बरेली ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (BOGS), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), UPCOG और विमेंस वेलफेयर कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आज आईएमए हॉल में ‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस जिला स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है। CMO ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विश्राम सिंह ने अभियान की स्टैंडी का अनावरण कर किया। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित किशोर स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए BOGS के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान डिप्टी CMO डॉ. लईक अंसारी और ACMO डॉ. अमित सिंह ने पहल को किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। IMA अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव और सचिव डॉ. अंशु अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित रहे। एक दर्जन स्कूलों का चयन
अभियान के तहत शहर के 10 से 12 चयनित स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में BOGS के दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पहुंचेगी। ये सत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होंगे: एनीमिया की पहचान, उपचार, आयरन और सही पोषण का महत्व। सर्वाइकल कैंसर से बचाव, स्क्रीनिंग और HPV वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता। किशोरावस्था से जुड़ी शारीरिक समस्याओं व स्त्रीरोग संबंधी शंकाओं का समाधान। BOGS अध्यक्ष डॉ. लतिका अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल भाषण देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्राओं के साथ खुला संवाद स्थापित करेगा ताकि वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें। BOGS सचिव डॉ. अनीता नाथ ने कहा कि पहले चरण में 1,000 छात्राओं तक सीधी पहुंच बनाने का लक्ष्य है। अभियान का स्वरूप और इसके प्रमुख लाभ
‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ मुख्य रूप से स्कूल जाने वाली 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक जमीनी अभियान है। इसमें विशेषज्ञ महिला चिकित्सक सीधे स्कूलों में जाकर छात्राओं से संवाद करेगी। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:
एनीमिया की समय रहते पहचान व रोकथाम: छात्राओं को खून की कमी (एनीमिया) के लक्षणों, आयरन युक्त पोषण और सही खान-पान की जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी शारीरिक कमजोरी और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी दूर होगी। सर्वाइकल कैंसर से समय से बचाव: किशोरियों और उनके अभिभावकों को एचपीवी (HPV) वैक्सीन के महत्व और सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतों के बारे में सही चिकित्सकीय जानकारी मिलेगी। झिझक मिटाने वाला खुला संवाद: विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञों से सीधे बातचीत होने से छात्राएं पीरियड्स (माहवारी) और शारीरिक बदलावों से जुड़ी व्यक्तिगत समस्याएं बिना किसी संकोच के साझा कर सकेंगी। सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: स्वास्थ्य विभाग और BOGS के तालमेल से किशोरियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे स्कूल स्तर पर मिल सकेगा। स्वस्थ मातृत्व की मजबूत नींव: किशोरावस्था में बेहतर पोषण और स्वास्थ्य की समझ आगे चलकर एक स्वस्थ महिला, सुरक्षित मातृत्व और मजबूत समाज का निर्माण करती है। कार्यक्रम में डॉ. लता अग्रवाल, डॉ. नीरा अग्रवाल, डॉ. दरक्षा, डॉ. अनुजा सिंह, डॉ. प्रगति, डॉ. मीरा वैश्य, डॉ. कोमल कक्कड़ सहित कई वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ मौजूद रहीं। ‘स्वस्थ किशोरी, स्वस्थ महिला, स्वस्थ समाज’ के संदेश के साथ संस्था ने इस पहल को एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में अहम कदम बताया।
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बहुत से लोगों का मानना है कि प्रोटीन सिर्फ बॉडी बनाने वाले लोगों के लिए जरूरी है। जबकि ये सिर्फ मसल्स बनाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शरीर के सही तरीके से काम करने के लिए जरूरी है। नॉन वेजिटेरियन लोग प्रोटीन की पूर्ति के लिए अंडा और चिकन चीजों को खा लेते हैं लेकिन जो लोग सिर्फ वेजिटेरियन खाना खाते हैं उन्हें समझ नहीं आता की वह प्रोटीन की मात्रा सही रखने के लिए किन चीजों को खाएं। ऐसे में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ सेठी ने 5 ऐसी चीजों के बारे में बताया है, जो वेजिटेरियन लोगों को अपनी डायट में शामिल करनी चाहिए। हालांकि, इन चीजों के साथ ही इस आर्टिकल में जानिए कि आखिर प्रोटीन क्या है और ये शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं।










