उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के नंदवारा गांव में लोधी समाज के दो बच्चों की हत्या के विरोध में शनिवार, 10 अक्टूबर को पन्ना में कैंडल मार्च निकाला गया। एडवोकेट सोनी लाल प्रजापति के नेतृत्व में निकले मार्च में शामिल लोगों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने की मांग की। छत्रसाल पार्क से अंबेडकर चौक तक निकला मार्च कैंडल मार्च छत्रसाल पार्क से शुरू होकर अंबेडकर चौक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘मासूम बच्चों को न्याय दिलाओ’ और ‘CBI जांच कराओ’ जैसे नारे लगाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की। निष्पक्ष जांच की मांग मामले में पन्ना के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी महेंद्र पाल वर्मा का नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है। आयोजकों का आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही है। उन्होंने मांग की कि जांच CBI से कराई जाए, ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
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पन्ना में दो बच्चों की हत्या, विरोध में कैंडल मार्च: बांदा हत्याकांड की CBI जांच की मांग; महेंद्र पाल वर्मा के समर्थन में भी उतरे लोग – Panna News
गयाजी में 16 दिन का पितृपक्ष मेला संपन्न: 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान; 10.70 लाख ने मुफ्त ई-रिक्शा से सफर किया – Gayaji News
दरभंगा के मनीगाछी थाना क्षेत्र के जतूका गांव में जहरीला पदार्थ खाने से 42 वर्षीय फूलबीवी खातून की मौत हो गई। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना को लेकर उनकी 17 वर्षीय बेटी हफ्ता परवीन ने चाचा-चाची, दादी और विदेश में रह रहे पिता पर मां को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घर से निकालने को लेकर विवाद का आरोप हफ्ता परवीन के अनुसार, उसके चाचा मो. अरमान, चाची सहिस्ता परवीन, दूसरी चाची निलोफर और दादी संजीदा खातून कथित तौर पर उसे और उसकी मां को घर से निकालना चाहते थे। बेटी का आरोप है कि घर छोड़ने से इनकार करने पर सभी ने मिलकर उसकी मां के मुंह में जबरन जहरीला पदार्थ डाल दिया। इसके बाद फूलबीवी खातून की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उन्हें सकरी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने DMCH रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। विदेश में रह रहे पिता पर भी लगाया आरोप बेटी ने अपने पिता मतीन अशरफ उर्फ तमन्ने पर भी घटना में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। उसका दावा है कि विदेश में रह रहे पिता फोन के माध्यम से कथित तौर पर घटना को अंजाम देने का निर्देश दे रहे थे। उसने अपने एक अन्य चाचा मोहम्मद सद्दल उर्फ शम्मी की संलिप्तता का भी आरोप लगाया है। हफ्ता परवीन ने बताया कि उसकी मां की शादी करीब 18 साल पहले हुई थी और वह उनकी इकलौती संतान है। उसने अपने पिता की अन्य शादियों का भी जिक्र किया। हालांकि, घटना की वजह और पारिवारिक विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव महिला की मौत के बाद बेंता थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल, नाबालिग बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। जहरीला पदार्थ खाने की परिस्थितियों, आरोपितों की भूमिका और घटना की वास्तविक वजह का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
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166 करोड़ में बनेगी एक किलोमीटर सड़क, देश में बन रहा सबसे मुश्किल एक्सप्रेसवे
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Double Decker Expressway : तमिलनाडु में देश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. एनएचएआई ने इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 3,500 करोड़ रुपये बताई है, जिसमें महज 21 किलोमीटर की सड़क बनाई जाएगी. इसकी खास बात दोमंजिला सड़के हैं, जो चेन्नई पोर्ट से निकलकर चेन्न्ई-कर्नाटक एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी. इस डबल डेकर में से ऊपर की मंजिल पर पोर्ट जाने वाले वाहन दौड़ेंगे, जबकि नीचे की मंजिल को शहर के ट्रैफिक के लिए खाली रखा जाएगा.
चेन्नई में देश का पहला डबल डेकर एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है.
नई दिल्ली. देश में एक्सप्रेसवे तो कई बन रहे हैं, लेकिन आज हम जिस प्रोजेक्ट के बारे में बात करने जा रहे हैं, उसे सबसे मुश्किल और महंगा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है. इसकी चुनौती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस एक्सप्रेसवे की एक किलोमीटर सड़क बनाने पर करीब 166.7 करोड़ रुपये का खर्चा आ रहा है. यह ई-वे डबल डेकर यानी दोमंजिला बनाया जा रहा है और कुल दूरी महज 21 किलोमीटर है, लेकिन इसे बनाने पर आने वाला खर्चा करीब 3,500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है.
