Sunday, May 17, 2026
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पांच थानेदारों की कार्यशैली से नाखुश पुलिस कमिश्नर: ACP को फटकारा, कहा- आप मुंशी नहीं, जेल भेजने से पहले मामले को ठीक से समझें – Kanpur News




पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने शनिवार को हुई अपराध समीक्षा बैठक में शांतिभंग और पाबंद की कार्रवाई को लेकर सख्त रुख अपनाया। ग्रामीण सर्किल के एक एसीपी को फटकार लगाते हुए कहा कि आप मुंशी नहीं हैं, आपके पास मजिस्ट्रेट की पावर है। शांतिभंग में जेल भेजने से पहले मामले को अच्छी तरह समझें। वहीं शहर के पांच थानेदारों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं पाई गई है, जिनकी कुर्सी पर तलवार लटक रही है। साढ़े चार घंटे तक चली बैठक वर्चुअल मोड में दोपहर ढाई बजे से शाम सात बजे तक चली बैठक में डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी और अन्य अधिकारी जुड़े। बैठक में सबसे पहले वर्ष 2010 से फरार चल रहे इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी का रिपोर्ट कार्ड देखा गया। कार्रवाई में लापरवाही मिलने पर रेलबाजार, कल्याणपुर, बिठूर, नौबस्ता और नजीराबाद के थाना प्रभारियों से जवाब-तलब किया गया। हिस्ट्रीशीटरों और गुंडा एक्ट की कार्रवाई में ढिलाई मिलने पर कोतवाली, कलक्टरगंज, बजरिया, बेकनगंज, कोहना और काकादेव पुलिस को भी फटकार लगाई। साथ ही थानों में संदिग्धों को अनावश्यक बैठाने पर रोक लगाने, पूछताछ का जीडी में उल्लेख करने और थाना परिसर के सभी सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। CBCID की अनुमति पर खोले हिस्ट्रीशीट इसके अलावा कहा कि 21 वर्ष से कम उम्र के आरोपियों की हिस्ट्रीशीट सीबीसीआईडी की अनुमति के बाद ही खोली जाएं। बैठक में घाटमपुर और चौबेपुर में चोरी व हत्या की घटनाओं के खुलासे में देरी पर नाराजगी जताई गई। नरवल, सचेंडी, चौबेपुर, पनकी और घाटमपुर में सक्रिय संगठित चोर गिरोहों पर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई, सूखे नशे के खिलाफ विशेष अभियान और खुले में शराब पीने वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया। इसके अलावा आगामी बकरीद को सकुशल संपन्न कराने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर अन्य विभागों से समन्वय बनाने के निर्देश दिए।



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‘हम 2 हमारे 4’ करने पर 70000 देगा आंध्र, यहां तो गिफ्ट्स भी देती हैं सरकारें


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‘हम 2 हमारे 4’ करने पर 70000 देगा आंध्र, यहां तो गिफ्ट्स भी देती हैं सरकारें

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दुनिया भर में जनसंख्या घट रही है और सरकारें चिंता में हैं. भारत के आंध्र प्रदेश ने तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 देने का ऐलान किया है. भारत का यह इकलौता राज्‍य नहीं है, जहां इस तरह का बोनस दिया जा रहा है. बल्कि कई ऐसे देश हैं, जहां पर बच्‍चों के जन्‍म पर बोनस देता है. इसमें सिंगापुर देता है बेबी बोनस, हंगरी में कर छूट मिलती है, रूस में मैटरनिटी कैपिटल और फ्रांस में मासिक भत्ता देता है. कहीं योजना सफल है तो कहीं सवालों के घेरे में.। आइए जानते हैं कौन सा देश कितना पैसा लुटा रहा है और क्या इससे वाकई जनसंख्या बढ़ती है.

बच्चा पैदा करो, सरकार देगी इनाम. आंध्र प्रदेश ने तीसरे और चौथे बच्चे पर कैश गिफ्ट का ऐलान कर दिया है. जानिए दुनिया के कौन से देश पहले से ऐसा कर रहे हैं.

आंध्र प्रदेश में तीसरे बच्चे पर ₹30,000 और चौथे पर ₹40,000 मिलेंगे. यह पैसा जन्म के तुरंत बाद सीधे खाते में आएगा. क्या इससे जनसंख्या घटने की समस्या हल होगी?

सिंगापुर में हर नवजात पर कैश गिफ्ट और चाइल्ड डेवलपमेंट अकाउंट मिलता है. सरकार आपकी बचत से मिलान भी करती है. यह योजना बूढ़ी होती जनसंख्या को संतुलित करने के लिए बनाई गई है.

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हंगरी में तीन बच्चे होने पर पूरा इनकम टैक्स माफ हो जाता है. सरकार घर खरीदने के लिए ब्याज माफ लोन भी देती है. यूरोप में यह सबसे बड़ा प्रोत्साहन माना जाता है.

रूस में दूसरे बच्चे पर मैटरनिटी कैपिटल नाम से बड़ी राशि मिलती है. इस पैसे का उपयोग घर, पढ़ाई या माँ की पेंशन के लिए किया जा सकता है. हर साल यह राशि बढ़ती भी है.

फ्रांस में एकमुश्त पैसे की बजाय हर महीने परिवार भत्ता दिया जाता है. दो बच्चों पर भत्ता शुरू होता है और तीन पर बढ़ जाता है. यही वजह है कि फ्रांस की जनसंख्या दर यूरोप में सबसे अच्छी है.

आंध्र एकमुश्त नकद दे रहा है, सिंगापुर बेबी बोनस और बचत योजना. हंगरी टैक्स छूट देता है, रूस मैटरनिटी कैपिटल और फ्रांस मासिक भत्ता. एक नज़र में देखें कौन सी नीति सबसे मजबूत है.

क्या सिर्फ पैसे से बच्चे पैदा होंगे? एकमुश्त नकद का असर थोड़ी देर रहता है. लेकिन मासिक भत्ता, टैक्स छूट और शिक्षा सहायता ज्यादा कारगर साबित हुई हैं.

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मीठी चाय नहीं, पहाड़ों की ये रहस्यमयी चाय क्यों पीते हैं लोग? वजह जानकर हैरान रह जाएंगे


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भारत के पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी अनोखी चाय पी जाती है जिसमें चीनी नहीं बल्कि नमक और मक्खन डाला जाता है. लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में सदियों से पी जाने वाली यह बटर टी न सिर्फ ठंड से बचाने में मदद करती है बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देती है.

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भारत में ज्यादातर लोग सुबह की शुरुआत मीठी दूध वाली चाय से करते हैं, लेकिन देश के कई पहाड़ी इलाकों में एक ऐसी चाय भी पी जाती है जिसमें चीनी नहीं, बल्कि नमक डाला जाता है. पहली बार सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन लद्दाख, तिब्बत और हिमालयी क्षेत्रों में यह चाय सदियों से लोगों की जिंदगी का हिस्सा रही है. वहां के ठंडे मौसम और कठिन जीवनशैली में यह चाय शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने के लिए काफी लोकप्रिय मानी जाती है.

नमक वाली चाय सबसे ज्यादा लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और तिब्बती इलाकों में पी जाती है. कश्मीर में भी “नून चाय” या “शीर चाय” काफी मशहूर है, जिसका स्वाद हल्का नमकीन होता है. वहीं लद्दाख और तिब्बती क्षेत्रों में इसे “बटर टी” या “गुर्गुर चाय” कहा जाता है. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ स्वाद की बात नहीं, बल्कि जरूरत भी मानी जाती है. वहां तापमान कई बार शून्य से नीचे चला जाता है, इसलिए लोग ऐसी चीजें पीना पसंद करते हैं जो शरीर को लंबे समय तक गर्म रख सकें.

क्या है इसका इतिहास?
माना जाता है कि नमक वाली चाय की शुरुआत तिब्बत और मध्य एशिया के पहाड़ी इलाकों से हुई थी. पुराने समय में वहां रहने वाले लोग लंबे सफर और ठंडे मौसम में खुद को गर्म रखने के लिए चाय में मक्खन और नमक मिलाकर पीते थे. धीरे-धीरे यह परंपरा हिमालयी क्षेत्रों तक पहुंच गई. तिब्बत में याक नाम के जानवर के दूध से बने मक्खन का इस्तेमाल इस चाय में किया जाता था. यही वजह है कि इसे “बटर टी” कहा जाने लगा. कई इतिहासकार मानते हैं कि यह चाय व्यापारिक रास्तों और बौद्ध संस्कृति के जरिए अलग-अलग पहाड़ी इलाकों में फैली.

