी थी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे निकालने की कोशिश की। बहुत खींचा, उसके पैर नीचे की तरफ फंस गए थे। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था, बच्चा भी साथ था।
मैंने उतर कर दौड़ लगाई और घूम कर खिड़की वाली तरफ आया और प्रियंका को खींचना शुरू किया। तब भी वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। इतने में बस में आग लग गई। जितेंद्र पांडे भी अपने परिवार के साथ हरिद्वार से इंदौर लौट रहे थे।
साहब मेरी वाइफ मेरे सामने जिंदा जल गई। सर मैंने लोगों को बहुत कहा निकालो इसे कोई मदद करो। किसी ने मदद नहीं की। सब ही परेशान थे और घबराए हुए थे। मेरे सामने मेरी पत्नी चली गई।
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राजस्थान- बस-ट्रेलर भिड़े, 8 की मौत, 6 जिंदा जले
राजस्थान के दौसा जिले में मंगलवार देर रात बस-ट्रेलर की भिड़ंत हो गई। एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इनमें 6 लोगों की मौत आग में झुलसने से और 2 की सिर पर चोट लगने के कारण हुई है। एसपी ने बताया कि एक्सीडेंट कोलवा थाना क्षेत्र में हुआ है। बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी स्लीपर में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 40 पैसेंजर्स थे। पढ़ें पूरी खबर…