प्रयागराज के झूंसी के हवेलिया निवासी और पुलिस रिकॉर्ड में प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश यादव उर्फ बैरिस्टर की लाइसेंसी रायफल गायब होने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में पुलिस जब उसके घर शस्त्र सत्यापन करने पहुंची तो उसने पुलिस को बताया कि उसकी NPB रायफल करीब 10 साल पहले यानी वर्ष 2016 में कहीं गुम हो गई थी।
सबसे हैरानी की बात यह रही कि रायफल गायब होने के बावजूद उसने इसकी कोई रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कराई थी। मामले को गंभीर मानते हुए चौकी प्रभारी छतनाग उ0नि0 सचिन तंवर की तहरीर पर झूंसी थाने में उसके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर हुई जांच
उच्च न्यायालय में दाखिल एक मामले में पारित आदेश के क्रम में झूंसी पुलिस ने गणेश यादव के शस्त्र लाइसेंसों की जांच की।
27 मई की सुबह करीब नौ बजे चौकी प्रभारी छतनाग सचिन तवर पुलिस टीम के साथ हवेलिया स्थित उसके घर पहुंचे। जांच में पता चला कि प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश यादव के नाम तीन शस्त्र लाइसेंस जारी हैं।
दो हथियार थाने में जमा, तीसरा गायब
पुलिस जांच में सामने आया कि गणेश यादव की DBBL गन और पिस्टल पहले से ही स्थानीय थाने में जमा हैं।
लेकिन तीसरा शस्त्र, जो राइफल है, के बारे में पूछने पर गणेश यादव ने बताया कि वह 2016 में कहीं खो गई थी।
पुलिस को बयान पर हुआ शक
पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि शस्त्र धारक की ओर से राइफल गायब होने के बावजूद कोई मुकदमा या गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई। ऐसे में यह प्रतीत होता है कि उसने हथियार कहीं छुपा दिया है और सही जानकारी नहीं दे रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में गायब रायफल जनसुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है। इसी आधार पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अलग-अलग थानों में दर्ज हैं 10 मुकदमे
प्रदेश स्तरीय चिन्हित माफिया गणेश यादव पर झूंसी और सरायइनायत थानों में करीब 10 मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। उस पर कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई हो चुकी है।
वर्ष 2020 में माफिया के खिलाफ अभियान के दौरान प्रशासन ने हवेलिया स्थित उसके करीब 1500 वर्गगज में बने तीन मंजिला आलीशान मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की थी। पांच बुलडोजरों से मकान ध्वस्त किया गया था। उस समय मकान की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई थी।
एके-47 से हो चुका है हमला
सात जुलाई 2007 को झूंसी हाईवे स्थित अपनी मार्केट में बाल कटवा रहे गणेश यादव पर पूर्वांचल के शार्प शूटरों ने एके-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। हमले में उसका भांजा मारा गया था, जबकि एक किशोर समेत दो other लोग घायल हुए थे। गणेश यादव उस हमले में बाल-बाल बच गया था।
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चिन्हित माफिया ने गायब की खुद की लाइसेंसी राइफल: प्रयागराज में पुलिस से बोला- 10 साल पहले गुम हो गई थी, दरोगा ने दर्ज कराई FIR – Prayagraj (Allahabad) News
बड़ा तालाब किनारे अतिक्रमण- कल से फिर कार्रवाई: 31 अतिक्रमण हटाने का प्लान तैयार, निगम की टीमें भी रहेंगी मौजूद – Bhopal News
भोपाल के बड़ा तालाब किनारे अतिक्रमण और कब्जों को हटाने के लिए 30 मई से फिर बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू होगी। जिला प्रशासन कार्रवाई के लिए मैदान में उतरेगा। वहीं, नगर निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) में पेश अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में बताया है कि तालाब क्षेत्र के 21 अतिक्रमण 30 मई को हटाए जाएंगे। इसके लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। बता दें कि एनजीटी ने निगम को कार्रवाई के लिए तीन सप्ताह की अंतिम मोहलत दी थी, जो 19 मई को समाप्त हो चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को होना है। सुनवाई के दौरान निगम और प्रशासन को ट्रिब्यूनल में एटीआर पेश करनी है। इसके चलते अफसरों ने कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक, सेवनिया गौंड, गौरा विशनखेड़ी और प्रेमपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। सर्वे में चिन्हित 21 अतिक्रमणों में से तीन निर्माण वर्ष 2022 से पहले के हैं, जबकि बाकी 18 निर्माण 2022 के बाद किए गए बताए गए हैं। 25 फरवरी से शुरू अभियान, अब तक पूरे कब्जे नहीं हटे
जानकारी के अनुसार, 5 फरवरी से शुरू हुए सीमांकन अभियान के दौरान जिला प्रशासन ने 37 दिन में बड़े तालाब क्षेत्र के 347 अतिक्रमण चिन्हित किए थे, लेकिन 92 दिन बीतने के बाद भी अब तक केवल 51 छोटे अतिक्रमण ही हटाए जा सके हैं। इनमें टीटी नगर क्षेत्र के 39 और बैरागढ़ क्षेत्र के 12 अतिक्रमण शामिल हैं। 296 अतिक्रमण अब भी बचे हैं। आखिरी कार्रवाई 29 अप्रैल को हुई थी। इसके बाद एक महीने से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। निगम ने अतिक्रमणकारियों की सूची, नक्शे और चिन्हित इमारतों की जानकारी तैयार कर ली है। लाल निशान लगे भवनों और रेस्त्रां की पहचान भी प्रशासन के पास है। अब दावा किया जा रहा है कि 30 जून तक सभी चिन्हित अतिक्रमण हटा दिए जाएंगे। सुनवाई के बाद अवैध निर्माण हटाने का फैसला
निगम अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन और निगम की संयुक्त टीम कार्रवाई करेगी। जिन निर्माणों को चिन्हित किया गया है, उनके पास किसी प्रकार की बिल्डिंग परमिशन नहीं है और सभी निर्माण बिना अनुमति किए गए हैं। जिला स्तरीय कमेटी ने 55 बड़े अतिक्रमणों की सुनवाई के बाद इन 21 अतिक्रमणों को हटाने का फैसला लिया है। कई रसूखदारों के फार्म हाउस भी किनारे पर हैं
भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर में बड़ी बिल्डिंग, फॉर्म हाउस, रिसोर्ट भी देखने को मिले। बड़ा तालाब रामसर साइट भी है। बावजूद सालों से सिर्फ फाइलों में ही कब्जे हटे हैं। बड़ा फर्जीवाड़ा…दो तरह की मुनारें
बड़ा तालाब के किनारों पर भू-माफिया भी सक्रिय है, जो कम दाम पर प्लाट देने का वादा कर रहे हैं। उन्होंने और लोगों ने इस दायरे को लेकर ही भ्रम की स्थिति भी खड़ी की है। जिन मुनारों से एफटीएल की सीमा तय होती है, उन्हीं में फर्जीवाड़ा भी किया गया है। मौके पर एफटीएल बताने वाली 5 तरह की मुनारें लगी हुई मिली। इनमें से एक में बीएमसी यानी, भोपाल म्युनसिपल कॉरपोर्रेशन लिखा है। बाकी पर सफेद रंग है। लिखा कुछ नहीं है। इन्हीं फर्जी मुनारों के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण है। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ… पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आई
साल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारें ही गायब हो गईं
इसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारें ही मिली थीं। इसमें भी 337 मुनारें पानी के भीतर डूबी हुईं थीं, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारें मौके से गायब थीं, लेकिन इसके बाद मुनारें दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का अता-पता नहीं
इस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। 8 महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बने
बड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। करीब आठ महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने तालाब के आसपास के अतिक्रमण का नए सिरे से सर्वे करने के निर्देश नगरीय आवास एवं विकास विभाग की बैठक में दिए थे। वहीं, कुछ समय पहले भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब का मास्टर प्लान बनाने की पैरवी की थी। कहा था कि मास्टर प्लान बनने से तालाब को सुरक्षित किया जा सकेगा। बड़ा तालाब के 50 मीटर के दायरे में 1300 से ज्यादा अतिक्रमण सामने आया था। 10 साल में सिर्फ 1 बड़ी कार्रवाई, महीनों तक विस्थापन नहीं
करीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से कुल 386 घरों को हटाया गया था। एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की 10 साल में यही बड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद प्लान बने, लेकिन जमीन पर नहीं आए।
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दाल खाना पसंद नहीं? अब बिस्किट के रूप में मिलेगा मूंग दाल का पोषण, जानिए फायदे
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पीतल नगरी मुरादाबाद अब अपनी मशहूर मूंग दाल के एक नए रूप को लेकर चर्चा में है. यहां मूंग दाल और मिलेट्स से तैयार किए गए खास बिस्किट लोगों को स्वाद के साथ भरपूर पोषण भी दे रहे हैं. प्रोटीन और फाइबर से भरपूर ये बिस्किट खासतौर पर उन लोगों के लिए तैयार किए गए हैं, जो अपने खानपान में हेल्दी विकल्प शामिल करना चाहते हैं.
मुरादाबाद. मुरादाबाद पूरी दुनिया में पीतल नगरी के नाम से मशहूर है. बात अगर खाने पीने के क्षेत्र की की जाए तो यहां की मूंग की दाल भी पूरे देश में मशहूर है.

हर जगह आपको मुरादाबाद मूंग की दाल देखने को और खाने को मिल जाएगी, तो वहीं इसी मूंग की दाल के अब बिस्किट भी तैयार किया जा रहे हैं, जो मिलेट्स के बिस्किट है.

यह पूरी तरह से शुद्ध और प्योर दाल बिस्किट है, जो सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक है. काफी रिसर्च कर इन बिस्किट को तैयार किया गया है, जिससे मिलेट्स के इन बिस्किट को खाकर सेहत को काफी फायदे हो सकें. इसके साथ ही बच्चे मार्केट के तरह-तरह के मिलावटी बिस्किट को छोड़ इन बिस्किट का सेवन कर सके.
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सीईओ विकास कुमार ने बताया कि हमने दालों को लेकर काफी रिसर्च किया था और दाल बहुत कम लोग खाते है. लेकिन अगर देखा जाए तो प्रोटीन का सबसे बढ़िया और आसान सोर्स दाल ही है, लेकिन लोग शाम को दाल नहीं खा पाते हैं. सुबह दाल नहीं खा पाते हैं, इसके अलावा बहुत कम दाल का सेवन करते हैं, जिसको देखते हुए हमने सोचा कि प्रोटीन भी एक बिस्किट है, जिसे मार्किट में लेकर आया जाए. जिसमे हमने यह मूंग की दाल का बिस्किट तैयार किया है. ये 100 परसेंट मूंग के साथ है, इसमें फाइबर अच्छा होता है, डाइजेशन भी अच्छी होती है.

जब आप फाइबर को प्रोटीन के साथ देते हो तो यह डायबिटीज में भी मदद करती है. इस प्रकार यह समझना चाहिए कि अगर कुछ प्रोटीन खाना है और उसमें अगर फाइबर है तो प्रोटीन और फाइबर तो आपको मिल ही गया अगर आप फैट के साथ इसे इंट्रोड्यूस कर देते है. तो जो इंसुमिन बनने की प्रक्रिया है, वह स्लो हो जाती है.

ऐसे में ये बिस्किट एक साथ कई चीजों में फायदेमंद है और हमें प्रोटीन वाला बिस्किट ही खाना चाहिए और प्रोटीन की अगर शरीर मे पूर्ति रहेगी तो शरीर को काफी लाभ मिलेगा. इसके साथ ही यह बिस्किट काफी स्वादिष्ट तैयार किया है. इससे लोगों को प्रोटीन मिल सके कार्बोहाइड्रेट मिल सके. खासकर बच्चों के लिए यह बहुत फायदेमंद है.
हाईकोर्ट बोला-पीड़िता की निजी तस्वीरे सीलबंद लिफाफे में पेश होगी: कहा-खुले तौर पर अदालत में पेश की जाती है, यह महिलाओं की गरिमा और गोपनीयता का उल्लंखन – Jaipur News
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक रिपोर्टेबल जजमेंट देते हुए कहा है कि यौन अपराधों से संबंधित सभी मामलों में पीड़िता की निजी, अश्लील फोटो-वीडियो केवल सीलबंद लिफाफे अथवा पासकोड लॉक इलेक्ट्रॉनिक फोल्डर में ही पेश की जाएगी। यह आदेश जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने एक आपराधिक मामलें की सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने कहा कि आजकल जमानत याचिकाओं, आपराधिक रिवीजन, अपील सहित अन्य मामलों में आरोपी अथवा पुलिस पीड़िता की फोटो याचिका के साथ अथवा सीडी और पेन ड्राइव में पेश कर रही हैं। ये फाइलें जांच एजेंसी के कार्यालय से लेकर कोर्ट रूम और रजिस्ट्री तक कई हाथों से गुजरती हैं, इसलिए इनका दुरुपयोग होने, सोशल मीडिया या इंटरनेट पर वायरल होने की पूरी आशंका रहती है, जो किसी भी महिला के वर्तमान, भविष्य और उसके वैवाहिक जीवन को पूरी तरह तबाह कर सकता है। अदालत ने कहा कि ऐसा करना महिलाओं की गरिमा व गोपनीयता का उल्लंघन है। ट्रायल शर्मिंदा करने का जरिया ना बन जाए
कोर्ट ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत व्यक्ति को गरिमापूर्ण जीवन जीने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। लेकिन जब जांच ही अपमान में बदल जाए, तो कानूनी प्रक्रिया स्वयं में एक सजा बन जाती है और जब अदालती ट्रायल सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा करने का जरिया बन जाए, तो यह व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंखन हैं। अदालत ने कहा कि हमने नोटिस किया कि अक्सर आरोपी अथवा उनके वकील खुद के बचाव में यह दिखाने के लिए कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सहमति से थे, ऐसी निजी तस्वीरें और वीडियो जांच अधिकारी और अदालतों के समक्ष खुले तौर पर पेश कर देते हैं। यह न केवल महिला की निजता पर हमला है, बल्कि खुली फाइलों के जरिए पीड़िता की पहचान को सार्वजनिक भी करता हैं। सभी थानों के एसएचओ को सूचित करें
हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को यौन अपराधों से संबंधित सभी याचिकाओं की सख्त जांच करने का निर्देश दिया है, ताकि पीड़िता का नाम, पता, फोटो या सोशल मीडिया विवरण कहीं भी उजागर न हो। वहीं रजिस्ट्रार न्यायिक को कहा है कि वे इस मामले को प्रशासनिक रूप से मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखें, ताकि पूरे राज्य के लिए स्टैंडिंग ऑर्डर जारी किए जा सकें। इसके अलावा रजिस्ट्रार जनरल को सभी न्यायिक अधिकारियों को भी यह आदेश भेजने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसीएस होम, डीजीपी, पुलिस महानिदेशक, मुख्य विधि सचिव और अभियोजन विभाग के निदेशक को आदेश की प्रति भेजकर सभी थानों के एसएचओ को सूचित करने के लिए भी कहा है।
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मन और मस्तिष्क में छिड़ेगी जंग! वृश्चिक राशि वाले इस जाल में फंसने से बचें
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Aaj ka Vrishchik Rashifal 29 may 2026: वृश्चिक राशि के लिए 29 मई 2026 को धैर्य और विवेक की परीक्षा होगी. आर्थिक जोखिम और जल्दबाजी से बचें, किसी पर अंधा विश्वास न करें. संयमित वाणी रखें और पीपल के नीचे दीपक जलाएं, इससे नकारात्मकता दूर होगी.
