Monday, August 3, 2026
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देहरादून में कहां मिलेंगे बेस्ट नूडल्स? जानिए बजट से लेकर प्रीमियम फूड स्पॉट


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देहरादून में कहां मिलेंगे बेस्ट नूडल्स? जानिए बजट से लेकर प्रीमियम फूड स्पॉट

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देहरादून. आज देहरादून में जेन जी डिम्पलिंग पसंद करते हैं. लेकिन, आज से लगभग 20 साल पहले जब मोमो देहरादून में इतने ज्यादा नहीं प्रचलित थे तो उस समय लोग नूडल्स और चाउमीन के शौकीन थे यानी मिलेनियन लोग नूडल्स पसंद करते थे. अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें नूडल्स खाना पसंद है तो देहरादून में कई ऐसे स्पॉट है जहां आप टेस्टी नूडल्स, चाऊमीन खा सकते हैं. आइए देखते है लोकेशन..

देहरादून में नूडल्स और चाउमीन का सफर दशकों पुराना है. आज से लगभग 20 साल पहले जब शहर में मोमो का खुमार इतना नहीं था तब मिलेनियल्स का सबसे पसंदीदा स्नैक स्ट्रीट-स्टाइल स्ट्रीट चाउमीन हुआ करती थी. समय बदला और जेन जी के दौर में डिम्पलिंग और मोमो की लोकप्रियता बढ़ी. लेकिन, नूडल्स का क्रेज कभी कम नहीं हुआ. आज दून में तिब्बती, कोरियन, जापानी और चाइनीज फ्लेवर्स से लेकर पुराने देसी-स्ट्रीट स्टाइल नूडल्स तक का जबरदस्त जायका मिलता है. अगर आप भी नूडल लवर हैं और पुराने दिनों को याद करते हैं तो देहरादून की कुछ खास जगहों पर स्वाद की हर वैरायटी का लुत्फ उठा सकते हैं.

अगर आप ऑथेंटिक जापानी रामेन और सूपी नूडल्स के शौकीन हैं तो राजपुर रोड स्थित ‘सोसोरू’ एक बेस्ट जगह है. यहां का माहौल आपको सीधे जापान और कोरिया वाइब्स देता है. यहां मिलने वाले हॉट स्पाइसी रामेन बाउल, मिसो ब्रॉथ नूडल्स और पैन-एशियन फ्लेवर्स बहुत पसंद किए जाते हैं. खर्चे की बात करें तो दो लोगों के खाने का औसत खर्च यहां लगभग 1 हजार से डेढ़ हजार के आसपास आता है.

देहरादून में एशियन और तिब्बती नूडल्स की बात हो तो क्लॉक टावर के पास स्थित ‘कलसंग’ का नाम सबसे पहले आता है. यहां का तिब्बती ‘थुकपा’, कोरियन ‘ज़ापचे’ और स्पाइसी हक्का नूडल्स बहुत फेमस हैं. यहां का लाल रंग का पारंपरिक एशियन इंटीरियर खाने के अनुभव को और भी खास बना देता है. यहां दो लोगों के खाने का बजट 500 रुपए से 800 रुपए के बीच रहता है.

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पैन-एशियन स्ट्रीट फूड और क्रीमी नूडल्स के लिए ‘मामागोटो’ देहरादून का एक प्रीमियम रेस्टोरेंट है. यहां के सिग्नेचर नूडल बाउल्स जैसे चिआंग माई ट्रेन स्टेशन नूडल्स, स्टिर-फ्राइड उडोन नूडल्स और चिकेन के साथ ही वेज रामेन बाउल्स फूड लवर्स के बीच काफी मशहूर हैं. यहां नूडल बाउल की कीमतें 699 रुपए से 849 रुपए के आसपास हैं और दो लोगों का औसत बिल 1,200 रुपए से 1, 500 रुपए तक आता है.

केदारपुरम चौक में स्थित ‘सारास रेस्टोरेंट’ अपने किफ़ायती और स्वादिष्ट देसी-चाइनीज नूडल्स के लिए जाना जाता है. यहां नूडल समेत चाइनीस फूड युवाओं की पसंद बने रहते हैं. यहां आप स्ट्रीट स्टाइल चाऊमीन भी खा सकते हैं. यहां आपको एक नहीं बल्कि अलग-अलग फ्लेवर में नूडल मिल जाएंगे. स्मोकी फ्लेवर्ड चाउमीन तो लोगों को बहुत पसंद आती है. यहां वेज नूडल्स 110 रुपए, शेजवान नूडल्स 140 रुपए, चिली गार्लिक नूडल्स 130 रूपय, हक्का नूडल्स 180 रूपये और स्पेशल चीज़ नूडल्स 200 रुपए में कई वैरायटी मिलती हैं. कम बजट में भरपेट और चटपटा स्वाद चाहने वालों के लिए यह एक पसंदीदा अड्डा है.

स्ट्रीट-स्टाइल सूपी नूडल्स और देसी चाउमीन के लिए जाखन स्थित ‘केसी सूप बार’ सालों से देहरादून के युवाओं का पसंदीदा स्पॉट रहा है. यहां मिलने वाला गरमा-गर्म वेज व नॉन-वेज सूपी नूडल्स और चटपटी फ्राइड चाउमीन सर्दियों व शाम के वक्त खूब बिकती है. यहां एक प्लेट नूडल्स और सूप की कीमत 100 से 200 रुपए के बीच होती है.

देहरादून के परेड ग्राउंड और कनक चौक के पास स्थित ‘काउंटडाउन’ देहरादून के सबसे पुराने और मशहूर चाइनीज फास्ट फूड सेंटर्स में से एक है. यहां की तीखी देसी स्टाइल वेज चाउमीन, चिकन चाउमीन और शेजवान नूडल्स का स्वाद दशकों से एक जैसा बना हुआ है. यहां वेजिटेबल से भरपूर तीखे स्पाइसी नूडल्स यहां हर उम्र के लोगों को पसंद आते हैं. यहां अगर आप आते हैं तो बजट में भी यह काफी अच्छा है. यहां दो लोगों के खाने का खर्च सिर्फ 300 से 500 रूपए के आसपास आता है.

देहरादून के एज्युकेशन हब करणपुर जैसे छात्र-बहुल इलाकों में छोटे तिब्बती और नेपाली स्टॉल्स और रेस्टोरेंट मौजूद है इन्हीं में से एक है. केटीएम फास्ट फूड जो डीएवी पीजी कॉलेज के पास ही है. यहां आपको असली हिमालयन नूडल्स जैसे मटन, वेज थेनथुक, सूपी थुकपा और स्ट्रीट-स्टाइल फ्राइड चाउमीन मिलती है. यह स्टूडेंट्स वाले एरिया में होने के कारण बजट फ्रेंडली सर्विस देता है. यहां आपको चाऊमीन नूडल्स के साथ ही झोल मोमो भी मिल जाएंगे. यहां नूडल्स की कीमत 80 से 160 रूपए प्रति प्लेट है.

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क्या है कम्युनिटी सोलर? बिना छत पर पैनल लगाए मिलेगी Solar से बिजली, कितना आएगा खर्च?


Highlights

  • कम्युनिटी सोलर पैनल को खास तौर पर बड़े अपार्टमेंट्स और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए डिजाइन किया गया है।
  • इसमें लोग अपने घर की छत पर बिना सोलर पैनल लगाए ही बिजली का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • इसके लिए लाइफटाइम या मंथली सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है।

सोलर पैनल से मिलने वाली बिजली को क्लिन एनर्जी के तौर पर जाना जाता है। लोग अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली के भारी-भरकम बिल से निजात पाते हैं। हालांकि, एक ऐसा सोलर सिस्टम भी है, जिसमें लोगों को अपने घर की छत पर पैनल लगाए बिना सोलर वाली बिजली मिलती है। सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है ताकि डिस्कॉम यानी ट्रेडिशन बिजली की बचत की जा सके।

क्या है कम्युनिटी सोलर सिस्टम?

कम्युनिटी सोलर सिस्टम को अपार्टमेंट, कमर्शियल बिल्डिंग आदि में यूज किया जाता है। इसमें किसी एक व्यक्ति के घर की छत पर सोलर सिस्टम नहीं लगाया जाता है। इसमें बड़ी संख्यां में सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जिससे मिलने वाली बिजली को कई घरों में इस्तेमाल किया जाता है। इसे एक साझा सौर उर्जा भी कहा जाता है। इसे एक सोलर डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल के तौर पर यूज किया जाता है। इसमें ऑन ग्रिड सिस्मट की तरह फिजिकल नेट मीटरिंग का यूज नहीं होता है। इसमें वर्चुअल नेट मीटरिंग का इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे करता है काम?

इसमें किसी बड़े अपार्टमेंट या कमर्शियल कॉम्पलेक्स में यूज किया जाता है। इसके लिए बड़ा सोलर पावर प्लांट लगाया जाता है, जिससे मिलने वाली बिजली उस अपार्टमेंट या कमर्शियल कम्पलेक्स के कई यूजर्स को सप्लाई किया जाता है। उदाहरण के तौर पर किसी अपार्टमेंट की छत पर 500 किलोवाट का प्लांट लगाया गया है। उस बिल्डिंग में अगर 100 से 150 घर हैं तो इनमें ये बिजली सप्लाई की जा सकती है।

इसमें लोग कम्युनिटी सोलर सिस्टम का सब्सक्रिप्शन लेते हैं। यूजर्स जितनी कैपेसिटी का सब्सक्रिप्शन लेते हैं उतने पैनल द्वारा जेनरेट सोलर एनर्जी को पावरग्रिड में सप्लाई की जाती है। लोगों के घर में इस्तेमाल किए गए कुल बिजली को सोलर पैनल द्वारा पावरग्रिड में भेजे गए बिजली से घटाकर बिल बनाया जाता है। इसमें वर्चुअल नेट मीटरिंग का यूज होता है, जो इस्तेमाल किए गए बिजली और जेनरेट किए गए बिजली को बैलेंस करता है।

Image Source : UNSPLASHसोलर प्लांट

उदाहरण के तौर पर अगर डिस्कॉम आपको 8 रुपये प्रति यूनिट बिजली का चार्ज करती है और सोलर ग्रिड 6 रुपये प्रति यूनिट में बिजली देता है तो आपको 2 रुपये प्रति यूनिट की बचत होगी, वो भी बिना किसी डिवाइस को खरीदे या छत पर सिस्टम लगाए।

कितना आता है खर्च? 

जिस तरह से घर की छत पर लगाए जाने वाले प्लांट का खर्च कैल्कुलेट होता है, वैसे ही कम्युनिटी सोलर पैनल का भी खर्च आता है। अगर, आपने 3 किलोवाट का सिस्टम सब्सक्राइब करते हैं तो इसके लिए 2 से 2.5 लाख रुपये का खर्च आएगा। वहीं, इसके लिए मंथली प्लान का भी ऑप्शन मिलता है। पीएम सूर्य घर योजना के तहत लोगों को इसमें सब्सिडी भी मिलती है। सोलर पैनल को लेकर हाल ही में सरकार ने नई पॉलिसी भी बनाई है।

कितने की होगी बचत?

बेसिक यूज के लिए अगर आप 2 किलोवाट का कम्युनिटी सोलर का सब्सक्रिप्शन लेते हैं तो आप एक महीने में 1,200 रुपये से लेकर 1,800 रुपये की बचत कर सकते हैं। वहीं, ईयरली आप 14,400 रुपये से लेकर 21,600 रुपये की बचत कर सकते हैं। 5 किलोवाट का सब्सक्रिप्शन लेने पर आपको हर महीने 3,500 रुपये से लेकर 4,500 रुपये की बचत होगी। इस तरह साल के आप 42,000 रुपये से लेकर 54,000 रुपये की बचत कर सकते हैं।

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मानसिक बीमार महिला का एंटी रोमियो टीम ने किया रेस्क्यू: ‘अपना घर’ संस्था को सौंपा, समय रहते सुरक्षित संरक्षण मिला – Deeg News




डीग शहर के जलमहल स्थित गेट नंबर दो पर एक मंदबुद्धि महिला मिली। सूचना मिलने पर एंटी रोमियो टीम तुरंत मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। टीम को मोबाइल के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक महिला कुछ लोगों से घिरी हुई है। हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद लोग फरार हो गए। एंटी रोमियो टीम में हेड कांस्टेबल जगन्नाथ, वेदपाल, कमलेश, देवेंद्री और सुमन शामिल थे। पूछताछ में महिला की पहचान शिवानी ठाकुर पुत्री नानक चंद के रूप में हुई। उसके भाइयों के नाम पुष्कर और जयप्रकाश बताए गए। पुलिस के अनुसार, महिला मानसिक रूप से मंदबुद्धि है। महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एंटी रोमियो टीम ने उसे ‘अपना घर’ संस्था को सौंप दिया। यह कदम उसकी उचित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। एंटी रोमियो टीम की त्वरित कार्रवाई से महिला को सुरक्षित आश्रय मिल सका और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को टाल दिया गया।



