Monday, July 27, 2026
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जय हो जय हो …धुन पर नौकरी की दौड़: प्रयागराज में ग्रुप डी के पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्साह – Prayagraj (Allahabad) News




आजा आजा जिंद शामियाने के तले, आजा ज़रीवाले नीले आसमान के तले, जय हो, जय हो जय हो … देशभक्ति से सराबोर यह गीत प्रयागराज में रेलवे भर्ती के अभ्यर्थियों में जोश भरता रहा। गीत की धुन पर नौकरी के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा देने आए युवा जोश से भर गए। मौसम ने भी उनका खूब साथ दिया। ऐसे में दौड़ से लेकर वजन उठाकर भागने तक के एग्जाम में सभी बेहतर प्रदर्शन किया हम बात कर रहे हैं उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) द्वारा डीएसए ग्राउंड में आयोजित ग्रुप डी के पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा की। सोमवार को अभ्यर्थियों ने पूरे जोशो के साथ इसमें हिस्सा लिया। महज सोमवार को ही परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के सफल होने का आंकड़ा 500 रहा। लाउडस्पीकरों पर गीत कड़ी सुरक्षा, हाईटेक इंतजाम के बीच यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। अभ्यर्थी मैदान पर तो उनके अभिभावक बाहर से ही नौकरी मिलने की आस संजोये रहते हैं। अभ्यर्थियों में जोश कायम रहे, ऐसे में रेलवे की आूेर से लाउडस्पीकरो पर देशभक्ति गीत बजाए जाने का सिलसिला भी चल रहा है। रेलवे के हाईटेक इंतजाम डीएसए ग्राउंड में भाग लेने आए सभी अभ्यर्थियों के पैरों में आरएफआईडी (रेडियो-फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) बैंड बांधा गया है। इससे उनकी दौड़ का डिजिटल समय बिल्कुल सटीक और त्रुटिरहित तरीके से रिकॉर्ड किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि हाईटेक तकनीक के प्रयोग से परिणामों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। शारीरिक परीक्षा के लिए 3,736 अभ्यर्थी उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा के मुताबिक परीक्षार्थियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मैदान पर त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए एम्बुलेंस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। 28 जुलाई 2026 तक चलने वाली इस शारीरिक परीक्षा के लिए कुल 3,736 अभ्यर्थियों (3,511 पुरुष एवं 225 महिला) को बुलाया गया है, जिसमें उत्तर मध्य रेलवे की कुल 2,020 रिक्तियों को भरा जाना है। कितनी दौड़, कितना वजन शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए निर्धारित मानकों के तहत पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 मीटर की दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी है तथा 35 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में एक बार में तय करनी है। महिला अभ्यर्थियों के लिए 1,000 मीटर की दौड़ हेतु 5 मिनट 40 सेकंड का समय निर्धारित है और उन्हें 20 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में एक बार में पूरी करनी है।



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गयाजी में नारकोटिक्स की टीम ने की छापेमारी: भारी मात्रा में दवाइयां जब्त, मेडिसीन की क्वालिटी जांचने के लिए भेजा लैब – Gaya News




गयाजी में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की टीम ने छापेमारी की। टीम ने भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयों को बरामद किया है। जांच अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव के अनुसार, सीबीएन की टीम काफी समय से इस संदिग्ध नेटवर्क पर नजर रख रही थी। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की असलियत और गुणवत्ता की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर मोहल्ले का है। ​पहले भी हो चुकी हैं कई जगह छापेमारी
​गयाजी में नकली दवाओं से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जांच एजेंसियों ने मानपुर, खजाहांपुर और बजाजा रोड जैसे इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। बीते सप्ताह ही शहर के तीन स्थानों पर छापेमारी की गई थी। उन तीन में से दो ठिकानों पर नारकोटिक्स और एक ठिकाने पर ड्रग डिपार्टमेंट ने किया था। उन ठिकानों से भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं जब्त की गई थीं। उस समय की छापेमारी में अधिकारियों के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण डायरी भी लगी थी।
​डायरी से खुलेंगे कई बड़े राज ​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद डायरी में कई स्थानीय डॉक्टरों और प्रमुख अस्पतालों के नाम लिखे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह इन्हीं डॉक्टरों और अस्पतालों में इन दवाओं की सप्लाई करता था। हालांकि, प्रशासन ने अभी इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब इस डायरी के जरिए पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि यह गिरोह कब से चल रहा है। इसके तार कहां तक हैं। अंदाजा है कि इन संदिग्ध दवाओं का इस्तेमाल छोटे बच्चों के इलाज में भी किया जा रहा था। अगर यह बात सच साबित होती है, तो यह मासूम बच्चों की जान के साथ बड़ा खिलवाड़ है। नारकोटिक्स के अधिकारी श्रीवास्तव ने बताया कि ​बरामद की गई सभी दवाओं को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज जा रहा है।



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शाजापुर में एडवाइजरी कंपनी पर पुलिस की दबिश: 8 युवक हिरासत में, मोबाइल और साइबर पोर्टल से तस्दीक जारी; जांच में जुटी साइबर टीम – shajapur (MP) News




शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र स्थित काशी नगर में पुलिस ने सोमवार दोपहर एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश देकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि काशी नगर में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच कर रही है कि कंपनी किस तरह का काम कर रही थी। मामला सामने आने के बाद एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर पुलिस की टीम को भी शामिल किया गया है। हिरासत में 8 युवक, एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश को हिरासत में लिया है। वहीं जांच में सामने आए प्रवीण नाम के एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है। दिसंबर में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी राज्य साइबर पुलिस उज्जैन ने लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर में इसी तरह की गतिविधि पर कार्रवाई की थी, जहां से 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।



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सीकर में बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर को घेरकर पीटा, मौत: 20 बदमाशों ने किया था किडनैप; परिवार का आरोप- 7070 गैंग दे रही धमकी – Sikar News



सीकर जिले में एक हिस्ट्रीशीटर का मर्डर हो गया। यह वारदात दांतारामगढ़ पुलिस थाने के किशनगढ़ रेनवाल के पास रविवार देर रात करीब 1 बजे हुई। हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा पुत्र मोहनलाल मीणा पचार गांव ने जानलेवा हमले के बाद सोमवार दोपहर को दम तोड़ दिया। परिव

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शव को सीकर के एसके अस्पताल में मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों ने कहा- नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव लेंगे।

बनवारीलाल के भाई सोहनलाल ने बताया- बनवारीलाल पिछली रात करीब 1 बजे बाइक से किशनगढ़ रेनवाल से किसी परिचित से रुपए लेकर गांव आ रहा था। उसके साथ गांव का वीरेंद्र मीणा भी था। जैसे ही वे गांव की तरफ पहुंचे तो पीछे से दो कैंपर गाड़ी आई। उन्होंने गाड़ियों को बाइक के आगे लगा दिया।

इसके बाद गाड़ी में से नरेंद्र गोस्वामी, शंकर, सूरज, जयपाल, महेश, रामनिवास, मालीराम, गणपत, मुकेश, गजेंद्र, अशोक, महेंद्र, महेश, महेंद्र कुमार मीणा, रमेश के अलावा 5 से 7 लोग नीचे उतरे। इनके पास पिस्तौल सहित अन्य हथियार थे। उन्होंने बनवारीलाल पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद उसे कैंपर गाड़ी में डालकर खाटू की तरफ ले गए। साथी वीरेंद्र ने इसकी सूचना बनवारीलाल के परिवार को दी।

सड़क पर गंभीर हालत में मिला

सोहनलाल ने बताया- जब परिवार बनवारीलाल को तलाश करते हुए चारणवास नाडा की सड़क की तरफ पहुंचा तो वहां भाई गंभीर हालत में घायल पड़ा था। जिसे पहले इलाज के लिए खाचरियावास हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां स्टाफ नहीं होने की वजह से उसे सीकर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई।

आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

सोहनलाल ने कहा- जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह शव नहीं लेंगे। सोहनलाल ने कहा- जयपुर की 7070 गैंग कई दिनों से बनवारीलाल और परिवार को धमकी दे रही थी। इस बारे में उन्होंने 112 पर भी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस आई और औपचारिकता करके चली गई।

मामले में दांतारामगढ़ DYSP कैलाश कंवर ने कहा- फिलहाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।



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दिल्ली में कचरा प्रबंधन सुधरेगा: एक जोन में लागू होगा इंदौर मॉडल: एलजी – New Delhi News




दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने सोमवार को नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार, सभी अतिरिक्त आयुक्तों और जोनल आयुक्तों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राजधानी की प्रमुख नागरिक सेवाओं का जायजा लिया। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, जलभराव, नालों की डी-सिल्टिंग, डंपसाइट से पुराने कचरे के निस्तारण और मानसून की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। एलजी ने कहा कि दिल्ली में अभी भी करीब 50% कचरे का स्रोत पर पृथक्करण (सेग्रिगेशन) नहीं हो रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में कचरा सीधे डंपसाइट तक पहुंच रहा है। उन्होंने एमसीडी के एक जोन में इंदौर नगर निगम के कचरा प्रबंधन मॉडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, डंपसाइट से पुराने कचरे को हटाने की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिदिन आने वाले नए कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोबारा कचरे का पहाड़ न बन सके। बैठक में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। एलजी ने सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, धूल नियंत्रण और एमसीडी की सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। मानसून को देखते हुए जलभराव, डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नालों की नियमित सफाई और त्वरित जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टोल प्लाजा के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम और उससे होने वाली नागरिक परेशानियों पर भी चर्चा हुई।



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घर पर बनेगा होटल जैसा क्रिस्पी मसाला डोसा, बस आजमाएं ये परफेक्ट बैटर और मसाले का सीक्रेट


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घर पर बनेगा होटल जैसा क्रिस्पी मसाला डोसा,बस आजमाएं मसाले का ये सीक्रेट

