Monday, August 31, 2026
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लखनऊ में हाईकोर्ट वकील के घर 45 लाख की चोरी: रक्षाबंधन पर बाहर गया था परिवार, दीवार पर मिले चोरों के फुटप्रिंट – Lucknow News




लखनऊ के गोमतीनगर के विश्वासखंड में हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के अधिवक्ता अनघ शुक्ला के घर का ताला तोड़कर चोर करीब 45 लाख रुपये का माल पार कर ले गए। चोरी में करीब 43 लाख रुपये के पत्नी के आभूषण और दो लाख रुपये नकद शामिल हैं। घटना के समय परिवार के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे। रविवार सुबह घर लौटने पर चोरी का पता चला। सूचना पर पहुंची गोमतीनगर पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। घर की दीवार पर चोरों के फुटप्रिंट भी मिले हैं। अनघ शुक्ला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह 22 अगस्त को जरूरी काम से दिल्ली गए थे। उनकी पत्नी शिवा 25 अगस्त को रक्षाबंधन पर मायके सीतापुर चली गई थीं। इसके बाद 26 अगस्त की रात करीब 10:45 बजे उनके बड़े भाई अलख, बड़ी बहन प्रिया शुक्ला और माता-पिता भी दिल्ली-एनसीआर चले गए। घर पर कोई नहीं था। रविवार सुबह करीब 9:20 बजे परिवार के लोग दिल्ली से लौटे तो मेन गेट और कमरों के ताले टूटे मिले। घर के अंदर सामान बिखरा हुआ था। दो कमरों में डबल बेड के दीवान के गद्दे उठे हुए थे। चोरों ने पूजा कक्ष में रखी अलमारी के लॉकर काटकर उसमें रखे पत्नी के करीब 43 लाख रुपये के आभूषण और दो लाख रुपये नकद चोरी कर लिए। दीवार पर मिले फुटप्रिंट, CCTV खंगाल रही पुलिस बड़े भाई ने घटना की सूचना यूपी-112 पर दी। इसके बाद गोमतीनगर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मकान की दीवार पर कुछ फुटप्रिंट मिले हैं। टीम ने मौके से अन्य साक्ष्य भी जुटाए। अधिवक्ता ने बताया कि वह दोपहर करीब 1:30 बजे घर लौटे और इसके बाद थाने पहुंचकर तहरीर दी। गोमतीनगर इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई है। घर के सामने स्थित होटल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस की दो टीमें लगाई गई हैं।



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न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम से पहले तिरंगे का अपमान: रिजिजू बोले- RSS या भाजपा की आलोचना करने की आजादी लेकिन देश का अपमान महंगा पड़ेगा


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नई दिल्ली27 मिनट पहले

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भागवत ने शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में स्पीच दी थी।

केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने न्यूयॉर्क में RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम स्थल के बाहर भारतीय झंडे के अपमान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। यह प्रदर्शन शनिवार को मैडिसन स्क्वायर गार्डन के बाहर हुआ था।

रिजिजू ने रविवार रात X पर घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- हमने हमेशा कहा है कि RSS, BJP या सरकार की आलोचना करने की आजादी है, लेकिन हमारे झंडे और मेरे देश का अपमान मत करो। यह बहुत महंगा पड़ेगा।

रिजिजू की ओर से शेयर किए गए वीडियो में मैडिसन स्क्वायर के बाहर एक प्रदर्शनकारी भारतीय झंडे को अपने पैर में बांधकर अपमान करता नजर आया। फिर कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों ने तिरंगे के कई टुकड़े कर दिए। फिर खालिस्तान समर्थक नारे भी लगाए।

भागवत बोले- भारत के DNA में एकता और विविधता

वहीं, शनिवार को मैडिसन स्क्वायर में आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में 6,000 से ज्यादा भारतीय-अमेरिकी और अलग-अलग धर्मों के नेता शामिल हुए। भागवत ने अपने संबोधन में विविधता में एकता को भारत के DNA का हिस्सा बताया।

