जयपुर में दैनिक भास्कर अभिव्यक्ति गरबा महोत्सव 14 अक्टूबर से मानसरोवर के वीटी रोड स्थित राजस्थान हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड पर चल रहा है। इसका आखिरी दिन रविवार को है। गरबा में एक महिला कच्ची घोड़ी डांस करते हुए आई। महोत्सव में पांच दिन तक गरबा और डांडिया के साथ लाइव म्यूजिक का माहौल रहा। जिम्मी लाइव बैंड की परफॉर्मेंस पर जयपुराइट्स परिवार और दोस्तों के साथ गरबा-डांडिया का आनंद लेने पहुंचे। गुजराती गानों पर गरबा और बॉलीवुड गानों पर डांडिया करते पार्टिसिपेंट्स ने महोत्सव में अलग-अलग रंग भर दिए।
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गरबा में कच्ची घोड़ी डांस करेगी महिला: राजस्थान के सबसे बड़े गरबा महोत्सव का आज आखिरी दिन, देशभर के जायकों का मिल रहा स्वाद – Jaipur News
कानपुर में मिशन शक्ति कार्यक्रम: नुक्कड़ नाटक और लघु फिल्म के माध्यम से बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए – Kanpur News
कानपुर में मिशन शक्ति फेज-6 के आठवें दिन रविवार को बिठूर स्थित रामजानकी इंटर कॉलेज में बाल विवाह की रोकथाम और महिला-बाल सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नुक्कड़ नाटक और लघु फिल्म ‘बढ़ते बच्चे’ के माध्यम से लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए गए। कार्यक्रम में मिशन शक्ति टीम ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जागरूक किया। विद्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन (WCSO) की लघु फिल्म के जरिए बच्चों के सुरक्षित भविष्य और अधिकारों के संरक्षण का संदेश दिया गया। अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध स्नेहा तिवारी ने महिलाओं और छात्राओं को महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, घरेलू हिंसा और आपातकालीन सहायता के बारे में जानकारी दी। हेल्पलाइन नंबर 1090, 1076, 1098, 112 और 181 के प्रति जागरूक किया गया।
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मिस्त्री ने थ्रेसर में मिले 4 लाख के जेवर लौटाए: रिपेयरिंग के दौरान मिले सोने-चांदी के आभूषण, पूर्व सरपंच को सुरक्षित सौंपे – Shivpuri News
शिवपुरी जिले के भौंती कस्बे में मिस्त्री गोपाल झा ने ईमानदारी दिखाई है। रौनक इंजीनियर वर्कशॉप के संचालक गोपाल को एक किसान के थ्रेसर की रिपेयरिंग के दौरान स्टील के डिब्बे में सोने-चांदी के जेवर मिले। इनकी कीमत चार लाख रुपए से अधिक थी। गोपाल ने तुरंत थ्रेसर मालिक को सूचना दी और सभी जेवर सुरक्षित लौटा दिए।
ककराऊआ ठुनी के पूर्व सरपंच किसान रामकृष्ण लोधी अपना थ्रेसर सुधरवाने गोपाल झा की वर्कशॉप पर लाए थे। थ्रेसर की सफाई और मरम्मत करते समय गोपाल को उसके अंदर एक स्टील का डिब्बा मिला। डिब्बा खोलने पर उसमें मंगलसूत्र, झुमकी, बिछुआ, बिछिया और कमर पेटी जैसे कई कीमती जेवर रखे थे।
गोपाल झा ने जेवर मिलने के बाद मालिक रामकृष्ण लोधी को इसकी जानकारी दी। सभी जेवर सुरक्षित रूप से उन्हें लौटा दिए गए। लंबे समय से लापता आभूषण वापस मिलने पर किसान परिवार को राहत मिली।
किसान परिवार ने बताया कि चोरी के डर से उन्होंने जेवर थ्रेसर के अंदर छिपा दिए थे। बाद में वे यह बात भूल गए और काफी समय से उन्हें ढूंढ रहे थे। मरम्मत के दौरान अचानक जेवर मिलने से परिवार खुश हुआ।
गोपाल झा के इस कदम की भौंती कस्बे और आसपास के क्षेत्र में तारीफ हो रही है। लोगों का कहना है कि कीमती जेवर लौटाना उनकी ईमानदारी दिखाता है।
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बेतिया में चूड़ा मिल में दो पक्षों के बीच मारपीट: पैक्स के धान को लेकर विवाद, फायरिंग के दावे की जांच कर रही पुलिस – Bettiah (West Champaran) News
पश्चिम चंपारण के चनपटिया थाना क्षेत्र में एक चूड़ा मिल परिसर में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। घटना वार्ड नंबर 14 स्थित केदार इंटरप्राइजेज चूड़ा मिल की है।
