Saturday, May 9, 2026
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तमिलनाडु गवर्नर ने कैंसिल किया केरल दौरा, शाम 6:30 बजे थलापति विजय को बुलाया


Tamil Nadu Government Formation Live News: तमिलनाडु में विजय राज तय है. शनिवार को टीवीके प्रमुख विजय तमाम दलों के समर्थन से 118 के आंकड़े को पार कर लिया है. समर्थन मिलने के बाद तमिलनाडु के राज्यपाल अर्लेकर ने उनको राजभवन मिलने बुलाया है.  अर्लेकर ने अपना केरल दौरा कैंसिल कर दिया है. विजय गवर्नर से मिलने और सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए फोरशोर एस्टेट में अपने घर से निकले हैं. खबरें ये भी उड़ रही हैं कि विजय आज ही शपथ ले सकते हैं.

तमिलनाडु की राजनीति इस समय किसी हाई-वोल्टेज थ्रिलर से कम नहीं दिख रही. अभिनेता से नेता बने विजय ने चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सबको चौंका दिया, लेकिन सत्ता का दरवाजा अब भी पूरी तरह नहीं खुला है. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने बहुमत के स्पष्ट आंकड़े का हवाला देते हुए फिलहाल सरकार बनाने की मंजूरी नहीं दी है. इसके बाद अब टीवीके कैंप में नई रणनीति तैयार हो रही है. पार्टी का फोकस अब फ्लोर टेस्ट पर है. कांग्रेस, वीसीके, सीपीआई और सीपीएम के समर्थन के बाद टीवीके अपने नंबर मजबूत होने का दावा कर रही है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विजय जल्द ही शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर सकते हैं. दूसरी तरफ AIADMK और DMK के बीच संभावित समझौते की अटकलों ने राज्य की राजनीति को और रोमांचक बना दिया है. इधर VCK कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में विजय समर्थक जुटने लगे हैं.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. 234 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है. टीवीके ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया, लेकिन बहुमत से दूर रह गई. बाद में कांग्रेस ने समर्थन दिया, जबकि वाम दल और वीसीके भी टीवीके के साथ खड़े दिखाई दिए. इसके बावजूद राजभवन ने अभी तक सरकार गठन को लेकर हरी झंडी नहीं दी. टीवीके का तर्क है कि देश में पहले भी कई बार सबसे बड़ी पार्टी को फ्लोर टेस्ट का मौका दिया गया है. इसी आधार पर अब विजय अपने सहयोगियों के साथ रणनीति बनाने में जुटे हैं. उधर AIADMK के बीजेपी से दूरी बनाने की खबरों ने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं.

टीवीके सूत्रों के मुताबिक पार्टी अब फ्लोर टेस्ट के जरिए बहुमत साबित करने की तैयारी कर रही है. विजय लगातार सहयोगी दलों के संपर्क में हैं और निर्दलीय विधायकों का समर्थन जुटाने की कोशिश भी तेज हो गई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले 48 घंटे तमिलनाडु की सत्ता की दिशा तय कर सकते हैं. अगर टीवीके बहुमत साबित करने में सफल रहती है तो विजय राज्य के नए मुख्यमंत्री बन सकते हैं. वहीं अगर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच कोई अप्रत्याशित समझौता होता है तो तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है.

तमिलनाडु में सरकार गठन से जुड़े लाइव अपडेट्स यहां पढ़ें:

Tamil Nadu Government Formation Live: विजय गवर्नर से मिलने लोकभवन पहुंचे

Tamil Nadu Government Formation Live: टीवीके चीफ विजय गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलने और सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए चेन्नई के लोकभवन पहुंचे.

Tamil Nadu Government Formation Live: हम अभी भी DMK के अलायंस में हैं: वीसीके चीफ

Tamil Nadu Government Formation Live: टीवीके को सपोर्ट देने के बाद वीसीके चीफ थोल. थिरुमावलवन ने कहा, ‘हमने अपना सपोर्ट इसलिए दिया है ताकि विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) विजय की तमिलगा वेत्री कझगम – जिसे 108 सीटें मिली हैं – के सरकार बनाने में रुकावट न बने, और तमिलनाडु में प्रेसिडेंट रूल लगने से रोका जा सके.’ उन्होंने आगे कहा, ‘डीएमके की लीडरशिप वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के अंदर हमारा अलायंस जारी रहेगा. एक पॉलिटिकल पार्टी के तौर पर, हमने अपने इंडिपेंडेंट अधिकार का इस्तेमाल करके यह फैसला लिया है. इससे DMK के साथ हमारे रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा.’

Tamil Nadu Government Formation Live: तमिलनाडु में विजय राज हमारे साइलेंट रेवोल्यूशन का नतीजा है- टीवीके जनरल सेक्रेटरी

Tamil Nadu Government Formation Live: तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए वीसीके के टीवीके को सपोर्ट देने के बाद, टीवीके जनरल सेक्रेटरी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘तमिलनाडु में डेमोक्रेटिक तरीकों से हुए साइलेंट रेवोल्यूशन का नतीजा है. तमिलनाडु में होने वाले सबसे बड़े पावर ट्रांसफर को सपोर्ट देते हुए, विदुथलाई चिरुथईगल काची (वीसीके) लीडर, मेरे पॉलिटिकल मेंटर, और महान लीडर थोल. थिरुमावलवन ने अपना सपोर्ट दिया है. विदुथलाई चिरुथईगल काची की तरफ से चुनाव लड़ने और जीतने वाले लेजिस्लेटिव असेंबली के दो मेंबर को तमिलगा वेत्री कझगम के लिए सपोर्ट वाला एक लेटर मिला है और उन्होंने इसे खुशी और भरोसे के साथ हमें सौंप दिया है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसके लिए, सिर्फ़ हम ही नहीं हैं. तमिलनाडु का आने वाला इतिहास भी आपका कर्ज़दार है और उसे अपना शुक्रिया अदा करना चाहिए. इसके अलावा, यह सिर्फ़ शुक्रिया नहीं है. मैं पक्के तौर पर कहता हूं कि सीवीके लीडर और भाई थोल थिरुमावलवन के 35 साल के पॉलिटिकल सफ़र के पॉलिटिकल लक्ष्य – उनके सोशल जस्टिस के सपने, उनके बराबरी के सिद्धांत – तमिलगा वेट्ट्री कज़गम के आने वाले राज में पूरे होंगे.’

