Monday, June 29, 2026
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बेशुमार स्टारडम हासिल करने के बावजूद रत्तीभर नहीं बदला सुपरस्टार


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राजकुमार हिरानी ने कलाकारों के काम करने के तरीके पर खुलकर बात करते हुए सुपरस्टार शाहरुख खान के समर्पण की जमकर तारीफ की है. डायरेक्टर के मुताबिक, शाहरुख खान इतने बड़े स्टार होने के बावजूद आज भी किसी नए कलाकार की तरह हर दिन शूटिंग के बाद अपनी रिहर्सल का वीडियो रिकॉर्ड करके उन्हें भेजते हैं, ताकि अपने अभिनय में और सुधार कर सकें.

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सुपरस्टार की डायरेक्टर ने की तारीफ.

नई दिल्ली.  मनोरंजन जगत में किसी भी कलाकार की असली पहचान सिर्फ उसके अभिनय से नहीं, बल्कि सेट पर उसके काम करने के तरीके और उसकी प्रोफेशनल सोच से बनती है. फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशक राजकुमार हिरानी ने लेटेस्ट इंटरव्यू में इस विषय पर गहराई से बात की. उन्होंने बताया कि कैसे शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार आज भी एक नए स्टूडेंट की तरह मेहनत करते हैं, जबकि कुछ कलाकार बहुत जल्दी थक जाते हैं. वो किंग खान की तारीफ करते हुए कहते हैं कि पूरी दुनिया में नाम और शोहरत हासिल करने के बावजूद उनकी सीखने की ललक आज भी कायम है.

राजकुमार हिरानी ने अपने लंबे करियर में कई पीढ़ियों के बेहतरीन निर्देशकों और अभिनेताओं के साथ काम किया है. अपने एक्सपीरियंस को साझा करते हुए उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि कलाकार कितना सीनियर है या उसे कितना अनुभव है. असली अंतर उसकी सोच से पैदा होता है. आमिर खान, शाहरुख खान, संजय दत्त और अरशद वारसी जैसे अभिनेताओं ने काम के प्रति जो समर्पण दिखाया है, वह लाजवाब है. वहीं, नई पीढ़ी में रणबीर कपूर और विक्की कौशल जैसे सितारे भी उसी लगन और ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं.’

राजकुमार हिरानी ने जमकर की शाहरुख की तारीफ

डायरेक्टर ने इस आम धारणा को खारिज किया कि केवल पुराने दौर के कलाकार ही ज्यादा सहनशील और मेहनती होते हैं. उन्होंने साफ किया कि यह पूरी तरह से किसी व्यक्ति की आदत और उसके काम के प्रति सम्मान पर निर्भर करता है. जहां कुछ लोग सेट पर आते ही थकान का बहाना ढूंढते हैं, वहीं कुछ कलाकार हर शॉट को परफेक्ट बनाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं.

आज भी रिहर्सल क्लिप भेजते हैं सुपरस्टार

इंटरव्यू के दौरान राजकुमार हिरानी ने शाहरुख खान के काम करने के तरीके का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक उदाहरण दिया. उन्होंने बताया, ‘शाहरुख खान इतने बड़े मुकाम पर होने के बावजूद हर दिन शूटिंग खत्म होने के बाद अपने सीन की रिहर्सल करते हैं. वे खुद अपने मोबाइल फोन पर उसका वीडियो रिकॉर्ड करके मुझे भेजते हैं, ताकि मैं उसमें कमियां निकाल सकूं और सुधार के सुझाव दे सकूं. उनमें खुद को बेहतर बनाने की यह चाहत बिल्कुल किसी न्यूकमर जैसी है, जो इंडस्ट्री में अभी नया आया हो’. उन्होंने आगे कहा कि शाहरुख में स्टारडम का कोई घमंड नहीं है और वे रचनात्मक सुझावों को हमेशा खुले दिल से स्वीकार करते हैं.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें



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अखिलेश के कार्यक्रम के बाहर सपा में विरोध के सुर: प्रयागराज में कार्यकर्ताओं ने अपने ही विधायक के खिलाफ लगाए मुर्दाबाद के नारे – Prayagraj (Allahabad) News




समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रयागराज दौरे के दौरान सोमवार को पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया। उनके कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंचे कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव जिंदाबाद के साथ मेजा विधायक संदीप पटेल के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए।
खुद को मेजा विधानसभा क्षेत्र का निवासी और सपा कार्यकर्ता बताने वाले प्रदर्शनकारियों ने विधायक संदीप पटेल पर वित्तीय अनियमितताओं समेत कई गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे अपनी शिकायत सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक पहुंचाने के लिए कार्यक्रम स्थल पर आए हैं। टिकट बदलने की मांग
नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मेजा सीट से संदीप पटेल का टिकट बदला जाए। उनका आरोप था कि वर्तमान विधायक के प्रति क्षेत्र में नाराजगी है और यदि पार्टी उन्हें दोबारा उम्मीदवार बनाती है तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदर्शनकारियों ने किसी अन्य सक्रिय कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की।
हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे थे
विरोध कर रहे सपा कार्यकर्ता हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे थे। इन तख्तियों के जरिए उन्होंने मेजा विधायक संदीप पटेल के खिलाफ अपना विरोध जताया। एक तख्ती पर लिखा था, अखिलेश यादव से बैर नहीं, संदीप पटेल की खैर नहीं। वहीं दूसरी तख्ती पर लिखा था, गली-गली में शोर है, मेजा विधायक कमीशनखोर है।
कार्यकर्ताओं ने इन नारों के साथ विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि पार्टी नेतृत्व उनकी शिकायत सुने और आगामी विधानसभा चुनाव में मेजा सीट से नए उम्मीदवार को मौका दे।
कार्यक्रम स्थल के बाहर फैली अफरातफरी
कार्यक्रम स्थल के बाहर कुछ देर तक नारेबाजी के चलते हलचल का माहौल बना रहा। मौजूद पुलिस और पार्टी पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। हालांकि प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे और कहा कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर अपना पक्ष रखना चाहते हैं।
विधायक की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई
कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर विधायक संदीप पटेल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कॉल नहीं रिसीव की। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से भी खबर लिखे जाने तक इस विरोध प्रदर्शन को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया था।



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महिला से घर में घुसकर दुष्कर्म का प्रयास: भभुआ सदर में मारपीट- छेड़छाड़; आरोपी बाइक छोड़ मौके से फरार – Kaimur News




भभुआ शहर के एक मोहल्ले में किराए के मकान में रह रही एक महिला के साथ घर में घुसकर मारपीट, छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास किया गया। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति के साथ किराए के कमरे में रहती है। घटना के समय वह घर पर अकेली थी। तभी एक अज्ञात युवक जबरन उसके कमरे में घुस आया और दुष्कर्म का प्रयास करने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर पति पहुंचा महिला ने विरोध करते हुए शोर मचाना शुरू किया, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। महिला की चीख-पुकार सुनकर उसका पति और मोहल्ले के लोग मौके पर जुटने लगे। भीड़ को आता देख आरोपी अपनी बाइक (नंबर BR 45 C-1325) छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित महिला ने स्थानीय पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अपर थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तलाश शुरू कर दी है।



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जमीन विवाद में महिला पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला: ऑपरेशन के बाद हालत में सुधार; कोर्ट से फैसला जीतने के बाद घर में घुसे थे आरोपी – Chhatarpur (MP) News




छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र में एक महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया। यह घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को हुई। गांव के चार लोगों ने घर में घुसकर 55 वर्षीय नन्नी बाई अहिरवार पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां ऑपरेशन के बाद उनका उपचार चल रहा है। यह घटना रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है। घायल महिला के बेटे घनश्याम ने बताया कि उनकी मां घर में खाना खा रही थीं और दरवाजा खुला था। इसी दौरान पुन्ना, बब्बू, संतोष उर्फ भूरा और शंकर नाम के चार व्यक्ति घर में घुस आए और उनकी मां के साथ मारपीट शुरू कर दी। जमीनी विवाद चल रहा था
महिला नन्नी बाई के अनुसार, हमलावरों के साथ उनका एक जमीनी विवाद चल रहा था, जिसमें कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आया था। उन्होंने हाल ही में अपनी जमीन की जुताई भी करवाई थी। महिला ने आरोप लगाया कि यह हमला उन्हें जान से मारने की नीयत से किया गया था। घनश्याम ने बताया कि मां की चीख-पुकार सुनकर वह मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव करने की कोशिश की। हालांकि, दो हमलावरों ने उसे पकड़ लिया, जबकि अन्य आरोपियों ने उसकी आंखों के सामने मां पर कुल्हाड़ी से कई वार किए। पहला वार रोकने के प्रयास में कुल्हाड़ी उसके हाथ में लगी, जबकि दूसरा वार महिला के सीने और आंचल के पास लगा। इस हमले में महिला के हाथ, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजन गंभीर हालत में महिला को तत्काल जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने तत्काल उनका ऑपरेशन किया। फिलहाल, नन्नी बाई सर्जिकल वार्ड में भर्ती हैं और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी आरोपी फिलहाल फरार
सटई थाना पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी सुनीता बिंदुआ ने बताया कि पुन्ना, बब्बू, संतोष उर्फ भूरा और शंकर नाम के चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद धाराओं में आवश्यक बढ़ोतरी की जाएगी। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। मामले की विवेचना जारी है।



