दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भूकंप में अब तक 188 लोगों की मौत की पुष्टि हो गई है। जबकि 1500 से ज्यादा लोग घायल हैं। वेनेजुएला में बुधवार को सन् 1821 के काराबोबो युद्ध की याद में राष्ट्रीय अवकाश था। इसलिए अधिकतर लोग घरों में थे और फीफा वर्ल्ड कप मैच देख रहे थे। इससे मलबे में दबने वालों की संख्या ज्यादा होने की आशंका है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मलबे के अंदर से आवाजें आ रहीं हैं। सरकार ने देर रात बताया कि 39 हजार से अधिक लोग लापता हैं। भूकंप की भयावहता की असल तस्वीर अभी आना बाकी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप से 10 हजार से ज्यादा लोगों के मारे जाने की 44% आशंका है। वहीं, 30% आशंका एक लाख लोगों के जान गंवाने की भी है। इस आपदा से वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को 9.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपातकाल लगा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोड्रिगेज से बात कर मदद की पेशकश की है। मैप में देखें, भूकंप की लोकेशन 126 साल में सबसे बड़ा भूकंप, देश में इमरजेंसी वेनेजुएला में यह पिछले 126 साल का सबसे बड़ा भूकंप है, इससे पहले 1900 में 7.7 का तीव्रता का भूकंप आया था। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया। भूकंप से जुड़ी 3 तस्वीरें… वेनेजुएला भूकंप से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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वेनेजुएला भूकंप में अब तक 188 की मौत: 1500 से ज्यादा घायल; सरकार बोली- 39,000 लोग लापता, मलबे के नीचे से आ रही आवाजें
हाईटेंशन लाइन से टकराया ताजिया, 3 लोगों की मौत: रतलाम में 10 से ज्यादा झुलसे, 5 गंभीर; मुहर्रम जुलूस में 200 लोग थे शामिल – Ratlam News
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार रात ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। करंट की चपेट में 10 से अधिक लोग आ गए। इनमें 3 की मौत हो गई, जबकि 7 लोग घायल हैं। घायलों में 5 की हालत गंभीर है। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना पिपलोदा के हतनारा गांव की है। जानकारी के मुताबिक, मृतकों की पहचान रशीद खान, सड्डू हुसैन और अरबाज खान के रूप में हुई है। हालांकि अरबाज के परिजन उसे अस्पताल से कहीं और ले गए। इस कारण प्रशासन ने 2 मौतों की पुष्टि की है, जबकि ड्यूटी डॉक्टर रविंद्र सोलंकी ने 3 मौतों की पुष्टि की है। घायलों का मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायलों में अनास पिता अकरम (16), मोइन शाह पिता इश्क शाह (35), रहीम खान, अख्तियार खान, इरफान, शाहरुख, शकील, रईस, मोहम्मद और वहीद शामिल हैं। वहीं इब्राहिम पिता हनीफ को रतलाम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… करीब 200 लोग जुलूस में थे शामिल प्रत्यक्षदर्शी इमामुद्दीन मंसूरी ने बताया कि मुहर्रम के अवसर पर हतनारा गांव में ताजिया जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 20 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली लाइन काफी नीचे थी। ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और आगे चल रहे कई लोग जमीन पर गिर पड़े। हादसे के समय मौके पर न पुलिस मौजूद थी और न ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी। हादसे के वक्त का वीडियो भी आया सामने घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें करंट लगने के बाद जुलूस में अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। लोग चीखते-चिल्लाते नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग जमीन पर पड़े दिख रहे हैं। आसपास के लोग घायलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ड्यूटी डॉक्टर बोले- तीन लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था रतलाम मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी पर तैनात डॉ. रविंद्र सोलंकी ने बताया कि तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी थी। उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। 3 मृतकों में से 2 के परिजन औपचारिक कागजी प्रक्रिया पूरी किए बिना उन्हें अपने साथ ले गए। उन्हें बता दिया गया था कि उनकी धड़कनें बंद हो चुकी हैं। एएसपी बोले- हाईटेंशन लाइन से टकराने के बाद हुआ हादसा रतलाम एएसपी राकेश पंद्रो ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि हाईटेंशन लाइन की ऊंचाई और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
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बेगूसराय में नदी में डूबे दो किशोर: नहाने के दौरान हुई मौत, तीन घंटे बाद मिले शव – Begusarai News
बेगूसराय सदर के वनद्वारा पत्थर घाट पर गुरुवार को नहाने के दौरान दो किशोर नदी के गहरे पानी में डूब गए। इस घटना में उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान करते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक चले सघन सर्च अभियान के बाद गोताखोर श्याम सहनी, राम सहनी और रामचंद्र मुखिया ने दोनों किशोरों के शव नदी से बाहर निकाले। मृतकों की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के गौरा निवासी दिलीप रजक के 17 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार और नीमा-चांदपुरा थाना क्षेत्र के अझौर वार्ड-8 निवासी मोहम्मद सौकत के 13 वर्षीय पुत्र मोहम्मद समसाद के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर नीमा-चांदपुरा थाना प्रभारी विवेक कुमार, एएसआई सौरव कुमार और अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया।
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घर पर नहीं है कोई सब्जी, झटपट तैयार करें मट्ठा के आलू, एक बार खाएंगे तो बार-बार मांगेंगे
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Mattha Ke Aloo Recipe: अगर घर में हरी सब्जियां नहीं हैं और कुछ स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो मट्ठा के आलू एक बेहतरीन विकल्प हैं. कई जगहों पर मट्ठा के आलू शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ, आलू और मसालों से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश कम समय में बन जाती है और स्वाद ऐसा होता है कि हर कोई बार-बार मांगकर खाए.
मट्ठा के आलू बनाने की रेसिपी आसान है और इसका टेस्ट गजब का होता है.
Mattha Ke Aloo Recipe: कई बार बाजार जाने का समय नहीं मिलता है और घर में सब्जियां खत्म हो जाती हैं. ऐसी कंडीशन में समझ नहीं आता कि खाने में क्या बनाया जाए. अगर आपके सामने ऐसी समस्या पैदा हो जाए, तो आप मट्ठा के आलू बना सकते हैं. आलू और मट्ठा यानी छाछ से बनने वाली यह डिश आपका दिन बना सकती है. मट्ठा के आलू यूपी के कई हिस्सों में काफी पसंद किए जाते हैं और शादी समारोह में भी परोसे जाते हैं. छाछ की हल्की खटास और मसालों का बेहतरीन स्वाद इस डिश को खास बनाता है. अगर आप रोज-रोज एक जैसी सब्जियां खाकर बोर हो गए हैं, तो यह रेसिपी आपके खाने का स्वाद बदल सकती है.
मट्ठा के आलू बनाने के लिए सामग्री
मट्ठा के आलू बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती और यह कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है. इस डिश के लिए आपको 4 से 5 उबले हुए आलू, 2 कप मट्ठा यानी छाछ, 1 बड़ा चम्मच बेसन, 1 छोटा चम्मच जीरा, 1 चुटकी हींग, 1 से 2 हरी मिर्च, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक, 1 बड़ा चम्मच तेल और थोड़ा सा हरा धनिया की जरूरत होगी. इन सभी चीजों से गजब की डिश तैयार हो जाएगी.
मट्ठा के आलू बनाने की आसान विधि
सबसे पहले उबले हुए आलुओं को बड़े टुकड़ों में काट लें. अब एक बाउल में मट्ठा और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें, ताकि उसमें गांठें न रहें. इसके बाद एक कढ़ाई में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर जीरा और हींग का तड़का लगाएं. फिर बारीक कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें. अब हल्दी और लाल मिर्च पाउडर डालें और तुरंत मट्ठा-बेसन का मिश्रण कढ़ाई में डाल दें.
मिश्रण को लगातार चलाते हुए पकाएं, ताकि मट्ठा फटे नहीं. जब ग्रेवी हल्की गाढ़ी होने लगे, तब उसमें कटे हुए आलू और नमक डाल दें. धीमी आंच पर 8 से 10 मिनट तक पकाएं ताकि आलू मसालों और मट्ठे का स्वाद अच्छी तरह सोख लें. जब ग्रेवी मनचाही गाढ़ी हो जाए, तब गैस बंद कर दें और ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं.
गरमा-गरम मट्ठा के आलू को रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोस सकते हैं. इसका खट्टा-तीखा स्वाद खाने का मजा कई गुना बढ़ा देता है. खासकर गर्मियों में यह डिश बेहद पसंद की जाती है, क्योंकि मट्ठा शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
दरवाजे की घंटी से आज भी कांप जाती हैं रिया चक्रवर्ती, 6 साल बाद छलका दर्द
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सुशांत सिंह राजपूत केस के बाद रिया चक्रवर्ती की जिंदगी पूरी तरह बदल गई थी. अब 6 साल बाद एक्ट्रेस ने उस मुश्किल दौर पर खुलकर बात की है. रिया ने बताया कि उस समय मिला ट्रॉमा आज भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा और वह अब तक पूरी तरह उससे उबर नहीं पाई हैं.
आज भी दर्द में हैं रिया
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में उस मुश्किल दौर को याद किया, जिससे वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद गुजरी थीं. नेहा धूपिया और अंगद बेदी के यूट्यूब चैट शो ‘डबल डेट’ में रिया अपने भाई शोविक चक्रवर्ती के साथ पहुंचीं, जहां दोनों ने उस समय के दर्द, डर और मानसिक तनाव पर खुलकर बात की.
साल 2020 में सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले की जांच के दौरान ड्रग्स एंगल सामने आने पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया और शोविक को गिरफ्तार किया था. इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा था और दोनों को काफी आलोचनाओं और मुश्किलों का सामना करना पड़ा था.
आसान नहीं रिया के लिए ये दर्द भुलाना
रिया से जब इस शो में पूछा गया कि क्या वह उस ट्रॉमा से पूरी तरह बाहर निकल चुकी हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसे एक्सपीरियंस कभी पूरी तरह खत्म नहीं होते. रिया ने बताया कि ट्रॉमा सिर्फ दिमाग पर नहीं, बल्कि शरीर और भावनाओं पर भी असर छोड़ जाता है. उन्होंने कहा कि वह थेरेपी की मदद से खुद को संभालने और आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उस दर्द को पूरी तरह भुला पाना आसान नहीं है.आज भी अगर दरवाजे की घंटी बजती है, तो मुझे पुराने दिन याद आ जाते हैं. उस समय ऐसा माहौल था कि हर छोटी आवाज भी हमें खतरे जैसी लगती थी.
टूट गया शोविक का सपना
इस शो में शोविक ने बताया कि उस घटना से पहले उनकी जिंदगी बिल्कुल अलग थी. उनका सपना आईआईएम या व्हार्टन जैसे बड़े बिजनेस स्कूल में पढ़ाई करने का था, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया. उन्होंने कहा कि जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.शोविक के मुताबिक, उस बुरे दौर से बाहर निकलने में उन्हें करीब चार से पांच साल लग गए. उन्होंने बताया कि आज भी कई बार वह उन घटनाओं को याद करते हैं और सोचते हैं कि आखिर उनके साथ ऐसा क्यों हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) है और आज भी घर की घंटी बजने जैसी छोटी-छोटी चीजें उन्हें पुराने दिनों की याद दिला देती हैं.
बता दें कि रिया ने अपनी बात आगे रखते हुए कहा कि उनके लिए ये एक्सपीरियंस इसलिए और ज्यादा मुश्किल था, क्योंकि सब कुछ सार्वजनिक रूप से हुआ. पूरे देश और मीडिया की नजरें उन पर थीं और हर कोई उनके बारे में अपनी राय बना रहा था. हालांकि, उन्होंने और उनके भाई ने धीरे-धीरे खुद को संभाला और जिंदगी में आगे बढ़ने की कोशिश की. ‘डबल डेट’ शो यूट्यूब पर स्ट्रीम होता है.
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न्यूज 18 हिंदी में एंटरटेनमेंट सेक्शन में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे मुनीष कुमार दिल्ली के रहने वाले हैं. डिजिटल मीडिया में उन्हें 10 साल का अनुभव है.राजधानी कॉलेज (DU) से पॉलिटिकल साइंस (ऑनर्स) की पढ…और पढ़ें
इवान अस्पताल में करोड़ों का गबन, मुकदमा दर्ज: 2 साल में 1 करोड़ से ज्यादा की गड़बड़ी, बैंक रिकॉर्ड और कंप्यूटर डेटा खंगाल रही पुलिस – Muzaffarnagar News
मुजफ़्फ़रनगर के भोपा रोड स्थित चर्चित इवान अस्पताल में करोड़ों रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। अस्पताल के CEO की शिकायत पर SSP के आदेश के बाद थाना नई मंडी पुलिस ने अस्पताल के तीन पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में दो वर्षों के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के गबन और वित्तीय रिकॉर्ड में हेराफेरी का आरोप लगाया गया है। अस्पताल के सीईओ विजय कुमार जैन ने पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि आरोपी कर्मचारी वर्षों से संस्थान से जुड़े हुए थे। उन्हें नकद लेन-देन, बैंकिंग कार्य, कंप्यूटर संचालन और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। आरोप है कि इसी विश्वास का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने नकद पुस्तिका, बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजैक्शन और कंप्यूटर डेटा में कथित हेराफेरी कर बड़ी धनराशि का गबन किया। शिकायत में मुख्य आरोपी के रूप में अक्षय बंसल का नाम दर्ज कराया गया है। इसके अलावा जांच के दौरान तृप्ति गुप्ता और अमित गुप्ता की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता की आशंका है। उनका यह भी कहना है कि इतनी बड़ी हेराफेरी किसी एक व्यक्ति के लिए संभव नहीं थी और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच होनी चाहिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना नई मंडी में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब बैंक रिकॉर्ड, नकद लेन-देन, कंप्यूटर डेटा और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी। वहीं, जिन पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
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भारत बोध और सांस्कृतिक अवधारणा पर सेमिनार: सीवान में सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना पर की चर्चा – Siwan News
प्रज्ञा प्रवाह इकाई, सीवान द्वारा आयोजित “भारत बोध और सांस्कृतिक अवधारणा” विषयक बौद्धिक संगोष्ठी गुरुवार को आंदर रोड स्थित दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज परिसर में संपन्न हुई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं प्रज्ञा प्रवाह केंद्र काशी की केंद्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रामाशीष सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल उन्होंने भारतीय संस्कृति, राष्ट्र चेतना और सनातन ज्ञान परंपरा के विभिन्न आयामों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। अपने संबोधन में रामाशीष सिंह ने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक दृष्टि और मानव कल्याण की भावना का जीवंत स्वरूप है। अपनी जड़ों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता उन्होंने कहा कि भारत बोध का अर्थ केवल इतिहास और परंपराओं की जानकारी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कृति, राष्ट्रीय चिंतन और सामाजिक दायित्वों को आत्मसात करना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है, ताकि राष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान और एकता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। व्यापक प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ.प्रजापति त्रिपाठी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में भारतीय संस्कृति की वैश्विक प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी विश्व को मार्गदर्शन देने की क्षमता रखती है। वहीं विषय प्रवेश कराते हुए डॉ.अशोक प्रियंबद ने भारत की सांस्कृतिक अवधारणा, उसके ऐतिहासिक विकास और वर्तमान संदर्भ में उसकी उपयोगिता पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विविधताओं में एकता, सहिष्णुता, समन्वय और सर्वधर्म समभाव की अनूठी परंपरा को अपने भीतर समेटे हुए है। भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना से जुड़े विषयों पर गंभीर विमर्श संगोष्ठी में शिक्षकों, विद्यार्थियों,बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। प्रतिभागियों ने विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण, संवर्धन तथा उसके व्यापक प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना से जुड़े विषयों पर गंभीर विमर्श किया। अंत में प्रज्ञा प्रवाह इकाई, सीवान की ओर से सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
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पत्रकारों से सवालों पर भड़के सांसद संजय पाटिल: कहा- दोबारा आए तो मार डालूंगा, डिप्टी सीएम शिंदे बोले- मीडिया से माफी मांगे
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मुंबई3 घंटे पहले
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दीना पाटिल ने पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी।
हाल ही में शिवसेना (UBT) छोड़कर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए मुंबई नॉर्थ-ईस्ट से सांसद संजय दीना पाटिल पर पत्रकारों को धमकाने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगा है।
पत्रकार संजय दीना पाटिल से शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत द्वारा मुंबई पुलिस आयुक्त को लिखे गए पत्र और उनकी पार्षद बेटी राजुल पाटिल के उद्धव ठाकरे के साथ बने रहने के फैसले पर प्रतिक्रिया लेने पहुंचे थे। इसी दौरान पाटिल कथित तौर पर भड़क गए और पत्रकारों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी।
पाटिल ने पत्रकारों से कहा- मेरे मामलों में दखल क्यों देते हो? दोबारा आए तो मार डालूंगा। इस बातचीत का वीडियो भी सामने आया है।
मामला इतना बढ़ गया कि खुद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सामने आकर कहना पड़ा-
मैंने संजय दीना पाटिल को स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यदि आपने कोई अनुचित टिप्पणी की है, तो आपको खेद व्यक्त करना चाहिए।


इन दो सवालों पर भड़क गए पाटिल
महाराष्ट्र में जारी राजनीति गर्माहट के बीच पत्रकार अपना काम कर रहे थें। उनका काम सवाल पूछना है, जो वो करेंगे ही। इसी क्रम में पत्रकारों ने उनसे उनकी बेटी (कॉरपोरेटर) राजुल पाटिल के स्टैंड पर सवाल पूछा, जिन्होंने साफ कहा है कि वह अपने पिता के पाला बदलने के बाद भी उद्धव ठाकरे की पार्टी (UBT) के साथ ही रहेंगी।
इसके अलावा दूसरा सवाल यह था कि उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने मुंबई पुलिस को एक चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में मांग की गई है कि पाटिल के उस पुराने बयान पर कार्रवाई हो, जिसमें उन्होंने कहा था कि दल-बदल का विरोध करने वालों पर वह बम फेंकेंगे और उनके घरों में घुसकर मार डालेंगे।
अब पत्रकारों ने जैसे ही ये दो सवाल पूछे, शिवसेना सांसद भड़क उठे। सांसद पाटिल ने पत्रकारों को गाली देते हुए कहा कि तुम लोग मेरे मामलों में अपनी नाक क्यों घुसा रहे हो? अगर दोबारा आए, तो जान से मार डालूंगा।

शिंदे ने कहा कि मैंने उनसे साफ कह दिया है कि आपको माफी मांगनी चाहिए।
बैकफुट पर आए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
इस पूरे विवाद के बाद जब राज्य विधानसभा परिसर के बाहर मीडिया ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को घेरा, तो उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की। शिंदे ने हा कि संजय दीना पाटिल का इरादा पत्रकारों का अपमान करने का नहीं था। अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्होंने माफी मांगने की इच्छा जताई है। शिंदे ने कहा कि मैंने उनसे साफ कह दिया है कि अगर आपके मुंह से कोई गलत बात निकली है, तो आपको माफी मांगनी चाहिए।
शिंदे ने कहा कि उन्होंने पाटिल से स्पष्ट कहा है कि यदि उनसे कोई अनुचित टिप्पणी हुई है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि 2022 से लगातार व्यक्तिगत टिप्पणियों और परिवारों पर हमलों की राजनीति हो रही है, जिससे पाटिल नाराज थे, लेकिन उनका गुस्सा मीडिया के खिलाफ नहीं था।

संजय राउत ने कमिश्नर को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी गुरुवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती को पत्र लिखकर सांसद संजय दिना पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पाटिल हाल ही में सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हुए हैं और उन पर प्रदर्शनकारियों पर बम फेंकने की कथित टिप्पणी करने का आरोप है। राउत ने आरोप लगाया कि पाटिल ने कहा था कि अगर कोई उनके खिलाफ विरोध करता है, तो वह उन पर बम फेंकेंगे, उनके घरों में घुसेंगे और उन्हें मार डालेंगे।
गौरतलब है कि सोमवार को शिंदे गुट में शामिल होने के बाद भी संजय दीना पाटिल के बयान विवादों में रहे थे। उस समय उन्होंने अपने पिता पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि हमने पांच लोगों को मार दिया था। हालांकि, उन्होंने इस बयान का कोई विस्तृत संदर्भ नहीं दिया था।
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उद्धव के 6 सांसद शिंदे की शिवसेना में शामिल:4 साल में दूसरी टूट, शिंदे बोले- छक्का लगाया

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में सोमवार को फिर बगावत हो गई। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है। पूरी खबर पढ़ें…
ग्वालियर में प्रहलाद पटेल का राहुल गांधी पर हमला: बोले- संविधान को ध्वस्त करने वाले आज संविधान की कॉपी लेकर घूम रहे – Gwalior News
गुरुवार को ग्वालियर पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संविधान को ध्वस्त करने वाले लोग आज संविधान की कॉपी हाथ में लेकर घूम रहे हैं और इसकी सच्चाई देश का युवा अच्छी तरह समझता है। मंत्री पटेल ने यह बयान राहुल गांधी द्वारा शुरू किए गए “देश में छात्रों की गूंज” अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा को लेकर कहा कि परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई है और परिणाम का इंतजार किया जाना चाहिए। इमरजेंसी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आपातकाल को पढ़ाए बिना देश का इतिहास अधूरा रहेगा। दरअसल, राहुल गांधी द्वारा छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर “देश में छात्रों की गूंज” अभियान शुरू किया गया है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा की बात करने वालों का इतिहास सभी जानते हैं और युवा वर्ग भी सब समझता है। नीट परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री पटेल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री पहले ही सभी आवश्यक जानकारी दे चुके हैं। परीक्षा शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुई है तथा अब सभी को परिणाम का इंतजार करना चाहिए। वहीं इमरजेंसी को स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल करने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इसे पढ़ाए बिना न तो स्वतंत्रता का इतिहास पूरा हो सकता है और न ही लोकतंत्र को बचाने के संघर्ष की सही जानकारी मिल सकती है। आपको बता दें कि मंत्री प्रहलाद पटेल ग्वालियर के राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित “आपातकाल एक काला अध्याय” कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जहां वक्ताओं ने आपातकाल के दौर और उसके लोकतांत्रिक प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए।
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