Sunday, May 31, 2026
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क्रेडिट लेने को लेकर भिड़े जनप्रतिनिधि, हाई वोल्टेज ड्रामा; VIDEO: विधायक और LJP (R) जिलाध्यक्ष में तीखी नोकझोंक, 4 महीने बाद खुली कपरपुरा रेलवे गुमटी – Muzaffarpur News




मुजफ्फरपुर जिले के कांटी स्थित कपरपुरा रेलवे गुमटी संख्या-107 को महीनों बाद दोबारा खोल दिया गया, लेकिन इस दौरान इसका श्रेय लेने को लेकर ऐसा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला, जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है। गुमटी खुलने के कार्यक्रम के दौरान वैशाली सांसद वीणा देवी की मौजूदगी में कांटी के जदयू विधायक अजीत कुमार और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों नेताओं के बीच हुई नोकझोंक का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गुमटी खुलने की खुशी के बीच शुरू हुई बहस शनिवार दोपहर कपरपुरा रेलवे गुमटी को औपचारिक रूप से खोले जाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। लंबे समय से बंद इस रेलवे गुमटी के खुलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल था। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर श्रेय लेने को लेकर दोनों नेताओं के बीच विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते बहस तेज हो गई और दोनों पक्षों के समर्थक भी आमने-सामने आ गए। हालांकि मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। चुलबुल शाही बोले- सांसद के प्रयास से खुली गुमटी लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चुलबुल शाही ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए लंबे समय से आंदोलन चल रहा था। उन्होंने दावा किया कि वैशाली सांसद वीणा देवी ने कई बार रेल मंत्री और रेलवे अधिकारियों से बातचीत की थी, जिसके बाद रेलवे ने गुमटी खोलने का निर्णय लिया। चुलबुल शाही के अनुसार, शनिवार को समस्तीपुर मंडल के अधिकारियों की ओर से गुमटी खोलने की स्वीकृति मिलने के बाद उद्घाटन का समय तय किया गया था। उनका आरोप है कि कार्यक्रम में विधायक अजीत कुमार ने सांसद की मौजूदगी पर सवाल उठाया और कहा कि उनके क्षेत्र में आने से पहले उन्हें सूचना दी जानी चाहिए थी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। विधायक अकेले इस कार्य का श्रेय लेना चाहते थे, जबकि इसके लिए कई लोगों ने मिलकर प्रयास किया था। विधायक अजीत कुमार ने भी रखा पक्ष वहीं, कांटी विधायक अजीत कुमार ने कहा कि कपरपुरा रेलवे गुमटी को खुलवाने के लिए उन्होंने लगातार प्रयास किए थे और विधानसभा से लेकर रेलवे के विभिन्न स्तरों तक इस मुद्दे को उठाया था। कार्यक्रम में उन्होंने केवल इतना कहा था कि क्षेत्र से जुड़े किसी कार्यक्रम में आने से पहले जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय होना चाहिए। इसी दौरान कुछ लोग अनावश्यक रूप से उनसे उलझ गए, जिसके कारण विवाद की स्थिति बनी। 22 फरवरी से बंद थी रेलवे गुमटी गौरतलब है कि रेलवे द्वारा अंडरपास निर्माण कार्य को लेकर कपरपुरा रेलवे गुमटी को 22 फरवरी की मध्यरात्रि से बंद कर दिया गया था। गुमटी बंद होने के बाद कांटी और आसपास के दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया था। स्थानीय लोगों को बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी। इसे लेकर लगातार जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से आंदोलन और मांग उठाई जा रही थी। बीच-बचाव के बाद शांत हुआ मामला विवाद बढ़ने के बाद कांटी प्रखंड प्रमुख कृपा शंकर शाही सहित अन्य स्थानीय गणमान्य लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। इसके बाद सभी जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में रेलवे गुमटी को औपचारिक रूप से खोल दिया गया। गुमटी खुलने के साथ ही इस मार्ग पर वाहनों का परिचालन फिर से शुरू हो गया, जिससे महीनों से परेशान स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि गुमटी खुलने से ज्यादा चर्चा अब उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान हुए राजनीतिक टकराव और वायरल वीडियो की हो रही है।



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