Thursday, August 13, 2026
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कार बेचने का झांसा देकर 3.25 लाख ठगे: गुजरात में पेमेंट करवाया, रकम मिलते ही चाबी-डॉक्यूमेंट लेकर भागे – Sriganganagar News




श्रीगंगानगर में कार खरीदने पहुंचे डीलर से 3 लाख 25 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कार बेचने का झांसा देकर डीलर को श्यामनगर बुलाया और 3.25 लाख रुपए का सौदा तय किया। इसके बाद साजिश के तहत पेमेंट गांधीनगर (गुजरात) में करवाया गया। वहां रकम मिलने की पुष्टि होते ही आरोपी कार की चाबी, 29-30 नंबर फॉर्म, बैंक की एनओसी और दूसरे कागजात लेकर बैठ गए और डिलीवरी देने से इनकार कर दिया। डीलर को धमकाकर वापस भेज दिया गया। मामले में पुरानी आबादी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार-24 का सेल्स एग्जिक्यूटिव बताकर किया कॉन्टेक्ट पुलिस के अनुसार सिंह कार बाजार के संचालक प्रिंस गंभीरी निवासी चूनावढ़ ने रिपोर्ट दी है। इसमें हितेश शाह, उसके पिता अशोक शाह और नीतिश उर्फ अभिषेक निवासी गांधीनगर (गुजरात) पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। प्रिंस ने बताया कि नीतिश ने उसे कॉल कर खुद को कार-24 का सेल्स एग्जिक्यूटिव बताया और कहा कि श्यामनगर में उसके जानकार की कार बिकाऊ है। इसके बाद प्रिंस अपने साथी डेनिश सनेजा के साथ श्यामनगर पहुंचा। ट्रायल के बाद 3.25 लाख में सौदा तय हुआ श्यामनगर पहुंचने पर प्रिंस और डेनिश की मुलाकात हितेश और अशोक शाह से हुई। कार की ट्रायल लेने के बाद दोनों पक्षों के बीच 3 लाख 25 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। इसके बाद अशोक और हितेश के कहने पर प्रिंस ने 3.25 लाख रुपए का भुगतान गांधीनगर में करवाया। अभिषेक का एक व्यक्ति वहां से रकम लेकर चला गया। गुजरात में पेमेंट मिलते ही चाबी-कागजात उठाए प्रिंस ने पुलिस को बताया कि इस दौरान वह और डेनिश, हितेश और अशोक के पास बैठे रहे। गुजरात में रकम मिलने की पुष्टि होने के बाद हितेश और अशोक ने टेबल पर रखी कार की चाबी, 29-30 नंबर फॉर्म, बैंक की एनओसी और अन्य कागजात उठा लिए। इसके बाद उन्होंने कार की डिलीवरी देने से इनकार कर दिया और दोनों को धमकाकर वापस भेज दिया। पुरानी आबादी थाने में केस, ASI कर रहे जांच ठगी के बाद प्रिंस गंभीरी ने पुरानी आबादी थाने में रिपोर्ट दी। पुलिस ने हितेश शाह, अशोक शाह और नीतिश उर्फ अभिषेक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई छिंदरपाल सिंह कर रहे हैं।



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मथुरा में 4 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा: ग्रामीण पहुंचे DM कार्यालय, बोले- लंबे समय से बेशकीमती जमीन पर नजर – Mathura News




मथुरा के सदर तहसील क्षेत्र के मौजा अल्हेपुर में करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है। गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने खसरा संख्या 58 की नवीन परती भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक, यह जमीन चकबंदी के दौरान वर्ष 2000 में नवीन परती के रूप में छोड़ी गई थी। गांव के मुहाने पर मुख्य मार्ग से लगी होने के कारण इसकी बाजार कीमत करीब 4 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इन लोगों पर कब्जे का आरोप प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रहलाद, सत्यप्रकाश, मुकुट, हरिराम, रमेश, करन और टिंकू पुत्रगण राधाचरण तथा राहुल पुत्र दुर्गाप्रसाद खसरा संख्या 58 की जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपियों की लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन पर नजर थी। अब सरकारी भूमि पर निर्माण कराने या कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। नगर निगम में शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले नगर निगम मथुरा-वृंदावन में भी की गई थी, लेकिन अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कुछ सरकारी कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर कब्जा हटाने की मांग ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से खसरा संख्या 58 के राजस्व अभिलेखों की जांच कराने और सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही कब्जे का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की अपील की है। शिकायत के साथ खसरा संख्या 58 की खतौनी की नकल भी लगाई गई है। अब मामले में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।



