Wednesday, July 8, 2026
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सपा के कार्यक्रम में शिक्षक की मौजूदगी का विरोध: उन्नाव में मंच से संचालन किया, बीएसए से शिकायत, जांच के निर्देश – Unnao News




उन्नाव के पुरवा ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ा कोला के सहायक शिक्षक विवेक पटेल की समाजवादी पार्टी के एक कार्यक्रम में मौजूदगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं। इसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। एक स्थानीय निवासी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) से शिकायत कर शिक्षक के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। इछौली निवासी अनूप सिंह ने बीएसए को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि शिक्षक विवेक पटेल बच्चों की पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं रहते और समाजवादी पार्टी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से शामिल होते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, हाल ही में एक कार्यक्रम में विवेक पटेल मंच संचालन करते दिखे थे। इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद अनू टंडन और भगवंतनगर विधानसभा से सपा के पूर्व प्रत्याशी अंकित परिहार भी मौजूद थे। यह वीडियो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, लेकिन तस्वीरें बुधवार को वायरल हुईं, जिससे शिक्षा विभाग में चर्चा तेज हो गई है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि शिक्षक विवेक पटेल की पत्नी लक्ष्मी पटेल बीघापुर प्रथम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं और समाजवादी पार्टी की सेक्टर प्रभारी भी हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिक्षक की राजनीतिक गतिविधियां उनके शैक्षणिक दायित्वों को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इन आरोपों पर सफाई देते हुए शिक्षक विवेक पटेल ने कहा कि उन्होंने सेवा नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि वह संबंधित कार्यक्रम में विद्यालय समय के बाद पहुंचे थे। उनका कहना था कि जिस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित हुआ था, वहां उनकी माताजी का समाधि स्थल भी है और वह निजी समय में वहां गए थे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेंद्र पांडे ने दूरभाष पर बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में औपचारिक रूप से नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि शिकायत प्राप्त हुई है, तो उसकी जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उसी के आधार पर विभागीय नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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सैंडिस कंपाउंड में मिले पुराने पेड़ के जीवाश्म: संग्रहालय में किया संरक्षित, वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया हुई शुरू – Bhagalpur News




भागलपुर में सैंडिस कंपाउंड से दो पुराने पेड़ के जीवाश्म को जिला प्रशासन के निर्देश पर सुरक्षित भागलपुर संग्रहालय में संरक्षित कर दिया गया। जीवाश्मों का प्राथमिक संरक्षण पूरा कर लिया गया है और इनके वैज्ञानिक परीक्षण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनका अध्ययन भागलपुर और आसपास के क्षेत्र के प्राचीन प्राकृतिक इतिहास और भू-वैज्ञानिक संरचना के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करा सकता है। जानकारी के अनुसार जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी-सह-सहायक संग्रहालयाध्यक्ष अंकित रंजन को मॉर्निंग वॉक के दौरान सैंडिस कंपाउंड में दो पत्थरनुमा संरचनाएं दिखाई दीं। उनकी बनावट सामान्य पत्थरों से अलग होने पर उन्होंने संदेह के आधार पर विभिन्न कोणों से तस्वीरें लेकर उन्हें डॉ. अतुल आदित्य पाण्डेय को भेजीं। प्रारंभिक जांच में विशेषज्ञ ने इन्हें संभावित वृक्ष जीवाश्म बताया और इनके संरक्षण की सलाह दी। इसके बाद संग्रहालय एवं पुरातत्व निदेशालय और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई। परीक्षण के बाद प्रजाती और उम्र का पता चलेगा जिलाधिकारी की स्वीकृति मिलने के बाद दोनों जीवाश्मों को सावधानीपूर्वक सैंडिस कंपाउंड से हटाकर भागलपुर संग्रहालय लाया गया, जहां उनका प्राथमिक संरक्षण कर सुरक्षित संग्रह में रखा गया। संग्रहालय प्रशासन के अनुसार, इन्हें आम दर्शकों के अवलोकन के लिए भी उपलब्ध कराया जाएगा। अंकित रंजन ने बताया कि जीवाश्मों के विस्तृत वैज्ञानिक परीक्षण के लिए बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट ऑफ पेलियोसाइंसेज़ से औपचारिक अनुरोध किया गया है। परीक्षण के बाद जीवाश्मों की अनुमानित आयु, वृक्ष की प्रजाति, भूवैज्ञानिक काल और अन्य वैज्ञानिक विशेषताओं का निर्धारण किया जाएगा।
संग्रहालय प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञों की रिपोर्ट मिलने के बाद जीवाश्मों से संबंधित विस्तृत जानकारी संग्रहालय में प्रदर्शित की जाएगी, ताकि शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और आम लोगों को इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर के अध्ययन का अवसर मिल सके।



