इटावा में फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र स्थित मां भगवती हॉस्पिटल के बाहर मंगलवार रात करीब 10 बजे से मरीज के परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। मरीज का गलत इलाज करने का आरोप लगाकर धरना दिया। रात करीब डेढ़ बजे तक पीड़ित और हॉस्पिटल संचालक से बातचीत चलती रही। जानकारी के अनुसार 35 वर्षीय सोल्जर निवासी सरैया भरथना का बीते 4 अगस्त को मीठेपुर में एक्सीडेंट हो गया था। 6 अगस्त को सोल्जर को मां भगवती हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जहां उसके पेट का ऑपरेशन हुआ। 20 दिन बाद मरीज के जब उसकी ड्रेसिंग होनी थी तो मरीज के सारे टांके खुले हुए थे। परिजनों का आरोप है कि मरीज के इलाज में लापरवाही बरती गई और गलत तरीके से ऑपरेशन किए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई। पत्नी कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को ठीक करने की जिम्मेदारी ली थी, लेकिन हालत बिगड़ने के बाद अब इलाज करने से इनकार किया जा रहा है। पेट के दो बार ऑपरेशन मनतशा के अनुसार मरीज के पैर और पेट का ऑपरेशन हुआ था। पैर का ऑपरेशन दूसरे अस्पताल में कराया गया था, जबकि पेट का दो बार ऑपरेशन किया गया। उनका आरोप है कि पहले ऑपरेशन के कुछ दिन बाद मरीज के पेट के पूरे टांके खुल गए थे।
दोबारा टांके लगाकर भेजा परिजन का कहना है कि टांके खुलने के बाद अस्पताल में दोबारा टांके लगाए गए और मरीज को घर भेज दिया गया। उस समय अस्पताल की ओर से कहा गया कि अब कोई परेशानी नहीं होगी और मरीज ठीक हो जाएगा, लेकिन घर जाने के बाद फिर से पेट के टांके खुल गए। पांच लाख रुपये लेने का आरोप मनतशा ने आरोप लगाया कि इलाज के लिए डॉक्टर ने उनसे करीब पांच लाख रुपये लिए थे और मरीज को ठीक करने की जिम्मेदारी ली थी। दोबारा हालत बिगड़ने पर जब मरीज को अस्पताल लाया गया तो डॉक्टर ने उसे कहीं और ले जाने के लिए कह दिया। पुलिस ने परिजनों को समझाया
हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया। हालांकि परिजन डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की जांच कराने की मांग पर अड़े रहे। मनतशा ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनके साथ बदतमीजी की गई और फोन तोड़ने की धमकी दी गई। उनका कहना है कि अब अस्पताल का स्टाफ और डॉक्टर वहां से चले गए हैं। परिजन मामले की जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले पर हॉस्पिटल संचालक की की ओर से कोई पक्ष रखने को तैयार नहीं हुआ।
Source link

