Saturday, October 10, 2026
Home Blog

कार्यकर्ताओं के योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल बोले- राष्ट्रहित को प्राथमिकता देकर बूथ स्तर पर काम करें – Indore News




भाजपा कार्यकर्ता संगठन की ताकत हैं और हर बूथ पर पार्टी को मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से जुटें। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर जिला ग्रामीण की बैठक में शुक्रवार को कही। बरसाना गार्डन में आयोजित बैठक में उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और राष्ट्रहित में पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। खंडेलवाल ने कहा कि आज कार्यकर्ता जिस विचारधारा और संगठन को मजबूत बनाने में योगदान दे रहे हैं, उसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा। जिस तरह देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों का आज भी सम्मान किया जाता है, उसी तरह 50 से 100 साल बाद आने वाली पीढ़ियां भी उन कार्यकर्ताओं को याद करेंगी, जिन्होंने देश को मजबूत बनाने वाली विचारधारा और संगठन को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। इस दौरान जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, संभागीय संगठन प्रभारी रणवीर सिंह रावत, विधायक मधु वर्मा और उषा ठाकुर आदि मौजूद रहे। परिवार और व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखें राष्ट्रहित
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कार्यकर्ताओं को अपने परिवार और व्यक्तिगत हितों से आगे बढ़कर राष्ट्रहित के लिए काम करना चाहिए। पार्टी की विचारधारा को मजबूत करना, संगठन के नेताओं को मजबूती देना और प्रत्येक बूथ पर पार्टी को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है। आने वाली पीढ़ी भारत को सुरक्षित, आतंकवाद मुक्त, रोजगार के अवसरों से युक्त और खुशहाल राष्ट्र के रूप में देखे, इसके लिए आज संगठन को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ काम करने का आह्वान किया। सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों की दी जानकारी
बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 17 सितंबर से शुरू हुए सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में आयोजित सेवा गतिविधियों की जानकारी दी। चावड़ा ने बताया कि अभियान की शुरुआत ‘आशीर्वाद का दिया’ और ‘आंगन मिलन’ सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रमों से की गई। इंदौर जिला ग्रामीण की चारों विधानसभा क्षेत्रों में अनेक आयोजन हुए। उन्होंने अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए सेवा कार्यों का भी ब्यौरा प्रस्तुत किया। संगठन के पदाधिकारियों ने भी किया संबोधित
बैठक को संभागीय संगठन प्रभारी रणवीर सिंह रावत और जिला प्रभारी शैलेन्द्र डागा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक जितू जिराती, विशाल पटेल और अंतर सिंह दरबार, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भगवान परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय सहित भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



Source link

10 अक्टूबर को केंद्रीय विद्यालय आरा का वार्षिकोत्सव कार्यक्रम: राज्यपाल सैयद अता हसनैन मुख्य अतिथि के रूप में हो सकते हैं शामिल, तैयारियां पूरी – udwant nagar News




उदवंतनगर के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय आरा में शनिवार को वार्षिकोत्सव का आयोजन होगा। इसमें बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम की तैयारियों में जिला प्रशासन पूरी तरह लगा हुआ है। राज्यपाल का हेलीकॉप्टर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के परिसर में उतरेगा, जिसके लिए हेलीपैड बनाया गया है। इसके बाद वे विश्वविद्यालय के परीक्षा सभागार में मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे और फिर केंद्रीय विद्यालय पहुंचेंगे। केंद्रीय विद्यालय के बच्चे कई दिनों से सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी कर रहे हैं। वे राज्यपाल के सामने अपनी प्रस्तुति देंगे। वार्षिकोत्सव की निगरानी केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल एस अहमद खान कर रहे हैं।



Source link

हर जिले में बनेगा एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर: गोरखपुर कमिश्नर ने नसबंदी अभियान तेज करने के दिए निर्देश, लापरवाही पर होगी कार्रवाई – Gorakhpur News




आवारा कुत्तों से होने वाली समस्या को लेकर प्रशासन एलर्ट हो गया है। शुक्रवार को कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने इसको लेकर आयुक्त सभागार में बैठक की। उन्होंने कहा कि मंडल के हर जिले में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर बनाया जाए। कमिश्नर को बताया गया कि गोरखपुर में यह सेंटर संचालित हो रहा है। महराजगंज, देवरिया व कुशीनगर में इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। कमिश्नर ने कहा कि जब तक स्थायी ABC सेंटर नहीं बन जाता, तबतक इन जिलों के किसी निष्प्रयोज्य भवन में अस्थायी रूप से व्यवस्था शुरू की जाए। कमिश्नर ने बैठक में निर्देश दिया कि आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण किया जाए। उनका टीकाकरण कराया जाए। इसके साथ ही नसबंदी एवं अन्य उपचार कराया जाए। इस काम में कोई लपरवाही मिली तो जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तेज किया जाए नसबंदी अभियान कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि रैबीज नियंत्रण के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान में तेजी लाने की जरूरत है। गली-मोहल्लों, पार्कों, राजमार्गों के आसपास घूमने वाले कुत्तों का हर हाल में टीकाकरण कराया जाए। सचल श्वान मोबाइल वैन के माध्यम से कुत्तों को पकड़कर एंटी रेबीज टीका लगाने और नसबंदी कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़ने, उपचार, नसबंदी और उन्हें उसी स्थान पर छोड़ने की पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। इसका रिकार्ड सुरक्षित रखा जाए। डीएम अपने जनपद के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को इस कार्य का नोडल अधिकारी नामित करें। कुत्ता काटने की सूचना के लिए बने कंट्रोल रूम कमिश्नर ने कहा कि कुत्ता काटने की घटनाओं को देखते हुए नगर निकायों में कंट्रोल रूम बनाया जाए। यहां कुत्ते, बंदर, गधा व सांप काटने की सूचना दर्ज की जाए। पीड़ितों को तत्काल इलाज मुहैया कराया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित अस्पतालों को संवेदनशील बनाया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने और पीड़ितों को तुरंत एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा गया। मरीजों की संख्या बढ़ने का इंतजार करने पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार की छवि खराब करने वाले लापरवाह कर्मचारियों और चिकित्सकों को चिन्हित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे पर निराश्रित पशुओं और आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए जनपद स्तर पर टीम गठित होगी। घायल या मृत पशुओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तत्काल हटाया जाएगा। विद्यालयों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और मंदिरों में कुत्तों के प्रवेश पर रोक की जिम्मेदारी संबंधित संस्थानों को दी जाएगी। डीएम हर माह समीक्षा कर अनुपालन रिपोर्ट कमिश्नर को भेजेंगे। बैठक में गोरखपुर के डीएम दीपक मीणा सहित करीब 12 विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कुशीनगर, देवरिया और महराजगंज के डीएम ने आनलाइन बैठक में प्रतिभाग किया।



Source link

महिला पुलिस अधिकारी ने वकील को मारा थप्पड़: सड़क पर गाड़ी खड़ी करने पर हुआ विवाद, धरने पर बैठे बार एसोसिएशन के वकील – Kishangarh News




अजमेर जिले के किशनगढ़ में सड़क पर गाड़ी खड़ी करने पर ट्रैफिक सीओ अंजू यादव और वकील बाबूलाल बागरिया के बीच विवाद हो गया। इस दौरान ट्रैफिक सीओ ने वकील को थप्पड़ मार दिया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें महिला अधिकारी वकील को थप्पड़ मारते हुए नजर आ रही हैं। घटना के बाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने शहर में सड़क को जाम करके विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वकील पुलिस अधिकारी को निलंबित करने और कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। तीन घंटे बाद सीओ सीटी ने वकीलों को समझाकर धरना समाप्त करवाया। मामला मदनगंज थाना क्षेत्र के सिटी रोड का शुक्रवार शाम 7 बजे का है। वकील बाबूलाल ने बताया-शनिवार शाम 6:30 बजे मैं सब्जी लेने के लिए किशनगढ़ के मुख्य बाजार आया था। गाड़ी को साइड में लगाकर मैं मंडी में चला गया। थोड़ी देर बाद पुलिस का मेरे पास फोन आया। उन्होंने कहा कि आपकी गाड़ी सब्जी मंडी के पास खड़ी है। इस पर मैं गाड़ी के पास वापस पहुंचा। इस पर वहां मौजूद ट्रैफिक सीओ अंजू यादव ने कहा- यहां गाड़ी खड़ी क्यों कर रखी है। इस पर मैंने गलती मानते हुए उनसे माफी मांग ली। भविष्य में इस तरह गाड़ी नहीं खड़ी करने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने दुर्व्यवहार करते हुए गाड़ी की चाबी ले ली और धमकी दी कि जहां चाहे वहां चले जाना। विवाद के बाद मुख्य बाजार में जुटे वकील घटना की जानकारी मिलते ही बार एसोसिएशन के वकीलों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में वकील मुख्य बाजार में इकठ्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी धर्मराज चौधरी सहित 3 थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर तैनात किया गया। सिटी सीओ धर्मराज चौधरी ने बताया- बार एसोसिएशन से बातचीत के बाद 10:30 बजे धरना हटा लिया गया। इसके बाद बाजार में ट्रैफिक शुरू किया गया। एक घंटे रास्ता जमा रहा था। …. यह खबर भी पढ़ें जयपुर में गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों को थप्पड़-मुक्के मारे;VIDEO:रात को गली में बैठे युवकों को टोकने पर परिजन नाराज हुए; 4 गिरफ्तार जयपुर में युवकों को टोकने पर परिवार के लोगों ने पुलिस गश्ती दल से मारपीट कर दी। पुलिस गश्ती दल ने आधी रात को गली के बाहर बैठे 3 युवकों को टोका था। इस पर परिवार के लोग नाराज हो गए और घर से बाहर आकर पुलिसकर्मियों को थप्पड़-मुक्के मारे। (पढ़ें पूरी खबर)



Source link

कांग्रेस ने खस्ताहाल सड़कों, जल संकट पर घेराव किया: महापौर का मुखौटा पहनकर नोटों की माला से विरोध, अधिकारी बदलने की मांग पर हंगामा – Jabalpur News




एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट में विरोध के बाद कांग्रेस नेताओं और पार्षदों ने नगर निगम का घेराव किया। खस्ताहाल सड़कों, जल संकट और भ्रष्टाचार मुख्य मुद्दे थे। आरोप है कि 2200 करोड़ के बजट के बावजूद विकास ठप है, केवल 600 करोड़ उपयोग हुए।
प्रदर्शन में कांग्रेस नेता महेश पटेल ने महापौर का मुखौटा पहनकर और गले में नोटों की माला डालकर अनोखा विरोध किया। कांग्रेसियों ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार और महापौर के वादों के बावजूद जनता समस्याओं से जूझ रही है।
शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, कांग्रेसी ज्ञापन सौंपकर लौटने वाले थे। पर जब निगम से पुराने अधिकारी ज्ञापन लेने आए, तो नेता गुस्सा हो गए। उनका आरोप था कि इन अधिकारियों ने पुराने ज्ञापनों पर कोई कार्रवाई नहीं की।
अधिकारी बदलने की मांग पर कोई दूसरा अधिकारी बाहर नहीं आया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। तेज बहस के बीच पार्षद अमरीश मिश्रा गुस्से में मुख्य गेट फांदकर अंदर कूद गए। उन्हें वापस बुलाया गया, जिससे निगम परिसर में अफरा-तफरी मच गई।



Source link

सिर्फ एक्सप्रेसवे नहीं, भक्ति का मार्ग है यह रास्ता, वीडियो में दिखा शानदार नजारा


Last Updated:

Delhi-Katra Expressway : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब अप्रैल, 2022 में दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे की नींव रखी थी, तब इसे अगस्त 2026 तक तैयार करने का लक्ष्य था. लेकिन, पंजाब में भूमि अधिग्रहण में देरी की वजह से अब नई डेडलाइन मार्च, 2028 तय की गई है. इसके तैयार होने के बाद दिल्ली से कटरा तक 7 घंटे में पहुंचा जा सकेगा.

Top Deals Inside

सिर्फ एक्सप्रेसवे नहीं, भक्ति का मार्ग है यह रास्ता, वीडियो में शानदार नजारा  Zoom

दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को मार्च, 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है.

नई दिल्ली. देश में एक्सप्रेसवे तो बहुत सारे बन रहे हैं लेकिन 670 किलोमीटर का एक ऐसा ई-वे बनाया जा रहा है, जिसे भक्ति मार्ग का कहा जाए तो कम नहीं होगा. यह एक्सप्रेसवे 2 ऐसे मंदिरों तक जाता है, जहां देश में हर साल सबसे ज्यादा श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने इस ई-वे को साल 2028 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा है. वैसे तो यह इसी साल तैयार हो जाता लेकिन पंजाब में भूमि अधिग्रहण में आई दिक्कतों की वजह से प्रोजेक्ट में देरी हुई है.

यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से शुरू होकर अमृतसर और फिर कटरा तक जाएगा. एनएचएआई ने इस ई-वे को अगस्त, 2026 में तैयार करने का लक्ष्य रखा था लेकिन पंजाब में भूमि अधिग्रहण का मुद्दा अटक गया. अब इसकी नई डेडलाइन मार्च, 2028 हो गई है. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पिछले दिनों राज्यसभा में कहा था कि इस ई-वे के चौथे चरण के लिए भी कॉन्ट्रैक्ट जारी कर दिया गया है. इसकी आधारशिला 24 अप्रैल, 2022 को रखी गई थी. भारतमाला परियोजना के तहत इस एक्सप्रेसवे को करीब 670 किलोमीटर का बनाया जा रहा है. इसके तैयार होने के बाद दिल्ली से अमृतसर तक महज 4 घंटे में और कटरा तक 7 घंटे में पहुंचा जा सकेगा.

खुल चुका है 135 किलोमीटर का रास्ता
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे पूरी तरह खुलने में भले ही अभी समय है, लेकिन इसके एक हिस्से को खोला जा सकता है. हरियाणा में झज्झर जिले में जसौर खेरी से लेकर रोहतक जिले के हसनगढ़ और सोनीपत के लखनमजरा तक का रास्ता आम जनता के लिए खुल चुका है. हरियाणा के इस सेक्शन पर वाहनों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलने की छूट है. भारी वाहनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड में ही चलाया जा सकता है. फिलहाल यह एक्सप्रेसवे 4 लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन बाद में इसे 6 लेन का बढ़ाया जा सकता है.

About the Author

authorimg

Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

और पढ़ें



Source link

सीवान-गंगा आरती में शामिल हुए डीएम: काशी की तर्ज पर पुलवा घाट पर हुई भव्य गंगा आरती, स्वच्छता का दिया संदेश – Siwan News




