गोरखपुर में सरकारी कर्मचारी बनकर महिला से ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पीड़िता को यह यकीन दिलाया कि आईजीआरएस से जुड़ा एक अधिकारी है और उसकी कब्जे की जमीन छुड़वाने में मदद करेगा। बदले में उसने पहले 8000 रुपए लिए। फिर 20 हजार और डिमांड करने लगा। तब महिला ने उसे रिस्तेदार के घर पैसे लेने के लिए भेजे। जहां शक होने पर मामले का खुलासा हुआ। तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पर दी गई। मौके से पहुंची पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। जानिए पूरा मामला…
जानकारी के मुताबिक सिंघड़िया नई कॉलोनी निवासी इन्द्रावती देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनकी जमीन सेमरा देवी प्रसाद क्षेत्र में है। जमीन पर बनी करीब दो फीट की बाउंड्री पर रविंद्र यादव नामक व्यक्ति ने कब्जा कर निर्माण कर दिया था। इस मामले की शिकायत उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। आरोप था कि शिकायत के बाद विनय प्रताप गहलोत ने फोन कर खुद को सरकारी कर्मचारी बताया और आईजीआरएस से जुड़ा अधिकारी होने का हवाला दिया। सुबह 3 बजे अकेले बुलाकर मांगे पैसे उसने कार्रवाई कराने का भरोसा देकर महिला को 23 जून की सुबह करीब तीन बजे रानीडीहा चौराहे पर बुलाया और डर का माहौल बनाकर आठ हजार रुपये ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर करा लिए। आरोपी ने महिला से कहा कि वह बुलडोजर से अवैध कब्जा हटवा सकता है और इसके लिए 20 हजार रुपये और देने होंगे। महिला के अनुसार रुपये की व्यवस्था के लिए उसने अपने रिश्तेदारों से संपर्क किया। शक होने पर खुलासा हुआ
पुलिस के मुताबिक आरोपी 25 जून को रुपये लेने के लिए महिला के बच्चों और रिश्तेदार के बच्चे के साथ जंगल अयोध्या प्रसाद स्थित अखंड प्रताप सिंह के घर पहुंचा। वहां पूछताछ में उसने खुद को तहसील कर्मचारी बताया। पीड़िता के रिश्तेदार को शक हुआ। तब उन्होंने तुरंत उसके बारे में पता लगवाया। जांच में उसके सरकारी कर्मचारी होने की बात गलत निकली। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ कर रखा और डायल 112 पर सूचना दी गई। देवरिया का रहने वाला है आरोपी
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ लिया और जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान देवरिया के लार बिरनी कजे रहने वाले विनय प्रताप गहलोत के रूप में हुई है। जो वर्तमान में गौतम बुद्ध आदर्श इंटर कालेज के पास रानीडीहा में रहता है। एसपी सिटी निमिष पाटील के बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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सरकारी कर्मचारी बता महिला से ठगी: गोरखपुर में आरोपी अरेस्ट, जालसाज ने कब्जे की जमीन छुड़ाने का दावा किया – Gorakhpur News
वेनेजुएला भूकंप में अब तक 920 की मौत: करीब 3300 घायल, लोग खुद मलबा हटाकर अपनों की तलाश में जुटे
कराकस, वेनेजुएला2 घंटे पहले
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दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा लोग घायल हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में सरकारी राहत टीमों की कमी के कारण लोग अपने परिजनों को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटाने में जुटे हैं।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने कहा कि मलबे से जिंदा निकाला गया हर व्यक्ति किसी चमत्कार से कम नहीं है। इससे पहले सरकार ने बताया था कि 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है।
इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान हो सकता है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने आपातकाल लगा दिया है।
मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन…

भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…

भूकंप आने के बाद बिल्डिंग मलबे के ढेर में बदल गई।

लोग मगबे में अपने लोगों के ढूंढ रहे है।

वेनेजुएला के ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे से एक शव ले जाते लोग।

