Tuesday, October 13, 2026
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महराजगंज में नाली निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप: पीडब्ल्यूडी करा रहा काम, ग्रामीणों ने शिकायत कर जांच की मांग की – Maharajganj News




महराजगंज। शहर से सटे रामपुर बुजुर्ग गांव में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड विभाग की ओर से कराए जा रहे नाली निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब तीन किलोमीटर लंबी नाली के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। जानकारी के अनुसार, रामपुर बुजुर्ग गांव में पिछले करीब 15 दिनों से नाली का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआत में उन्हें उम्मीद थी कि नाली का निर्माण बेहतर तरीके से होगा, लेकिन काम शुरू होने के बाद गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे। ग्रामीणों ने निर्माण करा रहे ठेकेदार से शिकायत की, लेकिन उनका आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नियम-कानून का हवाला देकर चुप करा दिया गया। घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप गांव के मकसूद अली का आरोप है कि नाली निर्माण में खराब गुणवत्ता वाली रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीमेंट की मात्रा भी बेहद कम रखी जा रही है। इससे नाली की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। इंद्रजीत मौर्य ने कहा कि मनमाने तरीके से बनाई जा रही नाली कितने दिनों तक टिकेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। उनका आरोप है कि जहां दीवार का सहारा है, वहां भी निर्माण में जरूरी मजबूती का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। वहीं, नसरूल ने आरोप लगाया कि नाली निर्माण में अनियमितता कर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। नाली में इस्तेमाल की जा रही सरिया की गुणवत्ता पर भी उन्होंने सवाल उठाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में जब पीडब्ल्यूडी के एक्सिएन राजकुमार मिश्रा से जानकारी लेना चाहा तो उनके द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया उनके जवाब न देने से साफ जाहिर होता है कि नाली निर्माण में काफी अनमिता हो रहा है



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ट्रांसफॉर्मर ऑयल ड्रम में भर रहे थे चोर: ग्रामीणों को देख पिकअप दौड़ाई, पुलिस ने तीनों को मौके से धर-दबोचा – Jaisalmer News




जैसलमेर के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र के चाहड गांव स्थित 33 केवी जीएसएस से चोरों ने ट्रांसफॉर्मर ऑयल चोरी कर लिया। अलसुबह जीएसएस परिसर में संदिग्ध आवाजें सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो चोर पिकअप लेकर भाग निकले। मोहनगढ़ पुलिस ने आरोपियों का करीब 100 किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान नाचना-रामदेवरा मार्ग पर दिधु गांव के पास तेज रफ्तार पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। ट्रांसफॉर्मर से ड्रमों में भर रहे थे तेल 33 केवी जीएसएस पर चोर ट्रांसफॉर्मरों के नट-बोल्ट खोलकर उनमें भरा ऑयल ड्रम और कैन में भर रहे थे। इस दौरान बिजली की लाइनें भी चालू थीं। ग्रामीणों को परिसर से संदिग्ध आवाजें सुनाई दीं और मौके पर पहुंचे तो चोर तेल चोरी करते मिले। ग्रामीणों को देखकर चोरों ने अपनी पिकअप को दौड़ा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू किया पीछा ग्रामीणों ने तुरंत मोहनगढ़ पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पिकअप का रूट पता चलने पर पुलिस ने उनका करीब 100 किलोमीटर तक पीछा किया। नाचना-रामदेवरा मार्ग पर दिधु गांव के पास पुलिस को पीछे आता देख आरोपियों ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। पिकअप पलटने के बाद पुलिस ने मौके से 3 आरोपियों को पकड़ लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है। साथ ही, इस वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों और चोरी के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।



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ड्रिप लगी महिला को स्ट्रेचर पर ले गए परिजन: वार्ड बॉय नहीं आया नजर; मंडला जिला अस्पताल का वीडियो सामने आया – Mandla News




मंडला। जिला अस्पताल में ड्रिप लगी महिला मरीज को परिजन स्ट्रेचर पर वार्ड तक ले जाते नजर आ रहे हैं। एक परिजन ड्रिप की बोतल पकड़े हुए है, जबकि दूसरा स्ट्रेचर को धक्का दे रहा है। इस दौरान कोई वार्ड बॉय नजर नहीं आने से अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। मामला सोमवार रात का है जिसका वीडियो आज मंगलवार को सामने आया। जानकारी के अनुसार, वीडियो सोमवार रात का है। महिला की पहचान अंजनिया निवासी ऋचा पटेल, पति रत्नेश पटेल के रूप में हुई है। बताया गया कि चक्कर आने की शिकायत के बाद परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। भर्ती करने के बाद उन्हें स्ट्रेचर से वार्ड तक ले जाते समय परिजन ही ड्रिप की बोतल संभालते और स्ट्रेचर धकेलते दिखाई दिए। मरीजों की देखभाल पर उठे सवाल वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और देखभाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में वार्ड बॉय या संबंधित कर्मचारी नजर नहीं आने से यह सवाल भी उठ रहा है कि उस समय मरीज को वार्ड तक पहुंचाने के लिए अस्पताल का कोई कर्मचारी उपलब्ध क्यों नहीं था। आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी वीडियो में दिख रही स्थिति के पीछे की परिस्थितियों और उस समय अस्पताल में कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



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कन्या पूजन में बनाएं बिना लहसुन-प्याज की आलू छोले की सब्जी, पूरियों के साथ लगेगी स्वादिष्ट

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Bina Lehsun Pyaj Ki Sabji: नवरात्रि में अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन के लिए घरों में हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद बनाया जाता है. कई घरों में इसके साथ आलू और छोले की सब्जी भी परोसी जाती है. इस दिन खाना बनाते समय प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता, इसलिए सब्जी में स्वाद लाने के लिए मसालों का सही मेल जरूरी है.

आलू और छोले से बनी यह सब्जी पूरियों के साथ अच्छी लगती है और इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. अगर आप भी कन्या पूजन के लिए कुछ स्वादिष्ट बनाने की सोच रहे हैं, तो यहां जानें बिना प्याज-लहसुन वाली आलू छोले की सब्जी की सामग्री और बनाने का तरीका.

आलू छोले की सब्जी बनाने के लिए सामग्री

यहां दी गई सामग्री से लगभग 4 लोगों के लिए सब्जी तैयार हो सकती है.

1. उबले हुए छोले – 1 कप
2. आलू – 3 मध्यम आकार के
3. टमाटर – 2
4. अदरक – 1 इंच का टुकड़ा
5. हरी मिर्च – 1-2
6. जीरा – 1 छोटा चम्मच
7. हींग – 1 चुटकी
8. हल्दी पाउडर – आधा छोटा चम्मच
9. धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
10. लाल मिर्च पाउडर – आधा छोटा चम्मच
11. गरम मसाला – आधा छोटा चम्मच
12. अमचूर पाउडर – आधा छोटा चम्मच
13. तेल या घी – 2 बड़े चम्मच
14. हरा धनिया – 2 बड़े चम्मच, बारीक कटा हुआ
15. नमक – स्वादानुसार
16. पानी – जरूरत के अनुसार

आलू छोले की सब्जी बनाने की पूरी विधि

1. सबसे पहले आलू और छोले तैयार करें

छोलों को रातभर पानी में भिगोकर रखें. अगले दिन इन्हें अच्छी तरह उबाल लें. ध्यान रखें कि छोले पूरी तरह नरम हो जाएं. आलू को भी उबालकर छील लें और मध्यम आकार के टुकड़ों में काट लें. अगर आप चाहें तो आलू को बिना उबाले भी सब्जी में डाल सकते हैं, लेकिन उबले आलू से सब्जी जल्दी तैयार हो जाती है.

2. टमाटर और अदरक का पेस्ट बनाएं

टमाटर, अदरक और हरी मिर्च को मिक्सर में पीसकर पेस्ट बना लें. इससे सब्जी में अच्छा स्वाद आएगा. अगर आपको सब्जी में टमाटर के छोटे टुकड़े पसंद हैं, तो इन्हें बारीक काटकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

3. मसालों को अच्छी तरह भूनें

एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. इसमें जीरा डालें. जीरा चटकने लगे, तो हींग डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब टमाटर, अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट डाल दें. इसमें हल्दी, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर मिलाएं. मसाले को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक टमाटर का कच्चापन दूर न हो जाए.

