Monday, October 5, 2026
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ओमानी को-पायलट ने प्लेन क्रैश की साजिश अकेले रची थी: रिपोर्ट में दावा, विमान को बिल्डिंग से टकराने वाला था, इंजन बंद करने का भी शक


दुबई41 मिनट पहले

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दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला करने वाला ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने अकेले ही विमान को क्रैश करने की साजिश रच रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी तक उसके किसी संगठन या सरकार से जुड़े होने की जानकारी नहीं मिली है।

इटली के अखबार कोरिएरे डेला सेरा की रिपोर्ट के मुताबिक, को-पायलट का प्लान कैप्टन स्मित को मारकर विमान को तेल अवीव में किसी ऊंची बिल्डिंग से टकराना था। उसने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया और कैप्टन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जब उसका पहला प्लान नाकाम होने लगा तो उसने विमान को रेगिस्तान में गिराने की कोशिश की। इस दौरान उसने ऑटोपायलट बंद कर दिया, जिससे विमान तेजी से नीचे आने लगा। जांचकर्ताओं को शक है कि को-पायलट ने विमान के दोनों इंजन बंद करने की कोशिश की थी।

फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान करीब एक मिनट में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट तक नीचे आ गया था।

फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, विमान करीब एक मिनट में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट तक नीचे आ गया था।

हमले के बाद कॉकपिट में पहुंचे यात्री

रिपोर्ट के मुताबिक, हमामी ने नजाम के दौरान इमरजेंसी के लिए रखे क्रैश एक्स यानी कुल्हाड़ी निकाली और पीछे से कैप्टन स्मित पर वार करना शुरू कर दिया। शुरुआत में स्मित को लगा कि विमान का कोई हिस्सा उनके सिर से टकराया है, लेकिन लगातार वार होने पर उन्हें समझ आया कि उन पर हमला हो रहा है।

हमले में कैप्टन स्मित के सिर पर गंभीर चोट लगी और उनके हाथ पर भी गहरी चोट आई। काफी खून बहने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन को-पायलट ने दरवाजा बंद किया। फिर स्मित ने उससे मुकाबला करते हुए दोबारा दरवाजा खोला।

कॉकपिट से आवाजें सुनकर ताली बर्कोविच नाम की एक महिला ने लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कई यात्री और दो ऑफ-ड्यूटी पायलट कॉकपिट में पहुंचे। उन्होंने कैप्टन को गंभीर हालत में पाया और को-पायलट को काबू करने की कोशिश की।

इजराइली महिला ताली बर्कोविच-मानेस उस समय फ्लाइट के टॉयलेट के बाहर थीं, जबकि उनकी 6 साल की बेटी नीना अंदर थी। कॉकपिट से शोर सुनकर ताली को पायलट पर हमले का अंदेशा हुआ। उनके पति त्जविका कॉकपिट पहुंचे और को-पायलट को काबू करने में मदद की।

इजराइली महिला ताली बर्कोविच-मानेस उस समय फ्लाइट के टॉयलेट के बाहर थीं, जबकि उनकी 6 साल की बेटी नीना अंदर थी। कॉकपिट से शोर सुनकर ताली को पायलट पर हमले का अंदेशा हुआ। उनके पति त्जविका कॉकपिट पहुंचे और को-पायलट को काबू करने में मदद की।

विमान की रफ्तार 970 किमी प्रति घंटे से ज्यादा पहुंची

रिपोर्ट के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विमान तेजी से जमीन की ओर गिर रहा था। उसकी रफ्तार 970 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा पहुंच गई थी। इस दौरान विमान का पिछला रडर क्षतिग्रस्त हो गया और को-पायलट ने कंट्रोल को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

इसी दौरान पेशे से प्लंबर यात्री यानिव हयून ने कंट्रोल स्टिक अपनी ओर खींची, जिससे विमान का तेजी से नीचे जाना रुका। इसके बाद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट का नियंत्रण संभाला और विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की।

