लखनऊ के महानगर की 61वीं रामलीला में मंगलवार को दशहरे पर रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। राम के रूप में यशी लोहुमी ने रावण के पुतले को अग्नि दी, जबकि लक्ष्मण के रूप में फल्गुनी लोहुमी ने मेघनाद का पुतला जलाया। पुतला दहन के साथ ही मैदान आतिशबाजी से गूंज उठा। दशहरा मेले में भी लोगों की भीड़ जुटी। रावण की भूमिका निभा रहे भास्कर जोशी पिछले 9 साल से इस किरदार को निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रावण का दहन सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश है। यह जीत हमेशा होती रही है और आगे भी होती रहेगी। 4 साल से राम, पहले सीता बनीं लखनऊ विश्वविद्यालय की बीटेक तृतीय वर्ष की छात्रा यशी लोहुमी पिछले चार साल से राम की भूमिका निभा रही हैं। इससे पहले वह चार साल सीता का किरदार निभा चुकी हैं। इसके अलावा दो साल तक छोटे-छोटे किरदार भी निभाए। यशी ने बताया कि इस बार राम के रूप में रावण और लक्ष्मण के रूप में फल्गुनी मेघनाद का पुतला दहन करेंगी। 12वीं की छात्रा बन रहीं लक्ष्मण फल्गुनी लोहुमी कक्षा 12वीं की छात्रा हैं। वह पिछले तीन साल से लक्ष्मण की भूमिका निभा रही हैं। रामलीला के दौरान उनके अभिनय को दर्शकों ने सराहा। रामलीला समिति के निदेशक महेंद्र पंत ने बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से हनुमान और केवट की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु श्री के अग्निबाण से रावण और लक्ष्मण के अग्निबाण से मेघनाद का पुतला दहन किया गया। इसके बाद आतिशबाजी हुई। भारत मिलाप के साथ समापन महासमिति के महासचिव हेम पंत ने बताया कि इस बार रामलीला का 61वां वर्ष है। दशहरे के बाद बुधवार को भारत मिलाप और रामदरबार के साथ रामलीला का समापन होगा। उन्होंने कहा कि आयोजन को सफल बनाने में समिति के पदाधिकारियों और सभी सदस्यों का पूरा सहयोग रहा।
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महानगर की रामलीला में लड़कियां निभा रहीं राम-लक्ष्मण का किरदार: दशहरे पर रावण और मेघनाद के पुतलों को जलाया – Lucknow News
आज सिंदूर खेला के साथ मां को विदाई: एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर रस्म निभाएंगी बंगाली समाज की महिलाएं, इंदौर में 106 साल से मना रहे उत्सव – Indore News
इंदौर में बंगाली समाज की महिलाएं बुधवार को सिंदूर खेला की रस्म के साथ मां दुर्गा को विदाई देंगी। बंगाली परंपरा में मां दुर्गा को बेटी माना जाता है, जो हर साल अपने मायके आती हैं और पांच दिन तक उत्सव के बाद विदा होती हैं। दुर्गा उत्सव के अंतिम दिन महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करेंगी। इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सिंदूर खेला की परंपरा निभाएंगी। पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक आयोजनों के बाद मां की विदाई की यह बेला समाज के लिए भावुक पल होगी। सार्वजनिक रूप से 98वीं बार आयोजन इंदौर में बंगाली समाज 106 वर्षों से दुर्गा उत्सव मना रहा है। सार्वजनिक रूप से यह उत्सव 98वीं बार आयोजित किए जाने की जानकारी है। पांच दिन तक चलने वाले इस आयोजन में पूजा-पाठ के साथ सांस्कृतिक और पारंपरिक कार्यक्रम होते हैं। सिंदूर खेला उत्सव का प्रमुख आकर्षण है, जिसमें महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करने के बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाती हैं। यह रस्म मां को बेटी के रूप में विदाई देने की परंपरा से जुड़ी है। सिंदूर खेला से जुड़ी है विदाई की परंपरा बंगाली समाज में मां दुर्गा को विवाहित बेटी के रूप में देखा जाता है, जो अपने मायके आती हैं। पांच दिन तक पूजा और उत्सव के बाद उनकी विदाई होती है। अंतिम दिन महिलाएं मां दुर्गा के चरणों में सिंदूर अर्पित करती हैं और फिर एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर शुभकामनाएं देती हैं। इसके बाद प्रतिमा विसर्जन के साथ उत्सव का समापन होता है। 1830 के दशक में इंदौर आए थे बंगाली परिवार इंदौर में बंगाली समाज की मौजूदगी का इतिहास करीब दो शताब्दी पुराना है। 1830 के दशक की शुरुआत में पश्चिम बंगाल के चंदन नगर से गणेश चंद्र दास और भगवान चंद्र दत्त इंदौर आए और यहीं बस गए। उस समय इंदौर में सूती कपड़ा उद्योग तेजी से विकसित हो रहा था। कपड़ा मिलों और उनसे जुड़े व्यवसायों में काम करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां आए। होलकर रियासत के दौर में बाहरी लोगों के बसने के अनुकूल माहौल ने भी बंगाली परिवारों को यहां बसने का अवसर दिया। 1918 में शुरू हुआ था दुर्गा उत्सव बंगाली परिवारों की संख्या बढ़ने के साथ इंदौर में दुर्गा पूजा की परंपरा भी शुरू हुई। वर्ष 1918 में बंगाली परिवारों ने अपने स्तर पर नवदुर्गा उत्सव मनाना शुरू किया। इसके बाद 1928 में बंगाली क्लब के बैनर तले सार्वजनिक रूप से शारदीय दुर्गा उत्सव आयोजित करने की परंपरा शुरू हुई। उस समय शहर में 125 से अधिक बंगाली परिवार रहते थे। पहले सार्वजनिक आयोजन के लिए वर्तमान सरवटे बस स्टैंड के सामने स्थित सेठ टीकमचंद मूलचंद की धर्मशाला वाले स्थान को चुना गया था। उस समय यहां खुला मैदान था। दूसरे समाजों के प्रतिष्ठित लोगों ने भी आयोजन में सहयोग दिया। तब से बंगाली समाज दुर्गा उत्सव के जरिए अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ा रहा है।
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भारत से जल्द होगी ट्रेड डील, लेकिन स्ट्रक्चर होगा अलग, ट्रंप ने दिए संकेत
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भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देश समझौते के काफी करीब हैं, हालांकि इस बार डील का स्वरूप अलग हो सकता है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के मुताबिक, समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कुछ तकनीकी पहलुओं पर सहमति बनाना बाकी है और डील अगले कुछ हफ्तों में पूरी हो सकती है. वहीं, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर के बीच भी बातचीत हो चुकी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ट्रेड डील कर सकते हैं.
भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक बड़ी अपडेट दे दी है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौता होगा और बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है. जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत के साथ ट्रेड डील जल्द होने वाली है, तो उन्होंने कहा, ‘हम समझौता करेंगे, यह काफी करीब है. लेकिन इस बार डील का स्वरूप काफी अलग होगा.’ ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है. हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि नई डील में क्या बदलाव होंगे और समझौते पर कब तक मुहर लग सकती है.
हाल ही में, नेटवर्क18 के एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता अब काफी करीब है. इसे अंतिम रूप देने के लिए कुछ तकनीकी फैक्टर्स पर सहमति बनाना बाकी है. मार्को रूबियो के मुताबिक, किसी भी बड़े समझौते की घोषणा से पहले जरूरी है कि दोनों पक्ष हर छोटी-बड़ी बात पर सहमत हों. ऐसा नहीं होना चाहिए कि डील की घोषणा पहले कर दी जाए और बाद में पता चले कि समझौता अभी पूरा नहीं हुआ है.
