Tuesday, July 7, 2026
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पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे? 26 साल में कच्‍चे तेल की कीमत में सबसे बड़ी कटौती


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Crude oil Price : सऊदी अरब ने अपने कच्‍चे तेल की कीमतों भारी कटौती का ऐलान किया है. रेट घटने का भारत को खूब फायदा होगा क्‍योंकि रूस के बाद भारत सबसे ज्‍यादा तेल सऊदी अरब से ही लेता है. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में अब क्रूड ऑल का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है.

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सऊदी अरब ने कच्‍चे तेल की कीमत 11 डॉलर बैरल घटाने का फैसला किया है.

नई दिल्ली. वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ी आपूर्ति का सीधा फायदा भारत को मिलने जा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देश सऊदी अरब ने अगस्त महीने के लिए एशियाई ग्राहकों के लिए अपने कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 26 वर्षों की सबसे बड़ी कटौती कर दी है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) ने अगस्त महीने से एशिया के लिए अरब लाइट कच्चे तेल की कीमत में 11 डॉलर प्रति बैरल की कटौती करने का निर्णय लिया है.

इस बड़ी कटौती के बाद अब अरब लाइट क्रूड क्षेत्रीय बेंचमार्क के मुकाबले 1.50 डॉलर प्रति बैरल डिस्काउंट (छूट) पर उपलब्ध होगा. भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आयात करता है, इसलिए भारतीय कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है. ग्लोबल मार्केट में जून के मध्य से ही कच्चे तेल की कीमतें नरम हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत अब घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जो कि इस साल फरवरी के अंत के स्तर के आसपास है.

क्‍यों सस्‍ता हो रहा है कच्‍चा तेल

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू हो गई है. युद्ध के कारण यह लगभग बंद पड़ा था. होर्मुज जलडमरूमध्य खुलते ही सऊदी अरामको ने रास तनुरा बंदरगाह से कच्चे तेल की शिपमेंट को तेजी से बढ़ाकर युद्ध-पूर्व स्तर के 90 फीसदी तक पहुंचा दिया है.
जब होर्मुज बंद था तब कंपनी को अपना माल लाल सागर के यानबू (Yanbu) बंदरगाह के रास्ते घुमाकर भेजना पड़ रहा था. इससे लागत बढ़ रही थी. अब तेल आपूर्ति सामान्य होने और मिडिल-ईस्ट से तेल का फ्लो बढ़ने के कारण एशियाई रिफाइनरियों के पास सस्ते तेल के कई विकल्प मौजूद हैं.

OPEC+ भी बढ़ाएगा उत्‍पादन

सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व वाले OPEC+ समूह ने भी अगस्त महीने के लिए तेल उत्पादन कोटा में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है. पहले जब होर्मुज का रूट बंद था, तब उत्पादन बढ़ाने का कोई खास असर नहीं दिख रहा था. लेकिन अब जब सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश अपने बढ़े हुए कोटे का पूरा इस्तेमाल कर तेल बाजार में उतार रहे हैं, तो कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं.



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‘एक-दूसरे के ऊपर पड़े थे दोनों शव’: झाड़ियों में जलाने की तैयारी थी, झज्जर में तेल भरा ड्रम छोड़ भागे; ₹2 करोड़ का प्लाट बेचा था – Jhajjar News




गुरुग्राम-झज्जर रोड पर अर्धनग्न डेडबॉडी को लेकर अब कई खुलासे हुए हैं। परिजनों का कहना है कि मृतक कामिल ने करीब 2 महीने ही 2 करोड़ रुपए का एक प्लॉट बेचा था। 4 जुलाई को वह अपने साथी इरशाद के साथ ब्लैक स्कॉर्पियो लेकर राजस्थान के नीमराना गया था। कामिल यहां एक PG चलाता था, जबकि इरशाद इसी पीजी में मुंशी का काम करता था। सोमवार सुबह दोनों के शव झज्जर में सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले। दोनों की बॉडी एक-दूसरे के ऊपर पड़ी थी। एक सिर में गंभीर चोट लगी थी। उनके शव के पास से एक नीले ड्रम में पेट्रोलियम पदार्थ, एक पाईप, लोहे का पाना और ट्रक की चाबी मिली है। अब झज्जर पुलिस 2 करोड़ के लेनदेन को लेकर दोनों का मर्डर हुआ। इसके बाद एक ट्रक में लाकर इनकी बॉडी रोड किनारे फेंक दी। यहां आरोपी दोनों का शव जलाने की तैयारी कर रहे थे, मगर जैसे ही उन्हें किसी के यहां आने की भनक लगी। आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस भी अब लेनदेन को लेकर जांच कर रही है। पहले जानिए, डबल मर्डर का पूरा घटनाक्रम… 20 साल से साथ रहते थे दोनों इरशाद के भाई हकीकत ने बताया- इरशाद करीब 20 साल से कामिल के पास ही रहता था। दोनों साथ काम करते थे। दोनों के बीच एक परिवार जैसा रिश्ता हो गया था। पीजी में वह मुंशी का काम करता था। कई बार घर भी दोनों साथ में ही आते थे। प्लॉट बेचने के बाद कामिल प्रॉपर्टी डीलर का भी काम करने लगा था। आज होगा शवों का पोस्टमॉर्टम मृतक कामिल के तीन बेटे और तीन बेटियां हैं। उसके 2 बेटों की शादी हो चुकी है। वहीं इरशाद के परिवार में तीन बेटियां हैं। दोनों शवों का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या के समय, वारदात के तरीके और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा होने की उम्मीद है। SHO बोले- पुलिस हर एंगल से जांच कर रही एसएचओ परमजीत का कहना है कि पुलिस पैसों के लेन-देन, प्रॉपर्टी डीलिंग, पुरानी रंजिश को लेकर जांच की जा रही है। जांच टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। —————- यह खबर भी पढ़ें… झज्जर में डबल मर्डर में बड़ा खुलासा:यूपी के रहने वाले थे दोनों, राजस्थान में PG चलाते थे; नीले ड्रम में शव जलाने की कोशिश झज्जर में गुरुग्राम रोड पर सोमवार सुबह सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के पास मिले अर्धनग्न शवों की पहचान हो गई। दोनों यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले थे और राजस्थान के नीमराना में एक PG चलाते थे। (पूरी खबर पढ़ें)



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व्हाट्सएप पर चेयरमैन की डीपी लगाकर 5.30 करोड़ की साइबर-ठगी: बॉस बनकर अकाउंटेंट को भेजे मैसेज, दो खातों में ट्रांसफर करवाए करोड़ों रुपए, दिहाड़ी मजदूर निकला बैंक खाते सप्लाई करने वाला आरोपी – Jaipur News



आरोपी राहुल पेशे से दिहाड़ी मजदूर है। उसने पुणे निवासी अमित सिंह के कहने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी फर्म रजिस्टर करवाई थी।

राजस्थान पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम शाखा ने कॉर्पोरेट कंपनियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए महाराष्ट्र के पुणे से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। साइबर ठगों ने एक नामी कंपनी के चेयरमैन

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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

1930 हेल्पलाइन पर दर्ज हुई थी शिकायत

एडीजी विजय कुमार सिंह ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को गैलेक्सी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड की ओर से परिवादी दीपेंद्र सिंह ने साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि साइबर ठगों ने कंपनी के मालिक दीपेंद्र सिंह राठौड़ के नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से कंपनी के अकाउंटेंट को संदेश भेजा।

खुद को कंपनी का मालिक बताते हुए ठगों ने दो बैंक खातों की जानकारी भेजी और अत्यंत जरूरी भुगतान का हवाला देकर अकाउंटेंट से ऑनलाइन माध्यम से 5.30 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए।

व्हाट्सएप पर बॉस की डीपी देखकर कर्मचारी हुआ गुमराह

जांच में सामने आया कि अपराधियों ने पहले कंपनी के चेयरमैन की प्रोफाइल फोटो और अन्य जानकारी जुटाई। इसके बाद उसी फोटो को नए व्हाट्सएप नंबर पर लगाकर कंपनी के अकाउंटेंट से संपर्क किया। बॉस का नाम और फोटो देखकर कर्मचारी को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और उसने बताए गए खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

तकनीकी जांच के बाद पुणे से गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन का गहन तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी राहुल अशोक (32) निवासी पुणे (महाराष्ट्र) की पहचान हुई। राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस के सहयोग से आरोपी को पुणे से गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर जयपुर लेकर आई।

दिहाड़ी मजदूर निकला बैंक खाते सप्लाई करने वाला

पूछताछ में आरोपी राहुल ने स्वीकार किया कि वह मुख्य साइबर अपराधियों को मोटे कमीशन के बदले फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराता था और अवैध धनराशि के लेनदेन में उनकी मदद करता था।

जांच में सामने आया कि राहुल पेशे से दिहाड़ी मजदूर है। उसने पुणे निवासी अमित सिंह के कहने पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक फर्जी फर्म रजिस्टर करवाई थी।

50 करोड़ की लिमिट वाला फर्जी करंट अकाउंट खुलवाया

पुलिस के अनुसार फर्जी फर्म के नाम पर खोले गए करंट बैंक खाते की क्रेडिट लिमिट मिलीभगत कर 50 करोड़ रुपए तक बढ़वाई गई थी। इसी खाते का इस्तेमाल मार्च 2026 में हुई 5.30 करोड़ रुपए की साइबर ठगी में किया गया।

आरोपी ने गिरोह के लिए तीन अन्य बैंक खाते भी खुलवा रखे थे। ठगी की रकम खाते में आते ही उसे तुरंत कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर लेयरिंग की जाती थी, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके।

बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

राजस्थान पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी फर्म के नाम पर खाते खोलने और 50 करोड़ रुपये की लिमिट स्वीकृत कराने में संबंधित बैंक कर्मचारियों की कोई भूमिका रही या नहीं। यदि किसी बैंक अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि मामले में इस्तेमाल किए गए अन्य बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मुख्य आरोपी अमित सिंह सहित पूरे साइबर गिरोह की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उप महानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा के सुपरविजन में स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर की विशेष टीम गठित की गई।

इस कार्रवाई को स्टेट साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर के थानाधिकारी एवं उपाधीक्षक पुलिस गजेंद्र शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने अंजाम दिया। टीम में पुलिस निरीक्षक मुकेश, कांस्टेबल अमित कुमार और कांस्टेबल जयसिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



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मां-बाप को मिला ठेले के नीचे छोड़ा गया मासूम: गरीबी में लिया था कलेजा चीर देने वाला फैसला, मीडिया में खबर देखकर लौटे बरेली – Bareilly News




बरेली के सैटेलाइट बस स्टैंड पर ठेले के नीचे लावारिस हालत में मिला 3 महीने का मासूम आखिरकार अपने मां-बाप की गोद में लौट गया। दो दिन पहले जिस बच्चे को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई थीं और लोग उसके मां-बाप को कोस रहे थे, वही मां-बाप अब उसे लेने हरदोई से बरेली पहुंचे। उनका कहना है कि गरीबी और बच्चे की बीमारी ने उन्हें ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया था। मीडिया में खबरें देखने के बाद उनका दिल नहीं माना और वे अपने कलेजे के टुकड़े को वापस लेने चले आए। गरीबी और बीमारी ने लिया गलत फैसला
मामला बारादरी थाना क्षेत्र के सैटेलाइट बस स्टैंड का है। हरदोई निवासी स्वाति पत्नी सचिन अपने 3 महीने के बेटे को बस स्टैंड पर एक ठेले के नीचे छोड़कर चले गए थे। मासूम लगातार रोता रहा। उसकी आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने ठेले के नीचे देखा तो बच्चा अकेला पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद बच्चे को चाइल्ड हेल्पलाइन की निगरानी में रखा गया। मीडिया में खबर देखकर बदल गया फैसला
घटना की खबर मीडिया में प्रकाशित हुई। खबर देखने के बाद बच्चे के मां-बाप का मन बदल गया। उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की और हरदोई से सीधे बरेली पहुंच गए। आवश्यक दस्तावेज और पहचान संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने अपने बेटे को वापस लेने की इच्छा जताई। जब लोग दे रहे थे बद्दुआ, तब कोई नहीं जानता था सच्चाई
जिस समय मासूम ठेले के नीचे मिला था, वहां मौजूद लोग उसके मां-बाप को कोस रहे थे। हर किसी के मन में यही सवाल था कि आखिर कौन ऐसे मां-बाप होंगे जो अपने पांच महीने के मासूम को इस तरह बेसहारा छोड़ सकते हैं। लोगों का कहना था कि अगर बच्चे तक कोई आवारा कुत्ता या बंदर पहुंच जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। गनीमत रही कि समय रहते लोगों ने उसके रोने की आवाज सुन ली और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कागजी प्रक्रिया के बाद सौंपा गया बच्चा
बच्चे के मिलने के बाद उसे चाइल्ड हेल्पलाइन की देखरेख में रखा गया था। सोमवार को हरदोई से पहुंचे उसके मां-बाप से पूछताछ की गई। उनकी पहचान और पारिवारिक दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद नियमानुसार लिखापढ़ी पूरी की गई। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन ने बच्चे को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि हरदोई निवासी दंपती अपने 3 महीने के बेटे को लेने बरेली आए थे। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आर्थिक तंगी और बच्चे की बीमारी के कारण उन्होंने उसे बस स्टैंड पर छोड़ दिया था। मीडिया में खबरें देखने के बाद वे दोबारा बरेली पहुंचे और बच्चे को वापस ले जाने की इच्छा जताई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
दंपती को कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि इस तरह की लापरवाही दोबारा की गई तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



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12 साल के हेम के 2 हत्यारों को उम्रकैद: गर्लफ्रेंड की शादी कहीं और होने से बौखलाकर की थी उसके भाई की हत्या – Gwalior News




ग्वालियर सेशन कोर्ट ने सोमवार को 12 वर्षीय मासूम हेमसिंह राजपूत की निर्मम और रूह कंपा देने वाली हत्या के दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र सिंह परिहार की अदालत ने मुख्य आरोपी शिवम उर्फ तोता कुशवाह (23 वर्ष) और उसके साथी अमन गोस्वामी उर्फ योगी (21 वर्ष) को अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी पाया। दोनों पर भारी अर्थदंड भी लगाया। कोर्ट ने इस हत्याकांड को बेहद क्रूर माना। महज 19 महीने के भीतर डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी साबित किया गया। शादी से इनकार किया तो भाई को मार डाला
अदालत के समक्ष पेश अभियोजन और पुलिस के साक्ष्यों के अनुसार, यह पूरी खौफनाक कहानी प्रतिशोध की आग से जुड़ी थी। मुख्य आरोपी शिवम कुशवाह का मृतक हेम की बड़ी बहन नंदनी के साथ प्रेम-प्रसंग था। दोनों के परिवार पहले शादी के लिए राजी थे, लेकिन नंदनी के सौतेले पिता विजय सेन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। बाद में परिजनों ने नंदनी की शादी शेरू नाम के युवक से कर दी। अपनी प्रेमिका की दूसरी जगह शादी होने से बौखलाए शिवम ने नंदनी के सौतेले पिता को सबक सिखाने और बदला लेने के लिए उसके छोटे भाई हेम की हत्या की साजिश रच डाली। मेला दिखाने के बहाने बुलाया, फिर पत्थरों से तोड़ा जबड़ा
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि 29 जुलाई 2024 को हेम की मां कमलेश ने बेटे को गुप्तेश्वर महादेव का मेला देखने के लिए घर से ऑटो में बैठाकर रवाना किया था। रास्ते में आरोपी शिवम ने हेम को फोन किया और मेला दिखाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने पास बुला लिया। इसके बाद वह अपने साथी अमन गोस्वामी के साथ उसका अपहरण कर देव खो रोड (तिघरा थाना क्षेत्र) स्थित सुनसान जंगल की झाड़ियों में ले गया। वहां आरोपियों ने पहले शराब पी और फिर हेम पर भारी पत्थरों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में बच्चे का जबड़ा पूरी तरह टूट गया और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने शव को भारी पत्थरों के नीचे दबा दिया। डिजिटल सबूतों ने खोला राज, ऐसे पकड़े गए कातिल
वारदात के अगले दिन 30 जुलाई 2024 को तिलकुंडा नरिया के पास जंगल में एक चरवाहे ने पत्थरों के बीच मक्खियां भिनभिनाते देखीं। पास जाकर देखा तो बच्चे की उंगलियां बाहर निकली हुई थीं। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और साइबर टीम ने आधुनिक तकनीक की मदद से इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाई। कोर्ट की टिप्पणी- मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला अपराध कोर्ट ने सजा सुनाते हुए कहा कि ‘मासूम और बेकसूर बच्चे की इस प्रकार पत्थरों से कुचलकर हत्या करना मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने वाला कृत्य है। प्रेम-प्रसंग या पारिवारिक असहमति का बदला 12 वर्षीय बच्चे की जान लेकर पूरा करना समाज में किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ऐसे अपराधियों के प्रति कानून सख्त रुख अपनाता है।’



