मथुरा में जिला पूर्ति विभाग की टीम ने सरकारी राशन के चावल की कालाबाजारी का भंडाफोड़ कर मंगलवार को एफआईआर दर्ज कराई है। गोकुल बैराज रोड स्थित लक्ष्मी गार्डन के पास एक निजी गोदाम पर छापेमारी कर टीम ने 164 प्लास्टिक की बोरियों में भरा सरकारी चावल और एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा बरामद किया। विभाग ने बरामद चावल को जब्त कर आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पूर्ति विभाग की टीम ने सोमवार शाम करीब 6 बजे गोदाम पर छापा मारा। एआरओ फूल सिंह, पूर्ति निरीक्षक रविकांत और मनोज कुमार तिवारी की संयुक्त टीम जब मौके पर पहुंची तो गोदाम बंद मिला। टीम ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर गोदाम के मालिक के बारे में जानकारी जुटाई, जिसके बाद राजकुमार सिंह नामक युवक चाबी लेकर मौके पर पहुंचा और गोदाम का ताला खोला। गोदाम के अंदर जांच के दौरान हाथ से सिली हुई प्लास्टिक की बोरियों में बड़ी मात्रा में चावल भरा मिला। प्रत्येक बोरी में लगभग 40 से 50 किलोग्राम चावल था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह चावल सरकारी राशन की दुकानों से पात्र लाभार्थियों को वितरित किया जाना था, लेकिन इसे कथित तौर पर कालाबाजारी के लिए गोदाम में एकत्र कर रखा गया था। मौके से कुल 164 बोरियां बरामद की गईं। जांच के दौरान फरह ब्लॉक के गांव झुड़ावई निवासी कपिल गोयल और उनके भाई लक्ष्मण गोयल को चावल एकत्र कर कालाबाजारी के लिए रखने के मामले में दोषी पाया गया। विभाग ने बरामद चावल के साथ इलेक्ट्रॉनिक कांटे को भी कब्जे में ले लिया। एआरओ फूल सिंह ने बताया कि बरामद सरकारी चावल और इलेक्ट्रॉनिक कांटे को उचित दर विक्रेताओं की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद पूर्ति निरीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने मंगलवार को थाना सदर बाजार में आरोपितों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई है। विभाग द्वारा मामले की आगे जांच की जा रही है।
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मथुरा में सरकारी चावल की कालाबाजारी का भंडाफोड़: निजी गोदाम से 164 बोरी चावल बरामद, माफिया कपिल और लक्ष्मण गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज – Mathura News
चीफ इंजीनियर ने की हर महीने 1 लाख की मांग: रीवा में रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ाया, कंपनी को काम दिलाने के बदले में मांगी रिश्वत – Rewa News
रीवा लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा में कार्रवाई की। टीम ने प्रभारी मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) कैलाश कुमार लच्छे को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा गया। कार्रवाई सिविल लाइन स्थित शासकीय आवास में अटल पार्क के सामने हुई। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता सोनू सिंह सतना जिले की टेस्टिंग लैब पीवीपी लिमिटेड में मैनेजर हैं। उनकी फर्म निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करती है। आरोप है कि फर्म को लोक निर्माण विभाग में काम दिलाने के बदले कैलाश कुमार लच्छे हर महीने एक लाख रुपए की रिश्वत मांग रहे थे। 4 अगस्त को की थी शिकायत सोनू सिंह ने 4 अगस्त को लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत की थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान भी आरोपी ने धर्मवीर भारती की मदद से 50 हजार रुपए लिए थे। इसके बाद लोकायुक्त ने मंगलवार 11 अगस्त को ट्रैप की कार्रवाई की। सरकारी आवास से रंगे हाथ पकड़ाया
उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में टीम ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपए लेते कैलाश कुमार लच्छे को पकड़ लिया। इस दौरान उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को भी पकड़ा गया। कैलाश कुमार लच्छे की उम्र 59 वर्ष है। वे मूल रूप से लोक निर्माण विभाग जिला रीवा में कार्यपालन यंत्री के पद पर पदस्थ हैं। वर्तमान में वे लोक निर्माण विभाग, संभाग रीवा के प्रभारी मुख्य अभियंता की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। धर्मवीर भारती की उम्र भी 59 वर्ष है। उसे कैलाश कुमार लच्छे का अशासकीय सहयोगी बताया गया है। दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस लोकायुक्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत केस दर्ज किया है। टीम आगे की कार्रवाई कर रही है। एसपी लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा ने बताया कि शिकायत के सत्यापन के बाद मंगलवार को ट्रैप की कार्रवाई की गई। प्रभारी मुख्य अभियंता कैलाश कुमार लच्छे और उनके अशासकीय सहयोगी धर्मवीर भारती को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार, निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया सहित लोकायुक्त कार्यालय रीवा की टीम शामिल रही।
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मोतिहारी की सिकरहना नदी में डूबी 18 वर्षीय युवती: सावन सोमवारी पर जल भरने गई थी, गोताखोरों को दूसरे दिन मिला शव – Motihari (East Champaran) News
मोतिहारी में सावन की दूसरी सोमवारी पर सिकरहना नदी में जल भरने गई 18 वर्षीय युवती की डूबने से मौत हो गई। मंगलवार को दूसरे दिन स्थानीय ग्रामीण गोताखोरों की मदद से उसका शव बरामद किया गया। यह घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा गांव निवासी स्वर्गीय सुदामा सिंह की 18 वर्षीय पुत्री नेहा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि नेहा अन्य लोगों के साथ सिकरहना नदी में जल भरने गई थी। परिजनों ने गोताखोरों को बुलाया जल भरने के दौरान नेहा नदी के गहरे पानी में चली गई और अचानक डूबने के बाद लापता हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों को सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण गोताखोरों को बुलाया गया और नदी में नेहा की तलाश शुरू की गई। सोमवार को देर शाम तक तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। मंगलवार को ग्रामीण गोताखोरों ने दोबारा नदी में तलाश शुरू की। इसी दौरान नदी में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया, जिसे गोताखोरों ने बाहर निकाला। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच जारी शव मिलने की सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थानाध्यक्ष अमित कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। बताया गया कि नेहा अपने दो भाइयों के बीच अकेली बहन थी। इस घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।
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भारत में घटी स्मार्टफोन की बिक्री, Apple-Samsung की डिमांड ने चीनी ब्रांड्स की बढ़ाई
Highlights
- भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट पिछले 5 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है।
- मेमोरी चिप की बढ़ रही कीमत ने स्मार्टफोन की डिमांड घटा दी है।
- हालांकि, कंपनियों की कमाई में बड़ा इजाफा देखने को मिला है।
भारत में स्मार्टफोन की डिमांड में इस साल भारी गिरावट देखने को मिली है। खास तौर पर चीनी कंपनियों के स्मार्टफोन खरीदने वाले लोगों की संख्यां कम हुई है। वहीं, एप्पल और सैमसंग जैसे ब्रांड्स के फोन की डिमांड ठीक रही है। साल की दूसरी तिमाही में भारत में स्मार्टफोन की शिपमेंट में 11.1% की गिरावट दर्ज की गई है। इस तिमाही में महज 3.32 करोड़ यूनिट स्मार्टफोन ही भारतीय बाजार में शिप हुए हैं, जो पिछले 5 साल की पहली छमाही में सबसे निचला स्तर है।
शिपमेंट में 11.1% की गिरावट
रिसर्च फर्म IDC की रिपोर्ट के मुताबिक, साल की दूसरी तिमाही यानी अप्रैल से लेकर जून के बीच भारतीय बाजार में महज 33.2 मिलियन स्मार्टफोन ही शिप किए गए हैं। पिछले साल की दूसरी तिमाही के मुकाबले शिपमेंट में 11.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मेमोरी चिप की बढ़ रही कीमत की वजह से स्मार्टफोन निर्माता कंपनियों को फोन की कीमत में इजाफा करना पड़ा है, जिसका असर शिपमेंट पर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि, प्रीमियम सेगमेंट में स्मार्टफोन की बिक्री जस की तस रही है। एप्पल और सैमसंग जैसे ब्रांड्स के प्रीमियम फोन लोग खरीद रहे हैं।
IDC के मुताबिक, साल की पहली छमाही में अब तक कुल 6.42 करोड़ यानी 64.2 मिलियन स्मार्टफोन ही भारतीय बाजार में शिप किए गए हैं। यह पिछले 5 सालों की पहली छमाही का सबसे कम आंकड़ा रहा है। शिपमेंट में साल-दर-साल 7.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, कंपनियों की कमाई में 3.6% की बढ़ोतरी हुई है। यह दर्शाता है कि लोगों ने प्रीमियम फोन की तरफ रूख किया है। सस्ते और बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन की बिक्री में ये गिरावट देखी गई है।
