अपना दल (एस) के राष्ट्रीय नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने गुरुवार को डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर आयोजित ‘जन स्वाभिमान दिवस’ कार्यक्रम में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी विधानसभा चुनाव, टिकट वितरण और राम मंदिर से जुड़े जमीन विवाद पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य संगठन को लगातार मजबूत करना और चुनाव में जीत सुनिश्चित करना है। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को बताया सबसे बड़ी ताकत आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) हर वर्ष डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती को ‘जन स्वाभिमान दिवस’ के रूप में मनाता है। इस बार कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी यह साबित करती है कि उनके मन में डॉ. सोनेलाल पटेल के विचारों और संघर्षों के प्रति गहरी आस्था है। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि यही समर्पण पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। गांव-गांव पहुंचकर मजबूत किया जा रहा संगठन कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। हर 14 से 15 दिन के अंतराल पर अलग-अलग जिलों और गांवों में संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर के बाद लखनऊ में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है और अगले 15 दिनों में किसी अन्य जिले में इसी तरह का बड़ा कार्यक्रम होगा। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संवाद से संगठन और अधिक मजबूत हो रहा है। टिकट वितरण पर अभी नहीं हुई कोई चर्चा आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर आशीष पटेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस विषय पर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव अभी दूर हैं और संगठन को मजबूत करना फिलहाल प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “अपना दल हमेशा जीतने पर विश्वास रखता है, नंबर गिनाने पर नहीं।” उनके मुताबिक पार्टी चुनावी रणनीति समय आने पर तय करेगी। राम मंदिर में चंदा चोरी में जांच पूरी होने का इंतजार राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी पर पूछे गए सवाल के जवाब में आशीष पटेल ने कहा कि पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। उन्होंने बताया कि जांच की समय-सीमा 15 दिन और बढ़ाई गई है। सरकार जांच प्रक्रिया पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और रिपोर्ट आने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है। संगठन विस्तार पर रहेगा पार्टी का फोकस आशीष पटेल ने कहा कि आने वाले दिनों में भी पार्टी का जोर संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर रहेगा। प्रदेशभर में लगातार कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों से पहले पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) डॉ. सोनेलाल पटेल के विचारों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
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जीत हमारी प्राथमिकता, टिकट बंटवारे पर अभी कोई चर्चा नहीं: प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल बोल- राम मंदिर जमीन मामले में SIT जांच पूरी होने पर दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई – Lucknow News
भास्कर अपडेट्स: NEET-PG 2026 परीक्षा 30 अगस्त को, सवाल 200 से घटाकर 180 किए; नेशनल मेडिकल कमीशन बोला- छात्र अफवाहों से दूर रहें
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26 मिनट पहले
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नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) 30 अगस्त को NEET-PG 2026 परीक्षा आयोजित करेगा। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के चेयरपर्सन अभिजीत सेठ ने छात्रों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहने की अपील की।
सेठ ने कहा कि मैं छात्रों को भरोसा दिलाता हूं कि परीक्षा बहुत सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। चूंकि यह कंप्यूटर-आधारित परीक्षा है, इसलिए इसमें कई ऑब्जेक्टिव टूल्स का इस्तेमाल होता है। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना बहुत कम है।
सेठ ने परीक्षा में सवालों की संख्या कम करने की वजह भी बताई और कहा कि इससे छात्रों को पेपर सॉल्व करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। परीक्षा समिति का मानना था कि 20 सवाल कम करने से छात्रों को कम से कम आधा घंटा ज्यादा मिलेगा।
परीक्षा केंद्रों के आवंटन पर उन्होंने बताया कि पहले आओ, पहले पाओ वाला सिस्टम खत्म कर दिया गया है। उम्मीदवारों से तीन पसंदीदा राज्य चुनने के लिए कहा गया है। पत्राचार का राज्य अनिवार्य रूप से पहली पसंद होगा और बाकी दो पड़ोसी राज्यों में से होंगे।
उपलब्धता के आधार पर उम्मीदवार को 250 किलोमीटर के दायरे में केंद्र आवंटित करने की कोशिश की जाएगी। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई शाम 5 बजे शुरू हो चुकी है। यह 21 जुलाई की रात 11:55 बजे तक चलेगी। आज की बाकी बड़ी खबरें…
दिल्ली में ड्यूटी पर तैनात CRPF जवान ने सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी की

दिल्ली के मोती बाग इलाके में ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवान ने गुरुवार को अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक जवान की पहचान नरसी लाल यादव के तौर पर हुई है। यादव ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
दिल्ली SIR प्रक्रिया: 3 दिन में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे, 63000 से ज्यादा डिजिटाइज

वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए घर-घर जाकर किए जा रहे सर्वे के तहत गुरुवार तक दिल्ली में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए और 63,000 से ज्यादा भरे हुए फॉर्म डिजिटाइज किए गए। SIR के तीसरे चरण के तहत एक महीने तक चलने वाला यह सर्वे 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक चलेगा। 7 अक्टूबर को पब्लिश होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए हर वोटर को यह फॉर्म भरना होगा। CEO ऑफिस के अनुसार, जो वोटर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को पब्लिश होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होगा।
राजामौली का फ्रांस में सम्मान, लुमिएर म्यूजियम में नाम दर्ज

भारतीय फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली को फ्रांस में सम्मान मिला है। लुमिएर म्यूजियम में ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ (म्यूर दे सिनेमास्त) पर जगह देकर उन्हें सम्मानित किया गया। ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ पर वर्ल्ड सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा फिल्मकारों के नाम स्थायी रूप से दर्ज किए जाते हैं। इसलिए इसे फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में माना जाता है।
रेवाड़ी में पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़: 2 के पांवों में लगी गोली; पहले 25 केस; SI बुलेट प्रूफ जैकेट ने बचाए – Rewari News
रेवाड़ी में वीरवार- शुक्रवार की रात जड़थल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेंड के दौरान एसआई को गोली लगी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पांव में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। घायल बदमाशों में मोहन बोलनी रेवाड़ी और गोबिंद खुशखंडा थाना राजस्थान का रहने वाला है। दोनों बदमाशों के खिलाफ पहले से हत्या, हत्या प्रयास, फिरौती, चोरी और डकैती समेत 25 अधिक केस दर्ज हैं। मुठभेंड की सूचना के बाद डीएसपी हैडक्वाटर रविंद्र कुमार और डीएसपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण के साथ शहर थाना एसएचओ सूबे सिंह व गोकल गेट चौकी इंजार्च नरेश पुलिस टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचें। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 28 जून को की थी फायरिंग डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि धारूहेड़ा सीआईए को 28 जून को बखापुर में फायरिंग के आरोपी कच्चे रास्ते से रावता से जड़थल की तरफ जा रहे हैं। सूचना के बाद सीआईए इंजार्च योगेश टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाकेबंदी की। इसी दौरान बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। जैसे ही पुलिस ने रूकने का इशारा किया, आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एसआई फखरूद्दीन को बदमाशों की गोली लगी। बूल्टप्रूफ जैकेट के चलते वह बच गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। पांव में गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हो गए। जिसके बाद पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। एक रेवाड़ी, दूसरा रास्थान का उन्होंने बताया कि मोहन रेवाड़ी के बोलनी गांव का रहने वाला है। उस पर पहले से हत्या प्रयास, लूट डकैती, फिरौती और चोरी इत्यादि के 8-9 केस दर्ज हैं। दूसरा आरोपी राजस्थान के खुशखेड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला गोविंद है। जिस पर पहले से हत्या, हत्या प्रयास, लूट, डकैती और फिरौती जैसे 14- 15 केस हरियाणा और राजस्थान में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों की हिस्ट्री खंगाल रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताद की जाएगी। रतिराम ने दी थी शिकायत गांव बखापुर निवासी रतिराम ने कसोल थाना पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 28 जून को पल्सर बाइक पर तीन युवक आए और फायरिंग कर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद कसोला थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। हालांकि तब पुलिस फायरिंग की पुष्टि नहीं कर पाई थी।
