कैमूर जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल किया गया है। जिला परिषद सदस्यों ने उनकी कार्यशैली और कथित मनमानी के विरोध में यह कदम उठाया है। सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष चुनिंदा क्षेत्रों में पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करवा रही हैं, जिससे जिले का संतुलित विकास प्रभावित हो रहा है। जिला परिषद सदस्य विकास सिंह उर्फ लल्लू पटेल ने आरोप लगाया कि रिंकी सिंह ने कार्यालय को अपनी मनमर्जी से चलाया है। उनके अनुसार, जिले के अन्य क्षेत्रों के विकास कार्यों को रोककर केवल एक ही क्षेत्र में लाइटें लगवाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का चयन न करने और मनमाने ढंग से जिला परिषद चलाने को अनुचित बताया। प्रशासन से मतदान की तारीख तय करने की मांग लल्लू पटेल ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि जहां दो वर्ष पूरे होने पर पूर्व में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और मत विभाजन नहीं हो सका था, वहां दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए। इसी कानूनी आधार पर यह नया प्रस्ताव लाया गया है और जिला प्रशासन से मतदान की तारीख तय करने की मांग की गई है। 10 सदस्यों के समर्थन की होगी आवश्यकता अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए विरोधी खेमे ने रणनीति तैयार की है। लल्लू पटेल के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर वर्तमान में 7 सदस्यों ने हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने दावा किया कि 6 अन्य सदस्य भी उनके संपर्क में हैं। अध्यक्ष को अपनी कुर्सी बचाने के लिए 10 सदस्यों के समर्थन की आवश्यकता होगी। इस घटनाक्रम से कैमूर की स्थानीय राजनीति में गहमागहमी बढ़ गई है। मतदान की तारीख तय होने के बाद ही अध्यक्ष के भविष्य का फैसला होगा।
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