Tuesday, July 28, 2026
Home Blog

शिकायत के 5 घंटे में एक्शन… सड़क से हटा कचरा: वार्ड-73 की पार्षद शाहीन साजिद खान बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’; नई सड़क से भी मिली राहत – Indore News




इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। ( आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें… ) वार्ड-73 की पार्षद शाहीन साजिद खान बनीं आज की ‘पब्लिक स्टार’ सैफी नगर निवासी मजहर अनीफ ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि सफाई कर्मचारी कचरा एक जगह इकट्ठा कर देते हैं, लेकिन कचरा वाहन समय पर नहीं पहुंचता। इसके कारण लंबे समय तक कचरा सड़क पर पड़ा रहता था, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही थी तथा बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ था। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर सामने आने के बाद वार्ड-73 की पार्षद शाहीन साजिद खान ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। महज 5 घंटे के भीतर सफाई अमले को मौके पर भेजकर कचरा उठवाया गया और पूरे क्षेत्र की सफाई कराई गई। एप से लोगों को मिल रहा समाधान दुर्गा पटेल की चाल में बनी नई सड़क, रहवासियों को मिली राहत इंदौर के दुर्गा पटेल की चाल निवासी मनीष प्रजापति ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने लिखा था कि क्षेत्र की सड़क लंबे समय से खराब होने के कारण लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही थी। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद वार्ड-10 की पार्षद विनीतिका यादव ने मामले में कार्रवाई कर सड़क का निर्माण कराया। समाधान होने की जानकारी खुद शिकायतकर्ता ने भास्कर समाधान पर अपडेट की। इंदौर के विभिन्न क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट, गंदगी, जलभराव और सड़क सुरक्षा की समस्याओं से लोग परेशान स्ट्रीट लाइट बंद, अंधेरे में बढ़ा चोरी और हादसे का डर छत्रीबाग के केसरबाग रोड स्थित बल्दा कॉलोनी निवासी विशाल एमोलिया ने ‘भास्कर समाधान’ पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि क्षेत्र की स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद पड़ी है। शाम के समय बच्चे बाहर खेलते हैं और आसपास वाहन खड़े रहते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार दो दिन पहले अंधेरे का फायदा उठाकर उनकी बाइक भी चोरी हो गई। खाली प्लॉट बना कचरा घर, मच्छरों और बीमारी का खतरा मयूर नगर, गली नंबर-18 निवासी लोकेश मुकाती ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके घर के पास दो खाली प्लॉटों में लोग लगातार कचरा फेंक रहे हैं। कई बार समझाने पर विवाद की स्थिति बन जाती है। गंदगी के कारण मच्छर, बड़े-बड़े चूहे और बदबू फैल रही है, जिससे परिवार के लोग बार-बार बीमार हो रहे हैं और डेंगू जैसी बीमारी का खतरा बना हुआ है। ड्रेनेज का पानी सड़क पर, लोगों की परेशानी बढ़ी पिपलियापाला, जमनाबाई धर्मशाला के पास रहने वाले निखिल ने शिकायत में बताया है कि कई दिनों से ड्रेनेज का पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। कई बार मरम्मत का काम होने के बावजूद एक-दो दिन बाद फिर पानी बहने लगता है। स्थायी समाधान नहीं होने से सड़क पर जलभराव रहता है और राहगीरों व वाहन चालकों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है। टूटा नाले का ढक्कन, हादसे का डर तपेश्वरी बाग कॉलोनी निवासी अजय सेंगर ने शिकायत दर्ज कराई है कि राम जानकी मंदिर के सामने नाले का ढक्कन टूट गया है। इससे नाले का गड्ढा खुला पड़ा है और आसपास बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कभी भी कोई राहगीर या वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकता है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह मंच आमजन और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बन चुका है। एप को यूजर्स के लिए सरल बनाया गया है और इसमें कई उपयोगी फीचर्स जोड़े गए हैं। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी भी एप पर अपडेट कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर सकेंगे। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। अधिकारी मैप पर लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकेंगे और समाधान होने पर शिकायतकर्ता को एप के माध्यम से इसकी जानकारी भी दे सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे। ‘भास्कर समाधान’ बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल ‘भास्कर समाधान’ का उद्देश्य शहर के हर कोने से लोगों की समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच लोगों को अपनी बात सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।



Source link

हरियाणा के सुधीर सांगवान CJP कोर टीम के मेंबर: कभी मेडिकल स्टोर पर ₹200 की नौकरी की; ‘मामला लीगल है’ वेब-सीरिज में SHO पेप्सू से फेमस हुए – Sonipat News




