गोरखपुर के रेलवे सुरक्षा बल बैरक परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के मौके पर पूरा आरपीएफ परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भक्ति गीतों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत आरपीएफ के आईजी सत्यप्रकाश ने फीता काटकर की। इसके बाद पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हुआ। अधिकारियों और जवानों ने मिलकर भजन गाए और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। भक्ति गीतों की गूंज से पूरा परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा। कृष्ण के जन्म से बालकांड तक की झलक जन्माष्टमी के लिए आरपीएफ बैरक में विशेष सजावट की गई थी। सजावट में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल रूप से जुड़ी घटनाओं की झलक दिखाई गई। अलग-अलग झांकियों के जरिए कृष्ण के बाल जीवन को दर्शाया गया था। इन झांकियों को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंचे। सजावट और झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोग अपने मोबाइल फोन से इन खूबसूरत पलों और झांकियों की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। जवानों के साथ आसपास के लोग भी हुए शामिल जन्माष्टमी के आयोजन में आरपीएफ के जवानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अधिकारियों ने भी जवानों के साथ भजन-कीर्तन किया। कार्यक्रम को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इससे बैरक परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद बांटा गया प्रसाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन्म के बाद भगवान की आरती हुई और मौजूद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। पूरा परिसर भक्ति और उत्साह से गूंज उठा। दो दिन से चल रही थी तैयारी आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी कार्यक्रम की तैयारी दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थी। सजावट, झांकियों और पूजा की व्यवस्था को लेकर जवान लगातार तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी आरपीएफ की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया।
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गोरखपुर RPF ने मनाया कृष्ण जन्माष्टमी, लगाए जायकारे: झांकियों में दिखा कान्हा का बाल रूप; लोग खुब बनाए VIDEO – Gorakhpur News
न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ी: सुप्रीम कोर्ट ने 60 से 62 साल करने का दिया आदेश, MP समेत 7 राज्य शामिल – Bhopal News
सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 से बढ़ाकर 62 साल करने का आदेश दिया है। यह आदेश मध्यप्रदेश समेत सात राज्यों में लागू होगा। राज्यों को जल्द से जल्द, संभव हो तो दो महीने के भीतर सेवा नियमों में बदलाव करना होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि नियमों में बदलाव होने तक 60 साल की उम्र पूरी करने वाला कोई न्यायिक अधिकारी रिटायर नहीं होगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित हाई कोर्ट की ओर से अधिकारी को सेवा के लिए उपयुक्त पाया जाना जरूरी होगा। आदेश का लाभ पहले रिटायर हो चुके न्यायिक अधिकारियों को भी मिलेगा। 31 मार्च 2026 या उसके बाद रिटायर हुए न्यायिक अधिकारी दोबारा सेवा में आने का विकल्प चुन सकेंगे। इसके लिए जरूरी होगा कि उन्होंने रिटायरमेंट के बाद कोई दूसरी नौकरी न ली हो। 60 साल की उम्र पूरी होने पर संबंधित हाई कोर्ट उनके कामकाज, योग्यता और प्रदर्शन का आकलन करेगा। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, महाराष्ट्र, सिक्किम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को सेवा में बनाए रखने से न्यायपालिका में खाली पदों के कारण पड़ने वाले असर को कम करने में मदद मिलेगी।
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जन्माष्टमी पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़: गोपालगंज में महिला-पुरुष कीर्तन-भजन कर मना रहे भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव – Gopalganj News
गोपालगंज जिले में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और धूमधाम से मनाया जा रहा है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। इनमें थावे दुर्गा मंदिर, बाल खंडेश्वर महादेव मंदिर और दुर्गामंदिर शामिल हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। हर तरफ ढोलक, झाल, मंजीरे और दूसरे वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है। मंदिरों और पूजा पंडालों में महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी कृष्ण भक्ति में डूबे हैं। देर रात तक चलने वाले भजन-कीर्तन में महिलाएं सोहर और पारंपरिक गीत गाकर बाल गोपाल का स्वागत कर रही हैं। मक्खन-मिश्री का भोग लगेगा पुरुषों की टोली ढोलक की थाप और झाल की झंकार के साथ ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगा रही है। श्रद्धालु बेसब्री से उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जब रात 12 बजेगी। मान्यता है कि मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। इसके बाद पूरा गोपालगंज ‘जय श्री कृष्णा’ के जयकारों से गूंज उठेगा। 12 बजते ही भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, उन्हें मक्खन-मिश्री का भोग लगेगा और आरती की जाएगी। प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस तैनात जन्माष्टमी पर कई श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत भी रखा है। वे 12 बजे जन्मोत्सव और दर्शन-पूजन के बाद ही व्रत खोलेंगे। मंदिरों में पुरुष और महिलाएं लाइन में लगकर भगवान के बाल स्वरूप के दर्शन और झूला झुलाने का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख मंदिरों के आसपास पुलिस प्रशासन भी तैनात है। पूरा गोपालगंज इस समय कान्हा की भक्ति में डूबा हुआ है।
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यमन में हूती विद्रोहियों के हमले में 129 की मौत: बाब अल-मंदब पर कब्जे की कोशिश, निपटने को सरकार ने फोर्स भेजी
सना4 घंटे पहले
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यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी फोर्स के बीच भीषण लड़ाई में 129 लोगों की मौत हुई है। यह हाल के वर्षों में यमन में हुई सबसे घातक झड़पों में से एक है। हूती विद्रोही लाल सागर के प्रवेश द्वार माने जाने वाले बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के करीब अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
लड़ाई गुरुवार को शुरू हुई। हूतियों ने तटीय इलाकों के पास जमीनी हमला करने के साथ रॉकेट और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया। इस दौरान उन्होंने लाल सागर के किनारे कई रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जा कर लिया। इन इलाकों से मोखा बंदरगाह और समुद्री रास्ते पर नजर रखना आसान है।
एएफपी के मुताबिक यमनी सेना के एक अधिकारी ने बताया कि उसके 66 जवान मारे गए हैं। वहीं हूती विद्रोहियों से जुड़े सूत्रों ने कम से कम 62 विद्रोहियों के मारे जाने का दावा किया है। एक नागरिक की भी मौत हुई है।
इस तरह अलग-अलग पक्षों से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, लड़ाई में मरने वालों की संख्या 120 से ज्यादा हो गई है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
बाब अल-मंदेब इतना अहम क्यों?
बाब अल-मंदेब लाल सागर को अदन की खाड़ी और आगे हिंद महासागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री रास्ता है। इसके उत्तर में लाल सागर स्वेज नहर के जरिए भूमध्य सागर से जुड़ता है।
इस रास्ते से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा की आवाजाही होती है। इसलिए यहां लंबे समय तक संघर्ष या समुद्री रास्ते में किसी तरह की रुकावट का असर सिर्फ यमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी पड़ सकता है।
मौजूदा हमले में हूतियों का फोकस मोखा बंदरगाह और उसके आसपास के इलाकों पर भी है। रणनीतिक ऊंचाइयों पर कब्जे से उन्हें तटीय इलाके में सरकारी बलों पर दबाव बनाने और मोखा तथा बाब अल-मंदेब की तरफ जाने वाले रास्तों पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।
सैन्य सूत्रों के मुताबिक, हूतियों ने लाल सागर के पास और ताइज शहर के आसपास कई ऊंचाई वाले ठिकानों पर कब्जा किया है।

सरकार ने हूती विद्रोहियों से लड़ने सेना भेजी
हूती विद्रोहियों की बढ़त को देखते हुए यमनी सरकार ने भी ताइज में अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं। एक यमनी अधिकारी के मुताबिक, सरकार ने सऊदी अरब के कहने पर अदन से ताइज के लिए सैनिक भेजे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर हूती मोखा बंदरगाह या बाब अल-मंदेब के आसपास के रणनीतिक इलाकों पर अपनी पकड़ मजबूत कर लेते हैं, तो इससे यमनी सरकार और सऊदी अरब के साथ किसी भी बातचीत में उनकी स्थिति मजबूत हो सकती है।

हूती विद्रोही कौन हैं?
हूती विद्रोही यमन के उत्तरी हिस्से में रहने वाले जायदी शिया समुदाय का एक सशस्त्र संगठन है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में एक धार्मिक-सामाजिक आंदोलन के रूप में हुई थी। हूती सरकार पर भेदभाव करने का आरोप लगाते थे।
2011 में ट्यूनीशिया से शुरू हुई अरब क्रांति की लहर यमन भी पहुंची। उस समय राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह करीब 33 साल से सत्ता में थे। युवाओं के प्रदर्शन की वजह से उनकी गद्दी छीन गई। फरवरी 2012 में अब्दरब्बू मंसूर हादी राष्ट्रपति बने। लेकिन उनकी सरकार कमजोर थी।
हूती विद्रोहियों ने इसका फायदा उठाया और सितंबर 2014 में राजधानी सना पर कब्जा कर लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि 2015 में राष्ट्रपति हादी को देश छोड़कर सऊदी अरब में शरण लेनी पड़ी। हादी के पद छोड़ने के बाद से यमन पर किसी एक सरकार का कंट्रोल नहीं है।
अभी यमन कई हिस्सों में बंटा हुआ है। हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन मिलता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी अरब और उसके सहयोगी देशों का समर्थन मिलता है।

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28 फरवरी को जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग शुरू हुई थी, तभी माना जा रहा था कि इसमें ईरान के सहयोगी हूती विद्रोही भी कूद सकते हैं। करीब पांच महीने बाद वही आशंका सच साबित होती दिख रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
दक्षिणी दिल्ली में सफाई व्यवस्था का आयुक्त ने लिया जायजा: अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश, एफसीटीएस में पुराने कचरे की सफाई के आदेश – New Delhi News
दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने शुक्रवार को दक्षिण क्षेत्र का दौरा कर सफाई और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। पुष्पा विहार से शुरू हुआ निरीक्षण खानपुर, संगम विहार और देवली तक चला। इस दौरान उन्होंने कचरा संग्रह केंद्रों, स्वच्छता वाहनों, फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) और चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान विधायक चंदन कुमार चौधरी, पार्षद ममता यादव, दक्षिण क्षेत्र के उपायुक्त राकेश कुमार समेत निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पुष्पा विहार स्थित स्वच्छता वाहन स्थल पर आयुक्त ने टिपरों और अन्य वाहनों की निगरानी व्यवस्था देखी। उन्होंने कन्सेशनर को वाहनों के उचित रखरखाव और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। आगामी त्योहारों को देखते हुए नियमित धूल नियंत्रण और कचरा संग्रह केंद्रों से समय पर कचरा उठाने पर विशेष जोर दिया। खानपुर में पीपल चौक, एमबी रोड और आसपास के कचरा स्थलों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। मेट्रो और एमबी रोड के आसपास अवैध अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा।
संगम विहार में नए एफसीटीएस का निरीक्षण
आयुक्त ने संगम विहार में नवनिर्मित फिक्स्ड काम्पैक्टर ट्रांसफर स्टेशन (एफसीटीएस) का निरीक्षण किया। उन्होंने कचरा फेंकने और निर्माण व तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे की निगरानी बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। स्टेशन के पीछे जमा पुराने कचरे को तत्काल हटाने को कहा। देवली में कचरा संग्रह केंद्रों का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने मानसून में जलभराव रोकने के लिए जरूरी कार्य प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित निगरानी केंद्र का भी दौरा किया और सफाई व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दिया। आयुक्त संजीव खिरवार ने कहा कि एमसीडी विकास परियोजनाओं और स्वच्छता पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन के जरिए बेहतर नागरिक सुविधाएं देने, स्वच्छता बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शहरी वातावरण को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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आवारा कुत्ते ने 3 घंटे में 4 लोगों को काटा: सभी जिला अस्पताल में भर्ती, कुत्ते के पागल होने की आशंका – Hamirpur News
हमीरपुर में शुक्रवार शाम एक आवारा कुत्ते ने लोगों पर हमला किया। यमुना तटबंध के आसपास महज तीन घंटे के भीतर कुत्ते ने चार लोगों को काटकर घायल कर दिया। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, कुत्ते के काटने से सभी के शरीर पर गहरे घाव हुए हैं। यह घटना हमीरपुर मुख्यालय की है। शुक्रवार शाम करीब चार बजे से सात बजे के बीच यमुना तटबंध के आसपास एक आवारा कुत्ते ने लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि जो भी व्यक्ति कुत्ते को भगाने की कोशिश करता, वह उसी पर हमला कर देता था। घायल बलवीर सिंह ने बताया कि वह कुछ लोगों के साथ यमुना तटबंध पर खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान एक कुत्ता उनके पास पहुंचा और अचानक उन पर हमला कर दिया। जब तक वह कुछ समझ पाते, कुत्ते ने उन्हें काट लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने काफी कोशिश के बाद कुत्ते को वहां से भगाया। शरीर पर कुत्ते के काटने के गहरे घाव वहीं, छानी खुर्द गांव निवासी श्री राम ने बताया कि वह शाम करीब छह बजे तटबंध पर टहल रहे थे। इसी दौरान सफेद रंग के एक कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया और उनके पैरों से लिपट गया। आसपास के लोगों ने कुत्ते को भगाया, लेकिन तब तक वह उनके पैर में काट चुका था। जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टर दिलीप ने बताया कि करीब तीन घंटे में कुत्ते के काटने से घायल चार लोग अस्पताल पहुंचे हैं। लोगों के अनुसार, हमला करने वाला कुत्ता पागल था। घायलों में सुनीत, अजय, श्री राम और बलवीर सिंह शामिल हैं। चारों के शरीर पर कुत्ते के काटने के गहरे घाव हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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बेटे को पढ़ाकर क्या प्रोफेसर बनाओगी? पंकज असिस्टेंट प्रोफेसर बन पूरा किया सपना
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Assistant Professor Success Story: पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के चंद्रही गांव के पंकज कुमार साह ने असिस्टेंट प्रोफेसर का पद हासिल किया है. उन्होंने अपनी मां के सपनों को पूरा करने और गांव वालों के तानों का जवाब देने के लिए यह उपलब्धि हासिल की है.
पूर्णिया: कहते हैं कि किसी का दिया हुआ ताना कई बार इंसान के लिए चुनौती बन जाता है. कुछ लोग तानों से टूट जाते हैं, तो कुछ उसे अपनी ताकत बना लेते हैं. पूर्णिया के पंकज कुमार साह ने भी गांव वालों के ताने को अपनी मेहनत का हथियार बनाया. कभी उनकी मां से लोग कहते थे कि बेटे को इतना पढ़ाकर क्या प्रोफेसर बनाओगी? मां उन बातों को सुनकर चुप रहती थीं, लेकिन बेटे के मन में यह बात बैठ गई थी. उन्होंने ठान लिया कि एक दिन वह मां के सपने को पूरा करके दिखाएंगे. आज पंकज असिस्टेंट प्रोफेसर बन चुके हैं.
साधारण किसान परिवार से आते हैं पंकज
पंकज कुमार साह पूर्णिया जिले के धमदाहा प्रखंड के चंद्रही गांव के रहने वाले हैं. वह एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. परिवार में चार भाई और एक बहन हैं. पंकज बताते हैं कि आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन उनके माता-पिता ने बच्चों की पढ़ाई को हमेशा प्राथमिकता दी. खासकर उनकी मां चाहती थीं कि बेटा पढ़-लिखकर प्रोफेसर बने. गांव में जब लोग उनकी मां को ताना मारते थे, तब शायद उन्हें अंदाजा नहीं था कि यही बातें एक दिन पंकज की सफलता की वजह बनेंगी.
मां के निधन के बाद भी नहीं मानी हार
पंकज की जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब आया जब उनकी मां का अचानक निधन हो गया. जिस मां ने बेटे को प्रोफेसर बनाने का सपना देखा था. वह उसकी मंजिल देखने के लिए मौजूद नहीं थीं. लेकिन पंकज ने मां के सपने को अधूरा नहीं छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद NET की तैयारी शुरू कर दी.
उन्होंने कई बार NET परीक्षा में सफलता हासिल की, लेकिन आगे की चयन प्रक्रिया में उनका चयन नहीं हो सका. बार-बार असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने कोशिश करना नहीं छोड़ा. पंकज के लिए यह सिर्फ करियर बनाने की लड़ाई नहीं थी, बल्कि मां से किया हुआ एक वादा पूरा करने की कोशिश थी.
नौकरी के साथ पढ़ाई भी जारी रखी
पंकज ने पूर्णिया जिला समाहरणालय परिसर में सामान्य प्रशासन विभाग के तहत करीब चार वर्षों तक लिपिक के पद पर काम किया. नौकरी के बाद थकान के बावजूद उन्होंने पढ़ाई का सिलसिला जारी रखा. ड्यूटी से मिलने वाले समय का इस्तेमाल वह तैयारी में करते थे. परिवार की जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उनका लक्ष्य स्पष्ट था. आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और उनका चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हो गया. वर्तमान में वह पूर्णिया विश्वविद्यालय के अधीन रुपौली-बिरौली स्थित कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
अब बच्चों के भविष्य के लिए काम करना चाहते हैं
पंकज अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत और माता-पिता के आशीर्वाद को देते हैं. उनका कहना है कि उन्होंने जीवन में कभी हार मानना नहीं सीखा. जिस ताने ने कभी उन्हें परेशान किया था, आज वही उनकी सफलता की कहानी का हिस्सा बन चुका है. पंकज कहते हैं कि मां का सपना पूरा होने की खुशी सबसे बड़ी है. अब उनका लक्ष्य केवल अपनी नौकरी तक सीमित नहीं है. वह गांव और आसपास के क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने और बच्चों में पढ़ाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करना चाहते हैं. उनका मानना है कि अगर ग्रामीण बच्चों को सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे भी बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल कर सकते हैं.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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केनरा बैंक ने मेधावी छात्राओं को दी प्रोत्साहन राशि: बेगूसराय के उत्क्रमित मध्य विद्यालय की स्मृति और अंशु को मिले 3-3 हजार रुपये – Begusarai News
बेगूसराय सदर के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरैठ की दो छात्राओं को शुक्रवार को सम्मानित किया गया। केनरा बैंक की बेगूसराय मुख्य शाखा ने उन्हें अच्छी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहन राशि दी। बैंक प्रबंधन ने सातवीं कक्षा की स्मृति कुमारी और छठी कक्षा की अंशु कुमारी को तीन-तीन हजार रुपये दिए। यह राशि उनके बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए दी गई। विद्यालय में हुए एक कार्यक्रम के दौरान बैंक अधिकारियों ने छात्राओं को यह राशि सौंपी। प्रोत्साहन राशि मिलने से दोनों छात्राएं काफी खुश थीं। बैंक हर साल विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से इस तरह की मदद देता है। इस मौके पर केनरा बैंक की मुख्य शाखा के मुख्य प्रबंधक मुकेश कुमार, प्रेम प्रकाश कुमार, राजन कुमार और प्रधानाध्यापक राजीव कुमार सहित बैंक के अन्य कर्मचारी मौजूद थे। प्रधानाध्यापक ने बैंक के इस काम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मेधावी विद्यार्थियों को मिलने वाला यह प्रोत्साहन उन्हें आगे और अच्छा करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने दोनों छात्राओं को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी छात्राओं का उत्साह बढ़ाया।
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12 सोने के नकली बिस्किट 5 लाख में बेचे: मऊगंज में 3 लाख लिए, दोबारा 2 लाख लेने आए तो पुलिस ने पकड़ा – Mauganj News
मऊगंज पुलिस ने फर्जी सोने के बिस्किट देकर 3 लाख रुपए ठगने वाले 5 युवकों को पकड़ा है। शुक्रवार को पुलिस ने इनके पास से ठगी के 2 लाख 50 हजार रुपए नकद, नकली बिस्किट और भागने में इस्तेमाल बलेनो कार जब्त की है। आरोपी उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के रहने वाले हैं। पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर निवासी राहुल सिसोदिया ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। ठगों ने फोन पर खुद को मऊगंज का बताकर झांसा दिया कि उन्हें मजदूरी के दौरान जमीन से सोना मिला है। राहुल के भाई और दोस्त ने जब ठगों के दिए सैंपल की सुनार से जांच कराई, तो वह असली निकला। भरोसा होने पर 100-100 ग्राम के 12 सोने के बिस्किट 5 लाख रुपए में खरीदने का सौदा पक्का हुआ। 31 अगस्त को बाबा ढाबा के पास 3 लाख रुपए नकद देकर बिस्किट लिए गए, जो बाद में जांच कराने पर पीतल निकले। नाला में फंसी कार, बस से भी उतारे गए आरोपी ठगी का एहसास होते ही फरियादी ने समझदारी दिखाई और ठगों को भनक नहीं लगने दी। उसने बाकी के 2 लाख रुपए देने के बहाने आरोपियों को फिर बुलाया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस को पीछे देखकर बलेनो कार से भाग रहे 3 आरोपियों की गाड़ी डगडौआ गांव के पास नाले में फंस गई, जिन्हें पुलिस ने तुरंत पकड़ लिया। वहीं 2 अन्य आरोपियों को मिर्जापुर जाने वाली बस से नीचे उतारकर पकड़ा गया। पुलिस ने इन्हें पकड़ा आरोपियों में विमल कुमार बिन्द, आकाश बिन्द, भगवानदास बिन्द, राजू उर्फ उमेश कुमार बिन्द और पप्पू उर्फ विक्रम कुमार बिन्द शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
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