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केला छीलते समय दिखने वाले सफेद धागे जैसे रेशे आखिर क्या होते हैं? जानिए इनका वैज्ञानिक कारण, क्या इन्हें खाना सुरक्षित है और क्यों इन्हें हटाना सिर्फ आपकी पसंद पर निर्भर करता है.
केला दुनिया के सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में से एक है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोटैशियम, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत भी माना जाता है. लेकिन जब भी केला छीला जाता है, तो उसके साथ लंबे सफेद धागे जैसे रेशे भी निकलते हैं. कुछ लोग इन्हें बिना सोचे-समझे हटा देते हैं, जबकि कुछ इन्हें केले के साथ ही खा लेते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये रेशे क्यों होते हैं और क्या इन्हें खाना सुरक्षित है? आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण.
केले पर दिखाई देने वाले इन सफेद धागों को वैज्ञानिक भाषा में Phloem Bundles कहा जाता है. ये केले के अंदर मौजूद प्राकृतिक ऊतक (Tissues) होते हैं, जो फल के विकास के दौरान पोषक तत्व, पानी और प्राकृतिक शर्करा को पौधे से केले के हर हिस्से तक पहुंचाने का काम करते हैं. इन्हें आप केले की “सप्लाई लाइन” भी कह सकते हैं. जिस तरह हमारे शरीर में नसें पोषक तत्वों और ऑक्सीजन को अलग-अलग अंगों तक पहुंचाती हैं, उसी तरह ये रेशे केले को बढ़ने और पकने में मदद करते हैं. इसलिए ये कोई खराबी या अतिरिक्त हिस्सा नहीं, बल्कि केले की संरचना का महत्वपूर्ण भाग होते हैं.
क्या ये रेशे खाने योग्य होते हैं?
हां, ये रेशे पूरी तरह खाने योग्य होते हैं और इन्हें खाने से किसी तरह का नुकसान नहीं होता. चूंकि ये फल का ही प्राकृतिक हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें हटाना जरूरी नहीं है. कई लोग केवल इनके हल्के रेशेदार टेक्सचर की वजह से इन्हें निकाल देते हैं. अगर आप इन्हें केले के साथ खा लेते हैं, तो यह बिल्कुल सामान्य बात है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता.
क्या इनमें भी पोषक तत्व मौजूद होते हैं?
इन रेशों पर अलग से बहुत ज्यादा वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन माना जाता है कि इनमें भी थोड़ी मात्रा में फाइबर और केले के कुछ पोषक तत्व मौजूद हो सकते हैं. चूंकि ये पूरे फल से जुड़े रहते हैं, इसलिए इनमें भी केले के समान कुछ प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि केले का मुख्य पोषण उसके गूदे से ही मिलता है, लेकिन इन रेशों को बेकार समझकर फेंकना जरूरी नहीं है.
लोग इन्हें हटाकर क्यों खाते हैं?
असल में इसका कारण स्वास्थ्य नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद है. कुछ लोगों को इन रेशों का स्वाद या बनावट पसंद नहीं आती. कई बार ये केले के गूदे से अलग होकर उंगलियों में चिपक जाते हैं, इसलिए लोग इन्हें निकाल देते हैं. खासकर बच्चों को ये रेशे पसंद नहीं आते. हालांकि इन्हें हटाने या न हटाने से केले की पौष्टिकता पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …
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