Friday, October 2, 2026
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गुजरात बीजेपी राज्यसभा सांसद को हाईकोर्ट का समन: राजेश शुक्ल पर नामांकन-पत्र में आपराधिक मुकदमा छिपाने का आरोप




गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बीजेपी के राज्यसभा सांसद राजेश शुक्ल को समन जारी किया है। दरअसल, कांग्रेस नेता तुषार चौधरी ने आपराधिक मामलों की जानकारी छिपाने के आरोप में शुक्ला के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत में याचिकाकर्ता की ओर से एआईसीसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सीनियर एडवोकेट शक्तिसिंह गोहिल और उनके सहयोगी चिंतनभाई चंपानेरी ने इस मामले की जोरदार पैरवी की। गोहिल के मुताबिक, राजेशभाई ने अपने नामांकन के दौरान हलफनामे में आधिकारिक रूप से यह दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है। जबकि वास्तविकता में उन पर धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी आईपीसी की धारा 406, 420, 465, 467, 468 और 471 के तहत मामले दर्ज थे। हालांकि, राजू शुक्ल ने दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बताया कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है।
याचिकाकर्ता के वकील गोहिल ने कोर्ट में कहा- इन आपराधिक मामलों में शुक्ल को निचली अदालत द्वारा तलब भी किया जा चुका था। सांसद ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका लगाई थी, लेकिन वहां से उन्हें कोई रिलीफ या स्टे नहीं मिला था। इन सब तथ्यों को जानते हुए भी उन्होंने चुनाव आयोग से यह जानकारी पूरी तरह छिपाई, जिसके आधार पर अब उनका निर्वाचन रद्द कर देना चाहिए। गोहिल ने एक वीडियो बयान जारी कर गुजरात हाईकोर्ट का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और हर प्रत्याशी के लिए अपने खिलाफ लंबित मुकदमों की जानकारी देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
गोहिल ने मध्य प्रदेश के हालिया चुनावों का संदर्भ देते हुए बताया कि वहां तकनीकी आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तुरंत रद्द कर दिया गया था। इसी समानता और तकनीकी पहलुओं की गहराई से जांच करने के बाद कांग्रेस की ओर से इलेक्शन पिटीशन (3/2026) हाईकोर्ट में दाखिल की गई। अदालत ने बुधवार को इस मामले पर विस्तार से सुनवाई की थी और आज सांसद को विधिवत समन (नोटिस) जारी कर दिया है। शक्तिसिंह गोहिल ने कहा कि चूंकि यह मामला अभी अदालत के विचाराधीन है, इसलिए वह इस विषय पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन कोर्ट के इस कदम से न्याय की उम्मीद जगी है।
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ये खबर भी पढ़ें… एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज:कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। पूरी खबर पढ़ें…



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अपहरण-दुष्कर्म मामले में आरोपी को 10 साल की सजा: बिजनौर में महिला समेत दो आरोपियों को 7-7 साल कैद, कोर्ट ने लगाया जुर्माना – Bijnor News




बिजनौर की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाया है। न्यायाधीश कमलदीप ने मुख्य आरोपी अरुण कुमार को दुष्कर्म के मामले में 10 साल की कैद और 61 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, अपहरण में सहयोग करने के दोषी जगमोहन और उसकी मां रोशन देवी को सात-सात साल की कैद और 10-10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया। एडीजीसी मुकुल कुमार और आनंद जंघाला के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर महिला ने अरुण कुमार, जगमोहन और रोशन देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जगमोहन और रोशन देवी महिला के पिता के पड़ोसी हैं, जबकि अरुण कुमार जगमोहन का मौसेरा भाई है। महिला की शादी 14 जुलाई 2016 को हुई थी। आरोप के अनुसार, अरुण कुमार ने महिला के मोबाइल से उसकी फोटो खींच ली थीं और जगमोहन के फोन से उससे बातचीत करता था। आरोप है कि उसने महिला का रिश्ता तुड़वा दिया। इसके बाद 4 सितंबर 2016 को अरुण ने धमकी दी कि बैंक नहीं आने पर फोटो और रिकॉर्डिंग उसके पति को भेजकर तलाक करवा देगा। महिला के अनुसार, डर के कारण वह 5 सितंबर को बताए गए बैंक पहुंची। वहां अरुण कुमार, जगमोहन और रोशन देवी कार में मिले। आरोप है कि तीनों उसे कार में बैठाकर मुरादाबाद में अरुण की बहन गुड्डी के घर ले गए। वहां अरुण ने महिला पर पति को तलाक देकर उससे शादी करने का दबाव बनाया। मना करने पर जान से मारने की धमकी देने और जबरन कई बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया। 7 सितंबर को अरुण के जीजा की तबीयत अचानक खराब होने पर आरोपी अस्पताल गए। इसी दौरान महिला मौका पाकर वहां से निकल गई और अपने पति को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने विवेचना के बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने अरुण कुमार को दुष्कर्म में 10 वर्ष की कैद और 61 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, अपहरण में दोषी पाए गए अरुण कुमार, जगमोहन और रोशन देवी को सात-सात वर्ष की कैद की सजा दी गई।



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आरक्षण में सुधार को लेकर 25अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन: भिंड से एक हजार से अधिक लोग पहुंचेंगे, सवर्ण समाज के सदस्यों की बैठक – Bhind News




भिंड में आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर 25 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर गुरुवार को शहर के जगदीश मैरिज गार्डन में बैठक हुई। इसमें हर्ष दुबे ने सवर्ण समाज के लोगों से चर्चा कर ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की। हर्ष दुबे ने बताया कि इससे पहले 21 अगस्त 2026 को भी जंतर-मंतर पर आरक्षण में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया था। उनके अनुसार, शाम को पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर प्रदर्शन स्थल खाली करा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदर्शनकारियों को खाने-पीने की सामग्री तक पहुंचने में परेशानी हुई। कुछ लोगों को 10 से 15 किलोमीटर दूर ले जाकर छोड़ा गया। 25 अक्टूबर को फिर जंतर-मंतर पर जुटने की तैयारी हर्ष दुबे ने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार और आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग को लेकर 25 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर फिर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी जाएगी। परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने बताया कि आंदोलन में भिंड से एक हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है। बैठक में समाज के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।



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किशनगंज- ‘5 PDS डीलरों को सितंबर का अनाज नहीं मिला’: गेहूं-चावल की आपूर्ति में देरी से उपभोक्ताओं की बढ़ी परेशानी, समय-सीमा बढ़ाने की मांग – Kishanganj (Bihar) News




किशनगंज के ठाकुरगंज क्षेत्र में करीब 15 जनवितरण प्रणाली (PDS) विक्रेताओं को सितंबर 2026 का खाद्यान्न अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। गेहूं और चावल की आपूर्ति नहीं होने से डीलरों के सामने उपभोक्ताओं को अनाज देने की चुनौती खड़ी हो गई है। उपभोक्ताओं के आक्रोश का सामना कर रहे डीलरों ने डीएम के नाम आवेदन देकर सितंबर माह का लंबित खाद्यान्न जल्द उपलब्ध कराने और वितरण की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है। 2 अक्टूबर तक वितरण, लेकिन 1 अक्टूबर तक नहीं मिला अनाज डीलरों के अनुसार सितंबर माह के खाद्यान्न वितरण की अंतिम तिथि 2 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। इसके बावजूद 1 अक्टूबर तक कई PDS विक्रेताओं को सितंबर का खाद्यान्न नहीं मिला है। ऐसे में निर्धारित समय-सीमा के भीतर उपभोक्ताओं के बीच खाद्यान्न का वितरण करना मुश्किल हो गया है। गेहूं स्टॉक में नहीं, सिर्फ चावल मिलने की बात डीलरों का कहना है कि संबंधित स्तर से फिलहाल चावल उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है, जबकि सितंबर माह का गेहूं स्टॉक में उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी जा रही है। डीलरों ने पहले सितंबर का लंबित गेहूं और चावल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वितरण पूरा किया जा सके। 25 अगस्त को मिला था सितंबर का आवंटन PDS विक्रेताओं ने बताया कि सितंबर माह का खाद्यान्न उन्हें 25 अगस्त 2026 को ही उपलब्ध कराया गया था। उस समय गेहूं और चावल दोनों मिले थे। वहीं, अक्टूबर माह का खाद्यान्न भी करीब 10 विक्रेताओं को उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है। डीलरों का कहना है कि पहले सितंबर माह का लंबित खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाना चाहिए। डीडीसी से मिले डीलर, जल्द समाधान की मांग मामले को लेकर जदयू नेता अहमद हुसैन के नेतृत्व में संबंधित PDS विक्रेताओं ने डीडीसी प्रदीप कुमार झा से मुलाकात की। डीलरों ने सितंबर माह के लंबित गेहूं-चावल के आवंटन और समय पर आपूर्ति नहीं होने की समस्या से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने जल्द खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मांग की। देरी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर डीलरों रफीक आलम, मुजम्मिल हक, हरीश अंजुम, राजू कुमार राय, नाजिम अनवर, राजीव कुमार सिंह, इमरान अहमद और उस्मान गनी समेत अन्य ने बताया कि खाद्यान्न की आपूर्ति में देरी का सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से सितंबर माह का गेहूं और चावल अविलंब उपलब्ध कराने के साथ वितरण की अवधि पर्याप्त समय के लिए बढ़ाने की मांग की है।



