Saturday, October 17, 2026
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पूर्वांचल विवि में सेमेस्टर परीक्षाएं नवंबर से: ऑनलाइन फॉर्म भरने की तैयारी, जौनपुर-गाजीपुर के कॉलेजों के छात्र देंगे परीक्षा – Jaunpur News




वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं नवंबर के दूसरे सप्ताह से शुरू होंगी। इसमें जौनपुर और गाजीपुर के कॉलेजों के साथ विश्वविद्यालय परिसर के छात्र शामिल होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। समर्थ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की तारीख खत्म होने के बाद अब ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। परीक्षा फॉर्म भरने की तारीख तय होने के बाद प्रस्तावित कार्यक्रम जारी होगा। स्नातक और परास्नातक की परीक्षाएं तीन पालियों में होंगी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। अभी फॉर्म भरने और परीक्षा शुरू होने की आधिकारिक तारीखों का एलान नहीं हुआ है। जल्द ही इसकी सूचना जारी होने की संभावना है, जिससे छात्रों को तैयारी में मदद मिलेगी।



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किशोरी ने किया सुसाइड,शादी का दबाव बनाने वाले पर केस: भाई को जान से मारने की धमकी देता था आरोपी, जांच में प्रताड़ना के साक्ष्य मिले – datia News




दतिया में शादी के लिए दबाव बनाया, इनकार करने पर छोटे भाई को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस की मर्ग जांच में सामने आए इन तथ्यों के आधार पर उनाव थाना पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी की आत्महत्या के मामले में झांसी जिले के समथर थाना क्षेत्र के पहाड़पुरा निवासी शिवजी गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, किशोरी ने 22 जून 2026 को गोविंदगढ़ गांव में अपने फूफा के घर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार रात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया। एक साल से फूफा के घर रह रही थी किशोरी पुलिस के अनुसार, किशोरी करीब एक साल से गोविंदगढ़ गांव में अपने फूफा के घर रह रही थी। परिजनों ने बताया कि 8 मई 2025 को शिवजी गुर्जर उसे भगाकर ले गया था। इस मामले में समथर थाने में केस दर्ज हुआ था। बाद में पुलिस ने किशोरी को बरामद किया और आरोपी को जेल भेजा गया। इसके बाद किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया था। वहां से छुट्टी मिलने पर परिजनों ने उसे गोविंदगढ़ में फूफा के घर भेज दिया था। मोबाइल और कॉल डिटेल से जांच में मिले सुराग परिजनों ने मर्ग जांच के दौरान आरोप लगाया कि किशोरी का पता लगाने के बाद शिवजी गुर्जर ने उसे मोबाइल दिया था। वह उस पर शादी करने का दबाव बनाता था और किशोरी के साथ उसके परिजनों को भी धमकाता था। पुलिस ने किशोरी का मोबाइल जब्त कर साइबर जांच के लिए भेजा। कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में आरोपी के नंबर से किशोरी के फूफा के मोबाइल पर संपर्क किए जाने की जानकारी मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने मौत का कारण फांसी से दम घुटना बताया। थाना प्रभारी अंशुल अरोरा ने बताया कि मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।



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समस्तीपुर- विजायदशमी पर हाउसिंग बोर्ड मैदान में होगा रावण वध: 60 फीट का पुतला बनकर तैयार, 1955 से हो रहा आयोजन; 50 से अधिक जवानों की तैनाती – Samastipur News