सीवान में नमामि गंगे और स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत शुक्रवार की संध्या सीवान की बाण गंगा नदी के तट पर श्रीराम मंदिर के समीप पुलवा घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। काशी की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार, सुमधुर संगीत और पारंपरिक पूजा-अर्चना के बीच पूरा घाट आध्यात्मिक माहौल में डूबा रहा। हालांकि, भव्य आयोजन के बीच जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा के आरती के दौरान कुर्सी पर बैठे रहने की स्थिति भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। आरती के दौरान कुर्सी पर बैठे रहे डीएम और अधिकारी सनातन परंपरा में आरती के दौरान श्रद्धालुओं के खड़े होकर इसमें शामिल होने की परंपरा के बीच जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा पूरे कार्यक्रम के दौरान कुर्सी पर बैठे नजर आए। उनके बैठे रहने के कारण अन्य अधिकारी और वीवीआईपी अतिथि भी अपनी कुर्सियों पर बैठे रहे। नदी संरक्षण और धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में अधिकारियों की स्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। नदी संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता का उद्देश्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दाहा नदी के प्रति लोगों में श्रद्धाभाव जगाना, नदी के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और उप विकास आयुक्त अमिताभ सिंह शामिल हुए। डीपीओ पूजा कुमारी और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी नीलम श्वेता ने उनका स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई नदी की आरती इसके बाद जिलाधिकारी के नेतृत्व में बाण गंगा (दाहा) नदी का पूजन-अर्चन किया गया। काशी से आए पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और मधुर संगीत के बीच विधि-विधान से आरती की। इस दौरान घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। आरती के भव्य दृश्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और नदी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को सामने रखा। नदी हमारी सभ्यता और संस्कृति की परिचायक-डीएम अपने संबोधन में जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने कहा कि संध्या आरती का दृश्य अद्भुत था। ऐसे आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि लोगों में नदी के प्रति श्रद्धाभाव बढ़े और उसके संरक्षण को लेकर जागरूकता विकसित हो। उन्होंने कहा कि नदी केवल जल की धारा नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की परिचायक होने के साथ जीवन का आधार भी है। दाहा नदी को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयास और सभी लोगों की सहभागिता जरूरी है। पुजारियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित आरती के समापन के बाद जिलाधिकारी ने काशी से आए पुजारियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन ने नदी संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने का संदेश दिया। हालांकि, धार्मिक आयोजन के दौरान जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के कुर्सियों पर बैठे रहने का पहलू भी चर्चा में रहा। इस तरह नदी संरक्षण के संदेश के साथ कार्यक्रम में अधिकारियों के आचरण को लेकर भी लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ।



Source link

ठंड आते ही बाजार में छा जाता है ये खट्टू फल, स्ट्रॉबेरी जैसा अंदाज, जानें रेट

0


Last Updated:

छतरपुर जिले में ठंड के मौसम में खट्टू फल बाजार में आ गया है. यह दिखने में स्ट्रॉबेरी जैसा लाल और स्वाद में खट्टा होता है, जिसकी कीमत फिलहाल 80 रुपये प्रति किलो है. इस फल का उपयोग चटनी बनाने में होता है.

Top Deals Inside

Khatoo Fruit. मप्र के छतरपुर जिले में ठंड मौसम में बाजारों में एक ऐसा भी फल देखने को मिलता है जिससे क्षेत्रीय भाषा में खट्टू फल कहा जाता है. ये दिखने में लाल रंग का होता है और स्वाद में खट्टा होता है. इसके छिलकों को सूखा भी खाया जाता है. साथ ही ठंड सीजन में इसकी चटनी भी बनाई जाती है. जिसे हर कोई खाना पसंद करते हैं. फिलहाल बाजार में इसका भाव 80 रुपए किलो है.

छतरपुर के हाट बाजार में सब्जी बेच रहे दुकानदार धनीराम बताते हैं कि छतरपुर जिले में ठंड मौसम में एक ऐसा फल आता है जिसे खट्टू फल कहा जाता है. इसे क्षेत्रीय भाषा में छिटकना (चिकना) भेड़ा भी कहा जाता है. इसे अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है. ये स्वाद में खट्टा होता है इसलिए इसे खट्टू फल भी कहा जाता है.

दिखने में स्ट्रॉबेरी जैसा
दादा बताते हैं कि ये फल दिखने में लाल रंग का स्ट्रॉबेरी जैसा दिखता है. स्ट्रॉबेरी जैसा खट्टा भी होता है लेकिन इसके खाने का तरीका अलग होता है. इसे खाने के लिए सबसे पहले इसे छीला जाता है. फिर इसके छिलकों को ही खाया जाता है. लेकिन इसके बीज को नहीं खाया जाता है. अगर आप इसका पेड़ तैयार करना चाहते हैं तो इसके बीज को घर में रख सकते हैं.

चटनी के लिए फेमस
दादा बताते हैं कि ठंड सीजन में तरह-तरह की चटनी खाई जाती हैं. इस खट्टू फल की भी चटनी खाई जाती है. इसकी चटनी में खटास होता है. जैसे कवीट यानी कैथा की चटनी में खटास होता है वैसे ही इसकी चटनी भी खट्टी होती है. इसकी चटनी तैयार करने के लिए हरी मिर्च, हरा धनिया और नमक मिलाकर खट्टू फल के साथ सिलबट्टे में पीस लेना है. इस तरह खट्टू फल की स्वादिष्ठ चटनी तैयार कर लेना है. इसे आप रोटी के साथ खा सकते हैं या सूखी भी खा सकते हैं. ये फल विटामिन सी का भंडार है.

80 रुपए किलो कीमत
दुकानदार बताते हैं कि इसका पेड़ होता है. हमारे यहां पेड़ लगा है. हमारे पेड़ में ये फल सीजन में सबसे पहले आ जाते हैं. अभी इसकी डिमांड ठंड भर रहेगी. अभी इसकी आवक शुरू हुई है. इसलिए बाजार में इसका भाव 80 रुपए किलो है. हालांकि, आगे आवक बढ़ेगी तो इसका भाव 40 रुपए किलो हो जाएगा.

About the Author

authorimg

Mohd Majid

With more than 6 years of experience in journalism, I have been associated with Network18 since 2023. Currently, I am working as a Content Editor at News 18. I primarily cover Madhya Pradesh, Chhattisgarh hard …

और पढ़ें



Source link

अमेरिका ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर प्रतिबंध लगाए: रुबियो बोले- कोर्ट धमकी देना बंद करे, वरना खत्म कर देंगे; नेतन्याहू के खिलाफ अरेस्ट वारंट से नाराज




अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि कोर्ट अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई करना बंद करे, वरना अमेरिका उसे खत्म करने की कोशिश करेगा। अमेरिका कोर्ट से इसलिए भी नाराज है, क्योंकि उसने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत कई इजराइली अधिकारियों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि कोर्ट अमेरिकी और इजराइली नागरिकों को गलत तरीके से निशाना बना रहा है। कोर्ट बोला- प्रतिबंधों से काम नहीं रुकेगा ICC की डिप्टी प्रॉसिक्यूटर नजहत शमीम खान ने अमेरिकी प्रतिबंधों की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और एक स्वतंत्र अदालत के काम को कमजोर करने की कोशिश है। खान ने साफ किया कि प्रतिबंधों के बावजूद कोर्ट अपनी जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रखेगा। नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट क्यों जारी हुआ ICC ने 21 नवंबर 2024 को नेतन्याहू के खिलाफ गाजा में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। अदालत के मुताबिक, गाजा के आम लोगों को खाने, पानी और दूसरी जरूरी चीजों से वंचित रखा गया, जिससे वहां गंभीर संकट पैदा हुआ। ICC ने माना कि हमास के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के दौरान गाजा के आम लोगों को बचाने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए गए। इसी मामले में इजराइल के पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इजराइल ने इन आरोपों को खारिज किया था। उसका कहना था कि ICC को इस मामले में कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है। नोबेल पुरस्कार के कुछ घंटे बाद प्रतिबंध रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने ये प्रतिबंध ऐसे समय लगाए, जब कुछ ही घंटे पहले दक्षिण अफ्रीका की पूर्व न्यायाधीश नवी पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई थी। भारतवंशी पिल्लै 2003 से 2008 तक ICC की अपील चैंबर में जज रही थीं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय के क्षेत्र में काम के लिए यह सम्मान दिया गया। उन्होंने इराक और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों की कार्रवाई से जुड़े संभावित मामलों की जांच में भी भूमिका निभाई थी। हालांकि, अमेरिका ने प्रतिबंध लगाने की योजना नोबेल पुरस्कार की घोषणा से काफी पहले बना ली थी। अमेरिकी कंपनियों पर भी पड़ सकता है असर अमेरिकी प्रतिबंधों का असर उन कंपनियों पर भी पड़ सकता है, जो ICC को सेवाएं देती हैं। अमेरिकी कंपनियों को कोर्ट के साथ कारोबार करने से रोका जा सकता है। इससे उसकी बैंकिंग, बीमा और सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रतिबंधों की आशंका को देखते हुए ICC ने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर की जगह दूसरे विकल्प अपनाने और बैंकिंग व स्वास्थ्य बीमा के लिए नए इंतजाम करने शुरू कर दिए थे। अमेरिका ने सहयोगी देशों से भी दबाव बनाने को कहा रुबियो ने कहा कि अमेरिका ने ICC और उसके सदस्य देशों को अपनी चिंताओं का समाधान करने का मौका दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों से भी कोर्ट पर लगाम लगाने को कहा। रुबियो के मुताबिक, प्रतिबंधों के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखा गया है। अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो अमेरिका आगे और कदम उठा सकता है। क्या है इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट की स्थापना 2002 में हुई थी। यह युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ गंभीर अपराध और नरसंहार जैसे मामलों की सुनवाई करता है। इसके 125 सदस्य देश हैं। यूरोपीय संघ के सभी देश इसके सदस्य हैं, लेकिन अमेरिका खुद इस कोर्ट का सदस्य नहीं है। ————————– ये खबर भी पढ़े़ं… वेंस बोले-वीजा लेकर अमेरिका में काम करने वाले बंधुआ मजदूर:भारत का जवाब- अमेरिकी अर्थव्यवस्था यही संभाल रहे; H-1B वीजा लेने वालों मे 71% भारतीय अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने H-1B वीजा पर अमेरिका में काम करने वाले विदेशी कर्मचारियों को ‘बंधुआ मजदूर’ बताया है। उन्होंने यह बयान गुरुवार को 8 IT कंपनियों को ग्रीन कार्ड से जुड़े PERM प्रोग्राम से सस्पेंड किए जाने पर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…



Source link

निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण में लापरवाही, एजेंसियों को नोटिस: सर्दियों में प्रदूषण रोकने के लिए डीपीसीसी के नियमित और औचक निरीक्षण – New Delhi News




दिल्ली में सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने निर्माण स्थलों पर निगरानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदूषण रोकने के उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न एजेंसियों के कामकाज की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं का नियमित और औचक निरीक्षण कर रही है। जांच के दौरान धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों का पालन नहीं मिलने पर संबंधित परियोजना एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन एजेंसियों की परियोजनाओं में मिलीं कमियां
डीपीसीसी के निरीक्षण में दिल्ली जल बोर्ड, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, दिल्ली मेट्रो रेल निगम और नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़ी कुछ परियोजनाओं में धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों के पालन में कमियां मिलीं। समिति निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लगातार निगरानी कर रही है। निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन की जांच की जाती है। जहां भी लापरवाही मिलती है, वहां संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। नियमों के पालन में किसी को छूट नहीं
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की रणनीति रोकथाम, नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई पर आधारित है। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डीपीसीसी के फील्ड निरीक्षण का उद्देश्य सभी परियोजनाओं में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिन स्थलों पर नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। दिल्ली की हवा और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। पर्यावरणीय नियमों के पालन और जवाबदेही के मामले में किसी भी एजेंसी को विशेष छूट नहीं दी जाएगी।



Source link