Tuesday, October 6, 2026
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महिलाओं के आपत्तिजनक VIDEO बनाने वाले आरोपी पर पहली FIR: साध्वी बोलीं- रास्ता रोककर हाथ पकड़ा, दोस्ती के लिए कहा; विरोध पर जान से मारने की धमकी – Gwalior News


इस तरह के वीडियो योगेश के मोबाइल से मिले हैं।

ग्वालियर में महिलाओं से दोस्ती कर चोरी-छिपे उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप में पकड़े गए आरोपी योगेश गुप्ता के खिलाफ पहली FIR दर्ज हुई है। एक साध्वी ने विश्वविद्यालय थाने पहुंचकर उसके खिलाफ छेड़छाड़, रास्ता रोकने और जान से मारने की धमकी देने की श

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साध्वी के मुताबिक, 10 अगस्त को वह स्कूटी से लौट रही थीं। दोपहर करीब 3 बजे हुरावली चौराहे पर योगेश उनकी स्कूटी के सामने आ गया और रास्ता रोककर उनका हाथ पकड़ लिया। उसने कहा- ‘मैं तुम्हें पसंद करता हूं, मुझसे दोस्ती कर लो।’

साध्वी ने विरोध करते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण उन्होंने उस समय पुलिस में शिकायत नहीं की। आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद वह थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई।

आरोपी योगेश गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

योगेश से पहले से थी पहचान, धाम में कर चुका है सेवा

FIR के मुताबिक, योगेश करीब तीन साल पहले उस धाम में सेवा कार्य कर चुका है, जहां साध्वी रहती हैं। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई थी और अक्सर बातचीत होती थी। साध्वी के अनुसार, 10 अगस्त को शहर से लौटते समय योगेश ने हुरावली चौराहे पर उनकी स्कूटी रोकी। इसके बाद उसने हाथ पकड़कर दोस्ती करने के लिए कहा।

विरोध करने पर पुलिस में शिकायत करने की स्थिति में जान से खत्म करने की धमकी दी।घटना के बाद उन्होंने इसकी जानकारी कुछ परिचितों को दी थी। हाल ही में योगेश के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

मोबाइल से मिले आपत्तिजनक VIDEO

योगेश को एक दिन पहले सनातन सेना के पदाधिकारियों ने एक महिला की सूचना पर पकड़कर विश्वविद्यालय थाना पुलिस के हवाले किया था। आरोप है कि वह सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं से दोस्ती करता था। इसके बाद वीडियो चैट के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डर और स्पाई कैमरे के जरिए उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाता था।

उसके मोबाइल से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग शहरों की महिलाओं और हाई-प्रोफाइल हस्तियों के आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है।

घटनास्थल सिरोल क्षेत्र का, केस डायरी वहां भेजी जाएगी

सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया कि एक महिला ने युवक के खिलाफ छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की थी। महिला ने घटनाक्रम 10 अगस्त को हुरावली चौराहे का बताया है।

शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि घटनास्थल सिरोल थाना क्षेत्र में होने के कारण केस डायरी वहां भेजी जा रही है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

—————- यह खबर भी पढ़ें

ASI, डॉक्टर-साध्वी समेत 50+ महिलाओं के अश्लील VIDEO बनाए:सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती

ग्वालियर पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को जाल में फंसाने वाले युवक को पकड़ा है। उसके मोबाइल से 50 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें MP और UP के अलग-अलग शहरों की महिलाएं शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी 40-50 साल की विधवा, तलाकशुदा और अविवाहित महिलाओं से दोस्ती करता था। पढ़ें पूरी खबर



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श्रीमाधोपुर डिपो के चीफ मैनेजर को 4 साल की जेल: 40 हजार की रिश्वत लेने के मामले में एसीबी कोर्ट का फैसला – Sikar News




सीकर की एसीबी कोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में श्रीमाधोपुर रोडवेज के पूर्व चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह को 4 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने 72 वर्षीय आरोपी प्रदीप सिंह पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं मामले में सह-अभियुक्त राजकुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। ये था मामला स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर मुकेश कुमार सिर्वा ने बताया कि यह मामला 8 अप्रैल 2015 का है। श्रीमाधोपुर आगार के तत्कालीन चीफ मैनेज प्रदीप सिंह ने रोडवेज कंडक्टर कर्णसिंह से बिना टिकट सवारियों के रिमार्क हटाने और सस्पेंशन से बचाने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। परिवादी कर्णसिंह के अनुसार, आरोपी चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह ने बस चैकिंग के दौरान 9 सवारियां बिना टिकट मिलने का रिमार्क लगाया था। इसके बाद रिमार्क हटाने और टर्मिनेट ना करने की धमकी देकर भारी रकम मांगी गई। परिवादी पहले भी 45 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन अभियुक्त और पैसों का दबाव बना रहा था। फिर 40 हजार रुपए में मामला तय हुआ। 3 मंजिला टीनशेड से कूदकर भागा था डिपो मैनेजर परिवादी ने इसकी शिकायत सीकर एसीबी से की, वॉइस रिकॉर्डिंग कर शिकायत का सत्यापन किया गया था। 8 अप्रैल 2015 को परिवादी कर्ण सिंह का बेटा सुनील 40 हजार रुपए लेकर डिपो पहुंचा। तत्कालीन चीफ मैनेजर प्रदीप सिंह ने पहली मंजिल से इशारा कर एटीएम गार्ड राजकुमार के जरिए पैसे लिए। जैसे ही एसीबी टीम ने गार्ड को दबोचा, मुख्य प्रबंधक प्रदीप सिंह पकड़े जाने के डर से पहली मंजिल के पीछे स्थित टीनशैड पर कूदकर भागने लगा। हालांकि, पहले से घेराबंदी कर खड़ी एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया था। 19 गवाहों के आधार पर सुनाया फैसला कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से एडीपी मुकेश कुमार सिर्वा ने 19 गवाह और 48 दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश किए। विभिन्न उच्च अदालतों के फैसलों को आधार बनाकर और पुख्ता सबूतों के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त प्रदीप सिंह को दोषी ठहराते हुए 4 साल के कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।



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मथुरा में यमुना में महिला ने लगाई छलांग: पुलिस ने शव बाहर निकाला, पहचान के प्रयास जारी; आत्महत्या के कारणों का पता नहीं – Mathura News




धार्मिक नगरी मथुरा में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक बुजुर्ग महिला ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। महिला के यमुना में छलांग लगाने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अचानक यमुना नदी में कूद गई। लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह तेज बहाव के कारण पानी में डूब गई। घटना की सूचना तत्काल थाना जमुनापार पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की तलाश शुरू कराई। काफी प्रयासों के बाद महिला को यमुना से बाहर निकाला गया। पुलिस ने महिला की हालत की जांच कराई, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी। मृतका की पहचान के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही महिला की पहचान कराने के लिए अन्य माध्यमों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो सकी है। महिला की उम्र अधिक बताई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह कहां से आई थी और यमुना किनारे तक कैसे पहुंची। महिला ने किन परिस्थितियों में नदी में छलांग लगाई, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ ही घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रही है। पहचान होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं के सामने आने की संभावना है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।