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शेखपुरा में तालाब में डूबने से बच्चे की मौत: वाजिदपुर गांव में हुआ एक्सीडेंट, 4 घंटे बाद बॉडी बरामद – Sheikhpura News




शेखपुरा जिले के वाजिदपुर गांव में गुरुवार को एक 13 वर्षीय बालक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के बघार स्थित एक तालाब में हुई। मृतक की पहचान वाजिदपुर गांव निवासी बटोरन चौधरी के पुत्र मुकेश कुमार के रूप में हुई है। उसके बड़े भाई रौशन कुमार ने बताया कि मुकेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। वह गांव से पश्चिम अपने खेत में हो रही धान की रोपनी देखने गया था। मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़ इसी दौरान तालाब के तटबंध से उसका पैर फिसल गया और वह पानी में जा डूबा। घटना के बाद काफी खोजबीन की गई। लगभग चार घंटे बाद बालक का शव तालाब से निकाला जा सका। शव मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम पसर गया। घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई थी। घटना को लेकर UD केस दर्ज नगर थाना पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल शेखपुरा भेज दिया है। नगर थाना अध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के संबंध में स्थानीय थाने में एक यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) केस दर्ज किया गया है।



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यूक्रेन की 855KM रेंज वाली FP-9 मिसाइल, अटैक और डिफेंस का टू-इन-वन कॉम्बो


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यूक्रेन ने रूस को जवाब देने के लिए स्वदेशी FP-7 और FP-9 बैलिस्टिक मिसाइलें तैयार कर ली हैं.  इसकी खूब‍ियां कमाल की हैं. 200 किमी रेंज वाली FP-7 एयर डिफेंस का भी काम करेगी, जबकि 855 किमी मारक क्षमता और 800KG वॉरहेड वाली FP-9 मिसाइल सीधे मॉस्को में तबाही मचाने का दम रखती है.

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यूक्रेन ने बैल‍िस्‍ट‍िक मिसाइलें बना ली हैं, जो मॉस्‍को पर सीधा अटैक करने वाली हैं.

रूस-यूक्रेन जंग में अब वो होने जा रहा है, जिसका खौफ रूसी राष्‍ट्रपत‍ि व्लादिमीर पुतिन को सबसे ज्यादा था. अब तक यूक्रेन सिर्फ विदेशी हथियारों के दम पर रूस के हमलों से खुद को बचा रहा था या ड्रोन से छिटपुट पलटवार कर रहा था. लेकिन अब यूक्रेन ने अपने ही घर में एक ऐसा ब्रह्मास्त्र तैयार कर लिया है, जो मॉस्को में तबाही मचाने का दम रखता है. यूक्रेन ने 855KM रेंज वाली FP-9 मिसाइल बना ली है. साथ ही बैल‍िस्‍ट‍िक म‍िसाइल FP-7 भी बनाई है. दोनों को आप अटैक और ड‍िफेंस का टू-इन-वन कॉम्बो कह सकते हैं. क्‍योंक‍ि यह न सिर्फ तबाही मचाती है, बल्‍क‍ि दुश्मन के हमलों से ड‍िफेंस भी करती है.

यूक्रेन की ड‍िफेंस कंपनी फायर पॉइंट ये मिसाइलें बना रही है. कंपनी की सीईओ इरिना तेरेख ने दावा क‍िया क‍ि मिसाइलें इसी स्‍प्र‍िंग सीजन यानी पतझड़ के मौसम में एक्‍शन के लिए तैयार हो जाएंगी. ये इतनी खतरनाक होंगी ज‍िनका जवाब तलाशना आसान नहीं होगा.

FP-7 मिसाइल की खूब‍ियां

  1. FP-7 एक टैक्टिकल शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. इसकी मारक क्षमता 200 किलोमीटर तक है. यह अपने साथ 150 किलो का भारी वॉरहेड यानी विस्फोटक ले जाने में सक्षम है. यह अचूक वार से जमीन पर मौजूद रूसी ठिकानों को राख कर सकती है.
  2. FP-7 सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान में भी कहर बरपाएगी. इसे इस तरह अपग्रेड किया जा रहा है कि यह एयर डिफेंस सिस्टम का हिस्सा बन सके और हवा में ही दुश्मन की मिसाइलों को मार गिराए.
  3. यह मिसाइल अभी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में है और असली युद्ध क्षेत्र में इसका कड़ा परीक्षण किया जा रहा है, ताकि इसकी घातक क्षमता को साबित किया जा सके.

FP-9 मिसाइल, ज‍िसका न‍िशाना मॉस्‍को

  1. FP-9 की रेंज खतरनाक है. इसकी मारक क्षमता 855 किलोमीटर तक है. इस रेंज का सीधा मतलब है कि अब रूस की राजधानी मॉस्को और वहां मौजूद सैन्य ठिकाने यूक्रेन के सीधे निशाने पर होंगे.
  2. FP-9 मिसाइल 800 किलो का विशाल वॉरहेड लेकर उड़ेगी. इतनी भारी मात्रा में बारूद जब मॉस्को के करीब गिरेगा, तो तबाही का मंजर क्या होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.
  3. यह मिसाइल इतनी तेज और घातक है कि रूस के लिए इसे इंटरसेप्ट करना या हवा में रोकना लगभग नामुमकिन होगा. यूक्रेन इसका इस्तेमाल सीधे रूस के उन ठिकानों को तबाह करने में करेगा, जहां से उस पर हमले होते हैं.

पहला एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम भी बनाया

FP-7 मिसाइल यूरोप के पहले कॉमन एंटी-बैलिस्टिक सिस्टम फ्रेया का हिस्सा बनेगी. इस सिस्टम को अमेरिका की खतरनाक पैट्रियट मिसाइल की तर्ज पर बनाया जा रहा है. शुरुआत में FP-7 मिसाइल अमेरिकी PAC-2 की तरह काम करेगी, जो दुश्मन की मिसाइल के पास जाकर ब्लास्ट होती है और उसे नष्ट कर देती है. भविष्य में यूक्रेन PAC-3 की तरह ‘हिट-टू-किल’ तकनीक विकसित करेगा, जो सीधे हवा में दुश्मन की मिसाइल से टकराकर उसे मटियामेट कर देगी.

यूक्रेन का स्वदेशी ड्रोन और मिसाइल खौफ

यूक्रेन ने पहले से ही स्वदेशी ड्रोन्स FP-1 और FP-2 से रूस की ऑयल रिफाइनरियों और अहम ठिकानों पर कहर ढा रखा है. इरिना तेरेख ने कहा, हमने इस साल रूस पर जितने ड्रोन दागे हैं, वो रूस के हमलों से दोगुने हैं. 2022 में हम इसका सपना भी नहीं देख सकते थे. इन मिसाइलों के आने से यूक्रेन की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी और उसे किसी विदेशी देश से रूस पर हमले की इजाजत नहीं मांगनी पड़ेगी.

यूक्रेन के इस स्वदेशी मिसाइल प्रोग्राम से रूस बुरी तरह बौखलाया हुआ है. रूसी खुफिया एजेंसियां लगातार यूक्रेन की फैक्ट्रियों को निशाना बनाने की कोशिश कर रही हैं ताकि बड़े पैमाने पर उत्पादन को रोका जा सके. लेकिन यूक्रेन अब पीछे हटने के मूड में नहीं है, वह अपने हथियारों से रूस को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा है.

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ज्ञानेंद्र म‍िश्रDeputy News Editor

ज्ञानेंद्र कुमार मिश्रा हिंदी पत्रकारिता का एक जाना-पहचाना नाम हैं. उन्‍हें मीड‍िया में करीब 20 साल का एक्सपीरियंस है. वर्तमान में वह News18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं …

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बस किराया बढ़ने का विरोध, स्टूडेंट्स-प्राइवेट वर्कर परेशान: बोले- पुरानी व्यवस्था फिर से लागू की जाए, बस एसोसिएशन देगा 40 फीसदी छूट – Balaghat (Madhya Pradesh) News




बालाघाट में बस किराए में हुई बढ़ोतरी से परेशान छात्रों और प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों ने विरोध किया। गुरुवार को इन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर बढ़ा हुआ किराया वापस लेने की मांग की है। छात्रा प्राची ने बताया कि किराए में सीधे दोगुनी बढ़ोतरी से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है। पहले मोहगांव से बालाघाट आने-जाने का किराया जहां 100 रुपए लगता था, अब वह सीधे 200 रुपए हो गया है। उन्होंने मांग उठाई है कि महंगाई के दौर में आम लोगों को राहत देने के लिए किराया पहले जैसा ही किया जाए। 1 हफ्ते का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी युवा प्रतिनिधि मुकेश माहुले ने कहा कि इस फैसले से सबसे ज्यादा मार छात्रों और कम आय वाले कामकाजी लोगों पर पड़ी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि छात्र और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए। माहुले ने चेतावनी दी कि अगर 1 हफ्ते के अंदर बढ़ा किराया वापस नहीं हुआ, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और बस ऑपरेटरों की होगी। बस एसोसिएशन की सफाई, पास बनवाकर मिलेगी 40% छूट दूसरी तरफ, बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के सचिव श्याम कौशल ने बताया कि सरकार ने लंबे समय बाद यात्री किराए में संशोधन किया है। हालांकि, उन्होंने रोज सफर करने वाले छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को राहत देने का ऐलान किया है। एसोसिएशन ऐसे यात्रियों के लिए मंथली पास बनाएगा, जिस पर उन्हें मौजूदा किराए में 40% की छूट मिलेगी। कोई भी यात्री बस ऑपरेटर या एजेंट से संपर्क कर यह पास बनवा सकता है।



