मैहर में सीमेंट प्लांट कर्मचारी संजय पटेल की सड़क हादसे में मौत के बाद शुक्रवार को प्लांट के मुख्य गेट पर परिजनों ने करीब 11 घंटे प्रदर्शन किया। परिजन शव को गेट के सामने रखकर आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। देर शाम मामला तब तनावपूर्ण हो गया, जब उन्होंने गेट के सामने अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए लकड़ियां जमा करना शुरू कर दिया। देर रात प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच बातचीत के बाद 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पर सहमति बनी। कंपनी ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक दिया, जिसके बाद रात करीब 11:30 बजे प्रदर्शन खत्म हुआ। ड्यूटी जाते समय बोलेरो ने बाइक को मारी टक्कर संजय पटेल (35) रगौली, उचेहरा, जिला सतना के रहने वाले थे। गुरुवार रात करीब 10 बजे वे घर से सीमेंट प्लांट में ड्यूटी के लिए बाइक से निकले थे। कटिया कला के पास एक बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मैहर अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर सतना रेफर किया गया। देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दोपहर 12 बजे शव लेकर प्लांट पहुंचे परिजन संजय की मौत की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे परिजन और अन्य लोग शव लेकर सीमेंट प्लांट के मुख्य गेट पर पहुंचे। शव गेट के सामने रखकर उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों की मांग थी कि कंपनी की ओर से परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेत्री डॉ. रश्मि सिंह ने किया। स्थिति को देखते हुए प्लांट गेट पर पुलिस बल तैनात किया गया। अंतिम संस्कार के लिए गेट पर लकड़ियां रखीं प्रदर्शन कई घंटे तक चलता रहा। शाम तक मांग पूरी नहीं होने पर परिजन गेट के सामने ही अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गए। उन्होंने वहां लकड़ियां जमा कर दीं। इससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। बातचीत के बाद 5 लाख की मदद पर बनी सहमति देर रात सीएसपी महेंद्र सिंह और एसडीएम दिव्या पटेल मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने कंपनी प्रबंधन और परिजनों से बातचीत की। काफी देर की चर्चा के बाद कंपनी की ओर से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने पर सहमति बनी। कंपनी प्रबंधन ने परिजनों को 5 लाख रुपए का चेक सौंपा। इसके बाद रात करीब 11:30 बजे परिजनों ने प्रदर्शन खत्म किया और शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए।
Source link
सीमेंट प्लांट पर 11 घंटे प्रदर्शन,5 लाख पर बनी सहमति: मैहर में गेट पर अंतिम संस्कार की तैयारी में थे परिजन; देर रात मौके से हटे – Maihar News
‘बच्चे को जन्म दूंगी, फिर हैदराबाद जाकर पति को बचाऊंगी’: गिरफ्तारी पर पत्नी बोली- हत्या-दुष्कर्म में फंसाया, गर्भवती का दावा; पति 3 महीने से गांव में थे – Begusarai News
‘हैदराबाद पुलिस कहती है कि 3 महीने से मेरे पति नर्स की रेकी कर रहे थे, पर वे इन 3 महीनों में हैदराबाद में नहीं थे। दिसंबर 2025 में वो बीमार हो गए थे। इसके बाद गांव आ गए थे और समस्तीपुर के खानपुर में ऑपरेशन हुआ। 7 जुलाई को हैदराबाद गए थे। मैं 9 महीने की गर्भवती हूं। हैदराबाद में मेरे पति सनाउल्लाह को नर्स से रेप-हत्या मामले में फंसाया गया है। उनको जेल भेज दिया गया है। मैं क्या करूं, मैं प्रेग्नेंट हूं। उतनी दूर अभी नहीं जा सकती हूं। इसी महीने में डिलीवरी होनी है। इसके बाद मैं हैदराबाद जाऊंगी। पति के लिए जो करना होगा, वो मैं करूंगी।’ ये बातें नसीमा खातून ने कही हैं। जिनके पति सनाउल्लाह (34) को हैदराबाद में पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था, हालांकि अभी कोर्ट में ट्रायल भी शुरू नहीं हुआ है। सनाउल्लाह रेप-मर्डर केस में कब और कैसे जुड़ा, पत्नी ने क्या दावा किया, परिवार को कैसे पता चला कि सनाउल्लाह को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पढ़ें रिपोर्ट… जानिए पत्नी-बहन और परिवार के लोगों ने क्या कहा…. गैराज के मालिक ने फोन कर परिजन को गिरफ्तारी की जानकारी दी सनाउल्लाह की पत्नी ने बताया कि 2022 में हमारी शादी हुई। 2 साल का बेटा सुल्तान है। दूसरा बच्चा पेट में है। पति हैदराबाद में एक गैराज में काम करते हैं। पहले वे गांव में ही ड्राइवरी करते थे, लेकिन पिछले 3 साल से हैदराबाद में काम कर रहे हैं। इस बीच मैं दोबारा गर्भवती हुई। मुझे बहुत समझा-बुझाकर वे हैदराबाद गए थे। कहा था कि जा रहा हूं, खूब कमाऊंगा, अपने बच्चों का अच्छे से पालन-पोषण करूंगा। हमारी रोज बात होती थी। 28 अगस्त को भी रात 12:00 बजे तक हमारी लंबी बातें हुई, उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। 29 अगस्त को जिसके यहां वे काम करते थे, उसी सेठ ने फोन करके बताया कि तुम्हारे पति को एक नर्स के साथ दुष्कर्म और हत्या के आरोप में पुलिस पकड़ कर ले गई है। कभी किसी के साथ कोई विवाद नहीं हुआ- बहन बहन इशरत खातून ने बताया कि 4 भाइयों में सनाउल्लाह तीसरे नंबर पर है। 34 साल का हो गया, लेकिन आज तक हमने उसकी कभी कोई शिकायत नहीं सुनी। बचपन से हमने पाल-पोसकर बड़ा किया। उसकी शादी भी हमने कराई। बहुत मिलनसार लड़का, हमेशा हंसते-बोलते रहता था। 3 साल से वह हैदराबाद में काम करता था। 4-5 महीना वहां रहता था। फिर गांव आ जाता था और कुछ दिन हम सब के साथ रहता था। नवंबर में हैदराबाद गया और दिसंबर 2025 में तबीयत खराब होने पर गांव आ गया। यहां ऑपरेशन हुआ था। उसके बाद से घर पर ही रह रहा था। जिस सेठ के गैराज में काम करता था। वह बराबर फोन करके बुलाता था, लेकिन तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण वह वहां जा नहीं रहा था। पुलिस ने हमें गिरफ्तारी की सूचना नहीं दी- चाचा सनाउल्लाह के चाचा मोहम्मद शाहजहां ने बताया कि भतीजे के साथ बहुत गलत हुआ है। मेरे समझ से भतीजा निर्दोष है। गांव में उसका कभी किसी से कोई झगड़ा-झंझट तक नहीं हो रहा था। उसे जरूर फंसाया गया है। पुलिस ने भी सूचना नहीं दी। पुलिस ने अगर पकड़ा तो फोन करना चाहिए। मामले की जांच होनी चाहिए वार्ड प्रतिनिधि जफीर अंसारी ने बताया 3 सितंबर को खबर देखकर हमें जानकारी मिली। परिजनों से पूछा तो जानकारी मिली कि पकड़ा गया है। हैदराबाद के लोकल न्यूज में पिता का नाम हैदर बताया जा रहा है, जबकि सनाउल्लाह के पिता का नाम हैदर नहीं मरहुम कमरुद्दीन है। महिला के साथ जो घटना हुई उसकी हम निंदा करते हैं, ऐसा नहीं होनी चाहिए। लेकिन इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह खिड़की तोड़कर अंदर गया होगा तो उसका फिंगर प्रिंट होगा, उसकी जांच होनी चाहिए। अगर सनाउल्लाह उस घटना में दोषी है तो उसे फांसी की सजा होनी चाहिए, लेकिन जांच में कुछ नहीं मिलता है तो उसे छोड़ देना चाहिए। परदेश से 2 महीना के लिए भी गांव आता था तो यहां टोटो चलाता था, मजदूरी करता था। उसे फंसाया गया है। मामले की जांच होनी चाहिए। तेलंगाना की सरकार इसकी जांच कराए। कमरे में नर्स की लाश मिली थी श्मशाबाद (हैदराबाद) जोन के डीसीपी बी राजेश के अनुसार सनाउल्लाह पोर्नोग्राफी देखने का आदी था। वो मृतका के कमरे के ठीक पीछे स्थित एक बाइक गैराज में काम करता था। 28 की रात जब नर्स अपने कमरे में सो रही थी। तभी आरोपी खिड़की के रास्ते उसके कमरे में घुस आया। नर्स ने विरोध किया तो उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और उसके साथ दुष्कर्म भी किया। 29 अगस्त को नर्स जब हॉस्पिटल नहीं पहुंची तो अस्पताल से उसे फोन किया गया। फोन रिसीव नहीं किया तो नर्स की सहेली कमरे में देखने पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, फिर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे के अंदर नर्स मृत पाई गई थी। इस मामले में डीसीपी का कहना है कि सनाउल्लाह पिछले 3 महीने से नर्स की रेकी कर रहा था और अस्पताल से घर लौटने के बाद उस दिन घटना को अंजाम दिया। मोबाइल टावर डेटा और तकनीकी साक्ष्य के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है।
Source link
दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के सैन्य अड्डे में जोरदार धमाका: 10 से ज्यादा लोगों की मौत, 58 घायल; पटाखे रखने वाली जगह में हुआ विस्फोट
दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया के पश्चिमी शहर वियाचा में शुक्रवार को एक सैन्य अड्डे पर जोरदार विस्फोट हुआ। हादसे में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि कम से कम 58 लोग घायल हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 10 से 15 के बीच हो सकती है। बोलीविया के रक्षा मंत्री अर्नेस्टो जस्टिनियानो ने बताया कि घायलों में ज्यादातर 52 आम नागरिक हैं, जबकि बाकी सैन्यकर्मी हैं। रक्षा मंत्री के मुताबिक, विस्फोट स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 2:30 बजे उस जगह हुआ, जहां पटाखे रखे गए थे। हादसे के बाद बचाव दल घायलों का इलाज करने के साथ उनके परिवारों की मदद में जुट गए। अधिकारियों ने विस्फोट की वजह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। वियाचा की आबादी करीब 1 लाख है। यह शहर बोलीविया की प्रशासनिक राजधानी ला पाज से करीब 30 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। विस्फोट से जुड़ी तस्वीरें… खबर लगातार अपडेट हो रही है…
Source link
आज नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित होंगे 48 शिक्षक: यूपी से 3, MP-राजस्थान, बिहार से दो-दो; 700 वीडियो से मैथ्स सिखाने वाले महाराष्ट्र के टीचर भी शामिल
- Hindi News
- National
- National Teachers Award 2026 | President Murmu Honours Teachers In Delhi
नई दिल्ली3 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
यह तस्वीर 2025 की है, जब पीएम मोदी ने टीचर्स अवॉर्ड पाने वाले शिक्षकों से मुलाकात की थी।
5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 48 स्कूल टीचर्स को राष्ट्रीय पुरस्कार देंगी।
इन टीचर्स में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों समेत कई संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।
इनमें 26 पुरुष और 22 महिला टीचर हैं। उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार और एमपी से दो-दो टीचर्स चुने गए हैं।
इन्हीं टीचर्स में लातूर के नवोदय विद्यालय में गणित के टीचर वैभव वसंतराव कुलकर्णी को नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए चुना गया है।
कुलकर्णी को तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने गणित के कॉन्सेप्ट समझने में मदद करने के लिए पढ़ाने के नए तरीके और कम लागत वाले लर्निंग एड्स विकसित किए हैं।
27 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों से टीचर्स चुने गए

जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुआ चयन
मंत्रालय के अनुसार, 48 शिक्षकों का चयन स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों में किया है। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का उद्देश्य देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के विशेष योगदान को सामने लाना है। इसके साथ ही उन शिक्षकों को सम्मानित करना है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और मेहनत से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की और छात्रों का जीवन समृद्ध बनाया।
1958 में शुरू हुआ था यह अवॉर्ड
नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को पहचानना था। यह अवॉर्ड किन टीचर्स को दिया जाता है-
- शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में उल्लेखनीय काम किया हो।
- अपने प्रयासों से छात्रों के सीखने और विकास में योगदान दिया हो।
- पढ़ाई में नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल किया हो।
- अपने काम से दूसरे शिक्षकों के लिए उदाहरण और प्रेरणा पेश की हो।
पीएम चयनित टीचर्स से बातचीत करते हैं, पिछली 2 मुलाकातें
साल 2024: मोदी तमिलनाडु टीचर से बोले- सभी को भ्रम है, वहां सब इंग्लिश जानते हैं

पीएम मोदी ने 2024 में नेशनल टीचर्स अवॉर्ड विनर्स से मुलाकात की थी। तब 82 शिक्षकों को यह अवॉर्ड दिया गया था। इस दौरान तमिलनाडु से आई एक टीचर ने बताया कि, उनके इलाके में कई लोग लोकल लैंग्वेज में पढ़ना चाहते हैं। इस पर पीएम ने कहा- हमारे बीच तो यही भ्रम है कि तमिलनाडु में सब इंग्लिश जानते होंगे। इसीलिए नई शिक्षा नीति में मातृ भाषा पर जोर दिया गया है।
साल 2025: मोदी बोले-कांग्रेस बच्चों की टॉफी पर भी टैक्स लेती थी

पीएम मोदी ने पिछले साल टीचर्स डे से एक दिन पहले दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। मोदी ने करीब 35 मिनट तक संबोधित किया। इस दौरान पीएम ने जीएसटी में सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा की।
गोरखपुर RPF ने मनाया कृष्ण जन्माष्टमी, लगाए जायकारे: झांकियों में दिखा कान्हा का बाल रूप; लोग खुब बनाए VIDEO – Gorakhpur News
गोरखपुर के रेलवे सुरक्षा बल बैरक परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के मौके पर पूरा आरपीएफ परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भक्ति गीतों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत आरपीएफ के आईजी सत्यप्रकाश ने फीता काटकर की। इसके बाद पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हुआ। अधिकारियों और जवानों ने मिलकर भजन गाए और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। भक्ति गीतों की गूंज से पूरा परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा। कृष्ण के जन्म से बालकांड तक की झलक जन्माष्टमी के लिए आरपीएफ बैरक में विशेष सजावट की गई थी। सजावट में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल रूप से जुड़ी घटनाओं की झलक दिखाई गई। अलग-अलग झांकियों के जरिए कृष्ण के बाल जीवन को दर्शाया गया था। इन झांकियों को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंचे। सजावट और झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोग अपने मोबाइल फोन से इन खूबसूरत पलों और झांकियों की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। जवानों के साथ आसपास के लोग भी हुए शामिल जन्माष्टमी के आयोजन में आरपीएफ के जवानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अधिकारियों ने भी जवानों के साथ भजन-कीर्तन किया। कार्यक्रम को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इससे बैरक परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद बांटा गया प्रसाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन्म के बाद भगवान की आरती हुई और मौजूद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। पूरा परिसर भक्ति और उत्साह से गूंज उठा। दो दिन से चल रही थी तैयारी आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी कार्यक्रम की तैयारी दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थी। सजावट, झांकियों और पूजा की व्यवस्था को लेकर जवान लगातार तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी आरपीएफ की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया।
Source link
न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ी: सुप्रीम कोर्ट ने 60 से 62 साल करने का दिया आदेश, MP समेत 7 राज्य शामिल – Bhopal News
