Monday, June 1, 2026
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‘एनटीए पर पहले से ही भारी दबाव है..’- नीट री-एग्जाम याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी


नई दिल्ली (NEET UG Paper Leak Case Hearing LIVE). देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को लेकर सुप्रीम कोर्ट से बड़ी खबर सामने आ रही है. कोर्ट ने आगामी 21 जून को होने वाले नीट यूजी री-टेस्ट को पेन-पेपर मोड के बजाय कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित कराने की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है. इस याचिका को आज वेकेशन बेंच के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार के सामने अर्जेंट लिस्टिंग के लिए मेंशन किया गया था, लेकिन कोर्ट ने इस पर तुरंत दखल देने की जरूरत नहीं समझी और मामले को गर्मियों की छुट्टियों के बाद सामान्य दिनों के लिए लिस्ट कर दिया है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: 21 जून को ही होगी नीट यूजी री-टेस्ट

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद यह पूरी तरह साफ हो गया है कि आगामी 21 जून को होने वाला नीट यूजी री-टेस्ट अपने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित किया जाएगा.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: छुट्टियों के बाद होगी सुनवाई

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका की गंभीरता को देखते हुए इसे पूरी तरह खारिज नहीं किया है, बल्कि गर्मियों की छुट्टियों के बाद सुनवाई के लिए लिस्ट किया है.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: एनटीए के दबाव का जिक्र

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने सहानुभूति जताते हुए कहा कि एनटीए दोबारा परीक्षा आयोजित करा रहा है और इस समय एजेंसी पर काम का बहुत भारी दबाव है.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE:वेकेशन बेंच का फैसला

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: इस मामले को आज आंशिक कार्यदिवस (Partial-working-day) बेंच के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार के समक्ष अर्जेंट लिस्टिंग के लिए लाया गया था.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: सुप्रीम कोर्ट का अर्जेंट हियरिंग से इनकार

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: सुप्रीम कोर्ट ने 21 जून को होने वाली नीट यूजी री-परीक्षा को कंप्यूटर-बेस्ड (CBT) मोड में कराने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से साफ मना कर दिया है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी नोटिफिकेशन को चुनौती

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: सुप्रीम कोर्ट में दायर इस याचिका में मुख्य रूप से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की तरफ से जारी की गई हालिया नीट-यूजी अधिसूचना की उन शर्तों को चुनौती दी गई है, जो पुरानी परीक्षा पद्धति को ही जारी रखती हैं. याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि बिना किसी कठिन सुरक्षा बदलाव के उसी पुरानी लीक-संभावित प्रणाली से परीक्षा कराना छात्रों के साथ धोखा है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: क्या लीक प्रूफ हो सकती है नीट यूजी परीक्षा?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत और उनकी टीम आज अदालत कक्ष के अंदर याचिकाकर्ताओं की तरफ से मुख्य दलीलें पेश करेंगे. इस लीगल टीम ने अपनी याचिका में उन सभी कानूनी और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया है, जो साबित करते हैं कि मौजूदा व्यवस्था के तहत एक पारदर्शी, सुरक्षित और पूरी तरह से लीक-प्रूफ परीक्षा का आयोजन करना लगभग नामुमकिन हो चुका है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: अदालत में कौन लड़ रहा है छात्रों की लड़ाई?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं की तरफ से इस महत्वपूर्ण कानूनी लड़ाई की कमान देश के जाने-माने और अनुभवी अधिवक्ताओं की टीम संभाल रही है. इस पूरी पिटीशन को मुख्य अधिवक्ता सत्यम सिंह राजपूत, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड नीमा और उनकी सहयोगी लीगल टीम द्वारा बेहद बारीकी से तैयार और दाखिल किया गया है, जिन्होंने परीक्षा प्रणाली की तकनीकी खामियों को अदालत के सामने रखा है.

NEET UG Supreme Court Hearing LIVE: राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है नीट यूजी पेपर लीक मामला

नीट यूजी सुप्रीम कोर्ट लाइव: इन दिग्गजों का एक साथ आना साफ तौर पर दर्शाता है कि नीट यूजी परीक्षा की शुचिता का मामला अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है. डॉक्टरों के सबसे बड़े संगठन आईएमए और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बुनियाद रखने वाली इस परीक्षा में किसी भी तरह की प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: सुप्रीम कोर्ट में किसने खोला मोर्चा?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: नीट यूजी परीक्षा प्रणाली में बड़े और आमूल-चूल सुधारों की मांग को लेकर देश के कई क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों ने एक साथ आकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस संयुक्त याचिका को आरजेडी (RJD) सांसद सुधाकर सिंह, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: नीट यूजी पेपर लीक मामला क्या है?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: इस बार का मुख्य विवाद नीट यूजी की मौजूदा परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, सुरक्षा खामियों और पेपर लीक की लगातार बनी रहने वाली संभावनाओं से जुड़ा हुआ है. याचिकाकर्ताओं का मानना है कि पारंपरिक ढर्रे पर कराई जाने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सेंध लगाना बेहद आसान है, जिससे हर साल लाखों होनहार और दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य और करियर दांव पर लग जाता है.

NEET UG Paper Leak Case LIVE: याचिका की पृष्ठभूमि: क्या है यह पूरा मामला?

नीट यूजी पेपर लीक मामला लाइव: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी की हालिया अधिसूचना जारी होने के बाद से ही परीक्षा प्रणाली को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. इस अधिसूचना की कानूनी वैधता और इसमें सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसने एक बार फिर देश भर के मेडिकल अभ्यर्थियों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों का ध्यान सुप्रीम कोर्ट की तरफ खींच लिया है.



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पंचायत सहायकों ने विकास भवन पर प्रदर्शन किया: एटा में स्थायीकरण और मानदेय वृद्धि की मांग उठाई – Etah News




एटा में पंचायत सहायकों ने सोमवार को विकास भवन परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। पंचायत सहायक कर्मचारी संगठन के बैनर तले बड़ी संख्या में महिला और पुरुष पंचायत सहायक विकास भवन पहुंचे और नारेबाजी की। जिला अध्यक्ष अनुराग के नेतृत्व में पंचायत सहायकों ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) राजकुमार मौर्य को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में पंचायत सहायकों के स्थायीकरण, मानदेय वृद्धि और अन्य सेवा संबंधी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में मिल रहा ₹6000 मासिक मानदेय महंगाई के इस दौर में बेहद कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मानदेय बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह करना, स्थायी सेवा नियमावली लागू करना, रिक्त पदों पर समायोजन नीति बनाना, ग्राम पंचायत अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी पदों की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देना और पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ना शामिल है। पंचायत सहायकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो 15 जून 2026 को इको गार्डन, लखनऊ में प्रदेश स्तरीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने सरकार से अपनी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की।



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महिला के गले से झपटा 1.20 लाख का चेन: कोई पीछा न करे ई-रिक्शा के टायर की निकाली हवा, टोटो रिजर्व कर आई थी टीचर की पत्नी – Patna News




पटना में सोमवार को बाइक सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा में बैठी महिला की चेन छीन ली। मौके पर मौजूद संजीत के अनुसार महिला शॉपिंग करने के बाद पार्किंग में निकली। फिर ई-रिक्शा में बैठ गई। इसी बीच बदमाश आए और गले से चेन स्नेचिंग कर भाग गए। जिसकी कीमत 1,20,000 रुपए है। पीड़िता दिव्या कुमारी (38) है। जो शिक्षक की पत्नी है। दिव्या रूपसपुर कालिकेत नगर से ई-रिक्शा रिजर्व कर सेविका ज्वेलर्स, लक्ष्मी कॉम्प्लेक्स आई थी। जैसे ही दुकान से बाहर पार्किंग में आई। इसी बीच उनके साथ घटना हुई। पीड़िता ने ई-रिक्शा के चालक से कहा कि बदमाशों का पीछा करो, पर किसी ने ई-रिक्शा के आगे वाले पहिए की हवा निकाल दी थी। घटना श्रीकृष्णापुरी थाना क्षेत्र के चुन्नीलाल मेगा मार्ट के कैंपस की है। तस्वीरों में देखिए कैसे हुई छिनतई… बाइक पर गलत रजिस्ट्रेशन नंबर का प्लेट लगा था पीड़ित दिव्या ने बताया कि सोने की चेन 12 ग्राम की थी। दिव्या के पति शिक्षक हैं। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी आया है। जिसमें डेढ़ मिनट तक दोनों बदमाश रेकी करते नजर आ रहे हैं। इसके बाद स्नेचिंग कर के डाकगबंगला चौराहा की ओर भागते दिख रहे हैं। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने बाइक नंबर से आरोपी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पता चला कि जिस शख्स के नंबर प्लेट का इस्तेमाल बदमाश कर रहे हैं, उसकी गाड़ी घर पर खड़ी है।
16 दिन पहले भी हुई थी वारदात 16 दिन पहले बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र से सटे थोड़ी ही दूरी पर सरोज मिश्रा और उनकी बहू गौरी मिश्रा के साथ भी चेन स्नेचिंग की वरदात हुई थी। जिसकी अभी तक कोई खोज खबर नहीं है। बदमाशों ने तकरीबन 15 लाख की चेन वट सावित्री पूजा के दिन गायब कर दी थी। हथियार दिखाकर दंपती से चेन छीन लिया था इसके अलावा पटना में 28 दिन पहले दिनदहाड़े दंपती से पिस्टल के बल पर लूट हुई थी। घटना शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के समनपुरा इलाके में हुई थी। दंपती बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान एक बाइक पर सवार 3 बदमाशों ने उन्हें बीच सड़क पर रोक लिया था और पिस्टल सटाकर सोने की चेन छीन ली थी। जब दंपती ने विरोध किया था तो बदमाशों ने पिस्टल तान दिया था और उनके साथ मारपीट की थी। फिर हथियार लहराकर मौके से फरार हो गए थे। पीड़ित दामोदरम केपी और अलया फतीमा पटना के हाई कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ हैं। सुबह के वक्त पत्नी के साथ कॉलेज जा रहे थे। इसी बीच कॉलेज से चंद कदम की दूरी पर घटना को बदमाशों ने अंजाम दिया था।



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100 साल बाद भी नहीं बदला स्वाद! बेंसन की भुजिया के लिए आज भी लगती है लंबी कतार


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Famous Bhujia Rajasthan: राजस्थान की खान-पान संस्कृति में कई ऐसे स्वाद शामिल हैं, जो पीढ़ियों से लोगों की पसंद बने हुए हैं. इन्हीं में से एक नाम है बेंसन की भुजिया, जिसकी लोकप्रियता करीब 100 वर्षों बाद भी बरकरार है. पारंपरिक विधि, खास मसालों और गुणवत्ता के कारण यह भुजिया आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. स्थानीय लोगों से लेकर बाहर से आने वाले पर्यटक तक इसके स्वाद के दीवाने हैं. दुकान पर रोजाना ग्राहकों की भीड़ उमड़ती है और कई लोग विशेष रूप से इस मशहूर भुजिया का स्वाद लेने पहुंचते हैं. समय के साथ खाने-पीने की आदतें भले बदल गई हों, लेकिन बेंसन की भुजिया ने अपनी पहचान और गुणवत्ता को कायम रखा है. यही वजह है कि यह सिर्फ एक नमकीन नहीं, बल्कि स्वाद और परंपरा की विरासत बन चुकी है.

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जयपुर: जयपुर का चारदीवारी बाजार खरीदारी के साथ साथ स्वादिष्ट जायके का खजाना भी है. जहां हर बाजार में वर्षों पुराने जायके की खुशबू बहती रहती हैं. हर दुकान अपने खास जायके के लिए प्रसिद्ध हैं. ऐसे चारदीवारी बाजार के त्रिपोलिया बाजार में स्थित जगन्नाथ शर्मा पकौड़ी वाले जहां सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ उमड़ी रहती हैं. लोकल-18 ने जगन्नाथ शर्मा पकौड़ी वाले की दुकान पर पहुंच कर यहां के ऑनर मुकेश कुमार से बात की तो वह बताते हैं हमारे यहां की बेसन भूजिया पूरे जयपुर में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध हैं जिसकी शुरुआत 100 साल पहले उनके दादा जगन्नाथ शर्मा ने की थी.

चारदीवारी बाजार में खरीददारी करने आने वाले लोगों से लेकर पर्यटक और दुनियाभर की नामचीन हस्तियां उनकी बेसन भूजिया के स्वाद के लिए यहां लाइन लगाएं खड़े रहते हैं मुकेश बताते हैं. इस दुकान और भूजिया-पकौड़ी के जायके की शुरुआत उनके दादाजी ने की थी, लेकिन अब वह चौथीं पीढ़ी हैं जिन्होंने 100 सालों बाद भी इस जायके के स्वाद को बरकरार रखा हैं. आज भी दुकान दादाजी के समय की की हैं. जिसमें कोई चमक धमक नहीं हैं बस हर समय गरम-गरम भूजिया-पकौड़ी बनती रहती हैं और लोग चलते फिरते स्वाद लेते रहते हैं.

राजगढ़ से जयपुर आकर शुरू किया था भूजिया-पकौड़ी का जायका 
लोकल-18 से बात करते हुए मुकेश कुमार बताते हैं वर्षों पहले उनके दादा अलवर के राजगढ़ से काम की तलाश में जयपुर आए थे लम्बे समय तक उन्होंने यहां हलवाई के रूप में काम किया और फिर उन्होंने यहां भूजिया-पकौड़ी के जायके की शुरुआत की लोगों को उनके हाथ का स्वाद पंसद आया उस जमाने में जब भूजिया-पकौड़ी की शुरुआत हुई थी, तब 1 किलों भूजिया की कीमत 1 आना हुआ करती थी लेकिन बदलते समय और महंगाई के साथ अब 1 किलों भूजियां की कीमत 240 रूपए किलो हैं. मुकेश बताते हैं कि दुकान पर हर दिन अलग-अलग प्रकार की पकौड़ी और कचौड़ी तैयार होती हैं इनमें बेंसन की भुजियां, आलू की पकौड़ी, दाल की पकौड़ी जिसे अलग-अलग चटनी और कढ़ी के साथ ग्राहकों को सर्व की जाती हैं. सुबह से शाम तक ग्राहकों की इतनी ही भीड़ रहती हैं पूरे दिन पकौड़ी और भुजिया बनती हैं. हर दिन 20 से 30 लोगों भूजिया-पकौड़ी की लोगों में डिमांड रहती हैं.

घर के मसालों से तैयार होती हैं अलग-अलग पकौड़ी-भुजियां 
लोकल-18 से बात करते हुए मुकेश कुमार बताते हैं कि वैसे तो चारदीवारी बाजार में हर नुक्कड़ पर एक कचौड़ी-पकौड़ी की दुकान देखने को मिल जाएंगी. लेकिन हमारे यहां का स्वाद सबसे अलग हैं क्योंकि दादाजी के समय से ही हमारे यहां अलग-अलग भुजिया और पकौड़ी के लिए घर के पीसे हुए सीक्रेट मसालों का उपयोग किया जाता हैं, इसलिए हमारी बेसन भुजियां का स्वाद सबसे खास होता हैं. दुकान के अलावा जयपुर में शादी विवाह के कार्यक्रमों तक हमारी बेसन भुजिया की डिमांड रहती हैं. बेंसन की भुजिया ख़ासतौर पर लकड़ी की भट्टी पर तैयार होती हैं, इसलिए इसका स्वाद खास होता हैं. पूरे दिन भट्टी चलती हैं जिसके चलते पूरी दुकान काले रंग में रंगी हुई हैं.

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Jagriti Dubey

Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें



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बैतूल में श्रद्धालुओं से भरा ट्रक पलटा, एक की मौत: 28 घायल हुए; चंडी दरबार से लौटते समय इंदौर हाईवे पर हुआ हादसा – Betul News




बैतूल में इंदौर हाईवे पर चंडी दरबार से लौट रहे श्रद्धालुओं से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के हिवरखेड़ी के पास बीती रविवार रात हुए इस सड़क हादसे में 28 लोग घायल हो गए, जबकि 65 वर्षीय एक बुजुर्ग की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुई, जो घटना के बाद मौके से फरार है। हादसे के बाद सभी घायलों को तुरंत बैतूल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां गंभीर रूप से घायल सलाईढाना निवासी 65 वर्षीय सुखीराम धुर्वे को आईसीयू में भर्ती किया गया था, जहां देर रात उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, हादसे में घायल हुए दो अन्य लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल रेफर कर दिया है। प्राथमिक उपचार के बाद कई घायलों को मिली छुट्टी
खेड़ी पुलिस चौकी अंतर्गत हुए इस हादसे में कुल 28 लोग घायल हुए थे। इनमें से कुछ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि अन्य मरीजों का जिला अस्पताल में इलाज अभी जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीम घायलों के समुचित उपचार की निगरानी कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा
पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद मृतक सुखीराम का शव उनके परिजनों को सौंप दिया है। हादसे के बाद से आरोपी ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है और फरार ड्राइवर की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। देखिए अस्पताल की 2 तस्वीरें…



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कविता से निकली कहानी, चाचा-भतीजे की फिल्म ने रचा इतिहास, सुपरहिट निकली मूवी


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फिल्म बनाने के लिए डायरेक्टर-राइटर को प्रेरणा कहीं से भी मिल सकती है. बॉलीवुड में ऐसा कई बार हुआ है कि सिर्फ एक लाइन के आइडिया के डेवलप किया गया. कहानी का रूप देकर फिल्म बनाई गई. 70 के दशक में ऐसे ही एक फिल्म की स्टोरी का जन्म कविता से हुआ था. चाचा-भतीजे की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. मजेदार बात यह है कि डायरेक्टर हीरो को एयरपोर्ट से पकड़कर लाया था. गाने आज भी पॉप्युलर हैं.

‘राम तेरी गंगा मैली’, ‘शोले’ जैसे कालजयी फिल्मों का जन्म सिर्फ एक लाइन के आइडिया से हुआ. 70 के दशक में बीआर चोपड़ा के भाई यश चोपड़ा ने एक ऐसी फिल्म बनाई जिसकी प्रेम कहानी को आज भी याद किया जाता है. मजेदार बात यह है कि इस सुपरहिट फिल्म का जन्म एक कविता से हुआ. चाचा-भतीजे की जोड़ी भी फिल्म में नजर आई थी. अमिताभ बच्चन का एक ही रंग दर्शकों को देखने को मिला था. यह फिल्म ‘कभी-कभी’ थी जो कि 1976 में रिलीज हुई थी.

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कहा जाता है कि प्यार वही अच्छा होता है जिसे मंजिल मिल पाए. अधूरा प्यार जिंदगी का दर्द बन जाता है. इसी थीम पर 1976 में अमिताभ बच्चन-राखी, शशि कपूर-ऋषि कपूर और नीतू सिंह स्टारर एक फिल्म ‘कभी-कभी’ आई थी. फिल्म का जन्म मशूर शायर-गीतकार साहिर लुधियानवी की एक नज्म से हुआ था. यह नज्म थी : कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है.

