Wednesday, July 8, 2026
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पेट्रोल-डीजल सस्‍ता होने की उम्‍मीदों को झटका, एक झटके में 4% महंगा हुआ क्रूड


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Crude Oil Price :अमेरिकी हमलों के बाद अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा बाजार में जबरदस्‍त हलचल है. आज ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में तो चार फीसदी तक उछल गया.

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आज कच्‍चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आया है.

नई दिल्‍ली. अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए नए सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल आय है. होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हुए हालिया हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है. ईरान के तेल पर अमेरिका ने पहले दी छूट वापस लेते हुए फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. इस ताजा घटनाक्रम से भारत में पेट्रोल और डीजल के रेट में कटौती होने की संभावनाओं को झटका लगा है.

अमेरिकी हमलों के बाद अंतरराष्‍ट्रीय ऊर्जा बाजार में जबरदस्‍त हलचल है. आज ब्रेंट क्रूड शुरुआती कारोबार में तो चार फीसदी तक उछल गया. इसके बाद इसमें थोड़ी नरमी आई और यह 2.81 फीसदी तेज होकर 74.22 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करने लगा. इसी तरह अमेरिकी ब्रेंचमार्क डब्‍ल्‍यूटीआई भी 2.91 फीसदी चढकर 72.49 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

अमेरिका ने दी थी चेतावनी

होर्मुज में तीन जहाजों पर हुए हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीरत नतीजे भुगतने की चेतावनी दी थी. इसके बाद ही तनाव बढ़ गया और आज अमेरिका ने हमला बोल दिया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमलों की पुष्टि की है. सेंटकॉम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों को देखते हुए अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर बमबारी की है.

120 डॉलर तक पहुंच गया था भाव

अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत में कच्चे तेल के दाम लगभग $73 प्रति बैरल थे, जो उछलकर $120 तक पहुंच गए थे. शांति समझौते के बाद स्थिति सामान्य होने पर दाम वापस गिरकर सामान्य स्तर पर आ गए थे.



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1700 भवनों को वैध करेगा एलडीए,: जिला पंचायत से पास नक्शों वाले मालिकों को नोटिस – Lucknow News




लखनऊ। जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शों के आधार पर बने भवनों को वैध करने की प्रक्रिया लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शुरू कर दी है। पहले चरण में ऐसे करीब 1700 भवनों के स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। ये वे भवन हैं, जिनके नक्शे जिला पंचायत से पास थे, लेकिन एलडीए सीमा विस्तार के बाद तकनीकी रूप से अवैध की श्रेणी में आ गए थे। एलडीए ने सभी भवनों की जोनवार सूची तैयार कर ली है। नियमितीकरण अभियान की शुरुआत व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से होगी। इसके बाद आवासीय भवनों के नक्शों को वैध किया जाएगा। भवन स्वामियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत एलडीए में आवेदन करना होगा। कैबिनेट के फैसले के बाद मिली राहत जिला पंचायत और एलडीए के अलग-अलग नियमों के कारण वर्षों से हजारों भवनों पर कार्रवाई का खतरा बना हुआ था। उत्तर प्रदेश कैबिनेट के नीतिगत फैसले के बाद अब एलडीए ने नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे बड़ी संख्या में भवन स्वामियों को राहत मिलने के साथ प्राधिकरण के राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। भारी शमन शुल्क से मिलेगी राहत जिला पंचायत के नियमों के तहत बने भवनों के मालिकों को एलडीए में नियमितीकरण के दौरान भारी शमन शुल्क या पेनाल्टी नहीं देनी होगी। यदि किसी भवन का निर्माण मास्टर प्लान के भूमि उपयोग के विपरीत है तो उसे सीधे खारिज करने के बजाय निर्धारित शुल्क लेकर कंपाउंड करने का प्रावधान रखा गया है। ये दस्तावेज होंगे जरूरी भवन स्वामी को जिला पंचायत से स्वीकृत नक्शे और स्वीकृति पत्र की प्रति, जमा शुल्क का विवरण, भूमि स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज तथा वर्तमान स्थिति के अनुसार तैयार भवन का नक्शा एलडीए में जमा करना होगा। 477 गांवों के लोगों को मिलेगा लाभ इस फैसले का सबसे अधिक फायदा एलडीए के विस्तारित क्षेत्र के 477 गांवों को मिलेगा। सरोजनीनगर, मलिहाबाद, काकोरी, बीकेटी, गोसाईंगंज और मोहनलालगंज क्षेत्र में बने हजारों मकान, अपार्टमेंट, कॉलेज और व्यावसायिक भवन नियमितीकरण के दायरे में आएंगे। नक्शा वैध होने के बाद भवन मालिकों को बैंक लोन, रजिस्ट्री, बिजली-पानी के स्थायी कनेक्शन और ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई से राहत मिल सकेगी।