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मॉनसून में गरमा-गरम स्वाद का मजा लें!घर पर बनाएं मारवाड़ की मशहूर कुमटिया कढ़ी


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Kumatiya Kadhi Recipe: बारिश का मौसम आते ही गरमा-गरम और स्वादिष्ट खाने की इच्छा बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप कुछ पारंपरिक और अलग स्वाद चखना चाहते हैं, तो मारवाड़ की प्रसिद्ध कुमटिया कढ़ी बेहतरीन विकल्प है. राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में वर्षों से बनाई जाने वाली यह खास रेसिपी अपने अनोखे स्वाद और पौष्टिक गुणों के लिए जानी जाती है. कुमटिया, दही, बेसन और देसी मसालों से तैयार यह कढ़ी स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती है. गर्मागर्म बाजरे की रोटी, ज्वार की रोटी या सादे चावल के साथ इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. कम सामग्री में बनने वाली यह पारंपरिक डिश मॉनसून के मौसम में परिवार के लिए एक बेहतरीन भोजन साबित हो सकती है.

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जालौर: मॉनसून की हल्की बारिश ठंडी-ठंडी हवा और ऐसे मौसम में अगर सामने गरमा-गरम देसी खाना आ जाए, तो मजा ही कुछ और हो जाता है. राजस्थान की बात करें तो यहां की कढ़ी का स्वाद हर किसी ने चखा होगा—कभी पकोड़े वाली कढ़ी, कभी मोठ या चने वाली कढ़ी लेकिन आज लोकल 18 आपको बताने जा रहे हैं. एक ऐसी खास कढ़ी के बारे में, जिसका स्वाद जितना अनोखा है, उतनी ही इसकी पहचान देसी और पारंपरिक है। हम बात कर रहे हैं. मारवाड़ की मशहूर कुमटिया कढ़ी की.

कुमटिया, जो पंचकूटे का अहम हिस्सा मानी जाती है, वही इस कढ़ी को एक अलग और खास स्वाद देती है. गांवों में आज भी बारिश के मौसम में यह कढ़ी बड़े चाव से बनाई जाती है. इसकी खुशबू और सादगी भरा स्वाद हर किसी को पसंद आता है.

बारिश के टाइम ये कढ़ी जरूर बनती है
इस रेसिपी को बनाने वाली गृहिणी लीला देवी ने लोकल 18 को  बताया कि हमारे यहां गांव में बारिश के टाइम ये कढ़ी जरूर बनती है. कुमटिया का स्वाद थोड़ा अलग होता है, लेकिन जब इसे कढ़ी में डालते हैं तो बहुत ही स्वादिष्ट लगती है. इसे हम बाजरे की रोटी के साथ खाते हैं, बहुत मजा आता है. जानते हैं इसे बनाने की आसान और पारंपरिक रेसिपी. सबसे पहले आपको कुमटिया लेनी है. इसे साफ पानी से 3–4 बार अच्छे से धो लें, ताकि इसकी कड़वाहट और धूल पूरी तरह निकल जाए. इसके बाद इसे उबालकर अलग रख दें.

पत्ता और कटी हुई हरी मिर्च डालकर तड़का लगाएं
अब एक बाउल में छाछ लें और उसमें थोड़ा बेसन डालकर अच्छी तरह मिक्स करें. ध्यान रखें कि इसमें गुठलियां न रहें और एक स्मूद बैटर तैयार हो जाए. अब कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद उसमें राई, जीरा और हींग डालें. इसके साथ ही कढ़ी पत्ता और कटी हुई हरी मिर्च डालकर तड़का लगाएं.