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने का आदेश दिया है। यह आदेश मध्यप्रदेश समेत सात राज्यों में लागू होगा। राज्यों को जल्द से जल्द, संभव हो तो दो महीने के भीतर सेवा नियमों में बदलाव करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में बदलाव होने तक 60 साल की उम्र पूरी करने वाला कोई न्यायिक अधिकारी रिटायर नहीं होगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित हाई कोर्ट की ओर से अधिकारी को सेवा के लिए उपयुक्त पाया जाना जरूरी होगा। आदेश का लाभ पहले रिटायर हो चुके न्यायिक अधिकारियों को भी मिलेगा। 31 मार्च 2026 या उसके बाद रिटायर हुए न्यायिक अधिकारी दोबारा सेवा में आने का विकल्प चुन सकेंगे। इसके लिए जरूरी होगा कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद कोई दूसरी नौकरी न ली हो। 60 साल की उम्र पूरी होने पर संबंधित हाई कोर्ट उनके कामकाज, योग्यता और प्रदर्शन का आकलन करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सेवा में बनाए रखने से न्यायपालिका में खाली पदों के कारण पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी।
Source link
जन्माष्टमी पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़: गोपालगंज में महिला-पुरुष कीर्तन-भजन कर मना रहे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव – Gopalganj News
गोपालगंज जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। इनमें थावे दुर्गा मंदिर, बाल खंडेश्वर महादेव मंदिर और दुर्गामंदिर शामिल हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। हर तरफ ढोलक, झाल, मंजीरे और दूसरे वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिरों और पूजा पंडालों में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी कृष्ण भक्ति में डूबे हैं। देर रात तक चलने वाले भजन-कीर्तन में महिलाएं सोहर और पारंपरिक गीत गाकर बाल गोपाल का स्वागत कर रही हैं। मक्खन-मिश्री का भोग लगेगा पुरुषों की टोली ढोलक की थाप और झाल की झंकार के साथ ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगा रही है। श्रद्धालु बेसब्री से उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब रात 12 बजेगी। मान्यता है कि मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। इसके बाद पूरा गोपालगंज ‘जय श्री कृष्णा’ के जयकारों से गूंज उठेगा। 12 बजते ही भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, उन्हें मक्खन-मिश्री का भोग लगेगा और आरती की जाएगी। प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस तैनात जन्माष्टमी पर कई श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत भी रखा है। वे 12 बजे जन्मोत्सव और दर्शन-पूजन के बाद ही व्रत खोलेंगे। मंदिरों में पुरुष और महिलाएं लाइन में लगकर भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन और झूला झुलाने का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस प्रशासन भी तैनात है। पूरा गोपालगंज इस समय कान्हा की भक्ति में डूबा हुआ है।
Source link
यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत: बाब अल-मंदब पर कब्जे की कोशिश, निपटने को सरकार ने फोर्स भेजी
सना4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी फोर्स के बीच भीषण लड़ाई में 129 लोगों की मौत हुई है। यह हाल के वर्षों में यमन में हुई सबसे घातक झड़पों में से एक है। हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के करीब अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
लड़ाई गुरुवार को शुरू हुई। हूतियों ने तटीय इलाकों के पास जमीनी हमला करने के साथ रॉकेट और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने लाल सागर के किनारे कई रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया। इन इलाकों से मोखा बंदरगाह और समुद्री रास्ते पर नजर रखना आसान है।
एएफपी के मुताबिक यमनी सेना के एक अधिकारी ने बताया कि उसके 66 जवान मारे गए हैं। वहीं हूती विद्रोहियों से जुड़े सूत्रों ने कम से कम 62 विद्रोहियों के मारे जाने का दावा किया है। एक नागरिक की भी मौत हुई है।
इस तरह अलग-अलग पक्षों से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, लड़ाई में मरने वालों की संख्या 120 से ज्यादा हो गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
बाब अल-मंदेब इतना अहम क्यों?
बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री रास्ता है। इसके उत्तर में लाल सागर स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ता है।
इस रास्ते से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा की आवाजाही होती है। इसलिए यहां लंबे समय तक संघर्ष या समुद्री रास्ते में किसी तरह की रुकावट का असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी पड़ सकता है।
मौजूदा हमले में हूतियों का फोकस मोखा बंदरगाह और उसके आसपास के इलाकों पर भी है। रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जे से उन्हें तटीय इलाके में सरकारी बलों पर दबाव बनाने और मोखा तथा बाब अल-मंदेब की तरफ जाने वाले रास्तों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।
सैन्य सूत्रों के मुताबिक, हूतियों ने लाल सागर के पास और ताइज शहर के आसपास कई ऊंचाई वाले ठिकानों पर कब्जा किया है।

सरकार ने हूती विद्रोहियों से लड़ने सेना भेजी
हूती विद्रोहियों की बढ़त को देखते हुए यमनी सरकार ने भी ताइज में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं। एक यमनी अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने सऊदी अरब के कहने पर अदन से ताइज के लिए सैनिक भेजे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर हूती मोखा बंदरगाह या बाब अल-मंदेब के आसपास के रणनीतिक इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं, तो इससे यमनी सरकार और सऊदी अरब के साथ किसी भी बातचीत में उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है।

हूती विद्रोही कौन हैं?
हूती विद्रोही यमन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले जायदी शिया समुदाय का एक सशस्त्र संगठन है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में एक धार्मिक-सामाजिक आंदोलन के रूप में हुई थी। हूती सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते थे।
2011 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई अरब क्रांति की लहर यमन भी पहुंची। उस समय राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह करीब 33 साल से सत्ता में थे। युवाओं के प्रदर्शन की वजह से उनकी गद्दी छीन गई। फरवरी 2012 में अब्दरब्बू मंसूर हादी राष्ट्रपति बने। लेकिन उनकी सरकार कमजोर थी।
हूती विद्रोहियों ने इसका फायदा उठाया और सितंबर 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2015 में राष्ट्रपति हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। हादी के पद छोड़ने के बाद से यमन पर किसी एक सरकार का कंट्रोल नहीं है।
अभी यमन कई हिस्सों में बंटा हुआ है। हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का समर्थन मिलता है।

—————————
यह खबर भी पढ़ें…
मिडिल ईस्ट में शुरू हो सकती है एक नई जंग:सऊदी अरब का यमन की राजधानी सना पर हमला, हूती ने शुरू की समुद्री नाकेबंदी

28 फरवरी को जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू हुई थी, तभी माना जा रहा था कि इसमें ईरान के सहयोगी हूती विद्रोही भी कूद सकते हैं। करीब पांच महीने बाद वही आशंका सच साबित होती दिख रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दक्षिणी दिल्ली में सफाई व्यवस्था का आयुक्त ने लिया जायजा: अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश, एफसीटीएस में पुराने कचरे की सफाई के आदेश – New Delhi News
दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने शुक्रवार को दक्षिण क्षेत्र का दौरा कर सफाई और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। पुष्पा विहार से शुरू हुआ निरीक्षण खानपुर, संगम विहार और देवली तक चला। इस दौरान उन्होंने कचरा संग्रह केंद्रों, स्वच्छता वाहनों, फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विधायक चंदन कुमार चौधरी, पार्षद ममता यादव, दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार समेत निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुष्पा विहार स्थित स्वच्छता वाहन स्थल पर आयुक्त ने टिपरों और अन्य वाहनों की निगरानी व्यवस्था देखी। उन्होंने कन्सेशनर को वाहनों के उचित रखरखाव और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों को देखते हुए नियमित धूल नियंत्रण और कचरा संग्रह केंद्रों से समय पर कचरा उठाने पर विशेष जोर दिया। खानपुर में पीपल चौक, एमबी रोड और आसपास के कचरा स्थलों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। मेट्रो और एमबी रोड के आसपास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा।
संगम विहार में नए एफसीटीएस का निरीक्षण
आयुक्त ने संगम विहार में नवनिर्मित फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) का निरीक्षण किया। उन्होंने कचरा फेंकने और निर्माण व तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे की निगरानी बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। स्टेशन के पीछे जमा पुराने कचरे को तत्काल हटाने को कहा। देवली में कचरा संग्रह केंद्रों का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने मानसून में जलभराव रोकने के लिए जरूरी कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित निगरानी केंद्र का भी दौरा किया और सफाई व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि एमसीडी विकास परियोजनाओं और स्वच्छता पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए बेहतर नागरिक सुविधाएं देने, स्वच्छता बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शहरी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Source link