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मारपीट का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से मारपीट करते दिख रहे हैं। एक पक्ष ने फायरिंग का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
5 गाड़ियों से 25-30 लोगों के पहुंचने की बात
बताया जा रहा है कि करीब पांच गाड़ियों से 25 से 30 लोग मिल परिसर में पहुंचे थे। हालांकि, लोगों और गाड़ियों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। परिसर में पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा और मारपीट शुरू हो गई। पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई।
पैक्स के धान से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद की पृष्ठभूमि पैक्स के धान से जुड़ी बताई जा रही है। केदार इंटरप्राइजेज चूड़ा मिल पूर्व चेयरमैन कौशल्या देवी के जेठ प्रभु प्रसाद की बताई जाती है। प्रभु प्रसाद चनपटिया के वार्ड नंबर 3 के निवासी हैं।
हालांकि, धान को लेकर किस बात पर विवाद हुआ और मामला मारपीट तक कैसे पहुंचा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। इस संबंध में दोनों पक्षों की ओर से भी विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फायरिंग के आरोप की जांच कर रही पुलिस
घटनास्थल चनपटिया थाने से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस CCTV फुटेज और संबंधित लोगों से मिली जानकारी के आधार पर घटना की परिस्थितियों का पता लगा रही है।
फिलहाल फायरिंग के आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वजह, मारपीट में शामिल लोगों और फायरिंग के आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
दशहरा पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट हेल्दी पेड़ा, स्वाद चखकर हर कोई पूछेगा कहां से मंगवाया?
दशहरा के त्योहार पर घर में मिठाई बनाना हो या मेहमानों का मुंह मीठा कराना हो, पेड़ा एक बढ़िया विकल्प है. दूध से बनने वाली इस मिठाई का स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक को पसंद आता है. लेकिन बाजार से मिठाई खरीदने के बजाय आप इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. अगर आप इस बार दशहरा पर कुछ मीठा और थोड़ा हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो घर पर मावा और गुड़ की मदद से पेड़ा तैयार कर सकते हैं. इसमें मिठास के लिए सफेद चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह कम समय में तैयार हो जाता है. आइए जानते हैं घर पर स्वादिष्ट पेड़ा बनाने का आसान तरीका.
हेल्दी पेड़ा बनाने के लिए सामग्री
– मावा – 250 ग्राम
– गुड़ का पाउडर – 3 से 4 बड़े चम्मच
– इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच
– घी – 1 छोटा चम्मच
– कटे हुए बादाम और पिस्ता – 2 बड़े चम्मच
– केसर – कुछ धागे (वैकल्पिक)
घर पर कैसे बनाएं हेल्दी पेड़ा?
पहला स्टेप: सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही लें और उसमें थोड़ा घी डालकर गर्म करें. अब इसमें मावा डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. मावे को तब तक पकाएं, जब तक वह हल्का नरम और खुशबूदार न हो जाए. ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, वरना मावा नीचे से जल सकता है.
दूसरा स्टेप: मावा अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें. इसे कुछ देर ठंडा होने दें. ध्यान रखें कि गुड़ को बहुत गर्म मावे में न मिलाएं, क्योंकि ज्यादा गर्मी में गुड़ का मिश्रण जरूरत से ज्यादा पतला हो सकता है और उसकी बनावट बदल सकती है.
तीसरा स्टेप: अब मावे में गुड़ का पाउडर और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अगर आप केसर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसे भी मिला सकते हैं. मिश्रण को चखकर मिठास अपनी पसंद के अनुसार रख सकते हैं.
चौथा स्टेप: मिश्रण थोड़ा ठंडा हो जाए और हाथ से संभालने लायक बन जाए, तो इसकी छोटी-छोटी लोइयां बना लें. इन्हें हथेलियों से दबाकर पेड़े का आकार दें. बीच में अंगूठे से हल्का निशान बना सकते हैं.
