भोपाल के बैरागढ़ रोड पर हलालपुर स्थित सोनी पटाखा सेंटर में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई थी। कुछ घंटे में आग तो बुझ गई, लेकिन सिस्टम की नींद खुल गई है। पटाखा मार्केट शिफ्टिंग की जिला प्रशासन ने फाइल खोल ली है। इधर, शूटर्स को मिलने वाले कारतूस को लेकर भी नए नियम बनाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने दुकानों की स्थिति, लाइसेंस, कोर्ट में लंबित मामलों और स्टे से जुड़ी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट तैयार की है। आगजनी के फोटो, वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए गए हैं। इन्हें अगले सप्ताह हाईकोर्ट में पेश कर स्टे हटाने की मांग की जाएगी, ताकि बाजार को शहर से बाहर शिफ्ट किया जा सके। दुकानों की नप्ती की
प्रशासन ने सभी दुकानों की नाप शुरू करा दी है। जांच में सामने आया कि जिस दुकान में आग लगी, उसका संचालन तय मापदंड से बड़े क्षेत्र में किया जा रहा था। दुकान परिसर में 50 बाई 50 फीट का शेड बना है, जबकि पटाखों के भंडारण और बिक्री वाला हिस्सा 15 बाई 25 फीट पाया गया। यह लाइसेंस में तय 7 बाई 5 फीट के आकार से काफी बड़ा है। बाजार की सभी 15 दुकानों का आकार भी लगभग 15 बाई 25 फीट पाया गया है। इसके आधार पर सभी दुकानों को नोटिस देकर तीन से पांच दिन में जवाब मांगा जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार 15 दुकानों में से सिर्फ 7 के पास वैध लाइसेंस हैं, जबकि 7 दुकानदारों ने शिफ्टिंग के विरोध में कोर्ट से स्टे ले रखा है। इन 14 दुकानों में करीब 210 क्विंटल पटाखों का भंडारण किया गया है। एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि आगे की कार्रवाई की जा रही है। 7 लाख कैश जला
सोनी पटाखा सेंटर के संचालक ने बताया कि आग में 35 लाख के पटाखे और 7 लाख रुपए कैश जल गए। करीब 1 लाख रुपए के आधे जले नोट मिले हैं। शूटर्स को अब एक बार में सिर्फ 500 कारतूस
पिछले साल स्पोर्ट्स कोटे के कारतूसों की कालाबाजारी के खुलासे के बाद भोपाल जिला प्रशासन ने सख्ती कर दी गई है। अब एक बार में एक शूटर को अधिकतम 500 और सालभर में 1000 हजार कारतूस ही जारी किए जाएंगे। इससे अधिक कारतूस की जरूरत पर खेल संचालक से सत्यापन कराना होगा। अनुमति पर ही अतिरिक्त कोटा दिया जाएगा। पहले 15 हजार से 1 लाख कारतूस सालभर में मिलते थे। सूत्र बताते हैं कि जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें शूटरों के कारतूसों के खोखों का रिकॉर्ड रखने के लिए कानून में संशोधन की सिफारिश की गई है। इसमें बताना जरूरी होगा कि कारतूस किस प्रतियोगिता के लिए लिए जा रहे हैं, उनका उपयोग किस शूटिंग रेंज में होगा। स्पोर्ट्स कैटेगरी में दर्ज नेशनल व इंटरनेशनल खिलाड़ियों को भी दो गन के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। पहले वे 8 से 10 गन रख सकते थे।
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भोपाल के पटाखा मार्केट शिफ्टिंग की फाइल खुली: भीषण आग लगने से सिस्टम की खुल गई नींद; कारतूस कालाबाजारी के बाद नए नियम – Bhopal News
विधायक के घर आगे युवक पर चाकुओं से हमला: पुरानी रंजिश को लेकर किया गया हमला, चाकू से 10 वार किए, अस्पताल में एडमिट – Kota News
कोटा शहर में चाकूबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला नयापुरा थाना क्षेत्र के दोस्तपुरा इलाके का है, जहां कोटा उत्तर के कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल वही लाडपुरा के बीजेपी विधायक कल्पना देवी के निवास से महज दो मकान आगे एक युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार नेहरू कॉलोनी निवासी फैजान खान उर्फ सन्नी पर उसके पड़ोसियों ने पुरानी रंजिश के चलते हमला किया। बताया जा रहा है कि शनिवार को फैजान घर से चक्की पर आटा लेने जा रहा था। इसी दौरान दोस्तपुरा इलाके में आरोपी विट्टू और फरान ने उसे रोक लिया। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपियों ने चाकू निकालकर हमला कर दिया। हमले में फैजान के चेहरे, पीठ और हिप पर 8 से 10 वार किए गए। गंभीर रूप से घायल फैजान को परिजनों और पुलिस की मदद से तुरंत एमबीएस अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही डिप्टी एसपी डॉ. पूनम और नयापुरा थाना अधिकारी विनोद कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। थानाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि घायल और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। घायल की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।
