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Share vs Crude : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट दिखी है. इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है. ट्रंप ने टैरिफ का दोबारा ऐलान कर दिया है, जिससे कई देशों के कारोबार पर दबाव बढ़ गया है. यही वजह है कि आज डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट दिख रही है.
टैरिफ के ऐलान के बाद शेयर बाजार और करेंसी पर गहरा दबाव दिखा है.
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही देश की सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बावजूद टैरिफ के मुद्दे पर अड़े हुए हैं. उन्होंने पड़ोसी देश कनाडा पर 50 फीसदी टैरिफ ठोक भी दिया और अब भारत सहित उन सभी देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं, जो रूस से कच्चे तेल की खरीद करते हैं. एक तरफ ईरान के साथ जारी युद्ध और दूसरी ओर टैरिफ वॉर के ऐलान ने भारत सहित दुनियाभर की इकनॉमी पर तिहरा संकट खड़ा कर दिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन सहित तमाम देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है. साथ ही ईरान के साथ युद्ध भी तेज कर दिया है. इस दोहरे संकट की वजह से 22 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में तो उछाल दिखा ही है. साथ ही शेयर बाजार पर भी दबाव बढ़ गया है. यही वजह रही कि भारतीय शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए. दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का जोखिम भी बढ़ना शुरू हो गया है.
कच्चे तेल पर क्या दिखा असर
जून में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी. इससे उम्मीद जगी थी कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में नरमी रहेगी. लेकिन, टैरिफ का ऐलान और ईरान के साथ दोबारा युद्ध के हालात ने सारा मामला ही पलटकर रख दिया. ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर बढ़कर 95 डॉलर के आसपास पहुंच गई है. 22 जुलाई कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3.72 डॉलर प्रति बैरल का उछाल दिखा और ब्रेंट क्रूड का भाव 94.73 डॉलर प्रित बैरल पहुंच गया है. डब्ल्यूटीआई भी 3.20 डॉलर के उछाल के साथ 87.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहा है.
शेयर बाजार में भी दिखी गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद के बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दिख रही है. आज बीएसई सेंसेक्स 715 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 191 अंक की गिरावट दिखी है. इस दौरान बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.33 फीसदी लुढ़का जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप 1.16 फीसदी नीचे आया. बीएसई में सूचीबद्ध 2,780 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,458 शेयर बढ़त में रहे. सेंसेक्स मंगलवार को भी 238 अंक टूटकर बंद हुआ था. इस तरह देखा जाए तो दो दिनों में सेंसेक्स 957 अंक टूट चुका है.
तेल चढ़ा तो रुपया भी फिसला
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 34 पैसे टूटकर 96.59 पर बंद हुआ है. आज सुबह रुपये में ट्रेडिंग 96.36 प्रति डॉलर पर शुरू हुई. कारोबार के दौरान यह 96.25 से 96.57 प्रति डॉलर के दायरे में रहा. अंत में यह 96.59 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 34 पैसे की गिरावट है. रुपया मंगलवार को 11 पैसे की बढ़त के साथ 96.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें




