Saturday, July 4, 2026
Home Blog

कोटा के 4 भाइयों का कमाल, सूई-धागे के बिजनेस से खड़ा किया बड़ा मुकाम


Last Updated:

Success Story: कोटा के गुमानपुरा में स्थित ‘जनता अल्टरेशन’ पिछले 45 सालों से कपड़ों की परफेक्ट फिटिंग के लिए पूरे शहर में मशहूर है. 3 कारीगरों और ₹3,000 की पगड़ी से शुरू हुए इस पुश्तैनी कारोबार को आज 4 भाई मिलकर संभाल रहे हैं और अब इसमें तीसरी पीढ़ी की भी एंट्री हो चुकी है. आज इस हुनर के दम पर 4 दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे न केवल इस परिवार का बल्कि 15 अन्य कारीगरों के परिवारों का भी भरण-पोषण हो रहा है. प्रतिदिन 100 से अधिक ग्राहकों का भरोसा ही इनकी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है.

ख़बरें फटाफट

Success Story Kota: वह समय जब एक चद्दर के नीचे दुकान लगाई जाती थी लेकिन फैशन के इस बदलते दौर में जहाँ हर दिन नए ब्रांड्स बाजार में आ जाते हैं, वहीं राजस्थान के कोटा शहर में कपड़ों की फिटिंग यानी ‘अल्टरेशन’ का एक ऐसा ठिकाना भी है, जिसने खुद में एक बड़ा इतिहास समेट रखा है. कोटा के गुमानपुरा में स्थित ‘जनता अल्टरेशन’ आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है. कपड़ों को परफेक्ट शेप देने वाले इस हुनर को चमकाते-चमकाते आज इस परिवार की तीसरी पीढ़ी भी दुकान पर कैंची और फीता थाम चुकी है. सूई-धागे के इस पुश्तैनी कारोबार ने सफलता की एक अनोखी इबारत लिखी है.

जनता अल्टरेशन के साबिर हुसैन ने बताया कि यह सफर आज से करीब 45 साल पहले उनके वालिद (पिता) साहब ने शुरू किया था. उस दौर में कोटा शहर के लोग ‘अल्टरेशन’ शब्द से पूरी तरह वाकिफ भी नहीं थे. लोगों के लिए अल्टरेशन का मतलब सिर्फ पैंट की लंबाई कम करना या ढीली ढाली सिलाई को ठीक कर देना भर था. फैशन की समझ और कपड़ों के सही नाप की बारीकियों को इस दुकान ने पूरे शहर को सिखाया. बुजुर्गों ने पहले भी कई तरह के व्यापार आजमाए थे, लेकिन बरकत इसी टेलरिंग लाइन में लिखी थी. शुरुआत बेहद मुश्किलों भरी थी. एक छोटी सी दुकान किराए पर ली गई और उस ज़माने में ₹3,000 की पगड़ी देकर इस काम की मजबूत बुनियाद रखी गई, जो आज एक मिसाल बन चुकी है.

चार भाइयों का मजबूत साथ और तीसरी पीढ़ी की शानदार एंट्री
वक्त बदला, कोटा शहर बदला और यह देश के सबसे बड़े कोचिंग हब के रूप में स्थापित हो गया, लेकिन जनता अल्टरेशन पर लोगों का भरोसा कभी नहीं बदला. परिवार के सबसे बड़े भाई शाकिर हुसैन हैं और उनसे छोटे भाई इकबाल हुसैन हैं. दोनों ने इस काम को दिन-रात एक करके सींचा. अब साबिर हुसैन और उनके छोटे भाई भी इसी विरासत को आगे लेकर साथ चल रहे हैं. इस कहानी का सबसे खूबसूरत मोड़ यह है कि अब इस दुकान में परिवार की तीसरी पीढ़ी की भी शानदार एंट्री हो चुकी है. साबिर हुसैन का भतीजा भी अब इस पुश्तैनी काम को और आधुनिक व बड़ा करने के लिए पूरी शिद्दत से जुट गया है.