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एफएसडीए की कार्रवाई में बड़ा दवा खेल उजागर: घर और मेडिकल फर्म से मिलीं सरकारी अस्पतालों की दवाएं, मुकदमा दर्ज – Agra News
सरकारी अस्पतालों तक पहुंचने वाली दवाओं की कथित कालाबाजारी का खुलासा होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और दवा कारोबार में हड़कंप मच गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने पुलिस के साथ दयालबाग क्षेत्र में छापेमारी कर बड़ी मात्रा में सरकारी आपूर्ति की दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए हैं। इन दवाओं पर साफ तौर पर ‘Government Supply, Not For Sale’ लिखा मिला, जबकि आरोप है कि इन्हें बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी। एफएसडीए को फाउंटेन क्षेत्र स्थित ब्राइट फार्मा के माध्यम से सरकारी दवाओं की कथित खरीद-फरोख्त की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर फिरोजाबाद के औषधि निरीक्षक देश बंधु विमल और जालौन की औषधि निरीक्षक देवयानी दुबे के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार को पुलिस बल के साथ राहुल विहार, दयालबाग स्थित एक मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मकान के एक कमरे से एंटी-डी इंजेक्शन, इंसुलिन समेत कई महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक दवाएं बरामद हुईं। जांच में यह भी सामने आया कि कई दवाओं पर अंकित सरकारी पहचान को मार्कर से छिपाने का प्रयास किया गया था, ताकि उन्हें सामान्य दवाओं की तरह बाजार में बेचा जा सके। टीम ने जब दवाओं के खरीद-बिक्री संबंधी बिल, स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज मांगे तो मौके पर मौजूद आरोपी मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी कोई वैध अभिलेख नहीं दिखा सका। अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों का अभाव दवाओं के स्रोत और पूरे कारोबार को संदिग्ध बनाता है। जांच के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई। कुछ इंसुलिन और अन्य तापमान-संवेदनशील दवाएं बिना कोल्ड चेन व्यवस्था के सामान्य कमरे के तापमान पर रखी मिलीं। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे भंडारण से दवाओं की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और मरीजों की सेहत को खतरा पहुंच सकता है। पूछताछ में आरोपी की पत्नी रितिका पंजवानी, जिनके नाम पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस है, ने लिखित बयान देकर बताया कि मेडिकल स्टोर और उससे जुड़े सभी कार्यों का संचालन उनके पति करते हैं। इसके बाद टीम आरोपी को साथ लेकर फाउंटेन स्थित ब्राइट फार्मा पहुंची, जहां दुकान का निरीक्षण किया गया। वहां से भी विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं मिलीं। एफएसडीए ने पांच दवाओं के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। वहीं न्यू आगरा पुलिस ने औषधि निरीक्षक की तहरीर पर मनीष कुमार पंजवानी उर्फ सन्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब पुलिस और औषधि विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि सरकारी अस्पतालों की दवाएं किस माध्यम से बाहर आ रही थीं और इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट और विवेचना के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सीवान में अलर्ट प्रशासन: होटल-लॉज में चला जांच अभियान, अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और पहचान पत्र की हुई जांच – Siwan News
सीवान में केंद्रीय चयन परिषद (सिपाही भर्ती) द्वारा रविवार 14 जून को आयोजित होने वाली बिहार मद्य निषेध सिपाही, कारा विभाग में कक्षपाल और परिवहन विभाग में चलंत दस्ता सिपाही भर्ती परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए सीवान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। परीक्षा से एक दिन पहले शनिवार शाम जिले के विभिन्न होटल, लॉज और अन्य ठहराव स्थलों पर पुलिस ने व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान बाहर से आए अभ्यर्थियों का सत्यापन किया गया और उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई। होटल-लॉज में ठहरे अभ्यर्थियों का हुआ सत्यापन पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान टीमों ने शहर के अलग-अलग होटल और लॉज में जाकर वहां ठहरे लोगों की जानकारी ली। पुलिस ने अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की। इसके साथ ही होटल संचालकों के रजिस्टर की भी जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी आगंतुकों का पूरा विवरण दर्ज है। फर्जी अभ्यर्थियों और गड़बड़ी रोकने के लिए अभियान नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि रविवार को केंद्रीय चयन परिषद की ओर से विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जिले के अलग-अलग होटल और लॉज में ठहरे हुए हैं। इसी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि, फर्जी अभ्यर्थी या परीक्षा में गड़बड़ी की संभावना को रोका जा सके। सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की हो रही जांच थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान सभी ठहरे हुए अभ्यर्थियों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। उनके प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का मिलान कर यह देखा जा रहा है कि परीक्षा में शामिल होने वाला अभ्यर्थी वास्तविक है या नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम लगातार होटल और लॉज की निगरानी कर रही है। होटल संचालकों को दिए गए सख्त निर्देश पुलिस ने होटल और लॉज संचालकों को निर्देश दिया है कि रविवार तक आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को पूरी जांच के बाद ही कमरा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध नजर आती है तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दी जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर भी रहेगी विशेष निगरानी जिला प्रशासन ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। केंद्रों पर पुलिस बल, दंडाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कदाचार या नियमों के उल्लंघन की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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पेट्रोल का विकल्प तैयार! भारत में E100 ईंधन को मिली कानूनी मंजूरी, बड़ा बदलाव
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क्या आने वाले समय में आपकी कार पेट्रोल नहीं बल्कि 100% एथेनॉल पर दौड़ेगी? भारत ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए E100 ईंधन को कानूनी मंजूरी देने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. इस फैसले से न सिर्फ कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि किसानों, ऑटोमोबाइल उद्योग और पर्यावरण को भी बड़ा फायदा पहुंच सकता है. विशेषज्ञ इसे देश के ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं.
100% एथेनॉल से दौड़ेंगी गाड़ियां? सरकार के फैसले से ऑटो और ऊर्जा क्षेत्र में हलचल. (Image:News18)
नई दिल्ली. भारत के ईंधन और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आने की तैयारी शुरू हो गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 100 प्रतिशत एथेनॉल यानी E100 को वाहन ईंधन के रूप में कानूनी मंजूरी देने वाले नियमों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. इस फैसले को देश की तेल आयात निर्भरता कम करने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इसके साथ ही भारत में फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों और जैव ईंधन आधारित परिवहन व्यवस्था के लिए नया रास्ता खुल गया है.
E100 ईंधन को मिली आधिकारिक मंजूरी
केंद्र सरकार लंबे समय से एथेनॉल आधारित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने पर काम कर रही है. अभी तक देश में पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन अब 100 प्रतिशत एथेनॉल को भी वाहन ईंधन के रूप में कानूनी मान्यता मिल गई है. इस फैसले के बाद E100 के व्यावसायिक उपयोग और इसके लिए आवश्यक मानकों को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के ऊर्जा क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत साबित हो सकता है.
ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए खुलेंगे नए अवसर
E100 को मंजूरी मिलने के बाद वाहन निर्माताओं को ऐसे इंजन विकसित करने पर अधिक जोर देना होगा जो पूरी तरह एथेनॉल पर चल सकें. कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पहले ही फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले वाहनों के प्रोटोटाइप पेश कर चुकी हैं. अब कानूनी स्पष्टता मिलने से इन वाहनों का बड़े पैमाने पर उत्पादन और बाजार में उतारना आसान हो जाएगा. माना जा रहा है कि आने वाले वर्षों में भारतीय सड़कों पर ऐसे वाहन दिखाई देंगे जो पेट्रोल के बजाय पूरी तरह जैव ईंधन का उपयोग करेंगे.
किसानों और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बड़ा सहारा
इस नीति का सबसे बड़ा लाभ कृषि क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है. देश में गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों का बड़ा हिस्सा एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल किया जा सकेगा. इससे किसानों को अपनी उपज के लिए अतिरिक्त बाजार मिलेगा और कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि जैव ईंधन उद्योग के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल सकती है. साथ ही अतिरिक्त कृषि उत्पादन का बेहतर उपयोग भी संभव होगा.
तेल आयात घटेगा, पर्यावरण को मिलेगा फायदा
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है. इससे देश पर भारी विदेशी मुद्रा खर्च होती है और वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी पड़ता है. E100 के बढ़ते उपयोग से तेल आयात पर निर्भरता कम हो सकती है. इसके अलावा एथेनॉल को अपेक्षाकृत स्वच्छ ईंधन माना जाता है, जिससे वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि यह कदम कार्बन उत्सर्जन कम करने और पर्यावरणीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा.
अब बारी है इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की
नियमों को मंजूरी मिलने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती E100 ईंधन के लिए आवश्यक ढांचे को तैयार करना है. पेट्रोल पंपों पर विशेष भंडारण सुविधाएं, वितरण प्रणाली और ईंधन आपूर्ति नेटवर्क विकसित करना होगा. एथेनॉल की कुछ विशेषताएं ऐसी हैं जिनके कारण स्टोरेज टैंक और पाइपलाइन में तकनीकी बदलाव की जरूरत पड़ सकती है. तेल विपणन कंपनियां और संबंधित मंत्रालय इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम करने की तैयारी कर रहे हैं.
भारत के ऊर्जा भविष्य की नई दिशा
E100 को कानूनी मंजूरी मिलने से यह संकेत मिल गया है कि भारत पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम कर वैकल्पिक और स्वदेशी ऊर्जा स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. यदि यह योजना सफल रहती है तो इससे न केवल किसानों और उद्योगों को फायदा होगा, बल्कि आम उपभोक्ताओं को भी लंबे समय में अधिक किफायती और पर्यावरण अनुकूल विकल्प मिल सकते हैं. आने वाले वर्षों में E100 भारत के परिवहन क्षेत्र की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
गोविंदा से तलाक की अफवाहों के बीच जायदाद पर सुनीता आहूजा का बयान वायरल
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गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बीच खटपट की खबरें आती रही हैं. सुनीता आहूजा अक्सर उनके खिलाफ कुछ-न-कुछ कहती हैं. वे कभी उनके एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पर बोलती हैं, तो कभी बेटे को सपोर्ट करने पर झुंझलाहट जाहिर करती हैं. कपल के बीच तनाव भरी बातों से उनके तलाक की अफवाहों को बल मिला. नेटिजेंस भी उनके रिश्ते को लेकर तरह-तरह के दांवे करते रहते हैं. इस बीच, सुनीता आहूजा का एक दिलचस्प बयान वायरल हो रहा है, जिसमें वह प्रोपर्टी को लेकर बात कर रही हैं.
नई दिल्ली: गोविंदा भले फिल्मों में एक्टिव नहीं हैं, मगर उनके चाहनेवालों की कमी नहीं है. हालांकि, सुपरस्टार आजकल अपनी निजी जिंदगी के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं, जिसकी वजह उनकी पत्नी सुनीता आहूजा के बेबाक बयान हैं. सुनीता के बयानों से उनके बीच मतभेद साफ झलकता है, इसलिए सोशल मीडिया पर उनके तलाक की अफवाहें भी जोर पकड़ती हैं. इन तमाम अफवाहों के बीच, सुनीता आहूजा ने बताया कि वे अपनी सारी प्रॉपर्टी किसके नाम करना चाहती हैं.

गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने मजाकिया लहजे में एक ऐसी बात कह दी, जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. सुनीता ने पैपराजी के सामने मजाक-मजाक में ऐलान कर दिया कि वह अपनी पूरी जायदाद अपने बच्चों के बजाय अपने पालतू कुत्ते के नाम करने वाली हैं. मुंबई एयरपोर्ट पर जब सुनीता आहूजा अपने छोटे और प्यारे डॉगी के साथ स्पॉट हुईं, तो फोटोग्राफर्स ने उन्हें घेर लिया. सुनीता बड़े ही मजेदार मूड में उनसे बातचीत करने लगीं. उन्होंने मीडिया के सामने अपने डॉग पर खूब प्यार लुटाया और फिर उसे बड़े आराम से अपनी कार की अगली सीट पर बैठा दिया. (फोटो साभार: Instagram@govinda_herono1)

सुनीता ने अपने डॉगी को दुलारते हुए मुस्कुराकर कहा, ‘मैं तो अपनी सारी प्रॉपर्टी इसी के नाम कर दूंगी.’ उनकी यह बात सुनते ही वहां मौजूद सभी फोटोग्राफर्स हंस पड़े. सुनीता का अपनी वसीयत को लेकर यह मजाकिया बयान अब इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है और लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं.
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सुनीता की यह बात सुनकर एक फोटोग्राफर खुद को रोक नहीं पाया और उसने तुरंत चुटकी लेते हुए पूछा, ‘मैडम, अगर आप सब इसके नाम कर देंगी, तो फिर कृष्णा भैया का क्या होगा? उन्हें क्या मिलेगा?’ फोटोग्राफर का इशारा गोविंदा के भांजे और मशहूर कॉमेडियन कृष्णा अभिषेक की तरफ था, जिनके साथ हाल में उनके रिश्ते सुधरे हैं. (फोटो साभार: Instagram@govinda_herono1)

सुनीता ने सवाल पर बहुत ही दिल छू लेने वाला जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कृष्णा उनका बेटा है और उसके पास पहले से ही सब कुछ है. सुनीता ने आगे कहा, ‘अब तो मुझे खुद कृष्णा से पैसे और प्रॉपर्टी लेनी है. वह मुझसे भी बहुत बड़ा और कामयाब इंसान बनेगा. जब तक मैं जिंदा हूं, मेरी दुआएं उसके साथ हैं और वह हमेशा तरक्की करेगा.’

टीवी शो ‘लाफ्टर शेफ्स फन अनलिमिटेड’ के सेट पर एक चमत्कारी मोमेंट देखने को मिला था. शो के दौरान सुनीता आहूजा और उनके भांजे कृष्णा अभिषेक के साथ-साथ उनकी पत्नी कश्मीरा शाह के बीच चल रहा सालों पुराना मनमुटाव हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गया था.

शो के दौरान जब सुनीता अचानक स्टेज पर आईं, तो अपनी मामी को सामने देखकर कृष्णा बेहद इमोशनल हो गए थे. उन्होंने पुरानी सारी कड़वाहट को भुलाकर कैमरे के सामने अपनी मामी से रोते हुए माफी मांगी थी. इसके जवाब में सुनीता ने भी बड़ा दिल दिखाते हुए कृष्णा को गले लगा लिया और कहा कि वह उनका बेटा है और मां कभी बच्चों से नाराज नहीं रहती.

गोविंदा के परिवार का यह विवाद कोई नया नहीं था, बल्कि सुनीता, कृष्णा और कश्मीरा के बीच पिछले 14 साल से अनबन चल रही थी. यह झगड़ा कई बार पब्लिक प्लेटफॉर्म और इंटरव्यू में भी सामने आया था. कृष्णा, गोविंदा की बड़ी बहन के बेटे हैं, इसलिए इस पैचअप के बाद अब पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है. सब पुरानी बातें भूलकर आगे बढ़ चुके हैं.
प्रेमानंद महाराज के प्रवचनों ने बदला दिल, एक्ट्रेस दौलत-शोहरत छोड़ बनी जोगन
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सना खान और जायरा वसीम की तरह अब एक्ट्रेस प्रनवी तिवारी भी ग्लैमर की दुनिया छोड़कर अध्यात्म की राह पर निकल पड़ी हैं. एक्टिंग में आने से पहले वे एक एयर होस्टेस थीं और उन्होंने कृति सेनन, अदा शर्मा जैसे सितारों के साथ विज्ञापनों में काम किया था. पैसा, काम और परिवार के सपोर्ट की कमी नहीं थी, फिर ऐसा क्या हुआ कि वे ग्लैमर की दुनिया छोड़कर अध्यात्म की राह पर निकल पड़ीं? उन्होंने प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनना शुरू किया. वे उनसे दीक्षा लेने के बाद कृष्ण भक्ति में लीन हैं.
प्रनवी तिवारी, अदा शर्मा के साथ (फोटो साभार: YouTube/Videograb)
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के कुछ सितारे ऐसे हैं, जिन्होंने एक्टिंग का शानदार करियर छोड़कर अध्यात्म और भक्ति का मार्ग अपनाया. जायरा वसीम, सना खान और ममता कुलकर्णी की जिंदगी से ज्यादातर लोग वाकिफ हैं. अब एक और हीरोइन बॉलीवुड छोड़कर भगवान की भक्ति की राह पर निकल पड़ी है. वे कृति सेनन जैसी टॉप हीरोइनों के साथ स्क्रीन शेयर कर चुकी हैं. वे पहले एक एयर होस्टेस थीं. हम एक्ट्रेस प्रनवी तिवारी की बात कर रहे हैं.
प्रनवी तिवारी सुकून पाने की चाह में ईश्वर भक्ति की ओर खिंची चली आईं. उन्होंने कृष्ण भक्ति में खुद को रमा लिया है. ‘आजतक’ की रिपोर्ट के अनुसार, वे एक्ट्रेस बनने से पहले एयर होस्टेस के तौर पर काम करती थीं. उन्होंने कई सितारों के साथ विज्ञापनों में काम किया था, जिनमें कृति सेनन का नाम भी शामिल है. वे कुछ ऐड में सिंगल लीड के तौर पर भी दिखी थीं. प्रनवी के पास किसी चीज की कमी नहीं थी. पैसा, काम और परिवार का सपोर्ट भरपूर था, फिर ऐसा क्या हुआ कि उन्हें कृष्ण भक्ति में रमना सबसे अहम लगा?
(फोटो साभार: YouTube/Videograb)
जिंदगी में खलने लगा था अधूरापन
प्रनवी तिवारी ने एक बातचीत में बताया कि वे पूरी तरह एक्टिंग में अपना करियर बनाना चाहती थीं, लेकिन इस सबके बावजूद उनका मन हमेशा अशांत रहता था. उन्हें पिछले दो सालों से लगातार ऐसा महसूस हो रहा था कि उनकी जिंदगी में कुछ अधूरा है. सुकून की तलाश प्रनवी ने फरवरी 2025 में पूज्य प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन सुनना शुरू किया. महाराज जी की बातों का उनके दिल पर गहरा असर हुआ और उन्हें समझ आ गया कि उनकी आत्मा को जिस शांति की तलाश थी, वह यहीं मिलेगी.
कृष्ण भक्ति में बिता रहीं जीवन
हालांकि, प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेना इतना आसान नहीं था. लेकिन प्रनवी ने ठान लिया था, उन्होंने अपने परिवार से बात की और मई 2026 में सब कुछ छोड़कर हमेशा के लिए वृंदावन आ गईं. वहां एक व्यक्ति की मदद से उनकी मुलाकात प्रेमानंद महाराज से हुई और उन्होंने महाराज जी से दीक्षा ले ली. प्रनवी का कहना है कि जब से उन्होंने गुरुदेव की शरण ली है, उन्हें लगता है कि उनकी खोज पूरी हो गई है. अब उन्होंने अपना पूरा जीवन प्रभु के चरणों में सौंप दिया है. आज प्रनवी एक भागवती बन चुकी हैं और वृंदावन में रहकर कृष्ण भक्ति में अपना जीवन बिता रही हैं.
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अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
छपरा की ‘एटम बम’ मिठाई, 1953 से शुद्ध छेना का स्वाद, हिरोशिमा हमले से मिला नाम
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Chapra Famous Sweet Atom Bomb: छपरा में कई ऐसे ग्रामीण बाजार हैं, जहां के व्यंजन अपनी शुद्धता और स्वाद के कारण बड़े-बड़े महानगरों तक पहचान बना रहे हैं. आज हम बात कर रहे हैं मांझी प्रखंड के ताजपुर बाजार की, जहां की मिठाई जिले के कोने-कोने के लोग खाना पसंद करते हैं. इसके अलावा यहां से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा सहित बड़े शहरों में रहने वाले लोग भी मिठाई खरीदकर ले जाते हैं. इस मिठाई का नाम भी काफी यूनिक है. यहां की मिठाई ‘एटम बम’ के नाम से मशहूर है. तीसरी पीढ़ी के रूप में एक परिवार अपने पूर्वजों के इस कारोबार को संभाल रहा है.
बता दें कि ताजपुर बाजार स्थित स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह उर्फ भाई जी ने सन 1953 में एटम बम मिठाई का कारोबार शुरू किया था. उसके बाद उनके पुत्र स्वर्गीय विजय सिंह ने इस कारोबार को संभाला. अब उनके निधन के बाद तीसरी पीढ़ी के रूप में स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह के पोते और विजय सिंह के पुत्र नंदन सिंह अपने पूरे परिवार के साथ इस कारोबार को संभाल रहे हैं.

यहां की मिठाई में शुरू से लेकर अब तक शुद्धता और स्वाद में कोई बदलाव नहीं किया गया है. पूरी ईमानदारी से छेना से मिठाई तैयार की जाती है, जिसके कारण इसका स्वाद भी लाजवाब लगता है. यहां सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है. काउंटर पर आपको एक पीस मिठाई भी ज्यादा देर तक नजर नहीं आएगी और ना ही एक मक्खी नजर आएगी. जितनी मिठाई बनती है, वह बहुत जल्दी बिक जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों से दूध लाने के बाद छेना निकालकर एटम बम मिठाई तैयार की जाती है.

जानकारी के अनुसार, जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था, उस समय उसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही थी. उसी दौरान स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह मिठाई बना रहे थे. लोगों की चर्चा सुनकर उन्होंने अपनी तैयार की जा रही मिठाई का नाम ‘एटम बम’ रख दिया. लोग नाम सुनकर मुस्कुराते हैं, लेकिन मिठाई खाने के बाद उसके स्वाद की खूब तारीफ भी करते हैं.
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लोकल 18 से नंदन सिंह ने बताया कि 1953 में मेरे दादा स्वर्गीय बिंदेश्वरी सिंह उर्फ भाई जी ने इस मिठाई की शुरुआत की थी. यह मिठाई शुद्ध छेना से तैयार होती है, जिसका नाम एटम बम है. उन्होंने बताया कि जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर एटम बम गिराया, तब चारों ओर उसकी चर्चा होने लगी. उसी से दादाजी के मन में मिठाई का नाम एटम बम रखने का विचार आया.

तब से यह मिठाई अपने नाम और स्वाद के कारण अलग पहचान बना रही है. इसका स्वाद लेने के लिए जिले के कोने-कोने से लोग आते हैं. इसके अलावा दिल्ली, चेन्नई, पंजाब, मुंबई सहित बड़े शहरों में रहने वाले लोग भी इसे खरीदकर ले जाते हैं. यह मिठाई 360 रुपए किलो और एक पीस 12 रुपए में मिलती है. हर दिन मिठाई बनाई जाती है और 50 किलो से अधिक बिक्री भी हो जाती है. लोगों का ऐसा ही प्रेम और स्नेह मिलता रहा, तो आगे भी हम लोग शुद्धता के साथ मिठाई का स्वाद लोगों तक पहुंचाते रहेंगे.
जंतर-मंतर पर सजी डॉग फ्री पंचायत: नुक्कड़ नाटक के जरिए पशु प्रेमियों ने सिस्टम को झकझोरा, जुर्माना बढ़ाने पर उठाए सवाल – New Delhi News
नई दिल्ली। देशभर में बेजुबान जीवों के खिलाफ बढ़ती क्रूरता और हिंसा के विरोध में शनिवार को जंतर-मंतर पर बड़ा जन-आंदोलन देखने को मिला। रोर 4 राइट्स (Roar4Rights) के बैनर तले जुटे सैकड़ों नागरिकों, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और मशहूर हस्तियों ने स्ट्रीट डॉग्स के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला जमीनी हकीकत के बजाय मीडिया रिपोर्ट्स पर अधिक आधारित प्रतीत होता है, जो प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण है। इसके खिलाफ देश भर में गांधीवादी मार्ग पर आंदोलन चलाया जाएगा। मशहूर संगीतकार मोहित चौहान और राहुल राम ने सुरों से दिया समर्थन इस जन-आंदोलन को समाज के हर वर्ग का साथ मिला। प्रदर्शन में वकीलों, स्थानीय पशु प्रेमियों और कई रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (RWA) के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बॉलीवुड के जाने-माने संगीतकार मोहित चौहान और ‘इंडियन ओशन’ बैंड के राहुल राम भी पहुंचे। दोनों कलाकारों ने बेजुबानों के प्रति एकजुटता दिखाते हुए मंच से गीत भी गाए। समाज और प्रशासन की उदासीनता पर प्रहार करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर एक मॉक ‘डॉग फ्री पंचायत और पुलिस स्टेशन’ नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया। प्रदर्शनकारियों की 4 प्रमुख मांगें 1960 के कानून और ₹50 के जुर्माने पर भड़के कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान पशु अधिकार कार्यकर्ता निमिषा भगत ने कानून की विसंगतियों को रेखांकित करते हुए कहा, “देश में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (PCA) 1960 में बना था। आज 64 साल बीत जाने के बाद भी इस कानून की धारा 11 के तहत बेजुबानों पर जुल्म करने वालों पर महज 50 रुपये का जुर्माना है, जो बेहद हास्यप्रद है। इस मामूली जुर्माने को तुरंत बढ़ाकर ₹96,000 किया जाना चाहिए।” सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उठाए सवाल कार्यकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का पुरजोर विरोध किया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों से स्ट्रीट डॉग्स को हटाने और रैबीज संक्रमित या अत्यधिक आक्रामक कुत्तों को इच्छामृत्यु देने की बात कही गई है। रोर4राइट्स की राशिम शर्मा ने प्रशासनिक नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट जानवरों को हटाने का आदेश तो दे देता है, लेकिन उनके बड़े पैमाने पर नसबंदी (ABC), वैक्सीनेशन और उनके लिए बड़े स्तर पर अस्पताल बनाने की बात नहीं करता। उदाहरण के लिए, पंजाब सरकार कहती है कि वह 21 दिन में कुत्तों को हटा देगी, लेकिन सरकार यह क्यों नहीं बताती कि वह 21 दिनों में कितनी नई एबीसी (नसबंदी) यूनिट्स तैयार करेगी? प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि नीतियों में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन राष्ट्रव्यापी रूप लेगा।
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नकली नोट बनाने वाले गिरोह का फरार आरोपी गिरफ्तार: तीन साल से चल रही थी तलाश, 6 आरोपी पहले जा चले जेल – Lucknow News
लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने नकली नोटों के कारोबार में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब तीन सालों से फरार था और उसके खिलाफ जाली करेंसी बनाने व बाजार में खपाने का मुकदमा दर्ज था। मड़ियांव पुलिस शुक्रवार को क्षेत्र में गश्त करने के दौरान भिठौली तिराहे पर मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि नकली नोट मामले में वांछित आरोपी आईआईएम तिराहे के पास दुबग्गा जाने वाली सड़क पर खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान ग्राम दरगवां, अकबरपुर कानपुर देहात निवासी सुमित यादव उर्फ मोनू (27) पुत्र सोने लाल के रूप में बताई। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ साल 2023 में मड़ियांव थाने में जाली नोट बनाने, रखने और चलाने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर नकली करेंसी तैयार करता था और उसे बाजार में खपाता था। बदले में मिलने वाली असली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे। इस मामले में उसके 6 साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया आरोपी ट्रांसपोर्ट का काम करता है। जिसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है। साथ ही उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जिलों और थानों से भी जुटाई जा रही है।
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