Friday, May 29, 2026
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जोजिला पास पर बड़ा हादसा! चंद सेकेंड में मलवे का ढ़ेर बना ट्रक, कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर



श्रीनगर-लेह हाईवे पर जोजिला पास में एक बड़ा हादसा सामने आया है. फिसलन भरी सड़क पर एक ट्रक अचानक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से नीचे खाई में जा गिरा. हादसा कितना खतरनाक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चंद सेकेंड में एक अच्छा खासा ट्रक मलवे में तब्दील हो गया. पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है. हादसे की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंच गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार चालक को सुरक्षित निकाल लिया गया है. आपको बता दें कि जोजिला दर्रा देश के सबसे खतरनाक पर्वतीय मार्गों में गिना जाता है, जहां मौसम और फिसलन के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है.



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‘सबसे खराब किस था’ सैफ अली खान संग रानी मुखर्जी के रोमांटिक सीन पर हैरान थे आदित्य चोपड़ा


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साल 2004 की सुपरहिट फिल्म ‘हम तुम’ का किस्सा है. तब सैफ अली खान, रानी मुखर्जी और डायरेक्टर कुणाल कोहली के बीच अनबन थी. तीनों में आपसी तालमेल की कमी थी. कुणाल कोहली की समझाने पर सैफ अली खान ने रानी मुखर्जी के साथ काम शुरू किया. मगर एक ‘किस सीन’ के शूट के वक्त दोनों में हिचकिचाहट थी. अजीबो-गरीब हालात और हंसी के बीच दोनों सितारों ने हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे खराब किस माना.

नई दिल्ली: फिल्म ‘हम तुम’ की लव स्टोरी लोगों को बहुत पसंद आई थी. सैफ अली खान और रानी मुखर्जी की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया था, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जब इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी, तब सेट पर माहौल बिल्कुल अलग था. फिल्म के मेकर्स और एक्टर्स के बीच आपस में बातचीत तक बंद थी. फिल्म बनने से पहले ही टूटने की कगार पर पहुंच गई थी. (फोटो सााभर: IMDb/YouTube@videograb)

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डायरेक्टर कुणाल कोहली की फिल्म साल 2004 में आई थी, जिसने हमें करण और रिया जैसे यादगार किरदार दिए. पूरी कहानी इन्हीं दोनों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले लड़ते हैं और फिर एक-दूसरे के प्यार में पड़ जाते हैं. फिल्म का लाजवाब ह्यूमर और रोमांस आज 22 साल बाद भी लोगों को उतना ही पसंद आता है. मगर कैमरे के पीछे की हकीकत कुछ और ही थी, जिसे दर्शक कभी जान ही नहीं पाए.(फोटो सााभर: IMDb)

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डायरेक्टर कुणाल कोहली ने ‘एनडीटीवी’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि शूटिंग के शुरुआती दिनों में कोई भी एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाता था. सैफ अली खान बिल्कुल अकेले पड़ गए थे, जबकि दूसरी तरफ रानी और डायरेक्टर की अपनी अलग टीम थी. कुणाल ने साफ कहा कि ऑफ-स्क्रीन रानी और सैफ में बिल्कुल नहीं बनती थी. यहां तक कि कुणाल और सैफ के बीच भी काफी अनबन थी, बस रानी और कुणाल आपस में ठीक से बात करते थे. (फोटो सााभर: IMDb)

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कुणाल ने कड़वाहट को दूर करने के लिए एम्स्टर्डम शेड्यूल के दौरान सैफ को साइड में ले जाकर सीधे शब्दों में समझाया. उन्होंने कहा, ‘भाई, यह फिल्म तुम्हारे करियर के लिए बहुत जरूरी है. अगर यह फ्लॉप हो गई, तो तुम्हें कभी सोलो हीरो का रोल नहीं मिलेगा. जिंदगी भर शाहरुख खान के पीछे सेकंड लीड ही करते रह जाओगे- जैसे ‘कल हो ना हो’ में किया था.’ यह कड़वी बात सैफ के दिल को छू गई. (फोटो सााभर: IMDb)

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सैफ से डायरेक्टर की बातचीत के बाद सेट का माहौल एकदम से बदल गया और सब मिलकर काम करने लगे. कुणाल ने ईमानदारी से कुबूल किया कि इस खटास की कोई बड़ी वजह या झगड़ा नहीं था. असल में, वे सब उस वक्त जवान थे, जिद्दी थे और हर किसी में अपना एक अलग एटीट्यूड था. मजे की बात तो यह थी कि उस समय सिर्फ रानी के पास हिट फिल्में थीं, जबकि सैफ और कुणाल के खाते में नाकामी थी, फिर भी भाव आसमान पर थे.
(फोटो सााभर: IMDb)

