Sunday, September 6, 2026
Home Blog

जोधपुर में कलश में हीरे बताकर 8 लाख रुपए ठगे: व्यापारी को दिखाया करोड़ों का सपना; पूजा-पाठ के नाम पर लिए पैसे – Jodhpur News




जोधपुर में व्यापार में चल रही परेशानी दूर करने और घर में छिपे हीरे-जवाहरात मिलने का झांसा देकर 8 लाख रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने व्यापारी को कलश में कीमती हीरे होने की बात बताई और इससे करोड़ों रुपए कमाने का सपना दिखाया। इसके बाद पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक प्रक्रिया के नाम पर उससे करीब 8 लाख रुपए ले लिए। ठगी का पता चलने पर व्यापारी ने माता का थान थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दो नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मदेरणा कॉलोनी निवासी डूंगरचंद सोनी ने माता का थान थाना पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया है कि 22 अप्रैल को अखबार में व्यापार एवं अन्य परेशानियों का समाधान कराने संबंधी एक पर्चा,पेम्पलेट आया था। इसके बाद वह महामंदिर स्थित शक्ति नगर में बताए गए स्थान पर पहुंचा। वहां उसकी मुलाकात दीपक जोशी उर्फ उमेश और रामसा से हुई। हाथ देखकर बोला- घर में दबा है खजाना पीड़ित के मुताबिक, दीपक जोशी ने हाथ देखकर व्यापार में परेशानी होने की बात कही। इसके बाद उसने दावा किया कि उसके घर में एक कलश है, जिसमें हीरे जवाहरात रखे हैं। पूजा-पाठ के जरिए यह धन प्राप्त कराने का भरोसा देकर आरोपी ने 5 लाख रुपए मांगे। पीड़ित ने परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में सोने-चांदी के आभूषण गिरवी रखकर 5 लाख रुपए देने की बात कही है। घर में पूजा कर खुदाई, कलश मिलने का दावा पीड़ित के अनुसार, 4 मई को दोनों आरोपी घर पहुंचे। पूजा-पाठ करने के बाद घर में खुदाई की गई और एक कलश मिलने का दावा किया गया। आरोप है कि दीपक ने कलश खोलने से रोक दिया और कहा कि उसमें आत्मा है,जिसे शांत करने के लिए और पूजा करनी होगी। इसके नाम पर 3 लाख रुपए और मांगे गए। पीड़ित और उसके बेटे ने ऑनलाइन माध्यम से आरोपी के खाते में रकम ट्रांसफर की। आरोपी ने परिवार को कलश से दूर रहने की चेतावनी दी और कहा कि उसे छूने पर अनहोनी हो सकती है। उसने पूजा पूरी करने के बाद वापस आकर कलश में मौजूद हीरे-जवाहरात देने का भरोसा दिलाया। पीड़ित के अनुसार, आरोपी कई दिनों तक वापस नहीं आया। उसके घर जाने पर भी पूजा करने की बात कहकर टालता रहा। वाट्सएप पर भी आज-कल आने का भरोसा दिया जाता रहा। आखिरकार परिवार ने स्वयं कलश खोला तो उसमें कुछ भी नहीं मिला। रुपए मांगे तो फोन उठाना बंद किया पीड़ित के अनुसार, कलश खाली मिलने के बाद जब आरोपी से रकम वापस मांगी गई तो उसने कथित रूप से ठगी करने की बात कही और बाद में फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि जानकारी में सामने आया कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह ठगी की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



Source link

सफाईकर्मी का अपहरण कर मांगी 20 लाख की रंगदारी: बीडीसी चाचा ने रिश्तेदारों संग मिलकर रची साजिश, कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज – Hardoi News




हरदोई में एक सफाईकर्मी का अपहरण कर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर बंधक बनाने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उससे 20 लाख रुपये और एक प्लॉट मांगा। इस वारदात की साजिश का मुख्य आरोपी पीड़ित का बीडीसी चाचा है। पीड़ित की शिकायत और कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह रिपोर्ट शाहाबाद कोतवाली में शनिवार दोपहर 1:31 बजे दर्ज की गई। सैयापुरवा निवासी विकेश कुमार (36) शाहाबाद के फिरोजपुर कला में सफाईकर्मी हैं। दावा है कि 17 जून 2026 की सुबह जब वह ड्यूटी पर निकले, तो ऑटो से उतरते ही उनके चाचा राकेश कुमार (जो बीडीसी और मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स सफाईकर्मी हैं), राकेश के बहनोई राजीव कुमार और राजीव के साले की बेटी रूपा ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि तीनों ने विकेश को बहला-फुसलाकर नशीला पदार्थ खिला दिया। इसके बाद उसे बेहोश कर एक अज्ञात जगह पर बंधक बना लिया। 344बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने विकेश का मोबाइल छीन लिया और उसके परिवार से संपर्क तोड़ दिया। जब विकेश को होश आया, तो आरोपियों ने उससे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। उन्होंने शहर में एक प्लॉट रूपा के नाम करने और उससे शादी करने का दबाव भी बनाया। मांग पूरी न होने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। 24 जून को विकेश किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर आया। उसने पहले स्थानीय पुलिस और फिर पुलिस अधीक्षक से मदद मांगी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। घटना के 48 दिन बाद कोर्ट के दखल से यह मामला दर्ज हुआ। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नशीला पदार्थ देकर असहाय करने, अपहरण कर बंधक बनाने, जबरन रंगदारी वसूलने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। प्रभारी निरीक्षक अरविंद राय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तीन आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है।



Source link

ब्राह्मण-जाटव समाज पर कथित अभद्र टिप्पणी का आरोपी गिरफ्तार: मथुरा से पकड़ाया, कोर्ट ने जेल भेजा; एक दिन पहले सरेंडर का वीडियो बनाया था – Shivpuri News




सोशल मीडिया पर ब्राह्मण और जाटव समाज के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में फरार आरोपी आजाद लोधी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। करैरा पुलिस ने उसे मथुरा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, ग्राम बैसोरा निवासी आजाद लोधी पर सोशल मीडिया के जरिए समाज विशेष के लोगों और महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप हैं। इस मामले में करैरा और पिछोर थाने में मामले दर्ज किए गए थे। यह मामला सामने आने के बाद सर्व समाज के लोगों में नाराजगी थी। लोगों ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई और जिलाबदर करने की मांग उठाई थी। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर करैरा और पिछोर में लोगों ने ज्ञापन सौंपे थे। इसके अलावा एसपी कार्यालय पहुंचकर भी पुलिस अधिकारियों से आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की गई थी। पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में लगी हुई थी। इससे पहले, आरोपी आजाद लोधी ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी कर पिछोर थाने में सरेंडर करने की बात कही थी। वीडियो में उसने अपने चाहने वालों और समर्थकों को भी साथ आने के लिए बुलाया था। हालांकि, शुक्रवार को जन्माष्टमी होने के चलते वह पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी ने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उसने सोमवार को पिछोर थाने में पहुंचकर सरेंडर करने की बात कही थी। हालांकि, सोमवार का इंतजार करने से पहले ही पुलिस ने उसे मथुरा से गिरफ्तार कर लिया।



Source link

अररिया की शिक्षिका बेबी अर्चना को राजकीय शिक्षक पुरस्कार: 9 प्रखंडों के 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को डीएम ने किया सम्मानित – Araria News




अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड की शिक्षिका बेबी अर्चना को शिक्षक दिवस के अवसर पर राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मध्य विद्यालय कुंवाड़ी में विशिष्ट शिक्षिका के रूप में कार्यरत बेबी अर्चना को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान मिला है। उनके सम्मानित होने से विद्यालय सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नौ प्रखंडों के 19 शिक्षक-शिक्षिकाएं सम्मानित शिक्षक दिवस के अवसर पर अररिया समाहरणालय स्थित परमान सभागार में शिक्षक सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में जिले के नौ प्रखंडों से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले 19 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने सभी सम्मानित शिक्षकों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। डीएम बोले- शिक्षक राष्ट्र निर्माण की अहम कड़ी समारोह को संबोधित करते हुए डीएम विनोद दूहन ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। शिक्षा ही राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिले अररिया में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने से विकास की गति और तेज होगी। नियमित पढ़ाई और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने पर जोर डीएम ने शिक्षकों से विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की अपील की। उन्होंने नियमित पढ़ाई, विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके सीखने के स्तर में लगातार सुधार पर जोर दिया। साथ ही कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने और पढ़ाने के लिए नए एवं प्रभावी तरीकों को अपनाने की बात कही। अनुशासन और चरित्र निर्माण भी शिक्षा का हिस्सा डीएम ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है। बच्चों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और अच्छे चरित्र का निर्माण करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में बेहतर भविष्य के लिए आगे बढ़ने की भावना विकसित करने का आह्वान किया। बेबी अर्चना ने ग्रामीण बच्चों को बनाया लक्ष्य राजकीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित बेबी अर्चना वर्ष 2013 में शिक्षिका बनी थीं। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों की जरूरत और क्षमता को समझकर उन्हें पढ़ाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता रही है। विद्यालय के प्रति समर्पण और बच्चों की शिक्षा के लिए उनकी लगातार मेहनत ने उन्हें यह सम्मान दिलाया। सम्मान मिलने पर बेबी अर्चना ने इसे अपने लिए गर्व और खुशी का पल बताया। इन शिक्षकों को भी मिला सम्मान सम्मानित होने वाले शिक्षकों में बिश्वनाथ पासवान, हीना नाज, बसंत कुमार झा, सुधांशु कुमार तिवारी, दिनेश कुमार, अंकुर कुमार और मनीष कुमार समेत 19 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे। इनमें प्रधान शिक्षिकाएं राशदा खानम और रुही कुमारी तथा शिक्षिका प्रीति कुमारी भी शामिल थीं। समारोह में जिला शिक्षा पदाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और सम्मानित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।