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मुजफ्फरपुर में 5 साल से हर रात मुफ्त भोजन: 100 से ज्यादा जरूरतमंदों को मिल रहा भरपेट खाना, ‘मां की रसोई’ की पहल – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर में ‘मां की रसोई’ पिछले 5 साल से हर रात सैकड़ों गरीबों की मुफ्त में भूख मिटा रही है। यह सेवा शहर के सदर अस्पताल रोड स्थित जिला यक्ष्मा केंद्र के गेट पर बिना किसी रुकावट के चलाई जा रही है। इसके जरिए बेसहारा और जरूरतमंद लोगों को रात का भोजन मिलता है। इस काम को प्रकाश कुमार की संस्था ‘मां की रसोई’ करती है। उनके इस प्रयास से मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन, सरकारी बस स्टैंड, सदर अस्पताल परिसर और आसपास के फुटपाथों पर रात गुजारने वाले सैकड़ों लोग भूखे नहीं सोते। हर रात जिला यक्ष्मा केंद्र के गेट के पास गरीब और दिहाड़ी मजदूर लाइन में लगकर सम्मान के साथ भोजन लेते हैं। रोज करीब 100 से ज्यादा जरूरतमंदों को भरपेट खाना दिया जाता है। यह खाना देने का काम आंधी, तूफान या तेज ठंड में भी कभी नहीं रुकता। ‘शुरुआत में यह काम काफी चुनौतीपूर्ण था’ संस्था के संचालक प्रकाश कुमार बताते हैं कि कुछ साल पहले शहर में गरीबी से जूझ रहे लोगों और फुटपाथ पर तड़पते बच्चों-बुजुर्गों की दयनीय हालत देखकर दिल पसीज गया था। मानवता के नाते मन में ख्याल आया कि क्यों न इन भूखे पेट सोने वालों के लिए कुछ किया जाए। बस इसी एक सोच के साथ सेवा की शुरुआत की। प्रकाश बताते हैं कि शुरुआत में यह काम काफी चुनौतीपूर्ण था, लेकिन धीरे-धीरे उनकी इस सच्चाई और लगन को देखकर स्थानीय लोग और समाज के सक्षम आम जन भी इस मुहिम से जुड़ने लगे। आज की तारीख में यह पूरी रसोई आम जनों के सहयोग और अपने निजी खर्च को मिलाकर सुचारू रूप से चलाई जा रही है।

शहर के लिए प्रेरणा का स्रोत ‘मां की रसोई’ का यह सेवा भाव आज पूरे मुजफ्फरपुर शहर के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। यह इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि अगर मन में सच्ची संवेदना और समाज के प्रति कुछ करने का जज्बा हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। स्थानीय लोग प्रकाश कुमार और उनकी टीम के इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं, जिसने मुजफ्फरपुर की सड़कों पर मानवता को जिंदा रखा है।



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7 अक्‍टूबर को नहीं होगी जीएसटी काउंसिल की बैठक, अब इस तारीख को होगी मीटिंग


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GST Council Meeting New Date : सरकार ने 7 अक्‍टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक को आगे खिसका दिया है. यह दूसरी बार है जब जीएसटी काउंसिल की मीटिंग की तारीख बदली गई है.

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सरकार ने 7 अक्‍टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल बैठक को रिशेड्यूल किया है.

नई दिल्ली. सरकार ने 7 अक्‍टूबर को होने वाली जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक को टाल दिया है. अब यह बैठक 8 अक्टूबर को होगी. जीएसटी काउंसिल सेक्रेटरिएट की और से जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम में यह जानकारी दी गइ्र है. मेमोरेंडम में बताया गया है कि बैठक को “अपरिहार्य परिस्थितियों” (Unavoidable Circumstances) के कारण रिशेड्यूल किया गय है. जीएसटी परिषद की बैठक की तारीख दूसरी बार बदली गई है. शुरू में यह बैठक 12 सितंबर को होनी थी.

इस बैठक बैठक में प्रक्रियागत सुधारों को मुख्य एजेंडा बनाया गया है. आज दिन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिंक्‍डइन पर एक पोस्‍ट कर बताया कि परिषद की इस उच्चस्तरीय बैठक में रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, कानूनी विवादों के निपटारे और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के निर्बाध प्रवाह से जुड़े अहम प्रस्तावों पर विचार होगा. सीतारमण ने लिखा, “टैक्सपेयर्स का अनुभव हमारी नीतियों के क्रियान्वयन का मार्गदर्शन करता रहना चाहिए. GST की बढ़ती परिपक्वता हमें सुधारों के अगले चरण के लिए एक मजबूत आधार देती है.”

दूसरी बार बदली गई है तारीख

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की 57वीं बैठक की तारीख को दूसरी बार बदला गया है. पहले यह बैठक 12 सितंबर को आयोजित होनी थी. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में वार्षिक ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के आयोजन के चलते इस टाल दिया गया और 7 अक्‍टूबर की तारीख बैठक के लिए निश्चित की गई.

पिछली बैठक में टैक्स स्लैब में हुआ था बड़ा फेरबदल

56वीं जीएसटी परिषद की बैठक 3-4 सितंबर 2025 को हुई थी. उस बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलकर जीएसटी दरों और टैक्स स्लैब ढांचे में व्यापक सुधार करने का निर्णय लिया था. पारंपरिक चार-स्लैब व्यवस्था  को समाप्‍त कर तीन स्‍लैब लागू किए गए. कई वस्‍तुओं और सेवाओं पर टैक्‍स में कटौती की गई.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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नाइजीरिया में 32 लोगों को ले जा रहा मिलिट्री-प्लेन क्रैश: 25 यात्री और 7 क्रू सवार थे; नदी के पास गिरा, सर्च ऑपरेशन जारी




नाइजीरिया के दक्षिणी हिस्से में सोमवार को 32 लोगों को लेकर जा रहा सैन्य प्लेन क्रैश हो गया। प्लेन में 25 यात्री और 7 क्रू मेंबर सवार थे। हादसा ओंडो राज्य के नदी किनारे बसे इग्बोकोंडा शहर में हुआ। हादसे में कितने लोग हताहत हुए, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिली है। नाइजीरिया के एविएशन मिनिस्टर फेस्टस कीयामो ने बताया कि प्लेन एक नियमित मिशन पर देश के आर्थिक केंद्र लागोस जा रहा था। स्थानीय समय के मुताबिक सुबह करीब 9 बजे प्लेन रडार से गायब हो गया। बाद में पता चला कि यह नौसैनिक बेस के पास क्रैश हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्लेन नदी के पास गिरा और उसका कुछ हिस्सा पानी में डूब रहा था। प्रत्यक्षदर्शी अकिनबुलेजो पियस ने कहा कि उन्हें तेज आवाज सुनाई दी, जो उन्हें बिजली गिरने जैसी लगी। इसके बाद उन्होंने प्लेन को पेड़ों के ऊपर से गुजरते और नीचे गिरते देखा। मौके पर शरीर के कुछ हिस्से, कपड़े और जूते भी मिले। प्लेन हादसे के बाद तस्वीर…. हादसे में ATR-42 मिलिट्री प्लेन क्रैश हुआ नाइजीरियाई एयरफोर्स ने बताया कि क्रैश हुआ प्लेन ATR-42 था। नाइजीरियाई सेना इस प्लेन का इस्तेमाल खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और सैनिकों व सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए करती रही है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना ज्यादा मुश्किल नदी या पानी में प्लेन गिरने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जमीन पर हादसे के मुकाबले ज्यादा मुश्किल हो सकता है। गोताखोरों और रेस्क्यू टीम को तेज बहाव, कम विजिबिलिटी, प्लेन के पानी में डूबने और मलबे के फैलने जैसी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पानी में रेस्क्यू ऑपरेशन की बड़ी चुनौतियां…. 1. पानी का तेज बहाव नदी का बहाव मलबे और लोगों को हादसे वाली जगह से दूर ले जा सकता है। इससे रेस्क्यू टीम के लिए सही जगह का पता लगाना मुश्किल होता है। 2. पानी के अंदर कुछ दिखाई नहीं देता नदी का पानी अक्सर गंदा होता है। गोताखोरों को कुछ मीटर दूर की चीज भी दिखाई नहीं दे सकती। ऐसे में उन्हें टॉर्च, सोनार और दूसरे उपकरणों की मदद लेनी पड़ती है। 3. प्लेन तेजी से डूब सकता है प्लेन का कोई हिस्सा पानी के अंदर जाने के बाद उसकी लोकेशन बदल सकती है। केबिन में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गोताखोरों को पहले प्लेन की स्थिति और गहराई का पता लगाना पड़ता है। 4. मलबे से चोट का खतरा टूटा हुआ प्लेन, सीटें, धातु के हिस्से और दूसरे सामान पानी के अंदर खतरा पैदा कर सकते हैं। गोताखोरों के कपड़े या उपकरण इनमें फंस भी सकते हैं। 5. नदी की गहराई और तल की स्थिति नदी के नीचे कीचड़, रेत या पत्थर होने से गोताखोरों की आवाजाही मुश्किल हो सकती है। गहराई ज्यादा होने पर सामान्य गोताखोरी भी मुश्किल हो जाती है। 6. पानी में ईंधन के फैलने से खतरा क्रैश के बाद प्लेन से ईंधन या दूसरे पदार्थ पानी में फैल सकते हैं। इससे रेस्क्यू टीम के लिए अतिरिक्त सुरक्षा चुनौती पैदा हो सकती है। 7. सोनार और दूसरे उपकरणों की जरूरत जब पानी में कुछ दिखाई नहीं देता, तो रेस्क्यू टीम मलबे और प्लेन की स्थिति पता लगाने के लिए सोनार जैसे उपकरणों का इस्तेमाल कर सकती है। इसके बाद गोताखोरों को तय जगह पर भेजा जाता है। नाइजीरिया में पहले भी हुए बड़े प्लेन हादसे नाइजीरिया में पिछले 20 साल में कई बड़े प्लेन हादसे हुए हैं। इनमें यात्री और सैन्य प्लेन दोनों शामिल हैं। कुछ हादसों में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई। 2005 में दो बड़े हादसे बेलव्यू एयरलाइंस हादसा: अक्टूबर 2005 में बेलव्यू एयरलाइंस का प्लेन लागोस से अबुजा जाते समय उड़ान भरने के कुछ देर बाद क्रैश हो गया। प्लेन में सवार 117 लोगों की मौत हुई। सोलिसो एयरलाइंस हादसा: दिसंबर 2005 में सोलिसो एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय गिर गया। इसमें 109 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में कई स्कूली बच्चे भी थे। 2006 में 114 लोगों की मौत अक्टूबर 2006 में एडीसी एयरलाइंस का प्लेन अबुजा से पोर्ट हारकोर्ट जाते समय क्रैश हुआ। प्लेन में 114 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई। 2012 में रिहायशी इलाके में गिरा प्लेन जून 2012 में डाना एयर का प्लेन अबुजा से लागोस जाते समय क्रैश हो गया। प्लेन लागोस के एक रिहायशी इलाके में गिरा। इसमें सवार 153 लोगों की मौत हुई। जमीन पर मौजूद लोग भी हादसे की चपेट में आए। ———————————– ये खबर भी पढ़ें….. लंदन-शिकागो फ्लाइट 28 हजार फीट नीचे आई:पायलट ने इमरजेंसी अलर्ट भेजा; रास्ता बदलकर लंदन लौटी, वजह साफ नहीं ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA295 आयरलैंड के ऊपर उड़ान भरते समय कुछ ही मिनटों में करीब 28 हजार फीट नीचे आ गई। इस दौरान प्लेन ने 7700 इमरजेंसी कोड एक्टिव किया। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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मुंगेर में शॉर्ट सर्किट से बिजली केबल में आग: 500 से ज्यादा घरों की बिजली गुल, बाजार में अफरा-तफरी; फायर ब्रिगेड ने पाया काबू – Munger News




मुंगेर में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के कोड़ा मैदान चौक पर सोमवार देर शाम बिजली केबल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया। तेज चिंगारी के बाद केबल धू-धूकर जलने लगा। आग की लपटें उठती देख चौक पर मौजूद फल, सब्जी और किराना दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। लोग दुकानें छोड़कर सुरक्षित जगह की ओर भागने लगे। स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की। घरों से पानी लाकर आग पर डाला गया, लेकिन तेज लपटों के कारण आग नहीं बुझी। सूचना मिलने पर जिला अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद आसपास के दुकानदारों ने राहत की सांस ली। 500 से ज्यादा घरों में छाया अंधेरा आग में बिजली का केबल पूरी तरह जल गया। इसके चलते आसपास के मोहल्लों में 500 से ज्यादा घरों की बिजली गुल हो गई। पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। बिजली विभाग के कर्मी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त केबल को बदलने का काम शुरू किया। दुकान की बिजली ठीक कराने के दौरान हादसा स्थानीय लोगों के मुताबिक, चौक की एक किराना दुकान में बिजली नहीं आ रही थी। दुकानदार ने बिजली ठीक कराने के लिए निजी मिस्त्री को बुलाया था। तार जोड़ने के दौरान अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ और बिजली केबल में आग लग गई। घटना के समय चौक पर बड़ी संख्या में दुकानें खुली थीं। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद होने और दमकल टीम के पहुंचने से आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। इससे बड़ा हादसा टल गया।



