रामनगरी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ बढ़ने के साथ ठगी के नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं। कभी होटल और धर्मशाला की ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर लोगों को निशाना बनाया गया, तो अब फर्जी कूपन के जरिए छूट का झांसा देकर ठगी की जा रही है। ताजा मामला साकेत महाव
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आरोप है कि रेस्टोरेंट के नाम पर 1800 रुपये का कूपन बेचा जा रहा था, जिससे ग्राहकों को 4-5 हजार रुपये तक का भोजन मुफ्त मिलने का दावा किया जा रहा था। जब कूपन धारक रेस्टोरेंट पहुंचे, तो प्रबंधन ने इसे फर्जी बताया और किसी भी तरह के ऑफर से इनकार किया। इससे गुस्साए लोगों ने रेस्टोरेंट को घेर लिया और हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
रेस्टोरेंट का संचालन लेडिलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के तहत अनिकेत श्रीवास्तव कर रहे हैं। प्रबंधक माविका ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि एक प्राइवेट कंपनी उनके रेस्टोरेंट के नाम से फर्जी कूपन बेच रही है। इसमें 50 फीसदी तक छूट देने का दावा किया जा रहा है, जबकि संस्था ने ऐसी कोई स्कीम जारी नहीं की।
माविका के मुताबिक शनिवार की रात करीब 30–35 लोग इन कूपनों के आधार पर रेस्टोरेंट पहुंचे और रिफंड की मांग करते हुए विवाद करने लगे। मौके पर पुलिस पहुंची तो मामला शांत हुआ। आरोप है कि फर्जी कूपन बेचने वाले लोग श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से मनमाने पैसे वसूल रहे हैं।
रेस्टोरेंट प्रबंधन ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की ठगी से न केवल संस्था बल्कि अयोध्या की छवि भी खराब हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के फर्जी छूट कूपन के झांसे में न आएं और सीधे रेस्टोरेंट प्रबंधन से ही जानकारी लें।

