Wednesday, November 4, 2026
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AIIMS-जोधपुर में पहली बार IVF तकनीक से बच्चे का जन्म: सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल और आइवीएफ से अब दंपतियों में इलाज की उम्मीद जगी – Jodhpur News


अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर में पहली बार इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) एवं सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल तकनीक की सहायता से बच्चे का जन्म हुआ है।

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ऑब्सट्रक्टिव एज़ोस्पर्मिया के कारण कई दंपति पेरेंट्स नहीं बन पा रहे थे। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रतिभा सिंह के मार्गदर्शन में एसोसिएट प्रोफेसर एवं आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. मनु गोयल, यूरोलॉजी विभाग के डॉ. दीपक भिरुड, भ्रूणविज्ञानी डॉ. गिरीश की टीम ने इस तकनीक में शामिल थे।

कई पुरुषों में ऑब्सट्रक्टिव एज़ोस्पर्मिया की जन्मजात समस्या होती है

ऑब्सट्रक्टिव एज़ोस्पर्मिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष के अंडकोष में शुक्राणु बनते हैं, लेकिन प्रजनन मार्ग में अवरोध के कारण वे स्पर्म में नहीं पहुंच पाते। कुछ मामलों में यह स्थिति जन्मजात होती है। ऐसी स्थिति में सर्जरी के माध्यम से प्रजनन मार्ग से शुक्राणु प्राप्त किए जा सकते हैं।

सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल के बाद आईवीएफ-आईसीएसआई तकनीक ऑब्सट्रक्टिव एज़ोस्पर्मिया से पीड़ित कुछ पुरुषों के लिए इलाज का विकल्प है। जिससे दंपति अपने शुक्राणु एवं अंडाणु की सहायता से संतान प्राप्ति कर सकते हैं।

दंपत्ति का इलाज करने वाली एम्स डॉक्टर्स की टीम।

माां और बच्चा दोनों स्वस्थ डॉ. मनु गोयल ने बताया कि इस मामले में सर्जरी के माध्यम से प्राप्त शुक्राणुओं का उपयोग इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) एवं इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) तकनीक में किया गया।

इस तकनीक में एक शुक्राणु को सीधे अंडाणु में प्रविष्ट कराया जाता है। इसके बाद विकसित भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया गया, जिससे सफल गर्भावस्था के बाद बच्चे का जन्म हुआ। माता और शिशु दोनों स्वस्थ हैं।

बांझपन की समस्या महिला-पुरुष दोनों में संभव प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा सिंह ने बताया- बांझपन की समस्या पुरुष या महिला, किसी एक अथवा दोनों में हो सकती है। इसलिए उचित इलाज के लिए दोनों की समय पर और सभी जांच आवश्यक है। रिप्रोडेक्टिव मेडिसिन में हुई प्रगति से बांझपन से जूझ रहे कई दंपतियों को इलाज के नए विकल्प उपलब्ध हुए हैं।

एम्स जोधपुर के सहायक प्रजनन तकनीक (असिस्टेड रिप्रोडेक्टिव टेक्नोलॉजी- ART) केंद्र में पिछले दो साल से सर्जिकल स्पर्म रिट्रीवल एवं संबंधित प्रजनन इलाज की सुविधा उपलब्ध हैं।



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अधिवक्ताओं ने टीन शेड की जगह बेचने का आरोप लगाया: मेरठ कलेक्ट्रेट में 12 लाख रुपए में जगह बेचने और हटाने की शिकायत डीएम से की – Meerut News




मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में टीन शेड की जगह को लेकर दो अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। उन्होंने राजकीय संपत्ति पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया और अपनी सीट वापस दिलाने की मांग की है। अधिवक्ता निखिल कुमार सिंह और उनकी पत्नी अनुष्का भारद्वाज पिछले 4 साल से महात्मा गांधी बिल्डिंग के पीछे टीन शेड के नीचे विधि व्यवसाय कर रहे थे। आरोप है कि 23 अक्टूबर 2026 को रविंद्र कुमार और प्रशांत गुप्ता ने यह जगह 12 लाख रुपए में मोहम्मद शहादत अब्बासी, रफीक आलम, मोहम्मद सुहैब और फरहा अब्बासी को बेच दी। इसके बाद निखिल कुमार सिंह और अनुष्का भारद्वाज को वहां से हटा दिया गया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह जमीन नजारत की है। उन्होंने डीएम से अपनी सीट वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उन्होंने प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन देते हुए मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से भी करने की की है। उनका कहना है कि गलत तरीके से आवंटन किया गया है।



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सहरसा नगर निगम में दूसरे दिन भी तालाबंदी: 40 से ज्यादा पार्षदों ने नगर आयुक्त के निलंबन का विरोध किया, कोसी आयुक्त को ज्ञापन सौंपा – Saharsa News




सहरसा नगर निगम में नगर आयुक्त प्रभात कुमार झा के निलंबन और तबादले के विरोध में लगातार दूसरे दिन भी कामकाज ठप रहा। वार्ड पार्षदों और उनके प्रतिनिधियों ने निगम कार्यालय में तालाबंदी कर विरोध जताया। इस दौरान पार्षदों ने नगर आयुक्त का निलंबन वापस लेने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। कोसी प्रमंडल के आयुक्त को सौंपा ज्ञापन 40 से अधिक वार्ड पार्षदों के हस्ताक्षर वाला संयुक्त ज्ञापन कोसी प्रमंडल के आयुक्त को सौंपा गया। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास एवं आवास मंत्री, जिलाधिकारी और सदर एसडीओ को भी भेजी गईं। इसमें पार्षदों ने नगर आयुक्त के निलंबन और तबादले पर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की। दीपावली और छठ से पहले सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका ज्ञापन में पार्षदों ने कहा कि दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले नगर आयुक्त के निलंबन और सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनके अनुसार, प्रभात कुमार झा के कार्यकाल में जलजमाव से राहत दिलाने, सड़क और नाला निर्माण, तालाबों के सुधार, ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई से जुड़े कई काम किए गए थे। पार्षदों ने आशंका जताई कि उनके हटने से शहर में चल रहे विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। 68 विभागीय योजनाओं का भी किया जिक्र पार्षदों ने ज्ञापन में निगम की 68 विभागीय योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं तत्कालीन मुख्यमंत्री के दौरे और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों के अनुपालन में जनहित को ध्यान में रखकर शुरू की गई थीं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि फेसबुक पर चलाए गए भ्रामक अभियानों के आधार पर नगर आयुक्त का पक्ष सुने बिना उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने इस कार्रवाई को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया। निलंबन वापस लेने और निष्पक्ष जांच की मांग धरना और तालाबंदी में शामिल पार्षदों ने प्रभात कुमार झा का निलंबन तत्काल वापस लेने के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



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न रसगुल्ला न काजू कतली, दिवाली पर करौली के इस मक्खन बड़े का है जबरदस्त क्रेज

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Karauli Famous Sweets: करौली के पंचायती मंदिर के पास स्थित शिव शंकर मिष्ठान भंडार का मशहूर मक्खन बड़ा पिछले 20 सालों से लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. दीपावली पर इसकी डिमांड इतनी बढ़ जाती है कि हलवाई 15 दिन पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं. खास स्वाद और पारंपरिक बनाने की विधि के चलते ग्राहक पहले से ही इसकी एडवांस बुकिंग करवा रहे हैं.

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ने लगती है. इस दौरान बाजार में कई तरह की मिठाइयां देखने को मिलती हैं, लेकिन करौली की एक पारंपरिक मिठाई ऐसी है, जिसका लोगों को पूरे साल इंतजार रहता है. हम बात कर रहे हैं पंचायती मंदिर के प्रसिद्ध मक्खन बड़े की. अपने अनूठे स्वाद और शुद्धता के लिए मशहूर यह मिठाई पिछले करीब 20 सालों से लोगों की पसंद बनी हुई है.

खास बात यह है कि दीपावली पर इसकी मांग इतनी बढ़ जाती है कि हलवाई 15 दिन पहले से ही इसे तैयार करने में जुट जाते हैं. करौली में पंचायती मंदिर के पास स्थित शिव शंकर मिष्ठान भंडार के मक्खन बड़े की पहचान अब शहर तक ही सीमित नहीं रही है. दीपावली के मौके पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोग भी इस खास मिठाई की खरीदारी करते हैं. कई ग्राहक ऐसे हैं, जो त्योहार से पहले ही अपनी जरूरत के हिसाब से मिठाई का ऑर्डर बुक करवा देते हैं.

इस मिठाई की लोकप्रियता के पीछे इसकी पारंपरिक बनाने की विधि और खास स्वाद को अहम माना जाता है. मक्खन बड़ा सामान्य मिठाइयों से अलग होता है. इसका स्वाद और बनावट इसे दूसरी मिठाइयों से खास बनाते हैं. इसकी तैयारी में सामग्री की गुणवत्ता और सही प्रक्रिया का विशेष ध्यान रखा जाता है.यही वजह है कि वर्षों से इसका स्वाद पसंद करने वाले ग्राहक दीपावली पर इसे खरीदना नहीं भूलते.

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दीपावली के आसपास करौली के इस प्रसिद्ध मक्खन बड़े की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है. ग्राहकों की पसंद और एडवांस ऑर्डर को देखते हुए हलवाई करीब 15 दिन पहले से ही इसे बनाना शुरू कर देते हैं. त्योहार के अंतिम दिनों में अचानक बढ़ने वाली मांग को पूरा करना आसान नहीं होता, इसलिए पहले से मिठाई तैयार करने की योजना बनाई जाती है. कई ग्राहक तो अपनी पसंद के अनुसार पहले ही ऑर्डर दे देते हैं, ताकि त्योहार पर उन्हें मिठाई के लिए इंतजार नहीं करना पड़े.

करौली की यह खास मिठाई बताती है कि पारंपरिक स्वाद और गुणवत्ता के दम पर स्थानीय कारोबार किस तरह अपनी अलग पहचान बना सकता है. बाजार में भले ही हर साल नई-नई मिठाइयां और स्वाद आते हों, लेकिन मक्खन बड़े के प्रति लोगों का लगाव आज भी कायम है.

दीपावली पर घर आए मेहमानों की खातिरदारी हो या रिश्तेदारों को मिठाई भेंट करना, मक्खन बड़ा करौली के लोगों की पसंद में खास जगह रखता है.यही वजह है कि हर साल त्योहार से पहले इसकी तैयारी शुरू हो जाती है और मिठाई के लिए एडवांस बुकिंग का सिलसिला भी चल पड़ता है.

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आलीराजपुर में गुरुवार को 2.5 घंटे बिजली कटौती: सबस्टेशन ग्रिड पर मेंटनेंस से सुबह 7 से 9:30 बजे तक नहीं रहेगी लाइट – alirajpur News




आलीराजपुर शहर में गुरुवार सुबह बिजली कटौती रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार गुरुवार को सबस्टेशन ग्रिड पर आवश्यक रखरखाव कार्य करेगा। इसके चलते सुबह 7 बजे से 9:30 बजे तक पूरे शहर की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। सबस्टेशन ग्रिड पर अति आवश्यक कार्य के लिए शटडाउन लिया जाएगा। सहायक यंत्री दुर्गेश चौहान ने बताया कि सुबह 7 बजे बिजली सप्लाई बंद की जाएगी। काम पूरा होने के बाद सुबह 9:30 बजे आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। घरेलू कामकाज पर पड़ेगा असर सुबह के समय बिजली बंद रहने से लोगों को परेशानी हो सकती है। पानी की मोटर चलाने, पेयजल जमा करने और घरेलू उपकरणों के इस्तेमाल पर असर पड़ेगा। दुकानदारों और व्यापारियों को भी अपने कामकाज की तैयारी पहले से करनी होगी। पहले निपटा लें जरूरी काम विभाग के मुताबिक, रखरखाव कार्य की स्थिति के अनुसार बिजली कटौती का समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है। विभाग ने शहरवासियों से सुबह 7 बजे से पहले बिजली से जुड़े जरूरी काम निपटाने और पानी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से करने की अपील की है



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होटल की पार्किंग में मृत मिला दिल्ली का टैक्सी ड्राइवर: मनाली में टेंपो ट्रैवलर के अंदर था, शरीर पर चोट के निशान नहीं – Manali News




मनाली के रांगड़ी स्थित एक होटल में दिल्ली का टैक्सी ड्राइवर बेसुध अवस्था में मिला। उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनाली पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 49 वर्षीय वीरपाल निवासी नंद नगरी, दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वीरपाल होटल कलिंगा ग्रैंड, रांगड़ी में टेंपो ट्रैवलर (नंबर यूपी14 पीटी 3098) में बेसुध मिला था। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को मृतक के शरीर पर बाहरी चोट का कोई निशान नहीं मिला है। साथी बोला-बेसुध अवस्था में मिला मृतक के साथी मुन्ना पारस ने पुलिस को बताया कि वीरपाल पिछली रात गाड़ी में शराब पी रहा था। सुबह वह बेसुध अवस्था में मिला। साथी ने उसकी मौत को लेकर किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया है। पुलिस ने परिजनों को दी सूचना थाना प्रभारी मुनीश राज शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मृतक के बेटे को सूचना दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मनाली अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चलेगा और नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।



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21 घंटे की बैटरी बैकअप के साथ Dell का नया लैपटॉप लॉन्च, मिलेगा 16GB रैम


Dell ने भारत में अपना एक और नया लैपटॉप लॉन्च किया है। डेल का यह लैपटॉप बड़ी बैटरी के साथ आता है। कंपनी का दावा है कि इसमें सिंगल चार्ज में 21 घंटे का बैकअप मिलेगा। इससे पहले भी कंपनी ने Dell XPS 13 टचस्क्रीन वाला लैपटॉप लॉन्च किया है। यह लैपटॉप प्रीमियम सेगमेंट में आता है, जिसकी कीमत 1,80,990 रुपये से शुरू होती है।

Dell 14S की कीमत

डेल का यह लैपटॉप भारत में 79,990 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। इस लैपटॉप को कंपनी के ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर से खरीदा जा सकता है। यह लैपटॉप चार कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। इसके सभी मॉडल लीनन फिनिश के साथ आते हैं। इसे डेल के एक्सक्लूसिव स्टोर्स के अलावा मेजर ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर से खरीदा जा सकेगा।

इसकी सेल नवंबर के आखिर में शुरू होगी। कंपनी लैपटॉप की खरीद पर जीरो डाउनपेमेंट ऑफर कर रही है। साथ ही, 10,000 रुपये वाला एक साल का एक्सीडेंटल डैमेज प्रोटेक्शन मिलता है, जिसके लिए यूजर्स को 499 रुपये खर्च करने होंगे।

Dell 14S के फीचर्स

डेल के इस लैपटॉप में एल्युमीनियम चेचिस दिया गया है और यह मेटल फिनिशिंग के साथ आता है। इसकी मोटाई 13.5mm है और यह 1.15 किलोग्राम वजनी है। इस लैपटॉप सीरीज में कंपनी ने Intel Core 5 और Intel Core 7 Series 3 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया है। Dell 14S सीरीज के लैपटॉप में कंपनी 16GB LPDDR5X रैम और 1TB SSD स्टोरेज ऑफर कर रही है। इसके अलावा लैपटॉप में बैकलिट और स्पिल रेसिस्टेंट कीबोर्ड भी मिलता है।

इस सीरीज के लैपटॉप में कंपनी ने 14 इंच के दो मॉडल पेश किए हैं, जिसमें से एक का डिस्प्ले रेजलूशन 2.8K है और यह 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ-साथ 450 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। वहीं दूसरे का रेजलूशन 2K है और यह 60Hz रिफ्रेश रेट और 300 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इस सीरीज के दोनों मॉडल में डॉल्वी एटमस ऑडियो का सपोर्ट मिलेगा।

Dell ने अपने इस नए लैपटॉप में 750ED PNCM बैटरी का इस्तेमाल किया है, जो 21 घंटे तक का बैटरी बैकअप दे सकता है। इसमें 1080p वेबकैम दिया गया है। साथ ही, कनेक्टिविटी के लिए इसमें Wi-Fi 6E, Bluetooth 5.4, Windows Hello जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

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वाराणसी में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर: शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, हड्डी और जोड़ों से संबंधित समस्याओं की जांच – Varanasi News




वाराणसी में बड़ागांव विकासखंड की ग्राम सभा बसनी स्थित साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक संस्था कमला ग्राम विकास संस्थान की ओर से भारत सरकार के नेशनल बैकवर्ड क्लासेज फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NBCFDC) के सहयोग से आयोजित शिविर का शुभारंभ ग्राम प्रधान अमलेश पटेल ने किया। शिविर में करीब 350 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर निःशुल्क परामर्श दिया। इस दौरान शुगर, ब्लड प्रेशर, थायराइड, ईसीजी, महिला रोगों के साथ हड्डी और जोड़ों से संबंधित समस्याओं की जांच की गई। जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाएं भी वितरित की गईं। ग्राम प्रधान अमलेश पटेल ने इस तरह के स्वास्थ्य शिविरों को ग्रामीणों के लिए उपयोगी बताया।



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दक्षिण भारत का 130 साल पुराना मशहूर मदुगुला हलवा

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Diwali Special Halwa Recipe: दिवाली पर इस बार कुछ अलग और खास मिठाई बनाने की सोच रहे हैं तो 130 साल पुराना दक्षिण भारतीय हलवा बेहतरीन विकल्प हो सकता है. अपनी पारंपरिक पहचान और अनोखे बनाने के तरीके के लिए मशहूर इस हलवे के दीवाने पूरे दक्षिण भारत में हैं. इसकी खास तैयारी और लाजवाब स्वाद इसे दूसरी मिठाइयों से अलग बनाते हैं. त्योहार पर इस पुरानी रेसिपी से घर में पारंपरिक मिठास घोल सकते हैं.

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हैदराबाद: दिवाली के त्योहार पर घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां तैयार की जाती हैं लेकिन दक्षिण भारत में एक ऐसी खास मिठाई है जिसके बिना कई लोगों का त्योहार अधूरा माना जाता है. हम बात कर रहे हैं आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली जिले के मशहूर मदुगुला हलवा की. अपनी अनोखी बनावट, लाजवाब स्वाद और शुद्धता के कारण यह हलवा सिर्फ आंध्र प्रदेश में ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण भारत में काफी लोकप्रिय है.

इस हलवे की सबसे बड़ी खासियत इसे बनाने का पारंपरिक और देसी तरीका है जो सौ साल से भी अधिक समय से चला आ रहा है. आज के आधुनिक दौर में जहां मिठाइयां मशीनों से बनाई जाती हैं वहीं मदुगुला कस्बे में आज भी स्थानीय महिलाएं इसे पूरी तरह हाथों से और मिट्टी के चूल्हों पर तैयार करती हैं.

दूध ही इस हलवे का मुख्य आधार होता
मदुगुला हलवा बनाने की रेसिपी काफी मेहनत और सब्र की मांग करती है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले साबुत गेहूं को अच्छी तरह पानी में भिगोया जाता है. इसके बाद भीगे हुए गेहूं को पत्थर की पारंपरिक चक्की या सिलबट्टे पर बारीक पीसा जाता है. पीसने के बाद गेहूं का गाढ़ा सफेद सत्व यानी गेहूं का दूध छाना जाता है. यह दूध ही इस हलवे का मुख्य आधार होता है.

मिट्टी के चूल्हों पर लकड़ी की आग जलाई जाती
इसके बाद खुली जगह में बने मिट्टी के चूल्हों पर लकड़ी की आग जलाई जाती है. पीतल के बड़े बर्तनों में गुड़ या चीनी की चाशनी बनाई जाती है और फिर उसमें गेहूं का निकाला हुआ दूध धीरे-धीरे मिलाया जाता है. कड़ाही को चूल्हे पर चढ़ाने के बाद इसे लगातार लंबी करछी से चलाना पड़ता है ताकि मिश्रण नीचे न चिपके.

पकने के बाद जब इसे चौकोर ट्रे में पलटा जाता
पकने के दौरान इसमें भारी मात्रा में शुद्ध देसी घी डाला जाता है. इसके साथ ही इसमें ढेर सारे कटे हुए काजू और अन्य मेवे मिलाए जाते हैं. धीमी आंच पर कई घंटों तक लगातार पकने के बाद जब यह गाढ़ा होकर गहरे भूरे रंग की जेली जैसा चमकदार दिखने लगता है तब जाकर यह हलवा पूरी तरह तैयार होता है. पकने के बाद जब इसे चौकोर ट्रे में पलटा जाता है, तो इसके ऊपर से शुद्ध घी अपने आप छलकने लगता है.

उपहार के रूप में देने के लिए हफ्तों पहले से ऑर्डर करते
दिवाली के मौके पर इस पारंपरिक हलवे की मांग कई गुना बढ़ जाती है. लोग इसे त्योहारों पर परिवार के साथ खाने और रिश्तेदारों को उपहार के रूप में देने के लिए हफ्तों पहले से ऑर्डर करते हैं. शुद्ध सामग्री और देसी स्वाद ही इस हलवे को दक्षिण भारत की सबसे खास मिठाइयों में शामिल करता है.

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Jagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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बैतूल में मिठाई दुकान से 150 किलो मिठाई जब्त: 5 दुकानों की जांच में मिली संदिग्ध, जिलेभर से मिठाई-मावा के 39 नमूने लिए – Betul News




बैतूल में त्योहारी सीजन के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिलेभर में अभियान चलाया। बुधवार को शाहपुर में पांच मिठाई दुकानों की जांच के दौरान एक प्रतिष्ठान से संदेह के आधार पर 150 किलो मिठाई जब्त की गई। इसकी अनुमानित कीमत 37 हजार 500 रुपए बताई गई है। जिलेभर से लिए 39 नमूने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शाहपुर में मिठाई के 15 नमूने लिए। इसके अलावा आमला के ग्रामीण क्षेत्रों से मावा के 6, चिचोली की चार मिठाई दुकानों से मिठाई और नमकीन के 14 और गुदगांव चौपाटी से 4 नमूने संकलित किए गए। इस तरह जिलेभर से कुल 39 नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत संबंधित कारोबारियों पर कार्रवाई की जाएगी। दुकानदारों को दिए निर्देश जांच के दौरान दुकानदारों को एनालॉग डेयरी उत्पादों पर प्रतिबंध की जानकारी दी गई। साथ ही प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई रखने और खाद्य कारोबार से जुड़े जरूरी दस्तावेज संधारित करने के निर्देश दिए गए। विभाग के अनुसार, जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने का अभियान जारी रहेगा।



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