सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों के सुरक्षित सफर को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को भी जोधपुर में लग्जरी व स्लीपर बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देश पर की गई इस औचक कार्रवाई में नियमों की धज्जियां उड़ा रही 6 लग्जरी व स्लीपर बसों के चालान काटकर उन्हें जब्त कर लिया गया। चेकिंग में सामने आईं यह गंभीर अनियमितताएं जांच के दौरान मोटर वाहन अधिनियम-1988 और स्लीपर कोच बसों के लिए तय सरकारी मानकों (AIS-119) का बड़े पैमाने पर उल्लंघन पाया गया। कई बसों में इमरजेंसी एग्जिट ही गायब थे। अवैध मॉडिफिकेशन: बसों में पीछे से चेसिस काटकर नियम विरुद्ध लगेज स्पेस बनाया गया था। बसों की छत पर अवैध रूप से लगेज कैरियर लगाए गए थे। इसके अलावा बैठने की क्षमता में फेरबदल और स्लीपर बर्थ की लंबाई-ऊंचाई तय मापदंडों के विपरीत पाई गई। अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश त्यागी (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर महानगर) और जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला) के नेतृत्व में चलाया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला ओर महानगर के सचिव जज डॉ मनीष हरजाई, राकेश रामावत शामिल रहे।
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नियम तोड़कर चलने वाली बसों पर एक्शन: जोधपुर में जजों के निरीक्षण में हुई कार्रवाई, 6 प्राइवेट बसें सीज – Jodhpur News
2 साल तक भूल जाइए रैली, उसके बाद ये शेयर दिखाएंगे अपना जलवा, शंकर शर्मा ने की भविष्यवाणी
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अपनी सधी हुई राय के लिए मशहूर जाने-माने निवेशक शंकर शर्मा ने कहा है कि बाजार में अब पहले जैसी रैली नहीं आएगी. उनका कहना है कि अगले 2 साल तक तो मार्केट बुल रन देखेगा ही नहीं. शंकर शर्मा ने पहली बार ऐसा नहीं कहा है. वह इससे पहले भी कह चुके हैं कि अब मार्केट में सुधार 2030 के बाद ही होगा. उन्होंने यह भी कहा मार्केट अब पुरानी वाली रैली नहीं दोहरा पाएगा.
शंकर शर्मा ने कहा है कि इस बार वाली रैली पिछली वाली से कमजोर होगी: शर्मा
नई दिल्ली. शंकर शर्मा का नाम शेयर बाजार में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है. उन्हें बाजार पर एक सधी हुई राय के लिए जाना जाता है. शर्मा अगर बाजार में किसी चीज को लेकर भविष्यवाणी करते हैं तो उस पर गौर किया जाता है. इसलिए जब वह ये कहते हैं कि 2 साल तक बाजार में रैली का कोई दौर नहीं आएगा तो इस पर नए निवेशकों को ध्यान देना चाहिए. क्योंकि मझे हुए इन्वेस्टर्स तो ऐसे दौर देख चुके हैं लेकिन बाजार में नई एंट्री करने वाले मौजूदा हालात देखकर काफी परेशान हो रहे हैं. जितनी तेजी से उन्होंने बाजार में प्रवेश किया था उसी स्पीड से बाहर भी निकल रहे हैं.
शंकर ने साफ तौर पर कह दिया है कि भारत के इक्विटी मार्केट में बुल रन अभी 2 साल तक नहीं आएगा. वह केवल इतना ही नहीं कह रहे हैं. उनका तो यहां तक कहना है कि अब जो रैली आएगी वो पिछली वाली से कमजोर होगी. आपको बता दें कि शंकर शर्मा ने पहली बार शेयर मार्केट को लेकर कोई पहली बार ऐसी भविष्यवाणी नहीं की है. वह इससे पहले भी कह चुके हैं कि बाजार में अब अच्छी तेजी 2030 तक ही आएगी. मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में शंकर शर्मा ने कहा है कि इकोनॉमी और मार्केट का साइज इतना बढ़ चुका है कि पहले जैसी ग्रोथ हासिल करना अब मुमकिन नहीं लगता.
8-10 फीसदी रिटर्न की उम्मीद
उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में भारतीय निवेशकों को औसतन 14 से 15 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता रहा है, लेकिन अब अर्थव्यवस्था के बड़े आकार को देखते हुए यह दौर बदल चुका है. उनका मानना है कि भविष्य में 8 से 10 फीसदी सालाना रिटर्न को ही सामान्य मानकर चलना चाहिए. शर्मा ने इसे अपनी “1.6 बुल मार्केट्स” थ्योरी से समझाया. उनका कहना है कि 1991 के आर्थिक उदारीकरण के बाद भारत ने वास्तव में सिर्फ एक बड़ा और टिकाऊ बुल मार्केट देखा, जो 2003 से 2007 के बीच रहा. उनके मुताबिक, हर्षद मेहता के दौर की तेजी को सामान्य बुल मार्केट नहीं माना जा सकता. उन्होंने बताया कि 2003 से 2007 के बीच निफ्टी ने करीब 55 फीसदी सालाना रिटर्न दिया था, जबकि कोरोना महामारी के बाद आई तेजी में यह रिटर्न घटकर करीब 31 फीसदी रह गया. यानी पिछली बड़ी तेजी की तुलना में करीब 40 फीसदी कम. उनका अनुमान है कि अगला बुल मार्केट इससे भी कम रिटर्न वाला हो सकता है.
क्या है कम रिटर्न की वजह
शंकर शर्मा का कहना है कि इसकी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्याज दरें या वैश्विक राजनीति नहीं, बल्कि भारत की तेजी से बढ़ी आर्थिक ताकत है. उनका तर्क है कि जब कोई अर्थव्यवस्था 4 से 5 ट्रिलियन डॉलर के आकार तक पहुंच जाती है, तो उसी रफ्तार से आगे बढ़ना पहले के मुकाबले काफी मुश्किल हो जाता है. उन्होंने एचडीएफसी बैंक और इन्फोसिस जैसी बड़ी कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कंपनियां बहुत बड़ी हो जाती हैं, तो उनसे 35 से 40 फीसदी की ग्रोथ की उम्मीद नहीं की जाती. यही नियम देशों की अर्थव्यवस्था पर भी लागू होता है.
कौन से शेयर करेंगे अच्छा प्रदर्शन
इसी सोच के आधार पर शंकर शर्मा का मानना है कि अगली बड़ी तेजी में लार्ज कैप कंपनियों की तुलना में स्मॉल कैप शेयर ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. उनका कहना है कि छोटी कंपनियों में कमाई बढ़ाने और निवेशकों को बेहतर रिटर्न देने की गुंजाइश अभी भी ज्यादा है. यही वजह है कि उन्होंने खुद भी 100 से 200 करोड़ रुपये स्मॉल कैप कंपनियों में लगाए हैं. खास तौर पर उन्होंने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर से जुड़े कारोबारों पर दांव लगाया है, क्योंकि उनके मुताबिक ये सेक्टर अभी अपने ग्रोथ साइकल की शुरुआती अवस्था में हैं और आने वाले वर्षों में इनमें तेजी से विस्तार की संभावना है.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें
भारतीय ज्ञान परंपरा से ग्लोबल करियर तक; डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय की नई उड़ान
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ का पहला निजी विश्वविद्यालय और NAAC से ‘A’ ग्रेड प्राप्त करने वाला डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय (CVRU) शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर चुका है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, कौशल-आधारित और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड शिक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए तैयार कर रहा है। आधुनिक तकनीक, शोध, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा के समन्वय के साथ यह विश्वविद्यालय प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
आदिवासी अंचल में शिक्षा की नई क्रांति
कोटा-बिलासपुर के अनुसूचित जाति, जनजाति एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र में स्थापित विश्वविद्यालय शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है। यहां भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है। साथ ही जनजातीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय
इंजीनियरिंग से लेकर रिसर्च तक, हर क्षेत्र में अवसर
विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, विज्ञान, वाणिज्य, कला, शिक्षा, विधि, फार्मेसी, शारीरिक शिक्षा, संगीत, लाइब्रेरी साइंस और ग्रामीण विकास सहित अनेक विषयों में स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और पीएचडी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इंजीनियरिंग में मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन तथा कंप्यूटर साइंस जैसे प्रमुख पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। वहीं एम.टेक., बीसीए, एमएससी (आईटी), एमबीए, बीकॉम, एमकॉम, बीए, एमए, बीएड, एमएड, एलएलबी, एलएलएम, बीएससी, एमएससी, बीफार्मा, एमफार्मा और पीएचडी जैसे कोर्स भी विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार है पाठ्यक्रम
विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप तैयार किए गए हैं। विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। क्षेत्रीय भाषाओं के अलावा विदेशी भाषाओं के सर्टिफिकेट कोर्स भी उपलब्ध हैं, जिससे छात्र वैश्विक रोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
