Monday, May 11, 2026
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ट्रैफिक पुलिसकर्मी को बोनट पर घसीटने वाला आरोपी गिरफ्तार: अयोध्या से दबोचा गया कार चालक – Lucknow News




लखनऊ के चिनहट इलाके में ट्रैफिक पुलिसकर्मी को कार के बोनट पर लटकाकर घसीटने के मामले में पुलिस ने आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान अयोध्या निवासी सत्यम वर्मा (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे अयोध्या-लखनऊ मार्ग स्थित जगनपुर ईदगाह के पास से पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपी सत्यम वर्मा पुत्र फूलचंद्र वर्मा, ग्राम शिवदासपुर थाना पूरा कलंदर जिला अयोध्या का रहने वाला है। घटना के समय वह KIA Carens कार संख्या UP32PC4498 चला रहा था। आरोपी के खिलाफ चिनहट थाने में सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मी की जान लेने की कोशिश समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान बोनट पर लटकाकर घसीटा जानकारी के अनुसार रविवार को यातायात पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी गौरव बंसल ने तहरीर देकर बताया कि चेकिंग के दौरान आरोपी चालक ने कार से टक्कर मारने की कोशिश की। बचने के प्रयास में आरक्षी कार के बोनट पर आ गए, जिसके बाद चालक उन्हें काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मामले में चिनहट थाने में मुकदमा संख्या 245/26 धारा 121(1) और 109(1) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया। सर्विलांस की मदद से हुई गिरफ्तारी घटना का संज्ञान लेते ही पुलिस अधिकारियों ने कई टीमों का गठन किया। उच्चाधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और सर्विलांस व स्थानीय इनपुट के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की गई। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी चालक को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया। इंस्पेक्टर चिनहट ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।



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पटना में मदर्स-डे पर 24 माओं का सम्मान: 14 सुपर-10 सिंगल मॉम्स को अवॉर्ड मिला, जानिए उनके संघर्ष की कहानी – Patna News




पटना में मदर्स डे के अवसर पर रविवार को एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जन भारत शिक्षा स्माइल फाउंडेशन और जेबी एचआर इनोवेशन्स सर्विसेज द्वारा सैफायर हॉल में सिंगल मदर्स और सुपर मॉम्स को सम्मानित किया गया। इन माताओं को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया गया। यह सम्मान उन सिंगल मदर्स को दिया गया, जिन्होंने अपने साहस, संघर्ष और आत्मबल से परिवार का पालन-पोषण किया। उन्होंने अपने निस्वार्थ प्रेम से समाज में प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस अवसर पर उनके त्याग और संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा को याद किया गया। जन भारत शिक्षा स्माइल फाउंडेशन की निदेशक डॉ. जूली बनर्जी ने बताया कि समारोह में कुल 24 सुपर मॉम्स और सिंगल मदर्स को सम्मानित किया गया। जिनमें 14 सुपर मॉस्स और 10 सिंगल मॉस्स को सम्मानित किया गया। उन्हें उनके उत्कृष्ट योगदान, समर्पण और उपलब्धियों के लिए मंच पर पहचान मिली। इन माताओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी बच्चों की देखभाल कर उन्हें सही राह दिखाई। कार्यक्रम में मेयर सीता साहू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उनके साथ दो विशिष्ट अतिथि भी समारोह में शामिल हुए। मेयर सीता साहू ने महिलाओं के बेहतर कार्यों की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया। सम्मान समारोह के दौरान रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न मनोरंजन कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों ने इन कार्यक्रमों का आनंद लिया।



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मुस्लिम युवक के मुंह पर गोबर-स्याही पोती, VIDEO: भोपाल में होटल में हिंदू लड़की के साथ ठहरा था; बजरंग दल ने अर्धनग्न कर घसीटा और पीटा – Bhopal News




भोपाल के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में रविवार शाम 6 बजे कथित ‘लव जिहाद’ के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हो गया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने एक होटल में ठहरे युवक-युवती को पकड़ लिया और मुस्लिम युवक के साथ मारपीट कर दी। कार्यकर्ताओं ने युवक के चेहरे पर कालिख और गोबर पोत दिया, उसे अर्धनग्न कर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि युवती ने पुलिस के सामने किसी प्रकार के दुराचार या जबरदस्ती से साफ इनकार किया है। मामला गौतम नगर स्थित होटल प्राइड इन का है। जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठनों को सूचना मिली थी कि होटल में एक युवक और युवती ठहरे हुए हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में बजरंग दल कार्यकर्ता होटल पहुंच गए और दोनों को कमरे से बाहर निकाल लिया। युवक की पहचान जहांगीराबाद निवासी 27 वर्षीय आरिफ खान पिता खलील मोहम्मद के रूप में हुई है, जबकि युवती अयोध्यानगर क्षेत्र की रहने वाली बताई गई है। हिंदू संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने मामले को ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान युवक के साथ जमकर मारपीट की गई। सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक-युवती को सुरक्षा में लेकर थाने पहुंचाया। पुलिस पूछताछ में युवती ने बताया कि वह पिछले करीब पांच वर्षों से आरिफ के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है और वह उसके खिलाफ किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहती। युवती ने यह भी कहा कि उसके साथ कोई जबरदस्ती या गलत व्यवहार नहीं हुआ है। हिस्ट्रीशीटर बदमाश निकला आसिफ पुलिस जांच में सामने आया कि आरिफ खान का आपराधिक रिकॉर्ड भी है। उसके खिलाफ कोहेफिजा, हनुमानगंज, गुनगा और गोविंदपुरा थानों में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और चोरी समेत आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार वह हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था और कुछ अन्य मामलों में भी उसकी तलाश की जा रही है।



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चटपटी हरी मिर्च का अचार, ऐसा स्वाद जो दाल-भात और पराठे का मज़ा दोगुना कर दे!


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घर के खाने को और भी चटपटा बनाने के लिए हरी मिर्च का अचार एक बेहतरीन विकल्प है. ताजी हरी मिर्च में राई, सौंफ, मेथी और मसालों का स्वाद भरकर तैयार किया गया यह अचार दाल-भात, पराठे और खिचड़ी के साथ खाने का मज़ा बढ़ा देता है. सही तरीके और थोड़ी सी धूप में तैयार किया गया यह अचार लंबे समय तक स्वाद और ताजगी बनाए रखता है.

सुल्तानपुर. भारत में अचार खाने की एक बेहतरीन परंपरा रही है. लोग आम का अचार, कटहल का अचार और हरी मिर्च का अचार भोजन के साथ खाना पसंद करते हैं. इसके साथी जो लोग चटपटा खाने के शौकीन हैं वह लोग दाल भात , पराठा , और खिचड़ी के साथ हरी मिर्च का अचार खाना खूब पसंद करते हैं. लेकिन बहुत लोगों को हरी मिर्च का अचार बनाने की सही विधि नहीं मालूम होती है, जिसकी वजह से वह लोग हरी मिर्च के अचार का स्वाद सही नहीं ले पाते हैं. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि अपने घर पर आप हरी मिर्च का अचार कैसे बनाएं.

इन सामग्रियों का करें प्रयोग
अचार बनाने वाली एक्सपर्ट सविता श्रीवास्तव लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताती है कि हरी मिर्च का अचार बनाना घर पर काफी आसान है. इसके लिए हमें कुछ सामग्रियों का इंतजाम करना होगा. इन सामग्रियों में हरी मिर्च, राई,सौंफ, मेथी, नमक और थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर का इस्तेमाल करना चाहिए. हरी मिर्च का अचार बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और मोटी हरी मिर्च लेंना चाहिए. मिर्च को अच्छी तरह धोकर सूखे कपड़े से पोंछ लें ताकि पानी बिल्कुल न रहे. अब मिर्च के बीच में हल्का चीरा लगाएं. चीरा लगाने के बाद इन सब मसाले के मिश्रण को हरी मिर्च के अंदर भर देना चाहिए.

बढ़ा सकते हैं स्वाद
सविता आगे बताती हैं कि अगर आपको हरी मिर्च के अचार का स्वाद बढ़ाना है तो इसमें अचार में हल्का गुनगुना करके सरसों का तेल डाल सकते हैं. इसके साथ ही अगर इसमें नींबू के रस को डाल दिया जाए, तो इसका स्वाद और अधिक बढ़ जाता है. इसके बाद अचार को साफ कांच के जार में भरकर 2 से 3 दिन धूप में रख देना चाहिए. धीरे-धीरे मसालों का स्वाद मिर्च में उतर जाएगा और अचार खाने के लिए तैयार हो जाएगा.

