Wednesday, August 26, 2026
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योगी जी लाएं चंदा चोरी पर नया कानून: वाराणसी पहुंचे धर्माचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बोले – राम-मंदिर के चंदा-चोरों के घरों पर चले बुलडोजर – Varanasi News




वाराणसी पहुंचे धर्माचार्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री ने राम मंदिर चंदा चोरी पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा की जिसने चोरी की है और जो दोषी पाए गए हैं। उनके घरों पर सरकार बुलडोजर की कार्रवाई करे। साथ ही उन्होंने नया कानून बनाने की मांग भी उत्तर प्रदेश के सीएम से की। संस्कृत विश्वविद्यालय के योग संस्थान में स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री का स्वागत किया गया। काशी विद्वत धर्म परिषद की तरफ से आयोजित इस स्वागत समारोह में उन्होंने काशी को मुक्ति की नगरी बताया। दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री ने कहा – राम मंदिर में चंदा चोरी हो या कोई भी चोरी हो यह शास्त्र में सदा सर्वथा निषिद्ध था। अपने संविधान में भी इसके लिए दंडविधान है। तो मै सरकार से यही कहूंगा की जो दोषी है। उनके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई हो। और ऐसी चोरी आगे किसी भी मंदिरों में न हो इसके लिए प्रावधान हो और कानून बनाया जाए। योगी महराज जी से हम आग्रह करते हैं कि जो लोग भी राम मंदिर में चोरी के दोषी पाए गए हैं। उनके घरों के ऊपर भी बुलडोजर चलाया जाए। वेद और वेदांग से जुड़ी हुई काशी स्वामी डॉ अनिकेत शास्त्री ने कहा – मै महाराष्ट्र के नासिक से मुक्ति की धरती काशी में आया हूं। काशी विद्वत धर्म परिषद की जो परंपरा रही है। उसके माध्यम से यह काशी नगरी सिर्फ नगरी न रहकर यह ज्ञान और वेद वेदांग से जुड़ी हुई है। ऐसा दिव्य कार्य काशी विद्वत धर्म परिषद लगतार काशी में कर रहा है। आज हमें यहां आने का मौका मिला है। कुछ दिन प्रवास कर काशी में सभी मंदिरों में पूजन अर्चन करूंगा और फिर प्रस्थान करूंगा।



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मखाना उत्पादन से निर्यात तक की प्रक्रिया का लिया जायजा: किसानों से जानी समस्याएं, दरभंगा में उत्पादन बढ़ाने और आय सुधार पर हुआ मंथन – Darbhanga News