कैसे बनाई जाती है नमक वाली चाय?
इस चाय को बनाने का तरीका सामान्य चाय से काफी अलग होता है. इसमें चायपत्ती को लंबे समय तक उबाला जाता है और फिर उसमें नमक, मक्खन और कई जगह दूध मिलाया जाता है. लद्दाख में इसे खास लकड़ी के बर्तन में फेंटा भी जाता है, जिससे इसका टेक्सचर क्रीमी हो जाता है. कश्मीर की नून चाय में गुलाबी रंग लाने के लिए बेकिंग सोडा भी डाला जाता है. वहीं तिब्बती बटर टी ज्यादा गाढ़ी और मक्खन वाली होती है.

ठंडे मौसम में क्यों मानी जाती है फायदेमंद?
पहाड़ी इलाकों में लोग मानते हैं कि यह चाय शरीर को लंबे समय तक गर्म रखती है. मक्खन और फैट की वजह से शरीर को ऊर्जा मिलती है, जबकि नमक शरीर में पानी और मिनरल्स का संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है. यही कारण है कि ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोग दिन में कई बार इसे पीते हैं. पहले यह चाय सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित थी, लेकिन अब सोशल मीडिया और ट्रैवल व्लॉग्स की वजह से इसकी चर्चा पूरे देश में होने लगी है. कई ट्रैवलर्स पहाड़ों में जाकर इस अनोखी चाय को ट्राई करते हैं और उसका वीडियो शेयर करते हैं. अब बड़े शहरों के कुछ कैफे में भी बटर टी और नून चाय मिलने लगी है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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‘मेरा क्या उखाड़ लिया’, ब्राह्मणों पर टिप्पणी करके फंसे अनुराग कश्यप, कोर्ट का सख्त आदेश


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फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने ब्राह्मण समुदाय पर विवादित बयान दिया था, जिसने अब तूल पकड़ लिया है. सूरत जिला अदालत ने अनुराग कश्यप के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट/विज़ुअल्स को लेकर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. शिकायतकर्ता वकील कमलेश रावल ने कहा कि 19 मार्च पिछले साल अनुराग कश्यप ने एक ट्वीट किया था. इसके बाद एक्स यूजर आदित्य दत्ता ने उनसे ट्वीट हटाने को कहा. इस पर अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा पोस्ट किया और लिखा कि ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.

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विवादित बयान की वजह से फंसे अनुराग कश्यप

नई दिल्ली: मशहूर फिल्म डायरेक्टर अनुराग कश्यप अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक और विवादित बयानों के लिए भी अक्सर चर्चा में रहते हैं. लेकिन इस बार उनके एक सोशल मीडिया कमेंट उनके लिए बड़ी कानूनी मुसीबत बन गया है. पिछले साल ब्राह्मण समुदाय को लेकर किए गए एक कथित आपत्तिजनक ट्वीट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है. गुजरात की सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने अनुराग कश्यप के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने का सख्त आदेश दे दिया है. कोर्ट ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है, जिसके बाद अब पुलिस को इस पर कानूनी कार्रवाई शुरू करनी होगी.

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ, जब वकील कमलेश रावल ने कोर्ट में अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 19 मार्च को अनुराग कश्यप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विवादित ट्वीट किया था. इसके बाद, जब आदित्य दत्ता नाम के एक एक्स (ट्विटर) यूजर ने उन्हें वह पोस्ट हटाने की सलाह दी, तो अनुराग कश्यप ने कथित तौर पर और ज्यादा आक्रामक रुख अपना लिया. उन्होंने न सिर्फ पोस्ट हटाने से मना किया, बल्कि बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दोबारा लिख दिया कि ‘ब्राह्मण ने मेरा क्या उखाड़ लिया.’ इसी बात को लेकर समाज में नाराजगी फैल गई और मामला अदालत तक पहुंच गया.

