Tuesday, July 21, 2026
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अल-नीनो और अनिश्चित मानसून पर हाई अलर्ट: डीडीएमए की बैठक में जलभराव से निपटने की तैयारियों की समीक्षा – New Delhi News




दिल्ली में अल-नीनो के प्रभाव और मानसून के बदलते पैटर्न को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने सोमवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक की सह-अध्यक्षता उपराज्यपाल टीएस संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। इसमें भारी बारिश, शहरी बाढ़ (अर्बन फ्लड) से निपटने की तैयारियों और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के गठन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री परवेश वर्मा और आशीष सूद, मुख्य सचिव, विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात), एमसीडी आयुक्त, डीडीए उपाध्यक्ष समेत पीडब्ल्यूडी, गृह, परिवहन और दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि राजधानी में जलभराव की स्थिति में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। वर्ष 2024 में जलभराव वाले 194 संवेदनशील स्थान चिह्नित थे, जो 2025 में घटकर 169 रह गए। वहीं, 2026 में यह संख्या घटकर मात्र 34 रह गई है। इनमें पिछले वर्ष के केवल आठ स्थान ही दोबारा प्रभावित हुए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि एमसीडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, एनडीएमसी और डीडीए ने नालों की सफाई और सिल्ट हटाने का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है। वहीं, पीडब्ल्यूडी ने 95 प्रतिशत कार्य पूरा किया है। दिल्ली जल बोर्ड ने 85.5 प्रतिशत ट्रंक सीवर, 91.1 प्रतिशत परिधीय सीवर और 90.16 प्रतिशत ब्रांच सीवर लाइनों की सफाई पूरी कर ली है। उपराज्यपाल टीएस संधू ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि जलभराव के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मौसम विभाग की भारी बारिश संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेते हुए ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे लोगों को न्यूनतम या शून्य जलभराव का सामना करना पड़े।
बीते वर्षों से जल भराव के आंकड़े …
2024: 194 संवेदनशील स्थान
2025: 169 स्थान
2026: केवल 34 स्थान
पिछले वर्ष के सिर्फ 8 स्थान दोबारा प्रभावित
मॉनसून से पहले ही विभागों की तैयारी,… एमसीडी, एनडीएमसी, डीडीए और बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नालों की सफाई का 100% लक्ष्य पूरा किया।
पीडब्ल्यूडी ने 95% कार्य पूरा किया।
दिल्ली जल बोर्ड ने:
-85.5% ट्रंक सीवर लाइन
-91.1% परिधीय सीवर लाइन
-90.16% ब्रांच सीवर लाइन की सफाई पूरी की।
एलजी ने विभागों के दिए सख्त निर्देश, लापरवाही या विफलता पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी ….
-भारी बारिश की चेतावनी पर तत्काल कार्रवाई।
-जलभराव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी।
-एसडीआरएफ गठन की प्रक्रिया में तेजी।
-लापरवाही या विफलता पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।



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