समस्तीपुर में विजयादशमी पर रावण वध की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला दशहरा कमेटी की ओर से इस बार 60 फीट के रावण, 55 फीट के मेघनाथ और 50 फीट के कुंभकरण के पुतले का निर्माण कराया गया है। वर्ष 1955 से लगातार रावण वध का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष 21 अक्टूबर को हाउसिंग बोर्ड मैदान में रावण दहन किया जाएगा। विजयादशमी के दिन दोपहर एक बजे शहर के पंजाबी कॉलोनी स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता की झांकी के साथ जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए शाम करीब पांच बजे हाउसिंग बोर्ड मैदान पहुंचेगा। यहां रावण वध का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सात फीट ऊंचे हनुमान आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। हनुमान करीब 10 फीट लंबी गदा लेकर जुलूस में चलेंगे। इसके अलावा गुरिल्ला के पात्र को भी शामिल किया गया है। आकर्षक झांकियों के साथ विभिन्न वेशभूषा में राक्षसों के पात्र भी लोगों का ध्यान आकर्षित करेंगे। 150 फीट की परिधि में बनेगी लंका नगरी दशहरा कमेटी के अध्यक्ष शाहिल चोपड़ा ने बताया कि इस वर्ष भी झांकी आकर्षण का केंद्र रहेगी। झांकी में भगवान राम, लक्ष्मण, शिव और हनुमान के साथ गुरिल्ला तथा विभिन्न वेशभूषा में राक्षसों के पात्र शामिल होंगे। यह झांकी नगर भवन से होते हुए हाउसिंग बोर्ड मैदान पहुंचेगी। रावण वध स्थल पर करीब 150 फीट की परिधि में लंका नगरी का निर्माण किया जाएगा। 60 फीट का बनाया गया रावण कमेटी के संरक्षक विनोद तनेजा ने बताया कि समस्तीपुर में पिछले 71 वर्षों से रावण दहन का आयोजन किया जा रहा है। इस बार 60 फीट के रावण के अलावा 55 फीट के मेघनाथ और 50 फीट के कुंभकरण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। पुतलों के अंदर तेज आवाज वाले पटाखे लगाए जाएंगे। विजयादशमी की सुबह तीनों पुतलों को हाउसिंग बोर्ड मैदान ले जाकर खड़ा किया जाएगा। भीड़ नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी। कार्यक्रम पर 8 से 10 लाख से अधिक खर्च जिला दशहरा कमेटी के सचिव मुकेश कटारिया ने बताया कि पहले रावण, मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले हाथ से बनाए जाते थे और उस समय काफी कम खर्च आता था। करीब 50 वर्ष पहले इन पुतलों के निर्माण सहित पूरे आयोजन पर लगभग 50 हजार रुपए खर्च होते थे। अब पूरे कार्यक्रम पर करीब 8 से 10 लाख रुपए से अधिक खर्च आता है। पटाखों की कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। 50 से अधिक जवानों की होगी तैनाती रावण वध को लेकर हाउसिंग बोर्ड मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएंगे। जिला पुलिस के 50 से अधिक जवानों को तैनात किया जाएगा। इसके अलावा दशहरा कमेटी के वॉलेंटियर भी भीड़ को नियंत्रित करने और लोगों की सहायता के लिए मौजूद रहेंगे। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि रावण वध के बाद भीड़ को नियंत्रित तरीके से अलग-अलग दिशाओं में भेजा जाएगा। हाउसिंग बोर्ड मैदान चारों ओर से खुला होने के कारण लोगों को अपने-अपने रास्ते से घर लौटने में सुविधा होगी।



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जियो IPO में लगाने हैं पैसे, कौन कर सकता है अप्लाई और किसे मिलेगा रिजर्व कोटा


नई दिल्‍ली. जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्‍टूबर को रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा. इस इश्‍यू को लेकर लोगों में जबरदस्‍त उत्‍साह देखा जा रहा है. ग्रे मार्केट में भी जियो आईपीओ के शेयर प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं. किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-कौन से निवेशक किस कोटे में आवेदन कर सकते हैं और किन खास वर्गों के लिए अलग से शेयर आरक्षित रखे गए हैं. जियो आईपीओ में भी अलग-अलग इन्‍वेस्‍टर्स के लिए कोटा निर्धारित है और रिलायंस शेयरहोल्‍डर्स के लिए अलग से शेयर रखे गए हैं.

आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए कोटा रखा जाता है. इस श्रेणी में कोई भी व्यक्तिगत नागरिक अधिकतम दो लाख रुपये तक की बोली लगा सकता है. जियो आईपीओ का प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपये है. एक लॉट में 12 शेयर हैं. इस तरह रिटेल निवेशकों के लिए अपर प्राइस बैंड के हिसाब से जियो प्लेटफॉर्म्स के इश्यू में एक लॉट का न्यूनतम मूल्य 13,428 रुपये तय किया गया है. रिटेल निवेशक अपनी सुविधा अनुसार न्यूनतम एक लॉट से लेकर अधिकतम 14 लॉट तक के लिए बोली लगा सकते हैं.

एचएनआई कोटा

दो लाख रुपये से ऊपर की पूंजी लगाने वाले निवेशकों को नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी एनआईआई की श्रेणी में रखा जाता है. इसमें दो अलग-अलग उप-श्रेणियां बनाई गई हैं ताकि पूंजी के आकार के हिसाब से निष्पक्ष आवंटन हो सके. पहली उप-श्रेणी स्मॉल एचएनआई की है, जिसमें 15 लॉट यानी 180 शेयरों से लेकर अधिकतम 74 लॉट यानी 888 शेयरों तक के लिए बोली लगाई जा सकती है. इसके लिए 2,01,420 रुपये से लेकर 9,93,672 रुपये तक की पूंजी आवश्यक होती है.

दूसरी उप-श्रेणी बिग एचएनआई की है, जहां 75 लॉट यानी 900 शेयरों से बोली की शुरुआत होती है और इसके लिए कम से कम 10,07,100 रुपये का निवेश करना अनिवार्य है. इसके अलावा बैंक, म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों जैसे बड़े संस्थागत खरीदारों के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स का कोटा अलग से निर्धारित होता है.

रिलायंस शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ का रिजर्व कोटा

जियो प्लेटफॉर्म्स के 30,213 करोड़ रुपये के कुल इश्यू में से रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये का विशेष आरक्षित कोटा रखा गया है. इस कोटे में वे निवेशक आवेदन कर सकते हैं जिनके डीमैट खाते में तय कट-ऑफ तारीख तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मौजूद थे. शेयरधारक श्रेणी के तहत पात्र निवेशक अधिकतम दो लाख रुपये तक की बोली लगा सकते हैं.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक पात्र शेयरधारक इस रिजर्व कोटे के साथ-साथ रिटेल या एनआईआई श्रेणी में से किसी एक में अलग से भी एक बोली लगा सकता है. ऐसा करने पर ऑफर दस्तावेजों के मुताबिक दोहरा आवेदन नहीं माना जाएगा. भारतीय शेयर बाजार के टी-प्लस-वन सेटलमेंट नियमों के तहत पात्रता की कट-ऑफ तारीख 14 अक्टूबर निर्धारित थी. जिसके लिए 13 अक्टूबर तक शेयर खरीदना जरूरी था.

कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ के शेयर रिजर्व

जियो आईपीओ में रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी सहायक इकाइयों के पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये के शेयर अलग से आरक्षित किए हैं. इस श्रेणी के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी अधिकतम पांच लाख रुपये तक के शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं. इसके लिए आवेदन फॉर्म भरते समय कर्मचारी कोटा चुनना होगा.

बैंक फंड ब्लॉकिंग और लिस्टिंग टाइमलाइन

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में भाग लेने के लिए निवेशक अपने बैंक के एएसबीए पोर्टल, ब्रोकरेज ट्रेडिंग ऐप या यूपीआई मैंडेट के जरिए 19 अक्टूबर से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. आईपीओ में आवेदन करते ही पैसे क खाते से नहीं कटते, बल्कि अकाउंट में ही ब्लॉक हो जाते हैं. यदि शेयर मिल जाए तो राशि खाते से कट जाती है, जबकि अलॉटमेंट न मिलने की स्थिति में ब्लॉक फंड रिलीज हो जाता है. आईपीओ बंद होने के तीन दिनों के भीतर सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)



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ई-चालान के लिंक पर क्लिक किया, ठगों ने रुपए उड़ाए: फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने महिला को दी गालियां, पढ़िए शहर की क्राइम खबरें – Jodhpur News




जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट में शनिवार को साइबर ठगी, मारपीट, चोरी के कई मामले दर्ज किए गए। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया है। वहीं माता का थान थाना इलाके में एक परिवार से मारपीट का मामला सामने आया है। ई-चालान के लिंक पर क्लिक करते ही उड़े 1.87 लाख रुपये चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया है। सोनराज पुत्र सीताराम निवासी सीताराम नगर ने रिपोर्ट दी। बताया कि उसके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति ने ई-चालान का फर्जी लिंक भेजा। जैसे ही परिवादी ने उस लिंक पर क्लिक किया, उसके बैंक खाते से कुल 1,87,000 रुपये पार हो गए। पुलिस ने साइबर ठगी की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तेज रफ्तार बोलेरो कैम्पर ने मारी टक्कर मथानिया थाना इलाके में ओवर ब्रिज के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो कैम्पर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में मोटरसाइकिल पर सवार एक लड़की की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरी लड़की गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने पिता बिराराम की रिपोर्ट पर पिकअप चालक राजूराम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। महिला के साथ मारपीट कर 45 हजार रुपये और मोबाइल छीना, मामला दर्ज माता का थान थाना क्षेत्र में 80 फीट रोड पर कुछ आरोपियों ने एक राय होकर परिवादी सावित्री पत्नी मनोज सोनी के बेटें के साथ रास्ते में रोककर मारपीट की। आरोपियों ने उनके पास से एक मोबाइल और 45,000 रुपये नकद छीन लिए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों की मनमानी: चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र में श्रीराम फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। इसको लेकर परिवादी करणसिंह ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी महिपाल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। बताया कि और उसकी माता को डराया-धमकाया, गंदी गालियां दीं और जबरन उनकी मोटरसाइकिल उठाकर ले गए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। यूपीआई के जरिए खाते से उड़ाए 3.05 लाख रुपये चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना क्षेत्र की रहने वाली तोषी माथुर के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात ठगों ने परिवादिनी के बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से कुल 3,05,000 रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी कर रुपए निकाल लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।



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इजराइली कंपनी के विज्ञापनों के जरिए जासूसी की कोशिश: बिना क्लिक के डिवाइस में घुस सकता है मालवेयर; UN और नाटो के नेटवर्क तक पहुंच




टोरंटो यूनिवर्सिटी की सिटिजन लैब की जांच में खुलासा हुआ है कि इजराइली कंपनी डिस्कवर टेक के विज्ञापनों के जरिए मोबाइल और कंप्यूटर में जासूसी मालवेयर (एक तरह का सॉफ्टवेयर) पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके लिए यूजर को विज्ञापन पर क्लिक करने की जरूरत भी नहीं थी। जांच में 1.20 लाख से ज्यादा वेबसाइटों और 75 हजार से ज्यादा ऐप पर ऐसे विज्ञापनों के रिकॉर्ड मिले। इनमें संयुक्त राष्ट्र (UN) और नाटो के नेटवर्क तक विज्ञापन पहुंचने की बात भी सामने आई है। रिकॉर्ड में भारत में इस्तेमाल होने वाले ट्रूकॉलर, एमएक्स प्लेयर और लूडो स्टार जैसे ऐप भी शामिल हैं। मोबाइल नंबर जुटाने की भी कोशिश जांच में ‘डार्क कार्टोग्राफर’ नाम के एक अन्य समूह का भी पता चला। यह समूह विज्ञापनों के जरिए 30 से ज्यादा देशों में लोगों के मोबाइल नंबर पता लगाने की कोशिश कर रहा था। भास्कर एनालिसिस: 6 पॉइंट में समझें, कैसे होती थी जासूसी 1. निशाना कैसे बनाते थे? हैकिंग करने वाले सामान्य विज्ञापनों के जरिए फोन और कंप्यूटर तक पहुंचने की कोशिश करते थे। इसके लिए यूजर का विज्ञापन पर क्लिक करना जरूरी नहीं था। कुछ मामलों में विज्ञापन स्क्रीन पर दिखाई दिए बिना भी कोड डिवाइस तक पहुंच सकता था। 2. डिवाइस की पहचान कैसे करते थे? विज्ञापन से जुड़े कोड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होती थी कि कौन-सा व्यक्ति किस ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल कर रहा है। डिवाइस से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाती थी। 3. जासूसी सॉफ्टवेयर कैसे पहुंचता था? पहले जुटाई गई जानकारी के आधार पर चुनिंदा डिवाइस को निशाना बनाया जाता था। विज्ञापन के जरिए उन डिवाइस तक जासूसी सॉफ्टवेयर पहुंचाने की कोशिश होती थी। यूजर को इसकी जानकारी नहीं होती थी। 4. कितने बड़े पैमाने पर हुई कोशिश? जांच के मुताबिक, डिस्कवर टेक ने 161 देशों में विज्ञापन दिखाने की कोशिश की। कंपनी के एक सर्वर पर जनवरी से जून 2026 के बीच 36.4 लाख से ज्यादा संभावित यूजर्स के रिकॉर्ड मिले। इन यूजर्स के डिवाइस तक कोड पहुंचाने की व्यवस्था थी। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इस नेटवर्क का दायरा इससे भी बड़ा हो सकता है। 5. हमले पकड़ में क्यों नहीं आए? विज्ञापन सामान्य दिखाई देते थे और हर यूजर को एक जैसा कोड नहीं भेजा जाता था। चुनिंदा डिवाइस को ही निशाना बनाए जाने से इस गतिविधि का पता लगाना मुश्किल हो सकता था। 6. गूगल ने क्या कार्रवाई की? रिपोर्ट के मुताबिक, डिस्कवर टेक 2020 से गूगल की प्रमाणित विज्ञापन कंपनियों की सूची में शामिल थी। सिटिजन लैब के खुलासे के बाद गूगल ने कंपनी को इस सूची से हटा दिया। ये आंकड़े विज्ञापनों के रिकॉर्ड से जुड़े हैं। सीधे हैक हुए डिवाइस या जासूसी के शिकार यूजर्स की संख्या नहीं है। बीबीसी, न्यूयॉर्क टाइम्स और रक्षा एजेंसियों तक पहुंचे विज्ञापन जांच में बीबीसी, न्यूयॉर्क टाइम्स, फॉक्स न्यूज, सीबीसी और याहू जैसी वेबसाइटों पर संदिग्ध विज्ञापन दिखने के रिकॉर्ड मिले। इनके अलावा अमेरिका के रक्षा विभाग, स्वीडन के सशस्त्र बलों और नॉर्वे की पुलिस के नेटवर्क तक भी विज्ञापन पहुंचे। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी और अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के नेटवर्क पर भी ऐसे विज्ञापन दिखे। कई देशों के सरकारी कार्यालयों और चुनावों की निगरानी करने वाली संस्थाओं के नेटवर्क भी इनके निशाने पर रहे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाला कानून रोका: बोले-इसमें अमेरिका का फायदा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रूस पर सख्त प्रतिबंध लगाने वाले कानून को फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प ने शुक्रवार को इस फैसले से जुड़े आदेश पर हस्ताक्षर किए और कहा कि यह कदम अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। पूरी खबर यहां पढ़ें…



