Sunday, September 13, 2026
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भीलवाड़ा में 33 टेबलों पर होगी 70 वार्डों की मतगणना: कल सुबह 8 बजे से दो कमरों में होगी काउंटिंग – Bhilwara News




भीलवाड़ा नगर निगम के 70 वार्डों की मतगणना 14 सितंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके लिए 33 टेबल निर्धारित की गई हैं। 18 टेबलों पर वार्ड 1 से 35 और 15 टेबलों पर वार्ड 36 से 70 की मतगणना होगी। मतगणना राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय, तिलक नगर में की जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर जसमीत सिंह संधू के निर्देश पर मतगणना को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने के लिए व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। दो कमरों में होगी 70 वार्डों की काउंटिंग नगर निगम भीलवाड़ा के सदस्यों के निर्वाचन के लिए मतों की गणना राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में होगी। मतगणना के लिए कक्ष, स्ट्रांग रूम, मतगणना टेबल और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए अलग-अलग कमरे निर्धारित किए गए हैं। रिटर्निंग अधिकारी के लिए कमरा नंबर 42 और सहायक रिटर्निंग अधिकारी के लिए कमरा नंबर 39 तय किया गया है। EVM कलेक्शन के लिए ग्राउंड फ्लोर पर कमरा नंबर 41 रहेगा। कमरा नंबर 42 में टेबल संख्या 1 से 18 तक वार्ड संख्या 1 से 35 की मतगणना होगी। वहीं कमरा नंबर 39 में टेबल संख्या 1 से 15 तक वार्ड संख्या 36 से 70 के वोट गिने जाएंगे। मतगणना स्थल पर अलग-अलग व्यवस्थाओं के लिए कमरे तय मतगणना स्थल पर पर्यवेक्षक कक्ष, जिला निर्वाचन अधिकारी कक्ष, पुलिस अधीक्षक कक्ष, जिला निर्वाचन शाखा, नियंत्रण कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष और सांख्यिकीय सूचनाएं कक्ष निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा आरक्षित मतगणना दल कक्ष, मीडिया कक्ष, लेखा भुगतान कक्ष, स्टोर कक्ष, अल्पाहार एवं सर्किट हाउस व्यवस्था कक्ष और यातायात प्रकोष्ठ कक्ष भी बनाए गए हैं। जिले की 10 नगर पालिकाओं में यहां होगी मतगणना नगर पालिका बीगोद की मतगणना राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बीगोद, आसींद की राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आसींद और गुलाबपुरा की श्री गांधी शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय गुलाबपुरा में होगी। गंगापुर के लिए उपखंड कार्यालय गंगापुर परिसर के पीछे स्थित बैठक हॉल (कृषि भवन), जबकि हमीरगढ़ के लिए राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान हमीरगढ़ को मतगणना स्थल बनाया गया है। बनेड़ा में राजकीय महाविद्यालय बनेड़ा, शाहपुरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुरा, जहाजपुर में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल जहाजपुर, मांडलगढ़ में स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल विद्यालय मांडलगढ़ और बिजौलिया में राउमावि बिजौलिया को मतगणना स्थल निर्धारित किया गया है। नगर पालिकावार इतनी टेबलों पर होगी मतगणना बीगोद में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल, आसींद में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल, गुलाबपुरा में 35 वार्डों के लिए 7 टेबल और गंगापुर में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल निर्धारित की गई हैं। हमीरगढ़ में 20 वार्डों के लिए 4 टेबल, बनेड़ा में 20 वार्डों के लिए 4 टेबल, शाहपुरा में 35 वार्डों के लिए 7 टेबल, जहाजपुर में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल, मांडलगढ़ में 20 वार्डों के लिए 4 टेबल और बिजौलिया में 25 वार्डों के लिए 5 टेबल पर मतगणना होगी। लापरवाही नहीं करने के निर्देश जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित प्रभारी अधिकारियों और कर्मचारियों को मतगणना से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मतगणना के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने और पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कराने को कहा है।



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शैंपू-यूरिया वाला ‘जहरीला दूध’ पी रहा MP?: दुधारू पशु नहीं बढ़े, फिर 33.27 लाख टन दूध कहां से आया; देखिए कैसे बनता है ‘सफेद जहर’ – Madhya Pradesh News