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4. आलू और छोले मिलाएं

अब मसाले में उबले हुए आलू और छोले डालकर अच्छी तरह मिला लें. नमक डालें और सभी चीजों को 2-3 मिनट तक भूनें, ताकि मसालों का स्वाद आलू और छोलों में अच्छी तरह मिल जाए. इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी डालें. अगर आपको गाढ़ी सब्जी पसंद है, तो पानी कम रखें. थोड़े से उबले छोले या आलू को चम्मच से मैश करके भी सब्जी में मिला सकते हैं. इससे बिना किसी अतिरिक्त सामग्री के ग्रेवी गाढ़ी हो जाएगी.

5. आखिर में डालें गरम मसाला

सब्जी को धीमी आंच पर कुछ मिनट पकने दें. आखिर में गरम मसाला और अमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें और गैस बंद कर दें. आपकी बिना प्याज-लहसुन वाली आलू छोले की सब्जी तैयार है.

कन्या पूजन के लिए सब्जी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

1. अगर घर में धार्मिक परंपरा के अनुसार भोजन बनाया जा रहा है, तो मसालों और सामग्री का चुनाव उसी के मुताबिक करें.
2. छोले पहले से उबालकर रखने से पूजा की तैयारी के दौरान समय बच सकता है.
3. पूरी के साथ परोसने के लिए सब्जी को बहुत ज्यादा पतला न रखें.
4. हलवा, पूरी और सब्जी को साफ बर्तनों में बनाएं और परोसने से पहले हाथ अच्छी तरह धो लें.



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SSP की बैठक से 12 थानों के पदाधिकारी रहे गायब: सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया; बहेड़ी थानाध्यक्ष और आईटी पदाधिकारी से भी जवाब-तलब – Darbhanga News




दरभंगा जिले में लंबित न्यायालयी मामलों के निष्पादन और पुलिस की ऑनलाइन कार्य प्रणाली की समीक्षा को लेकर सोमवार देर शाम तक एसएसपी ने बैठक की। इसमें सभी थानों के पीसी प्रभारी सह आईटी प्रभारियों को शामिल होना था, लेकिन मीटिंग में 12 थानों के पदाधिकारी गायब रहे। बेंता, महिला थाना, मोरो, रैयाम, मनीगाछी, नेहरा, वाजितपुर, अलीनगर, घनश्यामपुर, तिलकेश्वर, जमालपुर और नदी थाना के पदाधिकारी मीटिंग में शामिल नहीं गुए। इस पर एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने संबंधित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। बहेड़ी थानाध्यक्ष से मांगा स्पष्टीकरण वहीं, वर्ष 2026 के कांडों के निष्पादन से संबंधित केस डायरी अद्यतन नहीं रहने पर बहेड़ी थानाध्यक्ष और आईटी पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। बैठक में लंबित मामलों के निष्पादन के साथ पुलिस के डिजिटल रिकॉर्ड को समय पर अपडेट करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा ई-समन, जमानतीय एवं गैर-जमानतीय वारंट, समन, कुर्की और इश्तिहार से संबंधित प्रक्रियाओं का समय पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सभी दर्ज प्राथमिकी और गिरफ्तारी मेमो को 24 घंटे के भीतर एससीआरबी पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया। पेंडिंग केस की समीक्षा समीक्षा बैठक के दौरान कोर्ट से प्राप्त लंबित समन, वारंट, कुर्की, इश्तिहार और सीडी सहित अन्य मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई। एसएसपी ने सभी पीसी प्रभारियों को लंबित वारंट, कुर्की और इश्तिहार का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) में लंबित एसबीआर और आरोपपत्र के लिए लंबित कांडों की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों को लंबित एसबीआर और आरोपपत्र यथाशीघ्र न्यायालय में समर्पित करने का निर्देश दिया गया। सीसीटीएनएस और ई-साक्ष्य पर विशेष जोर एसएसपी ने सभी थानों को स्टेशन डायरी, प्राथमिकी रिपोर्ट और अन्य संबंधित दस्तावेजों की सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) में वास्तविक समय पर प्रविष्टि करने का निर्देश दिया। ई-साक्ष्य ऐप पर कांड से संबंधित महत्वपूर्ण वीडियो और तस्वीरें नियमानुसार अपलोड करने तथा पुराने कांडों की केस डायरी को वर्षवार सीसीटीएनएस में अपलोड करने के लिए भी कहा गया।
जीरो एफआईआर और गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों की भी समीक्षा बैठक में सीआरआईएमएसी (CriMAC) के माध्यम से जीरो एफआईआर दूसरे राज्यों को भेजने, आरोप पत्र, अंतिम प्रपत्र को सीसीटीएनएस में अपलोड करने और गुमशुदा व्यक्तियों से संबंधित मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारियों को सीआरआईएमएसी और आईसीजेएस पोर्टल पर प्रतिदिन लॉगिन कर आवश्यक सर्च करने को कहा गया। एसएसपी ने पुलिस की कार्यप्रणाली में तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी इस्तेमाल, अभिलेखों के नियमित अद्यतीकरण और न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों के समयबद्ध निष्पादन पर जोर दिया।



