दमोह जिले के तेजगढ़ वन परिक्षेत्र के पटेरिया गांव के नाले में बुधवार दोपहर एक मगरमच्छ दिखाई दिया। इसे देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। लोग अपनी जान बचाकर भागे और वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने 6 फीट लंबे मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को फिलहाल तेजगढ़ वन परिक्षेत्र कैंपस में सुरक्षित रखा गया है। स्वास्थ्य जांच के बाद उसे किसी बड़े जलाशय में छोड़ा जाएगा। इस रेस्क्यू अभियान में बीट गार्ड कमलेश राय, स्थायी कर्मचारी अफजल खान, पप्पू खान, रवि रैकवार और सुरक्षा श्रमिक पंचम सिंह की टीम ने अहम भूमिका निभाई। वन परिक्षेत्र अधिकारी अखिलेश चौरसिया ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिलने के तुरंत बाद टीम को भेजा गया था। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ नाले में कहां से आया, इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, आशंका है कि बारिश में ब्यारमा नदी के पानी के साथ बहकर यह नाले में आ गया होगा। ग्रामीणों की समय पर नजर पड़ने से कोई हादसा नहीं हुआ।
Source link
दमोह- पटेरिया नाले में आ गया 6 फीट लंबा मगरमच्छ: देखने वालों की लगी भीड़, वन विभाग ने रेस्क्यू कर सुरक्षित पकड़ा – Damoh News
गया जंक्शन पर ट्रेन से 45 जिंदा कछुए बरामद: दून एक्सप्रेस से किए गए बरामद, बाथरूम के बाहर लावारिस पड़े दो झोले, एक पिट्ठू बैग में थे – Gayaji News
गया जंक्शन पर आरपीएफ, जीआरपी और सीपीडीएस की संयुक्त जांच के दौरान 45 जिंदा कछुए बरामद किए गए। सुरक्षा टीम ने यह कछुए ट्रेन संख्या 13010 डाउन ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-8 से बरामद किए। सभी कछुए दो झोलों और एक पिट्ठू बैग में रखे थे। ये तीनों बैग कोच के बाथरूम के बाहर लावारिस हालत में पड़े मिले। बरामदगी के बाद सुरक्षा टीम ने कछुओं को अपने कब्जे में लिया और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर वन विभाग के कर्मचारी को सौंप दिया। स्लीपर कोच एस-8 के बाथरूम के बाहर दो झोले, एक पिट्ठू बैग से मिले कछुए आरपीएफ पोस्ट गया से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 सितंबर की रात की है। ट्रेन संख्या 13010 डाउन ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंची थी। ट्रेन रुकते ही आरपीएफ, अपराध आसूचना शाखा, सीपीडीएस टीम और राजकीय रेल थाना गया की टीम ने मिलकर जांच शुरू की। जांच के दौरान स्लीपर कोच एस-8 के बाथरूम के बाहर दो झोले और एक पिट्ठू बैग लावारिस मिले। किसी यात्री ने इन बैगों पर अपना दावा नहीं किया। सुरक्षा टीम को संदेह हुआ, जिसके बाद तीनों बैगों को कब्जे में लेकर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैगों के अंदर जिंदा कछुए मिले। मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने सावधानी से सभी कछुओं को बाहर निकाला। गिनती करने पर कुल 45 जिंदा कछुए बरामद हुए। सुरक्षा टीम ने तुरंत सभी कछुओं को सुरक्षित अपने पास लिया और उन्हें आरपीएफ पोस्ट गया लाया गया। इसके बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई, ताकि कछुओं को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके और आगे की कानूनी कार्रवाई हो सके। लावारिस बैगों ने बढ़ाया तस्करी का शक सबसे अहम बात यह रही कि कछुओं से भरे तीनों बैग कोच के बाथरूम के बाहर लावारिस अवस्था में मिले। बैगों पर किसी व्यक्ति के मौजूद नहीं होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि इतनी बड़ी संख्या में कछुओं को ट्रेन में कौन लेकर आया था और इन्हें कहां ले जाने की तैयारी थी। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मामले को वन्यजीव तस्करी के एंगल से देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कछुओं को ट्रेन में किस स्टेशन से चढ़ाया गया और इन्हें किस गंतव्य तक पहुंचाया जाना था। यात्रियों और ट्रेन में संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। वन विभाग के अधिकृत कर्मचारी को सौंपे गए कछुए आरपीएफ थानाध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया की बरामद कछुओं को सुरक्षित रखने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग, गया के अधिकृत कर्मचारी एवं वनरक्षी वशिष्ठ कुमार आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 16 सितंबर को सभी 45 जीवित कछुओं को विधिवत वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ ने बताया कि कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। इसलिए बरामदगी के बाद उन्हें सुरक्षित अवस्था में वन विभाग को सौंपना आवश्यक था। अब वन विभाग द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
Source link
पीएम का 76वां जन्मदिन कल, देशभर में कार्यक्रम: उज्जैन में 25 लाख दीप जलेंगे, गुजरात से वाराणसी तक निकलेगी बाइक यात्रा; फरीदाबाद में दिव्यांगों को स्कूटी
पीएम नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन 17 सितंबर को है। इस मौके पर भाजपा देशभर में कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसे मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के तौर पर सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने से भी जोड़ा गया है। इसके तहत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। जन्मदिन पर देश के अलग-अलग हिस्सों में सेवा और जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम होंगे। भाजपा ने लोगों से घरों में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने की अपील की है। गुजरात स्थित पीएम के जन्मस्थल वडनगर और वाराणसी से बाइक यात्रा शुरू होगी। फरीदाबाद में भाजपा सांसद दिव्यांगों को इलेक्ट्रिक स्कूटी बांटेंगे। उज्जैन में 25 लाख से ज्यादा दीप जलाने की तैयारी है। मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया समेत 10 प्रमुख जगहों को लाइट्स से जगमग किया जाएगा। इधर पटना में बुधवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पीएम के कटआउट की आरती उतारी और दूध चढ़ाया। वाराणसी: बुनकर ने सिल्क साड़ी पर मोदी और उनकी मां की तस्वीर बनाई वाराणसी के बुनकर सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने सिल्क के धागों से पीएम मोदी की उनकी मां हीराबेन मोदी के साथ तस्वीर बनाई है। इसे पारंपरिक उचंद कला से तैयार किया गया है। इस तस्वीर को बनाने में करीब डेढ़ महीने का समय लगा। यह कलाकृति वाराणसी की बुनकरी और पारंपरिक कला की विरासत को भी दर्शाती है। गुजरात: वडनगर से वाराणसी तक बाइक यात्रा प्रधानमंत्री के जन्मस्थान वडनगर और लोकसभा क्षेत्र वाराणसी से 17 सितंबर को सेवा संकल्प बाइक यात्रा शुरू होगी। करीब 1,000 युवा इस यात्रा से जुड़ेंगे। यात्रा 10 राज्यों और 193 जिलों से होकर गुजरेगी। इसका समापन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित है। गुजरात से निकली चार उपयात्राएं आज रात तक वडनगर पहुंचेंगी। इसके बाद मुख्य बाइक यात्रा की शुरुआत होगी। मध्य प्रदेश: उज्जैन में 25 लाख से ज्यादा दीप जलेंगे उज्जैन में शिप्रा नदी के घाटों और महाकाल लोक क्षेत्र में करीब 25 लाख मिट्टी के दीप जलाए जाएंगे। भाजपा अध्यक्ष नीतिन नवीन शिप्रा नदी की आरती और ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी दिन इंदौर में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत राज्यभर में जमीन के लिए नई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होगी। भाजपा के मुताबिक, यह प्रक्रिया पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर शुरू होगी। हरियाणा: दिव्यांगों को इलेक्ट्रिक स्कूटी फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में 17 सितंबर को दिव्यांगजनों को इलेक्ट्रिक स्कूटी दी जाएगी। केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री और फरीदाबाद सांसद कृष्ण पाल गुर्जर सुबह 10:30 बजे स्कूटी वितरित करेंगे। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आने-जाने में आसानी देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना है। पश्चिम बंगाल: 50 हजार लाभार्थियों का कार्यक्रम कोलकाता के बोईमेला ग्राउंड में 17 सितंबर को करीब 50 हजार अन्नपूर्णा योजना लाभार्थियों को जुटाने की तैयारी है। प्रधानमंत्री के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम को संबोधित करने की संभावना है। मुंबई: गेटवे ऑफ इंडिया सहित 10 जगहें रोशन होंगी मुंबई में 10 प्रमुख जगहों को रोशन किया जाएगा। इनमें गेटवे ऑफ इंडिया, आरे कॉलोनी, बांधगंगा, गिरगांव चौपाटी, बांद्रा बैंडस्टैंड और संजय गांधी नेशनल पार्क शामिल हैं। मुंबई भाजपा की ओर से 10 हजार बूथों पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का कार्यक्रम भी रखा गया है। इसके अलावा ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ के जरिए युवाओं, छात्रों, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स को अपने आइडिया और प्रोडक्ट दिखाने का मौका दिया जाएगा। इसके विजेताओं को सरकार की ओर से सीड फंडिंग दी जाएगी।
Source link
देसी अंदाज में बनती है पुवाल मशरूम की मजेदार सब्जी, स्वाद ऐसा कि बार-बार बनाएंगे
Last Updated:
Paddy Straw Mushroom Recipe: देवघर में पुवाल मशरूम की देसी सब्जी घर पर आसानी से बनाई जा सकती है. इसे बनाने के लिए मशरूम के साथ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और रोजाना इस्तेमाल होने वाले मसालों की जरूरत होती है. पहले मशरूम को हल्का फ्राई किया जाता है. इसके बाद प्याज-टमाटर और मसालों को भूनकर मशरूम मिलाया जाता है. धीमी आंच पर पकाने से इसका स्वाद बेहतर होता है. इसे रोटी, पराठे या दाल-भात के साथ परोसा जा सकता है.
देवघर: अगर आपको भी कभी कुछ चटपटा और मसालेदार खाने का मन करे, तो इस बार होटल जाने के बजाय घर पर ही पुवाल मशरूम यानी पैडी स्ट्रॉ मशरूम की देसी सब्जी बनाकर देखिए. पुवाल मशरूम गांव-देहात में काफी पसंद किया जाता है. इसे बनाने का तरीका भी आसान है. खास बात यह है कि इसे तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और रोजाना इस्तेमाल होने वाले कुछ मसालों से इसका स्वाद बढ़िया बनाया जा सकता है. सही तरीके से पकाने पर मशरूम नरम और मसालेदार बनता है. रोटी, पराठे या दाल-भात के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
क्या कहती हैं गृहणी
47 वर्षीय गृहणी मनोरमा देवी बताती हैं कि पुवाल मशरूम बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामान की जरूरत नहीं होती है. इसके लिए सबसे पहले ताजा पुवाल मशरूम लेना होता है. इसके अलावा प्याज, टमाटर और हरी मिर्च की जरूरत पड़ती है. मसालों में हल्दी, जीरा, काली मिर्च, गरम मसाला और स्वाद के अनुसार नमक इस्तेमाल किया जाता है. मनोरमा देवी के मुताबिक, मशरूम को सीधे मसाले में डालने के बजाय पहले हल्का फ्राई कर लेना चाहिए. इससे इसका स्वाद और बेहतर हो जाता है. इसके बाद प्याज, टमाटर और मसालों को अच्छी तरह भूनकर इसमें मशरूम मिलाया जाता है. धीमी आंच पर पकाने से मसाला मशरूम के अंदर तक अच्छी तरह पहुंचता है. इससे सब्जी का स्वाद बढ़ जाता है.
मसालेदार पुवाल मशरूम की रेसिपी
अब बात करते हैं इसे बनाने की पूरी विधि की. सबसे पहले पुवाल मशरूम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद इसे साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. अब गैस पर कढ़ाई रखें. इसमें सरसों का तेल या घी डालकर गर्म करें. तेल गर्म होने के बाद कटे हुए मशरूम को कढ़ाई में डालें. इसे धीरे-धीरे फ्राई करें. मशरूम में पानी की मात्रा होती है. इसलिए इसे पकने में थोड़ा समय लग सकता है. जब मशरूम अच्छी तरह फ्राई हो जाए, तो उसे कढ़ाई से निकालकर अलग रख दें. अब उसी कढ़ाई में थोड़ा तेल डालें. इसमें हरी मिर्च और बारीक कटा प्याज डालें. इसे धीमी आंच पर भूनें. जब प्याज सुनहरा होने लगे, तो इसमें हल्दी, जीरा, काली मिर्च, गरम मसाला और स्वाद के अनुसार नमक डालें. सभी मसालों को अच्छी तरह मिला लें.
मशरूम को अच्छी तरह पकाना जरूरी
इसके बाद बारीक कटा हुआ टमाटर डालें. मसाले को तब तक भूनें, जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाए. जब मसाला तेल छोड़ने लगे, तो इसमें पहले से फ्राई किया हुआ मशरूम डाल दें. मशरूम को मसाले के साथ अच्छी तरह मिलाएं. अब इसे करीब 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. बीच-बीच में जरूरत के अनुसार थोड़ा-थोड़ा पानी डालते रहें. इससे मसाला अच्छी तरह पक जाएगा. साथ ही मशरूम में मसाले का स्वाद भी अच्छी तरह उतर जाएगा. अब तैयार है गांव के देसी अंदाज वाला गरमा-गरम पुवाल मशरूम. इसे रोटी, पराठे या दाल-भात के साथ परोसा जा सकता है.
About the Author
न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
और पढ़ें
iPhone 17 के बाद क्या Samsung Galaxy S26 Ultra की भी बढ़ेगी कीमत?
iPhone 17 के बाद Samsung के इस साल लॉन्च हुए फ्लैगशिप स्मार्टफोन Galaxy S26 Ultra की कीमत में भी इजाफा हो सकता है। दक्षिण कोरियाई कंपनी ने पहले ही अपने फोन की कीमत में इजाफा को लेकर संकेत दे दिए थे। Galaxy S26 सीरीज के हाल में लॉन्च हुए फोन Galaxy S26 FE को भी कंपनी ने महंगे में लॉन्च किया है। यह फोन Galaxy S25 FE के मुकाबले 10 से 20 हजार रुपये महंगे में पेश किया गया है।
महंगी हो जाएगी Samsung Galaxy S26 सीरीज?
दक्षिण कोरियाई मीडिया से आई रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत में 1,49,600 वॉन यानी लगभग 10,500 रुपये तक का इजाफा किया जा सकता है। सैमसंग का यह फोन 1 अक्टूबर से महंगा हो सकता है। वहीं, इस सीरीज के अन्य मॉडल की कीमत में भी इजाफा हो सकता है।
Apple ने iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max के लॉन्च के साथ ही पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17, iPhone Air और iPhone 17e की कीमत में हजारो रुपये का इजाफा किया है। 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च हुए iPhone 17 की कीमत अब 99,900 रुपये हो गई है। फोन की कीमत में 17,000 रुपये का इजाफा किया गया है। यही नहीं, इस साल लॉन्च हुई iPhone 18 Pro सीरीज को भी कंपनी ने पिछले साल लॉन्च हुई iPhone 17 Pro सीरीज के मुकाबले 100 डॉलर यानी लगभग 10,000 रुपये महंगे में पेश किया है।
क्यों महंगे हो रहे फोन?
सैमसंग और एप्पल ही नहीं, चीनी कंपनियों ने भी अपने स्मार्टफोन की कीमत में 30 से 35 प्रतिशत तक का इजाफा कर दिया है। ऐसा स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी कंपोनेंट्स की कीमत बढ़ने की वजह से हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले मेमोरी कंपोनेंट की कीमतें पिछली तिमाही के मुकाबले 80% तक बढ़ी है। वहीं, अगर पिछले साल से तुलना की जाए तो कीमत में 300% तक का इजाफा हो गया है।
स्मार्टफोन कंपनियां मेमोरी कंपोनेंट्स की बढ़ रही कीमत के साथ-साथ अन्य कंपोनेंट्स भी लगातार महंगे होते जा रहे हैं, जिसकी वजह से स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों को मजबूरन अपने फोन की कीमत बढ़ानी पड़ रही है। इसका असर फोन की बिक्री पर भी पड़ा है। पिछले दिनों आई काउंटरप्वॉइंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली छमाही में भारत में स्मार्टफोन शिपमेंट में 13 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। फोन की कीमतें बढ़ने के कारण यूजर्स नए फोन खरीदने से बच रहे हैं। स्मार्टफोन ही नहीं लैपटॉप और पैन कार्ड की कीमतों में भी आग लगी हुई है।
यह भी पढ़ें – Oppo ने 15999 रुपये में लॉन्च किया 7000mAh बैटरी वाला तगड़ा फोन
पाकिस्तानी नेवी शिप अरब सागर में भारतीय युद्धपोत से टकराया: दिल्ली में PAK हाईकमिश्नर तलब; 15 साल पहले भी टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी वॉरशिप
पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में भारतीय नौसेना के जहाज से टकराया है। घटना कब की है यह जानकारी नहीं दी गई है। इससे पहले 2011 में भी भारत-पाकिस्तान के जहाजों में टक्कर हुई थी। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय युद्धपोत नियमित निगरानी मिशन पर था। दूसरी तरफ से पाकिस्तानी जहाज तेज रफ्तार में आया और गलत तरीके से दिशा बदली। दोनों टकरा गए। घटना में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, टक्कर में शामिल पाकिस्तानी जहाज का नाम पीएनएस हुनैन है। यारमूक क्लास का यह जहाज समुद्री निगरानी और गश्त में इस्तेमाल होता है। भारतीय नौसेना के जिस जहाज से इसकी टक्कर हुई, उसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इस घटना के बाद भारत ने नई दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के चार्ज डी’अफेयर्स को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने इस घटना को अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर बताया। दिशा बदलने के दौरान दोनों की टक्कर हुई ANI के मुताबिक, भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत उत्तर अरब सागर में नियमित निगरानी मिशन पर था। इसी दौरान पाकिस्तानी नौसेना का एक जहाज तेज रफ्तार से भारतीय जहाज के करीब आ गया। पाकिस्तानी जहाज ने जिस तरह अपनी दिशा बदली, उसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर बताया गया है। इसके बाद दोनों जहाजों के बीच दूरी लगातार कम होती गई और आखिर में वे आपस में टकरा गए। टक्कर में किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, अभी दोनों जहाजों के नाम और टक्कर की सही जगह की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इस घटना से जुड़ा यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है… खबर में आगे पाकिस्तान ने कौन-सा नियम तोड़ा और भारत ने क्या कहा, उससे पहले भास्कर नॉलेज 2011 में टकराए थे भारतीय-पाकिस्तानी जहाज भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच समुद्र में इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है। 2011 में भारतीय नौसेना के INS दोगावरी और पाकिस्तानी नौसेना के PNS बाबर के बीच भी टक्कर हुई थी। टक्कर को लेकर पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि भारतीय जहाज ने उसके काम में रुकावट डाली और खतरनाक तरीके से जहाज चलाया। भारत ने इस आरोप को गलत बताया। भारत के मुताबिक, PNS बाबर ने INS गोदावरी को दाईं तरफ से पार करने की कोशिश की और इसी दौरान उसके हेलिकॉप्टर डेक वाले हिस्से से टकरा गया। इस दौरान हेलिकॉप्टर का जाल क्षतिग्रस्त हुआ था। भारत ने तब भी 1991 के समझौते के आर्टिकल 10 का हवाला देते हुए पाकिस्तान के सामने विरोध दर्ज कराया था। PNS बाबर, सोमालियाई समुद्री लुटेरों से छुड़ाए गए MV सुएज जहाज को सुरक्षित ले जा रहा था। यह मिस्र के मालिकाना हक वाला जहाज था। इसे सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। बाद में करीब 20 लाख डॉलर से ज्यादा की फिरौती दिए जाने के बाद जहाज और उसके 22 सदस्यीय चालक दल को छोड़ा गया था। भारत ने 35 साल पुराने समझौते का उल्लंघन बताया भारत ने पाकिस्तान से क्या कहा? विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी चार्ज डी’अफेयर्स से कहा कि वह भारत की आपत्ति पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं। भारत ने कहा कि समुद्र में सभी सैन्य जहाजों को सावधानी से काम करना चाहिए और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का पालन करना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए। वहीं, इस्लामाबाद में मौजूद भारतीय चार्ज डी’अफेयर्स को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने भारत की ओर से विरोध दर्ज कराने को कहा गया है। —————————- यह खबर भी पढ़ें… मक्का में पहली बार मिसाइल अटैक का इमरजेंसी अलर्ट:हूती विद्रोहियों ने सऊदी पर हमला किया
यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को सऊदी अरब पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसके बाद सऊदी अरब ने मक्का में पहली बार इमरजेंसी अलर्ट जारी किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
Source link
PM के साथ पढ़े असगर अली को जमीन वापस मिली: महाराष्ट्र के BJP विधायक ने कब्जा छोड़ा; 8 दिन पहले मोदी से मिलकर शिकायत की थी
महाराष्ट्र में ठाणे के मीरा रोड में रहने वाले 81 साल के असगरअली वोहरा को जमीन विवाद में राहत मिली है। पीएम मोदी से मुलाकात के 8 दिन बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने उनसे जुड़ी विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और कंस्ट्रक्शन परमिट सरेंडर करने की बात कही है। वोहरा ने 8 सितंबर को पीएम मोदी से मुलाकात कर जमीन विवाद में दखल देने और CBI जांच की मांग की थी। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई थीं। वोहरा का दावा है कि उन्होंने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में पीएम मोदी के साथ एक ही क्लास में पढ़ाई की थी। 15 साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे थे वोहरा वोहरा के मुताबिक, जमीन को लेकर वह करीब 15 साल से अलग-अलग सरकारी विभागों के सामने मामला उठा रहे थे। उनका आरोप है कि उनकी जानकारी के बिना फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और जमीन को दो कंपनियों के बीच बांट दिया गया। इन कंपनियों के नाम स्वयम बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस हैं। वोहरा ने दोनों कंपनियों को नरेंद्र मेहता से जुड़ा बताया था। इस मामले में 2015 में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। मुलाकात के बाद अधिकारियों ने कंपनियों को बुलाया वोहरा के मुताबिक, पीएम से मुलाकात के बाद मामले में गतिविधियां शुरू हुईं। मीरा-भायंदर नगर निगम ने दोनों कंपनियों के मैनेजमेंट को 16 सितंबर को अपना पक्ष रखने और मामले में स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। इससे पहले ही मंगलवार को मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी ने मंत्रालय में बैठक बुलाई। इसमें वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम आयुक्त राधा बिनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे मौजूद रहे। कंपनी ने निगम से कंस्ट्रक्शन परमिट रद्द करने की मांग की बैठक के बाद सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने ने मामले से पूरी तरह पीछे हटने की बात कही है। आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, कंपनी ने मीरा भायंदर नगर निगम के असिस्टेंट डायरेक्टर ऑफ टाउन प्लानिंग को लेटर देकर प्लॉट का कमेंसमेंट सर्टिफिकेट सरेंडर कर दिया। कंपनी ने बताया कि उसने 13 जून 2019 को रजिस्टर्ड डीड के जरिए प्लॉट खरीदा था और 17 अप्रैल 2026 को निर्माण की इजाजत हासिल की थी। लेकिन जमीन के मालिकाना हक के विवाद को देखते हुए कंपनी ने परमिट वापस करने का फैसला किया। उसने नगर निगम से कंस्ट्रक्शन परमिट रद्द करने और प्रोजेक्ट के लिए जमा की गई फीस वापस करने की मांग की। मेहता ने पुरानी पुलिस शिकायत वापस लेने की बात कही नरेंद्र मेहता ने पुलिस कमिश्नर को अलग लेटर भेजा। इसमें उन्होंने वोहरा और उनके सहयोगी अजय ढोका के खिलाफ पहले की गई शिकायत वापस लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। 2015 की इस शिकायत में वोहरा और ढोका पर अतिक्रमण और धमकी के आरोप लगाए गए थे। शिकायत वापस लेने से जुड़े लेटर संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए हैं। ——————————– यह खबर पढ़ें… अमृता फडणवीस बोलीं-मुझे ट्रोल होने वाली पॉलिटिकल वाइफ बना रहे:गरबा में मुस्लिमों की एंट्री की बात दोहराई; कहा- त्योहारों में भेदभाव नहीं होना चाहिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने गरबा में मुस्लिमों की एंट्री के समर्थन में फिर से अपनी बात दोहराई। उन्होंने कहा- मुझे इस मुद्दे पर पॉलिटिकल वाइफ बनाकर ट्रोल किया जा रहा है। लेकिन मैं पॉलिटिकल नहीं हूं। मैं एक सोशल एक्टिविस्ट और नागरिक के तौर पर अपनी राय रखती हूं। पूरी खबर पढ़ें…
Source link
सीतापुर में प्रसव के बाद प्रसूता की मौत: परिजनों का रातभर अस्पताल में प्रदर्शन, लापरवाही का आरोप – Sitapur News
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमलापुर में मंगलवार शाम करीब 7 बजे प्रसव के बाद 29 वर्षीय प्रसूता की मौत के मामले में परिजनों का आक्रोश थम नहीं रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल परिसर में रातभर विरोध प्रदर्शन किया। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की। विरोध के चलते बुधवार सुबह तक मृतका का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। जानकारी के अनुसार, भानपुर मजरा मंगूपुर निवासी संजीत पुत्र काशीराम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी पत्नी रामश्री को प्रसव पीड़ा होने पर 14 सितंबर को दोपहर करीब दो बजे सीएचसी कमलापुर में भर्ती कराया गया था। रात करीब नौ बजे प्रसव हुआ और बच्चे का जन्म हुआ। परिजनों के मुताबिक नवजात सुरक्षित है। पति संजीत का आरोप है कि प्रसव के बाद रामश्री की हालत बिगड़ने लगी और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद समय से आवश्यक उपचार नहीं मिल सका। नर्स बेबी समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर भी परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हालत गंभीर होने के बावजूद प्रसूता को समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर नहीं किया गया। एंबुलेंस उपलब्ध कराने को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए। हालत बिगड़ने के बाद रामश्री की मंगलवार शाम मौत हो गई। मौत की सूचना के बाद परिजन अस्पताल परिसर में जुट गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर एसडीएम सिधौली अवनीश कुमार, सीओ वेद प्रकाश श्रीवास्तव और कमलापुर प्रभारी निरीक्षक इतुल चौधरी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है और जीडी में तस्करा दर्ज किया गया है। वहीं सीएमओ ने मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की जांच के लिए पैनल गठित कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच टीम की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी।
Source link
नालंदा- महाबोधि कॉलेज की बिल्डिंग का उद्घाटन करेंगे नीतीश कुमार: आईटीईपी सत्र 2026-30 का भी होगा औपचारिक शुभारंभ; ग्रामीण विकास मंत्री, सांसद भी रहेंगे मौजूद – Nalanda News
नालंदा के महाबोधि कॉलेज की नई बिल्डिंग का लोकार्पण और चार वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (आईटीईपी) के नए शैक्षणिक सत्र 2026-30 का औपचारिक उद्घाटन आज दोपहर 2 बजे आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए महाविद्यालय परिवार और स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग की ओर से सभी प्रशासनिक एवं औपचारिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविन्द कुमार ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार करेंगे। नई बिल्डिंग के बनने से यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को आधुनिक कक्षाओं, बेहतर बुनियादी ढांचे और उन्नत शैक्षणिक वातावरण का सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही नए सत्र के आगाज से शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं को भी गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त होगा। समारोह में जुटेंगे शिक्षा व राजनीति के दिग्गज इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उप नेता ललन सर्राफ तथा मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह उर्फ गांधी जी विशेष रूप से शामिल होंगे। इनके अलावा सचेतक रीना देवी, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेन्द्र प्रसाद सिंह तथा महाविद्यालय शासी निकाय के सचिव राजेन्द्र प्रसाद की भी गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। जनप्रतिनिधियों और शिक्षाविदों की मौजूदगी से कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह का माहौल है। गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र महाबोधि महाविद्यालय को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना तथा बिहार सरकार से स्थायी संबद्धता प्राप्त है। साथ ही यह संस्थान राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद द्वारा ‘बी’ ग्रेड से मान्यता प्राप्त है। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद यह कॉलेज वर्षों से उच्च शिक्षा के प्रसार और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। नए भवन और तकनीकी रूप से उन्नत पाठ्यक्रमों के शुरू होने से नालंदा के शैक्षणिक परिदृश्य को और अधिक मजबूती मिलेगी।
Source link

