हरदोई के टड़ियावां थाना क्षेत्र के महमदापुर गांव में अवैध धर्मांतरण मामले के मुख्य आरोपी पादरी सत्यपाल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर प्रलोभन और सम्मोहन के जरिए हिंदू समुदाय के लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। इस मामले में दो सह-आरोपी रामसिंह और रामप्रवेश को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। सभी अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब रविवार रात ग्राम पनिहैय्या निवासी अल्केश सिंह को सूचना मिली। उन्हें बताया गया कि महमदापुर गांव में राजेश पाल के मकान के बरामदे में एक अवैध प्रार्थना सभा (चंगाई सभा) चल रही है। अल्केश सिंह के मुताबिक, वहां रसूलपुर (पिहानी) का पादरी सत्यपाल अपने साथियों राम सिंह (सीतापुर) और राम प्रवेश (मझिला, हरदोई) के साथ मिलकर हिंदू समुदाय के गरीब लोगों को एकत्रित कर रहा था। आरोप है कि वे धार्मिक पुस्तकें और मोमबत्तियां जलाकर लोगों को सम्मोहित कर रहे थे। साथ ही, हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर ईसाई धर्म अपनाने का लालच दे रहे थे। जान से मारने की धमकी दी गई शिकायतकर्ता अल्केश सिंह ने बताया कि जब वह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और इस घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह गिरोह मोबाइल में वीडियो दिखाकर भोले-भाले लोगों को बरगलाता था। थानाध्यक्ष इख्तियार हुसैन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पादरी सत्यपाल पुत्र सीताराम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक बाइबिल पुस्तक, चार प्रतीक चिन्ह, चार नीति वचन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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हरदोई में अवैध धर्मांतरण का मुख्य आरोपी पादरी गिरफ्तार: मामले में दो सह-आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके, पैसे का देते थे लालच – Hardoi News
शेखपुरा में तीन दिन चलेगी सिपाही भर्ती परीक्षा: 7 केंद्रों पर दो पालियों में एग्जाम, धारा 144 लागू, मोबाइल-पेन ले जाने पर रोक – Sheikhpura News
शेखपुरा में केन्द्रीय चयन पर्षद की मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलन्त दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को ब्रीफिंग दी। यह परीक्षा 14 जून (रविवार) और 17 जून (बुधवार) को दो-दो पालियों में आयोजित होगी। ओआरएस घोल और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई
जिलाधिकारी ने परीक्षा को कदाचारमुक्त, स्वच्छ और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों का निर्देश दिया। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करने को कहा, अन्यथा लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ओआरएस घोल और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। जिला मुख्यालय में कुल 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें इस्लामियाँ +2 उच्च विद्यालय, मुरलीधर मुरारका बालिका उच्च विद्यालय, रामाधीन महाविद्यालय, डी.एम. +2 उच्च विद्यालय, उषा पब्लिक स्कूल, संजय गांधी स्मारक महिला महाविद्यालय और संस्कार पब्लिक स्कूल शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को अपना पेन भी ले जाने की इजाजत नहीं है; प्रश्न पुस्तिका के साथ ओएमआर शीट भरने के लिए केंद्र के अंदर ही पर्याप्त संख्या में पेन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी परीक्षार्थियों की गहन जांच की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा परीक्षा के दिनों में सभी केंद्रों के 500 गज के दायरे में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू रहेगी। इस दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति के जमावड़े या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल हिरासत में लिया जाएगा। मुख्य द्वार पर पुरुष और महिला अभ्यर्थियों की परीक्षा से दो घंटे पहले बायोमेट्रिक, ई-प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र के साथ सघन चेकिंग की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की लगातार विडियोग्राफी कराई जाएगी
चप्पे-चप्पे पर विडियोग्राफी और जैमर: प्रश्नपत्र के बक्से खोलने से लेकर परीक्षा हॉल के अंदर और सामग्री पैकिंग तक की पूरी प्रक्रिया की लगातार विडियोग्राफी कराई जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए होने वाली चोरी को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पूरी परीक्षा की विधि-व्यवस्था के मुख्य प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार रहेंगे। इसके अलावा हर केंद्र पर स्टैटिक मैजिस्ट्रेट, जोनल मैजिस्ट्रेट और सुपर जोनल मैजिस्ट्रेट लगातार गश्त करेंगे। जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।
