Monday, September 14, 2026
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ड्रोन से निगरानी के बाद जुए की फड़ पर छापा: एक किमी दूर तक कैमरों से नजर, पुलिस पहुंचने से पहले जुआरी भागे – Bhopal News




क्राइम ब्रांच ने रविवार तड़के स्टेशन बजरिया इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए जुए की फड़ का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई निगरानी बदमाश शफीक उर्फ मास्साब के घर पर की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी हाईटेक तरीके से जुए का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। इसके लिए घर के आसपास कैमरे लगाए गए थे, जिनकी मदद से करीब एक किलोमीटर दूर तक निगरानी की जाती थी। क्राइम ब्रांच की टीम ने ड्रोन से इलाके की निगरानी करने के बाद मकान पर दबिश दी। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही घर में जुआ खेल रहे कई लोग मौके से भाग निकले। पुलिस ने जब्त की कारें पुलिस को मौके से जुए में इस्तेमाल ताश के पत्ते और हजारों रुपए की नकदी मिली है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जुआ संचालित करने के आरोप में शफीक उर्फ मास्साब समेत तीन अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। वहीं, शफीक का बेटा और स्टेशन बजरिया इलाके का कुख्यात बदमाश रूसी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। पुलिस ने मौके से रूसी की BMW कार समेत चार कारें जब्त की हैं। अब पुलिस फरार रूसी की तलाश कर रही है। साथ ही, जुए के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन की भी जानकारी जुटाई जा रही है। क्राइम ब्रांच ने रविवार रात कार्रवाई का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपियों ने पुलिस की नजर से बचने के लिए निगरानी का हाईटेक सिस्टम तैयार कर रखा था। पुलिस अब जब्त कैमरों और अन्य उपकरणों की जांच कर रही है।



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शाम की चाय का मजा होगा दोगुना, सूजी-आलू से बनाएं क्रिस्पी स्टिक्स कि बार-बार करेंगे डिमांड

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Sooji Aloo Sticks Recipe: शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा और स्वादिष्ट खाने का मन होना बिल्कुल आम बात है, लेकिन रोज़ाना बाजार से स्नैक्स खरीदना न तो जेब के लिए सही है और न ही सेहत के लिए. ऐसे में घर पर बनी ऐसी रेसिपी सबसे बेहतर रहती है, जो स्वाद में भी शानदार हो और लंबे समय तक स्टोर भी की जा सके. सूजी और आलू से बनने वाली क्रंची स्टिक्स ऐसी ही एक आसान और किफायती रेसिपी है, जिसे बच्चे हों या बड़े, हर कोई पसंद करता है.

इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे एक बार तैयार करके फ्रीजर में सुरक्षित रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर कुछ ही मिनटों में तलकर गरमा-गरम परोसा जा सकता है, अगर आपके घर में अक्सर मेहमान आते हैं या बच्चों को शाम के समय कुछ नया खाने की इच्छा होती है, तो यह रेसिपी आपके लिए काफी काम की साबित हो सकती है. बाहर मिलने वाले फ्रोजन स्नैक्स की जगह घर की बनी यह स्टिक्स स्वाद, सफाई और बजट तीनों मामलों में बेहतर विकल्प हैं.

सूजी और आलू की स्टिक्स क्यों हैं खास?
घर में मौजूद सामान्य सामग्री से तैयार होने वाली यह रेसिपी काफी आसान है. सूजी स्टिक्स बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम बनती हैं. इसमें उबले आलू का इस्तेमाल होने से स्वाद और टेक्सचर दोनों बेहतर हो जाते हैं. यदि इन्हें सही तरीके से फ्रीजर में स्टोर किया जाए तो लगभग एक महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है. यही वजह है कि यह व्यस्त परिवारों के लिए भी एक अच्छा स्नैक विकल्प बन जाती है.

