उन्नाव में धनतेरस और दीपावली पर बाजारों की सुरक्षा के लिए 2 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जिले को उत्तरी और दक्षिणी दो सेक्टर में बांटा गया है। इनकी निगरानी एएसपी उत्तरी और एएसपी दक्षिणी करेंगे।
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एसएसपी ने बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे एसएसपी जयप्रकाश सिंह और एसपी उत्तरी आयुष श्रीवास्तव गंगाघाट थाना क्षेत्र के बाजारों में पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा इंतजाम देखे और ज्वेलर्स की दुकानों में लगे CCTV कैमरों की जांच की। अधिकारियों ने व्यापारियों से भी सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली।
अधिकारियों ने दुकानदारों से कहा कि वे उच्च गुणवत्ता वाले CCTV कैमरे हर समय चालू रखें और संदिग्ध लोगों या गतिविधियों पर नजर रखें। अधिक नकदी और कीमती आभूषण एक जगह से दूसरी जगह ले जाते समय सतर्क रहने को कहा। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को देने के निर्देश भी दिए।
बाजारों में पैदल गश्त कर लोगों से की बात
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बाजार में पैदल गश्त की और व्यापारियों व लोगों से बात की। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने को कहा गया। उन्हें संदिग्ध लोगों की जांच करने और बाजारों में पुलिस की मौजूदगी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
सादे कपड़ों में भी तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
त्योहारी भीड़ को देखते हुए जिले को उत्तरी और दक्षिणी दो सेक्टर में बांटा गया है। दोनों सेक्टर की निगरानी संबंधित एएसपी करेंगे। बाजारों में सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी संदिग्धों पर नजर रखेंगे।
गश्त बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल भेजने की व्यवस्था भी की गई है।
पुलिस ने कहा कि धनतेरस और दीपावली पर लोग बिना डर के खरीदारी कर सकें और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।
किशनगंज में नाबालिग लड़की का अपहरण कर रेप करने और अश्लील फोटो व वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने के मामले में टाउन थाने की पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के ग्वालपोखर थाना क्षेत्र के कमलपुर गांव निवासी महादेव सिंह के बेटे बासुदेव कुमार सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। लड़की को 2 दिन बाद छोड़ा आरोपी बीते 4 अगस्त को आरोपी बासुदेव ने टाउन थाना क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग लड़की का अपहरण कर लिया था। परिजनों ने जब उसकी खोजबीन शुरू की तो पता चला कि आरोपी उसे अपने घर ले गया है। परिजनों के दबाव के बाद 6 अगस्त को आरोपी ने नाबालिग को वापस उसके घर भेज दिया। सिलीगुड़ी ले जाकर कर किया रेप घर लौटने के बाद पीड़िता ने परिजनों को बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर सिलीगुड़ी ले गया था, जहां उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने अपने मोबाइल से पीड़िता की अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए थे। इसके बाद वह तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बना रहा था। इस वजह से पीड़िता काफी भयभीत थी। आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायत कराई दर्ज घर लौटने के बाद पीड़िता गुमसुम रहने लगी थी। परिजनों ने जब उससे लगातार पूछताछ की तो उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। यह सुनकर परिजन स्तब्ध रह गए। इसके बाद वे पीड़िता को लेकर तत्काल टाउन थाना पहुंचे और आरोपी के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई। सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि मामले शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। इसी क्रम में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर फरार आरोपी बासुदेव कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कोटा. दिवाली का त्योहार हो और मिठाइयों की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! त्योहारों की रौनक मिठाइयों के बिना अधूरी है. देश के हर शहर की कोई न कोई ऐसी खास मिठाई या नमकीन होती है, जो उसकी पहचान बन जाती है. एजुकेशन सिटी कोटा की पहचान भी एक ऐसे ही अनोखे स्वाद से जुड़ी है, जिसे यहां के लोग कड़के सेव के नाम से जानते हैं. अलसी के तेल में तैयार होने वाले तीखे, चटपटे और कुरकुरे कड़के सेव का जायका ऐसा है कि एक बार खाने वाला इसे भूल नहीं पाता.
