Wednesday, September 9, 2026
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NEET-UG पेपर लीक- आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई: आरोपी के वकील बोले- वे पब्लिक सर्वेंट नहीं; न भरोसा तोड़ा, न कोई अपराध हुआ


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नई दिल्ली14 मिनट पहले

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फाइल फोटो

नई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को NEET-UG पेपर लीक केस में आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई हुई। प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी के वकील ने कहा कि कुलकर्णी पब्लिक सर्वेंट नहीं हैं, जैसा कि CBI ने आरोप लगाया है।

वकील हेमंत शाह ने कहा कि किसी व्यक्ति को पब्लिक सर्वेंट घोषित करने के लिए कानून के मुताबिक उसके पद की अधिसूचना जारी होना जरूरी है।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पब्लिक अथॉरिटी है और पब्लिक परीक्षाएं कराती है। लेकिन कुलकर्णी के पद को लेकर ऐसी कोई अधिसूचना नहीं है।

वकील ने CBI के आरोप पर भी सवाल उठाया कि कुलकर्णी समेत एक्सपर्ट्स को NEET प्रश्नपत्र तैयार करने का काम सौंपा गया था।

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई काम सौंपे जाने का सवाल ही नहीं है। न भरोसा तोड़ने का मामला बनता है और न ही कोई अपराध हुआ है।

स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट स्पेशल जज (CBI) अजय गुप्ता की बेंच 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर सुनवाई कर रही है।

इस मामले में आज भी सुनवाई होगी, मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल के वकील दलीलें रखेंगे।

वकील ने पेपर लीक और पैसों के आरोपों पर सवाल उठाए

कुलकर्णी के वकील ने कहा कि किसी भी छात्र को लीक हुआ पेपर नहीं दिया गया था। किसी ने यह भी नहीं कहा है कि सवालों के बदले पैसे दिए गए। पैसे से जुड़ी बात विवादित है। उन्होंने कहा कि कुलकर्णी का परीक्षा प्रश्नपत्र की छपाई से कोई लेना-देना नहीं था।

वकील ने कहा कि आरोपों के मुताबिक NEET-UG परीक्षा से पहले छात्रों ने कुलकर्णी के घर पर स्पेशल क्लास की थी। लेकिन रिकॉर्ड में छात्रों के उनके घर जाने का कोई सबूत नहीं है। रिकॉर्ड में MyGate की एंट्री भी नहीं है।

NTA के साथ हुए समझौते को लेकर भी दलील

कुलकर्णी के वकील ने कहा कि उनके और NTA के बीच हुआ गोपनीयता प्रमाणपत्र सिर्फ एक अंडरटेकिंग है। यह केवल एक कॉन्ट्रैक्ट है। इस अंडरटेकिंग से यह पता चलता है कि काम किया गया था।

धनंजय लोखंडे की ओर से एडवोकेट विक्रम सिंह ने दलीलें रखीं। मंगलवार को स्पेशल जज (CBI) अजय गुप्ता ने आरोपियों की ओर से बहस सुनी। CBI आरोप तय करने के मुद्दे पर सोमवार को अपनी दलीलें पूरी कर चुकी है।

मंगलवार की सुनवाई में प्रह्लाद कुलकर्णी, मनीषा मंधारे, तेजस हर्षद कुमार शाह, यश यादव, धनंजय लोखंडे और शुभम खैरनार के वकीलों ने बहस की।



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मेटा का पर्सनल AI-एजेंट म्यूज लॉन्च, अभी केवल अमेरिका में: ईमेल भेजेगा, टिकट बुक करेगा; यूजर्स खरीदारी-बिजनेस प्लानिंग में भी मदद ले सकेंगे


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न्यूयॉर्क9 मिनट पहले

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म्यूज का एनिमेटेड वीडियो, मेटा ने X पर शेयर किया है।

मेटा ने मंगलवार को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए पर्सनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट ‘म्यूज’ लॉन्च किया। यह रोजमर्रा के कामों जैसे शेड्यूल बनाने और खरीदारी में मदद करेगा।

मेटा के मुताबिक, यह लंबे समय के टारगेट को एक्शन प्लान में बदलने में भी मदद कर सकता है। म्यूज अभी सिर्फ US में उपलब्ध है।

मेट का कहना है कि इसके सेफ्टी-प्राइवेसी फीचर्स को खास हैं। एजेंट सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर चलता है, जिसमें एजेंट और यूजर का डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं।

यूजर म्यूज के अलग ऐप पर या वॉट्सऐप के जरिए उससे बात कर सकते हैं। यह ईमेल भेजने और यात्रा बुक करने जैसे छोटे काम कर सकता है।

साथ ही, सालभर का एक्सरसाइज प्लान बनाने या नया बिजनेस शुरू करने जैसे लंबे समय के टारगेट पर भी काम कर सकता है।

ऐसी रहेगी म्यूज की वर्किंग

यूजर जब म्यूज के साथ अपना टारगेट शेयर करेगा, तो यह उसके लिए पर्सनलाइज्ड प्लान बनाने में मदद करेगा। इसके बाद यह यूजर के समय और संसाधनों को व्यवस्थित कर काम को आगे बढ़ाएगा।

म्यूज ब्राउजर खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है। यूजर की ओर से बातचीत यानी नेगोशिएशन भी कर सकता है।

टेक कंपनियां AI एजेंट्स को चैटबॉट्स के बाद की अगली तकनीक बता रही हैं। चैटबॉट सवालों के जवाब दे सकते हैं और जानकारी खोज सकते हैं, लेकिन वे यूजर की ओर से काम नहीं करते।

चैटबॉट से कैसे अलग है AI एजेंट

अपने सबसे सामान्य रूप में AI एजेंट एक ट्रेडीशनल कंप्यूटर प्रोग्राम की तरह काम करता है। ऐसा प्रोग्राम किसी काम को पूरा करने के लिए बनाया जाता है, जैसे कोई ऐप खोलना।

जब इसे AI के लार्ज लैंग्वेज मॉडल के साथ जोड़ा जाता है, तो यह बिना हर कदम का निर्देश दिए काम पूरा करने के लिए जरूरी जानकारी खोज सकता है।

मसलन, यह सिर्फ ईमेल का ड्राफ्ट तैयार करने में मदद नहीं करेगा। यह मैसेज पढ़कर यह समझने की कोशिश कर सकता है कि यूजर क्या जवाब देना चाहता है और फिर अपने आप जवाब भेज सकता है।

मार्क जुकरबर्ग का AI विजन

मेटा के लिए यह एजेंट CEO मार्क जुकरबर्ग के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें AI सुपरइंटेलिजेंस हर व्यक्ति के लिए उपलब्ध हो। उन्होंने पिछले महीने ऑनलाइन प्रकाशित 6,500 शब्दों के एक निबंध में अपना विजन बताया था।

आलोचकों ने इस दस्तावेज को कल्पनाओं से भरा हुआ बताया। जुकरबर्ग ने इसमें लिखा कि मेटा ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है, जहां हर व्यक्ति के पास नए बिजनेस बनाने, Ph.D लेवल की पढ़ाई में मदद लेने और अपनी जरूरत के मुताबिक लाइफस्टाइल सलाह पाने के टूल होंगे।

जुकरबर्ग ने लिखा, “हर व्यक्ति के पास एक बेहद सक्षम पर्सनल एजेंट होगा, जो आपको, आपके लक्ष्यों और आपकी हर अहम चीज को समझेगा। आपका एजेंट आपके रिश्तों, सेहत, करियर, वित्त, घर के काम, शौक और दूसरी चीजों को बेहतर बनाने के लिए 24 घंटे, सातों दिन आपकी ओर से काम करेगा।”

यह एजेंट उन चीजों के लिए समय बचाएगा, जिन्हें लोग पसंद करते हैं और उन्हें वह हासिल करने में मदद करेगा, जो वे इसके बिना नहीं कर पाते।

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मस्क बोले- अगले साल इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगा AI, डिजिटल काम चुटकियों में करेगा, इंटरनेट और हैकिंग के लिए बनेगा बड़ा खतरा

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क का कहना है कि AI बहुत तेजी से इंसानों जैसी समझ हासिल कर रहा है। अगले साल के अंत तक यह कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े कामों में इंसानों से भी आगे निकल जाएगा। मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए यह बात कही। पढ़ें पूरी खबर…



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क्राइम मीटिंग में लापरवाह पुलिसकर्मी रहे एडीजी के निशाने पर: लंबित विवेचनाओं को लेकर जताई नाराजगी, सुधरने की दी हिदायत, डीआईजी भी रहे मौजूद – Meerut News




मेरठ में मंगलवार देर रात संपन्न हुई क्राइम मीटिंग में लापरवाह पुलिसकर्मी एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर के निशाने पर रहे। एडीजी ने कहा कि काम के प्रति गंभीरता ना दिखाने वाले संभल जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान लंबित विवेचनाओं, साइबर अपराध, महिला संबंधी अपराध और लंबित मामलों के निस्तारण का मुद्दा गर्माया रहा। डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी व एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति भी इस दौरान मौजूद रहे। दो तस्वीरें देखें… पुलिस लाइन स्थित ICCC में क्राइम मीटिंग का आयोजन किया गया था, जिसमें सभी एएसपी, डिप्टी एसपी, थाना प्रभारी, थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज मौजूद रहे। शुरुआत लंबित विवेचनाओं से की गई। पहले सर्किल और फिर थाना स्तर पर लंबित विवेचनाओं पर सवाल जवाब हुआ तो अफसर बगलें झांकने लगे। एडीजी ने साफ किया कि 60/90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का पूरी पारदर्शिता के साथ निस्तारण किया जाए। सर्वाधिक लंबित विवेचना वाले थानेदारों को फटकार भी लगाई गई। कई थानों की स्थिति बेहद खराब रही। साइबर अपराध पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
एडीजी भानु भास्कर ने क्राइम मीटिंग में साइबर अपराध की भी समीक्षा की। किस तरह के मामले इन दिनों सबसे अधिक पहुंच रहे हैं और कैसे उनका निस्तारण किया जा रहा है, इस पर भी सवाल जवाब किये। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूकता ही एकमात्र हथियार है। महिला अपराध को लेकर भी उन्होंने शासन की मंशा से अवगत कराया। एडीजी ने कहा कि संजीदगी के साथ महिला अपराध से जुड़े मामलों पर काम किया जाए। एएसपी-डीएसपी पर विशेष जिम्मेदारी
डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी ने भी क्राइम मीटिंग को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि थाना स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था तैयार करें। यहां से आगे की जिम्मेदारी सबसे पहले डिप्टी एसपी और उनके बाद एडिशनल एसपी के कंधों पर है। फरियादियों से बेहतर व्यवहार किया जाए। महिला व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। देर रात तक बैठक का दौर जारी रहा।



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कल्याण में सब-इंजीनियर को पहनाया गड्ढों वाली तस्वीरों का शॉल: बदहाली पर शिवसेना UBT महिला पार्षदों का विरोध, बोलीं- सड़कें ठीक करवा दो, असली शॉल देंगे




ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली इलाके में सड़कों की खराब हालत के विरोध में शिवसेना (UBT) की दो महिला पार्षदों ने मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के एक अधिकारी को गड्ढों वाली सड़कों की तस्वीरों वाला शॉल पहनाई। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, पार्षद स्वप्नाली केने और अपर्णा भोईर ने KDMC कार्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने KDMC के सब-इंजीनियर से सड़क की खराब हालत को लेकर सवाल किए। कल्याण पश्चिम की सड़कों को लेकर प्रदर्शन पार्षदों ने दावा किया कि कल्याण पश्चिम के कई इलाकों में सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं और वहां बड़े-बड़े गड्ढे हैं। इनमें रामबाग लाइन नंबर 4 और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों के ठीक सामने का रास्ता भी शामिल है। पार्षदों ने कहा कि सड़कें ठीक होने के बाद वे अधिकारी को खुशी से पारंपरिक शॉल भेंट करेंगी। सड़कों की मरम्मत कब तक पूरी होगी, इसकी जानकारी अभी नहीं दी गई है। ——————- यह खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र में छात्राओं ने रिपोर्टर बनकर दिखाई बदहाल सड़क: MLA ने मरम्मत करवाई महाराष्ट्र के रायगढ़ में खराब सड़क की रिपोर्टिंग कर रही स्कूली छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छात्राओं ने सड़क के गड्ढे दिखाते हुए एक-दूसरे से रिपोर्टर की तरह सवाल-जवाब किए। असर यह हुआ कि स्थानीय विधायक ने सड़क के गड्ढे भरवा दिए। यह सड़क करजत तहसील की खांडपे-कोंडीवडे की तरफ जाती है। विधायक ने कहा कि बारिश के कारण सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था। मानसून खत्म होने के बाद नई सड़क बना दी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…



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शहर की सरकार: भाजपा प्रत्याशी के मिठाई बांटने पर बवाल, पुलिस पहुंची – Rajasthan News




हनुमानगढ़ की भादरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 31 में भाजपा प्रत्याशी मांगीलाल गोयल घर-घर जाकर मिठाई बांट रहे थे। इस पर कांग्रेस प्रत्याशी ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसका वीडियो देखने के लिए कवर इमेज पर क्लिक करें।



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गिरिराज सिंह ने जन्मदिन पर महाकाल मंदिर में विशेष पूजा: बेगूसराय में हवन-शिवचर्चा का आयोजन, जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन का वितरण – Begusarai News




बेगूसराय के सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह जी के जन्मदिन पर आज खातोपुर स्थित महाकाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हवन और शिवचर्चा का आयोजन किया गया। बाबा भोलेनाथ से केंद्रीय मंत्री के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर जनसेवा के लिए की प्रार्थना की गई। इसके साथ ही साईं की रसोई में जरूरतमंद लोगों के बीच भोजन का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मंदिर में भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। श्रद्धालुओं और उपस्थित कार्यकर्ताओं ने बाबा महाकाल का पूजन कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ हवन का आयोजन किया गया। हवन में कार्यकर्ताओं ने आहूति देकर गिरिराज सिंह के स्वस्थ, दीर्घ और मंगलमय जीवन की कामना की। ‘गिरिराज सिंह के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से जुड़े रहे’ वक्ताओं ने कहा कि भारतीय संस्कृति में भगवान शिव केवल आराध्य देव ही नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या, करुणा, धैर्य और लोककल्याण के प्रतीक माने जाते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा ने गिरिराज सिंह के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से जुड़े कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि जन्मदिन का उत्सव के रूप में मनाने के बजाय धार्मिक अनुष्ठान और समाजहित की भावना के साथ मनाना हमारी सनातन परंपरा की विशेषता है। बेगूसराय के विकास एवं जनहित के लिए निरंतर सक्रिय रहने की कामना की गई। जिला उपाध्यक्ष सुमित सन्नी ने कहा कि गिरिराज सिंह बेगूसराय की जनता से निरंतर जुड़े रहने वाले जनप्रतिनिधि हैं। इस धार्मिक कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा भोलेनाथ से उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना करना है। जिससे वे भविष्य में भी पूरी ऊर्जा के साथ क्षेत्र और राष्ट्र की सेवा करते रहें।
‘गिरिराज सिंह को जीवन में सफलता मिले’ जिला महामंत्री कुंदन भारती ने कहा कि लोगों ने भगवान महादेव से प्रार्थना की कि गिरिराज सिंह को जीवन में निरंतर सफलता मिले और वे देश और समाज के लिए इसी प्रकार समर्पित भाव से कार्य करते रहें। मृत्युंजय वीरेश ने कहा कि बेगूसराय के विकास, युवाओं के बेहतर भविष्य, क्षेत्र में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार व जनहित से जुड़े कार्यों को नई गति मिलने की भी कामना की गई। वरिष्ठ नेता कृष्ण मोहन पप्पू ने कहा कि पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।



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लग्जरी कार पर हूटर लगाकर घूम रहा था सरपंच: मुरार में मजिस्ट्रेट चेकिंग में पकड़े गए सरपंच, 5 हजार का चालान भरा – Gwalior News




ग्वालियर में लग्जरी वाहनों पर अवैध रूप से हूटर लगाने और शीशों पर काली फिल्म चढ़ाकर रौब जमाने वालों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। मंगलवार रात को मुरार स्थित सात नंबर चौराहे पर चली मोबाइल कोर्ट और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त चेकिंग के दौरान एक सरपंच साहब पुलिस के हत्थे चढ़ गए। अपनी स्कॉर्पियो कार पर हूटर लगाकर घूम रहे सरपंच ने चालान से बचने के लिए कई तिकड़म और बहाने लगाए, लेकिन पुलिस ने मौके पर ही हूटर उतरवाया और 5 हजार रुपए का जुर्माना ठोक दिया। अभियान के दौरान कुल 28 वाहनों पर चालान की कार्रवाई कर 51,500 रुपए का राजस्व वसूला गया। 7 नंबर चौराहे पर चेकिंग, स्कॉर्पियो रोकते ही निकला सरपंच का वाहन मुरार के सात नंबर चौराहा पर मोबाइल कोर्ट के साथ गोला का मंदिर ट्रैफिक थाने के टीआई प्रबल यादव अपनी टीम के साथ वाहनों की धरपकड़ कर रहे थे। इसी दौरान हूटर बजाती हुई एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार आती दिखी, जिसे टीम ने तुरंत घेराबंदी कर रोक लिया। पूछताछ करने पर चालक ने रौब झाड़ते हुए खुद को सरपंच बताया। हालांकि, मोबाइल कोर्ट और पुलिस अधिकारियों के सख्त रुख के आगे सरपंच की एक न चली। पुलिस ने सबसे पहले गाड़ी से हूटर उतरवाकर जब्त किया और फिर ₹5,000 की रसीद थमा दी। ट्रैफिक पुलिस की चेतावनी
गोला का मंदिर थाना टीआई ट्रैफिक प्रबल यादव ने बताया कि निजी या अनाधिकृत वाहनों पर हूटर-सायरन लगाना और काली फिल्म का इस्तेमाल करना पूरी तरह गैरकानूनी है। मोबाइल कोर्ट के साथ यह चेकिंग अभियान शहर के अलग-अलग चौराहों पर लगातार जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी।



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गुजरात में 635 करोड़ रुपए का घोटाला: इनवेस्टमेंट के लिए बनाया गया एसडी पे ऐप, करीब 15 लाख लोगों से ठगी


अहमदाबाद2 घंटे पहले

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पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को अरेस्ट किया है।

गुजरात के अमरेली साइबर क्राइम पने मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए चल रहे करोड़ों रुपए के निवेश घोटाले का भंडाफोड़ किया है। मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

जांच टीम ने बताया कि आरोपियों ने ‘एसडी पे’और ‘अपना पे’ नाम के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए देशभर में 15 लाख से 25 लाख लोगों को निशाना बनाया।

इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए डेली कैशबैक और 30% रेफरल बोनस का लालच देकर लोगों को फंसाया गया। अधिकारियों द्वारा की गई वित्तीय जांच में लगभग 634 करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।

आरोपियों के एप्लीकेशन में रजिस्टर्ड साढ़े तीन लाख लोगों का डेटा मिला।

आरोपियों के एप्लीकेशन में रजिस्टर्ड साढ़े तीन लाख लोगों का डेटा मिला।

0.15% तक का डेली रिटर्न देने का लालच

लोगों को फंसाने के लिए इस ठगी वाली योजना का डिजिटल चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर बड़े पैमाने पर प्रचार किया गया, ताकि खुदरा निवेशकों को जमा राशि के आधार पर गारंटीकृत दैनिक भुगतान का वादा करके लुभाया जा सके।

जांचकर्ताओं के अनुसार, ₹1,000 से ₹25,000 तक जमा करने वाले प्रतिभागियों को 0.15% का दैनिक रिटर्न देने का वादा किया गया था, जबकि ₹25,000 से ₹1 लाख तक की जमा राशि पर 0.20% प्रति दिन का रिटर्न दिया गया था।

₹1 लाख से ₹5 लाख के बीच के उच्च निवेशों के लिए, योजना ने 0.25% दैनिक रिटर्न का वादा किया, जो ₹5 लाख से अधिक की राशि के लिए बढ़कर 0.30% प्रति दिन हो गया।

15 कॉर्पोरेट खातों में करीब ₹634 करोड़ जमा किए गए

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि निवेशकों की जमा राशि को व्यवस्थित रूप से किसी एक खाते से निकालकर दूसरे स्थानों पर भेजा जा रहा था ताकि लेन-देन का रिकॉर्ड न मिटाया जा सके।

आरोपियों ने कथित तौर पर एसडी हब (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड, शिव धरती कम्युनिकेशन और उपाय डिजी पेमेंट इंडिया सहित कई व्यावसायिक संस्थाएं स्थापित या संचालित कीं, जिससे ठगी की रकम जमा कर उसे दूसरे अकाउंट्स में ट्रांसफर किया जा सके।

रिकॉर्ड से पता चलता है कि इन कंपनियों से सीधे जुड़े 15 कॉर्पोरेट खातों में लगभग ₹634 करोड़ जमा किए गए थे। जांच टीम ने आरोपियों से जुड़े 30 से 35 निजी बैंक खातों को भी चिह्नित किया है। इन खातों की फोरेंसिक जांच चल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धनराशि को कई खातों में कैसे ट्रांसफर किया गया।

छह आरोपियों के नाम…

  • सूर्यसिंह राठौड़ (24 वर्ष), गांधीनगर
  • आशीष गेड़िया (38 वर्ष), सावरकुंडला
  • भावेश चौहान (41 वर्ष), सावरकुंडला
  • निशी प्रसाद (47 वर्ष), महेसाणा
  • सोहिल मकवाना (26 वर्ष), महेसाणा
  • नीरवकुमार पटेल (32 वर्ष), महेसाणा

अमरेली साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, गुजरात जमाकर्ता हित संरक्षण अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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कानपुर में 225 करोड़ की ठगी करने वाले 6आरोपी अरेस्ट:3 गांवों में 450 म्यूल खाते खुलवाएं

शिवराजपुर पुलिस और साइबर क्राइम सेल ने ठगी का नेटवर्क चला रहे 6 ठगो को अरेस्ट किया है। आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में बैठे ठगों को म्यूल अकाउंट मुहैया कराते थे। ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करा कर आई रकम को पर्सन टू पर्सन ट्रेडिंग के जरिए इंडिनय करंसी में अन्य खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिससे मनीट्रेल टूट सके। पूरी खबर पढ़ें…



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बरेली में किशोरियों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा अभियान: 12 स्कूलों में BOGS और स्वास्थ्य विभाग देगा जागरूकता की खुराक – Bareilly News




बरेली ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (BOGS), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), UPCOG और विमेंस वेलफेयर कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आज आईएमए हॉल में ‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस जिला स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है। CMO ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विश्राम सिंह ने अभियान की स्टैंडी का अनावरण कर किया। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित किशोर स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए BOGS के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान डिप्टी CMO डॉ. लईक अंसारी और ACMO डॉ. अमित सिंह ने पहल को किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। IMA अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव और सचिव डॉ. अंशु अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित रहे। एक दर्जन स्कूलों का चयन
अभियान के तहत शहर के 10 से 12 चयनित स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में BOGS के दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पहुंचेगी। ये सत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होंगे: एनीमिया की पहचान, उपचार, आयरन और सही पोषण का महत्व। सर्वाइकल कैंसर से बचाव, स्क्रीनिंग और HPV वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता। किशोरावस्था से जुड़ी शारीरिक समस्याओं व स्त्रीरोग संबंधी शंकाओं का समाधान। BOGS अध्यक्ष डॉ. लतिका अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल भाषण देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्राओं के साथ खुला संवाद स्थापित करेगा ताकि वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें। BOGS सचिव डॉ. अनीता नाथ ने कहा कि पहले चरण में 1,000 छात्राओं तक सीधी पहुंच बनाने का लक्ष्य है। अभियान का स्वरूप और इसके प्रमुख लाभ
‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ मुख्य रूप से स्कूल जाने वाली 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक जमीनी अभियान है। इसमें विशेषज्ञ महिला चिकित्सक सीधे स्कूलों में जाकर छात्राओं से संवाद करेगी। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:
एनीमिया की समय रहते पहचान व रोकथाम: छात्राओं को खून की कमी (एनीमिया) के लक्षणों, आयरन युक्त पोषण और सही खान-पान की जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी शारीरिक कमजोरी और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी दूर होगी। सर्वाइकल कैंसर से समय से बचाव: किशोरियों और उनके अभिभावकों को एचपीवी (HPV) वैक्सीन के महत्व और सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतों के बारे में सही चिकित्सकीय जानकारी मिलेगी। झिझक मिटाने वाला खुला संवाद: विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञों से सीधे बातचीत होने से छात्राएं पीरियड्स (माहवारी) और शारीरिक बदलावों से जुड़ी व्यक्तिगत समस्याएं बिना किसी संकोच के साझा कर सकेंगी। सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: स्वास्थ्य विभाग और BOGS के तालमेल से किशोरियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे स्कूल स्तर पर मिल सकेगा। स्वस्थ मातृत्व की मजबूत नींव: किशोरावस्था में बेहतर पोषण और स्वास्थ्य की समझ आगे चलकर एक स्वस्थ महिला, सुरक्षित मातृत्व और मजबूत समाज का निर्माण करती है। कार्यक्रम में डॉ. लता अग्रवाल, डॉ. नीरा अग्रवाल, डॉ. दरक्षा, डॉ. अनुजा सिंह, डॉ. प्रगति, डॉ. मीरा वैश्य, डॉ. कोमल कक्कड़ सहित कई वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ मौजूद रहीं। ‘स्वस्थ किशोरी, स्वस्थ महिला, स्वस्थ समाज’ के संदेश के साथ संस्था ने इस पहल को एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में अहम कदम बताया।



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आस‍िम मुनीर हुए ट्रंप के दुलारे तो ज‍िनपिंग बंद करने लगे अपनी त‍िजोरी


आचार्य चाणक्‍य कहते थे क‍ि दुष्‍ट आदमी से दोस्‍ती से अच्‍छा है क‍ि दुश्मन से म‍ित्रता कर लो. चीन इसे समझ नहीं पाया और पाक‍िस्‍तान से दोस्‍ती कर बैठा. नतीजा जो चाणक्‍य कह गए थे, वही हुआ. खुद को सदाबहार दोस्‍त कहने वाले पाक‍िस्‍तान के आर्मी चीफ आस‍िम मुनीर चीन की पीठ में खंजर घोंपकर डोनाल्‍ड ट्रंप की ड‍िनर टेबल पर जाकर बैठ गए. अब जब चीन को धोखे का एहसास हुआ तो रिश्ते तोड़ने लगा. Nikkei Asia की र‍िपोर्ट बता रही क‍ि पाक‍िस्‍तान के ज‍िन प्रोजेक्‍ट्स में चीन की कंपन‍ियां अंधाधुंध पैसे लगा रही थीं, अब ह‍िसाब क‍िताब कर रही हैं. वहां से न‍िकलने की राह देख रही हैं. कुछ बड़े प्रोजेक्‍ट तो बंद भी हो गए हैं. चीन पूछ रहा है, भाई मेरा पैसा कहां फंसा है और रिटर्न कहां है?

रिपोर्ट के मुताबिक, पावर चाइना की एक सब्सिडियरी कंपनी पहले पाकिस्तान की बड़ी बिजली कंपनी फैसलाबाद इलेक्‍ट्र‍िक सप्‍लाई कंपनी को खरीदने का प्‍लान बना रही थी. सबकुछ लगभग तय हो चुका था. लेकिन अचानक उसने अपने कदम पीछे खींच ल‍िए हैं. एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि यह चीन की पाक‍िस्‍तान में घटती द‍िलचस्‍पी का संकेत है. लेकिन कहानी सिर्फ FESCO तक सीमित नहीं है.

चीन ने पाक‍िस्‍तान में सड़कें-हाईवे, पोर्ट्स में जमकर पैसा लगाया. लेकिन कहते हैं क‍ि सबसे ज्‍यादा उसकी द‍िलचस्‍पी इलेक्‍ट्र‍िस‍िटी में थी. CPEC प्रोजेक्‍ट के तहत चीन और उसकी कंपनियों ने पाकिस्तान में बड़े-बड़े कोयला बिजलीघर, हाइड्रोपावर और विंड प्रोजेक्ट्स खड़े किए. आज CPEC की ल‍िस्‍ट में साहीवाल का 1,320 मेगावाट कोयला बिजलीघर, पोर्ट कासिम का 1,320 मेगावाट प्लांट, हब का 1,320 मेगावाट प्लांट, थार के प्रोजेक्ट्स, करोट का 720 मेगावाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट और सुकी किनारी का 884 मेगावाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट जैसे बड़े प्रोजेक्ट चीन ने बनाए.

पोर्ट कासिम प्रोजेक्ट से समझ‍िए

पोर्ट कासिम प्रोजेक्ट में पावर चाइना की भागीदारी रही है. कहा तो यहां तक जाता है क‍ि इस कंपनी ने करीब 2.085 अरब डॉलर इस प्रोजक्‍ट में लगाए हैं. यानी चीन ने पाकिस्तान से सिर्फ दोस्ती के फोटो नहीं खिंचवाए थे, बिजली के तारों में भी अरबों डॉलर फंसा रखे हैं. लेकिन अब वही बिजली पाकिस्तान के लिए मुसीबत बन गई है. समस्या यह है कि पाकिस्तान का पावर सेक्टर अब एक बड़े जाल में फंस चुका है.

बिजली में घाटा जून 2024 में ही 2.4 ट्रिलियन पाकिस्तानी रुपये था. इसके बाद बिजली ब‍िल में 30-35 फीसदी तक ऐसे चार्ज जोड़ द‍िए गए, जिसका बिजली से कोई लेना देना ही नहीं. और पैसा देना पड़ रहा है पावर प्‍लांट्स को. यह देखकर चीनी कंपनी वहां से भागने की कोश‍िश कर रही है.

जब बिजली के दाम बढ़ रहे थे, उसी समय चीन की फैक्ट्रियां दुनिया को सस्ते सोलर पैनल से भर रही थीं. पाकिस्तान में पहुंच रहे सोलर पैनल की कीमत 2017 में करीब 0.35 डॉलर प्रति वाट थी, जो 2025 तक घटकर करीब 0.08 डॉलर प्रति वाट रह गई. नतीजा? पाकिस्तानियों ने खूब सोलर पैनल लगा ल‍िए.

चीन की K-Electric डील भी टूटी

2025 में शंघाई इलेक्‍ट्र‍िक पावर ने K-Electric में 66.4 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने की करीब 1.77 अरब डॉलर की डील खत्म कर दी थी. यह डील 2016 से लटकी हुई थी. चीनी कंपनी ने कहा कि पाकिस्तान के कारोबारी माहौल में बदलाव और डील की शर्तें पूरी न होने के कारण उसने अधिग्रहण खत्म करने का फैसला किया. यानी एक तरफ FESCO में चीनी बोलीदाता पीछे हटा और दूसरी तरफ K-Electric जैसी बड़ी यूटिलिटी में चीन की पुरानी अधिग्रहण कोशिश पहले ही खत्म हो चुकी थी.

ग्‍वादर का बिजलीघर भी अटका

ग्‍वादर में 300 मेगावाट का पावर प्‍लांट बनना था. यह CPEC के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में गिना जाता है, लेकिन 2026 में इसके चीनी स्‍पांसर ने कह द‍िया क‍ि ऐसा नहीं लगता क‍ि यह चल भी पाएगा, और पीछे हट गया.

कर्ज में पहले से डूबा, और मांग रहा भीख

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब अब अमेरिका से फंडिंग और निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. Financial Times की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने चीन पर निर्भरता कम करने और अमेरिकी संस्थानों से फंडिंग हासिल करने के लिए जी हजूरी शुरू कर दी है.

सबसे बड़ा संकेत यह है कि पाकिस्तान फिलहाल चीन से नए कर्ज मांगने से बच रहा है. पाक‍िस्‍तान पर कुल विदेशी कर्ज का 23 फीसदी अकेले चीन ने दे रखा है. पाकिस्तान अमेरिका की एक्‍सपोर्ट इंपोर्ट बैंक और डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन जैसी संस्थाओं से संभावित फंडिंग और निवेश तलाश रहा है. लेकिन दोनों के बीच र‍िश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे हैं.



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