बदायूं में उघैती क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार रात विद्युत उपकेंद्र खितौरा का घेराव किया। किसान यूनियन के नेताओं के साथ पहुंचे दर्जनों ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और नियमित आपूर्ति की मांग उठाई। दिन-रात घंटों गुल रहती है बिजली ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आपूर्ति का कोई निर्धारित समय नहीं रह गया है। दिन और रात में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। इससे घरेलू कामकाज के साथ किसानों की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। गर्मी और उमस में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को परेशानी हो रही है। सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने कटौती का स्पष्ट शेड्यूल जारी करने और बार-बार होने वाले फाल्ट ठीक कराने की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। किसान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि जल्द आपूर्ति नहीं सुधरी तो सड़क पर प्रदर्शन और रोड जाम किया जाएगा। बिजलीघर कर्मचारियों ने ग्रामीणों को समस्या की जानकारी दी। प्रदर्शन में भारत सिंह टिंकू, दुर्गेश कुमार, रितिक गुप्ता समेत दर्जनभर से अधिक ग्रामीण मौजूद रहे।
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में पार्षद चुनने के लिए कल मतदान होगा। चुनाव मैदान में 360 प्रत्याशी हैं, इनमें भाजपा के 79, कांग्रेस के 77 और 204 निर्दलीय व अन्य दलों के प्रत्याशी शामिल हैं। मतदान के बाद 14 सितंबर को परिणाम घोषित किया जाएगा। इससे पहले गुरुवार को माखुपुरा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज से ट्रेनिंग पूरी कर पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों के लिए रवाना होंगी। इधर, चुनाव से पहले वार्ड 61 में कांग्रेस प्रत्याशी के पुलिसकर्मी पति के निलंबन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने पुलिस विभाग पर भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने भी देर रात पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ रहे 5 नेताओं को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया। चुनाव को लेकर पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और शहर में निगरानी के साथ फ्लैग मार्च जारी है। जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है अजमेर नगर निगम-360 उम्मीदवारों की कल तय होगी किस्मत:डेढ़ लाख से ज्यादा युवा तय करेंगे रिजल्ट; पढ़िए भाजपा-कांग्रेस के उम्मीदवारों की पूरी प्रोफाइल अब पल-पल की अपडेट जानने के लिए ब्लॉग से गुजरे…
Success Story: बुरहानपुर के निलेश राजपूत ने पावरलूम में कांडी भरने का काम छोड़कर दोस्तों की प्रेरणा से मिठाई का कारोबार शुरू किया. आज वे खुद का होटल चला रहे हैं और चार लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.
Success Story: मेहनत और कुछ नया करने का जज्बा हो तो इंसान अपनी परिस्थितियों को बदल सकता है. बुरहानपुर के प्रतापपुरा क्षेत्र में रहने वाले युवक निलेश राजपूत की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. कभी निलेश पावरलूम में कांडी भरने का काम किया करते थे लेकिन दोस्तों से मिली प्रेरणा ने उनके जीवन की दिशा बदल दी. आज वे खुद का होटल और मिठाई-नमकीन का कारोबार संचालित कर रहे हैं और अपने साथ कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. उन्होंने काफी मेहनत की अपने दोस्त से प्रेरित होकर मिठाई और नमकीन बनाना सिखाओ आज वह अपना खुद के होटल का संचालन करते हैं. जिससे उनकी अच्छी कमाई हो रही है वह अपने यहां चार लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.
दुकान संचालक ने दी जानकारी लोकल 18 की टीम को दुकान संचालक निलेश बताते हैं कि शुरुआती दौर में उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे खुद का कोई बड़ा कारोबार शुरू कर सकें. इसलिए उन्होंने पावरलूम में काम करना शुरू किया. वहां कांडी भरने का काम करते हुए वे मेहनत से अपने परिवार का सहयोग करते थे. इसी दौरान दोस्तों से बातचीत के दौरान उन्हें मिठाई और नमकीन बनाने के कारोबार के बारे में जानकारी मिली. दोस्तों ने उन्हें इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. दोस्तों की सलाह से निलेश ने पहले दूसरों के यहां काम करना शुरू किया. वहां उन्होंने मिठाई और नमकीन बनाने की बारीकियां सीखीं काम करते-करते उन्हें अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां नमकीन और खाद्य सामग्री तैयार करने का अनुभव हासिल हुआ. धीरे-धीरे उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ता गया और उन्होंने खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला लिया. इसके बाद निलेश ने अपनी मेहनत और सीखे हुए हुनर के दम पर घर से ही खुद का होटल शुरू किया. शुरुआत में कारोबार छोटा था, लेकिन स्वाद, गुणवत्ता और ग्राहकों के साथ अच्छे व्यवहार के चलते धीरे-धीरे लोगों का भरोसा बढ़ने लगा. आज उनके होटल पर ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहती है और कारोबार से उन्हें अच्छी कमाई हो रही है.
चार लोगों को देते हैं रोजगार निलेश के कारोबार की खास बात यह भी है कि वे अकेले आगे नहीं बढ़े बल्कि चार से पांच लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. होटल में काम करने वाले लोगों को नियमित रोजगार मिलने से उनके परिवारों को भी सहारा मिल रहा है. निलेश कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि पावरलूम में कांडी भरने से शुरू हुआ सफर उन्हें खुद के कारोबार तक पहुंचाएगा. दोस्तों से मिली प्रेरणा, दूसरों के यहां काम करके सीखा हुनर और लगातार मेहनत ने उनकी जिंदगी बदल दी. उनका मानना है कि किसी भी काम को छोटा नहीं समझना चाहिए क्योंकि मेहनत और सीखने की इच्छा हो तो व्यक्ति अपने लिए रोजगार के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार पैदा कर सकता है. 15 सालों से मिठाई और नमकीन के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं.
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…
उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का कॉलर वाला हाथी मैहर वन मंडल की गोरसरी पहाड़ी तक पहुंच गया है। इसके बाद BTR प्रबंधन ने उसकी निगरानी बढ़ा दी है। हाथी की सुरक्षा और किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए बांधवगढ़ से विशेषज्ञ अधिकारी-कर्मचारियों की टीम मैहर पहुंची है। यह टीम लगातार हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रही है। जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ का कॉलर नंबर-4 हाथी पहले अनूपपुर से रेस्क्यू करके लाया गया था। तब उसे रेडियो कॉलर पहनाकर जंगल में छोड़ा गया था। खितौली के जंगल में घूमने के बाद यह हाथी जंगल के रास्ते मैहर वन मंडल की गोरसरी पहाड़ी तक पहुंच गया। हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही कॉलर लगा होने के कारण हाथी की लोकेशन लगातार ट्रेस की जा रही है। उसकी निगरानी के लिए बांधवगढ़ से क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, सहायक संचालक और तीन रेंजर समेत करीब 26 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। टीम के साथ दो हाथी रामा और सूर्या, साथ ही चार महावत भी निगरानी में लगे हैं। BTR की टीम ने बढ़ाई निगरानी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि कॉलर वाला हाथी अभी मैहर के जंगलों में है और पूरी तरह स्वस्थ है। BTR की टीम लगातार उसकी ट्रैकिंग कर रही है। हाथियों की निगरानी और उनके व्यवहार की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया गया है, ताकि हाथी की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
Masale Wale Aloo Ki Sabji: आलू एक ऐसी सब्जी है जिसे लगभग हर घर में पसंद किया जाता है. इसकी खास बात यह है कि इसे कई अलग-अलग तरीकों से बनाया जा सकता है. अगर आप रोजाना बनने वाली आलू की सब्जी से कुछ अलग और स्वादिष्ट ट्राई करना चाहते हैं, तो मसालेदार आलू एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह रेसिपी बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम होती है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.
इसमें इस्तेमाल होने वाले भुने हुए मसाले इसकी खुशबू और स्वाद को खास बनाते हैं. इसे आप लंच, डिनर या फिर चाय के समय स्नैक के रूप में भी परोस सकते हैं. रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ भी यह सब्जी बहुत अच्छी लगती है. अगर घर में अचानक मेहमान आ जाएं और आप कम समय में कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहें, तो यह रेसिपी आपके काम आ सकती है. आइए जानते हैं इसे बनाने का आसान तरीका.
