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LTCG Tax : लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को फिलहाल सरकार नहीं हटाएगी. शेयर बाजार की कमाई पर लगने वाले इस 12.5 फीसदी टैक्स को हटाने की मांग कई दिनों से हो रही है. एलटीसीजी से सरकार के खजाने में करोड़ों रुपये आ रहे हैं.
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि उसका एलटीसीजी टैक्स हटाने का कोई इरादा नहीं है.
नई दिल्ली. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने वाले लंबे समय से सरकार से लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स खत्म करने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, सरकार का मूड कुछ और ही है. सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल एलटीसीजी टैक्स हटाने का उसका कोई इरादा नहीं है. लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि देश के आर्थिक हालात को देखते हुए बजट और कानूनी बदलावों के जरिए टैक्स दरों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है. लेकिन, फिलहाल एलटीसीजी हटाने की कोई योजना नहीं है.
जब कोई निवेशक किसी कंपनी के शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड को 12 महीने से ज्यादा समय तक अपने पास रखते हैं और फिर बेचकर मुनाफा कमाते हैं, तो उस मुनाफे को लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स कहा जाता है. शेयर बाजार से हुए ऐसे मुनाफे पर 12.5% की दर से सरकार एलटीसीजी वसूलती है. अगर एक वित्त वर्ष में मुनाफा 1.25 लाख रुपये तक है तो यह टैक्स नहीं देना पड़ता.
एलटीसीजी खत्म होने से आम निवेशक को क्या फायदा?
एलटीसीजी को खत्म करने की मांग लंबे समय से की जा रही है. शेयर बाजार में पैसा लगाने वालों का कहना है कि यह उनके मुनाफे में मोटी सेंध लगा रहा है. मान लीजिए एक आदमी ने किसी शेयर में पैसा लगाया और 1 साल बाद उसे बेचने पर आपको 3 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ. 1.25 लाख रुपये तक एलटीसीजी टैक्स नहीं देना होता. बाकी बचे ₹1,75,000 पर 12.5 फीसदी की दर से टैक्स देना होगा. यह 21875 रुपये बनेगा. यानी कुल शुद्ध मुनाफा 278125 रुपये ही रह जाएगा. अगर एलटीसीजी टैक्स हट जाता है तो कमाई का बड़ा हिस्सा कटने से बच जाएगा.
LTCG से सरकार को हो रही खूब कमाई
LTCG टैक्स न हटाने के पीछे सबसे बड़ी वजह इससे सरकार को इससे हो रही मोटी कमाई है.
- एसेसमेंट ईयर 2024-25 में LTCG टैक्स से सरकारी खजाने में ₹72,249 करोड़ आए.
- एसेसमेंट ईयर 2025-26 में एलटीसीजी टैक्स से सरकार ने ₹1,29,158 करोड़ कमाए.
इस तरह दो सालों में सरकार ने शेयर बाजार निवेशकों से LTCG के रूप में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा कमा लिए. जाहिर है, इतनी बड़ी कमाई को सरकार आसानी से छोड़ना तो नहीं चाहती.
किसी को नहीं दी छूट ?
सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी निवेशक को एलटीसीजी टैक्स से छूट नहीं दी है. वित्त राज्य मंत्री ने बताया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI), घरेलू संस्थागत निवेशकों और आम खुदरा निवेशकों से एलटीसीजी वसूला जा रहा है. हालांकि, आयकर संशोधन अध्यादेश के तहत सरकार ने केवल सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) में FPI के निवेश पर मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन्स को टैक्स से छूट दी है. शेयर बाजार के आम इक्विटी निवेश पर नहीं.

