Friday, July 17, 2026
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करोड़ों की कमाई पर भी ₹0 टैक्स! भारत का वो राज्य जहां नहीं देना होता टैक्‍स


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income Tax Exemption : इनकम टैक्‍स रिटर्न दाखिल करने का सीजन चल रहा है. देश का हर आदमी, जिसकी वार्षिक आय एक तय सीमा से ज्‍यादा है, उसे इनकम टैक्‍स देना होता है. लेकिन, एक राज्‍य ऐसा भी है, जहां करोड़ों रुपये सालाना कमाने वाला भी सरकार को आयकर के रूप में एक पैसा भी नहीं देता. ऐसा क्‍यों है, आइये जानते हैं.

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सिक्किम में टैक्स न लगने की कहानी साल 1948 से जुड़ी है.

नई दिल्‍ली. न्यू टैक्स रिजीम के तहत अब 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई टैक्स फ्री हो चुकी है. इससे ज्यादा कमाने पर आपको सरकार को टैक्‍स देना पड़ता है. लेकिन, क्‍या आप जानते हैं कि भारत में राज्‍य ऐसा भी है, जहां यह नियम बेअसर है. वहां रहने वाले लोग चाहे करोड़ों कमाएं या अरबों, उन्हें सरकार को एक रुपया भी टैक्स नहीं देना पड़ता. यह अनोखा राज्य सिक्किम है. यहां के 95 फीसदी निवासियों को इनकम टैक्स से 100% छूट मिली हुई है.

सिक्किम को भारत का ‘टैक्स हेवन’ भी कहा जाता है. यहां के मूल निवासियों को यह छूट आज से नहीं, बल्कि भारत में सिक्किम के विलय के समय से ही मिली हुई है. हालांकि, अब इस टैक्स छूट पर सवाल भी उठने लगे हैं. इस खास रियायत को बंद करने की मांग तेज हो रही है. आरोप है कि बाहरी लोग भी टैक्स बचाने के लिए सिक्किम के इस नियम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं.

इतिहास में छुपा है टैक्‍स फ्री होने का राज

सिक्किम में टैक्स न लगने की कहानी साल 1948 से जुड़ी है. तब सिक्किम के चोग्याल शासक ने एक इनकम टैक्स मैनुअल जारी किया था. इसके मुताबिक, राज्य के लोगों से कोई टैक्स नहीं लिया जाता था. साल 1975 में जब सिक्किम का भारत में पूर्ण विलय हुआ, तो यह शर्त रखी कि उनकी पुरानी टैक्स छूट जारी रहेगी. भारत सरकार ने इस शर्त को स्वीकार कर लिया. संविधान के आर्टिकल 371-एफ के तहत सिक्किम को विशेष दर्जा दिया गया. इसी लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 (26एएए) के तहत सिक्किम के मूल निवासियों को टैक्स छूट दी गई है.

95 फीसदी आबादी टैक्‍स छूट के दायरे में

पहले केवल सिक्किम सब्जेक्ट सर्टिफिकेट रखने वालों को ही मूल निवासी माना जाता था. इन्‍ही को केवल इनकम टैक्‍स नहीं देना होता था. लेकिन, सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सिक्किम की 95 फीसदी आबादी टैक्‍स छूट के दायरे में आ गई. कोर्ट ने आदेश दिया कि 26 अप्रैल 1975 यानी भारत में विलय से ठीक एक दिन पहले तक, सिक्किम में बस चुके भारतीय मूल के लोग भी वहां के मूल निवासी हैं.