कोटा में मिठाई और नमकीन की बात हो तो इन सेव का जिक्र जरूर होता है. खास बात यह है कि बदलते दौर और बाजार में नए स्वादों की आमद के बावजूद इस पारंपरिक जायके को मोहन जी की चौथी पीढ़ी आज भी संजोए हुए है. स्वाद के साथ इस दुकान की अपनी विरासत और ग्राहकों की दिलचस्प कहानियां भी हैं. आइए, देखते हैं संवाददाता हिमांशु मित्तल की कोटा से यह खास रिपोर्ट.
अलसी के तेल में तैयार होता है खास स्वाद
कोटा के कड़के सेव की सबसे बड़ी खासियत इन्हें बनाने का 100 साल से भी अधिक पुराना पारंपरिक तरीका है. जहां बाजार में ज्यादातर नमकीन अलग-अलग तरह के तेलों में तैयार की जाती है, वहीं यहां अलसी के तेल का इस्तेमाल इस स्वाद को खास बनाता है. तीखापन, मसालों का चटपटापन और कुरकुरापन इन सेव को दूसरी नमकीन से अलग पहचान देते हैं. यही वजह है कि इनका स्वाद सिर्फ कोटा तक सीमित नहीं है, बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी इन्हें अपने साथ ले जाना पसंद करते हैं.
चार पीढ़ियों से कायम है स्वाद की विरासत
किसी भी पारंपरिक व्यंजन की असली पहचान उसका स्वाद और उसे बनाने का तरीका होता है. मोहन जी की चौथी पीढ़ी भी इसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है. पीढ़ियां बदल गईं, लोगों की पसंद में बदलाव आया और बाजार में नमकीन की कई नई किस्में आ गईं, लेकिन कड़के सेव का पारंपरिक स्वाद आज भी बरकरार है. पुराने ग्राहकों के लिए यह सिर्फ नमकीन नहीं, बल्कि बचपन और पुरानी यादों से जुड़ा जायका है. वहीं नई पीढ़ी भी इसके तीखे और कुरकुरे स्वाद की मुरीद हो रही है.
दिवाली पर बढ़ जाती है मांग
दिवाली जैसे त्योहारों पर घरों में मिठाइयों के साथ नमकीन की खरीदारी भी खूब होती है. मेहमानों की आवभगत हो या रिश्तेदारों को कुछ खास खिलाने की बात, कोटा के कड़के सेव लोगों की पसंद में शामिल रहते हैं. त्योहार के दिनों में इनकी मांग बढ़ जाती है. स्थानीय लोगों के लिए यह नमकीन कोटा की पहचान और स्वाद की विरासत है. बाहर से आने वाले पर्यटक और कोचिंग के सिलसिले में शहर में रहने वाले विद्यार्थी भी इस खास जायके का अनुभव लेना पसंद करते हैं. कोटा के कड़के सेव सिर्फ एक नमकीन नहीं, बल्कि शहर की खानपान संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा हैं. अलसी के तेल का खास इस्तेमाल, तीखा स्वाद और कुरकुरा अंदाज इन्हें अलग बनाता है. यही वजह है कि दिवाली की मिठास के बीच कोटा के इन कड़के सेव का चटपटा स्वाद भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है.
इंदौर क्राइम ब्रांच ने बेशकीमती जमीन के सौदे में धोखाधड़ी के मामले में गुरुवार को एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने जमीन के सौदे में कुछ राशि कारोबारी को नकद दी, जबकि बाकी राशि के बदले एक संस्था की जमीन का इकरारनामा कर दिया। बाद में संबंधित संस्था की ओर से जमीन को लेकर आपत्ति जताई गई, तो पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। क्राइम ब्रांच ने 62 वर्षीय रमेन जोशी निवासी फैंटेसी कॉलोनी, बिचौली हप्सी की शिकायत पर सुनील कुमार भाटिया, महेंद्र जैन और संदीप के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी एसेट्स क्रिएटर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी चलाते हैं। रमेन जोशी की मनोरमागंज में 10 हजार स्क्वायर फीट से अधिक जमीन थी, जिसका सौदा 1 करोड़ 69 लाख रुपए में तय हुआ था। इस जमीन की रजिस्ट्री 23 फरवरी 2007 को करा दी गई थी। इस सौदे में एक शर्त रखी गई थी कि ग्राम पिपल्याहाना स्थित 1.5 एकड़ जमीन, सर्वे नंबर 546, जो आरोपियों ने अपनी बताई थी, रमेन को दी जाएगी। इसके साथ ही 60 लाख रुपए का एक चेक भी दिया गया। रमेन ने यह चेक 3 अक्टूबर 2008 को बैंक में लगाया, तो वह बाउंस हो गया। बाद में पीड़ित को पता चला कि पिपल्याहाना की जो जमीन उन्हें दी गई थी, वह इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा अधिग्रहित थी और एक अन्य संस्था की थी। आरोपियों ने दावा किया था कि वे ‘रोचक गृह निर्माण संस्था’ के सदस्य हैं और यह जमीन उन्हीं की है। साथ ही, इस पर कोई विवाद नहीं है। हालांकि, डेढ़ एकड़ जमीन के IDA द्वारा अधिग्रहण की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ित ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
अलवर के रामगढ़ थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव में कब्रिस्तान की सरकारी जमीन पर लकड़ी रखने का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। विरोध से गुस्साए कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों (तलवारों) से पूरे परिवार पर हमला कर दिया। इस खूनी झड़प में युवक समेत एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद एक घायल की हालत नाजुक है। जिसे अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वारदात के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। जानिए क्या है पूरा मामला: जानकारी के मुताबिक, खेड़ी गांव निवासी शरीफ खान ने गांव के ही रतन सिंह और भगत सिंह के परिवार द्वारा कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर लकड़ियों का ढेर लगाने पर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि रतन सिंह, भगत सिंह और सुखविंदर समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडे व तलवारें निकालकर शरीफ खान के घर पर हमला बोल दिया। हमले में ये हुए घायल हमले में शरीफ खान, उसके पिता सलीम, भाई साहिल और बहन रवीना गंभीर रूप से चोटिल हो गए। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर घायलों को तुरंत रामगढ़ के स्थानीय अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद शरीफ खान की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए अलवर रेफर कर दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच ईरान ने अमेरिका को नया परमाणु प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी 7 शर्तें पूरी होने के बाद ही परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करेगा और होर्मुज खोलेगा। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अमेरिका इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। हालांकि, उन्होंने प्रस्ताव में शामिल शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। हालांकि अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। ईरान की बातचीत के लिए 7 शर्तें 1. अमेरिकी प्रतिबंध हटाए जाएं ईरान चाहता है कि अमेरिका उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध खत्म करे। इन प्रतिबंधों की वजह से ईरान के लिए दूसरे देशों के साथ कारोबार करना और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल बेचना मुश्किल होता है। 2. विदेशों में जमा पैसा लौटाया जाए ईरान की मांग है कि दूसरे देशों के बैंकों में जमा उसकी रोकी गई संपत्ति वापस की जाए। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की बड़ी रकम विदेशों में फंसी हुई है। 3. युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा मिले ईरान चाहता है कि अमेरिका युद्ध के दौरान उसके ठिकानों, बुनियादी ढांचे और दूसरी संपत्तियों को हुए नुकसान की भरपाई करे। इसके लिए मुआवजा देने की मांग भी उसकी शर्तों में शामिल बताई जा रही है। 4. अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म हो ईरान के बंदरगाहों और समुद्री कारोबार पर अमेरिका की ओर से लगाई गई रोक हटाई जाए। इस नाकेबंदी के कारण ईरान के लिए समुद्र के रास्ते सामान भेजना और मंगाना मुश्किल हो रहा है। 5. तेल बेचने की पूरी छूट मिले ईरान चाहता है कि उसके तेल कारोबार पर लगी पाबंदियां हटाई जाएं। इससे वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में दूसरे देशों को अपना तेल बेच सकेगा और उसकी कमाई बढ़ेगी। 6. ईरान और उसके सहयोगियों पर हमले बंद हों ईरान की मांग है कि अमेरिका और इजरायल उसके साथ-साथ क्षेत्र में उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई बंद करें। वह चाहता है कि युद्ध का दायरा दूसरे देशों और संगठनों तक न बढ़े। 7. पश्चिम एशिया से अमेरिकी सेना की तैनाती घटे ईरान चाहता है कि अमेरिका पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे। उसकी मांग है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सैनिकों की तैनाती घटाई जाए। परमाणु मुद्दे पर क्यों फंसी है बातचीत? अमेरिका और ईरान के बीच सबसे बड़ा विवाद परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करे और यह सुनिश्चित करे कि वह परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे नहीं बढ़ेगा। दूसरी ओर, ईरान का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत से पहले अमेरिका को उसके खिलाफ लगाए गए प्रतिबंध और दूसरी पाबंदियां हटानी होंगी। यानी दोनों देश बातचीत तो करना चाहते हैं, लेकिन शुरुआत कहां से हो, इस पर सहमत नहीं हैं। अमेरिका पहले परमाणु कार्यक्रम पर बात करना चाहता है, जबकि ईरान पहले आर्थिक और सैन्य पाबंदियां हटवाना चाहता है। कतर दोनों देशों के बीच मध्यस्थ बना अमेरिका और ईरान के बीच सीधे बातचीत के रास्ते बंद होने के कारण कतर जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इस बार भी ईरान ने अपना प्रस्ताव कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया है। कतर पहले भी दोनों देशों के बीच बातचीत कराने और तनाव कम करने की कोशिशों में शामिल रहा है। ऐसे में उसकी भूमिका इस बार भी अहम हो सकती है। फिलहाल अमेरिका की ओर से प्रस्ताव स्वीकार किए जाने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिकी समीक्षा के बाद ही पता चलेगा कि दोनों देश बातचीत की दिशा में आगे बढ़ते हैं या शर्तों को लेकर तनाव बना रहता है।
घरेलू शेयर बाजार में आज 6 नवंबर को कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे थे. लेकिन सपाट शुरुआत के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में बढ़त देखने को मिली. एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली और अमेरिकी शेयर बाजार में आई गिरावट का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ने के संकेत हैं. गिफ्ट निफ्टी सुबह 7 बजे 120 अंक से ज्यादा यानी की गिरावट के साथ 24,470 के आसपास कारोबार कर रहा था. अमेरिका में AI कंपनियों पर सख्त नियमन की आशंका के बीच एआई कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली.
November 6, 202611:38 IST
शेयर बाजार में बढ़ी हलचल
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 6 नवंबर को बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे. सुबह 11:22 बजे सेंसेक्स 400 अंक यानी 0.50% चढ़कर 79,710 पर और निफ्टी 58 अंक यानी 0.24% बढ़कर 24,595 पर पहुंच गया. हालांकि, गुरुवार की तेजी के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. स्मॉलकैप इंडेक्स 1.88% और मिडकैप 1.45% गिर गया. रियल्टी, मेटल, एनर्जी और मीडिया शेयरों में कमजोरी रही, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में खरीदारी दिखी. इस बीच इंडिया VIX 9.5% उछलकर 17.06 पर पहुंच गया, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है.
November 6, 202611:22 IST
सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव
शेयर बाजार में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी 50 बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. वहीं, बाजार के व्यापक सूचकांकों में कमजोरी है. निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में गिरावट दर्ज की जा रही है. यानी बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दिख रही है, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का दबाव बना हुआ है.
November 6, 202610:32 IST
निफ्टी मिडकैप 150 के टॉप गेनर्स
आज निफ्टी मिडकैप 150 इंडेक्स में Mphasis सबसे ज्यादा चमका, जिसमें 4.55% की तेजी के साथ शेयर 2,624.10 रुपये पर पहुंच गया. इसके बाद NHPC में 2.42%, United Breweries में 2.28%, Kalyan Jewellers में 1.57% और Persistent में 1.54% की बढ़त देखी गई.
November 6, 202610:00 IST
शेयर बाजार में दबाव, PI Industries से Yes Bank तक कई शेयर 2% से ज्यादा टूटे
आज सुबह के कारोबार में कई कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. PI Industries का शेयर 2.17% गिरकर 1,731.60 रुपये पर आ गया. Motilal Oswal Financial Services, Solar Industries India और Godrej Properties के शेयर भी 2% से ज्यादा टूटे. वहीं, Yes Bank का शेयर 2.16% गिरकर 15.89 रुपये और New India Assurance का शेयर 2.10% फिसलकर 155.21 रुपये पर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा Supreme Industries का शेयर 5% से ज्यादा गिरकर 3,112 रुपये के 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया.
November 6, 202609:59 IST
गुजरात एनर्जी का मुनाफा 35.9% गिरा, EBITDA में भी बड़ी कमी
गुजरात एनर्जी का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट 35.9% घटकर 639.3 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही में 998 करोड़ रुपये था. हालांकि, कंपनी की आय 1.5% बढ़कर 9,590 करोड़ रुपये हो गई. EBITDA में 38.5% की गिरावट आई और यह 797.2 करोड़ रुपये रहा. EBITDA मार्जिन भी 13.72% से घटकर 8.31% पर आ गया. नतीजों के बाद कंपनी का शेयर 3.43% गिरकर 217 रुपये पर कारोबार कर रहा था.
November 6, 202609:56 IST
IT इंडेक्स में 1% की बढ़त
निफ्टी IT इंडेक्स में 1% से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है. Mphasis, HCL Tech और TCS का सबसे बड़ा कॉन्ट्रीबुशन है.
November 6, 202609:41 IST
सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी
सेंसेक्स 211.34 अंक (0.27%) की तेजी के साथ 79,521.35 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 8.05 अंक (0.03%) की मामूली गिरावट के साथ 24,528.55 पर है.
Samsung के पिछले साल लॉन्च हुआ फोल्डेबल फोन 56000 रुपये सस्ता मिल रहा है।
अमेजन पर चल रही दिवाली सेल में फोन की कीमत में कटौती की गई है।
यह फोन 200MP के दमदार कैमरे के साथ आता है।
दिवाली और धनतेरस के मौके पर Samsung के पिछले साल लॉन्च हुए मुड़ने वाले फोन Galaxy Z Fold 7 की कीमत में बड़ी कटौती की गई है। सैमसंग का यह फोन 56,000 रुपये तक सस्ता मिल रहा है। इसके अलावा कैशबैक और डिस्काउंट ऑफर भी दिया जा रहा है। फोन में 200MP कैमरा और Google Gemini जैसे फीचर्स दिए गए हैं। Amazon पर चल रही दिवाली सेल में सैमसंग का यह फोन सस्ते में खरीदा जा सकता है।
Samsung Galaxy Z Fold 7 पर ऑफर
Samsung Galaxy Z Fold 7 को दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 512GB में खरीदा जा सकता है। इसे अमेजन पर 1,28,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। इसकी MRP 1,84,999 रुपये है। वहीं फोन की खरीद पर 3,689 रुपये का बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है। इसे तीन कलर ऑप्शन- ब्लू शैडो, जेट ब्लैक और कोरल रेड में खरीदा जा सकता है।
Samsung Galaxy Z Fold 7 के फीचर्स
Samsung के इस फोल्डेबल फोन में 8 इंच का बड़ा 2X डायनैमिक AMOLED मेन डिस्प्ले मिलता है। इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 2,600 निट्स तक की है। वहीं, इस फोन में 6.5 इंच का 2X डायनैमिक AMOLED कवर डिस्प्ले दिया गया है। फोल्ड होने के बाद इस फोन की मोटाई 8.9mm है। वहीं, अनफोल्ड होने के बाद इस फोन की मोटाई 4.2mm है। फोन का वजन भी 215 ग्राम है।
सैमसंग का यह फोल्डेबल फोन फ्लैगशिप Qualcomm Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर के साथ आता है। इसमें 16GB रैम और 1TB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इसमें 4,400mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ 25W वायर्ड और वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है। फोन के फ्रंट और बैक पैनल में कॉर्निंग गोरिल्ला सिरैमिक 2 का प्रोटेक्शन मिलेगा।
Samsung Galaxy Z Fold 7
फीचर्स
मेन डिस्प्ले
8 इंच AMOLED, 120Hz
कवर डिस्प्ले
6.5 इंच AMOLED
प्रोसेसर
Qualcomm Snapdragon 8 Elite
स्टोरेज
16GB + 1TB
बैटरी
4400mAh, 25W
कैमरा
200MP + 12MP + 10MP, 10MP + 10MP
OS
Android 16
इसके बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। फोन में 200MP का मेन वाइड एंगल, 12MP का अल्ट्रा वाइड एंगल और 10MP का टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें दो सेल्फी कैमरे मिलेंगे। इसमें 10MP का फ्रंट कैमरा और 10MP का कवर फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो कवर बंद होने के बाद सेल्फी कैमरे का काम करेगा। यह फोन Android 16 पर बेस्ड OneUI पर काम करता है।
देश में मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल से मरीजों को होने वाले गंभीर नुकसान के मामलों में पिछले छह साल में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।
इंडियन फार्माकोपिया कमीशन के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में ऐसे 808 मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में बढ़कर 2,176 हो गए। 2020 से अब तक कुल 9,373 गंभीर मामले सामने आए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ये आंकड़े पहली बार सूचना के अधिकार यानी RTI के जरिए सामने आए हैं। सेंट्रल इन्फॉर्मेशन कमीशन के आदेश के बाद IPC ने यह जानकारी उपलब्ध कराई।
गंभीर मामलों में मरीज की जान को खतरा, लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने या दूसरी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं होने जैसी स्थितियां शामिल हैं।
पहले गंभीर मामलों के आंकड़े अलग से सार्वजनिक नहीं किए जाते थे
IPC देशभर के 775 निगरानी केंद्रों से मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल के बाद होने वाली परेशानियों की जानकारी जुटाता है। इन्हें मेडिकल डिवाइस एडवर्स इवेंट यानी MDAE कहा जाता है।
IPC अपनी सालाना रिपोर्ट में ऐसी सभी घटनाओं की कुल संख्या बताता था, लेकिन सीरियस एडवर्स इवेंट यानी SAE के आंकड़े अलग से जारी नहीं करता था।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, केंद्रीय सूचना आयोग के 10 सितंबर के आदेश के बाद उसे 27 अक्टूबर को ये आंकड़े मिले। सूचना आयुक्त जया वर्मा सिन्हा ने 11 पन्नों का आदेश जारी कर IPC को गंभीर घटनाओं की जानकारी देने को कहा था।
हालांकि, मेडिकल डिवाइस की श्रेणी और उसे बनाने वाली कंपनी का नाम सार्वजनिक करने की अनुमति नहीं दी गई। IPC ने दलील दी थी कि कंपनी का नाम और डिवाइस की जानकारी सार्वजनिक करने से कारोबारी गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। यह भी साफ नहीं है कि मरीज को हुई परेशानी डिवाइस की खराबी से हुई या इलाज के दौरान किसी गलती के कारण।
हर साल हजारों शिकायतें, लेकिन बहुत कम मामले CDSCO भेजे गए
IPC की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, मेडिकल डिवाइस से जुड़ी घटनाओं की जानकारी मिलने के बाद बहुत कम मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) के पास भेजा गया। तीन वित्त वर्षों के आंकड़ों में शिकायतों और जांच के लिए भेजे गए मामलों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।
संदिग्ध डिवाइसों में रोजमर्रा के मेडिकल सामान भी शामिल
IPC की रिपोर्ट में दर्ज घटनाओं में से जिन मामलों को आगे की जांच के लिए भेजा गया, उनमें कई तरह के मेडिकल उपकरण शामिल थे। इनमें सर्जिकल दस्ताने, सिरिंज, यूरिन बैग, प्रेग्नेंसी टेस्ट किट, कैथेटर और ब्लड प्रेशर मॉनिटर जैसे सामान थे।
इसके अलावा दवा छोड़ने वाले स्टेंट, मैकेनिकल वेंटिलेटर और ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेट भी सूची में शामिल थे। खास बात यह है कि 2022-23 की सूची में एक पुरुष कंडोम को भी संदिग्ध मेडिकल डिवाइस के तौर पर दर्ज किया गया था।
2018 में हार्ट स्टेंट से जुड़ी शिकायतें भी सामने आई थीं
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उसने 2018 में मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री और डॉक्टरों-अस्पतालों के साथ उसके संबंधों पर जांच की थी। इस दौरान मेडिकल डिवाइस से जुड़ी घटनाओं के कुल 566 मामले सामने आए थे।
इनमें से 290 मामले अमेरिकी कंपनी एबॉट के बनाए हार्ट स्टेंट से जुड़े थे। उस समय कंपनी ने कहा था कि उसके स्टेंट दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल और जांचे जाने वाले स्टेंट में शामिल हैं। कंपनी के मुताबिक, इनका सेफ्टी रिकॉर्ड भी बेहतर है।
इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ने 2018 के आंकड़ों की नई जानकारी पाने के लिए कई RTI आवेदन किए, लेकिन जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। 2025 में CIC में अंतिम अपील के बाद छह साल के आंकड़े जारी किए गए।
15 दिन के भीतर गंभीर घटनाओं की रिपोर्ट देना जरूरी
मेडिकल डिवाइस के इस्तेमाल से होने वाली परेशानियों पर नजर रखने के लिए 2015 में मैटेरियोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया (MvPI) शुरू किया गया था। IPC इसके तहत ADRMS नाम के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ऐसी घटनाओं की जानकारी जुटाता है।
नियमों के मुताबिक, मेडिकल डिवाइस से जुड़ी गंभीर घटना की जानकारी 15 दिन के भीतर IPC को देना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, किसी घटना को गंभीर तब माना जाता है, जब उससे मरीज की मौत हो जाए, उसकी जान को खतरा हो, उसे लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़े या शरीर को स्थायी नुकसान पहुंचे।
अमेरिका में मेडिकल डिवाइस से जुड़ी घटनाओं की जानकारी के लिए MAUDE नाम का सार्वजनिक डेटाबेस है। इसमें डिवाइस से जुड़ी मौतों, चोटों और दूसरी परेशानियों की रिपोर्ट मिलती है। इसमें डिवाइस का ब्रांड, उसे बनाने वाली कंपनी, मॉडल और उससे हुई घटना की जानकारी भी देखी जा सकती है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में आठ साल का इंतजार खत्म हुआ। 19 दिन के छात्र आंदोलन और भूख हड़ताल के बाद आखिरकार छात्रों की सरकार बन गई। गुरुवार को हुए छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के बाद शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मानद सचिव और फैकल्टीवार कोर्ट मेंबर के परिणाम घोषित कर दिए गए। अध्यक्ष पद पर मोहम्मद नोमान अशरफ, उपाध्यक्ष पद पर नसरा नईम और मानद सचिव पद पर मोहम्मद हमदान ने जीत दर्ज की। इस चुनाव ने एएमयू के इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया। तीन प्रमुख पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव में पहली बार किसी महिला ने जीत दर्ज की है। लॉ फैकल्टी की छात्रा नसरा नईम पहली महिला उपाध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली नसरा लखनऊ में रहती हैं। अध्यक्ष पद पर विजयी पीएचडी छात्र नोमान अशरफ बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले हैं, जबकि मानद सचिव इंजीनियरिंग छात्र मोहम्मद हमदान आजमगढ़ के निवासी हैं। 4121 वोट से जीते नोमान, नसरा ने 1273 वोट से दर्ज की जीत अध्यक्ष पद पर मोहम्मद नोमान अशरफ को 7797 वोट मिले। दूसरे स्थान पर रहे मोहम्मद इंतखाब को 3676 वोट मिले। इस तरह नोमान ने 4121 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। उपाध्यक्ष पद पर नसरा नईम को 7091 और दूसरे स्थान पर रहे साकिब अली खान को 5818 वोट मिले। नसरा ने 1273 वोट से जीत हासिल की। मानद सचिव पद पर मोहम्मद हमदान को 8385 वोट मिले। दूसरे स्थान पर रहे अहमद फराज राजी को 6882 वोट मिले। हमदान ने 1503 वोट के अंतर से जीत दर्ज की। तीनों प्रमुख पदों में सबसे ज्यादा वोट भी मानद सचिव मोहम्मद हमदान को मिले। सुबह पांच बजे से जश्न, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी से गूंजा कैंपस गुरुवार सुबह से मतदान को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह रहा। शाम को मतदान समाप्त होने के बाद रात करीब 7 से 8 बजे के बीच मतगणना शुरू हुई। एबीके गर्ल्स यूनियन स्कूल में मतगणना के दौरान जैसे-जैसे रुझान स्पष्ट होते गए, प्रत्याशियों और समर्थकों की धड़कनें बढ़ती गईं। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे तीनों प्रमुख पदों के परिणाम लगभग स्पष्ट हो गए। इसके बाद मतगणना स्थल के बराबर स्थित यूनियन हॉल और मैदान में जश्न शुरू हो गया। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ नारेबाजी और आतिशबाजी की। तीनों विजेता प्रत्याशियों के समर्थकों का जमावड़ा लग गया। परिणाम स्पष्ट होने के बाद पराजित प्रत्याशी और उनके समर्थक वहां से चले गए। इसके बाद तीनों विजेता यूनियन हॉल पहुंचे। यहां समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। देर तक नारेबाजी, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजी का दौर चलता रहा। आठ साल बाद छात्रसंघ की बहाली के बाद कैंपस में ऐसा उत्सव देखने को मिला, जिसमें छात्र, समर्थक और प्रत्याशी पूरी रात मतगणना और परिणामों से जुड़े रहे। 19 दिन की भूख हड़ताल के बाद लौटी छात्रसंघ की रौनक छात्रसंघ चुनाव की बहाली के पीछे लंबा आंदोलन रहा। छात्र यासिर फहद ने चुनाव कराने समेत विभिन्न मांगों को लेकर 21 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की थी। डक पॉइंट और अब्दुल्लाह गर्ल्स कॉलेज गेट पर चले इस आंदोलन में छात्राओं ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। 19 दिन के आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच सहमति बनी। इसके बाद चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई और 5 नवंबर को मतदान कराया गया। इस चुनाव के साथ आठ साल से बंद छात्रसंघ की गतिविधियां फिर शुरू हुईं। अब अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव के साथ फैकल्टीवार कोर्ट मेंबर भी चुन लिए गए हैं। हालांकि, कैबिनेट सदस्यों का परिणाम अभी जारी होना बाकी है, जिसे कुछ देर में घोषित किया जाएगा। तीन प्रमुख पदों का पूरा परिणाम पद प्रत्याशी मिले वोट
अध्यक्ष मोहम्मद नोमान अशरफ 7797
अध्यक्ष मोहम्मद इंतखाब 3676
अध्यक्ष शरजील इकबाल 1807
अध्यक्ष मोहम्मद जुहैर अहमद 1274
अध्यक्ष अब्दुल वहीद 361
अध्यक्ष असमर फरीदी 345
अध्यक्ष अमीना इरशाद 136
अध्यक्ष शरजील मोहम्मद खान 33
अध्यक्ष साहिल खान 14
उपाध्यक्ष नसरा नईम 7091
उपाध्यक्ष साकिब अली खान 5818
उपाध्यक्ष मोहम्मद सदान 1525
उपाध्यक्ष अयमान हफीज खान 603
उपाध्यक्ष इरफा खान 196
उपाध्यक्ष सैयद अयान अहमद 75
उपाध्यक्ष अशफाक हुसैन 69
मानद सचिव मोहम्मद हमदान 8385
मानद सचिव अहमद फराज राजी 6882
मानद सचिव मोहम्मद ओवैस 144 जीत का गणित पद- विजेता को वोट- दूसरे प्रत्याशी को वोट- जीत का अंतर
अध्यक्ष- 7797 – 3676 -4121
उपाध्यक्ष -7091 -5818 – 1273
मानद सचिव -8385 – 6882 – 1503 फैकल्टीवार विजयी कोर्ट मेंबर चिकित्सा संकाय से मोहम्मद कैफ 1147 वोट पाकर जीते। जीवन विज्ञान संकाय मोहम्मद राफे 383 वोट पाकर जीते। इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय से मोहम्मद कुमैल अशरफ 1384 वोट पाकर जीते। विधि संकाय से मोहम्मद हमजा अंसारी 321 वोट पाकर जीते। प्रबंधन अध्ययन एवं अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय से मोहम्मद अहसुन उस्मानी 241 वोट पाकर जीते। कृषि विज्ञान, धर्मशास्त्र एवं कुरान अध्ययन केंद्र से मोहताशिम एजाज सानी 294 वोट पाकर जीते।विज्ञान संकाय से शाहंशाह खान 941 वोट पाकर जीते। कला संकाय से कफील उल हक 495 वोट पाकर जीते। यूनानी चिकित्सा संकाय से आमिना फैजान 216 वोट पाकर जीते। वाणिज्य संकाय से इल्मा मशरूफ 336 वोट पाकर जीते। समाज विज्ञान संकाय से अब्दुल बासिद सिद्दीकी 743 वोट पाकर जीते। अब तक के परिणाम का सार – तीन प्रमुख पदों पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव निर्वाचित।
– 11 फैकल्टी/समूहों के कोर्ट प्रतिनिधियों के परिणाम घोषित।
– नसरा नईम एएमयू छात्रसंघ के तीन प्रमुख पदों में पहली महिला निर्वाचित।
– तीन प्रमुख पदों में सर्वाधिक 8385 वोट मानद सचिव मोहम्मद हमदान को मिले।
– कैबिनेट सदस्यों का परिणाम अभी प्रतीक्षित।