दरभंगा में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार और जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मखाना से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मखाना की खेती से लेकर हार्वेस्टिंग, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया को देखा। इस दौरान किसानों से उत्पादन लागत, खेती में आ रही समस्याओं, तकनीकी जरूरतों और आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने ‘श्री मिथिला मखाना किसान उत्पादक संगठन सहकारी समिति’ का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मखाना उत्पादन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी ली। किसानों ने फील्ड सिस्टम और पारंपरिक पॉन्ड सिस्टम से मखाना उत्पादन की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने फसल के अलग-अलग चरणों में पानी की जरूरत, जल प्रबंधन और फसल चक्र की भी जानकारी ली। किसानों की परेशानियां जानी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खेत के पास तालाब में चल रहे मखाना हार्वेस्टिंग कार्य को भी देखा। समिति के सदस्यों और किसानों ने पानी से मखाना बीज (गुड़ी) निकालने की पारंपरिक तकनीक का प्रदर्शन किया। संयुक्त सचिव और डीएम ने हार्वेस्टिंग में लगने वाले श्रम, समय और लागत के साथ किसानों को होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों ने गुड़ी से मखाना लावा तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मखाना भूनने, पारंपरिक फोरी विधि से लावा तैयार करने और आधुनिक फोरी मशीनों के संचालन की जानकारी ली गई। प्रसंस्करणकर्ताओं और किसानों से मशीनों की उपलब्धता, प्रसंस्करण लागत, तकनीकी समस्याओं, उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार की मांग को लेकर भी संवाद किया गया। ग्रेडिंग और पैकेजिंग का भी लिया जायजा
अधिकारियों ने मखाना की गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग-पैकेजिंग यूनिट का निरीक्षण कर विभिन्न आकार और गुणवत्ता के मखाना की ग्रेडिंग-पैकेजिंग प्रक्रिया को देखा। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से देश-विदेश के बाजार में मांग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे मखाना-सह-मछली पालन (इंटीग्रेटेड एक्वा फार्मिंग) मॉडल का भी अधिकारियों ने जायजा लिया। एक ही जल क्षेत्र में मखाना उत्पादन के साथ मछली पालन से किसानों को होने वाली अतिरिक्त आय की जानकारी ली गई। हैचरी प्रबंधन और एकीकृत कृषि मॉडल की गतिविधियों को भी देखा गया। अधिकारियों ने इस मॉडल को किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताया। गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग की जानकारी ली
संयुक्त सचिव साकेत कुमार और डीएम कौशल कुमार ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सी फूड प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां मखाना के निर्यात से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्यात प्रक्रिया, विदेशी बाजार, गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग से संबंधित जानकारी ली।
बेला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिया एग्रीटेक का भी निरीक्षण किया गया। यहां ऑर्गेनिक मखाना उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ऑर्गेनिक मखाना की मांग, उत्पादन, प्रसंस्करण की प्रक्रिया और देश-विदेश में इसके बाजार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने उत्पादन से लेकर अंतिम उत्पाद और निर्यात तक की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया।
मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की संभावनाएं- डीएम जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर प्रसंस्करण, ग्रेडिंग-पैकेजिंग और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराकर मखाना की मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी नीरज कुमार झा, डॉ. सीवी सिंह, उप महाप्रबंधक एपीडा, समिति के अध्यक्ष महेश मुखिया सहित बड़ी संख्या में किसान और संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।



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मैहर में दो बाइक की टक्कर में 6 घायल: कटनी से बहन को लेने आया था भाई, जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे दोस्त – Maihar News




मैहर जिले के नादन थाना क्षेत्र में बुधवार शाम बाठिया गेट के पास दो बाइकों की टक्कर में छह लोग घायल हो गए। इस हादसे में दो युवकों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए सिविल अस्पताल मैहर में भर्ती कराया गया है। यह दुर्घटना उस समय हुई जब अमरपाटन से मैहर की ओर आ रही एक बाइक ने सड़क किनारे तेल डलवाने के लिए खड़ी दूसरी बाइक को टक्कर मार दी। शाम करीब 5 बजे हुए इस हादसे में कुल छह लोग घायल हुए। जानकारी के अनुसार, दिठौरा निवासी अभिषेक साकेत, महेंद्र साकेत और सूरज साकेत एक बाइक पर अपने दोस्त का जन्मदिन मनाकर वापस लौट रहे थे। बाठिया गेट के पास उनकी बाइक सड़क किनारे खड़ी दूसरी बाइक से टकरा गई। दूसरी बाइक पर खेरवा, कटनी निवासी आशीष कुमार शाहू अपने बेटे के साथ नादन आए थे। वे अपनी बहन को लेने के बाद बाइक में तेल डलवाने के लिए सड़क किनारे रुके थे, तभी पीछे से आ रही बाइक ने उनकी खड़ी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में सूरज साकेत और राहुल शाहू को गंभीर चोटें आई हैं। अभिषेक साकेत, महेंद्र साकेत और आशीष कुमार शाहू सहित अन्य लोगों को भी चोटें लगी हैं। सभी छह घायलों को डायल-112 की मदद से सिविल अस्पताल मैहर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। घायल अभिषेक साकेत ने बताया कि वे जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे, तभी खड़ी बाइक से उनकी बाइक टकरा गई। वहीं, आशीष कुमार शाहू ने बताया कि वे बहन को लेने आए थे और तेल डलवाने के लिए रुके थे, तभी पीछे से टक्कर हो गई। गंभीर रूप से घायल सूरज साकेत और राहुल शाहू की हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस इस घटना के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।



