Thursday, May 21, 2026
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वीर साहू संग शादी पर सपना चौधरी का शॉकिंग खुलासा, बोलीं – ‘रिश्ता निभा रहे हैं लेकिन…’


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Sapna Choudhary Married Life : हरियाणवी स्टार सपना चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. उन्होंने हाल ही एक ऐसा इंटरव्यू दिया है जिसके बाद फैंस कयास लगा रहे हैं कि उनकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही है. सपना ने वीर साहू संग शादी, अपनी शादीशुदा जिंदगी को लेकर कुछ ऐसा कहा है जिससे सोशल मीडिया में भी खलबली मची हुई है. सपना ने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि वो हरियाणा की नहीं, बल्कि दिल्ली नजफगढ़ की रहने वाली हैं.

हरियाणवी स्टार सपना चौधरी ने अपनी शादीशुदा जिंदगी से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. सपना ने कर्ली टेल्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं पत्नी हूँ, वो पति हैं. हम दोनों अच्छे से रिश्ता निभा रहे हैं. हमारे दो प्यारे बच्चे हैं, एक छोटी सी दुनिया है… लेकिन अगर पूछोगे कि प्यार फील हुआ? तो नहीं. प्यार वो चीज है जो आत्मा छेड़ दे.’

सपना ने पति के साथ रिश्ते पर खुलकर बात करते हुए बताया, ‘हमारी शादी को 6 साल हो चुके हैं. अब सारी चीजें धुंधली सी हो चुकी हैं. मैं पत्नी हूं और वो पति हैं. मैं बहुत अच्छे से रिश्ता निभा रही हूं. अगर आप पूछेंगे कि प्यार फील हुआ तो नहीं. प्यार एक बहुत ही अलग चीज है. मुझे लगता है कि मुझे मां से वैसा प्यार मिला.’

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सपना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके पति वीर साहू के साथ रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. पति के नाम का टैटू भी सपना हटवाने जा रही हैं. इसकी वजह का खुलासा करते हुए सपना ने बताया, ‘मैंने अभी एक फिल्म की थी तो मुझे टैटू के चलते बहुत दिक्कत हुई. मेकअप से ज्यादा टैटू को कवर करने में टाइम लगता था.

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इतना ही नहीं, जब सपना से पूछा गया कि ‘लड़ाई होने पर कौन मनाता है’ तो इस सवाल पर हरियाणवी डांसर ने कहा, ‘हम लड़ाई करते ही नहीं हैं. मेरे पास फालतू टाइम नहीं है. अगर कोई बहस होती भी है तो मैं अपना बताकर निकल लेती हूं. उसका सुनती नहीं हूं.’

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सपना ने अपनी जिंदगी के पन्ने उलटते हुए बताया, ‘मैं नजफगढ़ से हूं. पिछले 5-7 साल से गुरुग्राम में रहती हूं. मैं रोहतक से नहीं हूं. मैं दिल्ली में पैदा हुई और वहीं पर पली-बढ़ी. नजफगढ़ हरियाणा के बॉर्डर पर है. मैं हरियाणवी परिवेश में पली-बढ़ी हूं. मेरे पापा यूपी के जाट हैं और मां गुरुग्राम से हैं. मैं बचपन से हरियाणा-यूपी के लोकगीत सुनते आ रही हूं.’

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सपना ने जिंदगी से जुड़े कई और खुलासे किए. हरियाणवी डांसर ने बताया, ‘मैं बहुत खर्चीली हूं. मेरे से इस जन्म में पैसा नहीं जुड़ेगा. दुबई से 7 लाख का कोट खरीदा था, बाद में बहुत पछतावा हुआ. जब भी अलमारी में उस कोट को देखती हूं तो सिर दर्द करने लगता है.’