गरमा-गरम कुमटिया कढ़ी तैयार हो जाती
जब ये मसाले अच्छे से चटकने लगें, तब इसमें उबली हुई कुमटिया डाल दें. अब इसमें हल्दी, लाल मिर्च और अपने स्वाद अनुसार मसाले डालकर इसे अच्छे से भून लें. इसके बाद तैयार किया हुआ छाछ और बेसन का घोल इसमें डाल दें और धीमी आंच पर पकने दें. थोड़ी ही देर में इसमें उबाल आना शुरू हो जाएगा. अब इसमें स्वाद अनुसार नमक डालें और कढ़ी को कुछ देर और उबलने दें, ताकि इसका स्वाद और गाढ़ापन सही तरीके से तैयार हो जाए. आखिर में इसमें सूखी लाल मिर्च के टुकड़े डालें और ऊपर से हरा धनिया डालकर इसे गार्निश कर लें. इस तरह आपकी गरमा-गरम कुमटिया कढ़ी तैयार हो जाती है, जिसे आप बाजरे की रोटी, पराठे या पूड़ी के साथ सर्व कर सकते हैं.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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झालावाड़ की पहली बेटी लेगी नेशनल टूर्नामेंट में भाग: मनीषा कंवर देहरादून में होने वाली प्रतियोगिता में साधेगी निशाना – jhalawar News




झालावाड़ जिले के खानपुर उपखण्ड क्षेत्र के छोटे से लोढ़ागुढ़ा गांव की बेटी मनीषा कंवर हाड़ा ने निशानेबाजी में राष्ट्रीय स्तर पर प्री-क्वालीफाई किया है। अब वह 13 से 27 जुलाई तक देहरादून में होने वाली प्री-नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेंगी। वीरेंद्र सिंह हाड़ा की 16 वर्षीय बेटी मनीषा ने जयपुर में आयोजित 24वीं राजस्थान राज्य स्तरीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। उन्होंने न्यूनतम क्वालिफाई स्कोर 300 के मुकाबले 320 अंक बनाए। इसी प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ है। नेशनल में भाग लेने वाली जिले की पहली बेटी
मनीषा झालावाड़ जिले की पहली बालिका हैं, जिनका चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हुआ है। वह पढ़ाई में भी होशियार हैं और उन्होंने हाल ही में 10वीं कक्षा पास की है। उन्हें अब तक 4 प्रमाण पत्र भी मिल चुके हैं। मनीषा इससे पहले दो बार राज्य स्तर की अजमेर और उदयपुर जिले में हुई प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं, जहां उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया था। जिला स्तर पर वह भवानीमंडी और पचपहाड़ में आयोजित प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले चुकी हैं। शूटिंग के क्षेत्र में बढ़ना चाहती है आगे
मनीषा का कहना है कि वह शूटिंग के क्षेत्र में ही आगे बढ़ना चाहती हैं। यह उनका शौक भी है, जिसके चलते वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। उन्हें परिवार के अलावा अन्य लोगों का भी सहयोग मिल रहा है। बचपन का शौक बना आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा
मनीषा के पिता ने बताया कि वह बचपन से ही शूटिंग के क्षेत्र में रुचि रखने के कारण परिवार में सभी ने सहयोग किया। उसके शौक को देखते हुए खानपुर के एक निजी स्कूल के उसके प्रिंसिपल देवेंद्र गुर्जर ने उसे स्कूल में ही प्रेक्टिस कराई। इसके बाद झालावाड़ में कोटा रोड पर आयोजित एक निजी कोचिंग में उसने प्रेक्टिस की। धीरे-धीरे वह आगे बढ़ती गई। वही कोटा के रंगबाड़ी क्षेत्र में शूटिंग रेंज की कोचिंग भी कराई।



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‘दिमाग का दही करने वाली फिल्म..’! ‘वेलकम’ को कॉपी बताने वालों को सुनील शेट्टी का ज्ञान


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फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को कुछ यूजर्स ने हॉलीवुड फिल्म की कॉपी बताया था तो कुछ ने बिना सिर पैर वाली फिल्म. इन सब बातों पर सुनील शेट्टी ने रिएक्ट किया है. पढ़िए सुनील शेट्टी का पूरा बयान.

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वेलकम टू द जंगल के एक सीन में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी साथ साथ

मल्टीस्टारर कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ बॉक्स ऑफिस पर तूफानी कमाई कर रही है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, अरशद वारसी से लेकर रवीना टंडन जैसे दो दर्जन से भी ज्यादा सितारे हैं. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग की और साथ ही कई तरह की बातों से घिर भी गई. कुछ ने फिल्म को कॉमेडी-पंच से भरपूर बताया तो कुछ लॉजिक ढूंढते रह गए और इसे दिमाग का दही करने वाली मूवी तक कह डाला. ‘वेलकम टू द जंगल’ को कुछ दर्शकों ने एक हॉलीवुड फिल्म की कॉपी-पेस्ट भी बताया. अब इसी मुद्दे पर फिल्म के एक्टर सुनील शेट्टी ने रिएक्ट किया है. साथ ही बताया कि वह पहले इस फिल्म का हिस्सा बनने से क्यों कतरा रहे थे.

अहमद खान के निर्देशन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ में सुनील शेट्टी भी अहम हिस्सा हैं. जो अक्षय कुमार की टोली में नजर आए और स्क्रीन पर दर्शकों को खूब हंसाते हैं. एक इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने ‘वेलकम टू द जंगल’ की हॉलीवुड फिल्म ‘ट्रॉपिक थंडर’ से हो रही तुलना पर जवाब दिया.

‘वेलकम टू द जंगल’ क्या कॉपी है?
‘मिड-डे’ को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्री ने साल 2008 में आई हॉलीवुड फिल्म ‘ट्रॉपिक थंडर’ से होने वाली अपनी फिल्म की तुलना और कॉपी पेस्ट जैसे सवालों को दरकिनार किया. उन्होंने कहा, ‘तुलनाएं तो होती रहेंगी. लेकिन अंतर होता है हर फिल्म की राइटिंग, एक्टिंग, और डायरेक्शन का. एक निर्देशक की फिल्म बनाने की दूरदृष्टि का. हमें भरोसा है कि बहुत ज्यादा ओवर-द-टॉप और हल्की या बेकार मानी जाने वाली फिल्में भी चल सकती हैं’. यहां सुनील शेट्टी ने उन लोगों को मुंह तोड़ जवाब दिया जो उनकी फिल्म को बिना लॉजिक की फिल्म बताकर आलोचना कर रहे थे.

बता दें जब से अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की फिल्म रिलीज हुई है, इसकी तुलना हॉलीवुड फिल्म ट्रॉपिक थंडर से हो रही है. ये फिल्म साल 2008 में आई थी जिसमें एक फिल्म क्रू गलती से जंगल में वॉर जैसी स्थिति में फंस जाती है.

क्यों सुनील शेट्टी फिल्म करने से डर रहे थे?
सुनील शेट्टी ने इंटरव्यू में ये भी साफ किया कि वह पहले ‘वेलकम टू द जंगल’ का हिस्सा बनने से कतरा रहे थे. फिल्म में 30 से भी अधिक एक्टर हैं. ऐसे में सुनील शेट्टी को लग रहा था कि वह डर रहे थे कि एक डायरेक्टर कैसे इतने सारे सितारों के साथ न्याय कर पाएगा. मगर फिल्म से जुड़े लोगों पर उन्हें पूरा भरोसा था और उनका फैसला बदला. सुनील शेट्टी ने कहा:

मुझे ये बात पता थी कि स्क्रिप्ट बहुत ही नाटकीय है. मगर प्रोड्यूसर फिरोज ए नाडियाडवाला और डायरेक्टर अहमद खान के साथ मैं बहुत ही सहज महसूस करता हूं. उनपर पूरा भरोसा है और इसलिए मैंने फिल्म के लिए हां कह दी.

फिल्म के बारे में

बता दें वेलकम टू द जंगल ने बॉक्स ऑफिस पर 50 करोड़ की ग्रैंड ओपनिंग की. प्रोजेक्ट में कई जाने-माने सितारों के अलावा कृष्णा अभिषेक, दलेर मेहंदी, आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, कीकू शारदा, यशपाल शर्मा, उर्वशी रौतेला से लेकर बृजेंद्र काला जैसे कलाकार भी हैं.

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Varsha

न्यूज 18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहीं वर्षा का डिजिटल मीडिया में 8 सालों का अनुभव है। एंटरटेनमेंट रिपोर्टिंग, लेखन, फिल्म रिव्यू, इंटरव्यू और विश्लेषण इनकी विशेषज्ञता है। वर्षा ने जामिया मिल्…और पढ़ें



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टेक्सास डेटा सेंटर, 47 लाख करोड़ का प्रोजेक्ट: चीन से होड़ में ट्रंप; सुरक्षा की अनदेखी से साइट पर 8,000 वर्कर्स को खतरा




दुनिया की एआई रेस अब सिर्फ टेक कंपनियों और सुपरपावर देशों की लड़ाई नहीं रही। इसकी कीमत निर्माण साइटों पर काम कर रहे वर्कर्स भी चुका रहे हैं। अमेरिका के टेक्सास स्थित एबिलीन में बन रहा स्टारगेट डेटा सेंटर 500 अरब डॉलर (47.18 लाख करोड़ रुपए) का मेगा एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसे ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे दिग्गज मिलकर बना रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इसे अमेरिका की एआई ताकत का बड़ा दांव बता चुके हैं। मकसद है चीन को एआई रेस में पीछे छोड़ना। लेकिन टाइम की ग्राउंड पड़ताल इस चमकदार प्रोजेक्ट की दूसरी तस्वीर दिखाती है। रिपोर्ट के मुताबिक तेजी से निर्माण की इस अंधी दौड़ में मजदूरों की जान और सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रोजेक्ट साइट पर 8,000 मजदूरों के साथ कई हादसे सामने आए हैं। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था के मुताबिक 2025 में कई मजदूरों की टांगों में फ्रैक्चर हुआ। एक मजदूर एक्सकेवेटर के नीचे दबा। एक सीढ़ी से गिरा। एक पर 1,400 पाउंड वजन वाले कांच के पैनल गिर गए। एक मजदूर पोर्टा-पॉटी में मृत मिला। दिसंबर 2024 से साइट से 911 पर 14 इमरजेंसी कॉल दर्ज हुईं। इनमें चोट, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक जैसी मेडिकल इमरजेंसी शामिल थीं। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहीं दो ठेकेदार कंपनियों पर अदालत में मुकदमे चल रहे हैं। ग्राउंड जीरो से खुलासा… वर्कर्स को पानी और पंखे तक के लिए ‘लग्जरी’ बता तरसाया गया वर्कर्स ने साइट के अंदर के हालात को काफी कठिन बताया। एक इलेक्ट्रिशियन ने आरोप लगाया कि टेक्सास की तेज गर्मी में भी साइट पर पीने का पानी आसानी से उपलब्ध नहीं है। वर्कर्स से कहा गया कि ठंडा पानी ‘लग्जरी’ है, अधिकार नहीं। पंखे भी वापस ले लिए गए। एक वर्कर्स के मुताबिक कूलिंग स्टेशन में ज्यादा समय बिताने पर लिखित चेतावनी दी गई। एक कर्मी ने कहा कि कई को पैनिक अटैक भी आ चुको हैं। निर्माण की स्पीड बनाए रखने में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं दी जा रहीं। 3 मामलों से समझें… रफ्तार में नियम कैसे छूटे केस 1 – ट्रक ड्राइवर डेनियल गोंजालेज बिजली उपकरणों वाला कंक्रीट बॉक्स उतार रहे थे। शोर में कम्युनिकेशन कमजोर था, वॉकी-टॉकी नहीं थे। तभी ऊपर से फेंकी गई चेन उनके सिर पर लगी। वे बेहोश हो गए। उन्होंने मुकदमा दायर किया है। केस 2 – 23 मई 2025 को एक मजदूर मिनी एक्सकेवेटर को रास्ता दिखा रहा था। जरूरी सुरक्षा न होने से वह ट्रैक के नीचे दब गया। उसके टखने और रीड की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ। ओशा रिकॉर्ड्स संस्था ने पाया कि मजदूर को ट्रेनिंग नहीं दी गई थी। केस 3 – एक कर्मचारी कांच के पैनल खोल रहा था। तभी 650 किलो वजन के तीन पैनल उसके पैर पर गिर पड़े। जांघ की हड्डी टूट गई और कई सर्जरी करानी पड़ी। जांच में माना गया कि उस कर्मी को काम जल्दी खत्म करने का दबाव था। गोपनीयता समझौते ताकि वर्कर शिकायत नहीं करें कई मजदूरों ने पहचान छिपाकर बात की, क्योंकि उनसे गोपनीयता समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि ऐसे समझौते साइट की वास्तविक स्थिति सामने आने से रोक रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि खुलकर बोलने पर नौकरी जा सकती है या आगे काम मिलने में दिक्कत होगी। स्टारगेट – अमेरिकी एआई रेस में सबसे बड़ा हथियार स्टारगेट अमेरिका का मेगा एआई इंफ्रा प्रोजेक्ट है। यह सामान्य डेटा सेंटर नहीं, बल्कि एआई मॉडल चलाने और ट्रेन करने के लिए जरूरी विशाल कंप्यूटिंग नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें ओपनएआई, ओरेकल और सॉफ्टबैंक जैसे नाम जुड़े हैं। इसका लक्ष्य चीन से आगे रहने की क्षमता विकसित करना है। रेस जीतनी है, प्रोजेक्ट जल्दी बनाना होगा – ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प स्टारगेट को एआई रणनीति का बड़ा हिस्सा बता चुके हैं। ओपनएआई के सैम, ओरेकल के लैरी व सॉफ्टबैंक के सन के साथ इसकी घोषणा हुई थी। ट्रम्प ने कहा था कि रेस जीतनी है, इसे जल्दी बनाना होगा।



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iPhone 18 और iPhone 18e में मिल सकता है 9GB रैम, Apple ने की है खास तैयारी


iPhone 18 और iPhone 18e में एप्पल बड़ा अपग्रेड करने वाला है। क्यूपरटिनो बेस्ड कंपनी अगले साल की शुरुआत में ये दोनों फोन भारत समेत ग्लोबल मार्केट में लॉन्च करने वाली है। इन दोनों फोन में 9GB का तगड़ा रैम मिल सकता है। सामने आ रही रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों फोन में पिछले साल आए iPhone 17 सीरीज के मुकाबले बड़ा अपग्रेड देखने को मिल सकता है। आईफोन में AI यानी एप्पल इंटेलिजेंस के आने के बाद से एप्पल ने यह फैसला किया है।

9GB रैम वाला आईफोन

एप्पल एनालिस्ट मिंग-ची-कुओ ने X पर शेयर किए गए अपने पोस्ट में दावा किया है कि iPhone 18 को कंपनी 2027 की पहली छमाही में लॉन्च करने वाली है। इसमें Apple का A20 Bionic चिपसेट मिल सकता है। यह TSMC के 2nm प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी पर काम करेगा। ऐसे में डिवाइस की परफॉर्मेंस भी इंप्रूव हो सकती है। पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 में कंपनी ने 8GB रैम का इस्तेमाल किया था।

एनालिस्ट का दावा है कि इसमें 1.5GB के 6 DRAM यूज किए जा सकते हैं, जो पिछले साल आए 2GB के 4 DRAM के मुकाबले अलग तरीके का कॉन्फिगरेशन होगा। एप्पल इंटेलिजेंस के स्मूद एक्सपीरियंस के लिए कंपनी इसकी रैम को बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही, यह iOS 27 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करेगा, जिसमें एप्पल ने पहले ही बेहतर इंटरफेस देने का वादा किया है।

प्रो मॉडल में मिलेगा 12GB रैम

वहीं, पिछले दिन आई रिपोर्ट्स की मानें तो इस सीरीज के दोनों प्रो मॉडल और पहले फोल्डेबल आईफोन में कंपनी 12GB तक रैम दे सकती है। पिछले साल आए iPhone 17 Pro सीरीज में भी एप्पल ने 12GB रैम का ही यूज किया है। अपकमिंग एप्पल डिवाइस में नया और एडवांस Siri भी मिलने की उम्मीद है।

iPhone 18 और iPhone 18e के फीचर्स में और भी क्या अपग्रेड होंगे इसे लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। उम्मीद है कि पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 और iPhone 17e के मुकाबले इनमें बेहतर डिस्प्ले और परफॉर्मेंस मिलने की संभावना है। ये दोनों फोन OLED डिस्प्ले पैनल के साथ लॉन्च किए जा सकते हैं, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

कैमरे की बात करें तो iPhone 18 के बैक में भी डुअल कैमरा सेटअप मिल सकता है। इसमें 48MP का मेन और 12MP का सेकेंडरी कैमरा दिए जाने की संभावना है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 18MP का सेंटर स्टेज कैमरा दे सकती है।

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IIT पटना में 54% और खड़गपुर में 51% पद खाली, दिल्ली, बॉम्बे में भी हालत खराब


देश के आईआईटी संस्थानों में बड़े पैमाने पर पद खाली हैं और इन सभी पदों पर नए लोगों की भर्ती करने में भी समय लगेगा। आईआईटी काउंसिल के डेटा और सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार देश के 23 आईआईटी संस्थानों में कुल 12,498 फैकल्टी पद स्वीकृत हैं और इनमें से 4,804 पद खाली हैं। कुल 38 फीसदी पद खाली हैं। इसका मतलब है कि हर पांच में से दो पद खाली हैं।  एक तरफ आईआईटी संस्थान अपने कैंपस का विस्तार कर रहे हैं। ज्यादा छात्रों को एडमिशन दे रहे हैं और नए कोर्स शुरू कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ इतने बड़े पैमाने पर पदों का खाली होना परेशानी बढ़ाने वाला है।

हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार धारवाड़ और पालक्कड़ में बने आईआईटी संस्थानों की स्थिति सबसे बेहतर है। धारवाड़ में केवल 1 फीसदी पद खाली हैं। वहीं, पालक्कड़ में यह आंकड़ा 5 फीसदी है।

किस आईआईटी में कितने पद खाली

आईआईटी पटना (54.6%)


आईआईटी खड़गपुर (51.3%)

आईआईटी कानपुर (39%)

आईआईटी बॉम्बे (38.4%)

आईआईटी दिल्ली (38.3%)

आईआईटी मंडी (39.9%)

आईआईटी धनबाद (48.4%)

आईआईटी गोवा (45.8%)

आईआईटी गुवाहाटी (42.2%)

रिसर्च पर पड़ रहा असर

देश के आईआईटी संस्थानों में छात्रों की कुल संख्या1.35 लाख से ज्यादा है, लेकिन फैकल्टी की कमी के कारण शिक्षण और रिसर्च दोनों पर असर पड़ रहा है। आईआईटी डायरेक्टर्स के अनुसार ग्लोबल मार्केट में टॉप पीएचडी होल्डर्स के बीच भारी प्रतिस्पर्धा है। विदेशी यूनिवर्सिटी, बड़ी कंपनियां, रिसर्च लैब्स और डीप-टेक स्टार्टअप्स में ऐसे लोगों को अच्छे पदों पर नौकरी मिल रही है। इस वजह से कई लोग आईआईटी की बजाय इन जगहों पर काम करना पसंद करते हैं। इसके अलावा आईआईटी में चयन का पैमाना भी बेहद सख्त है। बेहद सख्त चयन प्रक्रिया के कारण उपयुक्त उम्मीदवार मिलने तक पद खाली रखे जाते हैं। वहीं, एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे विषय नए हैं। इनमें योग्य शिक्षकों की कमी है।

भर्ती के लिए प्रयास कर रहे संस्थान

कई आईआईटी संस्थानों ने रोलिंग एडवरटाइजमेंट, स्पेशल रिक्रूटमेंट ड्राइव और मिशन मोड हायरिंग शुरू कर दी है। आईआईटी खड़गपुर ने अक्टूबर 2025 से 215 से ज्यादा फैकल्टी सिलेक्शन पूरे किए हैं। आईआईटी मद्रास ने 1,100 स्वीकृत पदों में से 411 खाली बताए हैं और विसिटिंग/एडजंक्ट फैकल्टी के सहारे काम चला रहा है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार वैकेंसी एक निरंतर प्रक्रिया है (रिटायरमेंट, इस्तीफा, प्रमोशन के कारण)। संस्थानों को साल भर भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, संसद में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में संस्थानवार आंकड़े नहीं दिए गए थे। 

रिजर्वेशन वाले कितने पद खाली?

9 आईआईटी ने जाति-आधारित वैकेंसी डेटा दिया। इनमें एससी, एसटी और ओबीसी पदों की कुल 1,501 वैकेंसी में से करीब 60% आरक्षित श्रेणियों के हैं। ओबीसी में सबसे ज्यादा (477) खाली पद हैं। फैकल्टी की कमी आईआईटी की विस्तार योजनाओं और रिसर्च आउटपुट पर असर डाल रही है। आईआईटी में 2028-29 तक 6,500 सीटें बढ़ाने का प्लान है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक यह अच्छी शिक्षा और नवाचार को प्रभावित कर सकता है। इस पर आईआईटी खड़गपुर के डायरेक्टर प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा, “सवाल यह नहीं है कि भारत विश्व स्तरीय प्रतिभा आकर्षित कर सकता है या नहीं, बल्कि यह है कि हम प्रतिभा के लिए दुनिया का सबसे रोमांचक माहौल बना पाते हैं या नहीं।” वहीं, आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मनींद्र अग्रवाल ने कहा कि यह नई समस्या नहीं है, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले पीएचडी उम्मीदवारों की कमी बनी हुई है।। आईआईटी लगातार भर्ती के प्रयास तेज कर रहे हैं, लेकिन सख्त मानकों को बनाए रखते हुए पूर्ण भर्ती में समय लगेगा।

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