Monday, June 1, 2026
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KGMU में दवा घोटाले की जांच तेज: यूरोलॉजी विभाग के दवा वितरण कर्मी हटाए गए, लखनऊ छोड़ने पर रोक – Lucknow News




KGMU के यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना के तहत कैंसर मरीजों को मिलने वाली महंगी दवा व इंजेक्शन में घोटाले के आरोप में दवा वितरण में लगे सभी कर्मचारियों को हटा दिया गया। उन्हें विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबंद्व किया गया है। सभी कर्मचारियों को लखनऊ न छोड़ने के निर्देश संस्थान ने दिए हैं। KGMU प्रशासन का कहना है कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सोमवार तक दे देगी। जिसके बाद दोषी कर्मचारियों के ​​खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उनसे रिकवरी कराई जाएगी।
यूरोलॉजी विभाग में प्रोस्टेट, किडनी, पेशाब की थैली समेत दूसरे अंगों के कैंसर से पीड़ितों का इलाज होता है। गरीब कैंसर मरीजों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए असाध्य योजना का संचालन किया जा रहा है। इस तरह हुआ था खेल
यूरोलॉजी विभाग में असाध्य योजना में पंजीकृत कैंसर मरीजों के नाम पर महंगी दवाओं की फर्जी खपत दिखाकर सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। विभाग में अक्टूबर-नवंबर 2025 में विभाग में जहां 10 लाख रुपये माह की दवाओं की खपत थी। वहीं, फरवरी 2026 में करीब 40 लाख रुपये की दवाएं खप गईं। मार्च में यह बजट बढ़कर 45 लाख रुपये से ज्यादा के आंकड़े को पार कर गया। महंगी दवाओं के तेजी से बढ़ते बजट पर अफसरों को शक हुआ। उन्होंने बिल और डॉक्टरों के प्रिसक्रिप्सन ऑडिट शुरू किया। जिसमें ढ़ेरों गड़बड़ी सामने आई। हालात यह है कि कुछ मरीज को कागजों पर ताकत बढ़ाने व प्रोटीन के इंजेक्शन माह भर में चार से पांच लगा दिए गए। जबकि एक इंजेक्शन छह माह में एक बार लगाया जा सकता है। हर इंजेक्शन की कीमत आठ से 10 हजार रुपये है। खुलेआम हुआ नियम का उल्लंघन
कैंसर मरीजों को भर्ती कर दवा लगाने का नियम है। इस नियम का भी उल्लंघन किया गया। अधिकारियों ने दो करोड़ रुपये की दवाओं की घपलेबाजी की आशंका जाहिर की है। यूरोलॉजी विभाग में अफसरों ने चेहते संविदा कर्मचारी को असाध्य योजना की दवाओं की जिम्मेदारी सौंपी थी। इन सभी कर्मचारियों को हटाकर विभागाध्यक्ष कार्यालय से संबंद्व कर दिया गया है। जांच होने तक वह लखनऊ छोड़कर नहीं जाएंगे। दोषियों से होगी रिकवरी
KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, संविदाकर्मियों को दवा काउंटर से हटा दिया गया है। सोमवार तक कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी। दोषी मिलने पर संबं​धित कर्मचारियों से रिकवरी होने संग उनकी सेवा भी समाप्त होगी।



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नालंदा में 125 करोड़ खर्च के बावजूद ट्रैफिक सिस्टम फेल: ट्रैफिक सिग्नल फेल, चालान चालू; शहर में 500 CCTV से भी नहीं हो रहा कंट्रोल – Nalanda News




बिहार शरीफ शहर में ट्रैफिक जाम से लोग परेशान हैं। चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों की बत्ती महीनों से गुल है, लेकिन नियमों के नाम पर वाहन चालकों के चालान अब भी धड़ल्ले से काटे जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपए की लागत से लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल अब पूरी तरह से शोपीस बनकर रह गए हैं। सबसे बुरा हाल अस्पताल चौक का है, जहां पिछले एक महीने से मात्र एक ही लाइट के सहारे पूरा ट्रैफिक कंट्रोल किया जा रहा है। शहर के ट्रैफिक को हाईटेक तरीके से नियंत्रित करने के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आई ट्रिपल सी) की स्थापना की गई थी। शुरुआत में इस महत्वाकांक्षी योजना की लागत 102.94 करोड़ रुपए थी, जो बाद में बढ़कर 125 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। इस भारी-भरकम बजट से बिहार थाना परिसर में आई ट्रिपल सी भवन का निर्माण किया गया। शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी बनाए गए। इसके बावजूद, धरातल पर स्थिति यह है कि न तो शहर का ट्रैफिक कंट्रोल हो पा रहा है और न ही प्रशासन का कोई ‘कमांड’ नजर आ रहा है। मेंटेनेंस के अभाव में 2 महीने में ही लाइटें खराब यातायात व्यवस्था सुधारने की यह कवायद चार दिसंबर 2021 को अस्पताल चौक से शुरू हुई थी। शुरुआत में लोगों के लिए यह व्यवस्था नई थी और उन्होंने नियमों का पालन भी किया। लेकिन रखरखाव के अभाव में महीने-दो महीने के भीतर ही लाइटें खराब होने लगीं और पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई। आज हालत यह है कि लोग सरेआम लाल बत्ती जंप कर रहे हैं। आम जनता तो दूर, पुलिस और बड़े अधिकारियों तक की गाड़ियां लाल बत्ती होने के बावजूद बेरोकटोक पास करा दी जाती हैं। अस्पताल मोड़ के अलावा शहर के देवीसराय चौक, करगिल चौक, 17 नंबर मोड़, भरावपर चौराहा, सोहसराय मोड़, अम्बेर मोड़, खंदक मोड़, भैंसासुर मोड़ और मछली मार्केट जैसे प्रमुख स्थानों पर भी ट्रैफिक लाइटें लगाई गई थीं। इनमें से भरावपर, 17 नंबर मोड़ और करगिल चौक के सिग्नल तो ओवरब्रिज व सड़क निर्माण कार्य की भेंट चढ़ गए। सोहसराय, अंबेर और खंदक मोड़ सहित अन्य जगहों पर कुछ दिन लाइटें जली और फिर हमेशा के लिए बंद हो गईं। अब इन खराब पड़े सिग्नलों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।आ आम जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा सुरक्षा और निगरानी के नाम पर लगाए गए 500 से अधिक कैमरों का हाल भी किसी से छिपा नहीं है। आधे से ज्यादा कैमरे कबाड़ में तब्दील हो चुके हैं। जो गिने-चुने कैमरे काम कर रहे हैं, उनकी गुणवत्ता इतनी खराब है कि उनके नीचे से गुजरने वाले किसी भी व्यक्ति का चेहरा स्पष्ट रूप से नहीं पहचाना जा सकता। ट्रैफिक लाइटों के ठीक नीचे ई-रिक्शा का बेतरतीब कब्जा रहता है और आम नागरिक रोज जाम से जूझने को मजबूर हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि 125 करोड़ रुपए फूंकने के बाद भी क्या जनता को कोई लाभ मिला, या फिर उनकी गाढ़ी कमाई पूरी तरह से पानी में बह गई।



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रिपोर्ट- ईरानी राष्ट्रपति पजशकियान ने सुप्रीम लीडर को इस्तीफा भेजा: इस्लामिक सेना के कंट्रोल से नाराज, कहा- बड़े फैसलों में शामिल नहीं किया जाता


तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले

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ईरान में राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने इस्तीफा दे दिया है। ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह मोजतबा खामेनेई को अपना इस्तीफा भेज दिया है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पजशकियान ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि देश की सत्ता पर अब पूरी तरह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों का कंट्रोल हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी में अमेरिका और इजराइल के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से उनकी सरकार को अहम फैसलों की प्रक्रिया से लगभग अलग कर दिया गया है।

पजशकियान के मुताबिक, उनकी सरकार को बड़े फैसलों में शामिल नहीं किया जा रहा है और वास्तविक नियंत्रण सैन्य नेतृत्व के हाथों में चला गया है। अभी यह साफ नहीं है कि सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई उनका इस्तीफा स्वीकार करेंगे या नहीं।

हालांकि, फर्स्टपोस्ट के मुताबिक ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय में संचार और सूचना प्रसार विभाग के डिप्टी चीफ सैयद मेहदी तबातबाई ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है।

ईरान के राष्ट्रपति मसदू पजशकियान। वे जुलाई 2024 में राष्ट्रपति बने थे।

ईरान के राष्ट्रपति मसदू पजशकियान। वे जुलाई 2024 में राष्ट्रपति बने थे।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

  1. ब्यूफोर्ट किले पर इजराइल का कब्जा: इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले और आसपास की पहाड़ियों पर कब्जा कर लिया। यह पिछले 26 साल में इजराइल की लेबनान में सबसे बड़ी घुसपैठ है।
  2. इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग: फ्रांस ने लेबनान में इजराइल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है।
  3. ट्रम्प बोले- ईरानी सेना के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं: ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका ने ईरानी सेना पर उतनी सख्त कार्रवाई नहीं की, जितनी वह दूसरे देशों की सेनाओं के खिलाफ करता रहा है।
  4. ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं: ईरान ने कहा है कि जब तक यह भरोसा नहीं हो जाता कि उसके अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं, तब तक अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को मंजूरी नहीं दी जाएगी।
  5. अमेरिका ने ईरान जा रहे जहाज को रोका: अमेरिका ने ईरान की ओर जा रहे एक और मालवाहक जहाज को रोक दिया। 17 अप्रैल से अब तक अमेरिका 6 जहाजों को ईरान जाने से रोक चुका है।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

3 मिनट पहले

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हिजबुल्लाह का दावा- दक्षिणी लेबनान में इजराइली ड्रोन गिराया

हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान के पश्चिमी इलाके में इजराइल के हर्मीस 450 ड्रोन को मार गिराया है।

हर्मीस 450 इजराइल का निगरानी और हमले में इस्तेमाल होने वाला प्रमुख ड्रोन माना जाता है। हालांकि, इजराइली सेना की तरफ से अभी इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

हिजबुल्लाह ने यह भी दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान के योहमोर अल-शकीफ कस्बे के पूर्वी बाहरी इलाके में मौजूद इजराइली सैनिकों पर बड़ी संख्या में रॉकेट और तोप के गोले दागे।

संगठन के मुताबिक, यह हमला स्थानीय समयानुसार रात 1 बजे किया गया।

22 मिनट पहले

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ईरान-अमेरिका के बीच 4 मुद्दों पर बातचीत हो रही

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य इस्माइल कौसरी ने कहा कि ईरान, अमेरिका के साथ फिलहाल चार प्रमुख मुद्दों पर बातचीत कर रहा है।

