Sunday, July 26, 2026
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लोगों को दौड़ाएं नहीं, उनकी सेवा करें; आयकर विभाग के अधिकारियों को वित्त मंत्री की नसीहत


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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि उनका काम सिर्फ टैक्स वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को बिना परेशानी के समय पर सेवाएं देना भी है. उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को उनका जायज हक पाने के लिए बार बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए. साथ ही सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण और विभागीय सुस्ती पर भी नाराजगी जताई.

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अधिकारियों को यह समझना होगा कि आम नागरिक के लिए हर देरी परेशानी बढ़ाती है: वित्त मंत्री

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर विभाग के अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा है कि उनका काम सिर्फ टैक्स जमा कराना नहीं है. विभाग की जिम्मेदारी यह भी है कि लोगों को बिना किसी परेशानी के समय पर सेवाएं मिलें और उन्हें बेवजह दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें. उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी नियमों के दायरे में रहते हुए भी लोगों का काम आसान बना सकते हैं.

मुंबई के नरीमन पॉइंट में आयकर विभाग की नई 13 मंजिला इमारत ‘आयकर सिंधु’ के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों को अपनी सोच बदलनी होगी. लोगों को उनका जायज हक दिलाने के लिए उन्हें इधर उधर दौड़ाना सही तरीका नहीं है. अधिकारियों को यह समझना होगा कि आम नागरिक के लिए हर देरी परेशानी बढ़ाती है.

1973 से पड़ी जमीन पर हुआ था अतिक्रमण

निर्मला सीतारमण ने बताया कि जिस जमीन पर यह नई इमारत बनी है, वह 1973 से आयकर विभाग के पास थी. लेकिन लंबे समय तक उसका इस्तेमाल नहीं होने की वजह से वहां अवैध कब्जे हो गए. उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है और ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए.

मंजूरी में देरी से आम लोगों की मुश्किल समझिए

वित्त मंत्री ने कहा कि इस इमारत के निर्माण के दौरान अलग अलग मंजूरियां लेने में काफी समय लगा. उन्होंने कहा कि अगर एक बड़े सरकारी विभाग को इतनी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, तो आम नागरिकों को कितनी परेशानी होती होगी, इसका आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह नियम तोड़ने की बात नहीं कर रहीं, लेकिन जहां प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है, वहां लोगों को राहत मिलनी चाहिए. अनावश्यक देरी और फाइलों को लंबा खींचने की आदत बदलनी होगी.

सरकारी आवास की समस्या भी उठाई

सीतारमण ने मुंबई और नवी मुंबई में आयकर अधिकारियों के सरकारी आवास का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को सरकारी मकान नहीं मिल पाते और उन्हें रोज लंबी दूरी तय करके दफ्तर आना पड़ता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस समस्या के समाधान के लिए जमीन के ट्रांसफर की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाएगी. हालांकि इसके बाद निर्माण, मंजूरी, टेंडर और दूसरे प्रशासनिक काम विभाग को ही पूरे करने होंगे. वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि आयकर विभाग एक ऐसा संस्थान बने, जहां लोगों को समय पर सेवा मिले, प्रक्रियाएं आसान हों और आम नागरिक को अपने अधिकार के लिए बेवजह संघर्ष न करना पड़े.

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जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…

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होटल और ट्रेन में रंगीन नहीं, सफेद चादर ही क्यों बिछाई जाती है? जानिए इसके पीछे की खास वजह


क्या आपने कभी गौर किया है कि होटल और ट्रेन में ज्यादातर सफेद चादर ही बिछाई जाती है? इसके पीछे सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि कई कारण हैं। जानिए आखिर क्यों सफेद चादर ही बन गई है दुनिया भर के होटल और रेलवे की पहली पसंद।

होटल के कमरों और ट्रेन की सीटों पर आपको हमेशा सफेद चादरें ही बिछी हुई दिखाई देंगी। रंगीन चादरें शायद ही कभी नजर आती हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? सिर्फ सफेद चादरों का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है, रंगीन चादरों का नहीं? दरअसल, इसके पीछे एक बड़ा और बेहद दिलचस्प लॉजिक छिपा है। यह फैसला केवल दिखावे के लिए नहीं लिया जाता, बल्कि इसका सीधा संबंध साफ-सफाई, रखरखाव, लोगों की सुविधा से भी है। आइए जानते हैं कि होटलों और ट्रेनों में सफेद चादरें ही क्यों बिछाई जाती हैं।

सफेद चादर से लगता है सफाई का पता

सफेद कपड़ा हो या फिर चादर उस पर गंदगी या दाग आसानी से दिख जाते हैं। ऐसे में सफेद चादर स्वच्छता दिखाती है। सफेद चादर जब बिल्कुल साफ दिखती है, तो हमारे मन को भी शांति मिल जाती है कि ये साफ-सुथरी है। साथ ही अगर किसी भी तरह का पीलापन, दाग या गंदगी चादर पर दिखती है, तो उसे दोबारा साफ किया जाता है या बदल दिया जाता है।

सफाई करने में होती है आसानी

सफेद चादरों की सफाई करना भी आसान होता है। अगर रंगीन चादर बिछाते हैं, तो कलर छूटने का फीका पड़ने का डर रहता है लेकिन सफेद चादरों के साथ ऐसा नहीं होता। उन्हें एक साथ मशीन में डालकर धोया जा सकता है और जिद्दी दागों को साफ करने के लिए ब्लीच का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। रंगीन चादरों पर ब्लीच डालने पर रंग उड़ जाता है। सफेद चादर साफ दिखने के साथ खुशबू से महकती रहती हैं।

दिमाग को मिलता है सुकून

साइकोलॉजी कहती है कि सफेद रंग सिर्फ स्वच्छता ही नहीं शांति भी देता है और दिमाग को सुकून भी मिलता है। जब हम सफेद चादर वाला बिस्तर देखते हैं, तो उसे साफ और आरामदायक मान लेते हैं और फिर हमें उस माहौल में अच्छा लगने लगता है। यही कारण है कि लग्जरी होटल हो या फिर हाई-फाई ट्रेन सभी व्हाइट बेडशीट का ही इस्तेमाल करते हैं।

रखरखाव रहता है आसान

होटलों और रेलवे में हर दिन बड़ी संख्या में चादरों की धुलाई होती है। यदि अलग-अलग रंगों की चादरें हों, तो उन्हें अलग-अलग धोना पड़ता है। लेकिन सफेद चादरों को एक साथ धोया जा सकता है, जिससे समय, मेहनत और लागत तीनों की बचत होती है। सफेद रंग रोशनी को बेहतर तरीके से परावर्तित करता है। इससे होटल का कमरा या ट्रेन का केबिन अधिक उजला दिखता है।



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चीन से लौटे अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी का सम्मान: भाजपा नेता बोले- अयोध्या के लाल ने देश-प्रदेश का बढ़ाया मान – Ayodhya News




अयोध्या जिले के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक स्थित मलेथू बुजुर्ग गांव निवासी अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी कुशल सिंह का चीन से लौटने के बाद सम्मान का सिलसिला जारी है। रविवार 26 जुलाई दोपहर बाद सहकारी गन्ना विकास समिति मसौधा के अध्यक्ष और भाजपा नेता संतोष सिंह ने अपने समर्थकों के साथ गांव पहुंचकर कुशल सिंह का माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर संतोष सिंह ने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले कुशल सिंह ने चीन में आयोजित एशियन वॉलीबॉल कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कुशल सिंह की सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उल्लेखनीय है कि एशियन वॉलीबॉल कप प्रतियोगिता में अंडर-18 भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम के सदस्य रहे कुशल सिंह के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने भी उनका स्वागत किया था। उनकी स्वदेश वापसी की खबर से गांव में उत्सव का माहौल बन गया था। गन्ना परिषद की पूर्व अध्यक्ष महादेव यादव ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद कुशल सिंह ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा होगा और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। सम्मान से अभिभूत कुशल सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे अयोध्या और देशवासियों का है। उन्होंने युवाओं से खेलों में आगे बढ़ने के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ प्रयास करने की अपील की। कुशल सिंह 10 जुलाई को दिल्ली से चीन के लिए रवाना हुए थे। उनका चयन एशियन वॉलीबॉल कप के लिए अंडर-18 राष्ट्रीय पुरुष वॉलीबॉल टीम में हुआ था। 22 सदस्यीय भारतीय टीम का हिस्सा बनकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए अयोध्या का गौरव बढ़ाया। इस अवसर पर सूर्यभान सिंह, भूपेंद्र सिंह, रविंद्र सिंह, सीताराम सिंह, पंकज सिंह, धर्मेंद्र सिंह कल्लू, दुर्गेश सिंह, राहुल सिंह, शिवम सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