दिल्ली के जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स के प्रदर्शन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास के अलावा एक और चेहरा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। यह चेहरा था हरियाणा के चरखी दादरी निवासी और एक्टर सुधीर सांगवान का। सुधीर नेटफ्लिक्स की चर्चित वेब सीरीज ‘मामला लीगल है’, फिल्म ‘RAAKH’ और कई OTT प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुके हैं। मामला लीगल सीरिज में SHO पेप्सू से उन्हें पहचान मिली। एक्टिंग के साथ-साथ वे इन दिनों CJP की संस्थापक कोर टीम के सदस्य भी हैं। चरखी दादरी के छोटे से गांव छप्पर से निकलकर सुधीर ने संघर्ष के दम पर अपनी अलग पहचान बनाई। किसान परिवार से आने वाले सुधीर ने आर्थिक तंगी के दौर में मेडिकल स्टोर हेल्पर पर 200 रुपए के लिए नौकरी की। इसके बाद सिम कार्ड हॉकर, डीजे, ट्रांसपोर्ट कंपनी कर्मचारी और बैंकिंग सेक्टर में भी काम किया। दैनिक भास्कर ने सुधीर सांगवान से बातचीत कर उनके गांव से OTT तक के सफर और CJP से जुड़ने की पूरी कहानी जानी। बैंकों में काम करने से लेकर खुद के स्टार्टअप तक शुरू किए सुधीर सांगवान का जन्म 9 नवंबर 1988 को हरियाणा के चरखी दादरी जिले के छप्पर गांव के किसान परिवार में हुआ। शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। बाद में राजस्थान के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ाई के दौरान थिएटर से जुड़े। आर्थिक तंगी के कारण भिवानी के सरकारी कॉलेज में ग्रेजुएशन बीच में छोड़नी पड़ी। परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए कम उम्र में ही काम शुरू कर दिया। सबसे पहले मेडिकल स्टोर पर हेल्पर बने, जहां रोजाना ₹200 मिलते थे। अतिरिक्त कमाई के लिए रात में डीजे बजाते और फोटोग्राफी भी करते थे। साल 2006 में ₹3,500 महीने की सैलरी पर ट्रांसपोर्ट कंपनी में असिस्टेंट बने। दो साल बाद एक विदेशी कार्गो कंपनी में सुपरवाइजर बने और 2010 तक काम किया। इसके बाद HDFC बैंक में कैशियर के रूप में बैंकिंग सेक्टर में कदम रखा। 2016 में कोटक महिंद्रा बैंक में ब्रांच मैनेजर बने। इसी साल इक्विटस बैंक में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (AVP) बने, जहां उनकी सैलरी ₹1.24 लाख महीने तक पहुंच गई। नौकरी के साथ उन्होंने MoneyMind.com और LoanWon.com नाम से लोन सर्विस स्टार्टअप शुरू किए। 2019 में MyMistri.com लॉन्च किया, जिसे बाद में करीब ₹40 लाख में बेच दिया। इसके बाद ‘तुरंत डील’ नाम से प्रॉपर्टी स्टार्टअप और कोरोना काल में ZORKA Grocery शुरू की, लेकिन घाटे के कारण दोनों कारोबार बंद करने पड़े। 2019 में एक्टिंग लाइन में आए, हरियाणवी वेब सीरिज से शुरुआत सुधीर सांगवान बताते हैं कि 2019 में फिल्म निर्माता राहुल दहिया से मुलाकात के बाद एक्टिंग करियर की शुरुआत हुई। पहला मौका हरियाणवी वेब सीरीज ‘विरोध’ में मिला। इसके बाद ‘मायाजाल’, ‘ब्याह के लड्डू’, ‘अखाड़ा’ और ‘स्कैम’ जैसी वेब सीरीज में अलग-अलग किरदार निभाए। मुंबई में 100 से ज्यादा ऑडिशन दिए। ज्यादातर काम उन्हें ऑनलाइन ऑडिशन से मिला। नेटफ्लिक्स की ‘मामला लीगल है’ में SHO जयवंत पेप्सू के रोल से देशभर में पहचान मिली। अमेजन प्राइम वीडियो के विज्ञापन अभियान में मनोज बाजपेयी के साथ भी नजर आए। उनकी फिल्म ‘राख’ अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो चुकी है। अन्ना आंदोलन में शामिल हुए, CJP के मूवमेंट से जुड़े सुधीर ने बताया कि 2011 के अन्ना आंदोलन के दौरान सामाजिक गतिविधियों से जुड़े। इसी दौरान उनकी मुलाकात भिवानी के लोकेश से हुई। बाद में दोनों ने स्टैंड विद नेचर नाम से एक NGO शुरू की। सुप्रीम कोर्ट में ‘कॉकरोच’ शब्द की चर्चा के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए मूवमेंट से जुड़े। शिक्षा और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहने की वजह से उन्होंने CJP के अभियान में हिस्सा लेना शुरू किया। 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पहले बड़े प्रदर्शन में शामिल हुए। उस दिन भीड़ को संभालने के लिए उन्होंने खुद आगे आकर व्यवस्था संभाली। प्रोटेस्ट के दौरान ये समझ नहीं आ रहा था कि वह बड़े स्पीकर को कहां रखें। भीड़ के बीच जब जगह नहीं मिली तो स्पीकर कंधे पर रखकर लोगों के बीच घूमता रहा। इस दौरान उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। 15 जून को जयपुर और 20 जून को जंतर-मंतर के कार्यक्रम में CJP के प्रमुख आशुतोष रानका ने मंच से उनका परिचय कराया। इसके बाद उन्हें CJP की संस्थापक कोर टीम का सदस्य बनाया गया। पूरे देश में टीम तैयार कर रही CJP सांगवान ने बताया कि संगठन देशभर में अपनी टीम का विस्तार कर रहा है। शिक्षा, रोजगार और जनहित के मुद्दों पर अभियान चलाने की तैयारी है। अलग-अलग राज्यों में संगठन की इकाइयों को मजबूत करने पर काम किया जा रहा है। सोशल मीडिया के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे।



Source link

सीवान में एके-47 से फायरिंग की आखोंदेखी: जेपी चौक पर SP को चारों ओर से घेरा गया, गनर से बोले- देख क्या रहे हो, हैंडल करो… – Siwan News




“मैं बार-बार कह रहा हूं, सिपाही अभिषेक की एके-47 फायरिंग में किसी भी छात्र को कोई नुकसान नहीं हुआ है। घटना के दिन (25 जुलाई) अभिषेक डीआईयू टीम में शामिल थे, और टीम एक केस की जांच करने जा रही थी। छात्रों के प्रदर्शन के बीच पूरी टीम जेपी चौक पर फंस गई। इसी दौरान अभिषेक ने टीम की सुरक्षा में फायरिंग की, जिसके लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मीडिया में जिन छात्रों के घायल होने का दावा किया जा रहा है, वह एके-47 की फायरिंग में घायल नहीं हुए हैं।” सीवान के जेपी चौक पर छात्रों पर एके-47 से हुई फायरिंग मामले में एसपी पूरण कुमार झा ने मीडिया से बातचीत कर यह जानकारी दी है। सोमवार को आरजेडी सांसद मनोज झा ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है, जिसमें आज सुनवाई होगी। घटना के पूरे दिन क्या-क्या हुआ, पुलिस को फायरिंग करने की नौबत क्यों आई, फायरिंग में कितने लोग घायल हुए, एक-47 से फायरिंग के ऑर्डर किसने दिए? डीएम ने क्या कहा? और मामले में अब तक क्या-क्या हुआ, पूरी रिपोर्ट पढ़िए… फायरिंग से जुड़ी तस्वीरें… पूरे सिवान शहर में 20 से अधिक हॉट्सपॉट बनाए गए
दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने पुलिस सूत्रों और अन्य अधिकारियों से जुटाई जानकारी के मुताबिक, घटना वाले दिन सुबह-सुबह एसपी और डीएम के बीच हाईलेवल मीटिंग हुई। इस मीटिंग में 40 से अधिक अधिकारियों को जोड़ा गया। मीटिंग में तय हुआ कि पूरे शहर के 20 से अधिक हॉटस्पॉट पर होम गार्ड और बिहार पुलिस की यूनिट तैनात की जाएगी। प्रदर्शन के दौरान जिन इलाकों में दबाव ज्यादा होगा, वहां अतिरिक्त फोर्स भेजी जाएगी और जरूरत पड़ने पर नजदीकी हॉटस्पॉट से भी पुलिस बल को ट्रांसफर किया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग सीधे एसपी ऑफिस से होगी। प्रशासन को आशंका थी कि शुक्रवार की तुलना में शनिवार को कहीं ज्यादा संख्या में लोग सड़कों पर उतर सकते हैं और भीड़ उग्र भी हो सकती है। इसलिए स्थिति बिगड़ने पर हवाई फायरिंग की अनुमति भी इसी बैठक में दी गई थी। गांधी मैदान में भारी संख्या में छात्र जमा होने लगे
सुबह 9 बजे: पुलिस-प्रशासन की मोबाइल टीमें शहर में गश्त करने लगीं। इधर, गांधी मैदान में छात्रों का जमावड़ा बढ़ने लगा। वहीं, शहर में घूम-घूमकर आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन भी चल रहा था। पुलिस टीम लगातार आइसा और आरवाईए के संपर्क में थी। शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन भी मिला था, इसलिए किसी बड़ी घटना की आशंका नहीं थी। हालांकि, गांधी मैदान में लगातार बढ़ रही भीड़ को लेकर स्थानीय पुलिस चिंतित थी और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार इनपुट भेज रही थी। करीब 11 बजे: गांधी मैदान में ढाई हजार से अधिक छात्र पहुंच चुके थे, जबकि उन्हें नियंत्रित करने के लिए मौके पर महज 30-40 पुलिसकर्मी मौजूद थे। लगातार मिल रहे इनपुट के बाद एसपी खुद गांधी मैदान पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को नियंत्रित करने की रणनीति बनाई। करीब 12 बजे: गांधी मैदान में बढ़ती भीड़ और बिगड़ते हालात को देखते हुए पुलिस ने मैदान खाली कराने का फैसला लिया। एसपी और डीएम के पहुंचने के करीब 15 मिनट बाद कार्रवाई शुरू हुई और बड़ी संख्या में छात्रों को खदेड़कर वहां से हटाया गया। गांधी मैदान से 10 से अधिक गलियां शहर के अलग-अलग चौक-चौराहों तक जाती हैं। मैदान से हटाए जाने के बाद छात्र इन्हीं अलग-अलग रास्तों से शहर के विभिन्न चौराहों पर पहुंच गए और कई जगह हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया। कई जगहों पर पुलिस पोजिशन से भटक गए
