Tuesday, October 27, 2026
Home Blog

सुरीर में अज्ञात युवक का शव मिला: युवक ने पहनी थी हरे रंग की शर्ट, पुलिस पहचान के लिए फोटो थानों में भेज रही – Mathura News




मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र में मंगलवार सुबह गांव बेरा के समीप एक अज्ञात युवक का शव लावारिस अवस्था में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। युवक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ उसकी शिनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह गांव बेरा के समीप लोगों ने एक युवक का शव पड़ा देखा। इसकी जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर थाना सुरीर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से युवक के संबंध में जानकारी जुटाई, लेकिन कोई भी उसकी पहचान नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, मृतक ने मेहंदी रंग की शर्ट पहन रखी है। फिलहाल उसके नाम, पते और अन्य पहचान संबंधी जानकारी का पता नहीं चल सका है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक कहां का रहने वाला था और गांव बेरा के समीप कैसे पहुंचा। थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि अज्ञात युवक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के थानों में भी युवक की तस्वीर भेजी जा रही है। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी फोटो प्रसारित कर पहचान कराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि युवक की मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने की पहचान कराने की अपील थाना सुरीर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक को पहचानता है या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता है तो थाना सुरीर पर सूचना दे। पुलिस का कहना है कि लोगों के सहयोग से युवक की पहचान करने में मदद मिल सकती है।



Source link

देश में पहली बार शेयर बाजार में लिस्ट होंगे ‘टेंपल-बॉन्ड’: यूडीए 200 करोड़ के बॉन्ड जारी करेगा, उज्जैन के 11 मंदिरों के विकास पर खर्च होंगे 1124 करोड़ – Ujjain News




देश में पहली बार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए टेंपल बॉन्ड शेयर बाजार में लिस्ट किए जाएंगे। काल भैरव, भूखी माता सहित उज्जैन के 10 और नलखेड़ा के बगलामुखी माता मंदिर के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए जारी होने वाले इन बॉन्ड को देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु और आम निवेशक खरीद सकेंगे। अगले एक-दो महीने में इनकी ऑनलाइन खरीद-बिक्री शुरू होने की संभावना है। बॉन्ड की लिस्टिंग से पहले शेयर बाजार में आयोजित होने वाले बेल सेरेमनी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होंगे और घंटी बजाएंगे। 643 करोड़ का लोन लेने की प्रक्रिया पूरी सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए शहर के 11 धार्मिक स्थलों के विकास के लिए 1124 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई है। इसके लिए उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) की गारंटी पर 643 करोड़ रुपए का लोन लेने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। संबंधित बैंक ने भी इसकी स्वीकृति दे दी है। मंदिरों के विकास के लिए 200 करोड़ रुपए के टेंपल बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं, केंद्र सरकार की अर्बन चैलेंज फंड योजना के तहत 281 करोड़ रुपए मिलने का प्रावधान है। ऐसे काम करेगा टेंपल बॉन्ड का मॉडल विकास प्राधिकरण मंदिरों के विकास के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक से 8.97% ब्याज दर पर लोन लेगा। इसके अलावा टेंपल बॉन्ड के जरिए बाजार से पूंजी जुटाई जाएगी। योजना के तहत श्रद्धालु, आम निवेशक और कॉर्पोरेट संस्थाएं अधिकृत बैंकिंग माध्यमों से बॉन्ड खरीद सकेंगी। इसके लिए नकद राशि लेकर मंदिर पहुंचने की जरूरत नहीं होगी। भुगतान डिजिटल और अन्य बैंकिंग माध्यमों से किया जा सकेगा। योजना के मुताबिक मंदिरों के विकास के बाद उनसे जुड़े इकोसिस्टम से होने वाली कमाई के जरिए बैंक का कर्ज चुकाने और बॉन्ड निवेशकों को भुगतान करने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसमें मंदिरों के आसपास व्यावसायिक दुकानों, पार्किंग और प्रवेश शुल्क से मिलने वाला राजस्व शामिल होगा। श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं जुटाएंगे मंदिरों में पार्किंग, पेयजल, यात्री सुविधा केंद्र, सड़क और मार्ग विकास, लाइटिंग तथा सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े काम किए जाएंगे। सिंहस्थ-2028 में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन मार्ग, आवागमन और ठहरने की सुविधाओं को भी बेहतर बनाने की योजना है। सांदीपनि लोक: 139 करोड़ रुपए से बदलेगा आश्रम का स्वरूप उज्जैन में श्रीमहाकाल महालोक के बाद भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली सांदीपनि आश्रम को भी भव्य स्वरूप देने की योजना है। करीब 5 हेक्टेयर क्षेत्र में सांदीपनि लोक विकसित किया जाएगा। इसके लिए 139 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई गई है। लक्ष्य सिंहस्थ-2028 से पहले इसका निर्माण पूरा करना है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसी स्थान पर बलराम और सुदामा के साथ 16 विद्याओं और 64 कलाओं का ज्ञान अर्जित किया था। श्रीकृष्ण पाथेय योजना के तहत आश्रम का कायाकल्प किया जाएगा। योजना में भव्य प्रवेश द्वार, सुविधा केंद्र और श्रद्धालुओं के लिए अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की गाथा से परिचित कराने के लिए यहां डिजिटल अनुभव भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें एआर/वीआर तकनीक, डिजिटल और ऑडियो-विजुअल प्रदर्शनी तथा बहुभाषी डिजिटल कंटेंट शामिल होंगे। 108 फीट ऊंची प्रतिमा होगी आकर्षण सांदीपनि लोक में भगवान श्रीकृष्ण की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित करने की योजना है। यह परिसर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी। प्रतिमा का डिजाइन आईआईटी/एनआईआईटी के तकनीकी परीक्षण और विंड टनल स्टडी के बाद तैयार किया जाएगा। कालभैरव महालोक: 163 करोड़ रुपए से होगा विकास सिंहस्थ-2028 में कालभैरव मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए मंदिर परिसर को महाकाल महालोक की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके लिए 163 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई है। योजना में तीन बड़े पार्किंग स्थल, धर्मशाला, सुविधा केंद्र, नई अप्रोच रोड और श्रद्धालुओं के लिए ठहरने की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके साथ होल्डिंग एरिया, मल्टीलेवल पार्किंग, पार्क, मूर्तियां और फाउंटेन भी विकसित किए जाएंगे। दर्शन मार्ग, पेयजल और आवागमन की व्यवस्था सुधारने पर भी जोर रहेगा। शनि लोक: 140 करोड़ रुपए से बनेगा मंदिर परिसर इंदौर रोड स्थित त्रिवेणी शनि मंदिर परिसर में करीब 21,100 वर्गमीटर क्षेत्र में शनि लोक विकसित करने की योजना है। राज्य सरकार ने 7 जनवरी 2026 को इस परियोजना के लिए 140 करोड़ रुपए स्वीकृत किए थे। परियोजना में भव्य मंदिर परिसर, घाटों का सौंदर्यीकरण, कतार प्रबंधन, स्मार्ट लाइटिंग, सीसीटीवी, लैंडस्केपिंग, पैदल पथ और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंदिर परिसर में बेसाल्ट और बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से मोनोलिथिक मंदिर संरचना तैयार करने की योजना है। इसमें नवग्रहों की महिमा दर्शाती नक्काशीदार कलाकृतियां, थ्रीडी पत्थर की जालियां, भव्य प्रवेश द्वार, धार्मिक मूर्तियां और सांस्कृतिक प्रांगण भी विकसित किए जाएंगे। मान्यता है कि इस मंदिर की स्थापना सम्राट विक्रमादित्य ने की थी। विकास प्राधिकरण अध्यक्ष बोले- देश-विदेश के श्रद्धालु जुड़ सकेंगे विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी के मुताबिक केंद्र की योजना के तहत 25% राशि मिलने का प्रावधान है। इसके बाद स्टॉक एक्सचेंज में बेल सेरेमनी के जरिए बॉन्ड जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। टेंपल बॉन्ड के माध्यम से देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी मंदिरों के विकास में भागीदारी कर सकेंगे। इस प्रयोग के सफल होने पर दूसरे मंदिरों के विकास में भी इसी मॉडल को अपनाने की संभावना रहेगी।



Source link

बलिया की रसमलाई का स्वाद है बेमिसाल, 65 साल पुरानी दुकान की मिठाई बनी लोगों की पसंद

0


X

न ज्यादा चीनी, न स्वाद से समझौता, बलिया की 65 साल पुरानी रसमलाई है खास

 

arw img

Ballia Famous Rasmalai: बलिया की 65 साल पुरानी रसमलाई अपने खास स्वाद और कम चीनी की वजह से लोगों के बीच काफी मशहूर है. यहां की रसमलाई खाने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं. इसे अच्छे दूध, रबड़ी और छेने से पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है. यह दुकान बलिया में कचहरी रोड पर पालिका गेट के पास स्थित साधु जी का दिव्यांशु मिष्ठान भंडार है. यहां की रसमलाई लखनऊ, मऊ और गाजीपुर तक भेजी जाती है. कम मिठास और पारंपरिक स्वाद के कारण यह मिठाई लोगों को खूब पसंद आती है. दुकानदार दिव्यांशु गुप्ता के मुताबिक, यह दुकान उनके दादाजी ने शुरू की थी. यहां के कारीगर तीन पीढ़ियों से मिठाई बनाने का काम कर रहे हैं. रसमलाई के अलावा यहां कम चीनी वाला कलाकंद भी मिलता है. इसकी कीमत 40 रुपये प्रति पीस है.

लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया✅देखें.



Source link

समस्तीपुर- प्राइवेट स्कूल में नक्सली की पत्नी टीचर: जेल से बाहर आते ही पुराने साथियों को जोड़ा, वैशाली के सीएसपी से लूटे 5 लाख, बोला- अब लेवी नहीं मिलती – Samastipur News




समस्तीपुर के ताजपुर के एक बड़े कारोबारी के यहां डकैती की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार कुख्यात नक्सली दीपक कुमार उर्फ डॉक्टर (38) करीब डेढ़ महीने पहले हत्या के एक मामले में समस्तीपुर मंडल कारा से जमानत पर बाहर आया था। जेल से निकलने के बाद उसने पुराने परिचित अपराधियों को जुटाकर नया गिरोह तैयार किया। इसी गिरोह ने वैशाली के जंदाहा थाना क्षेत्र के महिसौर स्थित हरप्रसाद चौक पर सीएसपी में पांच लाख रुपये की लूट की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद ताजपुर के बड़े कारोबारी को निशाना बनाने की तैयारी थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर दीपक समेत पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में दीपक ने बताया कि पातेपुर और जंदाहा इलाके में अब नक्सली के नाम पर लोग लेवी देने को तैयार नहीं हैं। नक्सली गतिविधियों में नाम आने के कारण सामान्य तौर पर निजी काम भी नहीं मिलता। इसी वजह से उसने पुराने साथियों के साथ जेल में संपर्क में आए कुछ युवाओं को जोड़कर नया गिरोह बनाया और आपराधिक वारदात शुरू कर दी। 10 साल से गांव नहीं आया दीपक दीपक मूल रूप से हसनपुर थाना क्षेत्र के भटवन गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वो पिछले करीब 10 वर्षों से गांव नहीं आया है। उसके पिता विलियम कुमार उर्फ विलियम रावत अपनी पत्नी के साथ गांव में रहते हैं। दोनों बुजुर्ग हैं और गांव में पीडीएस की दुकान चलाकर जीवनयापन करते हैं। दीपक की पत्नी प्रीति पटना के कंकड़बाग इलाके में अपने बच्चे के साथ अलग रहती है। वह वहां एक निजी स्कूल में शिक्षिका है। पढ़ाई के लिए मुजफ्फरपुर भेजा गया था पुलिस पूछताछ के दौरान दीपक के पुराने आपराधिक इतिहास की भी जानकारी सामने आई। बताया गया कि वर्ष 2012 में उसके पिता ने उसे पढ़ाई के लिए मुजफ्फरपुर भेजा था। वहां उसका एक चचेरा भाई भी पढ़ता था। दोनों के बीच विवाद के बाद चचेरा भाई लापता हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका आज तक पता नहीं चल सका। इसके बाद दीपक इधर-उधर भटकता रहा और इसी दौरान वैशाली के नक्सली गिरोह के संपर्क में आया। हालांकि शुरुआती दौर में उसका नाम किसी बड़ी वारदात में सामने नहीं आया था। लेवी के लिए दो किसानों के अपहरण और हत्या में आया नाम दीपक का नाम पहली बार बड़े नक्सली मामले में वर्ष 2018 में सामने आया। 27 दिसंबर 2018 को जंदाहा थाना क्षेत्र के महिसौर नहर के पास खेत से लौट रहे दो बड़े किसानों रंजीत कुमार सिंह और रमेश झा का लेवी के लिए अपहरण कर लिया गया था। बाद में दोनों की हत्या कर दी गई। घटना के दौरान लाल सलाम के नारे लगाए गए थे। मामले की जांच में वैशाली के कुख्यात नक्सली अमरनाथ सहनी, हेमंत सहनी, अशेश्वर सहनी, विजय सहनी और सुरेंद्र सहनी समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। अमरनाथ सहनी की गिरफ्तारी के बाद अनुसंधान के दौरान पहली बार दीपक का नाम भी सामने आया। इसी रात डीह बुचौली गांव में लेवी नहीं देने पर ऋषिकेश झा के घर पर हमला कर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बचाव के लिए पहुंचे उनके चाचा उमाकांत झा और भाई भूषण झा पर भी बम से हमला किया गया था, जिसमें दोनों घायल हो गए थे। पुलिस के अनुसार, ऋषिकेश झा ने गांव में पत्ता उद्योग और आरओ प्लांट लगाया था। इसके बाद नक्सली संगठन की ओर से उनसे लेवी की मांग की जा रही थी। लेवी नहीं देने पर उनकी हत्या कर दी गई। 21 जनवरी 2019 को पहली बार हथियार के साथ पकड़ा गया दीपक उर्फ डॉक्टर को 21 जनवरी 2019 को वैशाली के पातेपुर थाना क्षेत्र में जीवाजोड़ मंदिर के पास हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से एक देसी पिस्टल और गोलियां बरामद हुई थीं। इस मामले में तत्कालीन थाने के दारोगा छोटन कुमार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इससे पहले 5 जनवरी 2019 को समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में कल्याणपुर निवासी सुनील सहनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बकाया रुपये मांगने के विवाद में हुई इस हत्या में भी दीपक का नाम सामने आया था। पुलिस के अनुसार, इस वारदात में उसने शूटर की भूमिका निभाई थी। पांच गिरफ्तार, चार की तलाश सदर डीएसपी सतीश सुमन ने बताया कि ताजपुर के कारोबारी को लूटने की साजिश में दीपक उर्फ डॉक्टर गिरोह का मास्टरमाइंड है। गिरफ्तार रामपुर दुधपुरा निवासी राहुल कुमार भी उसके साथ गिरोह में शामिल था। राहुल पूर्व में पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। डीएसपी ने बताया कि मामले में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार अन्य फरार हैं। फरार आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।



Source link

धौलपुर में NH-24 पर आलू से भरा ट्रक पलटा: दो घंटे जाम में फंसे रहे वाहन, मजदूर नहीं मिले तो पुलिसकर्मियों ने खुद हटाईं बोरियां – Dholpur News




धौलपुर में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-24 पर आलू से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर पलट गया। हादसे के बाद सड़क पर ट्रक और आलू की बोरियां बिखरने से हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में सागरपाड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात सुचारू कराने के प्रयास शुरू किए। हादसे के बाद हाईवे पर बिखरी आलू की बोरियां यातायात बहाल करने में बड़ी बाधा बन गईं। पुलिस ने बोरियों को हटाने के लिए मजदूरों की तलाश की, लेकिन मौके पर मजदूर नहीं मिल सके।
ऐसे में पुलिसकर्मियों ने खुद ही मोर्चा संभाल लिया। वर्दी पहने पुलिसकर्मी सड़क पर उतरे और स्थानीय लोगों की मदद से एक-एक कर आलू की बोरियां हटाने में जुट गए। दो घंटे तक पुलिसकर्मियों ने की मजदूरी
एएसआई मनोज गुर्जर, हेड कॉन्स्टेबल सुभाष भास्कर और कॉन्स्टेबल गीतम व हीरेंद्र सहित थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने करीब 2 घंटे तक आलू की बोरियां हटाने के लिए मेहनत की। पुलिसकर्मियों ने मिलकर सड़क से बोरियां हटाईं, वहीं जेसीबी की सहायता से पलटे हुए ट्रक को भी हटवाया। पुलिस की इस मशक्कत के बाद हाईवे से अवरोध हटाया जा सका और करीब 2 घंटे बाद यातायात फिर से शुरू हो पाया। इस दौरान वाहन चालकों को जाम के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। मजदूरों के नहीं मिलने पर पुलिसकर्मियों द्वारा खुद श्रम कर रास्ता खुलवाने की इस पहल ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।



Source link

Apple ने भारत में लॉन्च किया OLED स्क्रीन वाला iPad Mini (2026), मिलेगा लेटेस्ट A20 Pro चिप


Apple ने फाइनली भारत समेत ग्लोबल मार्केट में OLED पैनल वाला iPad Mini लॉन्च कर दिया है। एप्पल का यह नया iPad लेटेस्ट A20 Pro चिपसेट के साथ आता है। हाल ही में लॉन्च हुए iPhone 18 Pro सीरीज में कंपनी ने यही चिपसेट यूज किया है। इस लेटेस्ट आईपैड को कंपनी ने रेगुलर WiFi और WiFi + Cellular वेरिएंट में पेश किया है। कंपनी ने इस आईपैड मिनी 2026 की घोषणा पिछले दिनों आयोजित ‘Pro and Tell’ इवेंट में की थी।

कितनी है कीमत?

iPad Mini का रेगुलर WiFi Only वेरिएंट 82,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। वहीं, इसके WiFi + Cellular वेरिएंट की शुरुआती कीमत 1,00,900 रुपये है। इसे कंपनी ने 128GB, 256GB और 512GB स्टोरेज वेरिएंट में पेश किया है। इसे दो कलर ऑप्शन- Midnight और Starlight में खरीदा जा सकता है। इसके अन्य दोनों स्टोरेज वेरिएंट्स की कीमत क्रमशः 94,900 रुपये (WiFi Only) और 1,18,900 रुपये (WiFi Only) है। 

ये कीमत स्टैंडर्ड ग्लास वाले मॉडल्स की है। नैनो टेक्स्टर ग्लास वाले मॉडल के लिए यूजर्स को और ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। इसकी शुरुआती कीमत 1,06,900 रुपये है। नए लॉन्च हुए iPad Mini का प्री-ऑर्डर भारत में 28 अक्टूबर से शुरू होगा। इसकी खरीद पर 5,000 रुपये का इंस्टैंट डिस्काउंट ऑफर किया जाएगा। iPad Mini (2026) को 6 नवंबर से सेल के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

Image Source : APPLEआईपैड मिनी

iPad Mini (2026) के फीचर्स

एप्पल के इस नए टैबलेट में 8.5 इंच का Super Ratina XDR OLED पैनल दिया गया है, जिसका रेजलूशन 2316 x 1512 पिक्सल है। इस टैबलेट की स्क्रीन में P3 वाइड कलर गेमट और 1200 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट मिलता है। कंपनी ने इस टैबलेट के साथ स्टैंडर्ड और नैनो टेक्स्चर डिस्प्ले दिया है। यूजर्स अपनी पसंद के डिस्प्ले वेरिएंट चुन सकेंगे। इसके अलावा कंपनी ने टैबलेट के डिस्प्ले में अकाउस्टिक सिस्टम का इस्तेमाल किया है। इसमें एल्युमीनियम बॉडी का इस्तेमाल किया गया है।

iPad Mini (2026) में एप्पल ने नया A20 Pro चिप दिया है। इस चिप का इस्तेमाल नई लॉन्च हुई iPhone 18 Pro सीरीज और iPhone Duo में किया गया है। इस टैबलेट में 512GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। इसके 128GB और 256GB वाले वेरिएंट में 5 कोर CPU का सपोर्ट मिलता है। वहीं, 512GB वाला मॉडल 6 कोर CPU के साथ आता है।

इस टैबलेट के बैक में कंपनी ने 12MP का वाइड कैमरा दिया है, जो 4K वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। इसके अलावा 12MP का सेंटर स्टेज फ्रंट कैमरा मिलेगा। इसमें कंपनी ने N1 डेडिकेटेड नेटवर्किंग चिप दिया है। साथ ही, यह WiFi 7, Bluetooth 6 जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स के साथ आता है। यह एप्पल के नए iPadOS 27 पर काम करता है।

यह भी पढ़ें – Anthropic के AI मॉडल ने चुनावी डेटा चुराकर मचाया हड़कंप, कंपनी ने दी सफाई





Source link

रिपोर्ट-हूती को हमला न करने के बदले पैसे देगा सऊदी: 95 अरब रुपए देने की पेशकश; ईरान दोनों के बीच सुलह करा रहा


तेहरान/रियाद1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सऊदी अरब ने यमन के हूती विद्रोहियों के साथ जारी तनाव खत्म करने के लिए 95 अरब रुपए देने की पेशकश की है।

इजराइली मीडिया के मुताबिक, यह रकम हूतियों को सऊदी अरब पर हमले रोकने के बदले दी जानी है। ईरान इस समझौते के लिए मध्यस्थ बना है।

सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान इस सिलसिले में बातचीत के लिए सोमवार को तेहरान पहुंचे थे।

रिपोर्ट में दावा किया गया कि मंत्री जिस हरक्यूलिस सैन्य विमान से पहुंचे, उसमें पैसे भी लाए गए थे।

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के अधिकारी सोमवार को तेहरान पहुंचे थे। उन्होंने ईरान जंग और हूती विद्रोहियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के अधिकारी सोमवार को तेहरान पहुंचे थे। उन्होंने ईरान जंग और हूती विद्रोहियों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की।

सऊदी की शर्त- पहले कब्जे वाले इलाके लौटाए हूती

इस बातचीत में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्किये की खुफिया एजेंसी के प्रमुख इब्राहिम कालिन और ईरान की ओर से राष्ट्रपति मसूद पजशकिया भी शामिल हुए।

रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब का कहना है कि वह सैन्य दबाव में आकर कोई नया सीजफायर समझौता नहीं करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब चाहता है कि हूती पहले उन इलाकों को लौटाएं, जिन पर उन्होंने यमन की सरकार से कब्जा किया है। इस सरकार को सऊदी अरब का समर्थन हासिल है।

हूतियों के हमलों से सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। दूसरी ओर, बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास भी हूतियों के कब्जे की वजह से सऊदी का तेल निर्यात प्रभावित हुआ है।

तीन साल पहले भी हुआ था आर्थिक मदद का समझौता

इजराइली मीडिया के मुताबिक, सऊदी अरब और हूतियों के बीच विवाद की एक वजह तीन साल पहले हुई सहमति को लागू न करना भी है।

उस समझौते के तहत सऊदी अरब को हूतियों के नियंत्रण वाले इलाकों में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी देने और आम लोगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं दोबारा बनाने के लिए आर्थिक मदद देनी थी।

इसके बदले हूती विद्रोहियों से सीजफायर बनाए रखने और सऊदी अरब पर हमले रोकने की उम्मीद थी। लेकिन हाल ही में हूतियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने पुरानी सहमति का पालन नहीं किया। उन्होंने इसी आधार पर अपने हमलों को सही ठहराया है।

सऊदी अरब हूतियों को क्यों नहीं हरा पा रहा?

सऊदी अरब के पास आधुनिक लड़ाकू विमान और मिसाइलें हैं। अमेरिका भी उसे हथियार और खुफिया जानकारी देता रहा है। इसके बावजूद वह 2015 से हूती विद्रोहियों के खिलाफ जारी लड़ाई में जीत हासिल नहीं कर पाया है।

10 साल से ज्यादा समय बाद भी हूती यमन के बड़े हिस्से पर काबिज हैं और सऊदी अरब पर ड्रोन-मिसाइल हमले करने की क्षमता रखते हैं।

इसकी एक बड़ी वजह हमले और बचाव पर होने वाला खर्च है। हूती सस्ते ड्रोन और मिसाइलों से हमला करते हैं, जबकि उन्हें रोकने के लिए सऊदी अरब को महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलें दागनी पड़ती हैं।

ऐसे में हूतियों के हमलों को रोकने में सऊदी अरब का खर्च कहीं ज्यादा हो सकता है, जिससे लंबे समय तक लड़ाई जारी रखना महंगा पड़ता है।

सऊदी के लिए यमन का पहाड़ी इलाका भी बड़ी चुनौती

यमन का बड़ा हिस्सा पहाड़ी है। ऐसे इलाकों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों का पता लगाना और उन्हें पूरी तरह खत्म करना आसान नहीं होता।

हवाई हमलों से किसी ठिकाने को नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन इससे पूरे इलाके पर कब्जा नहीं मिलता।

हूती लंबे समय से यमन में सक्रिय हैं और वहां उनकी मजबूत पकड़ है। उन्हें पूरी तरह हटाने के लिए सऊदी अरब को बड़ा जमीनी अभियान चलाना पड़ सकता है। इसमें सैनिकों के मारे जाने और युद्ध लंबे समय तक चलने का खतरा है।

———————

यह खबर भी पढ़ें…

ईरानी राष्ट्रपति बोले- मुस्लिम देशों को एकजुट होना चाहिए: जंग रोकने तेहरान पहुंचे सऊदी-पाक-तुर्किये; ट्रम्प ने जल्द हमला करने की धमकी दी थी

ईरान के साथ जंग रोकने और पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये के अधिकारी सोमवार को तेहरान पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

चांदी का भाव आज फिर फिसला, सोने का दाम 1.42 लाख के पास, आपके शहर में कितना रेट


होमफोटोमनीLatest Money

चांदी का भाव आज फिर फिसला, सोने का दाम 1.42 लाख के पास, आपके शहर में कितना रेट

Last Updated:

Gold Silver Price Today: 27 अक्टूबर को भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है. MCX पर सोना 258 रुपये गिरकर 1,42,815 रुपये और चांदी 1,323 रुपये टूटकर 1,94,470 रुपये पर कारोबार कर रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों मेटल्स के भाव फिसले हैं. मजबूत अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से सोने-चांदी पर दबाव बना हुआ है. वहीं, HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की सप्लाई में कमी 2026 में काफी घट सकती है.

Top Deals Inside

सोने-चांदी की कीमतों में कई दिनों से गिरावट देखी जा रही है. आज 27 अक्टूबर को भी सोने का भाव MCX पर 258 रुपये फिसलकर 142815 रुपये पर कारोबार कर रहा है. चांदी की कीमत 1323 रुपये गिरकर 194470 रुपये पर ट्रेड कर रही है. इंटरनेशनल मार्केट में भी गोल्ड का रेट 0.08 फीसदी गिरकर 4,035 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है और चांदी 0.97 फीसदी गिरकर 53 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है.

देश के अलग-अलग शहरों में सोने की कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 14,291 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, हैदराबाद, केरल और पुणे में यह 14,276 रुपये प्रति ग्राम है. चेन्नई में 24 कैरेट सोना 14,267 रुपये प्रति ग्राम पर है. 22 कैरेट सोने की कीमत दिल्ली में 13,101 रुपये प्रति ग्राम और चेन्नई में 13,086 रुपये प्रति ग्राम है.

वहीं, 18 कैरेट सोने का भाव दिल्ली में 10,722 रुपये प्रति ग्राम और चेन्नई में 10,706 रुपये प्रति ग्राम है. वडोदरा और अहमदाबाद में भी सोने की कीमतें लगभग समान हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, सोने की कीमतों को स्थिर होने के लिए एक निचला स्तर अब बताया जा सकता है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने का खतरा बना हुआ है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण मंगलवार को भी सोने की कीमतों में गिरावट आई. निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है, जिससे ब्याज दरों को लेकर आगे की दिशा का संकेत मिल सकता है. CME के FedWatch Tool के मुताबिक, ट्रेडर्स को इस सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की 11% संभावना दिख रही है, जबकि दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना 82% है.

सोने को महंगाई से बचाव का एक अच्छा विकल्प माना जाता है, लेकिन ब्याज दरें बढ़ने से इसकी मांग पर दबाव पड़ता है. इसकी वजह यह है कि सोने से कोई ब्याज या नियमित कमाई नहीं होती, जबकि ऊंची ब्याज दरों पर दूसरे निवेश विकल्प आकर्षक हो जाते हैं. सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की गोल्ड कंपनियों के शेयरों में 2.9% की तेजी आई, जिससे लगातार पांच दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया.

वहीं, एक रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की कीमतें फिलहाल संतुलित स्तर के करीब हैं. निवेशकों की मांग में सुधार से चांदी को सपोर्ट मिल सकता है. हालांकि, अमेरिकी डॉलर में मजबूती और चांदी की बढ़ती सप्लाई के कारण कीमतों में बड़ी तेजी आने की संभावना सीमित रह सकती है. HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में चांदी की ग्लोबल मांग और सप्लाई के बीच 14 करोड़ औंस की कमी दर्ज की गई थी. हालांकि, 2026 में यह कमी तेजी से घटकर 50 लाख औंस रहने का अनुमान है.

वहीं, 2027 में चांदी की सप्लाई में कमी थोड़ी बढ़कर 1.2 करोड़ औंस हो सकती है. यानी आने वाले वर्षों में चांदी के बाजार में मांग और सप्लाई का अंतर काफी हद तक कम होने की उम्मीद है. इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ने की चिंता गहरा रही है. इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रखने की उम्मीद मजबूत हो रही है.

लेटेस्ट कॉमर्स डील्स, खास डिस्काउंट और बेहतरीन शॉपिंग ऑफर देखने के लिए कंपेयर इंड‍िया✅देखें.



Source link

चार राज्यों की 28 MLC सीटों पर काउंटिंग जारी: गोरखपुर में बिना सील मतपेटी पर हंगामा, पटना में वोट चोर के नारे; शाम तक आएंगे रुझान




उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 विधान परिषद यानी MLC सीटों के आज नतीजे आएंगे। सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती जारी है। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हुआ था। बिहार में 8 सीटों पर 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 11 सीटों पर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला है। उत्तर प्रदेश में कुल 55.24% मतदान हुआ था। बिहार में चार स्नातक सीटों पर 43.87% और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55% वोट पड़े थे।



Source link

गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से 1 माह की बच्ची गायब: संदिग्ध महिला की तलाश, सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस – Gorakhpur News




गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज से सोमवार को एक माह की नवजात बच्ची के गायब हो गई। बाल सेवा संस्थान के एनआईसीयू में भर्ती बच्ची की तबीयत में सुधार होने के बाद उसे फीडिंग के लिए कंगारू मदर केयर वार्ड में मां के पास भेजा गया था। करीब दो घंटे बाद डाक्टर वार्ड में पहुंचे तो मां और बच्ची दोनों गायब मिले। कुछ देर बाद माता-पिता मेडिकल चौकी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पूछताद में माता-पिता के बयान में अलग-अलग बात सामने आई। मां का कहना है कि रुपये निकालने के दौरान उसने बच्ची को एक महिला को दिया था। पुलिस अस्पताल में लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगालकर बच्ची और संदिग्ध महिला की तलाश में जुटी है। 15 अक्टूबर को भर्ती कराई गई बच्ची
संतकबीरनगर जिले के बेलहर कला थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी राममनोहर की पत्नी रोशनी ने एक माह पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आपरेशन से बच्ची को जन्म दिया था। बच्ची की तबीयत खराब होने पर 15 अक्टूबर को उसे बीआरडी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। यहां बाल सेवा संस्थान के एनआईसीयू में 500 नंबर बेड पर उसका उपचार चल रहा था। बच्ची की हालत में सुधार होने पर सोमवार सुबह 11:30 बजे उसे फीडिंग के लिए कंगारू मदर केयर वार्ड में मां को सौंपा गया था। दो घंटे बाद जूनियर डाक्टर वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे तो मां और बच्ची वहां नहीं मिलीं। इस बीच जानकारी मिलने पर राममनोहर अस्पताल पहुंचा और पत्नी रोशनी के साथ मेडिकल चौकी पहुंचे और बच्ची के गायब होने की सूचना दी। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस
सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और अस्पताल परिसर में लगे सीसी कैमरों की फुटेज के आधार पर बच्ची की तलाश शुरू कर दी। बच्ची के पिता राममनोहर के मुताबिक, घटना से पहले सुबह से ही पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। वह पत्नी की देखभाल के लिए आई अपनी साली को घर छोड़ने गया था। उस समय वार्ड में पत्नी बच्ची के साथ अकेली थी। दोपहर में फोन से बच्ची के गायब होने की जानकारी मिली। वहीं, रोशनी का कहना है कि वह खाना खाने के लिए बच्ची को लेकर वार्ड से निकली थी। रुपये निकालने के लिए उसने पास खड़ी एक महिला को बच्ची संभालने के लिए दी थी। कुछ ही देर बाद महिला बच्ची को लेकर गायब हो गई। पुलिस दोनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।



Source link