फ्लाइट FZ1073 में 174 लोग सवार थे। हमले के दौरान विमान ने इमरजेंसी सिग्नल भेजे और करीब 34 हजार फीट से 17 हजार फीट से ज्यादा नीचे आ गया था। बाद में यात्रियों और क्रू की मदद से विमान का कंट्रोल संभाला गया।

कॉकपिट में पायलटों के बीच हाथापाई के दौरान विमान हिलता हुआ नजर आया।

कॉकपिट में पायलटों के बीच हाथापाई के दौरान विमान हिलता हुआ नजर आया।

सऊदी अरब के ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग

सऊदी अरब के एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स ने विमान को वापस मोड़ने को कहा। इसके बाद फ्लाइट को ताबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराने के निर्देश दिए गए। पायलटों ने विमान को सुरक्षित उतारा।

लैंडिंग के बाद घायल कैप्टन स्मित को अस्पताल ले जाया गया, जबकि हमाम अल-हमामी को सऊदी अधिकारियों को सौंप दिया गया।

इमरजेंसी लाइट जलने से इंजन की जांच

घटना के कुछ वीडियो में विमान की इमरजेंसी लाइट्स जलती दिखाई दीं। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे विमान की मुख्य बिजली सप्लाई बंद होने की आशंका जताई गई। ऐसे में विमान बैटरी पावर पर आ सकता है।

जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या को-पायलट ने इंजन तक फ्यूल पहुंचाने वाले स्विच को ‘रन’ से ‘कटऑफ’ पर किया था। बाद में दोनों ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान को सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में इंजन दोबारा शुरू करने की स्थिति बनी हुई थी।

कई देशों की एजेंसियां कर रहीं जांच

यूएई, इजराइल और सऊदी अरब की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। यूएई ने कहा है कि जांच में को-पायलट के आतंकी घटना को अंजाम देने की कोशिश करने की बात सामने आई है।

इजराइली अधिकारियों के मुताबिक, अभी तक किसी संगठन या सरकार से उसके संबंध का पता नहीं चला है।

कैप्टन स्मित खून से लथपथ दिखे। उनके शरीर पर कई जगह हमले के निशान थे।

कैप्टन स्मित खून से लथपथ दिखे। उनके शरीर पर कई जगह हमले के निशान थे।

ऑस्ट्रेलिया और ओमान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, हमामी को उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। ऑस्ट्रेलियाई फेडरल पुलिस भी उसके ऑस्ट्रेलिया से संबंधों की जांच कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमामी 2015 से 2017 के बीच ऑस्ट्रेलिया में छात्र रहा था। उसे 2014 में स्टूडेंट वीजा मिला था, जिसे 2019 में रद्द कर दिया गया। ABC के मुताबिक, वीजा चरित्र संबंधी वजहों से नहीं, बल्कि कोर्स में दाखिला खत्म होने के कारण रद्द हुआ था।

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यह खबर भी पढ़ें…

फ्लाईदुबई विमान को बचाने वाले दोनों सीक्रेट पायलट कौन:हमला होते ही कंट्रोल संभाला; यात्रियों को डर था- विमान हाईजैक कर ईरान न ले जाएं

दुबई से इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट के हमले के बाद घायल कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे विमान में मौजूद दो अन्य पायलट अंदर पहुंचे और कंट्रोल संभाला। ये दोनों पायलट तेल अवीव से दुबई लौटने वाली फ्लाइट के लिए पहले से विमान में सवार थे। कंट्रोल संभालने के बाद भी उन्होंने करीब 45 मिनट तक यात्रियों से बात नहीं की, जिससे कुछ यात्रियों को विमान के हाईजैक होकर ईरान ले जाए जाने का डर लगा। पूरी खबर पढ़ें…



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प्रयागराज में SRN से लौट रही महिला से गैंगरेप: ऑटो चालक ने सुनसान जगह ले जाकर 2 लोगों के साथ मिलकर की दरिंदगी – Prayagraj (Allahabad) News




प्रयागराज में एसआरएन अस्पताल से दवा लेकर लौट रही 32 साल की महिला के साथ गैंगरेप किया गया। एसआरएन अस्पताल से लौटते समय वह नए पुल से घूरपुर जाने के लिए टैम्पो में बैठी थी। चालक ने उसे घूरपुर पहुंचाने का भरोसा दिया, लेकिन धोखे से उसे करछना में सुनसान स्थान पर ले गया। वहां दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उससे दरिंदगी की।
इसके बाद किसी से शिकायत पर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले। पीड़िता शिकायत लेकर घूरपुर, करछना और कीडगंज थाने पहुंची, लेकिन FIR दर्ज नहीं की गई। चार दिन बाद 28 सितंबर को अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद कीडगंज पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, हालांकि दो अन्य आरोपी अब भी हाथ नहीं आए हैं। अस्पताल से लौटते समय टैम्पो में बैठी थी
पीड़िता ने पुलिस को बताया, वह लालापुर की रहने वाली है और उसका पति नौकरी के सिलसिले में बाहर रहता है। वह 24 सितंबर को दवा लेने के लिए एसआरएन अस्पताल आई थी। वहां से लौटते समय नए पुल से घूरपुर जाने के लिए टैम्पो में बैठी। रास्ते में उसने चालक से साफ कहा कि उसे घूरपुर जाना है। चालक ने भरोसा दिलाया कि वह उसे घूरपुर छोड़ देगा।
महिला का आरोप है कि इसी भरोसे पर वह टैम्पो में बैठी रही। इसके बाद चालक उसे घूरपुर ले जाने के बजाय करछना क्षेत्र में एक सुनसान जगह पर ले गया। वहां पहले से मौजूद दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके साथ दुराचार किया गया।
शिकायत लेकर तीन थानों में पहुंची
घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया। उसके मुताबिक, वह कीडगंज के साथ ही घूरपुर और करछना थाने गई, लेकिन उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उसने 28 सितंबर को आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर FIR दर्ज कराने और मेडिकल कराने की मांग की।
प्रार्थना पत्र में उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि घटना के बाद वह लगातार दहशत में है। शिकायत के बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई। इसके बाद अधिकारियों के स्तर से हस्तक्षेप किया गया और कीडगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। एक आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश
सूत्रों का कहना है कि मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, घटना में शामिल बताए जा रहे दो अन्य आरोपियों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
हालांकि, एक आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने उसकी पहचान और भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है।
गिरफ्तारी के बाद भी कई सवाल
एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी मामले में कई सवाल बने हुए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी महिला के संपर्क में कैसे आया और घटना में शामिल अन्य दोनों आरोपियों से उसका क्या संबंध है। घटना के लिए पहले से कोई योजना बनाई गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी दिनेश सिंह से मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े सवालों पर जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कहा कि अभी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में कुछ नहीं बताया जा सकता।
चार दिन तक FIR क्यों नहीं
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल FIR दर्ज करने में हुई देरी को लेकर है। पीड़िता के अनुसार, घटना 24 सितंबर की है और वह घटना के बाद शिकायत लेकर अलग-अलग थानों में पहुंची थी। इसके बावजूद 28 सितंबर तक FIR दर्ज नहीं हुई।
सवाल यह है कि गंभीर यौन अपराध की शिकायत मिलने के बाद तत्काल मुकदमा क्यों दर्ज नहीं किया गया? पीड़िता को तीन थानों के चक्कर क्यों लगाने पड़े और अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद ही FIR क्यों दर्ज हुई?
मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर तब, जब पुलिस ने बाद में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
थाना प्रभारी पहले भी कार्रवाई को लेकर रहे हैं चर्चा में
कीडगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह इससे पहले भी पुलिस कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहे हैं। करीब चार महीने पहले घूरपुर थाना क्षेत्र के सेंधुवार गांव में दो पक्षों के विवाद में पुलिस की कार्रवाई को लेकर शिकायत हुई थी।
बताया गया था कि विवाद के बाद एक पक्ष के लोगों को थाने लाकर हिरासत में रखा गया था। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद एसीपी स्तर से जांच कराई गई। जांच में प्रथम दृष्टया पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठने के बाद इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया था।



