मुरादाबाद के लाइनपार स्थित रामलीला मैदान में गुरुवार को सीता हरण, शबरी संवाद और राम-हनुमान की मित्रता के प्रसंगों का मंचन हुआ। कलाकारों ने इन दृश्यों का मंचन किया, जिसे देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रामलीला गणेश वंदना और मां सरस्वती की पूजा से शुरू हुई। शूर्पणखा की नाक कटने पर रावण ने सीता हरण की योजना बनाई। उसने मामा मारीच को सोने का हिरण बनाकर पंचवटी भेजा। सीता के आग्रह पर श्रीराम हिरण के पीछे वन गए। श्रीराम के चिल्लाने की आवाज सुनकर सीता चिंतित हुईं, लक्ष्मण को मदद के लिए भेजा। रावण साधु का रूप धारण कर कुटिया पहुंचा और धोखे से सीता का हरण कर लिया। सीता की खोज में श्रीराम-लक्ष्मण शबरी की कुटिया पहुंचे। शबरी ने उनका स्वागत कर सुग्रीव से मिलने की सलाह दी। राम-लक्ष्मण सुग्रीव के पास पहुंचे। हनुमान जी और श्रीराम के मिलन के साथ ही दोनों की मित्रता का प्रसंग दिखाया गया। समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, मंत्री मयंक बंसल, रोहित बंसल, अतुल अग्रवाल, संदीप बंसल, प्रदीप बंसल, रॉबिन अग्रवाल और अंशुल अग्रवाल ने आयोजन में सहयोग किया।
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पटना में अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़: 10 शातिर गिरफ्तार, 2.86 लाख कैश बरामद; कई राज्यों तक फैले तार – Patna News
पटना पुलिस ने अगमकुआं इलाके में किराए के मकान से चल रहे साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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इनके ठिकाने से 2.86 लाख रुपए नकद, 89 एटीएम कार्ड, 82 चेकबुक, 76 पासबुक और 47 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े मिले हैं।
पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने 6 और 7 अक्टूबर को शीतलानगर नहर रोड स्थित मकान में छापा मारा। आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। वे बैंकिंग किट जमा करते, ठगी की रकम निकालते और उसे दूसरे खातों में भेजते थे।
पुलिस के अनुसार, आरोपी छह महीने से मकान की तीसरी मंजिल पर दो फ्लैट किराए पर लेकर रह रहे थे। राहुल कुमार की जानकारी पर बाकी 9 आरोपी पकड़े गए। इनमें राहुल कुमार, कुलदीप सिंह, राजू कुमार, कन्हैया कुमार, शिशुपाल सिंह, विष्णु कुमार, राहुल हैला, धनराज कुमार, शादीक आलम और मो. मजीद शामिल हैं।
47 मोबाइल और 17 लोगों के आधार कार्ड मिले
पुलिस ने तलाशी के दौरान 6 की-पैड फोन, 47 मोबाइल, एक लैपटॉप, 9 सिम कार्ड, 9 पैन कार्ड और 17 अलग-अलग लोगों के आधार कार्ड भी बरामद किए। इनमें आदित्य राज नाम के व्यक्ति का आधार कार्ड भी शामिल है।
इसके अलावा 89 एटीएम कार्ड, 82 चेकबुक और 76 पासबुक मिलने से पुलिस को आशंका है कि गिरोह बड़े पैमाने पर बैंक खातों और बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहा था। दूसरे लोगों के नाम पर फर्जी खाते खुलवाने के भी प्रमाण मिले हैं।
दूसरे राज्यों तक नेटवर्क की जांच
शुरुआती जांच में गिरोह के तार बिहार से बाहर भी जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों के जरिए कितनी रकम की ठगी की गई और इसमें दूसरे राज्यों में सक्रिय लोगों की क्या भूमिका है। बरामद मोबाइल, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, ठगी की रकम और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
Opinion : आईटी शेयरों में आ रही तेजी किसी और सेक्टर के गिरने पर इतराने जैसी तो नहीं
नई दिल्ली. भारतीय शेयर बाजार पिछले कुछ महीनों से कई तरह के रंग दिखा रहा है. साल की शुरुआत से ही दबाव में चल रहे भारतीय आईटी सेक्टर ने अचानक उछाल मारना शुरू कर दिया. आप अक्टूबर के आंकड़े देखें तो भारतीय आईटी सेक्टर की लगभग सभी कंपनियों में तेजी दिख रही है. एक निवेशक के तौर पर भले ही आप यह तेजी देख खुश हो रहे हों और यह खुशफहमी भी पैदा कर ली हो कि अब आईटी शेयरों के दिन लौट आए हैं. लेकिन, जब आपकी नजरें ग्लोबल मार्केट की तरफ उठेंगी तो यह सवाल खुद ब खुद सामने आ जाएगा कि कहीं यह तेजी किसी और सेक्टर में आ रही गिरावट पर इतराने जैसी तो नहीं. मसलन, ग्लोबल मार्केट में अन्य सेक्टर में आई बिकवाली ही तो भारतीय आईटी सेक्टर में खरीदारी की वजह तो नहीं बन गई.