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पिता के साथ ट्रैक्टर समेत कुएं में गिरे 2 बच्चे: खंडवा में 7 साल के बेटे की मौत, पिता और छोटे बेटे को मामूली चोट – Khandwa News




खंडवा के रोशनाई गांव में सोमवार शाम खेत जोतते समय ट्रैक्टर कुएं में पलट गया। ट्रैक्टर पर पिता सुरेश के साथ उनके दो बच्चे शुभम (7) और शिवम भी बैठे थे। हादसे में शुभम ट्रैक्टर के नीचे दब गया। पिता की आंखों के सामने उसकी मौत हो गई। शिवम ट्रैक्टर पलटने के दौरान जमीन पर गिर गया। सुरेश भी ट्रैक्टर के नीचे दबे थे, लेकिन किसी तरह बाहर निकल आए। पिता और छोटे बेटे को मामूली चोट आई है। हरी घास में फिसला ट्रैक्टर
पदमनगर टीआई दिलीप देवड़ा के मुताबिक, सुरेश खेत मालिक के ट्रैक्टर से खंडवा निवासी किसान ओम के यहां काम कर रहा था। परिवार बच्चों के साथ खेत पर ही रहता है। सोमवार शाम वह दोनों बच्चों को ट्रैक्टर पर बैठाकर खेत जोत रहा था। कुएं के पास नमी के कारण हरी घास उगी थी। इसी घास पर ट्रैक्टर का टायर फिसल गया। सुरेश ने ट्रैक्टर को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह कुएं में पलट गया। इसी दौरान शिवम जमीन किनारे पर गिर गया, सुरेश और शुभम ट्रैक्टर के साथ कुएं में अंदर गिर गए। ट्रैक्टर के नीचे दबने से शुभम की मौत हो गई। क्रेन से निकाला ट्रैक्टर,नीचे मिला बच्चे का शव
घटना शाम करीब 6 बजे की है। सूचना मिलने पर पदमनगर पुलिस मौके पर पहुंची। क्रेन की मदद से ट्रैक्टर को कुएं से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शुभम का शव बरामद किया। शुभम पहली कक्षा का छात्र था। बेटे की मौत से पिता सुरेश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस तीनों पिता-पुत्र को जिला अस्पताल लेकर पहुंची। शुभम के शव को मॉर्चरी में रखवाया गया। सुरेश और शिवम का प्राथमिक इलाज किया गया। दोनों को मामूली चोट आई है। शुभम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।



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महाराष्ट्र में हिंगोली के पटाखा गोदाम में आग, 2 मौतें: 7 लोग झुलसे; आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड भी जली


हिंगोली1 घंटे पहले

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मारवाड़ी गली के संकरे होने के कारण आग बुझाने में दिक्कतें हुईं।

महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में सोमवार रात पटाखों के गोदाम में आग लग गई। हादसा रात 8 बजे मारवाड़ी गली में हुआ। आग तेजी से फैली और पटाखे फटने से रुक-रुककर धमाके हुए। इससे इलाके में दहशत फैल गई।

आग से कुछ घर और गली में खड़े दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। यह पटाखा गोदाम गोपाल बस्तवार का बताया गया है।

2 लोगों के शव मिले हैं। बुरी तरह जल जाने के कारण उनकी पहचान नहीं हो पाई है। जबकि 7 लोग झुलस गए हैं।

आग बुझाने के लिए पहुंची दमकल विभाग की एक गाड़ी भी जल गई। साथ ही 2 कर्मियों के जलने की भी खबर है।

हादसे की 2 तस्वीरें…

फायर ब्रिगेड की गाड़ी में आग लग गई, इसे बुझाने में 2 कर्मी भी झुलस गए।

फायर ब्रिगेड की गाड़ी में आग लग गई, इसे बुझाने में 2 कर्मी भी झुलस गए।

आग के कारण गोदाम के बाहर खड़ी टूव्हीलर पूरी जल गई।

आग के कारण गोदाम के बाहर खड़ी टूव्हीलर पूरी जल गई।

तंग गलियों के कारण रेस्क्यू में परेशानी

फायर ब्रिगेड के अधिकारी ने बताया कि हिंगोली शहर का यह पुराना हिस्सा काफी भीड़भाड़ वाला है। यहां की संकरी गलियों के कारण दमकलकर्मियों को आग बुझाने में परेशानी हुई। मौके पर जुटी लोगों की भीड़ ने भी राहत और बचाव दल की मुश्किलें बढ़ाईं। आग लगने की वजह का पता बाद में चलेगा।

मुंबई में भी BEST के बस डिपो में आग से 12 बसें जलीं

इससे पहले सोमवार शाम को मध्य मुंबई में बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के अनिक बस डिपो में आग लगने से बारह नई बसें जलकर खाक हो गईं, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

BEST के प्रवक्ता ने बताया कि आग शाम 5:45 बजे अनिक डिपो यार्ड में लगी और इसमें वहां खड़ी कुछ CNG बसें चपेट में आ गईं। कम से कम चार दमकल गाड़ियां, पांच पानी के टैंकरों ने एक घंटे के बाद आग पर काबू पाया।

जलकर खाक हुईं 12 बसें नई बसों की खेप का हिस्सा थीं और आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि उन्होंने मौके पर धमाकों की आवाज सुनी और दूर से ही घना काला धुआं दिखाई दे रहा था। उन्होंने दावा किया कि बसों के CNG टैंक फट गए।

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ये खबर भी पढ़ें…

महाराष्ट्र में सरकारी अस्पताल में आग, 3 बच्चों की मौत: 36 को बचाया

महाराष्ट्र के अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में पिछले महीने आग लगने की घटना हुई थी। तीसरी मंजिल पर बने इस चाइल्ड केयर यूनिट में उस समय 39 नवजात भर्ती थे। इनमें 3 नवजातों की मौत हो गई। 36 को बचाया गया। पढ़ें पूरी खबर…



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एमसीडी के 5.1 लाख छात्रों को मिलेंगे यूनिफॉर्म-बैग: प्रत्येक छात्र को यूनिफॉर्म के 1,250 और बैग के 120 रुपए – New Delhi News




दिल्ली नगर निगम चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अपने स्कूलों में पढ़ने वाले 5.1 लाख छात्रों के बैंक खातों में यूनिफॉर्म और स्कूल बैग के लिए करीब 70 करोड़ रुपए की सहायता राशि सीधे ट्रांसफर करेगा। निगमायुक्त संजीव खिरवार के अनुसार, डीबीटी के जरिए राशि भेजने की प्रक्रिया इसी हफ्ते शुरू होगी। पहले चरण में जिन करीब 5.1 लाख छात्रों के बैंक खाते सक्रिय और विवरण अपडेट हैं, उन्हें भुगतान किया जाएगा। एमसीडी ने 31 अगस्त तक के नामांकन डेटा को फ्रीज कर कुल 6,56,950 छात्रों को योजना के लिए पात्र माना है। शेष पात्र बच्चों के बैंक खाते सक्रिय कराने और नए खाते खुलवाने के लिए निगम अधिकारी काम कर रहे हैं, ताकि सभी को योजना का लाभ मिल सके। यूनिफॉर्म के 1,250, बैग के 120 रुपए प्रत्येक छात्र को यूनिफॉर्म के लिए 1,250 रुपए और स्कूल बैग के लिए 120 रुपए यानी कुल 1,370 रुपए दिए जाएंगे। राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से अभिभावक समय पर बच्चों के लिए जरूरी सामान खरीद सकेंगे। स्टेशनरी के लिए अब सीधे खरीदारी करेगा निगम इस सत्र से स्टेशनरी वितरण व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले नोटबुक और स्टेशनरी के लिए 300 रुपए दिए जाते थे। अब यह राशि नकद या बैंक खाते में नहीं दी जाएगी। बैंक ट्रांसफर में होने वाली देरी को देखते हुए एमसीडी खुद नोटबुक और अन्य स्टेशनरी खरीदेगा और स्कूलों के माध्यम से छात्रों को वितरित करेगा। अभिभावकों पर आर्थिक बोझ होगा कम डीबीटी से यूनिफॉर्म और बैग की राशि सीधे छात्रों के खातों में पहुंचने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। स्टेशनरी स्कूलों के जरिए मिलने से बच्चों को राशि का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर बच्चों की बुनियादी शैक्षणिक जरूरतों का अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।



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