मसालेदार आलू बनाने के लिए सामग्री
भुना मसाला तैयार करने के लिए
1 बड़ा चम्मच मूंगफली
2 से 3 सूखी लाल मिर्च
1 बड़ा चम्मच सफेद तिल
¾ बड़ा चम्मच धनिया के बीज
½ बड़ा चम्मच सौंफ
5 से 6 काली मिर्च
5 से 6 लहसुन की कलियां
सब्जी के लिए
3 से 4 बड़े आलू
आवश्यकतानुसार सरसों का तेल
½ छोटा चम्मच जीरा
½ छोटा चम्मच कलौंजी
1 चुटकी हींग
½ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
लाल मिर्च पाउडर स्वादानुसार
1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
नमक स्वादानुसार
अमचूर पाउडर स्वादानुसार
बनाने की विधि
सबसे पहले मूंगफली, सूखी लाल मिर्च, तिल, धनिया, सौंफ, काली मिर्च और लहसुन को बिना तेल के हल्का भून लें. जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें दरदरा पीसकर मसाला तैयार कर लें.
अब आलू को धोकर छील लें और उन्हें लंबे व पतले टुकड़ों में काट लें. एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें जीरा, कलौंजी और हींग डालकर तड़का लगाएं.
इसके बाद कटे हुए आलू डालें और हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर तथा नमक मिलाकर अच्छी तरह चलाएं. आलू को धीमी आंच पर पकने दें. जब आलू लगभग पक जाएं, तब तैयार किया हुआ भुना मसाला और अमचूर डालकर अच्छी तरह मिलाएं. कुछ मिनट तक भूनने के बाद गैस बंद कर दें.
गरमा-गरम मसालेदार आलू तैयार हैं. इन्हें रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ परोसकर स्वाद का आनंद लें.
वेट लॉस नहीं हो रहा और बेली फैट भी दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है तो इसके लिए स्लो मेटाबॉलिज्म जिम्मेदार हो सकता है। इसे बढ़ाने के लिए हर दिन ये 8 काम करना बेस्ट हो सकता है, जानें कैसे बढ़ाएं स्लो मेटाबॉलिज्म।
वेट लॉस में मेटाबॉलिज्म मदद करता है। मेटाबॉलिज्म अगर तेज होगा तो डाइजेस्टिव सिस्टम आपके खाए हुए खाने को तेजी से पचाने में मदद करेगा और उस भोजन से मिलने वाले न्यूट्रिशन को एनर्जी में कन्वर्ट कर पाएगा। जिससे आपके वेट लॉस में मदद होगी। काफी सारे लोग स्लो मेटाबॉलिज्म से परेशान होते हैं, जिसकी वजह से ना केवल मोटापा बढ़ता है बल्कि बेली फैट भी बढ़ता जाता है। स्लो मेटाबॉलिज्म की समस्या से निपटना है तो इन 8 कामों को जरूर करें। ये आपके चयापचय क्रिया को तेज करने में मदद करेगा।
ज्यादा से ज्यादा शरीर की मूवमेंट जरूरी है
जितना आपका शरीर स्लो होगा यानि कम मूवमेंट होगी उतना ज्यादा मेटाबॉलिज्म भी स्लो होगा। इसलिए खड़े रहने, चलते-फिरते रहने के साथ ही सीढ़ियों की मदद से ऊपर-नीचे जाने की कोशिश करें। ये आदत आपके मेटाबॉलिज्म को फास्ट करेगी। डाइजेशन को इंप्रूव करती है और वेट लॉस में मदद करती है।
हाई इंटेसिटी वर्कआउट
जब आप हाई इंटेसिटी वर्कआउट करते है तो केवल उस समय तक नहीं बल्कि शरीर जब रेस्ट मोड में होगा तो भी शरीर की कैलोरी बर्न होती रहेगी। जिससे शरीर को एनर्जी देने के लिए मेटाबॉलिज्म को तेजी से काम करना होगा और आपका स्लो मेटाबॉलिज्म अपने आप ही फास्ट हो जाता है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
केवल वॉक करने से मेटाबॉलिज्म फास्ट नहीं होगा। अगर आप साथ में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं तो इससे जब आपका शरीर आराम कर रहा होता है तो भी कैलोरी बर्न होती रहती है और फिर वहीं प्रोसेस फॉलो होगा और शरीर की एनर्जी के लिए मेटाबॉलिज्म तेजी से काम करेगा। इसीलिए वर्कआउट को हेल्थ के लिए अच्छा माना जाता है। ये आपके मेटाबॉलिज्म को भी तेज रखने में मदद करता है और वेट लॉस होता है।
प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं
प्रोटीन को पचाने के लिए शरीर की कैलोरी का बीस से तीस प्रतिशत हिस्सा बर्न होता है। इसलिए प्रोटीन को ज्यादा खाने से शरीर की कैलोरी भी ज्यादा बर्न होती है।
कम खाना ना खाएं
अगर आप डायटिंग के चक्कर में हर दिन 1000 कैलोरी से कम खा रहे तो इससे मेटाबॉलिज्म लंबे टाइम में स्लो हो जाता है। जिससे बाद में वेट लॉस करना मुश्किल होता है और बेली फैट भी बढ़ जाता है।
ठंडा पानी पीने से बचें
शरीर के अंदर का तापमान बाहर के मुकाबले ज्यादा होता है। जब आप अपने बाहरी तापमान से भी ज्यादा ठंडा पानी पीते हैं तो ये मेटाबॉलिज्म को स्लो कर देता है। शरीर की कैलोरी बर्न करनी है तो हल्का गुनगुना पानी पीएं।
कॉफी पिएं
ब्लैक कॉफी पीने से लिवर को तो फायदा होता ही है साथ ही ये मेटाबॉलिज्म को भी बढ़ाता है। कैफीन ड्रिंक मेटाबॉलिज्म स्पीड को टेंपरेरी 3-11 प्रतिशत तक बढ़ा देती है। इसलिए ब्लैक कॉफी विदआउट शुगर हेल्थ के लिए कई मायने में फायदेमंद साबित हो सकती है।
नींद पूरी करना जरूरी है
पर्याप्त मात्रा में 7-8 घंटे की नींद लेना जरूरी है। ये ना केवल आपके कॉर्टिसोल लेवल को बढ़ाती है बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी स्लो कर देती है।
तो अगर वेट लॉस तेजी से करना है और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाना है तो इन 8 कामों को करने पर जरूर फोकस करें।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की का प्लेन मंगलवार को मोल्दोवा से उड़ान भरते समय ड्रोन हमले की चपेट में आने से बच गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे ने बुधवार को सरकारी टीवी से बातचीत में यह दावा किया। स्टोरे के मुताबिक, जेलेंस्की का प्लेन मोल्दोवा से उड़ान भरने ही वाला था, तभी ड्रोन उसके करीब आ गया। हालांकि, उन्होंने ड्रोन की दूरी और जानकारी के स्रोत का खुलासा नहीं किया। जेलेंस्की नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम के अंतिम संस्कार में शामिल होने ओस्लो जा रहे थे। ड्रोन अलर्ट के बाद बंद किया गया एयरस्पेस जेलेंस्की का विमान चिशिनाउ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर खड़ा था। ड्रोन की चेतावनी मिलने के बाद मोल्दोवा ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया। इससे जेलेंस्की के विमान की उड़ान में देरी हुई। बाद में मोल्दोवा के अधिकारियों ने एक रूसी ड्रोन के देश में गिरने की पुष्टि की। इसके बाद जेलेंस्की के विमान को उड़ान भरने की मंजूरी दी गई। AP के मुताबिक, ड्रोन एयरपोर्ट से करीब 160 किमी दूर गिरकर नष्ट हो गया। मोल्दोवा बोला- ड्रोन का घुसना महज संयोग नहीं अमेरिका में मोल्दोवा के राजदूत वलादिस्लाव कुलमिन्स्की ने CNN से कहा कि ड्रोन के गलती से मोल्दोवा में घुसने की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की का विमान एयरपोर्ट पर खड़ा हो और उसी दौरान जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन मोल्दोवा में पहुंच जाए, इसे महज संयोग मानना मुश्किल है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ड्रोन को जेलेंस्की के विमान को निशाना बनाने के लिए भेजा गया था, तो उन्होंने कहा कि जांच जारी है और अभी इस बारे में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि जेलेंस्की अपनी विदेश यात्राओं के दौरान मोल्दोवा के एयरस्पेस का इस्तेमाल करते हैं। मोल्दोवा की राष्ट्रपति बोलीं- लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा मोल्दोवा की राष्ट्रपति माइया संदू ने ड्रोन के देश में घुसने की घटना को लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा बताया। उन्होंने यूक्रेन की सीमा से लगे एक बॉर्डर क्रॉसिंग पर हुए रूसी ड्रोन हमले की भी निंदा की। मंगलवार को हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हुई थी। खबर अपडेट हो रही है…
