लखनऊ के इको गार्डन में रविवार को शिक्षा सुधार, निष्पक्ष भर्ती और युवाओं के अधिकारों की मांग को लेकर ‘इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0’ के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुई यह पदयात्रा लखनऊ में समाप्त हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र,युवा और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। सत्याग्रही मनीष मौर्या और लकी मौर्या ने लगभग 600 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की, जिसमें उन्होंने पांच जिलों की सीमाएं पार कीं।इस यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों पर छात्रों,युवाओं और आम लोगों का समर्थन प्राप्त हुआ।आंदोलनकारियों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है। शिक्षा व्यवस्था को छात्र हितैषी बनाया जाए प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लाखों अभ्यर्थी वर्षों से परीक्षा,परिणाम और भर्तियों में देरी के साथ-साथ पेपर लीक जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।उन्होंने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाया जाए।यूथ इंकलाब टीम उत्तर प्रदेश ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। टीम के प्रमुख श्रेयांश यशस्वी ने कहा कि यह केवल एक कार्यक्रम नहीं,बल्कि युवाओं के अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए एक जनआंदोलन है,जिसे प्रदेश के हर जिले तक पहुंचाया जाएगा। आंदोलनकारीयों ने प्रमुख मांगे रखी आंदोलन के दौरान कई विशिष्ट मांगें उठाई गईं। इनमें शिक्षा पर कुल बजट का 10 प्रतिशत खर्च करना, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के स्थान पर एक स्वतंत्र संवैधानिक परीक्षा आयोग का गठन, अनुभवी शिक्षा मंत्री की नियुक्ति,टीजीटी-पीजीटी सहित शिक्षक भर्तियों को प्रतिवर्ष आयोजित करना,कक्षा 12 तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करना, प्राथमिक शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करना और पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना शामिल है। सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह शाक्य और उनकी टीम ने आंदोलन को कानूनी सहायता प्रदान की,जबकि ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (एआईएसए) ने भी अपना समर्थन व्यक्त किया।आयोजकों का दावा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों युवाओं की उपस्थिति ने शिक्षा सुधार और निष्पक्ष भर्ती के मुद्दे को एक जनआंदोलन का रूप दे दिया है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी।
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लखनऊ में युवाओं ने शिक्षा, भर्ती सुधार की मांग की: इको गार्डन में इंडिविजुअल सत्याग्रह 2.0 का समापन, छात्रों ने उठाई आवाज – Lucknow News
गयाजी में सड़क हादसे में प्रिंसिपल समेत 2 की मौत: कार की टक्कर से बाइक सवार 3 लोग 20 फीट हवा में उछले, हादसे में 4 लोग घायल – Gaya News
गयाजी में रविवार की शाम करीब 7 बजे बाइक और कार के बीच सामने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में दो की मौत हुई है, जबकि 4 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में इमामगंज के एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल सुनील पांडेय (51) और झारखंड के रहने वाले मुकेश कुमार (38) है। बाइक पर मुकेश के अलावा दो और लोग बैठे थे। जो हादसे में घायल हुए हैं। वहीं, दूसरी तरफ कार सवार 2 लोग भी जख्मी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर लगते ही बाइक सवार करीब 20 फीट दूर हवा में उछाल मारते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। घटना बाराचट्टी थाना क्षेत्र के जीटी रोड (NH-19) पर जयगीर मोड़ के पास की है। झारखंड की ओर से आ रही थी कार बताया जा रहा कि कार झारखंड की तरफ से आ रही थी। वहीं, बाइक सवार 3 लोग बाराचट्टी बाजार से झारखंड की ओर जा रहे थे। बाइक सवार मुकेश झारखंड के चतरा के रहने वाले पोकन सिंह का बेटा है। हादसे में गंभीर रूप से घायल ललन कुमार को स्थानीय लोगों ने ऑटो से बाराचट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। ललन कुमार भी चतरा के टेकन गांव का रहने वाला है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए इलाज के लिए गया अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है। बाकी घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस लेट पहुंची
