Wednesday, September 9, 2026
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दरभंगा टावर की फेमस लस्सी: ₹50 में मलाई-मेवा और केसर का स्वाद, लगता है नंबर

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Darbhanga Tower Famous Lassi: दरभंगा टावर की मशहूर लस्सी 50 रुपये में स्वाद और सेहत का संगम है. यह लस्सी अपनी देसी सामग्री, मलाई, मेवे और केसर के साथ कुल्हड़ में परोसी जाती है. शाम को यहां भीड़ उमड़ती है और बिना टोकन के मिलना मुश्किल है. यह शहर की पहचान बन चुकी है.

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दरभंगा: दरभंगा टावर की शाम अपने आप में खास होती है. चौराहे की रौनक, लोगों की भीड़ और बाजार की हलचल यहां के माहौल को अलग पहचान देती है. लेकिन इस रौनक के बीच एक ऐसी चीज है, जो स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी अपनी ओर खींचती है दरभंगा टावर की मशहूर लस्सी. कहा जाता है कि अगर दरभंगा आए और टावर की इस लस्सी का स्वाद नहीं लिया, तो शहर का सफर कुछ अधूरा-सा रह जाता है.

टावर चौराहे पर एक छोटे से टेबल से दशकों से लस्सी बेचने का सिलसिला जारी है. दुकान भले ही बड़ी नहीं है, लेकिन इसके स्वाद की चर्चा दूर-दूर तक है. यही वजह है कि शाम होते ही यहां लस्सी पीने वालों की भीड़ जुटने लगती है. अपनी बारी के लिए लोगों को टोकन लेना पड़ता है. नंबर आने का इंतजार करना पड़ता है.

सिर्फ 50 रुपये में कुल्हड़ वाली लस्सी
गर्मी के मौसम में इसकी मांग और बढ़ जाती है. महज 50 रुपये में मिलने वाली ठंडी-ठंडी लस्सी गर्मी से राहत देने के साथ स्वाद का भी अलग अनुभव कराती है. टोकन सिस्टम के कारण ग्राहकों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन लस्सी का स्वाद इंतजार को आसान बना देता है.

मलाई, मेवे और केसर का स्वाद
इस लस्सी की खासियत इसका देसी अंदाज है. गाढ़ी दही के साथ मलाई और क्रीम मिलाई जाती है. इसके बाद काजू, पिस्ता, बादाम और केसर से इसे सजाया जाता है. मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाने वाली लस्सी में देसी स्वाद और खुशबू का एहसास और बढ़ जाता है.

शाम होते ही बढ़ती है भीड़
दरभंगा टावर की यह लस्सी सिर्फ गर्मी में राहत देने वाला पेय नहीं, बल्कि शहर की खान-पान संस्कृति का हिस्सा बन चुकी है. ऑफिस से लौटने वाले लोग हों, कॉलेज के छात्र हों या परिवार के साथ बाजार घूमने निकले लोग कई लोग यहां रुककर लस्सी का स्वाद लेना पसंद करते हैं. छोटी सी जगह से शुरू हुई यह दुकान आज दरभंगा टावर की पहचान से जुड़ चुकी है. यही वजह है कि स्थानीय लोगों के लिए यह लस्सी सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि दरभंगा की शाम और शहर की स्वादिष्ट याद का हिस्सा है.

About the Author

Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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शराब पीने के बाद युवक की तबीयत बिगड़ी, मौत: जीजा बोले-स्टेशन चौराहे पर बेहोश मिला; चने बेचकर शराब खरीदी थी – Damoh News




दमोह देहात थाना क्षेत्र की सागर नाका चौकी के पीछे रहने वाले मनीष जोगी (32) की मंगलवार रात जिला अस्पताल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि जहरीली शराब पीने से उसकी जान गई है। हालांकि, पुलिस ने मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया है। अवैध शराब से मौत का आरोप मृतक के जीजा संतोष जोगी ने आरोप लगाया कि युवक ने सागर नाका कृषि उपज मंडी के सामने से अवैध शराब खरीदी थी। शराब पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि शराब में कोई जहरीला पदार्थ मिला हो सकता है। जीजा के अनुसार युवक सोमवार सुबह घर से निकला था और शाम को शराब पीकर लौटा। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे उसके पास शराब खरीदने के पैसे नहीं थे। इसके बाद उसने घर से कुछ चने लिए और बाजार में बेचकर मिले पैसों से शराब पी। स्टेशन चौराहे के पास बेहोश मिला शराब पीने के बाद युवक स्टेशन चौराहे के पास बेहोशी की हालत में मिला। स्थानीय लोगों ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। मंगलवार को सागर नाका चौकी में उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। मंगलवार रात जिला अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई। इसके बाद शव को मोर्चरी में रख दिया गया। बुधवार सुबह पुलिस ने परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों ने शव मोर्चरी में देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कारण पुलिस का कहना है कि युवक की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों के जहरीली शराब के आरोपों की भी जांच की जा रही है।



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बार-बार शिकायतें करने से अपने भी दूर हो सकते हैं: मन हल्का करें, लेकिन सामने वाले को भी बोलने दें




ऑफिस या जिंदगी की परेशानियां किसी करीबी से शेयर करने पर मन हल्का होता है। लेकिन अगर हर बातचीत में सिर्फ अपनी शिकायतें और परेशानियां बताई जाएं, तो सामने वाला भी थकने लगता है। मनोवैज्ञानिक जेनी मार्टिन के मुताबिक, अपनी बात कहने की एक सीमा होनी चाहिए। लगातार शिकायतें रिश्ते में कड़वाहट और दूरी ला सकती हैं। थेरेपिस्ट स्टेफनी महलेक के मुताबिक, अच्छी बातचीत दोनों तरफ से होती है। अगर आप लगातार बोलते रहें, सामने वाले के सवाल आपको दखल लगें और उसकी सलाह भी न सुनें, तो बातचीत एकतरफा हो जाती है। अपनी बात कहने के बाद रुकें और पूछें- “तुम इस बारे में क्या सोचते हो?” इससे सामने वाले को भी अपनी बात कहने का मौका मिलेगा। 10 मिनट शिकायत के लिए काफी मनोवैज्ञानिक जेनी मार्टिन के मुताबिक, परेशानी बताने की बातचीत की शुरुआत और अंत होना चाहिए। इसके लिए करीब 10 मिनट की सीमा तय कर सकते हैं। समय पूरा होने के बाद विषय बदलें और सामने वाले की बातें भी सुनें। अगर वह बातचीत को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है और आप बार-बार नई शिकायत शुरू कर देते हैं, तो यह रिश्ते के लिए ठीक नहीं है। बात के बाद तनाव बढ़े तो रुकें थेरेपिस्ट मैट कार्टराइट के मुताबिक, भड़ास निकालने का मकसद मन हल्का करना है। अगर बात करने के बाद गुस्सा और बेचैनी कम होने के बजाय बढ़ जाए, तो दोनों लोग मिलकर नकारात्मक सोच में फंस रहे हो सकते हैं। ऐसा लगे तो बातचीत रोकें, गहरी सांस लें और कुछ देर टहलने निकल जाएं। हर किसी से निजी बातें शेयर न करें रिश्ता जितना करीबी हो, निजी बातें भी उतनी ही साझा करें। किसी नए सहकर्मी या परिचित से बहुत निजी विवाद और गहरी शिकायतें साझा करना उसे असहज कर सकता है। बात शुरू करने से पहले सोचें कि सामने वाला आपके कितना करीब है और उस पर कितना भरोसा है। दोस्त दूरी बनाने लगे तो संकेत समझें अगर दोस्त अब गहरी बातें करने के बजाय सिर्फ काम या मौसम की बात करने लगे, अकेले मिलने के बजाय ग्रुप में मिलना पसंद करे या फोन टालने लगे, तो यह संकेत हो सकता है कि वह लगातार शिकायतों से बच रहा है। अगली बार मिलें तो बिना शिकायत के उसकी जिंदगी, खुशियों और हालचाल के बारे में पूछें। रिश्ते में सिर्फ अपनी परेशानी सुनाने के बजाय सामने वाले को सुनना भी उतना ही जरूरी है। —————————- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिकी अरबपतियों में 100 साल पुराने पेड़ लगवाने का क्रेज:बड़े पेड़ बने नया स्टेटस सिंबल, नर्सरी में ग्राहकों के लिए हेलीपैड तक अमेरिका में अरबपतियों के बीच अब 100 साल पुराने और पूरी तरह विकसित पेड़ लगवाने का क्रेज बढ़ रहा है। महंगी घड़ियां, प्राइवेट जेट और सुपरकार के बाद बड़े पेड़ नया स्टेटस सिंबल बन रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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अहमदाबाद में भाई ने बहन की हथौड़े से हत्या की: हिट एंड रन केस दिखाने की कोशिश, ऑनर किलिंग का मामला


अहमदाबाद5 मिनट पहले

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22 साल की सोफिया निजी अस्पताल में रिसेप्शनिस्ट थीं।

अहमदाबाद में 22 साल की युवती की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसके पिता मोहम्मद फारूक और भाई मोहम्मद हाबिल को गिरफ्तार किया है।

दरअसल 12 अगस्त की रात अहमदाबाद में सोफिया नाम की युवती का शव मिला था। पास में बाइक भी पड़ी थी। भाई घायल था। भाई ने पुलिस को बताया था कि अज्ञात वाहन ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। इसमें बहन की मौत हो गई। दुर्घटना की जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया कि भाई और पिता ने मिलकर बेटी की हत्या की थी।

दोनों को शक था कि सोफिया का किसी युवक से रिश्ता है। इज्जत के लिए दोनों ने हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत पहले सोफिया के सिर पर हथौड़े से वार किए और हत्या को हिट एंड रन हादसा दिखाने की कोशिश की।

मोहम्मद फारूक और मोहम्मद हाबिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मोहम्मद फारूक और मोहम्मद हाबिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

हादसे की जगह पर नहीं मिले सबूत

पुलिस को हादसे वाली जगह पर किसी दुर्घटना के सबूत नहीं मिले। CCTV फुटेज में भी उस जगह कोई दूसरा वाहन दिखाई नहीं दिया।

इसके बाद पुलिस ने हाबिल से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ के दौरान हाबिल ने पिता मोहम्मद फारूक का साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली।

वीडियो वायरल होने के बाद साजिश रची

पुलिस के मुताबिक, सोफिया बापोल इलाके के निकी हॉस्पिटल में रिसेप्शनिस्ट थी। करीब तीन महीने पहले सोफिया का एक युवक के साथ वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर पिता और भाई नाराज थे।

बाइक पर ले जाकर हथौड़े से वार किए

पुलिस के मुताबिक साजिश के तहत हाबिल और फारूक बाइक से उस हॉस्पिटल गए, जहां सोफिया काम करती थी। लौटते समय दोनों सोफिया को बाइक पर साथ ले गए। हाबिल अपने साथ हथौड़ा लेकर गया था।

रास्ते में बाइक को गेलजीपुरा गांव के पास एक सुनसान कच्ची सड़क पर मोड़ दिया, जहां हाबिल ने बहन के सिर पर हथौड़े से तीन बार वार किए। सोफिया के बेहोश हो जाने पर उसे बाइक से नीचे फेंक दिया और हथौड़े से उसके सिर पर दो और वार किए।

इसके बाद सोफिया के शव को वापस मुख्य सड़क पर लाकर रख दिया। बाइक में भी तोड़-फोड़ कर वहां पटक दिया ताकि इसे दुर्घटना दिखाया जा सके। पिता पैदल वहां से निकल गया।

इसके बाद हाबिल ने पुलिस को सूचना दी। दावा किया कि गेलजीपुरा चौराहे के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी।

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गुजरात पुलिस ने क्राइम रिक्रिएट सीन पर आरोपी को पीटा;VIDEO:रस्सी से बांधा फिर घसीटा; इसी जगह शख्स ने लिव-इन पार्टनर की हत्या की थी

शनिवार को महिला की हत्या और आरोपी की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ।

शनिवार को महिला की हत्या और आरोपी की पिटाई का वीडियो वायरल हुआ।

गुजरात के भावनगर में अपनी लिव-इन पार्टनर की हत्या के आरोपी फैजल की पुलिस ने सरेआम पिटाई कर दी। पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए उसी बस स्टैंड पर लेकर पहुंची थी, जहां उसने महिला पर हमला किया था।

इसी दौरान पुलिस ने आरोपी को रस्सियों से बांधा, घसीटा और डंडे से पीटा। इस घटना का वीडियो शनिवार को वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

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12 सितंबर को खत्म होगा BSNL का खास ऑफर, मिल रही 47 दिनों की एक्स्ट्रा वैलिडिटी


BSNL ने पिछले महीने फ्रीडम ऑफर की घोषणा की थी। इस ऑफर में यूजर्स को कंपनी के एनुअल प्लान में 47 दिनों की एक्स्ट्रा वैलिडिटी ऑफर की जा रही है। यूजर्स को इसमें अब 365 दिनों की बजाय 412 दिनों की वैलिडिटी मिलेगी। कंपनी का यह ऑफर 12 सितंबर को खत्म होने जा रहा है। अगर, आप भी भारत संचार निगम लिमिटेड का सिम कार्ड यूज कर रहे हैं तो इस ऑफर का लाभ ले सकते हैं।

BSNL ने अपने X हैंडल से इस ऑफर के खत्म होने की जानकारी दी है। भारत संचार निगम लिमिटेड का यह ऑफर कंपनी के 2399 रुपये वाले एनुअल प्लान पर मिल रहा है। इस प्लान में यूजर्स को 47 दिनों की एक्स्ट्रा वैलिडिटी यानी कुल 412 दिन की वैलिडिटी ऑफर की जाएगी। इस प्लान में यूजर्स को इसके अलावा 94GB एक्स्ट्रा डेटा 4700 फ्री SMS और अनलिमिटेड कॉलिंग का एक्स्ट्रा लाभ मिलेगा।

2399 रुपये वाला एनुअल प्लान

BSNL ने अपने इस एनुअल प्लान को कुछ महीने पहले ही लॉन्च किया है। इस प्लान में मिलने वाली बेनिफिट्स की बात करें तो इसमें पूरे भारत में अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और फ्री नेशनल रोमिंग का लाभ मिलता है। यह प्लान 2399 रुपये में आता है। इसमें डेली 2GB हाई स्पीड डेटा और 100 फ्री SMS का लाभ मिलता है। एक्स्ट्रा वैलिडिटी मिलने के बाद यूजर्स को अब इसमें मिलने वाले सभी ऑफर का लाभ 412 दिनों तक मिलता रहेगा।

इससे पहले भी कंपनी ने एक और फ्रीडम ऑफर की घोषणा की थी, जिसमें यूजर्स को Sony LIV, Zee5 और JioHotstar का सब्सक्रिप्शन महज 150 रुपये में ऑफर किया जा रहा है। यह प्लान 199 रुपये का है, लेकिन फ्रीडम ऑफर में यह प्लान 49 रुपये सस्ता मिल रहा है।

सरकारी टेलीकॉम कंपनी जल्द 5G सर्विस भी लॉन्च करने की तैयारी में है। सरकारी टेलीकॉम कंपनी के नए 4G मोबाइल टावर 5G रेडी हैं, जिसकी वजह से सर्विस लॉन्च होते ही लोगों को 5G सर्विस का लाभ मिलने लगेगा। दूरसंचार विभाग यानी DoT ने संचार और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी संसदीय समिति को बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड 2 लाख नए 4G मोबाइल टावर लगाने वाला है। इसके लिए इंटिग्रेटेड कस्टमर सपोर्ट सिस्टम भी बनाया जाएगा।

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फतेहपुर जिला अस्पताल के 2 डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू: 5 सैंपल लखनऊ भेजे गए थे, 3 निगेटिव और 2 पॉजिटिव मिले; PGI लखनऊ में भर्ती – Fatehpur News




फतेहपुर जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। दोनों डॉक्टरों को बेहतर इलाज और निगरानी के लिए लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सावधानी बढ़ा दी है। संक्रमित डॉक्टरों के संपर्क में आए लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए पांच सैंपल लखनऊ भेजे थे। जांच रिपोर्ट आने पर तीन सैंपल निगेटिव मिले, जबकि दो डॉक्टरों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट की पुष्टि होते ही दोनों को इलाज के लिए लखनऊ पीजीआई भेज दिया गया। संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रहा विभाग दोनों डॉक्टरों में संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके संपर्क में आए कर्मचारियों और अन्य लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी अन्य व्यक्ति में संक्रमण के लक्षण मिलने पर समय रहते जांच कराई जा सके। मरीजों और कर्मचारियों को सावधानी बरतने के निर्देश अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों और मरीजों को संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं। संदिग्ध मरीजों में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। अस्पताल में साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था को भी बढ़ाया गया है। सीएमएस बोले- जरूरी सावधानियां बरती जा रहीं जिला अस्पताल के सीएमएस राजेश कुमार शर्मा ने बुधवार को बताया कि दो डॉक्टरों की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। दोनों को लखनऊ पीजीआई में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की निगरानी की जा रही है और लक्षण मिलने पर तुरंत जांच कराई जाएगी। लोगों से भी साफ-सफाई रखने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने और लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है।



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जयपुर में मुख्यमंत्री के खास मुकेश के सामने पूर्व नेता-प्रतिपक्ष: वार्ड-49 में BJP-कांग्रेस की सीधी टक्कर, सीनियर नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर – Jaipur News




जयपुर में सांगानेर विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 49 इस बार जयपुर नगर निगम चुनाव की हॉट सीट बन गया है। यहां मुकाबला सिर्फ दो पार्षद प्रत्याशियों के बीच नहीं, बल्कि भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करीबी माने जाने वाले मौजूदा पार्षद मुकेश शर्मा ‘काका’ को दोबारा मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने नगर निगम के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और चेयरमैन रह चुके धर्मसिंह सिंघानिया पर दांव लगाया है। दोनों ही प्रत्याशी दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं और अपने-अपने राजनीतिक रसूख, संगठन और व्यक्तिगत जनसंपर्क के दम पर सीट कब्जाने का दावा कर रहे हैं। भाजपा की घोषित सूची में वार्ड 49 से मुकेश शर्मा ‘काका’ और कांग्रेस की सूची में धर्मसिंह सिंघानिया आमने-सामने हैं। मुकेश बोले- विपक्ष की कोई फाइट नहीं भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा का कहना है कि पार्टी ने एक स्थानीय और पुराने कार्यकर्ता को मैदान में उतारा है। उन्होंने कहा कि सांगानेर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विधानसभा क्षेत्र है और यहां सरकार के कामकाज को लेकर जनता में सकारात्मक माहौल है। मुकेश का दावा है कि विपक्ष चुनावी माहौल बनाने के लिए बाहर से लोगों को बुला रहा है, लेकिन धरातल पर मुकाबला एकतरफा है। मुकेश शर्मा ने अपने पिछले कार्यकाल के काम गिनाते हुए कहा कि वार्ड में नई सड़कों का निर्माण हुआ है और सीवर लाइन डालने का काम भी किया गया है। परिसीमन के बाद वार्ड में कुछ नया क्षेत्र जुड़ा है, जहां पहले कांग्रेस का पार्षद था। मुकेश के मुताबिक, इस नए हिस्से का विकास उनकी प्राथमिकता रहेगा। उन्होंने कहा कि इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ना भी चिंता का विषय है। ऐसे में कॉलोनियों में सीसीटीवी कैमरे लगवाना और रात के समय पुलिस गश्त बढ़वाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। BJP में भीतरघात नहीं चुनाव में भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी और भीतरघात के सवाल पर मुकेश शर्मा ने इसे सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि वे भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं और पार्टी के सभी समर्पित कार्यकर्ता पूरी ताकत से चुनाव में जुटे हुए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन की एकजुटता ही वार्ड 49 में भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। सिंघानिया बोले- पहले सबसे ज्यादा वोटों से जीता था, अब जनता फिर मैदान में लाई दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी धर्मसिंह सिंघानिया ने वार्ड 49 के मुकाबले को सीधे तौर पर हॉट सीट करार दिया। सिंघानिया ने कहा कि जब वे पांच साल पहले चुनाव लड़े थे, तब सबसे ज्यादा वोटों से जीतने वाले पार्षदों में रहे और पूरे कार्यकाल में जनता के मुद्दों को लेकर सड़क पर संघर्ष किया। उनका दावा है कि जनता के आग्रह पर ही वे दोबारा चुनाव मैदान में उतरे हैं और उन्हें लगातार लोगों का समर्थन मिल रहा है। सिंघानिया ने कहा कि पिछले कार्यकाल में उन्होंने क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास कार्य करवाए और जनता के बीच रहकर काम किया। उनका कहना है कि लोग उन्हें इसलिए दोबारा मौका देना चाहते हैं क्योंकि उन्हें उनमें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद दिखाई देती है। मुकेश CM के खास हो सकते हैं, जनता के नहीं धर्मसिंह सिंघानिया ने भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खास हो सकते हैं, लेकिन क्षेत्र की जनता के बीच उनकी छवि वैसी नहीं है। सिंघानिया का आरोप है कि वार्ड के लोग मूलभूत सुविधाओं को लेकर परेशान हैं और उनकी सुनवाई नहीं होती। उन्होंने दावा किया कि मुकेश शर्मा पांच साल में जनता के बीच सक्रिय नहीं रहे और आम लोगों के फोन तक नहीं उठाते। सिंघानिया ने कहा कि वार्ड को ऐसा पार्षद चाहिए जो जनता के बीच रहे, उसकी समस्याएं सुने और जरूरत पड़ने पर सड़क पर उतरकर संघर्ष करे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस चुनाव में पूरी मजबूती से मैदान में है और भाजपा को हर मोर्चे पर कड़ी टक्कर दी जा रही है। सिर्फ वार्ड की सीट नहीं, दोनों दलों की प्रतिष्ठा का सवाल वार्ड 49 में लड़ाई इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि दोनों उम्मीदवारों की अपनी राजनीतिक पहचान है। मुकेश शर्मा दूसरी बार पार्षद पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि धर्मसिंह सिंघानिया पहले नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे में एक तरफ मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में भाजपा अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस इस सीट को जीतकर सांगानेर में भाजपा के मजबूत किले में सेंध लगाने की कोशिश में है। वार्ड 49 सामान्य सीट है। यहां लगभग 15 हजार 300 मतदाता हैं। वार्ड के चुनावी समीकरण में ब्राह्मण और जाट मतदाताओं की भूमिका अहम मानी जा रही है। दोनों प्रमुख प्रत्याशी इन्हीं सामाजिक समूहों से आते हैं। ऐसे में मुकाबला केवल पार्टी के वोट बैंक तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि व्यक्तिगत पकड़, पुराने संपर्क, स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा। वार्ड में सड़क, सीवर, सफाई, सुरक्षा, स्ट्रीट लाइट और नए जुड़े इलाकों का विकास प्रमुख चुनावी मुद्दे बनते दिखाई दे रहे हैं। सांगानेर के कई वार्डों में सड़क, जलभराव, सीवर और स्थानीय सुविधाएं इस चुनाव में प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। अब असली सवाल यह है कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में BJP अपने खास प्रत्याशी को दोबारा जिता पाती है या कांग्रेस के पुराने निगम नेता धर्मसिंह सिंघानिया भाजपा के गढ़ में सेंध लगा देते हैं। दोनों प्रत्याशियों के दावों के बीच वार्ड 49 में मुकाबला अब पूरी तरह आमने-सामने का बन चुका है और चुनाव परिणाम दोनों दलों के स्थानीय संगठन के लिए भी बड़ा संदेश देने वाला माना जा रहा है।



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सतना में फर्जी सिम निकालकर साइबर गैंग को बेचते थे: 200 रुपए में होती थी एक सिम की डील; 20 से ज्यादा सिम बेचने का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार – Satna News




सतना कोलगवां पुलिस ने ग्राहकों के वैध दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम कार्ड निकालने और उन्हें साइबर फ्रॉड गैंग तक पहुंचाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों पर चोरी-छिपे अतिरिक्त सिम जारी करवाकर उन्हें दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों को बेचते थे। मामले का खुलासा तब हुआ, जब सतना के एक युवक के नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल बेंगलुरु में लाखों रुपए के साइबर फ्रॉड में किया गया। इसके बाद स्टेट साइबर सेल ने सतना पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने जांच में पिछले कुछ महीनों में जारी 38 से ज्यादा सिम कार्डों की पड़ताल की। सिम पोर्ट कराने के लिए दिए दस्तावेज, POS एजेंट ने रख लिए जांच के दौरान पुलिस ने सनत कुमार सिंह, महेंद्र साकेत और नीलू मिश्रा से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि करीब 4-5 महीने पहले उन्होंने अपने सिम कार्ड पोर्ट कराने के लिए माधवगढ़ स्थित मोबाइल दुकान के POS एजेंट रजनीकांत साकेत को आधार कार्ड सहित जरूरी दस्तावेज दिए थे। आरोप है कि रजनीकांत ने उनका सिम पोर्ट नहीं कराया और दस्तावेज अपने पास रख लिए। पुलिस को इसी जानकारी से सिम कार्ड के फर्जीवाड़े की कड़ी मिली। 200 रुपए में अखिलेश को बेचता था अतिरिक्त सिम पुलिस ने रजनीकांत साकेत (29) निवासी इटौरा, थाना रामपुर बाघेलान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने ग्राहकों के दस्तावेजों पर अतिरिक्त सिम कार्ड निकालने की बात कबूल की। आरोप है कि वह इन सिम कार्डों को 200-200 रुपए में अखिलेश सतनामी (21) निवासी सकरिया, थाना कोलगवां को बेच देता था। ग्रुप से साइबर अपराधियों से जुड़ा था आरोपी पुलिस ने रजनीकांत से मिली जानकारी के आधार पर अखिलेश को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि वह Telegram और WhatsApp ग्रुप के जरिए दूसरे राज्यों के लोगों के संपर्क में था। पुलिस के अनुसार, मोटे कमीशन के लालच में अखिलेश रजनीकांत से सिम कार्ड खरीदकर आगे सप्लाई करता था। अब तक की जांच में दोनों आरोपियों ने 20 से ज्यादा सिम कार्ड बेचने की बात कबूल की है। साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट में इस्तेमाल होने का पता चला पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए सिम कार्डों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों में किया गया। बेंगलुरु में हुए लाखों रुपए के साइबर फ्रॉड में सतना के युवक के नाम से जारी सिम का इस्तेमाल होने के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की जांच तेज की। पुलिस और साइबर टीम अब इन सिम कार्डों के जरिए जुड़े लोगों और दूसरे राज्यों में सक्रिय साइबर अपराधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने पर इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के गिरफ्तार होने की संभावना है। BNS, IT एक्ट और दूरसंचार अधिनियम में केस पुलिस ने जांच में मिले तथ्यों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 3(5), IT एक्ट की धारा 66(C) और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(3)(ई) एवं 42(6) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने सिम कार्ड जारी कराए और इनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया।



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बुढ़ापे का सहारा है एसबीआई की एफडी स्कीम, जानें 1 लाख पर कितना पैसा बनेगा


अगर आप अपना पैसा सुरक्षित जगह पर रखना चाहते हैं और उस पर तय रिटर्न भी चाहते हैं, तो FD एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है. खासकर ऐसे निवेशकों जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहकर निश्चित ब्याज कमाना चाहते हैं. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में शामिल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भी अलग-अलग-अवधि की FD की सुविधा देता है.

बैंक में कुछ दिनों से लेकर कई साल तक के लिए पैसा जमा किया जा सकता है. 1 साल यानी 365 दिन की FD भी कई निवेशक करते हैं. इस अवधि में सामान्य ग्राहकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज दर अलग-अलग है. ऐसे में अगर आप SBI में 1 लाख रुपये एक साल के लिए जमा करने की सोच रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि मैच्योरिटी पर आपको कितनी रकम मिल सकती है.

365 दिन की FD पर कितना ब्याज मिलेगा?

SBI में 365 दिन यानी एक साल की FD पर सामान्य ग्राहकों को 6.25 फीसदी सालाना ब्याज दिया जा रहा है. यह दर 3 करोड़ रुपये से कम की FD पर लागू है. यानी अगर कोई सामान्य ग्राहक एक लाख रुपये एक साल के लिए जमा करता है, तो 6.25 फीसदी की दर से करीब 6,250 रुपये का ब्याज बनता है.

इस हिसाब से एक साल पूरा होने पर मूलधन और ब्याज मिलाकर रकम करीब 1,06,250 रुपये हो सकती है. हालांकि, पूरी मैच्योरिटी राशि बैंक के ब्याज कैलकुलेशन और पेमेंट के तरीके के आधार पर थोड़ी अलग हो सकती है.

सीनियर सिटीजन्स को कितना फायदा?

SBI सीनियर सिटीजन्स को सामान्य ग्राहकों की तुलना में ज्यादा ब्याज देता है. 60 साल या उससे अधिक उम्र के ग्राहक को 365 दिन की FD पर 6.75 फीसदी ब्याज मिल रहा है. वहीं, 80 साल या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 6.85 फीसदी है. यानी समान अवधि और रकम पर सीनियर सिटीजन्स को सामान्य ग्राहक के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है.

1 लाख रुपये जमा करने पर कितना मिलेगा?

अगर 1 लाख रुपये की FD एक साल के लिए की जाती है, तो मोटे तौर पर रकम इस तरह समझ सकते हैं:

सामान्य ग्राहक: 6.25% ब्याज – करीब 6,250 रुपये ब्याज
60 से अधिक उम्र वाले सीनियर सिटीजन: 6.75% ब्याज – करीब 6,750 रुपये ब्याज
80 से अधिक उम्र वाले यानी सुपर सीनियर सिटीजन: 6.85% ब्याज – करीब 6,850 रुपये ब्याज

इस तरह मैच्योरिटी पर रकम करीब 1.06 लाख से 1.07 लाख रुपये के बीच हो सकती है.

SBI FD में कितने समय के लिए कर सकते हैं निवेश?

SBI में FD सिर्फ एक साल के लिए ही नहीं होती. ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग अवधि चुन सकते हैं. बैंक में 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए FD की सुविधा उपलब्ध है. ब्याज दर FD की अवधि और ग्राहक की कैटेगरी के हिसाब से बदलती है.

सीनियर सिटीजन के लिए FD का एक फायदा यह है कि उन्हें सामान्य ग्राहकों से आमतौर पर 0.50 फीसदी ज्यादा ब्याज मिलता है. 80 साल या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन को इसके ऊपर अतिरिक्त फायदा मिलता है. हालांकि, FD में पैसा लगाने से पहले मौजूदा ब्याज दर, टैक्स नियम और मैच्योरिटी राशि की बैंक से बात करके पता करनी चाहिए.



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42 की उम्र में भी फौलादी बॉडी, गुरमीत चौधरी ने खाना छोड़ी रोटी-चावल और चीनी! ऐसा है फिटनेस रूटीन


एक्टर गुरमीत चौधरी अपनी दमदार एक्टिंग के साथ फिटनेस के लिए भी जाने जाते हैं। आज हम आपको उनके सख्त फिटनेस रूटीन के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाना हर किसी के बस की बात नहीं है।

एक्टर गुरमीत चौधरी (Gurmeet Choudhary) किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी दमदार एक्टिंग के साथ फिटनेस के बारे में भी हर कोई जानता है और वह फिट-टोन्ड बॉडी के लिए जाने जाते हैं। गुरमीत ने ऐसे ही फौलाद जैसा शरीर नहीं बनाया है बल्कि इसके लिए वह कड़ी मेहनत करते हैं और डाइट भी काफी बैलेंस लेते हैं। फिट रहने के लिए उन्होंने सालों से चावल, रोटी और चीनी नहीं खा रहे हैं। उनका मानना है कि जब आप किसी आदत को करीब 6 महीने तक अपना लेते हैं, तब शरीर को उसकी आदत पड़ जाती है और वह उस हिसाब से ही ढल जाता है। गुरमीत ने फिट रहने के लिए अपने रूटीन को काफी सख्त रखा हुआ है, जिसकी अब उन्हें आदत हो चुकी है। चलिए आपको बताते हैं फौलादी शरीर के लिए गुरमीत क्या खाते हैं और क्या उनका फिटनेस रूटीन है।

चावल-चीनी के अलावा नहीं खाते ये चीजें

गुरमीत चौधरी ने सालों से चावल, रोटी और चीनी को हाथ नहीं लगाया है और इसके अलावा वह मैदा, समोसा, मिठाई, जंक फूड्स से भी कोसों दूर रहते हैं। उनका मानना है कि अगर ये सब खाएंगे तो शरीर हेल्दी नहीं रहेगा और अगर आपको लंबे समय तक स्वस्थ रहना है तो शुरुआत अभी से करनी होगी।

क्या है उनके खाने की प्लेट में

गुरमीत चौधरी फिटनेस को लेकर काफी सख्त हैं और वह सिर्फ उबला या सादा खाना खाते हैं। इसमें सलाद, फल और उबला चिकन हो सकता है। रोटी वह क्विनोवा की खा लेते हैं, गेहूं के आटे से बनी रोटी नहीं खाते हैं। साथ ही वह चिकना खाना खाना भी पसंद नहीं करते हैं।

इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं

गुरमीत चौधरी शाम को करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच अपना डिनर कर लेते हैं और इसके बाद 14 से 16 घंटे की इंटरमिटेंट फास्टिंग करते हैं। ऐसा करने से उनका पाचन मजबूत बना रहता है और वजन भी कंट्रोल में रहता है। उनका मानना है कि अगर आपको बिना रुके फिटनेस मेंटेन करनी है, तो उसका सही तरीका इंटरमिटेंट फास्टिंग है।

वर्कआउट भी नहीं है कम कठिन

गुरमीत चौधरी सुबह जल्दी उठकर मार्शल आर्ट्स, किक-बॉक्सिंग, जिम्नास्टिक, वेट ट्रेनिंग, डांस, साइकिलिंग और योग करते हैं। इससे उनका शरीर फिट और फ्लेक्सिबल बना रहता है। वह हर दिन करीब 2 घंटे वर्कआउट करते हैं और सुबह योगा करते हैं। फिटनेस के लिए वह हर जरूरी एक्टिविटी करते हैं, जो उनके शरीर को मजबूत बनाकर रख सकती है। यही कारण है कि गुरमीत चौधरी ने 42 साल की उम्र में भी सिक्स पैक एब्स और फिट बॉडी बनाकर रखी है। गुरमीत का मानना है कि फिट रहने के लिए आपको कुछ आदतों और चीजों को छोड़ना पड़ेगा। आप जंक फूड खाकर हेल्दी बॉडी नहीं बना सकते, उसके लिए आपको सही डाइट लेनी पड़ेगी और इसलिए उन्होंने अपना फिटनेस रूटीन सख्त बनाकर रखा है।



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