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सपना ने अपने इंटरव्यू में साथी एक्टर-एक्ट्रेस संग रिश्तों पर भी बात की. उन्होंने भोजपुरी स्टार पवन सिंह को मेगा स्टार बताया. वहीं खेसारीलाल को बहुत ही अच्छा डांसर बताया. प्रांजल दहिया को ब्यूटीफुल बताया. सपना ने बताया कि उन्हें एक्टिंग से ज्यादा स्टेज शो पसंद हैं.

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सिंधु नदी का गेम ओवर, अब चेनाब का भी पानी मोड़ेगा भारत! बना रहा सीक्रेट टनल


नई दिल्ली: सिंधु जल समझौते को होल्ड (In Abeyance) पर रखने के बाद भारत ने चेनाब नदी प्रणाली पर दो बेहद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का काम तेज कर दिया है. नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 2,600 करोड़ रुपये है. इसके तहत पहला काम हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में एक बड़ी इंटर-बेसिन वाटर डायवर्जन टनल बनाने का है. दूसरा प्रोजेक्ट जम्मू-कश्मीर के सलाल बांध की परिचालन क्षमता को वापस पाने के लिए गाद प्रबंधन (Sediment Management) से जुड़ा है. ये दोनों प्रोजेक्ट्स भारत के जल अधिकारों के बेहतर इस्तेमाल के लिहाज से गेमचेंजर माने जा रहे हैं.

लाहौल-स्पीति में बनने वाली 2,352 करोड़ रुपये की चेनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना क्या है?

इस पूरे प्लान में सबसे बड़ा हिस्सा लाहौल-स्पीति में बनने वाली चेनाब-ब्यास लिंक टनल प्रोजेक्ट का है. इस प्रोजेक्ट पर करीब 2,352 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

  • योजना के तहत लगभग 8.7 किलोमीटर लंबी एक टनल बनाई जाएगी. इस टनल का मुख्य उद्देश्य चेनाब बेसिन के अतिरिक्त पानी को मोड़कर ब्यास नदी प्रणाली में पहुंचाना है. यह प्रोजेक्ट एक बड़े इंटर-बेसिन रिवर-लिंकिंग अभियान का हिस्सा है.
  • पहले फेज में लाहौल घाटी में नदी पर एक 19 मीटर ऊंचा बराज (Barrage) बनाने का भी प्रस्ताव है. इसके जरिए चेनाब की सहायक चंद्रा नदी के पानी को हाइड्रोलिक स्ट्रक्चर और टनल की मदद से ब्यास बेसिन की तरफ डायवर्ट किया जाएगा.

यह पूरा इलाका चीन और सामरिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है.

सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर 268 करोड़ रुपये की लागत से क्या बदलाव होने जा रहा है?

हिमाचल प्रदेश के अलावा जम्मू-कश्मीर में भी चेनाब नदी से जुड़ा एक और अहम प्रोजेक्ट शुरू हुआ है.

  1. रियासी जिले में स्थित सलाल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर एनएचपीसी 268 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है. यहां एक नया डायवर्जन-कम-सेडिमेंट बाईपास टनल (गाद निकालने वाली टनल) बनाया जाएगा.
  2. दरअसल, पहाड़ों से बहकर आने वाली मिट्टी और मलबे के कारण सलाल बांध के जलाशय में भारी गाद जमा हो चुकी है. एक सर्वे के अनुसार, इस गाद की वजह से सलाल जलाशय की वाटर स्टोरेज क्षमता घटकर सिर्फ 5% रह गई है.
  3. गाद जमा होने से बिजली बनाने वाले टर्बाइनों की लाइफ और क्षमता दोनों पर बुरा असर पड़ता है. यह नई टनल जरूरत पड़ने पर पानी को मोड़ने और जलाशय में जमा गाद को बाहर निकालने का काम करेगी.

सलाल बांध की पुरानी गलतियों को सुधारने के लिए नई टनल क्यों जरूरी हो गई थी?

सलाल बांध के इतिहास में गाद प्रबंधन को लेकर एक बड़ा विवाद रहा है. दशकों पहले जब इस बांध का निर्माण हो रहा था, तब सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान की आपत्तियों के बाद बांध के निचले हिस्से में मौजूद स्लुइस (गाद निकालने वाले गेट) को कंक्रीट से बंद कर दिया गया था.

भारतीय विशेषज्ञों का हमेशा से मानना था कि इस बदलाव के कारण बांध की गाद साफ करने की क्षमता पूरी तरह खत्म हो गई. अब बनने वाली नई बाईपास टनल इसी पुरानी कमी को दूर करेगी.

यह टनल बांध को बिना कोई नुकसान पहुंचाए गाद को बाहर फ्लश करने का रास्ता देगी. इससे सलाल पावर स्टेशन की बिजली उत्पादन क्षमता में भारी सुधार होगा और इंफ्रास्ट्रक्चर की उम्र भी बढ़ जाएगी.

चेनाब नदी पर दो अहम प्रोजेक्ट्स का काम शुरू. (Photo made with AI)

फैसले की टाइमिंग का रणनीतिक महत्व भी है

इन दोनों प्रोजेक्ट्स की टाइमिंग रणनीतिक नजरिए से बहुत मायने रखती है. साल 1960 में हुए सिंधु जल समझौते के तहत भारत को पूर्वी नदियों (रावी, ब्यास, सतलुज) पर पूरा अधिकार मिला था, जबकि पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चेनाब) का पानी पाकिस्तान को दिया गया था. हालांकि, भारत के पास इन पश्चिमी नदियों पर बिना पानी रोके रन-ऑफ-द-रिवर बिजली प्रोजेक्ट बनाने का अधिकार हमेशा से रहा है.

पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस समझौते को होल्ड पर डालने का कड़ा रुख अपनाया था. अब इन प्रोजेक्ट्स के जरिए भारत यह साफ संदेश दे रहा है कि वह अपने हिस्से के पानी की एक-एक बूंद का पूरा इस्तेमाल करेगा. पानी को मोड़ने और गाद प्रबंधन की इस तैयारी पर पाकिस्तान की भी पैनी नजर बनी हुई है.



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फर्रुखाबाद में ओवरलोड डंपरों पर कार्रवाई: खनन विभाग ने तीन वाहनों से वसूला 1.46 लाख रुपए जुर्माना – Farrukhabad News


फर्रुखाबाद5 मिनट पहले

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फर्रुखाबाद में अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संयुक्त जांच अभियान में तीन डंपर ओवरलोड पाए गए, जिन पर कुल 1 लाख 46 हजार 840 रुपए का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर की गई।

मोहम्मदाबाद से सेंट्रल जेल मार्ग के बीच एआरटीओ प्रवर्तन और खनन अधिकारी की संयुक्त टीम ने औचक छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान गिट्टी और मोरम से लदे तीन डंपरों की जांच की गई।

जांच में पाया गया कि वाहनों में परिवहन प्रपत्रों में दर्ज मात्रा से अधिक उपखनिज का परिवहन किया जा रहा था। इस पर खनन विभाग ने ऑनलाइन नोटिस जारी करते हुए मौके पर ही 56,840 रुपये का जुर्माना वसूला।

इसके अलावा परिवहन विभाग ने निर्धारित मानकों से अधिक माल लदे होने पर तीनों वाहनों के खिलाफ ओवरलोडिंग का चालान किया। इस कार्रवाई में कुल 90,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया, जिसकी राशि भी मौके पर जमा करा ली गई।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध खनन और अवैध परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखी जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या ओवरलोड परिवहन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।



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धौनी स्टेशन पर कविगुरु, पटना-दुमका एक्सप्रेस ठहराव की मांग तेज: संघर्ष समिति नाराज; GM से मुलाकात की तैयारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी – Banka News




बांका जिले के रजौन प्रखंड अंतर्गत धौनी रेलवे स्टेशन परिसर में गुरुवार की संध्या कविगुरु एक्सप्रेस और पटना-दुमका एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को लेकर धौनी रेलवे संघर्ष समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव ने की। बैठक में सत्यनारायण सिंह, प्रमोद सिंह वेल्डन, जीवन प्रसाद सिंह, मंगल सिंह, वीरेंद्र कुमार यादव, विष्णु देव ठाकुर, विमलेंदु भूषण समेत कई लोग मौजूद रहे। बैठक के दौरान संघर्ष समिति के सदस्यों ने ट्रेनों के ठहराव में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। समिति के सदस्य विष्णु देव कापड़ी ने बताया कि हाल ही में पूर्व रेलवे मालदा डिवीजन के डीआरएम से मुलाकात की गई थी। अंतिम निर्णय जीएम स्तर से ही लिया जाएगा
डीआरएम ने जानकारी दी कि संघर्ष समिति की मांगों को पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) हावड़ा के पास अनुमोदन के लिए भेज दिया गया है और अंतिम निर्णय जीएम स्तर से ही लिया जाएगा। इसी को लेकर बैठक में स्थानीय सांसद के साथ पूर्व रेलवे महाप्रबंधक से मिलने की रणनीति पर चर्चा की गई। संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि करीब दो महीने पहले पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक ने प्रायोगिक तौर पर कविगुरु एक्सप्रेस और पटना-दुमका एक्सप्रेस के धौनी स्टेशन पर ठहराव का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो सका है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। धौनी, रजौन समेत आसपास के कई प्रखंडों के यात्रियों को इन ट्रेनों को पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय कर दूसरे रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। समिति ने कहा कि यदि जल्द ही ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



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मैहर में युवा संगम रोजगार मेला: 127 ने कराया पंजीयन, 87 युवाओं को मिला रोजगार, 8 कंपनियां हुई शामिल – Maihar News


आयोजनकर्ता से चयन की जानकारी लेता अभ्यर्थी।

मैहर के शासकीय आईटीआई परिसर में गुरुवार को युवा संगम रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में कुल 127 युवाओं ने पंजीयन कराया, जिनमें से 87 अभ्यर्थियों का कई कंपनियों में चयन किया गया। यह आयोजन जिला प्रशासन, जिला रोजगार कार्यालय सतना-मैहर, जिला उद्य

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रोजगार मेले का शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ। इसमें देश, प्रदेश और जिले की कई प्रतिष्ठित कंपनियों, औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इन प्रतिनिधियों ने युवाओं का साक्षात्कार लेकर योग्य अभ्यर्थियों को मौके पर ही जॉब ऑफर प्रदान किए।

रोजगार मेले में पहुंचे युवा।

मेले में 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं के साथ अंतिम वर्ष में अध्ययनरत युवा भी शामिल हुए। चयनित अभ्यर्थियों ने इसे अपने करियर की नई शुरुआत बताया।

शासकीय आईटीआई मैहर के प्राचार्य डीएस सिंह ने बताया कि शासन का उद्देश्य युवाओं को उनके कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऐसे रोजगार मेले युवाओं को अपने ही जिले और आसपास रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे मेलों का आयोजन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिल सके।



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NGT आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप: जोधपुरा समिति ने सीमेंट कंपनी के खिलाफ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन – Kotputli-Behror News




