सावन के पहले सोमवार पर जयपुर शिवमय हो गया है। सुबह 4 बजे से ही भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए जयपुर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गईं और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय हो उठा। कांवड़ यात्रा और मंदिरों में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। शहर में करीब 200 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि कांवड़ यात्रा मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों पर ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रमुख मंदिरों में बैरिकेडिंग, अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग, पार्किंग और पुलिस जाब्ते की व्यवस्था की गई है। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सभी अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। बड़ी संख्या में कांवड़िए गलता जी से पवित्र जल लेकर ताड़केश्वर महादेव, झारखंड महादेव समेत शहर के विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह मंगला आरती के साथ मंदिरों के पट खुल गए और भोलेनाथ के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
Crude Oil Price : युद्ध टलने की खबर से कच्चे तेल के दाम धड़ाम हो गए. क्रूड ऑयल के रेट में आई भारी गिरावट भारत जैसे देशों उन देशों के लिए बड़ी राहत है जो कच्चे तेल का ज्यादा आयात करते हैं. इससे आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल के रेट कम होने की संभावना बनती है.
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कच्चे तेल की कीमत में आज जोरदार गिरावट आई है.
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल मचा दी है. आज बाजार खुलते ही क्रूड ऑयल की कीमतों में 6 फीसदी की जोरदार गिरावट आई. ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) फ्यूचर्स भाव 5.52 अमेरिकी डॉलर यानी 6.28% की बड़ी गिरावट के साथ 82.41 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इसी तरह WTI क्रूड की कीमत में भी 5.27 डॉलर यानी 6.22% की नरमी आई, जिसके बाद यह 79.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने लगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए सैन्य हमले की योजना फिलहाल टालने का ऐलान किया है. अमेरिका ईरान के साथ समझौता करने की कोशिश कर रहा ताकि युद्ध बंद हो और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को फिर से चालू हो. युद्ध टलने की इस खबर से बाजार में फैला तनाव कम हुआ और तेल के दाम धड़ाम हो गए.
क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में जोरदार गिरावट भारत जैसे बड़ी मात्रा में तेल आयात करने वाले देशों के लिए बड़ी राहत की खबर है. अगर क्रूड ऑयल के दाम इसी स्तर पर बने रहते हैं या और गिरते हैं, तो देश में सरकारी तेल कंपनियों पर मार्जिन का दबाव कम होगा. इससे आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत की उम्मीद बढ़ जाएगी.
ट्रंप का दावा-ईरान ने मांगा समय
ट्रंप ने शनिवार देर रात अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर कहा था कि ईरान और मध्य-पूर्व के अन्य देशों ने एक समझौते को पूरा करने के लिए समय मांगा है. इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल, पूरी तरह और पूर्ण रूप से फिर से खोलने तथा ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करने का रास्ता साफ होगा. इसके बाद ट्रंप ने ईरान पर हमले टालने की घोषणा की.
आज सावन का पहला सोमवार है। काशी विश्वनाथ में जल चढ़ाने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा है। कांवड़ियों की 3 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है। जलाभिषेक के लिए भक्तों को केवल 1 सेकेंड का समय मिल रहा है। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है। सुबह 4 बजे बाबा की मंगला आरती हुई। इसके बाद दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। पुजारियों ने कांवड़ियों और भक्तों पर फूल बरसाए। काशी विश्वनाथ मंदिर से 3 किलोमीटर की एरिया को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। मंदिर के 6 गेट से प्रवेश मिल रहा है। बाबा विश्वनाथ आज शंकर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। सुरक्षा के लिए मंदिर क्षेत्र को 5 जोन में बांटा गया है। बाबा विश्वनाथ के धाम की सजावट मां काली की नगरी कोलकाता के करीब 50 हजार फूलों से की गई है। इनमें गेंदे के 3000, रजनीगंधा के 1500, गुलाब और जलबेड़ा की 500-500 माला से मंदिर को सजाया गया है। पूरे मंदिर को सजाने में 10 से 12 घंटे का समय लगा है। 40 हजार यादव बंधु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले इस साल भी सावन के पहले सोमवार को 94वें साल जलाभिषेक यात्रा निकाली जाएगी। समिति के अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि लगभग 40 हजार यादव बंधु करीब 17 किलोमीटर की यात्रा कर 7 शिवालयों और दो देवालयों यानी कुल नौ धार्मिक स्थलों में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करेंगे। काशी विश्वनाथ के गर्भगृह में 21 यादव बंधु जलाभिषेक करेंगे। बाकी लोग अरघे से जल चढ़ाएंगे। जलाभिषेक यात्रा की शुरुआत सुबह 7:30 बजे केदार घाट से होगी। श्रद्धालु सबसे पहले गौरी-केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद तिलभांडेश्वर महादेव पहुंचेंगे। फिर शीतला घाट से गंगाजल भरकर माता शीतला और मान मंदिर घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद यात्रा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और दर्शन करेंगे। इसके बाद महामृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओंकारेश्वर महादेव और आखिरी में लाटभैरव बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर धाम में लॉकर सुविधा बंद है काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने कहा- मंदिर के अंदर सीमित जगह होती है, इसलिए श्रद्धालु जिग जैग लाइन में आएंगे। जगह-जगह पानी की व्यवस्था हैं, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग गर्मी में परेशान न हों। मेडिकल स्टाफ भी मौजूद है। सबसे अहम बदलाव ये है कि धाम में मौजूद सभी लॉकर सुविधा बंद है। पहले धाम में यह सुविधा थी। भक्त सिर्फ दूध, गंगा जल और फूल, धतूरा आदि अभिषेक के लिए लेकर जा सकेंगे। दूसरे किसी सामान को लेकर अंदज जाने की इजाजत नहीं दी गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर की अपील- लाइन में 8-10 घंटे लग सकते हैं काशी में सावनभर मैदागिन-गोदौलिया तक नहीं चलेंगे वाहन वाराणसी के एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि मैदागिन से गौदोलिया तक पूरे सावन कोई वाहन नहीं चलेंगे। जबकि शनिवार रात से सोमवार भोर तक बेनिया से रामापुरा-खारी कुआं से जंगमबाड़ी तक, गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक, पीडीआर लक्सा से रामापुरा तक वाहन नहीं चलेंगे। मालवाहकों के नो एंट्री का समय शनिवार रात 8 बजे से मंगलवार भोर तक जारी रहेगा। यह सावन में हर सप्ताह लागू होगा। इसके अलावा भारी वाहनों के शहर के बाहर के लिए रूट तय किया गया है। पड़ोसी जिलों से आने वाले सभी बड़े वाहनों का प्रवेश शनिवार रात से नहीं हो सकेगा। सब्जी, फल और दूध के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, प्रयागराज और भदोही से वाराणसी नगर होकर आवागमन करने वाली सभी बसें, ट्रक आदि बड़े वाहन रिंग रोड और एनएच-19 से आ-जा सकेंगे। बड़े वाहन और जरूरी छोटे वाहनों का आना-जाना रिंग रोड से कराया जाएगा। काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम अब शिव की पूजा से संबंधित 5 सवालों के जवाब 5 स्लाइड में पढ़िए…
दूध में मिलावट के आरोपी और ‘मिल्क मैजिक’ कंपनी के एमडी किशन मोदी को हमीदिया अस्पताल में वीआईपी के खुलासे के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप है। डीजी जेल वरुण कपूर के निर्देश पर केंद्रीय जेल प्रशासन ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में प्रहरी सुधीर शर्मा और मनीष मांझी को निलंबित कर दिया। मोदी 28 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा, लेकिन उसकी सुरक्षा को लेकर पुलिस और जेल प्रशासन के दावे एक-दूसरे से अलग हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि 35 रिमाइंडर भेजे गए थे, तो उनका रिकॉर्ड पुलिस के पास क्यों नहीं है। दोनों विभागों के परस्पर विरोधी दावों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरआई बोले- 4 जुलाई के बाद पत्र नहीं मिला, जेल अधीक्षक का दावा- 35 बार भेजे रिमाइंडर
5 बजे से ही आसपास का ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना सोमवार को होगी। मतगणना केंद्र एएन कॉलेज में बनाया गया है। सुबह 8 बजे से मतगणना होगी। इसके चलते सुबह 5 बजे से लेकर मतगणना खत्म होने तक बोरिंग रोड और एएन कॉलेज के आसपास ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। मतगणना समाप्ति तक आकस्मिक वाहनों को छोड़कर किसी भी प्रकार के वाहनों का परिचालन नहीं होगा। पटना यातायात पुलिस ने आम जनता की सुविधा के लिए ट्रैफिक प्लान जारी किया है। हुड़दंगियों पर होगी कार्रवाई : हंगामा, नारेबाजी या हुड़दंग करने वालों से पुलिस सख्ती से नपटेगी। पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान देने वाले या आपत्तिजनक पोस्ट लिखने वालों पर भी पुलिस कार्रवाई करेगी। इन रास्तों पर नो एंट्री
बोरिंग रोड चौराहा से एएन कॉलेज : बोरिंग रोड चौराहा से एएन कॉलेज की ओर, मोहिनी मोड़ से सहदेव महतो मार्ग और पानी टंकी मोड़ से एएन कॉलेज की तरफ सामान्य वाहन नहीं चलेंगे।
व्यावसायिक वाहनों पर रोक : बोरिंग रोड में राजापुर पुल से हड़ताली चौक/बेली बोरिंग रोड क्रॉसिंग तक व्यावसायिक वाहनों का परिचालन बंद रहेगा। इसी तरह पाटलिपुत्र गोलंबर से एएन कॉलेज और पानी टंकी की ओर भी नहीं जा सकेंगी।
शिवपुरी रेलवे क्रॉसिंग : शिवपुरी रेलवे क्रॉसिंग से एएन कॉलेज (दुर्गा मंदिर) मोड़ तक का रास्ता आम गाड़ियों के लिए बंद रहेगा। काउंटिंग एजेंटों, प्रत्याशियों और मीडिया की पार्किंग व्यवस्था
काउंटिंग एजेंट…बेली रोड से हड़ताली चौक होते हुए दीघा-आर ब्लॉक अटल पथ होकर एएन कॉलेज के पीछे पहुंचेंगे। अटल पथ के किनारे एक लेन में वाहन पार्क कर पैदल कॉलेज आएंगे। कुर्जी मोड़/पाटलिपुत्र गोलंबर से आने वाले एजेंट सहयोग हॉस्पिटल के पास खाली मैदान में गाड़ी पार्क कर पैदल एएन कॉलेज आएंगे। एजेंटों के वाहन राजापुर पुल, पाटलिपुत्र गोलंबर या बेली बोरिंग रोड होकर बोरिंग रोड में नहीं आ सकेंगे।
उम्मीदवार…बोरिंग रोड की तरफ से आने वाले उम्मीदवारों के वाहन तपस्या मोड़ तक ही आएंगे। वहां से वाहन सहदेव महतो मार्ग या लोहियाचक्र पथ के नीचे दारोगा राय पथ के किनारे पार्क होंगे।
पाटलिपुत्र/कुर्जी की ओर से आने वालों की गाड़ियां पानी टंकी मोड़ तक ही आएंगी। उनकी पार्किंग अटल पथ के किनारे एक लेन में होगी।
मीडिया :ओबी वैन एएन कॉलेज के बाहर सड़क के किनारे पार्क की जाएंगी। मतगणना केंद्र से 100 मीटर दूर रहेंगे समर्थक, 300 पुलिस बल तैनात : मतगणना को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रत्याशियों के समर्थक एएन कॉलेज के मुख्य गेट से 100 मीटर दूर ही रहेंगे। एएन कॉलेज और उसके आसपास 300 पुलिस बलों को तैनात किया गया है। मतगणना केंद्र के अंदर केंद्रीय सुरक्षा बल, बीसैप और पटना पुलिस के 150 जवान तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में 12 इंस्पेक्टर, 50 मजिस्ट्रेट और 3 डीएसपी को भी लगाया गया है। 48 हैंड मेटल डिटेक्टर 12 डोर मेटल डिटेक्टर से मतगणना केंद्र के अंदर आने वालों की जांच की जाएगी। जिन्हें पास मिला है, उन्हें अनुमति मिलेगी
मतगणना केंद्र में केवल उन्हीं को प्रवेश मिलेगा, जिनके लिए पास निर्गत किया गया है। केंद्र के अंदर मोबाइल या किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक वस्तु लेकर जाने पर रोक है। प्रत्याशी-उनके प्रतिनिधि का प्रवेश गेट नंबर 1 से होगा।
Parliament March Police Assault Case | Supreme Court Hearing On SIT Formation
नई दिल्ली46 मिनट पहले
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तस्वीर 21 जुलाई की है, दावा किया गया था कि पुलिस के लाठीचार्ज में 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है, जिनमें 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया गया है। केस CJI सूर्यकांत की बेंच में लिस्ट किया गया है।
गौरतलब है कि परीक्षाओं में गड़बड़ी और NEET पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन 36 दिन तक चला था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह प्रदर्शन खत्म कर दिया गया था।
कोर्ट का फोकस 2 मुद्दों पर…
बेंच प्रदर्शनकारियों और पैलेट गन से घायलों के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में एक SIT बना सकती है।
कोर्ट यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकता है कि पुलिसकर्मियों पर हमले छात्रों ने किए थे या छात्रों की भीड़ में घुस आए शरारती तत्वों ने।
पिछली सुनवाई में कहा था- क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले छोड़े न जाएं
28 जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई भी सख्त कार्रवाई करने से रोक दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि 18 साल से कम उम्र वाले लोगों का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं हो तो उन्हें रिहा कर दिया जाए।
अदालत ने महाराष्ट्र, बिहार, असम, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरलम सरकार को नोटिस जारी किए थे और उनके एडवोकेट जनरल से अगली सुनवाई की तारीख पर ऑनलाइन पेश होने को कहा था।
जिन राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए थे, अदालत ने वहां सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी-कैमरा फुटेज, वायरलेस कम्युनिकेशन रिकॉर्ड, PCR लॉग और विरोध प्रदर्शन से जुड़े अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए निर्देश जारी किए थे। पढ़ें पूरी खबर…
20 जुलाई को संसद मार्च में हुआ था लाठीचार्ज
20 जुलाई को दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं। सुरक्षाकर्मियों ने संसद की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। 25 जुलाई को प्रधान के इस्तीफे और जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग मान लेने के साथ ही आंदोलन खत्म हो गया था।
20 जुलाई के संसद मार्च की 2 तस्वीरें…
पुलिस-रैपिड एक्शन फोर्स ने लाठीचार्ज किया,आंसू गैस के गोले छोड़े, पथराव भी हुआ।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी घायल हुए। 100 से ज्यादा लोगों काे चोटें आईं थीं।
‘फेशियल रिकग्निशन’ के इस्तेमाल के खिलाफ भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका
राज्यसभा के एक सांसद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी (FRT) और बायोमेट्रिक निगरानी के दूसरे तरीकों के इस्तेमाल को चुनौती दी गई है।
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के केरलम से राज्यसभा सदस्य एए रहीम ने मांग की है कि शांतिपूर्ण सार्वजनिक सभाओं में बिना किसी भेदभाव के बायोमैट्रिक निगरानी का इस्तेमाल असंवैधानिक घोषित किया जाए।
पहले भी 3 बार सुप्रीम कोर्ट पहुंची कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ी याचिका
1. पहली बार- 24 मई, मांग थी- CJP बनाने वालों की गतिविधियों की जांच CBI करे
याचिकाकर्ता के वकील एनके गोस्वामी का दावा था कि CJP, ज्यूडीशियरी की इमेज खराब कर रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘इसे इतनी भावुकता से मत लें।’
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही के दौरान दिए गए मौखिक अदालती बयानों के कमर्शियलाइजेशन किए जाने के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई। इस पर CJI ने जवाब दिया था- “अभी ऐसी कोई गंभीर आपात स्थिति नहीं है। देखते हैं क्या होता है।” पढ़ें पूरी खबर…
2. दूसरी बार- 22 जुलाई, मांग थी- कॉकरोच पार्टी के समर्थकों पर लाठीचार्ज की जांच हो
एक वकील ने CJI की अगुआई वाली 3 जजों की बेंच के सामने जनहित याचिका लगाई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील ने कहा- छात्र महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। लेकिन उन पर पुलिस की बर्बरता के वीडियो भी हैं। यदि संभव हो तो मामले की सुनवाई जल्द की जाए।
इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा था, ‘हमें वीडियो में दिलचस्पी नहीं है, हमारे पास देखने का समय नहीं है।’ जब वकील ने छात्रों के साथ मारपीट के वीडियो देखने का दूसरी बार अनुरोध किया तो CJI ने कहा, ‘हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए।’ पढ़ें पूरी खबर…
3. तीसरी बार- 24 जुलाई, मांग थी- पुलिस पर कंट्रोल जरूरी, कोर्ट हमारे बीच आ रहा है
इस बार मामला सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन ने उठाया। उन्होंने कोर्ट में बताया प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की हिंसा से जुड़ी 2 याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें कई राज्य पक्षकार के तौर पर शामिल हैं। इनका जिक्र पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि वे डायरी नंबर का इंतजार कर रहे थे। इन दलीलों के बाद CJI ने कहा, “इसे लिस्टिंग में आने दें, हम इस पर सुनवाई करेंगे।”
इससे पहले एक दूसरे मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने कहा था- मैंने CJP के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज से जुड़ी किसी भी याचिका की सुनवाई से इनकार नहीं किया। सच ये है कि कोई रिट याचिका दाखिल ही नहीं की गई थी। मीडिया ने भी गलत खबरें चलाईं। पढ़ें पूरी खबर…
प्रतापगढ़ जिले के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के अमरगढ़ कोट में रविवार रात करीब आठ बजे एक राजमहलनुमा मकान में महिला को बंधक बनाकर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूट लिए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) पट्टी समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी। घर में अकेली थीं महिला, तीन बदमाशों ने बंधक बनाया अमरगढ़ कोट निवासी चंदा देवी सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके पति सुरेश सिंह बाहर रहते हैं और घटना के समय वह घर में अकेली थीं। उनके अनुसार, रविवार रात वह घर के मुख्य दरवाजे पर बैठी थीं, तभी तीन अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने उन्हें बंधक बना लिया और घर के अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी लेकर फरार हो गए। पुलिस ने शुरू की जांच, कई टीमें गठित घटना की सूचना मिलने के बाद रात करीब 10 बजे सीओ पट्टी प्रदीप सिंह और आसपुर देवसरा थाना प्रभारी राकेश चौरसिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और मामले की जांच शुरू कर दी। सीओ प्रदीप सिंह ने बताया कि महिला ने लूट की घटना की सूचना दी है। मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इस वारदात के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस जल्द घटना के खुलासे का दावा कर रही है।
Sooji Halwa Recipe: व्रत हो या फिर कोई त्योहार सूजी का हलवा एक ऐसी रेसिपी है जो हर घर में बनती है. वैसे तो इसे बनाना बहुत आसान है, लेकिन यदि आप बिल्कुल दुकान स्टाइल सूजी का सॉफ्ट हलवा बनाना चाहते हैं, तो यहां बताए गए टिप्स को फॉलो करें.
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सूजी का हलवा भारतीय घरों में बनने वाली सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में से एक है. चाहे कोई त्योहार हो, पूजा-पाठ का अवसर हो या फिर अचानक कुछ मीठा खाने का मन करे, सूजी का हलवा अक्सर पहली पसंद बन जाता है. हालांकि, कई बार घर पर बना हलवा उतना मुलायम और स्वादिष्ट नहीं बनता. अक्सर लोग मानते हैं कि ज्यादा घी डालने से हलवा अपने आप सॉफ्ट बन जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होता.
हलवे की बनावट सिर्फ घी की मात्रा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि सूजी की क्वालिटी, उसकी तैयारी और पकाने के तरीके पर भी काफी कुछ निर्भर करता है. अगर सूजी को सही तरह से तैयार किया जाए और कुछ आसान किचन टिप्स अपनाए जाएं, तो मोटी दानेदार सूजी से भी बेहद मुलायम और स्वादिष्ट हलवा बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि हलवे को रेस्टोरेंट जैसा सॉफ्ट और लाजवाब बनाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
सूजी हलवा रेसिपी अगर आपके पास मोटी सूजी है, तो सबसे पहले उसे हल्का भून लें. जब सूजी का रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तब गैस बंद कर दें और उसे ठंडा होने दें. ठंडी होने के बाद सूजी को मिक्सी में पीसकर थोड़ा बारीक कर लें. इससे उसका टेक्सचर बेहतर हो जाता है और हलवा ज्यादा मुलायम बनता है.
इसके बाद पिसी हुई सूजी को लगभग आधे घंटे के लिए दूध में भिगोकर रखें. दूध में भिगोने से सूजी अच्छी तरह फूल जाती है और पकने के बाद उसका स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं. अगर समय हो, तो सूजी को कुछ घंटे भिगोकर रखा जा सकता है.
हलवा बनाते समय सबसे पहले कड़ाही में घी गर्म करें. चाहें तो इसमें काजू, बादाम या अन्य ड्राई फ्रूट्स हल्के भूनकर अलग निकाल लें. अब भीगी हुई सूजी को घी में डालकर धीमी आंच पर पकाएं. तेज आंच पर सूजी जल्दी भुन तो जाती है, लेकिन उसका स्वाद और मुलायमपन प्रभावित हो सकता है.
जब सूजी अच्छी तरह पक जाए, तब आवश्यकतानुसार पानी डालें और लगातार चलाते रहें. ऐसा करने से हलवे में गुठलियां नहीं बनेंगी और मिश्रण एकसार रहेगा. सूजी को तब तक पकाएं जब तक वह पूरी तरह फूलकर नरम न हो जाए.
अंत में एक छोटा चम्मच घी डालकर दो से तीन मिनट तक हलवे को चलाएं. इससे हलवे में अच्छी चमक आती है और स्वाद भी बढ़ जाता है. स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए इलायची पाउडर, केसर और भुने हुए ड्राई फ्रूट्स भी मिलाए जा सकते हैं.
शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…
इंदौर के खजराना क्षेत्र स्थित एक होटल के कमरे में महिला ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। महिला का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया जाएगा। खजराना पुलिस के मुताबिक, रेडिसन होटल के सामने स्थित व्यू होटल के एक कमरे में रविवार दोपहर 26 वर्षीय ताहिरा का शव मिला। ताहिरा मूल रूप से खंडवा की रहने वाली थी। उसके एक बेटा और एक बेटी हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह माइग्रेन (सिरदर्द) और अन्य स्वास्थ्य संबंधी उपचार के लिए इंदौर आई थी। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है।
सावन के महीने में बहुत से लोग नॉन वेजिटेरिन खाना छोड़ देते हैं। ऐसे में आप प्रोटीन की पूर्ति के लिए कुछ देसी चीजों को खाने में शामिल कर सकते हैं। यहां देखिए 8 प्रोटीन से भरपूर खाने की चीजें।
हिंदू धर्म में सावन के महीने की खास मान्यता है। ये एक पवित्र महीना है जिसमें हिंदू धर्म का पालन करने वाले लोग भोलेनाथ की पूजी अर्चना करते हैं। भोलेनाथ के बहुत से भक्त इस महीने में नॉन वेजिटेरियन खाना छोड़ देते हैं और सात्त्विक खाते हैं। जो लोग मासाहारी खाना खाते हैं वह रोजाना मांस, मछली और अंडा खाकर प्रोटीन की जरूरतों को पूरा कर लेते हैं। लेकिन अगर सावन के महीने में इन चीजों को छोड़ देते हैं तो प्रोटीन की पूर्ति के लिए आप कुछ देसी चीजों को खा सकते हैं। शरीर के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है, इसलिए सावन के महीने में आप यहां बताई चीजों को बिना किसी लापरवाही के खाने में शामिल करें।
सोया चंक्स और चना
सोयाबीन और चना दोनों में प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। सोया को आप सब्जी बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि चना से आप चाट बना सकते हैं।
दूध और योगर्ट
दूध और उससे बनी चीजें कैल्शियम के साथ प्रोटीन युक्त होती हैं। अगर आप प्रोटीन की पूर्ति के लिए दूध ले रहे हैं तो ये अकेला काफी नहीं होगा। इसके साथ चना, बीज या पनीर जैसी चीज खाएं। योगर्ट और हंगकर्ड प्रोटीन के लिए अच्छे हैं, दिनभर में इसकी एक कटोरी जरूर खाएं।
टोफू और पनीर
ये दोनों चीजें प्रोटीन युक्त होता हैं। अगर आप पनीर खा रहे हैं तो आपको समझना होगा की इसमें प्रोटीन के साथ फैट और कैलोरी भी काफी ज्यादा होता है। वेट लॉस करने वालों के लिए टोफू बेहतर ऑप्शन हो सकता है क्योंकि इसमें कैलोरी और फैट कम होती है। वहीं टोफू उन लोगों के लिए भी अच्छा है जो डेयरी नहीं खाते या लैक्टोज इंटॉलरेंस हैं। आप इन दोनों चीजों को डायट में बारी-बारी से शामिल कर सकते हैं ताकी बैलेंस रहे।
दाल और राजमा
दाल सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होती हैं। इसमें प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा होती है। रोजाना की प्रोटी रिक्वायरमेंट को पूरा करने के लिए आप डेली के खाने में दाल और राजमा को शामिल कर सकते हैं।
मूंगफली और कद्दू के बीज
कद्दू के बीज में थोड़ा ज्यादा प्रोटीन और जिंक, मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं। वहीं मूंगफली सस्ती, आसानी से मिलने वाली और प्रोटीन के साथ अच्छी एनर्जी देती है। ये दोनों चीजें कैलोरी भी बढ़ाते हैं।
सावन में ऐसा रख सकते हैं डायट चार्ट
नाश्ता- ग्रीक योगर्ट और नट्स
लंच- दाल, पनीर और रोटी या चावल
स्नैक- भुने हुए चने या सोया चंक्स
रात का खाना- राजमा या छोले के साथ टोफू या पनीर सलाद