Source link

टाटा केमिकल्स ने संभाल रखी थी केन्या के इस शहर की इकनॉमी, बंद होते ही टूट गई कमर


Last Updated:

Tata Chemicals : भारतीय कंपनी टाटा केमिकल्स ने केन्या सरकार के दबाव में वहां के शहर में अपना कामकाज क्या बंद किया, लोगों के सामने पानी और पैसों की भयंकर कमी आ गई. इस शहर के लोगों का कहना है कि जब तक कंपनी का कामकाज शुरू नहीं हो जाता, तब तक सरकार को पानी की कमी दूर करने के उपाय करने चाहिए.

Zoom

टाटा केमिकल्स के बंद होने से केन्या में आर्थिक संकट पैदा हो गया है.

नई दिल्ली. टाटा समूह सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य देशों में अपने कारोबार से आम आदमी को रोजगार और जरूरत की चीजें मुहैया कराती है. ऐसा ही एक देश है केन्या के जिसके शहर काजियाडो में टाटा समूह की कंपनी टाटा केमिकल्स मगाडी काफी बड़ा कारोबार कर रही थी, लेकिन केन्या की सरकार ने उसके कामकाज पर रोक लगा दी. कंपनी के बंद होते ही शहर की इकनॉमी भी घुटनों पर आ गई और वहां के लोग जरूरी चीजों के लिए भी मोहताज होने लगे. टाटा ने केन्या के इस शहर की पोल भी खोलकर दी कि किस तरह एक शहर के लोग एक ही कॉरपोरेट कंपनी पर निर्भर थे.

CNN-News18 ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि केन्या सरकार द्वारा ‘टाटा केमिकल्स मगाडी’ के कामकाज को अनिश्चित काल के लिए रोके जाने से काजियाडो शहर में मानवीय और सामाजिक-आर्थिक संकट पैदा हो गया है. इससे यह बात खुलकर सामने आ गई है कि स्थानीय समुदाय की नौकरियों, पैसे के लेन-देन और पानी जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के लिए यह शहर किस हद तक एक ही कॉर्पोरेट कंपनी पर निर्भर है. विश्लेषण रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे इस कंपनी पर हुई कार्रवाई ने मगाडी में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर कर दिया है, जहां कंपनी का कामकाज स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जरूरी सेवाओं के साथ गहराई से जुड़ा था.





Source link

रूस अगले 3 दिन यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा: पुतिन ने ट्रम्प के दामाद के मॉस्को पहुंचने पर दिया आदेश, जंग खत्म करने पर बात होगी




रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर 72 घंटे तक हमले रोकने का आदेश दिया है। क्रेमलिन ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। पुतिन का यह आदेश ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए मॉस्को पहुंचे हैं। दोनों रुकी हुई शांति वार्ता को फिर शुरू कराने की कोशिश करेंगे। यूक्रेन पहले ही दोनों के दौरे की जानकारी दे चुका है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा था कि अमेरिकी दूतों के यूक्रेन दौरे के दौरान उनकी सेना हवाई हमले रोक देगी। उन्होंने रूस से भी ऐसा ही करने को कहा था। ईरान जंग की वजह से अमेरिका का यूक्रेन पर फोकस हटा अमेरिका लंबे समय से रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिश में जुटा है। हालांकि, पिछले छह महीनों में इन कोशिशों की रफ्तार कुछ धीमी हुई है। इसकी एक वजह अमेरिका का ईरान युद्ध पर ज्यादा फोकस करना भी बताई गई है। विटकॉफ और कुशनर इससे पहले जनवरी में मॉस्को पहुंचे थे। तब दोनों ने क्रेमलिन में पुतिन से मुलाकात की थी। अब एक बार फिर दोनों के मॉस्को पहुंचने पर रूसी दूत किरिल दिमित्रीव ने उनका स्वागत किया। CIA चीफ की मॉस्को यात्रा के बाद अब विटकॉफ-कुशनर पहुंचे विटकॉफ और कुशनर की मॉस्को यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब CIA चीफ जॉन रैटक्लिफ ने 25 अगस्त को रूस का दौरा किया था। इस मुलाकात में क्या बातचीत हुई, इस पर अमेरिका और रूस दोनों ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया। ट्रम्प ने पिछले हफ्ते इस बैठक को सामान्य तरह की बैठक बताया था। रूस ने हाल में कीव पर हमले बढ़ाए रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता अभी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। इस बीच, कीव समेत यूक्रेन के कई शहरों पर रूसी हवाई हमले तेज हुए हैं। यूक्रेन भी रूस के अंदर लगातार ड्रोन हमले कर रहा है। शुक्रवार को एक रूसी ड्रोन ने कीव में यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी SBU के मुख्यालय को निशाना बनाया। SBU रूस के अंदर किए जाने वाले यूक्रेन के कई लंबी दूरी के हमलों में भी भूमिका निभाती है। उधर, यूक्रेन रूस के सैन्य ठिकानों के अलावा तेल रिफाइनरियों और ई-कॉमर्स केंद्रों को भी निशाना बना रहा है। यूक्रेन का कहना है कि इन हमलों का मकसद रूस की युद्ध क्षमता और उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाना है। शनिवार को जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने रात में कीव और बोरिस्पिल एयरपोर्ट पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि ये हमले उस वक्त हुए, जब अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के यूक्रेन पहुंचने की तैयारी चल रही थी। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने रूस के इन हमलों को गंभीरता से लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस का हवाई क्षेत्र अब ड्रोन और मिसाइलों की वजह से खतरनाक हो चुका है। हालांकि, अमेरिकी दूतों की शांति कोशिशों के लिए यूक्रेन की तरफ से कोई खतरा नहीं है। 3 घंटे हमले रोकने का आदेश कितना असरदार होगा? पुतिन का 72 घंटे तक कीव पर हमले रोकने का आदेश अमेरिकी दूतों की मॉस्को और फिर कीव यात्रा के दौरान बातचीत के लिए कुछ समय जरूर दे सकता है। हालांकि, इसे रूस-यूक्रेन के बीच पूरा युद्धविराम नहीं माना जा सकता। यह आदेश सिर्फ कीव पर रूसी हमले रोकने तक सीमित है। दूसरे इलाकों में दोनों देशों के बीच लड़ाई जारी रह सकती है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इन 72 घंटों में शांति वार्ता को आगे बढ़ाने पर कोई सहमति बन पाएगी, या समय खत्म होते ही रूस फिर हमले शुरू कर देगा। इसलिए अब सबकी नजर विटकॉफ और कुशनर की मॉस्को-कीव यात्रा पर है। अगर दोनों पक्ष किसी अहम मुद्दे पर सहमत होते हैं, तो यह 72 घंटे की रोक आगे की बातचीत का रास्ता खोल सकती है। लेकिन फिलहाल इसे युद्ध खत्म होने की शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी। ——————————— यह खबर भी पढ़ें… एस्टोनिया के रक्षामंत्री ने इस्तीफा दिया:यूक्रेन को समय पर तोप के गोले नहीं दे पाए; कॉन्ट्रैक्ट में भारतीय कंपनी शामिल, अनुभव नहीं होने का आरोप
एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हानो पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे की वजह यूक्रेन के लिए की गई करीब 768 करोड़ रुपए की एक डील है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



Source link

उपभोक्ताओं के भरोसेमंद जूते: खरीदें Campus के 4+ रेटिंग वाले 6 आरामदायक जूते


Campus के 6 ऐसे जूते जिनपर है उपभोक्ताओं का पूरा भरोसा। 4 प्लस रेटिंग वाले जूते अब आपके बजट में उपलब्ध हैं।

Loading Suggestions…

Loading Suggestions…

Loading Suggestions…

Loading Suggestions…

रोजाना शारीरिक गतिविधियों में भाग लेना हो या ऑफिस और कॉलेज जाना हो आप सभी के पास एक अच्छी क्वालिटी का जूता जरूर होना चाहिए। गलत जूते का चयन शारीरिक गतिविधियों के दौरान चोट का कारण बन सकता है, साथ ही पैरों को जल्दी थका देता है, जिससे उत्पादकता भी कम हो सकती है। ऐसा आपके साथ न हो, इसके लिए आज हम लाए हैं Campus के 6 ऐसे जूते जिनपर उपभोक्ताओं को पूरा भरोसा है। सभी जूतों को 4 से अधिक रेटिंग मिली है। वहीं इन सभी पर इस समय डिस्काउंट ऑफर चल रहा, जहां आप इन्हें आधे से कम दाम में घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं।