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दुनिया की रफ्तार से दोगुनी भारत की GDP ग्रोथ, IMF ने इकोनॉमी पर दी गुड न्यूज


दुनिया के कई देशों में इकोनॉमिक अनसर्टेनिटी, महंगे कच्चे तेल और बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7% कर दिया है. इसका मतलब है कि IMF को उम्मीद है कि आने वाले दो वित्त वर्षों में भी भारत की आर्थिक विकास दर मजबूत बनी रह सकती है. इससे पहले वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के लिए भी भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया गया था. ऐसे में सवाल है कि आखिर किन वजहों से IMF ने भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया है?

घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर से मिल रही ताकत

IMF के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में घरेलू मांग की अहम भूमिका है. जब देश के लोग सामान और सर्विसेस पर खर्च करते हैं, तो कारोबार बढ़ता है और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है. इसके अलावा, बैंकिंग, आईटी, पर्यटन और दूसरी सर्विसेस से जुड़े कारोबार का अच्छा परफॉर्मेंस भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहा है.

भारत की बड़ी आबादी, युवाओं की भागीदारी और देश के सामानों व सर्विसेस की बढ़ती मांग भी आर्थिक विकास के लिए अहम हैं. इसके साथ ही, आर्थिक सुधारों और कारोबार के लिए बेहतर माहौल से आने वाले वर्षों में विकास को मदद मिलने की उम्मीद है.

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% बढ़ी, जबकि इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में विकास दर 7.2% रही थी. इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में इकोनॉमिक कंडिशन मजबूत बनी हुई हैं.

वर्ल्ड बैंक ने भी बढ़ाया था ग्रोथ का अनुमान

हाल ही में, भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सिर्फ IMF ही नहीं, बल्कि वर्ल्ड बैंक का अनुमान भी बेहतर हुआ है. वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान अप्रैल के 6.6% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया.

वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन के कारण अनुमान में बदलाव किया गया. व्यापार से जुड़ी चुनौतियों और ग्लोबल तनाव के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अच्छी रफ्तार बनाए रखी. बैंक ने यह भी बताया कि मजबूत निवेश और लोगों के निजी खर्च ने विकास को सहारा दिया. सरकार की नीतियों और कर्ज मिलने की बेहतर स्थिति से भी आर्थिक गतिविधियों को मदद मिली. ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में खपत का अर्थव्यवस्था पर असर रहा है.

गांवों से शहरों तक बढ़ा खर्च

भारत में खपत का रुझान भी आर्थिक विकास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है. शुरुआत में ग्रामीण इलाकों में खर्च की रफ्तार शहरों के मुकाबले बेहतर रही. अच्छी कृषि पैदावार, ग्रामीण परिवारों को मिलने वाली आर्थिक सहायता, खाद्य सब्सिडी और कम महंगाई ने ग्रामीण मांग को सहारा दिया.

बाद में शहरी क्षेत्रों में भी खर्च बढ़ने लगा. आयकर में राहत और GST दरों में कटौती जैसे कदमों से लोगों के पास खर्च करने के लिए ज्यादा पैसा बचने और खरीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद बनी.

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में GDP की 7.8% वृद्धि भी मजबूत आर्थिक गतिविधियों का संकेत देती है. हालांकि, आने वाली तिमाहियों में विकास दर कुछ धीमी पड़ सकती है, लेकिन IMF और वर्ल्ड बैंक के अनुमान बताते हैं कि कुल मिलाकर आर्थिक विकास की रफ्तार मजबूत रहने की उम्मीद है.

