प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अमरगढ़ कोट में रविवार रात करीब आठ बजे एक राजमहलनुमा मकान में महिला को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट लिए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) पट्टी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी। घर में अकेली थीं महिला, तीन बदमाशों ने बंधक बनाया अमरगढ़ कोट निवासी चंदा देवी सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके पति सुरेश सिंह बाहर रहते हैं और घटना के समय वह घर में अकेली थीं। उनके अनुसार, रविवार रात वह घर के मुख्य दरवाजे पर बैठी थीं, तभी तीन अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और घर के अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच, कई टीमें गठित घटना की सूचना मिलने के बाद रात करीब 10 बजे सीओ पट्टी प्रदीप सिंह और आसपुर देवसरा थाना प्रभारी राकेश चौरसिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी। सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि महिला ने लूट की घटना की सूचना दी है। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस जल्द घटना के खुलासे का दावा कर रही है।
Sooji Halwa Recipe: व्रत हो या फिर कोई त्योहार सूजी का हलवा एक ऐसी रेसिपी है जो हर घर में बनती है. वैसे तो इसे बनाना बहुत आसान है, लेकिन यदि आप बिल्कुल दुकान स्टाइल सूजी का सॉफ्ट हलवा बनाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए टिप्स को फॉलो करें.
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सूजी का हलवा भारतीय घरों में बनने वाली सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक है. चाहे कोई त्योहार हो, पूजा-पाठ का अवसर हो या फिर अचानक कुछ मीठा खाने का मन करे, सूजी का हलवा अक्सर पहली पसंद बन जाता है. हालांकि, कई बार घर पर बना हलवा उतना मुलायम और स्वादिष्ट नहीं बनता. अक्सर लोग मानते हैं कि ज्यादा घी डालने से हलवा अपने आप सॉफ्ट बन जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता.
हलवे की बनावट सिर्फ घी की मात्रा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सूजी की क्वालिटी, उसकी तैयारी और पकाने के तरीके पर भी काफी कुछ निर्भर करता है. अगर सूजी को सही तरह से तैयार किया जाए और कुछ आसान किचन टिप्स अपनाए जाएं, तो मोटी दानेदार सूजी से भी बेहद मुलायम और स्वादिष्ट हलवा बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि हलवे को रेस्टोरेंट जैसा सॉफ्ट और लाजवाब बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
सूजी हलवा रेसिपी अगर आपके पास मोटी सूजी है, तो सबसे पहले उसे हल्का भून लें. जब सूजी का रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तब गैस बंद कर दें और उसे ठंडा होने दें. ठंडी होने के बाद सूजी को मिक्सी में पीसकर थोड़ा बारीक कर लें. इससे उसका टेक्सचर बेहतर हो जाता है और हलवा ज्यादा मुलायम बनता है.
इसके बाद पिसी हुई सूजी को लगभग आधे घंटे के लिए दूध में भिगोकर रखें. दूध में भिगोने से सूजी अच्छी तरह फूल जाती है और पकने के बाद उसका स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं. अगर समय हो, तो सूजी को कुछ घंटे भिगोकर रखा जा सकता है.
हलवा बनाते समय सबसे पहले कड़ाही में घी गर्म करें. चाहें तो इसमें काजू, बादाम या अन्य ड्राई फ्रूट्स हल्के भूनकर अलग निकाल लें. अब भीगी हुई सूजी को घी में डालकर धीमी आंच पर पकाएं. तेज आंच पर सूजी जल्दी भुन तो जाती है, लेकिन उसका स्वाद और मुलायमपन प्रभावित हो सकता है.
जब सूजी अच्छी तरह पक जाए, तब आवश्यकतानुसार पानी डालें और लगातार चलाते रहें. ऐसा करने से हलवे में गुठलियां नहीं बनेंगी और मिश्रण एकसार रहेगा. सूजी को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह फूलकर नरम न हो जाए.
अंत में एक छोटा चम्मच घी डालकर दो से तीन मिनट तक हलवे को चलाएं. इससे हलवे में अच्छी चमक आती है और स्वाद भी बढ़ जाता है. स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इलायची पाउडर, केसर और भुने हुए ड्राई फ्रूट्स भी मिलाए जा सकते हैं.
