सहारनपुर में थाना कोतवाली देहात पुलिस ने गोकशी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद एक शातिर गौकश को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके एक साथी को भी मौके से गिरफ्तार किया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दाएं पैर में गोली लगी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, गोकशी के उपकरण, एक जिंदा गोवंश और पिकअप गाड़ी बरामद की है। वहीं, दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, देर की रात एक बजे थाना कोतवाली देहात प्रभारी निरीक्षक एचएन सिंह, सब इंस्पेक्टर निप्पी सिंह और पुलिस टीम ग्राम शक्लापुरी कट पर संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कोतवाली देहात क्षेत्र की बाबर कॉलोनी में कुछ लोग एक गोवंश को गोकशी के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, टीम ने संदिग्धों के पास पहुंचकर टॉर्च की रोशनी डाली तो उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आरोपियों का पीछा किया। इस दौरान आरोपियों ने दोबारा पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी के दाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान महमुद पुत्र बशीर अहमद के रूप में की है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मौके से गिरफ्तार दूसरे आरोपी इरफान को अरेस्ट किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के दो अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम उनकी तलाश में लगातार कांबिंग कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं।
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सहारनपुर में पुलिस मुठभेड़ में गौकश घायल…साथी गिरफ्तार: बाबर कॉलोनी में गोवंश को गोकशी के लिए ले जाने की सूचना पर पहुंची थी पुलिस, दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार – Saharanpur News
ट्रैफिक को बड़ी राहत मिलेगी: 40 साल बाद रिंग रोड से जुड़ेगा अन्नपूर्णा क्षेत्र, शुरुआत 16 से – Indore News
शहर को 16 अगस्त को कनेक्टिविटी, मनोरंजन और विरासत से जुड़ी तीन सौगातें मिलेंगी। इनमें सबसे अहम पश्चिम क्षेत्र की करीब 40 साल पुरानी मांग पूरी होना है। अन्नपूर्णा रोड से रिंग रोड को जोड़ने वाली 0.95 किलोमीटर लंबी और 45 मीटर चौड़ी सड़क का लोकार्पण होगा। इस पर 16.61 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इंदौर जू के 14-डी थिएटर का लोकार्पण भी होगा, जबकि दशहरा मैदान में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापना के लिए भूमिपूजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया ये प्रोजेक्ट कनेक्टिविटी, विरासत, खेल और मनोरंजन से जुड़े हैं। इधर, निगम ने नेहरू पार्क स्विमिंग पूल भी तैयार कर लिया है। वह भी जल्द शुरू होगा। 16.61 करोड़ की सड़क, रिंग रोड तक सीधा रास्ता सुदामा नगर और विश्वकर्मा नगर के बीच अन्नपूर्णा रोड को रिंग रोड से जोड़ने वाली सड़क करीब चार दशक से लंबित थी। 0.95 किमी लंबी सड़क को 45 मीटर चौड़ा बनाया गया है। प्रोजेक्ट पर 16.61 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। इसमें सीमेंट-कांक्रीट रोड के साथ सीवर चैंबर स्ट्रेंथनिंग, स्टॉर्म वाटर लाइन, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ, सेंटर लाइटिंग और इलेक्ट्रिक लाइन शिफ्टिंग के काम किए गए हैं। सड़क शुरू होने से पश्चिम क्षेत्र के कई इलाकों को रिंग रोड तक सीधा रास्ता मिलेगा। इससे अन्नपूर्णा सड़क पर ट्रैफिक दबाव भी घटेगा। दशहरा मैदान में लगेगी अटल प्रतिमा
दशहरा मैदान स्थित गार्डन में भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके लिए 16 अगस्त को भूमिपूजन होगा। प्रतिमा के माध्यम से सार्वजनिक स्थल पर उनकी स्मृति को स्थायी स्वरूप देने की योजना है। नेहरू पार्क में नया स्विमिंग पूल
नेहरू पार्क में तैयार नवीन स्विमिंग पूल का भी लोकार्पण किया जाएगा। इसके शुरू होने से शहर में तैराकी, खेल और फिटनेस से जुड़ी एक और सुविधा उपलब्ध होगी। खिलाड़ियों को भी इसका फायदा मिलेगा। जू में 14-डी थिएटर का आकर्षण
इंदौर जू में तैयार 14-डी थिएटर का भी लोकार्पण होगा। इसे जू आने वाले बच्चों और परिवारों के लिए नए आकर्षण के रूप में विकसित किया गया है। इसके जरिए वन्यजीवों से जुड़े विषयों को तकनीक आधारित अनुभव से जोड़ने की योजना है।
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स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर पटना नगर निगम की तैयारी: गांधी मैदान में 52 सफाईकर्मी तैनात, पिंक टॉयलेट-लू कैफे की व्यवस्था; तीन सुपर सकर मशीनें भी लगाई – Patna News
गांधी मैदान में स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर पटना नगर निगम की ओर से तैयारियां की जा रही है। गांधी मैदान में 52 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। पहली पाली में 32 और दूसरी पाली में 20 सफाईकर्मी मौजूद रहेंगे। मैदान की डीप क्लीनिंग, घास-झाड़ियों की सफाई और अन्य जरूरी कार्य कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही मैदान के सभी शौचालयों की भी नियमित सफाई की जा रही है। मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा का छिड़काव मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए गांधी मैदान और आसपास के क्षेत्र में दो पालियों में फॉगिंग कराई जा रही है। इसके साथ ही सुबह के समय एंटी-लार्वा का छिड़काव भी किया जा रहा है, ताकि समारोह में आने वाले लोगों को परेशानी न हो। बारिश हुई तो तुरंत निकलेगा पानी बारिश के दौरान गांधी मैदान में जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए दो 10 एचपी पंप और तीन सुपर सकर मशीनें तैनात रहेंगी। मौर्या होटल के पास भी एक अतिरिक्त सुपर सकर मशीन रखी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल पानी निकाला जा सके। 153 स्ट्रीट लाइट और 21 हाईमास्ट पर नजर मैदान के बाहरी हिस्से में 153 स्ट्रीट लाइट और छह हाईमास्ट लाइट हैं। वहीं, मैदान के अंदर 15 हाईमास्ट लाइट लगी हैं। विद्युत विभाग सभी लाइटों की जांच कर उन्हें चालू रखने की व्यवस्था कर रहा है। सुरक्षा के लिए अंदर लगे हाईमास्ट के आसपास लाल कपड़े से घेराबंदी की गई है। लोगों के लिए 36 हजार लीटर पानी की व्यवस्था समारोह में पहुंचने वाले लोगों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है। जलापूर्ति प्रमंडल की ओर से 3,600 लीटर क्षमता वाले छह वाटर टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा लोगों के लिए निगम नीर की भी व्यवस्था रहेगी। पिंक टॉयलेट और लू कैफे की सुविधा आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांधी मैदान में एक पिंक टॉयलेट और दो लू कैफे की व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम की ओर से इन सुविधाओं की साफ-सफाई और संचालन पर भी नजर रखी जाएगी। ICCC से होगी लाइव निगरानी, 15 VMD पर दिखेगा समारोह स्वतंत्रता दिवस समारोह की गांधी मैदान से लाइव निगरानी इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (ICCC) के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा शहर में लगे 15 वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) के जरिए समारोह का लाइव प्रसारण किया जाएगा।
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MP में मानसून का सिस्टम अब पूर्वी हिस्से में एक्टिव: यूपी में 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में, बिहार के 7 जिलों में रेड अलर्ट
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नई दिल्ली2 घंटे पहले
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मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को तरबतर करने के बाद अब मानसून का स्ट्रॉन्ग सिस्टम पूर्वी हिस्से में एक्टिव होगा। शुक्रवार से जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में 3 दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक, 24 घंटे में इन दोनों जिलों में 4 इंच या इससे ज्यादा पानी गिर सकता है।
यूपी में गुरुवार को मौसम बदल गया। गोरखपुर, आजमगढ़ समेत 15 जिलों में बारिश हुई। नदियों के उफान पर होने से 16 जिलों में 80 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। सबसे ज्यादा फर्रुखाबाद में 49 गांवों में बाढ़ है।
मौसम विभाग ने बिहार में पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, सीवान, नालंदा और सीतामढ़ी में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 15 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। आकाशीय बिजली गिरने को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
उत्तराखंड के चमोली में पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किमी लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड हो गई और पानी रिसने लगा। मलबा और पानी भरने से अंदर काम कर रहे 22 मजदूर फंस गए थे। रेस्क्यू ऑपरेशन में टनल से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें

मप्र के मऊगंज में हो रही तेज बारिश के चलते यहां के फेमस बहुती वाटरफॉल में इस मानसून सीजन में पहली बार पानी का तेज सैलाब दिखाई दिया।

यूपी के 15 जिलों में तेज बारिश हुई। गोरखपुर में सड़कों पर एक फीट तक पानी भर गया। लोगों की गाड़ियां बंद हो गईं।

उत्तराखंड के चमोली में पीपलकोटी में निर्माणाधीन 3 किमी लंबी टनल में गुरुवार शाम लैंडस्लाइड हो गई और पानी रिसने लगा। मलबा टनल में भरने से 28 मजदूर फंस गए।

शिमला के ढली में गुरुवार शाम को पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें हाईवे पर गिर गई। लैंडस्लाइड के चलते पहाड़ी के नीचे से गुजरने वाला रास्ता भी बंद हो गया।

बांसवाड़ा जिले में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेज बारिश हुई। इससे आजाद चौक क्षेत्र में पानी सड़कों पर नदी की तरह बहता नजर आया।


PM मोदी से मुलाकात, 6 दिन बाद सुखबीर पर हमला: एक्सपर्ट बोले- बादल के प्रति कट्टरपंथियों में नफरत; BJP से नजदीकियां बनाने पर भी रोष – Ludhiana News
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के 6 दिन बाद शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रधान सुखबीर बादल पर निहंग ने हमला कर दिया। सुखबीर बादल पर निहंग के हमले का सीधा-सीधा इंपेक्ट पंजाब की पॉलिटिक्स पर भी दिखने को मिलेगा। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि सुखबीर बादल से कट्टरपंथी लोग राम रहीम केस और बेअदबी के मुद्दों को लेकर नफरत करते हैं। यही नहीं, कट्टरपंथियों को सुखबीर बादल का प्रधानमंत्री मोदी से मिलना भी पसंद नहीं है। सुखबीर बादल से कट्टरपंथी पहले ही नफरत करते थे। अब जब वह प्रधानमंत्री से मिले तो उनमें गुस्सा और भड़क गया, जिसका नजीता यह है कि नांदेड़ साहिब में सुखबीर बादल पर हमला हो गया। सुखबीर बादल पर हमले के ये 3 राजनीतिक मायने पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने क्या कहा, जानिए… भाजपा के सिख नेता भी निशाना बन सकते हैं: पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर केके रत्तू का कहना है कि पंजाब में प्रकाश सिंह बादल की सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि उन्होंने हिंदू-सिख एकता को बनाए रखा। सुखबीर बादल ही नहीं, बल्कि किसी भी पॉलिटिकल फिगर पर इस तरह का हमला होना साधारण घटना नहीं है। सुखबीर बादल के प्रति कट्टरपंथियों में नफरत है और उसी नफरत का परिणाम है कि बादल पर बार-बार हमले हो रहे हैं। PM से मुलाकात को मुद्दा बनाया जा रहा: पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि सुखबीर बादल लगातार पार्टी का प्रचार कर पार्टी को आगे ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन, दूसरी तरफ कुछ दिन पहले उनकी मुलाकात PM मोदी से हुई, जिससे कट्टपंथियों को लगता है कि वह फिर से बीजेपी के साथ जाने लगे हैं। ऐसा नेरेटिव बनाकर वह कट्टरपंथियों को सुखबीर बादल से दूर करना चाहते हैं। यह हमला सुखबीर को डराने की कोशिश: पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि सुखबीर बादल के प्रति कुछ कट्टरपंथी संगठनों में नफरत है। पंजाब में कट्टरपंथियों का गुट अलग से है और वह पॉलिटिक्स में पूरी तरह एक्टिव है। PM मोदी से मुलाकात के बाद पंजाब में भाजपा अकाली दल गठबंधन की बात चल रही है। कट्टरपंथी इस गठबंधन के भी खिलाफ हैं। इस तरह के हमले से सुखबीर बादल को डराने की कोशिश भी है कि वो भाजपा से गठबंधन न करे। पंथ सुखबीर बादल व SAD के खिलाफ क्यों है, जानिए…
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गोरखपुर में GRP ने 9 वीं के छात्र को पकड़ा: बोला- मोबाइल में गेम खेलने के लिए ट्रेन में यात्री पर मारा दिया पत्थर – Gorakhpur News
गोरखपुर में ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले 9वीं में पढ़ने वाले 16 साल के छात्र को जीआरपी गोरखपुर ने पकड़ा है। पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ये कार्रवाई की गई है। जिसके बाद से उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत मामला दर्ज गया है। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि- क्रिकेट खेलने के दौरान उसने ट्रेन में सफर कर रहे आदमी के हाथ में फ़ोन देखा और फोन को पाने के लिए उसने पत्थर चला दिया। नाबालिग को फ़ोन में गेम खेलें में मज़ा आता है, इसलिए उसने कदम उठाया। ‘जीआरपी ने 13 अगस्त को रेलवे स्टेशन डोमिनगढ़ के पास सूरजकुंड ओवरब्रिज के पास से नाबालिग को सादे कपड़ों में निगरानी करते हुए पकड़ा। पुलिस का कहना है कि नाबालिग 10 अगस्त को रेलवे ट्रैक के किनारे मौजूद था और इसी दौरान गुजर रही ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटना में शामिल था। मोबाइल के लालच में ट्रेन पर फेंका पत्थर पुलिस के अनुसार पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 10 अगस्त को वह रेलवे ट्रैक के किनारे खेल रहा था। इसी दौरान वहां से एक ट्रेन गुजर रही थी। उसने बताया कि मोबाइल के लालच में उसने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में नाबालिग ने यात्रियों को चोट पहुंचाने की नीयत से ट्रेन पर पत्थर मारने की बात भी बताई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रेलवे एक्ट की धारा 152 में दर्ज है केस जीआरपी के मुताबिक नाबालिग के खिलाफ थाना जीआरपी गोरखपुर में मु0अ0सं0 127/26, धारा 152 रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार नाबालिग को निगरानी में लिए जाने से ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चल रहा अभियान रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीआरपी और आरपीएफ की ओर से रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही अपराधियों की गिरफ्तारी, ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने, अवैध शराब की तस्करी और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी निगरानी की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में की गई। गोरखपुर रेलवे के पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम ने कार्रवाई की। इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई नाबालिग को निगरानी में लेने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सौरभ सिंह, एएसआई विवेक सिंह आरपीएफ पोस्ट गोरखपुर, कांस्टेबल अरविंद यादव, कांस्टेबल उपेंद्र यादव, कांस्टेबल निर्भय सिंह आरपीएफ, कांस्टेबल हरिगोपाल आरपीएफ और कांस्टेबल राकेश यादव आरपीएफ शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और नाबालिग के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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बस में सराफा व्यापारी से 7.5 करोड़ का सोना लूटा: रतलाम में जेवरों से भरा बैग छीनकर भागे बदमाश; 5 आरोपी होने की आशंका – Ratlam News
मध्यप्रदेश के रतलाम में सराफा व्यापारी से बदमाशों ने बस रुकवाकर करीब 5 किलो सोने के जेवरात से भरा बैग लूट लिया। सोने की कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वारदात गुरुवार रात करीब 9.15 बजे बिलपांक थाना क्षेत्र में रेन फंटे के पास हुई। पुलिस ने रात में ही बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, रतलाम की महलवाड़ा जैन कॉलोनी निवासी सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया गुरुवार को सोने के जेवरात बेचने के सिलसिले में उज्जैन के बड़नगर गए थे। रात करीब 8.15 बजे वे बस से रतलाम के लिए रवाना हुए। ड्राइवर सीट के पास बैठे व्यक्ति ने बस रुकवाई
रात करीब 9.15 बजे बस रेन फंटे के पास पहुंची। इसी दौरान ड्राइवर की सीट के पास बैठे एक व्यक्ति ने बस रुकवाई। व्यापारी की सीट के पीछे बैठे दो बदमाशों ने उनका बैग छीन लिया और बस से उतरकर बाइक सवार साथी के साथ भाग गए। पुलिस को आशंका है कि वारदात में करीब 5 बदमाश शामिल थे। बड़नगर से कुछ लोग बस में सवार हुए थे और अलग-अलग सीटों पर बैठे थे। पुलिस इन यात्रियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पहले परिचित व्यापारियों को बताया, फिर पुलिस को सूचना
बैग लूटे जाने के बाद व्यापारी ने सबसे पहले अपने परिचित सराफा व्यापारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। रात करीब 11 बजे पुलिस को वारदात की जानकारी मिली। इसके बाद रतलाम से एसडीओपी किशोर पाटनवाला भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के इलाकों में सर्चिंग शुरू कर दी है। बस में सवार यात्रियों से जानकारी जुटा रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, व्यापारी ने बैग में करीब 5 किलो सोने के जेवरात होने की बात बताई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपए है। पुलिस व्यापारी से पूछताछ के साथ बस में सवार यात्रियों और घटनास्थल के आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। फरियादी से संपर्क करने की भी कोशिश की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार वह फोन कॉल काट रहे हैं। खबर लगातार अपडेट कर रहे हैं
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इमरान खान से रिश्तेदारों की मुलाकात पर कोर्ट करेगी फैसला: जेल से अस्पताल भेजने की याचिका पर भी सुनवाई, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के 3 जज सुनेंगे केस
इस्लामाबाद6 घंटे पहले
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पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर 18 अगस्त को सुनवाई तय की है।
तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इसमें जस्टिस शाहिद वाहिद, जस्टिस नईम अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल हैं। कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी संबंधित पक्षों और उनके वकीलों को नोटिस जारी कर दिया है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन पर भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक के कई मामले चल रहे हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिरने के बाद से उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार उनकी रिहाई और मुलाकात की मांग करती रही है।

