प्रयागराज के कीडगंज के एक होटल में महिला मैनेजर से छेड़खानी की गई। आरोप है कि होटल मालिक के रिश्तेदार ने लिफ्ट में उसे गंदी नीयत से पकड़ा। शिकायत करने पर होटल मालिक के परिवारवालों ने पीड़िता को ही धमकाया और गालीगलौज की। डेढ़ साल से होटल में कर रही है नौकरी
पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि वह पिछले करीब डेढ़ साल से बाई का बाग स्थित होटल सनराइज विस्टा इन में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। 8 मई को दोपहर करीब 1:55 बजे वह बेसमेंट में स्थित सर्विस लिफ्ट से चौथी मंजिल पर होटल के किचन की ओर जा रही थी।
रिश्तेदार ने गंदी नीयत से पकड़ा
इसी दौरान होटल मालिक के एक रिश्तेदार ने पीछे से आकर उसे पकड़ लिया और उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा। पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और चुप रहने को कहा। भयभीत होकर उसने शोर मचाया तो वहां अन्य लोग पहुंच गए।
ओनर के पिता ने उसे ही गालियां दीं
महिला का आरोप है कि घटना की जानकारी देने के बाद आरोपी को रोकने के बजाय होटल मालिक के पिता ने उसे ही गालियां दीं और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। शिकायत में कहा गया है कि उसे जबरन वहां से बाहर निकालने का प्रयास किया गया तथा विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे चप्पल से मारा गया और अपमानित किया गया।
स्टाफ ने किया बीच-बचाव
शिकायत के मुताबिक होटल के अन्य कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया, जिसके बाद वह वहां से निकल सकी। महिला का कहना है कि यदि कर्मचारी बीच-बचाव नहीं करते तो उसके साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
112 पर कॉल, फिर भी नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उसने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया। आरोप है कि थाने पहुंचने पर होटल मालिक ने भी उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अपनी पहुंच का हवाला देकर कार्रवाई न होने की बात कही। महिला का कहना है कि पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की और कुछ देर बैठाने के बाद वापस भेज दिया।
अफसरों से शिकायत के बाद FIR
महिला ने आरोप लगाया कि उसने बाद में कई सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जानकारी दी, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उसने पुलिस आयुक्त से मामले में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की तब जाकर एफआईआर दर्ज की गई।
कीडगंज पुलिस ने इस मामले में होटल मालिक समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट की है।
Source link
होटल लिफ्ट में महिला मैनेजर से छेड़खानी: बोली- मालिक के रिश्तेदार ने गंदी नीयत से पकड़ा, शिकायत पर गालीगलौज की – Prayagraj (Allahabad) News
खनिज अधिकारी को धमकाया- ‘तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे, देख लेंगे’: भोपाल में डंपर छुड़ाने खनन माफिया की गुंदागर्दी; रेत-मुरम भरे डंपर पकड़े थे – Bhopal News
भोपाल के कजलीखेड़ा थाने के ठीक सामने खनन माफिया के गुर्गों ने जमकर हंगामा किया। अवैध गिट्टी-मुरम से भरे डंपरों पर कार्रवाई कर उन्हें कस्टडी में लेने पहुंची खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को थाने के मुख्य गेट पर ही घेर लिया गया। डंपर मालिक और उसके गुर्गों ने थाने के गेट पर गाड़ियां अड़ाकर जमकर गुंडागर्दी की और महिला खनिज अधिकारी को सरेआम धमकाते हुए विवाद किया। आरोप है कि उन्होंने कहा, ‘तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे, तुम्हें देख लेंगे।’ वाहन खाली कर भागने लगे ड्राइवर विवाद 11 जून की रात करीब 11.33 बजे शुरू हुआ था। हालांकि, घटनाक्रम की जानकारी शुक्रवार देर रात में सामने आई है। खनिज इंस्पेक्टर सुची माथुर अपनी टीम के साथ नीलबड़ चेकपोस्ट की ओर से आ रहे डंपरों की जांच कर रही थीं। बैरागढ़ चीचली के पास टीम ने जैसे ही डंपरों को रोका, चालक पकड़े जाने के डर से वाहन खाली कर भागने का प्रयास करने लगे। माइनिंग अमले ने उन्हें पकड़ लिया और जब्त वाहनों को कस्टडी में लेकर थाने की ओर रवाना हुआ। दबाव नहीं माना तो नौकरी खाने की धमकी दी
असली विवाद तब शुरू हुआ जब जब्त डंपर कजलीखेड़ा थाने के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे। इसी दौरान डंपर मालिक राहुल यादव और ज्ञान सिंह यादव अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने थाने के गेट के सामने अपनी गाड़ियां खड़ी कर माइनिंग टीम का रास्ता रोक दिया और जब्त डंपरों को छुड़ाने का दबाव बनाने लगे। एएसआई महेश मांझी के अनुसार राहुल यादव और ज्ञान सिंह यादव मौके पर मौजूद पुलिस बल के सामने ही खनिज इंस्पेक्टर सुची माथुर से बदसलूकी करने लगे। उन्होंने महिला अधिकारी पर दबाव बनाया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। खनिज अधिकारी की शिकायत पर केस दर्ज
कजलीखेड़ा थाने के बाहर हुए इस हंगामे के बाद पुलिस ने बिना नंबर के चल रहे डंपरों समेत सभी वाहनों को कब्जे में ले लिया। खनिज इंस्पेक्टर सुची माथुर की लिखित शिकायत पर कजलीखेड़ा पुलिस ने राहुल यादव, ज्ञान सिंह यादव और उनके साथियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, अवैध उत्खनन-परिवहन तथा डराने-धमकाने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों को नोटिस जारी कर थाने बुलाया डीसीपी जोन-4 आदर्शकांत शुक्ला का कहना है कि कजलीखेड़ा थाने में खनिज अधिकारी की शिकायत पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अवैध उत्खनन की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में शामिल आरोपियों को नोटिस जारी कर थाने तलब किया जा रहा है। जब्त डंपरों और अन्य वाहनों के आरसी तथा परमिट संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Source link
पताही में प्रेशर कुकर फटने से मां-तीन बच्चे झुलसे: पदुमकेर गांव में खाना बनाते समय हादसा, अस्पताल में किया गया भर्ती – patahi News
पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड अंतर्गत पदुमकेर गांव में खाना बनाते समय प्रेशर कुकर फटने से एक ही परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों का इलाज मोतिहारी के एक अस्पताल में चल रहा है। एक ही परिवार के चार लोग घायल
जानकारी के अनुसार, यह घटना दीनानाथ पटेल के घर में हुई। हादसे में उनकी पत्नी त्रिरेखा देवी (30 वर्ष) और तीन पुत्र शिवम कुमार (10), मनप्रीत कुमार (7) और आयुष कुमार (5) गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज धमाके से फैली दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खाना बनाते समय अचानक प्रेशर कुकर जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे निकली गर्म भाप और उबलता भोजन रसोई में मौजूद सभी लोगों पर गिर गया। ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल
धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए मोतिहारी रेफर किया गया। स्थिति गंभीर, इलाज जारी
परिजनों के अनुसार, घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर
ग्रामीणों ने बताया कि दीनानाथ पटेल मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। एक साथ पत्नी और तीन बच्चों के घायल होने से परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। प्रशासन को सूचना, जांच शुरू
सीओ नाजनी अकरम ने बताया कि घटना की जानकारी मिल चुकी है और मामले की जांच कराई जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
Source link
नवाज-विजय बनने आए थे सुपरस्टार, डायरेक्टर ने बना दिया ‘पेड़’, मनोज बाजपेयी ने सुनाए किस्से
Last Updated:
हिंदी सिनेमा के कई बड़े एक्टर्स ने अपने करियर की शुरुआत थियेटर से की थी. उन्होंने थियेटर में काम करते हुए अपने हुनर को निखारा. अब मनोज बाजपेयी ने थिएटर के दिनों के मजेदार किस्से सुनाए. उन्होंने बताया कि कैसे शुरुआत में रोल न मिलने पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज को एक नाटक में ढाई घंटे तक पेड़ बनकर खड़ा रहना पड़ता था. मनोज बाजपेयी को दिन-रात कड़ी रिहर्सल देखकर दोनों हैरान थे. वे एक्टिंग को ‘गधा मजदूरी’ समझकर छोड़ने की सोचने लगे थे.
नई दिल्ली: मनोज बाजपेयी, नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज हिंदी सिनेमा के चमकते सितारे हैं, जिनकी एक्टिंग का लोहा हर कोई मानता है. मगर कामयाबी की बुलंदी पर पहुंचने से पहले उन्होंने खूब स्ट्रगल किया था. मनोज बाजपेयी हाल में पुराने दिनों का एक ऐसा मजेदार किस्सा शेयर किया. नवाज-विजय के थियेटर के दिनों को याद किया.

