Friday, July 31, 2026
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कॉकटेल में शहद क्यों मिलाई जाती है? रोज पीने वाले भी नहीं जानते जवाब, समझें इसके पीछे का साइंस


वॉशिंगटन डी.सी. के एक रेस्तरां में एक बार अचानक एक मधुमक्खी आकर बार काउंटर पर बैठ गई. लोग घबरा गए, लेकिन पास ही खड़ा एक व्यक्ति, जिसे मधुमक्खी के डंक से एलर्जी थी, बिल्कुल नहीं डरा. वजह साफ थी, यह मधुमक्खी असली नहीं थी. इसका सिर और पंख धातु के बने थे और पेट कांच का था. यह खास गिलास था, जिसमें रेस्तरां ब्रेस्का अपनी मशहूर बीज नीज कॉकटेल परोसता है.

ब्रेस्का का मतलब कैटालान भाषा में “मधुमक्खी का छत्ता” होता है, इसलिए यहां शहद को खास जगह दी जाती है. इस कॉकटेल में आम चीनी की चाशनी की जगह शहद और पानी से बनी चाशनी इस्तेमाल की जाती है. इसका कारण शहद की मिठास है. इसमें फ्रक्टोज और ग्लूकोज होता है, जो सामान्य चीनी से ज्यादा मीठा होता है. इसलिए थोड़े से शहद से ही बेहतरीन स्वाद मिल जाता है. सही तरीके से शहद का इस्तेमाल करना किसी भी ड्रिंक को खास बना सकता है.

अलग शहद, अलग स्वाद
टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जुलियाना रेंजल बताती हैं कि शहद हजारों तरह के फूलों से बनता है और हर शहद का स्वाद अलग होता है. यही खासियत इसे साधारण चीनी से अलग बनाती है. अगर आपको अलग-अलग शहद की जानकारी हो, तो आप ड्रिंक के हिसाब से सही शहद चुन सकते हैं. जैसे हॉर्समिंट शहद जिसमें हल्की पुदीने जैसी खुशबू होती है, मोजितो जैसी ड्रिंक के लिए बढ़िया है. शहद में प्राकृतिक एसिड भी होते हैं, इसलिए यह नींबू और संतरे जैसे खट्टे फलों के साथ बहुत अच्छा मेल खाता है.

शहद की बनावट का सही इस्तेमाल
कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ क्रिस गर्लिंग कहते हैं कि शहद सिर्फ मिठास नहीं देता, बल्कि ड्रिंक को मुलायम बनावट और अच्छी खुशबू भी देता है. इसकी गाढ़ी बनावट शराब की तीखापन को कम करती है और ड्रिंक को संतुलित बनाती है. हालांकि, शहद बहुत गाढ़ा होता है, इसलिए इसे सीधे इस्तेमाल नहीं किया जाता. आमतौर पर इसे गुनगुने पानी के साथ मिलाया जाता है. इससे शहद का स्वाद बना रहता है और वह आसानी से ड्रिंक में घुल जाता है.

बीजवैक्स का कॉकटेल में यूज
मधुमक्खियां शहद को छत्ते में जमा करती हैं और उसे बीजवैक्स से ढक देती हैं. यही बीजवैक्स आजकल कॉकटेल में भी इस्तेमाल हो रहा है. ब्रेस्का में कॉकटेल को परोसने से पहले नौ दिनों तक बीजवैक्स लगे बर्तन में रखा जाता है. इससे ड्रिंक में हल्का फूलों जैसा स्वाद आता है. यह प्रक्रिया वाइन को लकड़ी के पीपे में रखने जैसी होती है, जहां शराब बर्तन से स्वाद सोख लेती है.

इस बात का ध्यान रखना जरूरी
हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी भी देते हैं कि बीजवैक्स में कभी-कभी कीटनाशक के अंश हो सकते हैं. फिर भी, यह जोखिम आम खाने-पीने की चीजों जितना ही माना जाता है.



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