इधर, काफी देर तक कोई बड़ी घटना नहीं होने के कारण शहर के अलग-अलग हॉटस्पॉट पर तैनात कई पुलिसकर्मी भी कुछ हद तक सुस्त पड़ गए और कई जगह अपनी-अपनी पोजिशन छोड़कर इधर-उधर हो गए। अचानक दोपहर करीब 2 बजे गांधी मैदान से निकले छात्र शहर के अलग-अलग चौराहों और बाजारों में पहुंचने लगे। इस स्थिति का अंदाजा किसी भी अधिकारी को नहीं था। करीब 2 बजे: स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जेपी चौक पर भी बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई। वहां पथराव और हिंसा शुरू हो गई। गांधी मैदान में मौजूद एसपी को फोन पर जेपी चौक की जानकारी मिली, जिसके बाद वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे। उनके साथ कई गनर भी थे। छात्रों पर एके-47 से फायरिंग की गई
एसपी के वहां पहुंचने तक भीड़ काफी उग्र हो चुकी थी और पथराव जारी था। जेपी चौक के आसपास कई गलियां थीं, जो चौक को चारों ओर से जोड़ती थीं। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि छात्र किस गली से निकलकर किस दिशा से हमला कर सकते हैं। पथराव और हिंसा को काबू करने के दौरान एसपी ने गनरों से कहा, “देख क्या रहे हो, हैंडल करो… मामला हाथ से निकल गया है।” इसके बाद कई पुलिसकर्मी छात्रों की ओर बढ़े। इनमें सबसे आगे सिपाही अभिषेक थे, जिन्होंने अपनी AK-47 से फायरिंग शुरू कर दी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह छात्रों की दिशा में फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं। घायल छात्र अस्पताल की ओर भागते दिखे
एक ओर फायरिंग कर छात्रों को पीछे धकेला गया, वहीं दूसरी ओर एसपी को कवर देते हुए पुलिस बल उन्हें जेपी चौक से बाहर निकालने में जुट गया। कुछ ही देर बाद पूरे सीवान में कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें कुछ छात्र गोली लगने से घायल दिखाई दिए। वीडियो में घायल छात्र गलियों के रास्ते अस्पताल की ओर भागते नजर आए। इनमें दो छात्रों की गर्दन को छूते हुए गोली निकल गई, जबकि एक छात्र के पैर में गोली लगी। घायल छात्र हाफीज चौक का नाम लेते हुए कह रहे थे कि उन्हें वहीं गोली मारी गई। हाफीज चौक, जेपी चौक से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। एसपी पूरण कुमार झा का कहना है कि जेपी चौक पर हुई AK-47 की फायरिंग में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। जिन छात्रों को गोली लगी है, वे जेपी चौक से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर घायल हुए हैं। वहां गोली कैसे चली, किसने चलाई और किन परिस्थितियों में चली, इसकी जांच की जा रही है। पूरे मामले पर डीएम विवेक ने कहा कि AK-47 से की गई फायरिंग नहीं होनी चाहिए थी और इसके लिए कोई आदेश भी नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम जांच के लिए जा रही थी, तभी छात्र प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया, जिसके कारण ऐसी स्थिति बनी। पुलिस की बड़ी चूक क्या रही
सीवान के एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का कहना है, “पुलिस ने सीवान में हिंसा और प्रदर्शन को काबू करने के लिए जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की और कई हॉटस्पॉट भी बनाए, लेकिन प्रदर्शन की ऑन-द-स्पॉट मॉनिटरिंग के लिए कहीं भी मजिस्ट्रेट की तैनाती नहीं की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टीयर गैस, वाटर कैनन जैसी बुनियादी तैयारियां भी नहीं थीं। मुझे ऐसा लगता है कि पुलिस छात्रों से निपटने नहीं, बल्कि आर-पार की स्थिति के लिए तैयार होकर आई थी।” जनहित याचिका में क्या है…
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। इसमें 25 जुलाई को बिहार के सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा AK-47 से फायरिंग और अत्यधिक बल प्रयोग के मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। निष्पक्ष जांच की मांग: याचिका में कहा गया है कि NEET परीक्षा पेपर लीक और धांधली के विरोध में 25 जुलाई को आयोजित ‘बिहार बंद’ के दौरान छात्रों पर पुलिस की कथित ज्यादती और अत्यधिक बल प्रयोग की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। दोषी पुलिसकर्मियों पर FIR: मनोज झा ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि प्रदर्शनकारियों पर आधुनिक हथियार (AK-47) का इस्तेमाल करने वाले तथा लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का आदेश दिया जाए। जल्द सुनवाई (मेंशनिंग): मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष मेंशन भी किया गया है, ताकि इस पर जल्द से जल्द सुनवाई हो सके।



