Tuesday, April 14, 2026
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भारत की तरक्की के 3 इंजन, एस जयशंकर ने JNU में खोल दिया ‘सीक्रेट’ फॉर्मूला


Agency:एजेंसियां

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S Jaishankar News: JNU में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है. यहां उन्होंने कहा, भारत की प्रगति तीन इंजनों पर चल रही है: डिमांड, डेमोग्राफी और डाटा. कहा, “दुनिया अस्थिर है, लेकिन भारत स्थिर राह पर है.”

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भारत की प्रगति के तीन इंजन: मांग, जनसांख्यिकी, डेटा. (फोटो PTI)

नई दिल्ली: भारत की सबसे मशहूर यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)आए दिन चर्चा में रहती है. लेकिन इस बार JNU में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जो बयान दिया वह चर्चा में. JNU में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की तेजी से बढ़ती वैश्विक भूमिका और आर्थिक प्रगति पर विस्तृत दृष्टिकोण साझा किया. उन्होंने कहा कि “भारत का उदय ऐसे समय में हो रहा है जब दुनिया असाधारण अस्थिरता के दौर से गुजर रही है.” उन्होंने इस अस्थिर वैश्विक परिदृश्य में भारत की निरंतर प्रगति को “एक असाधारण उपलब्धि” बताया.

जयशंकर ने इस मौके पर भारत की सफलता के पीछे छिपे तीन प्रमुख इंजन डिमांड (मांग), डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) और Data (डेटा) को देश की “नई शक्ति त्रयी” बताया. उन्होंने कहा कि यह तीनों कारक मिलकर भारत को न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे हैं, बल्कि इसे दुनिया के लिए विकास और स्थिरता का भरोसेमंद केंद्र भी बना रहे हैं.

तीन इंजन जो भारत की प्रगति चला रहे हैं
विदेश मंत्री ने बताया कि भारत की प्रगति के पीछे तीन बड़े इंजन हैं-

  1. Demand (मांग): 140 करोड़ से अधिक की आबादी भारत को दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाज़ार बनाती है.
  2. Demography (जनसांख्यिकी): भारत की युवा जनसंख्या उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जो नवाचार और उत्पादकता को गति दे रही है.
  3. Data (डेटा): डिजिटल इंडिया, आधार और यूपीआई जैसे प्लेटफॉर्म्स ने देश में डेटा-आधारित शासन और आर्थिक समावेशन की नई दिशा तय की है.

जयशंकर ने कहा, “भारत की वृद्धि अब नीतिगत सुधारों की नहीं, बल्कि इन तीन इंजनों के तालमेल की कहानी है.”

विदेश नीति के 10 आयाम- आत्मविश्वास की पहचान
कार्यक्रम में जयशंकर ने भारत की विदेश नीति के 10 प्रमुख आयामों का ज़िक्र किया. इनमें Neighbourhood First, Act East, Link West, Quad, BRICS, IMEC (India-Middle East-Europe Corridor) और Vaccine Maitri जैसी पहलें शामिल हैं. उन्होंने कहा कि भारत की कूटनीति अब “रिएक्टिव नहीं, प्रोएक्टिव” है. जो वैश्विक चुनौतियों को अवसर में बदल रही है.

“अस्थिरता के बीच भी आगे बढ़ना भारत की पहचान”
जयशंकर ने कहा, “भारत का लक्ष्य सिर्फ विकास नहीं, बल्कि स्थिरता के साथ आगे बढ़ना है. दुनिया चाहे जितनी अस्थिर क्यों न हो, भारत को अपने रास्ते पर डटा रहना होगा.” उन्होंने युवाओं से कहा कि भारत की विदेश नीति आज ‘युवा आत्मविश्वास’ का प्रतीक है और यह 21वीं सदी को भारत की सदी बनाने की दिशा में अग्रसर है.

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Sumit Kumar

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें

Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, … और पढ़ें

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