Monday, July 20, 2026
Home Blog

2 साल तक भूल जाइए रैली, उसके बाद ये शेयर दिखाएंगे अपना जलवा, शंकर शर्मा ने की भविष्यवाणी


Last Updated:

अपनी सधी हुई राय के लिए मशहूर जाने-माने निवेशक शंकर शर्मा ने कहा है कि बाजार में अब पहले जैसी रैली नहीं आएगी. उनका कहना है कि अगले 2 साल तक तो मार्केट बुल रन देखेगा ही नहीं. शंकर शर्मा ने पहली बार ऐसा नहीं कहा है. वह इससे पहले भी कह चुके हैं कि अब मार्केट में सुधार 2030 के बाद ही होगा. उन्होंने यह भी कहा मार्केट अब पुरानी वाली रैली नहीं दोहरा पाएगा.

ख़बरें फटाफट

Zoom

शंकर शर्मा ने कहा है कि इस बार वाली रैली पिछली वाली से कमजोर होगी: शर्मा

नई दिल्ली. शंकर शर्मा का नाम शेयर बाजार में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. उन्हें बाजार पर एक सधी हुई राय के लिए जाना जाता है. शर्मा अगर बाजार में किसी चीज को लेकर भविष्यवाणी करते हैं तो उस पर गौर किया जाता है. इसलिए जब वह ये कहते हैं कि 2 साल तक बाजार में रैली का कोई दौर नहीं आएगा तो इस पर नए निवेशकों को ध्यान देना चाहिए. क्योंकि मझे हुए इन्वेस्टर्स तो ऐसे दौर देख चुके हैं लेकिन बाजार में नई एंट्री करने वाले मौजूदा हालात देखकर काफी परेशान हो रहे हैं. जितनी तेजी से उन्होंने बाजार में प्रवेश किया था उसी स्पीड से बाहर भी निकल रहे हैं.

शंकर ने साफ तौर पर कह दिया है कि भारत के इक्विटी मार्केट में बुल रन अभी 2 साल तक नहीं आएगा. वह केवल इतना ही नहीं कह रहे हैं. उनका तो यहां तक कहना है कि अब जो रैली आएगी वो पिछली वाली से कमजोर होगी. आपको बता दें कि शंकर शर्मा ने पहली बार शेयर मार्केट को लेकर कोई पहली बार ऐसी भविष्यवाणी नहीं की है. वह इससे पहले भी कह चुके हैं कि बाजार में अब अच्छी तेजी 2030 तक ही आएगी. मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में शंकर शर्मा ने कहा है कि इकोनॉमी और मार्केट का साइज इतना बढ़ चुका है कि पहले जैसी ग्रोथ हासिल करना अब मुमकिन नहीं लगता.

8-10 फीसदी रिटर्न की उम्मीद
उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में भारतीय निवेशकों को औसतन 14 से 15 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता रहा है, लेकिन अब अर्थव्यवस्था के बड़े आकार को देखते हुए यह दौर बदल चुका है. उनका मानना है कि भविष्य में 8 से 10 फीसदी सालाना रिटर्न को ही सामान्य मानकर चलना चाहिए. शर्मा ने इसे अपनी “1.6 बुल मार्केट्स” थ्योरी से समझाया. उनका कहना है कि 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद भारत ने वास्तव में सिर्फ एक बड़ा और टिकाऊ बुल मार्केट देखा, जो 2003 से 2007 के बीच रहा. उनके मुताबिक, हर्षद मेहता के दौर की तेजी को सामान्य बुल मार्केट नहीं माना जा सकता. उन्होंने बताया कि 2003 से 2007 के बीच निफ्टी ने करीब 55 फीसदी सालाना रिटर्न दिया था, जबकि कोरोना महामारी के बाद आई तेजी में यह रिटर्न घटकर करीब 31 फीसदी रह गया. यानी पिछली बड़ी तेजी की तुलना में करीब 40 फीसदी कम. उनका अनुमान है कि अगला बुल मार्केट इससे भी कम रिटर्न वाला हो सकता है.

क्या है कम रिटर्न की वजह
शंकर शर्मा का कहना है कि इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्याज दरें या वैश्विक राजनीति नहीं, बल्कि भारत की तेजी से बढ़ी आर्थिक ताकत है. उनका तर्क है कि जब कोई अर्थव्यवस्था 4 से 5 ट्रिलियन डॉलर के आकार तक पहुंच जाती है, तो उसी रफ्तार से आगे बढ़ना पहले के मुकाबले काफी मुश्किल हो जाता है. उन्होंने एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कंपनियां बहुत बड़ी हो जाती हैं, तो उनसे 35 से 40 फीसदी की ग्रोथ की उम्मीद नहीं की जाती. यही नियम देशों की अर्थव्यवस्था पर भी लागू होता है.

कौन से शेयर करेंगे अच्छा प्रदर्शन
इसी सोच के आधार पर शंकर शर्मा का मानना है कि अगली बड़ी तेजी में लार्ज कैप कंपनियों की तुलना में स्मॉल कैप शेयर ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. उनका कहना है कि छोटी कंपनियों में कमाई बढ़ाने और निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने की गुंजाइश अभी भी ज्यादा है. यही वजह है कि उन्होंने खुद भी 100 से 200 करोड़ रुपये स्मॉल कैप कंपनियों में लगाए हैं. खास तौर पर उन्होंने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर से जुड़े कारोबारों पर दांव लगाया है, क्योंकि उनके मुताबिक ये सेक्टर अभी अपने ग्रोथ साइकल की शुरुआती अवस्था में हैं और आने वाले वर्षों में इनमें तेजी से विस्तार की संभावना है.

About the Author

authorimg

जय ठाकुरSenior-Sub Editor

मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें



Source link

जान मोहम्मद हत्याकांड, परिजन खुलासे से असंतुष्ट: बुलंदशहर में सभी हत्यारों की गिरफ्तारी और गहन जांच की मांग – Bulandshahar News




बुलंदशहर में जान मोहम्मद की हत्या के मामले में सोमवार को परिजनों ने दोपहर 3 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के साथ एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने खुर्जा पुलिस पर मामले को गलत दिशा में मोड़ने का आरोप लगाते हुए सभी हत्यारों पर कार्रवाई की मांग की। मृतक जान मोहम्मद के पिता दीन मोहम्मद ने आरोप लगाया कि खुर्जा देहात थाना पुलिस मामले को भटका रही है और हत्या की असली वजह नहीं बता रही। उन्होंने कहा कि यदि हत्या ऑटो के लिए की जाती, तो ऑटो घटनास्थल पर ही नहीं होता। दीन मोहम्मद के अनुसार, उनके बेटे की हत्या नरबलि के लिए की गई है, जिसमें मुख्य आरोपियों के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचा रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने खुर्जा पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न तो रिपोर्ट की कॉपी दी गई और न ही शुरुआत में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने नरबलि के मामले को लूट का मामला बना दिया है। जियाउर्रहमान ने एसपी देहात से मामले की गहनता से जांच कर सभी हत्यारों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराएगी। एसपी देहात ने इस मामले में विस्तृत जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ नईम मंसूरी, नजीर अहमद, नदीम खान, शहाबुद्दीन, मोहम्मद अली, कलुआ, शमशाद, मुस्तकीम, सलमान, नूर हसन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।



Source link

पटना में अचानक कार सवार पर फायरिंग: घटनास्थल से एक खोखा मिला, पुलिस ने किया मामला दर्ज – Patna News




राजीव नगर रोड नंबर 9 B में 17 जुलाई की रात 11 बजे फायरिंग की वारदात हुई थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ राजीव नगर थाने में पीड़ित के आवेदन के मुताबिक केस रजिस्टर्ड किया गया है। हालांकि पीड़ित की ओर से भी घटना की वजह या किसी विवाद को स्पष्ट नहीं किया गया है। पीड़ित सुंदरम कुमार के मुताबिक वह कार से लौट रहे थे। इसी बीच एक अज्ञात बाइक सवार हमलावर ने उनके ऊपर फायरिंग की। गनीमत की बात रही कि गोली और कार में मौजूद एक दूसरे सवार को नहीं लगी। उन्होंने कहा कि मुझे भी मालूम नहीं है कि किस वजह से फायरिंग की गई। गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू: SDPO लॉ एंड ऑर्डर 2 कोमल मीणा ने बताया कि आरोपी सिंगल था। सीसीटीवी फुटेज चेक की गई है। उसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश जारी है। उसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी हो रही है। घटना किस वजह से हुई, अरेस्टिंग के बाद ही क्लियर हो पाएगा। फिलहाल अनुसंधान जारी है।घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है। बता दें कि गोलीबारी 11 बजे के आस पास हुई। उस वक्त मार्केट में लोग मौजूद थे। गोलीबारी की आवाज सुनकर दहशत का माहौल बन गया।



Source link

निगाही परियोजना के पास 32 टन अवैध कोयला जब्त: सिंगरौली के जंगल में मिला लावारिस कोयला; खनिज विभाग और एनसीएल की संयुक्त कार्रवाई – Singrauli News




सिंगरौली जिले में एनसीएल निगाही परियोजना क्षेत्र के पास सोमवार को खनिज विभाग और एनसीएल सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने 32 टन अवैध कोयला जब्त किया। जब्त किए गए कोयले की बाजार कीमत 2 से 3 लाख रुपए है। रेलवे लाइन से 200 मीटर दूर मिला लावारिस स्टॉक खनिज विभाग के अनुसार यह कोयला निगाही खदान के पास रेलवे लाइन से लगभग 200 मीटर दूर लावारिस हालत में पड़ा मिला। सुरक्षा के लिहाज से जब्त कोयले को मोरवा थाना परिसर में रखवा दिया गया है। लंबे समय से अवैध भंडारण की आशंका इतनी बड़ी मात्रा में कोयले का भंडारण मिलने से स्थानीय स्तर पर कोयला चोरी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह कोयला एक-दो दिन में नहीं, बल्कि लंबे समय से यहां इकट्ठा किया जा रहा था। खनिज विभाग ने शुरू की मामले की जांच खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि जंगल से कोयला जब्त कर मोरवा पुलिस को सूचना दे दी गई है। खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर यह पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध स्टॉक किस गिरोह का है।



Source link

सावन के उपवास में क्या खाएं? पहले से तैयार कर लें ये हेल्दी फलाहार


Sawan 2026 Vrat Recipe: हिंदू धर्म में, सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और व्रत रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान, कई लोग सोमवार को या पूरे महीने व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान बार-बार खाना बनाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए कुछ ‘फलाहार’ (व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ) पहले से तैयार कर लेने से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि शरीर को पूरे दिन पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है. आइए जानते हैं ऐसे हेल्दी फलाहार, जिन्हें आप पहले से तैयार कर सकते हैं…

भुने हुए मखाने
सावन व्रत के दौरान मखाना एक लोकप्रिय स्नैक है. इसे देसी घी में भूनें और सेंधा नमक व काली मिर्च डालकर मिलाएं, फिर इसे एयरटाइट डिब्बे में रखें. यह कई दिनों तक कुरकुरा रहता है और भूख लगने पर झटपट खाया जा सकने वाला स्नैक है.

नट मिक्स
बादाम, मूंगफली, काजू और पिस्ते का मिक्स पहले से तैयार कर लें. यह प्रोटीन और एनर्जी का बेहतरीन स्रोत है. इसकी थोड़ी सी मात्रा भी आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकती है.

साबूदाना मिक्स
आप साबूदाना, भुनी हुई मूंगफली और सेंधा नमक का मिक्स पहले से तैयार कर सकते हैं. व्रत वाले दिन, बस इसे आलू और आटे के साथ मिलाकर कुछ ही मिनटों में साबूदाने की स्वादिष्ट डिश बना सकते हैं.

नारियल और खजूर के बाइट्स
बिना चीनी वाले नारियल और खजूर के बाइट्स पहले से बनाकर रखे जा सकते हैं. ये नेचुरल स्नैक्स एनर्जी देते हैं और कुछ मीठा खाने की इच्छा को पूरा करते हैं.

फल और दही की तैयारी
सेब, पपीता और अमरूद जैसे फलों को धोकर अलग रख लें. व्रत वाले दिन, आप इन्हें दही के साथ मिलाकर आसानी से स्वादिष्ट फ्रूट बाउल या रायता बना सकते हैं. कटे हुए फलों को लंबे समय तक रखने के बजाय ताज़े फल से बनी डिश ज़्यादा अच्छी होती है.

व्रत के दौरान इन बातों का ध्यान रखें

पूरे दिन खूब पानी पिएं.
नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे पेय का सेवन करें
व्रत में तले हुए स्नैक्स के बजाय भुने हुए या सेहतमंद विकल्प चुनें.
अगर आपको डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या कोई और बीमारी है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.



Source link

Motorola Edge 70 Max की पहली सेल भारत में शुरू, मिल रहा बंपर डिस्काउंट


Motorola Edge 70 Max की सेल भारत में शुरू हो गई है। मोटोरोला ने अपने इस फोन को पिछले दिनों भारत में लॉन्च किया है। इससे पहले कंपनी भारतीय बाजार में Motorola Edge 70, Motorola Edge 70 Pro, Motorola Edge 70 Fusion और Motorola Edge 70 Pro+ पेश कर चुकी है। मोटोरोला के अपने इस लेटेस्ट फोन की खरीद पर कई तरह के ऑफर की घोषणा की है।

पहली सेल में ऑफर

Motorola Edge 70 Max का यह फोन भारत में दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 54,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 59,999 रुपये है। इस फोन की पहली सेल में 5,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। फोन की सेल ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर आयोजित की जा रही है। इसे पेनाटोन डार्क शैडो और पेनाटोन आइस मेल्ट कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं।

Motorola Edge 70 Max के फीचर्स

मोटोरोला का यह फोन 6.8 इंच के QHD+ Extreme AMOLED डिस्प्ले पैनल के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1440 x 3168 पिक्सल है। इस फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 7000 निट्स तक की है। यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।










Motorola Edge 70 Max फीचर्स
डिस्प्ले 6.8 इंच, QHD+, 144Hz
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5
स्टोरेज 12GB, 256GB
बैटरी 7100, 90W, 25W
कैमरा 50MP + 8MP, 32MP
OS Android 16

Motorola Edge 70 Max में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इस फोन में 12GB रैम के साथ 256GB तक के स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन IP68 और IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में यह खराब नहीं होगा। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है। 

इस फोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का OIS कैमरा मिलता है। फोन में 8MP का अल्ट्रा वाइड और एक 2-in-1 लाइट सेंसर मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए मोटोरोला के इस फोन में 32MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन 7100mAh की बैटरी और 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ-साथ 25W वायरलेस चार्जिंग फीचर को सपोर्ट करता है।

यह भी पढ़ें – Samsung Galaxy S25 Ultra की एक झटके में कम हुई कीमत, 40000 रुपये सस्ते में खरीदने का मौका





Source link

चीन में डिलीवरी ब्वॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान मिला: खाना पहुंचाते हुए लिखी कई कविताएं, ग्राहक की फटकार के बाद लेखक बने




चीन में फूड डिलीवरी का काम करने वाले 56 वर्षीय वांग जिबिंग को देश के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मानों में से एक लू शुन साहित्य पुरस्कार मिला है। उनकी कविता संग्रह ‘लो फ्लाइट’ को यह सम्मान दिया गया है। इस किताब की कई कविताएं उन्होंने फूड डिलीवरी के बीच मिले खाली समय में कागज के छोटे-छोटे टुकड़ों पर लिखी थीं। वांग 2019 के आसपास फूड डिलीवरी राइडर बने थे। उनकी कविताएं सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय हुए। उनकी नई किताब ‘लो फ्लाइट’ डिलीवरी राइडर्स की रोजमर्रा की परेशानियों, संघर्ष और जीवन पर आधारित है। यह किताब उन्होंने 2024 में प्रकाशित की थी। इसके लिए उन्होंने करीब 200 डिलीवरी राइडर्स से बातचीत की और उनके अनुभवों को अपनी कविताओं में दर्ज किया। उनकी एक कविता की पंक्ति है- किसने कहा कि पंख फैलाने का मतलब सिर्फ ऊंची उड़ान भरना है? नीचे उड़ना भी उड़ान ही है। कस्टमर से मिली फटकार के बाद लिखी कविता- वायरल हुई वांग का जन्म चीन के जियांगसू प्रांत में हुआ था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें 14 साल की उम्र में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद उन्होंने निर्माण मजदूर, कबाड़ बीनने वाले और सड़क किनारे सामान बेचने जैसे कई छोटे-मोटे काम किए। बाद में वे फूड डिलीवरी राइडर बन गए। हालांकि, पढ़ने-लिखने का उनका शौक कभी खत्म नहीं हुआ। 2022 में उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। यह कविता 2019 की एक घटना से प्रेरित थी। उस समय वह जियांगसू के कुनशान शहर में फूड डिलीवरी का काम कर रहे थे। एक ग्राहक ने गलत पता दर्ज कर दिया था। सही घर ढूंढने के लिए वांग को तीन रिहायशी इमारतों में भटकना पड़ा और 18 मंजिल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। जब वह आखिरकार खाना लेकर पहुंचे तो ग्राहक ने देर होने पर उन्हें डांट दिया। घर लौटते समय उन्होंने अपनी नाराजगी और दर्द को शब्दों में ढाल दिया। इसी से उनकी कविता ‘मैन इन ए हरी’ जन्मी। यह कविता सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यही से उनके साहित्यिक सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद 2023 में उनका पहला कविता संग्रह ‘मैन इन ए हरी: पोएम्स ऑफ ए फूड डिलीवरी राइडर’ प्रकाशित हुआ। इस किताब की एक कविता की एक पंक्ति है- सड़क पर दौड़ता हर आम इंसान अपने हाथ में एक छोटी-सी रोशनी लिए चलता है। यही रोशनी पहले हमें रास्ता दिखाती है और फिर धीरे-धीरे पूरी दुनिया को रोशन कर देती है। 6 हजार से ज्यादा कविताएं लिख चुके वांग अब तक वह 6 हजार से अधिक कविताएं लिख चुके हैं। उनकी कई रचनाएं प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। वांग कहते हैं, “लोग शायद मुझे याद न रखें, लेकिन उन्हें तेज रफ्तार से गुजरता एक फूड डिलीवरी राइडर जरूर याद रहता है।” यही सोच उन्हें लाखों डिलीवरी कर्मियों की जिंदगी पर किताब लिखने की प्रेरणा बनी। वांग का कहना है, मैं चाहता हूं कि इस किताब को पढ़ने के बाद लोग डिलीवरी राइडर्स के प्रति ज्यादा समझदारी और धैर्य दिखाएं, ताकि उनके साथ होने वाले विवाद कम हों। पुरस्कार मिलने के बाद भी नौकरी नहीं छोड़ेंगे पुरस्कार जीतने के बाद वांग ने सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स से कहा कि पुरस्कार मिलने की खबर आने तक वे बेहद घबराए हुए थे। उन्होंने बताया कि मीडिया का बढ़ता ध्यान उनके लिए मानसिक दबाव भी लेकर आया। उन्होंने साफ किया कि पुरस्कार मिलने के बावजूद वे अपनी नौकरी नहीं छोड़ेंगे। उनका कहना है कि वे 60 साल की उम्र तक फूड डिलीवरी का काम जारी रखना चाहते हैं। वांग ने कहा, अब मुझे जीवनयापन के लिए इस नौकरी की जरूरत नहीं है, लेकिन मुझे यह काम पसंद है। इससे मैं सक्रिय और फिट रहता हूं। मैं जमीन से जुड़ी जिंदगी जीना चाहता हूं और यह पुरस्कार मुझे नहीं बदलेगा। चीन में बढ़ रही है मजदूर लेखकों की पहचान वांग जिबिंग उन ब्लू-कॉलर कामगारों की नई पीढ़ी का हिस्सा हैं, जिन्हें हाल के कुछ साल में उनके साहित्यिक लेखन के लिए पहचान मिली है। उनकी रचनाएं चीन की तेजी से बढ़ती गिग इकोनॉमी में काम करने वाले लाखों लोगों के संघर्ष, दबाव और जीवन की सच्चाई को सामने लाती हैं। साल 2023 में पूर्व डिलीवरी कर्मी हू आनयान की आत्मकथा ‘आई डिलीवर पार्सल्स इन बीजिंग’ प्रकाशित हुई थी। यह किताब चीन में बेस्टसेलर बनी और विदेशों में भी चर्चा का विषय रही। पिछले साल इसका अंग्रेजी अनुवाद भी प्रकाशित हुआ। इसी तरह 2017 में प्रवासी मजदूर फान यूसु का आत्मकथात्मक लेख ‘आई एम फान यूसु’ चीन में इंटरनेट पर जबरदस्त वायरल हुआ था। इसे इतनी बड़ी प्रतिक्रिया मिली कि लगातार मीडिया की भीड़ से बचने के लिए फान को कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। लू शुन चीन का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान वांग जिबिंग को जिस लू शुन साहित्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, उसका नाम चीन के महान साहित्यकार लू शुन के नाम पर रखा गया है। उन्हें 20वीं सदी के चीन का सबसे प्रभावशाली लेखक माना जाता है। उन्होंने अपने व्यंग्यात्मक उपन्यासों और कहानियों के जरिए पारंपरिक चीनी समाज की कमियों और सामाजिक बुराइयों पर हमला बोला। लू शुन साहित्य पुरस्कार का आयोजन चाइना राइटर्स एसोसिएशन करता है। यह पुरस्कार हर चार साल में दिया जाता है और इसे चीन के सबसे बड़े साहित्यिक सम्मानों में गिना जाता है। इसकी शुरुआत समकालीन चीनी साहित्य की उत्कृष्ट रचनाओं को सम्मानित करने के लिए की गई थी। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, यह पुरस्कार लंबे समय से चीन के मुख्यधारा के साहित्य का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता रहा है और साहित्य जगत में इसका खास महत्व है।



Source link

पेपर लीक और लाठीचार्ज पर भड़के केजरीवाल: बोले- युवाओं के साथ हो रहा अन्याय, सरकार संवाद करे, दमन नहीं – New Delhi News




आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर देश के युवाओं के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की है। पंजाब से जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि देश भर से आए हजारों-लाखों युवा इस वक्त दिल्ली के कनॉट प्लेस, जनपथ और जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र हुए हैं, लेकिन सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। केजरीवाल ने सरकार के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा- “देश का सारा युवा लाखों की संख्या में जंतर-मंतर पर जमा हो गया है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है, इंटरनेट बंद कर रही है और उन्हें संसद जाने से रोका जा रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है। पहले आप इनके पेपर लीक करवा देते हो, फिर बार-बार री-इवैल्युएशन होता है। आखिर बच्चे जाएं तो जाएं कहां?” ‘अपना अहंकार छोड़ें पीएम, बच्चों से खुद बैठकर बात करें’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे अपना अहंकार छोड़ें और इन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनसे खुद बैठकर बात करें, क्योंकि यह हमारे ही देश के बच्चे हैं जो सड़कों पर सिर्फ न्याय की मांग कर रहे हैं। पेपर लीक मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भी हुए भावुक वीडियो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी छात्रों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों बच्चे सुबह 3 बजे उठकर और 14-14 घंटे की कठिन पढ़ाई करके NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन बड़े और अमीर लोग दो दिन पहले ही पेपर लीक करवा कर उसे खरीद लेते हैं। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के इस प्रदर्शन का पूरा समर्थन करते हैं और वे छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।



Source link

हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर: लूट के मामले में कार्रवाई; दिव्यांग पिता ने कहा- मकान मेरे नाम, बेटे से कोई संबंध नहीं – Didwana-Kuchaman News




डीडवाना-कुचामन जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और नगर परिषद ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोमवार को हिस्ट्रीशीटर दिनेश स्वामी के मकान पर बुलडोजर चलाया। टीम ने 19 गज अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान मकान के आगे बने अवैध हिस्से, मुख्य गेट की दीवार, बाथरूम, शौचालय और पानी की हौद को तोड़ दिया गया। परिजनों के विरोध के बावजूद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी कर ली। यह कार्रवाई हाल ही में महिलाओं से लूट की दो वारदातों में दिनेश स्वामी की गिरफ्तारी के बाद की गई। जिला कलेक्टर अवधेश मीणा और पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर आरोपी की संपत्तियों की जांच कराई गई थी। जांच में रेलवे स्टेशन के पास स्थित मकान का निर्माण पट्टे में स्वीकृत सीमा से 19 गज अधिक पाया गया, जिसे नगर परिषद ने सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर अतिक्रमण माना। नगर परिषद ने 17 जुलाई को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद पुलिस वृत्ताधिकारी जेठूसिंह के नेतृत्व में संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई में लाडनूं वृत्ताधिकारी जितेंद्र सिंह चारण, थाना अधिकारी रितु कुमारी, थाना अधिकारी मनसीराम, नगर परिषद आयुक्त जितेंद्र चौकीदार सहित पुलिस और नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे। बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सहायता से अवैध निर्माण को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान दिनेश स्वामी के पिता भंवरलाल स्वामी सहित अन्य परिजनों ने विरोध जताया। भंवरलाल स्वामी ने दावा किया कि मकान उनके नाम पर है और उनका दिनेश स्वामी से कोई संबंध नहीं है। दिनेश की मां और बहन ने भी कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए परिजनों को घर के अंदर भेज दिया और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस के अनुसार दिनेश स्वामी डीडवाना थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में उसे महिलाओं से लूट की दो वारदातों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने उसकी संपत्तियों की जांच कर अवैध निर्माण के खिलाफ यह कार्रवाई की।



Source link

वायरल NEET OMR शीट पर NTA का आया रिप्लाई, 5 अभ्यार्थियों से जुड़े दावों पर किया बड़ा खुलासा


अभी सोशल मीडिया पर NEET UG 2026 की कुछ OMR शीट को लेकर यह दावा किया जा रहा था कि इसमें गड़बड़ी हुई है। ये दावे काफी वायरल हो रहे थे मगर अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA ने इन दावों को लेकर अपनी बात रखी है। NTA ने इन वायरल दावों की जांच की और उसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ अभ्यार्थियों के OMR शीट को लेकर पोस्ट करते हुए विस्तार से जानकारी दी है। आइए फिर आपको बताते हैं कि वायरल NEET OMR शीट पर NTA का क्या कहना है।

NTA ने वायरल दावों को बताया गलत

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर कुछ अभ्यार्थियों के NEET OMR शीट काफी वायरल हो रहे थे और वायरल पोस्ट में इनमें गड़बड़ी का दावा किया जा रहा था। अब NTA ने इनकी जांच की और वायरल हो रहे 5 अभ्यार्थियों से जुड़े OMR शीट के दावों को खारिज कर दिया। इसके संबंध में NTA 5 अलग-अलग पोस्ट किए हैं और सभी अभ्यार्थियों से जुड़े वायरल OMR शीट पर जानकारी दी है। आइए आपको उसके बारे में बताते हैं।

आर्या सिंह के मामले में क्या कहा?

NTA द्वारा किए गए पोस्ट में लिखा है कि, ‘आर्या सिंह (एप्लिकेशन नंबर 260410434102) के NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है और उम्मीदवार की असली OMR शीट NTA के पास है। जो इमेज फैलाई जा रही है, वह उसी शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ वर्जन है। असली शीट पर एक इनविजिलेटर (निरीक्षक) के हस्ताक्षर का दर्ज समय दोपहर 3:45 बजे था, जिसे बदली हुई इमेज में दोपहर 2:45 बजे कर दिया गया है। नकली OMR शीट पर डिजिटल बदलाव के कई अन्य निशान भी हैं।’

लक्ष्य सिंह के पोस्ट को लेकर क्या कहा?

NTA ने एक दूसरे पोस्ट में लक्ष्य सिंह के वायरल OMR शीट पर भी जानकारी दी है। उसमें लिखा है, ‘लक्ष्य सिंह (एप्लिकेशन नंबर 260412053016) द्वारा अपनी NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है। जो इमेज फैलाई जा रही है, उसमें ऐसे निशान (responses) दिख रहे हैं जो असली शीट पर नहीं हैं। नकली OMR शीट बनाने के लिए डिजिटल तरीके से अतिरिक्त गोलों (bubbles) को भरा गया है।’

प्रतिभा त्रिवेदी और अभय यादव के मामले में क्या कहा?

आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर वायरल हो प्रतिभा त्रिवेदी और अभय यादव के OMR शीट पर भी जांच के बाद जानकारी दी है और वायरल हो रही इमेज को गलत बताया। प्रतिभा त्रिवेदी के मामले में पोस्ट करते हुए लिखा, ‘प्रतिभा त्रिवेदी (एप्लीकेशन नंबर 260412140662) के NEET (UG) 2026 OMR आंसर शीट के बारे में किए गए दावों के संबंध में NTA ने रिकॉर्ड की जांच कर ली है। जो इमेज फैलाई जा रही है, वह असली OMR शीट का डिजिटल रूप से बदला हुआ वर्शन है। यह NTA के रिकॉर्ड में मौजूद शीट नहीं है और इसमें डिजिटल रूप से काफी बदलाव किए गए हैं।’

वहीं अभय यादव के वायरल हो रहे OMR शीट को लेकर NTA ने कहा, ‘उम्मीदवार ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि केवल 5 सवाल बिना हल किए रह गए थे और उनका परिणाम 634 अंक होना चाहिए। रिकॉर्ड इस बात की पुष्टि नहीं करते हैं। 180 सवालों में से 44 सवाल बिना हल किए रह गए थे। फाइल में मौजूद OMR और कैलकुलेशन शीट एक-दूसरे से मेल खाते हैं।’

अवनीश श्रीवास्तव के मामले में NTA ने क्या कहा?

एक अन्य पोस्ट में NTA ने अवनीश श्रीवास्तव के वायरल OMR शीट दावों पर भी जानकारी दी है और बताया कि, ‘श्री अवनीश श्रीवास्तव (एप्लिकेशन नंबर 260411198880, रोल नंबर 2001805051) की जो इमेज फैलाई जा रही है, वह NTA द्वारा जारी की गई OMR शीट नहीं है। उस इमेज में दी गई पहचान NEET (UG) 2026 के लिए रजिस्टर्ड किसी भी उम्मीदवार से मेल नहीं खाती है। NEET (UG) 2026 के डेटाबेस में उस नाम और माता-पिता के विवरण वाला कोई उम्मीदवार मौजूद नहीं है।’

पोस्ट में आगे लिखा है, ‘यह इमेज उम्मीदवार की अपनी असली OMR शीट का डिजिटल रूप से बनाया गया वर्जन है। पहचान वाले हिस्सों को बदल दिया गया है और शीट के प्रिंटेड हिस्से को AI या OCR-आधारित टूल से दोबारा बनाया गया है, जिससे असली OMR शीट के कुछ हिस्सों में साफ तौर पर गलतियां दिख रही हैं; ऐसी गलतियां कोई उम्मीदवार पेन से नहीं कर सकता।’

ये भी पढ़ें-

NEET UG 2026 के टॉपर आर्यन गुप्ता से Exclusive बातचीत, बताया क्यों कैंसर विशेषज्ञ ही बनना चाहते हैं





Source link