जल्द हो सकती है डील
मार्को रूबियो ने कहा कि बातचीत अब ऐसे चरण में पहुंच गई है, जहां समझौते की भाषा और उसके मतलब को लेकर दोनों पक्षों की सहमति जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह खुद इस बातचीत में शामिल नहीं हैं, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव की है. हालांकि, वह पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को पूरा होने में अब महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्ते लगेंगे. इस समझौते से भारत को बेहतर टैरिफ दरें मिलने की उम्मीद है. इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बैठक के बाद भारत को तेल रिफाइनरी के क्षेत्र में महाशक्ति बताया.
ट्रेड डील पर हुई कई बैठक
इस महीने की शुरुआत में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जैमिसन ग्रीर से मिलवॉकी और वॉशिंगटन में मुलाकात की थी. इस दौरान भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील की बारीकियों पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने फरवरी में अपने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के पहले चरण का स्ट्रक्चर तैयार करने का ऐलान किया था. हालांकि, बाद में अमेरिका के टैरिफ में बदलाव होने के कारण बातचीत फिर से शुरू करनी पड़ी.
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा था कि समझौते से जुड़े बड़े मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और दोनों देश डील के काफी करीब हैं. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी बातचीत को लेकर उम्मीद जताई थी.
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यशस्वी यादव बिजनेस और फाइनेंस जर्नलिज्म से जुड़ी युवा पत्रकार हैं. उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब तीन साल का अनुभव है. फिलहाल, वह News18 हिंदी के साथ मनी सेक्शन में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. उनका फोक…
कार-वैन में भरकर ले जा रहे थे 66किलो डोडा चूरा: पुलिस से बचने के चक्कर में पिकअप को टक्कर मारी; 2 गिरफ्तार – rajsamand (kankroli) News
राजसमंद में मादक पदार्थों की तस्करी और सप्लाई पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी है। कार्रवाई भीम पुलिस और जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने की है। पुलिस ने NH -58 पर टॉडगढ़ रोड के निकट फुतियाखेड़ा के पास नाकाबंदी के दौरान दो कारों से 66 किलोग्राम डोडा पोस्त चूरा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। तस्करी में यूज ईको और ऑल्टो के-10 कार के साथ मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट, वाहन संबंधी दस्तावेज और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। अब पढ़िए कैसे पकड़ में आई खेप
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बांका में नाबालिग से छेड़खानी की कोशिश: घर से बाजार जाने के लिए निकली थी लड़की, 3 आरोपी गिरफ्तार – Banka News
बांका सदर थाना की पुलिस ने नाबालिग लड़की से छेड़खानी के प्रयास मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनियाडीह गांव निवासी पवन कुमार और राजा कुमार तथा हाहा गांव निवासी अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। बाजार जाने के दौरान आरोपियों ने की थी टिप्पणी पीड़िता बाजार जाने के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान रास्ते में तीन युवकों ने उसे रोककर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और छेड़खानी का प्रयास किया। युवकों की इस हरकत से परेशान होकर लड़की ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद आसपास के लोगों के जुटने की आशंका को देखते हुए तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। मामले की सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार इस संबंध में सदर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि नाबालिग लड़की से छेड़खानी के प्रयास की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की। छापेमारी कर मामले में नामजद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर रही है।
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स्वादिष्ट और मुलायम मेथी पराठों में आता है कड़वा स्वाद, जानिये इसे कम करने के तरीके
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सर्दियों में मेथी के पराठे सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं. इसकी कड़वाहट दूर करने के लिए मेथी पर नमक छिड़कें, हल्का उबालें या आटे में दही, बेसन और मसाले मिलाएं. ताजी मेथी का चुनाव करने से भी पराठे स्वादिष्ट बनते हैं.
मेथी के पराठों का कड़वापन ऐसे करें कम. Image AI
सर्दियों का मौसम आते ही बाजार में ताजी मेथी की भरमार दिखाई देने लगती है. मेथी के पराठे स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि कई लोग मेथी के पराठे इसलिए पसंद नहीं करते क्योंकि उनमें हल्का कड़वापन आ जाता है. खासकर बच्चों को यह स्वाद कम पसंद आता है। अगर आप भी मेथी के पराठे बनाते समय कड़वाहट की समस्या का सामना करते हैं, तो कुछ आसान उपाय अपनाकर इन्हें और भी स्वादिष्ट बना सकते हैं.
मेथी की पत्तियों पर नमक लगाएं
मेथी का कड़वापन कम करने का सबसे आसान तरीका है कि पत्तियों को बारीक काटकर उन पर थोड़ा नमक छिड़क दें. लगभग 15-20 मिनट तक इसे ऐसे ही छोड़ दें. इसके बाद पत्तियों को हल्के हाथ से निचोड़ लें. इससे मेथी का अतिरिक्त कड़वापन काफी हद तक निकल जाता है.
मेथी को हल्का उबाल लें
यदि मेथी ज्यादा कड़वी लग रही हो तो उसे 1-2 मिनट के लिए गर्म पानी में डालकर ब्लांच कर सकते हैं. इसके बाद तुरंत ठंडे पानी में डाल दें. यह तरीका मेथी का रंग भी बनाए रखता है और स्वाद भी बेहतर करता है.
आटे में दही मिलाएं
मेथी के पराठे का स्वाद संतुलित करने के लिए आटा गूंधते समय उसमें थोड़ा दही मिलाएं. दही की हल्की खटास मेथी के कड़वेपन को कम कर देती है और पराठों को मुलायम भी बनाती है.
मसालों का करें सही इस्तेमाल
अजवाइन, सौंफ, धनिया पाउडर और हल्का सा गरम मसाला मिलाने से मेथी का स्वाद और निखर जाता है. ये मसाले कड़वाहट को संतुलित करने में मदद करते हैं और पराठों में शानदार खुशबू लाते हैं.
प्याज और हरी मिर्च डालें
बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और थोड़ा सा अदरक मिलाने से पराठों का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. प्याज की प्राकृतिक मिठास मेथी के कड़वेपन को कम करने में मदद करती है.
थोड़ा बेसन मिलाएं
गेहूं के आटे में 2-3 चम्मच बेसन मिलाने से पराठों का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं. साथ ही मेथी का कड़वापन भी कम महसूस होता है.
ताजी मेथी का ही करें चुनाव
पुरानी और ज्यादा बड़ी पत्तियों वाली मेथी में कड़वाहट अधिक होती है. इसलिए हमेशा कोमल और ताजी हरी पत्तियों वाली मेथी चुनें. इससे पराठे स्वाभाविक रूप से कम कड़वे बनेंगे.
दुनिया में पहली बार ड्रोन से घायल सैनिक का रेस्क्यू: यूक्रेनी सैनिक डेढ़ साल से बॉर्डर पर फंसा था, चारों तरफ बारूदी सुरंगें बिछी थीं
रूस के साथ जंग में यूक्रेन ने घायल सैनिक को बचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। यूक्रेनी सैनिक करीब डेढ़ साल से बारूदी सुरंग वाले इलाके में फंसा था। वहां बचाव दल भेजना खतरनाक था। इसी के चलते आयुडेग-6 नाम के ड्रोन से सैनिक को एयरलिफ्ट किया गया। ड्रोन बनाने वाली युक्रेनी कंपनी गुर्जुफ डिफेंस ने दावा किया है कि किसी घायल सैनिक को इस तरह बचाने का यह दुनिया का पहला मामला है। रेस्क्यू से जुड़ी 2 तस्वीरें ड्रोन के नीचे बांधकर सैनिक को बचाया यूक्रेन की सरकारी सैन्य न्यूज एजेंसी आर्मीइन्फॉर्म के मुताबिक, यह सैनिक 30वीं मैकेनाइज्ड ब्रिगेड का था। रूसी ड्रोन की मौजूदगी और जमीन पर बिछी बारूदी सुरंगों के कारण उसे पैदल या गाड़ी से निकालना खतरनाक था। ऐसे में यूक्रेन की ड्रोन बनाने वाली कंपनी गुरजुफ डिफेंस ने मुफ्त में ड्रोन दिया। सैनिक को एक खास बेल्ट से ड्रोन के नीचे बांधा गया और फिर हवा में उठाकर वहां से निकाला गया। इस दौरान सैनिक की ड्रोन उड़ाने वाले ऑपरेटर से लगातार बातचीत होती रही। हर साल 10 लाख सस्ते ड्रोन बना सकता है यूक्रेन रूस-यूक्रेन जंग में ड्रोन का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। 2023 में पहली बार यूक्रेन ने ड्रोन से मॉस्को पर हमला किया था। शुरुआत में इन हमलों में कम ड्रोन इस्तेमाल होते थे, लेकिन अब यूक्रेन लंबी दूरी तक हमला करने में सक्षम हो गया है। यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन बनाने की क्षमता भी बढ़ाई है। ये अब हर साल करीब 10 लाख सस्ते ड्रोन बना सकता है। यूक्रेन पर रूस के हमले जारी, बिजली ठिकानों को नुकसान 19 अक्टूबर को रूस ने यूक्रेन पर बड़े स्तर पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे। रॉयटर्स के मुताबिक, रूस ने कीव और आसपास के इलाकों की ओर 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा, देश के अलग-अलग हिस्सों में 200 से ज्यादा ड्रोन से हमले किए गए। इन हमलों में बिजली से जुड़े 10 से ज्यादा ठिकानों को नुकसान पहुंचा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुताबिक, हमलों के कारण 5 लाख से ज्यादा घरों की बिजली चली गई। यूक्रेन के कई इलाकों में आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई है। ट्रम्प समझौते के लिए यूक्रेन पर दबाव बना रहे रूस और यूक्रेन के बीच जंग करीब 4 साल से जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि यूक्रेन रूस के साथ युद्ध खत्म करने के लिए समझौता करे। इसी बीच, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने 20 अक्टूबर को नॉर्वे के ओस्लो में जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं से बातचीत की। इसके बाद विटकॉफ के 21 अक्टूबर को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने का कार्यक्रम है। अमेरिका से मदद मिलने में देरी से यूक्रेन परेशान यूक्रेन को रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचने के लिए अमेरिका से मिलने वाली सैन्य मदद की जरूरत है। जेलेंस्की ने हथियारों की सप्लाई में देरी और रूसी मिसाइल हमलों की पहले से जानकारी न मिलने को लेकर चिंता जताई थी। हालांकि मंगलवार को जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बातचीत के बाद यूक्रेन को रूसी मिसाइल हमलों की पहले से जानकारी मिलने की व्यवस्था फिर शुरू हो गई है। —————— यह खबर भी पढ़ें… यूरोप के 6 देशों में शिक्षा-महंगाई पर प्रदर्शन: फ्रांस में आगजनी-लूटपाट, इटली में स्कूलों पर कब्जा किया, ग्रीस में संसद के सामने बैठे आंदोलनकारी यूरोप के 6 देशों में पढ़ाई का बढ़ता खर्च, बेरोजगारी और महंगे घरों के खिलाफ प्रदर्शन तेज हो गए हैं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों ने दुकानों में लूटपाट की और कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी। पूरी खबर पढ़ें…
