Saturday, October 17, 2026
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MLC चुनाव- दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से मैदान में रिंकी: वीमेंस कॉलेज की प्रोफेसर हैं, बोलीं- युवा, महिला मतदाताओं का समर्थन; शिक्षा, रोजगार के लिए काम करुंगी – Samastipur News




समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रिंकी कुमारी दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। शनिवार को समस्तीपुर में प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपनी प्राथमिकताओं और चुनावी एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह छात्रों और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि शिक्षक के रूप में लंबे समय से छात्रों के बीच रहने के कारण वह उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझती हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उनके पास कई योजनाएं हैं। निर्वाचित होने पर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा और रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। कई कॉलेजों में शुरू हो पीजी की पढ़ाई उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। कॉलेजों में खेल मैदान और बेहतर संसाधन की व्यवस्था पर जोर उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगी। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। पिछले दो वर्षों से वह लगातार एमएलसी चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक सम्मेलन के दौरान वास्तु विहार में लोगों ने मिथिला की संस्कृति के अनुसार पाग और चादर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।



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कोटवार बोले-कार्य के बदले मिली भूमि का मालिकाना हक मिले: सरकारी कर्मचारी का दर्जा मांगा, निवाड़ी में किया प्रदर्शन – Niwari News




कोटवारों ने अपनी बरसों पुरानी मांगों को लेकर निवाड़ी जिले के ओरछा तहसील दफ्तर के बाहर जिला स्तरीय सम्मेलन किया और जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कोटवार संघ ने सरकार से मांग रखी कि सेवा के बदले जो जमीन उन्हें मिली हुई है, उस पर उन्हें पूरा मालिकाना हक दिया जाए। कोटवार संघ ने सरकार के सामने मांग रखी कि उन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा मिले और तय तनख्वाह दी जाए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व पंचायत से जुड़े पुराने सरकारी आदेशों को तुरंत लागू करने पर भी जोर दिया। दरअसल, कोटवारों को सरकार काम के बदले सेवा भूमि देती है और अलग से कोई तय तनख्वाह नहीं मिलती। वे इसी जमीन पर खेती-बाड़ी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं। इसीलिए अब वे इस जमीन पर अपना पक्का हक मांग रहे हैं। अकेले निवाड़ी जिले में ही ऐसे 80 कोटवार काम कर रहे हैं। सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश जिला कोटवार संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र कोटवार ने बताया कि वे अपनी वाजिब मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में कोटवारों का साथ देने पटवारी संघ के अध्यक्ष भगवत दांगी, रविंद्र भास्कर और विवेक भास्कर समेत कई बड़े नेता भी पहुंचे।



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दिल्ली में स्वच्छता को बड़ा बूस्ट: सीएम रेखा गुप्ता ने सरिता विहार में हरी झंडी दिखाकर लॉन्च किए MCD के नए संसाधन – New Delhi News




राजधानी में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक तथा सुदृढ़ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को सरिता विहार इलाके में नगर निगम के नए स्वच्छता संसाधनों का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल से शहर के विभिन्न इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सड़कों की सफाई और कूड़े के उठान की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। दिल्ली नगर निगम को मिले आधुनिक मशीनें और वाहन दिल्ली में अब नए स्वच्छता संसाधनों के तहत बेड़े में अत्याधुनिक कचरा संग्रहण गाड़ियां और मैकेनिकल रोड स्वीपिंग से जुड़ी मशीनें शामिल की गई हैं। इन संसाधनों के जुड़ने से अब रिहायशी और कमर्शियल इलाकों से कूड़े का उठान समय पर सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे कूड़े के ढेरों की समस्या से निजात मिलेगी। नए वाहनों और उपकरणों की मदद से निगम के सफाई कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी। स्वच्छ दिल्ली, सुंदर दिल्ली का संकल्प- सीएम इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के इन नए स्वच्छता संसाधनों के आने से राजधानी के कोने-कोने में सफाई व्यवस्था को एक नया आयाम मिलेगा। सीएम ने सफाई कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए नागरिकों से भी अपील की कि वे दिल्ली को स्वच्छ रखने में सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग करें। कचरे को खुले में न फेंकें और सूखे व गीले कचरे को अलग-अलग करके ही निगम की गाड़ियों में दें। स्थानीय जनता और अधिकारियों में उत्साह कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों ने इस पहल का स्वागत किया। लोगों का मानना है कि यदि नए संसाधनों का सही ढंग से संचालन हुआ, तो सरिता विहार सहित आसपास के इलाकों में स्वच्छता के स्तर में और अधिक सुधार आएगा। इस शुभारंभ कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।



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बाहर से न खरीदें केमिकल वाला केचअप, घर पर ऐसे बनाएं टमाटर की चटनी

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बाजार में मिलने वाला टोमैटो केचअप बच्चों से लेकर बड़ों तक, लगभग सभी को पसंद होता है, लेकिन बीते कई महीने से नकली केचअप का भांडाफोड़ हुआ है. अगर आप रोजाना खाने के साथ केचअप खाते हैं, तो घर पर टमाटर की चटनी बनाना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. घर पर चटनी बनाने का फायदा यह है कि आप इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री, नमक, चीनी और मसालों की मात्रा को अपनी पसंद के अनुसार रख सकते हैं. हालांकि, घर की चटनी को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए सही तरीके से पकाना और स्टोर करना जरूरी है. आइए जानते हैं घर पर स्वादिष्ट टमाटर की चटनी बनाने का आसान तरीका.

टमाटर की चटनी बनाने के लिए सामग्री

1 किलो पके हुए लाल टमाटर
100 ग्राम चीनी या स्वादानुसार
2 बड़े चम्मच सिरका
1 छोटा चम्मच नमक या स्वादानुसार
1 छोटा चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
4-5 लहसुन की कलियां
आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
आधा छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
आधा छोटा चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर

घर पर ऐसे बनाएं टमाटर की चटनी

पहला स्टेप: सबसे पहले टमाटरों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें. अब इन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. एक पैन में टमाटर डालकर मध्यम आंच पर पकाएं. टमाटर धीरे-धीरे पानी छोड़ेंगे और नरम होने लगेंगे. बीच-बीच में इन्हें चलाते रहें, ताकि ये पैन के तले में चिपकें नहीं.

दूसरा स्टेप: जब टमाटर पूरी तरह गल जाएं, तो उन्हें ठंडा करके मिक्सर में पीस लें. अगर आपको बाजार के केचअप जैसी चिकनी बनावट चाहिए, तो मिश्रण को छलनी से छान सकते हैं. इससे टमाटर के छिलके और बीज अलग हो जाएंगे.

तीसरा स्टेप: अब पिसे हुए टमाटर को दोबारा पैन में डालें. इसमें चीनी, नमक, अदरक, लहसुन, लाल मिर्च और काली मिर्च मिलाएं. धीमी से मध्यम आंच पर मिश्रण को पकाएं. जब चटनी गाढ़ी होने लगे, तब इसमें सिरका और भुना जीरा पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें.

चौथा स्टेप: चटनी को कुछ देर और पकाएं, जब तक वह मनचाही गाढ़ी न हो जाए. इसके बाद गैस बंद कर दें और चटनी को पूरी तरह ठंडा होने दें. इसे साफ, सूखे और अच्छी तरह साफ किए गए एयरटाइट कंटेनर में भरकर फ्रिज में रखें.

क्या चटनी महीनों तक फ्रेश रह सकती है?

घर की टमाटर की चटनी में बाजार के केचअप की तरह लंबे समय तक सुरक्षित रखने वाले व्यावसायिक फॉर्मूले जरूरी नहीं कि मौजूद हों. इसकी शेल्फ लाइफ टमाटर की अम्लता यानी एसिडिटी, सिरके की मात्रा, पकाने की प्रक्रिया और स्टोरेज पर निर्भर करती है. सिर्फ ज्यादा चीनी या सिरका डाल देने से चटनी महीनों तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं मिलती.

इसे सेफ रखने के लिए चटनी को फ्रिज में रखें, हर बार निकालने के लिए साफ और सूखा चम्मच इस्तेमाल करें और लंबे समय तक रखने के लिए इसे छोटे हिस्सों में फ्रीज करना बेहतर विकल्प हो सकता है. अगर चटनी में फफूंदी अजीब स्मेल या रंग में बदलाव दिखे, तो उसे चखने के बजाय फेंक दें.



