Saturday, July 18, 2026
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डीआईजी ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की: देवरिया में कोतवाली का निरीक्षण किया, सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए – Deoria News




गोरखपुर परिक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) एस. चन्नप्पा ने शुक्रवार शाम पांच बजे देवरिया का दौरा किया। उन्होंने आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के साथ-साथ अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, मिशन शक्ति और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। डीआईजी ने सदर कोतवाली का भी निरीक्षण किया और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस लाइन सभागार में हुई समीक्षा बैठक में डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं, वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, निरोधात्मक कार्रवाई और अपराध नियंत्रण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए।
डीआईजी ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से जुड़े मामलों में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करने तथा जनजागरूकता अभियान तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन “Cy-Vajra” के तहत साइबर थाना और थानों की साइबर टीमों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों के संबंध में, डीआईजी ने कांवड़ मार्गों, नदी घाटों, जल पुलिस, नावों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने इन आयोजनों के दौरान पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद, डीआईजी ने सदर कोतवाली का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिशन शक्ति केंद्र, थाना कार्यालय, मालखाना, शस्त्रागार, सीसीटीएनएस, विवेचना कक्ष और अन्य अभिलेखों का गहनता से जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के उपरांत, डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर और अन्य अधिकारियों के साथ प्रमुख बाजारों तथा मार्गों पर पैदल गश्त की। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों से संवाद भी किया। डीआईजी ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो टीमों को सक्रिय रखने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच के निर्देश दिए। इस बैठक और निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनंद कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनील कुमार सिंह, सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।



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नाबालिग लड़की का शव फंदे पर लटका मिला: घर के कमरे में चुनरी से लगाई फांसी, बालाघाट में 11वीं कक्षा की छात्रा थी – Balaghat (Madhya Pradesh) News



बालाघाट जिले के खैरलांजी थाना क्षेत्र के आरंभा गांव में शुक्रवार को एक नाबालिग छात्रा का शव उसके घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने 15 वर्षीय शिवानी ठाकरे के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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जानकारी के मुताबिक, शिवानी का शव घर के एक कमरे में चुनरी से बने फंदे पर लटका हुआ था। घटना के वक्त शिवानी की दादी ही घर पर मौजूद थीं, जबकि परिवार के बाकी सदस्य खेती-किसानी के काम से खेतों पर गए हुए थे।

सबसे पहले दादी ने ही अपनी पोती को फंदे पर लटका देखा और घबराकर शोर मचाया। दादी की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े। इसी बीच खेत गए माता-पिता और परिजनों को भी खबर दी गई, जिससे वे तुरंत घर पहुंचे। पड़ोसियों ने शिवानी को फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।

11वीं की छात्रा थी शिवानी, जांच में जुटी पुलिस

दम तोड़ने वाली शिवानी 11वीं कक्षा की छात्रा थी और आरंभा गांव के ही एक हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती थी। घटना की सूचना मिलते ही खैरलांजी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल भिजवाया।

मामले की जांच कर रहे सब-इंस्पेक्टर (एसआई) किशोर मने ने बताया कि शव को फंदे से उतारकर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। छात्रा ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी तक साफ नहीं हो पाया है।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिवार वालों से पूछताछ के बाद ही मौत की असली वजह का पता चल सकेगा।



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अरवल सदर अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत: चिकित्सीय लापरवाही का आरोप, परिजनों का हंगामा; प्रसव के लिए भर्ती कराया था – Arwal News




अरवल सदर अस्पताल में शुक्रवार देर शाम एक गर्भवती महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। 24 वर्षीय महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने चिकित्सीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और जांच का आश्वासन दिया। मृतका की पहचान अरवल जिले के सदर थाना अंतर्गत फखरपुर गांव निवासी 24 वर्षीय रागिनी कुमारी के रूप में हुई है। उन्हें प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, डॉक्टरों ने ऑपरेशन से प्रसव कराया, लेकिन ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद रागिनी की तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। चिकित्सीय लापरवाही का आरोप, परिजनों का हंगामा मृतका के पति आकाश कुमार ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सीय लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उनकी पत्नी की जान चली गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग सदर अस्पताल पहुंचे और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी डॉक्टरों और संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना की सूचना पर सदर थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी, सिविल सर्जन, पूर्व विधायक महानंद सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस और अस्पताल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत करते हुए निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और यदि जांच में चिकित्सीय लापरवाही पाई जाती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित, नवजात शिशु सुरक्षित परिजनों को सौंपा गया फिलहाल, पुलिस और अस्पताल प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों और चिकित्सीय लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में एक त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। नवजात शिशु को अस्पताल प्रशासन द्वारा परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया है।



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कमेटी ने माना- बिना जांचें प्रसूता को गलत-खून चढ़ाया था: रेजिडेंट डॉक्टर्स से लेकर नर्सिंग स्टाफ को ​देंगे नोटिस; प्रिंसिपल ने लापरवाहों के मांगें नाम – Jodhpur News


जोधपुर के उम्मेद असपताल में एक 24 साल की प्रसूता धापू भील को गलत खून चढ़ाने के मामले में कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है। मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपी इस रिपोर्ट में माना है कि बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया।

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हालांकि 24 घंटे में दी इस​ रिपोर्ट को प्रिंसिपल ने अधूरा माना, क्योंकि इनमें लापरवाही बरतने वालों के नाम नहीं थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने सभी के नाम मांगें हैं।

डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि इसमें रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टे​क्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही सामने आई है। इन सभी को नोटिस जारी किए जाएंगे।

11 को प्रसूता को किया था उम्मेद हॉस्पिटल में रेफर, 12 को चढ़ाया गलत खून

जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) का 11 जुलाई को बावड़ी हॉस्पिटल में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। लेकिन, खून की कमी के चलते उसे 11 जुलाई को उम्मेद हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया था।

प्रसूता की सास पप्पू देवी ने बताया कि 11 जुलाई को ओ पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया था। इसके बाद 12 जुलाई की रात दोबारा जो ब्लड चढ़ाया वो गलत था। ब्लड चढ़ाते ही धापू को कंपकपी छूटने लगी। इसके साथ की यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया।

हालांकि अभी प्रसूता का इलाज महात्मा गांधी हॉस्पिटल के आईसीयू में चल रहा है। इसके साथ ही उसे लगातार डायलासिस किया जा रहा है।

मामला सामने आने के बाद बनाई थी जांच कमेटी

इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हर गोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे।

उन्होंने बताया कि इस टीम की ओर से शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी गई थी। लेकिन, कुछ ​कमियां है, जिसे पूरी कर दोबारा रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

ये प्रसूता का पति किशनाराम है। इनका कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि उम्मेद हॉस्पिटल से उसकी पत्नी को एमजीएच क्यों लेकर आए। यहां आने के बाद पता चला कि गलत खून चढ़ा दिया था।

ये प्रसूता का पति किशनाराम है। इनका कहना है कि उन्हें पता ही नहीं था कि उम्मेद हॉस्पिटल से उसकी पत्नी को एमजीएच क्यों लेकर आए। यहां आने के बाद पता चला कि गलत खून चढ़ा दिया था।

जांच कमेटी ने माना, बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, अब होगा एक्शन

इस मामले को लेकर शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपी रिपोर्ट में सामने आया कि बिना क्रॉस चेक किए प्रसूता को खून चढ़ाया गया।

ये लापरवाही इसलिए हुई क्योंकि प्रसूता और दूसरी महिला का नाम और उनके पति का नाम एक सा था। जिस ​महिला का बी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप था, वह बेहोशी की हालत में थी। ऐसे में जब नाम पुकारा गया तो ये गफलत हुई।

प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया- इस मामले में जो रिपोर्ट मिली है, उनमें नाम नहीं थे। सैंपल कलेक्शन करने वाले, ​उसे रिलीज करने वाले और ब्लड देने वालों की इसमें गलती रही है।

इस मामले को लेकर रेजिडेंट डॉक्टर से लेकर लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ तक पर एक्शन होगा। रिपोर्ट में इनके नाम नहीं थे। किन-किन लोगों ने लापरवाही बरती है, उन सभी के नाम मांगें गए है। इन सभी को नोटिस जारी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि वैसे महिला के बैड लगाते है लेकिन एक जैसे नाम होने की स्थिति में ज्यादा सावधानी बरतते हुए इसे क्रॉस चैक करना था, जो नहीं किया गया।

यूरिन आना बंद हो गया था

महात्मा गांधी हॉस्पिटल के सुप्रीडेंट फतेह सिंह ने बताया कि गलत ब्लड की वजह से यूरीन आना बंद हो गया था और उसकी किडनी पर इफेक्ट हुआ। महिला का लगातार डायलिसिस चल रहा है और हालत में सुधार है।

वहीं परिजनों ने बताया था- गलत खून चढ़ाने की वजह से यूरिन के लिए लगाई थैली में ब्लड आने लगा था। 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया।

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गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी

जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर)



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भाजपा बोली- महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुट मिल जाएं: फिर NDA में शामिल हों; केंद्रीय कैबिनेट में दो पद का भी ऑफर


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मुंबई38 मिनट पहले

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महाराष्ट्र में एनसीपी के दो गुट (सुनेत्रा पवार गुट और शरद पवार गुट) आपस में विलय कर सकते हैं। उन्हें साथ आने का ऑफर NDA की तरफ से मिला है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार संसद में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन विधेयक से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है। इसके लिए सदन में दो-तिहाई बहुमत चाहिए।

इसलिए एनडीए के पार्टी नेतृत्व ने सुझाव दिया है कि नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुट आपस में फिर से मिल जाएं और एनडीए की सहयोगी पार्टी बन जाएं।

सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने NCP के दोनों गुटों के बीच सत्ता का संतुलन बनाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट में दो पद देने का भी ऑफर दिया है।

हाल ही में NCP के प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुंबई में CM देवेंद्र फडणवीस के घर पर मुलाकात हुई थी।

हाल ही में NCP के प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे की मुंबई में CM देवेंद्र फडणवीस के घर पर मुलाकात हुई थी।

शरद गुट और सुनेत्रा गुट के एक साथ आने में 5 चैलेंज…

  • एनसीपी के भीतर ही मतभेद: पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में सत्ता बंटवारे को लेकर एक राय नहीं है।
  • राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की मांग: सुनेत्रा के बड़े बेटे और सांसद पार्थ पवार चाहते हैं कि विलय के बाद सुनेत्रा पवार एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें और महाराष्ट्र का वित्त विभाग उन्हें मिले।
  • सीनियर लीडर्स की आपत्ति: सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल का कहना है कि सत्ता और पदों का बंटवारा सभी नेताओं को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
  • अड़े रहे तो मुश्किल: यदि सुनेत्रा गुट राष्ट्रीय अध्यक्ष, वित्त मंत्रालय और अहम कैबिनेट विभाग पर अड़ा रहता है, तो समझौता मुश्किल हो सकता है।
  • शरद गुट की सहमति पर सवाल: एनसीपी (शरद पवार) के इन सभी मांगों को स्वीकार करने की संभावना कम मानी जा रही है।
मुंबई में 8 जुलाई को शरद पवार और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात हुई थी।

मुंबई में 8 जुलाई को शरद पवार और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की मुलाकात हुई थी।

उधर शरद गुट की भाजपा-कांग्रेस दोनों से बातचीत

उधर महाराष्ट्र में NCP (शरद गुट) पार्टी कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए दोनों से बातचीत को तैयार है। सूत्रों के मुताबिक, NCP (SP) के 8 लोकसभा सांसद और 10 विधायक पार्टी के भविष्य को लेकर दो धड़ों में बंटे हुए हैं।

दावा है कि कुछ सांसद और विधायक NDA में शामिल होने के पक्ष में हैं, जबकि कुछ कांग्रेस के साथ विलय चाहते हैं। शरद पवार कांग्रेस में विलय के लिए तभी तैयार होंगे, जब सुप्रिया सुले को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिले। इसमें महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष पद पर पवार समर्थक, सुप्रिया सुले को कांग्रेस का उपाध्यक्ष बनाने और कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में पर्याप्त प्रतिनिधित्व जैसी मांगें शामिल बताई गई हैं।

दूसरी ओर, एक अन्य सूत्र का दावा है कि पार्टी का एक प्रभावशाली धड़ा भाजपा और NDA के साथ जाने का समर्थक है। बातचीत में सुप्रिया सुले के लिए केंद्रीय मंत्री पद और पवार समर्थकों के लिए दो मंत्री पद की चर्चा भी होने का दावा किया गया है। हालांकि, इस पर किसी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

‘परिसीमन बिल’ के चलते मोदी सरकार को संख्या बल की जरूरत

NCP के NDA में शामिल होने से मोदी सरकार संसद में दो तिहाई बहुमत के और करीब आ जाएगी, जो संविधान संशोधन विधेयक पास करने के लिए अहम है।

सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने और परिसीमन विधेयक के जरिए संसद और राज्य विधानसभाओं की संख्या बढ़ाने वाले संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए जरूरी संख्या जुटानी की कोशिश कर रही है। अप्रैल में राज्यसभा के विशेष सत्र में सरकार की यह कोशिशें नाकाम हो गई थीं।

इसके बाद से विपक्ष की चार पार्टियों के 37 लोकसभा और राज्यसभा सांसद सत्ता पक्ष में शामिल हो चुके हैं। अप्रैल के मुकाबले दोनों सदनों में सरकार का समर्थन बढ़ा है, लेकिन दो-तिहाई बहुमत से अब भी पीछे है…

यह तस्वीर 17 अप्रैल की है। बिल गिरने के बाद पीएम मोदी ने कहा था, ‘आज हमारे पास पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार गए हैं। भविष्य में हमें और अवसर मिलेंगे।’

यह तस्वीर 17 अप्रैल की है। बिल गिरने के बाद पीएम मोदी ने कहा था, ‘आज हमारे पास पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम हार गए हैं। भविष्य में हमें और अवसर मिलेंगे।’

लोकसभा: दो-तिहाई आंकड़े से 42 वोट पीछे

  • 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी 240 सीटों पर जीती थी। NDA में चंद्रबाबू नायडू की TDP के 16, नीतीश कुमार की पार्टी JDU के 12, शिवसेना (शिंदे गुट) के 7, LJP (राम विलास) के 5 और अन्य दलों के 13 सांसद भी शामिल थे। ये आंकड़ा बहुमत से 20 ज्यादा यानी 292 होता है।
  • 14 जून 2026 को TMC नेता काकोली घोष दस्तीदार समेत लोकसभा 20 सांसद NDA समर्थित नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी से जुड़ गए, जिससे लोकसभा में BJP का नंबर 292 से बढ़कर 312 हो गया।
  • जून में ही महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसद भी NDA के सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल हो गए। इनके आने से लोकसभा में NDA का आंकड़ा 318 पहुंच गया है।
  • फिलहाल 3 लोकसभा सीटें खाली हैं- असम की नागांव, पश्चिम बंगाल की बसीरहाट और मेघालय की शिलॉन्ग। यानी बिल पर लोकसभा में वोटिंग हो, तो अधिकतम 540 सांसद होंगे। इस हिसाब से दो-तिहाई के 360 के आंकड़े से NDA अभी 42 वोट पीछे हैं।

राज्यसभा: दो-तिहाई बहुमत से 11 वोट पीछे

  • अप्रैल 2026 में पंजाब से AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी जॉइन करने और जून में राज्यसभा चुनाव होने के बाद NDA के पास 149 सांसद हैं। इसमें से बीजेपी के 114 हैं। यानी 245 सीटों वाली राज्यसभा में NDA के पास सामान्य बहुमत से 27 सीटें ज्यादा हैं।
  • TMC के 3 राज्यसभा सांसद- सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बरैक ने पार्टी छोड़कर 9 जुलाई को बीजेपी जॉइन की। 17 जुलाई को निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन लिए गए। इससे राज्यसभा में NDA का नंबर बढ़कर 152 हो गया।
  • 16 जुलाई को TMC की सांसद कोयल मलिक ने भी इस्तीफा दे दिया है। उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकलें हैं।
  • राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 का आंकड़ा चाहिए। यानी NDA इससे सिर्फ 11 वोट पीछे है।

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NDA का मिशन 360, अब DMK-NCP-सपा में सेंध की तैयारी:लोकसभा में दो-तिहाई का आंकड़ा पाने अब 41 सांसदों की जरूरत

भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पूरी खबर पढ़ें…



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मेक्सिको में 7.4 तीव्रता का भूकंप, सुनामी का खतरा बढ़ा: 10 लाख लोगों के लिए अलर्ट जारी, पड़ोसी देशों में भी महसूस हुए झटके


5 मिनट पहले

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मेक्सिको के प्यूर्टो मडेरो शहर में भूकंप के बाद एक इमारत हिलने लगी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।

मेक्सिको के दक्षिणी राज्य चियापास के तट पर शुक्रवार को 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इसके बाद करीब 10 लाख लोगों के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया गया है।

अमेरिकी एजेंसी USGS के मुताबिक, भूकंप का केंद्र मेक्सिको के प्यूर्टो मडेरो शहर के पास था। यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे आसपास के इलाकों में तेज झटकों की आशंका बढ़ गई है।

US सुनामी वार्निंग सिस्टम ने इस क्षेत्र के लिए सुनामी का अलर्ट जारी किया है। 7.4 तीव्रता के भूकंप को ‘मेजर’ कैटेगरी में रखा जाता है, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं।

भूकंप के झटके मेक्सिको के पड़ोसी देश ग्वाटेमाला और अल साल्वाडोर में भी महसूस किए गए। फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है।

सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़ा यह वीडियो वायरल है…

300 किमी के दायरे में सुनामी का खतरा

अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भूकंप के केंद्र से करीब 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक सुनामी लहरें उठ सकती हैं।

सुनामी अलर्ट मुख्य रूप से 3 इलाकों के लिए जारी किया गया है:

चियापास का दक्षिणी प्रशांत तट

ओआक्साका के तटीय इलाके

ग्वाटेमाला से लगे प्रशांत तटीय क्षेत्र

प्रशासन ने लोगों से समुद्र तट और निचले तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की है। मेक्सिको-ग्वाटेमाला सीमा पर स्थित सुचियाते में समुद्र के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

पिछले 30 दिनों में 22 भूकंप दर्ज

भूकंप ‘पैसिफिक रिंग ऑफ फायर’ में आया, जो प्रशांत महासागर के चारों ओर फैला करीब 40 हजार किलोमीटर लंबा घोड़े की नाल के आकार का इलाका है।

यह दुनिया का सबसे एक्टिव भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है। यहां दुनिया के करीब 75% सक्रिय और निष्क्रिय ज्वालामुखी हैं और लगभग 90% भूकंप इसी क्षेत्र में आते हैं।

पिछले 30 दिनों में इस इलाके में 22 भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें शुक्रवार का 7.4 तीव्रता वाला भूकंप सबसे शक्तिशाली बताया जा रहा है।

भूकंप के तुरंत बाद अधिकारियों ने कहा कि समुद्र में उठने वाली ऊंची और खतरनाक लहरें तटीय इलाकों में बाढ़ ला सकती हैं। लोगों से संभावित बाढ़, तेज समुद्री धाराओं और ऊंची लहरों को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की गई है।

हालांकि, अमेरिका के नेशनल सुनामी वार्निंग सेंटर ने साफ किया है कि अमेरिका के पश्चिमी तट, ब्रिटिश कोलंबिया और अलास्का के लिए सुनामी का कोई खतरा नहीं है।

भूकंप क्यों आते हैं हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्‍यादा दबाव पड़ने पर ये प्‍लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्‍ता खोजती है और इस डिस्‍टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

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भूकंप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें…

वेनेजुएला में फिर भूकंप के झटके, अब तक 1430 मौतें:करीब 3300 घायल, 51 हजार लापता; लोग खुद मलबा हटाकर अपनों को तलाश रहे

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के बाद स्थानीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर को एक और भूकंप आया। देश के उत्तरी तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी कराकास और माराके में भी झटके महसूस किए गए। पूरी खबर यहां पढ़ें…

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दिल्ली- हरियाणा सीमा पर बनेगा नया आरसीसी ड्रेन: जलभराव से मिलेगा छुटकारा, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने किया निरीक्षण; अधिकारियों को दिए निर्देश – New Delhi News


दिल्ली में हरियाणा की सीमा पर स्थित गांव में ग्रामीणों की समस्याएं सुनते पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह।

नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित डेरा मंडी और मंडी गांव के निवासियों को जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है। पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को डेरा मंडी क्षेत्र का दौरा कर जलभराव, सीवर और सड़क की स्थिति का निर

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निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डेरा मंडी रोड के पास मंडी गांव में भारी जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से निचला है, जिसके कारण बारिश का पानी यहां एकत्र हो जाता है। पहले यह पानी प्राकृतिक नालों के जरिए हरियाणा की ओर निकल जाता था, लेकिन शहरीकरण और कंक्रीटीकरण के कारण निकासी के रास्ते बंद हो गए हैं।

बनाया जाएगा नया आरसीसी ड्रेन : प्रवेश

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी डेरा मंडी रोड से डेरा भाटी रोड होते हुए बांध रोड तक नया प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन बनाएगा। इसके बाद पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से पानी को एसएसएन मार्ग ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करना और भविष्य में जलभराव की समस्या को समाप्त करना है।

प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार केवल हर बारिश के बाद पानी निकालने पर नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। इसके लिए शहर के संवेदनशील इलाकों का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है और जहां जरूरत होगी, वहां दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएंगे।

दिल्ली में डेरा मंडी में निरीक्षण करने के लिए पहुंचे पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह

उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया।

परियोजना की मुख्य बातें

  • डेरा मंडी रोड से बांध रोड तक बनेगा नया प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन।
  • पंपिंग के जरिए पानी को एसएसएन मार्ग ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा।
  • परियोजना का उद्देश्य जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करना है।
  • पीडब्ल्यूडी और अन्य एजेंसियां मिलकर कार्य करेंगी।

जलभराव की वजह

  • क्षेत्र प्राकृतिक रूप से निचला होने के कारण पानी जमा होता है।
  • पहले प्राकृतिक नालों से पानी हरियाणा की ओर निकल जाता था।
  • तेजी से हुए शहरीकरण और कंक्रीटीकरण से निकासी मार्ग बाधित हुए।
  • हर मानसून में सड़क और आवागमन प्रभावित होता है।



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बारिश में पकौड़ों की जगह खाएं बेसन का चीला, मिनटों में तैयार होगा हेल्दी और टेस्टी नाश्ता


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रसोईया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि बेसन का चीला सुबह के नाश्ते के लिए सबसे आसान और हेल्दी रेसिपी में से एक है. बेसन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है. शरीर को ऊर्जा भी मिलती है। यही वजह है कि यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की पसंदीदा डिश मानी जाती है.

बारिश का मौसम आते ही चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े और समोसे खाने का मन करता है, लेकिन रोज़ाना तली-भुनी चीज़ें खाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खासकर मानसून में पाचन तंत्र अपेक्षाकृत धीमा हो जाता है. ऐसे में अगर आप स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन चाहते हैं, तो बेसन का चीला एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. यह कम समय में तैयार होने वाला, हल्का, पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता है.

रसोईया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि बेसन का चीला सुबह के नाश्ते के लिए सबसे आसान और हेल्दी रेसिपी में से एक है. बेसन में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फाइबर होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है. शरीर को ऊर्जा भी मिलती है। यही वजह है कि यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की पसंदीदा डिश मानी जाती है.इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में जरूरत के अनुसार बेसन लें. इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, थोड़ा लाल मिर्च पाउडर, अजवाइन और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए एक स्मूद घोल तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल में गुठलियां न रहें और उसकी कंसिस्टेंसी न ज्यादा पतली हो और न ही बहुत गाढ़ी है.

मिनटों में बनाएं कुरकुरा बेसन का चीला
अब एक नॉनस्टिक तवा या पैन को मीडियम आंच पर गर्म करें. फिर एक कलछी की मदद से बेसन का घोल तवे के बीच में डालें और गोल आकार में फैला दें. चीले को एक तरफ से सुनहरा होने तक पकाएं, फिर पलटकर दूसरी तरफ भी थोड़ा तेल लगाते हुए अच्छी तरह सेक लें. दोनों तरफ से कुरकुरा और सुनहरा होने पर चीले को प्लेट में निकाल लें.प्रियंका सिंह के मुताबिक, हरी मिर्च चीले के स्वाद को. चटपटा बना देती है। हालांकि, जो लोग तीखा पसंद नहीं करते या बच्चों के लिए बना रहे हैं. वे बिना हरी मिर्च के भी इसे आसानी से तैयार कर सकते हैं. बेसन के चीले को हरे धनिए की चटनी, टमाटर सॉस या ताजे दही के साथ परोसें. यह स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पौष्टिक भी है.अगर आप रोज़ के नाश्ते में कुछ नया, झटपट बनने वाला और हेल्दी विकल्प शामिल करना चाहते हैं, तो बेसन का चीला बेहतरीन चुनाव है.



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गुजरात के स्कूल में 147 छात्राएं बीमार: फूड पॉइजनिंग की आशंका, सभी की हालत स्थिर; खाने के सैंपल जांच के लिए भेजे गए


सुरेंद्रनगर3 घंटे पहले

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गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले के एक सरकारी आवासीय स्कूल में शुक्रवार को संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से 147 छात्राएं बीमार हो गईं। सभी छात्राओं की हालत फिलहाल स्थिर बताई गई है। उन्हें पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

मुख्य जिला स्वास्थ्य अधिकारी बी.जी. गोहिल ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) की 215 छात्राओं में से 147 की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से 102 छात्राओं का इलाज चूड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है, जबकि 45 छात्राओं को सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है।

गोहिल ने बताया कि छात्राओं ने गुरुवार रात छात्रावास में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी। शुक्रवार सुबह उन्हें पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत शुरू हुई। मामले की जांच के लिए भोजन के नमूने एकत्र कर विश्लेषण के लिए भेज दिए गए हैं।

घटना की 5 तस्वीरें…

102 छात्राओं का इलाज चूड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है

102 छात्राओं का इलाज चूड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है

45 छात्राओं को सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है।

45 छात्राओं को सुरेंद्रनगर के दो अस्पतालों में रेफर किया गया है।

छात्राओं ने गुरुवार रात छात्रावास में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी।

छात्राओं ने गुरुवार रात छात्रावास में सब्जी, भाखरी, खिचड़ी और खीर खाई थी।

शुक्रवार सुबह सभी छात्राओं को पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत शुरू हुई।

शुक्रवार सुबह सभी छात्राओं को पेट दर्द, दस्त और उल्टी की शिकायत शुरू हुई।

स्वास्थ्य अधिकािरियों ने खाने के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

स्वास्थ्य अधिकािरियों ने खाने के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

मामले पर नजर रखी जा रही है: विधायक

इसी बीच, लिमडी के विधायक कीर्तिसिंह राणा अस्पताल पहुंचे और छात्राओं का हाल जाना। उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टर और प्रांत अधिकारी से बात हो चुकी है तथा पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। जांच पूरी होने के बाद यदि छात्रावास का भोजन तैयार करने वाली एजेंसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता सभी छात्राओं का बेहतर इलाज और जल्द स्वस्थ होना है।

वहीं, कुछ अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर नाराजगी जताई। अभिभावक अनसूया गनोतरा ने कहा कि उनकी दो बेटियां KGBV में पढ़ती हैं। उन्हें घटना की जानकारी स्कूल से नहीं, बल्कि रिश्तेदार के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन को सभी अभिभावकों को तुरंत सूचना देनी चाहिए थी। —————–

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स्कूल में मिड-डे मील खाने से 30 बच्चे बीमार:उल्टी, पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया

अटरू उपखंड क्षेत्र के केरवालिया देवपुरा गांव के सरकारी स्कूल में शुक्रवार को मिड-डे मील खाने के बाद करीब 30 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तत्काल एंबुलेंस और निजी वाहनों की सहायता से अटरू, मोठपुर और कवाई के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पूरी खबर पढ़ें…



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Jio के 1600 LEO सैटेलाइट्स से मिलेगा फास्ट इंटरनेट, जल्द शुरू होगी सर्विस?


Jio की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा जल्द शुरू हो सकती है। देश की नंबर-1 टेलीकॉम कंपनी ने स्वदेशी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस की दिशा में अहम कदम बढ़ा दिया है। कंपनी के 1600 LEO यानी लो अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स को तकनीकी तौर पर अंतरिक्ष में पूरी तरह से सही और एलन मस्क की स्टारलिंक (Starlink) के बराबर दमदार माना गया है। देश में अंतरिक्ष मामलों की देखरेख करने वाली संस्था IN-SPACe ने जियो के इन सैटेलाइट्स को अप्रूवल दे दिया है।

पहला पड़ा हुआ पार

जियो के इन सैटेलाइट्स की जांच सरकार की तीन बड़ी संस्थाओं IN-SPACe, ISRO और DoT के वायरलेस प्लानिंग और कोऑर्डिनेशन विंग (WPC) ने की है। टेस्ट में जियो के ये सैटेलाइट्स पूरी तरह से सभी मानकों पर खड़े उतरे हैं। ये अंतरिक्ष में जल्द भेजे जा सकते हैं, जिसके बाद जियो की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट सर्विस को शुरू की जा सकती है।

रिलायंस जियो के इन LEO सैटेलाइट्स को अप्रूवल मिलने का मतलब है कि जल्द ही भारत का अंतरिक्ष में अपना पहला LEO सैटेलाइट नेटवर्क तैयार हो जाएगा। इसका फायदा देश की सुरक्षा और मिलिट्री की रणनीतिक जरूरतों को मिलेगा। फिलहाल LEO सैटेलाइट्स में एलन मस्क की कंपनी Starlink का दबदबा है। SpaceX के ये सैटेलाइट्स पूरी दुनिया में इंटरनेट सेवा मुहैया करा रहे हैं। स्वदेशी सैटेलाइट्स के स्थापित होने के बाद भारत की निर्भरता विदेशी सैटेलाइट पर कम हो जाएगी।

सैटेलाइट मार्केट में दबदबे की तैयारी

सब्सक्राइबर्स के मामले में देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी का सैटेलाइट इंटरनेट मार्केट को डिसरप्ट करने का है। जियो के इन सैटेलाइट्स के माध्यम से 4.5 से लेकर 5 टेराबिट प्रति सेकेंड की इंटरनेट स्पीड मिल सकेगी। एलन मस्क की कंपनी को भारत में फिलहाल 600 गीगाबिट प्रति सेकेंड की स्पीड से इंटरनेट सेवा देने का अप्रूवल है। वहीं, अमेजन भी भारत में 3 टेराबि प्रति सेकेंड की स्पीड से इंटरनेट मुहैया कराने की योजना तैयार कर रहा है।

बनाए जाएंगे 20 से 22 ग्राउंड स्टेशन

रिलायंस जियो सैटेलाइट्स की क्षेत्र में कदम रखने वाला है। कंपनी फिक्स्ड सैटेलाइट सर्विस के साथ-साथ डायरेक्ट-टू-डिवाइस जैसी मोबाइल सैटेलाइट सर्विस पर भी काम कर ही है। इसके लिए देश में 20 से 22 ग्राउंड स्टेशन तैयार किए जाएंगे।

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