नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नागौर जिले के जायल थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है।
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टीम ने नागौर से जयपुर ले जाई जा रही 5 किलो 400 ग्राम MDMA की खेप बरामद कर एक कार जब्त की।
कार्रवाई के दौरान विधि से संघर्षरत एक बालक को निरुद्ध किया गया। बरामद MDMA की अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 1 करोड़ 62 लाख रुपए बताई गई है।
जयपुर पहुंचने से पहले ही पकड़ी नशे की खेप
ANTF के अनुसार यह MDMA की खेप नागौर से जयपुर सप्लाई के लिए ले जाई जा रही थी। तस्करों की योजना जयपुर पहुंचकर इसे अलग-अलग पार्टियों से जुड़े ग्राहकों तक पहुंचाने की थी।
टीम को तस्करी की सूचना मिलने के बाद संदिग्ध वाहन की निगरानी शुरू की गई और उसका पीछा किया गया।
सूचना के आधार पर टीम ने दुगौली गांव में खारी-जोघा जाने वाली सड़क पर देव नारायण बगीची के सामने नाकाबंदी की।
इसी दौरान TUV 300 कार नंबर RJ21UC2898 आती दिखाई दी। कार को रोकने पर चालक युवक घबरा गया। स्थानीय पुलिस को मौके पर बुलाकर कार की तलाशी ली गई।
सीट के नीचे छिपाकर रखा था MDMA
तलाशी के दौरान कार की खाली सीट के नीचे सफेद रंग का प्लास्टिक का कट्टा मिला। इसे खोलने पर हरे रंग की पांच प्लास्टिक थैलियां मिलीं।
जिनमें MDMA बरामद हुआ। पुलिस ने MDMA और तस्करी में इस्तेमाल कार को जब्त कर विधि से संघर्षरत बालक को निरुद्ध कर लिया।
पूछताछ में सामने आया सप्लाई नेटवर्क
पूछताछ में बालक ने MDMA सालासर/मालास, थाना मेडतारोड़, नागौर से प्राप्त करना बताया। उसे सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन ऐप के जरिए रोटू से धुड़िला गांव की ओर आने के लिए कहा गया था।
धुड़िला गांव के पास सालासर/मालास का तस्कर उससे मिला और MDMA से भरा कट्टा देकर चला गया। इसके बाद बालक खेप लेकर जयपुर की ओर रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में नाकाबंदी के दौरान पकड़ा गया।
मोबाइल में मिले 16 लाख रुपए के लेनदेन के सुराग
ANTF ने बालक के कब्जे से मिले मोबाइल को जांच के लिए सुरक्षित रखा है। मोबाइल में मौजूद एक अकाउंटिंग/खाताबुक ऐप में ‘SD MUTH’ नाम से करीब 16 लाख रुपए के लेनदेन का हिसाब मिला।
बालक ने पूछताछ में इन लेनदेन को अपने तस्कर दोस्त से अवैध मादक पदार्थ से संबंधित बताया। पुलिस अब सप्लायर, परिवहन में सहयोग करने वाले लोगों और आगे की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
ANTF महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि टीम का उद्देश्य केवल मादक पदार्थ बरामद करना नहीं, बल्कि इसके सप्लाई स्रोत, मुख्य सप्लायर, रिसीवर और पूरे तस्करी नेटवर्क तक पहुंचना है।
कार्रवाई में ANTF टीम के साथ जायल थाना पुलिस की भी विशेष भूमिका रही।
10 महीने में करीब 197 किलो MDMA पकड़ी
ANTF के अनुसार गठन के बाद महज 10 महीनों में करीब 196.76124 किलो MDMA बरामद की जा चुकी है और तस्करी से जुड़े सरगनाओं को जेल भेजा गया है।