महंगा कच्चा तेल बना सबसे बड़ा रिस्क

अच्छे अनुमानों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं. इनमें कच्चे तेल की ऊंची कीमतें सबसे अहम हैं. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है. ऐसे में अगर तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो देश का आयात बिल बढ़ सकता है.

इसका असर पेट्रोल-डीजल और परिवहन की लागत पर पड़ सकता है, जिससे सामान की कीमतें बढ़ने और महंगाई पर दबाव आने की आशंका रहती है. तेल आयात पर ज्यादा खर्च होने से चालू खाते का घाटा भी बढ़ सकता है और रुपये पर दबाव आ सकता है.

2026 में ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ घटकर 3.1% रहेगी

IMF के मुताबिक, दुनिया की आर्थिक विकास दर 2025 के 3.5% से घटकर 2026 में 3.1% रहने का अनुमान है. हालांकि, 2027 में इसके बढ़कर 3.4% होने की उम्मीद है. IMF के अनुसार, ग्लोबल अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत बनी हुई है, लेकिन यह मजबूती पहले के मुकाबले कमजोर होती जा रही है. एनर्जी और खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण 2026 में महंगाई दर 4.7% तक पहुंचने का अनुमान है.

IMF ने कहा कि अलग-अलग देशों की आर्थिक ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि वे महंगी एनर्जी से कितना प्रभावित होते हैं और तकनीक के सेक्टर में ग्लोबल तेजी का कितना फायदा उठा पाते हैं. चीन की आर्थिक विकास दर 2025 के 5% से घटकर 2026 में 4.5% रहने और 2027 में और गिरकर 4% होने का अनुमान है. महंगा कच्चा तेल, घरेलू मांग में कमजोरी और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक समस्याएं चीन की ग्रोथ पर दबाव डाल सकती हैं.

असल में, घरेलू मांग, निवेश और सर्विस सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं. IMF और वर्ल्ड बैंक के बढ़े हुए अनुमान इसी मजबूती को दिखाते हैं. हालांकि, आगे विकास की रफ्तार कितनी बनी रहती है, यह काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल आर्थिक हालात पर निर्भर करेगा.



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फ्रांस के सुपरमार्केट्स पर साइबर अटैक: 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज 50°C तक गर्म, खाना खराब हुआ, कई जगह आग लगी




फ्रांस में सैकड़ों सुपरमार्केट्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर सोमवार को बड़ा साइबरअटैक हुआ। इससे 480 से ज्यादा दुकानों के फ्रिज और फ्रीजर का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। फ्रांसीसी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हैकरों ने कई स्टोर्स के रेफ्रिजरेशन सिस्टम को दूर से जबरन डीफ्रॉस्टिंग मोड में डाल दिया। इससे ताजा और फ्रोजन खाना खराब हो गया। कई स्टोर्स में आग भी लगी। फ्रांस की बड़ी रिटेल कंपनियों ने इसे अब तक का ऐसा पहला और बेहद गंभीर हमला बताया। प्रधानमंत्री ने जांच के आदेश दिए फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने नेशनल साइबरसिक्योरिटी एजेंसी ANSSI को जांच के आदेश दिए हैं। फ्रांस दूसरे यूरोपीय देशों के साथ मिलकर यह भी जांच कर रहा है कि वहां और कंपनियां प्रभावित हुई हैं या नहीं। पेरिस प्रॉसिक्यूटर ऑफिस ने इसे बड़े स्तर का हमला बताया। ऑफिस के मुताबिक, पूरे फ्रांस में कई बड़े फूड रिटेलर्स के इंटरनेट से जुड़े फ्रिजों को निशाना बनाया गया। आखिर इन फ्रिजों का तापमान कैसे बढ़ाया गया? सुपरमार्केट में फ्रिज और फ्रीजर को आमतौर पर कंट्रोल पैनल से चलाया जाता है। ये पैनल पूरे स्टोर के ठंडक वाले सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। इंटरनेट से जुड़े होने के कारण मेंटेनेंस करने वाली कंपनियां दूर बैठकर भी इनकी सेटिंग बदल सकती हैं। अगर कोई हैकर इस सिस्टम तक पहुंचने में कामयाब हो जाए, तो वह फ्रिज और फ्रीजर की सेटिंग बदल सकता है। ऐसा करने के लिए हैकर सिस्टम की सुरक्षा में मौजूद किसी कमजोरी का फायदा उठाता है। इस तरह वह फ्रिज और फ्रीजर की ठंडक कम कर सकता है या डीफ्रॉस्टिंग शुरू कर सकता है। डीफ्रॉस्टिंग वह प्रक्रिया है, जिसमें फ्रिज या फ्रीजर में जमी बर्फ पिघलाई जाती है। रिटेल कंपनियां बोलीं- कई करोड़ यूरो का नुकसान हुआ अभी तक पूरे रिटेल सेक्टर को हुए नुकसान का कुल आंकड़ा सामने नहीं आया है। हालांकि, फ्रांस की रिटेल कंपनी इंटरमार्शे के CEO थिएरी कोटियार ने कहा कि इस हमले से देशभर में एक ही दिन में कई करोड़ यूरो का नुकसान हो सकता है। इंटरमार्शे ने AFP को बताया कि प्रभावित स्टोर को खराब हुए सभी ताजा और फ्रोजन प्रोडक्ट फेंकने पड़ेंगे। वहीं दूसरी कंपनी कोऑपरेटिव यू के CEO डोमिनिक शेल्शर ने कहा कि रविवार रात से ही कंपनी के रेफ्रिजरेशन सिस्टम में दिक्कतें आ रही थीं। उन्होंने बताया कि ताजा सामान को सुरक्षित रखने और लोगों तक खाने-पीने की चीजें पहुंचाने वाले सिस्टम को निशाना बनाना बेहद गंभीर है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताया और कहा कि ऐसा हमला पहले कभी नहीं हुआ।