बढ़ सकती हैं मुश्किलें
कानूनी लड़ाई में अनुराग कश्यप की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ गईं, क्योंकि उन्होंने कोर्ट की चेतावनियों को हल्के में लिया. अदालत ने इससे पहले भी उन्हें इस मामले में समन भेजकर पेश होने का साफ निर्देश दिया था, लेकिन वह तय तारीख पर कोर्ट के सामने हाजिर नहीं हुए. उनकी इसी लापरवाही को देखते हुए सूरत कोर्ट ने अब कड़ा रुख अख्तियार किया है और उनके खिलाफ सीधे गुनाह दर्ज करने यानी एफआईआर का फैसला सुना दिया है. इस आदेश के बाद अब अनुराग कश्यप को हर हाल में कोर्ट में हाजिर होकर अपनी सफाई देनी होगी, नहीं तो उनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं.

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Abhishek NagarSenior Sub Editor

अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें





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विशेषज्ञों ने कहा इलाज से बेहतर रोकथाम: भेल अस्पताल में हाई BP से बचाव पर व्याख्यान, डॉक्टरों ने बताए खतरे और उपाय – Bhopal News



भोपाल स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के कस्तूरबा अस्पताल में शनिवार को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर ‘सेहत से सफलता’ व्याख्यान माला के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उच्च रक्तचाप की समस्या, उससे जुड़े जोखिम, सावधानियां

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हाई BP के कारण और खतरे समझाए

कार्यक्रम में विशेषज्ञ डॉ. दीपमलिका आतराम ने पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए हाई ब्लड प्रेशर के संभावित कारणों, उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों और समय रहते बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अनियमित दिनचर्या, तनाव, असंतुलित खानपान, पर्याप्त नींद की कमी और शारीरिक गतिविधियां कम होने से उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है। समय पर जांच, संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम अपनाकर इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

अस्पताल प्रबंधन ने साझा किए बचाव के सूत्र

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. पोमिला सचदेव ने अपने संबोधन में कहा कि भेल अस्पताल प्रबंधन लगातार कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने उच्च रक्तचाप से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पूर्व भेल चिकित्सा प्रमुख डॉ. अल्पना तिवारी की उपस्थिति भी विशेष रूप से सराही गई। उनके नेतृत्व में ही ‘सेहत से सफलता’ व्याख्यान माला की शुरुआत की गई थी।



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मुंगेर में हर पंचायत में जिम-खेलकूद की होगी व्यवस्था: केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का ऐलान, अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन, धरोहरों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर – Munger News




केंद्रीय पंचायती राज एवं मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री सह मुंगेर सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने घोषणा की है कि सांसद फंड से हर पंचायत में जिम और खेलकूद की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने यह बात शनिवार देर शाम मुंगेर पहुंचने पर कही। मंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है, ताकि वे विभिन्न नियुक्तियों में प्रतिस्पर्धा कर सकें। उन्होंने देश के विकास पर भी प्रकाश डाला, बताया कि भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 58 लाख के अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन
केंद्रीय मंत्री शनिवार शाम दो दिवसीय दौरे पर मुंगेर पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले अतिथि गृह में जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर और पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद सहित अन्य अधिकारियों के साथ जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने एनडीए कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय मंत्री पोलो मैदान पहुंचे, जहां उन्होंने फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए लगभग 58 लाख रुपए की लागत से बनाए गए अत्याधुनिक टर्फ का उद्घाटन किया। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया
उद्घाटन के पश्चात उन्होंने मैदान में मौजूद खिलाड़ियों से बातचीत की और टर्फ का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुंगेर जिला फुटबॉल संघ के सचिव भवेश कुमार उर्फ बंटी सिंह ने उन्हें मुख्य किला गेट का तैलचित्र भेंट कर सम्मानित किया। पोलो मैदान से निकलने के बाद मंत्री जिला परिषद भवन पहुंचे। यहां जिला प्रशासन ने जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से भवन का सौंदर्यीकरण कराया है। लगभग 38 लाख रुपए की लागत से हुए इस कार्य के तहत भवन को रंगीन रोशनी से सजाया गया है, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री ने रिमोट दबाकर किया। मंत्री ने यह भी कहा कि मुंगेर सहित बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों को संवारने का काम किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत को समझ सकें और इतिहास से जुड़ सकें। कार्यक्रम के दौरान जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी, उपाध्यक्ष ब्यूटी विश्वास, जदयू जिलाध्यक्ष सौरव निधि सहित कई जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने मंत्री का स्वागत किया। देर रात केंद्रीय मंत्री अतिथि गृह लौट गए। वहीं सोमवार को वह जिला अधिकारियों के साथ दिशा समिति की बैठक करेंगे।



