नगर निकाय चुनाव को लेकर पाली नगर निगम सहित जिले की नौ नगर पालिका में 60 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया। पाली नगर निगम की बात करे तो यहां से 19 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया है। कल गुरुवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी बागियों को मनाने में जुटे है ताकि उनके फॉर्म विड्रॉल करवाकर डेमेज कंट्रोल किया जा सके। कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित एवं भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा कि रूठे कार्यकर्ताओं को मनाने में जुटे है। कईयों को मनाककर फॉर्म विड्रॉल करवाया है। कल अंतिम दिन है नाम वापसी का ऐसे में शेष बागियों से भी मिल रहे है।
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पाली में 19 निर्दलीय प्रत्याशियों की नाम वापसी: कांग्रेस के जीवराज बोराणा ने भी किया विड्रॉल, बागियों को मनाने में जुटी भाजपा-कांग्रेस – Pali (Marwar) News
‘कलेक्टर हूं’ बोलकर होटल में खाया खाना, नहीं दिया बिल: इंदौर में पकड़ाया गुजरात का फर्जी IAS; कार और घर पर भी लगा रखी थी नेमप्लेट – Indore News
मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को जिला कलेक्टर बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। आरोपी ने किराए के मकान के बाहर ‘IAS राज सोनी, जिला कलेक्टर’ की नेमप्लेट लगाई थी। घर के अंदर ‘सत्यमेव जयते’ लिखे फोटो फ्रेम के साथ खुद को अधिकारी जैसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान हिमांशु पांचाल (28) के रूप में हुई है। वह अहमदाबाद के साबरमती का रहने वाला है। इंदौर की ओमैक्स सिटी-1 स्थित शुभ आंगन प्रीमियम कॉलोनी के मकान नंबर 1565-A में किराए से रह रहा था। उसने करीब 15 दिन पहले मकान के बाहर फर्जी नेमप्लेट लगाई थी। आरोपी बोला- PA पेमेंट कर देगा पुलिस ने बताया- आरोपी इंदौर के होटल शेरेटन में खाना खाने पहुंचा। बिल चुकाने की बात आई तो उसने कहा कि उसके पास अभी पैसे नहीं हैं। उसने होटल की सर्विस बुक में ‘राज सोनी’ नाम लिख दिया। कहा कि उसका PA करीब दो घंटे में आएगा और होटल का पेमेंट कर देगा। होटल प्रबंधन को उसकी बात पर संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। पूछताछ में आरोपी ने खुद को IAS अधिकारी और जिला कलेक्टर बताया। पुलिस ने उससे पोस्टिंग और पहचान से जुड़े सवाल किए, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। मकान के बाहर काले रंग की नेमप्लेट लगी थी पुलिस पूछताछ में उसकी पहचान की जांच की गई। आरोपी ने अपना असली नाम हिमांशु पांचाल बताया। पुलिस ने उसके किराए के मकान की जांच की, जहां भी फर्जी पहचान के सबूत मिले। मकान के बाहर काले रंग की नेमप्लेट लगी थी, जिस पर ‘IAS राज सोनी, जिला कलेक्टर’ लिखा था। घर के अंदर ‘सत्यमेव जयते’ लिखा फोटो फ्रेम भी रखा था। आरोपी करीब एक महीने पहले इंदौर में रहने आया था और लगभग 15 दिन पहले मकान के बाहर फर्जी नेमप्लेट लगाई थी। हिमांशु पांचाल पहले अहमदाबाद की एक IT कंपनी में काम करता था। परिवार में सिर्फ उसकी मां हैं। इंदौर पुलिस ने केस दर्ज कर गिरफ्तार किया होटल से मिली शिकायत और जांच के बाद इंदौर की लसूडिया पुलिस ने हिमांशु पांचाल के खिलाफ मामला दर्ज किया। उस पर BNS की धारा 204 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया- आरोपी के खिलाफ गुजरात के गांधीनगर स्थित अडालज थाने में भी मामला दर्ज है। वहां 23 मई 2026 को उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। यह मामला FIR नंबर 441/2026 है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी ने IAS और जिला कलेक्टर की फर्जी पहचान क्यों बनाई थी। उसने इस पहचान के जरिए किसी से वसूली तो नहीं की। खुद को IAS अधिकारी बताकर किन-किन लोगों को प्रभावित किया। इस फर्जी पहचान का इस्तेमाल कहां-कहां किया।
……………………………………… यह खबर भी पढ़ें फर्जी IAS ने लाल साड़ी में विधानसभा में बनाया VIDEO मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी में फर्जी IAS बनकर लोगों से ठगी के आरोप में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत से जुड़े नए VIDEO सामने आए हैं। इनमें तृप्ति अपनी दो सहेलियों के साथ विधानसभा परिसर में घूमती और ब्लॉग बनाती नजर आ रही है। पढ़ें पूरी खबर…
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पारिवारिक विवाद के बाद युवक ने नदी में लगाई छलांग: दो घंटे तलाश के बाद भी नहीं मिला, गोताखोर और पीएसी फ्लड टीम जुटी – Sitapur News
सीतापुर में शहर कोतवाली क्षेत्र में बुधवार शाम करीब 6 बजे पारिवारिक विवाद के बाद एक युवक ने सरायन नदी पर बने पुल से छलांग लगा दी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और पीएसी की फ्लड टीम की मदद से नदी में युवक की तलाश शुरू कराई। करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बावजूद युवक का कोई सुराग नहीं लग सका। पत्नी और साले से विवाद के बाद घर से निकला मोहल्ला मछली मंडी निवासी 45 वर्षीय दिनेश पुत्र रामकिशन बुधवार शाम घर पर था। बताया जा रहा है कि शाम करीब 6 बजे किसी बात को लेकर उसका पत्नी और पत्नी के भाई से विवाद हो गया। विवाद के बाद दिनेश घर से निकल गया। कुछ देर बाद वह घर के पास ही सरायन नदी के पुल पर पहुंच गया। पुल से नदी में लगाई छलांग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दिनेश ने अचानक पुल से नदी में छलांग लगा दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण उसका पता नहीं चल सका। परिजनों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। गोताखोरों और पीएसी फ्लड टीम ने चलाया रेस्क्यू सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया। इसके साथ ही पीएसी की फ्लड टीम को भी तलाश अभियान में लगाया गया। गोताखोरों और फ्लड टीम ने नदी में आसपास के क्षेत्र में काफी दूर तक खोजबीन की, लेकिन देर शाम तक दिनेश का कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद दिनेश की पत्नी और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग नदी किनारे मौजूद रहकर उसके सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास भी जानकारी जुटाई है। फिलहाल युवक की तलाश में रेस्क्यू अभियान जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पारिवारिक विवाद के कारणों की जानकारी जुटा रही है।
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बालाघाट अस्पताल में बच्चों के वार्डों में सुरक्षा बढ़ाई गई: सीएस बोले- बीमारी के 5 फैक्टर पानी, कुपोषण, वैक्सीनेशन, इम्युनिटी और वातावरण जिम्मेदार – Balaghat (Madhya Pradesh) News
बालाघाट जिला अस्पताल में बच्चों के वार्डों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने यह फैसला आदिवासी इलाकों से लगातार बच्चों के भर्ती होने और उनकी मौतों पर उठ रहे सवालों के बाद लिया है। अब बीमार बच्चों और उनके परिजनों के ठहरने वाले वार्डों में आने-जाने के लिए सिर्फ दो गेट खुले रहेंगे। इन वार्डों में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। साथ ही सुरक्षा गार्डों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है और पुलिस सुरक्षा भी तैनात की जाएगी। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब प्रशासन पर मीडिया से मरीजों और परिजनों को दूर रखने के आरोप लग रहे हैं। यह बदलाव मंगलवार रात कलेक्टर कुमार सत्यम के अस्पताल दौरे के बाद आया है। वे पहली बार बीमारी से भर्ती बच्चों को देखने पहुंचे थे। इस दौरान एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने उनसे बच्चों की मौत के आंकड़ों पर सवाल किए, लेकिन कलेक्टर बिना जवाब दिए चले गए। इसके बाद इन्फ्लुएंसर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस घटना के वीडियो पोस्ट किए। इसी घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने आदिवासी अंचल से आने वाले बीमार बच्चों और उनके परिजनों के लिए सुरक्षा घेरा बनाने का फैसला किया है। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने आदिवासी क्षेत्र में बच्चों की बीमारी के पांच मुख्य कारण बताए हैं। इनमें पानी, कुपोषण, वैक्सीनेशन, इम्युनिटी और वातावरण शामिल हैं। हालांकि, जिले का मीडिया शुरुआत से ही बीमारी के लिए पानी, कुपोषण और वैक्सीनेशन को जिम्मेदार ठहराता रहा है। 35 नए बेड मिले डॉ. जैन ने बताया कि उनके पत्र लिखने के बाद 35 नए बेड मिले हैं। प्रशासन की ओर से मिल रहे बेड मिलाकर अब कुल 150 बेड हो गए हैं। इससे बच्चों को एक ही बेड पर एक साथ रखने की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने यह भी बताया कि तीन शिशुरोग विशेषज्ञ और अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ भी बालाघाट आ रहा है। उन्होंने बताया कि लगातार बच्चों के जिला अस्पताल आने और उनके स्वास्थ्य होकर लौटने का सिलसिला जारी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन पूरा प्रयास कर रहा है कि बच्चों की बेहतर देखभाल हो।
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ट्रम्प ने अमेरिकी नौसेना मजबूत करने के लिए वॉरफाइटर चुना: हंग काओ को दी जिम्मेदारी, पिता के साथ वियतनाम से भागकर अमेरिका आए थे
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने हंग काओ को नेवी सेक्रेटरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘सच्चे वॉरियर’ हैं। वह अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स को दुनिया की सबसे मजबूत सेना बनाए रखने के लिए सही व्यक्ति हैं। काओ को सैन्य अनुभव वाला अधिकारी माना जाता है। वह 31 साल तक अमेरिकी नौसेना में रहे हैं और इराक, अफगानिस्तान और सोमालिया जैसे इलाकों में मिशन का हिस्सा रहे हैं। काओ का जन्म 1971 में दक्षिण वियतनाम के साइगॉन में हुआ था। जब वे 4 साल के थे तब दक्षिण वियतनाम में अमेरिका समर्थक सरकार गिर गई थी। उस पर उत्तर वियतनाम की कम्युनिष्ट सरकार ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद काओ का परिवार भागकर अमेरिका पहुंचा था। नौसेना से रिटायर होने के बाद राजनीति में उतरे, दो बार हार मिली काओ ने 1989 में अमेरिकी नौसेना में अपना करियर शुरू किया। उनका काम समुद्र के अंदर खतरनाक मिशन करना और बम या दूसरे विस्फोटकों से जुड़े खतरों से निपटना था। उन्होंने इराक, अफगानिस्तान और सोमालिया में कई सैन्य मिशनों में काम किया। अंडरवॉटर मिशनों की कमान संभाली और स्पेशल ऑपरेशंस से जुड़े काम भी किए। करीब तीन दशक के सैन्य करियर के बाद वह 2021 में कैप्टन के पद से रिटायर हुए। नौसेना से रिटायर होने के बाद काओ ने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने 2022 में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और 2024 में सीनेट के लिए वर्जीनिया से चुनाव लड़ा। हालांकि, दोनों चुनावों में उन्हें हार मिली। अक्टूबर 2025 