उदयपुर और सूरत के बीच नई रेल कनेक्टिविटी की शुरुआत हो गई है। सूरत से रवाना हुई वंदे भारत एक्सप्रेस शुक्रवार शाम करीब 5:40 बजे उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के उदयपुर पहुंचते ही स्टेशन पर लोगों में उत्साह देखने को मिला। नई ट्रेन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और इसके साथ तस्वीरें भी लीं। उदयपुर में इससे पहले सफेद-नीले रंग के कॉम्बिनेशन वाली वंदे भारत दौड़ रही थी, लेकिन सूरत से उदयपुर आई ये ट्रेन केसरिया-ग्रे का कॉम्बिनेशन में है। इससे पहले सुबह सूरत में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही सूरत से उदयपुर के बीच बहुप्रतीक्षित सीधी व तेज रेल सेवा की शुरुआत हुई। 3 अक्टूबर से इस ट्रेन का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। गाड़ी संख्या 26904 उदयपुर सिटी-सूरत वंदे भारत एक्सप्रेस 3 अक्टूबर से हर मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन दोपहर 15:35 बजे उदयपुर सिटी से चलकर रात 23:00 बजे सूरत पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 26903 सूरत-उदयपुर सिटी वंदे भारत एक्सप्रेस 4 अक्टूबर से मंगलवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन सुबह 06:10 बजे सूरत से रवाना होकर दोपहर 13:40 बजे उदयपुर सिटी पहुंचेगी।
Source link
सूरत से चली वंदे भारत पहुंची उदयपुर: सिटी स्टेशन पर दिखा उत्साह; कल से ट्रेन का होगा नियमित संचालन – Udaipur News
बिना घोषणा पत्र भरे अब बन सकेंगे वोटर: फार्म 6 भरना होगा, ऑफलाइन या ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे – Gorakhpur News
वोटर बनने के लिए अब कोई घोषणा पत्र नहीं भरना होगा। इसको लेकर जो बाध्यता थी, उसे खत्म कर दिया गया है। अब 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवा, पहली बार मतदाता बनने वाले, ऐसे लोग जो एसआईआर के समय छूट गए थे, जिनके पास घर नहीं है, महिला व दिव्यांग मतदाता को फार्म 6 भरकर जमा करना होगा। इसके जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़ जाएगा। आवेदक आनलाइन या आफलाइन, दोनों ही माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। भारत निर्वाचन आयोग 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पात्र नागरिकों के लिए फार्म-6 के माध्यम से पंजीकरण की सुविधा देता है।
अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश ने बताया कि जिन पात्र लोगों का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआइआर के संबंध में 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका है, वे भी फार्म-6 भरकर नाम जुड़वा सकते हैं। एसआईआर के समय जरूरी कर दिया गया था घोषणा पत्र एसआईआर के समय फार्म 6 के साथ घोषणा पत्र भरना जरूरी थी। इसमें 2003 की सूची के अनुसार अपने घर के लोगों के नाम देने थे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र लगाने की अनिवार्यता निर्वाचन आयोग ने समाप्त कर दी है। मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फार्म-6 के साथ घोषणा पत्र भरकर लगाना अनिवार्य नहीं है।
पात्र व्यक्ति संबंधित बीएलओ के माध्यम से आफलाइन आवेदन कर सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के मतदाता सेवा पोर्टल से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आयोग के अनुसार मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए पात्र नागरिक भारतीय नागरिक होना, संबंधित क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और अयोग्य न होना जरूरी है। एसआइआर में कटे थे 6.45 लाख नाम गोरखपुर में एसआइआर से पहले 36.66 लाख से अधिक मतदाता थे। अभियान में 6.45 लाख से अधिक नाम हटे। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जो मतदाता तो थे, लेकिन 2003 की मतदाता सूची में अपने, माता-पिता अथवा दादा-दादी के नाम से संबंधित जरूरी जानकारी या अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। जिला स्तर पर एसआइआर के बाद जारी आंकड़ों में 6,45,634 नाम हटने और मतदाताओं की संख्या घटकर 30,20,908 होने की जानकारी दी गई थी। एसआइआर के दौरान फार्म छह के साथ घोषणा पत्र के जरिए 2003 के रिकार्ड की जानकारी देना महत्वपूर्ण हो गया था। अब इस अतिरिक्त बाध्यता के हटने से उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी , जो पुराने पारिवारिक रिकार्ड की जानकारी न होने के कारण आवेदन की प्रक्रिया में अटक रहे थे।
Source link
अपने ही खेल में फंस गए ट्रंप, जनता को बचाने के लिए जी-7 देशों ने खोला अपना भंडार
Last Updated:
America Crisis : अमेरिका में अगले महीने मध्यावधि चुनाव आने वाले हैं और इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है. अमेरिका में तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं और हालात इतने गंभीर हो गए कि ट्रंप को जी -7 देशों से मदद की गुहार लगानी पड़ी. हालांकि, जी-7 देशों ने इसे स्वीकार कर लिया और 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जता दी है.