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
इंदौर के खजराना क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में महिला ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। महिला का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया जाएगा। खजराना पुलिस के मुताबिक, रेडिसन होटल के सामने स्थित व्यू होटल के एक कमरे में रविवार दोपहर 26 वर्षीय ताहिरा का शव मिला। ताहिरा मूल रूप से खंडवा की रहने वाली थी। उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह माइग्रेन (सिरदर्द) और अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपचार के लिए इंदौर आई थी। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है।
मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के दूहबी बाजार में रविवार को एसएसबी और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में करीब पांच लाख रुपये के जाली भारतीय नोटों के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह जानकारी छापेमारी करने वाली टीम के अधिकारियों ने रविवार रात 9:30 बजे दी। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान भरत महासेठ और उनके रिश्तेदार शिवकुमार राउत के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों लंबे समय से जाली भारतीय नोटों की तस्करी के नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। एसटीएफ और एसएसबी ने लगातार मिल रही खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह संयुक्त कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को पहले से नहीं थी। इसे लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं भी हो रही हैं। गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व भी बिहार एसटीएफ ने बासोपट्टी थाना क्षेत्र में नेपाल से तस्करी कर लाई जा रही भारी मात्रा में गांजे की खेप पकड़ी थी। उस मामले में गांजे से लदे पिकअप वाहन, चालक और खलासी को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान डायल-112 वाहन की कथित संलिप्तता सामने आने पर उसमें तैनात पुलिस पदाधिकारी हीरा पंडित सहित दो चालकों को भी गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद तत्कालीन बासोपट्टी थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया गया था। कार्रवाई में शामिल एसएसबी और एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि फिलहाल अधिक जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा, क्योंकि इससे आगे की कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किए जाने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
जोधपुर में जेएनवीयू के केंद्रीय कार्यालय स्थित बृहस्पति भवन में नई किरण नशा मुक्ति केंद्र एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के संयुक्त तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’ विषय पर विशेष शिविर आयोजित किया गया।
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वहीं डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग द्वारा IAS–JOPP के तत्वावधान में घुटने की आर्थ्रोस्कोपी (Knee Arthroscopy) विषय पर राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। जबकि फ्रेंडशिप डे पर जोधपुर राउंड टेबल 273 ने ‘गो ग्रीन’ अभियान के तहत एक साथ 1500 पौधे लगाए।
दिल्ली सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में तैनात प्रोजेक्ट ऑफिसर्स और कॉर्डिनेटर्स के मानदेय में 100% तक की वृद्धि करने का बड़ा फैसला लिया है। रविवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय उन कर्मियों को न्याय दिलाने की दिशा में उठाया गया कदम है, जो 16 वर्षों से अपरिवर्तित मानदेय पर काम कर रहे थे। 16 साल से स्थिर मानदेय में बदलाव
वर्ष 2009 में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के सहयोग से शुरू हुए इन पदों पर तैनात स्टाफ को अब तक 2009 की पुरानी दर पर ही वेतन मिल रहा था। प्रोजेक्ट ऑफिसर / डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट ऑफिसर: मानदेय ₹25,000 से बढ़कर दोगुना हुआ। प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर: मानदेय ₹20,000 से बढ़कर ₹40,000 हुआ। अन्य राज्यों की तुलना में थी असमानता
कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आपदा प्रबंधन के समान पदों पर तैनात अधिकारियों को 45,000 से 50,000 प्रति माह दिए जा रहे हैं। दिल्ली सरकार के इस संशोधन से अब राजधानी का DSDMA स्टाफ भी अन्य राज्यों और विभागों के समकक्ष प्रतिस्पर्धी वेतन प्राप्त कर सकेगा।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में धमाके के बाद घायलों की तस्वीरें।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को एक पुलिस स्टेशन के बाहर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें 8 पुलिसकर्मी समेत 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी मीडिया डॉन के मुताबिक, हमले के समय पास के काबल चौक पर आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली चल रही थी। स्वात के जिला पुलिस अधिकारी उमर खान के ने बताया कि इसी दौरान एक युवक काबल पुलिस स्टेशन के गेट पर पहुंचा।
पुलिस वालों ने उसे रोककर तलाशी लेने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। इससे पहले पुलिस हरकत में आती, युवक को खुद को ब्लास्ट कर दिया।
फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को सील कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
घटना की 4 तस्वीरें…
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में रविवार को शांति रैली के एक भाषण के दौरान धमाका हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
धमाके के बाद लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटनास्थल पर तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई, जिसके बाद घायलों को तुरंत सैदू शरीफ टीचिंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कुछ लोग घायलों की मदद करते भी नजर आए।
लोग आतंकवाद के खिलाफ रैली निकाल रहे थे
धमाके से पहले रविवार को कई लोग आतंकवाद के खिलाफ शांति रैली निकाल जा रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्वात में बढ़ रही आतंकवादी घटनाओं की निंदा की।
डॉन के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनके आंदोलन का एक ही मकसद है, इलाके में शांति लौटाना और आतंकवाद का खात्मा करना।
उन्होंने कहा कि यह सरकार की जिम्मेदारी है। अगर असुरक्षा का माहौल जारी रहा तो लोगों में बड़ा जनआक्रोश पैदा हो सकता है।
प्रदर्शन में शामिल प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन शांतिपूर्ण नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करता है, जबकि स्वात के पहाड़ी इलाकों में आतंकवादी खुलेआम सक्रिय हैं।
पाक राष्ट्रपति जरदारी ने जांच के आदेश दिए
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में लोगों की मौत पर दुख जताया। राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, उन्होंने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने धमाके की निंदा की
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस महानिरीक्षक (IGP) से रिपोर्ट की मांग की है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा,
शांति के दुश्मनों को उनके नापाक इरादों में कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं, खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने भी धमाके की निंदा करते हुए मृतकों के प्रति शोक जताया। उन्होंने कहा, ‘आतंकी कायराना हमलों से देश का मनोबल नहीं तोड़ सकते।’
धमाके के बाद पुलिस अधिकारी घटनास्थल का मुआयना करते हुए।
जुलाई में आतंकी हमलों में 154 मौतें हुईं
पाकिस्तान में आतंकवादी घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिली है। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में कई जिलों में आतंकवाद से जुड़ी 154 मौतें दर्ज की गईं, जबकि जून में यह संख्या 75 थी। यानी एक महीने में 105 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर
ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था।
2025 में TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। वहीं बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं।
रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं।
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पाकिस्तान में धमाकों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
1. पाकिस्तान में दो बम धमाके, 7 लोगों की मौत:रिमोट कंट्रोल से गाड़ियों को निशाना बनाया, अबतक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी बन्नू जिले में शनिवार को सड़क किनारे हुए दो बम धमाकों में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
पुलिस के मुताबिक, पहला धमाका वजीर उपखंड के फांग मूसा खेल इलाके में हुआ। इसमें एक यात्री गाड़ी को निशाना बनाया गया। गाड़ी डोमेल की ओर जा रही थी, तभी रिमोट कंट्रोल से धमाका किया गया। इसमें 5 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें…
2. ISIS ने इस्लामाबाद शिया मस्जिद में धमाके की जिम्मेदारी ली:PAK ने भारत को जिम्मेदार बताया, भारत बोला- पाकिस्तान खुद को धोखा दे रहा
पाकिस्तान में एक्टिव आतंकी संगठन ISIS ने इस्लमाबाद की शिया मस्जिद में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है। इस मामले में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में इस हमले का मास्टरमाइंड भी शामिल है।
इस हमले में 31 लोग मारे गए थे और 169 अन्य घायल हो गए थे। आत्मघाती हमलावर ने खदीजा अल-कुबरा मस्जिद (इमामबाड़ा) में खुद को उड़ा लिया था। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली के छात्रों ने बनाया गजब AI, सेकेंडों में पकड़ेगा बिल की गड़बड़ी
Zoffer AI Billing Success Story: लाखों-करोड़ों के बिल और अकाउंटिंग की उलझनों से अब चंद सेकेंड में छुटकारा मिलेगा. नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के ‘अटल इनक्यूबेशन सेंटर’ में तैयार AI स्टार्टअप ‘ज़ॉफर’ (Zoffer) ने बिलिंग और हिसाब-किताब का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. स्टार्टअप के फाउंडर चिराग गोयल के अनुसार, यह AI टूल सीधे व्हाट्सएप पर काम करता है. व्यापारियों या ग्राहकों को सिर्फ अपने बिल या रसीद की फोटो व्हाट्सएप पर भेजनी होती है. AI ऑटोमेशन के जरिए पूरे बिल को स्कैन कर जीएसटी, टैक्स और गणना की गलतियों को पकड़ लेता है. इतना ही नहीं, यह खुद-ब-खुद बही-खाते (अकाउंटिंग) की सटीक एंट्री भी दर्ज कर देता है. दावा है कि यह तकनीक 90% तक सही परिणाम दे रही है. बिना किसी तकनीकी ज्ञान के व्यापारी अब अपने समय और पैसों की बचत कर रहे हैं, जिससे यह टूल बाजार में काफी पसंद किया जा रहा है.
