Friday, September 11, 2026
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सती माता मंदिर जीर्णोद्धार के लिए 1.51 लाख: गट्टानी दंपती ने धार्मिक कार्यक्रम के दौरान पेश की सेवा की मिसाल – Didwana-Kuchaman News




डीडवाना में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कैलाश चंद्र गट्टानी और उनकी पत्नी पुष्पा देवी ने सती माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 1 लाख 51 हजार रुपए का सहयोग दिया। गट्टानी परिवार डीडवाना की ओर से शहर स्थित गट्टानियों की बगीची, बालाजी मंदिर और मुक्तिधाम परिसर में धार्मिक आयोजन एवं भजन संध्या रखी गई। दंपती के इस सेवा भाव की मौजूद श्रद्धालुओं ने सराहना की और इसे धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा की प्रेरणादायक पहल बताया। पूजा-अर्चना और भजनों से भक्तिमय हुआ परिसर धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं और महिलाओं ने सती माता मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। माता की मूर्ति पर चुनरी चढ़ाई गई और चरणों में फूल अर्पित किए गए। इसके बाद मंगल गीतों और भजनों के साथ आरती की गई। भजनों की गूंज से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आस्था जब सेवा से जुड़ी तो बना प्रेरणादायक संदेश कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने कहा कि धार्मिक आस्था जब सेवा और समाज के हित से जुड़ती है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। सती माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए गट्टानी दंपती की ओर से किया गया आर्थिक सहयोग इसी भावना का उदाहरण है। परिवार के सदस्यों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे कार्यक्रम में अरुण गट्टानी, विनोद गट्टानी, रामावतार गट्टानी, रमेश गट्टानी, यश गट्टानी, नारायण गट्टानी, गीता देवी, गायत्री देवी, हेमलता, बेनी गोपाल, दिनेश, देवेश, दिव्या, लक्ष्मी, राधिका गट्टानी, युविका और प्रीति गट्टानी समेत परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। इनके साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। सभी ने माता के चरणों में सिर झुकाकर क्षेत्र और समाज की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।



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टावर कर्मी को बंधक बनाने वाले अज्ञात लोगों पर FIR: नेटवर्क न आने से नाराज ग्रामीणों ने बंधक बनाकर वीडियो किया था वायरल – Fatehpur News




उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में मोबाइल नेटवर्क न आने से नाराज ग्रामीणों ने एक टावर कर्मी को बंधक बना लिया था। ग्रामीणों ने इसका वीडियो भी वायरल कर दिया। पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर टावर कर्मी को छुड़ाया। इस मामले में शुक्रवार को पुलिस ने टावर कर्मी आदित्य भान सिंह की शिकायत पर अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज की है। कोतवाली प्रभारी शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। यह घटना बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव की है। गुरुवार शाम करीब 5 बजे मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने एक निजी मोबाइल कंपनी के टावर कर्मी को बंधक बना लिया। ग्रामीणों ने कर्मी को मोबाइल टावर से बांध दिया था। इस दौरान किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर टावर कर्मी को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया। गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है बताया गया कि हरदौली गांव में करीब दो साल पहले एक निजी मोबाइल कंपनी का टावर लगाया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि टावर शुरू होने के बाद गांव और आसपास के इलाके में मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो साल बीत जाने के बाद भी गांव में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। नेटवर्क न आने से ग्रामीणों को फोन करने और इंटरनेट चलाने में परेशानी होती है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी थी। टावर कर्मी के गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और टावर से बांध दिया। कर्मी काफी देर तक ग्रामीणों के बीच बंधक बना रहा। इसी दौरान किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।



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फाइनेंस कंपनियों के नाम पर ठगी करने वाले 2 गिरफ्तार: नवादा में 4 मोबाइल बरामद, रिलायंस-बजाज समेत कई कंपनियों के नाम पर करते थे ठगी – Nawada News