अमेरिका में डीजल की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं.
नई दिल्ली. ईरान और रूस पर प्रतिबंध लगाकर डोनाल्ड ट्रंप जिस संकट में दुनिया को धकेलना चाहते थे, अब उसमें खुद उनके ही देश के लोग घिरते नजर आ रहे हैं. हालात ऐसे बन गए हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति को जी-7 देशों के समूह से मदद की गुहार लगानी पड़ी. अब जी-7 देशों ने अमेरिका को इस संकट से बचाने के लिए अपना भंडार खोल दिया है. इस मदद में सबसे बड़ी हिस्सेदारी यूरोपीय देशों की है, जिसे ट्रंप आजकल खुलेआम धमकी देते नजर आते हैं.
यह सारा मामला जुड़ा है अमेरिका में डीजल की आसमान छूती कीमतों से. दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार रखने वाला अमेरिका इन दिनों ईंधन के संकट से जूझ रहा है. ऊपर से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पार्टी पर काफी दबाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में देश के लोगों पर इस बोझ को कम करने के लिए ट्रंप ने जी-7 देशों से मदद की गुहार लगाई और वहां से हरी झंडी भी मिल गई है. सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी7 ने अपने रणनीतिक भंडार से 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई है. इसकी शुरुआत बड़े पैमाने पर डीजल जारी करने से होगी.
ट्रंप ने जताई फैसले पर खुशी
यह कदम अमेरिका में ईंधन की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद उठाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि डीजल जारी करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी. नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी पर बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने का भारी दबाव है. यही वजह है कि ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यूरोप अपने भारी भंडार वाले डीजल तेल की एक बड़ी मात्रा जारी करने पर सहमत हो गया है और यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी.
क्यों आया कीमतों में इतना उछाल
ईरान युद्ध और व्यापारिक टकरावों के कारण अमेरिका में तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग में गिरावट देखी जा रही है. आठ महीने से जारी इस युद्ध के दौरान अमेरिका और अन्य देशों में गैस और ईंधन की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं. हालांकि, ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कीमत चुकाना जायज है. उनका दावा रहा है कि युद्ध समाप्त होने के बाद कीमतें नीचे आ जाएंगी,लेकिन फिलहाल इस युद्ध का कोई अंत नजर नहीं आ रहा है.
कितनी पहुंच गई अमेरिका में कीमत
अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (एएए) के अनुसार अमेरिका में एक गैलन डीजल का राष्ट्रीय औसत 22 सितंबर को 6.52 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद शुक्रवार को 6.37 डॉलर रहा. अमेरिका स्थित फ्रांसीसी दूतावास के अनुसार, ट्रंप ने बढ़ती ईंधन कीमतों और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता पर जी7 के अध्यक्ष व फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से रात में चर्चा की थी. इसके बाद मैक्रों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जी7 नेताओं की एक बैठक की. अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) ईंधन की बढ़ती कीमतों से निपटने के इस प्रयास को आगे ले जाएगी. फ्रांस का कहना है कि आईईए के जरिये 10 करोड़ बैरल तेल जारी करने की अपनी प्रतिबद्धताओं को तत्काल लागू करेंगे, जो चार महीनों तक चलेगा. इसके तहत जी7 सदस्य और साझेदार देश पहले 20 दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर डीजल जारी करेंगे.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
और पढ़ें
हेलमेट नहीं पहने तो बनाए चालान, 25 पर कार्रवाई: कलेक्टर-एसपी ने रक्षा के लिए लोगों को बांटे भी; 100 हेलमेट लोगों को बांटे – Vidisha News
विदिशा में गांधी जयंती पर पुलिस ने हेलमेट जागरूकता अभियान चलाया। नीमताल में नियम तोड़ने वाले दो-पहिया वाहन चालकों को चालान के साथ हेलमेट भी दिए गए। कलेक्टर अंशुल गुप्ता और एसपी रोहित काशवानी ने खुद लोगों को हेलमेट पहनाकर सड़क सुरक्षा का संदेश दिया।
अभियान के दौरान 100 से ज्यादा हेलमेट बांटे गए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 25 वाहन चालकों के चालान भी बनाए गए। मीडियाकर्मियों को भी हेलमेट पहनने की अपील की गई।
कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने कहा कि यह पहल जागरूकता बढ़ाने के लिए है। उन्होंने चालकों से अपनी जान जोखिम में न डालने की अपील की। एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि हाल के हादसों में हेलमेट न पहनने से गंभीर परिणाम सामने आए हैं।
