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Bollywood Blockbuster Movie : बॉलीवुड में कुछ फिल्में ऐसी भी बनीं जो हर नजरिये से परफेक्ट थीं. फिर चाहे गीत हो या संगीत या कहानी-डायलॉग, सिनेमेटोग्राफी. इस तरह की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हमेशा बहुत सफल रहीं. 2001 में ऐसी ही एक फिल्म आई थी. फिल्म में भारत-पाक विभाजन, प्रेम कहानी, एक्शन ड्रामा सब कुछ था. इस फिल्म के गाने ब्लॉकबस्टर रहे थे. गीतकार ने एक ही धुन पर 3 गाने डायरेक्टर को सुनाए थे. फिर अपनी पसंद का गाना सुनाया. वही गाना फिल्म की पहचान बन गया. यह फिल्म एक ब्लॉकबस्टर फिल्म निकली.
15 जून 2001 में एक पीरियड ड्रामा एक्शन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर आई थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए रिकॉर्ड बनाए थे. पूरे देश में एक खास तरह का जुनून फिल्म को लेकर देखने को मिला था. जब इस फिल्म के गाने बनाए जा रहे थे तो गीतकार ने कहानी सुनते ही कह दिया था कि यह फिल्म ‘मुगले-ए-आजम’ साबित होगी. ठीक वैसा ही हुआ. आज इसकी गिनती ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों में होती है. यह फिल्म थी : गदर-एक प्रेम कथा.

गदर : एक प्रेम कथा में सनी देओल, अमीषा पटेल और अमरीश पुरी लीड रोल में नजर आए थे. फिल्म की कहानी शक्तिमान तलवार ने लिखी थी. डायरेक्शन अनिल शर्मा ने किया था. गीत आनंद बख्शी ने लिखे थे. म्यूजिक उत्तम सिंह का था. फिल्म की कहानी लिखते समय अनिल शर्मा गोविंदा के साथ महाराजा मूवी बना रहे थे. गोविंदा ने फिल्म में काम करने से इनकार कर दिया था. हालांकि अनिल शर्मा ने उन्हें फिल्म ऑफर नहीं थी, बस सिर्फ इतना कहा था कि वो पार्टिशन पर फिल्म बनाना चाहते हैं. फिल्म का बजट सीमित था ऐसे में हीरोइन के लिए कोई लीड एक्ट्रेस की जगह नए चेहरे के तौर पर अमीषा पटेल को लिया गया था.

गदर के डायरेक्टर अनिल शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह दिलीप कुमार के साथ एक फिल्म बनाना चाहते थे, जो कश्मीरी पंडितों के पलायन, भारत-पाक विभाजन पर आधारित थी. अनिल शर्मा ने अपने राइटर दोस्त शक्तिमान तलवार से फिल्म की कहानी में एक सब प्लॉट रखने को कहा, जिसमें एक भारतीय लड़के और पाकिस्तानी लड़की की कहानी हो. अनिल शर्मा दिलीप कुमार को कहानी भी सुना चुके थे. शक्तिमान तलवार ने जब लव स्टोरी का प्लॉट लिखा और अनिल शर्मा को सुनाया तो वो रोमांचित हो उठे. उन्होंने सब प्लॉट पर ही फिल्म बनाने का फैसला लिया.

अनिल शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैंने शक्तिमान तलवार से कहा कि यह स्क्रिप्ट तो रामायण है. बच्चे कह रहे हैं कि आप मेरी मां को लंका से वापस ले आओ. लंका आज के समय में पाकिस्तान जैसा देश ही हो सकता है. यह सब प्लॉट ही अपने आप में पूरी फिल्म है. इसी को हमें बनाना चाहिए. कश्मीरी पंडितों के पलायन की स्क्रिप्ट 50 फीसदी पूरी हो चुकी थी, कास्ट फाइनल हो चुकी थी लेकिन हमें ड्रॉप कर दिया. इस तरह से गदर फिल्म को बनाने की शुरुआत हुई.’

