जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में कथित भारी मुनाफाखोरी और दवा मूल्य नियंत्रण नियमों के उल्लंघन के खिलाफ आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक एवं सर्जन डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कुछ दवाओं पर वास्तविक कीमत की तुलना में 16 गुना तक अधिक वसूली की जा रही है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर-2 में 23 जून को निर्धारित है। डॉ. कुलश्रेष्ठ ने याचिका में दवा सप्लाई चेन में रिटेलर्स और अस्पतालों की ओर से किए जा रहे कथित अनैतिक मुनाफे पर रोक लगाने तथा ड्रग्स प्राइसेज कंट्रोल ऑर्डर (डीपीसीओ)-2013 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि कई फार्मा कंपनियां नियमों को दरकिनार कर मरीजों से दवाओं की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक राशि वसूल रही हैं। याचिका में एंटीबायोटिक दवा टाइगेबेक्स (Tigebex) का उदाहरण दिया गया है। इसके अनुसार दवा की अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) 5,635 रुपये है, जबकि यह दवा बाजार और अस्पतालों को करीब 350 रुपये में उपलब्ध हो जाती है। डॉ. कुलश्रेष्ठ का कहना है कि डीपीसीओ-2013 के तहत खुदरा विक्रेता के लिए सीमित मार्जिन का प्रावधान है, फिर भी दवाओं पर अत्यधिक लाभ लिया जा रहा है। उन्होंने याचिका में सवाल उठाया है कि जब निर्धारित लाभ सीमा सीमित है तो 90 प्रतिशत से अधिक मार्जिन कैसे दिया जा रहा है। कॉरपोरेट अस्पतालों पर लगाए शोषण के आरोप याचिका में बड़े और कॉरपोरेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। डॉ. कुलश्रेष्ठ का आरोप है कि कई अस्पताल मरीजों को अस्पताल परिसर की फार्मेसी से ही दवाएं खरीदने के लिए बाध्य करते हैं, जहां दवाएं पूरी एमआरपी पर बेची जाती हैं। उनका दावा है कि कई मामलों में अस्पताल के कुल बिल का 40 प्रतिशत तक हिस्सा केवल दवाओं का होता है, जिससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। एंटीबायोटिक के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता डॉ. कुलश्रेष्ठ ने याचिका में यह भी कहा है कि एंटीबायोटिक दवाओं पर अधिक मुनाफे के कारण उनका अनावश्यक उपयोग बढ़ रहा है। इससे देश में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस यानी सुपरबग का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति भविष्य में सामान्य संक्रमणों के इलाज को भी मुश्किल बना सकती है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से दवा मूल्य नियंत्रण नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने, अस्पतालों और दवा विक्रेताओं की जवाबदेही तय करने तथा मरीजों को राहत देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है।
Source link
जीवनरक्षक दवाओं पर हो रही 16 गुना तक मुनाफाखोरी: आगरा के सर्जन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, 23 जून को होगी सुनवाई – Agra News
बुरहानपुर एसपी ने ताजिया मार्गों और घाटों का किया निरीक्षण: सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा; जुलूसों पर सीसीटीवी और ड्रोन से रखी जाएगी नजर – Burhanpur (MP) News
बुरहानपुर पुलिस ने मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देश पर जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, यातायात संचालन को सुचारू रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटा हुआ है। ताजिया चल समारोह मार्गों का लिया जायजा इसी क्रम में शुक्रवार शाम पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शेण्डे ने मोहर्रम पर्व के दौरान निकलने वाले ताजिया चल समारोह मार्गों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों की स्थिति का अवलोकन करते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात संचालन और संवेदनशील स्थलों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन स्थानों को भी चिह्नित किया गया जहां भीड़ अधिक रहने की संभावना है, ताकि वहां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें। विसर्जन घाटों की व्यवस्थाओं की जांच अधिकारियों ने ताजिया विसर्जन के लिए निर्धारित घाटों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था, पहुंच मार्ग, भीड़ नियंत्रण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मार्गों से बाधाएं हटाने के निर्देश निरीक्षण के दौरान संबंधित थाना प्रभारियों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि ताजिया जुलूस मार्गों पर आने वाली सभी बाधाओं को समय रहते हटाया जाए। मार्गों को पूरी तरह सुगम और सुरक्षित बनाया जाए ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की रुकावट उत्पन्न न हो। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था और यातायात डायवर्जन की योजना को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए। सीसीटीवी कैमरों की स्थिति भी परखी ताजिया चल समारोह मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कैमरों की कार्यक्षमता की जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी कैमरे सुचारू रूप से काम करें और निगरानी व्यवस्था में कोई कमी न रहे। पुलिस का उद्देश्य जुलूस मार्गों पर हर गतिविधि पर नजर रखना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करना है। घाटों पर सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्था होगी मजबूत विसर्जन घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा घेरा बनाने, गोताखोरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, आपातकालीन सहायता दल तैनात करने और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत और सहायता उपलब्ध कराई जा सके। संवेदनशील स्थानों पर रहेगा अतिरिक्त पुलिस बल पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने निर्देश दिए हैं कि मोहर्रम पर्व के दौरान जिले के सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी अधिकारी लगातार निगरानी बनाए रखें। ड्रोन कैमरों से भी होगी निगरानी एसपी ने कहा कि ताजिया जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी। इससे भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में मदद मिलेगी। अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी विशेष नजर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि या कानून व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वाले तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए पुलिस प्रतिबद्ध पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने कहा कि बुरहानपुर पुलिस मोहर्रम पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व के दौरान सुरक्षा, यातायात और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि नागरिक निर्भय होकर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल हो सकें। निरीक्षण के दौरान सीएसपी गौरव पाटिल, थाना प्रभारी कोतवाली नीता देयरवाल, थाना प्रभारी यातायात राजेश बारवाल, थाना प्रभारी गणपति नाका सुरेश महाले, थाना प्रभारी शिकारपुरा संदीप चौरसिया सहित अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
Source link
वर्ल्ड अपडेट्स: डोमिनिकन रिपब्लिक के बीचफ्रंट रिजॉर्ट में आग लगी, 1 की मौत; 1700 लोग सुरक्षित निकाले गए
ब्रिटेन की राजधानी लंदन से करीब 90 किलोमीटर दूर बेडफोर्ड इलाके में शुक्रवार शाम दो ट्रेनों की टक्कर हो गई। हादसे में एक ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई, जबकि 89 लोग घायल हुए हैं। इनमें 11 की हालत गंभीर है। रेलवे ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, दोनों ट्रेनें लंदन के सेंट पैनक्रास स्टेशन की ओर जा रही थीं। शाम करीब 5:15 बजे बेडफोर्ड के पास उनकी टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर एयर एम्बुलेंस समेत बड़ी संख्या में राहत-बचाव दल भेजे गए। पुलिस ने बताया कि घटना को मेजर इंसिडेंट घोषित कर दिया गया है। ईस्ट ऑफ इंग्लैंड एम्बुलेंस सर्विस के मुताबिक, हादसे में 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 22 लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि 56 लोगों को मामूली चोट लगी है। घटना के बाद रेलवे कंपनी ने शुक्रवार के बाकी दिन के लिए सेंट पैनक्रास आने-जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दीं। शनिवार की सेवाओं को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
Source link
‘कॉकटेल 2’ को मिली धमाकेदार ओपनिंग, बॉक्स ऑफिस पर डबल डिजिट से खुला फिल्म का खाता
Last Updated:
होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी ‘कॉकटेल 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार शुरुआत की है. शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की जबरदस्त स्टार पावर के दम पर फिल्म ने अपने पहले ही दिन सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ जुटाई. लोगों के बीच इस रोमांटिक ड्रामा को लेकर भारी क्रेज देखने को मिल रहा है. इस दमदार शुरुआत के साथ ही ‘कॉकटेल 2’ ने साल 2022 की फिल्म कॉकेटल के ओपनिंग डे रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है.
नई दिल्ली. शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की रोमांटिक-ड्रामा फिल्म ‘कॉकटेल 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. भले ही क्रिटिक्स से फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसने धमाकेदार शुरुआत की है. होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म को इस साल बॉलीवुड में रोमांटिक जॉनर की वापसी की एक बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है.

‘कॉकटेल 2’ ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा दिया है. पहले ही दिन इस फिल्म ने डबल डिजिट में कमाई की है और आसानी से पहले पार्ट कॉकटेल के ओपनिंग डे कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है. चलिए जानते हैं कि कितने करोड़ की कमाई से ‘कॉकटेल 2’ का बॉक्स ऑफिस पर खाता खुला है.

शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की ‘कॉकटेल 2’ को भारत भर में 3000 से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है, जो इस जॉनर की फिल्म के लिए काफी बड़ी रिलीज मानी जा रही है. फिल्म ने ओपनिंग डे यानी शुक्रवार को घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 13.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया.
Add News18 as
Preferred Source on Google

ट्रेड ट्रैकर सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, ‘कॉकटेल 2’ के पहले दिन के लिए एडवांस बुकिंग में ही 1.6 लाख से ज्यादा टिकटे बिक गए थे, जिससे फिल्म ने 5.57 करोड़ का ग्रोस कलेक्शन कर लिया था. इसमें अगर स्पॉट बुकिंग (थिएटर जाकर टिकट खरीदना) के लिए ब्लॉक सीटों को भी जोड़ दिया जाए, तो यह आंकड़ा 8 करोड़ के पार पहुंच जाता है. इसी दमदार शुरुआत की बदौलत फिल्म पहले ही दिन भारत में 10 करोड़ का नेट आंकड़ा आसानी से पार करने में सफल रही.

वैसे क्रिटिक्स और दर्शकों के एक वर्ग से मिल रहे मिले-जुले रिव्यूज के कारण फिल्म के सामने वर्ड ऑफ माउथ को बनाए रखने की चुनौती जरूर है, जिसका असर आने वाले दिनों में दिख सकता है. इसके बावजूद रिलीज के पहले दिन थिएटर्स में दर्शकों की तादाद लगातार बढ़ती देखी गई और मेकर्स को पूरी उम्मीद है कि वीकेंड पर भी यह ट्रेंड इसी तरह बरकरार रहेगा.

शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना की ‘कॉकटेल 2’ ने पहले दिन कमाई के मामले में साल 2012 की ‘कॉकटेल’ को पीछे छोड़ दिया है. सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी की रोमांटिक ड्रामा मूवी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल साबित हुई थी. ‘कॉकटेल’ को पहले दिन 10.47 करोड़ की ओपनिंग मिली थी.

अगर टिकटों की बिक्री और पिछले 14 सालों की महंगाई को जोड़कर देखा जाए, तो ‘कॉकटेल 2’ को अपने पहले पार्ट की बराबरी करने के लिए पहले दिन कम से कम 18-19 करोड़ की कमाई करनी पड़ती. साल 2012 में आई इस रोमांटिक फिल्म ने दुनियाभर में 125 करोड़ रुपये का ग्रोस कलेक्शन किया था.

होमी अदजानिया के निर्देशन में बनी रोमांटिक कॉमेडी ‘कॉकटेल 2’ असल में 2012 की सुपरहिट ‘कॉकटेल’ का एक स्पिरिचुअल सीक्वल है, न कि कोई डायरेक्ट सीक्वल. यानी यह उसी फ्रेंचाइजी की फिल्म जरूर है, लेकिन इसकी कहानी और इसके सारे किरदार पहली फिल्म से पूरी तरह अलग और नए हैं.
Jamun Ki Chutney Recipe: इस मौसम में जरूर ट्राई करें यह खास चटनी
Last Updated:
Jamun Ki Chutney Recipe: गर्मियों के सीजन में जामुन सेहत के लिए वरदान माना जाता है. भीलवाड़ा की गृहणी दुर्गा देवी के अनुसार जामुन की खट्टी-मीठी चटनी खाने का स्वाद बढ़ाने और पाचन को ठीक रखने में मददगार है. इसे बनाने के लिए 250 ग्राम जामुन के गूदे में हरी मिर्च, हरा धनिया, पुदीना, भुना जीरा, काला नमक और गुड़ मिलाकर मिक्सर में बारीक पीस लें. जामुन में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और फाइबर होते हैं. इस चटनी को फ्रिज में रखकर दो से तीन दिन तक पराठे या समोसे के साथ आसानी से खाया जा सकता है.
भीलवाड़ा. गर्मियों के मौसम में बाजार में मिलने वाला जामुन स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. ज्यादातर लोग जामुन को सीधे काले नमक के साथ खाना पसंद करते हैं, लेकिन क्या आप यह बात जानते हैं कि जामुन की स्वादिष्ट चटनी भी बहुत ही आसानी से घर पर बनाई जा सकती है. यह चटनी खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में भी बेहद मददगार मानी जाती है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही इसे तुरंत तैयार किया जा सकता है. इतना ही नहीं यह कुछ ही समय में तैयार हो जाती है और अगर इसे सही तरीके से स्टोर किया जाए तो लंबे समय तक यह चटनी खराब भी नहीं होती है.
भीलवाड़ा की रहने वाली गृहणी महिला दुर्गा देवी ने बताया कि गर्मी के सीजन को जामुन का सीजन भी बोलते हैं. इस दौरान बाजार में जामुन की आवक बहुत तेज होती है और लोग इसे बड़े चाव से खाना पसंद भी करते हैं. जामुन की खट्टी-मीठी चटनी बनाने के लिए सबसे पहले 250 ग्राम अच्छे पके हुए जामुन लेकर उन्हें साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद जामुन के सभी बीजों को निकालकर उसका गूदा (पल्प) अलग कर लें. अब एक मिक्सर जार में जामुन का यह गूदा, एक या दो कटी हुई हरी मिर्च, एक मुट्ठी फ्रेश हरा धनिया, थोड़ा सा पुदीना, एक छोटा चम्मच भुना हुआ जीरा, आधा छोटा चम्मच काला नमक, स्वादानुसार साधारण सफेद नमक और एक से दो छोटे चम्मच गुड़ या चीनी डालकर इसे एकदम बारीक पीस लें.
स्वाद बढ़ाने के लिए अपनाएं यह खास टिप्स
चटनी पीसते समय यदि आपको मिश्रण ज्यादा गाढ़ा लगे तो आप इसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी मिलाकर दोबारा पीस सकते हैं. चटनी अच्छी तरह तैयार होने के बाद इसके स्वाद को और अधिक बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा सा नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है. इसके अलावा यदि आपको ज्यादा तीखा और चटपटा स्वाद पसंद हो तो पीसते समय हल्का सा लहसुन या काली मिर्च भी इसमें डाली जा सकती है. यह स्वादिष्ट चटनी पराठे, पूरी, दाल-चावल, पकौड़ी, समोसे और अन्य सभी प्रकार के सुबह के नाश्ते के साथ परोसी जा सकती है. इसका बेहतरीन खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक परिवार के सभी सदस्यों को बेहद पसंद आता है.
About the Author
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
MP में कैंसर की दवा की 50% बढ़ी कीमतें: एक कीमों का खर्च 2 से 3 हजार रुपए ज्यादा; प्लेटिनम बेस्ड दवाएं अब भी मार्केट से ड्राई – Bhopal News
मध्य प्रदेश में अब कैंसर मरीजों के इलाज का खर्च 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इससे एक कीमो का खर्च 2 से 3 हजार रुपए ज्यादा लगेगा। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने कैंसर के इलाज में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली दो प्रमुख कीमोथेरेपी दवाओं कार्बोप्लाटिन और सिस्प्लाटिन के दाम बढ़ा दिए हैं। एक्सपर्ट की माने तो यह दोनों दवाएं ओवरी, फेफड़े, स्तन, सिर-गर्दन समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में उपयोग होती हैं। कई मरीजों को 4 से 6 या उससे अधिक कीमो साइकिल लगती हैं, ऐसे में पूरे इलाज पर हजारों रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। हालांकि, कंपनियों ने दवाओं का प्रोडक्शन शुरू कर दिया है, लेकिन करीब एक महीने मांग अनुरूप सप्लाई करने में लगेगा। दूसरी ओर, शहर के कैंसर अस्पतालों में कीमो की दवाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। युद्ध के चलते सप्लाई चैन बाधित हुई थी। घाटे के चलते दवा कंपनियों ने प्रोडक्शन पूरी तरह बंद कर दिया था। 7 प्रकारों में इस्तेमाल होने वाली दवाएं महंगी हुई
पेट्रोल-डीजल और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों से जुड़ी खबरें इन दिनों लगातार सुर्खियों में हैं, लेकिन अमेरिका-ईरान संघर्ष का असर अब सिर्फ तेल बाजार तक सीमित नहीं रहा। इसने भारत में कैंसर के इलाज को भी मुश्किल बना दिया है। स्थिति ऐसी है कि कैंसर के 7 प्रमुख प्रकारों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली जरूरी दवाओं की कमी से हर 100 में से करीब 70 मरीज प्रभावित हो सकते हैं। अब डॉक्टरों का इलाज के तरीकों में बदलाव पर फोकस
दवाओं की कीमतें बढ़ने और इनकी कमी की बात विशेषज्ञ पहले ही कह चुके हैं। हाल ही में भास्कर से चर्चा में मुंबई स्थित कामा और एल्ब्लेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. तुषार पाल्वे ने बताया था कि प्लैटिनम-बेस्ड कीमोथेरेपी दवाओं की भारी कमी से कैंसर के मरीजों के इलाज पर असर पड़ रहा है। सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन और ऑक्सालिप्लैटिन जैसी जरूरी दवाओं की सप्लाई में रुकावट के कारण डॉक्टरों को इलाज के स्टैंडर्ड तरीकों में बदलाव करना पड़ रहा है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों पर भी इस कमी का असर पड़ा है। हालांकि, प्लैटिनम वाली दवाओं की कमी तो है, लेकिन दूसरी कीमोथेरेपी दवाएं मिल रही हैं। इसलिए, भले ही सभी इलाज पूरी तरह से बंद नहीं हुए हैं, लेकिन इससे कुछ खास मरीजों के इलाज पर असर पड़ रहा है। घरेलू दवा कंपनियों को भी इन दवाओं की सप्लाई बढ़ानी चाहिए, ताकि कमी खत्म हो और मरीजों के इलाज में आने वाली रुकावटें कम हों। पहले ही दवाओं के दाम में 50% तक वृद्धि की संभावना थी
केंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली दो महत्वपूर्ण कीमोथेरेपी दवाओं सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमत बढ़ाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। देशभर में इन दवाओं की कमी और बढ़ती उत्पादन लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। शुक्रवार को इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी हो गई। फार्मा कंपनियों की मांग और उत्पादन लागत के आकलन के बाद सरकार ने कीमतों में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। रिपोर्टों के अनुसार सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन की कीमतों में 10% से 50% तक वृद्धि की गई है। ताकि इनकी उपलब्धता बनी रहे और उत्पादन फिर से सामान्य हो सके। दरअसल, युद्ध और सप्लाई बाधाओं के कारण प्लैटिनम-बेस्ड कीमो दवाओं की सप्लाई में लगभग 50% तक कमी आने का अनुमान है। इसका असर सिस्प्लैटिन, कार्बोप्लैटिन और ऑक्सालिप्लैटिन जैसी दवाओं की उपलब्धता और कीमतों पर देखने को मिल रहा है। 30 साल से सबसे सस्ती और भरोसेमंद दवा है सिस्प्लैटिन
भोपाल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. टी.पी. साहू के अनुसार, रेडियोथेरेपी के साथ इलाज का असर बढ़ाने के लिए सिस्प्लैटिन पिछले 20-30 साल से सबसे भरोसेमंद दवा मानी जाती है। इसका उपयोग लंबे समय से स्थापित इलाज पद्धति का हिस्सा रहा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि सिस्प्लैटिन जैसी दवा जहां हजारों रुपए में इलाज पूरा कर देती है, वहीं इसका विकल्प इम्यूनोथेरेपी लाखों रुपए तक पहुंच जाता है, जो आम मरीजों की पहुंच से बाहर है। इस कारण मध्यम और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए यह दवा बेहद अहम मानी जाती है। अब इसके रेट में भी वृद्धि होने जा रही है। देश के 70% तक कीमोथेरेपी में उपयोग
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. ओपी सिंह के अनुसार, करीब 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में सिस्प्लैटिन का उपयोग होता है। ऐसे में इसकी कमी सीधे तौर पर बड़े स्तर पर मरीजों को प्रभावित कर रही है। इसका मतलब यह है कि हर दस में से लगभग सात मरीजों के इलाज में यह दवा किसी न किसी रूप में शामिल रहती है, जिससे इसकी उपलब्धता पूरे कैंसर उपचार तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। कई प्रमुख कैंसर के इलाज की ‘बैकबोन’
सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन को दुनिया भर में कीमोथेरेपी की सबसे महत्वपूर्ण दवाओं में माना जाता है। इनका उपयोग फेफड़ों, मुंह, सर्वाइकल, ओवरी, स्तन, अंडकोष, गॉलब्लैडर समेत कई प्रकार के कैंसर के इलाज में किया जाता है। ऑन्कोलॉजिस्ट इन्हें कई कैंसरों की फर्स्ट-लाइन थेरेपी का प्रमुख हिस्सा मानते हैं। ये दोनों दवाएं राष्ट्रीय आवश्यक औषधि सूची (NLEM) और डीपीसीओ के तहत मूल्य नियंत्रण में हैं। कच्चे माल की कीमत बढ़ने के बावजूद कंपनियां दवाओं के दाम नहीं बढ़ा पा रही थीं। उद्योग का कहना है कि उत्पादन लागत और निर्धारित बिक्री मूल्य के बीच बड़ा अंतर आ गया, जिसके कारण कई कंपनियों ने उत्पादन कम कर दिया या बंद कर दिया। देश के 70% तक कीमोथेरेपी में उपयोग गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर डॉ. ओपी सिंह के अनुसार, करीब 70% कीमोथेरेपी रेजिमेंस में सिस्प्लैटिन का उपयोग होता है। ऐसे में इसकी कमी सीधे तौर पर बड़े स्तर पर मरीजों को प्रभावित कर रही है। इसका मतलब यह है कि हर दस में से लगभग सात मरीजों के इलाज में यह दवा किसी न किसी रूप में शामिल रहती है, जिससे इसकी उपलब्धता पूरे कैंसर उपचार तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
Source link
बोचहां प्रमुख-उपप्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा: कोरम के अभाव में बैठक निष्प्रभावी, 18 सदस्य रहे अनुपस्थित – bochaha News
बोचहां प्रखंड प्रमुख साजन कुमार पासवान और उप-प्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को कोरम के अभाव में निष्प्रभावी हो गया। प्रखंड मुख्यालय सभागार में बुलाई गई विशेष बैठक में आवश्यक संख्या में पंचायत समिति सदस्य उपस्थित नहीं हुए। बैठक की अध्यक्षता बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी प्रिया कुमारी ने की। जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी संजीव कुमार भी इस दौरान मौजूद थे। पूरी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई। प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, पंचायत समिति के कुल 28 निर्वाचित सदस्यों में से केवल 10 सदस्य ही बैठक में उपस्थित हुए। 18 सदस्य अनुपस्थित रहे। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 की धारा 44(3) और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत, अविश्वास प्रस्ताव पर विचार के लिए कुल निर्वाचित सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य है। आवश्यक संख्या पूरी न होने के कारण प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी और वह स्वतः निष्प्रभावी हो गया। बीडीओ प्रिया कुमारी ने बताया कि निर्धारित समय के बाद भी आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो सका। नियमों के अनुसार, ऐसी स्थिति में अविश्वास प्रस्ताव स्वतः गिर जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि बैठक की पूरी कार्यवाही अभिलेख में दर्ज कर ली गई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह प्रखंड प्रभारी वरीय पदाधिकारी संजीव कुमार ने भी इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दो-तिहाई सदस्यों की उपस्थिति न होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है। अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद प्रखंड कार्यालय परिसर में प्रमुख और उप-प्रमुख के समर्थकों द्वारा पटाखे छोड़े जाने की खबरें थीं। हालांकि, मौके पर मौजूद अधिकारियों ने इस संबंध में किसी भी जानकारी से इनकार किया। उल्लेखनीय है कि पंचायत समिति के कुछ सदस्यों ने प्रमुख और उप-प्रमुख के खिलाफ यह अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इस पर विचार करने के लिए ही यह विशेष बैठक बुलाई गई थी, लेकिन सदस्यों की आवश्यक संख्या में अनुपस्थिति के कारण यह मामला प्रारंभिक चरण में ही समाप्त हो गया।
Source link
















