Thursday, July 9, 2026
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गोपालगंज में आकाशीय बिजली गिरने से किसान की मौत: विजयीपुर के बिलरुआ गांव में युवती भी झुलसी, परिजनों ने पहुंचाया अस्पताल – Gopalganj News




गोपालगंज के विजयीपुर थाना क्षेत्र के बिलरुआ गांव में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। इस घटना में एक युवती भी गंभीर रूप से झुलस गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतक की पहचान बिलरुआ गांव निवासी राजमंगल यादव के रूप में हुई है। धान की रोपनी के समय हादसा जानकारी के अनुसार, मानसून की बारिश के बीच बिलरुआ गांव के कुछ ग्रामीण और किसान खेतों में धान की रोपनी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे खेत में जा गिरी। बिजली की चपेट में आने से खेत में काम कर रहे राजमंगल यादव की मौके पर ही मौत हो गई। इसी हादसे में स्वर्गीय हरि यादव की बेटी अनिता कुमारी भी गंभीर रूप से झुलस गईं। युवती को पहुंचाया स्वास्थ्य केंद्र घटना के बाद आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने झुलसी युवती अनिता कुमारी को आनन-फानन में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है। इस घटना के बाद मृतक राजमंगल यादव के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है।



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बेलदार असलम खान को झटका: करोड़ों की सोने की ज्वेलरी लौटाने के जिला कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट की रोक – Indore News




वर्ष 2018 में लोकायुक्त के चर्चित छापे में करोड़ों रुपए की संपत्ति मिलने के बाद सुर्खियों में आए नगर निगम के तत्कालीन बेलदार असलम खान को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने जिला कोर्ट द्वारा जब्त सोने की ज्वेलरी लौटाने संबंधी आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय होने तक सभी आभूषण लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रहेंगे। लोकायुक्त संगठन ने अगस्त 2018 में असलम खान के ठिकानों पर छापा मारकर आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया था। एक निम्न श्रेणी के कर्मचारी के यहां से मिली संपत्ति ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया था। कार्रवाई के दौरान करीब दो किलोग्राम सोने के आभूषण, लगभग एक किलोग्राम सोने की सिल्लियां (बार) और अन्य कीमती संपत्ति बरामद की गई थी। इस कार्रवाई के बाद असलम खान का मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया था। मामले में असलम खान ने जिला कोट में आवेदन प्रस्तुत कर दावा किया था कि छापे के दौरान उसकी पुत्रियों सिदरा खान, ताहेमीन खान और अलिस्बा खान और उसकी मां बिलकिस खान के निजी आभूषण भी जब्त कर लिए गए थे। आवेदन में कहा गया कि परिवार के ये सदस्य केस में आरोपी नहीं हैं, इसलिए उनकी ज्वेलरी वापस की जानी चाहिए। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्ष 2018 में जब्त आभूषणों का मूल्य करीब 58 लाख रुपये आंका गया था, लेकिन सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते वर्तमान में उनकी कीमत तीन करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। 70 लाख की गारंटी पर लौटाने का दिया था आदेश जिला कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए 70 लाख रुपए की बैंक गारंटी जमा कराने की शर्त पर ज्वेलरी लौटाने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह शर्त भी लगाई गई थी कि आभूषणों को न तो बेचा जाएगा और न ही उनमें कोई परिवर्तन किया जाएगा। उनका उपयोग केवल पहनने और सुरक्षित रखने तक सीमित रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित आभूषण न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना भी अनिवार्य होगा। हाई कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक जिला कोर्ट के इस आदेश को चुनौती दिए जाने पर हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अंतरिम राहत देते हुए आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंतिम सुनवाई और निर्णय होने तक जब्त की गई ज्वेलरी लोकायुक्त की कस्टडी में ही सुरक्षित रखी जाए। कोर्ट ने मामले के सभी पक्षों से जवाब भी तलब किया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद करोड़ों रुपये मूल्य की सोने की ज्वेलरी फिलहाल लोकायुक्त के कब्जे में ही रहेगी। मामला अब अगली सुनवाई पर है।



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दिल्ली बार काउंसिल चुनाव: एडवोकेट पीयूष दूसरी बार बने सदस्य: सबसे ज्यादा वोटों से जीते, 2018 में संभाल चुके सचिव और सह-अध्यक्ष की जिम्मेदारी – New Delhi News




दिल्ली बार काउंसिल (बीसीडी) चुनाव में एडवोकेट पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर दूसरी बार सदस्य निर्वाचित होकर नया रिकॉर्ड बनाया। समर्थकों के अनुसार, वह सबसे कम उम्र में दूसरी बार बार काउंसिल के सदस्य बनने वाले अधिवक्ताओं में शामिल हो गए हैं। दिल्ली हाई कोर्ट परिसर में 21, 22 और 23 फरवरी को हुए चुनाव में 18 सामान्य, 5 महिला आरक्षित और 2 महिला सह-नामित (को-ऑप्शन) सीटों के लिए मतदान हुआ था। चुनाव में कुल 221 उम्मीदवार मैदान में थे। करीब 57 हाजर 200 मत पड़े और जीत के लिए 2 हाजर 323 मतों का कोटा निर्धारित किया गया था। 7 मार्च से शुरू हुई मतगणना में बैलेट नंबर 128 पर चुनाव लड़ रहे पीयूष गुप्ता ने सबसे अधिक मत हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे पीयूष गुप्ता इससे पहले वर्ष 2018 में भी दिल्ली बार काउंसिल के सदस्य चुने गए थे। वह बार काउंसिल के सबसे कम उम्र के सचिव और सह-अध्यक्ष (को-चेयरमैन) भी रह चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं के कल्याण और सहायता से जुड़े कई प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। वर्तमान में पीयूष गुप्ता दिल्ली हाई कोर्ट में भारत सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में कार्यरत हैं। इसके अलावा, वह सुप्रीम कोर्ट में उत्तराखंड सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि यह जीत अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, पेशेवर मानकों को मजबूत करने और अनुशासन बनाए रखने के लिए किए गए उनके कार्यों का परिणाम है। उनका मानना है कि कानूनी बिरादरी ने एक बार फिर उनके नेतृत्व और कार्यशैली पर भरोसा जताया है।



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न बेकिंग सोडा- न ईनो, सिर्फ 1 घंटे में तैयार करें इडली-डोसा का बैटर


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Idli Dosa Batter Trick: इडली और डोसा का बैटर आप बेकिंग सोडा और ईनो के बिना भी तैयार कर सकते हैं. इसके लिए आपको बैटर को 6-7 घंटे कवर करके रखने की भी जरूरत नहीं. फटाफट फर्मेंटेशन का जबरदस्त तरीका यहां जानिए.

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इडली-डोसा साउथ इंडियन कुजीन का अहम हिस्सा है. सिर्फ स्वाद ही नहीं फर्मेंटेड होने के कारण सेहत के नजरिए से भी इसे खाना पसंद किया जाता है. हालांकि इनका स्वाद और मुलायम बनावट काफी हद तक बैटर के सही तरीके से फर्मेंट होने पर निर्भर करती है. आमतौर पर इडली और डोसा का बैटर तैयार होने में 6 से 7 घंटे या उससे भी अधिक समय लग सकता है. लेकिन जब अचानक इडली या डोसा बनाने का मन हो जाए और बैटर फर्मेंट न हुआ हो, तो परेशानी बढ़ जाती है.

ऐसे समय में कुछ आसान किचन टिप्स काम आते हैं, जिनकी मदद से बैटर को जल्दी फर्मेंट करने में सहायता मिल सकती है. हालांकि, इसमें कोई दोराय नहीं कि नेचुरल तरीके से फर्मेंट किया गया बैटर स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहतर माना जाता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ट्रिक्स यूज करना भी जरूरी है. आइए जानते हैं इडली और डोसा बैटर को जल्दी फर्मेंट करने के कुछ आसान उपाय.

प्रेशर कुकर की मदद लें
अगर आपके पास समय कम है, तो बैटर को एक बर्तन में निकालकर उसमें स्वादानुसार नमक मिला लें. अब एक प्रेशर कुकर को हल्का गर्म करें और उसके अंदर बैटर वाला बर्तन रख दें. कुकर का ढक्कन बंद कर दें और सीटी भी लगी रहने दें. इसे लगभग 5 मिनट तक धीमी आंच पर गर्म करें और फिर गैस बंद कर दें. इसके बाद बैटर को करीब एक घंटे तक कुकर के अंदर ही रहने दें. गर्म वातावरण के कारण बैटर जल्दी फर्मेंट होने में मदद मिल सकती है.

सही बर्तन का चुनाव करें
बैटर को स्टोर करने के लिए प्लास्टिक के बर्तनों की बजाय मिट्टी या स्टेनलेस स्टील के बर्तनों का उपयोग करना बेहतर माना जाता है. ये बर्तन बैटर के लिए अनुकूल वातावरण बनाए रखने में मदद करते हैं, जिससे फर्मेंटेशन की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है. खासतौर पर स्टील के बर्तन में बैटर रखना एक अच्छा विकल्प माना जाता है.

इन चीजों को मिलाएं
यदि बैटर को जल्दी तैयार करना हो, तो उसमें थोड़ा सेंधा नमक, आधा चम्मच दही, एक चौथाई चम्मच चीनी और एक चौथाई चम्मच नींबू का रस मिला सकते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर बर्तन को ढक दें. इसके बाद इसे किसी गर्म जगह, जैसे गैस स्टोव के आसपास, रख दें. इससे बैटर अपेक्षाकृत जल्दी तैयार हो सकता है.

ध्यान रखने वाली बात
ये सभी तरीके केवल इमरजेंसी या समय की कमी होने पर ही अपनाने चाहिए. प्राकृतिक रूप से 4 से 7 घंटे में फर्मेंट किया गया बैटर स्वाद, बनावट और पाचन के लिए अधिक लाभदायक माना जाता है. इसलिए बेहतर परिणाम के लिए पहले से योजना बनाकर बैटर तैयार करना सबसे अच्छा विकल्प है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें



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BJP संगठन महामंत्री ने कोटा संभाग की संगठनात्मक बैठक ली: जनप्रतिनिधियों-पदाधिकारियों को संदेश; कार्यकर्ताओं से मिलते रहें, संवाद करें, संगठन हमेशा रहेगा – Kota News




कोटा में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय ने गुरुवार को संभाग की संगठनात्मक बैठक ली। करीब 3 घंटे चली बैठक में उन्होंने जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को संदेश दिया कि भाजपा में संगठन सर्वोपरि है। “हम रहें या न रहें, संगठन हमेशा रहेगा।” सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय पर उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने बताया- बैठक दो चरणों में हुई। पहले सत्र में पूर्व सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, महापौर, पूर्व प्रदेश पदाधिकारी और पूर्व जिलाध्यक्ष शामिल हुए। दूसरे सत्र में वर्तमान जनप्रतिनिधि, विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष, महामंत्री और मोर्चा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ जिलों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बूथ स्तर पर सक्रिय रहें कार्यकर्ता बैठक में अजेय ने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक सक्रिय रहने, नियमित संवाद बनाए रखने और रात्रि प्रवास के जरिए से आमजन की समस्याएं जानने की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में कार्यकर्ताओं से लगातार मिलते रहना चाहिए। आपस में संवाद करें, ताकि आपस में सामंजस्य बना रहे। कार्यकर्ताओं की बात को सुना जाए। कार्यकर्ताओं पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को आमजन के साथ सुनने की अपील करते हुए कहा कि इससे नई जानकारियां मिलती हैं। समाज से जुड़ाव बढ़ता है। उन्होंने ‘वोकल फॉर लोकल’ का समर्थन करते हुए देश में निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने की बात कही। युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ें संगठन महामंत्री अजेय ने कहा- राष्ट्रवाद भाजपा की वैचारिक शक्ति है। युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने के साथ सदस्यता अभियान का विस्तार करना आवश्यक है। आगामी चुनाव के मद्देनजर बूथ समितियों को सक्रिय और प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “बूथ जीता, चुनाव जीता।” बैठक में कोटा संभाग प्रभारी अलका मूंदड़ा, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, विधायक संदीप शर्मा, कालूराम मेघवाल, गोविंद रानीपुरिया, राधेश्याम बैरवा, ललित मीणा, उपाध्यक्ष छगन माहुर, प्रभारी अजीत मेहता, मानसिंह बारहठ, जिला सहप्रभारी सागर सोनी, स्नेहा काम्बोज, शंकरलाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष कोटा देहात प्रेम गोचर, जिलाध्यक्ष बारां नरेश सिंह सिकरवार, जिलाध्यक्ष झालावाड़ हर्षवर्धन शर्मा, जिलाध्यक्ष बूंदी रामेश्वर मीणा, पूर्व मंत्री प्रभू लाल सैनी, बाबूलाल वर्मा आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।



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HMD ने 5000mAh बैटरी वाला सस्ता स्मार्टफोन किया लॉन्च, मिलेगा AI कैमरा


HMD ने अपना एक और सस्ता फोन लॉन्च कर दिया है। एचएमडी का यह सस्ता फोन 2024 में लॉन्च हुए HMD Arc का अपग्रेड मॉडल है। इसे Arc 2 के नाम से पेश किया गया है। फोन में 5000mAh की दमदार बैटरी दी गई है। फोन को खास तौर पर बजट फ्रेंडली यूजर्स के लिए पेश किया गया है। नोकिया के फोन बनाने वाली कंपनी का यह बजट फोन फिलहाल थाईलैंड में लॉन्च किया गया है।

HMD Arc 2 की कीमत

इस फोन को दो कलर ऑप्शन- डार्क ब्लू और गोल्डन बिगी कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। एचएमडी के इस फोन की सेल 20 जुलाई को आयोजित की जाएगी। इसे 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB स्टोरेज में पेश किया गया है। फोन की शुरुआती कीमत THB 2290 यानी 6541 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट THB 2990 यानी लगभग 8540 रुपये में आता है। यह फोन भारत में लॉन्च होगा या नहीं कंपनी ने फिलहाल कंफर्म नहीं किया है।

HMD Arc 2 के फीचर्स

एचएमएडी का यह फोन 6.52 इंच के IPS LCD डिस्प्ले के साथ आता है। फोन का डिस्प्ले HD+ रेजलूशन को सपोर्ट करता है। फोन में 60Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसमें Android 14 Go ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है, जो खास तौर पर बजट फ्रेंडली फोन में यूज किया जाता है।










HMD Arc 2 फीचर्स
डिस्प्ले 6.52 इंच, HD+
प्रोसेसर Unisoc SC9863A
स्टोरेज 4GB, 64GB
बैटरी 5000mAh, 10W
कैमरा 13MP, 5MP
OS Android 14 Go

इस फोन में कंपनी ने Unisoc SC9863A चिपसेट दिया है। फोन के साथ 4GB रैम और 128GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन में 12nm प्रोसेसिंग वाला चिपसेट मिलता है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है।

HMD Arc 2 में 13MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसके साथ 5MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है। इस फोन में कंपनी ने 5000mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 10W चार्जिंग दी गई है। फोन में USB Type C चार्जिंग और 3.5mm ऑडियो जैक दिया गया है। कनेक्टिविटी के लिए 4G LTE, ब्लूटूथ, वाईफाई जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

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समय पर भरा रिटर्न, जानकारी भी सही, फिर भी अटक सकता है रिफंड अगर…


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ITR Update : आईटीआर भरने की डेडलाइन नजदीक आ रही है. 31 जुलाई से पहले पर्सनल टैक्सपेयर्स को अपना आईटीआर हर हाल में भरना होगा. ऐसे में कई टैक्सपेयर्स अपने आईटीआर को वैलिडेट करना भूल जाते हैं. ऐसी चूक हुई तो आपको न सिर्फ रिफंड मिलने में परेशानी होगी, बल्कि जुर्माना और लेट फीस भी लगाया जा सकता है.

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आईटीआर भरने के बाद उसे सत्यापित करना जरूरी होता है.

नई दिल्ली. नौकरी और कारोबार करने वालों के लिए जुलाई का महीना हमेशा भागदौड़ भरा रहता है. करीब -करीब हर साल जुलाई महीने की आखिरी तारीख ही इनकम टैक्स रिटर्न भरने की डेडलाइन भी होती है. साल 2026 में भी इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी डेट लाइन 31 जुलाई ही है. महीना शुरू हुए एक सप्ताह से ज्यादा का समय बीत भी चुका है और अभी तक मुश्किल से 40% लोगों ने ही अपना आइटीआर भरा है. अब बचे हुए समय में 4 करोड़ से भी ज्यादा लोग अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करेंगे. जाहिर है कि इस भागदौड़ में उनसे जल्दबाजी भी होगी और कुछ चीजों की गलतियां होने की भी गुंजाइश होगी. अगर आप भी अपना आईटीआर भरने जा रहे तो एक जरूरी बात पर हमेशा ध्यान रखना नहीं तो आप समय पर आईटीआर भरेंगे भी, सारी जानकारी भी सही-सही डालेंगे फिर भी न सिर्फ आपका रिफंड अटक जाएगा बल्कि पेनल्टी भी चुकानी पड़ेगी.

दरअसल, इनकम टैक्स रिटर्न भरने की सबसे बड़ी शर्त यह होती है कि एक तो आप डेडलाइन के भीतर अपना आईटीआर पूरी तरह मिलान करने के बाद सही डॉक्यूमेंट के हिसाब से भरे. दूसरा उसे समय के भीतर वेरीफाई भी करें. पिछले वित्त वर्ष में नई-नई नौकरी करने वालों के लिए जुलाई का महीना और भी ज्यादा महत्वपूर्ण है. ऐसे लाखों युवा होंगे जिन्होंने पहली बार वेतन उठाया है और अब उन्हें अपनी कमाई पर इनकम टैक्स रिटर्न भरना है. जानकारी के अभाव में तमाम टैक्सपेयर्स अपना आईटीआर भरने के बाद उसे वैलिडेट यानी सत्यापित करना भूल जाते हैं. अगर यह गलती हो गई तो इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत न सिर्फ आपका आईटीआर इनवैलिड हो जाएगा, बल्कि आपके ऊपर जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

क्यों जरूरी है आईटीआर वैलिडेट करना
इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत आईटीआर भरने के 30 दिनों के भीतर उसे वेरीफाई करना या सत्यापित करना जरूरी होता है. बिना वेरीफाई किया हुआ आईटीआर एक तरह से इनवैलिड माना जाता है और बाद में अगर उसको भरा जाए तो इनकम टैक्स विभाग उस पर जुर्माना और लेट फीस दोनों लगा सकता है. इस तरह के आईटीआर को बाद में भरने पर आपको रिफंड भी नहीं मिलेगा ऊपर से जुर्माना और लेट फीस के रूप में हजारों रुपए और भरने पड़ेंगे. आईटीआर का वैलिडेशन एक तरह से आपका हलफनामा होता है कि आपने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में जो भी जानकारियां दी हैं, वह पूरी तरह से सही और सत्यापित है.

वैलिडेशन के बाद शुरू होती है रिफंड की प्रक्रिया
आईटीआर को वैलिडेट करना इतना जरूरी क्यों है, इस बात को आप ऐसे समझ लीजिए कि जब तक आप अपने इनकम टैक्स रिटर्न को वेरीफाई नहीं करते हैं तब तक इनकम टैक्स विभाग आपके रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू नहीं करता है. जाहिर है कि इस जरा सी गलती से आपका हजारों रुपए का रिफंड अटक सकता है. आपने आईटीआर भर दिया और वैलिडेट नहीं किया तो भले ही आपका रिफंड बनता है फिर भी इनकम टैक्स विभाग उसे वापस नहीं करेगा.

कितना जुर्माना लगाने का प्रावधान
अगर आपने आईटीआर समय पर भर दिया है और उसे वैलिडेट करना भूल गए तो इनकम टैक्स की धारा 234एफ के तहत ऐसे आईटीआर को इनवैलिड माना जाएगा. जरूरी है कि आप आईटीआर भरने के 30 दिनों के भीतर ही उसे वैलिडेट कर दें. एक बार यह 30 दिन की डेडलाइन बीत गई तो इनकम टैक्स विभाग आपके ऊपर ₹5000 का जुर्माना लगा देगा अगर आपकी कमाई 5 लाख से ज्यादा है तो. कमाई 5 लाख से कम है तो ऐसे करदाताओं को ₹1000 का जुर्माना भरना पड़ेगा. इसके अलावा अगर आप आईटीआर को वैलिडेट करना भूल गए और आपके ऊपर टैक्स की लायबिलिटी निकलती है यानि टैक्स की देनदारी निकलती है तो इनकम टैक्स विभाग लेट फीस के साथ-साथ उस टैक्स देनदारी पर ब्याज भी आप वसूलेगा.

अगर वैलिडेट करना भूल जाएं तो क्या करें
अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न भरने के 30 दिनों के भीतर अपने आईटीआर को वैलिडेट करना भूल गए हैं तो सबसे पहले काम यह करें कि इनकम टैक्स अथॉरिटी को जानकारी दें. इसके लिए आप मेल भी कर सकते हैं और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर भी जाकर अपनी बात रख सकते हैं. आपको समय पर वैलिडेट ना कर पाने का कारण बताना होगा अगर आपका कारण सही रहा और टैक्स अथॉरिटी को लगता है कि आपसे सचमुच चूक हुई है तो आपके आईटीआर को वैलिडेट करने के प्रक्रिया को लेकर विचार कर सकता है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में भारी बारिश की चेतावनी, शुक्रवार को नहीं खुलेंगे स्कूल


उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी के कारण शुक्रवार को पौड़ी गढ़वाल में स्कूल बंद रहेंगे। गुरुवार को भी चार जिलों में स्कूल बंद रहे। भारी बारिश की चेतावनी के कारण देहरादून, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। राज्य में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। भूस्खलन की भी कई घटनाएं सामने आई हैं। अधिकतर क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन के कारण सौ से ज्यादा रास्ते बंद हो चुके हैं। 

मौसम विभाग ने गुरुवार को देहरादून सहित सात जिलों में बहुत भारी वर्षा का ‘रेड अलर्ट’ और अन्य जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने और एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के कारण देहरादून समेत चार जिलों में कक्षा एक से 12वीं तक के स्कूल बंद रहे। उत्तराखंड में गढ़वाल और कुमांउ दोनों क्षेत्रों में कई स्थानों पर पिछले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी है। 

107 रास्तों पर ट्रैफिक जाम

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, लगातार बारिश के कारण कई पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन हुआ है और रास्तों में बड़ी चट्टानें गिरने के कारण वाहनों की आवाजाही रुक गई है। राज्य के नौ हाईवे और बीआरओ की एक सड़क समेत 107 रास्तों पर ट्रैफिक जाम है। सड़क खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। टिहरी जिले के कद्दूखाल में बुधवार शाम एक पुराना मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। हालांकि, प्रशासन ने घटना से पहले ही संभावित खतरे की जद में आ रहे दो रेस्टोरेंट और कुछ झुग्गियों को एहतियातन खाली करा लिया था। इस वजह से कोई जन हानि नहीं हुई। 

गंगा, यमुना उफान पर

बारिश के कारण गंगा, यमुना और उसकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं और कई स्थानों पर उनका जलस्तर बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, श्रीनगर में अलकनंदा नदी, कर्णप्रयाग में पिंडर नदी, देवप्रयाग और ऋषिकेश में गंगा नदी, धारचूला में काली नदी, पिथौरागढ़ में सरयू और जौलजीबी में गौरी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन उनकी सतत निगरानी की जा रही है। 

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत समेत सात जिलों में कुछ स्थानों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के साथ कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी उधमसिंह नगर, नैनीताल एवं चंपावत जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा, देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।

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चित्रकूट में समाजसेवी 20 घंटे से नजरबंद: जनहित के मुद्दों पर संवाद की मांग कर रहे थे, प्रशासन से शीघ्र रिहा करने की मांग – Chitrakoot News




चित्रकूट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी और रोजगार जैसे जनहित के मुद्दों को उठाने वाले कई समाजसेवियों को 20 घंटे से अधिक समय से नजरबंद रखा गया है। यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। जिन समाजसेवियों को अब तक नजरबंद रखा गया है, उनमें लवकुश कुमार भारती, नंदलाल सिंह आजाद, धर्मेंद्र कुमार भास्कर और मुकेश कुमार सहित अन्य साथी शामिल हैं। वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे। जनहित से जुड़े विषयों पर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करना और जनता की समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष रखना नागरिकों का अधिकार माना जाता है। संबंधित प्रशासन से आग्रह किया गया है कि सभी समाजसेवियों को शीघ्र रिहा किया जाए। साथ ही, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोटी, रोजगार और अन्य जनसमस्याओं पर सार्थक एवं सकारात्मक संवाद स्थापित करने की मांग की गई है। लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की भावना को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है। जनहित के मुद्दे उठाने वालों को लंबे समय तक नजरबंद रखना उचित नहीं माना जा सकता, क्योंकि लोकतंत्र में सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।



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मद्य निषेध अवर निरीक्षक परीक्षा 12 जुलाई को: लखीसराय के 8 केंद्रों पर 3,833 अभ्यर्थी होंगे शामिल,सुबह 9:30 बजे तक पहुंचना अनिवार्य – Lakhisarai News




लखीसराय में बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में अवर निरीक्षक मद्य निषेध पद के लिए प्रारंभिक लिखित परीक्षा 12 जुलाई को होगी। जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर कुल 3,833 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन सुनिश्चित करने के लिए जिला मुख्यालय सभागार में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ केंद्राधीक्षकों को आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को परीक्षा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने, अभ्यर्थियों के सुगम प्रवेश, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। परीक्षा एकल पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी। अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे तक अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रकार के 100 प्रश्न होंगे, जिसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त आदेश जारी किया है। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने, प्रवेश पत्र और आवश्यक पहचान पत्र साथ रखने तथा आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। जिला प्रशासन ने परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने का आश्वासन दिया है।



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