Sunday, June 21, 2026
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JITO लेडीज विंग ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: दयाल बगीचा, सुशांत गोल्फ सिटी में 30 दिवसीय कार्यक्रम का समापन – Lucknow News


अतुल कुमार सिंह | लखनऊ7 मिनट पहले

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) लखनऊ लेडीज़ विंग ने दयाल बगीचा, सुशांत गोल्फ सिटी में एक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 30 दिवसीय ऑनलाइन फेसियल योग कार्यक्रम ‘फॉरएवर यंग’ के सफल समापन के रूप में मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोगों ने योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।

इस कार्यक्रम का आयोजन जेपी प्लास्टिक एजेंसीज़/जैन एसोसिएट्स, यशोदा एंड विपिन फाउंडेशन और पारंपरिक परिधान सखी के सहयोग से किया गया था। योग विशेषज्ञ डॉ. चारू रावत ने प्रतिभागियों को फेसियल योग की विभिन्न तकनीकों का अभ्यास कराया। उन्होंने गर्दन, आंखों, माथे और श्वसन संबंधी विशेष योग क्रियाओं का अभ्यास कराते हुए उनके वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी।

श्वसन क्षमता में सकारात्मक सुधार देखा गया

JITO लखनऊ लेडीज़ विंग की चेयरपर्सन डॉ. अमिता जैन ने बताया कि 30 दिनों के नियमित फेसियल योग से बेहतर नींद, आंखों के तनाव में कमी, गर्दन की गतिशीलता, चेहरे की टोनिंग और श्वसन क्षमता में सकारात्मक सुधार देखा गया। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभ्यास विशेष रूप से फेसियल पैरालिसिस सहित पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए भी लाभकारी हो सकता है।

कार्यक्रम की संयोजकों डॉ. अलका जैन, आशु जैन और कविता अग्रवाल सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने फेसियल योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

पौधे वितरित कर हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सुनीता सिंह और विशिष्ट अतिथि रेखा का स्वागत किया गया। दोनों ने योग सत्र में सक्रिय भागीदारी की और फेसियल योग की इस नई अवधारणा की सराहना की। योग सत्र के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने दयाल बगीचा परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सिद्धार्थ एग्रो ऑर्गेनिका की एमडी अर्चना सिंह ने प्रतिभागियों को पौधे वितरित कर हरियाली बढ़ाने का आह्वान किया।



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शेखपुरा में NEET पुनर्परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न: 24 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, सीसीटीवी कैमरों से केंद्रों की निगरानी – Sheikhpura News


शेखपुरा में रविवार को मेडिकल पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा NEET की पुनर्परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हो गई। यह परीक्षा जिला मुख्यालय स्थित दो केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई।

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के दिशानिर्देशों के तहत जवाहर नवोदय विद्यालय और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान डाइट में परीक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा नियंत्रक और जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार ने बताया कि कुल 541 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसमें 517 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और 24 अनुपस्थित रहे।

जवाहर नवोदय विद्यालय में 373 अभ्यर्थियों में से 355 उपस्थित हुए, जबकि 18 अनुपस्थित रहे। वहीं, डाइट में 168 अभ्यर्थियों के लिए व्यवस्था की गई थी, जिसमें 162 परीक्षार्थियों ने भाग लिया और 6 अनुपस्थित रहे।

कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए दोनों केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले गहन तलाशी के बाद ही परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। किसी भी परीक्षार्थी को इलेक्ट्रॉनिक सामग्री या मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं थी। महिला परीक्षार्थियों की तलाशी के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।

दोनों केंद्रों पर दंडाधिकारियों के नेतृत्व में सशस्त्र बल तैनात किए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीम शांतिपूर्ण एवं कदाचार रहित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय रही। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ लगाने की अनुमति नहीं थी। जिला प्रशासन ने इस परीक्षा को एक चुनौती के रूप में लेते हुए कई दिनों से तैयारियां की थीं।

यह उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा मूल रूप से 3 मई को आयोजित की गई थी। हालांकि, देश के कई हिस्सों में कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया था।



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बिना ईनो और सोडा के बनाएं रूई जैसी सॉफ्ट इडली, मार्केट जैसा आएगा स्वाद, नोट करें रेसिपी


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Market-Style Soft Idli Recipe: इडली बनाने के लिए आमतौर पर बेकिंग सोडा और ईनो का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आपके पास इनमें से कोई चीज नहीं है, तब भी आप घर पर रूई जैसी मुलायम इडली बनाई जा सकती है. सही चावल-दाल का अनुपात, बैटर की फर्मेंटेशन और सही स्टीमिंग का तरीका अपनाकर आप परफेक्ट स्पंजी इडली तैयार कर सकते हैं.

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घर पर आसानी से सॉफ्ट इडली बनाई जा सकती हैं.

Homemade Idli Recipe: इडली-डोसा और सांभर खाना सभी लोगों को पसंद होता है. ये साउथ इंडियन फूड्स देखकर लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. आजकल नॉर्थ इंडिया में भी जमकर इडली सांभर का आनंद लिया जा रहा है. इडली बनाने के लिए लोग कई रेसिपी फॉलो कर रहे हैं, ताकि स्वाद बिल्कुल बाजार जैसा आए. कई लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बनी इडली बाजार जैसी फूली हुई और स्पंजी नहीं बनती. इसके लिए अक्सर लोग ईनो या बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करते हैं. क्या आप जानते हैं कि बिना किसी ईनो और सोडा के भी इडली को बेहद मुलायम और रूई जैसी बनाया जा सकता है?

सही रखें चावल और दाल का रेशियो

सॉफ्ट इडली बनाने का पहला राज है सही सामग्री का इस्तेमाल. इसके लिए इडली चावल और उड़द दाल का सही अनुपात बहुत मायने रखता है. आमतौर पर 3 कप इडली चावल और 1 कप उड़द दाल का अनुपात अच्छा माना जाता है. उड़द दाल इडली को फुलाने और मुलायम बनाने में अहम भूमिका निभाती है. चावल और दाल को अलग-अलग धोकर पर्याप्त पानी में 4 से 6 घंटे के लिए भिगो दें. इससे दाल अच्छी तरह फूल जाती है और पीसने के बाद बैटर हल्का बनता है.

बैटर पीसने के लिए अपनाएं यह तरीका

इडली को स्पंजी बनाने के लिए बैटर की कंसिस्टेंसी सबसे जरूरी होती है. उड़द दाल को पीसते समय थोड़ा-थोड़ा पानी डालें और इसे इतना फेंटें कि बैटर हल्का और फूला हुआ नजर आने लगे. ज्यादा पानी डालने से बैटर पतला हो सकता है और इडली सही तरह से नहीं फूलती. चावल को थोड़ा दरदरा पीसना बेहतर रहता है, क्योंकि इससे इडली में हल्की बनावट आती है और वह ज्यादा सॉफ्ट बनती है. बिना ईनो और सोडा के इडली को फुलाने का सबसे बड़ा राज है प्राकृतिक फर्मेंटेशन. बैटर को पीसने के बाद एक बड़े बर्तन में रखें, ताकि उसमें उठने की जगह रहे. इसे 8 से 12 घंटे के लिए किसी गर्म जगह पर ढककर रख दें. जब बैटर अच्छे से फर्मेंट हो जाए तो उसका आकार थोड़ा बढ़ जाता है और उसमें छोटे-छोटे बुलबुले दिखाई देने लगते हैं. यही प्राकृतिक हवा इडली को रूई जैसी नरम बनाने में मदद करती है.

