Saturday, September 5, 2026
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मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस लाइन में DM-SSP ने मनाया कृष्ण जन्मोत्सव: परिवारों संग हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम, मथुरा-उत्तराखंड दर्शन की झांकियां बनीं खास आकर्षण – Muzaffarnagar News


वरुण कुमार शर्मा | मुजफ्फरनगर3 मिनट पहले

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मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस लाइन स्थित मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का जन्मोत्सव शुक्रवार रात धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर पूरा पुलिस लाइन परिसर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों, भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कृष्णमय हो गया।

4 और 5 सितंबर की आधी रात को हुए इस कार्यक्रम में DM उमेश मिश्रा और SSP संजय कुमार वर्मा ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के साथ भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।

पुलिस लाइन के मंदिर को बिजली की आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया था। SSP संजय कुमार वर्मा और उनकी पत्नी डॉ. नीलम राय वर्मा समेत कई पुलिस अधिकारियों और उनके परिवारों ने पूजा-अर्चना कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में बने मंच पर पुलिस परिवार के बच्चों और कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण से जुड़े धार्मिक प्रसंगों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की इन मनमोहक प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का मन मोह लिया।

इस दौरान मथुरा दर्शन और उत्तराखंड दर्शन पर आधारित भव्य झांकियां भी खास आकर्षण रहीं। इन झांकियों में धार्मिक और पर्यटन स्थलों को खूबसूरती से दिखाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर परिसर जयकारों और भजनों से गूंजता रहा। पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने पूरे उत्साह से कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

इस मौके पर DM उमेश मिश्रा और SSP संजय कुमार वर्मा ने पुलिसकर्मियों, उनके परिवारों और जिले के लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के सुख-समृद्धि की कामना भी की।

कार्यक्रम में SP सिटी अमृत जैन, SP देहात अक्षय संजय महाडीक, SP क्राइम इंदु सिद्धार्थ, SP ट्रैफिक अतुल कुमार चौबे सहित अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवार शामिल रहे।



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सवा लाख पोस्टर-बैनर हटाए, फिर भी नहीं मान रहे प्रत्याशी: प्रचार सामग्री का खर्च खाते में जुड़ेगा, सीमा पार हुई तो अगला चुनाव लड़ना मुश्किल – Rajasthan News




निकाय चुनाव में सार्वजनिक स्थलों पर लगे पोस्टर बैनर नहीं हटाना प्रत्याशियों को भारी पड़ सकता है। आयोग इनका खर्च प्रत्याशी के कुल चुनावी खर्च में जोड़ेगा। चुनावी सीमा में खर्चा अधिक होने पर प्रत्याशी को अगले चुनाव से बैन भी किया जा सकेगा। वहीं सड़क, गलियों, चौराहों और सरकारी भवनों गंदा करने के जुर्म में प्रत्याशी के खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा। प्रदेश भर में एक सितंबर तक सवा लाख से ज्यादा बैनर पोस्टरों को हटाया जा चुका है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब तक सवा लाख से ज्यादा बैनर पोस्टर हटाए दरअसल, प्रदेश में 19 अगस्त को चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई थी। आयोग के निर्देश पर अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर हटाने का अभियान शुरू हो गया था। लेकिन बार-बार निर्देशों के बावजूद कई प्रत्याशी/राजनीतिक दल सार्वजनिक स्थलों जैसे- सड़कों, गलियों, चौराहों तथा सरकारी भवनों पर प्रचार सामग्री लगा रहे हैं। आयोग के अनुसार ये आदर्श आचार संहिता और राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 का उल्लंघन है। अब तक आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी सवा लाख से अधिक पोस्टर बैनर और होर्डिंग हटा चुके हैं। अब जानिए प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की लिमिट क्या है? राज्य निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए इस बार चुनावी खर्च सीमा को बढ़ाई है। इस बार नगर निगम व नगर परिषद के लिए एक-एक लाख और नगरपालिका के लिए 50 हजार रुपए खर्च ज्यादा कर पाएंगे। प्रत्याशियों को नोटिस जारी होगा आयोग ने व्यय पर्यवेक्षकों और कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उन्हें सख्त चेतावनी दी जाए। जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, व्यय पर्यवेक्षक और नगर निगम अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए अवैध रूप से लगी सभी प्रचार सामग्री को तुरंत हटाया जाए। बिजली के खंभों, सरकारी दीवारों, सड़कों और चौराहों पर किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार का प्रचार प्रसार पूर्णतः वर्जित होता है। बिना मालिक की लिखित अनुमति के निजी मकानों या दीवारों पर पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है। एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल का कहना है- राजस्थान संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 2006 की धारा 3 के अनुसार सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को बिना अनुमति पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स या दीवार कुरूप करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। पहली बार 5000 रुपए तक का जुर्माना और एक माह की जेल हो सकती है। गलती दोहराने पर सजा बढ़ने का प्रावधान भी है। यानी जुर्माना 10 हजार रुपए तक लग सकता है। 38 हजार 891 प्रत्याशी चुनावी मैदान में प्रदेश के 41 जिलों के 10 हजार 245 वार्डों में अब कुल 38 हजार 891 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। स्क्रूटनी के दौरान 17 हजार 137 नामांकन पत्र तकनीकी खामियों के चलते खारिज कर दिए गए। वहीं, 10 हजार 112 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिए। पिछली बार 196 निकायों में करीब 27 हजार प्रत्याशी थे। इस बार अबतक 77 उम्मीदवार निर्विरोध पार्षद चुने जा चुके हैं।



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आज टीचर्स डे पर बैंक खुले हैं या बंद? SBI, HDFC और ICICI का स्टेटस कर लें चेक


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Bank Holiday : आज टीचर्स डे है और शनिवार भी. शिक्षक दिवस के कारण बहुत से लोग मान रहे हैं कि आज बैंकों में अवकाश रहेगा. क्‍या आज वाकई बैंक बंद हैं, जानिए

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महीने के पहले शनिवार को बैंकों में छुट्टी नहीं होती है.

नई दिल्‍ली. देशभर में आज पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के सम्मान में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है. स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम होंगे. लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि आज बैंकों की भी छुट्टी है तो आप गलत हैं. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक, HDFC और ICICI बैंक समेत देश के सभी सरकारी व निजी बैंक आज खुलेंगे.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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सीमेंट प्लांट पर 11 घंटे प्रदर्शन,5 लाख पर बनी सहमति: मैहर में गेट पर अंतिम संस्कार की तैयारी में थे परिजन; देर रात मौके से हटे – Maihar News




मैहर में सीमेंट प्लांट कर्मचारी संजय पटेल की सड़क हादसे में मौत के बाद शुक्रवार को प्लांट के मुख्य गेट पर परिजनों ने करीब 11 घंटे प्रदर्शन किया। परिजन शव को गेट के सामने रखकर आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। देर शाम मामला तब तनावपूर्ण हो गया, जब उन्होंने गेट के सामने अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए लकड़ियां जमा करना शुरू कर दिया। देर रात प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत के बाद 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पर सहमति बनी। कंपनी ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक दिया, जिसके बाद रात करीब 11:30 बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। ड्यूटी जाते समय बोलेरो ने बाइक को मारी टक्कर संजय पटेल (35) रगौली, उचेहरा, जिला सतना के रहने वाले थे। गुरुवार रात करीब 10 बजे वे घर से सीमेंट प्लांट में ड्यूटी के लिए बाइक से निकले थे। कटिया कला के पास एक बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मैहर अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सतना रेफर किया गया। देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोपहर 12 बजे शव लेकर प्लांट पहुंचे परिजन संजय की मौत की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे परिजन और अन्य लोग शव लेकर सीमेंट प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंचे। शव गेट के सामने रखकर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि कंपनी की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेत्री डॉ. रश्मि सिंह ने किया। स्थिति को देखते हुए प्लांट गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया। अंतिम संस्कार के लिए गेट पर लकड़ियां रखीं प्रदर्शन कई घंटे तक चलता रहा। शाम तक मांग पूरी नहीं होने पर परिजन गेट के सामने ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए। उन्होंने वहां लकड़ियां जमा कर दीं। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। बातचीत के बाद 5 लाख की मदद पर बनी सहमति देर रात सीएसपी महेंद्र सिंह और एसडीएम दिव्या पटेल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन और परिजनों से बातचीत की। काफी देर की चर्चा के बाद कंपनी की ओर से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया और शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए।



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‘बच्चे को जन्म दूंगी, फिर हैदराबाद जाकर पति को बचाऊंगी’: गिरफ्तारी पर पत्नी बोली- हत्या-दुष्कर्म में फंसाया, गर्भवती का दावा; पति 3 महीने से गांव में थे – Begusarai News




‘हैदराबाद पुलिस कहती है कि 3 महीने से मेरे पति नर्स की रेकी कर रहे थे, पर वे इन 3 महीनों में हैदराबाद में नहीं थे। दिसंबर 2025 में वो बीमार हो गए थे। इसके बाद गांव आ गए थे और समस्तीपुर के खानपुर में ऑपरेशन हुआ। 7 जुलाई को हैदराबाद गए थे। मैं 9 महीने की गर्भवती हूं। हैदराबाद में मेरे पति सनाउल्लाह को नर्स से रेप-हत्या मामले में फंसाया गया है। उनको जेल भेज दिया गया है। मैं क्या करूं, मैं प्रेग्नेंट हूं। उतनी दूर अभी नहीं जा सकती हूं। इसी महीने में डिलीवरी होनी है। इसके बाद मैं हैदराबाद जाऊंगी। पति के लिए जो करना होगा, वो मैं करूंगी।’ ये बातें नसीमा खातून ने कही हैं। जिनके पति सनाउल्लाह (34) को हैदराबाद में पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था, हालांकि अभी कोर्ट में ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है। सनाउल्लाह रेप-मर्डर केस में कब और कैसे जुड़ा, पत्नी ने क्या दावा किया, परिवार को कैसे पता चला कि सनाउल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पढ़ें रिपोर्ट… जानिए पत्नी-बहन और परिवार के लोगों ने क्या कहा…. गैराज के मालिक ने फोन कर परिजन को गिरफ्तारी की जानकारी दी सनाउल्लाह की पत्नी ने बताया कि 2022 में हमारी शादी हुई। 2 साल का बेटा सुल्तान है। दूसरा बच्चा पेट में है। पति हैदराबाद में एक गैराज में काम करते हैं। पहले वे गांव में ही ड्राइवरी करते थे, लेकिन पिछले 3 साल से हैदराबाद में काम कर रहे हैं। इस बीच मैं दोबारा गर्भवती हुई। मुझे बहुत समझा-बुझाकर वे हैदराबाद गए थे। कहा था कि जा रहा हूं, खूब कमाऊंगा, अपने बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण करूंगा। हमारी रोज बात होती थी। 28 अगस्त को भी रात 12:00 बजे तक हमारी लंबी बातें हुई, उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 29 अगस्त को जिसके यहां वे काम करते थे, उसी सेठ ने फोन करके बताया कि तुम्हारे पति को एक नर्स के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पुलिस पकड़ कर ले गई है। कभी किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ- बहन बहन इशरत खातून ने बताया कि 4 भाइयों में सनाउल्लाह तीसरे नंबर पर है। 34 साल का हो गया, लेकिन आज तक हमने उसकी कभी कोई शिकायत नहीं सुनी। बचपन से हमने पाल-पोसकर बड़ा किया। उसकी शादी भी हमने कराई। बहुत मिलनसार लड़का, हमेशा हंसते-बोलते रहता था। 3 साल से वह हैदराबाद में काम करता था। 4-5 महीना वहां रहता था। फिर गांव आ जाता था और कुछ दिन हम सब के साथ रहता था। नवंबर में हैदराबाद गया और दिसंबर 2025 में तबीयत खराब होने पर गांव आ गया। यहां ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से घर पर ही रह रहा था। जिस सेठ के गैराज में काम करता था। वह बराबर फोन करके बुलाता था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण वह वहां जा नहीं रहा था। पुलिस ने हमें गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी- चाचा सनाउल्लाह के चाचा मोहम्मद शाहजहां ने बताया कि भतीजे के साथ बहुत गलत हुआ है। मेरे समझ से भतीजा निर्दोष है। गांव में उसका कभी किसी से कोई झगड़ा-झंझट तक नहीं हो रहा था। उसे जरूर फंसाया गया है। पुलिस ने भी सूचना नहीं दी। पुलिस ने अगर पकड़ा तो फोन करना चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए वार्ड प्रतिनिधि जफीर अंसारी ने बताया 3 सितंबर को खबर देखकर हमें जानकारी मिली। परिजनों से पूछा तो जानकारी मिली कि पकड़ा गया है। हैदराबाद के लोकल न्यूज में पिता का नाम हैदर बताया जा रहा है, जबकि सनाउल्लाह के पिता का नाम हैदर नहीं मरहुम कमरुद्दीन है। महिला के साथ जो घटना हुई उसकी हम निंदा करते हैं, ऐसा नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह खिड़की तोड़कर अंदर गया होगा तो उसका फिंगर प्रिंट होगा, उसकी जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह उस घटना में दोषी है तो उसे फांसी की सजा होनी चाहिए, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिलता है तो उसे छोड़ देना चाहिए। परदेश से 2 महीना के लिए भी गांव आता था तो यहां टोटो चलाता था, मजदूरी करता था। उसे फंसाया गया है। मामले की जांच होनी चाहिए। तेलंगाना की सरकार इसकी जांच कराए। कमरे में नर्स की लाश मिली थी श्मशाबाद (हैदराबाद) जोन के डीसीपी बी राजेश के अनुसार सनाउल्लाह पोर्नोग्राफी देखने का आदी था। वो मृतका के कमरे के ठीक पीछे स्थित एक बाइक गैराज में काम करता था। 28 की रात जब नर्स अपने कमरे में सो रही थी। तभी आरोपी खिड़की के रास्ते उसके कमरे में घुस आया। नर्स ने विरोध किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। 29 अगस्त को नर्स जब हॉस्पिटल नहीं पहुंची तो अस्पताल से उसे फोन किया गया। फोन रिसीव नहीं किया तो नर्स की सहेली कमरे में देखने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, फिर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर नर्स मृत पाई गई थी। इस मामले में डीसीपी का कहना है कि सनाउल्लाह पिछले 3 महीने से नर्स की रेकी कर रहा था और अस्पताल से घर लौटने के बाद उस दिन घटना को अंजाम दिया। मोबाइल टावर डेटा और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।



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दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के सैन्य अड्डे में जोरदार धमाका: 10 से ज्यादा लोगों की मौत, 58 घायल; पटाखे रखने वाली जगह में हुआ विस्फोट




दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के पश्चिमी शहर वियाचा में शुक्रवार को एक सैन्य अड्डे पर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 58 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 10 से 15 के बीच हो सकती है। बोलीविया के रक्षा मंत्री अर्नेस्टो जस्टिनियानो ने बताया कि घायलों में ज्यादातर 52 आम नागरिक हैं, जबकि बाकी सैन्यकर्मी हैं। रक्षा मंत्री के मुताबिक, विस्फोट स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 2:30 बजे उस जगह हुआ, जहां पटाखे रखे गए थे। हादसे के बाद बचाव दल घायलों का इलाज करने के साथ उनके परिवारों की मदद में जुट गए। अधिकारियों ने विस्फोट की वजह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। वियाचा की आबादी करीब 1 लाख है। यह शहर बोलीविया की प्रशासनिक राजधानी ला पाज से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। विस्फोट से जुड़ी तस्वीरें… खबर लगातार अपडेट हो रही है…



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आज नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित होंगे 48 शिक्षक: यूपी से 3, MP-राजस्थान, बिहार से दो-दो; 700 वीडियो से मैथ्स सिखाने वाले महाराष्ट्र के टीचर भी शामिल


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नई दिल्ली3 घंटे पहले

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यह तस्वीर 2025 की है, जब पीएम मोदी ने टीचर्स अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से मुलाकात की थी।

5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी।

इन टीचर्स में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।

इनमें 26 पुरुष और 22 महिला टीचर हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार और एमपी से दो-दो टीचर्स चुने गए हैं।

इन्हीं टीचर्स में लातूर के नवोदय विद्यालय में गणित के टीचर वैभव वसंतराव कुलकर्णी को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए चुना गया है।

कुलकर्णी को तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने गणित के कॉन्सेप्ट समझने में मदद करने के लिए पढ़ाने के नए तरीके और कम लागत वाले लर्निंग एड्स विकसित किए हैं।

27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से टीचर्स चुने गए

जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन

मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया।

1958 में शुरू हुआ था यह अवॉर्ड

नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना था। यह अवॉर्ड किन टीचर्स को दिया जाता है-

  • शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में उल्लेखनीय काम किया हो।
  • अपने प्रयासों से छात्रों के सीखने और विकास में योगदान दिया हो।
  • पढ़ाई में नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल किया हो।
  • अपने काम से दूसरे शिक्षकों के लिए उदाहरण और प्रेरणा पेश की हो।

पीएम चयनित टीचर्स से बातचीत करते हैं, पिछली 2 मुलाकातें

साल 2024: मोदी तमिलनाडु टीचर से बोले- सभी को भ्रम है, वहां सब इंग्लिश जानते हैं

पीएम मोदी ने 2024 में नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विनर्स से मुलाकात की थी। तब 82 शिक्षकों को यह अवॉर्ड दिया गया था। इस दौरान तमिलनाडु से आई एक टीचर ने बताया कि, उनके इलाके में कई लोग लोकल लैंग्वेज में पढ़ना चाहते हैं। इस पर पीएम ने कहा- हमारे बीच तो यही भ्रम है कि तमिलनाडु में सब इंग्लिश जानते होंगे। इसीलिए नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा पर जोर दिया गया है।

साल 2025: मोदी बोले-कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लेती थी

पीएम मोदी ने पिछले साल टीचर्स डे से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। मोदी ने करीब 35 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा की।



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गोरखपुर RPF ने मनाया कृष्ण जन्माष्टमी, लगाए जायकारे: झांकियों में दिखा कान्हा का बाल रूप; लोग खुब बनाए VIDEO – Gorakhpur News




गोरखपुर के रेलवे सुरक्षा बल बैरक परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के मौके पर पूरा आरपीएफ परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भक्ति गीतों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत आरपीएफ के आईजी सत्यप्रकाश ने फीता काटकर की। इसके बाद पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हुआ। अधिकारियों और जवानों ने मिलकर भजन गाए और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। भक्ति गीतों की गूंज से पूरा परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा। कृष्ण के जन्म से बालकांड तक की झलक जन्माष्टमी के लिए आरपीएफ बैरक में विशेष सजावट की गई थी। सजावट में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल रूप से जुड़ी घटनाओं की झलक दिखाई गई। अलग-अलग झांकियों के जरिए कृष्ण के बाल जीवन को दर्शाया गया था। इन झांकियों को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंचे। सजावट और झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोग अपने मोबाइल फोन से इन खूबसूरत पलों और झांकियों की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। जवानों के साथ आसपास के लोग भी हुए शामिल जन्माष्टमी के आयोजन में आरपीएफ के जवानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अधिकारियों ने भी जवानों के साथ भजन-कीर्तन किया। कार्यक्रम को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इससे बैरक परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद बांटा गया प्रसाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन्म के बाद भगवान की आरती हुई और मौजूद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। पूरा परिसर भक्ति और उत्साह से गूंज उठा। दो दिन से चल रही थी तैयारी आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी कार्यक्रम की तैयारी दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थी। सजावट, झांकियों और पूजा की व्यवस्था को लेकर जवान लगातार तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी आरपीएफ की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया।



