उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयागराज-यशवंतपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (गाड़ी सं. 04149/04150) चलाने का निर्णय लिया है। यह विशेष सेवा 5 अगस्त से प्रयागराज मार्ग से प्रत्येक बुधवार और 8 अगस्त से यशवंतपुर मार्ग से हर शनिवार को शुरू होगी । 23 व 26 सितंबर तक कुल आठ-दफे चलेगी। रेलवे के अनुसार नई स्पेशल ट्रेन 23 आईसीएफ कोचों से सजी रहेगी। जिसमें 2 एसी तृतीय, 1 एसी द्वितीय, 11 स्लीपर, 7 सामान्य और 2 SLR/डी-02 कोच शामिल हैं। रेलसेवा का उद्देश्य तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सुविधा उपलब्ध कराना तथा दोनों शहरों जिसमें संगम नगरी प्रयागराज और सिल्क सिटी यशवंतपुर के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक मेल को बढ़ावा देना बताया गया है। प्रयागराज से यह ट्रेन बुधवार शाम प्रस्थान कर बैना, रानी कमलापति, इटारसी, नागपुर, सिकंदराबाद, येलहंका होते हुए यशवंतपुर शनिवार सुबह पहुंचती है। वापसी में यशवंतपुर से शनिवार प्रस्थान कर रविवार रात व सोमवार सुबह प्रयागराज पहुंचेगी। मार्ग में चित्रकुट धाम,बांदा, महोबा, खजुराहो, टिकमगढ़, ललितपुर, गुंटकल, अंन्तपुर और बयार प्रमुख स्टेशनों में ठहराव होंगे। जिससे मध्य और दक्षिण भारत के कई पर्यटन स्थलों से जुड़ाव सुगम होगा। रेल प्रशासन ने कहा है कि यह स्पेशल ट्रेन न सिर्फ तीर्थ और पर्यटन के लिए लाभदायक होगी। व्यापार यात्रियों और प्रवासियों के लिए भी किफायती और आरामदायक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराएगी। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि टिकट समय रहते आरक्षित कर लें क्योंकि सीमित दफे और कोच संरचना के कारण सीटें जल्द भर सकती हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत आवश्यक सेवाओं के साथ यात्रा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। आगामी हफ्तों में टिकट बुकिंग और आरक्षण से संबंधित जानकारी जारी की जाएगी।
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प्रयागराज से यशवंतपुर के लिए साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन: संगम नगरी से सिल्क सिटी तक 8 फेरे, 5 अगस्त से चलेगी – Prayagraj (Allahabad) News
भागलपुर के 17 मॉडल स्कूलों का वर्चुअल शुभारंभ: जिलाधिकारी बोले- आधुनिक संसाधन से छात्रों को मिलेगी बेहतर शिक्षा – Bhagalpur News
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से भागलपुर के सभी 17 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) का शुभारंभ किया। जिला मुख्यालय सहित सभी चयनित स्कूलों में उद्घाटन समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। जिले में प्रत्येक प्रखंड से एक विद्यालय को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। इनमें जगदीशपुर, नाथनगर, सबौर, शाहकुंड, सुलतानगंज, गोराडीह, कहलगांव, पीरपैंती, सन्हौला, खरीक, बिहपुर, गोपालपुर, इस्माइलपुर, नारायणपुर, नवगछिया, रंगरा चौक और नगर निगम क्षेत्र के प्लस टू जिला स्कूल को शामिल किया गया है। इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक संसाधन, तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेगी मुख्य समारोह पी. झा उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित हुआ, जहां जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने विद्यालय का निरीक्षण कर उपलब्ध कराई गई शैक्षणिक और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। मॉडल स्कूलों में आधुनिक शिक्षण पद्धति, अनुशासित वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन और उच्च लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। यदि विद्यार्थी समर्पण और मेहनत के साथ पढ़ाई करें तो वे जीवन में हर लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। शिक्षकों से कहा कि वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में नैतिक, सामाजिक और मानवीय मूल्यों का भी विकास करें, ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उद्घाटन समारोह के दौरान विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वागत समारोह का भी आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग प्रस्तुतियां देकर अतिथियों का स्वागत किया। उपस्थित लोगों ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। जिला प्रशासन ने विश्वास जताया कि जिले के सभी 17 सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) भविष्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित होंगे और नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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पेड़ पर लटका मिला युवक का शव: शिवपुरी में पत्नी के मायके वालों पर पति को मारने का आरोप – Shivpuri News