में काओ को अमेरिकी नौसेना का अंडरसेक्रेटरी नियुक्त किया गया। यह नौसना में दूसरा सबसे बड़ा पद था। अप्रैल 2026 में ट्रम्प ने तत्कालीन नेवी सेक्रेटरी जॉन फेलन को पद से हटा दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक फेलन और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच नहीं बन रही थी। इसके बाद काओ को कार्यवाहक सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई थी। तब से काओ अमेरिकी नौसेना की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब ट्रम्प उन्हें इसी पद पर स्थायी रूप से नियुक्त करना चाहते हैं। हंग काओ स्थायी नेवी सेक्रेटरी कैसे बनेंगे? काओ की नियुक्ति अभी पक्की नहीं हुई है। दरअसल, राष्ट्रपति का काम नेवी सेक्रेटरी के पद के लिए नामित करना है। अंतिम मंजूरी अमेरिकी सीनेट देती है। 1. नामांकन सीनेट के पास जाएगा
ट्रम्प का आधिकारिक नामांकन सीनेट को भेजा जाएगा। इसके बाद काओ के रिकॉर्ड और उनकी योग्यता की जांच की जाएगी। 2. सीनेट की सुनवाई होगी
काओ को सीनेट की समिति के सामने पेश होना पड़ सकता है। वहां उनसे उनकी सोच, नौसेना की नीतियों, जहाज निर्माण, सैन्य तैयारियों और दूसरे मुद्दों पर सवाल पूछे जा सकते हैं। 3. समिति फैसला करेगी
सुनवाई और जांच के बाद समिति उनके नामांकन को आगे बढ़ा सकती है। इसके बाद मामला पूरी सीनेट के सामने जाएगा। 4. वोटिंग होगी
सीनेटर काओ के नाम पर वोट करेंगे। सीनेट में 100 सदस्य होते हैं, अगर उन्हें 51 वोट मिले तो उन्हें यह जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी। ईरान युद्ध के बीच क्यों अहम है काओ की भूमिका? काओ ऐसे समय में नौसेना की स्थायी जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जब अमेरिकी सेना का ईरान के खिलाफ अभियान चल रहा है। इस दौरान अमेरिकी नौसेना की तैनाती और उस पर काम का दबाव बढ़ा है। अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन नौ महीने से ज्यादा समय तक समुद्र में तैनात रहा। इस दौरान उसका एक बड़ा हिस्सा ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के समर्थन में बीता। इतनी लंबी तैनाती के कारण जहाज पर मौजूद सैनिकों की थकान, मानसिक सेहत और जरूरी सामान की कमी को लेकर सवाल उठे। अमेरिकी सांसदों ने भी पेंटागन से इन हालात पर जवाब मांगा। अगस्त में काओ ने अब्राहम लिंकन की लंबी तैनाती का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि मिशन की जरूरत के कारण जहाज की तैनाती बढ़ाई गई और सैनिकों की सुरक्षा सबसे अहम है। इसलिए नेवी सेक्रेटरी बनने के बाद काओ के सामने युद्ध के दौरान नौसेना की तैयारियां बनाए रखने के साथ-साथ सैनिकों पर पड़ रहे दबाव को संभालने की भी चुनौती होगी। जॉन फेलन से कैसे अलग हैं काओ? काओ से पहले जॉन फेलन नेवी सेक्रेटरी थे। फेलन की सैन्य पृष्ठभूमि नहीं थी। उनके कार्यकाल में अमेरिकी नौसेना के जहाज निर्माण को लेकर पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद सामने आए थे। फेलन नई युद्धपोत क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े निवेश की वकालत कर रहे थे। ट्रम्प प्रशासन ने इसके बाद ‘गोल्डन फ्लीट’ योजना को आगे बढ़ाया। इसमें नए युद्धपोत बनाने पर बड़ा खर्च शामिल है। अप्रैल में फेलन को पद से हटा दिया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ भी उनके मतभेद थे। इसके उलट काओ को हेगसेथ के करीब माना जाता है। खासकर सेना से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर दोनों की सोच में समानता बताई जाती है। ऐसे में काओ की नियुक्ति से ट्रम्प प्रशासन को नौसेना के शीर्ष पद पर सैन्य अनुभव वाले अधिकारी के साथ-साथ मौजूदा रक्षा नेतृत्व के साथ बेहतर तालमेल रखने वाला व्यक्ति मिलेगा। काओ के सामने होंगी ये बड़ी चुनौतियां नेवी सेक्रेटरी के तौर पर काओ के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। इनमें नौसेना की युद्धक क्षमता बनाए रखना, नए जहाजों का निर्माण बढ़ाना और लंबे सैन्य अभियानों के दौरान सैनिकों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना शामिल है। अमेरिका चीन के साथ नौसैनिक ताकत की होड़ में भी जुटा है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़ाना ट्रम्प प्रशासन की बड़ी प्राथमिकताओं में है। दूसरी ओर, ईरान युद्ध ने मध्य-पूर्व में अमेरिकी नौसेना के सामने एक और बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। काओ का लंबा सैन्य अनुभव इन हालात में उनके लिए मददगार हो सकता है। हालांकि, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रम्प प्रशासन की बड़ी जहाज निर्माण योजनाओं और मौजूदा सैन्य अभियानों के बीच संतुलन बनाने की होगी।
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कैफे वाले भी छिपाते हैं यह राज, बिना अंडे के घर पर बनाएं ऐसा क्रिस्पी बेल्जियम वफ़ल
अगर आप मीठा खाने के शौकीन हैं तो Belgian Waffle यानी बेल्जियम वफल का नाम जरूर सुना होगा. बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट व फ्लफी वफल आज दुनिया भर में नाश्ते और डेजर्ट का हिस्सा बन चुका है. इसके ऊपर चॉकलेट, क्रीम, आइसक्रीम, ताजे फल और कई तरह की टॉपिंग्स डालकर इसे सर्व किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस वफ़ल को आज कैफे और रेस्टोरेंट में बड़े शौक से खाया जाता है, उसकी कहानी काफी पुरानी है?
कैफे में जब वफ़ल सामने आता है, तो उसकी खुशबू और क्रिस्पनेस मुंह में पानी ला देती है. अक्सर लोग सोचते हैं कि ऐसा परफेक्ट वफ़ल केवल अंडों के इस्तेमाल से ही बन सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है. सही माप और एक-दो सीक्रेट ट्रिक्स के साथ आप बिना अंडे के भी घर पर एकदम मार्केट जैसा क्रिस्पी और अंदर से फ्लफी वफ़ल बना सकते हैं.
सामग्री (Ingredients)
बैटर के लिए:
मैदा: 1 कप
कॉर्नफ्लोर: 2 चम्मच (यही वफ़ल को एक्स्ट्रा क्रिस्पी बनाएगा)
पीसी हुई चीनी: 2 चम्मच
बेकिंग पाउडर: 1 छोटा चम्मच
बेकिंग सोडा: 1/4 छोटा चम्मच
मक्खन (Melted Butter): 3 चम्मच
दूध: 1 कप (कमरा तापमान या हल्का गुनगुना)
सिरका (White Vinegar) या नींबू का रस: 1 छोटा चम्मच
वैनिला एक्सट्रैक्ट: 1/2 छोटा चम्मच
सजावट और सर्विंग के लिए:
चॉकलेट सिरप / न्यूटेला
कटे हुए केले और स्ट्रॉबेरी
वैनिला आइसक्रीम
बनाने का तरीका (Step-by-Step Recipe)
इंस्टेंट बटरमिल्क बनाएं:
सबसे पहले 1 कप दूध में 1 चम्मच सिरका या नींबू का रस मिलाकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें. यह दूध को हल्का फाड़कर इंस्टेंट बटरमिल्क बना देगा, जो अंडे का विकल्प बनता है और वफ़ल को बेक होते समय फूला हुआ (Fluffy) बनाता है.
सूखे सामान को छानें:
एक बर्तन में मैदा, कॉर्नफ्लोर, चीनी, बेकिंग पाउडर और बेकिंग सोडा को एक साथ छान लें. छानने से बैटर में हवा भरती है, जिससे वफ़ल भारी नहीं बनता.
स्मूथ बैटर तैयार करें:
अब सूखे मिश्रण में तैयार किया हुआ बटरमिल्क, पिघला हुआ मक्खन और वैनिला एक्सट्रैक्ट मिलाएं. एक ही दिशा में चलाते हुए एक स्मूथ (बिना गांठों वाला) घोल तैयार कर लें. बैटर ज्यादा पतला न रखें.
वफ़ल मेकर को सही से गर्म करें:
वफ़ल मेकर को पहले से अच्छे से गर्म (Preheat) करें. गर्म होने के बाद दोनों साइड थोड़ा सा बटर या तेल लगाएं.
बेक करें:
तैयार बैटर को वफ़ल मेकर के बीच में डालें और हल्का सा फैलाएं. ढक्कन बंद करें और लगभग 4 से 6 मिनट तक पकने दें. जब तक भाप निकलना बंद न हो जाए या वफ़ल का रंग सुनहरा न हो जाए, इसे बीच में बार-बार खोलकर न देखें.
गर्मागर्म परोसें:
तैयार क्रिस्पी वफ़ल को प्लेट में निकालें. ऊपर से चॉकलेट सिरप या न्यूटेला डालें, ताजे फल रखें और साथ में एक स्कूप वैनिला आइसक्रीम रखकर मजे से खाएं.
परफेक्ट वफ़ल के लिए 2 सीक्रेट टिप्स
सोगी (Soggy) होने से बचाएं: वफ़ल बनते ही अगर उसे सीधा प्लेट पर रख देंगे, तो नीचे जमने वाली भाप से वह नरम पड़ जाएगा. वफ़ल को निकालने के बाद 1 मिनट के लिए किसी जाली (Wire Rack) पर रखें, इससे वह लंबे समय तक क्रिस्पी रहेगा.
Belgium में मशहूर हैं दो तरह के वफ़ल
Belgium में मुख्य रूप से दो तरह के वफ़ल सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं- Brussels Waffle और Liège Waffle. Brussels Waffle आमतौर पर हल्का, फूला हुआ और आयताकार होता है. इसकी बनावट काफी airy होती है और इसे अक्सर पाउडर शुगर, चॉकलेट, व्हीप्ड क्रीम या ताजे फलों के साथ परोसा जाता है. दुनिया के कई हिस्सों में जिस तरह के Belgian Waffle को लोग जानते हैं, उसका संबंध इसी शैली से माना जाता है.
वहीं Liège Waffle इससे थोड़ा अलग होता है. यह ज्यादा dense और मीठा होता है. इसकी खासियत है इसमें इस्तेमाल होने वाली Pearl Sugar. जब यह चीनी वफ़ल आयरन में पकती है तो कुछ हिस्सा कैरमेलाइज होकर वफ़ल में छोटे-छोटे मीठे और कुरकुरे हिस्से बना देता है. यही इसकी पहचान है.
मेलों से दुनिया तक पहुंचा वफ़ल
16वीं शताब्दी तक वफ़ल Belgium और France के मेलों और बाजारों में लोकप्रिय स्ट्रीट फूड बन चुका था. लोग इसे आसानी से हाथ में लेकर खा सकते थे, इसलिए यह मेलों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर काफी पसंद किया जाने लगा. इसके बाद Belgian Waffle की लोकप्रियता यूरोप से बाहर भी पहुंची. 1958 के Brussels World Fair ने इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
गोपालगंज के अंकिता होटल में पुलिस की छापेमारी: 5-6 युवक-युवतियां हिरासत में; कमरों से कंडोम के पैकेट मिले, मैनेजर फरार, मालिक-स्टाफ पर FIR की तैयारी – Gopalganj News
गोपालगंज में बुधवार को पुलिस ने एक फैमिली रेस्टोरेंट में छापेमारी की है। यहां से 5-6 युवतियों को देह व्यापार में शामिल होने के आरोप में पकड़ा है। पुलिस सभी को नगर थाने लाकर पूछताछ कर रही है। मौके से कंडोम और एंटी प्रेग्नेंसी की गोलियां भी मिली है। घटना शहर के नगर थाना क्षेत्र स्थित जादोपुर मेन रोड की है। देह व्यापार की सूचना पर बनाई गई थी टीम एसडीपीओ कृपालचंद्र जयसवाल ने बताया कि पुलिस को होटल में देह व्यापार और अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके सत्यापन और कार्रवाई के लिए नगर थाना इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। टीम में महिला पुलिस अधिकारी भी शामिल थीं। पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में होटल में जांच और कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान कुछ युवक-युवतियां होटल के कमरों में मिले, जबकि कुछ हॉल में मौजूद थे। कमरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने कुछ आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया है। हिरासत में लिए गए सभी युवक-युवतियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए नगर थाना लाया गया है। पुलिस के अनुसार, सभी बालिग हैं। पूछताछ में किसी ने बताया- बर्थडे पार्टी के लिए आए थे पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए कुछ युवक-युवतियों ने पूछताछ में बताया कि वे बर्थडे पार्टी के लिए होटल आए थे। हालांकि, पुलिस का कहना है कि कुछ लोग आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए हैं। सभी से पूछताछ कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। छापेमारी के दौरान होटल का मैनेजर पुलिस को देखकर फरार हो गया। पुलिस ने होटल के एक स्टाफ उपेंद्र यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके अनुसार होटल अवधेश सिंह का है, जो विश्वंभरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं, मैनेजर का नाम धनंजय सिंह बताया गया है। मालिक, मैनेजर और स्टाफ पर भी कार्रवाई की तैयारी एसडीपीओ के अनुसार, युवक-युवतियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है। वहीं होटल मालिक, मैनेजर और संबंधित स्टाफ के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। फरार मैनेजर समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीम छापेमारी कर रही है। होटल में अनैतिक गतिविधियों पर पुलिस की सख्ती पुलिस ने कहा कि शहर के किसी भी होटल में अवैध या अनैतिक गतिविधियां संचालित नहीं होने दी जाएंगी। इस कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य होटल संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस होटल के रजिस्टर और एंट्री रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि होटल में पहले भी इस तरह की गतिविधियां संचालित होती थीं या नहीं।
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49500 रुपये सस्ता हुआ Samsung का 200MP कैमरा वाला सबसे पतला फोन
Samsung के पिछले साल लॉन्च हुए 200MP कैमरा वाले सबसे स्लिम फोन की कीमत में भारी कटौती कर दी गई है। दक्षिण कोरियाई कंपनी का यह फ्लैगशिप स्मार्टफोन अब लॉन्च प्राइस से 49,500 रुपये सस्ते में मिल रहा है। फोन की कीमत में यह कटौती कंपनी के आधिकारिक ई-स्टोर पर की गई है। वहीं, अमेजन पर भी यह फोन अब 60,000 रुपये की प्राइस रेंज में लिस्ट किया गया है।
कीमत में भारी कटौती
सैमसंग ने इस स्मार्टफोन को 1,09,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 12GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 512GB में आता है। अमेजन पर यह फोन 60,497 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। फोन की कीमत में 49,502 रुपये की कटौती की गई है।
अमेजन ही नहीं, फ्लिपकार्ट पर भी फोन की कीमत में भारी कटौती की गई है। यहां यह फोन 69,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। फोन की कीमत 69,999 रुपये से शुरू हो रही है। साथ ही, बैंक डिस्काउंट भी ऑफर किया जा रहा है।
Samsung Galaxy S25 Edge के फीचर्स
सैमसंग का यह स्मार्टफोन 6.6 इंच के QHD+ डायनैमिक AMOLED 2X डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। सैमसंग का यह फोन फ्लैगशिप Qualcomm Snapdragon 8 Elite चिपसेट पर काम करता है। इसमें 12GB रैम के साथ 512GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। यह कंपनी का अब तक लॉन्च हुआ सबसे स्लिम स्मार्टफोन है, जिसकी मोटाई महज 5.6mm है।
Samsung Galaxy S25 Edge में 200MP का मेन और 12MP का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इस फोन में 12MP का कैमरा मिलेगा। यह फोन 3,900mAh की बैटरी और 25W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ-साथ वायरलेस चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। यह Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।
Samsung ने हाल ही में Galaxy S26 FE ग्लोबली लॉन्च किया है। सैमसंग का यह फोन पिछले साल आए Galaxy S25 FE का अपग्रेड है। हालांकि, कंपनी ने इस फोन की इंडिया प्राइस अभी अनाउंस नहीं की है। यह फोन साल की शुरुआत में आए Galaxy S26 सीरीज का सबसे अफोर्डेबल डिवाइस है।
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