Saturday, November 7, 2026
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लखनऊ CBI कि विशेष अदालत ने बबलू को किया बरी: 20 साल पुराने मामले में मिली राहत , धमकी – रंगदारी के थे आरोप – Lucknow News




लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने अंडरवर्ल्ड डॉन ओमप्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव को रंगदारी मांगने के मामले में दोषमुक्त कर दिया है। आरोप था कि प्रयागराज की नैनी जेल में बंद रहने के दौरान उसने दूसरे व्यक्ति के सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कोलकाता के होटल व्यवसायी से 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह ने साक्ष्यों के अभाव में उसे बरी करने का आदेश दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को युक्तियुक्त संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा। अभियोजन का पूरा कथानक भी विश्वसनीयता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है। कोर्ट ने बबलू श्रीवास्तव को 20 हजार रुपए का जमानत बांड दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि फैसले के खिलाफ अपील होने पर वह अपीलीय अदालत के नोटिस पर उपस्थित होगा। ‘जेल में कैसे पहुंचा सिंह एजेंसी नहीं बता पाई’ बचाव पक्ष के अधिवक्ता जीशान अल्वी ने कोर्ट में दलील दी कि सीबीआई यह साबित नहीं कर सकी कि नैनी जेल में बंद रहने के दौरान बबलू श्रीवास्तव ने किसी दूसरे व्यक्ति के मोबाइल से फोन कर धमकी दी या रंगदारी वसूलने की कोशिश की। जांच एजेंसी यह भी पता नहीं लगा सकी कि उसके पास इस्तेमाल किए जा रहे सिम कार्ड जेल के अंदर कैसे पहुंचे।अधिवक्ता ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई विश्वसनीय साक्ष्य नहीं है, जिससे बबलू श्रीवास्तव के खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो सकें। हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने दर्ज किया था केस मामले की शुरुआत 14 दिसंबर 1998 को हुई थी। धीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने अपना सिम कार्ड संतोष शर्मा, मुदित श्रीवास्तव और गौरव श्रीवास्तव को बेच दिया था। कुछ समय बाद मोबाइल के करीब 9 हजार रुपए का बिल आने पर उन्होंने एस्सार कंपनी से संपर्क किया। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनके सिम का इस्तेमाल एक प्रभावशाली व्यक्ति कर रहा है। इसके बाद शिकायतकर्ता को धमकी मिलने लगी। आरोप लगाया गया कि उसका सिम नैनी जेल में बंद बबलू श्रीवास्तव इस्तेमाल कर रहा है। शिकायत में परिवार को खत्म करने की धमकी देने की बात भी कही गई थी। जेल से गैंग चलाने और रंगदारी वसूलने का था आरोप हाईकोर्ट ने 1 फरवरी 1999 को नैनी जेल से मोबाइल के जरिए गैंग के सदस्यों से संपर्क करने और बाहर अपराध कराने के आरोपों की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद सीबीआई ने 24 फरवरी 1999 को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।सीबीआई के मुताबिक, बबलू श्रीवास्तव 31 जनवरी 1997 से 11 जून 1999 तक नैनी जेल में बंद था। आरोप था कि वह जेल के अंदर मोबाइल और अलग-अलग सिम कार्ड का इस्तेमाल कर कृष्णा शेट्टी समेत अपने साथियों से संपर्क करता था। उसके सहयोगियों पर जेल कर्मचारियों को रिश्वत देकर मोबाइल और सिम पहुंचाने का भी आरोप था।



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Pok में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग, 2 की मौत: बस टर्मिनल पर प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया, दो दिन में 9 जानें गईं




पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में शुक्रवार को पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग कर दी। इसमें 2 लोगों की मौत हो गई। पिछले दो दिनों में पाकिस्तानी सेना की तरफ से अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले गुरुवार को भी 7 प्रदर्शनकारी मारे गए थे। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) ने आरोप लगाया कि सुरक्षाबलों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर भारी मशीनगनों और ड्रोन से हमला किया। 5 नवंबर की फायरिंग की तस्वीरें… लगातार 2 दिन हमले, तीन जगह पर निशाना पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने लगातार दो दिनों तक मटियालमेरा बस टर्मिनल, उमर फारूक चौक और रावलकोट में चल रहे धरनों पर कार्रवाई की। आरोप है कि सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी के साथ ड्रोन से हमले भी किए। इस दौरान भारी मशीनगनों और बख्तरबंद गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। PoK में 7 जून से अब तक 155 लोगों की मौत PoK में 7 जून से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार और शुक्रवार की घटना के बाद इस आंदोलन में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 155 हो गई है। आंदोलन की शुरुआत स्थानीय लोगों के राजनीतिक अधिकारों और आर्थिक समस्याओं को लेकर हुई थी। अब प्रदर्शनकारी पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की वापसी और अपने नेताओं पर दर्ज मामलों को खत्म करने की मांग भी कर रहे हैं। आंदोलन की 4 बड़ी वजहें…. 1. विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों का विवाद PoK विधानसभा में कुल 53 सीटें हैं। इनमें से 12 सीटें पाकिस्तान में रहने वाले कश्मीर मूल के लोगों के लिए आरक्षित हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन सीटों के जरिए पाकिस्तान की सरकार PoK की राजनीति में दखल देती है। उनका कहना है कि इन सीटों पर स्थानीय लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं होता। 7 जून को PoK के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह विवाद और बढ़ गया। अदालत ने कहा था कि इन सीटों को संवैधानिक बदलाव के बिना खत्म नहीं किया जा सकता। 2. बिजली और मंगला डैम का मुद्दा PoK के मंगला डैम से बड़ी मात्रा में बिजली बनाई जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें बिजली महंगे दामों पर मिलती है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि डैम से बनने वाली बिजली स्थानीय लोगों को कम कीमत पर दी जाए। 3. महंगाई और आटे की कमी PoK में महंगाई, महंगा आटा और दूसरी जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों से लोग परेशान हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बिजली के साथ आटे पर भी सब्सिडी दी जाए, ताकि आम परिवारों को राहत मिल सके। 4. पाकिस्तानी सुरक्षाबलों की वापसी प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आंदोलन को दबाने के लिए तैनात पाकिस्तानी रेंजर्स और सेना को वापस बुलाया जाए। इसके अलावा अवामी एक्शन कमेटी के नेताओं पर आतंकवाद निरोधक कानून के तहत दर्ज मामले खत्म करने की मांग भी की जा रही है। —————- यह खबर भी पढ़ें… यूरोप में 15 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी:फ्रांस ने फाइटर जेट भेजे, इमरजेंसी लैंडिंग कराई; 2 दिन पहले भी धमकियां मिली थीं यूरोप में गुरुवार को 15 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें फिनलैंड, इटली, फ्रांस, चेक गणराज्य और बुल्गारिया के विमान शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने कई विमानों का रास्ता बदलवाया, जबकि फ्रांस ने डबलिन से रोम जा रही फ्लाइट की सुरक्षा के लिए फाइटर जेट भेजे। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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MP में 2% महंगाई भत्ते के एरियर की प्रक्रिया: जनवरी से सितंबर तक का बकाया 3 किस्तों में मिलेगा; IFMIS विंडो खुली – Bhopal News



मध्यप्रदेश के 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को 2% अतिरिक्त महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) के साथ मिलने वाले एरियर के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए IFMIS विंडो खोल दी गई है।

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दैनिक भास्कर की खबर के बाद वित्त विभाग के आयुक्त कोष एवं लेखा ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय संयुक्त संचालकों और कोषालय अधिकारियों को एरियर का भुगतान करने के निर्देश जारी किए हैं। अब महंगाई भत्ते और महंगाई राहत के बिल लगने शुरू होंगे। हालांकि, कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली पर इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।

आयुक्त कोष एवं लेखा ने जारी आदेश में बताया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से 58% से बढ़ाकर 60% कर दिया गया है। इस 2% वृद्धि का एरियर तीन समान किस्तों में दिया जाएगा। जनवरी से सितंबर 2026 तक के 9 महीने के एरियर की किस्तें नवंबर 2026, दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 में जारी होंगी।

अक्टूबर 2026 का एरियर नकद मिलेगा

आदेश के अनुसार, अक्टूबर 2026 के महंगाई भत्ते का एरियर कर्मचारियों को नकद भुगतान के रूप में दिया जाएगा। एरियर की गणना और भुगतान के लिए IFMIS-Payroll Admin में Arrear Calculation/Verification स्क्रीन के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसके तहत जनवरी से सितंबर 2026 तक के एरियर के लिए ‘State Employee DA Arrear – Arrear Duration (Jan 2026 to Sept 2026) DA Arrear’ विकल्प चुनना होगा। वहीं, 1 जनवरी 2024 से देय महंगाई भत्ते के एरियर सहित भुगतान के लिए ‘Arrear (01 Jan 2024 including DA arrear)’ विकल्प उपलब्ध कराया गया है।

आयुक्त कोष एवं लेखा कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को इस प्रक्रिया की जानकारी देकर जरूरी कार्रवाई कराएं।

गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने 4 नवंबर को कर्मचारियों और पेंशनर्स को दिवाली से पहले महंगाई भत्ता और महंगाई राहत मिलने को लेकर खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद वित्त विभाग ने 5 नवंबर को भुगतान संबंधी निर्देश जारी किए।

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सीएम की घोषणा…फिर भी वेतन के साथ बढ़ा डीए नहीं

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 2% महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने की घोषणा के बाद वित्त विभाग ने 30 अक्टूबर को आदेश जारी कर दिए, लेकिन कर्मचारियों को बढ़ा हुआ डीए वेतन के साथ नहीं मिल सका। पढ़िए पूरी खबर।



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दूसरे की जमीन पर रास्ता बना सकते हैं या नहीं, क्या कहता है संपत्ति का कानून


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Property Knowledge : मान लीजिए कि आपकी कोई जमीन गली के ऐसे कोने में पड़ती है, जहां कोई आने-जाने का रास्ता ही नहीं है. सामने जो रास्ता है भी वह किसी अन्य की जमीन से जाता है. अब सवाल ये है कि क्या आपको दूसरे की जमीन से रास्ता लेने का अधिकार है या नहीं. अगर है तो आप कितना चौड़ा रास्ता बना सकते हैं और क्या आप उस जमीन के मालिक भी बन सकते हैं.

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दूसरे की जमीन पर रास्ता बना सकते हैं या नहीं, क्या कहता है संपत्ति का कानूनZoom

सुखाधिकार कानून के तहत दूसरे की जमीन से रास्ता मांगा जा सकता है.

नई दिल्ली. संपत्ति के विवाद में एक मुद्दा अक्सर सामने आता है कि आपके घर के सामने दूसरे की जमीन पड़ रही तो आने-जाने का रास्ता कहां से मिलेगा. मसलन, अगर आपका रास्ता हर तरफ से बंद है और जो खुला है, वह किसी और की जमीन है. क्या ऐसे में आपको दूसरे की जमीन पर रास्ता बनाने का अधिकार होगा. इस बारे में देश का कानून आखिर क्या कहता है. सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे लेकर बाकायदा कानून और गाइडलाइन बनाई है.

भारतीय कानून में एक प्रावधान है ईजमेंट राइट यानी सुखाधिकार का. इंडियन ईजमेंट एक्ट, 1882 के तहत यह कानून किसी और की जमीन से भी आपको रास्ता दिलाने की वकालत करता है. हालांकि, इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं. कानून के तहत किसी अन्य की जमीन पर सीमित उपयोग का अधिकार मिल सकता है, लेकिन मालिकाना हक उसी व्यक्ति के पास रहेगा जिसकी जमीन है. यह कानून अपनी मर्जी से किसी अन्य की जमीन पर रास्ता बनाने का अधिकार नहीं देता है.

कब मिलता है रास्ते का अधिकार
मान लीजिए कि आपने जहां पर मकान बनवाया है, वह काफी अंदर पड़ता है और आसपास रास्ते का कोई और विकल्प नहीं है. आपका मकान चारों तरफ से घिरा है और जिधर से खुला है, वह किसी और की जमीन है. ऐसे में ईजमेंट एक्ट (Indian Easements Act) की धारा 13 के तहत आप दूसरे की जमीन पर रास्ते का दावा कर सकते हैं. लेकिन, रास्ता तभी मिलेगा जब यह साबित हो जाए कि बिना इस रास्ते के संपत्ति का इस्तेमाल करना संभव नहीं है. अगर संबंधित मकान तक कोई वैकल्पिक रास्ता मौजूद है तो दूसरे की जमीन से रास्ता मांगने का अधिकार नहीं मिलेगा.

कब कर सकते हैं दावा
सुखाधिकार कानून की धारा 15 में साफ कहा गया है कि अगर किसी रास्ते का इस्तेमाल 20 साल से किया जा रहा है और अचानक उस जमीन को किसी और ने खरीदकर रास्ता बंद कर दिया तो संबंधित व्यक्ति को वहां से रास्ता मांगने का अधिकार है. इसमें यह साबित करना होता है कि रास्ते का इस्तेमाल खुलेआम किया जा रहा है और इसके लिए किसी अन्य की अनुमति भी नहीं लेनी पड़ी है. कानून की धारा 18 के तहत रास्ता मांगने वाले को यह साबित करना पड़ता है कि वहां से आवाजाही सार्वजनिक रूप से लंबे समय से रही है.

क्या रास्ता देने से कर सकते हैं इनकार
सवाल ये है कि जमीन का मालिक क्या रास्ता देने से इनकार कर सकता है. जवाब है कि अगर रास्ता मांगने वाला सेक्शन 13 की सभी शर्तों को पूरा कर रहा है तो जमीन का मालिक सामान्य रूप से रास्ता देने से इनकार नहीं कर सकता. इसमें यह भी तय किया जाता है कि रास्ते की चौड़ाई कितनी होगी. जमीन की स्थिति को देखते हुए रास्ते की चौड़ाई तय की जाती है. इसमें यह देखा जाता है कि पहले से किस तरह के उद्देश्य के तहत रास्ते का इस्तेमाल किया जा रहा था.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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मारपीट से हुई हत्या में 12 अभियुक्त दोषी: औरंगाबाद कोर्ट 20 नवंबर को सुनाएगा सजा; लाठी-डंडे और रॉड से हमले में जान गई थी – Aurangabad (Bihar) News




औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला जज राजीव रंजन कुमार ने मदनपुर थाना कांड संख्या 402/24 में 12 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। सभी को 20 नवंबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी।
लोक अभियोजक अजय कुमार संतोष ने बताया कि रामेश्वर भुईयां को बीएनएस की धारा 103 के तहत दोषी ठहराया गया। बन्नी भुईयां, कुलदीप भुईयां और विकास भुईयां को धारा 117(2) के तहत दोषी करार दिया गया।
पिन्टु, दशरथ, मुन्ना, असंत, योगेन्द्र, अर्जुन भुईयां, चिंता देवी और रजली देवी को भी धारा 117(2) के तहत दोषी ठहराया गया। अदालत ने उनके बंधपत्र रद्द कर उन्हें जेल भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने 8 गवाह पेश किए।
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि प्राथमिकी कुंती देवी ने 13 अक्टूबर 2024 को दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, 12 अक्टूबर की रात 9 बजे अभियुक्त लाठी-डंडे और रॉड लेकर घर के दरवाजे पर पहुंचे और गाली देने लगे।
कुंती देवी के ससुर लक्ष्मण भुईयां ने गाली देने से मना किया, तो उन पर लाठी-डंडे और रॉड से हमला किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बचाव करने पहुंचे परिवार के सदस्य नागेन्द्र भुईयां और अजय भुईयां भी घायल हुए थे।
अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र 8 मार्च 2025 को दाखिल किया गया था।



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राहुल गांधी के घर पर कांग्रेस नेताओं का दिवाली मिलन: प्रदर्शन, SIR और दिल्ली प्रदूषण पर सरकार को घेरा; पिछले महीने हाईटी पर बुलाया था


44 मिनट पहले

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दिवाली से पहले शुक्रवार को नई दिल्ली में राहुल गांधी के आवास पर कांग्रेस नेताओं का दिवाली मिलन कार्यक्रम हुआ। इसमें कांग्रेस नेताओं ने BJP पर शासन, नागरिकता और दिल्ली के प्रदूषण को लेकर निशाना साधा।

कार्यक्रम का मकसद त्योहार के माहौल में मिलना-जुलना था। लेकिन यह BJP के खिलाफ कांग्रेस के राजनीतिक हमले में बदल गया। कांग्रेस नेताओं ने BJP के देशभर में प्रदर्शनों, SIR और दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण पर सवाल उठाए।

यह पहला मौका है, जब राहुल गांधी ने दिवाली पार्टी रखी है। इसके पहले वे 13 अक्टूबर को INDIA ब्लॉक नेताओं को चाय पर बुला चुके हैं।

आज का इवेंट केवल कांग्रेस नेताओं के लिए था। इसमें अध्यक्ष खड़गे समेत कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री, CWC सदस्य और प्रदेश प्रभारी समेत बड़ी संख्या में सीनियर नेता पहुंचे।

राहुल की दिवाली पार्टी की 2 तस्वीरें…

राहुल गांधी की पार्टी में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अशोक गहलोत नजर आए।

राहुल गांधी की पार्टी में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और अशोक गहलोत नजर आए।

दिवाली पार्टी के दौरान डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी से हाथ मिलाकर हालचाल जाना।

दिवाली पार्टी के दौरान डीके शिवकुमार ने राहुल गांधी से हाथ मिलाकर हालचाल जाना।

पार्टी में शामिल नेताओं के बयान…

  • अशोक गहलोत: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने BJP के सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने पर सवाल उठाया। कहा- “80 साल में पहली बार भूमिकाएं बदलती दिख रही हैं। विपक्ष के बजाय सत्तारूढ़ पार्टी ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘अराजकता खत्म करो’ के नारे लगा रही है।”
  • पवन खेड़ा: खेड़ा ने चल रही स्पेशल समरी रिविजन प्रक्रिया को लेकर गंभीर आशंकाएं जताईं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित करने का तरीका बन सकती है। अगर आपको भारतीय नागरिक के रूप में ही मान्यता नहीं मिलेगी, तो आपके पास क्या बचेगा?
  • उदित राज : NCR में मौसमी धुंध और प्रदूषण के लिए सरकार को सीधे जिम्मेदार ठहराया। उदित राज ने कहा, “जब BJP सत्ता में नहीं थी, तब वह हर जिम्मेदारी विपक्ष पर डालती थी। अब केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उपराज्यपाल के अधीन प्रशासन और स्थानीय नगर निकायों पर उसका नियंत्रण है। इसलिए अब जिम्मेदारी उसी की है।

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बृजभूषण बोले- राहुल गांधी बिना पिए नशे में हैं: भगवंत मान पीते होंगे, लेकिन दिन में नहीं; कांग्रेस सांसद के तंज पर भड़के

गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- राहुल गांधी हर बार विवादित बयान देते हैं। वह बिना पिए ही नशे में हैं। उनका नशा उतरता ही नहीं है। उन्हें अपना नशा कम करना चाहिए।

बृजभूषण सिंह ने गुरुवार को एजेंसी ANI से बातचीत में राहुल गांधी के उस बयान पर पलटवार किया, जिसमें उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुंह से शराब की बदबू आने की बात कही थी।

पूर्व सांसद ने कहा- यह अच्छा कटाक्ष नहीं है। हम नहीं मानते कि वहां के मुख्यमंत्री के मुंह से बदबू आती होगी। पीते होंगे, लेकिन दिन में तो नहीं पीते होंगे।पढ़ें पूरी खबर…



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सीधी में यहां मिल रहा हैं 10 रुपए में 4 समोसे, स्वाद ऐसा कि दुकान पर लगती है लंबी कतार

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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों एक समोसे की दुकान अपने स्वाद और कम कीमत को लेकर चर्चा में है. ग्राम पटपरा में रहने वाले अमृतलाल कारपेंटर पहले मजदूरी करके परिवार चलाते थे, लेकिन कम आमदनी के चलते उन्होंने खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया. आज वह अपनी दुकान पर महज 10 रुपये में चार समोसे बेच रहे हैं.

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों एक समोसे की दुकान अपने स्वाद और कम कीमत को लेकर चर्चा में है. ग्राम पटपरा में रहने वाले अमृतलाल कारपेंटर पहले मजदूरी करके परिवार चलाते थे, लेकिन कम आमदनी के चलते उन्होंने खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया. आज वह अपनी दुकान पर महज 10 रुपये में चार समोसे बेच रहे हैं. सस्ते और स्वादिष्ट समोसों के कारण उनकी दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है.

मृतलाल बताते हैं कि पहले वह मजदूरी का काम करते थे. दिनभर मेहनत करने के बाद भी उन्हें उतनी आमदनी नहीं हो पाती थी, जिससे परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें. इसके बाद उन्होंने कुछ अलग करने और खुद का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया.इसी सोच के साथ उन्होंने समोसे की दुकान खोल ली. शुरुआत में यह उनके लिए नया काम था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों को उनके हाथों का स्वाद पसंद आने लगा. अब उनकी दुकान पर समोसे खाने के लिए आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी ग्राहक पहुंचते हैं.

10 रुपये में चार समोसे, कीमत ने खींचे ग्राहक
अमृतलाल की दुकान की सबसे खास बात यहां मिलने वाले समोसों की कीमत है. वह महज 10 रुपये में चार समोसे देते हैं. कम कीमत और स्वाद के चलते उनकी दुकान पर ग्राहकों की लंबी कतारें लग जाती हैं. कई लोग खास तौर पर उनके समोसे खाने के लिए दुकान तक पहुंचते हैं.

गुणवत्ता से नहीं करते समझौता
अमृतलाल का कहना है कि वह ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहते. इसलिए समोसे बनाने में अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का इस्तेमाल करते हैं। उनका मानना है कि कारोबार में ग्राहकों का भरोसा सबसे जरूरी है. इसी वजह से वह स्वाद के साथ सामान की गुणवत्ता पर भी ध्यान देते हैं.अमृतलाल के अनुसार, अब इस छोटे से कारोबार से उन्हें रोजाना करीब 4 हजार रुपये की कमाई हो रही है। मजदूरी से शुरुआत करने वाले अमृतलाल आज अपने व्यवसाय के जरिए परिवार को बेहतर आर्थिक सहारा दे रहे हैं. उनकी कहानी बताती है कि मेहनत, सही सोच और ग्राहकों के भरोसे से छोटा कारोबार भी सफलता की राह खोल सकता है.



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अजमेर मेंं दीपावली पर रोशनी में नहाया शहर, देखें PHOTO’S: आनासागर का 10 KM ट्रैक पुष्कर घाटी से डायमंड रिंग जैसा दिखा; अयोध्या की तर्ज पर सजे बाजार – Ajmer News




दीपावली पर अजमेर रोशनी के अनूठे रंग में रंग गया है। आनासागर की 10 किमी का ट्रैक पुष्कर घाटी से चमकती ‘डायमंड रिंग’ जैसी नजर आ रही है। रामसेतु से लेकर मार्टिंडल ब्रिज, अलवर गेट, नगरा, रामनगर और पुष्कर रोड तक रंग-बिरंगी रोशनी और भगवा सजावट ने शहर का रूप बदल दिया है। नगर निगम ने इस बार उत्तर के साथ दक्षिण क्षेत्र की बस्तियों और कॉलोनियों तक सजावट पहुंचाई है। शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने चौपाटी से विद्युत सजावट का शुभारंभ किया। देवनानी ने बताया कि दीपावली पर सवा लाख दीपक जलाए जाएंगे। अगले दो साल में यह संख्या 5 लाख तक पहुंचाने की योजना है। पर्यटकों ने भी इस बार की सजावट को पहले से अलग और खूबसूरत बताया। पुष्कर की नेहा ठाकुर ने कहा कि इस बार का नजारा बेहद शानदार है, वहीं नसीराबाद की प्रतिमा रावत ने रोशनी देखकर कहा- ‘वाओ सो ब्यूटीफुल। PHOTO’S में देखें अजमेर की रौशनी……



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चेक बाउंस मामले में महिला को 2 साल की सजा: टाइल्स-मार्बल की पेमेंट के लिए दिए थे दो चेक; जुर्माने से 4.50 लाख रुपए कारोबारी को मिलेंगे – Pilibhit News




पीलीभीत में बकाया रकम के भुगतान के लिए दिए गए दो चेक बाउंस होने के मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगल देव सिंह ने महिला को दोषी ठहराते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से 4.50 लाख रुपए परिवादी को देने का आदेश दिया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर महिला को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। 3.74 लाख रुपए का खरीदा था सामान, ढाई लाख रह गए थे बकाया अभियोजन के अनुसार, मोहल्ला नई बस्ती निवासी नवीन कुमार अग्रवाल टाइल्स, मार्बल और सेनेटरी सामान के थोक व फुटकर कारोबारी हैं। 5 अप्रैल से 9 अगस्त 2018 के बीच मनजिंदर पाल रियाड़ और उनके पति जितेंद्र पाल सिंह ने आवासीय भवन निर्माण के लिए उनके प्रतिष्ठान से 3.74 लाख रुपए का सामान खरीदा था। इसमें 1.24 लाख रुपए नकद दिए गए थे, जबकि ढाई लाख रुपए बकाया रह गए थे। दो चेक खाते में पर्याप्त रकम न होने से हुए बाउंस बकाया रकम के भुगतान के लिए मनजिंदर पाल रियाड़ ने 15 जून 2019 को 2 लाख और 50 हजार रुपए के दो चेक दिए। नवीन कुमार अग्रवाल ने दोनों चेक बैंक में जमा किए, लेकिन 1 जुलाई 2019 को खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गए। इसके बाद अधिवक्ता शरद जायसवाल के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजकर भुगतान मांगा गया। रकम नहीं मिलने पर 13 अगस्त 2019 को न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाई सजा सुनवाई के दौरान नवीन कुमार अग्रवाल ने गवाही दी। उन्होंने मूल चेक, बैंक रिटर्न मेमो और कानूनी नोटिस समेत अन्य दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। अभियुक्ता ने चेक पर अपने हस्ताक्षर स्वीकार किए, लेकिन बकाया रकम और चेक जारी करने से इनकार किया। न्यायालय ने साक्ष्यों की जांच के बाद परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत आरोप सिद्ध माना। इसके आधार पर महिला को दोषी ठहराते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने में से 4.50 लाख रुपए परिवादी को देने का आदेश दिया गया है।



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CBSE ने 10वीं-12वीं की परीक्षा तारीखों का ऐलान किया, 16 फरवरी 2027 से होंगी परीक्षाएं


केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा तारीखों का ऐलान किया है। सीबीएसई की परीक्षाएं 16 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से शुरू होंगी। सीबीएसई के मुताबिक 10वीं में 26.50 लाख, 12वीं में 19.80 लाख छात्र परीक्षा देंगे। ये डेट शीट परीक्षाएं शुरू होने से 101 दिन पहले जारी की गई हैं। 6 नवंबर के CBSE नोटिफिकेशन के अनुसार, कक्षा 10 के छात्र 83 विषयों की परीक्षा देंगे, जबकि कक्षा 12 के छात्र 121 विषयों की परीक्षा देंगे।




बोर्ड ने बताया कि परीक्षा कार्यक्रम कई बातों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इनमें शामिल हैं – छात्रों द्वारा आमतौर पर एक साथ चुने जाने वाले विषयों के पेपरों के बीच का अंतर, प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं का शेड्यूल, और हर परीक्षा केंद्र पर शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या। CBSE ने कहा कि उसने इस शेड्यूल को इस तरह से भी तैयार किया है ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान छात्रों को लंबे समय तक स्कूल से दूर न रहना पड़े।

देखें पूरी डेटशीट

  

बोर्ड ने क्या बताया?

बोर्ड ने डेट शीट तैयार करते समय 40,000 से अधिक विषय संयोजनों (subject combinations) पर विचार किया, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसी छात्र द्वारा चुने गए किन्हीं दो विषयों की परीक्षाएं एक ही दिन न पड़ें। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि स्कूलों द्वारा उम्मीदवारों की सूची (LOC) जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह शेड्यूल फाइनल किया गया। अब बोर्ड के पास छात्रों द्वारा चुने गए विषय संयोजनों का अंतिम डेटा मौजूद है। बोर्ड ने यह भी कहा कि परीक्षाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए, उसने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पर विचार किया है।





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