Wednesday, July 22, 2026
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10 साल की लड़की से रेप, ई-रिक्शा ड्राइवर गिरफ्तार: मां को काम पर छोड़ने के बाद घर पहुंचा था, पुलिस ने पकड़ा – Firozabad News




फिरोजाबाद में एक 10 साल की लड़की से रेप का मामला सामने आया है। रामगढ़ पुलिस ने बुधवार को ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।यह घटना रामगढ़ थाना क्षेत्र की है। पीड़िता की मां चूड़ी की सिट पर काम करती हैं और आने-जाने के लिए उन्होंने ई-रिक्शा लगाया हुआ था। 18 जुलाई की सुबह महिला ई-रिक्शा चालक भूपेन्द्र (निवासी भीकनपुर आश्रम के पास, थाना रामगढ़) के साथ काम पर गई थीं। महिला को काम पर छोड़ने के बाद भूपेन्द्र उनके घर पहुंचा। बालिका घर में अकेली थी और रोज आने-जाने के कारण उसने भूपेन्द्र को घर में आने दिया। घर में अकेला पाकर आरोपित ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। मां के घर लौटने पर बालिका ने उन्हें पूरी घटना बताई। इसके बाद मां अपनी बेटी को लेकर थाने पहुंचीं, जहां पुलिस ने उनकी तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की और बालिका का मेडिकल कराया। रामगढ़ इंस्पेक्टर संजीव दुबे ने बताया कि आरोपित ई-रिक्शा चालक को शाम 8 बजे रैपुरा रोड से गिरफ्तार किया गया है।



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मधुबनी में सकरी के पूर्व मुखिया 10 साल की सजा: 2018 के जानलेवा हमले मामले में कोर्ट ने दिया फैसला – Madhubani News




मधुबनी जिले के सकरी थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए जानलेवा हमले के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पांडेय की अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया। अदालत ने सकरी के पूर्व मुखिया अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कई धाराओं में सुनाई गई सजा न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना, धारा 341 के तहत एक माह का कारावास, धारा 325 के तहत पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 504 के तहत दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये का जुर्माना तथा धारा 30 के तहत छह माह का कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना सुनाया गया। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया। अभियोजन और बचाव पक्ष ने रखे अपने तर्क सजा निर्धारण के दौरान लोक अभियोजक शिव शंकर प्रसाद राय ने आरोपी के गंभीर अपराध का हवाला देते हुए कठोर सजा की मांग की। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता शिव कुमार ठाकुर ने आरोपी के लिए न्यूनतम सजा देने का अनुरोध किया। पुत्र के अपहरण की सूचना पर पहुंचे थे पीड़ित लोक अभियोजक के अनुसार, 17 सितंबर 2018 को उमर महमूद को सूचना मिली कि उनके पुत्र का अपहरण किया जा रहा है। सूचना मिलने पर जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि आरोपी अली अहमद उर्फ मुन्ना बॉस अपने सहयोगियों के साथ उनके पुत्र को जबरन वाहन में बैठाने का प्रयास कर रहा था। गोली लगने से घायल हुए थे उमर महमूद आरोप है कि उमर महमूद के पहुंचते ही आरोपी ने पिस्तौल से जान से मारने की नीयत से गोली चला दी, जो उनकी बांह में लगी। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी अपने साथियों के साथ फरार हो गया। इस मामले में सकरी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।



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ग्वालियर के वीरपुर बांध में युवक का शव मिला: विवाद के बाद घर से निकला था, बाइक भी पानी से बरामद – Gwalior News