शिवपुरी जिले के कोलारस थाना अंतर्गत लुकवासा चौकी क्षेत्र के रामपुरी गांव में 23 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर एक नर्सरी में पेड़ से फंदे पर लटका मिला। पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रामपुरी निवासी मर्दन सिंह आदिवासी (23) के रूप में हुई है। शुक्रवार रात उसका अपनी पत्नी से चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था। मृतक के पिता गोविंद सिंह आदिवासी ने आरोप लगाया है कि शनिवार सुबह मर्दन की पत्नी ने अपने मायके वालों को बुला लिया था। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने मर्दन के साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए। परिजनों के मुताबिक, मारपीट के बाद ससुराल पक्ष और मर्दन की पत्नी लुकवासा पुलिस चौकी पहुंचे थे। पुलिस ने बाद में मर्दन को भी चौकी बुलाया। पिता गोविंद सिंह का आरोप है कि चौकी में भी उनके बेटे के साथ मारपीट की गई। हालांकि, मर्दन शाम को घर लौट आया था। रविवार सुबह वह घर से निकला और कुछ देर बाद उसका शव गांव के बाहर नर्सरी में पेड़ पर फंदे से लटका मिला। लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोनों पक्ष चौकी पहुंचे थे, जहां आपसी सहमति से समझौता हो गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ चली गई थी, जबकि उनका तीन वर्षीय बेटा मर्दन अपने साथ घर ले गया था। चौकी प्रभारी ने बताया कि रविवार सुबह मर्दन द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
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जन्मदिन पर काशी पहुंची दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता: देश की समृद्धि की कामना की, बोलीं-काशी भारत की सनातन चेतना का शाश्वत प्रकाश – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज अपने 52वें जन्मदिन पर काशी में अनादि, अविनाशी और मोक्षदायिनी बाबा श्री काशी विश्वनाथ एवं काशी के कोतवाल श्री काल भैरव के श्रीचरणों में पूजा अर्चना की। उन्होंने कहा कि काशी भारत की सनातन चेतना का शाश्वत प्रकाश है। यहां हर कण में शिव हैं, हर श्वास में भक्ति है और हर पग पर अध्यात्म का स्पंदन अनुभव होता है। बाबा विश्वनाथ की कृपा और काल भैरव जी का संरक्षण अनादिकाल से इस पावन धरा और इसके भक्तों का संबल रहे हैं। देश की समृद्धि की कामना की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी पर अपनी असीम कृपा बनाए रखने, सभी को सुख, सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद देने हेतु प्रार्थना की एवं कामना की कि भारत निरंतर वैभव, यश और नई उपलब्धियों के शिखर स्पर्श करता रहे।
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राजकचोरी और जोधपुरी कचौरी में अंतर, सेहत के लिये क्या है फायदेमंद, जानिये
भारतीय स्ट्रीट फूड की बात हो और कचौरी का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. देश के अलग-अलग हिस्सों में कचौरी के कई स्वाद मिलते हैं, लेकिन राजकचोरी और जोधपुरी कचौरी सबसे लोकप्रिय विकल्पों में गिनी जाती हैं. देखने में भले ही दोनों एक जैसी लगें, लेकिन इनके स्वाद, बनाने के तरीके और पोषण मूल्य में काफी अंतर होता है. आइए जानते हैं दोनों के बीच का फर्क और सेहत के लिहाज से कौन-सी बेहतर मानी जा सकती है.
क्या है राजकचोरी?
राजकचोरी को अक्सर “कचौरी की चाट” भी कहा जाता है. यह आकार में बड़ी, कुरकुरी और फूली हुई होती है. इसके अंदर उबले आलू, मूंग, चने, दही, हरी चटनी, मीठी चटनी, सेव, अनार और कई तरह के मसाले डाले जाते हैं. ऊपर से दही और चटनियों की परत इसे बेहद स्वादिष्ट बना देती है.
राजकचोरी का स्वाद खट्टा, मीठा और तीखा तीनों का मिश्रण होता है. यह एक तरह से संपूर्ण चाट डिश है, जिसे स्नैक या हल्के भोजन के रूप में खाया जाता है.
क्या है जोधपुरी कचौरी?
जोधपुरी कचौरी, जिसे अक्सर प्याज कचौरी या मसाला कचौरी भी कहा जाता है, राजस्थान के जोधपुर की प्रसिद्ध डिश है. इसमें मैदा की परत के अंदर मसालेदार प्याज, दाल या अन्य भरावन भरी जाती है और फिर इसे डीप फ्राई किया जाता है.
इसका स्वाद तीखा और मसालेदार होता है. इसे आमतौर पर हरी चटनी या इमली की चटनी के साथ खाया जाता है. जोधपुरी कचौरी अपेक्षाकृत अधिक भारी मानी जाती है क्योंकि इसमें भरी गई स्टफिंग और तलने की प्रक्रिया से कैलोरी बढ़ जाती है.
दोनों में मुख्य अंतर
राजकचोरी एक चाट आधारित डिश है जिसमें दही, चने, अंकुरित दालें और विभिन्न टॉपिंग्स शामिल होती हैं, जबकि जोधपुरी कचौरी मुख्य रूप से भरावन वाली तली हुई कचौरी है. राजकचोरी का स्वाद कई फ्लेवर का मिश्रण होता है, वहीं जोधपुरी कचौरी अधिक मसालेदार और तीखी होती है.
इसके अलावा राजकचौरी में दही और दालों के कारण कुछ मात्रा में प्रोटीन और पोषक तत्व भी मिल जाते हैं, जबकि जोधपुरी कचौरी में तेल और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक हो सकती है.
सेहत के लिए कौन है बेहतर?
यदि दोनों का सेवन सीमित मात्रा में किया जाए तो कोई बड़ी समस्या नहीं होती, लेकिन स्वास्थ्य के नजरिए से राजकचोरी अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प मानी जा सकती है. इसमें दही, चने और अंकुरित सामग्री होने के कारण कुछ पोषण भी मिलता है. हालांकि इसमें भी चटनी, सेव और तले हुए हिस्से के कारण कैलोरी कम नहीं होती.
दूसरी ओर, जोधपुरी कचौरी अधिक तली हुई और ऑयली होती है, इसलिए वजन नियंत्रित रखने वाले लोगों, हृदय रोगियों या हाई कोलेस्ट्रॉल से परेशान लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए.
बोर्ड गेम्स के जरिए महिलाओं ने बनाई नई बिजनेस कनेक्टिविटी: एफबीएस वीमन फोरम जयपुर की नेटवर्किंग मीट रही खास, एंटरप्रेन्योर्स ने सुनाई सक्सेस स्टोरी – Jaipur News
नेटवर्किंग को पारंपरिक परिचय सत्रों से आगे बढ़ाते हुए एफबीएस जयपुर वुमन एंटरप्रेन्योर्स नेटवर्किंग फोरम ने इस बार एक अनूठी पहल की। शहर के अरिरासा रेस्टोरेंट में आयोजित बोर्ड गेम्स आधारित नेटवर्किंग मीट में महिला उद्यमियों ने खेल-खेल में नए व्यावसायिक संबंध बनाए और आपसी संवाद को नई दिशा दी। कार्यक्रम की संस्थापक मेघा गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच देना था, जहां वे औपचारिक बातचीत के बजाय सहज माहौल में एक-दूसरे को समझ सकें और नए बिजनेस अवसरों की संभावनाएं तलाश सकें। इसके लिए जयपुर मीपल्स की ओर से कई रोचक बोर्ड गेम्स आयोजित किए गए, जिनमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बोर्ड गेम्स के दौरान महिलाओं ने टीमवर्क, रणनीति और आपसी सहयोग के साथ खेल का आनंद लिया। इस प्रक्रिया में प्रतिभागियों को नए लोगों से जुड़ने, अपने अनुभव साझा करने और भविष्य के व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। आयोजन में हंसी-खुशी, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। एफबीएस जयपुर की कोर टीम सदस्य रखी खंडेलवाल ने बताया कि पारंपरिक नेटवर्किंग की तुलना में यह तरीका कहीं अधिक प्रभावी और यादगार साबित हुआ। प्रतिभागियों ने इसे एक ऐसा अनुभव बताया, जिसमें औपचारिकता की बजाय सहजता और आत्मीयता अधिक महसूस हुई। कार्यक्रम में स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ हल्के-फुल्के डांस, मनोरंजक गतिविधियां और विभिन्न बोर्ड गेम्स ने शाम को और भी जीवंत बना दिया। आयोजन के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ अपने उद्यम, चुनौतियों और सफलता की कहानियां भी साझा कीं। एंटरप्रेन्योर एकता विजय ने सभी प्रतिभागियों को अपने फ्रीज-ड्राइड फ्रूट्स के हेल्दी गिफ्ट हैम्पर भेंट किए, जिन्हें महिलाओं ने काफी सराहा। आयोजकों ने बताया कि एफबीएस जयपुर का उद्देश्य महिला उद्यमियों के लिए ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जहां वे न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें, बल्कि सहयोग, सीख और प्रेरणा के माध्यम से एक-दूसरे की सफलता की भागीदार भी बन सकें।
