पौराणिक कथाओं को समकालीन सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए ‘समुद्र मंथन’ नाटक की प्रस्तुति रविवार को महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी, जयपुर के आर.एल. स्वर्णकार ऑडिटोरियम में हुई। यह प्रस्तुति रामजी लाल स्वर्णकार के 23वें पुण्य स्मृति समारोह के तहत आयोजित की गई। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की रेपर्टरी कंपनी की इस विशेष प्रस्तुति का निर्देशन एनएसडी के निदेशक और वरिष्ठ रंगकर्मी चितरंजन त्रिपाठी ने किया, जबकि नाटक के लेखक आसिफ अली हैं। ‘समुद्र मंथन’ में पौराणिक कथा के माध्यम से आधुनिक समाज के सामने खड़े सवालों को उठाया गया। नाटक का केंद्रीय विचार यह है कि जिस तरह पौराणिक समुद्र मंथन से अमृत के साथ हलाहल विष भी निकला था, उसी तरह आज विकास, विज्ञान, तकनीक और समृद्धि के मंथन से उपलब्धियों के साथ प्रदूषण, असंतुलन, तनाव और पर्यावरणीय संकट भी सामने आ रहे हैं। यहां देखिए नाटक के फोटोज…
अमृत की तलाश में निकला विष बना आज का सवाल नाटक की मूल कथा समुद्र मंथन की पौराणिक अवधारणा पर आधारित है। देवताओं और असुरों ने अमृत की तलाश में क्षीर सागर का मंथन किया। मंदराचल पर्वत को मथानी और नागराज वासुकि को रस्सी बनाया गया। सभी की नजर अमृत पर थी, लेकिन मंथन से सबसे पहले हलाहल विष निकला। इसके प्रभाव से सृष्टि पर संकट मंडराने लगा और भगवान शिव ने उस विष को अपने कंठ में धारण कर सृष्टि को विनाश से बचाया। नाटक इसी कथा को वर्तमान समय के संदर्भ में आगे बढ़ाता है। प्रस्तुति में सवाल उठाया गया कि आज विकास और तकनीक के मंथन से मिलने वाले लाभों के साथ जो ‘विष’ निकल रहा है, उसे कौन धारण करेगा? प्रदूषण, प्लास्टिक, रासायनिक खतरे और पर्यावरणीय असंतुलन जैसे संकटों की जिम्मेदारी किसकी है? पौराणिकता के साथ आधुनिकता का मेल नाटक की खासियत रही कि इसमें पौराणिक कथा को उसके मूल भाव के साथ रखते हुए आधुनिक समय की समस्याओं को जोड़ा गया। मंच पर देव और असुर केवल पौराणिक पात्रों के रूप में नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर मौजूद सकारात्मक और नकारात्मक प्रवृत्तियों के प्रतीक के रूप में भी सामने आते हैं। प्रस्तुति यह सवाल भी दर्शकों के सामने रखती है कि क्या मनुष्य अपने भीतर के देवत्व और आसुरी प्रवृत्तियों को पहचान पा रहा है? इच्छाओं, महत्वाकांक्षाओं, कमजोरियों और संवेदनाओं से भरे मनुष्य के भीतर भी लगातार एक तरह का ‘मंथन’ चलता रहता है। 100 से अधिक कलाकारों ने रचा मंचीय वैभव नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा की इस प्रस्तुति में 100 से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया। भव्य मंच सज्जा, दृश्य वैभव, संगीत, नृत्य और आधुनिक रंग-तकनीक के माध्यम से समुद्र मंथन की कथा को मंच पर जीवंत किया गया। नाटक में पौराणिक प्रसंगों को आधुनिक रंग-तकनीक और दृश्यात्मक प्रभावों के साथ प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों को एक साथ सांस्कृतिक और समकालीन अनुभव मिला। संगीत और नृत्य ने कथा के भावनात्मक पक्ष को मजबूती दी, वहीं मंच सज्जा ने समुद्र मंथन के विशाल कैनवास को दर्शाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नाटक का संदेश आज के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक दिखाई देता है। आधुनिक विकास ने जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ अनेक उपलब्धियां दी हैं, लेकिन इसके साथ पर्यावरण प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा और रासायनिक खतरों जैसी चुनौतियां भी सामने आई हैं। प्रस्तुति दर्शकों को यह सोचने के लिए प्रेरित करती है कि विकास की दौड़ में हम उसके दुष्परिणामों पर कितना विचार कर रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को सुरक्षित रखना किसकी जिम्मेदारी है और विकास तथा प्रकृति के बीच संतुलन कैसे कायम किया जाए? नाटक इन सवालों को सीधे दर्शकों के सामने रखता है।