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शाह बोले- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति: 2029 तक देश नशामुक्त बनाएंगे, नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में 3,600 जवानों ने बलिदान दिया
नई दिल्ली1 घंटे पहले
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शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर जवानों को संबोधित किया।
गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा के सामने लंबे समय से चली आ रही तीन बड़ी चुनौतियों- कश्मीर, नॉर्थ-ईस्ट और नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में अब शांति है। उन्होंने इन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और प्रयासों की सराहना की।
शाह ने नशे के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने की अपील करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पुलिस बलों को मिलकर काम करना होगा।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में शाह ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है और उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

शाह के भाषण की प्रमुख बातें
- नशे से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान: शाह ने कहा कि नशे का कारोबार आने वाली पीढ़ियों को खोखला कर रहा है। इससे अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है और देशविरोधी संगठनों को आर्थिक मदद मिलती है।
- CRPF, CoBRA और छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ: गृह मंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में CRPF और CoBRA बटालियनों के योगदान की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, धैर्य और लगातार किए गए प्रयासों की भी तारीफ की।
- आजादी के बाद 36,852 पुलिसकर्मी शहीद: शाह ने बताया कि आजादी के बाद से अब तक ड्यूटी के दौरान 36,852 पुलिसकर्मी जान गंवा चुके हैं। इनमें इस साल शहीद हुए 154 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिवारों के नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती, लेकिन पूरा देश उनके बलिदान के प्रति आभारी है।
- पुलिसकर्मियों के बलिदान से देश मजबूत हुआ: शाह ने कहा कि आजादी के बाद भारत ने दुनिया में सम्मानजनक स्थान हासिल किया है। इसमें आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने और देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले पुलिस और सुरक्षा कर्मियों के बलिदान का बड़ा योगदान है।

शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
नशे के खिलाफ बाइक रैली रवाना
कार्यक्रम से पहले शाह ने करीब 90 पुलिस राइडर्स की देशव्यापी बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। रैली में CRPF, CISF, BSF, SSB, ITBP और NSG के जवानों के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के कर्मी भी हिस्सा ले रहे हैं।
रैली कई राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां 31 अक्टूबर 2026 को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर आयोजित एकता परेड में राइडर्स शामिल होंगे। इस दिन को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

‘नशे के खिलाफ लड़ाई’ थीम वाली इस रैली में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के राइडर्स शामिल हैं।
21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले का मुकाबला करते हुए 10 CRPF जवान शहीद हुए थे। उन्हीं की याद में यह दिन मनाया जाता है।
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शाह बोले- SIR 2024 में आया,कांग्रेस पहले से हार रही:राहुल के नेतृत्व में 2029 का चुनाव भी हारेगी; विपक्ष के प्रदर्शन के बीच पहला बयान

देश भर में SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने पहली बार बयान दिया। उन्होंने कहा- राहुल गांधी SIR की आड़ में घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। SIR प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि राहुल गांधी के राजनीति में आने के बाद से ही कांग्रेस लगातार चुनाव हार रही है। राहुल 2029 में एक बार फिर करारी हार के लिए तैयार रहें। पूरी खबर पढ़ें…