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बड़ा हादसा टला: खेत में धान रोपाई के दौरान गिरा तार, ग्रामीणों ने डिस्कॉम से सप्लाई बंद करवाई – jhalawar News



पनवाड़ जीएसएस के पास चौथ माता मंदिर के पीछे एक खेत में गुरुवार को बड़ा हादसा टल गया। खेत में धान की रोपाई कर रहे 21 मजदूर उस समय बाल-बाल बच गए, जब चालू बिजली लाइन का तार सुबह 11 बजे अचानक टूटकर खेत में गिर गया। तार गिरते ही तेज स्पार्किंग शुरू हो गई। मजदूरों ने तुरंत खेत से बाहर भागकर जान बचाई। ग्रामीणों ने जयपुर डिस्कॉम को बताया और संबंधित फीडर की सप्लाई तुरंत बंद करवाई। समय रहते बिजली बंद होने से कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ पल की देरी होती तो करंट लग सकता था। खेत में पानी भरा होने से खतरा ज्यादा था। मजदूरों की सतर्कता से सभी सुरक्षित रहे। घटना के बाद ग्रामीणों में जर्जर लाइनों को लेकर नाराजगी दिखी। ग्रामीणों ने लाइनों की नियमित जांच, मरम्मत, समय पर बदलाव की मांग की। हादसे के समय खेत में जगदीश नाथ, मुकेश, धनी बाई, माया बाई, लक्ष्मण बाई, सुगनी बाई, रवीना बाई, राजाराम, मनीष, विनोद, भोजराज, राम, जोतिया बाई, महावीर, आरती बाई, प्रहलाद, हुकमचंद सहित कुल 21 मजदूर काम कर रहे थे। तार गिरते ही सभी सुरक्षित जगह पहुंच गए। जयपुर डिस्कॉम के पनवाड़ जेईएन यशवंत सिहगवार ने कहा कि चालू लाइन का तार टूटने की जानकारी नहीं है। जल्द ही लाइनों के मेंटिनेंस का प्रपोजल तैयार किया जाएगा।



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संतों के श्रीमुख से गूंजेगा ब्रज की स्वच्छता का संदेश: प्रवचन,सत्संग और श्रीमद्भागवत कथाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को दिलाया जाएगा संकल्प – Mathura News




ब्रज की स्वच्छता को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में अब संत समाज भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। गुरुवार की देर शाम को वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान में ‘हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की पहल पर संत, महंत एवं भागवताचार्यों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की मौजूदगी में मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, नगर आयुक्त ओजस्वी राज सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संत समाज से सुझाव प्राप्त किए। बैठक में तय किया गया कि अब संत, महंत एवं भागवताचार्य अपने प्रवचनों, सत्संगों, श्रीमद्भागवत कथाओं एवं अन्य धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को ब्रज की स्वच्छता एवं पवित्रता का संदेश देंगे तथा उन्हें स्वच्छता का संकल्प भी दिलाएंगे। संत करेंगे अपील संत समाज श्रद्धालुओं से अपील करेगा कि वे ब्रज में कहीं भी कूड़ा न फैलाएं, एकल-उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग न करें तथा यमुना तट, कुंडों, घाटों, परिक्रमा मार्गों और सभी धार्मिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने में अपना सक्रिय योगदान दें। बैठक में यह भी कहा गया कि प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु ब्रजधाम आते हैं। यदि संत समाज अपने आध्यात्मिक मंचों से स्वच्छता का संदेश देगा तो यह अभियान जन-जन तक पहुंचेगा और एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकेगा। संतों ने दिया आश्वासन बैठक में संत समाज ने वृंदावन में गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर चिंताजनक स्थिति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। साथ ही यह भी कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारा और प्रत्येक श्रद्धालु का धार्मिक कर्तव्य है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली को स्वच्छ रखना उनकी सेवा, ब्रज रज का सम्मान और अपनी आस्था के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक है। सभी संतों ने अभियान को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। यह रहे मौजूद हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है’ महाअभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम एवं हार्टफुलनेस संस्था के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। बैठक में महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, महंत हरिशंकर दास नागा महाराज, महंत सनत दास महाराज, संत गोविंदानंद तीर्थ महाराज, महंत राम स्वरूप ब्रह्मचारी महाराज, संत रामदेवानंद सरस्वती महाराज, महंत सुंदर दास महाराज, महंत लाडली दास महाराज, संत सच्चिदानंद दास महाराज, संत मदन मोहन दास, संत लाडली शरण दास महाराज,महा मंडलेश्वर नवल गिरी महाराज,समाजसेवी कपिल देव उपाध्याय , हार्टफुलनेस संस्था से निशांत शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री की मंशा ब्रज के स्वच्छता अभियान से जुड़े संत समाज : शैलजाकांत मिश्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि ब्रज की स्वच्छता को सेवा और जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। इससे संत समाज को भी जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु जब स्वच्छ और सुंदर ब्रज देखेंगे तो उनकी आस्था और भी प्रगाढ़ होगी। उन्होंने संतों से आह्वान किया कि आश्रमों, मंदिरों एवं भंडारों से ही स्वच्छता की शुरुआत करें और अपने प्रभाव क्षेत्र में लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि मथुरा में सीमित सफाईकर्मी हैं, इसलिए जनसहयोग ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।