मोतिहारी में भैंस नहलाने के दौरान गिरे पानी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। चाकूबाजी में एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। घटना पताही थाना क्षेत्र के जिहुली गांव की है। मृतकों की पहचान जमी अख्तर(36) और मदीना खातून(40) के रूप में हुई है। वहीं, मसीह अख्तर का इलाज पताही सीएचसी में चल रहा है, उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। बीच-बचाव करने गई पत्नी और भाई की हत्या 10 साल के रहमतुल्लाह ने घटना के बारे में बताया। उसने कहा, “मैं स्कूल में था तभी गांव के एक लड़के ने बताया कि पुलिस मेरे पापा को पकड़ रही है। मैं भागकर घर आया तो पुलिस ने सबको समझाकर छोड़ दिया। शाम को पापा घर पर ही थे, तभी संजय सिंह और उसका बेटा आकाश कुछ लोगों को साथ लेकर आए। उनका पापा से विवाद हुआ और अचानक पिता पर चाकू से हमला कर दिया। पापा को बचाने चाचा और अम्मी गईं तो उन पर भी चाकू से वार कर दिया गया। तीनों वहीं गिर गए। वहां बहुत लोग थे लेकिन किसी ने बचाने की कोशिश नहीं की।” पानी के गिरने को लेकर हुआ था विवाद घटना के संबंध में मृतक की भाभी नगमा खातून ने बताया कि उनके पास अपनी जमीन नहीं है। वे डाकबाबू की जमीन पर रहते हैं। सुबह उनके भसुर मसीह अख्तर सड़क पर भैंस नहला रहे थे, जिसका पानी अनिल सिंह के घर की तरफ जा रहा था। इसी बात पर अनिल सिंह आकर गाली-गलौज करने लगा। हाथापाई हुई, जिसे लोगों ने शांत कराया। पुलिस भी मौके पर पहुंची और समझाया कि वहां पाइप लगा लें ताकि विवाद खत्म हो जाए। इसके बाद सभी अपने-अपने घर चले गए। नगमा ने बताया कि शाम को जब वे घास लेकर घर आईं तो अनिल सिंह कई लोगों के साथ खड़ा था। पूछने पर अनिल सिंह ने कहा कि मसीह अख्तर ने उसका गला पकड़कर पटक दिया था। नगमा ने अनिल सिंह से कहा कि पहले तो वह खुद ही आए थे, और क्या वह उसकी हत्या कर देगा। इतना कहकर वह घर की तरफ चली गईं। तभी शोर हुआ कि अनिल सिंह ने चाकू मार दिया है। आकर देखा तो उनके देवर, भसुर और देवरानी खून से लथपथ पड़े थे। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां जमी अख्तर और मदीना खातून को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मसीह अख्तर का इलाज पताही सीएचसी में चल रहा है, उनकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जमी अख्तर मजदूरी कर प्लाई फैक्ट्री में काम कर घर का खर्च चलाता था और तीन बच्चों को पढ़ा रहा था। मदीना खातून के पांच बच्चे हैं। दोनों की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है। पुलिस ने 2 लोगों को लिया हिरासत में इधर घटना की जानकारी मिलते ही पकड़ीदयाल के प्रभारी डीएसपी अभिषेक कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
दिल्ली में होने वाले BRICS समिट के दौरान उत्तर प्रदेश से काम करने वाले फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTOs) को उड़ान भरने की इजाजत नहीं होगी।
DGCA ने ट्रेनिंग सेंटर्स को भेजे एक मैसेज में कहा है कि ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।