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नीरज चोपड़ा से भी बेहतर प्रदर्शन करने की गलती…रोहित ने बताया कैसे चुके CWG 2026 मेडल से


रोहित यादव ने स्वीकार किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में श्रीलंका के स्वर्ण पदक विजेता रमेश पथिरागे के बड़े थ्रो का पीछा करना और नीरज चोपड़ा से भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करना गलती थी।

भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने स्वीकार किया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल में श्रीलंका के स्वर्ण पदक विजेता रमेश पथिरागे के बड़े थ्रो का पीछा करना और नीरज चोपड़ा से भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करना गलती थी। इस 27 वर्षीय खिलाड़ी ने 31 जुलाई को पुरुषों के भाला फेंक फाइनल में 81.56 मीटर के थ्रो के साथ सातवां स्थान हासिल किया। पथिरागे ने 89.75 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि भारत के नीरज चोपड़ा (85.83 मीटर) और यशवीर सिंह (85.41 मीटर) ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक हासिल किए।

यादव ने कहा कि दूसरे प्रयास में 81.56 मीटर का थ्रो करने के बाद उन्हें लगा कि वह पदक जीतने की अच्छी स्थिति में हैं, जिसके बाद उन्होंने अपने शेष चार प्रयासों में सब कुछ झोंक देने का फैसला किया।

सोमवार को ग्लास्गो से लौटने के बाद रोहित ने पीटीआई से कहा, ”मेरा दूसरा थ्रो लगभग 81 मीटर (81.56 मीटर) था और मुझे लगा कि मैं कम से कम शीर्ष आठ में तो जगह बना ही लूंगा। उसके बाद मैंने इसके बाद अपनी पूरी ताकत लगाने का फैसला किया।”

उन्होंने कहा, ”मुझे लगा कि मैं रमेश के थ्रो की बराबरी कर सकता हूं। मैं सोच रहा था कि मैं उस मुकाम को हासिल कर सकता हूं जहां तक उस दिन नीरज भी नहीं पहुंच पाया था। इसी सोच के कारण मैं थोड़ा अति आत्मविश्वासी हो गया था।”

यादव अपने शेष प्रयासों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके। उनके तीसरे और पांचवें प्रयास फाउल रहे, जबकि उन्होंने अपने चौथे और छठे प्रयास में क्रमशः 73.70 मीटर और 79.55 मीटर का थ्रो किया।



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कारोबारी के घर से 5 लाख कैश और गहने चोरी: झांसी में मालिक के आने पर छत कूदे चोर, CCTV कैमरे में लंगड़ाते दिखे – Jhansi News




झांसी में दिनदहाड़े बदमाशों ने कारोबारी के घर के ताले तोड़कर 5 लाख रुपए कैश और सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए। जब कारोबारी घर आया तो चोर अंदर ही मौजूद थे। वे छत से पीछे वाले घर में कूदे और भाग गए। घटना रविवार सुबह लगभग 11:30 बजे की है। इसका सीसीटीवी फुटेज आज सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि छत से कूदने पर एक चोर के पैर में गंभीर चोट आ गई। वह लंगड़ाते हुए भाग रहा है, जबकि साथ चोर हाथ में पैसों और गहनों से भरा बैग लिए है। पीड़ित कारोबारी की तहरीर पर पुलिस ने रविवार रात 9 बजे अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश कर रही है। पूरा मामला सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के आवास विकास चौराहा के पास मुंशी कम्पाउंड का है। 3 तस्वीर देखिए अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए दुकान पर चाबी लेने गए थे कारोबारी आवास विकास चौराहा के पास मुंशी कम्पाउंड निवासी जितेंद्र अग्रवाल ने बताया- मेरी नंदनपुरा में शटरिंग की दुकान है। शनिवार को पत्नी मायके गई थी। घर पर जितेंद्र गर्ग और उनका एक बेटा था। रविवार को बेटा दुकान पर चला गया। मैं 11 बजे घर आया तो मैन गेट की चाबी मेरे पास थी, लेकिन अंदर की चाबी नहीं थी। तब मैं चाबी लेने दुकान पर चला गया। वहां थोड़ा समय लग गया। लगभग 11 बजे घर आया तो कमरे के ताले टूटे पड़े थे और सामान बिखरा पड़ा था। छत पर चाेरों की आवाज आ रही थी। तब मैं जोर-जोर से चिल्लाने लगा। अकेला था तो ऊपर जाने की हिम्मत नहीं हुई। आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और बेटा भी आ गया। तब तक चोर भाग चुके थे। रास्ते में गिरते चले गए नोट जितेंद्र अग्रवाल ने बताया- चोर मेरे घर के पीछे वाले घर पर कूदे और फिर एक छत से दूसरी छत पर होते हुए नीचे कूदकर वारदान विहार कॉलोनी से भाग गए। लगभग 15 मिनट बाद हम लोग घर के पीछे वरदान विहार कॉलोनी में पहुंचे तो गार्ड ने जानकारी दी। जब कैमरे देखे तो पीछे छत पर चोर भागते हुए दिखे। पड़ोसी की छत पर और वरदान विहार कॉलोनी के गेट पर कुल 700 रुपए, चांदी के 3 बिछिया और अर्टिफिशल अंगूठी मिली है। बाकी चोर 5 लाख रुपए कैश, चांदी-सोने के गहने और सिक्के आदि चुराकर ले गए। सीसीटीवी कैमरे में चोरों के साफ फुटेज आए हैं। सिक्योरिटी गार्ड से बोले- चोर बोला चोट लग गई घटना के समय वरदान कॉलोनी के गेट पर सिक्योरिटी गार्ड हरिराम पाल तैनात था। उसने बताया- लगभग 12 बजे कुछ लोग आए और बताया कि पीछे घर में चोरी हो गई। सीसीटीवी कैमरे देखे तो उसमें दो चोर दिखा। जब वे गेट से निकले तो एक चोर लंगड़ाते दिखा। वो एक पैर टांगकर भाग रहा था। मैंने उससे पूछा भी क्या हुआ तो कहने लगा कि चोट लग गई। कॉलोनी में एक घर बन रहा है। रोजाना 10 से 15 मजदूर काम करते हैं। मैंने सोचा मजदूर हैं। लेकिन जब सीसीटीवी कैमरे देखे तो दोनों एक छत से दूसरी छत और पीछे एक घर में कूदकर भागते दिखे। तब पता चला कि दोनों चोर थे। पुलिस भी आई थी और सीसीटीवी फुटेज ले गई। जांच कर रहे हैं सीपरी बाजार थाना प्रभारी जयप्रकाश चौबे ने बताया कि कारोबारी जितेंद्र अग्रवाल की तहरीर तहरीर पर अज्ञात चाेरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है। जल्द ही चाेरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



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सावन की पहली सोमवारी पर अररिया के शिवालयों में भीड़: भक्तों ने किया जलाभिषेक, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा शहर – Araria News




सावन की पहली सोमवारी पर अररिया शहर के विभिन्न शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रसिद्ध मां खरगेश्वरी काली मंदिर और सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर परिसर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे। भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालु तड़के ही मंदिरों में एकत्रित होने लगे थे। वे अपने हाथों में फूल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और गंगाजल से सजी पूजा की सामग्री लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित कर रहे थे। “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय शिव शंकर” के जयकारे इस दौरान भक्तों ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सार्वजनिक ठाकुरवाड़ी मंदिर के पुजारी पंडित कृष्णकांत तिवारी ने बताया कि सावन की पहली सोमवारी के अवसर पर सुबह 4 बजे भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और श्रृंगार किया गया। इसके बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देर तक जारी रहीं। मंदिर परिसर में भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन रहे। “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “जय शिव शंकर” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई महिला, पुरुष, बुजुर्ग और युवा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से पूजन किया। कई श्रद्धालुओं ने सावन सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी किया। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर समितियों द्वारा पूजा की समुचित व्यवस्था की गई थी। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने में जुटे रहे, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई। सुरक्षा के दृष्टिकोण से पुलिस प्रशासन द्वारा भी व्यापक प्रबंध किए गए थे। मंदिर के बाहर डंडा अधिकारी और पुलिस बल की नियुक्ति की गई थी। पूरे दिन मंदिरों में पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और शिव भक्ति का सिलसिला जारी रहा, जिससे अररिया शहर “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा।



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शराब के नशे में सड़क पर गिरा आरक्षक, VIDEO: सीधी में प्रत्यक्षदर्शियों से अभद्रता के आरोप; एएसपी बोलीं-जांच के बाद होगी कार्रवाई – Sidhi News




मध्य प्रदेश पुलिस के ‘नशे से दूरी अभियान 2.0’ के बीच सीधी शहर से एक वर्दीधारी आरक्षक का नशे की हालत में सड़क पर लड़खड़ाने का वीडियो सामने आया है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे सम्राट चौक पर हुई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी ने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है। सम्राट चौक पर लड़खड़ाकर सड़क पर गिरा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वर्दीधारी पुलिसकर्मी सम्राट चौक पर चलते समय संतुलन खो बैठा और सड़क पर गिर गया। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में आरक्षक की वर्दी पर लगी नेम प्लेट पर “आरक्षक 235 राम प्रसाद रावत” लिखा दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि संबंधित आरक्षक सीधी जिले के बाहर पदस्थ है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने लगाए अभद्रता के भी आरोप प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि आरक्षक लड़खड़ाने के साथ-साथ राहगीरों से अभद्र भाषा का प्रयोग भी कर रहा था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि संबंधित आरक्षक ड्यूटी पर था या अवकाश पर। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब मध्य प्रदेश पुलिस प्रदेशभर में ‘नशे से दूरी अभियान 2.0’ चलाकर लोगों को नशामुक्ति का संदेश दे रही है। ऐसे में वर्दीधारी पुलिसकर्मी का कथित रूप से नशे की हालत में सार्वजनिक स्थान पर दिखाई देने का वीडियो विभाग की कार्यप्रणाली और छवि पर सवाल खड़े कर रहा है। एएसपी बोलीं- जांच के बाद होगी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। फिलहाल संबंधित आरक्षक की पहचान और उसकी पदस्थापना की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि जांच में वीडियो और आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।



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वर्ल्ड अपडेट्स: 5 साल बाद पहली बार दिखीं म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची; रेड क्रॉस प्रतिनिधि से मुलाकात की




म्यांमार की पूर्व नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सू ची करीब पांच साल बाद पहली बार नजर आई हैं। सैन्य सरकार ने सोमवार को आंग सान सू ची की कुछ तस्वीरें जारी कीं, जिनमें वह इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस (ICRC) के म्यांमार प्रतिनिधि अर्नो डे बैक से मुलाकात करती दिखाई दे रही हैं। 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद से यह उनका बाहरी दुनिया के साथ सबसे दुर्लभ सार्वजनिक संपर्क माना जा रहा है। सरकार ने बताया कि यह मुलाकात सोमवार सुबह हुई, लेकिन यह नहीं बताया कि बैठक कहां हुई और किन मुद्दों पर चर्चा हुई। जारी तस्वीरों में सू ची अपने 81वें जन्मदिन का केक काटती भी नजर आईं। तस्वीरों में वह मुस्कुराती और सामान्य दिख रही हैं, हालांकि उनकी सेहत को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। आंग सान सू ची को फरवरी 2021 में सेना द्वारा सत्ता पर कब्जा करने के बाद हिरासत में लिया गया था। तब से उन्हें सार्वजनिक रूप से बहुत कम देखा गया है और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क भी बेहद सीमित रहा है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… मिस्र के तट पर 5.4 तीव्रता का भूकंप; इजराइल तक महसूस हुए झटके मिस्र के तट के पास सोमवार तड़के 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं, मिस्र के नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोनॉमी एंड जियोफिजिक्स (NRIAG) ने इसकी तीव्रता 5.6 दर्ज की और बताया कि इसका केंद्र स्वेज शहर से करीब 38 किलोमीटर उत्तर में था। अलग-अलग एजेंसियों द्वारा तीव्रता में मामूली अंतर अलग मापन प्रणालियों की वजह से होता है। भूकंप के झटके काहिरा और उत्तरी मिस्र के कई इलाकों में महसूस किए गए। एहतियात के तौर पर कई लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। दक्षिणी इजराइल में भी कंपन महसूस होने की खबर है। भूकंप के बाद मिस्र रेड क्रिसेंट ने प्रभावित इलाकों में आपातकालीन प्रतिक्रिया योजना लागू कर दी। संगठन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने और केवल सरकारी एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।



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अब नहीं सूखेंगी हरी पत्तियां! बिना फ्रिज के धनिया-पुदीना को 10 दिन तक ताजा रखने का तरीका


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Herbs Storage Tips: हरी धनिया, पुदीना, करी पत्ता, रोजमेरी या थाइम जैसी ताजी हर्ब्स किसी भी खाने का स्वाद और खुशबू कई गुना बढ़ा देती हैं. लेकिन अक्सर ऐसा होता है कि बाजार से लाने के एक-दो दिन बाद ही ये मुरझाने लगती हैं और आखिरकार कूड़ेदान में पहुंच जाती हैं. खासकर जिन घरों में फ्रिज की सुविधा नहीं होती या बिजली की समस्या रहती है, वहां इन्हें लंबे समय तक ताजा रखना चुनौती बन जाता है. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर बिना फ्रिज के भी हर्ब्स को लगभग 10 दिन तक ताजा रखा जा सकता है. इन तरीकों में न कोई महंगा सामान चाहिए और न ही ज्यादा मेहनत. बस थोड़ी सी सावधानी आपकी हरी पत्तियों की ताजगी और स्वाद दोनों को लंबे समय तक बनाए रख सकती है.

हर्ब्स को पहले से धोने की गलती न करें जरूरत पड़ने पर ही धोएं: अक्सर लोग बाजार से लाने के बाद सारी हरी पत्तियों को धोकर रख देते हैं. लेकिन यही आदत उन्हें जल्दी सड़ा सकती है. अतिरिक्त नमी बैक्टीरिया और फफूंद बनने का कारण बनती है. बेहतर होगा कि जितनी हर्ब्स इस्तेमाल करनी हों, केवल उतनी ही धोएं. उपयोग से ठीक पहले हल्के पानी से साफ करें और कपड़े या पेपर टॉवल से सुखा लें. (Image-AI generated)

हल्के छेद वाले बैग से ढकें नमी और हवा का सही संतुलन जरूरी: हर्ब्स के ऊपर हल्का छेद वाला पेपर बैग या प्लास्टिक बैग ढीला-ढाला रख दें. इससे अंदर हल्की नमी बनी रहती है, लेकिन हवा का प्रवाह भी जारी रहता है. यही संतुलन पत्तियों को लंबे समय तक ताजा बनाए रखने में मदद करता है. (Image-AI generated)

बाजार से लाते ही डंठल को थोड़ा काटें जैसे फूलों को गुलदस्ते में रखने से पहले उनके डंठल काटे जाते हैं, ठीक उसी तरह हर्ब्स के डंठल का लगभग आधा इंच हिस्सा काट दें. इसके बाद इन्हें एक गिलास या कांच के जार में एक-दो इंच पानी भरकर सीधा खड़ा कर दें. इससे डंठल लगातार पानी खींचते रहते हैं और पत्तियां जल्दी नहीं मुरझातीं. कई लोग धनिया को सीधे प्लास्टिक बैग में रख देते हैं, जिससे वह जल्द खराब हो जाती है. पानी वाला यह तरीका ज्यादा असरदार माना जाता है. (Image-AI generated)

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डंठल पानी में रहें, पत्तियां नहीं जार में रखते समय ध्यान रखें कि केवल डंठल ही पानी के संपर्क में हों. अगर पत्तियां भी पानी में डूब जाएंगी तो वे जल्दी गलने और सड़ने लगेंगी. यदि गलती से पत्तियां गीली हो जाएं तो उन्हें साफ और सूखे कपड़े से हल्के हाथों से पोंछ दें. (Image-AI generated)

गर्म मौसम में यह छोटा-सा उपाय काफी असरदार साबित हो सकता है. रसोई की सबसे ठंडी और छायादार जगह चुनें: बहुत से लोग हर्ब्स को गैस स्टोव या खिड़की के पास रख देते हैं, जहां धूप और गर्मी ज्यादा होती है. इससे पत्तियां जल्दी सूख जाती हैं. इसके बजाय रसोई के किसी ठंडे, सूखे और छायादार हिस्से में जार रखें. जैसे बंद अलमारी, उत्तर दिशा वाली शेल्फ या ऐसी जगह जहां सीधी धूप न आती हो. कम तापमान खराब होने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. (Image-AI generated)

हर 1-2 दिन में पानी जरूर बदलें जार का पानी लंबे समय तक एक जैसा रहने पर उसमें बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. यही बैक्टीरिया हर्ब्स को तेजी से खराब करते हैं. इसलिए हर एक या दो दिन में पानी बदलें. अगर डंठल चिपचिपे या काले दिखने लगें तो उनका थोड़ा हिस्सा दोबारा काट दें. इससे वे फिर से अच्छी तरह पानी सोख पाएंगे. (Image-AI generated)

सख्त हर्ब्स के लिए अपनाएं गीले कपड़े का तरीका करी पत्ता, रोजमेरी और थाइम पर ज्यादा असरदार: कुछ हर्ब्स जैसे करी पत्ता, रोजमेरी और थाइम की पत्तियां अपेक्षाकृत मजबूत होती हैं. इन्हें हल्के गीले सूती कपड़े या पेपर टॉवल में लपेटकर पेपर बैग या मिट्टी के बर्तन में रखा जा सकता है. यह तरीका नमी बनाए रखता है, लेकिन पत्तियों को जरूरत से ज्यादा गीला नहीं होने देता. यही वजह है कि ऐसी हर्ब्स कई दिनों तक ताजी बनी रहती हैं. (Image-AI generated)

छोटी-छोटी आदतें बचाएंगी समय और पैसे अगर हर सप्ताह धनिया, पुदीना या करी पत्ता खरीदना पड़ता है और आधा हिस्सा खराब होकर फेंकना पड़ता है, तो ये आसान तरीके आपके पैसे भी बचाएंगे और खाने का स्वाद भी बनाए रखेंगे. सही देखभाल से बिना फ्रिज के भी हरी पत्तियां लंबे समय तक ताजा और उपयोगी रखी जा सकती हैं. (Image-AI generated)

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NEET PG-एक ही शिफ्ट में पेपर, घर के पास सेंटर: पेपर लीक से सबक- पेपर-NTA के दफ्तर की चौबीस घंटे सुरक्षा; 7.5 करोड़ का टेंडर जारी


नई दिल्ली4 घंटे पहले

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने NEET PG 2026 परीक्षा के लिए कई बड़े सुधारों की घोषणा की है। इसमें परीक्षार्थियों की यात्रा और परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।

इस बार परीक्षा 30 अगस्त को होनी है। इसके लिए 2.73 लाख उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5% ज्यादा है। परीक्षा देशभर के 340 शहरों के लगभग 1300 सेंटर्स पर होगी।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक से सबक लेते हुए परीक्षा के पूरे इकोसिस्टम की सुरक्षा पुख्ता करना शुरू कर दिया है।

इसके लिए 7.5 करोड़ का टेंडर जारी किया है। इसमें एनटीए मुख्यालय समेत संवेदनशील जगहों पर 24 घंटे सिक्योरिटी दी जाएगी।

यह टेंडर 25 जुलाई को जारी हुआ है। 17 अगस्त को बोलियां खोली जाएंगी। जो भी एजेंसी नियुक्त होगी, उसे दो साल काम मिलेगा।

ये बदलाव: फिंगर प्रिंट नहीं मिले तो आंखों की पुतली स्कैन कर देंगे एंट्री

  • आधार की जांच: आवेदन और एग्जाम के दिन ‘आधार’ आधारित वैरिफिकेशन होगा। बायोमीट्रिक जांच होगी। इसके लिए छात्रों को 2-3 घंटे पहले सेंटर पहुंचना होगा। फिंगरप्रिंट न मिलने पर आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन की जाएगी।
  • एकस्ट्रा सिक्योरिटी: 60,000 से ज्यादा कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी, सिग्नल जैमर और स्वतंत्र पर्यवेक्षक लाइव निगरानी करेंगे।
  • क्वेश्चनर पेपर: परीक्षा के कुल 210 मिनट (3 घंटे 30 मिनट) को अलग-अलग सेक्शन (ए, बी, सी) में बांटा है। हर सेक्शन को हल करने के लिए समय मिलेगा। एक बार सेक्शन सबमिट होने या उसका समय समाप्त होने के बाद अभ्यर्थी उस पर वापस नहीं लौट सकेंगे।
  • नेगे​टिव मार्किंग: प्रत्येक सही उत्तर के लिए +4 नंबर दिए जाएंगे, जबकि प्रत्येक गलत उत्तर पर -1 नंबर (25% नेगेटिव मार्किंग) काटा जाएगा। जिन प्रश्नों का जवाब नहीं दिया, उनके लिए 0 नंबर होगा।
  • इमरजेंसी: यदि किसी केंद्र पर तकनीकी खराबी या सर्वर समस्या के कारण इमरजेंसी स्थिति बनती है, तो त्वरित बैकअप व्यवस्था की जाएगी।



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