Sunday, May 31, 2026
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क्या देश में खत्म हुई क्रूड ऑयल की किल्लत, एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाकर सरकार ने कर दिया इशारा?


नई दिल्ली. सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती कर दी है. 1 जून से शुरू होने वाले अगले पखवाड़े के लिए  पेट्रोल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर शुल्‍क लगेगा. वहीं, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर 9.5 रुपये प्रति लीटर एक्सपोर्ट ड्यूटी देनी होगी. इस फैसले के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. क्या भारत के पास अब कच्चे तेल की इतनी पर्याप्त आपूर्ति होने लगी है कि वह पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की स्थिति में पहुंच गया है. या फिर इसके पीछे कोई दूसरी मजबूरी और रणनीति काम कर रही है.

पहली नजर में यह फैसला थोड़ा हैरान करने वाला लगता है. वजह यह है कि पश्चिम एशिया में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति लाइन बना हुआ है और भारत अपनी जरूरत का 85 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है. ऐसे माहौल में सामान्य सोच यही कहती है कि सरकार को घरेलू बाजार के लिए ईंधन बचाने पर जोर देना चाहिए, न कि निर्यात को बढ़ावा देने पर.

क्या भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ गई है?

असलियत यह है कि भारत में घरेलू कच्चे तेल का उत्पादन कोई बड़ी छलांग नहीं लगा रहा है. देश आज भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. इसलिए निर्यात शुल्क में कटौती का मतलब यह नहीं है कि भारत अचानक तेल उत्पादन में आत्मनिर्भर हो गया है या उसके पास अतिरिक्त कच्चे तेल का भंडार जमा हो गया है.

दरअसल भारत दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग केंद्रों में शामिल है. भारत बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है, उसे रिफाइन करता है और फिर पेट्रोल, डीजल तथा अन्य उत्पादों के रूप में दुनिया के कई देशों को बेचता है. यही वजह है कि कच्चा तेल आयात करने वाला देश होने के बावजूद भारत पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा निर्यातक भी है.

फिर सरकार ने टैक्स क्यों घटाया?

इसका जवाब रिफाइनिंग कंपनियों के कारोबार में छिपा है. जब निर्यात पर ड्यूटी ज्यादा होती है तो रिफाइनरियों का मार्जिन घट जाता है. इससे उनके लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाता है. सरकार समय-समय पर वैश्विक कीमतों और बाजार की स्थिति के आधार पर इन ड्यूटी को घटाती या बढ़ाती रहती है.

संकेत यह हैं कि फिलहाल सरकार को घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता को लेकर तत्काल कोई बड़ा संकट नहीं दिख रहा. इसलिए उसने रिफाइनिंग कंपनियों को कुछ राहत देने का फैसला किया है. हालांकि ड्यूटी पूरी तरह खत्म नहीं की गई है, बल्कि सिर्फ कम की गई है. इसका मतलब सरकार अभी भी हालात पर नजर बनाए हुए है.

एक और वजह

वैश्विक अनिश्चितताओं और कीमतों में भारी उछाल के बावजूद, भारत का क्रूड ऑयल इम्पोर्ट बढ़ा है. मई के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का तेल आयात 11.2% बढ़कर 5.04 मिलियन बैरल प्रति दिन के स्तर पर पहुंच गया है. यह इस पूरे युद्ध काल का सबसे उच्चतम स्तर माना जा रहा है.रिफाइनरियों ने घरेलू स्टॉक को सुरक्षित करने के लिए खरीदारी तेज की है. यानी स्थिति अभी भले ही एकदम सामान्य न हो लेकिन पहले से बेहतर जरूर हुई है.

क्या इससे भारत में महंगाई बढ़ सकती है?

यही सबसे अहम चिंता है. अगर ज्यादा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात होने लगते हैं और घरेलू बाजार में आपूर्ति पर दबाव बनता है तो डीजल और पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ सकता है. खासतौर पर डीजल भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी माना जाता है. ट्रकों से लेकर खेती और उद्योग तक, बड़ी गतिविधियां डीजल पर निर्भर हैं. अगर डीजल महंगा होता है तो माल ढुलाई की लागत बढ़ती है. इसका असर सब्जियों, अनाज, दूध और रोजमर्रा की वस्तुओं तक पहुंच सकता है. यानी महंगाई का जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. लेकिन भारत ने अपना काफी इम्पोर्ट डायवर्सिफाई कर दिया है और आयात लगभग नॉर्मल हो गया इसलिए निकट भविष्य में यह कोई परेशानी का कारण बनता नहीं नजर आता है.

सरकार का दांव क्या है?

सरकार फिलहाल एक संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. एक तरफ वह रिफाइनिंग सेक्टर की कमाई और निर्यात प्रतिस्पर्धा को बनाए रखना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ घरेलू बाजार में कीमतों को भी नियंत्रण में रखना चाहती है. यही कारण है कि निर्यात शुल्क में सीमित कटौती की गई है, कोई बड़ा और आक्रामक फैसला नहीं लिया गया.

आगे क्या देखना होगा?

