गोपालगंज में पुलिस और मानव तस्करी विरोधी इकाई ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के आर्केस्ट्रा समूहों से 40 से अधिक नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया गया है। इस मामले में 22 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर बच्चों के शोषण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में संचालित लगभग 15 आर्केस्ट्रा समूहों पर एक साथ छापेमारी की। यह अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन और गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में चलाया गया। इस संयुक्त अभियान में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन (AVAAZ), नारायणी सेवा संस्थान और बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना शामिल थे। AVAAZ और नारायणी सेवा संस्थान बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ नेटवर्क के सहयोगी संगठन हैं। पश्चिम बंगाल, असम की रहने वाली लड़कियां
यह ऑपरेशन उन सूचनाओं के आधार पर शुरू किया गया था, जिनमें आर्केस्ट्रा समूहों द्वारा दूसरे राज्यों से नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाने और उनसे अनैतिक कार्य कराने की बात सामने आई थी। मुक्त कराई गई अधिकांश लड़कियां पश्चिम बंगाल, असम और अन्य सीमावर्ती राज्यों की हैं। पुलिस ने इस मामले में 22 लोगों को हिरासत में लिया है। प्रशासन के अनुसार, ये लोग आर्केस्ट्रा की आड़ में नाबालिगों का शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे थे। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मेडिकल जांच कराई गई, कल्याण समिति में पेश किया
पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही है, ताकि लड़कियों को गोपालगंज तक लाने वाले अंतरराज्यीय गिरोहों का पता लगाया जा सके। रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उनकी मेडिकल जांच के बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया। प्रशासन अब उनके परिजनों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षित घर भेजने की प्रक्रिया में जुटा है। यह पूरा अभियान अपर पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) अमित जैन व गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की देखरेख में कुचायकोट पुलिस, एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन, नारायणी सेवा संस्थान व पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय ने संयुक्त रूप से चलाया। छापे की इस कार्रवाई में शामिल लड़कियों की उम्र 10 से 17 साल
एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें। अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता
बिहार में ट्रैफिकिंग गिरोहों व आर्केस्ट्रा समूहों के बीच गहरी सांठ-गांठ की ओर संकेत करते हुए एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा, “ इस अभियान ने एक बार इस तथ्य को उजागर किया है कि कितने बड़े पैमाने पर लड़कियों की ट्रैफिकिंग कर उन्हें राज्य के विभिन्न हिस्सों में चल रहे आर्केस्ट्रा समूहों में धकेला जा रहा है। इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर यौन शोषण व उत्पीड़न के अंतहीन दलदल में धकेल दिया जाता है। हमें ट्रैफिकिंग के संगठित अपराध और आर्केस्ट्रा समूहों की मिलीभगत के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है। इन्हें सख्त सजा देने के साथ ही पीड़ित बच्चियों के पुनर्वास व पर्याप्त मुआवजे की तत्काल आवश्यकता है। न्याय में किसी भी तरह की देरी इन बच्चों को दोबारा निराश कर सकती है।” एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन और नारायणी सेवा संस्थान पिछले एक महीने से इन आर्केस्ट्रा समूहों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। उन्होंने पाया कि आर्केस्ट्रा समूह शादी-ब्याह के समय ट्रैफिकिंग के जरिए पड़ोसी राज्यों से नाबालिग बच्चियों को लाते हैं और इन्हें विवाह समारोहों में भोजपुरी गानों पर अश्लील नृत्य के लिए मजबूर किया जाता है। भोजपुरी फिल्मों में काम करने का प्रलोभन दिया
हालांकि इनके यौन उत्पीड़न का सिलसिला समारोह खत्म होने के बाद भी जारी रहता है। चूंकि शादी-ब्याह का मौसम कुछ ही दिनों में खत्म होने वाला है, इसलिए छापे के लिए जानबूझ कर ऐसा दिन चुना गया जब कोई लग्न नहीं हो और ये सभी लड़कियां अपने ठिकानों पर मौजूद रहें। मुक्त कराए जाने के बाद काउंसलिंग के दौरान भयभीत दिख रही कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें उनके कथित प्रेमी ने बेच दिया या फिर पैसे, नाम व बेहतर जिंदगी का लालच देकर शोषण के दलदल में धकेल दिया। कुछ लड़कियों ने बताया कि उन्हें भरोसा दिलाया गया था कि अगर वे आर्केस्ट्रा से जुड़ी रहेंगी तो उन्हें भोजपुरी फिल्मों में काम करने का अवसर भी मिलेगा।
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