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वर्ल्ड अपडेट्स: UNGA से पहले बयान: नेतन्याहू की संभावित यात्रा पर न्यूयॉर्क मेयर और इजराइल आमने-सामने
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1 घंटे पहले
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न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा है कि वे सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए शहर आने वाले इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की गिरफ्तारी की कानूनी संभावना पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में शहर के विधि विभाग के साथ बातचीत चल रही है।
ममदानी ने कहा कि वे वही करेंगे, जिसकी कानून इजाजत देगा। उन्होंने दोहराया कि उनके मुताबिक नेतन्याहू का स्थान द हेग में है, जहां अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपियों पर मुकदमा चलता है।
अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने नवंबर 2024 में गाजा में कथित युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोपों में नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
ममदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स के पॉडकास्ट द इंटरव्यू में कहा कि नेतन्याहू युद्ध अपराधों के आरोपी हैं और कई लोग यही मानते हैं।
संयुक्त राष्ट्र में इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने ममदानी पर यहूदी विरोधी माहौल को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ममदानी बढ़ते यहूदी विरोध का सामना करने के बजाय इजराइल के खिलाफ माहौल बना रहे हैं।
डैनन ने पुष्टि की कि नेतन्याहू 22 से 28 सितंबर के बीच होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में संबोधन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेयर का रुख इससे कोई फर्क नहीं डालेगा। उन्होंने X पर लिखा कि अगर किसी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए तो वह न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हैं।
हाल ही में एक रेडियो इंटरव्यू में नेतन्याहू ने कहा था कि उन्हें ममदानी की गिरफ्तारी संबंधी धमकियों की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क के मेयर हमास का समर्थन करते हैं और अमेरिका से नफरत करते हैं।
अमेरिका और इजराइल, दोनों ICC के सदस्य नहीं हैं। अमेरिकी संघीय कानून राज्य और स्थानीय प्रशासन को ICC के अनुरोधों पर सहयोग करने से रोकता है। पिछले साल न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल भी कह चुकी हैं कि मेयर के पास नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है।
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कनाडा के जंगलों में आग से टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन की हवा दुनिया में सबसे खराब

कनाडा में जंगलों में लगी भीषण आग का धुआं अमेरिका तक पहुंच गया है। शनिवार को टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन DC दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे। खराब एयर क्वालिटी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बाहर कम निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कनाडा में इस समय 955 जगहों पर जंगलों में आग लगी हुई है। इनमें से करीब 200 आग केवल ओंटारियो प्रांत में हैं। कई जगह आग अब भी नियंत्रण से बाहर है।
अमेरिका के मिनेसोटा राज्य की उत्तरी सीमा पर भी एक दर्जन से ज्यादा जंगलों में आग लगी है। ये 73 हजार एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैली है। अधिकारियों ने इसे अभूतपूर्व स्थिति बताते हुए आपातकाल घोषित किया है।
अमेरिका के नेशनल इंटरएजेंसी फायर सेंटर और नेचुरल रिसोर्सेज कनाडा के अनुसार, जून के आखिर में लगातार गर्म मौसम और सामान्य से कम बारिश के कारण आग तेजी से फैली।
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा कि हवा धुएं को ओंटारियो से टोरंटो, न्यूयॉर्क राज्य और बोस्टन तक ले गई। एयर क्वालिटी मॉनिटर करने वाली संस्था IQAir के अनुसार शनिवार को टोरंटो, न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन DC दुनिया के सबसे प्रदूषित शहर रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कनाडा पर जंगलों की आग रोकने में लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धुएं से अमेरिका को भारी नुकसान हो रहा है और इसकी भरपाई के लिए कनाडा पर नए टैरिफ लगाने पर विचार किया जा सकता है।
ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने अमेरिकी नेताओं की आलोचना को गलत बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल कैलिफोर्निया में लगी आग बुझाने में टोरंटो ने अमेरिका की मदद की थी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों की आग के धुएं के लिए सिर्फ कनाडा को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के विशेषज्ञ पैट्रिक जेम्स के मुताबिक, धुआं सीमाएं नहीं मानता। हवा उसे जहां ले जाती है, वह वहीं पहुंच जाता है। पहले भी अमेरिका में लगी बड़ी आग का धुआं कनाडा तक पहुंच चुका है।
ताइवानी राष्ट्रपति बोले- लोकतांत्रिक ताइवान को कभी ‘चीन का ताइवान’ नहीं बनने देंगे

ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने रविवार को कहा कि देश को अपनी लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट रहना होगा और किसी भी कीमत पर ‘लोकतांत्रिक ताइवान’ को ‘चीन का ताइवान’ नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने अपनी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (DPP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं से बीजिंग के “रेड टेरर” का मिलकर मुकाबला करने की अपील की।
DPP के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए लाइ ने कहा कि शांति के समय भी ताइवान को सतर्क रहने की जरूरत है।
लाइ ने कहा कि चीन का नया ‘एथनिक यूनिटी लॉ’ बीजिंग को अपनी सीमाओं के बाहर रहने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई का आधार देता है। ताइवान को आशंका है कि इस कानून का इस्तेमाल उन ताइवानी नागरिकों के खिलाफ किया जा सकता है, जिन्हें चीन अलगाववादी मानता है।
हालांकि, चीन इस कानून को लेकर की गई सभी आलोचनाओं को पहले ही खारिज कर चुका है। ताइवान का कहना है कि चीन की कानूनी व्यवस्था का उसके क्षेत्र पर कोई अधिकार नहीं है।
ताइवानी (होक्कियन) भाषा में भाषण देते हुए लाइ ने पार्टी नेताओं से कहा कि वे सबसे आगे रहकर समाज पर चीन के “रेड टेरर” के खतरे का मुकाबला करें।
उन्होंने कहा, “हमें अपनी लोकतांत्रिक और स्वतंत्र जीवनशैली की रक्षा के लिए साथ मिलकर काम करना होगा। किसी भी हालत में लोकतांत्रिक ताइवान को फिर से चीन का ताइवान नहीं बनने देंगे।”
लाइ ने एक बार फिर कहा कि ताइवान पहले से ही एक स्वतंत्र देश है, जिसका संवैधानिक नाम ‘रिपब्लिक ऑफ चाइना’ है। उन्होंने कहा कि यह ‘पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना’ के अधीन नहीं है।
लाइ ने कहा कि पिछले एक दशक में DPP सरकार ने चीन के बढ़ते दबाव, दुष्प्रचार, सैन्य धमकियों और कूटनीतिक दबाव के सामने कभी पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना।
झांसी में आज बारिश का अलर्ट: आसमान में बादल छाए, तापमान 31 डिग्री सेल्सियस पहुंचा, 24 जुलाई तक भारी बारिश – Jhansi News
झांसी में 2 दिन से हो रही बरसात के बाद आज भी बारिश होने का अलर्ट है। रविवार सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हैं और शाम तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। सुबह 10 बजे तापमान 31 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। पिछले 24 घंटे में 16.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी से राहत मिली थी। लेकिन आज सुबह से फिर से उमस बढ़ गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून सक्रिय हो गया है। 24 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। दो दिन से सक्रिय है मानसून झांसी में जून के अंत में मानसून के दस्तक देने के बाद अच्छी बारिश हुई थी। इसके बाद मानसून शुष्क पड़ गया और बारिश का दौर थम गया। तेज धूप की वजह से गर्मी बढ़ गई थी। लेकिन शुक्रवार शाम को मानसून एक्टिव हो गया और बारिश होने लगी। पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में 16.3 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। रविवार को अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा है। वहीं न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस कम है। आज का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। भारी बारिश होने की संभावना भरारी कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने हवाओं के निम्न दाब के क्षेत्र के बाद मानसून एक्टिव हुआ है। इससे झांसी बारिश हो रही है। आज से 24 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है। 20, 21 और 22 जुलाई को बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