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शाजापुर में उफनता नाला पार कर स्कूल पहुंचे टीचर: ई-अटेंडेंस के लिए बारिश में जोखिम भरा सफर करने को मजबूर – shajapur (MP) News




शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया विकासखंड में भारी बारिश के कारण शिक्षकों को जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचना पड़ रहा है। एकीकृत शासकीय हाई स्कूल नौलाया के पास स्थित नाले में पानी भरने से मुख्य मार्ग जलमग्न हो गया है। शासन की ई-अटेंडेंस व्यवस्था के चलते शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचकर उपस्थिति दर्ज करनी होती है। बुधवार को स्कूल के प्राचार्य गोकुल प्रसाद कुलमिया और अन्य स्टाफ सदस्य उफनता नाला पार करते हुए विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान नाले का पानी सड़क पर आ जाता है, जिससे आवागमन बेहद खतरनाक हो जाता है। इसके बावजूद, वे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन खतरा उठाकर स्कूल आ रहे हैं। स्कूल मार्ग पर पुलिया का निर्माण की मांग स्थानीय ग्रामीण अजय ने बताया कि यह समस्या हर साल बारिश के मौसम में होती है। नाले पर सुरक्षित पुल या वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण शिक्षक, विद्यार्थी और स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल मार्ग पर शीघ्र ही पुलिया का निर्माण कराया जाए या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सकेगा और शिक्षा व्यवस्था भी सुचारु रूप से चल पाएगी।



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डोसा, वड़ा और इडली की बढ़ती डिमांड, छोटे निवेश में शुरू करें अपना कारोबार


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डोसा, वड़ा और इडली की बढ़ती डिमांड, छोटे निवेश में शुरू करें अपना कारोबार

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South Indian Food Stall Business: अगर आप कम निवेश में अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो साउथ इंडियन फूड स्टॉल एक अच्छा विकल्प हो सकता है. डोसा, इडली और वड़ा जैसे व्यंजनों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच इस बिजनेस की मांग लगातार बढ़ रही है. बोकारो के एक फूड स्टॉल संचालक के अनुसार, करीब 50 हजार रुपये की शुरुआती पूंजी से यह कारोबार शुरू किया जा सकता है. यदि स्वाद, साफ-सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान दिया जाए तो बिक्री बढ़ने के साथ अच्छी आय अर्जित की जा सकती है. हालांकि, वास्तविक कमाई स्थान, ग्राहकों की संख्या, लागत और संचालन पर निर्भर करेगी.

आज के समय में साउथ इंडियन व्यंजनों की लोकप्रियता पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है. डोसा, इडली और वड़ा जैसी डिशेज अब लगभग हर शहर में पसंद की जा रही हैं. ऐसे में अगर आप कम निवेश में अपना व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं, तो युवाओं के लिए साउथ इंडियन फूड स्टॉल एक बेहतर विकल्प बन सकता है.

फूड

बोकारो में पिछले पांच वर्षों से बजरंगी साउथ इंडियन स्टॉल का संचालन कर रहे बजरंगी ने बताया कि सही योजना और मेहनत के साथ इस व्यवसाय को करीब 50 हजार रुपये की पूंजी में शुरू किया जा सकता है.