उन्होंने कहा- सोचने की क्षमता इंसान के लिए एक वरदान है। सही सोच इंसान को भगवान के करीब ले जाती है, जबकि गलत सोच उसे जानवरों के करीब ले जाती है।

भागवत के संबोधन से पहले अलग-अलग धर्मों के नेताओं ने भी एकता, विविधता, करुणा और एक-दूसरे की मदद का संदेश दिया। कार्यक्रम में रब्बी जैकब ब्लूमेंथल, रिवर साइड चर्च की वरिष्ठ मंत्री रेव. एड्रिएन थॉर्न और वॉशिंगटन डीसी की मस्जिद मुहम्मद के अध्यक्ष एवं इमाम तालिब एम. शरीफ समेत कई धर्मगुरु शामिल हुए।

भागवत के भाषण की 5 बड़ी बातें…

1. धर्म सिर्फ पूजा नहीं, जीवन को संतुलित रखने का नियम: भागवत ने कहा कि भारत में जिस सिद्धांत को धर्म कहा जाता है, उसे सिर्फ धर्म या पूजा के तौर पर नहीं समझना चाहिए। धर्म वह व्यवस्था है जो ब्रह्मांड और जीवन को संभालती है। यह जीवन की अलग-अलग स्थितियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है।

2. सिर्फ भौतिक सुख से जिंदगी में संतुष्टि नहीं मिलती: भागवत ने कहा कि पैसा, सामान और दूसरी भौतिक सुविधाएं हमेशा खुशी नहीं दे सकतीं। भौतिक सुख अस्थायी होता है और बहुत ज्यादा सुविधाएं होने के बावजूद संतुष्टि की कमी रह सकती है।

3. अमेरिका कर्मभूमि है, उसके प्रति सच्चे रहें: अमेरिका में रहने वाले भारतीयों से भागवत ने कहा कि आपकी पहली जिम्मेदारी अपनी कर्मभूमि के प्रति है, उसके प्रति वफादार रहना चाहिए।

4. जीवन में सीधे संन्यास नहीं, हर पड़ाव की अपनी जिम्मेदारी: भागवत ने कहा कि इंसान के जीवन में चार चरण होते हैं- ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास। पहले सीखना, फिर परिवार और समाज को संभालना और बाद में अपने अनुभव अगली पीढ़ी को देना जरूरी है।

5. व्यक्ति, समाज और पर्यावरण साथ आगे बढ़ें: भागवत ने कहा कि प्रगति के लिए न व्यक्ति को दबाना चाहिए और न समाज को। व्यक्ति, समाज और पर्यावरण की भलाई साथ-साथ होनी चाहिए।

RSS के शताब्दी वर्ष के मौके पर भागवत का 3 देशों का दौरा

भागवत 25 अगस्त को न्यूयॉर्क गए थे। यह उनके 17 दिन के तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है। भागवत का यह दौरा RSS के शताब्दी वर्ष के ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम के तहत हो रहा है। RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर देश-विदेश में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अमेरिका के बाद भागवत कनाडा और ब्रिटेन जाएंगे।

न्यूयॉर्क मेयर ने भागवत के कार्यक्रम का विरोध किया था

भागवत के कार्यक्रम से पहले न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कहा था कि वह RSS की इस रैली का समर्थन नहीं करते। जब ममदानी से पूछा गया कि क्या RSS का कार्यक्रम रद्द किया जाना चाहिए, तो उन्होंने कहा- मुझे नहीं पता कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर के पास है या नहीं।

अमेरिकी आयोग भी RSS पर बैन की मांग कर चुका

भागवत के अमेरिका दौरे से पहले अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने RSS पर बैन लगाने की मांग की थी। आयोग ने 19 अगस्त को अमेरिकी सरकार से RSS नेताओं को हाई लेवल राजनयिक सुविधाएं नहीं देने और उनसे आधिकारिक मुलाकात नहीं करने की अपील भी की।

हालांकि, भारत ने USCIRF की इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 20 अगस्त को आयोग को ‘पक्षपाती संस्था’ बताया था। उन्होंने कहा कि USCIRF लंबे समय से भारत को लेकर गलत और भड़काऊ बयान देता रहा है, इसलिए उसकी बातों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।

2018 में भी अमेरिका गए थे भागवत

मोहन भागवत इससे पहले सितंबर 2018 में अमेरिका गए थे। उन्होंने शिकागो में 7 से 9 सितंबर 2018 तक आयोजित दूसरे वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस में हिस्सा लिया था। इस कार्यक्रम में 60 देशों से करीब 2,500 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। भागवत ने कांग्रेस के उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया था।

2018 के इस दौरे की उपलब्ध रिपोर्टों में भागवत की किसी अमेरिकी राजनयिक से मुलाकात या उन्हें किसी औपचारिक राजनयिक सम्मान दिए जाने का जिक्र नहीं मिलता। उनका दौरा मुख्य रूप से वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस और उससे जुड़े कार्यक्रमों पर केंद्रित था।

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भागवत बोले- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त:हमें उनकी बात समझनी चाहिए, उनसे बात नहीं हुई तभी तो आंदोलन हुआ

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। उन्होंने कहा- हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ। पूरी खबर पढ़ें…



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पेट दर्द की शिकायत लेकर क्लिनिक पहुंची बच्ची की मौत: 10 दिनों से चल रहा था इलाज, परिजनों का आरोप; इलाज में लापरवाही से हुई मौत, कार्रवाई की मांग – Indore News




इंदौर में इलाज के दौरान एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। गणेश नगर, फोर्स एकेडमी के पास रहने वाली दिव्यांशी सोलंकी पिता मनोज सोलंकी की खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची मूल रूप से पूजापुरा, बागली की रहने वालीहै। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बच्ची को पिछले करीब 10 दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। इसी के चलते उसकी मां उसे इलाज के लिए क्लिनिक लेकर पहुंची थी। परिजनों का दावा है कि रविवार को दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच बच्ची को उपचार के लिए क्लिनिक लाया गया था। गलत इलाज से बिगड़ी बच्ची की हालत परिजनों का आरोप है कि बच्ची का इलाज डॉ. श्रीचंद मांगेचा नामक ने किया। परिवार ने आरोप लगाया कि रविवार को इलाज के दौरान बच्ची की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी अस्पताल ले जाने के मौत हो गई। देर रात परिजन के साथ सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग क्लिनिक पहुंचे गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। हालांकि, बच्ची की मौत वास्तव में किस कारण हुई और इलाज में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। परिजनों की मांग है कि बच्ची की मौत की परिस्थितियों की जांच की जाए और यदि इलाज में लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बच्ची की मौत किस चिकित्सकीय कारण से हुई। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची की मौत बीमारी की गंभीरता के कारण हुई या इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही की भूमिका थी। उधर, डॉ. मांगेचा ने आरोपों को निराधार बताया है कि उसकी हालत पहले से ही गंभीर थी।



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नागौर में 12 भाजपा उम्मीदवारों को नॉमिनेशन के आदेश: फोन आए तो समर्थकों ने आतिशबाजी कर मनाया जश्न – Nagaur News


नगर निकाय चुनाव को लेकर नागौर नगर परिषद में भाजपा के टिकट वितरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी ने अभी तक प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं की है।

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जानकारी के अनुसार, भाजपा ने 12 वार्डों में अपने प्रत्याशियों के नाम तय कर दिए हैं। चयनित प्रत्याशियों को पार्टी स्तर से फोन कर टिकट कंफर्म होने की सूचना दी जा रही है।

भाजपा कार्यालय में सूची पर मंथन करते हुए।

टिकट की सूचना मिलते ही कई संभावित प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कुछ वार्डों में समर्थकों ने पटाखे फोड़कर और आतिशबाजी कर टिकट मिलने का जश्न मनाया। हालांकि, पार्टी की ओर से सार्वजनिक सूची जारी नहीं होने के कारण इन नामों की औपचारिक पुष्टि आधिकारिक सूची जारी होने के बाद ही मानी जाएगी।

इन 12 वार्डों के संभावित प्रत्याशी

  • वार्ड 1 — अविनाश बिनजावत
  • वार्ड 2 — पप्पू देवी
  • वार्ड 4 — मंजू
  • वार्ड 5 — दिलीप
  • वार्ड 15 — नीतू तोलावत
  • वार्ड 16 — यतिराज
  • वार्ड 18 — राजाराम भाटी
  • वार्ड 22 — ट्विंकल वैष्णव
  • वार्ड 23 — प्रमोद जैन
  • वार्ड 31 — रुकमा देवी
  • वार्ड 33 — संतोष
  • वार्ड 58 — गुलाब चंद

फोन पर सूचना, सार्वजनिक सूची का इंतजार, टिकट की सूचना पर आतिशबाजी

भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में टिकटों को लेकर अंतिम स्तर पर मंथन चल रहा है। पार्टी के स्तर पर जिन प्रत्याशियों का चयन किया गया है, उन्हें फोन कर चुनाव लड़ने की सूचना दी जा रही है। इसके साथ ही प्रत्याशियों को नामांकन पत्र सावधानीपूर्वक भरने और सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं। भाजपा के प्रत्याशियों को टिकट मिलने की सूचना के बाद समर्थकों ने आतिशबाजी कर खुशी जाहिर की।

नगर निकाय चुनाव में नामांकन दाखिल करने की समय-सीमा नजदीक आने के साथ ही टिकट वितरण को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं। आधिकारिक सूची सामने आने से पहले ही संभावित प्रत्याशियों के नाम सामने आने और समर्थकों के जश्न से चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होने लगी है। अब सभी की नजर भाजपा की अधिकृत सूची पर है।



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साधारण पूड़ी में लगाएं स्वाद का ट्विस्ट, मूंग दाल-पालक मिलाकर बनाएं ये कुरकुरी पूड़ी

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Moong Dal Palak Puri Recipe: रोज-रोज नाश्ते या लंच में वही पराठा, पूरी और सब्जी देखकर अगर घर के बच्चे मुंह बनाने लगें, तो रसोई में थोड़ा बदलाव काम आ सकता है. इस बार गेहूं के आटे में पालक और मूंग दाल मिलाकर ऐसी पूड़ी बनाई जा सकती है, जो स्वाद में अलग होने के साथ खाने की थाली को भी ज्यादा पौष्टिक बना दे. पालक और मूंग का कॉम्बिनेशन खास तौर पर उन लोगों को पसंद आ सकता है, जो रोज की डाइट में हरी सब्जियां और दाल शामिल करने का आसान तरीका ढूंढते हैं.

शेफ संजीव कपूर की बताई इस स्टाइल की मूंग दाल-पालक पूड़ी का रंग भी आकर्षक आता है और मसालों की हल्की खुशबू इसे साधारण पूड़ी से अलग बनाती है. सुबह का नाश्ता हो, बच्चों का टिफिन या फिर छुट्टी के दिन का खास खाना, इसे अचार, दही या सब्जी के साथ आसानी से परोसा जा सकता है.

मूंग दाल-पालक की पूड़ी बनाने के लिए सामग्री
इस पूड़ी के लिए आपको 1 कप अंकुरित या भिगोई हुई साबुत मूंग, आधा कप पालक, 1 कप गेहूं का आटा और 2 बड़े चम्मच सूजी चाहिए. स्वाद के लिए 1 इंच अदरक, 2 हरी मिर्च, आधा चम्मच अजवाइन, नमक और आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालें. आटा गूंथने के लिए 1 बड़ा चम्मच तेल और जरूरत के हिसाब से करीब आधा कप पानी रखें. पूड़ियां तलने के लिए अलग से तेल लें.

पहले तैयार करें मूंग-पालक का पेस्ट
सबसे पहले मूंग को अच्छी तरह धोकर भिगो लें. पालक को साफ करके थोड़ी देर उबाल लें और अतिरिक्त पानी निकाल दें. अब मूंग, पालक, अदरक और हरी मिर्च को मिक्सर जार में डालें. इसमें थोड़ा पानी डालकर बारीक पेस्ट बना लें. ध्यान रखें कि पेस्ट बहुत ज्यादा पतला न हो, वरना आटा गूंथते समय परेशानी हो सकती है.

(इमेज AI)

ऐसे गूंथें पूड़ी का आटा
तैयार पेस्ट को एक बड़े बाउल में निकालें. इसमें गेहूं का आटा, सूजी, अजवाइन, नमक और हल्दी डालकर मिलाएं. जरूरत के मुताबिक पानी डालते हुए थोड़ा सख्त आटा गूंथें. आखिर में एक बड़ा चम्मच तेल डालकर आटे को दोबारा अच्छी तरह मसलें. इसे गीले कपड़े से ढककर करीब 10 से 15 मिनट के लिए रख दें. यह छोटा सा आराम आटे को सेट होने में मदद करता है और बाद में पूड़ियां बेलना आसान रहता है, अगर आटा बहुत नरम हो गया है, तो थोड़ा गेहूं का आटा मिलाया जा सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

पूड़ियां बेलने और तलने का तरीका
अब आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. बेलने वाली जगह पर हल्का तेल लगाकर लोई को मध्यम मोटाई में बेलें. बहुत पतली पूड़ी बेलने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे उसका स्वाद और टेक्सचर प्रभावित हो सकता है. कड़ाही में तेल गर्म करें और एक-एक करके पूड़ी डालें. तेल सही गर्म होगा तो पूड़ी धीरे-धीरे फूलने लगेगी. इसे पलटकर दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें. तैयार पूड़ी को कड़ाही से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त तेल सोख लिया जाए.

किसके साथ करें सर्व?
गरमा-गरम मूंग दाल-पालक पूड़ी को आलू की सब्जी, दही, अचार या हरी चटनी के साथ परोसा जा सकता है. बच्चों के लिए इसे हल्की मसालेदार सब्जी या दही के साथ देना अच्छा विकल्प रहेगा. इसका हरा रंग भी प्लेट को आकर्षक बना देता है, इसलिए बच्चों को नई चीज खिलाने में मदद मिल सकती है, अगर आप कम तेल में खाना पसंद करते हैं, तो इसी मिश्रण से तवे पर छोटी टिक्की या पराठे जैसा विकल्प भी बनाया जा सकता है. हालांकि पारंपरिक पूड़ी का स्वाद पाने के लिए इसे तेल में तलने पर ही वह खास क्रिस्पी टेक्सचर मिलेगा.



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सोन नदी में नहाने गए दो नाबालिग डूबे, मौत: स्थानीय गोताखोरों ने शव बाहर निकाला, अवैध बालू खनन पर भड़के ग्रामीण – Arwal News




अरवल के परासी थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणपुर बाथे गांव में रविवार को सोन नदी में नहाने गए तीन दोस्तों में से दो किशोर गहरे पानी में डूब गए। इस हादसे में उनकी मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक को स्थानीय लोगों और मछुआरों ने सुरक्षित बचा लिया। मृतकों की पहचान लक्ष्मणपुर बाथे गांव निवासी मृत्युंजय राम के 15 वर्षीय पुत्र हरिओम कुमार और मुकेश कुमार के 16 वर्षीय पुत्र चंदन कुमार के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। घटना की सूचना मिलने पर पारसी थाना प्रभारी सेराज आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से काफी मशक्कत के बाद दोनों किशोरों के शव नदी से बाहर निकाला गया। तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस हादसे के बाद ग्रामीणों ने पुलिस-प्रशासन पर अवैध बालू खनन रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि सोन नदी में लगातार अवैध बालू खनन के कारण कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो नदी में नहाने या जाने वाले लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने और नदी में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।



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सरकार ने कोशिश, फिर भी नहीं घट रहे चीनी के दाम, बड़े शहरों में अब भी 60 से ऊपर


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देश में चीनी की कीमतों में तेजी जारी है. 30 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव ₹64.24 प्रति किलो पहुंच गया. एक हफ्ते में कीमत 1.77 फीसदी बढ़ी है, जबकि एक महीने में यह करीब 30 फीसदी महंगी हो चुकी है. सरकार ने कीमतों पर काबू पाने के लिए कच्ची चीनी के 10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने समेत कई कदम उठाए हैं, इसके बावजूद खुदरा और थोक बाजार में दाम ऊंचे बने हुए हैं.

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शहरों के हिसाब से देखें तो दिल्ली में चीनी ₹62 प्रति किलो बिक रही थी.

नई दिल्ली. देश के ज्यादातर खुदरा बाजारों में चीनी की कीमत 60 रुपये प्रति किलो से ऊपर बनी हुई है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 30 अगस्त को चीनी का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव ₹64.24 प्रति किलो रहा. एक हफ्ते पहले यह ₹63.12 प्रति किलो था. यानी एक सप्ताह में कीमत 1.77 फीसदी बढ़ी है. चीनी की मौजूदा कीमत एक महीने पहले के मुकाबले करीब 30 फीसदी ज्यादा है. वहीं, पिछले साल इसी अवधि की तुलना में इसमें 38.63 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. 30 अगस्त को अलग-अलग बाजारों में चीनी की अधिकतम कीमत ₹74 और न्यूनतम कीमत ₹40 प्रति किलो दर्ज की गई.

शहरों के हिसाब से देखें तो दिल्ली में चीनी ₹62 प्रति किलो बिक रही थी. मुंबई में इसका भाव ₹66 प्रति किलो रहा. चेन्नई में चीनी ₹63 और रांची में ₹68 प्रति किलो के भाव पर बिकी. थोक बाजार में भी कीमतें ऊंची बनी हुई हैं. 30 अगस्त को चीनी का औसत थोक भाव ₹59.73 प्रति किलो रहा. एक हफ्ते पहले यह ₹58.66 प्रति किलो था. एक महीने में थोक कीमत करीब 31 फीसदी और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 38.63 फीसदी बढ़ चुकी है.

एक्स मिल भाव घटा, फिर भी महंगी चीनी

खुदरा और थोक बाजार में चीनी के दाम ऐसे समय बढ़ रहे हैं, जब मिल स्तर यानी एक्स मिल भाव में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है. सरकार ने कच्ची चीनी के 10 लाख टन शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी थी. इसके बाद एक्स मिल कीमतों पर दबाव आया. उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, एक्स मिल और थोक कीमत के बीच ₹2 से ₹3 प्रति किलो का अंतर सामान्य माना जाता है. वहीं, एक्स मिल और खुदरा कीमत के बीच ₹7 से ₹8 प्रति किलो का अंतर भी सामान्य है.

सरकार ने उठाए कई कदम

चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. कच्ची चीनी के आयात की अनुमति देने के अलावा थोक खरीदारों और डीलरों के लिए स्टॉक रखने के नियम सख्त किए गए हैं. इससे पहले सरकार चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा चुकी है. केंद्र सरकार ने चीनी मिलों पर कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया है. सरकार का कहना है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है.

उत्पादन घटने से भी दबाव

चीनी की उपलब्धता को लेकर इस साल चिंता इसलिए भी है क्योंकि 2025-26 के चीनी विपणन वर्ष में उत्पादन पहले के अनुमान से कम रहने का अनुमान है. उत्पादन का अनुमान घटाकर 306 लाख टन किया गया है. पहले 343 लाख टन उत्पादन का अनुमान लगाया गया था. देश में चीनी की सालाना घरेलू मांग करीब 280 से 285 लाख टन रहने का अनुमान है. ऐसे में उत्पादन और उपलब्ध स्टॉक पर बाजार की नजर बनी हुई है.



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पात्र लाभार्थियों तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ: आजमगढ़ में बोले पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य, लगाई जन चौपाल – Azamgarh News




आजमगढ़ जिले में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येन्द्र कुमार बारी ‘बीनू’ ने रविवार को आजमगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर कई कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने आमजन से संवाद करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी और पात्र लाभार्थियों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
ग्राम बयासी, थाना सिधारी में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह और काव्य गोष्ठी में उन्होंने रचनाकार रोहित राही की पुस्तक ‘जिंदगी तुम बिन अधूरी’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने, संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। साहित्य एवं संस्कृति सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बाद ग्राम चिउटहरा, बेइली बाजार में आयोजित जन-चौपाल में उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र लोगों को इनका लाभ लेने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने ग्रामीणों से आसपास के पात्र लोगों को भी योजनाओं की जानकारी देने की अपील की। बेहतर संवाद करने की अपील
बेइली बाजार में जनसंपर्क कार्यालय का उद्घाटन करते हुए सत्येन्द्र कुमार बारी ‘बीनू’ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आमजन के बीच बेहतर संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है। जनसंपर्क कार्यालय के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं, विकास संबंधी जरूरतों और जनहित के मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके पश्चात मई खरगपुर, थाना गंभीरपुर में जनसंपर्क अभियान चलाकर स्थानीय लोगों से क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। सरकार का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। पिछड़ा वर्ग सहित कमजोर और वंचित वर्गों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक उत्थान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आयोग के सदस्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य कर रही है।



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कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने किया रक्तदान: नशे की लत छोड़ अब बचा रहे मरीजों की जान – Katihar News




कटिहार में पूर्व नशाग्रस्त युवाओं ने समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाया है। जिन हाथों में कभी नशे का सामान होता था, वे अब जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। हाल ही में आयोजित एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में इन युवाओं ने नशामुक्ति और मानव सेवा का महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल और कटिहार राइडर्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था। सुप्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. राजीव जायसवाल के जानकी ट्रॉमा सेंटर एंड हॉस्पिटल में हुए इस शिविर में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कुल 25 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। शिविर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें उन युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो कभी नशे की लत से ग्रस्त थे। इन युवाओं ने नशे को पूरी तरह त्यागकर अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया है। रक्तदान के माध्यम से उन्होंने न केवल जरूरतमंद मरीजों की सहायता की, बल्कि यह भी दर्शाया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और उचित मार्गदर्शन से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कटिहार राइडर्स के संस्थापक अमितेश रंजन ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करना और उन्हें समाजसेवा से जोड़ना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा शक्ति सही दिशा में कार्य करे तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। डॉ. राजीव जायसवाल ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि ऐसे शिविरों का लक्ष्य लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में योगदान देना है। शिविर के संयोजक एवं समाजसेवी अमित जायसवाल विक्की ने टिप्पणी की, “जो हाथ कभी नशे में डूबे थे, आज वही हाथ किसी की जिंदगी बचाने के लिए रक्तदान कर रहे हैं। यह बदलाव की एक बड़ी तस्वीर है।” उन्होंने आगे कहा कि नशे से बाहर निकलकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।



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बारिश में पुलिया टूटने से युवक बाइक समेत गिरा, मौत: सतना में भरगंवा-दलेला मार्ग पर अचानक ढही सड़क – Satna News




सतना जिले के मझगंवा थाना क्षेत्र में रविवार शाम भरगंवा-दलेला मार्ग पर एक पुलिया टूटने से बाइक सवार 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। तेज बारिश के दौरान जर्जर पुलिया अचानक ढह गई, जिससे युवक बाइक समेत नीचे जा गिरा। मृतक की पहचान भरगंवा निवासी कृष्ण मोहन द्विवेदी (30) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कृष्ण मोहन रविवार को हिरौंदी से अपने घर भरगंवा लौट रहे थे। शाम करीब 4 बजे वे भरगंवा-दलेला रोड पर बनी पुलिया से गुजर रहे थे। बारिश के बाद अचानक टूटी पुलिया
इसी दौरान लगातार हो रही तेज बारिश के कारण जर्जर पुलिया अचानक टूट गई। पुलिया टूटने से कृष्ण मोहन संभल नहीं सके और बाइक समेत नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मझगंवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे पुलिया पर पानी का दबाव भी बढ़ गया था। यह घटना पुलिया की जर्जर स्थिति और बारिश के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।



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