Thursday, November 5, 2026
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ट्विशा डेथ केस में सास गिरिबाला की जमानत खारिज: घटना के बाद प्रभावशाली लोगों से संपर्क की जांच करेगी CBI; iPhone-DVR रिपोर्ट का इंतजार – Bhopal News




भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सास और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने जमानत आदेश में केस डायरी के हवाले से बताया कि घटना के बाद गिरिबाला ने ऊंचे पदों पर बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों से कथित तौर पर संपर्क किया था। अदालत ने इन संपर्कों के पीछे की परिस्थितियों की आगे जांच की जरूरत बताई है। इसके साथ ही ट्विशा के आईफोन और गिरिबाला के घर के CCTV DVR की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी लंबित है। आदेश में दर्ज है प्रभावशाली लोगों से संपर्क की बात जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने 26 अक्टूबर को आदेश पारित किया था, जिस पर 4 नवंबर को हस्ताक्षर हुए। आदेश के पैरा 23 में इस पहलू का जिक्र है। कोर्ट ने कहा कि केस डायरी में मौजूद सामग्री घटना के बाद आवेदक की ओर से उच्च पदों पर बैठे प्रभावशाली व्यक्तियों से संपर्क किए जाने की ओर संकेत करती है। इन संपर्कों से जुड़ी परिस्थितियों की आगे जांच की जानी चाहिए। हालांकि, आदेश में किसी व्यक्ति का नाम, पद, बातचीत का समय या संपर्क के माध्यम का ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गिरिबाला ने किन लोगों से संपर्क किया था। आईफोन डेटा और DVR की फॉरेंसिक रिपोर्ट लंबित हाईकोर्ट ने जमानत पर विचार करते समय लंबित फॉरेंसिक और डिजिटल जांच को भी महत्वपूर्ण माना। ट्विशा के आईफोन से डेटा एक्सट्रैक्शन की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। कोर्ट के मुताबिक, इससे घटना से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं और संभावित गवाहों की पहचान में मदद मिल सकती है। वहीं, गिरिबाला के घर में लगे CCTV सिस्टम के DVR से निकाला गया डेटा केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), नई दिल्ली भेजा गया है। इसका उद्देश्य रिकॉर्डिंग की निरंतरता और प्रमाणिकता की जांच करना है। यदि रिकॉर्ड किए गए डेटा में किसी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ सामने आती है, तो उस पहलू की भी आगे जांच की जाएगी। फिलहाल फुटेज से छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है। 2 जून से जेल में बंद हैं पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरिबाला सिंह 2 जून 2026 से जेल में हैं। उन्होंने BNSS की धारा 483 के तहत नियमित जमानत मांगी थी। CBI ने ट्विशा की मौत के मामले में BNS की धाराओं 80(2), 85, 108 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत अपराध दर्ज किया है। हाईकोर्ट ने जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान ट्विशा के परिजनों से हुई बातचीत, CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना के बाद के कथित आचरण सहित केस डायरी में दर्ज सामग्री पर विचार किया। अदालत ने कहा कि मामले की जांच अभी जारी है और महत्वपूर्ण फॉरेंसिक व डिजिटल रिपोर्ट मिलना बाकी है। इसी आधार पर फिलहाल गिरिबाला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया गया।



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पैसों के विवाद में चाकू से हमला, युवक की मौत: जहानाबाद में 5 साथियों को बुलाकर आरोपी ने किया हमला, भाई घायल – Jehanabad News




जहानाबाद में पैसों के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में चाकू से हमला किया गया। इसमें एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई घायल हो गया। घटना गोपालापुर बाजार की है। मृतक की पहचान अशोक कुमार (21) के रूप में हुई है। वहीं कुंदन कुमार (25) घायल है। 5 साथियों के साथ मिलकर किया मारपीट अशोक कुमार और विपिन कुमार के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर पहले से विवाद था। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि विपिन कुमार अपने करीब पांच साथियों के साथ बाजार में अशोक और कुंदन को घेरकर मारपीट करने लगा। इसी दौरान दोनों पर चाकू से हमला किया गया। घायल का अस्पताल में इलाज जारी परिजन दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल, जहानाबाद ले गए। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने अशोक कुमार को मृत घोषित कर दिया। कुंदन कुमार का इलाज किया गया। घटना की सूचना मिलने पर शकूराबाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



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छह राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SSR की घोषणा: इनमें ओडिशा-चंडीगढ़ शामिल; 30 नवंबर को ड्राफ्ट सूची, जनवरी 2027 में फाइनल लिस्ट जारी होगी


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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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चुनाव आयोग ने 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के स्पेशल समरी रिवीजन की घोषणा की है। इनमें अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम शामिल हैं।

इस प्रक्रिया का मकसद योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना है। इसमें खासतौर पर युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा। ड्राफ्ट मतदाता सूची 30 नवंबर को जारी होगी।

फाइनल लिस्ट 21 जनवरी 2027 को जारी होगी। SSR प्रक्रिया उन लोगों से एडवांस आवेदन लेने की सुविधा भी देगा, जो 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को मतदान के योग्य हो जाएंगे।

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Recipe: घर पर बनाएं स्वादिष्ट सोहन हलवा, जानिए बनाने की आसान विधि

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नागौर. अगर आप घर पर ही बाजार जैसी स्वादिष्ट मिठाई बनाना चाहते हैं, तो सोहन हलवा एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इसका स्वाद जितना लाजवाब होता है, इसे बनाने की विधि भी उतनी ही खास है. देसी घी, आटा, चीनी और सूखे मेवों से तैयार होने वाला सोहन हलवा अपनी खास बनावट और मिठास के लिए पसंद किया जाता है. त्योहारों, खास अवसरों या मेहमानों के स्वागत के लिए इसे आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती.

फूड एक्सपर्ट मनीषा कुमारी ने बताया कि सोहन हलवा बनाने के लिए सामक का आटा (अंकुरित गेहूं का आटा), आधा कप चीनी, 3 कप पानी, आवश्यकतानुसार देसी घी, कटे हुए बादाम, काजू, पिस्ता और स्वादानुसार इलायची पाउडर की जरूरत होती है. इसके अलावा हलवे को जमाने के लिए स्टील की छोटी कटोरियां या कोई उपयुक्त सांचा भी रख लें. सूखे मेवों की मात्रा आप अपनी पसंद के अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं. अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल करने से हलवे का स्वाद और खुशबू बेहतर बनती है.

सबसे पहले आटे को अच्छी तरह भूनें
सोहन हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही लें और उसमें पर्याप्त मात्रा में देसी घी गर्म करें. घी गर्म होने के बाद इसमें सामक का आटा डाल दें. अब धीमी आंच पर आटे को लगातार चलाते हुए भूनें. इस दौरान ध्यान रखें कि आटा कड़ाही में नीचे चिपके नहीं और कहीं से जले भी नहीं. आटे को तब तक भूनना है, जब तक उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से अच्छी खुशबू आने न लगे. आटे को सही तरीके से भूनना हलवे के स्वाद और बनावट के लिए बेहद जरूरी है.

इस तरह तैयार करें चीनी की चाशनी
जब आटा भुन जाए, तब दूसरी ओर एक बर्तन में 3 कप पानी और आधा कप चीनी डालकर गर्म करें. इसे मध्यम आंच पर तब तक पकाएं, जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए. इसके बाद चाशनी को थोड़ा गाढ़ा होने दें. सोहन हलवा बनाने के लिए चाशनी की सही मात्रा और उसका सही तापमान महत्वपूर्ण होता है. चाशनी तैयार होने के बाद इसे गर्म ही रखें, ताकि भुने हुए आटे में मिलाते समय मिश्रण अच्छी तरह तैयार हो सके.

चाशनी मिलाकर पकाएं हलवा
अब भुने हुए आटे में गर्म चाशनी को धीरे-धीरे डालें. इस दौरान लगातार कलछी से चलाते रहें, ताकि मिश्रण में गुठलियां न बनें. शुरुआत में मिश्रण थोड़ा पतला दिखाई दे सकता है, लेकिन लगातार पकाने और चलाने से यह धीरे-धीरे गाढ़ा होने लगेगा. इसे धीमी से मध्यम आंच पर अच्छी तरह पकाएं. जब हलवा गाढ़ा होकर कड़ाही के किनारों को छोड़ने लगे और एकसार दिखाई देने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें.

कटोरियों में जमाने का तरीका
अब सोहन हलवे को जमाने की तैयारी करें. इसके लिए स्टील की छोटी कटोरियां या मनपसंद सांचे लें और उनके अंदर हल्का देसी घी लगा दें. इसके बाद कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता नीचे डालें. तैयार गर्म हलवे को सावधानीपूर्वक कटोरियों में भर दें और ऊपर से भी थोड़े सूखे मेवे डालकर सजा दें. हलवे को कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें, ताकि वह अच्छी तरह जम जाए. इसके बाद इसे कटोरी से निकालकर परोस सकते हैं.

त्योहारों और मेहमानों के लिए खास मिठाई
घर पर तैयार किया गया सोहन हलवा स्वाद और खुशबू के मामले में बेहद खास होता है. इसे आप त्योहारों, पारिवारिक समारोहों और विशेष अवसरों पर मिठाई के रूप में परोस सकते हैं. इसकी खास बनावट और सूखे मेवों का स्वाद हर किसी को पसंद आ सकता है. हलवा बनाते समय धीमी आंच, लगातार चलाने और चाशनी को सही तरीके से मिलाने का ध्यान रखें. इन छोटी-छोटी बातों को अपनाकर आप घर पर स्वादिष्ट सोहन हलवा तैयार कर सकते हैं.