चीनी कंपनियों की बढ़ी टेंशन
साल की दूसरी तिमाही में भी चीनी ब्रांड Vivo भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में टॉप पर बना हुआ है। हालांकि, इसकी शिपमेंट में 13.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट की हिस्सेदारी भी 19% से घटकर 18.4% रह गई है। अन्य चीनी ब्रांड्स की बात करें तो Oppoकी शिपमेंट में 8.5%, Xiaomi में 10% और Realme में 14.2% की गिरावट दर्ज की गई है। Poco में 12.3%, जबकि iQOO में 61% की गिरावट देखने को मिली है।
वहीं, दूसरी तरफ Samsung के शिपमेंट में 0.4% की वृद्धि देखने को मिली है। कंपनी ने इस दौरान Galaxy A57, Galaxy A37, Galaxy A27 जैसे मिड बजट फोन भारतीय बाजार में लॉन्च किए हैं। कंपनी का मार्केट शेयर भी 14.5% से बढ़कर 16.4% हो गया है। वहीं, एप्पल की शिपमेंट में भी 0.7% की वृद्धि देखने को मिली है। अमेरिकी कंपनी का मार्केट शेयर भारत में 7.5% से बढ़कर 8.5% हो गया है। हाल ही में आई रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल ने पिछले साल भारत में अब तक सबसे ज्यादा iPhone बेचे हैं।
Motorola और OnePlus को भी फायदा
अन्य चीनी ब्रांड्स के मुकाबले Motorola और OnePlus ने बेहतर प्रदर्शन किया है। Motorola के शिपमेंट में 8.9% और OnePlus के शिपमेंट में 2.5% की ही गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, कंपनी का मार्केट शेयर पिछली तिमाही के मुकाबले बड़ा है। इस तिमाही में भारतीय बाजार में स्मार्टफोन खरीदारों ने ऑनलाइन से ऑफलाइन मार्केट की तरफ रूख किया है। ऑनलाइन शिपमेंट में 19.8% की गिरावट दर्ज की गई है।
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हूती विद्रोहियों का सऊदी जहाज पर मिसाइल हमला: 2 पाकिस्तानी समेत 3 की मौत; रेड सी में अब तक 8 जहाजों को निशाना बनाया
यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार को बाब अल-मंदेब स्ट्रेट में सऊदी जहाज पर मिसाइल हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 3 क्रू मेंबर मारे गए। इनमें 2 पाकिस्तानी और 1 इंडोनेशियाई नागरिक था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तंजानिया के झंडे वाले इस जहाज का नाम ‘तिहामा’ था। यह ओमान के सलालाह पोर्ट से जिबूती जा रहा था। हूती विद्रोहियों ने 20 जुलाई को सऊदी जहाजों की नाकाबंदी शुरू की थी। इसके बाद से वे रेड सी में सऊदी से जुड़े 8 जहाजों पर हमला कर चुके है। इनमें एनसिलिया, लायला, गजल और वफा जैसे जहाज शामिल हैं। होर्मुज के बाद बाब अल-मंदेब में भी खतरा बढ़ा यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से समुद्री कारोबार पहले ही दबाव में है। अब बाब अल-मंदेब में भी जहाजों पर हमले बढ़ रहे हैं। इससे शिपिंग कंपनियों की परेशानी और बढ़ गई है। हूती विद्रोही रेड सी से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बना रहे हैं। रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी जहाजों पर हूतियों के हमलों में यह पहली बार है, जब किसी की मौत हुई है। हूतियों के हमलों का असर सऊदी अरब के तेल निर्यात पर भी पड़ा है। समुद्र में जहाजों की आवाजाही कम हुई है। सुरक्षा के डर से कई जहाज रेड सी और स्वेज नहर के रास्ते से बच रहे हैं। बाब अल-मंदेब से गुजरने वाले जहाज घटे केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले हफ्ते बाब अल-मंदेब से रोज औसतन 32 जहाज गुजरे। पहले यहां रोज करीब 50 जहाज गुजरते थे। यानी अब इस रास्ते से करीब 18 जहाज कम गुजर रहे हैं। कई जहाज अब अफ्रीका के चारों ओर से जा रहे हैं। यह रास्ता काफी लंबा है। इससे सामान पहुंचने में ज्यादा समय लग रहा है। इसका असर सप्लाई पर भी पड़ रहा है। सामान की कमी बढ़ सकती है। सप्लाई लाइन पर दबाव बढ़ रहा है। इससे रोजमर्रा की चीजों का खर्च भी बढ़ सकता है। यमन में ईरान और सऊदी अरब आमने-सामने ईरान और सऊदी अरब यमन में युद्ध लड़ रहे हैं। दोनों देश वहां विरोधी पक्षों का समर्थन करते हैं। सऊदी अरब अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली सरकार का समर्थन करता है, जबकि ईरान हूतियों के साथ है। हूती