Sunday, October 25, 2026
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हरदोई के टुभका में देवस्थान पर लाइट नहीं: कई बार विधायक प्रभास कुमार से कहा, फिर भी नहीं मिली बिजली – Faridapur(Sadar Tehsil) News




हरदोई के मानापुरवा में स्थित भोले बाबा के देवस्थान पर बिजली और पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव वालों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विधायक प्रभास कुमार और ब्लॉक प्रमुख धर्मवीर सिंह से भी संपर्क किया था। इसके बावजूद मंदिर पर न तो बिजली लगवाई गई और न ही पानी का इंतजाम किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर बनवाने और सुविधाओं के लिए कई बार सूचना दी गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। ब्लॉक प्रमुख ने अन्य जगहों पर पानी की व्यवस्था करवाई है, पर इस मंदिर पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। गांव के लोग इस अनदेखी से परेशान हैं।



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इस खास लकड़ी के मूसल में छिपा है देसी चटनी का राज, जानें क्या है खासियत

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Traditional Wooden Pestle: तेलंगाना की पारंपरिक रसोई में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का मूसल एक बार फिर लोगों का ध्यान खींच रहा है. हैदराबाद के आधुनिक घरों में भी हाथ से कुटी चटनियों और मसालों के स्वाद को पसंद किया जा रहा है. कारीगर बताते हैं कि पच्चड़ी बंडा बनाने के लिए सघन और टिकाऊ लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है. पत्थर की ओखली में इस मूसल से गोंगुरा, टमाटर, मिर्च, तिल और मूंगफली कूटकर पारंपरिक रोटी पच्चड़ी तैयार की जाती है. हाथ से कूटने पर सामग्री पूरी तरह महीन पेस्ट बनने के बजाय दरदरी रहती है, जिससे चटनी की बनावट अलग होती है. स्थानीय मान्यताओं में इस लकड़ी को स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है, हालांकि इसके औषधीय प्रभावों के वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट नहीं हैं. अलग-अलग जरूरतों के लिए 15, 18 और 24 इंच के मूसल बनाए जाते हैं.

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हैदराबाद: मिक्सी और इलेक्ट्रॉनिक ग्राइंडर के दौर में भले ही खाना जल्दी बन जाता हो, लेकिन तेलंगाना की पारंपरिक रसोई का असली जायका आज भी हाथ से कुटे मसालों और देशी चटनियों में ही बसता है. तेलंगाना के ग्रामीण इलाकों से लेकर हैदराबाद के आधुनिक घरों तक, पारंपरिक रोटी पच्चड़ी का स्वाद वापस अपनी जगह बना रहा है. इसी परंपरा और सेहत को ध्यान में रखते हुए रसोई में चंद्र लकड़ी से बने पारंपरिक मूसल यानी पच्चड़ी बंडा का चलन एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है.

रसोई उपकरण के पारंपरिक कारीगरों के मुताबिक, यह मूसल किसी सामान्य लकड़ी से नहीं, बल्कि मजबूत और ठोस नल्ला मानु यानी खैर प्रजाति से गढ़ा जाता है. यह लकड़ी प्राकृतिक रूप से बेहद भारी, सघन और टिकाऊ होती है. भारी होने के कारण पत्थर की ओखली में टमाटर, गोंगुरा, हरी मिर्च, भुनी मूंगफली या तिल कूटते समय ज्यादा ताकत नहीं लगानी पड़ती. सामग्री को कूटते वक्त उसका प्राकृतिक तेल और रस उड़ता नहीं, बल्कि बरकरार रहता है, जिससे चटनी का दरदरापन और असली टेक्सचर मिलता है.

चंद्र लकड़ी में पाए जाते हैं प्राकृतिक औषधीय तत्व

बुजुर्गों और पारंपरिक जानकारों का मानना है कि चंद्र लकड़ी में प्राकृतिक औषधीय तत्व समाहित होते हैं. जब इसमें खड़े मसाले या चटनियां कुटी जाती हैं, तो इसके बारीक प्राकृतिक गुण भोजन में मिलकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मददगार माने जाते हैं। वहीं, बिजली वाले मिक्सी में तेज ब्लेड की गर्माहट से मसालों के पोषक तत्व और मूल महक नष्ट हो जाती है, जबकि इस लकड़ी के मूसल से तैयार भोजन पूरी तरह शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक रहता है.