नवाजुद्दीन और विजय राज काम की तलाश में जब एक बड़े थिएटर के डायरेक्टर से मिलने पहुंचे. डायरेक्टर साहब ने उनसे उनका बैकग्राउंड पूछा और एक्टिंग करने की वजह जाननी चाही. दिक्कत ये थी कि नाटक में कोई रोल खाली ही नहीं था. अब डायरेक्टर साहब भी जुगाड़ू निकले. उन्होंने कह दिया कि नाटक में पेड़ों की जरूरत है, तो चलो इन दोनों को ही पेड़ बना देते हैं.

मनोज बाजपेयी ‘फीवर एफएम’ को दिए इंटरव्यू में बताते हैं कि मंच पर पेड़ बनने वाले सिर्फ ये दोनों नहीं थे, बल्कि सात-आठ लोगों का पूरा का पूरा ग्रुप था. इन भावी सुपरस्टार्स को नाटक के दौरान ढाई-ढाई घंटे तक बिना हिले-डुले, बस पेड़ बनकर सीधे खड़े रहना पड़ता था. अब आप खुद ही सोचिए, जो एक्टर बनने के सपने लेकर आए थे, उन्हें स्टेज पर लकड़ी की तरह खड़ा कर दिया गया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

किस्सा यहीं खत्म नहीं होता. मनोज बाजपेयी उस वक्त थिएटर में पागलों की तरह दिन-रात रिहर्सल किया करते थे. उनकी इस खतरनाक मेहनत को देखकर नवाजुद्दीन और विजय राज के होश उड़ गए. उन्हें अपने एक्टिंग के फैसले पर ही शक होने लगा था. वो सोचने लगे कि भाई, स्टार बनने का रास्ता इतना कठिन होता है क्या?

मनोज ने हंसते हुए पुरानी यादें ताजा कीं और बताया कि नवाज और विजय अक्सर बाहर जाकर आपस में बातें करते थे. वो मनोज को देखकर कहते थे, ‘यार, ये आदमी तो इतनी गधा मजदूरी कर रहा है, क्या एक्टिंग में सचमुच इतनी घिसाई करनी पड़ती है?’ मनोज की तगड़ी रिहर्सल देखकर तो दोनों एक बार के लिए बोरिया-बिस्तर समेटकर वापस भागने का मन बना चुके थे.

मजेदार ट्विस्ट तब, आया जब दोनों कलाकार डायरेक्टर साहब के लिए ‘पनौती’ बन गए. हुआ ये कि एक बार डायरेक्टर साहब जोश-जोश में डायरेक्शन दे रहे थे और अचानक इन दोनों से टकराकर जोर से गिर पड़े. चोट इतनी गहरी थी कि डायरेक्टर के हाथ में स्क्रू तक लगवाने पड़ गए.

थिएटर के बाकी लोग डायरेक्टर साहब को चिढ़ाने लगे कि ये दोनों लड़के आपके लिए पनौती हैं. हालत ये हो गई थी कि उस एक्सीडेंट के बाद डायरेक्टर साहब पूरे नाटक में सिर्फ अपने एक हाथ से ही इंस्ट्रक्शन्स दे पाते थे. आज भी जब ये तीनों इस बात को याद करते हैं, तो हंसते-हंसते लोटपोट हो जाते हैं.

मनोज बाजपेयी का कहना है कि पेड़ बनने और गधा मजदूरी वाले उन्हीं दिनों ने उनकी दोस्ती को मजबूत बना दिया. वे तीनों सिर्फ काम के साथी नहीं थे, बल्कि साथ में सफर करते थे. एक ही हॉल में सोते थे और मेस या ढाबे पर जो मिलता, साथ खाते थे. संघर्ष के उसी दौर ने आज उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है.
राहुल बोले- जनता में भाजपा के खिलाफ नाराजगी: अगला लोकसभा चुनाव हमारा, INDIA ब्लॉक को मैसेज- विपक्ष को मिलकर लड़ना होगा
नई दिल्ली4 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
INDIA ब्लॉक की सातवीं बैठक दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से कहा कि देश में जनता के बीच भाजपा के खिलाफ काफी नाराजगी है। इसी वजह से अगला लोकसभा चुनाव विपक्ष के पक्ष में है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि सबसे बड़ी चुनौती यह है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों।
बैठक में सहयोगी दलों की ओर से कांग्रेस पर की जाने वाली आलोचनाओं का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने भगवान शिव के विषपान वाले प्रसंग का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और वह खुद सहयोगी दलों की हर आलोचना को मुस्कुराकर स्वीकार करेंगे।
राहुल ने कहा कि विपक्षी दलों की बैठकों में अक्सर निराशा का माहौल दिखाई देता है, लेकिन उन्हें भरोसा रखना चाहिए कि अगर सभी दल साथ रहें तो भाजपा को हराना आसान है।
INDIA ब्लॉक की सोमवार को बैठक हुई थी। शुक्रवार को राहुल ने 9 मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 2024 का लोकसभा चुनाव नहीं हारी। उस चुनाव में विपक्ष ने भाजपा को कड़ी चुनौती दी थी।

राहुल का आरोप- चुनावी संस्थाएं भाजपा के कंट्रोल में
उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव से पहले बहुत कम लोगों को भरोसा था कि भाजपा को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन विपक्ष ने बेहतर प्रदर्शन किया। राहुल ने नेताओं से आग्रह किया कि वे जीत का विश्वास रखें और एकजुट होकर आगे बढ़ें।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का राज्य की कई संस्थाओं पर प्रभाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, खुफिया एजेंसियां और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा का कंट्रोल है, जिसके कारण विपक्ष को पहले जैसी समान राजनीतिक परिस्थितियां नहीं मिल रहीं।
राहुल ने दावा किया कि उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखा है। कई विपक्षी नेता अब यह मानने लगे हैं कि उनके चुनावी नतीजों पर असर पड़ा।

8 जून को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए थे।
मीडिया को मौका न देने की सलाह
राहुल ने कहा कि कुछ राजनीतिक घटनाओं, जैसे सहयोगी दलों के ब्लॉक छोड़ने के लिए कांग्रेस जिम्मेदार नहीं थी। उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि वे आपसी लड़ाई से बचें और ऐसे बयान न दें, जिनसे विपक्ष की एकता पर सवाल उठें। कि भाजपा लगातार यह धारणा बनाने की कोशिश करती है कि विपक्ष बिखरा हुआ है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है।
उन्होंने कहा कि अगर सभी दल साथ खड़े रहें और विरोध की राजनीति करें तो भाजपा को हराना मुश्किल नहीं है। राहुल ने NEET, CBSE, भारत जोड़ो यात्रा और अन्य मुद्दों को जनता के बीच संघर्ष के उदाहरण के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को हर दिन यह सोचना चाहिए कि जनता के मुद्दों पर सरकार का विरोध कैसे किया जाए।
INDIA ब्लॉक की बैठक में क्या हुआ

सोमवार को हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में सभी दलों ने एकमत से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। यह मांग NEET और CBSE से जुड़े विवादों को लेकर की गई। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और कथित वोट लूट के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखने का भी फैसला किया गया।
—————————–
ये खबर भी पढ़ें…
खड़गे बोले- SIR में करोड़ों वोटर के नाम काटे, इसके खिलाफ INDIA ब्लॉक CJI को लेटर लिखेगा

INDIA ब्लॉक की 2 साल बाद हुई 7वीं बैठक में 25 दलों के नेता शामिल हुए। दिल्ली में हुई बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, सुप्रिया सुले, कपिल सिब्बल समेत कई नेता मौजूद रहे। वहीं उद्धव ठाकरे और हेमंत सोरेन वर्चुअली जुड़े। पूरी खबर पढ़ें…
जामुन खाने के तुरंत बाद खा लेते हैं ये फूड्स, जान लें बड़े नुकसान, किन चीजों से करें परहेज
Last Updated:
बैंगनी रंग का खट्टा-मीठा, कसैले स्वाद का जामुन गर्मियों के अंत और मानसून के शुरुआत में मिलने लगता है. यह औषधीय गुणों से भरपूर फल है. मुख्य रूप से यह मई से जुलाई में मिलता है. बारिश के दौरान ताजा जामुन आपको खाने के लिए खूब मिल जाएंगे. पोषक तत्वों की बात करें तो इसमें विटामिन सी, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन ए आदि भरपूर होते हैं. जामुन पाचन को स्वस्थ रखता है. डायबिटीज में शुगर लेवल कंट्रोल रखता है. हालांकि, जामुन खाते समय या खाने के तुरंत बाद कुछ चीजों के सेवन से जरूर बचना चाहिए वरना आपको नुकसान भी हो सकता है.
कई तरह की पारंपरिक मान्यताएं हैं, जिसमें जामुन खाने के तुरंत बाद कुछ खाद्य पदार्थों को खाने से मना किया जाता है. इससे पाचन संबंधित समस्याएं हो सकती हैं. हालांकि, इसका कोई मेडिकल या वैज्ञानिक प्रमाण अधिक नहीं है, लेकिन बेहतर है कि आप जामुन खाने के तुरंत बाद यहां बताई गई चीजों को न ही खाएं तो सेहत के लिए फायदेमंद होगा.

यदि आपने जामुन खाया है तो गलती से भी तुरंत दूध और इससे बनने डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दही, पनीर आदि का सेवन न करें. इससे आपको गैस, अपच, पेट में भारीपन, ब्लोटिंग आदि की समस्या शुरू हो सकती है. जामुन खाने के आधे से एक घंटे बाद ही दूध, दही खाएं-पिएं.

जामुन स्वाद में खुद खट्टा, मीठा और कसैला सा होता है, ऐसे में आप इसे खाते समय अचार, अन्य खट्टी चीजें खाते हैं तो नुकसान पहुंचा सकता है. जामुन खाने के तुरंत बाद ही आप सिरका, अचार, बहुत अधिक खट्टी चीजें खाने से काफी लोगों को एसिडिटी, पेट में जलन की समस्या बढ़ सकती है. जामुन और अचार, दोनों ही अम्लीय होते हैं, जो पेट में एसिड लेवल को तेजी से बढ़ा सकते हैं. ऐसे में जामुन खाने के एक से डेढ़ घंटे बाद ही अचार या कोई दूसरी खट्टी चीज खाएं.
Add News18 as
Preferred Source on Google

कुछ लोगों की आदत होती है कोई भी फल खाते हैं तो तुरंत पेट भर कर ढेर सारा ठंडा पानी भी पी जाते हैं. ऐसा आप जामुन खाने के बाद ना करें. इससे आपका गला खराब हो सकता है. पेट में दर्द, ऐंठन, पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. कुछ देर बाद थोड़ा सा नॉर्मल पानी पीना हेल्दी विकल्प हो सकता है.