संगठन यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखता है। हूतियों ने 2023 और 2024 में भी रेड सी में लगातार जहाजों पर हमले किए थे। इससे समुद्री यातायात पर असर पड़ा था। इस समय हूतियों के हमलों का असर इसलिए ज्यादा महसूस हो रहा है, क्योंकि दुनिया पहले से ही होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से जूझ रही है। दुनिया के लिए रेड सी इतना अहम क्यों है? रेड सी दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इसके एक तरफ सऊदी अरब और यमन हैं, जबकि दूसरी तरफ मिस्र, सूडान, इरिट्रिया, जिबूती और सोमालिया स्थित हैं। दुनिया के करीब 30% समुद्री व्यापार का आवागमन इसी रास्ते से होता है। रेड सी में आने-जाने के केवल दो रास्ते हैं। पूर्व में बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और पश्चिम में स्वेज नहर। इसलिए इनमें से किसी एक रास्ते में रुकावट आने पर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ता है। बाब अल-मंदेब अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 29 किलोमीटर चौड़ा है। इसी वजह से यहां जहाजों के आने और जाने के लिए केवल दो समुद्री लेन हैं। ईरान जंग के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर नाकेबंदी के कारण सऊदी अरब अपना ज्यादातर तेल इसी रास्ते से भेज रहा है। लेकिन अब इस रास्ते में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का असर बढ़ गया है। सामान्य समय में दुनिया के लगभग 20% तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट से गुजरती है। अब होर्मुज स्ट्रेट और रेड सी, दोनों क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के कारण दुनिया की करीब 25% ऊर्जा आपूर्ति किसी न किसी रूप में इस संघर्ष से प्रभावित हो रही है। जहाजों पर टैक्स लगाने की तैयारी में हूती विद्रोही यमन के हूती विद्रोही रेड सी (लाल सागर) के दक्षिणी हिस्से से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों पर शुल्क लगाने की तैयारी कर रहे हैं। रॉयटर्स ने यह जानकारी सूत्रों ने के हवाले से दी है। हालांकि, इसे कब लागू किया जाएगा, इसकी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए हूती नेता ईरान गए थे। वहां ईरानी अधिकारियों ने जहाजों पर टैक्स लगाने का आइडिया दिया था। बाद में ईरानी सलाहकारों ने हूती अधिकारियों के साथ मिलकर टैक्स वसूलने के लिए एक संभावित व्यवस्था तैयार करने में भी मदद की। प्रस्ताव के तहत चीनी जहाजों को इस शुल्क से छूट दी जा सकती है। चीन सऊदी अरब से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाला देश है। ———————– यह खबर भी पढ़ें… ईरान के डर से ट्रम्प ने सीक्रेट फ्लाइट ली थी: तुर्किये में एयरफोर्स वन में बैठने का दिखावा किया, फिर सामान वाली गाड़ी से दूसरे प्लेन में पहुंचे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पिछले महीने तुर्किये से ब्रिटेन जाने के लिए सीक्रेट रूप से एक छोटे मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया था। ईरान से ट्रम्प की हत्या की धमकी मिलने के बाद उनकी यात्रा का पूरा प्लान बदला गया था। पूरी खबर पढ़ें…
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404 – Page not found – Dainik Bhaskar
श्रावण महीने में पाली के प्राचीन लाखोटिया महादेव मंदिर और उससे जुड़ी कहानी चर्चा में है। मान्यता है कि करीब 976 साल पहले पाली में पेयजल संकट के दौरान पानी दरवाजा जूना मठ के संत चंदनपुरी ने लाखोटिया तालाब खुदवाया और उसकी टेकरी पर शिवलिंग स्थापित किया था। आज यही शिवलिंग लाखोटिया महादेव के नाम से प्रसिद्ध है। मंदिर और तालाब से जुड़ी कई दंतकथाएं आज भी लोगों के बीच प्रचलित हैं। पेयजल संकट के समय खुदवाया तालाब दंतकथाओं के अनुसार करीब 976 साल पहले पल्लीपुर यानी वर्तमान पाली में पेयजल संकट था। उस समय पानी दरवाजा स्थित जूना मठ के संत चंदनपुरी ने तालाब खुदवाने का निर्णय लिया। तालाब की खुदाई के बाद उसकी टेकरी पर शिवलिंग की स्थापना की गई। मान्यता है कि तालाब की खुदाई में एक लाख ऊंटों का इस्तेमाल किया गया था। इसी वजह से इसका नाम लाखोटिया तालाब और टेकरी पर स्थापित शिवलिंग का नाम लाखोटिया महादेव पड़ा। तालाब के किनारे स्थित जूना मठ में बाद में संत चंदनपुरी ने समाधि ली। समय के साथ लाखोटिया तालाब और मंदिर