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खेत में आकाशीय बिजली गिरने से मजदूर की मौत: बक्सर में धान की रोपनी की तैयारी के दौरान हादसा, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम – Buxar News
बक्सर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में रविवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान नारायणपुर निवासी स्वर्गीय धर्मदेव सिंह के बेटे विजय सिंह ( 50) के रूप में हुई है। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में लगभग 20 वर्षीय एक पुत्र है, जबकि एक पुत्री की शादी हो चुकी है। विजय सिंह धान की रोपाई की तैयारी के लिए अपने खेत की मेड़ ठीक कर रहे थे, ताकि अगले दिन रोपनी का काम कराया जा सके। शनिवार रात से ही जिले में रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, जिसके साथ तेज गर्जना और बिजली चमक रही थी। घटना सुबह करीब नौ बजे हुई, उस समय आसपास के कई किसान भी अपने-अपने खेतों में कृषि कार्य में जुटे हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काम के दौरान अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरी और विजय सिंह उसकी चपेट में आ गए। बिजली गिरते ही वह खेत में बेहोश होकर गिर पड़े। अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत आसपास मौजूद किसानों और ग्रामीणों ने तुरंत उन्हें उठाकर चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद विजय सिंह को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना की पुलिस चौसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मुफस्सिल थाना अध्यक्ष शंभू भगत ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम को अस्पताल भेजा गया था। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है तथा आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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धार में 11 दिन से बारिश नहीं, खेत सूखने लगे: सोयाबीन फसल पर संकट, किसानों की बढ़ी चिंता – Dhar News
धार जिले में पिछले 11 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। मानसून की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से सोयाबीन की बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब बारिश थमने और तेज धूप-उमस के कारण खेतों की नमी तेजी से खत्म हो रही है। इसका असर सोयाबीन समेत खरीफ की अन्य फसलों पर भी दिखाई देने लगा है। सुबह बादल, दोपहर में तेज धूप कई दिनों से सुबह के समय आसमान में घने बादल छा रहे हैं, जिससे किसानों को बारिश की उम्मीद बंधती है। हालांकि, दोपहर होते-होते बादल छंट जाते हैं और तेज धूप निकल आती है। बारिश नहीं होने से मिट्टी लगातार सूख रही है और उमस भी बढ़ गई है। सोयाबीन की बढ़वार पर संकट कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय सोयाबीन की फसल बढ़वार के महत्वपूर्ण चरण में है और उसे पर्याप्त नमी की जरूरत होती है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो पौधों की बढ़वार रुक सकती है, पत्तियां पीली पड़ने लगेंगी और फसल सूखने का खतरा बढ़ जाएगा। किसानों ने जताई नुकसान की आशंका किसान लोकेश राणा ने बताया कि पिछले 11 दिनों से जिले में अच्छी बारिश नहीं हुई है। खेतों की नमी लगातार कम होती जा रही है और सोयाबीन की फसल को इस समय सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। गेहूं की तैयारी भी होगी प्रभावित लोकेश राणा के मुताबिक, बारिश नहीं होने से खरीफ फसल के साथ-साथ आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि नुकसान की स्थिति में किसानों को प्रति बीघा हजारों रुपये की आर्थिक हानि हो सकती है। बारिश का इंतजार कर रहे किसान जिलेभर के किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। आसमान में बादल बनने के बावजूद बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। अब सभी की निगाहें मौसम के अगले बदलाव पर टिकी हैं।
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