Friday, May 15, 2026
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‘केवट के आदर्श आज भी समरसता की प्रेरणा’ – Sagar News



सागर | एक सम्मेलन में समाजसेवी मधुसूदन खेमरिया ने कहा कि सफलता का पैमाना धन नहीं, चरित्र है। उन्होंने निषादराज गुह्य और केवट के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवा का मूल्य आत्मतृप्ति में है, पारिश्रमिक में नहीं। खेमरिया के अनुसार केवट ने बिना पारिश्रमिक राम, सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराई, जो निस्वार्थ सेवा का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि राम द्वारा केवट को भाई का दर्जा देना बताता है कि व्यक्ति का मूल्य जन्म से नहीं, कर्म और भाव की निर्मलता से तय होता है। उन्होंने छुआछूत जैसी सामाजिक दीवारें गिराने का संदेश भी दिया।



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शक में पत्नी की हत्या, पति को उम्रकैद: जुड़वां बेटियों की गवाही से मां के हत्यारे पिता को हुई आजीवन कारावास की सजा – Agra News




आगरा में पत्नी की हत्या के सनसनीखेज मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला न्यायाधीश यशवंत कुमार सरोज की अदालत ने दोषी धर्मेंद्र पाराशर उर्फ धीरज पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने माना कि आरोपी ने शक के आधार पर अपनी पत्नी रुचि श्रीवास्तव की दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या की थी। इस मामले में आरोपी को सजा दिलाने में उसकी जुड़वां बेटियों रिद्धि और सिद्धि की चश्मदीद गवाही बेहद अहम साबित हुई। थाना जगदीशपुरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार मृतका की मां गजल उर्फ बेबी श्रीवास्तव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी रुचि ने करीब 10 वर्ष पहले मथुरा जनपद के गोवर्धन बड़ा बाजार निवासी धर्मेंद्र पाराशर उर्फ धीरज से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद दंपति की जुड़वां बेटियां रिद्धि और सिद्धि तथा एक छोटी बेटी तनु श्री हुई। आरोप था कि शादी के बाद से ही आरोपी पति अपनी पत्नी पर शक करता था और आए दिन उसके साथ मारपीट करता था। अभियोजन के अनुसार 25 मार्च 2021 की रात आरोपी ने पत्नी से विवाद के बाद पहले मारपीट की। इसके बाद उसने कमरे का दरवाजा बंद कर दुपट्टे से रुचि का गला घोंट दिया। वारदात के समय छोटी बेटी तनु कमरे में सो रही थी, जबकि जुड़वां बेटियों को आरोपी ने छत पर भेज दिया था। बेटियों ने अदालत को बताया कि उन्होंने खिड़की से पूरा घटनाक्रम देखा था। उन्होंने देखा कि पिता ने मां के गले में दुपट्टा कसकर उनकी हत्या कर दी और बाद में चेहरे को ढक दिया। बेटियों के मुताबिक, घटना के बाद पिता ने उन्हें कहा था कि मां को नींद की गोली देकर सुलाया गया है। इसके बाद आरोपी ने मां का पर्स खोला और उसमें रखे रुपये, मोबाइल फोन व जरूरी कागजात निकाल लिए। फिर तीनों बेटियों को घर में छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद मकान मालिक ने मृतका के मायके पक्ष को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर मां गजल श्रीवास्तव मौके पर पहुंचीं तो बेटी का शव पलंग पर पड़ा मिला और तीनों बच्चियां रो रही थीं। मृतका के मुंह से खून निकल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में नौ गवाह पेश किए गए। इनमें वादी गजल श्रीवास्तव, मृतका की जुड़वां बेटियां रिद्धि और सिद्धि, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर वीरेंद्र सिंह तथा विवेचक सुनील कुमार शर्मा समेत अन्य गवाह शामिल रहे। अदालत ने चश्मदीद बेटियों की गवाही, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए आरोपी धर्मेंद्र पाराशर उर्फ धीरज को दोषी करार दिया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।



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शराब के नशे में धुत 5 लोग गिरफ्तार, न्यायालय भेजे गए – Buxar News



भास्कर न्यूज | धनसोई धनसोई थाना पुलिस ने शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई करते हुए शराब के नशे में धुत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपितों को मेडिकल जांच के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि क्षेत्र में शराबबंदी कानून का सख्ती से पालन कराने को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस टीम ने जांच के दौरान 5 लोगों को शराब के नशे में पाए जाने पर हिरासत में लिया गया।



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अब बिना तेल के बनाएं रेस्टोरेंट जैसी पनीर भुर्जी, बच्चों से लेकर बड़ों तक सबकी बनेगी फेवरेट, स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटेंगे!