इस तरह रखे सुरक्षित
अगर आप हरी मिर्च के अचार को लंबे समय तक सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इसके लिए कुछ सावधानियां बरतनी होगी. सबसे पहले आप हरी मिर्च के अचार को ऐसे जार में रखें जो कांच का हो और जब भी आप ढक्कन बंद करें तो और टाइट करके ही बंद करें. इसके साथ ही आप इस महीने में एक बार कुछ देर के लिए धूप में भी रख सकते हैं या तरीका अचार को सुरक्षित और लंबे समय तक रख सकता है.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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राष्ट्र की हुंकार को कोई नहीं रोक सकता, तेलंगाना में गरजे PM मोदी, TMC-कांग्रेस को घेरा


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राष्ट्र की हुंकार को कोई नहीं रोक सकता, TMC-कांग्रेस पर बरसे PM मोदी

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पीएम मोदी ने कहा कि देश में हर साल चुनाव होते हैं. हार और जीत लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है. लेकिन बंगाल की जीत की चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है. बंगाल के लोगों ने राजनीति के भयावह मॉडल को हरा दिया है. लोग अब तानाशाही से आजाद होकर खुली सांस ले रहे हैं.

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पीएम मोदी ने तेलंगाना में कांग्रेस पर हमला बोला.

हैदराबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस तरह से पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जीत हासिल की है, मुझे तेलंगाना में हर कोई एक ही बात कह रहा है, अबकी बार तेलंगाना में भी भाजपा सरकार. पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 75 साल बाद असम में भाजपा सरकार की हैट्रिक लगी है, और पुडुचेरी में भी भाजपा-एनडीए सरकार दोबारा वापस आई है. भाजपा की ऐसी जीत के बाद मैं तेलंगाना के लोगों की भावनाएं भी देख रहा हूं. तेलंगाना में हर कोई एक ही बात कह रहा है, अबकी बार तेलंगाना में भी भाजपा सरकार, मोदी सरकार.

उन्होंने कहा कि 9 मई को मैं बंगाल में था. वहां पहली बार भाजपा के सीएम ने शपथ ली है. पहली बार बंगाल में प्रचंड बहुमत से भाजपा सरकार बनी है, और मैं देख रहा हूं कि जो ये ऐतिहासिक विजय है, उसका उत्साह यहां तेलंगाना में भी दिख रहा है. यहां भाजपा का हर कार्यकर्ता जोश से भरा हुआ है. आज देश के कोने-कोने में भाजपा पर जनता का आशीर्वाद निरंतर बढ़ रहा है. देश के लोग बार-बार भाजपा के विकास मॉडल पर अपनी मुहर लगा रहे हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत में हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होता है, कोई हारता है तो कोई जीतता है. लोकतंत्र में यह स्वाभाविक है, लोकतंत्र का यह अनिवार्य हिस्सा है. लेकिन, बंगाल में भाजपा की विजय का जितना उत्सव देश में है, जितनी चर्चा दुनियाभर में हो रही है, वैसी चर्चा पहले किसी जीत पर नहीं हुई थी. इसका कारण यह है कि बंगाल में सिर्फ राजनीतिक दलों की हार-जीत नहीं हुई है, वहां एक ऐसी राजनीति को लोगों ने पराजित किया है, जिसने एक तरह से बंगाल की जनता को गुलामी की बेड़ियों में जकड़े रखा था.

पीएम ने आगे कहा कि इस देश में कांग्रेस ने भ्रष्टाचार को बढ़ाया, परिवारवाद को बढ़ाया, और संवैधानिक संस्थाओं का गला घोंटने का काम किया. जब टीएमसी बनी तो उसने कांग्रेस से सारी बुराइयां सीख लीं, साथ ही लेफ्ट की बुरी आदतें भी अपना ली. टीएमसी ने भारत की राजनीति का सबसे तिरस्कृत खतरनाक मॉडल विकसित किया. टीएमसी ने इस तानाशाही मॉडल में बंगाल को बेड़ियों से जकड़ दिया था. अभी बंगाल की जनता ने राजनीति के ऐसे भयावह तानाशाही मॉडल को पराजित किया है, इसीलिए पूरे देश में उत्सव है. ऐसा लग रहा है कि जैसे बंगाल के लोग वर्षों के बाद अब खुले में सांस ले रहे हैं. एक समय था, दक्षिण से पूर्वोत्तर तक भाजपा को हाशिये की पार्टी माना जाता था, लेकिन आज भारत का जनमानस बता रहा है कि विचार अगर राष्ट्र के लिए हो तो उसकी हुंकार को कोई सीमा रोक नहीं पाती है.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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उर्मिला मातोंडकर का हीरो, सनी देओल-मिथुन चक्रवर्ती संग कर चुका काम


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फिल्म इंडस्ट्री में हर कलाकार का सफर आसान नहीं होता. कई सितारे ऐसे भी रहे हैं, जिन्होंने फिल्मों में अच्छी शुरुआत की, लेकिन वक्त के साथ काम कम होता गया. 90 के दशक के एक्टर रवि बहल की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही.

नई दिल्ली. रवि बहल का जन्म 10 मई 1966 को मुंबई में हुआ था. वह फिल्मी परिवार से आते हैं. उनके पिता श्याम बहल जाने-माने फिल्म निर्माता थे. बचपन से ही फिल्मों का माहौल मिलने की वजह से रवि का रुझान भी एक्टिंग की तरफ हो गया था.

उन्होंने साल 1980 में फिल्म मोर्चा से अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद 1984 में वह इंतिहा में नजर आए. धीरे-धीरे उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनानी शुरू कर दी.

रवि बहल को सबसे ज्यादा पहचान फिल्म नरसिम्हा से मिली. इस फिल्म में सनी देओल और उर्मिला मातोंडकर लीड रोल में थे. फिल्म का गाना हमसे तुम दोस्ती कर लो उस दौर में काफी हिट हुआ था. इस गाने में रवि बहल के स्टाइल, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने खूब पसंद किया.

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इसके बाद उन्होंने दलाल, अग्नि साक्षी और गुलाम-ए-मुस्तफा जैसी फिल्मों में काम किया. रवि बहल ने मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ, नाना पाटेकर और रवीना टंडन जैसे कई बड़े सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की.

हालांकि कई फिल्मों में नजर आने के बावजूद रवि बहल को वह स्टारडम नहीं मिल पाया, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. धीरे-धीरे फिल्मों में उनके मौके कम होने लगे और उन्हें छोटे रोल मिलने लगे.

करियर के इस मुश्किल दौर में रवि बहल काफी परेशान रहने लगे. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने एक्टिंग छोड़ने तक का मन बना लिया था. इतना ही नहीं, वह कपड़ों का बिजनेस शुरू करने के बारे में भी सोचने लगे थे.

उन्हें लगने लगा था कि शायद अब फिल्मों में उनके लिए ज्यादा मौके नहीं बचे हैं. लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था.साल 1996 में उनकी मुलाकात जावेद जाफरी से हुई. इसके बाद दोनों ने मिलकर टीवी शो बूगी वूगी शुरू किया. यह शो देखते ही देखते भारतीय टेलीविजन का सबसे पॉपुलर डांस शो बन गया.

बूगी वूगी में रवि बहल का मजाकिया अंदाज, डांस और होस्टिंग दर्शकों को काफी पसंद आई. इसी शो ने उन्हें दोबारा पहचान दिलाई और आर्थिक तौर पर भी मजबूत बनाया. एक समय था जब रवि बहल फिल्मों को छोड़ने की सोच रहे थे, लेकिन टीवी ने उनकी किस्मत बदल दी. लंबे समय बाद उन्होंने वेब सीरीज द नाइट मैनेजर से वापसी की, जहां उनके काम को काफी सराहा गया.

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लेटकर थूकने से वही थूक अपने चेहरे पर गिरेगा, केरल CM की कुर्सी पर कांग्रेस में खींचतान


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लेटकर थूकने से थूक अपने चेहरे पर गिरेगा,केरल CM की कुर्सी पर कांग्रेस में बवाल

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KC Joseph

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केरल में सीएम के नाम पर कांग्रेस की बैठक लगातार चल रही है. (फाइल फोटो)

कोट्टायम (केरल). कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. जोसेफ ने शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री पद को लेकर पार्टी समर्थकों के बीच सार्वजनिक रूप से हो रही खींचतान की आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि आंतरिक मामलों को सड़कों पर ले जाने के खतरनाक परिणाम हो सकते हैं. वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार कांग्रेस नेताओं वी.डी. सतीशन, के.सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के समर्थकों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों व लगाए गए फ्लेक्स बोर्डों और पोस्टरों का जिक्र कर रहे थे.

जोसेफ 39 वर्षों तक कांग्रेस के विधायक रहे, उन्होंने कन्नूर के इरिकुर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और ओमान चांडी के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया था. फेसबुक पोस्ट में जोसेफ ने कहा कि वह खामोश हैं क्योंकि ‘चुप रहना बेहतर है’. उन्होंने कहा कि सभी को यह समझना चाहिए कि कांग्रेस के आंतरिक मामलों को लेकर सड़कों पर उतरना खतरनाक परिणाम पैदा करेगा.

जोसेफ ने यह भी कहा कि ‘लेटकर थूकने से वही थूक अपने चेहरे पर गिरेगा’. उनके अनुसार, इस तरह के सार्वजनिक मतभेद अंततः पार्टी को ही नुकसान पहुंचाएंगे. उन्होंने तिरुवनंतपुरम में आयोजित विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना करते हुए कहा कि इनसे पार्टी के कई समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी की तस्वीर को कथित तौर पर जानबूझकर या अनजाने में फाड़ दिया गया था.

उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘यह किसी के लिए भी अच्छा नहीं है. जलती हुई लकड़ी से सिर खुजलाने की कोशिश करना विनाशकारी होगा.’ केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 63 सीटें जीतीं, जबकि उसके नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) गठबंधन ने दक्षिणी राज्य में वापसी करते हुए 102 सीटें जीतीं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें



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किम जोंग की हत्या हुई तो नॉर्थ-कोरिया न्यूक्लियर अटैक करेगा: संविधान में नया प्रावधान जोड़ा, हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर की मौत के बाद फैसला


प्योंगयांग3 घंटे पहले

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किम जोंग-उन इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के लॉन्च का निरीक्षण करते हुए। फाइल फोटो।

उत्तर कोरिया ने अपने संविधान और परमाणु नीति में बड़ा बदलाव करते हुए नया प्रावधान जोड़ा है। अब अगर देश के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन की हत्या हो जाती है या किसी विदेशी हमले के दौरान वे लीडरशिप करने की हालात में नहीं रहते, तो उत्तर कोरिया तुरंत परमाणु हमला करेगा।

ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बदलाव मार्च में तेहरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद किया गया। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और कई सीनियर ईरानी अधिकारियों की मौत हो गई थी।

दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी के मुताबिक, इन हमलों ने प्योंगयांग को सोचने पर मजबूर कर दिया और उत्तर कोरिया को डर सताने लगा कि भविष्य में ऐसा ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ यानी टॉप लीडरशिप को खत्म करने वाला हमला उसके खिलाफ भी हो सकता है।

यह नया प्रावधान 22 मार्च को प्योंगयांग में शुरू हुए 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली के पहले सत्र के दौरान अपनाया गया। बाद में दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने सीनियर सरकारी अधिकारियों को इस बदलाव की जानकारी दी।

नॉर्थ कोरिया की 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली (संसदीय सत्र) के दौरान देश के संविधान में बदलाव किया गया।

नॉर्थ कोरिया की 15वीं सुप्रीम पीपुल्स असेंबली (संसदीय सत्र) के दौरान देश के संविधान में बदलाव किया गया।

क्यों बदली गई उत्तर कोरिया की परमाणु नीति?

डिफेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान पर हुए हमलों ने उत्तर कोरिया की लीडरशिप को झकझोर दिया। हमलों की तेजी और सटीकता देखकर प्योंगयांग को लगा कि विदेशी शक्तियां किम जोंग-उन और उत्तर कोरियाई मिलिट्री लीडरशिप के खिलाफ भी इसी तरह का ऑपरेशन कर सकती हैं।

सियोल स्थित कूकमिन यूनिवर्सिटी में इतिहास और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर आंद्रेई लांकोव ने मीडिया से कहा कि ईरान पर हुआ ऑपरेशन उत्तर कोरिया के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत बन गया।

लांकोव ने कहा कि ईरान एक वेक-अप कॉल था। उत्तर कोरिया ने देखा कि अमेरिका और इजराइल के डिकैपिटेशन हमले कितने प्रभावी थे, जिन्होंने तुरंत ईरानी लीडरशिप के बड़े हिस्से को खत्म कर दिया। अब उत्तर कोरिया बेहद डरा हुआ होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि संभव है ऐसी नीति पहले अनौपचारिक रूप से मौजूद रही हो, लेकिन अब इसे संविधान का हिस्सा बना दिया गया है, इसलिए इसका महत्व बढ़ गया है।

तेहरान में 28 फरवरी को ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफ्तर पर हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।

तेहरान में 28 फरवरी को ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के दफ्तर पर हमला किया गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी।

उत्तर कोरिया में हमला करना मुश्किल

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ईरान के मुकाबले उत्तर कोरिया में ऐसा हमला करना कहीं ज्यादा मुश्किल होगा। उत्तर कोरिया दुनिया के सबसे बंद देशों में से एक है। वहां विदेशी डिप्लोमैट्स, सहायता कर्मियों और कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है, जिससे खुफिया जानकारी जुटाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

लोकल ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली खुफिया एजेंसियों ने ईरानी नेताओं पर नजर रखने के लिए हैक किए गए ट्रैफिक कैमरों और डिजिटल सर्विलांस सिस्टम का इस्तेमाल किया था।

हालांकि प्योंगयांग में ऐसा करना बहुत कठिन होगा, क्योंकि उत्तर कोरिया में CCTV नेटवर्क सीमित है और वहां इंटरनेट सिस्टम पर सरकार का कड़ा कंट्रोल है।

किम जोंग-उन अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी बेहद सख्त माने जाते हैं। वे आमतौर पर भारी हथियारों से लैस बॉडीगार्ड्स के बड़े ग्रुप के साथ यात्रा करते हैं और हवाई यात्रा से बचते हैं। इसके बजाय वे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दौरों के लिए बख्तरबंद ट्रेन का इस्तेमाल करते हैं।

फुटेज अप्रैल 2019 की है। उस समय भी किम जोंग ट्रेन से ही रूस दौरे पर गए थे। (क्रेडिट-ग्लोबल टाइम्स)

फुटेज अप्रैल 2019 की है। उस समय भी किम जोंग ट्रेन से ही रूस दौरे पर गए थे। (क्रेडिट-ग्लोबल टाइम्स)

उत्तर कोरिया को सैटेलाइट ट्रैकिंग तकनीक से डर

प्रोफेसर लांकोव ने कहा कि उत्तर कोरिया अब पारंपरिक जासूसी से ज्यादा सैटेलाइट ट्रैकिंग तकनीक से डरता है।

उन्होंने कहा-

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उनका (किम जोंग) सबसे बड़ा डर सैटेलाइट तकनीक से मिलने वाली जानकारी है। उनकी चिंता गलत भी नहीं है, क्योंकि किसी भी संघर्ष की शुरुआत में लीडरशिप को खत्म करना निर्णायक साबित हो सकता है।

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लांकोव के मुताबिक, अगर किम जोंग-उन पर हमला होता है तो उत्तर कोरिया की मिलिट्री लीडरशिप परमाणु जवाबी कार्रवाई के आदेश का पालन करेगी, क्योंकि वहां के अधिकारी किसी भी विदेशी हमले को देश के अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं।

उन्होंने कहा-

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मुझे दक्षिण कोरिया की तरफ से ऐसे किसी हमले की संभावना नहीं दिखती, इसलिए किसी भी जवाबी कार्रवाई का निशाना अमेरिका होगा।

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उत्तर कोरिया और कौन से सैन्य कदम उठा रहा है?

उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर दबाव बढ़ाते हुए बॉर्डर के पास लॉन्ग रेंज की आर्टिलरी सिस्टम तैनात करने की योजना भी घोषित की है।

सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के मुताबिक, किम जोंग-उन ने हाल ही में एक हथियार फैक्ट्री का दौरा किया और वहां “नई प्रकार की 155 मिलीमीटर सेल्फ-प्रोपेल्ड गन-हाउइट्जर” के प्रोडक्शन का निरीक्षण किया।

यह नया आर्टिलरी सिस्टम 60 किमी से ज्यादा दूरी तक हमला कर सकती है और इसे इसी साल दक्षिण कोरिया सीमा के पास तैनात किया जाएगा। इससे राजधानी सियोल सीधे हमले की जद में आ सकती है।

KCNA ने किम जोंग-उन के हवाले से कहा कि नया हाउइट्जर सिस्टम हमारी सेना के जमीनी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण बदलाव और बढ़त देगा।

हाल के सालों में उत्तर और दक्षिण कोरिया के संबंध लगातार खराब हुए हैं, जबकि सियोल की तरफ से कई बार शांति प्रयास किए गए। अब उत्तर कोरिया खुलकर दक्षिण कोरिया को अपना मुख्य दुश्मन बताने लगा है और उसने अपने संविधान से कोरियाई एकीकरण से जुड़े संदर्भ भी हटा दिए हैं।

उत्तर और दक्षिण कोरिया तकनीकी रूप से अब भी युद्ध की स्थिति में हैं, क्योंकि 1950-1953 का कोरियाई युद्ध केवल युद्धविराम समझौते के साथ खत्म हुआ था, किसी औपचारिक शांति संधि के साथ नहीं।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का दौरा करते हुए। यह तस्वीर 8 मई 2026 को उत्तर कोरियाई सरकार ने जारी की।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन हथियार बनाने वाली फैक्ट्री का दौरा करते हुए। यह तस्वीर 8 मई 2026 को उत्तर कोरियाई सरकार ने जारी की।

नॉर्थ कोरिया के पास अमेरिका तक पहुंचने वाली मिसाइलें हैं

फिलहाल नॉर्थ कोरिया के पास कुल कितनी मिसाइलें हैं, इसका सटीक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है। लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुमान के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के पास सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जिनमें शॉर्ट रेंज, मीडियम रेंज और और लंबी दूरी (ICBM) की मिसाइलें शामिल हैं।

ICBM यानी लंबी दूरी की मिसाइलें ऐसी हैं, जो अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। नॉर्थ कोरिया ने ह्वासोंग-15, ह्वासोंग-17 और ह्वासोंग-18 जैसी मिसाइलों की टेस्टिंग की है। इन मिसाइलों की रेंज लगभग 10,000 से 15,000 किलोमीटर तक मानी जाती है।

इसका मतलब है कि ये अमेरिका के बड़े हिस्से तक पहुंच सकती हैं। कुछ रिपोर्ट्स यह भी मानती हैं कि नॉर्थ कोरिया के पास करीब 50–100 के आसपास परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मिसाइलें हो सकती हैं, लेकिन यह पक्का आंकड़ा नहीं है।

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नॉर्थ कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन ने देश के पास परमाणु हथियार होने को लेकर खुशी जताई है। सरकारी मीडिया के मुताबिक उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर किए गए हमले साबित करते हैं, कि उनके देश का परमाणु हथियार रखने का फैसला सही था। पढ़ें पूरी खबर…

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1991 की कल्ट फिल्म, जिसके गाने की 2 साल पहले ब्लॉकबस्टर में सुनाई गई थी धुन


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यशराज फिल्म्स की बेहतरीन फिल्मों की जब भी बात होती है, साल 1991 में आई फिल्म ‘लम्हे’ का जिक्र जरूर होता है. फिल्म में श्रीदेवी और अनिल कपूर लीड रोल में नजर आए थे. इस फिल्म के गाने की धुन पहले ही फिल्म चांदनी में सुना दी गई थी.

नई दिल्ली. श्रीदेवी ने अपने करियर में कई हिट फिल्मों में काम किया है. लेकिन साल 1991 में आई उनकी फिल्म ‘लम्हें’ फ्लॉप होकर भी कल्ट साबित हुआ थी.फिल्म के गाने की धुन तो उनकी फिल्म चांदनी में 2 साल पहले ही सुना दी गई थी. लेकिन कोई नोटिस नहीं कर पाया था.

श्रीदेवी ने फिल्म ‘लम्हें’ में डबल रोल निभाया था. इस फिल्म में उन्होंने पल्लवी और उसकी बेटी दोनों के ही रोल में इतिहास रच दिया था. फिल्म उस दौर के हिसाब से काफी लंबी थी और फ्लॉप साबित हुई थी.

फिल्म में श्रीदेवी के साथ अनिल कपूर नजर आए थे. दोनों उस दौर में हिट की गारंटी थे. लेकिन उनकी ये फिल्म फ्लॉप साबित हुई थी. लेकिन बाद में इस फिल्म को कल्ट क्लासिक का दर्जा दिया गया था.

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इस फिल्म के गानों ने तो तहलका ही मचा दिया था. आज भी लोग इस फिल्म के गानों ने गुनगुनाते हैं. खासतौर पर इस फिल्म के गाने कभी मैं कहूं… कभी तुम कहो कि मैंने तुम्हें ये दिल दे दिया. इस गाने की धुन तो शिव हरि 2 साल पहले चादंनी में इस्तेमाल कर चुके थे.

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दरअसल लम्हें के 2 साल पहले साल 1989 में ही यश चोपड़ा फिल्म चादंनी लेकर आए थे. इस फिल्म ने यश चोपड़ा का डूबता हुआ करियर बचाया था. फिल्म के गाने भी काफी हिट हुए थे. इस फिल्म में इस धुन का इस्तेमाल शिव हरि ने किया था.

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फिल्म चांदनी में शिव-हरि की जोड़ी ने मिलकर चांदनी फिल्म के गाने ‘मेरे हाथों में नौ-नौ चूड़ियां’ का संगीत दिया था. यह गाना श्रीदेवी पर फिल्माया गया था.उस दौर में भी ये गाना काफी हिट हुआ और आज भी काफी पसंद किया जाता है.

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इसी तरह फिल्म चांदनी में बैकग्राउंड में ‘कभी मैं कहूं’ गाना बज रहा होता है. दरअसल, जब ऋषि कपूर का किरदार रोहित, श्रीदेवी को अपना कमरा दिखाने लेकर जाता है, तो वह देखती हैं कि उस वक्त रोहित का पूरा कमरा चांदनी की फोटोज से भरा पड़ा होता है.

अक्सर ऐसा होता है कि संगीतकार किसी फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक के लिए कोई धुन बनाते हैं जो निर्देशक को बेहद पसंद आ जाती है. फिर उसी धुन को आगे चलकर किसी दूसरी फिल्म में एक पूरा गाना बना दिया जाता है. क्योंकि ‘चांदनी’ और ‘लम्हे’ दोनों के डायरेक्टर यश चोपड़ा थे और संगीतकार भी शिव-हरी ही थे, इसलिए यह धुन ‘चांदनी’ से होते हुए ‘लम्हे’ के स्टूडियो तक आसानी से पहुंच गई.

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सुलतानपुर में अवैध कब्जे की जांच टीम पर हमला: प्लाटिंग करने वालों ने ग्रामीणों को पीटा, CO बोले-गांव वालों को पैमाइश पर आपत्ति थी – Sultanpur News




सुलतानपुर जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में अवैध कब्जे की शिकायत पर जांच करने गई संयुक्त टीम पर हमला हो गया। यह घटना शनिवार दोपहर की बताई जा रही है, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ग्रामीणों की शिकायत पर शत्रु संपत्ति और नहर पर हुए अवैध कब्जे की जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान प्लाटिंग करने वाले कुछ लोगों ने वहां मौजूद ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इस दौरान सरकारी अमला भी मौके पर मौजूद था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना के बाद थाने के बाहर मामले को रफा-दफा करने के आरोप लगे। वहीं, घटना की जानकारी लेने के लिए जब एसडीएम सदर और तहसीलदार से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्हें घटना की जानकारी नहीं थी। सिंचाई विभाग के एक्सईएन का फोन भी नहीं उठा। हालांकि, रविवार को क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर सुनील कुमार सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोसाईगंज थाना से संबंधित एक वीडियो वायरल हो रहा था। समाधान दिवस पर प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर सहायक अभियंता निरहूराम की तहरीर पर एसडीएम के आदेश से तियरी मछरौली में जूनियर इंजीनियर प्रेम सिंह कुशवाहा, राजस्व टीम के लेखपाल सुनील और पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। टीम ने नहर से संबंधित जमीन की पैमाइश की। इस दौरान ग्रामवासियों द्वारा पैमाइश पर आपत्ति जताई जा रही थी, जिसे मौके पर समझा-बुझाकर शांत कराया गया। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि शांति व्यवस्था कायम है और निरोधात्मक कार्यवाही की जा रही है।



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