बूंदी जिला प्रशासन ने आपदा और दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इस पहल को “आहत को तत्काल राहत” नाम दिया गया है, जिसके तहत एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देश पर एक आपदा राहत कंट्रोल रूम का गठन किया गया है। इसके लिए मोबाइल और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7014500500 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन नंबर पर सड़क दुर्घटना, डूबने की घटना, करंट लगना, वन्य जीवों का हमला और विषैले जीवों के काटने जैसी किसी भी आपात स्थिति की सूचना दी जा सकती है। नागरिक व्हाट्सएप के माध्यम से घटना स्थल की लोकेशन, फोटो और वीडियो भी साझा कर सकते हैं, जिससे प्रशासन को बिना देरी किए मौके पर मदद पहुंचाने में आसानी होगी। जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने आम जनता से अपील की है कि संकट की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत इस नंबर पर संपर्क करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कंट्रोल रूम पर आने वाली प्रत्येक कॉल को गंभीरता से लिया जाए और पीड़ितों को सरकारी राहत योजनाओं से जोड़कर त्वरित आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाए। समाजसेवी मूलचंद शर्मा तलवास ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आमजन को तुरंत राहत मिल सकेगी।
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बूंदी में ‘आहत को तत्काल राहत’ पहल: आपदा पीड़ितों के लिए हेल्पलाइन 7014500500 जारी – Bundi News
आवारा पशु से टकराई बाइक, किसान की मौत: जालौन में देर रात हुआ हादसा, देर तक इलाज न मिलने पर दम तोड़ा – Jalaun News
जालौन में एक सड़क हादसे में किसान की मौत हो गई। शनिवार देर रात सहबाजपुर के पास एक आवारा पशु से बाइक टकराने के बाद किसान गंभीर रूप से घायल हो गया था। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गोहन थाना क्षेत्र के रहावली गांव निवासी 38 वर्षीय किसान पिंटू सिंह सेंगर शनिवार रात गोहन कस्बे से अपने गांव लौट रहे थे। सहबाजपुर के पास अचानक एक आवारा पशु सड़क पर आ गया। अंधेरा होने के कारण पिंटू बाइक को संभाल नहीं पाए और उनकी बाइक पशु से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिंटू बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े, जिससे उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद पिंटू काफी देर तक सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उन्हें देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही गोहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पिंटू को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधौगढ़ ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिंटू की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिवार में पत्नी ज्योति, पुत्री रानी और पुत्र देव सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। गांव में भी हादसे की खबर फैलते ही शोक का माहौल हो गया। गोहन थानाध्यक्ष सतीश कुमार ने बताया कि पिंटू सिंह सेंगर खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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जयपुर में नहीं हो पाई NEET-PG 2026 की परीक्षा, 5 सितंबर को होगा री-एग्जाम
राजस्थान के जयपुर में नीट पीजी परीक्षा 2026 के दौरान गड़बड़ी हुई। इसके बाद सिर्फ इस परीक्षा केंद्र पर पेपर रद्द कर दिया गया और पांच सितंबर को दोबारा परीक्षा का ऐलान किया गया। अब यह परीक्षा 5 सितंबर को दोपहर 3 बजे से होगी। एग्जाम सेंटर में गड़बड़ी होने पर परीक्षा देने आए छात्र और उनके परिजन नाराज हो गए। पुलिस ने इन लोगों को समझाने की कोशिश की और हालात काबू में रखे।
एसीपी ललित शर्मा ने बताया, “हमें जानकारी मिली कि सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा था, जिसकी वजह से एग्जाम नॉर्मल तरीके से नहीं हो सका। कुछ कैंडिडेट्स के कंप्यूटर खुले जबकि कुछ के नहीं, जिससे एग्जाम में रुकावट आई। स्टूडेंट्स एग्जाम और प्रोसेस को लेकर गुस्से में हैं। हम उनसे इस मामले पर बात कर रहे हैं और उन्हें काउंसलिंग देने की कोशिश कर रहे हैं। एक लॉजिकल और सही हल निकालने के लिए ऑर्गनाइजिंग एजेंसी से भी हायर लेवल पर बात की जा रही है।”
NBEMS ने परीक्षा की नई तारीख का ऐलान किया
राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “राजस्थान, जयपुर के ION डिजिटल जोन सीतापुरा में होने वाली नीट पीजी- 2026 परीक्षा को सेंटर में बिजली जाने की वजह से रीशेड्यूल कर दिया गया है। इस सेंटर को दिए गए सभी कैंडिडेट्स की परीक्षा अब 5 सितंबर, 2026 को होगी।”
नोटिस में क्या बताया?
राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड ने नोटिस जारी कर दोबारा परीक्षा कराने की बात कही। इसमें बताया गया कि ION डिजिटल जोन IDZ सीतापुरा सेंटर टीसी नंबर 41682 और 41683 पर प्रभावित कैंडिडेट्स के लिए नीट पीजी परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। बोर्ड ने बताया कि नीट पीजी परीक्षा 2026 30 अगस्त को आयोजित की गई। परीक्षा 2,73,096 रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें देश भर के 1111 सेंटर्स पर 2,65,980 कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। लगभग 2,63,535 कैंडिडेट्स के लिए परीक्षा पूरी हुई। लेकिन, ION डिजिटल जोन IDZ सीतापुरा सेंटर में बिजली की दिक्कतों की वजह से परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। इस परीक्षा का सफल आयोजन कराने की जिम्मेदारी टीसीएस एजेंसी के ऊपर थी।
5 सितंबर को होगी परीक्षा
राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड के नोटिस में कहा गया, “जो भी कैंडिडेट्स परीक्षा पूरी नहीं कर पाए, बोर्ड उन्हें हुई परेशानी के लिए खेद जताता है। उनकी दोबारा परीक्षा 5 सितंबर (शनिवार) को दोपहर तीन बजे जयपुर, राजस्थान में होगी। ऐसे कैंडिडेट्स के लिए नए एडमिट कार्ड जारी करने के साथ ही जगह के बारे में और जानकारी अलग से शेयर की जाएगी। (इनपुट- पीटीआई)
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राष्ट्रीय खेल दिवस पर SSB जवानों ने दिखाया दमखम: सुपौल में हॉकी, फुटबॉल, वॉलीबॉल प्रतियोगिता के साथ निकली साइकिल रैली – Supaul News
सुपौल में राष्ट्रीय खेल दिवस और महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), बीरपुर ने दो दिवसीय खेल गतिविधियों का आयोजन किया। कमांडेंट गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में वाहिनी के जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर जवानों के लिए हॉकी, फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। रविवार को एक साइकिल रैली भी निकाली गई। वाहिनी की विभिन्न टीमों ने इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपने खेल कौशल का प्रदर्शन किया, जिसमें अनुशासन, टीम भावना और आपसी समन्वय स्पष्ट दिखा। टीम भावना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना उद्देश्य एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, इन खेल गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य जवानों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन, टीम भावना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। नियमित खेल आयोजनों से जवानों को शारीरिक रूप से स्वस्थ और फिट रखने के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य, कार्यकुशलता और मनोबल को भी मजबूत करने में सहायता मिलती है। आयोजकों ने बताया कि खेलों के माध्यम से जवानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ भाईचारा और सौहार्द की भावना भी मजबूत होती है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों के जरिए ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। 45वीं वाहिनी ने यह भी कहा कि जवानों के सर्वांगीण विकास और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह की खेल गतिविधियां आयोजित की जाती रहेंगी। जवानों ने इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेकर खेलों के प्रति अपनी रुचि और उत्साह का प्रदर्शन किया।
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आगरा में पेठा के साथ अब इस खास मिठाई की बढ़ी डिमांड, दुनियाभर में मचा रखी धूम
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आगरा में पेठा ही नहीं, अब घेवर भी त्योहारों की खास पहचान बन चुका है. सावन, रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों पर इसकी मांग बढ़ जाती है. यह गोल, जालीदार और मीठा घेवर आगरा के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. आइए जानते हैं कि आखिर घेवर तैयार कैसे होता है.
ताज नगरी आगरा अपनी ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ खानपान के लिए भी प्रसिद्ध है. आगरा की सबसे बड़ी मिठाई पहचान पेठा है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने भी जिले के पारंपरिक उत्पाद के रूप में विशेष पहचान दी है. वहीं सावन, रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों के दौरान घेवर की मांग बाजारों में काफी बढ़ जाती है और यह स्वाद सितंबर व अक्टूबर तक बाजारों में रहता है. गोल आकार, जालीदार बनावट और मीठे स्वाद वाला घेवर आगरा के लोगों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है.
घेवर को मुख्य रूप से राजस्थान की पारंपरिक और प्रसिद्ध मिठाई माना जाता है. माना जाता है कि शुष्क और गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में उपलब्ध सामग्री से इस खास मिठाई को विकसित किया गया. समय के साथ घेवर राजस्थान से निकलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से आगरा जैसे शहरों तक पहुंचा. आज यह सिर्फ एक क्षेत्रीय मिठाई नहीं, बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों की खास पहचान बन चुका है.
घेवर बनाने की शुरुआत मैदा, शुद्ध घी और बर्फ जैसे ठंडे पानी से की जाती है. सबसे पहले घी को अच्छी तरह फेंटकर उसमें धीरे-धीरे मैदा और ठंडा पानी मिलाया जाता है. इसका घोल न ज्यादा गाढ़ा और न बहुत पतला होना चाहिए. घेवर की जालीदार बनावट पूरी तरह घोल की सही कंसिस्टेंसी और गर्म घी या तेल में डालने की तकनीक पर निर्भर करती है.