BSNL का महीने भर चलने वाला सस्ता रिचार्ज, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ मिलेगा 300GB डेटा
BSNL ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए कई सस्ते रिचार्ज प्लान पेश किए हैं। सरकारी कंपनी के पास एक ऐसा ही सस्ता रिचार्ज है, जिसमें पूरे महीने भर की वैलिडिटी मिलती है। साथ ही, इस प्लान में यूजर्स को अनलिमिटेड कॉलिंग, डेटा समेत कई बेनिफिट्स दिए जाते हैं।
महीने भर चलने वाला प्लान
BSNL ने अपने आधिकारिक X हैंडल से इस प्लान के बारे में जानकारी शेयर की है। भारत संचार निगम लिमिटेड का यह रिचार्ज प्लान 349 रुपये में आता है। इस प्रीपेड रिचार्ज प्लान में मिलने वाले बेनिफिट्स की बात करें तो यूजर्स को पूरे भारत में अनलिमिटेड कॉलिंग का लाभ मिलता है। साथ ही, पूरे भारत में फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है।
BSNL का यह प्रीपेड प्लान 300GB हाई स्पीड डेटा के साथ आता है। इसमें कोई डेली डेटा लिमिट नहीं है यानी यूजर्स इस डेटा का लाभ कभी भी ले सकते हैं। साथ ही, यूजर्स को डेली 100 फ्री SMS का भी लाभ दिया जाता है। इस प्रीपेड प्लान में यूजर्स को 28 दिनों की वैलिडिटी मिलती है।
BSNL ने अपने करोड़ों यूजर्स के लिए नया ऑफर पेश किया है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी अपने दो STV रिचार्ज प्लान के साथ 1 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस और साइबर फ्रॉड इंश्योरेंस कवर ऑफर कर रही है। भारत संचार निगम लिमिटेड ने अपने इन दोनों प्लान के साथ वैल्यू एडेड प्रोटेक्शन ऑफर कर रहा है। साथ ही, यूजर्स कइ इनमें कॉलिंग, डेटा समेत कई तरह के बेनिफिट्स मिलेंगे।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी अपने 202 रुपये और 2449 रुपये वाले STV यानी स्पेशल टैरिफ वाउचर्स के साथ यह वैल्यू एडेड प्रोटेक्शन ऑफर कर रहा है। इन दोनों प्लान के साथ नंबर रिचार्ज कराने पर यूजर्स को 1 लाख रुपये का पर्सनल एक्सीडेंटल इंश्योरेंस कवर मिलेगा। साथ ही, 10,000 रुपये का साइबर इंश्योरेंस कवर का लाभ मिलेगा।
पर्सनल एक्सीडेंटल कवर की बात करें तो रोड एक्सीडेंट, बर्न यानी आग से जलने पर, सर्प दंश, बिजली गिरने और इलेक्ट्रिक शॉक लगने पर इस एक्सीडेंटल इंश्योरेंस का लाभ ले सकेंगे। साथ ही, किसी भी तरह का साइबर फ्रॉड होने पर यूजर्स को इसका फायदा मिलेगा। BSNL के ये दोनों प्लान क्रमशः 32 दिन और 365 दिनों की वैलिडिटी के साथ आते हैं।
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महंगी दिवाली: इस बार 30 से 40 प्रतिशत तक महंगे मिलेंगे पटाखे, जेब पर पड़ेगा भारी असर – Harda News
भास्कर संवाददाता| चारूवा दीपावली पर इस बार रोशनी के साथ आतिशबाजी का शौक महंगा पड़ेगा। खिरकिया के पटाखा बाजार में पिछले साल के मुकाबले इस साल पटाखों के दाम 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ने की बात सामने आ रही है। महंगाई का असर त्योहार की खरीदारी पर पड़ सकता है। ग्राहकों को पटाखे खरीदने के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी होगी। कारोबारियों को बिक्री कम होने की चिंता सता रही है। पटाखा व्यवसायी आशिष साकल्ये ने बताया, तमिलनाडु के शिवकाशी में देशभर के लिए बड़े पैमाने पर पटाखों का निर्माण होता है। इस बार चुनाव के कारण वहां करीब छह महीने तक उत्पादन और कामकाज प्रभावित रहने की बात कही जा रही है। इसका असर बाजार में पटाखों की उपलब्धता पर पड़ा है। कीमतों पर भी असर पड़ा है। उत्पादन प्रभावित रहने की अवधि की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। व्यापारियों का कहना है कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले बारूद, रसायन, गत्ता, कागज और सूतली सहित अन्य कच्चे माल की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही परिवहन खर्च बढ़ने से भी पटाखों की लागत में इजाफा हुआ है। कारोबारियों के मुताबिक, लागत बढ़ने का सीधा असर ग्राहकों को मिलने वाले दामों पर दिखाई दे रहा है।
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