देश के इस पहले डबल डेकर एक्सप्रेसवे को चेन्नई पोर्ट के पास बनाया जा रहा है. 21 किलोमीटर का यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है, जो चेन्नई पोर्ट-मदुरावोयल एलिवेटेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है. इस डबल डेकर में से ऊपर की मंजिल वाली सड़क पर पोर्ट से आने-जाने वाले भारी वाहनों को चलाया जाएगा और इस पर आम ट्रैफिक के जाने की मनाही रहेगी. हालांकि, जो नीचे की मंजिल वाला एक्सप्रेसवे होगा उस पर लोकल और शहर का ट्रैफिक का चल सकेगा. दोनों एक्सप्रेसवे को इंटरचेंज करने की भी व्यवस्था रहेगी और इस पर 7 एंट्री और एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएंगे.
यूनिक डिजाइन ही इसकी खासियत
वैसे तो इस प्रोजेक्ट पर पहली बार साल 2010 में बात शुरू हुई थी, लेकिन इसे 2016 में टर्मिनेट कर दिया गया था. वापस 2023 में इस पर दोबारा काम शुरू हुआ और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस यूनिक डिजाइन वाले प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया है. इसे पूरा करने की डेडलाइन नवंबर, 2027 रखी गई है. इसमें 2 टीयर बनाए जा रहे हैं, जिसमें नीचे वाला हिस्सा शहर की ट्रैफिक के लिए होगा और 13 रैम्प बनाए जा रहे हैं. ऊपर वाले टीयर को पोर्ट तक आने-जाने के लिए बनाया जा रहा है. यह रास्ता चेन्नई पोर्ट के गेट नंबर 10 से शुरू होकर सीधे शहर की तरफ जाता है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद चेन्नई पोर्ट की क्षमता मौजूदा 5.3 करोड़ टन से बढ़कर साल 2047 तक 20 करोड़ टन सालाना पहुंच जाएगी.
चेन्ई-बैंगलुरु ई-वे से जुड़ेगा रास्ता
चेन्नई पोर्ट के पास बनने वाला यह डबल डेकर एक्सप्रेसवे सीधा चेन्नई-बैंगलुरु एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिसका काम लगभग समाप्त होने वाला है. यह एक्सप्रेसवे करीब 262 किलोमीटर लंबा है. एनएचएआई ने पिछले एक दशक में तमिलनाडु में कनेक्टिवटी बढ़ाने पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं. अभी यह प्रोजेक्ट करीब 40 हजार करोड़ का है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसकी लागत बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. इससे तमिलनाडु और आसपास के शहरों के बीच आवाजाही काफी आसान हो जाएगी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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रियाद एयरपोर्ट पर फिर हमला, धमाकों के बाद खाली कराया: 24 घंटे में 225 उड़ानें रद्द; 20 दिन में चौथा हमला
सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को फिर हमला हुआ। हमले के बाद एयरपोर्ट खाली कराया गया और विमानों की आवाजाही रोक दी गई। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइट अवेयर के मुताबिक, हमले के चलते बीते 24 घंटे में एयरपोर्ट की कम से कम 225 उड़ानें रद्द हुईं। रियाद एयरपोर्ट पर बीते 20 दिन में यह चौथा हमला है। हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस को चेतावनी दी समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, क्षेत्रीय अधिकारियों ने शनिवार को हुए हमले की जानकारी दी। हूतियों ने अभी इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सऊदी सरकार ने भी बयान जारी नहीं किया है। यमन के हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी अरब यमन सरकार की सेना को हवाई हमलों के जरिए मदद दे रहा है। इसका मकसद लाल सागर के पास हूतियों की हालिया बढ़त को रोकना है। हूतियों ने इस हफ्ते अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को चेतावनी दी थी कि सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ानें चलाने के गंभीर नतीजे हो सकते हैं। हमले के बाद ट्रम्प बोले- मैं खुश नहीं सऊदी अरब ने अपने एयरपोर्ट, सैन्य ठिकानों और तेल से जुड़ी जगहों पर हमलों के बीच अमेरिका और दूसरे सहयोगी देशों से मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका की मदद में खुफिया जानकारी साझा करना, हमले के लिए ठिकानों की पहचान करना और सैन्य योजना बनाने में सहयोग देना शामिल है। शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, यह अच्छा नहीं है और मैं खुश नहीं हूं। हालांकि, इन हमलों के जवाब में अमेरिका की ओर से सैन्य मदद देने का कोई संकेत नहीं मिला। अमेरिका ने फिलहाल इस संर्घष से दूरी बनाई हुई है। एयर इंडिया समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें रोकीं सऊदी अरब पर बढ़ते हमले के बीच कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने रियाद और दूसरे सऊदी एयरपोर्ट के लिए उड़ानें रोक दी हैं। इनमें एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा ग्रुप और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस शामिल हैं। यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी ने भी सऊदी हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी चेतावनी बढ़ाई है। एजेंसी के मुताबिक, हूती विद्रोही अब सऊदी अरब के अंदर तक हमले करने में सक्षम हैं और उनका ध्यान एयरपोर्ट जैसे विमानन ठिकानों पर भी बढ़ा है। रियाद एयरपोर्ट पर हमले बढ़े 19 सितंबर 2026 – एयरपोर्ट के ईंधन भंडारण क्षेत्र के पास हमला हुआ, जिससे वहां आग लगी और काला धुआं उठता देखा गया। हूती समूह ने रियाद के सैन्य व रणनीतिक ठिकानों पर हमले का दावा किया। 7 अक्टूबर 2026 – रियाद और आभा एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किए गए हमलों में एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य लोग घायल हुए। 8 अक्टूबर 2026 – एयरपोर्ट पर दो अलग-अलग हमले हुए। पहला एयरपोर्ट सुविधाओं पर और दूसरा सऊदी एयरलाइंस के खड़े विमान (Airbus A320) पर। इनमें कैप्टन हमूद अली अल-कलीसामी (सऊदी पायलट) समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हुई। ——————– यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका में फ्लोरिडा के तट से टकराया इसायस तूफान: 170 किमी की रफ्तार से हवाएं चल रहीं अमेरिका के मेक्सिको की खाड़ी से लगे तटीय इलाकों में शुक्रवार को इसायस तूफान टकराया। फ्लोरिडा और अलबामा में 170 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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लाख कोशिशों के बाद भी कड़ी-कड़ी बनती हैं पूरी, फूलती भी नहीं तो करें ये काम
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घर पर पूरी बनाना आसान लगता है, लेकिन कई बार आटा गूंथने से लेकर तलने तक छोटी-सी गलती पूरी मेहनत खराब कर देती है. पूरी या तो कड़ी बन जाती हैं या फिर तेल में डालने के बाद फूलती ही नहीं हैं. अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. आटा गूंथने के सही तरीके और तलने के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखकर आप नरम, फूली हुई और स्वादिष्ट पूरी बना सकते हैं.
पूरी कड़ी बनने की एक वजह आटे का बहुत सख्त होना भी हो सकती है. पूड़ी के लिए आटा रोटी के आटे से थोड़ा सख्त रखा जाता है, लेकिन इतना नहीं कि उसे बेलने में परेशानी हो. आटा गूंथते समय धीरे-धीरे पानी डालें और उसे अच्छी तरह मिलाएं. इससे आटा एकसार बनेगा और पूरी बेलना आसान होगा.
आटा गूंथते समय डालें थोड़ा तेल- पूड़ी के आटे में थोड़ा तेल या घी मिलाने से उसकी बनावट बेहतर हो सकती है. लगभग 2 कप गेहूं के आटे में 1 से 2 छोटे चम्मच तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं. इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी डालकर आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि तेल की मात्रा बहुत ज्यादा न हो, वरना आटे की बनावट प्रभावित हो सकती है.
आटा गूंथने के बाद उसे 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें. इससे आटे में नमी अच्छी तरह फैल जाती है और उसे बेलना आसान होता है. हालांकि, पूड़ी के आटे को रोटी के आटे की तरह बहुत देर तक रखने की जरूरत नहीं होती. अगर आटा ज्यादा सूखा लगे, तो गूंथते समय ही थोड़ा पानी मिलाकर उसकी बनावट ठीक कर लें.
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पूरी बेलते समय उन्हें न बहुत मोटा रखें और न बहुत पतला. अगर पूड़ी कहीं मोटी और कहीं पतली होगी, तो वह एकसमान नहीं फूलेगी. बेलते समय सूखे आटे का इस्तेमाल कम से कम करें, क्योंकि ज्यादा सूखा आटा तलने के दौरान तेल में जल सकता है और तेल का स्वाद भी बिगाड़ सकता है. सभी पूड़ियों को लगभग एक जैसी मोटाई में बेलें.
पूरी न फूलने की एक बड़ी वजह तेल का सही तापमान न होना है. अगर तेल बहुत ठंडा होगा, तो पूड़ी ज्यादा तेल सोख सकती है और ठीक से नहीं फूलेगी. वहीं तेल बहुत ज्यादा गर्म होने पर पूड़ी बाहर से जल्दी भूरी हो सकती है. तेल को मध्यम से तेज आंच पर गर्म करें. तापमान जांचने के लिए आटे का एक छोटा टुकड़ा डालें. अगर वह ऊपर आकर धीरे-धीरे तलने लगे, तो तेल इस्तेमाल के लिए तैयार है.
गर्म तेल में पूड़ी डालने के बाद कलछी से उसके ऊपर हल्का दबाव दें. इससे पूड़ी फूलने में मदद मिल सकती है. जब वह फूल जाए, तो पलटकर दूसरी तरफ से भी सुनहरा होने तक तलें. एक बार में बहुत सारी पूरी न डालें, वरना तेल का तापमान गिर सकता है.
हनुमानगढ़ में 41 साल से रामलीला की परंपरा: श्रीराम-सीता जन्म का हुआ मंचन, दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का होगा महापूजन – Hanumangarh News
हनुमानगढ़ की भट्टा कॉलोनी स्थित स्वामी विवेकानंद पार्क में स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्म का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। समिति पिछले 41 साल से रामलीला का मंचन कर धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। रामलीला के साथ सामाजिक गतिविधियों के तहत 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन भी किया जाएगा। कलाकारों की प्रस्तुति ने मोहा मन रामलीला के तीसरे दिन भगवान श्रीराम और माता सीता के जन्म प्रसंग का मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने अभिनय से प्रसंगों को जीवंत किया, जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। कार्यक्रम में अमित लखोटिया और बजरंग राठी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। 41 साल से रामलीला के जरिए दे रहे संस्कारों का संदेश समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा ने बताया कि स्वामी विवेकानंद रंगमंच सेवा समिति 41 साल से रामलीला का आयोजन कर रही है। इसका उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को बनाए रखना और नई पीढ़ी को भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ना है। रामलीला के माध्यम से सत्य, मर्यादा और धर्म का संदेश दिया जा रहा है। दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन गौरव शर्मा ने बताया कि रामलीला के साथ समिति सामाजिक गतिविधियां भी आयोजित करती है। इसी क्रम में 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी पर 108 कन्याओं का महापूजन किया जाएगा। इसकी तैयारियां चल रही हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने की अपील की है। दशहरा महोत्सव की तैयारियों में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ता रामलीला और दशहरा महोत्सव को सफल बनाने के लिए समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार तैयारियों में जुटे हैं। समिति का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना है। आयोजन को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित शर्मा, सचिव मानव तिवारी, कोषाध्यक्ष अमित सैन, उपकोषाध्यक्ष प्रभु सिंह मजोका, प्रदीप गुप्ता, पवन सिंह, विशाल सिंघल, संजय बागोरिया, अमित तिवारी और बलजीत सिंह सहित अन्य सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति पदाधिकारियों ने शहरवासियों से रामलीला के आगामी मंचन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि रामलीला मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और आदर्श जीवन मूल्यों को समझने का अवसर भी है।
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गोरखपुर के विकास नगर में बदलेगी 10 पार्कों की सूरत: टहलने को पाथवे और कसरत के लिए मिलेंगे ओपेन जिम – Gorakhpur News
गोरखपुर में लंबे समय से बदहाली झेल रहे विकास नगर योजना के 10 पार्कों की सूरत अब बदलने वाली है। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने इन पार्कों के रेनोवेशन और सौंदर्याकरण के लिए 2.76 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। योजना के तहत पार्कों में टहलने के लिए पाथवे बनाए जाएंगे। बैठने के लिए बेंच, आकर्षक पेंटिंग, सजावटी लाइटिंग और पौधरोपण के साथ चाहरदीवारी व गेट की मरम्मत भी कराई जाएगी। लोगों को पार्कों में ही व्यायाम की सुविधा देने के लिए उपलब्ध जमीन के अनुसार ओपेन जिम भी लगाए जाएंगे। परिषद ने पूरे काम को छह महीने में पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आसपास रहने वाले लोगों को सुबह-शाम टहलने, बैठने और व्यायाम करने के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से उपेक्षित इन पार्कों को नए सिरे से विकसित करने की योजना से इलाके में हरियाली और नागरिक सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है। रखरखाव के अभाव में बिगड़ गई थी हालत विकास नगर योजना के पार्क संख्या 1, 2, 3, 10, 11, 12, 13, 14, 15 और 16 लंबे समय से नियमित देखरेख के अभाव में बदहाल स्थिति में हैं। पार्कों की चाहरदीवारी और दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हो रही थीं। ऐसे में लोगों को इन सार्वजनिक स्थलों का बेहतर उपयोग करने में परेशानी हो रही थी। अब आवास एवं विकास परिषद ने सभी 10 पार्कों को