जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) के पेंशनर्स को पिछले 5 महीने से पेंशन नहीं मिली है। लगातार 8 दिन प्रदर्शन के बाद भी यूनिवर्सिटी की तरफ से कोई सुध नहीं ली गई है।
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पेंशनर्स का कहना है कि रक्षाबंधन का त्यौहार नजदीक है। इसके बाद भी पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा है।
आक्रोशित पेंशनर्स ने आज कुलगुरु ऑफिस के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद संवित सर्किल तक रैली निकाली। सांकेतिक तौर पर कुछ समय के लिए सड़क पर भी जाम लगा दिया। हालांकि इसके बाद खुद ही रास्ता खोलकर कुलगुरु ऑफिस पहुंचे।
पेंशनर्स ने विश्वविद्यालय में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और रैली निकाली।
वार्ता के लिए नहीं बुलाया
पेंशनर्स सोसाइटी के संयोजक अशोक व्यास ने बताया कि प्रदर्शन के 8 दिन बाद भी प्रशासन की तरफ से वार्ता के लिए नहीं बुलाया गया है। इससे ऐसा लगता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों की इस मांग को लेकर टालमटोल रवैया अपनाए हुए है।
यदि समय रहते समस्याओं का सकारात्मक समाधान नहीं किया जाता है तो मजबूर होकर पेंशनर्स को सड़कों पर आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बकाया पेंशन का भुगतान न होने तक इसी तरह प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों को सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. राम निवास शर्मा, प्रो.सुखवीर सिंह बैस, संयोजक अशोक व्यास आदि ने संबोधित किया। धरने में शैक्षणिक, अशैक्षणिक एवं पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनर शामिल हुए।
एक सप्ताह तक पेंशन मिलने की संभावना
पेंशनर्स सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. रामनिवास शर्मा ने कहा कि अलग-अलग बैंकों के करीब 260 फ्रीज अकाउंट में 173 करोड़ रुपए पड़े होने के बारे में विश्वविद्यालय प्रशासन को बताया था। विश्वविद्यालय के फाइनेंशियल एडवाइजर (एफए) से आज फिर बात हुई थी।
उन्होंने कहा कि मैं इसको एनालाइज करवा रहा हूं कि कौनसे अकाउंट रखने हैं और किस अकाउंट ऑपरेटिव करने के बाद पैसा विड्र्रोल करना है। सप्ताहभर में इसका कोई न कोई समाधान निकल जाएगा और आपको इसके बारे बता दिया जाएगा।
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने मंगलवार, 18 अगस्त को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा की। 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया जाएगा। मेजर ध्यानचंद खेल रत्न के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है।
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने मंगलवार, 18 अगस्त को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा कर दी है। 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार दिया जाएगा। इस साल मेजर ध्यानचंद खेल रत्न के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया। इस सूची में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें किसी भी क्रिकेटर को शामिल नहीं किया गया है। सूची में शीर्ष पर भारत के राष्ट्रमंडल खेल 2026 के हीरो तेजस्विन शंकर और मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल हैं। शतरंज के सितारे विदित गुजराती और दिव्या देशमुख को भी इस पुरस्कार से नवाजा गया है। खेल रत्न पुरस्कार के लिए किसी भी खिलाड़ी का चयन न होना पिछले वर्ष की तुलना में एक बड़ा बदलाव है। पिछले वर्ष चार खिलाड़ियों को देश का सर्वोच्च खेल सम्मान प्राप्त हुआ था।
2025 के अर्जुन पुरस्कार के लिए नामित होने वाले 17 खिलाड़ी
क्रम संख्या
खिलाड़ी का नाम
अनुशासन
1.
श्री तेजस्विन शंकर
एथलेटिक्स
2.
श्री मुहम्मद अजमल वी
एथलेटिक्स
3.
सुश्री प्रियंका गोस्वामी
एथलेटिक्स
4.
सुश्री ट्रीसा जॉली
बैडमिंटन
5.
सुश्री पुलेला गायत्री गोपीचंद
बैडमिंटन
6.
श्री नरेंद्र
मुक्केबाज़ी
7.
श्री विदित संतोष गुजराती
शतरंज
8.
सुश्री दिव्या जितेंद्र देशमुख
शतरंज
9.
श्री धनुष श्रीकांत
डीफ शूटिंग
10.
सुश्री लालरेम्सियामी
हॉकी
11।
श्री राजकुमार पाल
हॉकी
12.
श्री सुरजीत
कबड्डी
13.
सुश्री पूजा
कबड्डी
14.
श्री रुद्रांश खंडेलवाल
पैराशूटिंग
15.
सुश्री एकता भ्यान
पैरा एथलेटिक्स
16.
श्री अरविंद सिंह
रोइंग
17.
श्री अखिल शेओरान
शूटिंग
बता दें कि राष्ट्रीय खेल पुरस्कार हर साल खेलों में उत्कृष्टता को पहचानने और पुरस्कृत करने के लिए दिए जाते हैं। साल 2025 के खेल पुरस्कार भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर भारत सरकार ने विभिन्न श्रेणियों में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान करने का निर्णय लिया। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन पुरस्कार पिछले चार वर्षों की अवधि में अच्छे प्रदर्शन और नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन की भावना जैसे गुणों को प्रदर्शित करने के लिए दिया जाता है।
लाइफटाइम अर्जुन पुरस्कार
इसके अलावा श्री आई अरुमैनायगम को अर्जुन पुरस्कार लाइफटाइम प्रदान किया गया है। ‘अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम)’ उन खिलाड़ियों को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है जिन्होंने अपने प्रदर्शन से खेलों में योगदान दिया है और सक्रिय खेल करियर से सेवानिवृत्ति के बाद भी खेलों को बढ़ावा देने में योगदान देना जारी रखा है। इस सूची में सिर्फ एक नाम है।
क्रमांक
खिलाड़ी का नाम
अनुशासन
1.
श्री आई अरुमैनायगम
फ़ुटबॉल
पांच प्रशिक्षकों को दोर्णाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाने के लिए नामित किया गया है, जिसमें दो लाइफटाइम हैं। खेलों में उत्कृष्ट प्रशिक्षकों के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार’ उन प्रशिक्षकों को दिया जाता है जो लगातार उत्कृष्ट और सराहनीय कार्य करते हैं और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सक्षम बनाते हैं। पूरी लिस्ट नीचे है-
दोणाचार्य पुरस्कार 2025 पाने वाले प्रशिक्षकों की लिस्ट
नियमित श्रेणी:
क्रमांक
कोच का नाम
अनुशासन
1.
श्री परवीर सिंह
एथलैटिक्स
2.
श्री छोटे लाल यादव
मुक्केबाज़ी
3.
सुश्री नेहा नंदकुमार चव्हाण
शूटिंग
लाइफटाइम श्रेणी:
क्रमांक
कोच का नाम
अनुशासन
1.
श्री धर्मेंद्र सिंह यादव
मुक्केबाज़ी
2.
श्री वीरेंद्र कुमार
कुश्ती
राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025
‘राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार’ उन कॉर्पोरेट संस्थाओं (सार्वजनिक/निजी) और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को दिया जाता है, जिन्होंने खेल संवर्धन और विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस लिस्ट में सिर्फ एक नाम शामिल है।
क्रमांक
संस्था का नाम
1.
आर्मी पैरालिंपिक नोड, पुणे
युवा मामले एवं खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा करते हुए प्रेस रिलीज के आखिर में बताया “उपर्युक्त पुरस्कारों के लिए आवेदन ऑनलाइन आमंत्रित किए गए थे और खिलाड़ियों/कोचों/संस्थाओं को एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्वयं आवेदन करने की अनुमति दी गई थी। इस वर्ष इन पुरस्कारों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मिश्रा की अध्यक्षता वाली चयन समिति द्वारा विचार किया गया, जिसमें प्रख्यात खिलाड़ियों, खेल पत्रकारिता में अनुभव रखने वाले व्यक्तियों और खेल प्रशासकों के सदस्य शामिल थे।”
नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS) और एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल (EMRS) के लिए टियर-2 भर्ती परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। उम्मीदवार अलग-अलग टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों के लिए KVS, NVS टियर-2 के नतीजे देख सकते हैं और ऑफिशियल वेबसाइट- examinationservices.nic.in पर जाकर स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। पहले चरण में PGT (कंप्यूटर साइंस), TGT (कंप्यूटर साइंस), फाइनेंस ऑफिसर और स्टेनोग्राफर ग्रेड 1 के लिए KVS, NVS टियर-2 के नतीजे जारी किए गए।
स्कोरकार्ड कैसे डाउनलोड करें
उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट – examinationservices.nic.in पर KVS, NVS टियर-2 स्कोरकार्ड देख और डाउनलोड कर सकते हैं। KVS, NVS टियर-2 स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड करने के लिए, उम्मीदवारों को ऑफिशियल पोर्टल – examinationservices.nic.in पर जाना होगा और स्कोरकार्ड PDF लिंक पर क्लिक करना होगा।
सबसे ऑफिशियल वेबसाइट – examinationservices.nic.in पर जाएं।
KVS, NVS टियर-2 स्कोरकार्ड PDF लिंक पर क्लिक करें।
लॉगिन क्रेडेंशियल के तौर पर एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि का इस्तेमाल करें।
KVS, NVS टियर-2 स्कोरकार्ड PDF डाउनलोड के लिए स्क्रीन पर दिखाई देगा।
KVS, NVS टियर-2 स्कोरकार्ड PDF को सेव करें और उसका प्रिंट आउट ले लें।
KVS, NVS टियर-2 स्कोरकार्ड में उम्मीदवार का नाम, रोल नंबर, जन्म तिथि, कुल अंक, विषय-वार अंक, पास/फेल स्टेटस और अन्य जानकारी होगी।
क्वालिफाई करने वाले इंटरव्यू/स्किल टेस्ट में शामिल होंगे
PGT (कंप्यूटर साइंस), TGT (कंप्यूटर साइंस) और फाइनेंस ऑफिसर के पदों के लिए क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवार अब इंटरव्यू/स्किल टेस्ट में शामिल होंगे। इंटरव्यू/स्किल टेस्ट के लिए कॉल लेटर उनके संबंधित लॉगिन में उपलब्ध कराए जाएंगे। उम्मीदवार अपने लॉगिन क्रेडेंशियल एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि का इस्तेमाल करके इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं। KVS, NVS टियर 2 इंटरव्यू कॉल लेटर डाउनलोड करने के लिए, उम्मीदवारों को KVS, NVS टियर 2 इंटरव्यू कॉल लेटर लिंक पर क्लिक करना होगा और अपनी लॉगिन जानकारी – जैसे एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि – डालनी होगी।
सबसे पहले KVS, NVS टियर 2 इंटरव्यू कॉल लेटर लिंक पर क्लिक करें।
लॉगिन के लिए ज़रूरी जानकारी के तौर पर एप्लीकेशन नंबर और जन्म तिथि का इस्तेमाल करें।
स्क्रीन पर KVS, NVS टियर 2 इंटरव्यू कॉल लेटर की PDF डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी।
KVS, NVS टियर 2 इंटरव्यू कॉल लेटर की PDF को सेव करें और उसका प्रिंट आउट (हार्ड कॉपी) निकाल लें।
गोंडा के कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने आज मंगलवार 11.30 बजे झारखंड में हुए पेपर लीक मामले पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने विश्नोहरपुर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की। सांसद सिंह ने कहा कि यह झारखंड सरकार की विफलता है, जिसके कारण लंबे समय तक छात्रों का आंदोलन चला। उन्होंने पेपर लीक को सरकार की कमजोरी बताते हुए कहा कि यह छात्रों की जीत है कि सरकार को इस पर ध्यान देना पड़ा। करण भूषण सिंह ने जोर देकर कहा कि पेपर लीक की सीबीआई जांच अवश्य होनी चाहिए, क्योंकि बच्चों की यह मांग उचित है। उन्होंने कहा कि जब नीट का पेपर लीक हुआ था, तब भाजपा की ‘नो टॉलरेंस’ नीति पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन झारखंड सरकार इससे बचना चाह रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें कई बड़े लोग और संगठन शामिल हैं, जो बड़े पैमाने पर पैसा कमाते हैं, इसलिए जांच से किसी को पीछे नहीं हटना चाहिए। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर सांसद सिंह ने कहा कि जब से प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आई है, स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कहीं कोई कमी सामने आती है, तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, E-10 पेट्रोल के मुद्दे पर उन्होंने इसे एक गंभीर और लंबा विषय बताया। सांसद ने कहा कि इस पर बैठक कर गहन चर्चा होनी चाहिए और कोई निष्कर्ष निकलना चाहिए, क्योंकि यह सही है कि इससे गाड़ियां खराब हो सकती हैं और अनुपयोगी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि बैठक में जो भी निर्णय होगा, वह देश हित में होगा। वही जनता दर्शन में आए लोगों की समस्याओं को सुनकर की गोंडा बहराइच के अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए देती है इसके साथ ही साथ यह भी अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोबारा यह शिकायतें हमारी जनता दर्शन में नहीं आनी चाहिए।