उन्होंने वाहन चालकों से कहा कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा और परिवार की चिंता के लिए पहनें। सड़क पर निकलते समय इसे अपनी आदत बनाएं।
Source link
दरभंगा- लहेरियासराय में ‘नमोः सेवा की अनकही कहानियां’ का मंचन: नाटक के जरिए मोदी की 25 वर्ष की सार्वजनिक यात्रा दिखाई; मंत्री, सांसद और विधायक शामिल हुए – Darbhanga News
दरभंगा के लहेरियासराय स्थित प्रेक्षागृह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा यात्रा पर आधारित ‘नमोः सेवा की अनकही कहानियां’ नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन अमरनाथ सिंह ने किया। नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल तक के विभिन्न प्रसंगों को मंच पर प्रस्तुत किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली थी। केंद्र सरकार के अनुसार, 2025 में उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में सेवा के 25वें वर्ष में प्रवेश किया था।
कार्यक्रम में कलाकारों ने सेवा, संघर्ष, जनसरोकार, कर्म और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता से जुड़े प्रसंगों को नाट्य रूप में प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी विकास यात्रा से लेकर देश के प्रधानमंत्री के रूप में विभिन्न दायित्वों तक के सफर को दर्शाया गया। कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों और कार्यकर्ताओं ने नाट्य प्रस्तुति को रुचि के साथ देखा। सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री सह दरभंगा जिले के प्रभारी मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘नमोः सेवा की अनकही कहानियां’ के माध्यम से 25 वर्षों की सार्वजनिक यात्रा को कला और नाटक के जरिए प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इससे सेवा और समर्पण के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास हुआ है। दरभंगा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की यात्रा देश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और समर्पण की भावना पहुंचाने में कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। राज्यसभा सांसद डॉ. धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की यात्रा को नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामने रखना एक अभिनव प्रयास है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को सार्वजनिक जीवन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर मिलता है। कलाकारों ने जीवंत किए विभिन्न प्रसंग कार्यक्रम संयोजक अमरनाथ सिंह ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन में सेवा, कर्म और राष्ट्र के प्रति समर्पण की यात्रा को रचनात्मक माध्यम से लोगों के सामने प्रस्तुत करना था। नाट्य प्रस्तुति के दौरान कलाकारों ने उनके सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को मंच पर जीवंत किया। कार्यक्रम में जिला भाजपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अभयानंद झा, जिला महामंत्री सुजीत मल्लिक, संतोष पोद्दार, विजय चौधरी, पूर्व विधान पार्षद डॉ. अर्जुन साहनी, पूर्व जिलाध्यक्ष जीवछ साहनी, श्रवण महतो, सपना भारती, नथुनी पासवान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Source link
नॉर्दर्न रिज की 112 हेक्टेयर जमीन आरक्षित वन घोषित होगी: दिल्ली के हरित क्षेत्र और प्राकृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में कदम – New Delhi News
दिल्ली सरकार ने नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि को आरक्षित वन घोषित करने के लिए फेज-I नोटिफिकेशन को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी इंडियन फॉरेस्ट एक्ट, 1927 की धारा 20 के तहत दी गई है। नॉर्दर्न रिज अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है और दिल्ली के महत्वपूर्ण हरित एवं पारिस्थितिक क्षेत्रों में शामिल है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि नॉर्दर्न रिज दिल्ली की अमूल्य प्राकृतिक विरासत है। इसका संरक्षण शहर के पर्यावरणीय स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आरक्षित वन का कानूनी संरक्षण मिलने से क्षेत्र के दीर्घकालिक संरक्षण का आधार मजबूत होगा। सरकार का उद्देश्य दिल्ली के हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के साथ राजधानी को पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाना है। आरक्षित वन क्षेत्र 5,363 हेक्टेयर होगा सीएम के मुताबिक, पिछली सरकारों के दौरान 96.16 हेक्टेयर भूमि आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित की गई थी। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 5,267.009 हेक्टेयर क्षेत्र अधिसूचित किया जा चुका है। नॉर्दर्न रिज की 112.328 हेक्टेयर भूमि शामिल होने के बाद यह क्षेत्र बढ़कर 5,363.169 हेक्टेयर हो जाएगा। पिछले माह दक्षिणी रिज की करीब 1,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि को भी आरक्षित वन घोषित करने की मंजूरी दी गई थी। इस साल 73 लाख से ज्यादा पौधे लगाए सरकार के मुताबिक, इस वर्ष दिल्ली में 73 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और पौधारोपण जारी है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और ‘वृक्ष रथ’ पहल के जरिए लोगों को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। रिज क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज के लिए चेक डैम और प्राकृतिक पुनर्जीवन के काम भी किए जा रहे हैं। स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को जलवायु और जैव विविधता के प्रति जागरूक करने के लिए ‘इको-वॉरियर्स’ पहल से जोड़ा गया है। अगले चरण में सीमांकन और पर्यावास प्रबंधन सरकार के अनुसार, नॉर्दर्न रिज के संरक्षण के अगले चरण में क्षेत्र का सीमांकन, पर्यावास प्रबंधन और जनभागीदारी से जुड़े उपाय किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की हरियाली और प्राकृतिक विरासत का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। हरित क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधन राजधानी के टिकाऊ भविष्य की आधारशिला हैं।
Source link
Vivo T5 सीरीज के दो फोन के नए वेरिएंट्स लॉन्च, मिलती है 9020mAh की बैटरी
Vivo ने इस साल जुलाई और अप्रैल में लॉन्च हुए Vivo T5 Lite और Vivo T5 Pro के नए वेरिएंट्स लॉन्च कर दिए हैं। वीवो के ये दोनों फोन मिड बजट में आते हैं। ये नए वेरिएंट्स इन दोनों फोन के सबसे अफोर्डेबल स्टोरेज ऑप्शन के तौर पर उतारे गए हैं। कंपनी ने इन दोनों फोन के नए वेरिएंट्स को फ्लिपकार्ट पर लिस्ट कर दिया है। हालांकि, इनकी सेल अपकमिंग बिग बिलियन डेज में आयोजित की जाएगी।
Vivo T5 Lite, Vivo T5 Pro के नए वेरिएंट्स
Vivo T5 Lite का नया 4GB RAM + 64GB वाला वेरिएंट फ्लिपकार्ट पर लिस्ट किया गया है। इस फोन की कीमत 30,999 रुपये है। इसे भारत में 4GB RAM + 128GB, 6GB RAM + 128GB और 6GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया था।
वहीं, Vivo T5 Pro का नया 6GB RAM + 128GB वाला वेरिएंट भी फ्लिपकार्ट पर लिस्ट किया गया है। इसकी कीमत 49,999 रुपये है। इस फोन को 8GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में लॉन्च किया गया था।
वीवो के इन दोनों फोन के नए वेरिएंट्स- Coming Soon के नाम से लिस्ट किए गए हैं। इन दोनों को फ्लिपकार्ट बिग बिलियन डेज सेल में उलब्ध कराया जाएगा।
Vivo T5 Lite, Vivo T5 Pro के फीचर्स
वीवो टी5 लाइट में 6.74 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। कंपनी ने इसमें LCD पैनल यूज किया है। वहीं, Vivo T5 Pro में कंपनी ने 6.83 इंच का AMOLED डिस्प्ले यूज किया है। वीवो का यह फोन 144Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आता है। इसके डिस्प्ले का रेजलूशन 1.5K पिक्सल है।
Lite वाले मॉडल में कंपनी ने MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट यूज किया है। यह फोन 6GB RAM और 256GB तक स्टोरेज को सपोर्ट करता है। फोन में 6,500mAh की बैटरी मिलती है, जिसके साथ 44W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। फोन IP65 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने पर खराब नहीं होगा।
Vivo T5 Pro में कंपनी ने Qualcomm Snapdragon 7s Gen 4 चिपसेट यूज किया है। इसके साथ 12GB RAM और 256GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। यह फोन 9020mAh की दमदार बैटरी और 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है। यह फोन IP68 + IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में डूबने पर भी खराब नहीं होगा।
Vivo T5 Lite के बैक में 50MP का मेन और एक सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 5MP का कैमरा मिलेगा। वहीं, Vivo T5 Pro में कंपनी ने 50MP का मेन और 2MP का बोकेह कैमरा यूज किया है। फोन में सेल्फी के लिए 32MP का कैमरा दिया गया है। ये दोनों फोन Andorid 16 पर बेस्ड OriginOS 6 पर काम करते हैं।
यह भी पढ़ें – Samsung Galaxy S25 की कीमत में बड़ी कटौती, अर्ली सेल में हजारों रुपये सस्ता
स्वच्छता प्रहरियों-पंचायतों को मिला ‘जिला स्वच्छता अवार्ड’: स्वच्छ भारत दिवस पर हुआ सम्मान समारोह, संस्थाएं भी हुईं सम्मानित – Bundi News
बूंदी में स्वच्छ भारत दिवस पर जिला स्तरीय सम्मान समारोह हुआ।
बूंदी में स्वच्छ भारत दिवस पर जिला स्तरीय सम्मान समारोह हुआ। नगर परिषद के टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत उत्कृष्ट काम करने वाली ग्राम पंचायतों, संस्थाओं और कर्मवीरों को ‘जिला स्वच्छता अवार्ड-2026’ से नवाजा गया।
.
समारोह में अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी चारू, उपखंड अधिकारी लक्ष्मीकांत मीणा और स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक निजामुद्दीन मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि भी इस दौरान उपस्थित थे।
सम्मानित ग्राम पंचायतों में खटकड़, भैरूपुरा औझा, बम्बोरी, लाडपुर, तालेड़ा, बल्लोप, चरडाना, सुनगर, बांसी, तलवास, जरखोदा, मेण्डी और अणदगंज शामिल हैं। नगर पालिका कापरेन, कोटा की ‘हम लोग संस्था’ और बूंदी की ‘रघुनाथ एकेडमी’ को भी सम्मानित किया गया।
स्वच्छता में अच्छे काम के लिए केशवरायपाटन नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी पूर्णिमा शर्मा, नगरपालिका देई के एसबीएम राहुल जैन, नैनवां के अतिरिक्त विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार जैन, ग्राम विकास अधिकारी फुंदीलाल सैनी, पपीता मीणा, जितेंद्र कुमार नागर, कनिष्ठ तकनीकी सहायक शुभम जैन, शबीना बानो, मुस्कान अंसारी, कनिष्ठ सहायक एकता माहेश्वरी, बैंक मित्र सावित्री शर्मा, रामराज मेघवाल, दुर्गालाल सैनी, रामलाल सैनी, शिवराज मीणा, दौलत कुमार सैनी, सत्यनारायण बैरवा, राजेंद्र सैनी, कन्हैयालाल जाट, हेमंत प्रजापति, विनोद मेहरा, चंद्र, दिनेश और अजय को भी सम्मानित किया गया।
कानपुर के इंटर कॉलेज में गांधी-शास्त्री जयंती: विद्यार्थियों ने सफाई के साथ पौधरोपण कर दिया स्वच्छता का संदेश – Kanpur News
कानपुर के हर सहाय जगदंबा सहाय इंटर कॉलेज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विद्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षकों और विद्यार्थियों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान विद्यार्थियों ने गांधीजी और शास्त्रीजी के जीवन, विचारों एवं योगदान पर अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने गांधीजी के स्वच्छता और अनुशासन के संदेश को ध्यान में रखते हुए विद्यालय परिसर में सफाई अभियान चलाया। इसके साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और दोनों महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में अपनाने की बात कही। शिक्षकों ने बताए महापुरुषों के विचार प्रधानाचार्य श्रीमती श्वेता गुप्ता, उप प्रधानाचार्य अनूप शुक्ला, डॉ. सुधांशु त्रिपाठी, सर्वेश तिवारी, ओपी अवस्थी और डॉ. मीरा यादव ने अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने भी अपने शब्दों में गांधीजी और शास्त्रीजी को याद किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
Source link
दुर्गा पूजा से पहले सीख लें बंगाली स्टाइल सूखा आलू दम बनाना, खुशबू से महक उठेगा पूरा घर!
