Gold Price : भारत में शादी हो, त्योहार हो या कोई शुभ मौका सोना खरीदना लगभग हर परिवार की पहली पसंद होती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही गोल्ड देश की अर्थव्यवस्था पर कितना बड़ा बोझ डाल रहा है? भारत हर साल करीब 700 टन सोना आयात करता है, जिस पर लगभग ₹6.84 लाख करोड़ खर्च हो जाते हैं. यह पैसा सीधे देश से बाहर चला जाता है, जबकि बढ़ती तेल और उर्वरक कीमतों के बीच भारत को डॉलर की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा है. यही वजह मानी जा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से कम से कम एक साल तक सोना कम खरीदने की अपील की है. आखिर इस अपील के पीछे कितना बड़ा आर्थिक संकट और क्या है पूरा गणित? समझिए…
Gold Smuggling : ज्वैलरी और रत्न क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों ने चिंता जताई है कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाए जाने से इम्पोर्ट तो कम नहीं होगा, लेकिन तस्करी का जोखिम जरूर बढ़ जाएगा. उद्योग संगठनों ने कहा है कि आयात कम करने के दूसरे उपायों पर जोर दिया जाना चाहिए, बजाय कि शुल्क बढ़ाना.
सोने पर आयात शुल्क बढ़ने से तस्करी का जोखिम भी बढ़ गया है.
नई दिल्ली. सरकार ने सोने पर आयात शुल्क बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया है. इसका मकसद भले ही आयात बिल में कमी लाना है, लेकिन उद्योग जगत का कहना है कि इससे फायदे से ज्यादा नुकसान होगा. ज्वैलरी उद्योग से जुड़े निर्यातकों ने आशंका जताई है कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ने से तस्करी का जोखिम भी पैदा हो गया है. इससे रत्न एवं आभूषण उद्योग को आने वाले समय में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है और अवैध बाजार व तस्करी को बढ़ावा मिलने की भी आशंका है.
निर्यातकों के अनुसार, आयात शुल्क में वृद्धि से आमतौर पर कीमतें बढ़ जाती हैं. हाल के समय में सोने की कीमतें दोगुनी होने के बावजूद आयात में उसके अनुरूप कमी नहीं आई है. उनका मानना है कि ऐसे उपाय अकसर तस्करी को बढ़ावा देते हैं और निर्यात लागत को बढ़ाते हैं. इसका सबसे गंभीर असर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) विनिर्माताओं पर पड़ेगा जो गंभीर नकदी संकट का सामना कर रहे हैं.
कठिन होने वाला है कारोबार अखिल भारतीय रत्न एवं आभूषण परिषद (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने बताया कि प्रधानमंत्री के मितव्ययिता उपायों और सर्राफा आयात शुल्क बढ़ने से कारोबार अब कठिन होने वाला है. उद्योग को आशंका है कि इससे अवैध बाजार और तस्करी को बढ़ावा मिलेगा.शुल्क बढ़ोतरी को समझाते हुए रोकड़े ने कहा कि अब सीमा शुल्क, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) और कृषि उपकर को मिलाकर आयात शुल्क के कारण सोना पहले के 13,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर लगभग 27,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो सकता है. जीजेसी ने हाल के नीतिगत निर्णयों पर विचार करने और आगे की रणनीति तय करने के लिए बुधवार को मुंबई में उद्योग की सभी संस्थाओं की बैठक बुलाई है.
कारोबारियों पर संकट का समय जीजेसी के वाइस चेयरमैन अविनाश गुप्ता ने कहा कि सोना और आभूषण भारत की अर्थव्यवस्था, परंपराओं और बचत संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं. इस समय व्यापार जगत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे घबराहट से बचें और आत्मविश्वास एवं जिम्मेदारी के साथ अपना कारोबार जारी रखें. हम राष्ट्र की व्यापक आर्थिक प्राथमिकताओं का पूर्ण समर्थन करते हैं. कारीगरों, व्यापारियों तथा उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए इस क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए हम नीति निर्माताओं के साथ रचनात्मक बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं.
राष्ट्र पहले की भावना से भरा है यह फैसला रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) ने सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के फैसले को स्वीकार करते हुए कहा कि एक उद्योग के रूप में जीजेईपीसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की राष्ट्र पहले की भावना को लेकर प्रतिबद्ध है. परिषद ने हालांकि स्थायी समाधान के लिए सरकार से उद्योग के हितधारकों के साथ बातचीत करने की अपील की है. जीजेईपीसी के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सोने के आयात को कम करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अपने सदस्यों द्वारा उठाए गए सक्रिय कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की है. इनमें कम कैरेट के आभूषणों को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं को पुराने आभूषणों के बदले नए आभूषण लेने के लिए प्रोत्साहित करना शामिल है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
साल 2001 में जून माह में सनी देओल की फिल्म ‘गदर : एक प्रेमकथा’ और आमिर खान की मूवी ‘लगान’ रिलीज हुई थी. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ धूम मचाई. पूरे तीन माह बाद 28 सितंबर को लो बजट की एक और फिल्म रिलीज हुई जिसकी सराहना पूरे देह में हुई. इस फिल्म के मुहुर्त पर एक्ट्रेस ने डांस किया था. हीरो ने नोट बरसाए थे. फिल्म की कहानी झकझोर देने वाली थी. साल 2001 की ज्यादातर फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए इस मूवी ने चार नेशनल अवॉर्ड जीते. यह मूवी कौन सी थी, आइये जानते हैं……
सिर्फ 60 स्क्रीन पर 2001 में एक छोटे बजट की फिल्म रिलीज हुई थी. जब यह फिल्म रिलीज हुई तब सिनेमाघरों में सनी देओल की ‘गदर : एक प्रेमकथा’ और आमिर खान की ‘लगान’ धूम मचा रही थीं. इन बड़ी फिल्मों के बीच रिलीज हुई इस मूवी की कहानी बहुत ही डार्क थी. मुंबई के डांस बार की काली सच्चाई थी. डांस बार में काम करने वाली लड़कियों की व्यथा थी. फिल्म दर्शकों को खूब पसंद आई. इतना ही नहीं, यह मूवी सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ को पीछे छोड़ते हुए चार नेशनल अवॉर्ड भी जीते. हम 28 सितंबर 2001 को रिलीज हुई ‘चांदनी बार’ फिल्म की बात कर रहे हैं जिसका डायरेक्शन मधुर भंडारकर ने किया था. आइये जानते हैं इस फिल्म से जुड़े दिलचस्प फैक्ट्स..
‘चांदनी बार’ फिल्म को रिलीज हुए 25 साल से ज्यादा का समय हो चुका है लेकिन इसकी कहानी आज भी लोगों को जेहन में है. वैसे भी मधुर भंडारकर बहुत ही रियलिस्टि सिनेमा बनाने के लिए जाने जाते हैं. मधुर ने फिल्म की स्क्रिप्ट एक्ट्रेस तब्बू को ध्यान में रखकर लिखी थी. इतना ही नहीं उन्होंने स्किप्ट में ही तब्बू की फोटो भी चिपका दी थी. मधुर ने पूरे 6 महीने तक रिसर्च की और फिर स्क्रिप्ट लिखी.
‘चांदनी बार’ फिल्म का स्क्रीनप्ले-डायलॉग मोहन आजाद ने लिखे थे. म्यूजिक राजू सिंह ने कंपोज किया था. फिल्म को लता मोहन ने किया था. फिल्म में तब्बू, अतुल कुलकर्णी, राजपाल यादव, उपेंद्र लिमये जैसे सितारे थे. यह एक क्राइम ड्रामा फिल्म थी. मुंबई अंडरवर्ल्ड, वेश्यावृत्ति, डांस बार की काली सच्चाई को दिखाती है.
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मधुर भंडारकर ने यह फिल्म बहुत ही कम बजट में बनाई थी. उन्होंने फिल्म अपने हिसाब से बनाई. कहा जाता है कि क ‘हीरोइन’ फिल्म में करीना कपूर के कपड़ों पर जितना पैसा खर्च किया था, उससे कम बजट में चांदनी बार बन गई थी. मूवी सिर्फ 1.5 करोड़ के बजट में तैयार हुई थी.
फिल्म में मुंबई की एक बार डांसर की कहानी दिखाई गई है जो बेहतर जिंदगी की तलाश में गैंगस्टर के साथ घर बसा लेती है. वो चाहती है कि उसका बेटा पढ़ लिखा जाए. बेटी अपना नाम कमाए लेकिन उसके ये सपने पूरे नहीं हो पाते. फिल्म में तब्बू ने मुमताज का रोल निभाया था.
‘चांदनी बार’ में तब्बू के अपोजिट अतुल कुलकर्णी थे. राजपाल यादव और अनन्या खरे का सधा हुआ अभिनय था. फिल्म काफी हद तक सफल रही. ‘चांदनी बार’ को 7.6 की आईएमडीबी रेटिंग मिली हुई है. इस फिल्म को पिछले चार दशक की सबसे रियलिस्टिक फिल्म माना जाता है.
यह फिल्म एक्टर विशाल ठक्कर की डेब्यू फिल्म थी. विशाल ठक्कर आखिरी बार मुन्नाभाई एमबीबीएस में नजर आए थे. वो पिछले 15 से गुमशुदा हैं. उन्होंने ‘चांदनी बार’, ‘टैंगो चार्ली’ और ‘तुम: ए डेंजरस ऑब्सेशन’ जैसी कई फिल्मों में काम किया. ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का भी हिस्सा रहे.
1.5 करोड़ के बजट में बनी ‘चांदनी बार’ ने 6.6 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक सेमी हिट फिल्म साबित हुई थी. चांदनी बार फिल्म को चार नेशनल अवॉर्ड मिले थे. तब्बू को भी बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड मिला था. बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर अतुल कुलकर्णी, बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड अनन्या खरे को मिला था. बेस्ट मूवी ऑन सोशल मीडिया इश्यूज का नेशनल अवॉर्ड प्रोड्यूसर-डायरेक्टर को मिला था. 2001 में सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली सनी देओल की फिल्म ‘गदर’ को एक भी नेशनल अवॉर्ड नहीं मिला था जबकि आमिर खान की ‘लगान’ फिल्म को 8 कैटेगरी में नेशनल अवॉर्ड मिले थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेश यात्राओं से बचने की अपील गुजरात में दिखाई देने लगी है। दिव्य भास्कर ने पीएम की अपील का असर जानने गुजरात की कई बड़ी ट्रैवल एजेंसियों से बात की, तो पता चला कि राज्य में इंटरनेशनल ट्रिप में 30 फीसदी कमी आ गई है और अब लोग वैकेशन के लिए देश के अंदर ही पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगे हैं।
सूरत के ट्रैवल एजेंट कुलदीप सोनी ने बताया- पीएम के बयान के तुरंत बाद से ही गुजरात में असर दिखना शुरू हो गया था। अब तो अंतिम चरण में पहुंच चुकीं बुकिंग भी रद्द होनी शुरू हो गई हैं। यहां तक कि इंटरनेशनल ट्रिप के लिए पूछताछ में भी भारी गिरावट आ गई है। जो लोग अब तक दुबई, थाईलैंड या वियतनाम जाने का प्लाना बना रहे थे। वे अब देश के ही पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगे हैं।
फॉरेन ट्रिप में 50 फीसदी तक की कमी आएगी:कुलदीप सोनी कुलदीप सोनी ने आगे बताया कि लोग अब घरेलू पैकेज की मांग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह असर बढ़कर 30 से 50 प्रतिशत तक होने की संभावना है। लोग अब फॉरेन ट्रिप का प्लान कैंसल कर उसी बजट में भारत के बेहतरीन पर्यटन स्थलों पर जाना चाहते हैं। ट्रैवल एजेंट्स के मुताबिक, घरेलू पर्यटन में वृद्धि से भारत में स्थानीय रोजगार को रफ्तार मिलेगी। इसस होटल, ट्रैवल उद्योगों के साथ-साथ इनसे जुड़े छोटे-छोटे व्यवसायों को भी फायदा होगा।
लोग अब देश के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछ रहे:कुलदीप सोनी
कुलदीप सोनी कहते हैं कि भारतीय हर साल गर्मियों में विदेश यात्रा पर करोड़ों रुपए खर्च करते हैं। प्रधानमंत्री की अपील का मुख्य उद्देश्य इस धन को देश में ही रखना और स्थानीय पर्यटन स्थलों का विकास करना है। पीएम की अपील से अब पर्यटकों में भी यह समझ विकसित हो रही है कि विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल भारत में भी उपलब्ध हैं, तो विदेश क्यों जाएं? यह सोच विदेशी मुद्रा की बचत करेगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
ट्रैवल एजेंसियों में आने वाले ग्राहक अब स्पष्ट रूप से भारत के पर्यटन स्थलों के बारे में पूछ रहे हैं। इंटरनेशनल ट्रिप की बुकिंग करा चुके पर्यटक भी अब पूछ रहे हैं कि क्या इन्हें घरेलू बुकिंग में बदला जा सकता है? वहीं, सूरत में रहने वाली भूमिका कदम और उनकी दो बहनों ने एक वक्त पर वियतनाम की जगह दार्जिलिंग और सिक्किम ट्रिप की बुकिंग करवा ली है।
भूमिका ने बताया कि वह पिछले 6-7 महीनों से वियतनाम की अपनी पहली एकल अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रही थीं। लेकिन प्रधानमंत्री की अपील सुनने के बाद उन्होंने आपसी सहमति से यह विदेश यात्रा रद्द करने का फैसला किया है। अब ये तीनों लड़कियां सिक्किम-दार्जिलिंग की यात्रा पर जाएंगी। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे देश की मुद्रा बचाने के लिए विदेश न जाकर देश के ही पर्यटन स्थलों पर जाएं।
भूमिका कदम ने कहा- बहुत से लोग विदेश जाने का सपना देखते हैं। हम बहनें भी वियतनाम जाने के लिए बहुत उत्साहित थीं। लेकिन प्रधानमंत्री की अपील के बाद हमें भी अहसास हुआ कि अगर हम ही अपने देश के पर्यटन को बढ़ावा नहीं देंगे तो कौन देगा? इसीलिए हमने सिक्किम-दार्जिलिंग जाने का फैसला किया है। हमारी भविष्य की ट्रिप में भी पहली प्रॉयोरिटी अब भारत के ही पर्यटन स्थल रहा करेंगे।
पीएम की अपील के बाद अब हालात बदलने लगे: अलाप मोदी अहमदाबाद में अजय मोदी ट्रेवल्स एजेंसी के मालिक अलाप मोदी ने कहा- खासतौर पर गुजरात की बात करूं तो वैकेशन में यहां के बड़ी संख्या में लोग विदेश जाने का ही प्लान बनाते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद हालात बदलने लगे हैं।
गर्मियों के छुट्टियों के लिए अभी काफी लोगों ने पहले से ही फॉरेन ट्रिप की बुकिंग करवा ली थीं, जिन्हें रद्द करना अब उन्हें काफी महंगा पड़ सकता है। हां, नई बुकिंग पर इसका असर साफतौर पर दिखाई देने लगा है। फिलहाल, ज्यादातर लोग कश्मीर, लेह-लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, असम और सिक्किम के लिए बुकिंग करवा रहे हैं। अगले कुछ दिनों में यह मांग और बढ़ने वाली है। इसका असर दिवाली वैकेशन भी साफ दिखाई देगा।
भारतीय भी देश की ट्रिप पर आना शुरू कर देंगे: अलाप मोदी आलाप मोदी ने आगे बताया कि पीएम की अपील का असर विदेशी पर्यटकों पर भी दिखाई देगा। विदेशों में रहने वाले भारतीय भी देश की ट्रिप पर आना शुरू कर देंगे। इससे होटलों और हवाई टिकटों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
भारत में टूर पैकेज 20 हजार से 70 हजार तक के होते हैं। वहीं, विदेशों में टूर पैकेज 50 हजार से शुरू होकर 7 लाख तक जाते हैं। साथ ही, अलग-अलग जगहों पर ठहरने की अवधि के अनुसार पैकेज की कीमत घटती-बढ़ती रहती है।
अहमदाबाद से श्रीनगर, दिल्ली, कोच्चि और बेंगलुरु आदि के लिए सीधी कनेक्टिविटी बहुत अच्छी है। धार्मिक स्थलों की बात करें तो अहमदाबाद से अयोध्या और वाराणसी के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। आने वाले समय में गुजरात में कई ऐसे स्थान हैं, जहां लोग जाना ज्यादा पसंद करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद लोग गुजरात के पर्यटन स्थलों की यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। द्वारका, सोमनाथ, दीव-दमन और गिर जैसी ट्रिप के लिए पूछताछ बढ़ रही है।
देश के लोगों का ही भला होगा: मनीष शाह वडोदरा टूर एंड ट्रेवल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष शाह ने कहा- पीएम की अपील से विदेशी पर्यटन और यात्रा व्यवसायों पर निश्चित तौर पर असर पड़ेगा। विदेशों की बजाय लोग भारत की यात्रा करते हैं, तो इससे देश के लोगों का ही लाभ होगा। भारतीय होटलों का कारोबार बढ़ेगा, ट्रैवल एजेंटों का कारोबार बढ़ेगा। इसके साथ ही, यात्रा और परिवहन से जुड़े अन्य सभी व्यवसायों को लाभ होगा।
पीएम मोदी ने सोमवार को वडोदरा से भारत में ही ‘डेस्टिनेशन वेडिंग’ करने की भी अपील की थी, जिसका शादी उद्योग पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ने लगा है। पीएम की अपील के कुछ ही घंटों के भीतर, देश के वेडिंग प्लेसेज के बारे में जानने वालों की पूछताछ भी बढ़ गई है। लोग अब विदेश जाने के बजाय ऋषिकेश, गोवा और उदयपुर जैसे भारतीय शहरों में वेडिंग प्लान कर रहे हैं।
इसका एक कारण यह भी है कि इंटरनेशनल फ्लाइट्स के बढ़ते किराए और महंगाई से भी विदेशों में वेडिंग प्लान महंगा होता जा रहा है। वहीं, भारत में यह बहुत किफायती है। विदेश में शादी करते समय मेहमानों की संख्या 150 से 200 तक सीमित रखनी पड़ती है, जबकि भारत में ऐसी कोई सीमा नहीं है।
देश में ही वेडिंग डेस्टिनेशन की इन्क्वॉयरीज आ रहीं: चिराग शेठ वडोदरा के वेडिंग प्लानर चिराग शेठ ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद से देश में ही डेस्टिनेशन वेडिंग प्लेसेज लिए कई कॉल आ रहे हैं। जो लोग विदेशों में शादी का प्लान बना रहे थे, वे अब भारत के वेडिंग प्लेसेज सर्च कर रहे हैं। देश के वेडिंग प्लेसेज के लिए अब तक हमें 10 से 15 कॉल्स आ चुकी हैं।
फिलहाल, एयरलाइन के किराए में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, इसलिए भारत में शादी की योजना बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। इससे भारतीय वेडिंग इंडस्ट्री को काफी फायदा होगा और लोग अधिक मेहमानों के साथ शादियों का आनंद ले सकेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि जब भी विदेश में वेडिंग प्लान बनाया जाता है तो आमतौर पर अधिकतम 200 मेहमानों के लिए ही योजना बनाई जाती है। लेकिन अगर हम भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग करते हैं, तो 300 से 400 मेहमानों के लिए अच्छी तरह से योजना बना सकते हैं। इसलिए, भारत में शादी करने का संदेश बहुत स्वागत योग्य है और यह सभी के लिए फायदेमंद है।
चिराग शेठ ने आगे बताया कि भारत की वेडिंग इंडस्ट्रीज बहुत बड़ी है। अगर भारत में डेस्टिनेशन वेडिंग प्लान की जाती है, तो यहां की इंडस्ट्रीज को बहुत फायदा होगा। वेडिंग इंडस्ट्रीज में होटलों के अलावा बड़ी संख्या में छोट-छोटे लोग भी जुड़े होते हैं। फूल सजावट से लेकर खानपान की सुविधाएं देने वालों तक के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इवेंट इंडस्ट्री को बहुत फायदा होगा:आनंद दोषी
अहमदाबाद के इवेंट प्लानर आनंद दोषी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से बहुत लाभ होने वाला है। हमारे देश में कई बेहतरीन स्थान हैं, जहां शादियां प्लान की जा सकती हैं। विदेशों में उपलब्ध सुविधाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं हमारे देश में भी मौजूद हैं।
डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए जो भी जरूरी है, वह हमारे देश में उपलब्ध है। बहुत से लोग डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए विदेशों में करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। इसलिए अगर लोग पीएम की अपील मानते हैं, तो देश की इवेंट्स इंडस्ट्रीज को बहुत फायदा होगा।
आनंद दोषी ने आगे बताया कि अहमदाबाद से ही हर साल 300 से 400 लोग विदेश में डेस्टिनेशन वेडिंग करते हैं। इस तरह पूरे देश के आंकड़ा देखा जाए तो बहुत आगे निकल जाएगा। विदेशों में लोगों को लाने-ले जाने और अन्य व्यवस्थाएं करने में काफी खर्च करना पड़ता है। अगर हम शादी के लिए विदेश जाते हैं, तो सबसे सस्ते शहर में भी खर्च 3 से 4 करोड़ रुपए तक हो जाता है। महंगे शहरों में यह खर्च और भी बढ़ जाता है।
इसलिए अगर 50 प्रतिशत लोग भी भारत में शादी करें, तो देश की ईवेंट्स इंडस्ट्रीज को काफी फायदा होगा। छोटे-बड़े कारीगरों को भी रोजगार मिलेगा। केरल, गोवा और उदयपुर समेत कई जगहों पर डेस्टिनेशन वेडिंग को बहुत अच्छे से आयोजित किया जा सकता है। गुजरात सरकार भी डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है।
————————पीएम मोदी की अपील से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…
PM लगातार दूसरे दिन बोले- पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करें:सोने की खरीद टालें, तेल कम खाएं; स्कूल ऑनलाइन हों, कंपनियां वर्क फ्रॉम होम दें
पीएम नरेंद्र मोदी ने लगातार दूसरे दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो पेट्रोल डीजल का उपयोग कम करें और मेट्रो, इलेक्ट्रिक बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। पूरी खबर पढ़ें…
मुजफ्फरनगर के रामपुरी इलाके में पति-पत्नी के विवाद के बाद एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ के हायर सेंटर रेफर कर दिया। पुलिस के मुताबिक, रामपुरी निवासी आकाश पुत्र राजू ने पत्नी से विवाद के बाद यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी अमृत जैन मेरठ के शीला हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से युवक के बेहतर इलाज के संबंध में बात की और परिजनों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने युवक की पत्नी पारुल, सास, साढ़ू और साली के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। युवक की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनता दल यूनाइटेड की जन सुनवाई में आज बिहार के स्वास्थ्य मंत्री और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार शामिल होंगे। जेडीयू कार्यालय में चलने वाले जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत निशांत आज आम जनों के समस्याओं को सुनेंगे और उनका समाधान भी निकलेंगे। यह पहला मौका होगा, जब निशांत आम जनता के बीच बैठकर जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम में शामिल होंगे। जनसुनवाई कार्यक्रम में निशांत कुमार के साथ मंत्री रत्नेश सादा और दामोदर रावत भी मौजूद रहेंगे। स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद बढ़ी सक्रियता स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी संभालने के बाद निशांत कुमार की राजनीतिक और प्रशासनिक सक्रियता लगातार बढ़ी है। इससे पहले निशांत अब तक सिर्फ कार्यकर्ताओं से मिलते रहे हैं। बिहार की यात्रा शुरू करने के बाद उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया था। अब वे बतौर स्वास्थ्य मंत्री विभाग के कामकाज देख रहे हैं, वहीं आज आम जनों के समस्याओं को सुनकर उसका समाधान निकालेंगे। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के जरिए सरकार जनता से सीधा संवाद मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
अशोकनगर जिले के चंदेरी में एक शादी समारोह में ससुराल वालों ने दामाद को लोहे के सरियों से पीट दिया। ससुर, साला, सास सहित अन्य लोगों ने शादी में आए दामाद के साथ मारपीट की, जिससे एक सरिया उसके सिर में लग गया और उसमें 20 टांके आए हैं। सीने के ऊपर सरिया घोंपने से वहां से भी खून बह निकला। यह घटनाक्रम मंगलवार देर रात चंदेरी के पनखुआ मंदिर के पास हुआ। मारपीट की घटना में विजय पुत्र नारायण दास लालमणि, उम्र 43 साल, निवासी पसियापुरा चंदेरी घायल हो गया। घायल ने बताया कि उसके ससुराल वाले भी चंदेरी के पसियापुरा के ही रहने वाले हैं। शराब के लिए पैसे न देने पर विवाद हुआ
विजय अपनी ससुराल पक्ष के परिवार में शादी में गया था। वहीं उसका साला बालचंद शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा, जिससे दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान विजय के साथ सीताराम साडू निवासी नयापुरा, बालचंद (साला), भागवती (साले की पत्नी) एवं कुंजाबाई कोली ने मारपीट शुरू कर दी। साडू और साले ने सरियों से पिटाई कर दी। पुलिस ने मामला दर्ज किया
घायल को चंदेरी से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। वहीं चंदेरी पुलिस ने फरियादी की शिकायत के आधार पर ससुराल वालों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। घायल ने बताया कि तीन दिन पहले भी मामूली बातों को लेकर विवाद हो गया था।
सोनिया गांधी गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में हुईं भर्ती, माइनर सर्जरी है वजह
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Sonia Gandhi News: सोनिया गांधी की सेहत को लेकर बड़ा अपडेट आया है. कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी को आज यानी बुधवार की सुबह मेदांता अस्पताल ले जाया गया है. माइनर सर्जरी का मामला है. फिलहाल उनकी जांच की जा रही है.
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गुड़गांव: सोनिया गांधी को एक छोटी सर्जरी के लिए मेदांता में भर्ती कराया गया
Sonia Gandhi News: कांग्रेस की सीनियर नेता सोनिया गांधी एक बार फिर तबीयत बिगड़ी है. सोनिया गांधी को पेट में शिकायत के चलते गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया. सोनिया गांधी आज यानी बुधवार की सुबह 7 बजे अस्पताल में एडमिट हुईं. उनके साथ प्रियंका गांधी और राहुल गांधी भी मौजूद थे. सूत्रों ने कहा कि पेट की तकलीफ की वजह से उन्हें अस्पताल लाया गया था.
Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें
NEET Paper Leak; NEET UG 2026 Cancelled Controversy LIVE Update | NTA CBI Probe
नई दिल्ली14 मिनट पहले
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नासिक पुलिस और जांच एजेंसियों ने एकआरोपी शुभम खैरनार को 12 मई को गिरफ्तार किया।
NEET UG 2026 परीक्षा रद्द मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की।
FAIMA ने कहा है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली से अब भरोसा उठ चुका है। इसलिए मौजूदा गर्वनिंग बॉडी का पुर्नगठण किया जाना चाहिए।
इधर, मामले की जांच कर रही CBI महाराष्ट्र के नासिक पहुंची। गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को कस्टडी में लिया। इधर, हरियाणा के गुरुग्राम से भी BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र को राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लिया है।
दरअसल, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई को पेपर लीक के बाद NEET परीक्षा रद्द की। NTA ने माना गड़बड़ी हुई है। एग्जाम 3 मई को हुआ था। जिसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।
12 मई: NTA डीजी अभिषेक सिंह ने गड़बड़ी मानी
NTA डीजी अभिषेक सिंह ने कहा कि इस गड़बड़ी के लिए हम जिम्मेदार हैं। परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। 6 से 8 दिन में नई तारीख का ऐलान होगा।
उधर, केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंपी। एजेंसी ने मामले में एफआईआर दर्ज की। NTA ने बताया कि भारत सरकार की मंजूरी मिलने के बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया।
वहीं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से दिल्ली में इस मामले में मीडिया ने सवाल पूछा तो वह बिना कुछ बोले निकल गए थे।
केरलम से सीकर पहुंचा क्वेश्चन बैंक, टाइमलाइन से समझें
NEET का पेपर ‘क्वेश्चन बैंक’के जरिए लीक किया गया। इसमें फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। ये सभी हाथ से लिखे गए और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही थी। जांच एजेंसी पता लगा रही हैं कि आखिर यह पेपर लीक कहां से हुआ। हालांकि, इसका खुलासा राजस्थान के सीकर से हुआ।
1 मई: केरलम से राजस्थान भेजा क्वेश्चन बैंक
केरलम के कॉलेज में MBBS कर रहे चूरू के एक लड़के ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर में अपने दोस्त को भेजा।
2 मई: राजस्थान में पेपर शेयर हुआ
दोस्त ने ‘क्वेश्चन बैंक’ सीकर के एक पीजी संचालक को दिया। उसने पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स को ‘क्वेश्चन बैंक’ शेयर कर दिया। इसी तरह दूसरे स्टूडेंट्स और करियर काउंसलर्स तक पहुंचा। इसी तरह बंटता चला गया।
3 मई: पीजी संचालक ने पुलिस में शिकायत की
परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है।
6-7 मई: पेपर से जुड़ी ऑनलाइन चैट वायरल
आंसर-की और परीक्षा से जुड़ी चर्चाएं ऑनलाइन सामने आने के बाद छात्रों और कोचिंग सेंटर्स में एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ को लेकर चर्चा शुरू हुई, जो कथित तौर पर असली परीक्षा से काफी मिलता-जुलता था।
7 मई: NTA ने गड़बड़ी की बात कही
NTA ने पुष्टि की कि उसे परीक्षा के 4 दिन बाद, यानी 7 मई को कथित गड़बड़ियों से जुड़े इनपुट मिले थे। एजेंसी ने बताया कि यह मामला राजस्थान और उत्तराखंड से सामने आया।
8 मई: NTA ने जांच केंदिय एजेंसियों को सौंपी।
10 मई:13 लोग अरेस्ट
राजस्थान पुलिस स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कहा कि उसने नीट पेपर लीक मामले की जांच शुरू कर दी है। 12 मई तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 लोगों को अरेस्ट किया।
एक ही हैंडराइटिंग में लिखे 300+ सवाल, 150 परीक्षा में आए
‘क्वेश्चन बैंक’ हाथ से लिखे गए हैं और इनकी हैंडराइटिंग भी एक ही है।
‘क्वेश्चन बैंक’ में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। इसमें से 150 सवाल हूबहू NEET के पेपर में आए। पेपर में कुल 180 सवाल हल करने होते हैं और प्रत्येक सवाल 4 अंक का होता है। यानी 720 में से 600 नंबर के सवाल सीधे ‘क्वेश्चन बैंक’ से आए।
एक्सपर्ट्स के अनुसार किसी विशेष क्वेश्चन बैंक से परीक्षा में कुछ सवाल हूबहू आने की संभावना रहती है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में प्रश्न आने की संभावना आमतौर पर नहीं होती।
कितने छात्रों को ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला यह तय नहीं
अब तक यह आंकड़ा तो सामने नहीं आया है कि कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ कितने छात्रों तक पहुंचा, लेकिन यह संख्या बड़ी होने की आशंका है। दरअसल, जिन लोगों को ये वॉट्सएप पर यह मिला, उसमें मैसेज के साथ ‘फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स’ लिखा आ रहा है।
अब इसके तार केरल, राजस्थान, महाराष्ट्र तक जुड़ रहे हैं। नासिक पुलिस ने बताया कि नीट पेपर लीक मामले में यहां युवक को हिरासत में लिया गया है। राजस्थान पुलिस की एक टीम यहां पहुंचने वाली है। इस बीच, सूत्रों ने दावा किया है कि आरोपी फिलहाल BAMS की पढ़ाई कर रहा है। इसके अलावा, पता चला है कि वह एक मेडिकल काउंसलिंग एजेंसी भी चलाता है।
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम ने 8 मई को सीकर में कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित 3 को अरेस्ट किया था।
NTA डीजी बोले- 7 मई को एग्जाम में गड़बड़ी की जानकारी मिली
7 मई की रात हमें एक व्हिसलब्लोअर के जरिए जानकारी मिली थी कि परीक्षा होने से पहले किसी व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर कुछ सवाल भेजे गए थे, जो परीक्षा के सवालों से मेल खा रहे थे।
हमारी जिम्मेदारी थी कि इन आरोपों की जांच करें और यह पता लगाएं कि क्या ये PDF 3 मई यानी परीक्षा के दिन से पहले किसी के पास मौजूद थीं। जांच में पाया गया कि कुछ सवाल हमारे प्रश्नपत्र से मेल खाते थे।
यह भी सामने आया कि 1 और 2 मई को यह PDF कुछ लोगों के मोबाइल फोन में मौजूद थी।
मामले पर किसने क्या कहा…
राहुल बोले- पीएम का अमृतकाल, विषकाल बन गया
राहुल ने अपने एक और X पोस्ट में लिखा- देश के युवाओं के सामने एक गंभीर बात रखना चाहता हूं। एक काम कीजिए खुद गूगल कीजिए और देखिए की NEET 2024 की भयंकर चोरी के दौरान NTA का DG कौन था, और मोदी सरकार ने उसे आज कहां बैठाया है?
राहुल ने आरोप लगाया कि भाजरा विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को इनाम देती है, तरक्की देती है। मोदी जी और भाजपा आपके भविष्य की चोरी में साझेदार हैं। जिस बाजार में आपकी मेहनत, आपके सपने नीलाम हो रहे हैं, उसका एक ही उसूल है कि जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम।
दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल: पेपर लीक मामलों में राजनीतिक संरक्षण है और पिछले नौ साल में NEET का पेपर चार बार लीक हुआ, लेकिन किसी भी आरोपी को सजा नहीं मिली। पेपर लीक यूं ही नहीं होता, इसमें ऊपर तक के लोगों की मिलीभगत होती है।
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत: NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।
ALLEN CEO नितिन कुकरेजा: NEET को भी JEE की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) में बदल देना चाहिए। पेन-एंड-पेपर मोड में पेपर लीक होने का खतरा ज्यादा रहता है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी होती है।
फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA): देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक को आयोजित करने वाले सिस्टम में गंभीर खामियां हैं। मामले की समय पर जांच हो और जिम्मेदारी तय की जाए।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
राधाकृष्णन पैनल की सिफारिशें
2024 विवाद के बाद केंद्र सरकार ने पूर्व इसको चीफ प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी बनाई।
पैनल ने 4 सुझाव दिए
परीक्षा केंद्रों और स्टाफ की आउटसोर्सिंग कम हो
ज्यादा से ज्यादा परीक्षाएं ऑनलाइन हों
हाइब्रिड परीक्षा मॉडल अपनाया जाए
NEET जैसी परीक्षाओं में प्रयासों की संख्या सीमित करने पर विचार हो
NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।
इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।
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कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार उर्वशी रौतेला ने अपने ग्लैमरस अंदाज से हर किसी का ध्यान खींच लिया. सिल्वर सीक्वेंस गाउन में उर्वशी किसी प्रिंसेस से कम नहीं लग रही थीं. उनका सीक्वेंस गाउन वाला लुक, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.बता दें कि उर्वशी लगातार पांचवीं बार कान्स का हिस्सा बनी हैं और हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने अपने फैशन सेंस से फैंस को इम्प्रेस कर दिया. देखें उनका खूबसूरत लुक.
कान्स 2026 के रेड कार्पेट पर छाईं उर्वशी रौतेला (फोटो साभारः Instagram @urvashi._addicted )
बॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन उर्वशी रौतेला की सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियोज काफी वायरल हो रही हैं. ये फोटोज कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट की हैं. मंगलवार को वह भी कान फिल्म फेस्टिवल में नजर आईं. जहां नेट सीक्वेंस सिल्वर गाउन में उर्वशी बला की सुंदर दिखीं. उनके लुक के आगे विदेशी हसीनाएं भी फीकी पड़ रही थीं, ऐसा हम नहीं उर्वशी के चाहने वाले सोशल मीडिया पर वायरल, फोटो और वीडियोज में कमेंट कर कह रहे हैं.
5वीं बार भी कान्स में छाईं उर्वशी कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 में इस बार भी उर्वशी रौतेला ने अपने ग्लैमरस अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लिया.मंगलवार को रेड कार्पेट पर जैसे ही उर्वशी ने एंट्री की, हर किसी की नजरें बस उन्हीं पर टिक गईं. उनका स्टाइल, कॉन्फिडेंस और शानदार आउटफिट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. खास बात ये है कि उर्वशी लगातार पांचवीं बार कान्स फिल्म फेस्टिवल का हिस्सा बनी हैं, जिसे लेकर उनके फैंस भी काफी एक्साइटेड नजर आ रहे हैं.
चांदनी सी चमकीं उर्वशी
उर्वशी रौतेला ने इस बार रेड कार्पेट पर वियतनाम के मशहूर फैशन ब्रांड ‘जोलीपोली’ का डिजाइन किया हुआ बेहद खूबसूरत गाउन पहना. सिल्वर और शिमरी डिटेलिंग वाले इस आउटफिट में उर्वशी किसी इंटरनेशनल फैशन स्टार से कम नहीं लग रही थीं. उनके गाउन की बारीक डिजाइन, स्टाइलिश हेयरस्टाइल और ग्लैम मेकअप ने उनके पूरे लुक को और भी खास बना दिया. जिसमें वे रेड कार्पेट पर चांदनी सी चमक रही थीं,उनके लुक के आगे विदेशी हसीनाएं भी फीकी पड़ रहीं थीं. सोशल मीडिया पर लोग उनके इस लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
फैशन आइकन हैं उर्वशी
उर्वशी एक्टिंग के साथ ही फैशन के मामले में भी काफी आगे हैं. उनका स्टाइल स्टेटमेंट काफी अच्छा है, ऐसे में उन्हें फैशन आइकन कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा. उर्वशी उर्वशी पिछले कई सालों से कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं. हर बार वह अपने अलग और यूनिक फैशन सेंस की वजह से चर्चा में रहती हैं. इस बार भी उनका रेड कार्पेट लुक इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है. फैंस का कहना है कि उर्वशी हर साल अपने स्टाइल से लोगों को सरप्राइज दे देती हैं.