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दरअसल, साहिर लुधियानवी की कविताओं का संग्रह 1940 के दशक में ‘तल्खियां’ नाम से छपा था. ‘तल्खियां’ में एक दर्द भरी नज्म ‘कभी-कभी’ थी. इस कविता को धुन में पिरोने का काम संगीतकार खय्याम ने किया था. 1960 के दशक में देवानंद के भाई चेतन आनंद काफिर’ फिल्म में सुधा मल्होत्रा और गीता बाली से गाना ‘कभी-कभी मेरे दिल में, ख्याल आता है’ रिकॉर्ड करवाया. आगे चलकर यह फिल्म बंद कर दी गई. 1966 में जब चेतन आनंद राजेश खन्ना-इंद्राणी मुखर्जी को लेकर ‘आखिरी खत’ बना रहे थे तो संगीतकार खय्याम ने ‘काफिर’ फिल्म के रिकॉर्ड किए गए गाने ‘कभी-कभी’ को ‘आखिरी खत’ में लेने के बारे में पूछा लेकिन बात नहीं बनी.

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आगे चलकर ‘रोमांस के जादूगर’ यश चोपड़ा ने ‘कभी-कभी’ फिल्म बनाई. वैसे भी यश चोपड़ा गीतकार साहिर लुधियानवी को बहुत पसंद करते थे. उन्होंने ‘कभी-कभी’ नज्म का इस्तेमाल अपनी फिल्म में किया. इतना ही नहीं फिल्म का टाइटल ही ‘कभी-कभी’ रख दिया. ‘कभी-कभी’ में वहीदा रहमान, शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, राखी गुलजार, ऋषि कपूर, नीतू सिंह जैसे सितारे थे. म्यूजिक खय्याम ने कंपोज किया था. खैय्याम ने ऐसा कालजयी म्यूजिक तैयार किया, जो तब भी हिट था और आज भी हिट है.

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वैसे यश चोपड़ा चाहते थे कि लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल फिल्म का म्यूजिक दें लेकिन साहिर लुधियानवी को उन पर भरोसा नहीं था. उन्होंने खय्याम से म्यूजिक लेने पर जोर दिया. कहा जाता है कि ‘कभी-कभी’ फिल्म की कहानी गीतकार साहिर लुधियानवी की निजी जिंदगी से इंस्पायर्ड थी. साहिर साहब ने अपनी कविता के कई अल्फाज बदल दिए थे. खय्याम ने ऐसा रोमांटिक गाना तैयार हुआ जिसे सुनकर आज भी प्रेमी जोड़ी दुनिया भूल जाते हैं.

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‘कभी-कभी’ फिल्म स्क्रीनप्ले सागर सरहदी ने लिखा था. फिल्म में कुल 9 गाने रखे गए थे. फिल्म का यूथफुल सॉन्ग ‘तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती नजारे हम क्या देखें’ किशोर कुमार की आवाज में था. फिल्म में नीतू सिंह और ऋषि कपूर का आइडिया पामेला चोपड़ा को अखबार के एक आर्टिकल से मिला था. फिल्म रिलीज होने के बाद राजेश खन्ना ने दावा किया था कि अमिताभ बच्चन वाला रोल पहले उन्हें ऑफर किया गया था.

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फिल्म में नजर आए शशि कपूर-ऋषि कपूर का असल रिश्ता चाचा-भतीजे का था जबकि फिल्म में दोनों पिता-पुत्र के रोल में दिखाई दिए थे. मजेदार बात यह है कि ऋषि कपूर ने शुरुआत में यह फिल्म ठुकरा दी थी. यश चोपड़ा ने शशि कपूर से बात की. शशि कपूर ने वादा किया था कि वो भतीजे ऋषि कपूर के कान पकड़कर सेट पर लाएंगे. शशि कपूर के दबाव में ऋषि ने फिल्म के लिए हामी भर दी. इसी फिल्म के दौरान ऋषि कपूर-नीतू सिंह का प्यार परवान चढ़ा.

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‘कभी-कभी’ फिल्म का बजट करीब 1.4 करोड़ था और मूवी ने 3 करोड़ का कलेक्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई थी. यह 1976 की आठवीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी. खय्याम को बेस्ट म्यूजिक डायरेक्टर का जबकि साहिर लुधियानवी को बेस्ट गीतकार का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था.

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खुशियां मातम में बदलीं: शादी के चंद घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत, दुल्हन बची




अमेरिका के जॉर्जिया में शादी के कुछ घंटों बाद भारतीय मूल के पायलट डेव फिजी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। हादसे में हेलिकॉप्टर पायलट की भी जान चली गई, जबकि दुल्हन जेस्नी घायल अवस्था में करीब छह घंटे तक मलबे में फंसी रहीं। यह हादसा उस समय हुआ जब नवविवाहित जोड़ा शादी के बाद विशेष विदाई के लिए हेलिकॉप्टर से रवाना हुआ था। खुशियों का दिन कुछ घंटों में मातम में बदला शुक्रवार को डॉसनविल स्थित ‘द रिवेरे’ वेडिंग वेन्यू में डेव फिजी और जेस्नी की शादी हुई थी। समारोह में करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। परिवार और दोस्तों के बीच जश्न का माहौल था। शादी के बाद दोनों के लिए हेलिकॉप्टर विदाई की विशेष व्यवस्था की गई थी। डेव और जेस्नी रॉबिन्सन R66 हेलिकॉप्टर में सवार होकर डीकाल्ब-पीचट्री एयरपोर्ट जाने वाले थे, जहां से उन्हें अटलांटा में रात बितानी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पिता बोले- मेरा बेटा जिंदगी के सबसे खुश दिन पर था डेव के पिता जॉर्ज फिजी ने बताया कहा, “मेरा बेटा बहुत खुश था। मैं उसे देख रहा था और उसकी खुशी महसूस कर रहा था। वह बेहद हैंडसम लग रहा था।” जॉर्ज के मुताबिक, डेव और जेस्नी की दोस्ती चर्च के जरिए हुई थी। दोनों परिवारों का संबंध अमेरिकी राज्यों साउथ कैरोलाइना और जॉर्जिया के चर्च समुदायों से रहा है। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। बचपन का सपना पूरा कर पायलट बना था डेव परिवार के अनुसार डेव फिजी बचपन से ही पायलट बनना चाहता था। उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सपना पूरा किया और बाद में डेल्टा एयर लाइंस में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर नियुक्त हुआ। डेव को उड़ान और विमानन क्षेत्र से बेहद लगाव था। परिवार के अनुसार वह बेहदे अनुशासित और जिम्मेदार पेशेवर पायलट था। मौसम को लेकर पहले ही जता दी थी चिंता हादसे से पहले डेव ने मौसम को लेकर चिंता भी जताई थी। उसके पिता के अनुसार, समारोह खत्म होने तक इलाके में कोहरा और बारिश बढ़ चुकी थी, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई थी। जॉर्ज फिजी ने बताया, “डेव ने हेलिकॉप्टर पायलट से कहा था कि ऐसी विजिबिलिटी में हम उड़ान नहीं भरते। उसने साफ कहा था कि हालात उड़ान के लिए ठीक नहीं हैं।” हालांकि, परिवार के अनुसार हेलिकॉप्टर पायलट ने जवाब दिया कि वे अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरेंगे और यात्रा जारी रखी गई। घने जंगल में गिरा हेलिकॉप्टर उड़ान के कुछ समय बाद हेलिकॉप्टर डॉसनविल के पास घने जंगल वाले इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इलाके की भौगोलिक स्थिति और घने पेड़ों के कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने में राहत दलों को काफी समय लगा। जॉर्ज फिजी ने बताया कि खोजी दलों को हेलिकॉप्टर का मलबा खोजने में कई घंटे लग गए। इसी वजह से बचाव अभियान भी देर से शुरू हो पाया। छह घंटे तक मलबे में फंसी रही दुल्हन परिवार के अनुसार जेस्नी लगभग छह घंटे तक दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे में फंसी रहीं। जब उन्हें होश आया तो उन्होंने खुद को टूटे हुए हेलिकॉप्टर के बीच पाया। जॉर्ज फिजी ने बताया कि जेस्नी ने उन्हें जो घटना बताई, वह बेहद दर्दनाक थी। उन्होंने कहा, “जेस्नी ने बताया कि जब उसकी आंख खुली तो डेव उसका सिर उसकी छाती पर रखे हुए था। उसने देखा कि उसके शरीर पर खून था। वह पेशे से नर्स है, इसलिए उसने तुरंत समझ लिया कि डेव अब इस दुनिया में नहीं रहा।” शरीर पर चोटें, लेकिन हिम्मत नहीं टूटी हादसे में जेस्नी को कई जगह चोटें और कट लगे हैं, लेकिन कोई हड्डी नहीं टूटी। परिवार के मुताबिक वह शारीरिक रूप से धीरे-धीरे ठीक हो रही हैं, हालांकि पति को खोने का सदमा बहुत गहरा है। जॉर्ज ने कहा, “वह पूरी तरह टूट चुकी है, लेकिन इलाज चल रहा है और वह रिकवर कर रही है।” हादसे की जांच शुरू अमेरिका का नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) हादसे की जांच कर रहा है। एजेंसी ने अभी तक दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांचकर्ता मौसम की स्थिति, उड़ान मार्ग, हेलिकॉप्टर की तकनीकी स्थिति और पायलट के फैसलों समेत सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने पुष्टि की है कि हेलिकॉप्टर में तीन लोग सवार थे। एजेंसी की शुरुआती रिपोर्ट अगले 30 दिनों में आने की संभावना है। ‘भगवान ने परफेक्ट शादी दी, फिर सब बदल गया’ डेव फिजी के माता-पिता मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले के मुवट्टुपुझा के रहने वाले हैं। वहीं, जेस्नी का परिवार केरल के अलाप्पुझा जिले से जुड़ा हुआ है। बेटे की मौत के बावजूद जॉर्ज फिजी ने कहा कि उनका परिवार अपने ईसाई विश्वास के सहारे इस दुख का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा, “भगवान ने हमें एक परफेक्ट शादी का दिन दिया। कुछ ही घंटों बाद सब कुछ त्रासदी में बदल गया। ऐसे समय में हमारे सवाल बहुत हैं, लेकिन हमें शांति और जवाब सिर्फ भगवान में ही मिलते हैं।”



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AI का खर्चा देखकर माथा पीट रही कंपनियां, 1 महीने में आया 4200 करोड़ का बिल


AI की वजह से एक तरफ टेक कंपनियां लोगों को नौकरी से निकाल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कंपनियां एआई के बिल से परेशान नजर आ रही हैं। आर्टफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की चर्चा पूरी दुनिया में है। टेक कंपनियां इसे नेक्स्ट बिग थिंग कह रही हैं और लोगों को नौकरियाों से निकाल रही हैं। वो इंसानों की जगह एआई से काम करवाने पर जोर दे रही हैं। कंपनियां को लगा कि एआई कम खर्च में इंसानों से ज्यादा काम कर लेगा, लेकिन उन्होंने नहीं सोचा कि यह दावं उल्टा पड़ जाएगा और एआई के लिए उन्हें इतना ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। एआई के ऊंचे बिल से कई कंपनियों का माथा चकरा गया है।

काफी महंगा है AI

हाल में आई रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट, Uber जैसी कंपनियां अब एआई से पल्ला झाड़ने के लिए तैयार हैं। पिछले दिनों Uber के COO ने कहा कि एआई काफी महंगा है और इसे जस्टिफाई नहीं किया जा सकता है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने भी Anthropic Claude के ज्यादातर सब्सक्रिप्शन को खत्म करने का फैसला किया ह। इसी मुख्य वजह एआई पर आने वाला खर्चा है।

एक महीने में 4000 करोड़ का खर्च

AXIOS की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक कंपनी ने महज एक महीने में ही लगभग 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,000 करोड़ रुपये Anthropic Claude AI पर खर्च कर दिया है। एआई पर इतना ज्यादा खर्चा आने पर कंपनी में हड़कंप मच गया। कंपनी के बड़े अधिकारी को जब एआई के बिल का पता चला तो वो काफी भावुक हो गए। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर नेटिजन्स ने कमेंट्स भी किए हैं।

Image Source : UNSPLASHएंथ्रोपिक एआई

बिना लिमिट के इस्तेमाल किया एआई टूल

टेक कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एआई इस्तेमाल करने की पूरी छूट दे दी थी। शुरुआत में कंपनी को यह फैसला सही लग रहा था क्योंकि कई काम एआई आसानी के कर दे रहा था। कंपनी ने यहां बड़ी गलती कर दी और एआई के इस्तेमाल की सीमा तय नहीं की। कर्मचारी धड़ल्ले से एआई टूल का इस्तेमाल करने लगे। एआई का तगड़ा बिल कंपनी को जब मिला तो बड़े अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गया।

कैसे काम करता है AI?

एआई रोजमर्रा के कई काम को आसानी से कर लेता है, जिसकी वजह से दुनिया भर में इसका अडॉप्शन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, बहुत कम लोगों को ही पता है कि एआई टूल पर एक क्वेरी पूछने पर भारी-भरकम खर्च आता है। एआई इंडस्ट्री क्रेडिट सिस्टम पर काम करता है, जिसमें टूल के इस्तेमाल के लिए टोकन्स या वर्चुअल करेंसी दी जाती है। जितना एआई से सवाल किया जाएगा, उतना क्रेडिट टोकन कम होता जाता है।

टेक कंपनियां एआई के इस्तेमाल के लिए एक फिक्स्ड बजट तय करती हैं। हालांकि, कर्मचारियों द्वारा इसके इस्तेमाल से यह क्रेडिट खत्म होते जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, Uber ने 2026 में एआई के लिए सेट किए बजट को महज चार महीने में ही खत्म कर दिया है। कंपनी ने पूरे साल के लिए 3.4 बिलियन डॉलर का बजट रखा था। 

एआई एक काम को पूरा करने के लिए कई बार खुद ही मल्टीपल क्वेरी जेनरेट करता है। इसकी वजह से कंपनियों द्वारा सेट किया गया क्रेडिट खत्म होता जाता है। एआई जिस काम के लिए सैकड़ों क्रेडिट खर्च कर रहा है, जिसकी वजह से कंपनियां इसमें लिमिट लगा रही हैं। आने वाले भविष्य में एआई और ज्यादा महंगा हो सकता है।

यह भी पढ़ें – AC को लगातार कितने घंटे तक चलाना चाहिए? ज्यादा देर ऑन रहने पर क्या लग सकती है आग?





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दिल्ली में शिक्षा मंत्रालय के ऑफिस में आग लगी: ITO स्थित बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से धुआं उठा; AC में स्पार्किंग से आग भड़कने की आशंका


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नई दिल्ली24 मिनट पहले

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आग पर काबू पाने के लिए 8 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

दिल्ली के ITO इलाके में स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) में सोमवार सुबह आग लग गई। आग बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर लगी, जहां शिक्षा मंत्रालय के कुछ ऑफिस हैं। घटना के बाद बिल्डिंग में मौजूद फैकल्टी और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सुबह 9:37 बजे आग लगने की सूचना मिली। आग पर काबू पाने के लिए दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।

आग से जुड़ी तीन तस्वीरें…

सबसे पहले स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से धुआं निकलता दिखा।

सबसे पहले स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर बिल्डिंग की दूसरी मंजिल से धुआं निकलता दिखा।

फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में जुटी।

फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में जुटी।

आग बुझाने के लिए दमकल विभाग ने स्काई लिफ्ट का भी इस्तेमाल किया।

आग बुझाने के लिए दमकल विभाग ने स्काई लिफ्ट का भी इस्तेमाल किया।

AC यूनिट में स्पार्किंग से आग फैलने की आशंका

शुरुआती जांच में AC में खराबी को आग की वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने से पहले AC यूनिट से धुआं और स्पार्किंग होता दिखा था। इसके बाद आग की लपटें उठने लगीं।

अधिकारियों के मुताबिक, घटना में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद कारणों की जांच की जाएगी।

कांग्रेस ने कहा- मामला संदिग्ध लगता है

कांग्रेस महासचिव जय राम रमेश ने X पर पोस्ट कर लिखा- शिक्षा मंत्रालय के कार्यालयों में आग लगने की खबर बेहद चिंताजनक है। यह मामला कुछ संदिग्ध भी लगता है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सचिव बीवी श्रीनिवास ने कहा- स्कैम के कागज जलना शुरू हो चुके है। वाह रे प्रधान।

देश के प्रमुख आर्किटेक्चर संस्थानों में शामिल है SPA

स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) की स्थापना 1941 में हुई थी। 2008 में इसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया। दिल्ली के अलावा इसके कैंपस भोपाल और विजयवाड़ा में भी हैं। यहां आर्किटेक्चर, अर्बन प्लानिंग, डिजाइन और भवन निर्माण से जुड़े कोर्स पढ़ाए जाते हैं। ITO स्थित परिसर में शैक्षणिक विभागों के साथ शिक्षा मंत्रालय के कुछ ऑफिस भी हैं।

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घर में आग लगने से रिटायर्ड IAS अफसर की मौत:AC ब्लास्ट हुआ था; कॉम्पिटीशन कमीशन के पहले चेयरमैन थे धनेंद्र कुमार

रिटायर्ड IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की दिल्ली के हौज खास स्थित उनके घर में आग लगने से मौत हो गई। शुरुआती जांच के मुताबिक, आग एयर-कंडीशनिंग यूनिट में हुए ब्लास्ट के कारण लगी थी। हादसे के वक्त घर में पांच लोग मौजूद थे। धनेंद्र के बेटे का अस्पताल में इलाज जारी है। पूरी खबर पढ़ें…

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महादेव को सेंगारी चिवड़ा, खोपरा पाक, आमरस का भोग लगाया: मांझी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक रुद्राभिषेक पाठ में जुटे भक्तगण – Udaipur News




उदयपुर शहर के अमराई घाट स्थित मांझी मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक रुद्राभिषेक पाठ का आयोजन किया गया। चांदपोल बाहर राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर सरदार स्वरूप श्याम में सामूहिक रुद्राभिषेक पाठ प्रदोष मंडल, माजी मंदिर सनातन भक्तों एवं क्षेत्रवासियों के सहयोग से श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के मध्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते हुए भगवान महादेव का अभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया। कार्यक्रम के दौरान 108 विद्वान आचार्यों एवं पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 300 भक्तजन उपस्थित थे मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष तथा वैदिक ऋचाओं से गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने धर्म, संस्कृति, राष्ट्र एवं समाज कल्याण की मंगलकामना के साथ अभिषेक एवं पूजन में भाग लिया। आयोजन से जुड़े आचार्य पंडित भगवान पालीवाल ने बताया कि मंदिर को जनजागृति, सनातन संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से समय-समय पर ऐसे धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जा रहा है। भक्त रोहित चौबीसा ने बताया कि कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त आयोजन का विशेष संदेश दिया गया। भगवान महादेव को 51 किलोग्राम सेंगारी चिवड़ा, 51 किलोग्राम खोपरा पाक एवं 101 किलोग्राम आमरस का भोग अर्पित किया गया। प्रसाद वितरण में पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक सामग्री का उपयोग न कर खाखरा पत्तोंसे बने दोने तथा स्टील के गिलासों का प्रयोग किया गया। इस अवसर पर विप्र फाउंडेशन से पश्चिम देहात अध्यक्ष सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय सचिव एच आर दवे, सरक्षक लज्जा शंकर नागदा, पंडित रविंद्र नागदा, अनुज दीक्षित, विप्र युवा महा मंत्री विनोद नागदा महा मंत्री निलेश चौबीसा, भारत कुमावत, निर्मल चौबीसा आदि मौजूद रहे।



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