3 कारीगरों से शुरू हुआ सफर, आज 15 परिवारों का सहारा
साबिर हुसैन कहते हैं, “आज से 45 साल पहले जब काम शुरू हुआ था, तब हमारे पास सिर्फ 3 कारीगर हुआ करते थे. लेकिन आज हमारे पास 10 से ज्यादा पक्के कारीगर काम कर रहे हैं. इनमें से कुछ कारीगर तो ऐसे हैं जो पिछले 15 से 20 सालों से हमारे साथ एक परिवार की तरह जुड़े हुए हैं.” शुरुआत भले ही एक दुकान से हुई थी, लेकिन आज इनके पास 4 दुकानें हैं. जिनमें तीन दुकान किराए की है. ऊपर वाले के करम और मेहनत की बदौलत आज इस काम के जरिए केवल इस एक परिवार का ही नहीं, बल्कि दुकान में काम करने वाले 14 से 15 अन्य कारीगरों के परिवारों का भी पेट पल रहा है.

रोजाना 100 ग्राहक, ‘संतुष्टि’ ही सबसे बड़ी यूएसपी
इस दुकान पर रोजाना औसतन 100 से ज्यादा ग्राहक अपने कपड़ों की फिटिंग दुरुस्त कराने आते हैं. साबिर हुसैन पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताते हैं कि पहले के जमाने में भी इस काम से इतनी अच्छी कमाई हो जाती थी कि घर का खर्च आराम से चल जाए और आज भी मेहनत का पूरा फल मिल रहा है. ग्राहकों का अटूट विश्वास और उनके चेहरे की खुशी ही हमारी सबसे बड़ी यूएसपी है. 45 साल पहले बोया गया वो छोटा सा बीज आज एक ऐसा बरगद बन चुका है, जिसके सूई-धागे के मजबूत रिश्ते ने पूरे कोटा शहर को अपना मुरीद बना रखा है.

About the Author

vicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें



Source link

भास्कर अपडेट्स: विदेश मंत्रालय बोला- सिंधु जल संधि पर भारत का रुख नहीं बदला; पाकिस्तान को आतंकवाद को सपोर्ट देना छोड़ना होगा




विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है और पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद को लगातार सपोर्ट देने के जवाब में यह संधि रोक दी गई है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 2025 में इस संधि को रोक दिया था। MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस्लामाबाद में हाल ही में हुए संधि पर एक सेमिनार के बारे में एक सवाल के जवाब में अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “IWT पर, मैं वही दोहराऊंगा जो हमने पहले भी कहा है। सिंधु जल संधि पर भारत का रुख एक जैसा है।” वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता वाली यह ट्रीटी 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के बंटवारे और इस्तेमाल को कंट्रोल करती है। इस्लामाबाद में हुए एक सेमिनार में पाकिस्तानी डिप्टी पीएम इशाक डार ने कहा था कि पाकिस्तान भारत के IWT को रद्द करने के फैसले को खारिज करता है। कोई भी पार्टी ऐसी ट्रीटी के तहत अपनी जिम्मेदारियों को एकतरफा तौर पर सस्पेंड या खत्म नहीं कर सकती जिसमें ऐसा कोई प्रोविजन न हो। आज की बाकी बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में स्कूलों के 500 मीटर क्षेत्र में एनर्जी ड्रिंक बैन महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में एनर्जी ड्रिंक और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। सरकार ने खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) को इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्कूलों में एनर्जी ड्रिंक के नुकसान को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सावरकर के प्रपौत्र ने कोर्ट में कहा- राजनीतिक प्रयासों से हुई थी सावरकर की रिहाई स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की रिहाई दया याचिकाओं के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रयासों के चलते हुई थी। उनके प्रपौत्र सत्यकी सावरकर ने पुणे की विशेष अदालत में यह बयान दिया है।
यह मामला कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि याचिका से जुड़ा है। अगली सुनवाई 7 जुलाई को निर्धारित की गई है। सत्यकी ने यह भी कहा कि वे यह निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि सावरकर ने ब्रिटिश सरकार को किसी शर्त के तहत राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने का आश्वासन दिया था या नहीं। या सावरकर ने दया याचिकाओं में ‘आपका आज्ञाकारी सेवक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था या नहीं। हालांकि अदालत में मौजूद दस्तावेजों में 1920 की एक याचिका में ऐसे शब्द दर्ज होने का उल्लेख सामने आया है। महाराष्ट्र के ठाणे में कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर 18 साल की लड़की ने आत्महत्या की ठाणे के कल्याण में 18 साल की एक लड़की ने कॉलेज में एडमिशन न मिलने पर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान अक्षदा वाल्वी के तौर पर हुई। पुलिस के मुताबिक उसने कॉमर्स स्ट्रीम से 12वीं की परीक्षा पास की थी और बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (BCA) कोर्स करना चाहती थी। परीक्षा के बाद वह अपनी बहन के साथ नंदुरबार में मामा के घर चली गई थी। 14 जून को जब अक्षदा लौटी, तो उसे पता चला कि मुंबई यूनिवर्सिटी का BCA के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल बंद हो चुका था। परेशान और तनाव में आकर, उसने 18 जून को अपने घर पर चूहे मारने की दवा खा ली। हालत बिगड़ने पर उसने अपनी मां को बताया कि उसने चूहामार दवा खाई है। घर वाले उसे हॉस्पिटल लेकर गए। अक्षदा के माता-पिता प्राइवेट अस्पताल में इलाज का खर्च नहीं उठा सकते थे, इसलिए उसे मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां 28 जून को उसकी मौत हो गई। 30 जून को कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंटल डेथ (दुर्घटना से मौत) का मामला दर्ज किया गया। लड़की की मौत की खबर शुक्रवार को सामने आई। चुनाव आयोग ने ओडिशा में SIR की देखरेख के लिए 10 IAS अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर नियुक्त किया इलेक्शन कमीशन ने ओडिशा में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की देखरेख के लिए 10 सीनियर IAS अधिकारियों को इलेक्टोरल रोल ऑब्जर्वर (ERO) नियुक्त किया है। ओडिशा के लिए वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट 5 जुलाई को पब्लिश होने वाला है। शुक्रवार को जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि इन अधिकारियों को SIR के काम के दौरान उन्हें दिए गए जिलों का कम से कम तीन बार दौरा करने के लिए कहा गया है।



Source link

मुरादाबाद में करंट की चपेट में आने से 3 झुलसे: बिजली भागने पर छत पर सोने गया था परिवार, ऊपर से गुजर रही HT लाइन में फाल्ट हुआ – Moradabad News



मुरादाबाद में हाईटेंशन लाइन में हुए फाल्ट के बाद करेंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के 3 लोग झुलस गए। झुलसने वालों में पति पत्नी और 7 साल का एक बच्चा शामिल है।

.

घटना मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में एकता नगर कॉलोनी की है। ओमपाल सिंह यहां अपने परिवार के साथ रहते हैं। ओमपाल सिंह के बड़े बेटे सतीश ने बताया की शुक्रवार रात करीब 12:30 पर बिजली भागने पर पूरा परिवार सोने के लिए छत पर चला गया था। कुछ देर बाद बिजली आई तो ओमपाल सिंह की पत्नी बबीता ने पति से पंखे के तार लगाने के लिए कहा। ओमपाल सिंह ने जैसे ही पंख का प्लग लगाकर स्विच ऑन किया इसी दौरान घर के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन लाइन में अचानक फाल्ट हुआ। सतीश का कहना है कि इसके बाद उनके पूरे घर की वायरिंग में आग लग गई और करंट दौड़ने लगा। करंट की चपेट में आने से ओमपाल सिंह; उनकी पत्नी बबीता और 7 साल का बेटा हर्षित गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद पीड़ित परिवार की चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तुरंत जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम सदर और को सिविल लाइंस ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से घटना के बारे में जानकारी ली। इसके साथ ही चिकित्सकों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार का समुचित इलाज किया जाए।

महिला की हालत नाजुक बताई जा रही है।



Source link

नवभारत हाउसिंग सोसायटी घोटाला में 4.64 करोड़ की हेराफेरी: ED की जांच तेज, सहकारी समिति की जमीन बेचकर फंड गबन का आरोप – Indore News




इंदौर की चर्चित नवभारत हाउसिंग सोसायटी में करोड़ों रुपए के घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। करीब 4.64 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं और जमीन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने आरोपी श्रीकांत घंटे, सुभाष चंद्र दुबे, राकेश जैन, अंतिम जोशी और आनंद शाह के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत विशेष न्यायालय, इंदौर में चालान पेश किया है। मामले में कोर्ट ने आरोपियों को नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह मामला इंदौर के एमजी रोड थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें नवभारत गृह निर्माण सहकारी समिति के तत्कालीन पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए थे। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के पहलुओं की जांच प्रारंभ की थी। जमीन बेचकर सोसायटी फंड में सेंध लगाने का आरोप ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक मंडल के कुछ सदस्यों ने नियोजित तरीके से सोसायटी की संपत्तियों का दुरुपयोग किया। आरोप है कि सोसायटी के फंड से खरीदी गई जमीनों को विभिन्न संस्थाओं और पक्षों को बेच दिया गया और उससे प्राप्त राशि का हिसाब-किताब छिपाकर फंड का गबन किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में सोसायटी के सदस्यों को धोखे में रखा गया और जमीन बिक्री से जुड़े कई रिकॉर्ड भी नष्ट कर दिए गए, ताकि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने न आ सके। ईडी के अनुसार, घोटाले से प्राप्त धन को विभिन्न स्तरों पर खपाया गया और बाद में उससे अचल संपत्तियां खरीदी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि गबन की गई राशि को वैध दिखाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए, जिन्हें धनशोधन की श्रेणी में माना गया है। 64 लाख की संपत्तियां पहले ही हो चुकी हैं अटैच ईडी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 फरवरी को पीएमएलए-2002 के तहत आरोपी श्रीकांत घंटे और सुभाष चंद्र दुबे के नाम पर दर्ज करीब 64 लाख रुपए मूल्य की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) कर दी थीं। एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी भी जांच जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।



Source link

जयपुर में XUV ने युवक को रौंदा, मौत: दूसरी गाड़ी से कार टकराई; युवकों के मारपीट से बचने के लिए भागते समय हादसा – Jaipur News




जयपुर में गुरुवार रात XUV गाड़ी के रौंदने से एक युवक की मौत हो गई। घर लौटते समय उसकी कार दूसरी गाड़ी से टच हो गई थी। गाड़ी सवार के मारपीट करने से बचकर भागने पर वह XUV की चपेट में आ गया। नारायण विहार थाना पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए शव को जयपुरिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी भिजवाया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। SHO (नारायण विहार) गुंजन सोनी ने बताया- हादसे में मानसरोवर के मांग्यावास निवासी अतुल मंडल (24) की मौत हो गई। वह कम्प्यूटर से डिजाइनिंग का काम करता था। परिजनों की ओर से दर्ज शिकायत में बताया- पिछले कुछ दिनों पहले ही अतुल ने नारायण विहार में रेस्टोरेंट खोला था। गुरुवार रात करीब 11 बजे वह अपनी ब्रेजा गाड़ी से घर लौटने के लिए निकला था। कार बैक लेते समय दूसरी गाड़ी से टच होने पर हुआ था विवाद वंदे मातरम रोड पर नारायण पेट्रोल पंप के पास अतुल की कार बैक लेते समय पीछे वाली कार से टच हो गई। इस बात पर गुस्साए कार सवारों ने पीछा कर उसे रुकवाया। कार से नीचे उतारकर अतुल के साथ मारपीट करने लगे। इससे बचने के लिए अतुल भागकर रोड क्रॉस करने लगा। इसी दौरान आई XUV गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। रोड पर गिरने के बाद XUV उसके ऊपर से निकल गई। हादसे के बाद झगड़ा करने वाले कार सवार और रौंदने वाली XUV गाड़ी दोनों मौके से फरार हो गए। एक्सीडेंट की सूचना पर पहुंची नारायण विहार थाना पुलिस ने गंभीर हालत में उसे जयपुरिया हॉस्पिटल पहुंचाया। डॉक्टर्स ने चेक करने के बाद अतुल को मृत घोषित कर दिया।



Source link

बाजार जैसी अंगूरी रसमलाई घर पर बनाएं, मेहमान भी पूछेंगे कहां से लाए, नोट कर लें रेसिपी


Last Updated:

Angoori Rasmalai Recipe: अंगूरी रसमलाई का नाम सुनते ही मिठाई लवर्स के मुंह में पानी आ जाता है. आमतौर पर लोग इसे बाजार से खरीदकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन अब आप इसे घर पर भी बना सकते हैं वो भी बिल्कुल हलवाई जैसी स्वादिष्ट और मुलायम. अंगूरी रसमलाई थोड़ी मेहनत और सही तरीके से बनाई जाए तो यह किसी भी खास मौके को और भी खास बना सकती है. देश के कई बड़े होटल्स में काम कर चुकी शेफ स्पर्श नरूला बताती हैं कि सॉफ्ट और स्पंजी अंगूरी रसमलाई बनाने के लिए दूध से छेना बनाने, छेना को छानने या फिर उसको मसलते समय कुछ सावधानियां बरतनी बहुत जरूरी हैं. अक्सर लोग इसमें एक गलती कर देते हैं, इस वजह से रसमलाई मनचाही रंगत नहीं ला पाती है.

अंगूरी रसमलाई बनाने के लिए सबसे पहले छेना तैयार करने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध, 2 से 3 बड़े चम्मच सिरका, आधा कप पानी, 1 छोटा चम्मच कॉर्नफ्लोर और एक चुटकी बेकिंग सोडा की जरूरत होगी. वहीं स्वादिष्ट रबड़ी बनाने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध, स्वादानुसार चीनी, कुछ केसर और आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर लें. अपने हिसाब से कोई भी ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं. इसके अलावा चाशनी तैयार करने के लिए डेढ़ कप चीनी और 4 कप पानी की जरूरत पड़ेगी. थोड़ी बर्फ भी रेडी रखें, आगे काम आएगी.

सबसे पहले एक लीटर दूध को किसी बड़े बर्तन में डालकर उसे उबाल लें. उबाल आने के बाद गैस बंद कर दें और दूध को थोड़ा ठंडा होने दें. इसके बाद 3 चम्मच सिरके को आधा कप पानी में मिलाकर धीरे-धीरे दूध में डालें और लगातार चलाते रहें. दूध पूरी तरह फट जाए तो इसे कॉटन के कपड़े में छान लें. छेना को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि सिरके का स्वाद निकल जाए. फिर कपड़े को करीब एक घंटे के लिए टांग दें ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए.

शेफ टिप्स की बात करें तो यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि दूध में उबाल आने के बाद उसे तुरंत न फाड़ें. पहले उसे 5 से 7 मिनट तक हल्का ठंडा होने दें. इसके बाद ही फाड़ने वाला आइटम डालें. ऐसा करने से छेना मुलायम और चिकना बनता है. वहीं अगर उबलते हुए दूध में सीधे सिरका डाल दिया जाए, तो छेना सख्त होने की संभावना बढ़ जाती है. इससे रसमलाई उतनी स्पंजी और नरम नहीं बन पाती.

Add News18 as
Preferred Source on Google

जब तक छेना से बचा हुआ पानी निकल रहा है, तब तक रबड़ी बना लेते हैं. इसके लिए एक लीटर दूध को बड़े बर्तन में डालकर आधा होने तक पकाएं. फिर इसमें कूटे हुए पिस्ता, बादाम, कूटी हुई इलायची, केसर और अपने अनुसार कोई भी ड्राई फ्रूट्स डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद चीनी मिलाकर करीब 10 मिनट तक पकाएं. फिर गैस बंद कर ठंडा होने के लिए रख दें. यही रबड़ी अंगूरी रसमलाई का स्वाद बढ़ाएगी.

अब तैयार छेना को निकालकर करीब 8 मिनट तक अच्छी तरह मसलें. ध्यान रहे, छेने को मसलते हुए उसे इतना नहीं मसलना है कि उसका घी अलग होने लगे. बस इसे सॉफ्ट होने तक मसलना है. इसके बाद कॉर्नफ्लोर और बेकिंग सोडा मिलाकर दो मिनट और गूंथें. फिर कपड़े से ढककर थोड़ी देर के लिए छोड़ दें. इसके बाद छेना से कपड़ा हटाएं और उसे छोटे-छोटे अंगूर जैसे साइज के छोटे-छोटे बॉल्स बना लें.

एक चौड़े बर्तन में डेढ़ कप चीनी और चार कप पानी डालकर उबालें. जब चाशनी अच्छे से उबलने लगे तो उसमें छेना के बॉल्स डालें. बर्तन को ढककर लगभग 15 मिनट तक पकाएं. पकने के बाद इन्हें तुरंत बर्फ वाले ठंडे पानी में डाल दें और 5 मिनट तक रहने दें. इसके बाद बॉल्स को ठंडे पानी से निकालकर हल्के से हाथों से निचोड़कर इसको अलग बर्तन में बारी-बारी से रखें.

फिर उसमें रबड़ी को डाल दें. इसके ऊपर से आप पिस्ता, बादाम, इलायची पाउडर, केसर या फिर अपने हिसाब से कोई भी ड्राई फ्रूट्स डालकर कम से कम 5 से 6 घंटे या पूरी रात फ्रिज में रखें. जैसे ही आप फ्रिज खोलकर उसको निकालेंगे, तो रसमलाई अपनी रंगत में दिखाई देने लगेगी. सर्व करने से पहले बादाम, पिस्ता, केसर और सूखी गुलाब की पंखुड़ियों से इसको गार्निश कर सकते हैं. इस तरह ठंडी-ठंडी अंगूरी रसमलाई तैयार है. इसका स्वाद ऐसा होगा कि घर के लोग भी पूछ बैठेंगे कि मिठाई घर में बनी है या किसी मशहूर हलवाई की दुकान से लाई गई है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

लालू-राबड़ी को मिली Z सिक्योरिटी और बुलेटप्रूफ गाड़ी: बिहार सरकार ने वापस लौटाई सुरक्षा, बंगला विवाद के बीच घटाई गई थी सिक्योरिटी – Patna News




राजद सुप्रीमो लालू यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को Z कैटेगरी की सुरक्षा फिर से बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही दोनों को बुलेट प्रूफ गाड़ी भी मुहैया कराई गई है। इसको लेकर बिहार सरकार ने शुक्रवार की शाम नोटिफिकेशन जारी किया है। बताया जा रहा है कि एक महीना पहले बिहार सरकार ने VVIP सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की थी। इस समीक्षा के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव किया गया था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। सुरक्षा में बदलाव के विरोध में लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा वापस कर दी थी। 10 सर्कुलर स्थित बंगले से वापस किया था सुरक्षा सुरक्षा में कटौती से नाराज लालू परिवार ने राज्य सरकार की नई सुरक्षा व्यवस्था को खारिज कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगले पर तैनात सभी सरकारी सुरक्षा जवानों को वापस लौटा दिया था। इसके बाद से सांसद मीसा भारती और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी सुरक्षा जवानों को वापस कर दिए थे। वहीं, राजद ने आरोप लगाया था कि विपक्ष के प्रमुख नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाते हुए उनकी सुरक्षा घटाई गई है। आवास विवाद के बीच घटाई गई सुरक्षा सम्राट सरकार की तरफ से राबड़ी आवास को खाली करने का नोटिस दिया गया। इस नोटिस पर विवाद बढ़ा तो लालू परिवार की जेड प्लस सिक्योरिटी खत्म कर दी गई है। दोनों को बिहार पुलिस की विशेष सुरक्षा व्यवस्था दी गई थी, जिसमें एस्कॉर्ट, बुलेट प्रूफ कार और 8 से 16 गार्ड शामिल थे। इसके साथ ही लालू यादव के बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव की भी Y कैटेगरी की सुरक्षा खत्म कर दी गई। 29 मई को राबड़ी आवास खाली करने का नोटिस 29 मई को राबड़ी आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया था। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते थे। हालांकि, अब तेजस्वी यादव 1 पोलो रेड में शिफ्ट हो गए हैं और लालू-राबड़ी कौटिल्य नगर स्थिति निजी बंगले में शिफ्ट हो गए हैं।



Source link

बीजेपी विधायक ने दरोगा पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया: पीड़ित महिला के साथ एसपी से मिले, FIR दर्ज करने की मांग – Lakhimpur-Kheri News




लखीमपुर में सदर विधायक योगेश वर्मा ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शारदानगर थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर कमरुद्दीन पर गंभीर रिश्वतखोरी के आरोप लगाए। विधायक अपने साथ एक पीड़ित महिला को भी एसपी कार्यालय लेकर पहुंचे थे। विधायक का आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर कमरुद्दीन ने एक मुकदमे से नाम हटाने के लिए पीड़ित पक्ष से 55 हजार रुपये की रिश्वत ली है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से आरोपी दरोगा के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। विधायक ने कहा, भ्रष्टाचार के मामलों में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की और पीड़ित महिला को उसकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई कर न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। शिकायत की जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।



Source link

शेखपुरा में अतिक्रमण हटाओ अभियान, अवैध ठेले-दुकानें ध्वस्त: प्लास्टिक यूज पर भी रेड, 6000 रुपए का जुर्माना वसूला – Sheikhpura News


शेखपुरा नगर परिषद ने जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह अभियान जिला परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के नेतृत्व में नगर क्षेत्र के पटेल चौक से भोजडीह रोड, हुसैनाबाद रोड और खांड पर राम जानकी मंदिर तक चलाया गया

.

इस दौरान सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े ठेले और अस्थायी दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के साथ ही नगर प्रशासन ने दुकानों में प्लास्टिक के प्रयोग को लेकर भी छापामारी की। इस कार्रवाई में लगभग 6000 रुपये का जुर्माना वसूला गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी

उल्लेखनीय है कि सरकार के निर्देशों के तहत नगर क्षेत्र को स्वच्छ बनाने के लिए अनुमंडल पदाधिकारी प्रियंका कुमारी के नेतृत्व में पिछले सप्ताह भी ऐसा ही अभियान चलाया गया था। इसके अतिरिक्त, जिला परिवहन विभाग द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी अतिक्रमण हटाने का कार्य जारी है।

अतिक्रमण हटाने के दौरान संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्हें बताया गया कि यदि वे दोबारा इन स्थानों पर अतिक्रमण करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भी भेजा जा सकता है।



Source link

महिलाओं ने मकान मालिक को चप्पलों से पीटा: नरसिंहपुर में मकान खाली कराने को लेकर बीच सड़क पर विवाद; पुलिस ने दी समझाइश – Narsinghpur News




नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा स्थित शक्ति चौक पर शुक्रवार को मकान खाली कराने की बात को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विवाद इस कदर बढ़ा कि दो महिलाओं ने बीच सड़क पर ही मकान मालिक की चप्पलों और थप्पड़ों से पिटाई कर दी। इस घटना को देखने के लिए मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। बीच सड़क पर हुई मारपीट, पुलिस ने शांत कराया प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मकान खाली कराने के मुद्दे पर मकान मालिक और किराएदार महिलाओं के बीच पहले तीखी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। इसके बाद पुलिस महिलाओं को थाने ले आई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया- मकान मालिक ने महिलाओं पर समय पर मकान खाली न करने का आरोप लगाया है। फिलहाल दोनों पक्षों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



Source link