Sunday, June 7, 2026
Home Blog

फिलहाल नहीं मिलेंगे माता वैष्‍णो देवी के दर्शन, जानें फिर कब शुरू होगी यात्रा


होमताजा खबरदेश

फिलहाल नहीं मिलेंगे माता वैष्‍णो देवी के दर्शन, जानें फिर कब शुरू होगी यात्रा

Last Updated:

कटड़ा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है. प्रशासन ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन काउंटर भी फिलहाल बंद कर दिए हैं.

Zoom

माता वैष्‍णो देवी यात्रा को अस्‍थाई तौर पर बंद कर दिया गया है.

Mata Vaishno Devi Yatra: माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अहम खबर है. श्रद्धालुओं की अचानक बढ़ी भारी भीड़ को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड प्रशासन ने यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है. इसके साथ ही यात्रा के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन काउंटर भी फिलहाल बंद कर दिए गए हैं.

प्रशासन के अनुसार यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है. गर्मियों की छुट्टियों और वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु कटरा पहुंच रहे हैं. बीते कुछ दिनों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक दर्ज की गई है, जिससे यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र में दबाव बढ़ गया है.

दोबारा कब शुरू की जाएगी यात्री

अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा स्थिति को नियंत्रित करने और पहले से मौजूद श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए नए यात्रियों के पंजीकरण पर अस्थायी रोक लगाई गई है. इसी कारण रजिस्ट्रेशन काउंटर बंद किए गए हैं और बिना पंजीकरण के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनुमति नहीं दी जा रही है.

श्राइन बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन काउंटर 7 जून को दोबारा खोले जाएंगे. हालांकि अंतिम निर्णय निर्णय भीड़ की स्थिति और सुरक्षा आकलन के आधार पर लिया जाएगा.  प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे.

अपडेट लेकर ही माता के दर्शन के लिए निकलें

इस बीच, देश के विभिन्न राज्यों से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए रवाना होने वाले श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक अपडेट जरूर जांच लें. बिना जानकारी के कटरा पहुंचने पर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

प्रशासन ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. यात्रा मार्ग पर भीड़ नियंत्रण, चिकित्सा सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है. अधिकारियों का मानना है कि भीड़ सामान्य होने के बाद यात्रा को पूरी तरह से नियमित कर दिया जाएगा.

छुट्टियों के चलते श्रद्धालुओं की भीड़ में बढ़ोत्‍तरी

हर वर्ष गर्मियों की छुट्टियों और लंबे सप्ताहांत के दौरान माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में खासी बढ़ोत्‍तरी वृद्धि देखी जाती है. इस बार भी बड़ी संख्या में भक्त कटरा पहुंच रहे हैं, जिसके कारण प्रशासन को विशेष प्रबंध करने पड़ रहे हैं.

श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल श्राइन बोर्ड तथा प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. यात्रा से संबंधित ताजा जानकारी मिलने के बाद ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके.

About the Author

authorimg

Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



Source link

गाज़ियाबाद गैंगस्टर केस में परिवार को राहत: हाईकोर्ट की पूर्व पुलिस कमिश्नर को फटकार, मुकदमें रद्द किए – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाज़ियाबाद के राजेंद्र त्यागी और उनके परिवार के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया। 12 फरवरी 2023 को पुलिस स्टेशन नंदग्राम, गाज़ियाबाद में राजेंद्र त्यागी, उनके बेटे दीपक त्यागी और बहू लालिता त्यागी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि ये जमीन-प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी व धोखाधड़ी करते हैं। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने कहा कि दोनों मूल एफआईआर केवल जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े वित्तीय विवाद हैं। चार्जशीट में ऐसा कोई तथ्य नहीं जो गैंगस्टर एक्ट की धारा 2(बी) की शर्तें पूरी करता हो। साथ ही यह भी कहा कि गृहिणी लालिता त्यागी जिनकी उम्र मात्र 35 वर्ष थी ,की गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी और मनमानी थी। वे बिना किसी ठोस आधार के लगभग 80 दिन न्यायिक हिरासत में रहीं। तत्कालीन कमिश्नर ऑफ पुलिस गाज़ियाबाद को फटकार अदालत ने तत्कालीन कमिश्नर ऑफ पुलिस गाज़ियाबाद, अजय कुमार मिश्र (जो अब आई जी पुलिस, प्रयागराज हैं) के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकार का दुरुपयोग किया, अधीनस्थों पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखा, और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। हालांकि, भविष्य के करियर को देखते हुए अदालत ने उन्हें केवल सतर्क और सावधान रहने का निर्देश दिया। अदालत ने यूपी गृह विभाग की भी आलोचना की और कहा कि कमिश्नरेट जिलों में गैंग चार्ट अनुमोदन में जिलाधिकारी की अनिवार्य भागीदारी समाप्त करना नियम 5(3)(ए) का उल्लंघन है। गृह विभाग बार-बार मांगे गए तथ्यात्मक आंकड़े और जवाब देने में विफल रहा। अदालत ने सत्र परीक्षण संख्या 3072/2023 की समस्त कार्यवाही रद्द करते हुए याचिका स्वीकार कर लिया।



Source link

भोपाल के 7 नंबर तिराहे की बदल रही ज्योमेट्री: बीजेपी ऑफिस-अरेरा कॉलोनी के लिए दो सर्विस लेन; उलझ रहे वाहन चालक – Bhopal News




भोपाल के सात नंबर तिराहे और मान सरोवर क्षेत्र की ट्रैफिक ज्योमेट्री बदल रही है। मैनिट द्वारा तैयार ‎डिजाइन के आधार पर यहां दो सर्विस लेन,‎ रोटरी, चैन लाइजिंग आइलैंड और अन्य‎ट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधार किए जा रहे हैं।‎ हालांकि, अभी काफी गफलत की स्थिति है और हर रोज हजारों वाहन चालक उलझते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि जनवरी 2025 में आंबेडकर सेतु‎(जीजी फ्लाईओवर) शुरू हुआ था। इसने राजधानी के ‎यातायात को नई दिशा दी, लेकिन इसके ‎साथ ही 7 नंबर तिराहे और मानसरोवर क्षेत्र ‎के ट्रैफिक का स्वरूप भी बदल गया।‎ फ्लाईओवर शुरू होने के करीब डेढ़ साल ‎बाद अब इस पूरे जंक्शन की ज्योमेट्री ‎बदली जा रही है। यह ट्रैफिक संभालता है तिराहा
7 नंबर तिराहा आरकेएमपी स्टेशन, ‎एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी और शिवाजी‎ नगर को जोड़ता है। आंबेडकर सेतु शुरू ‎होने से पहले यह क्षेत्र मुख्य रूप से ‎स्थानीय यातायात को संभालता था,‎ लेकिन फ्लाईओवर के संचालन के बाद‎ यह एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बन गया ‎है। जब यह तिराहा बना था तब‎ मानसरोवर कॉम्प्लेक्स भी नहीं था। जीजी‎ फ्लाईओवर बन जाने के बाद यहां ट्रैफिक ‎के नेचर में बदलाव हुआ है और अगले‎ कुछ महीनों में भाजपा कार्यालय की ‎हाईराइज बिल्डिंग भी तैयार हो जाएगी। ‎यानी यहां ट्रैफिक मूवमेंट का पैटर्न‎ लगातार बदल रहा है।‎ ये काम हो रहे दो साल पहले मैनिट ने दी थी डिजाइन‎
मैनिट के ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट‎डॉ.सिद्धार्थ रोकड़े ने करीब दो साल पहले इस पूरे‎ क्षेत्र का अध्ययन कर नया ज्यामैट्री ले-आउट‎ तैयार किया था। अब उसी डिजाइन के आधार पर‎जंक्शन को रिडिजाइन किया जा रहा है।‎ पीडब्ल्यूडी के एक्जीक्युटिव इंजीनियर एआर मोरे‎ने बताया कि आंबेडकर सेतु शुरू होने के बाद‎एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर और‎ रेलवे स्टेशन की ओर आने-जाने वाले लोगों की ‎सुविधा तथा ट्रैफिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर ‎यह नई व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे‎ ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा।



Source link

₹35 का रोल और ₹70 का कबाब पराठा… स्वाद ऐसा कि लोग बार-बार पहुंच रहे स्टॉल


Last Updated:

अगर आप कुछ अलग और स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड ट्राई करना चाहते हैं, तो मिर्जापुर का यह वेज कबाब स्टॉल आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए. यहां 16 तरह के वेज कबाब, कुरकुरे पराठे और सीक्रेट मसालों का ऐसा स्वाद मिलता है, जिसे खाने के बाद लोग बार-बार लौट आते हैं.

मिर्जापुर: वेज कवाब पराठा और वेब रोल के शौकीन है तो मिर्जापुर का यह दुकान बेहद खास है. मिर्जापुर का फूडी वेज कवाब पर 16 तरीके के कवाब तैयार किए जाते हैं. ग्राहकों को अलग-अलग स्वाद का आनंद लेने के लिए अलग-अलग वैरायटी का कवाब पराठा बनाते हैं.

शहर के गिरधर चौराहा के पास दुकान स्थित शॉप पर वेज जवाब पराठा खाने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं. वेज रोल का दाम 40 रुपये और वेज कवाब पराठा का दाम 70 रुपये हैं. सोयाबीन का ग्रेवी इसके स्वाद को बढ़ा देता है. उसपर हरी चटनी और प्याज का सलाद मिलने के बाद वाह-वाह करेंगे.

दुकानदार रवि ने लोकल 18 से बताया कि हमारे यहां का वेज कवाब काफी अच्छा होता है. इसमें जो स्वाद होता है, वो जबरदस्त होता है. वेज कवाब बनाने के लिए सोयाबीन और चने की दाल का प्रयोग किया जाता है. यह एकदम फ्रेश रहता है, जिसको उपयोग में लेते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

वेब कबाब के लिए सीक्रेट मसाला बनाया जाता है. घर पर ही इन मसालों को तैयार किया जाता है. इसके अलावा कोई अतिरिक्त चीज नहीं मिलाया जाता है. वेब रोल के साथ ही वेज कवाब बनाया जाता है. हमने ग्राहकों से फीडबैक लिया है. ग्राहकों की डिमांड पर इसके कई प्रकार में तैयार किया जाता है.

रवि ने बताया कि वेज रोल का दाम 35 रुपये हैं. यहां पर करीब 5 वर्षों से दुकान लगा रहे हैं. ग्राहकों को देखकर लग रहा होगा कि कितना बेहतर स्वाद रहता है. वेब कवाब पराठा 70 रुपये का मिलता है. इसमें दो कुरकुरे लजीज स्वादिष्ट पराठे रहते हैं.

सोयाबीन की ग्रेवी, हरी चटनी और सलाद दिया जाता है. अगर आप एक बाद स्वाद का आनंद ले लेंगे तो बार-बार दुकान पर आएंगे. स्वाद के साथ ही कोई ऐसे मसाले तेल या अन्य सामान का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए नुक्सानदेह हो. स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का ख्याल रखते हैं.

पूजा बिंद ने बताया कि यहाँ पर ज्यादातर वेज रोल खाती हूं. यह 40 रुपये में मिलता है. इसका स्वाद बेहद ही लाजवाब होता है. मैंने यहां पर स्वाद का जायका लिया, उसके बाद कहीं पर खाने के लिए नहीं गई. इनके वेज कवाब रोल और पराठे का कोई जवाब नहीं है. शालू सोनकर ने बताया कि वेज कवाब पराठा का स्वाद बेहतरीन है. हम लोग कई बार खा चुके हैं. इधर आते तो स्वाद का आनंद उठाते हैं. लजीज होने की वजह से

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

8 जून की बैठक से पहले इंडिया ब्लॉक में विवाद: CPM-JMM ने भी कांग्रेस से नाराजगी जताई; AAP-DMK ने पहले ही खुद को अलग किया




इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर साथ न देने का आरोप लगाया है। शनिवार को CPI(M) के महासचिव एम. ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने लगातार यह प्रचार किया कि CPI(M) और BJP के बीच कोई अंदरूनी डील हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ ED की कार्रवाई की मांग की, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा। शुक्रवार को JMM ने भी कहा कि कांग्रेस ने उनसे बिना पूछे राज्यसभा सीट के उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया। इसलिए वे दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। दरअसल, 18 जून को झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर वोटिंग होनी है। वहीं, DMK पहले ही कह चुकी है कि वह 8 जून को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होगी। तमिलनाडु में कांग्रेस के TVK को समर्थन देने के बाद से दोनों पार्टियों के बीच विवाद चल रहा है। दावा- TVK को साथ लाने की कोशिश रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवीके को 8 जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल करवाने की कोशिश की जा रही है। बैठक में ममता बनर्जी द्वारा बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों का मुद्दा उठाने और इंडिया ब्लॉक के दलों का समर्थन जुटाने की भी उम्मीद है। बैठक में ममता, उद्धव और अखिलेश शामिल हो सकते हैं PTI से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। बैठक में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का मुकाबला करने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और कई राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों पर भी बातचीत संभव है। DMK का कांग्रेस सांसदों के साथ बैठने से इनकार 4 मई को तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद कांग्रसे ने TVK की समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके बाद से DMK और कांग्रसे के बीच विवाद चल रहा है। DMK ने लोकसभा में कांग्रेस सांसदों के साथ ना बैठने का फैसला किया। सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर सिटिंग अरेंजमेंट बदलने की मांग की। कनिमोझी ने कहा कि बदलते हालातों में कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं है। लोकसभा में 22 सांसदों वाली DMK, विपक्षी INDIA गठबंधन की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। I.N.D.I.A. ब्लॉक की 6 मीटिंग, पहली नीतीश, आखिरी कांग्रेस ने बुलाई I.N.D.I.A ब्लॉक बनने के बाद इसकी 6 बैठकें हुई हैं। पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी। इसे नीतीश कुमार ने बुलाया था। बाद में नीतीश I.N.D.I.A ब्लॉक छोड़कर NDA में शामिल हो गए थे। आखिरी बैठक 1 जून 2024 को हुई थी। पांचवीं बैठक: सीट शेयरिंग पर पेंच फंसा, ममता-अखिलेश कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं ये मीटिंग 13 जनवरी 2024 को वर्चुअली हुई थी। इसमें 28 दलों के 9 नेता जुड़े थे। चेयरपर्सन के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर सहमति बनी, लेकिन संयोजक के नाम पर फैसला नहीं हो सका। मीटिंग के बाद NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘हमारे बीच चर्चा हुई कि हम जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला लेंगे।’ तब JDU भी I.N.D.I. में शामिल था। JDU ने भी सीट शेयरिंग में हो रही देरी से नाराजगी जताई थी। इस बैठक में सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। चौथी बैठक: ममता ने PM फेस के लिए खड़गे का नाम दिया I.N.D.I.A की चौथी बैठक 19 दिसंबर 2023 को दिल्ली के अशोका होटल में हुई थी। इसमें पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने PM चेहरे के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम का सुझाव रखा। अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन किया। यह जानकारी बैठक के बाद MDMK (मरूमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के सांसद वाइको ने दी। हालांकि PM फेस के सवाल पर UP के पूर्व CM अखिलेश यादव ने चुप्पी साध ली। तीसरी बैठक: 5 कमेटियां बनीं, चुनाव की रणनीति बनाई गई I.N.D.I.A अलायंस की तीसरी बैठक मुंबई में 31 अगस्त-1 सितंबर 2023 को हुई थी। मीटिंग में अलायंस ने 5 कमेटियों का गठन किया था। इनमें कैंपेन कमेटी, कोऑर्डिनेशन/स्ट्रैटजी कमेटी, मीडिया, सोशल मीडिया और रिसर्च कमेटी शामिल हैं। इस बैठक में 28 विपक्षी दलों ने पांच राज्यों में हो चुके चुनाव की रणनीति तैयार की थी। दूसरी बैठक : गठबंधन का नाम I.N.D.I.A तय किया गया विपक्षी एकता की दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। 2024 के आम चुनाव में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष के 26 दल एक साथ आए थे। इस बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम INDIA तय किया गया था। इसका फुल फॉर्म इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस है। पहली बैठक: नीतीश ने अगुआई की, 15 दल शामिल हुए विपक्षी गठबंधन की पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी। इस बैठक की अगुआई बिहार के CM नीतीश कुमार ने की थी। बैठक में विपक्ष के 15 दल शामिल हुए थे। ये बैठक अगले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार का सामना करने के लिए विपक्ष को एक साथ लाने के लिए थी। लोकसभा चुनाव में INDIA को 234 सीटें मिली थीं लोकसभा चुनाव में I.N.D.I.A को 234 सीटें मिली हैं। इसमें कांग्रेस की 99, समाजवादी पार्टी की 37 और तृणमूल कांग्रेस की 29 सीटें शामिल हैं। बहुमत का आंकड़ा 272 है। वहीं, महाराष्ट्र चुनाव में INDIA ब्लॉक को कांग्रेस लीड कर रही थी। विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) की 288 में से सिर्फ 45 सीटें आईं। भाजपा गठबंधन को 230 सीटें मिलीं। ———————————————- ये खबर भी पढ़ें… उदयनिधि बोले- कांग्रेस ने धोखा दिया; 20 साल का गठबंधन तोड़कर TVK को समर्थन दिया तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि कांग्रेस ने एक्टर विजय की पार्टी TVK को समर्थन देकर DMK के साथ धोखा किया है। वे कांग्रेस के इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेंगे। पूरी खबर पढें…



Source link

कटिहार नगर निगम में SWM रूल्स-2026 पर चर्चा: पर्यावरण संरक्षण पर जोर, महापौर ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए – Katihar News



कटिहार नगर निगम सभागार में पर्यावरण संरक्षण एक विशेष बैठक आयोजित की गई। महापौर उषा देवी अग्रवाल ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार, सभी वार्ड पार्षद, निगम के पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

.

बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) को प्रभावी बनाना था। इसमें SWM रूल्स-2026 के प्रावधानों से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। स्वच्छता पदाधिकारी ने एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से वार्ड पार्षदों को इन नियमों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

स्वच्छता पदाधिकारी ने बताया कि SWM रूल्स-2026 के अनुसार, घरों, दुकानों और संस्थानों में कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण अनिवार्य है। इसमें गीला, सूखा, सेनेटरी और घरेलू खतरनाक कचरा अलग-अलग करना शामिल है। नियमों में खुले में कचरा फेंकने, जलाने या सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। नगर क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नागरिकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं।

बैठक में वार्ड पार्षदों से अपील की गई कि वे अपने-अपने वार्डों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। उन्हें कचरा पृथक्करण, निर्धारित स्थानों पर कचरा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। पार्षदों से नगर निगम के स्वच्छता अभियानों में सक्रिय सहयोग देने का भी आग्रह किया गया।

महापौर उषा देवी अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए नागरिकों से स्वच्छता नियमों का पालन करने की अपील की।

नगर आयुक्त संतोष कुमार ने बताया कि नगर निगम स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि SWM रूल्स-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी।

बैठक के समापन पर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



Source link

इम्तियाज अली जब हुए किडनैप, रात 2 बजे कॉलेज हॉस्टल से उठा ले गए थे गुंडे


Last Updated:

फिल्ममेकर इम्तियाज अली ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (हिंदू कॉलेज) में बिताए दिनों का एक वाकया सुनाया. फिल्ममेकर ने बताया कि उन्हें एक साइकिल रिक्शा में अगवा कर लिया गया था. यह विवाद हॉस्टल की मैन दीवार से एक पॉलिटिकल पोस्टर हटाकर दूसरी जगह लगाने के कारण शुरू हुआ था. दूसरे गुट के लड़के रात दो बजे उन्हें एक सरकारी क्वार्टर में गैंग लीडर के सामने ले गए. वहां जब इम्तियाज ने बिना डरे सच बताया कि उन्होंने पोस्टर फाड़ा नहीं सिर्फ हटाया था, तो गैंग लीडर ने झूठ बोलने पर अपने ही आदमी को थप्पड़ जड़ दिया और इम्तियाज सुरक्षित बच गए. फिलहाल, वे अपनी नई फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ की रिलीज की तैयारी कर रहे हैं.

नई दिल्ली: बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली अपनी फिल्मों में दिल छू लेने वाली कहानियां दिखाने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनकी खुद की असल जिंदगी में भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी ? दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में पढ़ाई के दौरान इम्तियाज का पाला एक लोकल राजनीतिक गैंग से पड़ गया था. बात इतनी बढ़ गई थी कि उन्हें कॉलेज हॉस्टल से किडनैप कर लिया गया था, वह भी एक साइकिल रिक्शा में! (फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

पूरी घटना साल 1993 के आस-पास की है, जब इम्तियाज दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र थे. उन दिनों कैंपस की छात्र राजनीति में एनएसयूआई और एबीवीपी (ABVP) के बीच काफी तगड़ा मुकाबला और टकराव देखने को मिलता था. इम्तियाज अली ने ‘अनफिल्डर्ड बाय समडिश’ को दिए इंटरव्यू में बताया कि इस पूरे फसाद की शुरुआत कॉलेज हॉस्टल की दीवार पर चिपकाए गए एक मामूली से राजनीतिक पोस्टर की वजह से हुई थी. (फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

कुछ लड़कों ने इम्तियाज के हॉस्टल की सामने वाली मेन दीवार पर अपनी पार्टी का पोस्टर चिपका दिया था. इम्तियाज ने उन लड़कों से बड़े प्यार से कहा कि वे पोस्टर को सामने न लगाकर साइड वाली दीवार पर लगा दें, ताकि बिल्डिंग की खूबसूरती खराब न हो. लेकिन उन लड़कों ने उनकी बात अनसुनी कर दी. इसके बाद, इम्तियाज ने उनके सामने ही पोस्टर वहां से हटाया और बगल की दीवार पर चिपका दिया. उस वक्त तो वे लड़के चले गए, लेकिन उनके दिल में खुन्नस बैठ गई थी. (फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Add News18 as
Preferred Source on Google

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

इम्तियाज को लगा कि बात वहीं खत्म हो गई, लेकिन असली ड्रामा तो अभी शुरू होना था. घटना के कुछ दिनों बाद रात के करीब 2 बजे इम्तियाज हॉस्टल में सो रहे थे, तभी उनके एक रूममेट ने भागते हुए आकर कहा कि कुछ गुंडे उन्हें ढूंढते हुए आ रहे हैं और वे फौरन वहां से भाग जाएं. इससे पहले कि इम्तियाज कुछ समझ पाते, वे लोग उनके कमरे तक पहुंच गए और रौब झाड़ते हुए बोले, ‘चलो हमारे साथ.’
(फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

हैरानी की बात यह थी कि वे लोग इम्तियाज को अगवा करने के लिए कोई बड़ी गाड़ी नहीं, बल्कि एक साइकिल रिक्शा लेकर आए थे. इम्तियाज को उसी रिक्शा में बिठाया गया और यूनिवर्सिटी एरिया के ही एक सरकारी क्वार्टर जैसी दिखने वाली जगह पर ले जाया गया. वहां पहुंचकर इम्तियाज का सामना उस पूरे ग्रुप के मेन गैंग लीडर से हुआ, जो एक राजनीतिक पार्टी से ताल्लुक रखता था. (फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