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इंदौर में रिटायर्ड SI से 40 लाख की धोखाधड़ी: बेटे के कारोबार के लिए 50 लाख का सरकारी लोन दिलाने का झांसा; आरोपी हिरासत में – Indore News




इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सरकारी लोन दिलाने के नाम पर एक सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पीड़ित के बेटे के व्यापार के लिए लोन कराने का झांसा दिया और प्रक्रिया के नाम पर किस्तों में करीब 40 लाख रुपए ऐंठ लिए। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। राजेंद्र नगर पुलिस ने वीआईपी नगर निवासी 72 वर्षीय गोविंद सिंह तंवर की शिकायत पर आरोपी सरताज अहमद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़ित गोविंद सिंह तंवर पुलिस विभाग से रिटायर्ड सब-इंस्पेक्टर हैं। उन्होंने बताया कि करीब 8 साल पहले उनकी पहचान सरताज अहमद से हुई थी। सरताज ने खुद को सरकारी लोन दिलाने वाला एजेंट बताया था और दावा किया था कि वह कई लोगों को लोन दिलवा चुका है। अप्रैल 2018 में जब गोविंद सिंह के बेटे को व्यापार के लिए रकम की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने सरताज से संपर्क किया। आरोपी ने गोविंद सिंह और उनके बेटे के नाम पर 50 लाख रुपए के दो सरकारी लोन पास कराने का भरोसा दिया। प्रोसेसिंग के नाम पर किस्तों में वसूले 40 लाख रुपए इसके बाद आरोपी सरताज ने फरियादी से सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए और अलग-अलग प्रक्रिया प्रोसेसिंग के बहाने किस्तों में कुल 40 लाख रुपए अपने पास जमा करवा लिए। जब लंबा समय बीत जाने के बाद भी लोन पास नहीं हुआ, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपी ने कोरोना काल, बैंकों में लोन प्रक्रिया ठप होने और आर्थिक मंदी का बहाना बनाकर मामला टाल दिया। फोन उठाना बंद किया तो पहुंचे पुलिस के पास माहौल सामान्य होने के बाद भी जब आरोपी केवल झूठे आश्वासन देता रहा, तो गोविंद सिंह ने अपने पूरे पैसे वापस लौटाने को कहा। इसके बाद आरोपी सरताज ने उनके फोन कॉल रिसीव करना बंद कर दिए और छिपने लगा। पीड़ित ने अपने बेटे की मदद से उसे ढूंढने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित रिटायर्ड एसआई ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी सरताज अहमद के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया।



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13 ग्रेनेडियर्स-गंगा जैसलमेर रिसाला का स्थापना दिवस: कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा-यह सैन्य विरासत केवल इतिहास नहीं, पीढ़ियों के लिए प्रेरणा – Jaipur News




13 ग्रेनेडियर्स-गंगा जैसलमेर रिसाला बटालियन ने शनिवार को जयपुर मिलिट्री स्टेशन पर अपना स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर बटालियन द्वारा कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। राठौड़ का इस बटालियन से पारिवारिक जुड़ाव भी रहा है। उनकी तीन पीढ़ियों ने इस गौरवशाली रीसाले में सेवाएं दी हैं। उनके पूर्वज इस बटालियन में प्रथम, द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्धों तक में शामिल हुए हैं। इस मौके पर कर्नल राठौड़ ने बटालियन के शौर्य, परंपरा और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि ऐसी सैन्य विरासत केवल इतिहास नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। करीब 561 वर्ष पुरानी सैन्य इकाई
दरअसल, यह भारतीय सेना की एक गौरवशाली और ऐतिहासिक पैदल सेना बटालियन है, जिसे मूल रूप से बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह द्वारा 1889 में ‘गंगा रिसाला’ (ऊंट सेना) के रूप में गठित किया गया था। स्वतंत्रता के बाद 1951 में इसे जैसलमेर के ऊंट सैनिकों के साथ मिला दिया गया, जिससे ‘गंगा जैसलमेर रिसाला’ बना और यह भारतीय सेना की द ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट की 13वीं बटालियन (13 ग्रेनेडियर्स) के रूप में शामिल हुई। ऐतिहासिक रूप से 3 अक्टूबर 1465 को ही बीकानेर रियासत के संस्थापक राव बीका ने मारवाड़ से कूच किया था, जिसे बटालियन अपनी सैन्य परंपरा और विरासत की शुरुआत मानती है। हालांकि, आधुनिक ‘गंगा रिसाला’ (ऊंट सेना) का औपचारिक गठन महाराजा गंगा सिंह द्वारा 1889 में किया गया था। युद्ध में पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा किया
यह सैन्य इकाई भारतीय सेना की सबसे पुरानी और अनुभवी सैन्य टुकड़ियों में से एक है। इसके सैनिकों में बड़ी संख्या राजस्थान के सीकर, झुंझुनू और नागौर जिलों से आती है। इसने साल 1965 के भारत-पाक युद्ध में इस बटालियन ने तनोट माता मंदिर की रक्षा करते हुए सांचू और साधेवाला की महत्वपूर्ण चौकियां कब्जे में ली। वही 1971 के युद्ध में बटालियन ने पाकिस्तान के करीब 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर रणहाल और बिजनोट जैसे महत्वपूर्ण स्थान अपने नियंत्रण में लिए।



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गयाजी में विकास मित्र की पत्नी के सामने हत्या: अपराधी ने 3 गोलियां मारी, 2 पेट और एक सिर में लगी; चर्च से लौट रहे थे – Gayaji News




गयाजी में रविवार रात करीब साढ़ 9 बजे विकास मित्र शंकर मांझी की गोली मारकर हत्या की गई है। शंकर चर्च से प्रार्थना कर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने पत्नी के सामने उनपर फायरिंग की। पत्नी शंकर से 10 कदम की दूरी पर थी। शंकर को 3 गोलियां लगी हैं। 2 बेट और एक सिर में लगी है। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पत्नी कहती हैं कि एक युवक आया और गोली मारकर फरार हो गया। गोली मारने वाले का नाम रघु है। मौके पर एसपी सिटी अभिनव कुमार, डीएसपी-2 धर्मेंद्र भारती और डेल्हा थाना की पुलिस टीम मृतक के परिजन से घटना की जानकारी और पूछताछ करने में जुटी है। घटना डेल्हा थाना क्षेत्र महादेव स्थान बगीचा के पास हुई है। शंकर ने दो शादियां की थी मृतक के बेटे ने बताया कि पिता ने 2 शादियां की थी। वे दूसरी पत्नी के साथ रहते थे। घटना के समय पहली पत्नी और शंकर दोनों प्रार्थना कर लौट रहे थे। परिजन ने रघु के अलावा बंटी, खोड़ा, सुनीता देवी, गोपाल पासवान के नाम भी पुलिस के सामने लिए हैं। आरोप है कि इन्हीं लोगों ने अपने साथियों के साथ मिलकर शंकर की हत्या कराई।
एक साल पहले हत्या के केस में शंकर का नाम आया था पुलिस के अनुसार करीब एक साल पहले शंकर का नाम भुईं टोली के रहने वाले मनीष की हत्या मामले में आया था। पुलिस पुराने विवाद को भी जांच में शामिल कर रही है। इसी रंजिश में हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने 2 को पकड़ा घटना की सूचना मिलते ही डेल्हा थाना प्रभारी वेंकटेश ओझा, कोतवाली थाना प्रभारी धनंजय कुमार और टाउन डीएसपी धर्मेंद्र भारती मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में 2 लोगों को पकड़ा गया है। हालांकि पुलिस ने अभी इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी की तलाश में छापेमारी चल रही है।
हत्या के पीछे पुरानी रंजिश है या कोई दूसरा विवाद, इसकी जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।



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दुकान खुलने से पहले लगती है लाइन, 180 रुपये का पान भी बिकता है हाथों-हाथ

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गाजियाबाद के कविनगर में 46 साल पुरानी अरुण पान दुकान आज भी ग्राहकों के बीच खास पहचान रखती है. 1980 में सड़क किनारे 15 पैसे का पान बेचने से शुरू हुआ यह सफर अब ऐसा है कि दुकान खुलने से पहले ही ग्राहक यहां पहुंच जाते हैं. यहां देसी से लेकर बनारसी और स्पेशल मीठे पान तक कई विकल्प मिलते हैं.

गाजियाबाद: यूपी के गाजियाबाद शहर में पान खाने वालों की कमी नहीं है. कविनगर की एक पान की दुकान ऐसी है, जहां पान के शौकीनों का अंदाज ही अलग नजर आता है. दुकान खुलने से पहले ही यहां बड़ी-बड़ी गाड़ियां आकर खड़ी हो जाती हैं. कारों में बैठे लोग दुकान खुलने का इंतजार करते हैं और फिर अपनी पसंद का पान लेकर आगे बढ़ जाते हैं.

46 साल पुरानी इस दुकान पर शहर के कारोबारी, नौकरीपेशा लोग और कई प्रतिष्ठित लोग भी नियमित रूप से पहुंचते हैं. कई ग्राहकों के लिए यहां का पान रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बन चुका है. अरुण पान दुकान की शुरुआत 1980 में हुई थी. दुकान के मालिक अरुण सिंघल लोकल 18 से बताते हैं कि उन्होंने सड़क किनारे बैठकर पान बेचने से शुरुआत की थी. उस समय एक पान की कीमत 15 पैसे थी. तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि छोटी सी यह शुरुआत आगे चलकर इतनी पहचान बना लेगी. धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ती गई और आज स्थिति यह है कि दुकान खुलने से पहले ही कई ग्राहक यहां पहुंच जाते हैं.

अरुण सिंघल कहते हैं कि उनकी दुकान पर शहर के अलग-अलग इलाकों से लोग पान खाने आते हैं. इनमें कारोबारी, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और कई प्रतिष्ठित लोग शामिल हैं. ग्राहकों को यहां सिर्फ पान का स्वाद ही नहीं, बल्कि वर्षों से बना अपनापन भी खींचकर लाता है. कुछ ग्राहक सप्ताह के तय दिन यहां पहुंचते हैं, जबकि कई लोग रोजाना ऑफिस या कारोबार शुरू करने से पहले पान खाने के लिए रुकते हैं.

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पुरानी पीढ़ी के साथ अब युवाओं में भी इस दुकान के पान को लेकर दिलचस्पी दिखाई देती है. यही वजह है कि सुबह से लेकर दिन के अलग-अलग समय तक यहां ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है. अरुण पान की दुकान पर देसी सादा, देसी तंबाकू, देसी मीठा, बनारसी सादा, बनारसी मीठा और स्पेशल मीठा पान मिलता है. यहां पान की कीमत 25 रुपये से शुरू होकर 180 रुपये तक जाती है. स्पेशल मीठे पान का इस्तेमाल पूजा, सगाई और दूसरे शुभ अवसरों पर भी लोग करते हैं.

पान तैयार करने की प्रक्रिया भी ग्राहक की पसंद के अनुसार होती है. ताजा पान के पत्ते पर कत्था और चूना लगाया जाता है. इसके बाद ग्राहक की पसंद के हिसाब से इलायची, सुपारी और दूसरे मसाले डाले जाते हैं. अरुण सिंघल कहते हैं कि हर ग्राहक की पसंद अलग होती है और वर्षों से आने वाले ग्राहकों की पसंद उन्हें याद भी रहती है.

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लखनऊ में पितृपक्ष पर भागवत कथा शुरू: पुंडरीक गोस्वामी महाराज के कथावाचन से मंत्रमुग्ध हुए भक्त, पहले दिन पहुंचे डिप्टी सीएम – Lucknow News




लखनऊ में श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रवण भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और समर्पण का मार्ग दिखाता है। पितृपक्ष के पावन अवसर पर दिवंगत पितरों की शांति, तृप्ति और मोक्ष की कामना से ऐशबाग स्थित डीएवी कॉलेज में 4 से 10 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कथा के पहले दिन पुंडरीक गोस्वामी महाराज ने भागवत महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन किया। कथा से पहले सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके बाद वृंदावन धाम से पहुंचे पुंडरीक गोस्वामी महाराज का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। उनके पहुंचते ही पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया। हरिनाम संकीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल कथा का शुभारंभ श्री राधारमण लाल के जयकारों, शंखनाद और ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, हरे राम, हरे राम’ के संकीर्तन से हुआ। अयोध्या धाम के रामजानकी मंदिर से पहुंचे कौशल दास महाराज ने श्रद्धालुओं के साथ ‘ले लो, ले लो हरि का नाम, अमृत बरसेगा’ का संकीर्तन कराया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लिया आशीर्वाद मुख्य आयोजक एवं यजमान ब्रजेश पाठक, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। उनका स्वागत किया गया। उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। उन्होंने कहा कि व्यास गद्दी पर विराजमान पूज्य गुरुदेव के मुख से कथा का श्रवण करने का अवसर हम सभी को मिला है। सभी कथा का श्रवण करें और इस सुनहरे पल का लाभ उठाएं। आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आश्विन मास के पितृपक्ष में कथा का आयोजन यजमानों के दिवंगत पितरों और पूर्वजों की आत्मिक शांति, तृप्ति और मोक्ष की कामना से किया जा रहा है। श्रद्धालु पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान और कथा श्रवण कर रहे हैं। भक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास अमरनाथ मिश्र ने कहा कि कथा के माध्यम से राधा-कृष्ण की भक्ति, प्रेम, करुणा और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होने की अपील की।



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लहार में शराब के नशे में विवाद के बाद फायरिंग: युवक की जांघ में लगी गोली, पुरानी चुंगी पास हुई कहासुनी, घायल ग्वालियर रेफर – Bhind News




भिंड के लहार कस्बे में रविवार शाम शराब के नशे में हुए विवाद के बाद फायरिंग हो गई। गोली लगने से भीकमपुरा निवासी बिक्कू उर्फ विवेक सिंह राजावत घायल हो गया। उसके बाएं पैर की जांघ में गोली लगी। गंभीर हालत में उसे सिविल अस्पताल लहार में प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया। घटना रविवार शाम करीब 7:30 बजे पुरानी चुंगी क्षेत्र की है। शराब के नशे में बिक्कू उर्फ विवेक सिंह राजावत का छुन्नू सिंह नाम के युवक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच कहासुनी हुई। गाली-गलौज के बाद मामला बढ़ गया। युवक ने देसी कट्टे से किया फायर आरोप है कि इसी दौरान राहुल उर्फ छुन्नू सिंह ने देसी कट्टे से फायर कर दिया। गोली बिक्कू के बाएं पैर की जांघ में जा लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायल को तुरंत सिविल अस्पताल लहार पहुंचाया गया। जहां से डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मामले में शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। खबर लिखे जाने तक लहार थाना पुलिस की ओर से प्रकरण दर्ज किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी। पुलिस घटना की जांच कर रही है।



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गयाजी में कांग्रेस का ‘सत्याग्रह’ जनजागरण अभियान: राहुल गांधी के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने की अपील, कांग्रेस बोले- जनआंदोलनों को मिलेगा एक मंच – Gayaji News




गयाजी में कांग्रेस ने राहुल गांधी के ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का जनजागरण अभियान चलाया। यह देशभर के जनआंदोलनों को एक मंच देगा। रविवार को गयाजी के हृदय स्थल चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास कांग्रेस नेताओं ने लोगों को इसकी जानकारी दी और जुड़ने की अपील की। इस अभियान में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली और जिला उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह सहित कई नेता शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि छात्र, युवा, किसान, मजदूर और महिलाएं अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये आंदोलन अक्सर स्थानीय ही रह जाते हैं। राहुल गांधी ने उन्हें एक मंच देने के लिए यह प्लेटफॉर्म शुरू किया है, ताकि उनकी आवाज दूर तक पहुंचे। नेताओं ने ‘सत्याग्रह’ अभियान को महात्मा गांधी की परंपरा से जोड़ा। आजादी की लड़ाई में गांधीजी तक लोगों की समस्याएं पहुंचती थीं। राहुल गांधी मानते हैं कि आज भी लोग अपने अधिकारों के लिए अकेले लड़ रहे हैं। लोग आंदोलन से जुड़ेंगे तो समस्याएं व्यापक स्तर तक जा सकती यदि अलग-अलग जगहों के लोग और आंदोलन एक साथ जुड़कर अपनी आवाज उठाएं तो उनकी समस्याओं को व्यापक स्तर पर सामने लाया जा सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी सड़क से संसद तक जनता की समस्याओं को उठाने के साथ विभिन्न आंदोलनों को एक साझा मंच से जोड़ने की पहल कर रहे हैं। ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपनी समस्याओं और संघर्षों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा के समीप ‘संघर्ष जोड़ो-भारत जोड़ो’ जैसे नारों को बुलंद किया।
आवाज को मजबूती देने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी नेताओं ने देशभर के छात्र, युवा, किसान, मजदूर और विभिन्न सामाजिक समूहों से जुड़े लोगों से ‘सत्याग्रह’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं की आवाज को मजबूती देने के लिए लोगों की भागीदारी जरूरी है। गयाजी में चलाए गए इस अभियान के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया।



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गिलकी से बनाएं टेस्टी पकौड़े, चाव से खाते है बुरहानपुर के लोग, दो दिन तक नहीं होगा खराब

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गिलकी से बनाएं टेस्टी पकौड़े, चाव से खाते है बुरहानपुर के लोग, दो दिन तक खाएं

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Gilki ke Pakode Recipe: मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में बारिश का मौसम शुरू होते ही खान-पान को लेकर लोगों का उत्साह बढ़ जाता है. बारिश की फुहारों के बीच गर्मागर्म चाय के साथ पकौड़े खाने का अपना ही आनंद है. बुरहानपुर में इस मौसम में गिलकी से तैयार होने वाले पकौड़े भी लोगों के बीच खास पसंद किए जाते हैं. ऐसे में गिलकी के पकौड़े स्वाद के साथ-साथ स्थानीय खान-पान की एक खास पहचान भी बन जाते हैं. आप भी इस बारिश में घर पर आसानी से गिलकी के पकौड़े बनाकर इसका स्वाद ले सकते हैं.

लोकल 18 की टीम को एक्सपर्ट महिला फूलाबाई ने जानकारी देते हुए बताया कि गिलकी एक सामान्य सब्जी है लेकिन इससे बनने वाले पकौड़े स्वाद में काफी खास होते हैं. बारिश के दिनों में घरों में लोग इसे नाश्ते के रूप में तैयार करते हैं.

इसे बनाने की विधि भी काफी आसान है और इसके लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. गिलकी के पकौड़े बनाने के लिए सबसे पहले गिलकी को अच्छी तरह धोकर साफ किया जाता है और उसके छोटे-छोटे टुकड़े या पतले टुकड़े काट लिए जाते हैं.

इसके बाद बेसन में जीरा, लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. इसमें जरूरत के अनुसार पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार किया जाता है. इसके बाद गिलकी के टुकड़ों को बेसन के घोल में अच्छी तरह लपेटकर गर्म तेल में डाला जाता है.

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तेल में पकने के बाद जब पकौड़े सुनहरे और कुरकुरे हो जाते हैं तो उन्हें बाहर निकाल लिया जाता है.गर्मागर्म पकौड़ों को चाय, हरी चटनी या अन्य पसंदीदा चटनी के साथ परोसा जाता है. बारिश के मौसम में इनका स्वाद लोगों को खास तौर पर पसंद आता है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, गिलकी के पकौड़ों की एक खासियत यह भी मानी जाती है कि इन्हें सही तरीके से तैयार और सुरक्षित रखने पर करीब दो दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, गर्मागर्म पकौड़ों का स्वाद सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है.

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