आजमगढ़ में बुधवार शाम तेज चली हवाओं और मौसम में बदलाव के बाद भी शनिवार को जिले का तापमान बढ़ता नजर आया। जिले में प्रतिदिन एक डिग्री सेल्सियस का तापमान बढ़ रहा है।
दोपहर 11 बजे तक जहां जिले का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस था। वहीं दोपहर 2 बजे तक 39 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। तेज धूप और उमस से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता नजर आ रहा है। शुक्रवार सुबह से हुई तेज धूप और उमस से आम जनता परेशान नजर आ रही है। बताते चले कि विकास 10 दिनों से जिले का तापमान 29 डिग्री सेल्सियस से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रह रहा था। जिससे जिले की जनता को काफी राहत मिल रही थी। तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली का संकट भी गहराता नजर आ रहा है। सड़क पर चलने वाले लोग गमछे का सहारा लेकर मुंह ढककर चलते नजर आए। मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी।
जिला प्रशासन ने जारी की है गाइडलाइन
लगातार मौसम में हो रहे बदलाव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए गाइडलाइन जारी की है। जिला प्रशासन का कहना है कि जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से 4 बजे तक लोग अपने घरों से बाहर न निकले। और सूती कपड़े का प्रयोग करें। और सर ढक कर चले। ज्यादा से ज्यादा लिक्विड का प्रयोग करें जिससे हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
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आजमगढ़ में 39 डिग्री पहुंच तापमान: लगातार बढ़ रही धूप से जनजीवन हो रहा है प्रभावित, मुंह ढककर चलने को लोग मजबूर – Azamgarh News
सार्थक-एप पर फोटो लगाकर उपस्थिति लगाई, लिया लाखों का वेतन: नर्मदापुरम कमिश्नर ने 3 पशु चिकित्सकों को किया सस्पेंड, एफआईआर के दिए निर्देश – narmadapuram (hoshangabad) News
नर्मदापुरम में पशुपालन चिकित्सा विभाग में सार्थक एप से फर्जी तरह से उपस्थिति लगाकर लाखों रुपए का वेतन लेने का मामला सामने आया है। तीनों सार्थक एप में अपनी तस्वीर दिखाकर उपस्थिति दर्ज कराते थे। संभाग आयुक्त श्रीकांत बनोठ ने ऐसे तीन सहायक पशु चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। साथ ही संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा को उक्त तीनों चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। केसला में पदस्थ है तीनों चिकित्सक, फोटो से उपस्थिति पशु चिकित्सा विभाग की डॉ. गरिमा शुक्ला, कालाआखर में पदस्थ, डॉ ज्योति नवडे एवं केसला में पदस्थ डॉ. अंशु तुमराम द्वारा सार्थक एप में मोबाइल पर फोटो दिखाकर किसी अन्य के माध्यम से एप पर उपस्थित दर्ज की जा रही थी, जिसे स्पष्ट है कि उक्त तीनों चिकित्सकों द्वारा सार्थक ऐप पर कूट रचना की जाकर फर्जी उपस्थिति दर्ज कराई जा रही थी एवं कार्य पर उपस्थित ना होते हुए भी इनके द्वारा अवैध रूप से वेतन आहरण किया गया। जिससे लाखों रुपए की शासकीय राशि का प्रभक्षण किया गया। इनका यह अपराध अत्यंत ही गंभीर कदाचार एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में है। अतः प्रमुख सचिव मध्यप्रदेश शासन पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पत्र में उल्लिखित तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए नर्मदापुरम संभाग आयुक्त श्रीकांत बनोठ ने उक्त तीनों सहायक पशु चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों पर एफआईआर कराने के निर्देश कमिश्नर ने संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा को तीनों चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि में डॉक्टर ज्योति नवडे, डॉक्टर गरिमा शुक्ला, तथा डॉ. अंशु तुमराम का मुख्यालय उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा नर्मदापुरम रहेगा है।