सबसे पहले आपको भारतीय आईटी सेक्टर के अक्टूबर के प्रदर्शन के बारे में बताते हैं. एक से 14 अक्टूबर तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस दौरान सबसे ज्यादा 12.8 फीसदी उछाल एचसीएल टेक में दिख रहा है, जबकि टीसीएस ने इस दौरान 11 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है. इन्फोसिस ने भी 9.6 फीसदी का उछाल मारा है और विप्रो तो 7.6 फीसदी की तेजी हासिल करने में कामयाब रही है. कोफोर्ज (Coforge) में 6.2 फीसदी की तेजी दिख रही है तो टेक महिंद्रा ने भी 4.4 फीसदी ग्रोथ बनाई है. आपको बता दें कि यह तेजी तब दिख रही है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीन कार्ड और वीजा नियमों में सख्त बदलाव किया है. इसका भारतीय आईटी सेक्टर्स पर गहरा असर पड़ा है.
अब डालते हैं ग्लोबल मार्केट पर नजर
आपने घरेलू बाजार में आईटी सेक्टर में आई तेजी तो देख ली, अब इसका दूसरा पहलू भी देखते हैं. दरअसल, इसी दौरान ग्लोबल मार्केट में एआई और चिप कंपनियों के शेयरों में लगातार गिरावट आती दिख रही है. अमेरिका सहित तमाम एशियाई बाजारों में एआई और चिप कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट दिखी है. एक्सपर्ट का मानना है कि इस दौरान भारतीय बाजार में आई तेजी सेक्टर रोटेशन का नतीजा हो सकती है. निवेशकों को जब चिप और एआई सेक्टर में कमजोरी दिखी तो यहां से पैसे निकालकर आईटी कंपनियों में डाल रहे हैं, वह भी भारतीय बाजार में जो सबसे ज्यादा अमेरिकी बाजार पर ही निर्भर है.
दूसरे फैक्टर भी करते हैं काम
एचसीएल टेक में सबसे ज्यादा तेजी दिख रही है, लेकिन यह सिर्फ सेक्टर रोटेशन की वजह से नहीं है, बल्कि कंपनी की मजबूत तिमाही ग्रोथ ने भी निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है. 15 अक्टूबर को निफ्टी आईटी इंडेक्स में 2 फीसदी का उछाल दिखा और महज 3 कारोबारी सत्र में यह 8 फीसदी चढ़ चुका है. इस पूरे सिनेरियो में आपको यह समझना भी जरूरी है कि आखिर अमेरिका और एशिया में एआई शेयर क्यों गिर रहे हैं. दरअसल, इस बार की गिरावट सिर्फ मुनाफावसूली नहीं है, बल्कि एआई के भविष्य और उस पर हो रहे भारी-भरकम निवेश पर उठ रहे सवालों का नतीजा हैं. इसके अलावा अमेरिका में बढ़ती महंगाई से ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव भी है. अगर फेड रिजर्व ऐसा करता है तो ऊंचे वैल्यूएशन वाली टेक कंपनियों पर भी दबाव बढ़ सकता है.
- एआई और चिप पर क्या है चिंता
- एआई पर रिटर्न की चिंता : अमेरिकी और एशियाई बाजारों में एआई कंपनियों के शेयरों में आ रही गिरावट की वजह निवेशकों में एआई पर रिटर्न की चिंता है. दरअसल, एआई कंपनियां अपने डाटा सेंटर, चिप और कंप्यूटिंग क्षमता पर काफी पैसा खर्च कर रही हैं. इससे निवेशकों को चिंता है कि बढ़ती महंगाई के बीच उनका मुनाफा लौटेगा या नहीं.
- चिप कंपनियों में बिकवाली : दक्षिण कोरिया सहित तमाम चिप बाजारों में दबाव दिख रहा है. 15 अक्टूबर को कॉस्पी 8 फीसदी से भी ज्यादा टूट गया, जबकि जापान का निक्केई भी 5 फीसदी नीचे आया है. दुनिया के बड़े चिप विनिर्माताओं जैसे सैमसंग, हायनिक्स के शेयरों पर भारी दबाव है.
इस दबाव से आईटी को क्यों हो रहा फायदा
बाजार के एक्सपर्ट का मानना है कि एआई और चिप से जुड़ी कंपनियों में दबाव और बिकवाली बढ़ने की वजह से निवेशक पारंपरिक आईटी सेवाओं वाली कंपनियों की ओर लौट रहे हैं. दरअसल, भारतीय आईटी कंपनियां दुनिया की तमाम कंपनियों को सॉफ्टवेयर सर्विस, क्लाउड माइग्रेशन, साइबर सुरक्षा, सिस्टम इंटीग्रेशन और एआई के इस्तेमाल में मदद करती हैं. इन कंपिनयों का कारोबार सिर्फ चिप बनाने तक सीमित नहीं है. यही वजह है कि उन्हें एआई और चिप से ज्यादा पारंपरिक भारतीय आईटी कंपनियों में अवसर दिख रहा है. शेयर बाजार एक्सपर्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि एआई शेयरों में आई गिरावट भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव मूव बना सकता है. इससे भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार हो रही निकासी पर भी लगाम लगाई जा सकती है.
क्या आगे भी जारी रह सकती है तेजी
ऊपर दिए गए आंकड़ों से एक बात तो तय है कि भारतीय आईटी सेक्टर में आ रही तेजी सिर्फ एआई और चिप कंपनियों में गिरावट का नतीजा नहीं है. HCLTech को बाजार नतीजों का काफी साथ मिला है.कंपनी ने सितंबर तिमाही में 21 फीसदी से ज्यादा ग्रोथ हासिल की है और एआई से उसकी सालाना कमाई करीब 22 करोड़ डॉलर पहुंच चुकी है. हालांकि, विप्रो जैसी कंपनियों को तिमाही नतीजों का उतना साथ नहीं मिला लेकिन सेक्टर में आ रही तेजी का फायदा जरूर मिल रहा है, क्योंकि टीसीएस के शेयरों में भी तगड़ा उछाल आया है. हालांकि, आगे इसमें तेजी बनी रहेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से निकासी कम कर सकते हैं या फिर जारी रखेंगे. साथ ही अगर अमेरिका में आईटी खर्च और ब्याज दरें बढ़ती हैं तो कंपनियां अपना खर्च रोक सकती हैं. इससे भारतीय आईटी कंपनियों पर भी दबाव आ सकता है.
मैहर में दुर्गा प्रतिमा जुलूस में घुसी बाइक: डीजे पर नाच रहे 6 श्रद्धालु घायल, सभी अमरपाटन के रहने वाले – Maihar News
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र में एनएच-30 पर स्थित पड़हा गांव में गुरुवार रात पंचमी के मौके पर दुर्गा प्रतिमा ले जा रहे श्रद्धालुओं के जुलूस में एक तेज रफ्तार बाइक घुस गई, जिसकी चपेट में आने से बाइक सवार समेत कुल छह लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण पिकअप वाहन में दुर्गा प्रतिमा रखकर स्थापना स्थल की ओर जा रहे थे। वाहन के साथ बड़ी संख्या में लोग पैदल चल रहे थे और डीजे की धुन पर नाच रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर भीड़ के बीच जा घुसी। इस हादसे में श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाइक सवार भी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को ले जाया गया अस्पताल विपिन विश्वकर्मा (29 वर्ष, पिता रामहित विश्वकर्मा) – बाइक सवार रामेश्वर साकेत (60 वर्ष, पिता शिवबालक साकेत) जगदीश साकेत (50 वर्ष, पिता शिवबालक साकेत) शोभनाथ साकेत प्यारे लाल कोल कलावती यादव फूलमती कोल ये सभी घायल अमरपाटन, मैहर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना गुरुवार रात करीब साढ़े नौ बजे की है। हादसे की सूचना मिलते ही समाजसेवी दीपू पड़हा और 1033 हाईवे एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
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फूलगोभी के पत्ते आते हैं काम! जानिए घर पर देसी साग बनाने का आसान तरीका
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Lakhimpur Kheri: सर्दियों में फूलगोभी की मांग बढ़ जाती है और घरों में इसकी सब्जी भी खूब बनाई जाती है. लेकिन फूलगोभी के बड़े-बड़े हरे पत्तों को अक्सर लोग बेकार समझकर फेंक देते हैं. इन पत्तों से भी स्वादिष्ट देसी साग तैयार किया जा सकता है. इसे बनाने के लिए सरसों का तेल, लहसुन और हरी मिर्च जैसी सामान्य सामग्री की जरूरत होती है. जानिए फूलगोभी के पत्तों से साग बनाने की आसान विधि.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी समेत पूरे तराई इलाके में सर्दियों के मौसम में हरी सब्जियों की मांग बढ़ जाती है. बाजार में फूलगोभी, पालक, सरसों, बथुआ और मेथी जैसी सब्जियां आसानी से मिल जाती हैं.
घरों में फूलगोभी की सब्जी तो खूब बनाई जाती है, लेकिन इसके साथ निकलने वाले हरे पत्तों से भी स्वादिष्ट देसी साग तैयार किया जा सकता है. अक्सर लोग इन पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, जबकि सही तरीके से पकाने पर इनसे लाजवाब साग बन सकता है.
गोभी के पत्तों का साग बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. घर में मौजूद सामान्य मसालों, लहसुन और हरी मिर्च की मदद से इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है. हालांकि, साग बनाने से पहले पत्तों की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी है. पत्तों पर मिट्टी, धूल या छोटे कीड़े हो सकते हैं. इसलिए सबसे पहले पीले, सड़े हुए और खराब हिस्सों को अलग कर दें. इसके बाद पत्तों को साफ पानी से कई बार धो लें.
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प्राची बताती हैं कि जब भी वह बाजार से फूलगोभी लाती हैं, तो उसकी सब्जी बनाने के बाद बचे हुए पत्तों से साग तैयार करती हैं. उनके मुताबिक, साग का स्वाद अच्छा बनाने के लिए पत्तों को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. इसके लिए पत्तों को अलग-अलग करके देखें और पीले या खराब हिस्सों को चाकू से काटकर निकाल दें. इसके बाद पत्तों को पानी में अच्छी तरह धोकर कुछ देर छलनी में रख दें, ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए. अब इन्हें बारीक काट लें. अगर पत्तों की डंठल ज्यादा मोटी और सख्त है, तो उसे अलग कर दें.
साग बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर एक कड़ाही रखें और उसमें एक से दो बड़े चम्मच सरसों का तेल डालें. तेल गर्म होने पर इसमें बारीक कटा लहसुन और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक भूनें. इसके बाद कटे हुए गोभी के पत्ते डाल दें. कुछ देर पकाने पर पत्तों से पानी निकलने लगेगा. अब कड़ाही को ढककर करीब 8 से 12 मिनट तक पकाएं. बीच-बीच में ढक्कन हटाकर साग को चलाते रहें, ताकि वह कड़ाही के तले में चिपके नहीं. जब पत्ते अच्छी तरह नरम हो जाएं और साग पक जाए, तो गैस बंद कर दें.
गोभी के पत्तों से तैयार यह देसी साग गर्मागर्म रोटी के साथ स्वादिष्ट लगता है. इसे पराठे, चावल या दाल-चावल के साथ भी खाया जा सकता है. ग्रामीण इलाकों में लोग आज भी अपने भोजन में तरह-तरह के साग खाना पसंद करते हैं. ऐसे में फूलगोभी के ताजे पत्तों को फेंकने के बजाय उनसे स्वादिष्ट साग तैयार किया जा सकता है.
हूती विद्रोहियों ने यमन के राष्ट्रपति भवन पर हमला किया: 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, 4 की मौत; प्रधानमंत्री मौजूद थे, बाल-बाल बचे
यमन के अदन शहर में हूती विद्रोहियों ने राष्ट्रपति भवन पर 5 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हमले के समय प्रधानमंत्री शाया मोहसेन अल-जिंदानी और सरकार के कई मंत्री परिसर में मौजूद थे, सभी सुरक्षित हैं। सूचना मंत्रालय के मुताबिक, हमले में 4 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। हूती विद्रोहियों ने कहा कि उन्होंने अदन में सऊदी अरब के सैन्य अभियान मुख्यालय पर हमला किया। हूती मीडिया ने हथियारों के भंडार को निशाना बनाने का दावा भी किया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है। अदन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार की अंतरिम राजधानी है। देश में सरकार और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से संघर्ष जारी है। सऊदी अरब के समर्थन से लड़ रही यमन की सरकार यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है। सऊदी अरब यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है और हूतियों के खिलाफ लड़ रहे सरकारी सेनाओं को हवाई मदद देता है। वहीं, ईरान पर हूती विद्रोहियों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं। राष्ट्रपति भवन परिसर पर हमले से यमन में संघर्ष और बढ़ने की आशंका है। हूतियों ने कहा है कि उनका निशाना सऊदी सैन्य अभियान से जुड़े ठिकाने थे। रिपोर्ट- चीन की मदद से मिसाइल बना रहे हूती विद्रोही यमन के हूती विद्रोही चीन से मंगाए गए पुर्जों की मदद से नई बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ब्रिटेन की संस्था कॉन्फ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च (CAR) की बुधवार को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, विद्रोही ईरान में डिजाइन हुई खैबर शिकन मिसाइल जैसी मिसाइल तैयार करना चाहते हैं, जिसकी मारक क्षमता करीब 1500 किलोमीटर है। अगर हूती ऐसा हथियार बनाने में सफल होते हैं, तो वे सऊदी अरब के अलावा इजराइल को भी ज्यादा सटीक तरीके से निशाना बना सकते हैं। 2015 से जारी है सऊदी और हूतियों की लड़ाई ———————- ये खबर भी पढ़ें… इजराइल हूती विद्रोहियों के खिलाफ क्यों लड़ना चाहता है:अमेरिका के जरिए नेतन्याहू ने मदद का मैसेज भेजा, सऊदी ने इनकार किया इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सऊदी अरब से हूतियों के खिलाफ लड़ाई में इजराइल को शामिल करने की इजाजत मांगी है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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LNJP अस्पताल में अब मुफ्त CT स्कैन और MRI जांच: 256-स्लाइस सीटी स्कैन और 3-टेस्ला MRI मशीन शुरू – New Delhi News
दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में अब मरीजों को अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई जांच मुफ्त मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को 256-स्लाइस ड्यूल सोर्स सीटी स्कैन और 3-टेस्ला एमआरआई मशीन का उद्घाटन किया। दोनों मशीनें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सीएसआर के तहत उपलब्ध कराई हैं। इनसे कैंसर, स्ट्रोक, हृदय, लिवर और न्यूरोलॉजी संबंधी बीमारियों की जांच तेज और सटीक होगी। मुख्यमंत्री ने नवजातों में आनुवंशिक बीमारियों की पहचान के लिए ‘अनमोल योजना’ का भी जिक्र किया। अस्पताल में मिल्क बैंक और दुर्लभ बीमारियों के मरीजों के लिए विशेष वार्ड की सुविधा भी है। सीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष जनहित के बजाय उनके कपड़ों और निजी गतिविधियों पर टिप्पणी करने में व्यस्त है। उन्होंने पंजाब में अपराध, नशा तस्करी और जेएनयू में छात्राओं के कथित शोषण के आरोपों पर विपक्ष की चुप्पी पर सवाल उठाए। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह और आईओसीएल के अध्यक्ष अरविंदर सिंह साहनी मौजूद रहे।
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राजलदेसर पालिकाध्यक्ष को जलभराव, पेयजल की शिकायतें मिलीं: दो महीने में समस्या हल करने का वादा, रेल मंत्री से भी मिलेंगे – Churu News
चूरू के राजलदेसर नगरपालिका अध्यक्ष गोपाल मारू ने गुरुवार को कस्बे के वार्ड एक और 35 का दौरा किया। इस दौरान उन्हें वार्ड में जलभराव और पेयजल सप्लाई की दिक्कतें मिलीं। पालिकाध्यक्ष मारू ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को इन समस्याओं का स्थायी हल निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचईडी के कनिष्ठ अभियंता संजय पवाउ और कर्मचारियों को घर-घर जाकर पानी की कमी दूर करने को कहा। गंदे पानी की निकासी के स्थायी समाधान के लिए अगले दो महीने का लक्ष्य तय किया गया है। रेलवे क्रॉसिंग के कारण जल निकासी में आ रही दिक्कत पर उन्होंने कहा कि वे जल्द ही दिल्ली जाकर रेल मंत्री से मिलेंगे और स्थायी समाधान की मांग रखेंगे। इस दौरान स्थानीय पार्षद जोराराम माली और विष्णु भगवान प्रजापति ने भी क्षेत्र की समस्याएं बताईं। निरीक्षण में पार्षद धनपत छंगाणी, प्रदीप पांडे, मुकेश मारू, नगराज सोनी और भवानी सैनी समेत कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।
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अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था पर उठाए 12 सवाल: नोटबंदी, बैंकिंग फीस, डिजिटल फ्रॉड जैसे मुद्दों पर सरकार से मांगा जवाब – Lucknow News
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बैंकिंग व्यवस्था को आम जनता के लिए परेशानी का कारण बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पिछले 12 वर्षों की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सरकार के सामने 12 सवाल रखे। इन सवालों में बैंक खातों से अलग अलग शुल्कों की कटौती, छोटे और बड़े कर्जदारों के साथ कथित भेदभाव, नोटबंदी, बुजुर्गों की जमा पूंजी पर ब्याज, बैंक लॉकर की सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी जैसे मुद्दे शामिल हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि 2014 से बैंकिंग सुधारों की बात कर रही भाजपा सरकार इन 12 सवालों का जवाब दे, ताकि बैंकिंग संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने सरकार के 12 साल के आधार पर 12 सवाल पूछे हैं।
1. बैंक खातों से पेनल्टी के नाम पर पैसे क्यों काटे गए? अखिलेश यादव ने बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने समेत दूसरे कारणों से लगाए जाने वाले जुर्माने पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह आम लोगों के खातों से बड़ी रकम काटी गई। उनका सवाल है कि बैंकिंग सेवाओं के नाम पर खाताधारकों से इस तरह शुल्क वसूलने की जरूरत क्यों पड़ी और इसका आम जनता पर क्या असर हुआ? 2. बैंकिंग सेवाओं पर बार-बार शुल्क और छोटे कर्जदारों पर सख्ती क्यों? सपा अध्यक्ष ने एसएमएस अलर्ट, एटीएम इस्तेमाल और खाता रखरखाव जैसी सेवाओं पर लगने वाले शुल्क का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि बैंकिंग सेवाओं के लिए ग्राहकों से अलग-अलग चार्ज क्यों वसूले जाते हैं। साथ ही उन्होंने छोटे कर्जदारों से कुछ हजार रुपये की वसूली के लिए एजेंट भेजने और दूसरी ओर बड़े कर्जदारों के भारी कर्ज तथा कर्ज माफी के मामलों को लेकर कथित असमानता पर सवाल किया। 3. बुजुर्गों और पेंशन पर निर्भर लोगों को जमा पूंजी पर कम ब्याज क्यों? अखिलेश यादव ने बैंक जमा पर मिलने वाले ब्याज की दरों में कमी का मुद्दा उठाया। उनका कहना है कि बुजुर्गों और पेंशन पर निर्भर कई लोग अपनी बचत से मिलने वाले ब्याज के सहारे जीवनयापन करते हैं। ऐसे में ब्याज दरों में कमी से उनकी आमदनी प्रभावित होती है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इन लोगों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए क्या कदम उठाए? 4. नोटबंदी के दौरान आम लोगों को कतारों में क्यों लगना पड़ा? सपा अध्यक्ष ने नोटबंदी के फैसले और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आम लोगों, बुजुर्गों और महिलाओं को अपने ही पैसे बदलने के लिए बैंकों के बाहर लंबी कतारों में क्यों लगना पड़ा। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि नोटबंदी के दौरान कथित तौर पर कुछ लोगों ने अनुचित तरीकों से काले धन को सफेद किया। इस आरोप के समर्थन में उनकी पोस्ट में अलग से कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं दिया गया। 5. बैंक लॉकर में रखे सामान की सुरक्षा और मुआवजे की व्यवस्था कैसी है? अखिलेश यादव ने बैंक लॉकर से कीमती सामान, बहुमूल्य धातुओं और निवेश संबंधी दस्तावेजों के गायब होने की शिकायतों का मुद्दा उठाया। उन्होंने लॉकर एग्रीमेंट के लिए स्टांप पेपर पर होने वाले खर्च, हर साल बढ़ने वाले किराये और कई साल का किराया अग्रिम लेने पर सवाल किया। उनका सवाल है कि लॉकर में रखे सामान के चोरी होने या नुकसान की स्थिति में ग्राहक को कितना मुआवजा मिलता है और उसकी पूरी संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? 6. बार-बार केवाईसी कराने और खाते बंद होने का डर क्यों? सपा अध्यक्ष ने केवाईसी यानी ‘नो योर कस्टमर’ प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों को उठाया। उन्होंने पूछा कि ग्राहकों को बार-बार केवाईसी कराने की जरूरत क्यों पड़ती है और ऑनलाइन सत्यापन असफल होने पर क्या व्यवस्था है। उन्होंने बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली के निशान का सत्यापन नहीं होने से खाते के इस्तेमाल में आने वाली दिक्कतों का भी जिक्र किया। उनका सवाल है कि ऐसे मामलों में पेंशन रुकने या खाते में जमा पैसे तक पहुंच नहीं होने पर जिम्मेदारी किसकी होगी? 7. बैंकिंग सेवाओं में अव्यवस्था और सरकारी बैंकों को कमजोर करने का आरोप अखिलेश यादव ने बैंकों में सर्वर डाउन होने, प्रिंटर खराब होने, ओटीपी नहीं आने और ग्राहकों को बार-बार लौटाए जाने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैंक कर्मचारियों को कामचोर बताकर बदनाम किया जाता है और सरकारी बैंकों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकारी बैंकों को बेचने की कोशिशों के पीछे क्या वजह है। ये उनके राजनीतिक आरोप हैं; इनके समर्थन में पोस्ट में अलग से प्रमाण नहीं दिए गए। 8. डिजिटल बैंकिंग में धोखाधड़ी होने पर ग्राहकों की सुनवाई क्यों नहीं? सपा अध्यक्ष ने ऑनलाइन लेनदेन में पैसे कटने, साइबर फ्रॉड और अनधिकृत ट्रांजैक्शन की शिकायतों के निस्तारण पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ऐसी घटनाओं के बाद ग्राहकों को समय पर सहायता क्यों नहीं मिलती और कस्टमर केयर से संपर्क करना मुश्किल क्यों होता है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि ठगी की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाने और लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए पर्याप्त जागरूकता अभियान क्यों नहीं चलाए जाते। 9. आम लोगों को कर्ज लेने में मुश्किल, बड़े कर्जदारों को आसानी क्यों? अखिलेश यादव ने छोटे कर्जदारों और बड़े कर्ज लेने वालों के बीच कथित भेदभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आम लोग बच्चों की पढ़ाई, घर बनाने या कारोबार बढ़ाने के लिए कुछ लाख रुपये का कर्ज लेने में आधार, पैन, गारंटर और सिबिल स्कोर जैसी शर्तों से गुजरते हैं। दूसरी ओर, बड़े कर्जदारों को भारी रकम के कर्ज मिलने और कुछ मामलों में कर्ज चुकाए बिना फरार होने की घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने पूछा कि कर्ज देने और वसूली की प्रक्रिया में समान जवाबदेही क्यों नहीं दिखाई देती। 10. खाता खुलवाने के साथ बीमा, क्रेडिट कार्ड या एफडी लेने का दबाव क्यों? सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ ग्राहकों पर बैंक खाता खोलने के दौरान बीमा पॉलिसी खरीदने, क्रेडिट कार्ड लेने या एफडी कराने का दबाव बनाया जाता है। उन्होंने सवाल किया कि क्या बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने के लिए ग्राहकों को दूसरे वित्तीय उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए और ऐसी बिक्री से किसे फायदा होता है। 11. बैंक कर्मचारियों की समस्याओं और ग्राहकों की शिकायतों पर सरकार का ध्यान क्यों नहीं? अखिलेश यादव ने बैंक कर्मचारियों की कार्यदशा, सेवा शर्तों और उनकी मांगों को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को ग्राहकों की नाराजगी और शिकायतों का सामना करना पड़ता है, जबकि व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की जिम्मेदारी उच्च स्तर पर भी है। उन्होंने पूछा कि कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता और बार-बार हड़ताल की नौबत क्यों आती है। उन्होंने बैंक कर्मचारियों और ग्राहकों के प्रति सरकार के रवैये को भी आलोचना का विषय बनाया। 12. जनधन खातों में पेनल्टी और गरीबों के साथ कथित धोखाधड़ी क्यों? अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए खातों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जीरो बैलेंस खाते के नाम पर गरीबों के खातों से शुल्क काटे जाने के कारण कुछ खाते माइनस में चले जाते हैं। उन्होंने इसे गरीबों और वंचित तबकों के साथ अन्याय बताते हुए पूछा कि सरकार सरल भाषा में वित्तीय साक्षरता अभियान क्यों नहीं चलाती, ताकि लोग बैंकिंग नियमों, शुल्कों और अपने अधिकारों को समझ सकें। उन्होंने इस मुद्दे को पीडीए यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज से जोड़ते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। आपका खाता, भाग्यविधाता से आपका खाता, देता घाटा तक अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट के अंत में भाजपा के बैंकिंग संबंधी नारे पर तंज कसते हुए लिखा कि आपका खाता, भाग्यविधाता कहने वालों को अब जनता से सच कहना चाहिए आपका खाता, देता घाटा। उन्होंने कहा कि इन 12 सवालों का जवाब मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े सैकड़ों अन्य सवाल भी पूछे जाएंगे।
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सीएम रेखा गुप्ता का AAP-कांग्रेस पर निशाना: कहा- विपक्ष को मेरी साड़ी और चप्पल की चिंता, गंभीर मुद्दों पर चुप्पी – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई काम नहीं बचा है। दोनों पार्टियों के नेता जनता से जुड़े मुद्दे उठाने के बजाय उनकी साड़ी, चप्पल और निजी गतिविधियों पर नजर रखने में व्यस्त हैं। मुख्यमंत्री ने पंजाब में हत्याओं और नशे के कारोबार का मुद्दा उठाते हुए विपक्ष की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्राओं के कथित यौन शोषण के आरोपों का भी जिक्र किया। रेखा गुप्ता ने सवाल किया कि विपक्ष इन गंभीर मुद्दों पर आवाज क्यों नहीं उठाता। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस जनता से जुड़े सवालों के बजाय उनकी व्यक्तिगत गतिविधियों को राजनीतिक मुद्दा बनाने में जुटी हैं।
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