लखनऊ के गोमती नगर में श्री गणेश उत्सव महासमिति द्वारा विनम्र खंड-2, गोमती नगर स्थित शिव वाटिका पार्क के सामने श्री गणेश महोत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को प्रातः पूजा एवं प्राण-प्रतिष्ठा के साथ हुआ। इसके उपरांत प्रतिदिन प्रातः एवं सायंकाल भगवान श्री गणेश की आरती की जा रही है। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं श्रद्धालु सहभागिता कर रहे हैं। 16 सितंबर को प्रातः आरती के उपरांत भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर दोपहर से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। महोत्सव के आयोजन में समिति के अध्यक्ष शिवेश प्रकाश द्विवेदी, सचिव राहुल कुमार गोला, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी, शशि पर्वत, राकेश श्रीवास्तव, रजनीश कुमार, बबलू सिंह, अभिषेक सिंह बघेल, अभिषेक दुबे, रविन्द्र मिश्रा, राजेश सिंह, राकेश सिंह, विवेक शुक्ला, भूपेंद्र राय, सचिन द्विवेदी सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि श्री गणेश महोत्सव का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में आपसी भाईचारा, एकता एवं सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देना है। महोत्सव में क्षेत्र के लोगों की उत्साहपूर्वक भागीदारी देखने को मिल रही है।
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गोमती नगर में सजा गणेश महोत्सव: शिव वाटिका पार्क बना भक्ति केंद्र, प्रतिमा विसर्जन संग होगा विशाल भंडारा – Lucknow News
भोजपुर- बाढ़ प्रभावितों को आज राहत सामग्री बांटेंगी अक्षरा सिंह: बालौटी में पानी घुसने के कारण बांध पर पहुंचे लोग, बोले- खाना-पानी जुटाना मुश्किल – Bhojpur News
भोजपुर में बाढ़ में घर-बार छोड़कर बिलौटी गांव के टाड़ पर शरण लेने को मजबूर ज्वइनिया के विस्थापित परिवारों से मिलने मंगलवार को भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह पहुंचेंगी। वे बाढ़ पीड़ितों की स्थिति का जायजा लेने के साथ उनके बीच राहत सामग्री का वितरण करेंगी। शाहपुर प्रखंड के बिलौटी गांव के टाड़ पर पिछले कई दिनों से छेड़ नदी के बाढ़ के पानी के कारण ज्वइनिया के बड़ी संख्या में परिवार विस्थापित होकर रह रहे हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इन परिवारों को अपना घर और सामान को पानी डूबे देखकर काफी दुखित है। विस्थापितों के सामने खाना-पानी जुटाने की चुनौती टाड़ पर रह रहे विस्थापितों के सामने सबसे बड़ी परेशानी भोजन की है। कई दिनों से पानी से घिरे होने के कारण रोजमर्रा की जरूरतों का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी ठिकानों में रहने वाले परिवारों को खाना, पीने का पानी और जरूरी सामान के लिए दूसरों की मदद का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में अक्षरा सिंह के पहुंचने और राहत सामग्री बांटने की खबर से विस्थापित परिवारों में उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दी है। अब राहत सामग्री मिलने से कम से कम कुछ दिनों के लिए भोजन और जरूरी सामान की चिंता कम होगी।
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बुरहानपुर में राहुल गांधी की एंट्री से राजनीति गरमा गई: भाजपा बोली- सेवा कर रहे, कांग्रेस ने कहा- लोकप्रियता से घबराहट – Burhanpur (MP) News
बुरहानपुर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी 19 सितंबर को इंदौर आएंगे। यहां वे ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होकर युवाओं को संबोधित करेंगे। उनके दौरे से पहले ही बुरहानपुर-खंडवा क्षेत्र की राजनीति में बयानबाजी शुरू हो गई है। भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस के राहुल गांधी को लेकर दिए बयानों पर कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया है। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल बोले- हम सेवा का काम कर रहे हैं करीब तीन दिन पहले खंडवा में मीडिया से बातचीत के दौरान खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल से राहुल गांधी को लेकर सवाल किया गया था। इस पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी पार्टी का काम करें, जबकि हम सेवा का काम कर रहे हैं। पाटिल ने कहा कि लोग राहुल गांधी को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी का जितना अच्छा प्रचार होगा, भाजपा को उतनी ही मदद मिलेगी और उनके कार्यकर्ता मिलकर और बेहतर तरीके से काम करेंगे। सांसद ने राहुल गांधी पर युवाओं को भड़काने और भटकाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश विरोधी ताकतों का साथ देने का काम कर रहे हैं, जबकि भाजपा का मकसद युवाओं की चिंता करना, उन्हें रोजगार दिलाना और देश के सम्मान व स्वाभिमान को बढ़ाना है। अर्चना चिटनिस बोलीं- राहुल गांधी नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति सोमवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में बुरहानपुर विधायक और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अर्चना चिटनिस ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी नकारात्मक सोच वाले व्यक्ति हैं और देश की तरक्की से दुखी होते हैं। चिटनिस ने कहा कि सेवा के संकल्प के समय वह भगवान से राहुल गांधी की मानसिक सेहत अच्छी रहने की प्रार्थना करेंगी। कांग्रेस बोली- युवाओं का समर्थन देखकर भाजपा नेता परेशान भाजपा नेताओं के इन बयानों पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष रिंकू टाक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के सांसद और विधायक जिस तरह राहुल गांधी को लेकर बयान दे रहे हैं, उससे साफ है कि वे राहुल गांधी की लोकप्रियता से परेशान हैं। रिंकू टाक ने कहा कि ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को युवाओं का जिस तरह देश और प्रदेश में समर्थन मिल रहा है, उसे देखकर भाजपा नेताओं में बेचैनी है। इसी वजह से वे राहुल गांधी को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं।
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टोयोटा हिलक्स हूती विद्रोहियों की पसंदीदा गाड़ी बनी: इस पर मशीनगन-रॉकेट लगाना आसान, 45 साल से दुनिया भर के आतंकियों की पहचान बना
यमन के लाल सागर तट पर पिछले हफ्ते हूती लड़ाकों के काफिले में टोयोटा हिलक्स पिकअप बड़ी संख्या में नजर आईं। इन पर मशीनगन और रॉकेट लगे थे। टोयोटा हिलक्स पिछले करीब 45 साल से दुनिया के अलग-अलग संघर्षों में विद्रोहियों और आतंकी संगठनों के बीच इस्तेमाल होती रही है। इसकी कम कीमत, मजबूत बनावट और आसानी से हथियार लगाने की वजह से यह आम गाड़ी युद्ध के मैदान में बेहद काम की साबित हुई है। हूती लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट पर नियंत्रण हासिल किया। टोयोटा हिलक्स आम नागरिकों की पिकअप से बदलकर विद्रोही युद्ध का प्रतीक बन चुकी है। IS से लेकर हूती लड़ाकों तक, कई सशस्त्र गुट इन्हें मोबाइल हथियार मंच की तरह इस्तेमाल करते हैं। अगर दुनिया भर के विद्रोहियों और गुरिल्लाओं की आम राइफल कलाश्निकोव पैटर्न की असॉल्ट राइफल है, तो उनकी पसंदीदा गाड़ी टोयोटा हिलक्स हो सकती है। यमन के हूती लड़ाकों से लेकर इराक में IS और अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज तक, हिलक्स संघर्ष वाले