इमरान मई 2024 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए थे। तब ही वह आखिरी बार दिखे थे।
पाकिस्तानी पत्रकार ने इमरान की मौत का दावा किया था
अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने एक वीडियो जारी कर इमरान की मौत की आशंका जाहिर की थी।
वजाहत ने कहा कि इमरान की मौत की आशंका सेना के अफसरों की सूचनाओं के आधार पर किया गया एक आकलन था। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद इमरान की बहनों ने भी सवाल उठाया कि उन्हें भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
इमरान की पार्टी बोली- सड़कों पर उतरेंगे
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि अगर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि PTI का केंद्रीय और प्रांतीय लीडरशिप और उसके सहयोगी दल इस फैसले पर साथ हैं।
उन्होंने कहा कि मार्च का मकसद सिर्फ इमरान खान की रिहाई नहीं, बल्कि पार्टी संस्थापक तक पहुंच और उनसे मुलाकात सुनिश्चित करना है।

नवंबर 2025 में इमरान से मिली थीं बहनें
इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया था कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई थी।
उन्होंने कहा था- इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है।

इमरान की बहन उज्मा ने पिछले साल उनसे मिलने के बाद मीडिया से बात की थी।
पिछली बार मई 2024 में नजर आए थे इमरान
इमरान खान पिछली बार 16 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम चुनाव से 5 दिन पहले मुझे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया, जिससे मैं चुनाव से दूर रहूं।
इमरान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- केजरीवाल को भी भारत में चुनाव के दौरान कैंपेन के लिए जमानत दी गई थी।
इमरान पर चल रहे केस के बारे में जानिए…

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लाल किला धमाका अलकायदा ने कराया:UN की रिपोर्ट में दावा, NIA की जांच में भी यही निकला था; 11 मौतें हुई थीं

लाल किले के पास हुए धमाके में अलकायदा से जुड़े संगठन का हाथ था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। पूरी खबर पढ़ें…
इमरान खान से रिश्तेदारों की मुलाकात पर कोर्ट करेगी फैसला: जेल से अस्पताल भेजने की याचिका पर भी सुनवाई, पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के 3 जज सुनेंगे केस
इस्लामाबाद25 मिनट पहले
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पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजने की मांग से जुड़ी याचिकाओं पर 18 अगस्त को सुनवाई तय की है।
तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। इसमें जस्टिस शाहिद वाहिद, जस्टिस नईम अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम शामिल हैं। कोर्ट के रजिस्ट्रार कार्यालय ने सभी संबंधित पक्षों और उनके वकीलों को नोटिस जारी कर दिया है।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन पर भ्रष्टाचार से लेकर आतंकवाद तक के कई मामले चल रहे हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उनकी सरकार गिरने के बाद से उनकी राजनीतिक पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार उनकी रिहाई और मुलाकात की मांग करती रही है।

इमरान मई 2024 में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश हुए थे। तब ही वह आखिरी बार दिखे थे।
पाकिस्तानी पत्रकार ने इमरान की मौत का दावा किया था
अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने एक वीडियो जारी कर इमरान की मौत की आशंका जाहिर की थी।
वजाहत ने कहा कि इमरान की मौत की आशंका सेना के अफसरों की सूचनाओं के आधार पर किया गया एक आकलन था। इमरान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अडियाला जेल में बंद हैं।
पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद इमरान की बहनों ने भी सवाल उठाया कि उन्हें भाई से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
इमरान की पार्टी बोली- सड़कों पर उतरेंगे
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने कहा है कि अगर उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई, तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि PTI का केंद्रीय और प्रांतीय लीडरशिप और उसके सहयोगी दल इस फैसले पर साथ हैं।
उन्होंने कहा कि मार्च का मकसद सिर्फ इमरान खान की रिहाई नहीं, बल्कि पार्टी संस्थापक तक पहुंच और उनसे मुलाकात सुनिश्चित करना है।

नवंबर 2025 में इमरान से मिली थीं बहनें
इमरान खान की बहन उज्मा खान ने नवंबर 2025 में अडियाला जेल में उनसे मुलाकात की। जेल से बाहर आकर उज्मा ने बताया था कि भाई इमरान पूरी तरह ठीक हैं। दोनों के बीच करीब 20 मिनट तक मुलाकात हुई थी।
उन्होंने कहा था- इमरान खान की सेहत बिल्कुल ठीक है, लेकिन वे बेहद गुस्से में हैं। उन्हें मेंटली टॉर्चर किया जा रहा है और इस सब के लिए आसिम मुनीर जिम्मेदार हैं। उनकी बाहरी दुनिया तक कोई पहुंच नहीं है।