क्या बिना पशुओं की संख्या बढ़े दूध की नदियां बह सकती हैं? सरकारी आंकड़े तो कुछ ऐसा ही चमत्कार दिखा रहे हैं। मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले पांच सालों में प्रदेश में एक भी दुधारू गाय या भैंस नहीं बढ़ी। लेकिन कागजों पर राज्य का दूध उत्पादन 179.99 लाख मीट्रिक टन से छलांग लगाकर 213.26 लाख मीट्रिक टन पर पहुंच गया। यानी 33.27 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त दूध कहां से आया? इस कागजी चमत्कार के दम पर मध्यप्रदेश 9.12% दुग्ध उत्पादन के साथ देश में तीसरे नंबर पर आ गया है। लेकिन जमीन पर सवाल बड़ा है। यह 33.27 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त दूध असली गाय-भैंसों का है? या फिर हमारे घरों में सिंथेटिक और मिलावटी दूध का जहर घोला जा रहा है? महंगाई की मार, 70% डेयरियां बंद, बढ़ने के बजाय घट गए जानवर सरकारी दावे एक तरफ और जमीन पर पशुपालकों का दर्द एक तरफ। विदिशा की स्वर्णकार कॉलोनी के डेयरी संचालकों की आपबीती बताती है कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों के बिल्कुल उलट है।

चंद्रमोहन यादव: 5 साल पहले मेरी डेयरी में 45 भैंसें और 30 गायें थीं, जिससे 350 लीटर दूध होता था। आज खली-चूनी 40 रुपये और भूसा 10 रुपये किलो है। महंगाई के कारण अब सिर्फ 3 भैंसें और 10 गायें बची हैं। जब जानवर ही घट रहे हैं, तो दूध कहां से बढ़ेगा?

महेश यादव: पिछले 5 सालों में विदिशा की 70% दूध डेयरियां बंद हो चुकी हैं। रूप सिंह, गोरेलाल और लल्लुलाल जैसे बड़े डेयरी मालिकों ने काम बंद कर दिया। इस इलाके में पहले 500 से ज्यादा भैंसें थीं, अब 100 भी नहीं बचीं।

राजा यादव और महेंद्र यादव: कांग्रेस नेता राजा यादव बताते हैं कि उनके पिता रमेश यादव के समय 18 भैंसें थीं, आज सिर्फ 2 बची हैं। वहीं महेंद्र यादव के पास भी 10 भैंसों और 5 गायों का कुनबा घटकर मात्र 2 भैंस और 2 गाय पर सिमट गया है। आंकड़ों का खेल: 5 साल से फ्रीज है पशुओं की संख्या विभाग के मुताबिक, साल 2020-21 में प्रदेश में जितने दुधारू पशु थे, साल 2024-25 तक उनमें एक भी अंक का बदलाव नहीं हुआ। हर साल बजट और टारगेट तय करने के लिए अफसर आंख मूंदकर एक ही पुरानी पशुगणना (2019) का डेटा कॉपी-पेस्ट कर रहे हैं। मिलावट का गणित: मांग बढ़ते ही बाजार में यूं घुलता है ‘सफेद ज़हर’ कारोबारी का बड़ा खुलासा: चंबल अंचल में नकली दूध के कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शैंपू, डिटर्जेंट पाउडर, रिफाइंड तेल, यूरिया और ग्लूकोज पाउडर के घोल से नकली दूध तैयार किया जाता है। त्योहारों या अधिक मांग के समय इसकी खपत अचानक बढ़ा दी जाती है।

सप्लाई का पैटर्न: 50% जहर + 50% असली दूध ऐसे बनता है मिश्रण: सबसे पहले 100 लीटर नकली (रसायनों का) दूध तैयार किया जाता है। मिक्सिंग का खेल: इस 100 लीटर नकली दूध में 100 लीटर असली दूध मिलाया जाता है, जिससे जांच में पकड़ना मुश्किल हो जाए। सप्लाई नेटवर्क: यह मिश्रण तैयार होते ही गांव-गांव और शहरों तक पहुंचने वाले वाहनों के जरिए बाजार में सप्लाई कर दिया जाता है। विभाग का दावा- नस्ल सुधर से उत्पादन बढ़ा विभाग का दावा है कि नस्ल सुधार से प्रति पशु उत्पादन बढ़ा है। लेकिन यदि औसतन 1 लीटर प्रति पशु की बढ़ोतरी मान भी ली जाए, तब भी यह गणित 33.27 लाख मीट्रिक टन की भारी बढ़ोतरी को पूरी तरह स्पष्ट नहीं करता। खासकर तब जब महंगाई के चलते 50% डेयरियां बंद हुई हैं और पशुओं की संख्या घटी है। ऐसे में सवाल यही है कि आंकड़ों और मांग के बीच का यह अंतर क्या मिलावटी दूध से पूरा हो रहा है?

नस्ल सुधार से दुग्ध उत्पादन बढ़ा पशुपान विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. संजय भारती ने बताया- नस्ल सुधार के कारण प्रति पशु दुग्ध उत्पादन बढ़ा है। साहीवाल, गिर, जर्सी और एचएफ गायों के साथ मुर्रा भैंसों की नस्ल सुधार से उत्पादन में वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया- वर्तमान में गायों से औसतन 3.30 लीटर और भैंसों से 4.30 लीटर दूध प्रतिदिन मिल रहा है। सिंथेटिक दूध को लेकर विभाग को अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। भास्कर ने 8 जगह कराई दूध की टेस्टिंग, 5 जगह मिलावट मिली

ग्वालियर चंबल अंचल में नकली और मिलावटी दूध की हकीकत जानने के लिए दैनिक भास्कर ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ भिंड में सैंपलिंग कराई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने रैपिड किट से पांच जगह दूध की जांच की। जांच के दौरान चार जगह के दूध में मिलावट मिली। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने चारों स्थान पर दूध को संदिग्ध मानते हुए सैंपल लिए हैं, जो अब जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे जाएंगे। वहीं भास्कर ने पोरसा, गोरमी और गोहद से दूध लेकर ग्वालियर में प्राइवेट लैब में टेस्टिंग कराई। रिपोर्ट में पोरसा से लिए दूध में रिफाइंड ऑयल की पुष्टि हुई है। इससे साफ है कि मिलावटी दूध का गोरखधंधा जारी है, जो डिमांड बढ़ने पर और ज्यादा बढ़ जाता है।



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पब्लिक फंड ने खोला टाटा संस की लिस्टिंग का रास्‍ता, कब तक आएगा IPO


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Tata Sons IPO : टाटा संस के शीर्ष अधिकारी आगे की रणनीति और समयसीमा पर स्पष्टता के लिए जल्द ही आरबीआई के अधिकारियों से बैठक कर सकते हैं. अगर आरबीआई ने कोई अतिरिक्त ढील नहीं दी, तो टाटा संस को जल्‍द ही आईपीओ लाना पड़ सकता है.

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आरबीआई ने टाटा संस को अपर लेयर की एनबीएफसी लिस्ट में रखा है.

नई दिल्‍ली. टाटा समूह की मूल कंपनी टाटा संस (Tata Sons) टाटा संस खुद को गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के दायरे से बाहर निकालकर शेयर बाजार में लिस्ट होने से बचना चाहती थी. लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उसकी एनबीएफसी वाला दर्जा खत्‍मक करने की मांग खारिज कर दी. टाटा संस की इस मांग के खारिज होने के पीछे सबसे बड़ी वजह बना है पब्लिक फंड. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि भले ही टाटा संस खुद सीधे तौर पर पब्लिक फड न जुटाती हो, मगर उसकी समूह कंपनियों की पहुंच पब्लिक फंड तक है. जटिल क्रॉस-होल्डिंग के चलते टाटा संस अप्रत्यक्ष रूप से सार्वजनिक धन से गहराई से जुड़ी है. इसी एक तकनीकी अड़चन ने अब टाटा संस की लिस्टिंग के दरवाजे खोल दिए हैं.

टाटा समूह की कंपनियों के बीच शेयरों का ताना-बाना बेहद जटिल है. टाटा ट्रस्ट्स के पास टाटा संस की 66 फीसदी हिस्सेदारी ह. शापूरजी पालोनजी (SP) ग्रुप 18.4 फीसदी हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा एकल स्‍टैक होल्‍डर है. बाकी का बड़ा हिस्सा समूह की ही विभिन्न लिस्टेड कंपनियों और व्यक्तिगत शेयरधारकों के पास है. टाटा संस भी इन सभी कंपनियों में नियंत्रक हिस्सेदारी रखती है. सूत्रों का कहना है कि आरबीआई ने माना है कि जब समूह की सहायक कंपनियां बैंक फाइनेंस, डिबेंचर या कमर्शियल पेपर के जरिए बाजार से सार्वजनिक धन जुटाती हैं, तो होल्डिंग कंपनी होने के नाते टाटा संस को इससे अलग नहीं माना जा सकता.

क्या है पब्लिक फंड जिसने फंसाया पेंच

आरबीआई के नियमों के अनुसार पब्लिक फंड की परिभाषा सिर्फ बैंक में जमा पैसों तक सीमित नहीं है. इसमें बैंक फाइनेंस, इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट, कमर्शियल पेपर और डिबेंचर के जरिए जुटाया गया फंड भी शामिल है. इतना ही नहीं, सहयोगी और समूह कंपनियों के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से आने वाला फंड भी इसी दायरे में आता है. चूंकि टाटा संस की समूह कंपनियां इन वित्तीय साधनों का इस्तेमाल करती हैं, इसलिए नियामक ने माना कि कंपनी पर पब्लिक फंड की जवाबदेही पूरी तरह लागू होती है.

अब लिस्टिंग क्यों बन गई मजबूरी?

केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर 2022 में टाटा संस को अपर लेयर (NBFC-UL) के रूप में वर्गीकृत किया था. इस श्रेणी के कड़े नियमों के तहत कंपनी को अनिवार्य रूप से 30 सितंबर 2025 तक शेयर बाजार में लिस्ट होना था. लिस्टिंग की बाध्यता से बचने के लिए ही टाटा संस ने दिसंबर 2024 में अपना एनबीएफसी दर्जा सरेंडर करने का आवेदन दिया था. अब याचिका खारिज होने के बाद टाटा संस एक बार फिर टाइप-1 एनबीएफसी-CIC के कड़े रेगुलेटरी फ्रेमवर्क में आ गई है.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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इंडोनेशिया का 240 यात्रियों वाला जहाज लापता: जावा सागर में संपर्क टूटा, पूर्वी जावा से बोर्नियो जा रहा था




इंडोनेशिया में 240 लोगों को लेकर जा रहे यात्री जहाज विर्गो ट्रांसपोर्ट 8 से जावा सागर में संपर्क टूट गया। जहाज पूर्वी जावा के सुराबाया से बोर्नियो द्वीप के दक्षिण कालीमंतन प्रांत की राजधानी बंजर्मासिन जा रहा था। संपर्क टूटने के बाद रविवार को इंडोनेशियाई रेस्क्यू टीम ने जहाज की तलाश शुरू कर दी। बंजर्मासिन सर्च एंड रेस्क्यू ऑफिस के मुताबिक, जहाज के रास्ते में कम्युनिकेशन फेलियर की जानकारी मिली थी। शुरुआती जानकारी में जहाज की आखिरी लोकेशन जावा सागर में बंजर्मासिन के एक पियर से करीब 148 किमी दूर बताई गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जहाज से संपर्क टूटने के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। अभी तक किसी यात्री के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है। रेस्क्यू टीम जहाज की लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। खबर अपडेट हो रही है…



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नालंदा में बाजार जा रहे बुजुर्ग की हादसे में मौत: यात्रियों से भरे ऑटो में सवार थे, अज्ञात वाहन टक्कर मारकर फरार; पटना ले जाते समय तोड़ा दम – Nalanda News




नालन्दा के बिहार शरीफ-एकंगरसराय मुख्य मार्ग पर शनिवार की देर शाम हुए एक सड़क हादसे में 62 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। दुर्घटना रसूला गांव के समीप घटी, जहां एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने यात्रियों से भरे ऑटो में जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान नूरसराय थाना क्षेत्र के अजयपुर गांव निवासी स्वर्गीय मंगल महतो के 62 वर्षीय पुत्र योगेंद्र प्रसाद के रूप में हुई है। इस असमय मौत के बाद मृतक के परिजनों में चीख-पुकार मची है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। बाजार जाने के दौरान हुआ हादसा घटना के संबंध में मृतक के दामाद सुजीत कुमार ने बताया कि योगेंद्र प्रसाद शनिवार शाम अपने निजी कार्य से अजयपुर गांव के पास से एक टेंपो पर सवार होकर परवलपुर बाजार जा रहे थे। जैसे ही टेंपो बिहार शरीफ-एकंगरसराय मुख्य मार्ग स्थित रसूला गांव के समीप पहुंचा, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने टेंपो में सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि योगेंद्र प्रसाद सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद डायल 112 की पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल बुजुर्ग को आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी परवलपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने भी स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान पटना ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें एंबुलेंस से पटना ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। खेती-बाड़ी से चलता था घर का खर्च परिजनों ने रोते-बिलखते बताया कि योगेंद्र प्रसाद मूल रूप से खेती-बाड़ी का कार्य करते थे और वही अपने परिवार के मुख्य भरण-पोषणकर्ता थे। घर के मुखिया की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस कर रही मामले की जांच परवलपुर थानाध्यक्ष रोशन कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालकर दुर्घटनाग्रस्त वाहन की तलाश में जुटी हुई है।



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चावल के साथ बनाएं तड़के वाली हरी धनिया की चटनी, नोट करें रेसिपी

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Dhaniya Chutney Recipe: अब तक आप धनिया के चटनी को दाल चावल के साथ चखने के रूप में खाते होंगे. लेकिन आज जो हरी धनिया की चटनी की रेसिपी यहां हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं, वो ऐसी है कि आपको सब्जी दाल बनाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. इसका चटपटा और तीखा स्वाद आपके बोरिंग से खाने को मिनटों में कई गुना ज्यादा मजेदार बना देगा.

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Dhaniya Chutney Recipe: कई बार घर में सब्जी दाल होने पर भी कुछ भी बनाने का मन नहीं करता है. ऐसे में कोई शॉर्टकट रेसिपी पता हो तो बाहर से अनहेल्दी खाना खाने से बचा जा सकते हैं. ऐसे में हरी धनिया की तड़के वाली चटनी बेहतरीन विकल्प साबित होती है. ये चटनी स्वाद में तीखी, चटपटी और खुशबूदार होती है, जो साधारण चावल, पराठे, रोटी या खिचड़ी का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है.

खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी खास सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. हरा धनिया, प्याज, लहसुन और कुछ मसालों से तैयार होने वाली ये चटनी कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है. ऊपर से डाला गया जीरे का तड़का और नींबू का रस इसके स्वाद को और भी खास बना देता है. अगर आप भी रोज-रोज एक जैसा खाना खाकर बोर हो गए हैं, तो इस आसान रेसिपी को जरूर ट्राई करें. एक बार इसे चावल के साथ खा लिया, तो बार-बार बनाने का मन करेगा.

तड़के वाली हरी धनिया की चटनी की रेसिपी
सामग्री
1 कप ताजा हरा धनिया
1 से 2 प्याज (कटा हुआ)
7 से 8 हरी मिर्च
10 से 12 लहसुन की कलियां
1/2 चम्मच भुना जीरा पाउडर
1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
स्वादानुसार नमक
2 बड़े चम्मच सरसों का तेल या सामान्य तेल
1 चम्मच साबुत जीरा
आधे नींबू का रस

बनाने की विधि
सबसे पहले हरा धनिया अच्छी तरह धोकर साफ कर लें. इसके बाद प्याज, लहसुन और हरी मिर्च के साथ मिक्सर जार में डालें. सभी चीजों को बारीक नहीं बल्कि थोड़ा दरदरा पीस लें, ताकि चटनी का स्वाद और बनावट बनी रहे.

अब इस मिश्रण को एक बाउल में निकाल लें. इसमें स्वादानुसार नमक, भुना जीरा पाउडर और लाल मिर्च पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें.

फिर एक छोटे पैन में तेल गर्म करें. जब तेल गर्म हो जाए, तो उसमें साबुत जीरा डालें और उसे चटकने दें. तैयार तड़के को चटनी के ऊपर डाल दें.  इससे चटनी में शानदार खुशबू और स्वाद आ जाएगा.

आखिर में आधे नींबू का रस निचोड़ें और सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें. अब आपकी तड़के वाली हरी धनिया की चटनी तैयार है. इसे गर्म चावल, रोटी, पराठे या दाल-चावल के साथ परोसें और इसके चटपटे स्वाद का आनंद लें.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह एक अनुभवी लाइफस्टाइल पत्रकार हैं, जिनके पास डिजिटल मीडिया और कंटेंट लेखन के क्षेत्र में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से…

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70-80 किलो वजन उठाते हैं राष्ट्रपति के ADC! मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने बताया अपना फिटनेस रूटीन


ऋषभ सिंह संब्याल का नाम अब हर बच्चा जान चुका है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी पद से इस्तीफा दे दिया है और हाल ही में वह राज शमानी के पॉडकास्त में पहुंचे। यहां पर उन्होंने फिटनेस को लेकर कई बातें बताई, जो हम आपको बताने जा रहे हैं।

आर्मी ऑफिसर्स को काफी कड़ी ट्रेनिंग के साथ तैयार किया जाता है और इस बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एड-डि-कैंप (एडीसी) मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने खुलकर बताया। ऋषभ ने 30 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले लिया और हाल ही में वह राज शमानी के पॉडकास्ट में पहुंचे, जहां पर उन्होंने फिटनेस, ट्रेनिंग और अपनी जॉब के बारे में खूब सारी बातें कीं। उन्होंने बताया कि कैसे उन्हें फिट रहने के लिए छोटे-छोटे टास्क को फॉलो करना पड़ता है और कड़ी मेहनत के बाद वह फिटनेस के सभी पैरामीटर्स को पार कर पाते हैं। इतना ही नहीं हर दिन अपनी फिटनेस को मेंटेन करने के लिए भी उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। आप देश के सबसे बड़े आदमी की सुरक्षा में तैनात हैं, तो जाहिर है कि आपको पहले अपनी सेहत-फिटनेस का ख्याल रखना होगा। चलिए आपको ऋषभ सिंह के फिटनेस के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

70-80 किलो वजन उठाना पड़ता है

जिन लोगों को ये नौकरी और रुतबा काफी आरामदायक और लग्जरी लगती हैं, उन्हें बता दें कि ट्रेनिंग के दौरान करीब 70-80 किलो वजन उठाकर चलना पड़ता है। ऐसी ट्रेनिंग के पीछे का मकसद होता है कि कभी ऐसी नौबत आ जाए कि किसी को कैरी करके चलना पड़े तो आप आसानी से चल सके। उसके लिए बकायदा हर दिन इतने वजन के साथ ट्रेनिंग दी जाती है।

30 दिनों तक ना नींद ना खाना

सिर्फ वजन उठाना ही फिटनेस ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं होता बल्कि 30-40 दिनों तक बिना खाना और नींद के भी रहना पड़ता है। अगर कभी ऐसी स्थिती आ जाए, जिसमें सोने या खाने को कुछ न मिले, तो आप कैसे सर्वाइव करेंगे इस ट्रेनिंग में यही सिखाया जाता है। आर्मी में सभी ऑफिसर को इस चीज की ट्रेनिंग दी जाती है।

गोलाकार में लगानी है दौड़

ऋषभ सिंह ने बताया कि फिटनेस ट्रेनिंग के दौरान गोलाकार ट्रैक होता है जो करीब 1 किमी का बना होता है। इसमें हमें दौड़ लगानी होती है, सिर्फ दौड़ ही नहीं लगानी होती बल्कि आस-पास छिपी चीजों पर फोकस भी करना पड़ता है। ऐसे समझ लीजिए कि आपको दौड़ते समय आपके आस-पास क्या है जैसे पेड़, कोई चीज, कितनी बेंच इन सबको भी देखना होगा। इस ट्रेनिंग में सिखाया जाता है कि हर बारीक चीज पर ध्यान कैसे दिया जा सकता है।

खेलकूद और वर्कआउट है जरूरी

राष्ट्रपति के एडीसी के लिए रोजाना वर्कआउट करना और कोई एक खेल खेलना भी जरूरी है। इससे वह फिजिकली एक्टिव रहते हैं और शरीर फिट बना रहता है। रोजाना रनिंग-वॉकिंग भी रूटीन का खास हिस्सा होती है। इन सभी चीजों को बिना किए आपको एक भी दिन नहीं बीत सकता।

डाइट भी रहती है फिक्स

फिटनेस के लिए एडीसी ऑफिसर्स की डाइट भी काफी बैलेंस रहती है, जिसमें ज्यादा चिकनाई या मीठे व्यंजन नहीं होते। डाइट थोड़ी कम ही रहती है, जिससे हल्की भूख पेट में बची रहे और नींद या सुस्ती न लगे। राष्ट्रपति की सुरक्षा में जरा सी चूक भारी पड़ सकती है।



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भास्कर अपडेट्स: गुजरात में बीमारी से 62 शेरों की मौत, शावक सबसे ज्यादा प्रभावित




गुजरात में 31 जुलाई 2026 तक एक साल में बीमारी से 62 शेर, शेरनियों और शावकों की मौत हुई। विधानसभा में सरकार ने यह जानकारी दी। इनमें 28 शावक थे, जो कुल मौतों का 45.2% हैं। वहीं 17 शेर और 17 शेरनियां मरीं। मौतों में निमोनिया, खून की कमी, किडनी-लिवर की खराबी और दूसरी बीमारियां शामिल थीं। सरकार ने किसी एक बीमारी को सबसे बड़ी वजह नहीं बताया है। आज की अन्य बड़ी खबरें… एयर इंडिया के पायलट की दिल्ली के होटल में संदिग्ध मौत, लेओवर के दौरान रुके थे राजधानी दिल्ली में लेओवर पर रुके एयर इंडिया के एक पायलट की शुक्रवार शाम वसंत कुंज स्थित एक होटल के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक पायलट की उम्र 40 वर्ष के आसपास थी और वे मूल रूप से मुंबई के रहने वाले थे। उन्होंने हाल ही में एयर इंडिया एक्सप्रेस से ट्रांसफर लेकर एयर इंडिया जॉइन किया था। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साहित्यकार केतकी कुशारी डायसन का इंग्लैंड में निधन, 86 वर्ष की थीं भारतीय मूल की लेखिका और रवींद्रनाथ टैगोर की रचनाओं की प्रख्यात विद्वान केतकी कुशारी डायसन का इंग्लैंड में निधन हो गया। वे 86 वर्ष की थीं. उनके परिवार के एक करीबी सूत्र ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने इंग्लैंड में अपने आवास पर अंतिम सांस ली. केतकी कुशारी डायसन ने अंग्रेजी अनुवाद और शोध के माध्यम से नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के साहित्य और कलात्मक योगदान को वैश्विक पाठकों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।



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गोरखपुर में पूर्व डिप्टी मेयर को सोशल मीडिया पर धमकी: छवि खराब करने और मारने का आरोप, दर्ज हुआ FIR – Gorakhpur News




गोरखपुर के शाहपुर के राप्तीनगर निवासी पूर्व उपसभापति एवं पार्षद प्रतिनिधि बृजेश सिंह उर्फ छोटू की शिकायत पर शाहपुर पुलिस ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोप में एक युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि युवक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए बृजेश सिंह की छवि खराब करने का प्रयास किया और उन्हें धमकी भी दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक द्वेष के चलते पोस्ट करने का आरोप
बृजेश सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बरगदवा के विकास नगर जप्ती टोला निवासी रजत चौधरी सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार दुष्प्रचार कर रहे हैं। रजत चौधरी पूर्व पार्षद जनार्दन चौधरी के बेटे हैं। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि राजनीतिक द्वेष के चलते उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई।
इंस्टाग्राम पर धमकी देने का आरोप
तहरीर के मुताबिक, रजत चौधरी ने इंस्टाग्राम पर बृजेश सिंह के खिलाफ एक पोस्ट की। इसमें कथित तौर पर उन्हें दो थप्पड़ में जमीन पर सुलाने की धमकी दी गई। बृजेश सिंह ने इस पोस्ट को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की। उनका आरोप है कि इस तरह की पोस्ट से उनकी सामाजिक और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कई बार रह चुके हैं पार्षद और उपसभापति
बृजेश सिंह नगर निगम में कई बार पार्षद और उपसभापति रह चुके हैं। वर्तमान में उनकी पत्नी नगर निगम की उपसभापति होने के साथ ही राप्तीनगर की पार्षद हैं।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि को देखते हुए सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट को लेकर शिकायत की गई है।
पुलिस ने शुरू की जांच
शाहपुर पुलिस ने बृजेश सिंह की तहरीर के आधार पर आरोपी रजत चौधरी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट, उसमें इस्तेमाल की गई भाषा और कथित धमकी से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



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सोनिला की मौत के खुलासे के करीब पुलिस: फॉरेंसिक डॉक्टरों की पैनल से ओपिनियन, रूम में हुआ था विवाद; मौत का कारण सिर्फ “फंदा” – Indore News




इंदौर के तिलक नगर के होटल एलेक्स में ब्यूटीशियन सोनिला शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच में पुलिस अब घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस ने शुक्रवार देर रात महिला के दोस्त दीपक खंडेलवाल को बायपास इलाके से हिरासत में लिया। इसके बाद उससे लगातार अलग-अलग दौर में पूछताछ की गई। करीब 18 घंटे से ज्यादा चली पूछताछ में होटल के कमरे में हुए विवाद से लेकर सोनिला की मौत और उसके बाद दीपक के वहां से जाने तक के घटनाक्रम को क्रॉसचेक किया गया। जांच में सामने आए बिंदुओं में पता चला कि सोनिला और दीपक काफी समय से संपर्क में थे। दोनों के बीच कई बार विवाद की बात भी सामने आई। दीपक के बयानों को पुलिस होटल स्टाफ, पोस्टमॉर्टम और साइबर जांच से मिले इनपुट के साथ मिलाकर देख रही है। वहीं महिला की मौत का क्या कारण रहा, इसके लिए पुलिस ने फॉरेंसिक डॉक्टरों की पैनल से ओपिनियन ले रहे है। होटल पहुंचने के बाद ही हुआ घटना
पुलिस पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार 9 सितंबर को सोनिला और दीपक तिलक नगर स्थित होटल एलेक्स पहुंचे थे। कमरे में जाने के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कमरे में क्या हुआ। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फंदे से महिला की मौत की बात सामने आ रही है। अब ये फंदा आत्महत्या का था या हत्या का, पुलिस इसकी जांच में जुटी है। फंदे के लिए सामान्य रस्सी के बजाय बेड पर बिछाने वाले रनर (कपड़ा) का इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोनिला के मुंह से झाग निकल रहा था। इसके बाद दीपक घबरा गया और होटल स्टाफ की मदद से सोनिला को अस्पताल ले गया था। अस्पताल के बाद से हो गया था गायब, परिवार से की थी पूछताछ
प्राइवेट अस्पताल से ही दीपक ने सोनिला के परिवार को घटना के बारे में बताया। परिवार के लोगों की दीपक से कहासुनी हुई, तो दीपक अस्पताल से चला गया। पुलिस पूछताछ में भी सामने आया है कि उसने परिवार के सदस्यों को होटल में हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। इधर, जब पुलिस दीपक के परिवार से पूछताछ करने पहुंची, जिसके बाद दीपक ने पुलिस से संपर्क किया और अंतत: पुलिस की पकड़ में आ गया। 18 घंटे से ज्यादा पूछताछ, बयानों का क्रॉसचेक
दीपक को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ने उससे एक ही बार में पूछताछ करने के बजाय अलग-अलग दौर में सवाल किए। होटल पहुंचने, कमरे में विवाद, अस्पताल ले जाने और उसके बाद जाने तक की पूरी टाइमलाइन तैयार की जा रही है। पूछताछ में जहां भी बयानों में अंतर सामने आया, वहां दोबारा सवाल किए गए। पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना के दौरान कमरे में वास्तव में क्या हुआ था और सोनिला की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं। पोस्टमॉर्टम और साइबर जांच से मिले अहम सुराग
सोनिला की मौत के बाद गुरुवार को ही पोस्टमॉर्टम कराया गया था, लेकिन मौत की परिस्थितियां स्पष्ट नहीं होने के कारण पुलिस विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही थी। मामले में फोरेंसिक डिपार्टमेंट द्वारा ऑनलाइन प्रोसेस के तहत शुक्रवार शाम को पीएम रिपोर्ट शासन के पोर्टल पर अपलोड कर दी है, जो पुलिस को मिल गई है। दूसरी ओर, पुलिस बयानों और तकनीकी इनपुट को दीपक के बयान और अन्य साक्ष्यों से मिलाकर देख रही है। दीपक पाइप कारोबारी नहीं, पाइप कंपनी में करता था नौकरी
अब इस मामले में पुलिस महिला के परिवार के लोगों के भी बयान दर्ज करेगी। जांच के दौरान एक और तथ्य सामने आया है। शुरुआती जानकारी में दीपक को पाइप कारोबारी बताया जा रहा था, लेकिन पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि वह खुद पाइप का कारोबार नहीं करता था। वह पाइप की कंपनी में सेल्स मार्केटिंग की नौकरी करता है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले का खुलासा हो जाएगा। अभी आत्महत्या समेत दूसरे पहलुओं पर भी जांच
पुलिस फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि सोनिला की मौत से पहले कमरे में क्या परिस्थितियां बनीं और दीपक की भूमिका क्या रही। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में महिला के परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाना बाकी है। दीपक के बयान लिए जा चुके है। इधर, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम, फोरेंसिक और साइबर जांच से मिले साक्ष्यों को बयानों से मिलाने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।



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