Monday, June 1, 2026
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विजय CM बनते ही क्यों पहनने लगे काला कोट? थलापति ने दिया जवाब


तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर सूबे के 13वें मुख्यमंत्री बने थलपति विजय इन दिनों अपने सियासी फैसलों के साथ-साथ सदन में अपने पहनावे को लेकर भी भारी चर्चा में हैं. मुख्यमंत्री की कमान संभालते ही विधानसभा में उनके काला कोट पहनने पर विपक्ष और कई धड़ों ने सवाल खड़े कर दिए थे, जिस पर अब सीएम विजय ने तिरुचिरापल्ली की विशाल जनसभा में गरजते हुए बेहद संजीदा और करारा जवाब दिया है. इस पहनावे पर उठे विवाद को आड़े हाथों लेते हुए विजय ने तीखा सवाल किया कि क्या कोट और सूट पहनने का हक सिर्फ सत्ताधारियों या समाज की दबंग ताकतों को ही है? उन्होंने अपने इस खास पहनावे का राज खोलते हुए बताया कि उनके ब्लैक एंड व्हाइट कपड़े असल में इंसानी दिमाग के उजाले और अंधेरे पक्षों के बीच संतुलन का प्रतीक हैं और वे राजनीति में किसी को गुमराह करने या फैंसी रंगों में दिखने नहीं, बल्कि जनता के ‘पहले सेवक’ के रूप में काम करने आए हैं.

तिरुचिरापल्ली रैली में CM विजय के भाषण की 5 बड़ी बातें ड्रग्स और कानून व्यवस्था पर घेरा: मुख्यमंत्री विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकार ने शुरुआती दौर में ड्रग्स पर काबू नहीं पाया, जिससे यह संकट हर गली तक फैल गया. अब वे इसका ठीकरा मेरी नई सरकार पर फोड़ रहे हैं. अब सिर्फ ‘DMK बनाम TVK’ का मुकाबला: सीएम विजय ने तमिलनाडु की राजनीति के भविष्य को लेकर बड़ा दावा किया. उन्होंने अन्नाद्रमुक (AIADMK) को किनारे करते हुए कहा कि अब राज्य में मुकाबला सिर्फ दो ताकतों डीएमके और उनकी अपनी पार्टी टीवीके (TVK) के बीच है, किसी तीसरे के लिए कोई जगह नहीं है. सिद्धांतों पर नो कॉम्प्रोमाइज: विजय ने एलान किया कि वे स्टालिन की तरह कमजोर या डगमगाने वाले नेता नहीं हैं. वे धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय, राज्य के अधिकारों और नदी जल विवादों के मुद्दों पर कभी कोई समझौता नहीं करेंगे. विधानसभा में ‘कोट’ पहनने पर जवाब: सदन में उनके पहनावे (कोट-सूट) पर उठे विवाद का जवाब देते हुए टीवीके प्रमुख ने पूछा कि क्या कोट पहनने का हक सिर्फ सत्ताधारियों और दबंग ताकतों को ही है? उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट कपड़ों को इंसानी दिमाग के संतुलन का प्रतीक बताया. MGR और पेरियार के रास्ते पर: विजय ने अपनी पहली ही चुनावी जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें अपार समर्थन दिया है. वे खुद की तुलना एमजीआर (MGR) से नहीं कर रहे बल्कि एमजीआर, अन्ना और पेरियार के दिखाए रास्ते पर चलकर जनता के पहले सेवक के रूप में काम कर रहे हैं. तमिलनाडु में द्विध्रुवीय सियासत का नया दौर और AIADMK को साइडलाइन करने की रणनीति

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल) में शानदार जीत दर्ज कर 10 मई को राज्य के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले विजय का यह बयान उनकी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. इस रैली के जरिए उन्होंने न केवल डीएमके को ड्रग्स के मुद्दे पर रक्षात्मक होने पर मजबूर किया, बल्कि राज्य की दशकों पुरानी ‘DMK बनाम AIADMK’ की जुगलबंदी को भी आधिकारिक रूप से खत्म घोषित कर दिया.