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बांग्लादेश के रिजॉर्ट में आग, 10 की मौत: इनमें 6 लोग एक ही परिवार के; बिना फायर सेफ्टी लाइसेंस के रिजॉर्ट चल रहा था




बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले में शनिवार सुबह समुद्र किनारे बने एक रिजॉर्ट में आग लगने से कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के 6 सदस्य शामिल हैं। आग सुबह करीब 7:25 बजे टुपटुप रेस्टो एंड रिजॉर्ट में लगी। तीन मंजिला लकड़ी की इमारत आग में पूरी तरह जलकर खाक हो गई। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। रिजॉर्ट के पास आग से बचाव के इंतजामों की मंजूरी नहीं थी। जून में चेकिंग के दौरान अधिकारियों ने इसे लेकर चेतावनी भी दी थी। शार्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका बांग्लादेश के अखबार प्रोथोम आलो ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। इसके बाद यह आग एयर कंडीशनर में लगी। गैस सिलेंडर में विस्फोट के बाद आग तेजी से पूरी इमारत में फैल गई। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की असली वजह का पता चल सकेगा। आग लगने के समय रिजॉर्ट में करीब 30 लोग मौजूद थे। इनमें से 4 से 5 लोग किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहे। बाकी लोगों के बारे में अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई, पत्नी समेत 5 लोग जल गए तीन मंजिला रिजॉर्ट बांस और लकड़ी से बना था। यह कॉक्स बाजार के लोकप्रिय समुद्र तटीय इलाके कोलातोली के बाहरी हिस्से में स्थित था। यह जगह राजधानी ढाका से करीब 410 किलोमीटर दूर है। रिपोर्ट के मुताबिक अशिकुल इस्लाम अपने परिवार के साथ रिजॉर्ट में छुट्टियां मनाने आए थे। आग लगने पर उन्होंने दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। हालांकि, उनकी पत्नी इसरत जहां मलिहा और परिवार के पांच और लोगों की मौत हो गई। अस्पताल के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक जिन 10 मृतकों की पहचान हुई है, उनमें इसरत जहां मलिहा (30), मिलिता मेहेजाबीन अल्वी (23), लैला जहां नाबिला (27), नफिस्ता मीम (27), फरिहा कबीर (33) और पांच साल का फैजान अहमद शामिल हैं।



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क्या AC, TV, फ्रिज या लैपटॉप एक्सटेंडेड वारंटी में खरीदनी चाहिए? कहीं कंपनी आपको वेवकूफ तो नहीं बना रही


जब भी आप नया एसी, टीवी, फ्रिज, लैपटॉप या अन्य कोई इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम खरीदने जाते हैं तो सेल्समैन आपको एक्सटेंड वारंटी के लिए पिच करते हैं। यही नहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी कई बार आपको एक्सटेंडे वारंटी का ऑफर दिखेगा, जिसके लिए आपसे कुछ एक्स्ट्रा चार्ज लिया जाता है। क्या आपको एक्सटेंड वारंटी लेनी चाहिए? कहीं कंपनियां अपने फायदे के लिए आपको वेवकूफ तो नहीं बना रही है?

क्या है एक्सटेंडेड वारंटी?

एक्सटेंडेड वारंटी वो वारंटी होती है, जो कंपनी की तरफ से किसी प्रोडक्ट पर दी जाने वाली वारंटी को बढ़ाने के लिए लिया जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर आप कोई एसी, टीवी या फ्रिज खरीदते हैं तो उस पर 1 या 2 साल तक का वारंटी कंपनी की तरफ से ऑफर किया जाता है। एक्सटेंडेड वारंटी में आप रेगुलर वारंटी से 1 या 2 साल के लिए अलग एक्स्ट्रा वारंटी ले सकते हैं। कंपनियां कुछ नोमिनल चार्ज लेकर आपको एक्सटेंडेड वारंटी ऑफर करती है।

क्या है एक्सटेंडेड वारंटी के फायदे?

आपको बता दें कि सरकार की तरफ से एक्सटेंडेड वारंटी के लिए कोई भी नियम तय नहीं किया गया है। यह पूरी तरह से कंपनी पर निर्भर करता है कि वो ग्राहक को एक्सटेंडेड वारंटी ऑफर करती है या नहीं करती है। एक्सटेंडेड वारंटी का सबसे बड़ा फायदा ये है कि अगर वारंटी पीरियड में आपका प्रोडक्ट खराब होता है तो उसके लिए आपको सर्विसिंग के लिए चार्ज नहीं देना होगा। साथ ही, कंपोनेंट को कम कॉस्ट पर रिप्लेस किया जाता है। हालांकि, यह भी पूरी तरह से कंपनी पर निर्भर करता है कि वो ग्राहक को क्या ऑफर कर रही है।

कंपनी को क्या होता है फायदा?

आम तौर पर कंपनी को भी एक्सटेंडेड वारंटी से फायदा होता है। आम तौर पर कोई भी प्रोडक्ट इतनी जल्दी यानी वारंटी पीरियड के दौरान खराब नहीं होता है। ऐसे में कंपनियों को ग्राहक से एक्स्ट्रा वारंटी के लिए चार्ज वसूलने का मौका मिल जाता है। साथ ही, ग्राहक कंपनी के सर्विस सेंटर पर प्रोडक्ट रिपेयर करवाने के लिए बंध जाते हैं। वो प्रोडक्ट पुराना होने के बाद भी उसे किसी थर्ड पार्टी सर्विस सेंटर पर रिपेयर नहीं करवाते हैं।

किस बात का रखें ध्यान?

एक्सटेंडेड वारंटी लेने से पहले ग्राहक को यह चेक करना चाहिए कि यह कंपनी की तरफ से ही ऑफर किया जा रहा है या फिर किसी नामी थर्ड पार्टी या रिटेलर की तरफ से ऑफर किया जा रहा है। कई बार सेल्समैन या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ग्राहकों को एक्सटेंडेड वारंटी बेच देते हैं लेकिन जब प्रोडक्ट में कोई दिक्कत आती है तो फिर ग्राहकों को उसे ठीक कराने के लिए चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में ग्राहकों को वारंटी लेने से पहले पूरी तरह से तहकीकात करनी चाहिए।

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पूर्वांचल विवि में सेमेस्टर परीक्षाएं नवंबर से: ऑनलाइन फॉर्म भरने की तैयारी, जौनपुर-गाजीपुर के कॉलेजों के छात्र देंगे परीक्षा – Jaunpur News




वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं नवंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगी। इसमें जौनपुर और गाजीपुर के कॉलेजों के साथ विश्वविद्यालय परिसर के छात्र शामिल होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की तारीख खत्म होने के बाद अब ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख तय होने के बाद प्रस्तावित कार्यक्रम जारी होगा। स्नातक और परास्नातक की परीक्षाएं तीन पालियों में होंगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। अभी फॉर्म भरने और परीक्षा शुरू होने की आधिकारिक तारीखों का एलान नहीं हुआ है। जल्द ही इसकी सूचना जारी होने की संभावना है, जिससे छात्रों को तैयारी में मदद मिलेगी।



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किशोरी ने किया सुसाइड,शादी का दबाव बनाने वाले पर केस: भाई को जान से मारने की धमकी देता था आरोपी, जांच में प्रताड़ना के साक्ष्य मिले – datia News




दतिया में शादी के लिए दबाव बनाया, इनकार करने पर छोटे भाई को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस की मर्ग जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर उनाव थाना पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या के मामले में झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा निवासी शिवजी गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने 22 जून 2026 को गोविंदगढ़ गांव में अपने फूफा के घर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार रात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया। एक साल से फूफा के घर रह रही थी किशोरी पुलिस के अनुसार, किशोरी करीब एक साल से गोविंदगढ़ गांव में अपने फूफा के घर रह रही थी। परिजनों ने बताया कि 8 मई 2025 को शिवजी गुर्जर उसे भगाकर ले गया था। इस मामले में समथर थाने में केस दर्ज हुआ था। बाद में पुलिस ने किशोरी को बरामद किया और आरोपी को जेल भेजा गया। इसके बाद किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। वहां से छुट्टी मिलने पर परिजनों ने उसे गोविंदगढ़ में फूफा के घर भेज दिया था। मोबाइल और कॉल डिटेल से जांच में मिले सुराग परिजनों ने मर्ग जांच के दौरान आरोप लगाया कि किशोरी का पता लगाने के बाद शिवजी गुर्जर ने उसे मोबाइल दिया था। वह उस पर शादी करने का दबाव बनाता था और किशोरी के साथ उसके परिजनों को भी धमकाता था। पुलिस ने किशोरी का मोबाइल जब्त कर साइबर जांच के लिए भेजा। कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के नंबर से किशोरी के फूफा के मोबाइल पर संपर्क किए जाने की जानकारी मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया। थाना प्रभारी अंशुल अरोरा ने बताया कि मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।



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समस्तीपुर- विजायदशमी पर हाउसिंग बोर्ड मैदान में होगा रावण वध: 60 फीट का पुतला बनकर तैयार, 1955 से हो रहा आयोजन; 50 से अधिक जवानों की तैनाती – Samastipur News




समस्तीपुर में विजयादशमी पर रावण वध की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला दशहरा कमेटी की ओर से इस बार 60 फीट के रावण, 55 फीट के मेघनाथ और 50 फीट के कुंभकरण के पुतले का निर्माण कराया गया है। वर्ष 1955 से लगातार रावण वध का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 21 अक्टूबर को हाउसिंग बोर्ड मैदान में रावण दहन किया जाएगा। विजयादशमी के दिन दोपहर एक बजे शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की झांकी के साथ जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शाम करीब पांच बजे हाउसिंग बोर्ड मैदान पहुंचेगा। यहां रावण वध का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सात फीट ऊंचे हनुमान आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। हनुमान करीब 10 फीट लंबी गदा लेकर जुलूस में चलेंगे। इसके अलावा गुरिल्ला के पात्र को भी शामिल किया गया है। आकर्षक झांकियों के साथ विभिन्न वेशभूषा में राक्षसों के पात्र भी लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे। 150 फीट की परिधि में बनेगी लंका नगरी दशहरा कमेटी के अध्यक्ष शाहिल चोपड़ा ने बताया कि इस वर्ष भी झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। झांकी में भगवान राम, लक्ष्मण, शिव और हनुमान के साथ गुरिल्ला तथा विभिन्न वेशभूषा में राक्षसों के पात्र शामिल होंगे। यह झांकी नगर भवन से होते हुए हाउसिंग बोर्ड मैदान पहुंचेगी। रावण वध स्थल पर करीब 150 फीट की परिधि में लंका नगरी का निर्माण किया जाएगा। 60 फीट का बनाया गया रावण कमेटी के संरक्षक विनोद तनेजा ने बताया कि समस्तीपुर में पिछले 71 वर्षों से रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 60 फीट के रावण के अलावा 55 फीट के मेघनाथ और 50 फीट के कुंभकरण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। पुतलों के अंदर तेज आवाज वाले पटाखे लगाए जाएंगे। विजयादशमी की सुबह तीनों पुतलों को हाउसिंग बोर्ड मैदान ले जाकर खड़ा किया जाएगा। भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम पर 8 से 10 लाख से अधिक खर्च जिला दशहरा कमेटी के सचिव मुकेश कटारिया ने बताया कि पहले रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले हाथ से बनाए जाते थे और उस समय काफी कम खर्च आता था। करीब 50 वर्ष पहले इन पुतलों के निर्माण सहित पूरे आयोजन पर लगभग 50 हजार रुपए खर्च होते थे। अब पूरे कार्यक्रम पर करीब 8 से 10 लाख रुपए से अधिक खर्च आता है। पटाखों की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। 50 से अधिक जवानों की होगी तैनाती रावण वध को लेकर हाउसिंग बोर्ड मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। जिला पुलिस के 50 से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा दशहरा कमेटी के वॉलेंटियर भी भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सहायता के लिए मौजूद रहेंगे। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि रावण वध के बाद भीड़ को नियंत्रित तरीके से अलग-अलग दिशाओं में भेजा जाएगा। हाउसिंग बोर्ड मैदान चारों ओर से खुला होने के कारण लोगों को अपने-अपने रास्ते से घर लौटने में सुविधा होगी।



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जियो IPO में लगाने हैं पैसे, कौन कर सकता है अप्लाई और किसे मिलेगा रिजर्व कोटा


नई दिल्‍ली. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्‍टूबर को रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा. इस इश्‍यू को लेकर लोगों में जबरदस्‍त उत्‍साह देखा जा रहा है. ग्रे मार्केट में भी जियो आईपीओ के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-कौन से निवेशक किस कोटे में आवेदन कर सकते हैं और किन खास वर्गों के लिए अलग से शेयर आरक्षित रखे गए हैं. जियो आईपीओ में भी अलग-अलग इन्‍वेस्‍टर्स के लिए कोटा निर्धारित है और रिलायंस शेयरहोल्‍डर्स के लिए अलग से शेयर रखे गए हैं.

आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए कोटा रखा जाता है. इस श्रेणी में कोई भी व्यक्तिगत नागरिक अधिकतम दो लाख रुपये तक की बोली लगा सकता है. जियो आईपीओ का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपये है. एक लॉट में 12 शेयर हैं. इस तरह रिटेल निवेशकों के लिए अपर प्राइस बैंड के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू में एक लॉट का न्यूनतम मूल्य 13,428 रुपये तय किया गया है. रिटेल निवेशक अपनी सुविधा अनुसार न्यूनतम एक लॉट से लेकर अधिकतम 14 लॉट तक के लिए बोली लगा सकते हैं.

एचएनआई कोटा

दो लाख रुपये से ऊपर की पूंजी लगाने वाले निवेशकों को नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई की श्रेणी में रखा जाता है. इसमें दो अलग-अलग उप-श्रेणियां बनाई गई हैं ताकि पूंजी के आकार के हिसाब से निष्पक्ष आवंटन हो सके. पहली उप-श्रेणी स्मॉल एचएनआई की है, जिसमें 15 लॉट यानी 180 शेयरों से लेकर अधिकतम 74 लॉट यानी 888 शेयरों तक के लिए बोली लगाई जा सकती है. इसके लिए 2,01,420 रुपये से लेकर 9,93,672 रुपये तक की पूंजी आवश्यक होती है.

दूसरी उप-श्रेणी बिग एचएनआई की है, जहां 75 लॉट यानी 900 शेयरों से बोली की शुरुआत होती है और इसके लिए कम से कम 10,07,100 रुपये का निवेश करना अनिवार्य है. इसके अलावा बैंक, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों जैसे बड़े संस्थागत खरीदारों के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा अलग से निर्धारित होता है.

रिलायंस शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ का रिजर्व कोटा

जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के कुल इश्यू में से रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आरक्षित कोटा रखा गया है. इस कोटे में वे निवेशक आवेदन कर सकते हैं जिनके डीमैट खाते में तय कट-ऑफ तारीख तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मौजूद थे. शेयरधारक श्रेणी के तहत पात्र निवेशक अधिकतम दो लाख रुपये तक की बोली लगा सकते हैं.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक पात्र शेयरधारक इस रिजर्व कोटे के साथ-साथ रिटेल या एनआईआई श्रेणी में से किसी एक में अलग से भी एक बोली लगा सकता है. ऐसा करने पर ऑफर दस्तावेजों के मुताबिक दोहरा आवेदन नहीं माना जाएगा. भारतीय शेयर बाजार के टी-प्लस-वन सेटलमेंट नियमों के तहत पात्रता की कट-ऑफ तारीख 14 अक्टूबर निर्धारित थी. जिसके लिए 13 अक्टूबर तक शेयर खरीदना जरूरी था.

कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ के शेयर रिजर्व

जियो आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सहायक इकाइयों के पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर अलग से आरक्षित किए हैं. इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी अधिकतम पांच लाख रुपये तक के शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं. इसके लिए आवेदन फॉर्म भरते समय कर्मचारी कोटा चुनना होगा.

बैंक फंड ब्लॉकिंग और लिस्टिंग टाइमलाइन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में भाग लेने के लिए निवेशक अपने बैंक के एएसबीए पोर्टल, ब्रोकरेज ट्रेडिंग ऐप या यूपीआई मैंडेट के जरिए 19 अक्टूबर से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. आईपीओ में आवेदन करते ही पैसे क खाते से नहीं कटते, बल्कि अकाउंट में ही ब्लॉक हो जाते हैं. यदि शेयर मिल जाए तो राशि खाते से कट जाती है, जबकि अलॉटमेंट न मिलने की स्थिति में ब्लॉक फंड रिलीज हो जाता है. आईपीओ बंद होने के तीन दिनों के भीतर सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)



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