Tuesday, June 16, 2026
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एक रात में फाइनल हुईं 2 फिल्में, एक ब्लॉकबस्टर-दूसरी निकली कल्ट हिट, उतर गईं दिल में


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बॉलीवुड के लीजेंड सिंगर किशोर कुमार 60 के दशक में सिर्फ देवानंद के लिए प्लेबैक सिंगिंग किया करते थे. बहुत ही मूडी इंसान थे. संगीतकार एसडी बर्मन उन्हें बहुत चाहते थे. एक बार किशोर दा ने एसडी बर्मन के जटिल गाने की स्टाइल बदल दी. ऐसी सुरीली ट्यून बनाई कि गाना अमर हो गया. गाना इतना पॉप्युलर हुआ कि सरकारी विज्ञापनों में खूब दिखाया गया. गान प्रेम-प्यार का प्रतीक बन गया. फिल्म ने इतिहास रच दिया. मूवी हिंदी सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित हुई. खुद किशोर कुमार रातोंरात इस फिल्म की वजह से स्टार बने. इस फिल्म की कहानी एक रात में फाइनल हुई थी. उस रात एक और फिल्म फाइनल हुई थी.

Rajesh khanna Hit Movies : कुछ फिल्में दर्शकों के दिल में बस जाती हैं. कहानी इतनी मर्मस्पर्शी होती है कि बार-बार देखने पर भी दिल नहीं भरता. ऐसी फिल्में हर बार नई फीलिंग देती हैं. 57 साल ऐसी ही एक फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. इस फिल्म का एक ब्लॉकबस्टर गाना किशोर कुमार ने अपनी ही स्टाइल में गाया था. संगीतकार एसडी बर्मन ने जो धुन बनाई थी, उसे बदलकर अनोखे अंदाज में गाया. किशोर कुमार ने इतनी सुरीली धुन बनाई कि गाना अमर हो गया. वो गाना था ‘रूप तेरा मस्ताना, प्यार मेरा दीवाना’. गाना 7 नवंबर 1969 को रिलीज ‘आराधना’ फिल्म का था. इसी फिल्म ने किशोर कुमार को रातोंरात स्टार बनाया. इसी फिल्म से हिंदी सिनेमा को सही मायने में अपना पहला सुपरस्टार राजेश खन्ना के रूप मिला.

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‘आराधना’ फिल्म का डायरेक्शन-प्रोडक्शन शक्ति सामंत ने किया था. फिल्म में राजेश खन्ना-शर्मिला टैगोर लीड रोल में थे. इसके अलावा, सुजीत कुमार, फरीदा जलाल और किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार अहम भूमिकाओं में थे. फिल्म की कहानी सचिन भौमिक ने लिखी थी. यह कहानी 1946 में आई अमेरिकन फिल्म टू ईच हिज ओन (To Each His Own) से इंस्पायर्ड थी. सचिन ने यह कहानी सबसे पहले ऋषिकेश मुखर्जी को सुनाई थी. जब ऋषिकेश दा इस फिल्म को नहीं बना पाए तो सचिन ने यही कहानी शक्ति सामंत को सुनाई. पहले इस फिल्म का टाइटल ‘सुबह प्यार की’ था. एसडी बर्मन के कहने पर टाइटल बदला गया.

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फिल्म का म्यूजिक एसडी बर्मन ने दिया था और गीतकार आनंद बख्शी थे. आरडी बर्मन ने म्यूजिक बनाने में बहुत मदद की थी. फिल्म में कुल 7 गाने थे. हर गाना सुपरहिट था. फिल्म का म्यूजिक उस दशक का सबसे ज्यादा बिकने वाला संगीत था. फिल्म के पॉप्युलर गाने थे : रूप तेरा मस्ताना, मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, कोरा कागज था ये मन मेरा, चंदा है तू मेरा सूरज है तू, सफल होगी तेरी आराधना, गुन गुना रहे हैं भंवरे और बागों में बहार है. ‘रूप तेरा मस्ताना’ गाने की सुरीली धुन बनाने में किशोर कुमार ने अहम भूमिका निभाई थी.

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किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने एक स्टेज शो ‘रूप तेरा मस्ताना’ गाने का किस्सा सुनाया था. उन्होंने बताया था पहले इस गाने की धुन बहुत ही अजीब सी थी. गाना बहुत ही कठिन था. जब संगीतकार एसडी बर्मन इस गाने की धुन सिखा रहे थे तो किशोर दा को ट्यून पसंद नहीं आई. गाना बहुत ही धीमा था. किशोर कुमार को उसी समय एसडी बर्मन का पुराना गाना याद आया जो इसी धुन से मिलता-जुलता था. किशोर कुमार ने एसडी बर्मन को उनका बंगाली गाना याद दिलाया. यह गाना था ‘एतो कछे दूजने, प्रेम भरा जो बूने, होथट भूले भूल ना होय जाए.’ गाना सुनते ही बर्मन दा खुश हो गए.

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‘आराधना’ फिल्म का निर्माण कैसे हुआ, इसकी कहानी भी बहुत दिलचस्प है. आखिरी समय में इस फिल्म की कहानी बदलनी पड़ी थी. दरअसल, डायरेक्टर-प्रोड्यूसर शक्ति सामंत, लेखक गुलशन नंदा और मधुसूदन कालेलकर के साथ फेमस स्टूडियो में बैठे थे. इसी दौरान अनिल कपूर के पिता प्रोड्यूसर सुरेंद्र कपूर वहां पहुंचे और अपनी फिल्म ‘एक श्रीमान, एक श्रीमती’ की आखिरी रील देखने का अनुरोध किया. इस फिल्म का आखिरी हिस्सा देखकर शक्ति सामंत के होश उड़ गए. दरअसल ‘एक श्रीमान, एक श्रीमती’ का आखिरी हिस्सा ‘आराधना’ की कहानी से हूबहू मेल खाता था. दोनों फिल्मों के राइटर सचिन भौमिक ही थे. शक्ति सामंत सचिन भौमिक से बहुत नाराज हुए और परेशान भी हुए.

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उन्होंने गुलशन नंदा से मदद मांगी. ‘आराधना’ की कहानी सुनने के बाद हीरो का डबल रोल करने का सुझाव दिया. शक्ति सामंत को सुझाव पसंद आया. फिल्म का क्लाइमैक्स फिर से कई बदलाव के साथ लिखा गया. गुलशन नंदा ने ‘कटी पतंग’ की कहानी भी शक्ति सामंत को सुनाई थी. इस तरह से एक ही रात में दोनों फिल्मों की स्क्रिप्ट फाइनल हुई. दोनों फिल्में दो साल के अंतराल में बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुईं. आराधना 7 नवंबर 1969 को रिलीज हुई थी जबकि 29 जनवरी 1971 को सिनेमाघरों में आई थी. आराधना ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. कटी पतंग को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया. यह हिट फिल्म साबित हुई.

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‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’ गाने का किस्सा भी दिलचस्प है. दरअसल, इस गाने के रिद्म एक गिटारिस्ट नहीं बजा पाया. उधर, शक्ति सामंत पूरी टीम के साथ दार्जलिंग में थे. गाने का इंतजार था. ऐसे में आरडी बर्मन ने गिटार की जगह माउथ ऑर्गन बजाया था. गाना तो सुपरहिट बना ही, इसका हर म्यूजिक पीस पॉप्युलर हुआ. ‘आराधना’ शक्ति सामंत के साथ राजेश खन्ना की पहली फिल्म थी. इस फिल्म से ही राजेश खन्ना रातोंरात सुपरहिट बने. राजेश खन्ना-शर्मिला टैगोर की साथ में यह पहली फिल्म थी. फिल्म का नेट कलेक्शन 3.5 करोड़ रुपये के आसपास था. फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी. यह 1969 की सबसे ज्यादा पैसे कमाने वाली फिल्म थी. फिल्म को तीन फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे. बेस्ट फिल्म शक्ति सामंत, बेस्ट एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर और बेस्ट प्लेबैक मेल सिंगर किशोर कुमार ‘रूप तेरा मस्ताना’ के फिल्मफेयर अवॉर्ड मिले थे.

उधर, ‘कटी पतंग’ की बात करें तो इस फिल्म ने राजेश खन्ना के स्टारडम को एक अलग मुकाम दिया. ‘कटी पतंग’ नायिका प्रधान फिल्म थी. राजेश खन्ना, आशा पारेख, प्रेम चोपड़ा, बिंदु और नाजिर हुसैन जैसे सितारों ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. कहानी गुलशन नंदा की थी. वृजेंद्र गौड़ ने डायलॉग लिखे थे. फिल्म की कहानी 1948 में आए कॉर्निल वूलरिच के उपन्यास ‘आई मैरिड ए डेड मैन’ से इंस्पायर्ड थी. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. इस फिल्म का म्यूजिक भी ब्लॉकबस्टर रहा था. इस फिल्म के सुपरहिट गाने ‘प्यार दीवाना होता है, मस्ताना होता है’, ‘ये शाम मस्तानी, मदहोश किए जा’, ‘ये जो मुहब्बत है, उनका है काम’ ‘ना कोई उमंग है, ना कोई तरंग है’ थे. गीतकार आनंद बख्शी थे. फिल्म मैसिव हिट साबित हुई थी.

