बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला! टेकऑफ से पहले IndiGo फ्लाइट के केबिन में भरा धुआं, इमरजेंसी निकासी से बची सभी यात्रियों की जान
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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चेन्नई जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट 6E 6017 के केबिन में टेकऑफ से पहले अचानक धुआं दिखाई देने लगा. स्थिति को गंभीर मानते हुए क्रू मेंबर्स ने तुरंत इमरजेंसी प्रक्रिया लागू की और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई.
मुंबई. रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच ‘डॉन 3’ को लेकर विवाद चल रहा है. रणवीर ने फिल्म छोड़ दी. फरहान के प्रोडक्शन हाउस एक्सेल एंटरटेनमेंट को 45 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है. एक्सेल एंटरटेनमेंट ने डॉन 3 से रणवीर सिंह के बाहर होने पर उनसे 45 करोड़ रुपये का मुआवजा मांगा है. सोमवार, 25 मई को वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज फेडरेशन (FWICE) ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के खिलाफ सख्त रुख अपनाया.
Ranveer Singh ban News Live : फरहान अख्तर संग रणवीर सिंह के विवाद पर मनोज बाजपेयी का आया बयान- ‘मसला जल्दी सुलझ जाए’
नई दिल्ली: ‘डॉन 3’ को अचानक छोड़ने की वजह से रणवीर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने उनके खिलाफ ‘नॉन कॉपरेशन डायरेक्टिव’ जारी कर दिया है. दरअसल, फिल्म के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने इस मामले में दखल की मांग की थी. उनका कहना है कि रणवीर के कमिटमेंट की वजह से उन्होंने प्री-प्रोडक्शन पर काफी पैसा खर्च किया था, इसलिए अब वे 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग कर रहे हैं. इस पूरे विवाद पर दिग्गज एक्टर मनोज बाजपेयी ने अपनी फिल्म ‘गवर्नर’ के ट्रेलर लॉन्च पर कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन वे उम्मीद करते हैं कि यह मसला जल्द सुलझ जाए. रणवीर ने खुद इस पर अब तक चुप्पी साधी हुई है, हालांकि हाल ही में उन्हें मंदिर के दर्शन करते हुए देखा गया था.
रणवीर सिंह की ‘गंदी बात’ ने मचा दिया था बवाल, सरेआम अनुष्का शर्मा को किया था शर्मिंदा!
नई दिल्ली: फरहान अख्तर से पहले अनुष्का शर्मा के साथ रणवीर सिंह का विवाद हुआ था. वे करियर की शुरुआत में अपनी को-स्टार अनुष्का शर्मा के साथ ‘कॉफी विद करण’ में पहुंचे थे. शो के दौरान रणवीर ने अनुष्का पर एक ऐसा भद्दा कमेंट किया था, जिससे अनुष्का काफी असहज और परेशान नजर आई थीं. एक्टर के बयान के बाद लोगों ने उनकी जमकर क्लास लगाई थी. उन पर महिलाओं का अपमान करने के आरोप लगे. विवाद इतना बढ़ गया कि रणवीर सिंह को अपनी इस गलती के लिए माफी मांगनी पड़ी थी.
Ranveer Singh ban News Live : बैन के बाद भी चुप क्यों हैं रणवीर सिंह, प्रवक्ता ने कहा- ‘बढ़ावा नहीं देना चाहते’
नई दिल्ली: फरहान अख्तर से विवाद के बीच रणवीर सिंह ने चुप्पी साधी हुई है, जिसकी वजह से तमाम लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं. उन्होंने FWICE के बैन के बावजूद कोई सीधा बयान नहीं दिया है. एक्टर के प्रवक्ता ने इसकी वजह बताते हुए कहा है एक्टर इन अटकलों को और बढ़ावा नहीं देना चाहते. उनका मानना है कि काम से जुड़े मतभेदों को आपस में मिलकर निजी तौर पर सुलझाना ही बेहतर होता है. बयान में यह भी साफ किया गया कि ‘डॉन 3’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उन्होंने जानबूझकर चुप्पी साधे रखी है. उनका मानना है कि प्रोफेशनल बातचीत और निजी रिश्तों को हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभालना चाहिए. कुल मिलाकर, वे इस विवाद को पब्लिक तमाशा बनाने के बजाय शांति से निपटाने के पक्ष में हैं.
Ranveer Singh ban News Live: जब फोटोशूट के चलते विवादों में थे रणवीर सिंह
नई दिल्ली: रणवीर सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है. उन्होंने साल 2022 में एक इंटरनेशनल मैग्जीन के लिए बिना कपड़ों के फोटोशूट करवाया था, जिससे सोशल मीडिया पर काफी बवाल मच गया. इस फोटोशूट के बाद उन पर अश्लीलता फैलाने और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में कई एफआईआर और पुलिस शिकायतें दर्ज हुई थीं. फिलहाल, वे FWICE के बैन का सामना कर रहे हैं.
Ranveer Singh ban News Live: ‘क्यों नहीं कर रहे सेटल’ बैन के बाद रणवीर सिंह के बर्ताव पर सवाल उठा रहे नेटिजेंस
नई दिल्ली: रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ छोड़ने से फरहान अख्तर को मोटा नुकसान हुआ है. एक्टर की शिकायत के बाद FWICE ने उन पर बैन लगा दिया है. नेटिजेंस भी उनके बर्ताव पर चर्चा कर रहे हैं. उन्हें लगता है कि जब रणवीर सिंह के सितारे गर्दिश में थे, तब फरहान ने उन्हें फिल्म ऑफर की थी. ‘धुरंधर 2’ की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद ‘डॉन 3’ छोड़ने पर लोग सवाल उठा रहे हैं. उन्हें लगता है कि रणवीर सिंह, फरहान के 45 करोड़ रुपये चुकाकर विवाद खत्म कर सकते हैं, पर वह ऐसा नहीं कर रहे.
Ranveer Singh ban News Live: बैन के बावजूद फिल्में साइन कर पाएंगे रणवीर सिंह
रणवीर सिंह के FWICE के बैन के बाद इससे जुड़े तमाम तकनीशियन, क्रू मेंबर्स उनके साथ काम करने से इनकार कर सकते हैं. जाहिर है कि एक्टर पर बैन का असर उनकी अगली फिल्मों की मेकिंग पर पड़ेगा. हालांकि, रणवीर सिंह को कानूनी तौर पर अन्य फिल्में साइन करने से नहीं रोका जा सकता, क्योंकि यह कोई कानूनी या सरकारी बैन नहीं है.
Ranveer Singh ban News Live: वकील ने बताया रणवीर सिंह मौलिक अधिकार का हनन
वकील अमीत नायक ने कहा, ” ऐसे आदेश नागरिकों के मौलिक अधिकारों- विशेष रूप से व्यक्तिगत स्वतंत्रता, आजीविका के अधिकार, अनुच्छेद 19 और अनुच्छेद 21—की मूल भावना पर ही चोट करते हैं. और मेरी राय में, FWICE को ऐसा कोई आदेश जारी करने का कोई अधिकार ही नहीं था.”
FWICE bans Ranveer Singh Live Updates: गैर-कानूनी है रणवीर सिंह पर बैन, FWICE वैधानिक संस्था नहीं
वैराइटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वकील ने फेडरेशन के बैन को गैर-कानूनी बताया है. वकील अमीत नायक ने कहा कि FWICE ने कई तरह गैरकानूनी आदेश दिया है. उन्होंने कहा, “सबसे पहले, आप ऐसा कोई आदेश जारी नहीं कर सकते जो किसी पर भी रोक लगाता हो. यह व्यापार की स्वतंत्रता पर रोक लगाने जैसा है. दूसरा, यह अपनी दबदबे वाली स्थिति का दुरुपयोग है और प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन है. तीसरा, FWICE के पास ऐसा कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है और आखिरकार, यह कोई वैधानिक संस्था नहीं है. इसलिए, इन तीनों ही आधारों पर, मेरी राय में, इस आदेश को रद्द किया जाना चाहिए और इसे लागू नहीं रखा जाना चाहिए.ठ
Ranveer Singh ban News Live: ‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद में फंसे थे रणवीर सिंह
रणवीर सिंह की चामुंडेश्वरी मंदिर यात्रा भी ‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद के कारण भी चर्चा में है. दरअसल, को आईएफएफआई (IFFI) 2025 के समापन समारोह में उनकी मिमिक्री के बाद आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था, क्योंकि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं आहत हुई थीं. कर्नाटक में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी.
FWICE bans Ranveer Singh Live Updates: रणवीर सिंह ने खुद को रखा लो प्रोफाइल
रणवीर सिंह ने चामुंडेश्वरी मंदिर की यात्रा के दौरान खुद को लो प्रोफाइल रखा. उन्हें सफेद कुर्ता-पायजामा और काले वेस्टकोट में मंदिर में पूजा करते हुए देखा गया. इससे पहले, उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया था. जहां उन्होंने ‘डॉन 3’ विवाद को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच पैपराजी से दूरी बनाए रखी थी. चेहरा मास्क से ढका हुआ था.
