Wednesday, April 15, 2026
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गैस सिलेंडर की टेंशन खत्म! सरकार ने किया ऐसा इंतजाम, LPG को लेकर हो जाएगा आराम


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LPG Cylinder Latest Update: यदि आप भी एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर टेंशन में हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है. सरकार ने कुछ ऐसे कदम उठाए हैं, जो आपकी टेंशन को लगभग खत्‍म कर देंगे. साथ ही, कालाबाजारी को रोकने के लिए भी सरकार ने बेहद पुख्‍ता इंतजाम कर दिया है.

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एलपीजी उपभोक्‍ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ महत्‍वपूर्ण कदम उठाए हैं.

LPG Cylinder Latest Update: एलपीजी सिलेंडर को लेकर आप टेंशन में हैं, तो आपके लिए राहत भरी खबरी है. सरकार ने कुछ ऐसे इंतजाम कर दिए हैं, जो आपकी टेंशन को लगभग खत्‍म कर देंगे. सरकार ने साफ किया है कि घरेलू एलपीजी सप्लाई सबसे पहली प्रा‍थमिकता है. अगर गैस सप्‍लाई पर कहीं दबाव बन भी रहा है, तो सबसे पहले घरों की रसोई को गैस मिलेगी. होटल, रेस्तरां सहित कमर्शियल सेक्टर की गैस सप्‍लाई में समायोजन करके घरेलू उपभोक्ताओं की मांग को हर हाल में पूरा किया जा रहा है.

वहीं, स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुए नए संकट की वजह से सोशल मीडिया में फैल रही अफवाहों को लेकर भी सरकार ने चिंता जाहिर की है. सोशल मीडिया में लगातार गैस खत्‍म होने को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही है. ऐसे में, पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वह किसी तरह की अफवाह के चक्‍कर में ना पड़ें. इन अफवाहों के झांसे में आकर दो-दो सिलेंडर बुक न कराएं. पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि असली संकट गैस की कमी की वजह से नहीं, पैनिक बुकिंग के चलते ज्यादा हो रहा है.

मैंने गैस की बुकिंग कर दी है, अब सिलेंडर कब आएगा?

  1. इन दिनों यह एक ऐसा सवाल है, जो एलपीजी गैस का उपयोग करने वाले हर उपभोक्‍ता के मन में है. सरकार ने इस टेंशन को कम करने के लिए डिजिटल बुकिंग सिस्टम को बेहतर किया है. अब उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. मोबाइल ऐप, वेबसाइट और आईवीआर के जरिए एलपीजी बुकिंग को आसान बनाया गया है.
  2. इसी के साथ, कालाबाजारी की संभावनाओं को बिल्‍कुल खत्‍म करने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) की व्‍यवस्‍था लागू की गई है. इस व्‍यवस्‍था के लागू होने के बाद डिलीवरी में करीब 92 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. सरकार की कोशिश है कि सिलेंडर सीधे सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे और बीच में किसी तरह की कालाबाजारी न हो.
  3. सरकार ने उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि जरूरत के हिसाब से ही सिलेंडर बुक करें, एजेंसी जाने के बजाय डिजिटल बुकिंग ही करें. साथ ही, डिलीवरी के समय डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड जरूर शेयर करें. यह छोटा सा कदम पूरे सिस्टम को बेहतर बनाने में काफी मददगार साबित होगा.
  4. इस संकट में सरकार ने छोटे परिवारों, किराएदारों, छात्रों और प्रवासी मजदूरों के लिए एक भी और बड़ा इंतजाम किया है. सरकार ने इनकी जरूरत को देखते हुए 5 किलो वाले छोटे एफटीएल सिलेंडर लॉन्‍च किए है. ये सिलेंडर उन लोगों के लिए राहत हैं, जिन्हें 14.2 किलो वाले बड़े घरेलू गैस की जरूरत नहीं होती है या जिनके पास स्थायी एड्रेस प्रूफ नहीं है.
  5. सरकार के आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च 2026 से अब तक 14.3 लाख से ज्यादा छोटे सिलेंडर की बिक्री हुई है. सिर्फ 13 अप्रैल की बात करें तो देशभर में करीब 1.1 लाख छोटे सिलेंडर बिके हैं, जो फरवरी के औसत 77 हजार प्रतिदिन से काफी ज्यादा है. जिन इलाकों में रेगुलर घरेलू सिलेंडर की डिलीवरी में थोड़ा समय लग रहा है, वहां छोटे सिलेंडर को बैकअप के तौर पर इस्‍तेमाल किया जा सकता है.

जमाखोरी और ब्‍लैक मार्केटिंग करने वालों के खिलाफ सरकार क्‍या कदम उठा रही है?
सरकार ने जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग पर भी कड़ा शिकंजा कसा है. देशभर में लगातार छापेमारी हो रही है. अबतक 232 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा, 56 को निलंबित किया गया है.

किन इलाकों से सबसे अधिक एलपीजी ड्राई आउट की शिकायतें आ रही हैं?
सरकार ने साफ किया है कि देश में कहीं भी एलपीजी ड्राई आउट की रिपोर्ट नहीं है. देश में कोई भी ऐसा इलाका नहीं जहां सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई हो. कुछ जगहों पर डिलीवरी टाइम बढ़ सकता है, लेकिन इसका मतलब कमी नहीं, बल्कि मांगा का बढ़ना और सख्त वेरिफिकेशन प्रॉसेस भी हो सकता है.

क्‍या उपभोक्‍ताओं के पास एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट होने का विकल्‍प है.
जी हां, जहां भी पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सरकार तेजी से लोगों को पाइप गैस की तरफ शिफ्ट कर रही है. मार्च 2026 से अब तक 4.40 लाख नए पीएनजी कनेक्शनों में गैस फ्लो शुरू हो चुका है, जबकि लगभग 4.88 लाख लोगों ने नए कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. इससे एलपीजी पर दबाव कम होगा और जिन घरों में अभी सिलेंडर ही एकमात्र विकल्प है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें



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