Source link

जय हो जय हो …धुन पर नौकरी की दौड़: प्रयागराज में ग्रुप डी के पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में उत्साह – Prayagraj (Allahabad) News




आजा आजा जिंद शामियाने के तले, आजा ज़रीवाले नीले आसमान के तले, जय हो, जय हो जय हो … देशभक्ति से सराबोर यह गीत प्रयागराज में रेलवे भर्ती के अभ्यर्थियों में जोश भरता रहा। गीत की धुन पर नौकरी के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा देने आए युवा जोश से भर गए। मौसम ने भी उनका खूब साथ दिया। ऐसे में दौड़ से लेकर वजन उठाकर भागने तक के एग्जाम में सभी बेहतर प्रदर्शन किया हम बात कर रहे हैं उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) द्वारा डीएसए ग्राउंड में आयोजित ग्रुप डी के पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा की। सोमवार को अभ्यर्थियों ने पूरे जोशो के साथ इसमें हिस्सा लिया। महज सोमवार को ही परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों के सफल होने का आंकड़ा 500 रहा। लाउडस्पीकरों पर गीत कड़ी सुरक्षा, हाईटेक इंतजाम के बीच यह परीक्षा आयोजित की जा रही है। अभ्यर्थी मैदान पर तो उनके अभिभावक बाहर से ही नौकरी मिलने की आस संजोये रहते हैं। अभ्यर्थियों में जोश कायम रहे, ऐसे में रेलवे की आूेर से लाउडस्पीकरो पर देशभक्ति गीत बजाए जाने का सिलसिला भी चल रहा है। रेलवे के हाईटेक इंतजाम डीएसए ग्राउंड में भाग लेने आए सभी अभ्यर्थियों के पैरों में आरएफआईडी (रेडियो-फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) बैंड बांधा गया है। इससे उनकी दौड़ का डिजिटल समय बिल्कुल सटीक और त्रुटिरहित तरीके से रिकॉर्ड किया जा रहा है। अफसरों का कहना है कि हाईटेक तकनीक के प्रयोग से परिणामों में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। शारीरिक परीक्षा के लिए 3,736 अभ्यर्थी उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा के मुताबिक परीक्षार्थियों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए मैदान पर त्वरित चिकित्सा सुविधा के लिए एम्बुलेंस की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है। 28 जुलाई 2026 तक चलने वाली इस शारीरिक परीक्षा के लिए कुल 3,736 अभ्यर्थियों (3,511 पुरुष एवं 225 महिला) को बुलाया गया है, जिसमें उत्तर मध्य रेलवे की कुल 2,020 रिक्तियों को भरा जाना है। कितनी दौड़, कितना वजन शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए निर्धारित मानकों के तहत पुरुष अभ्यर्थियों को 1,000 मीटर की दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में पूरी करनी है तथा 35 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में एक बार में तय करनी है। महिला अभ्यर्थियों के लिए 1,000 मीटर की दौड़ हेतु 5 मिनट 40 सेकंड का समय निर्धारित है और उन्हें 20 किलोग्राम वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में एक बार में पूरी करनी है।



Source link

गयाजी में नारकोटिक्स की टीम ने की छापेमारी: भारी मात्रा में दवाइयां जब्त, मेडिसीन की क्वालिटी जांचने के लिए भेजा लैब – Gaya News




गयाजी में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की टीम ने छापेमारी की। टीम ने भारी मात्रा में संदिग्ध दवाइयों को बरामद किया है। जांच अधिकारी सिद्धार्थ श्रीवास्तव के अनुसार, सीबीएन की टीम काफी समय से इस संदिग्ध नेटवर्क पर नजर रख रही थी। अधिकारियों का कहना है कि दवाओं की असलियत और गुणवत्ता की पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मुरारपुर मोहल्ले का है। ​पहले भी हो चुकी हैं कई जगह छापेमारी
​गयाजी में नकली दवाओं से जुड़ा यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जांच एजेंसियों ने मानपुर, खजाहांपुर और बजाजा रोड जैसे इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। बीते सप्ताह ही शहर के तीन स्थानों पर छापेमारी की गई थी। उन तीन में से दो ठिकानों पर नारकोटिक्स और एक ठिकाने पर ड्रग डिपार्टमेंट ने किया था। उन ठिकानों से भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं जब्त की गई थीं। उस समय की छापेमारी में अधिकारियों के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण डायरी भी लगी थी।
​डायरी से खुलेंगे कई बड़े राज ​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बरामद डायरी में कई स्थानीय डॉक्टरों और प्रमुख अस्पतालों के नाम लिखे हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह गिरोह इन्हीं डॉक्टरों और अस्पतालों में इन दवाओं की सप्लाई करता था। हालांकि, प्रशासन ने अभी इन नामों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां अब इस डायरी के जरिए पूरे सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि यह गिरोह कब से चल रहा है। इसके तार कहां तक हैं। अंदाजा है कि इन संदिग्ध दवाओं का इस्तेमाल छोटे बच्चों के इलाज में भी किया जा रहा था। अगर यह बात सच साबित होती है, तो यह मासूम बच्चों की जान के साथ बड़ा खिलवाड़ है। नारकोटिक्स के अधिकारी श्रीवास्तव ने बताया कि ​बरामद की गई सभी दवाओं को जांच के लिए सरकारी प्रयोगशाला भेज जा रहा है।



Source link

शाजापुर में एडवाइजरी कंपनी पर पुलिस की दबिश: 8 युवक हिरासत में, मोबाइल और साइबर पोर्टल से तस्दीक जारी; जांच में जुटी साइबर टीम – shajapur (MP) News




शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र स्थित काशी नगर में पुलिस ने सोमवार दोपहर एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश देकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि काशी नगर में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच कर रही है कि कंपनी किस तरह का काम कर रही थी। मामला सामने आने के बाद एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर पुलिस की टीम को भी शामिल किया गया है। हिरासत में 8 युवक, एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश को हिरासत में लिया है। वहीं जांच में सामने आए प्रवीण नाम के एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है। दिसंबर में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी राज्य साइबर पुलिस उज्जैन ने लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर में इसी तरह की गतिविधि पर कार्रवाई की थी, जहां से 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।



Source link

सीकर में बदमाशों ने हिस्ट्रीशीटर को घेरकर पीटा, मौत: 20 बदमाशों ने किया था किडनैप; परिवार का आरोप- 7070 गैंग दे रही धमकी – Sikar News



सीकर जिले में एक हिस्ट्रीशीटर का मर्डर हो गया। यह वारदात दांतारामगढ़ पुलिस थाने के किशनगढ़ रेनवाल के पास रविवार देर रात करीब 1 बजे हुई। हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा पुत्र मोहनलाल मीणा पचार गांव ने जानलेवा हमले के बाद सोमवार दोपहर को दम तोड़ दिया। परिव

.

शव को सीकर के एसके अस्पताल में मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों ने कहा- नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव लेंगे।

बनवारीलाल के भाई सोहनलाल ने बताया- बनवारीलाल पिछली रात करीब 1 बजे बाइक से किशनगढ़ रेनवाल से किसी परिचित से रुपए लेकर गांव आ रहा था। उसके साथ गांव का वीरेंद्र मीणा भी था। जैसे ही वे गांव की तरफ पहुंचे तो पीछे से दो कैंपर गाड़ी आई। उन्होंने गाड़ियों को बाइक के आगे लगा दिया।

इसके बाद गाड़ी में से नरेंद्र गोस्वामी, शंकर, सूरज, जयपाल, महेश, रामनिवास, मालीराम, गणपत, मुकेश, गजेंद्र, अशोक, महेंद्र, महेश, महेंद्र कुमार मीणा, रमेश के अलावा 5 से 7 लोग नीचे उतरे। इनके पास पिस्तौल सहित अन्य हथियार थे। उन्होंने बनवारीलाल पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद उसे कैंपर गाड़ी में डालकर खाटू की तरफ ले गए। साथी वीरेंद्र ने इसकी सूचना बनवारीलाल के परिवार को दी।

सड़क पर गंभीर हालत में मिला

सोहनलाल ने बताया- जब परिवार बनवारीलाल को तलाश करते हुए चारणवास नाडा की सड़क की तरफ पहुंचा तो वहां भाई गंभीर हालत में घायल पड़ा था। जिसे पहले इलाज के लिए खाचरियावास हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां स्टाफ नहीं होने की वजह से उसे सीकर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई।

आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग

सोहनलाल ने कहा- जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह शव नहीं लेंगे। सोहनलाल ने कहा- जयपुर की 7070 गैंग कई दिनों से बनवारीलाल और परिवार को धमकी दे रही थी। इस बारे में उन्होंने 112 पर भी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस आई और औपचारिकता करके चली गई।

मामले में दांतारामगढ़ DYSP कैलाश कंवर ने कहा- फिलहाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।



Source link

दिल्ली में कचरा प्रबंधन सुधरेगा: एक जोन में लागू होगा इंदौर मॉडल: एलजी – New Delhi News




दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टी.एस. संधू ने सोमवार को नगर निगम (एमसीडी) के कमिश्नर संजीव खिरवार, सभी अतिरिक्त आयुक्तों और जोनल आयुक्तों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राजधानी की प्रमुख नागरिक सेवाओं का जायजा लिया। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, जलभराव, नालों की डी-सिल्टिंग, डंपसाइट से पुराने कचरे के निस्तारण और मानसून की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। एलजी ने कहा कि दिल्ली में अभी भी करीब 50% कचरे का स्रोत पर पृथक्करण (सेग्रिगेशन) नहीं हो रहा है, जिससे बड़ी मात्रा में कचरा सीधे डंपसाइट तक पहुंच रहा है। उन्होंने एमसीडी के एक जोन में इंदौर नगर निगम के कचरा प्रबंधन मॉडल को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही, डंपसाइट से पुराने कचरे को हटाने की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिदिन आने वाले नए कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि दोबारा कचरे का पहाड़ न बन सके। बैठक में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण से निपटने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। एलजी ने सड़कों की समयबद्ध मरम्मत, धूल नियंत्रण और एमसीडी की सड़कों का रोड सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। मानसून को देखते हुए जलभराव, डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों की रोकथाम की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी, नालों की नियमित सफाई और त्वरित जल निकासी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। टोल प्लाजा के आसपास लगने वाले ट्रैफिक जाम और उससे होने वाली नागरिक परेशानियों पर भी चर्चा हुई।



Source link

घर पर बनेगा होटल जैसा क्रिस्पी मसाला डोसा, बस आजमाएं ये परफेक्ट बैटर और मसाले का सीक्रेट


X

घर पर बनेगा होटल जैसा क्रिस्पी मसाला डोसा,बस आजमाएं मसाले का ये सीक्रेट

 

arw img

Masala Dosa Recipe: अगर बदलते मौसम में कुछ हल्का, स्वादिष्ट और कुरकुरा खाने का मन है, तो मसाला डोसा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. होटल जैसा मसाला डोसा अब घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है. डोसा बनाने के लिए सही बैटर, गर्म तवा और संतुलित मसाले सबसे जरूरी है. सबसे पहले चावल को पूरी रात पानी में भिगो दें. सुबह इसे बारीक पीस लें. इसमें थोड़ा सूजी मिलाएं, ताकि डोसा ज्यादा कुरकुरा बने. बैटर तैयार होने के बाद तवे को अच्छी तरह गर्म करें और उस पर थोड़ा बटर लगाएं. अब बैटर डालकर गोल-गोल फैलाएं. डोसा हल्का पकने लगे तो ऊपर से एक चम्मच देसी घी डालें. अब बीच में हल्दी, जीरा पाउडर और अन्य मसालों से तैयार आलू का मसाला रखें. अगर स्पेशल मसाला डोसा बनाना है, तो आलू के ऊपर हल्का फ्राई किया हुआ पनीर भी डालें. आखिर में हरा धनिया छिड़कें और डोसे को मोड़कर सुनहरा होने तक सेक लें. अब आपका कुरकुरा मसाला डोसा तैयार.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

गले में नहीं चुभेंगे कांटे, इस ट्रिक से बनाएं अरबी पत्तों का पकौड़ा


Last Updated:

Arbi Patta Pakoda Recipe : बारिश की फुहार पड़ते ही चाय के साथ गरमा-गरम पकोड़ों की याद हर किसी को आने लगती है. अरबी के पत्तों के पकोड़े भी इस मौसम में खूब पसंद किए जाते हैं, लेकिन इन्हें खाने के बाद कई लोगों के गले में कांटे जैसी चुभन खुजली या जलन होने लगती है. आखिर ऐसा क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है. लोकल 18 से रामपुर की रहने वाली चंद्रवती बताती हैं कि स्वादिष्ट पकोड़ों की शुरुआत सही पत्तों से होती है. हमेशा ताजे हरे और बड़े आकार के अरबी के पत्ते चुनें. पुराने रखे हुए, पीले या फटे हुए पत्तों से बचें. कच्चे या अधपके पत्ते खाने से कुछ लोगों को गले में खुजली या चुभन महसूस हो सकती है.

बरसात आते ही अरबी के पत्तों के पकोड़े खूब बनाए जाते हैं लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती है कि इन्हें खाने के बाद गले में खुजली या कांटे जैसी चुभन होने लगती है. इसकी वजह पत्तों में मौजूद प्राकृतिक तत्व होते हैं लेकिन असली गलती पत्ते खरीदने और उन्हें घर लाकर तैयार करने के तरीके में होती है. अगर शुरुआत से ही सही तरीका अपनाया जाए तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है. आखिर वो तरीका क्या है, आइए जानते हैं.

चंद्रवती बताती हैं कि अरबी के पत्तों में प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो सही तरीके से तैयार न होने पर गले में चुभन या खुजली पैदा कर सकते हैं. ज्यादातर लोग बाजार से पत्ते लाकर सीधे इस्तेमाल कर लेते हैं. यही सबसे बड़ी गलती करते हैं. अगर शुरुआत से सही तरीका अपनाया जाए तो इस परेशानी से काफी हद तक बचा जा सकता है. अब सवाल यह है कि पत्ते खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.

स्वादिष्ट पकोड़ों की शुरुआत सही पत्तों से होती है. हमेशा ताजे हरे और बड़े आकार के अरबी के पत्ते चुनें. पुराने रखे हुए, पीले या फटे हुए पत्तों से बचें. घर लाने के बाद पत्तों को अच्छी तरह धोकर साफ करें और मोटी नसों को हल्का समतल कर दें या हल्का काट दें ताकि रोल आसानी से बन सके. कई लोग यह तैयारी नहीं करते, जिससे स्वाद और बनावट दोनों बिगड़ जाते हैं. अब जानते हैं बैटर तैयार करते समय क्या-क्या डालना चाहिए.

Add News18 as
Preferred Source on Google

अब बारी आती है बैटर तैयार करने की. एक बर्तन में बेसन लें और उसमें थोड़ा चावल का आटा मिलाएं ताकि पकोड़े ज्यादा कुरकुरे बनें. इसके साथ हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अजवाइन, जीरा, हींग और स्वादानुसार नमक डालें. अगर पत्तों को पहले अच्छी तरह स्टीम कर लिया जाए और बेसन में इमली का गूदा या नींबू का रस मिला दिया जाए तो काटें या चुभन जैसी परेशानी काफी कम हो सकती है. थोड़ी सी सावधानी आपके पसंदीदा पकौड़ों का मजा दोगुना कर सकती है.

सबसे पहले एक बड़ा पत्ता बिछाएं और उस पर बैटर की पतली परत फैलाएं फिर उसके ऊपर दूसरा पत्ता रखें और दोबारा बैटर लगाएं. इसी तरह तीन से चार पत्तों की परत बनाकर उन्हें कसकर रोल कर लें. अगर रोल ढीला रहेगा तो तलते समय खुल सकता है इसलिए इस स्टेप को आराम से करें.

रोल तैयार होने के बाद उसे सीधे तेल में नहीं डालना चाहिए. पहले उसे करीब 15 से 20 मिनट तक स्टीम करना जरूरी माना जाता है. इससे पत्ते अच्छी तरह पक जाते हैं और रोल भी मजबूत हो जाता है. ठंडा होने के बाद इसे गोल-गोल टुकड़ों में काटें. यह छोटा सा स्टेप पकोड़ों का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर कर देता है.

पकोड़े तलते समय तेल अच्छी तरह गर्म होना चाहिए, लेकिन आंच बहुत तेज नहीं रखनी चाहिए. मध्यम आंच पर धीरे-धीरे तलने से पकोड़े बाहर से सुनहरे और कुरकुरे बनते हैं, जबकि अंदर तक अच्छी तरह पक जाते हैं. चाहें तो इन्हें कम तेल में शैलो फ्राई भी कर सकते हैं.

अरबी के पत्तों के पकोड़े स्वादिष्ट जरूर होते हैं लेकिन इन्हें हमेशा अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए. कच्चे या अधपके पत्ते खाने से कुछ लोगों को गले में खुजली या चुभन महसूस हो सकती है. अगर पहले भी अरबी खाने के बाद ऐसी परेशानी हुई है तो पहली बार कम मात्रा में ही खाएं बच्चों और बुजुर्गों को भी अच्छी तरह पके हुए पकोड़े ही दें. सही तरीके से तैयार किए गए अरबी के पत्तों के पकोड़े स्वाद के साथ सुरक्षित भी माने जाते हैं.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link