Friday, July 3, 2026
Home Blog

बरसात में स्टोर कर लेती हैं ये फल, गर्मी में बन जाता है कमाई का ‘ठंडा खजाना’, जानें आइडिया


Last Updated:

Success Story: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के टेकापार गांव की उद्यमी सोनी साहू ने सीताफल से आइसक्रीम बनाकर स्वरोजगार की मिसाल पेश की है. बरसात में सीताफल का पल्प सुरक्षित रखकर गर्मियों में उससे आइसक्रीम तैयार करती हैं. जानें इनके सफलता की कहानी…

Success Story: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक घरेलू कामों से आगे बढ़कर स्वरोजगार की नई मिसाल पेश कर रही हैं. इसी कड़ी में बालोद जिले के टेकापार गांव की रहने वाली उद्यमी महिला सोनी साहू अपनी अनोखी पहल से चर्चा में हैं. सोनी ने सीताफल जैसे मौसमी फल को आय का जरिया बनाकर एक अलग पहचान बनाई है. वे सीताफल से आइसक्रीम तैयार कर बाजार में बेच रही हैं, जिसकी मांग गर्मी के दिनों में तेजी से बढ़ जाती है.

स्टोर कर लेती हैं सीताफल
सोनी साहू लोकल18 को बताती हैं कि बरसात के मौसम में सीताफल की अच्छी आवक होती है. इसी दौरान वे स्थानीय बाजार से सीताफल खरीदकर उसे सुरक्षित स्टोर कर लेती हैं. बाद में उसका पल्प निकालकर संरक्षित रखती हैं, ताकि गर्मी के सीजन में इसका उपयोग किया जा सके. यही पल्प उनकी खास सीताफल आइसक्रीम की मुख्य सामग्री होता है.

ऐसे तैयार करतीं आइसक्रीम 
आइसक्रीम बनाने की प्रक्रिया के बारे में सोनी बताती हैं कि 2 किलो सीताफल पल्प में 1 किलो क्रीम और दूध पाउडर मिलाया जाता है. इसके बाद सभी सामग्री को अच्छी तरह मिक्स कर छोटे-छोटे डिब्बों में भरकर ठंडा होने के लिए रखा जाता है. तैयार होने के बाद इन्हें बाजार में बिक्री के लिए भेजा जाता है. उनके द्वारा तैयार किया गया एक छोटा डिब्बा सीताफल आइसक्रीम 20 रुपये में बिकता है. गर्मी के मौसम, जन्मदिन पार्टी, पारिवारिक आयोजनों और छोटे कार्यक्रमों में इस आइसक्रीम की काफी मांग रहती है. खास बात ये कि स्वाद के साथ यह स्थानीय और प्राकृतिक उत्पाद होने के कारण लोगों को ज्यादा पसंद आता है.

सुशासन तिहार में मुनाफा
सोनी का कहना है कि देसी स्वाद और ताजगी ही उनके उत्पाद की सबसे बड़ी खासियत है. बताया कि सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने 6 अलग-अलग शिविरों में अपने सीताफल आइसक्रीम का स्टॉल लगाया था. हर शिविर से उन्हें करीब 1000 रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ. इस तरह उन्होंने कुल मिलाकर अच्छी आमदनी हासिल की.

प्रशिक्षण भी दे रहीं
पहले घर में सिलाई का काम करने वाली सोनी साहू आज एक सफल महिला उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं. सीताफल आइसक्रीम के अलावा वे अरहर दाल, पापड़, बड़ी और आचार जैसे घरेलू उत्पाद भी तैयार कर बेचती हैं. इतना ही नहीं, वे अन्य महिलाओं को भी इस काम का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनने की राह दिखा रही हैं. उनकी यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link

कासगंज में ‘नो प्लास्टिक डे’ पर जागरूकता अभियान: छात्रों को मिले स्टील की बोतल और कपड़े के बैग – Kasganj News




कासगंज में “नो प्लास्टिक डे” के अवसर पर लायंस क्लब कासगंज ने जे.एल. पब्लिक स्कूल, आवास विकास कॉलोनी में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। क्लब अध्यक्ष विजय राजपूत की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अध्यापकों और अध्यापिकाओं को स्टील की पानी की बोतलें और कपड़े के बैग वितरित किए गए। इसका उद्देश्य प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने का संदेश देना था। इस अवसर पर लक्ष्मीकांत चोला ने “प्लास्टिक हटाओ, जीवन बचाओ और पर्यावरण को स्वच्छ बनाओ” का आह्वान किया। लाल सिंह वर्मा ने प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को आज की सबसे बड़ी समझदारी बताया। राम रक्षपाल सिंह ने “एक ही नारा, एक ही लक्ष्य—राष्ट्र हो प्लास्टिक मुक्त” का संदेश दिया। क्लब अध्यक्ष विजय राजपूत ने बताया कि प्लास्टिक कचरा सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होता और मिट्टी व पानी को प्रदूषित करता है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक की बोतलों और थैलों के स्थान पर स्टील, तांबे, कांच की बोतलों तथा कपड़े के बैग का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी बताया कि प्लास्टिक जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियां पैदा करती हैं। कार्यक्रम में राजेंद्र बिड़ला, अजय गुप्ता, अशोक मिश्रा, शिवकुमार, विनोद कुमार, अनामिका, अलका, सुमन कुमारी, खुशी, महक, नंदिनी, ज्योति, हिमांशी, सुनीता, दिनेश प्रताप सिंह और आरती सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



Source link

सिकंदरपुर मन में डेढ़ महीने से मछलियों की मौत: जांच में पानी में अमोनिया-मेडिकल वेस्ट का खुलासा; मुजफ्फरपुर में नगर निगम अलर्ट – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक सिकंदरपुर मन में पिछले डेढ़ महीने से लगातार मछलियों की मौत हो रही है। ये अब पर्यावरणीय संकट का रूप लेती जा रही है। जिला मत्स्य विभाग की जांच में पानी में अमोनिया की मात्रा अधिक मिली है। इसके साथ ही अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट और धोबी घाट के रासायनिक अपशिष्ट को इसकी बड़ी वजह बताया गया है। विभाग ने रिपोर्ट जिला प्रशासन और नगर निगम को सौंपते हुए तत्काल प्रदूषण रोकने की सिफारिश की है। डेढ़ महीने से लगातार मर रही हैं मछलियां, दुर्गंध से लोग परेशान शहर के बीच स्थित सिकंदरपुर मन में बीते डेढ़ महीने से लगातार बड़ी संख्या में मछलियां मर रही हैं। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल गई है, जिसके कारण आसपास रहने वाले लोगों और आने-जाने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मछली पालन करने वाले व्यवसायियों को भी लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। पानी की जांच में सामने आई चौंकाने वाली रिपोर्ट जिला मत्स्य पदाधिकारी रणधीर कुमार ने बताया कि लगातार मछलियों की मौत की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम ने पानी का नमूना लेकर जांच के लिए पटना की प्रयोगशाला भेजा था। जांच रिपोर्ट में पानी में अमोनिया गैस की मात्रा सामान्य से अधिक पाई गई, जो जलीय जीवों के लिए बेहद खतरनाक है। मेडिकल वेस्ट और केमिकल से बढ़ रहा प्रदूषण मत्स्य विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि आसपास के अस्पतालों से निकलने वाला मेडिकल वेस्ट और रासायनिक अपशिष्ट बिना उपचार के सीधे मन के पानी में पहुंच रहा है। इसके अलावा परिसर स्थित धोबी घाट से डिटर्जेंट और अन्य रासायनिक पदार्थ भी सीधे जलाशय में बहाए जा रहे हैं। इन कारणों से पानी तेजी से प्रदूषित हो रहा है और मछलियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। कतला मछली पर सबसे ज्यादा असर जिला मत्स्य पदाधिकारी ने बताया कि प्रदूषण का सबसे अधिक असर कतला मछली पर पड़ा है। यह प्रजाति पानी की ऊपरी सतह पर रहती है, जहां प्रदूषण और ऑक्सीजन की कमी का प्रभाव सबसे पहले दिखाई देता है। विभाग ने यह भी बताया कि पानी की ऊपरी सतह का रंग भी बदल चुका है, जो बढ़ते प्रदूषण का संकेत है। नगर निगम और प्रशासन को दी गई सिफारिश मत्स्य विभाग ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन और नगर निगम को भेजते हुए प्रदूषण के स्रोतों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। विभाग ने अस्पतालों से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने, केमिकलयुक्त पानी को बिना ट्रीटमेंट जलाशय में छोड़ने पर रोक लगाने और धोबी घाट से निकलने वाले पानी के लिए अलग निकासी व्यवस्था करने की सिफारिश की है। मछली व्यवसायियों को लाखों का नुकसान सिकंदरपुर मन में मछली पालन करने वाले व्यवसायियों का कहना है कि पिछले दो महीनों में लाखों रुपये मूल्य की मछलियां मर चुकी हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो नुकसान और बढ़ेगा और पूरे जलाशय की मत्स्य संपदा पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रदूषण रोकने और जलाशय को बचाने की मांग की है।



Source link

खरगोन में कांग्रेस ने प्रदर्शन की बनाई रणनीति: जिला प्रभारी ने बूथ मजबूत करने का दिया मंत्र; प्रशिक्षण पर जोर – Khargone News




खरगोन में शुक्रवार दोपहर 12 बजे जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जिला प्रभारी उषा नायडू ने एक बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायती राज से लेकर केंद्र और प्रदेश स्तर तक के चुनावों में कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करना था। इसके लिए बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। जिला प्रभारी उषा नायडू ने खरगोन विधानसभा की बैठक में कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार बनाने के लिए सभी को जीत के संकल्प के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने लोगों को परिवार मानकर उनसे मेलजोल बढ़ाने और बूथ स्तर पर मजबूत प्रदर्शन करने की आवश्यकता पर बल दिया। नायडू ने बताया कि भविष्य में रणनीति आधारित प्रशिक्षण के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कार्यकर्ताओं को पंच, सरपंच, पार्षद, विधायक और सांसद जैसे पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की रणनीति पर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी को अपना प्रदर्शन दिखाना होगा। ‘वोट ज्यादा कैसे मिलें, इस पर काम करना है’
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष रवि जोशी ने पिछले चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि यदि पिछली बार 100 वोट मिले थे, तो इस बार 125 वोट कैसे प्राप्त किए जाएं, इस पर काम होना चाहिए। पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और भगवानपुरा विधायक केदार डावर ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने गांव से लेकर शहर तक जीत के लक्ष्य के साथ सक्रियता से काम करने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान जिला और महिला कांग्रेस के ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर के बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे।



Source link

ब्रेकफास्ट में ट्राई करें साबूदाने की ये 3 लाइट रेसिपी, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी


होमफोटोलाइफ़फूड

ब्रेकफास्ट में ट्राई करें साबूदाने की ये 3 लाइट रेसिपी, दिनभर बनी रहेगी एनर्जी

Last Updated:

Healthy Sabudana Breakfast Ideas: सुबह-सुबह जब हम सोकर उठते हैं, तो सबसे बड़ी टेंशन यही होती है कि नाश्ते में ऐसा क्या बनाया जाए जो जल्दी भी बन जाए, खाने में टेस्टी हो और जिसे खाकर दिनभर शरीर में कमजोरी न लगे. अक्सर लोग रोज-रोज वही पोहा या पराठा खाकर बोर हो जाते हैं. अगर आप भी अपने नाश्ते में कुछ नया, हल्का और पौष्टिक ट्राई करना चाहते हैं, तो साबूदाना आपके लिए एक बहुत ही बढ़िया चॉइस हो सकता है. आइए जानते हैं कि साबूदाने को रोज के नाश्ते में शामिल करने के क्या फायदे हैं और इससे आप सुबह-सुबह कौन सी झटपट और मजेदार रेसिपीज तैयार कर सकते हैं.

सुबह का नाश्ता पूरे दिन का सबसे जरूरी खाना माना जाता है. रात को 8 से 10 घंटे सोने के बाद सुबह हमारे शरीर को जो पहला आहार मिलता है, वही हमें दिनभर एक्टिव और एनर्जेटिक रखने में मदद करता है. इसलिए सुबह के समय हमें ऐसी चीजें खानी चाहिए जिनमें कैलोरी कम हो, लेकिन वे शरीर को भरपूर ताकत दें.

सुबह के नाश्ते में ज्यादातर लोग कुछ ऐसा खाना पसंद करते हैं जो पेट के लिए हल्का हो और जिसे खाने के बाद दिनभर सुस्ती न आए. इसके लिए लोग अक्सर फल, दलिया या ओट्स जैसी चीजें खाते हैं, क्योंकि ये चीजें पचने में आसान होने के साथ-साथ शरीर के लिए बहुत फायदेमंद मानी जाती हैं.

इसी तरह सुबह के नाश्ते में आप साबूदाने को भी शामिल कर सकते हैं, जो हल्का होने के साथ-साथ सेहत के लिए बहुत बढ़िया होता है. अक्सर लोग साबूदाने को सिर्फ व्रत या उपवास में ही खाते हैं, लेकिन आप इसे रोज के नाश्ते में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे कई तरह की टेस्टी और हेल्दी डिशेज बनाई जा सकती हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

गर्मी के दिनों में साबूदाने का नाश्ता पेट के लिए बेहद हल्का और सुपाच्य होता है. इससे अलग-अलग तरह की चीजें बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगता. इसे खाने के बाद पेट भारी-भारी नहीं लगता और शरीर में दिनभर अच्छी एनर्जी बनी रहती है.

अगर आप नाश्ते में कुछ बढ़िया और हेल्दी खाना चाहते हैं तो साबूदाना खिचड़ी बना सकते हैं. इसे बनाने का तरीका बहुत ही आसान है. इसके लिए सबसे पहले साबूदाने को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोकर रख दें ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए. इसके बाद कढ़ाई में थोड़ी सी मूंगफली, उबले आलू, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता डालकर आप इसकी टेस्टी खिचड़ी तैयार कर सकते हैं. यह खाने में तो मजेदार लगती ही है, पेट के लिए भी बहुत हल्की होती है.

खिचड़ी के अलावा आप सुबह के नाश्ते में साबूदाने का उपमा भी बना सकते हैं. यह भी एक बहुत ही हल्का और हेल्दी ऑप्शन है. इस उपमा को बनाते समय आप इसमें अपनी पसंद की हरी सब्जियां भी डाल सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और ताकत दोनों बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं.

सुबह के नाश्ते के लिए साबूदाने का चीला भी एक नंबर ऑप्शन है. यह खाने में बहुत टेस्टी होता है और फटाफट बन जाता है. इसे बनाने के लिए भीगे हुए साबूदाने को हल्का सा मैश करके उसमें कुट्टू का आटा या सिंघाड़े का आटा मिला लें और थोड़ा सा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें. फिर तवे पर इसे चीले की तरह सेंक लें.

वहीं, आयुर्वेदिक दावों के सलाहकार डॉ. आशीष बताते हैं कि साबूदाना सेहत के लिए अच्छा तो है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी ज्यादा होता है. इसका मतलब यह है कि इसे खाने से शरीर में ब्लड शुगर बहुत तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए शुगर के मरीजों को इसे खाने से बचना चाहिए. इसके अलावा, जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें भी साबूदाना ज्यादा नहीं खाना चाहिए

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Plus यूजर्स क लिए शुरू हुई Flipkart की सेल, सस्ते में घर लाएं फोन, टीवी, एसी और फ्रिज


Flipkart GOAT Sale आज रात 12 बजे से सभी यूजर्स के लिए लाइव हो जाएगा। ई-कॉमर्स वेबसाइट की यह सेल 9 जुलाई तक चलेगी। हालांकि, Plus और VIP यूजर्स के लिए यह सेल लाइव हो गई है। इसमें यूजर्स को स्मार्टफोन, टीवी, फ्रिज, एसी जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स काफी सस्ते में मिलेंगे। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने पहले ही घोषणा की थी कि VIP, Gold और Gold यूजर्स को इस सेल का एक्सेस 24 घंटे पहले ही मिलेगा।

स्टॉक खत्म होने से पहले खरीदें प्रोडक्ट

अर्ली एक्सेस की वजह से ये यूजर्स फ्लिपकार्ट पर मिल रहे ऑफर का लाभ एक दिन पहले ले सकेंगे। ऐसे में स्टॉक खत्म होने की टेंशन नहं रहेगी, वे प्रोडक्ट्स को आउट-ऑफ स्टॉक होने से पहले खरीद सकेंगे।

इन प्रोडक्ट्स पर मिल रहे ऑफर

  • फ्लिपकार्ट GOAT सेल में एप्पल के iPhone 17 की खरीद पर 12,000 रुपये तक का डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। पिछले साल सितंबर में इस आईफोन को 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया था। फ्लिपकार्ट पर यह फोन ऑफर के बाद 70,900 रुपये की कीमत में मिलेगा।
  • Samsung के पिछले साल लॉन्च हुए फ्लैगशिप फोन Galaxy S25 को इस सेल में 56,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीद सकते हैं। यह फोन 74,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया था। यह फोन 12GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट में आता है।
  • स्मार्ट टीवी पर मिलने वाले ऑफर्स की बात करें तो LG और Samsung जैसे ब्रांड के स्मार्ट टीवी 13,990 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रहे हैं। Samsung का LED टीवी महज 15,115 रुपये की शुरुआती कीमत में घर ला सकते हैं।
  • AC पर मिलने वाले ऑफर की बात करें तो Voltas के 1.5 टन वाले एसी को 44% डिस्काउंट में खरीद सकते हैं। यह एसी 29,990 रुपये में घर ला सकते हैं। इसकी कीमत 53,990 रुपये है।
  • Samsung का BeSpoke 330 लीटर वाला फ्रिज 36,740 रुपये में खरीदा जा सकता है। इसकी कीमत 51,999 रुपये है। फ्लिपकार्ट सेल में सैमसंग का यह फ्रिज काफी सस्ते में खरीदा जा सकेगा।
  • डिस्काउंट और ऑफर के साथ-साथ इन प्रोडक्ट्स की खरीद पर एक्सचेंज का भी लाभ मिलेगा। पुराने स्मार्टफोन, टीवी, फ्रिज, एसी को एक्सचेंज कराने पर यूजर्स इसका लाभ ले सकते हैं।

यह भी पढ़ें – iPhone 18 Pro का ड्रॉप टेस्ट वीडियो हुआ लीक, सामने आ गए सारे फीचर्स!





Source link

नूंह में ट्रेलर ने राजस्थान रोडवेज बस को मारी टक्कर: बेकाबू होकर पेड़ से टकराई, अलवर से दिल्ली जा रही, सभी यात्री सुरक्षित – Nuh News




नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-अलवर नेशनल हाईवे-248ए पर शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा होते-होते टल गया। पाटखोरी गांव के पास एक ट्रेलर ने सड़क पर बने गड्ढे से बचने के प्रयास में राजस्थान रोडवेज की बस को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस बेकाबू होकर सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। इस घटना में कोई यात्री हताहत नहीं हुआ, लेकिन कुछ को मामूली चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार सुबह करीब सात बजे हुआ। राजस्थान रोडवेज की एक बस अलवर से दिल्ली जा रही थी। पाटखोरी गांव के बस स्टैंड के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रेलर ड्राइवर ने सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बचने के लिए अपनी साइड दबाई, जिससे वह बस से टकरा गया। बस ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए यात्रियों की जान बचाने के लिए बस को सड़क से नीचे उतार दिया, जिससे बस अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। ट्रेलर मौके पर छोड़कर ड्राइवर हुआ फरार हादसे के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके पर अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही सोलपुर, ढाढोली और पाटखोरी गांव के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की और घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर थाना सदर फिरोजपुर झिरका पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि ट्रेलर को कब्जे में ले लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। फरार ड्राइवर की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों की गहनता से जांच कर रही है। स्थानीय लोग बोले- गड्‌ढों की वजह से हो रहे हादसे स्थानीय लोगों ने हाईवे पर बने गहरे गड्ढों को दुर्घटनाओं की मुख्य वजह बताया है। उन्होंने प्रशासन से इन गड्ढों की जल्द से जल्द मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।



Source link

वर्ल्ड अपडेट्स: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बस खाई में गिरी, 40 यात्रियों की मौत




पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे में कम से कम 40 लोगों की मौत हो गई। क्वेटा से पेशावर जा रही एक यात्री बस बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की सीमा के पास स्थित दाना सर इलाके में अनियंत्रित होकर गहरी पथरीली खाई में गिर गई। हादसे में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि बस पहाड़ी राजमार्ग पर चल रही थी, तभी चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और बस गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्र में होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण रहा। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, बस तेज रफ्तार में थी और उसमें क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। वहीं रॉयटर्स ने बचाव एजेंसी के हवाले से बताया कि बस क्वेटा से इस्लामाबाद की ओर जा रही थी। उसमें 48 यात्री सवार थे। शुरुआती जानकारी में तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और पहाड़ी मार्ग पर नियंत्रण खोना हादसे की संभावित वजह मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला वेनेजुएला में मलबे के नीचे लगातार आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक कुत्ते को जीवित बाहर निकाल लिया गया। लंबे समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसके सुरक्षित मिलने की घटना को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुत्ता किसी आपदा के बाद मलबे में दब गया था। समय बीतने के साथ उसके जीवित मिलने की उम्मीद बेहद कम होती गई, लेकिन बचाव दल ने तलाश अभियान बंद नहीं किया। आखिरकार लगातार प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। कुत्ते के जीवित मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा के बाद शुरुआती दिनों के बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी रखना कितना महत्वपूर्ण होता है। रेस्क्यू के बाद कुत्ते की स्वास्थ्य जांच की गई और उसे आवश्यक देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आठ दिन बाद उसके जीवित मिलने की यह घटना पूरे अभियान की सबसे भावुक और प्रेरक तस्वीर बनकर सामने आई है। ब्रिटेन के हर पांचवें विश्वविद्यालय में श्वेत छात्र अल्पसंख्यक: 27 संस्थानों में 50% से कम दाखिला
ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में छात्र आबादी का जातीय स्वरूप तेजी से बदल रहा है। 2024-25 के आधिकारिक उच्च शिक्षा आंकड़ों के द टेलीग्राफ द्वारा किए गए विश्लेषण के अनुसार, देश के 147 विश्वविद्यालयों में से 27 में गोरे ब्रिटिश छात्रों की हिस्सेदारी 50% से कम रह गई है। दस साल पहले ऐसे विश्वविद्यालयों की संख्या केवल 13 थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ विश्वविद्यालयों में गोरे ब्रिटिश छात्रों की हिस्सेदारी 25% से भी कम है। एस्टन यूनिवर्सिटी में यह 23%, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रैडफोर्ड में 26% और ब्रुनेल यूनिवर्सिटी लंदन व SOAS यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन में 27% दर्ज की गई। विश्लेषण में यह भी सामने आया कि 80 ब्रिटिश विश्वविद्यालयों में गोरे ब्रिटिश छात्रों का प्रतिनिधित्व देश की कुल आबादी में उनकी हिस्सेदारी की तुलना में कम है। वहीं प्रतिष्ठित रसल ग्रुप के 24 विश्वविद्यालयों में से 15 में भी यही स्थिति देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, कम-से-कम 10 ऐसे विश्वविद्यालय जहां गोरे ब्रिटिश छात्र अब अल्पसंख्यक हैं, वहां आज भी केवल ब्लैक एशियन एंड माइनॉरिटी एथनिक (BAME) समुदाय के छात्रों के लिए आरक्षित छात्रवृत्तियां और आर्थिक सहायता योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कुछ योजनाओं में सालाना 18 हजार पाउंड तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। यूनिवर्सिटी ऑफ बकिंघम के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर एरिक कॉफमैन ने इन छात्रवृत्तियों का विरोध करते हुए कहा कि नस्ल आधारित सहायता योजनाएं समाप्त होनी चाहिए क्योंकि वे नस्लीय भेदभाव को बढ़ावा देती हैं। हंटर बाइडेन का ट्रम्प पर तंज: बोले- एक ही युद्ध 38 बार खत्म करने के लिए नोबेल पीस प्राइज मिलना चाहिए
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर तीखा व्यंग्य किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की बात कही। हंटर ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि इतिहास में किसी राष्ट्रपति ने एक ही युद्ध को इतनी बार खत्म नहीं किया। हंटर बाइडेन ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैं आधिकारिक तौर पर डोनाल्ड जे. ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करता हूं। इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति ने एक ही युद्ध को इतनी बार खत्म नहीं किया।” इसके बाद उन्होंने दावा किया कि CNN की गिनती के अनुसार ट्रम्प ईरान के साथ युद्ध खत्म होने की घोषणा कम से कम 38 बार कर चुके हैं। उन्होंने लिखा कि यह उपलब्धि नोबेल पुरस्कार समिति के संज्ञान में लाई जानी चाहिए। हंटर का यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रम्प लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्होंने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को समाप्त कराया है। कुछ महीने पहले ट्रम्प ने कहा था कि उन्होंने आठ बड़े युद्ध रुकवाए हैं और सिद्धांत रूप से हर युद्ध रोकने पर उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। बाद में उन्होंने ट्रुथ सोशलl पर यह दावा भी किया कि कुछ लोगों के मुताबिक उन्होंने 100 से अधिक युद्ध रुकवाए हैं। हंटर बाइडेन की पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कुछ यूजर्स ने इसे ट्रम्प के दावों पर तीखा व्यंग्य बताया, जबकि कई लोगों ने हंटर के पुराने विवादों का हवाला देते हुए उनकी आलोचना की। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि व्यक्तिगत विवादों से अलग इस मुद्दे पर उनका तंज काफी सटीक और मजेदार है।



Source link

MP संदीप पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज: पंजाब में 2 FIR दर्ज होने की मांगी जानकारी; सरकार बंद लिफाफे में दे चुकी जवाब – Ludhiana News




आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर पंजाब में एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं इस मामले की सुनवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रही है। संदीप पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया था। सरकार ने 15 मई को अपना जवाब बंद लिफाफे में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जमा करवाया था। इस मामले की सुनवाई आज फिर से हाईकोर्ट में होगी। देखना होगा कि आज कोर्ट इस मामले में क्या फैसला लेती है। दरअसल संदीप पाठक पर पंजाब में एफआईआर दर्ज होने की बात कहकर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी की खबरें सामने आई थी और पंजाब पुलिस की टीमें दिल्ली तक पहुचं गई थी। हालांकि पुलिस संदीप पाठक को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। संदीप पाठक ने आठ मई को पंजाब एवं हरियाण हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी कि पुलिस उन्हें उनके खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर की जानकारी नहीं दे रही है। संदीप पाठक की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन पर किसी भी तरह के एक्शन पर रोक लगा दी थी। याचिका में पाठक ने रखी है 3 दलीलें 24 अप्रैल को छोड़ी थी AAP संदीप पाठक ने 24 अप्रैल 2026 को ‘आप’ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया, जिसके तुरंत बाद 2 मई को पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों में दो गैर-जमानती एफआईआर दर्ज कीं। गिरफ्तारी के डर से पाठक ने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां उन्होंने इन एफआईआर को “सीक्रेट” बताते हुए इनकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए 11 मई, 2026 तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और पंजाब सरकार से इस मामले में जवाब मांगा है।



Source link

मेरठ में श्रद्धालुओं से भरी बस मेट्रो पिलर से टकराई: टायर फटने से हादसा, चालक समेत 3 गंभीर, 45 यात्री सुरक्षित – Meerut News




दिल्ली-देहरादून हाईवे पर शुक्रवार सुबह मेरठ के मोदीपुरम में एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। गुजरात के 45 श्रद्धालुओं को हरिद्वार से मथुरा ले जा रही एक बस का टायर फटने से वह मेट्रो पिलर से टकरा गई। इस हादसे में बस चालक और दो महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य 45 यात्री सुरक्षित बच गए। यह हादसा मोदीपुरम फेस-2 के सामने हुआ। तेज रफ्तार बस का अचानक अगला टायर फट गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और बस सीधे मेट्रो कॉरिडोर के पिलर से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। हादसे में बस चालक और दो महिला श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा कई अन्य यात्रियों को हल्की चोटें लगीं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल चालक और दोनों महिलाओं को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कराया गया। दुर्घटना के कारण दिल्ली-देहरादून हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। प्रारंभिक जांच में टायर फटना ही हादसे का मुख्य कारण बताया जा रहा है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और बस की तकनीकी स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है।



Source link