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यूपी सहित 13 राज्‍यों का भरा है खजाना, 15 स्‍टेट में खर्चे पूरे करने के भी पैसे नहीं


नई दिल्‍ली. देश के 28 राज्‍यों में से 10 के पास तो अपने खर्चे पूरे करने के बाद भी ठीकठाक राजस्‍व बचता है, लेकिन बाकी 18 राज्‍यों के पास इतने भी पैसे नहीं हैं कि अपना खर्चा भी पूरा किया जा सके. भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) के संजय मूर्ति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मणिपुर सहित 13 राज्यों ने 2024-25 में राजस्व सरप्‍लस दर्ज किया, जबकि बाकी 15 राज्यों में घाटा रहा.

कैग की ‘राज्य वित्त 2024-25’ रिपोर्ट के अनुसार, 18 राज्यों ने रेवेन्‍यू सरप्‍लस का लक्ष्य रखा था, 3 राज्यों ने राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा और 7 राज्यों ने शून्य राजस्व घाटे का लक्ष्य रखा था. अब रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष 2024-25 में 15 राज्य राजस्व घाटे में रहे, जबकि बाकी 13 राज्यों में रेवेन्‍यू सरप्‍लस रहा. 18 राज्यों में से जिन्होंने रेवेन्‍यू सरप्‍लस का लक्ष्य रखा था, 9 राज्य ही इसे हासिल कर पाए. इसके अलावा असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना 2024-25 के दौरान राजस्व घाटे में रहे.

7 राज्‍यों ने रखा था शून्‍य घाटे का लक्ष्‍य
रिपोर्ट में उन 7 राज्‍यों का भी जिक्र किया गया, जिन्‍होंने शून्‍य राजस्‍व घाटे का लक्ष्‍य रखा था. इन राज्‍यों में गोवा, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं. इनमें से चार राज्‍यों गोवा, झारखंड, त्रिपुरा और उत्तर प्रदेश ने रेवेन्‍यू सरप्‍लस हासिल कर लिया, जबकि पंजाब, राजस्थान और तमिलनाडु को राजस्‍व घाटा हुआ. 2024-25 में जिन 15 राज्यों में राजस्व घाटा रहा, उनमें हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पंजाब और पश्चिम बंगाल को वित्त आयोग से राजस्व घाटा अनुदान मिला.

कितना रहा राजस्‍व घाटा
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यदि 2024-25 के लिए पंद्रहवें वित्त आयोग द्वारा राज्यों के लिए निर्धारित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) के 3 फीसदी के संकेतक राजकोषीय घाटा लक्ष्य को देखा जाए, तो 18 राज्य इस लक्ष्य से ऊपर रहे. 15 राजस्व घाटे वाले राज्यों का कुल राजस्व घाटा 13 राज्यों के रेवेन्‍यू सरप्‍लस को मिलाए बिना ही 3,46,385 करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त GSDP का 1.5 फीसदी है. 13 राज्यों के रेवेन्‍यू सरप्‍लस को समायोजित करने के बाद शुद्ध राजस्व घाटा 2,19,041 करोड़ रुपये रहा, जो सभी 28 राज्यों के संयुक्त GSDP का 0.68 फीसदी है.

राज्‍यों ने कितना पैसा जुटाया
कैग ने अपनी रिपोर्ट में राज्यों के रेवेन्‍यू की बढ़ती अहमियत को दिखाया, जो 2024-25 में 28 राज्यों की कुल राजस्व प्राप्तियों 40.52 लाख करोड़ रुपये का 50 फीसदी रहा. इस दौरान राज्य जीएसटी राज्यों के अपने कर राजस्व का 43 फीसदी से अधिक रहा है. सभी राज्यों का संयुक्त बजटीय खर्च 2024-25 में 51.20 लाख करोड़ रुपये रहा, जो उनके संयुक्त GSDP का 15.78 फीसदी है. आंकड़े बताते हैं कि वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान अब भी राजस्व खर्च का बड़ा हिस्सा बने हुए हैं. 31 मार्च 2025 तक राज्यों की कुल देनदारियां 90.51 लाख करोड़ रुपये थीं.



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12 साल बाद बांग्लादेशी महिला को वापस भेजने की तैयारी: फेसबुक पर मुलाकात के बाद गुजराती युवक से की थी लव-मैरिज, पति बोला- वहां मार डालेंगे


आणंद (गुजरात)32 मिनट पहले

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गुजरात के आणंद शहर में पुलिस ने एक बांग्लादेशी लड़की को गिरफ्तार किया है। काजुली (अब काजल) 12 साल पहले आणंद में रहने वाले तरुण से शादी करने के लिए भारत में दाखिल हुई थी। तरुण और काजल ने शादी कर ली थी। अब इनके दो बेटे भी हैं।

हालांकि काजुली अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी। इसीलिए अब उसके वापस बांग्लादेश डिपोर्टेशन की तैयारी की जा रही है। पति ने भारत सरकार से काजुली को नागरिकता देने की गुहार लगाई है। तरुण का कहना है कि काजल अब हिंदू बन चुकी है। ऐसे में न सिर्फ उसका परिवार ही बिखर जाएगा, बल्कि काजुली को अब उसका परिवार भी नहीं अपनाएगा और कट्टरपंथी उसकी हत्या कर देंगे।

साल 2016 में काजुली ने हिंदू रीति-रिवाजों से तरुण से शादी की थी।

साल 2016 में काजुली ने हिंदू रीति-रिवाजों से तरुण से शादी की थी।

काजुली की शादी की समय की तस्वीर।

काजुली की शादी की समय की तस्वीर।

काजुली और तरुण।

काजुली और तरुण।

2016 में सीमा पार कर गुजरात पहुंची थी काजुली

आज से 15 साल पहले, आणंद के लम्भवेल गांव के निवासी तरुण पटेल की प्रेम कहानी फेसबुक पर शुरू हुई थी। फेसबुक के जरिए उनकी मुलाकात बांग्लादेश की एक मुस्लिम लड़की काजुली से हुई। धीरे-धीरे पहचान प्यार में बदल गई। काजुली तरुण से शादी करना चाहती थी और इसके लिए उसने बांग्लादेश में पासपोर्ट बनवाने के लिए 13,000 रुपए तक खर्च कर दिए थे, लेकिन एजेंट की धोखाधड़ी के कारण उसे पासपोर्ट नहीं मिल सका।

दूसरी ओर, बांग्लादेश में उसके पिता उस पर किसी दूसरे मुस्लिम पुरुष से शादी करने का दबाव डाल रहे थे। इसी के चलते काजुली 2016 में अवैध रूप से सीमा पार कर पश्चिम बंगाल से होते हुए गुजरात पहुंची थी। काजुली ने हिंदू धर्म अपना लिया तरुण से शादी कर ली। अब परिवार में दो बेटे हैं। बड़ा बेटा ध्यान (8 साल) और छोटा बेटा अर्श (2 साल) का है।

छोटे बेटे अर्श (2 साल) के साथ काजुली।

छोटे बेटे अर्श (2 साल) के साथ काजुली।

बांग्लादेश में बीमार मां को फोन करते समय फोन ट्रेस हुआ

बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने के लिए गुजरात पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान काजल की यह कहानी सामने आई। काजल ने कुछ दिन पहले बांग्लादेश में रह रही अपनी बीमार मां का हालचाल जानने के लिए फोन किया था।

पुलिस ने इस फोन कॉल को ट्रेस किया और जांच में पता चला कि वह भारत में अवैध रूप से रह रही थी। इसके बाद 2 जून की रात को आणंद की एलसीबी पुलिस ने काजल को गिरफ्तार कर लिया और उसे महिला गृह में भेजकर उसे वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

दोनों बेटों के साथ तरुण।

दोनों बेटों के साथ तरुण।

पत्नी की बांग्लादेश में हत्या हो जाएगी: तरुण

पिछले 15 दिनों से अपनी मां के बिना संघर्ष कर रहे बच्चों और परेशान पति तरुण पटेल ने भारत सरकार से गुहार लगाई है। तरुण के अनुसार, काजल किसी आपराधिक इरादे से भारत नहीं आई थी, बल्कि अपने प्यार की तलाश में आई थी। उसने हिंदू धर्म अपना लिया है। बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए ये कठिन समय है।

अगर उसे वहां वापस भेज दिया जाता है, तो उसका परिवार उसे स्वीकार नहीं करेगा और वहां के चरमपंथी उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। उसकी जान को बड़ा खतरा है। काजल के 8 वर्षीय बेटे ध्यान ने भी रोते हुए सरकार से अपील की है कि उसने 15 दिनों से अपनी मां का चेहरा नहीं देखा है और वह अपनी मां के बिना नहीं रह सकता।

पत्नी की नागरिकता की मांग की

तरुण पटेल ने गृह मंत्री हर्ष संघवी और भारत सरकार से मानवीय आधार पर इस मामले पर गौर करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि जहां भारत सरकार पाकिस्तान और बांग्लादेश के उत्पीड़ित हिंदुओं को नागरिकता दे रही है, वहीं काजल ने भी मुस्लिम धर्म से हिंदू धर्म में धर्मांतरण किया है।

ऐसे में, ताकि मासूम बच्चों का प्यार उनसे न छिन जाए और परिवार न टूटे, आनंद के परिवार ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है कि काजल को निर्वासित न किया जाए और उसे भारतीय नागरिकता दी जाए।

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अहमदाबाद में 166 बांग्लादेशी पकड़े गए:300 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में लिए गए

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शहर के तीन इलाकों से 300 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। जांच में 166 बांग्लादेशी पाए गए हैं, जबकि अन्य संदिग्धों के डॉक्यूमेंट्स की जांच की जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…

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VIDEO: अरबाज की सिक्योरिटी में सेंध, कार में घुसा लड़का, गार्ड्स निकालकर की पिटाई


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अरबाज खान का वीडियो वायरल हो रहा है. इस वायरल वीडियो में वह काफी असहज और सहमे हुए नजर आ रहे हैं. एक लड़का उनकी कार में सिक्योरिटी को तोड़ते हुए घुस गया. सिक्योरिटी गार्ड्स ने कड़ी मशक्कत कर उस लड़के को निकाला और 2-3 थप्पड़ भी मारे. इस दौरान वहां खड़ी भीड़ ने भी लड़के को मारने के लिए हूटिंग की.

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अरबाज खान का वीडियो वायरल हो रहा है. (फोटो साभारः एक्स @CinephileKS)

मुंबई. अरबाज खान की सिक्योरिटी में भारी चूक हो गई. वह कोलकाता में एक इवेंट में शामिल होने गए थे. अरबाज जब इवेंट खत्म होने के बाद अपनी कार की तरफ बढ़े, तो हैरान हो गए. अरबाज की सिक्योरिटी को चकमा देते हुए एक शख्स उनकी कार में घुस गया. फिर अचानक से हंगामा होने लगा. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि अरबाज की लग्जरी कार वेन्यू के बाहर खड़ी थी. तभी भीड़ में से एक व्यक्ति अचानक सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर कार तक पहुंच गया.

उस शख्स ने कार का दरवाजा खोला और बिना परमिशन के अंदर बैठ गया. इस अप्रत्याशित घटना से सुरक्षा स्टाफ और वहां मौजूद लोग हैरान रह गए. इससे मौके पर अफरा-तफरी और घबराहट फैल गई. इतनी भीड़ और अरबाज की कई लेयर की सिक्योरिटी को पार कर लिया. इस घटना ने इवेंट में भीड़ कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.



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उद्धव ठाकरे की शिवसेना में टूट के अटकलें: शिंदे गुट के MLC का दावा- हमारे संपर्क में 7 सांसद; उद्धव बोले- जाना वाले खुशी-खुशी जाएं




शिवसेना (शिंदे गुट) के MLC कृपाल तुमाने ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के 7 सांसद उनके संपर्क में हैं। ANI से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पिछले एक महीने से चर्चा चल रही है। अब अंतिम चरण में है। मानसून सत्र से पहले ये सांसद शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स से मुताबिक, इस बीच 14 जून को उद्वव ठाकरे ने अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। बैठक में उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे रोका नहीं जाएगा। वे खुशी-खुशी जाएं। उद्धव ने 2022 में हुई शिवसेना की टूट का जिक्र करते हुए कहा- उस समय भी मुझे बगावत की जानकारी थी, लेकिन मैंने किसी पर दबाव नहीं बनाया। शिवसेना (UBT) सांसद ने मंत्री से मुलाकात की यवतमाल-वाशिम से शिवसेना (UBT) सांसद संजय देशमुख ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव से दिल्ली में मुलाकात की। देशमुख ने रविवार की बैठक में पारिवारिक कारणों का हवाला देकर व्यक्तिगत रूप से हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि PTI से बातचीत में राउत ने कहा कि इस मुलाकात को लेकर गलत तस्वीर पेश की जा रही है। उन्होंने दोहराया कि शिवसेना (UBT) के सभी सांसद पार्टी के साथ हैं। राउत बोले- सभी सांसद एकजुट हैं UBT सांसद संजय राउत ने शिंदे गुट के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं और टूट की खबरें गलत हैं। कृपाल तुमाने कौन हैं? महाराष्ट्र की राजनीति में ऐसा कोई बड़ा नाम नहीं है। राउत ने कहा कि चार दिन पहले उद्धव ठाकरे की बैठक में सभी सांसद शामिल हुए थे और उन्होंने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया था। कुछ नेताओं ने तो अपने परिजनों की कसम खाकर उद्धव ठाकरे के साथ रहने की बात कही थी। हालांकि, मीडिया रोपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि मीटिंग में 4 सांसद फिजकली पहुंचे थे, जबकि एक सांसद ऑनलाइन जुड़े थे। 4 सांसद मीटिंग में शामिल नहीं हुए। चार साल पहले टूटी थी शिवसेना 20 जून 2022 को महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 में से 40 विधायक एकनाथ शिंदे के साथ गए। तब उद्धव सीएम थे। राज्यपाल ने उन्हें फ्लोर टेस्ट को कहा। उद्धव सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट नहीं रोका तो उद्धव ने इस्तीफा दे दिया। 30 जून 2022 को शिंदे भाजपा के समर्थन से सीएम बन गए। फिर दोनों गुट एक-दूसरे के विधायकों को अयोग्य ठहराने सुप्रीम कोर्ट गए। कोर्ट ने फैसला स्पीकर राहुल नार्वेकर पर छोड़ दिया। 10 जनवरी 2023 को स्पीकर ने कहा कि जब बगावत हुई, तब शिंदे गुट में 37 विधायक थे। इसलिए यही असली शिवसेना है। स्पीकर ने विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिकाएं खारिज कर दीं। इनकी सदस्यता भी रद्द नहीं की। इसी बीच, चुनाव आयोग ने शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष-बाण शिंदे गुट को दे दिया। —————- ये खबर भी पढ़ें… क्या 4 साल बाद एक होगी उद्धव-शिंदे की शिवसेना:MLC चुनाव में खींचतान, कार्यकर्ता बोले- विचारधारा एक, हाईकमान के ऑर्डर का इंतजार 2 जून 2026 को उद्धव ठाकरे खेमे के बड़े नेता अंबादास दानवे और एकनाथ शिंदे गुट के विधायक अब्दुल सत्तार का काफिला आमने-सामने आ गया। दोनों नेताओं ने गाड़ी से उतरकर एक-दूसरे को गले लगाया। इनकी मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद अंबादास दानवे ने मीडिया में कहा- वक्त आ गया है कि दोनों शिवसेना एक हो जाएं। पूरी खबर पढ़ें…