व्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने की तैयारी की है। इसके लिए परिषद के निर्माण खंड गोरखपुर-01 की ओर से निविदा जारी की गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 276.85 लाख रुपये यानी करीब 2.76 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। यह काम इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से कराया जाएगा। टहलने के लिए पाथवे, बैठने को मिलेंगी बेंच पार्कों में लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। टहलने के लिए पाथवे तैयार किए जाएंगे, जबकि आराम करने और बैठने के लिए बेंच लगाई जाएंगी। जहां चाहरदीवारी और गेट खराब हैं, वहां उनकी मरम्मत कराई जाएगी। जरूरत के मुताबिक नए निर्माण भी किए जाएंगे। पार्कों को आकर्षक बनाने के लिए कलात्मक पेंटिंग और सजावटी लाइटिंग की व्यवस्था होगी। इससे पार्कों का स्वरूप बेहतर होने के साथ शाम के समय भी लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण भी कराया जाएगा। जमीन के हिसाब से लगेंगे ओपेन जिम के उपकरण पार्कों में ओपेन जिम की सुविधा भी विकसित की जाएगी। हालांकि, सभी पार्कों में उपकरणों की संख्या एक जैसी नहीं होगी। यह उपलब्ध जमीन और वहां उपकरण लगाने की गुंजाइश के आधार पर तय की जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को घर के आसपास ही सुबह-शाम व्यायाम करने का विकल्प मिलेगा। योजना का उद्देश्य पार्कों को केवल हरियाली तक सीमित रखने के बजाय उन्हें लोगों के लिए उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। जीर्णोद्धार के बाद बच्चों, बुजुर्गों और अन्य स्थानीय निवासियों को बैठने, टहलने और शारीरिक गतिविधियों के लिए बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है। 31 अक्टूबर को खुलेगी तकनीकी बिड आवास एवं विकास परिषद के निर्माण खंड गोरखपुर-01 के सहायक अभियंता एनआर चंद्रशेखर ने बताया कि- इच्छुक फर्में 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे तक टेंडर जमा कर सकेंगी। इसी दिन दोपहर 12 बजे तकनीकी बिड खोली जाएगी। तकनीकी बिड के मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वित्तीय बिड खोलने की तारीख तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिषद की कोशिश है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पार्कों में निर्धारित सुविधाओं का विकास कराते हुए छह महीने के भीतर काम पूरा करा लिया जाए।
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सीवान में 3.31 लाख लाभार्थियों को मिली पेंशन: सितंबर की 37.61 करोड़ रुपए की राशि अकाउंट में भेजी गई – Siwan News
बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत सितंबर 2026 की पेंशन राशि शनिवार, 10 अक्टूबर को लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेंशन राशि का ट्रांसफर किया। इस दौरान सीवान जिले के कुल 3,31,744 लाभार्थियों के बैंक खातों में 37.61 करोड़ रुपये भेजे गए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जिला मुख्यालयों में किया गया। सीवान समाहरणालय सभागार में आयोजित लाइव कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा, डीपीओ आईसीडीएस सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के सैकड़ों लाभार्थियों ने भी भाग लिया। दैनिक जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक संबल सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का उद्देश्य वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र लाभार्थियों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं के माध्यम से लाभार्थियों को दैनिक जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक संबल मिलता है। जिले में योजना-वार पेंशन राशि के ट्रांसफर के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के 64,227 लाभार्थियों के खातों में 7.07 करोड़ रुपये भेजे गए। मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 1,86,282 लाभार्थियों को 21.47 करोड़ रुपये की राशि मिली। पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 10,494 लाभार्थियों के खातों में 1.16 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इसी तरह लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 40,528 लाभार्थियों को 4.54 करोड़ रुपये दिए गए। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तजन पेंशन योजना के 3,114 लाभार्थियों के खातों में 34.25 लाख रुपये,जबकि बिहार निःशक्तजन पेंशन योजना के 27,099 लाभार्थियों को 3.02 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। इस प्रकार जिले में सभी छह योजनाओं के तहत कुल 3,31,744 लाभार्थियों को सितंबर माह की पेंशन राशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। डीबीटी प्रणाली के जरिए राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने से भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक माह की 10तारीख को पेंशन राशि का ट्रांसफर किया जाता है। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने लाभार्थियों से अपने बैंक खातों और आधार संबंधी विवरण को अद्यतन रखने की अपील की।
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