इमरान की बहन उज्मा ने पिछले साल उनसे मिलने के बाद मीडिया से बात की थी।
पिछली बार मई 2024 में नजर आए थे इमरान
इमरान खान पिछली बार 16 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि आम चुनाव से 5 दिन पहले मुझे अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराया गया, जिससे मैं चुनाव से दूर रहूं।
इमरान ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा- केजरीवाल को भी भारत में चुनाव के दौरान कैंपेन के लिए जमानत दी गई थी।
इमरान पर चल रहे केस के बारे में जानिए…

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पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर: 2 हजार एकड़ में पाटलिपुत्र टाउनशिप के विकास की तैयारी; 4 हजार करोड़ के निवेश – Patna News
पटना में अब वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने की तैयारी है। इसके साथ ही शहर की कई सरकारी जमीन और पुरानी परिसंपत्तियों का नए सिरे से विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में पटना में विभिन्न भूमि खंडों के पुनर्विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाने का प्रस्ताव रखा। इन इलाकों की जमीन के विकास का भी प्रस्ताव बैठक में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के अलावा पटना के कई प्रमुख इलाकों में सरकारी जमीन के पुनर्विकास का प्रस्ताव रखा गया। इसमें बिहार म्यूजियम के सामने नेहरू पथ की जमीन, गर्दनीबाग, भूतनाथ सेक्टर-6 और बोरिंग कैनाल रोड स्थित भूमि खंड शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य इन जमीनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए आधुनिक भवन, व्यावसायिक और दूसरी जरूरी सुविधाओं का विकास करना है। पुराने और जर्जर सरकारी भवनों की जगह होंगे नए निर्माण मुख्यमंत्री ने कहा, पटना को आधुनिक और वैश्विक स्तर का शहर बनाने के लिए ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि जहां पुराने और जर्जर सरकारी भवन हैं, वहां जरूरत के हिसाब से नए भवनों का निर्माण कराया जाएगा। एनबीसीसी को अलग-अलग क्षेत्रों में निर्माण और पुनर्विकास के मॉडल तैयार करने के लिए भी कहा गया है। पाटलिपुत्र टाउनशिप में 2 हजार एकड़ जमीन के विकास की योजना मुख्यमंत्री ने पाटलिपुत्र टाउनशिप में करीब 2,000 एकड़ जमीन के विकास की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा अन्य टाउनशिप के लिए करीब 1,000 एकड़ जमीन में विकास और पुनर्विकास की योजना बनाने को कहा गया है। इसके लिए पटना के अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध सरकारी जमीन को चिह्नित कर मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। सरकार अब सिर्फ पटना तक सीमित नहीं रहना चाहती। गया, भागलपुर, बेगूसराय और दरभंगा जैसे प्रमुख शहरों में भी उपयुक्त सरकारी जमीन की पहचान की जाएगी। इन जमीनों के इस्तेमाल के लिए शहरों की जरूरत के अनुसार एक समेकित विकास योजना तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य इन शहरों में भी आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और बेहतर शहरी ढांचे का विकास करना है। 4 हजार करोड़ रुपये के निवेश की संभावना प्रस्तावित परियोजनाओं के जरिए पटना में करीब 4,000 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है। वहीं, इन परियोजनाओं से करीब 8,000 करोड़ रुपये के राजस्व सृजन का अनुमान है। सरकार का मानना है कि सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल होने से विकास के साथ-साथ राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरणीय मानकों का ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही निर्माण और पुनर्विकास परियोजनाओं में ‘जीरो वेस्ट मॉडल’ अपनाने पर भी जोर दिया गया। यानी निर्माण के दौरान कचरे को कम करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में काम किया जाएगा। अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन की पहचान जल्द पूरी की जाए। इसके बाद विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर निर्माण और पुनर्विकास का काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। पटना के समग्र और सुनियोजित विकास के लिए सरकारी जमीन और सरकारी परिसंपत्तियों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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