वाइस चांसलर प्रदीप कुमार घोष
स्टार्टअप और इनोवेशन को मिल रहा मजबूत मंच
विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सहयोग से AIC-CVRU स्थापित किया गया है, जहां विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने और उसे विकसित करने के लिए हर स्तर पर सहयोग मिलता है। यहां अनुभवी मेंटर्स का मार्गदर्शन, शुरुआती फंडिंग सहायता, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, वर्कशॉप, बूट कैंप, इनोवेशन कार्यक्रम, निवेशकों से संपर्क, बिजनेस नेटवर्किंग और कानूनी व तकनीकी सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उनके आइडिया सफल उद्यम में बदल सकें।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री एक्सपोजर
विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, रिसर्च सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए गए हैं। अनुभवी फैकल्टी और उद्योग विशेषज्ञ विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल नॉलेज, रिसर्च स्किल्स और प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रदान करते हैं, जिससे वे उद्योग की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार हो सकें।
विश्वविद्यालय की छात्राएं।
प्लेसमेंट में शानदार रिकॉर्ड
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय रोजगार और करियर विकास को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करता है। विश्वविद्यालय के कैंपस में नियमित रूप से राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियां प्लेसमेंट के लिए पहुंचती हैं। यहां विद्यार्थियों को 50 लाख रुपये प्रति वर्ष तक का उच्चतम पैकेज प्राप्त हो चुका है। TCS, McCain Foods, Exide Industries, Xebia, HDFC Bank, ICICI Bank सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियां यहां से प्रतिभाओं का चयन कर चुकी हैं। करियर डेवलपमेंट सेल विद्यार्थियों के लिए नियमित रूप से इंडस्ट्री इंटरैक्शन, सेमिनार, वर्कशॉप और करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित करता है।
मेधावी और जरूरतमंद स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रदीप कुमार घोष और कुल सचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी के अनुसार, मेधावी, जरूरतमंद और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि कोई भी छात्र आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।
14 उत्कृष्टता केंद्र बना रहे हैं भविष्य के लीडर्स
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय में 14 उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence) स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से कौशल विकास, अनुसंधान, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और व्यक्तित्व निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक अनुभव और रचनात्मक सोच विकसित करने का अवसर मिलता है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो सकें।
जान मोहम्मद हत्याकांड, परिजन खुलासे से असंतुष्ट: बुलंदशहर में सभी हत्यारों की गिरफ्तारी और गहन जांच की मांग – Bulandshahar News
बुलंदशहर में जान मोहम्मद की हत्या के मामले में सोमवार को परिजनों ने दोपहर 3 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के साथ एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने खुर्जा पुलिस पर मामले को गलत दिशा में मोड़ने का आरोप लगाते हुए सभी हत्यारों पर कार्रवाई की मांग की। मृतक जान मोहम्मद के पिता दीन मोहम्मद ने आरोप लगाया कि खुर्जा देहात थाना पुलिस मामले को भटका रही है और हत्या की असली वजह नहीं बता रही। उन्होंने कहा कि यदि हत्या ऑटो के लिए की जाती, तो ऑटो घटनास्थल पर ही नहीं होता। दीन मोहम्मद के अनुसार, उनके बेटे की हत्या नरबलि के लिए की गई है, जिसमें मुख्य आरोपियों के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचा रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने खुर्जा पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न तो रिपोर्ट की कॉपी दी गई और न ही शुरुआत में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने नरबलि के मामले को लूट का मामला बना दिया है। जियाउर्रहमान ने एसपी देहात से मामले की गहनता से जांच कर सभी हत्यारों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराएगी। एसपी देहात ने इस मामले में विस्तृत जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ नईम मंसूरी, नजीर अहमद, नदीम खान, शहाबुद्दीन, मोहम्मद अली, कलुआ, शमशाद, मुस्तकीम, सलमान, नूर हसन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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पटना में अचानक कार सवार पर फायरिंग: घटनास्थल से एक खोखा मिला, पुलिस ने किया मामला दर्ज – Patna News
राजीव नगर रोड नंबर 9 B में 17 जुलाई की रात 11 बजे फायरिंग की वारदात हुई थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ राजीव नगर थाने में पीड़ित के आवेदन के मुताबिक केस रजिस्टर्ड किया गया है। हालांकि पीड़ित की ओर से भी घटना की वजह या किसी विवाद को स्पष्ट नहीं किया गया है। पीड़ित सुंदरम कुमार के मुताबिक वह कार से लौट रहे थे। इसी बीच एक अज्ञात बाइक सवार हमलावर ने उनके ऊपर फायरिंग की। गनीमत की बात रही कि गोली और कार में मौजूद एक दूसरे सवार को नहीं लगी। उन्होंने कहा कि मुझे भी मालूम नहीं है कि किस वजह से फायरिंग की गई। गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू: SDPO लॉ एंड ऑर्डर 2 कोमल मीणा ने बताया कि आरोपी सिंगल था। सीसीटीवी फुटेज चेक की गई है। उसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश जारी है। उसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी हो रही है। घटना किस वजह से हुई, अरेस्टिंग के बाद ही क्लियर हो पाएगा। फिलहाल अनुसंधान जारी है।घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है। बता दें कि गोलीबारी 11 बजे के आस पास हुई। उस वक्त मार्केट में लोग मौजूद थे। गोलीबारी की आवाज सुनकर दहशत का माहौल बन गया।
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निगाही परियोजना के पास 32 टन अवैध कोयला जब्त: सिंगरौली के जंगल में मिला लावारिस कोयला; खनिज विभाग और एनसीएल की संयुक्त कार्रवाई – Singrauli News
सिंगरौली जिले में एनसीएल निगाही परियोजना क्षेत्र के पास सोमवार को खनिज विभाग और एनसीएल सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने 32 टन अवैध कोयला जब्त किया। जब्त किए गए कोयले की बाजार कीमत 2 से 3 लाख रुपए है। रेलवे लाइन से 200 मीटर दूर मिला लावारिस स्टॉक खनिज विभाग के अनुसार यह कोयला निगाही खदान के पास रेलवे लाइन से लगभग 200 मीटर दूर लावारिस हालत में पड़ा मिला। सुरक्षा के लिहाज से जब्त कोयले को मोरवा थाना परिसर में रखवा दिया गया है। लंबे समय से अवैध भंडारण की आशंका इतनी बड़ी मात्रा में कोयले का भंडारण मिलने से स्थानीय स्तर पर कोयला चोरी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह कोयला एक-दो दिन में नहीं, बल्कि लंबे समय से यहां इकट्ठा किया जा रहा था। खनिज विभाग ने शुरू की मामले की जांच खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि जंगल से कोयला जब्त कर मोरवा पुलिस को सूचना दे दी गई है। खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर यह पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध स्टॉक किस गिरोह का है।
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सावन के उपवास में क्या खाएं? पहले से तैयार कर लें ये हेल्दी फलाहार
Sawan 2026 Vrat Recipe: हिंदू धर्म में, सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति और व्रत रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान, कई लोग सोमवार को या पूरे महीने व्रत रखते हैं. व्रत के दौरान बार-बार खाना बनाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए कुछ ‘फलाहार’ (व्रत में खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ) पहले से तैयार कर लेने से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि शरीर को पूरे दिन पर्याप्त ऊर्जा भी मिलती है. आइए जानते हैं ऐसे हेल्दी फलाहार, जिन्हें आप पहले से तैयार कर सकते हैं…
भुने हुए मखाने
सावन व्रत के दौरान मखाना एक लोकप्रिय स्नैक है. इसे देसी घी में भूनें और सेंधा नमक व काली मिर्च डालकर मिलाएं, फिर इसे एयरटाइट डिब्बे में रखें. यह कई दिनों तक कुरकुरा रहता है और भूख लगने पर झटपट खाया जा सकने वाला स्नैक है.
नट मिक्स
बादाम, मूंगफली, काजू और पिस्ते का मिक्स पहले से तैयार कर लें. यह प्रोटीन और एनर्जी का बेहतरीन स्रोत है. इसकी थोड़ी सी मात्रा भी आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस करा सकती है.
साबूदाना मिक्स
आप साबूदाना, भुनी हुई मूंगफली और सेंधा नमक का मिक्स पहले से तैयार कर सकते हैं. व्रत वाले दिन, बस इसे आलू और आटे के साथ मिलाकर कुछ ही मिनटों में साबूदाने की स्वादिष्ट डिश बना सकते हैं.
नारियल और खजूर के बाइट्स
बिना चीनी वाले नारियल और खजूर के बाइट्स पहले से बनाकर रखे जा सकते हैं. ये नेचुरल स्नैक्स एनर्जी देते हैं और कुछ मीठा खाने की इच्छा को पूरा करते हैं.
फल और दही की तैयारी
सेब, पपीता और अमरूद जैसे फलों को धोकर अलग रख लें. व्रत वाले दिन, आप इन्हें दही के साथ मिलाकर आसानी से स्वादिष्ट फ्रूट बाउल या रायता बना सकते हैं. कटे हुए फलों को लंबे समय तक रखने के बजाय ताज़े फल से बनी डिश ज़्यादा अच्छी होती है.
व्रत के दौरान इन बातों का ध्यान रखें
पूरे दिन खूब पानी पिएं.
नारियल पानी, छाछ या नींबू पानी जैसे पेय का सेवन करें
व्रत में तले हुए स्नैक्स के बजाय भुने हुए या सेहतमंद विकल्प चुनें.
अगर आपको डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर या कोई और बीमारी है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें.
( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.
Motorola Edge 70 Max की पहली सेल भारत में शुरू, मिल रहा बंपर डिस्काउंट
Motorola Edge 70 Max की सेल भारत में शुरू हो गई है। मोटोरोला ने अपने इस फोन को पिछले दिनों भारत में लॉन्च किया है। इससे पहले कंपनी भारतीय बाजार में Motorola Edge 70, Motorola Edge 70 Pro, Motorola Edge 70 Fusion और Motorola Edge 70 Pro+ पेश कर चुकी है। मोटोरोला के अपने इस लेटेस्ट फोन की खरीद पर कई तरह के ऑफर की घोषणा की है।
पहली सेल में ऑफर
Motorola Edge 70 Max का यह फोन भारत में दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 8GB RAM + 256GB और 12GB RAM + 256GB में आता है। इसकी शुरुआती कीमत 54,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 59,999 रुपये है। इस फोन की पहली सेल में 5,000 रुपये का इंस्टैंट बैंक डिस्काउंट ऑफर किया जा रहा है। फोन की सेल ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट पर आयोजित की जा रही है। इसे पेनाटोन डार्क शैडो और पेनाटोन आइस मेल्ट कलर ऑप्शन में खरीद सकते हैं।
Motorola Edge 70 Max के फीचर्स
मोटोरोला का यह फोन 6.8 इंच के QHD+ Extreme AMOLED डिस्प्ले पैनल के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1440 x 3168 पिक्सल है। इस फोन का डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। साथ ही, इसके डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 7000 निट्स तक की है। यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है।
| Motorola Edge 70 Max | फीचर्स |
| डिस्प्ले | 6.8 इंच, QHD+, 144Hz |
| प्रोसेसर | Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 |
| स्टोरेज | 12GB, 256GB |
| बैटरी | 7100, 90W, 25W |
| कैमरा | 50MP + 8MP, 32MP |
| OS | Android 16 |
Motorola Edge 70 Max में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इस फोन में 12GB रैम के साथ 256GB तक के स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन IP68 और IP69 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में यह खराब नहीं होगा। फोन में इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है।
इस फोन के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का OIS कैमरा मिलता है। फोन में 8MP का अल्ट्रा वाइड और एक 2-in-1 लाइट सेंसर मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए मोटोरोला के इस फोन में 32MP का कैमरा दिया गया है। यह फोन 7100mAh की बैटरी और 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ-साथ 25W वायरलेस चार्जिंग फीचर को सपोर्ट करता है।
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पेपर लीक और लाठीचार्ज पर भड़के केजरीवाल: बोले- युवाओं के साथ हो रहा अन्याय, सरकार संवाद करे, दमन नहीं – New Delhi News
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर देश के युवाओं के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की है। पंजाब से जारी एक वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा कि देश भर से आए हजारों-लाखों युवा इस वक्त दिल्ली के कनॉट प्लेस, जनपथ और जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र हुए हैं, लेकिन सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। केजरीवाल ने सरकार के रवैये पर तीखा प्रहार करते हुए कहा- “देश का सारा युवा लाखों की संख्या में जंतर-मंतर पर जमा हो गया है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है, इंटरनेट बंद कर रही है और उन्हें संसद जाने से रोका जा रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है। पहले आप इनके पेपर लीक करवा देते हो, फिर बार-बार री-इवैल्युएशन होता है। आखिर बच्चे जाएं तो जाएं कहां?” ‘अपना अहंकार छोड़ें पीएम, बच्चों से खुद बैठकर बात करें’ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे अपना अहंकार छोड़ें और इन बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनसे खुद बैठकर बात करें, क्योंकि यह हमारे ही देश के बच्चे हैं जो सड़कों पर सिर्फ न्याय की मांग कर रहे हैं। पेपर लीक मामले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भी हुए भावुक वीडियो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी छात्रों का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों बच्चे सुबह 3 बजे उठकर और 14-14 घंटे की कठिन पढ़ाई करके NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। लेकिन बड़े और अमीर लोग दो दिन पहले ही पेपर लीक करवा कर उसे खरीद लेते हैं। मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि वे जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के इस प्रदर्शन का पूरा समर्थन करते हैं और वे छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।
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