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BJP का आरोप- राहुल ने महिला पत्रकार को धकेला:मार्च में शामिल कार्यकर्ता को भी कोहनी मारी, उनका व्यवहार लोकतंत्र के लिए खतरनाक




BJP ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन कवर कर रही महिला पत्रकार से धक्का-मुक्की की। इतना ही नहीं अपनी पार्टी के कार्यकर्ता को भी कोहनी मारी और कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार को भी धक्का दिया। BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक वीडियो शेयर किया है। जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि राहुल गांधी ने पत्रकार को कोहनी मारी और कंधे से पकड़कर खींचा। इससे वह जमीन पर गिर गईं और घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती है। BJP दिल्ली के उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि पत्रकार की बहन ने उन्हें घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे BJP विधायक उमंग बजाज और स्थानीय नेता प्रतीक शर्मा के साथ अस्पताल पहुंचे। राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला था। ये घटनाएं इसी दौरान हुईं। तीनों घटनाओं की तस्वीरें… BJP प्रवक्ता बोले- राहुल मन में देश के लोकतंत्र और महिलाओं के लिए नफरत प्रदीप भंडारी ने मीडिया से कहा, “आप सभी ने वीडियो देखा है। राहुल गांधी ने एक महिला पत्रकार को कोहनी से धक्का दिया और पकड़कर गिरा दिया।” उन्होंने दावा किया कि पत्रकार की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पत्रकार राहुल गांधी से सवाल भी नहीं पूछ रही थीं। वह सिर्फ विरोध प्रदर्शन कवर कर रही थीं। भंडारी ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता मदद के लिए आगे नहीं आया। इसके बजाय, कुछ लोगों ने उस पर ही सवाल उठाने की कोशिश की। सोमवार को हुई इन घटनाओं से पता चलता है कि राहुल गांधी के मन में देश के लोकतंत्र और महिलाओं के लिए नफरत भरी है। बहन की सूचना पर अस्पताल पहुंचे BJP नेता दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने बताया, “रात करीब 8 या 8:30 बजे राजेंद्र नगर में कार्यालय के पास एक युवती मेरे पास आई। उसने बताया कि उसकी बहन पत्रकार है और राहुल गांधी ने उसे धक्का दिया है।” उन्होंने कहा कि पत्रकार गर्भवती थीं, उन्हें चोट लगी थी और उन्हें इलाज की जरूरत थी। पत्रकार की बहन ने BJP नेताओं से मदद मांगी थी। BJP विधायक उमंग बजाज ने राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम पत्रकारों के सवालों का जवाब देना है, न कि धक्का-मुक्की करना और उन्हें जमीन पर गिरा देना। बजाज ने आगे कहा, “आज राहुल गांधी के कामों ने महिलाओं के सम्मान को लेकर उनके अपने बयानों को गलत साबित किया है। युवाओं को समझना चाहिए कि सिर्फ शब्दों का कोई मतलब नहीं होता। असली मायने काम के होते हैं।” ———————— ये खबर भी पढ़ें… SIR और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका में 14 खामियां: सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने बताया- कोर्ट फीस ₹220 कम दी, खड़गे का आईडी कार्ड धुंधला सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव समेत 11 विपक्षी नेताओं की तरफ से दायर याचिका में करीब 14 खामियां बताई हैं। यह याचिका वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में बड़े पैमाने पर नाम हटाने और गड़बड़ियों के आरोपों से जुड़ी है। पढ़ें पूरी खबर…



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मर्दों को 70 हूरें…औरतों को भी 70 मर्द मिलेंगे: हुदा जरीवाला के बयान पर देवबंदी उलेमा बोले– दीन के मसलों पर बिना प्रमाणिक जानकारी के टिप्पणी नहीं करनी चाहिए – Saharanpur News




यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और सहारनपुर के डीएम अरविंद चौहान को क्रिमिनल बोलने वाली हुदा जरीवाला फिर से विवादों में घिर गई है। उन्होंने अब अपने धर्म को लेकर हो बयान दे दिया है। जिसको लेकर देवबंदी उलेमा कारी इसहाक गोरा ने उनको नसीहत दी है। दरअसल, हुदा जरीवाला का एक पॉडकास्ट में दिया गया बयान धार्मिक चर्चा का विषय बन गया है। 9 अक्टूबर को दिए गए बयान में हूदा जरीवाला एंकर के सवाल का जवाब देते हुए कहती नजर आईं, “मर्द को जहां सत्तर हूरें मिलेंगी, तो औरतों को भी सत्तर मर्द मिलेंगे।” उनके इस बयान को लेकर दीन के मसलों पर जानकारी, धार्मिक मान्यताओं की समझ और बिना प्रमाणिक आधार के टिप्पणी करने की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। देवबंदी उलेमा कारी इसहाक गोरा ने कहा कि धार्मिक विषयों पर अपनी राय रखने से पहले उनके बारे में सही जानकारी हासिल करना जरूरी है। संदेश में कहा गया है कि दीन को व्यक्तिगत इच्छाओं, अनुमानों या अपनी सोच के आधार पर नहीं समझा जा सकता। इसके लिए सही ज्ञान और प्रमाणिक धार्मिक तर्कों की आवश्यकता होती है। ‘दीन के मसले में बोलने से पहले इल्म हासिल करना जरूरी’ कारी इसहाक गोरा ने हूदा जरीवाला के बयान को लेकर जारी संदेश में कहा गया है कि धार्मिक विषयों पर इस तरह की बातें कहना केवल एक सामान्य टिप्पणी नहीं है, बल्कि एक गंभीर विषय पर बिना पर्याप्त जानकारी के राय रखने का मामला है। किसी भी धार्मिक मान्यता पर बात करते समय उसके मूल आधार और प्रमाणों को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि धर्म से जुड़े सवालों पर चर्चा करना गलत नहीं है। सवाल पूछने से जानकारी बढ़ती है और किसी विषय को समझने का अवसर मिलता है। हालांकि, जब किसी व्यक्ति को किसी धार्मिक मसले की सही जानकारी न हो, तो उसे निश्चित और अंतिम निष्कर्ष के रूप में अपनी बात रखने से बचना चाहिए। ‘बिना इल्म के जवाब देना गलतफहमी फैला सकता है’ संदेश में लोगों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी धार्मिक विषय की प्रमाणिक जानकारी नहीं है, तो उस पर निर्णायक अंदाज में टिप्पणी करने से परहेज करें। बिना पर्याप्त ज्ञान के दिए गए जवाब लोगों के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं और किसी धार्मिक मान्यता को लेकर गलतफहमी बढ़ा सकते हैं। इसमें कहा गया है कि धार्मिक विषयों पर विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। किसी सवाल का जवाब देने से पहले उसके बारे में सही जानकारी जुटाना और प्रमाणिक आधार को समझना जरूरी है। केवल अनुमान या व्यक्तिगत सोच के आधार पर किसी धार्मिक विषय के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं माना जा सकता। ‘हर सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं’ कारी इसहाक गोरा ने कहा कि हर सवाल का जवाब देना जरूरी नहीं है। यदि किसी विषय की जानकारी नहीं है, तो उसे स्वीकार करना भी जिम्मेदारी का हिस्सा है। खासकर धर्म से जुड़े मामलों में किसी बात को अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत करने से पहले उसके प्रमाण और संदर्भ को समझना चाहिए। हूदा जरीवाला के बयान के बाद सामने आए इस संदेश में लोगों को नसीहत दी गई है कि धार्मिक मामलों में बोलते समय सावधानी बरतें। किसी विषय पर सवाल उठाना या चर्चा करना गलत नहीं है, लेकिन बिना पर्याप्त जानकारी के जवाब देना गलतफहमी का कारण बन सकता है। धार्मिक विषयों पर चर्चा के बीच यह मामला इस सवाल को सामने लाता है कि सार्वजनिक मंचों और पॉडकास्ट में धर्म से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखते समय जानकारी, संदर्भ और जिम्मेदारी का कितना ध्यान रखा जाना चाहिए।