इस आदेश के तहत हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह समेत किसी भी एयरक्राफ्ट को उड़ान भरने या शुरू करने की परमिशन नहीं होगी।
उत्तर प्रदेश के अलावा यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद ट्रेनिंग सेंटर्स पर भी लागू होगी।
BRICS समिट 12-13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाली है। इस साल की थीम “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” है।
दिल्ली में सजावट और सुरक्षा, 4 तस्वीरें…
रेल भवन में की गई सजावट।
कई स्पॉट्स पर दिल्ली पुलिस के अस्थायी बंकर बने हैं।
VVIP मूवमेंट के इलाके में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।
बैरिकेड्स पर ब्रिक्स के लोगो का पोस्टर लगाता एक व्यक्ति।
स्ट्रीट वेंडर्स को स्टॉल न लगाने का निर्देश
नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) का दावा है कि ब्रिक्स समिट से पहले दिल्ली के कई इलाकों में स्ट्रीट वेंडर्स से अपना काम रोकने के लिए कहा जा रहा है। संगठन ने अधिकारियों से अपील की है कि वे यह पक्का करें कि सुरक्षा इंतजामों की वजह से वेंडर्स की रोजी-रोटी पर असर न पड़े।
NASVI के मुताबिक, इंडिया गेट, मदनगीर, भीकाजी कामा प्लेस, वसंत विहार, साकेत और आरके पुरम जैसे इलाकों में वेंडर्स ने बताया है कि पुलिस वालों ने उनसे अपने स्टॉल न लगाने या अपना काम न करने के लिए कहा है।
एक्सपर्ट की राय- साझा सिद्धांतों पर अमल हुआ तो भारत को मिलेंगे ब्रिक्स के 10 नए बाजार
ब्रिक्स में क्या फैसला होगा: 11 देशों में सीमा पार डिजिटल सेवा सुगम बनाने के सिद्धांत मंजूर होेंगे। ऐसे में, बेंगलुरु की कोई छोटी कंपनी ब्राजील के कारोबारी का सॉफ्टवेयर संभाल सकेगी। गुरुग्राम का फिनटेक स्टार्टअप यूएई में सेवाएं दे पाएगा।
भारत की स्थिति क्या है: 2024 में दूसरे देशों में 269 अरब डॉलर (~24 लाख करोड़) की डिजिटल सेवाएं दीं। भारत का ग्लोबल शेयर 5.8% था। अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड और जर्मनी के बाद पांचवें स्थान पर है। चीन छठे स्थान पर है।
नए सिद्धांत अहम क्यों हैं: ब्रिक्स में बड़ा बाजार मिलेगा। 11 ब्रिक्स देशों की दुनिया में डिजिटल सेवा निर्यात में हिस्सेदारी 14% है। इसमें अकेले भारत की हिस्सेदारी 48% है। सर्विस सुगम होने का सबसे ज्यादा फायदा भारत को संभव है।
आम लोगों को क्या लाभ: छोटे कारोबार और पेशेवरों के लिए संभावनाएं बनेंगी। भारत में बैठ विदेशी ग्राहक से कमाई करने वालों का दायरा बढ़ सकता है।
क्या नौकरियां भी बढ़ेंगी: कंपनियों को नए बाजार मिले तो सॉफ्टवेयर, प्रबंधन, एआई, साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, वित्तीय तकनीक और पेशेवर सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
क्या ईयू जैसा बाजार बनेगा: नहीं। यूरोपीय संघ (ईयू) में सदस्यों के बीच व्यापक कानूनी और संस्थागत ढांचा है। ब्रिक्स में भारत, चीन, रूस, ब्राजील जैसे बिल्कुल अलग राजनीतिक, कानूनी व आर्थिक मॉडल वाले देश हैं।
भारत-चीन की होड़ बढ़ेगी: दोनों देशों में डेटा और डिजिटल मंचों से जुड़े नियम अलग हैं। भारत ऐसा ढांचा नहीं चाहेगा जिसमें किसी देश के डिजिटल मानक ब्रिक्स के साझा मानक बनें।
काजिम रिजवी (डिजिटल और आईटी एक्सपर्ट) के मुताबिक ये सभी राय दिए गए है।
BRIC से BRICS तक ऐसे बढ़ा समूह
BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत और चीन के BRIC गठबंधन के तौर पर हुई थी। इन देशों के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई थी।
इसके बाद 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में BRIC का पहला शिखर सम्मेलन हुआ। दक्षिण अफ्रीका के 2011 में शामिल होने के बाद इसका नाम BRICS हो गया।
जनवरी 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और UAE को पूर्ण सदस्य बनाया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य बना।
अब BRICS में 11 पूर्ण सदस्य देश हैं। इसके साथ साझेदार देशों की संख्या भी बढ़ रही है। यह समूह वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण प्रभाव रखता है।
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ब्रिक्स देश डिजिटल करेंसी से कारोबार की तैयारी में: छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत; बिना कुछ गिरवी रखे ब्रिक्स देशों में कारोबार कर पाएंगे
भारत ब्रिक्स समिट के दौरान डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने वाले एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। चीन और रूस,भारत के साथ मिलकर इसका ट्रायल करेंगे। इसका मकसद ब्रिक्स देशों के बीच कारोबार में अमेरिकी डॉलर जैसी किसी तीसरी करेंसी पर निर्भरता कम करना है।
यानी देश आपस में सीधे अपनी-अपनी करेंसी में पेमेंट कर सकें। हालांकि कोई नई साझा करेंसी शुरू नहीं की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर…
चेक बाउंस केस में सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को ₹5 करोड़ जमा करने की शर्त पर उन्हें जेल जाने से अंतरिम छूट दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने शाहजहांपुर के व्यापारी माधव गोपाल अग्रवाल से ₹5 करोड़ के लेन-देन मामले में राजपाल को 3 महीने जेल की सजा सुनाई थी। सुनवाई के दौरान राजपाल ने कहा था कि 5 बार जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन पैसा नहीं दूंगा। ये लोन नहीं, निवेश था। आखिर राजपाल यादव पैसा क्यों नहीं लौटाना चाह रहे? 5 करोड़ रुपए का मामला लोन का है या निवेश का…? आज यूपी एक्सप्लेनर में जानिए पूरी कहानी… सवाल-1: पैसों का विवाद कब और कैसे शुरू हुआ? जवाब: एक यूट्यूब चैनल को दिए माधव गोपाल अग्रवाल के इंटरव्यू के मुताबिक… सवाल-2: ये लोन का मामला है या निवेश का…? जवाब: दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई, 2026 को दिए फैसले में 5 करोड़ रुपए के लेनदेन को लोन माना है, निवेश नहीं। इसे ऐसे समझ सकते हैं… सवाल-3: क्या राजपाल यादव वाकई पैसा नहीं चुकाना चाहते? जवाब: इसे लेकर हम कोई दावा नहीं कर रहे हैं। हालांकि, कोर्ट के फैसलों और राजपाल यादव के सार्वजनिक व कोर्ट में दिए बयान से यही बात दिखती है। सवाल-4: आखिर पैसा न लौटाना की वजह क्या है? जवाब: इसे लेकर राजपाल यादव ने करीब 4 महीने पहले एक यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू दिया था। तब उन्होंने कहा था… —————————— ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… क्या पुलिसवाले रील नहीं बना सकते, अश्लील VIDEO वाली दरोगा का क्या होगा; क्या नौकरी जाएगी मेरठ में नीले ड्रम वाली मुस्कान को अरेस्ट करने वाली दरोगा अनु ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर वीडियो बनाया। इसमें वे आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रही थीं। एक यूट्यूबर ने इसे लेकर आपत्ति जताई तो मामला पुलिस विभाग की जानकारी में आया। अनु को सस्पेंड कर दिया गया। उनका इंस्टाग्राम अकाउंट भी अब एक्टिव नहीं है। तो अब महिला दरोगा का क्या होगा? क्या उनकी नौकरी भी जा सकती है? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…