इनमें शामिल हैं-

1. भविष्य में फिर से युद्ध न होने की गारंटी

2. युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा

3. अमेरिकी फोर्स की होर्मुज से वापसी

4. ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाना

कौसरी ने यह भी दावा किया कि दुनिया के कई देशों ने होर्मुज पर ईरान के कंट्रोल को स्वीकार कर लिया है। हालांकि युद्ध खत्म करने को लेकर अमेरिका से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं है।

कौसरी ने यह भी दावा किया कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अब अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के एजेंडे से हटा दिया गया है।

24 मिनट पहले

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फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र में इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की मांग की

फ्रांस ने लेबनान में इजराइल की बढ़ती सैन्य कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। यह मांग तब की गई जब इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा कर लिया।

फ्रांस के विदेश मंत्री जां-नोएल बारो ने कहा कि फ्रांस इजराइल के आत्मरक्षा के अधिकार को मानता है, लेकिन लेबनान के भीतर लगातार सैन्य अभियान चलाना और वहां और गहराई तक कब्जा बढ़ाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं।

फ्रांस का कहना है कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष को और फैलने से रोकना जरूरी है। इसी वजह से उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा करने की मांग की है।

ब्यूफोर्ट किले पर कब्जे के बाद इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के बड़े इलाके में लोगों को घर खाली करने का आदेश भी दिया है। फ्रांस को आशंका है कि इससे मानवीय संकट और गहरा सकता है, साथ ही दोनों देशों के बीच संघर्ष और बढ़ सकता है।

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जबलपुर में महिला जेल प्रहरी नौकरी छोड़ने को मजबूर: पीड़िता बोली- पीछा कर मानसिक प्रताड़ना दी जा रही, 2 साल पहले विवाद का मामला एनएचआरसी तक पहुंचा – Jabalpur News




जबलपुर के पाटन सब जेल में पदस्थ एक महिला जेल प्रहरी कथित प्रताड़ना से इस कदर परेशान हो चुकी है कि उसने नौकरी छोड़ने तक का मन बना लिया है। महिला जेल प्रहरी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की है। उसका आरोप है कि ड्यूटी के बाद बाजार जाने पर भी उसका पीछा किया जाता है। साल 2024 से शुरू हुआ यह विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया है। हालांकि जेल प्रशासन का कहना है कि विभाग पूरी तरह महिला कर्मचारी के साथ खड़ा है और मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों सहित एडीजे को भी दी गई है। 2024 की घटना से शुरू हुआ पूरा विवाद जानकारी के अनुसार जबलपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित पाटन सब जेल में पदस्थ महिला जेल प्रहरी रचना ने शिकायत में बताया है कि साल 2024 में सौरभ व्यास नाम का व्यक्ति जेल पहुंचा था और बिना अनुमति सीधे मुलाकात कक्ष की ओर जाने लगा। रचना ने जब उससे मिलने की अनुमति और पहचान संबंधी दस्तावेज पूछे, तो इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। महिला प्रहरी का आरोप है कि इसके बाद से उसे लगातार परेशान किया जाने लगा। महिला जेल प्रहरी को धमकी- तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा पाटन जेल में सहायक जेल अधीक्षक हेमेंद्र बागरी के मुताबिक रचना की नियुक्ति साल 2018 में महिला जेल प्रहरी के पद पर हुई थी और सब कुछ सामान्य चल रहा था। लेकिन 2024 से सौरभ व्यास द्वारा उसे परेशान किया जाने लगा। मामले की लिखित शिकायत पाटन थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर मानव अधिकार आयोग को पत्र लिखा गया। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को एफआईआर दर्ज हुई, हालांकि पुलिस ने थाने से ही आरोपी को जमानत दे दी। महिला जेल प्रहरी ने शिकायत में कहा है कि उसका लगातार पीछा किया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। उसे कहा जाता है कि “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे जेल में रोकने की, तुम्हारी वर्दी उतरवा दूंगा।” महिला कर्मचारी का आरोप है कि सौरभ अपने साथियों के साथ उसका पीछा करता है और अधिकारियों से लगातार शिकायतें कर मानसिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। समझौते का दबाव बनाने का आरोप महिला प्रहरी ने आरोप लगाया है कि मामला कोर्ट में पहुंचने के बावजूद उस पर राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है। उसका कहना है कि लगातार तनाव और दबाव के कारण उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं, वह अपनी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी ठीक से नहीं कर पा रही है। पुलिस के साथ विभागीय जांच जारी सब जेलर हेमेंद्र बागरी का कहना है कि मामला जांच में है और पुलिस के साथ विभागीय स्तर पर भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि सौरभ व्यास पेशे से अधिवक्ता हैं और दो साल पहले बिना आवश्यक दस्तावेज के जेल परिसर में घूम रहे थे, जिस पर महिला प्रहरी ने आपत्ति जताई थी। इसी बात से नाराज होकर वह लगातार उसे परेशान कर रहे हैं। बागरी के मुताबिक महिला जेल प्रहरी सरकारी आवास में अकेले रहती है और लगातार धमकियों व पीछा किए जाने से मानसिक रूप से परेशान हो चुकी है। कई बार उसने नौकरी छोड़ने की बात भी कही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जेलर पद की परीक्षा भी प्रस्तावित है, लेकिन मानसिक तनाव के कारण वह पढ़ाई तक नहीं कर पा रही है। सभी आरोप निराधार, सबूत देना चाहिए वहीं मामले में सौरभ व्यास का कहना है कि उन्होंने जेल में कथित अनियमितताओं की शिकायत की थी और इसी कारण उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करवाई गई। उनका कहना है कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। सौरभ व्यास ने यह भी कहा कि महिला जेल प्रहरी का पीछा करने के आरोप भी गलत हैं और यदि इस संबंध में कोई सबूत हैं तो उन्हें पुलिस या संबंधित अधिकारियों के सामने पेश किया जाना चाहिए। बंदी की मां से शिकायत करवाने का आरोप जेल प्रशासन ने एक अन्य मामले का भी उल्लेख किया है। 21 मई को जेल में बंद सौरभ पिता राजू नामक बंदी ने बैरक में लोहे की रॉड से सिर टकराकर खुद को घायल कर लिया था। अगले दिन उसकी मां ने पाटन पहुंचकर आरोप लगाया कि जेल में उसके बेटे के साथ मारपीट की गई है। जांच में सामने आया कि बंदी ने खुद अपनी मां को ऐसा कहने के लिए कहा था। सब जेलर के मुताबिक बंदी को बाहर से मनचाही वस्तुएं नहीं मिल पाने के कारण उसने दबाव बनाने के लिए यह कदम उठाया था। मामले की जांच एडीजे स्तर पर भी हुई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि बंदी ने खुद को चोट पहुंचाई थी। बाद में कुछ लोगों ने इस मामले को अलग रूप देकर जेल विभाग पर झूठे आरोप लगाए।