आने वाले हफ्तों में तीन चीजें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण रहेंगी. पहली, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें किस दिशा में जाती हैं. दूसरी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल आपूर्ति सामान्य रहती है या नहीं. और तीसरी, रुपये की चाल कैसी रहती है. अगर पश्चिम एशिया का संकट दोबारा गहराता है, तेल की कीमतें तेज उछाल लेती हैं या रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो सरकार फिर से निर्यात ड्यूटी बढ़ाने जैसे कदम उठा सकती है. इसलिए आज की कटौती को भारत में तेल की भरमार का संकेत मानना गलत होगा. यह ज्यादा एक कारोबारी और रणनीतिक फैसला दिखता है, जिसका मकसद रिफाइनिंग उद्योग और घरेलू जरूरतों के बीच संतुलन बनाना है.



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IPL फाइनल, अहमदाबाद में आज बारिश की संभावना: डेढ़ घंटे में ही 45 हजार ऑनलाइन टिकट बिके, गुजरात-बैंगलौर के बीच होना है मुकाबला – Gujarat News


आईपीएल का फाइनल मैच गुजरात टाइटन्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। देश भर से क्रिकेट फैंस का अहमदाबाद पहुंचने का सिलसिला शनिवार से ही जारी है। हालांकि, मौसम विभाग ने रविवार को अहमदाबाद में

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60 से 70 प्रतिशत टिकट बिक चुके

फाइनल मैच के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शनिवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई। सिर्फ डेढ़ घंटे में ही करीब 45 हजार टिकट बिक गए थे। रविवार सुबह जोमैटो के डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर टिकटों की बिक्री दोबारा शुरू हुई है। मिली जानकारी के मुताबिक, 11 बजे तक 60 से 70 प्रतिशत टिकट बिक चुके थे।

ऑफलाइन टिकट के लिए काउंटरों पर लंबी कतारें लगी हैं।

स्टेडियम के बाहर टी-शर्ट, कैप की खूब बिक्री हो रही।

स्टेडियम के बाहर टी-शर्ट, कैप की खूब बिक्री हो रही।

शहर भर में 3,043 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात

फाइनल से पहले अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। शहर भर में 3,043 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। सुरक्षा में क्राइम ब्रांच, एसओजी, बीडीडीएस और एंटी-ड्रोन टीमें भी शामिल हैं। वहीं, टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस ने विशेष आदेश जारी कर ब्लैक मार्केटिंग पर प्रतिबंध लगाया है। कार्रवाई के दौरान 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये ₹3,500 की टिकटें ₹10,000 से ₹15,000 तक में बेच रहे थे।

स्टेडियम के अंदर और बाहर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए पहली बार तीन ‘एंटी-ड्रोन’ प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे आसमान से होने वाले किसी भी खतरे या अनाधिकृत ड्रोन गतिविधि को तुरंत विफल कर दिया जाएगा।

रात 1.30 बजे तक चलेंगी मेट्रो

3 मार्च को मेट्रो सेवाएं नियमित समय से ज्यादा रात 1.30 बजे तक चलेंगी। मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए जीएमआरसी ने आईपीएल मैच के दिन वापसी यात्रा के लिए एक विशेष पेपर टिकट पेश किया है। इसी टिकट से ही यात्रा करने की अनुमति होगी।

ये पेपर टिकट मैच के दिन क्रॉस रोड, अपैरल पार्क, कालूपुर, ओल्ड हाईकोर्ट, थलतेज, मोटेरा, साबरमती, रानिप, वडाज और जीवराज मेट्रो स्टेशनों से एडवांस भी खरीदे जा सकते हैं। इसका प्रति व्यक्ति 50 रुपए किराया होगा।

नगर निगम चलाएगा देर रात तक बसें

फाइनल मैच देखने आए लोग देर रात घर लौटेंगे। इसके चलते निगम ने अतिरिक्त एएमटीएस बसें चलाने का फैसला किया है। बसें रात 10 बजे से 1:30 बजे तक चलेंगी। मोटेरा में नरेंद्र मोदी स्टेडियम के पास अचेर डिपो से ये बसें मणिनगर, ओधव, वासना, उजाला सर्कल और नारोल क्षेत्रों तक का सफर तय करेंगी। अतिरिक्त रात्रि बसों का किराया 30 रुपए प्रति यात्री तय किया गया है।

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IPL फाइनल मैच से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

IPL फाइनल, अहमदाबाद की फ्लाइट ₹35,000 तक महंगी:होटलों का किराया 6 से 36 हजार तक पहुंचा

IPL का फाइनल मैच रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। अगर आप भी इस मैच को देखने के लिए फ्लाइट से अहमदाबाद जाना चाहते हैं, तो आपको 17,000 से 35,000 रुपए तक किराया ज्यादा चुकाना होगा। पूरी खबर पढ़ें…



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अभिषेक बनर्जी के बाद अब संसद में ‘कित-कित-कित वाले सांसद की हो गई कुटाई


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Abhishek Banerjee Attack Latest News: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पिछले 24 घंटों में बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सियासत में भूचाल आ चुका है. राहुल गांधी और अखिलेश य…और पढ़ें

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अभिषेक बनर्जी पर हमला के बाद सुवेंदु सरकार पर हो रहा है चौतरफा हमला.

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के सोनारपुर में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पिछले 20-24 घंटों के भीतर पूरे देश की राजनीति में एक बड़ा उबाल आ गया है. इस घटना ने बंगाल के उस हिंसक इतिहास की यादें ताजा कर दी हैं, जब ठीक दो-तीन दशक पहले वामपंथी शासन के दौरान तत्कालीन युवा नेता ममता बनर्जी पर जानलेवा हमले हुए थे. राजनीतिक गलियारों में अब यह गंभीर सवाल तैर रहा है कि ‘अगर अभिषेक बनर्जी ने समय रहते हेलमेट नहीं पहना होता, तो क्या उनकी जान चली जाती?’ इस घटना के बाद से टीएमसी समर्थकों में भारी आक्रोश है, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंगाल की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है.

राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने केंद्र व राज्य सरकार को घेरा

अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के तुरंत बाद ‘इंडिया’ गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सुवेंदु अधिकारी की सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

राहुल गांधी का बयान: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, “लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है. विपक्ष के एक प्रमुख युवा सांसद पर सरेआम इस तरह का हिंसक हमला बेहद चिंताजनक है. राज्य प्रशासन को राजनीतिक प्रतिशोध से ऊपर उठकर तुरंत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.”

अखिलेश यादव का तीखा हमला: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसे एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने कहा, “यह हमला केवल अभिषेक बनर्जी पर नहीं, बल्कि बंगाल की लोकतांत्रिक चेतना पर है. जब सरकारी एजेंसियां ED, CBI किसी को झुका नहीं पातीं, तो इस तरह की हिंसक ताकतों को आगे कर दिया जाता है. यह बेहद निंदनीय है और देश की जनता इस तानाशाही को देख रही है.”

क्या बंगाल में टीएमसी नेताओं पर जानबूझकर हो रहे हैं हमले?

सोनारपुर की घटना के बाद यह नैरेटिव तेजी से मजबूत हो रहा है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष और खुद ममता बनर्जी ने इसे सुवेंदु सरकार की शह पर रची गई एक ‘पूर्व-नियोजित साजिश’ बताया है. टीएमसी का आरोप है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बने रहे, जिससे उग्र भीड़ को सांसद के बिल्कुल करीब जाने और उनके कपड़े फाड़ने का मौका मिल गया.

बीजेपी ने हमले पर क्या कहा?

इसके विपरीत, सत्तारूढ़ भाजपा का तर्क है कि यह कोई प्रायोजित हमला नहीं था, बल्कि पिछले 15 वर्षों के सिंडिकेट राज, कट-मनी और भ्रष्टाचार के खिलाफ स्थानीय जनता का आक्रोश था, जो अब सड़कों पर फूट रहा है.

संसद से सड़क तक प्रदर्शन की तैयारी: दिल्ली में टीएमसी के सांसदों ने इस घटना के खिलाफ संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने बड़े विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की है. विपक्षी दल इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने जा रहे हैं.

इंटरनेशनल मीडिया की नजर: बीबीसी, अल जज़ीरा और अन्य अंतरराष्ट्रीय समाचार माध्यमों ने बंगाल की इस घटना को ‘भारत के एक प्रमुख राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा’ के रूप में रिपोर्ट किया है. विदेशी विश्लेषकों का मानना है कि यदि बंगाल में इस तरह की राजनीतिक हिंसा नहीं थमी, तो इसका सीधा असर राज्य में आने वाले औद्योगिक निवेश पर पड़ेगा.

मानवाधिकार संगठनों की चिंता: कई नागरिक अधिकार और मानवाधिकार संगठनों ने बंगाल के बदलते राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और लोकतंत्र की मर्यादा का पालन करने की अपील की है.

अभिषेक बनर्जी फिलहाल कोलकाता के अपोलो अस्पताल में उपचाराधीन हैं, जहां उनकी सुरक्षा को ‘जेड प्लस’ (Z+) स्तर तक बढ़ा दिया गया है. लेकिन पिछले 24 घंटों का यह घटनाक्रम साफ इशारा कर रहा है कि बंगाल की राजनीति एक बार फिर उसी पुराने दौर में लौट रही है, जहां सत्ता और विपक्ष का फैसला अब बैलेट बॉक्स के साथ-साथ सड़कों पर पत्थरों, अंडों और लाठियों से होने लगा है.

Kalyan Banerjee Attack Row : अभिषेक बनर्जी के बाद अब कल्याण बनर्जी पर भी बंगाल में हमला, सिर से निकल रहा खून, आंखों में आंसू और माइक पकड़ कर दे रहे भाषण

शनिवार को अभिषेक बनर्जी के बाद अब टीएमसी एक और सांसद कल्याण बनर्जी के साथ भी रविवार को हुगली जिले में कथित तौर पर मारपीट की गई. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की. आरोप है कि इसी दौरान स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई और सांसद के साथ धक्का-मुक्की तथा मारपीट की गई. कल्याण बनर्जी के सिर से खून निकल रहा है.

Abhishek Banerjee Attack Row : ‘अभिषेक को एडमिट न करने के लिए डॉक्टरों को दी जा रही थी धमकी’: ममता बनर्जी का सुवेंदु सरकार पर बेहद सनसनीखेज आरोप!

Abhishek Banerjee Attack Row : अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद राज्य की राजनीति अब एक बेहद खतरनाक और अप्रत्याशित मोड़ पर पहुंच गई है। घायल अभिषेक बनर्जी से मुलाकात करने कल शाम कोलकाता के अपोलो अस्पताल पहुंचीं पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की सरकार और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर बेहद सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए थे. आज ममता के आरोप पर देश के अलग-अलग पार्टियों के नेताओं का रिक्शन आना शुरू हो गया है. पहले सुनें कल ममता ने बंगाल के सुवेंदु सरकार में क्या-क्या आरोप लगाए थे.





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वृंदावन में मनचलों की शर्मनाक हरकत: परिक्रमा कर रही युवतियों को मारी पानी की बोतल,वीडियो हुआ सोशल मीडिया पर वायरल – Mathura News




मथुरा के वृंदावन में मनचलों की शर्मनाक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। बाइक सवार दो युवकों ने परिक्रमा दे रही युवतियों पर पानी की बोतल मारी। युवकों की इस हरकत का वीडियो पीछे दूसरी बाइक पर चल रहे अन्य युवकों ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बाइक सवार युवकों की शर्मनाक हरकत का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अब युवकों की तलाश कर रही है। वृंदावन परिक्रमा का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो वृंदावन परिक्रमा मार्ग का है। यहां पुरुषोत्तम माह के चलते बड़ी संख्या में भक्त परिक्रमा दे रहे हैं। यहां परिक्रमा देने वालों में महिला,बच्चे और युवाओं की संख्या भी अच्छी है। ऐसे में कुछ विकृत मानसिकता के लोग अपनी शर्मनाक हरकतों को बाज देने से नहीं आ रहे। दूसरे बाइक सवार युवकों ने बनाया वीडियो परिक्रमा मार्ग के रास्ते में शर्मनाक हरकत कर रहे बाइक सवार युवकों को देख उनके पीछे एक बाइक पर दो युवक चल दिए। पीछा कर रहे युवकों ने इनकी शर्मनाक हरकत का वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर उनकी बाइक रुकवा कर उनको सबक सिखाया। युवती के बोतल मारते ही पीछे बाइक पर चल रहे युवकों ने हरकत करने वाले युवकों की बाइक को साइड मैं रुकवाया और उसके बाद उसकी मज़ामत कर दी। पुलिस कर रही तलाश वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसका पुलिस ने संज्ञान लिया। पुलिस अब शर्मनाक हरकत करने वाले युवकों की तलाश कर रही है। वृंदावन पुलिस का कहना है कि इस मामले में ऐसे युवकों की शिनाख्त होने के बाद कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।



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राजगढ़ में धूलभरी आंधी-बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: घंटों अंधेरे में डूबे शहर-कस्बे, कई पेड़ गिरे; उमस ने परेशानी बढ़ाई – rajgarh (MP) News




दिनभर की झुलसाने वाली गर्मी के बाद शनिवार रात राजगढ़ जिले में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदली कि शहर से लेकर कस्बों तक अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। रात करीब 10 बजे तेज धूलभरी आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। हवा इतनी तेज चली कि कई जगहों पर छप्पर उड़ गए, पेड़ गिर पड़े और बिजली लाइनों में फाल्ट आ गया। आंधी के कुछ देर बाद आसमान में तेज बिजली चमकने लगी और फिर बारिश शुरू हो गई। बारिश से तापमान में गिरावट जरूर आई, लेकिन घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को उमस और बेचैनी से राहत नहीं मिल सकी। आंधी के दौरान उड़ती धूल ने शहरों और कस्बों को धुंध जैसा बना दिया। घरों के दरवाजे-खिड़कियां बंद करने के बावजूद धूल अंदर तक पहुंच गई। बिजली बंद होते ही कूलर और पंखे थम गए। उमस इतनी बढ़ गई कि लोग घरों से बाहर निकल आए। कई लोग छतों और गलियों में रात बिताते नजर आए, जबकि बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान रहे। ढाई बजे बिजली सप्लाई हो सकी
राजगढ़ शहर में रात 10 बजे के आसपास तेज हवा के साथ बिजली गुल हो गई। कई इलाकों में रात ढाई बजे सप्लाई शुरू हो सकी, लेकिन कुछ मोहल्लों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। गर्मी और मच्छरों के बीच लोगों की रात करवटें बदलते बीती। लोगों का कहना था कि बारिश से गर्मी तो कम हुई, लेकिन बिजली नहीं रहने से राहत महसूस नहीं हो सकी। खिलचीपुर में तूफान का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। तेज आंधी के कारण 11 केवी लाइन में फाल्ट आ गया और पूरा नगर अंधेरे में डूब गया। बिजली कर्मचारी रातभर अलग-अलग इलाकों में फाल्ट तलाशते रहे। कई जगह तारों और पोल की जांच करनी पड़ी। सुबह करीब 7 बजे नगर के आधे हिस्से में बिजली सप्लाई शुरू हो सकी, जबकि पूरे नगर में बिजली सुबह 9 बजे तक बहाल हुई। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद उड़ गई। उमस और गर्मी से परेशान लोग सुबह तक जागते रहे। बिजली बाधित होने से नगर परिषद की पानी सप्लाई व्यवस्था भी प्रभावित हुई और सुबह लोगों को पानी के लिए इंतजार करना पड़ा। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा भी प्रभावित
जीरापुर में भी तेज आंधी के साथ रात 10 बजे बिजली चली गई थी। अधिकांश इलाकों में रात करीब 1:30 बजे सप्लाई बहाल हो गई, लेकिन बंसल कॉलोनी सहित कुछ क्षेत्रों में पूरी रात बिजली नहीं आई। यहां लोगों ने मोबाइल की रोशनी और हाथ के पंखों के सहारे रात बिताई। माचलपुर, नरसिंहगढ़ और छापीहेड़ा में भी तूफान का असर दिखाई दिया। माचलपुर में रात 10 बजे बंद हुई बिजली करीब डेढ़ बजे के बाद शुरू हो सकी। वहीं छापीहेड़ा में रात 2 बजे तक बिजली सप्लाई ठप रही। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने का असर
मौसम विभाग के अनुसार जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय होने लगी हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ के असर से वातावरण में अस्थिरता बनी हुई है। इसी वजह से तेज आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर बन रहा है। आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह बदलता रह सकता है।