 

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Masala Dosa Recipe: अगर बदलते मौसम में कुछ हल्का, स्वादिष्ट और कुरकुरा खाने का मन है, तो मसाला डोसा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. होटल जैसा मसाला डोसा अब घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है. डोसा बनाने के लिए सही बैटर, गर्म तवा और संतुलित मसाले सबसे जरूरी है. सबसे पहले चावल को पूरी रात पानी में भिगो दें. सुबह इसे बारीक पीस लें. इसमें थोड़ा सूजी मिलाएं, ताकि डोसा ज्यादा कुरकुरा बने. बैटर तैयार होने के बाद तवे को अच्छी तरह गर्म करें और उस पर थोड़ा बटर लगाएं. अब बैटर डालकर गोल-गोल फैलाएं. डोसा हल्का पकने लगे तो ऊपर से एक चम्मच देसी घी डालें. अब बीच में हल्दी, जीरा पाउडर और अन्य मसालों से तैयार आलू का मसाला रखें. अगर स्पेशल मसाला डोसा बनाना है, तो आलू के ऊपर हल्का फ्राई किया हुआ पनीर भी डालें. आखिर में हरा धनिया छिड़कें और डोसे को मोड़कर सुनहरा होने तक सेक लें. अब आपका कुरकुरा मसाला डोसा तैयार.

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Vodafone Idea ने सस्ते में लॉन्च किया नया प्लान, 20 OTT ऐप्स समेत मिलेंगे कई बेनिफिट


Vodafone Idea ने एक और सस्ता रिचार्ज प्लान पेश किया है, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा समेत 20 OTT ऐप्स का एक्सेस मिलता है। वोडाफोन-आइडिया ने इसे एक एंटरनेटमेंट पैक के तौर पर लॉन्च किया है। इससे पहले भी कंपनी ने 180 दिन की वैलिडिटी वाला सस्ता प्लान उतारा था, जिसमें यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स मिलते हैं।

वोडाफोन-आइडिया ने अपने इस नए रिचार्ज प्लान को एक एंटरटेनमेंट पैक के तौर पर पेश किया है। इसके लिए 200 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। कंपनी इस प्लान के साथ इंटरनेट डेटा के साथ-साथ 20 OTT ऐप्स का भी एक्सेस देती है। साथ ही, यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा का भी लाभ मिलता है।

Vi का 200 रुपये वाला प्लान

Vi का यह 200 रुपये वाला नया प्लान 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। यह एक ऐड-ऑन पैक है, जिसे आप रेगुलर प्लान के साथ ले सकते हैं। इसमें यूजर्स को 30GB हाई स्पीड डेटा मिलता है। 5G स्मार्टफोन यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा मिलेगा। वहीं, Vi Movies & TV समेत 20 OTT प्लेटफॉर्म्स और 200 से ज्यादा लाइव टीवी चैनल का एक्सेस मिलेगा।

इन 20 OTT ऐप्स में JioHotstar, SonyLIV, ZEE5, Lionsgate Play, ShemarooMe, ManoramaMAX, FanCode, Playflix, Klikk, Atrangii, Chaupal, OTTplay Live, Pocket Films, YuppTV, Addatimes, Kanccha Lannka, TimesPlay, NextGTV आदि शामिल हैं।

Vodafone Idea का 180 दिन वाला प्लान

वोडाफोन-आइडिया का यह रिचार्ज प्लान 1149 रुपये में आता है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलता है। यूजर्स को किसी भी नेटवर्क पर कॉल करने के लिए अलग से कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यही नहीं, पूरे भारत में फ्री नेशनल रोमिंग का भी लाभ मिलता है। Vi अपने इस प्रीपेड प्लान में यूजर्स को डेटा बेनिफिट्स भी ऑफर कर रहा है। यह प्लान लेने वाले वोडाफोन यूजर्स 15GB डेटा का लाभ ले सकते हैं। साथ ही, इसमें 1800 SMS का फायदा भी मिलेगा।

इसके अलावा कंपनी ने सबसे महंगा रिचार्ज प्लान भी पेश किया है, जिसकी कीमत 4,600 रुपये है। इस प्लान में मिलने वाले वेनिफिट्स की बात करें तो पूरे भारत में कहीं भी कॉल करने के लिए अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलेगा। इसके अलावा यूजर्स को फ्री नेशनल रोमिंग का भी लाभ मिलेगा। इस प्लान में यूजर्स को पूरे 1 साल यानी 365 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। इसमें रोजना 100 फ्री SMS का लाभ दिया जाता है। यही नहीं, यूजर्स को हर 28 दिन के लिए 300GB डेटा दिया जा रहा है। यह डेटा यूजर्स चाहे तो 4G या 5G किसी भी नेटवर्क पर यूज कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें – क्या है Jio की Smart Wall टेक्नोलॉजी? घर की दीवार कोने-कोने में पहुंचाएगी सिग्नल