इस घटनाक्रम का सबसे बड़ा विश्लेषण यह है कि विजय अब खुद को जयललिता और करुणानिधि के दौर के बाद राज्य के एकमात्र और सबसे मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित कर रहे हैं. विपक्ष द्वारा सरकार गठन के शुरुआती 6 दिनों में ही उन पर किए जा रहे हमलों को उन्होंने अपनी ताकत बताया. पेरंबूर सीट से विधायक रहने के बावजूद तिरुचिरापल्ली ईस्ट (जहां से उन्होंने इस्तीफा दिया) की जनता से खुद को जोड़ना यह दिखाता है कि वे जमीन पर अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देना चाहते. यह साफ है कि आने वाले दिनों में तमिलनाडु की राजनीति अधिक आक्रामक और दिलचस्प होने वाली है.

सवाल-जवाब

मुख्यमंत्री विजय ने तिरुचिरापल्ली की रैली में पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके सरकार पर क्या गंभीर आरोप लगाए?

सीएम विजय ने आरोप लगाया कि पिछली डीएमके सरकार ने तमिलनाडु के हर शहर और गली-मोहल्ले में ड्रग कल्चर को फैलने की खुली छूट दी. उन्होंने कहा कि अगर स्टालिन सरकार ने शुरुआती दौर में ही इस पर काबू पा लिया होता, तो आज राज्य की बेटियों और महिलाओं को प्रताड़ित नहीं होना पड़ता और न ही अपनी जान गंवानी पड़ती.

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) का प्रदर्शन कैसा रहा और उन्होंने कब शपथ ली?

23 अप्रैल को हुए एक चरण के विधानसभा चुनाव के बाद 4 मई को हुई मतगणना में विजय की पार्टी TVK ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीतीं और सरकार बनाई. इसके बाद 10 May को विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य में डीएमके-अन्नाद्रमुक के दशकों पुराने दबदबे को खत्म कर दिया.

सीएम विजय ने तमिलनाडु के राजनीतिक भविष्य और विपक्षी दल अन्नाद्रमुक (AIADMK) को लेकर क्या बड़ा बयान दिया?

विजय ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह द्विध्रुवीय (Binary Contest) घोषित करते हुए कहा कि अब सीधा मुकाबला सिर्फ दो पार्टियों— डीएमके (DMK) और टीवीके (TVK) के बीच है. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि इस मुकाबले के बीच में अब किसी तीसरे दल (AIADMK) के लिए कोई भूमिका या जगह नहीं बची है.



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कभी थे जिगरी दोस्त, अब 45 करोड़ के विवाद के चलते हैं आमने-सामने! डॉन 3 ने बदले रिश्ते


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रणवीर सिंह और फरहान अख्तर की दोस्ती कभी बॉलीवुड में मिसाल मानी जाती थी. दोनों ने साथ में फिल्म ‘दिल धड़कने दो’ में काम किया और कई मौकों पर एक-दूसरे का खुलकर सपोर्ट भी किया. लेकिन अब डॉन 3 को लेकर छिड़ा विवाद उनके रिश्तों पर सवाल खड़े कर रहा है. रणवीर के कथित तौर पर फिल्म छोड़ने, करोड़ों रुपये के हर्जाने की मांग और FWICE के गैर-सहयोग निर्देश के बीच यह मामला लगातार सुर्खियां बटोर रहा है.

नई दिल्ली. एक वक्त था जब रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच काफी अच्छी दोस्ती थी. वह बॉलीवुड के सबसे अच्छे दोस्तों में से एक माने जाते थे. दोनों ने फिल्म दिल धड़कने दो में साथ काम किया. दोनों के बीच काफी अच्छी बॉन्डिंग भी देखने को मिलती थी.

पिछले साल फरहान अख्तर की फिल्म 120 बहादुर की स्क्रीनिंग में रणवीर सिंह ने भी शिरकत की थी.इस मौके पर दोनों को एक-दूसरे को गले लगाकर गर्मजोशी से मुलाकात करते देखा गया था.वो मंजर देख उनकी दोस्ती और प्रोफेशनल रिश्ते को लेकर खूब चर्चा हुई थी.

लेकिन अब वो दोस्ती और वो मामला पूरी तरह बदल चुका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणवीर सिंह के डॉन 3 से बाहर होने के बाद विवाद खड़ा हो गया. फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ने दावा किया कि अभिनेता के फिल्म छोड़ने से उन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ है.

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इतना ही नहीं हद तो तब हुई, जब कंपनी ने कथित तौर पर उनसे 40 से 45 करोड़ रुपये तक के हर्जाने की मांग की है. ये मामला कोर्ट तक भी पहुंचा. ये मामला बाद में FWICE यानी फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज तक पहुंचा.

ये देख संगठन ने रणवीर सिंह के खिलाफ गैर-सहयोग निर्देश भी जारी कर दिया था. बताया जा रहा है कि डॉन 3 की शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी थी. इसके बाद फरहान अख्तर ने IFTDA और FWICE से कॉन्टेक्ट किया.

अब यह विवाद सिर्फ फिल्म छोड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें मुआवजे की मांग, क्रिएटिव मतभेद और इंडस्ट्री स्तर की कार्रवाई जैसे कई मुद्दे जुड़ गए हैं.FWICE के अधिकारियों के अनुसार, फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का कहना है कि रणवीर के बाहर होने से पहले फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया जा चुका था.

वहीं, अभिनेता के कथित तौर पर संगठन के सामने पेश न होने के बाद गैर-सहयोग निर्देश जारी किया गया.बीते सप्ताह FWICE के सदस्य अशोक पंडित ने साफ किया कि रणवीर सिंह पर किसी तरह का कानूनी बैन नहीं लगाया गया है.

इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि ये सिर्फ गैर-सहयोग निर्देश है. इसका मतलब है कि FWICE से जुड़े 30 अलग-अलग विभागों के सदस्यों को सलाह दी गई है कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक वे रणवीर सिंह के साथ काम न करें.

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सोनभद्र में ऑटो पलटने से 5 लोग घायल: 1 की हालत गंभीर, बैढ़न ट्रॉमा सेंटर रेफर – Sonbhadra News


मनोज कुमार वर्मा | सोनभद्र4 मिनट पहले

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सोनभद्र के अनपरा थाना क्षेत्र के औड़ी-सिंगरौली मार्ग पर सड़क हादसा हो गया सिंगरौली से औड़ी की ओर जा रही एक ऑटो (टेम्पो) आरपीएल पेट्रोल पंप के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में ऑटो में सवार पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद बैढ़न के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऑटो तेज रफ्तार में थी। आरपीएल पेट्रोल पंप के समीप पहुंचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिससे ऑटो सड़क पर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत घायलों को ऑटो से बाहर निकाला। उन्हें उपचार के लिए औड़ी स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने चार घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी, जबकि गंभीर रूप से घायल आनंद बैसवार (42) पिता स्वर्गीय रामधारी बैसवार बिछड़ी अनपरा को बैढ़न ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।

बताया जा रहा है कि आनंद बैसवार अपने पाही से ऑटो में सवार होकर घर लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।

दुर्घटना के बाद ऑटो चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।

थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव ने बताया कि ऑटो पलटने से कुछ लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति को गंभीर हालत में रेफर किया गया है। पुलिस चालक की तलाश कर रही है और मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



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पटना के ऑफिसर्स बिल्डिंग में मॉकड्रिल: 10वीं मंजिल से रेस्क्यू का प्रैक्टिस, ऑफिसर्स के परिजन को आग से बचने के उपाय बताए – Patna News




पटना के गर्दनीबाग इलाके के ऑफीसर्स फ्लैट में आज अग्निशमन की ओर से मॉकड्रिल की गई। अग्निशमन की ओर से तकरीबन 60 से 70 ऑफिसर्स के परिजनों को गैस सिलेंडर से आग लगने के बाद बचाव के उपाय बताए गए। विकट परिस्थिति में कैसे खुद को सुरक्षित बचाना है, इसके बारे में टिप्स दिए गए। इस दौरान अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी कंकड़बाग, सचिवालय, फुलवारी शरीफ समेत 40 से 45 कर्मी मौजूद रहे। कंकड़बाग अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि कन्फ्रेस हॉल में लोगों को ब्रीफ किया गया। उन्हें छोटी आग कैसे बुझानी है, इसके बारे में बताया है। आज इस टिप्स के चलते लोग छोटी मोटी आग को खुद बुझा ले रहे हैं। देखें मॉक ड्रिल की कुछ तस्वीरें… पटना में 70 से 80 जगहों पर मॉकड्रिल कराई जा रही हमलोगों की ओर से प्रतिदिन पटना जिले में 70 से 80 जगहों पर मॉकड्रिल कराई जा रही है। आज 60 लोगों को ट्रेनिंग दी गई है। छोटी गाड़ियां 4 और एक हाइड्रोलिक मशीन मंगाई गई थी। चेयर नोट के माध्यम से हाई राइज बिल्डिंग 10वीं मंजिल से रेस्क्यू कर के लोगों को दिखाया गया। सचिवालय अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अरनव कुमार ने बताया, लगातार वरीय अधिकारी के निर्देश पर मॉकड्रिल चलाई जा रही है। दुकान, बिल्डिंग के लोगों को दे रहे टिप्स दुकान, बिल्डिंग, अन्य प्रतिष्ठानों में जाकर लोगों को टिप्स दिए जा रहे हैं। इसके फायदे भी हो रहे हैं। छोटी आग की घटना में उसके विकराल होने से पहले लोग सेल्फ नियंत्रण कर ले रहे हैं। जिससे बड़ी घटना टल जा रही है। यह प्रयास लगातार जारी रहेगा।



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कलेक्टर ने कृषि मंडी में अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी: किसानों को 5 रुपए में भरपेट भोजन देने के निर्देश, फ्री शौचालय पर 10-10 रुपए लिए जा रहे – Damoh News




दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सोमवार दोपहर सागर नाका के पास बनी कृषि उपज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी में कई गड़बड़ियां और अव्यवस्थाएं सामने आईं, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर ने मंडी सचिव को तुरंत सारे इंतजाम सुधारने के निर्देश दिए और साथ ही किसानों को 5 रुपए में भरपेट खाना देने की व्यवस्था शुरू करने को कहा। कलेक्टर ने मंडी प्रशासन को साफ शब्दों में कहा कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिलना चाहिए। नीलामी और तौल (वजन) का काम पूरी ईमानदारी से हो और किसानों को समय पर उनका पूरा पैसा मिल जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों से सिर्फ सरकार द्वारा तय की गई फीस ही ली जाए, किसी भी तरह की अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की शिकायत, अनाज चोरी और भारी टैक्स मंडी में मौजूद किसानों ने कलेक्टर को अपनी परेशानियां बताईं, जिस पर उन्होंने कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए- किसानों ने शिकायत की कि मंडी से उनका अनाज चोरी हो जाता है, जिस पर कलेक्टर ने सुरक्षा बढ़ाने और चोरी रोकने के आदेश दिए। सरकार की तरफ से मंडी में फ्री शौचालय की सुविधा है, लेकिन वहां किसानों से 10 रुपए वसूले जा रहे थे। कलेक्टर ने इस अवैध वसूली को तुरंत बंद कराया। नियमानुसार प्रति बोरी केवल 9.50 रुपए का शुल्क होना चाहिए, लेकिन किसानों से 22 रुपए लिए जा रहे थे। इस पर भी कलेक्टर ने सुधार करने को कहा। कैंटीन पहुंचे कलेक्टर, किसानों के साथ खाए समोसे किसानों को मिलने वाली सुविधाओं की जांच करने के लिए कलेक्टर खुद कैंटीन पहुंचे। वहां उन्होंने पीने के पानी और खाने की क्वालिटी देखी। जमीनी हकीकत जानने के लिए उन्होंने खुद भी किसानों के साथ बैठकर समोसे खाए। इस मौके पर उनके साथ किसान संघ, व्यापारी संघ और हम्माल संघ के अध्यक्ष भी मौजूद रहे।



