Thursday, September 17, 2026
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पीलीभीत डीआईओएस कार्यालय में लाखों का वित्तीय घोटाला: लेखाकार जावेद निलंबित, शासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए – Pilibhit News




पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस कार्यालय में सामने आए लाखों रुपये के वित्तीय घोटाले में सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में कार्यालय में तत्कालीन समय तैनात रहे लेखाकार जावेद को निलंबित कर दिया गया है। आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशक की ओर से निलंबन का आदेश जारी किया गया है। जावेद का तबादला अब दूसरे जिले में हो चुका है, लेकिन जिस समय वित्तीय गड़बड़ी हुई, उस दौरान वह पीलीभीत में ही तैनात थे। मामला कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर समेत दूसरे मदों में हुए भुगतान से जुड़ा है। शुरुआती जांच में कार्यालय स्तर पर हिसाब-किताब में गड़बड़ी और बिना पर्याप्त जांच के बिल पास किए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर लेखाकार जावेद की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। वेतन और एरियर के भुगतान में गड़बड़ी का आरोप घोटाले में कई लाख रुपये के लेनदेन में अनियमितता की बात सामने आई है। आरोप है कि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर और अन्य मदों में नियमों की अनदेखी करते हुए भुगतान किए गए। इससे सरकारी धन के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। शुरुआती जांच में बिलों और कार्यालय के हिसाब-किताब में भी कई स्तर पर गड़बड़ी मिलने की बात सामने आई। बिना जांच बिल पास करने की जांच होगी प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कुछ बिलों को पर्याप्त जांच के बिना ही पास कर दिया गया। इसी दौरान तत्कालीन लेखाकार जावेद की भूमिका पर सवाल उठे। उन्हें प्रथमदृष्टया जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी और उनकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी को सौंपी गई जांच सरकार ने पूरे वित्तीय घोटाले की जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ कोषाधिकारी सुरेश यादव को दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि सरकारी धन के भुगतान में किस स्तर पर लापरवाही हुई और लेखाकार की भूमिका क्या रही। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कार्यालय के अन्य कर्मचारी इस गड़बड़ी में शामिल थे या नहीं। मुख्य आरोपी इल्हाम पहले ही बर्खास्त इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे इल्हाम शम्सी के खिलाफ सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उन्हें पहले निलंबित किया गया था और बाद में सेवा से बर्खास्त करने का आदेश भी जारी हो चुका है। अब तत्कालीन लेखाकार जावेद के निलंबन के बाद मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है। डीआईओएस विजय सिंह यादव ने जावेद के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि शासन का आदेश कार्यालय को मिल गया है।



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सवाई माधोपुर जिले में लंपी वायरस का पहला मामला: संक्रमित पशुओं के लिए क्वारंटाइन सेंटर बनाए, वेटरनरी डॉक्टरों और कंपाउंडरों की छुट्टियां कैंसिल – Sawai Madhopur News




सवाई माधोपुर जिले के चकेरी गांव में लंपी स्किन डिजीज का पहला मामला सामने आने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। बीमारी की रोकथाम के लिए विभाग ने कार्य योजना तैयार की है। संदिग्ध पशुओं की सूचना मिलने पर सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं और सैंपल लेने के साथ ही पशुओं का उपचार भी शुरू किया जा रहा है। जिला और तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम लंपी स्किन डिजीज के संभावित प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग ने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया है। इसके साथ ही तहसील स्तर पर भी नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं और नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। विभाग के अनुसार लंपी से ग्रसित गाय की सूचना मिलने पर लैब से कर्मचारियों को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम सैंपल लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज रही है। पशुपालकों से भी पशुओं में बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। संक्रमित पशुओं के लिए क्वारंटाइन सेंटर संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने के लिए क्वारंटाइन सेंटर भी बनाए गए हैं। इसका उद्देश्य बीमारी के संक्रमण को दूसरे पशुओं में फैलने से रोकना है। क्या है लंपी स्किन डिजीज लंपी स्किन डिजीज में पशु के शरीर पर गोल-गोल गांठें या उभरे हुए घाव दिखाई देना प्रमुख लक्षण है। इसके साथ तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी या स्राव आना, भूख कम होना, कमजोरी, शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन और दूध उत्पादन में कमी जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर पशु को तुरंत दूसरे पशुओं से अलग कर देना चाहिए और वेटरनरी डॉक्टर को सूचना देनी चाहिए। इससे संक्रमित पशु के संपर्क में आने वाले दूसरे पशुओं में बीमारी फैलने का खतरा कम किया जा सकता है।