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मिडिल ईस्ट में शुरू हो सकती है एक नई जंग: सऊदी अरब का यमन की राजधानी सना पर हमला, हूती ने शुरू की समुद्री नाकेबंदी




28 फरवरी को जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू हुई थी, तभी माना जा रहा था कि इसमें ईरान के सहयोगी हूती विद्रोही भी कूद सकते हैं। करीब पांच महीने बाद वही आशंका सच साबित होती दिख रही है। पिछले एक हफ्ते में हूतियों ने सऊदी अरब और रेड सी में जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन से कई हमले किए हैं। जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने भी हूती ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। यानी करीब चार साल से किसी तरह टला हुआ यमन का युद्ध फिर भड़कने की कगार पर है। हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है, जबकि दोनों तरफ से हमले लगातार बढ़ रहे हैं। इससे मिडिल ईस्ट में एक नई जंग शुरू होने का खतरा बढ़ गया है। हूती और सऊदी के बीच विवाद की शुरुआत हूती और सऊदी के बीच ताजा विवाद 13 जुलाई को शुरू हुआ। दरअसल, कुछ हूती नेता अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में शामिल होने के बाद ईरान से यमन लौट रहे थे। लेकिन यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने इस प्लेन को सना एयरपोर्ट पर उतरने ही नहीं दिया। यमन सरकार का कहना था कि हूती अधिकारी यमन की राष्ट्रीय एयरलाइन से ही वापस लौटें। उन्हें ईरान की एयरलाइन में आने नहीं दिया जाएगा। वहीं हूती ईरानी विमान को सीधे सना में उतारने पर अड़े रहे। इसके बाद सरकार समर्थित फोर्स ने सना एयरपोर्ट के रनवे को बम से उड़ा दिया, ताकि ईरानी विमान वहां उतर न सके। नतीजतन, हूती नेताओं वाला प्लेन सना एयरपोर्ट पर उतर ही नहीं सका। प्लेन ने अपना रास्ता बदलकर हूदैदाह एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, जो हूतियों के कंट्रोल में है। इस घटना के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान कर दिया। शुरुआत में ईरान जंग से दूर रहे हूती विद्रोही फरवरी में जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया था, तब हूती विद्रोही सीधे इस लड़ाई में उतरने से बचते दिखे। लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम टूटने के बाद उनका रुख बदल गया। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने हूतियों पर जंग में सक्रिय भूमिका निभाने का दबाव बनाया। हालांकि उनका कहना है कि इससे सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि हूतियों को भी फायदा है। वे इस मौके का इस्तेमाल यमन में अपनी राजनीतिक पकड़ और ताकत बढ़ाने के लिए करना चाहते हैं। 4 साल से यमन-सऊदी के बीच जंग रूकी थी 2022 में हुए युद्धविराम के बाद यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच लड़ाई लगभग रुक गई थी। हालांकि इसका मतलब यह नहीं था कि दोनों पक्षों के बीच विवाद खत्म हो गया था। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में स्थायी शांति समझौते पर बातचीत भी शुरू हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। तनाव बना रहा, मगर दोनों पक्ष बड़े युद्ध से बचने की कोशिश करते रहे। अब अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद हालात तेजी से बदल गए हैं। पिछले कुछ हफ्तों में हूती और सऊदी अरब के बीच फिर टकराव बढ़ा है और चार साल पुराना युद्धविराम टूटने की कगार पर पहुंच गया है। हूती से जंग नहीं चाहता सऊदी अरब सऊदी अरब इस समय हूतियों के साथ फिर युद्ध नहीं चाहता। इसकी वजह पिछला संघर्ष है, जो करीब एक दशक तक चला। इस लड़ाई में सऊदी अरब ने अरबों डॉलर खर्च किए, लेकिन उसे कोई निर्णायक सफलता नहीं मिली। उल्टा उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा और युद्ध, भूख व बीमारियों की वजह से लाखों यमनियों की जान चली गई। दूसरी ओर, हूतियों को लगता है कि सऊदी अरब पर दबाव बढ़ाकर वे अपनी शर्तें मनवा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वे यमन के तेल से होने वाली कमाई में ज्यादा हिस्सा और देश की राजनीति में बड़ी भूमिका चाहते हैं। यमन मामलों के विशेषज्ञ फारिया अल-मुस्लिमी कहते हैं, हूतियों के लिए हर समस्या का एक ही जवाब है- युद्ध। वहीं सऊदी अरब हर समस्या को पैसे से सुलझाने की कोशिश करता है, जबकि हूती हथियारों से जवाब देते हैं। ईरान की मदद से मजबूत हुए हूती विद्रोही हूती कभी यमन के उत्तरी पहाड़ी इलाकों में सक्रिय शिया विद्रोहियों का एक छोटा समूह थे। उनका नारा था- “अमेरिका और इजराइल की मौत।” 