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फिल्म के टाइटल ट्रैक में एक रोमांटिक सीन था जहां रानी मुखर्जी को सैफ को किस करना था, जो उस दौर में बहुत बड़ी बात थी. रानी इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थीं और काफी हिचकिचा रही थीं. पूरी रात शूटिंग चलने के बाद रानी आखिरकार सिर्फ एक टेक देने के लिए राजी हुईं. लेकिन जो टेक कैमरे में रिकॉर्ड हुआ, उसने प्रोड्यूसर आदित्य चोपड़ा को भी हैरत में डाल दिया.(फोटो सााभर: IMDb)

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जब कुणाल कोहली ने एडिटिंग टेबल पर वह सीन देखा, तो रानी असल में शर्माने के बजाय हंस रही थीं और हंसते हुए हिल रही थीं. कुणाल ने हंसते हुए माना कि वह हिंदी सिनेमा के इतिहास का सबसे खराब और अजीब किस सीन था. बाद में एक वीडियो में सैफ ने भी इस बात को याद करते हुए रानी की खिंचाई की थी कि कैसे रानी ने उनसे कहा था कि तुम ही डायरेक्टर से बोल दो कि तुम मुझे किस नहीं करना चाहते. (फोटो सााभर: IMDb)

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तमाम झगड़ों, एटीट्यूड और किस सीन के दौरान हुई उस अजीब हंसी के बावजूद ‘हम तुम’ ने बॉक्स ऑफिस पर वो मुकाम हासिल किया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. फिल्म सुपरहिट रही और इसने सैफ अली खान को बॉलीवुड में एक लीडिंग हीरो के तौर पर स्थापित कर दिया. कैमरे के पीछे की सारी कड़वाहट फिल्म की शानदार एडिटिंग और फाइनल कट के पीछे हमेशा के लिए छिप गई.

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शिक्षक विधायक चुनाव को लेकर रामपुर पहुंचे हरि सिंह ढिल्लों: बोले- शिक्षक समाज की समस्या, सुझाव और अपेक्षाएं प्राथमिकता में – Rampur News




रामपुर में शिक्षक विधायक चुनाव को लेकर भाजपा ने अपनी चुनावी गतिविधियां तेज कर दी हैं। भाजपा प्रत्याशी हरि सिंह ढिल्लों के पहली बार जिला कार्यालय पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। हरि सिंह ढिल्लों ने कहा कि शिक्षक समाज की समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा तथा शिक्षा जगत से जुड़े हर वर्ग की आवाज को मजबूती से मंच प्रदान किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार ने कहा कि भाजपा हमेशा शिक्षकों, कर्मचारियों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के हितों के प्रति संवेदनशील रही है। उन्होंने दावा किया कि शिक्षक विधायक चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मैदान में जुटा है। जिलाध्यक्ष ने बताया कि चुनाव संयोजक Maharaj Singh और सहसंयोजक Rajesh Singhal के नेतृत्व में चुनावी तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस मौके पर सुभाष भटनागर, मोहनलाल सैनी, मोहन लोधी, सुनीता सैनी, रविंद्र सिंह रवि, अर्जुन रस्तोगी और आकाश सक्सेना समेत कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



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स्कूल की बाउंड्री तोड़ खेल मैदान पर कब्जे का आरोप: गर्मी की छुट्टियों में खड़ी कर दी दीवार, धार में सरपंच प्रतिनिधि की शिकायत – Dhar News




धार जिले की सरदारपुर तहसील के ग्राम भोपावर स्थित शासकीय विद्यालय फिफरफलिया की भूमि पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। विद्यालय प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि ग्राम भोपावर के सरपंच प्रतिनिधि मदन पिता मांगीलाल मखोड और समीपस्थ ग्राम बिछिया निवासी विजय पिता रमेश पाटीदार ने विद्यालय की बाउंड्री वॉल और खेल मैदान पर कब्जा कर लिया है। जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में शासकीय राशि से लगभग 1400 वर्ग फीट क्षेत्र में बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया गया था। यह कार्य जनपद पंचायत से स्वीकृत था। आरोप है कि बाद में इसी बाउंड्री वॉल के बीचों-बीच एक और दीवार खड़ी कर परिसर को दो भागों में बांट दिया गया, जिससे विद्यालय की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह कार्य ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान किया गया, ताकि विद्यालय बंद होने के कारण किसी को इसकी जानकारी न मिल सके। हालांकि, आवश्यक कार्य से विद्यालय पहुंची प्रधान अध्यापिका संगीता परमार ने मौके पर नई दीवार देखी और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी। बाउंड्री वॉल पर स्लोगन लिखवाने का भी आरोप
इतना ही नहीं, सरपंच प्रतिनिधि मदन मखोड पर यह भी आरोप है कि उन्होंने बाउंड्री वॉल पर अपने पिता की स्मृति में निर्माण करवाने संबंधी स्लोगन लिखवा दिया, जबकि यह निर्माण कार्य शासकीय राशि से हुआ था। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रधान अध्यापिका संगीता परमार ने शुक्रवार को सरदारपुर एसडीएम सलोनी अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ जोशुआ पीटर और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले की लिखित शिकायत सौंपी है। उन्होंने इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, सरपंच प्रतिनिधि मदन मखोड ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि आवेदन देना संबंधित पक्ष का अधिकार है और यदि वे गलत होंगे तो जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा। उनके अनुसार, उनके खिलाफ झूठा आवेदन दिया गया है और जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।



