Sunday, August 30, 2026
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आगरा में पेठा के साथ अब इस खास मिठाई की बढ़ी डिमांड, दुनियाभर में मचा रखी धूम

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आगरा में पेठा के साथ अब इस खास मिठाई की बढ़ी डिमांड, दुनियाभर में मचा रखी धूम

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आगरा में पेठा ही नहीं, अब घेवर भी त्योहारों की खास पहचान बन चुका है. सावन, रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों पर इसकी मांग बढ़ जाती है. यह गोल, जालीदार और मीठा घेवर आगरा के लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय है. आइए जानते हैं कि आखिर घेवर तैयार कैसे होता है.

ताज नगरी आगरा अपनी ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ खानपान के लिए भी प्रसिद्ध है. आगरा की सबसे बड़ी मिठाई पहचान पेठा है, जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने भी जिले के पारंपरिक उत्पाद के रूप में विशेष पहचान दी है. वहीं सावन, रक्षाबंधन और तीज जैसे त्योहारों के दौरान घेवर की मांग बाजारों में काफी बढ़ जाती है और यह स्वाद सितंबर व अक्टूबर तक बाजारों में रहता है. गोल आकार, जालीदार बनावट और मीठे स्वाद वाला घेवर आगरा के लोगों के बीच भी बेहद लोकप्रिय है.

घेवर को मुख्य रूप से राजस्थान की पारंपरिक और प्रसिद्ध मिठाई माना जाता है. माना जाता है कि शुष्क और गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में उपलब्ध सामग्री से इस खास मिठाई को विकसित किया गया. समय के साथ घेवर राजस्थान से निकलकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से आगरा जैसे शहरों तक पहुंचा. आज यह सिर्फ एक क्षेत्रीय मिठाई नहीं, बल्कि उत्तर भारत के प्रमुख त्योहारों की खास पहचान बन चुका है.

घेवर बनाने की शुरुआत मैदा, शुद्ध घी और बर्फ जैसे ठंडे पानी से की जाती है. सबसे पहले घी को अच्छी तरह फेंटकर उसमें धीरे-धीरे मैदा और ठंडा पानी मिलाया जाता है. इसका घोल न ज्यादा गाढ़ा और न बहुत पतला होना चाहिए. घेवर की जालीदार बनावट पूरी तरह घोल की सही कंसिस्टेंसी और गर्म घी या तेल में डालने की तकनीक पर निर्भर करती है.

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घेवर बनाने के लिए गहरे और गोल बर्तन में पर्याप्त मात्रा में घी या तेल गर्म किया जाता है. इसके बाद पतले घोल को ऊंचाई से धीरे-धीरे बीच में डाला जाता है. गर्म तेल में गिरते ही घोल फैलता है और उसमें छोटे-छोटे छेद बनने लगते हैं. यही प्रक्रिया कई बार दोहराई जाती है, जिससे घेवर की प्रसिद्ध जालीदार संरचना तैयार होती है. इसके बीच में खाली जगह छोड़ना भी जरूरी होता है.

घेवर बनने के बाद उसे चीनी की तैयार चाशनी में डुबोया जाता है या ऊपर से चाशनी डाली जाती है. इसके बाद इसे कुछ समय तक रखा जाता है, ताकि मिठास अच्छी तरह अंदर तक पहुंच सके. ऊपर से बादाम, पिस्ता और केसर डालकर सजाया जाता है. यह पारंपरिक सादा घेवर कहलाता है और आज भी त्योहारों के दौरान इसकी बिक्री सबसे अधिक देखने को मिलती है.

समय के साथ घेवर के कई नए स्वाद तैयार किए जाने लगे हैं. कारीगर ने बताया कि मलाई घेवर में ऊपर से मलाई और मीठा मिश्रण लगाया जाता है, जबकि रबड़ी घेवर में गाढ़ी रबड़ी की परत इसे और अधिक स्वादिष्ट बनाती है. इसके अलावा मावा घेवर, केसर घेवर और ड्राई फ्रूट घेवर भी लोगों की पसंद बन चुके हैं. मलाई और रबड़ी वाले घेवर खासतौर पर युवाओं और मिठाई प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं.

उत्तर भारत में घेवर का संबंध विशेष रूप से हरियाली तीज, रक्षाबंधन और सावन के मौसम से माना जाता है. कई परिवारों में तीज के अवसर पर बेटियों और बहनों को घेवर भेजने की परंपरा भी रही है. बारिश और त्योहारों के मौसम में बाजारों में घेवर की खुशबू और अलग-अलग वैरायटी लोगों को आकर्षित करती हैं. यही कारण है कि सावन आते ही मिठाई की दुकानों पर घेवर की बिक्री तेजी से बढ़ जाती है.

आज घेवर सिर्फ पारंपरिक मिठाई नहीं रहा, बल्कि इसमें आधुनिक प्रयोग भी किए जा रहे हैं. घेवर कारीगर सचिन ने कहा कि चॉकलेट घेवर, पनीर घेवर और अलग-अलग ड्राई फ्रूट टॉपिंग वाले घेवर बाजार में उपलब्ध हैं. हालांकि पारंपरिक सादा और मलाई घेवर की लोकप्रियता आज भी बरकरार है. आगरा में पेठा शहर की सबसे बड़ी मिठाई पहचान है, लेकिन त्योहारों के मौसम में घेवर भी लोगों की खास पसंद बन जाता है और स्थानीय मिठाई बाजारों में अपनी अलग जगह बनाए हुए है.

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सिर पर आ गई ITR की डेडलाइन, किसे 31 अगस्‍त तक भरनी है रिटर्न, जानिए


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ITR Filing Deadline : सेलरीड पर्सन और आम आदमी के लिए आईअीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई थी. जिन बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स के खातों का ऑडिट नहीं होना है, वो 31 अगस्‍त तक बिना कोई शुल्‍क दिए रिटर्न भर सकते हैं.

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रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है. (Photo : canva)

नई दिल्‍ली. आप अपना बिजनेस चलाते हैं, फ्रीलांसिंग करते हैं या किसी प्रोफेशन से जुड़े हैं और अभी तक आईटीआर नहीं भरा है, तो यह काम तुरंत कर लें. सैलरीड क्लास के लिए आईटीआर भरने की अंतिम तारीख पहले ही निकल चुकी है, लेकिन ऐसे बिजनेसमैन और प्रोफेशनल्‍स जिनके खातों का ऑडिट नहीं होना है के रिटर्न भरने की डेडलाइन बिल्‍कुल सिर पर आ गई है. अगर आपने कल तक अपना आईटीआर दाखिल नहीं किया तो बाद में आपको रिटर्न दाखिल करने के लिए जुर्माना भरना पड़ सकता है.

जिन लोगों को 31 अगस्‍त तक आईटीआर दाखिल करनी है उनमें सभी फ्रीलांसर्स व कंसल्टेंट्स जैसे कंटेंट राइटर्स, डिजाइनर्स, आईटी प्रोफेशनल्स और स्वतंत्र रूप से काम करने वाले सभी प्रोफेशनल्स शामिल हैं. इसके साथ ही छोटे कारोबारी व दुकानदार जो प्रोप्राइटरशिप फर्म चलाते हैं या ऐसे बिजनेसमैन जिनके खातों का ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है, उनको भी 31 अगस्‍त यानी कल तक आईटीआर भरनी होगी. वे संस्थाएं जो धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन चुनती हैं या सामान्य रिटर्न दाखिल करती हैं, उनके लिए भी आईटीआर भरने की अंतिम तिथि 31 अगस्‍त ही है.

कौन-सा फॉर्म भरना है सही?

रिटर्न दाखिल करते समय सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है ताकि आईटीआर इनवैलिड न हो.

  • ITR-3: यह उन व्यक्तिगत कारोबारियों, प्रोफेशनल्स और HUFs के लिए है जो विस्तृत बहीखाते बनाते हैं और ITR-4 की शर्तों के तहत नहीं आते
  • ITR-4 (Sugam): यह उन छोटे व्यापारियों, प्रोफेशनल्स और फर्म्स के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है और जो प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन (बिना बहीखाता मेंटेन किए अनुमानित आय) का विकल्प चुनते हैं.

