Tuesday, September 22, 2026
Home Blog

बांसवाड़ा में चंकी शाह उपसभापति निर्वाचित, 36 वोट मिले: कांग्रेस के फखरुद्दीन को 24 मत मिले, पढ़ें पूरी प्रोफाइल – Banswara News




​बांसवाड़ा नगरपरिषद में मंगलवार को हुए उपसभापति पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार चंकी शाह ने शानदार जीत हासिल की है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने चंकी शाह को उपसभापति निर्वाचित घोषित किया। परिणाम सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया। ​36 के मुकाबले 24 मत मिले ​नगरपरिषद कार्यालय के बाहर मंगलवार को सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मी तेज थी। उपसभापति पद के लिए भाजपा की ओर से चंकी शाह मैदान में थे, जबकि कांग्रेस पार्टी की तरफ से फखरुद्दीन रतलाम वाला ने अपना नामांकन दाखिल किया था। दोपहर ढाई बजे बाद मतदान प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा प्रत्याशी चंकी शाह को कुल 37 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के फखरुद्दीन रतलाम वाला को 23 वोट ही मिल सके। चंकी शाह ने स्पष्ट बहुमत के साथ उपसभापति का पद अपने नाम कर लिया। भाजपा के सभापति से 1 वोट कम मिला उपसभापति को सोमवार को सभापति के लिए हुए मतदान में भाजपा के मुकेश रावत को 37 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के गौतम मईड़ा को 23 वोट मिले थे। चंकी शाह का ​राजनीतिक और सामाजिक अनुभव का मिला लाभ ​श्री राम कॉलोनी निवासी 39 वर्षीय चंकी शाह पुत्र स्व. नितिन शाह लंबे समय से सक्रिय राजनीति और समाज सेवा से जुड़े रहे हैं। स्थानीय निकाय चुनावों में उन्होंने वार्ड 37 से शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी। चंकी शाह का राजनीतिक एवं सामाजिक सफर ​समर्थकों ने जश्न मनाकर किया स्वागत ​चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सुबह से नगरपरिषद के बाहर डटे पाषदों और समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। जैसे ही नवनिर्वाचित उपसभापति चंकी शाह और अन्य पार्षद मतदान केंद्र से बाहर आए, समर्थकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और आतिशबाजी कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान ‘भारत माता की जय’ और भाजपा के पक्ष में जमकर नारेबाज़ी की गई।



Source link

शाहजहांपुर में NHM संविदा कर्मियों ने की नियमितीकरण की मांग: समान वेतन, कैशलेस इलाज और वेतन बढ़ाने की भी मांग – Shahjahanpur News




शाहजहांपुर में मंगलवार दोपहर एक बजे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। उन्होंने प्रशासन से NHM संविदा कर्मियों को नियमित करने की मांग की। इसके साथ ही समान कार्य के लिए समान वेतन और मौजूदा वेतन बढ़ाने की भी मांग की गई। कर्मियों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की भी मांग रखी। पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित किया जाए। पदाधिकारियों ने मांग की है कि सभी NHM संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में 10 साल या उससे ज्यादा समय से लगातार सेवा दे रहे NHM संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। जब तक समान कार्य-समान वेतन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी संविदा कर्मचारियों के मौजूदा वेतन में तुरंत बढ़ोतरी करके उन्हें सम्मानजनक वेतन दिया जाए। कम से कम 10 लाख रुपये पदाधिकारियों ने यह भी कहा कि NHM संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में सेवा दे रहे हैं। वे लगातार संक्रमित मरीजों और रोगियों के संपर्क में रहते हैं, जिससे उन्हें हमेशा बीमारी या संक्रमण होने का खतरा रहता है। इसलिए NHM संविदा कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। बढ़ती महंगाई और लंबी सेवा अवधि को देखते हुए सभी NHM संविदा कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA), EPF की सुविधा (नियोक्ता के योगदान सहित), पद के अनुसार एक तय HRA या सरकारी आवास और ग्रेच्युटी का लाभ दिया जाए। NHM संविदा कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर नीति को फिर से लागू किया जाए। इसमें खाली पदों पर, आपसी सहमति से या कर्मचारी के खुद के अनुरोध पर दूसरे जिले में ट्रांसफर की सुविधा दी जाए। यह सुविधा 2017 में लागू की गई थी। परिवार को आर्थिक संकट यदि किसी संविदा कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को आर्थिक संकट से बचाने के लिए एक नीति बनाई जाए। इस नीति के तहत परिवार के योग्य सदस्य को उसकी योग्यता के आधार पर विभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।



Source link

छाड़ी नदी से हटेगा अतिक्रमण, 42 लोगों की पहचान: SDO-CO ने किया इंस्पेक्शन, जल्द चलेगा बुलडोजर; शहर में जलजमाव से मिलेगी मुक्ति – Gopalganj News




गोपालगंज शहर के बीच से बहने वाली ऐतिहासिक छाड़ी नदी को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है। वर्षों से अवैध कब्जों का शिकार रही इस नदी को बचाने और शहर में जलजमाव की समस्या खत्म करने के लिए जल्द ही बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू होगा। इसको लेकर सदर एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह और सदर सीओ रजत वर्णवाल ने प्रशासनिक टीम के साथ छाड़ी नदी के किनारे वाले इलाकों का विस्तार से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने नदी के मुहाने, कैचमेंट एरिया और बहाव क्षेत्र का बारीकी से सर्वे किया। नदी का प्राकृतिक बहाव पर पड़ा बुरा असर जांच में नदी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाए 42 स्थायी अतिक्रमणकारियों की पहचान की गई। इन लोगों ने नदी के बहाव को रोककर पक्के मकान, दुकानें और दूसरे ढांचे बना लिए हैं। छाड़ी नदी लंबे समय से शहर की जल निकासी का मुख्य जरिया रही है। अतिक्रमण के कारण नदी का दायरा छोटा हो गया है, जिससे बारिश के मौसम में शहरी इलाकों में गंभीर जलजमाव हो जाता है। कचरे और अवैध निर्माणों के चलते नदी का प्राकृतिक बहाव पर बुरा असर पड़ा है। बुलडोजर चलाकर तोड़ा जाएगा निर्माण एसडीओ डॉ. प्रेरणा सिंह ने बताया कि चिन्हित सभी 42 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया, तो बुलडोजर चलाकर निर्माण तोड़ा जाएगा और इसका खर्च भी कब्जा करने वालों से वसूला जाएगा। प्रशासन के इस कदम से शहर के लोगों में नदी के फिर से ठीक होने की उम्मीद जगी है। छाड़ी नदी के अतिक्रमण मुक्त होने से न केवल शहर की जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को भी फायदा होगा।



Source link

हनुमान मंदिर की 65 साल पुरानी परंपरा रोकने का आरोप: समिति के सदस्यों ने पुजारी को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया – Raisen News




रायसेन के वार्ड नंबर-4 स्थित प्राचीन रामपुर हनुमान मंदिर में वीर हनुमान का मुखौटा उठाने से पहले होने वाली करीब 40 दिन की साधना और अभ्यास को रोकने के आरोप पर विवाद बढ़ गया है। मंगलवार को ‘जय महावीर तेरी जय रघुवीर’ समिति के सैकड़ों सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के नाम डिप्टी कलेक्टर रोहित लोधी को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के पुजारी भोले स्वरूप महाराज को हटाने की मांग की। 40 दिन तक साधना और अभ्यास की परंपरा समिति के सदस्यों का आरोप है कि मंदिर के पुजारी भोले स्वरूप महाराज करीब 65 साल पुरानी परंपरा में अड़चन डाल रहे हैं। समिति के अनुसार, वीर हनुमान का मुखौटा उठाने वाले साधक रामपुर मंदिर में करीब 40 दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। इस दौरान साधक सुबह 4 बजे उठकर व्यायाम, साधना और पूजा-अर्चना करते हैं। समिति का आरोप है कि इसी प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की जा रही है। पुजारी को मंदिर से हटाने की मांग समिति ने पुजारी भोले स्वरूप महाराज को मंदिर से हटाने की मांग की है। सदस्यों ने कहा कि वीर हनुमान का मुखौटा उठाने से पहले होने वाली साधना और अभ्यास की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसमें किसी तरह की दखलंदाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। परंपरा में दखल जारी रहा तो मुखौटा नहीं उठाने की चेतावनी समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि परंपरा में दखलंदाजी जारी रही और पुजारी को मंदिर से नहीं हटाया गया, तो इस साल दशहरा और रामलीला मेले के समापन पर वीर हनुमान का मुखौटा नहीं उठाया जाएगा। समिति ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि करीब 65 साल पुरानी इस परंपरा को लेकर यदि कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।



Source link

दही ठिखारी बनाने का सबसे आसान तरीका: इस खास ट्रिक से कभी नहीं फटेगी दही

0


Last Updated:

Dahi Tikhari Recipe: दही ठिखारी राजस्थानी खाने की एक स्वादिष्ट और आसान देसी रेसिपी है, जिसे घर पर कम सामग्री में तैयार किया जा सकता है. इसे बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी दही के फटने की होती है. सही तरीका और कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर दही को फटने से बचाया जा सकता है. मसालों के साथ तैयार यह चटपटी दही की सब्जी रोटी, पराठे या बाजरे की रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है.

ख़बरें फटाफट

पाली. राजस्थान का पाली जिला सिर्फ अपनी संस्कृति और इतिहास ही नहीं, बल्कि अपने अनूठे और लज़ीज़ खानपान के लिए भी जाना जाता है. और जब बात हो मारवाड़ी देसी ज़ायके की, तो ‘दही ठिखारी’ का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. अगर आप चटपटा और तीखा खाने के शौकीन हैं, तो पाली की यह खास पारंपरिक सब्जी मिनटों में आपका दिल जीत लेगी. हमारे राजस्थान की रसोई में दही से बनने वाले व्यंजनों का अपना एक अलग ही रुतबा है. चाहे खाने का स्वाद बढ़ाना हो या कढ़ी-रायते से हटकर कुछ नया बनाना हो, ‘दही ठिखारी’ एक बेहतरीन विकल्प है. लेकिन अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि जब भी वे गर्म तेल या मसाले में दही मिलाते हैं, तो वह फट जाती है और डिश का सारा मज़ा खराब हो जाता है.

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. लहसुन और मिर्च के तीखे तड़के के साथ ‘फूंक मारो’ सीक्रेट ट्रिक अपनाकर आप एकदम परफेक्ट और क्रीमी दही ठिखारी बना सकते हैं.

पहले इस सामग्री का करे इंतजाम
गाढ़ा दही: 1 कप
लहसुन: 15 से 20 कलियां
सूखी लाल मिर्च: 2-3 (स्वाद अनुसार)
नमक: स्वादानुसार
सरसों का तेल: 2 से 3 चम्मच
जीरा: 1 छोटा चम्मच

कढी पत्ता और हल्दी पाउडर देगा टेस्ट
कढ़ी पत्ता: 8-10 पत्ते
हल्दी पाउडर: आधा छोटा चम्मच
धनिया पाउडर: 1 छोटा चम्मच

लहसुन-मिर्च का चटपटा पेस्ट तैयार करें:
सबसे पहले खलबट्टे में 15 से 20 लहसुन की कलियां, सूखी लाल मिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर अच्छे से कूट लें. ध्यान रहे कि इसे मिक्सी के बजाय हाथ से कूटने पर असली पारंपरिक स्वाद आता है.

तड़का और मसालो की करे भुनाई
अब कढ़ाई में सरसों का तेल डालकर तेज गर्म करें. तेल में से धुआं निकलने लगे तो उसमें जीरा, कढ़ी पत्ता और हल्दी पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स करें. तड़के में तुरंत खलबट्टे में कुटा हुआ लहसुन और मिर्च का पेस्ट डालें. इसके बाद स्वादानुसार थोड़ा और नमक और धनिया पाउडर मिलाकर मसाले को धीमी आंच पर अच्छे से भून लें ताकि लहसुन का कच्चापन खत्म हो जाए.

फूंक मारकर ठंडा करें
जब मसाला अच्छे से भून जाए, तो गैस बंद कर दें. अब दही डालने की जल्दी बिल्कुल न करें! मसाले पर हल्के से फूंक मारकर या चम्मच से चलाकर उसका तापमान थोड़ा कम (ठंडा) कर लें. जब मसाला थोड़ा गुनगुना या ठंडा हो जाए, तब इसमें गाढ़ा फेंटा हुआ दही डालें और अच्छे से मिक्स करें. इस आसान ट्रिक से दही का तापमान अचानक नहीं बदलता और वह कभी नहीं फटती. आपकी गरमा-गरम, तीखी और जायकेदार दही ठिखारी बनकर तैयार है! इसे बाजरे की रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोसें.

About the Author

Jagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ें



Source link

DRDO का लेजर वेपन 5km दूर तक ड्रोन गिराएगा: एक साथ कई ड्रोन होंगे निशाने पर; 30kW सिस्टम का ट्रायल पूरा, प्रोडक्शन की तैयारी


नई दिल्ली19 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

भारत का डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन यानी DRDO 30 किलोवाट क्षमता का लेजर सिस्टम तैयार कर चुका है। यह सिस्टम करीब 5 किमी दूर तक ड्रोन, ड्रोन के झुंड और सर्विलांस सेंसर को निशाना बना सकता है।

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, लेजर वेपन का अंतिम ट्रायल अगस्त 2025 में पूरा हो चुका है। अब अगले छह महीने में इसके प्रोडक्शन के लिए किसी भारतीय कंपनी को पार्टनर बनाने की तैयारी है।

ट्रायल में फिक्स्ड-विंग ड्रोन को बनाया निशाना

इस सिस्टम की क्षमता पहले भी ट्रायल में दिखाई जा चुकी है। अप्रैल 2025 में 30kW लेजर सिस्टम का ट्रायल कर्नूल के नेशनल ओपन एयर रेंज में किया गया था।

इस दौरान सिस्टम ने फिक्स्ड-विंग ड्रोन को निशाना बनाया और कई ड्रोन हमलों को रोकने की क्षमता दिखाई। निगरानी सेंसर और एंटीना को भी टारगेट किया गया।

रडार से पहचान, फिर लेजर से हमला करता है सिस्टम

सिस्टम रडार या इलेक्ट्रो ऑप्टिक यानी EO सिस्टम की मदद से लक्ष्य की पहचान करता है। इसके बाद लेजर बीम सीधे उस पर डाली जाती है।

बीम लाइट की स्पीड से लक्ष्य तक पहुंचती है और अपनी तेज ऊर्जा से उसे नुकसान पहुंचाती है।

2kW और 10kW सिस्टम भी तैयार, 50kW और 100kW पर काम जारी

  • DRDO के 2kW सिस्टम का प्रोडक्शन शुरू हो चुका है। 10kW सिस्टम को जरूरी मंजूरी मिल चुकी है।
  • इसकी 10-12 यूनिट का ऑर्डर दिया गया है। यह करीब 2 किमी तक के लक्ष्य को निशाना बना सकता है।
  • DRDO अब 50kW और 100kW क्षमता वाले लेजर सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी काम कर रहा है।
  • इन्हें एयर डिफेंस में मिसाइल, गन और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम के साथ इस्तेमाल करने की योजना है।

भारतीय सेना के लिए कैसे फायदेमंद

इस सिस्टम में पारंपरिक गोला-बारूद या रॉकेट की जरूरत नहीं होती। इससे ड्रोन हमलों के दौरान अलग-अलग मिसाइल इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है।

लेजर सिस्टम तेजी से लक्ष्य पर हमला कर सकता है। इसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत होती है, इसलिए इसमें पारंपरिक हथियारों की तरह बार-बार गोला-बारूद खर्च नहीं होता।

दूसरे देश भी विकसित कर रहे लेजर हथियार

अमेरिका लेजर आधारित एंटी-ड्रोन सिस्टम का परीक्षण और इस्तेमाल कर चुका है। इजराइल 100kW के आयरन बीम पर काम कर रहा है।

चीन ने सायलेंट हंटर और LY-1 जैसे सिस्टम दिखाए हैं, जबकि रूस भी डायरेक्टेड-एनर्जी हथियारों पर काम कर रहा है।

——————————-

यह खबर भी पढ़ें…

अब निजी कंपनियां भी देसी घातक मिसाइलें बना सकेंगी:DRDO रक्षा तकनीक ट्रांसफर करेगा; सेना को समय पर मिलेगी ज्यादा हथियारों की सप्लाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की ओर से विकसित पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीक भारतीय निजी रक्षा कंपनियों को देने की मंजूरी दे दी है। इसका मकसद इन मिसाइलों का देश में बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाना और सेना को समय पर हथियार उपलब्ध कराना है। पूरी खबर पढ़ें…



Source link

6 अक्टूबर को भारत में लॉन्च होगा Vivo V80, मिलेगी 7200mAh की दमदार बैटरी


Vivo V80 की लॉन्च डेट कंपनी ने कंफर्म कर दी है। वीवो का यह सिनेमैटिक कैमरे वाला फोन भारत में 6 अक्टूबर को लॉन्च किया जाएगा। यह कंपनी के फरवरी में लॉन्च हुए Vivo V70 का अपग्रेड होगा। कंपनी ने पहले ही इस फोन के कई फीचर्स आधिकारिक तौर पर रिवील कर दिए हैं। वीवो का यह स्मार्टफोन Zeiss कैमरे के साथ पेश किया जाएगा। साथ ही, इसमें 7200mAh की दमदार बैटरी और OLED डिस्प्ले मिलेगा, जो 144Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा।

लॉन्च डेट हुई कंफर्म

Vivo India ने अपने आधिकारिक X हैंडल से फोन की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। साथ ही, फोन के कलर वेरिएंट्स भी कंफर्म हो गए हैं। यह फोन 6 अक्टूबर को दिन के 12 बजे लॉन्च किया जाएगा। इसे तीन कलर ऑप्शन – Sunrise Anthem, Horizon Blue और Stellar Black में पेश किया जाएगा। वीवो का यह फोन कंपनी के आधिकारिक ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर के अलावा Amazon, Flipkart समेत कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदा जा सकेगा।

Vivo V80 के फीचर्स (संभावित)

वीवो का यह फोन 6.59 इंच के 1.5K OLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया जा सकता है। फोन का डिस्प्ले 144Hz हाई रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। साथ ही, इसकी पीक ब्राइटनेस 5000 निट्स तक होगी। इसके डिस्प्ले के चारों ओर बेहद पतले बेजल्स दिए जाएंगें, जिसकी मोटाई महज 1.25mm होगी।

Image Source : VIVOवीवो वी80

कैमरे की बात करें तो वीवो का यह फोन Zeiss ब्रांड वाले कैमरा यूनिट के साथ आएगा। इसमें 50MP का मेन प्राइमरी कैमरा मिलेगा। इसके साथ 50MP का नाइट टेलीफोटो कैमरा मिल सकता है। सेल्फी औक वीडियो कॉलिंग के लिए भी इसमें 50MP का कैमरा मिल सकता है। फोन का कैमरा 100x डिजिटल और 3x ऑप्टिकल जूम को सपोर्ट करेगा।

Vivo V80 को गूगल जेमिनी पर बेस्ड AI फीचर्स के साथ लॉन्च किया जाएगा। इसमें Android 17 पर बेस्ड OriginOS 7 मिलेगा। यह पोन 7200mAh की दमदार बैटरी और 90W वायर्ड फास्ट चार्जिंग फीचर के साथ आ सकता है। कंपनी के अन्य फीचर्स फिलहाल कंफर्म नहीं किए हैं। पिछले दिनों इस फोन को गीकबेंच पर लिस्ट किया गया था, जहां फोन के चिपसेट की डिटेल सामने आई थी। यह फोन Qualcomm Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट के साथ लॉन्च किया जा सकता है। साथ ही, फोन वाटरप्रूफ IP68 और IP69 रेटिंग के साथ आ सकता है।

यह भी पढ़ें – 2.8K OLED स्क्रीन, 14 घंटे की बैटरी बैकअप के साथ लॉन्च हुआ GoogleBook लैपटॉप





Source link

अमेरिका की कल से ईरानी एयरलाइंस बंद कराने की धमकी: कहा- जो कंपनियां इनकी मदद करेंगी, उनके खिलाफ एक्शन लेंगे




अमेरिका ने ईरान की सभी एयरलाइंस को बंद कराने की धमकी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि 23 सितंबर से ईरानी विमानों को ईंधन, लैंडिंग की सुविधा या टिकट देने वाली विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी कंपनियों को अमेरिकी डॉलर सिस्टम से बाहर किया जा सकता है। यानी अमेरिका सिर्फ ईरानी एयरलाइंस पर दबाव नहीं डाल रहा, बल्कि उन विदेशी कंपनियों को भी निशाना बना रहा है जो इन एयरलाइंस को चलाने में मदद करती हैं। डॉलर सिस्टम से बाहर करने का क्या मतलब? अमेरिका जिस डॉलर सिस्टम की बात कर रहा है, उसका मतलब अमेरिकी बैंकिंग व्यवस्था से है। किसी कंपनी पर अमेरिकी प्रतिबंध लगने के बाद उसके लिए अमेरिकी बैंकों के जरिए डॉलर में लेन-देन करना मुश्किल हो सकता है। यानी अगर कोई विदेशी कंपनी ईरानी एयरलाइन को ईंधन या दूसरी सुविधाएं देती है, तो उसे अमेरिकी वित्तीय व्यवस्था तक अपनी पहुंच खोने का खतरा रहेगा। विदेश जाने वाली उड़ानों पर पड़ सकता है असर अमेरिकी कार्रवाई का असर ईरान की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है। एविएशन डेटा कंपनी सिरियम के मुताबिक, सितंबर में ईरान से हर हफ्ते करीब 70 हजार इंटरनेशनल सीटें उपलब्ध हैं। अगस्त में यह संख्या करीब 55,700 सीटें प्रति हफ्ते थी। अगस्त में महान एयर और सेफेहरान एयरलाइंस ईरान से इंटरनेशनल सीटों की क्षमता के मामले में सबसे बड़े स्थानीय ऑपरेटरों में थीं। महान एयर के पास हर हफ्ते करीब 15,600 और सेफेहरान एयरलाइंस के पास करीब 10,500 सीटें थीं। 8 सितंबर को 27 ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाया था अमेरिका पहले भी ईरान की एयरलाइंस के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। अमेरिकी ट्रेजरी ने 8 सितंबर को 27 ईरानी एयरलाइंस समेत कुल 36 कंपनियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया था। अमेरिका का आरोप है कि ईरान अपनी एयरलाइंस और उनसे जुड़े नेटवर्क का इस्तेमाल हथियार, लोगों और दूसरे प्रतिबंधित सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए करता है। न्यूयॉर्क पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री अमेरिका की यह नई चेतावनी ऐसे समय आई है, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अराघची UN की बैठकों में ईरान का पक्ष रखेंगे और दूसरे देशों के अधिकारियों व विदेश मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। —————- ये खबर भी पढ़ें… UN में आज ट्रम्प का भाषण, जनरल डिबेट शुरू होगी: 2025 में टेलीप्रॉम्प्टर खराब होने पर भड़के थे संयुक्त राष्ट्र यानी UN की जनरल डिबेट आज से शुरू हो रही है। यह 28 सितंबर तक चलेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें…



Source link

IIT बॉम्बे कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटेंगे: सुसाइड केस के बाद फैसला; छात्रों का प्रदर्शन जारी, आरोपी प्रोफेसर के समर्थन में IIT दिल्ली-मद्रास फैकल्टी


मुंबई30 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

IIT बॉम्बे कैंपस में मंगलवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई।

IIT बॉम्बे में बीटेक स्टूडेंट साहिल रविंद्र वाकोडे की मौत के बाद कैंपस और हॉस्टल में लगे सीलिंग फैन हटाकर वॉल फैन लगाने का फैसला लिया गया है। कैंपस में वॉल फैन पहुंचने की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई है।

सूत्रों के मुताबिक, पंखे बदलने पर चर्चा जुलाई में एक छात्र की मौत के बाद शुरू हुई थी। 18 सितंबर को साहिल की मौत के बाद इस फैसले को लागू किया गया। साहिल की मौत को लेकर छात्रों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी है।

छात्र संस्थान में जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मेंटल हेल्थ की व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का समर्थन किया है। वहीं IIT दिल्ली और IIT मद्रास की फैकल्टी भी प्रोफेसर के बचाव में आगे आए हैं।

क्राइम ब्रांच ने बताया 18 सितंबर को CCTV में क्या दिखा

साहिल 22 साल का था और IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech सेकंड ईयर में पढ़ता था। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, 18 सितंबर को दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच परीक्षा हॉल की CCTV फुटेज में साहिल अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए झुकता दिखाई दिया था। इसके बाद एक प्रोफेसर ने उससे सवाल किया और उसे अलग ले गए।

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचा था और इसके बाद बाहर नहीं निकला। बाद में उसी दिन वह अपने कमरे में मृत मिला।

क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक, परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। हालांकि, फुटेज अभी जारी नहीं की गई है और इसे जांच टीम ही देख रही है।

परिवार ने जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए

साहिल के परिवार का आरोप है कि उसे जाति आधारित उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले की गहराई से जांच और CBI जांच की मांग की है।

साहिल के माता-पिता ने SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। FIR में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम भी है।

IIT ने ChatGPT को लेकर अपना बयान बदला

घटना के बाद IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि साहिल ने परीक्षा का प्रश्नपत्र ChatGPT पर अपलोड किया था। संस्थान ने कहा कि चीटिंग करते पकड़े जाने के बाद साहिल ने सुसाइड कर लिया।

हालांकि, 21 सितंबर को संस्थान ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लिया। IIT ने कहा कि पूरी जांच पूरी होने से पहले बयान देना सही नहीं था।

IIT बॉम्बे में प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में सोमवार को फैकल्टी मेंबर्स ने मार्च निकाला।

IIT बॉम्बे में प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में सोमवार को फैकल्टी मेंबर्स ने मार्च निकाला।

IIT बॉम्बे में छात्र बनाम फैकल्टी फोरम

छात्रों का पक्ष: 3 बड़ी बातें

1. निष्पक्ष जांच की मांग: छात्रों का कहना है कि वे प्रोफेसर दूल्ला को पहले से दोषी नहीं मान रहे हैं। वे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।

2. प्रदर्शन का मकसद एकेडमिक मिसकंडक्ट को सही ठहराना नहीं: छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रदर्शन परीक्षा में एकेडमिक मिसकंडक्ट को सही ठहराने के लिए नहीं है। वे मामले से जुड़े व्यापक संस्थागत मुद्दों को सामने रखना चाहते हैं।

3. जवाबदेही और छात्र कल्याण पर जोर: छात्रों की मांगों में संस्थान में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाना शामिल है। इसके साथ ही वे छात्र कल्याण और मेंटल हेल्थ से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

फैकल्टी फोरम का पक्ष: 3 बड़ी बातें

1. प्रो. दूल्ला ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की: IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार पंत का कहना है कि प्रोफेसर दूल्ला ने परीक्षा के दौरान साहिल को गलत तरीके अपनाते हुए देखा और संस्थान के तय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की।

2. जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष नहीं: पंत ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने से पहले किसी के पक्ष या विपक्ष में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर धारणाओं के आधार पर राय बनाना सही नहीं होगा।

3. SC/ST सेल में शिकायत को लेकर दावा: फैकल्टी फोरम के मुताबिक, जातिगत टिप्पणियों को लेकर पिछले 3-4 महीनों में साहिल ने SC/ST सेल से संपर्क नहीं किया था और वहां उसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।

4. प्रोफेसर दूल्ला सिर्फ डीन पद से सस्पेंड, प्रोफेसर पद पर कायम: पंत ने स्पष्ट किया कि प्रोफेसर दूल्ला प्रोफेसर पद से सस्पेंड नहीं हैं। उन्हें सिर्फ डीन, एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स की जिम्मेदारी से हटाया गया है और वे अभी भी IIT बॉम्बे में टीचिंग फैकल्टी के सदस्य हैं। फैकल्टी फोरम का कहना है कि जांच के दौरान उन्हें पहले से दोषी नहीं माना जाना चाहिए।

IIT बॉम्बे में इस साल तीन सुसाइड, देश का 9वां मामला

इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं।

——————————

यह खबर भी पढ़ें…

क्या जातिसूचक गालियों ने IIT बॉम्बे के साहिल की जान ली; 5 साल में 65 सुसाइड, आखिर IITs में चल क्या रहा है

18,951 सीटें और हर साल 15 लाख से ज्यादा दावेदार—IIT में दाखिला मिलना सपना पूरा होने जैसा माना जाता है। लेकिन 18 सितंबर 2026 को IIT बॉम्बे के B.Tech छात्र साहिल वाकोडे की मौत ने इस सपने के दूसरे पहलू को सामने ला दिया। ग्लोबल IIT एलुमिनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच IIT में कम से कम 65 छात्रों ने आत्महत्या की। आखिर क्या है साहिल वाकोडे की सुसाइड का पूरा मामला और IITs में चल क्या रहा है? पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

गोंडा में 24 पुलिसकर्मियों का गैरजनपद तबादला: एसपी ने तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए; कमलाकांत त्रिपाठी गोरखपुर भेजे गए – Gonda News




गोंडा में पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। जिले में तैनात दो निरीक्षक और 22 दारोगा व यातायात पुलिसकर्मियों का दूसरे जिलों और इकाइयों में तबादला किया गया है। गोंडा एसपी अभिषेक झा ने मंगलवार सुबह 8 बजे सभी संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। आदेश के अनुसार, सभी पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द नई तैनाती वाली जगह पर ज्वाइन करना होगा। तबादला किए गए निरीक्षकों में कमलाकांत त्रिपाठी को गोरखपुर और संतोष कुमार सिंह को बलरामपुर भेजा गया है। इन उपनिरीक्षकों का हुआ तबादला उपनिरीक्षक बृजेश यादव, घनश्याम वर्मा, मनोज कुमार, अजय कुमार सिंह, अवनीश शुक्ल और पवन कुमार गिरि को बहराइच भेजा गया है। केदार राम, उमेश सिंह और नितिन उपाध्याय का तबादला देवरिया किया गया है। उपनिरीक्षक शिवचंद्र सिंह को कुशीनगर भेजा गया है।
इसके अलावा सुभाष यादव को बस्ती रेंज, डोरीलाल को लखनऊ जोन, विश्वास कुमार चतुर्वेदी को बलरामपुर और अमित सिंह को लखनऊ कमिश्नरेट भेजा गया है। विक्रम बहादुर सिंह को संतकबीर नगर और वैभव सिंह को मेरठ जोन में तैनाती दी गई है। पीएसी और जीआरपी मुख्यालय भी भेजे गए पुलिसकर्मी अन्य पुलिसकर्मियों में बलराम सिंह को पीएसी मुख्यालय भेजा गया है। वहीं, उपनिरीक्षक राकेश कुमार, सौरभ वर्मा, विवेक कुमार और उपेंद्र कुमार सिंह का तबादला जीआरपी मुख्यालय लखनऊ किया गया है। एक साथ 24 पुलिस अधिकारियों के दूसरे जिलों और इकाइयों में तबादले तथा तत्काल कार्यमुक्त करने के आदेश के बाद पुलिस विभाग में चर्चा है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्यमुक्त होने के बाद सभी पुलिसकर्मी बिना देरी किए अपनी नई तैनाती वाली जगह पर ज्वाइन करेंगे। निरीक्षक कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि उनके कार्यमुक्त होने की तारीख तय हो गई है। इसके बाद वह ट्रांसफर वाले जिले में जाकर ज्वाइन करेंगे।



Source link