अलग-अलग आकारों में मिल जाता है मूसल

महिलाओं और पारंपरिक कुकिंग के शौकीनों की सुविधा के लिए यह मूसल 15 इंच, 18 इंच और 24 इंच के तीन अलग-अलग आकारों में तैयार किया जाता है. छोटे आकार का मूसल रोजमर्रा की चटनी और अदरक-लहसुन कूटने के लिए मुफीद है, जबकि बड़े आकार का उपयोग भारी सामग्री और त्योहारों पर बनने वाले पकवानों के लिए किया जाता है। तेलंगाना की संस्कृति में यह सिर्फ एक रसोई उपकरण नहीं, बल्कि पुरानी विरासत और सेहतमंद जीवनशैली का प्रतीक बनता जा रहा है।

About the Author

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दीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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कार के टायर में लगी आग, जवानों ने बुझाई: बड़वानी में 5 गाड़ियां जलने से बचीं, अधिवक्ता ने 11 हजार इनाम देने की घोषणा की – Barwani News




बड़वानी में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात कचहरी रोड पर एक कार के टायर में आग लग गई। रात में गश्त कर रही पुलिस की चार्ली टीम के जवानों ने समय रहते आग बुझाकर बड़ा नुकसान होने से बचा लिया। आग फैलती तो कार के पास खड़ी 4 अन्य गाड़ियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। घटना वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषोत्तम मुकाती के घर के बाहर की है। रात में गश्त कर रहे आरक्षक महेश और खड़क सिंह ने कार से आग की लपटें उठती देखीं। दोनों तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाई। पुलिस जवानों ने दिखाई तत्परता पुलिस जवानों की तत्परता से अधिवक्ता की कार और पास खड़ी अन्य गाड़ियां जलने से बच गईं। इस कार्रवाई के लिए पुरुषोत्तम मुकाती ने जवानों का आभार जताया है। उन्होंने दोनों आरक्षकों को 11 हजार रुपए नकद इनाम और सम्मान पत्र देने की घोषणा की है।



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अमेरिका की फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के पास फायरिंग, 12 घायल: इनमें 6 बच्चे शामिल, 3 की हालत गंभीर; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं




अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के तलहासी में फ्लोरिडा एग्रीकल्चरल एंड मैकेनिकल यूनिवर्सिटी पास शनिवार रात फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। इनमें 6 बच्चे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, 11 लोगों को गोली लगी, जबकि एक महिला भागने के दौरान घायल हुई। कम से कम 3 घायलों की हालत गंभीर है। पुलिस के मुताबिक, रात 11:30 बजे तक 9 घायलों की हालत स्थिर थी। मामले में अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। फुटबॉल मैच के बाद हुई फायरिंग पुलिस के मुताबिक, घटना रात करीब 8 बजे पेरी और मनाटी स्ट्रीट के चौराहे के पास हुई। शुरुआती जांच में पता चला है कि गोलीबारी से पहले लोगों के बीच झगड़ा हुआ था। उस समय यूनिवर्सिटी में होमकमिंग वीकेंड चल रहा था और फुटबॉल मैच के बाद इलाके में भीड़ थी। इस दौरान पूर्व छात्र और दूसरे लोग यूनिवर्सिटी के कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचे थे। पुलिस ने बच्चों के घायल होने पर दुख जताया तलहासी पुलिस प्रमुख लॉरेंस रेवेल ने बताया कि घटनास्थल पूरी तरह सुरक्षित होने से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने घायलों को सुरक्षित जगह पहुंचाया और अस्पताल ले जाने में मदद की। उन्होंने बच्चों के घायल होने पर दुख जताया। यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर बताया कि फायरिंग कैंपस के पास हुई और परिसर सुरक्षित है। पुलिस की वायलेंट क्राइम्स यूनिट मामले की जांच कर रही है। अधिकारी झगड़े की वजह और गोलीबारी में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। पुलिस ने लोगों से घटना से जुड़ी जानकारी शेयर करने की अपील की है।