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प्रॉपर्टी डीलर की हत्या 3.5 लाख की सुपारी में हुई: जमीन के पैसों के विवाद में शूटर किए थे हायर, लाइनर समेत 2 गिरफ्तार – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर में प्रॉपर्टी डीलर और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के नेता प्रभाकर सिंह (45) की हत्या 3.5 लाख रुपए सुपारी देकर कराई गई। प्रभाकर ने उदय पटेल-तुलसी राय जमीन खरीदी थी। पैसों के लेन-देन में प्रभाकर का विवाद हो गया। जिसके बाद पटेल-तुलसी राय ने सुपारी देकर प्रभाकर की हत्या करा दी थी। पटेल और तुलसी की गिरफ्तारी पहले हो चुकी है। आज मामले में शूटर सत्यम कुमार सिंह (22) और लाइनर डब्लू कुमार (35) की गिरफ्तारी हुई है। मर्डर के पीछे का कारण पुलिस की पूछताछ में इन्होंने ही बताया। मामले अबतक 4 गिरफ्तारी हो चुकी है, दूसरा शूटर अभी भी फरार है। घटना 30 मार्च को अहियापुर थाना क्षेत्र के बड़ा जगन्नाथ चौक के पास हुई थी। मुख्य शूटर का आपराधिक इतिहास भी सामने आया पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि गिरफ्तार मुख्य शूटर सत्यम कुमार सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ शराब से जुड़े मामले दर्ज हैं। अब पुलिस फरार दूसरे शूटर और साजिश से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
पैसे लौटाने से एक दिन पहले मर्डर पत्नी पिंकी देवी ने एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने इस हत्या को प्रॉपर्टी डीलिंग और पैसों के लेनदेन से जुड़ा बताया था। पिंकी देवी ने पुलिस को बताया था कि तुलसी राय और उदय पटेल पति के काफी करीबी थे। उदय पटेल ने शेखपुर इलाके में एक प्लॉट की डील तुलसी राय के माध्यम से कराई थी, जिसके लिए प्रभाकर सिंह ने उदय को 30 लाख रुपए दिए थे। जब प्लॉट की डील फाइनल नहीं हो सकी, तो तुलसी राय को वह रकम लौटानी थी। पैसे वापस करने के लिए 31 मार्च की तारीख तय की गई थी। रकम लौटाने से ठीक एक दिन पहले यानी 30 मार्च को सोची-समझी साजिश के तहत प्रभाकर सिंह की हत्या करा दी गई। चलती बाइक पर 4 गोलियां मारी थी मृतक प्रभाकर सिंह गायघाट के बेरुआ गांव के रहने वाले हैं। वे परिवार के साथ चाणक्यपुरी मोहल्ले में रहते थे। रालोजपा के गायघाट प्रखंड के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे। 30 मार्च को वो किसी काम से जीरोमाइल चौक गए थे। दोपहर करीब 12:45 बजे बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही चाणक्यपुरी स्थित अपने घर की गली के मोड़ के पास पहुंचे, पीछे से बाइक सवार 2 बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती बाइक से अपराधियों ने कई राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें 4 गोलियां प्रभाकर सिंह को लगीं। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस का दावा- जल्द पकड़ा जाएगा फरार शूटर पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर फरार दूसरे शूटर और अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे हत्याकांड का पूर्ण खुलासा कर लिया जाएगा।



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मैहर में वाहन की टक्कर से बुजुर्ग की मौत: शव क्षत-विक्षत हालत में मिला, NH-30 पर हादसा – Maihar News



मैहर जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) पर रविवार सुबह सड़क हादसे में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वाहन की जोरदार टक्कर से हादसा इतना भीषण था कि शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया।

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यह घटना रविवार सुबह करीब 5 बजे ग्राम नरौरा के पास हुई। मृतक की पहचान 75 वर्षीय रामस्वरूप मिश्रा (पिता चिंतामणि मिश्रा), निवासी ग्राम नरौरा के रूप में हुई है। वे सड़क किनारे पैदल जा रहे थे, तभी हादसा हो गया, घटना के बाद चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।

पुलिस जांच में जुटी, आरोपी चालक की तलाश जारी

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने डायल-112 और हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया।

कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच में जुटी है।



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बरेली के मशहूर स्ट्रीट फूड, सुआल आलू से लेकर खस्ता कचौड़ी तक, जानें शहर के टॉप नाश्ते


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बरेली का सुआल आलू उत्तर प्रदेश के बरेली शहर का एक बेहद प्रसिद्ध और पारंपरिक स्ट्रीट फ़ूड नाश्ता है. यह मैदा से बनी एक बेहद कुरकुरी, खस्ता और सूखी पापड़ी (सुआल) होती है.जिसे तीखे और मसालेदार उबले आलू की सूखी सब्जी के साथ परोसा जाता है. बरेली के बिहारीपुर इलाके के सुआल आलू पूरे शहर में सबसे ज्यादा मशहूर हैं.बरसात के मौसम में सुबह के वक्त यह हल्का नाश्ता करना लोगों को बेहद पसंद है.

सुआल आलू उत्तर प्रदेश के बरेली शहर का एक बेहद प्रसिद्ध और पारंपरिक स्ट्रीट फ़ूड नाश्ता है. यह मैदा से बनी एक बेहद कुरकुरी, खस्ता और सूखी पापड़ी (सुआल) होती है.जिसे तीखे और मसालेदार उबले आलू की सूखी सब्जी के साथ परोसा जाता है. बरेली के बिहारीपुर इलाके के सुआल आलू पूरे शहर में सबसे ज्यादा मशहूर हैं.बरसात के मौसम में सुबह के वक्त यह हल्का नाश्ता करना लोगों को बेहद पसंद है.त्यागी रेस्टोरेंट बरेली शहर का सबसे मशहूर होटल बरेली के पुराना बस स्टैंड के पास नोवेल्टी चौराहे पर है. रेस्टोरेंट सुबह के समय छोले समोसे और चाय के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहां पूरे दिन आप छोले भटूरे या आलू के पुड़ी का आनंद ले सकते हैं. साथ ही साथ उनके पास अन्य स्वीट डिश भी कस्टमर के लिए अवेलेबल है. लेकिन इनकी चाय कस्टमर बताते हैं की बहुत टेस्टी होती है.

बरेली चाय वाली के नाम से संचालित होने वाला यह प्वाइंट सोशल मीडिया पर काफी वायरल रहती है. इनके दो काउंटर संचालित किए जाते हैं.एक बरेली कॉलेज पर काउंटर संचालित किया जाता है. दूसरा काउंटर राजेंद्र नगर के संचालित किया जाता है.आपको बता दे चाय लवर के लिए बरेली चाय वाली का यह अड्डा युवाओं को काफी पसंद है और उनके पास चाय के अलग-अलग अनेकों वेरिएंट्स है.

बरसात का मौसम चल रहा है चाय समोसे खाना लोगों को काफी पसंद है. बरेली शहर के एयरफोर्स गेट स्थित नैनीताल रोड पर प्रवेश के समोसे सोशल मीडिया से लेकर लोगों की ज़ुबान तक इसका स्वाद बोलता है. और यहां लगने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है. कि प्रवेश के समोसे अपने नाम से प्रसिद्ध है. समोसे की बात की जाए तो समोसा इतनी क्वांटिटी में बनाया जाता है. कि यह समोसा इनके गरम-गरम छोले के साथ मीठी खट्टी चटनी डालकर लोग खाना पसंद करते हैं.और उनकी दुकान पूरे दिन ग्राहकों से भरी रहती है.

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बरेली स्टेशन के पास पंजाबी मार्केट के कॉर्नर पर लगने वाला स्टॉल अपनी पनीर की पकौड़ी आलू की टिक्की और मिक्स पकोड़ी समोसे और ब्रेड पकोड़े के लिए फेमस है. सर्दियों में बरसात के मौसम में यहां लगने वाली भीड़ और इनका स्वाद लोगों को काफी पसंद आता है. पूरे दिन यह दुकान संचालित की जाती है. स्टेशन के पास होने से यात्री भी इसका स्वाद आराम से ले सकते हैं.

बरेली शहर की मशहूर खस्ता कचौड़ी बिहारीपुर में मिलती है. सर्दियों के मौसम में बरसात के मौसम में सुबह के वक्त गरम-गरम जलेबी के साथ खस्ता कचौड़ी खाना कौन नहीं चाहता अगर आप भी बरेली में रहते हैं. और बरसात के मौसम में सुबह के वक्त खस्ता कचौड़ी और जलेबी का नाश्ता करना चाहते हैं. तो बरेली के बिहारीपुर की पुरानी गलियों में आपको यह नाश्ता मिल जाएगा.

मथुरा रोड बदायूं जाते वक्त बरेली चांडपुर के फेमस,समोसे, लस्सी मिठाई, चाय के साथ ब्रेड पकोड़ा और मिक्स पकोड़ी लोगों के लिए एक अच्छा पॉइंट रुकने के लिए बना हुआ है. अगर बरेली से मथुरा लोग जाते हैं तो इन्हीं क्या नाश्ता करते हैं लेकिन कई सारे फूड लवर्स इनके पास सिर्फ इनका नाश्ता करने ही नहीं इनके फेमस समोसे लस्सी और ब्रेड पकोड़े खाने के लिए जाते हैं. सर्दियों, बरसात के मौसम में इनकी दुकान पर लगने वाली भीड़ इस बात का प्रमाण है.

बरेली से 22 किलोमीटर दूर नवाबगंज पीलीभीत जाते वक्त अगर आप नवाबगंज के अंदर से जा रहे हैं. तो आपको शंकर वालों की लस्सी और उनकी मूंग की दाल की पकौड़ी के साथ समोसे ब्रेड पकोड़ा और पनीर की पकौड़ी लोगों को खाना काफी पसंद है. बरसात के मौसम में या सर्दियों के मौसम में यहां दूर-दूर से लोग इनकी पकौड़ी खाने के लिए आते हैं. समोसे से लेकर मिठाई इनकी दुकान पर मिलती है.अच्छी क्वालिटी के साथ नवाबगंज तहसील में प्रत्येक व्यक्ति की जुबान पर इनका नाम रहता है.

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Ind Vs Zim 3rd T-20I: भारत की प्लेइंग XI में दो बड़े बदलाव, जानिए कौन-कौन हुआ बाहर, वैभव सूर्यवंशी…


भारत बनाम जिम्बाब्वे तीसरे टी-20I मुकाबले में भारत ने दो बदलाव किए हैं। शिवम दुबे और प्रिंस यादव बाहर हैं। इनकी जगह सूर्यांश शेडगे और अशोक शर्मा को प्लेइंग XI में शामिल किया गया है। वैभव सूर्यवंशी टीम का हिस्सा हैं।

भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीसरा और आखिरी टी-20 मैच मैच आज हरारे में खेला जा रहा है। इस मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस के वक्त बताया कि उन्होंने अपनी टीम में दो बड़े बदलाव किए हैं। बैटिंग ऑलराउंडर शिवम दुबे को तीसरे मुकाबले में बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। उनके स्थान पर पंजाब किंग्स से आईपीएल खेलने वाले बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे प्लेइंग XI का हिस्सा रहेंगे। टीम इंडिया ने एक और बड़ा बदलाव किया है। यह बदलाव कप्तान अय्यर और टीम मैनेजमेंट को मजबूरन करना पड़ा है, क्योंकि दूसरे टी-20I मुकाबले में प्रिंस यादव को चोट लगी थी। जिसके कारण वे आज का मैच भी नहीं खेल पाएंगे। उनके स्थान पर तेज गेंदबाज अशोक शर्मा की वापसी हुई है।

आज के मैच में भारत की पूरी टीम का विवरण

भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा होंगे। अभिषेक शर्मा से आज के मैच में रनों की उम्मीद होगी। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने ईशान किशन आएंगे। वे भारतीय टीम की ओर से विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। कप्तान श्रेयस अय्यर चौथे स्थान पर बैटिंग करेंगे। तिलक वर्मा नंबर पांच पर हैं। सूर्यांश शेडगे को नंबर 6 पर बल्लेबाजी करने और कुछ ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिलेगा। रिंकू सिंह नंबर 7 पर बैटिंग करेंगे। रवि बिश्नोई को विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में रखा गया है। अशोक शर्मा, यश ठाकुर और मयंक यादव तेज गेंजबाजी यूनिट का हिस्सा हैं। भारत की पूरी प्लेइंग XI नीचे है।

आखिरी टी-20I मैच के लिए भारत और जिम्बाब्वे की प्लेइंग XI

भारत (प्लेइंग इलेवन): वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उप- कप्तान), सूर्यांश शेडगे, रिंकू सिंह, रवि बिश्नोई, अशोक शर्मा, यश ठाकुर, मयंक यादव।

जिम्बाब्वे (प्लेइंग इलेवन): ब्रायन बेनेट, बेन कुरेन, डायोन मायर्स, सिकंदर रज़ा (कप्तान), रयान बर्ल, वेस्ली मधेवेरे, तदिवानाशे मारुमनी (विकेटकीपर), ब्रैड इवांस, न्यूमैन न्यामुरी, वेलिंगटन मसाकाद्ज़ा, ब्लेसिंग मुजाराबानी।

भारत की क्लीन स्वीप करने पर निगाहें, अय्यर का असर

बता दें कि तीन मैचों की सीरीज को भारत ने पहले ही 2-0 से जीत लिया है। आज टीम इंडिया क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी से बड़ी उम्मीदें हैं। ईशान किशन अच्छी लय में हैं। अभिषेक शर्मा के बल्ले से रन बनते लोग देखना चाहेंगे। श्रेयस अय्यर भी बड़े स्कोर नहीं कर पा रहे हैं। गेंदबाजी में मयंक यादव का कमाल देखना भी लोग पसंद करते हैं।



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विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रतिभागियों से पीएम का संवाद: चीन से लगी बॉर्डर के 74 गांव घूमकर लौटे 400 युवा, उत्तराखंड-हिमाचल-लद्दाख के अनुभव बताए


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2 मिनट पहले

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यह इवेंट पीएम मोदी के विकसित भारत 2047 विजन का हिस्सा है- फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विकसित वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम 2026 के प्रतिभागियों से बातचीत कर रहे हैं। देशभर के 403 युवा भारत के बॉर्डर एरिया में बसे 74 गांव घूमकर लौटे हैं।

चर्चा के दौरान पीएम ने कहा- जब सीमा का गांव समृद्ध होता है, तब राष्ट्र की सुरक्षा भी मजबूत होती है और विकास भी।

पीएम ने ने युवाओं को संदेश दिया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास में उनकी भागीदारी ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत बनेगी। यही इस इवेंट का मूल मंत्र है।

इस इवेंट का मकसद बॉर्डर एरिया पर बसे गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि युवाओं को भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे क्षेत्रों की सामाजिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक महत्व समझाया जा सके।

वाइब्रेंट विलेज इवेंट माय भारत के जरिए आयोजित किया गया था। पीएम मोदी ने कहा था कि देश के बॉर्डर एरिया में बसे गांव सबसे आखिरी नहीं बल्कि पहले गांव हैं।

लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट विलेज शामिल थे

इस साल का विकसित वाइब्रेंट विलेज इवेंट 4 जून से 30 जून तक दो फेज में किया गया था। इसके तहत लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 वाइब्रेंट बॉर्डर गांवों को शामिल किया गया। देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 400 से ज्यादा युवाओं का चयन नेशनल लेवल पर ऑनलाइन क्विज के जरिए हुआ था। इसमें तीन लाख से ज्यादा ने भाग लिया था

लाइव अपडेट्स

3 मिनट पहले

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विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम फेज 1 में शामिल गांव

फेज 1 तहत पहले चरण में 662 सीमावर्ती गांव शामिल किए गए हैं।

  • अरुणाचल प्रदेश – 455
  • हिमाचल प्रदेश – 75
  • उत्तराखंड – 51
  • सिक्किम – 46
  • लद्दाख – 35

11 मिनट पहले

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निकिता ने हिमाचल के चांगो गांव में रहने का अनुभव बताया

वॉलेंटियर निकिता सोलंकी ने ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत हिमाचल प्रदेश के सीमावर्ती गांव चांगो की अपनी यात्रा का अनुभव साझा किया। उन्होंने युवाओं के सशक्तिकरण, महिलाओं की भागीदारी और स्थानीय समुदायों के स्नेहपूर्ण व्यवहार का जिक्र किया।

12 मिनट पहले

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वॉलेंटियर बोला- सोचा नहीं था आइलैंड से सीधा पहाड़ों में रहने जाऊंगा

एक वॉलेंटियर ने कहा, “मैं आपके और अपने साथी पार्टिसिपेंट्स के साथ विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दौरान हुए अपने अनुभव शेयर करना चाहता हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मैं चारों तरफ से समुद्र से घिरी जगह से भारत के दूसरे कोने में, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच बसे किन्नौर जिले के बॉर्डर गांव चांगो तक जाऊंगा।”

34 मिनट पहले

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बर्फबारी के बीच जून में लद्दाख गए थे प्रतिभागी

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और असम से आए ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ (VVVP) 2026 के प्रतिभागियों ने लद्दाख में रोमांच और सांस्कृतिक आदान-प्रदान किया।

40 मिनट पहले

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वाइब्रेंट विलेज इवेंट में एक्टिविटी की तस्वीरें…

युवाओं ने गांवों स्वच्छता अभियान चलाया।

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जवानों के साथ वक्त बिताया और मेमोरी क्लिक कीं।

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लद्दाख में वहां की स्थानीय संस्कृति को जाना।

लद्दाख में वहां की स्थानीय संस्कृति को जाना।

मालदा कॉलेज के NSS वॉलेंटियर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ गए थे।

मालदा कॉलेज के NSS वॉलेंटियर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ गए थे।

43 मिनट पहले

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पीएम मोदी का युवाओं से संवाद शुरू

पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वाइब्रेंट विलेज इवेंट से जुड़े हैं। 5000 से ज्यादा युवाओं से संवाद कर रहे हैं।



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PAK की लेडी अफसर पंजाबी गानों की शौकीन: सोशल मीडिया पर एक्टिव; सिद्धू मूसेवाला, आर-नैत, रंजीत बावा के गानों पर रील्स बनाईं – Jalandhar News




पाकिस्तान की सीनियर पुलिस अधिकारी डॉ. अनूश मसूद चौधरी पंजाबी गानों की बड़ी फैन हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर सिद्धू मूसेवाला के ईस्ट साइड फ्लो, रंजीत बावा के शेर मारना, गुर सिद्धू के 8 पर्चे, आर नेत के दबदा किथे आ जैसे गानों पर कई रील्स बनाई हैं। पेशावर की रहने वाली डॉ. अनूश फिलहाल पाकिस्तान के पंजाब एलीट पुलिस में डिप्टी डायरेक्टर (एडमिनिस्ट्रेशन) के पद पर तैनात हैं। वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं। उनके फेसबुक अकाउंट पर करीब 2.5 लाख फॉलोअर्स हैं। डॉ. अनूश साल 2018 में खैबर पख्तूनख्वा की पहली महिला SSP बनी थीं। उस समय उनकी कार्यशैली के साथ-साथ उनकी खूबसूरती की काफी चर्चा हुई थी। इसके बाद वह लाहौर की भी SSP बनीं। डॉ. अनूश इंडियन म्यूजिक को खास पसंद करती हैं। उन्होंने पंजाबी के साथ हरियाणवी और बॉलीवुड गानों पर रील्स बनाई हैं। जानिए कौन है डॉ. अनूश मसूद चौधरी… पेरेंट्स डॉक्टर बनाना चाहते थे एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में डॉ. अनूश मसूद चौधरी ने बताया था- पेरेंट्स का सपना था कि मैं डॉक्टर बनूं। मैंने MBBS भी पूरी कर ली थी। मगर, पिता के मौत के बाद सब बदल गया। परिवार वाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बनकर विदेश सैटल हो जाऊं, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही रहकर जनता की सेवा करना चाहती थी। इसके मैंने सेंट्रल सुपीरियर सर्विसेज (CSS) का फील्ड चुना। डॉ. अनूश मसूद चौधरी इन विवादों में भी रहीं ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी सिंगर करनदीप को आया हार्ट अटैक:खुद VIDEO शेयर किया, बोले- जिम जाता हूं, फिर भी दिल-दिमाग ने काम करना बंद कर दिया पंजाबी सिंगर, एक्टर, मॉडल और फिटनेस इन्फ्लुएंसर करनदीप को ऑस्ट्रेलिया में हार्ट अटैक आ गया। सिंगर ने खुद इसके वीडियो इंस्टा पर शेयर करते हुए लिखा कि 19 मई उनकी जिंदगी का लास्ट दिन था। अगर उनके दोस्त पास न होते तो वो जिंदा न होते। पढ़ें पूरी खबर…



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रूस भेजने के नाम पर 2.50 लाख ठगे: वर्क वीजा का झांसा देकर पासपोर्ट लिया, 2 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज – Hanumangarh News




हनुमानगढ़ में एक युवक से रूस में वर्क वीजा दिलाने के नाम पर 2.50 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर पंजाब के 2 आरोपियों के ​खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोरगर मोहल्ला निवासी करमजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि वह रूस में नौकरी के लिए वर्क वीजा बनवाना चाहते थे। उनके रिश्तेदार जसपाल ने उनकी मुलाकात मोगा (पंजाब) निवासी देवेंद्र उर्फ सोढ़ी से करवाई। जसपाल ने दावा किया था कि देवेंद्र लंबे समय से लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। करमजीत सिंह के अनुसार जुलाई 2025 में उन्हें जालंधर स्थित एक कार्यालय बुलाया गया। वहां आरोपियों ने उनके शैक्षणिक दस्तावेज और पासपोर्ट अपने पास रख लिए। साथ ही, कई खाली कागजों और फॉर्मों पर हस्ताक्षर भी करवा लिए। कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज, जांच शुरू
इसके बाद मेडिकल और वीजा प्रक्रिया का हवाला देकर उनसे 2.50 लाख रुपए की मांग की गई। आरोप है कि राशि देने के बावजूद वर्क वीजा नहीं बनवाया गया। बाद में आरोपियों ने उन्हें टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजने और कुछ समय बाद उसे वर्क वीजा में बदलवाने का आश्वासन दिया। उन्हें 25 अगस्त 2025 को जयपुर एयरपोर्ट पहुंचने और 26 अगस्त की फ्लाइट से रवाना होने के लिए कहा गया था। शिकायत में बताया गया है कि आरोपियों ने न तो अपना वादा पूरा किया और न ही रकम वापस लौटाई। खुद को ठगा महसूस करने पर करमजीत सिंह ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने मोगा निवासी देवेंद्र उर्फ सोढ़ी और जगराओं (लुधियाना) निवासी जसपाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस अब दस्तावेजों, लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।



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