7-5-3-1 Rule: बाजार में गिरावट, शुरुआती कम रिटर्न और जल्द अमीर बनने की चाह में कई लोग बीच रास्ते में ही SIP बंद कर देते हैं. अगर आप भी ऐसी गलती से बचना चाहते हैं, तो 7-5-3-1 नियम आपके बहुत काम आ सकता है. यह आसान फॉर्मूला आपको अनुशासित निवेश करने और लंबे समय में बड़ा फंड बनाने में मदद कर सकता है.
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7-5-3-1 Rule: म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले ज्यादातर लोग अमीर बनने से ठीक पहले अपनी SIP बंद कर देते हैं. बाजार की मामूली गिरावट और शुरुआती धीमी रफ्तार को देखकर लोग घबरा जाते हैं और बड़ा फंड बनाने का मौका खो देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि निवेश का एक ऐसा जादुई नियम है जो आपको बड़ा फंड बनाने की गारंटी दे सकता है? इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने और मोटी कमाई करने के लिए एक्सपर्ट्स ‘7-5-3-1’ का अचूक फॉर्मूला अपनाने की सलाह देते हैं, जो आपके निवेश करने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा.
अगर आप भी अपनी इन्वेस्टमेंट को सही दिशा देना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स 7-5-3-1 के नियम को अपनाने की सलाह देते हैं. यह नियम केवल रिटर्न पर नहीं, बल्कि धैर्य, विविधता और भावनाओं पर काबू रखने पर जोर देता है.
‘7’ का मतलब: कम से कम 7 साल तक टिके रहें शेयर बाजार में निवेश का असली जादू लंबे समय में ही दिखता है. आंकड़े बताते हैं कि बड़ा फंड बनाने के लिए कम से कम 7 साल का समय जरूरी है. उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक 5,000 रुपये की SIP 3 साल के लिए करता है, तो 12% ब्याज दर से उसका फंड 2.17 लाख रुपये बनेगा, जिसमें मुनाफा सिर्फ 37,000 रुपये होगा. लेकिन अगर कोई दूसरा निवेशक यही निवेश 7 साल तक जारी रखता है, तो उसका कुल फंड 6.6 लाख रुपये हो जाएगा, जिसमें मुनाफा 2.39 लाख रुपये होगा.
‘5’ का मतलब: 5 अलग-अलग जगहों पर बांटें पैसा मार्केट के रिस्क से बचने के लिए सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं. अपने निवेश को 5 अलग-अलग बास्केट लार्ज-कैप इक्विटी, मिड-कैप इक्विटी, वैल्यू स्टॉक्स, डेट फंड्स और सोना में बांटें.
‘3’ का मतलब: इन 3 भावनाओं पर काबू रखें पैसा कमाने में आपके दिमाग और भावनाओं का बड़ा हाथ होता है। निवेश के सफर में इन 3 भावनाओं को खुद पर हावी न होने दें.
शंका: शुरुआत में SIP का रिटर्न धीमा दिखने पर लोग स्कीम पर शक करने लगते हैं और निवेश रोक देते हैं.
निराशा: जब मार्केट गिरता है और प्रॉफिट कम होता है, तो लोग निराश होकर FD जैसे पारंपरिक रास्तों की तरफ भागते हैं. याद रखें कि जब तक आप पैसा निकालेंगे नहीं, तब तक नुकसान सिर्फ कागजी है.
घबराहट: बाजार में 20% या 30% की गिरावट देखकर नए निवेशक डर जाते हैं और अपनी SIP बंद कर देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती है.
‘1’ का मतलब: हर साल कम से कम 1 बार बढ़ाएं निवेश जैसे-जैसे आपकी सैलरी या आमदनी बढ़े, वैसे-वैसे अपनी SIP की रकम भी बढ़ाएं. साल में कम से कम एक बार अपनी SIP अमाउंट में बढ़ोतरी जरूर करें. अगर आप 5,000 रुपये की SIP 15 साल तक लगातार चलाते हैं, तो 12% रिटर्न के हिसाब से 25 लाख रुपये मिलेंगे. लेकिन अगर आप हर साल अपनी SIP में सिर्फ 10% की बढ़ोतरी करते हैं, तो 15 साल बाद आपका यही फंड 41 लाख रुपये का हो जाएगा.
वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें
जब भी बॉलीवुड में सुपरस्टार्स की जबरदस्त मुकाबले की बात होती है, तो अमिताभ बच्चन और अजय देवगन की जोड़ी सबसे पहले दिमाग में आती है. 1998 से 2013 के बीच, जब भी ये दोनों लेजेंड्स बड़े पर्दे पर एक साथ दिखे, उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया. खासकर 2004 में, उन्होंने एक ऐसी फिल्म दी जिसने दर्शकों से लेकर ट्रेड पंडितों तक, सभी को पूरी तरह से हैरान कर दिया. इस दौरान, इस जोड़ी ने एक हिट, एक सेमी-हिट और एक एवरेज से बेहतर फिल्म दी. तो आइए, आज हम आपको इस जबरदस्त जोड़ी की इन 3 यादगार फिल्मों का पूरा इतिहास बताते हैं.
नई दिल्ली. सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपनी दमदार आवाज और जबरदस्त स्क्रीन प्रेजेंस के लिए जाने जाते हैं. वहीं, अजय देवगन अपनी शांत लेकिन इंटेंस, आई-कैचिंग परफॉर्मेंस के लिए मशहूर हैं. 1998 से 2013 के बीच के 15 सालों में उनके कोलेबोरेशन ने सिनेमाई माहौल को पूरी तरह से बदल दिया. तो आइए, आज हम आपको उन 3 बेहतरीन फिल्मों के बारे में बताते हैं, जिनमें अमिताभ के साथ अजय देवगन ने मिलकर बॉक्स ऑफिस पर तलहका मचाया था.
1. मेजर साब- 1998: अमिताभ बच्चन और अजय देवगन के बीच दमदार कोलेबोरेशन 1998 की एक्शन-ड्रामा ‘मेजर साब’ से शुरू हुआ. टीनू आनंद के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने नेशनल डिफेंस एकेडमी के एक सख्त और डिसिप्लिन्ड आर्मी ऑफिसर मेजर जसवंत सिंह का रोल किया था. वहीं, अजय देवगन ने वीरन का रोल किया था, जो एक बिगड़ा हुआ, बेफिक्र और अमीर नौजवान है जिसे सुधारने के लिए एकेडमी भेजा जाता है.
फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी दोनों एक्टर्स के बीच शुरुआती टकराव और उसके बाद आर्मी के साथ मजबूत बॉन्डिंग थी. आनंद-मिलिंद के म्यूजिक और चार्टबस्टर गानों से पावर्ड इस मिलिट्री ड्रामा को दर्शकों का जबरदस्त सपोर्ट मिला. कड़े कॉम्पिटिशन के बावजूद, फिल्म ने मास मार्केट में मजबूत पकड़ बनाए रखकर डिस्ट्रीब्यूटर्स का रेवेन्यू हासिल करने में कामयाबी हासिल की और ट्रेड ने इसे बॉक्स ऑफिस पर ‘सेमी-हिट’ का फैसला दिया.
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2. खाकी- 2004: डायरेक्टर राजकुमार संतोषी की 2004 की फिल्म ‘खाकी’ बॉलीवुड की सबसे बेहतरीन और सबसे जबरदस्त कॉप-थ्रिलर में से एक मानी जाती है. इस फिल्म ने रिलीज होते ही दर्शकों को हैरान कर दिया, क्योंकि किसी को उम्मीद नहीं थी कि अजय देवगन अमिताभ बच्चन के साथ इतने खूंखार और बेरहम विलेन का रोल करेंगे.
अमिताभ बच्चन ने डीसीपी अनंत कुमार श्रीवास्तव का रोल किया, जो एक बूढ़ा, ईमानदार और फ्रस्ट्रेट डीसीपी है जो एक कैदी को इंसाफ दिलाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालता है. दूसरी तरफ, अजय देवगन ने यशवंत आंग्रे का रोल किया, जो पहले एक करप्ट पुलिस ऑफिसर और अब बेरहम विलेन है. दोनों बड़े लोगों के बीच डायलॉग वॉर, बस चेज सीक्वेंस और रोंगटे खड़े कर देने वाला क्लाइमैक्स दर्शकों के दिमाग में आज भी ताजा है. अक्षय कुमार, ऐश्वर्या राय बच्चन और जबरदस्त सस्पेंस वाली यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त हिट साबित हुई.
3. सत्याग्रह- 2013: 2013 में डायरेक्टर प्रकाश झा, जो सच्ची और सोशल घटनाओं पर आधारित अपनी जबरदस्त फिल्मों के लिए जाने जाते हैं, ने इन दोनों सुपरस्टार्स को फिर से साथ लाया. फिल्म ‘सत्याग्रह’ उस समय के सोशल और पॉलिटिकल मूवमेंट से इंस्पायर्ड थी. अमिताभ बच्चन ने द्विवेदी जी का रोल किया, जो एक आइडियलिस्टिक, सख्त और गांधीवादी टीचर हैं, जो करप्शन के ख़िलाफ भूख हड़ताल पर चले जाते हैं.
अजय देवगन ने मानव राघवेंद्र का रोल किया, जो एक मॉडर्न और एम्बिशियस कॉर्पोरेट मैन है, जो द्विवेदी जी के आइडियाज से इंफ्लुएंस होकर इस मास मूवमेंट की बैकबोन बन जाता है. फिल्म का कंटेंट दमदार, सोचने पर मजबूर करने वाला और डायलॉग दमदार थे. अपने बड़े बजट और मल्टी-स्टारर कास्ट (करीना कपूर, अर्जुन रामपाल) के बावजूद, फिल्म ब्लॉकबस्टर नहीं बन पाई, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत वसूल कर ली और ‘एबव एवरेज’ का टैग हासिल किया.
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कासगंज के सोरों कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव पटना निवासी 30 वर्षीय प्रवेंद्र कुमार पुत्र वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। प्रवेंद्र फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे और कुछ दिन पहले अपने गांव आए थे। जानकारी के मुताबिक, प्रवेंद्र कासगंज बस स्टैंड से राजकोल्ड की दिशा में जा रहे थे। चामुंडा मंदिर के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में प्रवेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत कासगंज के जिला अस्पताल पहुंचाया।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रवेंद्र की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए अलीगढ़ के हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजन प्रवेंद्र को अलीगढ़ ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद बोलेरो चालक मौके से फरार हो गया।
सुपौल के राघोपुर बाजार में शनिवार देर रात भीषण अग्निकांड में एक थोक दुकान गोदाम सहित जलकर राख हो गई। इस हादसे में किराना एवं दैनिक उपयोग के उत्पादों का भारी मात्रा में रखा सामान नष्ट हो गया। स्थानीय लोग और दमकल टीम के द्वारा घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार व्यवसायी को 25 से 30 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। लोगों ने फोन पर आग की सूचना दी जानकारी के अनुसार, राधानगर निवासी एवं गितेन्द्र इंटरप्राइजेज के संचालक सुमन कुमार शनिवार रात करीब 9 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। रात लगभग साढ़े 10 बजे स्थानीय लोगों ने उन्हें फोन कर बताया कि दुकान के शटर से धुआं निकल रहा है। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे तो दुकान के अंदर भीषण आग लगी हुई थी। गोदाम की दीवार तोड़कर अंदर पानी डाला घटना के बाद आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। शटर को लोहे की छड़ों की मदद से उठाकर पानी डाला गया, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन शटर अत्यधिक गर्म होने के कारण उसे पूरी तरह नहीं खोला जा सका। ऐसे में कर्मियों ने गोदाम की ओर से दीवार तोड़कर अंदर पानी डाला, जिसके बाद काफी प्रयास के बाद आग बुझाई जा सकी। पीड़ित बोला- अग्निकांड में लाखों का नुकसान पीड़ित व्यवसायी सुमन कुमार ने बताया कि उनकी दुकान में पारले, हर्षी, नाइन सैनिटरी पैड एवं डायपर, बिहाना, प्राण बेवरेज, हरपल मसाला, प्रभु दर्शन, हेतल, धनलक्ष्मी सहित 12 से अधिक कंपनियों के उत्पाद रखे हुए थे, जो पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। उन्होंने बताया कि इस अग्निकांड में लगभग 25 से 30 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं स्थानीय लोगों ने पीड़ित व्यवसायी को सरकारी स्तर पर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ग्वालियर शहर में लगातार घटते जलस्तर के कारण पेयजल संकट गहरा गया है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले तिघरा जलाशय में जलस्तर तेजी से कम हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए नगर निगम के पीएचई विभाग ने 1 जुलाई से शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करने की तैयारी की है। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने से पहले नगर निगम को एमआईसी (मेयर इन काउंसिल) की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। अधिकारियों ने प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेज दिया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, तिघरा जलाशय में इस समय लगभग 38 प्रतिशत पानी ही शेष बचा है। यदि वर्तमान की तरह प्रतिदिन जलापूर्ति जारी रही, तो जुलाई के अंत तक जलाशय का जलस्तर गंभीर स्थिति में पहुंच सकता है। इससे शहर के लाखों लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इसी आशंका को देखते हुए जल संरक्षण के उद्देश्य से यह वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई शुरू की जाती है, तो उपलब्ध पानी का उपयोग अधिक समय तक किया जा सकेगा। इससे जलाशय का पानी लगभग 2 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस बीच यदि अच्छी बारिश होती है और तिघरा जलाशय में पर्याप्त जलभराव हो जाता है, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। हालांकि, यदि मानसून कमजोर रहता है, तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।
How to make Mango Kheer: मैंगो खीर गर्मियों में स्वाद और ठंडक का बेहतरीन कॉम्बिनेशन है. मलाईदार खीर में पके आम की मिठास मिलकर शानदार फ्लेवर आता है. यह कम सामग्री और आसान विधि से तैयार होने वाली खीर बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है. आप भी इसे घर पर बना सकते हैं. यही नहीं घर आए मेहमानों के लिए भी यह एक परफेक्ट समर डेजर्ट है.
Mango Kheer Recipe: गर्मियों के मौसम में आम की मिठास हर घर की रसोई में घुलने लगती है. आम का शेक, आइसक्रीम तो अक्सर बनती है, लेकिन अगर इस बार आप कुछ अलग और खास ट्राई करना चाहते हैं, तो मैंगो खीर बेहतरीन विकल्प हो सकती है. पारंपरिक खीर के मलाईदार स्वाद में आम की नेचुरल मिठास मिल जाए तो इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. यही वजह है कि मैंगो खीर इन दिनों लोगों की पसंदीदा समर डेजर्ट बनती जा रही है.
रसोईया प्रियंका सिंह ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि मैंगो खीर बनाना बेहद आसान है और इसके लिए किसी महंगी सामग्री की जरूरत नहीं होती. घर में मौजूद साधारण चीजों से ही यह स्वादिष्ट मिठाई तैयार की जा सकती है. खास बात यह है कि ठंडी-ठंडी मैंगो खीर गर्मी में शरीर को राहत देने के साथ स्वाद का भी शानदार अनुभव कराती है, चाहे घर में मेहमान आए हों, बच्चों की डिमांड हो या वीकेंड पर कुछ मीठा खाने का मन हो, यह डिश हर मौके पर फिट बैठती है.
ऐसे बनाएं मैंगो खीर मैंगो खीर बनाने के लिए सबसे पहले फुल क्रीम दूध को भारी तले वाले बर्तन में मध्यम आंच पर उबालें. दूसरी ओर 30 मिनट तक भिगोए गए चावलों को हल्का दरदरा कर लें. दूध में उबाल आने के बाद आंच धीमी करें और उसमें चावल डालकर लगातार चलाते हुए पकाएं ताकि खीर का टेक्सचर मलाईदार बने और चावल बर्तन में चिपके नहीं. करीब 15 से 20 मिनट बाद जब दूध गाढ़ा होने लगे और चावल पूरी तरह पक जाएं, तब इसमें चीनी, इलायची पाउडर और केसर डालकर कुछ मिनट और पकाएं.
इसके बाद कटे हुए काजू, बादाम और पिस्ता डालें और गैस बंद कर दें।.अब सबसे जरूरी स्टेप आता है खीर को पूरी तरह ठंडा होने दें. प्रियंका सिंह के मुताबिक, गर्म खीर में आम का पल्प मिलाने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि इससे दूध फट सकता है और स्वाद खराब हो सकता है. खीर ठंडी होने के बाद उसमें पके आम का गाढ़ा पल्प मिलाएं और अच्छी तरह मिक्स करें. फिर इसे करीब दो घंटे फ्रिज में रख दें.
गर्म नहीं ठंडे में असली स्वाद मैंगो खीर का असली स्वाद ठंडी होने के बाद ही सामने आता है. अगर आप इस रेसिपी के लिए अल्फांसो, केसर या दशहरी जैसे मीठे आम चुनते हैं, तो स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. आम की मिठास, दूध की मलाई और ड्राई फ्रूट्स का क्रंच मिलकर ऐसा फ्लेवर तैयार करते हैं, जिसे बच्चे ही नहीं बड़े भी खूब पसंद करते हैं. अगर आप आम से बनने वाली एक जैसी रेसिपी से बोर हो चुके हैं, तो इस बार मैंगो खीर जरूर ट्राई करें.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
पीएम मोदी को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने पर्यावरण के क्षेत्र में देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी को अब तक 34 देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुके हैं।
सम्मान मिलने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स की जनता, सरकार और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स को मिलकर हिंद महासागर को ‘अवसरों का महासागर’ बनाने की दिशा में काम करना चाहिए।
इससे पहले सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
पीएम मोदी को राष्ट्रपति पैट्रिक ने सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। यह एक सैन्य सम्मान है, जिसमें सैनिक अपनी जगह पर खड़े होकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या किसी विशेष अतिथि को सलामी देते हैं।
इसके बाद राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने मोदी का स्वागत किया। दोनों के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हो गई है।
पर्यावरण के क्षेत्र में मोदी को अब तक 3 बड़े सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स का सर्वोच्च नागरिक सम्मान पर्यावरण की रक्षा, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने और लंबे समय तक पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में किए गए काम के लिए मिला है।
पर्यावरण के क्षेत्र में मोदी को अब तक 3 बड़े अवार्ड मिल चुके हैं। इससे पहले मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था। संयुक्त राष्ट्र ने साल 2018 में प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड’ प्रदान किया था।
मोदी-हर्मिनी की बैठक, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत और सेशेल्स के रिश्तों की प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की।
मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स दोनों देशों के उद्योगों के लिए नए अवसर तलाशना जारी रखेंगे। साथ ही दोनों देशों के बीच संपर्क और कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जाएगा। भारत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपने सफल अनुभव सेशेल्स के साथ साझा करेगा।
मोदी शनिवार को तीन दिन के दौरे पर हिंद महासागर में स्थित सेशेल्स पहुंचे है। रविवार को राजधानी विक्टोरिया के स्टेट हाउस में राष्ट्रपति हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बैठक हुई, जिसमें आपसी सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े सभी अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत हिंद महासागर क्षेत्र के अहम देशों के साथ अपने रिश्ते और मजबूत करने पर जोर दे रहा है। इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, बेहतर संपर्क और विकास से जुड़े सहयोग पर भारत खास फोकस कर रहा है।
PM मोदी के सेशेल्स दौरे से जुड़ी 3 तस्वीरें…
सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘लेस्पवार’ सौंपा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को भारत में बना फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ सौंपा। इससे सेशेल्स की समुद्री निगरानी और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में गश्त की क्षमता मजबूत होगी।
PM मोदी सेशेल्स नेशनल बोटैनिकल गार्डन पहुंचे और वहां पर कछुए को पत्ते खिलाए।
सेशेल्स से जुड़ी खास बातें जानिए…
सेशेल्स की पहली बस्ती में शामिल थे 5 भारतीय
पुर्तगाली नाविक वास्को द गामा ने पहली बार सेशेल्स को 1502 में खोज की थी। तब यहां पर लोगों की कोई स्थाई बसावट नहीं थी। इसके बाद कई सदियों तक अरब और यूरोपीय जहाज यहां रुकते रहे, लेकिन कोई स्थायी आबादी नहीं बनी।
पहलीबार 1770 में फ्रांस ने पहली स्थायी बस्ती बसाई। इसी दल में 15 फ्रांसीसी बसने वाले, 7 अफ्रीकी गुलाम और 5 भारतीय शामिल थे। इन्हें सेशेल्स का पहला स्थायी निवासी माना जाता है। इसके बाद 19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान बिहार के भोजपुरी भाषी इलाकों से भी लोग यहां आकर बसने लगे। 20वीं सदी से तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय व्यापारी, मजदूर और निर्माण कार्य से जुड़े लोग सेशेल्स पहुंचे।
सेशेल्स के पूर्व राष्ट्रपति के पूर्वज बिहार से
आज करीब 1.20 लाख आबादी वाले इस देश में भारतीय मूल के लोग लगभग 8% हैं। भारतीय मूल के लोगों में बिहारी समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समूह माना जाता है। साल 2020 में राष्ट्रपति बने वेवेल रामकलावन की जड़ें भी बिहार से जुड़ी हैं।
रामकलावन के परदादा करीब 138 साल पहले बिहार के गोपालगंज जिले के परसौनी गांव से कोलकाता पहुंचे थे। वहां से उन्हें गन्ने के खेतों में काम करने के लिए मॉरीशस भेजा गया। बाद में उनका परिवार सेशेल्स में बस गया। साल 2018 में, जब रामकलावन विपक्ष के सांसद थे, तब उन्होंने अपने पूर्वजों के गांव परसौनी का दौरा भी किया था।
सेशेल्स के कछुए लंबी उम्र के लिए मशहूर
दुनिया में कछुओं की 360 से ज्यादा प्रजातियां हैं। इनमें से सेशेल्स में पाया जाने वाला अल्डाब्रा जायंट कछुआ सबसे प्रसिद्ध प्रजातियों में से एक है। यह प्रजाति अपनी बेहद लंबी उम्र (औसत उम्र 150 साल) के लिए जानी जाती है।
दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित स्थलीय जानवर जोनाथन भी इसी प्रजाति का कछुआ है। जोनाथन की उम्र करीब 194 साल मानी जाती है। उसका जन्म लगभग 1832 में हुआ था। वह 1882 में करीब 50 साल की उम्र में सेशेल्स से सेंट हेलेना भेज दिया गया था।
वैज्ञानिक उसकी लंबी उम्र का राज जानने के लिए उसके डीएनए का अध्ययन कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसकी कोशिकाएं इंसानों की कोशिकाओं की तरह तेजी से बदलाव नहीं करतीं। इससे उम्र बढ़ने और लंबी जिंदगी से जुड़े नए रहस्यों का पता चल सकता है।
दुनिया का सबसे उम्रदराज जीवित कछुआ। इसका नाम जोनाथन है। यह एल्डाब्रा जायंट कछुए की प्रजाति का है और अटलांटिक महासागर में स्थित सेंट हेलेना द्वीप पर रहता है।
मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे
पीएम मोदी ने सेशेल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।
फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है।
मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।
मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी ने 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था।
उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था।
मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके।
मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था।
उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
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PM मोदी ने सेशेल्स में कछुओं को पत्तियां खिलाईं, VIDEO:256 साल पहले 5 भारतीय रहने पहुंचे थे; अब हर 8वां नागरिक भारतवंशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तीन दिवसीय दौरे पर सेशेल्स पहुंचे। राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने नेशनल बोटैनिकल गार्डन में एल्डाब्रा जाइंट कछुओं को पत्तियां खिलाईं। मोदी 29 जून को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि भी होंगे।
हिंद महासागर में बसे इस छोटे से द्वीपीय देश का भारत से रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि 256 साल पुराना भी है। साल 1770 में जब यहां पहली स्थायी बस्ती बसाई गई, तब वहां पहुंचने वाले 27 लोगों में 5 भारतीय भी शामिल थे। बाद में बिहार, तमिलनाडु और गुजरात से भी बड़ी संख्या में भारतीय यहां आकर बस गए। पूरी खबर पढ़ें…
फलोदी जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान के तहत जिला अस्पताल से टीमें पोलियो रोधी दवा लेकर बूथों पर रवाना हुईं। जिला अस्पताल में भी एक बूथ स्थापित किया गया है, जहां बच्चों को दवा पिलाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया।
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राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत फलोदी जिले में 1.53 लाख से अधिक बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाई जाएगी। यह खुराक नवजात शिशुओं से लेकर 5 वर्ष तक की आयु के बच्चों को दी जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. प्रताप सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान के पहले दिन जिले भर में कुल 870 बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जा रही है। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि आगामी दिनों में छूटे हुए बच्चों को खुराक पिलाने के लिए घर-घर जाकर टीमें दवा देंगी।
अभियान की तैयारियों के बारे में बताते हुए आरसीएचओ डॉ. हजारीमल सोनी ने कहा कि इसके लिए 2500 प्रशिक्षित वैक्सीनेटर, 3 मोबाइल टीमें और वैक्सीन की सुरक्षा व वितरण के लिए जिले में 33 कोल्ड चेन पॉइंट बनाए गए हैं।
सीएमएचओ ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य लेकर आएं और पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें। अभियान के दौरान जिला स्तरीय अधिकारी नियमित रूप से निगरानी कर रहे हैं।
मशहूर सिंगर किशोर कुमार के बेटे सुमित कुमार ने अपने बचपन का एक किस्सा बताया. एक बार सुमित छिपकर सिगरेट पीते हुए रंगे हाथ पकड़ा गए थे और उस वक्त पिता किशोर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था. उन्होंने बेटे को जमकर फटकार लगाई थी. सुमित कुमार ने बताया कि उस वक्त ऐसा लगा कि जैसे कोई धमाक हुआ हो. पिता के उस कड़े रुख और गुस्से ने अमित को अंदर तक हिला दिया था.
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बेटे को सिगरेट पीते देख फट पड़ा था किशोर कुमार का गुस्सा.
नई दिल्ली. फेमस सिंगर किशोर कुमार ने कई सुपरहिट गाने दिए हैं. उनके गाने आज भी खूब सुने जाते हैं. अब सुमित कुमार ने बताया कि किशोर कुमार सख्त पिता थे और साथ ही एक अपने बचपन का दिलचस्प भी किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि बचपन में जब किशोर कुमार ने उन्हें सिगरेट पीते हुए देख लिया था, तब वह गुस्से से लाल हो गए थे. उस वक्त किशोर कुमार का सख्त रूप देखकर सुमित बेहद डर गए थे, जिसने उन्हें हमेशा के लिए एक बड़ा सबक दे दिया.
सुमित कुमार अपनी मां और एक्ट्रेस लीना चंदावरकर के साथ म्यूजिक रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने बचपन की एक याद साझा करते हुए बताया कि यह घटना उस समय की है, जब वह अमेरिका के वाशिंगटन में एक शो के लिए गए हुए थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 135वें एपिसोड में कहा, ‘भारत समुद्र से लेकर आसमान तक सुरक्षित है। इसी महीने डीआरडीओ ने स्वदेशी लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
पीएम मोदी ने कहा- जून के महीने में ही देश ने विमानन क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। मेड इन इंडिया अभियान के तहत तैयार किए गए C-295 विमान ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। वर्तमान में ऐसे 40 विमान भारत में ही बनाए जा रहे हैं।
पीएम ने कहा कि इस बार दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर योग के कई कार्यक्रम हुए। भारत ने अहमदाबाद में आयोजित ‘विश्व योगासन चैम्पियनशिप’ में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 114 मेडल जीते हैं। इनमें 102 गोल्ड मेडल भी शामिल हैं। भारत पदक तालिका में पहले स्थान पर रहा है।
मन की बात में नॉर्थईस्ट के 3 राज्यों का जिक्र
शादी के लिए सोना रीसाइकल कर रहे लोग पीएम मोदी ने कहा कि मैंने बीते दिनों लोगों से कुछ समय तक सोना ना खरीदने, विदेश यात्रा टालने या कार पूलिंग की अपील की थी मैं देश के हर नागरिक का आभारी हूं कि मेरी अपील का उन्होंने न सिर्फ समर्थन किया बल्कि उसमें सहयोग कर रहे हैं.
कई परिवारों ने तय किया है कि घर के विवाह में सोना नहीं खरीदेंगे. जरूरत हुई तो वे पुराने सोने को ही रिसाइकल करेंगे. कई लोगों ने कार पूलिंग के अनुभव भी साझा किए हैं. मुझे इस बात की खुशी है कि हम भारतीय इस संकट से मिलकर मुकाबला कर रहे हैं.’
असम: हरगिला आर्मी ने पुरानी सोच बदली
पीएम मोदी ने कहा कि असम में एक पक्षी पाया जाता है। उसका नाम हरगिला है। हरगिला एक दुर्लभ पक्षी है। ये प्रकृति को स्वच्छ रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन असम के कुछ इलाकों में लंबे समय तक इसे अशुभ माना जाता था।
लोग इसे अपने आसपास देखना पसंद नहीं करते थे। कई बार उन पेड़ों को भी काट दिया जाता था जिन पर हरगिला के घोसले बने होते थे। इसी दौरान जीव-वैज्ञानिक पूर्णिमा देवी बर्मन ने ये सब देखा। उन्होंने लोगों के मन में बैठी गलत धारणा को बदलने का संकल्प लिया।
उन्होंने महिलाओं से बात की, लोगों को विज्ञान के आधार पर समझाया। धीरे-धीरे महिलाएं इस अभियान से जुड़ने लगीं। फिर एक बड़ा बदलाव शुरू हुआ। जिस पक्षी को कभी अशुभ मानकर भगाया जाता था, वही गांवों की पहचान बनने लगा।
हजारों ग्रामीण महिलाएं हरगिला को बचाने के लिए आगे आईं। आज उन्हें ‘हरगिला आर्मी’ के नाम से जाना जाता है। इन महिलाओं ने समाज को समझाने के लिए दिन-रात काम किया और अंधविश्वास को पीछे छोड़ करके रहे। उन्होंने दिखाया है कि जब सही जानकारी पहुंचाई जाती है, तो वर्षों पुरानी सोच भी बदल सकती है।
पीएम मोदी ने असम के हरगिला पक्षी और मेघालय के रूट ब्रिज का जिक्र किया।
मेघालय: रूट ब्रिज की कहानी
पीएम मोदी ने मेघालय के रूट ब्रिज का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ये ब्रिज कुछ दिनों या कुछ सालों में नहीं बनते। इन्हें तैयार होने में कई दशक लगते हैं। रबर के पेड़ों की जड़ों को धीरे-धीरे दिशा दी जाती है। इन जड़ों को जल-धाराओं के पार ले जाया जाता है। समय के साथ वही जड़ें एक मजबूत ब्रिज का रूप ले लेती हैं।
ये जीवित ब्रिज हैं। समय बीतने के साथ और मजबूत हो जाते हैं। ये ब्रिज बताते हैं कि मनुष्य प्रकृति के साथ मिलकर कितनी अद्भुत चीजें बना सकता है। ये हमारे देश की, इस धरती की, धरोहर है। अब भारत ने मेघालय के रूट ब्रिजों को UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट नेटवर्क में शामिल कराने के लिए आवेदन किया है।
नगालैंड: बेबी फुटबॉल और फुटसल लीग
पीएम मोदी ने कहा कि नगालैंड में दो ऐसी लीग होती हैं जो सबको इंस्पायर कर सकती हैं। इनमें से एक का नाम है नगालैंड बेबी लीग। यह 5 से 12 वर्ष के छोटे-छोटे बच्चों की असाधारण लीग होती है। इनमें लड़के और लड़कियां दोनों खेलती हैं। यह उनकी रफ्तार और प्रतिभा को प्रेरित करती है। यह लीग 3 वर्ष पूरे कर चुकी है।
नगालैंड विमेन फुटसल लीग: फुटसल को आम भाषा में इंडोर फुटबॉल कहा जाता है। इसमें 5 खिलाड़ी होते हैं। यह सामान्य से छोटा मैदान होता है। तेजी से फैसले लेने होते हैं। इस तरह खेल से पर्सनॉलिटी भी डेवलप होती है।
महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश की चर्चा
महाराष्ट्र: शादी में दुर्घटना बीमा का जिक्रपीएम ने कहा कि महाराष्ट्र के नांदेड़ के बहादुरपुरा गांव के पेठकर परिवार ने घर में विवाह के मौके पर अपने गांव के लगभग साढ़े तीन हजार लोगों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की। हर व्यक्ति को एक लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया।
बिहार: नालंदा ने शास्त्रार्थ की परंपरा जीवित कीपीएम मोदी ने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय ने शास्त्रार्थ की हमारी प्राचीन परंपरा को फिर से जीवंत किया है। शास्त्रार्थ केवल अपनी बात रखने का माध्यम नहीं है। ये वाद-संवाद और मंथन की एक अनुशासित प्रक्रिया है।उन्होंने कहा कि इसमें तर्क के साथ, तथ्य के साथ, अपनी बात कहना बहुत जरूरी होता है और उसमें आपकी महारत होनी चाहिए। दूसरों के विचारों को धैर्य से सुनने और समझने की सीख भी इस शास्त्रार्थ की प्रक्रिया से मिलती है। मुझे खुशी है कि नालंदा विश्वविद्यालय ने इसे अपने दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनाया।
दिल्ली: सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी का जिक्रपीएम ने कहा कि दिल्ली में स्थित सेंट्रल संस्कृत यूनिवर्सिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस में बी-टेक प्रोग्राम शुरू करने जा रही है। ये आधुनिक टेक्नोलॉजी को भारत के पारंपरिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इससे भारतीय भाषाओं के लिए नए AI टूल्स तैयार करने में मदद मिलेगी। हमारे प्राचीन ग्रंथों और पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के काम को भी नई गति मिलेगी।
मध्य प्रदेश: प्लास्टिक कचरे का मैनेजमेंटपीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा में महिलाएं प्लास्टिक कचरे हटा रही हैं। इन्हें इको-ब्रिक्स में बदला जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों किलो प्लास्टिक को रिसाइकल करके उनका बेहतर उपयोग किया गया है।
पीएम मोदी ने कहा- POP से बनी गणेश मूर्तियां ना खरीदें
पीएम मोदी ने अपील में कहा कि केवल मिट्टी से बनी ही गणेण प्रतिमा खरीदें। जो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। पीओपी से बनी मूर्तियां नहीं खरीदें। यह भी ध्यान रखें कि मूर्तियां किस देश में बनी हैं।
‘मन की बात’ के पिछले 5 एपिसोड…
134वां एपिसोड
पीएम मोदी ने कहा- देशभर में एस्ट्रोनॉमी क्लब तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मुझे बेंगलुरु एस्ट्रोनॉमिकल सोसाइटी के बारे में जानकारी मिली। यहां ऑब्जर्वेशनल सेशन आयोजित किए जाते हैं।’खगोल मण्डल’ नाम की एक टीम ने 30 घंटे का एक बहुत इनोवेटिव कोर्स शुरू किया है। ऐसे ही केरलम और गुजरात में भी एस्ट्रोनॉमी इवेंट आयोजित किए जाते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
133वां एपिसोड
पीएम ने कहा कि हमारे देश में इस समय जनगणना का अभियान चल रहा है। यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जो साथी पहले से इस तरह की प्रक्रिया से गुजरे हैं, इस बार जनगणना का उनका अनुभव, अलग होने वाला है। पूरी खबर पढ़ें…
132वां एपिसोड
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का जिक्र किया। पीएम ने कहा कि दुनिया में जंग चल रही है। पेट्रोल-डीजल का संकट पैदा हुआ है, लेकिन भारत इस चुनौती से निपट रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
131वां एपिसोड
पीएम मोदी ने कहा कि दिल्ली में ग्लोबल AI इम्पेक्ट समिट के दौरान, कई देश के नेता, उद्योग जगत के लीडर्स, इनोवेटर, टेक कंपनी के दिग्गज जुटे। AI की मदद से प्राचीन ग्रंथों को, पांडुलिपि को संरक्षित कर रहे हैं। AI समिट में भारत की ताकत दुनिया के सामने आई। युवाओं में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर उत्साह बढ़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
130वां एपिसोड
आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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