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डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी गुजरात पहुंची: अंबानी परिवार की मेहमान बनीं, जामनगर में रिलायंस के वनतारा में रुकेंगी – Gujarat News


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की छोटी बेटी टिफनी ट्रम्प पति माइकल बोलोस के साथ सोमवार दोपहर गुजरात के जामनगर पहुंचीं। यहां वे अंबानी परिवार की मेहमान बनेंगी। टिफनी रिलायंस के वनतारा का दौरा कर रात यहीं बिताएंगी।

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इससे पहले, रविवार शाम टिफनी ट्रम्प और उनके पति बोलोस ऐतिहासिक सोनार दुर्ग (जैसलमेर फोर्ट) देखने पहुंचे। गोपा चौक से दोनों ई-गोल्फ कार्ट में सवार होकर किले में दाखिल हुए। दशहरा चौक पहुंचने पर जैसलमेर के पूर्व महारावल चैतन्यराज सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने फोर्ट में बने म्यूजियम की भी विजिट की।

टिफनी की जैसलमेर और आगरा दौरे की 5 तस्वीरें…

सोनार किले में विजिट के लिए जाते समय टिफनी ने लोगों का अभिवादन किया।

सोनार किले में विजिट के लिए जाते समय टिफनी ने लोगों का अभिवादन किया।

टिफनी ट्रम्प ने अपने पति माइकल बॉऊलोस के साथ डायना बेंच पर फोटो खिंचवाई।

टिफनी ट्रम्प ने अपने पति माइकल बॉऊलोस के साथ डायना बेंच पर फोटो खिंचवाई।

टिफनी डायना बेंच पर पति बोलोस का हाथ पकड़े नजर आईं।

टिफनी डायना बेंच पर पति बोलोस का हाथ पकड़े नजर आईं।

ताजमहल की फोटो शेयर कर लिखा- ‘The Stunning Taj Mahal’

इससे पहले, शनिवार को टिफनी ट्रम्प और उनके पति ने आगरा (यूपी) में ताजमहल देखा। वहां वे करीब एक घंटा रहे।

जैसलमेर पहुंचने से करीब 2 घंटे पहले टिफनी ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ताजमहल की फोटो शेयर की। कैप्शन लिखा- “The Stunning Taj Mahal”।

भारत घूमने आईं टिफनी ट्रम्प और उनके पति शनिवार को आगरा (UP) में थे। उन्होंने ताजमहल देखा और फोटो क्लिक कराए।

भारत घूमने आईं टिफनी ट्रम्प और उनके पति शनिवार को आगरा (UP) में थे। उन्होंने ताजमहल देखा और फोटो क्लिक कराए।

—————— ये खबर भी पढ़ें…

ट्रंप की बेटी ने होटल से बनाया ताजमहल का VIDEO:सूर्यास्त के वक्त का नजारा रिकॉर्ड किया, पति के साथ रातभर आगरा में ठहरीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी टिफनी ट्रम्प ने शनिवार को पति माइकल बॉऊलोस के साथ ताजमहल देखा। नारंगी रंग की लॉन्ग ड्रेस और सनग्लासेस में टिफनी काफी खूबसूरत नजर आईं। ताज की बेमिसाल खूबसूरती और नक्काशी देखकर वो काफी प्रभावित हुईं। पूरी खबर पढ़ें…



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घर आए मेहमानों को खिलाएं मैंगो हलवा, आसान रेसिपी और शानदार स्वाद जीत लेगा दिल


