राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में गोचर भूमि के संरक्षण से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान शहर के पर्यावरण को लेकर कोर्ट ने चिंता जताई। खोखरिया के पास गोचर भूमि पर एसटीपी प्लांट से जुड़े एक मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण और हरियाली का संरक्षण भी जरूरी है। कोर्ट की अपील के बाद याचिकाकर्ता पक्ष ने जोधपुर को हरा-भरा बनाने के लिए 100 पौधे लगाने का प्रस्ताव रखा। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस संदीप शाह की खंडपीठ के सामने बुधवार को ओमाराम चौधरी बनाम राजस्थान सरकार मामले की सुनवाई हुई। विकास के नाम पर बढ़ते कंक्रीट के जंगल पर चिंता जताई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शहर में विकास के नाम पर बढ़ते कंक्रीट के जंगल पर चिंता जताई। कोर्ट ने कहा- जोधपुर को हरा-भरा बनाए रखने के लिए सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि कानूनी बिरादरी को भी पर्यावरण संरक्षण में आगे आना चाहिए। इस पर याचिकाकर्ता के वकील मुक्तेश माहेश्वरी ने कोर्ट को बताया कि अगर प्रशासन पौधरोपण के लिए सही जगह देता है तो याचिकाकर्ता और वकील की ओर से 50-50 पौधे लगाए जाएंगे। इस तरह कुल 100 पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया। साथ ही पौधरोपण की तस्वीरें और रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करने का भरोसा दिया गया। कोर्ट ने इस पहल की तारीफ करते हुए राज्य सरकार के वकील को पौधरोपण के लिए सही जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राज्य की ओर से निर्देश लेने के लिए समय मांगा गया, जिसे कोर्ट ने मान लिया। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।
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शहर के पर्यावरण को लेकर कोर्ट ने जताई चिंता: कोर्ट ने कहा- विकास के साथ पर्यावरण-हरियाली का संरक्षण जरूरी; जनहित याचिका पर हुई सुनवाई – Jodhpur News
निशातगंज में गणेश उत्सव का समापन: नृत्यांजलि फाइनल बना कार्यक्रम का आकर्षण, गुरुवार को निकलेगी विसर्जन यात्रा – Lucknow News
लखनऊ में पेपर मिल कॉलोनी, निशातगंज स्थित ‘लखनऊ के महाराजा’ गणेश उत्सव 2026 का बुधवार को विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हुआ। अक्षय समिति की ओर से आयोजित उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के दर्शन और आरती में भाग लिया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘नृत्यांजलि सीजन-2’ का सीनियर कैटेगरी फाइनल राउंड रहा। प्रतियोगिता का निर्णयन सुरभि सिंह और माही मल्कानी ने किया। गुरुवार को दोपहर 3 बजे से पेपर मिल कॉलोनी से झूलेलाल पार्क तक विसर्जन यात्रा निकलेगी। यात्रा में 40 ढोल वादक शामिल होंगे। विशाल प्रतिमा के लिए 20 फीट लंबी गाड़ी की व्यवस्था की गई है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नेचर-फ्रेंडली प्रतिमा का विसर्जन झूलेलाल पार्क के विशेष जल-कुंड में किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यात्रा में क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल होंगे। समिति ने श्रद्धालुओं से यात्रा में शामिल होने की अपील की है।
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जिस बंगले के बाहर लगाई रेहड़ी, आज उसी के मालिक हैं अनिलभाई
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Anilbhai success story : अनिलभाई आज करोड़ों रुपये के बंगल के मालिक हैं. इस बंगले के बाहर वे अपनी रेहड़ी 1997 से लगा रहे हैं. कभी उनका परिवार एक मंदिर के पास स्थित बॉम्बे कैंटीन में काम करता था. वहां वे कभी-कभी मंदिर में आने वाले लोगों के जूते-चप्पल की देखभाल भी करते थे.
आज भी अनिल वडा पाव का बिजनेस करते हैं. ( Photo : therealharryuppal/Instagram)
नई दिल्ली. अगर इरादे फौलादी हों और पसीने में सच्चाई, तो वक्त को झुकना ही पड़ता है. गुजरात के सूरत के अनिलभाई की कहानी इस बात का जीता-जागता सबूत है. जिस सफेद आलीशान बंगले के बाहर वे सालों तक सड़क किनारे वड़ा पाव की रेहड़ी लगाते रहे, आज उसी भव्य बंगले की नेमप्लेट पर उनका नाम लिखा है. अनिलभाई ने काम आज भी नहीं छोड़ा है और आज भी वडा पाव बेचने का उनका ठिकाना उसी बंगले के बाहर ही है. अनिलभाई वर्ष 1997 से वड़ा पाव बेच रहे हैं. उस समय एक वड़ा पाव की कीमत सिर्फ 2.50 रुपये थी.
अनिलभाई अपनी इस कामयाबी का सेहरा अनिलभाई खुद नहीं बांधते. वह हाथ जोड़कर सारा श्रेय अपनी मां के संघर्ष और मां अंबा के आशीर्वाद को देते हैं. उनका कहना है, “यह बंगला मेरा सपना नहीं था, यह मेरी मां और भाई का सपना था. मेरी मां के हाथों में जादू है, मसाले की जो खास रेसिपी है, वह आज भी वही तैयार करती हैं. हम तो सिर्फ उसे बनाकर बेचते हैं.” मक्खन से सिका ताजा पाव, तीखी हरी और लाल चटनी, कुरकुरा वड़ा और साथ में तली हुई हरी मिर्च. इसी देसी स्वाद ने सूरतवासियों को उनका मुरीद बना दिया.