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भरतपुर में बंद बेकरी में लगी आग: 1 घंटे में काबू पाया, अंदर रखा सारा सामान जला – Bharatpur News




भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके में एक बेकरी में अचानक आग लग गई। बेकरी में रखा सामान पूरी तरह से जलकर राख हो गया। आग लगने की सूचना पर दमकल की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब 1 घंटे में आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं लग पाया है। देर रात बेकरी मालिक आए थे दुकान पर बेकरी मालिक अनिल वासवानी ने बताया कि उनकी मथुरा गेट थाना इलाके स्थित सेवा बेकरी है। कल शाम वह बेकरी को बंद कर घर चले गए थे। बेकरी के अंदर उनकी कुछ दवाएं रह गई रात 12 बजे वह दवाई लेने के लिए आये तब तक आग नहीं लगी थी। रात करीब 2 बजे बेकरी के आसपास रहने वाले लोगों ने उन्हें फोन कर बताया- उनकी बेकरी के अंदर से आग की लपटें निकल रहीं हैं। वह तुरंत अपनी बेकरी पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस और दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। 8 दमकल ने पाया आग पर काबू मौके पर पुलिस और 8 दमकल की गाड़ियां पहुंची। जिसने करीब 1 घंटे की कोशिश के बाद आग पर काबू पाया। बेकरी में रखा सारा सामन जलकर पूरी तरफ से राख हो गया। आग लगने के कारणों का कुछ पता नहीं लग पाया है।



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NPS निवेशकों के लिए बड़ी खबर, 1 दिसंबर से बदल जाएंगे ये नियम, जानें फायदा


रिटायरमेंट के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए अच्छी खबर है. अब NPS में निवेश करते समय अलग-अलग पेंशन फंड की स्कीमों को समझना और उनका  करना पहले से आसान हो जाएगा. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने NPS की स्कीमों के नाम और उन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर दिखाने के तरीके में बदलाव किया है. इससे निवेशकों को एक ही जगह पर ज्यादा ऑप्शन देना है, ताकि वे अपनी जरूरत और रिस्क उठाने की कैपेसिटी के हिसाब से सही स्कीम चुन सकें.

अभी तक कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को सीमित पेंशन फंड की स्कीम्स ही दिखाई देती थीं. ऐसे में दूसरे फंड की स्कीमों से उनकी तुलना करना मुश्किल हो जाता था. PFRDA ने 2 नवंबर 2026 को जारी सर्कुलर में इस व्यवस्था को बदलने के निर्देश दिए हैं. नए नियमों के तहत प्लेटफॉर्म को चुनी गई कैटेगरी में सभी पेंशन फंड की स्कीमें दिखानी होंगी. सभी संस्थानों को 1 दिसंबर 2026 तक इन बदलावों को लागू करना होगा.

NPS स्कीम्स के नाम में क्या बदलाव होगा?

PFRDA ने मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF) के तहत आने वाली स्कीमों के नाम रखने का तरीका भी तय किया है. अब हर स्कीम के नाम में तीन फैक्टर्स शामिल होंगे. सबसे पहले पेंशन फंड के नाम का छोटा रूप होगा. इसके बाद NPS लिखा जाएगा और आखिर में उस स्कीम का अलग नाम होगा.

उदाहरण के लिए, किसी पेंशन फंड की स्कीम का नाम ‘XYZ NPS Retirement Scheme’ हो सकता है. इससे निवेशकों को नाम देखकर ही यह समझने में मदद मिलेगी कि स्कीम किस पेंशन फंड की है और उसका नाम क्या है. टियर-2 की स्कीमों के नाम के आखिर में ‘Tier II’ लिखना जरूरी होगा. वहीं, टियर-1 को डिफॉल्ट ऑप्शन माना गया है, इसलिए उसके नाम में अलग से टियर-1 लिखने की जरूरत नहीं होगी. इसके अलावा, स्कीम के नाम में A से E तक के कैटेगरी कोड भी शामिल नहीं किए जाएंगे. अगर कोई पेंशन फंड एक ही कैटेगरी में कई स्कीमें चलाता है, तो उन सभी के नाम अलग-अलग होने चाहिए.

अब सभी पेंशन फंड की स्कीमें दिखाना होगा जरूरी

नए नियमों का सबसे बड़ा बदलाव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर स्कीमों की जानकारी दिखाने से जुड़ा है. PFRDA के मुताबिक, अगर कोई पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) अपना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म चलाता है, तो उसे निवेशक की चुनी हुई कैटेगरी में सभी पेंशन फंड की स्कीमें दिखानी होंगी.

उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक NPS में निवेश करते समय किसी खास कैटेगरी को चुनता है, तो उसे उस कैटेगरी के तहत उपलब्ध सभी पेंशन फंड की स्कीमें दिखाई जानी चाहिए. इससे वह अलग-अलग फंड के ऑप्शन एक ही जगह देखकर उनकी तुलना कर सकेगा. अभी कई प्लेटफॉर्म पर निवेशकों को सीमित ऑप्शन मिलते थे. ऐसे में वे दूसरे पेंशन फंड की स्कीमों के बारे में आसानी से जानकारी नहीं जुटा पाते थे. नए नियम इस परेशानी को कम करेंगे.

क्या PoP अपनी पसंद की स्कीम पहले दिखा सकता है?

PFRDA ने प्लेटफॉर्म को पूरी तरह से अपनी पसंद के ऑप्शन दिखाने से नहीं रोका है. कोई PoP किसी खास पेंशन फंड की स्कीम को लिस्ट में सबसे ऊपर रख सकता है. वह किसी स्कीम को पहले से चुने हुए विकल्प के तौर पर भी दिखा सकता है. हालांकि, ऐसा करने के बावजूद उसे बाकी पेंशन फंड की स्कीमें भी दिखानी होंगी. यानी निवेशक को दूसरे विकल्पों से वंचित नहीं रखा जा सकेगा.

इस नियम में एक खास छूट भी दी गई है. अगर कोई निवेशक अपनी मर्जी से किसी पेंशन फंड की वेबसाइट या ऐप पर जाता है और वहीं से खाता खोलने का प्रोसेस पूरा करता है, तो उस प्लेटफॉर्म पर सिर्फ उसी पेंशन फंड की स्कीमें दिखाई जा सकती हैं.

NPS निवेशकों को कैसे होगा फायदा?

इन बदलावों से NPS में निवेश करने वालों को ज्यादा ऑप्शन और बेहतर जानकारी मिलेगी. वे अलग-अलग पेंशन फंड की स्कीमों को एक ही प्लेटफॉर्म पर देखकर अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला कर सकेंगे. इससे किसी एक फंड की स्कीम चुनने का दबाव भी कम होगा.

PFRDA ने NPS सेंट्रल और सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) के प्लेटफॉर्म के लिए भी यही व्यवस्था लागू की है. इन प्लेटफॉर्म पर भी निवेशक की चुनी हुई कैटेगरी के सभी पेंशन फंड की स्कीमें दिखानी होंगी. इन नियमों का मकसद NPS में निवेश की प्रोसेस को ट्रांसपरेंट बनाना है.



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Jio का करोड़ों यूजर्स के लिए दिवाली ‘गिफ्ट’, लॉन्च हुआ 15 रुपये वाला सस्ता प्लान


Jio ने अपने यूजर्स को दिवाली के मौके पर बड़ा तोहफा दिया है। सब्सक्राइबर्स के लिहाज से देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने अपना सबसे सस्ता रिचार्ज प्लान उतारा है, जिसकी कीमत 15 रुपये है। इस प्लान को कंपनी ने एक डेटा ऐड-ऑन के तौर पर पेश किया है, जिसे आप अपने किसी रेगुलर रिचार्ज के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। 5 नवंबर यानी आज से जियो यूजर्स इस नए प्लान के साथ अपना नंबर रिचार्ज करा सकते हैं।

जियो का 15 रुपये वाला प्लान

रिलायंस जियो ने अपने इस 15 रुपये वाले रिचार्ज प्लान में यूजर्स को 24 घंटे की वैलिडिटी ऑफर की है। इसमें यूजर्स को पूरे दिन के लिए कुल 1GB डेटा ऑफर किया जा रहा है। यूजर्स के रेगुलर प्लान में अगर डेटा खत्म हो जाए तो इमरजेंसी के तौर पर इस डेटा पैक को ले सकते हैं। इस डेटा पैक के साथ यूजर्स हाई-स्पीड इंटरनेट के साथ-साथ 4K वीडियो स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और बड़ी फाइल डाउनलोड करने जैसे काम आसानी से कर सकते हैं।

Image Source : RELIANCE JIOजियो का नया प्लान

इस पैक के साथ यूजर्स मोबाइल हॉट-स्पॉट के जरिए अन्य डिवाइसेज जैसे कि लैपटॉप या टैबलेट में भी इंटरनेट यूज कर सकते हैं। जियो ने अपने इस प्लान में यूजर्स को 200MB फ्री 4G डेटा भी ऑफर कर रहा है। इस प्लान के साथ अनलिमिटेड 5G डेटा का भी लाभ मिलता है। हालांकि, यह फायदा उन यूजर्स को मिलेगा जो जियो के 5G नेटवर्क को अपने 5G स्मार्टफोन में यूज कर रहे हैं।

TRAI वाले सस्ते पैक

जियो ने इससे पहले TRAI के रेकोमेंडेशन वाले चार सस्ते रिचार्ज प्लान पेश किए हैं। जियो के ये रिचार्ज पैक 147 रुपये, 177 रुपये, 196 रुपये और 197 रुपये में आते हैं। 147 रुपये वाले प्लान में यूजर्स को 22 दिनों की वैलिडिटी मिलती है। वहीं, 177 रुपये वाले प्लान में 28 दिनों की, 196 रुपये वाले पैक में 30 दिनों की और 196 रुपये वाले प्लान में कैलेंडर मंथ की वैलिडिटी ऑफर की जा रही है। ये सभी प्लान केवल अनलिमिटेड वॉइस कॉलिंग और 300 फ्री SMS के बेनिफिटेस के साथ आते हैं। इनमें यूजर्स को डेटा का लाभ नहीं मिलता है। यूजर्स इन प्लान के साथ नए लॉन्च हुए 15 रुपये वाले डेटा ऐड-ऑन पैक का इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें – 21 घंटे की बैटरी बैकअप के साथ Dell का नया लैपटॉप लॉन्च, मिलेगा 16GB रैम





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हार के बाद ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी में बगावत: नेताओं ने रक्षा मंत्री को घेरा, बोले- ईरान जंग में फंसाया; टैरिफ से भी बिगड़ी बात


वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले

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मिडटर्म चुनाव में हार के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी में अंदरूनी नाराजगी सामने आने लगी है। टेक्सास के पूर्व रिपब्लिकन कार्यकारी निदेशक चैड विलबैंक्स ने ईरान युद्ध, टैरिफ और रूस के राष्ट्रपति पुतिन का पक्ष लेने वाले ट्रम्प के फैसलों को हार की वजह बताया।

CNN के मुताबिक, ट्रम्प के करीबी नेताओं ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर आरोप लगाया कि उन्होंने राष्ट्रपति को ईरान युद्ध में उलझा दिया, लेकिन इससे निकलने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी माना कि ईरान युद्ध के कारण ट्रम्प के कई पुराने समर्थकों ने इस बार रिपब्लिकन पार्टी से दूरी बनाई।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स

हाउस में कुल 435 सीटें हैं। सभी सीटों पर चुनाव हुए। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 242 और ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने 151 सीटें जीती हैं। 42 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। डेमोक्रेट्स को जरूरी बहुमत मिल चुका है।

सीनेट

सीनेट की 100 सीटों में से 35 पर चुनाव हुए हैं। अब तक 33 सीटों के नतीजे सामने आ चुके हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 20 और रिपब्लिकन पार्टी ने 13 सीटें जीती हैं। बाकी 2 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है। इन नतीजों को मिलाकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 54 और रिपब्लिकन पार्टी के पास 44 सीटें हैं।

गवर्नर चुनाव

कुल 36 सीटों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। 22 डेमोक्रेट्स और 12 रिपब्लिकन ने सीटें जीती हैं। 2 राज्यों में वोटों की गिनती जारी है।

लाइव अपडेट्स

9 मिनट पहले

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ट्रम्प ने माना- मिडटर्म में हार की वजह ईरान जंग

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने माना है कि ईरान के साथ जंग के कारण मिडटर्म चुनाव में उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा नुकसान हुआ। हालांकि, उन्होंने इसका बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यही एक रास्ता था।

CNBC के मुताबिक ट्रम्प ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा,

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ईरान जंग की वजह से कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई थीं। लेकिन अगर मुझे दोबारा फैसला लेने का मौका मिले, तो मैं फिर यही करूंगा।

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17 मिनट पहले

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अपनी ही पार्टी में घिरे ट्रम्प, हार के लिए जिम्मेदार ठहराए गए

रिपब्लिकन पार्टी के टेक्सास से पूर्व कार्यकारी निदेशक चैड विलबैंक्स ने आरोप लगाया कि ट्रम्प के फैसलों से पार्टी को नुकसान हुआ। इसमें ईरान जंग, व्यापार नीति और रूस के राष्ट्रपति पुतिन का पक्ष लेने जैसे फैसले शामिल है।

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के कुछ करीबी रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को भी इस हार का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि हेगसेथ ने ट्रम्प को ईरान जंग में उलझा दिया, लेकिन इसे खत्म करने की कोई स्पष्ट योजना नहीं बनाई।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी कह चुके हैं कि ईरान जंग के कारण 2024 में ट्रम्प को वोट देने वाले कई मतदाता इस बार रिपब्लिकन पार्टी से दूर हो गए।

इसके अलावा,

  • टेक्सास के रिपब्लिकन नेता डॉन हफाइन्स ने पार्टी नेतृत्व और टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट की नीतियों को हार की वजह बताया।
  • सासंद चिप रॉय ने विवादित उम्मीदवारों और चुनाव प्रचार पर खर्च को हार की वजह बताया।
  • रणनीतिकार मैट मैकोविएक ने कहा कि पार्टी ने सीमित वोटर वर्ग पर ज्यादा ध्यान दिया और उसकी चुनावी रणनीति कमजोर रही।

32 मिनट पहले

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ईरान जंग खत्म होने की उम्मीद से कच्चा तेल 1.5% तक सस्ता

मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है। एक्सपर्ट्स को उम्मीद है कि चुनाव नतीजों के बाद ईरान के साथ जंग खत्म हो सकती है।

एशियाई बाजार में गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 0.9% गिरकर 93.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी कच्चे तेल की कीमत करीब 1.5% गिरकर 86.83 डॉलर प्रति बैरल रही।

54 मिनट पहले

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4 राज्यों में पहली बार अश्वेत गवर्नर चुने गए

55 मिनट पहले

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डेमोक्रेट पार्टी को अश्वेत-एशियाई लोगों ने ज्यादा वोट दिया

06:19 AM5 नवम्बर 2026

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जीत के बाद डेमोक्रेट्स के सामने वादे पूरे करने की चुनौती

मिडटर्म में बड़ी जीत के बाद डेमोक्रेटिक पार्टी के सामने अब अपने चुनावी वादे पूरे करने की चुनौती है। पार्टी नेताओं ने महंगाई कम करने और ईरान के साथ जंग खत्म करने को अपनी प्राथमिकता बताया है।

हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि उनकी पार्टी आम लोगों के लिए काम करेगी। उनके अगले हाउस स्पीकर बनने की संभावना है। ऐसा होने पर वे इस पद पर पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे।

05:41 AM5 नवम्बर 2026

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इस चुनाव में बने 4 नए रिकॉर्ड

05:16 AM5 नवम्बर 2026

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ट्रम्प ने जिसे जिहादी बोला, वो सांसद बन गया

‘अगर तुम ब्लैक या यहूदी हो और अब्दुल को वोट देते हो, तो तुम पागल हो। वो एक जिहादी है। वो खतरनाक और हिंसक जिहादी है।’

ये शब्द अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हैं, जो उन्होंने अब्दुल अल-सैयद के बारे में कहे थे। मिडटर्म चुनाव नतीजों में 52% से ज्यादा मतों के साथ डेमोक्रेटिक पार्टी के अब्दुल अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…

04:57 AM5 नवम्बर 2026

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US मिडटर्म इलेक्शन, कार्टूनिस्ट मंसूर नकवी की नजर से

04:48 AM5 नवम्बर 2026

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डेमोक्रेट पार्टी को युवाओं ने ज्यादा वोट दिए

04:37 AM5 नवम्बर 2026

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अलास्का की सीनेट सीट पर वोटरों की गिनती जारी

अमेरिका के अलास्का राज्य में सीनेट चुनाव के नतीजे का इंतजार है। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार मैरी पेल्टोला, रिपब्लिकन उम्मीदवार और मौजूदा सीनेटर डैन सुलिवन से करीब 600 वोटों से आगे हैं।

04:24 AM5 नवम्बर 2026

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मिडटर्म चुनाव के नतीजों का कनाडा पर असर

कनाडा का प्रधानमंत्री कार्यालय। (फाइल फोटो)

कनाडा का प्रधानमंत्री कार्यालय। (फाइल फोटो)

मिडटर्म चुनाव के नतीजों को कनाडा के लिए अच्छी खबर माना जा रहा है। डेमोक्रेट्स की जीत को अमेरिकी वोटरों की ट्रम्प के टैरिफ के खिलाफ नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है।

कनाडा के ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने बुधवार को कहा, ‘मैं खुशी से सड़कों पर उछल रहा था। यह कनाडा की जीत है।’

हालांकि, चुनाव नतीजों से कनाडा को तुरंत टैरिफ से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता फिर शुरू हो गई है। ऐसे में कनाडा को अमेरिका के साथ बेहतर समझौते की उम्मीद है।

हालांकि, संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति का टैरिफ पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। इसकी वजह है कि ट्रम्प ने ज्यादातर टैरिफ संसद की मंजूरी के बिना राष्ट्रपति के आदेश से लगाए हैं।

04:11 AM5 नवम्बर 2026

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डेमोक्रेट्स अब जीत के बाद क्या करेंगे?

जनवरी में नई संसद शुरू होने के बाद डेमोक्रेट्स कमान संभालेंगे। वे ट्रम्प प्रशासन के कामकाज की जांच कर सकेंगे।

ट्रम्प की नियुक्तियां रोक सकेंगे

राष्ट्रपति मंत्रियों, बड़े अधिकारियों और जजों के नाम तय करते हैं, लेकिन सीनेट की मंजूरी जरूरी होती है। अब सीनेट में डेमोक्रेट्स का बहुमत होगा। ऐसे में वे ट्रम्प के चुने हुए लोगों की नियुक्तियों को रोक सकते हैं।

ट्रम्प के वीटो को नहीं पलट पाएंगे

ट्रम्प किसी कानून को मंजूरी देने से इनकार कर सकते हैं। इसे वीटो कहते हैं। संसद के दोनों सदन दो-तिहाई बहुमत से इसे पलट सकते हैं। लेकिन डेमोक्रेट्स के पास इतना बहुमत नहीं है।

03:56 AM5 नवम्बर 2026

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मिसिसिपी में सीनेट चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार की बढ़त बढ़ी

डेमोक्रेटिक अमेरिकी सीनेट उम्मीदवार स्कॉट कोलोम 4 नवंबर को मिसिसिपी में पत्रकारों से बात करते हुए।

डेमोक्रेटिक अमेरिकी सीनेट उम्मीदवार स्कॉट कोलोम 4 नवंबर को मिसिसिपी में पत्रकारों से बात करते हुए।

अमेरिका के मिसिसिपी राज्य में सीनेट चुनाव की गिनती जारी है। करीब 96% वोटों की गिनती हो चुकी है।

BBC के नए आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेट उम्मीदवार स्कॉट कोलम रिपब्लिकन उम्मीदवार सिंडी हाइड-स्मिथ से 1138 वोटों से आगे हैं।

करीब एक घंटे पहले कोलम की बढ़त सिर्फ 65 वोट थी। अब उनकी बढ़त करीब 0.1% हो गई है।

03:43 AM5 नवम्बर 2026

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हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं का एक-दूसरे पर आरोप

मिडटर्म चुनाव में हार के बाद रिपब्लिकन पार्टी में सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के नेता हार की वजह तलाश रहे हैं और एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं।

BBC के मुताबिक, वोटर्स ने ईरान जंग को लेकर राष्ट्रपति ट्रम्प के फैसले पर नाराजगी जताई। अब उनके करीबी नेता भी इस जंग से दूरी बनाने लगे हैं। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल हैं।

वेंस ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘हमारी हार की वजह जंग है। आगे क्या करना है, इस पर कोई भी चर्चा इसी बात से शुरू होनी चाहिए।’

03:27 AM5 नवम्बर 2026

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34 साल पुराना रिकॉर्ड दोहरा सकते हैं डेमोक्रेट्स

NBC न्यूज के अनुमान के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 258 सीटें मिल सकती हैं। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो पार्टी 1992 के बाद पहली बार इतनी सीटें हासिल करेगी।

1992 में हुए चुनाव में डेमोक्रेट्स को 258 सीटें मिली थीं। इसके बाद 2008 के चुनाव में पार्टी ने 257 सीटें जीती थीं। इन चुनावों के बाद बिल क्लिंटन और बराक ओबामा 1993 और 2009 में राष्ट्रपति बने थे।

03:26 AM5 नवम्बर 2026

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सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटें जरूरी

सीनेट में कुल 100 सीटें हैं। बहुमत के लिए 51 सदस्यों का समर्थन जरूरी है। इस बार सीनेट की 35 सीटों पर चुनाव हुए। डेमोक्रेट्स ने 20 सीटें जीती हैं। अब सीनेट में डेमोक्रेट्स के पास 54 सीटें हो गई हैं। अभी 2 सीटों पर फैसला आना बाकी है।

03:25 AM5 नवम्बर 2026

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हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटें जरूरी

अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं। यहां बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है।

इस बार हाउस की सभी 435 सीटों पर चुनाव हुए। 42 सीटों पर वोटों की गिनती जारी है।

03:10 AM5 नवम्बर 2026

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ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव में हार से पल्ला झाड़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की करारी हार से पल्ला झाड़ लिया है। चुनाव प्रचार के दौरान वे बार-बार खुद को चुनाव का चेहरा बता रहे थे और वोटर्स से उन्हें उम्मीदवार मानकर वोट देने की अपील कर रहे थे।

उन्होंने 47 बार खुद के नाम पर लोगों से वोट देने के लिए कहा। लेकिन नतीजे आने के बाद ट्रम्प ने कहा कि वे खुद चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे, इसलिए रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक बड़ी संख्या में वोट डालने नहीं पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें…

02:56 AM5 नवम्बर 2026

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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में 5 भारतवंशी जीते

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में 5 भारतवंशी नेताओं ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में जीत हासिल की है। जबकि एक उम्मीदवार अमीष शाह आगे चल रहे हैं। ये सभी डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य हैं।

जीतने वालों में रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम और पिया दांडिया शामिल हैं। इससे पहले 2024 के चुनाव में 6 भारतवंशी इस सदन के लिए चुने गए थे। पूरी खबर पढ़ें…

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यूपी में सुबह कोहरा-शाम को ठिठुरन बढ़ी: दिवाली वाले हफ्ते में बढ़ेगी सर्दी, नोएडा की हवा सबसे ज्यादा खराब, AQI 405 पहुंचा – Uttar Pradesh News




उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सुबह और शाम हल्की ठिठुरन महसूस होने लगी है, जबकि कई जिलों में कोहरे ने भी दस्तक दे दी है। गुरुवार सुबह भी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ समेत 10 शहरों में कोहरा छाया हुआ है। कई जगह दृश्यता घटकर 50 मीटर तक पहुंच गई। ग्रामीण इलाकों में 10 मीटर दूर देखना भी मुश्किल हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, दिवाली वाले हफ्ते में ठंड और बढ़ेगी। सुबह के समय कोहरा छाए रहने की संभावना है। दूसरी ओर, पश्चिमी यूपी के एनसीआर वाले जिलों में प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। नोएडा का एक्यूआई 405 दर्ज किया गया, जबकि गाजियाबाद, हापुड़ और बागपत की हवा भी रेड जोन में पहुंच गई है। वाराणसी बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया- बंगाल की खाड़ी से उठे नए तूफान का यूपी पर सीधा असर नहीं पड़ रहा है। हालांकि, प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। दिवाली वाले हफ्ते में तापमान में और गिरावट आने के आसार हैं। सुबह के समय कोहरा बना रह सकता है। मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम की ठंडक बढ़ेगी। मौसम की तस्वीरें देखिए- 4 जिलों की हवा सांस लेने लायक नहीं, प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेप-2 लागू झांसी सबसे गर्म, मुजफ्फरनगर में सबसे ठंडी रात 4 नवंबर के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान झांसी में 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वाराणसी और बहराइच 32.2 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहे। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और गोरखपुर में 31.6 डिग्री रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान के आंकड़ों में वाराणसी 20 डिग्री के साथ सबसे नीचे रहा। लखीमपुर खीरी में 20.2, अयोध्या में 20.5, बलिया में 20.7 और फतेहपुर में 22 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मंगलवार रात मुजफ्फरनगर में पारा 15.3 डिग्री तक गिरने से वहां सबसे ज्यादा ठंड महसूस की गई। CM बोले- फसल बर्बादी पर तत्काल मुआवजा दें यूपी में 29 से 31 अक्टूबर तक अर्नब तूफान की वजह हुई लगातार बारिश से फसलों को हुए नुकसान पर सीएम योगी एक्शन में हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में उतरकर तत्काल फसल को हुए नुकसान का आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही फसल बर्बादी पर तत्काल मुआवजा देने के लिए कहा। साथ ही कहा कि हम किसानों के लिए विशेष पैकेज लेकर आएंगे। रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई में बरतें सावधानी नवंबर में बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रबी फसलों के प्रबंधन में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासकर पूर्वांचल में गेहूं, चना, मटर और सरसों की बुवाई के दौरान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें। निचले खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान हो सकता है। जिन खेतों में बारिश के कारण पर्याप्त नमी है, वहां अनावश्यक सिंचाई से बचें। मौसम की स्थिति और मिट्टी में नमी को देखते हुए ही बुवाई और सिंचाई का निर्णय लें। ठंड-कोहरे में इन फसलों का रखें ध्यान



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भोजपुर- बीपीएससी की तैयारी कर रही महिला की मौत: ट्यूशन पढ़ाकर पति के साथ लौट रही थी, नींद आने के कारण बाइक से गिरी; अस्पताल में गई जान – Bhojpur News




भोजपुर जिले के पीरो थाना क्षेत्र के पीरो ओवर ब्रिज के समीप बुधवार की देर शाम चलती बाइक से गिरकर एक महिला की मौत हो गई। इलाज के लिए सदर अस्पताल लाने के दौरान उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान इमादपुर थाना क्षेत्र के खुटहां गांव के रहने वाले मो. मुमताज अंसारी की 23 साल की पत्नी फातमा खातून के रूप में हुई है। फातमा बीपीएससी की तैयारी कर रही थी। बाइक से गिरकर गंभीर रूप से हुई थी जख्मी इधर, मृतका के पति मो. मुमताज अंसारी ने बताया कि घटना वह बुधवार की शाम ट्यूशन पढ़ने के लिए पीरो बाजार स्थित कोचिंग सेंटर में आई थी। बुधवार की देर शाम जब वह मेरे साथ बाइक से वापस घर लौट रही थी। उसी दौरान उसे झपकी आ गई। जिसके कारण वह असंतुलित होकर वह चलती बाइक से गिर पड़ी और गंभीर रूप से जख्मी हो गई। इसके बाद उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने देख उसे मृत घोषित कर दिया। तब पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया। बताया जाता है कि मृतका को एक पुत्र अल्ताफ हुसैन है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया। उसकी उसके परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।



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