नवादा में करोड़ों की ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। नवादा जिले के काशीचक प्रखंड के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने यह एक्शन लिया। शाहपुर थानाध्यक्ष आशुतोष पांडे के नेतृत्व में पार्वती गांव में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी रिलायंस फाइनेंस, बजाज फाइनेंस और इस्लामी फाइनेंस समेत कई अन्य फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने दोनों आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा थानाध्यक्ष को साइबर ठगी की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने खुद पुलिस टीम के साथ छापेमारी शुरू की। पुलिस के पहुंचते ही दोनों आरोपी मौके से भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलीप रजक के बेटे शंकर कुमार और रंजन कुमार के बेटे नीतीश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, नीतीश कुमार नालंदा जिले का रहने वाला है, जबकि दोनों आरोपी पार्वती गांव में बैठकर साइबर फ्रॉड की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और डाटा शीट बरामद किए हैं। पुलिस को शक है कि इन उपकरणों और डाटा के जरिए बड़े पैमाने पर लोगों को फाइनेंस के नाम पर झांसा देकर ठगी की जाती थी। पुलिस की कार्रवाई लगातार रहेगी जारी थानाध्यक्ष आशुतोष पांडे ने बताया कि दूसरे जिले से आकर नवादा में बैठकर साइबर अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने बताया कि ये साइबर अपराधी लोन दिलाने के नाम पर लोगों को लिंक भेजते थे। लिंक भेजने के बाद मोबाइल हैक कर लेते थे और फिर ठगी करते थे।



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दतिया में तेज गर्मी के बाद फिर हुई बारिश: उमस से मिली राहत, अगले कुछ दिन और बारिश की संभावना – datia News




दतिया में तीन दिन से तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान शहरवासियों को शुक्रवार को राहत मिली। सुबह कुछ देर धूप खिली, लेकिन इसके बाद आसमान में बादल छा गए। दोपहर में पहले झमाझम बारिश हुई और फिर रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। बारिश के साथ मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश थमने के बाद बढ़ गई थी उमस पिछले दो-तीन दिनों से बारिश का दौर थम गया था और तेज धूप निकल रही थी। इसके कारण दिनभर उमस और गर्मी से लोग परेशान रहे। शुक्रवार को अचानक मौसम बदला और बारिश शुरू होने से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक दतिया और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। विभाग ने मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। सामान्य बारिश से 150.65 मिमी कम बारिश दतिया जिले में 1 जून से 11 सितंबर 2026 तक कुल 720.15 मिमी बारिश दर्ज हुई है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 870.8 मिमी है। इस हिसाब से अब तक सामान्य बारिश से 150.65 मिमी कम वर्षा हुई है। जिले में अब तक सामान्य औसत का करीब 82.7 प्रतिशत बारिश हुई है। किस तहसील में कितनी बारिश दतिया: 871.6 मिमी, सामान्य का 98.6 प्रतिशत भांडेर: 793 मिमी, सामान्य का 88.2 प्रतिशत सेवढ़ा: 560 मिमी, सामान्य का 67.5 प्रतिशत इंदरगढ़: 496 मिमी, सामान्य का 59.8 प्रतिशत



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मद्रास मिल्स से उडुपी कैफे तक…देहरादून में फिल्टर कॉफी के ये 5 बेस्ट ठिकाने

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Filter Coffee Dehradun : देहरादून में चाय का दबदबा हमेशा से रहा है, लेकिन अब पारंपरिक दक्षिण भारतीय फिल्टर कॉफी धीरे-धीरे यहां के लोगों के दिलों में जगह बना रही है. चाय की पत्तियों को पानी और दूध के साथ उबाला जाता है, दूसरी तरफ फिल्टर कॉफी डिक्रॉक्शन पद्धति से बनाई जाती है. फिल्टर कॉफी अपने कड़वे-मीठे स्वाद और तीखी सुगंध के साथ बदन में तुरंत ताजगी भरती है. आप देहरादून के राजपुर रोड पर ‘अधीर एंड अप्पा कॉफी’ में असली दक्षिण भारतीय स्वाद का मजा ले सकते हैं. यहां का माहौल और परोसने का तरीका लोगों को दक्षिण भारत के कैफे का अनुभव कराता है. क्लेमनटाउन का ‘श्री उत्सव रेस्टोरेंट’ भी अपनी फिल्टर कॉफी के लिए मशहूर है.

