फलोदी जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत जिला अस्पताल से टीमें पोलियो रोधी दवा लेकर बूथों पर रवाना हुईं। जिला अस्पताल में भी एक बूथ स्थापित किया गया है, जहां बच्चों को दवा पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।
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राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत फलोदी जिले में 1.53 लाख से अधिक बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाई जाएगी। यह खुराक नवजात शिशुओं से लेकर 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के पहले दिन जिले भर में कुल 870 बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में छूटे हुए बच्चों को खुराक पिलाने के लिए घर-घर जाकर टीमें दवा देंगी।
अभियान की तैयारियों के बारे में बताते हुए आरसीएचओ डॉ. हजारीमल सोनी ने कहा कि इसके लिए 2500 प्रशिक्षित वैक्सीनेटर, 3 मोबाइल टीमें और वैक्सीन की सुरक्षा व वितरण के लिए जिले में 33 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए गए हैं।
सीएमएचओ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं और पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। अभियान के दौरान जिला स्तरीय अधिकारी नियमित रूप से निगरानी कर रहे हैं।
मशहूर सिंगर किशोर कुमार के बेटे सुमित कुमार ने अपने बचपन का एक किस्सा बताया. एक बार सुमित छिपकर सिगरेट पीते हुए रंगे हाथ पकड़ा गए थे और उस वक्त पिता किशोर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था. उन्होंने बेटे को जमकर फटकार लगाई थी. सुमित कुमार ने बताया कि उस वक्त ऐसा लगा कि जैसे कोई धमाक हुआ हो. पिता के उस कड़े रुख और गुस्से ने अमित को अंदर तक हिला दिया था.
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बेटे को सिगरेट पीते देख फट पड़ा था किशोर कुमार का गुस्सा.
नई दिल्ली. फेमस सिंगर किशोर कुमार ने कई सुपरहिट गाने दिए हैं. उनके गाने आज भी खूब सुने जाते हैं. अब सुमित कुमार ने बताया कि किशोर कुमार सख्त पिता थे और साथ ही एक अपने बचपन का दिलचस्प भी किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि बचपन में जब किशोर कुमार ने उन्हें सिगरेट पीते हुए देख लिया था, तब वह गुस्से से लाल हो गए थे. उस वक्त किशोर कुमार का सख्त रूप देखकर सुमित बेहद डर गए थे, जिसने उन्हें हमेशा के लिए एक बड़ा सबक दे दिया.
सुमित कुमार अपनी मां और एक्ट्रेस लीना चंदावरकर के साथ म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने बचपन की एक याद साझा करते हुए बताया कि यह घटना उस समय की है, जब वह अमेरिका के वाशिंगटन में एक शो के लिए गए हुए थे.
चित्रकूट में ग्रामीण क्षेत्रों की नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट और स्टैंडर्ड चार्टर्ड के सहयोग से रविवार को ‘रूरल आई केयर एजुकेशन एकेडमी’ का शुभारंभ किया गया। इस एकेडमी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में 20 हजार से अधिक नेत्र देखभाल पेशेवर तैयार करना है, जिसमें महिलाओं और वंचित वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। एकेडमी का उद्घाटन मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने किया। इस अवसर पर संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य राजीव नयन चौबे (सेवानिवृत्त आईएएस), स्टैंडर्ड चार्टर्ड की भारत की सस्टेनेबिलिटी प्रमुख करूणा भाटिया, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन और श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के निदेशक एवं कार्यकारी ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन उपस्थित रहे। इस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित, रोजगारपरक और लैंगिक समावेशी नेत्र स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करना है। यहां नेत्र रोग विशेषज्ञों, एलाइड ऑप्थैल्मिक पर्सनल, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और नेत्र देखभाल प्रबंधकों को आधुनिक तकनीक से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रबंधन पाठ्यक्रमों में कम से कम 50 प्रतिशत और एलाइड ऑप्थैल्मिक प्रशिक्षण में 70 प्रतिशत तक महिलाओं को अवसर देने की योजना है। एकेडमी में सिमुलेशन आधारित स्किल लैब, डिजिटल लर्निंग सिस्टम और आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां दीर्घकालिक रोजगारपरक कोर्स के साथ अल्पकालिक क्लीनिकल एवं प्रबंधकीय प्रशिक्षण भी संचालित होंगे। सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय पिछले पांच दशकों से मध्य और उत्तरी भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में किफायती और गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। स्टैंडर्ड चार्टर्ड के ‘सीइंग इज बिलीविंग’ कार्यक्रम के सहयोग से अब तक 8.5 लाख से अधिक लोगों की नेत्र जांच, दो लाख से ज्यादा चश्मों का वितरण और 68 हजार से अधिक मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में 64 विजन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन महिला विजन टेक्नीशियन कर रही हैं। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान देशभर में नेत्र चिकित्सा के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा। करूणा भाटिया ने इस अवसर पर कहा कि स्थायी बदलाव के लिए एक मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली और प्रशिक्षित कार्यबल आवश्यक है।
भोजपुर में 8 साल के बच्चे की मौत हो गई। अमरूद के पेड़ से गिरने और गला दबने के कारण हादसा हुआ है। मृतक की पहचान देवकुली गांव निवासी सनत कुमार दुबे के पुत्र इशांत कुमार के तौर पर हुई है। घटना गड़हनी थाना क्षेत्र के बड़ौरा गांव की है। मृतक की मां ने बताया कि इशांत घर में खेल रहा था। इस दौरान मैंने उससे कहा कि चलो नहा लो, तो उसने कहा कि ठीक है मैं आता हूं। इस बीच वह घर के पास अमरूद के पेड़ पर चढ़ गया। जहां से गिर जाने के कारण उसके गला दब गया। कुछ देर बाद मैंने अपनी बेटी को कहा कि देखो बाबू कहां गया है। जब उसकी बहन वहां पहुंची तो उसने देखा कि वह पेड़ से लटका हुआ है। आनन-फानन में अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घर में मचा कोहराम इशांत घर में इकलौता लड़का था। परिवार में मां और दो बहन श्रेष्ठी, श्रेया है। मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विदिशा शहर के सिविल लाइन रोड स्थित SATI कॉलेज गेट के सामने शनिवार रात करीब 8 बजे एक मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गया और पलट गया। ट्रक अडानी फैक्ट्री से तेल की कैन लेकर बासौदा जा रहा था। हादसे में चालक सुरक्षित रहा। हालांकि, वाहन और उसमें
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बाइक सवार को बचाने के दौरान हुआ हादसा
ट्रक चालक सलीम ने बताया कि रास्ते में अचानक एक बाइक सवार सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद वाहन डिवाइडर पर चढ़कर पलट गया।
हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। पुलिस ने पलटे हुए वाहन को हटाने की कार्रवाई शुरू कराई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की डिवाइडर वाली सड़कों पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका कहना है कि ईदगाह चौराहा से मुखर्जी नगर मार्ग पर भी अक्सर हादसे होते रहते हैं। दो दिन पहले भी इसी तरह एक कार रात के समय डिवाइडर पर चढ़ गई थी। उस हादसे में वाहन को भारी नुकसान हुआ था, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई थी।
स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि सड़कों पर डिवाइडर तो बना दिए गए हैं, लेकिन पर्याप्त रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत, रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
दिल्ली के ये हैं टॉप साउथ इंडिया रेस्टोरेंट, डोसा प्रेमियों के लिए है जन्नत
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Delhi Best Restaurants: अगर आप साउथ इंडियन खाने के शौकीन हैं और दिल्ली में बेस्ट साउथ इंडियन रेस्टोरेंट की तलाश कर रहे हैं तो आपको बता दें कि दिल्ली में एक नहीं, बल्कि कई साउथ इंडियन रेस्टोरेंट हैं. जहां पर इडली, सांभर, मसाला डोसा और पनीर डोसा से लेकर सब कुछ मिलता है. इन रेस्टोरेंट में साउथ इंडियन स्टाइल में ही खाना भी परोसा जाता हैं. आइये यहां जानते हैं दिल्ली के बेस्ट रेस्टोरेंट को बारे में.
साउथ इंडियन रेस्टोरेंट जो दिल्ली में सबसे ऊपर आता है, उसमें जगरनॉट रेस्टोरेंट का नाम सबसे पहले आता है. जो कि ग्रेटर कैलाश-1 में है. यहां पर बेहतरीन डोसा, पोडी इडली, रसम और साउथ इंडियन थाली मिलती है. साउथ इंडियन टूरिस्ट यहां पर जरूर आता है और तो और दिल्ली वाले भी यहां पर साउथ इंडियन खाने का मजा लेने हमेशा आते हैं. यही वजह है कि यह रेस्टोरेंट हमेशा फुल रहता है. यहां पर लंबी वेटिंग चलती है.
यही नहीं, सरवन भवन रेस्टोरेंट जो कि जनपथ, कनॉट प्लेस में है. यह एक ऑथेंटिक तमिल शैली का स्वाद, इडली, मसाला डोसा और फिल्टर कॉफी के लिए लोगों का पसंदीदा रेस्टोरेंट है. यहां का फूड सस्ता और अच्छा होता है. यहां पर हमेशा आपको लोगों की भीड़ नजर आ जाएगी.
दशाप्रकाश जो कि दिल्ली के कनॉट प्लेस में है, यह रेस्टोरेंट भी शुद्ध शाकाहारी खाने के लिए मशहूर है. यहां का मैसूर मसाला डोसा, रवा डोसा और पारंपरिक दक्षिण भारतीय नाश्ते के लिए शानदार विकल्प हैं. यहां का साउथ इंडियन फूड बेहद चटपटा होता है. साउथ इंडियन के साथ जो लोग शुद्ध शाकाहारी खाना पसंद करते हैं. उनको यह बहुत पसंद आता है.
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दक्षिण शेराटन न्यू दिल्ली जो कि साकेत में है. यह अपने प्रीमियम डाइनिंग के साथ केरल, तमिलनाडु, आंध्र और कर्नाटक के प्रामाणिक व्यंजन के लिए बेहद मशहूर है. हालांकि यह थोड़ा महंगा है, लेकिन यहां पर भी साउथ इंडियन फूड का स्वाद लेने लोग आते हैं.
दिल्ली का एक और ऐसा रेस्टोरेंट है. जो अपने साउथ इंडियन खाने के साथ साथ स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल करने के मामले में भी काफी मशहूर है. इसका नाम नैवेद्यम है जोकि आईआईटी दिल्ली के साथ ही हौज़ खास और नोएडा तक फैला हुआ है. इनकी कई ब्रांच पूरे दिल्ली में हैं. यह रेस्टोरेंट केले के पत्ते पर परोसी जाने वाली थाली और पारंपरिक स्वाद के लिए प्रसिद्ध है.
कर्नाटक फूड सेंटर जो कि दिल्ली के आरकेपुरम में है. यह एक किफायती और स्वादिष्ट मैसूर मसाला डोसा, वड़ा और केसरी बाथ के लिए मशहूर है. यहां पर टूरिस्ट और लोकल दिल्ली वाले भी जाते हैं. यहां का खाना ऐसा है कि एक बार अगर आपने खा लिया तो आप बार बार यहीं पर खाने आयेंगे.
