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Sridevi Lata Mangeshkar Songs : स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर ने 90 के दशक में काजोल और माधुरी दीक्षित के लिए सुपरहिट गाने गाए. ये यादगान सॉन्ग उन्होंने ‘डीडीएलजे’, ‘हम आपके हैं कौन’ और ‘दिल तो पागल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में गाए थे. स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने 80-90 के दशक में एक और एक्ट्रेस की फिल्मों में अपनी आवाज दी. ये एक्ट्रेस कोई और नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की पहली लेडी सुपर स्टार श्रीदेवी हैं. श्री देवी की हिंदी में पहली हिट फिल्म का गाना भी लता दीदी ने ही गाया था. सच कहा जाए तो श्रीदेवी की पॉप्युलैरिटी में उन पर फिल्माए गए सुपरहिट गानों का बहुत बड़ हाथ है. श्रीदेवी के ज्यादातार सुपरहिट गाने लता मंगेशकर ने ही गाए थे. आज हम लता मंगेशकर के ऐसे ही 10 सुपरहिट गानों की चर्चा करेंगे, जिन्हें श्रीदेवी पर फिल्माया गया.
खूबसूरती और एक्टिंग की अनूठी मिसाल, ‘मिस हवा हवाई’ के नाम से श्रीदेवी ने अपने करियर की शुरुआत तेलुगू सिनेमा से की. श्रीदेवी के घर का नाम ‘अम्मू’ था. स्वर कोकिला लता मंगेशकर तो श्री देवी की एक्टिंग-डांस की दीवानी थी. वो खाली समय में श्री देवी पर फिल्माए गए अपने ही गाने देखा करती थीं. श्री देवी के लिए लता मंगेशकर ने करीब 27 गाने गाए हैं. दिलचस्प बात यह है कि श्री देवी को हिंदी सिनेमा में पहचान 1983 की फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से मिली. इस फिल्म के सुपरहिट गाने लता मंगेशकर ने ही गाए थे. ‘नैनों में सपना’ सॉन्ग आज भी सुपरहिट है. लता मंगेशकर ने श्री देवी के लिए करीब 10 सुपरहिट गाने गाए. उनकी 3 फिल्में भी मैसिव हिट रहीं. ये फिल्में थीं : हिम्मतवाला, नागिन, चांदनी. कुछ गाने पॉप्युलर हुए लेकिन फिल्में फ्लॉप रहीं. ऐसी ही फिल्म ‘लम्हे’ थी जिसका म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. आइये श्री देवी के ऐसे ही 10 सुपरहिट गानों पर नजर डालते हैं जिनमें आवाज लता मंगेशकर की थी.

सबसे पहले बात करते हैं 1983 में रिलीज हुई जीतेंद्र-श्री देवी स्टारर फिल्म ‘हिम्मतवाला’ की जिसका डायरेक्शन के. राघवेंद्रराव ने किया था. यह तेलुगू फिल्म ‘ऊरुकी मोनागाडु’ का रीमेक थी. तेलुगू में हिम्मतवाला पिक्चर जयाप्रदा ने की थी. ऊरुकी मोनागाडु का मतलब ‘गांव का हीरो’ होता है. डायलॉग कादर खान ने लिखे थे. स्टोरी सत्यानंद की थी. म्यूजिक बप्पी लाहिरी का था. फिल्म का एक गाना ‘नैनों में सपना, सपना में सजना, सजना पे दिल आ गया…’ आज भी पॉप्युलर है. यह गाना लता मंगेशकर ने गाया था. यह सुपरहिट सॉन्ग श्री देवी की किस्मत चमका गया. फिल्म ने 11 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था. यह 80 के दशक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शुमार है.

श्रीदेवी ने 1979 में सोलहवां सावन से बॉलीवुड में डेब्यू किया था लेकिन यह मूवी फ्लॉप हो गई थी. आइकॉनिक फिल्म ‘हिम्मतवाला’ श्रीदेवी को कैसे मिली, इस किस्सा और भी मजेदार है. रेखा-जीतेंद्र के बीच आज भी बहुत अच्छी दोस्ती थी. 70-80 के दशक में दोनों की दोस्ती की नींव रखी गई थी. रेखा तो जितेंद्र को उनके असली नाम रवि कपूर से पुकारती हैं. प्यार से ‘रविया’ बुलाती हैं. रेखा ने एक बार जीतेंद्र को छोड़ते हुए श्रीदेवी के साथ फिल्म बनाने के लिए कहा था. जीतेंद्र ने रेखा की बात को सीरियस ले लिया. उन्होंने डायरेक्टर राघवेंद्र राव से बात की श्री देवी को ‘हिम्मतवाला’ फिल्म के लिए साइन कर लिया. इस फिल्म ने रातोंरात श्री देवी को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में पहचान दिलाई.
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फिर 1986 में श्री देवी की ‘नगीना’ फिल्म रिलीज हुई. फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन हर्मेश मल्होत्रा ने किया था. स्क्रीनप्ले रवि कपूर का. कहानी जगमोहन कपूर ने लिखी थी. डायलॉग डॉ. अचला नागर के थे. यह फिल्म श्रीदेवी के करियर के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई. वह बॉलीवुड की पहली फीमेल सुपरस्टार बन गईं. हर्मेश मल्होत्रा ने बतौर डायरेक्टर अपना करियर 1969 में आई फिल्म ‘बेटी’ के साथ शुरू किया था. धर्मेश 1983 में ‘शेरनी’ फिल्म बना रहे थे लेकिन किसी कारणवश उनकी फिल्म बंद हो गई. फिर उनके पास नगीना फिल्म की स्क्रिप्ट हाथ आई. ऋषि कपूर की श्री देवी के साथ पहली फिल्म थी. श्री देवी उन दिनों हिंदी नहीं जानती थीं, इसलिए किसी से ज्यादा बात नहीं करती थीं. वैसे भी श्री देवी बहुत ही रिजर्व नेचर की थीं.

नगीना फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘मैं तेरी दुश्मन, दुश्मन तू मेरा’ था जिसे लता मंगेशकर ने गाया था. यह गाना 1983 की एक फॉक ट्यून से इंस्पायर्ड था. अफगानिस्तान के संगीतकार बहाउद्दीन ने तंबूर पर यह धुन बजाई थी. यह गाना आज भी शादी-विवाह में सुनाई दे जाता है. मजेदार बात यह भी है कि जब फिल्म का सेट तोड़ा जा रहा था, तो सिर्फ एक दीवार बची थी. उसी समय यह गाना फिल्माया गया था. नगीना में श्री देवी को शूटिंग के दौरान आंखों में लैंस लगाने पड़ते थे. लैंस बहुत अच्छी क्वालिटी के नहीं थे. उन्हें आंखों में जलन होने लगी. डॉक्टरों ने लैंस ना लगाने की सलाह दी लेकिन वो नहीं मानी.

इस लिस्ट में तीसरा नाम श्री देवी की फिल्म ‘चांदनी’ का है जिसकी गिनती आज कल्ट हिट फिल्मों में होती है. फिल्म का गीत-संगीत बेजोड़ था. 46 मिनट के फिल्म में गाने ही गाने थे. रेखा ने ही श्रीदेवी के नाम की सिफारिश की. फिल्म के ‘तेरे-मेरे होठों पर मीठे-मीठे मितवा’ और ‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां है’ जैसे गाने लता मंगेशकर ने गाए थे. ‘मैं ससुराल नहीं जाऊंगी’ सॉन्ग यश चोपड़ा की पत्नी पामेला चोपड़ा ने गाय था. यह गाना आज भी शादी-फंक्शन में सुनने को मिल जाता है. फिल्म का म्यूजिक ‘शिव-हरि’ ने दिया था. गाने आनंद बख्शी ने लिखे थे. 8 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 27 करोड़ की कमाई की थी.

‘चांदनी’ 1989 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में चौथे नंबर पर थी. वैसे 1989 में सलमान खान-भाग्य श्री की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ ने सबसे ज्यादा कमाई की थी. ‘चांदनी’ फिल्म ने यश चोपड़ा करियर फिर से पटरी पर लाने में मदद की. चांदनी से पहले उनकी चार फिल्में ‘सिलसिला’, ‘मशाल’, ‘फासले’ और ‘विजय’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी थीं. ऐसे में चांदनी ने सफलता ने यश चोपड़ा का करियर फिर से संभाला था.

‘चांदनी’ फिल्म की सफलता के बाद यश चोपड़ा ने एक और फिल्म ‘लम्हे’ बनाने का फैसला किया. श्रीदेवी की पॉप्युलैरिटी बहुत ज्यादा थी इसलिए रेखा की जगह उन्हें फिल्म में लिया गया. ‘लम्हें’ में श्रीदेवी का डबल रोल था. म्यूजिक शिव-हरि का था. फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना ‘मोरनी बागा में बोले आधी रात मा’ था जिसे लता मंगेशकर ने गाया था. गाना आज भी सुपरहिट है. ‘लम्हे’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी. यश चोपड़ा बेहद निराश हुए. हैरानी की बात यह है कि 1992 में ‘लम्हे’ को बेस्ट फिल्म के लिए यश चोपड़ा को फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला. बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड श्रीदेवी को मिला. बेस्ट स्टोरी हनी ईरानी और बेस्ट कॉमेडियन का फिल्मफेयर अवॉर्ड अनुपम खेर को मिला. राही मासूम रजा बेस्ट डायलॉग्स के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किए गए. लम्हे को बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइन का नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला था. यश अपनी फिल्म ‘लम्हे’ को मिले इतने अवॉर्ड से हैरान रह गए थे. आज यह फिल्म कल्ट मूवी में शुमार है.

1992 में श्री देवी की एक फिल्म अमिताभ बच्चन के साथ आई थी. नाम था : खुदा गवाह. ‘खुदा गवाह’ का डायरेक्शन मुकुल एस. आनंद ने किया था. स्टोरी संतोष सरोज ने लिखी थी. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का था. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म का सबसे पॉप्युलर गाना टाइटल सॉन्ग ‘खुदा गवाह’ था. फिल्म सुपरहिट साबित हुई थी. लता मंगेशकर ने 1994 में रिलीज हुई सलमान खान-श्री देवी की फिल्म ‘चांद का टुकड़ा’ का एक सुपरहिट गाना ‘आई एम वेरी वेरी सॉरी तेरा नाम भूल गई’ भी गाया था. फिल्म फ्लॉप रही लेकिन गाना ब्लॉकबस्टर साबित हुआ. इस तरह से श्री देवी के लिए लता मंगेशकर ने ‘नैनों में सजना’, मैं तेरी दुश्मन, अंगुलि में अंगूठी, अंगूठी में नगीना , तेरे मेरे होठों पर मीठे-मीठे गीत मितवा, मेरे हाथों में नौ-नौ चूडियां हैं, ‘मेरी बिंदिया-तेरी निंदिया, ना उड़ा दे तो कहना’, ‘मोरनी बागा में बोले’, ‘तू मुझे कबूल, मैं तुझे कबूल, इस बात का गवाह खुदा, खुदा गवाह’, ‘रब ने बनाया तुझे, मेरे लिए’ और आईएम वेरी वेरी सॉरी तेरा नाम भूल गई’ जैसे सदाबहार सुपरहिट गाने गाए. ‘हिम्मतवाला’, ‘नगीना’, ‘चांदनी’ और ‘खुदा गवाह ‘ फिल्म सुपरहिट रहीं.