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भास्कर अपडेट्स: बंगाल में आज मंत्रिमंडल विस्तार, 35 नए मंत्री शपथ लेंगे


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1 घंटे पहले

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पश्चिम बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने के तीन हफ्ते बाद, सोमवार सुबह 11 बजे राज्य 35 नए मंत्री बनेंगे। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस समारोह में कम से कम 35 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे, जिन्हें राज्यपाल आरएन रवि लोक भवन में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

सूत्रों के मुताबिक, इस नए कैबिनेट में भाजपा के कई बड़े और प्रमुख चेहरों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। मंत्रियों की इस सूची में पूर्व टीएमसी नेता अर्जुन सिंह, क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा, पूर्व राज्यसभा सांसद स्वपन दासगुप्ता और जानी-मानी अभिनेत्री व भाजपा नेता रूपा गांगुली जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं

सिद्धारमैया के बेटे बोले- अगली कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है

कांग्रेस एमएलसी और कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने रविवार को कहा कि उन्हें कर्नाटक की अगली कैबिनेट में जगह मिलने की उम्मीद है और पार्टी आलाकमान ने उन्हें मंत्री पद का आश्वासन दिया है।

डिप्टी सीएम पद की रेस में शामिल होने के सवाल पर यतींद्र ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनके समर्थकों ने ऐसी कोई मांग या प्रस्ताव आलाकमान के सामने रखा है।

ओडिशा में दो महिलाओं ने सीएम आवास के बाहर जहर खाने की कोशिश की, खतरे से बाहर

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के आवास के पास रविवार को तीन महिलाओं ने प्रदर्शन किया, जिनमें से दो महिलाओं ने खोरधा जिले में एक भूमि विवाद को सुलझाने में हो रही देरी से परेशान होकर जहर खाकर जान देने की कोशिश की।

भुवनेश्वर के डीसीपी जगमोहन मीणा ने बताया कि यह घटना लोअर पीएमजी में धरना प्रदर्शन के लिए तय की गई जगह के पास हुई। ये महिलाएं खोरधा के बानपुर में चल रहे जमीन विवाद के निपटारे की मांग कर रही थीं। उन्हें तुरंत कैपिटल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बताया कि फिलहाल दोनों महिलाएं खतरे से बाहर हैं।

सुप्रीम कोर्ट बोला- नाबालिगों की तस्करी पर अब पॉक्सो की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज होगा

यौन शोषण के लिए नाबालिगों की तस्करी पर अब पॉक्सो की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘कमर्शियल सेक्सुअल एक्सप्लॉइटेशन’ के लिए बच्चों की तस्करी के मामलों में सख्त पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस बन सकता है।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने यौन कार्यकर्ताओं से जुड़ी चिंताओं को कम करने के लिए कई निर्देश भी दिए। कोर्ट ने साफ किया कि तस्करी के मामलों में फोकस पीड़ित की सहमति पर नहीं, बल्कि आरोपी के तरीके और इरादे पर होना चाहिए।

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चीन के 1500 स्टील्थ फाइटर्स को मटियामेट करेगा भारत का AMCA, आ गई पूरी टाइमलाइन


नई दिल्‍ली. भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रविवार सुबह चंडीगढ़ के पास पंचकूला (हरियाणा) के रामगढ़ में स्थित अपनी बेहद संवेदनशील विंग ‘टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी’ (TBRL) में एक बेहद शक्तिशाली और विनाशकारी ‘हाई-कैलिबर बम’ का सफल परीक्षण किया है. वायुसेना के आला अधिकारियों की सीधी मौजूदगी में किए गए इस महापरीक्षण की गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई. यह बम इतना घातक था कि परीक्षण से पहले ही प्रशासन ने आस-पास के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों को घरों के भीतर रहने की सख्त हिदायत दी थी. अधिकारियों के मुताबिक, कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत किया गया यह ट्रायल पूरी तरह सटीक और सफल रहा, जो भविष्य में भारतीय वायुसेना (IAF) के लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को अचूक और तबाही मचाने वाली मारक क्षमता प्रदान करेगा.

यह धमाका DRDO की आर्मामेंट्स क्लस्टर के तहत आने वाली प्रतिष्ठित प्रयोगशाला TBRL में हुआ, जहां भारत के नए ‘हाई-कैलिबर’ बम की क्षमताओं को परखा गया. हालांकि TBRL में पहले भी कई विस्फोटक परीक्षण होते रहे हैं, लेकिन इस बार का धमाका बेहद खास और विशाल था, क्योंकि इसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक रिकॉर्ड की गई.

एयरफोर्स के अफसरों की मौजूदगी के मायने
इस परीक्षण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही. इससे साफ संकेत मिलते हैं कि यह हाई-कैलिबर बम सीधे तौर पर वायुसेना के लड़ाकू विमानों से गिराए जाने वाले युद्धक हथियारों या फिर IAF की अत्याधुनिक मिसाइलों के वॉरहेड का हिस्सा बनने जा रहा है. यह परीक्षण चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर जारी तनाव के बीच भारत की हवाई संप्रभुता को और मजबूत करेगा.

1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक उड़े टुकड़े
बम की संहारक क्षमता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि परीक्षण से पहले TBRL ने चेतावनी जारी की थी कि ब्लास्ट के बाद बम के मलबे और टुकड़े हवा में 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक उड़ सकते हैं और धमाके की जगह से 2 किलोमीटर के दायरे में फैल सकते हैं. इसी वजह से पंचकूला प्रशासन ने भानू और बिल्ला जैसे नजदीकी गांवों में ‘कफ्र्यू’ जैसी स्थिति बनाते हुए लोगों को सुबह के समय घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी थी. सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को विशेष सर्विलांस (निगरानी) पर रखा गया था.

क्या है TBRL और इसकी ताकत?
टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) भारत के मिसाइल और परमाणु हथियारों के विकास कार्यक्रमों की रीढ़ मानी जाती है. यह लैब मुख्य रूप से उच्च विस्फोटकों, डेटोनेटर, शॉक वेव्स और हथियारों के अंतिम विनाशकारी प्रभाव का आकलन करने के लिए डेटा तैयार करती है. सिर्फ सेना ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) के महात्वाकांक्षी गगनयान मिशन के लिए विशेष पैराशूट और उपकरणों का मूल्यांकन भी इसी लैब में किया जा रहा है. इसके अलावा, यह लैब अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए नॉन-लेथल बुलेट्स (गैर-घातक गोलियां), लिक्विड आर्मर और हैंड ग्रेनेड भी विकसित करती है.

परीक्षण के रणनीतिक प्रभाव

1. स्वदेशी मारक क्षमता में आत्मनिर्भरता: वायुसेना की मौजूदगी यह साबित करती है कि भारत अब विदेशी वेंडर पर निर्भर रहने के बजाय अपने लड़ाकू विमानों (जैसे राफेल, सुखोई और तेजस) के लिए भारी वजन वाले ‘हाई-कैलिबर’ बम खुद बना रहा है. यह ‘मेक इन इंडिया’ के तहत वायुसेना को आत्मनिर्भर बनाएगा.

2. वॉरहेड टेक्नोलॉजी में महारत: TBRL का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों से पुराना नाता है. इस सफल टेस्ट से यह स्पष्ट है कि भारत ने उन्नत विस्फोटक और शॉक वेव तकनीक पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जिससे आने वाले समय में हमारी मिसाइलों की मारक क्षमता और अधिक विनाशकारी हो जाएगी.

3. दोहरे उपयोग वाली तकनीक: यह लैब केवल भारी बम ही नहीं बनाती, बल्कि पुलिस और पैरामिलिट्री के लिए बुलेटप्रूफ जैकेट (लिक्विड आर्मर) और नॉन-लेथल बुलेट्स भी तैयार करती है. यानी रक्षा क्षेत्र का यह अनुसंधान देश की बाहरी सुरक्षा के साथ-साथ आंतरिक कानून व्यवस्था को भी आधुनिक बना रहा है.

सवाल-जवाब
टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) का मुख्य काम क्या है?
TBRL का मुख्य काम मिसाइलों के वॉरहेड और प्रोजेक्टाइल्स का मूल्यांकन करना, उच्च विस्फोटकों की टेस्टिंग करना और हथियारों से होने वाले अंतिम नुकसान (Terminal Effects) का डेटा तैयार करना है.
इस बम परीक्षण के दौरान हवाई सुरक्षा के क्या मायने हैं?
वायुसेना के अफसरों की मौजूदगी दर्शाती है कि यह बम भविष्य में फाइटर जेट्स से गिराए जाने वाले पारंपरिक बमों या फिर लॉन्ग-रेंज मिसाइलों के भीतर फिट होने वाले विस्फोटक का हिस्सा बनेगा.
धमाके की जगह से कितनी दूरी को संवेदनशील घोषित किया गया था?
सुरक्षा के दृष्टिकोण से परीक्षण स्थल के चारों ओर 2 किलोमीटर के पूरे रेडियस (दायरे) को अत्यंत संवेदनशील ज़ोन घोषित किया गया था.
सैन्य हथियारों के अलावा TBRL नागरिक या अर्धसैनिक बलों के लिए क्या बनाती है?
TBRL ने अर्धसैनिक बलों और पुलिस के लिए एडवांस्ड हैंड ग्रेनेड, लिक्विड आर्मर (बुलेटप्रूफ तकनीक), बाधाओं को उड़ाने वाले डिवाइस और भीड़ नियंत्रण के लिए गैर-घातक गोलियां विकसित की हैं.



