Saturday, April 11, 2026
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कर्मचारियों के अनशन से अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित: कैडर पुनर्गठन की मांग, पांच दिन से सामूहिक अवकाश पर – Jodhpur News



न्यायालय परिसर में रैली निकाल सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

राजस्थान में न्यायिक कर्मचारियों द्वारा कैडर पुनर्गठन की मांग को लेकर सामूहिक अवकाश का सिलसिला पांचवें दिन भी जारी रहा। जिला न्यायालयों सहित समूचे राज्य के अधीनस्थ न्यायालयों में कामकाज ठप पड़ने से न्यायिक प्रक्रियाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। इस

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राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ, जोधपुर के जिलाध्यक्ष अनिल जोशी ने बताया कि न्यायिक कर्मचारियों की कैडर पुनर्गठन की मांग पिछले दो वर्षों से लम्बित है। जिससे 21,000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित हैं। मई, 2023 में राजस्थान उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को भेजा था, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया।

इससे न केवल कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि प्रमोशन के अवसर भी सीमित हो गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि जहाँ अन्य विभागों में कैडर पुनर्गठन नियमों के अनुसार किया जा चुका है, वहीं उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।

राज्यव्यापी अवकाश और जिला स्तरीय आंदोलन

राज्य सरकार की उपेक्षा के चलते संगठन की प्रदेश स्तरीय मीटिंग में यह प्रस्ताव लिया गया कि 18 जुलाई से सभी न्यायिक कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। जोधपुर महानगर व जिले के समस्त न्यायिक कर्मचारी, जिला अध्यक्ष जोशी के नेतृत्व में, अवकाश पर डटे हुए हैं और तब तक यह निर्णय जारी रखने की घोषणा की है जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती।

रैली, नारेबाजी और ज्ञापन

आंदोलन के पाँचवे दिन कर्मचारियों ने संघ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और जिला कलेक्टर को राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कर्मचारियों ने सरकार पर अन्य सरकारी कर्मचारियों की तुलना में भेदभाव का आरोप लगाया और ध्यान दिलाया कि प्रमोशन के मौके घट गए हैं और आर्थिक नुकसान लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस दौरान राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अनिल जोशी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि उच्च न्यायालय की संस्तुति के बावजूद राज्य सरकार मामलों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि समस्त न्यायिक कर्मचारियों की समस्याओं का जिम्मेदार राज्य सरकार ही है क्योंकि उसकी हठधर्मिता के कारण आम जनता व पक्षकारों को न्याय पाने में असुविधा हो रही है।

संघ के पदाधिकारी एवं समूचे जोधपुर के न्यायिक कर्मचारी अध्यक्ष जोशी के नेतृत्व में धरनास्थल पर लगातार पाँचवे दिन डटे रहे। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक कैडर पुनर्गठन नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन के तहत राजस्थान के अधीनस्थ न्यायालयों में सभी श्रेणी के कर्मचारी (लिपिक, आशुलिपिक, चपरासी, ड्राइवर आदि) सामूहिक अवकाश पर हैं।

बुधवार को धरनास्थल पर करेंगे सुंदरकांड पाठ

संघ के अध्यक्ष ने बताया कि कर्मचारियों की एकता और राज्य सरकार की सद्बुद्धि के लिए 23 जुलाई को धरनास्थल पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। यदि मांगों पर समय रहते विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।



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