दिनभर की झुलसाने वाली गर्मी के बाद शनिवार रात राजगढ़ जिले में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि शहर से लेकर कस्बों तक अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। रात करीब 10 बजे तेज धूलभरी आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हवा इतनी तेज चली कि कई जगहों पर छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर पड़े और बिजली लाइनों में फाल्ट आ गया। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में तेज बिजली चमकने लगी और फिर बारिश शुरू हो गई। बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और बेचैनी से राहत नहीं मिल सकी। आंधी के दौरान उड़ती धूल ने शहरों और कस्बों को धुंध जैसा बना दिया। घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने के बावजूद धूल अंदर तक पहुंच गई। बिजली बंद होते ही कूलर और पंखे थम गए। उमस इतनी बढ़ गई कि लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोग छतों और गलियों में रात बिताते नजर आए, जबकि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान रहे। ढाई बजे बिजली सप्लाई हो सकी
राजगढ़ शहर में रात 10 बजे के आसपास तेज हवा के साथ बिजली गुल हो गई। कई इलाकों में रात ढाई बजे सप्लाई शुरू हो सकी, लेकिन कुछ मोहल्लों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। गर्मी और मच्छरों के बीच लोगों की रात करवटें बदलते बीती। लोगों का कहना था कि बारिश से गर्मी तो कम हुई, लेकिन बिजली नहीं रहने से राहत महसूस नहीं हो सकी। खिलचीपुर में तूफान का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तेज आंधी के कारण 11 केवी लाइन में फाल्ट आ गया और पूरा नगर अंधेरे में डूब गया। बिजली कर्मचारी रातभर अलग-अलग इलाकों में फाल्ट तलाशते रहे। कई जगह तारों और पोल की जांच करनी पड़ी। सुबह करीब 7 बजे नगर के आधे हिस्से में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी, जबकि पूरे नगर में बिजली सुबह 9 बजे तक बहाल हुई। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद उड़ गई। उमस और गर्मी से परेशान लोग सुबह तक जागते रहे। बिजली बाधित होने से नगर परिषद की पानी सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सुबह लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा भी प्रभावित
जीरापुर में भी तेज आंधी के साथ रात 10 बजे बिजली चली गई थी। अधिकांश इलाकों में रात करीब 1:30 बजे सप्लाई बहाल हो गई, लेकिन बंसल कॉलोनी सहित कुछ क्षेत्रों में पूरी रात बिजली नहीं आई। यहां लोगों ने मोबाइल की रोशनी और हाथ के पंखों के सहारे रात बिताई। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा में भी तूफान का असर दिखाई दिया। माचलपुर में रात 10 बजे बंद हुई बिजली करीब डेढ़ बजे के बाद शुरू हो सकी। वहीं छापीहेड़ा में रात 2 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने का असर
मौसम विभाग के अनुसार जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के असर से वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर बन रहा है। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है।
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राजगढ़ में धूलभरी आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: घंटों अंधेरे में डूबे शहर-कस्बे, कई पेड़ गिरे; उमस ने परेशानी बढ़ाई – rajgarh (MP) News
मैट्रिक फेल हितेश का कमाल, पिज्जा बेचकर रोज कमा रहा 20 हजार, कमाई
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Success Story: हितेश रांची के बिग बाजार के पास अपना एक छोटा सा आउटलेट लगाते हैं. वह पिज्जा बनाने का काम करते हैं. हितेश बताते हैं कि वह मैट्रिक फेल हैं, घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो आगे पढ़ नहीं पाए. उसके बाद भैया ने पिज्जा बनाना सिखाया. आज आलम यह है कि लोग कहते हैं कि हम डोमिनोज छोड़कर आपके पास आए हैं. वह हर दिन 200 से अधिक लोग उनके पास पिज्जा खाने के लिए आते हैं. जहां एक पिज्जा की कीमत 70 रुपये से लेकर ₹150 तक होती है.
हितेश बताते हैं कि वह मूल रूप से बिहार के हाजीपुर के रहने वाले हैं. उनका पूरा परिवार काफी समय से रांची में रहता है. शुरू से ही घर में पैसे को लेकर तंगी थी. ऐसे में पढ़ाई ठीक से हो ही नहीं पाती थी. इस वजह से फेल भी हो गए और फिर पढ़ने का मन भी नहीं किया.

फिर लगा अब मुझे कमाना है, अपने दम पर कमाना है, लेकिन बात है कि मैट्रिक फेल को नौकरी कौन देगा. हितेश ने बताया कि उन्होंने पिज्जा बनाना शुरू किया. उनके भैया को बहुत अच्छा पिज्जा बनाना आता था, वह भी यही काम करते हैं. ऐसे में घर पर खूब प्रेक्टिस किया.

इसके बाद बिग बाजार के सामने अपना एक आउटलेट लगाया और यहां पर पिज्जा बनाने का काम करने लगे. आज मुश्किल से 15-20 मिनट में 20 से 25 पिज्जा बना लेते हैं. क्योंकि, इतना डिमांड है और एकदम बड़े ब्रांड के स्टाइल में पैकिंग करके भी लोगों को खिलाते हैं.
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हितेश ने बताया कि उनके पिज्जा की खास बात ये है कि उनके पास आपको ऐसी क्वॉलिटी मिलेगी, खाकर आप तारीफ जरूर करेंगे. आप खाने के बाद कहेंगे ये तो डोमिनोएस वाला है, चीज से लेकर मेयोनेज सॉस हर चीज क्वालिटी का होता है और किसको कितनी क्वांटिटी में डालना है.

इस बात की एकदम ट्रेनिंग ले रखी है. क्वालिटी और क्वांटिटी के साथ कोई समझौता नहीं करते हैं. बस इसी को मूलमंत्र बनाया और उनका बिजनेस चल रहा है. हितेश आगे बताते हैं कि हर दिन आराम से 200 से अधिक लोग आ जाते हैं. सैटरडे संडे को तो उससे भी अधिक लोग पहुंचते हैं.

ऐसे में अच्छी खासी हर दिन की 20,000 से ऊपर की कमाई हो जाती है. हालांकि, इसमें लागत भी लगता है. आज उन्होंने अपने कई सपने पुरे किये हैं. अपना घर बनवाया है, कंप्यूटर, लैपटॉप, बाइक सब कुछ ले लिया है और भी सपने हैं. जैसे फॉरेन ट्रिप का यह भी बहुत जल्द पूरा करने वाले हैं.
धौनी स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव का आश्वासन: बांका में सांसद की पहल पर रेलवे ने 15 जून तक का दिया समय – Banka News
बांका के धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर चल रहे संघर्ष को सफलता मिली है। सांसद गिरधारी यादव की पहल पर रेलवे अधिकारियों ने 15 जून तक ट्रेन के ठहराव की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है। धौनी रेलवे संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार शाम बांका सर्किट हाउस में सांसद से मुलाकात कर यह मांग उठाई थी। समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव, जीवन प्रसाद सिंह, पूर्व जदयू प्रखंड अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह और प्रमोद सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सांसद का स्वागत किया। उन्होंने सांसद को बताया कि धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव की मांग लंबे समय से लंबित है। पूर्व में भी रेलवे प्रशासन से इस संबंध में आश्वासन मिला था, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ठहराव शुरू नहीं हो सका, जिससे स्थानीय लोगों, व्यवसायियों और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। 15 जून तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन सांसद गिरधारी यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल रेलवे के उच्च अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने धौनी रेलवे स्टेशन पर जल्द से जल्द कविगुरु एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद की पहल पर रेलवे अधिकारियों ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया और 15 जून तक इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया। रेलवे संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि कविगुरु एक्सप्रेस के धौनी स्टेशन पर रुकने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों को विभिन्न शहरों में आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि 15 जून तक ठहराव की व्यवस्था नहीं होती है, तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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वर्ल्ड अपडेट्स: लाओस की बाढ़ग्रस्त गुफा से 5 ग्रामीण खुद बाहर निकले, रेस्क्यू टीम हैरान; 2 अब भी लापता
मध्य लाओस की एक गुफा में एक सप्ताह से ज्यादा समय से फंसे 5 ग्रामीण शनिवार को सुरक्षित बाहर निकल आए। अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीम उन्हें पानी से भरी सुरंगों के जरिए निकालने की तैयारी कर रही थी, लेकिन कई दिनों की पंपिंग के बाद जलस्तर घटा और सभी ग्रामीण खुद बाहर आ गए। ग्रामीण सोने की तलाश में गुफा में गए थे, लेकिन भारी बारिश के कारण अंदर फंस गए। शुक्रवार को एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद बाकी लोगों को निकालने के लिए जोखिम भरे रेस्क्यू की तैयारी चल रही थी। रेस्क्यू टीम के अनुसार रातभर पानी निकालने की कार्रवाई जारी रही, जिससे गुफा के अंदर का जलस्तर काफी कम हो गया। शनिवार को बाकी ग्रामीण खुद बाहर निकल आए। इससे गोताखोरों को खतरनाक जलमग्न सुरंगों से लोगों को निकालने की जरूरत नहीं पड़ी। ग्रामीणों के बाहर आते ही उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई परिजन भावुक हो गए और राहत की सांस ली। हालांकि राहत अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। दो अन्य ग्रामीण अब भी लापता हैं और उनके लिए तलाश अभियान जारी रहने की संभावना है। रेस्क्यू टीम को बचे हुए ग्रामीणों से गुफा का नया नक्शा मिला है। इसके आधार पर गुफा के भीतर मौजूद संभावित एयर पॉकेट वाले हिस्सों में खोज अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक गुफा का रास्ता बेहद खतरनाक है। कई जगह सुरंगें केवल 60 सेंटीमीटर चौड़ी हैं और पानी इतना गंदला है कि दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों ने विशेष प्रशिक्षण भी दिया था। जानकारी के मुताबिक सभी ग्रामीण सोने की तलाश में गए थे। लाओस में बढ़ती सोना कीमतों और सीमित रोजगार अवसरों के बीच अनौपचारिक खनन गतिविधियां बढ़ी हैं। इस घटना के बाद सरकारी एजेंसियां अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में हैं। फिलहाल पूरे इलाके में पांच ग्रामीणों के सुरक्षित लौटने की खुशी मनाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटिश विदेश मंत्री इवेट कूपर की चीन-भारत यात्रा: यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट और व्यापार पर होगी चर्चा
ब्रिटेन की विदेश मंत्री इवेट कूपर सोमवार से चीन और फिर भारत की यात्रा पर जाएंगी। दौरे के दौरान वे वैश्विक सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा संकट और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर उच्चस्तरीय वार्ता करेंगी। ब्रिटिश सरकार के मुताबिक कूपर 2 जून को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वे 3 जून को शेनझेन जाएंगी, जहां विज्ञान और तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार चीन के साथ संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है। जनवरी में स्टार्मर ने चीन का दौरा किया था, जो पिछले आठ वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा थी। दोनों देशों ने तब व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। कूपर 4 जून को भारत पहुंचेंगी। यहां उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है। वे भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पहल से जुड़े उद्यमियों, शिक्षाविदों और साझेदार संस्थाओं से भी मुलाकात करेंगी। भारत और ब्रिटेन के बीच पिछले वर्ष हुए मुक्त व्यापार समझौते के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हो सकती है। हाल में भारत ने ब्रिटेन के नए स्टील आयात प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई थी। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि चीन और भारत जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ यह संवाद दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित रहेगा। इनमें वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य संकट और क्षेत्रीय तनाव जैसे विषय शामिल हैं। फिलीपींस की चेतावनी के अगले दिन स्कारबोरो शोल पर चीन की गश्त
दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है। फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो द्वारा चीन से खतरा बने रहने की बात कहने के एक दिन बाद चीन ने स्कारबोरो शोल क्षेत्र में सैन्य और तटरक्षक गश्त की है। चीनी सेना के सदर्न थिएटर कमांड ने रविवार को बताया कि उसकी नौसैनिक और वायु इकाइयों ने स्कारबोरो शोल और उसके आसपास के समुद्री तथा हवाई क्षेत्र में कॉम्बैट रेडीनेस पेट्रोलिंग की। सेना ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अधिकारों के उल्लंघन और उकसावे वाली गतिविधियों का जवाब है। चीनी कोस्ट गार्ड ने भी क्षेत्र में कानून-प्रवर्तन गश्त चलाने की पुष्टि की। एजेंसी का दावा है कि उसने मई महीने के दौरान अवैध गतिविधियों में शामिल जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की है। यह घटनाक्रम सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग सुरक्षा सम्मेलन के दौरान सामने आया। सम्मेलन के इतर फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हालिया कूटनीतिक नरमी के बावजूद फिलीपींस के लिए चीन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश को चीनी आक्रामकता के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहना होगा। स्कारबोरो शोल दक्षिण चीन सागर के सबसे विवादित क्षेत्रों में शामिल है। चीन और फिलीपींस के बीच यहां संप्रभुता और मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर लंबे समय से टकराव चलता रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के जहाज कई बार आमने-सामने आए हैं और कुछ मामलों में टक्कर तथा कर्मियों के घायल होने की घटनाएं भी हुई हैं। चीन अपने “नाइन-डैश लाइन” दावे के आधार पर लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अधिकार जताता है। यह दावा फिलीपींस समेत कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समुद्री अधिकार क्षेत्रों से टकराता है। वर्ष 2016 में द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फैसला दिया था कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। हालांकि चीन ने उस फैसले को अस्वीकार कर दिया था और अपने दावे पर कायम है।
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दिल्ली में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरी, दो की मौत: 10 घायल AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती, तीन की हालत गंभीर; 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया
नई दिल्ली1 घंटे पहले
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दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 10 घायलों को AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में एडमिट करवाया गया है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।
दक्षिणी दिल्ली जिले के DCP अनंत मित्तल ने बताया कि जिस जगह मलबा गिरा, वहां मेडिकल स्टूडेंट्स की एक कैंटीन थी। आशंका है कि कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। पुलिस और बचाव दलों ने अब तक करीब 12 लोगों को बाहर निकाला है।
घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। NDRF, DDMA, फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं।
घटना से जुड़ी 6 तस्वीरें…

सीएम रेखा गुप्ता रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची।

घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।

शाम करीब 7 बजे साकेत इलाके में बिल्डिंग गिरी।

राहत बचाव टीम मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू कर रही है।

हादसे में घायल एक शख्स को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची।
दूरदर्शन बिल्डिंग का पत्थर गिरा
आज दिल्ली के तिलक मार्ग थाना इलाके में स्थित दूरदर्शन बिल्डिंग का पत्थर गिरने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल की पहचान नीरज कुमार (35) के रूप में हुई है।
दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की पिछली 2 घटनाएं
जुलाई 2025: दिल्ली में चार मंजिला इमारत ढही, 6 की मौत, 8 घायल
दिल्ली के वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं एक साल के बच्चे समेत आठ लोग घायल हुए थे। बिल्डिंग में 10 लोगों का एक परिवार रहता था।
अप्रैल 2025: महीने पहले इमारत गिरने से 11 लोग मरे थे
दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में 18 अप्रैल की देर रात ढाई बजे चार मंजिला बिल्डिंग ढह गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी। 20 साल पुरानी इमारत के गिरने के बाद 12 घंटे से ज्यादा समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। पुलिस के मुताबिक इमारत में 22 लोग रहते थे।
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ये खबर भी पढ़ें…
दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 की मौत:इनमें डेढ़ साल का बच्चा शामिल, 15 लोग बचाए गए

दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में एक चार मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक डेढ़ साल का बच्चा शामिल है। बिल्डिंग के अंदर फंसे 10 से 15 लोगों को बचाया गया। इनमें दो लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पाली में सड़क पर बही 12 लाख की शराब: असंतुलित होकर पलटा शराब से भरा मिनी ट्रक – Pali (Marwar) News
पाली में शराब के कर्टन से भरा एक मिनी ट्रक असंतुलित होकर पलट गया। हादसे में उसमें भ्ज्ञरी शराब के कर्टन सड़क पर बिखर गए। शराब की बोतले फूट गई। जिससे करीब 10-12 लाख रुपए की शराब सड़क पर बह गई। आबकारी का यह मिनी ट्रक 54.89 लाख कीमत की शराब लेकर जयपुर से सांचौर डिपो जा रहा था। इस दौरान पाली जिले के जेतपुर थाना क्षेत्र के मांडावास-खुटानी के पास शनिवार को यह हादसा हो गया।
आबकारी निरीक्षक संजय अखावत ने बताया कि मिनी ट्रक में राजस्थान निर्मित 1200 कर्टन शराब भरी हुई थी। जिसकी कीमत 54.89 लाख के करीब है। 500 कर्टन में कांच की बोतले में शराब थी। वही 700 कर्टन में प्लास्टिक पव्वों थे। इस हादसे में करीब 10 से 12 लाख की शराब का नुकसान हुआ। मिनी ट्रक में जयपुर के आरएसबीसीएल डिपो से शराब भरकर सांचौर डिपो जा रहा था। इस दौरान यह हादसा हो गया।
जेतपुर थानाप्रभारी अरूण कुमार ने बताया कि हादसे के चलते सड़क पर शराब की टूटी बोतले बिखर गई। मिनी ट्रक को सड़क किनारे करवा कर यातायात सुचारू किया।
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कौन हैं कृष्णा स्वामीनाथन, जो आज संभालेंगे नौसेना की कमान
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Indian Navy Chief Krishna Swaminathan: वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अब तक वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे. वह 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और कम्युनिकेशन तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ माने जाते हैं. करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने नौसेना के कई अहम ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और प्रशासनिक पदों पर काम किया है.
कृष्णा स्वामीनाथन रविवार को भारतीय नौसेना की कमान संभालने वाले हैं.
भारतीय नौसेना को आज नया प्रमुख मिलने वाला है. केंद्र सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को अगला चीफ ऑफ नेवल स्टाफ नियुक्त किया है. मौजूदा नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई को सेवा से रिटायर हो रहे हैं, जिसके बाद कृष्णा स्वामीनाथन रविवार को भारतीय नौसेना की कमान संभालेंगे.
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन अब तक वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे. वह 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे और कम्युनिकेशन तथा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के विशेषज्ञ माने जाते हैं. करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने नौसेना के कई अहम ऑपरेशनल, ट्रेनिंग और प्रशासनिक पदों पर काम किया है.
कृष्णा स्वामीनाथन का कैसा रहा करियर
कृष्णा स्वामीनाथन ने अपने करियर के दौरान मिसाइल पोत INS विद्युत और INS विनाश, मिसाइल कॉर्वेट INS कुलिश, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर INS मैसूर और विमानवाहक युद्धपोत INS विक्रमादित्य की कमान संभाली है. नौसेना के सबसे महत्वपूर्ण बेड़ों में शामिल वेस्टर्न फ्लीट का नेतृत्व भी उनके खाते में दर्ज है.
रियर एडमिरल बनने के बाद उन्होंने दक्षिणी नौसेना कमान मुख्यालय में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) के रूप में काम किया और पूरे नौसेना तंत्र में प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. इसके अलावा भारतीय नौसेना सेफ्टी टीम की स्थापना में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा, जो नौसेना के विभिन्न अभियानों और गतिविधियों में सुरक्षा मानकों की निगरानी करती है.
नेवी में संभाली कई बड़ी जिम्मेदारी
अपने करियर में उन्होंने फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग वेस्टर्न फ्लीट और फ्लैग ऑफिसर ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी भी संभाली. वाइस एडमिरल पद पर पदोन्नति के बाद उन्होंने वेस्टर्न नेवल कमांड में चीफ ऑफ स्टाफ, नौसेना मुख्यालय में कंट्रोलर ऑफ पर्सनल सर्विसेज और चीफ ऑफ पर्सनल के रूप में भी सेवाएं दीं. मौजूदा नियुक्ति से पहले वह नौसेना मुख्यालय में वाइस चीफ ऑफ नेवल स्टाफ थे.
शिक्षा के क्षेत्र में भी कृष्णा स्वामीनाथन का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है. उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) खड़कवासला से प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इसके अलावा ब्रिटेन के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, भारतीय नौसेना युद्ध महाविद्यालय और अमेरिका के नेवल वॉर कॉलेज में भी अध्ययन किया है.
उनके पास जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से बीएससी, कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से टेलीकम्युनिकेशन में एमएससी, लंदन के किंग्स कॉलेज से डिफेंस स्टडीज में एमए, मुंबई विश्वविद्यालय से स्ट्रैटेजिक स्टडीज में एमफिल और इंटरनेशनल स्टडीज में पीएचडी की डिग्री है.
देश के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है. अब भारतीय नौसेना की कमान संभालते हुए उनके सामने समुद्री सुरक्षा, हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक चुनौतियों और नौसेना के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी.
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साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें
सुपरस्टार के प्यार में दीवाना था नया नवेला हीरो, मजहब बनी दीवार, प्रेम कहानी बन गई मिसाल
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हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई प्रेम कहानियां चर्चित रहीं, लेकिन अभिनेता देव आनंद और अभिनेत्री सुरैया का रिश्ता आज भी सबसे भावुक और दर्दभरी प्रेम कहानियों में गिना जाता है. यह सिर्फ दो सितारों का प्यार नहीं था, बल्कि ऐसा रिश्ता था जो तमाम मुश्किलों के बावजूद अधूरा रह गया.
नई दिल्ली. सुरैया और देव आनंद की प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित और अमर प्रेम कहानियों में रही है. इन दोनों के प्यार की आजतक मिसाल दी जाती है. एक दूसरे के प्यार में दोनों ने सारी हदें पार कर दी थी, लेकिन धर्म दोनों के रिश्ते के आड़े आ गया और ये इश्क अधूरा ही रह गया.

साल 1940 के दशक के अंत में सुरैया भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी स्टार्स में शुमार थीं. वह एक सफल अभिनेत्री होने के साथ-साथ मशहूर गायिका भी थीं. उनकी लोकप्रियता इतनी थी कि कई बार फिल्मों में उनके नाम को ही सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता था. दूसरी तरफ देव आनंद फिल्म इंडस्ट्री में अपने कदम जमा रहे थे और एक उभरते हुए अभिनेता के रूप में पहचान बना रहे थे.

कहा जाता है कि दोनों की प्रेम कहानी की शुरुआत 1948 में फिल्म ‘विद्या’ की शूटिंग के दौरान हुई. इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही देव आनंद और सुरैया के प्यार की शुरुआत हुई थी. कहा जाता है कि फिल्म के एक सीन के दौरान नाव पलट गया था और एक्टर ने सुपरस्टार हीरोइन को डूबने से बचाया था. देवा आनंद ने सुरैया की जान बचाई औऱ यहीं से दोनों के रिश्ते की शुरुआत हुई.
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विद्या के सेट पर दोनों करीब आए औऱ धीरे-धीरे ये सिलसिला जान-पहचान से आगे बढ़ गया और उनका प्यार परवान चढ़ने लगा. होते-होते दोनों में प्यार हो गया. इसके बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री में ऑफस्क्रीन बॉन्डिंग साफ झलकने लगी थी. दोनों की जोड़ी को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिलने लगा था.

देव आनंद सुरैया से बेइंतह प्यार करने लगे थे. समय के साथ दोनों का रिश्ता और प्यार गहरा होते चला गया. एक्टर ने अपनी बायोग्राफी ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में सुरैया के साथ अपने रिश्ते का जिक्र किया था. उन्होंने इस रिश्ते का जिक्र करते हुए कई भावुक यादें साझा की हैं.

देव आनंद और सुरैया एक-दूसरे को खत लिखा करते थे. एक बार सुरैया ने देव के खत का जवाब देते हुए लिखा था कि वह भी उनसे उतना ही प्यार करती हैं और उनसे मिलने के लिए तड़प रही हैं. लेकिन उनका प्यार आसान नहीं था. दोनों के रिश्ते में मजहब एक बड़ा रोड़ा बना.

सुरैया मुस्लिम थीं और देव आनंद हिंदू थीं. दोनों के रिश्ते में धर्म दीवार बना. सुरैया का परिवार इस रिश्ते के सख्त खिलाफ था. एक्ट्रेस की नानी और मामी इस रिश्ते के खिलाफ थे. परिवार के दबाव में आकर एक्ट्रेस ने अपना रिश्ता तोड़ दिया था.

देव आनंद के मुताबिक, कई दिनों की जुदाई के बाद वह सुरैया से मिले, उन्हें गले लगाया और शादी के लिए प्रपोज किया. देव ने एक्ट्रेस से पूछा, ‘क्या तुम मुझसे शादी करोगी?’ सुरैया का जवाब था, ‘आई लव यू! आई लव यू! आई लव यू!’. शादी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होकर देव आनंद ने सुरैया के लिए एक महंगी इंगेजमेंट रिंग खरीदी. सुरैया ने उसे स्वीकार किया और छुपकर संभाल कर रखा. कुछ वक्त के लिए लगा कि प्यार जीत गया है. लेकिन परिवार का दबाव लगातार बढ़ता गया और आखिरकार सबकुछ बदल गया. दोनों का रिश्ता सिर्फ किस्सा बनकर रह गया.

रिश्ता टूटने के बाद देव आनंद अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए. एक्टर ने साल 1954 में एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक से शादी कर ली. फिर भी उन्होंने कभी इस बात से इनकार नहीं किया कि सुरैया का उनके जीवन पर कितना असर रहा. वहीं सुरैया ने पहला प्यार अधूरा रहने के बाद कभी शादी नहीं की.
बीएड प्रवेश परीक्षा आज, 4445 अभ्यर्थी होंगे शामिल: लखीमपुर खीरी के 11 केंद्रों पर होगी परीक्षा, सुरक्षा के कड़े इंतजाम – Lakhimpur-Kheri News
लखीमपुर खीरी में उत्तर प्रदेश संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा 2026-27 रविवार को आयोजित की जाएगी। जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4445 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने परीक्षा से पहले अधिकारियों और केंद्र व्यवस्थापकों को दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी केंद्रों पर शासन के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी और अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी। प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में फोटोस्टेट की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है। अभ्यर्थियों को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के साथ परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा कक्ष में ड्यूटी पर तैनात कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों के लिए भी मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। अपर पुलिस अधीक्षक पवन गौतम ने जानकारी दी कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या परीक्षा में व्यवधान डालने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला समन्वयक डॉ. हेमंत पाल के अनुसार, परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। अभ्यर्थियों को दोनों प्रश्नपत्र अलग-अलग पालियों में देने होंगे। जिले में अबुल कलाम आजाद गर्ल्स इंटर कॉलेज, भगवानदीन आर्य कन्या इंटर कॉलेज, धर्मसभा इंटर कॉलेज, गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, जीजीआईसी, जीआईसी, गुरुनानक इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज, पीके इंटर कॉलेज, स्वामी श्याम प्रकाश इंटर कॉलेज और युवराज दत्त महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है।
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मंदसौर के अफजलपुर में सरपंच प्रतिनिधि-पंच में विवाद: पंचायत चुनाव की रंजिश में विवाद, मारपीट में दो घायल; एक उदयपुर रेफर – Mandsaur News
मंदसौर जिले के अफजलपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात दो पक्षों के बीच हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट की इस घटना में सरपंच प्रतिनिधि सहित दो लोग घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सरपंच प्रतिनिधि को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल लखन पिता मोहनलाल (30) ने बताया कि वह शनिवार रात बड़वन फंटे से अफजलपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान पंच पप्पू सिंह ने उसे रास्ते में रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर पप्पू सिंह और उसके साथियों ने कथित रूप से लोहे की रॉड और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में लखन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। बीच-बचाव करने पहुंचे सरपंच प्रतिनिधि पर भी हमला घटना की सूचना मिलने पर सरपंच प्रतिनिधि राकेश भाटी पिता रामसिंह भाटी (36) मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि इस दौरान दूसरा पक्ष और उग्र हो गया तथा राकेश भाटी के साथ भी मारपीट कर दी। हमले में उनके सिर में गंभीर चोट आई। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी हालत को देखते हुए शनिवार देर रात उदयपुर रेफर कर दिया। पीड़ित पक्ष ने पप्पू सिंह, राजू पिता पूनमचंद, जितेंद्र सिंह, दोनों आरोपियों की पत्नियों, करण सिंह सहित कुल सात लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि सभी ने मिलकर दोनों घायलों के साथ मारपीट की। चुनावी रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा विवाद पीड़ित पक्ष के अनुसार घटना की वजह पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश है। बताया गया कि राकेश भाटी की पत्नी सीमा बाई और राजू पंचायत चुनाव में आमने-सामने थे। चुनाव में सीमा बाई की जीत के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। शनिवार रात हुई मारपीट को भी इसी चुनावी रंजिश का परिणाम माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल और सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों की स्थिति की जानकारी ली और मामले की समीक्षा की। एडिशनल एसपी तेर सिंह बघेल ने बताया कि अफजलपुर थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना हुई है। इसमें सरपंच प्रतिनिधि सहित दो लोग घायल हुए हैं। पीड़ित पक्ष के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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