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बैतूल में आरपीएफ पोस्ट पर दो महिलाओं का हंगामा: स्टाफ को धमकाने का आरोप, भीख मांगने की शिकायतों पर निगरानी बढ़ी; रेलवे एक्ट में केस दर्ज – Betul News
बैतूल रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में भीख मांगने और यात्रियों से कथित गलत व्यवहार की शिकायतों के बाद RPF ने निगरानी बढ़ाई है। इसी बीच बुधवार को RPF पोस्ट के सामने दो महिलाओं के हंगामा करने का मामला सामने आया। RPF के मुताबिक, दोनों ने स्टाफ को धमकाया और कार्रवाई का विरोध करते हुए शिकायत करने की बात कही। दोनों के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। RPF निरीक्षक ने 23 सितंबर को गंज थाना प्रभारी को पत्र भेजा था। इसमें बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से ट्रेनों में महिलाओं के भीख मांगने, यात्रियों से कथित गलत व्यवहार और अपराध में शामिल होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद RPF पोस्ट के स्टाफ को स्टेशन परिसर में बिना अनुमति प्रवेश करने वालों पर नजर रखने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। स्टाफ को भी धमकाने का आरोप RPF के पत्र के अनुसार, बुधवार को पारदी ढाना निवासी 33 वर्षीय दो महिलाएं RPF पोस्ट के सामने पहुंचीं। आरोप है कि दोनों जोर-जोर से शोर करते हुए हंगामा करने लगीं। RPF के मुताबिक, महिलाओं ने स्टाफ से कहा कि उनके पास काम-धंधा नहीं है, इसलिए उन्हें भीख मांगने दिया जाए। RPF का कहना है कि महिलाओं ने ऐसा नहीं करने पर मीडिया में RPF के खिलाफ बयान देने और पुलिस थाने में शिकायत करने की बात भी कही। पुराने मामलों की जानकारी मांगी RPF ने दोनों महिलाओं के संबंध में गंज थाना पुलिस को पत्र भेजकर उनके पुराने मामलों और दर्ज केस की जानकारी मांगी है। RPF के अनुसार, यह जानकारी भविष्य में उनके या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से RPF पोस्ट अथवा स्टाफ के खिलाफ शिकायत आने की स्थिति में पुलिस के सामने संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए मांगी गई है। बताया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले दोनों में से एक महिला एसपी कार्यालय की छत पर चढ़कर हंगामा कर चुकी है और नीचे कूदने की धमकी देने के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित उतारा था। महिलाओं के खिलाफ गंज थाने में एक और कोतवाली थाने में तीन प्रकरण पहले से दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
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’10KM नाव चलाकर बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे खेसारी’: हरदासपुर में 1000 परिवारों को बांटी राहत सामग्री, कहा-‘समाजसेवा में मिलता है सुकून’ – Hajipur (Vaishali) News
वैशाली के धर्मपुर इलाके में बुधवार को भोजपुरी सुपरस्टार और राजद नेता खेसारी लाल यादव बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे। भारी बारिश के बीच करीब 10 किलोमीटर नाव से सफर कर वे हरदासपुर दियारा पहुंचे। यहां उन्होंने 1000 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री के पैकेट बांटे और लोगों से मिलकर उनकी परेशानियां जानीं। बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचने के लिए खेसारी लाल यादव ने करीब 10 किलोमीटर नाव से यात्रा की। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। धर्मपुर राम राय पंचायत के पूर्व मुखिया प्रवीण यादव के नेतृत्व में उनका स्वागत किया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 1000 से ज्यादा परिवारों को राहत हरदासपुर दियारा में खेसारी लाल यादव ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने लोगों से बातचीत कर बाढ़ के कारण हो रही परेशानियों की जानकारी ली और हरसंभव मदद का भरोसा दिया। भगवान ने सेवा करने लायक बनाया खेसारी लाल यादव ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के साथ अब वे अपना जीवन समाजसेवा में भी बिताना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा करने से उन्हें काफी सुकून मिलता है। उनका मानना है कि भगवान ने उन्हें लोगों की सेवा करने लायक बनाया है। बाढ़ पीड़ितों की मदद का लिया फैसला उन्होंने कहा कि बिहार में आई बाढ़ की आपदा को देखते हुए उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद करने का फैसला लिया। इसी के तहत वे खुद बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे और लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। हरदासपुर पंचायत को गोद लेने का ऐलान खेसारी लाल यादव ने हरदासपुर पंचायत को गोद लेने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय लोग जमीन उपलब्ध कराते हैं, तो इलाके में अस्पताल और बच्चों के लिए स्कूल खुलवाने की कोशिश करेंगे। अस्पताल और स्कूल खुलवाने की कही बात उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि इलाके के बच्चे बेहतर शिक्षा हासिल करें और आगे चलकर देश के काम आएं। अस्पताल और स्कूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात भी उन्होंने कही। खेसारी लाल यादव को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग कई घंटे तक जमा रहे। करीब पांच घंटे तक लोगों की भीड़ के कारण इलाके में आवागमन प्रभावित रहा और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। कई स्थानीय नेता रहे मौजूद कार्यक्रम में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री रामसूरत राय के बेटे सुभाष राय, हरदासपुर पंचायत के मुखिया अरविंद यादव, धर्मपुर रामराय पंचायत के पूर्व मुखिया प्रवीण राय, धर्मवीर राय समेत कई लोग मौजूद रहे।