जोधपुरा संघर्ष समिति के सदस्य आज जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने सीमेंट प्लांट से संबंधित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों का पालन न होने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया समिति के सचिव कैलाश यादव, सुमन देवी और सतपाल यादव ने ज्ञापन में बताया कि कोटपूतली माइनिंग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी हमेशा सीमेंट प्लांट के पक्ष में रिपोर्ट जारी करते हैं। समिति ने आरोप लगाया कि आज भी 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग की जा रही है, जबकि कहीं भी 500 मीटर सीमांकन या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि क्षेत्र में कोई प्रदूषण नहीं हो रहा है। 1260वें दिन भी जारी रहा धरना ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रशासन अभी तक पुनर्वास पर कोई रिपोर्ट नहीं दे पाया है। समिति ने कोटपूतली प्रशासन, माइनिंग विभाग और प्रदूषण बोर्ड पर कंपनी के सिपहसालार की तरह काम करने का गंभीर आरोप लगाया। जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना आज 1260वें दिन भी जारी रहा। समिति ने हाईकोर्ट के उस आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें शुक्लावास की मंदिर भूमि से क्रेशर के डंपरों का अवैध रास्ता हटाने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश को जारी हुए दो माह हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब तक इसका पालन कराने में विफल रहा है। इस पर जिला कलेक्टर ने तहसीलदार रामधन गुर्जर को जनसुनवाई में ही निर्देशित किया, जिस पर तहसीलदार ने सोमवार तक हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने का ठोस आश्वासन दिया। महापड़ाव की चेतावनी दी एक अन्य मामले में, परिवादी ग्यारसी लाल आर्य ने बताया कि पवाना (अहीर) में स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास और अनुसूचित जाति मोहल्ले के नजदीक रात में किसी भी खनन पट्टे में सूर्यास्त से सूर्योदय तक खनन कार्य न करने के आदेश खान सुरक्षा विभाग अजमेर और जिला कलेक्टर ने जारी किए हैं। इसके बावजूद माइनिंग विभाग की मिलीभगत से इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। आर्य ने चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो महापड़ाव किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) के आदेशों का पालन कराने की बात कही।



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मलाई, राबड़ी और खोये से भरपूर…बलिया की इस लस्सी के आगे फीकी पड़ जाए कोल्ड ड्रिंक


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Dinaprasad Lassi: बलिया की भीषण गर्मी में लोगों को राहत दे रही है दिनाप्रसाद लस्सी भंडार की खास देसी लस्सी. भैंस के दूध, मलाई, राबड़ी और खोये से तैयार यह शाही लस्सी मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाती है. 5 पीढ़ियों से चले आ रहे इस स्वाद को चखने दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं.

बलिया.  दिन में चिलचिलाती धूप और शाम को उमस भरी गर्मी में लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. ऐसे में लोग खाना कम, बल्कि शीतल पेय पदार्थों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं. आज हम आपके शहर के उस प्राचीन और फेमस दुकान के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां की लस्सी बेहद खास और सबसे अलग होती है. इस लस्सी के स्वाद के दीवाने दूर-दूर से आते हैं, एक बार पीने के बाद बार-बार पीने के लिए लोग मजबूर होते हैं, कारण यह है कि इसका स्वाद बेहद ही लाजवाब और अलग होता है. आज के दौर में कोल्डड्रिंक के बढ़ते चलन के बीच भी इस लस्सी का कोई जवाब नहीं है. यहां सुबह से लेकर शाम तक लोगों का जमावड़ा देखने को मिलता है.  रामपुर महावल निवासी ग्राहक, साहब खान ने कहा कि वह यहां लस्सी पीने लगभग 4 साल से आ रहे हैं, यह लस्सी बेहद लजीज होती हैं. आज के दौर में जो कोल्ड्रिंक्स का चलन बढ़ा है, उससे यह देसी लस्सी लाख गुना बेहतर है. इसको पीने से स्वाद के साथ स्वास्थ्य भी सही रहता है. यह पूरा आइटम एकदम भैंस के दूध से तैयार होता हैं. इसमें ठंडी लस्सी, खोया, मलाई और राबड़ी आदि डाला जाता हैं. यह ग्राहकों को मिट्टी के बर्तन में परोसा जाता हैं, जिससे इसका स्वाद दोगुना हो जाता है. यह दिनाप्रसाद लस्सी भंडार की दुकान बलिया रेलवे स्टेशन से बस थोड़ी सी दूरी पर ठीक शहीद पार्क के सामने हनुमान गढ़ी रोड में स्थित हैं.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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9,499 रुपये में लॉन्च हुआ 6000mAh बैटरी वाला 5G फोन, चीनी कंपनियों की बढ़ी टेंशन


HMD ने भारत में अपना 6000mAh बैटरी वाला सस्ता 5G फोन लॉन्च कर दिया है। एचएमडी का यह फोन पिछले साल आए Vibe 5G का अपग्रेड है। एचएमडी का यह सस्ता फोन 9,499 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया है। फोन के फीचर्स की बात करें तो इसमें IP64 वाटर और डस्ट प्रूफ रेटिंग दी गई है। फोन का लुक और डिजाइन भी Gen-Z को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

HMD Vibe 2 5G की कीमत

एचएमडी का यह फोन दो स्टोरेज वेरिएंट्स- 4GB RAM + 64GB और 4GB RAM + 128GB में आता है। फोन की कीमत 10,999 रुपये है। वहीं, इसका टॉप वेरिएंट 11,999 रुपये है। इस फोन को 9,499 रुपये के स्पेशल लॉन्च प्राइस में खरीदा जा सकता है। कंपनी ने फोन की कीमत में 1,500 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है। इसे भारत में कॉस्मिक लैवेंडर, नॉर्डिक ब्लू और पीच पिंक कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। इसे ई-कॉमर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट से खरीदा जा सकता है।

HMD Vibe 2 5G के फीचर्स

एचएमडी का यह बजट फोन 6.7 इंच के HD+ डिस्प्ले के साथ आता है। यह फोन 120Hz रिफ्रेश रेट वाले डिस्प्ले के साथ आता है। इसमें 4GB रैम के साथ 128GB स्टोरेज मिलता है। इस फोन की मेमोरी को माइक्रोएसडी कार्ड के जरिए बढ़ाया जा सकता है। इस फोन में IP64 रेटिंग मिलता है, जिसकी वजह से फोन पानी में भींगने और धूल-मिट्टी में खराब नहीं होगा।










HMD Vibe 2 5G फीचर्स
डिस्प्ले 6.7 इंच, HD+, 120Hz
प्रोसेसर Unisoc
स्टोरेज 4GB, 128GB
बैटरी 6000mAh, 18W
कैमरा 50MP, 8MP
OS Android 16

HMD Vibe 2 में Unisoc प्रोसेसर दिया गया है। फोन में 4GB रैम के साथ 128GB तक स्टोरेज का सपोर्ट मिलता है। यह फोन Android 16 ऑपरेटिंग सिस्टम दिया गया है। इस फोन में 50MP का कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए इसमें 8MP का कैमरा दिया गया है। HMD के फोन में 6000mAh की दमदार बैटरी और 18W फास्ट चार्जिंग दिया गया है। सिक्योरिटी के लिए इसमें फिंगरप्रिंट सेंसर, फेस अनलॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें – 25 मई को लॉन्च होगा Vivo का 9020mAh बैटरी वाला फोन, कीमत हुई लीक





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भारत से 5 क‍िस्‍म के चावल ले गए थे पीएम मोदी, व‍िदेश में उपहार में द‍िए


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को संयुक्त अरब अमीरात, इटली, नीदरलैंड, स्वीडन, और नॉर्वे की पांच देशों की यात्रा कर स्वदेश लौट आए है. पीएम मोदी ने अपनी पांच देशों की यात्रा के दौरान कई रणनीतिक और द्विपक्षीय मसलों पर वार्ता की. प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य व कृषि संगठन (एफएओ) के महानिदेशक क्यू डोंगयु को भारत के प्रसिद्ध चावल की विभिन्न किस्मों के नमूने भी भेंट किए.

इनमें केरल का पलक्कड़ रेड राइस, पश्चिम बंगाल का गोविंदभोग चावल, इंडो-गंगेटिक क्षेत्र का बासमती चावल, असम का जोहा राइस और उत्तर प्रदेश का कालानमक चावल शामिल है. इन सभी किस्मों की अपनी विशेष सुगंध, स्वाद और पोषण संबंधी खूबियां हैं. कालानमक चावल को “बुद्धा राइस” भी कहा जाता है, जबकि बासमती को “क्वीन ऑफ फ्रेगरेंस” के नाम से जाना जाता है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने एफएओ महानिदेशक को हेल्दी मिलेट बार्स भी भेंट किए. भारत में उगाए जाने वाले ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाज पोषण, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर माने जाते हैं. ये जलवायु के अनुकूल फसलें हैं और आधुनिक स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादों के रूप में भी तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं.

रेड राइस: रेड राइस, जिसे ‘मट्टा’ या ‘पालक्काडन मट्टा’ के नाम से भी जाना जाता है. केरल के पलक्कड़ की काली मिट्टी में उगाई जाने वाली एक पारंपरिक स्वदेशी धान किस्म है. इसका प्रमुख आकर्षण इसका लाल-भूरा रंग और मोटा, भरा हुआ दाना है, जो न्यूनतम पॉलिशिंग के कारण सुरक्षित रहता है. यह चावल फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन बी6 से भरपूर होता है. जीआई टैग प्राप्त यह उत्पाद पश्चिमी घाट की पारंपरिक कृषि विरासत को संरक्षित करता है.

गोबिंदभोग चावल : गोबिंदभोग चावल पश्चिम बंगाल की एक प्रीमियम, सुगंधित और छोटे दाने वाली धान किस्म है, जिसे अक्सर “बंगाल का राइस बाउल” कहा जाता है. इसका छोटा अंडाकार आकार और दूधिया चमक इसकी पहचान है. यह अपनी मक्खन जैसी मीठी सुगंध के लिए विश्व प्रसिद्ध है. पकने पर इसका हल्का चिपचिपा बनावट विकसित होता है, जिससे यह पायेश और खिचुड़ी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के लिए आदर्श माना जाता है.

बासमती चावल : बासमती चावल, जिसे “सुगंध की रानी” कहा जाता है, उपजाऊ इंडो-गंगेटिक मैदानों की एक प्रीमियम लंबी दाने वाली किस्म है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसके पतले और लंबे दाने हैं, जो पकने पर लगभग दोगुने हो जाते हैं. इसकी विशिष्ट सुगंध और हल्के, अलग-अलग दानों वाली बनावट के लिए इसे विशेष रूप से परिपक्व किया जाता है. यह ग्लूटेन-फ्री होता है और इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम होता है, जिससे इसे अपेक्षाकृत स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है.

जोहा चावल : जोहा चावल असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में उगाई जाने वाली एक विशिष्ट सुगंधित स्वदेशी धान किस्म है. यह ‘साली’ (शीतकालीन) धान की श्रेणी में आता है. इसके छोटे दाने और तीव्र मीठी सुगंध इसकी पहचान हैं, जो इसमें मौजूद वाष्पशील तेलों की अधिक मात्रा के कारण होती है. यह चावल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है और इसका स्वाद हल्का मक्खन जैसा होता है.

काला नमक चावल : काला नमक चावल को “बुद्धा राइस” भी कहा जाता है. यह उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र, विशेषकर सिद्धार्थनगर जिले में उत्पन्न एक प्राचीन सुगंधित धान की किस्म है. इसकी विशेष पहचान इसका काला छिलका और मध्यम-पतले दाने हैं. यह चावल आयरन, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है तथा इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है.

मिलेट बार्स : मिलेट्स (मोटे अनाज) महाराष्ट्र की कृषि विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनकी खेती विशेष रूप से सोलापुर, अहमदनगर और मराठवाड़ा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जाती है. यहां मुख्य रूप से ज्वार (सोरघम) और बाजरा (पर्ल मिलेट) की खेती होती है, जो राज्य की अर्ध-शुष्क जलवायु और कम वर्षा वाली परिस्थितियों के लिए बेहद उपयुक्त माने जाते हैं.

इनमें प्रचुर मात्रा में आहार फाइबर, प्रोटीन और आवश्यक खनिज पाए जाते हैं. आजकल मिलेट्स का उपयोग आधुनिक और स्वादिष्ट रूपों में भी किया जा रहा है, जैसे कि ये मिलेट बार्स, जो स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और चलते-फिरते आसानी से सेवन की सुविधा को एक साथ जोड़ते हैं. इस रूप में मिलेट्स भारत की प्राचीन कृषि परंपरा और आधुनिक जीवनशैली का सुंदर संगम प्रस्तुत करते हैं.



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सोना ₹1.70 लाख, चांदी होगी ₹3,00,000 ! एनालिस्ट ने की चौंकाने वाली भविष्यवाणी


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सोना ₹1.70 लाख, चांदी होगी ₹3,00,000 ! एनालिस्ट ने की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

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Gold Silver Price Prediction: सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कई दिनों से उतार-चढ़ाव के बावजूद MCX पर दोनों धातुओं में पॉजिटिव रुझान बना हुआ है. विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोना जल्द ही ₹1,70,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी ₹3,00,000 प्रति किलो के स्तर को छू सकती है. इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण कीमतों में मजबूती आ रही है. हालांकि शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए ट्रेडिंग करते समय सख्त स्टॉप लॉस लगाना जरूरी है.

सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कई दिनों से उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. MCX पर सोना और चांदी दोनों में पॉजिटिव रुझान बना हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि सोना 1.70 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है, जबकि चांदी 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को छू सकती है. इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण कीमतों में मजबूती देखी जा रही है.

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ट्रेडिंग एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले भविष्य में गिरावट खरीदारी के अच्छे मौके दे सकती है. हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, इसलिए निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए. MCX गोल्ड साप्ताहिक चार्ट पर साइडवेज से बुलिश ट्रेंड में है. यह कंसोलिडेशन फेज से ब्रेकआउट कर चुका है. इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से भी कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है.

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फिलहाल, गोल्ड का भाव ₹1,58,800 के आसपास बना हुआ है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में एनालिस्ट ने बताया है कि ₹1,54,500 स्तर मजबूत सपोर्ट है. अगर कीमत इस स्तर के ऊपर बनी रही तो ₹1,70,000 तक जाने की अच्छी संभावना है. आने वाले समय में किसी भी गिरावट को खरीदारी का मौका मानना चाहिए.

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MCX सिल्वर भी वीकली चार्ट पर मजबूत स्थिति में है. पिछले सप्ताह के हाई को टेस्ट कर रहा है. इंपोर्ट चार्ज बढ़ोतरी से इसमें भी नई तेजी आई है. वर्तमान भाव ₹2,72,800 प्रति किलो के आसपास है. ₹2,61,000 सपोर्ट लेवल है. अगर यह स्तर टिका रहा तो चांदी ₹2,85,000 और उसके बाद ₹3,00,000 तक पहुंच सकती है.

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ट्रेडिंग स्ट्रैटजी की बात करें तो टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड के मौजूदा भाव से ₹1,70,000 का टारगेट रखें. स्टॉप लॉस ₹1,54,500 रखना उचित रहेगा. चांदी के लिए ₹3,00,000 का टारगेट संभव है. स्टॉप लॉस ₹2,61,000 के पास रखें.

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विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि में दोनों का ही आउटलुक बुलिश है, लेकिन शॉर्ट टर्म में वॉलिटिलिटी रह सकती है. निवेशकों को रिस्क कैपेसिटी के अनुसार फैसला लेना चाहिए और बाजार की खबरों पर नजर रखनी चाहिए.

सोना और चांदी दोनों में तेजी का रुख बना हुआ है. अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं तो गिरावट पर खरीदारी अच्छी रणनीति हो सकती है. लेकिन ट्रेडिंग के लिए सख्त स्टॉप लॉस लगाना जरूरी है.

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