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दिल्ली में MP को मिले ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव: सीएम ने निवेशकों के साथ कीं दो बैठकें; 27 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार – Bhopal News




दिल्ली में आयोजित ‘भारत टेक्स-2026’ और ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में एमपी को रोजगार की दिशा में बड़ा आश्वासन मिला है। इन दोनों बड़े आयोजनों के माध्यम से मप्र को कुल ₹20,193 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इससे प्रदेश में लगभग 27,592 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी निवेश गंतव्यों में अपनी स्थिति को और मजबूत करते हुए ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देगा। निवेशकों को मुख्यमंत्री की 10 गारंटियां और GIS-2027 का आमंत्रण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के होटल द लीला पैलेस में देश-विदेश के उद्योगपतियों और वैश्विक ब्रांड प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने मध्यप्रदेश को देश का उभरता हुआ औद्योगिक एवं टेक्सटाइल हब बताते हुए कहा कि राज्य निवेशकों के लिए नीति, नीयत, प्रतिभा, प्रवृत्ति, सुविधा, सामर्थ्य, ऊर्जा, उत्साह, सेवा और सुरक्षा की 10 गारंटियां लेकर आया है। मुख्यमंत्री ने सभी निवेशकों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ (GIS-2027) में भाग लेने का विशेष आमंत्रण दिया और उन्हें अनुकूल नीतियों तथा त्वरित प्रशासनिक सहयोग का भरोसा दिलाया। भारत टेक्स-2026: वस्त्र और परिधान क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ का निवेश भारत मंडपम में आयोजित टेक्सटाइल राउंडटेबल के दौरान मध्यप्रदेश के वस्त्र उद्योग को एक नई दिशा मिली। इस सत्र में प्रदेश के वस्त्र एवं परिधान उद्योग, पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क, तकनीकी वस्त्र, कौशल विकास और निर्यात संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। इस विशेष आयोजन के माध्यम से प्रदेश को वस्त्र क्षेत्र में ₹1,592 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में लगभग 15,700 रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। रक्षा, डेटा सेंटर और भारी उद्योगों में ₹18,601 करोड़ का निवेश दिल्ली निवेश संवाद में अत्याधुनिक और रणनीतिक क्षेत्रों में भारी निवेश के प्रस्ताव आए हैं। रक्षा, डेटा सेंटर, ट्रांसफॉर्मर निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, इंजीनियरिंग, ऑप्टिकल उत्पाद और खिलौना उद्योग जैसे विभिन्न क्षेत्रों में राज्य को ₹18,601 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इस निवेश से लगभग 11,892 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसमें ब्रह्मास्त्र एक्सप्लोसिव, सीमेंस एनर्जी, सिटाक रे, सनब्रिज डिफेन्स, हिमाचल फ्यूचरिस्टिक कम्युनिकेशंस और वीरा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं। कई देशों के प्रतिनिधियों से वन-टू-वन बैठक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न देशों के मंत्रियों और राजनयिकों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। श्रीलंका के उद्योग मंत्री सुनील हंदुन्नेत्ती और ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स के साथ कृषि, जैव ईंधन, खनन और एयरोस्पेस पर सार्थक चर्चा हुई। वहीं रूसी वित्तीय प्रतिनिधिमंडल, इटली और फ्रांस के प्रतिनिधियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इनोवेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक व्यापार और निर्यात बढ़ाने के लिए सात महत्वपूर्ण एमओयू मप्र में व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए एमपीआईडीसी (MPIDC) ने सात महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन्स (FIEO) और एसोचैम के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी, जबकि अमेज़न ग्लोबल सेलिंग के साथ हुए समझौते से प्रदेश के छोटे उद्योगों (MSME) और शिल्पकारों को ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न अपैरल और टेक्सटाइल एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ मिलकर वस्त्र निर्यात को बढ़ावा देने और बायर-सेलर मीट आयोजित करने पर भी समझौता हुआ। उद्योगों के विकास के लिए तैयार है मध्यप्रदेश का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा राज्य की मजबूत नीतियों और बुनियादी ढांचे का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। निवेशकों को बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क, 8 क्रियाशील एयरपोर्ट, 6 अंतर्देशीय कंटेनर डिपो और उद्योगों के लिए सवा लाख एकड़ से अधिक का बड़ा लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही पर्याप्त बिजली-पानी की उपलब्धता, नए फूड पार्क, आईटी पार्क और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विस्तार राज्य को निवेश के लिए सबसे उत्तम स्थान बनाता है।



