Thursday, July 30, 2026
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शहरों में अब बिल्डिंग परमिशन के लिए एनओसी नहीं लगेगी: ऑनलाइन प्रोसेस में तय की व्यवस्था, हाउसिंग सोसायटी, नजूल, बिजली की एनओसी से छूट – Bhopal News




मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में अब बिल्डिंग परमिशन के दौरान अनापत्ति प्रमाण-पत्र मांगे जाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी। आवेदन, नक्शे एवं अन्य दस्तावेजों की केवल डिजिटल प्रतियां ही स्वीकार की जाएंगी तथा किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि स्वामी द्वारा स्वयं आवेदन करने पर ऑनलाइन शपथ-पत्र लिया जाएगा। यह निर्देश नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने सभी नगरीय निकायों के लिए जारी किए हैं। अपर मुख्य सचिव संजय दुबे द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब भवन निर्माण अनुज्ञा प्रकरणों में विभिन्न विभागों से अनावश्यक रूप से मांगे जाने वाले अनेक अनापत्ति प्रमाण-पत्रों की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। इस निर्णय से नागरिकों, निवेशकों, डेवलपर्स एवं निर्माण एजेंसियों को राहत मिलेगी तथा प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को और मजबूती मिलेगी। पूरी प्रोसेस रहेगी ऑनलाइन, डिजिटल कॉपी होंगी स्वीकार नई व्यवस्था में भवन अनुज्ञा की संपूर्ण प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित होगी। आवेदन, नक्शे एवं अन्य दस्तावेजों की केवल डिजिटल प्रतियां ही स्वीकार की जाएंगी। किसी भी स्थिति में हार्ड कॉपी देने की आवश्यकता नहीं होगी। भूमि स्वामी द्वारा स्वयं आवेदन करने पर ऑनलाइन शपथ-पत्र लिया जाएगा, जबकि अधिकृत कंसल्टेंट के माध्यम से आवेदन किए जाने पर भूमि स्वामी द्वारा हस्ताक्षरित शपथ-पत्र अपलोड करना होगा। इन क्षेत्रों में भी विशेष परिस्थितियों में एनओसी लेंगे विभाग ने स्पष्ट किया है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (NMA) तथा विरासत (Heritage) क्षेत्रों से संबंधित अनापत्तियों की आवश्यकता अब केवल उन्हीं मामलों में होगी, जहां ऑनलाइन भवन अनुज्ञा प्रणाली में जीआईएस आधारित सत्यापन के माध्यम से संबंधित भूखंड प्रभावित अथवा प्रतिबंधित क्षेत्र में स्थित पाया जाएगा। अन्य सभी मामलों में इन अनापत्तियों की आवश्यकता नहीं होगी। हाउसिंग सोसायटी, बिजली, नजूल की एनओसी से राहत विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सहकारिता विभाग एवं गृह निर्माण सहकारी समितियों, विद्युत तथा नजूल विभाग से मांगी जाने वाली कई प्रकार की अनापत्तियों की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। इससे भवन अनुज्ञा प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और नागरिक हितैषी बनेगी। रक्षा प्रतिष्ठानों, मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल तथा विकास प्राधिकरणों से संबंधित मामलों में अब आवेदकों को स्वयं एनओसी प्रस्तुत करने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। आवश्यकता होने पर सक्षम प्राधिकारी आवेदन प्राप्त होने के सात दिवस के भीतर संबंधित विभाग को प्रकरण भेजेगा तथा विभाग को 21 दिवस के भीतर अपनी अनापत्ति अथवा आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। निर्धारित अवधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में प्रकरण पर आगे की कार्रवाई की जा सकेगी। निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक के भवनों एवं परियोजनाओं में ही पर्यावरणीय अनापत्ति आवश्यक निर्देशों में कहा गया है कि पर्यावरणीय स्वीकृति संबंधी प्रावधानों को भी तर्कसंगत बनाया गया है। निर्धारित क्षेत्रफल से अधिक के भवनों एवं परियोजनाओं में ही पर्यावरणीय अनापत्ति आवश्यक होगी। इसी प्रकार वृक्ष कटाई की अनुमति भी केवल उन्हीं मामलों में आवश्यक होगी, जहां वास्तविक रूप से वृक्षों की कटाई प्रस्तावित हो। अग्निशमन अनापत्ति के संबंध में भी राष्ट्रीय भवन संहिता के प्रावधानों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।



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नाश्ते में बनाएं कच्चे केले की कुरकुरी टिक्की, स्वाद-सेहत का बेहतरीन कॉम्बो


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Banana Tikkis Recipe: आलू की टिक्की तो लगभग हर घर में बनाई जाती है, लेकिन कच्चे केले से तैयार की गई टिक्की स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी अच्छी मानी जाती है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम यह टिक्की बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आ सकती है.

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दिन की शुरुआत अगर पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ते से हो, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. हालांकि रोज-रोज एक ही तरह का नाश्ता खाने से अक्सर लोग ऊब जाते हैं. ऐसे में अगर आप कुछ नया, हेल्दी और चटपटा ट्राई करना चाहती हैं, तो कच्चे केले की टिक्की एक शानदार विकल्प हो सकती है. ये रेसिपी स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर है. खास बात यह है कि इसमें इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर सामान आसानी से घर की रसोई में मिल जाते हैं. इसे सुबह के नाश्ते, शाम के स्नैक या टिफिन के लिए भी तैयार किया जा सकता है. आइए जानते हैं इसकी आसान रेसिपी.

आवश्यक सामग्री

  • 3 से 4 उबले हुए कच्चे केले
  • 3 बड़े चम्मच ओट्स का पाउडर
  • बारीक कटी हरी मिर्च
  • कटा हुआ हरा धनिया
  • बारीक कटा प्याज
  • थोड़े से कॉर्न
  • स्वादानुसार नमक
  • 1 छोटा चम्मच जीरा पाउडर
  • तेल या देसी घी

टिक्की बनाने का तरीका

सबसे पहले कच्चे केलों को अच्छी तरह धो लें और प्रेशर कुकर में दो सीटी आने तक उबाल लें. जब केले ठंडे हो जाएं, तो उनका छिलका हटाकर उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें. ध्यान रखें कि मिश्रण में गांठें न रहें.

अब एक बड़े बाउल में मैश किए हुए केले डालें. इसमें ओट्स पाउडर, हरी मिर्च, हरा धनिया, प्याज, कॉर्न, जीरा पाउडर और नमक मिलाएं. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर एक मुलायम मिश्रण तैयार कर लें.

इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार गोल या चपटी टिक्कियां बना लें. एक पैन में थोड़ा सा तेल या घी गर्म करें और टिक्कियों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें. जब टिक्कियां कुरकुरी और हल्की ब्राउन दिखने लगें, तो उन्हें प्लेट में निकाल लें.

बोनस टिप्स
टिक्कियों को सेंकने से पहले 10 से 15 मिनट के लिए फ्रिज में रखने से उनका आकार बना रहता है और वे टूटती नहीं हैं. बेहतर स्वाद के लिए मिश्रण में थोड़ा अदरक पेस्ट मिलाया जा सकता है. अगर आपको हल्का खट्टा स्वाद पसंद है, तो थोड़ा अमचूर पाउडर भी डाल सकते हैं. इन स्वादिष्ट टिक्कियों को हरी चटनी या इमली की मीठी-खट्टी चटनी के साथ परोसें. ये हेल्दी रेसिपी बच्चों और बड़ों दोनों के लिए बेहतरीन नाश्ता साबित हो सकती है

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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ई-मित्र के नाम पर नौकरी का झांसा-देकर लाखों की ठगी: संचालक समेत 11 युवक-युवतियां हिरासत में; 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल जब्त – Jaipur News




सीएसटी (CST) टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जवाहर नगर थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित रॉयल अपार्टमेंट में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर संचालक सलमान सहित कुल 11 युवक-युवतियों को पकड़ा है। साथ ही 15 कंप्यूटर, 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। ई-मित्र और रोजगार के नाम पर लोगों से ठगी स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर के जरिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लोगों को ई-मित्र आईडी उपलब्ध कराने और ई-मित्र पर मिलने वाली विभिन्न सेवाओं के माध्यम से रोजगार दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोपियों ने नौकरी और कमाई का लालच देकर लोगों से मोटी रकम वसूली। 40 से 70 हजार रुपये तक वसूले डीसीपी क्राइम संजीव नैन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग लोगों से 40 हजार से 70 हजार रुपये तक वसूले, लेकिन न तो रोजगार उपलब्ध कराया और न ही वादा की गई सेवाएं दीं। इस तरह लोगों को सुनियोजित तरीके से ठगी का शिकार बनाया गया। दो से तीन साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि यह फर्जी कॉल सेंटर पिछले दो से तीन वर्षों से संचालित किया जा रहा था। बरामद कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क और पीड़ितों की संख्या का पता लगाया जा सके। पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब कॉल सेंटर के आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि जांच में ठगी के और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।



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कंगना रनौत के बयान पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: कटिहार में पुतला फूंका, माफी न मांगने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Katihar News




कटिहार में गुरुवार, 30 जुलाई को भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के कथित बयान के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन जिला महिला कांग्रेस के नेतृत्व में शहीद चौक पर आयोजित किया गया। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजुमन कौसर उर्फ आम्रपाली यादव की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने कंगना रनौत का पुतला फूंका और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने उनके बयान को जनभावनाओं और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। प्रदर्शन के दौरान सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कंगना रनौत और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पोस्टर लेकर विरोध दर्ज कराया और उनके खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कंगना रनौत से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष अंजुमन कौसर उर्फ आम्रपाली यादव ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कंगना रनौत से देश की जनता से माफी मांगने की अपील की। सांसद प्रतिनिधि सुनील कुमार यादव ने कहा कि कंगना रनौत के बयान से समाज के एक बड़े वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सार्वजनिक माफी नहीं मांगी गई, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में पूरे जिले में चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को तेज करेगी। इस अवसर पर किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष दिलीप विश्वास, इंटक अध्यक्ष संतोष यादव, शंभू शरण गुप्ता, रिया कुमारी, ईशा, आंचल, अनुराधा, चांदनी, प्रीति कुमारी, नंदिनी सिंह, पुष्पा देवी, भारती रानी, आरोही कुमारी, निशा भारती, मनीषा कुमारी, पूजा कुमारी, मोनिका, नीतू कुमारी, सोनम, सोनी और पलक सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।



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Asus ने भारत में लॉन्च किया 9000mAh बैटरी वाला तगड़ा टैबलेट, मिलेगी OLED स्क्रीन


Asus ने भारत में अपना Android टैबलेट लॉन्च कर दिया है। आसुस का यह टैबलेट मिड बजट रेंज में पेश किया गया है, जिसमें 9000mAh की दमदार बैटरी, OLED स्क्रीन जैसे फीचर्स दिए गए हैं। चीनी कंपनी ने अपने इस टैबलेट को पिछले महीने आयोजित Computex 2026 में शोकेस किया था। इस टैबलेट को भारत में 6 अगस्त से सेल के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी ने साल की शुरुआत में ही घोषणा कर दी थी कि वो अब स्मार्टफोन बिजनेस से एग्जिट हो रही है। हालांकि, कंपनी अभी टैबलेट, लैपटॉप जैसे डिवाइसेज बना रही है।

Asus Pad के फीचर्स

आसुस का यह टैबलेट दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 45,990 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 49,990 रुपये में आता है। इस टैबलेट को ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट और कंपनी के आधिकारिक ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर पर 6 अगस्त से खरीदा जा सकता है। साथ ही, यह रिलायंस डिजिटल और क्रोमा जैसे प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध होगा। कंपनी ने कंफर्म किया है कि इस टैबलेट पर 12 महीने का नो-कॉस्ट EMI ऑफर भी मिलेगा।

  • 8GB RAM + 128GB – 45,990 रुपये
  • 8GB RAM + 256GB – 49,990 रुपये

Asus Pad के फीचर्स

आसुस का यह टैबलेट 12.2 इंच के 2.8K रेजलूशन वाले OLED डिस्प्ले के साथ आता है। इसके डिस्प्ले का रेजलूशन 1840 x 2800 पिक्सल है। इस टैबलेट का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसकी पीक ब्राइटनेस 2000 निट्स तक की है। चीनी ब्रांड का यह टैबलेट MediaTek Dimensity 8300 चिपसेट पर काम करता है।