कैंपस के जूते।

घर, यात्रा या शॉपिंग – हर प्लान के लिए फंड पाएं

₹5 लाख तक का लोन

ब्याज दरें 11% प्रति वर्ष से शुरू*

यहां खरीदें Campus के टॉप रेटेड रनिंग शूज:

अगर आप भी बेफिक्र होकर बिना थके लंबे समय तक दौड़ना चाहते हैं, तो Campus का ये रनिंग शूज ट्राई कर सकते हैं। इसका डिजाइन पैरों को बेहतर सपोर्ट और बैलेंस मेंटेन रखने में मदद करता है। वहीं शारीरिक गतिविधियों के दौरान आप बेहतर इंटेंसिटी के साथ अपना 100% दे सकते हैं! इतना ही नहीं ये देखने में भी आकर्षक है, इसे कैजुअल आउटफिट्स के साथ स्टाइल किया जा सकता है।

क्या है उपभोक्ताओं की राय:

इस जूते को लोगों ने पसंद किया है और इसे पैसा वसूल प्रोडक्ट बताया है। खास कर इसके आरामदायक सोल की लोगों ने खूब तारीफ की है। इस जूते के वजन को लेकर लोगों के अलग-अलग फीडबैक हैं, मगर ज्यादातर लोगों ने इसपर साकारात्मक रिव्यू दिए हैं।

CAMPUS के इस जूते का डिजाइन देखने में जितना आकर्षक है, इसका सोल और इसकी बनावट उतनी ही आरामदायक और प्रभावी रहेगी। ये बजट फ्रेंडली जूता एक स्टाइलिश कंफर्टेबल विकल्प है, जिसे आप सभी शारीरिक गतिविधियों के अलावा कैजुअल आउटफिट्स के साथ भी स्टाइल कर सकते हैं। ये पैरों को बेहतर सपोर्ट देता है और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

क्या है उपभोक्ताओं की राय:

उपभोक्ताओं ने इस जूते को हल्का हवादार विकल्प बताया है। विशेष रूप से इसके फिटिंग की तारीफ की है। हालांकि, मेटेरियल क्वालिटी को लेकर लोगों ने मिले-जुले कमेंट दिए हैं।

लंबे समय से जूता लेने का सोच रहे हैं, तो Campus का ये विकल्प कैसा रहेगा! इस रनिंग शूज की लचीली बनावट और हल्का हवादार कपड़ा, पैरों को बेहतर समर्थन देता है और संतुलन बनाए रखता है। इस प्रकार गतिविधियों के दौरान चोट लगने की संभावना बहुत कम होती है। अगर आप भी लंबे समय से आरामदायक जूते की तलाश में हैं, तो इसे एक मौका जरूर दें।

क्या है उपभोक्ताओं की राय:

कस्टमर्स के अनुसार ये जूता हल्का और आरामदायक विकल्प है। खास कर इसके आरामदायक सोल की लोगों ने खूब तारीफ की है। कुल मिलाकर लोगों ने इसे पैसा वसूल प्रोडक्ट बताया है।

इस रनिंग शूज का गद्देदार सोल और लचीली बनावट, पैरों का संतुलन बनाए रखती हैं। इस प्रकार गतिविधियों के दौरान लंबे समय तक सक्रिय रहने पर भी उत्पादकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। कैंपस के जूते आमतौर पर सस्ते आते हैं, मगर उनकी क्वालिटी के साथ कोई समझौता नहीं किया गया है। बिना अधिक खर्च किए एक अच्छी क्वालिटी का जूता खरीद सकते हैं।

क्या है उपभोक्ताओं की राय:

इसे जिम गतिविधियों के लिए एक बढ़िया जूता बताया गया है। हालांकि, इसकी ड्युरेबिलिटी को लेकर लोगों के मिले-जुले रिव्यू आए हैं। परंतु आमतौर पर लोगों ने इसकी क्वालिटी को पसंद किया है।

ये बजट फ्रेंडली जूता लोगों का पसंदीदा रनिंग शूज है, जिसे काफी लोगों ने सराहा है। इसे पैरों के अनुकूल डिजाइन किया गया है, ये जूता पैरों पर बेहद आरामदायक महसूस होता है। विशेष रूप से ये फ्लैक्सिबल है, जो शारीरक गतिविधियों के दौरान पैरों के अनुसार एडजस्ट हो जाता है। इसे बहुत से लोगों ने खरीदा है और इस पर पॉजिटिव रिव्यू भी दिए हैं।

क्या है उपभोक्ताओं की राय:

इसके हल्के डिजाइन को लोगों ने सराहा है और इसे आरामदायक विकल्प बताया है। ज्यादातर लोगों के अनुसार ये पैसा वसूल प्रोडक्ट है, जिसे आप लंबे समय तक पहन सकते हैं।

रोजाना 10,000 स्टेप्स का लक्ष्य पूरा करना है, तो ये आरामदायक वॉकिंग शूज इसमें आपकी मदद करेगा। ये जूता आपके पैरों को बेहतर समर्थन देगा इस प्रकार आप आराम से बिना थके अपना रोजाना का लक्ष्य पूरा कर सकते हैं। ये ऑफिस वियर के लिए भी एक अच्छा विकल्प है, लंबे घंटों के दौरान पैर रिलैक्स रहेंगे।

क्या है उपभोक्ताओं की राय:

उपभोक्ताओं के अनुसार ये जूता हल्का आरामदायक विकल्प है। विशेष रूप से इसके फिटिंग की तारीफ की है। लोगों के अनुसार ये पैसा वसूल प्रोडक्ट है, जिसे आप लंबे समय तक पहन सकते हैं।

स्मार्ट स्टोरेज के लिए खरीदें ड्रॉवर और कैबिनेट्स, घर को दें मॉडर्न लुक

Disclaimer: लाइव हिंदुस्तान में हम आपको नए ट्रेंड्स और प्रॉडक्ट्स के साथ अप-टू-डेट रहने में मदद करते हैं। आप हमारे जरिए खरीदारी करते हैं तो अफिलीएट पार्टनरशिप की वजह से हमें राजस्व का एक हिस्सा मिल सकता है। हम प्रोडक्ट्स के संबंध में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 सहित लागू कानूनों के तहत किसी भी दावे के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। इस आर्टीकल में लिस्टेड प्रोडक्ट प्राथमिकता की किसी विशेष सीरीज में नहीं हैं।



Source link

बरेली में पंजाब के अमृतसरी कुलचे का तड़का, स्वाद के शौकीनों की बनी पहली पसंद

0


Last Updated:

Bareilly Famous Amritsari Kulcha Shop: बरेलीवासियों को अब अपने शहर में ही पंजाबी डिश चखने का मौका मिल रहा है. शहर की एक दुकान पर अमृतसरी कुलचा खाने को मिल रहा है. यह फूड पॉइंट सुबह 8 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है. आइए इस दुकान के बारे में जानते हैं.

बरेली: बरेली शहर सिर्फ झुमका सिटी के लिए ही नहीं, बल्कि खाने वाले शौकीनों के लिए भी फेमस जगह है. आज आपको बरेली के एक ऐसे फूड पॉइंट के बारे में बताने वाले हैं, जहां पंजाब के मशहूर अमृतसरी कुलचे का स्वाद चखने को मिलेगा. अब बरेली वासियों को भी अमृतसरी कुलचे का स्वाद खूब पसंद आ रहा है. महिला थाने के पास, बरेली कॉलेज रोड पर स्थित यह कुलचा स्टॉल स्वाद के शौकीनों के बीच धीरे-धीरे अपनी खास पहचान बनाता जा रहा है.

इस अनोखे कॉन्सेप्ट को बरेली में शुरू करने के पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है. दुकान संचालक बताते हैं कि वह पहले दिल्ली में काम करते थे. वहां उन्होंने अमृतसरी कुलचे के बढ़ते क्रेज को देखा और फिर अपने शहर बरेली में लोगों को एक नया स्वाद देने के उद्देश्य से इस फूड कॉन्सेप्ट की शुरुआत करने का फैसला किया.

इस रुपए में दे रहे एक अमृतसरी कुलचा
उन्होंने बताया कि यहां ग्राहकों के लिए आलू-प्याज कुलचा, पनीर कुलचा और आलू-गोभी कुलचा जैसी कई वैराइटी उपलब्ध हैं. खास बात यह है कि कुलचे के साथ ग्राहकों को छोले, दाल मखनी, राजमा और कढ़ी में से अपनी पसंद की दो सब्जियां चुनने का विकल्प मिलता है. इसके साथ बूंदी का रायता भी परोसा जाता है. कीमत की बात करें तो यहां सिंगल कुलचा 80 रुपये, डबल कुलचा 160 रुपये और पनीर कुलचा 120 रुपये में उपलब्ध है. इसके अलावा खाने के शौकीनों के लिए पनीर टिक्का, हरियाली चाप, मलाई चाप, शाही पनीर, कड़ाही पनीर, मिक्स वेज, राजमा-चावल, छोले-चावल और कढ़ी-चावल जैसे कई अन्य व्यंजन भी मौजूद हैं.

बरेली के लोगों को एक नया स्वाद देना मकसद
लोकल 18 ने यहां पहुंचे एक ग्राहक से भी बातचीत की. ग्राहक ने बताया कि वह पिछले चार से पांच महीनों से यहां कुलचा खाने आ रहे हैं और उन्हें यहां का स्वाद काफी पसंद है. उनका कहना है कि कुलचा स्वादिष्ट है और बरेली के लोगों को भी एक बार यहां जरूर आकर इसका स्वाद लेना चाहिए. दुकान संचालक का कहना है कि उनका मकसद सिर्फ खाना बेचना नहीं, बल्कि बरेली के लोगों को एक नया और बेहतर स्वाद उपलब्ध कराना है. उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि वे एक बार उनकी दुकान पर जरूर आएं और उन्हें सेवा का अवसर दें.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

और पढ़ें



Source link

गडकरी बोले- मीडिया सेक्टर में विश्वसनीयता का संकट: ये सबसे बड़ी समस्या; लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका और मीडिया का निष्पक्ष होना जरूरी


  • Hindi News
  • National
  • Nitin Gadkari On Media Credibility Crisis | Nagpur IIM Conclave Statement

नागपुर2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

गडकरी शनिवार को IIM नागपुर मीडिया कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सभी संस्थानों में मीडिया के सामने विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है। आज सबसे बड़ी जरूरत है कि मीडिया अपनी विश्वसनीयता फिर से कायम करे।

गडकरी शनिवार को IIM नागपुर मीडिया कॉन्क्लेव 2026 में ‘मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था’ विषय पर बोल रहे थे।

उन्होंने लोकतंत्र की प्रगति के लिए स्वतंत्र-निष्पक्ष न्यायपालिका के साथ स्वतंत्र-निष्पक्ष मीडिया को जरूरी बताया।

मीडिया के लिए गडकरी की 4 बातें…

  • 21वीं सदी में हर सेक्टर के लिए विश्वसनीयता, सद्भावना और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता कम हुई है, लेकिन मीडिया की विश्वसनीयता बहुत ज्यादा घटी है। हालांकि इसमें सभी मीडिया संस्थान शामिल नहीं हैं।
  • अखबार और मीडिया संस्थान कहा करते थे कि वे तय करेंगे कि चुनाव कौन जीतेगा, लेकिन अब सोशल मीडिया ने इस दिशा को बदल दिया है।
  • राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता का संकट है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है।
  • मीडिया को अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के बारे में सोचना चाहिए। जिन लोगों के पास विश्वसनीयता होती है, उन्हें खुद का प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

गडकरी की सलाह- जनता, समाज और देशहित में लिखें

केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों को लोगों, समाज और देश के हित में लिखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को गुणात्मक बदलाव के साथ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

गडकरी ने कहा कि अच्छे काम की तरह अच्छी पत्रकारिता को भी पहचान मिलती है। आने वाले समय में वही लोग टिकेंगे, जो अपनी विश्वसनीयता और पेशे के मूल मूल्यों की रक्षा करेंगे।

उन्होंने मीडिया से लोकतंत्र को मजबूत करने, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और ज्ञान में बदलाव लाने की दिशा में काम करने की अपील की। इससे भारत को ‘विश्व गुरु’ यानी दुनिया का नेता बनाने में भी मदद मिलेगी।

लोकतंत्र के चार स्तंभों की जिम्मेदारी बताई

गडकरी ने कहा, “भारत लोकतंत्र की जननी और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। संविधान ने लोकतंत्र के चार स्तंभों यानी विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया की जिम्मेदारियां साफ तौर पर तय की हैं।”

गडकरी ने कहा- राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। लोकतंत्र, लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में, सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

——————–

गडकरी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

गडकरी बोले- सभी राज्य बाइक टैक्सी को मंजूरी दें: 8 करोड़ रोजगार मिलेंगे

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभी राज्य सरकारों से बाइक टैक्सी को मंजूरी देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि निजी बाइक और स्कूटर से यात्रियों को ले जाने की सुविधा से खासकर ग्रामीण इलाकों में रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे। इससे करीब 8 करोड़ लोगों को रोजगार मिल सकता है। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

गडकरी बोले- मीडिया सेक्टर में विश्वसनीयता का संकट: ये सबसे बड़ी समस्या; लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष न्यायपालिका-मीडिया जरूरी


  • Hindi News
  • National
  • Nitin Gadkari On Media Credibility Crisis | Nagpur IIM Conclave Statement

नागपुर7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सभी संस्थानों में मीडिया के सामने विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने मीडिया से अपनी विश्वसनीयता फिर से कायम करने की अपील की।

गडकरी IIM नागपुर मीडिया कॉन्क्लेव 2026 में ‘मीडिया, नेतृत्व और नई विश्व व्यवस्था’ विषय पर बोल रहे थे। उन्होंने लोकतंत्र की प्रगति के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण न्यायपालिका के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष मीडिया को जरूरी बताया।

इस कार्यक्रम में प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और एडिटर-इन-चीफ विजय जोशी, बिजनेस स्टैंडर्ड के एडिटोरियल डायरेक्टर ए.के. भट्टाचार्य और ब्लिट्ज इंडिया मीडिया ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ दीपक द्विवेदी मौजूद थे। यह जानकारी PTI ने दी है।

लोकतंत्र के चार स्तंभों की जिम्मेदारी बताई

गडकरी ने कहा, “भारत लोकतंत्र की जननी और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है।” उन्होंने लोकतंत्र में गुणात्मक बदलाव की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने कहा, “संविधान ने लोकतंत्र के चार स्तंभों यानी विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया की जिम्मेदारियां साफ तौर पर तय की हैं। लोकतंत्र की प्रगति और विकास के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और न्यायपूर्ण न्यायपालिका और मीडिया बहुत जरूरी हैं।”

गडकरी ने कहा कि राजनीति और राजनीतिक दल लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि विचारों या विचारधारा में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अपनी विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए।

उन्होंने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक मुद्दों पर लोगों में जागरूकता बढ़ाने की भी बात कही। गडकरी ने कहा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में लोगों की जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों व विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बहुत जरूरी है।

मीडिया की विश्वसनीयता सबसे ज्यादा घटी: गडकरी

गडकरी ने कहा कि 21वीं सदी में सभी क्षेत्रों के लिए विश्वसनीयता, सद्भावना और ईमानदारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने कहा, “सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता कम हुई है, लेकिन मीडिया की विश्वसनीयता बहुत ज्यादा घटी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि सभी मीडिया संस्थानों ने अपनी विश्वसनीयता नहीं खोई है। गडकरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “अखबार और मीडिया संस्थान कहा करते थे कि वे तय करेंगे कि चुनाव कौन जीतेगा, लेकिन अब सोशल मीडिया ने इस दिशा को बदल दिया है।”

उन्होंने कहा, “राजनीति समेत सभी क्षेत्रों में विश्वसनीयता का संकट है, लेकिन मीडिया क्षेत्र में विश्वसनीयता का संकट सबसे बड़ी समस्या है।” गडकरी ने मीडिया से अपनी विश्वसनीयता बहाल करने के बारे में सोचने की अपील की।

गडकरी ने कहा कि जिन लोगों के पास विश्वसनीयता होती है, उन्हें खुद का प्रचार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

लोगों, समाज और देश के हित में लिखने की सलाह

केंद्रीय मंत्री ने पत्रकारों को लोगों, समाज और देश के हित में लिखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को गुणात्मक बदलाव के साथ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

गडकरी ने कहा कि अच्छे काम की तरह अच्छी पत्रकारिता को भी पहचान मिलती है। उनके मुताबिक, आने वाले समय में वही लोग टिकेंगे, जो अपनी विश्वसनीयता और पेशे के मूल मूल्यों की रक्षा करेंगे।

उन्होंने मीडिया से लोकतंत्र को मजबूत करने, सामाजिक और राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और ज्ञान में बदलाव लाने की दिशा में काम करने की अपील की। गडकरी ने कहा कि इससे भारत को ‘विश्व गुरु’ यानी दुनिया का नेता बनाने में भी मदद मिलेगी।

IIM नागपुर के निदेशक और लॉयड्स मेटल्स के MD ने भी बात रखी

कार्यक्रम में IIM नागपुर के निदेशक डॉ. भीमराया मेट्री ने कहा कि आज का युवा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी मेटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. प्रभाकरन ने कहा कि दुनिया भारत को युवा आबादी, स्टार्टअप्स और सबसे बड़े बाजार वाले देश के तौर पर देख रही है। उन्होंने उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के महत्व पर भी जोर दिया।



Source link