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आर्यन और पांशुल को मिले सबसे ज्यादा नंबर, 17 राज्यों के टॉपर्स का स्कोर 700 के पार


नीट यूजी परीक्षा 2026 में पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से टॉप किया है। दोनों छात्रों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए हैं। कुल 11.21 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा क्वालिफाई की है। इसमें सबसे ज्यादा 1.7 लाख छात्र उत्तर प्रदेश से हैं। परीक्षा में करीब 20 लाख कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। यह परीक्षा पहले 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के बाद दोबारा 21 जून को री-एग्जाम हुआ। एनटीए ने परीक्षा लेने के बाद एक महीने से भी कम समय में रिजल्ट जारी कर दिया है, ताकि छात्रों को एडमिशन लेने में परेशानी न हो। अब एमसीसी और राज्य प्राधिकरण काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

कुल 19 उम्मीदवारों ने 700 से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। इनमें से 17 अलग-अलग राज्यों से हैं और अपने राज्य के टॉपर भी बने हैं। टॉप 17 रैंकर्स पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना से हैं। इन छात्रों ने 705 से ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं। यह परीक्षा कुल 13 भाषाओं में हुई थी और पेपर लीक के कारण सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए थे। एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट https://neet.nta.nic.in पर उम्मीदवार अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

लड़कियों ने बाजी मारी

नीट यूजी रिजल्ट में लड़कियों ने बाजी मारी है। कुल 11.21 लाख छात्रों ने क्वालिफाई किया है। इनमें 58 फीसदी से ज्यादा महिलाएं हैं। महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रेट से क्वालिफाई किया। 56.8 परसेंट महिलाएं क्वालिफाई हुईं, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 55.1 परसेंट रहा। 11.21 लाख कैंडिडेट अंडरग्रेजुएट मेडिकल, डेंटल, आयुष और एलाइड प्रोग्राम में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 138 कैंडिडेट्स ने 690 से ज्यादा मार्क्स हासिल किए हैं।

सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले छात्रों का आंकड़ा

19 कैंडिडेट्स ने 720 में से 700 से ज्यादा स्कोर किया

1,492 कैंडिडेट्स ने 650 और उससे ज्यादा स्कोर किया
10,160 कैंडिडेट्स ने 600 और उससे ज्यादा स्कोर किया
90,780 कैंडिडेट्स ने 500 और उससे ज्यादा स्कोर किया

13 भाषाओं में हुई थी परीक्षा

नीट यूजी 2026 परीक्षा 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी। हिंदी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओडिया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू और इंग्लिश।

66 शहरों से हैं 138 टॉप रैंकर्स

138 टॉप रैंकर्स देश भर के 66 शहरों से हैं। उत्तर प्रदेश में 1.7 लाख से ज्यादा और लक्षद्वीप में 43 शामिल हैं। स्टेट टॉपर्स में जिग्मेट यांगचन लामो (लद्दाख, 530 मार्क्स), ध्रुव त्रिपाठी (अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, 606 मार्क्स) और फहमीदा अनीस (लक्षद्वीप, 573 मार्क्स) शामिल हैं। 17 स्टेट टॉपर्स ने 700 या उससे ज्यादा स्कोर किया। 26 ने 690 से ज्यादा स्कोर किया।

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बिहार में बारिश से बढ़ा डेंगू का खतरा: स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, 180 से कम मरीज, 318 फॉगिंग मशीनें तैनात – Patna News




बिहार में मानसून की सक्रियता के साथ ही डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। हालांकि, इस वर्ष अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या पिछले साल की तुलना में काफी कम दर्ज की गई है। इसके बावजूद, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। राज्यभर के मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 15 जुलाई तक बिहार में 180 से कम डेंगू मरीज सामने आए हैं। इनमें से लगभग 50 मामले अकेले पटना जिले से दर्ज किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि समय पर की गई तैयारियों और लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के कारण मरीजों की संख्या नियंत्रित रही है। विभाग ने जुलाई माह को ‘एंटी-डेंगू माह’ घोषित किया है। इस अवधि में स्कूलों, पंचायतों, नगर निकायों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को डेंगू से बचाव के तरीके, मच्छरों की रोकथाम और शुरुआती लक्षणों की पहचान के बारे में जानकारी दी जा रही है। राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं मच्छर नियंत्रण के लिए राज्यभर में 318 फॉगिंग मशीनें तैनात की गई हैं। लार्वा को नष्ट करने के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव भी नियमित रूप से किया जा रहा है। सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में एनएस-1 एलिसा और आईजीएम एलिसा जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, आवश्यक दवाओं, प्लेटलेट्स प्रबंधन और अन्य चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। पीएमसीएच में 20 बेड का एक विशेष डेंगू वार्ड भी तैयार किया गया है। पटना में विशेष निगरानी, घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम सिविल सर्जन डॉ. योगेन्द्र प्रसाद मंडल ने बताया कि डेंगू की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसमें आम लोगों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पटना नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमें लगातार लार्वा सर्वे, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग का काम कर रही हैं। जहां जलजमाव की शिकायत मिल रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। उनके अनुसार बारिश के बाद अगले दो महीने डेंगू नियंत्रण के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण हैं।
डॉक्टरों की सलाह – बुखार को नजरअंदाज न करें पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर और जोड़ों में तेज दर्द, उल्टी या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि बिना चिकित्सकीय सलाह के एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दर्द निवारक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे डेंगू मरीजों में रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, आराम करना और समय पर जांच कराना डेंगू के इलाज में सबसे महत्वपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार जुलाई से सितंबर तक का समय डेंगू के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बाद घरों और आसपास जमा साफ पानी में एडीज मच्छर तेजी से पनपता है। इसलिए सप्ताह में कम-से-कम एक दिन घर और आसपास जमा पानी पूरी तरह खाली करें, पानी की टंकियों को ढककर रखें और साफ-सफाई बनाए रखें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन मानसून के दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी डेंगू संक्रमण को तेजी से बढ़ा सकती है। ऐसे में सरकारी तैयारियों के साथ-साथ आम लोगों की सतर्कता और सहभागिता ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण का सबसे पीएमसीएच में 20 बेड का समर्पित डेंगू वार्ड तैयार संभावित मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल के राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक (आरएसबी) में 20 बेड का विशेष डेंगू वार्ड तैयार किया गया है। वार्ड में मच्छरदानियों सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यहां 24 घंटे डॉक्टरों, नर्सों और मेडिकल अटेंडेंट की तैनाती रहेगी। जरूरत पड़ने पर मरीजों को नए रेडियोलॉजी भवन की आधुनिक जांच सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा, जिससे जांच और उपचार में किसी तरह की देरी न हो।
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में डेंगू मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी की जाएगी।

निजी अस्पतालों और लैब को भी दिए गए निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी संस्थानों को कहा गया है कि डेंगू के संदिग्ध और पुष्ट मामलों की जानकारी तत्काल स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएं। इस व्यवस्था का उद्देश्य संक्रमित क्षेत्रों की जल्द पहचान कर वहां फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और अन्य रोकथाम उपायों को तुरंत लागू करना है। विभाग का मानना है कि समय पर सूचना मिलने से संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।



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मिर्जापुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में बाइक सवार की मौत: खेत से लौट रहा था घर, एक महीने पहले हुई थी शादी – Dhaurahan(Marihan) News




मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के न्याय पंचायत धौरहा के रैकरी ग्राम सभा में गुरुवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। खेत से काम निपटाकर घर लौट रहे एक युवक की बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी घायल हो गया। मृतक की पहचान रैकरी निवासी विजय बिंद (27 वर्ष), पुत्र झब्बू लाल बिंद के रूप में हुई है। साइड लेते समय अनियंत्रित होकर टकराई बाइक जानकारी के मुताबिक, विजय बिंद अपने खेत में बादाम बोने के बाद साथी संजय बिंद (पुत्र सियाराम) के साथ बाइक से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान चीखुड़ियां की ओर से भस्सी (खनिज) लादकर आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली के बगल से गुजरते समय उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौका पाकर ट्रैक्टर चालक वाहन समेत फरार हो गया। 25 दिन पहले ही सिर पर सजा था सेहरा इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। विजय बिंद की शादी पिछले महीने ही 21 जून को सक्तेशगढ़ क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। अभी शादी की रस्में और हाथों की मेहंदी भी ठीक से नहीं छूटी थी कि 25 दिनों के भीतर ही पत्नी शिला का सुहाग उजड़ गया। अचानक हुए इस वज्रपात से नवविवाहिता पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। राजगढ़ थाना प्रभारी बालमुकुंद मिश्रा ने बताया- ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रैक्टर चालक व वाहन की तलाश की जा रही है।



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विश्व कप मैच के बाद फॉकलैंड पर फिर भिड़े अर्जेंटीना-ब्रिटेन: ब्रिटिश वॉरशिप के समुद्री इलाके में घुसने का आरोप; खिलाड़ियों के बैनर से विवाद बढ़ा




फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराने के कुछ घंटों बाद अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच फॉकलैंड द्वीप को लेकर नया विवाद शुरू हो गया। अर्जेंटीना ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की रॉयल नेवी का वॉरशिप HMS मेडवे बिना अनुमति उसके समुद्री क्षेत्र में घुस आया।

अर्जेंटीना ने इसे सैन्य घुसपैठ करार दिया। विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने कहा कि इस मामले में ब्रिटिश दूतावास के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया गया है। वहीं ब्रिटेन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यात्रा की जानकारी पहले ही अर्जेंटीना सरकार को दे दी गई थी और यह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप थी। यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर ‘लास माल्विनास सन अर्जेंटीना’ (माल्विनास अर्जेंटीना का है) लिखा बैनर लहराया। अर्जेंटीना में फॉकलैंड को माल्विनास कहा जाता है। इस घटना के बाद दोनों देशों का पुराना विवाद फिर चर्चा में आ गया। अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति ने इंग्लैंड को समुद्री लुटेरा कहा मैच से पहले अर्जेंटीना की उपराष्ट्रपति विक्टोरिया वियारुएल ने इंग्लैंड को आक्रमणकारी और कब्जा करने वाले समुद्री लुटेरे तक कहा था। मैच जीतने के बाद उन्होंने खिलाड़ियों की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “फॉकलैंड अर्जेंटीना का है। हमें स्टेडियम में यह बैनर ले जाने से रोका गया, लेकिन वे भूल गए कि माल्विनास हमारे खून और हमारे दिल में बसता है।” ब्रिटेन ने नाराजगी जताई, कहा- खेल में राजनीति न हो वहीं, ब्रिटेन के बिजनेस सेक्रेटरी पीटर काइल ने खिलाड़ियों के बैनर को पूरी तरह अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में राजनीति की कोई जगह नहीं होनी चाहिए और फीफा को जांच करनी चाहिए कि कहीं खिलाड़ियों ने राजनीतिक संदेश देने संबंधी नियमों का उल्लंघन तो नहीं किया। उन्होंने कहा, “राजनीति को फुटबॉल से दूर रहना चाहिए। आगे क्या कार्रवाई होगी, इसका फैसला अब फीफा करेगा।” फॉकलैंड को लेकर अर्जेंटीना और ब्रिटेन में 44 साल से विवाद फॉकलैंड द्वीप का मामला ब्रिटेन और अर्जेंटीना दोनों के लिए बहुत बड़ा मुद्दा है। दोनों देश इस पर दावा करते हैं। अर्जेंटीना इस द्वीप को माल्विनास कहता है। फॉकलैंड दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित हैं और अर्जेंटीना से सिर्फ 500 किमी दूर है। वहीं ब्रिटेन से यह 13,000 किमी दूर स्थित है। अर्जेंटीना ऐतिहासिक रूप से इस द्वीप को अपना बताता आया है। अर्जेंटीना का कहना है कि ये द्वीप उसके पास होने चाहिए, क्योंकि ये उसके इलाके के करीब हैं। वहीं ब्रिटेन कहता है कि वहां रहने वाले लोग खुद को ब्रिटिश मानते हैं और उन्होंने वोट करके भी ब्रिटेन के साथ रहने की इच्छा जताई है, इसलिए यह उसका क्षेत्र है। 1982 में अर्जेंटीना ने इन द्वीपों पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर ने सेना भेजकर सिर्फ 10 हफ्ते में इन्हें वापस हासिल किया था। अर्जेंटीना के आत्मसमर्पण करने से पहले लगभग 650 अर्जेंटीनाई सैनिक और 255 ब्रिटिश सैनिक मारे गए थे। फॉकलैंड पर ब्रिटेन का रुख क्या है ब्रिटेन ने दोहराया कि फॉकलैंड द्वीप के लोगों ने कई बार जनमत के जरिए ब्रिटिश क्षेत्र बने रहने की इच्छा जताई है। डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा- ब्रिटेन का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। फॉकलैंड द्वीप के लोग ब्रिटिश हैं और अपने भविष्य का फैसला करने का अधिकार उन्हीं के पास है।



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NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख स्टूडेंट्स पास: पंजाब-हरियाणा के दो छात्रों ने किया टॉप, 720 में 715 नंबर; 138 स्टूडेंट्स को 690+ मार्क्स


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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3 मई की हुई NEET UG परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को री-एग्जाम कराया गया था।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार देर रात NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं।

पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक हासिल कर ऑल इंडिया टॉप किया। परीक्षा में 19 स्टूडेंट्स ने 700 से ज्यादा, जबकि 138 उम्मीदवारों ने 690 से अधिक अंक हासिल किए।

टॉप स्कोरर्स में 93% से ज्यादा स्टूडेंट्स ने पहली बार परीक्षा दी थी। 99% टॉप रैंकर्स की उम्र 17 से 19 साल के बीच रही। क्वालिफाई करने वाले कुल उम्मीदवारों में 58% से ज्यादा छात्राएं और 55.1% छात्र हैं। स्टूडेंट्स अपना स्कोरकार्ड neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं।

पेपर लीक के कारण 3 मई को हुई NEET-UG 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद NTA ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई। देश और विदेश के 551 शहरों में 5,440 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा 13 भाषाओं में हुई थी।

NEET UG 2026: परीक्षा से रिजल्ट तक पूरी टाइमलाइन

  • 3 मई 2026: NEET UG 2026 की पहली परीक्षा आयोजित
  • 12 मई, 2026: पेपर लीक के आरोपों के बाद: 3 मई की परीक्षा रद्द की गई
  • 21 जून 2026: देशभर में NEET UG की दोबारा परीक्षा हुई
  • 25 जून 2026: प्रोविजनल आंसर-की जारी, ऑब्जेक्शन विंडो खुली
  • 25–28 जून 2026: उम्मीदवारों से आंसर-की पर आपत्तियां मांगी गईं
  • 13–15 जुलाई 2026: स्कैन की गई OMR शीट और रिकॉर्डेड रिस्पॉन्स जारी
  • 16 जुलाई 2026: फाइनल आंसर-की जारी, NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित

2027 से कंप्यूटर आधारित होगी NEET परीक्षा

पेपर लीक के बाद सरकार ने NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। 2027 से NEET-UG कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। फिलहाल परीक्षा ऑफलाइन (पेन-एंड-पेपर) मोड में होती है।

नई व्यवस्था में स्टूडेंट्स कंप्यूटर पर सवाल हल करेंगे। हालांकि, सिलेबस, प्रश्नों की संख्या, विषय और मार्किंग स्कीम में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों को ऑनलाइन परीक्षा के लिए पहले से मॉक टेस्ट और डेमो की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे नए सिस्टम के अनुसार तैयारी कर सकें।

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NEET री-एग्जाम, 1 मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री, गेट पर रोती रहीं छात्राएं; हिजाब-कलावा पर विवाद

देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने 21 जून को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। राजस्थान के अजमेर और गुजरात के अहमदाबाद में हिजाब पहन कर पहुंची छात्राओं को पहले एंट्री देने से मना कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें…

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पूर्णिया में महिला पर चाकू से हमला: हस्ताक्षर का विरोध करने पर जमीन ब्रोकरों ने किया घायल, पीड़िता के बेटे ने की कानूनी कार्रवाई की मांग – Purnia News




पूर्णिया जिले के रानीपतरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र के चांदी कटुआ गांव में एक महिला पर चाकू से हमला किया गया है। यह घटना जमीन ब्रोकरों द्वारा स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करवाने के प्रयास के दौरान हुई, जब महिला ने इसका विरोध किया तो उसे चाकू मारकर घायल कर दिया गया। घायल महिला की पहचान चांदी कटुआ गांव निवासी राम प्रसाद राय की पत्नी सीता देवी के रूप में हुई है। उन्हें इलाज के लिए जीएमसीएच में भर्ती कराया गया है। सीता देवी ने बताया कि गुरुवार दोपहर उनके पड़ोस में रहने वाले जमीन ब्रोकर छोटू राय कुछ अज्ञात लोगों के साथ उनके घर में घुस आए। उन्होंने चाकू दिखाकर स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए धमकाया। जब सीता देवी ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया, तो उन लोगों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गईं। महिला के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर वहां से भाग गए। सीता देवी को लहूलुहान हालत में अस्पताल ले जाया गया। घायल महिला के बेटे गौरव कुमार ने बताया कि यह घटना जमीनी विवाद से जुड़ी है। जमीन ब्रोकरों ने दोपहर के समय घर में घुसकर उनकी मां पर स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उनकी मां पर धारदार चाकू से हमला किया गया। गौरव कुमार ने अस्पताल में इलाज के बाद स्थानीय थाने में आवेदन देकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस मामले पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने बताया कि घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल से छुट्टी मिलने और थाना में आवेदन प्राप्त होने के बाद निश्चित तौर पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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