Ranveer Singh ban News Live: रणवीर सिंह ने किए मां चामुंडेश्वरी के दर्शन
‘डॉन 3’ को लेकर विवादों में घिरे रणवीर सिंह मैसूर से स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर में पहुंचे हैं और दर्शन मां के दर्शन किए. इसका वीडियो सामने आया है. वीडियो में उन्हें मंदिर में पूजा करते हुए देखा जा सकता है. यह दौरा कर्नाटक हाई कोर्ट के उस आदेश के कुछ हफ़्तों बाद हुआ है, जिसमें कोर्ट ने ‘कांतारा’ मिमिक्री मामले के निपटारे के तौर पर एक्टर को चामुंडेश्वरी मंदिर जाने का निर्देश दिया था.
Ranveer Singh FWICE Boycott Live: 45 करोड़ रुपए का हुआ ऑडिट, रणवीर सिंह चेक करने की मांग
अशोक पंडित ने कहा, “फरहान 45 करोड़ रुपये चाहते हैं. यह रकम पूरी तरह से हिसाब में है और ऑडिट भी हो चुका है. उन्होंने रणवीर से कहा है, ‘यह वह रकम है जो हमने खर्च की है. आप खुद जांच लें, अगर आपको इसमें कोई गड़बड़ी लगे तो हम उसे भी मानने को तैयार हैं’. फरहान, रितेश, रणवीर जी और हमारी सभी संस्थाएं साथ बैठकर सकारात्मक नतीजे पर पहुंचने के लिए तैयार हैं.”
Ranveer Singh ban News Live: रणवीर सिंह के साथ काम नहीं करेंगे ये लोग
अशोक पंडित ने बताया कि FWICE के मेंबर- डायरेक्टर्स, टेक्नीशियंस और कैमरा मैन, स्पॉटबॉय, लाइटमैन जैसे क्रू मेंबर्स को रणवीर सिंह के साथ काम न करने का निर्देश दिया गया है. अशोक पंडित ने आगे बताया कि फरहान अख्तर ने करीब 45 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है, जो कि प्री-प्रोडक्शन में हुए खर्चों का हिसाब है और ऑडिट भी हो चुका है.
Ranveer Singh FWICE Boycott Live: इंडस्ट्री को बर्बाद नहीं होने देंगेः अशोक पंडित
जब अशोक पंडित ने पूछा गया कि यह फ़ैसला किस तरफ़ जा सकता है, तो उन्होंने कहा, “हम कुछ ऐसा करेंगे जो अभी सही हो. हम इंडस्ट्री को यहां बर्बाद नहीं होने देंगे. कल कोई भी फ़िल्म से बाहर निकल सकता है. हम जो भी करेंगे, इंडस्ट्री के हित में ही करेंगे.”
Ranveer Singh FWICE ban Live: रणवीर सिंह ने नहीं रखा अपना पक्ष
अशोक पंडित ने कहा, “फरहान लंदन में थे, इसलिए उन्होंने जूम पर बात की, जबकि रितेश सिधवानी IFTDA के ऑफिस आए. अगले दो घंटे में उन्होंने हमें पूरा मामला समझाया और बताया कि वे हमारे पास क्यों आए हैं. फिर नियम के मुताबिक हमने दूसरी पार्टी से संपर्क किया. हर 10 दिन में हमने रणवीर सिंह को तीन बार याद दिलाया कि वे आकर अपनी बात रखें, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया. जब हमने प्रेस कॉन्फ्रेंस की घोषणा की, तो हमें एक ईमेल मिला जिसमें लिखा था कि हमारी फेडरेशन का इस मामले में कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है. उसमें कहा गया, ‘आपकी संस्था को इस मामले में शामिल होने का कोई कारण नहीं है’.”
पाकिस्तानी आतंकियों और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने देश की सुरक्षा में फिर सेंध लगाने की कोशिश की। जिसमें यूपी समेत देश के कई मंत्रियों के नंबर गोपनीय ढंग से गाजियाबाद के रहने वाले जैद से जुटाए गए। जैद ने इन मोबाइल नंबरों को पाकिस्तनी आतंकियों और ISI एजेंटो को भेज दिया। तेलंगाना राज्य की मेडचल पुलिस ने आरोपी जैद को अरेस्ट कर लिया है। जिसे जेल भेज दिया गया है। 20 मई को इंटरनेट से सर्च किए नंबर तेलंगाना पुलिस की जांच में आया है कि 20 मई को आरोपी जैद ने इंटरनेट के माध्यम से यूपी के कैबिनेट मंत्रियों के फोन नंबर सर्च किए। इसके बाद इन मोबाइल नंबरों को ISI एजेंट और हेंडलर्स को भेजे। जिसके बद तेलंगाना की मेडचल पुलिस ने 25 मई को यूपी के गाजियाबाद के रहने वाले मौहम्मद जैद को अरेस्ट किया है। जिससे पूछताछ में कई खुलासे सामने आए। जैद कक्षा 4 तक पढ़ा हुआ जैद ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि मैं कक्षा 4 तक पढ़ा हुआ हूं। 2021 में मैं यूपी के गाजियाबाद से कोलकाता चला गया। जहां उसने एक कपड़ा व्यापारी के साथ मिलकर काम किया। तीन साल तक कपड़ा का काम करने के बाद फिर गाजियाबाद लौटा। फरवरी 2026 में हैदराबाद के एक रेस्टोरेंट में काम करने चला गया। जैद की नौकरी की सिफारिश चचेरे भाई फैजान ने की थी। जहां रेस्टोरेंस्ट के सुपरवाइजर फैजान की सिफारिश पर जैद 15 हजार रुपये महीने पर वहीं पर वेटर की नौकरी कर रहा था। रील बनाने के चक्कर में फंसा पुलिस की जांच में आया कि जैद ISI के संपर्क में था। 22 साल के आरोपी ज़ैद खान उर्फ आदिला रील बनाता था। फेसबुक, इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट करता था। इस दौरान आबिद और राणा हुसैन नाम के दो लोगों ने जैद को फॉलो किया। पिछले महीने 4 अप्रैल को आबिद के कहने पर जैद ने प्रयागराज के छोटा योगी नाम व्यक्ति की लोकेशन उनके साथ शेयर की। इसके बाद 10 अप्रैल कोआबिद ने जैद से कहा कि पाकिस्तानी डॉन आबिद के नाम से एक हजार पोस्टर गाजियाबाद में लगाने हैं। इसके बदले में एक पिस्टल देने का वादा किया गया। इन सब का वीडियो पूरे सबूत के तौर पर जैद को भेजना था। इसके बाद सीएम योगी के पीए का नंबन निकालने का टास्क मिला। इसके बाद यूपी के कई कैबिनेट मंत्रियों के नंबर मांगे गए। जहां जैद ने यूपी के कई कैबिनेट मंत्रियों के नंबर भेज दिए। पुलिस की जांच में आया कि आबिद जाट मेमोस और जाट 333 जैसे व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था। वह लगातार इस्लाम के लिए लड़ने के लिए पिस्टल की मांग कर रहा था। जैद के मोबाइल की भी तेलंगाना पुलिस जांच कर रही है। जैद को चेरलापल्ली की जेल में भेजा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद की शपथ ग्रहण के 12 वर्ष पूरे होने पर अररिया लोकसभा सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने खुशी व्यक्त की है। उन्होंने इस अवसर पर जनता का आभार भी प्रकट किया। सांसद ने इस उपलब्धि को ‘नए भारत’ के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि वर्ष 2014 में मिले जनादेश के साथ शुरू हुआ यह सफर आज देश के समग्र विकास का मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने ‘सेवा, संकल्प, सुशासन और विकास’ के मंत्र को केंद्र में रखकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की अभूतपूर्व प्रगति का उल्लेख किया। सांसद के अनुसार, भारत आज विश्व पटल पर नई ताकत और आत्मविश्वास के साथ उभर रहा है। उन्होंने गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, महिला सशक्तिकरण, किसान उत्थान और युवा अवसरों में आए ऐतिहासिक परिवर्तनों की सराहना की। 12 वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी गई
विशेष रूप से सीमांचल क्षेत्र के अररिया में पिछले 12 वर्षों में विकास की नई इबारत लिखी गई है। सड़क, रेल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, आवास, शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बैंकिंग और डिजिटल सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंच चुकी हैं। सांसद ने कहा, “बीते 12 वर्षों का गूगल मैप ही विकास की कहानी बताने के लिए पर्याप्त है।” उन्होंने बताया कि जहां पहले बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, आज वहां सड़क, पुल, रेलवे कनेक्टिविटी और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार दिखाई देता है। इससे आम नागरिक का जीवन अब अधिक सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक हुआ है। करोड़ों भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया
प्रदीप कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को दूरदर्शी और प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र ने करोड़ों भारतीयों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अंत में, सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इन सफल 12 वर्षों के लिए बधाई दी। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में जनता के पूर्ण समर्थन का भरोसा भी जताया। इन 12 वर्षों को केवल सरकार चलाने के नहीं, बल्कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के वर्ष बताया गया।
रतलाम पुलिस ने मंगलवार को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 150 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया है। जिले की रिंगनोद थाना पुलिस और माननखेड़ी चौकी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में करीब 3 लाख रुपए कीमत का डोडाचूरा पकड़ा। पुलिस ने फोरलेन पर घेराबंदी कर एक 407 लोडिंग वाहन को रोका, जिसमें दो आरोपी अवैध मादक पदार्थ लेकर जावरा की ओर जा रहे थे। तलाशी लेने पर मिला 150 किलो माल संदिग्ध लोडिंग वाहन आने पर रोक कर तलाशी। तलाशी के दौरान वाहन में 150 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा बरामद हुआ। मौके पर वाहन में सवार जीवनराम (48) पिता परमाराम विश्नोई, निवासी पालडीमेस थाना गच्छीपुरा जिला नागौर (राजस्थान) व सुखाराम (30) पिता बल्लाराम विश्नोई निवासी रेण थाना मेडता जिला नागौर (राजस्थान) को एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जप्त कर लिया है। जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों से डोडाचूरा के स्रोत, सप्लाई नेटवर्क एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
राजधानी दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार एक 28 वर्षीय युवक के कूल्हे का विशेष 3डी-प्रिंटेड टाइटेनियम इम्प्लांट की मदद से अत्यंत जटिल रिवीजन टोटल हिप रिप्लेसमेंट सफलतापूर्वक किया गया। गंभीर सड़क हादसे का शिकार हुए इस मरीज की पिछले 22 महीनों में 10 सर्जरी हो चुकी थीं। वह लगातार पुरानी संक्रमण (क्रोनिक इन्फेक्शन) पस के रिसाव और भारी हड्डी क्षति से जूझ रहा था, जिससे उसका हिप जॉइंट पूरी तरह नष्ट हो चुका था। जॉइंट रिप्लेसमेंट कंसल्टेंट डॉ निपुण राणा के नेतृत्व में डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया। सबसे पहले रैपिड डायग्नोस्टिक बायोफायर जॉइंट इन्फेक्शन पैनल, तकनीक से संक्रमण की सटीक पहचान कर उसे नियंत्रित किया गया। इसके बाद सीटी आधारित 3डी रिकंस्ट्रक्शन सॉफ्टवेयर की मदद से मरीज की अनूठी शारीरिक संरचना के अनुसार विशेष टाइटेनियम इम्प्लांट तैयार किया गया। मरीज का हिप पूरी तरह स्थिर है और वह चलने-फिरने लगा है: डॉक्टर डॉक्टरों के मुताबिक, जहां पारंपरिक इम्प्लांट फेल हो जाते हैं, वहां इस अत्याधुनिक तकनीक ने सटीक फिटिंग और हिप बायोमैकेनिक्स की बहाली को संभव बनाया। यह मरीज की 11वीं सर्जरी थी जो करीब 6 घंटे चली। अब मरीज का हिप पूरी तरह स्थिर है और वह चलने-फिरने लगा है। डॉक्टरों ने बताया, ऐसे जटिल मामलों में सफलता केवल जोड़ बदलने में नहीं, बल्कि संक्रमण को जड़ से समझने और सूक्ष्म योजना बनाने में है। 3डी-प्रिंटेड इम्प्लांट हमें वहां पुनर्निर्माण की ताकत देते हैं जहां पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां नाकाम हो जाती हैं। यह ऑर्थोपेडिक नवाचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है।
हनुमानगढ़ टाउन पुलिस ने धोखाधड़ी के 8 मामलों में फरार चल रहे एक आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले करीब 3 साल से फरार था और गिरफ्तारी से बचने के लिए जयपुर में कपड़ों की रंगाई का काम कर रहा था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। एएसआई सरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोहेल खान (28) को पकड़ा। सोहेल हनुमानगढ़ टाउन की गली नंबर 4, नई आबादी का निवासी है।
आरोपी सोहेल खान वर्ष 2023 में दर्ज धोखाधड़ी के 8 मामलों में वांछित था। वह लंबे समय से पुलिस से बच रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2014 में सोहेल खान और उसके पिता सलीम खान ने गांव कोहला में एक आवासीय कॉलोनी विकसित करने का दावा किया था। उन्होंने लोगों को किस्तों में प्लॉट देने और पूरा भुगतान होने पर रजिस्ट्री कराने का भरोसा दिलाया।
आरोपियों ने परिवादियों को कॉलोनी का नक्शा दिखाया और मौके पर प्लॉट भी बताए। इसके बाद उनसे लाखों रुपए अग्रिम राशि के रूप में ले लिए गए। बाद में जांच में पता चला कि दिखाए गए प्लॉट मौके पर मौजूद नहीं थे और न ही भूमि रूपांतरण से संबंधित कोई दस्तावेज थे। लाखों रुपए लेने के बाद आरोपी फरार हो गए थे। इस संबंध में टाउन थाने में अलग-अलग परिवादियों द्वारा 8 मामले दर्ज कराए गए थे।
सोहेल खान के पिता सलीम खान को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। मामले की आगे की जांच जारी है।
Chikoo Buying Tips: फल खरीदना देखने में जितना आसान लगता है, असल में उतना होता नहीं है. खासकर चीकू जैसे फल के मामले में लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं. ऊपर से साफ और सुंदर दिखने वाला चीकू घर पहुंचकर या तो कच्चा निकलता है, या फिर अंदर से खराब. कई बार लोग ज्यादा झुर्रियों वाले चीकू को मीठा समझकर खरीद लेते हैं, तो कभी हरे रंग का फल देखकर सोचते हैं कि घर पर पक जाएगा. लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता. अगर आपको सच में मीठा, रसीला और खाने लायक चीकू चाहिए, तो खरीदते समय कुछ आसान बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
सही पहचान होने पर न सिर्फ आपका पैसा बचेगा, बल्कि खाने का मजा भी दोगुना हो जाएगा. अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी एक्सपर्ट बनने की जरूरत नहीं है. बस थोड़ी समझदारी और ध्यान से आप हर बार बेहतर चीकू चुन सकते हैं.
सबसे पहले रंग देखकर करें पहचान चीकू खरीदते समय सबसे पहले उसके रंग पर नजर डालें. अच्छा और पका हुआ चीकू आमतौर पर हल्के भूरे या हल्की लालिमा लिए भूरे रंग का दिखता है. अगर फल हरा नजर आ रहा है, तो समझ लीजिए कि उसे समय से पहले तोड़ा गया है. ऐसे चीकू कई बार घर पर रखने के बाद भी सही तरीके से नहीं पकते. अगर पक भी जाएं तो उनका स्वाद वैसा मीठा नहीं आता जैसा होना चाहिए. इसलिए सिर्फ चमक देखकर नहीं, रंग देखकर फैसला करें.
छोटे छेद को बिल्कुल नजरअंदाज न करें कई बार चीकू बाहर से बिल्कुल ठीक दिखता है, लेकिन उसमें एक छोटा सा छेद होता है. यही छोटी सी चीज बड़ा नुकसान करा सकती है. ऐसे छेद अक्सर इस बात का संकेत होते हैं कि फल के अंदर कीड़ा लग चुका है. इसलिए चीकू खरीदते समय उसे हाथ में लेकर चारों तरफ से अच्छी तरह घुमाकर देखें. अगर कहीं भी छोटा छेद दिखे, तो उसे तुरंत वापस रख दें. वरना घर आकर फल काटने के बाद पछताना पड़ सकता है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
बहुत ज्यादा सख्त चीकू लेने से बचें अगर चीकू छूने पर आलू की तरह बहुत सख्त महसूस हो रहा है, तो उसे खरीदने से बचें. बहुत कच्चे चीकू को घर पर पकाना आसान नहीं होता. कई बार वे बाहर से नरम दिखने लगते हैं, लेकिन अंदर से कच्चे ही रहते हैं. कुछ तो सूख भी जाते हैं और स्वाद खराब हो जाता है. हल्की नरमी वाला चीकू बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह बताता है कि फल पकने की सही अवस्था में है.
ज्यादा झुर्रियों वाले चीकू हमेशा अच्छे नहीं होते बहुत से लोग सोचते हैं कि झुर्रियां मतलब फल ज्यादा मीठा होगा. लेकिन हर बार यह सच नहीं होता. जरूरत से ज्यादा झुर्रियों वाला चीकू अक्सर ज्यादा पक चुका होता है. ऐसे फलों में स्वाद बदल सकता है और कभी-कभी हल्की खराब गंध भी आने लगती है. इसलिए हल्की प्राकृतिक बनावट ठीक है, लेकिन बहुत ज्यादा सिकुड़ा हुआ चीकू खरीदना सही फैसला नहीं है.
हल्का दबाकर करें अंतिम जांच अगर आप पके हुए चीकू की सही पहचान चाहते हैं, तो उसे हल्के हाथ से दबाकर देखें. अगर फल थोड़ा नरम महसूस हो, तो यह अच्छी निशानी है. बहुत ज्यादा मुलायम हो तो वह ज्यादा पका हो सकता है, और बहुत सख्त हो तो अभी कच्चा है. सही चीकू वही है जो हल्का दबाने पर थोड़ा नरम लगे, लेकिन दबते ही पिचक न जाए.
गलती से कच्चे चीकू आ जाएं तो क्या करें कई बार जल्दी में खरीदारी करते समय थोड़े कच्चे चीकू आ जाते हैं. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. उन्हें फ्रिज में रखने की गलती न करें. इससे उनका स्वाद खराब हो सकता है. बेहतर होगा कि उन्हें कागज के बैग या अखबार में लपेटकर कमरे के तापमान पर एक या दो दिन के लिए रख दें. इससे वे धीरे-धीरे नैचुरल तरीके से पक सकते हैं और मिठास भी बनी रहती है.
गुजरात के गिर जंगल क्षेत्र में दो शेर शावकों की संदिग्ध बाबेसिया वायरस संक्रमण से मौत हो गई है। वहीं, तीन अन्य शेरों की अलग-अलग घटनाओं में प्राकृतिक कारणों और आपसी संघर्ष में जान गई। राज्य के वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
वन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा कि गिर जंगल में किसी बड़े संक्रमण या महामारी जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि बेबेसिया वायरस से केवल दो संदिग्ध मौतें जुड़ी हैं, जबकि बाकी तीन शेरों की मौत अन्य कारणों से हुई है।
मोढवाडिया ने बताया कि बाबेसिया वायरस टिक यानी किलनी के जरिए फैलता है। इससे संक्रमित जानवरों में कमजोरी, खांसी और नाक से स्राव जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीमें वायरस के फैलाव को रोकने में जुटी हैं। संदिग्ध शेरों की पहचान की जा रही है, उनके सैंपल लिए जा रहे हैं और इलाज भी किया जा रहा है। इससे पहले 2018 में बेबेसिया वायरस से ही एक महीने के भीतर 11 शेरों की मौत हुई थी।
अलग-अलग रेंज में हुई शावकों की मौत
प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (वाइल्डलाइफ) जयपाल सिंह ने कहा कि ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इनमें कुछ भी असामान्य नहीं है। तीनों शावकों की मौत फॉरेस्ट के अलग-अलग रेंज में हुई है। इसलिए किसी महामारी जैसी स्थिति की बात नहीं है।
लिलिया रेंज में 1, सावरकुंडला रेंज और सरसिया रेंज में 1 शावक की मौत हुई है। इनमें से जिन दो शावकों की मौत हुई, वे बहुत छोटे थे। वहीं, दो अन्य शेरों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, जबकि एक शेर की जान आपसी संघर्ष में गई है। इनकी मौत का वायरस से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि आमतौर पर शावकों की जीवित रहने की दर आमतौर पर 50 फीसदी ही होती है। लेकिन गिर फॉरेस्ट में लगातार निगरानी, ट्रैकर्स और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाओं की वजह से शेरों की मृत्यु दर काफी कम है।
2018 में बेबेसिया वायरस से ही एक महीने के भीतर 11 शेरों की मौत हुई थी।
बेबेसिया वायरस क्या है?
बेबेसिया एक बहुत ही गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों और वन्यजीवों में भी पाई जाती है। यह बेबेसिया नामक परजीवी (प्रोटोजोआ) द्वारा फैलती है। मलेरिया की तरह, ये परजीवी शरीर में प्रवेश करते हैं और सीधे लाल रक्त कोशिकाओं (आरबीसी) पर हमला करके उन्हें नष्ट कर देते हैं।
वहीं, शेरों में यह परजीवी रोग किलनी द्वारा फैलता है। वायरस शेरों की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती है। इससे शरीर में गंभीर एनीमिया हो जाता है, जिससे उनकी मौत हो जाती है।
एशियाई शेरों की संख्या 891 दर्ज की गई है
गुजरात में एशियाई शेरों की कुल संख्या 891 है। सितंबर, 2025 में विधानसभा में CM भूपेंद्र पटेल ने शेरों की गिनती के बाद नए आंकड़े जारी किए थे। साल 2020 में 674 शेर थे, जो अब बढ़कर 891 हो गए हैं। इनमें 196 शेर, 330 शेरनियां और 225 शावक शामिल हैं।
इस साल 10 से 13 मई 2025 के बीच अत्याधुनिक तकनीक से शेरों की गिनती की गई थी। इसके आधार पर यह आंकड़ा जारी किया गया था। गुजरात के 11 जिलों की 58 तहसीलों में शेरों की उपस्थिति दर्ज की गई है। राज्य के 7 जिलों… जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, द्वारका, पोरबंदर और राजकोट जिलों तक शेरों की बसाहट दर्ज कई गई है।
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गिर फॉरेस्ट में एक साथ दिखा 12 शेरों का परिवार:9 शावकों के साथ थी तीन शेरनियां
एशियाटिक लॉयंस के लिए फेमस गुजरात के गिर फॉरेस्ट से एक रोचक नजारा सामने आया है। सासण से विसावदर जाने वाले जंगल के रास्ते पर 12 शेरों का झुंड टहलता नजर आया। इस झुंड में 9 शावकों के साथ तीन शेरनियां थीं। पूरी खबर पढ़ें…
बाल श्रम पर पुलिस की FIR? HC के फैसले पर लगा अल्पविराम! SC लेगा सुप्रीम फैसला
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बाल श्रम कानून के तहत पुलिस FIR दर्ज कर सकती है या नहीं, यह सवाल अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. सुप्रीम Court ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस फैसले पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया था कि पुलिस सीधे कार्रवाई नहीं कर सकती. मामला बाल एवं किशोर श्रम कानून की व्याख्या और बच्चों के शोषण के खिलाफ त्वरित कार्रवाई से जुड़ा है. कोर्ट का अंतिम फैसला देशभर में बाल मजदूरी के मामलों की जांच और कानूनी प्रक्रिया पर बड़ा असर डाल सकता है.
बाल श्रम पर एफआईआर को लेकर सुप्रीम कोर्ट आखिरी फैसला लेगा.
Court News: बाल श्रम पर पुलिस सीधे एफआईआर कर सकेगी या नहीं, इस बाबत इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर अल्पविराम लग चुका है. अब इस मसले पर देश की सर्वोच्च अदालत ही सुप्रीम फैसला लेगी. जी हां, बाल एवं किशोर श्रम कानून के तहत एफआईआर दर्ज करने के अधिकार को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस भी जारी किया है.
हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि पुलिस सीधे तौर पर बाल श्रम कानून के तहत एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती है. इस मामले में कार्रवाई केवल अधिकृत अधिकारी की शिकायत पर ही शुरू हो सकती है. मामले की सुनवाई जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एएस चंदूरकर की पीठ ने की. याचिका में कहा गया है कि हाई कोर्ट का फैसला बाल श्रम के खिलाफ कार्रवाई को कमजोर कर सकता है और इससे बच्चों के शोषण के मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई प्रभावित होगी.
दरअसल, यह विवाद चाइल्ड एंड अडोलसेंट लेबर (प्रोहिबिशन एंड रेगुलेशन) एक्ट को लेकर है. हाईकोर्ट ने माना था कि इस कानून के तहत मुकदमा शुरू करने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारी को है, इसलिए पुलिस अपने स्तर पर एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती. इसी फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिकाकर्ता का कहना है कि यदि पुलिस को एफआईआर दर्ज करने से रोका गया तो बाल मजदूरी से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई मुश्किल हो जाएगी. कई मामलों में बच्चों को खतरनाक परिस्थितियों में काम कराया जाता है और ऐसे मामलों में तुरंत हस्तक्षेप जरूरी होता है.
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले पर केंद्र और संबंधित पक्षों से जवाब मांगा जाएगा. माना जा रहा है कि अदालत का अंतिम फैसला देशभर में बाल श्रम कानूनों के क्रियांवयन पर बड़ा असर डाल सकता है.
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें