Tuesday, September 29, 2026
Home Blog

मिर्जापुर में करणी सेना ने 3 नए पदाधिकारी बनाए गए: अरुण पहाड़ी ब्लॉक उपाध्यक्ष और नीरज मझवां विधानसभा महासचिव बने – Mirzapur News




मिर्जापुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने संगठन का विस्तार किया। जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने तीन पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। प्रकाश सिंह सदर तहसील सचिव, अरुण सिंह पहाड़ी ब्लॉक उपाध्यक्ष और नीरज सिंह मझवां विधानसभा महासचिव बनाए गए हैं। नए पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र देकर स्वागत किया गया। जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने उनसे संगठन बढ़ाने के साथ मानव व समाज सेवा में सक्रिय रहने को कहा। महिला उत्पीड़न और समाज की बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाने का भी आह्वान किया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन मजबूत करेंगे और सामाजिक कामों को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने सभी को बधाई और संगठन विस्तार में सहयोग की उम्मीद जताई। इस मौके पर अभिषेक सिंह धवल, शिवम सिंह, इंस्पेक्टर सिंह, धीरज सिंह, शाश्वत सिंह, डॉ. अवनीश सिंह गहरवार, अतुल सिंह, पंचम सिंह, युवराज सिंह, हेमंत और अभय प्रताप सिंह समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।



Source link

मेडिकल कॉलेज के सामने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटा: प्रशासन ने 34 दुकानें तोड़ीं, 100 करोड़ की 12 बीघा जमीन खाली कराई – Shivpuri News




शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज के सामने मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 100 करोड़ रुपए कीमत की 12 बीघा शासकीय जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। यहां टीन शेड से बनी 34 दुकानों को जेसीबी से तोड़ा गया। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के बाहरी हिस्से में दुकानों के सामने बनाए गए अवैध चबूतरों को भी हटाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासन और पुलिस का अमला मौके पर मौजूद रहा। विरोध करने पर 6 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कार्रवाई के दौरान विरोध और हंगामा करने वाले 2 महिलाओं समेत 6 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। प्रशासन के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के सामने पाल समाज के कुछ लोगों ने पिछले कई वर्षों से शासकीय जमीन पर कब्जा कर रखा था। यहां टीन शेड बनाकर दुकानें संचालित करने के साथ इन्हें किराए पर भी दिया गया था। इन दुकानों से हर महीने करीब 2 लाख रुपए किराया वसूले जाने की जानकारी सामने आई थी। एक साल में कई बार दिए नोटिस प्रशासन को इस स्थान पर रात के समय कथित रूप से अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी भी मिली थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि शासकीय जमीन खाली कराने के लिए पिछले एक साल में कई बार नोटिस दिए गए थे। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद बेदखली का आदेश जारी किया गया और मंगलवार को कार्रवाई कर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।



Source link

भांजे ने मामा के बेटे की चाकू मारकर हत्या की: छठियारी कार्यक्रम में DJ पर गाने को लेकर विवाद; 2 घायल, पांच हिरासत में – Nawada News




नवादा में DJ पर गाना बजाने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद 3 सगे भाइयों पर चाकू से हमला कर दिया गया। इस घटना में एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उसके दो भाई गंभीर रूप से जख्मी हैं। घटना कादिरगंज थाना क्षेत्र के देवनपुरा गांव में सोमवार देर रात छठियारी कार्यक्रम के दौरान हुई। मृतक की पहचान भोला मांझी का बेटा संदीप कुमार (25) के रूप में हुई है। हमले में प्रदीप कुमार और सूरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला…. जानकारी के अनुसार, देवनपुरा गांव में एक घर में छठियारी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान भोला मांझी का भगना अपने पांच दोस्तों के साथ वहां पहुंचा। कार्यक्रम में DJ पर गाना बज रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने के बाद DJ बंद करा दिया गया, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई। ट्रीटमेंट के समय संदीप की मौत बताया जा रहा है कि इसी दौरान तीन भाइयों को निशाना बनाकर चाकू से हमला कर दिया गया। हमले में संदीप कुमार, प्रदीप कुमार और सूरज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस इलाज के दौरान मंगलवार को संदीप कुमार की मौत हो गई। वहीं प्रदीप कुमार और सूरज कुमार का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही कादिरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ – DSP पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस विवाद की वजह और चाकूबाजी में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले को लेकर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।