2011 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई अरब क्रांति की लहर यमन भी पहुंची। उस समय राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह करीब 33 साल से सत्ता में थे। युवाओं के प्रदर्शन की वजह से उनकी गद्दी छीन गई। फरवरी 2012 में अब्दरब्बू मंसूर हादी राष्ट्रपति बने। लेकिन उनकी सरकार कमजोर थी। हूती विद्रोहियों ने इसका फायदा उठाया और सितंबर 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को वहां से हटा दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2015 में राष्ट्रपति हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। सऊदी ने 2015 में हूती के खिलाफ जंग शुरू की हादी के पद छोड़ने के बाद से यमन पर किसी एक सरकार का कंट्रोल नहीं रह गया। इससे पड़ोस के सऊदी अरब को खतरा महसूस हुआ क्योंकि हूती का समर्थन ईरान कर रहा था। ऐसे में सऊदी ने 2015 में आठ अरब देशों के साथ मिलकर सैन्य गठबंधन बनाया और हूतियों के खिलाफ जंग शुरू कर दी। इस गठबंधन का मकसद राष्ट्रपति अब्दरब्बुह मंसूर हादी की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को फिर सत्ता में लाना था। करीब आठ साल तक लड़ाई के बाद सऊदी अरब को समझ आ गया कि सिर्फ सैन्य ताकत से हूतियों को हराना संभव नहीं है। इसके बाद उसने बातचीत का रास्ता अपनाया और सीधे हूती नेताओं से संपर्क शुरू किया। आज उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर हूतियों का नियंत्रण है। वहीं दक्षिणी यमन अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण में है, लेकिन वह आर्थिक और सैन्य मदद के लिए काफी हद तक सऊदी अरब पर निर्भर है। गाजा युद्ध ने बिगाड़ दिया शांति समझौता 2022 में युद्धविराम लागू होने के बाद पहली बार लगा कि यमन में स्थायी शांति लौट सकती है। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में सऊदी अरब और हूतियों के बीच समझौते पर बातचीत आगे बढ़ रही थी। दोनों पक्ष ऐसे फॉर्मूले पर काम कर रहे थे, जिससे वर्षों पुराना युद्ध खत्म हो सके। सबसे बड़ा विवाद यमन के तेल से होने वाली कमाई और सरकारी कर्मचारियों के वेतन को लेकर था। इसके बावजूद दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब पहुंच चुके थे। लेकिन अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होते ही पूरी तस्वीर बदल गई। हूतियों ने खुद को हमास के समर्थन में उतार दिया और लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले शुरू कर दिए। इसके जवाब में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके बाद शांति वार्ता धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में चली गई। हूती ने सऊदी पर वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया गाजा युद्ध के दौरान हूतियों ने सऊदी अरब पर सीधे हमले नहीं किए। लेकिन उन्होंने रेड सी से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इससे दुनिया के कई देशों का समुद्री व्यापार प्रभावित हुआ। इसके बाद 2025 में राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने हूतियों को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया और उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए। यमन मामलों के विशेषज्ञ फारिया अल-मुस्लिमी का कहना है कि इस फैसले से हूतियों के कब्जे वाले इलाकों की पहले से खराब अर्थव्यवस्था और बिगड़ गई। इससे वहां रहने वाले लोगों में नाराजगी भी बढ़ने लगी। न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने मौजूदा तनाव के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि सऊदी अरब ने शांति वार्ता के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं किए। खासकर हूती नियंत्रित इलाकों के सरकारी कर्मचारियों की रुकी हुई तनख्वाह बहाल नहीं की गई। हालांकि सऊदी अरब ने इन आरोपों से इनकार किया है। यमन में सऊदी राजदूत मोहम्मद अल-जाबेर ने कहा कि उनका देश तनाव कम करना चाहता है और यमन में स्थायी शांति का समर्थन करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि हूती लगातार हिंसा का रास्ता चुन रहे हैं और बाहरी ताकतों के हितों के लिए काम कर रहे हैं, जिसका नुकसान यमन की जनता को उठाना पड़ रहा है।



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विदेशों में भारतीय EV की गजब डिमांड, मारुति e-Vitara ने क‍िया कमाल


भारत अब सिर्फ अपने देश के लिए ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां नहीं बना रहा है, बल्कि वह पूरी दुनिया के लिए एक बड़ा कार कारखाना बनता जा रहा है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर अब एक नई उड़ान भर रहा है.

अगर हम कारों के एक्‍सपोर्ट की बात करें, तो इस साल भारत ने बड़ी कामयाबी हास‍िल की है. ऑटो उद्योग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी इस साल अप्रैल से जून के बीच भारत से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात लगभग 14 गुना बढ़ गया है. पिछले साल अप्रैल से जून के बीच भारत ने विदेशों में सिर्फ 1,122 इलेक्ट्रिक कारें बेची थीं. लेकिन इस साल यह संख्या सीधे 15,600 यूनिट्स तक पहुंच गई है. यानी सिर्फ एक साल के अंदर विदेशी बाजारों में हमारी कारों की मांग इतनी तेजी से बढ़ी है कि हम 14 गुना ज्यादा कारें बाहर भेज रहे हैं.

इस कामयाबी की सबसे बड़ी ‘हीरो’

अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि विदेशियों को भारत की इलेक्ट्रिक कारें इतनी पसंद आने लगीं? इस पूरी कामयाबी के पीछे एक सबसे बड़ा नाम है- मारुति सुजुकी. देश की इस मशहूर कंपनी की नई इलेक्ट्रिक कार e Vitara ने विदेशी बाजारों में धूम मचा दी है. कुल 15,600 एक्‍सपोर्ट की गई कारों में से लगभग 15,200 कारें केवल मारुति की ई-विटारा ही हैं. इसका मतलब है कि भारत के एक्‍स्‍पोर्ट की इस पूरी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय इसी एक कार को जाता है. यह कार अब भारत से सबसे ज्यादा निर्यात होने वाली कारों की लिस्ट में सीधे तीसरे नंबर पर आ गई है.

47 देशों की सड़कों पर दौड़ रही भारतीय कार

मारुति की इस ई-विटारा कार की सफलता सिर्फ एक या दो देशों तक सीमित नहीं है. कंपनी ने अपनी इस शानदार इलेक्ट्रिक कार को दुनिया के 47 अलग-अलग देशों में भेजा है. इनमें यूरोप के कई बड़े देश, एशिया के देश और अफ्रीका के बाजार भी शामिल हैं. यह इस बात का पक्का सबूत है कि दुनिया भर के लोग भारत में बनी चीजों पर पूरी तरह भरोसा कर रहे हैं. जब कोई भारतीय कार 47 देशों की सड़कों पर दौड़ती है, तो इससे यह संदेश जाता है कि भारत की तकनीक, डिजाइन और सुरक्षा दुनिया की किसी भी बड़ी कंपनी से कम नहीं है. यह हमारी ‘मेक इन इंडिया’ पहल की एक बहुत बड़ी जीत है.

दूसरी भारतीय कंपनियों की बड़ी तैयारी

भले ही अभी निर्यात के इस बड़े आंकड़े में मारुति सुजुकी का नाम सबसे ऊपर है, लेकिन भारत की दूसरी कंपनियां भी पीछे नहीं हैं. हमारे देश की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनियां, जैसे कि टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी इस रेस में मजबूती से तैयारी कर रही हैं. टाटा मोटर्स भारत के घरेलू बाजार में इलेक्ट्रिक कारों के मामले में नंबर वन है. अब टाटा और महिंद्रा दोनों ही कंपनियां अपनी नई इलेक्ट्रिक कारों को विदेशी बाजारों में लॉन्च करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं. जब आने वाले महीनों में इन दोनों कंपनियों की गाड़ियां भी विदेशों में बिकने लगेंगी, तो यह आंकड़ा कई गुना और बढ़ जाएगा.

विदेशी कंपनियां भारत क्यों आ रही हैं?

वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए विदेशी कंपनियां भी भारत में ही कारें बनवाना पसंद कर रही हैं. इसके कई आसान कारण हैं. पहला, भारत में कारें बनाना अमेरिका या यूरोप के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है. दूसरा, हमारे यहां काम करने वाले कुशल इंजीनियर और मजदूर आसानी से मिल जाते हैं. तीसरा, भारत सरकार भी उद्योगों को कई तरह की छूट और मदद दे रही है. भारत में गाड़ियों के पार्ट्स बनाने वाली बहुत सारी कंपनियां हैं. इन्हीं सब वजहों से दुनिया भर की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियां भारत को सिर्फ एक बाजार के रूप में नहीं, बल्कि अपना सामान बनाने और विदेशों में बेचने के एक बड़े ‘केंद्र’ के रूप में देख रही हैं.