ला गुआइरा में भूकंप के बाद ढही इमारत के मलबे के नीचे पड़ा एक शव।
परिवार खुद मलबा हटाकर तलाश कर रहे
सबसे ज्यादा तबाही ला गुआइरा राज्य में हुई है। यहां कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी बचाव दल बहुत कम पहुंचे हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एक्स्पर्ट्स के मुताबिक, भूकंप के बाद पहले 48 से 72 घंटे मलबे में दबे लोगों को जिंदा निकालने के लिए सबसे अहम होते हैं। ऐसे में हर घंटे के साथ लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।
67 लाख लोग प्रभावित, हजारों बेघर
इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन (IOM) के अनुसार, भूकंप से वेनेजुएला में करीब 67.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें लगभग 20 लाख लोग राजधानी कराकस में रहते हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घर ढह गए हैं। वे खुले आसमान के नीचे या अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
वेनेजुएला में भूकंप के बाद कई सेवाएं बंद

दुनिया के कई देशों से पहुंची राहत टीमें
वेनेजुएला सरकार के अनुसार, अमेरिका, मेक्सिको, कोलंबिया, अल सल्वाडोर, स्विट्जरलैंड समेत कई देशों के 861 बचावकर्मी राहत कार्य में जुटे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी 25 अंतरराष्ट्रीय सर्च एंड रेस्क्यू टीमों के करीब 1000 आपातकर्मी भेजने की घोषणा की है।
रेस्क्यू के लिए भारी मशीनें, दमकलकर्मी और आपातकालीन टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंच रही हैं। अमेरिका ने भी भूकंप राहत कार्य के लिए वेनेजुएला पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में अस्थायी छूट देने का फैसला किया है।
भारत ने भी राहत सामग्री भेजी
भारत ने भूकंप प्रभावित वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना के दो C-17 विमान भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट और 35 टन से ज्यादा राहत सामग्री लेकर वेनेजुएला के लिए रवाना हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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चलती ट्रेन में यात्री चिल्लाया- ‘मुझे सांप ने काट लिया’: जबलपुर पहुंचते ही कोच में की चेकिंग; बोला- सांप था या चूहा, मुझे पता नहीं – Jabalpur News
बचाओ-बचाओ…मुझे सांप ने काट लिया,यहीं-कहीं सीट पर छिपा हुआ है, जल्दी से डाक्टर को बुलाओ, अगर इलाज नहीं मिला तो मर जाऊंगा। चलती ट्रेन में एक यात्री की यह चीख सुनते ही अफरा-तफरी मच गई। यात्री अपनी सीटें छोड़कर दूसरे डिब्बों की ओर भागने लगे। ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक, हेल्थ स्टाफ और सर्प विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घायल यात्री को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे इंजेक्शन लगाया गया। शाम तक उसकी हालत सामान्य हो गई। बाद में उसने बताया कि उसे ठीक से पता नहीं है कि सांप ने काटा था या चूहे ने। मेडिकल जांच सामान्य आने के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुणे-पटना एक्सप्रेस के एस-8 कोच में अफरा-तफरी घटना शुक्रवार को पुणे से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 17610) के स्लीपर कोच एस-8 में हुई। बिहार के सुपौल निवासी 20 वर्षीय विकास कुमार बर्थ नंबर-69 पर सफर कर रहे थे। जब ट्रेन जबलपुर पहुंचने वाली थी, तभी उन्होंने अचानक शोर मचाते हुए कहा कि उन्हें सांप ने काट लिया है। उनकी बात सुनते ही कोच में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और घबराए यात्री दूसरे डिब्बों में चले गए। सीटों के नीचे तक तलाशी, सांप नहीं मिला सूचना मिलते ही जबलपुर स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी, सीएंडडब्ल्यू स्टाफ, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञ ने संयुक्त जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर ट्रेन पहुंचते ही संबंधित कोच की सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी सांप नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। यात्री को सिर्फ पूंछ दिखी, चूहे की आशंका यात्री विकास कुमार ने बताया कि वह बर्थ पर सो रहा था। इसी दौरान उनकी उंगली में किसी जीव ने काट लिया। आंख खुलने पर उन्हें केवल उसकी पूंछ दिखाई दी। लगा कि वह सांप था, इसलिए उन्होंने शोर मचा दिया। उपचार के बाद हालत सामान्य, आगे की यात्रा पर रवाना सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे अधिकारियों ने विकास कुमार को जबलपुर स्टेशन पर उतारकर विक्टोरिया अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और शाम तक उनकी हालत सामान्य हो गई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वह यह निश्चित नहीं बता सकते कि उन्हें सांप ने काटा था या चूहे ने। इसके बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। एस-8 कोच की पूरी तलाशी में नहीं मिला सांप रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञों ने एस-8 कोच की विस्तृत जांच की। सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की तलाशी लेने के बावजूद कहीं भी सांप नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। सर्प विशेषज्ञ बोले- जहरीला सांप होता तो हालत गंभीर होती सर्प विशेषज्ञ ने बताया कि सूचना मिलने पर वह तत्काल रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूरे कोच की जांच की, लेकिन कोई सांप नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि यात्री को जहरीले सांप ने काटा होता तो कुछ ही घंटों में उसकी हालत गंभीर हो जाती। उपचार के बाद शाम तक यात्री पूरी तरह सामान्य था। यात्री नहीं बता सका सांप था या चूहा जीआरपी टीआई संजीवनी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यात्री यह स्पष्ट नहीं बता सका कि उसे सांप ने काटा था या चूहे ने। वह काफी घबराया हुआ था। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई और उसे आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे की अपील- अफवाह से बचें, पहले सूचना दें रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दें, लेकिन बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं। संयम बनाए रखने से अनावश्यक घबराहट और भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
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बंदूक चलाते हुए गाना, कभी सीरियस लुक से हंसाना! इन 7 किरदारों में खूब जंचे पंकज त्रिपाठी
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पंकज त्रिपाठी ने हिंदी सिनेमा में यूं तो कई किरदार निभाए हैं, जिनमें 7 किरादार के कुछ सबसे यादगार और बेहतरीन किरदारों को रेखांकित करता है. इसमें उनके द्वारा निभाए गए ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बेरहम सुल्तान कुरैशी और ‘मिर्जापुर’ के शांत मगर डरावने कालीन भैया जैसे विलेन के किरदारों का जिक्र है. वहीं दूसरी तरफ, ‘स्त्री’ के पैरानॉर्मल एक्सपर्ट रुद्र भैया और ‘लूडो’ के सत्तू भैया के रूप में उनकी कमाल की कॉमिक टाइमिंग को दर्शाया गया है. इसके अलावा, ‘क्रिमिनल जस्टिस’ के हाजिर-जवाब वकील, ‘नील बट्टे सन्नाटा’ के भावुक प्रिंसिपल और ‘मेट्रो इन दिनों’ के मोंटी के रूप में उनकी बहुमुखी एक्टिंग प्रतिभा की तारीफ की गई है.
‘मिर्जापुर’ में पंकज त्रिपाठी बेरहम और भाव-शून्य माफिया डॉन कालीन भैया बने हैं. वे एक डरावने क्रिमिनल मास्टरमाइंड का रोल निभाते हैं. उनका गर्दन झटकाने का खास अंदाज लोगों के बीच बड़ा पॉपुलर हुआ. उन्होंने कालीन भैया को पॉप-कल्चर का एक यादगार किरदार बना दिया.

