लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने शहर के दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। गोविंद नगर निवासी 28 वर्षीय संयम विज और बर्रा-सात के 25 वर्षीय सूरजभान सिंह की हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। वह एक एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे। एक साथ काम करने की वजह से दोनों बहुत अच्छे दोस्त भी थे। युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मोहल्ले के लोग और दोस्त जानकारी मिलते ही लखनऊ के लिए रवाना हो गए। वहीं लोग परिवार को सांत्वना देते रहे। इसके साथ ही बर्रा सात निवासी सूरजभान की मौत की खबर परिजनों ने उनकी मां को नहीं दी। गोविंद नगर ब्लाक-11 निवासी संयम विज के परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। महज 10 दिन पहले उनकी दादी का निधन हुआ था और मंगलवार को उनका 17 वां (तेरहवीं) होनी थी। परिवार के लोग उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही मौत की खबर पहुंच गई। संयम के मामा मोनू सेठी ने बताया कि वह दादी के निधन पर घर आया था और तेरहवीं में शामिल होने के लिए मंगलवार को फिर आना था। इससे पहले ही ऐसी खबर आई कि जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। संयम के पिता पुष्पराज का करीब 15 वर्ष पहले निधन हो गया था, उनका लाटूश रोड में पुली का कारोबार था। पिता की मौत के पांच वर्ष बाद उनकी मां सोनिया ने सीमू देसाई से दूसरी शादी कर ली थी। परिवार में बड़े भाई शुभम हैं, जो गुरुग्राम में नौकरी करते हैं और अपनी पत्नी पलक के साथ वहीं रहते हैं। हादसे की खबर सुनते ही दोनों की परिवारों का रो का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बर्रा-सात निवासी सूरजभान सिंह की मौत ने भी पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। सूरजभान के पिता शिवराम का पहले ही निधन हो चुका है। वह नौकरी के सिलसिले में लखनऊ में रहते थे, लेकिन हर शनिवार घर आते और रविवार शाम वापस लौट जाते थे। उनके भतीजे करन ने बताया कि रविवार को ही वह काम पर लखनऊ गए थे लेकिन किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी अंतिम विदाई साबित होगी। सूरजभान के परिवार में उनकी मां मीरा और छोटा भाई सम्राट हैं। घटना की सूचना मिलते ही सम्राट जो घटना के समय ऋषिकेश गए हुए थे, तुरंत ही कानपुर के लिए रवाना हो गए। परिजनों ने मां मीरा को सूरजभान के मौत के बारे में नहीं बताया ताकि कहीं उन्हें सदमा न लग जाए। दोनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों के साथ-साथ पड़ोस और परिचित भी गमगीन हैं। दोनों युवकों के परिजनों ने बताया कि वह हंसमुख,जिंदादिल और हमेशा लोगों की मदद के लिए तैयार रहते थे। एक ओर जहां घर में तेरहवीं की तैयारी थी, वहीं अब अंतिम संस्कार की तैयारी ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया है। मंगलवार दोपहर तक पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव उनके घर पहुंचेगे। शादी का चल रही थी तैयारी परिजन ने बताया कि संयम की अच्छी नौकरी कर रहा था। परिजन उनकी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। जल्द ही उसकी शादी होने की उम्मीद थी। मगर किसी को इस हादसे की उम्मीद नहीं थी। सेंसर वाला गेट होने के कारण नहीं भाग सका भांजा संयम के मामा सौरभ दुआ ने बताया कि भांजा जिस कॉम्प्लेक्स में काम करता था। वहां सेंसर वाले गेट लगे हुए थे। आग लगने के कारण सेंसर काम नहीं कर रहा था। जिस कारण हादसे के बाद गेट नहीं खुल सका। कई लोग गेट से बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, लेकिन अंदर दम घुटने के कारण भांजे से कई लोगों की मौत हो गई। अगर कॉम्प्लेक्स में सेंसर वाला गेट नहीं होता या गेट खुल जाता तो इतने लोगों की मौत नहीं होती।
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लखनऊ के अग्निकांड में कानपुर के दो दोस्त जिंदा जले: संयम को आज दादी की तेहरवीं में आना था, बेटे की मौत से अनजान सूरजभान की मां – Kanpur News
महाकाल क्षेत्र में साड़ी बेचते 11 संदिग्ध युवक पकड़े: हिंदूवादी संगठन ने दस्तावेजों और मंदिर परिसर के वीडियो की जांच मांगी – Ujjain News
उज्जैन में महाकाल क्षेत्र से देर रात 11 संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है। हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने इन लोगों को चिह्नित कर पुलिस के हवाले किया। इनमें से कुछ को मौके से पकड़कर थाने भेजा गया, जबकि अन्य के संबंध में भी पुलिस को जानकारी दी गई है। संगठन के पदाधिकारी अर्जुन प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि पकड़े गए लोगों के पास पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के आधार कार्ड मिले हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी जिन संदिग्धों को पुलिस को सौंपा था, उनके दस्तावेज भी मुर्शिदाबाद से जुड़े पाए गए थे। सिंह ने सभी मामलों की गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल आधार कार्ड के आधार पर नागरिकता मान लेना उचित नहीं है। कार्यकर्ताओं के अनुसार, ये लोग शहर में साड़ी बेचने का काम कर रहे थे। पूछताछ के दौरान उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और मार्कशीट सहित कई दस्तावेज मिले। संगठन ने इन सभी दस्तावेजों की सत्यता की जांच की मांग की है। संगठन ने यह भी दावा किया है कि कुछ संदिग्धों के मोबाइल फोन में महाकाल मंदिर और महाकाल लोक परिसर के वीडियो मिले हैं। इसे लेकर उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि महाकाल क्षेत्र एक संवेदनशील इलाका है और यहां आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान और सत्यापन आवश्यक है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि ये लोग शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। उन्होंने पुलिस से होटल, उनके ठहरने की व्यवस्था और स्थानीय संपर्कों की भी जांच करने की मांग की है। साथ ही यह पता लगाने की मांग की गई है कि उन्हें शहर में किसने ठहराया और वे कब से यहां रह रहे थे। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न राज्यों में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के कई मामले सामने आए हैं। कई राज्यों में पहचान और सत्यापन अभियान भी चलाए गए हैं।
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मिक्सी का इस्तेमाल कर सिर्फ 2 मिनट में बनाएं कोल्ड कॉफी, इसे पीने के बाद कैफे भूल जाएंगे
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Cold Coffee Simple Recipe: अगर आप कैफे जैसी कोल्ड कॉफी घर पर बनाना चाहते हैं, तो मिक्सी का इस्तेमाल कर सकते हैं. मिक्सी की मदद से आप 2 मिनट में झागदार टेस्टी कोल्ड कॉफी बना सकते हैं. इंस्टेंट कॉफी, दूध, चीनी और आइस क्यूब्स की मदद से मिनटों में आप स्वादिष्ट कोल्ड कॉफी बनाकर आनंद ले सकते हैं.
घर पर मिक्सी की मदद से टेस्टी कोल्ड कॉफी सिर्फ 2 मिनट में बना सकते हैं.
2-Minute Cold Coffee Recipe: गर्मियों में कोल्ड कॉफी पीने का मजा ही अलग होता है. कई लोग कैफे जाकर कोल्ड कॉफी पीना पसंद करते हैं. रोज-रोज कैफे जाना महंगा पड़ता है. इस वजह से लोग कभी-कभार ही कैफे वाली कोल्ड कॉफी का आनंद ले पाते हैं. क्या आप जानते हैं कि घर पर भी बिल्कुल कैफे जैसी झागदार और स्वादिष्ट कोल्ड कॉफी सिर्फ 2 मिनट में तैयार की जा सकती है? जी हां, आप घर पर भी आसानी से कोल्ड कॉफी बनाकर एंजॉय कर सकते हैं. इसके लिए आपको किसी खास मशीन की जरूरत नहीं है. सिर्फ एक मिक्सी और कुछ आसान सामग्री की मदद से आप टेस्टी कोल्ड कॉफी बना सकते हैं.
कोल्ड कॉफी के लिए जरूरी सामग्री
स्वादिष्ट कोल्ड कॉफी बनाने के लिए आपको 2 चम्मच इंस्टेंट कॉफी, 2 चम्मच चीनी, 1 कप ठंडा दूध, 5 से 6 आइस क्यूब और थोड़ा सा चॉकलेट सिरप या कोको पाउडर चाहिए. अगर आप ज्यादा क्रीमी स्वाद चाहते हैं, तो इसमें एक स्कूप वनीला आइसक्रीम भी मिला सकते हैं. इससे कॉफी का स्वाद और भी जबरदस्त हो जाएगा.
2 मिनट में ऐसे बनाएं कोल्ड कॉफी
सबसे पहले मिक्सी के जार में इंस्टेंट कॉफी, चीनी, ठंडा दूध और आइस क्यूब डालें. अब इसे 1 से 2 मिनट तक अच्छी तरह ब्लेंड करें. ब्लेंडिंग के दौरान कॉफी में अच्छी मात्रा में झाग बन जाएगी, जो इसे कैफे स्टाइल लुक और स्वाद देती है.
जब कॉफी स्मूद और फ्रोथी हो जाए, तो इसे एक लंबे गिलास में निकाल लें. ऊपर से थोड़ा चॉकलेट सिरप, कोको पाउडर या चॉकलेट शेविंग्स डालकर सर्व करें. अगर आप कोल्ड कॉफी को और ज्यादा रिच बनाना चाहते हैं, तो दूध के साथ थोड़ा फ्रेश क्रीम या वनीला आइसक्रीम मिला सकते हैं. इससे कॉफी का टेक्सचर बेहद क्रीमी हो जाता है.
कॉफी बनाने से पहले गिलास को कुछ मिनट के लिए फ्रिज में ठंडा कर लें. इससे कोल्ड कॉफी ज्यादा देर तक ठंडी बनी रहती है. साधारण कोल्ड कॉफी के अलावा आप इसमें कैरेमल सिरप, हेजलनट फ्लेवर या चॉकलेट सिरप मिलाकर नए स्वाद का आनंद ले सकते हैं. कुछ लोग इसमें थोड़ी सी दालचीनी पाउडर भी मिलाते हैं, जिससे इसकी खुशबू बढ़ जाती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
सुपरस्टार ने अक्षय खन्ना की हीरोइन से रचाई शादी, फिर भी नहीं बसा घर संसार
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बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना की प्रोफेशनल लाइफ जितनी सक्से थी, उनकी पर्सनल लाइफ में उतने ही उतार चढ़ाव थे. वह अक्सर सुर्खियों में छाए रहते थे. कभी एक्ट्रेस अंजू महेंद्रू संग अपने रिश्ते को लेकर. कभी खुद से आधी उम्र की एक्ट्रेस संग सादी को लेकर. हद तो तब हुई जब वह अपनी बारात का रास्ता ही अपनी एक्स गर्लफ्रेंड अंजू महेंद्रू के घर के सामने से लेकर गए थे.
नई दिल्ली. राजेश खन्ना की जिंदगी से जुड़े कई किस्से हैं, जो काफी दिलचस्प है. उनकी जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. फिर चाहे वह अंजू महेंद्रू संग उनका अफेयर रहा हो, या डिंपल कपाड़िया संग उनकी शादी रही हो. उनका स्टारडम भी ऐसा था, जिसे लोग सिर्फ सपनों में ही पा सकते हैं.

राजेश खन्ना ने अपने करियर में कई हिट फिल्में दी हैं. उनका करियर हिट, सुपरहिट और ब्लॉकबस्टर फिल्मों से भरा पड़ा है. मेकर्स उनके घर के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहते थे. कुछ मेकर्स तो उनको फिल्मों में कास्ट करने करने के लिए तरस जाया करते थे.

शर्मिला टैगोर, हेमा मालिनी, मुमताज, पद्मिनी कोल्हापुरे और आशा पारेख समेत उन्होंने तकरीबन हर एक्ट्रेस के साथ काम किया. लेकिन इनमें ज्यादा उन्होंने मुमताज के साथ हिट फिल्में दीं. फिल्मों के अलावा वह अपने अफेयर को लेकर भी चर्चा में रहा करते थे.
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खासकर उनकी लव लाइफ अक्सर खबरों में बनी रहती थी. एक समय था जब उनका नाम मॉडल और अभिनेत्री अंजू महेंद्रू के साथ जुड़ा था. दोनों का रिश्ता कई सालों तक चला, लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए.