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अब बिना तेल के बनाएं रेस्टोरेंट जैसी पनीर भुर्जी, ये है रेसिपी

 

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Zero Oil Paneer Bhurji Recipe Video: जालौर की ममता जैन ने बढ़ती महंगाई और सेहत को ध्यान में रखते हुए बिना तेल की ‘पनीर भुर्जी’ की खास रेसिपी साझा की है. प्याज, टमाटर और लहसुन के प्राकृतिक रस में तैयार होने वाली यह डिश स्वाद और पोषण से भरपूर है. प्रधानमंत्री की तेल कम इस्तेमाल करने की अपील को सफल बनाते हुए यह ‘जीरो ऑयल’ कुकिंग न केवल पैसे बचाती है बल्कि हृदय रोगियों और फिटनेस प्रेमियों के लिए भी बेहतरीन विकल्प है. यह रेसिपी साबित करती है कि बिना तेल के भी स्वादिष्ट भोजन संभव है.

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महाराष्ट्र के 4 शहरों में पारा 45°C पार: यूपी में बांदा, राजस्थान में फलोदी सबसे गर्म; यूपी में आंधी-बारिश से मौत का आंकड़ा 111 पहुंचा


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  • Maharashtra Heatwave: 4 Cities Above 45°C; Banda UP, Phalodi Rajasthan Hottest

नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ48 मिनट पहले

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देश का आधा से ज्यादा हिस्सा हीटवेव की चपेट में है। महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में गुरुवार को तापमान 40°C से पार दर्ज किया गया। महाराष्ट्र का अकोला 45.9°C के साथ देश में सबसे गर्म रहा। जलगांव, वर्धा और अमरावती में भी पारा 45°C के ऊपर दर्ज हुआ।

राजस्थान के फलोदी में तापमान 45.2°C, जैसलमेर और बाड़मेर में 45.1°C रिकॉर्ड हुआ। गंगानगर में 44.8°C और जोधपुर में 44°C पारा रहा। जयपुर, बीकानेर और नागौर में दिनभर हीटवेव जैसे हालात रहने के बाद शाम में बारिश हुई। इससे गर्मी से थोड़ी राहत मिली।

इधर, यूपी में बांदा राज्य का सबसे गर्म जिला रहा। यहां तापमान 45.2°C रहा। इसके अलावा गुजरात का भावनगर 45.2°C और मध्य प्रदेश का खंडवा 44.5°C के साथ अपने राज्य के सबसे ज्यादा गर्म शहर थे।

यूपी में बुधवार को आंधी और बारिश ने जमकर तबाही मचाई। राज्य में 111 लोगों की मौत हो गई। सबसे ज्यादा 21 मौतें प्रयागराज और 17 मौतें भदोही में हुईं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी इन मौतों पर दुख जताया।

देशभर में मौसम की 4 तस्वीरें…

जयपुर के रामबाग सर्किल पर गुजरते वाहनों को गर्मी से राहत देने के लिए शेड नेट लगाए गए।

जयपुर के रामबाग सर्किल पर गुजरते वाहनों को गर्मी से राहत देने के लिए शेड नेट लगाए गए।

हावड़ा में तेज धूप से बचने के लिए लोगों को खुद को ढकने के बावजूद छाता लेना पड़ रहा है।

हावड़ा में तेज धूप से बचने के लिए लोगों को खुद को ढकने के बावजूद छाता लेना पड़ रहा है।

MP के मंदसौर में ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने के लिए 24 घंटे कूलर चलाए जा रहे हैं।

MP के मंदसौर में ट्रांसफॉर्मरों को ठंडा रखने के लिए 24 घंटे कूलर चलाए जा रहे हैं।

जयपुर में गुरुवार को दिन भर गर्मी के बाद रात को झमाझम बारिश हुई।

जयपुर में गुरुवार को दिन भर गर्मी के बाद रात को झमाझम बारिश हुई।

अगले दो दिन मौसम का हाल

16 मई:

  • पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में बारिश, तेज हवाएं चल सकती हैं।
  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ ओले गिर सकते है। पहाड़ी इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
  • बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

17 मई:

  • राजस्थान में गंभीर हीटवेव का अलर्ट है। रातें भी गर्म रहेंगी। छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी हीटवेव चलेगी।
  • आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बिजली चमकने और तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की चेतावनी है।
  • असम, मेघालय, केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश की संभावना है।

खबरें और भी हैं…



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NTA से CBSE तक सभी एजेंसियां एक्टिव, NEET परीक्षा को लेकर बना नया ब्लूप्रिंट


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NTA से CBSE तक सभी एजेंसियां एक्टिव, NEET परीक्षा को लेकर आधी रात बैठक

Last Updated:

सरकार के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली, जल्द से जल्द NEET परीक्षा को दोबारा आयोजित करना और दूसरी, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाना, ताकि छात्रों का भरोसा बहाल हो सके और परीक्षा निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो.

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नीट परीक्षा की नई तारीख का ऐलान जल्द किए जाने की उम्मीद है. (पीटीआई)

नई दिल्ली. नए सिरे से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)- स्नातक आयोजित करने की तैयारियों की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार देर रात यहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक हुई. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बैठक में चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के संचालन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई.

इस बैठक में सचिव (उच्च शिक्षा) विनीत जोशी, सचिव (विद्यालय शिक्षा) संजय कुमार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह, सीबीएसई के अध्यक्ष और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) और नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) के आयुक्तों के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

यह बैठक एनटीए द्वारा परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों के बाद तीन मई की परीक्षा को रद्द करने की घोषणा किये जाने के बाद हुई है. बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी दोबारा होने वाली NEET परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने की रणनीति तैयार करना था. इसे लेकर एजुकेशनिस्ट और सीनियर ब्यूरोक्रेट्स के साथ विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

इस दौरान उन सभी कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया गया, जहां सुधार कर पेपर लीक जैसी घटनाओं की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय चाहता है कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की खामी न रहे. खासतौर पर सुरक्षा व्यवस्था को सबसे बड़ी चुनौती मानते हुए हर स्तर पर तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है.

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने तीन मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के कारण रद्द कर दी थी. राजस्थान विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने इस मामले में 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें अभ्यर्थी और उनके परिजन शामिल हैं.

सीबीआई ने बीते 13 मई को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक (यूजी) मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से तीन जयपुर के हैं. गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर के मंगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल शामिल हैं, जबकि अन्य दो आरोपी गुरुग्राम के यश यादव और नासिक के शुभम खैरनार हैं. टीम मंगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल के घर पहुंची. विकास बिवाल भी इसी परिवार से हैं. स्थानीय पुलिस सूत्रों ने बताया कि टीम ने परिजनों के बयान दर्ज किए.

About the Author

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रवि सिंह Special Correspondent

रवि सिंह News 18 India में कार्यरत हैं. पिछले 20 वर्षों से इलेक्ट्रानिक मीडिया में सक्रिय हैं. उनकी मुख्य रूप से रेलवे,स्वास्थ्य,शिक्षा मंत्रालय,VHP और राजनीतिक गतिविधियों पर पकड़ है. अयोध्या में मंदिर की कवरेज…और पढ़ें



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लखनऊ में 29 साल से जल सेवा जारी: श्री दुर्गा जी मंदिर समिति भीषण गर्मी में दे रही राहत – Lucknow News




लखनऊ में आषाढ़ माह की भीषण गर्मी के बीच, परिवर्तन चौराहा पर श्री दुर्गा जी मंदिर धर्म जागरण एवं सेवा समिति पिछले 29 वर्षों से नि:शुल्क जल सेवा प्रदान कर रही है। इस पहल से प्रतिदिन हजारों राहगीरों को राहत मिल रही है। समिति द्वारा संचालित यह सेवा प्रतिदिन सुबह से शुरू होकर मध्य रात्रि तक जारी रहती है। इसके तहत राहगीरों, रिक्शा चालकों, मजदूरों और आम नागरिकों को शीतल जल उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उन्हें चिलचिलाती गर्मी से काफी राहत मिलती है। जल सेवा के प्रभारी प्रदीप शुक्ला ने बताया कि श्री दुर्गा जी मंदिर, शास्त्रीय नगर में स्थित एक पौराणिक कुएं से विशेष रूप से जल लाकर वितरित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि समिति का लक्ष्य केवल जल पिलाना नहीं है, बल्कि मानव सेवा के माध्यम से समाज में सद्भाव और सहयोग की भावना को मजबूत करना है।