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पुणे पुलिस सिया-चेतन को लोहगढ़ फोर्ट ले गई। केतन के मर्डर का सीन रीक्रिएट किया।
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने गूगल पर लोहगढ़ किले के डेथ पॉइंट सर्च किए थे। वहां तक पहुंचने का रास्ता और खाइयों की भी जानकारी जुटाई थी।
पुलिस ने कहा- दोनों ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट और जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो’ जैसे सवाल सर्च किए। पकड़े जाने पर पुलिस के सवालों के क्या जवाब देने हैं, यह भी खोजा। कौन-कौन से वॉट्सएप मैसेज डिलीट करना है, यह भी सर्च किया था।
पुलिस ने बताया कि चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मर्डर के दिन अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था। इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। पुलिस डिलीट किए गए वॉट्सएप मैसेज की भी फोरेंसिक जांच करा रही है।
शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता को लोणावला पुलिस स्टेशन में पूछताछ के लिए बुलाया था।
पुणे मर्डर केस जुड़े अपडेट
रविवार को पुलिस सिया और चेतन को लेकर लोहगढ़ फोर्ट पहुंची। यहां पर केतन की हत्या का सीन रीक्रिएट किया जा रहा है।
पुलिस ने शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता से 12 घंटे पूछताछ की। इससे पहले गुरुवार को सिया के भाई से 10 घंटे तक पूछताछ की थी।
पुलिस ने आरोपी चेतन चौधरी की बाइक जब्त की है, जिससे वह लोहगढ़ किला पहुंचा था। इसके अलावा चेतन की हुडी, हेडफोन और अन्य सामान जब्त किया है। सभी की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सिया-चेतन का नया वीडियो
सिया और चेतन का नया वीडियो सामने आया। इसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
वहीं, पुलिस की पूछताछ में सिया के भाई साहिल ने खुलासा किया कि सिया-चेतन की मुलाकात क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। इसके बाद एक दोस्त के घर दिवाली की पूजा में भी दोनों मिले थे। साहिल भी चेतन को जानता है।
दरअसल, सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हुई थी। सिया पर बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मंगेतर की हत्या का आरोप है। दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
सिया और चेतन का वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखते नजर आ रहे हैं।
केतन की मां बोलीं- सिया और चेतन को फांसी की सजा मिले
शनिवार शाम केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए पिंपरी-चिंचवाड़ में परिवार और सोसाइटी के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘मेरा 26 साल का बेटा बिना किसी गलती के मारा गया। मैं उसकी शादी कराने निकला था, लेकिन बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। मेरी सिर्फ एक मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।’
केतन की मां राखी अग्रवाल ने कहा, ‘मैं एक मां हूं और सिया की भी मां है। इसके बावजूद मैं चाहती हूं कि सिया और चेतन, दोनों को फांसी की सजा मिले। मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।’
कैंडल मार्च की 2 तस्वीरें…
कैंडल मार्च के दौरान केतन के माता-पिता समेत अन्य लोग भावुक नजर आए।
केतन के परिवार ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
केतन मर्डर केस में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए…
सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डेटा रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे। ये नंबर तन चौधरी के थे। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में है, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, केतन के पिता के मुताबिक शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
दावा- केतन का सिर कुचला हुआ था
केतन का शव स्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया…
केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी चोट थीं। कई लोग रो रहे थे, मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन सिया शांत खड़ी थी। 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। बचाव अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला और करीब 1:30 बजे शव एंबुलेंस में पहुंचाया गया था।
केतन के पिता बोले- घटना वाले दिन ही सिया पर शक हुआ
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए थे। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी जवाब नहीं दिया।
चेतन के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया था कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकाला जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर उसकी पहचान की गई।
केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही। सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।
सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई नवंबर, 2025 में हुई थी। दोनों के परिवार शादी की तैयारियां कर रहे थे।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर सिया के अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
सिया की मां पूजा बोलीं- इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
सिया ने पिता प्रवीण ने कहा कि सिया ने खुद कहा था कि केतन से उसका रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था। केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।
सिया के माता-पिता ने गुरुवार को पहली बार मीडिया से इस केस पर बात की। पिता ने कहा कि केतन और सिया को एक-दूसरे से प्यार था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा
11फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया
सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया
सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया
19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
चेतन और सिया 17 जून को पुणे के एक कैफे में मिले थे। यहीं पर केतन का मर्डर प्लान किया था।
पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस को साजिश से जुड़े कई सबूत मिले हैं। पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने गूगल मैप पर लोहगढ़ किले की पगडंडियों, खतरनाक जगहों और खाइयों की जानकारी जुटाई।
दोनों ने गूगल पर ‘डेथ पॉइंट’ और ‘जहर देकर कैसे मारें, ताकि पुलिस को शक न हो’ जैसी सवाल भी गूगल पर सर्च किया था।
दोनों ने पहले से यह भी तय कर लिया था कि पूछताछ के दौरान क्या जवाब देना है। कौन-कौन से व्हाट्सएप मैसेज डिलीट करने हैं। मोबाइल लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड से भी साजिश की पुष्टि हुई है।
चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मर्डर के दिन अपना मोबाइल एक दुकान पर छोड़ दिया था। इसके बाद उसने दूसरे मोबाइल का इस्तेमाल किया। पुलिस डिलीट किए गए व्हाट्सएप मैसेज की भी फोरेंसिक जांच करा रही है।
क्रिकेट मैच के दौरान पहचान हुई थी
पुलिस के मुताबिक, सिया की चेतन से पहचान क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। सिया के भाई साहिल ने भी पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह चेतन को पहले से जानता था। जांच एजेंसियां दोनों के बीच संबंध और साजिश की पूरी टाइमलाइन खंगाल रही हैं।
सिया और चेतन का ये वीडियो सामने आया है, जिसमें दोनों महाराष्ट्र क्रिकेट लीग का मैच देखती नजर आ रहे है। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
केतन की मां बोलीं- दोनों के फांसी की सजा मिले
केतन अग्रवाल को श्रद्धांजलि देने के लिए पिंपरी-चिंचवड़ में परिवार और सोसाइटी के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला। उन्होंने आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की।
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने कहा, ‘मेरा 26 साल का बेटा बिना किसी गलती के मारा गया। मैं उसकी शादी कराने निकला था, लेकिन बेटे की अर्थी उठानी पड़ी। मेरी सिर्फ एक मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिले।’
केतन की मां राखी अग्रवाल ने कहा, ‘मैं एक मां हूं और सिया की भी मां है। इसके बावजूद मैं चाहती हूं कि सिया और चेतन, दोनों को फांसी की सजा मिले। मुझे सिर्फ अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए।’
सिया के परिवार से पूछताछ की 2 तस्वीरें…
गोयल के माता-पिता प्रवीण गोयल और पूजा गोयल से शनिवार को लोणावला पुलिस स्टेशन में पूछताछ हुई। इससे पहले शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, साहिल चेतन चौधरी को जानता है।
शनिवार को सिया गोयल के माता-पिता को पुणे पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया।
शुक्रवार को आरोपी सिया गोयल के भाई साहिल गोयल से करीब 10 घंटे पूछताछ की।
केतन मर्डर केस में अब तक क्या-क्या खुलासे हुए…
दावा- केतन का सिर कुचला हुआ था
नया दावा सामने आया है। केतन का शव रेस्क्यू करने वाले सुनील गायकवाड़ ने बताया है कि केतन के सिर पर गंभीर चोटें थीं, खोपड़ी कुचली हुई थी और हाथ-पैरों पर भी कई जगह चोट थीं। अन्य लोग रो रहे थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन सिया गोयल शांत खड़ी थी। ‘
सुनील ने कहा- शव को जंगल के रास्ते बाहर लाया गया। पुलिस को 18 जून की सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। बचाव अभियान दोपहर 12:30 बजे तक चला और करीब 1:30 बजे शव एंबुलेंस में पहुंचाया गया था।
केतन के पिता बोले- घटना वाले दिन ही सिया पर शक हुआ
केतन के पिता विशाल अग्रवाल के मुताबिक, घटना वाले दिन ही परिवार को सिया गोयल पर शक हो गया था। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने जब कहा कि केतन अभी जिंदा है। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, तब सिया के हावभाव बदल गए थे। इसके बाद सिया ने परिवार के सवालों का भी जवाब नहीं दिया।
चेतन के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि 18 जून को सिया की मां का फोन आया था कि केतन लोहगढ़ किले से गिर गया है। परिवार मौके पर पहुंचा तो केतन को खाई से निकाला जा चुका था। उन्होंने देखा कि केतन का मुंह बंधा हुआ था। चेहरा खुलवाकर उसकी पहचान की गई।
दरअसल, सिया और केतन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर घूमने गए थे। इसी दौरान केतन की खाई में गिरने से मौत हुई थी। सिया पर बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मंगेतर की हत्या का आरोप है। दोनों पुलिस हिरासत में हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
बुआ सिया को ले गई, तभी परिवार का शक गहराया
केतन की बहन ने सिया से पूछा कि वह कहां बैठी थी, केतन कैसे गिरा और वह किले के उस किनारे तक कैसे पहुंचा। सिया ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। उसका रोना भी परिवार को बनावटी लगा।
अगले दिन जब वह उनके घर आई, तब भी परिवार ने पूछा कि केतन का कौन सा पैर फिसला था, लेकिन वह चुप रही। सवाल-जवाब के दौरान शादी तय कराने वाली सिया की बुआ उसे “तू चल-चल” कहकर वहां से ले गई। इसके बाद परिवार का शक और गहरा हो गया।
सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई नवंबर, 2025 में हुई थी। दोनों के परिवार शादी की तैयारियां कर रहे थे।
परिवार ने CCTV देखे, फिर पुलिस को सूचना दी
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उसी शाम परिवार ने बैठकर पूरी घटना पर चर्चा की। उनकी बेटी ने कहा कि कुछ ठीक नहीं लग रहा। परिवार ने पूरी घटना को जोड़कर देखा और सोसायटी के CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखा कि लौटते समय सिया रो भी नहीं रही थी। शक बढ़ने पर परिवार ने पुलिस को सूचना दी।
विशाल अग्रवाल ने कहा कि केतन को सिया के अफेयर की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उसे कई बार सिया का फोन लगातार बिजी मिलने पर शक हुआ था। उसने परिवार से पूछा भी था कि क्या सिया के बारे में पूरी जानकारी ली गई है
परिवार ने उसे भरोसा दिलाया कि रिश्तेदारों ने पूरी पड़ताल की है। इसके बाद उसने दोबारा इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर सिया के अफेयर की जानकारी होती तो यह रिश्ता कभी तय नहीं होता।
सिया-चेतन ने चैट डिलीट की
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने हत्या से पहले और बाद में अपने मोबाइल की चैट हिस्ट्री डिलीट कर दी थी। दोनों ने रीसायकल बिन भी खाली कर दिया था। डेटा रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे।
ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।
पुलिस का दावा- विग और हकलाने की वजह से की हत्या
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सिया ने बताया कि उसे केतन का विग लगाना और हकलाना पसंद नहीं था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची। हालांकि, केतन के पिता के मुताबिक शादी तय होने से पहले ही सिया और उसके परिवार को केतन के विग के बारे में जानकारी दे दी गई थी।
सिया की मां पूजा गोयल बोलीं- बेटी शादी को लेकर खुश थी
सिया की मां पूजा बोलीं- इस मामले में कोई भी दोषी है तो उसे सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अगर मेरी बेटी दोषी है, तो उसे भी उसी जगह से नीचे फेंक देना चाहिए, जहां से केतन को धक्का दिया गया था।
सिया ने पिता प्रवीण ने कहा कि सिया ने खुद कहा था कि केतन से उसका रिश्ता करवा दीजिए। केतन ने ही सिया को फोन कर लोहगढ़ किला जाने के लिए कहा था। वही कार लेकर आया था। केतन सिया एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। एक बार तो केतन सुबह 4 बजे ही सिया से मिलने घर आ गया था।
सिया के माता-पिता ने गुरुवार को पहली बार मीडिया से इस केस पर बात की। पिता ने कहा कि केतन और सिया को एक-दूसरे से प्यार था।
केतन की हत्या के पहले कैफे में मिले थे सिया-चेतन
केतन की मौत से एक दिन पहले 17 जून को सिया और चेतन पुणे के कोंढवा इलाके में स्थित एक कैफे गए थे।
केतन की हत्या के एक दिन पहले 17 जून को आरोपी सिया और प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे। न्यूज एजेंसी IANS ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि यहीं लोहगढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने का प्लान बनाया था। दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था।
31 मई को मारने का आइडिया आया, 18 जून को मर्डर
31 मई: सिया को केतन की हत्या का प्लान सूझा
11फरवरी को सगाई के बाद केतन, सिया को घर लेकर आता था, साथ घुमाने ले जाता था। उसे ट्रैकिंग यानी पहाड़ी चढ़ने का शौक था। उसने सिया से ट्रैकिंग के लिए लोहगढ़ किले चलने को कहा। यहीं सिया को केतन की हत्या की प्लान सूझा।
5 जून: किले पर जाने की जिद की, केतन नहीं गया
सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की। केतन नहीं माना। 6 जून को केतन, उनकी बहन, एक दोस्त और सिया के इंडोनेशिया के बाली जाने के टिकट बुक थे। पुणे पुलिस के मुताबिक बाली न जाना पड़े, इसलिए सिया ने केतन का पासपोर्ट छिपा लिया।
14 जून: दूसरी कोशिश, धक्का दिया, लेकिन केतन बच गया
सिया ने केतन से दोबारा किले पर चलने को कहा। पुलिस के मुताबिक 14 जून को दोनों किले पहुंचे। सिया ने केतन को धक्का दिया। लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन बच गया। उसने पूछा- धक्का क्यों दिया? सिया ने कहा, ‘एक सांप था, तुम्हें उससे बचाने के लिए धक्का दिया।’ केतन ने घर आकर सबको बताया कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
18 जून: तीसरी कोशिश में बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर धक्का दिया
19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। सिया ने उससे पहले केतन को प्री-वेडिंग फोटोशूट की बात कहकर लोहगढ़ किले पर जाने के लिए मना लिया। इस बार पीछे-पीछे चेतन भी था। एक जगह जब केतन पहाड़ियों की तरफ देख रहा था, तभी दोनों ने उसे पीछे से धक्का दे दिया।
अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताई। CENTCOM के मुताबिक ये हमले होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए। यह कार्रवाई ‘एम/टी किकु’ नाम के तेल टैंकर पर हुए ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई है। रॉयटर्स के मुताबिक होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया गया। जहाज को नुकसान पहुंचा, लेकिन वह आगे बढ़ रहा है। अमेरिका ने ईरान पर हमला करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। यह कार्रवाई अमेरिका की ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर हालिया सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के 10 सैन्य ठिकानों पर हमले का यह वीडियो जारी किया… पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका ने ईरान पर फिर किए हवाई हमले: अमेरिका ने शुक्रवार को करीब एक घंटे तक ईरान के मिसाइल, ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर हवाई हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम तोड़ा था, इसलिए यह कार्रवाई की गई।
2. ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमला: ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि उसने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि, किन ठिकानों पर हमला हुआ, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
3. होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकर पर हमला: ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक तेल टैंकर पर हमला हुआ। जहाज के कंट्रोल रूम को नुकसान पहुंचा है, लेकिन सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और तेल रिसाव की सूचना नहीं है।
4. खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां: ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां जारी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए उनके पार्थिव शरीर को सड़क के बजाय हेलिकॉप्टर या सैन्य विमान से ले जाने पर विचार किया जा रहा है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
सुपरस्टार अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर कॉमेडी ड्रामा ‘वेलकम टू द जंगल’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की तीसरी किश्त को दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है, जिसके चलते दूसरे दिन फिल्म की कमाई में बड़ा उछाल देखा गया. पेड प्रिव्यूज और शनिवार के दमदार कलेक्शन की बदौलत फिल्म ने महज दो दिनों में 40 करोड़ के करीब पहुंच गई है. वीकेंड पर फिल्म की यह रफ्तार बॉक्स ऑफिस पर बड़े रिकॉर्ड की तरफ इशारा कर रही है.
नई दिल्ली. सुपरस्टार अक्षय कुमार की कॉमेडी-एक्शन ड्रामा ‘वेलकम टू द जंगल’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. इस मल्टीस्टारर फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है, जिसके दम पर मूवी ने बॉक्स ऑफिस पर बेहद शानदार शुरुआत की. पहले दिन ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर डबल डिजिट के साथ धुआंधार बिजनेस किया.
अब ‘वेलकम टू द जंगल’ ने दूसरे दिन भी डबल डिजिट में ही कलेक्शन किया है. कमाल की बात है कि शनिवार को फिल्म की कमाई में 31.1 फीसदी का जबरदस्त उछाल आया है. ट्रे़ड वेबसाइट सैकनिल्क के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने रिलीज के दूसरे दिन 20 करोड़ रुपये का दमदार कलेक्शन किया.
यह आंकड़ा पहले दिन हुई 15.25 करोड़ की कमाई से भी बेहतर है. वहीं, पेड प्रिव्यूज से मिले 3.75 करोड़ को मिलाकर ‘वेलकम टू द जंगल’ का इंडिया में नेट कलेक्शन 39 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जबकि इसका इंडिया ग्रोस कलेक्शन 46.80 करोड़ रुपये हो चुका है.
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इसी के साथ अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ इस साल बॉलीवुड की तीसरी सबसे बड़ी ओपनिंग करने वाली फिल्म बन गई है. इस लिस्ट में पहले दो नंबर पर ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (238.60 करोड़ रुपये) और ‘बॉर्डर 2’ (43.50 करोड़ रुपये ) का कब्जा है.
फिल्म की कहानी एक चालाक पॉलिटिशियन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी 2000 करोड़ की अघोषित दौलत को टैक्स रेड से बचाने के लिए नकली फिल्म बनाने का ढोंग रचता है. वह इस मनगढ़ंत फिल्म में फ्लॉप एक्टर्स और नौसिखिए डायरेक्टर को जबरदस्ती कास्ट करता है. असली ट्विस्ट तब आता है, जब नेता का सारा पैसा गायब हो जाता है. अब इस अतरंगी टीम को 24 घंटे में फिल्म सुपरहिट बनानी है, जहां उनका सामना खतरनाक आतंकवादियों से होता है.
इस फिल्म को एए नाडियाडवाला, केप ऑफ गुड फिल्म्स और स्टार स्टूडियो18 द्वारा सीता फिल्म्स और राकेश डांग के सहयोग से पेश किया गया है. मशहूर ‘वेलकम’ फ्रेंचाइजी की इस तीसरी किश्त में अक्षय कुमार के अलावा कई सितारों की फौज है, जो शायद ही बॉलीवुड के इतिहास में किसी फिल्म में नजर आई होगी.
अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ में सुनील शेट्टी, परेश रावल, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, श्रेयस तलपड़े, राजपाल यादव, कृष्णा अभिषेक, कीकू शारदा और दलेर मेहंदी जैसे सितारे शामिल हैं. अक्षय कुमार की इस कॉमेडी मूवी में लगभग 34 सितारों ने काम किया है.
इसके साथ ही आफताब शिवदासानी, मुकेश तिवारी, यशपाल शर्मा, किरण कुमार, जाकिर हुसैन, विंदु दारा सिंह, उर्वशी रौतेला, हेमंत पांडे, बृजेंद्र काला, फिरोज खान, पुनीत इस्सर, सुदेश बेरी, जीतू वर्मा, वृही कोदवारा, आदित्य सिंह और भाग्य भानुशाली जैसे कई और जाने-माने चेहरे भी इस फिल्म में अपनी कॉमेडी और एक्टिंग का तड़का लगाया है.
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