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न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ी: सुप्रीम कोर्ट ने 60 से 62 साल करने का दिया आदेश, MP समेत 7 राज्य शामिल – Bhopal News




सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने का आदेश दिया है। यह आदेश मध्यप्रदेश समेत सात राज्यों में लागू होगा। राज्यों को जल्द से जल्द, संभव हो तो दो महीने के भीतर सेवा नियमों में बदलाव करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में बदलाव होने तक 60 साल की उम्र पूरी करने वाला कोई न्यायिक अधिकारी रिटायर नहीं होगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित हाई कोर्ट की ओर से अधिकारी को सेवा के लिए उपयुक्त पाया जाना जरूरी होगा। आदेश का लाभ पहले रिटायर हो चुके न्यायिक अधिकारियों को भी मिलेगा। 31 मार्च 2026 या उसके बाद रिटायर हुए न्यायिक अधिकारी दोबारा सेवा में आने का विकल्प चुन सकेंगे। इसके लिए जरूरी होगा कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद कोई दूसरी नौकरी न ली हो। 60 साल की उम्र पूरी होने पर संबंधित हाई कोर्ट उनके कामकाज, योग्यता और प्रदर्शन का आकलन करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सेवा में बनाए रखने से न्यायपालिका में खाली पदों के कारण पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी।



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सलूम्बर में कृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनी: राधा-कृष्ण की झांकियों ने मन मोहा, बच्चों ने दी आकर्षक प्रस्तुतियां; मटकी फोड़ में दिखा उत्साह – Salumber News




सलूम्बर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई गई। शहर के मंदिरों, विद्यालयों और कार्यक्रम स्थलों पर दिनभर भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे। जगह-जगह आकर्षक झांकियां सजाई गईं। नन्हे बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में नजर आए, वहीं मटकी फोड़ सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया। जन्माष्टमी के अवसर पर विधिनिकेतन स्कूल में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छोटे बच्चे राधा-कृष्ण की सुंदर वेशभूषा में पहुंचे। बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित मनमोहक दृश्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। राधा-कृष्ण के रूप में सजे मासूम बच्चे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे। इसके बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। मटकी फूटते ही स्कूल परिसर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। बच्चों की प्रस्तुतियों ने अभिभावकों और मौजूद लोगों का मन मोह लिया। रावली पोल में सजा बाबा श्याम का दरबार सलूम्बर के रावली पोल प्रांगण में विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर बड़ा सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। रावली पोल प्रांगण में बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद हुए नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों और बच्चों ने प्रस्तुतियां देकर खूब तालियां बटोरीं। राधा-कृष्ण बने बच्चों ने फोड़ी मटकी कार्यक्रम में बच्चों के लिए खास मटकी फोड़ प्रतियोगिता रखी गई। राधा-कृष्ण की वेशभूषा में पहुंचे छोटे बच्चों ने मटकी फोड़ने के लिए पूरे जोश के साथ प्रयास किया। बच्चों की मासूम अदाओं और उत्साह ने कार्यक्रम की रौनक बढ़ा दी। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिरों, विद्यालयों और कार्यक्रम स्थलों पर देर तक ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारे गूंजते रहे।



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