बहुत अधिक मसालेदार और ऑयली भोजन भी जामुन खाने के साथ या तुरंत बाद नहीं करना चाहिए. इससे पेट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. जिन लोगों को पहले से ही पाचन संबंधित परेशानियां जैसे अपच, जलन, गैस की शिकायत रहती है, उनके लिए दिक्कत और भी अधिक बढ़ सकती है.

जिनका पाचन तंत्र बहुत अधिक संवेदनशील है, तो ऐसे लोग जामुन के साथ गलत फूड कॉम्बिनेशन लेते हैं तो उन्हें कई समस्याएं हो सकती हैं. पेट में गैस, अपच, भारीपन, सीने में जलन, एसिडिटी, पेट दर्द, पेट में ऐंठन, गले में खराश, पाचन तंत्र में असहजता, उल्टी आदि हो सकती है.

जामुन खाने का सही तरीका- फ्रेश जामुन ठेले पर से खरीदें. बहुत अधिक गले हुए स्वाद में खराब होते हैं. जामुन को पानी से दो से तीन बार जरूर धो लें, क्योंकि ठेले पर इसे काफी लोग छूकर चुनते हैं और फिर खरीदते हैं. इससे बैक्टीरिया, जर्म्स, गंदगी जामुन पर लगे हो सकते हैं. खाली पेट अधिक मात्रा में खाने से बचें. जामुन खाने के एक घंटे बाद कुछ भी खाने से बचना चाहिए. पानी, दूध, दही, खट्टे फल, खट्टी चीजें, अचार आदि न खाएं. सीमित मात्रा में सेवन से फायदा अधिक और नुकसान कम होगा. पाचन संबंधी समस्याएं हैं तो बहुत कम खाएं. खासकर जब आपको गैस, जलन पहले से ही हो, तब इस फल को ना खाएं.
हरदोई में अवैध धर्मांतरण का मुख्य आरोपी पादरी गिरफ्तार: मामले में दो सह-आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके, पैसे का देते थे लालच – Hardoi News
हरदोई के टड़ियावां थाना क्षेत्र के महमदापुर गांव में अवैध धर्मांतरण मामले के मुख्य आरोपी पादरी सत्यपाल को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर प्रलोभन और सम्मोहन के जरिए हिंदू समुदाय के लोगों का जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है। इस मामले में दो सह-आरोपी रामसिंह और रामप्रवेश को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। सभी अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब रविवार रात ग्राम पनिहैय्या निवासी अल्केश सिंह को सूचना मिली। उन्हें बताया गया कि महमदापुर गांव में राजेश पाल के मकान के बरामदे में एक अवैध प्रार्थना सभा (चंगाई सभा) चल रही है। अल्केश सिंह के मुताबिक, वहां रसूलपुर (पिहानी) का पादरी सत्यपाल अपने साथियों राम सिंह (सीतापुर) और राम प्रवेश (मझिला, हरदोई) के साथ मिलकर हिंदू समुदाय के गरीब लोगों को एकत्रित कर रहा था। आरोप है कि वे धार्मिक पुस्तकें और मोमबत्तियां जलाकर लोगों को सम्मोहित कर रहे थे। साथ ही, हिंदू देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर ईसाई धर्म अपनाने का लालच दे रहे थे। जान से मारने की धमकी दी गई शिकायतकर्ता अल्केश सिंह ने बताया कि जब वह अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे और इस घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह गिरोह मोबाइल में वीडियो दिखाकर भोले-भाले लोगों को बरगलाता था। थानाध्यक्ष इख्तियार हुसैन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पादरी सत्यपाल पुत्र सीताराम को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अभियुक्त के पास से एक बाइबिल पुस्तक, चार प्रतीक चिन्ह, चार नीति वचन और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
Source link
शेखपुरा में तीन दिन चलेगी सिपाही भर्ती परीक्षा: 7 केंद्रों पर दो पालियों में एग्जाम, धारा 144 लागू, मोबाइल-पेन ले जाने पर रोक – Sheikhpura News
शेखपुरा में केन्द्रीय चयन पर्षद की मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलन्त दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त रूप से सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को ब्रीफिंग दी। यह परीक्षा 14 जून (रविवार) और 17 जून (बुधवार) को दो-दो पालियों में आयोजित होगी। ओआरएस घोल और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई
जिलाधिकारी ने परीक्षा को कदाचारमुक्त, स्वच्छ और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों का निर्देश दिया। उन्होंने सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारियों को अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन करने को कहा, अन्यथा लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी। सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, ओआरएस घोल और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक एक घंटा पहले केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा और उसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा। जिला मुख्यालय में कुल 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें इस्लामियाँ +2 उच्च विद्यालय, मुरलीधर मुरारका बालिका उच्च विद्यालय, रामाधीन महाविद्यालय, डी.एम. +2 उच्च विद्यालय, उषा पब्लिक स्कूल, संजय गांधी स्मारक महिला महाविद्यालय और संस्कार पब्लिक स्कूल शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को अपना पेन भी ले जाने की इजाजत नहीं है; प्रश्न पुस्तिका के साथ ओएमआर शीट भरने के लिए केंद्र के अंदर ही पर्याप्त संख्या में पेन उपलब्ध कराए जाएंगे। सभी परीक्षार्थियों की गहन जांच की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा परीक्षा के दिनों में सभी केंद्रों के 500 गज के दायरे में धारा 144 (निषेधाज्ञा) लागू रहेगी। इस दायरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति के जमावड़े या संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल हिरासत में लिया जाएगा। मुख्य द्वार पर पुरुष और महिला अभ्यर्थियों की परीक्षा से दो घंटे पहले बायोमेट्रिक, ई-प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र के साथ सघन चेकिंग की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की लगातार विडियोग्राफी कराई जाएगी
चप्पे-चप्पे पर विडियोग्राफी और जैमर: प्रश्नपत्र के बक्से खोलने से लेकर परीक्षा हॉल के अंदर और सामग्री पैकिंग तक की पूरी प्रक्रिया की लगातार विडियोग्राफी कराई जाएगी। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए होने वाली चोरी को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पूरी परीक्षा की विधि-व्यवस्था के मुख्य प्रभारी अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी एवं अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार रहेंगे। इसके अलावा हर केंद्र पर स्टैटिक मैजिस्ट्रेट, जोनल मैजिस्ट्रेट और सुपर जोनल मैजिस्ट्रेट लगातार गश्त करेंगे। जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है।
Source link
श्योपुर में 5 लाख की 250 ट्रॉली रेत नष्ट कराई: राजस्व, वन, पुलिस टीम ने वीरपुर में कई जगहों पर कार्रवाई की – Sheopur News
श्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र में अवैध रेत माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। शुक्रवार को राजस्व, वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर करीब 200 से 250 ट्रॉली अवैध रेत को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके के अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। यह बड़ी कार्रवाई वीरपुर तहसीलदार वीरेन्द्र बघेल, रेंजर दीपक शर्मा और थाना प्रभारी निरीक्षक महाराज सिंह बघेल की अगुवाई में हुई। प्रशासन को सूचना मिली थी कि ग्राम इमरतापुरा की झोपड़ी से आगे काऊपुरा रोड के आसपास कई जगहों पर भारी मात्रा में अवैध रेत छिपाकर रखी गई है। मौके पर पहुंची टीम ने इस रेत को जब्त करने के बजाय उसे वहीं मिट्टी में मिलाकर पूरी तरह बेकार (नष्ट) कर दिया। करीब 6 लाख रुपए आंकी गई है कीमत अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर नष्ट की गई रेत की मात्रा लगभग 200 से 250 ट्रॉली थी। बाजार में इस रेत की अनुमानित कीमत करीब 5 से 6 लाख रुपए बताई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध खनन और रेत के काले कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि नदी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Source link