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कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र- 27 अक्टूबर को होगी काउंटिंग: मतगणना कर्मियों का प्रशिक्षण पूरा, 14 टेबल बनाए गए; वैध पास के साथ ही मिलेगी एजेंट को एंट्री – Purnia News




कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 27 अक्टूबर को काउंटिंग होगी। कर्मियों और अधिकारियों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है। इसका मकसद मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और बिना किसी गलती के संपन्न कराना है। प्रशिक्षण सत्र की अध्यक्षता निर्वाची पदाधिकारी और प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहायक निर्वाची पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी पूर्णिया अंशुल कुमार, प्रेक्षक सह मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मास्टर ट्रेनर्स तथा अन्य जिला स्तरीय वरीय पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। मतगणना प्रक्रिया पर आवश्यक निर्देश प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतगणना को लेकर जारी किए गए सभी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना प्रक्रिया सामान्य चुनावों से काफी भिन्न और अत्यधिक संवेदनशील होती है। इसलिए इसमें तैनात सभी मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक और माइक्रो ऑब्जर्वर पूर्ण सतर्कता, सूक्ष्मता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। टेबलवार व्यवस्था एवं राउंडवार प्रविष्टि मतगणना का कार्य कुल 14 टेबल पर निर्धारित किया गया है। टेबल की संरचना, राउंडवार परिणाम प्रविष्टि, सीलिंग प्रक्रिया और पूरी प्रक्रिया के दौरान गोपनीयता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए। मतगणना कार्य में प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए मतगणना टेबल का आवंटन रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
प्रवेश नियंत्रण एवं सुरक्षा मतगणना केंद्र परिसर में केवल अधिकृत पदाधिकारियों, कर्मियों और वैध पासधारक एजेंटों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिससे केंद्र पर अनावश्यक भीड़ न हो। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतों की गिनती दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से प्रारंभ होगी। सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को समय से मतगणना केंद्र पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है। निर्वाची पदाधिकारी सह पूर्णिया प्रमंडलीय आयुक्त दिनेश कुमार ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है और मतगणना में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी कर्मियों से निष्पक्षता और पूर्ण समर्पण के साथ कार्य पूरा करने की अपील की गई।



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महीनों से किराया नहीं दिया, लाखों के नकली नोट छापे: नागपुर के कमरे में मिले ₹37 लाख, गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी; आरोपी फरार




महाराष्ट्र के नागपुर में किराए के कमरे में नकली नोट छापने का मामला सामने आया है। आरोपी ने महीनों से किराया नहीं दिया था। मकान मालिक ने कमरे का ताला तोड़ा तो अंदर ₹500-500 के नोटों के बंडल के साथ प्रिंटर और छपाई में इस्तेमाल होने वाला सामान भी मिला। बरामद नकली नोटों की कुल कीमत करीब ₹37 लाख बताई गई है। नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी। आरोपी फिलहाल फरार है। डेढ़ साल पहले किराए पर लिया था कमरा आरोपी की पहचान पुष्पक कृष्ण भंडारकर उर्फ बेंडाने के रूप में हुई है। वह नागपुर के त्रिमूर्ति नगर का रहने वाला है। उसने करीब डेढ़ साल पहले खरबी इलाके में कमरा किराए पर लिया था। उसका रेंट एग्रीमेंट जनवरी में खत्म हो गया था। इसके बाद उसने कई महीनों तक किराया नहीं दिया। मकान मालिक रमेश ने जब उससे कमरा खाली करने के लिए कहा, तो आरोपी ने कथित तौर पर चाकू दिखाकर धमकाया। इसके बाद मकान मालिक ने वाठोडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कई दिन से कमरे में नहीं आया था आरोपी आरोपी लंबे समय से कमरे पर नहीं आया था। शनिवार को मकान मालिक ने हथौड़े से कमरे का ताला तोड़ा। अंदर एक बाल्टी में नोटों के बंडल रखे थे। जमीन पर कागज बिखरे हुए थे और कमरे में प्रिंटर भी लगा था। यह देखकर मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां ₹500 के नकली नोटों के बंडल मिले। नोटों की संख्या का पता लगाने के लिए गिनती की मशीन मंगाई गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी ने करीब ₹37 लाख के नकली नोट छापे थे। अधछपे नोट और छपाई का सामान भी मिला पुलिस को मौके से अधछपे नोट और छपाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी मिली। कुछ नोटों पर सिर्फ एक तरफ छपाई हुई थी, जबकि दूसरी तरफ का हिस्सा खाली था। पुलिस ने नोटों और अन्य सामग्री समेत करीब ₹48 लाख की कीमत का सामान जब्त किया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। जांच के दौरान पता चला कि वह मुंबई में है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम मुंबई भेजने की तैयारी की जा रही है। मामले की जांच जारी है। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… मुंबई में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार:फोन में मसूद अजहर की ऑडियो क्लिप मिली; आरोपी बिहार का रहने वाला, रैपिडो ड्राइवर था मुंबई एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने माहिम इलाके से 33 साल के मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर को गिरफ्तार किया है। उस पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने का आरोप है। आरोपी बिहार का रहने वाला है और मुंबई में रैपिडो ड्राइवर था। पूरी खबर पढ़ें…