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महिलाओं-ट्रांसजेंडर्स को मिलेंगे 1,300 गुलाबी ई-ऑटो: कैबिनेट ने ‘दुर्गा’ योजना को दी मंजूरी; स्वरोजगार के साथ सुरक्षित और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने का लक्ष्य – New Delhi News
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स के लिए ‘अपलिफ्टमेंट एंड रोजगार फॉर वूमेन/ट्रांसजेंडर ग्रीन ई-ऑटो’ यानी ‘दुर्गा’ योजना को मंजूरी दी गई। योजना के पहले चरण में 1,300 गुलाबी इलेक्ट्रिक ऑटो उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को इलेक्ट्रिक ऑटो का मालिक और चालक बनने का अवसर मिलेगा। इसका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के साथ परिवहन क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। योजना के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की परिवहन क्षेत्र में भागीदारी, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और स्वच्छ व टिकाऊ शहरी परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार के अनुसार, महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ सुरक्षित परिवहन से जोड़ना योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
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बची रोटी से बनाएं राजस्थानी डिश खड़बड़िया, दही-छाछ और मसालों से बढ़ेगा स्वाद
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Healthy Leftover Roti Recipe: अगर घर में रोटी बच गई है तो उसे फेंकने की बजाय स्वादिष्ट राजस्थानी खड़बड़िया बनाई जा सकती है. यह देसी डिश बची रोटी के साथ दही, छाछ और मसालों से तैयार की जाती है. सही तरीके से पकाने पर इसमें खास राजस्थानी स्वाद आता है. कम सामग्री और आसान तरीके से बनने वाली यह रेसिपी नाश्ते या खाने में परोसी जा सकती है और बची रोटी का भी स्वादिष्ट इस्तेमाल हो जाता है.
भीलवाड़ा: घर में रात की बची हुई रोटियों को अक्सर लोग दोबारा खाने के बजाय फेंक देते हैं. लेकिन राजस्थान के कई घरों में इन्हीं बची रोटियों से टेस्टी और पारंपरिक नाश्ता तैयार किया जाता है. ऐसी ही एक देसी डिश है खड़बड़िया जिसे कम समय और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से आसानी से बनाया जा सकता है. दही या छाछ के साथ तैयार होने वाली यह डिश स्वादिष्ट होने के साथ भोजन की बर्बादी रोकने का भी अच्छा तरीका है.
भीलवाड़ा की पूजा कुमारी सांखला ने बताया कि पुराने समय में गांव गोठ में ऐसा हुआ करता था कि जब किसान खेत पर जाते थे. तब रात की पड़ी सूखी रोटियां को छाछ में डूबा कर चले जाते थे और जब काम करके वापस आते थे. तब इसमें घर के आसान मसाले और सब्जी मिलकर यह देसी डिश और भी ज्यादा स्वादिष्ट हो जाती थी. खड़बड़िया बनाने के लिए सबसे पहले बची हुई रोटियों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लिया जाता है। इसके बाद एक बर्तन में दही या छाछ लिया जाता है. इसमें रोटी के टुकड़े डालकर अच्छी तरह मिला दिया जाता है. रोटी को दही या छाछ में कुछ देर रखने से वह नरम हो जाती है और इसका स्वाद भी बढ़ जाता है। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च और स्वाद के अनुसार नमक मिलाया जाता है. घर में उपलब्ध मसालों के हिसाब से इसमें लाल मिर्च, जीरा, धनिया पाउडर या अन्य मसाले भी डाले जा सकते हैं. कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए ऊपर से हरा धनिया भी डालते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद खड़बड़िया तैयार हो जाती है.
कम सामग्री में तैयार होता है नाश्ता
पूजा कुमारी सांखला ने बताया कि खड़बड़िया की खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए किसी विशेष सामग्री की जरूरत नहीं होती. बची हुई रोटी, दही या छाछ, प्याज, हरी मिर्च और कुछ सामान्य मसालों से यह नाश्ता तैयार किया जा सकता है. यही वजह है कि ग्रामीण और घरेलू रसोई में ऐसी पारंपरिक रेसिपी आज भी उपयोगी मानी जाती हैं. सुबह के समय जब जल्दी नाश्ता तैयार करना हो तब भी खड़बड़िया एक आसान विकल्प हो सकती है. इसे अपनी पसंद के अनुसार थोड़ा गाढ़ा या पतला रखा जा सकता है. छाछ के साथ बनाई गई खड़बड़िया हल्की और देसी स्वाद वाली डिश के रूप में परोसी जा सकती है.
बची रोटी का बेहतर इस्तेमाल
आज के समय में भोजन की बर्बादी रोकना भी जरूरी है. ऐसे में बची हुई रोटी को फेंकने के बजाय उससे नई डिश तैयार करना घर के बजट और भोजन दोनों के लिहाज से उपयोगी है. खड़बड़िया इसी घरेलू सोच और राजस्थान की पारंपरिक रसोई की सादगी को दिखाती है. मेवाड़ के अलग-अलग इलाकों और परिवारों में इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है. कोई इसमें ज्यादा दही डालता है तो कोई छाछ का इस्तेमाल करता है. मसालों और सब्जियों में भी स्थानीय स्वाद के अनुसार बदलाव किया जा सकता है. यही स्थानीय अंदाज खड़बड़िया को एक ऐसी देसी डिश बनाता है, जिसे घर की उपलब्ध सामग्री के अनुसार आसानी से तैयार किया जा सकता है.
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मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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उदयपुर-सूरत वंदे भारत 3 अक्टूबर से नियमित चलेगी: लेकसिटी में होगा 2 अक्टूबर को होगा स्वागत; जानें ट्रेन का पूरा शेड्यूल – Udaipur News
उदयपुर से सूरत तक वंदे भारत एक्सप्रेस 3 अक्टूबर से नियमित चलेगी। उदयपुर-असारवा वंदे भारत एक्सप्रेस को सूरत तक चलाने की घोषणा के बाद इसे निरस्त कर दिया गया था। इस पर उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत के प्रयास से रेल मंत्रालय ने 3 अक्टूबर से यह रेल सूरत तक चलाने की घोषणा कर दी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने बताया- 2 अक्टूबर को शाम साढे़ पांच बजे वंदे भारत एक्सप्रेस सूरत से उदयपुर पहुंचेगी। इसके बाद यहीं पर इसका ठहराव रहेगा। इसके बाद अगले दिन घोषित समय के अनुसार यह उदयपुर से सूरत के लिए रवाना होगी। उन्होंने बताया कि उदयपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस के आगमन पर स्वागत किया जाएगा। इस दौरान रेलवे के कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। सप्ताह में 6 दिन चलेगी यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के 6 दिन उदयपुर से सूरत तक संचालित होगी। इस ट्रेन से मेवाड़ के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने के साथ ही दक्षिण भारत से रेल कनेक्टिविटी के नए रास्ते भी खुलेंगे। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने वंदे भारत एक्सप्रेस के सूरत तक विस्तार के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि मेवाड़ के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। उदयपुर से सूरत तक वंदे भारत के संचालन से व्यापार, रोजगार और आवागमन के क्षेत्र में मेवाड़ को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा। उदयपुर से रात 11 बजे पहुंचेगी सूरत सांसद रावत के अनुसार- नई समय सारणी के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस उदयपुर से दोपहर 3 बजकर 35 मिनट पर रवाना होगी। ट्रेन 4:03 बजे जावर, 4:50 बजे डूंगरपुर, 5:27 बजे शामलाजी रोड, 6:18 बजे हिम्मतनगर और 7:25 बजे असारवा पहुंचेगी। इसके बाद ट्रेन 8:58 बजे मणिनगर, 9:50 बजे आणंद, 10:22 बजे भरूच होते हुए रात 11 बजे सूरत पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन सूरत से सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर रवाना होकर दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर उदयपुर पहुंचेगी। दक्षिण भारत की ट्रेनों से जुड़ाव होगा आसान वंदे भारत के सूरत तक विस्तार का सबसे बड़ा लाभ मेवाड़ के उन हजारों लोगों को मिलेगा, जो व्यापार और रोजगार के सिलसिले में सूरत के साथ-साथ दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों में रहते हैं। वर्तमान में उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों से सूरत पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों को बस से सफर करना पड़ता है। इसके बाद सूरत से आगे ट्रेन से यात्रा करनी पड़ती है।
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Xiaomi ने लॉन्च किया दो स्क्रीन वाला फ्लैगशिप फोन, प्राइवेसी डिस्प्ले समेत मिलेंगे तगड़े फीचर्स
Highlights
- Xiaomi 18 Pro, Xiaomi 18 Pro Max चीन में लॉन्च हो गए हैं।
- Xiaomi के ये दोनों फोन 200MP के दो कैमरे के साथ आते हैं।
- साथ ही, इनमें तगड़ी बैटरी और दो डिस्पले भी मिलेगा।
Xiaomi ने अपनी नई फ्लैगशिप सीरीज लॉन्च कर दी है। चीनी कंपनी की यह नई फ्लैगशिप सीरीज पिछले साल आई Xiaomi 17 Pro सीरीज की अपग्रेड है। इस सीरीज में कंपनी ने Qualcomm का लेटेस्ट Snapdragon 8 Elite Gen 6 सीरीज चिपसेट यूज किया है, जो 2nm टेक्नोलॉजी पर काम करता है। इस सीरीज में दमदार चिपसेट के साथ ही कई तगड़े फीचर्स दिए गए हैं। फोन के बैक में भी एक स्क्रीन दी गई है।
कितनी है कीमत?
Xiaomi 18 Pro को चार स्टोरेज वेरिएंट्स में पेश किया गया है। वहीं, कंपनी ने इसका स्पेशल ट्रांसपैरेंट एडिशन भी पेश किया है, जो 16GB RAM + 1TB स्टोरेज में आता है। इस फोन की शुरुआती 12GB RAM + 256GB वाले वेरिएंट कीमत CNY 5999 (लगभग 86,000 रुपये) है। वहीं, इसके 12GB RAM + 512GB, 16GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 1TB वाले मॉडल की कीमत क्रमशः CNY 6999 (लगभग 1,00,000 रुपये), CNY 7999 (लगभग 1,14,000 रुपये) और CNY 8999 (लगभग 1,29,000 रुपये) है। वहीं, इसके ट्रांसपैरेंट मॉडल की कीमत CNY 9999 (लगभग 1,43,000 रुपये) है।
| Xiaomi 18 Pro | कीमत | भारतीय कीमत |
| 12GB RAM + 256GB | CNY 5999 | लगभग 86,000 रुपये |
| 12GB RAM + 512GB | CNY 6999 | लगभग 1,00,000 रुपये |
| 16GB RAM + 512GB | CNY 7999 | लगभग 1,14,000 रुपये |
| 16GB RAM + 1TB | CNY 8999 | लगभग 1,29,000 रुपये |
| Transparent (16GB RAM + 1TB) | CNY 9999 | लगभग 1,43,000 रुपये |
Xiaomi 18 Pro Max भी चार स्टोरेज वेरिएंट्स में आता है। इस फोन की शुरुआती 12GB RAM + 256GB वाले वेरिएंट कीमत CNY 6999 (लगभग 1,00,000 रुपये) है। वहीं, इसके 12GB RAM + 512GB, 16GB RAM + 512GB और 16GB RAM + 1TB वाले मॉडल की कीमत क्रमशः , CNY 7999 (लगभग 1,14,000 रुपये), CNY 8999 (लगभग 1,29,000 रुपये) और CNY 9999 (लगभग 1,43,000 रुपये) है। वहीं, इसके ट्रांसपैरेंट मॉडल की कीमत CNY 10999 (लगभग 1,57,000 रुपये) है।
| Xiaomi 18 Pro Max | कीमत | भारतीय कीमत |
| 12GB RAM + 256GB | CNY 6999 | लगभग 1,00,000 रुपये |
| 12GB RAM + 512GB | CNY 7999 | लगभग 1,14,000 रुपये |
| 16GB RAM + 512GB | CNY 8999 | लगभग 1,29,000 रुपये |
| 16GB RAM + 1TB | CNY 9999 | लगभग 1,43,000 रुपये |
| Transparent (16GB RAM + 1TB) | CNY 10999 | लगभग 1,57,000 रुपये |
ये दोनों फोन 30 सितंबर से चीन में सेल के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। ये दोनों फोन Black, Ice Peach Pink, Starry Blue और White कलर में पेश किए गए हैं। कंपनी ने कंफर्म किया है कि जल्द ही ये दोनों फोन ग्लोबली भी पेश किए जाएंगे।
Xiaomi 18 Pro, Xiaomi 18 Pro Max के फीचर्स
Xiaomi के ये दोनों फ्लैगशिप फोन लगभग एक जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। इस सीरीज के Pro मॉडल में 6.4 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 4000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। वहीं, Pro Max मॉडल में 6.9 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले दिया गया है। इसका डिस्प्ले भी 120Hz रिफ्रेश रेट और 4000 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है। इन दोनों फोन के बैक में क्रमशः 2.7 इंच और 2.9 इंच का सेकेंडरी AMOLED डिस्प्ले दिया गया है।
| Xiaomi 18 Pro | Xiaomi 18 Pro Max | |
| मेन डिस्प्ले | 6.4 इंच, AMOLED, 120Hz | 6.9 इंच, AMOLED, 120Hz |
| बैक डिस्प्ले | 2.7 इंच AMOLED | 2.9 इंच AMOLED |
| प्रोसेसर | Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 6 | Qualcomm Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 |
| स्टोरेज | 16GB + 1TB | 16GB, 1TB |
| कैमरा | 200MP + 200MP + 50MP, 50MP | 200MP + 200MP + 50MP, 50MP |
| बैटरी | 7000mAh, 100W, 50W | 8000mAh, 100W, 50W |
| OS | Android 17, HyperOS 4 | Android 17, HyperOS 4 |
Xiaomi 18 Pro में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Gen 6 चिपसेट मिलता है। वहीं, Pro Max मॉडल में Qualcomm Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 चिपसेट दिया गया है। दोनों ही फोन 16GB रैम और 1TB स्टोरेज सपोर्ट के साथ आते हैं। ये Android 17 पर बेस्ड HyperOS 4 के साथ आते हैं। इनमें डुअल 5G सिम कार्ड का सपोर्ट दिया गया है। साथ ही, NFC, WiFi, Bluetooth जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।
Xiaomi 18 Pro और Pro Max के बैक में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया गया है। ये दोनों फोन 200MP के मेन OIS और 200MP के पेरीस्कोप टेलीफोटो कैमरा के साथ आते हैं। साथ ही, इनमें 50MP का एक अल्ट्रावाइड कैमार दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए भी इन दोनों फोन में 50MP का कैमरा मिलेगा। इस सीरीज के प्रो मॉडल में 7000mAhकी बैटरी दी गई है। वहीं, Pro Max मॉडल में 8,500mAh की बैटरी मिलती है। दोनों ही फोन 100W वायर्ड और 50W वायरलेस चार्जिंग के साथ आते हैं।
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आज का एक्सप्लेनर: जिनपिंग को लेने प्रोटोकॉल तोड़ एयरपोर्ट जाएंगे ट्रम्प, 3 दिन तक स्पेशल कार्यक्रम; जानिए चीन को खुश करने में क्यों जुटा है अमेरिका
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से तीखी बहस, जापान की पीएम को नीचा दिखाना, भारत के पीएम को टैरिफ की चेतावनी… अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ज्यादातर विदेशी नेताओं के साथ अपमानजनक तरीके से पेश आते रहे। लेकिन चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग के दौरे से पहले
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जिनपिंग के लिए रेड कार्पेट कैसे बिछा रहे ट्रम्प, चीन को खुश करने के पीछे क्या कोई खास मकसद और इस दौरे का दुनिया पर असर क्या पड़ेगा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में…
सवाल-1: अमेरिका की जमीन पर जिनपिंग के स्वागत में क्या-क्या होगा?
जवाब: शी जिनपिंग 11 साल बाद अमेरिका पहुंच रहे हैं। भारतीय समय के मुताबिक 23-24 सितंबर की रात 1 बजे के बाद उनका विमान वॉशिंगटन डीसी के जॉइंट बेस एंड्रयूज पर लैंड करेगा। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक…
- राष्ट्रपति ट्रम्प प्रोटोकॉल तोड़कर जिनपिंग का स्वागत करने एयरपोर्ट जाएंगे। किसी विदेशी नेता के स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति का एयरपोर्ट जाना बेहद दुर्लभ। अगस्त 2025 में ट्रम्प ने अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन का एयरफील्ड पर स्वागत किया था। हालांकि वो न्यूट्रल वेन्यू हुई स्पेशल मीटिंग थी, कोई स्टेट विजिट नहीं।
- अगले दिन, यानी 24 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति के घर व्हाइट हाउस में जिनपिंग का स्वागत होगा। उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाएगी और अमेरिकी सेना के 479 जवान ‘प्रेसिडेंशियल सैल्यूट’ करेंगे। मरीन बैंड चीन और अमेरिका के राष्ट्रगान बजाएगा। 4 एफ-22 रैप्टर और एक बी-2 बॉम्बर जेट फ्लाईओवर करेंगे।
- 24 सितंबर की शाम जिनपिंग के लिए व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर रखा गया है। इसमें इलॉन मस्क, जेफ बेजोस, सुंदर पिचाई, टिक कुक और सैम अल्टमैन जैसे उद्योगपति भी शामिल होंगे।
- 25 सितंबर को जिनपिंग और लियुआन ट्रम्प और फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के साथ सुबह चाय पिएंगे। नेशनल आर्काइव्स घूमने जाएंगे।
- ट्रम्प और जिनपिंग की द्विपक्षीय बातचीत में तीन चीजों पर फोकस होगा- ट्रेड, टेक्नोलॉजी और ताइवान।
- 25 सितंबर की शाम तक जिनपिंग 3 दिन का दौरा पूरा करके अमेरिका से लौट जाएंगे।
मई 2026 में ट्रम्प चीन दौरे पर गए थे। वहां उनके लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था। मिलिट्री बैंड और हाथों में झंडे लिए बच्चों ने उनका स्वागत किया। चीनी उप राष्ट्रपति हान झेंग ने अगवानी की थी।
सवाल-2: आखिर जिनपिंग को इतनी तवज्जो क्यों दे रहे ट्रम्प, बदले में क्या चाहिए?
जवाब: अमेरिका में दशकों पुरानी परंपरा रही है कि विदेशी नेता राष्ट्रपति से मिलने व्हाइट हाउस आते हैं, व्हाइट हाउस उनके स्वागत के लिए एयरपोर्ट नहीं जाता। ट्रम्प का प्रोटोकॉल तोड़ना सिर्फ शिष्टाचार नहीं, चीन की अहमियत का कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है।
इसकी वजह मोटे-तौर पर 4 मांगों में छिपी है…
1. चीन रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई बनाए रखे
- ट्रम्प ने पिछले साल चीन, भारत समेत 90 देशों पर टैरिफ लगाया। चीन ने भी अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाए। दोनों के बीच ‘टैरिफ वॉर’ छिड़ गई। कारोबार पर असर पड़ा ही, जरूरी चीजों की सप्लाई भी ठप पड़ने लगी।
- अक्टूबर 2025 में दक्षिण कोरिया के बुसान में ट्रम्प और जिनपिंग की मुलाकात में ‘ट्रेड ट्रूस’, यानी टैरिफ वॉर पर सीजफायर हुआ। कृषि उत्पाद, क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी वगैरह पर अस्थायी समझौते हो गए।
- इसी के तहत चीन ने रेयर अर्थ मिनरल्स के एक्सपोर्ट कंट्रोल एक साल के लिए टाले थे, जो 10 नवंबर को खत्म हो रहे हैं। ट्रम्प चाहते हैं कि रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई बरकरार रहे।
- अमेरिका विदेशों से जितना रेयर अर्थ मिनरल्स खरीदता है, उसमें 70% हिस्सा चीन से आता है। अगर चीन ने सप्लाई रोकी, तो अमेरिकी कारों, हथियार, एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स का प्रोडक्शन बहुत धीमा पड़ जाएगा।

बुसान एग्रीमेंट के तहत अमेरिका ने चीन से होने वाले आयात पर औसत टैरिफ 57% से घटाकर 47% कर दिया था। एक साल के लिए नए टैरिफ को रोक दिया था। तस्वीर उसी बैठक की है।
2. चाकू, बेलन, नोटबुक का कारोबार टैरिफ-फ्री हो
- मई 2026 में बीजिंग समिट के दौरान ‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ नाम का एक सिस्टम बनाने की चर्चा हुई थी। इसमें ’30 फॉर 30′ फ्रेमवर्क पर सहमति बनी।
- दोनों देश एक-दूसरे के करीब 30 अरब डॉलर के गैर-संवेदनशील और गैर-रणनीतिक सामानों जैसे- जूते, कपड़े, रसोई के सामान, कृषि उत्पाद वगैरह पर टैरिफ में छूट देंगे।
- अमेरिका चाहता है कि यह छूट चाकू, बेलन, नोटबुक, बोर्ड गेम्स जैसे लो-टेक कंज्यूमर प्रोडक्ट्स तक सीमित रहे। जबकि चीन चाहता है कि इसमें सेमीकंडक्टर, टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर वगैरह भी शामिल हों।
3. बड़ी डील की घोषणा, जिससे मिड-टर्म चुनावों में माहौल बने
- मई में ट्रम्प के बीजिंग दौरे के बाद व्हाइट हाउस ने बताया कि 200 बोइंग एयरक्राफ्ट, सोयाबीन पर डील के अलावा 2026-28 तक चीन हर साल अमेरिका से 17 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद खरीदेगा।
- तब चीन की कॉमर्स मिनिस्ट्री ने न तो रकम की पुष्टि की, न सोयाबीन का नाम लिया। सिर्फ कृषि व्यापार बढ़ाने और एयरक्राफ्ट डील की बात कही। यानी यह सब अमेरिकी दावे पर टिका है।
- ट्रम्प चाहते हैं कि ये डील हो या पॉजिटिव बात बने, ताकि चीन से व्यापार घाटा कम हो और नवंबर में मिडटर्म इलेक्शन में ट्रम्प के लिए माहौल बने। पिछले साल अमेरिका को चीन से 202 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ था।

2015 में अमेरिका दौरे पर आए शी जिनपिंग ने वॉशिंगटन स्थित बोइंग की फैक्ट्री का दौरा किया था। यहां से 300 बोइंग खरीदने की डील का ऐलान किया था।
4. चीन के साथ ‘AI हॉटलाइन’ बने, ताकि ये बेलगाम न हो
- अमेरिका ने चीन के साथ एक ‘AI हॉटलाइन’ बनाने की सिफारिश की है। अगर AI टेस्टिंग और डेवलपमेंट के दौरान कोई ऐसा हादसा होता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो, तो ये देश एक-दूसरे को नोटिफिकेशन जारी कर खबर करेंगे।
- बीते दिनों एंथ्रॉपिक और OpenAI जैसी कंपनियों में AI डेवलपमेंट पर काम करने वाले कई सीनियर कर्मचारियों ने इस्तीफे दिए। उनका तर्क था कि AI डेवलपमेंट बेलगाम हो रहा है, जिससे मानवता को खतरा है। इसकी रफ्तार धीमी करनी चाहिए।
- 20 सितंबर को अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीनी वाइस प्रीमियर ही लिफेंग ने इस पर चर्चा की थी। हालांकि चीन ने अमेरिका की सिफारिश मानने का कंफर्मेशन नहीं दिया है।
अमेरिकी थिंकटैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में चीनी कारोबार के एक्सपर्ट स्कॉट कैनेडी के मुताबिक, ‘ट्रम्प प्रशासन को उम्मीद थी कि टैरिफ के एकतरफा भारी दबाव से चीन झुक जाएगा। ऐसा नहीं हुआ। चीन का निर्यात इस साल 28% बढ़ा है। इसलिए मोलभाव में शी की स्थिति ट्रम्प से मजबूत दिख रही है।’
सवाल-3: जिनपिंग अमेरिका से क्या हासिल करने की कोशिश करेंगे?
जवाब: अमेरिकी टैरिफ के बावजूद लगातार दूसरे साल चीन का ट्रेड सरप्लस 1 ट्रिलियन डॉलर पार कर सकता है। यानी चीन ने जितना सामान दूसरे देशों से खरीदा उससे कहीं ज्यादा उन्हें बेचा है। साफ है कि चीन व्यापार के लिए सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं है।
ऐसे में अमेरिकी दौरे से जिनपिंग 3 चीजें साधना चाहते हैं…
1. अमेरिका ताइवान की आजादी का विरोध करे
- जिनपिंग ने मई में ट्रम्प से साफ किया था कि अमेरिका और चीन के बीच ताइवान सबसे अहम मुद्दा है। इसे ठीक से नहीं संभाला गया, तो दोनों देशों में संघर्ष हो सकता है।
- जिनपिंग की कम्युनिस्ट पार्टी ‘वन चाइना पॉलिसी’ के तहत ताइवान को चीन का हिस्सा मानती है, लेकिन ताइवान खुद को आजाद देश। अमेरिका के ताइवान के साथ कोई कूटनीतिक रिश्ते नहीं हैं, लेकिन वो ताइवान को उसकी रक्षा के लिए मॉडर्न हथियार बेचता आया है।
- मई में शी से मिलने से पहले ट्रम्प ने ताइवान के साथ 14 बिलियन डॉलर की हथियार डील टाल दी थी। शी इस डील को और आगे बढ़ाना चाहते हैं। वो चाहते हैं कि ट्रम्प कहें कि अमेरिका ताइवान की आजादी का विरोध करता है।
- चीन की फुदान यूनिवर्सिटी में अमेरिकी स्टडीज के डायरेक्टर वू शिनबो के मुताबिक, ‘अगर अमेरिका ताइवान के मुद्दे पर चीन की चिंताओं का ध्यान रखेगा, तो चीन भी अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदने और लॉ एनफोर्समेंट जैसे मुद्दों पर अमेरिका का ध्यान रखेगा।’

अमेरिका कोल्ड वॉर के समय से ताइवान को हथियार बेच रहा है। तस्वीर 2025 में ताइवान की वार्षिक मिलिट्री एक्सरसाइज के दौरान तैनात अमेरिकी पैट्रियट एयर-डिफेंस सिस्टम की है।
2. रेयर अर्थ मिनरल्स के एवज में ज्यादा टैरिफ छूट मिले
- चीन के रेयर अर्थ मिनरल्स का इस्तेमाल गाड़ियों, कंप्यूटर चिप्स और सेमीकंडक्टर बनाने में होता है। 70% मिनरल्स की माइनिंग और 85% रिफाइनिंग चीन में होती है।
- चीन इसे अमेरिका के लिए पूरी तरह से खोलने की बजाय मोलभाव के तौर पर इस्तेमाल करेगा। इसके बदले में ट्रम्प, चीन को सेमीकंडक्टर ऑफर कर सकते हैं और रूस से तेल खरीद को नजरअंदाज कर सकते हैं। चीन भी ज्यादा चीजों पर टैरिफ छूट की मांग कर सकता है।
3. जिनपिंग का भव्य स्वागत, जिससे चीन में छवि मजबूत हो
- जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान वहां संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक बैठक भी चल रही है। जिनपिंग इस बैठक में जाने की बजाय, ट्रम्प के साथ द्विपक्षीय मीटिंग के लिए जा रहे हैं। ऐसे में ट्रम्प का भव्य स्वागत उनके कद को बढ़ाएगा।
- अगले साल चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की 5 साल में होने वाली बैठक है। इसमें जिनपिंग चौथी बार पार्टी के नेता चुने जा सकते हैं। अमेरिका में शक्ति प्रदर्शन और खुद को मजबूत दिखाकर, घर में उनकी छवि मजबूत होगी।

मई 2026 में जिनपिंग ने भी ट्रम्प का भव्य स्वागत किया था। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी भी दी गई थी।
सवाल-4: क्या इस दौरे से भारत और दुनिया पर कोई बड़ा असर पड़ेगा?
जवाब: एशियाई और यूरोपीय देशों को डर है कि अगर अमेरिका और चीन साथ आ गए तो ये वर्ल्ड ऑर्डर, यानी दुनिया के नियम खुद तय करेंगे।
AI के क्षेत्र में अमेरिका और चीन ही सबसे तेजी से काम कर रहे हैं। दोनों नेताओं की मीटिंग के बाद पूरी दुनिया में AI को नियंत्रित करने का सिस्टम तैयार हो सकता है।
ईरान जंग शुरू होने के बाद से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। अगर चीन की मध्यस्थता से अमेरिका ईरान जंग से बाहर निकल पाए और होर्मुज स्ट्रेट के कंट्रोल पर सहमति बन जाए, तो ग्लोबल ऑइल सप्लाई फिर पटरी पर आ सकती है।
अमेरिका और चीन में ट्रेड वॉर की वजह से विदेशी कंपनियों के फैक्ट्री लगाने के लिए भारत विकल्प बनकर उभरा था। अमेरिका-चीन की सुलह से भारत के हाथ से यह मौका निकल सकता है।
ब्रिगेडियर अनिल रमन (रि.) के मुताबिक, ‘एशिया-पैसेफिक क्षेत्र में चीन को मैनेज करने के लिए अमेरिका भारत से अच्छे रिश्ते बनाकर रखता था। अगर अब अमेरिका-चीन आपस में ही अपने रिश्ते संभालने लगेंगे, तो अमेरिका को भारत की जरूरत कम होगी। लेकिन अगर चीन-अमेरिका में सहमति नहीं बन पाती है, तो अमेरिका के लिए भारत की जरूरत बढ़ जाएगी।’
अमेरिका ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने वाला बिल पास हो गया है। अगर रेयर अर्थ मिनरल्स के बदले अमेरिका चीन को रूसी तेल खरीदने की ढील देता है, तो भारत पर अमेरिका को ऐसा कोई ऑफर देने का दबाव बढ़ेगा, जिससे उसे भी रियायत मिले।
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