फूड

संचालक बजरंगी के अनुसार, शुरुआती निवेश में छोटे शहर में लगभग 5 हजार रुपये दुकान का किराया या करीब 10 हजार रुपये में एक छोटी फूड गाड़ी, 10 हजार रुपये में किचन सेटअप, 10 हजार रुपये में तवा, चूल्हा और दूसरे जरूरी उपकरण, 5 हजार रुपये का शुरुआती रॉ मटेरियल, 5 हजार रुपये इंटीरियर या करीब 3 हजार रुपये में मिक्सर जैसी जरूरी चीजों की जरूरत पड़ती है.

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फूड

बजरंगी आगे बताते हैं कि शुरुआत में हर दिन करीब 2,000 से 2,500 रुपये तक का रॉ मटेरियल पर खर्च आता है, जिसमें ताजा सब्जियां, डोसा बैटर, मसाले, तेल, प्लेट और दूसरी जरूरी सामग्री शामिल हैं. आमतौर पर डोसा 50 रुपये, इडली 10 रुपये प्रति पीस और वड़ा 15 रुपये प्रति पीस के हिसाब से बेचा जाता है.

फूड

अगर हर दिन लगभग 50 प्लेट डोसा, 100 इडली और 100 वड़ा की बिक्री होती है, तो शुरुआती दौर में ही रोज 1,000 से 1,800 रुपये तक का मुनाफा आसानी से कमाया जा सकता है और हर महीने 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की कमाई की जा सकती है.

फूड

वहीं बजरंगी के अनुसार, इस व्यवसाय में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र साफ-सफाई, ताजी सब्जियों का उपयोग और स्वाद की गुणवत्ता बनाए रखना है. ग्राहक हमेशा स्वच्छ और स्वादिष्ट भोजन को प्राथमिकता देते हैं, इसलिए गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करना चाहिए. इसके अलावा ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के साथ जुड़कर बिक्री बढ़ाई जा सकती है और हर महीने अच्छी कमाई की जा सकती है.

फूड

तो अगर आपके हाथ में स्वाद है, साउथ इंडियन फूड की जानकारी और कुकिंग का शौक रखते हैं तो थोड़ी सी ट्रेनिंग से इसे पेशे में बदल सकते हैं. खाने-पीने का काम शुरू करने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक बढ़िया ऑप्शन है. या आप कारीगर तलाश लें और केवल इनवेस्टमेंट और देखरेख भी कर सकते हैं. ऐसे में कारीगर को तय सैलरी देनी होती है बाकी काम आप संभाल सकते हैं.

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गेस्ट हाउस में बदलेगा पूर्व CM केजरीवाल का बंगला: दिल्ली सरकार जल्द मंजूरी देगी, मंत्री-अधिकारी ठहरेंगे; भाजपा ने शीश महल नाम दिया था


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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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केजरीवाल 2015 से 2024 तक दिल्ली सीएम थे। इस दौरान वे 6 फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले में रहे। यही सीएम आवास था।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास रहे सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड के बंगले को राज्य सरकार स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर सरकार अंतिम फैसला लेने के करीब है।

बंगला नंबर-6 को अन्य राज्य अतिथि गृहों की तरह विकसित किया जाएगा। यहां बाहर से आने वाले मंत्री और सरकारी अधिकारी ठहरेंगे। इसके लिए शुल्क भी लिया जाएगा।

प्रस्ताव में पार्किंग, वेटिंग हॉल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी हायर लेवल से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है।

फिलहाल खाली है बंगला, देखरेख में 10 कर्मचारी लगे

सूत्रों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री का यह आवास फिलहाल खाली पड़ा है। इसके रखरखाव के लिए करीब 10 कर्मचारी तैनात हैं, जो रोजाना साफ-सफाई के साथ रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर समेत अन्य उपकरणों का रखरखाव करते हैं। केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते इस बंगले के नवीनीकरण को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। भाजपा ने इसके महंगे और आलीशान रेनोवेशन को लेकर इसे ‘शीशमहल’ नाम दिया था।

केजरीवाल जिस बंगले में रहते थे, उसकी 8 तस्वीरें…

घर में 19.5 लाख कीमत की स्मार्ट एलईडी लाइट्स लगाई गईं।

घर में 19.5 लाख कीमत की स्मार्ट एलईडी लाइट्स लगाई गईं।

घर में डेकोरेशन के लिए महंगे झूमर लगाए गए।

घर में डेकोरेशन के लिए महंगे झूमर लगाए गए।

घर में इम्पोर्टेड सामान रखा गया।

घर में इम्पोर्टेड सामान रखा गया।

काले रंग की मसाज कुर्सियों की कीमत 4 लाख रुपए है।

काले रंग की मसाज कुर्सियों की कीमत 4 लाख रुपए है।

जिम और स्पा के इक्विपमेंट में करीब 35 लाख रुपए खर्च किए गए।

जिम और स्पा के इक्विपमेंट में करीब 35 लाख रुपए खर्च किए गए।

CM आवास में स्पा के लिए अलग से कमरा बनाया गया।

CM आवास में स्पा के लिए अलग से कमरा बनाया गया।

मकान में 1.9 करोड़ रुपए कीमत से मार्बल ग्रेनाइट लगाया गया।

मकान में 1.9 करोड़ रुपए कीमत से मार्बल ग्रेनाइट लगाया गया।

बाथरूम में काफी महंगा जकूजी (बाथटब) लगाया गया है।

बाथरूम में काफी महंगा जकूजी (बाथटब) लगाया गया है।

CAG की रिपोर्ट- बंगले में 18.88 करोड़ रुपए का महंगा इंटीरियर

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ कि रिनोवेशन पर तय अनुमान से करीब 342% ज्यादा खर्च किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में इस काम की अनुमानित लागत करीब 7.91 करोड़ रुपए थी, लेकिन अंतिम खर्च बढ़कर 33.66 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसमें से लगभग 18.88 करोड़ रुपए महंगे इंटीरियर, सजावटी और एंटीक सामान पर खर्च किए गए।

2022 से चल रही केजरीवाल के बंगले पर खर्च की जांच

2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल वीके सक्सेना के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग ने बंगले के रेनोवेशन अनियमितताओं और लागत बढ़ने के आरोपों की जांच शुरू की थी। फिलहाल इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। यह जांच तत्कालीन विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें रेनोवेशन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

खबरें और भी हैं…



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लॉरेंस-गोल्डी गैंग पर FBI का पहली बार बड़ा एक्शन: अमेरिका-कनाडा समेत कई देशों में 50 जगह रेड, 24 अरेस्ट, ड्रग-आर्म्स बरामद – Jalandhar News




अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पहली बार गैंगस्टर लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया पर बड़ा एक्शन लिया है। मंगलवार को अमेरिका, कनाडा और यूरोप में संयुक्त एक्शन के दौरान भारत से जुड़े गैंगस्टर्स के 24 साथियों को गिरफ्तार किया गया। जबकि 37 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ को खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड का आरोपी बनाया गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर साजिश रची थी। आरोपियों में रोहित गोदारा और अन्य सहयोगियों के नाम भी शामिल है। दोषी पाए जाने पर सभी को 10-10 साल की जेल हो सकती है। आरोप पत्र में बताया गया कि लॉरेंस भारत में जेल में रहते हुए भी अपने नेटवर्क को चलाता है और उसके सहयोगी भारत अमेरिका, कनाडा तथा यूरोप में टारगेट किलिंग और ड्रग तस्करी को अंजाम देते हैं। यूएस फेडरल सरकार के अधिकारियों ने कहा कि वो जल्द ही भारतीय सरकार से लॉरेंस बिश्नोई, जग्गू भगवानपुरिया और इनकी मदद कर रहे एक्टिव पुलिस चीफ पुंदरप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण की मांग करेंगे। इसके अलावा एफबीआई ने गोल्डी बराड़ पर 50 हजार डॉलर का इनाम घोषित किया है। FBI ने और क्या खुलासे किए…. 50 जगह रेड, ड्रग्स-हथियार सीज अमेरिकी फेडरल अथॉरिटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अहम खुलासे किए। बताया कि वे इंडिया बेस्ड ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप के खिलाफ कई सालों से इंटरकॉन्टिनेंटल जांच कर रहे थे। इसके तहत उन्होंने 2 दर्जन से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां यूएस, कनाडा और यूरोप में हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ 50 जगह रेड की गई, जिसके बाद हजार किलो नारकोटिक्स ड्रग्स और दर्जनों हथियार सीज किए गए हैं। गैंगस्टर लॉरेंस जेल से चला रहा गैंग यूएस फेडरल सरकार और लॉस एंजेल्स के डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी जनरल के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस पूरे इंडियन बेस्ड क्रिमिनल ऑर्गेनाइजेशन नेटवर्क को इंडिया की जेल में बैठा गैंगस्टर लॉरेंस हेड कर रहा है। नॉर्थ अमेरिका में इसके ऑपरेशन गोल्डी बराड़ लीड कर रहा था और यूरोप में सारा काम रोहित गोदारा द्वारा संभाला जा रहा था। माना जाता है कि इन तीनों गैंग लीडरों के बीच अब फूट पड़ गई है और ये एक-दूसरे के विरोधी बन चुके हैं, लेकिन यूएस अथॉरिटीज का कहना है कि ये तीनों अब तक मिलकर काम करते आए हैं। जग्गू भगवानपुरिया टारगेट किलिंग-ड्रग स्मगलिंग करता यूएस अथॉरिटीज ने आरोप पत्र में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का भी नाम भी जोड़ा है। बताया कि उसका गैंग भी नशा तस्करी और ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल है। ये सभी मिलकर पूरे नॉर्थ अमेरिका और यूरोप में सिख समुदाय से वसूली, टारगेट किलिंग और ड्रग स्मगलिंग करते थे। जांच एजेंसियों ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इसमें भारत के भ्रष्ट पुलिस अफसरों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने बताया कि पंजाब के एक एक्टिव पुलिस चीफ जिसकी पहचान हुंदरप्रीत सिंह के रूप में हुई, उसका इस्तेमाल करके कैलिफोर्निया स्थित एक व्यक्ति से 4 लाख यूएस डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। उसका परिवार पंजाब में है और उसे धमकी दी गई थी कि पैसे न देने पर उसके परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत एक्शन कनाडा की आरसीएमपी (RCMP) के चीफ ने भी बयान जारी कर बताया कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत की गई है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय क्राइम नेटवर्क को खत्म किया जा सके। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि यूएस फेडरल सरकार की इस आधिकारिक मांग पर भारत सरकार का क्या रुख रहता है।



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पेट्रोल-डीजल सस्‍ता होने की उम्‍मीदों को झटका, एक झटके में 4% महंगा हुआ क्रूड


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Crude Oil Price :अमेरिकी हमलों के बाद अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा बाजार में जबरदस्‍त हलचल है. आज ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में तो चार फीसदी तक उछल गया.

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आज कच्‍चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया है.

नई दिल्‍ली. अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए नए सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आय है. होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हुए हालिया हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है. ईरान के तेल पर अमेरिका ने पहले दी छूट वापस लेते हुए फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. इस ताजा घटनाक्रम से भारत में पेट्रोल और डीजल के रेट में कटौती होने की संभावनाओं को झटका लगा है.

अमेरिकी हमलों के बाद अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा बाजार में जबरदस्‍त हलचल है. आज ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में तो चार फीसदी तक उछल गया. इसके बाद इसमें थोड़ी नरमी आई और यह 2.81 फीसदी तेज होकर 74.22 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने लगा. इसी तरह अमेरिकी ब्रेंचमार्क डब्‍ल्‍यूटीआई भी 2.91 फीसदी चढकर 72.49 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

अमेरिका ने दी थी चेतावनी

होर्मुज में तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. इसके बाद ही तनाव बढ़ गया और आज अमेरिका ने हमला बोल दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों को देखते हुए अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है.

120 डॉलर तक पहुंच गया था भाव

अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत में कच्चे तेल के दाम लगभग $73 प्रति बैरल थे, जो उछलकर $120 तक पहुंच गए थे. शांति समझौते के बाद स्थिति सामान्य होने पर दाम वापस गिरकर सामान्य स्तर पर आ गए थे.



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1700 भवनों को वैध करेगा एलडीए,: जिला पंचायत से पास नक्शों वाले मालिकों को नोटिस – Lucknow News




लखनऊ। जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शों के आधार पर बने भवनों को वैध करने की प्रक्रिया लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शुरू कर दी है। पहले चरण में ऐसे करीब 1700 भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। ये वे भवन हैं, जिनके नक्शे जिला पंचायत से पास थे, लेकिन एलडीए सीमा विस्तार के बाद तकनीकी रूप से अवैध की श्रेणी में आ गए थे। एलडीए ने सभी भवनों की जोनवार सूची तैयार कर ली है। नियमितीकरण अभियान की शुरुआत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से होगी। इसके बाद आवासीय भवनों के नक्शों को वैध किया जाएगा। भवन स्वामियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत एलडीए में आवेदन करना होगा। कैबिनेट के फैसले के बाद मिली राहत जिला पंचायत और एलडीए के अलग-अलग नियमों के कारण वर्षों से हजारों भवनों पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ था। उत्तर प्रदेश कैबिनेट के नीतिगत फैसले के बाद अब एलडीए ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे बड़ी संख्या में भवन स्वामियों को राहत मिलने के साथ प्राधिकरण के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भारी शमन शुल्क से मिलेगी राहत जिला पंचायत के नियमों के तहत बने भवनों के मालिकों को एलडीए में नियमितीकरण के दौरान भारी शमन शुल्क या पेनाल्टी नहीं देनी होगी। यदि किसी भवन का निर्माण मास्टर प्लान के भूमि उपयोग के विपरीत है तो उसे सीधे खारिज करने के बजाय निर्धारित शुल्क लेकर कंपाउंड करने का प्रावधान रखा गया है। ये दस्तावेज होंगे जरूरी भवन स्वामी को जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शे और स्वीकृति पत्र की प्रति, जमा शुल्क का विवरण, भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज तथा वर्तमान स्थिति के अनुसार तैयार भवन का नक्शा एलडीए में जमा करना होगा। 477 गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ इस फैसले का सबसे अधिक फायदा एलडीए के विस्तारित क्षेत्र के 477 गांवों को मिलेगा। सरोजनीनगर, मलिहाबाद, काकोरी, बीकेटी, गोसाईंगंज और मोहनलालगंज क्षेत्र में बने हजारों मकान, अपार्टमेंट, कॉलेज और व्यावसायिक भवन नियमितीकरण के दायरे में आएंगे। नक्शा वैध होने के बाद भवन मालिकों को बैंक लोन, रजिस्ट्री, बिजली-पानी के स्थायी कनेक्शन और ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई से राहत मिल सकेगी।



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मुंबई एयरपोर्ट में रनवे पर आमने-सामने आए प्लेन: एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद खड़ा था, एअर इंडिया प्लेन ने टेक-ऑफ रन शुरू कर दिया


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मुंबई2 घंटे पहले

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मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार रात को हादसा टल गया। एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। घटना रात 10 बजे की बताई गई है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, एअर इंडिया के विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश पर टेक-ऑफ रन रोक दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से हटा नहीं था, तभी दिल्ली जाने वाला एयर इंडिया का विमान उसी रनवे से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था।

एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि सिलिगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट रनवे खाली कर ही रही थी। जबकि दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI816 के क्रू ने ATC के निर्देश मिलते ही टेकऑफ रन तुरंत रोक दिया और विमान को वापस पार्किंग एरिया में ले जाया गया।