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‘तुम बहुत खराब गा रहे हो’ जब अनु मलिक ने कुमार सानू को लगाई फटकार


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कुमार सानू ने पुराने दिनों का किस्सा सुनाया. उन्होंने बताया कि एक गाने की रिकॉर्डिंग के बाद अनु मलिक ने उन पर गुस्सा करते हुए कहा कि वे बहुत खराब और बेसुरा गा रहे हैं. कुमार सानू ने जब दोबारा मेहनत से गाना गाया, तो अनु मलिक बिना कुछ बोले स्टूडियो से बाहर चले गए. जिससे सानू उलझन में पड़ गए. हालांकि, उसी रात 11 बजे अनु मलिक ने सानू को फोन करके गाने की जमकर तारीफ की. इसी आपसी नोकझोंक से इस जोड़ी ने कई सदाबहार गाने दिए.

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दोनों सितारों ने साथ में कई गाने रिकॉर्ड किए हैं.

नई दिल्ली: संगीतकार अनु मलिक और प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने बॉलीवुड को एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर गाने दिए, जो आज भी लोगों की प्लेलिस्ट की शान बने हुए हैं. मगर अक्सर स्टूडियो के बंद कमरों में इन दोनों दिग्गजों के बीच गानों को लेकर जमकर बहस और नोकझोंक भी होती थी. सोशल मीडिया पर कुमार सानू का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कपिल शर्मा के शो में अनु मलिक के साथ रिकॉर्डिंग के दौरान मजेदार और दिलचस्प किस्सा सुनाया. कुमार सानू ने हंसते हुए बताया कि अनु मलिक के साथ हर गाने की रिकॉर्डिंग में किसी न किसी बात पर किचकिच होना एकदम आम बात थी, जो मानो उनके काम करने के स्टाइल का ही एक हिस्सा बन चुका था.

कुमार सानू ने किस्से को याद करते हुए बताया कि अमूमन वे पहली ही बार में पूरे कॉन्फिडेंस के साथ अपना बेस्ट शॉट देने के लिए रिकॉर्डिंग रूम में जाते थे, लेकिन एक दिन कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें भी हैरान कर दिया. जैसे ही सानू दा ने गाना गाकर खत्म किया, माइक के दूसरी तरफ बैठे अनु मलिक भड़क गए और सीधे नाराजगी जताते हुए सख्त लहजे में बोले, ‘तुम बहुत खराब गा रहे हो, तुम्हारी आवाज बिल्कुल सही नहीं लग रही है और तुम सुर में भी नहीं हो!’ अनु मलिक के मुंह से इतनी कड़वी बातें सुनकर कुमार सानू के होश उड़ गए. उन्हें लगा कि शायद उनसे कोई वाकई बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई है. जब उन्होंने अनु मलिक से पूछा कि भाई आखिर दिक्कत कहां है और कहां सुधार करना है, तो अनु मलिक ने बिना कुछ साफ बताए उन्हें दोबारा से पूरा गाना गाने का फरमान सुना दिया.

अनु मलिक का अतरंगी अंदाज
कुमार सानू ने बिना कोई बहस किए अपनी पूरी जी-जान लगाकर दूसरी बार में उस गाने को फिर से रिकॉर्ड किया. गाना खत्म होने के बाद वे रिकॉर्डिंग रूम के शीशे से अनु मलिक के रिएक्शन का इंतजार करने लगे. मगर इस बार अनु मलिक का अंदाज और भी अतरंगी था. वे अपनी सीट से उठे और बिना एक भी शब्द बोले चुपचाप सीधे स्टूडियो से बाहर निकल गए. कुमार सानू वहां खड़े-खड़े पूरी तरह उलझन में पड़ गए कि आखिर माजरा क्या है. गाना अच्छा बना है या बेहद बकवास? कुछ देर बाद जब वहां मौजूद रिकॉर्डिस्ट ने उनसे कहा कि सर रिकॉर्डिंग पूरी हो चुकी है और अब आप घर जा सकते हैं, तो कुमार सानू भी अपना सिर खुजलाते हुए स्टूडियो से बाहर निकलकर अपने घर के लिए रवाना हो गए.

साथ में दिए कालजयी गाने
असली सस्पेंस तो उसी रात को खुला जब, करीब 11 बजे अचानक कुमार सानू के फोन की घंटी बजी और दूसरी तरफ अनु मलिक लाइन पर थे. फोन उठाते ही अनु मलिक ने बड़े प्यार से उनका निकनेम पुकारा और चिल्लाते हुए बोले, ‘बॉस! आज तो तुमने वाकई कमाल का गाना गाया है, मजा आ गया!’ यह सुनकर सानू दा अपनी हंसी नहीं रोक पाए कि जिस गाने के लिए दिन में उन्हें इतनी डांट पड़ी और जो तारीफ रिकॉर्डिंग के वक्त मिलनी चाहिए थी, उसे करने में अनु मलिक को पूरे सात-आठ घंटे का वक्त लग गया. भले ही काम के दौरान इनके बीच कितनी भी खींचतान रही हो, लेकिन इसी अनोखी ट्यूनिंग का नतीजा था कि ‘बाजीगर’, ‘चुरा के दिल मेरा’ और ‘तेरे दर पर सनम’ जैसे सदाबहार गाने वजूद में आए, जो आज की नई पीढ़ी के दिलों पर भी राज कर रहे हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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चीन की कैंसर दवाओं से इलाज को मिली नई दिशा: KGMU में एक्सपर्ट्स ने कहा- स्मोकिंग कर रहा कैंसर – Lucknow News