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बिहार स्टेट ओपन ई-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का आज ग्रैंड फिनाले: खेल मंत्री श्रेयसी सिंह रहेंगी मौजूद, Chess.Com, ई-फुटबॉल-BGMI गेम के लिए 2182 खिलाड़ियों ने किया रजिस्टर – Patna News
बिहार स्टेट ओपन ई-स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का आज ग्रैंड फिनाले है। पटना में खेल मंत्री श्रेयसी सिंह आज विजेताओं को सम्मानित करेंगी। यह ई-स्पोर्ट्स का तीसरा संस्करण है, जिसका पूल प्राइज 5.75 लाख रुपए रखा गया है। इस ई-स्पोर्ट्स में पांच तरह के गेम में प्रतिभागी हिस्सा लिए हैं, जिसमें Chess.com, ई-फुटबॉल, EA FC- 26, BGMI और स्ट्रीट फाइटर- 6 जैसे गेम शामिल हैं। पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के इंडोर स्टेडियम में ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा। 2182 प्रतिभागियों ने चैंपियनशिप के लिए किया रजिस्टर इस प्रतियोगिता में कुल 2182 प्रतिभागियों ने रजिस्टर किया है। Chess.com में सबसे ज्यादा 1151 खिलाड़ी, ई-फुटबॉल में 223, EA FC- 26 में 223, स्ट्रीट फाइटर- 6 में 35 और BGMI में 611 लोगों ने हिस्सा लिया है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की आयु सीमा निर्धारित की गई है। इसमें Chess.com, ई-फुटबॉल, EA FC- 26 के लिए 12 वर्ष से अधिक, BGMI और स्ट्रीट फाइटर- 6 के लिए 16 वर्ष के ऊपर की आयु निर्धारित की गई है। क्या होता है ई-स्पोर्टस? ई-स्पोर्ट्स यानी इलेक्ट्रॉनिक स्पोर्ट्स है। यह सिर्फ समय बिताने के लिए खेला जाने वाला वीडियो गेम नहीं है, बल्कि एक मानसिक और तकनीकी खेल है। जैसे क्रिकेट या फुटबॉल में शारीरिक क्षमता की जरूरत होती है, वैसे ही ई-स्पोर्ट्स में एकाग्रता, क्विक रिफ्लेक्सेस और टीम रणनीति की आवश्यकता होती है। इसे अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक समिति तक मान्यता मिल चुकी है। इस तरह ई-स्पोर्ट्स युवाओं के लिए एक कॅरियर विकल्प बन चुका है। क्या हैं ई-स्पोर्ट्स के फायदे? ई-स्पोटर्स के कई फायदे होते हैं। इसमें अपनी पकड़ मजबूत बनाने से ऑनलाइन दुनियाभर के लोग एक प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। वैश्विक तौर पर आपको इसमें अपना करियर बनाने का लोगों को मौका मिलता है। इसमें खिलाड़ियों को आर्थिक तौर पर भी लाभ मिलता है। फिलहाल, इसमें नौकरी के भी अवसरों में काफी इजाफा हुआ है।
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गर्मियों में घर पर कैसे बनाएं आम की रबड़ी? यहां जानें स्टेप-बाय-स्टेप विधि
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How to Make Mango Rabri at Home : अगर आप भी गर्मियों के मौसम में कुछ खास और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो आम की रबड़ी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह मिठाई स्वाद में बेहद लाजवाब होती है और इसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है.
How to Make Mango Rabri at Home : गर्मियों के आते ही, बाज़ार रसीले और मीठे आमों से भर जाते हैं. आम से बने शेक, आइसक्रीम और डेज़र्ट का स्वाद हर किसी को पसंद आता है. अगर आप भी इस मौसम में कुछ खास और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो ‘मैंगो रबड़ी’ एक बेहतरीन विकल्प है. इस डेज़र्ट का स्वाद बेहद लाजवाब होता है और इसे घर पर ही बड़ी आसानी से बनाया जा सकता है. गर्मियों के दिनों में ठंडी-ठंडी मैंगो रबड़ी का लुत्फ़ उठाने का एक अलग ही मज़ा है. आइए इसकी आसान और स्टेप-बाय-स्टेप रेसिपी जानते हैं…

आम की रबड़ी बनाने के लिए जरूरी सामग्री: 1 लीटर फुल-क्रीम दूध, 2 लीटर आम, 3 से 4 बड़े चम्मच चीनी, 4 से 5 हरी इलायची, थोड़े कटे हुए बादाम और पिस्ता, और केसर के कुछ धागे.

स्टेप 1: सबसे पहले, एक भारी तले वाले बर्तन में दूध डालें और उसे मध्यम आंच पर उबाल लें. दूध को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वह बर्तन के तले में चिपके नहीं. जब दूध उबलकर अपनी मूल मात्रा का आधा रह जाए और गाढ़ा होने लगे, तो उसमें चीनी डाल दें.
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स्टेप 2: अब, दूध में इलायची पाउडर डालें. इसके बाद, कटे हुए बादाम और पिस्ता मिलाएं. इससे रबड़ी का स्वाद और भी बढ़ जाएगा.

स्टेप 3: आमों को अच्छी तरह धोकर छील लें. अब, आम के गूदे को एक ब्लेंडर में डालें और उसका एक चिकना पेस्ट (प्यूरी) बना लें. ध्यान रखें कि आम पूरी तरह से पके हुए और मीठे हों.

स्टेप 4: जब दूध पर्याप्त रूप से गाढ़ा हो जाए, तो आंच बंद कर दें और उसे पूरी तरह से ठंडा होने दें. गर्म दूध में आम का गूदा डालने से दूध फट सकता है, इसलिए यह स्टेप बहुत ज़रूरी है.

स्टेप 5: जब दूध ठंडा हो जाए, तो उसमें आम का गूदा डालें और अच्छी तरह मिलाएं. अगर आप चाहें तो इस स्टेज पर केसर भी डाल सकते हैं. तैयार रबड़ी को 1 से 2 घंटे के लिए फ्रिज में ठंडा होने के लिए रख दें. आखिर में, इसे सूखे मेवों से सजाएं और परोसें.( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
प्रोफेसर ने घर पर लगाई थी सीक्रेट क्लास, बच्चों को रटवाकर हाथ से लिखवाए थे नीट के जवाब
नई दिल्ली (NEET UG 2026 Paper Leak). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को रद्द कराने वाले पेपर लीक घोटाले में CBI को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सीबीआई ने इस पूरे काले खेल के पीछे छिपे असली ‘किंगपिन’ यानी मास्टरमाइंड को महाराष्ट्र के पुणे शहर से दबोच लिया है. गिरफ्तार किया गया आरोपी पीवी कुलकर्णी कोई प्रोफेशनल अपराधी नहीं, बल्कि रिटायर्ड केमिस्ट्री टीचर है. जांच में सामने आया कि उसने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा से कुछ ही दिन पहले पुणे स्थित अपने घर पर बेहद गोपनीय तरीके से ‘स्पेशल कोचिंग क्लासेस’ चलाई थीं, जहां स्टूडेंट्स को सीधे असली प्रश्नपत्र रटवाया गया था.
न प्रिंटआउट, न WhatsApp, सिर्फ हाथ से लिखे नोट्स
कौन है मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी और क्या था उसका रसूख?
पीवी कुलकर्णी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर जिले का रहने वाला है, जिसे राज्य का बड़ा एजुकेशन हब माना जाता है. वह लातूर के ही एक बेहद प्रतिष्ठित कॉलेज में केमिस्ट्री का सीनियर प्रोफेसर रह चुका था और करीब चार साल पहले ही रिटायर हुआ था. सबसे गंभीर बात यह है कि सीबीआई के दावों के मुताबिक, कुलकर्णी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के जरिए नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से भी जुड़ा हुआ था. इसी वीआईपी एक्सेस का फायदा उठाकर उसने नीट यूजी परीक्षा से करीब एक हफ्ते पहले यानी अप्रैल के आखिरी दिनों में पेपर उड़ा लिया था.
राजस्थान से महाराष्ट्र तक फैला धांधली का नेटवर्क
नीट पेपर लीक का यह मामला सबसे पहले 7 मई को राजस्थान में उजागर हुआ था, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर 12 मई को सीबीआई ने इस केस की कमान अपने हाथों में ली. महज कुछ ही दिनों की जांच के बाद सीबीआई ने जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर जैसे शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी करके अब तक 7 मुख्य बिचौलियों और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, मोबाइल फोन और डिजिटल दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है.
जांच के घेरे में लातूर का नामी कोचिंग संस्थान
इस जांच की आंच अब लातूर के बड़े कोचिंग सेंटर्स तक भी पहुंच गई है. सीबीआई की 28 सदस्यीय भारी-भरकम टीम ने लातूर के मशहूर ‘रेनूकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ (RCC) के डायरेक्टर शिवराज मोटेगांवकर के आवास पर धावा बोला और उनसे घंटों पूछताछ की. जांच एजेंसी इस बात का पता लगा रही है कि क्या इस नामी कोचिंग संस्थान और पीवी कुलकर्णी के सीक्रेट पेपर लीक नेटवर्क के बीच कोई सीधा वित्तीय लेन-देन या अंदरूनी कनेक्शन था. सीबीआई का दावा है कि जल्द ही पेपर लीक रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों का पर्दाफाश होगा.
NEET पेपर लीक में दो और लेक्चरर का कनेक्शन
नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड और रिटायर्ड केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी से पूछताछ के बाद CBI ने इस नेटवर्क के 2 और बड़े किरदारों की तलाश तेज कर दी है. सूत्रों के मुताबिक, पुणे और लातूर के प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़े 2 और लेक्चरर इस पेपर लीक को अंजाम देने में कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के मुख्य सहयोगी थे. ये भी पीवी कुलकर्णी की तरह NTA के साथ नीट परीक्षा की गोपनीय प्रक्रियाओं से जुड़े हुए थे. इन चारों ने मिलकर पुणे के एक संस्थान में छात्रों को बुलाकर लीक प्रश्नपत्र के सवाल और सही जवाब उनकी नोटबुक में हाथ से नोट करवाए थे.
वर्ल्ड अपडेट्स: ट्रम्प बोले- ISIS का दूसरा सबसे बड़ा लीडर मारा गया; अमेरिका-नाइजीरिया के जाइंट ऑपरेशन में ढेर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकी संगठन ISIS के दूसेर सबसे बड़े कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। ट्रम्प ने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत ही प्लानिंग के साथ और बेहद मुश्किल तरीके से अंजाम दिया गया। वह अफ्रीका में छिपा हुआ था और वहीं उसे निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक यह आतंकी दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक था और उसे खत्म करने के लिए काफी समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। ट्रम्प के मुताबिक, मिनुकी के मारे जाने से आईएसआईएस के वैश्विक ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ भी लिखा। इससे पहले जून 2023 में बाइडेन सरकार ने मिनुकी को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया था। जब अमेरिका किसी व्यक्ति या संगठन को दुनिया के लिए खतरनाक आतंकवादी मान लेता है, तो उसे इस सूची में डाल देता है। जिस व्यक्ति या संगठन को यह दर्जा मिल जाता है, उसके ऊपर कई सख्त पाबंदियां लग जाती हैं। जैसे उसकी अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है, कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उससे लेन-देन नहीं कर सकती और उसे आर्थिक व वित्तीय तौर पर पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की जाती है। मिनाकी के और भी कई नाम बताए गए थे, जिनमें अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक भी शामिल थे।
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एक लाख रुपए के गांजे के साथ आरोपी गिरफ्तार: अवैध गांजा, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, मोबाईल फोन जब्त – Tonk News
टोंक शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में जिला स्पेशल टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब एक लाख रुपए कीमत का गांजा बरामद किया है। पुलिस ने कंपू इलाके में घेराबंदी कर 26 साल के आरोपी किशन माली को गिरफ्तार किया। उसके पास से 1.880 किलो अवैध गांजा, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी आसपास के लोगों को गांजा सप्लाई करने जा रहा था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कंपू इलाके में की गई घेराबंदी यह कार्रवाई महिला अनुसंधान अधिकारी एएसपी कमल प्रसाद के निर्देशन और टोंक डीएसपी मृत्युजंय मिश्रा के सुपरविजन में की गई। जिला स्पेशल टीम प्रभारी ओमप्रकाश और कोतवाल भंवरलाल के नेतृत्व में गठित टीम ने कोतवाली क्षेत्र के कंपू इलाके में कार्रवाई की। मुखबिर और तकनीकी सूचना से पकड़ा आरोपी पुलिस टीम को मुखबिर और तकनीकी माध्यम से सूचना मिली थी कि आरोपी अवैध मादक पदार्थ लेकर सप्लाई के लिए जा रहा है। इसके बाद टीम ने इलाके में घेराबंदी कर आरोपी किशन पुत्र रामावतार माली निवासी नैन सुख की बगिया, शंकर चौराहा को रास्ते से पकड़ लिया। चेकिंग में मिला गांजा और इलेक्ट्रॉनिक कांटा पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके पास से 1.880 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा और मोबाइल फोन भी मिला। पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ और अन्य सामान जब्त कर लिया। एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
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सिंधु के बाद दोहरी मार, 2 नई सुरंगों पर काम कर रहा भारत, पाकिस्तान पर प्रलय तय
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से भारत ने पाकिस्तान को लेकर अपनी रणनीति और सख्त कर रखी है. एक तरफ भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर अलग-थलग करने की कोशिशों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ अपने जल संसाधनों और हाइड्रोपावर क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी बड़े कदम तेज कर दिए हैं. केंद्र सरकार ने सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को स्थगित रखने का फैसला लेकर पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि सीमा पार आतंकवाद और जल सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अब भारत पहले से ज्यादा आक्रामक रणनीति अपनाएगा.
