Zoffer AI Billing Success Story: लाखों-करोड़ों के बिल और अकाउंटिंग की उलझनों से अब चंद सेकेंड में छुटकारा मिलेगा. नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के ‘अटल इनक्यूबेशन सेंटर’ में तैयार AI स्टार्टअप ‘ज़ॉफर’ (Zoffer) ने बिलिंग और हिसाब-किताब का तरीका पूरी तरह बदल दिया है. स्टार्टअप के फाउंडर चिराग गोयल के अनुसार, यह AI टूल सीधे व्हाट्सएप पर काम करता है. व्यापारियों या ग्राहकों को सिर्फ अपने बिल या रसीद की फोटो व्हाट्सएप पर भेजनी होती है. AI ऑटोमेशन के जरिए पूरे बिल को स्कैन कर जीएसटी, टैक्स और गणना की गलतियों को पकड़ लेता है. इतना ही नहीं, यह खुद-ब-खुद बही-खाते (अकाउंटिंग) की सटीक एंट्री भी दर्ज कर देता है. दावा है कि यह तकनीक 90% तक सही परिणाम दे रही है. बिना किसी तकनीकी ज्ञान के व्यापारी अब अपने समय और पैसों की बचत कर रहे हैं, जिससे यह टूल बाजार में काफी पसंद किया जा रहा है.