किसे कराना होता है अपने खातों का ऑडिट?

व्यापारियों के लिए आमतौर पर ₹1 करोड़ से अधिक के टर्नओवर पर ऑडिट जरूरी होता है. डिजिटल लेन-देन 95% होने पर यह सीमा ₹10 करोड़ तक है. वहीं प्रोफेशनल्स के लिए ₹50 लाख से अधिक की ग्रॉस रिसीट्स पर ऑडिट अनिवार्य हो जाता है. अगर आप इस सीमा से नीचे हैं, तो 31 अगस्त ही आपकी आखिरी तारीख है. बिना देरी किए आज ही अपना रिटर्न फाइल करें.

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रुली बिश्‍नोई

रुली बिश्‍नोई मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं और बिजनेस वर्टिकल में काम करते हैं. यहां वे बिजनेस जगत के मुश्किल आंकड़ों …

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नामांकन के लिए रविवार को भी हेल्प डेस्क: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक मिलेगी मदद, कल आखिरी दिन – Sawai Madhopur News




सवाई माधोपुर में नगर निकाय आम चुनाव-2026 के नामांकन की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। नामांकन के आखिरी दिन होने वाली संभावित भीड़ और उम्मीदवारों की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक विशेष हेल्पडेस्क शुरू की है। अभ्यर्थी यहां नामांकन पत्र भरने, जरूरी दस्तावेज, प्रतिभूति निक्षेप राशि और अन्य औपचारिकताओं की जानकारी ले सकेंगे। नामांकन की अंतिम तारीख 31 अगस्त है और सोमवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही नामांकन स्वीकार किए जाएंगे। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील की है। इन जगहों पर जमा हो रहे नामांकन राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी चुनाव कार्यक्रम के अनुसार सवाई माधोपुर में नाम निर्देशन पत्र रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के कमरा नंबर 30 और 32 तथा संयुक्त निदेशक, डीओआईटी कार्यालय के हॉल में जमा किए जा रहे हैं। अंतिम दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के नामांकन दाखिल करने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने रविवार को विशेष हेल्पडेस्क शुरू की है। नामांकन से जुड़ी जरूरी जानकारी मिलेगी हेल्पडेस्क पर अभ्यर्थियों को नामांकन पत्र भरने, आवश्यक दस्तावेज, प्रतिभूति निक्षेप राशि और नामांकन से जुड़ी अन्य औपचारिकताओं की जानकारी दी जाएगी। इससे अभ्यर्थी अंतिम दिन नामांकन के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बच सकेंगे। कल 3 बजे बाद स्वीकार नहीं होंगे नामांकन नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। सोमवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही नामांकन पत्र जमा किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोपहर 3 बजे के बाद किसी भी स्थिति में नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा। अंतिम समय का इंतजार नहीं करने की अपील अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जरूरी दस्तावेज तैयार कर समय रहते अपना नामांकन दाखिल करें। किसी तरह की जानकारी या मार्गदर्शन के लिए आज हेल्पडेस्क की सुविधा का लाभ लिया जा सकता है।



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अंकित बालियान हत्याकांड में 4 संदिग्ध हिरासत में: करनाल से बिडौली होकर शामली पहुंचे थे हमलावर, जिम के बाहर एक घंटे की रेकी – Shamli News




हरियाणवी लोकगायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद हमलावरों के आने-जाने का रूट भी सामने आया है। जांच में पता चला है कि हमलावर करनाल से बिडौली होते हुए शामली पहुंचे थे। पुलिस अब करनाल से बिडौली और बिडौली से शामली तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जोड़कर हमलावरों की पूरी मूवमेंट ट्रेस कर रही है। फुटेज के जरिए उनके वाहन, उसमें सवार लोगों और रास्ते में उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। जिम के आसपास एक घंटे से ज्यादा रुके, अंकित की रेकी की जांच में सामने आया है कि हमलावर शामली पहुंचने के बाद अंकित के जिम के आसपास एक घंटे से ज्यादा समय तक रुके थे। इस दौरान उन्होंने अंकित की गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी रेकी की। पुलिस के मुताबिक, अंकित के जिम से बाहर निकलते ही हमलावरों ने उसे घेर लिया और गोलियां बरसा दीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। 4 संदिग्धों से पूछताछ, साजिशकर्ता तक पहुंचने की कोशिश पुलिस ने हत्याकांड के संबंध में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस वारदात की पूरी कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश किसने रची थी, शूटरों को अंकित की लोकेशन की जानकारी किसने दी और वारदात के पीछे कौन लोग शामिल हैं। हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के साथ उनके मोबाइल और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज जोड़कर तलाश रही पुलिस पूरी कड़ी पुलिस अब करनाल से शामली तक हमलावरों के रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। कई स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद फुटेज का आपस में मिलान किया जा रहा है। पुलिस का फोकस हमलावरों के वाहन की पहचान करने के साथ यह पता लगाने पर है कि रास्ते में उनके साथ कौन-कौन लोग थे। अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज और हिरासत में लिए गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड की साजिश और हमलावरों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।



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सुपौल में पीएम सूर्य घर योजना की समीक्षा: DM ने बैंकों को पात्र आवेदकों का लोन समय पर मंजूर करने का दिया निर्देश – Supaul News




सुपौल में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति को गति देने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार शाम जिलाधिकारी सावन कुमार ने विद्युत आपूर्ति प्रमंडल राघोपुर के अंतर्गत योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों को पात्र आवेदकों के ऋण आवेदनों का समय पर निष्पादन कर लोन स्वीकृत करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका लाभ अधिक से अधिक पात्र घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बैंकों से इस योजना को प्राथमिकता देने और लंबित ऋण आवेदनों को तेजी से निपटाने का आग्रह किया। डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में डीएम ने सभी सहायक विद्युत अभियंताओं और कनीय विद्युत अभियंताओं को भी निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप योजना से है जोड़ना उन्होंने कहा कि बिजली विभाग को आवेदन प्रक्रिया से लेकर योजना के क्रियान्वयन तक उपभोक्ताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करना चाहिए। अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र उपभोक्ताओं को सोलर रूफटॉप योजना से जोड़कर लक्ष्य प्राप्त करने पर विशेष जोर देने को कहा गया।
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करके सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना है। यह पहल घरेलू उपभोक्ताओं को स्वच्छ और हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके बिजली के खर्च को कम करने में भी सहायक होगी। 1 किलोवाट पर 40 हजार तक अनुदान

योजना के तहत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने के लिए केंद्र और बिहार सरकार की ओर से अनुदान दिया जा रहा है। वर्तमान प्रावधान के अनुसार 1 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाने पर भारत सरकार की ओर से 30 हजार रुपए और बिहार सरकार की ओर से 10 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। यानी उपभोक्ता को कुल 40 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है।

वहीं 2 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार और बिहार सरकार की ओर से 20 हजार रुपए, यानी कुल 80 हजार रुपए तक अनुदान का प्रावधान है। 3 किलोवाट या अधिक पर 98 हजार तक सब्सिडी

3 किलोवाट और उससे अधिक क्षमता के सोलर रूफटॉप संयंत्र पर केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपए और बिहार सरकार की ओर से 20 हजार रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। इस तरह पात्र उपभोक्ताओं को कुल 98 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिल सकती है।

वेबसाइट से कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक उपभोक्ता केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत पात्रता और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध है।

समीक्षा बैठक में विद्युत कार्यपालक अभियंता राघोपुर धनंजय कुमार सिंह, वीरपुर, राघोपुर एवं निर्मली के सहायक विद्युत अभियंता, राघोपुर प्रमंडल के सभी कनीय विद्युत अभियंता, सुपरवाइजर तथा कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।



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बड़ौनी शिविर में CMO पर भड़के कलेक्टर, VIDEO: पूछा- ‘आवास योजना कौन देखता है?’ नहीं दिया जवाब; माथा पकड़कर कहा- यह सीएमओ है – datia News




दतिया में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत बड़ौनी में लगाए गए शिविर में उस समय हंगामा जैसा माहौल बन गया। जब पीएम आवास योजना की शिकायतों की सुनवाई के दौरान कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े नगर परिषद सीएमओ इम्तियाज खान पर भड़क गए। आवास योजना का प्रभारी कौन है, यह सवाल पूछने पर सीएमओ सही जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। कलेक्टर की नाराजगी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दरअसल, शनिवार को शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आवेदनों और शिकायतों की समीक्षा चल रही थी। कलेक्टर ने अधिकारियों से योजना से संबंधित जानकारी मांगी। इसके बाद उन्होंने सीएमओ से पूछा कि नगर परिषद में आवास योजना का काम कौन देखता है। सीएमओ ने नहीं दिया स्पष्ट जवाब सीएमओ इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा- अरे कोई न कोई तो बाबू होगा न भाई? यह जो देखता है, बाबू होता है, इंजीनियर होता है। इस तरीके से काम करेंगे? आवास का प्रभारी कौन है? यह सीएमओ है, आपको यह भी नहीं पता कि आवास कौन देखता है। कलेक्टर ने आगे कहा कि कहा कि यदि समय पर लोगों की सुनवाई नहीं होगी तो स्थिति गंभीर होगी। उन्होंने पूछा कि यदि संबंधित कर्मचारी नौकरी छोड़कर चला गया तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। कलेक्टर बोले-अपात्र को पात्र करने के लिए नहीं कह रहा कलेक्टर ने आवास योजना के आवेदनों में पात्र और अपात्र किए गए हितग्राहियों की प्रक्रिया को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी अपात्र व्यक्ति को पात्र करवाना नहीं है,लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह सही और पारदर्शी होनी चाहिए। डीएम ने कहा कि इनका रिजेक्ट क्यों हुआ, इससे मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैं यह नहीं बोल रहा कि अपात्र को पात्र करो और पात्र को अपात्र करो। लेकिन अपात्र सही अपात्र है,पात्र सही पात्र है। इसकी पूरी जानकारी निकालो। कलेक्टर ने अधिकारियों से संबंधित मामलों की पूरी जानकारी तैयार कर उन्हें देने के निर्देश दिए। कलेक्टर की फटकार के बाद अफसरों में हड़कंप शिविर में कलेक्टर के सख्त तेवर देखकर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी भी सतर्क हो गए। कलेक्टर ने साफ किया कि जनसुनवाई में लापरवाही, योजनाओं की जानकारी नहीं होना और रिकॉर्ड के रखरखाव में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



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नेपाल बाढ़, लोगों को 7:30 बजे खतरे का पता चला: 9:35 पर सरकारी SMS आया; अलर्ट में 2 घंटे देरी, वरना सैकड़ों जानें बच जातीं


काठमांडू12 मिनट पहलेलेखक: हेमेन्दर शर्मा

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नेपाल के भोटे कोशी और त्रिशुली नदी में 26 अगस्त की सुबह अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचाई थी।

नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद अब अलर्ट जारी करने की टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, रसुवा जिला प्रशासन को चीन की तरफ से बाढ़ की सूचना सुबह 9 बजे मिली थी। इसके बाद सुबह 9.15 बजे नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले करीब छह लाख लोगों को SMS अलर्ट भेजा गया।

वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय का कहना है कि उसे जिला प्रशासन से सुबह 8.40 बजे ही बाढ़ की सूचना मिल गई थी। लोगों को SMS अलर्ट सुबह 9.35 बजे भेजा गया था। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्हें दोस्तों और रिश्तेदारों से सुबह 7.30 बजे ही बाढ़ की चेतावनी मिल गई थी।

अलर्ट की टाइमिंग को लेकर इन अलग-अलग दावों के बीच सिस्टम की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।शनिवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 682 पहुंच गई, जबकि 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। इनमें 275 भारतीय शामिल हैं। अब तक 7,514 लोगों को रेस्क्यू किया गया है, जिनमें 163 विदेशी भी हैं।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी के साथ मलबा और चट्टानों का सैलाब आया था।

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भोटे कोशी नदी में पानी के साथ मलबा और चट्टानों का सैलाब आया था।

प्रत्यक्षदर्शी बोले- सुबह 7.30 बजे ही मिल गई थी जानकारी

त्रिशूली निवासी 36 साल के रमेश रिजाल के मुताबिक, चीन बॉर्डर के पास रहने वाले उनके एक दोस्त ने सुबह 7.30 बजे फोन कर भयानक बाढ़ आने की जानकारी दी थी। रिजाल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी करते रहे।

सुबह 9.20 बजे उन्होंने अपने नए घर के निर्माण का वीडियो भी बनाया। इसके बाद अफरा-तफरी मचने पर वे परिवार के साथ सुरक्षित जगह चले गए।

त्रिभुवन सेकेंडरी को-एजुकेशनल स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाड़ी ने बताया कि एक सहकर्मी को नदी के ऊपरी इलाके से बाढ़ की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने स्कूल की घंटी लगातार बजाने का निर्देश दिया।

स्कूल में करीब 1,600 स्टूडेंट्स हैं। दवाड़ी के मुताबिक, उनकी आंखों के सामने स्कूल बाढ़ में बह गया, हालांकि बच्चे सुरक्षित बचा लिए गए। बाद में उन्हें हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया।

भूकंप के 13 मिनट बाद नदी का डेटा सिस्टम बंद

मौसम विभाग के मुताबिक, 26 अगस्त को सुबह 8.37 बजे नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 4.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके 13 मिनट बाद सुबह 8.50 बजे भोटे कोशी नदी का जलस्तर मापने वाला डेटा रिसीविंग सिस्टम काम करना बंद कर गया।

भूकंप के बाद तिब्बत के ल्हेंदे खोला नदी में पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा बर्फ और चट्टानों के साथ गिरा था। ल्हेंदे खोला, भोटेकोशी नदी की सहायक नदी है। भोटेकोशी चीन से निकलकर नेपाल में प्रवेश करती है।

बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला।

बाढ़ का पानी इतनी तेज रफ्तार से आया कि लोगों को संभलने और सुरक्षित जगह पहुंचने तक का मौका नहीं मिला।

9.36 बजे पानी बाजार की ओर बढ़ा, 2 मिनट में सब बह गया

त्रिशूली बाजार में कबाड़ का कारोबार करने वाले बिहार मूल के जलेश्वर साहनी ने बाढ़ की तबाही की तस्वीरें खींचीं। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 9.15 बजे रासुवागढ़ी में मौजूद उनके भाई ने फोन कर विशाल बाढ़ के आने की सूचना दी। इसके बाद साहनी परिवार के साथ पहाड़ी पर चले गए।

साहनी ने सुबह 9.36 बजे एक तस्वीर ली, जिसमें बाढ़ का पानी त्रिशूली बाजार की ओर बढ़ता दिख रहा था। इसके महज दो मिनट बाद 9.38 बजे ली गई दूसरी तस्वीर में पूरा त्रिशूली बाजार बाढ़ में बह चुका था। यानी तबाही की रफ्तार इतनी तेज थी कि दो मिनट में पूरा मंजर बदल गया।

विपक्ष ने चीन के सैटेलाइट सिस्टम पर उठाए सवाल

नेपाली कांग्रेस के उपनेता अभिषेक प्रताप शाह ने कहा कि चीन का सैटेलाइट सिस्टम ग्लेशियरों की निगरानी करता है। इसलिए चीन को खतरे की सूचना समय रहते देनी चाहिए थी।

इसी को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि बाढ़ की चेतावनी स्थानीय प्रशासन और लोगों तक सही समय पर क्यों नहीं पहुंची।

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नेपाल- भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ा, फिर बाढ़ का खतरा:रसुवा सहित 3 जिलों में अलर्ट

नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल डिजास्टर रिस्क मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रविवार सुबह बताया कि भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेज होने की जानकारी मिली है। इसके बाद जिला प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में अलर्ट जारी किया गया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

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दोपहर के बचे चावल से शाम को बनाएं टेस्टी फ्राइड राइस, जानें आसान रेसिपी

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Basi Chawal Food Recipe: वैसे तो हर कोई घर के किचन में बचे हुए चावल से झटपट फ्राई कर लेते हैं. इससे बासी चावल को फेंकना भी नहीं पड़ता है. ऐसे में आज हम आपको स्वादिष्ट फ्राइड राइस के बारे में बताएंगे. जिसे आप घर की सब्जियों और मसालों से तैयार कर सकते हैं. यह बच्चों को भी खूब पसंद आएगी. आइये जानते हैं इसके बारे में.

जमशेदपुर: दोपहर के बचे हुए चावल का उपयोग करके शाम के नाश्ते के लिए स्वादिष्ट और झटपट फ्राइड राइस तैयार किया जा सकता है. यह विधि घर में मौजूद सब्जियों और मसालों का इस्तेमाल करके बनाई जा सकती है, जिससे यह बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आएगा. इसे खाने के बाद आपकी हर कोई तारीफ करेगा.

फ्राइड राइस बनाने की विधि

फ्राइड राइस बनाने के लिए सबसे पहले बचे हुए चावल को अलग-अलग कर लेना चाहिए. ताकि पकाते समय उनमें गांठ न पड़े. इसके बाद एक कड़ाही या पैन में थोड़ा तेल गरम करें। तेल गरम होने पर बारीक कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें.

सब्जियां और अन्य सामग्री

प्याज भुनने के बाद इसमें घर में मौजूद सब्जियां जैसे शिमला मिर्च, गाजर और हरी मिर्च बारीक काटकर डालें. इसके बाद बीन्स, पत्तागोभी या मटर जैसी सब्जियां भी इस्तेमाल की जा सकती हैं. यदि फ्रिज में पनीर, बेबी कॉर्न या स्वीट कॉर्न उपलब्ध हों, तो उन्हें भी सब्जियों के साथ तेज आंच पर फ्राई करके फ्राइड राइस का स्वाद बढ़ाया जा सकता है. सब्जियों को हल्का क्रंची रखना चाहिए, बहुत ज्यादा नहीं गलाना चाहिए. इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह मिलाएं और खुशबू आने तक पकने दें.

मसाले और चावल मिलाना

अब इसमें स्वादानुसार नमक और थोड़ा गरम मसाला डालें. जहां अपनी पसंद के अनुसार चिली सॉस, टोमैटो सॉस या सोया सॉस भी मिलाया जा सकता है. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर कुछ सेकंड तक तेज आंच पर पकाएं. इसके बाद बचे हुए चावल कड़ाही में डालकर धीरे-धीरे चलाएं ताकि चावल टूटे नहीं और मसाले व सब्जियां हर दाने में अच्छी तरह मिल जाए.

जानें पकाने का अंतिम चरण

वहीं, करीब दो से तीन मिनट तक तेज आंच पर चावल को चलाते हुए फ्राई करें. जब चावल अच्छी तरह गरम हो जाएं और मसालों की खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दें. अब तैयार फ्राइड राइस को प्लेट में निकालकर ऊपर से थोड़ा हरा धनिया डालकर परोसा जा सकता है.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com<…

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बिहार के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: मंदाकिनी नदी में बाढ़ से 400 दुकानें डूबीं; राजस्थान के 17 जिलों में सूखे जैसे हालात




बिहार में गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। पटना का दीघा घाट डूब चुका है। वहीं, बगहा के डुमरिया घाट पर गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। 15 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मध्य प्रदेश के सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंची बह रही है। घाट किनारे करीब 400 दुकानें डूब चुकी हैं। लोग घरों और होटलों में फंसे हैं। राजस्थान में जयपुर समेत 15 शहरों का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। इस साल मानसून के कमजोर रहने के कारण जयपुर सहित 17 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें



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अपराधी-गैंगस्टर गैरजनपद में करेगा वारदात तो वाराणसी के थानेदार जिम्मेदार: CP बोले-हर हाल में उठाएं CUG फोन, हर FIR की ACP करेंगे समीक्षा – Varanasi News




वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने शनिवार की रात तीन जोन के अपराधों की समीक्षा की। सीपी ने अफसरों समेत थानेदारों को 12 प्वाइंट पर चेतावनी दी। डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी समेत सभी थानेदार और प्रमुख अफसरों को बिंदुवार प्राथमिकताएं गिनाईं। सीपी ने सभी जोन में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं जनसुनवाई की गहन समीक्षा की गई। स्पष्ट संदेश दिया कि जनसुनवाई, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं कानून-व्यवस्था में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी ही थानाध्यक्ष पद पर रहेंगे, कार्य में लापरवाही एवं निष्क्रियता स्वीकार नहीं की जाएगी। D-60 एवं D-90 श्रेणी की लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण किया जाए। महिला अपराधों में त्वरित कार्रवाई तथा लूट एवं चेन स्नैचिंग की घटनाओं के प्रभावी अनावरण के निर्देश दिए। दूसरे थाना क्षेत्र अथवा जनपद में अपराध करने वाले अपराधियों की निगरानी एवं उनके विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सीपी ने बताया जिस थाना क्षेत्र का अपराधी गैरजनपद में भी वारदात करेगा, थानेदार उसके लिए जिम्मेदार होगा। इसलिए अपराधियों पर नकेल कसें। वित्तीय फ्रॉड में प्रभावी प्रयोग कर पीड़ित को धनराशि वापस दिलाने पर जोर दिया। यातायात व्यवस्था सुधारने, अतिक्रमण हटाने एवं पैदल गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए। स्कूल, कोचिंग व हॉस्टल में CCTV की जांच, शोहदों पर कार्रवाई, थानों के CCTV को क्रियाशील रखने तथा प्रत्येक FIR और गुमशुदगी की ACP स्तर पर समीक्षा के निर्देश दिए गए। आगामी जन्माष्टमी एवं गणेश चतुर्थी के तहत सतर्कता एवं सजगता बरतने हेतु निर्देशित किया गया। इन 12 बिंदुओं पर सीपी का निर्देश 1.जनसुनवाई सर्वोपरि: सभी थानेदार रोजाना जनसुनवाई करें, CUG मोबाइल हर हाल में उठाएं, अगर नहीं उठा पाए तो कॉल बैक अनिवार्य करें। आमजन से शालीन व्यवहार करें। 2. लंबित विवेचना खत्म करो: D-60 (10 साल से कम सजा वाले) और D-90 (10 साल से अधिक सजा वाले) अपराधों की लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण। 3. महिला अपराधों पर जीरो टॉलरेंस: महिला संबंधी अपराधों में तत्काल FIR और त्वरित निस्तारण। 4. लूट-चेन स्नैचिंग का अनावरण: ऐसी घटनाओं में विशेष टीम लगाकर 100% अनावरण के निर्देश। 5. SOG-2 ले एक्शन: जुआ, सट्टा, देह व्यापार, अवैध हुक्का बार, मादक पदार्थों की बिक्री पर विशेष निगरानी के लिए नई टीम एक्शन लेगी। 6. दूसरे थाना/जनपद में अपराध: अगर वाराणसी का कोई अपराधी दूसरे जनपद में अपराध करता है तो संबंधित थानेदार की जिम्मेदारी तय होगी। 7. वित्तीय फ्रॉड में पैसा वापसी: साइबर ठगी में धारा 111 BNS और 107 BNSS का प्रयोग कर पीड़ित को उसका पैसा वापस दिलाने पर फोकस। 8. यातायात और अतिक्रमण: सड़क-फुटपाथ पर अतिक्रमण कर व्यापार करने वालों पर कार्रवाई, रोजाना पैदल गश्त। 9. स्कूल-कोचिंग-हॉस्टल सुरक्षा: सभी थानेदार अपने क्षेत्र के स्कूल/कोचिंग/हॉस्टल में लगे CCTV चेक करें, मनचलों/शोहदों पर कार्रवाई करें। 10. थानों के CCTV: सभी थानों के CCTV 24 घंटे चालू रहें, रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहे। 11. हर FIR की ACP समीक्षा: प्रत्येक FIR और गुमशुदगी की ACP स्तर पर नियमित समीक्षा होगी। 12. त्योहार अलर्ट: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष पुलिस प्रबंध।



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