गिरवाई थाना क्षेत्र के वीरपुर बांध में बुधवार दोपहर एक युवक का शव मिला। स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बांध से बाहर निकलवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह यादव ने बताया कि मृतक की पहचान वीरपुर बांध निवासी 43 वर्षीय मनोज कुशवाह के रूप में हुई है। मनोज मकानों में सेंटिंग लगाने का काम करता था। शव निकालने के बाद बांध में एक बाइक भी मिली, जिसकी पहचान मनोज की बाइक के रूप में हुई। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मनोज की चार बेटियां और एक बेटा है। बीते दिन उसका अपनी पत्नी से विवाद हुआ था, जिसके बाद वह बाइक लेकर घर से निकला था। यह भी पता चला है कि घटना से पहले उसने शराब का सेवन किया था। पुलिस के अनुसार, मनोज का शव बांध में काफी अंदर मिला है। इस आधार पर पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि उसने आत्महत्या की है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।



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मानसून का मजा होगा दोगुना! घर पर आसान तरीके से बनाएं ककोड़े की करारी फ्राई


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Crispy Kakoda Recipe: अगर आप मानसून में कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो ककोड़े की क्रिस्पी फ्राई सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है. यह देसी और पौष्टिक सब्जी बेहद कम समय में तैयार हो जाती है. ककोड़ों को अच्छी तरह धोकर पतले टुकड़ों में काटें, फिर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, नमक और बेसन या चावल के आटे की हल्की परत लगाकर धीमी आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक फ्राई करें. यह सब्जी करीब 5 मिनट में तैयार हो जाती है और रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है. यह रेसिपी स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल है.

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भीलवाड़ा: आमतौर पर देखा जाता है की बारिश के मौसम में घर में सब्जी बनाने का ज्यादा ऑप्शन नहीं आता है क्योंकि बारिश के मौसम में सब्जियां बहुत कम और लिमिटेड बाजार में दिखाई देती है, लेकिन एक ऐसी देसी सब्जी है जो खास तौर पर मानसून के सीजन में सबसे ज्यादा दिखाई देती है और यह सब्जी स्वाद के साथ- साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है. वैसे अगर आप भिंडी आलू बैंगन जैसी सब्जी खाकर अगर बोर हो गए हैं.

तो आज हम आपको ककोड़े की क्रिस्पी फ्राई सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं. यह देसी सब्जी गांवों के अलावा शहरों में भी काफी पसंद की जाती है और बरसात के मौसम में आसानी से मिल जाती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में केवल 5 मिनट का समय लगता है. यह बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम होती है. स्वाद के साथ-साथ यह शरीर के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. सही तरीके से बनाने पर यह लंबे समय तक खराब भी नहीं होती.

कुरकुरी ककोड़े की फ्राई सब्जी तैयार
भीलवाड़ा शहर के आर के कॉलोनी के रहने वाले पूजा कुमारी सांखला ने कहा कि बारिश के मौसम में मंडी या बाजार में सब्जी बहुत लिमिटेड मिलती है और आमतौर पर रोज-रोज एक तरह की सब्जी बनाना भी काफी मुश्किल हो जाता है. लेकिन एक ऐसी सब्जी है जो बारिश के सीजन में सबसे ज्यादा मंडी और बाजार में दिखाई देती है. वह सब्जी ककोड़े है जो काफी स्वादिष्ट होते हैं यह सब्जी बारिश के सीजन में आसानी से मिल जाती है और इसकी रेसिपी भी काफी आसान होती है. ककोड़े की फ्राई सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले ककोड़ों को अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इन्हें लंबाई में दो या चार हिस्सों में काट लें. अब इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अजवाइन और थोड़ा बेसन या चावल का आटा मिलाएं. चाहें तो थोड़ा सा तेल डालकर मसालों को अच्छी तरह मिला लें. इससे मसाला ककोड़ों पर अच्छी तरह चिपक जाता है और सब्जी ज्यादा क्रिस्पी बनती है. अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें और तैयार किए गए ककोड़ों को मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें. अगर कम तेल में बनाना चाहते हैं तो इन्हें तवे पर भी भून सकते हैं. कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट और कुरकुरी ककोड़े की फ्राई सब्जी तैयार हो जाती है.

