इलाहाबाद हाई कोर्ट ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ट्रॉमा सेंटर के सीनियर रेजिडेंट डॉ. विनय कुमार पाठक की बर्खास्तगी रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा कि बिना विधि अनुसार जांच के सिर्फ 4 लाइन में सेवा समाप्ति आदेश जारी करना गलत है। डॉ. विनय कुमार पाठक की याचिका पर न्यायमूर्ति श्रीमती मंजू रानी चौहान ने यह आदेश दिया। क्या है मामला जानिये याची ने डायरेक्टर द्वारा 18.सितंबर.2026 को जारी बर्खास्तगी आदेश को चुनौती दी थी। साथ ही मांग की थी कि उनके द्वारा दिए गए इस्तीफे पर उचित आदेश पारित किया जाय। कोर्ट ने डायरेक्टर को निर्देश दिया है कि वह याची को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार ताजा, तर्कसंगत और कारण सहित आदेश पारित करें।
Source link
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के सीनियर रेजिडेंट की बर्खास्तगी रद्द: हाईकोर्ट ने कहा- बिना जांच के 4 लाइन का आदेश नहीं चलेगा – Prayagraj (Allahabad) News
भारत को लक्ष्य पाने के लिए कितनी विकास दर की जरूरत, सरकार ने बताया आंकड़ा
Last Updated:
Indias GDP Growth : भारत ने अगले 2 दशक में विकसित राष्ट्र बनने का सपना संजोया है और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकनॉमी बनने का लक्ष्य भी लेकर चल रहा है, लेकिन इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए कितनी विकास दर की जरूरत होगी. सांख्यिकी सचिव सुभाष गर्ग ने वह आंकड़ा बताया है, जिस विकास दर पर भारत अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है.
भारत की विकास दर इस साल 7 फीसदी के आसपास रहने की संभावना है.
नई दिल्ली. भारत ने साल 2047 तक विकसित देश बनने का लक्ष्य बनाया है, लेकिन इसके लिए कितनी विकास दर की जरूरत होगी. सांख्यिकी सचिव सुभाष गर्ग ने 16 अक्टूबर को बताया कि भारत को अपने लक्ष्य पूरे करने के लिए हर साल कम से कम 8 से 9 फीसदी विकास दर की जरूरत होगी. उन्होंने कहा कि अगर लंबे समय में अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करना है तो भारत को अगले 2 दशक तक 8 से 9 फीसदी की दर से ग्रोथ करना होगा.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
इंदौर के देसी मसाला रेस्टोरेंट का लाइसेंस सस्पेंड: कमियां दूर नहीं करने पर कार्रवाई; मानपुर में मसाले, घी और मिठाई के 10 सैंपल लिए – Indore News
खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर रेस कोर्स रोड स्थित सांची वीनस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ‘देसी मसाला’ रेस्टोरेंट का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए पहले सुधार सूचना पत्र जारी किया था। निर्धारित समय में कमियों का संतोषजनक निराकरण नहीं होने और जवाब में भी खामियां मिलने पर 15 अक्टूबर को पंजीयन निलंबित करने का आदेश जारी किया गया। निलंबन अवधि में रेस्टोरेंट में खाद्य कारोबार नहीं किया जा सकेगा। विभाग ने 15 और 16 अक्टूबर को शहर के अलग-अलग इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। मानपुर में किराना दुकानों, गणेश नगर में दुग्ध डेयरियों और नौलखा में मेवा प्रतिष्ठान से कुल 17 नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, ट्रेजर आइलैंड मॉल के फूड कोर्ट स्थित सुरुचि फूड्स चटोरी से भी पांच नमूने लिए गए। मानपुर में चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से 25 खाद्य नमूनों की मौके पर त्वरित जांच की गई। कार्रवाई की खास बातें… खुले में मसाले बेचने पर व्यापारियों को निर्देश मानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कुछ किराना दुकानों पर धनिया, मिर्च और हल्दी खुले में बिकते मिले। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्यापारियों को खुले खाद्य पदार्थों की बिक्री से बचने और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पैक्ड सामग्री बेचने के निर्देश दिए। सुरेश चंद एवं ब्रदर्स किराना दुकान से नमकीन, हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर और गुलाब जामुन मिक्स के चार नमूने लिए गए। माहेश्वरी किराना से गुलाब जामुन मिक्स, खड़ा मसाला, चाय और अजवाइन के चार नमूने लिए गए। राजेश किराना, सदर बाजार मानपुर से घी और स्वामीनारायण आटे के दो नमूने संग्रहित किए गए। दूध, घी-पनीर और मेवों की भी होगी जांच गणेश नगर की सांवरिया डेयरी से दूध, घी और पनीर के नमूने लिए गए। श्री डेयरी से घी और कृष्णा डेयरी से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया। नौलखा स्थित नेचुरल मेवा से बादाम और काजू के नमूने लिए गए। विभाग के अनुसार, मानपुर, गणेश नगर और नौलखा से लिए गए कुल 17 नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फूड कोर्ट में सफाई की कमी, पांच नमूने लिए ट्रेजर आइलैंड मॉल के फूड कोर्ट स्थित सुरुचि फूड्स चटोरी का निरीक्षण किया गया। यहां साफ-सफाई संबंधी कमियां मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रतिष्ठान से पांच खाद्य नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
Source link
मेडिकल कॉलेजों चलाने के लिए PPP मॉडल अपनाने की तैयारी: CM सम्राट बोले- स्थानीय निवेशकों-डॉक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता, जिला अस्पतालों को भी आधुनिक बनाएंगे – Patna News
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक बुलाई जिस दौरान उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अस्पतालों को आधुनिक बनाने से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों के संचालन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल अपनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत बिहार के निवेशकों और राज्य के उन डॉक्टरों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जो इस व्यवस्था में भागीदारी करना चाहते हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा। इनके निजीकरण या स्वामित्व को निजी भागीदारों को सौंपने का प्रावधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार और निजी भागीदारों की जिम्मेदारियां पहले से स्पष्ट होनी चाहिए, ताकि अस्पतालों के संचालन में पारदर्शिता बनी रहे और जवाबदेही तय की जा सके। इस मॉडल का उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाना है। बिहार के निवेशकों और डॉक्टरों को मिले प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्राउनफील्ड मेडिकल कॉलेजों के संचालन में बिहार के निवेशकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। साथ ही, राज्य के जो डॉक्टर इस व्यवस्था में भागीदारी करना चाहते हैं, उन्हें भी मौका दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ”हमारा उद्देश्य है कि बिहार के लोगों को लाभ हो। बिहार के चिकित्सक जो इसमें भागीदारी करना चाहते हैं, उन्हें प्राथमिकता मिले। स्टेकहोल्डर को पब्लिक इंटरेस्ट में काम करना होगा।” सरकार का जोर इस बात पर है कि निजी भागीदारी से स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किया जाए और इसका सीधा लाभ राज्य के लोगों को मिले। मरीजों को हिंदी और अंग्रेजी में मिलेगी जानकारी बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के संचालन से जुड़े प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पतालों में इलाज के लिए निर्धारित शुल्क, मरीजों की पात्रता, बेड की अलग-अलग श्रेणियों और मरीजों के अधिकारों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। यह जानकारी अस्पताल परिसर के साथ-साथ ऑनलाइन माध्यम पर भी उपलब्ध कराने का प्रावधान होगा। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए यह जानकारी हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में प्रदर्शित की जाएगी। इससे लोगों को अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं, इलाज के खर्च और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। जिला अस्पतालों को आधुनिक बनाने पर जोर मुख्यमंत्री ने जिला मुख्यालयों में स्थित अस्पतालों को मजबूत और आधुनिक बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों को जिला स्तर पर ही आधुनिक और आसानी से उपलब्ध होने वाली चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य है कि जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो और लोगों को इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों। आयुर्वेदिक कॉलेज को देश के बड़े संस्थानों से जोड़ने की तैयारी मुख्यमंत्री ने पटना स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस संस्थान को बेहतर बनाने के लिए काम किया जाए और इसे देश के बड़े आयुर्वेद संस्थानों से जोड़ा जाए। इससे संस्थान के विकास और आयुर्वेद से जुड़ी चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा सकेगा। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का होगा विस्तार मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेडिकल कॉलेजों से जुड़े प्रस्तावों पर आगे काम करते समय भवन और दूसरी आधारभूत सुविधाओं, संचालन व्यवस्था, पढ़ाई की गुणवत्ता और आम लोगों को मिलने वाले लाभ को ध्यान में रखा जाए।
Source link
यूपी में भी दिल्ली-बंगाल जैसा वोट चोरी का खेल शुरू: आप नेता संजय सिंह ने लगाया आरोप; कहा- चुनाव आयोग सार्वजनिक करे फर्जी वोटों की सूची – New Delhi News
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। दिल्ली और बंगाल की तर्ज पर अब यूपी में भी वोट चोरी का खेल शुरू हो गया है, जिसे समय रहते नहीं रोका गया तो जनता अपने मताधिकार से वंचित हो जाएगी। 13 लाख फर्जी वोट जुड़वाने का गंभीर आरोप संजय सिंह ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि SIR से पहले प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख मतदाता थे और पुनरीक्षण के दौरान करीब 2 करोड़ 90 लाख नाम काटे जाने की बात सामने आई। इसके बाद नाम जोड़ने के लिए 84 लाख और नाम काटने के लिए 4 लाख 30 हजार आवेदन आए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आधिकारिक जानकारी में 71 लाख 13 लाख नाम जोड़े जाने का उल्लेख है, तो बाकी के 13 लाख नाम किसके और कहां जोड़े गए। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयोग के अधिकारियों की मिलीभगत से उत्तर प्रदेश में 13 लाख फर्जी वोट जुड़वाए गए हैं। आयोग को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए कि ये नाम किस आधार पर और किन बूथों पर जोड़े गए हैं। बिना कारण काटे गए 85 हजार नाम, फॉर्म-7 पर उठाए सवाल आप सांसद ने कहा कि नाम हटाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-7 के तहत आए 4 लाख 30 हजार आवेदनों में से 85 हजार नाम बिना किसी ठोस कारण के काट दिए गए। उन्होंने दावा किया कि ये फॉर्म ऑटो-जेनरेटेड प्रतीत होते हैं। गोंडा की तरबगंज विधानसभा का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि रेशमा नामक महिला के नाम से 188 मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन दिए गए, लेकिन जांच में उस आवेदक का कोई पता नहीं चला। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि कई विधानसभा क्षेत्रों में एक ही व्यक्ति के नाम से सैकड़ों नाम काटने के आवेदन दिए गए हैं, जिनमें एक खास वर्ग को निशाना बनाया गया है। बाबूराम के नाम से 237, रेशमा के नाम से 188 और निशा के नाम से 124 नाम हटाने के आवेदन दिए जाने के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। फैजुल्लागंज के बाढ़ पीड़ितों की मदद की मांग प्रेस वार्ता के अंत में संजय सिंह ने लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ के बाद उपजे बदहाल हालात पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां बीमारी और भोजन का भारी संकट है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत एंबुलेंस, स्वास्थ्य सेवाएं, राशन और साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त कर पीड़ितों को राहत पहुंचाई जाए।
Source link
प्रेम मंदिर की शैली में सजा दुर्गा पंडाल: नौसड़ में मां दुर्गा का भव्य पंडाल बना आकर्षण का केंद्र, रोशनी से जगमगा रहा परिसर – Gorakhpur News
गोरखपुर के नौसड़ (मत्स्येंद्र नगर) में इस वर्ष मां दुर्गा का भव्य पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रेम मंदिर की भव्य शैली से प्रेरित इस पंडाल को आकर्षक सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और कलात्मक बनावट से सजाया गया है। इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। पंडाल में स्थापित मां दुर्गा की दिव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है, जिससे पंडाल की भव्यता और निखर जाती है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के साथ पंडाल की आकर्षक सजावट भी निहार रहे हैं। प्रेम मंदिर की शैली में तैयार यह पंडाल नौसड़ की दुर्गा पूजा को खास बना रहा है और क्षेत्र में भक्तिमय माहौल नजर आ रहा है।
Source link
गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में मां कात्यायनी की पूजा: फूलों से सजी मां की प्रतिमा बनी आकर्षण, सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों समेत जवान तैनात – Gopalganj News
गोपालगंज के थावे दुर्गा मंदिर में शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मां की मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। फूलों से सजाया गया मंदिर परिसर मंदिर के गर्भगृह में स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा का विशेष फूलों से भव्य शृंगार किया गया था। पूरे मंदिर परिसर को भी फूलों से सजाया गया। फूलों से सजी मां की प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रही। सुबह से ही दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। इस दौरान मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने मां कात्यायनी की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात नवरात्र को लेकर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। भीड़ प्रबंधन के लिए बीडीओ प्रियांशु प्रिया और सीओ सुधीर कुमार ओंकारा मौजूद रहे। थानाध्यक्ष विभा कुमारी और टीओपी प्रभारी धीरज कुमार भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। मंदिर परिसर में महिला पुलिसकर्मियों सहित पुलिस के जवान तैनात रहे, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
Source link
अल्बानिया में महंगी शिक्षा के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतरे: सरकारी इमारतों और बैंकों में आग लगाई; अभी 11 देशों में छात्र आंदोलन चल रहा
तिराना5 घंटे पहले
- कॉपी लिंक
अल्बानिया के तिराना में गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने कई जगह तोड़फोड़ की।
अल्बानिया की राजधानी तिराना में महंगी शिक्षा और खराब सुविधाओं के खिलाफ अब छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। छात्र प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सरकारी इमारतों और कई बैंकों की शाखाओं में आग लगा दी।
भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी का इस्तेमाल किया। इस दौरान दर्जनों पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल्बानिया में जारी यह विरोध ऐसे समय हो रहा है, जब भारत, फ्रांस, जर्मनी समेत दुनिया के कुल 11 देशों में छात्र अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
अल्बानिया में प्रदर्शन से जुड़ी 5 तस्वीरें…

प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को सड़क पर आग लगा दी। एक शख्स गाड़ी पर चढ़कर झंडा फहरा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्र भागते भी नजर आए।

छात्रों ने कई इमारतों में तोड़फोड़ की।

प्रदर्शनकारियों की भीड़ गुरुवार को तिराना में जुटी।

कई प्रदर्शनकारियों को इमारतों का सामान बाहर निकालकर फेंकते हुए भी देखा गया। पीछे खड़े लोग ताली बजाकर उनका समर्थन भी कर रहे थे।
कई महीनों से नाराज थे छात्र, सरकार पर अनदेखी का आरोप
अल्बानिया में छात्रों की नाराजगी अचानक नहीं बढ़ी है। वे कई महीनों से पढ़ाई के बढ़ते खर्च और डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलने की कम संभावनाओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
छात्रों का कहना है कि शिक्षा महंगी होती जा रही है, जबकि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त मौके नहीं मिल रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि सरकार ने बातचीत करने के बजाय उनकी छवि खराब करने की कोशिश की।
ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध
एदी रामा 2013 से अल्बानिया के प्रधानमंत्री हैं। पिछले साल मई में वे चौथी बार इस पद पर चुने गए थे। हालांकि, इसके बाद उनकी सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। मौजूदा प्रदर्शन रामा के लिए अब तक के सबसे गंभीर जन विरोध में से एक माने जा रहे हैं।
सरकार के खिलाफ विरोध कुछ महीने पहले ही शुरू हो गया था। इसकी एक वजह देश के दक्षिणी तट पर लग्जरी रिसॉर्ट बनाने की योजना भी है। इस परियोजना से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर जुड़े हैं।
गुरुवार को रॉयटर्स से बातचीत में रामा ने इस्तीफे की मांग खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि सरकारें लोकतांत्रिक चुनावों से बदलती हैं। पिछले साल देश में चुनाव हुए थे, क्रांति नहीं।

मुस्लिम बहुल अल्बानिया में बार-बार कैसे जीत रहे एडी रामा

मई 2025 में अल्बानिया आम चुनाव में वोटिंग करते हुए एडी रामा।
- अल्बानिया में मुस्लिम समुदाय की कुल आबादी करीब 51% है। इसके बावजूद ईसाई धर्म को मानने वाले ईडी रामा लगातार चौथी बार प्रधानमंत्री बने हैं। वह 2013 से देश की सत्ता में हैं।
- दरअसल, अल्बानिया की राजनीति में धर्म मुख्य मुद्दा नहीं है। इसकी एक अहम वजह देश का कम्युनिस्ट शासन वाला इतिहास है। यहां 1944 से 1985 तक एनवर होझा के नेतृत्व में कम्युनिस्ट शासन रहा। उनकी मौत के बाद भी कम्युनिस्ट पार्टी सत्ता में बनी रही।
- होझा के शासनकाल में 1967 में अल्बानिया को आधिकारिक तौर पर नास्तिक राज्य घोषित कर दिया गया था। धार्मिक संस्थाओं और गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए।
- नब्बे के दशक में कम्युनिस्ट शासन खत्म होने के बाद धार्मिक स्वतंत्रता लौटी, लेकिन राजनीति में धर्म के बजाय वामपंथी और दक्षिणपंथी दलों के बीच मुकाबला प्रमुख बना रहा।
- हालांकि, अल्बानिया में ईसाई धर्म से जुड़ी क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक पार्टी भी है। हालांकि, 2025 के आम चुनाव में यह संसद में एक भी सीट नहीं जीत सकी।

—————————-
यह खबर भी पढ़ें…
फ्रांस में शिक्षकों की कमी को लेकर आंदोलन हिंसक हुआ:धमाके में 15 साल के छात्र का हाथ उड़ा; 5 हजार गिरफ्तार, 87% गिरफ्तार नाबालिग

फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर गए हैं। सितंबर में शुरू हुआ यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल गया है। छात्र स्कूलों में बढ़ती भीड़, जर्जर इमारतों और शिक्षकों की कमी का विरोध कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…