सीतामढ़ी: 29 मई 2026 का दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और सतर्क रहने वाला साबित होने जा रहा है. आज ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है जो आपकी बुद्धि और धैर्य दोनों की कड़ी परीक्षा लेगी. जीवन में कुछ ऐसे मोड़ आ सकते हैं जहां आपके सामने कठिन निर्णय लेने की स्थिति होगी. ऐसी परिस्थितियों में अक्सर मन और मस्तिष्क अलग-अलग दिशाओं में भागते हैं. जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो जाती है. लेकिन आपको याद रखना होगा कि ऐसी स्थिति में केवल आपका संयम ही आपको सही रास्ता दिखा सकता है.
आज है सफलता का ये मूल मंत्र
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार आज के दिन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सफलता का मूल मंत्र विवेकः परमं बलम् रहेगा. अर्थात, आपकी सही सोच और सही समय पर लिया गया समझदारी भरा निर्णय ही आज आपकी सबसे बड़ी शक्ति बनने वाला है. कार्यक्षेत्र या नौकरीपेशा लोगों की बात करें तो आज सहकर्मियों या किसी बाहरी व्यक्ति पर अत्यधिक विश्वास करना आपको भारी पड़ सकता है. इसलिए आज आंख मूंदकर किसी पर भरोसा न करें और अपने सभी महत्वपूर्ण कार्यों को स्वयं अच्छी तरह जांच-परखकर ही आगे की योजना बनाएं.
आर्थिक मामलों को लेकर रखें विशेष सावधानी
आर्थिक मामलों को लेकर भी आज विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है. धन संबंधी किसी भी बड़े मामले में आज जोखिम लेने से पूरी तरह दूरी बनाकर रखें. आज के दिन किसी भी प्रकार के लालच या जल्दबाजी में लिया गया निर्णय आपको बड़े वित्तीय संकट या हानि की ओर धकेल सकता है. वहीं अगर आपके पारिवारिक जीवन की बात की जाए, तो आज आपको अपनी वाणी पर संयम रखना होगा. घर के सदस्यों के साथ बातचीत करते समय शांत और मधुर वाणी का प्रयोग करें, क्योंकि आपकी यही समझदारी आज आपको किसी भी बड़े घरेलू विवाद या कलह से दूर रखेगी.
आज विशेष संकेत और उपाय
ज्योतिषाचार्य ने आज के दिन को शुभ और ऊर्जामय बनाने के लिए कुछ विशेष संकेत और उपाय भी सुझाए हैं. आज आपका शुभ भाग्यांक 5 रहेगा और शुभ वर्ण काषाय (भगवा) है, जो आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने में मदद करेगा. आज के दिन का नवीन उपाय यह है कि संध्या काल में किसी पीपल के वृक्ष के नीचे घी या तेल का एक दीपक अवश्य प्रज्वलित करें. इस उपाय को करने से आपके आस-पास की सभी नकारात्मक ऊर्जाएं शांत होंगी और मानसिक शांति मिलेगी. संक्षेप में कहें तो, आज के दिन जो जातक धैर्य और विवेक का दामन थामे रखेगा. वही हर प्रकार के संकट से सुरक्षित बच पाएगा.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
‘अगर मेरी ओर खिंचे थे तो क्या गलत था?’ आमिर खान संग अफेयर की अफवाहों पर पूजा भट्ट का बेबाक
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एक्ट्रेस पूजा भट्ट ने फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ की यादें ताजा करते हुए आमिर खान के साथ अपने रिश्तों पर खुलकर बात की. उन्होंने आमिर को एक ‘परफेक्शनिस्ट’ बताया जो छोटी-छोटी चीजों पर भी बारीकी से ध्यान देते थे. पूजा ने अपनी केमिस्ट्री को ‘टॉम एंड जेरी’ जैसा बताया, जहां वे एक-दूसरे की टांग खींचते रहते थे. उन्होंने माना कि कैमरे के सामने उनके बीच एक जबरदस्त ‘स्पार्क’ था, लेकिन असल जिंदगी में वह कभी किसी रिश्ते में नहीं बदल पाया.
नई दिल्ली: 1991 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दिल है कि मानता नहीं’ आज भी लोगों की पसंदीदा रोमांटिक फिल्मों में से एक है. पूजा भट्ट ने हाल में एक इंटरव्यू में इस फिल्म की शूटिंग और आमिर खान के साथ अपने रिश्तों को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं. उन्होंने बताया कि कैसे आमिर उस दौर में भी अपने काम को लेकर इतने संजीदा थे कि उनके ‘परफेक्शनिस्ट’ होने की झलक साफ दिखने लगी थी.

पूजा भट्ट ने विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में बताया कि आमिर फिल्म के हर पहलू में गहराई से दखल देते थे. वे शूटिंग के दौरान हर छोटी चीज पर सवाल उठाते थे, यहां तक कि पूजा की हील्स की ऊंचाई पर भी उन्हें आपत्ति होती थी क्योंकि उन्हें लगता था कि वह किरदार के हिसाब से सही नहीं है. हालांकि कुछ लोग इसे ‘दखलअंदाजी’ कह सकते हैं, लेकिन पूजा का मानना है कि उन्होंने आमिर की इस सटीकता से बहुत कुछ सीखा. (फोटो साभार: IMDb)

फिल्म में आमिर खान की वो मशहूर कैप (टोपी) एक बड़ा ट्रेंड बन गई थी, लेकिन इसके पीछे की कहानी काफी मजेदार है. पूजा ने खुलासा किया कि वह टोपी असल में आमिर के भतीजे इमरान खान की थी. जब आमिर उसे सेट पर पहनकर आए, तो सबका कहना था कि यह ‘बच्चे की टोपी’ फिल्म में नहीं चलेगी, लेकिन आमिर अड़े रहे और बाद में वही टोपी हर गली-मोहल्ले में बिकने लगी. (फोटो साभार: IMDb)
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ऑफ-स्क्रीन रिश्तों की बात करते हुए पूजा ने आमिर और अपनी दोस्ती को ‘टॉम एंड जेरी’ जैसा बताया. उन्होंने कहा कि सेट पर वे दोनों एक-दूसरे की टांग खींचने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे. आमिर हमेशा सही नहीं होते थे, इसलिए पूजा उन्हें उनकी ‘जगह’ दिखाने में पीछे नहीं रहती थीं. दोनों के बीच एक प्यारा सा झगड़ा हमेशा चलता रहता था.

जब पूजा से आमिर के साथ उनकी केमिस्ट्री और पुराने टैब्लॉयड्स में छपी खबरों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया. पूजा ने हंसते हुए कहा कि वह काफी अट्रैक्टिव थीं, तो अगर आमिर उनकी तरफ खिंचे थे, तो इसमें उनका कोई दोष नहीं. उन्होंने स्वीकार किया कि कैमरा ऑन होते ही वे दोनों सचमुच एक-दूसरे के प्यार में डूब जाते थे. (फोटो साभार: IMDb)

इंटरव्यू में जब सवाल उठा कि क्या वह स्पार्क पर्दे के बाहर भी किसी ठोस रिश्ते में बदला, तो पूजा ने साफ किया कि ऐसा नहीं हो पाया. उनके बीच एक बेहतरीन केमिस्ट्री और स्पार्क तो जरूर था, लेकिन असल जिंदगी में वह कभी किसी रिश्ते की शक्ल नहीं ले सका. वह एक ऐसा एहसास था जो शायद कभी खिल ही नहीं पाया. (फोटो साभार: IMDb)

आमिर खान अपनी निजी जिंदगी में रीना दत्ता के साथ शादीशुदा थे. आमिर और रीना ने 1986 में चुपके से शादी की थी और बाद में दुनिया को इसके बारे में बताया था. पूजा और आमिर की केमिस्ट्री भले ही पर्दे पर आग लगा रही थी, लेकिन असल में दोनों अपनी-अपनी मर्यादाओं और पेशेवर दायरे में सिमटे हुए थे.
(फोटो साभार: IMDb)

आज सालों बाद आमिर खान अपनी जिंदगी के कई पड़ावों को पार कर चुके हैं. रीना और किरण राव के साथ शादियों के बाद अब उनका नाम गौरी स्प्रैट के साथ जोड़ा जा रहा है. वहीं पूजा भट्ट ने अपनी इन यादों के जरिए फैंस को उस दौर में वापस ले जाने की कोशिश की है, जब सादगी और सच्ची केमिस्ट्री ही किसी फिल्म को सुपरहिट बनाने के लिए काफी होती थी.
अरवल में ऑटो चालक से मारपीट, लूटपाट: CCTV में कैद हुई वारदात, पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई – Arwal News
अरवल जिले के सदर थाना क्षेत्र में सकरी सीएनजी पंप के पास गुरुवार को एक ऑटो चालक के साथ मारपीट और लूटपाट की घटना हुई। यह पूरी वारदात सीएनजी पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित की पहचान अरवल के प्रतापपुर थाना कुर्था निवासी अमिताभ कुमार के रूप में हुई है। उन्होंने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। अमिताभ कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वे अपने ऑटो में सीएनजी भरवाने के लिए सकरी सीएनजी पंप पर पहुंचे थे। वहां मौजूद चार युवकों ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें पीटा। मारपीट के दौरान अमिताभ कुमार के गले से सोने का लॉकेट और जेब से लगभग 6000 रुपये नकद छीन लिए गए। घायल ऑटो चालक ने किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से निकलने का प्रयास किया। पीड़ित ने अपनी शिकायत में सकरी गांव निवासी उपेंद्र पासवान के पुत्र शनि कुमार उर्फ कटेश (30) और धुर बहादुर सिंह के पुत्र छोटू उर्फ रवि रंजन को नामजद किया है। उन्होंने बताया कि इन दोनों ने दो अन्य अज्ञात साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग जमा हो गए। सदर थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र के ऑटो चालकों में नाराजगी देखी जा रही है। पीड़ित ने थाना अध्यक्ष से आरोपियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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प्रधान बोले- CBSE मामले की जिम्मेदारी लेता हूं: मानता हूं कुछ गड़बड़ियां हुईं हैं; अधिकारियों से बोले- सिस्टम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
नई दिल्ली3 घंटे पहले
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नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक की।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि छात्रों की समस्याओं का समय पर, पारदर्शी और छात्र हित में समाधान किया जाए। सिस्टम के अंदर या बाहर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी।
इसके अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के CBSE और केंद्र सरकार पर उठाए सवालों पर प्रधान ने कहा- यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।
दरअसल, गुरुवार को प्रधान ने नई दिल्ली में CBSE मुख्यालय में हुई अधिकारियों के साथ हाई-लेवल मीटिंग की। शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, IIT मद्रास और IIT कानपुर के डायरेक्टर, शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय विद्यालय संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और CBSE के सीनियर अधिकारी शामिल हुए।

प्रधान के सभी अधिकारियों को निर्देश
- CBSE पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता और पेमेंट सिस्टम की तकनीकी समीक्षा की जाए।
- CBSE की डिजिटल इवेल्यूशन और मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत की जाए।
- छात्रों की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाए।
- परीक्षा और पोस्ट-रिजल्ट सर्विस को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जाए।
- किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- एग्जाम से जुड़ी सर्विस ज्यादा आसान बनाएं।
अधिकारी बोले- अबतक 11 लाख स्कैन आंसर सीट देखी गईं
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस साल लगभग 18 लाख छात्रों ने Class 12 की परीक्षा दी। इसके तहत करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन पेज प्रोसेस किए गए। अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं।
शिक्षा मंत्री ने CBSE पोर्टल पर लॉगिन दिक्कतों, सर्वर पर ज्यादा लोड और पेमेंट से जुड़ी समस्याओं को लेकर IIT मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम एक्सपर्ट्स की टेक्निकल टीम पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन मैनेजमेंट और पेमेंट गेटवे सिस्टम की समीक्षा की जिम्मेदारी दी है।
CBSE ने कहा- OSM प्रक्रिया सुरक्षित और मजबूत
बैठक में CBSE ने कहा कि ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) डिजिटल इवेल्यूशन के लिए सेफ और मजबूत IT प्लेटफॉर्म पर आधारित है। इस सिस्टम का सिक्योरिटी ऑडिट कराया गया है और इसमें आंसर शीट की स्कैनिंग और प्रोसेसिंग के लिए कई लेयर की सेफ्टी और क्वालिटी चेक मौजूद हैं।