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PM की अपील से दिल्ली में नहीं लग रहा जाम: बरेली में केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा बोले- मोदी की हर अपील पर देश की जनता ने साथ दिया है – Bareilly News




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब-जब देश की जनता से कोई अपील की है, देश की जनता ने उसमें बढ़-चढ़कर साथ दिया है। यही वजह है कि लोग अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे है। अब दिल्ली में ट्रैफिक की समस्या नहीं रह गई है। वहां जाम नहीं लग रहा है। ये कहना है बरेली पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा का…बीएल वर्मा आज से बरेली में शुरू हुए भाजपा के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल होने आए थे। बीएल वर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा बरेली के पीलीभीत रोड स्थित स्पर्श रिजॉर्ट में भारतीय जनता पार्टी के दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण महाअभियान का आज से शानदार आगाज हो गया है। इस खास कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। केंद्रीय मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब-जब देश के हित में और देश की जनता से किसी भी विषय पर कोई अपील की है, तब-तब देशवासियों ने उस पर अपनी मुहर लगाई है और बढ़-चढ़कर उनका सहयोग किया है। इस दौरान उन्होंने संगठन की मजबूती और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी अपनी बेबाक राय रखी। कार्यकर्ता निर्माण के लिए प्रशिक्षण बेहद जरूरी प्रशिक्षण महाअभियान के मुख्य उद्देश्य को बताते हुए केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित और कार्यकर्ताओं के बल पर चलने वाली पार्टी है। समय-समय पर कार्यकर्ताओं के कौशल को निखारने, संगठन का शिल्पी बनाने और उनके कार्यक्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए इस तरह के वर्ग आयोजित किए जाते हैं। बरेली महानगर का यह दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग कुल 19 सत्रों में आयोजित होने जा रहा है, जिसमें कार्यकर्ताओं को संगठन की नीतियों और कार्यप्रणाली से रूबरू कराया जाएगा। विपक्षी दलों के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री का पलटवार उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जो भी आरोप लगाए या इसे दिखावा कहे, लेकिन हकीकत यह है कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रहा है। दुनिया के तमाम बड़े देश आज भारत के बढ़ते कदमों और हमारी नीतियों का अनुसरण कर रहे हैं। आजादी के बाद इतने कम समय में भारत ने जो विकास की रफ्तार पकड़ी है, वह पूरी दुनिया के सामने है। भारत आज दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की ओर मजबूती से अग्रसर है। ऊर्जा संरक्षण और सादगी की अनूठी मिसाल बरेली में चल रहे इस आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सादगी और पर्यावरण संरक्षण की अपील का एक बड़ा असर देखने को मिला। कार्यक्रम में हिस्सा लेने आ रहे तमाम बड़े नेता अपनी गाड़ियों को छोड़कर रिक्शों से सफर तय करते नजर आए। इस पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर ऊर्जा का संकट है, पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी दुनिया में बढ़ रही हैं। कई देशों में तो कीमतें 40 से 50 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं और हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में डीजल 500 रुपये लीटर तक बिक रहा है। ऐसे संकट के समय में हमारे देश ने दूरदर्शिता दिखाते हुए कीमतों पर काफी हद तक नियंत्रण रखा है। साधनों की बचत के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भले ही हमें कभी-कभी अपनी गाड़ियों से चलना आवश्यक लगता है, लेकिन जब कभी संभव हो, हमें ऊर्जा और ईंधन की बचत के लिए सार्वजनिक परिवहन या फिर हल्के साधनों का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए। उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि बरेली में आज 17-18 गाड़ियों के काफिले के बजाय लोग एक साथ मिलकर बसों से आ रहे हैं, कोई रिक्शे से आ रहा है। यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि हमारे भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता देशहित में खुद से शुरुआत करने में यकीन रखते हैं। दिल्ली जैसे महानगरों में भी आज बड़े-बड़े अधिकारी मेट्रो और पुल कार का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे न केवल ईंधन की बचत हो रही है बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिल रही है। प्रशिक्षण महाअभियान में उमड़ा भाजपा का कुनबा स्पर्श रिजॉर्ट में आयोजित इस भव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा के साथ मंच पर वन मंत्री डॉ अरुण कुमार और सदन में भाजपा के कई वरिष्ठ चेहरे मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा के कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, विष्णु शर्मा, गुलशन आनंद और डॉ. हुदा सहित पार्टी के तमाम पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में समर्पित कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने केंद्रीय मंत्री के विचारों को सुना और संगठन को जमीनी स्तर पर और ज्यादा मजबूत करने का संकल्प लिया।



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NEET 2026 Re-exam: NTA ने खोला करेक्शन विंडो, शहर और एड्रेस करें अपडेट, जानें डिटेल्स


राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 के पेपर लीक के बाद इसके रि-एग्जाम को लेकर करेक्शन विंडो खोल दी है, जिससे परीक्षा में शामिल होने वाले म्मीदवार अपना वर्तमान पता अपडेट कर सकते हैं और अपनी पसंद के परीक्षा शहर का चयन कर सकते हैं। करेक्शन की ये सुविधा 15 मई को सक्रिय की गई है और 21 मई, 2026 (रात 11:50 बजे तक) आधिकारिक वेबसाइट – neet.nta.nic.in पर उपलब्ध रहेगी। तो आपको भी अगर कुछ अपडेट करना है तो आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और करेक्शन कर लें। आपके पास अब बस पांच दिन बचे हैं।

 दो परीक्षा शहर चुन सकते हैं

एनटीए के अनुसार, उम्मीदवारों को परीक्षा देने के लिए परीक्षा शहरों के लिए अपनी पहली और दूसरी प्राथमिकता चुनने की अनुमति होगी। हालांकि, जो उम्मीदवार इस विकल्प का उपयोग नहीं करेंगे, उनका पहले से चुना हुआ शहर ही रहेगा।इसके साथ ही एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि अन्य कोई व्यक्तिगत विवरण सुधार के लिए उपलब्ध नहीं होगा। इस विंडो के दौरान केवल वर्तमान पता और परीक्षा शहर की प्राथमिकताएं ही अपडेट की जा सकती हैं। 21 मई की समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार के परिवर्तन के अनुरोध स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

परीक्षा से संबंधित जानकारी 

रि-एग्जाम के लिए कोई शुल्क नहीं

रि-एग्जाम देने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की बात है कि एनटीए ने पुष्टि की है कि इस सुधार या पुनर्परीक्षा प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पहले ही इस छूट की घोषणा कर प्रभावित उम्मीदवारों की चिंताओं को दूर किया था।

एडमिट कार्ड और परीक्षा शहर की पर्ची जल्द जारी होगी

परीक्षा शहर की सूचना पर्ची, एडमिट कार्ड और अन्य आवश्यक विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही जारी किए जाएंगे। एनटीए ने कहा है कि ये अपडेट 14 जून, 2026 तक आने की उम्मीद है।

परीक्षा 21 जून को होगी

एनईटी यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार, 21 जून, 2026 को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा पेन-एंड-पेपर (ऑफलाइन) मोड में 13 भाषाओं में आयोजित की जाएगी।

उम्मीदवारों के लिए हेल्पलाइन

परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रश्न के लिए, उम्मीदवार एनटीए हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 या 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं या neetug2026@nta.ac.in पर ईमेल भेज सकते हैं। वे आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर भी जा सकते हैं।




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नीट पेपर लीक: NTA में केंद्र का ऑपरेशन क्लीनअप, दो नए जॉइंट डायरेक्टर तैनात


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नीट पेपर लीक: NTA में केंद्र का ऑपरेशन क्लीनअप, दो नए जॉइंट डायरेक्टर तैनात

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मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के वास्ते वर्ष 2026 के लिए नीट-यूजी का आयोजन तीन मई को हुआ था, लेकिन प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों पर इस परीक्षा को गत 12 मई को रद्द कर दिया गया था. सरकार ने सीबीआई को ‘अनियमितताओं’ की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया.

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सात मई की शाम को पता चला था कि नीट परीक्षा के पेपर लीक हुए थे. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को मजबूत और अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने NTA में दो नए जॉइंट डायरेक्टर की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इन नियुक्तियों को एजेंसी में सख्त निगरानी व्यवस्था लागू करने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है. राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) प्रश्नपत्र लीक होने के कारण इस वक्त एनटीए पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

नियुक्त अधिकारियों में 2013 बैच के IRS (इनकम टैक्स) अधिकारी आकाश जैन और 2013 बैच के IA&AS (इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस) अधिकारी आदित्य राजेंद्र भोजगढिया शामिल हैं. सरकार का मानना है कि इन दोनों अधिकारियों के अनुभव से NTA की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाया जा सकेगा.

आकाश जैन को लेटरल शिफ्ट के आधार पर NTA में नियुक्त किया गया है. उनका कार्यकाल 4 दिसंबर 2029 तक रहेगा. वहीं आदित्य राजेंद्र भोजगढिया की नियुक्ति भी एजेंसी में वित्तीय और प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है.

सूत्रों के मुताबिक, हाल के वर्षों में परीक्षा प्रबंधन, पेपर लीक और प्रशासनिक कमियों को लेकर NTA लगातार सवालों के घेरे में रही है. ऐसे में केंद्र सरकार अब एजेंसी के भीतर सख्त आंतरिक मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने पर जोर दे रही है. माना जा रहा है कि यह कदम NTA में व्यापक सुधार और संस्थागत पुनर्गठन की शुरुआत है.

सरकार का कहना है कि ये नियुक्तियां केवल पद भरने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एजेंसी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की रणनीति का हिस्सा हैं. प्रशासनिक चुनौतियों और स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए आने वाले समय में NTA में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

नीट-स्नातक भारत के 551 शहरों और विदेशों में 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी. देश भर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था. एनटीए के अनुसार, परीक्षा आयोजित होने के चार दिन बाद सात मई की शाम को कथित अनियमितताओं की सूचना प्राप्त हुई. एनटीए ने बताया कि स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए अगली सुबह ही यह सूचना केंद्रीय एजेंसियों को भेज दी गई थी.

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रवि सिंह Special Correspondent

रवि सिंह News 18 India में कार्यरत हैं. पिछले 20 वर्षों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में सक्रिय हैं. उनकी मुख्य रूप से रेलवे,स्वास्थ्य,शिक्षा मंत्रालय,VHP और राजनीतिक गतिविधियों पर पकड़ है. अयोध्या में मंदिर की कवरेज…और पढ़ें



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नकुड़ तहसील में जमीन विवाद को लेकर मारपीट: वकील चेंबर के बाहर दो पक्षों में मारपीट, बेनामा कराने पहुंचे पक्ष का विरोध, पैमाइश की मांग पर बढ़ा विवाद – Saharanpur News




सहारनपुर की नकुड़ तहसील में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर तहसील परिसर में जमकर हंगामा हुआ। वकील चेम्बर के बाहर दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दिनदहाड़े हुई इस घटना से तहसील परिसर में अफरा-तफरी मच गई और वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। शनिवार को एक पक्ष अपने हिस्से की जमीन का बेनामा कराने तहसील पहुंचा था। इसकी भनक दूसरे पक्ष को लग गई, जिसके बाद वह भी तहसील परिसर पहुंच गया। बताया जा रहा है कि दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि जमीन का वास्तविक रकबा कम दिखाया जा रहा है, जबकि विरोधी पक्ष के कब्जे में अधिक भूमि है। उनका कहना था कि पहले जमीन की पैमाइश कराई जाए और उसके बाद ही बिक्री की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो कुछ ही देर में गाली-गलौज और हाथापाई तक पहुंच गई। तहसील परिसर में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर टूट पड़े और जमकर लात-घूंसे चले। अचानक हुए हंगामे से मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। मारपीट और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कराया। पुलिस ने गंगोह क्षेत्र के खानपुर गांव के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद तहसील परिसर में कुछ समय तक तनाव का माहौल बना रहा।



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