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घेवर बनाने के लिए गहरे और गोल बर्तन में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल गर्म किया जाता है. इसके बाद पतले घोल को ऊंचाई से धीरे-धीरे बीच में डाला जाता है. गर्म तेल में गिरते ही घोल फैलता है और उसमें छोटे-छोटे छेद बनने लगते हैं. यही प्रक्रिया कई बार दोहराई जाती है, जिससे घेवर की प्रसिद्ध जालीदार संरचना तैयार होती है. इसके बीच में खाली जगह छोड़ना भी जरूरी होता है.
घेवर बनने के बाद उसे चीनी की तैयार चाशनी में डुबोया जाता है या ऊपर से चाशनी डाली जाती है. इसके बाद इसे कुछ समय तक रखा जाता है, ताकि मिठास अच्छी तरह अंदर तक पहुंच सके. ऊपर से बादाम, पिस्ता और केसर डालकर सजाया जाता है. यह पारंपरिक सादा घेवर कहलाता है और आज भी त्योहारों के दौरान इसकी बिक्री सबसे अधिक देखने को मिलती है.
समय के साथ घेवर के कई नए स्वाद तैयार किए जाने लगे हैं. कारीगर ने बताया कि मलाई घेवर में ऊपर से मलाई और मीठा मिश्रण लगाया जाता है, जबकि रबड़ी घेवर में गाढ़ी रबड़ी की परत इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाती है. इसके अलावा मावा घेवर, केसर घेवर और ड्राई फ्रूट घेवर भी लोगों की पसंद बन चुके हैं. मलाई और रबड़ी वाले घेवर खासतौर पर युवाओं और मिठाई प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं.
उत्तर भारत में घेवर का संबंध विशेष रूप से हरियाली तीज, रक्षाबंधन और सावन के मौसम से माना जाता है. कई परिवारों में तीज के अवसर पर बेटियों और बहनों को घेवर भेजने की परंपरा भी रही है. बारिश और त्योहारों के मौसम में बाजारों में घेवर की खुशबू और अलग-अलग वैरायटी लोगों को आकर्षित करती हैं. यही कारण है कि सावन आते ही मिठाई की दुकानों पर घेवर की बिक्री तेजी से बढ़ जाती है.
आज घेवर सिर्फ पारंपरिक मिठाई नहीं रहा, बल्कि इसमें आधुनिक प्रयोग भी किए जा रहे हैं. घेवर कारीगर सचिन ने कहा कि चॉकलेट घेवर, पनीर घेवर और अलग-अलग ड्राई फ्रूट टॉपिंग वाले घेवर बाजार में उपलब्ध हैं. हालांकि पारंपरिक सादा और मलाई घेवर की लोकप्रियता आज भी बरकरार है. आगरा में पेठा शहर की सबसे बड़ी मिठाई पहचान है, लेकिन त्योहारों के मौसम में घेवर भी लोगों की खास पसंद बन जाता है और स्थानीय मिठाई बाजारों में अपनी अलग जगह बनाए हुए है.
सिर पर आ गई ITR की डेडलाइन, किसे 31 अगस्त तक भरनी है रिटर्न, जानिए
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ITR Filing Deadline : सेलरीड पर्सन और आम आदमी के लिए आईअीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी. जिन बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स के खातों का ऑडिट नहीं होना है, वो 31 अगस्त तक बिना कोई शुल्क दिए रिटर्न भर सकते हैं.
रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है. (Photo : canva)
नई दिल्ली. आप अपना बिजनेस चलाते हैं, फ्रीलांसिंग करते हैं या किसी प्रोफेशन से जुड़े हैं और अभी तक आईटीआर नहीं भरा है, तो यह काम तुरंत कर लें. सैलरीड क्लास के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख पहले ही निकल चुकी है, लेकिन ऐसे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्स जिनके खातों का ऑडिट नहीं होना है के रिटर्न भरने की डेडलाइन बिल्कुल सिर पर आ गई है. अगर आपने कल तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं किया तो बाद में आपको रिटर्न दाखिल करने के लिए जुर्माना भरना पड़ सकता है.
जिन लोगों को 31 अगस्त तक आईटीआर दाखिल करनी है उनमें सभी फ्रीलांसर्स व कंसल्टेंट्स जैसे कंटेंट राइटर्स, डिजाइनर्स, आईटी प्रोफेशनल्स और स्वतंत्र रूप से काम करने वाले सभी प्रोफेशनल्स शामिल हैं. इसके साथ ही छोटे कारोबारी व दुकानदार जो प्रोप्राइटरशिप फर्म चलाते हैं या ऐसे बिजनेसमैन जिनके खातों का ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, उनको भी 31 अगस्त यानी कल तक आईटीआर भरनी होगी. वे संस्थाएं जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन चुनती हैं या सामान्य रिटर्न दाखिल करती हैं, उनके लिए भी आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्त ही है.
कौन-सा फॉर्म भरना है सही?
रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है ताकि आईटीआर इनवैलिड न हो.
- ITR-3: यह उन व्यक्तिगत कारोबारियों, प्रोफेशनल्स और HUFs के लिए है जो विस्तृत बहीखाते बनाते हैं और ITR-4 की शर्तों के तहत नहीं आते
- ITR-4 (Sugam): यह उन छोटे व्यापारियों, प्रोफेशनल्स और फर्म्स के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (बिना बहीखाता मेंटेन किए अनुमानित आय) का विकल्प चुनते हैं.
किसे कराना होता है अपने खातों का ऑडिट?
व्यापारियों के लिए आमतौर पर ₹1 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर ऑडिट जरूरी होता है. डिजिटल लेन-देन 95% होने पर यह सीमा ₹10 करोड़ तक है. वहीं प्रोफेशनल्स के लिए ₹50 लाख से अधिक की ग्रॉस रिसीट्स पर ऑडिट अनिवार्य हो जाता है. अगर आप इस सीमा से नीचे हैं, तो 31 अगस्त ही आपकी आखिरी तारीख है. बिना देरी किए आज ही अपना रिटर्न फाइल करें.
About the Author

रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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नामांकन के लिए रविवार को भी हेल्प डेस्क: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक मिलेगी मदद, कल आखिरी दिन – Sawai Madhopur News
सवाई माधोपुर में नगर निकाय आम चुनाव-2026 के नामांकन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। नामांकन के आखिरी दिन होने वाली संभावित भीड़ और उम्मीदवारों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विशेष हेल्पडेस्क शुरू की है। अभ्यर्थी यहां नामांकन पत्र भरने, जरूरी दस्तावेज, प्रतिभूति निक्षेप राशि और अन्य औपचारिकताओं की जानकारी ले सकेंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है और सोमवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील की है। इन जगहों पर जमा हो रहे नामांकन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सवाई माधोपुर में नाम निर्देशन पत्र रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के कमरा नंबर 30 और 32 तथा संयुक्त निदेशक, डीओआईटी कार्यालय के हॉल में जमा किए जा रहे हैं। अंतिम दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के नामांकन दाखिल करने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को विशेष हेल्पडेस्क शुरू की है। नामांकन से जुड़ी जरूरी जानकारी मिलेगी हेल्पडेस्क पर अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र भरने, आवश्यक दस्तावेज, प्रतिभूति निक्षेप राशि और नामांकन से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं की जानकारी दी जाएगी। इससे अभ्यर्थी अंतिम दिन नामांकन के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बच सकेंगे। कल 3 बजे बाद स्वीकार नहीं होंगे नामांकन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। सोमवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 3 बजे के बाद किसी भी स्थिति में नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जरूरी दस्तावेज तैयार कर समय रहते अपना नामांकन दाखिल करें। किसी तरह की जानकारी या मार्गदर्शन के लिए आज हेल्पडेस्क की सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।
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अंकित बालियान हत्याकांड में 4 संदिग्ध हिरासत में: करनाल से बिडौली होकर शामली पहुंचे थे हमलावर, जिम के बाहर एक घंटे की रेकी – Shamli News
हरियाणवी लोकगायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हमलावरों के आने-जाने का रूट भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि हमलावर करनाल से बिडौली होते हुए शामली पहुंचे थे। पुलिस अब करनाल से बिडौली और बिडौली से शामली तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जोड़कर हमलावरों की पूरी मूवमेंट ट्रेस कर रही है। फुटेज के जरिए उनके वाहन, उसमें सवार लोगों और रास्ते में उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिम के आसपास एक घंटे से ज्यादा रुके, अंकित की रेकी की जांच में सामने आया है कि हमलावर शामली पहुंचने के बाद अंकित के जिम के आसपास एक घंटे से ज्यादा समय तक रुके थे। इस दौरान उन्होंने अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी रेकी की। पुलिस के मुताबिक, अंकित के जिम से बाहर निकलते ही हमलावरों ने उसे घेर लिया और गोलियां बरसा दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। 4 संदिग्धों से पूछताछ, साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश पुलिस ने हत्याकांड के संबंध में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची थी, शूटरों को अंकित की लोकेशन की जानकारी किसने दी और वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज जोड़कर तलाश रही पुलिस पूरी कड़ी पुलिस अब करनाल से शामली तक हमलावरों के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद फुटेज का आपस में मिलान किया जा रहा है। पुलिस का फोकस हमलावरों के वाहन की पहचान करने के साथ यह पता लगाने पर है कि रास्ते में उनके साथ कौन-कौन लोग थे। अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड की साजिश और हमलावरों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
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