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इंजीनियरिंग छात्रा भूमि और निर्मला की डीएनए से हुई पहचान: ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रेलर से टकराई थी, 8 लोगों की हुई थी मौत – Indore News
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बस में आग तेजी से फैली थी। इस कारण अंदर फंसे लोगों को निकालने में परेशानी हुई।
राजस्थान के दौसा के पास हंस ट्रेवल्स की बस की ट्रेलर से टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 से अधिक यात्री घायल हुए थे। इस हादसे में इंदौर की इंजीनियरिंग छात्रा भूमि भोरे और अन्नपूर्णा क्षेत्र निवासी निर्मला गुप्ता की भी जान चली गई थी।
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गुरुवार को डीएनए जांच के जरिए दोनों शवों की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजन को सौंप दिए गए। परिजन गुरुवार शाम शव लेकर राजस्थान से इंदौर के लिए रवाना हो गए। दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
दरअसल, मंगलवार को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
भूमि भोरे, सुखलिया निवासी थीं। वह अपनी दो रिश्तेदार युवतियों लीजा और दिशा तथा तीन अन्य युवकों के साथ मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा पर गई थीं। वहीं, निर्मला गुप्ता अपने पति चंद्रप्रकाश गुप्ता के साथ चारधाम यात्रा से लौट रही थीं। दोनों इंदौर लौटने के लिए हंस ट्रेवल्स की बस में सवार थीं, तभी दौसा के पास यह भीषण हादसा हो गया।
भूमि के परिजनों में उनके बड़े पिता, पिता और अन्य रिश्तेदार शव लेने राजस्थान पहुंचे थे। वहीं, निर्मला गुप्ता के परिवार की ओर से उनकी बेटी, दामाद और अन्य परिजन वहां पहुंचे। हादसे के बाद से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं।
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ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रेलर से टकराई, 8 मौतें

बस में करीब एक घंटे तक आग लगी रही। आग के बीच में से ही अंदर फंसे पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया।
राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। पढ़िए पूरी खबर।
पूर्णिया में करंट लगने से व्यक्ति की मौत: बल्ब जलाने के लिए बिजली के बोर्ड में तार जोड़ते समय हुआ हादसे का शिकार – Purnia News
पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र में करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान बनिया पट्टी काझा, वार्ड नंबर 05, के नगर पूर्णिया निवासी 45 वर्षीय छोटेलाल यादव के रूप में हुई है, जो सुखदेव लाल यादव के पुत्र थे। मृतक के पुत्र मनीष कुमार ने बताया कि उनके पिता घर में बल्ब जलाने के लिए बिजली के बोर्ड में तार जोड़ रहे थे। इसी दौरान उन्हें करंट का तेज झटका लगा और वे जमीन पर गिर पड़े। परिजनों ने छोटेलाल यादव को आनन-फानन में इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पूर्णिया पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ रितेश कुमार के अनुसार, प्रथमदृष्टया जांच में पता चला है कि व्यक्ति की मृत्यु अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
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गोरखपुर में शुक्रवार को कई इलाकों में होगी बिजली कटौती: 4 से 5 घंटे तक सप्लाई ठप रहेगी, रोड चौड़ीकरण-पोल शिफ्टिंग का होगा काम – Gorakhpur News
गोरखपुर में गुरुवार की रात 9 बजे बिजली विभाग ने कल यानी शुक्रवार को होने वाली कटौती की सूचना जारी की। शहर के कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण, लाइन और पोल शिफ्टिंग के कार्य के चलते कल यानी शुक्रवार को 4 से 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने पहले से शटडाउन की सूचना जारी कर उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। बक्शीपुर और दीवान बाजार में नहीं रहेगी बिजली बिजली विभाग के अनुसार बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दीवान बाजार और बक्शीपुर 11 KV फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। उपखंड अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। करीमनगर और रेल विहार फीडर भी रहेंगे बंद राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली आपूर्ति भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। इस दौरान इन फीडरों से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में भी रहेगा पांच घंटे का शटडाउन रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शहर के अन्य कई उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों पर भी शटडाउन लिया जाएगा। इनमें इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र का पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र का हनुमंत नगर फीडर, नईयापार उपकेंद्र का रजही फीडर, रायगंज उपकेंद्र का पोछिया-2 फीडर, खोराबार उपकेंद्र का सूबा बाजार फीडर तथा 33 KV खोराबार लाइन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील बिजली विभाग ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइनों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने के लिए यह शटडाउन जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग का कहना है कि कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी।
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पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में 2246 करोड़ के निवेश को मंजूरी: अगले 5 सालों में ₹20 हजार करोड़ के निर्यात का लक्ष्य; फार्मा कंपनियां करेंगी बड़ा निवेश – Indore News
पीथमपुर विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के दूसरे चरण में 2246 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन निवेशों से लगभग 1900 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अगले पांच वर्षों में करीब 20 हजार करोड़ रुपए के निर्यात की संभावना है। यह जानकारी मध्यप्रदेश इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआईडीसी) के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति ने दी। उन्होंने बताया कि डेवलपमेंट कमिश्नर, एसईजेड की अध्यक्षता में आयोजित स्वीकृति समिति की वित्तीय वर्ष की पहली बैठक में इन निवेश प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया। सभी निवेश पीथमपुर एसईजेड फेज-2 में किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। फार्मा सेक्टर का रहेगा दबदबा स्वीकृत निवेश प्रस्तावों में फार्मास्युटिकल क्षेत्र की कंपनियों की प्रमुख भागीदारी है। इनमें अजंता फार्मा का विस्तार और नई यूनिट की स्थापना शामिल है। इसके अलावा फेलिक्स जेनेरिक्स और शंकर न्यूट्रिकॉन जैसी कंपनियां भी नए निवेश के साथ अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाएंगी। निर्यात और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा एमपीआईडीसी के अनुसार इन नई इकाइयों के शुरू होने से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पीथमपुर एसईजेड का निर्यात प्रदर्शन भी मजबूत होगा। अनुमान है कि आगामी पांच वर्षों में इन इकाइयों से लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का निर्यात होगा। औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा पीथमपुर प्रजापति ने कहा कि पीथमपुर एसईजेड निवेशकों के लिए लगातार आकर्षण का केंद्र बन रहा है। नई परियोजनाओं के आने से मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को बल मिलेगा और प्रदेश फार्मा एवं विनिर्माण क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
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मोहर्रम में कट्टा लहराने वाले का पिता गिरफ्तार: हथियार छुपाने का आरोप, पूर्णिया पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेजा; मुख्य आरोपी फरार – Purnia News
पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में मोहर्रम के दौरान भीड़भाड़ वाली जगह पर कट्टा लहराने और फायरिंग करने का एक वीडियो सामने आया था। अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के पिता को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। लेकिन मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। व्हाट्सएप पर मिला था वीडियो मीरगंज थानाध्यक्ष रौशन सिंह को व्हाट्सएप पर फायरिंग का वायरल वीडियो प्राप्त हुआ था। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वीडियो का सत्यापन कराया गया, जिसमें फायरिंग करने वाले की पहचान मीरगंज थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद आशिक, पिता मोहम्मद जुद्दीन साह के रूप में हुई। आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला वीडियो के आधार पर मीरगंज थाना में कांड संख्या 80/26 दर्ज कर आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी), 26 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गुरुवार को उसके घर पर छापेमारी की। घर से बरामद हुआ देसी कट्टा छापेमारी के दौरान मोहम्मद आशिक घर पर नहीं मिला और फरार पाया गया। हालांकि, पुलिस ने उसके घर से एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया। हथियार छिपाकर रखने के आरोप में उसके पिता मोहम्मद जुद्दीन साह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मुख्य आरोपी की तलाश जारी मीरगंज थाना प्रभारी रौशन सिंह ने बताया कि कट्टा लहराकर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
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3.5 लाख कर्मचारियों की जानकारी होगी जांच के बाद लॉक: बिना परमिशन के नहीं होगा बदलाव; गलत सूचना पर शिक्षा विभाग करेगा कार्रवाई – Tonk News
स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब हर कार्मिक को शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज अपनी पूरी जानकारी खुद जांचनी होगी और उसे प्रपत्र-10 में लॉक करना होगा। इसके बाद विभाग उस जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान करेगा। टोंक समेत पूरे प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख कार्मिक इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके आदेश जारी किए हैं। अगर कोई कार्मिक तय प्रक्रिया पूरी नहीं करता या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई तक अपनी पूरी जानकारी जांचकर करनी होगी लॉक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्टाफ लॉगिन में जाकर स्टाफ प्रोफाइल के तहत उपलब्ध प्रपत्र-10 की सभी जानकारियां अपनी सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अनुसार जांचेंगे। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक, सेवा, पदोन्नति, पारिवारिक, बैंक, प्रशिक्षण समेत 15 अलग-अलग फॉर्मेट को 10 जुलाई तक लॉक करना होगा। 15 जुलाई तक अधिकारी करेंगे रिकॉर्ड से मिलान कार्मिक द्वारा जानकारी लॉक करने के बाद उसकी जांच होगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों में पीईईओ और यूसीईईओ, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान प्रपत्र-10 में दर्ज जानकारी का सेवा रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष यह सत्यापन करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में हमेशा के लिए रखा जाएगा प्रपत्र सत्यापन पूरा होने के बाद प्रपत्र-10 की प्रिंट कॉपी निकाली जाएगी। इस पर कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर होंगे और इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा। इसमें सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम और तारीख भी दर्ज होगी। यह दस्तावेज रिकॉर्ड का स्थायी हिस्सा रहेगा। बाद में यदि किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसकी संशोधित प्रति भी रिकॉर्ड में जोड़नी होगी। लॉक होने के बाद सीधे नहीं बदल सकेंगे रिकॉर्ड एक बार प्रपत्र-10 लॉक और सत्यापित होने के बाद उसमें सीधे कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि भविष्य में किसी जानकारी में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो संस्था प्रधान या कार्यालयाध्यक्ष को संबंधित ब्लॉक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर पहले प्रपत्र-10 अनलॉक कराना होगा। इसके बाद ही नई जानकारी दर्ज कर दोबारा लॉक और सत्यापन किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सभी कार्मिकों को जानकारी सावधानी से भरने और जांचने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम जो कर्मचारी नियम-144 (क) के तहत दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें भी शाला दर्पण के स्टाफ लॉगिन से अपनी जानकारी भरनी होगी। उनके प्रपत्र-10 का सत्यापन उनके अंतिम विद्यालय या कार्यालय के संस्था प्रधान, कार्यालयाध्यक्ष या पीईईओ द्वारा किया जाएगा। रिकॉर्ड और पोर्टल की जानकारी एक जैसी करना है उद्देश्य शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया – विभाग चाहता है कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाएं। इसी उद्देश्य से सभी कार्मिकों को पहले अपनी जानकारी जांचकर लॉक करने और फिर विभागीय स्तर पर उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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बरसात में कीड़ों से बचाना है बेसन और सूजी? अपनाएं ये आसान और असरदार किचन हैक्स
Monsoon Kitchen Tips: बरसात का मौसम आते ही रसोई में रखी कई जरूरी चीजों की देखभाल पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है. खासकर बेसन, सूजी और मैदा जैसी सूखी सामग्री, जिनका इस्तेमाल लगभग हर घर में रोजाना होता है. कभी गरमा-गरम पकौड़े बनाने हों, मीठा हलवा तैयार करना हो या फिर केक और पूरी बनानी हो, ये तीनों चीजें किचन की जरूरत हैं. लेकिन बारिश के दिनों में हवा में बढ़ी नमी इनके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाती है.
थोड़ी-सी लापरवाही के कारण इनमें कीड़े लग सकते हैं, बदबू आने लगती है या फिर इनका स्वाद और गुणवत्ता दोनों खराब हो जाते हैं. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर आप इन्हें लंबे समय तक ताजा, सुरक्षित और इस्तेमाल के लायक रख सकते हैं. आइए जानते हैं ऐसे आसान किचन हैक्स, जो हर घर के लिए बेहद काम के साबित हो सकते हैं.
बारिश में क्यों जल्दी खराब हो जाते हैं बेसन, सूजी और मैदा?
बरसात के मौसम में वातावरण में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है. यही नमी धीरे-धीरे किचन में रखे सूखे खाद्य पदार्थों तक पहुंच जाती है. यदि डिब्बा ठीक से बंद न हो या बार-बार खुलता रहे, तो हवा के संपर्क में आने से इनमें नमी जमा होने लगती है. यही नमी बाद में फफूंदी, बदबू और कीड़ों की वजह बन जाती है. कई लोग यह सोचकर बड़ी मात्रा में बेसन या मैदा खरीद लेते हैं कि बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ेगा. लेकिन सही स्टोरेज न होने पर यह बचत नुकसान में बदल सकती है.
फ्रिज या फ्रीजर में रखना सबसे आसान उपाय
एयर टाइट कंटेनर का करें इस्तेमाल
अगर आप चाहते हैं कि बेसन, सूजी और मैदा लंबे समय तक सुरक्षित रहें, तो इन्हें पहले अच्छी तरह सूखे और साफ एयर टाइट कंटेनर में भरें. इसके बाद जरूरत के अनुसार इन्हें फ्रिज या फ्रीजर में रखा जा सकता है. ठंडे वातावरण में नमी का असर काफी कम हो जाता है, जिससे कीड़े लगने की संभावना भी घट जाती है. खासतौर पर अगर आपने बड़ी मात्रा में सामान खरीदा है, तो यह तरीका काफी उपयोगी साबित हो सकता है.
पुदीने की सूखी पत्तियां रखें, कीड़े रहेंगे दूर
घरेलू नुस्खा जो आज भी कारगर है
पुराने समय से ही कई घरों में सूखी पुदीने की पत्तियों का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए किया जाता रहा है. इनकी प्राकृतिक खुशबू कई तरह के छोटे कीड़ों को दूर रखने में मदद करती है. ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों. गीली पत्तियां रखने से फायदा होने की बजाय नुकसान हो सकता है.
तेजपत्ता भी है बेहतरीन विकल्प
प्राकृतिक खुशबू से मिलता है संरक्षण
अगर आपके घर में तेजपत्ता मौजूद है, तो उसका इस्तेमाल भी किया जा सकता है. कंटेनर में तीन से चार तेजपत्ते रख देने से कीड़ों के आने की संभावना कम हो जाती है. यह उपाय आसान होने के साथ-साथ पूरी तरह प्राकृतिक भी है और किसी तरह के रसायन का इस्तेमाल नहीं करना पड़ता.
नीम की सूखी पत्तियां भी आएंगी काम
नीम को प्राकृतिक कीटरोधी माना जाता है. यही वजह है कि कई लोग आज भी अनाज और दालों को सुरक्षित रखने के लिए इसकी सूखी पत्तियों का इस्तेमाल करते हैं. यदि आप बेसन, सूजी या मैदा के डिब्बे में अच्छी तरह सूखी नीम की पत्तियां रखते हैं, तो उनमें कीड़े लगने का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है. बस यह ध्यान रखें कि पत्तियां पूरी तरह सूखी हों और उनमें नमी बिल्कुल न हो.
सूजी और बेसन को हल्का भूनकर करें स्टोर
स्टोरेज से पहले अपनाएं यह छोटी-सी ट्रिक
यदि आप सूजी और बेसन का लंबे समय तक इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन्हें हल्की आंच पर कुछ मिनट भूनकर पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद एयर टाइट डिब्बे में भर दें. ऐसा करने से इनमें मौजूद अतिरिक्त नमी निकल जाती है और इनके खराब होने की संभावना कम हो जाती है. हालांकि मैदा को भूनने की जरूरत नहीं होती. उसे सीधे साफ और सूखे डिब्बे में स्टोर करना चाहिए.
साफ और सूखा कंटेनर ही करें इस्तेमाल
अक्सर लोग नया सामान पुराने डिब्बे में ही भर देते हैं, जबकि उसमें पहले से हल्की नमी या पुराने आटे के कण मौजूद हो सकते हैं. यही छोटी-सी गलती बाद में पूरे सामान को खराब कर सकती है. इसलिए हर बार कंटेनर को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सुखा लें. इसके बाद ही नया बेसन, सूजी या मैदा उसमें भरें. साथ ही हमेशा सूखे चम्मच का ही इस्तेमाल करें.
छोटी-छोटी आदतें बचा सकती हैं बड़ा नुकसान
कई बार लोग गीले हाथों से डिब्बा खोलते हैं या इस्तेमाल के बाद उसका ढक्कन ठीक से बंद नहीं करते. ऐसी छोटी गलतियां धीरे-धीरे नमी बढ़ा देती हैं. अगर परिवार में रोजाना इन चीजों का इस्तेमाल होता है, तो कोशिश करें कि बड़े डिब्बे की बजाय थोड़ा-थोड़ा सामान अलग डिब्बे में निकालकर रखें. इससे मुख्य स्टॉक बार-बार हवा के संपर्क में नहीं आएगा और ज्यादा समय तक सुरक्षित रहेगा. बरसात में नमी के कारण बेसन, सूजी और मैदा जल्दी खराब हो सकते हैं. एयर टाइट डिब्बा, फ्रिज स्टोरेज, तेजपत्ता, नीम और सूखी पुदीने की पत्तियों जैसे आसान घरेलू उपाय अपनाकर इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)


