अलवर शहर में अंबेडकर नगर विस्तार कॉलोनी के मुख्य रोड पर4 दिन पहले शराब का ठेका खोलने का विरोध थमा नहीं है। शुक्रवार को महिलाएं अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला के पास पहुंच गई। कलेक्टर से महिलाओं बोली – हमारे घर के सामने ठेका खुलवा दिया। बच्चों को बाहर भेजने में परेशानी हो गई। इस पर कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा कि सोमवार तक शराब के ठेके को दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा। इसके बाद मौके पर आबकारी पुलिस भी पहुंची। महिलाओं ने उनसे भी शराब का ठेका हटाने की मांग की। अंबेडकर नगर विस्तार निवासी हल्दीना स्कूल की व्याख्याता पूनम कुमारी ने बताया कि 1 जून को शराब का ठेका खोला। तभी कॉलोनी के लोग विरोध में आ गए थे। उसके बावजूद शराब का ठेका नमवहीं हटाया गया। इस कारण शुक्रवार को अलवर कलेक्टर से कॉलोनी के लोग शिकायत करने पहुंचे। कलेक्टर के सामने महिलाओं ने अपनी बात रखते हुए कहा कि घर के सामने ठेका खोल दिया। कैसे बेटियों को बाहर भेजें। वहां शराबी खड़े रहे थे। कभी भी कोई घटना होने का डर बना रहता है। हमारे सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई। दूसरी महिला ने कहा कि घर के बाहर बेटी को भेजने से डरने लगे हैं। यह सुनने के बाद कलेक्टर ने तुरंत कहा कि सोमवार तक शराब के ठेके को वहां से शिफ्ट करा दिया जाएगा। पूनम कुमारी ने कहा कि ऐसे में बहन-बेटियों का देर शाम निकलना मुश्किल हो गया है। अभद्र व्यवहार होने की पूरी आशंका रहती। स्कूली बच्चों को आने-जाने में असहज महसूस होने लगता है।
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महिलाएं कलेक्टर से मिली- बोली घर के बाहर ठेका खोला: कलेक्टर ने कहा – साेमवार को हटवा देंगे, आबकारी पुलिस भी पहुंची – Alwar News
‘आत्मनिर्भर भारत’ का मजाक उड़ाने वालों ने देश को दूसरों पर निर्भर रखा: PM मोदी
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पीएम मोदी ने सूरत में सड़क, बिजली और औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ी 18,800 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया और उनकी आधारशिला रखी.
पीएम मोदी ने विरोधियों पर निशाना साधा.
सूरत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत में 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए विपक्ष पर तीखा निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग आज भी ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन वही लोग दशकों तक देश को दूसरे देशों पर निर्भर बनाए रखने के लिए जिम्मेदार रहे हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज देश में कुछ निराशावादी लोग आत्मनिर्भर भारत अभियान का मजाक उड़ाते हैं. ये वे लोग हैं जिन्होंने हमेशा भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रखा. वे भूल जाते हैं कि दूसरों पर निर्भर रहने वाला देश कभी भी विकास की उस ऊंचाई तक नहीं पहुंच सकता, जिसका वह हकदार है.” उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल एक आर्थिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत और सक्षम बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत आज रक्षा, विनिर्माण, तकनीक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है.
सूरत के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने शहर की “सर्कुलर वाटर इकोनॉमी” की सराहना की. उन्होंने कहा कि सूरत जल प्रबंधन के क्षेत्र में देश के लिए एक उदाहरण बनकर उभरा है. पीएम मोदी ने कहा, “आजकल सूरत की सर्कुलर वाटर इकोनॉमी की बहुत चर्चा हो रही है. अब प्रयास यह है कि आने वाले कई दशकों तक सूरत के लिए पीने के पानी की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसी उद्देश्य से तापी बैराज परियोजना को मंजूरी दी गई है.”
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सूरत को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने में जुटी हैं. उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, जल आपूर्ति और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजनाएं न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देंगी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 18,800 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
संगीत जगत का ‘मॉडर्न रफी’, 32 भाषाओं में गाए 6000 गाने, 1 एल्बम ने रातोंरात बनाया स्टार
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मशहूर सिंगर ने 90 के दशक में करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने ‘अच्छा सिला दिया’ और ‘संदेशे आते हैं’ जैसे गानों से बड़ी पहचान मिली. उन्होंने 30 साल से ज्यादा लंबे सफर में 32 भाषाओं में 6000 से ज्यादा गाने गाए. एक्टिंग में हाथ आजमा चुके सिंगर को ‘मॉडर्न रफी’ कहा जाता है. संगीत जगत में योगदान के लिए उन्हें 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था. दिग्गज सिंगर ने साल 1993 की फिल्म ‘बेवफा सनम’ के गाने की रिकॉर्डिंग की पुरानी तस्वीरें शेयर करके अपने शुरुआती दिनों को याद किया.
नई दिल्ली: हम जिस सिंगर की बात कर रहे हैं, वे बॉलीवुड के सबसे चहेते गायकों में से एक हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ पुरानी और खास तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए अपने करियर के उन शुरुआती दिनों को याद किया, जब वे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे.

सोनू निगम ने साल 1993 की सुपरहिट फिल्म ‘बेवफा सनम’ के एक बेहद पॉपुलर गाने ‘मोहब्बत की कीमत अदा हम करेंगे’ को याद किया. उन्होंने बताया कि सितंबर 1993 में मुंबई के गोरेगांव में मौजूद मशहूर फिल्मिस्तान स्टूडियो में इस गाने की रिकॉर्डिंग हुई थी, जो उनके दिल के बहुत करीब है.(फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

सिंगिंग की दुनिया में सोनू का सफर 90 के दशक की शुरुआत में ही शुरू हो चुका था. बहुत कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में उनका पहला गाना साल 1993 की फिल्म ‘आजा मेरी जान’ का ‘ओ आसमानवाले’ था. इसके बाद उन्होंने एक टीवी सीरियल के लिए ‘हम तो छैला बन गए’ गाना भी गाया. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)
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सोनू निगम को असली पहचान और घर-घर में पॉपुलैरिटी ‘अच्छा सिला दिया’, ‘संदेशे आते हैं’ और ‘ये दिल दीवाना’ जैसे गानों से मिली. साल 1999 में आए उनके पर्सनल एल्बम ‘दीवाना’ ने तो म्यूजिक इंडस्ट्री में धूम मचा दी और उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

सोनू निगम ने 30 साल से भी लंबे इस शानदार करियर में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. उन्होंने अपनी जादुई आवाज में देश-विदेश की 32 से ज्यादा भाषाओं में 6 हजार से भी ज्यादा गाने रिकॉर्ड किए हैं, जो अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड है.(फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

संगीत की दुनिया में सोनू निगम के इसी बेमिसाल योगदान के लिए साल 2022 में भारत सरकार ने उन्हें ‘पद्म श्री’ सम्मान से नवाजा था. सोनू निगम को आज के दौर का ‘मॉडर्न रफी’ भी कहा जाता है, क्योंकि वे महान गायक मोहम्मद रफी साहब को अपना सबसे बड़ा आदर्श मानते हैं. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

सोनू सिर्फ गाने तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने फिल्मों में एक्टिंग भी की. उन्होंने साल 2002 में आई मल्टी-स्टारर फिल्म ‘जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी’ से बतौर लीड एक्टर अपना डेब्यू किया था, जिसमें अक्षय कुमार, सनी देओल और मनीषा कोइराला जैसे बड़े कलाकार शामिल थे. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)

अगर फिल्म ‘बेवफा सनम’ की बात करें, तो यह गुलशन कुमार के डायरेक्शन में बनी एक सुपरहिट म्यूजिकल थ्रिलर फिल्म थी. इस फिल्म की कहानी एक मशहूर क्रिकेटर के बारे में थी, जिसे झूठे आरोप में जेल भेज दिया जाता है और उसकी मंगेतर उसे धोखा देकर किसी और से शादी कर लेती है. (फोटो साभार: Instagram@sonunigamofficial)
भारत की अर्थव्यवस्था ने फिर दिखाई रफ्तार! FY26 में 7.7% रही जीडीपी ग्रोथ
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मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) के आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 फीसदी रही. इससे पहले फरवरी में जारी अनुमान में यह दर 7.6 फीसदी रहने की बात कही गई थी.
रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही भारतीय अर्थव्यवस्था
नई दिल्ली. भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है. देश की आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से बढ़ रही है. शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में देश की रियल जीडीपी ग्रोथ रेट 7.7 फीसदी रही. इससे पहले फरवरी में जारी अनुमान में यह दर 7.6 फीसदी रहने की बात कही गई थी. इससे पहले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.1% रही थी.
मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल की आखिरी तिमाही यानी जनवरी से मार्च 2026 के बीच भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.8% रही. हालांकि, यह इससे पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के 8% के मुकाबले थोड़ी कम है. इसका मुख्य वजह मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार में आई कमी रही. मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ जो तीसरी तिमाही में 12.8% पर थी, वह आखिरी तिमाही में गिरकर 7.3% पर आ गई.
RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान घटाया
आगे की बात करें तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 6.6% रहने का अनुमान लगाया है. आने वाले वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कुछ धीमी पड़ सकती है, लेकिन भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना रह सकता है.
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वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें
91 KMPH की तूफानी हवा से करोड़ों दिल्लीवालों को मिला सुकून, शिमला जैसा मौसम
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IMD Delhi Weather News: दिल्ली में इन दिनों मौसम के विविध तेवर देखने को मिल रहे हैं. कभी पसीना टपकाउ गर्मी तो कभी तूफानी हवा के साथ बारिश. गुरुवार 4 जून 2026 का दिन भी दिल्लीवालों के लिए कुछ ऐसा ही रहा. अचानक से आसमान काला हो गया और तकरीबन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं. इसके साथ ही तेज बारिश भी हुई. इस वजह से गर्मी से राहत मिली.
दिल्ली में गुरुवार 4 जून 2026 को तूफानी मौसम था. बवंडर उठाने वाली हवा के साथ बारिश होने से करोड़ों दिल्लीवालों को भीषण गर्मी से राहत मिली. (फोटो: PTI)
IMD Delhi Weather News: भीषण गर्मी से जूझ रही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों को गुरुवार शाम तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ बड़ी राहत मिली. दिन में जहां दिल्ली का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, वहीं शाम को आए तेज तूफान और बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई. कुछ क्षेत्रों में महज कुछ घंटों के भीतर पारा 19 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ गया. इससे भीषण गर्मी से झुलस रहे लाखों-करोड़ों दिल्लीवालों ने राहत की सांस ली.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिन में जारी किए गए येलो अलर्ट को शाम करीब सात बजे ऑरेंज अलर्ट में अपग्रेड करना पड़ा, क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में गरज के साथ तेज बारिश और आंधी की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी थीं. बारिश के साथ चली तेज हवाओं ने गर्मी का असर काफी हद तक कम कर दिया. बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो शाम 5:30 बजे तक अयानगर में सबसे अधिक 27.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई. इसके बाद मयूर विहार में 24.5 मिमी और रिज क्षेत्र में 19 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई. प्रगति मैदान में 12.8 मिमी, पालम में 10.7 मिमी, पूसा में 8 मिमी, लोधी रोड में 4 मिमी और नजफगढ़ में 1.5 मिमी बारिश हुई. सफदरजंग, जिसे दिल्ली के मौसम का प्रतिनिधि केंद्र माना जाता है, वहां केवल 1.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि पीतमपुरा में 0.5 मिमी बारिश हुई.
माहौल हुआ कूल-कूल
बारिश और आंधी के बाद तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली. अयानगर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 22.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, यानी करीब 19 डिग्री की कमी दर्ज की गई. दादरी में तापमान 15.7 डिग्री तक गिरा, जबकि पुष्प विहार और मयूर विहार में भी पारे में 14 से 15 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई. सफदरजंग में तापमान 40 डिग्री से घटकर 31 डिग्री सेल्सियस रह गया. आंधी के दौरान तेज हवाओं ने भी लोगों का ध्यान खींचा. सबसे अधिक 91 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा दादरी में चली. पालम में 65 किलोमीटर प्रति घंटे और सफदरजंग में 36 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम हवा दर्ज की गई.
आज के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार, दिनभर हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के कई दौर देखने को मिल सकते हैं. शुक्रवार और शनिवार को भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है, जिससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ सकती है. हालांकि, रविवार से तापमान में फिर से बढ़ोतरी शुरू होने के संकेत हैं. दिलचस्प बात यह रही कि बारिश के बावजूद दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ. गुरुवार को राजधानी का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 164 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
1982 की वो फिल्म, आशा भोसले ने गाया था एवरग्रीन सुपरहिट गाना, पर्दे पर छा गए राज कुमार
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बॉलीवुड के दो सुपर स्टार राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन ने ‘आनंद’ और ‘नमक हराम’ जैसी फिल्मों में साथ में काम किया है. उस समय इंडस्ट्री में राजेश खन्ना की तूती बोलती थी. फिर 1973 में ‘जंजीर’ से अमिताभ बच्चन रातोंरात सुपर स्टार बनकर उभरे. पूरे 15 साल इंडस्ट्री में एकतरफा राज किया. 80 के दशक में एक समय ऐसा भी आया जब राजेश खन्ना की फिल्म का मुहुर्त शॉट देने अमिताभ बच्चन पहुंचे थे. इस फिल्म के गाने ब्लॉकबस्टर साबित हुए. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…….
डायरेक्टर सुल्तान अहमद को बड़ी स्टार कास्ट के साथ फिल्में बनाने का शौक था. 80 के दशक में उन्होंने एक ऐसी मल्टी स्टारर फिल्म बनाई जिसका मुहुर्त क्लैप अमिताभ बच्चन ने दिया था. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में राजेश खन्ना ने अमिताभ बच्चन को रिप्लेस किया था लेकिन मुहूर्त शॉट अमिताभ के हाथों ही कराया गया था. यह फिल्म थी धरम-कांटा जो कि 1982 में रिलीज हुई थी. फिल्म के गाने खूब पॉप्युलर हुए थे. ‘ए गोटेदार लहंगा’ गाना आज भी उतनी ही मकबूल है.

धरम कांटा में राज कुमार, वहीदा रहमान, जीतेंद्र, राजेश खन्ना, रीना रॉय और सुलक्षणा पंडित ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. यह एक एक्शन फिल्म थी. डाकुओं की कहानी थी. अमजद खान डबल रोल में थे. पहले पिता का फिर बेटे का रोल किया. पहले प्राण साहब को साइन किया गया था लेकिन बाद में सुल्तान अहमद को लगा कि अगर इस रोल को राज कुमार साहब करेंगे तो फिल्म का कैनवास बड़ लगेगा. फिल्म की प्राइस भी अच्छी मिलेगी. राज कुमार ने उस भूमिका को हीरो के अंदाज में निभाकर चार चांद लगा दिए.

फिल्म का यादगार म्यूजिक नौशाद ने कंपोज किया था. गीतकार मजरूह सुल्तानपुरी थे. फिल्म में कुल 5 गाने थे. ये गाने थे : तेरी मेरी है नजर कातिल की, घुंघरू टूट गए, ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब डाल के, तेरा नाम लिया दिल थाम लिया और दुनिया छूटे यार ना छूटे. इन गानों में आशा भोसले, मोहम्मद रफी और भूपिंदर सिंह की आवाजें थीं. सुपरहिट गाना ‘ये गोटेदार लहंगा निकलूं जब डाल के’ आशा भोसले ने गाया था.
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डायरेक्टर सुल्तान अहमद ने 1978 में ‘गंगा की सौगंध’ बनाई थी जिसमें अमिताभ-रेखा की जोड़ी थी. सुल्तान ने अपनी अगली फिल्म अमिताभ के साथ प्लान की लेकिन अमिताभ बच्चन को जब पता चला कि सुल्तान अहमद ने राजेश खन्ना से संपर्क किया है वो बहुत नाराज हुए.

उधर, सुल्तान अहमद ने इसकी बिल्कुल अलग कहानी सुनाई थी. उनका कहना था कि अमिताभ चाहते थे कि यह फिल्म सलीम-जावेद से लिखवाऊं. वो मेरे राइटर बीबी भल्ला से खुश नहीं थे. कश्मीर को कहानी सुनाने के लिए श्रीनगर भी गए थे. पूरे दो दिन टरकाते रहे और कहानी नहीं सुनी.

‘धर्मकांटा’ का मुहूर्त अगस्त 1978 में हुआ था. मुहुर्त शॉट राजेश खन्ना पर होना था. डायरेक्टर ने तय किया कि मुहूर्त क्लैप अमिताभ बच्चन देंगे. बताया जाता है कि राजेश खन्ना सेट पर बार-बार फोन करके पूछ रहे थे कि अमिताभ आए हैं या नहीं. वो अमिताभ के बाद ही फिल्म के सेट पर आना चाहते थे. दूसरी तरफ अमिताभ भी लगातार फोन कर काका के आने की बात पूछ रहे थे. मजेदार बात यह है कि अमिताभ जब सेट पर आए, ठीक उसी समय काका भी आए. इस तरह से फिल्म का मुहूर्त सीन शूट किया गया.

डायरेक्टर सुल्तान अहमद ‘मुगल-ए-आजम’ के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के. आसिफ के असिस्टेंट रहे थे. उन्होंने ‘धरम कांटा’ में के. आसिफ की बेटी हिना कौसर को भी एक रोल दिया था. फिल्म के शुरुआती 35 मिनट तक राज कुमार ही छाए रहे. फिल्म के एक सीन में राजकुमार को हीरो का हार पकड़ना था. उन्हें नकली हीरों का हार पकड़ाया गया तो नाराज हो गए और बोले कि हम नकली चीजों को हाथ नहीं लगाते. फिर उनके लिए असली हीरों का हार मंगवाया गया.

धरम कांटा के असली किरदार राज कुमार-वहीदा रहमान थे. दोनों के रोल बहुत ही पावरफुल थे. जब भी राज कुमार पर्दे पर आए, छा गए. इस फिल्म में एक भी गाना लता मंगेशकर ने नहीं गाया था. उन दिनों लता मंगेशकर और संगीतकार नौशाद में अनबन थी. फिल्म को 90 फीसदी ओपनिंग मिली थी. छोटे शहरों में फिल्म खूब चली थी. रिपीट रन में फिल्म ने अच्छा बिजनेस किया. धरम कांटा का बजट करीब पौने दो करोड़ रुपये था. नेट कलेक्शन 3 करोड़ था. मूवी बॉक्स ऑफिस पर करीब-करीब हिट थी.
प्रभारी मंत्री ने बदली समीक्षा पद्धति: रामपुर में अधिकारियों से बजट, खर्च और विकास कार्यों का ब्योरा मांगा – Rampur News
रामपुर के प्रभारी मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन में समीक्षा बैठक की। उन्होंने पारंपरिक समीक्षा पद्धति को बदलते हुए अधिकारियों से विभागवार कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। विकास भवन पहुंचने पर जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री का स्वागत किया। बैठक में नगर विधायक आकाश सक्सेना और मिलक शाहबाद विधायक राजबाला सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हालांकि, प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख और स्वार टांडा विधायक शफीक अंसारी बैठक में अनुपस्थित रहे, जिसकी चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में रही। समीक्षा बैठक की शुरुआत में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि बैठक दो चरणों में संचालित होगी। पहले चरण में सभी विभागीय अधिकारियों को अपना परिचय देने के साथ वर्ष 2025-26 के दौरान संचालित विकास एवं अवस्थापना संबंधी कार्यों की जानकारी देनी होगी। इसमें विभाग को मिले बजट, खर्च की गई राशि और योजनाओं की वर्तमान स्थिति का ब्योरा भी शामिल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आंकड़ों के आधार पर समीक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभागों के कार्यों की वास्तविक स्थिति जानना आवश्यक है। परिचय के साथ बजट और उपलब्धियों की जानकारी मिलने से विभागों के प्रदर्शन का सही आकलन किया जा सकेगा। बैठक के दूसरे चरण में जिलाधिकारी को आगामी कार्यक्रमों, विकास योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत करना था। अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि प्रभारी मंत्री किन विभागों की कार्यप्रणाली पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं और विकास कार्यों को लेकर क्या नए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
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मऊगंज में अवैध बोरिंग पर कार्रवाई, दो मशीनें जब्त: प्रतिबंध के बावजूद चल रहा था काम, कलेक्टर ने FIR के दिए निर्देश – Mauganj News
मऊगंज जिले में गिरते भू-जलस्तर के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अवैध बोरिंग माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नईगढ़ी तहसील के नरैनी गांव में बिना अनुमति चल रहे हैंडपंप उत्खनन के खिलाफ राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस दौरान दो बोरिंग मशीनें जब्त की गईं। इस कार्रवाई से जिलेभर के अवैध बोरिंग कारोबारियों और दलालों में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई गुरुवार, 4 जून की रात कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देश पर की गई। तहसीलदार सुनील कुमार द्विवेदी और थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन को गोपनीय सूचना मिली थी कि ग्राम नरैनी में कुशवाहा परिवार की भूमि पर बिना अनुमति बोरिंग कराई जा रही है। इस मामले में 5 जून को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान, वाहन क्रमांक KA 01 D 5554 और TN 34 M 2255 की दो बोरिंग मशीनें मौके पर उत्खनन करती पाई गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मशीनों को जब्त कर नईगढ़ी थाना को सौंप दिया। तहसीलदार सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि मशीन मालिकों, चालकों और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। उल्लेखनीय है कि जिले में लगातार गिरते भू-जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बोरवेल और हैंडपंप उत्खनन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस आदेश के अनुसार, केवल विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से लिखित अनुमति प्राप्त होने के बाद ही उत्खनन कार्य कराया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोरिंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जिलेभर में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
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नवादा में हाथियों के झुंड का उत्पात: गांव में घुसकर घर तोड़ा, अनाज किया बर्बाद – Nawada News
नवादा के रोह प्रखंड के नावाडीह गांव में गुरुवार देर रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया। लगभग पांच हाथियों के इस झुंड ने गांव में घुसकर एक मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और उसमें रखा अनाज बर्बाद कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में दहशत फैल गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, रात के अंधेरे में हाथियों ने अचानक गांव की ओर रुख किया। उन्होंने एक घर की दीवारें तोड़ीं, छत को नुकसान पहुंचाया और घर के अंदर रखे गेहूं-धान जैसे अनाज के भंडार को रौंद डाला। ग्रामीण सो रहे थे, तभी चीख-पुकार और भारी कदमों की आवाज से उनकी नींद टूट गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण भयभीत हो उठे। उन्होंने हाथियों को भगाने के लिए पास के पेड़ों में आग जलाई और चिंगारियां फेंकी। इस रणनीति से हाथी घबराकर गांव से बाहर की ओर चले गए। अक्सर गांवों में घुस आते हैं हाथी ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर यह उपाय न किया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। आसपास के जंगलों से निकलकर हाथी अक्सर गांवों में घुस आते हैं और फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने घर को तोड़कर ग्रामीणों की जान-माल दोनों को खतरे में डाल दिया। घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है और लोग रात में सोने से भी डर रहे हैं। प्रशासन ने घटना की जानकारी ले ली है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही हाथियों को जंगल की ओर वापस भेजने के लिए उपाय किए जाएंगे। सुरक्षा उपायों पर किया जा रहा विचार साथ ही, ऐसे इलाकों में विद्युत बाड़ (इलेक्ट्रिक फेंसिंग) और अन्य सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और मानवीय बस्तियों के बीच बढ़ते संघर्ष की ओर इशारा करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों का लगातार सिकुड़ना और खाद्य स्रोतों की कमी के कारण हाथी गांवों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
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गर्मी में खुद को रखना है फिट? रोज पिएं सत्तू का शरबत, मिलेंगे कई लाभ
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भीषण गर्मी और लू के मौसम में शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में सत्तू का शरबत एक बेहतरीन देसी पेय के रूप में सामने आता है. पोषक तत्वों से भरपूर सत्तू न केवल शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत बनाने, डिहाइड्रेशन से बचाने और लू के प्रभाव को कम करने में भी मददगार माना जाता है.
गर्मी में सबसे फायदेमंद माना जाता है सत्तू का शरबत, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ भरपूर ऊर्जा भी देता है. यही कारण है कि बिहार और पूर्वी यूपी में इसे गर्मी का ‘देसी टॉनिक’ कहा जाता है. इसमें ढेरों पोषक तत्व होते हैं. इसे गरीबों का प्रोटीन भी कहा जाता है. साथ ही ये फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन से भरपूर होता है, जो गर्मी में पाचन को फिट रखने के लिए बेस्ट चीज है.

डॉक्टर आनंद तिवारी ने Local 18 से बातचीत में बताया कि सत्तू एक पारंपरिक पेय है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने के साथ-साथ लू से बचाव में भी काफी कारगर माना जाता है. सत्तू भुने हुए चने, जौ या मक्का को पीसकर तैयार किया जाता है. इसे पानी में घोलकर शरबत के रूप में पिया जाता है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को तुरंत राहत और ऊर्जा प्रदान करता है.

अगर इसे पीने के तरीके की बात करें, तो सत्तू का सेवन नमकीन और मीठे दोनों रूपों में किया जा सकता है. नमकीन सत्तू का शरबत बनाने के लिए इसमें ठंडा पानी, काला नमक, भुना जीरा और नींबू मिलाया जाता है. वहीं, मीठा सत्तू तैयार करने के लिए इसमें गुड़ या शहद मिलाकर पिया जाता है. डॉक्टर के अनुसार, सुबह घर से निकलने से पहले सत्तू का सेवन करना सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है.
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सत्तू का एक गिलास मीठा या नमकीन शरबत पीने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और भूख भी कम लगती है. इसे बनाने के लिए आधा कप सत्तू एक बाउल या जग में लें. इसमें एक गिलास पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं, ताकि कोई गांठ न बने. इसके बाद आधा कप और पानी मिला दें. अपनी पसंद के अनुसार इसे गाढ़ा या पतला बनाकर सेवन किया जा सकता है.

नमकीन सत्तू का शरबत तैयार करने के लिए इसमें एक चम्मच भुना हुआ जीरा पाउडर मिलाएं. जीरे को पहले तवे पर भूनकर पीस लें. इसके बाद आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर, एक चौथाई चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सादा नमक, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरा धनिया और नींबू का रस डालें. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद शरबत को गिलास में निकालकर सर्व करें. स्वाद और ठंडक बढ़ाने के लिए इसमें बर्फ के कुछ टुकड़े भी डाले जा सकते हैं.

डॉक्टर आनंद तिवारी के अनुसार, सत्तू के सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है और लू से बचाव में भी कारगर माना जाता है. सत्तू में मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे थकान और कमजोरी दूर होती है. इसके अलावा, इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और पेट को स्वस्थ रखने में सहायक होता है.

डॉक्टर आनंद तिवारी के अनुसार, सत्तू कब्ज और गैस जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी मददगार होता है. यह लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है. सत्तू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स अपेक्षाकृत कम होता है, इसलिए इसे डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना जाता है. इसके अलावा, गर्मी के मौसम में यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करने में मदद करता है, जिससे डिहाइड्रेशन और लू के खतरे से बचाव हो सकता है.

इसके अलावा, दोपहर के समय या अधिक शारीरिक मेहनत करने के बाद सत्तू का सेवन करने से शरीर को तुरंत ऊर्जा और राहत मिलती है. सत्तू एक सस्ता, आसानी से उपलब्ध और बेहद पौष्टिक देसी सुपरफूड है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव में भी मददगार माना जाता है. यदि आप इस भीषण गर्मी में खुद को फिट, ऊर्जावान और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सत्तू को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं.

