मध्य प्रदेश में ओबीसी को 27% आरक्षण देने, 13% होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपने और पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति की रुकी हुई 14 सीटें तत्काल स्वीकृत करने की मांग को लेकर सोमवार को आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले थे। सीएम हाउस कूच के दौरान जैसे ही भीड़ ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें शुरू कर दीं और लाठीचार्ज कर दिया। इस टकराव में दामोदर यादव, अनिल गुर्जर सहित कई छात्र और युवा नेता मामूली घायल हो गए। सिंधु भवन से जा रहे थे सीएम हाउस मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रदर्शनकारी पीसीसी कार्यालय के पीछे स्थित ‘सिंधु भवन’ में जुटे, जहां सभा के बाद सीएम हाउस घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू हुआ। सिंधु भवन से निकला यह विशाल मार्च प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) होते हुए मुख्यमंत्री निवास की दिशा में आगे बढ़ा। 1250 चौराहे पर पुलिस की पहली कड़ी नाकाबंदी को तोड़ते हुए प्रदर्शनकारी आगे निकल गए। आंदोलनकारियों को सीएम हाउस पहुंचने से पहले रोकने के लिए पुलिस ने रेडक्रॉस अस्पताल के सामने मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब छात्रों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ तीखी झूमाझटकी हुई। इसी जगह पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन (पानी की बौछार) चलाई और हल्का बल प्रयोग किया। नेताओं के पुतले फूंके, बोले- 14% मंजूर नहीं, आबादी के अनुपात में 52% आरक्षण लेंगे मार्च से पहले सिंधु भवन में हुई सभा में आजाद समाज पार्टी के नेता दामोदर यादव मंडल, युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल गुर्जर, कमलेन्द्र पटेल (ओबीसी महासभा), राघवेंद्र सिंह गुर्जर (युवा नेता), कमल कुशवाहा, जय मूवमेंट ओबीसी के लखपत गुर्जर, सागर साहब, केशव यादव, अमोल रावत, अमित बंसोड़, बाबला सोनी, सोनालिका धुर्वे, मंजू दीपांकर, ज्योति पंथी, रामनिवास गुर्जर और भूपेंद्र कराड़ा सहित नेताओं ने संबोधित किया। भाषणों के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के पुतले जलाए। नेताओं ने दो-टूक कहा कि 9 अक्टूबर को हाईकोर्ट द्वारा 14% आरक्षण के फैसले से समाज में भारी नाराजगी है। जब सरकारें कोर्ट में सही पैरवी नहीं कर पा रही हैं, तो अब समाज अपनी 52% आबादी के अनुपात में पूरा आरक्षण लेकर रहेगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचे हबीबगंज एसीपी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:
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OBC को 27% आरक्षण देने की मांग को लेकर प्रदर्शन: भोपाल में CM हाउस घेरने निकले ASP कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाया, लाठीचार्ज, कई घायल – Bhopal News
पटना में लिट्टी का ऑर्डर होता है नंबर में, 225-325 कोड से मिलती है स्पेशल लिट्टी
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Bihar Unique Litti: राजधानी पटना में लिट्टी-चोखा के शौकीनों की कमी नहीं है. यहां गली-मोहल्लों से लेकर बड़े बाजारों तक लिट्टी की कई दुकानें मिल जाएंगी, लेकिन क्या आपने कभी ऐसी दुकान के बारे में सुना है जहां लिट्टी खाने के लिए आपको अपना ऑर्डर नंबरों में देना पड़े? कोई 225 बोलता है तो कोई 325. पहली बार सुनने वालों को ये नंबर भले ही किसी पहेली जैसे लगें, लेकिन यहां के पुराने ग्राहकों के लिए यही लिट्टी ऑर्डर करने का खास अंदाज है. इतना ही नहीं, यहां लिट्टी बनाने का तरीका भी आम दुकानों से बिल्कुल अलग है. आटा पानी से नहीं, बल्कि दूध से गूंथा जाता है. यही वजह है कि पटना की इस करीब 45 साल पुरानी दुकान पर आज भी लिट्टी के शौकीन खिंचे चले आते हैं.