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कौशांबी में गंगा में तैरता मिला युवक का शव: पुलिस शिनाख्त में जुटी, पड़ोसी जिलों में भेजी गई तस्वीर – Kaushambi News




कौशांबी के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित संदीपन गंगा घाट पर मंगलवार सुबह एक 30 वर्षीय युवक का शव पानी में तैरता हुआ मिला। घाट पर मौजूद पुजारी और गंगा स्नान करने आए स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना कोखराज पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पानी से बाहर निकाला और जांच-पड़ताल शुरू की। लगभग दो घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से शव की शिनाख्त नहीं करा पाई। शव की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोखराज थाना प्रभारी सी.बी. मौर्य ने बताया कि शव की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने आशंका जताई कि युवक का शव कहीं और से बहकर आया हो सकता है। पुलिस युवक के शव की शिनाख्त के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा ले रही है। जनपद सहित पड़ोसी जिलों में भी मृत युवक की तस्वीरें भेजी गई हैं। ताकि उसकी पहचान हो सके।



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कांग्रेस ने मुख्यचुनाव आयुक्त के पुतले को बेड़ियों में बांधा: मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर हरदा में प्रदर्शन – Harda News




हरदा में मंगलवार को कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में महिला कांग्रेस और एनएसयूआई ने जोरदार प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक से शुरू हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग, भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सांकेतिक पुतले को लोहे की जंजीरों और बेड़ियों से बांधकर भाजपा कार्यालय तक ले जाया गया। भाजपा कार्यालय के घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झूमाझटकी भी हुई तथा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार कर भाजपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। अंबेडकर चौक से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन मंगलवार को महिला कांग्रेस और एनएसयूआई के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अंबेडकर चौक पर एकत्र हुए। यहां उन्होंने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में सभा की और चुनाव आयोग तथा भाजपा के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। चुनाव आयुक्त के पुतले को जंजीरों में बांधा प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सांकेतिक पुतले को लोहे की जंजीरों से बांध दिया। पुतले के दोनों हाथों में जंजीरें बांधी गईं, जबकि उसके पैरों में स्केटिंग लगाकर उसे पूरे रास्ते भाजपा कार्यालय तक ले जाया गया। कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनाव आयोग की कथित निष्पक्षता पर सवाल उठाने का प्रतीक बताया। भाजपा कार्यालय घेराव की थी तैयारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले से भाजपा कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की थी। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। भाजपा कार्यालय से करीब 100 मीटर पहले बैरिकेड लगाए गए थे और 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, ताकि प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका जा सके। पुलिस ने रोका, कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर गए जब प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें बैरिकेड पर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालांकि कार्यकर्ता पीछे नहीं हटे और बैरिकेड पार कर भाजपा कार्यालय के सामने पहुंच गए। इसके बाद वहां जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। सड़क पर बैठकर किया विरोध भाजपा कार्यालय के सामने पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। इस दौरान काफी देर तक नारेबाजी होती रही। कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल भी बना रहा। प्रदर्शनकारी लगातार चुनाव आयोग और भाजपा के खिलाफ नारे लगाते रहे। चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमिला ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन सुनियोजित तरीके से निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि देश में निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था भी दबाव में काम कर रही है। लोकतंत्र और संविधान पर आघात बताया कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। उनका कहना था कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करती है और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। भाजपा पर साधा निशाना जिला प्रभारी रचना जैन ने कहा कि पहले जनादेश की अनदेखी की गई, फिर विपक्षी विधायकों को तोड़ने के प्रयास किए गए और जब उसमें सफलता नहीं मिली तो कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त करा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों की बात तो करती है, लेकिन व्यवहार में उसका पालन नहीं करती। महिला सशक्तिकरण को लेकर भी उठाए सवाल रचना जैन ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण और महिला सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन एक आदिवासी महिला को राज्यसभा तक पहुंचने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे सत्ता पक्ष का दोहरा रवैया बताया और कहा कि इससे महिलाओं के प्रति उसकी सोच उजागर होती है। प्रदर्शन के बाद लौटे कार्यकर्ता काफी देर तक प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयुक्त के सांकेतिक पुतले को भाजपा कार्यालय के बाहर छोड़ दिया। इसके बाद सभी कार्यकर्ता वहां से रवाना हो गए। उल्लेखनीय है कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और इसी क्रम में हरदा में यह प्रदर्शन आयोजित किया गया था।



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समस्तीपुर में अज्ञात वाहन ने किशोर को रौंदा: अस्पताल में तोड़ा दम, गैस सिलेंडर भरवाने के लिए बाइक से जा रहा था – Samastipur News




समस्तीपुर में तेज रफ्तार वाहन ने किशोर को टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी मौत हो हई। मृतक की पहचान रेबड़ा गांव वार्ड-2 निवासी विनोद राय के पुत्र सतीश कुमार(16) के तौर पर हुई है। घटना खानपुर-रेबड़ा मोड़ के पास की है। मृतक के चचेरे भाई रंजन कुमार ने बताया कि सतीश सोमवार देर शाम रसोई गैस सिलेंडर भरवाने के लिए बाइक से रेबड़ा चौक की ओर जा रहा था। रास्ते में अज्ञात वाहन ने रौंद दिया। सतीश का एक्सीडेंट किस वाहन से हुआ है, यह किसी ने नहीं देखा। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिवार के लोग हल्ला होने पर लोगों की भीड़ जुट गई। पहचान के बाद परिजनों को सूचना दी गई। आनन-फानन में सदर अस्पताल लाया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में सदर डीएसपी-2 संजय कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में युवक की मौत हुई है। घटना को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है।



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फल नहीं, अब सब्जी के रूप में खाइए जामुन! क्या आपने चखी है यह अनोखी देसी डिश?


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Jamun Vegetable Curry Recipe: भीलवाड़ा में इन दिनों जामुन की भरपूर आवक के बीच एक अनोखी देसी रेसिपी चर्चा में है. अधिकांश लोग जामुन को फल या जूस के रूप में खाते हैं, लेकिन इसकी स्वादिष्ट सब्जी भी बनाई जाती है. नंदनी कुमारी सांखला के अनुसार, जामुन की सब्जी बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है और इसमें सामान्य मसालों का ही उपयोग होता है. इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है. गर्मी के मौसम में यह भोजन का स्वाद बढ़ाने के साथ एक अलग पारंपरिक व्यंजन का अनुभव भी कराती है.

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भीलवाड़ा. गर्मी के मौसम में बाजारों और गांवों में जामुन की खूब आवक रहती है. अधिकांश लोग जामुन को सीधे खाने या उसका जूस बनाकर पीने के लिए उपयोग करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि जामुन की स्वादिष्ट सब्जी भी बनाई जाती है. यह देसी रेसिपी स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे घर पर बहुत ही आसानी से तैयार किया जा सकता है.

जामुन की सब्जी बनाने के लिए किसी विशेष मसाले की जरूरत नहीं होती और यह बहुत कम समय में तैयार हो जाती है. नंदनी कुमारी सांखला ने बताया कि भीलवाड़ा में लगभग हर गांव और खेत में जामुन का पेड़ देखने को मिल जाता है. इन दिनों बाजार में भी जामुन की अच्छी आवक हो रही है. जामुन की सब्जी बनाना बेहद आसान है. इसके लिए सबसे पहले पके हुए जामुनों को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद जामुन का गूदा और गुठली अलग कर लें.

घर पर ऐसे बनाएं जामुन की स्वादिष्ट सब्जी

एक कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें जीरा, राई तथा हींग का तड़का लगाएं. फिर बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च डालकर भून लें. इसके बाद जामुन का गूदा डालें और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर तथा स्वादानुसार नमक मिलाएं. कुछ मिनट तक पकाने के बाद इसमें थोड़ा गुड़ या चीनी डाल सकते हैं, ताकि खट्टे-मीठे स्वाद का संतुलन बना रहे. कुछ देर पकाने के बाद स्वादिष्ट जामुन की सब्जी तैयार हो जाती है. उन्होंने बताया कि उनके परिवार में यह सब्जी लंबे समय से बनाई जाती रही है. कई लोग इसे रोटी, बाजरे की रोटी या पराठे के साथ खाना पसंद करते हैं. इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है. गर्मी के दिनों में यह भोजन में एक नया स्वाद जोड़ने का काम करती है.

जामुन की गुठली भी है बेहद फायदेमंद

जामुन की सब्जी बनाने के बाद बचने वाली गुठलियां भी काफी उपयोगी मानी जाती हैं. इनका कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है. जामुन की गुठली का पाउडर पारंपरिक रूप से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए उपयोग किया जाता है. आयुर्वेद में भी जामुन की गुठली को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना गया है. हालांकि किसी भी औषधीय उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है.

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deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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TMC के दोनों गुटों का पक्ष सुनेंगे स्पीकर: ममता खेमे को भी बुलाया; बागी सांसदों के NCPI में विलय के दावे पर कानूनी राय लेंगे




तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों ने लोकसभा में अलग ग्रुप के तौर पर मान्यता देने की मांग की है। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला करेंगे। PTI के मुताबिक, स्पीकर कार्यालय ने ममता बनर्जी खेमे के सांसदों को भी ईमेल भेजकर बैठक के लिए बुलाया है। दोनों पक्षों से बात करने के बाद ही फैसला होगा। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से पहले आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक, स्पीकर इस मामले में कानून मंत्रालय की राय भी ले सकते हैं। यह राय इसलिए ली जा रही है, ताकि स्पीकर का फैसला अदालत में चुनौती मिलने पर भी कानूनी जांच में टिक सके। रविवार को TMC के 20 बागी सांसदों में से 17 ने स्पीकर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था और अपने गुट के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की जानकारी दी थी। 17 बागी सांसदों ने स्पीकर से मुलाकात की थी… एक्सपर्ट बोले- सांसद खुद किसी पार्टी में विलय नहीं कर सकते पूर्व लोकसभा महासचिव और संवैधानिक विशेषज्ञ पीडीटी आचार्य के मुताबिक, संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत केवल कोई राजनीतिक दल ही दूसरे राजनीतिक दल में विलय कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर किसी पार्टी का नेतृत्व विलय का फैसला करता है, तो उसके सांसद और विधायक उसका हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन सांसद या विधायक अपने दम पर किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते। एक पूर्व चुनाव आयोग अधिकारी ने भी बागी सांसदों के NCPI में विलय के प्रस्ताव को “नई व्यवस्था” बताया। उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था का जिक्र न तो दल-बदल कानून में है और न ही जनप्रतिनिधित्व कानून में। TMC बोली- अभिषेक को सिर्फ 2 घंटे का समय मिला ANI के मुताबिक, TMC सूत्रों का दावा है कि स्पीकर कार्यालय ने 15 जून को दोपहर 2 बजे अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजा था। इसमें उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया गया था। सूत्रों के अनुसार, उस समय अभिषेक बनर्जी ED की पूछताछ में शामिल थे। उनके पास फोन या ईमेल देखने की सुविधा नहीं थी। TMC का कहना है कि ईमेल भेजे जाने के करीब एक घंटे बाद सांसद कीर्ति आजाद को स्पीकर कार्यालय से फोन आया। इसके बाद कीर्ति आजाद वहां पहुंचे और बताया कि अभिषेक पूछताछ में व्यस्त हैं। उन्होंने बैठक के लिए दूसरी तारीख देने का अनुरोध किया। 15 मई: बागी TMC सांसद बोले- NDA के साथ काम करेंगे TMC 20 बागी सांसदों में से 17 सांसद ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की थी। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था- TMC के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र सौंपा है। हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड, त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की NCPI का रजिस्टर्ड पता पश्चिम बंगाल के हावड़ा के बानीपुर इलाके में है। पार्टी ने 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। लेकिन उसके उम्मीदवार या तो NOTA से पीछे रहे या फिर उससे थोड़ा ज्यादा वोट हासिल कर पाए। पार्टी को कुल मिलाकर लगभग 1,198 वोट मिले थे। NCPI के चुनावी पोस्टरों में नारा था- अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें। ममता से अलग हुए 20 बागी सांसदों के नाम… ———— ये खबर भी पढ़ें… TMC के 20 बागी सांसदों का NCPI में विलय: 3 साल पहले पति-पत्नी ने यह पार्टी बनाई; बैंक बैलेंस ₹75, नारा था- दलबदलू नेताओं को नकारो तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले 2023 में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी। NCPI के डॉक्यूमेंट्स में उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष हैं। पत्नी शेउली का नाम कोषाध्यक्ष के रूप में दर्ज है। पूरी खबर पढ़ें…



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