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जब भी बॉलीवुड का इतिहास देशभक्ति और शानदार सिनेमा के इर्द-गिर्द घूमता है, तो एक फिल्म का नाम अक्सर दिमाग में आता है. ठीक 45 साल पहले, 1981 में थिएटर में एक जबरदस्त फिल्म रिलीज हुई थी जिसने बॉक्स ऑफिस के सारे बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए थे. हम बात कर रहे हैं ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर ‘क्रांति’ की, जिसे मशहूर मनोज कुमार ने डायरेक्ट और लिखा था. फिल्म की सबसे बड़ी खासियत सिल्वर स्क्रीन पर इसकी बेमिसाल मौजूदगी थी, जिसमें चार मशहूर हीरो और चार टॉप हीरोइन थीं.
नई दिल्ली. साल 1981 को बॉलीवुड के इतिहास में ‘क्रांति’ के साल के तौर पर याद किया जाता है. जब मनोज कुमार ने 19वीं सदी में ब्रिटिश राज के खिलाफ भारत के विद्रोह और उसकी गहरी देशभक्ति पर आधारित इस फिल्म को पर्दे पर लाने का फैसला किया, तो उन्होंने उस समय सोच से भी परे एक बोल्ड कास्टिंग का फैसला किया. यह फिल्म न सिर्फ एक्टिंग का सुपर-स्कूल साबित हुई, बल्कि उस समय के शानदार बिजनेस फिगर भी हासिल किए, जो आज के समय में कई सौ करोड़ के बराबर हैं.

‘क्रांति’ की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कल्ट और बड़ी स्टार कास्ट थी. मनोज कुमार ने देश के कुछ सबसे बड़े एक्टर्स को एक ही फ्रेम में एक साथ लाया. ‘ट्रेजेडी किंग’ दिलीप कुमार ने इस फिल्म में लीड और दमदार रोल निभाया, जो पांच साल के ब्रेक के बाद एक्टिंग में लौटे थे. मनोज कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर और राइटर होने के साथ-साथ मुख्य क्रांतिकारी, भारत का रोल भी निभाया.

शशि कपूर ने एक सख्त और वफादार राजा/मिलिट्री ऑफिसर का रोल किया था, जो बाद में क्रांतिकारियों में शामिल हो जाता है, जबकि शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने सख्त व्यवहार और दमदार आवाज से एक शेर दिल क्रांतिकारी का रोल किया था. फिल्म की मेन लीड हेमा मालिनी, दिलीप कुमार और मनोज कुमार के साथ उनके मिशन पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थीं.
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परवीन बॉबी ने अपनी ग्लैमरस परफॉर्मेंस और बेहतरीन एक्टिंग से फिल्म को और बेहतर बनाया. सारिका ने फिल्म में बहुत सीरियस और जरूरी रोल किया था. बॉलीवुड की मशहूर ‘मां’ निरूपा रॉय ने भी अपनी जबरदस्त और इमोशनल परफॉर्मेंस से दर्शकों को रुला दिया. इन आठ मेन स्टार्स के अलावा फिल्म में प्रेम चोपड़ा, मदन पुरी और टॉम ऑल्टर जैसे मजबूत विलेन भी थे.

फिल्म के बिजनेस साइकिल और आंकड़ों को देखें तो, यह उस समय भी एक बड़ा इन्वेस्टमेंट था. शानदार सेट, असली जहाजों पर जबरदस्त एक्शन सीन और हजारों जूनियर आर्टिस्ट के साथ, इसका कुल बजट लगभग 3 करोड़ तक पहुंच गया, जिसे 1981 में बहुत बड़ा और रिस्की बजट माना गया था.

जब फिल्म रिलीज हुई, तो थिएटर के बाहर मीलों तक लाइनें लगी हुई थीं. कई सेंटर महीनों तक हाउसफुल रहे. इसने इंडियन बॉक्स ऑफिस पर 3 करोड़ की नेट कमाई की, जबकि इसकी कुल कमाई 19-20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई. यह 1981 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई. इसके ऐतिहासिक मुनाफे को देखते हुए, ट्रेड पंडितों ने इसे ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ का साफ फैसला दिया.

फिल्म का म्यूजिक इस जबरदस्त सफलता की रीढ़ था. ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी’ और ‘चना जोर गरम’ जैसे गाने 45 साल बाद भी हर किसी की जुबान पर हैं. दर्शकों के लिए दिलीप कुमार को पांच साल बाद बड़े पर्दे पर देखना रोंगटे खड़े कर देने वाला, जबरदस्त अनुभव था. उनके और मनोज कुमार के बीच के सीन सिनेमा के इतिहास का खजाना हैं. फिल्म में जोरदार ड्रामा, साफ डायलॉग डिलीवरी और अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त एक्शन का एकदम सही मेल था, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया था.