ककोड़ा स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर
इसे रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ भी खाया जा सकता है. इसके अलावा इसको फ्राई करके चाय नाश्ते के साथ भी खाया जा सकता है सफर में ले जाने के लिए भी यह अच्छा विकल्प है क्योंकि यह जल्दी खराब नहीं होती हैं. ककोड़ा स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. इसमें फाइबर, विटामिन और कई जरूरी खनिज पाए जाते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाने और शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं. बरसात के मौसम में मिलने वाली यह देसी सब्जी बाजार की कई महंगी सब्जियों का स्वाद भी फीका कर देती है.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…

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छात्रों ने पूछा- पेपर लीक कब रुकेगा?: ​कलेक्ट्रेट तक निकाला कैंडल मार्च, सुसाइड करने वालों को दी श्रद्धांजलि – Jhunjhunu News




झुंझुनूं में कांग्रेस के ‘छात्र गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों ने मंच से पेपर लीक, विश्वविद्यालयों की बढ़ती फीस, एडमिशन व्यवस्था और RSS की कथित दखलअंदाजी को लेकर खुलकर सवाल पूछे। छात्रों ने पूछा कि पेपर लीक कब रुकेगा? विधायक रफीक खान ने इन सभी सवालों के जवाब देते हुए कहा कि पेपर लीक और फीस से जुड़े मुद्दों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और छात्रों की समस्याओं को सरकार व संगठन स्तर पर मजबूती से उठाया जाएगा। कार्यक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं, छात्रों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकालकर हाल ही में सुसाइड करने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि दी। पेपर लीक, फीस और RSS की भूमिका पर उठे सवाल शेखावाटी विश्वविद्यालय के छात्र राहुल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में एडमिशन और नंबर संगठन विशेष से जुड़े छात्रों को प्राथमिकता देकर दिए जाते हैं। RSS का विश्वविद्यालय में प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। इस पर विधायक रफीक खान ने कहा – भले ही आज का कार्यक्रम छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है, लेकिन इस तरह की व्यवस्थागत और वैचारिक गड़बड़ियों पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा। राहुल गांधी के अभियान से जुड़ने का आह्वान कार्यक्रम के अंत में विधायक रफीक खान ने छात्रों को संबोधित करते हुए उन्हें प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से राहुल गांधी के दृष्टिकोण से जुड़ने और ‘छात्र गूंज’ अभियान के जरिए छात्र हितों की आवाज मजबूत करने का आह्वान किया। कलेक्ट्रेट तक निकाला कैंडल मार्च, बच्चों को दी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सामुदायिक विकास भवन से जिला कलेक्ट्रेट तक कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च की अगुवाई विधायक रफीक खान, जिला अध्यक्ष रीटा चौधरी और अन्य कांग्रेस नेताओं ने की। इसमें बड़ी संख्या में छात्र, कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोग शामिल हुए। कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस जाब्ता और डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहे। यहां हाल ही में सुसाइड करने वाले बच्चों के पोस्टरों के सामने मोमबत्तियां जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।



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Samsung Galaxy Z Fold 8: सैमसंग का अब तक का सबसे चौड़ा फोल्डेबल फोन


Samsung Galaxy Z Fold 8

  • Display
  • Processor
  • Front Camera
  • Rear Camera
  • Ram
  • Storage
  • Battery
  • Os
  • Resolution

  • Display7.6 इंच, Dynamic AMOLED 2X
  • ProcessorQualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5
  • Front Camera10MP + 10MP
  • Rear Camera50MP + 50MP
  • Ram16GB
  • Storage1TB
  • Battery5000mAh
  • OsAndroid 17, OneUI 9
  • Resolution1,848 x 2,448

Samsung ने इस साल तीन फोल्डेबल फोन लॉन्च किए हैं। इनमें कंपनी ने दो बुक स्टाइल और एक क्लमशेल डिजाइन वाले फोन उतारे हैं। दक्षिण कोरियाई कंपनी के इन तीनों फोल्डेबल फोन में से Galaxy Z Fold 8 Ultra और Galaxy Z Flip 8 का लुक और डिजाइन पिछले साल आए Galaxy Z Fold 7 और Galaxy Z Flip 7 की तरह ही है। वहीं, Galaxy Z Fold 8 को नए वाइड डिस्प्ले पैनल के साथ पेश किया गया है। यह फोल्डेबल फोन 1,79,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। सैमसंग का यह नए डिजाइन वाला फोल्डेबल फोन हमें पहली नजर में कैसा लगा है? आइए जानते हैं…

दुनिया का सबसे हल्का फोल्डेबल फोन

दक्षिण कोरियाई कंपनी ने Samsung ने दावा किया है कि Galaxy Z Fold 8 दुनिया का सबसे हल्का फोल्डेबल फोन है। अब तक किसी ब्रांड ने इतना हल्का फोल्डेबल फोन लॉन्च नहीं किया है। इस फोल्डेबल फोन का वजन महज 201 ग्राम है। यही नहीं, इस फोल्डेबल फोन की मोटाई भी काफी कम है। हमें भी यह काफी हल्का लगा है। इसे हाथ में लेने पर आपको वजन महसूस नहीं होगा। इसे आप सिंगल हैंड से भी यूज कर सकते हैं।

Samsung Galaxy Z Fold 8

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 8

बेहतर व्यूइंग एक्सपीरियंस

Galaxy Z Fold 8 में हमें जो सबसे अच्छी चीज लगी वो ये कि इसका डिस्प्ले कैसे भी घुमाकर यूज करें यह 4:3 आसपेक्ट रेश्यो का आउटपुट देता है यानी आपको इस पर अपने पसंदीदा OTT कंटेंट देखने में अच्छा एक्सपीरियंस मिलेगा। इसकी कवर स्क्रीन की चौड़ाई 5.5 इंच है। वहीं, मेन डिस्प्ले 7.6 इंच की साइज में आता है। Ultra मॉडल की तरह ही इसमें Dynamic AMOLED 2X डिस्प्ले मिलता है। इसमें विजन बूस्टर टेक्नोलॉजी के साथ-साथ 3000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट दिया गया है।

Samsung Galaxy Z Fold 8

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 8

इस फोल्डेबल फोन के बैक में वर्टिकली अलाइंड डुअल कैमरा दिया गया है। रियर पैनल में विजिबल कैमरा बंप दिया गया है, जिसमें 50MP के दो कैमरे मिलते हैं। ये दोनों कैमरे 8K की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। वहीं, साइड में वॉल्यूम और पावर बटन दिए गए हैं। नीचे की तरफ USB Type C पोर्ट और स्पीकर ग्रिल मिलेगा। फोल्ड करने के बाद भी इस फोन की मोटाई बेहद कम है।

हिंज में अपग्रेड

Galaxy Z Fold 8 के हिंज में भी कंपनी ने बड़ा अपग्रेड किया है। यह Armor Titanium Flex हिंज के साथ आता है, जो पिछले सभी मॉडल के मुकाबले ज्यादा ड्यूरेबल है। हिंज के ऊपर मेटल का प्रोटेक्शन दिया गया है। वहीं, दोनों साइड में स्क्रीन के साथ प्रोटेक्टर लगे हैं, जो डिस्प्ले को फटने से बचाने के लिए है। इसे फोल्ड और अनफोल्ड करना बेहद आसान है। आप चाहे तो एक हाथ से भी फोल्ड और अनफोल्ड कर सकते हैं।

Samsung Galaxy Z Fold 8

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 8

कंटेंट क्रिएट करने में आसानी

इस फोल्डेबल फोन के डिजाइन में नयापन देखने को मिलेगा। कुछ फीचर्स को छोड़ दिया जाए तो यह इस सीरीज के अल्ट्रा मॉडल जितना ही पावरफुल है। इसमें कई AI फीचर्स दिए गए हैं, जो यूजर्स का एक्सपीरियंस बेहतर करेंगे। Galaxy Z Fold 8 को खास तौर पर कंटेंट क्रिएटर्स और बिंज वॉच के लिए डिजाइन किया गया है। यह अब तक लॉन्च हुए सभी बुक स्टाइल वाले फोल्डेबल फोन के मुकाबले हमें हैंडी लगा है।

Samsung Galaxy Z Fold 8

Image Source : INDIA TVसैमसंग गैलेक्सी जेड फोल्ड 8

Galaxy Z Fold 8 में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट मिलता है। इसके साथ 16GB रैम और 1TB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन में 50MP का अल्ट्रा वाइड और 50MP का वाइड एंगल कैमरा मिलता है। कंपनी का दावा है कि इन दोनों ही कैमरों से 8K वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है। इसके दोनों डिस्प्ले के साथ 10MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा। वहीं, यह 4,800mAh की बैटरी के साथ आता है। इसमें 45W वायर्ड और 20W वायरलेस चार्जिंग फीचर का सपोर्ट भी मिलेगा।

यह भी पढ़ें – Samsung के नए फोल्डेबल फोन की भारत में कितनी है कीमत? प्री-ऑडर पर क्या मिलेगा ऑफर?





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बरेली के असिस्टेंट प्रोफेसर को नौकरी से निकाला: जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे, बोले- बच्चों के हक के लिए लड़ने पर हुई कार्यवाही – Bareilly News




बरेली के बहेड़ी कस्बा स्थित गन्ना उत्पादक महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर (वाणिज्य) को जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में शामिल होने पर नौकरी से निकाल दिया गया। असिस्टेंट प्रोफेसर और समाजवादी युवजनसभा के जिलाध्यक्ष डॉ. मोहित भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि न कोई कारण बताओ नोटिस दिया गया और न ही कोई विभागीय जांच की गई, बल्कि सीधे सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया गया। डॉ. मोहित भारद्वाज का कहना है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उनके खिलाफ कभी कोई विभागीय जांच नहीं हुई और न ही किसी प्रकार की शिकायत दर्ज की गई। इसके बावजूद उन्हें बिना पूर्व सूचना के नौकरी से हटा दिया गया। ‘वीडियो वायरल होने के बाद लिया गया फैसला’ डॉ. भारद्वाज के अनुसार, वह 18 से 20 जुलाई तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे। उनका आरोप है कि आंदोलन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महाविद्यालय प्रबंधन ने राजनीतिक आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की। गन्ना उत्पादक महाविद्यालय का संचालन गन्ना समिति के अधीन होता है और समिति के अध्यक्ष ही महाविद्यालय प्रबंधन से जुड़े हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक विचारधारा के कारण उन्हें निशाना बनाया गया और लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेने की वजह से नौकरी गंवानी पड़ी। ‘ कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया’ डॉ. भारद्वाज का दावा है कि सहायता प्राप्त (एडेड) महाविद्यालय में किसी शिक्षक की सेवा समाप्त करने से पहले कारण बताओ नोटिस, स्पष्टीकरण का अवसर, विभागीय जांच और आवश्यक विश्वविद्यालयीय अनुमोदन जैसी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि उनके मामले में इनमें से किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। डॉ. भारद्वाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, सेवा समाप्ति आदेश की वैधानिक समीक्षा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन में भाग लेना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और केवल वैचारिक या राजनीतिक आधार पर किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और प्रशासन पर पूरा भरोसा है तथा उन्हें निष्पक्ष जांच के बाद न्याय मिलने की उम्मीद है।



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JPSC Exam Postponed: 25 जुलाई से होने वाली JPSC मुख्य परीक्षा टली, 8 अन्य एग्जाम भी रुके; जानिए वजह


झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगी परीक्षा  2025 को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। यह निर्णय परीक्षा शुरू होने से कुछ ही दिन पहले, 22 जुलाई को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से घोषित किया गया था। विज्ञापन संख्या 01/2026 के तहत अधिसूचित यह परीक्षा रांची जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 25, 26 और 27 जुलाई को दो चरणों में आयोजित की जानी थी। 

अनियमितताओं को बताया गया वजह 

आयोग के अनुसार, सरकार से प्राप्त आदेशों और परीक्षा के संचालन में अनियमितताओं के कारण परीक्षा स्थगित कर दी गई है। अपने आधिकारिक नोटिस में JPSC ने कहा, ‘सरकार से प्राप्त आदेशों और परीक्षा के संचालन में अनियमितताओं के कारण, अपरिहार्य परिस्थितियों के चलते झारखंड संयुक्त सिविल सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगी परीक्षा – 2025 (विज्ञापन संख्या 01/2026) को अगले आदेश तक स्थगित किया जाता है।’ बता दें कि, आयोग ने अनियमितताओं की प्रकृति के बारे में और अधिक जानकारी साझा नहीं की है और न ही संशोधित परीक्षा कार्यक्रम की घोषणा की है।

Image Source : JPSC.GOV.IN झारखंड लोक सेवा आयोग की अधिसूचना।

नई तारीखों का करना होगा इंतजार 

गौरतलब है कि, परीक्षा स्थगित होने के कारण उम्मीदवारों को आयोग की ओर से नई अधिसूचना का इंतजार करना होगा। JPSC उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे संशोधित परीक्षा तिथियों और अन्य निर्देशों के बारे में जानकारी के लिए नियमित रूप से इसकी आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें। आयोग ने उम्मीदवारों की सुविधा के लिए प्रेस विज्ञप्ति भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। ये भी कहा गया है कि, जब तक नया कार्यक्रम घोषित नहीं हो जाता, उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट जानकारी से बचें।  


 

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GATE 2027 Exam की तारीखों का हुआ ऐलान, जानें इस बार क्या है नया, साथ ही रजिस्ट्रेशन प्रोसेस भी जानिए

 





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ट्रंप के एक कदम से खड़ी हो गई तीन-तीन मुसीबत, क्रूड-बाजार और टैरिफ की तिकड़ी


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Share vs Crude : भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट दिखी है. इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है. ट्रंप ने टैरिफ का दोबारा ऐलान कर दिया है, जिससे कई देशों के कारोबार पर दबाव बढ़ गया है. यही वजह है कि आज डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट दिख रही है.

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टैरिफ के ऐलान के बाद शेयर बाजार और करेंसी पर गहरा दबाव दिखा है.

नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही देश की सुप्रीम कोर्ट से झटका खाने के बावजूद टैरिफ के मुद्दे पर अड़े हुए हैं. उन्होंने पड़ोसी देश कनाडा पर 50 फीसदी टैरिफ ठोक भी दिया और अब भारत सहित उन सभी देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में हैं, जो रूस से कच्चे तेल की खरीद करते हैं. एक तरफ ईरान के साथ जारी युद्ध और दूसरी ओर टैरिफ वॉर के ऐलान ने भारत सहित दुनियाभर की इकनॉमी पर तिहरा संकट खड़ा कर दिया है.

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन सहित तमाम देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही है. साथ ही ईरान के साथ युद्ध भी तेज कर दिया है. इस दोहरे संकट की वजह से 22 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में तो उछाल दिखा ही है. साथ ही शेयर बाजार पर भी दबाव बढ़ गया है. यही वजह रही कि भारतीय शेयर बाजार आज बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ और निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए. दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई का जोखिम भी बढ़ना शुरू हो गया है.

कच्चे तेल पर क्या दिखा असर
जून में कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 75 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई थी. इससे उम्मीद जगी थी कि आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में नरमी रहेगी. लेकिन, टैरिफ का ऐलान और ईरान के साथ दोबारा युद्ध के हालात ने सारा मामला ही पलटकर रख दिया. ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर बढ़कर 95 डॉलर के आसपास पहुंच गई है. 22 जुलाई कच्चे तेल की कीमतों में करीब 3.72 डॉलर प्रति बैरल का उछाल दिखा और ब्रेंट क्रूड का भाव 94.73 डॉलर प्रित बैरल पहुंच गया है. डब्ल्यूटीआई भी 3.20 डॉलर के उछाल के साथ 87.54 डॉलर प्रति बैरल के आसपास चल रहा है.

शेयर बाजार में भी दिखी गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बाद के बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट दिख रही है. आज बीएसई सेंसेक्स 715 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी में 191 अंक की गिरावट दिखी है. इस दौरान बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.33 फीसदी लुढ़का जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप 1.16 फीसदी नीचे आया. बीएसई में सूचीबद्ध 2,780 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,458 शेयर बढ़त में रहे. सेंसेक्स मंगलवार को भी 238 अंक टूटकर बंद हुआ था. इस तरह देखा जाए तो दो दिनों में सेंसेक्स 957 अंक टूट चुका है.

तेल चढ़ा तो रुपया भी फिसला
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 34 पैसे टूटकर 96.59 पर बंद हुआ है. आज सुबह रुपये में ट्रेडिंग 96.36 प्रति डॉलर पर शुरू हुई. कारोबार के दौरान यह 96.25 से 96.57 प्रति डॉलर के दायरे में रहा. अंत में यह 96.59 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 34 पैसे की गिरावट है. रुपया मंगलवार को 11 पैसे की बढ़त के साथ 96.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटेंगे: ED का जुर्माना रद्द; IPL का पैसा विदेश भेजने का केस; बोले- मैं लीग की भलाई चाहता था


1 घंटे पहले

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ललित मोदी IPL के संस्थापक, पहले चेयरमैन और पहले कमिश्नर रहे हैं।

IPL के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। एक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने 16 जुलाई को IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में फैसला सुनाया था। इसमें मोदी को राहत देते हुए ED के लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था।

फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के आखिर या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।

भारत से दक्षिण अफ्रीका पैसे भेजने का मामला था

यह मामला 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका ले जाने से जुड़ा है। उस समय लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट भारत से दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट किया गया था। इसके आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपए भेजे थे।

बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया कि यह रकम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) का उल्लंघन हुआ। ED ने 2011 में नोटिस जारी किया और 2018 में ललित मोदी समेत BCCI के कुछ पूर्व अधिकारियों पर जुर्माना लगाया था।

लोकसभा चुनाव के चलते IPL 2009 का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। टाइटल डेक्कन चार्जर्स ने जीता था।

लोकसभा चुनाव के चलते IPL 2009 का आयोजन दक्षिण अफ्रीका में हुआ था। टाइटल डेक्कन चार्जर्स ने जीता था।

ट्रिब्यूनल बोली- ललित व्यक्तिगत तौर पर जिम्मेदार नहीं

ललित मोदी ने कहा कि ट्रिब्यूनल ने ED की सबसे अहम दलील ही खारिज कर दी, जिससे पूरे मामले का आधार बदल गया।

उनके मुताबिक अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई रकम ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी, न कि ‘कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन’। इसलिए इसके लिए RBI की पहले से मंजूरी लेना जरूरी नहीं था।

ललित मोदी ने कहा,

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ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि वह BCCI की ओर से FEMA के तहत कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं थे और न ही उनके पास वह वित्तीय अधिकार थे, जिनका ED ने दावा किया था। इससे 2009 के दक्षिण अफ्रीका IPL से जुड़े सबसे बड़े कानूनी मामले का अंत हो गया।

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2018 में लगा था 10.65 करोड़ रुपए का जुर्माना

ED ने 2018 में ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। इसके बाद उन्होंने इस आदेश के खिलाफ अलग-अलग अपील दायर की थीं। अब 16 जुलाई के फैसले में ट्रिब्यूनल ने उन आदेशों में बड़ा बदलाव करते हुए ललित मोदी समेत कई पक्षों को राहत दे दी।