इसमें 8GB रैम के साथ 256GB तक इंटरनल स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इसकी स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए 1TB तक एक्सपेंड किया जा सकता है। इस टैबलेट में कंपनी ने 13MP का रियर और 5MP का सेल्फी कैमरा दिया है। यह Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।










Asus Pad फीचर्स
डिस्प्ले 12.2 इंच, 144Hz
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 8300
स्टोरेज 8GB, 256GB
बैटरी 9000mAh, 45W
कैमरा 13MP, 5MP
OS Android 16

कनेक्टिविटीकी बात करें तो आसुस का यह टैबलेट WiFi 6E, Bluetooth 5.3, USB Type C, डॉल्वी एटमस जैसे फीचर्स मिलेंगे। इसमें कंपनी ने 9000mAh की बैटरी दी है, जिसके साथ 45W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलता है।

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Zepto आईपीओ पर बड़ा अपडेट, पहले अपने पुराने निवेशकों से जुटाएगी 1,000 करोड़


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क्विक कॉमर्स स्टार्टअप Zepto ने फिलहाल अपना IPO लाने का प्लान टाल दिया है. शेयर बाजार में उतरने से पहले अब कंपनी अपने पुराने निवेशकों से ही Pre-IPO फंडिंग के जरिए 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है, जिसके चलते इसके मुख्य आईपीओ का आकार भी अब छोटा हो जाएगा.

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Zepto IPO पर बड़ा अपडेट आया है.

स्वराज सिंह धंजल/ चंद्र आर श्रीकांत / तुषार गोयनका
अगर आप जेप्टो (Zepto) के IPO का इंतजार कर रहे थे, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है. जेप्टो ने फिलहाल अपना आईपीओ लाने का प्लान टाल दिया है. शेयर बाजार में आम जनता के बीच उतरने से पहले कंपनी ने एक अलग रास्ता चुना है और अब वह सीधे तौर पर बड़ी रकम जुटाने की तैयारी कर रही है.

आम जनता से पैसा मांगने के बजाय, जेप्टो ने अब Pre-IPO फंडिंग का रास्ता अपनाया है. कंपनी अपने पुराने और भरोसेमंद निवेशकों से ही करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है. इन निवेशकों में ग्लेड ब्रुक, जनरल कैटलिस्ट, गुडवाटर कैपिटल और नेक्सस वेंचर पार्टनर्स जैसी बड़ी कंपनियों के नाम शामिल हैं, जिन्होंने पहले भी कंपनी पर भरोसा जताया था.

आखिर जेप्टो ने अपना आईपीओ क्यों टाला?

इसका सबसे बड़ा कारण है कंपनी की वैल्यूएशन यानी उसकी कुल कीमत को लेकर हुआ मतभेद. जेप्टो चाहती थी कि बाजार में उसकी कीमत ज्यादा आंकी जाए, लेकिन घरेलू म्यूचुअल फंड्स कंपनी को वह भाव नहीं दे रहे थे. शर्तें और कीमत मनमुताबिक न होने के कारण कंपनी ने आम जनता के बजाय अपने पुराने निवेशकों के पास जाने का यह फैसला किया.

म्यूचुअल फंड्स जेप्टो की वैल्यू 2.5 से 3 अरब डॉलर यानी करीब 24,000 से 29,000 करोड़ रुपये के बीच लगा रहे थे, जो कि जेप्टो की 5 अरब डॉलर की उम्मीद से बहुत कम था. हैरानी की बात यह है कि सिर्फ छह महीने पहले एक प्राइवेट फंडिंग में जेप्टो की वैल्यू 7 अरब डॉलर आंकी गई थी. अब इस नए प्री-आईपीओ राउंड में कंपनी को 4 से 4.2 अरब डॉलर की वैल्यूएशन मिलने की उम्मीद है.

आगे असर क्‍या होगा

अब सवाल उठता है कि इस प्री-आईपीओ फंडिंग का आगे क्या असर होगा? शेयर बाजार के नियामक SEBI के नियमों के अनुसार, कोई भी कंपनी अपने आईपीओ से पहले 20 प्रतिशत तक रकम इस तरह जुटा सकती है. लेकिन नियम यह भी है कि अभी जेप्टो जितने पैसे जुटाएगी, उसे बाद में आने वाले मुख्य आईपीओ के कुल आकार में से घटा दिया जाएगा.

आईपीओ के आकार पर भी असर

इस पूरे घटनाक्रम और बाजार के मूड का असर जेप्टो के भविष्य के आईपीओ के आकार पर भी पड़ा है. पहले कंपनी बाजार से करीब 8,000 करोड़ रुपये जुटाने की बड़ी योजना बना रही थी. लेकिन अब इस आईपीओ के आकार को घटाकर 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है. यानी जब भी जेप्टो का आईपीओ शेयर बाजार में आएगा, वह पहले के अनुमान से थोड़ा छोटा होगा.



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भारत सीमा के पास चीन की सैन्य गतिविधि तेज: LAC से सटे दो एयरबेस पर 12 J-20 स्टील्थ फाइटर तैनात होने का दावा


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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सैटेलाइट से ली गई नई तस्वीरों में दावा किया गया है कि चीन ने भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास अपने दो अहम एयरबेस पर सबसे आधुनिक J-20 स्टील्थ फाइटर जेट तैनात किए हैं।

तस्वीरों के मुताबिक, शिनजियांग के होतान एयरबेस पर 8 और तिब्बत के डामशुंग एयरबेस पर 4, यानी कुल 12 J-20 विमान मौजूद हैं। हाल के वर्षों में LAC के पास J-20 लड़ाकू विमानों की यह सबसे बड़ी तैनातियों में से एक मानी जा रही है।

व्यावसायिक सैटेलाइट कंपनी वेंटर की 9 जुलाई को ली गई तस्वीरों में होतान एयरबेस पर 8 J-20 ‘माइटी ड्रैगन’ स्टील्थ फाइटर जेट खुले एप्रन पर खड़े दिखाई दिए।

वहीं, 25 जून की तस्वीरों में डामशुंग एयरबेस पर 4 J-20 विमान सुरक्षात्मक शेल्टर के नीचे नजर आए। तस्वीरों से संकेत मिलता है कि चीन ने LAC के पास अपने सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की मौजूदगी बढ़ा दी है।

भारत-चीन सीमा के निकट चीन के दो एयरबेस पर करीब दो सप्ताह के भीतर कुल 12 J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दिए।

भारत-चीन सीमा के निकट चीन के दो एयरबेस पर करीब दो सप्ताह के भीतर कुल 12 J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाई दिए।

भारत की सीमा के कितने करीब हैं दोनों एयरबेस

होतान एयरबेस भारत के दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से करीब 245 किलोमीटर और लेह से लगभग 389 किलोमीटर दूर है।

वहीं, डामशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग से करीब 344 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।

ये दोनों एयरबेस भारत-चीन सीमा के पश्चिमी और पूर्वी सेक्टर में चीन की वायुसेना के सबसे अहम फॉरवर्ड बेस माने जाते हैं।

होतान एयरबेस क्यों अहम है?

शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित होतान एयरबेस पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) का प्रमुख फॉरवर्ड एयरबेस है। भारत-चीन सीमा के करीब होने की वजह से यह चीन के सबसे महत्वपूर्ण ऑपरेशनल ठिकानों में गिना जाता है। यहां से सैन्य और नागरिक, दोनों तरह के विमान उड़ान भरते हैं।

करीब 3,700 मीटर लंबे रनवे की वजह से यहां बड़े और भारी सैन्य विमान भी आसानी से ऑपरेट किए जा सकते हैं। एयरबेस पर मजबूत एयरक्राफ्ट शेल्टर, नए एप्रन और आधुनिक ऑपरेशन सपोर्ट सुविधाएं मौजूद हैं।

यहां J-20 स्टील्थ फाइटर जेट के अलावा KJ-500 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान, इंटरसेप्टर फाइटर जेट और CH-4 निगरानी एवं स्ट्राइक ड्रोन भी तैनात रहते हैं। सीमा पर तनाव बढ़ने या बड़े सैन्य अभ्यास के दौरान यहां H-6 रणनीतिक बमवर्षक विमानों की भी तैनाती की जाती है।

सैटेलाइट तस्वीर में भारत-चीन सीमा के पास स्थित एयरबेस पर चीन के J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान दिखाई दे रहे हैं।

सैटेलाइट तस्वीर में भारत-चीन सीमा के पास स्थित एयरबेस पर चीन के J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमान दिखाई दे रहे हैं।

J-20 की तैनाती क्यों अहम मानी जा रही है?

रक्षा सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ऊंचाई वाले एयरबेस पर J-20 लड़ाकू विमानों की लगातार मौजूदगी इस बात का संकेत है कि चीन अब इन्हें सिर्फ सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं रख रहा, बल्कि नियमित ऑपरेशनल तैनाती का हिस्सा बना रहा है।

J-20 चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है। इसे रडार से बचते हुए लंबी दूरी तक मिशन पूरा करने और आधुनिक हवाई युद्ध के लिए तैयार किया गया है। यह लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें ले जाने में सक्षम है और चीन की वायुसेना के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में शामिल है।

हालांकि, केवल सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि ये विमान स्थायी रूप से तैनात हैं या किसी सैन्य अभ्यास अथवा रोटेशन का हिस्सा हैं। फिर भी इतनी संख्या में J-20 विमानों का LAC के करीब दिखाई देना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-चीन सीमा पर अब भी बनी हुई है सैन्य गतिविधि

यह तैनाती ऐसे समय सामने आई है, जब भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा पर तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और राजनयिक वार्ता हुई। कुछ इलाकों से सैनिकों की वापसी भी हुई, लेकिन इसके बावजूद LAC पर दोनों देशों ने बड़ी संख्या में सैनिक, बख्तरबंद वाहन, एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक हथियार तैनात कर रखे हैं।

भारतीय वायुसेना के सामने क्या चुनौती है?

रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय वायुसेना इस समय लड़ाकू विमानों की संख्या में कमी की चुनौती से जूझ रही है। स्वदेशी LCA तेजस Mk1A की डिलीवरी में देरी हुई है, जबकि 114 बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है।

ऐसे में LAC के करीब चीन के सबसे आधुनिक J-20 लड़ाकू विमानों की बढ़ती मौजूदगी भारत के लिए रणनीतिक नजरिए से अहम मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर दोनों देशों की वायु शक्ति में हो रहे बदलावों पर लगातार नजर रखना आने वाले समय में और भी अहम होगा।



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वीआईपी पार्टी के जिलाध्यक्ष बने अजय साहनी: बलिया पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत, संगठन मजबूत करने का संकल्प – Ballia News




विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अजय साहनी का गुरुवार को बलिया पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। टीडी कॉलेज चौराहे पर बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नारेबाजी की। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल रहा। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अजय साहनी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मिली जिम्मेदारी का वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे। साहनी ने बताया कि संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करना उनकी प्राथमिकता होगी। वे सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी के जनाधार को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे। अजय साहनी ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी। साहनी ने विश्वास जताया कि जिले की सभी विधानसभा सीटों पर वीआईपी पार्टी प्रभावी भूमिका निभाएगी। संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग से पार्टी को नई पहचान दिलाने का प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने यह भी कहा कि जिलाध्यक्ष के रूप में मिली जिम्मेदारी उनके लिए सम्मान के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती भी है। वे पार्टी के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे तथा आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाएंगे। इस अवसर पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अजय साहनी के नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में वीआईपी पार्टी बलिया में संगठनात्मक रूप से और अधिक मजबूत होगी। कार्यकर्ताओं ने आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। स्वागत कार्यक्रम में पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।



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दिल्ली में ‘Waste to Wealth’ को मिली नई रफ्तार: MCD और ऑयल इंडिया के बीच MoU, 800 TPD क्षमता के लगेंगे दो बायो-गैस प्लांट – New Delhi News




दिल्ली सरकार ने ‘कचरे से कंचन’ और प्रदूषण मुक्त राजधानी के अपने विज़न की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली नगर निगम और देश की दिग्गज ऊर्जा कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दिल्ली के तेहखंड और ओखला क्षेत्र में कुल 800 TPD (टन प्रतिदिन) क्षमता वाले आधुनिक कंप्रेस्ड बायो-गैस प्लांट्स स्थापित किए जाएंगे। कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगी नई दिशा मुख्यमंत्री की उपस्थिति में हुए इस MoU का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में रोजाना पैदा होने वाले गीले कचरे का वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण करना है। इन बायो-गैस प्लांट्स के चालू होने से न केवल गीले कचरे की प्रोसेसिंग सुगम होगी, बल्कि दिल्ली को एक ग्रीन और क्लीन एनर्जी (सीबीजी) का स्रोत भी मिलेगा। तेहखंड और ओखला में स्थापित होने वाले संयंत्रों की कुल क्षमता 800 TPD (टन प्रतिदिन) होगी। बायो-गैस प्लांट्स के निर्माण से कूड़े के पहाड़ों को हटाने और उनके आकार को तेज़ी से कम करने के अभियान को एक बड़ी गति मिलेगी। गीले कचरे से बायो-गैस बनने के कारण हवा में फैलने वाली दुर्गंध और मीथेन गैस के उत्सर्जन पर लगाम लगेगी। कचरे से तैयार होने वाली कंप्रेस्ड बायो-गैस का उपयोग वाहनों और उद्योगों में स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जा सकेगा, जिससे पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटेगी। दिल्ली को स्वच्छ और हरित बनाने की प्रतिबद्धता इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल दिल्ली के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को कूड़े के ढेरों से मुक्ति दिलाना और राजधानी के नागरिकों को एक स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना है। एमसीडी और ऑयल इंडिया का यह संयुक्त प्रयास न केवल कचरा प्रबंधन की चुनौतियों से निपटने में मददगार होगा, बल्कि यह सर्कुलर इकोनॉमी को भी बढ़ावा देगा।



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ग्वालियर में प्रेम विवाह के बाद बदली नीयत: 8 महीने की गर्भवती पत्नी को दहेज के लिए घर से निकाला, 10 लाख और बुलेट की मांग – Gwalior News




ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम विवाह के बाद आठ महीने की गर्भवती महिला को कथित रूप से पति, सास और ससुर ने दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर मारपीट कर घर से निकाल दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाटीपुर के सुरेश नगर निवासी 24 वर्षीय तनु शर्मा ने पुलिस को बताया कि उसने दिसंबर 2025 में कृष्णा शर्मा से दिल्ली के एक मंदिर में प्रेम विवाह किया था। इसके बाद दोनों दिल्ली में साथ रहने लगे। मार्च 2026 में वह मायके आई और 29 अप्रैल को दोनों ने आर्य समाज में दोबारा विधिवत विवाह कर उसका पंजीकरण भी कराया। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद जब वह दर्पण कॉलोनी स्थित ससुराल ‘कृष्णाकुटी’ पहुंची तो सास आशा शर्मा और ससुर नरेंद्र शर्मा ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया। उन्होंने ताना दिया कि शादी में मायके पक्ष ने कुछ नहीं दिया। पति ने कहा- अपने साथ नहीं रखेगा इसके बाद 10 लाख रुपए नकद और एक बुलेट मोटरसाइकिल लाने की मांग की गई। मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। तनु ने पुलिस को बताया कि वह वर्तमान में आठ महीने की गर्भवती है। उसने कई बार पति कृष्णा शर्मा से अपने साथ रखने और होने वाले बच्चे का खर्च उठाने की बात कही, लेकिन पति ने भी दहेज की मांग दोहराते हुए साथ रखने से इनकार कर दिया। आरोप है कि पति ने कहा कि जब तक मायके से 10 लाख रुपए और बुलेट नहीं मिलेगी, तब तक वह उसे अपने साथ नहीं रखेगा। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता थाटीपुर थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पति कृष्णा शर्मा, सास आशा शर्मा और ससुर नरेंद्र शर्मा के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।



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