एयरलाइन के मुताबिक, विमान की स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर के तहत जांच की जाएगी। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

आम तौर पर, टेक-ऑफ रन का मतलब है टेक-ऑफ की रफ्तार पकड़ने से पहले विमान का जमीन पर दौड़ना।

यात्रियों की संख्या का खुलासा नहीं

फिलहाल दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन में लाया जाएगा।

मुंबई देश का दूसरा सबसे बिजी एयरपोर्ट, यहं एयर ट्रैफिक संभालना चुनौती

मुंबई एयरपोर्ट का पूरा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। यह दिल्ली के बाद देश का दूसरा सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। साथ ही दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे ऑपरेशन वाले एयरपोर्ट्स में शामिल है।

सामान्य दिनों में यहां 950 से ज्यादा टेक-ऑफ और लैंडिंग होती हैं। व्यस्त दिनों में यह संख्या 1,000 से भी अधिक पहुंच जाती है। 21 नवंबर 2025 को मुंबई एयरपोर्ट ने 24 घंटे में 1,036 विमान गतिविधियों का रिकॉर्ड बनाया था।

एयरपोर्ट पर दो रनवे (09/27 और 14/32) हैं, लेकिन वे एक-दूसरे को काटते हैं। इसलिए दोनों रनवे पर एक साथ सामान्य संचालन नहीं किया जा सकता। प्रैक्टिकली एयरपोर्ट एक समय में एक ही रनवे की तरह काम करता है।

मुंबई एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) कैसे काम करता है….

हर विमान की टेक-ऑफ और लैंडिंग का समय सेकंडों के अंतर से तय किया जाता है। ATC रनवे, टैक्सीवे और हवा की दिशा पर लगातार नजर रखता है। किसी भी खतरे की स्थिति में टेक-ऑफ रोकने या विमान को दोबारा चक्कर यानी गो-अराउंड का निर्देश दिया जा सकता है।

पिछले महीने अहमदाबाद में हुई थी ऐसी ही घटना

इससे पहले जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी ऐसी ही घटना हुई थी, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे (रनवे का एक हिस्सा) पर आमने-सामने आ गए थे हालांकि दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया था।

दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एअर इंडिया विमान को टो करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इसके बाद इंडिगो विमान रनवे पर पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…



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मुंबई एयरपोर्ट में रनवे पर आमने-सामने आए प्लेन: एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद खड़ा था, एअर इंडिया प्लेन ने टेक-ऑफ रन शुरू कर दिया


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मुंबई5 मिनट पहले

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मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार रात को हादसा टल गया। एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। यह घटना रात करीब 10 बजे हुई। एअर इंडिया के विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश पर टेक-ऑफ रोक दी, जिससे एक संभावित हादसा टल गया।

सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से हटा नहीं था, तभी दिल्ली जाने वाला एयर इंडिया का विमान उसी रनवे से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश के बाद टेक-ऑफ रोक दिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सिलिगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट रनवे खाली कर ही रही थी, तभी दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट उसी रनवे से टेकऑफ की तैयारी में थी।

ATC के निर्देश पर रोका टेक-ऑफ रन

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI816 के क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश मिलते ही टेकऑफ रन तत्काल रोक दिया और विमान को वापस बे (पार्किंग एरिया) में ले जाया गया।

एयरलाइन के मुताबिक, विमान की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत जांच की जाएगी। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

आम तौर पर, टेक-ऑफ रन का मतलब है टेक-ऑफ की रफ्तार पकड़ने से पहले विमान का जमीन पर दौड़ना।

यात्रियों की संख्या का खुलासा नहीं

फिलहाल दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन में लाया जाएगा।

पिछले महीने अहमदाबाद में हुई थी ऐसी ही घटना

इससे पहले जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी ऐसी ही घटना हुई थी, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे (रनवे का एक हिस्सा) पर आमने-सामने आ गए थे हालांकि दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया था।

दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एअर इंडिया विमान को टो करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इसके बाद इंडिगो विमान रनवे पर पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…

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