स्टीम करने का तरीका भी है जरूरी

इडली को सॉफ्ट बनाने के लिए भाप देने का तरीका भी सही होना चाहिए. इडली स्टैंड को हल्का तेल लगाकर तैयार करें और बैटर डालने के बाद पहले से गर्म किए हुए स्टीमर में रखें. मध्यम आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक इडली पकाएं. तेज आंच पर पकाने से इडली ऊपर से सख्त हो सकती है. पकने के बाद इडली को कुछ मिनट आराम दें, फिर निकालें. अगर आप चाहते हैं कि इडली लंबे समय तक नरम बनी रहे, तो बैटर में एक चम्मच मेथी दाना भिगोकर पीस सकते हैं. मेथी दाना फर्मेंटेशन में मदद करता है और इडली की बनावट को बेहतर बना सकता है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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देवास में खादी उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार: जल्द स्थापित होगा पोनी प्लांट और प्रोसेस यूनिट; खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष पहुंचे – Dewas News




देवास में खादी उद्योग को नई गति मिलने वाली है। मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी ने घोषणा की है कि जिले में जल्द ही पोनी प्लांट और प्रोसेस यूनिट स्थापित की जाएगी। यह घोषणा उन्होंने बालगढ़ स्थित खादी उत्पादन केंद्र के निरीक्षण के दौरान की। इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और खादी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। मप्र शासन के उपक्रम मध्यप्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी ने बालगढ़ स्थित खादी उत्पादन केंद्र का दौरा किया। उन्होंने वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया और केंद्र में कार्यरत कत्तिनों तथा बुनकरों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझा और उनके कार्य की सराहना की। पंकज जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि देवास में खादी क्षेत्र की संभावनाओं को देखते हुए पोनी प्लांट एवं प्रोसेस यूनिट स्थापित की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के जिला प्रबंधक शैलेंद्र व्यास ने जानकारी दी कि वर्तमान में जिले में खादी गतिविधियों के माध्यम से 150 से 200 लोगों को रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस संख्या को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान केंद्र की कत्तिनों एवं बुनकरों ने पुष्पमाला और गुलदस्ता भेंट कर पंकज जोशी का स्वागत किया।



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हनुमानगढ़ में री-नीट परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न: 2395 अभ्यर्थी हुए शामिल, सात केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था – Hanumangarh News




हनुमानगढ़ में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट (यूजी) रविवार को कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुई। जिले के सात परीक्षा केंद्रों पर कुल 2641 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2395 परीक्षार्थी शामिल हुए। इस प्रकार, परीक्षा में 90.68 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि 246 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू हुई। निर्धारित दिशा-निर्देशों के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर काफी पहले पहुंचना पड़ा। प्रवेश से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की सघन जांच और दस्तावेज सत्यापन किया गया। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्षों में प्रवेश की अनुमति मिली। री-नीट परीक्षा को निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहे। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने स्वयं विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू की गई थी, जिससे अनावश्यक भीड़ जुटने पर रोक लगी। सुरक्षा के मद्देनजर, केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में स्थित ई-मित्र केंद्र, फोटोकॉपी की दुकानें और इंटरनेट कैफे परीक्षा अवधि के दौरान बंद रखे गए। संबंधित थानाधिकारियों को इन आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने परीक्षा के दौरान केंद्रों के बाहर लगातार निगरानी बनाए रखी। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना या अनुचित गतिविधियों को रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी विशेष नजर रखी गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। कहीं से भी किसी प्रकार की गड़बड़ी, अव्यवस्था या नकल संबंधी शिकायत प्राप्त नहीं हुई।



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देशभर में संपन्न हुआ NEET UG री-एग्जाम, जानें कब तक आ सकता है रिजल्ट?