इस दुकान पर लिट्टी खाने पहुंचते ही सबसे पहले जो चीज आपका ध्यान खींचेगी, वह है ऑर्डर देने का अनोखा तरीका. यहां ग्राहक सीधे यह नहीं कहते कि हमें दो या तीन लिट्टी चाहिए. इसके बजाय कोई 225 बोलता है तो कोई 325. सुनने में ये नंबर किसी खास कोड जैसे लगते हैं, लेकिन इनके पीछे का गणित बेहद आसान है.
दरअसल, यहां लिट्टी को बटर में फ्राई करके परोसा जाता है. दुकानदार भोला कुमार ने बताया कि 225 का मतलब है दो लिट्टी और 25 ग्राम बटर, जबकि 325 का मतलब है तीन लिट्टी और 25 ग्राम बटर. इसी तरह ग्राहक अपनी पसंद के हिसाब से लिट्टी और बटर की मात्रा तय कर सकते हैं. किसी को 50 ग्राम बटर चाहिए तो कोई 100, 150 या 200 ग्राम तक बटर में अपनी लिट्टी फ्राई करवाता है. यानी यहां सिर्फ लिट्टी खाने का नहीं, बल्कि अपने स्वाद के हिसाब से उसे तैयार करवाने का भी पूरा इंतजाम है. दुकान का यह कोडवर्ड वाला अंदाज पुराने ग्राहकों के बीच इतना लोकप्रिय है कि वे बिना किसी उलझन के अपना ऑर्डर दे देते हैं.
लिट्टी की असली पहचान उसके स्वाद और सोंधी खुशबू में छिपी होती है. लेकिन इस दुकान में लिट्टी को खास बनाने की तैयारी आटा गूंथने के साथ ही शुरू हो जाती है. आमतौर पर लिट्टी बनाने के लिए आटे में पानी मिलाया जाता है, मगर यहां कारीगर दूध का इस्तेमाल करते हैं. दुकान में एक बार में करीब 30 से 35 किलो आटा गूंथा जाता है, जिसके लिए लगभग 20 किलो दूध का इस्तेमाल होता है. जब कारीगर से पूछा कि आटा पानी की जगह दूध से क्यों गूंथा जाता है, तो उनका सीधा जवाब था कि इससे खाने में अच्छा लगता है.
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लिट्टी के साथ चोखा न हो तो बिहारी स्वाद की बात अधूरी रह जाती है. इस दुकान में चोखा तैयार करने का तरीका भी काफी अलग है. यहां बैंगन और टमाटर को उबालकर उसमें उबले हुए आलू मिलाए जाते हैं. इसके बाद शुरू होता है मसालों का खेल. चोखे में जीरा, गोलकी, भुनी मिर्च, लहसुन, धनिया पत्ता और दूसरे मसालों के साथ हाजमोला पाउडर भी मिलाया जाता है. इन सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाकर चोखे को खास स्वाद दिया जाता है. कारीगर की मानें तो यहां चोखा बनाने के लिए एक बार में करीब 40 किलो आलू, 20 किलो बैंगन और 15 किलो टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है. आखिर में, सरसों का तेल भी मिलाया जाता है. इतनी बड़ी मात्रा में चोखा तैयार होने से अंदाजा लगाया जा सकता है कि दुकान पर लिट्टी के साथ चोखे की भी अच्छी मांग रहती है.
इस दुकान की खासियत सिर्फ लिट्टी बनाने का तरीका या ऑर्डर देने का कोडवर्ड नहीं है, बल्कि इसके साथ जुड़ी लोगों की पुरानी यादें भी हैं. यहां आने वाले कुछ ग्राहक ऐसे हैं जो बचपन से लिट्टी खाने के लिए पहुंच रहे हैं. इस लिट्टी दुकान का नाम गोपी कृष्णा लिट्टी भंडार है. इसको 1981 में गोपी कृष्णा जी ने शुरू किया था. आज भी वे अपने बेटे भोला के साथ इस दुकान को चलाते हैं.