KGMU में एक्सपर्ट्स बोले- चीन की नई कैंसर रोधी दवाओं से इलाज को मिलेगी नई दिशा।

कैंसर के इलाज के क्षेत्र में जल्द ही एक नई उम्मीद देखने को मिल सकती है। चीन में विकसित की गई नई कैंसर रोधी दवाएं विभिन्न प्रकार के कैंसर पर सीधे और प्रभावी तरीके से हमला करने में सक्षम बताई जा रही हैं। इन दवाओं के भारतीय बाजार में आने से कैंसर मरीजों

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KGMU के कलाम सेंटर में जार्जियन एल्युमनाय एसोसिएशन की तरफ से कार्यशाला हुई। आयोजक सचिव डॉ.सुधीर सिंह ने बताया कि नई दवाएं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सक्रिय कर कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ लड़ने में मदद करती हैं। दवा की निर्धारित डोज लेने के बाद शरीर में ऐसी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित होती है, जो कैंसर कोशिकाओं की पहचान कर उन्हें नष्ट करने का प्रयास करती है। इससे इलाज की प्रभावशीलता बढ़ने की संभावना है।

कैंसर को लेकर रहना होगा अलर्ट

डॉ.सुधीर ने बताया कि इन दवाओं की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि वे ट्यूमर तक पहुंचने वाली रक्त आपूर्ति को बाधित करती हैं। ट्यूमर को बढ़ने और फैलने के लिए लगातार रक्त और पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। नई दवाएं इस सप्लाई को रोककर कैंसर की वृद्धि को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं।

डॉ.सुधीर सिंह के अनुसार फेफड़े, पेट और शरीर के अन्य अंगों में होने वाले कई प्रकार के कैंसर में इन दवाओं के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इसके अलावा रक्त कैंसर के कुछ प्रकारों में भी इनके प्रभावी होने की संभावना जताई जा रही है। प्रारंभिक अध्ययनों और परीक्षणों में मरीजों की स्थिति में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।

कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद ने एलुमनी एसोसिएशन के कार्यक्रम को सार्थक बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों में उपचार के साथ साथ रोकथाम की समझ बढ़ाने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

धूम्रपान से बनाना होगी दूरी

KGMU रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने कहाकि बीडी और सिगरेट फेफड़े के कैंसर के लिए जिम्मेदार है। लिहाजा धूम्रपान से तौबा करें। कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ.एमएलबी भट्ट ने कहा कि कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है। जीवनशैली में सुधार कर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ये भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में कैंसर संस्थान के डॉ. प्रमोद कुमार, KGMU प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, डॉ. उमा सिंह, हड्डी रोग विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. जीके सिंह, डॉ. विनीत शर्मा समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।



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दष्टौन में देवर की गोली से भाभी की मौत: पति-देवर ने लाश को फ्रीजर में छुपाया, गुपचुप अंतिम संस्कार की थी तैयारी, पुलिस ने दबोचा – Gwalior News




शहर के थाटीपुर इलाके में रविवार को हत्या की एक सनसनीखेज वारदात हुई है। बेटे के दष्टौन (छठी/नामकरण) समारोह की खुशियों के बीच चाचा द्वारा अवैध कट्टे से की जा रही हर्ष फायरिंग की तैयारी में कट्‌टा लोड-अनलोड करते समय गोली चल गई। कट्टे से निकली गोली सीधे बच्चे की मां (भाभी) के सिर में जा धंसी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
इसके बाद जो हुआ, उसने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पुलिस और कानून के डर से पति और देवर ने मिलकर मृतका के शव को एक डीप फ्रीजर के अंदर छुपा दिया। रविवार रात के अंधेरे में जब सब शांत हुआ, तो शव को जलाकर सबूत मिटाने की तैयारी थी, लेकिन ऐन वक्त पर मुखबिर की सूचना ने इस भयानक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर जांच शुरू कर दी है। भतीजे के जन्म की खुशी में कट्टा चमका रहा था चाचा
ग्वालियर के थाटीपुर में नदीपार टाल स्थित तृप्ती नगर इलाके में रहने वाले मनोज कुशवाह की 32 वर्षीय पत्नी जाहनवी उर्फ ज्योति कुशवाह के बेटे का रविवार सुबह दष्टौन समारोह चल रहा था। घर में मेहमान जुटे थे और मंगल गीत गाए जा रहे थे। इसी दौरान बच्चे का चाचा (मनोज का छोटा भाई) योगेश कुशवाह भतीजे के जन्म की खुशी में फायरिंग की तैयारी कर रहा था। वह बार-बार अवैध कट्‌टे को लोड अनलोड कर रहा था। पास ही ज्योति का पति मनोज भी खड़ा था। लोड-अनलोड करते समय चली गोली, सीधे सिर में धंसी
चश्मदीदों के मुताबिक, सुबह करीब 10:00 से 11:00 बजे के बीच जब योगेश अपने अवैध कट्टे को लोड और अनलोड (गोली भरना और निकालना) कर रहा था, तभी अचानक ट्रिगर दब गया। कट्टे से निकली हुई गोली कुछ ही दूरी पर बैठी मां ज्योति के सिर को चीरते हुए पार हो गई। गोली लगते ही ज्योति जमीन पर गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मातम के बीच साजिश लाश को फ्रीजर में डाला
गोली चलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। लेकिन पुलिस कार्रवाई और जेल जाने के डर से पति मनोज और देवर योगेश ने मिलकर एक बेहद शातिर योजना बनाई। दोनों भाइयों ने तुरंत बाजार से एक बड़ा डीप फ्रीजर मंगवाया। ज्योति के शव को चादर में लपेटकर उस फ्रीजर के अंदर बंद कर दिया, ताकि लाश सड़े नहीं और किसी को भनक न लगे। आधी रात को श्मशान ले जाने की तैयारी
रविवार रात करीब 11:00 बजे जब मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया, तो दोनों भाइयों ने फ्रीजर से बॉडी निकाली और चुपचाप अंतिम संस्कार (शव को जलाने) के लिए गाड़ी का इंतजाम करने लगे। आसपास बीमारी से मौत की कहानी सुना दी, जिससे मोहल्ल्ले में कोई शक न करे। पड़ोसी की सजगता से खुली पोल; पुलिस को देख भागे आरोपी
आरोपियों की बदकिस्मती रही कि मोहल्ले के ही एक शख्स ने फ्रीजर आने और रात में शव को गुपचुप ले जाने की संदिग्ध हलचल को ताड़ लिया। उसने तुरंत थाटीपुर थाना पुलिस को फोन घुमा दिया। सूचना मिलते ही थाटीपुर पुलिस बल के साथ मौके पर आ धमकी। पुलिस की गाड़ियां देखते ही आरोपी पति मनोज और कातिल देवर योगेश शव को वहीं छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने फ्रीजर से शव को अपने कब्जे में लिया और तुरंत फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. कोक सिंह को वैज्ञानिक जांच के लिए स्पॉट पर बुलाया। पुलिस का कहना
“हर्ष फायरिंग की तैयारी के लिए कट्‌टा लोड अनलोड करते समय महिला जाहनवी उर्फ ज्योति कुशवाह की सिर में गोली लगने से मौत हुई है। परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना शव को डीप फ्रीजर में छुपाकर साक्ष्य मिटाने और गुपचुप दाह-संस्कार करने का गंभीर अपराध किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा जा रहा है। फरार आरोपी पति मनोज और देवर योगेश के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश की जा रही है।