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में सुल्तान कुरैशी के रोल ने पकंज त्रिपाठी को पॉपुलर बना दिया था. वे एक बेरहम कसाई सुल्तान के रोल से दर्शकों को याद रह गए. उन्होंने इसमें जबरदस्त एक्टिंग की. पकंज का शांत मगर डरावना अंदाज, बिना किसी कोशिश के दिखाई क्रूरता ने विलेन के रोल को एक नई परिभाषा दी. उन्होंने एक ऐसा किरदार बनाया जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. (इमेज: YouTube/Screengrab)

‘स्त्री’ में पकंज त्रिपाठी ने रुद्र भैया का यादगार रोल निभाया है. उनकी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग दर्शकों को खूब भाई. उन्होंने एक अजीबोगरीब, पैरानॉर्मल एक्सपर्ट के रोल में सबका दिल जीत लिया, जो किताबों की दुकान चलाता है. पंकज की गंभीर अंदाज में मजाक करने की कला, मजेदार बॉडी लैंग्वेज और अजीब डायलॉग टाइमिंग ने इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में सबसे मजेदार पल दिए. (इमेज: YouTube/Screengrab)
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‘मेट्रो इन दिनों’ में पंकज त्रिपाठी ने मोंटी का रोल निभाया था. एक्टर ने मॉडर्न रोमांस में शहरी अपनापन और परिपक्वता का रंग भरा. उनके किरदार ने जटिल रिश्तों को एक जमीनी और दार्शनिक नजरिया दिया.