का विस्तार होता गया। खुदाई में सोने के सिक्के मिलने की मान्यता लाखोटिया तालाब से जुड़ी एक अन्य दंतकथा में कहा जाता है कि खुदाई के दौरान सोने के सिक्के निकलते थे। संत इन सिक्कों को खुदाई करने वाले मजदूरों को मेहनताना के रूप में दे देते थे। यह भी मान्यता है कि संत चंदनपुरी कमल के आकार के एक पत्थर पर बैठकर जूना मठ से लाखोटिया तालाब होते हुए टेकरी पर स्थित महादेव मंदिर तक जाते थे और शिवलिंग पर जल चढ़ाते थे। जूना मठ में आज भी कमल के आकार का यह पत्थर रखा हुआ है। इसके अलावा यहां संत से जुड़ी चिलम, छड़ी, बड़े शंख, धूणी, भाला और लकड़ी का डमरू भी मौजूद हैं। बहन का चेहरा देखने के बाद जीवित समाधि लेने की कथा संत चंदनपुरी से जुड़ी एक अन्य कथा उनकी बहन अन्नपूर्णा से जुड़ी है। मान्यता है कि संत महिलाओं का चेहरा नहीं देखते थे और जूना मठ में महिलाओं का प्रवेश भी नहीं था। एक बार उनकी बहन अन्नपूर्णा उनसे मिलने मठ पहुंचीं। संत ने उनका चेहरा देख लिया। इसके बाद उन्होंने जीवित समाधि लेने का निर्णय लिया। जब अन्नपूर्णा को इसकी जानकारी हुई तो वह भी जूना मठ पहुंचीं। दंतकथा के अनुसार दोनों भाई-बहन ने यहीं जीवित समाधि ली। जूना मठ में आज भी दोनों की समाधि मौजूद है। जूना मठ में आज भी मौजूद है प्राचीन गुफा जूना मठ के संत भोलापुरी के अनुसार मठ में आज भी एक प्राचीन गुफा मौजूद है। मान्यता है कि पाली के आसपास स्थित कुछ अन्य धार्मिक स्थलों में भी ऐसी गुफाएं हैं और प्राचीन समय में संत इन रास्तों से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाते थे। बताया जाता है कि करणी माता मंदिर, पूनागर भाकरी माता मंदिर और गाजण माता मंदिर में भी ऐसी गुफाओं के होने की मान्यता है। वर्तमान में इन गुफाओं को बंद कर दिया गया है। जूना मठ की गुफा में भी लोग पहले कई फीट अंदर तक जा चुके हैं। समय के साथ देखरेख नहीं होने के कारण अब इसका रास्ता बंद है। संत की निशानियां आज भी सुरक्षित पानी दरवाजा स्थित जूना मठ में संत चंदनपुरी से जुड़ी कई वस्तुएं आज भी रखी हैं। इनमें उनकी चिलम, छड़ी, शंख, धूणी, भाला और डमरू शामिल हैं। मठ परिसर में संत चंदनपुरी और उनकी बहन अन्नपूर्णा की समाधियां भी मौजूद हैं। वहीं कमल के आकार का वह पत्थर भी रखा है, जिसके बारे में मान्यता है कि संत इसी पर बैठकर लाखोटिया तालाब से होते हुए टेकरी पर स्थित शिवलिंग के जलाभिषेक के लिए जाते थे। लाखोटिया महादेव आज भी आस्था का केंद्र लाखोटिया तालाब और महादेव मंदिर पाली शहर की पहचान से जुड़े प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हैं। संत चंदनपुरी से जुड़ी इन कथाओं और जूना मठ में मौजूद पुरानी निशानियां इस पूरे क्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाती हैं।
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शामली के गुलजारी वाले शिव मंदिर में उमड़ी भक्तों की: सावन में 108 साल पुराने मंदिर में जलाभिषेक को पहुंचे श्रद्धालु – Shamli News
शामली में सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की भक्ति का माहौल है। शहर के 108 साल पुराने ऐतिहासिक गुलजारी वाले शिव मंदिर में मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज से आए भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा। गुलजारी वाले शिव मंदिर का इतिहास लगभग 108 साल पुराना बताया जाता है। सावन के महीने में इस प्राचीन मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंगलवार को भी मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फूल लेकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया। मंदिर में लगातार गूंज रहे जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था और विश्वास के साथ महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गईं। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध तरीके से दर्शन और जलाभिषेक कराया गया। मंदिर के आसपास सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी पुलिस प्रशासन ने नजर रखी। सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने बताया कि गुलजारी वाले शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से उन्हें विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है।
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