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बचे हुए चावल देखकर अब नहीं होगी टेंशन, सूजी-दही से बनाएं स्पंजी नाश्ता

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Leftover Rice Recipe: रात के बचे हुए चावल से सुबह के लिए स्वादिष्ट और सॉफ्ट नाश्ता तैयार किया जा सकता है. इसके लिए चावल के साथ सूजी और दही मिलाकर आसान बैटर बनाया जाता है. फ्रूट साल्ट या ईनो मिलाने से नाश्ते को हल्का और स्पंजी टेक्सचर मिलने में मदद मिलती है. इसे धीमी आंच पर पकाने से ऊपर छोटे-छोटे छेद और जाली जैसी बनावट दिखाई देती है. इसके साथ टमाटर, प्याज, लहसुन और मिर्च से बनी चटपटी चटनी परोसी जा सकती है. यह बचे हुए चावल इस्तेमाल करने के साथ सुबह के नाश्ते और बच्चों के टिफिन के लिए भी अच्छा विकल्प है.

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बचे हुए चावल की रेसिपी (इमेज AI)

Leftover Rice Recipe: कभी-कभी रात के खाने के बाद बचे हुए चावल सुबह रसोई में रखे मिलते हैं और समझ नहीं आता कि उनका क्या बनाया जाए. रोज फ्राइड राइस या जीरा राइस बनाना भी आखिर कब तक? ऐसे में अगर आपके पास थोड़ी सी सूजी और दही है, तो इन्हीं साधारण चीजों से स्वादिष्ट और सॉफ्ट नाश्ता तैयार किया जा सकता है. खास बात यह है कि इसके लिए न तो ज्यादा मेहनत चाहिए और न ही बहुत सारी सामग्री. बचे हुए चावल, सूजी और दही से तैयार होने वाला यह नाश्ता अंदर से बेहद नरम और हल्का स्पंजी बनता है. तवे पर पकाते समय इसकी सतह पर जाली जैसी बनावट भी नजर आती है, जो इसे देखने में खास बनाती है. सुबह की जल्दी में यह रेसिपी काफी काम आ सकती है. इसे बच्चों के टिफिन में भी रखा जा सकता है और घर आए मेहमानों के लिए चटपटी चटनी के साथ परोसा जा सकता है.

बचे हुए चावल से तैयार होगा झटपट नाश्ता
इस रेसिपी की सबसे अच्छी बात यही है कि इसमें रात के बचे चावल बेकार नहीं जाते. एक कटोरी पके हुए चावल लें और उसमें एक कप सूजी, आधा कप दही, करीब एक कप पानी और स्वादानुसार नमक डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर ढक दें और करीब 5 मिनट के लिए रख दें. इस दौरान सूजी पानी और दही को सोखकर फूलने लगेगी, अगर मिश्रण बहुत ज्यादा गाढ़ा लगे तो जरूरत के हिसाब से थोड़ा पानी और डाला जा सकता है. बैटर न तो बहुत पतला होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा गाढ़ा.

साथ में बनाएं चटपटी टमाटर की चटनी
जब तक चावल और सूजी का मिश्रण तैयार हो रहा है, तब तक चटनी बनाई जा सकती है. इसके लिए पैन में थोड़ा तेल गर्म करें. इसमें चना दाल और उड़द दाल डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें. अब इसमें लहसुन की कुछ कलियां, हरी मिर्च, कटा हुआ प्याज और सूखी लाल मिर्च डालें. मसालों को ज्यादा तेज आंच पर न भूनें, वरना लहसुन और मिर्च का स्वाद कड़वा हो सकता है. इसके बाद कटे हुए टमाटर और थोड़ा नमक डालकर पैन को ढक दें. टमाटर नरम होने तक इसे पकाएं.

(इमेज AI)

चटनी में तड़का लगाएगा स्वाद
टमाटर-प्याज का मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे मिक्सी में डालें. इसमें थोड़ा कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालकर बारीक पीस लें. तैयार चटनी को कटोरी में निकालें. अब छोटे तड़का पैन में थोड़ा तेल गर्म करके राई, करी पत्ता और एक सूखी लाल मिर्च डालें. जैसे ही राई चटकने लगे, यह तड़का चटनी के ऊपर डाल दें. इससे चटनी में खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएंगे.

चावल-सूजी का बैटर ऐसे बनेगा स्पंजी
अब पहले से रखे चावल और सूजी के मिश्रण को मिक्सी में डालें. जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाकर इसे अच्छी तरह पीस लें. कोशिश करें कि बैटर बिल्कुल स्मूथ रहे और उसमें चावल के बड़े टुकड़े न बचें. बैटर को एक बाउल में निकालें. अब इसमें चुटकी भर फ्रूट साल्ट या जरूरत के अनुसार ईनो डालकर हल्के हाथ से मिला दें. इसे मिलाने के बाद बैटर को ज्यादा देर तक न रखें, क्योंकि इसी समय इसमें हल्कापन आता है.

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रिपोर्ट- अमेरिकी नौसैनिकों ने जहाज से कूदने की कोशिश की: मानसिक तनाव से जूझ रहे; USS अब्राहम लिंकन वॉरशिप ईरान जंग में 9 महीने से तैनात




अमेरिकी वॉरशिप USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिक भारी मानसिक और शारीरिक तनाव से गुजर रहे हैं। नेवी टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर तैनात 6 अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने इस लंबे मिशन के दौरान जहाज से समुद्र में कूदने की कोशिश की। USS अब्राहम लिंकन करीब 9 महीने से समुद्र में है। यह जहाज लगातार 250 से ज्यादा दिन तक बिना किसी पोर्ट पर रुके समूद्र में लगातार चल रहा है। इस पर करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और मरीन तैनात हैं। जहाज 21 नवंबर 2025 को सैन डिएगो से रवाना हुआ था। इसे पहले प्रशांत क्षेत्र में जाना था, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इसे पश्चिम एशिया भेज दिया गया। मई में लौटना था, लेकिन मिशन बार-बार बढ़ा इस तैनाती को पहले मई में खत्म होना था। लेकिन इसे कई बार आगे बढ़ाया गया। अब जहाज ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध में पांचवें महीने की लड़ाकू अभियान में है। लगातार बढ़ती तैनाती और लंबे समय तक समुद्र में रहने का असर जहाज पर तैनात लोगों की मानसिक और शारीरिक हालत पर पड़ रहा है। परिवारों ने नौसेना से मदद मांगी इससे पहले सैन डिएगो में करीब 200 परिवारों ने एक टाउन हॉल में कार्यवाहक नौसेना सेक्रेटरी हंग काओ के सामने अपनी चिंताएं रखीं। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों ने बताया कि लंबे मिशन का उनके रिश्तेदारों पर गंभीर असर पड़ रहा है। एक महिला ने हंग काओ को बताया कि उसके पति ने उसे मैसेज किया था कि वह उम्मीद करता है कि अगली सुबह उसकी आंख न खुले। एक अन्य परिवार के सदस्य ने नौसेना के नेतृत्व पर भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहले परिवारों को नौसेना के लीडरशिप पर भरोसा था, लेकिन अब वह भरोसा खत्म हो गया है। जहाज पर रहने की हालत को लेकर भी शिकायतें मानसिक तनाव के साथ-साथ जहाज पर रहने की खराब होती सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। कैलिफोर्निया के कांग्रेस सदस्य माइक लेविन ने X पर लिखा कि जहाज पर तैनात नौसैनिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि जहाज पर शावर में फफूंद लगी है, कई टॉयलेट खराब हैं और लॉन्ड्री की सुविधा कई हफ्तों तक बंद थी। लंबे समय तक गर्म पानी भी नहीं मिला। लेविन के मुताबिक, खाने के हालत भी खराब थे। एक समय खाने में सिर्फ आधा कप चावल और दो टॉर्टिला दिए गए। इसके अलावा साबुन, डियोडरेंट और टूथपेस्ट जैसी जरूरी चीजों की भी कमी रही। खराब हालत को रक्षा मंत्री ने फेक न्यूज बताया खराब हालात से जुड़ी रिपोर्टों को अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने खारिज करते हुए इन्हें फेक न्यूज बताया था। इसके जवाब में माइक लेविन ने रक्षा मंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये सैनिक अपने देश की सेवा करने के लिए सेना में शामिल हुए हैं। उनके मुताबिक, देश को कम से कम उन्हें गर्म पानी, काम करने वाला टॉयलेट और अच्छा खाना तो देना ही चाहिए। लेविन ने आरोप लगाया कि हेगसेथ ये बुनियादी सुविधाएं तक नहीं दे पा रहे हैं और इसके बावजूद परिवारों के सामने खड़े होकर उन्हें झूठा कह रहे हैं।