सलाल डैम पर डी-सिल्टिंग शुरू
इसी दिशा में सलाल डैम में बड़े स्तर पर डी-सिल्टिंग यानी गाद हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों के अनुसार, एनएचपीसी ने ड्रेजिंग ऑपरेशन शुरू कर दिया है और इस साल से बड़े पैमाने पर सिल्ट फ्लशिंग भी की जाएगी. यह अभियान अगले तीन से चार वर्षों तक लगातार चल सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, हर साल करीब 40 से 50 मिलियन क्यूबिक मीटर गाद हटाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे जलाशय की क्षमता बढ़ेगी, पानी के बेहतर भंडारण में मदद मिलेगी और बिजली उत्पादन की दक्षता भी सुधरेगी.
तेजी से बढ़ रहा हाइड्रोपावर का काम
अधिकारियों का कहना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को भी बड़े पैमाने पर फायदा हो रहा है. जिन राज्यों में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लगाए जाते हैं, उन्हें परियोजनाओं से 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलती है. इसके अलावा हर बड़ी परियोजना से करीब 5,000 से 6,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलता है. खास बात यह है कि निर्माण कार्य में करीब 80 प्रतिशत कर्मचारी उसी राज्य के होते हैं, जहां परियोजना बनाई जा रही है.
दो सुरंगों का सर्वे पूरा
जम्मू-कश्मीर में तैयार होने वाली स्वच्छ और हरित ऊर्जा का इस्तेमाल केवल स्थानीय जरूरतों तक सीमित नहीं है. यह बिजली उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों को सप्लाई की जा रही है और राष्ट्रीय पावर ग्रिड को मजबूती दे रही है. सूत्रों ने यह भी बताया कि व्यापक जल प्रबंधन रणनीति के तहत प्रस्तावित दो सुरंगों को लेकर सर्वे का काम पूरा हो चुका है. फिलहाल दोनों परियोजनाओं की व्यवहार्यता रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है, जिसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा.
माना जा रहा है कि पहलगाम हमले के बाद भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ सैन्य और कूटनीतिक मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि जल और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में भी दीर्घकालिक रणनीतिक बढ़त बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
फरीदाबाद के ट्रांसपोर्टरों की दिल्ली एंट्री पर ब्रेक: हड़ताल का ऐलान, ग्रीन टैक्स और BS-4 वाहनों पर रोक खत्म करने की मांग – Faridabad News
फरीदाबाद जिले के ट्रांसपोर्टरों ने अपनी मांगों को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 21 से 23 मई तक दिल्ली में एंट्री न करने का ऐलान किया है। यह सांकेतिक हड़ताल ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर की जा रही है, जिसमें शहर के ट्रांसपोर्टर भी शामिल हो रहे हैं। दिल्ली गाड़ी नही भेजेगा कोई ट्रांसपोर्टर ऑल फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेश शर्मा का कहना है कि उनकी मुख्य मांगों में बीएस-6 वाहनों पर लगाए गए ग्रीन टैक्स को हटाना, बीएस-4 वाहनों के दिल्ली प्रवेश पर रोक न लगाना और कथित मनमाने चालानों पर रोक शामिल है। उनका आरोप है कि मौजूदा नियमों और कार्रवाई से ट्रांसपोर्ट कारोबार पर गंभीर असर पड़ रहा है। बिना गाड़ी रोके भेज रहे चालान महासचिव सुभाष कौशिक ने बताया कि कई बार बिना गाड़ी रोके ही चालान भेज दिए जाते हैं, जो ट्रांसपोर्टरों के लिए बड़ी परेशानी बन रहे हैं। उनका कहना है कि जिन वाहनों के दस्तावेज पूरे हैं, उन्हें बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए। लंबे समय से चल रहा सरकार से संवाद ट्रांसपोर्टरों की मांग है कि बीएस-4 वाहनों को उनकी निर्धारित उम्र पूरी होने तक दिल्ली में चलने दिया जाए, जबकि बीएस-6 गाड़ियों से ग्रीन टैक्स हटाया जाए। उनका कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से सरकार से संवाद किया जा रहा है, लेकिन समाधान नहीं निकला। आगे बड़ा किया जाएगा आन्दोलन फरीदाबाद ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक, हड़ताल के दौरान तीन दिनों तक कोई भी मालवाहक वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं करेगा। अगर इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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