Tamil Nadu Government Formation Live: विजय से शाम 6:30 बजे मिलेंगे राज्यपाल

Tamil Nadu Government Formation Live: राज्यपाल आरवी आर्लेकर टीवीके चीफ विजय से शाम 6:30 बजे मिलेंगे. विजय की पार्टी को VCK और IUML का सपोर्ट मिलने के बाद, कुल सीटों की संख्या 120 हो गई है.

Tamil Nadu Government Formation Live: ..तो आज ही शपथ लेंगे विजय, सभी पार्टी प्रतिनिधियों को राज्यपाल हाउस बुलाया

Tamil Nadu Government Formation Live: तामिलनाडु में द्रविड़ राजनीति का युग समाप्त होने जा रहे हैं. अगले पांच साल तक अब ‘विजय’ राज होगा. थलापति विजय कई पार्टियों के समर्थन से तामिलनाडु में विजय ने सरकार बनाने के जादुई आंकड़े को छू लिया है. उनको 121 विधायकों का समर्थन है, जिसमें उनके पास 108 विधायक अपने हैं. अब विजय गवर्नर हाउस पहुंच रहे हैं. साथ ही उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं से कहा है कि जिन्होंने उनका समर्थन किया है, उनके साथ रहें. क्योंकि विजय के शाम 6 से 7 बजे के बीच गवर्नर के घर पहुंचने की उम्मीद है.

Tamil Nadu Government Formation Live: बिना शर्त विजय को एक और समर्थन

Tamil Nadu Government Formation Live: तामिलनाडु में टीवीके को समर्थन पत्र देते हुए आईयूएमएल के प्रेसिडेंट. बताते चलें कि विजय के पास अब केवल 118 नहीं 121 विधायक हो गए हैं.

Tamil Nadu Government Formation Live: तामिलनाडु में राज्यपाल कर रहे हैं राजनीति – कांग्रेस

Tamil Nadu Government Formation Live: तमिलनाडु में राज्यपाल बारे में कांग्रेस MP मणिकम टैगोर ने कहा, ‘…गवर्नर पॉलिटिक्स कर रहे हैं. वह बीएल संतोष की सलाह के रास्ते पर चलना चाहते हैं. बीजेपी जनरल सेक्रेटरी संतोष कांग्रेस को बदनाम करना चाहते हैं. इसलिए, वे गवर्नर के ऑफिस का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. सभी कानूनी जानकारों ने कहा है कि गवर्नर को इस समय तक विजय को बुलाकर शपथ दिला देनी चाहिए थी, फिर उनसे असेंबली में अपनी ताकत साबित करने के लिए कहा जाना चाहिए था. लेकिन सारी कानूनी सलाह को नजरअंदाज कर दिया गया है. गवर्नर ऑफिस का गलत इस्तेमाल किया गया है…’

Tamil Nadu Government Formation Live: वीसीके के बाद विजय के समर्थन में उतरी एक और पार्टी

Tamil Nadu Government Formation Live: विजय को वीसीके के बाद IUML का समर्थन मिल गया है. आईयूएमएल ने विजय को राज्य में सरकार बनाने के लिए TVK को बिना शर्त समर्थन दिया है. इसके साथ ही, TVK को अब कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK, IUML का समर्थन मिल गया है, जिससे इसकी संख्या 121 हो गई है, जो बहुमत के 118 के आंकड़े को पार कर गया है.

Tamil Nadu Government Formation Live: विजय की लीडरशिप वाली कोएलिशन सरकार का रास्ता साफ हो गया

Tamil Nadu Government Formation Live: वीसीके के समर्थन के बाद तमिलनाडु में विजय की लीडरशिप वाली कोएलिशन सरकार का रास्ता साफ हो गया. वीसीके लीडर थोल थिरुमावलवन के टीवीके को सपोर्ट कन्फर्म करने के साथ, सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलनाडु में कोएलिशन सरकार बनाएगी. वीवीके ने 108 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(M) और वीसीके का क्रमशः 2-2 विधायकों के साथ इस अलायंस में शामिल होंगे. इन पार्टियों के समर्थन से विजय की टीवीके आराम से 119 सीटों का मैजोरिटी मार्क पार कर लेगी.

Tamil Nadu Government Formation Live: VCK ने TVK को सपोर्ट लेटर दिया

Tamil Nadu Government Formation Live:विजय की पार्टी आधव अर्जुन ने कहा कि वीसीके के थोल थिरुमावलवन ने सी. जोसेफ विजय के TVK को अपना सपोर्ट कन्फर्म किया है. पार्टी ने सपोर्ट लेटर जारी किया है. इस सपोर्ट के साथ TVK के विजय तमिलनाडु में कोएलिशन सरकार चलाएंगे.

Tamil Nadu Government Formation Live: वीसीके प्रेसिडेंट थोड़ी ही देर में विजय को समर्थन देने का ऐलान करेंगे

Tamil Nadu Government Formation Live: वीसीके पार्टी प्रेसिडेंट थोल. थिरुमावलवन जल्द ही यह घोषणा करेंगे. इससे पार्टी के रुख के बारे में सभी अटकलें खत्म हो जाएंगी. इससे पहले दिन में, वीसीके के सूत्रों ने कहा कि विजय की टीवीके द्वारा मांगे गए फॉर्मेट में सपोर्ट लेटर जमा किया जाएगा ताकि गवर्नर को मिस्टर विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाने में आसानी हो.

Tamil Nadu Government Formation Live: विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाने में गवर्नर की देरी को चुनौती देते हुए SC में दूसरी याचिका दायर की गई

Tamil Nadu Government Formation Live: शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई. तमिलनाडु के गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर की 7 मई की प्रेस रिलीज को असंवैधानिक और मनमाना घोषित करने की मांग की गई, जिसमें तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) पार्टी के प्रेसिडेंट सी. जोसेफ विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज कर दिया गया था. रिटायर्ड IPS ऑफिसर एम. रामसुब्रमणि ने वकील जी. शिव बाला मुरुगन के जरिए यह याचिका दायर की. इसमें कहा गया कि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद उभरी सबसे बड़ी पार्टी के प्रमुख के तौर पर मिस्टर विजय को बुलाने से गवर्नर का इनकार, पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी के खिलाफ एक दुश्मनी भरा कदम था. इसमें कहा गया कि गवर्नर का यह जोर देना कि मिस्टर विजय को सरकार बनाने के लिए जरूरी ‘जरूरी मेजॉरिटी सपोर्ट’ दिखाना चाहिए, त्रिशंकु विधानसभा में सरकार बनाने के तय संवैधानिक नियमों के खिलाफ है.

Tamil Nadu Government Formation Live: AIADMK के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने तमिलनाडु में नई सरकार को बधाई दी

Tamil Nadu Government Formation Live: तमिलनाडु में नई सरकार बनने की अटकलों के बीच AIADMK के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने सत्ता संभालने वाली पार्टी को बधाई दी है. पलानीस्वामी तमाम राजनीतिक हलचलों के बीच चुप्पी साधे हुए थे. उन्होंने स्टालिन की डीएमके साथ गठबंधन पर भी चुप्पी साध रखी थी. उन्होंने शनिवार को एक ऑफिशियल बयान में उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए 17वें तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में, अलग-अलग पार्टियों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. ​​मैं उस पार्टी को दिल से बधाई देता हूं जो तमिलनाडु में सरकार बनाएगी. उनके बयान से साफ होता है कि वे डीएमके साथ गठबंधन में सरकार बनाने की तैयारी नहीं कर रहे हैं.

Tamil Nadu Government Formation Live: किस शर्त पर वीसीके पार्टी ने विजय को समर्थन देने का वादा किया है

Tamil Nadu Government Formation Live: वीसीके के एक सीनियर नेता ने मीडिया को बताया कि हमारी पार्टी बीती रात विजय को सपोर्ट करने के फैसले पर चर्चा करती रही. पार्टी बैठक काफी देर तक चलती रही. हमारी पार्टी में लेफ्ट पार्टियों के उलट बिना शर्त सपोर्ट देने के बजाय एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनाने का सुझाव है.

Tamil Nadu Government Formation Live Updates: विजय के लिए संकट मोचक बनी वीसीके, समर्थन देने का किया वादा

Tamil Nadu Government Formation Live Updates:विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) ने सी. जोसेफ विजय को अपना सपोर्ट देने और उनकी तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) की लीडरशिप में सरकार बनाने का ऐलान करने का फैसला किया है. वीसीके के एक टॉप लीडर ने एक अंग्रेजी मीडिया से बात करते हुए बताया. बता दें कि वीसीके के पास दो सीटें हैं. पार्टी प्रेसिडेंट टी. थिरुमावलवन जल्द ही यह ऐलान करेंगे, जिससे पार्टी के रुख को लेकर रहस्य से पर्दे हट जाएंगे. सूत्रों के मुताबिक, पहले टीवीके द्वारा मांगे गए फॉर्मेट में सपोर्ट लेटर जमा किया जाएगा ताकि गवर्नर विजय को सरकार बनाने के लिए बुला सकें.

Tamil Nadu Government Formation Live Updates:तमिलनाडु के राज्यपाल BJP के इशारे पर काम कर रहे: TVK का आरोप

विजय नई सरकार का गठन लाइव अपडेट: तमिलगा वेत्री कड़म (TVK) नेता टी सेल्वम ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की जनता ने विजय और टीवीके को जनादेश दिया है, लेकिन दूसरी पार्टियां सरकार गठन की प्रक्रिया में राजनीति कर रही हैं. उन्होंने राज्यपाल आर वी अर्लेकर पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्यपाल का काम केवल संवैधानिक. प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है, न कि विधानसभा के बाहर बहुमत तय करना. सेल्वम ने कहा कि राज्यपाल को टीवीके को सरकार बनाने के लिए बुलाकर सदन में बहुमत साबित करने का मौका देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल ‘बीजेपी-आरएसएस के मुखपत्र’ की तरह काम कर रहे हैं और अपने संवैधानिक दायित्व के बजाय बीजेपी के निर्देशों पर चल रहे हैं.

Vijay New Government Formation News Live Update: पद और मंत्रालय मांगने की खबरों को VCK ने बताया झूठ

Tamil Nadu Government Formation Live Updates: विदुथलाई चिरुथैगल काची के महासचिव डॉ. डी रविकुमार ने उन खबरों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पार्टी सरकार गठन के समर्थन के बदले विभिन्न पदों और मंत्रालयों की मांग कर रही है. उन्होंने कहा कि ऐसी रिपोर्टें पूरी तरह सच के विपरीत हैं और मीडिया से अपील की कि इन पर भरोसा न किया जाए. रविकुमार ने इन खबरों को पार्टी की छवि खराब करने और उसे ‘बदनाम’ करने की कोशिश बताया.

Tamil Nadu Government Formation Live Updates: VCK दफ्तर के बाहर जुटे विजय समर्थक, TVK को समर्थन की उम्मीद

विजय नई सरकार का गठन लाइव अपडेट: विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम को समर्थन देने पर जारी चर्चाओं के बीच VCK कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में विजय समर्थक जुट गए. समर्थकों को उम्मीद है कि विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) सरकार गठन की प्रक्रिया में TVK का साथ देगी. इस दौरान कई समर्थक अभिनेता-राजनेता विजय की एक झलक पाने के लिए भी वहां मौजूद रहे.

Vijay New Government Formation News Live Update: TVK को समर्थन पर थिरुमावलवन का फैसला ही होगा अंतिम: VCK

Tamil Nadu Government Formation Live Updates: विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के विधायक वन्नियारसु ने कहा कि तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को समर्थन देने पर पार्टी वही रुख अपनाएगी, जो VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन तय करेंगे. उन्होंने कहा कि नेता का फैसला ही पार्टी का आधिकारिक स्टैंड होगा. वन्नियारसु ने कहा कि जनता ने VCK को सत्ता और शासन में हिस्सेदारी का अवसर दिया है और पार्टी हमेशा तमिलनाडु के अधिकारों और कल्याण के लिए खड़ी रहेगी. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का विरोध केवल राजनीतिक रहा है, किसी के खिलाफ व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है. साथ ही उन्होंने राज्यपाल शासन की संभावना को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में जनता का शासन जारी रहना चाहिए और राज्यपाल की मौजूदा कार्रवाई संविधान के खिलाफ है.

Vijay New Government Formation News Live Update: तमिलनाडु में VCK बनी किंगमेकर, विजय की सत्ता की चाबी अब थिरुमावलवन के हाथ?

Tamil Nadu Government Formation Live Updates: तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से ऐसी रही है जहां छोटी दिखने वाली पार्टियां भी सत्ता का पूरा खेल बदल देती हैं और इस बार यही भूमिका निभा रही है विदुथलाई चिरुथैगल काची. महज दो सीटें जीतने वाली यह पार्टी अब एक्टर से नेता बने विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के भविष्य का फैसला करती दिखाई दे रही है. 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने के बावजूद TVK बहुमत से दूर है और ऐसे में VCK का समर्थन विजय के लिए ऑक्सीजन जैसा बन गया है. लेकिन तमिलनाडु की राजनीति फिल्मों की स्क्रिप्ट जितनी आसान नहीं है. यहां हर समर्थन की राजनीतिक कीमत होती है और थोल थिरुमावलवन वही कीमत तय करते नजर आ रहे हैं. डिप्टी सीएम पद और अहम मंत्रालयों की मांग ने विजय की सरकार बनाने की राह को और मुश्किल बना दिया है.

पढ़ें पूरी खबर: तमिलनाडु की एक सीट वाली वो पार्टी, जो एक्टर विजय के करियर को कर सकती है फ्लॉप





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‘ये कोई इत्तेफाक नहीं’, धुरंधर’ के आलम भाई ने किया बड़ा खुलासा


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गौरव गेरा ‘धुरंधर’ के बाद से ही लगातार चर्चा में हैं. बीते दिनों उनका एक पोस्ट भी काफी वायरल हुआ था. अब एक्टर ने एक क्लिप शेयर किया है,जिसमें उन्होंने लिखा है कि इस इत्तेफाक को समझने के लिए उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लिया.

नई दिल्ली. एक्टर गौरव गेरा इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर और धुरंधर: द रिवेंज को लेकर चर्चा में हैं. इसी बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने करियर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा शेयर किया है, जिसने खुद उन्हें भी हैरान कर दिया.

गौरव गेरा फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ में अपने किरदार ‘आलम भाई’ के बाद फिर से लोगों के दिलों पर राज करने लगे हैं. बीते दिनों उन्होंने अपने एक गाने ‘डार्लिंग डार्लिंग, दिल क्यों तोड़ा’ रातों-रात नहीं बना, बल्कि इसके पीछे निर्देशक आदित्य धर की मजेदार तुकबंदियों की लंबी लिस्ट बताई थी.

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पोस्ट के आखिर में उन्होंने अपने फैंस से भी सवाल पूछा. गौरव ने लिखा कि क्या उन्होंने भी अपनी जिंदगी में कभी ऐसा कोई पैटर्न महसूस किया है, जो बार-बार दोहराता हो.गौरव के इस पोस्ट पर फैंस भी जमकर रिएक्शन दे रहे हैं और इसे बेहद दिलचस्प बता रहे हैं.

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बेटी को बुलाने गए पिता-भाईयों को ससुराल वालों ने पीटा: 10 साल से दुबई में था पति, बेतिया में पिता के मौत पर आया घर – Bettiah (West Champaran) News




बेतिया के लौरिया थाना क्षेत्र के बगही देवराज गांव में शनिवार को एक JDU नेता और उनके दो बेटों पर ससुराल पक्ष के लोगों ने कथित तौर पर हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब वे अपनी बेटी को मायके ले जाने पहुंचे थे। मारपीट में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी का शीशा भी तोड़ दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को इलाज के लिए लौरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉ. रामु कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया। शराब के नशे में पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप घायलों की पहचान रामनगर थाना क्षेत्र के सबुनी गांव निवासी मो. नुरैन और उनके बेटे आशिफ अली तथा आजम अली के रूप में हुई है। मो. नुरैन जनता दल यूनाइटेड के जिला सचिव भी बताए जा रहे हैं। घायल आजम अली ने बताया कि उनकी बहन नाजिया परवीन की शादी करीब 14 वर्ष पहले बगही देवराज निवासी खबीरुद्दीन के बेटे ज्याउद्दीन से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही नाजिया के साथ मारपीट और गाली-गलौज की घटनाएं होने लगी थीं। ज्याउद्दीन पर शराब के नशे में पत्नी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। पति पिछले 10 सालों से दुबई में रह रहा था परिजनों के अनुसार, पिछले वर्ष ज्याउद्दीन के शराब न पीने को लेकर एक एकरारनामा भी तैयार कराया गया था। बताया जा रहा है कि ज्याउद्दीन पिछले लगभग 10 सालों से दुबई में रह रहा था। कुछ दिन पहले नाजिया परवीन के ससुर खबीरुद्दीन का निधन हो गया था, जिसके बाद वह ससुराल आई हुई थी। इसी दौरान फिर से विवाद और मारपीट की बात सामने आई। शनिवार को जब पिता मो. नुरैन और दोनों भाई नाजिया को वापस घर लाने पहुंचे, तभी विवाद बढ़ गया और मारपीट की घटना हो गई। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।



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IMA स्पोर्ट्स महोत्सव में डॉक्टरों का क्रिकेट संग्राम: डे-नाइट टूर्नामेंट में 4 बड़े अस्पतालों की टीमें होंगी आमने-सामने – Kanpur News


दीपेंद्र द्विवेदी | कानपुर5 मिनट पहले

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन स्पोर्ट्स महोत्सव 2026 के तहत शहर में भव्य इंटर-हॉस्पिटल क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजित किया जा रहा है। यह पूरी तरह डे-नाइट टूर्नामेंट होगा, जिसे लेकर डॉक्टरों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य डॉक्टरों के बीच फिटनेस, खेल भावना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है।

डॉक्टरों की व्यस्त दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए टूर्नामेंट के सभी मुकाबले शनिवार और रविवार को रखे गए हैं। मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे, ताकि डॉक्टर दिनभर मरीजों को देखने के बाद मैदान पर उतर सकें। आयोजकों का कहना है कि इससे डॉक्टरों को तनाव से राहत मिलेगी और उनकी फिटनेस भी बेहतर बनी रहेगी।

चार बड़े अस्पतालों के बीच होगी टक्कर टूर्नामेंट में शहर के चार प्रमुख अस्पतालों की टीमें हिस्सा लेंगी। इसमें केकेआर हॉस्पिटल, हेरिटेज हॉस्पिटल, एचपीएम हॉस्पिटल और जीआरएस हॉस्पिटल की टीमें मैदान पर एक-दूसरे को चुनौती देंगी। पहले लीग मुकाबले खेले जाएंगे, जिसके आधार पर सेमीफाइनल की टीमें तय होंगी।

31 मई को होगा फाइनल मुकाबला टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 31 मई 2026 को खेला जाएगा। शाम 7 बजे से रात 11 बजे तक चलने वाले इस डे-नाइट मैच में दो सर्वश्रेष्ठ टीमें खिताब के लिए भिड़ेंगी। चार घंटे तक चलने वाले इस महामुकाबले में यह तय होगा कि इस बार क्रिकेट के मैदान पर किस अस्पताल का दबदबा रहेगा।

आईएमए का कहना है कि इस आयोजन के जरिए डॉक्टरों के बीच संवाद और तालमेल को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। व्यस्त दिनचर्या के बीच यह टूर्नामेंट डॉक्टरों को एक-दूसरे के करीब आने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मंच देगा।

आयोजकों के मुताबिक, खेल भावना के जरिए समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए खेलकूद भी उतना ही जरूरी है, जितना नियमित कामकाज।



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धार में बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वालों पर सख्ती: 2710 चालकों पर कार्रवाई, 10.85 लाख रुपए जुर्माना वसूला – Dhar News


धार शहर में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए यातायात पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है। 26 अप्रैल से चल रहे अभियान के तहत अब तक 2710 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 10 लाख 85 हजार रुपए जुर्माना वसूला गया है।

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यातायात पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान दो पहिया और चार पहिया वाहनों की सघन जांच की जा रही है।

पुलिस टीम ने प्रमुख स्थानों के साथ यातायात थाने के सामने भी विशेष चेकिंग अभियान चलाया।

हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई

अभियान के दौरान बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाने वाले, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने वाले और बिना वैध दस्तावेज के वाहन चला रहे चालकों पर कार्रवाई की गई।

यातायात थाना प्रभारी प्रेम सिंह ठाकुर ने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।

नियम तोड़ने वालों पर आगे भी रहेगी सख्ती

थाना प्रभारी ने कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। खासकर बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को लगातार समझाइश भी दे रही है, लेकिन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

यातायात पुलिस ने लोगों से दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चार पहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट लगाने की अपील की है। साथ ही वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और सभी यातायात नियमों का पालन करने को कहा है।



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50 साल से कचहरी के पेड़ तले प्यास बुझा रहा समीमुल्ला का सत्तू, जाने इसकी खासियत


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गाजीपुर कचहरी के एक पुराने पेड़ की छांव में पिछले 50 सालों से समीमुल्ला का सत्तू लोगों की प्यास ही नहीं, दिल भी ठंडा कर रहा है. कभी वीरान रहने वाले इस इलाके में शुरू हुआ उनका छोटा सा ठेला आज वकीलों, अफसरों और दूर-दराज से आने वाले लोगों की पहली पसंद बन चुका है. घर में पिसे चने, पुदीना, नींबू और देसी मसालों से तैयार होने वाला यह सत्तू आज भी उसी पुराने अंदाज और स्वाद के साथ परोसा जाता है, जो गाजीपुर की मिट्टी और यादों की खुशबू अपने भीतर समेटे हुए है.

गाजीपुर. कचहरी के एक पुराने पेड़ के नीचे खड़ी सत्तू की रेहड़ी पर जब समीमुल्ला ये बात कहते हैं, तो समझ आता है कि उनका सत्तू सिर्फ पेट नहीं भरता, बल्कि जीवन का दर्शन भी सिखाता है. इसी पेड़ के नीचे पिछले 50 सालों से समीमुल्ला लोगों को सत्तू पिला रहे हैं. वह बताते हैं कि जब यहां चारों तरफ वीरानी थी, तब भी उनका ठेला यहीं लगता था. आज बाजार बदल गया, दुकानें बढ़ गईं, लेकिन मिट्टी, चने और पुदीने से बनने वाला उनका सत्तू अब भी उसी स्वाद और उसी अंदाज में लोगों की प्यास बुझा रहा है.

जब सन्नाटे में गूंजी थी पहली मथनी की आवाज
आज कचहरी की ये सड़क गुलजार है, शोर है और यहां सत्तू की दर्जनों दुकानें हैं. लेकिन 50 साल पहले मंजर कुछ और था. समीमुल्ला बताते हैं, तब ये पूरा इलाका वीरान था, सिर्फ कचहरी थी और ये पुराना पेड़. हमने तब सत्तू का घोल तैयार करना शुरू किया था जब यहां सन्नाटा पसरा रहता था. वक्त बदला, सड़कें चौड़ी हुई, दुकानें बढ़ीं, लेकिन समीमुल्ला का वह पुराना ठेला और उस पेड़ की छांव आज भी अपनी जगह अडिग है.

90% वकीलों का दोपहर का लंच
गाजीपुर के 90 फीसदी वकीलों की बहस और दलीलों के पीछे समीमुल्ला का सत्तू है. कचहरी के काले कोट वाले साहब हों या विकास भवन के बड़े अधिकारी, इलाहाबाद से लेकर लखनऊ तक के रसूखदार जब गाजीपुर आते हैं, तो इस 50 साल पुराने जायके की तलब उन्हें खींच लाती है. समीमुल्ला कहते हैं, “हमारा लड़का जब सत्तू घोलता है, तो उसके हाथ खाली नहीं रहते.” इस सत्तू की खासियत इसका देसीपन है, बाजार के पिसे-पिसाए सत्तू के बजाय यहां घर पर दरे हुए चने का इस्तेमाल होता है. गर्मी बढ़ते ही उनके ठेले पर लोगों की भीड़ जुटने लगती है. समीमुल्ला बताते हैं कि उनका सत्तू आज भी पुराने तरीके से तैयार होता है. इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, लहसुन, पुदीना, काला नमक, सादा नमक, जीरा और नींबू का रस मिलाया जाता है. इसके बाद घर में पिसे चने के सत्तू को पानी में घोलकर उसमें ये सभी चीजें मिलाई जाती हैं.

इसे बनाने का प्रोसेस

एक बड़े बर्तन में सत्तू को मथनी से मथा जाता है और फिर गिलास में प्याज और मसालों के साथ परोसा जाता है. एक गिलास सत्तू तैयार होने में दो से तीन मिनट का समय लगता है. समीमुल्ला कहते हैं कि गर्मी में पुदीना, नींबू और सत्तू शरीर को ठंडक देने का काम करते हैं, इसलिए लोग इसे सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि राहत के लिए भी पीते हैं. सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों से आने वाले अधिकारी भी यहां सत्तू पीने पहुंचते हैं. समीमुल्ला बताते हैं कि इलाहाबाद से आने वाले बड़े अधिकारी और विकास भवन के लोग भी उनके यहां का सत्तू पसंद करते हैं. स्थानीय नेता भी अक्सर यहां आते हैं, हालांकि वे किसी का नाम नहीं लेते. आज जब बाजार में ठंडी बोतलों और बड़े-बड़े कैफे का दौर है, तब भी समीमुल्ला का यह छोटा सा ठेला लोगों को देसी स्वाद और पुराने गाजीपुर की याद दिलाता है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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डीडवाना में महाराणा प्रताप जयंती पर वाहन रैली निकाली: जगह-जगह पुष्प वर्षा कर किया स्वागत, सर्वसमाज ने मनाया ‘शौर्य दिवस’ – Didwana-Kuchaman News




डीडवाना में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती ‘शौर्य दिवस’ के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय समाज सहित सर्वसमाज द्वारा विशाल वाहन रैली का आयोजन किया गया, जिससे पूरा शहर भगवामय हो गया। रैली का शुभारंभ रहमान गेट स्थित तिरंगा सर्कल से हुआ। यहां महाराणा प्रताप की आदमकद प्रतिमा वाली एक विशेष झांकी को रथ पर सजाया गया था। विधि-विधान से पूजा-अर्चना और जयकारों के साथ रैली को रवाना किया गया। रैली में सैकड़ों की संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल थे। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवा “महाराणा प्रताप अमर रहें” और “जय राजपूताना” के नारे लगा रहे थे, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल बन गया। वाहन रैली तिरंगा सर्कल से शुरू होकर चुंगी चौकी, अशोक स्तंभ, बस स्टैंड और हॉस्पिटल चौराहा सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। भीषण गर्मी को देखते हुए जगह-जगह शीतल जल और शरबत की व्यवस्था भी की गई थी। रैली के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन और आयोजकों ने अनुशासन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। रैली का समापन राजपूत सभा भवन में आयोजित एक गोष्ठी के साथ हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के शौर्य, स्वाभिमान, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को उनके आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। अंत में उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।



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कूलिंग क्वॉइल खराब होने पर नया AC खरीदना चाहिए या नहीं? कितना आएगा रिपेयर का खर्च


अप्रैल से सितंबर-अक्टूबर तक पूरे भारत में जबरदस्त गर्मी पड़ती है। इन दिनों बिना एसी के रहना बहुत मुश्किल है। ऐसे में अगर एसी में कोई खराबी आ जाए तो जीना ही दूभर हो जाता है। कई बार मैकेनिक एसी में छोटी-मोटी दिक्कत भी होती है तो आपको नया एसी लेने की सलाह दे देते हैं। खास तौर पर कूलिंग क्वॉइल में खराबी आने के बाद आपको मैकेनिक नए एसी लेने के लिए कहते हैं। क्या आपको ऐसे में नया एसी खरीदना चाहिए?

फॉलो करें 50% का नियम

एसी में किसी तरह की दिक्कत आने पर अगर आफको क्विक फैसला लेना है तो 50% का नियम अपनाना चाहिए यानी अगर एसी की रिपेयरिंग कॉस्ट 40 से 50 प्रतिशत तक आ रहा है, तो नया एसी खरीदने में ही भलाई है। Split AC में इंडोर और आउटडोर दोनों यूनिट्स में कूलिंग क्वॉइल लगे होते हैं। किसी भी यूनिट के कूलिंग क्वॉइल में लीकेज आती है, तो इसे रिपेयर करने में अच्छा-खासा खर्च आ जाता है। हालांकि, यह एसी के एज पर भी निर्भर करता है।

आम तौर पर कूलिंग क्वॉइल लीकेज रिपेयर करने में आपको 1,000 रुपये से 2,500 रुपये तक का खर्च आ जाता है। वहीं, कूलिंग क्वॉइल बदलने में 10,000 रुपये तक का खर्च आ सकता हैं। विंडो एसी में यह खर्च तकरीबन 8,000 रुपये तक का होता है। इसके अलावा गैस रिफिलिंग कॉस्ट करीब 3,000 रुपये तक का आता है। इस तरह से आपको कुल 13,000 रुपये तक का खर्च आ जाता है।

कब लें नया एसी?

अगर, आपका एसी 5 साल या इससे ज्यादा पुराना है तो कूलिंग क्वॉइल बदलवाने में फायदा नहीं है। ऐसे में आपको नया एसी खरीद लेना चाहिए क्योंकि कूलिंग क्वॉइल के अलावा एसी के अन्य कंपोनेंट्स जैसे कि पीसीबी और कंप्रेसर भी पुराने हो जाते हैं। वहीं, अगर एसी नया है तो फिर उसमें कूलिंग क्वॉइल रिपेयर कराने में ही फायदा है।

कई बार छोटी लीकेज बिना कूलिंग क्वॉइल बदले ही ठीक हो जाती है। ऐसे में आपका खर्चा और भी कम आ सकता है। वहीं, एसी अगर बार-बार खराब हो रहा है और उसमें गैस लीकेज की समस्या आती है तो आपको फिर नया एसी लेने में ही फायदा है।

एसी में अगर, किसी भी तरह की दिक्कत आती है तो ऑथोराइज्ड सर्विस सेंटर से ही इसे रिपेयर कराएं। एसी अगर वारंटी में है तो आपके रिपेयर और रिप्लेसमेंट के खर्च बच सकते हैं। लोकल मैकेनिक पर भरोसा करने पर आपको नुकसान भी हो सकता है।

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हाईवे के साइन बोर्ड हरे रंग के क्यों? 5 कारण जिनको जानकर हैरान रह जाएंगे आप


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जब भी हम किसी नेशनल हाईवे या एक्सप्रेसवे पर सफर करते हैं तो रास्ते में लगे हरे रंग के साइनबोर्ड आसानी से नजर आते हैं. इन बोर्डों पर शहरों के नाम, दूरी और रास्तों की जानकारी लिखी होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इन साइनबोर्ड का रंग हरा ही क्यों रखा जाता है? इसके पीछे ट्रैफिक साइंस, सुरक्षा और मानव मनोविज्ञान से जुड़े कई अहम कारण छिपे हुए हैं.

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हाईवे और एक्सप्रेसवे पर साइन बोर्ड हमेशा हरे रंग के होते हैं.(Representative Image:AI)

नई दिल्ली. भारत में नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और बड़े मार्गों पर लगाए जाने वाले दिशा सूचक बोर्ड हरे रंग के बनाए जाते हैं. इन बोर्डों पर सफेद अक्षरों में शहरों के नाम, एग्जिट, दूरी और रूट नंबर लिखे जाते हैं. सड़क परिवहन से जुड़े नियम तय करने वाली संस्थाएं इस रंग संयोजन को इसलिए अपनाती हैं ताकि तेज रफ्तार में चल रहे वाहन चालक तुरंत समझ सकें कि यह जानकारी मार्गदर्शन से जुड़ी है. इससे ड्राइवर को रास्ता बदलने या सही लेन पकड़ने में आसानी होती है और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है.

दूर से साफ दिखाई देता है हरा रंग
हाईवे पर वाहन अक्सर तेज गति से चलते हैं. ऐसे में साइनबोर्ड का दूर से साफ दिखाई देना बेहद जरूरी होता है. हरे बैकग्राउंड पर सफेद अक्षर काफी ज्यादा कॉन्ट्रास्ट बनाते हैं, जिससे ड्राइवर दिन और रात दोनों समय जानकारी आसानी से पढ़ पाते हैं. यही कारण है कि ट्रैफिक विशेषज्ञ इस रंग संयोजन को सबसे सुरक्षित मानते हैं. अगर बोर्ड का रंग बहुत चमकीला या भड़कीला हो तो ड्राइवर का ध्यान भटक सकता है, जबकि हरा रंग आंखों को आराम देता है और जानकारी जल्दी समझ में आती है.

रंग देखकर ही समझ जाते हैं ड्राइवर
भारतीय सड़कों पर अलग-अलग रंगों के साइनबोर्ड अलग संकेत देते हैं. हरे बोर्ड मुख्य रूप से हाईवे और लंबी दूरी वाले मार्गों के लिए उपयोग किए जाते हैं, जबकि शहरों और शहरी इलाकों में अक्सर नीले बोर्ड दिखाई देते हैं. इसी तरह लाल और पीले रंग चेतावनी या खतरे का संकेत देते हैं. इस रंग व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ड्राइवर बिना ज्यादा पढ़े ही समझ जाता है कि वह किस तरह की सड़क पर चल रहा है. इससे यात्रा ज्यादा सुरक्षित और व्यवस्थित बनती है.

लंबी यात्रा में तनाव कम करता है हरा रंग
ट्रैफिक डिजाइन से जुड़े कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि हरा रंग मानसिक रूप से शांत प्रभाव पैदा करता है. यही वजह है कि हाईवे पर लंबे सफर के दौरान यह रंग ड्राइवर को तनाव और थकान से बचाने में मदद करता है. लाल और पीला रंग चेतावनी देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं क्योंकि वे तुरंत ध्यान खींचते हैं, लेकिन लगातार ऐसे रंग देखने से मानसिक दबाव बढ़ सकता है. इसके उलट हरा रंग आंखों को सहज महसूस कराता है और ड्राइवर का फोकस बनाए रखने में मदद करता है.

दुनिया के कई देशों में भी यही नियम
भारत में हाईवे साइनबोर्ड के लिए हरे रंग का इस्तेमाल कोई अलग प्रयोग नहीं है. अमेरिका, कनाडा, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों में भी हाईवे गाइड साइन के लिए हरे बोर्ड और सफेद अक्षरों का उपयोग किया जाता है. यूरोप के कई देशों में भी मोटरवे और लंबी दूरी वाले मार्गों पर इसी तरह की रंग व्यवस्था देखने को मिलती है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक जैसी प्रणाली अपनाने का फायदा यह होता है कि अलग-अलग देशों से आने वाले लोग भी सड़क संकेतों को आसानी से समझ पाते हैं. इससे भ्रम कम होता है और सड़क सुरक्षा बेहतर बनती है.

सड़क सुरक्षा से जुड़ी है रंगों की पूरी साइंस
विशेषज्ञों के मुताबिक सड़क संकेतों का रंग सिर्फ सजावट के लिए नहीं चुना जाता, बल्कि इसके पीछे पूरी वैज्ञानिक सोच होती है. हाईवे पर हरे बोर्ड का इस्तेमाल ड्राइवर को स्पष्ट जानकारी देने, ध्यान केंद्रित रखने और तेज रफ्तार में भी सही निर्णय लेने में मदद करता है. यही कारण है कि सालों की रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय मानकों के बाद इस रंग को हाईवे संकेतों के लिए सबसे उपयुक्त माना गया. अब अगली बार जब आप किसी एक्सप्रेसवे या हाईवे पर सफर करें और हरे साइनबोर्ड देखें, तो समझ जाइए कि यह रंग आपकी यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए चुना गया है.

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Rakesh Singh

Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें



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कौन हैं देबाशीष, सौमित्र और आनंद पॉल, जिनके परिजनों से PM ने अलग से की मुलाकात


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कौन हैं देबाशीष, सौमित्र और आनंद पॉल, जिनके परिजनों से PM ने अलग से की मुलाकात

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बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद पीएम मोदी ने राजनीतिक हिंसा के शिकार हुए तीन भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात की. देबाशीष मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के परिजनों के बगल में बैठकर पीएम ने न केवल उनका दुख बांटा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पार्टी अपने बलिदानियों को कभी नहीं भूलती.

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पीएम मोदी ने बीजेपी के शहीद कार्यकर्ताओं के परिवारों से मुलाकात की?

कोलकाता. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह के समापन के बाद एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों की आंखों को नम कर दिया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के शपथ लेने के तुरंत बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच के पास ही बने एक विशेष कक्ष में तीन साधारण परिवारों से मुलाकात की. ये वे लोग थे जिनके परिजनों ने बंगाल में भाजपा के विस्तार के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी.

शनिवार को जब कोलकाता में ‘सोनार बांग्ला’ सरकार का आगाज हो रहा था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनके लिए संगठन का कार्यकर्ता सर्वोपरि है. शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पीएम मोदी उन तीन परिवारों के बीच जाकर बैठ गए, जिन्होंने पिछले वर्षों में राजनीतिक प्रतिशोध की आग में अपने घर के चिराग खो दिए थे. ये परिवार देबाशीष मंडल, सौमित्र घोषाल और आनंद पॉल के थे. पीएम ने उनकी बातें सुनीं, बच्चों के सिर पर हाथ रखा और उन्हें ढांढस बंधाया कि अब राज्य में ‘न्याय का शासन’ शुरू हो गया है.

1. देबाशीष मंडल: दक्षिण 24 परगना की निडर आवाज

देबाशीष मंडल दक्षिण 24 परगना जिले के एक सक्रिय भाजपा कार्यकर्ता थे. चुनावी गहमागहमी के दौरान उन पर जानलेवा हमला हुआ था. देबाशीष का परिवार बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आता है. उनकी पत्नी और छोटे बच्चे आज पीएम के बगल में बैठे नजर आए. देबाशीष ने उस क्षेत्र में भाजपा का झंडा बुलंद किया था जहां पार्टी के लिए काम करना जान जोखिम में डालने जैसा था. पीएम ने उनकी पत्नी को आश्वासन दिया कि बच्चों की पढ़ाई और भविष्य की जिम्मेदारी अब पूरी तरह से नई सरकार और संगठन की होगी.

2. सौमित्र घोषाल: ग्रामीण बंगाल में संगठन के सिपाही

हुगली जिले के सौमित्र घोषाल की हत्या ने पूरे बंगाल को झकझोर दिया था. सौमित्र एक ऐसे कार्यकर्ता थे जो बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए दिन-रात काम करते थे. उनकी वृद्ध मां और भाई जब पीएम मोदी से मिले, तो माहौल काफी भावुक हो गया. सौमित्र की पृष्ठभूमि एक किसान परिवार की थी. उनकी शहादत के बाद उनके परिवार ने भारी मानसिक और आर्थिक दबाव झेला, लेकिन उन्होंने भाजपा का साथ नहीं छोड़ा. पीएम ने उनके भाई से कहा कि सौमित्र का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनकी स्मृति में क्षेत्र में विकास कार्य किए जाएंगे.

3. आनंद पॉल: उत्तर बंगाल की हिंसा का शिकार

आनंद पॉल उत्तर बंगाल के उन युवा चेहरों में से थे जिन्होंने सीतलकुची और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ मजबूत की थी. राजनीतिक हिंसा के दौरान आनंद की जान चली गई थी. आनंद के पिता जब पीएम के बगल में बैठे, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि ‘हमें न्याय चाहिए.’ आनंद पॉल की पृष्ठभूमि एक श्रमिक परिवार की रही है. उनकी शहादत के बाद उत्तर बंगाल में भाजपा के प्रति लोगों का समर्थन और अधिक बढ़ गया था, जिसका परिणाम आज की जीत के रूप में सामने है.

राजनीतिक संदेश और न्याय का वादा

प्रधानमंत्री का इन परिवारों के बगल में बैठना केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि यह बंगाल की नई सरकार के लिए एक स्पष्ट दिशा-निर्देश भी था. पीएम मोदी ने शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में इन परिवारों से मुलाकात कर यह संदेश दिया कि नई सरकार की पहली प्राथमिकता राजनीतिक हिंसा को जड़ से खत्म करना और पीड़ितों को न्याय दिलाना है. इन तीनों चेहरों की पृष्ठभूमि यह बताती है कि भाजपा की यह जीत बड़े नेताओं की नहीं, बल्कि उन गुमनाम कार्यकर्ताओं के खून-पसीने की है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी. बंगाल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार था जब किसी शपथ ग्रहण मंच पर ‘शहीद’ परिवारों को इतना सम्मान दिया गया.

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रविशंकर सिंहChief Reporter

I am an alumnus of Bharatiya Vidya Bhavan, Delhi with a career in journalism that spans across several prestigious newsrooms. Over the years, I have honed my craft at Sahara Samay, Tehelka, P7 and Live India, a…और पढ़ें



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