इलाकों में आम नजर आती है। फोर्ड, शेवरले और निसान जैसी कंपनियों की पिकअप भी इसी तरह इस्तेमाल होती हैं। इन पिकअप पर मशीनगन, ऑटोकैनन, एंटी-टैंक मिसाइल और दूसरे घातक हथियार लगाए जाते हैं। इस वजह से ये गैर-सरकारी सशस्त्र गुटों की पसंद बन गई हैं। आधुनिक देशों की सेनाएं अपने सैनिकों को बचाने वाले अत्याधुनिक बख्तरबंद वाहन बनाने पर लाखों खर्च करती हैं। इसके उलट विद्रोही, आतंकी, गुरिल्ला या लड़ाके साधारण टोयोटा से जंग में पहुंच जाते हैं। इन गाड़ियों पर मशीनगन या रॉकेट लॉन्चर लगाया जाता है। ये वाहन शहरों में चलने वाली आम गाड़ियों जैसे दिखते हैं। हिलक्स की लोकप्रियता की वजह हिलक्स जैसी गाड़ियों का युद्ध में इस्तेमाल नया नहीं है। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश स्पेशल फोर्सेज ने उत्तरी अफ्रीका में धुरी राष्ट्रों की पंक्तियों के पीछे हमलों के लिए जीप और हल्के ट्रकों का इस्तेमाल किया था। गैर-सरकारी सशस्त्र गुटों में हिलक्स की लोकप्रियता की जड़ें 1980 के दशक के आखिर तक जाती हैं। उस समय लीबिया-चाड युद्ध अपने अंतिम चरण में था। सहारा के दक्षिण में स्थित देश चाड, मुअम्मर गद्दाफी के लीबिया से एक दशक से युद्ध लड़ रहा था। उसके पूर्व उपनिवेशवादी देश फ्रांस ने चाड को 400 हिलक्स और लैंड क्रूजर पिकअप दीं। इन वाहनों के साथ एंटी-टैंक और एंटी-एयर मिसाइलें भी दी गई थीं। फ्रांसीसी हवाई मदद के साथ इन टोयोटा वाहनों ने चाड को लीबिया के खिलाफ कई बड़ी सैन्य जीत दिलाईं। बाद में इस युद्ध को ‘टोयोटा वॉर’ नाम दिया गया। इस युद्ध ने दिखाया कि सही इस्तेमाल होने पर टोयोटा एक प्रभावी हथियार बन सकती है। इन वाहनों की रफ्तार और तेजी से दिशा बदलने की क्षमता ने उन्हें दुश्मन की गोलीबारी से बचने में मदद की। वे धीमे लीबियाई टैंकों के चारों ओर तेजी से घूमकर अचानक हमला कर सकती थीं। टोयोटा पिकअप सस्ती और टिकाऊ थीं। बुनियादी औजारों वाले लगभग किसी भी मैकेनिक से इनकी मरम्मत कराई जा सकती थी। दुनिया भर में आम नागरिकों के बीच लोकप्रिय होने के कारण इनके स्पेयर पार्ट्स आसानी से मिल जाते थे। हथियारों के विपरीत, टोयोटा हिलक्स या फोर्ड F-150 को विद्रोही गुटों तक पहुंचाने के लिए निर्यात पाबंदियों से नहीं गुजरना पड़ता। 1987 का युद्ध टोयोटा और विद्रोही गुटों की कहानी की शुरुआत भर था। समय के साथ अफगानिस्तान के पहाड़ों, इराक के रेगिस्तान और सोमालिया की सड़कों पर हिलक्स और दूसरी पिकअप आम दिखने लगीं। इन गाड़ियों को एक खास नाम भी मिला—‘टेक्निकल्स’। यह शब्द 1990 के दशक की शुरुआत में सोमालिया में सामने आया। उस समय सहायता एजेंसियां अपने कर्मचारियों और सामान की सुरक्षा के लिए स्थानीय सशस्त्र गुटों को पैसे देती थीं। इसे ‘टेक्निकल असिस्टेंस’ यानी तकनीकी सहायता कहा जाता था। बाद में हथियारों से लैस इन पिकअप के लिए ‘टेक्निकल्स’ नाम चलन में आ गया। विद्रोही गुटों को इतनी टोयोटा कैसे मिलती हैं इराक के कब्जे वाले शहरों में काली हिलक्स के साथ IS लड़ाके नजर आए। हूती लड़ाके भी यमन के लाल सागर तट पर ऐसी पिकअप तेजी से चलाते दिखे। सवाल यह है कि गैर-सरकारी सशस्त्र गुटों को इतनी बड़ी संख्या में ये वाहन मिलते कैसे हैं। 2015 में IS के चरम पर पहुंचने के दौरान अमेरिकी आतंकवाद रोधी अधिकारियों ने टोयोटा से इस बारे में जवाब मांगा था। वे जानना चाहते थे कि आतंकी संगठन इतनी हिलक्स और लैंड क्रूजर कैसे हासिल कर रहा है। टोयोटा ने विद्रोहियों को वाहन बेचने से इनकार किया था। कंपनी ने 2015 में कहा था, “हमारी सख्त नीति है कि हम ऐसे संभावित खरीदारों को वाहन नहीं बेचते, जो उनका इस्तेमाल या उनमें बदलाव अर्धसैनिक या आतंकी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं।” टोयोटा के आंकड़ों के मुताबिक, इराक में हिलक्स और लैंड क्रूजर की बिक्री 2011 में 6,000 से बढ़कर 2013 में 18,000 हो गई थी। 2014 में यह बिक्री घटकर 13,000 रह गई। ABC न्यूज ने इन आंकड़ों की रिपोर्ट की थी। यह आंकड़े उस समय के हैं, जब IS ने सीरिया से इराक में बड़ा हमला शुरू किया था। यह हमला राजधानी बगदाद के बाहरी इलाकों तक पहुंच गया था। टोयोटा सीधे आतंकियों को वाहन न भी बेचती हो, फिर भी गैर-सरकारी गुटों के पास इन्हें हासिल करने के अपने तरीके हैं। दुनिया भर में हिलक्स की लोकप्रियता के कारण पुरानी गाड़ियां खुले बाजार में हमेशा उपलब्ध रहती हैं। कंपनी ने 2014 में कहा था, “हम केवल अनुमान लगा सकते हैं कि ये वाहन गुप्त रास्तों से आते हैं और लोगों के बीच खरीदे-बेचे जाते हैं। खासकर पुराने वाहनों का ऐसा अनौपचारिक कारोबार किसी वाहन निर्माता के लिए ट्रैक करना बहुत मुश्किल है।” एक मामले में अमेरिका के एक प्लंबर की फोर्ड पिकअप IS लड़ाकों को बेच दी गई थी। उसके दरवाजे पर प्लंबर का नाम और फोन नंबर लिखा हुआ था। वह फोर्ड सीरिया में IS के लिए इस्तेमाल होती रही। गाड़ी पर वही पहचान संबंधी जानकारी लगी थी। बाद में अमेरिकी न्यूज चैनलों ने इसे दिखाया। गैर-सरकारी सशस्त्र गुट बिचौलियों की मदद भी ले सकते हैं। ये बिचौलिए स्थानीय और विदेशी बाजारों से वाहन खरीदते हैं। इसके बाद कंपनी की नीतियों से बचने के लिए गाड़ियां अंतिम इस्तेमाल करने वालों तक पहुंचाई जाती हैं। बड़े संघर्ष शुरू होने से पहले वाहनों की बिक्री में अचानक बढ़ोतरी इसी प्रक्रिया का संकेत हो सकती है। टोयोटा के आंकड़ों में 2013 में इराक में IS के बड़े हमले से पहले बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज हुई थी। यमन के लाल सागर तट पर हिलक्स के बड़े बेड़े के साथ आगे बढ़ रहे हूती लड़ाकों को ये वाहन कैसे मिले, यह सवाल अब भी बना हुआ है। उन्होंने ये गाड़ियां पुरानी खरीदीं, बिचौलियों के जरिए शोरूम से लीं, विदेश से तस्करी कराईं या चुराईं—यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन जिस भी तरीके से ये हासिल की गई हों, साधारण और कम साजोसामान वाली हिलक्स विद्रोही गुटों के बीच अब भी बेहद पसंदीदा वाहन बनी हुई है।
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केले के छिलकों को बेकार समझकर न फेंकें! घर पर ऐसे बनाएं स्वादिष्ट सब्जी, जानें
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Banana Peel Vegetable Recipe: अगर आप खाने में कुछ अलग और नया ट्राई करना चाहते हैं, तो केले के छिलके की मसालेदार सब्जी बना सकते हैं. आइए जानते हैं घर पर कैसे बनाएं केले के छिलके की स्वादिष्ट सब्जी…
Banana Peel Vegetable Recipe: ज़्यादातर लोग केला खाने के बाद उसका छिलका फेंक देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ जगहों पर केले से एक स्वादिष्ट सब्ज़ी बनाई जाती है? अगर आप घर पर कुछ अलग और नया ट्राई करना चाहते हैं, तो आप केले से कोई डिश बना सकते हैं. इसे बनाने में ज़्यादा समय नहीं लगता और रसोई में मौजूद आम मसालों का इस्तेमाल करके इसका स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है…
केले के छिलके की सब्जी के लिए सामग्री
4-5 पके लेकिन बहुत ज्यादा नरम न हुए केले के छिलके, 1 प्याज, बारीक कटा हुआ, 1-2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच जीरा, ½ छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा चम्मच गरम मसाला, 1 छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 2 बड़े चम्मच तेल, नमक, थोड़ा हरा धनिया.
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Rajvant has over 5 years of experience in digital media and content writing. He studied Journalism at the Asian Academy of Film and Television (AAFT), Noida. He is currently working as a Lifestyle Journ…
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22 सितंबर को लॉन्च होगा OnePlus का सबसे सस्ता फोन, मिलेंगे दमदार फीचर्स?
OnePlus N6 Lite की लॉन्च डेट कंपनी ने कंफर्म कर दी है। यह वनप्लस का भारत में अब तक लॉन्च हुआ सबसे सस्ता फोन हो सकता है। OnePlus N6 सीरीज के इस फोन को कंपनी ने पिछले दिनों ही Amazon पर लिस्ट किया था। कंपनी ने अमेजन लिस्टिंग में फोन के कई फीचर्स भी कंफर्म किए हैं। यह बजट फ्रेंडली फोन भारत में दो कलर ऑप्शन- मिडनाइट हाइप और नियो ग्रीन में पेश किया जाएगा।
22 सितंबर को होगा लॉन्च
OnePlus ने आधिकारिक तौर पर इस फोन की लॉन्च डेट कंफर्म कर दी है। यह बजट फ्रेंडली स्मार्टफोन भारत में 22 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए कंपनी ने Amazon पर एक डेडिकेटेड माइक्रोसाइट भी लाइव किया है, जिसमें फोन के कई फीचर्स कंफर्म किए गए हैं। इस सीरीज में कंपनी पहले ही दो डिवाइसेज OnePlus N6 और OnePlus N6x लॉन्च कर चुकी है। यह अपकमिंग फोन इस सीरीज का Lite स्मार्टफोन होगा, जिसमें 7000mAh की बैटरी दी जाएगी।
मिलेंगे तगड़े फीचर्स
चीनी कंपनी का दावा है कि यह फोन फुल चार्ज होने पर 3 दिन का बैटरी बैकअप ऑफर करेगा। इसमें 26.8 घंटे का वीडियो प्लेबैक, 29.9 घंटे का गूगल मैप नेविगेशन और 49.7 घंटे का फोन कॉल बैकअप मिलेगा। इस स्मार्टफोन में वायर्ड फास्ट चार्जिंग के साथ-साथ रिवर्स चार्जिंग का भी सपोर्ट मिलेगा।
फोन के सामने आए फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.75 इंच का फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करेगा। फोन में एक्वा टच फीचर का सपोर्ट मिलेगा, जिसकी वजह से गीले हाथों से भी फोन यूज किया जा सकेगा। यह फोन मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी के साथ आएगा। साथ ही, इसकी मोटाई महज 8.95mm होगी। हालांकि, कंपनी ने इस फोन के अन्य फीचर्स के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है। इसे 20,000 रुपये से कम प्राइस में पेश किया जा सकता है।
इस सीरीज के पिछले मॉडल OnePlus N6x की बात करें तो यह फोन भारत में 18,999 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया गया है। इस फोन में भी 7000mAh की बैटरी मिलती है। यह भी मिलिट्री ग्रेड MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी के साथ आता है। फोन में 6.8 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 900 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। अपकमिंग फोन के कई फीचर्स OnePlus N6x जैसे ही होंगे।
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दुबई जाने वाली स्पाइजेट की 2 फ्लाइट 24 घंटे लेट: दिल्ली एयरपोर्ट पर 200 यात्रियों का प्रदर्शन; एयरलाइन का समय पर उड़ान का रिकॉर्ड सबसे खराब
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नई दिल्ली10 मिनट पहले
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यात्रियों ने दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 में प्रदर्शन किया।
स्पाइसजेट की दिल्ली से दुबई जाने वाली दो फ्लाइट 24 घंटे से ज्यादा लेट हो गईं। देरी से परेशान करीब 200 यात्रियों ने मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 के अंदर जमीन पर बैठकर प्रदर्शन किया।
यात्री सोमवार से अपने फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे। हालांकि, बिना कोई स्पष्ट कारण बताए दोनों फ्लाइट का शेड्यूल बार-बार बदला गया। दोनों फ्लाइट मंगलवार दोपहर तक उड़ान नहीं भर सकीं।
इनमें पहली फ्लाइट, SG 5111 को सोमवार सुबह 8:30 बजे दिल्ली से उड़ना था और 11:15 बजे दुबई पहुंचना था। वहीं, SG 5105 को रात 10:10 बजे उड़ान भरनी थी और 12:55 बजे दुबई पहुंचना था।
समय पर उड़ान के मामले में स्पाइसजेट के इस साल का रिकॉर्ड बाकी सभी बड़ी एयरलाइंस के मुकाबले खराब रहा है। जुलाई में स्पाइसजेट की सिर्फ 34.5% फ्लाइट ऑन टाइम थी।

स्पाइसजेट बोली- एक विमान ग्राउंडेड होने से बढ़ी परेशानी
स्पाइसजेट के मुताबिक, एक विमान ग्राउंडेड होने के बाद ऑपरेशनल कारणों से दोनों फ्लाइट में देरी हुई। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजने की व्यवस्था शुरू की है।
फ्लाइट ग्राउंडेड होने का मतलब है कि विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया है। ऐसा आमतौर पर तकनीकी खराबी, सुरक्षा कारणों या किसी आधिकारिक आदेश की वजह से होता है।
एयरलाइन ने घटना को लेकर यात्रियों से माफी मांगी। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा कि पैसेंजर्स को जल्द से जल्द दूसरी फ्लाइठ से दुबई पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में यात्री चोर-चोर के नारे लगाते दिखे।
स्पाइसजेट के ऑपरेशन पर DGCA की नजर
स्पाइसजेट हाल के समय में कई दूसरी चुनौतियों से गुजर रही है। जुलाई में स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी भी सिर्फ 1.6% रही। एयरलाइन ने 1.87 लाख यात्रियों को सफर कराया। वहीं इंडिगो की हिस्सेदारी 67.4%, एयर इंडिया ग्रुप की 24% और अकासा एयर की 5.5% रही।
पिछले हफ्ते नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा था कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA एयरलाइन की वित्तीय स्थिति और ऑपरेशन पर करीबी नजर रख रहे हैं।

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3 इटालियन नागरिक बिना इमिग्रेशन जांच के दिल्ली से निकले:एअर इंडिया के सिस्टम में चूक का दावा, सरकार ने 7 दिन में जवाब मांगा

तीन इटालियन नागरिक बिना इमिग्रेशन जांच के दिल्ली से म्यूनिख चले गए। उन्होंने 4 सितंबर की सुबह लुफ्थांसा की फ्लाइट LH-763 से उड़ान भरी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले में सोमवार को एअर इंडिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एयरलाइन से सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पूरी खबर पढ़ें…
प्रागपुरा में आज 5 घंटे बिजली सप्लाई रहेगी बंद: दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक कटौती, मेंटेनेंस के काम के चलते लिया गया शटडाउन – Kotputli-Behror News
प्रागपुरा में आज दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। 33/11 केवी जीएसएस प्रागपुरा पर जरूरी मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते यह बिजली कटौती की जाएगी। बिजली कटौती के दौरान 33/11 केवी जीएसएस प्रागपुरा से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडरों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इसके चलते संबंधित क्षेत्रों में करीब पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। मरम्मत और रखरखाव के चलते लिया गया शटडाउन कोटपूतली के सहायक अभियंता (HTM) अमित ढाका ने बताया कि जीएसएस पर जरूरी रखरखाव और मरम्मत का काम किया जाना है। इसी वजह से निर्धारित समय के दौरान बिजली सप्लाई बंद रखी जाएगी। उन्होंने संबंधित उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