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पिता-दादी पर ढाई साल की बच्ची की हत्या का आरोप: दहेज उत्पीड़न का चल रहा केस, मां बोली-ससुराल वाले बेटी को ले गए थे साथ – Banka News




बांका में बुधवार की शाम ढाई साल की बच्ची की संदेहास्पद मौत हो गई है। घटना जमदाहा ओपी क्षेत्र के जमखूंट गांव की है। बच्ची की पहचान भवेश यादव की बेटी पुष्पा कुमारी के रूप में हुई है। बच्ची की मां सुनीता देवी ने दहेज उत्पीड़न को लेकर अपने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर पुष्पा की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने जमदाहा ओपी में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। सुनीता देवी ने अपनी शिकायत में बताया है कि शादी के बाद से ही दहेज की मांग को लेकर उन्हें ससुराल में परेशान किया जाता था। इस मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ कोर्ट में दहेज उत्पीड़न का केस भी चल रहा है। इसी वजह से वह अभी अपने मायके में रह रही हैं। सास बच्ची को ले गई थी साथ सुनीता के अनुसार, कुछ महीने पहले वह बांका में कोर्ट के काम से गई थीं। उसी दौरान उनकी सास बच्ची पुष्पा को अपने साथ जमखूंट स्थित घर ले गई थीं। सुनीता देवी का आरोप है कि मंगलवार रात उनके पति भवेश यादव, सास बिजली देवी, ससुर भीम यादव और सौतन रिंकू देवी ने मिलकर बच्ची की हत्या कर दी। बुधवार को घटना की जानकारी मिलने पर वह अपने परिवार के साथ जमखूंट पहुंचीं और पुलिस को सूचना दी। ससुराल पक्ष घर छोड़कर फरार जानकारी मिलने पर जमदाहा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्ची के शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बांका भेजा गया। घटना के बाद शिकायत में नामजद सभी लोग घर से फरार बताए जा रहे हैं। जमदाहा ओपी अध्यक्ष आसिफ अहमद ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। मिली शिकायत के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर मौत की असली वजह पता चलेगी।



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मुरैना में बाइक चुराकर आराम से निकला चोर: कैमरे में दिखा आरोपी, तलाश में जुटी पुलिस – Morena News



मुरैना के कैलारस थाना क्षेत्र की अशोक गली में घर के बाहर खड़ी मोटरसाइकिल चोरी हो गई। बाइक चोरी करने वाला अज्ञात आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। फुटेज के आधार पर पुलिस उसकी पहचान करने में जुटी है।

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घर के बाहर खड़ी थी बाइक

जानकारी के अनुसार, अशोक गली निवासी सौरव मुदगल, जो मुदगल कम्प्यूटर का संचालन करते हैं, की मोटरसाइकिल घर के बाहर खड़ी थी। इसी दौरान अज्ञात चोर ने मौका पाकर बाइक चोरी कर ली। कुछ समय बाद बाइक नहीं मिलने पर परिजनों ने तलाश शुरू की।

CCTV फुटेज में बाइक ले जाता दिखा चोर

घटना के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें एक व्यक्ति बाइक लेकर जाते हुए दिखाई दे रहा है। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान और बाइक की तलाश शुरू कर दी है।

थाना प्रभारी कैलारस सतेंद्र सिंह कुशवाह के अनुसार बाइक मालिक की तरफ से शिकायत मिली है सीसीटीवी फुटेज भी आया है पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

चोरी हुई बाइक का विवरण

– वाहन नंबर: MP06 MX 0583 – मॉडल: हीरो सीडी डीलक्स – स्थान: अशोक गली, कैलारस – घटना: घर के बाहर से मोटरसाइकिल चोरी



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NSE IPO में पैसा लगाने का मौका आज से, निवेश से पहले जानें 5 जरूरी प्वाइंट्स


देश को लंबे समय से NSE के IPO का इंतजार था जोकि आज खत्म हो जाएगा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) का करीब 22,569 करोड़ रुपये का IPO आज यानी गुरुवार सुबह 10 बजे आम निवेशकों के लिए खुल रहा है. यह देश के अब तक के सबसे बड़े IPO में शामिल है. NSE के IPO को लेकर निवेशकों की नजर इसके प्राइस बैंड, लॉट साइज, GMP और लिस्टिंग पर रहने वाली है.

अगर आप भी NSE IPO में पैसा लगाने की तैयारी कर रहे हैं तो सिर्फ ग्रे मार्केट प्रीमियम देखकर फैसला करना ठीक नहीं होगा. आपको IPO का साइज, शेयर की कीमत, मिनिमम निवेश, आवेदन की तारीख और लिस्टिंग से जुड़ी जानकारी भी समझना जरूरी है.

कितना बड़ा है NSE IPO?

NSE का IPO करीब 22,561.57 करोड़ रुपये का है. यह पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है. इसका मतलब है कि NSE इस इश्यू के जरिए नए शेयर जारी नहीं करेगा. मौजूदा शेयरधारक अपने करीब 12.64 करोड़ शेयर निवेशकों को बेचेंगे. यह IPO बुक बिल्डिंग इश्यू है. IPO के बाद NSE की प्रस्तावित वैल्यूएशन करीब 4.42 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.

कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन?

NSE IPO के लिए सब्सक्रिप्शन आज यानी 17 सितंबर 2026 से शुरू होगा. निवेशक इसमें 21 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे. शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को होने की उम्मीद है. इसके बाद NSE के शेयरों की BSE पर लिस्टिंग 24 सितंबर 2026 को होने की संभावित तारीख है.

कितना है NSE IPO का प्राइस बैंड?

NSE ने IPO के लिए शेयर का प्राइस बैंड 1,700 से 1,785 रुपये तय किया है. यानी निवेशक इसी दायरे में बोली लगा सकेंगे. IPO का लॉट साइज 8 शेयर है.अगर कोई रिटेल निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड यानी 1,785 रुपये के हिसाब से एक लॉट के लिए आवेदन करता है, तो उसे कुल 14,280 रुपये लगाने होंगे. इस IPO के लिए Kotak Mahindra Capital Company Ltd. बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि MUFG Intime India Pvt. Ltd. इसका रजिस्ट्रार है.

NSE IPO का GMP कितना है?

NSE IPO का लेटेस्ट ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) 125 रुपये है. 17 सितंबर 2026 को सुबह 6:58 बजे के अपडेट किए गए GMP के मुताबिक, अपर प्राइस बैंड 1,785 रुपये है और 125 रुपये GMP के हिसाब से लिस्टिंग प्राइस करीब 1,910 रुपये हो सकती है. यानी ग्रे मार्केट के मौजूदा संकेत के आधार पर IPO की अनुमानित लिस्टिंग कीमत इश्यू के अपर प्राइस से करीब 7% ज्यादा हो सकती है.

एंकर निवेशकों से कितने पैसे जुटाए?

NSE ने एंकर निवेशकों से करीब 6,746.2 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इसमें देश और विदेश के कई बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया है. भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) इस एंकर निवेश में सबसे बड़ा निवेशक रहा है.



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मैदा में ये 5 चीज मिलाने से बनेंगे बाजार जैसे सॉफ्ट-स्पंजी गुलाब जामुन, पूरी रेसिपी

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Gulab Jamun Recipe: बाजार के गुलाब जामुन इतने सॉफ्ट और स्पंजी होते हैं, जिन्हें खाकर ऐसा लगता है जैसे मन तृप्त हो गया हो. लेकिन जब यही गुलाब जामुन घर पर बनाने की कोशिश करें तो रिजल्ट बिल्कुल उल्टा होता है. ऐसे में यदि आप मार्केट जैसे गुलाब जामुन घर पर बनाना चाहते हैं, तो यहां बतायी गयी रेसिपी आपको खो जरूर फॉलो करनी चाहिए.

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Gulab Jamun Recipe: भारतीय मिठाइयों की बात हो और गुलाब जामुन का नाम न आए, ऐसा शायद ही कभी होता है. शादी-ब्याह, त्योहार, जन्मदिन या किसी खास खुशी के मौके पर गुलाब जामुन लोगों की पहली पसंद में शामिल रहता है. इसकी नरम बनावट और मीठा स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. वैसे तो बाजार में गुलाब जामुन आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन घर पर बने गुलाब जामुन का स्वाद और ताजगी की बात ही ओर है. हालांकि कई लोग सोचते हैं कि इसे बनाना मुश्किल है, जबकि सही सामग्री और आसान विधि के साथ आप इसे घर पर भी आसानी से तैयार कर सकते हैं.

गुलाब जामुन बनाने के लिए मावा, मैदा और दही का सही मात्रा में इस्तेमाल जरूरी है. इनसे तैयार किए गए नरम गोले जब सुनहरे होने तक तले जाते हैं और फिर खुशबूदार चाशनी में डाले जाते हैं, तो स्वाद और टेक्सचर दोनों ही लाजवाब होते हैं. यहां जानिए इसकी पूरी रेसिपी.

गुलाब जामुन की रेसिपी
सामाग्री
मैदा – 2 कप
मावा/खोया – 1 कप
दही – ½ कप
बेकिंग सोडा – ¼ चम्मच
इलायची पाउडर – ½ चम्मच
तेल/घी – तलने के लिए
चीनी – 1 कप
पानी – 2 कप
इलायची पाउडर – ½ चम्मच
केसर – कुछ धागे (वैकल्पिक)

विधि

  • गुलाब जामुन बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मैदा, मावा या खोया, दही, बेकिंग सोडा और आधा चम्मच इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद मिश्रण को हल्के हाथों से नरम आटे की तरह गूंथ लें.
  • अगर जरूरत महसूस हो तो थोड़ा और दही मिला सकते हैं. आटा तैयार होने के बाद इसे ढककर करीब 15 से 20 मिनट के लिए रख दें. ध्यान रखें दही फ्रेश होना और बिल्कुल खट्टा नहीं होना चाहिए.
  • अब हाथ में थोड़ा रिफाइंड ऑयल या घी लगाकर आटे से छोटे-छोटे और चिकने गोले तैयार करें. ध्यान रखें कि गोलों में किसी तरह की दरार न हो, क्योंकि इससे तलते समय गुलाब जामुन फट सकते हैं. फिर एक कड़ाही में घी या तेल गर्म करें और धीमी से मध्यम आंच पर इन गोलों को सुनहरा भूरा होने तक तल लें.
  • फिर चाशनी बनाने के लिए एक पैन में 1 कप चीनी और 2 कप पानी डालकर उबालें. जब चीनी पूरी तरह घुल जाए तो इसमें इलायची पाउडर और चाहें तो कुछ केसर के धागे भी डाल दें. हल्की चाशनी तैयार होने पर गैस बंद कर दें.
  • तले हुए गर्म गुलाब जामुन को गुनगुनी चाशनी में डाल दें और कम से कम 2 से 3 घंटे तक भीगने दें. इससे चाशनी उनके अंदर तक अच्छी तरह समा जाएगी और गुलाब जामुन बेहद नरम, रसीले और स्वादिष्ट बनेंगे. इसके बाद इन्हें गर्म या ठंडा, दोनों तरह से परोसा जा सकता है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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मनोज जरांगे ने 20 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म की: महाराष्ट्र सरकार को 3 महीने का समय दिया; मराठा आरक्षण की मांग कर रहे


1 घंटे पहले

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जरांगे ने कहा कि अगर 3 महीने में मांगों पर विचार नहीं हुआ तो वह मुंबई में आंदोलन करेंगे।