NEET UG री-एग्जाम 2026 का परिणाम अगले महीने जुलाई के आखिर तक जारी हो सकता है। परिणाम जारी होने के बाद कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर खुद का स्कोरकार्ड डाउनलोड कर देख सकते हैं। जान लें कि NEET री-एग्जाम आज (रविवार को) आयोजित किया गया था, जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

पिछले 5 साल में NEET रिजल्ट की तारीखें

पिछले कुछ साल के रुझानों को अगर देखें तो NEET का परिणाम आमतौर पर एग्जाम होने के 40 से 45 दिनों के अंदर घोषित कर दिया जाता है। साल 2025 में NEET री-एग्जाम 4 मई को हुआ था और उसका रिजल्ट 14 जून को यानी 41 दिनों के अंदर जारी कर दिया गया था। वहीं, 2024 में NEET की मुख्य परीक्षा 5 मई को आयोजित की गई थी और उसका रिजल्ट 4 जून को घोषित हुआ था। इसके बाद, री-एग्जाम 23 जून को कराया गया था, जिसका रिजल्ट 30 जून को जारी हुआ था।









वर्ष रिजल्ट की तारीख
2025 14 जून
2024 4 जून (री-एग्जाम रिजल्ट: 30 जून)
2023 13 जून
2022 7 सितंबर
2021 1 नवंबर

कैसे डाउनलोड करें NEET री-एग्जाम 2026 का स्कोरकार्ड?

कैंडिडेट अपना स्कोरकार्ड ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in से डाउनलोड कर देख सकते हैं।

  1. सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर विजिट करें।
  2. NEET Re-Exam Scorecard 2026 लिंक पर क्लिक करें।
  3. अब अपना एप्लिकेशन नंबर और डेट ऑफ बर्थ भरें।
  4. फिर आपको स्क्रीन पर स्कोरकार्ड की PDF दिखाई देगी।
  5. स्कोरकार्ड के PDF को डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।

NEET री-एग्जाम की आंसर की 2026 कैसे देखें?

  1. सबसे पहले neet.nta.nic.in पर जाएं।
  2. यहां NEET Re-Exam Answer Key 2026 के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अब आंसर की PDF आपकी स्क्रीन पर खुल जाएगी।
  4. इस PDF को डाउनलोड करें या प्रिंटआउट भी निकाल सकते हैं।

NEET री-एग्जाम की आंसर की पर आपत्ति कैसे करें दर्ज?

  1. सबसे पहले neet.nta.nic.in पर विजिट करें।
  2. अब Answer Key Objection Window लिंक पर जाकर क्लिक करें।
  3. यहां एप्लिकेशन नंबर और DOB भककर लॉगिन करें।
  4. जिन सवालों पर आपको आपत्ति दर्ज करनी है, उन्हें चुन लें।
  5. संबंधित जवाबों और सहायक दस्तावेज जैसे- PDF को अपलोड करें।
  6. इसके बाद निर्धारित शुल्क का पेमेंट करें।
  7. अब Submit के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  8. अब इस आवेदन की कॉपी अपने पास सुरक्षित रख लें और उसका प्रिंटआउट भी निकाल लें।

NEET UG री-एग्जाम 2026 के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट neet.nta.nic.in पर विजिट कर सकते हैं।

ये भी पढ़ें- NEET स्टूडेंट समय से पहुंच जाएं परीक्षा केंद्र, इसके लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर ही रुके रहे PM मोदी





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दिल्ली में बारिश से पहले सड़कें होंगी गड्ढामुक्त: एक दिन में 2,000 से अधिक गड्ढों का लक्ष्य; मंत्री प्रवेश ने किया निरीक्षण – New Delhi News




मानसून से पहले दिल्ली की सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने रविवार को राजधानी में विशेष गड्ढा मरम्मत अभियान चलाया। अभियान के तहत इंजीनियरों, फील्ड स्टाफ और रखरखाव टीमों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात किया गया, ताकि चिन्हित गड्ढों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित की जा सके। दिल्ली सरकार में लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने विभिन्न स्थलों का दौरा कर मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया और अभियान की प्रगति की समीक्षा की। रविवार होने के बावजूद विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पूरे दिन मैदान में डटे रहे और तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने में जुटे रहे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 4 जून 2026 के बीच पीडब्ल्यूडी की सड़कों पर कुल 14,757 गड्ढों की पहचान की गई थी। इनमें से 12,762 गड्ढों की मरम्मत पहले ही पूरी की जा चुकी है। शेष स्थलों पर मानसून से पहले कार्य पूरा करने के लिए रविवार को विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत 2,000 से अधिक गड्ढों की मरम्मत का लक्ष्य रखा गया।
मानसून से पहले सड़कें सर्वोत्तम स्थिति में रखने का प्रयास निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी वर्षभर सड़कों की देखभाल और गड्ढों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए सतर्कता से कार्य करता है। उन्होंने कहा, “मानसून से पहले हमारा प्रयास है कि दिल्ली की सड़कें सर्वोत्तम स्थिति में रहें। आज का विशेष अभियान इसी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। राजधानी में 2,000 से अधिक चिन्हित गड्ढों की मरम्मत की जा रही है, ताकि वर्षा ऋतु के दौरान लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।” उन्होंने कहा कि सड़क अवसंरचना की मजबूती गुणवत्ता, जवाबदेही और दीर्घकालिक टिकाऊपन पर आधारित होनी चाहिए। नई सड़कों पर 5 वर्ष तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की मंत्री ने कहा कि जिन कई सड़कों पर आज गड्ढों की मरम्मत की जा रही है, उनका निर्माण वर्षों पहले हुआ था और उस समय गुणवत्ता मानकों का पर्याप्त रूप से पालन नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने गुणवत्ता नियंत्रण को और मजबूत किया है तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था लागू की है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी द्वारा निर्मित नई सड़कों पर पांच वर्ष की रखरखाव अवधि लागू है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की खराबी या निर्माण संबंधी दोष को दूर करने की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार की होगी।



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पहली पत्नी टॉप एक्ट्रेस, विनोद खन्ना संग जुड़ा था नाम, फिर 10 साल छोटी हसीना से रचाई शादी


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बॉलीवुड के जाने माने एक्टर सैफ अली खान कभी अपनी लव लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहा करते थे. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने अपने से 12 साल बड़ी टॉप एक्ट्रेस अमृता सिंह से शादी की थी. लेकिन 13 साल बाद दोनों अलग हो गए. फिर खुद से 10 साल छोटी करीना कपूर को उन्होंने दुल्हनियां बनाया.

नई दिल्ली. सैफ अली खान और अमृ्ता सिंह की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. जिस वक्त अमृता अपने करियर के टॉप पर थी, उस वक्त उन्होंने सैफ अली खान से शादी की थी. लेकिन उनका ये रिश्ता 13 साल बाद टूट गया. इसके बाद वह अपनी इटैलियन गर्लफ्रेंड को लेकर भी खूब चर्चा में रहे.

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पहले डायरेक्टर संग किया काम, फिर रचाई शादी, ‘त्रिदेव’ के दौरान किसी और के साथ था चक्कर, 40


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‘शहंशाह’,’त्रिदेव’, ‘कोहराम’ और ‘विश्वात्मा’ जैसी फिल्मों में काम करने वाली 90 के दशक की टॉप एक्ट्रेस रहीं सोनम खान ने अफेयर को लेकर खुलासा किया है. सोनम और राजीव राय की डेटिंग की चर्चा लंबे समय से चल रही है. हालांकि, सोनम और राजीव ने ‘त्रिदेव’ बनने के काफी समय बाद एक-दूसरे को डेट किया और शादी की.

सोनम ने क्लियर किया कि राजीव ने उन्हें ‘त्रिदेव’ में इसलिए कास्ट नहीं किया था क्योंकि वह उन्हें डेट कर रहे थे. सालों से चल रही अटकलों सोनम ने सफाई दी और सच्चाई बताई है. सोनम खान ने इंस्टाग्राम पर त्रिदेव का ‘ओए ओए’ गाने की क्लिप शेयर की. इसमें वह नसीरुद्दीन शाह के साथ डांस करते हुए दिख रही हैं. सोनम इस पोस्ट के साथ एक लंबा नोट लिखा. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

Sonam khan Rajiv Ra

सोनम खान ने लिखा, “ओए ओए ओए ओएओह ना यानी एक बड़ा ‘नहीं’. असली कहानी यह है कि मेरा ‘त्रिदेव’ के डायरेक्टर के साथ कोई अफेयर नहीं था. तो आगे पढ़ें… ‘त्रिदेव’ की शूटिंग का पहला दिन. पहला गाना. पहली अफवाह.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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सोनम खान ने आगे लिखा, “लोगों के मानने के मुताबिक, ‘त्रिदेव’ के रिलीज़ होने के बाद लोगों को पक्का यकीन था कि मैं फिल्म बनने के दौरान डायरेक्टर के साथ रोमांस कर रही थी, जिसकी वजह से मुझे बाकी दो लीडिंग एक्ट्रेस के मुकाबले ज़्यादा फायदा मिला. जैसे ज़्यादा स्क्रीन टाइम और एक सुपर हिट गाना जो देश के हर कोने में बज रहा था.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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सोनम खान ने आगे लिखा,”कहानी में ट्विस्ट: राजीव सेट पर अपनी गर्लफ्रेंड के साथ थे. मेरा बॉयफ्रेंड भी सेट से थोड़ी ही दूर था. हम दोनों ही पहले से ही किसी के साथ रिलेशनशिप में थे, ‘ओए ओए’ तो बस अचानक मेरी झोली में आ गया.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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सोनम खान ने लिखा, “असल में राजीव मुझे ‘त्रिदेव’ में नहीं लेना चाहते थे. उन्होंने एक दूसरी एक्ट्रेस से कॉन्टैक्ट किया था और लगभग डील पक्की भी कर ली थी, क्योंकि जब उन्होंने यश जी द्वारा दिखाए गए ‘विजय’ के फुटेज देखे तो उन्हें मैं ज़्यादा पसंद नहीं आई थी.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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सोनम खान ने आगे लिखा, “असल में, जब उनके पास कोई और चारा नहीं बचा, तब मैं उनकी आखिरी पसंद बनी. तो, न कोई रोमांस, न कोई सीक्रेट फ़ोन कॉल, न ही डायरेक्टर की तरफ़ से कोई खास फ़ायदा (अगर ऐसा कुछ होता भी है तो मुझे नहीं पता, नासमझ या ख्यालों में खोई हुई लगने के लिए माफ़ करना). बस मैं और एक शानदार गाना.” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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सोनम खान ने आखिरी में लिखा, “‘त्रिदेव’ के रिलीज़ होने के काफ़ी समय बाद मैंने और राजीव ने डेटिंग शुरू की, क्योंकि हम दोनों सिंगल थे और हमें किसी को कोई सफ़ाई देने की ज़रूरत नहीं थी. तो, मेरे प्यारों, ‘त्रिदेव’ को बनाने में मुझे जरा भी प्राथमिकता नहीं मिली. ज़रा भी नहीं. बिल्कुल नहीं. ओए ओए ओए ओएओह या! आउच!” (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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बता दें कि ‘त्रिदेव’ के बाद सोनम खान और राजीव राय रिलेशनशिप में आए और बाद में 1991 में शादी कर ली. साल 2001 में दोनों का तलाक हो गया. 15 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 2016 में उनका तलाक़ हुआ. वहीं, राजीव राय ‘विश्वात्मा’, ‘त्रिदेव’, ‘मोहरा’ और ‘गुप्त’ जैसी शानदार फ़िल्में डायरेक्ट करने के लिए जाने जाते हैं. (फोटो साभारः इंस्टाग्राम)

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