गैंग लीडर ने वहां पहुंचते ही बेहद कड़क आवाज में इम्तियाज से पूछा कि आखिर माजरा क्या है. इम्तियाज ने बिना डरे पूरी सच्चाई बयां कर दी. उन्होंने साफ-साफ कहा कि उन्होंने किसी का पोस्टर फाड़ा नहीं था, बल्कि उसे सिर्फ हटाकर दूसरी दीवार पर लगा दिया था. जब लीडर ने अपने उस आदमी से सच पूछा जो इम्तियाज को पकड़कर लाया था, तो उसने कहा कि हटाने और फाड़ने में क्या फर्क है, बात तो एक ही है! (फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

बस फिर क्या था, इस बात पर गैंग लीडर भड़क गया. उसने अपने ही आदमी को डांटते हुए कहा कि तुमने मुझे झूठ बोला कि उसने पोस्टर फाड़ा है, जबकि उसने तो सिर्फ जगह बदली थी. लीडर ने गुस्से में अपने ही गुंडे को वहीं सबके सामने दो थप्पड़ जड़ दिए. इस तरह गलतफहमी दूर होते ही इम्तियाज की जान में जान आई और वे सही-सलामत वहां से बचकर वापस लौट आए.
(फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

Imtiaz Ali, Imtiaz Ali news, Imtiaz Ali movies, Imtiaz Ali family, Imtiaz Ali life story, Imtiaz Ali latest news

इम्तियाज अली हमेशा मानते हैं कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें जिंदगी के कई अच्छे-बुरे और अजीब सबक सिखाए हैं, जिन्होंने उनकी क्रिएटिव सोच को निखारा. बहरहाल, अब इम्तियाज इन पुरानी यादों से आगे बढ़कर अपने काम पर फोकस कर रहे हैं. वे जल्द ही अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ लेकर आ रहे हैं, जिसमें दिलजीत दोसांझ और नसीरुद्दीन शाह जैसे सितारे नजर आएंगे और यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. (फोटो साभार: Instagram@imtiazaliofficial)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

युवा किसी के हाथ की कठपुतली नहीं, कॉकरोच जनता पार्टी पर बरसे नितिन नवीन


होमताजा खबरदेश

युवा किसी के हाथ की कठपुतली नहीं, कॉकरोच जनता पार्टी पर बरसे नितिन नवीन

Last Updated:

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का ज़िक्र करते हुए नितिन नवीन ने कहा, “विदेश में बैठे कुछ लोग सोचते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा दे सकते हैं.” रांची में बुद्धिजीवियों के साथ बातचीत के दौरान नवीन ने कहा, “आज के युवा राष्ट्र-निर्माण और अपने भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में काम करना चाहते हैं. लेकिन कुछ ताकतें देश के युवाओं को व्यवस्था-विरोधी बनाने की कोशिश कर रही हैं.”

ख़बरें फटाफट

Zoom

नितिन नवीन ने कहा कि कुछ ताकतें देश के युवाओं को व्यवस्था-विरोधी बनाने की कोशिश कर रही हैं.

नई दिल्ली. झारखंड दौरे पर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को उन ताकतों पर तीखा हमला बोला, जो उनके मुताबिक देश के युवाओं को “नकारात्मक राजनीति” की ओर धकेलने की कोशिश कर रही हैं. रांची में बुद्धिजीवियों के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर हमला बोला और कहा कि विदेश में बैठे कुछ लोग यह समझते हैं कि वे भारत के युवाओं को दिशा दे सकते हैं, लेकिन देश का युवा किसी के हाथ की कठपुतली बनने वाला नहीं है.

उन्होंने कहा कि आज का भारतीय युवा राष्ट्र निर्माण, इनोवेशन और अपने बेहतर भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जबकि कुछ ताकतें उसे व्यवस्था विरोधी राजनीति की ओर मोड़ने का प्रयास कर रही हैं. नितिन नवीन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का युवा नकारात्मकता नहीं, बल्कि सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति का रास्ता चुनेगा.

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि विरोध करना लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए. उन्होंने दावा किया कि युवाओं की मेहनत और इनोवेशन के कारण देश में लगभग दो लाख स्टार्टअप खड़े हुए हैं और भारत तेजी से वैश्विक आईटी हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने पड़ोसी देशों में चले व्यवस्था-विरोधी अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति भारत के युवाओं के हित में नहीं है. उनका कहना था कि भारतीय युवा अनुशासन और समर्पण के साथ देश को विकसित राष्ट्र बनाने में योगदान देना चाहता है.

नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में व्यापक बदलाव हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर आए हैं, 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है, 54 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं और करोड़ों परिवार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हैं. उन्होंने यह भी कहा कि भारत जल्द ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनने जा रहा है. साथ ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पार्टी की प्रतिबद्धता भी दोहराई.

रांची पहुंचने पर नितिन नवीन का भव्य स्वागत किया गया. उन्होंने बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्टी के सांसदों, विधायकों तथा कोर कमेटी के सदस्यों के साथ संगठनात्मक बैठकें भी कीं. उनका यह दौरा झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनावों से पहले राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



Source link

‘मैं वहां मरते-मरते बचा’, विक्रम भट्ट ने जेल में बिताए 70 दिनों का अनुभव बयां किया


Last Updated:

फिल्ममेकर विक्रम भट्ट के उदयपुर जेल में बिताए 70 दिनों का अनुभव बयां किया है. उन्हें एक बायोपिक से जुड़े फाइनेंशियल विवाद के कारण गिरफ्तार किया गया था. जेल में विक्रम भट्ट को ‘एक्सियल स्पॉन्डिलोआर्थराइटिस’ और पीलिया जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा, जिससे वे बमुश्किल उबरे. हालांकि, मुश्किल दौर में उन्हें कैदियों और जेल स्टाफ से भरपूर सम्मान और सुरक्षा मिली, जो उन्हें प्यार से ‘भीष्म पितामह’ बुलाते थे. विक्रम की मानें, तो इस सफर ने उन्हें सिनेमा के असली दर्शकों से दोबारा जोड़ा. उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह बकवास बताया है.

नई दिल्ली: मशहूर बॉलीवुड फिल्ममेकर विक्रम भट्ट धोखाधड़ी के आरोप के चलते 70 दिन जेल में बंद रहे थे. उन्होंने जेल में बिताए खौफनाक और चौंकाने वाले अनुभवों पर खुलकर बात की. उन्हें इंदिरा आईवीएफ के फाउंडर की दिवंगत पत्नी की बायोपिक को लेकर हुए विवाद के चलते गिरफ्तार किया गया था. विक्रम ने मुश्किल घड़ी को याद करते हुए बताया कि कैसे जेल की उस सलाखों के पीछे उन्हें कुछ अजीबो-गरीब दोस्त मिले. उन्हें गंभीर बीमारियों से जूझना पड़ा और ऐसा अनुभव मिला जिसने उन्हें जमीनी हकीकत से दोबारा जोड़ दिया. (फोटो साभार: IMDb)

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

विक्रम भट्ट ने सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जेल के अंदर वे कोई अकेले नहीं थे, बल्कि एक ही बैरक में उनके साथ करीब 60 से 80 कैदी बंद थे. लेकिन वहां उन्हें जो अपनापन, इज्जत और देखभाल मिली, उसने उनके होश उड़ा दिए. कैदी उन्हें ‘भीष्म पितामह’ कहकर बुलाते थे और उनका इतना ख्याल रखते थे कि उन्हें खुद का कोई काम भी नहीं करने देते थे. खाना लाने से लेकर कपड़ों तक का ध्यान वही कैदी रखते थे. (फोटो साभार: Instagram@thevikrambhatt)

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

विक्रम भट्ट ने एक मजेदार किस्सा शेयर करते हुए बताया कि हर रात करीब 60-65 कैदी उनके पास इकट्ठा हो जाते थे और उनसे हॉरर स्टोरियां सुनाने की जिद करते थे. यह अपनापन सिर्फ कैदियों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि जेल का स्टाफ और कांस्टेबल भी उनके प्रति काफी दयालु निकले. विक्रम बताते हैं कि वहां दो कैदी रात भर उनके दोनों तरफ सोते थे ताकि उन्हें कोई नुकसान न पहुंचा सके, जबकि उन्होंने उन कैदियों के लिए कभी कुछ नहीं किया था. (फोटो साभार: Instagram@khesari.lover.deepak)

Add News18 as
Preferred Source on Google

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

फिल्ममेकर की मानें, तो जेल यात्रा ने उन्हें उस असली भारत से दोबारा मिलने और जुड़ने का मौका दिया जिससे वे मुंबई की चकाचौंध में दूर हो गए थे. उन्होंने कहा कि आमतौर पर जिन लोगों से वे कभी नहीं मिल पाते, उनके साथ रहकर उन्हें समझ आया कि आम जनता कैसे सोचती है और हॉरर कहानियों पर उनका क्या रिएक्शन होता है. विक्रम ने माना कि बैरक में रहने वाले ये आम लोग ही असल में वो दर्शक हैं जो थिएटर में जाकर उनकी फिल्में देखते हैं. (फोटो साभार: Instagram@thevikrambhatt)

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

जेल के सफर में विक्रम भट्ट मौत के मुंह से भी बाहर निकलकर आए. दरअसल, उन्हें ‘एक्सियल स्पॉन्डिलोआर्थराइटिस’ नाम की एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें जोड़ों और मांसपेशियों में भयंकर दर्द होता है. दिसंबर और जनवरी की कड़कड़ाती ठंड में जेल के फर्श पर सिर्फ एक पतली सी चटाई बिछाकर सोने से उनकी हालत बेहद खराब हो गई थी. इस दर्दनाक माहौल ने उनकी शारीरिक दिक्कतों को कई गुना बढ़ा दिया था.(फोटो साभार: Instagram@thevikrambhatt)

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

हद तो तब हो गई, जब जेल के अंदर उन्हें पीलिया भी हो गया. वे ठंड के मारे रात भर कांपते थे और बैरक के दूसरे कैदी अपनी रजाई भी उन्हें उढ़ा देते थे. मेडिकल ट्रीटमेंट और अस्पताल ले जाने की उनकी बार-बार की गुहार को जेल प्रशासन सुरक्षा और गार्ड्स की कमी का बहाना बनाकर टालता रहा. जब विक्रम को समझ आ गया कि उन्हें इलाज नहीं मिलेगा, तो उन्होंने खुद ही सिर्फ उबले चने, पानी और फल खाकर सख्त डाइट से खुद को ठीक किया और भगवान पर भरोसा रखा.(फोटो साभार: IMDb)

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

जेल से बाहर आने के बाद बॉलीवुड के कई बड़े सितारों ने उनसे संपर्क किया. मिथुन चक्रवर्ती और संजय दत्त जैसे दिग्गजों ने फोन करके उनका हालचाल लिया, जबकि संजय दत्त के साथ उन्होंने कभी काम भी नहीं किया था. जब उनसे अक्षय कुमार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ कहा कि अक्षय उनके दोस्त नहीं हैं तो वो क्यों फोन करेंगे. वहीं उनके बचपन के दोस्त अजय देवगन ने उन्हें तुरंत फोन किया, क्योंकि पुराना याराना था. (फोटो साभार: IMDb)

Vikram Bhatt, Vikram Bhatt jail, Vikram Bhatt Udaipur arrest, Vikram Bhatt 70 days jail, Vikram Bhatt Indira Murdia biopic case, Vikram Bhatt interview, Vikram Bhatt health jail, विक्रम भट्ट, विक्रम भट्ट इंटरव्यू, विक्रम भट्ट जेल

विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को दिसंबर 2025 में बायोपिक विवाद में गिरफ्तार किया गया था और फरवरी में उन्हें जमानत मिली. विक्रम ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह बकवास बताते हुए कहा कि चार्जशीट में उनके खिलाफ कुछ भी साबित नहीं हुआ है और उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है. फिलहाल, वे इन सब विवादों को पीछे छोड़कर अपनी अगली हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘हॉन्टेड 3डी: एकोज ऑफ द पास्ट’ की रिलीज की तैयारियों में जुट गए हैं. (फोटो साभार: IMDb)

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन: निष्कासन के विरोध में छात्रों के साथ अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद ने दिया धरना – Lucknow News




लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ी फीस, वित्तीय अनियमितताओं और छात्रों के निष्कासन के विरोध में लगातार पांचवें दिन आंदोलन चलता रहा। मौके पर अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व सांसद कांग्रेस नेता पीएल पुनिया भी पहुंचे। उन्होंने धरना स्थल पर छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दर्ज FIR एवं निष्कासन की कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अवधेश बोले लोक तांत्रिक तरीके से बात कहना अपराध नहीं अवधेश प्रसाद ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना अपराध नहीं है। छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों को भय का नहीं। बल्कि विचार-विमर्श और लोकतांत्रिक मूल्यों का केंद्र होना चाहिए।छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए मुद्दों फीस वृद्धि, पारदर्शिता की कमी और निष्कासन पर नेताओं ने आश्वासन दिया कि इन मामलों को संबंधित उच्च स्तरों तक उठाया जाएगा। अवधेश प्रसाद ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बात नहीं सुनता है तो वे इस मुद्दे को राज्यपाल तक ले जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर संसद में भी उठाया जाएगा। FIR दर्ज करना गंभीर सवाल खड़े करता है उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय में आना चाहिए, न कि उन्हें अपराधी बनाकर प्रस्तुत किया जाए। उनके अनुसार FIR दर्ज कर छात्रों को अनावश्यक रूप से दबाव में लाया जा रहा है, जो उचित नहीं है।पूर्व सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि जब छात्र फीस पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठा रहे हैं। उनके जवाब देने के बजाय उन्हें निष्कासित करना और FIR दर्ज करना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे सभी के लिए सुलभ एवं किफायती होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाती है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि कहीं शिक्षा को केवल राजस्व का साधन तो नहीं बनाया जा रहा। छात्र नेता बोले आंदोलन को समर्थन दिया पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और धरना स्थल पर बैठकर छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण ऐसा प्रतीत होता है, जिसमें उच्च शिक्षा केवल उन्हीं के लिए सुलभ होती जा रही है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, जबकि कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए अवसर सीमित होते जा रहे हैं। यह स्थिति समान अवसर की अवधारणा के विरुद्ध है।छात्रों ने बताया कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन संवाद के बजाय उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। इस अवसर पर छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई अन्यायपूर्ण और दमनकारी है तथा जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।



Source link