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खेत खाली होने वाला है तो करें इन 3 फसलों की खेती! 30 से 90 दिन में तैयार, सर्दियों की मांग से बढ़ेगी कमाई

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खेत खाली होने वाला है तो करें इन 3 फसलों की खेती! 30 से 90 दिन में तैयार

 

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बरसात के मौसम खत्म होने को है और विंध्य-बघेलखंड के गांवों में खेतों की मेड़, खाली जमीन, नमी वाली जगहों और रास्तों के किनारे अपने आप उगने वाली रानभाजियां अब लोगों की रसोई में पहुंचने लगी हैं. इन्हीं पारंपरिक भाजियों में कनकौआ भी शामिल है. गांवों में इसे आज भी बड़े चाव से खाया जाता है. खास बात यह है कि इसे उगाने के लिए न तो खेत तैयार करना पड़ता है और न ही अलग से बीज बोने की जरूरत होती है. बारिश के दिनों में यह प्राकृतिक रूप से बहुतायत में दिखाई देती है.

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Bank Holiday : एसबीआई सहित सभी सरकारी बैंकों में शनिवार को भी छुट्टी! क्या पूरी हो गई 8 दिन अवकाश की डिमांड


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Bank Holiday : एसबीआई सहित सभी सरकारी बैंकों में शनिवार को भी छुट्टी! क्या पूरी हो गई 8 दिन अवकाश की डिमांड

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‘कैप्टन स्मित मच्छार हीरो हैं’, PM मोदी ने की भारतीय पायलट की बहादुरी की तारीफ, बोले- भारत को गर्व है

नई दिल्ली. बैंक कर्मचारियों के संगठनों ने पिछले दिनों 5 डे वर्किंग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था. लेकिन, हड़ताल शुरू होने से ठीक एक रात पहले ही इसे स्थगित कर दिया गया. इसके बाद से ही यह कयास लगाए जाने शुरू हो गए थे कि अब सरकारी बैंकों में शनिवार को भी अवकाश रहेगा. इसी बीच, सोशल मीडिया पर भारत सरकार के होलोग्राम वाला एक गैजेट पेपर भी वायरल होता दिख रहा है, जिसमें शनिवार को सरकारी बैंकों में अवकाश का दावा किया जा रहा है. जनता में फैल रहे भ्रम को दूर करने के लिए सरकार की एजेंसी पीआईबी ने अपने फैक्ट चेक कॉलम में इसकी सच्चाई उजागर कर दी है. फैक्ट चेक में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा यह दावा पूरी तरह फेक है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है.

यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर…

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दिल्ली में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शुरू: सीएम ने किया उदघाटन, प्रदूषण पर रियल टाइम नजर, 707 साइट कैमरों से निगरानी – New Delhi News




दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर अब रियल टाइम नजर रखी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उद्घाटन किया। सेंटर से प्रदूषण के स्रोतों के साथ मैकेनिकल रोड स्वीपर्स और शहरभर में चल रही प्रवर्तन गतिविधियों की निगरानी होगी। फिलहाल 707 साइट निगरानी में हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि 500 वर्गमीटर से बड़े निर्माण स्थलों की निगरानी इस सिस्टम से की जाएगी। खुले में कचरा जलाने की घटनाओं का पता लगाने के लिए कैमरों का इस्तेमाल होगा। सेंटर सभी एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों से डेटा लेगा और उसके विश्लेषण के आधार पर पानी के छिड़काव व सड़कों की सफाई जैसे उपाय तय किए जाएंगे। प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों का निरीक्षण करने वाले अधिकारियों को बॉडी कैमरे भी दिए जाएंगे। इससे निरीक्षण की प्रक्रिया और मौके पर उनकी मौजूदगी की निगरानी हो सकेगी। सेंटर तीन शिफ्ट में 24 घंटे काम करेगा। इसमें एआई कैमरों और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ पर एएनपीआर से नजर दिल्ली में 1 अक्टूबर से वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को ईंधन नहीं देने की व्यवस्था लागू की गई है। करीब 500 पेट्रोल पंपों पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरों से वाहनों की पहचान की जा रही है। पीयूसी नियम के उल्लंघन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत 10 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम के जरिए ट्रैफिक के अनुसार सिग्नल टाइमिंग में बदलाव करने की भी योजना है, ताकि जाम और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम किया जा सके। 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-बीएस-6 पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर भी रोक का प्रावधान है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है। सितंबर का औसत AQI पांच साल में सबसे कम दिल्ली में सितंबर 2026 का औसत AQI 102 रहा, जो 2022 से 2026 के बीच सितंबर का सबसे कम औसत है। सितंबर 2025 और 2024 में यह 105, 2023 में 108 और 2022 में 104 था। जनवरी से सितंबर 2026 के दौरान दिल्ली में 194 दिन AQI 200 से कम रहा, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है। इसी अवधि में खराब से गंभीर से अधिक श्रेणी वाले दिनों की संख्या 79 रही, जो पांच वर्षों में सबसे कम है। 28 सितंबर तक औसत पीएम2.5 स्तर 69 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा, जो 2025 के बराबर और 2022 के बाद सबसे कम स्तर में शामिल है। सरकार ने सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए निर्माण गतिविधियों पर चरणबद्ध रोक, पार्किंग शुल्क बढ़ाने और कार्यालयों के समय में बदलाव जैसे उपाय भी घोषित किए हैं।



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डॉक्टरों पर हमलों से सुप्रीम कोर्ट नाराज: कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं, चुने हुए नेताओं की जिम्मेदारी ज्यादा; शिवसेना के पार्षद की जमानत रद्द


नई दिल्ली3 घंटे पहले

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तस्वीर कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल की है।

सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टरों और सरकारी कर्मचारियों पर बढ़ते हमलों को लेकर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि कानून का सम्मान करने की जिम्मेदारी सबसे ज्यादा जनता के चुने हुए नेता की होती है। उनके पद की ताकत कभी भी कानून से ऊपर नहीं हो सकती।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह टिप्पणी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे और तीन अन्य की जमानत रद्द करते हुए की।

इन तीनों पर ठाणे के एक म्युनिसिपल हॉस्पिटल के डॉक्टरों से मारपीट और गाली-गलौज का आरोप है।

28 सितंबर के आदेश में कोर्ट ने सभी आरोपियों को 5 अक्टूबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है।

पहले देखें जुलाई में हुई घटना की 4 तस्वीरें…

पार्षद रमेश ने पहले हॉस्पिटल में मौजूद स्टाफ से बहस की, फिर गला पकड़कर मारने लगे।

पार्षद रमेश ने पहले हॉस्पिटल में मौजूद स्टाफ से बहस की, फिर गला पकड़कर मारने लगे।

पार्षद के साथ आए तीन लोगों ने स्टाफ को थप्पड़ और घूसे मारे।

पार्षद के साथ आए तीन लोगों ने स्टाफ को थप्पड़ और घूसे मारे।

पार्षद थप्पड़ और घूसे मारते रहे, बाकी लोग उन्हें रोक रहे थे।

पार्षद थप्पड़ और घूसे मारते रहे, बाकी लोग उन्हें रोक रहे थे।

महिला डॉक्टर किसी को फोन करने लगी तो पार्षद ने फोन छीन लिया।

महिला डॉक्टर किसी को फोन करने लगी तो पार्षद ने फोन छीन लिया।

कोर्ट बोला- ऐसे मामलों से समाज की शांति भंग होती है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि पर कानून का सम्मान करने और संस्थाओं में लोगों का भरोसा मजबूत करने की ज्यादा जिम्मेदारी होती है। निर्वाचित पदों पर बैठे लोगों में आम जनता और सरकारी कर्मचारियों से निपटने में बल, धमकी या गैरकानूनी तरीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। देश के कई हिस्सों से ऐसे मामले सामने आए हैं।

बेंच ने कहा कि मौजूदा घटना को अकेली घटना मानकर नहीं देखा जा सकता। ऐसे मामलों से समाज की शांति और स्थिरता पर बुरा असर पड़ता है। कोर्ट ने बताया कि म्हात्रे के केस के बाद महाराष्ट्र के पालघर में भी शिवसेना नेताओं से जुड़ी ऐसी ही घटना सामने आई थी।

सुप्रीम कोर्ट की 6 टिप्पणियां…

  • ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों को डराने या उन पर हमला करने की कोई कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती। खासकर तब, जब आरोपी, जनता का चुना हुआ कोई नेता हो।
  • सार्वजनिक पद की वैधता आदेश देने की ताकत से नहीं, बल्कि कानून की सीमा में रहने और देश की सेवा करने की जिम्मेदारी से तय होती है।
  • संवैधानिक लोकतंत्र में यह अंतर हमेशा कायम रहना चाहिए। लोकतंत्र चुनाव के जरिए ताकत देता है, लेकिन उसका इस्तेमाल कानून के अनुशासन के तहत ही होना चाहिए।
  • जनता के स्वास्थ्य के हित में अपनी ड्यूटी निभा रहे मेडिकल प्रोफेशनल्स को डराना या उन पर हमला करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। चाहे वह कोई नेता हो, या न हो।”
  • निर्वाचित प्रतिनिधि का काम जनता की सेवा करना और शिकायतों व न्याय से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत करना है। वह पुलिस, प्रशासन या अदालत की भूमिका खुद नहीं निभा सकता।
  • डर या धमकी के जरिए अपनी निजी पहुंच से किसी से काम कराने की कोशिश का असर केवल पीड़ित तक सीमित नहीं रहता। इससे कानून के शासन में लोगों का भरोसा कमजोर हो सकता है।

डॉक्टरों पर हमले चिंताजनक और गंभीर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह चिंता तब और गंभीर हो जाती है, जब ऐसे व्यवहार का सामना मेडिकल प्रोफेशनल्स को करना पड़ता है। ये डॉक्टर लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की देखभाल की जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे काम में संयम और तत्काल सही निर्णय जरूरी होता है।

बेंच ने कहा कि अस्पताल में डर-असुरक्षा का माहौल केवल संबंधित डॉक्टर को प्रभावित नहीं करता। इससे मरीजों के इलाज की व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। जो लोग दूसरों के स्वास्थ्य की रक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, उन्हें खुद डर, धमकी या आशंका के माहौल में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

कोर्ट ने कहा कि ऐसी हिंसा सार्वजनिक पद से जुड़ी उस जिम्मेदारी को भी कमजोर करती है, जिसके तहत कानून के शासन को मजबूत करना होता है।

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ये खबर भी पढ़ें…

हमारे लिए बस कंडक्टर-प्रिंसिपल सेक्रेटरी दोनों बराबर: सुप्रीम कोर्ट बोला- आप जज हैं, इसलिए प्राथमकिता नहीं दे सकते

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद के पूर्व जिला जज की जल्द सुनवाई की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि पद के आधार पर किसी को प्राथमिकता नहीं मिल सकती। संविधान हर व्यक्ति को समान रूप से न्याय तक पहुंच का अधिकार देता है।

याचिका पूर्व जज राकेश कुमार नैन ने लगाई थी। जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग रिट याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। जस्टिस नैन को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…



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विमान हाईजैक होता तो मार गिराता इजराइल: 9/11 जैसा हमला रोकने के लिए फाइटर जेट्स भेजे, हमलावर से बातचीत की तैयारी भी थी




इजराइल ने दुबई से उड़ान भरने वाले उस विमान को मार गिराने की तैयारी कर ली थी, जिसके हाईजैक का अलर्ट भेजा गया था। बुधवार को अलर्ट मिलते ही फाइटर जेट्स रवाना कर दिए गए थे। विमान में 174 यात्री सवार थे। टाइम्स ऑफ इजराइल की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार को आशंका थी कि विमान का कंट्रोल वापस नहीं मिला, तो वह इजराइल में 9/11 जैसा हमला कर सकता है। खतरा टालने के लिए विमान को हवा में ही मार गिराना पड़ सकता था। भारत में इजराइल के राजदूत रियूवेन अजार ने बताया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कार्रवाई पर फैसला लेना था। हालांकि, भारतीय पायलट और यात्रियों ने हिम्मत दिखाकर हमलावर को-पायलट पर काबू पाया और विमान को सऊदी में सुरक्षित उतार लिया गया। हाईजैकर्स से बातचीत के लिए भी तैयार था इजराइल इजराइल ने इसके लिए भी तैयारी की थी कि हाईजैकर्स विमान में सवार यात्रियों को बंधक बनाकर अपनी मांगें रख सकते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इजराइल की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी यूनिट यामाम को अलर्ट किया गया था। योजना थी कि अगर हाईजैकर्स यात्रियों को छोड़ने के बदले कोई मांग रखते हैं, तो उनसे बातचीत और बंधकों को सुरक्षित निकालने की कार्रवाई के लिए यह विशेष यूनिट मोर्चा संभालेगी। विमान दूसरे देश में गिरता तो कमांडो भेजता इजराइल इजराइल ने ऐसी स्थिति के लिए भी तैयारी की थी, जिसमें हाईजैक हुआ विमान उसके बजाय जॉर्डन या सऊदी अरब में क्रैश हो जाता। ऐसे मौके पर विमान में फंसे यात्रियों और क्रू को बचाने के लिए इजराइली एयरफोर्स की विशेष कमांडो यूनिट शालदाग को भेजने की योजना बनाई गई थी। इसी यूनिट ने अप्रैल में ईरान में अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के क्रैश होने के बाद दो अमेरिकी एयरक्रू सदस्यों को बचाने के अभियान में हिस्सा लिया था। अगर विमान की हाईजैकिंग का शक तो 4 नियम 1. पहले विमान को सुरक्षित उतारने की कोशिश अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के मुताबिक अगर किसी विमान के हाईजैक होने का शक हो, तो सुरक्षा एजेंसियां पहले उससे संपर्क करने और उसे सुरक्षित उतारने की कोशिश करती हैं। जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमान भेजे जा सकते हैं। 2. हालात का अंदाजा लगाकर फैसला सिर्फ हाईजैक होने के शक के कारण विमान को गिराने की अनुमति नहीं मिल जाती। हर मामले में खतरे की गंभीरता और हालात को देखना पड़ता है। 3. यात्रियों और क्रू की सुरक्षा जरूरी ICAO के मुताबिक, उड़ान के दौरान नागरिक विमान के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। विमान को रोकने की कार्रवाई में यात्रियों और क्रू की जान का ध्यान रखना जरूरी है। 4. हमले की स्थिति में सभी विकल्प खुले अगर विमान को किसी इमारत या भीड़ पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किए जाने का खतरा हो, तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। सुरक्षा एजेंसियां उसे रोकने के विकल्पों पर विचार करती हैं। हालांकि, विमान को गिराने का फैसला अपने आप सही या कानूनी नहीं हो जाता। यह हालात और कानूनों पर निर्भर करता है। आरोपी ने चाकू से भारतीय पायलट पर हमला किया हाईजैक की कोशिश के आरोपी ओमानी को-पायलट ने कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर चाकू से हमला किया था। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए और विमान तेजी से नीचे गिरने लगा। इसके बावजूद कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्री और क्रू अंदर पहुंच सके। उन्होंने मिलकर आरोपी को काबू किया। इसके बाद विमान में मौजूद दूसरे पायलटों ने फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक शहर में सुरक्षित उतारा। एक मिनट में 16 हजार फीट नीचे आया विमान फ्लाइटरडार24 के मुताबिक, घटना के करीब ढाई घंटे बाद विमान एक मिनट में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर आ गया। विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। न्यूजीलैंड के फ्लाइट स्कूल के प्रमुख फिलिप कीन ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग को चमत्कार बताया। इसी स्कूल में कैप्टन स्मित मच्छर ने ट्रेनिंग ली थी। कीन ने कहा कि विमान इतनी तेजी से नीचे आने के बावजूद टूटने से बच गया। नेतन्याहू बोले- हमलावर का ब्रेनवॉश हुआ था नेतन्याहू ने दावा किया कि हमलावर को कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित किया गया था। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि आरोपी का ब्रेनवॉश हुआ था। फिलहाल इस मामले की जांच सऊदी अरब में चल रही है। इजराइल की खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भी जांच में मदद कर रही हैं। इजराइल ने आरोपी को पूछताछ के लिए अपने देश भेजने की मांग की है, लेकिन सऊदी अरब इस पर क्या फैसला लेगा, यह अभी साफ नहीं है। UAE ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। उसका कहना है कि विमान UAE में रजिस्टर्ड है, इसलिए उस पर UAE का कानून लागू होता है। घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की हालत में सुधार घायल भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की हालत में सुधार हो रहा है। UAE में भारतीय दूतावास के मुताबिक, वे अच्छी हालत में हैं और तेजी से ठीक हो रहे हैं। मच्छर को पहले सऊदी अरब के तबुक शहर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें इलाज के लिए UAE लाया गया। गुरुवार को UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल जाकर कैप्टन और उनके परिवार से मुलाकात की। 9/11 हमले में करीब 3000 लोग मारे गए थे 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी। आतंकवादी संगठन अल-कायदा के 19 आतंकियों ने चार यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था। इनमें से दो विमानों को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के टावरों से और एक को अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय पेंटागन से टकरा दिया गया। चौथा विमान यात्रियों के विरोध के बाद एक खेत में गिर गया। ———————- ये खबर भी पढ़ें… इजराइली यात्री ने TV शो देखकर प्लेन उड़ाना सीखा:हमलावर पायलट को पकड़कर हाइजैकिंग रोकी; खून सने कपड़ों में नेतन्याहू से मिलने पहुंचा दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार सुबह कॉकपिट के अंदर पायलटों के बीच झगड़ा हो गया। ओमानी पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छर पर चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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Samsung Galaxy F08, Galaxy M08 भारत में हुए पेश, मिलेगी 6000mAh की बैटरी


Samsung ने अपने दो बजट फ्रेंडली फोन भारत में पेश कर दिए हैं। दक्षिण कोरियाई कंपनी के ये फोन Galaxy F08 और Galay M08 के नाम से भारत में उतारे गए हैं। पिछले कुछ समय से इन फोन को लेकर जानकारियां सामने आ रही थी। ये दोनों फोन 6000mAh की बैटरी के साथ आते हैं। कंपनी ने फोन के फीचर्स, कलर ऑप्शन आदि के बारे में जानकारी आधिकारिक तौर पर शेयर कर दी है।

कितनी है कीमत?

सैमसंग ने फिलहाल इन दोनों फोन की कीमत रिवील नहीं की है। इन्हें Samsung India की आधिकारिक वेबसाइट पर फिलहाल लिस्ट किया गया है। जल्द ही, इन दोनों फोन की कीमत आधिकारिक तौर पर जारी कर दी जाएगी। इन दोनों फोन को कंपनी ने एक ही स्टोरेज वेरिएंट- 4GB RAM + 64GB में पेश किया है। इन्हें कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर डार्क ब्लू और सिल्वर कलर में लिस्ट किया गया है।

Samsung Galaxy M08, Galaxy F08 के फीचर्स

सैमसंग के ये दोनों फोन 6.7 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। ये दोनों फोन IPS LCD डिस्प्ले पैनल के साथ आते हैं। इनका डिस्प्ले 90Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करते हैं। कंपनी ने इन दोनों बजट फ्रेंडली फोन को Android 17 पर बेस्ड OneUI 9 के साथ पेश किया है। साथ ही, इन दोनों फोन के साथ 6 साल तक OS अपग्रेड भी ऑफर कर रही है।

Galaxy M08 और Galaxy F08 में कंपनी ने MediaTek Gelio G99+ चिपसेट यूज किया है। ये फोन 4G कनेक्टिविटी के साथ आते हैं। इनमें 4GB रैम के साथ 64GB स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। सैमसंग के ये दोनों डिवाइस IP64 रेटेड है, जिसकी वजह से पानी में भींगने पर ये खराब नहीं होंगै।

ये दोनों फोन डुअल कैमरा सेटअप के साथ आते हैं। इनमें 50MP का मेन और 2MP का डेप्थ कैमरा मिलता है। फोन में 10x डिजिटल जूम का सपोर्ट दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इन दोनों फोन में 8MP का कैमरा मिलेगा। ये 6000mAh की बैटरी और 25W चार्जिंग फीचर से लैस हैं। कनेक्टिविटी के लिए इन दोनों फोन में 4G LTE, डुअल-बैंड Wi-Fi, Bluetooth 5.3, USB Type-C और 3.5mm ऑडियो जैक का सपोर्ट मिलता है।

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