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Mango Halwa Recipe: अगर आप आम से कुछ नया और खास बनाना चाहते हैं तो मैंगो हलवा एक शानदार विकल्प हो सकता है. यह रेसिपी न केवल आसान है, बल्कि कम सामग्री में जल्दी तैयार भी हो जाती है. आम का पल्प, सूजी, घी और ड्राई फ्रूट्स से बनने वाला यह हलवा स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन संगम माना जाता है. आम में मौजूद विटामिन ए और सी शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं, जबकि सूजी और मेवे इसे पौष्टिक बनाते हैं. गर्मियों की शाम में परिवार के साथ मैंगो हलवे का स्वाद लेना एक खास अनुभव साबित हो सकता है.

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जोधपुर. फलों के राजा आम का नाम सुनते ही मुंह में मिठास घुल जाती है. गर्मियों के मौसम में आम से बनी कई स्वादिष्ट चीजें लोगों की पसंद बन जाती हैं. आम का शेक, आइसक्रीम, आमरस और मैंगो कुल्फी तो लगभग हर घर में बनाई जाती है, लेकिन अगर आप इस बार आम से कुछ नया और खास बनाना चाहते हैं तो मैंगो हलवा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह मिठाई स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ बेहद आसान तरीके से तैयार हो जाती है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती.

मैंगो हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक पका हुआ और मीठा आम लें. आम को छीलकर उसके छोटे-छोटे टुकड़े कर लें और मिक्सी में पीसकर मुलायम पल्प तैयार कर लें. इसके बाद एक कड़ाही में दो से तीन चम्मच घी गर्म करें. घी गर्म होने पर उसमें सूजी डालें और धीमी आंच पर सुनहरा होने तक भूनें. जब सूजी से अच्छी खुशबू आने लगे और उसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए, तब उसमें सावधानीपूर्वक गर्म पानी डालें. पानी डालते समय मिश्रण को लगातार चलाते रहें ताकि उसमें गांठें न पड़ें.

ऐसे तैयार कर सकते हैं आम के पल्प का लाजवाब हलवा

जब सूजी अच्छी तरह पक जाए तो उसमें तैयार किया हुआ आम का पल्प डाल दें और मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं. इसके बाद स्वादानुसार चीनी मिलाएं. कुछ मिनट तक पकाने पर मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा और हलवे का रंग भी आकर्षक दिखाई देने लगेगा. अंत में कटे हुए बादाम, काजू, पिस्ता और अन्य पसंदीदा ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें. चाहें तो ऊपर से थोड़ी इलायची पाउडर भी डाल सकते हैं, जिससे स्वाद और सुगंध दोनों बढ़ जाएंगे.

स्वाद और सेहत दोनों का है बेहतरीन संगम

मैंगो हलवा केवल स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि पोषण से भरपूर भी होता है. आम में विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. वहीं सूजी और ड्राई फ्रूट्स इसे और अधिक पौष्टिक बना देते हैं. यह हलवा बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है.

गर्मियों की शाम में परिवार के साथ बैठकर मैंगो हलवे का आनंद लेना एक अलग ही अनुभव देता है. किसी मेहमान के आने पर या फिर मीठा खाने की इच्छा होने पर इसे आसानी से घर में तैयार किया जा सकता है. यदि आप आम के मौसम में पारंपरिक मिठाइयों से कुछ अलग ट्राई करना चाहते हैं, तो मैंगो हलवा जरूर बनाएं. इसकी आसान रेसिपी, शानदार स्वाद और पौष्टिक गुण इसे गर्मियों की खास मिठाई बना देते हैं.

About the Author

deep ranjan

दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें



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शिक्षा मंत्री दिलावर की 80 किमी पदयात्रा का समापन: बोले- रामगंजमंडी बनेगी विकास मॉडल, तालाब-एनिकट और पुलिया निर्माण के लिए करोड़ों की सौगात – Kota News




शिक्षा और पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर की पांच दिन की जनसंवाद पदयात्रा का सोमवार को समापन हो गया। 28 मई से शुरू हुई यह पदयात्रा चेचट पंचायत समिति क्षेत्र के दर्जनों गांवों से होकर गुजरी। करीब 80 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया गया। पदयात्रा का समापन हात्याखेड़ी ग्राम पंचायत के गुलाबपुरा गांव में हुआ। पदयात्रा के अंतिम दिन मंत्री मदन दिलावर ने आलोद गांव से यात्रा की शुरुआत की। प्राचीन चारभुजा नाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री दिलावर ने कहा- रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में हाड़ौती संभाग में सबसे अधिक विकास कार्य रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में हुए हैं। आने वाले समय में यह क्षेत्र पूरे प्रदेश के लिए विकास का उदाहरण बनेगा। मंत्री दिलावर ने आलोद क्षेत्र में बड़े विकास कार्यों की घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया- ग्राम पंचायत भवन के पास स्थित तालाब के जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा एनिकट मरम्मत और पुलिया निर्माण के लिए 2 करोड़ 20 लाख रुपए की योजना तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी गई है। ग्रामीणों ने बताई समस्याएं, मंत्री ने अफसरों को दिए निर्देश जनसभा में मंत्री दिलावर ने कहा- सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सिंचाई जैसे सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और रामगंजमंडी को हर क्षेत्र में अग्रणी विधानसभा बनाया जाएगा। पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याओं और मांगों को मंत्री के सामने रखा। मंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश देकर समाधान कराने का प्रयास किया। यात्रा के अंतिम दिन भी ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और बड़ी संख्या में लोग पदयात्रा में शामिल हुए। मंत्री दिलावर ने कहा- इस पदयात्रा का उद्देश्य केवल विकास कार्यों का निरीक्षण करना नहीं, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनके साथ सीधा संवाद स्थापित करना है। पांच दिनों तक चली इस जनसंवाद पदयात्रा में मंत्री मदन दिलावर ने गांव-गांव पहुंचकर जनसुनवाई की। विकास कार्यों की घोषणाएं कीं और ग्रामीणों से सीधा संवाद किया।



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जम्मू-कश्मीर प्रवासियों के लिए ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ मंजूर: दिल्ली में हटीं आय और अचल संपत्ति की शर्तें; 1,832 विस्थापित परिवारों को मिलेगी ‘एड-हॉक मंथली रिलीफ’ – New Delhi News




दिल्ली सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विस्थापित होकर राजधानी में रह रहे प्रवासी परिवारों के कल्याण और पुनर्वास के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जम्मू-कश्मीर प्रवासी परिवारों को दी जाने वाली ‘एड-हॉक मंथली रिलीफ’ (AMR) योजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत सरकार ने प्रवासियों को राहत देने के लिए आय और अचल संपत्ति संबंधी पुरानी शर्तों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब परिवार की आय कितनी भी हो या उनके पास कोई संपत्ति हो, उन्हें इस योजना से वंचित नहीं किया जाएगा। इस फैसले से दिल्ली सरकार के पास पंजीकृत लगभग 1,832 प्रवासी परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। यह राहत प्रति परिवार अधिकतम चार सदस्यों तक सीमित रहेगी और केवल उन परिवारों पर लागू होगी जिन्होंने 31 मार्च 2024 तक राहत प्राप्त की है। गलती से मिली अतिरिक्त राशि की नहीं होगी रिकवरी
सीएम रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि ‘वन टाइम एमनेस्टी योजना’ का मुख्य उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड को दुरुस्त करना है। इसके तहत परिवारों को अपने मौजूदा सदस्यों की सही जानकारी और विवरण अपडेट करने का एक और मौका मिलेगा। इस प्रक्रिया के दौरान यदि किसी तकनीकी गड़बड़ी या अनजाने में किसी लाभार्थी को पहले अधिक राहत राशि मिल गई थी, तो सरकार वह पैसा उनसे वापस (रिकवरी) नहीं लेगी। प्रमुख बदलाव: बढ़ेगी समय सीमा, DBT से सीधे खाते में आएगा पैसा नियम और सत्यापन की प्रक्रिया रहेगी जारी



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अभिषेक बनर्जी से मारपीट पर दिल्ली में बयानबाजी, TMC-भाजपा में बढ़ी तल्खी


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अभिषेक बनर्जी से मारपीट पर दिल्ली में बयानबाजी, TMC-भाजपा में बढ़ी तल्खी

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पुलिस ने बताया कि 30 मई को चुनाव के बाद हुई हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने के लिए सोनारपुर जाने पर अभिषेक बनर्जी के साथ कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने मारपीट की. अज्ञात लोगों ने सांसद पर पत्थर, जूते और अंडे फेंके, और “चोर, चोर” के नारे लगाते हुए उन पर लात-घूंसे बरसाने की कोशिश भी की.

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अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर सियासत तेज हो गई है.

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घटनाओं को शर्मनाक बताए जाने के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है. भाजपा नेताओं का कहना है कि टीएमसी नेताओं के खिलाफ जनता में नाराजगी है, जबकि कपिल सिब्बल के बयान को देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान बताया.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कपिल सिब्बल को लेकर कहा कि उनका बयान देश विरोधी है और देश की जनता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं का अपमान है. इस बयान में जनता द्वारा बार-बार ठुकराए जाने का असर दिखाई देता है. जिस देश ने आपको नेता, मंत्री, सांसद और अधिवक्ता बनाया, उसी देश का आप अपमान कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां सत्ता परिवर्तन भी लोकतांत्रिक तरीकों से होता है, “खेला होबे” से नहीं. हर नागरिक को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है, लेकिन देश को बदनाम करने वाले ऐसे बयान कपिल सिब्बल सहित विपक्ष के नेताओं की मानसिकता को उजागर करते हैं. विदेशी टूलकिट के हिसाब से राहुल गांधी के नेतृत्व में कुछ लोग देश की संस्थाओं, लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ अभियान चला रहे हैं. लोकतंत्र की नींव कमजोर करने का काम कांग्रेस ने दशकों तक किया है.

उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट में रामजन्मभूमि का फैसला रोकने और कसाब को बचाने के लिए देर रात कोर्ट खुलवाने वाले लोग आज देश को गाली दे रहे हैं. देश नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से आगे बढ़ रहा है और कोई इसे रोक नहीं सकता. कपिल सिब्बल का बयान गैरजिम्मेदाराना है और देश का अपमान करने का प्रयास है.

वहीं, भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि अभिषेक बनर्जी या कल्याण बनर्जी पर हुआ हमला किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ा हुआ नहीं है. हम इसका विरोध करते हैं और भाजपा के कार्यकर्ता इन घटनाओं में शामिल नहीं हैं. यह जनता का गुस्सा है. उन्हें कुछ दिन एहतियात बरतनी चाहिए. सरकार सुरक्षा देगी, लेकिन पिछले 15 वर्षों में लोगों को जिस तरह परेशान किया गया, उसका प्रभाव अब दिखाई दे रहा है.

उन्होंने टीएमसी को आत्मचिंतन करने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यह पता लगाना चाहिए कि उनकी हार क्यों हुई. आखिर लोगों में ऐसी क्या नाराजगी है कि वे बाहर निकलते हैं तो जनता उन पर टूट पड़ती है. भाजपा हिंसा और मारपीट के खिलाफ है.

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में लोगों पर कितनी ज्यादतियां हुईं, यह किसी को याद नहीं आता. अब परिवार के किसी सदस्य के साथ जनता की नाराजगी सामने आई तो ममता बनर्जी प्रदर्शन कर रही हैं. उन्हें इसका अधिकार है, लेकिन यह भी सोचना चाहिए कि जनता उनसे नाराज क्यों है.

बता दें कि कपिल सिब्बल ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और हालिया हिंसा पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे शर्मनाक बताया था और सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है और ऐसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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