अगर आप भी दूध से गूंथे आटे और बटर में फ्राई की गई लिट्टी का स्वाद चखना चाहते हैं, तो आपको पटना के जीपीओ गोलंबर के पास पहुंचना होगा. यहां मल्टीमॉडल हब से सटे सबवे के एंट्री पॉइंट पर, कबाड़ी मार्केट में पीपल के पेड़ के पास गोपी कृष्णा जी की यह दुकान मौजूद है. दुकान पर लिट्टी खाने का समय शाम 4:30 बजे से रात 10:30 बजे तक बताया गया है. इसलिए अगर आप यहां जाने का प्लान बना रहे हैं, तो शाम के समय पहुंचना बेहतर रहेगा.
बांग्लादेश में ढाई गुना वेतन की मांग के लिए प्रदर्शन: मजदूरों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प, हाईवे जाम; सरकार बोली- हिंसा के पीछे हसीना के लोग
ढाका49 मिनट पहलेलेखक: मोहम्मद आरिफुल इस्लाम
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बांग्लादेश में हुए प्रदर्शन के दौरान कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। कई वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई।
बांग्लादेश में कपड़ा मजदूर ढाई गुना वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को कई जगह पुलिस से उनकी झड़प हुई।
प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कीं और पुलिस की गाड़ियों समेत कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन के चलते ढाका, गाजीपुर और मयमनसिंह में करीब 670 फैक्ट्रियां बंद रहीं। रविवार को भी 529 फैक्ट्रियों में काम बंद था। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने आरोप लगाया कि पूर्व पीएम शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग से जुड़े कुछ फैक्ट्री मालिक हिंसा भड़का रहे हैं।
मजदूरों के प्रदर्शन से जुड़ी 2 तस्वीरें

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान कई प्रदर्शनकारी भागते हुए नजर आए।

प्रदर्शनकारियों ने एक ट्रक में आग लगा दी।
हाईवे जाम किया, पुलिस की 3 गाड़ियों में आग लगाई
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने गाजीपुर के औद्योगिक इलाके से गुजरने वाला ढाका-टांगाइल हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस की तीन वैन और कई दूसरे वाहनों में आग लगा दी गई।
ढाका से नारायणगंज जाने वाली सड़क पर भी प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोका और वाहनों के टायर जलाए। इन घटनाओं में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के कम से कम दो जवान और कई अन्य लोग घायल हुए। घायलों में पत्रकार भी शामिल हैं।
गाजीपुर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद नुरुल करीम भुइयां ने बताया कि औद्योगिक इलाके में BGB की 10 प्लाटून तैनात की गई हैं।

गाजीपुर में वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे मजदूरों से झड़प के दौरान पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।
गाजीपुर में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद, 14 लोग गिरफ्तार
गाजीपुर इंडस्ट्रियल पुलिस के अधीक्षक अमजद हुसैन के मुताबिक, सोमवार को जिले में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद रहीं। वहीं, ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पिछले दो दिनों में तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में कम से कम 14 फैक्ट्री मजदूरों और अवामी लीग के नेताओं-कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
रविवार को भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। उस दिन करीब 50 लोग घायल हुए थे, जिनमें लगभग 15 पुलिसकर्मी शामिल थे।

गाजीपुर में मजदूरों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान टायर भी जलाए गए। तस्वीर 2 नवंबर 2026 की है।
प्रधानमंत्री ने आपात बैठक बुलाई
मजदूरों के प्रदर्शन और पुलिस से झड़प के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने रविवार शाम मंत्रियों और सलाहकारों के साथ आपात बैठक बुलाई थी।
गृह मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को फैक्ट्रियां चालू रखने और मजदूरों के हितों की रक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्यात पर असर न पड़ने देने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
मजदूर न्यूनतम वेतन 23 हजार रुपए करने की मांग कर रहे
मजदूरों की मांग है कि उनका न्यूनतम मासिक वेतन 9600 रुपए से बढ़ाकर 23 हजार रुपए किया जाए।
सरकार ने रविवार को वेतन तय करने के लिए एक वेतन बोर्ड बनाने का ऐलान किया था। इसके बावजूद मजदूरों का प्रदर्शन जारी रहा। श्रम मंत्री अरिफुल हक चौधरी ने मजदूरों से काम पर लौटने की अपील की थी।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए अहम है कपड़ा उद्योग
बांग्लादेश का कपड़ा उद्योग देश के सबसे बड़े रोजगार देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। इसमें 40 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। देश के कुल निर्यात में इस उद्योग की हिस्सेदारी 80% से अधिक है। बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा निर्यातक है।
वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश ने 3.68 लाख करोड़ के कपड़े निर्यात किए। यहां बने कपड़े 150 से ज्यादा देशों में भेजे जाते हैं। अमेरिका और यूरोप इसके बड़े बाजार हैं।
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बांग्लादेश में कपड़ा मजदूरों का प्रदर्शन, 3 जगह हिंसा हुई: प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, गाड़ी जलाई; वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे

बांग्लादेश की राजधानी ढाका समेत तीन इलाकों में रविवार को कपड़ा फैक्ट्रियों के मजदूरों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगह हिंसा भी हुई। पूरी खबर पढ़ें…
iPhone 16 की कीमत में कटौती, Amazon Diwali Sale में मिल रहा 21000 रुपये सस्ता
Amazon पर चल रहे Diwali Sale में एप्पल के 2024 में लॉन्च हुए iPhone 16 की कीमत में भारी कटौती की है। कंपनी ने हाल ही में अपनी iPhone 18 Pro सीरीज लॉन्च की है। नए आईफोन लॉन्च के साथ ही कंपनी ने अपने कई पुराने मॉडल की कीमत में भी इजाफा किया है। पिछले साल लॉन्च हुए iPhone 17 के साथ-साथ iPhone 16 की कीमत में भी इजाफा किया गया है। Amazon पर चल रही दिवाली सेल में यह फोन MRP से 21,000 रुपये तक सस्ता मिल रहा है।
कितना सस्ता मिलेगा iPhone 16?
अमेजन पर आयोजित दिवाली सेल में एप्पल का यह आईफोन 68,999 रुपये की शुरुआती कीमत में खरीदा जा सकता है। एप्पल ने इसे 79,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लॉन्च किया था। हालांकि, प्राइस हाइक के बाद इसे 89,900 रुपये की शुरुआती कीमत में लिस्ट किया गया है। सेल में यह फोन 76,999 रुपये की लिस्ट प्राइस में मिल रहा है।
इस कीमत पर 5,000 रुपये का बैंक डिस्काउंट मिल रहा है। साथ ही, 3,000 रुपये का एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी लिया जा सकता है। इस तरह से फोन की कीमत में 21,000 रुपये तक की कटौती की जा सकती है। इसके अलावा आप पुराने स्मार्टफोन को एक्सचेंज भी करवा सकते हैं। इसके बाद फोन की कीमत और कम हो सकती है। साथ ही, नो-कॉस्ट EMI ऑफर का भी लाभ मिल सकता है।
iPhone 16 के फीचर्स
एप्पल ने इस आईफोन को तीन स्टोरेज वेरिएंट्स- 128GB, 256GB और 512GB में लॉन्च किया है। इसमें 6.1 इंच का OLED डिस्प्ले मिलता है। इसमें सुपर रेटिना XDR डिस्प्ले मिलता है, जिसके साथ डायनैमिक आईलैंड डिजाइन दिया गया है। यह आईफोन A18 Bionic चिपसेट पर काम करता है। फोन में एप्पल इंटेलिजेंस यानी AI फीचर दिया गया है।
iPhone 16 के बैक में डुअल कैमरा सेटअप मिलता है। फोन में 48MP का मेन OIS कैमरा मिलेगा। इसके साथ 12MP का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए एप्पल के इस आईफोन में 12MP का कैमरा मिलेगा। यह आईफोन USB Type C चार्जिंग, iOS 18 जैसे फीचर्स से लैस है। फोन के बैक में वायरलेस और MagSafe चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है।
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पीलीभीत में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी: दूसरे दिन हुई पहचान, पत्नी और ससुर पर प्रताड़ना का आरोप – Pilibhit News
पीलीभीत की शारदा कॉलोनी में रविवार शाम करीब 4 बजे प्रदीप ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सोमवार सुबह 10 बजे उसकी पहचान हुई। परिजनों ने पत्नी और ससुर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
प्रदीप सदर कोतवाली क्षेत्र की शारदा कॉलोनी में रहता था। उसकी शादी करीब तीन साल पहले सुषुम से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, यह सुषुम की दूसरी शादी थी। शादी के करीब डेढ़ साल बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद अक्सर कहासुनी और झगड़े होते थे। परिजनों का आरोप है कि प्रदीप का ससुर भी उससे विवाद करता था।
रविवार शाम करीब 4 बजे प्रदीप का पत्नी से किसी बात पर विवाद हुआ। इसके बाद वह घर से निकलकर रेलवे लाइन पर पहुंचा और ट्रेन के आगे कूद गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर लोग जुटे, लेकिन रविवार को उसकी पहचान नहीं हो सकी। सोमवार को उसकी पहचान शारदा कॉलोनी निवासी प्रदीप के रूप में हुई। जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने पत्नी और ससुर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
सीओ सिटी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। परिजनों के आरोपों की भी पड़ताल होगी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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रीवा स्टेशन पर लगेंगे 6 एस्केलेटर और 4 लिफ्ट: यात्रियों को मिलेगी राहत; ऑटो पार्किंग से प्लेटफॉर्म तक आसान होगी आवाजाही – Rewa News
रीवा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं में इजाफा होने जा रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन का कायाकल्प किया जा रहा है। यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए स्टेशन पर 6 एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) और 4 नई लिफ्ट लगाई जा रही हैं। इनके शुरू होने के बाद बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और भारी सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने में राहत मिलेगी। तीन स्थानों पर लगेंगे 6 एस्केलेटर स्थानीय रेलवे के मुताबिक, स्टेशन पर 6 एस्केलेटर तीन प्रमुख स्थानों पर लगाए जा रहे हैं। इनमें ऑटो पार्किंग क्षेत्र, नया फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म नंबर 4 शामिल हैं। एस्केलेटर शुरू होने के बाद यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए बार-बार सीढ़ियों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। नए फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म पर लगेंगी 4 लिफ्ट यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर 4 नई लिफ्ट भी स्थापित की जाएंगी। ये लिफ्ट नए फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म नंबर 2 व 4 पर लगाई जाएंगी। इससे खासकर बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों के साथ बच्चों व सामान लेकर सफर करने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी। एस्केलेटर लगाने का काम शुरू स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने का काम शुरू हो चुका है। विकास कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को स्टेशन परिसर में आवाजाही के लिए आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, सभी एस्केलेटर और लिफ्ट के शुरू होने की आधिकारिक समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने, पहुंच मार्गों को व्यवस्थित करने और आधुनिक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। रीवा स्टेशन पर एस्केलेटर और लिफ्ट की स्थापना भी इसी विकास कार्य का हिस्सा है।
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मेहमानों को खिलाएं मधुबनी की ये खास चटनी, घर आकर बार-बार करेंगे तारीफ
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मधुबनी में चना दाल और इमली से बनने वाली स्वादिष्ट और चटपटी चटनी की रेसिपी सामने आई है. इसे सिर्फ 5 मिनट में आप आसानी से घर पर तैयार किया जा सकता है. ठंड के मौसम में यह पराठा और पूरी के साथ बहुत अच्छी लगती है. आइये मधुबनी की अलका से इसकी रेसिपी के बारे में जानते हैं.
मधुबनी: अगर आप कुछ नया और चटपटा खानें के हैं तो आज हम आपको बिल्कुल नया और स्वादिष्ट डिश के बारे में बताने जा रहे हैं. जी हां! सिर्फ 5 मिनटों में यह आसान रेसिपी बनकर तैयार हो जाएगी. इसे खाने के बाद आप उंगलियां तक चट जाएंगे. अगर खट्टा खाना पसंद है तो यह आपके लिए और भी बढ़िया है. बता दें कि चना दाल और इमली की चटनी से यह रेसिपी तैयार होती है. आइये जानते हैं इसके बारे में.