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समुद्र मंथन से निकला ‘विष’, उठे कई सवाल: नाटक में पौराणिक कथा के जरिए प्रदूषण, प्लास्टिक और आधुनिक विकास के दिखाए दुष्परिणाम – Jaipur News
2 दोस्तों की हत्या का आरोपी महंत कोलकाता से गिरफ्तार: भिक्षुक बनकर मंदिर के आसपास घूम रहा था, पुलिस रिमांड पर लेकर करेगी पूछताछ – Baghpat News
बागपत के लहचौड़ा गांव में दो दोस्तों अंकित और इसरार की हत्या के आरोपी महंत नरेश नाथ को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। वह भिक्षुक बनकर मंदिर के आसपास घूम रहा था। पुलिस ने शनिवार को उसे पकड़ा और रविवार को बागपत कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। चांदीनगर पुलिस जल्द ही उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। 25 जुलाई को लापता हुए थे दोनों दोस्त अंकित और इसरार 25 जुलाई को सिंगोली तगा गांव से लापता हो गए थे। 13 अगस्त को मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर उनके शव निकाले गए थे। आरोप है कि महंत नरेश नाथ ने अपने दो शिष्यों के साथ मिलकर दोनों की हत्या की थी। पुलिस पहले ही दोनों शिष्यों को गिरफ्तार कर चुकी है।
कई राज्यों में की जा रही थी तलाश महंत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब सहित कई राज्यों में तलाश कर रही थी। आखिरकार उसे कोलकाता से गिरफ्तार किया गया। थाना चांदीनगर प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बागपत लाया गया था। रविवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। जल्द ही उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग दोनों दोस्तों की हत्या के मामले में ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासी विकल्प, मनोज, शमशाद और रमेश कुमार का कहना है कि ऐसे अपराधों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि लोग इस तरह के जघन्य अपराध करने से डरें।
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जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी
मुंबई2 मिनट पहले
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मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे।
कॉन्ट्रैक्टर द्वारा नियुक्त कर्मचारी रोहित भीमू राठौड़ इस कुंड में उतरा। कुंड में फैले करंट के कारण उसकी मौत हो गई।
BMC के मुताबिक इस कुंड को आधी रात के बाद बंद कर दिया गया था। उन्हें तुरंत स्थानीय ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मुंबई में रविवार की शाम ‘लालबागचा राजा गणपति पंडाल’ में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के लिए इकट्ठा हुए।
शनिवार देर रात एक बच्ची की करंट से मौत हुई थी
इससे पहले शनिवार 19 सितंबर की रात मुंबई के लालबाग इलाके के कालाचौकी में करंट लगने की घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुतााबिक घटना से पहले वहां बहुत ज़्यादा भीड़ थी। इसके चलते धक्का-मुक्की हुई थी। घटना में 8 साल की बच्ची और एक महिला की मौत हो गई।
दरअसल, रात 2.20 बजे दत्ताराम लाड मार्ग पर कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के महागणपति पंडाल के प्रवेश द्वार के पास शॉर्ट सर्किट हुआ था।
अधिकारियों ने बताया कि पंडाल के प्रवेश द्वार के पास पीने के पानी और कोल्ड ड्रिंक के एक अस्थायी स्टॉल पर बिजली का करंट पाया गया। इससे 4 लोग घायल भी हुए थे।
मुंबई में 7वें दिन 1300 से ज्यादा मूर्तियों का विजर्सन
BMC ने बताया कि रविवार को उत्सव के सातवें दिन शाम 6 बजे तक मुंबई में कुल 1,338 गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। विसर्जित की गई मूर्तियों में से 14 सार्वजनिक गणेश मंडलों (सामुदायिक समूहों) की थीं, 1,248 घरों की थीं और 76 देवी गौरी की थीं।
देशभर में गणेश विजर्सन से जुड़ी तस्वीरें…

हैदराबाद के खैरताबाद में ‘श्री पंचमुख संकटहारा महागणपति’ की मूर्ति के दर्शन और पूजा के लिए लोग जमा हुए।

गुजरात के राजकोट में एक सेंसर-बेस्ड रोबोट भगवान गणेश की मूर्ति के सामने ‘आरती’ कर रहा है।

श्रीनगर में कश्मीरी पंडित भगवान गणेश की मूर्ति को झेलम नदी में विसर्जित करने के लिए नाव में ले जा रहे हैं।

नई दिल्ली में ‘गणपति विसर्जन’ के दौरान कालिंदी कुंज घाट पर भगवान गणेश की मूर्ति का विसर्जन किया जा रहा है।

कर्नाटक के बेंगलुरु में लोग भगवान गणेश की मूर्तियों के विसर्जन के लिए जुलूस में शामिल हुए।

तमिलनाडु के चेन्नई में विनायक चतुर्थी के जश्न के बाद मरीना बीच पर भगवान गणेश की मूर्ति का समुद्र में विसर्जन किया जा रहा है।

नई दिल्ली के कालिंदी कुंज में लोग यमुना नदी में प्रदूषण से बने झाग के बीच भगवान गणेश की मूर्ति विसर्जित कर रहे हैं।
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हरदोई में गणेश-विसर्जन यात्रा में शिव तांडव करते कलाकार आग से झुलसा: मुंह से आग का गोला निकालने के दौरान चपेट में आया

हरदोई के सांडी कस्बे में रविवार को गणेश महोत्सव के समापन और अनंत चतुर्दशी के मौके पर निकली विसर्जन यात्रा के दौरान हादसा हो गया। शिव तांडव का मंचन कर रहे एक कलाकार मुंह से आग का गोला निकालने का करतब दिखाते समय गंभीर रूप से झुलस गए। पढ़ें पूरी खबर…
अररिया में आकाशीय बिजली गिरने से 1 की मौत: खेत में चारा लेने गए थे, अचानक बिगड़ा मौसम; परिजनों ने मांगा मुआवजा – Araria News
अररिया के जोकीहाट प्रखंड में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा बलवा गांव में हुआ। मृतक की पहचान 40 वर्षीय वीरेंद्र यादव के रूप में हुई है। वह पशुओं के लिए चारा लाने खेत गए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चारा लेने खेत गए थे वीरेंद्र यादव जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र यादव अपने पशुओं के लिए चारा लेने खेत की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अररिया भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे मृतक के भाई अर्जुन कुमार यादव ने बताया कि वीरेंद्र यादव परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वह परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे। उनकी अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार सदमे में है। परिजनों ने मांगी आर्थिक सहायता हादसे के बाद परिजनों ने स्थानीय प्रशासन से आपदा के तहत मिलने वाली सहायता राशि और उचित मुआवजा देने की मांग की है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
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अशोकनगर में आमखो नदी में बहे दो किशोर: नदी में नहाने गए थे, SDRF की टीम रात तक तलाश में जुटी – Ashoknagar News
अशोकनगर के आमखो में रविवार दोपहर झरने में नहाते समय दो किशोर पानी के तेज बहाव में बह गए। दोनों की उम्र करीब 15 साल है। हादसे के बाद पुलिस और SDRF की टीम उनकी तलाश में जुटी है। रात में भी सर्चिंग जारी रही।
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अशोकनगर निवासी ध्रुव दुबे (15) और दक्ष यादव (15) दोपहर करीब 1 बजे तीन दोस्तों के साथ आमखो गए थे। करीब 3 बजे पांचों दोस्त झरने में नहा रहे थे। इसी दौरान ध्रुव और दक्ष तेज बहाव में बह गए। उनके तीन दोस्त सुरक्षित बाहर निकल आए।
मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से सूचना देने में देरी
हादसे के बाद तीनों दोस्तों ने परिजनों को सूचना देने की कोशिश की। घटनास्थल पर मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण करीब एक घंटे तक उन्हें परेशानी हुई। इसके बाद कुछ दूर जाकर उन्होंने परिजनों को घटना की जानकारी दी। लोगों ने चंदेरी पुलिस को भी सूचना दी।
पुलिस और SDRF ने शुरू की तलाश
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। SDRF की टीम भी वहां पहुंच गई और दोनों किशोरों की तलाश शुरू की। रात में भी सर्चिंग जारी रही।
घटनास्थल पर मुंगावली विधायक, दोनों किशोरों के परिजन और रिश्तेदार मौजूद हैं। बताया गया कि घटनास्थल उबड़-खाबड़ है और पानी का बहाव काफी तेज है। इससे तलाश में भी परेशानी आ रही है।
क्या है इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, जो रोकेगी ट्रेन हादसे? इन 7 स्टेशनों पर लगेगी
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Indian railway : भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र के सात रेलेव स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने की मंजूरी दी है. अभी यहां सिग्नल बदलने के लिए मैकेनिकल लीवर या रिले-आधारित सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम ट्रेन हादसे रोकने में बहुत कारगर है.
इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक कंप्यूटर-आधारित आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था है.
नई दिल्ली. भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को ‘जीरो एक्सीडेंट’ के स्तर पर ले जाने और सिग्नलिंग व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. रेलवे ने महाराष्ट्र में सेंट्रल रेलवे के सोलापुर डिवीजन के 7 प्रमुख स्टेशनों पर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) सिस्टम लगाने का फैसला किया है. इस पर ₹209 करोड़ रुपये खर्च होंगे. ये सभी स्टेशन भारतीय रेलवे के ‘हाई डेंसिटी नेटवर्क (HDN-7)’ रूट पर स्थित हैं, जहां ट्रेनों की आवाजाही बहुत ज्यादा रहती है. इस रूट पर सेंट्रल ट्रैफिक कंट्रोल (CTC) और ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (ABS) के काम को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है. यह तकनीक मानवीय भूलों की गुंजाइश को खत्म कर देती है, जिससे दो ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर, गलत ट्रैक पर गाड़ी जाना और सिग्नल जंपिंग (SPAD) जैसे गंभीर हादसों पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी.
सरल शब्दों में कहें तो इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग एक कंप्यूटर-आधारित आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था है. अभी रेलवे ट्रैक बदलने और सिग्नल देने के लिए मैकेनिकल लीवर या रिले-आधारित सिस्टम का इस्तेमाल ही ज्यादा करता है. जिसमें इंसानी चूक या तकनीकी खराबी का खतरा बना रहता है. इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग इन पुरानी प्रणालियों की जगह ले लेती है. यह माइक्रोप्रोसेसर और डिजिटल सॉफ्टवेयर के जरिए काम करती है. यह सिस्टम पटरियों के पॉइंट्स और सिग्नलों के बीच एक ऐसा डिजिटल तालमेल बैठाता है कि जब तक ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित और खाली न हो, सिग्नल हरा (ग्रीन) हो ही नहीं सकता. अगर किसी सिग्नल या ट्रैक पर कोई खामी आती है, तो यह कंप्यूटर खुद-ब-खुद उसका पता लगा लेता है और तुरंत सिस्टम को अलर्ट कर देता है.
मुंबई में BJP विधायक बोले-मुस्लिम गरबा में आ सकते हैं: शर्त रखी- तिलक लगाना होगा, पूजा करनी होगी; मंत्री राणे ने विरोध किया था
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- Borivali Garba Controversy | BJP MLA Sanjay Upadhyay Nitesh Rane Statement
बोरीवली8 घंटे पहले
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बोरीवली में रविवार को गरबा कार्यक्रम के भूमिपूजन में संजय उपाध्याय पहुंचे थे। (फाइल फोटो)
मुंबई के बोरीवली में होने वाले गरबा कार्यक्रम में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर बीजेपी ने शर्त रखी है। बीजेपी विधायक संजय उपाध्याय ने कहा कि गरबा में शामिल होने वाले मुस्लिमों को तिलक लगाना होगा और देवी की पूजा करनी होगी।
इससे पहले महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने भी नवरात्रि के दौरान गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री का विरोध किया था। इस साल शारदीय नवरात्रि 11 से 19 अक्टूबर तक चलेगी। इस दौरान अलग-अलग जगहों पर गरबा और डांडिया कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बीजेपी नेता बोले- मुस्लिमों को तिलक से आपत्ति नहीं होनी चाहिए
पूर्व बीजेपी सांसद गोपाल शेट्टी ने भी मुस्लिमों की गरबा में एंट्री को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई मुस्लिम तिलक लगाकर आता है तो उसे गरबा में शामिल होने दिया जा सकता है। शेट्टी ने कहा कि जिस तरह हिंदू नेता ईद के कार्यक्रमों में टोपी पहनते हैं, उसी तरह गरबा में आने वाले मुस्लिमों को तिलक लगाने में आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम के आयोजक संतोष सिंह ने बताया कि इस बार गरबा के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। कार्यक्रम में एंट्री से पहले लोगों के आधार कार्ड चेक किए जाएंगे।
नितेश राणे ने लगाया था लव-जिहाद का आरोप
नितेश राणे ने सोमवार को न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा था- कुछ मुस्लिम युवक हिंदू नाम बताकर या हिंदू होने का ढोंग करके गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश करते हैं, माथे पर तिलक लगाते हैं। हिंदू लड़कियों से संपर्क कर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं।
उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ का खतरा बताते हुए हिंदू लड़कियों की सुरक्षा के लिए मुसलमानों को गरबा कार्यक्रमों में प्रवेश न देने की मांग की थी।
उन्होंने विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की मांग का समर्थन करते हुए कहा था- जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें हिंदू धार्मिक आयोजनों में भाग नहीं लेना चाहिए। हरेक गरबा मैदानों में लोगों को प्रवेश से पहले अपनी पहचान दिखानी होगी और हनुमान चालीसा का पाठ करना होगा।

मंत्री नितेश राणे ने 7 सितंबर को न्यूज एजेंसी पीटीआई को इंटरव्यू दिया।
महाराष्ट्र CM की पत्नी बोलीं- मुस्लिमों का गरबा देखना गलत नहीं
महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने 9 सितंबर को कहा था कि अगर मुस्लिम भी गरबा देखने आते हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है। त्योहार सभी को साथ लेकर चलने वाले होने चाहिए। अमृता ने यह बात मंत्री राणे के बयान को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में ये बात कही थी।

मुस्लिमों की एंट्री पर विवाद कैसे शुरू हुआ
4 सितंबर, 2026: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों को एंट्री नहीं देने की मांग की। आयोजकों से लोगों की पहचान जांचने और हिंदू पहचान के लिए आधार कार्ड देखने और तिलक लगाने जैसी गाइडलाइन भी जारी की गईं।
6 सितंबर, 2026: VHP के इस रुख की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया। VHP ने फिर कहा कि नवरात्रि देवी की पूजा का त्योहार है और इसे केवल डांस-इवेंट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
7-8 सितंबर, 2026: महाराष्ट्र के मंत्री और BJP नेता नितेश राणे ने VHP के रुख का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि नवरात्रि जैसे आयोजनों के जरिए ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ते हैं। उन्होंने गरबा में आने वालों की पहचान जांचने और यहां तक कि हनुमान चालीसा का पाठ कराने की बात कही।
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ये खबर भी पढ़ें…
महाराष्ट्र में नवरात्रि पर गरबा में मुस्लिम बैन, आधार कार्ड जांच और तिलक से पहचान के बाद एंट्री

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने महाराष्ट्र में नवरात्रि के दौरान गरबा-डांडिया में मुस्लिमों को शामिल नहीं होने देने का फैसला किया है। विहिप ने आयोजकों के लिए नियम तय किए हैं। इनमें आने वालों के आधार कार्ड की जांच और हिंदू पहचान की पुष्टि के लिए माथे पर तिलक लगाने को कहा गया है। पूरी खबर पढ़ें…
बूंदी की 8 निकायों में कल होगा बोर्ड का फैसला: 17 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला, सुबह 10 बजे से मतदान और तुरंत बाद मतगणना – Bundi News
बूंदी सभापति समेत 7 नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक वोटिंग के बाद होगी मतगणना।
बूंदी जिले की 8 नगर निकायों में बोर्ड गठन को लेकर तस्वीर सोमवार, 21 सितंबर को साफ हो जाएगी। नगर निकाय आम चुनाव 2026 के तहत बूंदी नगर परिषद के सभापति और इंद्रगढ़, लाखेरी, नैनवां, देई, हिंडोली, केशोरायपाटन व कापरेन नगरपालिका के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव
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जिला निर्वाचन विभाग के अनुसार, सभी 8 निकायों में अध्यक्ष/सभापति पद के लिए कुल 17 उम्मीदवार मैदान में हैं। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा और मतदान समाप्त होते ही मतगणना की जाएगी। चुनाव को देखते हुए दोनों प्रमुख दलों के पार्षद फिलहाल बाड़ाबंदी में हैं।
बूंदी में दो बड़े नेताओं के बीच सीधा मुकाबला
जिले की सबसे अहम बूंदी नगर परिषद में सभापति पद को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस ने पूर्व सभापति प्रत्याशी रहे अनुभवी नेता टीकम जैन को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा ने भरत कुमार शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। दोनों ही दलों की ओर से बहुमत हासिल करने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में सोमवार को होने वाला चुनाव बोर्ड गठन की दिशा तय करेगा।
नैनवां में त्रिकोणीय मुकाबला
नैनवां नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला तीन उम्मीदवारों के बीच है। भाजपा ने देवकी बाई, कांग्रेस ने कृष्णा मित्तल और निर्दलीय के रूप में युवा चेहरे दिलखुश पोटर को मैदान में उतारा है। निर्दलीय उम्मीदवार की मौजूदगी से यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
इंद्रगढ़ में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
महिला आरक्षित इंद्रगढ़ नगरपालिका अध्यक्ष पद पर कांग्रेस की ऋतु जैन और भाजपा की बीना शर्मा के बीच सीधा मुकाबला है। दोनों दलों के सामने अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती है।
केशोरायपाटन में दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला
केशोरायपाटन नगरपालिका में भाजपा ने अनुराधा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से तुषार शर्मा चुनाव मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला है।
लाखेरी में एक पार्षद का अंतर, निर्दलीय निर्णायक
लाखेरी नगरपालिका में कांग्रेस के पवन कुमार और भाजपा के राकेश कुमार (बाबा) के बीच कड़ी टक्कर है। यहां कांग्रेस के पास भाजपा से एक पार्षद ज्यादा है। नगरपालिका के 35 वार्डों में 17 कांग्रेस, 16 भाजपा और 2 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में दोनों निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
कापरेन में 3 निर्दलीयों पर नजर
महिला आरक्षित कापरेन नगरपालिका में कांग्रेस की सुनीता और भाजपा की अनुपमा अध्यक्ष पद के लिए आमने-सामने हैं। यहां कुल 25 वार्ड हैं। भाजपा और कांग्रेस के पास 11-11 वार्ड हैं, जबकि 3 निर्दलीय पार्षद हैं। दोनों प्रमुख दलों के बराबर संख्या में होने के कारण निर्दलीय पार्षदों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।
देई में भाजपा-कांग्रेस के बीच मुकाबला
देई नगरपालिका में अध्यक्ष पद के लिए भाजपा से महावीर और कांग्रेस से राजू लाल मैदान में हैं। यहां भाजपा का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है।
हिंडोली में कांग्रेस का पलड़ा मजबूत होने का दावा
हिंडोली नगरपालिका में भाजपा के लोकेश और कांग्रेस के हनुमान के बीच मुकाबला है। यहां कांग्रेस का बोर्ड बनना लगभग तय माना जा रहा है।
कल दोपहर तक साफ हो जाएगी तस्वीर
जिला निर्वाचन विभाग ने सभी 8 निकायों में मतदान की तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। इसके तुरंत बाद मतगणना शुरू की जाएगी। परिणाम आने के साथ ही तय हो जाएगा कि बूंदी जिले की 8 निकायों में अध्यक्ष और सभापति की कुर्सी पर किस दल का बोर्ड बनता है।
दिग्गज निवेशक वॉरेन बफे के बेटे हॉवर्ड के रोचक पहलू: पिता वॉरेन करोड़पति बन रहे थे, पर बचपन में हॉवर्ड उन्हें गार्ड समझते थे
दिग्गज कंपनी बर्कशायर हैथवे में वॉरेन बफे के रिटायर होने के बाद उनके बेटे हॉवर्ड बफे (71) को कंपनी का नया चेयरमैन बनाया है। हालांकि कंपनी का मुख्य कामकाज और सीईओ की कमान पहले से ही ग्रेगरी एबेल संभाल रहे हैं। अरबपति के बेटे होने के बावजूद हॉवर्ड का जीवन आम कॉर्पोरेट लीडर्स से अलग रहा है। पढ़िए रोचक किस्से… तीन भाई-बहन में हॉवर्ड दूसरे नंबर पर हैं। हॉवर्ड स्कूल के शुरुआती दिनों में बिल्कुल नहीं जानते थे कि उनके पिता एक मिलियनेयर हैं। एक दिन जब स्कूल में बच्चों से पूछा गया कि उनके पिता क्या काम करते हैं, तो हॉवर्ड और उनकी बहन सुसान ने जवाब दिया कि पिता ‘सिक्योरिटी गार्ड’ हैं। हालांकि कई साल बाद उन्हें ये बात समझ में आई। अरबपति का बेटा होने के बावजूद हॉवर्ड ने बचपन से खेती चुना। एकबार घर के पीछे की जमीन की मिट्टी को खोदकर खेत में बदल दिया। वहीं, कॉलेज के दिनों में बुलडोजर खरीद लिया और पेड़ हटाने और बेसमेंट खोदने का काम शुरू कर दिया। बाद में उन्होंने 1500 एकड़ जमीन पर खुद खेती की। सितंबर 1997 में कनाडा के हडसन बे इलाके में वन्यजीवों की तस्वीरें लेते वक्त भालू ने उन पर हमला कर दिया। तब वे मरते-मरते बचे। हेलिकॉप्टर ने ऐन वक्त पर उनका रेस्क्यू किया। वहीं, 2012 में कांगो के गोमा शहर पर जब विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया, तब हॉवर्ड ने 48 घंटे के भीतर अस्पतालों के लिए जनरेटर और पानी की सप्लाई चालू करवाकर मरीजों की जान बची। 1999 से परोपकार में सक्रिय रहे हॉवर्ड की संस्था अब तक करीब 38 हजार करोड़ रु. खर्च कर चुकी है। हॉवर्ड ने 150 से अधिक देशों की यात्रा भी की है। कार के लिए पिता से की थी स्मार्ट डील 1973 में हाईस्कूल खत्म करते वक्त हॉवर्ड को नई कार खरीदनी थी, तो पिता से एक डील की। उन्होंने तय किया कि अगले तीन साल तक उन्हें जन्मदिन, क्रिसमस या ग्रेजुएशन पर कोई तोहफा न देकर इसके बदले अभी पैसे दिए जाएं। वॉरेन ने 5,000 डॉलर दिए, लेकिन कार महंगी थी। हॉवर्ड ने नौकरी करके 2,300 डॉलर जुटाए और कार खरीदी। हॉवर्ड फोटोग्राफर भी हैं। उन्होंने कई मौकों पर फोटोग्राफी भी की है।
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