Thursday, August 27, 2026
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जलजीवन मिशन में ठेकेदारों को बिना जांच 122 करोड़ भुगतान: कैग रिपोर्ट में खुलासा; फर्जी बिलों से 7 करोड़ उठाए, शिलान्यास पर खर्च किए 3.25 करोड़ – Jaipur News


जयपुर11 मिनट पहले

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जल जीवन मिशन के कामों में कैग ने भारी फर्जीवाड़ा पकड़ते हुए तल्ख टिप्पणियां की हैं। कैग की रिपोर्ट के अनुसार- 26 क्षेत्रीय जल आपर्ति परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और सर्टिफिकेशन के प्रावधान का पालन किए बिना ही ठेकेदारों को दिसंबर 2024 तक 122.31 करोड रुपए का भुगतान कर दिया गया। फर्जी बिलों से 7.7 करोड़ का भुगतान भी किया गया।

ऑडिट में यह भी सामने आया कि चयनित कामों में मनगढ़ंत और फर्जी बिल बनाए गए। दूसरे ठेकेदारों के बिलों के आधार पर 7.7 करोड़ के अनियमित भुगतान किए गए। जेजेएम में करौली में निविदा खोलने से पहले ही पाइप खरीद लिए गए। वहीं बाद में एनओसी जारी होने से पहले ही उन्हें सोजत सिटी को ट्रांसफर कर दिया गया, जिससे पूरी टेंडर प्रक्रिया शक के दायरे में है।

कैग ने उठाए सवाल, सरकार का तर्क सिरे से खारिज

कैग रिपोर्ट के अनुसार- जेजेएम की गाइडलाइन के अनुसार सहायक गतिविधियों और प्रचार-प्रसार में प्रोजेक्ट के फंड का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। जून 2024 में रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि साल 2022-23 के दौरान अलग-अलग जल आपूर्ति परियोजनाओं की आधारशिला रखने के आयोजन पर 3.28 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

कैग के मुताबिक- यह खर्च गलत था और जेजेएम गाइडलाइन का साफ उल्लंघन था। राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में इसके जवाब में तर्क दिया कि शिलान्यास समारोह पर खर्च वित्त विभाग की मंजूरी लेकर किया गया था। कैग ने सरकार के इस जवाब को सिरे से खारिज करते हुए इसे जेजेएम की गाइडलाइन का उल्लंघन बताते हुए ऑडिट पैरा बनाकर आपत्ति जताई है।

इन मुद्दों पर भी उठाए सवाल

पानी की क्वालिटी जांच-मॉनिटरिंग पर 91.69% पैसा खर्च नहीं

साल 2019 से 20 जनवरी 2025 तक पानी की क्वालिटी की निगरानी और सर्वे एक्टिविटीज की गई। इसमें 486.23 करोड़ के बजट में से केवल 40.39 करोड़ रुपए ही खर्च किए, जबकि 445.84 करोड़ रुपए बिना खर्च पड़े रहे। इस काम में केवल 8.31% ही खर्च किए। कुल बजट के 91.69% रुपए बिना खर्च पड़े रहे।

विभाग की लापरवाही से टेंडर में देरी, तीन जिलों के 1.50 लाख से ज्यादा प​रिवार पानी से वंचित

कैग की रिपोर्ट के अनुसार- जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण टेंडर रद्द हुए। इस वजह से सितंबर 2024 तक कोई काम नहीं हुआ। विभाग की लापरवाही के कारण बारां, झालावाड़ और कोटा जिले के 14 गांवों के 1,52,437 ग्रामीण परिवार 3 साल से ज्यादा समय तक जेजेएम के पानी से वंचित रहे।

कैग ने जलदाय विभाग की मंशा पर उठाए सवाल

कैग की रिपोर्ट के अनुसार- क्षेत्रीय जलापूर्ति परियोजना बारां में ठेकेदारों ने काम पूरा करने की अवधि को लगातार आगे बढ़ाया और देरी की। विभाग ने टेंडरों को अंतिम रूप देने में निष्क्रियता बरती। इससे निविदाओं को फाइनलाइज करने को लेकर विभाग पर संदेह होता है।

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सपा विधायक हसन रूमी 18 फीट गहरे गड्ढे में उतरे: बोले- जिम्मेदारों की खुलनी चाहिए पोल, बारिश के बाद भी धरने पर बैठे – Kanpur News




कानपुर के जाजमऊ में सड़क धंसने से बने 18 फीट गहरे गड्ढे को लेकर गुरुवार को सियासत गरमा गई। कैंट विधानसभा से सपा विधायक हसन रूमी दोपहर करीब 12:45 बजे मौके पर पहुंचे और सीढ़ी के सहारे खुद गड्ढे में उतरकर स्थिति का जायजा लिया। विधायक के गड्ढे में उतरते ही मौके पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग जुट गए। यह गड्ढा जाजमऊ के सरैया चौराहे पर जलकल की लाइन में लीकेज के कारण बना है। मंगलवार और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद जाजमऊ से सर्किट हाउस जाने वाली वीआईपी सड़क पर अचानक यह बड़ा गड्ढा हो गया था, जो करीब 5 मीटर चौड़ा और 18 फीट गहरा है। इस घटना ने सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि गड्ढे में एक बुजुर्ग और एक बच्चा भी गिर चुका है। हादसे की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आसपास बैरिकेडिंग कर आवागमन को सुरक्षित किया है। गुरुवार को विधायक हसन रूमी ने मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और स्थानीय लोगों से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने सीढ़ी मंगवाकर गड्ढे के अंदर उतरकर उसकी गहराई और स्थिति का जायजा लिया। विधायक के गड्ढे में उतरने की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। विधायक हसन रूमी ने इसे गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क निर्माण और देखरेख के लिए जिम्मेदार विभागों की निगरानी कहां थी। उन्होंने मामले की जांच और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों व कार्यदायी संस्था पर कार्रवाई की मांग की। विधायक के साथ मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने भी सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने गड्ढे का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।



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चाँदपूरा में पानी भरने से ग्रामीण परेशान: स्थानीय लोगों का आवागमन बाधित, सड़े पानी के दुर्गंध से बीमारी फैलने का खतरा – Begusarai News




बेगूसराय सदर के चाँदपुरा पंचायत के वार्ड संख्या 6 में जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। बैंक चौक से गाछी टोला जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी जमा होने से हजारों की आबादी प्रभावित है। बारिश के दिनों में यह स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर कई दिनों तक पानी जमा रहने से लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है। इसके साथ ही, सड़े हुए पानी से दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में बीमारियों के फैलने का डर सता रहा है। जलजमाव के कारण सड़क से गुजरना बेहद मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी के निकास की व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर पानी जमा स्थानीय निवासियों के अनुसार, पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश के बाद लंबे समय तक सड़क पर पानी जमा रहता है। इस स्थिति से सड़क की हालत भी लगातार खराब हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क आसपास के कई टोले और मोहल्लों को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं, जिससे जलजमाव, गंदगी और दुर्गंध के कारण उन्हें भारी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों में रणधीर कुमार, संजय कुमार, विकास कुमार, ज्योतिशंकर कुमार और प्रमोद कुमार सहित अन्य लोगों ने मुखिया अरविंद कुमार साह से इस समस्या का तत्काल समाधान करने की मांग की है। उन्होंने पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और सड़क की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि स्थानीय लोगों को जलजमाव और दुर्गंध से राहत मिल सके।



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ओलंपिक में क्यों नहीं बढ़ रही भारत के पदकों की संख्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कारण

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन में तभी सुधार हो सकता है जब देश उन खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ाए, जिनमें उसने अतीत में हिस्सा नहीं लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गरुवार 27 अगस्त को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया। पीएम मोदी ने कहा है कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है, जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों, जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है।

शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है।

ओलंपिक में कई खेल होते है- पीएम मोदी

इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए। मोदी ने कहा, ”ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं… भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं जिसका मतलब है कि हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते।” उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”और दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। हमने 2012 में केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से अधिक खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी और देश में भी बहुत से लोगों को इन प्रतियोगिताओं के बारे में पता तक नहीं था। दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी सुधार करना होगा।” पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था।

ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं। मोदी ने कहा, ”उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं।”

इन खेलों को बढ़ावा देना होगा- मोदी

उन्होंने कहा, ”इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।” मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।” मोदी ने कहा, ”यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।”

युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा, ”खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना… खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है।”

उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ”स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है।” प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है।

उन्होंने कहा, ”दो दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है… यह दिन मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। करीब 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में ध्यानचंद भी शामिल थे। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के शताब्दी समारोह की नींव है।” मोदी ने कहा, ”कुछ दिन पहले जब मैं न्यूजीलैंड गया था तब मैंने उन्हें याद किया था।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं कि खेल ना केवल खिलाड़ियों बल्कि उनके परिवारों, आसपास के लोगों और यहां तक कि उनके शहरों का जीवन भी बदल सकता है। उन्होंने कहा, ”जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तो यह सिर्फ उसकी सफलता नहीं होती बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज और जिले का भी गौरव बढ़ता है। दुनिया को उस स्थान के बारे में पता चलता है जहां से वह आता है। जब कोई स्थान वैश्विक मानचित्र पर आता है तो उस जगह के प्रति लोगों की धारणा भी बदल जाती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, ”मुझे यकीन है कि आप सभी शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता बिना हाथों वाली तीरंदाज), पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता) और पावरलिफ्टर झंडू कुमार (राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता) को जानते होंगे।” उन्होंने कहा, ”यहां तक कि पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, ये सभी मुझे प्रेरित करते हैं।”



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करैरा में दिवार तोड़कर किराना दुकान से चोरी: 15 हजार नकद सहित, करीब 40 हजार का सामान ले गया चोर; CCTV में कैद हुई वारदात – Shivpuri News




शिवपुरी जिले के करैरा में एक किराना दुकान में चोरी हुई है। अज्ञात चोरों ने दुकान की दीवार तोड़कर सामान और नकदी चुरा ली। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चुराया काजू-बादाम चोरों ने दुकान से काजू, बादाम, इलायची, सिगरेट और गुटखा जैसे सामान चुराए। इसके साथ-साथ लगभग 15 हजार रुपए नकद भी चुरा लिए। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत करीब 40 हजार रुपए बताई गई है। रात को हुई चोरी ग्राम करही निवासी चंद्रभान सिंह रावत (50) रोड किनारे अपनी किराना दुकान चलाते हैं। उन्होंने रात करीब 8 बजे दुकान बंद कर दी थी। गुरुवार सुबह लगभग 6 बजे संतोष परिहार ने उन्हें दुकान की दीवार टूटी होने की सूचना दी। आरोपी की तलाश जारी सूचना मिलने पर चंद्रभान सिंह ने दुकान खोलकर देखा तो बगल वाली दीवार टूटी हुई थी। अंदर जांच करने पर उन्हें सामान और नकदी गायब मिली। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उनकी तलाश जारी है।



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नेपाल- तबाही से पहले और बाद की 9 सैटेलाइट तस्वीरें: त्रिशूली नदी में बह गईं बस्तियां, 6 घंटे के सैलाब ने बदला नक्शा


3 मिनट पहले

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नेपाल में 26 अगस्त की बाढ़ से हुई तबाही सैटेलाइट से भी दिखाई दे रही है। सैलाब में गांव और बाजार बह गए, सड़कें और पुल मलबे में दब गए। हर तरफ मटमैला पानी और पहाड़ी मलबा नजर आ रहा है। इस बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पूरे इलाके का नक्शा बदल दिया।

नीचे देखिए तबाही से पहले और बाद की 9 सैटेलाइट तस्वीरें…

सभी तस्वीरें तिब्बत सीमा से लगे नेपाल के रसुआ जिले की हैं। जहां त्रिशूली नदी ने अपने किनारे बसे गांवों और बस्तियों को 6 घंटे की बाढ़ में अपने चपेट में ले लिया।

अब ग्राफिक्स में देखिए कहां और कैसे हुआ हादसा…

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तिब्बत में लैंडस्लाइड से नेपाल में आई बाढ़, 210 मौतें:1500 लापता; 300 भारतीय की तलाश जारी, आज 21 भारतीयों का रेस्क्यू

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ में 210 लोगों की मौत हो गई। इनमें नेपाल में 207 और तिब्बत में 3 लोगों की जान गई है। करीब 1,500 लोग अब भी लापता हैं।

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल के मुताबिक वहां कुल 826 लोग लापता हैं। इसमें 300 से ज्यादा भारतीय हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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पोहा-उपमा से हो गए बोर? बनाइए हैदराबादी बेसन का ये मजेदार नाश्ता

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Hyderabadi Besan Recipe in Hindi: हैदराबादी बेसन दक्कनी रसोई का एक पारंपरिक और स्वादिष्ट नाश्ता है. इसे बेसन, आलू और भारतीय मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है. राई, जीरे और करी पत्ते का तड़का इसे खास स्वाद देता है. यह डिश बनाने में बेहद आसान है और झटपट तैयार हो जाती है. इसे गरमा-गरम रोटी, पूरी या पराठे के साथ परोसा जाता है. रोज के साधारण नाश्ते से हटकर कुछ नया और जायकेदार खाने का मन हो तो यह रेसिपी बेस्ट ऑप्शन है.

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Hyderabad: हैदराबाद अपने समृद्ध खान-पान और नवाबी जायके के लिए दुनिया भर में मशहूर है. जब भी हम हैदराबादी व्यंजनों की बात करते हैं, तो अक्सर बिरयानी, हलीम या मिर्ची का सालन का नाम दिमाग में आता है. लेकिन दक्कनी रसोई की असल खूबसूरती उसके साधारण और झटपट बनने वाले घरेलू पकवानों में छिपी है. इन्हीं में से एक बेहद लोकप्रिय और पारंपरिक नाश्ता है हैदराबादी बेसन.

यह व्यंजन बेसन, उबले या भुने आलू और खुशबूदार भारतीय मसालों के अद्भुत संगम से बनता है. करी पत्ता, राई और जीरे का छौंक इसे एक अनूठा क्षेत्रीय स्वाद प्रदान करता है. यदि आप रोज के नाश्ते में पराठे, पोहा या उपमा खाकर बोर हो चुके हैं और कुछ नया और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है.

आवश्यक सामग्री
हैदराबादी बेसन बनाने के लिए आपको रसोई में आसानी से मिलने वाली इन सामग्रियों की जरूरत होगी:

  • बेसन घोल के लिए: 1 कप बेसन और 2 कप पानी.
  • तड़का और करी के लिए: 2 चम्मच तेल, 1/2 चम्मच राई, 1/2 चम्मच जीरा, 10-12 करी पत्ते.
  • सब्जियां और मसाले: 1 बारीक कटा प्याज, 2 हरी मिर्च (बारीक कटी), 1 आलू (छोटे टुकड़ों में कटा हुआ), 1 चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट.
  • सूखे मसाले: 1/2 चम्मच हल्दी पाउडर, 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 चम्मच धनिया पाउडर, 1/2 चम्मच जीरा पाउडर और स्वादानुसार नमक.
  • गार्निशिंग: ताजा बारीक कटा हरा धनिया.

बनाने की आसान विधि
हैदराबादी बेसन को सही स्वाद और बनावट देने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • घोल तैयार करें: एक बर्तन में 1 कप बेसन और पानी मिलाकर बिना गांठ वाला चिकना घोल बना लें और एक तरफ रख दें.
  • तड़का लगाएं: कड़ाही में तेल गरम करें. राई और जीरा डालकर चटकने दें. इसके बाद प्याज, हरी मिर्च और करी पत्ता डालकर सुनहरा होने तक भूनें.
  • मसाले पकाएं: अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कच्चापन समाप्त होने तक भूनें. अब आलू, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया, जीरा पाउडर और नमक मिलाएं. 1 कप पानी डालकर ढकें और आलू नरम होने तक पकाएं.
  • बेसन पकाएं: जब आलू पक जाएं, तो आंच धीमी करें. तैयार बेसन का घोल लगातार चलाते हुए डालें ताकि गुठलियां न बनें.
  • परोसें: धीमी आंच पर 4-5 मिनट बेसन के गाढ़े होने तक पकाएं. हरा धनिया डालकर गरमा-गरम रोटी, पूरी या पराठे के साथ परोसें.

About the Author

vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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RRB NTPC UG CBT 2 परीक्षा 2026 की तारीख घोषित, एडमिट कार्ड कब आएगा, जानें डिटेल्स


रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने NTPC CBT 2 परीक्षा 2026 की तारीख जारी कर दी है। RRB NTPC CBT 2 परीक्षा 17 सितंबर 2026 को होगी। RRB NTPC CBT 2 का एडमिट कार्ड परीक्षा से 3-4 दिन पहले डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा। उम्मीदवार 13 सितंबर तक एडमिट कार्ड मिलने की उम्मीद कर सकते हैं। 

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए इन स्टेप्स को करें फॉलो

RRB NTPC CBT 2 एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए, उम्मीदवारों को RRB वेबसाइट पर जाना होगा और NTPC UG CBT 2 हॉल टिकट PDF लिंक पर क्लिक करना होगा। लॉगिन क्रेडेंशियल – एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि – डालें। RRB NTPC CBT 2 हॉल टिकट PDF डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। RRB NTPC CBT 2 एडमिट कार्ड PDF को सेव करें और उसका प्रिंट आउट ले लें।

  • RRB वेबसाइट पर RRB NTPC CBT 2 एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें।
  • लॉगिन क्रेडेंशियल के तौर पर एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि का इस्तेमाल करें।
  • RRB NTPC CBT 2 हॉल टिकट PDF डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगा।
  • RRB NTPC CBT 2 हॉल टिकट PDF को सेव करें और उसकी हार्ड कॉपी निकाल लें।

RRB की वेबसाइटें 

 RRB NTPC CBT 1 का 2026 का रिजल्ट घोषित

बता दें कि 7 से 9 मई और 13 से 20 जून तक आयोजित परीक्षा के लिए RRB NTPC CBT 1 परीक्षा का 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। उम्मीदवार RRB वेबसाइट पर रोल नंबर के अनुसार RRB NTPC CBT 1 लिस्ट PDF देख और डाउनलोड कर सकते हैं। रोल नंबर के अनुसार RRB NTPC CBT 1 लिस्ट PDF डाउनलोड करने के लिए, उम्मीदवारों को RRB वेबसाइट पर जाना होगा और NTPC CBT 1 रोल नंबर-वाइज़ लिस्ट PDF लिंक पर क्लिक करना होगा। रोल नंबर के अनुसार RRB NTPC CBT 1 लिस्ट PDF स्क्रीन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।  इसे सेव करें और इसकी हार्ड कॉपी निकाल लें।

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भाई को बचाने नाडी कूदी बहन, दोनों की मौत: स्कूल की छुट्‌टी थी, जंगल में बकरियां चराने गए थे – Pali (Marwar) News




स्कूल की छुट्टी होने के कारण 8 साल का राहुल और उसकी 10 साल की बहन रीना बकरियां चराने जंगल गए थे। दोनों भाई-बहन भीखा नाडा के पास थे। इसी दौरान नाडी के किनारे खड़े राहुल का अचानक पैर फिसल गया और वह पानी में गिर गया। राहुल को पानी में डूबता देख उसकी बहन रीना उसे बचाने के लिए तुरंत नाडी में कूद गई। उसने भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी गहरा होने के कारण दोनों संभल नहीं पाए और डूबने से दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले गए, जिसके बाद पुलिस ने शव रास हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए। दोनों की बॉडी देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। यह घटना ब्यावर जिले के रास थाना क्षेत्र में बुधवार को हुआ। बकरियां चराने जंगल की तरफ गए थे भाई-बहन रास थानाप्रभारी पन्नालाल सैनी ने बताया कि रूपनगर निवासी प्रकाश बावरी के 10 साल की बेटी रीना और 8 साल का बेटा राहुल बुधवार को भीखा नाडा की तरफ बकरियां चराने गए थे। स्कूल की छुट्टी होने के चलते दोनों भाई-बहन बकरियां चराने जंगल में गए थे। इस दौरान भीखा नाडा के पास राहुल खड़ा था। राहुल का पैर अचानक फिसल गया। इसके बाद वह नाडी में गिर गया। राहुल को नाडी में डूबता देखकर उसकी 10 साल की बहन रीना उसे बचाने के लिए नाडी में कूद गई। रीना ने राहुल को बचाने का प्रयास किया, लेकिन लाख प्रयास के बाद भी वह उसे नहीं बचा सकी। इसके बाद राहुल और रीना दोनों नाडी में डूब गए। जानकारी मिलने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे हादसे की जानकारी कुछ देर बाद ग्रामीणों को मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर एएसआई धर्माराम जाट पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को नाडी से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू शुरू किया। दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चों के शव नाडी से बाहर निकाले गए। दोनों बच्चों की बॉडी नाडी से बाहर निकलने के बाद हादसे की जानकारी परिजन को हुई। बच्चों की बॉडी देखकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव रास हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।



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BCom किया पर नौकरी नहीं ढूंढी! बुरहानपुर के 25 साल के युवा का ‘सीजनल फॉर्मूला’, 4 कामों से


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Nitesh Bhagat Seasonal Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में 25 वर्षीय नितेश भगत बीकॉम की पढ़ाई के बाद नौकरी की बजाय चार तरह के मौसमी व्यवसाय कर रहे हैं. वे पतंग, कपड़े, पटाखे और राखियों का व्यापार करते हैं, जिससे उन्हें सालभर अच्छी कमाई होती है और दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिला है.

Nitesh Bhagat Seasonal Business: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में युवा पढ़ाई-लिखाई के साथ कारोबार की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं. शहर के राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय नितेश भगत इसका उदाहरण हैं. बीकॉम फाइनल की पढ़ाई पूरी करने के बाद नितेश ने नौकरी की तलाश करने के बजाय अलग-अलग सीजन और त्योहारों के हिसाब से कारोबार शुरू किया. खास बात यह है कि वे साल के 12 महीनों में करीब चार तरह के व्यवसाय करते हैं. नितेश बताते हैं कि उन्होंने करीब 25 सालों से इस तरह के व्यवसाय से जुड़े परिवार के अनुभव को आगे बढ़ाया है. वे मौसम और त्योहार के अनुसार अलग-अलग सामान की बिक्री करते हैं. इनमें पतंग, कपड़े, पटाखे और राखियां शामिल हैं. साल के अलग-अलग समय पर इन वस्तुओं की मांग बढ़ती है जिसका फायदा नितेश अपने कारोबार में उठाते हैं.

दुकान संचालक ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम को बिजनेस मेन नितेश ने बताया कि पतंग का कारोबार खास सीजन में किया जाता है. जबकि त्योहारों के समय कपड़े, राखियां और पटाखों की बिक्री पर ध्यान दिया जाता है. इस तरह एक कारोबार का सीजन खत्म होने के बाद दूसरे कारोबार की शुरुआत हो जाती है. इससे उन्हें पूरे साल कमाई का जरिया मिलता रहता है. नितेश बताते हैं कि अलग-अलग सीजन में कारोबार करने से सालभर में करीब तीन से चार लाख रुपये तक की कमाई हो जाती है. उनके इस कारोबार से दो अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है. सीजन के अनुसार सामान की खरीदी बिक्री और ग्राहकों की जरूरत को समझकर वे अपना कारोबार चलाते हैं.

बीकॉम की है पढ़ाई
नितेश का कहना है कि छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने के लिए सबसे जरूरी है मेहनत सही समय और बाजार की मांग को समझना यदि व्यक्ति मौसम और त्योहार के हिसाब से सामान का चयन करे और ग्राहकों की जरूरत के अनुसार काम करे तो कम पूंजी में भी अच्छा व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है. पढ़ाई के साथ कारोबार को आगे बढ़ाते हुए नितेश युवाओं के लिए भी मिसाल बन रहे हैं.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…

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