गदर फिल्म के ब्लॉकबस्टर गीत-संगीत की एक अलग कहानी है. उन दिनों आनंद बख्शी यूरोप में छुट्टियां मनाने गए हुए थे. प्रीतम सिंह ने कुछ धुने डायरेक्टर अनिल शर्मा को सुनाई थीं. डमी बोल से वो संतुष्ट नहीं थे. हालांकि उनकी पत्नी और बेटे उत्कर्ष को धुन पसंद थी. जब आनंद बख्शी विदेश से लौटे तो प्रीतम सिंह के साथ अनिल शर्मा गीतकार आनंद बख्शी से मिलने उनके घर पहुंचे. आनंद बख्शी ने उनसे पूरी कहानी सुनाने को कहा.

अनिल शर्मा जब कहानी सुना रहे थे तो आनंद बख्शी हर दो मिनट वॉशरूम जा रहे थे. अनिल शर्मा के मुताबिक, ‘मैं डर गया. मुझे लगा कि उन्हें कहानी पसंद नहीं आ रही. बख्शी साहब ने कहानी सुनने के बाद कहा कि पिक्चर तुम्हारी मुगले-ए-आजम है. मैंने कहा कि आप तो बार-बार वॉशरूम जा रहे थे तो उन्होंने कहा कि मैं अपने आंसू नहीं रोक पा रहा था, इसलिए वॉशरूम जा रहा था.’

आनंद बख्शी ने उत्तम सिंह से धुन सुनाने को कहा. संगीतकार उत्तम ने बिना वर्डिंग के धुन सुनाई. बख्शी साहब ने धुन सुनी. सिगरेट का सुट्टा लगाया. वॉशरूम गए और फिर आए. फिर बोले कि अनिल शर्मा जैसे तेरी फिल्म मुगल-ए-आजम है, वैसे ये गाना मुगल-ए-आजम है. अभी तुम जाओ, मुझे इस फिल्म और धुन के साथ जीने दे. कल शाम चार बजे तुम मुझसे मिलना. कल चार बजे मैं, उत्तम सिंह जी के साथ उनसे फिर से मिलने पहुंचा.

बकौल अनिल शर्मा, ‘आनंद बख्शी साहब ने कहा कि मैं गीतकार हूं, तुम प्रोड्यूसर हो, पैसे दोगे. अगर मैं तीन-चार मुखड़े नहीं सुनाऊंगा तो आपको लगेगा कि मैंने काम ही नहीं किया. अब एक मुखड़ा सुनो. मुखड़ा बहुत अच्छा लगा. फिर दूसरा मुखड़ा सुनाया. वो मुखड़ा भी बहुत अच्छा लगा. फिर उन्होंने कहा कि तीसरा मुखड़ा सुनाता हूं जो होना चाहिए. ये दोनों बहुत अच्छे हैं लेकिन मैं तीसरा मुखड़ा सुना रहा हूं जो होना चाहिए. इसका लास्ट सीक्वेंस सुनाता हूं, जब बच्चा धुन बजाता है और मां को होश आता है. बख्शी साहब गाते बहुत अच्छा है, इसलिए धुन उनके पास थी. उन्होंने गाना शुरू किया ‘उड़ जा काला कांवा तेरा……ओ घर आजा परदेसी, तेरी-मेरी एक जिंदड़ी…’ जैसे ही उन्होंने ‘ओ घर आजा परदेसी…’ सुनाया, मुझे पसंद आ गया. उन्होंने इस गाने के 16 अंतरे लिखे थे.’

अनिल शर्मा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो सनी देओल को फिल्म की कहानी सुनाने के लिए हैदराबाद गए थे. हैदाराबा में रात में तीन घंटे तक कहानी सुनने के बाद सनी ने कहा था कि क्या वो इस फिल्म में शामिल हो सकते हैं. गदर एक प्रेम कथा फिल्म का बजट करीब 18.5 करोड़ का था. फिल्म ने वर्ल्डवाइड 133 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. यह भारत की सबसे ज्यादा देखी फिल्म की लिस्ट में तीसरे नंबर पर है.

