Thursday, September 3, 2026
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कोडीन कफ सिरप बेचने वाला अन्तर्राज्यीय गैंग पकड़ा: एसटीएफ ने तीन करोड़ के सिरप के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया – Prayagraj (Allahabad) News




यूपी में कोडीन कफ सिरप सप्लाई का गोरखधंधा थम नहीं रहा है। यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को अवैध कफ सिरप की सप्लाई करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर एसटीएफ ने उनके कब्जे से अवैध कफ सिरप ONEREX BRAND 250 पेटी बरामद किया है। बरामद कफ सिरप की कीमत 3 करोड़ रुपये है। तस्करी में इस्तेमाल डीसीएम व नेक्सॉन कार भी बरामद हुई है। यूपी एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट को काफ दिनों से सूचना मिल रही थी कि कोडीन कफ सिरप को अन्तर्राज्यीय गिरोह द्वारा दिल्ली, हरियाणा व चण्डीगढ़ से तस्करी कर बिहार, झारखण्ड, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में लाया जा रहा है। एसटीएफ इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के नेतृत्व में टीम ने प्रयागराज से बांदा रूट पर जांच और छापेमारी शुरू की। इंस्पेक्टर जय प्रकाश राय के मुताबिक, बिसण्डा अतर्रा रोड चौराहा बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे पर डीसीएम रोक तलाशी ली गई तो उसमें कोडीन सिरप भरा मिला। इसी के साथ टाटा नेक्सॉन को पकड़ा गया। दोनों गाड़ियों से चार तस्कर पकड़े गए। पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया कि कोडीन कफ सिरप के रैपर को परिवर्तित कर महंगे दामों में सप्लाई व बिकी करते हैं। कोडीन कफ सिरप की सप्लाई व बिकी के कागजात जीएसटी इनवाईस बिल को उनके द्वारा कूटरचना करके OM MEDICAL AGENCY GATA NO 82 VILL TEDHA HAMIRPUR DIST HAMIRPUR UP के नाम पर तैयार किया जाता है। पकड़े गए आरोपी धीरेन्द्र कुमार पुत्र भागवत प्रसाद कुशवाहा निवासी ग्राम नाहर पुरवा, थाना बिसण्डा, बांदा। प्रवीण कुमार उर्फ लकी पुत्र दयाराम गुप्ता निवासी लखन कालोनी अतर्रा, थाना अतर्रा, बांदा। रोहित पाण्डेय पुत्र कल्लू राम पाण्डेय निवासी शास्त्री नगर रामलीला मैदान अतर्रा, बांदा। शेखर सिंह पुत्र राजकुमार निवासी ग्राम भैना बहादुरगढ़ गढ़मुक्तेश्वर, हापुड। कोडीन सिरप से जुड़ी हाईकोर्ट की सुनवाई भी जानें इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन आधारित कफ सिरप को लेकर अहम फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने न्यू फेंसेडिल, एस्कुफ, कोडेक्टस, लाइकारेक्स-टी समेत कोडीन आधारित कफ सिरप से जुड़े 76 जमानत मामलों पर एक साथ सुनवाई की। कोर्ट के सामने मुख्य सवाल था कि क्या 0.2 प्रतिशत से कम कोडीन वाला ऐसा कफ सिरप, जिसका चिकित्सा उपयोग स्थापित है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act) के दायरे में आएगा या नहीं। मेडिकल इस्तेमाल में बेचने-भेजने पर NDPS एक्ट नहीं कोर्ट ने स्पष्ट किया कि निर्धारित मात्रा वाला कोडीन युक्त कफ सिरप यदि चिकित्सीय उपयोग के लिए बेचा या भेजा जाता है, तो उसे मादक पदार्थ नहीं माना जाएगा। ऐसे मामलों में केवल इस आधार पर NDPS एक्ट लागू नहीं किया जा सकता। आवेदकों की ओर से दलील दी गई कि इस तरह का सिरप NDPS एक्ट में बताए गए “मैन्युफैक्चर्ड ड्रग” की परिभाषा में नहीं आता। ऐसे मामलों में कार्रवाई ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत होनी चाहिए। नशे के लिए रखा तो पूरा मिश्रण ‘कोडीन तैयारी’ राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने तर्क दिया कि यदि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन करते हुए या नशे के उद्देश्य से कोडीन सिरप बेचा या ले जाया जाता है, तो NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि यदि यही सिरप नशे के लिए भंडारित, बेचा या परिवहन किया जाता है, तो पूरे मिश्रण को “कोडीन तैयारी” माना जाएगा और NDPS एक्ट लागू होगा। बिना पर्ची सामान्य बिक्री पर ड्रग्स एक्ट लागू हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सामान्य मेडिकल दुकान से बिना डॉक्टर की पर्ची के कोडीन युक्त कफ सिरप बेचना ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन होगा। सिर्फ इस आधार पर NDPS एक्ट नहीं लगाया जा सकता। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि यदि कम समय में बड़ी मात्रा में सिरप की बिक्री की जाती है, तो इससे दुकानदार की मंशा पर सवाल उठ सकता है और परिस्थितियों के आधार पर NDPS एक्ट लागू होने की स्थिति बन सकती है। भोला प्रसाद की जमानत खारिज, 7.5 लाख बोतलों की तस्करी का आरोप इन मामलों में मुख्य आवेदक भोला प्रसाद, जो रांची के साईं ट्रेडर्स के प्रोपराइटर हैं, की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट के सामने प्रथम दृष्टया ऐसे साक्ष्य रखे गए, जिनके मुताबिक सोनभद्र में करीब 7.5 लाख बोतल कोडीन कफ सिरप फर्जी फर्मों के जरिए डायवर्ट किया गया। जांच में सामने आया कि सिरप को सोनभद्र भेजने के बजाय बिहार, बांग्लादेश और अन्य स्थानों पर भेजा गया था। ड्राइवर-गार्ड समेत कई को मिली जमानत 76 जुड़े मामलों में अधिकांश ड्राइवर, खलासी, गार्ड और निचले स्तर के कर्मचारियों को जमानत दी गई। इन मामलों में कोर्ट ने पाया कि कफ सिरप पैक कार्टन में छिपाकर रखा गया था, लेकिन आरोपियों को इसकी जानकारी होने के ठोस प्रमाण नहीं मिले। वहीं, जिन आरोपियों पर फर्जी फर्में बनाकर बड़े पैमाने पर सिरप डायवर्ट करने, जाली दस्तावेज तैयार करने या संगठित सिंडिकेट चलाने के ठोस प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले, उनकी जमानत अर्जियां खारिज कर दी गईं।



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आदित्य बिड़ला ग्रुप की वायर्स और केबल्स सेक्टर में एंट्री, पूरे भारत में उतरेगी


आदित्य बिड़ला ग्रुप ने अल्ट्रावोल्ट ब्रांड के साथ वायर्स और केबल्स बाजार में शानदार एंट्री की है. कंपनी ने इस नए बिजनेस में 1,800 करोड़ रुपये का बड़ा इन्‍वेस्‍टमेंट किया है. ग्रुप का लक्ष्य अगले पांच सालों के अंदर देश की टॉप दो कंपनियों में शामिल होना है. अपनी शुरुआत के साथ ही क्षमता के मामले में अल्ट्रावोल्ट दूसरी सबसे बड़ी कंपनी बन गई है.

अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत इसे शुरू किया गया है. अब तक अल्ट्राटेक केवल सीमेंट और कंक्रीट के लिए जानी जाती थी, लेकिन अब यह घर की वायरिंग का भी ख्याल रखेगी. यह कदम कंपनी की ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है. इसके साथ ही, पिछले सिर्फ तीन सालों में आदित्य बिड़ला ग्रुप का यह चौथा नया बिजनेस है.

फ्यूचर देखकर उठाया कदम

ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का मानना है कि भारत के विकास में वायर्स और केबल्स की भूमिका बहुत अहम होने वाली है. देश की अर्थव्यवस्था इस समय शहरीकरण, विद्युतीकरण और डिजिटलीकरण जैसे तीन बड़े बदलावों से गुजर रही है. इन तीनों ही क्षेत्रों में तारों और केबल्स की जरूरत सबसे ज्यादा होती है. इसी मांग को पूरा करने के लिए ग्रुप ने यह बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है.

आने वाले दशक में देश भर में लगभग दस करोड़ से अधिक नए घर बनने की उम्मीद है. इसके अलावा, पूरे भारत में तेजी से नए डेटा सेंटर्स खुल रहे हैं और ऊर्जा का बुनियादी ढांचा भी तेजी से फैल रहा है. इन सभी जगहों पर बिजली और डेटा के लिए हाई-क्वालिटी केबल्स की जरूरत होगी. इसी भारी डिमांड को देखते हुए यह नया ब्रांड बाजार में उतारा गया है.

पूरे भारत में उतरने का प्‍लान
अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ ने बताया कि कंपनी किसी एक इलाके में अपनी किस्मत आजमाने के बजाय सीधे पूरे भारत में उतर रही है. ब्रांड को एक साथ देश के 500 से अधिक जिलों और 6,000 से ज्यादा पिन कोड तक पहुंचाया जाएगा. इस आक्रामक शुरुआत से पता चलता है कि कंपनी बाजार में अपनी जगह पक्की करने और तेजी से आगे बढ़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.

इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी का प्लान एक लाख से अधिक रिटेलर्स तक अपनी सीधी पहुंच बनाना है. इसके साथ ही, देश भर में मौजूद 5,000 से ज्यादा ‘अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ (UBS) आउटलेट्स के जरिए भी ग्राहकों तक सामान पहुंचाया जाएगा. 20 से अधिक बड़े वेयरहाउस और ठेकेदारों से अल्ट्राटेक के पुराने रिश्तों का फायदा भी कंपनी को तेजी से आगे बढ़ने में काफी मदद करेगा.

अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन का कहना है कि तार किसी भी घर की लाइफलाइन होते हैं, लेकिन अक्सर लोग इन पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. कंपनी ग्राहकों की इसी सोच को बदलना चाहती है. उनका मुख्य फोकस ग्राहकों की जरूरतों को समझना और उनके हिसाब से प्रोडक्ट तैयार करना है. कंपनी ने सुरक्षा, बेहतरीन परफॉर्मेंस और भविष्य की मांग को ध्यान में रखकर अपने तार और केबल्स बनाए हैं.

सामान्‍य घर से लेकर कमर्शियल हाउस‍िंग पर फोकस

फिलहाल कंपनी ने घर, कमर्शियल इस्तेमाल, उद्योगों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए डिजाइन किए गए बेहतरीन वायर्स और केबल्स का पोर्टफोलियो बाजार में लॉन्च किया है. ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी और सर्विस देना कंपनी का सबसे बड़ा मकसद है. आगे चलकर अल्ट्रावोल्ट का प्लान कई अन्य तरह की इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज बनाने का भी है, जिससे वे ग्राहकों को घर बनाने का एक पूरा और सुरक्षित पैकेज दे सकें.



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शेयर-गोल्ड में निवेश के नाम पर 50 लाख ठगे: कारोबारी ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया, ठगों ने GST नंबर दिखाकर जीता था भरोसा – Patna News




पटना के अनीसाबाद आनंद विहार कॉलोनी में रहने वाले एक कारोबारी से 50 लाख रुपए की ठगी हुई है। साइबर ठगों ने उन्हें शेयर और गोल्ड में निवेश पर दोगुना मुनाफा दिलाने का झांसा दिया था। ठगों ने पहले कारोबारी का भरोसा जीता। उन्होंने दिल्ली के जेवर महल के शेयर में निवेश करने की सलाह दी। भरोसा जीतने के लिए ठगों ने कारोबारी को एक GST नंबर भी दिया। इसके बाद ठगों ने गोल्ड में निवेश को फायदे का सौदा बताया। धीरे-धीरे उन्होंने कारोबारी से अलग-अलग खातों में पैसे जमा करवाए। कारोबारी ने ठगों की बातों पर भरोसा कर अपनी जिंदगी भर की कमाई निवेश कर दी। ठगी का पता तब चला जब कारोबारी ने निवेश किए गए पैसे निकालने की कोशिश की। कई कोशिशों के बाद भी उन्हें पैसा वापस नहीं मिला। उल्टा, साइबर ठगों ने पैसे निकालने के लिए कई तरह की शर्तें रखीं और उनसे और पैसे मांगे। तब कारोबारी को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। पीड़ित को शेयर बाजार में निवेश करने की दी सलाह उन्होंने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने संजीव कुमार से संपर्क किया था। उन्होंने संजीव को शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह दी। बातचीत के दौरान ठगों ने उन्हें दिल्ली के प्रीत विहार में मौजूद जेवर महल के शेयर में निवेश करने को कहा। ठगों ने कारोबारी को समझाया कि सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है, इसलिए गोल्ड में निवेश करने पर उन्हें दोगुना मुनाफा मिलेगा। ठगों ने संजीव कुमार को निवेश से जुड़ी कई जानकारी और दस्तावेज भी दिए। भरोसा जीतने के लिए उन्होंने GST नंबर भी दिया। जब कारोबारी ने इन जानकारियों की जांच की, तो शुरुआत में सभी डिटेल सही लगीं। इससे उनका भरोसा और बढ़ गया। ठगों ने इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनसे निवेश के नाम पर पैसे लेना शुरू कर दिया। अलग-अलग नौ बार में खाते में जमा कराई रकम संजीव कुमार ने साइबर शातिरों के बताए खातों में एक बार नहीं, बल्कि अलग-अलग किस्तों में रकम जमा की। उन्होंने बताया कि RTGS के माध्यम से कुल नौ बार में पैसा ट्रांसफर किया। निवेश का यह सिलसिला 11 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक चलता रहा। कारोबारी लगातार रकम लगाते रहे और उन्हें उम्मीद थी कि निवेश बढ़ने के बाद वह अपना पैसा और मुनाफा आसानी से निकाल सकेंगे।धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई निवेश कर दी। कुल मिलाकर 50 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा करा दिए गए।

पैसा निकालने पर सामने आई ठगी जब संजीव कुमार ने निवेश की गई रकम वापस निकालने की कोशिश की तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। पैसा निकालने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। इसके बाद बदमाशों ने उनसे कई तरह की शर्तें पूरी करने को कहा। रकम निकालने के लिए उनसे और पैसे जमा करने की मांग की गई। इस पर कारोबारी को संदेह हुआ। उन्होंने जब पूरे मामले को समझने की कोशिश की तो उन्हें अहसास हुआ कि निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की।

पुलिस खंगाल रही खातों और लेनदेन की जानकारी शिकायत मिलने के बाद साइबर थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें कारोबारी ने रकम ट्रांसफर की थी। इसके साथ ही पैसे के लेनदेन, मोबाइल नंबर, डिजिटल संपर्क और बदमाशों की ओर से उपलब्ध कराई गई निवेश संबंधी जानकारियों की जांच की जा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस ठगी के पीछे कितने लोग शामिल हैं और रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर हुई। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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अब तामिया क्षेत्र में हाथी ने किया हमला: जंगल से लौट रहे बुजुर्ग को जांघ में गंभीर चोट; तामिया अस्पताल में भर्ती – Chhindwara News




छिंदवाड़ जिले के तामिया क्षेत्र में जंगली हाथी का आतंक एक बार फिर सामने आया है। बीजाढाना गांव में जंगल से लौट रहे 60 वर्षीय बुजुर्ग पर जंगली हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले में बुजुर्ग की जांघ में गंभीर चोट आई है। ग्रामीणों और वन विभाग की टीम ने घायल को तत्काल तामिया अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। घायल की पहचान चतुर्सी पिता दसनलाल शीलू (60), निवासी बीजाढाना के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग जंगल क्षेत्र से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने आए जंगली हाथी ने अचानक उनकी ओर दौड़कर हमला कर दिया। हमले में बुजुर्ग घायल होकर गिर पड़े। पहले भी हो चुका है हाथी का हमला
तामिया क्षेत्र में जंगली हाथी की मौजूदगी से ग्रामीणों में पहले से ही दहशत है। इसके पहले भी हाथी एक व्यक्ति पर हमला कर चुका है, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब दोबारा हमले की घटना सामने आने के बाद वन क्षेत्र से लगे गांवों में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, ग्रामीणों को अलर्ट
घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में निगरानी कर रही है और हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर अकेले नहीं जाने, हाथी के करीब नहीं जाने और उसकी मौजूदगी की जानकारी मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है।



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आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान केस के आरोप नकारे: बोले- मेरा इससे लेना-देना नहीं, तो जवाब क्यों दूं; हाईकोर्ट ने CBI जांच आदेश दिया


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मुंबई/नई दिल्ली14 मिनट पहले

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शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने नई दिल्ली में गुरुवार को सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है और वे इन आरोपों पर जवाब क्यों दें।

उनका बयान बॉम्बे हाईकोर्ट के दिशा सालियान की मौत की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश के बाद आया। आदित्य ठाकरे महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे हैं।

आदित्य बोले- BJP सबको बदनाम करने की कोशिश करती है

आदित्य ठाकरे ने कहा, “इस मामले से मेरा कोई लेना-देना नहीं है और मैंने इसके बारे में सोचा तक नहीं है। मुझे इसका जवाब क्यों देना चाहिए? बीजेपी हर किसी को बदनाम करने की कोशिश करती है। उसने राहुल गांधी को सालों तक ‘पप्पू’ बनाने की कोशिश की है।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले छह साल से मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। जो भी बीजेपी को चुभता है, उसे लेकर उसे परेशानी होती है। जैसा मैंने कहा, जब आपका किसी चीज से कोई लेना-देना नहीं है, तो उसके बारे में बोलना या उसे कोई महत्व देना क्यों चाहिए? मेरा यही रुख है।”

इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने कहा था कि ठाकरे और इस केस से जुड़े अन्य लोगों के नाम अगर किसी तरह शामिल नहीं हैं, तो उन्हें सामने आकर अपनी स्थिति साफ करनी चाहिए।

राणे ने कहा कि वे शुरुआत से ही दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या नहीं मानते रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि सीबीआई की जांच से सच्चाई सामने आएगी।

राणे बोले- यह आत्महत्या नहीं, हत्या का मामला

नितेश राणे ने कहा, “हम पहले दिन से साफ थे कि यह आत्महत्या नहीं, हत्या का मामला है। अब उस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। सीबीआई की जांच शुरू होगी और एफआईआर दर्ज की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि जांच में सबूत नष्ट करने और सत्ता के गलत इस्तेमाल के आरोपों की भी जांच होनी चाहिए।

राणे ने कहा, “मुझे केवल उम्मीद है कि हमारी बहन दिशा सालियान के साथ जो गलत हुआ, सबूत और प्रमाण मिटाने के लिए जिस तरह सत्ता का गलत इस्तेमाल किया गया, वे सारी बातें अब सामने आएंगी। आखिर में सच्चाई को आप चाहे जितना छिपाने की कोशिश करें, वह सामने आ ही जाती है।”

हाईकोर्ट ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहराई से जांच करने और एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट ने मालवणी पुलिस स्टेशन को संबंधित रिकॉर्ड सीबीआई को सौंपने के लिए भी कहा।

हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट के सामने लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने कहा, “जब तक जांच अधिकारी को जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री के आधार पर किसी व्यक्ति के खिलाफ उचित संदेह के पर्याप्त आधार न मिलें, तब तक उसे आरोपी नहीं माना जाएगा।”

सीबीआई को जांच के लिए पर्याप्त अनुभव वाले वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करने को कहा गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर जांच में कोई आपराधिक मामला नहीं बनता है, तो सीबीआई को संबंधित अदालत में उचित समरी रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

कोर्ट ने कहा, “अगर जांच में कोई मामला नहीं बनता है, तो सीबीआई संबंधित अदालत के सामने उचित समरी रिपोर्ट दाखिल करेगी।” दिशा के पिता सतीश सालियान को ऐसी रिपोर्ट को चुनौती देने और अदालत में आपत्ति दर्ज कराने की छूट होगी।

परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एडीआर नहीं मिली थी

हाईकोर्ट ने पहले इस बात पर चिंता जताई थी कि दिशा के परिवार के आरोपों के बावजूद एफआईआर के बजाय केवल एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी एडीआर दर्ज की गई। कोर्ट ने यह भी कहा था कि दिशा की मौत के कई साल बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एडीआर की कॉपी परिवार को नहीं दी गई।

सतीश सालियान की ओर से पेश वकील निलेश ओझा ने कहा कि कोर्ट ने सीबीआई को उनका बयान दर्ज करने और केस की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने दिशा के पिता को ऐसा अभिभावक बताया, जिसने अपनी युवा बेटी को “दुखद परिस्थितियों” में खोया है। कोर्ट ने कहा कि मामले में ठोस जांच की जरूरत है, लेकिन आरोपों में नाम लिए गए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की।

ठाकरे ने केस में दखल देने की मांग की थी

आदित्य ठाकरे ने अलग से हाईकोर्ट में आवेदन देकर कार्यवाही में शामिल होने की मांग की थी। उन्होंने अपने आवेदन में सतीश सालियान की याचिका को “झूठी, निराधार और किसी मकसद से दायर” बताया था।

ठाकरे ने यह भी मांग की थी कि कोई आदेश जारी करने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।

दिशा सालियान सेलिब्रिटी मैनेजर थीं। 8 जून 2020 को मुंबई में एक इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई थी। उनकी मौत के कुछ दिन बाद अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने घर में मृत मिले थे।



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घर पर ऐसे तैयार करें टेस्टी मूंग दाल का मगौड़ा, खाते ही दिल हो जाएगा बाग-बाग

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घर पर ऐसे तैयार करें टेस्टी मूंग दाल का मगौड़ा, खाते ही दिल हो जाएगा बाग-बाग

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Moong Dal Pakora Recipe: बरसात के मौसम में गरमा-गरम मूंग दाल के मगौड़े बनाने की सोच रहे है तो आप हमारे द्वारा बताई गई यह आसान रेसिपी से घर पर ही स्वादिष्ट और कुरकुरे मगौड़े बना सकते है.इसको बनाने के लिए आप को ज्यादा पैसे भी खर्च नहीं करने पडेगे.

अगर आप भी बरसात के मौसम में घर पर कुछ चटपटा और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मूंग दाल के मगौड़े आप घर में बना सकते है. बाहर बारिश हो और हाथ में गरमा-गरम मगौड़े के साथ चाय की प्याली हो, तो मौसम का मजा दोगुना हो जाता है. इसे बनाना भी बेहद आसान है और इसके लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर में मौजूद कुछ सामान्य मसालों से ही स्वादिष्ट मगौड़े तैयार किए जा सकते हैं.

मगौड़े बनाने के लिए सबसे पहले एक कटोरी धुली या छिलके वाली मूंग दाल लें. दाल को साफ करके अच्छी तरह धो लें और रातभर या कम से कम 5-6 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. दाल अच्छी तरह फूल जाए तो इसका अतिरिक्त पानी निकाल दें. अगर आपके पास समय कम है तो दाल को करीब 3-4 घंटे भी भिगोया जा सकता है.

भीगी हुई दाल को मिक्सर में डालकर दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि दाल को बहुत ज्यादा बारीक न पीसें, क्योंकि दरदरी दाल से बने मगौड़े ज्यादा कुरकुरे और स्वादिष्ट लगते हैं. पीसते समय जरूरत के अनुसार बहुत थोड़ा पानी डालें, तैयार दाल के पेस्ट को एक बड़े बर्तन में निकाल लें और हाथ या चम्मच की मदद से अच्छी तरह फेंट लें, ताकि मिश्रण थोड़ा हल्का और फूला हुआ हो जाए.

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दाल में बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया और बारीक कटा हुआ प्याज डालें. इसके साथ स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा सा जीरा और एक चुटकी हींग डाल सकते हैं. अगर आपको चटपटा स्वाद पसंद है तो इसमें थोड़ी सी अजवाइन या चाट मसाला भी मिलाया जा सकता है. सभी सामग्री को दाल के मिश्रण में अच्छी तरह मिला लें, ताकि हर मगौड़े में मसालों का स्वाद बराबर आए.

मगौड़े स्वादिष्ट और अंदर से नरम बनाने के लिए दाल के मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें. हाथ से करीब 4-5 मिनट तक मिश्रण को फेंटें. इससे बैटर में हवा भर जाएगी और तलने के बाद मगौड़े अंदर से नरम बनेंगे. मिश्रण तैयार होने के बाद इसे कुछ मिनट के लिए ढककर रख दें. इस दौरान आप मगौड़ों के साथ परोसने के लिए हरी धनिया-पुदीना की चटनी या मीठी इमली की चटनी तैयार कर सकते हैं.

रेसिपी एक्सपर्ट समीक्षा केसरवानी ने बताया कि कड़ाही में मगौड़े तलने के लिए पर्याप्त तेल डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें. तेल बहुत ज्यादा तेज गर्म नहीं होना चाहिए, वरना मगौड़े ऊपर से जल्दी लाल हो जाएंगे और अंदर से कच्चे रह सकते हैं. तेल का तापमान जांचने के लिए दाल के मिश्रण की एक छोटी बूंद तेल में डालें. अगर वह धीरे-धीरे ऊपर आकर सिकने लगे तो तेल मगौड़े तलने के लिए तैयार है.

अब हाथ की मदद से दाल के मिश्रण के छोटे-छोटे हिस्से लेकर गर्म तेल में डालें. कड़ाही में एक साथ बहुत ज्यादा मगौड़े न डालें, वरना तेल का तापमान कम हो सकता है और मगौड़े ठीक से कुरकुरे नहीं बनेंगे. इन्हें मध्यम आंच पर धीरे-धीरे पलटते हुए सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. जब मगौड़ों का रंग हल्का सुनहरा हो जाए तो इन्हें कड़ाही से निकाल लें.

तले हुए मगौड़ों को एक प्लेट में निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए. अब इन्हें गरमा-गरम हरी चटनी, इमली की मीठी चटनी या टमाटर की चटनी के साथ परोस सकते हैं. अगर चाहें तो ऊपर से थोड़ा चाट मसाला और बारीक कटा हरा धनिया डालकर इसका स्वाद और बढ़ाया जा सकता है. बरसात के मौसम में गर्म चाय के साथ मूंग दाल के मगौड़ों का स्वाद बेहद शानदार लगता है.

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Samsung ला रहा 5000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन, गीकबेंच पर सामने आए फीचर्स


Samsung Galaxy A सीरीज में जल्द एक बजट फ्रेंडली फोन लॉन्च करने वाला है। दक्षिण कोरियाई कंपनी के इस फोन को हाल ही में गीकबेंच पर देखा गया है, जहां फोन के कुछ फीचर्स कंफर्म हुए हैं। सैमसंग का यह स्मार्टफोन 5000mAh की दमदार बैटरी के साथ लॉन्च किया जा सकता है।

गीकबेंच पर हुआ लिस्ट

Samsung Galaxy A18 4G को गीकबेंच पर लिस्ट किया गया है। इसके अलावा कंपनी फोन का 5G मॉडल भी पेश कर सकती है। सैमसंग के इस स्मार्टफोन के बारे में टिप्स्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Bluesky पर जानकारी दी है। गीकबेंच लिस्टिंग में फोन के स्टोरेज वेरिएंट के साथ-साथ कलर वेरिएंट्स का भी पता चला है।

यह फोन 128GB और 256GB स्टोरेज वेरिएंट्स के साथ लॉन्च किया जा सकता है। हालांकि, फोन के रैम की डिटेल गीकबेंच पर रिवील नहीं की गई है। टिप्स्टर के मुताबिक, यह फोन ब्लैक, लाइट ब्लू और सिल्वर कलर में आ सकता है। गीकबेंच पर इस फोन को मॉडल नंबर SM-A185G के नाम से लिस्ट किया गया है।

Android 17 के साथ होगा लॉन्च?

गीकबेंच लिस्टिंग में सैमसंग का यह स्मार्टफोन MediaTek Helio G99 चिपसेट के साथ लिस्ट किया गया है। फोन में 4GB रैम दिया जा सकता है। गीकबेंच पर इसे सिंगल कोर में 745 और मल्टी-कोर में 2,073 का स्कोर मिला है। पिछले साल लॉन्च हुए Galaxy A17 4G में भी कंपनी ने यही चिपसेट यूज किया है। यह फोन Android 17 पर बेस्ड OneUI 9 पर काम करेगा।

Samsung Galaxy A18 4G में 6.7 इंच का Super AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन में 5000mAh की बैटरी मिल सकती है। टिप्स्टर ने फोन का कैमरा डिटेल शेयर नहीं किया है। यह फोन डुअल कैमरा सेटअप के साथ लॉन्च किया जा सकता है।

बजट फ्रेंडली फोन के अलावा Samsung ने हाल ही में ग्लोबल मार्केट में Galaxy S26 FE (Fan Edition) फोन लॉन्च किया है। सैमसंग का यह फोन साल की शुरुआत में लॉन्च हुई Galaxy S26 सीरीज का सबसे अफोर्डेबल डिवाइस है। फोन में 4900mAh बैटरी, 50MP कैमरा, 8GB रैम और 512GB स्टोरेज जैसे फीचर्स मिलते हैं। हालांकि, कंपनी ने भारत में इसकी कीमत फिलहाल रिवील नहीं की है।

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राजकुमार राव ने सिर्फ एक महीने में घटाया 10 किलो वजन! डाइट में किया था 1 बदलाव


राजकुमार राव ने सिर्फ 1 महीने में अपना 10 किलो वजन कम किया था। इस बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन ने हर किसी को हैरान कर दिया था। तो चलिए आज जानते हैं कि एक्टर ने ये बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन आखिर कैसे किया था।

बॉलीवुड सिलेब्रिटीज को आपने कमाल के बॉडी ट्रांसफॉर्मेशन करते हुए तो देखा ही होगा। अपने किरदार को पूरी शिद्दत के साथ निभाने के लिए एक्टर्स कोई कमी नहीं छोड़ते। इन्हीं एक्टर्स की लिस्ट में राजकुमार राव का नाम भी शामिल है। राजकुमार राव अपनी जबरदस्त एक्टिंग के लिए तो जाने ही जाते हैं, लेकिन अपने किरदार को निभाने की डेडिकेशन भी उनमें कमाल है। एक बार एक मूवी प्रॉजेक्ट के लिए उन्होंने सिर्फ 1 महीने में अपना 10 किलो वजन कम किया था। ये सुनने में वाकई हैरान करता है क्योंकि दस किलो घटाने में लोगों को महीनों लग जाते हैं। वहीं राजकुमार राव में सिर्फ 1 महीने में ही ये कर दिखाया। आइए जानते हैं कैसे-

सिर्फ 1 महीने में कम किया था 10 किलो वजन

साल 2017 में राजकुमार राव ने एक वेब सीरीज (बोस: डेड/अलाइव) के लिए लगभग 13 किलो वजन बढ़िया। इस वेब सीरीज में राव फ्रीडम फाइटर सुभाष चंद्र बोस का मुख्य किरदार निभा रहे थे, जिसमें पूरी तरह फिट बैठने के लिए उन्होंने अपना वजन बढ़ाया था। लेकिन इसके तुरंत बाद साल 2018 में रिलीज हुई फिल्म फन्ने खान के लिए उन्होंने सिर्फ 1 महीने में अपना 10 किलो वजन कम कर के जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन किया था।

एक्टर ने कैसे किया ये जबरदस्त ट्रांसफॉर्मेशन?

साल 2017 में मीडिया से बातचीत के दौरान राजकुमार राव ने अपने वेट लॉस ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में भी खुलकर बातचीत की। उनका कहना था कि वो हमेशा से जानते थे कि वेब सीरीज के बाद उन्हें अपना वजन घटाना पड़ेगा। इसके लिए उन्होंने सुबह का नाश्ता और लंच करना पूरी तरह से बंद कर दिया था। वो सिर्फ 1 टाइम खाना खाते थे, वो भी सिर्फ रात में। उनकी ये मील प्रोटीन से भरपूर होती थी। राव बताते हैं कि वो पूरे दिन काम में काफी व्यस्त रहते थे इसलिए उन्हें भूख का अहसास उतना नहीं होता था।

डाइट के साथ वर्कआउट भी है अहम

वेट लॉस के लिए सिर्फ डाइट काफी नहीं, बल्कि वर्कआउट भी अहम होता है। अपने ट्रांसफॉर्मेशन के बारे में बात करते हुए राजकुमार राव बताते हैं कि वो हर दिन लगभग तीन घंटे कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी करते हैं। उनके इसी डिसिप्लिन्ड लाइफस्टाइल ने उनकी वेट लॉस में काफी मदद की थी।

क्या हर किसी को फॉलो करनी चाहिए ये डाइट?

राजकुमार राव का 1 महीने में 10 किलो वजन कम करना भले ही हैरान करने वाला हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हर किसी को एक्टर की तरह क्विक वेट लॉस करने की कोशिश करनी चाहिए। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक बहुत तेजी से वजन कम करने की कोशिश करने पर शरीर को जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में ना मिलने का खतरा रहता है। इससे शरीर में कमजोरी, चक्कर आना, लो बीपी और मसल लॉस जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

वेट लॉस के लिए अपनाएं सेफ तरीका

वजन कम करने के लिए भूखे रहना सही नहीं है, बल्कि डाइट और वर्कआउट का सही बैलेंस बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए डाइट में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करें। बाहर का जंक और प्रोसेस्ड फूड अवॉइड करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, सही नींद लें और स्ट्रेस से दूरी बनाएं। रोजाना कुछ टाइम वर्कआउट या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी के लिए निकालें।



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पुतिन बोले- रूसी जहाजों को जब्त करना आतंकवाद है: इससे यूक्रेन जंग कभी खत्म नहीं होगी; नॉर्वे के जहाज जब्त करने पर नाराजगी जताई


मॉस्को3 घंटे पहले

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पुतिन ने गुरुवार को व्लादिवोस्तोक में आयोजित ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में भाषण दिया।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच समुद्र में रूसी जहाजों को लेकर तनाव बढ़ गया है। रूस के नागरिक और कारोबारी जहाजों पर हमलों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी है।

उन्होंने इसे आतंकवाद करार दिया और कहा कि इससे रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता की संभावना और मुश्किल हो रही है।

पुतिन ने नॉर्वे की ओर से रूसी रिसर्च जहाज प्रोफेसर मोलचानोव को हिरासत में लिए जाने पर भी नाराजगी जताई।

रूस का जहाज प्रोफेसर मोलचानोव मुरमान्स्क से स्वालबार्ड के बीच आता-जाता है।

रूस का जहाज प्रोफेसर मोलचानोव मुरमान्स्क से स्वालबार्ड के बीच आता-जाता है।

नॉर्वे ने यूक्रेन के कहने पर जहाज जब्त किया

नॉर्वे ने यूक्रेन की सरकारी कंपनी नाफ्टोगाज की मांग पर इस जहाज को हिरासत में लिया। उस वक्त ‘प्रोफेसर मोलचानोव’ स्वालबार्ड के बारेंट्सबर्ग इलाके में खड़ा था।

यह रूस का सरकारी रिसर्च जहाज है। इस पर वैज्ञानिकों और रिसर्च से जुड़े कर्मचारियों के अलावा उनके परिवार और पर्यटक भी सफर करते हैं। यह स्वालबार्ड की रूसी बस्तियों के लिए जरूरी सामान भी पहुंचाता है।

नॉर्वे ने यह जहाज किसी समुद्री प्रतिबंध के उल्लंघन के आरोप में नहीं, बल्कि एक पुराने मुआवजे के मामले में जब्त किया। 2014 में रूस ने क्रीमिया पर कब्जा करने के बाद वहां नाफ्टोगाज की संपत्तियों पर नियंत्रण कर लिया था।

इसके बाद नाफ्टोगाज ने रूस से मुआवजा मांगा। 2023 में हेग की एक अंतरराष्ट्रीय अदालत ने रूस को नाफ्टोगाज को करीब 4.22 अरब डॉलर देने का आदेश दिया। रूस ने अब तक यह रकम नहीं दी है।

पुतिन बोले- यूक्रेन ने 100 रूसी जहाजों पर हमले किए

पुतिन ने कहा कि उनकी नाराजगी सिर्फ नॉर्वे द्वारा जहाज जब्त किए जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यूक्रेन अब समुद्र में रूसी नागरिक जहाजों को सीधे निशाना बना रहा है।

उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 दिनों के भीतर लगभग 100 रूसी व्यापारिक जहाजों पर हमले किए गए, जिनमें कई रूसी व विदेशी नाविकों की जान गई है।

पुतिन ने चेतावनी दी कि रूस दुनिया के किसी भी कोने में इसका करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (बाएं से तीसरे) ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में शामिल हुए।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (बाएं से तीसरे) ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में शामिल हुए।

अमेरिका से बातचीत का रास्ता अभी बंद नहीं हुआ

यूक्रेन के साथ शांति वार्ता को लेकर भले ही मुश्किलें बढ़ रही हों, लेकिन पुतिन ने अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता खुला होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि रूस और अमेरिका के बीच संपर्क लगातार बना हुआ है और मॉस्को, वॉशिंगटन के साथ रिश्ते फिर सामान्य करना चाहता है।

पुतिन ने यह भी साफ किया कि इसके लिए सिर्फ रूस की इच्छा काफी नहीं है। अमेरिका को भी इसके लिए तैयार होना होगा। पुतिन ने ट्रम्प के रुख को लेकर कहा कि उनकी समझ के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति सकारात्मक बातचीत के पक्ष में हैं।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों की खुफिया एजेंसियों के बीच संपर्क जारी है। ट्रम्प के दूत भी रूस के संपर्क में हैं। इसी बीच पिछले हफ्ते CIA प्रमुख जॉन रैटक्लिफ ने मॉस्को में रूस के खुफिया अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में क्या बात हुई, यह दोनों देशों ने सार्वजनिक नहीं किया है।

जॉन रैटक्लिफ 5 साल में मॉस्को जाने वाले पहले CIA चीफ हैं।

जॉन रैटक्लिफ 5 साल में मॉस्को जाने वाले पहले CIA चीफ हैं।

पुतिन ने नई सैन्य लामबंदी की खबरों को खारिज किया

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस में नई अनिवार्य सैन्य भर्ती या लामबंदी की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल रूस को नए सैनिकों की लामबंदी की जरूरत नहीं है।

व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में पुतिन ने कहा, “आज ऐसी कोई स्थिति नहीं है, जिसके लिए लामबंदी की जरूरत हो।”

उन्होंने इन खबरों को दुष्प्रचार अभियान बताया। पुतिन के मुताबिक, इस महीने होने वाले रूस के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के चुनाव से पहले यह अभियान चलाया जा रहा है, ताकि चुनाव के नतीजों को प्रभावित किया जा सके।

उन्होंने कहा कि लोग अपनी इच्छा से सेना में शामिल हो रहे हैं और सैन्य सेवा के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन कर रहे हैं।

2022 में 3 लाख लोगों की हुई थी लामबंदी

रूस में आखिरी बार सितंबर 2022 में आंशिक लामबंदी हुई थी। क्रेमलिन के मुताबिक, तब करीब 3 लाख रिजर्व सैनिकों को सेना में बुलाया गया था।

इस फैसले के बाद रूस में काफी विरोध हुआ था और बड़ी संख्या में सैन्य सेवा की उम्र वाले पुरुष देश छोड़कर चले गए थे।

इसके बाद से क्रेमलिन कई बार कह चुका है कि रूस में दोबारा ऐसी लामबंदी की कोई योजना नहीं है।

खबरें और भी हैं…



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255 किलो डोडाचूरा तस्करी का फरार आरोपी गिरफ्तार: 10 महीने से पुलिस को दे रहा था चकमा, 5 हजार रुपए का इनाम भी था – pratapgarh (Rajasthan) News




प्रतापगढ़ पुलिस ने 255 किलो 245 ग्राम अवैध डोडाचूरा तस्करी के मामले में 10 महीने से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। जलोदा जागीर थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत आरोपी जीवनलाल मीणा को पकड़ा। आरोपी पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था और उसका नाम टॉप-10 फरार अपराधियों की सूची में शामिल था। पुलिस के अनुसार मामला 26 नवंबर 2025 का है। तत्कालीन थानाधिकारी मांगीलाल पुलिस टीम के साथ गश्त और नाकाबंदी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने एक TUV-300 और एक ईको वैन की तलाशी ली। दोनों वाहनों से कुल 255 किलो 245 ग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया गया था। मौके से चांदोली निवासी सुनील मेघवाल को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि उसका साथी जीवनलाल मीणा पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इस मामले में जलोदा जागीर थाने में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। 10 महीने से फरार, 5 हजार रुपए का इनाम था मामले के बाद से पुलिस लगातार जीवनलाल मीणा की तलाश कर रही थी। लंबे समय तक गिरफ्तारी नहीं होने पर उस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया और उसे टॉप-10 फरार अपराधियों की सूची में शामिल किया गया। पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने के साथ लगातार निगरानी रखी। इसी दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तलाश की और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जीवनलाल पिता कंवरलाल मीणा, उम्र 35 वर्ष, निवासी अचलपुरा, थाना छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। SP के निर्देश पर टीम ने की कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सियाग और छोटीसादड़ी डीएसपी बाबूलाल मुरारिया की देखरेख में जलोदा जागीर थानाधिकारी उप निरीक्षक देवीसिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में थानाधिकारी देवीसिंह, हेड कांस्टेबल बजरंगसिंह, हिम्मतसिंह, कांस्टेबल विनयप्रतापसिंह, धर्मेंद्र, राजेंद्रसिंह और नारायणसिंह शामिल रहे। पुलिस के अनुसार हेड कांस्टेबल हिम्मतसिंह की इस कार्रवाई में विशेष भूमिका रही।



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