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श्योपुर में 5 लाख की 250 ट्रॉली रेत नष्ट कराई: राजस्व, वन, पुलिस टीम ने वीरपुर में कई जगहों पर कार्रवाई की – Sheopur News
श्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र में अवैध रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। शुक्रवार को राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर करीब 200 से 250 ट्रॉली अवैध रेत को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। यह बड़ी कार्रवाई वीरपुर तहसीलदार वीरेन्द्र बघेल, रेंजर दीपक शर्मा और थाना प्रभारी निरीक्षक महाराज सिंह बघेल की अगुवाई में हुई। प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम इमरतापुरा की झोपड़ी से आगे काऊपुरा रोड के आसपास कई जगहों पर भारी मात्रा में अवैध रेत छिपाकर रखी गई है। मौके पर पहुंची टीम ने इस रेत को जब्त करने के बजाय उसे वहीं मिट्टी में मिलाकर पूरी तरह बेकार (नष्ट) कर दिया। करीब 6 लाख रुपए आंकी गई है कीमत अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर नष्ट की गई रेत की मात्रा लगभग 200 से 250 ट्रॉली थी। बाजार में इस रेत की अनुमानित कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपए बताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध खनन और रेत के काले कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि नदी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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Airtel का लंबी वैलिडिटी वाला सबसे सस्ता रिचार्ज प्लान, 365 दिन एक्टिव रहेगा सिम
Airtel के करोड़ों यूजर्स के लिए लंबी वैलिडिटी वाले दो सस्ते प्रीपेड प्लान हैं। ये प्लान पूरे साल भर रिचार्ज की टेंशन को खत्म कर देंगे यानी आपके अगर एक बार रिचार्ज कर लिया तो फिर 365 दिनों तक अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा आदि का लाभ ले सकेंगे। ये प्लान मंथली प्लान के मुकाबले काफी सस्ते होते हैं। अगर, आपके पास भी एयरटेल का सिम है और उसे सेकेंडरी नंबर के तौर पर यूज कर रहे हैं तो ये बेस्ट प्लान साबित हो सकते हैं।
1849 रुपये वाला प्लान
एयरटेल के इस सस्ते रिचार्ज प्लान में 365 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड कॉलिंग मिलता है। इसके अलावायूजर्स को फ्री नेशनल रोमिंग और 3600 SMS का लाभ मिलता है। एयरटेल ने इस प्रीपेड प्लान को 2025 की शुरुआत में लॉन्च किया था। यह एक कॉलिंग और मैसेज ओनली प्लान है, जिसमें यूजर्स को डेटा नहीं मिलता है। हालांकि, यूजर्स डेटा पैक लेकर इस प्लान के साथ डेटा बेनिफिट्स ले सकते हैं।
2249 रुपये वाला प्लान
एयरटेल का यह प्रीपेड रिचार्ज प्लान भी 365 दिनों की वैलिडिटी के साथ आता है। एयरटेल के इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। कंपनी अपने इस प्लान में भी यूजर्स को कुल 3,600 फ्री SMS ऑफर करती है। भारत एयरटेल के इस प्लान में यूजर्स को डेटा भी ऑफर किया जाता है। बेसिक स्मार्टफोन यूजर्स को इसमें कुल 30GB डेटा का लाभ मिलता है। यूजर्स अपने इस डेटा को कभी भी यूज कर सकते हैं, इसके लिए कोइ डेली लिमिट सेट नहीं किया गया है।
इन दोनों सस्ते प्लान के अलावा एयरटेल के पास एक और 365 दिनों की वैलिडिटी वाला प्लान है। इस प्लान में यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग, फ्री नेशनल रोमिंग जैसे बेनिफिट्स मिलते हैं। एयरटेल अपने इस लॉन्ग वैलिडिटी वाले प्लान में यूजर्स को डेली 2GB हाई स्पीड डेटा ऑफर करता है। इसके अलावा यूजर्स को अनलिमिटेड 5G डेटा का लाभ मिलता है। यह प्लान डेली 100 फ्री SMS बेनिफिट्स के साथ आता है।
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रात की बची रोटी अब नहीं जाएंगी बेकार, सिर्फ 4 रोटियां और कुछ सब्जियां
Leftover Roti Recipe: अगर आपके घर में रात की बची हुई रोटियां अक्सर सुबह तक बची रह जाती हैं, तो अब उन्हें फेंकने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सी क्रिएटिविटी और कुछ रोजमर्रा की सब्जियों के साथ वही साधारण रोटियां एक मजेदार और चटपटा स्नैक बन सकती हैं. रोटी नूडल्स ऐसी ही आसान और स्मार्ट रेसिपी है, जो स्वाद के साथ-साथ फूड वेस्टेज कम करने का भी अच्छा तरीका मानी जाती है.
आजकल लोग जल्दी बनने वाली रेसिपी पसंद करते हैं, लेकिन साथ ही चाहते हैं कि खाना पौष्टिक भी हो. ऐसे में बची हुई रोटी से तैयार होने वाले ये नूडल्स एक बढ़िया विकल्प बन सकते हैं. इसका स्वाद काफी हद तक स्ट्रीट स्टाइल वेज नूडल्स जैसा लगता है, लेकिन इसमें मैदा की जगह रोटी का इस्तेमाल होता है. यही वजह है कि यह बच्चों के टिफिन, शाम की हल्की भूख या जल्दी बनने वाले नाश्ते के लिए पसंद किया जा रहा है.
बची हुई रोटी को नया स्वाद देने का आसान तरीका
घर में बची रोटियों का दोबारा इस्तेमाल करना नया नहीं है, लेकिन रोटी नूडल्स ने इस तरीके को थोड़ा दिलचस्प बना दिया है. इसमें रोटियों को पतली स्ट्रिप्स में काटकर सब्जियों और सॉस के साथ तेज आंच पर टॉस किया जाता है, जिससे टेक्सचर और स्वाद दोनों बदल जाते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी महंगी सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. जो चीजें आमतौर पर किचन में मौजूद होती हैं, उन्हीं से यह रेसिपी तैयार हो जाती है.
रोटी नूडल्स बनाने के लिए सामग्री
1. 4 बची हुई रोटियां
2. 1 प्याज (लंबा कटा हुआ)
3. 1 शिमला मिर्च (पतली कटी हुई)
4. 1 गाजर (लंबी कटी हुई)
5. 2 हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
6. 1 बड़ा चम्मच तेल
7. 1 छोटा चम्मच सोया सॉस
8. 1 छोटा चम्मच टोमैटो सॉस
9. आधा छोटा चम्मच चिली सॉस
10. नमक स्वादानुसार
11. काली मिर्च स्वादानुसार
12. हरा धनिया सजाने के लिए
ऐसे बनाएं रोटी नूडल्स
रोटी को दें नूडल्स जैसा आकार
सबसे पहले बची हुई रोटियों को रोल करें और चाकू से पतली-पतली स्ट्रिप्स में काट लें. कोशिश करें कि स्ट्रिप्स ज्यादा मोटी न हों ताकि उनका टेक्सचर नूडल्स जैसा लगे.
सब्जियों को रखें हल्का क्रंची
अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें. इसमें हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड चलाएं. फिर प्याज डालें और हल्का नरम होने तक पकाएं. इसके बाद गाजर और शिमला मिर्च डालकर तेज आंच पर 2 से 3 मिनट तक भूनें. ध्यान रखें कि सब्जियां पूरी तरह गलनी नहीं चाहिए. हल्का क्रंच इस डिश का स्वाद बढ़ा देता है.
आखिर में मिलाएं रोटी और सॉस
अब पैन में सोया सॉस, टोमैटो सॉस और चिली सॉस डालें. अच्छी तरह मिलाने के बाद रोटी की स्ट्रिप्स डालें और हल्के हाथ से टॉस करें ताकि हर स्ट्रिप पर मसाले बराबर लग जाएं. नमक और काली मिर्च डालते समय थोड़ा संतुलन रखें क्योंकि सोया सॉस में पहले से नमक मौजूद होता है. 2–3 मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर दें.
स्वाद बढ़ाने के लिए ये छोटे टिप्स भी अपनाएं
अगर बच्चों के लिए बना रहे हैं तो चिली सॉस कम रखें और थोड़ा सा मक्खन मिला सकते हैं. वहीं, अगर थोड़ा स्ट्रीट फूड जैसा फ्लेवर चाहिए तो ऊपर से हल्का चाट मसाला छिड़कें. कुछ लोग इसमें पत्ता गोभी, स्वीट कॉर्न या पनीर भी जोड़ना पसंद करते हैं. इससे डिश ज्यादा भरपेट और रंगीन लगती है.
क्यों पसंद आ रही है यह रेसिपी
रोटी नूडल्स उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प बन सकती है जो रोज एक जैसा नाश्ता खाकर बोर हो चुके हैं. यह जल्दी बनती है, कम खर्चीली है और बचा हुआ खाना इस्तेमाल करने का आसान तरीका भी देती है. ऐसे छोटे बदलाव न सिर्फ स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि किचन में होने वाली बर्बादी को भी कम कर सकते हैं.
प्राइवेट हॉस्पिटल के मालिक को धमकाने वाला गिरफ्तार: 6 महीने से फरार था इनामी बदमाश, 9 थानों में दर्ज हैं मामले – Bhilwara News
भीलवाड़ा में एक प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर से फिरौती मांगने की घटना में शामिल 15 हजार के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामले में 6 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि थाना क्षेत्र में प्राइवेट अस्पताल चलाने वाले डॉक्टर ने एक रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि उसे अलग-अलग नंबरों से वॉट्सऐप पर मैसेज और ऑडियो मैसेज कर बदनाम करने की धमकी देकर 90 लाख रुपए मांगे जा रहे हैं और रुपए नहीं देने के एवज में वीडियो वायरल कर समाज में इज्जत खराब करने की धमकी दी जा रही है। 15 हजार का इनाम घोषित
इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच शुरू की गई। मामले में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सिकंदर उर्फ लॉटरी को छिपाने और उसकी मदद करने के आरोपी सत्तू माली पर 15 हजार का इनाम घोषित किया था। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए 6 महीने से फरार था। साइबर टीम की सहायता से पकड़ा
पुलिस ने साइबर टीम की सहायता से इनामी बदमाश सत्तू को गिरफ्तार किया। आरोपी सत्तू (25) पुत्र भेरुलाल के खिलाफ भीलवाड़ा, धरियावद और प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में 9 मामले दर्ज हैं।
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7 साल में बनीं 3 फिल्में, तीनों रहीं सुपरहिट, तीसरी की रीमेक ने की बंपर कमाई
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प्यार एक खूबसूरत अहसास है. इस अहसास को सिर्फ महसूस किया जा सकता है. निश्चल प्रेम तो और ज्यादा भावनात्मक होता है. दिल में लगाव पैदा करता है. इसे पर्दे पर उतारना आसान नहीं होता है. बॉलीवुड में निश्चिल प्रेम को आधार बनाकर कई फिल्में बनाई गई हैं. 7 साल के अंतराल में ऐसी ही तीन फिल्में बनाई गईं. तीनों फिल्मों में लीड हीरो सेम था. तीनों फिल्मों की कहानी दर्शकों के दिल में समा गई. तीनों ही फिल्में सुपरहिट रहीं. तीसरी फिल्म का रीमेक ने तो कमाई के रिकॉर्ड ही तोड़ दिए थे. यह हिंदी सिनेमा की पहली 100 करोड़ कमाने वाली फिल्म थी.
साफ-सुथरी फिल्मों का अपना एक अलग ही मजा है. हर फैमिली मैन की चाहत होती है कि वह पूरे परिवार के साथ फिल्म देखे. अब बॉलीवुड में ऐसी फिल्में कम ही बनती हैं जिन्हें पूरे परिवार के साथ देखा जा सके. एक दौर ऐसा भी था जब कुछ प्रोडक्शन हाउस साफ-सुथरी फिल्मों के जरिये ही लोगों का मनोरंजन करते थे. इन फिल्मों से खूब पैसे भी कमाते थे. ऐसे ही एक प्रोडक्शन हाउस का नाम है राजश्री प्रोडक्शन. राजश्री प्रोडक्शन ने 7 साल की अंतराल में तीन ऐसी फिल्में बनाई जो हर दिल में बस गई. तीनों ही फिल्में सुपर डुपर हिट साबित हुई. इन फिल्मों का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. तीसरी फिल्म के रीमेक ने तो कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए थे. फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी.

राजश्री प्रोडक्शन साफ-सुथरी फिल्में बनाने के लिए जाना जाता है. आज भी परंपरा कायम है. पारिवरिक मूल्य, निश्चल प्रेम- संवेदना पर आधारित कहानियों का सिलेक्शन करके दिल छू लेने वाली फिल्में बनाईं. 1975 का साल ‘शोले’ और ‘दीवार’ जैसी सार्वकालिक फिल्म के लिए जाना जाता है. इसी साल और भी कई फिल्में आईं और हिंदी सिनेमा के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुईं. इसी साल राजश्री प्रोडक्शन की एक फिल्म ‘गीत गाता चल’ भी आई थी. फिल्म 16 अक्टूबर 1975 को रिलीज हुई थी. रविंद्र नाथ टैगोर की ‘अतिथि’ कहानी से इंस्पायर्ड थी. डायरेक्शन हिरेन नाग ने किया था. प्रोड्यूसर ताराचंद बड़जात्या थे.

सचिन पिलगांवकर-सारिका लीड रोल में थे. इसके अलावा उर्मिला भट्ट, मदन पुरी, पद्मा खन्ना अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म की सफलता में इसके म्यूजिक का बहुत योगदान था. म्यूजिक रविंद्र जैन ने कंपोज किया था. उन्होंने ही फिल्म के गाने लिखे थे. फिल्म का टाइटल सॉन्ग ‘गीत गाता चल, ओ साथी गुनगुनाता चल’ जसपाल सिंह ने गाया था. फिल्म का एक और सुपरहिट गाना ‘श्याम तेरी बंशी पुकारे राधा नाम’ जसपाल सिंह-आरती मुखर्जी की आवाज में था. गाना आज भी उतना ही सुपरहिट था. फिल्म में चौपाइयां भी थीं. सचिन पिलगांवकर ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि पहली ही मुलाकात में उनकी दोस्ती ताराचंद बड़जात्या के बेटे राजकुमार बड़जात्या से हुई थी. फिल्म जब बनकर तैयार हुई तो सिर्फ एक सिनेमाहाउस में लगाई गई थी. सबको लग रहा था कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. तीन दिन तक फिल्म देखने के लिए कोई नहीं आया और चौथे दिन से फिल्म हाउसफुल होने लगी और सुपरहिट निकली.
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‘गीत गाता चल’ की प्रेस पार्टी आयोजित होने थी. सचिन पिलगांव घर से निकले. उनके पास टाइम था. इसी बीच उन्होंने एक इंग्लिश फिल्म ‘लव स्टोरी’ देखी. फिल्म एरिक सहगल के 1970 के नॉवेल पर बेस्ड थी. फिल्म देखने के बाद सचिन ‘गीता गाता चल’ की प्रेस पार्टी में पहुंचे और राज कुमार बड़जात्या को फिल्म के बारे में बताया. सचिन ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था, ‘मैंने राजकुमार बड़जात्या को ‘लव स्टोरी’ फिल्म की कहानी सुनाई. बताया कि यह एक रोमांटिक फिल्म है जिसमें लड़की की मौत हो जाती है.’ कहानी सुनकर वो बहुत इंप्रेस हुए और अगली फिल्म बनाने पर विचार करने लगे. ‘गीता गाता चल’ की पूरी टीम के साथ फिल्म बनाई गई. सारिका इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाई क्योंकि उनके पास डेट्स नहीं थे. ऐसे में रंजीता कौर को फिल्म में लिया गया. यह फिल्म थी ‘अंखियों के झरोखों से’ जो कि 7 अप्रैल 1978 को रिलीज हुई थी.

‘अंखियों के झरोखों से’ फिल्म का टाइटल गाना कंपोज होने के बाद में तय हुआ. फिल्म की कहानी मधुसूदन कालेलकर ने लिखी थी. स्क्रीनप्ले हिरेन नाग और मधुसूदन कालेलकर ने लिखा था. डायलॉग वृजेंद्र गौड़ ने लिखे थे. यह भी दिलचस्प है कि मधुसूदन कालेलकर की दोस्ती सचिन के पिता से थी. गीत-संगीत रविंद्र जैन का था. इस फिल्म की सफलता में इसके गीत-संगीत का बहुत बड़ा रोल रहा. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘अंखियों के झरोंखे से’ हेमलता ने गाया था. गाना दिल को छू जाता है. 26वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में फिल्म को 5 नॉमिनेशन मिले थे.फिल्म बहुत कामयाब थी. 48 लाख के बजट में बनी इस मूवी ने 1.5 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

‘अंखियों के झरोखों से’ की अपार सफलता के बाद राज कुमार बड़जात्या पर उनके भाइयों ने मिथुन चक्रवर्ती-रंजीता कौर के साथ फिल्म बनाने का दबाव डाला. परिवार के दबाव के आगे राजकुमार झुक गए. उन्होंने ‘सुन सजना’ नाम से एक फिल्म बनाई. ‘सुन सजना’ 8 अगस्त 1982 को रिलीज हुई और डिजास्टर साबित हुई. इसी दौरान उन्होंने सचिन पिलगांवकर-साधना सिंह के साथ एक और फिल्म ‘नदिया के पार’ बनाई. यह फिल्म केशव प्रसाद मिश्रा के मशहूर नॉवेल ‘कोहबर की शर्त’ पर बेस्ड थी. पूरे एक माह जौनपुर की केराकत तहसील के विजयीपुर गांव में हुई थी. उपन्यास की सिर्फ आधी कहानी पर फिल्म बनी. कहानी चंदन (सचिन) और गुंजा (साधना सिंह) की लव स्टोरी पर थी.

‘नदिया के पार’ 10 अक्टूबर 1982 को रिलीज हुई थी. डायरेक्शन गोविंद मूनिस ने किया था. फिल्म का म्यूजिक रविंद्र जैन ने ही कंपोज किया था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. सभी गाने रविंद्र जैन ने ही लिखे थे. गानों में फॉक सॉन्ग का टच था. फिल्म का कलेवर भी भोजपुरी था. सबसे दिलचस्प बात यह है कि फिल्म का कुल बजट लगभग ₹18 लाख था. सादगी भरी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डवाइड करीब ₹5.4 करोड़ का कुल कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी.

राजकुमार बड़जात्या के बेटे सूरज बड़जात्या 1989 में अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ की डबिंग तेलुगू भाषा में करवा रहे थे. यह काम चेन्नई के एक स्टूडियो में हो रहा था. वहीं पर राजकुमार बड़जात्या भी मौजूद थे. उन्होंने कागज पर प्यार से तीन शब्द लिखे और सूरज की ओर से कागज बढ़ा दिया. कागज पर अगली फिल्म को बनाने का सुझाव लिखा हुआ था. पिता की आज्ञा मानकर उन्होंने फिल्म बनाने का फैसला किया. दरअसल राजकुमार ने ‘नदिया के पार’ का रीमेक बनाने का सुझाव दिया था. साथ ही चेतावनी दी थी कि पूरी फिल्म में हीरो-हीरोइन का कोई रोमांटिक सीन नहीं होगा. यानी एकदूसरे के पास नहीं आएंगे. ऐसे में सूरज बड़जात्या को पूरे ढाई साल तक स्क्रिप्ट लिखने में लगे. फिर ‘हम आपके हैं कौन’ फिल्म बनाई जो कि ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर निकली. यह हिंदी सिनेमा की पहली ऐसी फिल्म है जिसने 100 करोड़ का बिजनेस किया.

‘हम आपके हैं कौन’ 5 अगस्त 1994 को रिलीज हुई थी. सलमान खान, माधुरी दीक्षित, रेणुका शहाणे, अनुपम खेर, मोहनीश बहल, आलोक नाथ, रीमा लागू, बिंदु, सतीश शाह, दिलीप जोशी, लक्ष्मीकांत बेर्डे जैसे सितारे फिल्म में नजर आए थे. म्यूजिक राम-लक्ष्मण ने दिया था. राजश्री की अन्य फिल्मों की तरह इस फिल्म का म्यूजिक भी सुपर-डुपर हिट था. फिल्म में 71 मिनट की लंबाई के कुल 14 गाने रखे गए थे. स्क्रीनिंग देखकर कई डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा था कि यह फिल्म नहीं चलेगी. यह फिल्म नहीं बल्कि वेडिंग एल्बम है. जब मूवी रिलीज हुई इतिहास ही रह दिया. फिल्म को 4 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले. बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड माधुरी दीक्षित को मिला था. करीब 6 करोड़ के बजट में बनी इस मूवी ने 128 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी.
दिल्ली के 12 जोन में स्वच्छता का महा-अभियान शुरू: एमसीडी का मेगा सैनिटेशन, 20 जून तक चलेगा, सांसद-विधायक ने उठाया कूड़ा – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 12 वर्ष का जन-केंद्रित सुशासन अभियान के तहत शुक्रवार को राजधानी के सभी 12 जोनों में एक व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। स्वच्छ भारत मिशन को गति देते हुए इस अभियान का उद्देश्य न केवल कचरा प्रबंधन में सुधार करना है, बल्कि नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है। अभियान के तहत पश्चिम जोन में सांसद कमलजीत सहरावत और विधायक श्याम शर्मा की मौजूदगी में सुभाष नगर व बेरीवाला बाग में विशेष सफाई की गई। 50 सफाई कर्मचारियों ने संभाला मोर्चा वहीं, नजफगढ़ जोन में विधायक कुलदीप सोलंकी की देखरेख में रामफल चौक पर 50 सफाई कर्मियों ने मोर्चा संभाला। शाहदरा, रोहिणी, सिविल लाइंस और दक्षिण जोन सहित सभी क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर गलियों और पार्कों को साफ किया। 20 जून तक चलने वाले इस मेगा ड्राइव में मशीनों और विशेष टीमों को तैनात किया गया है। एमसीडी अधिकारियों ने कहा, यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने के लिए नागरिक भागीदारी का एक सामूहिक संकल्प है। जन-प्रतिनिधियों और आम जनता का सहयोग ही इस मुहिम को धरातल पर सफल बनाएगा। राजधानी के हर कोने में कचरा मुक्त दिल्ली का सपना पूरा करने के लिए नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है।
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पति की मौत के बाद भीख मांगने की आई नौबत, फिर कैसे बदली मुनक्का देवी की किस्मत?
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Bahraich News: स्वयं सहायता समूह से जुड़कर कई महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं. उन्हीं में से एक हैं मुनक्का देवी, जिनके पति की मौत हो गई थी. इसके बाद उनकी हालत भीख मांगने जैसी हो गई थी. लेकिन स्वयं सहायता समूह के हाथ थामते ही उनकी जिंदहगी बदल गई.
बहराइच: जिले के छोटे से गांव की रहने वाली महिला मुनक्का देवी पर पति की मौत के बाद दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था. परेशानियां इस कदर बढ़ीं कि पेट भरने के लिए भीख मांगनी पड़ी. जिंदगी बहुत मुश्किल से कट रही थी, तब जिंदगी में भगवान का दूत बनकर आईं समूह की दीदी. आज मुनक्का देवी आराम से जिंदगी काट रही हैं. गाय के गोबर और गोमूत्र से वो जैविक खाद बनाकर कमाई कर रही हैं.
समूह से जुड़ने के बाद दूर हुई परेशानी
सरकार की राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन आज उन महिलाओं के लिए सहारा बन रही है, जिनकी कमाई का जरिया हर तरफ से बंद हो गया है या फिर वो काम-धाम को लेकर परेशान रहती हैं. आज इस योजना से जुड़कर तमाम ऐसी महिलाएं हैं, जो आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर रही हैं. इन्हीं में से एक महिला बहराइच जिले के निबिया बेगमपुर गांव की मुनक्का देवी हैं, जो नम आंखों से अपनी पूरी दास्तान बताते हुए नहीं थक रही हैं.
समूह से जुड़कर शुरू किया बिजनेस
मुनक्का देवी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर इन दिनों जैविक खाद और जैविक काढ़ा बनाने का काम कर रही हैं. अब धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई है और आज मुनक्का देवी पूरी तरह आत्मनिर्भर हैं और वह अपने घर-परिवार का खर्चा बड़े आराम से चला रही हैं. अब गांव में लोग मुनक्का देवी को देखकर सीख ले रहे हैं. आज मुनक्का देवी से हजारों किसान जुड़कर उन्नत खेती की ओर आगे बढ़ रहे हैं.
किसानों की भूमि बन रही उपजाऊ
मृदा संजीवनी जैविक खाद फसलों में ग्रोथ के लिए जैविक काढ़ा लेकर किसान भाई अपनी आय को दोगुना और फसलों पर लगने वाले खर्च को सीधे तौर पर कम कर रही हैं. इससे न सिर्फ किसानों का फायदा हो रहा है, बल्कि किसानों के साथ-साथ किसानों की भूमि भी उपजाऊ बन रही है. लंबे समय तक पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल करने से ना सिर्फ फसलों को नुकसान होता है, बल्कि धीरे-धीरे किसान का खेत भी बंजर हो जाता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
‘काला हिरण’ फिल्म का टीजर रिलीज होते ही दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे सलमान खान
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बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अब फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ का टीजर रिलीज होते ही मेकर्स के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सलमान खान ने फिल्म के निर्माण, प्रचार, रिलीज और स्ट्रीमिंग पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. सलमान का आरोप है कि यह फिल्म 1998 के चर्चित काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है और इससे उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है.
‘काला हिरण’ का निर्माण अमित जानी कर रहे हैं.
नई दिल्ली. बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने अपनी ‘पर्सनालिटी राइट्स’ यानी व्यक्तित्व अधिकारों और अपनी इमेज की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कानूनी कदम उठाया है. फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ का टीजर रिलीज होते ही सलमान खान ने बड़ा कानूनी कदम उठाया है. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और अपकमिंग फिल्म ‘काला हिरण: बैटल फॉर लेगेसी’ के निर्माण, प्रमोशन और रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है. एक्टर का आरोप है कि यह फिल्म उनके 1998 के बहुचर्चित काले हिरण शिकार मामले से प्रेरित है.
दिल्ली HC में दायर याचिका में सलमान ने क्या कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में सलमान खान ने दावा किया है कि फिल्म के निर्माताओं ने उनके जैसे दिखने वाले कलाकार का इस्तेमाल किया है और उसे उनकी पहचान से जुड़ी चीजें, जैसे कि उनका मशहूर ब्रेसलेट, पहनाया गया है. याचिका के मुताबिक, मेकर्स अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए सीधे तौर पर सलमान खान के नाम और उनकी छवि का सहारा ले रहे हैं, जो उनके पब्लिसिटी और पर्सनालिटी राइट्स का सीधा उल्लंघन है.
अदालती कार्यवाही पर पड़ेगा असर
सलमान खान ने अपनी याचिका में कहा है कि फिल्म की रिलीज उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाही को प्रभावित कर सकती है और उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा सकती है. इसी आधार पर उन्होंने फिल्म के निर्माण, प्रचार, रिलीज, स्ट्रीमिंग और उससे जुड़े सभी प्रचार सामग्री पर रोक लगाने की मांग की है. मामले पर जल्द ही दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है.
पहले भी ‘काला हिरण’ मेकर्स को नोटिस भेज चुके हैं सलमान
इससे पहले भी सलमान खान फिल्म के निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेज चुके हैं. नोटिस में उन्होंने फिल्म के विकास और प्रचार को तुरंत रोकने की मांग की थी. नोटिस में कहा गया था कि फिल्म उनके काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित है और इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है. सलमान की कानूनी टीम ने यह भी तर्क दिया है कि काला हिरण शिकार मामला अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है. ऐसे में इस विषय पर फिल्म बनाना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. नोटिस में यह भी कहा गया कि मामले को सनसनीखेज तरीके से पेश करने से उनके निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार पर असर पड़ सकता है.
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें

