Bay Of Bengal Cyclonic Circulation: वैसे तो मई अभी तक राहत भरा रहा है. जितनी भीषण गर्मी और धूप पड़नी चाहिए, उसके अपेक्षा कम गर्मी पड़ रही है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले 4 से 6 दिनों तक बारिश और तेज हवाओं के नाम रहने वाला है क्योंकि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया वाला सिस्टम बन रहा है. बंगाल की खाड़ी और भारत के कोमोरिन तट पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन लंबे समय से बन हुआ है. इसक प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में, उत्तरी श्रीलंका और तमिलनाडु तट के पास एक मजबूत ले प्रेशर एरिया बन गया है.
मौसम विज्ञानियों की मानें तो यह सिस्टम समुद्र तल से करीब 20,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है. आने वाले तीन दिनों में इसके और अधिक खूंखार होने यानी गहरे डिप्रेशन में बदलने की पूरी संभावना है, जो देश में मानसून की एंट्री का रास्ता साफ कर रहा है. आमतौर पर प्री-मानसून सीजन में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवाती तूफान दक्षिण या उत्तर अंडमान सागर से बनते हैं और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हैं. लेकिन इस बार का सिस्टम बेहद अनोखा है. यह सीधे श्रीलंका और तमिलनाडु के भूभाग के काफी करीब बना है. मौसम मॉडल इसके भविष्य को लेकर एकमत नहीं हैं, लेकिन यह तय है कि इससे मौसम में भारी उथल-पुथल होने वाली है.
समय से पहले आ रहा है मानसून!
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में अपनी पहली दस्तक दे देगा. इस सिस्टम के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भारी बारिश होगी और भूमध्य रेखा के पार से आने वाली तेज हवाएं मानसून को समय से पहले खींच लाएंगी. साथ ही आईएमडी ने बताया कि इस साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से केरल तट पर मानसून का पूर्वानुमान जारी नहीं की जा सकती है.
हालांकि, निजी मौसम विज्ञान केंद्र स्काईमेट के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पहलावत का मानसून को लेकर कुछ और ही कहना है. उन्होंने बताया, ‘बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र और गहरा हो सकता है. इसके प्रभाव से तमिलनाडु, केरल और श्रीलंका में भारी बारिश हो रही है. हालांकि, इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना कम है.’ उन्होंने यह भी बताया कि एक तरफ उत्तर-पूर्वी राज्यों में तेज बारिश है, तो पश्चिमी राजस्थान, गुजरात और विदर्भ में भीषण लू चल रही है.
मौसम विभाग की वार्निंग
कल कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम
मंगलवार देर शाम दिल्ली-एनसीआर तेज बारिश दर्ज की गई. हालांकि, आसपास के राज्यों में तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग का अनुमान है कि लोगों की गर्मी से राहत मिल सकती है. बुधवार को देर शाम फिर से हल्की बारिश और तेज हवाओं से मौसम सुहावना हो सकता है.
पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिलेगी. 13 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली धूल भरी आंधी और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है.
पूर्वोत्तर यानी कि असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के मौसम का हाल
पूर्वोत्तर भारत में मौसम बेहद उग्र है. आईएमडी ने बुधवार को असम और मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश होगी. साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा है.
पश्चिम बंगाल और सिक्किम
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल यानी कि दार्जिलिंग और सिक्किम के इलाकों में 13 मई को मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी दी गई है. यहां भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है. इसके अलावा, राज्य के बाकी हिस्सों (गांगेय पश्चिम बंगाल) में भी 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ अपना असर दिखा रहा है. बुधवार को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है. वहीं जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के इलाकों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी (Thundersquall) और बारिश होने के आसार हैं.
बिहार और झारखंड 4 दिनों तक बारिश
बिहार और झारखंड में मौसम अचानक करवट लेगा. 13 मई को बिहार के कुछ हिस्सों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान आने की भारी संभावना है. झारखंड में भी मौसम अशांत रहेगा, जहां 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने और गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया गया है. बताते चलें कि मौसम विभाग ने बताया कि चार दिनों तक इन राज्यों में मौसम खराब रह सकता है. बारिश और तेज हवा की वजह से तापमान में भारी गिरावट आएगी.
राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र
देश के एक बड़े में बारिश का दौर जारी रहेगा तो दूसरी ओर भयंकर गर्मी की आग में बरस रही है. मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को पश्चिमी राजस्थान, गुजरात राज्य, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में जानलेवा लू (Heat Wave) चलने का अलर्ट है. यहां तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना रहेगा और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कोई राहत नहीं मिलेगी.
तमिलनाडु, केरल और तटीय कर्नाटक
बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन का सीधा असर दक्षिण भारत पर पड़ रहा है. तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बारिश होगी. इसके अलावा, तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में भी गरज के साथ बिजली गिरने और हल्की से मध्यम बारिश होने की चेतावनी मौसम विभाग ने दी है.
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
मानसून की सबसे पहली आहट यहीं सुनाई देने वाली है. बंगाल की खाड़ी के सिस्टम के कारण अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बुधवार को भारी बारिश (Heavy Rainfall) की सख्त चेतावनी दी गई है. यहां 40-50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी और समंदर में ऊंची लहरें उठेंगी. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.
बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसम सिस्टम का मानसून पर क्या असर पड़ेगा?
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है. इसके प्रभाव से इसी सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से पहले अंडमान सागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी में दस्तक दे सकता है.
13 मई को किन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
13 मई को पूर्वोत्तर राज्यों (असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश), उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
देश के किन राज्यों में लू (Heatwave) चलने की चेतावनी दी गई है?
मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार 13 मई को पश्चिमी राजस्थान, गुजरात राज्य, महाराष्ट्र और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भीषण लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी गई है.
पहाड़ों पर 13 मई को कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिमी विक्षोभ के कारण 13 मई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ओलावृष्टि (Hailstorm) के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी है, जबकि जम्मू-कश्मीर में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आ सकती है.