राजपुर रोड, पलटन बाजार और वसंत विहार जैसे प्रमुख इलाकों के कैफे में यह कॉफी अपने ऑथेंटिक टेस्ट के साथ परोसी जा रही है. पीतल या स्टील के पारंपरिक डबरा-सेट में गर्मागर्म मिलने वाली यह कॉफी न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसे पीने का अपना एक अलग सांस्कृतिक अंदाज भी है.

फिल्टर कॉफी का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी विशेष निर्माण प्रक्रिया है, जो इसे नियमित चाय से बिल्कुल अलग और खास बनाती है. जहां चाय की पत्तियों को पानी और दूध के साथ सीधे उबाला जाता है, वहीं फिल्टर कॉफी को ‘डिक्रॉक्शन’ पद्धति से तैयार किया जाता है. ताजी पिसी हुई कॉफी बीन्स को विशेष फिल्टर में रखकर धीरे-धीरे गर्म पानी से छाना जाता है, जिससे इसका गाढ़ा रस तैयार होता है.

इस तैयार गाढ़े डिकॉक्शन को फिर उबलते हुए मलाईदार दूध और स्वादानुसार चीनी के साथ मिलाया जाता है. इसके बाद इसे बर्तन से डबरा में काफी ऊंचाई से उछालकर मिलाया जाता है, जिससे इसके ऊपर एक बेहतरीन झाग बन जाता है. चाय जहां आपको एक हल्की और राहत देने वाली चुस्की का अहसास कराती है, फिल्टर कॉफी अपने कड़वे-मीठे स्वाद और तीखी सुगंध के साथ तुरंत ताजगी भर देती है.

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फिल्टर कॉफी में इस्तेमाल होने वाली कॉफी बीन्स में चिकोरी मिलाई जाती है, जो इसके गाढ़ेपन और सुगंध को बढ़ा देती है. चिकोरी की वजह से इसका स्वाद चाय के मुकाबले काफी तीखा और लंबे समय तक जुबान पर टिकने वाला होता है. यही वजह है कि देहरादून में चाय के शौकीन भी जब एक बार इस झागदार फिल्टर कॉफी का स्वाद चख लेते हैं, तो इसके अनूठेपन के कायल हो जाते हैं.

अगर आप देहरादून के राजपुर रोड पर हैं, तो ‘अधीर एंड अप्पा कॉफी’ में असली दक्षिण भारतीय स्वाद का मजा ले सकते हैं. यह जगह अपने प्रामाणिक डिकॉक्शन और पारंपरिक फिल्टर कॉफी के लिए कॉफी प्रेमियों के बीच काफी मशहूर है. यहां का माहौल और परोसने का तरीका लोगों को सीधे दक्षिण भारत के कैफे का अनुभव कराता है.

सहारनपुर मार्ग सुभाष नगर क्षेत्र में स्थित ‘मद्रास प्रीमियम कॉफी’ भी शहर के कॉफी प्रेमियों के बीच बेहद मशहूर आउटलेट बन चुका है. इसके अलावा, इसी मार्ग पर मौजूद ‘उडुपी कैफे’ के आउटलेट्स पर भी पारंपरिक साउथ इंडियन फिल्टर कॉफी का मजा लिया जा सकता है.

क्लेमनटाउन के टर्नर रोड स्थित ‘श्री उत्सव रेस्टोरेंट’ भी अपने ग्राहकों को उम्दा और प्रामाणिक फिल्टर कॉफी परोसने के लिए जाना जाता है. दक्षिण भारतीय व्यंजनों के शौकीन लोग यहां खासतौर पर कॉफी की चुस्कियां लेने पहुंचते हैं. शाम को यहां का माहौल देखने लायक होता है. कॉफी के दीवाने यहां दूर-दूर से आते हैं.

चकराता रोड पर स्थित ‘मद्रास मिल्स’ भी फिल्टर कॉफी के मुरीदों के लिए एक बेहतरीन ठिकाना है. देहरादून के ये तमाम आउटलेट्स चाय की संस्कृति वाले इस शहर में दक्षिण भारतीय कॉफी का स्वाद घोलकर लोगों को एक नया और ऑथेंटिक जायका दे रहे हैं.

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चीन में आय में असमानता बढ़ी, माओ की किताबें लोकप्रिय: नौकरी और बढ़ती स्पर्धा से परेशान जेन-जी इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे




आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग (माओ जेदांग) की मृत्यु के 50 साल बाद उनकी किताबें और भाषण फिर चर्चा में हैं। खासकर जेन-जी और युवा प्रोफेशनल के बीच। वजहें साफ हैं। अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी है। नौकरियों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। शिक्षा और रोजगार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। आय असमानता की चिंता बढ़ी है। ऐसे में कुछ युवा माओ की रचनाओं को सिर्फ राजनीतिक दस्तावेज नहीं मान रहे। वे इसे संघर्षों से निपटने का तरीका मान रहे हैं। चीनी मीडिया की रिपोर्टों के मुताबिक, माओ के विचार कई युवाओं के लिए ‘संकट से निपटने की ताकत का स्रोत’ बन रहे हैं। यह वापसी इसलिए भी खास है, क्योंकि जेन-जी माओ को निजी स्मृति की तरह नहीं जानती। वह उन्हें इतिहास के एक बड़े किरदार की तरह देखती है। उनके शब्दों को आज के दबाव के हिसाब से नए अर्थ में पढ़ती है। भविष्य को लेकर अनिश्चितता से जूझ रहे युवाओं का बड़ा वर्ग माओ के पुराने विचारों को आज की मुश्किलों को समझने, उनसे जूझने और समाधान खोजने के तौर पर देख रहा है। मार्क्स ऑफ माओत्से तुंग’ रही। यह किताब सबसे ज्यादा बिकी भी है। वहीं, ई-कॉमर्स साइट ताओबाओ पर माओ के चित्रों और विचारों वाले 20,000 से ज्यादा मग बिक चुके हैं। सोशल मीडिया पर माओ के भाषणों और लेखों को नौकरी, निजी संघर्ष और रिश्तों की समस्याओं से जोड़कर पेश किया जा रहा है। ऑनलाइन रीडिंग ग्रुप और एआई से बने ऑडियो-वीडियो भी युवा पीढ़ी तक पहुंच रहे हैं। युवाओं को माओ में ऐसा क्या मिल रहा एडिलेड यूनिवर्सिटी के चीनी अध्ययन के प्रोफेसर मोबो गाओ के अनुसार, कड़ी प्रतिस्पर्धा, संपत्ति की असमानता और रोजगार की सीमित संभावनाओं के बीच कुछ युवाओं को माओ के वर्ग और संघर्ष से जुड़े विचार अपने अनुभवों को समझने का तरीका दे सकते हैं। जेन-जी के लिए माओ एक ऐतिहासिक नेता से ज्यादा ऐसे व्यक्ति हैं, जिसके लेखन में मुश्किल हालात से लड़ने और असफलता के बाद आगे बढ़ने की बातें खोजी जा सकती हैं। गाओ कहते हैं कि जेन-जी माओ के कार्यों को जीवन की चुनौतियों से निपटने की गाइडबुक के रूप में पढ़ रहे हैं, न कि राजनीतिक दस्तावेज के तौर पर। अमेरिका से तनाव बढ़ा तो माओ के विचार फिर वायरल हुए – माओ ने 1946 में कहा था कि साम्राज्यवाद और परमाणु बम ‘पेपर टाइगर’ हैं- यानी वे ऊपर से खतरनाक लगते हैं, लेकिन असल में कमजोर हैं। हाल के ​वर्षों में जब अमेरिका से व्यापार तनाव बढ़ा तो माओ के साम्राज्यवाद संबंधी ‘पेपर टाइगर’ जैसा विचार चीन के सोशल मीडिया पर प्रमुखता से छाया रहा। -1938 में लिखी माओ की किताब ‘ऑन प्रोट्रैक्टेड वॉर’ के संदर्भ भी ऑनलाइन चर्चा में रहे। इससे माओ की छवि के दो पहलू सामने आते हैं- एक ओर निजी मुश्किलों में संघर्ष का प्रतीक और दूसरा- बाहरी दबाव के सामने चीन की ताकत और राष्ट्रीय स्वतंत्रता का प्रतीक। यह युवाओं को लुभा रहा है।



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Poco X8, Poco X8 Power की सेल, हजारों रुपये सस्ता मिलेगा 10000mAh बैटरी वाला फोन


Highlights

  • Poco X8 सीरीज को पिछले सप्ताह भारत में लॉन्च किया गया है।
  • यह कंपनी की पहली सीरीज है, जिसमें 10,000mAh तक की बैटरी मिलती है।
  • पहली सेल में पोको के फोन खरीदने पर हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं।

Poco X8 सीरीज की सेल भारत में शुरू हो गई है। पोको की यह सीरीज पिछले सप्ताह लॉन्च हुई है। इस सीरीज में कंपनी ने दो फोन Poco X8 और Poco X8 Power लॉन्च किया है। ये दोनों फोन बड़ी बैटरी के साथ आते हैं। इस सीरीज में 10,000mAh बैटरी के साथ पोको ने पहला फोन भारत में पेश किया है। पहली सेल में कंपनी फोन की खरीद पर दमदार ऑफर दे रही है।

पहली सेल में ऑफर

Poco X8 को कंपनी ने तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 6GB RAM + 128GB, 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत 29,999 रुपये है। वहीं, फोन के अन्य दोनों वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 32,999 रुपये और 35,999 रुपये है। इसे Fiery Orange, Black और Frost White कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकता है।







Poco X8 लॉन्च प्राइस कूपन डिस्काउंट बैंक ऑफर इफैक्टिव प्राइस
6GB + 128GB 29,999 रुपये 2,000 रुपये 1,000 रुपये 26,999 रुपये
8GB + 128GB 32,999 रुपये 2,000 रुपये 1,000 रुपये 29,999 रुपये
8GB + 256GB 35,999 रुपये 2,000 रुपये 1,000 रुपये 32,999 रुपये

वहीं, Poco X8 Power को कंपनी ने दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 128GB और 8GB RAM + 256GB में पेश किया है। इसकी शुरुआती कीमत 35,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 38,999 रुपये में आता है। यह फोन ब्लैक और यैलो कलर ऑप्शन में आता है। पोको की यह सीरीज ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट से खरीदी जा सकती है। इसकी खरीद पर 2,000 रुपये का कूपन और 1,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिलेगा।






Poco X8 Power लॉन्च प्राइस कूपन डिस्काउंट बैंक ऑफर इफैक्टिव प्राइस
8GB + 128GB 35,999 रुपये 2,000 रुपये 1,000 रुपये 32,999 रुपये
8GB + 256GB 38,999 रुपये 2,000 रुपये 1,000 रुपये 35,999 रुपये

Poco X8, Poco X8 Power के फीचर्स

पोको के ये दोनों फोन 6.83 इंच के 1.5K AMOLED डिस्प्ले के साथ आता है। इन दोनों फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और HDR10+ को सपोर्ट करता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1280 x 2772 पिक्सल है। वहीं, इसकी पीक ब्राइटनेस 3500 निट्स तक की है। ये दोनों फोन IP66 + IP68 + IP69 और IP69K रेटिंग को सपोर्ट करते हैं। डिस्प्ले की प्रोटेक्शन के लिए कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास विकटस 2 मिलता है।










  Poco X8 Power Poco X8
डिस्प्ले 6.83 इंच, 120Hz, AMOLED 6.83 इंच, 120Hz, AMOLED
प्रोसेसर Qualcomm Snapdragon 6 Gen 5 Qualcomm Snapdragon 6s Gen 4
स्टोरेज 8GB + 256GB 8GB + 256GB
बैटरी 10000mAh, 100W 9000mAh, 67W
कैमरा 50MP + 8MP, 32MP 50MP + 2MP, 16MP
OS Android 16, HyperOS 3 Android 16, HyperOS 3

Poco X8 Power में Qualcomm Snapdrahgon 6 Gen 5 और Poco X8 में Qualcomm Snapdragon 6s Gen 4 दिया गया है। ये दोनों फोन 8GB रैम और 256GB तक स्टोरेज सपोर्ट के साथ आते हैं। ये Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 पर काम करते हैं। इस सीरीज के Poco X8 Power में 10,000mAh की बैटरी मिलती है। इसके साथ 100W वायर्ड फास्ट चार्जिंग मिलता है। वहीं, Poco X8 में 9,000mAh की बैटरी दी गई है। इसके साथ 67W फास्ट चार्जिंग फीचर दिया गया है।

ये दोनों फोन डुअल कैमरा सेटअप के साथ आते हैं। Poco X8 में 50MP का मेन OIS और 2MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया गया है। वहीं, इसमें 16MP का सेल्फी कैमरा मिलता है। वहीं, Poco X8 Power में 50MP का मेन OIS कैमरा दिया गया है। इसके साथ 8MP का अल्ट्रा वाइड कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 32MP का कैमरा मिलता है।

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वाराणसी के आसमान में छाए बादल, बारिश का पूर्वानुमान: सुबह से ही 30 डिग्री है तापमान, स्थिर हुआ गंगा का जलस्तर – Varanasi News




वाराणसी में एक बार फिर गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। वहीं शुक्रवार को वाराणसी के आसमान में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। सुबह 8 बजे तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया है। वहीं 14 किलमीटर प्रतिघंटा की रफ़्तार से हवा चल रही है। वहीं गंगा और वरुणा के तटवर्ती इलाकों में लोगों की दिक्कतें बढ़ रही हैं। आसमान में छाए काले बादल वाराणसी में शुक्रवार को सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। देर रात हुई बारिश के बाद मौसम खुशनुमा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार वाराणसी में आज रुक-रुक के बारिश होगी। वहीं अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक जाने का अनुमान है। आज हवा 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हैं। वहीं मौसम में नमी 79 प्रतिशत दर्ज की गई है। रात 8 बजे से रुक गया गंगा में बढ़ाव केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार रात 8 बजे से एक बार फिर गंगा जी का जलस्तर बढ़ना रुक गया है। गंगा इस समय 69.33 मीटर पर बह रही हैं। सुबह 8 बजे तक गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। वहीं तटवर्ती इलाकों अभी भी कई स्थानों पर पानी अभी भी लगा हुआ है। जिससे लोग मकानों को छोड़कर शिविरों में रहने को बाध्य हैं। 877 परिवार बाढ़ से प्रभावित जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ से अभी 877 परिवार वाराणसी में प्रभावित हैं। इनमे वरुणा और गंगा दोनों से प्रभावित परिवार हैं। जिन्हे राहत शिविरों में रखा गया है। वहीं कुछ लोग अपने प्राइवेट रूम लेकर रह रहे हैं। गंगा और वरुणा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी के 24 गांव और शहरी क्षेत्र के 16 मोहल्ले डूबे हुए हैं। जहां से लोग पलायन कर रहे हैं।