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NEET में चाहिए टॉप रैंक? नंबर 2 रैंकिंग वाले पांशुल ने बताए सफलता के 6 अचूक मंत्र


Highlights

  • AIR 2 पांशुल बंसल ने NEET की तैयारी में NCERT और लगातार रिवीजन को जरूरी बताया।
  • पांशुल ने कमजोर अध्यायों पर फोकस और मॉक टेस्ट के विश्लेषण की सलाह दी।
  • पांशुल ने तैयारी के शुरुआती दौर में उन्होंने सबसे ज्यादा ध्यान कॉन्सेप्ट समझने पर दिया।

नई दिल्ली: NEET UG 2026 के नतीजों में हरियाणा के पांशुल बंसल ने 99.99 पर्सेंटाइल के साथ पूरे भारत में दूसरी रैंक (AIR-2) हासिल की। पांशुल ने अपनी सफलता की तैयारी और रणनीति साझा करते हुए बताया कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी में NCERT किताबों, कॉन्सेप्ट क्लियर करने, लगातार अभ्यास और मॉक टेस्ट की अहम भूमिका रही। पांशुल ने बताया कि उन्होंने कक्षा 8 से ही NEET की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने Biology और Chemistry के लिए NCERT की किताबों को अच्छी तरह पढ़ा। इसके साथ ही उन्होंने अपने कोचिंग संस्थान की ओर से दिए गए स्टडी मटेरियल का भी इस्तेमाल किया।

पहले कॉन्सेप्ट क्लियर किए, फिर सवालों की प्रैक्टिस

पांशुल के मुताबिक, तैयारी के शुरुआती दौर में उन्होंने सबसे ज्यादा ध्यान कॉन्सेप्ट समझने पर दिया। जब कॉन्सेप्ट मजबूत हो गए तो उन्होंने सैंपल पेपर और मॉक टेस्ट देना शुरू किया। उन्होंने अलग-अलग तरह के प्रतियोगी सवालों का अनुभव हासिल करने के लिए JEE के सवाल भी हल किए। उनका मानना है कि इससे कठिन और अलग पैटर्न वाले प्रश्नों को समझने में मदद मिली।

NEET से पहले रोज मॉक टेस्ट पर दिया जोर

परीक्षा के कुछ महीने पहले पांशुल ने लगभग हर दिन मॉक टेस्ट देने की कोशिश की। उनके अनुसार, मॉक टेस्ट से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि कौन से अध्याय कमजोर हैं और परीक्षा के दौरान किस तरह की छोटी-छोटी गलतियां हो रही हैं। मॉक टेस्ट से टाइम मैनेजमेंट और परीक्षा के दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता भी विकसित होती है। पांशुल ने कहा,

‘मॉक टेस्ट से कमजोर अध्यायों, छोटी-छोटी गलतियों और समय प्रबंधन की कमियों की पहचान करने में मदद मिलती है। साथ ही इससे परीक्षा के माहौल के लिए भी तैयारी होती है। टेस्ट देने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसका विश्लेषण करना है।’

NEET क्रैक करने के लिए पांशुल के 6 खास टिप्स

पांशुल ने NEET की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए छह महत्वपूर्ण तरीके बताए हैं। उनका कहना है कि तैयारी में सबसे जरूरी चीज निरंतरता है।

  1. हर विषय के लिए बनाएं अलग Error Notebook: जो सवाल गलत हो जाएं या जिनमें बार-बार गलती हो, उन्हें एक अलग कॉपी में लिखें। हर विषय के लिए अलग Error Notebook बनाएं और समय-समय पर उसमें लिखी गलतियों को दोहराएं।
  2. पढ़ते समय सोचें, सवाल कैसे बन सकता है: किसी अध्याय को पढ़ते समय सिर्फ उसे याद करने की कोशिश न करें। यह भी सोचें कि उस टॉपिक से किस तरह का सवाल परीक्षा में पूछा जा सकता है। इससे प्रश्नों को समझने और हल करने की क्षमता बेहतर होती है।
  3. किताब बंद करके खुद को टेस्ट करें: किसी चैप्टर को पढ़ने के बाद किताब बंद कर दें और बिना देखे डायग्राम, फॉर्मूले और जरूरी जानकारी याद करने की कोशिश करें। इससे पता चलता है कि वास्तव में कितना याद हुआ है।
  4. नया पढ़ने से ज्यादा रिवीजन को प्राथमिकता दें: हर चीज को पढ़ने और याद करने की कोशिश न करें। जो पढ़ चुके हैं, उसका बार-बार रिवीजन करें। पांशुल के मुताबिक, नया मटेरियल लगातार जोड़ने के बजाय पुराने टॉपिक्स को मजबूत करना ज्यादा जरूरी है।
  5. मजबूत अध्यायों के बजाय कमजोर टॉपिक्स पर ध्यान दें: जिन अध्यायों में पहले से अच्छी पकड़ है, उन्हीं पर बार-बार समय लगाने के बजाय कमजोर चैप्टर को प्राथमिकता दें। इससे तैयारी में मौजूद कमियों को दूर किया जा सकता है।
  6. लेक्चर देखने से ज्यादा टेस्ट और उसका विश्लेषण करें: पांशुल ने छात्रों को सलाह दी कि वे सिर्फ लगातार लेक्चर देखने पर निर्भर न रहें। ज्यादा से ज्यादा टेस्ट दें और उनका ठीक से विश्लेषण करें। इससे गलतियों को पहचानने और परीक्षा की रणनीति सुधारने में मदद मिलती है।

पांशुल ने NEET उम्मीदवारों को यह भी सलाह दी कि वे अपनी तैयारी में निरंतरता बनाए रखें। बार-बार किताबें, रणनीति और शिक्षक बदलने से बचना चाहिए। इसके साथ ही स्पीड और एक्यूरेसी यानी तेजी और सही उत्तर देने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए और पढ़े हुए टॉपिक्स का नियमित रिवीजन करना चाहिए। पांशुल Allen Career Institute, Faridabad के छात्र रहे हैं।

AIR 1 आर्यन गुप्ता ने भी बताया सफलता का मंत्र

NEET UG 2026 में पंजाब के लुधियाना के आर्यन गुप्ता ने 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। इंडिया टीवी को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने अपने सपने के बारे में भी बताया था। उनके कुल स्कोर में बायोलॉजी के 360 अंक, फिजिक्स के 180 अंक और केमिस्ट्री के 175 अंक शामिल रहे। आर्यन ने बताया कि उन्होंने कक्षा 11 से NEET की तैयारी शुरू की थी। बोर्ड परीक्षा की तैयारी के साथ उन्होंने NEET के लिए रोजाना करीब 13 से 14 घंटे पढ़ाई की। उन्होंने मुख्य रूप से अपने कोचिंग संस्थान के स्टडी मटेरियल और शिक्षकों के निर्देशों को फॉलो किया।

परीक्षा से पहले करीब 40 मॉक टेस्ट दिए

आर्यन ने बताया कि NEET से कुछ महीने पहले उन्होंने मॉक टेस्ट, सैंपल पेपर और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों पर खास ध्यान दिया। उन्होंने करीब 40 मॉक टेस्ट दिए। उनके मुताबिक, इन टेस्ट से उन्हें परीक्षा में सवालों का सामना करने का आत्मविश्वास बढ़ाने में काफी मदद मिली। आर्यन ने भविष्य के NEET उम्मीदवारों को सलाह देते हुए कहा,

‘सवालों को हल करने पर ध्यान दें और जितने ज्यादा मॉक टेस्ट दे सकते हैं, दें। इससे आपको किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का सामना करने के लिए तैयार होने में मदद मिलेगी।’

दोनों की रणनीति में एक बात दिखी कॉमन

दोनों टॉपर्स की रणनीति में एक बात समान दिखाई देती है कि सिर्फ पढ़ना ही नहीं, बल्कि पढ़े हुए को लगातार दोहराना, सवाल हल करना और मॉक टेस्ट के जरिए अपनी गलतियों को सुधारना भी जरूरी होता है। NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षा में यही अभ्यास तैयारी को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

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राहुल बोले-देश में लोगों को बोलने से रोका जा रहा: हमारा काम आवाज बुलंद करना, सरकार को समझ आ गया कि लोग अब चुप नहीं रहेंगे




लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि सरकार लोगों को अपनी बात रखने से रोक रही है। सरकार व्यवस्था लागू करना चाहती है, जबकि कांग्रेस का काम भारत को अपनी बात कहने का मौका देना है। दिल्ली में हो रहे कांग्रेस का ‘रचनात्मक कांग्रेस प्रकोष्ठ’ के अधिवेशन में राहुल ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपनी बात रखना चाहते थे। छात्र परेशान थे और अपनी पीड़ा व्यक्त करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। सरकार को समझ आ गया है कि लोग अब चुप नहीं रहेंगे। पहली बार अभिव्यक्ति का सामना करना पड़ रहा दो दिन के अधिवेशन में कई मुद्दों पर चर्चा रचनात्मक कांग्रेस का राष्ट्रीय अधिवेशन 12 अगस्त को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में शुरू हुआ था। इसमें सामाजिक संगठनों, कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, अकादमिक जगत, कलाकारों, समुदाय प्रतिनिधियों और नागरिक समाज से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। पहले दिन अर्थव्यवस्था, रोजगार, गरीबी और असमानता, पर्यावरण, विकास, विस्थापन, प्रदूषण, शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, अधिकार, संस्कृति और शोध जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौजूद थे। ———————- ये खबर भी पढ़ें… राहुल बोले-कांग्रेस हो या केंद्र सरकार, स्टूडेंट की बात सुनें:इंस्टाग्राम पर ‘आस्क मी एनीथिंग’ सेशन शुरू किया राहुल गांधी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट में कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बर्बाद है। हर सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…



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कूल अंदाज में जयपुर पहुंचीं एक्ट्रेस निहारिका तिवारी: बोलीं- पिंकसिटी से मेरा खास जुड़ाव, यहां आकर अच्छा लगता है; क्लब में करेंगी परफॉर्म – Jaipur News




बॉलीवुड एक्ट्रेस निहारिका तिवारी गुरुवार को जयपुर पहुंचीं। जयपुर एयरपोर्ट पर उनके फैंस ने उनका भव्य स्वागत किया। एयरपोर्ट से निहारिका सीधे होटल के लिए रवाना हुईं। शाम को वे जयपुर के एक क्लब में परफॉर्म करेंगी, जहां उनके फैंस को उनकी लाइव परफॉर्मेंस देखने का मौका मिलेगा। जयपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान निहारिका ने कहा, “जयपुर में परफॉर्म करना मेरे लिए हमेशा खास रहा है। जयपुर से मेरा व्यक्तिगत जुड़ाव भी है और मैं यहां अपने गानों की शूटिंग के लिए भी आ चुकी हूं।” उन्होंने आगे कहा कि शहर की खूबसूरत वास्तुकला, राजस्थानी संस्कृति और यहां का खान-पान उन्हें हमेशा आकर्षित करता है। उनके मुताबिक, जयपुर में उन्हें एक अलग तरह का अपनापन महसूस होता है। जयपुर में आज शाम होगी लाइव परफॉर्मेंस
निहारिका अब शाम की अपनी परफॉर्मेंस को लेकर पूरी तरह तैयार हैं। उनके जयपुर दौरे को लेकर उनके फैंस में खासा उत्साह है। एयरपोर्ट पर भी फैंस ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ सेल्फी व फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। ‘शीशा’ ने दिलाई देशभर में पहचान निहारिका तिवारी इन दिनों अपने ‘शीशा’ म्यूजिक वीडियो को लेकर भी काफी चर्चा में हैं। इस गाने के ऑफिशियल वीडियो में निहारिका तिवारी और सोराब बेदी नजर आए हैं। गाने की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी रिलीज के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके ऑडियो पर बड़ी संख्या में रील्स बनाई गईं। एक रिपोर्ट के अनुसार, ‘शीशा’ ने स्पॉटिफ़ाई इंडिया (Spotify India) और बिलबोर्ड इंडिया (Billboard India) के चार्ट्स में भी जगह बनाई थी और इसे करोड़ों स्ट्रीम्स व व्यूज मिल चुके हैं। निहारिका की लोकप्रियता का एक बड़ा हिस्सा सोशल मीडिया और म्यूजिक वीडियो से जुड़ा है। उनके अभिनय क्रेडिट्स में ‘माशुका’, ‘ चॉकलेट’ और ‘ केंडी क्रश बन जाउंगी’ जैसे म्यूजिक वीडियो शामिल हैं। उन्होंने 2021 से म्यूजिक वीडियो में अभिनय करना शुरू किया और इसके बाद लगातार अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनीं। ‘Splitsvilla X6’ से भी बढ़ी लोकप्रियता निहारिका तिवारी की पहचान केवल म्यूजिक वीडियो तक सीमित नहीं रही। वे लोकप्रिय रियलिटी शो ‘MTV Splitsvilla X6’ का भी हिस्सा रहीं। शो के दौरान उनकी पर्सनैलिटी, रिश्तों और अलग-अलग टास्क में उनके प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा होती रही। शो के बाद भी वे अपने सोशल मीडिया कंटेंट और म्यूजिक प्रोजेक्ट्स के कारण सुर्खियों में बनी हुई हैं। सोशल मीडिया से मिली मजबूत पहचान निहारिका की लोकप्रियता का एक अहम आधार उनका सोशल मीडिया कनेक्शन भी है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपनी अलग फैन फॉलोइंग बनाई है। उनके वीडियो, फोटोशूट और म्यूजिक प्रोजेक्ट्स सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रहते हैं। यही वजह है कि म्यूजिक वीडियो और रियलिटी शो के साथ उनकी डिजिटल मौजूदगी भी उनके करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।



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