Thursday, June 25, 2026
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काशी में अक्षिता को पाकर आकाशदीप ने लहराया वी-साइन: तस्वीरों में देखिए- सिर झुकाकर पहनी वरमाला, शंखनाद संग गूंजा हर-हर महादेव – Varanasi News




काशी की जमीं पर बुधवार को आकाश ने नई पारी का आगाज किया। स्टेज पर तेज गेंदबाज आकाशदीप अपनी जीवन साथी अक्षिता की गुगली पर बोल्ड हो गए। शादी के स्टेज पर क्रिकेट मैदान की तरह नजर आए। अक्षिता को साथ पाकर जीत का उत्साह दिखाया। आकाशदीप ने अपनी जीवन साथी का हाथ उठाकर वी साइन बनाकर जश्न का इशारा किया। अक्षिता को सामने देखकर मुस्कुराए और पास आने पर सिर झुकाकर वरमाला पहन ली। दोनों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाई और आए अतिथियों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। तालियों से पूरा हॉल गूंज उठा और परिजनों ने पुष्पवर्षा की। दिग्गज क्रिकेटर की शादी में परिजनों के साथ कई दिग्गज हस्तियां गवाह बनीं। भोजपुरी स्टार पवन सिंह ने दोनों को बधाई दी, इस दौरान पवन सिंह का हिट सॉन्ग भी बजता रहा। इसके अलावा बिहार के कई विधायकों, राजनेताओं ने भी वर-वधू को आशीर्वाद दिया। ताज गंगेज होटल में आकाशदीप ने अपनी बारात में रिश्तेदारों के साथ जमकर डांस किया। काशी के विद्वानों ने विशेष पूजन विधि से द्वार पूजा कराई। बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़े के बीच लोग जश्न में डूबे दिखे। लगभग 350 लोगों ने शिरकत की। काशी और शिव की थीम पर सजे स्टेज पर शंखनाद के बाद नम: पार्वती पतये हर हर महादेव और गूंजता रहा। डिनर से लेकर कैंपस तक ऊं, शिव, त्रिपुंड और त्रिशूल से सजा था। इंट्री, स्टेज, खाने तक सब जगह काशी और भारतीय संस्कृति नजर आई। तस्वीरों में देखिए आकाशदीप और अक्षिता की शादी
भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी शादी समारोह में पहुंचे अब देखिए शादी के दौरान आकाशदीप का लुक



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भोपाल में अटल आवास से शुरू हुआ फर्जीवाड़ा: रीवा तक फैला प्रमिला का ठगी नेटवर्क, नौकरी दिलाने के नाम पर भी करते थे ठगी – Bhopal News




भोपाल में अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी के फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रमिला और उसके सहयोगियों का नेटवर्क केवल आवास योजना तक सीमित नहीं था, बल्कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना के बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी भी की गई। गिरोह कथित तौर पर वन विभाग, रेलवे, एसबीआई, पीडब्ल्यूडी, एम्स और नगर निगम जैसे विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं को नौकरी का झांसा देता था। जांच में सामने आया है कि भोपाल के नवीन सौंधिया को वन विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 1997 बैच का आईएफएस अधिकारी और मुख्य वन संरक्षक दर्शाया गया, जबकि राजीव विश्वकर्मा को एसबीआई में क्लर्क की नौकरी का भरोसा दिलाया गया। रीवा निवासी राकेश दुबे की बेटी से पांच लाख रुपए लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री के हस्ताक्षर वाला कथित नियुक्ति पत्र सौंपा गया। वहीं जबलपुर के हिमांशु और प्रियांशु, बैतूल की राधा तथा सतना के रविशंकर शर्मा को भी अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिए गए। पुलिस के मुताबिक गिरोह युवाओं का भरोसा जीतने के लिए सरकारी दफ्तरों के बाहर मुलाकात करता था। वहां पहले से मौजूद लोग खुद को नौकरी लग चुका कर्मचारी बताकर विश्वास दिलाते थे। करोंद निवासी राहुल विश्वकर्मा और नवीन सौंधिया से नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए लिए गए और उन्हें डेढ़ महीने तक सर्वे कार्य भी कराया गया ताकि पूरी प्रक्रिया असली लगे। पुलिस का कहना है कि प्रमिला के पास युवाओं की शैक्षणिक जानकारी और मोबाइल नंबर मौजूद थे, जिनके आधार पर उन्हें सरकारी नौकरी का लालच देकर फंसाया जाता था। टीटी नगर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। मामले में मिली शिकायतों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह है पूरा पूरा मामला
भोपाल की प्रवीण उर्फ प्रमिला तिवारी को टीटीनगर पुलिस ने 18 जून को जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला अटल आवास योजना के नाम पर फ्लैट दिलाने के झांसे से जुड़ा है। कोटरा सुल्तानाबाद निवासी प्रतीक सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रमिला ने टीटीनगर स्थित अटल आवास योजना में 22 लाख रुपये का फ्लैट दिलाने का वादा किया। भरोसा जीतने के बाद उसने अग्रिम राशि के रूप में 1.80 लाख रुपये ले लिए और भुगतान के बदले रसीदें व दस्तावेज भी दिए। बाद में जांच में ये रसीदें और कागजात संदिग्ध व फर्जी पाए गए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। जांच के दौरान धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर टीटीनगर पुलिस ने प्रमिला को गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि प्रमिला तिवारी पहले डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर घर में घुसकर चोरी करने का आरोप लगाकर भी चर्चा में रह चुकी हैं। पुलिस मामले में अन्य शिकायतों और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।