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शहरी सरकार का चुनाव: प्रत्याशी ने महिलाओं के पैर छूकर मांगे वोट – Rajasthan News




जयपुर नगर निगम के चुनाव में शुक्रवार को प्रत्याशी वोटर्स के पैर पकड़ते नजर आया। वार्ड-27 में महात्मा गांधी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बाढ़ पितावास में मतदान केंद्र पर बीजेपी प्रत्याशी शंकर लाल यादव ने महिला वोटर्स के पैर छूकर वोट मांगे। पूरा वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।



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विनेश फोगाट को दिल्ली HC ने दिया बड़ा झटका, नहीं ले पाएंगी वर्ल्ड चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा

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न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने देर रात जारी अंतरिम आदेश में कहा कि इस स्तर पर अदालत 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में फोगाट को हिस्सा लेने की अनुमति देने के लिए पात्रता मानदंड में अंतरिम छूट देने के पक्ष में नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ड ने गुरुवार को रेसलर विनेश फोगाट को 2026 सीनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए होने वाले विमेंस सिलेक्शन ट्रायल में भाग लेने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने देर रात जारी अंतरिम आदेश में कहा कि इस स्तर पर अदालत 14 सितंबर को होने वाले चयन ट्रायल में फोगाट को हिस्सा लेने की अनुमति देने के लिए पात्रता मानदंड में अंतरिम छूट देने के पक्ष में नहीं है।

अदालत ने कहा, ”दोहराया जाता है कि 7 सितंबर 2026 के सर्कुलर में निर्धारित मानदंड सभी खिलाड़ियों पर समान रूप से लागू होते हैं। कोई खिलाड़ी जिसने किसी भी कारण से निर्धारित प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया है प्रतिवादी संख्या 1 (भारतीय कुश्ती महासंघ) द्वारा निर्धारित पात्रता श्रेणियों में नहीं आता। ”

उच्च न्यायालय ने यह आदेश पहलवान फोगाट की उस याचिका को खारिज करते हुए दिया जिसमें उन्होंने मातृत्व अवकाश से लौटने के बाद 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के महिला चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी।

अदालत ने कहा कि गर्भावस्था, बच्चे के जन्म और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ से जुड़ी फोगाट की परिस्थितियों पर नीति की वैधता की जांच करते समय विचार करना जरूरी होगा। हालांकि, अंतरिम चरण में केवल इन परिस्थितियों के आधार पर उन्हें पात्रता मानदंड के विपरीत चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

अदालत ने कहा कि ”नीति की वैधता पर पहले फैसला किए बिना केवल याचिकाकर्ता को ऐसी अंतरिम राहत देना उन समान परिस्थितियों वाले खिलाड़ियों के साथ असमान व्यवहार का कारण बन सकता है जो इस अदालत के समक्ष नहीं हैं।”

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने सर्कुलर की वैधता या लंबित अनुशासनात्मक कार्यवाही के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की है और फिलहाल अंतरिम राहत देने के पक्ष में नहीं है।

फोगाट ने लंबित मुख्य याचिका में दायर आवेदन के जरिए सात सितंबर को डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी उस सर्कुलर पर रोक लगाने की भी मांग की थी जिसमें 14 सितंबर को यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम में होने वाले चयन ट्रायल के लिए पात्रता मानदंड तय किए गए हैं।

यह नया आवेदन उस मुख्य याचिका में दायर किया गया था, जिसमें फोगाट ने गर्भावस्था और मातृत्व अवकाश के बाद प्रतिस्पर्धी खेलों में लौटने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए निष्पक्ष और व्यवस्थित व्यवस्था बनाने की मांग की है।

आवेदन में उन्होंने सर्कुलर पर रोक लगाने की मांग की थी क्योंकि इसके चलते वह 24 अक्टूबर से एक नवंबर तक कजाखस्तान के अस्ताना में होने वाली चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा नहीं ले पा रही हैं।



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