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मुंबई एयरपोर्ट में रनवे पर आमने-सामने आए प्लेन: एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद खड़ा था, एअर इंडिया प्लेन ने टेक-ऑफ रन शुरू कर दिया


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मुंबई5 मिनट पहले

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मुंबई एयरपोर्ट पर मंगलवार रात को हादसा टल गया। एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए। यह घटना रात करीब 10 बजे हुई। एअर इंडिया के विमान ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश पर टेक-ऑफ रोक दी, जिससे एक संभावित हादसा टल गया।

सूत्रों ने बताया कि एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से हटा नहीं था, तभी दिल्ली जाने वाला एयर इंडिया का विमान उसी रनवे से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था। एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलर के निर्देश के बाद टेक-ऑफ रोक दिया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सिलिगुड़ी से आई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट रनवे खाली कर ही रही थी, तभी दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट उसी रनवे से टेकऑफ की तैयारी में थी।

ATC के निर्देश पर रोका टेक-ऑफ रन

एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि मुंबई से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट AI816 के क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल के निर्देश मिलते ही टेकऑफ रन तत्काल रोक दिया और विमान को वापस बे (पार्किंग एरिया) में ले जाया गया।

एयरलाइन के मुताबिक, विमान की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत जांच की जाएगी। यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

आम तौर पर, टेक-ऑफ रन का मतलब है टेक-ऑफ की रफ्तार पकड़ने से पहले विमान का जमीन पर दौड़ना।

यात्रियों की संख्या का खुलासा नहीं

फिलहाल दोनों विमानों में कितने यात्री सवार थे, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के कारणों की जांच की जा रही है। एयरलाइन ने कहा कि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक जांच पूरी होने के बाद ही विमान को दोबारा परिचालन में लाया जाएगा।

पिछले महीने अहमदाबाद में हुई थी ऐसी ही घटना

इससे पहले जून में अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी ऐसी ही घटना हुई थी, जब एअर इंडिया और इंडिगो के दो विमान एक ही टैक्सीवे (रनवे का एक हिस्सा) पर आमने-सामने आ गए थे हालांकि दोनों विमानों को समय रहते रोक लिया गया था।

दोनों विमानों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी रह गई थी। बाद में एअर इंडिया विमान को टो करके सही पार्किंग बे तक ले जाया गया। इसके बाद इंडिगो विमान रनवे पर पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…

खबर अपडेट की जा रही है…



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भोपाल निगम में अब ₹14.69 लाख टैक्स घोटाला: जिम्मेदारों ने चार महीने तक दबाए रखा मामला; आरोपी कर्मचारियों की सेवा समाप्त नहीं – Bhopal News




भोपाल नगर निगम में अब 14.69 लाख रुपए का प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स घोटाला सामने आया है। ताज्जुब की बात ये है कि इस मामले को जिम्मेदारों ने चार महीने तक दबाए रखा। इससे निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घोटाला नेशनल लोक अदालत के दौरान किया गया था। इस दौरान 106 फर्जी रसीदें काटकर लाखों रुपए हड़प लिए गए। जिम्मेदार अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी मार्च में ही मिल गई थी। उस दौरान दो अस्थायी कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आ गई थी। इसके बावजूद मामला चार महीने तक फाइलों में दबा रहा। 5 जुलाई को एफआईआर दर्ज हुई। दोनों आरोपी जेल पहुंच चुके हैं, लेकिन नगर निगम ने अब तक उनकी सेवाएं समाप्त नहीं की हैं। एफआईआर के अनुसार 14 मार्च 2026 को वार्ड-33 के वार्ड प्रभारी रघुवीर तिवारी की यूजर आईडी से 106 फर्जी प्रॉपर्टी टैक्स और जलकर रसीदें जारी की गईं। इनमें 14 लाख 69 हजार 798 रुपए टैक्स जमा होना दर्शाया गया, जबकि बैंक खाते के मिलान में गड़बड़ी सामने आई थी। आधे टैक्स में रसीद का झांसा जांच में सामने आया कि वार्ड-24 के कंप्यूटर ऑपरेटर शिराज उलहक और योजना शाखा में पदस्थ मोहम्मद समीर खान ने पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। दोनों संपत्ति मालिकों को आधी राशि में टैक्स जमा कराने का झांसा देते थे। वार्ड-24 की ऑपरेटर नाहिदा के माध्यम से उन्होंने वार्ड-33 के प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड हासिल किए, फर्जी रसीदें जारी कीं और लोगों से वसूली गई रकम हड़प ली। ऑनलाइन टैक्स सिस्टम भी कठघरे में इस मामले ने नगर निगम के ऑनलाइन टैक्स सिस्टम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वार्ड की यूजर आईडी का इस्तेमाल दूसरे वार्ड में कर 106 फर्जी रसीदें जारी हो गईं। ऐसे में पूरे सिस्टम का तकनीकी ऑडिट और अन्य वार्डों के रिकॉर्ड की जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। टैक्स भरने वालों को ही फिर बकायादार बना दिया जिन भवन स्वामियों ने आरोपियों को टैक्स की राशि देकर रसीदें प्राप्त कर ली थीं, उनके खातों में दोबारा वही टैक्स बकाया दर्ज कर दिया गया। यानी, जिन लोगों ने भुगतान किया, उन्हें ही फिर से बकायादार बना दिया गया। दूसरी ओर, गबन की राशि आरोपियों से वसूलने की कार्रवाई अब तक शुरू नहीं हुई है। मामले में अपर आयुक्त अंजू अरुण कुमार ने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



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बिहार- SH पर प्राइवेट गाड़ियों को नहीं देना होगा टोल: बैकफुट पर बिहार सरकार, 24 घंटे में बदला फैसला; कॉमर्शियल वाहनों से वसूली की रेट तय – Patna News




बिहार सरकार ने स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स को लेकर बड़ा यू टर्न लिया है। कैबिनेट की बैठक में स्टेट हाईवे और राज्य के पुलों पर सभी श्रेणी के वाहनों से यूजर फीस टोल वसूलने के नियमों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद आम लोगों में यह संदेश गया कि अब निजी कार, जीप और अन्य प्राइवेट वाहनों को भी स्टेट हाईवे पर चलने के लिए टोल देना होगा। हालांकि, फैसले के 24 घंटे के भीतर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निजी वाहनों से कोई यूजर फीस नहीं ली जाएगी। अब यह शुल्क केवल व्यावसायिक वाहनों पर ही लागू होगा। प्राइवेट वाहनों को मिली पूरी छूट सरकार के स्पष्टीकरण के बाद लाखों निजी वाहन मालिकों को राहत मिली है। सरकार ने साफ किया है कि निजी उपयोग के लिए चलने वाली कार, जीप, बाइक और अन्य व्यक्तिगत वाहन इस व्यवस्था से पूरी तरह बाहर रहेंगे। यानी बिहार के किसी भी स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। बिना फास्टैग वाले वाहनों से अधिक शुल्क और ओवरलोड वाहनों पर अतिरिक्त जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया था। अब इन दरों का प्रभाव केवल कॉमर्शियल वाहनों पर ही रहेगा। लाई गई नई व्यवस्था का बड़ा कारण सरकार का कहना है कि बिहार में स्टेट हाईवे, बड़े पुल, बाइपास और अन्य सड़क परियोजनाओं के रखरखाव, मरम्मत और भविष्य में नई सड़कों के निर्माण के लिए लगातार पैसे की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस लेने का निर्णय लिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी और रखरखाव के लिए स्थायी संसाधन उपलब्ध होंगे। किन सड़कों पर लगेगा टोल बाद में घोषणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी स्टेट हाईवे पर एक साथ टोल वसूली शुरू नहीं होगी। पहले ट्रैफिक सर्वे, सड़क की स्थिति और अन्य तकनीकी मानकों का आकलन किया जाएगा। इसके बाद अधिसूचना जारी कर उन स्टेट हाईवे और पुलों की सूची घोषित की जाएगी जहां व्यावसायिक वाहनों से यूजर फीस वसूली जाएगी। विपक्ष के सवालों के बीच सरकार का यू-टर्न कैबिनेट के फैसले के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार आम लोगों पर नया आर्थिक बोझ डाल रही है। सोशल मीडिया पर भी निजी वाहनों पर टोल लगाने को लेकर व्यापक चर्चा और आलोचना हुई। इसके बाद सरकार ने 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण जारी कर साफ कर दिया कि निजी वाहनों पर किसी तरह का टोल टैक्स नहीं लगाया जाएगा। सरकार के इस कदम को आम लोगों की चिंता और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बाद लिया गया बड़ा निर्णय माना जा रहा है।