यूं तो राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी की थी. लेकिन वह पहले अंजू महेंद्रू संग शादी करना चाहते थे. उन्होंने एक्ट्रेस से कहा भी था कि वह एक्टिंग करियर छोड़ दें और उनके साथ घर बसा लें. लेकिन एक्ट्रेस ने ये शर्त नहीं मानी.

राजेश खन्ना की दुल्हन बनने के बजाय उन्होंने करियर पर फोकस किया. इसके बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ने लगीं और आखिरकार उनका रिश्ता टूट गया.इसके बाद राजेश खन्ना की जिंदगी में डिंपल कपाड़िया आईं और उन्होंने शादी का फैसला किया.

डिंपल राजेश खन्ना से 15 साल छोटी थीं. हर तरफ एक ही चर्चा थी कि राजेश खन्ना, डिंपल संग शादी रचा रहे हैं. लेकिन राजेश अंजू को इतना पसंद करते थे कि उन्होंने अपनी का रास्ता भी ऐसे तय किया कि वह दुल्हा बनकर अंजू महेंद्रू के घर के सामने से गुजरे.

उस दौर में खूब चर्चा हुई थी कि राजेश खन्ना अपनी पूर्व प्रेमिका को दिखाना चाहते थे कि वह जिंदगी में आगे बढ़ चुके हैं और एक नई शुरुआत कर रहे हैं. लेकिन बाद में डिंपल के साथ भी उनका रिश्ता कुछ खास नहीं चला और दोनों आखिर वक्त तक अलग-अलग रहते रहे. डिंपल ने अलग होकर फिर एक्टिंग शुरू की और ऋषि कपूर, अक्षय खन्ना समेत हर एक्टर संग काम किया.
पूर्णिया में सड़क दुर्घटना में तीन घायल: हॉस्टल से लौट रहे मां, मामा और बच्चा को स्कार्पियो ने मारी टक्कर – Purnia News
पूर्णिया जिले के सरसी थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज पूर्णिया के जीएमसीएच में चल रहा है। घायलों की पहचान मधेपुरा जिले के श्रीनगर थाना अंतर्गत प्रमानंदपुर निवासी मोहन कुमार (25), पिंकी देवी (30) और प्रीतम कुमार (10) के रूप में हुई है। घायल मोहन कुमार ने बताया कि वे अपने भांजे प्रीतम को पूर्णिया के हॉस्टल से लेकर मधेपुरा स्थित अपने घर जा रहे थे। सरसी थाना क्षेत्र के कुशहा पुल के पास पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार स्कार्पियो गाड़ी ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। मोहन कुमार के अनुसार, उनके सिर और पैर में फ्रैक्चर हुए हैं। प्रीतम कुमार के सिर में चोट आई है, जबकि पिंकी देवी का हाथ टूट गया है। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। इस संबंध में सरसी थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि थाने को अभी तक दुर्घटना की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि गश्ती पर गए पुलिस बल से घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सैदुलाजाब-हौज रानी हादसे के पीड़ित परिवारों से मिलीं सीएम रेखा: 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि सौंपी; बोलीं- हादसों के दोषियों को नहीं बख्शेंगे – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में सैदुलाजाब भवन ढहने की घटना और मालवीय नगर के हौज रानी अग्निकांड में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि सौंपी। मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ा को शब्दों में बयां करना संभव नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे असहनीय दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। एक मां, एक बेटी और एक जनसेवक के रूप में वह इन परिवारों की पीड़ा को गहराई से महसूस करती हैं। उन्होंने कहा कि इन हादसों के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। दोनों हादसों ने झकझोर दिया रेखा गुप्ता ने कहा कि 30 मई को सैदुलाजाब में हुई इमारत ढहने की घटना और 3 जून को हौज रानी में हुए अग्निकांड में जिन अमूल्य जिंदगियों का नुकसान हुआ। उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। सैदुलाजाब हादसे में कई होनहार युवाओं की जान गई, जिनकी आंखों में सुनहरे भविष्य के सपने थे। जबकि हौज रानी अग्निकांड ने एक ही परिवार की 2 पीढ़ियों को हमसे छीन लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल प्रभावित परिवारों का ही नहीं, बल्कि पूरे समाज का दुख है। इस अवसर पर मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। पीड़ित परिवारों के लिए सहायता सैदुलाजाब भवन ढहने और हौज रानी अग्निकांड के पीड़ित परिवारों से मुख्यमंत्री की मुलाकात मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि प्रदान दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की घोषणा मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
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गुजरात में IELTS-TOEFL परीक्षा रैकेट का भंडाफोड़: आणंद में डमी उम्मीदवारों से एग्जाम दिलवाते थे आरोपी, मास्टरमाइंड फरार – Gujarat News
गुजरात के आणंद जिले में विदेश में पढ़ाई या नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को अवैध तरीके से IELTS और TOEFL जैसी अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी दक्षता परीक्षाएं पास कराने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में तरुणकांत शर्मा नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि कथित मास्टरमाइंड हर्षद रावल और अर्थ बुंदेला फरार हैं। आणंद जिला साइबर क्राइम पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर 20 जून को आणंद शहर स्थित एक आर्ट्स कॉलेज की दूसरी मंजिल पर किराए पर लिए गए दो कमरों में छापा मारा। यहां एक निजी कंपनी द्वारा TOEFL, IELTS और अन्य विदेशी भाषा दक्षता परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन परीक्षा केंद्र संचालित किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि रैकेट के कथित सरगना हर्षद रावल और उसके सहयोगी अर्थ बुंदेला ने करीब छह महीने पहले कॉलेज के साथ समझौता कर यह परिसर किराए पर लिया था। कमरे के बीच की दीवार में छेद कर रखे थे जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा देने आने वाले उम्मीदवारों को निर्धारित बूथ में बैठाया जाता था, जबकि पास के कमरे में बैठे डमी उम्मीदवार उनके स्थान पर प्रश्नों के उत्तर हल करते थे। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र और दूसरे कमरे के बीच की दीवार में छेद कर रखे थे। HDMI स्प्लिटर एडॉप्टर और कंप्यूटर सिस्टम की मदद से परीक्षा स्क्रीन को दूसरे कमरे में मौजूद कंप्यूटरों पर दिखाया जाता था। इससे डमी परीक्षार्थी वास्तविक समय में सवालों के जवाब देकर उम्मीदवारों को परीक्षा पास कराने में मदद करते थे। पुलिस के अनुसार, असली उम्मीदवार परीक्षा कक्ष में मौजूद रहता था, लेकिन परीक्षा प्रभावी रूप से दूसरे कमरे में बैठा डमी व्यक्ति देता था। वह कथित मास्टरमाइंड हर्षद रावल का कर्मचारी था और परीक्षा केंद्र में काम कर रहा था। करीब डेढ़ महीने से सक्रिय था रैकेट मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है। छापेमारी के दौरान कंप्यूटर CPU, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 3.78 लाख रुपए बताई गई है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि यह रैकेट करीब डेढ़ महीने से सक्रिय था। पुलिस अब जब्त किए गए कंप्यूटरों और मोबाइल फोन के डेटा की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने उम्मीदवारों ने इस तरीके से परीक्षा दी और इसके बदले कितनी रकम वसूली गई।
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कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में धमाका: 12 भारतीयों समेत 13 की मौत, 60 से ज्यादा घायल; दो दिन पहले प्रोडक्शन शुरू हुआ था
कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लाफान के LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम विस्फोट हुआ। इसमें 13 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें 12 भारतीय हैं। इसके अलावा 66 लोग घायल हुए हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने सोमवार को इसकी पुष्टि की। अल-काबी ने बताया, विस्फोट रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ। हादसे में घायल हुए लोगों में भारत, कतर, तंजानिया, पाकिस्तान, गिनी, नेपाल, बांग्लादेश, केन्या और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि यह एक हादसा था। इसमें किसी साजिश या जानबूझकर की गई हरकत के संकेत नहीं मिले हैं। उनके मुताबिक, जरूरी मरम्मत के कारण दिसंबर 2025 से प्लांट का उत्पादन पूरी तरह बंद था और इसे सिर्फ दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। हादसे के कारणों की शुरू कर दी गई है। हादसे से जुड़ी दो तस्वीरें… राजधानी दोहा तक धमाके की आवाज सुनाई दी ऊर्जा मंत्री के मुताबिक, रविवार शाम ऑपरेशन शुरू करने की प्रक्रिया के दौरान बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में विस्फोट और आग लगी थी। आपातकालीन टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और अब आग पर काबू पा लिया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी। 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए। हालांकि, ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने कहा कि हादसे से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और कतर से गैस की सप्लाई भी जारी रहेगी। जहां हादसा हुआ, वह बरजान गैस प्लांट कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान का हिस्सा है। इसी इलाके से दुनिया के कई देशों को गैस भेजी जाती है। यहां से घरेलू बिजली संयंत्रों और उद्योगों को भी गैस सप्लाई होती है। भारतीय दूतावस बोला- कतर के अधिकारियों से संपर्क में दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मृतकों तथा घायलों के परिवारों को हरसंभव मदद दी जाएगी। दूतावास ने +974-55647502 और +975-55384683 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा cons.doha@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। इससे पहले दूतावास ने कहा था कि कई लोग घायल हुए हैं और कुछ लोग लापता हैं। कतर में हर पांचवा शख्स भारतीय कतर में करीब 7.46 लाख भारतीय रहते हैं। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कतर की कुल आबादी का करीब 22% हिस्सा भारतीय हैं, जो सबसे बड़ा विदेशी समुदाय है। देश की आबादी में हर पांचवा शख्स आबादी भारतीय है। तेल-गैस उद्योग, निर्माण कार्य, अस्पताल, स्कूल, बैंक और आईटी सेक्टर तक भारतीयों की बड़ा रोल है। कतर में रहने वाले भारतीयों में बड़ी संख्या केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार से आने वाले लोगों की है। पहले केरल के लोगों का दबदबा था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उत्तर भारत के राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए वहां पहुंचे हैं। हजारों भारतीय डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, शिक्षक, बैंक अधिकारी, आईटी प्रोफेशनल और कारोबारी के रूप में भी काम कर रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यातकों में शामिल कतर की अर्थव्यवस्था काफी हद तक तेल और गैस पर निर्भर है। इस सेक्टर में भी बड़ी संख्या में भारतीय इंजीनियर, तकनीशियन और कर्मचारी काम करते हैं। ईरान जंग में रास लाफान की 2 यूनिट को नुकसान पहुंचा रॉयटर्स के मुताबिक, मार्च में ईरान के मिसाइल हमले में रास लाफान की दो गैस यूनिट क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इससे कतर की गैस निर्यात क्षमता का करीब 17% हिस्सा प्रभावित हुआ था। कतरएनर्जी के CEO के मुताबिक, इन यूनिटों की पूरी मरम्मत में तीन से पांच साल लग सकते हैं। ईरान युद्ध के दौरान कंपनी को करीब 10 हजार कर्मचारियों को गैस संयंत्रों से हटाना पड़ा था। हालांकि मार्च में हुए मिसाइल हमले में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, LNG प्लांट को दोबारा शुरू करना बेहद जटिल प्रक्रिया होती है और इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाता है, ताकि तापमान में अचानक बदलाव से उपकरणों को नुकसान न पहुंचे। रास लाफान सिटी बनाने के बाद अमीर हुआ कतर कतर की आर्थिक सफलता में रास लाफान की बहुत बड़ी भूमिका रही है। इसे कतर की गैस इकोनॉमी का दिल माना जाता है। दोहा से 80 किमी उत्तर रेगिस्तान में बसे इस इंडस्ट्रियल सिटी की वजह से कतर दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यातकों में शामिल हुआ। यह 100 वर्ग मील से ज्यादा इलाके में फैला हुआ है। यहां गैस प्रोसेसिंग और LNG प्लांट बने हैं। दोहा के दक्षिणी हिस्से में समुद्र किनारे लंबी औद्योगिक पट्टी बनाई गई, जहां गैस से अमोनिया और खाद तैयार की जाती है। 1990 से 2010 के बीच कतर की अर्थव्यवस्था हर साल औसतन 13 फीसदी की दर से बढ़ी। इस तेज विकास के लिए देश ने बड़ी संख्या में विदेशी मजदूर और पेशेवर कर्मचारियों को बुलाया। आज कतर की 32 लाख आबादी में करीब 90 फीसदी लोग विदेशी नागरिक हैं। इस सफलता को और बढ़ाने के लिए कतर ने 2019 में घोषणा की कि वह 2027 तक LNG उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 12.6 करोड़ टन सालाना करेगा। युद्ध से पहले उसकी क्षमता करीब 7.7 करोड़ टन थी। यह विस्तार दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा परियोजनाओं में गिना जा रहा था। लेकिन जंग की वजह से यह सब रुक गया है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने ईरान के तेल बेचने पर प्रतिबंध हटाया:अगले 60 दिन भारत भी खरीद सकता है, ईरान में फिर तैनात होंगे UN के न्यूक्लियर इंस्पेक्टर अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री पर लगी पाबंदियों में 60 दिन की ढील दे दी है। यह फैसला स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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बलिया के करीहरा में श्रीराम कथा का शुभारंभ: राजन जी महाराज बोले- गंगा-सरयू के बीच कथा का प्रवाह – Ballia News
बलिया के करीहरा गांव में सोमवार शाम प्रख्यात कथावाचक राजन जी महाराज की श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा से पूर्व श्रद्धालुओं ने भव्य कलश यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष भक्तों ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। कथा स्थल पर बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने सपरिवार व्यासपीठ का पूजन-अर्चन और आरती की। राजन जी महाराज ने मंच पर चढ़ते ही भगवान श्रीराम व अन्य देवी-देवताओं का पूजन किया और सभी के समक्ष शीश झुकाया। विधायक सहित विभिन्न लोगों ने अंगवस्त्रम भेंट कर राजन जी महाराज का स्वागत किया। देखें, 2 तस्वीरें… इसके बाद राजन जी महाराज ने ‘श्रीराम जै राम जै जै राम’ के उच्चारण के साथ कथा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि एक तरफ गंगा की धारा और दूसरी तरफ सरयू की धारा के बीच श्रीराम कथा का प्रवाह हो रहा है। महाराज ने बलिया को अपनी पहली कथा भूमि बताते हुए कहा कि वे इस भूमि को कभी नहीं भूल सकते।
राजन जी महाराज ने श्रीराम कथा का महत्व बताते हुए कहा कि कथा वही है जो जीवन की व्यथा को समाप्त कर दे। उन्होंने जोर दिया कि भगवान की कथा ही भगवत स्वरूप है और भगवत शरणागति जीवन के सभी दुखों को दूर कर देती है। उनके अनुसार, भगवत शरणागति सौ बीमारियों की एक दवाई है, जिसे मन से करना चाहिए। कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति देखी गई। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पांडाल में कूलर, पंखे, स्प्रिंकलर, पेयजल, प्रसाद और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं। कथा के शुभारंभ के साथ ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त हो गया है।
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मधुबनी में डिलीवरी के समय नवजात की मौत: प्राइवेट नर्सिंग होम में परिजनों ने किया हंगामा – Madhubani News
मधुबनी के कोतवाली चौक स्थित एक निजी नर्सिंग होम में डिलीवरी के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पीड़ित महिला के परिजन शशि झा ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर गर्भवती महिला को इलाज के लिए कोतवाली चौक स्थित निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। डिलीवरी की प्रक्रिया के दौरान नवजात शिशु की मौत हो गई। अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आवश्यक संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकीय व्यवस्था का अभाव था, जिसके कारण समय पर समुचित उपचार नहीं मिल सका। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया। निजी नर्सिंग होम के स्टाफ मनीष कुमार ने घटना के संबंध में बताया कि प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत नहीं हुई थी, बल्कि गर्भवती महिला के पेट में ही शिशु की मृत्यु हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि शिशु की मौत की सूचना परिजनों को देने के बाद ही हंगामा शुरू हो गया। बार-बार ऑपरेशन से प्रसव की जानकारी दी गई थी मनीष कुमार के अनुसार, गर्भवती महिला के परिजनों को बार-बार ऑपरेशन से प्रसव की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्होंने ऑपरेशन कराने से मना कर दिया। जब महिला को अधिक दर्द होने लगा और उसे ऑपरेशन रूम में ले जाया गया, तब देखा गया कि नवजात शिशु महिला के पेट में ही दम तोड़ चुका था। हंगामे की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को शांत कराया। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और अस्पताल प्रबंधन से घटना के संबंध में जानकारी ली। पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी कर नवजात शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से अभी तक कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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