Bengali Aloo Dum Recipe : दुर्गा पूजा का नाम सुनते ही मन में ढोल-ताशों की गूंज, पंडालों की भव्य सजावट और सबसे बढ़कर तरह-तरह के स्वादिष्ट बंगाली व्यंजनों की खुशबू तैरने लगती है. बंगाल का यह सबसे बड़ा महाउत्सव बिना पारंपरिक खान-पान के अधूरा माना जाता है. अगर आप भी इस दुर्गा पूजा अपने घर पर कुछ खास और पारंपरिक बनाने की सोच रहे हैं, तो ‘बंगाली स्टाइल सूखा आलू दम’ से बेहतर विकल्प और कुछ नहीं हो सकता. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और इसका स्वाद ऐसा है कि एक बार खाने के बाद हर कोई आपकी तारीफ करेगा.
‘बंगाली स्टाइल सूखा आलू दम’
आइए जानते हैं इसे घर पर आसानी से बनाने की पूरी विधि और सामग्री.
बंगाली आलू दम के लिए आवश्यक सामग्री-
छोटे आलू – 200 ग्राम (उबले हुए और छिलके उतरे हुए)
प्याज – 1 (कटा हुआ)
अदरक – 1 इंच टुकड़ा
लहसुन – 3 कलियाँ
हरी मिर्च – 2 (कटी हुई)
टमाटर प्यूरी – 1/2 कप
फेंटा हुआ दही – 1/2 कप
हल्दी पाउडर – 2 छोटे चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला पाउडर – 1/2 छोटा चम्मच
इलायची – 2
दालचीनी – 1 इंच टुकड़ा
लौंग – 2
तेज पत्ता – 1
शक्कर – 1 छोटा चम्मच (स्वाद को संतुलित करने के लिए)
नमक – स्वादानुसार
तेल – पकाने के अनुसार
हरा धनिया – बारीक कटा हुआ (गार्निशिंग के लिए)
बंगाली स्टाइल सूखा आलू दम बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
स्टेप 1: पेस्ट तैयार करें
सबसे पहले एक ब्लेंडर या मिक्सी का जार लें. इसमें कटा हुआ प्याज, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर एक स्मूथ पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को एक कटोरी में निकालकर अलग रख लें.
स्टेप 2: आलू को सुनहरा भूनें
अब एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गरम करें. इसमें उबले हुए छोटे आलू, थोड़ा सा हल्दी पाउडर और चुटकी भर नमक डालें. आलूओं को तब तक भूनें जब तक उन पर एक सुंदर सुनहरा भूरा रंग न आ जाए. भुनने के बाद इन्हें एक बाउल में निकालकर अलग रख लें.
स्टेप 3: मसालों की भुनाई
अब उसी कढ़ाई में थोड़ा और तेल गरम करें. इसमें तैयार किया हुआ प्याज-अदरक-लहसुन का पेस्ट डालें और मध्यम आंच पर लगभग 4 मिनट तक भूनें. इसके बाद इसमें खड़े मसाले (दालचीनी, लौंग और तेज पत्ता) डालें और 2 से 3 मिनट के लिए और पकाएं ताकि मसालों की बेहतरीन खुशबू आने लगे.
स्टेप 4: टमाटर और दही की प्यूरी
अब इस मसाले में टमाटर की प्यूरी, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला पाउडर डालें. मसालों को तेल छोड़ने तक लगभग 2 मिनट के लिए पकाएं. अब आंच को धीमा करें और इसमें फेंटा हुआ दही धीरे-धीरे मिलाते हुए लगातार चलाते रहें, ताकि दही फटे नहीं.
स्टेप 5: धीमी आंच पर पकाना
मसाले के पकने के बाद इसमें भुने हुए आलू, शक्कर और स्वादानुसार नमक डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें ताकि मसाले आलू के अंदर तक समा जाएं. अब कढ़ाई को ढक्कन से ढक दें और लगभग 20 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. बीच-बीच में इसे चलाते रहें ताकि मसाला नीचे से चिपके नहीं.
स्टेप 6: गरमा-गरम परोसने के लिए तैयार
20 मिनट बाद गैस बंद कर दें. ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर इसे गार्निश करें.
किसके साथ परोसें?
यह पारंपरिक बंगाली सूखा आलू दम गर्मा-गरम बंगाली लुच्ची (मैदे की पूड़ी), छोलार दाल और लौकी के रायते के साथ दिन के खाने या फेस्टिव डिनर में बेहद स्वादिष्ट लगता है. तो देर किस बात की? इस दुर्गा पूजा अपनी रसोई में बंगाल के इस पारंपरिक स्वाद को लाएं और परिवार के साथ उत्सव का आनंद लें!