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बक्सर में गंगा में डूबे 2 किशोर,एक की मौत: दूसरे की तलाश जारी; दादा के दशकर्म में पहुंचे थे;गहरे पानी में जाने से हादसा – Buxar News




बक्सर थाना क्षेत्र के पुलिया गंगा घाट पर शुक्रवार दोपहर गंगा स्नान के दौरान दो बच्चे गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय लोगों की मदद से एक बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दूसरा बच्चा अभी भी लापता है, जिसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, अहिरौली गांव निवासी मनोज कुमार सिंह अपने पिता स्वर्गीय गोरखनाथ सिंह के दशकर्म के लिए पुलिया गंगा घाट पर पूजा-पाठ कर रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य भी घाट पर मौजूद थे। इसी दौरान मनोज कुमार सिंह का 7 वर्षीय पुत्र मुकुल कुमार सिंह और उनकी बहन का 13 वर्षीय पुत्र छोटू सिंह गंगा में स्नान करने चले गए। स्नान करते समय मुकुल कुमार सिंह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। मुकुल को डूबता देख छोटू सिंह उसे बचाने के लिए पानी में कूद पड़ा। गंगा की तेज धारा और गहराई के कारण दोनों बच्चे संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों और नाविकों ने तत्काल गंगा में छलांग लगाकर बच्चों को बचाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद मुकुल कुमार सिंह को पानी से बाहर निकाला गया। परिजन उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, छोटू सिंह गहरे पानी में लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों तथा नाविकों की मदद से बच्चे की तलाश शुरू की गई। समाचार लिखे जाने तक छोटू सिंह का पता नहीं चल सका था और खोजबीन जारी थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक बच्चे के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव और आसपास के इलाके में भी शोक का माहौल बना हुआ है। घाट पर मौजूद लोगों ने प्रशासन से गंगा घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और गोताखोरों की तैनाती जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और लापता बच्चे की तलाश के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।



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आप भी मिस कर रहे बिहारीगढ़ के पकौड़े? दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ही मिलेगा गरमा गरम


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Biharigarh Pakodas Dehradun : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने बहुत कुछ बदल डाला है. दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय कम हो गया है, लेकिन मुसाफिरों का एक अजीज जायका भी पीछे छूट गया. सालों से देहरादून आने-जाने वाले लोगों के लिए बिहारीगढ़ का स्टॉपेज एक परंपरा जैसा था. बिहारीगढ़ के मशहूर पकौड़ों के बारे में कौन नहीं जानता. एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड और बाईपास रूट की वजह से अब लोग सीधे दून पहुंच रहे हैं, इसकी वजह से इन पकौड़ों का स्वाद यात्रियों से दूर हो गया. हालांकि अब आपको उस पुराने स्वाद के लिए तरसने या एक्सप्रेसवे छोड़कर पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं है.

देहरादून. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने दोनों शहरों के बीच की दूरी और समय को भले ही समेट दिया हो, लेकिन इस रफ्तार के चक्कर में कई मुसाफिरों का एक पुराना और अजीज जायका पीछे छूट गया है. वह जायका है-बिहारीगढ़ के मशहूर पकौड़े. सालों से देहरादून आने-जाने वाले लोगों के लिए बिहारीगढ़ का स्टॉपेज एक परंपरा जैसा था. सफर की थकान मिटाने के लिए गर्म-गर्म कढ़ाही से छनकर निकलते मिक्स वेज, पनीर, और प्याज के पकौड़े, और साथ में तीखी-चटपटी हरी चटनी. इसका स्वाद हर मुसाफिर की यादों में बसा है. एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड और बाईपास रूट की वजह से अब लोग सीधे दून पहुंच रहे हैं, जिससे बिहारीगढ़ का वह पारंपरिक स्वाद कहीं न कहीं पीछे छूट गया था, लेकिन दूनवासियों और पर्यटकों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है .

पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं

अब आपको उस पुराने स्वाद के लिए तरसने या एक्सप्रेसवे छोड़कर पुराना रूट पकड़ने की जरूरत नहीं है बल्कि देहरादून के मोहब्बेवाला में बिहारीगढ़ के मशहूर पकोड़े मिलने लगे हैं यहां भी आप उन क्रिस्पी पकौड़े खा सकते हैं. हम बात कर रहे हैं मां शाकुंभरी स्वीट्स की. मां शाकुंभरी स्वीट्स संचालक काके लोकल 18 से बताते हैं कि पिछले 35 साल से बिहारीगढ़ में उनकी दुकान चल रही है. हाल ही में देहरादून में दुकान शुरू की है. बिहारीगढ़ में उनके पकौड़े की उनका सोल्टी होना है और मूंग दाल के पकौड़ों की ज्यादा डिमांड रहती है.

कितने रुपये प्लेट

काके के मुताबिक, पकौड़े बनाने में मूंग दाल शुद्ध घी और शुद्ध बेसन का इस्तेमाल किया जाता है. उनके यहां दाल, आलू, गोभी, पालक, पनीर और मिर्च समेत कई तरह के पकौड़े बनते हैं. दिल्ली से आए टूरिस्ट अमित शर्मा बताते हैं कि उन्होंने यहां पनीर के पकौड़े का स्वाद लिया, जो क्रिस्पी और बहुत स्पाइसी थे. देहरादून के रहने वाले सुभाष रावत ने बताया कि वह इस रूट पर पिछले 25 सालों से विक्रम चला रहे हैं. पहले उन्हें इस रूट पर कुछ स्वादिष्ट खाने को नहीं मिलता था. अब घर से जल्दी निकल आते हैं और सुबह नाश्ते में यहां बिहारीगढ़ के पकौड़े खाते हैं. देहरादून के मोहब्बेवाला में साईं मंदिर के नजदीक यह दुकान है, जहां 70 रुपये प्रति प्लेट के हिसाब से खरीद सकते हैं.

About the Author

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती मनाई गई: रतनगढ़ के ग्रामीण किसान छात्रावास में कार्यक्रम आयोजित – Churu News




चूरू के रतनगढ़ के ग्रामीण किसान छात्रावास में शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था अध्यक्ष सुल्तान सिंह भींचर ने की। वक्ताओं ने चौधरी चरण सिंह के किसान हितैषी विचारों और उनके संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह ने सदैव किसानों, मजदूरों और ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए कार्य किया। वक्ताओं ने जोर दिया कि उनके विचार आज भी समाज को प्रेरणा देते हैं और हमें उन्हें अपने जीवन में उतारना चाहिए। चौधरी चरण सिंह को एक सच्चे किसान और गरीब के हितैषी के रूप में याद किया गया, जिन्होंने अपने जीवन में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए। इस अवसर पर जाट बौद्धिक मंच अध्यक्ष मुकंदाराम नेहरा, भागीरथ खीचड़, रामेश्वरलाल डूडी, रामचंद्र खीचड़, भंवरलाल पूनिया, सुरजाराम बलारा, पप्पूराम सूंडा, हरलाल डूडी एवं सज्जन बाटड़ सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शुभकरण नैण ने किया।



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CBSE ने 12वीं री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया टाली: अब 1 जून से खुलेगा पोर्टल; तकनीकी दिक्कतों के बाद लिया फैसला


नई दिल्ली6 मिनट पहले

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री-इवैल्यूएशन के आवेदन करते समय CBSE की वेबसाइट खोलने पर साइट अंडर मेंटेनेंस लिखा आ रहा था।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और मार्क्स वेरिफिकेशन प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह पोर्टल 29 मई से शुरू होना था, लेकिन अब बोर्ड ने इसे 1 जून से खोलने का फैसला किया है।

सीबीएसई ने 19 मई से री-इवैल्यूएशन और आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन आवेदन संख्या ज्यादा होने के कारण वेबसाइट क्रैश हो रही थी। इसके बाद तारीख बढ़ाकर 25 मई तक कर दी थी।

स्टूडेंट्स को री-इवैल्यूएशन के दौरान पोर्टल पर सर्वर डाउन, पेमेंट फेल होने और ब्लर पेज जैसी तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। स्टूडेंट्स की शिकायत के बाद सीबीएसई ने पोर्टल पर री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया को बंद कर दिया था।

CBSE के अनुसार, बड़ी संख्या में आने वाले आवेदनों और कुछ तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। बोर्ड पोर्टल को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि छात्रों को आवेदन करते समय परेशानी का सामना न करना पड़े।

री-इवैल्युएशन के लिए 3 घंटे में ही 1.26 लाख आवेदन आए थे

CBSE ने इस साल पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम लागू किया है। कई स्टूडेंट्स और उनके पेरेंट्स ने OSM पर सवाल उठाते हुए शिकायत की थी कि इससे नंबर कम आए हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स ने री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करना शुरू कर दिया था।

री-इवैल्युएशन के लिए शुरुआती 3 घंटे में ही करीब 1.26 लाख आवेदन आए थे। सीबीएसई ने इसका डेटा अपडेट करना बंद कर दिया था। हालांकि बोर्ड ने दावा किया था कि लाखों छात्रों ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी थी और ज्यादातर छात्रों को कॉपियां भेज दी गई हैं।

इस साल ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से करीब 98 लाख 60 हजार कॉपियां जांची गईं हैं। इस बार कुल 17.68 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी।

सीबीएसई स्टूडेंट्स ने कॉपी की ये तस्वीरें शेयर कर कहा था कि ब्लर नजर आने पर भी आंसर-शीट जांची गई।

सीबीएसई स्टूडेंट्स ने कॉपी की ये तस्वीरें शेयर कर कहा था कि ब्लर नजर आने पर भी आंसर-शीट जांची गई।

राहुल बोले- मोदी सरकार को छात्रों के भविष्य नहीं, सत्ता बचाने की चिंता

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना दिखाता है कि सरकार को लाखों छात्रों के भविष्य की नहीं, बल्कि अपनी सरकार बचाने की चिंता है।

राहुल गांधी ने X पर लिखा- वे शुरू से ही सीबीएसई के OSM और COEMPT कंपनी को दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। देश के युवाओं को सच्चाई जानने का अधिकार है।

वेबसाइट हैक करने का दावा

सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर निसर्ग नाम के हैंडल ने एक बार फिर से सीबीएसई की वेबसाइट को हैक करने का दावा किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर निसर्ग नाम के हैंडल ने एक बार फिर से सीबीएसई की वेबसाइट को हैक करने का दावा किया है।

प्रधान बोले- CBSE मामले की जिम्मेदारी लेता हूं

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को छात्रों की समस्याओं का अनियमित और समय पर समाधान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की फीस वसूल नहीं होगी और लाभार्थियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राहुल गांधी के आरोपों पर प्रधान ने कहा कि सीबीएसई ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया है। कुछ श्रेणियां सामने आई हैं, जिनकी जिम्मेदारी वह लेते हैं और जल्द सुधार किया जाएगा।

गुरुवार को नई दिल्ली स्थित सीबीएसई मुख्यालय में हुई हाई-लेवल मीटिंग में शिक्षा मंत्रालय, सीबीएसई, आईआईटी मद्रास, आईआईटी कानपुर, केंद्रीय विद्यालय संगठन और कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

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CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स, 9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध

CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। पूरी खबर पढ़ें…

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CBSE आंसर शीट विवाद: बोले प्रधान- 13 लाख विद्यार्थी संतुष्ट, सिर्फ 4 लाख ने मांगी कॉपियां


Dharmendra Pradhan Exclusive Interview: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से न्‍यूज 18 इंडिया ने खास बातचीत की. इस दौरान प्रधान ने कहा कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा 17 लाख स्‍टूडेंटस ने दी थी जिसमें से सिर्फ 4 लाख ने अपनी आंसर शीट की स्‍कैन कॉपी मांगी थी मतलब साफ है कि लगभग 13 लाख स्‍टूडेंट अपने रिजल्‍ट से संतुष्‍ट हैं.बाकी कुछ विसंगतियां ध्‍यान में आई हैं जिन्‍हें ठीक कर लिया गया है. यहां पढिए पूरे सवाल और जवाब…

सवाल: नीट वगैरह की परीक्षाओं को लेकर देशभर में काफी सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष भी काफी निशाना साध रहा है? धर्मेंद्र जी पहला सवाल तो यही है सीबीएसई ऑन स्क्रीन मार्किंग तमाम चीजें. काफी सवाल उठ रहे हैं, बच्चों को कह रहे हैं की ट्रॉमा हो गया, क्या आपको लगता है इससे मानसिक तनाव भी हुआ है? पूरे इस समाज में और क्या दोषियों को कार्रवाई पर सजा होगी?

जवाब: देखिए इन दिनों में जो घटनाएं हुई उसमें से छात्रों के मन में स्टूडेंट्स के मन में कुछ स्ट्रेस आई है. उनकी मेंटल हेल्‍थ के ऊपर एक प्रश्न है इसको मैं उसके मैं इसको स्वीकार करता हूं जो नहीं होनी चाहिए. नीट का रीअग्जामिनेशन कराया जा रहा है. निश्चित रूप में नीट अभ्यार्थियों को एक चिंता में डाला, अभी जो सीबीएसई ओएस एम को लेकर एक हुई है.ये भी ठीक हो जाएगा. रीनीट की एग्जामिनेशन डेट घोषणा हो गई है. बच्चे उस पर तैयारी में लग चुके हैं. पढ़ाई में लग चुके हैं और उसकी व्यवस्था को उपलब्ध कराने के लिए एनटीए और भारत सरकार समेत राज्य सरकारें लगी हैं. उस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है. और जहां तक सीबीएसई आंसर शीट के ओएसएम की बात है तो कुल मिलाकर 17 लाख विद्यार्थी बारहवीं में परीक्षा दिए थे. 13 लाख विद्यार्थी अपने रिजल्ट को लेकर संतुष्ट है. वो सेटल्ड है. बाकी जो 4 लाख विद्यार्थी हैं जिन्‍होंने अपनी कॉपियां मांगी हैं. इससे पहले भी 2.5 लाख विद्यार्थी रीवैल्‍यूएशन और री अससमेंट के लिए आते थे.इस बार रीवैल्यूएशन के लिए रीअसेसमेंट के लिए इस बार उनकी संख्या 4 लाख हो गई है.उनकी भी व्यवस्था हो गई है. उनकी भी अभी एक दो दिनों में उनके पास 11 लाख आंसर शीट पहुंच गया है. 4 लाख विद्यार्थियों के पास 11 लाख आंसर शीट पहुंच गई है स्कैन हो के. उनमें से भी कुछ विसंगति ध्यान में आई थी. उसको भी समाधान कर लिया गया है.अगर उस 11 लाख में भी जो मन में प्रश्न रहेगा और स्पेसिफिक क्वेश्चन के ऊपर उनके मन में आएगा कि इसमें मेरे को ज्यादा मिल सकता था उनको भी अवसर मिलेगा. अभी वो ऑनलाइन एक बार फिर री सबमिट करके अपना विषय रख सकते हैं जो कि सीबीएसई की पुरानी परंपरा है. पिछली बार जब भी इन्होंने ऑसर शीट के लिए पोर्टल खोला उस समय में थोड़ा लोड ज्यादा आया. उसमें थोड़ा ग्लीच,थोड़ा व्यवधान आया था.

सवाल-क्या सीबीएसई आंसर शीट को लेकर कोई नई व्‍यवस्‍था हो रही है?

जवाब: सीबीएसई आंसर शीट के मामले में तमाम नई टेक्नोलॉजी के माध्यम से काम किया जा रहा है.इसमें आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास दोनों के अच्छे प्रोफेसर उसको दुरुस्त करने में लगे हैं.सीबीएसई की अपनी टेक्नोलॉजी टीम भी उस पर काम कर रही है.जो गोव डॉट इन की टीम भी उस काम पर लगी है.उसके अलावा पिछली बार पेमेंट गेटवे में भी प्रश्न आया था इसीलिए पेमेंट को दुरुस्त करने के लिए चार बैंकों से बातचीत की गई है.बैंकों का प्रॉपर इंटिग्रेशन हो गया है. इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कनाडा बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ये चारों की ठीक से इंटिग्रेशन हो गए हैं. हम जल्द ही लाइव हो जाएंगे. व्यवस्था सुधर जाएगी.

सवाल-धर्मेन्द्र जी इसे बहुत बड़ी ह्यूमन और टेक्निकल चूक मानी जा रही है. इसको कि टेक्निकल चूक भी हो गई. ह्यूमन चूक हो गई क्या? दोषियों पर कार्रवाई हो पाएगी? या रिस्पांसिबिलिटी तय होगी? जनता के सामने एक सवाल ये भी है कि इसमें 22 लाख बच्चे इन्वॉल्व्ड थे तो कम से कम उतने पेरेंट्स भी इन्वॉल्व होते है इसमें…

जवाब-उससे ज्यादा ही पेरेंट्स इन्वॉल्व्ड है और देश की सबकी श्रद्धा इसमें जुटी हुई है.नीट पेपर लीक मामले में ये कहना चाहूंगा कि समाज में जो परीक्षा माफिया घूम रहे हैं,एक सामाजिक व्याधि के रूप में उनको परिवर्तित कर चुके हैं.उनको जड़ से उखाड़ने का काम करने की आवश्यकता है. सीबीआई उस काम पर लगी है जो भी लोग इसमें शामिल हैं इस इलीगल प्रैक्टिस में लगे थे उस सब को ढूंढ निकाला जाएगा. वो कितने भी ताकतवर हो उसको कानून की सीमा में रखा जाएगा और हम तो चाहते हैं कि सीबीआई की स्पेशल कोर्ट के माध्यम से इनका अर्ली ट्रायल हो जाए जिससे उनको जल्‍दी से जल्‍दी दंड मिले. तब इस गुनाहगारों को एक सबक मिलेगा और दहशतगर्दों को एक मैसेज भी जाएगा.

सवाल-धर्मेन्द्र जी एक जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी थी. प्रधानमंत्री मोदी ने और आप लगातार अपने तमाम मंत्रालयों में लागू करते रहे, क्या उस पे कोई झटका लगा है? इससे क्या उसकी भरपाई आप लोग कर रहे हैं?

जवाब-नहीं,देखो आपको जिम्मेवारी तो लेनी पड़ेगी.जब हमलोगों को नीट के पेपर के बारे में सात मई को जानकारी सामने आई.ये जानकारी एन टीए को मिली. हम लोगों ने 12 तारीख तक इस पर विचार किया. आठ तारीख तक स्पष्ट हो गया था कि ये कॉंप्रमाइज हुआ है, कहां से कॉंप्रमाइज हुई है? अभी सीबीआई निकाल के बाहर कर रही है तो हमको एजेंसियों से पता चल गया था की ये कॉंप्रमाइज हो गई है.आखिरकार हमने 12 तारीख को इस कैंसिल किया. इस एग्जामिनेशन को हमने 15 तारीख को नई डेट घोषित कर दी. हमारी प्रायरिटी है कि एक भी सही बच्चा इन परीक्षा माफियाओं की षड्यंत्र से अपना अधिकार को ना खोए अपने बौद्धिक ताकत से ना वंचित हो इसीलिए हमने ये निर्णय लिया और यही तो जीरो टॉलरेंस है ना. हमने एक भी चीजों में कॉंप्रमाइज नहीं किया. हमको कठोर निर्णय करना पड़ा. हम बच्चों के अंग्जाइटी को समझते हैं, हम उसके लिए जिम्मेवारी भी लेते हैं. परीक्षा को सुधारने के लिए दायित्व हमको लेना ही पड़ेगा. हमने लिया.

सवाल- आप शायद उन लोगों में है जिन्होंने जिम्मेदारी स्वीकार की और उसको ठीक करने में आगे लग गए. आपने कई कदम भी उठाए हैं. आपने बैंक से सलाह मशविरा किया उनको इनवॉल्व किया. आइआइटी के विशेषज्ञों को आपने इनवॉल्व किया है, क्या कुछ ऐसी योजना तो नहीं बन रही है कि एनटीए को स्क्रैप करके एक स्टेच्यूटरी बॉडी ही बना दे, जो इस तरह की इस तरह के काम को करवा सके?

जवाब- देखिए एनटीए बनी है सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर. एनटीए पिछले दिनों में लगभग एक करोड़ विद्यार्थियों की परीक्षा सफलतापूर्वक करती है.इसी एनटीए ने जेईई किया, इसी एनटीए ने सीएसआर नेट की परीक्षा किया. यही एनटीए ने सीयूईटी की परीक्षा कर रहा है.यही एनटीए ने यूजीसी नेट का परीक्षा कर रहा है इसमें एक गड़बड़ हुई है. इसकी जिम्मेवारी लेना ही पड़ेगा.इसकी व्‍यवस्‍था बनानी होगी.एक बात ये भी है कि समाज में कॉम्प्लेक्सिटी बढ़ रही है. हम डिजिटली एग्जामिनेशन पद्धति पर जाते हैं. साइबर चैलेंज एक नया दुनिया बन चुका है. अभी इन दिनों में हमारे जो सब अनुभव हो रहा है, टेक्नोलॉजी जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, चुनौती भी ऐसे ऐसे आगे बढ़ रही है लेकिन उसको भी संभालने के हमारे पास कैपेसिटी है और उसको संभाल लेंगे.हममें इन्स्ट्रुमेंट चल इश्यू नहीं है हमारा इंटेन्शन सही है. तो मैं आपके चैनल के माध्यम से देश की जनता उन पेरेंट्स को आश्वासन करना चाहता हूं कि अब आने वाले दिनों में फुलप्रूफ सिस्टम एक तैयार किया जाएगा.निश्चित रूप में हम उसके लिए जवाबदेह है. हमारा दायित्व है एक एरर फ्री एग्जामिनेशन सिस्टम.

सवाल-धर्मेन्‍द्र जी, आप बैठकें काफी कर रहे हैं,आप सीबीएसई हेडक्वार्टर भी गए.आपने कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी के घर बैठक की. ये जो 21 तारीख को एग्जाम है उसकी तैयारी है या जो इधरउधर से बातें उठ रही है कि कहीं एयरफोर्स के विमानों के के माध्यम से क्वेश्चन पेपर्स को ट्रांसफर किया जाएगा? क्या इस बार कोई बड़ी योजना है ताकि फुलप्रूफ रहे?

जवाब-नहीं देखिए, एनटीए और भारत सरकार का पोस्‍टल विभाग हमारे क्वेश्चन पेपर का दायित्व लेता है. हमारे जहां प्रश्न पत्र बनते हैं वहीं से परीक्षा केंद्र तक और परीक्षा केंद्र से फिर एनटीए तक इसके करियर का काम पोस्टल डिपार्टमेंट करता है. इस बार हमने और सिंधिया जी दोनों ने राजनाथ सिंह से अनुरोध करने के लिए गए थे कि क्या इस बार का लॉजिस्टिक सपोर्ट एयरफोर्स कर सकता है? क्‍योंकि समय कम है और सुरक्षा की चिंता है इसीलिए हमने एयरफोर्स को अनुरोध किया है.एयरफोर्स उसमें मदद करेगी. हमको आश्वस्त किया गया है और हमारे देश की सारे राज्यों की सिक्योरिटी सिस्टम, सारे राज्यों की पुलिस. सारे राज्यों की सीआरपीएफ जो जहां जहां आवश्यकता है वहां मदद करेगी.हम लोगों ने बच्चों के हित के लिए सबकुछ करेंगे.कुछ लोग आलोचना कर रहे हैं कि इसको ऐसे क्यों कर रहे हो? इतना एयरफोर्स क्यों लगेगा? मैं उन सारे मित्रों को जानकारी देना चाहता हूं कि ये ग्लोबल मॉडल है. क्या हमारे देश के बच्चों का हित सर्वोपरि नहीं होनी चाहिए? क्या उनकी मन की कंडीशन को ठीक रखने के लिए उनको आश्वस्त करने के लिए हमें सारी व्यवस्था ऑल आउट नहीं करनी चाहिए? क्या हमें लगता है हमें करनी चाहिए? इसे हम होल ऑफ गवर्मेंट एप्रोच कहते हैं.इसके लिए मैंने सभी राज्य सरकारों से बातचीत की है.मैंने सारे माननीय मुख्यमंत्री को अनुरोध किया है. पिछले 3 मई को जो परीक्षा हुई उस परीक्षा में सारी राज्य सरकारों की बहुत भरपूर मदद मिली. किसी भी सरकार हो, किसी भी पार्टी का सरकार हो, बच्चे हम सभी के हैं. इसमें राजनीति और भेदभाव की भाषा नहीं होनी चाहिए. सभी ने मदद किया और आने वाले परीक्षा में सबकी मदद लगेंगी इसलिए सबको मैंने अनुरोध किया. पर्सनली फोन पर बात किया है और राज्य सरकारों की तरफ से कुछ आया है कि हम आपको पूरी तरह से आश्वासन करते हैं कि एन टीए की परीक्षा जब होती है राज्य सरकारें उसमें भरपूर मदद करती हैं. अभी सीयूईटी हो रहा है उसमें मदद मिल रहा है. जब जब भी परीक्षा होती है, राज्य सरकार उसमें आगे चलकर मदद करते हैं. नीट की परीक्षा में एक ही दिन में 22 लाख बच्चे परीक्षा देंगे. इसलिए थोड़ा दायित्व और ज्यादा बढ़ जाता है.



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सबसे महंगा तोहफा: कतर से मिला ‘फ्लाइंग पैलेस’ 4 जुलाई से अमेरिकी राष्ट्रपति की सेवा में; 3800 करोड़ लगाकर मोडिफाई किया गया


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  • The ‘Flying Palace’ Received From Qatar Will Be In Service For The US President From July 4; Modified At A Cost Of 38 Billion Rupees.

टेक्सास2 घंटे पहले

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इस विमान का इस्तेमाल घरेलू दौरों के लिए ही होगा। इसमें आपात स्थिति में प्लेन से पूरा देश संभालने वाले कमांड बंकर जैसी सुविधा नहीं है।- फाइल फोटो

कतर के शाही परिवार द्वारा अमेरिका को तोहफे में दिया गया बोइंग 747-8 विमान 4 जुलाई (अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस) के आसपास अमेरिकी राष्ट्रपति की सेवा में शामिल होने के लिए तैयार है।

वायु सेना ने 3,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करके इसे मॉडिफाई किया है।

वायु सेना ने 3,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करके इसे मॉडिफाई किया है।

वायु सेना ने 3,800 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करके इसे मॉडिफाई किया है। विमान के अंदर का नजारा 7-स्टार लग्जरी होटल जैसा है। इसमें बेहतरीन लेदर और सोने की फिनिशिंग वाले पार्ट्स लगे हैं। बड़े और बेहद आलीशान बेडरूम हैं। इतने बड़े विमान में सिर्फ 76 यात्रियों और 18 क्रू मेंबर्स की जगह है।

लेकिन राष्ट्रपति की घरेलू यात्राओं का ही हिस्सा बनेगा| इस विमान का इस्तेमाल घरेलू दौरों के लिए ही होगा। इसमें आपात स्थिति में प्लेन से पूरा देश संभालने वाले कमांड बंकर जैसी सुविधा नहीं है।

संभवतः किसी विदेशी सरकार द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका को दिया गया अब तक का सबसे मूल्यवान उपहार है। इसका उपयोग पहले कतर के शाही परिवार के सदस्यों द्वारा किया जाता था और बाद में तुर्की सरकार द्वारा, फिर इसे अमेरिका को सौंप दिया गया।



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