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एआई तकनीक से पता चलेगा आग के बाद इमारत कितनी-सुरक्षित: आईआईटी जोधपुर ने की नई रिसर्च; फायर सेफ्टी सिस्टम किया विकसित – Jodhpur News




भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर के शोधकर्ता ने अत्याधुनिक अग्नि सुरक्षा तकनीक बनाई है। संस्थान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसा सिस्टम तैयार किया है, जो लिमिटेड सेंसर डेटा के आधार पर आग लगने के दौरान और आग बुझाने के बाद भी इमारत की बढ़ोतरी का आकलन कर सकता है। देशभर में अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, व्यावसायिक परिसरों, ऊंची आवासीय इमारतों और औद्योगिक इकाइयों में लगातार भीषण आग लगने की घटनाओं के बीच यह प्रयास किया गया है। संस्थान के शोधकर्ताओं ने अग्नि प्रतिरोधक क्षमता, निर्माण गुणवत्ता प्रबंधन, स्थायित्व मूल्यांकन (Sustainability Assessment), भवनों और आधारभूत संरचनाओं (Buildings Infrastructure) के बुद्धिमान जीवनचक्र प्रबंधन (Intelligent Lifecycle Management) के लिए उन्नत संगणकीय तकनीकों और ओपन स्रोत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (Computational Technologies and Open-Source Digital Platforms) का डवलप किया है। शोध में सामने आया कि कई इमारतों को सबसे ज्यादा संरचनात्मक नुकसान कूलिंग फेज के दौरान होता है। इस तकनीक को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन और डिजास्टर मैनेजमेंट ज्यादा प्रभावी बन सकेंगे। आग लगने के बाद बिल्डिंग की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन आईआईटी जोधपुर के सिविल एवं आधारभूत संरचना अभियांत्रिकी विभाग (Department of Civil and Infrastructure Engineering) के सहायक प्रोफेसर डॉ. पी. रवि प्रकाश के नेतृत्व में चल रहे इस शोध का उद्देश्य भवनों को आग से अधिक सुरक्षित बनाना और आग लगने के बाद उनकी संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक मूल्यांकन करना है। यह रिसर्च पारंपरिक अग्नि सुरक्षा मानकों से आगे बढ़कर यह विश्लेषण करता है कि भीषण आग के दौरान पूरी इमारत किस प्रकार व्यवहार करती है। शोधकर्ताओं के अनुसार- पारंपरिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली मुख्य रूप से आग का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने तक सीमित हैं, जबकि वास्तविक खतरा आग के कारण भवन की संरचना को होने वाली क्षति से पैदा होता है। कई मामलों में आग बुझने के बाद भी इमारत के ढहने का जोखिम बना रहता है। एआई आधारित तकनीक देगी समय रहते चेतावनी आईआईटी जोधपुर की टीम ने ऐसे मॉडल विकसित किए हैं, जो भवन के भीतर आग फैलने की प्रक्रिया का अनुकरण (Simulation) करते हैं, विभिन्न अग्नि परिस्थितियों में संरचनात्मक हिस्सों के व्यवहार का विश्लेषण करते हैं तथा आग के बाद भवन को हुई वास्तविक क्षति का वैज्ञानिक आकलन करने में सक्षम हैं। शोधकर्ताओं ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित समाधान भी विकसित किए हैं, जो सीमित सेंसर आंकड़ों के आधार पर भवन की फायर रिपॉन्स का पूर्वानुमान लगा सकते हैं। इन्हें प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के साथ जोड़ा गया है, जिससे अग्निशमन एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। यह तकनीक आपदा प्रबंधन एजेंसियों, संरचनात्मक अभियंताओं, बीमा कंपनियों, शहरी योजनाकारों और आपातकालीन राहत दलों के लिए उपयोगी साबित होगी। डिजिटल तकनीकों से होगा भवनों का स्मार्ट प्रबंधन अग्नि अभियांत्रिकी के अलावा आईआईटी जोधपुर के शोधकर्ता भवन सूचना मॉडलिंग, डिजिटल प्रतिरूप, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (स्मार्ट उपकरणों का नेटवर्क) तथा भौगोलिक सूचना प्रणाली जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए भवनों के स्मार्ट डिजाइन और प्रबंधन पर भी काम कर रहे हैं। इन तकनीकों की मदद से भवन निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी, स्थायित्व मूल्यांकन, जीवनचक्र प्रदर्शन का विश्लेषण, पूर्वानुमान आधारित रखरखाव तथा आपदा तैयारी को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने ऐसे स्वचालित डिजिटल प्लेफॉर्म भी विकसित किए हैं, जो संरचनात्मक डिजाइन (Structural Engineers ), स्थायित्व मूल्यांकन, निर्माण गुणवत्ता प्रबंधन को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करते हैं। आग प्रितिरोधक डिजाइन बनेगी अहम हिस्सा डॉ. पी. रवि प्रकाश ने कहा- हर बड़ी आग की घटना यह याद दिलाती है कि केवल आग बुझा देना पर्याप्त नहीं है। मानव जीवन की सुरक्षा के लिए यह समझना आवश्यक है कि आग लगने से पहले, आग के दौरान और आग बुझने के बाद भवन किस प्रकार व्यवहार करता है। यह शोध अभियंताओं, नीति-निर्माताओं और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को ऐसे उन्नत वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास है, जिनकी सहायता से संरचनात्मक विफलताओं का पूर्वानुमान लगाया जा सके, आग से प्रभावित भवनों का तेजी से वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा सके तथा भवन निर्माण के शुरुआती चरण से ही अग्नि प्रतिरोधक क्षमता को डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जा सके।



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लखनऊ में युवक ने फांसी लगाकर दी जान: कमरे में पंखे से लटका मिला शव, आर्थिक तंगी से परेशान था – Lucknow News




लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव कमरे में पंखे के सहारे लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक मंगलवार शाम करीब 6 बजे सूचना मिली कि फतेहगंज गल्ला मंडी स्थित दुगांवा इलाके के एक मकान में एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही नाका हिंडोला पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान फतेहगंज गल्ला मंडी, दुगांवा नाका हिंडोला निवासी अजय गुप्ता पुत्र स्व. माताप्रसाद गुप्ता के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार अजय ने अपने कमरे में छत पर लगे पंखे के कुंडे से दुपट्टे का फंदा बनाकर आत्महत्या की। घटनास्थल को सुरक्षित रखते हुए पुलिस ने फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। हालांकि आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है।



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मुंगेर में लापता छात्रा का कुएं से शव बरामद: NEET की कर रही थी तैयारी, मानसिक रूप से थी परेशान – Munger News


मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित कल्याणचक गांव में तीन दिनों से लापता 20 साल की छात्रा संध्या कुमारी का शव मंगलवार को घर के समीप एक पुराने कुएं से बरामद किया गया।

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सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया।

निराश और मानसिक तनाव में रहने लगी थी

मृतका के पिता धर्मवीर यादव और चाचा सुमीत धीराज ने बताया कि संध्या परिवार की इकलौती बेटी थी और उसके दो भाई हैं। वह पढ़ाई में मेधावी थी और डॉक्टर बनने का सपना देखती थी। उसने दो बार नीट (NEET) परीक्षा दी थी।

परिजनों के अनुसार, लगातार दो बार नीट परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने और पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण संध्या निराश और मानसिक तनाव में रहने लगी थी।

अपनी दवाएं लेना बंद कर दिया था

परिवार ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से उसका इलाज चल रहा था। गुमशुदगी की सूचना पुलिस को देते समय भी परिजनों ने आवेदन में उसकी मानसिक स्थिति का उल्लेख किया था। परिजनों के मुताबिक, लापता होने से लगभग दो दिन पहले उसने अपनी दवाएं लेना बंद कर दिया था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति और बिगड़ गई थी।

संध्या 5 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे बिना बताए घर से निकल गई थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। मंगलवार को घर के समीप स्थित पुराने कुएं में उसका शव मिला।

घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।

मुफस्सिल थानाध्यक्ष बीपीन कुमार सिंह ने बताया कि दो दिन पहले परिजनों ने युवती के लापता होने की सूचना दी थी। आवेदन में यह भी बताया गया था कि वह मानसिक रूप से परेशान चल रही थी। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, तभी कुएं में शव मिलने की सूचना मिली।

शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और एफएसएल टीम से भी जांच कराई गई है। मामले की जांच जारी है। वहीं, परिजनों ने राज्य में लगातार सामने आ रहे परीक्षा पेपर लीक मामलों पर नाराजगी जताते हुए इसे बेटी के मानसिक तनाव का प्रमुख कारण बताया और प्रशासन तथा सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।



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मंदसौर में झमाझम बारिश, किसानों के चेहरे खिले: दिनभर तेज धूप निकली शाम को बरसे बादल, गर्मी और उमस से राहत मिली – Mandsaur News




मंदसौर जिले में मंगलवार को झमाझम बारिश हुई। इससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मानसून की सक्रियता से खरीफ सीजन को लेकर किसानों में भी उत्साह बढ़ गया है। दिनभर तेज धूप और उमस के बाद देर शाम आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में शहर की सड़कों पर पानी बहने लगा। लोगों ने बारिश का आनंद लिया, वहीं बच्चों ने भी भीगकर मौसम का लुत्फ उठाया। इन क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर होती रही बारिश
जिला मुख्यालय के अलावा मल्हारगढ़, सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़, पिपलिया मंडी, नाहरगढ़, दलौदा, अफजलपुर, नारायणगढ़ और संजीत सहित आसपास के कई क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर तेज बारिश हुई। कई जगह गरज-चमक के साथ बारिश होने से मौसम में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई को जिले में अच्छी बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 9 से 11 जुलाई तक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 12 से 14 जुलाई के बीच बादल और धूप का मिश्रण रहेगा तथा कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। जिले में अब तक कुल 7.28 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब एक इंच कम है। पिछले वर्ष 7 जुलाई तक जिले में 8.14 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। गरज-चमक और तेज हवा का अलर्ट मौसम विभाग ने जिले के लिए गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े नहीं होने की सलाह दी है। किसानों के लिए राहतभरी शुरुआत मानसून की सक्रियता से किसानों में उत्साह का माहौल है। कई किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं, जिन क्षेत्रों में पर्याप्त नमी बन चुकी है, वहां बुवाई का काम भी शुरू हो गया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में नियमित बारिश होती रही, तो इस वर्ष खरीफ सीजन बेहतर रहने की संभावना है और कृषि उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।



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जोधपुर में घोड़ी पर बिठाकर थानाधिकारी को विदाई दी: डीजे पर जमकर नाचे साथी पुलिसकर्मी, CID में हुआ है ट्रांसफर – Jodhpur News




जोधपुर के नागौरी गेट थाने से अधिकारी को अनोखी विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मी डीजे की धुन पर नाचते-गाते नजर आए। थाना अधिकारी शेफाली सांखला को घोड़ी पर बैठाकर विदा किया। दरअसल, नागौरी गेट थाना अधिकारी शेफाली सांखला का हाल ही में सीआईडी-सीबी में तबादला हुआ है। थाने से रिलीव होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें यादगार अंदाज में विदाई दी। इस अनोखी विदाई का वीडियो सामने आने के बाद लोग भी तरह तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं। लोग इसे पुलिसकर्मियों और उनके अधिकारी के बीच बेहतर कार्य संबंध और सम्मान का प्रतीक मान रहे हैं।



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