पांचवां स्टेप: आखिर में पेड़ों के ऊपर कटे हुए बादाम और पिस्ता लगाएं. इन्हें कुछ देर सेट होने दें. आपके घर के बने स्वादिष्ट गुड़ वाले पेड़े तैयार हैं. इन्हें एयरटाइट डिब्बे में रखें और बेहतर स्वाद व सुरक्षा के लिए फ्रिज में स्टोर करें.
पेड़े को थोड़ा हेल्दी बनाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
गुड़ का इस्तेमाल करने से पेड़े में सफेद चीनी की जगह अलग तरह की मिठास आती है, लेकिन गुड़ भी मीठा करने वाला पदार्थ है और इसमें कैलोरी होती है. इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना बेहतर है. इसी तरह बादाम और पिस्ता स्वाद के साथ कुछ पोषक तत्व भी देते हैं, लेकिन इनकी मात्रा भी संतुलित रखें.
संडे प्रोफाइल : जॉन टर्नस: टर्नस के सामने एपल को एआई में आगे ले जाने की चुनौती
एपल के नए सीईओ जॉन टर्नस डिजाइन की खूबसूरती के साथ हार्डवेयर पर यकीन करते हैं। वे मानते हैं टेक्नोलॉजी से अलग हटकर दूसरी चीजों का भी महत्व है। टर्नस को हाल ही में टाइम मैगजीन के बेस्ट इन्वेंशन ऑफ 2026 के संस्करण के कवर पर जगह मिली है। सितंबर में एपल के बहुप्रतीक्षित फोल्डेबल फोन की लॉन्चिंग के दौरान जॉन टर्नस के हाथ कांप रहे थे। कार्यक्रम का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण हो रहा था और कई लोगों ने इस पर ध्यान दिया। बाद में टर्नस ने बताया कि वे इतने उत्साहित थे कि रातभर सो नहीं पाए। इससे अपने प्रोडक्ट के प्रति उनका लगाव जाहिर होता है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले टर्नस ने एपल में 25 साल से ज्यादा समय तक काम किया है। इस दौरान उन्होंने आईफोन, मैक, आईपैड और एयरपॉड्स जैसे प्रोडक्ट को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाई। आईपैड की हर पीढ़ी और पहली पीढ़ी के एयरपॉड्स के हार्डवेयर विकास में वे शामिल रहे। मैक कंप्यूटर में इंटेल के प्रोसेसर की जगह एपल के अपने चिप लगाने के बदलाव में भी उन्होंने योगदान दिया। उनके काम में प्रोडक्ट को मजबूत और टिकाऊ बनाना और उनकी मरम्मत आसान करना भी शामिल रहा है। टर्नस से पहले एपल के सीईओ रहे टिम कुक और स्टीव जॉब्स की भूमिका अलग थी। कुक ने कंपनी के कारोबार को बढ़ाने, दुनिया भर में प्रोडक्ट पहुंचाने और सामान बनाने व सप्लाई करने की व्यवस्था को मजबूत करने पर काम किया। उनसे पहले स्टीव जॉब्स नए प्रोडक्ट की सोच, उनके डिजाइन और लोगों के इस्तेमाल के अनुभव पर ध्यान देते थे। आईफोन, आईपैड और आईपॉड जैसे प्रोडक्ट को दुनिया के सामने लाने में उनकी अहम भूमिका रही। टर्नस की खासियत यह है कि वे प्रोडक्ट के अंदरूनी हिस्सों, उसकी बनावट और काम करने के तरीके पर ध्यान देते हैं। वे यह सुनिश्चित करने में जुटे रहे कि प्रोडक्ट अच्छी तरह काम करें और लोगों के लिए उपयोगी हों। टर्नस का जन्म 1975 में हुआ था। आठ साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें एपल-2 कंप्यूटर दिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वर्चुअल रियलिटी से जुड़ी एक कंपनी में काम किया। 2001 में वे एपल की प्रोडक्ट डिजाइन टीम में इंजीनियर बने। 2013 में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वाइस प्रेसिडेंट और 2021 में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बने। इस दौरान कंपनी के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में उनकी जिम्मेदारी बढ़ती गई। एपल के प्रोडक्ट डिजाइन वाइस प्रेसिडेंट रिचर्ड डिन्ह के अनुसार, कंपनी की अलग-अलग टीमों के बीच तालमेल बढ़ाने में टर्नस की अहम भूमिका रही है। अब उनके सामने एआई के क्षेत्र में एपल को आगे बढ़ाने की चुनौती है। दूसरी बड़ी टेक कंपनियां एआई पर तेजी से काम कर रही हैं, जबकि एपल की प्रगति पर सवाल उठे हैं। टर्नस का कहना है कि हम ऐसी एआई सुविधाओं पर काम कर रही है, जिनमें यूजर की निजी जानकारी सुरक्षित रहे। फिलहाल टर्नस डिजाइन स्टूडियो और यूजर्स से जुड़ी टीमों के साथ समय बिताते हैं।
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दिल्ली के 70 यमुना घाटों पर चला सफाई अभियान: सीएम सहित हजारों लोगों ने किया श्रमदान – New Delhi News
दिल्ली में रविवार को ‘चलो यमुना अभियान’ के तहत यमुना के 70 घाटों पर बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। हजारों दिल्लीवासियों ने श्रमदान कर घाटों की सफाई की और यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया। आईटीओ स्थित हाथी घाट पर आयोजित स्वच्छता अभियान में दिल्ली विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं विधायक अभय वर्मा सहित युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इस दौरान घाट पर फैले कचरे को साफ किया गया और लोगों को यमुना की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे यमुना के घाटों और किनारों पर प्लास्टिक, पूजा सामग्री और अन्य कचरा न डालें। साथ ही घाटों की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय भागीदारी निभाएं। यमुना प्रहरी बनकर स्वच्छता की जिम्मेदारी उठाने की अपील अभियान के तहत दिल्लीवासियों से ‘यमुना प्रहरी’ बनने का आह्वान किया गया। संदेश दिया गया कि यमुना की सफाई केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला जनआंदोलन होना चाहिए। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
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चरखारी में विधायक के साथ 451 बेटियों ने किया गरबा: बुंदेलखंड के चरखारी में विधायक बृजभूषण राजपूत ने कराया भव्य आयोजन, उत्साह से थिरकीं बेटियां – Mahoba News
बुंदेलखंड के कश्मीर कहे जाने वाले चरखारी में शारदीय नवरात्र की धूम है। सप्तमी शनिवार की रात चरखारी के विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा मां के दरबार में भव्य गुजराती डांडिया और गरबा का आयोजन किया गया। पेशेवर कोरियोग्राफर से प्रशिक्षण पाकर रंग-बिरंगी पोशाकों में सजी ग्रामीण और कस्बे की करीब 451 किशोरियों ने देर रात तक जमकर डांडिया नृत्य किया। इस दौरान विधायक ने भी बच्चियों के साथ डांडिया कर उनका उत्साह बढ़ाया। महोबा जनपद इन दिनों पूरी तरह से मां भगवती की भक्ति के रंगों में सराबोर है। शारदीय नवरात्र के मौके पर चरखारी में विधायक बृजभूषण राजपूत के आवास ड्योढ़ी प्रांगण में गुजराती डांडिया और गरबा का भव्य जगराता आयोजित किया गया। इस सांस्कृतिक आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें किसी बड़े शहर की तर्ज पर स्थानीय ग्रामीण और कस्बे की बेटियों को मंच दिया गया। आयोजन से पहले एक पेशेवर कोरियोग्राफर की मदद से इन बच्चियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था। सप्तमी शनिवार की देर रात 1 बजे तक मां शेरावाली के दरबार में भक्ति भजनों और पारंपरिक घूमर गीतों पर करीब 451 किशोरियों ने अलग अलग टोलियां बनाकर डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया। माहौल तब और भी उत्साहपूर्ण हो गया जब स्वयं विधायक बृजभूषण राजपूत और उनके पिता, पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत हाथों में डांडिया लेकर बच्चियों के साथ नृत्य करने मैदान में उतर पड़े। विधायक को अपने बीच पाकर बेटियों का उत्साह दोगुना हो गया। विधायक बृजभूषण राजपूत ने इस आयोजन को मां दुर्गा का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि बेटियां जब पूरे मन से नृत्य करती हैं, तो साक्षात मां भगवती की झलक दिखाई देती है। कार्यक्रम के अंत में विधायक ने सभी प्रतिभागी बेटियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। वहीं स्थानीय किशोरी रूपा तिवारी और ज्योति यादव ने बताया कि वे साल भर इस दिन का इंतजार करती हैं और बड़े उत्साह से मां के चरणों में अपनी प्रस्तुति देती हैं।
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