राहुल गांधी ने Coempt Edutech पर सवाल खड़े किए
27 मई को राहुल गांधी ने CBSE एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का कॉन्ट्रैक्ट Coempt Edutech के पास होने पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया है कि Coempt Edutech का पुराना नाम Globarena था और जिसका रिकॉर्ड विवादों से जुड़ा रहा है। इसलिए इस मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए। इसके लिए SIT गठन हो।
राहुल गांधी ने X पर पोस्ट में पूछा था कि Coempt को यह कॉन्ट्रैक्ट किसके आदेश पर दिया गया और क्या कंपनी का बैकग्राउंड चेक किया गया था। अगर बैकग्राउंड चेक हुआ और फिर भी कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, या जांच ही नहीं हुई, दोनों ही हालत में सरकार जिम्मेदार है।
राहुल गांधी के COEMPT को लेकर 7 सवाल

राहुल के सवाल पर प्रधान का जवाब
राहुल के सवालों पर प्रधान ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार था जब CBSE ने इतने बड़े स्तर पर यह सिस्टम लागू किया। माना कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं। मैं इसकी जिम्मेदारी लेता हूं। इन्हें ठीक किया जाएगा और समाधान निकाला जाएगा।
प्रधान ने यह भी कहा है कि लगातार मिल रहीं चुनावी हार के कारण राहुल गांधी निराश हैं। इसलिए टेक्निकल प्रोग्रेस का विरोध करते रहे हैं। उन्होंने SIR का विरोध किया, EVM का विरोध किया और Digital India का भी विरोध किया। वह भारत की वैज्ञानिक प्रगति के साथ खड़े नजर नहीं आते।
शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। छात्रों पर मानसिक दबाव और नहीं बढ़ना चाहिए और सभी पक्षों से अपील की कि कोई भी बयान या व्यवहार छात्रों के तनाव को और न बढ़ाए।
प्रधान के जवाब पर राहुल का पलटवार
शिक्षा मंत्री के बयान पर राहुल गांधी ने कहा है मुझ पर हमला करने से शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी खत्म नहीं हो जाएगी। अगर प्रधानमंत्री वास्तव में छात्रों की चिंता करते, तो इतने छात्रों का भविष्य खतरे में डालने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को पहले ही हटा दिया गया होता।
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CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्योरिटी नहीं

19 साल के एक स्टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें…
घुसपैठियों को अमित शाह की चेतावनी- अपने देश लौट जाओ: जो अपने आप वापस नहीं जाएंगे तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी
अमित शाह ने गुरुवार को गांधीनगर में एक सभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल चुनावों के परिणामों का जिक्र किया और कहा- बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने महज सात दिनों में 600 हेक्टेयर जमीन बीएसएफ को सौंप दी है। हमारी सरकार का दृढ़ संकल्प है कि हर घुसपैठिए को देश से बाहर निकाला जाएगा। उन्होंने कहा- पहले ममता बनर्जी के शासनकाल में हर दिन घुसपैठ होती थी, लेकिन अब घुसपैठिए खुद ही वापस लौटने लगे हैं। मैं घुसपैठियों से कहना चाहता हूं कि समय रहते खुद से अपने देश वापस लौट जाओ। शाह ने बताया कि अगर लोग अपने आप वापस जाने में असफल रहते हैं, तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा सिर्फ लोगों को स्वदेश लौटाना है। ID पहचान अभियान शुरू होने से पहले कई लोग वापस चले जाएंगे, यह उम्मीद है। कुछ ही दिनों के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू कर देंगे गृहमंत्री ने कहा- पश्चिम बंगाल में नवगठित बीजेपी सरकार ने बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी के काम को मजबूत करने के लिए सात दिनों के भीतर BSF को 600 हेक्टेयर भूमि सौंप दी है। बीजेपी ने राज्य में बॉर्डर पर बाड़ लगाने के काम में तेजी लाने के अपने चुनावी वादे को पूरा किया है। उन्होंने कहा- हमने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि यदि आप हमें सत्ता सौंपते हैं तो हम कुछ ही दिनों के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू कर देंगे। राज्य में BJP की सरकार आने के बाद से प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार ने 26 मई को एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जिससे घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है। अब कई घुसपैठिए भारत छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। अमित शाह ने सीमावर्ती जिलों के लिए 360 डिग्री सुरक्षा मॉडल का भी जिक्र किया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए कि अवैध निर्माणों को तुरंत तोड़ा जाए। इस तरह की कार्रवाई से घुसपैठियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उन्हें भारत में रहने का कोई मौका नहीं मिलेगा। अहमदाबाद में दो हॉस्टल वाले कैंपस का उद्घाटन किया इसके बाद अमित शाह ने अहमदाबाद में एसजी हाईवे पर स्थित सोला उमियाधाम परिसर में पाटीदार समुदाय के युवाओं के लिए नवनिर्मित जेएस पटेल कुमार हॉस्टल और तपस्विक कुमार पटेल गर्ल्स हॉस्टल का उद्घाटन किया। करीब 43 लाख वर्ग फीट के इस कैंपस में ये हाईटेक हॉस्टल, उच्च शिक्षा के लिए आने वाले लगभग 1600 स्टूडेंट्स को पढा़ई के साथ-साथ रहने खाने-पीने और खेलकूद की सुविधाएं प्रदान करेगा और यूपीएससी-जीपीएससी की तैयारी के लिए विश्व स्तरीय शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराएगा। राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित वरिष्ठ नेता और पाटीदार समुदाय के प्रमुख, ऊंझा कड़वा पाटीदार समुदाय के उमिया माताजी संस्थान द्वारा तैयार की गई इस विशाल परियोजना के उद्घाटन में उपस्थित थे। 4.33 लाख वर्ग फुट में फैला है पूरा कैंपस यह हाईटेक इमारत 4,33,914 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में बनी है, जिसमें 2,16,807 वर्ग फीट में ब्वॉयज हॉस्टल और 2,19,807 वर्ग फीट में गर्ल्स हॉस्टल बना है। दोनों हॉस्टल में कुल 400 आधुनिक कमरे कैंपस में बने दोनों हॉस्टल में लड़कियों के लिए 208 और लड़कों के लिए 192 रूम तैयार किए गए हैं। इनमें 932 लड़कियों और 768 लड़कों सहित कुल 1600 स्टूडेंट्स एक साथ रह सकेंगे। डाइनिंग रूम और लायब्रेरी 1600 स्टूडेंट्स की कैपेसिटी वाला एक विशाल डाइनिंग रूम और दो हाईटेक किचन बनाए गए हैं। इसके अलावा, कुल 3 डिजिटल लायब्रेरी (2 लड़कियों के हॉस्टल में, 1 लड़कों के हॉस्टल में) और फिटनेस के लिए 2 जिम बनाए गए हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… अमित शाह ने मिलियन माइंड्स टेक सिटी का उद्घाटन किया: 1100 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद के त्रागड में गणेश हाउसिंग द्वारा निर्मित “मिलियन माइंड्स टेक सिटी” का उद्घाटन किया। गुजरात का पहला आईजीबीसी प्लैटिनम रेटेड एसईजेड आईटी पार्क1100 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। पूरी खबर पढ़ें…
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AAP वर्करों को IB के नाम पर आ रहे फोन? केजरीवाल ने खुद कॉलर से की बात, फिर…
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया है कि गुजरात में काम कर रहे AAP कार्यकर्ताओं को खुफिया एजेंसी IB के नाम पर फर्जी फोन कॉल आ रहे हैं, जिनमें उनसे वेरिफिकेशन करवाने को कहा जा रहा है. केजरीवाल ने खुद उस नंबर पर फोन किया, लेकिन उनका नाम सुनते ही सामने वाले ने फोन काट दिया.
केजरीवाल बोले-अगली बार गुजरात दौरे पर सीधे IB दफ्तर जाकर इसका जवाब मांगेंगे. (File Photo : PTI)
आम आदमी पार्टी (AAP) और केंद्र सरकार के बीच तनातनी कोई नई बात नहीं है. लेकिन गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक अलग ही दावा किया है. केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि गुजरात में आम आदमी पार्टी का काम देख रहे उनके कार्यकर्ताओं को खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नाम से लगातार फोन आ रहे हैं. उन्हें डराने-धमकाने या वेरिफिकेशन के नाम पर परेशान करने की कोशिश की जा रही है.
इस पूरे विवाद की शुरुआत AAP नेता दुर्गेश पाठक के एक सोशल मीडिया (X) पोस्ट से हुई. दुर्गेश पाठक ने बुधवार 28 मई की शाम को एक पोस्ट में लिखा, ‘अभी थोड़ी देर पहले गुजरात में काम कर रहे हमारे एक कार्यकर्ता को 9512892492 नंबर से लगातार कॉल आ रहा है. उधर से कह रहे हैं कि वो IB से बोल रहे हैं. आकर वेरिफिकेशन करवाओ.’ पाठक ने आगे सवाल उठाया कि क्या एक राज्य से दूसरे राज्य में काम करने जाने पर IB में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है?
केजरीवाल ने खुद किया फोन, फिर जो हुआ…
दुर्गेश पाठक की इस पोस्ट को कोट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को बेहद संगीन बताया. केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने खुद उस नंबर पर कॉल किया. केजरीवाल ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मैंने इस नंबर पे फ़ोन किया.’ पूछा – ‘क्या आप IB से बोल रहे हैं?’ उसने कहा – ‘हां, तो मैंने कहा – ‘मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूं. आप किस कानून में वेरिफिकेशन कर रहे हो? उसने नाम सुनते ही फोन काट दिया. उसके बाद से फोन नहीं उठा रहे.’
ये बहुत संगीन मामला है। मैंने इस नंबर पे फ़ोन किया। पूछा – “क्या आप IB से बोल रहे हैं?” उसने कहा – “हाँ”। मैंने कहा – “मैं अरविंद केजरीवाल बोल रहा हूँ। आप किस क़ानून में verification कर रहे हो?” उसने फ़ोन काट दिया। उसके बाद से फ़ोन नहीं उठा रहे।