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जहानाबाद में सड़क हादसा: स्कॉर्पियो की टक्कर से महिला की मौत, पटना से लौट रहे थे दंपती – Jehanabad News




जिले के काको थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। हादसा हाजीपुर गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। पटना से लौटते समय हुआ हादसा मृतका की पहचान काको थाना क्षेत्र के फिरालेचक (प्रेरित चक्की) गांव निवासी 32 वर्षीय संध्या कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने पति के साथ पटना से गांव लौट रही थीं। परिवार में चाचा के निधन के बाद दोनों घर जा रहे थे। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक हाजीपुर गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी दोनों सड़क किनारे जा गिरे। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। अस्पताल में महिला को मृत घोषित किया गया घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में तैनात डॉक्टर अरविंद कुमार नंदा ने जांच के बाद संध्या कुमारी को मृत घोषित कर दिया। महिला अपने पीछे दो पुत्रियों को छोड़ गई हैं। परिजनों में मचा कोहराम, कार्रवाई की मांग हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने दोषी चालक की गिरफ्तारी और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी ओवरस्पीडिंग को लगातार बढ़ती समस्या बताया। पुलिस ने शुरू की जांच काको थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष माया कुमारी ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार स्कॉर्पियो चालक की पहचान की जा सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।



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YA BABA गाने पर नोरा ने हिलाई ऐसी कमरिया कि ठहर गई ‘जमील जमाली’ की नजरें, महज 3 दिन में बटोरे इतने मिलियन व्यूज!


 

वर्ल्ड म्यूजिक डे के मौके पर रिलीज हुआ नया पार्टी एंथम ‘या बाबा’ (Ya Baba) इंटरनेट पर तबाही मचा रहा है. इस गाने में डांसिंग क्वीन नोरा फतेही ने अपने कातिलाना डांस से आग लगा दी है, वहीं ‘धुरंधर’ फिल्म के मशहूर कैरेक्टर ‘जमील जमाली’ (राकेश बेदी) की मजेदार एंट्री ने फैंस का दिल जीत लिया है. नोरा के हुस्न और ‘जमील जमाली’ के पुराने स्वैग की जुगलबंदी का ही असर है कि रिलीज होने के महज 3 दिनों के भीतर ही यूट्यूब पर इस गाने ने 9.5 मिलियन से ज्यादा व्यूज बटोर कर नया रिकॉर्ड बना दिया है. टी-सीरीज के इस धमाकेदार ट्रैक को नोरा फतेही और शिल्पा राव ने मिलकर गाया है.

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गोविंदानंद सरस्वती बोले- अविमुक्तेश्वरानंद राम मंदिर के पहले चोर: एक हजार गांवों से सोना-चांदी और दान जुटाया था, SIT को भेजा सबूत – Uttar Pradesh News


अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीक्षित शिष्य स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने बड़ा दावा किया है। बुधवार को उन्होंने मुंबई में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र

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गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) को पत्र भेजा है और उनके पास आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने ट्रस्ट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और SIT से मामले की आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर जांच कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर के सबसे पहले चोर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हैं। उन्हें इस गलत काम के लिए सजा मिलनी चाहिए। उनकी सारी संपत्ति जब्त की जाए और उन्हें जेल में डाला जाए। रिश्ते में वे अविमुक्तेश्वरानंद के गुरुभाई हैं।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गोयात्रा पर हैं। बुधवार को वे मुरादाबाद में थे। देर शाम मौन साधना पर जाने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया है।