Source link

लौकी पसंद नहीं? ऐसे बनाएं सोया चंक्स और चना दाल वाले गलोटी कबाब, जानिए रेसिपी

0


Lauki Soya Chunks Kebab Recipe: लौकी का नाम सुनते ही कई लोगों का मन सब्जी खाने से हट जाता है, लेकिन यही साधारण सी सब्जी अगर सही मसालों और कुछ पौष्टिक चीजों के साथ पकाई जाए तो इसका स्वाद पूरी तरह बदल सकता है, अगर आप शाम की चाय के साथ कुछ ऐसा खाना चाहते हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ पेट को भी संतुष्ट करे, तो लौकी से बने गलोटी कबाब एक अच्छा विकल्प हो सकते हैं. इसमें लौकी के साथ सोया चंक्स और चना दाल का इस्तेमाल किया जाता है.

मसालों की खुशबू और तवे पर हल्का सिकने के बाद इनका स्वाद काफी अच्छा लगता है. इन्हें स्नैक की तरह खाने के अलावा रोल, सैंडविच या बर्गर में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

लौकी और सोया चंक्स से तैयार होगा कबाब का बेस
इस रेसिपी की खास बात यह है कि इसमें लौकी के साथ चना दाल और सोया चंक्स का इस्तेमाल किया जाता है. लौकी कबाब को नरम टेक्सचर देती है, जबकि चना दाल और सोया चंक्स मिश्रण को अच्छा बॉडी देते हैं. सोया चंक्स को पहले पानी में भिगोकर नरम कर लें और चना दाल को भी कुछ समय के लिए भिगोकर रखें. एक बड़ी लौकी को छीलकर टुकड़ों में काट लें. अब इसे भीगी हुई चना दाल और तैयार सोया चंक्स के साथ कुकर में डालें.

मसालों से आएगा कबाब में असली स्वाद
अब इसमें जीरा, साबुत धनिया, काली मिर्च, दालचीनी, हरी मिर्च, लहसुन, चक्रफूल और तेजपत्ता डालें. स्वाद के अनुसार नमक मिलाएं और थोड़ा पानी डालकर कुकर बंद कर दें. मध्यम आंच पर करीब 4 से 5 सीटी आने तक पकाया जा सकता है. यहां एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि मिश्रण बहुत ज्यादा पानी वाला न हो, अगर सामग्री में पानी ज्यादा रह गया तो बाद में कबाब की टिक्की बनाना मुश्किल हो सकता है.

ठंडा होने के बाद बनाएं स्मूथ मिश्रण
कुकर का प्रेशर निकलने के बाद सामग्री को बाहर निकालकर कुछ देर ठंडा होने दें. इसके बाद इसे मिक्सी में डालकर बारीक पीस लें. मिश्रण जितना स्मूथ होगा, कबाब की बनावट उतनी ही नरम और एकसार बनेगी. अब इस मिश्रण को एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला या कबाब मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें, अगर मिश्रण बहुत नरम लगे तो उसे थोड़ी देर के लिए फ्रिज में रखने से आकार देना आसान हो सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ऐसे दें गलोटी कबाब का आकार
तैयार मिश्रण से थोड़ा हिस्सा हाथ में लें और पहले गोल करें. इसके बाद हल्के हाथ से दबाकर चपटी टिक्की का आकार दें. इसी तरह सारे कबाब तैयार कर लें. गलोटी कबाब की खासियत उनकी नरम बनावट होती है. इसलिए टिक्की बनाते समय मिश्रण को बहुत ज्यादा दबाने की जरूरत नहीं है, अगर हाथों पर मिश्रण चिपक रहा हो तो हाथों पर हल्का तेल लगाकर काम किया जा सकता है.

तवे पर ऐसे सेंकें
एक नॉन-स्टिक तवा या पैन गर्म करें और उस पर थोड़ा तेल या घी लगाएं. अब कबाबों को तवे पर रखें. इन्हें धीमी से मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक सेंकें. कबाब को बार-बार पलटने से बचें. एक तरफ हल्का सुनहरा होने के बाद ही सावधानी से दूसरी तरफ पलटें. इससे टिक्की टूटने की संभावना कम रहेगी और बाहर से हल्की क्रिस्पी परत भी बन जाएगी.

स्नैक से लेकर रोल तक कई तरह से करें सर्व
तैयार कबाबों को हरी चटनी, दही या सलाद के साथ परोसा जा सकता है, अगर बच्चों या परिवार के लिए कुछ अलग बनाना हो तो इन्हें रोटी या पराठे में रखकर रोल भी तैयार किया जा सकता है. सैंडविच और बर्गर में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है. इस रेसिपी का मिश्रण पहले से तैयार करके रखना भी सुविधाजनक है. हालांकि फ्रिज में रखने के दौरान साफ-सफाई और सही तापमान का ध्यान रखना जरूरी है. खाने से पहले कबाबों को अच्छी तरह गर्म करके ही परोसें.