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मैट्रिक फेल हितेश का कमाल, पिज्जा बेचकर रोज कमा रहा 20 हजार, कमाई


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Success Story: हितेश रांची के बिग बाजार के पास अपना एक छोटा सा आउटलेट लगाते हैं. वह पिज्जा बनाने का काम करते हैं. हितेश बताते हैं कि वह मैट्रिक फेल हैं, घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो आगे पढ़ नहीं पाए. उसके बाद भैया ने पिज्जा बनाना सिखाया. आज आलम यह है कि लोग कहते हैं कि हम डोमिनोज छोड़कर आपके पास आए हैं. वह हर दिन 200 से अधिक लोग उनके पास पिज्जा खाने के लिए आते हैं. जहां एक पिज्जा की कीमत 70 रुपये से लेकर ₹150 तक होती है.

हितेश बताते हैं कि वह मूल रूप से बिहार के हाजीपुर के रहने वाले हैं. उनका पूरा परिवार काफी समय से रांची में रहता है. शुरू से ही घर में पैसे को लेकर तंगी थी. ऐसे में पढ़ाई ठीक से हो ही नहीं पाती थी. इस वजह से फेल भी हो गए और फिर पढ़ने का मन भी नहीं किया.

फिर लगा अब मुझे कमाना है, अपने दम पर कमाना है, लेकिन बात है कि मैट्रिक फेल को नौकरी कौन देगा. हितेश ने बताया कि उन्होंने पिज्जा बनाना शुरू किया. उनके भैया को बहुत अच्छा पिज्जा बनाना आता था, वह भी यही काम करते हैं. ऐसे में घर पर खूब प्रेक्टिस किया.

इसके बाद बिग बाजार के सामने अपना एक आउटलेट लगाया और यहां पर पिज्जा बनाने का काम करने लगे. आज मुश्किल से 15-20 मिनट में 20 से 25 पिज्जा बना लेते हैं. क्योंकि, इतना डिमांड है और एकदम बड़े ब्रांड के स्टाइल में पैकिंग करके भी लोगों को खिलाते हैं.

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हितेश ने बताया कि उनके पिज्जा की खास बात ये है कि उनके पास आपको ऐसी क्वॉलिटी मिलेगी, खाकर आप तारीफ जरूर करेंगे. आप खाने के बाद कहेंगे ये तो डोमिनोएस वाला है, चीज से लेकर मेयोनेज सॉस हर चीज क्वालिटी का होता है और किसको कितनी क्वांटिटी में डालना है.

पिज्जा बेचकर रोज कमा रहा 20 हजार

इस बात की एकदम ट्रेनिंग ले रखी है. क्वालिटी और क्वांटिटी के साथ कोई समझौता नहीं करते हैं. बस इसी को मूलमंत्र बनाया और उनका बिजनेस चल रहा है. हितेश आगे बताते हैं कि हर दिन आराम से 200 से अधिक लोग आ जाते हैं. सैटरडे संडे को तो उससे भी अधिक लोग पहुंचते हैं.

ऐसे में अच्छी खासी हर दिन की 20,000 से ऊपर की कमाई हो जाती है. हालांकि, इसमें लागत भी लगता है. आज उन्होंने अपने कई सपने पुरे किये हैं. अपना घर बनवाया है, कंप्यूटर, लैपटॉप, बाइक सब कुछ ले लिया है और भी सपने हैं. जैसे फॉरेन ट्रिप का यह भी बहुत जल्द पूरा करने वाले हैं.

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धौनी स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव का आश्वासन: बांका में सांसद की पहल पर रेलवे ने 15 जून तक का दिया समय – Banka News




बांका के धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर चल रहे संघर्ष को सफलता मिली है। सांसद गिरधारी यादव की पहल पर रेलवे अधिकारियों ने 15 जून तक ट्रेन के ठहराव की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है। धौनी रेलवे संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार शाम बांका सर्किट हाउस में सांसद से मुलाकात कर यह मांग उठाई थी। समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव, जीवन प्रसाद सिंह, पूर्व जदयू प्रखंड अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह और प्रमोद सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सांसद का स्वागत किया। उन्होंने सांसद को बताया कि धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव की मांग लंबे समय से लंबित है। पूर्व में भी रेलवे प्रशासन से इस संबंध में आश्वासन मिला था, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ठहराव शुरू नहीं हो सका, जिससे स्थानीय लोगों, व्यवसायियों और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। 15 जून तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन सांसद गिरधारी यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल रेलवे के उच्च अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने धौनी रेलवे स्टेशन पर जल्द से जल्द कविगुरु एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद की पहल पर रेलवे अधिकारियों ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया और 15 जून तक इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया। रेलवे संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि कविगुरु एक्सप्रेस के धौनी स्टेशन पर रुकने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों को विभिन्न शहरों में आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि 15 जून तक ठहराव की व्यवस्था नहीं होती है, तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।



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शर्मीले थे राजेश खन्ना, आशा पारेख ने बताया ‘काका’ संग शूटिंग का किस्सा


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‘इंडियन आइडल’ के मंच पर दिग्गज एक्ट्रेस आशा पारेख ने राजेश खन्ना से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा किया है. उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में राजेश खन्ना काफी शर्मीले और संकोची स्वभाव के थे. फिल्म ‘बहारों के सपने’ की शूटिंग के दिनों को याद करते हुए उन्होंने मुस्कुराकर बताया कि एक दिन राजेश खन्ना ने उनसे कहा था कि आप इतनी जल्दी क्यों आ जाती हैं. साथ काम करते-करते दोनों के बीच अच्छी गहरी दोस्ती हो गई थी.

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राजेश खन्ना और आशा पारेख ने साथ में कई फिल्मों मे किया था काम.

नई दिल्ली. म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के अपकमिंग एपिसोड में दिग्गज एक्ट्रेस आशा पारेख मेहमान बनकर पहुंचने वाली हैं, जहां वह दिवंगत सुपरस्टार राजेश खन्ना से जुड़े कई दिलचस्प किस्से शेयर करेंगी. आशा पारेख ने खुद इस एपिसोड का एक प्रोमो सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में वह बताती नजर आ रही हैं कि अपने करियर के शुरुआती दिनों में राजेश खन्ना बेहद शर्मीले, शांत और संकोची स्वभाव के इंसान थे. हालांकि, फिल्मों में साथ काम करने के दौरान वक्त के साथ दोनों के बीच की झिझक खत्म हुई और दोनों में बेहद गहरी दोस्ती हो गई.

शो के दौरान कंटेस्टेंट मिस्सी बसु ने फिल्म ‘बहारों के सपने’ के लोकप्रिय गीत ‘आजा पिया तोहे प्यार दूं’ पर प्रस्तुति देती नजर आईं. इस परफॉर्मेंस को देखने के बाद आशा पारेख पुरानी यादों में खो गईं और उन्होंने उस दौर का एक दिलचस्प किस्सा सुनाया.

कम बातचीत करते थे राजेश खन्ना

आशा पारेख ने बताया कि जब इस गाने की शूटिंग हो रही थी, तब राजेश खन्ना फिल्म इंडस्ट्री में नए थे. यह उनके करियर की शुरुआती फिल्मों में से एक थी और उस समय उन्हें ज्यादा पहचान नहीं मिली थी. उन्होंने कहा कि राजेश खन्ना स्वभाव से काफी झिझकने वाले थे और लोगों से कम बातचीत करते थे.

आशा पारेश-राजेश खन्ना में थी अच्छी दोस्ती

अभिनेत्री ने कहा कि बाद में जब उन्होंने राजेश खन्ना के साथ कई और फिल्मों में काम किया, तो दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई. साथ काम करते-करते वे एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने लगे और सुख-दुख की बातें भी साझा करने लगे. उन्होंने शूटिंग के दिनों को याद करते हुए बताया कि उस समय वे लगातार दो फिल्मों की शूटिंग कर रहे थे. एक शेड्यूल खत्म होते ही दूसरे सेट पर पहुंचना पड़ता था. ऐसे बिजी शेड्यूल के कारण कलाकारों को काफी थकान भी होती थी.

आशा पारेख ने बताया राजेश खन्ना से जुड़ा किस्सा

आशा पारेख ने मुस्कुराते हुए एक मजेदार घटना का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि एक दिन राजेश खन्ना ने उनसे कहा, ‘आशा जी, आप इतनी जल्दी क्यों आ जाती हैं? आराम से आइए, मैं तो 4 बजे से पहले सेट पर नहीं पहुंचूंगा.’ यह सुनकर उन्हें खुशी हुई क्योंकि इससे उन्हें भी थोड़ा आराम करने का समय मिल जाता था. उन्होंने कहा कि राजेश खन्ना बेहद संवेदनशील इंसान थे. वे अपने जीवन की बातें और अनुभव साझा करते थे. मैं भी उनसे खुलकर बातचीत करती थी. हमारी दोस्ती समय के साथ और मजबूत होती चली गई.

साल 1967 में रिलीज हुई थी ‘बहारों के सपने’

बताते चलें कि ‘आजा पिया तोहे प्यार दूं’ साल 1967 में रिलीज हुई फिल्म ‘बहारों के सपने’ का लोकप्रिय गीत है. इस गाने को लता मंगेशकर ने अपनी आवाज दी थी और संगीत आरडी बर्मन ने तैयार किया था जबकि गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखा था. फिल्म में आशा पारेख और राजेश खन्ना की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया था. रिलीज के लंबे समय बाद भी यह गीत हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार और लोकप्रिय रोमांटिक गीतों में गिना जाता है.

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Kamta PrasadSenior Sub Editor

कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …और पढ़ें





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वर्ल्ड अपडेट्स: लाओस की बाढ़ग्रस्त गुफा से 5 ग्रामीण खुद बाहर निकले, रेस्क्यू टीम हैरान; 2 अब भी लापता




मध्य लाओस की एक गुफा में एक सप्ताह से ज्यादा समय से फंसे 5 ग्रामीण शनिवार को सुरक्षित बाहर निकल आए। अंतरराष्ट्रीय रेस्क्यू टीम उन्हें पानी से भरी सुरंगों के जरिए निकालने की तैयारी कर रही थी, लेकिन कई दिनों की पंपिंग के बाद जलस्तर घटा और सभी ग्रामीण खुद बाहर आ गए। ग्रामीण सोने की तलाश में गुफा में गए थे, लेकिन भारी बारिश के कारण अंदर फंस गए। शुक्रवार को एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इसके बाद बाकी लोगों को निकालने के लिए जोखिम भरे रेस्क्यू की तैयारी चल रही थी। रेस्क्यू टीम के अनुसार रातभर पानी निकालने की कार्रवाई जारी रही, जिससे गुफा के अंदर का जलस्तर काफी कम हो गया। शनिवार को बाकी ग्रामीण खुद बाहर निकल आए। इससे गोताखोरों को खतरनाक जलमग्न सुरंगों से लोगों को निकालने की जरूरत नहीं पड़ी। ग्रामीणों के बाहर आते ही उनके परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई। कई परिजन भावुक हो गए और राहत की सांस ली। हालांकि राहत अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। दो अन्य ग्रामीण अब भी लापता हैं और उनके लिए तलाश अभियान जारी रहने की संभावना है। रेस्क्यू टीम को बचे हुए ग्रामीणों से गुफा का नया नक्शा मिला है। इसके आधार पर गुफा के भीतर मौजूद संभावित एयर पॉकेट वाले हिस्सों में खोज अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक गुफा का रास्ता बेहद खतरनाक है। कई जगह सुरंगें केवल 60 सेंटीमीटर चौड़ी हैं और पानी इतना गंदला है कि दृश्यता लगभग शून्य हो जाती है। फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गोताखोरों ने विशेष प्रशिक्षण भी दिया था। जानकारी के मुताबिक सभी ग्रामीण सोने की तलाश में गए थे। लाओस में बढ़ती सोना कीमतों और सीमित रोजगार अवसरों के बीच अनौपचारिक खनन गतिविधियां बढ़ी हैं। इस घटना के बाद सरकारी एजेंसियां अवैध खनन पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में हैं। फिलहाल पूरे इलाके में पांच ग्रामीणों के सुरक्षित लौटने की खुशी मनाई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्रिटिश विदेश मंत्री इवेट कूपर की चीन-भारत यात्रा: यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट और व्यापार पर होगी चर्चा
ब्रिटेन की विदेश मंत्री इवेट कूपर सोमवार से चीन और फिर भारत की यात्रा पर जाएंगी। दौरे के दौरान वे वैश्विक सुरक्षा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा संकट और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर उच्चस्तरीय वार्ता करेंगी। ब्रिटिश सरकार के मुताबिक कूपर 2 जून को बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उपराष्ट्रपति हान झेंग से मुलाकात करेंगी। इसके बाद वे 3 जून को शेनझेन जाएंगी, जहां विज्ञान और तकनीक से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार चीन के साथ संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश कर रही है। जनवरी में स्टार्मर ने चीन का दौरा किया था, जो पिछले आठ वर्षों में किसी ब्रिटिश प्रधानमंत्री की पहली चीन यात्रा थी। दोनों देशों ने तब व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया था। कूपर 4 जून को भारत पहुंचेंगी। यहां उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक प्रस्तावित है। वे भारत-ब्रिटेन विजन 2035 पहल से जुड़े उद्यमियों, शिक्षाविदों और साझेदार संस्थाओं से भी मुलाकात करेंगी। भारत और ब्रिटेन के बीच पिछले वर्ष हुए मुक्त व्यापार समझौते के क्रियान्वयन पर भी चर्चा हो सकती है। हाल में भारत ने ब्रिटेन के नए स्टील आयात प्रतिबंधों को लेकर चिंता जताई थी। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि चीन और भारत जैसे प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ यह संवाद दुनिया के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित रहेगा। इनमें वैश्विक सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य संकट और क्षेत्रीय तनाव जैसे विषय शामिल हैं। फिलीपींस की चेतावनी के अगले दिन स्कारबोरो शोल पर चीन की गश्त
दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव फिर बढ़ता दिख रहा है। फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो द्वारा चीन से खतरा बने रहने की बात कहने के एक दिन बाद चीन ने स्कारबोरो शोल क्षेत्र में सैन्य और तटरक्षक गश्त की है। चीनी सेना के सदर्न थिएटर कमांड ने रविवार को बताया कि उसकी नौसैनिक और वायु इकाइयों ने स्कारबोरो शोल और उसके आसपास के समुद्री तथा हवाई क्षेत्र में कॉम्बैट रेडीनेस पेट्रोलिंग की। सेना ने कहा कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अधिकारों के उल्लंघन और उकसावे वाली गतिविधियों का जवाब है। चीनी कोस्ट गार्ड ने भी क्षेत्र में कानून-प्रवर्तन गश्त चलाने की पुष्टि की। एजेंसी का दावा है कि उसने मई महीने के दौरान अवैध गतिविधियों में शामिल जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की है। यह घटनाक्रम सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग सुरक्षा सम्मेलन के दौरान सामने आया। सम्मेलन के इतर फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच हालिया कूटनीतिक नरमी के बावजूद फिलीपींस के लिए चीन का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि देश को चीनी आक्रामकता के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहना होगा। स्कारबोरो शोल दक्षिण चीन सागर के सबसे विवादित क्षेत्रों में शामिल है। चीन और फिलीपींस के बीच यहां संप्रभुता और मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर लंबे समय से टकराव चलता रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों के जहाज कई बार आमने-सामने आए हैं और कुछ मामलों में टक्कर तथा कर्मियों के घायल होने की घटनाएं भी हुई हैं। चीन अपने “नाइन-डैश लाइन” दावे के आधार पर लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर अधिकार जताता है। यह दावा फिलीपींस समेत कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के समुद्री अधिकार क्षेत्रों से टकराता है। वर्ष 2016 में द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फैसला दिया था कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है। हालांकि चीन ने उस फैसले को अस्वीकार कर दिया था और अपने दावे पर कायम है।



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दिल्ली में 5 मंजिला बिल्डिंग गिरी, दो की मौत: 10 घायल AIIMS ट्रॉमा सेंटर में भर्ती, तीन की हालत गंभीर; 12 लोगों को रेस्क्यू किया गया


नई दिल्ली1 घंटे पहले

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दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार शाम पांच मंजिला बिल्डिंग गिर गई। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं, 10 घायलों को AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में एडमिट करवाया गया है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।

दक्षिणी दिल्ली जिले के DCP अनंत मित्तल ने बताया कि जिस जगह मलबा गिरा, वहां मेडिकल स्टूडेंट्स की एक कैंटीन थी। आशंका है कि कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं। पुलिस और बचाव दलों ने अब तक करीब 12 लोगों को बाहर निकाला है।

घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। NDRF, DDMA, फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं।

घटना से जुड़ी 6 तस्वीरें…

सीएम रेखा गुप्ता रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची।

सीएम रेखा गुप्ता रविवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची।

घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।

घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है।

शाम करीब 7 बजे साकेत इलाके में बिल्डिंग गिरी।

शाम करीब 7 बजे साकेत इलाके में बिल्डिंग गिरी।

राहत बचाव टीम मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू कर रही है।

राहत बचाव टीम मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू कर रही है।

हादसे में घायल एक शख्स को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

हादसे में घायल एक शख्स को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची।

घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची।

दूरदर्शन बिल्डिंग का पत्थर गिरा

आज दिल्ली के तिलक मार्ग थाना इलाके में स्थित दूरदर्शन बिल्डिंग का पत्थर गिरने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल की पहचान नीरज कुमार (35) के रूप में हुई है।

दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की पिछली 2 घटनाएं

जुलाई 2025: दिल्ली में चार मंजिला इमारत ढही, 6 की मौत, 8 घायल

दिल्ली के वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं एक साल के बच्चे समेत आठ लोग घायल हुए थे। बिल्डिंग में 10 लोगों का एक परिवार रहता था।

अप्रैल 2025: महीने पहले इमारत गिरने से 11 लोग मरे थे

दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में 18 अप्रैल की देर रात ढाई बजे चार मंजिला बिल्डिंग ढह गई थी। इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी। 20 साल पुरानी इमारत के गिरने के बाद 12 घंटे से ज्यादा समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था। पुलिस के मुताबिक इमारत में 22 लोग रहते थे।

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दिल्ली में 4 मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 की मौत:इनमें डेढ़ साल का बच्चा शामिल, 15 लोग बचाए गए

दिल्ली के शाहदरा इलाके के विवेक विहार में एक चार मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 पुरुष, 4 महिलाएं और एक डेढ़ साल का बच्चा शामिल है। बिल्डिंग के अंदर फंसे 10 से 15 लोगों को बचाया गया। इनमें दो लोग घायल हुए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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