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वेदांता अब प्राइमरी प्रोडक्शन से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस कर रही है. इससे एमएसएमई सेक्टर को भी बहुत बड़ी मजबूती मिलेगी. ओडिशा अब दुनिया भर के निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है. ओडिशा में 500 करोड रुपए से ज्यादा का नया इन्वेस्टमेंट आएगा. सरकार का दावा है कि इससे 1500 लोगों को डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार मिलेगा.
झारसुगुडा में वेदांता एल्युमिनियम पार्क तैयार किया जा रहा है. (फाइल फोटो)
भुवनेश्वर. वेदांता एल्युमिनियम ने ओडिशा के झारसुगुडा में प्रस्तावित वेदांता एल्युमिनियम पार्क में अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए शुक्रवार को दो कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए. एमओयू पर सिंघल स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड और एससीओटी-एएल मेटकॉन प्राइवेट लिमिटेड ने हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर ओडिशा के उद्योग मंत्री संपद चंद्र स्वैन और अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) हेमंत शर्मा मौजूद थे.
वेदांता एल्युमिनियम ने एक बयान में कहा कि झारसुगुडा में वेदांता एल्युमिनियम पार्क की स्थापना का मकसद मूल्यवर्धन को बढ़ावा देना और एमएसएमई की वृद्धि को समर्थन देने के साथ ओडिशा की वैश्विक एल्युमिनियम केन्द्र के तौर पर उपस्थिति को मजबूत करना है. इस पहल से 500 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश आने और लगभग 1,500 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार के मौके बनने की उम्मीद है.
इस अवसर पर स्वैन ने कहा, “यह पहल ओडिशा की एक अग्रणी औद्योगिक गंतव्य के तौर पर उपस्थिति को मजबूत करती है. वेदांता एल्युमीनियम पार्क निवेश में तेज़ी लाएगा, बड़े पैमाने पर रोज़गार पैदा करेगा और सभी क्षेत्रों में राज्य की विनिर्माण क्षमता को मज़बूत करेगा.”
वेदांता एल्युमीनियम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव कुमार ने कहा कि प्रस्तावित पार्क कंपनी के प्राथमिक उत्पादन से आगे बढ़कर मूल्यवर्धित विनिर्माण की ओर बढ़ने के प्रतिबद्धता को दिखाता है. उन्होंने कहा, “वेदांता एल्युमिनियम पार्क न केवल डाउनस्ट्रीम उद्योगों को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करेगा, उद्यमिता को बढ़ावा देगा और क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान देगा.”
लगभग 56 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा वेदांता एल्युमिनियम पार्क का पहला चरण. यह ओडिशा के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह परियोजना निवेश और औद्योगिक क्षमता को एक साथ लाकर एल्युमिनियम वैल्यू चेन में नए अवसर खोलेगी और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देगी. इस पार्क को एक प्रमुख डाउनस्ट्रीम विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे उद्योगों को लॉजिस्टिक्स लागत, ऊर्जा खपत और उत्पादन समय को कम करने में मदद मिलेगी.