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सप्तमी पर भोग के लिए बनाएं सूजी का हलवा, इस अनुपात में डालें घी और पानी

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नवरात्रि के नौ दिन भक्त मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं. सप्तमी के दिन कई घरों में मां दुर्गा को पूरी, चने और सूजी के हलवे का भोग लगाया जाता है. ऐसे में अगर आप भी सप्तमी पर माता रानी के लिए हलवा बनाने की तैयारी कर रहे हैं, तो सूजी का हलवा एक अच्छा विकल्प है. यह स्वादिष्ट होने के साथ बनाने में भी आसान होता है.

हालांकि, कई बार हलवा बहुत ज्यादा चिपचिपा या सूखा हो जाता है.ऐसा तब होता है जब घी और पानी को सही मात्रा में न मिलाया जाए. अगर आप चाहते हैं कि हलवा मुलायम, खुशबूदार और मुंह में जाते ही घुलने वाला बने, तो इसे बनाते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. आइए जानते हैं सूजी का हलवा बनाने की आसान रेसिपी और इसमें घी-पानी का सही अनुपात.

सूजी का हलवा बनाने के लिए सामग्री
सूजी – 1 कप
चीनी – 1 कप
पानी – 2 कप
घी – आधा कप
काजू, बादाम और पिस्ता – 2 से 3 बड़े चम्मच
किशमिश – 2 बड़े चम्मच
इलायची पाउडर – आधा छोटा चम्मच
केसर – 1 चुटकी (वैकल्पिक)

सूजी का हलवा बनाने की विधि

सबसे पहले सूजी को भूनें: हलवा बनाने के लिए एक कड़ाही लें और उसमें आधा कप घी डालकर गर्म करें. अब इसमें एक कप सूजी डालें. धीमी आंच पर सूजी को लगातार चलाते हुए भूनें. ध्यान रखें कि सूजी जले नहीं. जब इसका रंग हल्का सुनहरा हो जाए और अच्छी खुशबू आने लगे, तो समझ लें कि सूजी अच्छी तरह भुन गई है.

चीनी और पानी का घोल तैयार करें: दूसरी तरफ एक बर्तन में दो कप पानी गर्म करें. इसमें एक कप चीनी डालकर अच्छी तरह घुलने दें. आप चाहें तो इसमें केसर भी डाल सकते हैं. पानी गर्म होने से सूजी में मिलाने पर हलवा आसानी से पकता है.

सूजी में पानी मिलाएं: अब भुनी हुई सूजी में धीरे-धीरे गर्म पानी और चीनी का घोल डालें. इस दौरान सूजी को लगातार चलाते रहें, ताकि गांठें न बनें. पानी डालते समय सावधानी बरतें, क्योंकि गर्म मिश्रण के छींटे पड़ सकते हैं.

मेवे और इलायची डालें: जब सूजी पानी सोखने लगे और हलवा गाढ़ा होने लगे, तो इसमें किशमिश, कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डाल दें. इसके बाद इलायची पाउडर मिलाकर अच्छी तरह चलाएं.

हलवे को पकने दें: अब कड़ाही को 2 से 3 मिनट के लिए ढक दें और धीमी आंच पर हलवे को पकने दें. जब घी हलवे के किनारों पर दिखाई देने लगे और हलवा अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें. आपका स्वादिष्ट सूजी का हलवा तैयार है. इसे गर्मागर्म पूरी और काले चने के साथ मां दुर्गा को भोग लगाएं.

ध्यान रखें ये बातें
सूजी का हलवा बनाने में घी और पानी का सही अनुपात बहुत जरूरी है. एक कप सूजी के लिए आधा कप घी और दो कप पानी इस्तेमाल करें. सूजी को धीमी आंच पर अच्छी तरह भूनने से उसका स्वाद और खुशबू बढ़ती है. पानी हमेशा गर्म डालें और इसे एक साथ डालने के बजाय धीरे-धीरे मिलाएं. इससे हलवे में गांठें नहीं पड़ेंगी और उसका टेक्सचर मुलायम बनेगा. आप अपनी पसंद के अनुसार मेवों की मात्रा कम या ज्यादा भी कर सकते हैं.



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उत्तराखंड और हिमाचल में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड: राजस्थान में तापमान 6°C गिरा; लखनऊ में बाढ़ से 3 लाख लोग प्रभावित


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नई दिल्ली23 मिनट पहले

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हिमाचल में बारिश और बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री नीचे और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। वहीं, प्रदेश में शनिवार सुबह का तापमान 9°C दर्ज किया गया, जबकि दो दिन पहले तक यह 17.7°C था।

राजस्थान में बारिश ने सुबह-शाम सर्दी बढ़ा दी है। मौसम बदलने से अधिकतम तापमान 6 डिग्री तक गिर गया है। सबसे कम तापमान अलवर में 27 डिग्री रहा, जबकि माउंट आबू में पारा 27.7 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।

यूपी में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है। लखनऊ में बाढ़ से हालात बिगड़े हुए हैं। फैजुल्लागंज इलाके की 3 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है। गोमती का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन घरों में 21वें दिन भी पानी भरा है।

सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति

देशभर से मौसम की तस्वीरें…

हिमाचल प्रदेश के मनाली में कई पहाड़ बर्फ से ढक गए हैं।

हिमाचल प्रदेश के मनाली में कई पहाड़ बर्फ से ढक गए हैं।

शुक्रवार को आगरा, मथुरा और हाथरस समेत 5 शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

शुक्रवार को आगरा, मथुरा और हाथरस समेत 5 शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

झारखंड में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। गिरिडीह में तेज हवा के साथ तेज बारिश हुई।

झारखंड में शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम बदला। गिरिडीह में तेज हवा के साथ तेज बारिश हुई।

तमिलनाडु में गुरुवार को पूर्वोत्तर मानसून ने दस्तक दे दी। कल्लाकुरिची शहर में दोपहर से देर शाम तक तेज बारिश होती रही।

तमिलनाडु में गुरुवार को पूर्वोत्तर मानसून ने दस्तक दे दी। कल्लाकुरिची शहर में दोपहर से देर शाम तक तेज बारिश होती रही।

मथुरा में शुक्रवार को तेज बारिश हुई, जिससे पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली।

मथुरा में शुक्रवार को तेज बारिश हुई, जिससे पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली।

राज्यों के मौसम की खबर

यूपी: 6 जिलों में बारिश का अलर्ट

यूपी में मौसम में तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने आज यानी शनिवार को प्रदेश के 6 जिलों में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें…

हरियाणा: पश्चिमी विक्षोभ का असर कम

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के बाद आज 17 अक्टूबर से मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पूरी खबर पढ़ें…

राजस्थान: 6 डिग्री तक गिरा पारा, माउंटआबू से ठंडा अलवर

राजस्थान में बारिश ने सुबह-शाम सर्दी बढ़ा दी। मौसम बदलने से अधिकतम तापमान 6 डिग्री तक गिर गया है। पूरी खबर पढ़ें…

बिहार: सुबह-रात हल्की ठंड, कई जिलों में दिखेगा कोहरा

बिहार के सभी जिलों में आज मौसम सामान्य रहने की संभावना है। दुर्गा पूजा की सप्तमी पर आज सभी पूजा पंडालों के पट खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में लोग दर्शन और घूमने के लिए घरों से निकलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

उत्तराखंड: 3 जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार

उत्तराखंड के 3 जिलों में आज कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इनमें उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…



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गगनयान ने मॉड्यूल अलग करने का टेस्ट पास किया: यह सुरक्षित वापसी में भी मददगार होगा; ISRO का लक्ष्य- 2026 में लॉन्च हो पहला मानवरहित मिशन


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17 मिनट पहले

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गगनयान-G1 की लॉन्चिंग अगले 2 महीनों में होने की उम्मीद है!

ISRO ने गगनयान कार्यक्रम के क्रू मॉड्यूल (CM) और सर्विस मॉड्यूल (SM) को अलग करने वाले सिस्टम की टेस्टिंग पूरी कर ली है। इसके बाद इस सिस्टम के डिजाइन की क्षमता की पुष्टि हुई है।

ये परीक्षण तिरुवनंतपुरम स्थित विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) में किए गए। गगनयान का पहला मानवरहित मिशन G1 साल 2026 में लॉन्च करने का लक्ष्य है।

पहले 'ह्यूमन-रेटेड LVM3' (HLVM3) रॉकेट के जरिए लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

पहले ‘ह्यूमन-रेटेड LVM3’ (HLVM3) रॉकेट के जरिए लॉन्च किए जाने की उम्मीद है।

मॉड्यूल सेपरेशन को ऐसे समझिए…

गगनयान का ऑर्बिटल मॉड्यूल क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल से मिलकर बना है। दोनों मॉड्यूल एक सेपरेट सिस्टम के जरिए जुड़े होते हैं। अंबिलिकल कनेक्शनों से इनके बीच बिजली और लिक्विड की सप्लाई होती है।

लॉन्च से पहले दोनों मॉड्यूल को एक साथ जोड़ा जाता है। मिशन के ऑर्बिट में रहने वाले चरण के खत्म होने तक ये एक यूनिट की तरह काम करते हैं।

पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश से पहले क्रू मॉड्यूल, सर्विस मॉड्यूल से अलग होता है। इसके लिए कई घटनाएं तय क्रम में होती हैं।

परीक्षण में क्या जांचा गया

ISRO ने सेपरेशन सिस्टम के पूरे डिजाइन की पुष्टि के लिए विक्रम साराभाई सेंटर में ये परीक्षण किए। टेस्ट सेटअप में क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल की एक साथ जुड़ी संरचना तैयार की गई थी। पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए इसमें बड़ी संख्या में इंस्ट्रूमेंट लगाए गए थे।

ISRO के मुताबिक, इन परीक्षणों से सेपरेशन सिस्टम के डिजाइन की क्षमता की पुष्टि हुई। साथ ही, क्रू मॉड्यूल के कई अहम सिस्टम की मजबूती और झटके सहने की क्षमता भी जांची गई।

इनमें एवियोनिक्स सिस्टम, इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और पिछले हिस्से, शंकु के आकार वाले हीट शील्ड में लगा थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम शामिल है।

क्रू मॉड्यूल डिप्लॉयबल अंबिलिकल शील्ड की भी जांच की गई। इसके अलावा, क्रू मॉड्यूल अप राइटिंग सिस्टम और थर्मल एंड ह्यूमिडिटी कंट्रोल सिस्टम से जुड़े पाइरोटेक्निक डिवाइस भी परीक्षण में शामिल थे।

मॉड्यूल सेपरेशन को सवाल-जवाब में समझें…

मॉड्यूल अलग करना क्यों जरूरी है: गगनयान के क्रू मॉड्यूल को पृथ्वी पर लौटना है, जबकि सर्विस मॉड्यूल अंतरिक्ष में जरूरी सेवाएं देता है। वापसी के समय सर्विस मॉड्यूल को अलग करना जरूरी है, ताकि क्रू मॉड्यूल अपने हीट शील्ड के साथ वायुमंडल में प्रवेश कर सके।

बिजली और तरल पदार्थों के कनेक्शन भी अलग होंगे: दोनों मॉड्यूल के बीच बिजली, संचार और पर्यावरण नियंत्रण, जीवन समर्थन प्रणाली से जुड़े तरल पदार्थों के लिए अम्बिलिकल कनेक्शन होते हैं। सेपरेशन के दौरान ये कनेक्शन भी सही क्रम में टूटने चाहिए।

हीट शील्ड बचाएगी तेज गर्मी से: पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश के दौरान क्रू मॉड्यूल को बहुत तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसके लिए थर्मल प्रोटेक्शन सिस्टम और हीट शील्ड जरूरी हैं। हालिया परीक्षण में इनसे जुड़े हिस्सों की झटके सहने की क्षमता भी जांची गई।

सिर्फ अंतरिक्ष में पहुंचना नहीं, सुरक्षित लौटना भी लक्ष्य: क्रू मॉड्यूल की वापसी में पैराशूट अहम भूमिका निभाएंगे। पैराशूट मॉड्यूल की गति कम करने में मदद करते हैं, ताकि समुद्र में उतरते समय सुरक्षित रिकवरी की जा सके।

जुलाई 2026 में ISRO ने क्रू मॉड्यूल के पैराशूट और अन्य सुरक्षा प्रणालियों से जुड़े परीक्षणों की जानकारी दी थी।

जुलाई 2026 में ISRO ने क्रू मॉड्यूल के पैराशूट और अन्य सुरक्षा प्रणालियों से जुड़े परीक्षणों की जानकारी दी थी।

समुद्र में उतरने के बाद मॉड्यूल को सीधा रखना: समुद्र में उतरने के बाद क्रू मॉड्यूल को सही स्थिति में बनाए रखने के लिए क्रू मॉड्यूल अप-राइटिंग सिस्टम विकसित किया गया है। जुलाई 2026 में इसके फ्लोटेशन सिस्टम का परीक्षण भी किया गया था।

इमरजेंसी में अंतरिक्ष यात्रियों को बचाने की व्यवस्था: गगनयान में क्रू एस्केप सिस्टम भी है। उड़ान के दौरान गंभीर समस्या आने पर यह अंतरिक्ष यात्रियों वाले मॉड्यूल को रॉकेट से दूर ले जाने के लिए बनाया गया है। अक्टूबर 2023 में ISRO ने TV-D1 परीक्षण के जरिए इस सिस्टम का उड़ान के दौरान प्रदर्शन जांचा था।

सबसे अहम सवाल-1 में इंसानों की जगह क्या होगा: G1 पहली मानवरहित उड़ान है। इसमें मानव यात्रियों के बजाय सिस्टम की कार्यक्षमता जांची जाएगी; मिशन की योजना में व्योममित्र नाम के अर्ध-मानवाकार रोबोट को भी शामिल किया गया है।

गगनशन मिशन: 2027 में शुभांशु समेत पायलट अंतरिक्ष जाएंगे

गगनयान ISRO का ह्यूमन स्पेस मिशन है। इसके तहत 2027 में स्पेसक्राफ्ट से वायुसेना के तीन पायलट्स को स्पेस में भेजा जाएगा। ये पायलट 400 किमी के ऑर्बिट पर 3 दिन रहेंगे, जिसके बाद हिंद महासागर में स्पेसक्राफ्ट की लैंडिंग कराई जाएगी। मिशन की लागत करीब 20,193 करोड़ रुपए है।

गगनयान मिशन के लिए अभी वायुसेना के चार पायलट्स को चुना गया है, जिनमें से एक ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला हैं। शुभांशु इसीलिए एक्सियम मिशन के तहत इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन गए थे।

गगनयान के जरिए पायलट्स को स्पेस में भेजने से पहले इसरो दो खाली टेस्ट फ्लाइट भेजेगा। तीसरी फ्लाइट में रोबोट को भेजा जाएगा। इसकी सफलता के बाद चौथी फ्लाइट में इंसान स्पेस पर जा सकेंगे। पहली टेस्ट फ्लाइट इस साल के अंत तक भेजी जा सकती है।

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