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इन दिनों हर रोज थकान महसूस होती है तो आप अपनी खराब नींद और स्ट्रेस को जिम्मेदार मानती हैं। लेकिन कई बार आपकी नींद और स्ट्रेस के अलावा खानपान की कुछ आदतें भी थकान के लिए जिम्मेदार होती है, जानें कैसे।
आजकल हर रोज आपको बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है। तो अक्सर लोग इसके लिए नींद और स्ट्रेस को जिम्मेदार मानते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी नींद पूरी नहीं हो रही या फिर वो बहुत ज्यादा स्ट्रेस ले रहे जिसकी वजह से उन्हें थकान का अनुभव हो रहा। लेकिन बहुत कम लोग अपनी थकान के लिए खाने की आदत को जिम्मेदार मानते हैं। जबकि न्यूट्रिशनिस्ट लक्ष्मी काले का कहना है कि कॉमन ईटिंग मिस्टेक एनर्जी के लो होने का कारण होती है। खाने-पीने की आदते ही हर दिन एनर्जी क्रैश होने का कारण होती है, जिसकी वजह से थकान महसूस होती है।
शुगर क्रैश
मीठे बिस्कुट और स्नैक्स भले ही इंस्टेंट एनर्जी बूस्ट का काम करते हैं। लेकिन इसका असर बहुत देर तक नहीं होता और ना कार्बोहाइड्रेट्स मूड को ठीक रखने में मदद करते हैं। जब कार्ब्स को प्रोटीन, हेल्दी फैट्स, फाइबर के साथ मिक्स करके खाया जाता है तो ब्लड शुगर को स्लो होने में मदद मिलती है और एनर्जी क्रैश नहीं होता। और अक्सर लोग यहीं गलती करते हैं, जिससे उनको थकान महसूस होती है।
लंच के बाद नींद आती है
तो केवल लंच जिम्मेदार नहीं है बल्कि बॉडी की बायोलॉजिकल क्लॉक होती है। काफी सारे लोग दोपहर के बाद सुस्ती फील करते हैं और हाई फैट खाने की वजह से ये समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में खाने के बाद वाली सुस्ती को भगाने के लिए खाना छोड़ने की बजाय बैलेंस्ड मील चुनें जिसमे प्रोटीन, सब्जियां और हेल्दी फैट हो। ये खाना आपकी एनर्जी को दिनभर स्थिर बनाकर रखेगा।
शाम को पी गई कॉफी
शाम की सुस्ती भगाने के लिए कॉफी पीते हैं। ये कॉफी वैसे तो आपको नई एनर्जी देती है लेकिन गलत टाइम पर यहीं कॉफी आपकी नींद उड़ा सकती है। नतीजा अगले दिन आपको सुस्ती महसूस होगी। अगर रात को सोने के 6 घंटा पहले भी 400 मिली ग्राम कॉफी पी गई है तो इससे आपकी एक घंटे की नींद कम हो जाती है और नतीजा अगले दिन सुस्ती और थकान।
सही टाइम पर सही टेस्ट करवाएं
अगर ये थकान और सुस्ती लगातार महसूस हो रही है तो न्यूट्रिशन की कमी को इग्नोर करना ठीक नहीं। लो आयरन और लो विटामिन बी12 की वजह से लगातार थकान होती है। और, इंडिया में ज्यादातर महिलाएं इन दोनों न्यूट्रिशन की कमी से जूझ रही हैं। तो चाय-कॉफी की टाइमिंग, सही और बैलेंस मील खाने और पूरी नींद लेने के बाद भी अगर सुस्ती, थकान महूसस होती है तो डॉक्टर से चेकअप और टेस्ट जरूर कराने चाहिए।
रामपुर में रविवार को ‘माय भारत’ द्वारा “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत संकल्प अभियान” के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संवाद का आयोजन किया गया। युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने, स्वस्थ समाज के निर्माण और विकसित भारत के संकल्प से जोड़ना था। यह कार्यक्रम जवाहर नवोदय विद्यालय, रामपुर में आयोजित हुआ, जहां विद्यालय के प्रधानाचार्य करण सिंह मुख्य अतिथि थे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक बताया। प्रधानाचार्य ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उनसे अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया। विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन देखा और उनके संदेशों से प्रेरणा ली। इसके उपरांत, सभी प्रतिभागियों ने “नशा मुक्त युवा–विकसित भारत” की सामूहिक शपथ ली। उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा ‘माय भारत’ पोर्टल पर चल रहे एक करोड़ नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर जिला युवा अधिकारी श्रीमती मीनू बोहरा ने युवाओं को ‘माय भारत’ पोर्टल पर पंजीकरण, स्वयंसेवा और विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों में भागीदारी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, ‘माय भारत’ के युवा स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को नशामुक्त जीवनशैली अपनाने, सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भागीदारी सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने इसे युवाओं में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।