जानें चटनी की आसान रेसिपी
वैसे तो यह चटनी कई प्रकार से बनती है ,लेकिन आज आपको खट्टापन-नयापन और बिल्कुल अलग चटपटा चटनी की हम रेसिपी बताते हैं. अगर आपने इसे एक बार बनाकर खा लिया तो यकीन मानिए आप स्वाद नहीं भूलेंगे. इसे आप आसानी से घर पर भी बना सकते हैं. अगर आप इसे बना कर खाएंगे और अपने मेहमान को खिलाएंगे तो वह भी आपकी तारीफ करेंगे. वह आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेंगे और पड़ोसी भी आपने रेसिपी जानेंगे. यह बहुत ही स्वादिष्ट इमली की चटनी बनती है, जिसमें चना दाल की भी जरूरत होती है. इसके रेसिपी के लिए आपको इमली, चना दाल ,जीरा ,सूखा मिर्च ,नमक और कच्चे तेल की आवश्यकता पड़ती है.
जानें चटनी की आसान रेसिपी
मधुबनी की अलका बताती हैं कि इस चटनी को बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल को अच्छे से साफ करें और उसे तवे पर रोस्ट कर लेना है. इससे बिना तेल के सौंधापन वाली खुशबू आ जाएगी. उसके बाद इमली को गर्म पानी में भिगोना है और तवे पर जीरा और लाल मिर्च को भी रोस्ट कर लेंगे. अब मैटेरियल तैयार है, जिसे मिक्सर में या सिलबट्टे पर भुना हुआ चना दाल ,इमली का पानी ,जीरा और लाल मिर्च के साथ स्वाद अनुसार नमक डालकर पीस लेंगे और बर्तन में निकाल कर उसमें कच्चा तेल मिला दीजिए. बस बन गया कुछ ही मिनटों में बहुत ही स्वादिष्ट चटनी.
अभी इस चटनी का समय भी है. क्योंकि ठंड का मौसम शुरू हो गया है. ऐसे में पराठा के साथ पूरी के साथ, चावल दाल के साथ भी आप चटनी का स्वाद ले सकते हैं. ऊपर बताए गए विधि से आप अपने घर पर चटनी तैयार कर सकते हैं. इसके साथ ही इसे दो दिनों तक खा सकते हैं. साथ-साथ आप फ्रिज में रखेंगे तो एक सप्ताह तक खा सकते हैं. क्योंकि बिना प्याज वाली यह चटनी जल्दी खराब नहीं होती है.
About the Author
बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से Hindi.News18.com<…
रंगापानी-बागडोगरा लाइन मालगाड़ियों के लिए खुली: NFR ने 6.8 KM रेल लाइन पर रेगुलर माल परिवहन शुरू किया – Kishanganj (Bihar) News
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) ने कटिहार मंडल के अंतर्गत 6.8 किलोमीटर लंबी रंगापानी-बागडोगरा रेल लाइन को नियमित माल परिवहन के लिए खोल दिया है।
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इससे इस रूट पर प्रतिदिन कम से कम 10 अतिरिक्त मालगाड़ियां चलाने की क्षमता मिलने का अनुमान है।
रेलवे के अनुसार, इस कदम से माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के परिचालन में लगने वाला समय भी बचेगा।
विद्युतीकरण के बाद अब सामान्य मालगाड़ियों को भी अनुमति
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस रेलखंड का अपग्रेडेशन और विद्युतीकरण पिछले साल पूरा हो गया था।
ट्रैक को इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने के अनुकूल बनाया गया था, लेकिन अब तक इस पर केवल सैन्य ट्रेनें ही चलती थीं।
सामान्य मालगाड़ियों को इस मार्ग से परिचालन की अनुमति नहीं थी।
अब NFR ने इस लाइन को नियमित माल परिवहन के लिए भी खोल दिया है।
रेलवे ने इसे माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
सिलीगुड़ी जंक्शन पर इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी
इस नई व्यवस्था का फायदा पूर्व मध्य रेलवे (ECR) से आने वाली मालगाड़ियों को भी मिलेगा।
अब तक फारबिसगंज के रास्ते NFR नेटवर्क में प्रवेश करने वाली इन ट्रेनों को सिलीगुड़ी जंक्शन पर इंजन की दिशा बदलने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
रेलवे की भाषा में इसे लोको रिवर्सल कहा जाता है। इस प्रक्रिया में इंजन को ट्रेन के एक छोर से हटाकर दूसरे छोर पर लगाना, ब्रेक पावर टेस्ट करना, शंटिंग और नए क्रू की व्यवस्था करना शामिल होता है।
शंटिंग स्टाफ और अतिरिक्त क्रू की जरूरत भी होगी कम
इसमें करीब 45 मिनट से एक घंटे तक लगने की जानकारी दी गई है। इस दौरान समय के साथ ईंधन या बिजली की भी खपत होती है।
नई व्यवस्था के बाद संबंधित मालगाड़ियां बागडोगरा के रास्ते आगे बढ़ सकेंगी।
इससे लोको रिवर्सल में लगने वाला समय और ऊर्जा बचाने में मदद मिलेगी। साथ ही शंटिंग स्टाफ और अतिरिक्त क्रू की जरूरत भी कम होगी।
बारसोई जंक्शन से आगे बढ़ेगी माल ढुलाई क्षमता
NFR के अधिकारियों के अनुमान के अनुसार, इस अतिरिक्त रेल मार्ग के इस्तेमाल से नेटवर्क में प्रतिदिन कम से कम 10 अतिरिक्त मालगाड़ियां चलाने की क्षमता विकसित होगी। इन ट्रेनों को बारसोई जंक्शन से आगे भेजा जा सकेगा।
इससे उत्तर बंगाल और बिहार के बीच माल परिवहन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खाद्यान्न, सीमेंट, खाद और अन्य जरूरी सामानों की ढुलाई अधिक सुगमता से हो सकेगी।
मौजूदा रेल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होने से माल परिवहन और रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी की संभावना है।
यात्री ट्रेनों के परिचालन की मांग भी उठ रही
रंगापानी-बागडोगरा रेलखंड को यात्री ट्रेनों के लिए खोलने की मांग भी लंबे समय से उठाई जा रही है।
स्थानीय रेल यात्री संगठन और जनप्रतिनिधि इस मार्ग पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के चलने से सिलीगुड़ी और बागडोगरा क्षेत्र के दैनिक यात्रियों को सुविधा मिल सकती है।
हालांकि, फिलहाल इस लाइन को सामान्य माल परिवहन के लिए खोला गया है। यात्री ट्रेनों के परिचालन को लेकर किसी निर्णय की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट- ट्रम्प रक्षा मंत्री हेगसेथ को हटा सकते हैं: ईरान पर हमला करने के लिए उकसाया था, 8 महीने बाद भी खत्म नहीं हुई जंग
वॉशिंगटन डीसी11 मिनट पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को पद से हटा सकते हैं। अमेरिकी मैगजीन ‘द अटलांटिक’ की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ ने उन्हें ईरान पर हमला करने के लिए उकसाया था।
रिपोर्ट के मुताबिक हेगसेथ ने ट्रम्प को भरोसा दिलाया था कि युद्ध कुछ ही महीने में खत्म हो जाएगा। हालांकि, 8 महीने बाद भी जंग जारी है। अब ट्रम्प यह तय करने में जुटे हैं कि यह युद्ध इतना लंबा खिंचने की पीछे कौन जिम्मेदार है।

ट्रम्प ने सेना प्रमुख के कामकाज पर भी सवाल उठाए
ट्रम्प अपने कुछ करीबी सहयोगियों से रक्षा मंत्री हेगसेथ और अमेरिकी सेना के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन के कामकाज के बारे में राय ले रहे हैं। हेगसेथ और केन युद्ध को लेकर ट्रम्प के प्रमुख सलाहकार रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाइट हाउस के कई लोग हेगसेथ को पसंद नहीं करते। ट्रम्प के कुछ करीबी लोगों का मानना है कि हेगसेथ युद्ध की असली हालात राष्ट्रपति को नहीं बता रहे। वे उन्हें खुश रखने के लिए सिर्फ अच्छी बातें ही बताते हैं।
हालांकि, पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि हेगसेथ राष्ट्रपति और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों को सैन्य कार्रवाई की पूरी जानकारी देते हैं।
ट्रम्प को मिडटर्म चुनाव में नुकसान का डर
ट्रम्प को लगता है कि ईरान युद्ध का असर मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की जीत पर पड़ रहा है। दोनों सदनों में बहुमत खोने की आशंका जताई जा रही है।
ट्रम्प इससे नाराज हैं। वे अपनी राजनीतिक मुश्किलों के लिए युद्ध को जिम्मेदार मान रहे हैं। अब वे उन लोगों की जवाबदेही तय करना चाहते हैं, जिन्होंने उन्हें जल्दी जीत का भरोसा दिया था।
29 अक्टूबर को रक्षा मंत्री हेगसेथ और जनरल डैन केन ने ट्रम्प और उपराष्ट्रपति वेंस को युद्ध से जुड़े कई विकल्प बताए थे। इससे जरिए वे ऐसा माहौल बनाना चाहते थे, जिसमें ट्रम्प जीत का दावा कर सकें।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ मैरीलैंड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान। यह तस्वीर 31 जुलाई 2026 की है।
ट्रम्प का भरोसा जीतने की कोशिश में जुटे हेगसेथ
हेगसेथ ने ट्रम्प की नजरों में अपनी छवि मजबूत करने के लिए मीडिया में गोपनीय जानकारी लीक करने के शक में अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पिछले हफ्ते उन्होंने ज्वाइंट स्टाफ के प्लानिंग डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को पद से हटा दिया। पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक, ईरान युद्ध और हथियारों की कमी से जुड़ी खबरें लीक होने के बाद यह कार्रवाई की गई।

अमेरिकी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया ने दिसंबर 2025 में पद संभाला था।
हेगसेथ का मानना है कि जनरल डैन केन के अधीन काम करने वाले ज्वाइंट स्टाफ में गोपनीय जानकारी लीक हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, वे अपने करीबी लोगों के सामने खुद को ऐसे अधिकारी के रूप में पेश करते हैं, जो हर हाल में राष्ट्रपति का साथ देते हैं।
यह बात ट्रम्प को पसंद आती है। वे अपने पहले कार्यकाल से ही पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों की वफादारी पर शक करते रहे हैं। उन्हें लगता है कि कुछ अधिकारी उनके प्रति पूरी तरह वफादार नहीं हैं।
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कोटा में दीपावली से पहले 100 टन एक्स्ट्रा कचरा उठाया: 2 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर और 40 सफाईकर्मी अलग से लगाए, रोज 4 वार्डों को टारगेट किया जा रहा – Kota News
दीपावली पर घरों और दुकानों की सफाई से निकलने वाले कचरे से शहर को साफ रखने के लिए कोटा नगर निगम ने पूरी ताकत झोंक दी है। महापौर अनुसुईया गोस्वामी के निर्देशों पर 7 अक्टूबर से शुरू हुए इस सफाई अभियान के तहत अब तक करीब 100 टन अतिरिक्त कचरा उठाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड भेजा जा चुका है। नगर निगम आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि त्योहार के सीजन में आम दिनों के मुकाबले कचरे का उठाव काफी बढ़ जाता है। कचरा पॉइंट पर बढ़ जाता है दबाव दीपावली पर लोग घरों और दुकानों को चमकाते हैं, जिससे निर्धारित कचरा पॉइंट्स पर अचानक दवाब बढ़ जाता है। इसी स्थिति को देखते हुए नियमित सफाई व्यवस्था को बाधित किए बिना यह विशेष अभियान तैयार किया गया है, ताकि शहर का कोई भी कोना गंदा न दिखे। 2 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर और 40 अतिरिक्त सफाईकर्मी अभियान के तहत हर रोज चार वार्डों को टारगेट किया जा रहा है। रोज इन वार्डों में 2 जेसीबी मशीनें, 4 ट्रैक्टर-ट्रॉली, 40 अतिरिक्त सफाई मित्र वार्डों में तैनात किए जा रहे हैं। ये टीमें न केवल कचरा पॉइंट्स से कचरा हटा रही हैं, बल्कि आसपास की गलियों और मुख्य मार्गों पर भी मुस्तैदी से सफाई कर रही हैं। निगरानी की जिम्मेदारी दी गई सफाई में किसी तरह की ढिलाई न हो, इसके लिए संबंधित वार्ड पार्षद और सफाईकर्मी को सीधी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हेल्थ इंस्पेक्टर और ठेकेदारों को समय पर कचरा उठाने के लिए पाबंद किया गया है। जिस क्षेत्र से भी ज्यादा कचरा एकत्रित होने की सूचना मिलती है, वहां तुरंत बैकअप संसाधन भेजकर सफाई कराई जा रही है।
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