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दिल्ली से 67 मिनट में बावल, 90 में करनाल, इन दो रूट पर चलेगी बुलेट जैसी ट्रेन
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New RRTS Corridors : भारत पहला रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर पर नमो भारत ट्रेन चल रही है. दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस रूट पर इस सेमी हाई स्पीड ट्रेन को खूब पसंद किया जा रहा है. अब सरकार दिल्ली-करनाल और दिल्ली बावल रूट पर भी नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी में है.
इन रूट्स पर जमीन पर यूटिलिटी मैपिंग और पाइपलाइन-पावर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू हो चुका है.
नई दिल्ली. दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर की सफलता के बाद अब एनसीआर के दो और रूटों पर नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी है. इन दो रूट से हरियाणा के औद्योगिक और शैक्षणिक हब को जोड़ा जाएगा. नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) दिल्ली-करनाल और दिल्ली-बावल कॉरिडोर्स के लए केंद्र सरकार से औपचारिक कैबिनेट मंजूरी पाने के अंतिम चरण में हैं. मंजूरी से पहले ही जमीन पर यूटिलिटी मैपिंग और पाइपलाइन-पावर लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू हो चुका है. ये दोनों रूट चालू होने पर दिल्ली से करनाल केवल 90 मिनट में और बावल 65 मिनट में पहुंचा जा सकेगा.
वर्तमान में दिल्ली से करनाल जाने में सड़क मार्ग से करीब तीन घंटे लगते हैं. वहीं दूसरी ओर, दिल्ली-गुरुग्राम-बावल कॉरिडोर के शुरू होते ही बावल तक का 3 घंटे का सफर सिमटकर महज करीब 67 मिनट का रह जाएगा. इससे रोजाना नौकरी, बिजनेस और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली आने-जाने वाले हजारों लोगों के हर दिन 2 से 3 घंटे बचेंगे.
दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस रूट
दिल्ली-करनाल नमो भारत कॉरिडोर हरियाणा के सबसे बड़े एजुकेशन और इंडस्ट्रियल क्लस्टर को दिल्ली से सीधे जोड़ेगा. इस रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को इन प्रमुख केंद्रों की सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. इससे कुंडली (सोनीपत) की एजुकेशन सिटी और बड़े आवासीय क्लस्टर से सीधा जुड़ाव होगा. प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र के कामगारों और व्यापारियों के लिए आसान आवाजाही हो जाएगी. टेक्सटाइल सिटी पानीपत और देश की बड़ी रिफाइनरी तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा.
दिल्ली-गुरुग्राम-बावल नमो भारत रूट
दिल्ली बावल कॉरिडोर देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग बेल्ट को राजधानी के साथ जोड़ेगा. इसके बन जाने से दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) नमो भारत नेटवर्क से जुड़ जाएगा. गुरुग्राम और मानेसर जैसे देश् के प्रमुख आईटी और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब सीधे हाई-स्पीड रेल से जुड़ेंगे. मानेसर-बावल इन्वेस्टमेंट रीजन और दक्षिणी हरियाणा के सबसे बड़े औद्योगिक गलियारे हैं.
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रुली बिश्नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …
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