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फिल्मों के जरिए समाज और इंसानी मन की परतें खोलने वाले एक चर्चित निर्देशक चैतन्य ताम्हाणे अब कुछ नया ला रहे हैं. अब वह पर्दे से बाहर दर्शकों के सामने एक बिल्कुल अलग किरदार में उतरने जा रहे हैं. इस बार न कोई कैमरा होगा, न बड़ा सेट और न ही फिल्मी कहानी, बल्कि आमने-सामने बैठे लोगों के बीच ऐसा अनुभव होगा, जो सोच, भरोसे और भ्रम की सीमाओं को परखेगा. उनकी यह नई शुरुआत पहले से ही चर्चा का विषय बन गई है. क्या है उनका नया प्लान चलिए बताते हैं…
निर्देशक चैतन्य ताम्हाणे अपनी नई फिल्म से पहले ये एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं.
नई दिल्ली. 39 साल के मशहूर फिल्ममेकर चैतन्य ताम्हाणे अब एक नया कमाल करने जा रहे हैं. अपनी फिल्मों से दुनिया भर में तारीफ बटोरने वाले चैतन्य अब लोगों का दिमाग पढ़ेंगे. वह मुंबई में अपना पहला पब्लिक ‘मेंटलिज्म’ यानी माइंडरीडिंग शो लेकर आ रहे हैं. इस लाइव शो का नाम है ‘व्हाइल आई स्टिल कैन’. यह शो 3 जुलाई से मुंबई के ‘3 आर्ट हाउस’ में शुरू होगा. दर्शकों के बीच इस शो का भारी क्रेज है. यही वजह है कि शो की सभी टिकटें पहले ही बिक चुकी हैं.
चैतन्य ताम्हाणे ने साल 2014 में अपनी पहली फिल्म ‘कोर्ट’ से दुनिया भर में पहचान बनाई. यह मराठी फिल्म भारत की तरफ से 88वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर) के लिए भेजी गई थी. इसके बाद साल 2020 में आई उनकी दूसरी फिल्म ‘द डिसाइपल’ को भी काफी सराहना मिली. अब वह अपनी अगली फिल्म की शुरुआत करने से पहले लोगों का दिमाग पढ़ने की तैयारी में हैं. पिछले कई सालों से निजी तौर पर अपने इस कला का प्रदर्शन करने के बाद, वह अब मेंटलिज्म के अपने इस जुनून को सार्वजनिक मंच पर ला रहे हैं.
मुंबई में होगा पहला शो
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 3 जुलाई से वह मुंबई के 3 आर्ट हाउस में अपना पहला सार्वजनिक ‘मेंटलिज्म’ शो पेश करेंगे, जिसका टाइटल है- ‘व्हाइल आई स्टिल कैन: माइंड रीडिंग, वंडर एंड अदर लॉस्ट कॉजेज. इस शो की दीवानगी का आलम यह है कि 70 मिनट के इस शो की सभी टिकटें पहले ही बिक चुकी हैं. शो के टिकट की कीमत 499 रुपये रखी गई थी.
क्या है मेंटलिज्म?
चैतन्य ताम्हाणे ने बताया कि वह करीब 20 सालों से जादू की दुनिया से जुड़े हुए हैं. फिल्मों में आने से पहले भी वह इस कला का अध्ययन करते थे. पिछले चार सालों से वह निजी तौर पर लोगों के लिए मेंटलिज्म सेशन करते रहे हैं. लेकिन अब पहली बार भारत में इसे सार्वजनिक रूप से पेश करेंगे. इससे पहले वह फ्रांस और इटली जैसे देशों में कलाकारों के कार्यक्रमों के दौरान अपने शो कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि मेंटलिज्म पारंपरिक जादू से अलग कला है. इसमें ताश, रस्सी या वस्तुओं के करतब नहीं होते, बल्कि ध्यान, मनोविज्ञान, कहानी कहने की शैली और इंसानी व्यवहार की समझ के जरिए दर्शकों के साथ वास्तविक समय में जुड़ाव बनाया जाता है. उन्होंने साफ किया कि इसमें कोई अलौकिक या रहस्यमयी शक्ति नहीं होती, बल्कि यह पूरी तरह एक परफॉर्मिंग आर्ट है.
शो की खास बातें
तारीख और जगह: 3 जुलाई से 31 जुलाई तक, मुंबई के 3 आर्ट हाउस में.
शो रननिंग टाइम: हर शो 70 मिनट का होगा, जिसने सिर्फ 15 लोग ही शामिल हो सकेंगे.
भाषा: अंग्रेजी
उम्र सीमा: 18 साल से ज्यादा
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शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें