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी गई। लोगों का आरोप है कि घटना की तुरंत सूचना देने के बावजूद डायल-112 की इमरजेंसी टीम समय पर नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने अपने स्तर से ऑटो रिजर्व कर घायलों को अस्पताल भेज दिया, उसके करीब 10 मिनट बाद डायल-112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। हालांकि, इससे पहले बाराचट्टी थाने की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच चुकी थी।
शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है बाराचट्टी के थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि जीटी रोड जयगीर मोड़ पर कार और बाइक की टक्कर में दो लोगों की मौत हुई है। घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में ले लिया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए गयाजी भेजा जा रहा है।
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पुलिस विभाग में सूबेदार और कार्यवाहक आरआई के प्रमोशन: मध्य प्रदेश के 168 अफसर बने रक्षित निरीक्षक, पदोन्नति आदेश जारी – Bhopal News
मध्यप्रदेश के पुलिस विभाग में प्रदेश के 168 सूबेदार और कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों (RI) को रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणाचारी मिश्र द्वारा आदेश जारी होने के बाद पुलिस महकमे में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। जीएडी के पत्र के बाद शुरू हुई प्रमोशन प्रक्रिया बता दें कि 30 जून 2026 को मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी पत्र और ‘मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के विधिक परामर्श के अंतर्गत यह प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस आदेश के तहत प्रमोट हुए अधिकारियों को रक्षित निरीक्षक के रिक्त पदों पर आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से पदस्थ किया गया है। इन सभी अधिकारियों को मध्यप्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मेट्रिक्स लेवल-10 (वेतनमान 9300-34800 + 4200) का लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से मिलेगा। विभागीय जांच या अधूरी ट्रेनिंग वाले अफसर नहीं होंगे रिलीव पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यह सभी पदोन्नतियां सुप्रीम कोर्ट में लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 और भविष्य में न्यायालयों द्वारा आने वाले फैसलों के अधीन रहेंगी। इसके साथ ही, प्रमोट किए गए सभी सरकारी कर्मचारियों को नियम 13 के अनुसार वेतन निर्धारण के लिए आदेश मिलने के एक माह के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा। मुख्यालय ने इकाई प्रमुखों को कड़े निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है, विभागीय जांच का सामना कर रहा है, आपराधिक मामले में चार्जशीटेड है या उसने अपना मूलभूत प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में कार्यमुक्त न किया जाए।
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नॉनवेज से भी ज्यादा टेस्टी ये पनीर डिश, जानिए मसाला पनीर कलेजी बनाने का तरीका
पनीर भारतीय रसोई का एक बहुत कॉमन फूड है, जिससे कई तरह की स्वादिष्ट डिशेज बनाई जाती हैं. यदि आप शाही पनीर, मटर पनीर जैसी रेसिपी खाकर बोर हो गए हैं, तो पनीर कलेजी की रेसिपी ट्राई कर सकते हैं. ये डिश अपने अनोखे स्वाद और खास बनाने के तरीके की वजह से काफी अलग नजर आती है. इसमें पनीर को पहले चायपत्ती वाले पानी में उबाला जाता है, जिससे इसका रंग हल्का गहरा हो जाता है और स्वाद भी काफी खास बनता है.
मसालों से भरपूर इसकी ग्रेवी पनीर को एकदम नया फ्लेवर देती है. यह रेसिपी खास मौकों, फैमिली डिनर या मेहमानों के स्वागत के लिए भी शानदार है. अगर आप हमेशा एक जैसी पनीर की सब्जियां खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस स्वादिष्ट रेसिपी को जरूर ट्राई करें.
मसाला पनीर कलेजी की रेसिपी
मसाला पनीर कलेजी बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करें. एक साफ कपड़े में चायपत्ती बांधकर छोटी पोटली बना लें और उसे पानी में डाल दें. इसके साथ पनीर के बड़े टुकड़े और थोड़ा नमक डालकर 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें. इससे पनीर का रंग और स्वाद दोनों बदल जाते हैं. उबालने के बाद पनीर को निकाल लें और पानी को संभालकर रख दें, क्योंकि इसका इस्तेमाल बाद में ग्रेवी बनाने में होगा.
अब एक कड़ाही में तेल या थोड़ा घी गर्म करें. इसमें जीरा, साबुत लाल मिर्च, तेजपत्ता, दालचीनी, इलायची, काली मिर्च और लौंग डालकर भूनें. जब मसालों की खुशबू आने लगे, तब बारीक कटा प्याज डालें और सुनहरा होने तक पकाएं. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ मिनट भून लें.
अब इसमें टमाटर और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, अमचूर, पनीर मसाला और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह पकाएं. जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब हरी मिर्च और अदरक का लच्छा डाल दें. इसके बाद उबला हुआ पनीर डालकर हल्के हाथों से मिलाएं.
अब बचा हुआ चायपत्ती वाला पानी जरूरत के अनुसार डालें और 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. जब ग्रेवी गाढ़ी हो जाए, तो ऊपर से कसूरी मेथी और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें.
तैयार मसाला पनीर कलेजी को तंदूरी रोटी, बटर नान, मिस्सी रोटी या जीरा राइस के साथ परोसें. ऊपर से अदरक और हरे धनिये की सजावट इसका स्वाद और लुक दोनों बढ़ा देती है.
झुंझुनूं में उपभोक्ता आयोग ने एक दिन में निपटाए 35-मामलें: 33 उपभोक्ताओं को कल मिलेंगे चेक, बीमा कंपनी ने भी जमा करवाई क्लेम राशि – Jhunjhunu News
झुंझुनूं जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने एक दिन में 35 मामलों(परिवाद) का निस्तारण किया। इस दौरान बीमा कंपनी ने भी आयोग के निर्णय का सम्मान करते 33 उपभोक्ताओं की अवॉर्ड राशि (क्लेम) रिकॉर्ड आयोग ऑफिस में जमा करवा दी है। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील वकीलों की मौजूदगी 33 उपभोक्ताओं को अवार्ड राशि के चेक सौंपेंगे, जो लंबे समय से अपने क्लेम का इंतजार कर रहे थे। अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए एक ही दिन में 35 मामलों में फैसले लिखवाकर सुना दिए। बीमा कंपनी ने भी क्लेम जमा करवाया
कानूनी मामलों में फैसलों के बाद उनकी पालना में लंबा समय लग जाता है, लेकिन आयोग की कार्यप्रणाली को देखते हुए बीमा कंपनी ने हाथोंहाथ फैसले लिए। आयोग के निर्णय का सम्मान करते हुए कंपनी ने 33 परिवादों से संबंधित क्लेम राशि आयोग में जमा करवा दी।
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वियतनाम में 15 भारतीयों की मौत के बाद बोट-कैप्टन गिरफ्तार: कंपनी की रिवॉर्ड ट्रिप पर गए थे पर्यटक; परिवारों को टीवी से मिली खबर
हनोई1 घंटे पहले
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वियतनाम में शनिवार को भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत के बाद स्पीडबोट कैप्टन को गिरफ्तार कर लिया गया है। उस पर केस दर्ज किया गया है।
वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह भारतीय टूरिस्ट ‘लावा मोबाइल’ के चैनल पार्टनर और कर्मचारी थे। सभी कंपनी के टॉप परफॉर्मिंग डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए आयोजित रिवॉर्ड ट्रिप पर वियतनाम गए थे।
कई पीड़ित परिवारों ने बताया कि उन्हें हादसे की पहली जानकारी टीवी चैनलों या दोस्तों के फोन से मिली। इसके बाद भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन ने उनसे संपर्क किया। कई परिवार अब भी अपने परिजन के पार्थिव शरीर के भारत पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
शुरुआती जांच में स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि मौसम अचानक खराब होने और ऊंची लहरों की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, पूरे मामले की जांच जारी है।

शनिवार को वियतनाम में 32 भारतीयों पर्यटकों से भरी स्पीडबोच पलट गई थी। तस्वीर में बोट पलटी नजर आ रही है।
पलटी बोट के नीचे फंस गए थे पर्यटक
भारतीय दूतावास के मुताबिक बोट में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक और चार वियतनामी क्रू मेंबर थे। बोट माय रुट द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रही थी। तभी अचानक मौसम बदला और तेज लहरों के बीच बोट कुछ ही सेकेंड में पलट गई।
बचे हुए यात्रियों ने बताया कि हादसा इतना तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। जो लोग बोट के आगे बैठे थे वे समुद्र में कूदकर बाहर निकल गए लेकिन अंदर बैठे कई यात्री उलटी हुई बोट के नीचे फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।
स्थानीय नाविक हा वान लोक ने बताया कि उन्होंने समुद्र में पलटी हुई बोट देखी, जिस पर कई लोग चिपके हुए थे। कुछ लोग बिना लाइफ जैकेट के समुद्र में बह रहे थे। उनकी टीम ने रस्सी फेंककर लोगों को बाहर निकाला और तुरंत दूसरी रेस्क्यू टीमों को सूचना दी। बाद में जेट स्की की मदद से घायलों को किनारे पहुंचाया गया।

शनिवार को हुए हादसे के इस वीडियो में कुछ लोग बोट के साइड में हैं और कुछ बोट के ऊपर बैठें नजर आ रहे हैं।
सर्वाइवर बोले- समय पर इलाज मिलता तो और जानें बच सकती थीं
हादसे में बचे भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने बताया कि स्थानीय रेस्क्यू टीम जल्दी पहुंच गई थी, लेकिन पास के द्वीप पर पर्याप्त मेडिकल उपकरण और जरूरी दवाइयां नहीं थीं।
निर्मल कुमार के मुताबिक उनके साथ मौजूद एक डॉक्टर ने भी कहा कि अगर जरूरी दवाएं और मेडिकल सुविधाएं होतीं तो कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि करीब दो-तीन घंटे बाद वियतनाम एयर फोर्स पहुंची और घायलों का इलाज शुरू कराया।
आंध्र प्रदेश के एक अन्य जीवित बचे यात्री ने PTI को बताया कि बोट द्वीप से केवल 300-400 मीटर ही आगे बढ़ी थी। सभी लोग तस्वीरें ले रहे थे, तभी अचानक बोट पलट गई। उन्होंने कहा, “हम सभी मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया।”

हादसे के बाद कुछ लोगों ने CPR देकर मदद की कोशिश की।
पार्थिव शरीरों को जल्द भारत लाने की तैयारी
तमिलनाडु BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने केंद्र और तमिलनाडु सरकार से अपील की कि तमिलनाडु के 10 मृतकों के शव जल्द राज्य लाए जाएं। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज की भी मांग की।
भारतीय दूतावास ने बताया कि सभी 15 मृतकों के पार्थिव शरीर ‘हो ची मिन्ह सिटी’ पहुंच चुके हैं। वहां कांसुलर और स्थानीय प्रशासन जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। औपचारिकताएं पूरी होते ही सभी पार्थिव शरीरों को भारत भेजा जाएगा।
दूतावास और भारत के कॉन्सुलेट जनरल लगातार वियतनाम प्रशासन के संपर्क में हैं। अधिकारियों ने शवों को जल्द भारत भेजने और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है। वहीं 15 घायल भी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं, जबकि एक घायल का इलाज अभी फू क्वोक के अस्पताल में चल रहा है।

हादसे के बाद पर्यटन सेवाओं पर असर
हादसे के बाद कई टूरिज्म कंपनियों ने फू क्वोक और आसपास के द्वीपों के बीच स्पीडबोट सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी हैं। माय रुट द्वीप अपनी साफ नीली समुद्री जलराशि, सफेद रेत और डाइविंग के लिए जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक स्पीडबोट से पहुंचते हैं।
पिछले साल फू क्वोक में 18 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। हालांकि वियतनाम में खराब मौसम, बाढ़ और नावों के रखरखाव में लापरवाही की वजह से पहले भी कई नौका हादसे हो चुके हैं।

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वियतनाम में टूरिस्ट बोट पलटी, 15 भारतीयों की मौत:इनमें 10 तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् के पर्यटक; 32 भारतीय सवार थे

वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास शनिवार को बोट पलट गई। हादसे में 2 महिलाओं समेत 15 भारतीयों की मौत हो गई। मरने वालों में 10 टूरिस्ट तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरलम् से थे।
बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे, जिसमें 32 भारतीय थे। 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें…
इस हफ्ते मिलेगा जमकर पैसा छापने का मौका, ₹10,000 करोड़ जुटाने आ रहीं 3 कंपनियां
नई दिल्ली. पैसा है लेकिन पता नहीं कहां लगाएं? आईपीओ आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. आपको इस हफ्ते 1-2 नहीं बल्कि 3 आईपीओ के विकल्प मिलेंगे. इनकी टोटल वैल्यू 10,000 करोड़ रुपये है. इनमें से चाहें तो आप तीनों के लिए बोली लगा सकते हैं या फिर सारा पैसा भरोसा करके एक ही आईपीओ में भी झोंक सकते हैं. लेकिन कोई भी फैसला लेने से पहले यह जान लें कि ये तीनों पैसा लगाने लायक हैं भी या नहीं.
हम आपको एक-एक करके इन तीनों आईपीओ की डिटेल दे रहे हैं. इस हफ्ते जो 3 आईपीओ आने वाले हैं उनके नाम हैं एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट, अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड और मिलवर्क्स टेक्नोलॉजी. इनमें पहले दो मेनबोर्ड IPO हैं, जबकि तीसरा SME IPO है. आइए अब इन तीनों के बारे में विस्तार से जानते हैं.\
सबसे बड़ा आईपीओ
इस हफ्ते का सबसे बड़ा और सबसे चर्चित IPO एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का है. यह देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक और फ्रांस की एसेट मैनेजमेंट कंपनी अमुंडी (Amundi) की संयुक्त कंपनी है. कंपनी इस IPO के जरिए 9,812.91 करोड़ रुपये जुटा रही है. इसके लिए 545 रुपये से 574 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है. यह पूरी तरह ऑफर फोर सेल (OFS) है. यानी कंपनी को इस IPO से एक भी रुपया नहीं मिलेगा. पूरा पैसा अपने शेयर बेच रहे दोनों प्रमोटर्स के पास जाएगा. IPO के तहत SBI करीब 4.88 फीसदी और अमुंडी करीब 3.51 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. प्री IPO निवेश के बाद इश्यू का आकार पहले के मुकाबले थोड़ा घटाया गया है.
अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड क्या करती है?
गुजरात की टेक्सटाइल कंपनी अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड इस हफ्ते दूसरा मेनबोर्ड IPO ला रही है. कंपनी 126.25 करोड़ रुपये जुटाएगी. इसके लिए 100 रुपये से 105 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है. यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है. यानी IPO से मिलने वाला पैसा सीधे कंपनी को मिलेगा. इस रकम का इस्तेमाल नया वीविंग प्लांट लगाने, ग्रे फैब्रिक की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, कर्ज चुकाने और दूसरे कारोबारी कामों में किया जाएगा.
एसएमई सेगमेंट में आएगा मिलवर्क्स टेक्नोलॉजी
अगर आप SME IPO में निवेश करना चाहते हैं तो इस हफ्ते आपके पास मिलवर्क्स टेक्नोलॉजी का विकल्प होगा. बेंगलुरु की यह प्रिसिजन इंजीनियरिंग कंपनी 160.30 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है. कंपनी ने 315 रुपये से 331 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. यह भी पूरी तरह फ्रेश इश्यू है. IPO से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल नई मशीनें खरीदने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें पूरी करने और सामान्य कारोबारी उद्देश्यों में किया जाएगा.
इस साल IPO बाजार कितना गर्म रहा?
इस साल अब तक 30 मेनबोर्ड IPO के जरिए 24,404 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं. एसबीआई फंड मैनेजमेंट और अल्पाइन टेक्सवर्ल्ड के जुड़ने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 34,343 करोड़ रुपये हो जाएगा. वहीं SME सेगमेंट में अब तक 90 कंपनियां करीब 3,861 करोड़ रुपये जुटा चुकी हैं. मिलवर्क्स टेक्नोलॉजी के आने के बाद यह रकम 4,022 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी.
जिन IPO पर अभी बोली चल रही है
इस बीच लेजर पावर एंड इंफ्रा का 742 करोड़ रुपये का IPO 13 जुलाई को बंद होगा. इसके अलावा SME कंपनियों डेवसन कैटेलिस्ट और हैप्पी स्टील्स के IPO भी उसी दिन बंद होंगे. डेवसन कैटेलिस्ट को शुरुआती दो दिनों में 27.35 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जबकि हैप्पी स्टील्स को 2.95 गुना बोली मिल चुकी है. तीनों कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 16 जुलाई को होने की संभावना है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
कासगंज में ट्रक से 400 लीटर डीजल चोरी: ड्राइवर के सोते रहने पर अज्ञात चोरों ने दिया वारदात को अंजाम – Kasganj News
कासगंज के सोरों कोतवाली क्षेत्र में एक ट्रक से लगभग 400 लीटर डीजल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित चालक ने अज्ञात चोरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई तथा चोरी हुए डीजल की बरामदगी की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश निवासी चालक पदम सिंह मुंबई से ट्रक में बिजली का तेल भरकर लाए थे। उन्होंने अपना ट्रक खड़ा कर आराम कर रहे थे, तभी अज्ञात चोरों ने मौके का फायदा उठाया। चोरों ने ट्रक के डीजल टैंक का ताला तोड़कर उसमें भरा लगभग 400 लीटर डीजल चुरा लिया। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग रविवार को जब चालक की नजर डीजल टैंक पर पड़ी, तो उन्होंने ताला टूटा हुआ और डीजल गायब पाया। घटना का पता चलते ही चालक ने तत्काल यूपी-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संभावित साक्ष्य जुटाने में लगी है। पीड़ित चालक का कहना है कि चोरी से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और वह दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रात के समय खड़े भारी वाहनों से डीजल चोरी की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। उन्होंने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और ऐसे गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।
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खंडवा में कोरकू समाज का प्रदर्शन, 5 हजार लोग जुटे: बोले- तीर-गोफन खाएंगे और जंगल को बचाएंगे; वन अतिक्रमण हटाओ – Khandwa News
खंडवा जिले में वन विभाग की वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के समर्थन में रविवार को आदिवासी कोरकू समाज का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। खंडवा और बुरहानपुर जिले से करीब 5 हजार कोरकू समाज के लोग खंडवा पहुंचे। वन विभाग की कार्रवाई के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन को देखते हुए शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर पुलिस बल तैनात किया गया। कोरकू समाज के लोग पहले गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए, जहां सभा आयोजित की गई। इसके बाद समाज के प्रतिनिधियों ने रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सीएसपी अभिनव बारंगे सहित प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बोले- जंगल हमारी पहचान और आजीविका का आधार
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में कोरकू समाज ने कहा कि उनका अस्तित्व, संस्कृति, परंपराएं और आजीविका जंगलों पर आधारित हैं। जलाऊ लकड़ी, महुआ, चार (चिरौंजी), गोंद, तेंदूपत्ता, औषधीय वन उपज, पशुओं के लिए चारा और अन्य लघु वनोपज से ही हजारों आदिवासी परिवारों का जीवन चलता है। कहा कि, लगातार हो रहे अवैध अतिक्रमण से जंगलों का क्षेत्रफल घट रहा है, वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है और आदिवासी समाज के पारंपरिक निस्तार अधिकारों पर भी असर पड़ रहा है। समाज ने वन विभाग द्वारा भिलाईखेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान का समर्थन करते हुए इसे वन संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और आदिवासी हितों के लिए जरूरी बताया। कोरकू समाज ने ज्ञापन में सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
करीब पांच हजार लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। कलेक्ट्रेट पहुंचने वाले सभी मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और ज्ञापन सौंपने के बाद समाज के लोग वापस लौट गए।
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