ट्रिब्यूनल के इस फैसले से 2010 में भारत छोड़ने के बाद ललित मोदी के सामने मौजूद सबसे बड़ी कानूनी बाधाओं में से एक खत्म हो गई है। हालांकि यह फैसला सिर्फ IPL 2009 के FEMA मामले तक सीमित है। ED ने ललित मोदी के खिलाफ कई दूसरी जांचें भी शुरू की थीं।

ललित मोदी से जुड़े अन्य मामले

1. IPL ब्रॉडकास्ट राइट्स मामला

जब 2008 में IPL शुरू हुआ, तब टीवी पर मैच दिखाने के अधिकार (ब्रॉडकास्ट राइट्स) वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (WSG) को दिए गए थे। WSG ने भारत में मैच दिखाने के अधिकार सोनी को दिए। 2009 में IPL के दूसरे सीजन से ठीक पहले ललित मोदी ने सोनी से करार रद्द कर दिया और बिना दोबारा टेंडर निकाले दोबारा WSG के साथ समझौता कर लिया।

ED ने आरोप लगाया कि IPL के मीडिया और ब्रॉडकास्ट अधिकार देने की प्रक्रिया में FEMA और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ। इसमें WSG को 425 करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाया गया। इस मामले में बाद में विशेष अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था। इस मामले में ललित मोदी को अभी कोई अंतिम कानूनी राहत नहीं मिली है।

2. BCCI की अनुशासनात्मक कार्रवाई

2010 में IPL से जुड़े कई विवाद सामने आने के बाद BCCI ने ललित मोदी को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ आंतरिक जांच शुरू की।

जांच में BCCI ने आरोप लगाया कि ललित मोदी ने IPL चलाने के दौरान कई मामलों में नियमों का पालन नहीं किया। इनमें ब्रॉडकास्ट राइट्स, टीमों की बोली, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय फैसलों से जुड़े आरोप शामिल थे।

करीब तीन साल तक जांच और सुनवाई चलने के बाद 2013 में BCCI की अनुशासन समिति ने ललित मोदी को सभी क्रिकेट गतिविधियों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया।

लंदन के सबसे महंगे इलाके में रह रहे ललित मोदी

ललित मोदी 2010 से लंदन में रह रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी मीनल मोदी और दोनों बच्चे आलिया और रुचिर भी थे। मीनल मोदी का 2018 में कैंसर से निधन हो गया।

ललित मोदी का घर लंदन के बेलग्राविया-चेल्सी इलाके में है, जो शहर के सबसे महंगे इलाकों में गिना जाता है। यह इलाका विदेशी दूतावासों, लग्जरी ब्रांड्स और करोड़ों-करोड़ रुपये की संपत्तियों के लिए मशहूर है।

इस तस्वीर में नजर आ रही महिला ललित मोदी की बेटी आलिया मोदी हैं। उन्होंने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

इस तस्वीर में नजर आ रही महिला ललित मोदी की बेटी आलिया मोदी हैं। उन्होंने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

ललित मोदी का जन्म दिल्ली के एक बड़े कारोबारी परिवार में हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी अनुमानित कुल संपत्ति 57 करोड़ डॉलर (करीब 4,555 करोड़ रुपए) है।

वह अपने परिवार की कंपनी मोदी एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। इस कंपनी की स्थापना उनके दादा गुजर मल मोदी ने 1933 में की थी।

मोदी एंटरप्राइजेज का कारोबार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इनमें फैशन, रसायन (केमिकल), हेल्थकेयर, रिटेल, सैलून, ट्रैवल, पर्सनल केयर, मनोरंजन और एफएमसीजी (रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान) शामिल हैं।

समूह के प्रमुख ब्रांडों में केके मोदी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, मोदीकेयर, बीकन ट्रैवल्स, कलरबार, पान विलास पान मसाला, ईगो इटालियन रेस्तरां और गॉडफ्रे फिलिप्स शामिल हैं।

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