‘क्रिमिनल जस्टिस’ में माधव मिश्रा के रोल में पंकज त्रिपाठी का अलग ही अंदाज देखने को मिला. उन्होंने सीरीज में एक हाजिर-जवाब लॉयर के रोल में इंप्रेस किया जो लगातार स्किन एलर्जी से जूझता रहता है. पंकज त्रिपाठी ने अपनी परफॉर्मेंस से थ्रिलर सीरीज में जान डाल दी. उन्होंने तेज दिमाग और आम इंसान जैसे मजाकिया अंदाज के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया.

‘नील बट्टे सन्नाटा’ के प्रिंसिपल एसएस अहलूवालिया आपको याद हैं? सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल के रोल में पंकज त्रिपाठी ने दिल को छू लेने वाला अंदाज दिखाया. एक्टर के अनोखे तौर-तरीके और स्टूडेंट्स के साथ प्यार भरी बातचीत ने छोटी, लेकिन अहम भूमिकाओं में भी गहराई लाने की जबरदस्त काबिलियत को दिखाया.

‘लूडो’ में पंकज त्रिपाठी ने सत्येंद्र ‘सत्तू’ का रोल निभाया है. वे किस्मत के अजीब खेल में फंसे एक बेरहम, पुराने जमाने के गैंगस्टर के रोल में हैं. उन्होंने डार्क क्राइम में अतरंगी किरदार निभाया है. चाहे बंदूक चलाते हुए पुराने गाने गाना हो या चोटों का इलाज करवाना, उनकी बेतरतीब और मनमौजी एक्टिंग बहुत मजेदार थी.
सब्जी बनाने में लगता है ज्यादा समय, झटपट पनाएं पनीर भुर्जी, खाने वाले चाट जाएंगे उंगलियां
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Quick Paneer Bhurji Recipe: अगर सब्जी बनाने के लिए ज्यादा समय नहीं है, तो पनीर भुर्जी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. प्याज, टमाटर, मसालों और ताजे पनीर से तैयार होने वाली यह रेसिपी कुछ ही मिनटों में बन जाती है. इसे रोटी, पराठे, ब्रेड या पाव के साथ परोसकर स्वादिष्ट और पौष्टिक खाने का आनंद लिया जा सकता है.
आप महज कुछ मिनट में टेस्टी पनीर भुर्जी तैयार कर सकते हैं.
Simple Paneer Bhurji Recipe: सब्जी बनाने में टाइम लगता है और इस वजह से कई लोग झटपट तैयार होने वाली डिशेज की तलाश में रहते हैं. रोज-रोज एक जैसी सब्जियां बनाते-बनाते अगर आप बोर हो गए हैं और झटपट कुछ बनाना चाहते हैं, तो पनीर भुर्जी एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. यह रेसिपी कम समय में तैयार हो जाती है और स्वाद में भी किसी रेस्टोरेंट डिश से कम नहीं लगती. नरम पनीर, प्याज, टमाटर और मसालों का शानदार मेल इसे हर उम्र के लोगों की पसंद बना देता है. इसे रोटी, पराठा, ब्रेड या पाव के साथ भी परोसा जा सकता है. इसे बनाने में सिर्फ 10 मिनट का वक्त लगता है.
पनीर भुर्जी बनाने के लिए सामग्री
कद्दूकस या हाथ से मैश किया हुआ 250 ग्राम पनीर, बारीक कटा हुआ 1 बड़ा प्याज, बारीक कटे हुए 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, आधा छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच गरम मसाला, स्वादानुसार नमक, 2 बड़े चम्मच तेल या घी और बारीक कटा हरा धनिया. इन सभी चीजों से आप झटपट पनीर भुर्जी तैयार कर सकते हैं.
पनीर भुर्जी बनाने की आसान विधि
सबसे पहले एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें. इसमें बारीक कटा प्याज डालकर सुनहरा होने तक भून लें. अब अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर एक मिनट तक पकाएं. इसके बाद कटे हुए टमाटर डालें और उन्हें अच्छी तरह गलने दें. अब हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक डालकर मसालों को 2 से 3 मिनट तक भूनें.
जब मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें मैश किया हुआ पनीर डालें और अच्छी तरह मिला दें. धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट तक पकाएं. आखिर में गरम मसाला और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें. अगर आप रेस्टोरेंट जैसा स्वाद चाहते हैं, तो आखिर में थोड़ा-सा मक्खन डाल सकते हैं. इसके अलावा आधा छोटा चम्मच कसूरी मेथी हथेलियों के बीच मसलकर डालने से पनीर भुर्जी की खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं.
गरमा-गरम पनीर भुर्जी को रोटी, पराठा, नान, ब्रेड, पाव या टोस्ट के साथ परोसा जा सकता है. इसे सैंडविच या रैप की फिलिंग के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. पनीर भुर्जी कम समय में बनने वाली ऐसी रेसिपी है, जो स्वाद और पोषण दोनों का अच्छा मेल है. पनीर प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है, इसलिए यह डिश बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
2 बाइक की भिड़ंत में युवक की मौत: सीतामढ़ी में मुहर्रम पर ताजिया देखने जा रहा था – Sitamarhi News
सीतामढ़ी जिले के परिहार प्रखंड के बेतहा पंचायत क्षेत्र में मुहर्रम के अवसर पर एक सड़क हादसा हुआ। नसार बाजार के पास सिसवा गांव स्थित पत्थर मशीन के समीप दो बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान परिहार थाना क्षेत्र के बेटा गांव निवासी मोहम्मद मस्लाउद्दीन के 20 वर्षीय पुत्र वाजिद अली के रूप में हुई है। वाजिद अली के साथ बाइक पर सवार 20 वर्षीय मोहम्मद हुसैन भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज जारी प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरी बाइक पर सवार लोग भी इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है और उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वाजिद अली अपने पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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RTO ई-चालान, 18 बैंक की फर्जी फाइलों से करोड़ों ठगे: जामताड़ा गैंग के 3 गिरफ्तार, सूरत से 2 और मुख्य आरोपी बंगाल में ट्रेन से पकड़ाया – Gujarat News
आरटीओ ई-चालान तथा 18 बैंकों की फर्जी एपीके फाइलें बनाकर देशभर में लाखों लोगों से करोड़ों रुपए ठगने वाले जामताड़ा गैंग के 3 सदस्यों को अहमदाबाद साइबर क्राइम टीम ने गिरफ्तार किया है। इनमें से एक एपीके फाइल बनाने वाला 10वीं फेल डेवलपर है, जबकि 5वीं और 8वीं फेल 2 आरोपी एपीके फाइलों की मार्केटिंग कर कमीशन पर बेचते थे। 10 महीनों से चल रहे इस घोटाले में आरोपी हर महीने 400 एपीके फाइलें बनाकर बेचने पर ₹40-50 लाख कमाता था। एपीके फाइल डेवलपर की गिरफ्तारी का यह अहमदाबाद का पहला मामला है। साबरमती गैस लि. के फर्जी बिल से ₹6.68 लाख उड़ाए हांसोट निवासी नरेश सेनानी को ‘साबरमती गैस का बिल अपडेट’ एपीके फाइल भेजकर ₹6.68 लाख ठगे। आरोपियों ने सूरत के एटीएम से पैसे निकाले, इसकी जानकारी पर साइबर क्राइम टीम ने सूरत से विकास दास (33 वर्ष) और सीताराम मंडल (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वे ~3000 कमीशन लेकर एपीके फाइलें बेचते थे, जो जामताड़ा का पूर्णानंद तिवारी (28 वर्ष) बनाकर बेचने को देता था। पुलिस ने पूर्णानंद को पश्चिम बंगाल के किशनगढ़ में चलती ट्रेन से गिरफ्तार किया। APK डेवलपर गिरफ्तारी का अहमदाबाद में पहला मामला एपीके फाइल डाउनलोड करते ही पूरा मोबाइल फोन हैक हो जाता है और उसका एक्सेस साइबर ठगों के पास पहुंच जाता है। इसके बाद फोन के कॉन्टैक्ट्स, मैसेंजर, व्हाट्सऐप, गैलरी और सभी ऐप्स का एक्सेस हैकर के पास पहुंच जाता है। फिर वे फोन में मौजूद बैंकिंग जानकारी के आधार पर कुछ ही मिनटों में खाते को खाली कर देते हैं।
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दादा के हाथ से पोते को खींच ले गई शेरनी: दादा की उंगली पकड़कर दूध लेने जा रहा था बच्चा, 1 किमी दूर मिला शव – Gujarat News
अमरेली जिले में खांभा तालुका के चतुरी गांव में रात को शेरनी ने 5 साल के बच्चे को दादा के हाथों से झपटकर मौत के घाट उतार दिया। अमरेली में एक महीने में शेर के हमले की तीसरी घटना हुई। 5 वर्षीय जियान देवकुंभाई सीधा रात में दादा की उंगली पकड़कर दूध लेने जा रहा था, तभी अंधेरे में अचानक शेरनी ने हमला किया। दादा कुछ समझते इससे पहले शेरनी बच्चे को खींचकर जंगल में ले भागी। दादा की चीखें और बच्चे की पुकार से ग्रामीण लाठियां लेकर दौड़े और खोजबीन की। मृतक के मामा के अनुसार, 2-3 युवकों ने बच्चे को शेरनी के चंगुल से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। करीब 1 किमी दूर पोते का लहूलुहान शव मिला। वन विभाग ने सुबह तक मेगा ऑपरेशन चलाया तो शेर की उल्टी में बच्चे के अवशेष मिले, जो जांच के लिए भेजे हैं। 9 घंटे ऑपरेशनः 5 शेर पिंजरे में वन विभाग ने 9 घंटे मेगा ऑपरेशन में 1 शेरनी को ट्रैंक्विलाइज करके कुल 5 शेरों को वन विभाग की टीमों ने रेस्क्यू कर पिंजरे में बंद किया। 10 दिन पहले युवक को शेर ने खा लिया था 10 दिन पहले अमरेली में उत्तराखंड के एक युवक को गुजरात में शेर ने अपना शिकार बना लिया था। स्थानीय लोगों और वन विभाग को मौके से आधा खाया हुआ सिर और पसलियों के टुकड़े मिले थे, जिनके आधार पर युवक की पहचान की गई। युवक पिथौरागढ़ का रहने वाला था और गुजरात के अमरेली जिले में एक होटल में काम करता था। देर रात प्रकाश चंद्र अपने घर जाने के लिए होटल से निकला था। इसी दौरान कोवाया गांव के पास अंधेरे में घात लगाए बैठे शेर ने उस पर अचानक जानलेवा हमला कर दिया और उसे घसीटकर झाड़ियों में ले गया। शेर ने उसका सिर धड़ से अलग कर दिया और शरीर को बुरी तरह नोच डाला था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… युवक के शिकार के बाद का वीडियो: रिकॉर्ड करने वाले को नहीं पता था कि शेर ने इंसान का शिकार किया अमरेली में 15 जून की रात एक शेर ने उत्तराखंड के एक युवक को अपना शिकार बना लिया था। वीडियो में शिकार के बाद शेर उसे खाता हुआ नजर आ रहा है। हालांकि, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया में अपलोड करने वाले शख्स को यह नहीं पता था कि शेर ने किसी जानवर का नहीं बल्कि एक इंसान का शिकार किया है। पूरी खबर पढ़ें…
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बुलंदशहर के खुर्जा में निकला मोहर्रम का जुलूस: अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन को याद किया, सुरक्षा के कड़े इंतजाम – Bulandshahar News
बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में शुक्रवार शाम 6 बजे मोहर्रम का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पूरी अकीदत, शांति और कड़े सुरक्षा घेरे के बीच आयोजित किया गया। जुलूस इमामबाड़े से शुरू होकर शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न गलियों से होता हुआ निर्धारित मार्ग से कर्बला की ओर बढ़ा। इसमें शामिल अकीदतमंदों ने कानूनी दायरे और मर्यादा का पालन करते हुए अलम ध्वज और प्रतीकात्मक ताजिये उठाए। इस दौरान, अनुयायियों ने धार्मिक नारों के साथ कर्बला के शहीदों और हजरत इमाम हुसैन की शहादत को नम आंखों से याद किया। माहौल भक्तिमय बना रहा। जुलूस के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए थे, जिसमें जुलूस के रूट पर आगे और पीछे भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जुलूस के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी गई। सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी भीड़ में तैनात रहे, ताकि किसी भी अफवाह या गड़बड़ी से तुरंत निपटा जा सके।
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