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हथियार के साथ फोटो पोस्ट करने पर युवक अरेस्ट: कैमूर में सोशल मीडिया पर वायरल फोटो पर पुलिस की कार्रवाई, देवर्जीकला से आरोपी को भेजा जेल – Kaimur News




कैमूर के भभुआ में सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ फोटो पोस्ट कर रौब झाड़ना एक युवक को महंगा पड़ गया। वायरल तस्वीर का संज्ञान लेते हुए भभुआ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वायरल फोटो के बाद हुई कार्रवाई भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तार युवक की पहचान देवर्जीकला गांव निवासी नरेश राम के 20 वर्षीय पुत्र बल्लू राम के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर हथियार के साथ उसकी तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी जांच के बाद दबोचा गया आरोपी गठित टीम में तकनीकी शाखा और भभुआ थाना के पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने पहले वायरल तस्वीर की सत्यता और आरोपी की पहचान की पुष्टि की। इसके बाद उसके ठिकाने पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट एवं अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वायरल तस्वीर में दिख रहा हथियार अवैध था या नहीं और उसे कहां से प्राप्त किया गया। पुलिस की चेतावनी पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन कर कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।



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इस मिठाई को खाने के लिए लोग घंटों लाइन में लगते हैं, देश-विदेश में है मशहूर


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भारत में मिठाइयों की भरमार है, लेकिन कुछ मिठाइयों का स्वाद ऐसा होता है कि लोग उन्हें खरीदने के लिए घंटों तक इंतजार करने से भी नहीं हिचकिचाते. ऐसी ही एक खास मिठाई है, जिसे चखने के लिए लोग दूर-दूर से कोलकाता पहुंचते हैं. इसका स्वाद इतना अलग और लाजवाब है कि एक बार खाने वाला इसे दोबारा जरूर खाना चाहता है.

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बेक्ड रसगुल्ले

कोलकाता को भारत की मिठाइयों की राजधानी भी कहा जाता है. यहां रसगुल्ला, संदेश, मिष्टी दोई और चमचम जैसी कई पारंपरिक मिठाइयां मशहूर हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में बेक्ड रसगुल्ला ने अपनी अलग पहचान बना ली है. यह मिठाई अब सिर्फ पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की भी पहली पसंद बन चुकी है. इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मशहूर मिठाई की दुकानों के बाहर इसे खरीदने के लिए अक्सर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं.

बेक्ड रसगुल्ला पारंपरिक रसगुल्ले का ही एक नया और स्वादिष्ट रूप है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले ताजे छेना से मुलायम रसगुल्ले तैयार किए जाते हैं. इसके बाद इन्हें खास क्रीमी मिश्रण के साथ ओवन में बेक किया जाता है. बेक होने के बाद इसकी ऊपरी परत हल्की सुनहरी हो जाती है, जबकि अंदर का हिस्सा रसदार और मुलायम बना रहता है. यही वजह है कि इसका स्वाद सामान्य रसगुल्ले से काफी अलग और रिच महसूस होता है.

क्यों लगती है लोगों की भीड़?
कोलकाता की प्रसिद्ध मिठाई की दुकान बलराम मलिक एंड राधारमण मलिक को बेक्ड रसगुल्ले को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है. यहां हर दिन बड़ी संख्या में ग्राहक इस मिठाई को खरीदने पहुंचते हैं. त्योहारों, वीकेंड और छुट्टियों के दौरान दुकानों के बाहर लंबी लाइन लगना आम बात है. कई लोग अपने रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए इसे पैक करवाकर दूसरे शहरों में भी लेकर जाते हैं.

क्या है इसके स्वाद का राज?
बेक्ड रसगुल्ले का सबसे बड़ा राज इसकी बेकिंग प्रक्रिया है. बेक होने के बाद इसकी ऊपरी परत हल्की कैरेमलाइज हो जाती है, जिससे इसमें अलग तरह की मिठास और फ्लेवर आता है. वहीं अंदर का रसगुल्ला पहले की तरह नरम और रस से भरा रहता है. इसे ठंडा परोसने पर इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. यही वजह है कि इसे खाने वाले लोग इसकी तारीफ किए बिना नहीं रहते.

देशभर में बढ़ रही है लोकप्रियता
सोशल मीडिया, फूड ब्लॉग्स और ट्रैवल व्लॉग्स की वजह से बेक्ड रसगुल्ले की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. अब कई ऑनलाइन मिठाई ब्रांड भी इसे अलग-अलग शहरों तक पहुंचा रहे हैं. हालांकि, फूड एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका असली स्वाद कोलकाता में ताजा तैयार किए गए बेक्ड रसगुल्ले में ही मिलता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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Dy. CM ने चूक मानने के साथ दिया चुनावी संदेश: प्रयागराज में केशव बोले- लोकसभा चुनाव की चूक का हम सभी को पछतावा – Prayagraj (Allahabad) News




उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को प्रयागराज में प्रेरणा स्थल के लोकार्पण समारोह के मंच से राजनीतिक संदेश देते हुए वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में हुई “चूक” को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि उस चूक का सभी को पछतावा है, लेकिन अब लक्ष्य वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव है। इसके लिए प्रयागराज की सभी 12 विधानसभा सीटों पर भाजपा को जीत दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 2027 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार बनानी है।
डॉ. मुखर्जी के बलिदान को किया याद
अपने संबोधन में मौर्य ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि जिस धारा 370 को हटाने के लिए डॉ. मुखर्जी ने बलिदान दिया था, वह अब समाप्त हो चुकी है। साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी और अशोक सिंघल के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सपने आज साकार हो रहे हैं।
मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
उन्होंने कहा कि कभी किसी ने नहीं सोचा था कि भाजपा अपने दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी, लेकिन प्रयागराज की जनता ने कमल का बटन दबाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दावा किया कि आज पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है और इसका श्रेय देश की जनता को जाता है।
सपा सरकार और कानून व्यवस्था पर हमला
डिप्टी सीएम ने उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रयागराज में विकास और कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी। अतीक अहमद और उसके गिरोह का आतंक था, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों को “मिट्टी में मिलाने” का काम किया गया।
2027 में 12 की 12 सीटें जीतने का आह्वान
भाषण के अंत में मौर्य ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से संकल्प दिलाते हुए कहा कि 2027 में प्रयागराज की 12 की 12 विधानसभा सीटों पर कमल खिलाना होगा। उन्होंने कहा कि 2017 का इतिहास दोहराते हुए समाजवादी पार्टी का “सूपड़ा साफ” करना है। उन्होंने यह भी कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में हुई चूक से सबक लेकर भाजपा को और अधिक मजबूती के साथ मैदान में उतरना होगा। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने से 2029 के लोकसभा चुनाव का रास्ता भी और मजबूत होगा।
बूथ स्तर से संगठन मजबूत करने का आह्वान
अपने पूरे संबोधन में डिप्टी सीएम का फोकस आगामी विधानसभा चुनाव पर रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक जुटने, संगठन को मजबूत करने और भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने के लिए अभी से जुट जाने का आह्वान किया।



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पीपल के नीचे खड़े दो ग्रामीणों पर गिरी आकाशीय बिजली: शरीर का लगभग आधा हिस्सा झुलसा, पन्ना जिला अस्पताल में आईसीयू में भर्ती – Panna News




पन्ना जिले की इटवाकला ग्राम पंचायत में सोमवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से दो ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। तेज बारिश से बचने के लिए वे एक पीपल के पेड़ के नीचे खड़े हुए थे, तभी वे इस हादसे का शिकार हो गए। दोनों को बेहद नाजुक हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इटवाकला के रहने वाले मथुरा प्रसाद मिश्रा उर्फ बड्डे महाराज (48 साल) और चिरौंजी लाल चौधरी (50 साल) किसी निजी काम से गुनौर जा रहे थे। रास्ते में कोहनी इलाके में बने खेर माता मंदिर के पास अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। पानी से बचने के लिए दोनों पास ही मौजूद एक पीपल के पेड़ के नीचे जाकर खड़े हो गए। इसी बीच अचानक कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली सीधे उसी पीपल के पेड़ पर आ गिरी। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि दोनों ग्रामीण मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। कुछ देर बाद जब चिरौंजी लाल का बेटा उन्हें ढूंढते हुए वहां पहुंचा, तो उसने दोनों को अचेत हालत में पड़ा देखा। शरीर का आधा हिस्सा झुलसा, हालत गंभीर परिजन ने आनन-फानन में दोनों को बाइक पर लादकर इटवाकला पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज देने के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बिजली गिरने की वजह से दोनों ग्रामीणों के शरीर का लगभग आधा हिस्सा बुरी तरह झुलस गया है। जिला अस्पताल में उन्हें आईसीयू या स्पेशल वार्ड में रखकर लगातार इलाज दिया जा रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों की हालत काफी चिंताजनक बनी हुई है।



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कटौना ओवरब्रिज पर हादसा, 2 होमगार्ड घायल: जमुई में खड़ी ट्रैक्टर से टकराई बाइक, एक की हालत गंभीर – Jamui News




जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कटौना ओवरब्रिज पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार बाइक खड़ी ट्रैक्टर से टकरा गई। इस हादसे में बाइक पर सवार दो होमगार्ड जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों की पहचान सोनो थाना क्षेत्र के आसन गांव निवासी शिव शंकर सिंह और घुटवे गांव निवासी अनुज सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद डायल-112 पुलिस टीम ने दोनों घायलों को तत्काल सदर अस्पताल, जमुई पहुंचाया। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। चिकित्सक डॉ. घनश्याम सुमन के अनुसार, दोनों घायलों में से एक जवान की स्थिति अधिक नाजुक है। दोनों होमगार्ड जवान बटिया थाना से अपनी राइफल और कारतूस जमा करने के लिए पुलिस लाइन मलयपुर गए थे। ड्यूटी से संबंधित यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद वे बाइक से अपने घर लौट रहे थे। बताया गया कि कटौना ओवरब्रिज पर पहुंचते ही सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन की तेज हेडलाइट के कारण बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों जवान सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।



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