स्वामी गोविंदानंद सरस्वती बद्री और द्वारका पीठ के ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीक्षित शिष्य हैं। उन्होंने बुधवार को मुंबई में मीडिया से बात की।

‘ट्रस्ट बनने के बाद किसी को चंदा जुटाने का अधिकार नहीं था’

गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि 5 फरवरी 2020 को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हो गया था। इसके बाद मंदिर निर्माण के लिए दान और चंदा जुटाने का अधिकार केवल ट्रस्ट के पास था। इसके बावजूद 7 फरवरी 2020 को वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने ‘राम-राम ग्राम-ग्राम अभियान’ शुरू कर सोना संग्रह करने की घोषणा की, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश, केंद्र सरकार के निर्देश और ट्रस्ट की व्यवस्था के खिलाफ था।

‘गुरुदेव के निधन के बाद सोना-चांदी ले गए’

उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गुरुदेव स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पूरे देश से राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों रुपए, सोना और चांदी एकत्र किया था। साल 2022 में उनके निधन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कथित रूप से वह सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान लेकर श्री विद्या मठ में रख दिए।

‘दो साल पहले भी की थी शिकायत’

गोविंदानंद सरस्वती ने दावा किया कि 26 जून 2024 को उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और अयोध्या थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस मामले की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को भी फोन और पत्र के जरिए कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी।

‘एक हजार गांवों से सोना जुटाने की जांच हो’

उन्होंने SIT से मांग की कि सबसे पहले यह जांच की जाए कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कथित तौर पर एक हजार गांवों से कितना सोना और दान एकत्र किया। उनका आरोप है कि वाराणसी में लोगों को कुछ चुनिंदा व्यक्तियों से सोना खरीदने के लिए भी कहा गया था और बाद में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत अन्य स्थानों पर सोना, हीरा और अन्य कीमती सामान बेचा गया।

गोविंदानंद सरस्वती की प्रमुख मांगें

  • राम मंदिर दान संग्रह की आंतरिक और बाहरी जांच कराई जाए।
  • कथित रूप से एकत्र किए गए सोना-चांदी का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।
  • यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों की संपत्ति जब्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

कैसे खुली राम मंदिर चोरी की पोल

बताया जा रहा है कि सेवादारों को मंदिर में सालों से चल रहे गबन की जानकारी थी। इसमें बड़े लोगों के नाम होने के कारण वे कुछ बोल नहीं रहे थे। पिछले 2 सालों में टिन्नू का दबदबा बढ़ा तो मंदिर में काम करने वाले एक गुट को यह चुभने लगा। इस गुट ने प्लानिंग बनाकर उससे करीबी बढ़ाई। फिर सभी तथ्य पता कर इसकी जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी।

अब तक 2 करोड़ की रिकवरी, 200 करोड़ चोरी का अनुमान

राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है। चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है।

ऑडिट फर्म ने दिए थे ये सुझाव

ऑडिट फर्म ने चंदे और फंड मैनेजमेंट को बेहतर करने, गहनों और कीमती सामान का स्टॉक रजिस्टर बनाए रखने, बैंक रिकॉर्ड का नियमित मिलान करने, IT डेटा सुरक्षा मजबूत करने, HR और प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने का सुझाव दिया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट की वेबसाइट पर न तो इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध है और न ही SOP की जानकारी दी गई है। 5 फरवरी, 2020 को ट्रस्ट बनने के बाद नवंबर, 2025 तक 4575 करोड़ से ज्यादा नकद दान मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा सोना-चांदी और अन्य कीमती धातुओं के रूप में भी बड़ा दान मिला है।

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राममंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट SIT ने सरकार को सौंपी:20 पेज की रिपोर्ट में FIR और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें FIR दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। किसी सीनियर अफसर को मंदिर का CEO नियुक्त करने का भी सुझाव है। डिटेल जांच के लिए SIT ने और समय मांगा है। पूरी खबर पढ़िए…



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सूरत-मुंद्रा के बीच स्टार एयर की फ्लाइट शुरू: पहले दिन 36 यात्रियों ने किया सफर, 12 घंटे की यात्रा अब 1 घंटे में होगी – Gujarat News




दक्षिण गुजरात और कच्छ क्षेत्र के बीच हवाई संपर्क को मजबूत करते हुए स्टार एयर ने मंगलवार से सूरत और मुंद्रा के बीच अपनी नई नियमित उड़ान सेवा शुरू कर दी। नई सेवा के शुरू होने के साथ ही दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। पहले दिन सूरत से 36 यात्रियों ने मुंद्रा का सफर किया। मुंद्रा से आने वाली फ्लाइट संख्या S5-624 सुबह 10:55 बजे सूरत एयरपोर्ट पहुंची। उसके बाद सूरत से मुंद्रा के लिए फ्लाइट संख्या S5-625 सुबह 11:25 बजे रवाना हुई। कारोबारियों की आवाजाही आसान होगी सूरत देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों में से एक है, जबकि मुंद्रा बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। ऐसे में नई हवाई सेवा से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि इससे कारोबारियों की आवाजाही आसान होगी।



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घर की दाल में नहीं आता ढाबे जैसा स्वाद? तड़का लगाने का ये सीक्रेट जान लें


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दाल भारतीय खाने का सबसे जरूरी हिस्सा है, लेकिन कई बार घर की दाल में वो खुशबू और स्वाद नहीं आता जो ढाबे या रेस्टोरेंट वाली दाल में मिलता है. इसकी वजह सिर्फ मसालों की कमी नहीं, बल्कि तड़का लगाने का तरीका भी हो सकता है. जानिए दाल में तड़का लगाते समय कौन सी गलतियां स्वाद बिगाड़ देती हैं.

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तड़का लगाने की सही ट्रिक.

दाल लगभग हर भारतीय किचन में रोज बनने वाली डिश है. अरहर, मूंग, मसूर या उड़द दाल को अलग-अलग तरीके से बनाया जाता है, लेकिन एक चीज जो इसके स्वाद को सबसे ज्यादा बढ़ाती है वह है तड़का. तेल या घी में भुने मसाले जब गर्म दाल में मिलते हैं तो इसकी खुशबू और स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. लेकिन कई बार लोग तड़का लगाते समय छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिसकी वजह से दाल का स्वाद फीका या कड़वा लग सकता है.

तड़का लगाते समय सबसे आम गलती है तेल या घी को जरूरत से ज्यादा गर्म करना. जब तेल बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है तो मसाले जल्दी जल सकते हैं. जले हुए जीरे, लहसुन या लाल मिर्च का स्वाद दाल की पूरी खुशबू खराब कर सकता है. इसलिए तड़का हमेशा मध्यम आंच पर लगाना बेहतर माना जाता है.

जीरा डालने का सही समय क्या है?
जीरा दाल के तड़के की जान माना जाता है. लेकिन अगर जीरा सही समय पर नहीं डाला जाए तो उसका स्वाद पूरी तरह नहीं निकलता. तेल या घी गर्म होने के बाद जब जीरा चटकने लगे तभी बाकी मसाले डालने चाहिए. इससे जीरे के अंदर मौजूद प्राकृतिक तेल बाहर आते हैं और अच्छी खुशबू देते हैं.

लहसुन और प्याज को कितना भूनना चाहिए?
लहसुन वाला तड़का कई लोगों को पसंद होता है, लेकिन इसे जलने से बचाना जरूरी है. हल्का सुनहरा होने तक भुना हुआ लहसुन दाल में बेहतरीन स्वाद देता है. अगर लहसुन ज्यादा जल जाए तो उसमें कड़वापन आ सकता है. लाल मिर्च पाउडर को बहुत तेज गर्म तेल में डालने से वह जल सकती है और उसका रंग भी खराब हो सकता है. कई लोग तड़का गैस बंद करने के बाद लाल मिर्च डालते हैं ताकि उसका रंग और स्वाद अच्छा बना रहे.

दाल में तड़का कब डालना चाहिए?
तड़का हमेशा गर्म दाल में डालने से स्वाद अच्छी तरह मिल जाता है. तड़का डालने के बाद दाल को कुछ मिनट ढककर रखने से मसालों की खुशबू अंदर तक चली जाती है. यही वजह है कि कई जगहों पर तड़का डालने के बाद दाल को थोड़ी देर दम पर रखा जाता है. दाल का स्वाद सिर्फ नमक और मसालों से नहीं आता. दाल की क्वालिटी, पकाने का तरीका और तड़के का बैलेंस भी उतना ही जरूरी है. घी में लगाया गया तड़का दाल को ज्यादा रिच स्वाद दे सकता है, जबकि तेल में हल्का और अलग फ्लेवर आता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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दावा-स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी आर्मी चीफ को मारने का प्लान था: पीस डील में शामिल होने गए थे, PAK की धमकी के बाद फैसला बदलना पड़ा


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5 घंटे पहले

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इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने स्विट्जरलैंड में ईरान शांति वार्ता के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और उनके डेलिगेशन की हत्या की साजिश रची थी। यह दावा ब्राजील के पत्रकार पेपे एस्कोबार ने एक पॉडकास्ट में किया है।

पत्रकार के दावे के मुताबिक पाकिस्तानी अधिकारियों को जब ये बात पता चली तो उन्होंने धमकी दी जिसके बाद इजराइल को अपना प्लान बदलना पड़ा।

यह दावा उस समय से जुड़ा है जब पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिजॉर्ट में मौजूद थे। वहीं ईरान और अमेरिका के बीच पश्चिम एशिया के संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत का पहला दौर पूरा हुआ था।

मारियो नॉफल के पॉडकास्ट में पेपे एस्कोबार ने मोसाद वाली बात कही।

मारियो नॉफल के पॉडकास्ट में पेपे एस्कोबार ने मोसाद वाली बात कही।

दावा- पाकिस्तान ने इजराइल को धमकी भरा मैसेज भेजा

पॉडकास्ट के दौरान पॉलिटिकल कमेंटेटर मारियो नॉफल के पॉडकास्ट में एस्कोबार ने कहा कि पाकिस्तानी सेना को बेहद विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आदेश पर मोसाद हमला करने की तैयारी कर रहा है।

एस्कोबार ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में इजराइल को जगह नहीं मिली, इसलिए वह इस प्रक्रिया से खुश नहीं था। उनका यह भी कहना है कि लेबनान में इजराइल के सैन्य अभियान ने शांति समझौते की राह और मुश्किल बना दी।

एस्कोबार ने आगे कहा इस साजिश की जानकारी मिलने के बाद पाकिस्तान ने इजराइल को चेतावनी भी भेजी थी। उनके मुताबिक यह मैसेज शायद ओमान के जरिए पहुंचाया गया था। इसमें पाकिस्तान की ओर से कहा गया कि अगर पाकिस्तानी डेलिगेशन को कुछ हुआ तो इजराइल को नक्शे से मिटा दिया जाएगा। हालांकि यह दावा सामने आते ही पाकिस्तान की ओर से इसे खारिज कर दिया गया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने रविवार को स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत में हिस्सा लिया।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने रविवार को स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत में हिस्सा लिया।

पाकिस्तानी अधिकारियों ने साजिश से इनकार किया

एआरवाई न्यूज के चेयरमैन कमरान खान ने एक वरिष्ठ पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी के हवाले से कहा कि यह आरोप पूरी तरह बकवास और निरर्थक है। अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असिम मुनीर का पूरा स्विट्जरलैंड दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार और बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ।

अधिकारी के मुताबिक दौरे के दौरान किसी भी समय कोई सुरक्षा अलर्ट जारी नहीं किया गया था। न स्विट्जरलैंड की सुरक्षा एजेंसियों ने और न ही अमेरिकी सुरक्षा टीमों ने किसी संभावित खतरे को लेकर चिंता जताई थी।

उन्होंने यह भी कहा कि लूसर्न में प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख की सुरक्षा व्यवस्था पूरे समय सामान्य और पूरी तरह सक्रिय रही। किसी तरह की हत्या की साजिश या सुरक्षा खतरे की कोई जानकारी नहीं मिली थी। उन्होंने इसे काल्पनिक कहानी बताया।

पाकिस्तान आज भी इजराइल को देश नहीं मानता

इजराइल और पाकिस्तान लंबे समय से एक-दूसरे को विरोधी मानते रहे हैं। दोनों देशों के बीच कोई रणनीतिक साझेदारी नहीं है। पाकिस्तान आज भी इजराइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं देता।

इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने क्षेत्रीय युद्धविराम प्रयासों पर चर्चा के दौरान इजराइल की तीखी आलोचना की थी। उन्होंने इजराइल को बुराई और मानवता के लिए अभिशाप बताया था। साथ ही उस पर लेबनान में नरसंहार करने का आरोप लगाया था। पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न इस्लामी देश है। वहीं, इजराइल को भी परमाणु शक्ति माना जाता है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के इन बयानों पर इजराइली अधिकारियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए सवाल उठाया था कि जब पाकिस्तान सरकार के वरिष्ठ मंत्री इस तरह के बयान दे रहे हैं, तो क्या इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा सकता है। पाकिस्तान के डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म डी करंट के अनुसार, कई पत्रकारों ने इस कहानी को निराधार और तथ्यों से रहित बताया।

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गोरखपुर में 8वीं मुहर्रम पर याद किए गए शहीद-ए-कर्बला: इमाम हुसैन की कुर्बानी सुनकर नम हुईं आंखें, जगह-जगह हुई फातिहा – Gorakhpur News




गोरखपुर में मुहर्रम की 8वीं तारीख पर बुधवार को शहर में अकीदत और इबादत का माहौल रहा। मस्जिदों, घरों और इमाम चौकों पर हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया गया। जगह-जगह महफिलें हुईं, जहां उलमा ने कर्बला की घटना और इमाम हुसैन की कुर्बानी के बारे में बताया। इसे सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों के बीच फल बांटे गए। फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष समीर अली ने कहा कि इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को सच्चाई, इंसानियत और हक के रास्ते पर चलने का संदेश दिया है। उनकी कुर्बानी हमेशा लोगों को सही रास्ते पर चलने की सीख देती रहेगी। सच्चाई के लिए खड़े रहने की सीख देती है कर्बला शहर की अलग-अलग मस्जिदों में आयोजित कार्यक्रमों में उलमा ने कहा कि कर्बला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि सच्चाई और इंसाफ के लिए दी गई सबसे बड़ी कुर्बानी की याद है। इमाम हुसैन ने जुल्म के आगे झुकने के बजाय हक का साथ दिया और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल कायम की। सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में हुई महफिल में बताया गया कि कर्बला में इमाम हुसैन और उनके साथियों ने मुश्किल हालात में भी सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा। उनकी कुर्बानी आज भी लोगों को नेकी और इंसानियत का संदेश देती है। आज सामूहिक रोजा इफ्तार का आयोजन गौसे आजम फाउंडेशन की ओर से गुरुवार को नौवीं मुहर्रम पर शाम 6:57 बजे रहमतनगर स्थित सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद में सामूहिक रोजा इफ्तार कराया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में रोजेदार और अकीदतमंद शामिल होंगे। गुरुवार रात नौवीं मुहर्रम पर शहर में लाइन की ताजियों का जुलूस निकलेगा। अलग-अलग इमाम चौकों पर खूबसूरत ताजिया रखी जाएंगी। इस दौरान घरों और मस्जिदों में फातिहा होगी। लोगों में शरबत, खिचड़ा और मलीदा बांटकर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को याद किया जाएगा।



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दिल्ली में बच्ची से दुष्कर्म-हत्या के आरोपी को मारी गोली: खगड़िया के युवक पर पुलिस कस्टडी से भागने का आरोप, परिजन बोले- झूठा फंसाया – Khagaria News




दिल्ली में 11 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में अरेस्ट युवक को पुलिस ने हिरासत से भागने के प्रयास के दौरान गोली मार दी। युवक के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना दिल्ली में हुई। पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश घायल युवक की पहचान खगड़िया के चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र निवासी जयनारायण सिंह के पुत्र बाशो सिंह उर्फ बुच्चर सिंह के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस का दावा है कि आरोपी को 11 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ और जांच के दौरान आरोपी ने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसे रोकने के लिए कार्रवाई की गई और उसके पैर में गोली लगी। दूसरी ओर, आरोपी के परिवार ने पुलिस के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। युवक की पत्नी खुशबू देवी ने कहा कि उनके पति पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें गलत तरीके से इस मामले में फंसाया गया है। पत्नि बोली-परिवार के एकमात्र कमाने वाले खुशबू देवी ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले रविवार को उनकी पति से फोन पर बात हुई थी और उन्होंने घर की आर्थिक जरूरतों के लिए 1500 रुपये भी भेजे थे। परिवार को अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि बाशो सिंह पर इतने गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों के अनुसार, बाशो सिंह का विवाह 2019 में हुआ था और उनके दो छोटे बेटे हैं। वह दिल्ली में कैब चालक के रूप में काम करते थे और परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। घटना के बाद से पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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