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दिल्ली लक्ष्मी योजना शुरू: पात्र महिलाओं को हर माह मिलेंगे ₹2,500, पहले चरण में बांटे 4,000 स्वीकृति पत्र – New Delhi News




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण और वूमेन-लेड-डेवेलपमेंट के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली लक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा समेत दिल्ली सरकार के मंत्री, सांसद और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। योजना के तहत पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे भेजी जाएगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को दैनिक जरूरतों, शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं में आर्थिक सहयोग देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के शुभारंभ के मौके पर पहले चरण में 4,000 पात्र महिलाओं को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। सीएम ने बताया कि योजना को लेकर महिलाओं में व्यापक उत्साह है और अब तक 9 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के भरोसे और योजना की स्वीकार्यता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार महिलाओं के लिए अधिक अवसर और आर्थिक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



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Redmi ने लॉन्च किया 6000mAh बैटरी वाला सस्ता फोन, बैक में मिलेगा 50MP का कैमरा


Redmi 17C 5G भारत से पहले सिंगापुर में लॉन्च हो गया है। रेडमी के इस फोन को हाल ही में BIS पर देखा गया था। यह फोन 6000mAh की बैटरी, 50MP कैमरा, MediaTek के प्रोसेसर के साथ आता है। Xiaomi का यह बजट फ्रेंडली फोन BIS पर मॉडल नंबर 2607FRNEAI के नाम से देखा जा चुका है। वहीं, कंपनी Redmi 17 को भी लॉन्च करने की तैयारी में है।

Redmi 17c 5G की कीमत

रेडमी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। इसके टॉप वेरिएंट की कीमत कंपनी ने रिवील की है। इसे SGD 279 यानी लगभग 20,900 रुपये में पेश किया गया है। यह फोन ब्लैक, ब्राउन और पर्पल कलर में खरीदा जा सकता है।

Redmi 17C 5G के फीचर्स

रेडमी कायह फोन 6.9 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। फोन के डिस्प्ले का रेजलूशन 1600 x 700 पिक्सल है। इस फोन का डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट और 810 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। फोन में MediaTek Dimensity 6300 चिपसेट दिया गया है, जिसे खास तौर पर बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन में यूज किया जाता है।

इस फोन में 4GB रैम के साथ 128GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। फोन की स्टोरेज को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए एक्सपेंड किया जा सकता है। यह स्मार्टफोन Android 16 पर बेस्ड HyperOS 3 पर काम करता है। फोन के बैक में डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50MP का मेन और एक सेकेंडरी कैमरा मिलेगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए रेडमी के इस फोन में 8MP का कैमरा दिया गया है।










Redmi 17C 5G फीचर्स
डिस्प्ले 6.9 इंच, 120Hz
प्रोसेसर MediaTek Dimensity 6300
स्टोरेज 4GB, 128GB
बैटरी 6000mAh, 44W
कैमरा 50MP, 8MP
OS Android 16, HyperOS 3

यह फोन 5G, 4G, 3G, 2G कनेक्टिविटी के साथ आता है। इसमें डुअल सिम कार्ड का सपोर्ट दिया गया है। साथ ही, इसमें WiFi, Bluetooth 5.4, USB Type C और NFC जैसे कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। यही नहीं, इस बजट फ्रेंडली फोन में AI फीचर भी मिलता है। फोन में 6000mAh की बैटरी के साथ 33W फास्ट चार्जिंग फीचर मिलेगा। यह फोन IP64 रेटेड है।

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एक कड़ाही और 12 लीटर दूध से शुरू हुआ कारोबार, आज विदेशों तक मशहूर है ये कलाकंद

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ग्रेटर नोएडा. एक छोटी सी दुकान, एक कड़ाही और महज 12 लीटर दूध से शुरू हुआ मिठाई का कारोबार आज हजारों ग्राहकों की पसंद बन चुका है. साल 2010 में शुरू हुआ नवी कलाकंद अब ग्रेटर नोएडा के चर्चित मिठाई कारोबारों में शामिल है. यहां का कलाकंद खाने के लिए दिल्ली-NCR के अलावा दूसरे शहरों से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं.

ग्रेटर नोएडा. शहर में मिठाइयों के शौकीनों के बीच कुछ दुकानों की अपनी अलग पहचान होती है. ग्रेटर नोएडा की नवी कलाकंद भी ऐसी ही एक दुकान है, जिसने करीब डेढ़ दशक पहले बेहद छोटे स्तर से शुरुआत की थी. साल 2010 में किराए की दुकान और सिर्फ एक कड़ाही से शुरू हुआ कारोबार आज ग्राहकों के बीच अपनी खास पहचान बना चुका है. यहां का कलाकंद खाने के लिए दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे शहरों और विदेशों से आने वाले लोग भी पहुंचते हैं.

दुकान संचालक राहुल सिंह बिसोया बताते हैं कि नवी कलाकंद की शुरुआत उनके पिता ने 2010 में की थी. उस समय दुकान किराए की थी और रोजाना करीब 12 लीटर दूध से मिठाइयां तैयार की जाती थीं. शुरुआत में कारोबार छोटा था, लेकिन धीरे-धीरे स्वाद और गुणवत्ता के कारण ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी. राहुल के मुताबिक, परिवार ने मिठाई बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया और गुणवत्ता से समझौता नहीं किया. ग्राहकों का भरोसा बढ़ता गया और कारोबार भी लगातार आगे बढ़ता रहा.

सालों तक किराए की दुकान से कारोबार चलाने के बाद अब परिवार ने उसी दुकान के सामने अपनी खुद की नई दुकान शुरू की है. संचालक इसे वर्षों की मेहनत और ग्राहकों के भरोसे का परिणाम बताते हैं. उनका कहना है कि कारोबार के सफर में कई बदलाव आए, लेकिन मिठाई की गुणवत्ता और पारंपरिक स्वाद को बनाए रखने पर हमेशा जोर दिया गया.

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नवी कलाकंद की सबसे लोकप्रिय मिठाइयों में कलाकंद का नाम सबसे ऊपर आता है. इसके अलावा सावन और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों के दौरान घेवर की मांग भी बढ़ जाती है. दुकान संचालकों के अनुसार, मिठाइयों में जरूरत के मुताबिक चीनी का इस्तेमाल किया जाता है और कृत्रिम स्वाद या अनावश्यक मिलावट से बचने की कोशिश की जाती है. मिठाइयां भैंस के दूध से तैयार की जाती हैं. संचालक के मुताबिक, लंबे समय से एक ही दूध सप्लायर से दूध लेने की वजह से गुणवत्ता में निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलती है.

दुकान पर मिठाइयां तैयार करने के तरीके में भी पारंपरिक अंदाज नजर आता है. संचालक के मुताबिक, गैस सिलेंडर से जुड़ी परेशानियों के बाद कई मिठाइयां लकड़ी की धीमी आंच पर तैयार की जाने लगीं. उनका मानना है कि धीमी आंच पर दूध को पकाने से मिठाई में अलग स्वाद और खुशबू आती है. वर्तमान में दुकान पर रोजाना करीब 25 से 30 केन दूध की खपत होती है.

समय के साथ दुकान ने अपने कारोबार को ऑनलाइन माध्यम से भी जोड़ा है. दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों से ग्राहक फोन और ऑनलाइन माध्यम से मिठाई का ऑर्डर करते हैं. ग्राहक अपना पता और संपर्क विवरण साझा करते हैं, जिसके बाद उपलब्धता के अनुसार मिठाइयां उनके घर तक पहुंचाई जाती हैं. इससे दुकान की पहुंच स्थानीय बाजार से आगे बढ़ी है और दूर रहने वाले ग्राहक भी यहां की मिठाइयों का स्वाद ले पा रहे हैं.

संचालक के मुताबिक, दुकान पर दूसरे शहरों के साथ विदेश से आने वाले ग्राहक भी पहुंचते हैं. कई लोग विदेश जाते समय यहां का कलाकंद और दूसरी मिठाइयां अपने साथ ले जाते हैं. नियमित ग्राहक कुलदीप नागर बताते हैं कि वह कई वर्षों से यहां मिठाई खरीदते आ रहे हैं. उनके अनुसार, दुकान की खासियत स्वाद और गुणवत्ता में लगातार बनी रहने वाली एकरूपता है. वहीं ग्राहक वैभव का कहना है कि यहां की मिठाइयां उन्हें काफी पसंद हैं और वह अक्सर दुकान से मिठाई खरीदते हैं. एक कड़ाही और कुछ लीटर दूध से शुरू हुआ नवी कलाकंद का कारोबार आज बड़े स्तर तक पहुंच चुका है. पारंपरिक स्वाद, गुणवत्ता और ग्राहकों के लंबे समय से बने भरोसे ने इस मिठाई की दुकान को ग्रेटर नोएडा के चर्चित स्थानीय कारोबारों में जगह दिलाई है.

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नेपाल में सैलाब के 20 फोटो-वीडियो: तिब्बत में 5 मंजिला इमारत गिराती हुई नेपाल में घुसीं लहरें, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट डूबा


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54 मिनट पहले

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नेपाल में बुधवार को तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। टिमुरे से त्रिशूली बाजार और बेत्रावती तक बाढ़ के पानी और मलबे ने घर, सड़कें और पुल तबाह कर दिए, जबकि एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी बह गया। कई इलाकों में बाढ़ का मंजर ऐसा था कि हेलिपैड तक बह गया और रेस्क्यू हेलिकॉप्टर को बिना उतरे लौटना पड़ा।

20 फोटो-वीडियो में देखिए नेपाल में बाढ़…

तिब्बत में तबाही मचाते हुए नेपाल में घुसी बाढ़

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर तिब्बत के रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट पर CCTV कैमरे में बाढ़ का भयावह दृश्य कैद हुआ। यहीं से बाढ़ नेपाल में घुसी।

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर तिब्बत के रसुवागढ़ी बॉर्डर पॉइंट पर CCTV कैमरे में बाढ़ का भयावह दृश्य कैद हुआ। यहीं से बाढ़ नेपाल में घुसी।

अचानक आई बाढ़ की चपेट में तिब्बत-चीन बॉर्डर पर मौजूद ग्यिरोंग पोर्ट भी आया। यहां मौजूद दर्जनों लोग इसमें बह गए।

अचानक आई बाढ़ की चपेट में तिब्बत-चीन बॉर्डर पर मौजूद ग्यिरोंग पोर्ट भी आया। यहां मौजूद दर्जनों लोग इसमें बह गए।

नेपाल में घुसते ही बाढ़ ने पावर प्लांट का बांध तोड़ा

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास 216 मेगावाट क्षमता वाला अपर त्रिशुली-1 जल विद्युत परियोजना का बांध पानी के तेज बहाव में टूट गया।

नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास 216 मेगावाट क्षमता वाला अपर त्रिशुली-1 जल विद्युत परियोजना का बांध पानी के तेज बहाव में टूट गया।

नेपाल में बाढ़ से करीब 13 पावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। रसुवा और नुवाकोट जिले में नदी पर बने हुए थे। लांगटांग हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे करीब 60 लोग लापता हैं।

नेपाल में बाढ़ से करीब 13 पावर प्रोजेक्ट प्रभावित हुए हैं। रसुवा और नुवाकोट जिले में नदी पर बने हुए थे। लांगटांग हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे करीब 60 लोग लापता हैं।

बांध टूटने के बाद त्रिशूली बेसिन पर तेजी से पानी का बहाव आया।

बांध टूटने के बाद त्रिशूली बेसिन पर तेजी से पानी का बहाव आया।

बाजार में घुसा पानी, सब तहस-नहस कर दिया

त्रिशुली बाजार में तेज बहाव के साथ घुसा पानी अपने साथ सबकुछ बहा ले गया।

त्रिशुली बाजार में तेज बहाव के साथ घुसा पानी अपने साथ सबकुछ बहा ले गया।

बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के किनारे पानी के तेज बहाव में एक पुल बह गया।

बाढ़ के बाद त्रिशूली नदी के किनारे पानी के तेज बहाव में एक पुल बह गया।

नेपाल के चितवन के कुरिनेटार में त्रिशुली नदी पर बना झूला पुल पानी के तेज बहाव से टूट गया।

नेपाल में रसुवा के तिमुरे में माल ढोने वाले वाहन, ट्रांसपोर्ट कारोबारी और कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

नेपाल में रसुवा के तिमुरे में माल ढोने वाले वाहन, ट्रांसपोर्ट कारोबारी और कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

रसुवा से बाढ़ का पानी चितवन के नारायणघाट तक पहुंच गया है, यहां भगवान बुद्ध की मूर्ति तक पानी आ गया।

रसुवा से बाढ़ का पानी चितवन के नारायणघाट तक पहुंच गया है, यहां भगवान बुद्ध की मूर्ति तक पानी आ गया।

हेलिकॉप्टर से सर्वे-रेस्क्यू हुआ

बाढ़ में फंसे एक युवक ने अपनी टीशर्ट लहराकर इशारा किया तो सेना के हेलिकॉप्टर ने उसका रेस्क्यू किया।

बाढ़ में फंसे एक युवक ने अपनी टीशर्ट लहराकर इशारा किया तो सेना के हेलिकॉप्टर ने उसका रेस्क्यू किया।

नेपाल में बाढ़ के कारण एक व्यक्ति पानी में बीचोंबीच फंस गया। उसने अपनी जान बचाने के लिए एक पेड़ को पकड़ लिया।

नेपाल में बाढ़ के कारण एक व्यक्ति पानी में बीचोंबीच फंस गया। उसने अपनी जान बचाने के लिए एक पेड़ को पकड़ लिया।

बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए टीमें पहुंच गई हैं।

बाढ़ में फंसे लोगों को रेस्क्यू करने के लिए टीमें पहुंच गई हैं।

नेपाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने बाढ़ से तबाह हुए इलाकों का हवाई सर्वे किया। इसमें कई इलाकों में नुकसान दिखाई दिया।

पानी का बहाव रुका तो दिखा बर्बादी का मंजर

बाढ़ के तेज बहाव में लोगों के घरों का सामान बह गया। कई लोग उसे निकालने के लिए नदी में कूद गए।

बाढ़ की चपेट में आने से नेपाल के रसुवा शहर में कई इमारतें बह गईं। शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।

बाढ़ की चपेट में आने से नेपाल के रसुवा शहर में कई इमारतें बह गईं। शहर का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।

लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे हैं। पीछे नदी उफान पर दिख रही है।

लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे हैं। पीछे नदी उफान पर दिख रही है।

बाढ़ के मलबे में अपना सामान ढूंढ़ते लोग।

बाढ़ के मलबे में अपना सामान ढूंढ़ते लोग।

रसुवा जिले में पानी का बहाव थमने के बाद टूटे मकान और मलबे में दबी गाड़ियां दिखीं।

रसुवा जिले में पानी का बहाव थमने के बाद टूटे मकान और मलबे में दबी गाड़ियां दिखीं।

नेपाल में बाढ़ के बाद नुवाकोट जिले की तस्वीर। उफनती भोटेकोशी नदी की वजह से कई घर बह गए।

नेपाल में बाढ़ के बाद नुवाकोट जिले की तस्वीर। उफनती भोटेकोशी नदी की वजह से कई घर बह गए।

रसुवा ज़िले में पुल, सड़कें, बाज़ार सब क्षतिग्रस्त हो गईं।

रसुवा ज़िले में पुल, सड़कें, बाज़ार सब क्षतिग्रस्त हो गईं।

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ये खबर भी पढ़ें…

नेपाल में बाढ़ से तबाही, कई मौतें, सैकड़ों लापता:इनमें 105 भारतीय, तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने की आशंका; बिहार के 8 जिलों में अलर्ट

तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके में कई घरों को नुकसान पहुंचा है।

बाढ़ की चपेट में रसुवा का एक हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट भी आ गया और वह बह गया। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है।

बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल के पर्यटन विभाग के मुताबिक, 384 लोगों का पता नहीं चल रहा है। इनमें 291 विदेशी पर्यटक हैं जिसमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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कोटपूतली में जाली नोट रैकेट का खुलासा: दो सप्लायर गिरफ्तार, 500-500 के 135 नकली नोट बरामद; हरियाणा से पकड़ा मास्टर माइंड – Kotputli-Behror News




कोटपूतली पुलिस ने जाली नोटों के एक रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 500-500 रुपए के 135 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 67,500 रुपए है। पूछताछ के बाद पुलिस ने गिरोह के मुख्य सप्लायर को भी हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया। निकाय चुनाव के चलके पुलिस रख रही थी नजर आगामी चुनावों के मद्देनजर जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। थानाधिकारी कृष्ण कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने 23 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए बाजार में नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहे दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान निशीकांत (40) पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता और राहुल (22) पुत्र महेंद्र सैनी के रूप में हुई। दोनों बर्डोद, बहरोड़ सदर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। दो दिन से चला रहे थे नकली नोट तलाशी के दौरान दोनों के पास से 500-500 रुपए के 135 जाली नोट बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले दो दिनों से कोटपूतली कस्बे के बाजार में जाली नोट चला रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से दुकानदारों से ठगी गई 14,440 रुपए की असली भारतीय करेंसी भी बरामद की। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। हरियाणा से पकड़ा गया मुख्य सप्लायर गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के मुख्य सप्लायर के बारे में सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने 24 अगस्त को मुख्य सप्लायर चिराग (24) पुत्र लोकेश भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया। चिराग जोनायचा खुर्द, शाहजहांपुर का निवासी है और वर्तमान में धारूहेड़ा, रेवाड़ी (हरियाणा) में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस अब मुख्य आरोपी चिराग भारद्वाज से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि जाली नोट कहां छापे जा रहे थे और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।



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महोबा में जलभराव से गुस्साए लोगों ने सड़क जाम की: अंतरराज्यीय मार्ग रुका, प्रशासन ने जेसीबी से नाले साफ कराए – Mahoba News




महोबा में बीते 24 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण लवकुशनगर तिराहे पर गंभीर जलभराव हो गया है। इससे गुस्साए स्थानीय निवासियों ने अंतरराज्यीय मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर सीओ सिटी, नायब तहसीलदार और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि करीब 300 घरों में गंदा पानी घुस गया है, जिससे उनकी गृहस्थी ठप हो गई है। उन्होंने बताया कि घरों में पानी भरने से चूल्हे डूब गए हैं और बच्चों को सुबह से भूखा रहना पड़ रहा है, क्योंकि खाना बनाने की जगह नहीं बची है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद जलभराव की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। घरों में पानी भरने से कीड़े-मकोड़ों और बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने आक्रोशित नागरिकों को समझा-बुझाकर जल्द से जल्द जल निकासी का आश्वासन दिया। इसके बाद, जेसीबी मशीनों और सफाई कर्मियों की टीमों को तुरंत काम पर लगाया गया। बंद पड़े नालों और नालियों से कचरा हटाकर पानी की निकासी शुरू कराई गई।



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68 साल पुराने श्रीराम मंदिर विवाद पर फैसला: इंदौर हाईकोर्ट ने भगवान श्रीराम को माना संपत्ति का मालिक, राजस्व विभाग संभालेगा प्रबंधन; रतनदास रहेंगे पुजारी – Indore News




मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने उज्जैन जिले के खाचरौद स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर से जुड़े करीब 68 साल पुराने विवाद पर मंगलवार को फैसला सुनाया। न्यायमूर्ति विनय सराफ ने ट्रायल कोर्ट का फैसला निरस्त करते हुए अपील आंशिक रूप से मंजूर की। अदालत ने मंदिर और उससे जुड़ी चल-अचल संपत्तियों का मालिक स्वयं भगवान श्रीराम के देवता को माना है। वहीं मंदिर का प्रबंधन राज्य के राजस्व विभाग के अधीन रहने और औकाफ विभाग को पुजारी नियुक्त करने का अधिकार स्वीकार किया है। 1954 में शुरू हुआ विवाद, 1968 में हाईकोर्ट पहुंचा मामले की शुरुआत 1954 में हुई, जब रतनदास ने खाचरौद के श्रीराम मंदिर के प्रबंधन और पूजा-अर्चना से जुड़े अधिकारों को लेकर सिविल वाद दायर किया था। ट्रायल कोर्ट ने 1968 में वाद खारिज कर दिया। इसके बाद 3 अक्टूबर 1968 को प्रथम अपील क्रमांक 59/1968 हाईकोर्ट में दाखिल हुई, जो 25 अगस्त 2026 तक लंबित रही। 1930 में औकाफ विभाग ने संभाला था प्रबंधन रिकॉर्ड के मुताबिक मंदिर के प्रबंधन को लेकर विवाद बढ़ने पर महंत मुरलीदास ने 1930 में औकाफ विभाग से मंदिर और उसकी संपत्तियों को संरक्षण में लेने का अनुरोध किया था। 15 अक्टूबर 1930 को औकाफ विभाग ने मंदिर का प्रबंधन अपने अधीन ले लिया और मुरलीदास को पुजारी नियुक्त किया। उनकी मृत्यु के बाद रतनदास ने उत्तराधिकारी के रूप में अपना दावा किया। रामानंद संप्रदाय के साधुओं द्वारा भेख समारोह के जरिए उन्हें महंत की गद्दी के लिए नामित किए जाने की बात भी सामने आई। मंदिर प्राचीन, संपत्ति के मालिक देवता हाईकोर्ट ने मंदिर को प्राचीन धार्मिक स्थल माना। यहां श्रीराम, जानकीजी, लक्ष्मणजी, हनुमानजी, लक्ष्मीनारायणजी और गोपालजी की प्रतिमाएं विराजित हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मंदिर और उससे जुड़ी चल-अचल संपत्तियों के स्वामी देवता स्वयं हैं। फैसले के अनुसार श्रीराम मंदिर, राममोहल्ला, खाचरौद का प्रबंधन राज्य के राजस्व विभाग के अधीन रहेगा, जबकि औकाफ विभाग को पुजारी नियुक्त करने का अधिकार प्राप्त था। रतनदास को पुजारी के रूप में मान्यता अदालत ने रतनदास के उस दावे को स्वीकार किया कि वह मंदिर के पुजारी रहे हैं। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों से उनकी नियुक्ति और मंदिर का प्रभार सौंपे जाने की पुष्टि हुई। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की उस राय को सही नहीं माना, जिसमें रतनदास का पुजारी के रूप में दावा पर्याप्त रूप से साबित नहीं होना बताया गया था। हालांकि महेश्वरी समाज के सदस्यों को अदालत ने मंदिर का श्रद्धालु माना, लेकिन उन्हें मंदिर में हस्तक्षेप से रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा जारी करने की मांग स्वीकार नहीं की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद फिर हुई सुनवाई इस मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 10 जुलाई 1993 को रतनदास के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने 26 फरवरी 2020 को 1993 का हाईकोर्ट फैसला निरस्त कर सभी मुद्दों पर नए सिरे से निर्णय के लिए मामला वापस भेज दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने मंदिर की स्थापना, संपत्ति के स्वामित्व, रतनदास की नियुक्ति, भेख समारोह, औकाफ विभाग की भूमिका और महेश्वरी समाज के अधिकारों समेत सभी प्रमुख बिंदुओं पर दोबारा सुनवाई की और अब फैसला सुनाया।



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