लखनऊ में उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दिया है। शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार बत्ती गुल रह रही है जिससे आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसफार्मर जलने और बिजली कटौती से लोग जूझ रहे हैं । तेलीबाग , मोहान रोड और जानकीपुरम न्यू कैंपस के उपकेंद्र समेत विभिन्न क्षेत्र में बिजली गायब रही। तेलीबाग क्षेत्र में रात 11 बजे कल्ली पश्चिम के जगत खेड़ा में 250 केवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। इसके साथ ही एबीसी लाइन सड़क पर टूट कर गिर पड़ी जिससे चिंगारियां निकल रही थीं। जगत खेड़ा के रहने वाले आदित्य सिंह, संजय, कुलदीप शर्मा, अंकुश राहुल, जगदेव ने बताया कि इतवार को देर रात बिजली गुल हुई। गुल बिजली सोमवार शाम 7 बजे के बाद चालू हुई। सुबह से शाम तक कर्मचारी ट्रांसफार्मर को ठीक करने और एबीसी लाइन बदलने में जुटे रहे। करीब 20 घंटे तक लोग गर्मी में बिजली-पानी के लिए तरस गए। शाम 7 बजे बिजली चालू हुई तो दोबारा एबीसी में फिर से आग लग गई जिस पर लोगों ने हंगामा किया। इसे देर रात ठीक किया जा सका। पूरी रात जागे, जनरेटर से भरा पानी एफसीआई उपकेंद्र के प्रतीक विहार, पिंक सिटी, पश्चिमी विहार व आसपास के क्षेत्र में केबल जलने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई जो जिससे लोग 7 से 8 घंटा परेशान रहे । बिजली की आस में परिवार पूरी रात जागे। सुबह जनरेटर मंगाकर मोहल्ले के लोगों ने पानी भरा। मोहित याग्निक ने बताया रातभर बिजली न रहने से पानी की आपूर्ति प्रभावित रही। मोहान रोड के नरौना और पतौरा गांव में भी देर रात करीब दो घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। एक माह में तीन बार जला केबल बिजली के केबल में आग लगने के कारण गुड़ंबा के सालिक विहार कॉलोनी में डेढ़ घंटे तक बिजली बाधित रही। फैजुल्लागंज क्षेत्र में रविवार रात करीब 11 बजे मिल्लत नगर ढाल पर केबल में भीषण आग लग गई। यहां सोमवार सुबह करीब 5:15 बजे बिजली चालू हो सकी। लोगों का कहना है कि यहां एक माह में तीन बार केबल जल चुका है। इसी प्रकार हरिओम नगर फीडर का 11 केवी केबल क्षतिग्रस्त होने से आईएमए स्कूल, गौरभीट और हरिओम नगर के कुछ क्षेत्रों की सप्लाई सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बंद करनी पड़ी। 8 घंटे नहीं ऐ बिजली छठा मिल मुस्लिम नगर न्यू कैंपस पावर हाउस शाम 5 बजे बत्ती गुल हुई। लगभग 8 घण्टे तक नहीं आई। गोसाईगंज क्षेत्र में अमेठी पावर हाउस अंतर्गत गंगागंज बाजार में सोमवार को लगभग 11 घंटे बिजली गायब थी। मंगलवार को 6 घंटे बिजली गायब रही । स्थानीय निवासी सुनील ने बताया कि 1 लाइन मैन के भरोसे 10 किलोमीटर रेंज का पावर हाउस चल रहा है। इस कारण कोई भी फाल्ट समय से ठीक नहीं हो पाता है। 4 घंटे नहीं बिजली 4 घंटे से अधिक होगया जानकीपुरम न्यू कैम्पस उपेन्द्र पर भी मंगलवार देर शाम से लगभग 4 घंटे बत्ती गुल रही। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के फोन न उठने का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों ने कहा की बत्ती गुल होने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और छोटे बच्चों को होती है।
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211 नए डिग्री कॉलेजों में अतिथि शिक्षक बहाली पर राज्यपाल की रोक – Patna News
बिहार में नवस्वीकृत 211 डिग्री कॉलेजों में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की चल रही प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। राजभवन ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था तय होने तक गैर-नियमित अतिथि शिक्षकों के चयन या नियोजन की कार्रवाई आगे न बढ़ाई जाए। राज्यपाल सचिवालय के अपर सचिव संजय कुमार के पत्र के अनुसार विश्वविद्यालयों से कहा गया है कि उच्च शिक्षा विभाग और कुलाधिपति सचिवालय के अगले निर्देश तक कोई नई चयन प्रक्रिया शुरू न करें। राजभवन ने इसे अत्यावश्यक बताया।
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तेज रफ्तार बोलेरो बिजली के पोल से टकराई: शराब की बोतलें मिलने से मचा हड़कंप, बिना नंबर प्लेट की गाड़ी हादसे के बाद छोड़कर फरार हुआ ड्राइवर – Jaipur News
जयपुर के झालाना (जेएलएन मार्ग) क्षेत्र में मंगलवार दोपहर साढ़े 12 बजे बाद एक तेज रफ्तार बोलेरो अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए बिजली के पोल से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का पोल टूटकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद वाहन ड्राइवर मौके से फरार हो गया। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें बीयर और शराब की बोतलें और कैन मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आगे-पीछे दोनों नंबर प्लेट गायब हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को बोलेरो में आगे और पीछे दोनों तरफ नंबर प्लेट नहीं मिली। ऐसे में वाहन की पहचान और चालक तक पहुंचना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। पुलिस अब चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी माध्यमों से वाहन मालिक का पता लगाने में जुटी है। सड़क पर गिरा पोल, फैले बिजली के तार मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिजली का पोल टूटकर सड़क पर गिर गया और उसके तार सड़क पर फैल गए। हादसे के बाद काफी देर तक पोल और तार सड़क पर पड़े रहे, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही। युवक ने दिखाई समझदारी, टाला बड़ा खतरा घटना के बाद वहां से गुजर रहे एक युवक ने सड़क पर पड़े पोल और तारों को किनारे करने का प्रयास किया तथा रास्ता साफ कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते यह कदम नहीं उठाया जाता तो करंट लगने या सड़क दुर्घटना का खतरा बना रह सकता था। पुलिस ने वाहन किया जब्त सूचना मिलने पर गांधी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त बोलेरो को जब्त कर लिया। पुलिस वाहन मालिक और हादसे के समय गाड़ी चला रहे चालक की तलाश कर रही है। कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे के समय वाहन कौन चला रहा था, दुर्घटना की वास्तविक वजह क्या थी, वाहन पर नंबर प्लेट क्यों नहीं थी और चालक हादसे के बाद गाड़ी छोड़कर मौके से क्यों फरार हो गया। मामले की जांच जारी है।
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मीनाक्षी घबराकर बाहर भागी, सीनियर नेताओं को बुलाया: कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन रद्द होने की इनसाइड स्टोरी, एक्सपर्ट बोले- रिटर्निंग ऑफिसर का फैसला सही नहीं – Madhya Pradesh News
मप्र राज्यसभा चुनाव के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा सियासी उलटफेर सामने आया है। कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र (पर्चा) खारिज कर दिया गया है, जिसके बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई इस फैसले के बाद जहां कांग्रेस ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया है, वहीं बीजेपी इसे पूरी तरह न्यायसंगत बता रही है। बता दें राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव होना है। दो सीटें बीजेपी के खाते में जाना तय है। तीसरी सीट पर बीजेपी ने महेश केवट को अपना उम्मीदवार घोषित किया था। केवट और मीनाक्षी के बीच मुकाबला था। अब नामांकन रद्द होने के बाद केवट का राज्यसभा में जाने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। आखिर रिटर्निंग ऑफिसर के बंद कमरे में क्या हुआ? किस नियम के तहत मीनाक्षी नटराजन का पर्चा खारिज किया गया? और इस फैसले में क्या कानूनी पेंच हैं? पढ़िए इस पूरे घटनाक्रम की इनसाइड स्टोरी और एक्सपर्ट एनालिसिस… दोपहर 2 बजे से शाम 6:30 बजे तक: रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे का घटनाक्रम तय कार्यक्रम के मुताबिक 9 जून को राज्यसभा चुनाव के नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) हुई। दोपहर 2 बजे विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के कमरे में गहमागहमी शुरू हुई। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर RO का फैसला
रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ तेलंगाना की अदालत में निजी परिवाद दायर था। कोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को समन जारी कर उन्हें पेश होने का आदेश दिया था। रिटर्निंग ऑफिसर की तीन टिप्पणियां थीं.. अंतिम निर्णय: आदेश में कहा गया कि अधूरा एफिडेविट (फॉर्म 26) जमा करना और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाना सिद्ध होता है। इसलिए हैंडबुक के अध्याय 6 के बिंदु 10(xiii) के तहत नामांकन निरस्त किया गया। एक्सपर्ट व्यू: फैसले पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी के अनुसार, नामांकन रद्द करने का फैसला नियमों के अनुसार पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। उन्होंने हैंडबुक के आधार पर तीन कानूनी पेंच बताए। अब कांग्रेस के पास क्या कानूनी विकल्प हैं? विकल्प 1: कांग्रेस चुनाव आयोग से यह कहते हुए समीक्षा मांग सकती है कि यह केवल निजी परिवाद था, औपचारिक FIR नहीं। इसलिए शपथ पत्र में इसका उल्लेख अनिवार्य नहीं था। विकल्प 2: कांग्रेस हाई कोर्ट में याचिका दायर कर RO के आदेश को चुनौती दे सकती है। यह सबसे त्वरित और व्यावहारिक कानूनी विकल्प माना जा रहा है। विकल्प 3: चुनाव और परिणाम के बाद कांग्रेस इलेक्शन पीटिशन के जरिए परिणाम को चुनौती दे सकती है, हालांकि यह लंबी प्रक्रिया होगी। ये खबर भी पढ़ें… एमपी-राज्यसभा उम्मीदवार नटराजन का नामांकन खारिज:कांग्रेस बोली-इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे, दिल्ली-भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर धरना मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को खारिज कर दिया गया। बीजेपी की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने ये फैसला लिया। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब तीनों सीटों पर भाजपा कैंडिडेट निर्विरोध हैं। पढ़ें पूरी खबर…
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शाही पनीर भी पड़ जाए फीका! एक बार चखिए मशहूर गोविंद गट्टे की सब्ज़ी
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Recipe Of Govind Gatta: राजस्थान की मशहूर गोविंद गट्टे की सब्ज़ी अपने अनोखे स्वाद और शाही अंदाज़ के लिए जानी जाती है. पनीर, काजू, हरी मिर्च और देसी मसालों से तैयार स्टफ्ड गट्टों को मसालेदार दही वाली ग्रेवी में पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी निखर जाता है. जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी की बताई इस खास रेसिपी से आप घर पर ही ऐसा पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन बना सकते हैं, जो रोटी और चावल दोनों के साथ हर किसी का दिल जीत लेगा.
जालौर. राजस्थान की थाली का नाम लेते ही हमारे मन में देसी स्वाद, परंपरा और खुशबू का एक खास एहसास जाग उठता है और इसी थाली में अगर किसी डिश को असली देसी स्वाद का राजा कहा जाए, तो वह है – गोविंद गट्टे की सब्ज़ी. स्वाद में इतनी लाजवाब कि शाही पनीर जैसे व्यंजन भी इसके आगे फीके लगने लगते हैं. आज लोकल 18 इस खास डिश की रेसिपी लेकर आया हैं, जो हमें बताई है जालोर की गृहिणी मंजुला सोनी ने, जिनके हाथों का स्वाद पूरे परिवार और मोहल्ले में काफी मशहूर है. ग्राही मंजुला बताती है कि सबसे पहले बात करते हैं इसकी खास स्टफिंग की. इसके लिए पनीर को अच्छे से ग्रेट करके हाथों से मुलायम कर लें. अब इसमें काजू के छोटे-छोटे टुकड़े, बारीक कटी हरी मिर्च और घर के मसाले मिलाकर एक स्वादिष्ट स्टफिंग तैयार करें. मंजुला सोनी बताती हैं कि स्टफिंग जितनी अच्छी होगी, गट्टों का स्वाद उतना ही खास बनेगा.
अब गट्टे के लिए बेसन लें और उसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन और एक टेबलस्पून तेल डालकर अच्छे से मिलाएं. थोड़ा पानी डालकर एक सॉफ्ट डो तैयार करें और इसे 5 से 10 मिनट तक ढककर रख दें. इसके बाद छोटे-छोटे गोले बनाकर उन्हें हल्का चपटा करें और उसमें पनीर की स्टफिंग भरकर फिर से गोल आकार दें. अब एक कड़ाही में पानी गर्म करें और उसके ऊपर छलनी रखकर इन गट्टों को 15 से 20 मिनट तक स्टीम करें, ताकि ये अच्छे से पक जाएं. मंजुला सोनी कहती हैं कि सही तरीके से स्टीम किए गए गट्टे ही इस डिश का असली स्वाद बनाते हैं.
अब बनाते हैं इसकी मजेदार ग्रेवी, इसके लिए कढ़ाई में तेल गर्म करें और उसमें लौंग, काली मिर्च, दालचीनी जैसे खड़े मसाले डालकर जीरे का तड़का लगाएं. इसके बाद बारीक कटे प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. अब टमाटर की प्यूरी डालें और उसे तब तक पकाएं जब तक मसाले से तेल अलग न होने लगे. इसके बाद लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, धनिया पाउडर, नमक, गरम मसाला और थोड़ा अमचूर डालकर मसाले को अच्छी तरह भून लें. अब इसमें दही डालें और लगातार चलाते हुए गाढ़ी ग्रेवी तैयार करें। इस ग्रेवी को और भी बेहतरीन स्वाद देने के लिए इसमें नारियल का मुरादा भी डाल सकते हैं. उबाल आ जाने के बाद सब्जी में कस्तूरी मेंथी और बारीक कटावा हरा धनिया भी डाल ले. अब स्टीम किए हुए गट्टों को काटकर इस ग्रेवी में डालें और हल्के हाथ से मिक्स करें. कुछ ही मिनटों में आपकी स्वादिष्ट गोविंद गट्टे की सब्ज़ी तैयार हो जाएगी. जब यह गरमा-गरम सब्ज़ी रोटी या चावल के साथ परोसी जाती है, तो हर कौर में राजस्थान की परंपरा और देसी स्वाद महसूस होता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें
कटरा से श्रीनगर तक रफ्तार का नया रास्ता, 4 लेन हाईवे बदलेगा कश्मीर की तस्वीर
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कटरा-श्रीनगर हाईवे सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है. इसके जरिए सुरक्षा बलों और आवश्यक आपूर्ति की आवाजाही तेज होगी, जिससे जम्मू-कश्मीर में लॉजिस्टिक और रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिलेगी.
कटरा-श्रीनगर 4 लेन हाईवे जम्मू-कश्मीर की कनेक्टिविटी को नई पहचान देने जा रहा है. यह परियोजना यात्रा को अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी. हाईवे बनने के बाद कटरा से श्रीनगर के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. (एआई)

यह नया कॉरिडोर कटरा से शुरू होकर रियासी, माहौर, गुलाबगढ़ और नंदीमर्ग से होते हुए दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले तक जाएगा, जहां यह नेशनल हाईवे-44 (NH-44) से जुड़ेगा. इसका मकसद वर्तमान जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर दबाव कम करना और घाटी के लिए हर मौसम में सुगम (All-weather) और सुरक्षित सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है. (एआई)

कटरा-श्रीनगर हाई-स्पीड कॉरिडोर से दूरस्थ क्षेत्रों का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंच अधिक आसान हो जाएगी. यह परियोजना आधुनिक सुरंगों, पुलों और अत्याधुनिक सड़क ढांचे से लैस होगी. कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में भी सालभर सुगम आवागमन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. (एआई)
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4 लेन हाईवे से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नया प्रोत्साहन मिलेगा. कृषि, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की आवाजाही भी पहले से अधिक आसान हो जाएगी. कटरा-श्रीनगर हाईवे को जम्मू-कश्मीर के विकास की रीढ़ माना जा रहा है. यह परियोजना क्षेत्र को देश के बाकी हिस्सों से और मजबूत तरीके से जोड़ने का काम करेगी. (एआई)

कटरा-श्रीनगर 4 लेन हाईवे में कई अत्याधुनिक सुरंगें और इंजीनियरिंग चमत्कार शामिल हैं. इससे भूस्खलन, बर्फबारी और खराब मौसम के दौरान भी यातायात बाधित होने की संभावना काफी कम होगी. (एआई)
पुराने गानों से सजी 2 फिल्में, दोनों में थे क्लासिक सॉन्ग, मिलकर कमाए 4200 करोड़
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वैसे तो हर फिल्म में संगीतकारों की टीम सिचुएशन के हिसाब से गाने कंपोज करती है. गीतकार सिचुएशन के हिसाब से गाने लिखते हैं. गाने इस हिसाब से लिखे जाते हैं कि कहानी आगे बढ़े. बॉलीवुड फिल्मों में यह ट्रेंड बहुत पुराना है. सुपरहिट-ब्लॉकबस्टर फिल्मों की सफलता में पॉप्युलर गाने अहम भूमिका निभाते हैं. पिछले कुछ वर्षों में इस ट्रेंड में बदलाव देखने को मिला है. तीन साल के अंतराल में दो ऐसी फिल्में आईं जिनमें पुराने क्लासिक गाने सुनाई दिए. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. मिलकर 4000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया. ये दोनों फिल्में कौन सी हैं, आइये जानते हैं……..
कोई पुराना क्लासिक गाना नई फिल्म की पहचान बन जाए तो इसका श्रेय डायरेक्टर-प्रोड्यूसर को जाता है जिन्होंने सिचुएशन के हिसाब से गाने का चयन किया. पिछले तीन साल में सिनेमाघरों में दो ऐसी फिल्में आईं जिनके पुरानी फिल्मों के क्लासिक गानों को शामिल किया गया. इन गानों ने जबर्दस्त इंपैक्ट पैदा किया. फिल्म की पॉप्युलैरिटी में चार चांद लगा दिए. दोनों ही फिल्में ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. दोनों फिल्मों ने मिलकर 4000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन किया. ये फिल्में हैं : एनिमल और धुरंधर. दोनों फिल्में कितनी कामयाब हुईं, आप सब जानते हैं.

सबसे पहले बात करते हैं रनबीर कपूर-रश्मिका मंदाना तृप्ति डिमरी और बॉबी देओल स्टारर एनिमल मूवी की जो कि 11 दिसंबर 2023 को रिलीज हुई थी. यह फिल्म भारतीय सिनेमा मोस्ट वायलेंट मूवी की लिस्ट में सबसे ऊपर है. फिल्म ने पूरे देश में एक नई बहस को जन्म दिया. एक नया टर्म रातों-रात चर्चा में आया जिसका नाम था : अल्फा मेल. फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक, 500 किलो वजनी मशीन गन सब कुछ अनूठा था. मशीन गन की कीमत 45 लाख रुपये बताई गई. फिल्म म्यूजिक सुपरहिट था. बैकग्राउंड म्यूजिक भी हिट था. फिल्म के कुछ गाने ओरिजनल थे तो कुछ गाने पुराने सॉन्ग से इंस्पायर्ड थे. रश्मिका मंदाना की एंगेजमेंट के समय तीन गानों का बैकग्राउंड म्यूजिक सुनने को मिलता है. एक गाना माइकल जैक्सन का था जबकि दो गाने एआर रहमान के ‘रोजा’ फिल्म के थे. ‘दिल है छोटा सा-छोटी सी आशा’ सॉन्ग की धुन हमें बैकग्राउंड में सुनाई देती है.

जब रनबीर कपूर मशीन गन चलाने जाते हैं तो बैकग्राउंड में एक मराठी गाना ‘डोल्बी वाल्या’ सुनाई देता है. इस गाने को अजय-अतुल ने कंपोज किया था. यह गाना करीब 700 साल पुराना है और महाराष्ट्र में खूब पॉप्युलर है. फिल्म में जब बॉबी देओल की एंट्री होती है तो हमें एक गाना सुनाई देता है. यह एक बहुत ही पॉप्युलर ईरानी गाना है. बॉबी देओल अपने सिर के ऊपर शराब का एक गिलास रखकर डांस करते नजर आते हैं. ईरान में ‘जमाल जमल एक जमालू जमल कुडू’ गाना बहुत पॉप्युलर है. शादी-पार्टियों में सुनाई देता है. संदीप रेड्डी वांगा ने इसे एनिमल में इस्तेमाल किया. यह गाना अब पूरे भारत में वायरल हुआ.
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फिल्म में जब रनबीर कपूर रश्मिका मंदाना से शादी करते हैं और हनीमून मनाने के लिए जब जाते हैं तो एक गाना ‘हुआ मैं’ बहुत पॉप्युलर हुआ. इस गाने को प्रीतम ने कंपोज किया था. यह गाना कार्तिक आर्यन की फिल्म’फ्रीडी’ के सॉन्ग ‘काला जादू’ से इंस्पायर्ड था. ‘एनिमल’ मूवी का एक और मकबूल गाना ‘सारी दुनिया जला देंगे’ रनबीर कपूर-बॉबी देओल की फाइट के दौरान सुनाई देता है. ओपी नैयर ने साल 1958 में आई ‘फागुन’ फिल्म में इस गाने का म्यूजिक कंपोज किया था. गाने के बोल थे : तुम रूठ के मत जाना, मुझसे क्या शिकवा. गाना मोहम्मद रफी-आशा भोसले की आवाज में था. यही म्यूजिक पंजाबी कल्चर का हिस्सा बन गया. बहुत से लोकगीत इस पर पंजाब में बनाए गए.

रनबीर कपूर की फाइट के दौरान सुनने को मिला ‘अरजन वेली’ सॉन्ग भी बहुत पुराना गाना है. इस गाने का म्यूजिक मनन भारद्वाज ने कंपोज किया है. भूपिंदर बब्बन ने लिरिक्स लिखे और उन्होंने ही इस गाने को गाया है. यह गाना सिख संस्कृति का गीत है जिसे लड़ाई के समय गाया जाता है. यह गाना अर्जुन सिंह नालवा के लिए डैडिकेट था. 18वीं शाताब्दी में पहली बार इस गाने को गाया गया था.

एनिमल फिल्म में एक सीन है जहां पर रनबीर कपूर को पता चलता है कि उसके जीजा ही उसके पिता को मारना चाहते हैं. ऐसा ही सीन हमें फिरोज खान की 1975 की फिल्म धर्मात्मा में देखने को मिलते हैं. फिल्म के अंत में वो अपने डॉन पिता के कातिल जीजा को मार देते हैं. एनिमल मूवी का बजट करीब ₹100 करोड़ का था. दुनियाभर में ₹917.82 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया था. घरेलू बॉक्स ऑफिस पर इसका नेट कलेक्शन ₹662.33 करोड़ से रहा. विदेश में ₹255.49 करोड़ की कमाई हुई. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई.

इसी तरह आदित्य धर के निर्देशन में बनी ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ में भी कई पुराने क्लासिक गानों का इस्तेमाल इतने शानदार अंदाज में किया गया कि फिल्म देखने का रोमांच दोगुना हो गया. ‘धुरंधर’ फिल्म 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई थी. मूवी में कई सीन दिल को चीर देने वाले थे. धुरंधर फिल्म की स्टोरी आदित्य धर ने लिखी. स्क्रीनप्ले ओजस गौतम ने लिखा. फिल्म को आदित्य धर, लोकेश धर और ज्योति देशपांडे ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. फिल्म में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन और राकेश बेदी अहम भूमिकाओं में नजर आए.

फिल्म का बेहतरीन बैकग्राउंड म्यूजिक शाश्वत सचदेव ने कंपोज किया था. शाश्वत सचदेव ने कुछ ओरिजनल गानों के अलावा पुराने गाने को रीमिक्स करके इस्तेमाल किया. सभी गाने सुपरहिट रहे.पुरानी गजलों और कव्वालियों को बिल्कुल नए अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया गया. शाश्वत सचदेव ने ही आदित्य धर की फिल्म ‘उरी : द सर्जिकल स्ट्राइक’ का म्यूजिक कंपोज किया था. ‘धुरंधर’ फिल्म का टाइटल ट्रैक ‘ना दिल दे परदेसी नू’ 1995 से इंस्पायर्ड था. मोहम्मद सदक और रंजीत कौर का गाना था. इस गाने को 2003 में इसे एक बार रीमिक्स किया गया था. ‘धुरंधर’ फिल्म की कव्वाली ‘ना तो कारवां की तलाश है’ 1960 में आई ‘बरसात की रात’ में सुनने के लिए मिली थी. मधुबाला और भारत भूषण की फिल्म थी. संगीतकार रोशन ने कंपोज किया था. साहिर लुधियानवी ने यह कव्वाली लिखी थी.

धुरंधर फिल्म के बैकग्राउंड में ‘पिया तू अब तो आ जा’ (कारवां मूवी) गाना भी सुनने को मिला था. 1981 में आई ‘अरमान’ फिल्म का गाना ‘रंभा हो’ भी धुरंधर में सुनाई देता है. ओरिजनल गाना उषा उथप की आवाज में था. गानों को इस तरह से रीमिक्स किया गया कि नई जनरेशन झूम उठी. ‘धुरंधर’ दो पार्ट में आई. दूसरा पार्ट 19 मार्च 2026 में रिलीज हुआ. दो पार्ट में रिलीज दोनों मूवी अब तक 3300 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी हैं. इस तरह से ‘एनिमल’ और ‘धुरंधर’ ने बॉलीवुड में नया ट्रेंड स्थापित किया. दोनों ही फिल्मों में पुराने गाने खूब इस्तेमाल किए गए. ये गाने खूब पॉप्युलर भी हुए. दोनों फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मिलकर 4300 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया.
7 साल बॉलीवुड से दूर रहीं प्रियंका चोपड़ा,फिर भी बना दिया ये बड़ा रिकॉर्ड
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प्रियंका चोपड़ा भले ही बॉलीवुड से 7 साल से दूर हैं. लेकिन आज भी वह बड़े-बड़े स्टार्स को टक्कर देती हैं. इतने लंबे समय से न उनकी कोई फिल्म रिलीज हुई है, न ही वह किसी भी प्रोजेक्ट में नजर आई हैं. फिर भी उन्होंने शाहरुख खान को कड़ी टक्कर देकर इतिहास रच दिया है.
नई दिल्ली. अक्सर अगर कोई एक्टर सिनेमा की दुनिया से दूर हो जाता है, तो वह धीरे-धीरे बॉलीवुड से दूर होता चला जाता है. लेकिन प्रियंका चोपड़ा ने बॉलीवुड से दूर होकर भी इतिहास रच दिया है. पिछले सात सालों से उनकी कोई बॉलीवुड फिल्म रिलीज नहीं हुई, फिर भी उनकी पॉपुलैरिटी में कोई कोई कमी नहीं आई.

आखिरी बार प्रियंका चोपड़ा साल 2019 में आई फिल्म ‘द स्काई इज पिंक’ में नजर आई थीं. इस फिल्म में उनके साथ फरहान अख्तर, जायरा वसीम और रोहित सराफ जैसे एक्टर्स नजर आए थे. इसके बाद से ही वह किसी बॉलीवुड फिल्म में नजर नहीं आई.

इस फिल्म के बाद से ही उन्होंने बॉलीवुड से दूरी बना ली थी. वह इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स में नजर आने लगी थीं. वही उन्होंने अपना पूरा फोकस कर लिया था. लेकिन बॉलीवुड से दूर होकर भी उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है.
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फॉर्च्यून इंडिया-इंटरब्रांड की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रियंका चोपड़ा भारत की तीसरी सबसे कीमती सेलिब्रिटी बन गई हैं. खास बात यह है कि इस टॉप-3 में लिस्ट में जगह बनाने वाली वह इकलौती महिला कलाकार हैं.

बात अगर लिस्ट में शामिल होने वाले और लोगों की बात करें तो भारतीय क्रिकेट स्टार विराट कोहली इस लिस्ट में पहले नंबर पर हैं.वहीं दूसरे नंबर पर शाहरुख खान का नाम है. तीसरे नंबर पर प्रियंका चोपड़ा का नाम दर्ज किया गया है.

प्रियंका चोपड़ा का कॉन्फिडेंस उनके किरदारों में भी नजर आता है. वह जिस रोल में नजर आती हैं, उसमें जान फूंक देती हैं. फिर चाहे वह काशी बाई का रोल हो या फैशन में मेघना माथुर का उन्होंने हर रोल के साथ न्याय किया है.

बात अगर इस लिस्ट की करें तो इसमें चौथे नंबर पर महेंद्र सिंह धोनी और फिर इसके बाद पांचवें नंबर पर रणवीर सिंह हैं. छठे पर अक्षय कुमार और सातवें नंबर पर अमिताभ बच्चन मौजूद हैं. फिर सचिन तेंदुलकर आठवें, आलिया भट्ट नौवें और तेलुगु सुपरस्टार अल्लू अर्जुन 10 स्थान पर हैं.

बता दें कि प्रियंका चोपड़ा ने साल 2000 में मिस वर्ल्ड का खिताब जीतने के बाद एक्टिंग की दुनिया में एंट्री ली थी. इसके बाद से वह लगातार इंडस्ट्री में अपनी जड़े जमाने में लगी रहीं. अपने करियर में उन्होंने ऐतराज, मुझसे शादी करोगी, डॉन, कृष, फैशन, बर्फी!, मैरी कॉम और बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्मों में यादगार किरदार निभाए हैं. जल्द ही वह निर्देशक एस.एस. राजामौली की फिल्म वाराणसी में नजर आने वाली हैं.
रूस में फंसे 20 गुजराती, बोले- रहने-खाने को मोहताज: एजेंट ने ₹1.5 लाख की नौकरी का लालच देकर भेजा था, ₹3 लाख लिए थे
गुजरात के आनंद और वडोदरा के 20 युवक-युवतियां रूस में फंस गए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें 1 से 1.5 लाख रुपए महीने की नौकरी का लालच देकर रूस भेजा गया, लेकिन अब बहुत कम वेतन मिल रहा है। साथ ही रहने-खाने को मोहताज हो गए हैं। पुलिस के मुताबिक, पेटलाद निवासी रिम्पल कुमार पटेल ने फिश पैकिंग और टेलरिंग की नौकरी दिलाने के नाम पर 33 लोगों को रूस भेजा। इसके बदले उनसे 2.10 लाख से 3 लाख रुपए तक लिए गए। कुल वसूली करीब 78 लाख रुपए बताई जा रही है। इससे पहले नवंबर 2025 में रूस भेजे गए 13 लोग कम सैलरी और खराब हालात के कारण भारत लौट आए थे। वहीं इसी साल अप्रैल में 20 अन्य लोगों को भेजा गया, जो अभी भी रूस में हैं। मामले की जांच आनंद एलसीबी कर रही है। आरोपी रिम्पल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस रूस में फंसे लोगों से लगातार संपर्क में है और उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाने की कोशिश कर रही है। डेढ़ लाख की जगह 10 हजार सैलरी मिली रूस में फंसी वडोदरा की शीतल मेवाड़ा ने वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें और अन्य लोगों को डेढ़ लाख रुपए महीने की सैलरी का भरोसा दिया गया था। रूस पहुंचने के बाद पहले महीने पूरा काम कराया गया, लेकिन महिलाओं को केवल 6 हजार और पुरुषों को 10 हजार रुपए के आसपास दिया गया। पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें बताया गया था कि सामान्य सिलाई और फिश पैकिंग का काम होगा, लेकिन वहां पहुंचने के बाद अलग तरह का काम कराया जाने लगा और वेतन में कटौती की गई। पासपोर्ट जब्त, लौटाने के लिए 500 डॉलर की मांग पीड़ितों ने बताया कि जिस कंपनी के साथ उनका कॉन्ट्रेक्ट हुआ, उसने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए थे। जब उन्होंने भारत लौटने की इच्छा जताई तो कंपनी ने हर व्यक्ति से 500 डॉलर जमा कराने और हवाई टिकट का खर्च खुद उठाने को कहा। उनका आरोप है कि उन्हें कमरे में बंद रखा जाता है, बाहर निकलने पर रोक लगाई जाती है और भोजन-पानी भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। कई लोग कर्ज लेकर रूस पहुंचे थे, इसलिए अतिरिक्त खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं है। नवंबर 2025 में रूस से लौटे लोगों ने बताया कि कई लोगों को एक ही हॉल में रखा गया, खराब क्वॉलिटी का खाना मिलता था। बीमार होने पर इलाज भी नहीं मिला। भारत लौटने की मांग करने पर उनसे भारी रकम मांगी गई। परिवारों ने सांसद से लगाई मदद की गुहार रूस में फंसे लोगों के परिजनों ने आनंद के सांसद मितेश पटेल को पत्र लिखकर मदद मांगी। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और जांच शुरू हुई। सांसद ने बताया कि प्रशासन रूस में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रयास कर रहा है। कुछ लोगों के पासपोर्ट वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया आनंद के डीएसपी जेएन पंचाल ने बताया कि 5 जून को शिकायत दर्ज की गई। आरोपी रिम्पल कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें आरोप है कि रूस भेजे गए लोगों को तय सैलरी नहीं मिली और उन्हें वापस लाने के लिए भी कोई प्रयास नहीं किया गया। जांच में सामने आया है कि लोगों को दो साल के अनुबंध पर रूस भेजा गया था और उन्हें एक लाख रुपए तक मासिक वेतन का भरोसा दिया गया था। एलसीबी की टीम रूस में मौजूद सभी 20 लोगों से फोन और वीडियो कॉल के जरिए संपर्क में है। गुजरात पुलिस, स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि रूस में फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की कोशिश में जुटे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि नौकरी के नाम पर लोगों को विदेश भेजने के इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… अहमदाबाद के परिवार का लंदन भेजने के नाम पर अपहरण, दुबई पहुंचने के बाद संपर्क टूटा; एजेंट ने बेटे की फोटो भेजकर ₹1 करोड़ मांगे गुजरात के अहमदाबाद में रहने वाले एक परिवार अवैध तरीके से लंदन जाने नाम पर एजेंटों के जाल में फंस गया। पति, पत्नी और उनके दो बेटे 20 अप्रैल को घर से निकले थे, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद उनका परिवार से संपर्क टूट गया। परिजन का आरोप है कि एजेंट ने चारों को बंधक बना लिया है और उन्हें छोड़ने के बदले 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी जा रही है। पूरी खबर पढ़ें…
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दिल्ली की 91 कॉलोनियों लेकर सीएम ने की मीटिंग: जल्द ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल से करेंगी मुलाकात, ओ-जोन की समस्या उठाएंगी – New Delhi News
नई दिल्ली। दिल्ली में यमुना किनारे ओ जोन से में रहने वाले 91 कॉलोनियों के करीब 15 लाख लोगों को लेकर रेखा सरकार संवेदनशील रूख अख्तियार कर रही है। ओ-जोन में बसी कॉलोनियों को लेकर सीएम रेखा गुप्ता ने मंगलवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने कहा है कि ओ- जोन में रहने वाले 91 कॉलोनियों के करीब 15 लाख लोगों की समस्या को लेकर जल्द ही जनप्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिलेंगी। बैठक के बाद सीएम ने कहा इन कॉलोनियों में पुराने निर्माण को ध्वस्त नहीं किया जाएगा। इस आशय की स्वीकृति हाई कोर्ट ने डीडीए को भी दी है। मीटिंग में सांसद भी रहे मौजूद बैठक में दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी, यमुनापार विकास क्षेत्र बोर्ड के अध्यक्ष व विधायक अरविंदर सिंह लवली सहित दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली नगर निगम आयुक्त संजीव खिरवार, डीडीए व संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम को जानकारी दी गई कि ओ-जोन क्षेत्र में करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन पुराने गांव हैं। इन कॉलोनियों में लगभग 15 लाख लोग निवास करते हैं। यह भी बताया गया कि शासन द्वारा वहां लगाए गए बोर्ड के कारण लोग सशंकित हैं, जबकि उन्होंने (जनप्रतिनिधियों ने) हाईकोर्ट के आदेशों व सरकारी रिकॉर्ड के अध्ययन से यह पाया है कि इन कॉलोनियों के पुराने निर्माण पर किसी प्रकार का खतरा नहीं है। जो आदेश है, वह नए या चल रहे निर्माण को ध्वस्त करने को लेकर है।
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