स्टिक्स बनाने के लिए जरूरी सामग्री
स्टिक्स के लिए
1. 1 कप सूजी
2. 1 कप पानी
3. 1 छोटा चम्मच तेल
4. स्वादानुसार नमक
5. 2 छोटे उबले हुए आलू

(इमेज AI)

कोटिंग के लिए
1. थोड़ा सा कॉर्नफ्लेक्स
2. थोड़ा सा ब्रेड क्रम्ब्स
3. 1 बड़ा चम्मच कॉर्नफ्लोर
4. 1 बड़ा चम्मच मैदा
5. थोड़ा पानी
6. स्वादानुसार नमक
7. तलने के लिए तेल

कैसे तैयार करें सूजी और आलू की क्रंची स्टिक्स?
पहला स्टेप: सूजी का डो तैयार करें
सबसे पहले एक कड़ाही में एक कप पानी और एक छोटा चम्मच तेल डालकर हल्का गर्म करें. पानी ज्यादा उबलने न दें. गैस बंद करने के बाद पानी थोड़ा ठंडा होने दें. अब इसमें धीरे-धीरे सूजी और नमक डालते हुए लगातार चलाएं. कुछ ही मिनटों में मिश्रण गाढ़ा होकर डो जैसा तैयार हो जाएगा.

दूसरा स्टेप: आलू मिलाकर स्टिक्स बनाएं
अब इस तैयार डो में उबले हुए आलू को कद्दूकस करके डालें और अच्छी तरह मिला लें. मिश्रण को एक बार फिर हल्के हाथों से गूंध लें. इसके बाद बटर पेपर पर रखकर बेलन की मदद से समान मोटाई में बेलें और चाकू से लंबी स्टिक्स काट लें. चाहें तो अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग आकार भी दे सकते हैं.

तीसरा स्टेप: कोटिंग तैयार करें
कॉर्नफ्लेक्स को हल्का दरदरा पीस लें और उसमें थोड़ा ब्रेड क्रम्ब्स मिला दें. दूसरी ओर एक बाउल में मैदा, कॉर्नफ्लोर, नमक और थोड़ा पानी डालकर मध्यम गाढ़ापन वाला घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल न बहुत पतला हो और न बहुत गाढ़ा.

चौथा स्टेप: कोटिंग करके तलें
अब हर स्टिक को पहले तैयार घोल में डुबोएं और फिर कॉर्नफ्लेक्स वाले मिश्रण में अच्छी तरह लपेट लें. इसके बाद गर्म तेल में मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. तैयार स्टिक्स को टिश्यू पेपर पर निकालें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए.

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लंबे समय तक ऐसे करें स्टोर
अगर आप इन्हें पहले से बनाकर रखना चाहते हैं तो कोटिंग करने के बाद बिना तले स्टिक्स को एक ट्रे में रखकर कुछ घंटों के लिए फ्रीजर में रखें. इसके बाद इन्हें जिप-लॉक बैग या एयरटाइट डिब्बे में भरकर दोबारा फ्रीजर में रख दें. इस तरह ये करीब एक महीने तक अच्छी रहती हैं. जरूरत पड़ने पर सीधे फ्रीजर से निकालकर तल सकते हैं.

स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स
अगर आपको हल्का तीखा स्वाद पसंद है तो डो में लाल मिर्च पाउडर, काली मिर्च, चिली फ्लेक्स या मिक्स हर्ब्स मिला सकते हैं. बच्चों के लिए इसमें थोड़ा चीज़ भी मिलाया जा सकता है. इन्हें टमाटर सॉस, हरी चटनी या मेयोनीज के साथ परोसने पर स्वाद और भी बढ़ जाता है.

घर की चाय पार्टी के लिए शानदार स्नैक
आजकल कई लोग घर पर बनने वाले ऐसे स्नैक्स पसंद कर रहे हैं, जिन्हें पहले से तैयार करके रखा जा सके. सूजी और आलू की क्रंची स्टिक्स उसी श्रेणी की रेसिपी है. कम खर्च, आसान विधि और लंबे समय तक स्टोर करने की सुविधा इसे रोजमर्रा की रसोई के लिए उपयोगी बनाती है, अगर आपने अभी तक यह रेसिपी नहीं बनाई है तो इस बार शाम की चाय के साथ इसे जरूर आजमाएं.