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भाग्य नहीं, कर्म लिखेगा वृश्चिक राशि की किस्मत, संकेत कर रहे खास इशारे


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Aaj ka Vrishchik Rashifal 01 June 2026: 1 जून 2026 को वृश्चिक राशि के जातकों को भाग्य से अधिक अपने कर्म और पुरुषार्थ पर भरोसा करने की आवश्यकता है. कुछ महत्वपूर्ण कार्य अपेक्षा से धीमे हो सकते हैं, लेकिन सकारात्मक सोच और निरंतर मेहनत ही सफलता का मार्ग प्रशस्त करेगी. आज धैर्य, परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना आपके लिए लाभकारी रहेगा. जानें राशिफल और उपाय.

सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए जून मास का प्रथम दिवस यानी 1 जून 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विशेष संदेश लेकर आया है. आज के दिन आपको भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय अपने कर्म और पुरुषार्थ पर अधिक विश्वास करना होगा. सितारों की गणना बताती है कि आज आपके कुछ महत्वपूर्ण कार्य आपकी अपेक्षा से थोड़े धीमे चल सकते हैं. इस स्थिति में आपको निराश होने के बजाय सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना होगा. हमेशा स्मरण रखिए कि केवल मन में इच्छाएं संजोने से सफलता नहीं मिलती, बल्कि उसके लिए धरातल पर कड़ा परिश्रम करना पड़ता है.

कार्यक्षेत्र और करियर क्षेत्र में कड़ी परीक्षा
ज्योतिषाचार्य दीपेश शास्त्री के अनुसार, आज कार्यक्षेत्र और करियर के मामलों में आपके धैर्य की कड़ी परीक्षा हो सकती है. नौकरीपेशा और व्यापार से जुड़े लोगों को कुछ अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे काम की गति प्रभावित होगी. ज्योतिषाचार्य जी का कहना है कि जो व्यक्ति इस परीक्षा की घड़ी में बिना रुके निरंतर प्रयास करेगा. अंततः सफलता उसी के कदम चूमेगी. आज सहकर्मियों या वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखना आपके लिए परम आवश्यक रहेगा.

कैसा रहेगा आर्थिक दृष्टिकोण
आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो धन संबंधी मामलों में आज आपको विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है.  आज किसी भी तरह की अनावश्यक खरीदारी या फिजूलखर्च से पूरी तरह बचें, अन्यथा आने वाले समय में बजट बिगड़ सकता है. इस समय निवेश के नए प्रयोगों से दूर रहकर अपने संचित धन का संरक्षण करना अधिक महत्वपूर्ण रहेगा. वहीं दूसरी ओर, पारिवारिक जीवन में आज का दिन शांतिपूर्ण रहेगा. घर के बुजुर्गों का मार्गदर्शन और उनका स्नेहिल आशीर्वाद आपके लिए कठिन समय में संबल बनेगा और शुभ फलदायी सिद्ध होगा.

आज करें ये उपाय, मिलेगा लाभ
आज के दिन को और अधिक सकारात्मक व ऊर्जावान बनाने के लिए ज्योतिषीय उपायों का सहारा लें. वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का शुभ भाग्यांक 6 रहेगा. जबकि शुभ वर्ण स्वर्णिम पीत है. आज का विशेष नवीन उपाय यह है कि प्रातःकाल उठकर स्नान आदि के पश्चात गाय को हरा चारा अथवा हरी घास अवश्य अर्पित करें. यह छोटा सा उपाय आपके जीवन में सौभाग्य के द्वार खोलेगा. आपको मानसिक शांति प्रदान करेगा. संक्षेप में कहें तो, आज जिसने परिश्रम के मार्ग को चुना, भाग्य भी उसी का पूरा साथ देगा.

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Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें



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