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बैंक भर्ती फर्जीवाड़ा-CBI का 6 राज्यों में छापा, 4 गिरफ्तार: 5 साल पुराने रिकॉर्ड खंगाले, आंखों के स्कैन में 172 फर्जी अफसर मिले; सबकी नौकरी जाएगी




CBI ने बैंक भर्ती में 5 साल के पुराने डेटा की जांच के जरिए नौकरी पाने वाले फर्जी अभ्यर्थियों का खुलासा किया है। परीक्षा के दौरान जुटाए गए आंखों के स्कैन (आइरिस) से फर्जीवाड़े के जरिए नौकरी पाने वाले 257 संदिग्ध उम्मीदवार मिले। इनमें 172 अलग-अलग बैंकों में नौकरी कर रहे थे। सीबीआई अब देशभर में अन्य फर्जी अफसरों की तलाश में जुटी है। आईबीपीएस ने इन सभी कार्यरत लोगों के साथ-साथ अन्य संदिग्धों को भी आजीवन के लिए परीक्षा से डिबार कर दिया है। संबंधित बैंकों को उनके सर्विस रूल्स के तहत कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब इनकी नौकरी जाने के साथ गिरफ्तारी की भी तलवार लटक रही है। सीबीआई ने अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि, 135 लोगों को आरोपी बनाया है। इस संबंध में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, हरियाणा और पश्चिम बंगाल में आरोपियों की धरपकड़ और कार्रवाई की गई है। मध्य प्रदेश में तो इस संबंध में जांच के बाद ग्रामीण बैंक के 19 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। ऐसे सामने आई थी गड़बड़ी अधिकारियों ने 8 अक्टूबर को बताया कि CBI की स्पेशल टास्क ब्रांच, मुंबई ने कई राज्यों में एक साथ छापे मारे। यह कार्रवाई इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) की शिकायत पर दर्ज FIR के बाद की गई। आईबीपीएस बैंक भर्ती परीक्षाओं के उम्मीदवारों की फोटो और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड की दोबारा जांच की थी। इसमें सामने आया कि कुछ उम्मीदवारों की जगह दूसरे लोगों ने परीक्षा दी थी। फोटो और बायोमेट्रिक पहचान में अंतर मिलने पर संदिग्ध कर्मचारियों की पहचान की गई। आरोपियों ने बैंक भर्ती प्रक्रिया के कई चरणों में उम्मीदवार बनकर परीक्षा और इंटरव्यू दिए। पांच साल पुराने रिकॉर्ड से कैसे पकड़ा गया फर्जीवाड़ा इस जांच की खासियत है कि सिर्फ परीक्षा के समय पहचान जांचने के बजाय, पांच साल के पुराने रिकॉर्ड खंगालकर फर्जीवाड़े और नौकरी कर रहे उम्मीदवारों के बीच संबंध जोड़े गए। 2020 से 2024 तक की भर्ती परीक्षाओं के रिकॉर्ड दोबारा जांचे। इस बार परीक्षा के समय लिए उम्मीदवारों के आइरिस स्कैन (आंखों की पुतली की पहचान) का मिलान किया गया। जांच में कुछ स्कैन गिरफ्तार आरोपियों से मेल खाए, जबकि रिकॉर्ड में ये पहचान उन उम्मीदवारों की थी, जिन्हें बैंक में नौकरी मिली थी।



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