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शहरी सरकार का चुनाव: बाड़ेबंदी में केंद्रीय मंत्री ने पार्षद प्रत्याशियों के साथ गाना गाया – Rajasthan News




जोधपुर नगर निगम के चुनाव के बाद भाजपा के सभी 100 पार्षद प्रत्याशियों की बालोतरा के पास एक रिसॉर्ट में बाड़ेबंदी की गई है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत रविवार को बाड़ेबंदी में प्रत्याशियों के बीच पहुंचे। यहां उन्होंने पार्षद प्रत्याशियों के साथ ‘पल-पल दिल के पास…’ और ‘ओ मेरे दिल के चैन…’ गाने गाए। पूरा वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।



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21 हजार नकली सिगरेट के साथ थोक कारोबारी पकड़ा गया: 3 लाख से ज्यादा का माल बरामद, विक्रेता की दुकान पर पुलिस का छापा – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर जिले में नामी ब्रांड के नाम पर नकली सिगरेट बेचने वाले एक बड़े अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। रविवार को नगर थाने की पुलिस ने गुप्त सूचना और वीएसटी इंडस्ट्रीज लिमिटेड की शिकायत पर कार्रवाई की। पुलिस ने शहर के धर्मशाला चौक स्थित एक थोक विक्रेता की दुकान पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने मौके से करीब 21 हजार नकली सिगरेट बरामद की। जब्त की गई इन सिगरेटों की अनुमानित बाजार कीमत 3 लाख रुपए से ज्यादा है। पुलिस ने दुकान संचालक और मुख्य थोक कारोबारी अजय कुमार को हिरासत में ले लिया है। उनसे थाने में पूछताछ की जा रही है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में कारोबारी अजय कुमार ने कई खुलासे किए हैं। उसने पुलिस को बताया कि उसने नकली सिगरेट की यह खेप अहियापुर थाना क्षेत्र के जीरोमाइल निवासी अभिषेक कुमार से खरीदी थी। ब्रांड से मिलते-जुलते नाम और गलत स्पेलिंग वाली हूबहू पैकिंग वीएसटी इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधिकृत वकील (दिल्ली निवासी) जगमीत सिंह रंधावा ने बताया कि यह गिरोह कंपनी के 2 लोकप्रिय ब्रांड ‘चार्म्स’ और ‘टोटल’ के नाम पर नकली उत्पाद बनाकर बाजार में बेच रहा था। जालसाजों ने चार्म्स ब्रांड से मिलते-जुलते नाम और गलत स्पेलिंग वाली हूबहू पैकिंग तैयार की थी। इसी तरह टोटल ब्रांड की भी नकली पैकिंग बनाकर सिगरेट बेची जा रही थी। इससे आम उपभोक्ता असली और नकली सिगरेट में फर्क नहीं कर पा रहे थे। आरोपी कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर रह चुका कंपनी के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के अनुसार, अवैध बाजार और नकली उत्पादों की धड़ल्ले से हो रही बिक्री के कारण कंपनी को अपने वास्तविक राजस्व में करीब 50 प्रतिशत तक का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था। पुलिस जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आए है कि हिरासत में लिया गया थोक कारोबारी अजय कुमार पहले इसी कंपनी का अधिकृत थोक डिस्ट्रीब्यूटर (वितरक) रह चुका है। पुराना डिस्ट्रीब्यूटर होने के कारण उसे बाजार की पूरी समझ थी। आरोप है कि वह इसी का फायदा उठाकर असली सिगरेट की आड़ में इन नकली उत्पादों की आपूर्ति मुजफ्फरपुर के साथ-साथ उत्तर बिहार के कई आसपास के जिलों के छोटे दुकानदारों को कर रहा था।
कंपनी प्रबंधन की ओर से स्पष्ट किया गया कि करीब 40 हजार से अधिक नकली सिगरेट बरामद की गई थी। फिलहाल, मुजफ्फरपुर पुलिस की टीमें इस गिरोह के मुख्य सप्लायर अभिषेक कुमार की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।



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बांग्लादेश बोला- भारत से नए सिरे से रिश्ते बनाएंगे: विदेश राज्य मंत्री ने कहा- दोनों देशों में सीधी बातचीत जरूरी, हसीना के दौर के संबंध असहज थे


ढाका5 घंटे पहले

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बांग्लादेश ने रविवार को कहा कि वह भारत के साथ अपने रिश्ते को रीसेट करना चाहता है। यानी दोनों देशों के बीच संबंधों को नए सिरे से शुरू करना चाहता है।

बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने कहा कि दोनों देशों के बीच नया रिश्ता आपसी हितों के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहने के दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों को असहज बताया।

कबीर ने कहा कि ढाका नई दिल्ली के साथ नए रिश्ते की ओर बढ़ना चाहता है और इसके लिए दोनों देशों के बीच सीधे बातचीत होनी चाहिए। यह बातचीत किसी बहुपक्षीय मंच के जरिए नहीं, बल्कि द्विपक्षीय स्तर पर होनी चाहिए।

‘भारत पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना बंद करना होगा’

कबीर ने कहा कि बांग्लादेश को भारत के साथ रिश्तों को लेकर जरूरत से ज्यादा ध्यान देने की सोच से बाहर निकलना होगा।

उन्होंने कहा कि भारत के साथ संबंधों को संतुलित तरीके से देखना चाहिए और आपसी हितों पर ध्यान देना चाहिए। नई दिल्ली के साथ रिश्ता बांग्लादेश के दूसरे देशों के साथ संबंधों का भी एक हिस्सा है।

BRICS समिट में PM रहमान शामिल नहीं हुए थे

बांग्लादेश का यह बयान भारत में हुए BRICS समिट के खत्म होने के आया है। बांग्लादेश ने कहा था कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान BRICS समिट में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उन्हें व्यक्तिगत हैसियत से न्योता नहीं दिया गया था।

ढाका के मुताबिक, उन्हें BIMSTEC के अध्यक्ष के तौर पर आमंत्रित किया गया था। BIMSTEC बंगाल की खाड़ी से जुड़े दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के 7 देशों का क्षेत्रीय संगठन है, जो आपसी सहयोग और विकास के लिए मिलकर काम करता है।

अगस्त में भी टला था रहमान का भारत दौरा

BRICS से पहले भारत ने दोनों देशों के बीच एक अलग द्विपक्षीय मुलाकात के लिए PM तारिक को निमंत्रण दिया था। उन्हें 22 अगस्त को भारत आना था, लेकिन दौरे से पहले ही यह कार्यक्रम टल गया था।

उस समय बांग्लादेश ने भारत के सामने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठाया था। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे को लेकर पहले से तनाव चल रहा है।

इस पर बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने उस वक्त कहा था कि,

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जब माहौल सही होगा, तब द्विपक्षीय दौरे होंगे। जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है।

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हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद भारत-बांग्लादेश में तनाव बढ़ा

दरअसल 5 अगस्त को शेख हसीना ने दिल्ली में वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने अवामी लीग सरकार के सत्ता से हटने की दूसरी बरसी पर पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और बांग्लादेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी।

इस पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई। ढाका का कहना था कि भारत में रहते हुए हसीना का सार्वजनिक रूप से राजनीतिक बयान देना दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को नुकसान पहुंचा सकता है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में भारत को पहले आगाह किया गया था लेकिन फिर भी भारत ने उन्हें यह प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की अनुमति दी। गौरतलब है कि भारत ने शेख हसीना का प्रेस कॉन्फ्रेंस रोकने से इनकार कर दिया था।

भारत ने कहा था कि उनका कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था आयोजित कर रही है। इससे सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।

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विशेष टीईटी से बाहर रखने पर शिक्षामित्रों में आक्रोश: प्रयागराज में आंदोलन का ऐलान, सुपर टेट में छूट और नियमितीकरण की मांग – Prayagraj (Allahabad) News




विशेष टीईटी में शामिल नहीं किए जाने से प्रदेशभर के शिक्षामित्रों में नाराजगी है। रविवार को प्रयागराज के चंद्रशेखर आजाद पार्क में प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक हुई। इसमें प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया गया। बैठक में शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी में शामिल करने की मांग उठाई गई। साथ ही टीईटी पास शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर सुपर टीईटी में छूट देने और नियमित करने की मांग की गई। अनुभव को चयन प्रक्रिया में महत्व देने की मांग प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि शिक्षामित्रों ने वर्षों तक ग्रामीण और दूरदराज के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था संभाली है। इतने लंबे समय तक बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों के अनुभव को किसी भी चयन प्रक्रिया में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों की स्थिति को समझे और उन्हें विशेष टीईटी में शामिल करे। टीईटी पास शिक्षामित्रों को उनके अनुभव के आधार पर सुपर टीईटी में उचित छूट दी जाए। साथ ही नियमितीकरण पर भी सरकार को जल्द कोई ठोस फैसला लेना चाहिए। शिव कुमार शुक्ला ने कहा कि सरकार सकारात्मक पहल करती है तो संगठन उसका स्वागत करेगा। मांगों की अनदेखी होने पर शिक्षामित्र कोर्ट जाएंगे और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक अपनी आवाज उठाई जाएगी। विशेष टीईटी और नियमितीकरण सबसे बड़ा मुद्दा प्रदेश उपाध्यक्ष और वाराणसी जिलाध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि संगठन के संघर्षों से मानदेय बढ़ाने और चिकित्सा सुविधा जैसे मामलों में सफलता मिली है। अब विशेष टीईटी और नियमितीकरण शिक्षामित्रों के भविष्य से जुड़े सबसे अहम मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को टीईटी पास शिक्षामित्रों की योग्यता के साथ उनके लंबे अनुभव को भी महत्व देना चाहिए। प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रयागराज जिलाध्यक्ष वसीम अहमद ने कहा कि शिक्षामित्रों को विशेष टीईटी से अलग रखना किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा। लंबे समय तक सेवा देने के बाद उन पर नई व्यवस्था थोपना ठीक नहीं है। उन्होंने शासनादेश में तत्काल बदलाव करने, टीईटी पास शिक्षामित्रों को सुपर टीईटी में अनुभव के आधार पर छूट देने और नियमितीकरण की स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। शिक्षामित्रों ने कहा- यह भविष्य और सम्मान का सवाल कौशांबी जिलाध्यक्ष रत्नाकर सिंह ने कहा कि जब विशेष टीईटी में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों और स्पेशल एजुकेटर को मौका दिया जा रहा है, तो वर्षों से स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षामित्रों को इससे बाहर रखना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को केवल एक श्रेणी के रूप में नहीं, बल्कि उनके शैक्षिक अनुभव और वर्षों की सेवा को ध्यान में रखकर देखा जाना चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्रों की मांग केवल एक परीक्षा में शामिल किए जाने तक सीमित नहीं है। यह उनके भविष्य, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। जनार्दन तिवारी और विनय पटेल समेत कई शिक्षामित्रों ने विचार रखे और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग का समर्थन किया। चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर किया नमन बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला ने महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद प्रदेश पदाधिकारियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर संतोष बाबू पाल, घनश्याम दत्त मिश्रा, जगदीश केसरी, प्रताप बहादुर सिंह, अमर बहादुर सिंह, वंदना श्रीवास्तव, नीलम गौतम, आयशा खान, अनामिका पांडेय, अनवर जहां, रीता शुक्ला, दशरथ भारती, सुमंत भार्गव, कमलेश यादव, आशीष जायसवाल, राकेश शुक्ला और कौशांबी से जितेंद्र कुमार, तिवारी, नितेंद्र मिश्रा, विजय बहादुर सरोज, तलत, प्रहलाद, बीरेंद्र कुमार समेत कई शिक्षामित्र मौजूद रहे।



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बक्सर- प्रतीक की टीम को इनोवेशन चैलेंज में दूसरा स्थान: 3600 छात्रों में 80 टीमें फाइनल में पहुंचीं; तकनीक और रेसिंग पर आइडिया दिया, ब्रिटेन जाने का मौका मिला – Buxar News




मोहाली में प्लाक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित ट्रैकशिफ्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 में बक्सर के सिविल लाइन निवासी प्रतीक राय की टीम सिनैप्स ने दूसरा स्थान हासिल किया। वाईसीसीई, नागपुर की टीम को 50 हजार रुपए का पुरस्कार मिला। प्रतियोगिता में देशभर से करीब 3600 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। अलग-अलग चरणों के बाद 80 टीमों का चयन किया गया था। तकनीक और मोटरस्पोर्ट्स इंजीनियरिंग पर रखे विचार
फाइनल में टीम सिनैप्स ने तकनीक और मोटरस्पोर्ट्स इंजीनियरिंग से जुड़े अपने विचार प्रस्तुत किए। टीम की अगुआई दिशत घुगे ने की। टीम के प्रदर्शन के आधार पर उसे उपविजेता घोषित किया गया। टीजीआर हास एफ1 टीम के सहयोग से हुआ आयोजन
ट्रैकशिफ्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 का आयोजन टीजीआर हास एफ1 टीम, एमफैसिस और हैककल्चर के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता का कुल पुरस्कार 1.75 लाख रुपए था। इसमें विद्यार्थियों को तकनीकी क्षमता और रचनात्मक सोच दिखाने का अवसर मिला। विजेता टीमों को ब्रिटेन जाने का मौका
प्रतियोगिता के विजेताओं को ब्रिटेन के ब्रैनबेरी स्थित टीजीआर हास एफ1 सुविधा केंद्र की पूरी तरह प्रायोजित यात्रा कराई जाएगी। वहां विद्यार्थियों को फॉर्मूला वन रेसिंग और मोटरस्पोर्ट्स इंजीनियरिंग से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक और इंजीनियरिंग समझने का अवसर मिलेगा। प्रतीक ने 10 से ज्यादा प्रतियोगिताओं में हासिल किए स्थान
प्रतीक राय फिलहाल महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रहते हैं और मूल रूप से बक्सर के सिविल लाइन के निवासी हैं। उनके पिता राजीव राय रेलवे में अधिकारी हैं और मां बीना राय गृहिणी हैं। बचपन से मेधावी रहे प्रतीक ने 10 से अधिक अलग-अलग प्रतियोगिताओं में पहला और दूसरा स्थान हासिल किया है। ट्रैकशिफ्ट चैलेंज में दूसरा स्थान उनकी उपलब्धियों में एक और जुड़ाव है।



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टीकमगढ़ में आकाशीय बिजली गिरी, 16 बकरियों की मौत: पशुपालक गंभीर रूप से घायल, परिवार ने की मुआवजे की मांग – Tikamgarh News




टीकमगढ़ के देहात थाना क्षेत्र के सुनौरा खिरिया गांव में रविवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से 16 बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे में बकरियां चरा रहा एक पशुपालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ अन्य बकरियां भी घायल हुई हैं, जिनका इलाज चल रहा है। पशुपालकों ने बताया कि गांव से लगे जंगल में नाले के पास अचानक आकाशीय बिजली गिरने से यह हादसा हुआ। घटना में 65 वर्षीय लच्छू पाल बिजली की चपेट में आकर झुलस गया। गंभीर हालत में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक इलाज के बाद फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। इस घटना में लच्छू पाल की 5, पप्पू पाल की 5, कमल पाल की 3 और काशीराम रजक की 3 बकरियों की मौत हुई है। हादसे से पशुपालकों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना के बाद पीड़ित पशुपालकों ने देहात थाना प्रभारी को आवेदन देकर सरकार से आर्थिक मदद मांगी है। उन्होंने आवेदन में बताया है कि पशुधन के नुकसान से उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट आ गया है। पीड़ितों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।



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चावल चिपचिपे बन गए? अगली बार बस ये 1 ट्रिक अपनाएं, एकदम खिले-खिले बनेंगे

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चावल बनाते समय अगर पानी का संतुलन बिगड़ जाए या उन्हें ज्यादा देर तक पकाया जाए, तो दाने आपस में चिपक सकते हैं और चावल खिले-खिले नहीं बनते. हालांकि, कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर चावल को चिपचिपा होने से बचाया जा सकता है.

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चावल पकाते समय उन्हें बार-बार चम्मच से चलाने से भी दाने टूट सकते हैं.

चावल बनाना देखने में जितना आसान लगता है, उतना ही कई बार इसमें छोटी-सी गलती पूरा स्वाद और टेक्सचर बिगाड़ देती है. खासकर जब चावल पकने के बाद खिले-खिले होने के बजाय आपस में चिपक जाते हैं. बिरयानी, पुलाव या फ्राइड राइस बनाते समय तो ऐसे चावल बिल्कुल अच्छे नहीं लगते. ज्यादा पानी, चावल को ठीक से न धोना या जरूरत से ज्यादा पकाना इसके पीछे बड़ी वजह हो सकती है.

अगर आपके चावल भी अक्सर चिपचिपे हो जाते हैं, तो अगली बार कुछ आसान ट्रिक्स आजमाकर देखें.

चावल को अच्छी तरह धोएं

चावल के चिपचिपे होने की एक बड़ी वजह उसमें मौजूद अतिरिक्त स्टार्च हो सकता है. इसलिए चावल पकाने से पहले उसे 2 से 3 बार पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए. जब तक पानी काफी हद तक साफ न दिखाई देने लगे, तब तक चावल धो सकते हैं. इससे अतिरिक्त स्टार्च निकलने में मदद मिलती है और चावल ज्यादा खिले-खिले बन सकते हैं.

पानी की मात्रा सही रखें

चावल पकाते समय पानी की मात्रा बहुत महत्वपूर्ण होती है. अगर पानी जरूरत से ज्यादा डाल दिया जाए तो चावल गल सकते हैं और आपस में चिपकने लगते हैं. अलग-अलग चावल के लिए पानी की जरूरत अलग हो सकती है, इसलिए चावल के पैकेट पर दिए निर्देश भी देख सकते हैं. बासमती चावल के लिए आमतौर पर चावल और पानी का अनुपात सामान्य चावल से अलग होता है.

चावल को भिगोकर रखें

अगर आप बासमती या लंबे दाने वाले चावल बना रहे हैं, तो उन्हें पकाने से पहले करीब 15 से 20 मिनट के लिए भिगोना फायदेमंद हो सकता है. इससे चावल समान रूप से पकने में मदद मिलती है. हालांकि बहुत ज्यादा देर तक भिगोने से चावल टूट भी सकते हैं, इसलिए समय का ध्यान रखें.

पकाते समय बार-बार न चलाएं

चावल पकाते समय उन्हें बार-बार चम्मच से चलाने से भी दाने टूट सकते हैं और ज्यादा स्टार्च निकल सकता है. इससे चावल चिपचिपे हो सकते हैं. इसलिए चावल को पकाते समय बार-बार हिलाने से बचें और जरूरत के मुताबिक ही चलाएं. चावल पक जाने के बाद गैस बंद करके उन्हें कुछ मिनट ढककर छोड़ दें. इसके बाद ढक्कन खोलकर चावल को कांटे की मदद से हल्के हाथ से फुलाएं. इससे दाने अलग करने में मदद मिलती है और चावल ज्यादा खिले हुए नजर आते हैं.

अगर चावल पहले ही चिपचिपे हो गए हैं

अगर चावल पकने के बाद बहुत ज्यादा चिपक गए हैं, तो उन्हें जोर से चलाने की गलती न करें. चावल को एक बड़ी प्लेट या ट्रे में फैला दें और कुछ देर ठंडा होने दें. इससे अतिरिक्त भाप निकल जाएगी और चावल कुछ हद तक अलग हो सकते हैं. इसके बाद कांटे से धीरे-धीरे दाने अलग करें.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

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हर दिन गुल्लक में डालते 50 रुपए, आज 300 करोड़ का कारोबार कर रहे तनुज


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Business Success Story: बड़ा कारोबार शुरू करने के लिए सिर्फ पूंजी की जरूरत नहीं होती, बल्कि मेहनत, सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने के जुनून की भी जरूरत होती है. कुछ ऐसी ही कहानी है नोएडा के एक कारोबारी की, जो हर दिन 50-50 रुपये बचाकर इक्ट्ठे किए, इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स का काम सीखा, कूलर असेंबल और रिपेयर किए और धीरे-धीरे अपना कारोबार खड़ा किया.

नोएडा: कहते हैं कि बड़ा कारोबार शुरू करने के लिए हमेशा बड़ी पूंजी की जरूरत नहीं होती, जरूरत होती है मेहनत, सीखने की इच्छा और आगे बढ़ने के जुनून की. एक व्यापारी की ऐसी कहानी जो हर दिन 50-50 रुपये बचाकर इक्ट्ठे किए, इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स का काम सीखा, कूलर असेंबल और रिपेयर किए और धीरे-धीरे अपना कारोबार खड़ा किया. आज यही सफर एक बड़ी कंपनी तक पहुंच चुका है. आज कंपनी करीब 300 करोड़ रुपये का टर्नओवर कर रही है. आइए जानते हैं इस पूरे सफर की कहानी.

किराना स्टोर पर शुरुआत में की थी नौकरी
तनुज गुप्ता ने लोकल18 से बातचीत में बताया कि उनके पिता राजीव गुप्ता ने पांचवीं कक्षा से ही पढ़ाई के साथ दुकान पर बैठना शुरू कर दिया था. वह परचून की छोटी सी परचून की दुकान पर काम करते थे और कमाई में से 50-50 रुपये जमा करते थे. समय के साथ वह शहर आ गए. यहां उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स के काम को करीब से सीखा. खुद कूलर असेंबल किए, सर्विस की और इसी काम के दौरान कारोबार की बारीकियां समझीं. जैसे-जैसे पैसे जमा होते गए, वैसे-वैसे काम को भी आगे बढ़ाते गए. छोटी दुकान और छोटी बचत से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे एक बड़े कारोबार की नींव बन गया और आज थर्मोकूल होम अप्लायंसेज लिमिटेड कंपनी ने 300 करोड़ के टर्नओवर को पार किया है.

पहले की थी 25 हजार रुपए से शुरू
तनुज बताते हैं कि शुरुआत इलेक्ट्रिकल से हुई और इसके बाद मेटल कूलर बनाए गए. जब बाजार का ट्रेंड बदला तो कंपनी ने प्लास्टिक कूलर की तरफ कदम बढ़ाया. धीरे-धीरे प्रोडक्ट की रेंज बढ़ती गई और आज कंपनी के पास 150 से 200 से ज्यादा SKUs की रेंज है. कंपनी की यात्रा 25 साल पहले हुई थी और उस समय सिर्फ 25 हजार रुपए जमापूंजी से कंपनी की शुरुआत राजीव गुप्ता ने की थी. कोविड के बाद परिवार की नई पीढ़ी भी कारोबार में शामिल हुई. अब कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स के क्षेत्र में काम कर रही है और पैन इंडिया सप्लाई पर फोकस कर रही है.

मार्केटिंग एक्सपर्ट के बड़े दावे
मार्केटिंग एक्सपर्ट तुषार गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी थर्मोकूल होम अप्लायंसेज लिमिटेड इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल्स के क्षेत्र में काम करती है. कंपनी का लक्ष्य कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाना है. उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में कूलर इंडस्ट्री में भी काफी बदलाव आया है. एसी हर परिवार की पहुंच में नहीं है, ऐसे में बड़ी आबादी के लिए कूलर आज भी जरूरत का प्रोडक्ट है. कंपनी चाहती है कि पहले नॉर्थ इंडिया में अपनी पहुंच मजबूत की जाए और इसके बाद धीरे-धीरे पूरे देश में विस्तार किया जाए.

इन शहरों में सहित ऑफलाइन बढ़ी डिमांड
तुषार गुप्ता का कहना है कि ग्राहक अब सिर्फ सस्ता प्रोडक्ट नहीं चाहता, बल्कि अपनी जरूरत के हिसाब से बेहतर और अपग्रेडेड प्रोडक्ट लेना चाहता है. यही वजह है कि कंपनी लगातार अपनी प्रोडक्ट रेंज बढ़ाने पर काम कर रही है. कोविड के बाद ऑनलाइन खरीदारी ने भी बाजार को काफी बदला है. तुषार गुप्ता के मुताबिक, अब ग्राहक पहले ऑनलाइन किसी प्रोडक्ट की जानकारी देखता है और उसके बाद दुकान पर जाकर उसे देखने और समझने के बाद खरीदारी करना पसंद करता है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी ऑनलाइन खरीदारी का चलन बढ़ा है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने ग्राहकों तक जानकारी पहुंचाने का अंतर कम किया है. हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स में ग्राहक अक्सर प्रोडक्ट को सामने से देखकर उसकी डिजाइन, रंग और क्वालिटी को समझना चाहता है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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