मराठा एक्टिविस्ट मनोज जरांगे ने गुरुवार को 20 दिन से जारी भूख हड़ताल खत्म कर दी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर विचार के लिए 90 दिन का समय दिया है। जरांगे ने कहा कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो वह फिर से मुंबई में आंदोलन करेंगे।

जरांगे ने 29 अगस्त को जालना के अंतरवाली सराटी से भूख हड़ताल शुरू की थी। वह मराठों को कुणबी वंशावली के आधार पर OBC कोटे में आरक्षण देने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा हैदराबाद, सतारा और औंध गजट को मान्यता देने और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर कुणबी प्रमाणपत्र जारी करने की मांग भी रखी।

मांगों पर सुनवाई नहीं होने के बाद जरांगे ने 15 सितंबर को मुंबई के लिए मार्च शुरू किया। हालांकि, अगले दिन बीड के पाटोदा पहुंचने पर उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण उन्होंने मार्च रोक दिया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर काफी कम हो गया था और उन्हें डिहाइड्रेशन भी था।

जरांगे 15 सितंबर को जालना से मुंबई रवाना होने से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दी थी।

जरांगे 15 सितंबर को जालना से मुंबई रवाना होने से पहले छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दी थी।

सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद फैसला

जरांगे ने भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला पाटोदा में महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद किया। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, दादा भुसे, MLC प्रसाद लाड, विधायक सुरेश धस और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

सरकार की ओर से जरांगे को मराठा आरक्षण से जुड़ी मांगों पर शुरू किए गए काम की जानकारी दी गई। विखे पाटील ने कहा कि सतारा और कोल्हापुर गजट पर एडवोकेट जनरल की लिखित राय मिलने के बाद कार्रवाई में करीब 3-4 महीने लग सकते हैं। उन्होंने जरांगे से तीन प्रतिनिधि नियुक्त करने को भी कहा, जो सरकारी काम की प्रगति पर नजर रख सकें।

सरकार का कहना- 13 में से 12 मांगों पर कार्रवाई

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि सरकार ने मराठा प्रदर्शनकारियों की 13 में से 12 कानूनी रूप से वैध मांगों पर कार्रवाई की है। उन्होंने गणेश उत्सव के दौरान आंदोलन के समय पर भी सवाल उठाया था।

मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने जरांगे से आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा था कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। मंत्री आशीष शेलार ने भी उनसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने और गणेश उत्सव के दौरान प्रदर्शन टालने की अपील की थी।

2025 में भी मुंबई में हुआ था आंदोलन

जरांगे ने अगस्त-सितंबर 2025 में आजाद मैदान में भूख हड़ताल की थी। उस दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के मुंबई पहुंचने से दक्षिण मुंबई में यातायात और सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई थीं।

सरकार की ओर से उनकी 8 में से 6 मांगें स्वीकार किए जाने और कुणबी वर्गीकरण प्रमाणपत्र की प्रक्रिया शुरू करने के बाद 2 सितंबर 2025 को आंदोलन खत्म हुआ था।

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तुकाराम मुंढे बोले-अस्पताल में ₹11 के प्रोडक्ट की कीमत ₹325:₹6.75 की सिरिंज पर MRP ₹57.20; मार्जिन पर सवाल उठाए

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने अस्पतालों में मेडिकल सामान की कीमतों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने खरीद कीमत और MRP में बड़े अंतर की बात कही। मुंढे के मुताबिक, एक निजी अस्पताल ने IV इन्फ्यूजन सेट ₹11.05 में खरीदा, जबकि उसकी MRP ₹325 थी। यानी दोनों कीमतों में करीब 2,841% का अंतर था। पूरी खबर पढ़ें…

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भास्कर अपडेट्स: ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में दो आदिवासी लड़कियों से गैंगरेप, 5 युवक हिरासत में




ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में दो आदिवासी लड़कियों के साथ कथित तौर पर पांच युवकों ने दुष्कर्म किया। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पांचों आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब 10 बजे की है। दोनों लड़कियां करमा पूजा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद गांव लौट रही थीं। तभी आरोपियों ने उन्हें घर छोड़ने के बहाने बाइक पर लिफ्ट दी और जंगल में ले गए। जंगल में पांचों युवकों ने बारी-बारी से दोनों लड़कियों के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उन्हें वापस गांव छोड़ गए। पुलिस ने बताया कि आरोपी लड़कियों के परिचित थे। जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… कर्नाटक के बेलगावी में फ्रिज ब्लास्ट हादसे में दो और लोगों की मौत, मृतकों की संख्या 6 हुई कर्नाटक के बेलगावी में घर में फ्रिज फटने के बाद लगी आग में झुलसे पिता-पुत्र की बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। मंगलवारको फ्रिज में विस्फोट के बाद घर में आग लग गई थी। आग पूरे घर में फैल गई और परिवार के सदस्य अंदर फंस गए। मौके पर परिवार के चार अन्य सदस्यों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने ₹15 लाख रिश्वत मामले में दिल्ली नगर निगम के एक अधिकारी समेत 3 को अरेस्ट किया केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने ₹15 लाख रिश्वत मामले में दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक अधिकारी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि संबंधित लोग टेंडर की अवधि खत्म होने के बाद बिलबोर्ड, होर्डिंग और LED डिस्प्ले लगाने या प्रदर्शित करने की अनुमति देने के बदले रिश्वत वसूल रहे थे। मेघालय के शिलॉन्ग में डायरेक्टोरेट ऑफ मिनरल रिसोर्सेज ऑफिस पर पेट्रोल बम से हमला मेघालय के शिलॉन्ग में बुधवार शाम को डायरेक्टोरेट ऑफ मिनरल रिसोर्सेज (DMR) ऑफिस पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल बम फेंके और फरार हो गए। उस समय कर्मचारी ऑफिस के अंदर मौजूद थे। एक पेट्रोल बम DMR अधिकारी की कार पर गिरा और कार में आग लग गई। इस मामले में लैतुमखरा पुलिस स्टेशन में दो FIR दर्ज की गई हैं। पुलिस हमलावरों और हमले की वजह का पता लगा रही है।



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20 मामलों में दो जमानतदार स्वीकार करने की मांग खारिज: अदालत में अर्जी दिए बगैर हाईकोर्ट में आने पर हस्तक्षेप से इंकार – Prayagraj (Allahabad) News




इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 20 आपराधिक मामलों में विचारण अदालत को दो जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकलपीठ ने मोहम्मद कलीम खान की याचिका पर पारित किया। याचिकाकर्ता मोहम्मद कलीम खान को आजमगढ़ जिले के जयनपुर, गंभीरपुर, जहानागंज, कप्तानगंज, अतरौलिया, अहरौला, महमूरगंज, सराय मीर, टेहबरपुर, खंधरापुर, देवगांव, फूलपुर और रानी की सराय थानों में दर्ज कुल 20 मामलों में पहले ही जमानत मिल चुकी थी। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। 20 मामलों के दो जमानत कैसे याचिकाकर्ता के अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया कि निचली अदालत को निर्देश दिया जाए कि वह सभी 20 मामलों में दो ही जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करे, ताकि अलग-अलग मामलों के लिए अलग-अलग जमानतदार पेश न करने पड़ें। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से स्पष्ट पूछा कि क्या याचिकाकर्ता ने कभी इन मामलों में जमानत बॉन्ड दाखिल करने का प्रयास किया था, और क्या अधीनस्थअदालत ने अलग-अलग मामलों के लिए अलग जमानतदार मांगने पर इन्कार किया था। इस पर अधिवक्ता ने स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता ने वास्तव में किसी भी मामले में जमानत बॉन्ड दाखिल करने का प्रयास ही नहीं किया, और अधीनस्थ अदालत की ओर से भी कोई स्पष्ट इन्कार रिकॉर्ड पर नहीं है। इस पर कोर्ट ने पाया कि चूंकि याचिकाकर्ता ने कभी जमानत बॉन्ड दाखिल करने का प्रयास ही नहीं किया, इसलिए उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और मामले में कार्रवाई का कोई आधार नहीं बनता। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को छूट होगी कि वह सुप्रीम कोर्ट के हनी निशाद उर्फ मोहम्मद इमरान उर्फ विक्की बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले (29 अक्टूबर 2018 को निर्णीत विशेष अनुमति याचिका में दिए गए फैसले के आलोक में सभी 20 मामलों में दो जमानतदार और व्यक्तिगत बॉन्ड स्वीकार करने के लिए नए सिरे से आवेदन दाखिल करे। जिस पर अदालत निर्णय लेगी।



