ब्रह्मोस की नोक पर इस्लामिक NATO का खलीफा, तीन तरफ से घेरेबंदी देख हुआ बेदम
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India Brahmos Diplomacy: बदलते सामरिक माहौल को देखते हुए भारत इंटरनेशनल लेवल पर अपने पैर मजबूती से जमाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है. इस्लामिक NATO बनाकर जिस तुर्की ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद की थी, अब उसका अपने ही आवोहवा में दम घुटने लगा है. भारत ने तुर्की के पड़ोस में ऐसी डिप्लोमेसी शुरू की है, जिससे तुर्की का बीपी बढ़ने लगा है.
भारत इस्लामिक NATO के अगुआ तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की तैयारी कर रहा है. तुर्की के तीन पड़ोसी देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल में अपनी दिलचस्पी दिखाइ है. (फाइल फोटो/Reuters)
India Brahmos Diplomacy: भारत की एक कूटनीतिक चाल से इस्लामिक NATO के खलीफ तुर्की का दम घुटने लगना है. तुर्की ने जिस तरह से आतंकवादियों के पनाहगार पाकिस्तान का साथ दे रहा है, उससे भारत को अपनी नीति पर पुनर्विचार करने और उसे बदलने पर मजबूर होना पड़ा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान तुर्की एक्सपर्ट पाकिस्तान में मौजूद थे. इससे भारत की चिंता और भी बढ़ गई. इसके बाद तुर्की को उसके ही आंगन में घेरने की कवायद शुरू कर दी गई. अब इसका असर दिखने लगा है. तुर्की की बौखलाहट बढ़ गई है. दरअसल, भारत ने भूमध्य सागर में अपनी डिफेंस डिप्लोमेसी को रफ्तार के साथ धार देना भी शुरू कर दिया है. अभी तो बस शुरुआत भर है, लेकिन उससे ही इस्लामिक NATO के इस खलीफा का दम निकलने लगा है. भारत तुर्की के तीन पड़ोसी देशों के साथ अपने रक्षा संबंधों को लगातार नई ऊंचाई दे रहा है. इन तीनों देशों ने ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल की खरीद में दिलचस्पी भी दिखाई है. ब्रह्मोस का नाम सुनकर ही तुर्की में घबराहट है. तुर्की की मीडिया में इस बात की डिमांड भी बढ़ गई है कि इससे पहले कि ग्रीस की हाथों में ब्रह्मोस जैसी मिसाइल और मॉडर्न वेपन सिस्टम पहुंचे, उसपर अटैक कर देना चाहिए.
पिछले कुछ सालों में भारत ने भूमध्य सागर में तुर्की के तीन पड़ोसी देशों – अर्मेनिया, ग्रीस और साइप्रस के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने पर काम करना शुरू किया है. खासकर रक्षा के क्षेत्र में तीनों देशों ने भारत के साथ संबंधों को नया आयाम देने की गंभीर कोशिश की है. तुर्की के मनमाने रवैये से परेशान अर्मेनिया के भारत के साथ मजबूत रक्षा संबंध हैं. अर्मेनिया को भारत से कई तरह के मॉडर्न वेपन सिस्टम भी मिले हैं. दूसरी तरफ, साइप्रस और ग्रीस भी भारत के साथ रक्षा संबंधों को बढ़ाने में जुटे हैं. कुछ दिनों पहले ही साइप्रस के प्रधानमंत्री निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत के दौरे पर आए थे. इस दौरान दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप का दर्जा देने पर सहमति जताई है. इसके साथ ही साइप्रस और भारत के बीच रक्षा संबंध आने वाले दिनों में और भी मजबूत होने की संभावना प्रबल हो गई है. भारत और ग्रीस के बीच भी स्ट्रैटजकि पार्टनरशिप को लेकर एग्रीमेंट हुआ है. एथेंस ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने में अपनी दिलचस्पी दिखाई है.
🇬🇷🇮🇳🇹🇷 Turkish fears became reality. They’re so shit scared of Greece getting armed with Indian weapons thay they’re calling for a preemptive attack. Too bad Turkey, their predicament is only getting worse by the day, and is only accelerating now that India has joined the game. https://t.co/7XUHvJgz6A
कन्नौज के छिबरामऊ में 3 दिन पहले घर में घुसकर ज्वेलर्स की पत्नी की हत्या आरोपी का पुलिस ने ऑफ एनकाउंटर कर दिया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लग गई। जिससे वह घायल होकर गिर गया। आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 30 हजार रुपये उधार न देने पर उसने हत्या कर दी। छिबरामऊ कोतवाली के मोहल्ला बनवारी नगर में रहने वाले सराफा कारोबारी राजीव वर्मा की पत्नी मंजू वर्मा (55) की 25 मई की दोपहर घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। महिला के जेवर भी लूट लिए गए थे। इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे के आधार पर हत्यारोपी की पहचान छिबरामऊ के ही जेरकिला मोहल्ला निवासी शालू उर्फ शल्लू (37) पुत्र फुंदन के रूप में की। जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी बिनोद कुमार ने छिबरामऊ कोतवाली पुलिस व एसओजी टीम को लगाय था। गुरुवार तड़के पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि हत्यारोपी कहीं जाने की फिराक में है। ऐसे में टीम ने फर्रुखाबाद रोड पर इंडियन पेट्रोल पंप के पास शालू को घेर लिया। बचने के लिए उसने पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी। जवाबी कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम ने भी फायरिंग की। जिसमें एक गोली उसके पैर में जा लगी। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और छिबरामऊ के 100 शैय्या अस्पताल में भर्ती करवा दिया। पुलिस ने उसके पास से लुटे हुए जेवर, चोरी की बाइक, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। हाफ एनकाउंटर में पकड़े गए शालू ने बताया कि वह मूल रूप से अलीगढ़ का निवासी है और छिबरामऊ के जेरकिला मोहल्ला स्थित अपनी ननिहाल में रहता है। उसने लोगों से करीब 6 लाख का कर्जा ले रखा था, जिसे चुकाने का प्रेशर था उस पर। ऐसे में वह ज्वेलर्स राजीव वर्मा के घर पहुंचा और उनसे बातचीत के दौरान 30 हजार रुपए उधार मांगे। जिसे देने से मंजू वर्मा ने इनकार कर दिया। इस बात से आग बबूला हो गया और उन पर हमला कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई और फिर उनके पहने हुए जेवर लूटकर भाग गया।
शिवहर जिले में गुरुवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाले इस पर्व पर सुबह से ही जिले की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआएं मांगीं। जिले के लचकापुल, इस्लामपुर टोला, गढ़वा, गड़हियां, परसौनी तैयब, खोर्ठा, बेलाही दुल्ल, रामबन, हिरौता, हिरम्मा, रामपुरकेशो, मेसौढ़ा, हता, चमनपुर, धनकौल, मीनापुर बलहा, बसहिया शेख, नयागांव, रामपुर यदु और फुलकाहां सहित विभिन्न क्षेत्रों की मस्जिदों और ईदगाहों में निर्धारित समय पर ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी नमाज के उपरांत लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी, जिससे आपसी प्रेम और सौहार्द का संदेश फैला। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने परंपरागत तरीके से कुर्बानी भी दी, जो त्याग, समर्पण और इंसानियत का प्रतीक है। कुर्बानी के बाद जरूरतमंदों के बीच खाद्य सामग्री का वितरण किया गया, जिसने सामाजिक सद्भाव और मानवता की मिसाल पेश की। पर्व के अवसर पर कई स्थानों पर मेलों का भी आयोजन हुआ, जहाँ बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। लोगों ने चाट, पकौड़े और आइसक्रीम का लुत्फ उठाते हुए पर्व की खुशियां बांटी। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था पर्व के दौरान जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी और पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा ने स्वयं जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के सौ से अधिक स्थानों पर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। लचकापुल स्थित ईदगाह पर एसडीओ अविनाश कुणाल, एसडीपीओ अनुशील कुमार, नगर सभापति राजन नंदन सिंह, सीओ पल्लवी ठाकुर, सदर थानाध्यक्ष रणधीर कुमार सिंह और महिला थानाध्यक्ष कल्याणी कुमारी पुलिस बल के साथ उपस्थित रहे। पूरे जिले में भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और एकता की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जिसने बकरीद के वास्तविक संदेश को और अधिक सशक्त किया।
मंदसौर जिले में गुरुवार को ईद उल अजहा (बकरा ईद) का पर्व धार्मिक आस्था और भाईचारे के साथ मनाया गया। शहर सहित पूरे जिले की मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विशेष नमाज अदा की। मंदसौर शहर की मुख्य नमाज सुबह 7:30 बजे ईदगाह मस्जिद में अदा की गई, जिसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम समाजजन शामिल हुए। ईदगाह में शहर काजी आसिफ उल्लाह ने ईद उल अजहा की विशेष नमाज अदा करवाई। नमाज के बाद देश की सलामती, आपसी भाईचारे और सरहद पर तैनात सैनिकों की सुरक्षा के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज अदा होने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। मंदसौर के अलावा सुवासरा, शामगढ़, गरोठ, सीतामऊ, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, नाहरगढ़, अफजलपुर और दलौदा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी ईद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। पर्व के अवसर पर प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहे। संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख नमाज स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल लगातार निगरानी कर रहा था ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। शहर काजी आसिफ उल्लाह ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि ईद उल अजहा त्याग, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने देश में आपसी सौहार्द बनाए रखने और सभी लोगों से मिलजुल कर रहने की अपील की। साथ ही, उन्होंने लोगों से कुर्बानी के दौरान धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने का आग्रह किया। कुर्बानी का खास महत्व ईद उल अजहा पर इस्लाम धर्म में कुर्बानी का विशेष महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार कुर्बानी के बाद गोश्त के तीन हिस्से किए जाते हैं। पहला हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों में बांटा जाता है, जबकि तीसरा हिस्सा जरूरतमंदों और गरीबों को दिया जाता है। इस पर्व को त्याग, सेवा और इंसानियत की भावना का प्रतीक माना जाता है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया में करनाल के एक युवक की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई। युवक ट्रक ड्राइवर था। हादसे के दौरान उसका ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। घटना की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में मातम छा गया। परिजन अब शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद मांग रहे हैं और इसके लिए फंड भी जुटाया जा रहा है। गांव बालरागड़ान निवासी गौरव कुमार अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए करीब 2 साल पहले अमेरिका गया था। उसे विदेश भेजने के लिए उसके पिता रामफल ने जमीन तक बेच दी और कर्ज भी लिया। परिवार ने करीब 50 लाख रुपए खर्च किए। गौरव डंकी रूट से कई महीनों में अमेरिका पहुंचा था। काम बदलने के बाद दोबारा ट्रक चलाना शुरू किया अमेरिका पहुंचने के बाद गौरव ने शुरुआत में करीब छह महीने तक ट्रक चलाया। बाद में वह एक स्टोर पर काम करने लगा, लेकिन वहां इनकम कम होने के कारण उसने फिर से ट्रक चलाने का फैसला लिया। परिवार को उम्मीद थी कि इससे घर की आर्थिक हालत सुधरेगी। 26 मई को आखिरी बार घर किया था कॉल जानकारी के अनुसार, 26 मई को गौरव ट्रक लेकर निकला था। रास्ते में एक रेस्टोरेंट पर चाय पीने के लिए रुका और उसने घर फोन कर बताया कि वह ट्रक चला रहा है और कुछ देर बाद फिर बात करेगा। यह कॉल उसकी जिंदगी की आखिरी कॉल साबित हुई। ट्रक का बैलेंस बिगड़ा, खाई में गिरने से मौत रेस्टोरेंट से निकलने के बाद वह कुछ ही दूरी चला था कि अचानक ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और ट्रक खाई में जा गिरा। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 27 मई को दोपहर करीब ढाई बजे परिवार को फोन आया, जिसमें पुलिस ने हादसे और मौत की जानकारी दी। इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता रामफल ने बताया कि गौरव हर सुबह करीब 8 बजे घर फोन करता था और परिवार के सभी सदस्यों से बात करता था, लेकिन 26 मई की कॉल आखिरी साबित हुई। शव को भारत लाने के लिए फंड जुटा रहा परिवार गौरव का पार्थिव शरीर अभी अमेरिका में ही है। परिवार उसे भारत लाकर अंतिम संस्कार करना चाहता है, ताकि उसे अपने गांव की मिट्टी नसीब हो सके। इसके लिए ऑनलाइन फंड जुटाया जा रहा है और सरकार से भी आर्थिक मदद की गुहार लगाई गई है।
प्याज नहीं खाते? ट्राई करें लौकी के कुरकुरे पकोड़े, स्वाद में नहीं कोई टक्कर
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शाम की चाय के साथ गर्मागर्म पकोड़े खाने का मजा ही अलग होता है. अगर आप प्याज के पकोड़ों से हटकर कुछ नया और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो लौकी के कुरकुरे पकोड़े बेहतरीन विकल्प हैं. स्वाद में शानदार और बनाने में आसान यह स्नैक हर उम्र के लोगों को पसंद आता है.
हर घर में प्याज के पकोड़े तो हमेशा ही बनते है, लेकिन क्या आपने लौकी के पकोड़े कभी खाए हैं. अगर नहीं तो हम आज आपको लौकी के पकोड़ों के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसके आगे प्याज के पकोड़ों का स्वाद भी फीका लगेगा.
गर्मी के मौसम में शाम की चाय के साथ अगर गर्मागर्म और कुरकुरे पकोड़े मिल जाएं, तो स्वाद दोगुना हो जाता है. आमतौर पर लोग प्याज, आलू या पालक के पकोड़े खाना पसंद करते हैं, लेकिन जो लोग प्याज नहीं खाते उनके लिए लौकी के पकोड़े एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं.
स्वाद और सेहत से भरपूर लौकी के पकोड़े इन दिनों लोगों की पसंद बनते जा रहे हैं. खास बात यह है कि ये पकोड़े स्वाद में किसी भी तरह से प्याज के पकोड़ों से कम नहीं लगते. लौकी से बनी यह डिश हल्की, हेल्दी और पचने में आसान होती है.
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बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं. सुबह के नाश्ते में, शाम की चाय के साथ या छुट्टियों में कुछ अलग बनाने के लिए लौकी के पकोड़े एक शानदार विकल्प हो सकते हैं. इन्हें तैयार करना भी बेहद आसान है और कम समय में स्वादिष्ट स्नैक बनकर तैयार हो जाता है.
लौकी के पकोड़े बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और नर्म लौकी का चुनाव करना जरूरी है. लौकी को अच्छी तरह धोकर उसका ऊपरी छिलका उतार लें. इसके बाद लौकी को कद्दूकस करके एक बड़े बर्तन में निकाल लें. अब इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया और कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें.
स्वाद बढ़ाने के लिए लाल मिर्च पाउडर, साबुत धनिया बीज, पुदीना पत्तियां और स्वादानुसार नमक मिलाएं. इसके बाद मिश्रण में बेसन डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें. ध्यान रखें कि मिश्रण ज्यादा पतला न हो. यदि जरूरत लगे तो थोड़ा और बेसन मिलाया जा सकता है.
अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें और तैयार मिश्रण को छोटे-छोटे हिस्सों में तेल में डालकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. तैयार लौकी के पकोड़ों को हरी चटनी, टोमैटो सॉस या दही के साथ परोसा जा सकता है. बाहर से कुरकुरे और अंदर से मुलायम ये पकोड़े हर किसी का दिल जीत लेते हैं.
खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों में घर पर बनने वाला यह स्नैक बच्चों और मेहमानों दोनों को खूब पसंद आता है. अगर आप भी इस मौसम में कुछ नया और हेल्दी ट्राई करना चाहते हैं, तो लौकी के कुरकुरे पकोड़े जरूर बनाएं. स्वाद और सेहत का यह शानदार मेल आपके परिवार को भी बेहद पसंद आएगा.
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Whether it was stepping into the boxing ring, sprinting across tracks, or facing societal pressures, these actors succeeded in making audiences feel every triumph and heartbreak.
खिलाड़ियों की जिंदगी को बड़े पर्दे पर दिखाना आसान काम नहीं होता. इसके लिए एक्टर्स को सिर्फ लुक ही नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, संघर्ष और खेलने के अंदाज को भी समझना पड़ता है. बॉलीवुड में कई सितारों ने असली एथलीट का रोल प्ले करके लोगों का दिल जीत है. जिसके लिए किसी ने महीनों ट्रेनिंग ली तो किसी ने अपने बॉडी और बोलने के तरीके तक को बदल दिया. आइए जानते हैं उन 7 सितारों के बारे में जिन्होंने पर्दे पर असली एथलीट की कहानी को बेहद शानदार तरीके से दिखाया.
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम फरहान अख्तर का है. उन्होंने फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ में मिल्खा सिंह का किरदार निभाया था. इस रोल के लिए उन्होंने जबरदस्त मेहनत की थी. फिल्म में उन्होंने मिल्खा सिंह के संघर्ष और मेहनत को बहुत अच्छे तरीके से दिखाया. जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था. इसी फिल्म से उनकी रातोंरात किस्तमत चमक उठी थी.
इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर बॉलीवुड की देसी गर्ल प्रियंका चोपड़ा हैं. उन्होंने फिल्म ‘मैरी कॉम’ में बॉक्सर मैरी कॉम का रोल निभाया था. इस किरदार के लिए उन्होंने काफी मेहनत की और बॉक्सिंग की ट्रेनिंग भी ली. लोगों को उनकी एक्टिंग काफी पसंद आई थी.
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आमिर खान का नाम भी इस लिस्ट में है. अपनी परफेक्शन के लिए पहचाने जाने वाले आमिर ने फिल्म दंगल में पहलवान और कोच महावीर सिंह फोगाट का किरदार निभाकर लोगों को हैरान कर दिया था. किरदार के बड़े उम्र वाले हिस्से को दिखाने के लिए उन्होंने वजन बढ़ाया और रेसलिंग वाले सीन्स के लिए कड़ी ट्रेनिंग भी ली. आमिर ने इस रोल के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया था.
दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत भी एथलीट का रोल प्ले कर चुके हैं. एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी में उन्होंने क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी का किरदार बहुत ही शानदार तरीके से निभाया था. इस रोल के लिए सुशांत की मेहनत और लगन साफ नजर आई थी, जिसे फैंस का बेशुमार प्यार भी मिला. इसी फिल्म के बाद से वो रातोंरात स्टार बन गए थे. यह फिल्म 2016 आई थी, वहीं इसी साल शाहरुख की फिल्म फैन भी आई थी, लेकिन सुशांत की फिल्म के आगे शाहरुख पीछे रह गए थे और उस साल बॉलीवुड की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों की लिस्ट में उनकी मूवी एम एस धोनी द अनटोल्ड स्टोरी ने तीसरे नंबर पर अपनी जगह बनाई थी. जिसके चलते एक्टर बॉलीवुड के तमाम स्टार्स पर अपनी एक्टिंग और मेहनत के चलते भारी पड़े थे.
फातिमा सना शेख फिल्म ‘दंगल’ में गीता फोगाट के रोल में नजर आई थीं. उन्होंने एक पहलवान की जिंदगी और उसकी मेहनत को शानदार तरीके से पर्दे पर उतारा. इस रोल के लिए उन्होंने रेसलिंग की ट्रेनिंग भी ली थी.यह मूवी बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी.
रणवीर सिंह का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. उन्होंने फिल्म 83 में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव का किरदार निभाया था. इस फिल्म में 1983 वर्ल्ड कप की ऐतिहासिक जीत को दिखाया गया है. इसके लिए रणवीर सिंह ने खास क्रिकेट ट्रेनिंग ली और कपिल देव की स्टाइल, एक्शन और बॉडी लैंग्वेज को बारीकी से अपनाया था. जिसके बाद फैंस उनकी एक्टिंग देख हैरान रह गए थे. हर किसी को रणवीर की एक्टिंग काफी ज्यादा पसंद आई थी.
परिणीति चोपड़ा ने फिल्म साइना में भारतीय बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल का किरदार निभाया था. इस रोल के लिए उन्होंने बैडमिंटन की खास ट्रेनिंग ली और सायना की बॉडी लैंग्वेज व खेलने के अंदाज को करीब से समझा. उनकी मेहनत और दमदार परफॉर्मेंस को दर्शकों ने काफी पसंद किया.
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Bakrid 2026 Eid Ul Adha Update; PM Modi Bakrid Tweet | Celebration LIVE Photos VIDEOs
नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ6 मिनट पहले
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देशभर में बकरीद का त्योहार मनाया जा रहा है। मुस्लिम धर्मावलंबी ईदगाहों में नमाज पढ़ने पहुंचे। पीएम नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी देशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दी हैं।
राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जन्नती दरवाजा खोला गया। यूपी, बंगाल दिल्ली में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स फ्लैग मार्च कर रही है। मस्जिदों और ईदगाहों पर ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जा रही है।
उत्तराखंड, चंडीगढ़ की मस्जिदों और ईदगाहों में इस बार नमाजी पोस्टर लेकर पहुंचे। जिन पर लिखा था- गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करें।
बकरीद से जुड़ी तस्वीरें…
दिल्ली के जहांगीरपुरी में पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स पेट्रोलिंग कर रही है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में शाही ईदगाह पर लोग ईद-उल-अजहा की नमाज अदा कर रहे हैं, जबकि एक पुलिसकर्मी निगरानी कर रहा है।
पश्चिम बंगाल के हावड़ा में ईद-उल-अजहा के मौके पर लोग नमाज अदा करते हुए। पुलिस ने यहां वीडियो रिकॉर्डिंग की।
बंगाल सरकार के सड़कों और सार्वजनिक रास्तों पर नमाज पर रोक लगाने के फैसला के बाद लोगों ने कोलकाता में रेड रोड की जगह ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नमाज अदा की।
बकरीद के साथ ही हज यात्रा का समापन
ईद-उल-अजहा या बकरीद को ‘बलिदान का त्योहार’ भी कहा जाता है। यह इस्लामी हिजरी कैलेंडर के 12वें महीने, धू अल-हिज्जा के 10वें दिन मनाया जाता है। यह मक्का में होने वाली सालाना हज यात्रा के समापन का प्रतीक है।
बकरीद की तारीख हर साल बदलती रहती है क्योंकि यह चंद्र कैलेंडर पर आधारित होता है, जो ग्रेगोरियन कैलेंडर से लगभग 11 दिन छोटा होता है। इसका नतीजा यह होता है कि पश्चिमी कैलेंडर में ईद हर साल थोड़ा पहले आ जाती है।
बकरीद से जुड़े अपडेट्स…
केरलम के तिरुवनंतपुरम की पलयाम जुमा मस्जिद के इमाम ने नमाज के बाद नमाजियों से कहा कि दूसरे जिसकी पूजा करते हैं, उसका कभी अपमान नहीं करना चाहिए, ऐसा काम मजाक में भी नहीं करें।
मुंबई पुलिस ने गोरेगांव की एक हाउसिंग सोसाइटी में दो समुदायों के बीच इस मुद्दे पर हुई झड़प के बाद बकरे की कुर्बानी की रस्म रद्द कर दी गई है।
पंढरपुर में मुसलमानों ने बकरीद के मौके पर बकरे की कुर्बानी टाल दी, क्योंकि बकरीद और एकादशी एक ही दिन पड़ रहे हैं।
राज्यों में बकरीद से जुड़ी खबरें…
उत्तर प्रदेश: बुलंदशहर में नमाज के दौरान बहस, CO ने हाथ जोड़े: सपा नेताओं से बोले- यहां से चले जाइए; ताजमहल में 5 हजार लोगों ने नमाज पढ़ी
यूपी में गुरुवार को ईद-उल-अजहा मनाई जा रही है। आगरा के ताजमहल परिसर में 5 हजार लोगों ने बकरीद की नमाज अदा की। संभल-वाराणसी में ईदगाह और मस्जिदों के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है। कानपुर में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
बुलंदशहर में ईदगाह मस्जिद में भीड़ अधिक होने पर कुछ लोग बाहर नमाज पढ़ने की कोशिश करने लगे। सीओ ने उन्हें रोका तो नमाजी नाराज हो गए। उन्होंने सपा नेता और पूर्व विधायक होशियार सिंह और जिला पंचायत सदस्य सुनील चरोरा से शिकायत की।
इसके बाद नेताओं और सीओ विकास चौहान के बीच तीखी बहस हुई। हंगामा बढ़ता देख सीओ ने नेताओं के सामने हाथ जोड़ लिए। कहा- आपसे हाथ जोड़कर विनती करता हूं। यहां से चले जाइए। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तराखंड: गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग, नैनीताल में कम करवाई गई लाउडस्पीकर की आवाज, हरिद्वार में RAF के फ्लैग मार्च के बाद पढ़ी गई नमाज
देहरादून से लेकर हरिद्वार, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ तक ईदगाहों और मस्जिदों में कड़ी सुरक्षा के नमाजियों ने विशेष नमाज अदा की। देहरादून में कुछ नमाजियों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर पोस्टर भी प्रदर्शित किए। हरिद्वार में RAF के फ्लैग मार्च के बाद शांतिपूर्ण माहौल में नमाज संपन्न हुई। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश: भोपाल में ताज-उल-मसाजिद समेत शहरभर की मस्जिदों में नमाज, बकरीद पर कुर्बानी का वीडियो शेयर न करने की अपील
बकरीद के मौके पर मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने कुर्बानी को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने कहा है कि कुर्बानी स्थल को चारों ओर से दीवार/टीन शेड से ढंककर रखा जाए। कुर्बानी के फोटो या वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने से बचने की अपील भी की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़: खुले में कुर्बानी-DJ पर रोक, पंजाब-ओडिशा से 1.50 लाख तक के बकरों की खरीदारी
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, मैदानों और खुले इलाकों में कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल अधिकृत स्लॉटर हाउस या निजी परिसरों के अंदर ही की जा सकेगी। निर्देशों के अनुसार, खुले स्थानों पर कुर्बानी, डीजे बजाने और धार्मिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा कि पिछले साल से ही नमाज शिफ्ट में अदा की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम तोड़ने पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पढ़ें पूरी खबर…
Jio Smart EV Charger: जियो अब EV चार्जिंग के फील्ड में भी गेमचेंजर साबित हो सकता है। JioEV ने अपना नया स्मार्ट इलेक्ट्रिक वीकल चार्जर सॉन्च किया है, जो सेफ्टी फीचर्स के साथ-साथ 4G, WiFi और LAN सपोर्ट से लैस है। कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक वीकल चार्जिंग सिस्टम को भी एक्सपेंड किया है। जियो का यह इलेक्ट्रिक वीकल चार्ज ऑनलाइन खरीदा जा सकता है। इसमें कई ब्रांड्स की इलेक्ट्रिक गाड़ी को चार्ज करने का सपोर्ट मिलता है। इसमें अलग-अलग तरह के पोर्ट्स दिए गए हैं, जिसकी मदद से गाड़ियां चार्ज की जा सकती है। साथ ही, जियो का यह इलेक्ट्रिक वीकल चार्जर लोग अपने घरों और दफ्तरों में लगा सकते हैं।
Multiple गाड़ियों को करता है सपोर्ट
जियो का यह इलेक्ट्रिक वीकल चार्जर सिंगल फेज AC चार्जिंग के साथ आता है। इस चार्जर में अधिकतम 32A मैक्सिमम आउटपुट मिलता है। JioEV के इस चार्जर को Aries 7.4kW Pro के नाम से लॉन्च किया गय है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट लिस्टिंग के मुताबिक, यह स्मार्ट इलेक्ट्रिक चार्जर Tata Nexon EV, Tiago EV, Punch EV, Mahindra XUV400, Hyundai Ioniq, Kona EV, Kia EV6, Volvo XC40, BYD Atto 3, BYD E6, MG ZS EV समेत कई इलेक्ट्रिक गाड़ियों को सपोर्ट करता है।
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स्मार्ट कनेक्टिविटी के साथ सेफ्टी
जियो का यह स्मार्ट इलेक्ट्रिक चार्जर स्मार्ट कनेक्टिविटी फीचर्स से लैस है। इसमें 4G, WiFi, LAN जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। इसे Jio TruePower ऐप से कंट्रोल किया जा सकता है। स्मार्ट कनेक्टिविटी होने की वजह से इसे आप रिमोटली भी मैनेज कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपने इलेक्ट्रिक गाड़ी को चार्ज पर लगाया है और उसे रिमोटली मैनेज करना चाहते हैं तो ऐप के जरिए ऐसा किया जा सकेगा। इसमें RFID बेस्ड एक्सेस फंक्शन मिलता है, जिसके जरिए चार्जिंग सेशन को RFID कार्ड के जरिए ऑथेंटिकेट किया जा सकता है।
सेंट्रल मैनेजमेंट सिस्टम
सेफ्टी की बात करें तो इसमें OCPP 1.6J कम्प्लायंस, OCPP यानी ओपन चार्जिंग प्वाइंट प्रोटोकॉल का भी सपोर्ट दिया गया है। यह एक ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर है जो नेटवर्क EV चार्जिंग फैसिलिटी प्रदान करता है। साथ ही, चार्जिंग स्टेशन को सेंट्रल मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए कम्युनिकेट किया जा सकता है। इसमें IP65 रेटिंग दी गई है, जिसकी वजह से पानी के छींटे पड़ने पर शॉर्ट-सर्किट नहीं होगा। साथ ही, यह डस्ट रेसिस्टेंस है, जिसकी वजह से बाहर लगे होने पर भी खराब नहीं होगा।
कितनी है कीमत?
कंपनी इसके साथ 5 मीटर का वायर देती है, जिसके जरिए आप अपनी वीकल को चार्ज कर सकते हैं। Jio के इस Smart EV Charger की कीमत 24,999 रुपये है। कंपनी इसके साथ 1 साल की स्टैंडर्ड वारंटी ऑफर करती है। इसे कंपनी की वेबसाइट के साथ-साथ अमेजन समेत लीडिंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदा जा सकता है।
श्रीगंगानगर में ईद-उल-अजहा के मौके पर गुरुवार सुबह पुरानी आबादी स्थित ईदगाह में रौनक छाई रही। सुबह 7:30 बजे मुस्लिम समाज के लोगों ने सामूहिक रूप से ईद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान सैकड़ों सिर एक साथ सजदे में झुक गए। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। ईद की खुशी पूरे शहर में छाई रही। समुदाय के लोगों ने अपने-अपने घरों में ईद की दावत भी दी। इस बार कुर्बानी के बकरों की खरीदारी में खासी तेजी रही। गोल बाजार और पुरानी आबादी के इलाकों में बकरों की चहल-पहल देखी गई। व्यापारियों ने बताया कि पिछले साल जो बकरा 10 से 15 हजार रुपए में आसानी से उपलब्ध हो जाता था, उसी की कीमत इस बार 20 से 30 हजार रुपए तक पहुंच गई है। इसके अलावा ईद के स्वाद को पूरा करने के लिए लोगों ने सेवई, फेनी, ताजे फल और सूखे मेवों की भरपूर खरीदारी की। बाजारों में सुबह से ही चहल-पहल रही। शहरवासियों ने इस मौके पर शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया।