इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के मामले में दोषी ठहराए गए पति को बरी कर दिया है। न्यायालय ने कहा कि पति-पत्नी के बीच केवल विवाद या अलगाव आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं हो सकता। कोर्ट ने यह फैसला तब सुनाया जब यह स्पष्ट था कि आत्महत्या से करीब साढ़े पांच महीने पहले से दोनों के बीच कोई संपर्क या बातचीत नहीं थी। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने अंकुर टंडन की आपराधिक अपील स्वीकार करते हुए निचली अदालत के फैसले को रद्द कर दिया। निचली अदालत ने अंकुर को दहेज प्रताड़ना, आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत दोषी ठहराया था। कोई साक्ष्य नहीं मिला उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306 के तहत दोषसिद्धि के लिए यह साबित करना आवश्यक है कि आरोपी ने आत्महत्या से ठीक पहले या उसके निकट समय में ऐसा कोई कार्य किया हो, जिससे पीड़िता आत्महत्या के लिए प्रेरित या विवश हुई हो। इस मामले में ऐसा कोई साक्ष्य सामने नहीं आया। न्यायालय ने दहेज मांगने के आरोपों पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि छह लाख रुपये दहेज दिए जाने के संबंध में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान परस्पर विरोधी थे। जमीन बेचने की तारीख, उससे मिली राशि और कथित भुगतान का भी कोई विश्वसनीय प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इन परिस्थितियों में अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में विफल रहा। इन तथ्यों के आधार पर, हाईकोर्ट ने निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा को निरस्त करते हुए पति को सभी आरोपों से बरी कर दिया।
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पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी: लखनऊ हाईकोर्ट ने कहा- साढ़े पांच महीने से पत्नी से संपर्क नहीं था – Lucknow News
भारत पर 100% टैरिफ वाला बिल अमेरिकी सीनेट में पास: रूसी तेल खरीदने वाले 5 देशों पर कार्रवाई; 86 सांसदों ने पक्ष में वोट किया, 11 विरोध में
अमेरिकी सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया। इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर हो सके। 23 जुलाई को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। बिल के शुरुआती मसौदे में 500% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव था, लेकिन बाद में इसे घटाकर 100% कर दिया गया। हालांकि, अभी ये कानून नहीं बना है। अभी इसे अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भेजा जाएगा। अगर वहां भी बिल पास हो जाता है, तो इसे राष्ट्रपति ट्रम्प के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उनकी मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून बनेगा। ईरान के साथ ट्रेड करने वाली कंपनियों पर प्रतिबंध बढ़ेगा अगर यह कानून बन जाता है तो 1996 का ‘ईरान प्रतिबंध कानून’ 2031 तक बढ़ जाएगा। यह कानून उन गैर-अमेरिकी कंपनियों पर पाबंदी लगाता है जो ईरान के साथ व्यापार करती हैं। यह कानून इसी साल खत्म होने वाला था। इस बिल से अमेरिकी राष्ट्रपति को यह अधिकार भी मिल जाएगा कि वे अमेरिका में आने वाले रूसी सामान पर 500% तक टैरिफ लगा सकें। राष्ट्रपति का यह अधिकार 5 साल तक लागू रहेगा। व्हाइट हाउस ने पहले भी रूस पर पाबंदियां लगाने की कोशिश की थी। लेकिन ईरान युद्ध के दौरान जब होर्मुज बंद हुआ, तो तेल का संकट आ गया। इस वजह से अमेरिकी प्रशासन को तेल की बिक्री पर कुछ समय के लिए छूट देनी पड़ी थी। भारत ने जून में आधे से ज्यादा तेल रूस से खरीदा भारत ने जून 2026 में रूस से रिकॉर्ड 26.1 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा, जो देश के कुल तेल आयात का 52.4% था। यानी पिछले महीने भारत में आयात होने वाले हर दो बैरल तेल में एक से ज्यादा बैरल रूस से आया। रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है। मई के मुकाबले जून में रूस से तेल आयात में करीब 39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यूरोपीय देशों को टैरिफ में राहत देगा अमेरिका रूस से प्राकृतिक गैस खरीदने वाले चीन, फ्रांस, जापान, हंगरी और बेल्जियम को भी इसके दायरे में रखा गया है। हालांकि, जो देश रूस की कुल गैस निर्यात का 15% से कम आयात करते हैं और अपनी निर्भरता घटाने की दिशा में कदम उठा रहे हैं, उन्हें छूट मिल सकती है। सीनेट में पेश बिल के तहत 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित 100% टैरिफ से छूट दी गई है। इन देशों को राहत इसलिए दी गई है, क्योंकि ये रूस से 15% से कम प्राकृतिक गैस खरीदते हैं और धीरे-धीरे उस पर अपनी निर्भरता भी कम कर रहे हैं। डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह बिल यूरोपीय सहयोगियों के खिलाफ नहीं है। इसका निशाना सिर्फ वे देश हैं, जो अब भी रूस के तेल कारोबार को सबसे ज्यादा आर्थिक सहारा दे रहे हैं। बिल में रूस के ऊर्जा उद्योग, वित्तीय संस्थानों, रक्षा औद्योगिक ढांचे, कारोबारियों और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… UK की व्हिस्की, कारें और ब्यूटी प्रोडक्ट्स सस्ते मिलेंगे:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट आज से लागू, जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर आज से सस्ते मिलेंगे। आज से भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू हो गया है। यानी अब भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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उदयपुर में स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महिला को कुचला, मौत: कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई; पुरानी रंजिश का मामला – Udaipur News
उदयपुर में आज शाम को स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने महिला को इस तरह कुचल दिया।
उदयपुर में तीन गाड़ियों में सवार आरोपियों ने पहले कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। इसके बाद बाहर खड़ी गाड़ियों को पत्थर मारकर तोड़फोड़ की। इसके बाद घर से बाहर निकली एक महिला को स्कॉर्पियो से कुचल दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित कपिल विहार कॉलोनी में यह वारदात शुक्रवार शाम करीब 5:43 बजे हुई। हादसे में गंभीर घायल उर्मिला कुंवर (50) अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। वहीं घटना का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद हो गई।
पहले से चल रहा था विवाद
बताया जा रहा है कि उर्मिला कुंवर के बेटे का आरोपियों से पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी एक काली स्कॉर्पियो और दो थार में सवार होकर कपिल विहार पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने पहले कॉलोनी में खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दहशत फैलाई।
इसी दौरान उर्मिला कुंवर घर से बाहर आईं। CCTV फुटेज में दिखाई दे रहा है कि काली स्कॉर्पियो महिला की ओर बढ़ी और जोरदार टक्कर मार दी।
घटना की सूचना मिलने पर प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र का मुआयना किया। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वारदात के पीछे पुरानी रंजिश कारण हो सकता है।
पटना- बैंकिंग-वित्तीय सुरक्षा पर मंथन: दैनिक भास्कर कॉन्क्लेव सीजन-2 में दिलीप जायसवाल रहे मौजूद, साइबर फ्रॉड से बचाव के जानें टिप्स – Patna News
किसी भी राज्य की आर्थिक तरक्की में बैंकिंग सेक्टर की रीढ़ की हड्डी जैसी अहम भूमिका होती है। बदलते वक्त के साथ जहां डिजिटल बैंकिंग ने ग्राहकों की जिंदगी आसान की है, वहीं, साइबर फ्रॉड जैसी नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। इसी अहमियत को समझते हुए शुक्रवार को पटना के होटल पनाश में दैनिक भास्कर द फाइनेंशियल एज कॉन्क्लेव सीजन-2 का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल और श्रम संसाधन, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप पर शामिल हुए। देखें कार्यक्रम की तस्वीरें… आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया इस मंच पर देश और राज्य के वित्तीय जगत के दिग्गज जुटे, जिन्होंने बैंकिंग सेक्टर के नए बदलावों और आम आदमी की वित्तीय सुरक्षा पर गहराई से विचार-विमर्श किया। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य लोगों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं के बारे में जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित रखना है। बैंकिंग-वित्तीय सुरक्षा पर मंथन, साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। उनके साथ बैंकिंग और बीमा जगत के कई दिग्गज चेहरे बतौर पैनलिस्ट ने अपने विचार रखें। इनमें एसबीआई पटना रीजन के चीफ जनरल मैनेजर अनुराग जोशी, एलआईसी पूर्व मध्य क्षेत्रीय कार्यालय के कार्यकारी निदेशक प्रेमेन्द्र हरि, इंडियन बैंक के जोनल हेड अमन कुमार झा और साइबर एक्सपर्ट सह डीआईजी सुशील कुमार प्रमुख रूप से शामिल हैं। आयोजन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित संस्थानों का सहयोग रहा। एसबीआई इस कार्यक्रम का को-स्पॉन्सर और एलआईसी इंश्योरेंस पार्टनर थे, इन एसोसिएशन विद नेशनल इंश्योरेंस। इसके अलावा, एलिट फाल्कन्स प्रा. लि. सिक्योरिटी पार्टनर थे और देश के कई बड़े बैंक जैसे इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया इसके बैंकिंग पार्टनर रहे। यमुना आवास, डेवलपर्स, ड्रीम इमर्जिंग रियल्टर्स प्रा. लि., दुर्गा होम कंस्ट्रक्शन और इंद्रा नेत्रालय इस आयोजन के सपोर्टर रहे।
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पन्ना में 102 बोरी यूरिया जब्त: दो वाहनों को पवई थाने में खड़ा कराया, बिल, परमिट की जांच कर रही टीम – Panna News
पन्ना के पवई में खरीफ सीजन में यूरिया खाद की बढ़ती मांग के बीच प्रशासन ने अवैध परिवहन और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई की है। शुक्रवार की रात छत्रसाल स्टेडियम के पास घेराबंदी कर दो वाहनों को रोका गया, जिनसे कुल 102 बोरी यूरिया जब्त की गई। प्रशासनिक टीम ने वाहनों की जांच के दौरान वाहन ( MP 21 ZB 1813) से 52 बोरी यूरिया जब्त की, जिसे चालक वीरेंद्र राय चला रहा था। वहीं, वाहन ( MP 35 GA 1295) से 50 बोरी यूरिया जब्त की गई, जिसका चालक धर्मेंद्र कुशवाहा था। टीम कर रही जांच जब्त किए गए दोनों वाहनों को वैधानिक कार्रवाई और आगे की जांच पूरी होने तक पवई थाने में सुरक्षित रखवा दिया गया है। प्रशासन अब यूरिया के इस परिवहन से जुड़े बिल, परमिट और अन्य वैधानिक दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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भगवान खुश, भक्त फिट…इस सावन बनाएं दूध, मखाना और केसर की खीर, ये रही रेसिपी
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Recipe for sawan fast : अगर इस बार आप व्रत के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं तो यह आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें. सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास का माना जाता है. इस दौरान लोग सात्विक भोजन के लिए ऐसी चीजें चुनते हैं जो लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा दें. ऐसे लोगों के लिए दूध, मखाना और केसर से तैयार की जाने वाली खीर एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. रायबरेली के गृह विज्ञान प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि मखाना प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है. दूध शरीर को कैल्शियम और प्रोटीन देता है, केसर व्यंजन की खुशबू और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है.
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और व्रत-उपवास का विशेष समय माना जाता है. इस दौरान लोग सात्विक भोजन का सेवन करते हैं और ऐसी चीजें चुनते हैं जो लंबे समय तक ऊर्जा देने के साथ शरीर को पोषण भी प्रदान करे. अगर आप भी सावन के व्रत में कुछ स्वादिष्ट और हेल्दी बनाना चाहते हैं, तो दूध, मखाना और केसर से तैयार की जाने वाली खीर एक बेहतरीन विकल्प है. यह खीर स्वाद में लाजवाब होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है और घर के सभी सदस्य इसे पसंद करते हैं.
रायबरेली जिले के एसबीवीपी इंटर कॉलेज के गृह विज्ञान के प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह (एमए बीएड लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बताते हैं कि मखाना प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर का अच्छा स्रोत माना जाता है. दूध शरीर को कैल्शियम और प्रोटीन देता है जबकि केसर इसकी खुशबू और स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है. सूखे मेवों के साथ तैयार की गई यह खीर व्रत के दौरान शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देती है.
अरुण कुमार सिंह बताते हैं कि इसे बनाने के लिए एक लीटर फुल क्रीम दूध, 2 कप मखाना, 8 से 10 केसर के धागे चाहिए. इसके अलावा 5 से 6 बड़ा चम्मच चीनी या स्वादानुसार, एक बड़ा चम्मच देसी घी, 8 से 10 बादाम कटे हुए, 8 से 10 काजू कटे हुए, एक बड़ा चम्मच पिस्ता बारीक कटा हुआ और 4 से 5 छोटी इलायची का पाउडर चाहिए.
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अरुण कुमार के मुताबिक, सबसे पहले एक कड़ाही में थोड़ा सा देसी घी गर्म करें और उसमें मखानों को 4 से 5 मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भून लें. ठंडा होने पर आधे मखानों को मोटा-मोटा तोड़ लें और बाकी को साबुत रहने दें. अरुण कुमार बताते हैं कि इससे खीर का स्वाद और बनावट दोनों बेहतर हो जाते हैं.
अब एक भारी तले वाले बर्तन में दूध को उबालें. जब दूध थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तब उसमें भुने हुए मखाने डाल दें. धीमी आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक पकाएं ताकि मखाने अच्छी तरह नरम हो जाए. इसके बाद चीनी, इलायची पाउडर और पहले से थोड़े गर्म दूध में भिगोए हुए केसर के धागे डालें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर 5 से 7 मिनट और पकाएं. आखिर में कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ता डालकर गैस बंद कर दें.
अरुण कुमार बताते हैं कि यह खीर गर्म भी बेहद स्वादिष्ट लगती है और फ्रिज में ठंडी करके भी परोसी जा सकती है. अगर आप व्रत में चीनी का सेवन नहीं करना चाहते तो इसकी जगह मिश्री या स्वादानुसार गुड़ का उपयोग भी कर सकते है. ध्यान रखें कि गुड़ का इस्तेमाल करते समय दूध को गैस से उतारने के बाद ही मिलाएं ताकि दूध फटे नहीं.
अरुण कुमार के मुताबिक दूध, मखाना और केसर से बनी यह खीर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करती है. इसमें मौजूद प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और हेल्दी फैट शरीर को ऊर्जा देते है. यही वजह है कि सावन के व्रत में इसे सबसे पसंदीदा और पौष्टिक व्यंजनों में गिना जाता है. अगर इस बार आप व्रत के लिए कुछ खास बनाना चाहते हैं तो यह आसान और स्वादिष्ट रेसिपी जरूर ट्राई करें.
दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ: ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट मंजूरी, बहुमंजिला और हाईटेक कैंपस को मिलेगी अनुमति – New Delhi News
दिल्ली सरकार ने राजधानी में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और निगमित किए जाने संबंधी प्रारूप विधेयक को मंजूरी दे दी गई। अब इसे विचार और पारित करने के लिए दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, कानून लागू होने के बाद दिल्ली में विश्वस्तरीय निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो सकेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को बेहतर उच्च शिक्षा के विकल्प उपलब्ध कराने के साथ रिसर्च, इनोवेशन, उद्यमिता और उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना है। सरकार का दावा है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप दिल्ली को ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
दिल्ली के छात्रों को 25% सीटें
प्रस्तावित कानून में विद्यार्थियों के हितों पर विशेष जोर दिया गया है। प्रत्येक पाठ्यक्रम में दिल्ली के छात्रों के लिए लागू आरक्षण नीति के अनुसार 25% सीटें आरक्षित रहेंगी। विश्वविद्यालयों को पारदर्शी और भेदभावरहित प्रवेश प्रक्रिया अपनानी होगी। प्रवेश, परीक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता से जुड़े मानकों में भी पारदर्शिता सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा। सीमित जमीन में बनेंगे आधुनिक कैंपस
दिल्ली में जमीन की सीमित उपलब्धता को देखते हुए बड़े भू-भाग वाले पारंपरिक परिसरों की अनिवार्यता नहीं होगी। आधुनिक, बहुमंजिला और शहरी कैंपस विकसित किए जा सकेंगे। हालांकि, संस्थानों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा, छात्र सुविधाएं, रिसर्च क्षमता और बेहतर प्रशासन जैसे मानक पूरे करना जरूरी होगा। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों और उनके ऑफ-कैंपस केंद्रों के लिए भी दिल्ली में काम करने का रास्ता खुल सकता है।
नियामक प्राधिकरण करेगा निगरानी
निजी विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली प्राइवेट यूनिवर्सिटीज रेगुलेटरी अथॉरिटी गठित की जाएगी। यह प्रवेश, परीक्षा, शिक्षण, रिसर्च, छात्र रिकॉर्ड और संस्थागत प्रदर्शन की निगरानी करेगी। विश्वविद्यालय के प्रस्तावों की जांच वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, शिक्षाविदों, यूजीसी प्रतिनिधियों और वित्त विशेषज्ञों की समिति करेगी। निजी विश्वविद्यालय स्व-वित्तपोषित होंगे और उन्हें सरकार से नियमित वित्तीय अनुदान नहीं मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से दिल्ली के युवाओं को अपने शहर में विश्वस्तरीय शिक्षा के अवसर मिलेंगे। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसे दिल्ली को भारत की ‘नॉलेज कैपिटल’ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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औरैया में महिला ने किया सुसाइड: घर से डेढ़ किमी दूर जंगल में पेड़ से फांसी लगाई, पति करता है मजदूरी – Auraiya News
थाना सहायल क्षेत्र के ताजपुर गांव में शुक्रवार की। दोपहर बाद करीब तीन बजे एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतका की पहचान मोहिनी कठेरिया (29 वर्ष) पत्नी प्रथम बाबू के रूप में हुई है, जो ताजपुर गांव की निवासी थीं। उन्होंने अपने गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पुरवा फकीरे के जंगल में नाले के किनारे एक पेड़ पर अपनी साड़ी से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मोहिनी की शादी मई 2017 में हुई थी और उनके तीन बच्चे हैं, जिनमें अंशिका (7 वर्ष), हीरो (5 वर्ष) और यश (3 वर्ष) शामिल हैं। उनके पति प्रथम बाबू मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के पति, ससुराल पक्ष के लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मायका पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। थाना प्रभारी रमेश सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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