Source link

10,000 रुपये से कम में लॉन्च हुआ देसी कंपनी का फोन, 5G टैबलेट भी हुआ पेश


Ai+ ने अपना एक और बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन लॉन्च किया है। इस फोन के साथ NovaTab और Nova LapTab टैबलेट्स भी लॉन्च किए गए हैं। ये टैबलेट्स दमदार बैटरी और जबरदस्त फीचर्स से लैस हैं। Ai+ के नए स्मार्टफोन में 5,000mAh की बैटरी दी गई है। साथ ही,यह फोन IP64 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने पर भी यह खराब नहीं होगा। कंपनी ने सबसे सस्ता फ्लिप फोन भी इस साल लॉन्च किया है।

Ai+ Pulse 2 FE, Nova Tab, Nova LapTab की कीमत

एआई प्लस का यह नया स्मार्टफोन 9,999 रुपये की कीमत में लॉन्च हुआ है। इसे 4GB रैम और 64GB स्टोरेज के साथ पेश किया गया है। फोन को ब्लैक, ब्लू, ग्रीन और पर्पल कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। 

Ai+ NovaTab को दो स्टोरेज वेरिएंट्स में पेश किया गया है। इस टैबलेट को 6GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 128GB में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 17,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 20,999 रुपये में आता है। इसे डार्क ब्लू और सिनेमन ब्राउन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है।

Ai+ Nova LapTab को 24,999 रुपये में लॉन्च किया गया है। यह टैबलेट एक ही स्टोरेज वेरिएंट- 8GB RAM + 128GB में आता है। इसे टील ग्रीन और डार्क ब्लू कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है। Ai+ के नए लॉन्च हुए फोन और टैबलेट्स 7 अक्टूबर से फ्लिपकार्ट से खरीदे जा सकेंगे।

Ai+ Pulse 2 FE के फीचर्स

एआई प्लस का यह बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन 6.67 इंच के FHD+ डिस्प्ले के साथ आता है। इस फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 720 x 1600 पिक्सल है। इसमें कंपनी ने MediaTek Helio G81 ऑक्टाकोर प्रोसेसर यूज किया है। फोन के साथ 4GB रैम और 64GB का इंटरनल स्टोरेज मिलता है। यह फोन nxtQ ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।

इस फोन के बैक में एआई फीचर वाला डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा। फोन में 50MP का रियर कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का कैमरा मिलेगा। इस स्मार्टफोन में 5000mAh की दमदार बैटरी दी गई है, जिसके साथ 18W USB Type C चार्जिंग फीचर दिया गया है। फोन में साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।

Image Source : AI+एआई+ नोवा टैब, नोवा लैपटैब

Ai+ NovaTab, Nova LapTab 5G के फीचर्स

एआई प्लस के ये दोनों टैबलेट Andorid 16 पर बेस्ड nxtQ OS पर काम करते हैं। इसके NovaTab में 11.97 इंच का डिस्प्ले मिलेगा, जो 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यह टैबलेट ऑक्टाकोर T760 चिपसेट पर काम करता है। इसमें 8GB रैम और 128GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। इस टैबलेट में 13MP का रियर और 8MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। इसमें WiFi, 5G जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। इसमें डुअल स्पीकर्स दिए गए हैं। इस टैबलेट में 8000mAh की बैटरी के साथ 18W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है।

Ai+ Nova LapTab में 13.2 इंच का 2.4Kरेजलूशन वाला डिस्प्ले दिया गया है। इस टैबलेट का डिस्प्ले भी 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। इसकी पीक ब्राइटनेस 450 निट्स तक की है। यह टैबलेट मीडियाटेक के MTK8755 चिपसेट पर काम करता है। इसमें 8GB रैम और 128GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। यह टैबलेट 16MP रियर और 8MP का सेल्फी कैमरा मिलेाग। इस टैबलेट के साथ Stylus इनपुट का सपोर्ट मिलेगा। साथ ही, इसमें फिजिकल कीबोर्ड दिया गया है। यह टैबलेट 10,000mAh की दमदार बैटरी और 33W फास्ट चार्जिंग फीचर को सपोर्ट करता है। यह फोन 5G और WiFi कनेक्टिविटी के साथ आता है।

यह भी पढ़ें – Lava ने लॉन्च किया 6000mAh बैटरी वाला सस्ता 5G फोन, पानी में भींगने पर नहीं होगा खराब





Source link

SIR पर कल I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक, अखिलेश नहीं आएंगे: ऑनलाइन जुड़ेंगे उद्धव, DMK-AAP ने बनाई दूरी; 3 साल में 8वीं बार जुटेंगे विपक्षी दल


19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

INDIA ब्लॉक की पिछली बैठक 8 जून को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई थी। इसमें 23 दलों के नेता शामिल हुए थे।

दिल्ली में कल विपक्षी दलों के I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक होगी। इसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR और चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह पार्टी के दूसरे नेता पहुंचेंगे।

वहीं शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। पार्टी सांसद संजय राउत ने बताया कि पार्टी 2 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में DMK और AAP का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद DMK और कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आए थे। वहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने पर कांग्रेस और AAP के बीच भी मतभेद बढ़ गए थे। AAP का कहना रहा है कि जहां कांग्रेस होगी, वहां वह शामिल नहीं होगी।

I.N.D.I.A. ब्लॉक की पिछले 3 सालों के दौरान यह 8वीं बैठक होगी। वहीं इस साल की दूसरी बैठक होगी। इससे पहले 8 जून को SIR और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता के मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक हुई थी। हालांकि, इसमें AAP और DMK शामिल नहीं हुई थी।

लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में रहेंगे अखिलेश

सपा ने बताया है कि अखिलेश यादव 30 सितंबर को लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में शामिल होंगे। पार्टी के मुताबिक, अखिलेश की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस बारे में बात भी हुई है।

वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि अखिलेश पहले से तय कार्यक्रम के कारण बैठक में नहीं आ पाएंगे। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता का जिक्र किया था।

बैठक में ममता, तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं के पहुंचने की उम्मीद

INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस की तरफ से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी के भी आने की उम्मीद है।

इसके अलावा राजद की तरफ से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी के बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।

27 सितंबर: केजरीवाल से मिले बेबी, कहा- मैंने बैठक का न्योता नहीं दिया

सीपीआई(एम) महासचिव बेबी 27 सितंबर को केजरीवाल से मिलने उनके घर गए थे।

सीपीआई(एम) महासचिव बेबी 27 सितंबर को केजरीवाल से मिलने उनके घर गए थे।

सीपीआई(एम) महासचिव बेबी ने केजरीवाल से मुलाकात के बाद कहा था कि कांग्रेस INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर पार्टियों के बीच समन्वय का काम देख रही है। मैंने अरविंद केजरीवाल को बैठक के लिए न्योता नहीं दिया है।

बेबी के मुताबिक, केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ एक मजबूत अभियान चलाने की जरूरत है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के नेताओं से चर्चा करने की बात कही है। बेबी ने कहा कि उन्होंने INDIA ब्लॉक से बाहर की पार्टियों को भी पत्र लिखा है।

संसद में CEC के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर चर्चा संभव

बैठक में SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर भी बात हो सकती है।

कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने और विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई पर भी चर्चा हो सकती है।

AAP-DMK पिछली बैठक में नहीं आए, लेकिन जॉइंट लेटर पर साइन किए

INDIA ब्लॉक की बैठक करीब साढ़े तीन महीने बाद हो रही है। इससे पहले 8 जून की बैठक में 23 दल शामिल हुए थे। इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत कई बड़े नेता पहुंचे थे।

AAP और DMK इस बैठक में शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने 28 जून को CJI सूर्यकांत को जॉइंट लेटर भेजा था। इसमें चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए गए थे। AAP और DMK ने भी इस जॉइंट लेटर पर साइन किए थे।

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने CJI को भेजे संयुक्त पत्र में आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता कमजोर हुई है।

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने CJI को भेजे संयुक्त पत्र में आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में चुनाव आयोग की स्वतंत्रता कमजोर हुई है।

I.N.D.I.A. ब्लॉक की 7 मीटिंग, पहली नीतीश ने बुलाई थी

1. 23 जून 2023, पटना: नीतीश ने पहली बैठक की अगुआई की, 15 दल शामिल हुए

विपक्षी गठबंधन की पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी। इसकी मेजबानी बिहार के तत्कालीन CM नीतीश कुमार ने की थी। बैठक में 15 विपक्षी दल शामिल हुए थे। इसका मकसद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों को एक मंच पर लाना था। इस बैठक के बाद विपक्षी दलों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने और आगे की रणनीति पर चर्चा जारी रखने का फैसला किया था।

नीतीश कुमार ने पटना में राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का स्वागत किया था।

नीतीश कुमार ने पटना में राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं का स्वागत किया था।

2. 17-18 जुलाई 2023, बेंगलुरु: गठबंधन का नाम I.N.D.I.A. तय हुआ, 26 दल जुटे

विपक्षी गठबंधन की दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। इसमें 26 विपक्षी दल शामिल हुए थे। इसी बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम I.N.D.I.A. यानीइंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस तय किया गया था।

3. 31 अगस्त-1 सितंबर 2023, मुंबई: 5 कमेटियां बनीं, चुनावी रणनीति तैयार हुई

I.N.D.I.A. ब्लॉक की तीसरी बैठक 31 अगस्त और 1 सितंबर 2023 को मुंबई में हुई थी। बैठक में गठबंधन के कामकाज के लिए 5 कमेटियां बनाई गई थीं। इनमें कैंपेन, कोऑर्डिनेशन/स्ट्रैटजी, मीडिया, सोशल मीडिया और रिसर्च कमेटी शामिल थीं।

4. 19 दिसंबर 2023, दिल्ली: ममता ने PM फेस के लिए खड़गे का नाम सुझाया

I.N.D.I.A. की चौथी बैठक 19 दिसंबर 2023 को दिल्ली के अशोका होटल में हुई थी। बैठक में पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने PM फेस के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम सुझाया था। अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन किया था।

बैठक में राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, भगवंत मान, ममता बनर्जी, महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता शामिल हुए थे। हालांकि, PM फेस के सवाल पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ था।

5. 13 जनवरी 2024, वर्चुअल: सीट शेयरिंग पर पेंच फंसा, खड़गे चेयरपर्सन बने

I.N.D.I.A. ब्लॉक की पांचवीं बैठक 13 जनवरी 2024 को वर्चुअली हुई थी। इसमें 28 दलों के नेता जुड़े थे। मल्लिकार्जुन खड़गे को गठबंधन का चेयरपर्सन बनाने पर सहमति बनी, लेकिन संयोजक के नाम पर फैसला नहीं हो सका। बैठक में सीट शेयरिंग पर भी चर्चा हुई थी। उस समय JDU भी I.N.D.I.A. ब्लॉक का हिस्सा था और सीट शेयरिंग में देरी पर नाराजगी जता रहा था।

NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि गठबंधन के दल जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला करेंगे।

NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा था कि गठबंधन के दल जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला करेंगे।

6. 1 जून 2024, दिल्ली: लोकसभा चुनाव के बाद की रणनीति पर चर्चा

I.N.D.I.A. ब्लॉक की छठी बैठक 1 जून 2024 को दिल्ली में हुई थी। इसमें लोकसभा चुनाव के नतीजों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई थी। बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी समेत कई नेता शामिल हुए थे।

7. 8 जून 2026, दिल्ली: 23 दल जुटे, SIR और चुनाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

I.N.D.I.A. ब्लॉक की सातवीं बड़ी बैठक 8 जून 2026 को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई थी। इसमें 23 विपक्षी दल शामिल हुए थे। बैठक में SIR, चुनावी प्रक्रिया और आगे की रणनीति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

——————————–

यह खबर भी पढ़ें…

SIR में स्थानीय अफसरों की शक्तियां बढ़ाने की मांग, महाराष्ट्र CEO का आयोग को लेटर, ECINet में बदलाव की मांग; दो चुनाव आयुक्त भी जता चुके आपत्ति

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। इसमें वोटर लिस्ट से जुड़े ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की गई है। चोकलिंगम ने कहा है कि स्थानीय अधिकारियों को कानून के मुताबिक फैसला लेने का अधिकार मिलना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

जयशंकर बोले- अमेरिका आतंकवाद पर भारत की चिंता नहीं समझता: चीन से नजदीकी पर कहा- पहले हमें नसीहत देता था, आज हमारी पॉलिसी अपना रहा




विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका से रिश्तों को लेकर कहा कि वह आतंकवाद पर भारत की चिंता नहीं समझता है। इसका असर रिश्तों पर पड़ता है। उन्होंने सोमवार को न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक कार्यक्रम में कहा, भारत ने कई दशकों तक अपने पड़ोसी देश की ओर से आतंकवाद का सामना किया है। अगर अमेरिका को इसकी गंभीरता समझ नहीं आती, तो रिश्तों पर असर पड़ता है। जयशंकर ने चीन और अमेरिका के बीच बढ़ रही दोस्ती को लेकर कहा कि अब अमेरिका एक साथ रूस, यूक्रेन और चीन जैसे देशों के साथ संबंध अच्छे कर रहा है। अब वह भारत का डिप्लोमेसी मॉडल अपना रहा है। पहले भारत की इसी नीति को लेकर अमेरिका में आलोचना की जाती थी। जयशंकर के अमेरिका में 5 बड़े बयान 1. टैरिफ विवाद पर: अमेरिका से रिश्ते मुश्किल अमेरिका के पूर्व राजनयिक डेनियल रसेल ने जयशंकर से पूछा कि व्यापार और टैरिफ को लेकर पिछले एक साल में भारत-अमेरिका के रिश्तों में आई खटास को कैसे दूर किया जा सकता है। इस पर जयशंकर ने कहा कि दुनिया के कई देशों के लिए अमेरिका के साथ रिश्ते पहले के मुकाबले मुश्किल हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह शायद हमारे लिए राहत की बात न हो, लेकिन यही हकीकत है। 2. US-चीन दोस्ती पर: उनका दिखावा खत्म हो गया जयशंकर ने कहा कि पहले अमेरिका में यह सोच थी कि भारत के पास ज्यादा विकल्प नहीं होने चाहिए और उसे अपने रिश्तों में ज्यादा ध्यान अमेरिका पर रखना चाहिए, लेकिन अब उसका दिखावा खत्म हो गया है। उन्होंने कहा- अब अमेरिका खुद एक साथ एशिया के दूसरे देशों के साथ रिश्ते संभाल रहा है। यानी जिस नीति पर भारत से सवाल किए जाते थे, अब अमेरिका भी उसी पर चल रहा है। 3. बहुध्रुवीय व्यवस्था पर: यह च्यूइंग गम हर किसी के पास जयशंकर के मुताबिक दुनिया अब ऐसे दौर में पहुंच रही है, जहां देश किसी एक के भरोसे रहने के बजाय कई देशों के साथ अपने रिश्ते बना रहे हैं। यही बदलाव दुनिया को बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर ले जा रहा है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब यह ‘च्यूइंग गम’ सबके पास होगा और हर देश इसे अपने तरीके से इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव अच्छा लगे या नहीं, लेकिन जब अमेरिका जैसी बड़ी ताकत इस तरीके से काम करती है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ता है और यह एक वैश्विक ट्रेंड बन जाता है। 4. चीन से सीमा विवाद पर: दूसरे देशों को फायदा न मिले जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के रिश्ते पिछले कुछ समय के मुकाबले बेहतर हुए हैं। 2020 में सीमा पर तनाव के बाद दोनों देशों के रिश्ते काफी बिगड़ गए थे, लेकिन अब सीमा पर स्थिति सामान्य होने के साथ रिश्ते भी धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। हालांकि सभी समस्याएं खत्म नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा, 2024-2025 के मुकाबले आज की स्थिति बेहतर है। सीमा पर जैसे हालात होंगे, दोनों देशों के रिश्ते भी वैसे ही रहेंगे। यह तनाव दोनों देशों के हित में नहीं है। ऐसी समस्या में फंसे रहना ठीक नहीं है, जिसका फायदा दूसरे देशों को मिले। 5. ग्लोबल सिस्टम पर: डिप्लोमेसी अब पहले से ज्यादा मुश्किल जयशंकर ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया में कई जगह जंग चल रही है। इसके साथ आर्थिक दबाव और व्यापार को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करने की कोशिशों ने भी दुनिया के हालात को अस्थिर कर दिया है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया की सप्लाई चेन भी पहले के मुकाबले ज्यादा असुरक्षित हो गई है। दुनिया के सामने ‘4F संकट’ यानी भोजन, ईंधन, खाद और पैसों की कमी को बड़ी चुनौती हैं। जयशंकर ने कहा कि जब किसी देश की किसी जरूरी चीज के लिए दूसरे देश पर निर्भरता ज्यादा होती है, तो दूसरा देश इसी निर्भरता का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कूटनीति पहले के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो गई है। राजनयिकों को जोखिम भरे फैसले लेने पड़ते हैं और साथ ही पुराने विवादों को भी संभालना पड़ता है। उन्होंने इसी वजह से कहा कि “कूटनीति एक एक्सट्रीम स्पोर्ट बन गई है।” ——————- ये खबर भी पढ़ें…. ऑपरेशन सिंदूर के डेढ़ साल बाद पाकिस्तान पहुंचे भारतीय अधिकारी:SCO की बैठक में शामिल हुए; PM मोदी को न्योता दे सकता है इस्लामाबाद
ऑपरेशन सिंदूर के करीब डेढ़ साल बाद भारत ने SCO की बैठक में शामिल होने के लिए अपना एक सीनियर अधिकारी पाकिस्तान भेजा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



Source link

SIR में स्थानीय अफसरों की शक्तियां बढ़ाने की मांग: ECINet को लेकर महाराष्ट्र CEO का चुनाव आयोग को लेटर; दो चुनाव आयुक्त भी जता चुके आपत्ति


मुंबई4 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। इसमें वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़े ECINet सॉफ्टवेयर में 4 बदलाव की मांग की गई है।

चोकलिंगम चाहते हैं कि स्थानीय अधिकारियों को अपने कानूनी अधिकारों के मुताबिक फैसला लेने की सुविधा मिले। उन्होंने ECINet में 4 बदलाव सुझाए हैं।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दो चुनाव आयुक्त ECINet के केंद्रीय नियंत्रण पर आपत्ति जता चुके हैं। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने इस मुद्दे पर सवाल उठाए थे।

चोकलिंगम ने ECINet में ये 4 बदलाव मांगे

सुनवाई का फैसला ERO करें: कौन से मामले में मतदाता को बुलाना है, यह ERO तय कर सकें।

दस्तावेज तय करने की छूट: ERO जरूरत के हिसाब से दस्तावेज स्वीकार कर सकें।

मामले खुद निपटा सकें: ERO को कुछ मामलों में अपने स्तर पर फैसला लेने की सुविधा मिले।

सॉफ्टवेयर में अधिकार मिलें: ECINet में ERO के कानूनी अधिकारों के मुताबिक विकल्प दिए जाएं।

SIR में ‘लॉजिकल गड़बड़ी’ वाले रिकॉर्ड की जांच

SIR के दौरान कुछ मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ मिली है। इसका मतलब पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में अंतर होना है। ऐसे मामलों में नोटिस भेजे जा रहे हैं। ERO को दस्तावेज और रिकॉर्ड देखकर फैसला करना होता है।

महाराष्ट्र में SIR की प्रक्रिया जारी

महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाता सूची की जांच चल रही है। 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी।

इसमें 21.1% मतदाताओं की संख्या कम हुई थी। अंतिम मतदाता सूची 16 नवंबर को जारी होनी है।

दो चुनाव आयुक्त ECINet पर आपत्ति जता चुके

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने ECINet के केंद्रीय नियंत्रण पर सवाल उठाए थे।

उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़े अधिकार ERO, जिला निर्वाचन अधिकारी और CEO के पास हैं। लेकिन सॉफ्टवेयर का एक्सेस कंट्रोल केंद्रीय स्तर पर होने से इन अधिकारियों की भूमिका प्रभावित हो सकती है।

चुनाव आयोग ने सॉफ्टवेयर की समीक्षा का फैसला लिया

इधर, चुनाव आयोग ने ECINet की समीक्षा के लिए एक समिति बनाने का फैसला लिया है। इसकी अध्यक्षता वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त करेंगे। समिति में IIT या IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ को भी शामिल किया जाएगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

अज्ञात युवक का रक्तरंजित शव मिला: बदनौली में सिर पर चोट के निशान, हत्या की आशंका; पुलिस जांच में जुटी – Hapur News




हापुड़ के थाना हापुड़ कोतवाली क्षेत्र में मोदीनगर रोड पर स्थित बदनौली गांव के बाहर मंगलवार सुबह एक अज्ञात युवक का रक्तरंजित शव मिला। शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और काफी खून बहकर जमीन पर जमा था। इससे युवक की हत्या की आशंका जताई जा रही है। मंगलवार सुबह गांव के ग्रामीण और राहगीरों ने सड़क किनारे शव देखा। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस रंजिश और हत्या समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि जल्द ही मृतक की पहचान कर घटना का खुलासा किया जाएगा।



Source link

सेंसेक्स 500 अंक फिसला, निफ्टी 22,670 के पास, जानें क्या है गिरावट की वजह


आज शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत देखने को मिली. सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले. सुबह 7 बजे ग्लोबल संकेत भी मिले-जुले मिले. गिफ्ट निफ्टी भी 0.07 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 22,834 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. एशियाई बाजारों में हांग सेंग 0.02 फीसदी ऊपर है, जबकि शंघाई इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करते हुए दिखा.

September 29, 202609:45 IST

सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट

सेंसेक्स 566.11 अंक यानी 0.78% गिरकर 72,205.61 पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी 161.50 अंक यानी 0.71% टूटकर 22,618.75 पर आ गया.

September 29, 202609:45 IST

बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें

FII की बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बेचे. 28 सितंबर को FIIs ने ₹5,300 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की.

कच्चा तेल महंगा हुआ: ब्रेंट क्रूड 1.5% बढ़कर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया. महंगे तेल से भारत का आयात बिल और महंगाई बढ़ने का दबाव रहता है.

ग्लोबल मार्केट में कमजोरी: एशियाई बाजारों में भी गिरावट रही. जापान, दक्षिण कोरिया और हांगकांग के बाजार दबाव में रहे.

अमेरिकी ब्याज दरों की चिंता: तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ी है. इससे बाजार में आगे ब्याज दरें ऊंची रहने की चिंता बढ़ी है.

वेस्ट एशिया तनाव का असर: अमेरिका-ईरान तनाव से तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है. इससे क्रूड की कीमतों में तेजी आई और भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ा.

September 29, 202609:42 IST

Currency Check: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, ₹96.05 पर खुला

डॉलर के मजबूत होने और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज बढ़ोतरी के बीच मंगलवार को रुपया कमजोरी के साथ ₹96.05 प्रति डॉलर पर खुला. अब बाजार की नजर इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के अगले ब्याज दर फैसले के संकेतों पर है.

September 29, 202609:19 IST

कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच बाजार की गिरावट के साथ शुरुआत

कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच 29 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई. निफ्टी 22,800 के नीचे खुला. सेंसेक्स 236.06 अंक यानी 0.32% गिरकर 72,535.66 पर और निफ्टी 68.15 अंक यानी 0.30% नीचे 22,712.10 पर पहुंच गया. शुरुआती कारोबार में करीब 920 शेयरों में तेजी, 864 शेयरों में गिरावट और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ.

September 29, 202608:52 IST

आज SME प्लेटफॉर्म पर दो शेयरों की होगी एंट्री

आनंद सीमलेस और हिमालया न्यूट्रावेडिक्स इंडिया के शेयर आज SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होंगे.दोनों कंपनियों के शेयरों की बाजार में आज से ट्रेडिंग शुरू होगी.

September 29, 202608:26 IST

ITC ने 645 करोड़ रुपये में Sproutlife Foods का अधिग्रहण पूरा किया

ITC ने Sproutlife Foods में 100 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. कंपनी ने 13,445 अतिरिक्त इक्विटी शेयर खरीदकर Sproutlife Foods का पूरा अधिग्रहण किया है. इस सौदे की कुल कीमत 645 करोड़ रुपये है.

September 29, 202608:16 IST

Octaspace Realcon ने Paisalo Digital में हिस्सेदारी बढ़ाई

Octaspace Realcon ने NBFC कंपनी Paisalo Digital के 65.32 लाख अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं. यह कंपनी में 0.71 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है. इस खरीदारी के लिए कंपनी ने कुल 53.76 करोड़ रुपये खर्च किए और शेयर 82.30 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर खरीदे गए. जून 2026 तक Octaspace Realcon के पास Paisalo Digital की 2.33 फीसदी हिस्सेदारी थी.

September 29, 202607:37 IST

डॉलर दो महीने के उच्च स्तर के करीब

डॉलर मंगलवार को करीब दो महीने के ऊंचे स्तर पर बना हुआ है. तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज बढ़ोतरी से डॉलर को मजबूती मिली है. हालांकि, इसमें ज्यादा तेजी नहीं आई क्योंकि निवेशक इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं. इन आंकड़ों से फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर आगे की रणनीति के संकेत मिल सकते हैं.

September 29, 202607:32 IST

सोमवार को शेयर बाजार का हाल कैसा रहा?

भारतीय शेयर बाजार की हफ्ते की शुरुआत कमजोर रही. सोमवार को सेंसेक्स 1,124.02 अंक यानी 1.52 फीसदी गिरकर 72,771.72 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 360.25 अंक यानी 1.56 फीसदी टूटकर 22,780.25 पर आ गया. कारोबार के दौरान निफ्टी 22,800 के नीचे फिसल गया और करीब 6 महीने के निचले स्तर के पास पहुंच गया. बाजार में बिकवाली की वजह कमजोर ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ऊंची बॉन्ड यील्ड, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में गतिरोध के बाद बढ़ी जियोपॉलिटिकल चिंता रही.



Source link