Wednesday, September 16, 2026
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गया जंक्शन पर ट्रेन से 45 जिंदा कछुए बरामद: दून एक्सप्रेस से किए गए बरामद, बाथरूम के बाहर लावारिस पड़े दो झोले, एक पिट्ठू बैग में थे – Gayaji News




गया जंक्शन पर आरपीएफ, जीआरपी और सीपीडीएस की संयुक्त जांच के दौरान 45 जिंदा कछुए बरामद किए गए। सुरक्षा टीम ने यह कछुए ट्रेन संख्या 13010 डाउन ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस के स्लीपर कोच एस-8 से बरामद किए। सभी कछुए दो झोलों और एक पिट्ठू बैग में रखे थे। ये तीनों बैग कोच के बाथरूम के बाहर लावारिस हालत में पड़े मिले। बरामदगी के बाद सुरक्षा टीम ने कछुओं को अपने कब्जे में लिया और जरूरी प्रक्रिया पूरी कर वन विभाग के कर्मचारी को सौंप दिया। स्लीपर कोच एस-8 के बाथरूम के बाहर दो झोले, एक पिट्ठू बैग से मिले कछुए आरपीएफ पोस्ट गया से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 सितंबर की रात की है। ट्रेन संख्या 13010 डाउन ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर पहुंची थी। ट्रेन रुकते ही आरपीएफ, अपराध आसूचना शाखा, सीपीडीएस टीम और राजकीय रेल थाना गया की टीम ने मिलकर जांच शुरू की। जांच के दौरान स्लीपर कोच एस-8 के बाथरूम के बाहर दो झोले और एक पिट्ठू बैग लावारिस मिले। किसी यात्री ने इन बैगों पर अपना दावा नहीं किया। सुरक्षा टीम को संदेह हुआ, जिसके बाद तीनों बैगों को कब्जे में लेकर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैगों के अंदर जिंदा कछुए मिले। मौके पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने सावधानी से सभी कछुओं को बाहर निकाला। गिनती करने पर कुल 45 जिंदा कछुए बरामद हुए। सुरक्षा टीम ने तुरंत सभी कछुओं को सुरक्षित अपने पास लिया और उन्हें आरपीएफ पोस्ट गया लाया गया। इसके बाद वन विभाग को इसकी जानकारी दी गई, ताकि कछुओं को सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके और आगे की कानूनी कार्रवाई हो सके। लावारिस बैगों ने बढ़ाया तस्करी का शक सबसे अहम बात यह रही कि कछुओं से भरे तीनों बैग कोच के बाथरूम के बाहर लावारिस अवस्था में मिले। बैगों पर किसी व्यक्ति के मौजूद नहीं होने के कारण सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि इतनी बड़ी संख्या में कछुओं को ट्रेन में कौन लेकर आया था और इन्हें कहां ले जाने की तैयारी थी। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद मामले को वन्यजीव तस्करी के एंगल से देखा जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कछुओं को ट्रेन में किस स्टेशन से चढ़ाया गया और इन्हें किस गंतव्य तक पहुंचाया जाना था। यात्रियों और ट्रेन में संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा सकती है। वन विभाग के अधिकृत कर्मचारी को सौंपे गए कछुए आरपीएफ थानाध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया की बरामद कछुओं को सुरक्षित रखने के बाद वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर वन विभाग, गया के अधिकृत कर्मचारी एवं वनरक्षी वशिष्ठ कुमार आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 16 सितंबर को सभी 45 जीवित कछुओं को विधिवत वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ ने बताया कि कछुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। इसलिए बरामदगी के बाद उन्हें सुरक्षित अवस्था में वन विभाग को सौंपना आवश्यक था। अब वन विभाग द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।



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