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उदयपुर में कार मिनी ट्रक में घुसी, दो की मौत: अंबेरी पुलिया के पास रात को हुआ हादसा, मृतक झालावाड़ के – Udaipur News




उदयपुर-गोगुंदा रोड पर शहर से सटे अंबेरी पुलिया पर एक मिनी ट्रक के पीछे एक कार घुस गई। हादसे में दो जनों की दर्दनाक मौत हो गई। पिंडवाड़ा हाईवे पर सुखेर थाना क्षेत्र के अंबेरी पुलिया के पास रात करीब सवा दस बजे 407 मिनी ट्रक के पीछे एक तेज रफ्तार कार घुस गई और भीषण हादसा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मिनी ट्रक में टेंट के सामान थे और बेरियर पर जैसे ही उसने ​ब्रेक लगाया और पीछे से आ रही कार उसमें घुस गई। सूचना पर सुखेर थानाधिकारी भरत योगी मौके पर पहुंचे और इस बीच 108 एंबुलेंस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को कड़ी मशक्कत से कार के अंदर से बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मॉच्युरी में रखवाया और वहीं वहीं गंभीर घायल एक युवक को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। हादसे के वक्त मिनी ट्रक का चालक मौके से फरार हो गया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि दोनों मृतकों के शव मॉच्युरी में मोर्चरी रखवा दिए है और उनकी शिनाख्त अभी नहीं हुई है। दोनों गाड़िया पुलिस ने जब्त कर ली है। कार सवार लोग झालावाड़ के रहने वाले है। इनपुट : गोपाल लोढ़ा



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ग्वालियर में चोरी के जेवर खरीदने वाला सराफा कारोबारी गिरफ्तार: 8 लाख के गहने बरामद; चोर गैंग के दो सदस्य एक दिन पहले पकड़े गए थे – Gwalior News




ग्वालियर में सूने मकानों को निशाना बनाने वाले चोरी गिरोह के खिलाफ इंदरगंज थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुवार को चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए पुलिस ने अब चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सराफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 8 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए हैं। मामले में अब तक एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं। थाना प्रभारी दीप्ति तोमर के अनुसार, बृज बिहार कॉलोनी में हुई चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी आकाश माहौर से पूछताछ की गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि चोरी के जेवर उसने अपने साथी की मदद से सराफा कारोबारी विशाल सोनी को बेचे थे। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने सराफा बाजार स्थित राजस्थान ज्वेलर्स पर दबिश देकर संचालक विशाल सोनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी का माल खरीदने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने बरामद किए लाखों के जेवर कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी कारोबारी के पास से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण जब्त किए। इनमें सोने की चेन, अंगूठियां, मंगलसूत्र, झुमके सहित कई कीमती गहने शामिल हैं। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जब्त किए गए गहने शहर की अन्य चोरी की वारदातों से जुड़े हैं या नहीं। नाबालिग करता था चोरी के माल का सौदा जांच में सामने आया है कि गिरोह के साथ एक 17 वर्षीय नाबालिग भी जुड़ा था। पुलिस के मुताबिक, वह चोरी के जेवर सराफा कारोबारियों तक पहुंचाने और सौदा कराने का काम करता था। पुलिस ने उसे पकड़कर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया। फरार आरोपियों की तलाश जारी मामले में फरमान खान और विवेक प्रजापति अब भी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद शहर की अन्य चोरी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।



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क्या था 1970 का वो ‘ग्रहण’, सिंगापुर PM अब तक खौफ में, फिर लौटेगा वह दौर?


नई दिल्ली. पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग (Lawrence Wong) का बयान पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है. उनका कहना है कि अभी दुनिया ने आर्थिक संकट का सबसे बुरा दौर देखा ही नहीं है. होर्मुज स्ट्रेट पिछले दो महीनों से बंद है और इसका असर अब केवल तेल बाजार तक सीमित नहीं रह गया है. ग्लोबल सप्लाई चेन टूटने लगी है, ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है और एशियाई देशों के सामने सबसे बड़ा खतरा खड़ा हो गया है. इसी दौरान उन्होंने 1970 के दशक के उस ऐतिहासिक आर्थिक ग्रहण का जिक्र किया जिसे दुनिया आज भी डर के साथ याद करती है.

लॉरेंस वोंग ने खास तौर पर स्टैगफ्लेशन शब्द का इस्तेमाल किया. यह अर्थशास्त्र का ऐसा शब्द है जिसे किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे खतरनाक स्थिति माना जाता है. सामान्य तौर पर जब महंगाई बढ़ती है तो अर्थव्यवस्था भी बढ़ती है और रोजगार के अवसर पैदा होते हैं. लेकिन स्टैगफ्लेशन बिल्कुल उल्टा होता है. इसमें अर्थव्यवस्था रुक जाती है, बेरोजगारी बढ़ती जाती है और दूसरी तरफ जरूरी सामानों के दाम तेजी से ऊपर जाते रहते हैं. यानी लोगों की आमदनी घटती है लेकिन खर्च लगातार बढ़ता रहता है. यही वजह है कि इसे आर्थिक दुनिया का सबसे बड़ा डर माना जाता है.

1970 में कैसे शुरू हुआ था आर्थिक संकट?

1970 के दशक में दुनिया ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्टैगफ्लेशन का सामना किया था. इसकी शुरुआत 1973 के अरब इजरायल युद्ध के बाद हुई. उस समय तेल उत्पादक अरब देशों के संगठन ओपेक (OPEC) ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को तेल सप्लाई रोक दी थी क्योंकि वे इजरायल का समर्थन कर रहे थे. देखते ही देखते कच्चे तेल की कीमतें 300 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गईं. उस दौर में दुनिया की लगभग हर फैक्ट्री, ट्रांसपोर्ट सिस्टम और इंडस्ट्री तेल पर निर्भर थी. जैसे ही तेल महंगा हुआ, हर चीज की लागत बढ़ गई. कंपनियों का प्रोडक्शन धीमा पड़ गया, रोजगार खत्म होने लगे और महंगाई बेकाबू हो गई.

सिर्फ तेल नहीं, डॉलर संकट ने भी बढ़ाई थी तबाही

केवल तेल संकट ही इस आर्थिक तबाही की वजह नहीं था. उसी समय अमेरिका ने एक और बड़ा फैसला लिया जिसने पूरी वैश्विक वित्तीय व्यवस्था को हिला दिया. 1971 में अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन (Richard Nixon) ने डॉलर का सोने से संबंध खत्म कर दिया. इससे पहले पूरी दुनिया की करेंसी अप्रत्यक्ष रूप से सोने से जुड़ी हुई थी. जैसे ही डॉलर गोल्ड स्टैंडर्ड से अलग हुआ, दुनियाभर की करेंसी में भारी अस्थिरता आ गई. डॉलर कमजोर होने लगा और आयात महंगा होता चला गया. इसके साथ ही कई देशों की सरकारों ने बेरोजगारी कम करने के लिए बाजार में जरूरत से ज्यादा पैसा डाल दिया. नतीजा यह हुआ कि महंगाई और तेज हो गई लेकिन रोजगार नहीं बढ़ा.

खेती और सप्लाई चेन संकट ने बिगाड़े हालात

उसी दौर में खेती और सप्लाई चेन संकट ने हालात और खराब कर दिए. कई देशों में खराब मौसम और फसल बर्बाद होने की वजह से अनाज की कमी हो गई. खाने पीने की चीजों के दाम तेजी से बढ़ने लगे. तेल पहले से महंगा था और अब खाद्य संकट ने आम लोगों की जिंदगी और मुश्किल बना दी. अमेरिका समेत कई देशों में लोग दूध, ब्रेड और पेट्रोल जैसी बेसिक चीजों के लिए परेशान होने लगे थे.

शेयर बाजार से लेकर नौकरियों तक सब पर पड़ा असर

1970 के दशक का आर्थिक संकट केवल महंगाई तक सीमित नहीं रहा. शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई. अमेरिकी शेयर बाजार 1973 से 1974 के बीच लगभग 45 प्रतिशत तक टूट गया था. निवेशकों का भरोसा खत्म होने लगा था. बैंकिंग सिस्टम दबाव में आ गया था और कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी करने लगी थीं. मध्यम वर्ग की खरीदने की ताकत तेजी से खत्म हो रही थी क्योंकि सैलरी उतनी नहीं बढ़ रही थी जितनी तेजी से महंगाई बढ़ रही थी.

दुनिया को संकट से बाहर आने में लग गए 10 साल

दुनिया को इस संकट से बाहर निकलने में करीब एक दशक लग गया. अमेरिका और यूरोप के केंद्रीय बैंकों ने महंगाई रोकने के लिए ब्याज दरों को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ा दिया था. कई जगहों पर ब्याज दरें 20 प्रतिशत तक पहुंच गई थीं. इसका असर यह हुआ कि लोन लेना बेहद महंगा हो गया. बिजनेस ठप पड़ने लगे, घर खरीदना मुश्किल हो गया और लाखों लोग बेरोजगार हो गए. 1980 के दशक के मध्य तक जाकर दुनिया धीरे धीरे सामान्य स्थिति में लौट पाई.

आज का संकट क्यों ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है?

अब लॉरेंस वोंग का डर इसलिए ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि आज की दुनिया 1970 के मुकाबले कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई है. उस समय सप्लाई चेन सीमित थीं लेकिन आज पूरी दुनिया एक दूसरे पर निर्भर है. अगर होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहता है तो एशिया के देशों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि चीन, भारत, जापान और सिंगापुर जैसे देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खाड़ी देशों पर निर्भर हैं. तेल सप्लाई रुकने का मतलब केवल पेट्रोल और डीजल महंगा होना नहीं है बल्कि फैक्ट्री प्रोडक्शन, एयरलाइन, शिपिंग, बिजली उत्पादन और खाद्य सप्लाई तक सब प्रभावित होना है.

अगर फिर आया स्टैगफ्लेशन तो क्या होगा?

अगर मौजूदा हालात लंबे समय तक जारी रहते हैं तो दुनिया फिर स्टैगफ्लेशन जैसे दौर में पहुंच सकती है. इसका मतलब होगा कि लोगों की नौकरियां जाएंगी, महंगाई तेजी से बढ़ेगी और जरूरी सामानों की किल्लत शुरू हो सकती है. विकासशील देशों के लिए यह संकट और ज्यादा खतरनाक होगा क्योंकि उन पर पहले से भारी विदेशी कर्ज है. अगर डॉलर मजबूत हुआ और तेल महंगा बना रहा तो कई देशों के विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से खत्म हो सकते हैं. श्रीलंका जैसा आर्थिक संकट दूसरे देशों में भी देखने को मिल सकता है.

सरकारों के लिए क्यों मुश्किल होता है इससे लड़ना?

विशेषज्ञ मानते हैं कि स्टैगफ्लेशन से लड़ना किसी भी सरकार के लिए सबसे मुश्किल चुनौती होती है. अगर सरकार महंगाई रोकने के लिए ब्याज दरें बढ़ाती है तो बिजनेस और रोजगार पर दबाव बढ़ जाता है. दूसरी तरफ अगर अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए बाजार में ज्यादा पैसा डाला जाए तो महंगाई और बढ़ जाती है. यही वजह है कि 1970 का संकट आर्थिक इतिहास का सबसे जटिल दौर माना जाता है.

लॉरेंस वोंग की चेतावनी का मतलब क्या है?

सिंगापुर के प्रधानमंत्री का यह बयान केवल चेतावनी नहीं बल्कि दुनिया के लिए एक बड़ा संकेत है कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव केवल युद्ध का मुद्दा नहीं रह गया है. यह धीरे-धीरे वैश्विक आर्थिक संकट में बदल सकता है. अगर ऊर्जा सप्लाई, सप्लाई चेन और वैश्विक व्यापार पर दबाव बढ़ता रहा तो दुनिया को एक बार फिर उसी आर्थिक अंधेरे का सामना करना पड़ सकता है जिसने 1970 के दशक में पूरी वैश्विक व्यवस्था को हिला दिया था.



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