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उदयपुर- पंचायत चुनाव का तीसरा चरण, 28 नामांकन खारिज: चार पंचायत समितियों में 223 उम्मीदवार, कल नाम वापसी का आखिरी दिन – Udaipur News




पंचायती राज चुनाव 2026 के तहत उदयपुर जिले में तीसरे चरण के नामांकन पत्रों की जांच में 28 नामांकन खारिज हुए। अब उदयपुर जिले की 4 पंचायत समितियों के कुल 62 वार्डों के लिए 223 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि 26 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक है। नाम वापसी होने के बाद इन पंचायत समितियों में चुनाव मैदान में बचे उम्मीदवारों की तस्वीरें साफ हो जाएगी। कल्याणपुर में दो फॉर्म खारिज जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि कल्याणपुर पंचायत समिति के कुल 15 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 66 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इसमें से 2 फॉर्म खारिज होने के बाद 64 नामांकन वैध पाए गए हैं। सबसे ज्यादा खेरवाड़ा में 13 खारिज खेरवाड़ा के 17 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 72 नामांकन फॉर्म भरे गए थे। स्क्रूटनी के दौरान सबसे ज्यादा 13 फॉर्म यहां निरस्त किए गए, वहीं एक नामांकन डिस्कार्ड होने के बाद अब 58 वैध उम्मीदवार बचे हैं। नयागांव के 15 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 68 नामांकन पत्र आए थे। यहाँ 12 फॉर्म खारिज और 4 नामांकन डिस्कार्ड होने के बाद वैध नामांकित उम्मीदवारों की संख्या 52 है। ऋषभदेव के कुल 15 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 50 नामांकन दाखिल हुए थे। इनमें से 1 फॉर्म खारिज होने के बाद 49 उम्मीदवारों के नामांकन वैध मिले हैं। पहले चरण में उदयपुर के सरपंचों का परिणाम यहां से देखें…



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X पर लाइक के साथ पैसे भी भेजें, मस्क का नया फीचर, बस कुछ देर दबाना होगा बटन


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X के मालिक एलन मस्क ने नया फीचर लॉन्च किया है. अब यूजर किसी पोस्ट को लाइक करने के साथ ही X Money के जरिए 1 डॉलर भेज सकेंगे.

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अब किसी की पोस्ट पसंद आने पर सिर्फ लाइक करने के बजाय उसे पैसे भी भेज सकेंगे. कंपनी के मालिक एलन मस्क ने 25 अक्टूबर 2026 को एक नए फीचर का ऐलान किया. इसके तहत यूजर लाइक बटन को देर तक दबाकर X Money के जरिए दूसरे यूजर को 1 डॉलर भेज सकेगा. यह रकम भारतीय मुद्रा में करीब 88 रुपये बैठती है, हालांकि वास्तविक राशि विनिमय दर के हिसाब से बदल सकती है.



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SIR सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से चुनाव आयोग का इनकार: कहा- यह ट्रेड सीक्रेट; RTI में नाम-वर्जन और AI इस्तेमाल पर पूछे थे सवाल


11 मिनट पहले

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने 16 अक्टूबर को RTI में पूछे सवालों का जवाब दिया।

चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर की जानकारी देने से इनकार कर दिया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने RTI के जवाब में कहा- यह जानकारी ट्रेड सीक्रेट और इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़ी है। इसे RTI कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता।

आयोग ने यह भी साफ नहीं किया कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

5 सवालों पर चुनाव आयोग के जवाब

1. सॉफ्टवेयर का नाम और वर्जन: आयोग ने नाम और वर्जन बताने से इनकार किया। RTI कानून की धारा 8(1)(d) के तहत ट्रेड सीक्रेट का हवाला दिया। साथ ही कहा कि SIR के लिए नया सॉफ्टवेयर न बनाया गया, न खरीदा गया।

2. क्या सॉफ्टवेयर खुद गड़बड़ियां पहचानता है: आयोग ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने इसे स्पष्टीकरण मांगने वाला सवाल बताते हुए RTI कानून की धारा 2(f) का हवाला दिया।

3. AI या मशीन लर्निंग का इस्तेमाल पर: आयोग ने स्पष्ट नहीं किया कि वोटर लिस्ट की जांच में AI, मशीन लर्निंग या प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स का इस्तेमाल हुआ या नहीं।

4. सॉफ्टवेयर से खुद नाम हटाने के सवाल पर: आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने या हटाने का फैसला संबंधित क्षेत्र का ERO तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर करता है। आयोग ने सॉफ्टवेयर की भूमिका के बारे में अलग से जानकारी नहीं दी।

5. चिह्नित रिकॉर्ड की समीक्षा और मंजूरी के सवाल पर: चुनाव आयोग ने RTI कानून की धारा 8(1)(g) का हवाला दिया। साथ ही बताया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13B(1) और 13B(2) के तहत संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की वोटर लिस्ट तैयार करने और उसमें संशोधन की जिम्मेदारी होती है।

दो चुनाव आयुक्तों ने अफसर के कामकाज पर सवाल उठाए

दो दिन पहले RTI एक्टिविस्ट लोकेश के. बत्रा को RTI के तहत मिले जवाब से पता चला कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 29 जुलाई को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखे थे। इनमें उन्होंने डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग के कामकाज पर सवाल उठाए थे।

दोनों आयुक्तों ने अधिकारियों के बीच काम बांटने के एक आदेश पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि यह आदेश चुनाव आयोग की मंजूरी के बिना जारी किया गया। RTI से मिले दस्तावेजों के मुताबिक, कैबिनेट सचिवालय ने कहा कि ये पत्र पूरे चुनाव आयोग की ओर से भेजी गई आधिकारिक शिकायतें नहीं थीं। इसलिए उसने खुद कार्रवाई करने के बजाय शिकायतें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को भेज दीं। पूरी खबर पढ़ें…

SIR पर पहले भी उठे सवाल, दावा- दो चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई

  • 25 सितंबर: इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में कम-से-कम 14 बार आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्ति जताई थी। इसमें मतदाता सूची के डेटा पर नियंत्रण और अधिकारियों को जानकारी नहीं दिए जाने के मुद्दे भी शामिल थे। पूरी खबर पढ़ें…
  • 26 सितंबर: चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मनीष गर्ग के काम के बंटवारे संबंधी आदेश लागू नहीं किए गए थे और IT विभाग की निगरानी वास्तव में नहीं हटाई गई थी।
  • 3 अक्टूबर: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मनीष गर्ग की भूमिका और आयोग के IT सिस्टम से जुड़े कामकाज पर सवाल उठाए थे।
  • 21 अक्टूबर: RTI से मिली जानकारी के मुताबिक दोनों आयुक्तों के पत्र कैबिनेट सचिवालय पहुंचे थे और आगे संबंधित अधिकारियों को भेजे गए। पत्रों में क्या था, यह सामने नहीं आया था।

खबरें और भी हैं…



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ब्रज रज उत्सव में सूफी पर झूमे दर्शक: ईशान मिश्रा के सूफियाना सुरों से सजी महफिल, वंदना श्री की प्रस्तुतियों ने बांधा समां – Mathura News




वृंदावन में सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ की प्रस्तुति के बाद शनिवार देर शाम को धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में भी ब्रज रज उत्सव का शुभारंभ हो गया। ब्रज की संस्कृति, लोक परंपराओं, खानपान और हस्तशिल्प के रंगों से सजे उत्सव के पहले दिन भक्ति संगीत और सूफियाना सुरों का अनूठा संगम देखने को मिला। वंदना श्री की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों और पारंपरिक भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बनाया, वहीं सूफी गायक ईशान मिश्रा की सुरीली आवाज ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कैबिनेट मंत्री ने किया शुभारंभ उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ब्रज रज उत्सव का शुभारंभ शनिवार देर शाम को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, सांसद हेमा मालिनी, पूर्व राज्य मंत्री रविकांत गर्ग और विधान परिषद सदस्य ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर किया। परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने अतिथियों का अभिनंदन किया। इस दौरान एमवीडीए के सचिव आशीष कुमार सिंह, एसीईओ राजीव पांडेय, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र , भाजपा नेता जनार्दन शर्मा, नरदेव चौधरी सहित अन्य मौजूद रहे। ढोल-नगाड़ों की गूंज, शहनाई के स्वरों और लोकनृत्य करते कलाकारों ने अतिथियों का स्वागत किया। रंग-बिरंगी सजावट और पारंपरिक अंदाज में सजे परिसर में उत्सव की रौनक देखते ही बनी। अतिथियों ने मेला परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और दुकानदारों से बातचीत भी की। सांसद बाद में पहले कलाकार हूं : हेमा मालिनी इस मौके पर मुख्य अतिथि चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि ब्रज में वर्षभर जितने पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, उतने कहीं और देखने को नहीं मिलते। इसके बावजूद ब्रजवासियों को ब्रजरज उत्सव का विशेष इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आकांक्षाओं के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है। सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि ब्रजरज उत्सव का आयोजन पिछले कई वर्षों से हो रहा है। अब देश के प्रख्यात कलाकार भी इसमें भाग लेने के लिए उत्सुक रहते हैं। वह स्वयं भी यहां कई बार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। एक दिन पहले उन्होंने मां गंगा पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। उन्होंने कहा, “यहां के लिए मैं सांसद बाद में, कलाकार पहले हूं।” भक्ति संगीत और सूफियाना सुरों ने बांधा समां सांस्कृतिक संध्या का आगाज प्रख्यात सूफ़ी गायक ईशान मिश्रा ने अपनी गायकी से महफिल में चार चांद लगा दिए। उनकी आवाज ने श्रोताओं को संगीत के रंग में सराबोर कर दिया।भक्ति से लेकर सूफियाना संगीत तक सजी इस सांस्कृतिक शाम में तालियों की गूंज कलाकारों का उत्साह बढ़ाती रही। उनकी प्रस्तुतियों ने ब्रजरज उत्सव के इस दिन को राधा रानी के भजनों से यादगार बना दिया। राधे अलबेली सरकार , राधे राधे जपा करो, एक राधा एक मीरा दिनों में अंतर क्या आदि प्रस्तुतियों ने भक्ति के इस उत्सव में सुफियाना रंग भर दिए। वंदना श्री ने दी प्रस्तुति इसके बाद ब्रज की ख्यातिप्राप्त कलाकार वंदना श्री की प्रस्तुतियों ने भक्ति के रस में उपस्थित लोगों को आनंदित कर दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज संस्कृति पर आधारित शास्त्रीय नृत्य एवं पारंपरिक भजनों के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया। खानपान से हस्तशिल्प तक, मेले में बिखरे आकर्षणों के रंग ब्रज रज उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेला परिसर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। खानपान के स्टॉलों पर चटपटे व्यंजनों और विभिन्न स्वादों का आनंद लेने के लिए लोगों की आवाजाही लगी रही। वहीं, हथकरघा और हस्तशिल्प के स्टॉलों पर भारतीय कारीगरी, पारंपरिक उत्पादों और सजावटी वस्तुओं की विविधता देखने को मिली। घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर हस्तनिर्मित सामान तक की खरीदारी के लिए लोगों में उत्साह नजर आया। बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले और अन्य आकर्षण मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं। गोकुल गांव की थीम पर सजे परिसर में ब्रज के ग्रामीण जीवन, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिल रही है।



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