मारुति e-Vitara की 5 खूब‍ियां

  1. बैटरी पैक और पावरफुल मोटर
    मारुति सुजुकी ई-विटारा में ग्राहकों को दो बेहतरीन बैटरी पैक के विकल्प मिलते हैं. पहला 49 kWh और दूसरा 61 kWh का LFP (लिथियम फेरो फॉस्फेट) ब्लेड-सेल बैटरी पैक है, जिसे प्रतिष्ठित कंपनी BYD से लिया गया है. यह बैटरी पैक इलेक्ट्रिक मोटर के साथ मिलकर 172 bhp तक की अधिकतम पावर और 193 Nm का दमदार टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है. इसका पावरफुल इलेक्ट्रिक पावरट्रेन शहर के भारी ट्रैफिक से लेकर हाईवे की लंबी यात्राओं तक, हर जगह एक स्मूथ और साइलेंट ड्राइविंग का शानदार अनुभव प्रदान करता है, जो इसे इस सेगमेंट की सबसे खास इलेक्ट्रिक एसयूवी बनाता है.
  2. शानदार और लंबी ड्राइविंग रेंज
    इलेक्ट्रिक वाहनों में सबसे बड़ी चिंता ड्राइविंग रेंज की होती है, लेकिन मारुति ई-विटारा ने इस समस्या का बेहतरीन समाधान दिया है. इसके 61 kWh वाले बड़े बैटरी पैक के साथ आपको फुल चार्ज पर 543 किलोमीटर तक की जबरदस्त ARAI-प्रमाणित रेंज मिलती है. वहीं, इसके 49 kWh वाले छोटे बैटरी पैक के साथ 440 किलोमीटर तक की सर्टिफाइड रेंज का दावा किया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप इस इलेक्ट्रिक कार को एक बार फुल चार्ज कर लेते हैं, तो आप बिना किसी ‘रेंज एंग्जायटी’ के आसानी से लंबे सफर पर निकल सकते हैं.
  3. सुपरफास्ट चार्जिंग की सुविधा
    आज के समय में किसी भी इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग स्पीड बहुत मायने रखती है. मारुति सुजुकी ने अपनी ई-विटारा में इस बात का खास ख्याल रखा है. यह कार DC फास्ट चार्जिंग को पूरी तरह सपोर्ट करती है. अगर आप 70kW के DC फास्ट चार्जर का इस्तेमाल करते हैं, तो इसकी बैटरी को 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में मात्र 45 मिनट का समय लगता है. वहीं, अगर आप घर पर 7.4kW के AC चार्जर का उपयोग करते हैं, तो इसे फुल चार्ज (10-100%) होने में लगभग 9 घंटे का समय लगता है, जो रात भर की चार्जिंग के लिए एकदम सही और बहुत ही सुविधाजनक है.
  4. प्रीमियम और हाई-टेक इंटीरियर
    मारुति सुजुकी ई-विटारा का इंटीरियर आपको एक बेहद प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक कार का अहसास कराता है. इसके केबिन को एक खूबसूरत डुअल-टोन (ब्लैक और टैन ब्राउन) थीम के साथ सजाया गया है. इसमें सबसे बड़ा आकर्षण इसका ‘इंटीग्रेटेड डिस्प्ले सिस्टम’ है, जिसमें 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25 इंच का पूरी तरह से डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर एक साथ जुड़ा हुआ है. इसके अलावा, फ्लोटिंग सेंटर कंसोल, टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील, एम्बिएंट लाइटिंग और पियानो ब्लैक फिनिश जैसे एलिमेंट्स इसके इंटीरियर को न सिर्फ बहुत आकर्षक बनाते हैं, बल्कि ड्राइवर और पैसेंजर दोनों को एक लक्ज़री केबिन का बेहतरीन अनुभव देते हैं.
  5. बेहतरीन कनेक्टेड कार टेक और एंटरटेनमेंट
    मनोरंजन और कनेक्टिविटी के मामले में भी यह इलेक्ट्रिक एसयूवी किसी से कम नहीं है. ई-विटारा में वायरलेस ऐपल कारप्ले और एंड्रॉयड ऑटोका सपोर्ट दिया गया है. म्यूजिक लवर्स के लिए इसमें इन्फिनिटी बाय हार्मन का 8-स्पीकर वाला प्रीमियम साउंड सिस्टम लगाया गया है, जो शानदार ऑडियो क्वालिटी देता है. इसके अलावा, इसमें वायरलेस फोन चार्जिंग पैड और ‘सुजुकी कनेक्ट’ ऐप की सुविधा भी है. इस स्मार्ट ऐप के जरिए आप कार का एसी ऑन कर सकते हैं, दरवाजे लॉक-अनलॉक कर सकते हैं और गाड़ी की बैटरी या रेंज जैसी जरूरी जानकारी घर बैठे अपने फोन पर हासिल कर सकते हैं.



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हरे रंग के आरामदायक मगर खूबसूरत कुर्ता सेट्स के साथ 2026 की हरियाली तीज होगी बेहद खास!


2026 की हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। इस मौके पर हरे रंग के हल्के आरामदायक कुर्ता सेट ट्राई करें। इनपर आकर्षक डिस्काउंट और ऑफर्स उपलब्ध है।

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फेस्टिव सीजन शुरू होने वाला है। 31 जुलाई से सावन शुरू होगा और फिर त्योहारों का मौसम भी आ जाएगा। इस बार 2026 की हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी। इस त्यौहार के लिए महिलाएं पहले से बेहद उत्सुक होती हैं! नई-नई साड़ियां, श्रृंगार आदि की शॉपिंग महिलाएं एक महीना पहले शुरू कर देती हैं। अगर आपने अभी तक अपने लिए कुछ खरीदने का नहीं सोचा है, तो आज हम आपके लिए लेकर आए हैं, हरियाली तीज स्पेशल 8 खूबसूरत कुर्ता सेट्स जो देखने में आकर्षक होने के साथ ही साथ हल्के और हवादार भी हैं। ये सभी आपके शरीर पर बेहद आरामदायक महसूस होंगे। वहीं सावन को ध्यान में रखते हुए हरे रंग के कुर्ता सेट्स लाए हैं। हालांकि, उनके अन्य रंगों के विकल्प भी मिल जाएंगे पसंद अनुसार कोई भी विकल्प डिस्काउंटेड प्राइस पर आर्डर कर सकती हैं।

हरियाली तीज पर खरीदें हरे रंग का कुर्ता सेट.

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Klosia ब्रांड के इस अनारकली कुर्ता पैंट और दुपट्टा सेट को महिलाओं ने काफी पसंद किया है। इस पर 3200 से अधिक पॉजिटिव रिव्यू देखने को मिले हैं। पूरे कुर्ते पर खूबसूरत एंब्रॉयडरी की गई है, जो इसके आकर्षण का केंद्र हैं। वहीं इसकी फैब्रिक भी हल्की और मुलायम है, फेस्टिवल में हल्का आरामदायक आउटफिट पहनना है तो ये विकल्प बिल्कुल परफेक्ट रहेगा। वहीं इस समय आकर्षक डिस्काउंटेड प्राइस पर उपलब्ध है इसे बेहद सस्ते में घर बैठे ऑर्डर कर सकती हैं।

एम्ब्रॉयडर्ड अनारकली कुर्ता, पैंट, दुपट्टा सेट आरामदायक और हवादार है, जिसे किसी भी त्यौहार के मौके पर आराम से कैरी कर सकती हैं। हल्की, हवादार फैब्रिक से तैयार ये लाइटवेट कुर्ता सेट देखने में जितनी अट्रैक्टिव है, पहनने पर उतनी ही कंफर्टेबल महसूस होगी। तीज, त्यौहार में ये सिंपल और अट्रैक्टिव लुक क्रिएट करने में मदद करेगा। विशेष रूप से सावन के अनुरूप इसका मेहंदी रंग बेहद आकर्षक है, जो आपको जरूर पसंद आएगा।

इस अनारकली कुर्ता सेट पर की गई खूबसूरत एंब्रॉयडरी इसे फेस्टिव वियर आउटफिट बनाती है। वहीं इसका रंग हरियाली तीज के लिए एकदम परफेक्ट रहेगा। अगर आप भी सावन की तीज में पहनने के लिए हरे रंग के सूट की तलाश में हैं, तो इसे जरूर ट्राई करें। वहीं इसकी फैब्रिक भी हल्की और आरामदायक है, साथ ही हवादार भी है। तीजों पर ये बेहद अट्रैक्टिव लगेगी, इसके साथ ही रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे त्यौहार पर भी इसे पहन सकती हैं।

Amazon Brand का ये कुर्ता सेट, देखने में बेहद खूबसूरत है मगर एक बजट फ्रेंडली विकल्प है। इस तरह के डिजाइनर कुर्ता सेट इतने कम दाम में जल्दी नहीं मिलेंगे। क्या आपको भी लगता है स्टाइल और कंफर्ट दोनों एक आउटफिट में नहीं मिल सकते, तो आप गलत हैं, ये कुर्ता सेट महिलाओं के सभी डिमांड्स को पूरा करेगा। इस बार हरियाली तीज पर सिंपल और एलिगेंट लुक के लिए ये कुर्ता सेट ट्राई कर सकती हैं। इसका कलर कॉन्बिनेशन भी कमाल का है। साथ ही ये प्लस साइज में भी उपलब्ध है, तो सभी बॉडी टाइप की महिलाएं इसे स्टाइल कर सकती हैं।

हरियाली तीज के लिए हरे रंग का सलवार सूट ढूंढ रही हैं मगर बजट में, तो इस विकल्प पर एक नजर जरूर डालें! इस पर की गई खूबसूरत एंब्रॉयडरी और इसका यूनिक डिजाइन आप सभी को बेहद पसंद आएगा। कुर्ता, पैंट, दुपट्टा सेट की फैब्रिक बेहद हल्की और आरामदायक है। साथ ही ये देखने में काफी अट्रैक्टिव है। हरे रंग के इस डिजाइनर कुर्ता पैंट के साथ प्रिंटेड दुपट्टा मिल जाएगा जो एक कंपलीट फेस्टिव वाइब दे रहा। अगर आपने हरियाली तीज के लिए शॉपिंग नहीं की है, तो ये ऑप्शन आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट रहेगा।

Verdevogel चंदेरी सिल्क ब्लेंड फैब्रिक से तैयार ये कुर्ता, प्लाजो सेट देखने में जितनी अट्रैक्टिव है, इसकी फैब्रिक उतनी ही आरामदायक है। अगर आप अपने लिए लंबे समय से कुर्ता सेट लेने का सोच रहे हैं, तो ये एथनिक वियर एक सस्ता, टिकाऊ और खूबसूरत ऑप्शन है। ये उन महिलाओं के लिए परफेक्ट है, जिन्हें आरामदायक और फैशनेबल दिखना पसंद है। लाइट ग्रीन कुर्ता पैंट के साथ कंट्रास्ट में डार्क ग्रीन दुपट्टा मिल जाएगा, जो इसके आकर्षण में चार चांद लगा रहा।

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