भोपाल में व्यावसायिक संस्थानों पर नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में व्यापारी मंगलवार को सड़क पर उतर आए। रोशनपुरा चौराहे और आसपास के क्षेत्र में व्यापारियों ने नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। व्यापारी हाथों में विरोध के बैनर-पोस्टर लेकर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि रहवासी क्षेत्रों में वर्षों से संचालित व्यावसायिक संस्थानों को अचानक बंद कराने से कारोबार के साथ बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। व्यापारी सरकार से नियमितीकरण का रास्ता निकालने की मांग कर रहे हैं।
नवादा के दरमनियां बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के बाद 32 वर्षीय दिलीप कुमार की मौत हो गई। सोमवार को परिजनों ने शव के साथ गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग जाम कर दिया। उन्होंने क्लीनिक संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक दिलीप कुमार झारखंड के सतगावां थाना क्षेत्र निवासी शिवदानी राय के बेटे थे। परिजनों ने शव को एंबुलेंस से गोविंदपुर लाकर निजी क्लीनिक के सामने सड़क पर रख दिया। इससे गोविंदपुर-बरेव मुख्य मार्ग पर घंटों तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। परिजनों ने क्लीनिक संचालक सरवन कुमार पर इलाज में लापरवाही और गलत उपचार का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, दिलीप को बुखार की शिकायत के बाद क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। 5 दिनों तक इलाज के बाद तोड़ा दम लगभग पांच दिनों के इलाज के बाद जब उसकी हालत बिगड़ी, तो उसे नवादा और फिर पटना रेफर किया गया, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता, पत्नी और भाई ने दावा किया कि दिलीप को मलेरिया था, लेकिन क्लीनिक में डेंगू का इलाज किया जा रहा था। परिजनों ने इलाज पर करीब 65 हजार रुपए खर्च होने की बात कही है। नवादा और पटना में भी अतिरिक्त खर्च का उल्लेख किया गया है। दिलीप की मौत की खबर मिलते ही परिजन शव लेकर दरमनियां बाजार स्थित क्लीनिक पहुंचे और हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक संचालक दुकान बंद कर फरार हो गया है। उन्होंने क्लीनिक की वैधता और इलाज की पूरी प्रक्रिया की जांच की मांग की है। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया सूचना मिलने पर बीडीओ कुमार शैलेंद्र और थानाध्यक्ष विजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। बीडीओ ने आश्वासन दिया कि आवेदन मिलने पर क्लीनिक की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मृतक दिलीप अपने पीछे पत्नी नगीना देवी और तीन छोटी बेटियों को छोड़ गए हैं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। किन्नर समुदाय के गुरु बालों उर्फ रसभरी ने परिवार को 5,100 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। इन आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगी।
Anarse Sweet: यह मिठाई सागर के अलावा कहीं और नहीं बनती है. सागर से ही दूर-दूर तक यह मिठाई जाती है. लगभग 50 साल पहले सागर में मिठाई को बनाने की शुरुआत हुई थी आज हर कोई इसका दीवाना है. सीजन में 2 महीने मिलने वाली इन मिठाई को खऱीदने के लिए दुकान पर लोगों की भीड़ लग जाती है.
बुंदेलखंड का सागर अपनी लजीज खान पान के लिए जाना जाता है यहां पर अलग-अलग तरह की कई चीजें फेमस है जो केवल सागर ही नहीं बल्कि देश दुनिया तक अपना नाम बना चुकी हैं. ऐसे ही सागर शहर में बनने वाले ‘अनरसे’ विश्व फेमस है. जो केवल बारिश के सीजन में 2 महीने ही बनाए जाते हैं. जिनकी शुरुआत लगभग 1986 में हुई थी. आज यह सागर में गिने चुने स्थानों पर ही मिलते है.
सामान्य मिठाई की अपेक्षा यह बहुत सस्ती होते हैं लेकिन इनको ताजा गरमा गरम खाने पर बेहद ही स्वादिष्ट लगते हैं. वैसे इनको दो-तीन दिन तक भी घर में रखा जा सकता है. बता दें कि इसकी डिमांड ज्यादा होने और कम जगह मिलने से यह बनते ही बिक जाते हैं यह जिन स्थानों पर बनते हैं वहां शाम से ही भीड़ लगना शुरू हो जाती है.
बनाने की पूरी विधि अनरसे को बनाने में चावल को फूलने के लिए पानी में डाल देते हैं और फिर इसको बारिक पीसा जाता है, और इसी तरह से बादाम, काजू, किशमिश, मखाना को भी पानी में भिगोकर लजीज बनाया जाता है और फिर उनको पीसा जाता है. इस तरह से चावल और मावा को मिक्स किया जाता है इसमें शक्कर को महीन पीसकर तीनों चीजों को मिलाया जाता है और कम से कम 6 घंटे के लिए छोड़ देते हैं. फिर इनको आटे के जैसा गूंथकर पुरी के जैसे छोटी-छोटी लोई बनाई जाती है, फिर भट्टी पर आग जलाकर कढ़ाई में डालडा को डालते हैं जब यह गर्म हो जाता है तो हल्की मध्य धीमी आंच में इनको तला जाता है, जब यह अच्छी तरह से पक जाते हैं तो इन्हें निकालकर ऐसी जगह रखते हैं जिससे इनमें भरा हुआ डालडा निचोड़ कर नीचे गिर सके. इसी मिठाई को लोग खरीदने के लिए लाइन लगते हैं.
सागर शहर की यह काफी मशहूर मिठाई है. यह ₹200 किलो बिकती है बनने के बाद यह सूखे हुए दही बड़ा की तरह दिखाई देते हैं. आधा किलो में लगभग 15 पीस चढ़ते हैं. और यह बारिश के मौसम में इसलिए बनाए जाते हैं क्योंकि इस समय मौसम में नमी होती है जिसकी वजह से चावल में रवा रहता है. जिससे इसमें स्वाद और टेस्ट अच्छा बन जाता है.
50 साल पहले हुई थी मिठाई बनाने की शुरुआत अर्पित बिल्थरे बताते हैं कि यह मिठाई सागर में केवल दो-तीन जगह पर ही मिलती है क्योंकि इसको हर कोई नहीं बनाता है, लेकिन जहां पर भी यह मिठाई मिलती है वहां पर इसके शौकीनों की भीड़ लग जाती है और इसके खाने वाले दीवाने होते हैं.
शिवम बोहरे कहते हैं कि अगर आप सागर में रहते हैं और मानसून का सीजन है ऐसे में अनरसे नहीं खाए तो फिर आपने कुछ नहीं खाया, क्योंकि यह मिठाई सागर के अलावा कहीं और नहीं बनती है. सागर से ही दूर-दूर तक यह मिठाई जाती है. लोकल शहर में यह काफी मशहूर है, लगभग 50 साल से सागर में मिठाई को बनाने की शुरुआत हुई थी आज हर कोई इसका दीवाना है.
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…
फिलीपींस के स्कूल में फायरिंग का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है।
फिलीपींस के जाम्बोआंगा शहर में मंगलवार को एक स्कूल में गोलीबारी हुई है। एक छात्र ने अपने ही स्कूल के एक दूसरे छात्र को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद भी जान दे दी। फायरिंग में दो सुरक्षा गार्डों की भी मौत हो गई, जबकि 9 लोग घायल हुए हैं।
घटना एटेनियो डी जाम्बोआंगा यूनिवर्सिटी के स्कूल कैंपस में हुई। पुलिस का कहना है कि आरोपी छात्र ने हमले का कुछ हिस्सा फेसबुक पर लाइव भी दिखाया था। घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और छात्रों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया।
फायरिंग के बाद छात्र स्कूल परिसर से बाहर जाते नजर आए।
पहले शिक्षक पर गोली चलाई, फिर छात्र को निशाना बनाया
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कक्षा 9 का छात्र मोहम्मद मैल जलानी था। वह दो पिस्तौल लेकर स्कूल पहुंचा था।
जांच में पता चला है कि उसने सबसे पहले एक शिक्षक पर गोली चलाई, लेकिन गोली उन्हें नहीं लगी। इसके बाद उसने कक्षा 10 के एक छात्र को गोली मार दी। फिर वह स्कूल की ऊपरी मंजिल पर गया और वहां से कूदकर अपनी जान दे दी।
फिलीपींस के गृह मामलों के मंत्री जॉनविक रेमुल्ला ने बताया कि आरोपी सीढ़ियां चढ़ते समय फेसबुक लाइव कर रहा था।
घटना के बाद स्कूल ने सीनियर हाईस्कूल की कक्षाएं कुछ समय के लिए बंद कर दी हैं।
स्कूल ने बताया कि छोटे बच्चों को सुरक्षित रखा गया है। सभी बच्चों की गिनती कर ली गई है और वे अपने शिक्षकों की निगरानी में हैं।
पुलिस ने माता-पिता से घबराने के बजाय स्कूल की ओर से दी जा रही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
प्रभावित लोगों को मिलेगी मानसिक मदद
फिलीपींस के शिक्षा विभाग ने कहा है कि घटना से प्रभावित छात्रों, परिवारों और स्कूल कर्मचारियों को जरूरी मदद दी जाएगी।
इसके लिए काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि लोग इस सदमे से बाहर निकल सकें।
विभाग ने लोगों से यह भी कहा है कि बिना पुष्टि वाली खबरें, फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर न करें।
दो महीने में फायरिंग की दूसरी बड़ी घटना
फिलीपींस में करीब दो महीने के भीतर स्कूल में गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है।
इससे पहले जून में ताकलोबान शहर के एक स्कूल में हुई गोलीबारी में 3 छात्रों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
ताजा घटना के बाद स्कूलों की सुरक्षा और छात्रों तक हथियार पहुंचने को लेकर फिर से सवाल उठने लगे हैं।
किरेन रिजिजू ने न्यूज एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कई मुद्दों पर बात की।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ANI को दिए इंटरव्यू में जेन-जी आंदोलन, जंतर-मंतर प्रदर्शन, अभिजीत दीपके, राहुल गांधी और कांग्रेस पर कई बयान दिए। उन्होंने कहा कि जेन-जी हमारे अपने बच्चे हैं और उनसे लगातार बातचीत जरूरी है। उनसे बातचीत करने में सरकार की तरफ से कोई कमी नहीं है।
रिजिजू ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया। उन्होंने कहा कि हजारों लोगों के प्रदर्शन के बावजूद एक भी गोली नहीं चली और किसी प्रदर्शनकारी को गंभीर चोट नहीं लगी। उन्होंने कहा- अगर ऐसा आंदोलन कांग्रेस के दौर में हुआ होता, तो हजारों लोगों की मौत हो सकती थी।
रिजिजू ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा- दीपके AAP कार्यकर्ता हैं। छात्र कैसे बन गए? उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
पीएम के दिमागी नक्सल वाले बयान से लेकर जंतर-मंतर प्रदर्शन तक, रिजिजू के इंटरव्यू की पूरी बात…
1. रिजिजू बोले- राहुल को नेता प्रतिपक्ष पद की गरिमा रखनी चाहिए
रिजिजू ने कहा- राहुल गांधी सदन के अंदर जैसा व्यवहार करते हैं, क्या वे नेता प्रतिपक्ष जैसे दिखाई देते हैं? मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है। हम मिलते हैं, बातचीत करते हैं। लेकिन नेता प्रतिपक्ष को अपने पद की गरिमा बनाए रखते हुए काम करना चाहिए और उसी हिसाब से सदन में बोलना चाहिए। राहुल ने एक खास तरह की शैली अपनाई है और उनके सांसद भी उसी तरह व्यवहार करने लगे हैं।
2. संसद में शाह के बयान पर बोले- कांग्रेस चर्चा से भागी
अमित शाह के बयान की विपक्ष की मांग पर रिजिजू ने कहा- जब सरकार संसद में हर सवाल का जवाब देने और परिस्थितियों की पूरी जानकारी देने के लिए तैयार थी, तब कांग्रेस सच्चाई का सामना करने की स्थिति में नहीं थी। कांग्रेस डर गई है, इसलिए चर्चा से भागने का बहाना बनाया।
रिजिजू ने कहा- कांग्रेस को लगता है कि उनका काम सिर्फ हंगामा करना, चिल्लाना और गाली देना है। अगर किसी सांसद को सिर्फ हंगामा करना है तो सांसद बनने की जरूरत क्या है? वे सड़क पर प्रदर्शन कर सकते हैं।
3. जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले- किसी की जान नहीं गई, पुलिस की तारीफ होनी चाहिए
रिजिजू ने कहा- दिल्ली प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान एक भी लाठी नहीं चलाई। पुलिस ने तब कार्रवाई की, जब प्रदर्शनकारी जबरदस्ती संसद की ओर बढ़ने लगे। किसी की हड्डी नहीं टूटी। कोई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। किसी की मौत नहीं हुई। पुलिस की तारीफ होनी चाहिए।
दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस एक्शन की 3 तस्वीरें…
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की लाठीचार्ज में 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारी जख्मी हुए थे।
लाठीचार्ज के दौरान एक प्रदर्शनकारी के सिर में चोटे आईं थीं।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों से अस्पताल में मिले थे।
4. दीपके पर बोले- AAP कार्यकर्ता हैं, छात्र कैसे बन गए
रिजिजू ने जेन-जी आंदोलन का नेतृत्व करने वाले CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का जिक्र करते हुए कहा- दीपके महाराष्ट्र से हैं, लेकिन वे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। वे छात्र कैसे बन गए।
5. जेन-जी से BJP के जुड़ाव पर बोले- उनसे बात करनी होगी
रिजिजू ने कहा- जेन-जी बच्चों से कनेक्शन में कोई कमी नहीं है। वे हमारे अपने बच्चे हैं। हमें उनकी बात सुननी होगी और उन्हें अपनी बात भी समझानी होगी। अगर उन्हें लगातार सिर्फ मांगें करने के लिए उकसाया जाता रहेगा तो दूरी कम करने में समय लगेगा।
6. पीएम के दिमागी नक्सल वाले बयान पर बोले- कांग्रेस नक्सली पार्टी बनती जा रही
15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी दिमागी नक्सल’ बयान पर कांग्रेस के विरोध को लेकर रिजिजू ने कहा- एक तरह से कांग्रेस पार्टी माओवादी और नक्सली संगठन जैसी बनती जा रही है। उन्होंने आगे कहा-
सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली नेशनल एडवाइजरी काउंसिल में पहले ऐसी विचारधारा रखने वाले लोगों का प्रभाव था। अब पूरी कांग्रेस पार्टी माओवादी पार्टी की तरफ बढ़ती दिख रही है। इससे पहले कांग्रेस मुस्लिम लीग जैसी पार्टी बन चुकी थी।
जंगल में हथियार उठाने वाले नक्सलियों को काफी हद तक खत्म किया जा चुका है, लेकिन उनकी विचारधारा शहरी इलाकों में अभी भी मौजूद है। उससे भी निपटना जरूरी है। कांग्रेस ने इसे अपने ऊपर क्यों लिया, यह समझ से परे है।
7. राहुल के PM मोदी पर तंज को लेकर बोले- खुद हंसी का पात्र बने
पीएम मोदी की विदेशी नेताओं से मुलाकातों पर राहुल की टिप्पणी पर रिजिजू ने कहा- राहुल ने प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने की कोशिश की, लेकिन अंत में खुद ही हंसी का पात्र बन गए। उन्होंने अपनी छवि को बहुत नुकसान पहुंचाया है और इससे बाहर निकलना उनके लिए मुश्किल होगा।
राहुल गांधी ने 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी की विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों पर तंज कसा था।
8. राम मंदिर चंदे के मामले पर बोले- चर्चा के लिए तैयार थे
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर रिजिजू ने कहा- हम संसद में इस मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थे। विपक्ष छात्र आंदोलन और दूसरे मुद्दों पर भी चर्चा चाहता था। सभी मुद्दों पर एक साथ चर्चा नहीं हो सकती।
9. FCRA बिल पर बोले- JPC में जाने से सच सामने आएगा
FCRA संशोधन बिल को संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC में भेजे जाने पर रिजिजू ने कहा- यह बहुत अच्छा फैसला है। उन्होंने विपक्ष के आरोप को खारिज किया कि FCRA कानून ईसाई मिशनरियों को निशाना बनाता है। रिजिजू ने कहा कि कानून में किसी खास धर्म या समुदाय को निशाना बनाने वाला कोई प्रावधान नहीं है।
10. डीलिमिटेशन बिल पर बोले- फैसला नेतृत्व करेगा
परिसीमन बिल को लेकर रिजिजू ने कहा- हमने कब कहा कि हम बिल ला रहे हैं? मीडिया में इसकी अटकलें चल रही हैं। बिल कब लाना है, इसका फैसला हमारा नेतृत्व पूरी चर्चा के बाद करेगा।
49 दिन चला CJP का प्रदर्शन, 20 जुलाई की पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर प्रदर्शन 20 जून से शुरू हुआ था। 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया, जबकि CJP ने पुलिस पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप लगाया। पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की रिपोर्ट सामने आई।
राहुल घायल को साथ लाए, पैलेट गन चलाने के आरोप लगाए
राहुल गांधी ने 24 जुलाई को घायल छात्र साहिल लोचब को अपने साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में लाकर पुलिस पर पैलेट गन चलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि साहिल की आंख में गंभीर चोट लगी है और उसकी रोशनी जाने का खतरा है।
25 जुलाई को राहुल ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पूछा कि छात्रों के खिलाफ पैलेट गन समेत घातक बल के इस्तेमाल की मंजूरी किसने दी थी।
राहुल ने पैलेट गन से घायल छात्र के हाथ और पीठ में लगी चोट दिखाई थी।
संसद में विपक्ष ने शाह को जिम्मेदार ठहराया
20 जुलाई से 13 अगस्त तक संसद का मानसून सत्र चला। इस दौरान कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों ने संसद में जंतर-मंतर की पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। विपक्ष ने कार्रवाई के लिए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
कांग्रेस ने मानसून सत्र के दौरान सदन में लगातार शाह की गैरमौजूदगी पर सवाल उठाए थे।
शाह बोले- जवाब दूंगा, राहुल बोले- लेक्चर नहीं चाहिए
12 अगस्त को अमित शाह ने कहा कि वे 13 अगस्त को विपक्ष के सभी मुद्दों पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। उनके प्रस्ताव पर राहुल ने कहा कि विपक्ष को लेक्चर नहीं, बल्कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई पर जवाब चाहिए। पूरी खबर पढ़ें…
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संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, आखिरी दिन लोकसभा 1 मिनट, राज्यसभा 1 घंटे चली
संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे चली। विपक्षी सांसद संसद के बाहर बंदर का खिलोना लेकर पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूरी खबर पढ़ें…
महंगे बिजली बिल के बचने के लिए लोग अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं। सरकार की तरफ से पीएम सूर्य घर योजना की तहत मिल रही सब्सिडी की वजह से सोलर सिस्टम लगवाने का खर्च भी कम हो रहा है। आम तौर पर लोग अपने घर की छत पर 1 किलोवाट से लेकर 5 किलोवाट तक के सोलर पैनल लगवा रहे हैं। अगर, आप अपने घर की छत पर 2 kW का सोलर पैनल लगवा रहे हैं तो कितना खर्च आएगा और कितना लोड इस पर चल सकता है? साथ ही, आपको इस पर कितनी सब्सिडी मिलती है? आइए जानते हैं…
सोलर पैनल लगाने वाली कंपनियों की वेबसाइट्स के मुताबिक, 1 किलोवाट का सोलर पैनल दिन भर में 4 से 5 यूनिट्स तक बिजली जेनरेट कर सकता है। हालांकि, यह मौसम पर भी निर्भर करता है।
2 kW के पैनल से कितनी मिलेगी बिजली?
इस तरह से कैल्कुलेट किया जाए तो 2 किलोवाट का सोलर पैनल दिन भर में 8 से 10 यूनिट्स बिजली जेनरेट कर सकता है। इस तरह से पूरे महीने में यह 240 से 300 यूनिट्स तक बिजली जेनरेट कर सकता है।
2 किलोवाट का हाइब्रिड या ऑफग्रिड सोलर सिस्टम लगाने का खर्च 2 लाख रुपये से लेकर 2.5 लाख रुपये के बीच हो सकता है। इसमें जो भी खर्च का अंतर आता है वो बैटरी का आता है। वहीं, ऑनग्रिड सिस्टम लगाने का खर्च 1 लाख रुपये से लेकर 1.3 लाख रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि, सरकार इसमें पीएम सूर्य घर योजना के तहत 50 हजार रुपये तक का सब्सिडी ऑफर करती है। ऐसे में यह खर्च 80 हजार रुपये से 1 लाख के बीच आता है।
कितना चलेगा लोड?
2kW का सोलर सिस्टम लगाने पर एक 1BHK से 2BHK घर में चलने वाले सारे लोड चल सकते हैं। इसमें वाटर पंप, फ्रिज, इंडक्शन चूल्हा, गीजर आदि का लोड आप चला सकते हैं। हालांकि, इस पर एसी चलाने में दिक्कत आ सकती है। आप 1 टन का एसी इस पर चला सकेंगे। हालांकि, यह सब सोलर पैनल के पावर जेनरेशन पर निर्भर करता है।
खास तौर पर गर्मियों के दिन में सोलर पैनल ज्यादा बिजली जेनरेट करता है। बारिश और सर्दियों के मौसम में इसकी पावर जेनरेशन कम हो जाती है। वहीं, अगर सोलर पैनल की मेन्टेनेंस सही नहीं रहती है तो भी पावर जेनरेशन प्रभावित होती है। आपको पैनल को समय-समय पर साफ करते रहना चाहिए ताकि धूल-मिट्टी से पैनल पर पड़ने वाले धूप को न रोक पाए।