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भारत पर 100% टैरिफ बिल पर अमेरिकी संसद में वोटिंग: रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रम्प लगा सकेंगे भारी शुल्क; सीनेट से पास हो चुका




अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में आज उस बिल पर अंतिम वोटिंग होगी, जिसमें रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक एक्सट्रा टैरिफ लग सकता है। इसका असर भारत और चीन जैसे देशों पर पड़ सकता है। हालांकि, इस वोटिंग का मतलब भारत पर तुरंत 100% टैरिफ लगना नहीं है। बिल कानून बना तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ऐसा टैरिफ लगाने की कानूनी शक्ति मिल जाएगी। मंगलवार को हाउस ने 214-211 वोट से बिल को अंतिम वोटिंग के लिए आगे बढ़ाया था। इससे पहले अमेरिकी सीनेट अगस्त में इसे 86-11 वोट से पास कर चुकी है। यह बिल कानून बना तो भारत पर असर पहली स्थिति: भारत रूस से तेल खरीदता रहे अमेरिका के 100% टैरिफ का सीधा असर भारत के निर्यात बिल पर पड़ सकता है। इससे भारतीय सामान अमेरिका में दोगुना महंगा हो जाएगा। अमेरिकी खरीदार सस्ता विकल्प ढूंढेंगे जैसे बांग्लादेश, वियतनाम, मैक्सिको, चीन। नतीजतन भारत के टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, लेदर, समुद्री उत्पाद, केमिकल्स आदि के ऑर्डर घट जाएंगे। दूसरी स्थिति: भारत रूस को छोड़कर दूसरे देशों से तेल खरीदे तो रूस से आने वाले तेल पर प्रतिबंध या टैरिफ का दबाव बढ़ता है, तो भारत को दूसरे देशों से तेल खरीदना पड़ेगा। यह महंगा पड़ सकता है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। रूस के रक्षा क्षेत्रों पर भी प्रतिबंध लगेगा बिल का नाम ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ है। अगर अमेरिकी संसद का निचला सदन इसे मंजूरी दे देता है, तो बिल व्हाइट हाउस जाएगा। यहां राष्ट्रपति ट्रम्प के साइन करते ही यह कानून बन जाएगा। इस बिल में रूस के तेल और रक्षा से जुड़े कारोबार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। साथ ही रूस के उन टैंकरों पर भी कार्रवाई हो सकती है जो मौजूदा प्रतिबंधों से बचते हुए दूसरे देशों तक रूसी तेल पहुंचाते हैं। इन टैंकरों के नेटवर्क को रूस का ‘शैडो फ्लीट’ कहा जाता है। अमेरिका पहले भी रूस पर ऐसे प्रतिबंध लगाने की कोशिश कर चुका है। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा और दुनिया में तेल की कमी का डर बढ़ गया। इसके बाद अमेरिकी सरकार को रूस के तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए लगी पाबंदियों में छूट देनी पड़ी थी। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिल जाएगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। —————— यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका से पैसा निकालने लगे दुनिया के बड़े निवेशक: 40 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज से बढ़ी चिंता, सोना खरीद रहे, चीन में निवेश बढ़ा रहे अमेरिका पर 40 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज है। इसके साथ ब्याज दरें, टैरिफ और दूसरे देशों पर लगाए जा रहे आर्थिक प्रतिबंध भी बढ़ रहे हैं। इससे दुनिया के कुछ निवेशक अब सोच रहे हैं कि अपना पैसा अमेरिका के अलावा कहां लगाया जाए। पूरी खबर पढ़ें…



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