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बॉलीवुड के जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर और सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पूर्व चेयरमैन पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री में एक ऐसा खालीपन आ गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता. निहलानी सिर्फ एक प्रोड्यूसर ही नहीं थे, बल्कि 90 के दशक के सुपरस्टार गोविंदा के गॉडफादर भी थे. अपने आखिरी दिनों में ‘इल्जाम’, ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले फिल्ममेकर ने गोविंदा के करियर के बारे में एक चौंकाने वाला और कड़वा सच बताया था, जिसने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था.
नई दिल्ली. एंटरटेनमेंट की दुनिया से एक बहुत ही दुखद खबर आई है. हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर की शुरुआत करने वाले और कई कल्ट फिल्में बनाने वाले पहलाज निहलानी अब हमारे बीच नहीं रहे. 76 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. उनके निधन की खबर ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया है, खासकर एक्टर गोविंदा के लिए. यह एक पर्सनल और कभी न पूरी होने वाली क्षति है. पहलाज निहलानी ने ही गोविंदा के छिपे हुए टैलेंट को पहचाना और उन्हें फिल्म ‘इल्जाम’ (1986) से बड़ा ब्रेक देकर रातोंरात स्टार बना दिया. इसके बाद दोनों ने ‘शोला और शबनम’ और ‘आंखें’ जैसी ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर राज किया.

लेकिन, पहलाज निहलानी सिर्फ अपनी फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री में अपनी बेबाकी और सच्चाई के लिए भी जाने जाते थे. अपनी मौत से कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने बॉलीवुड के उस कड़वे और डार्क साइड के बारे में बताया जिसे लोग अक्सर छिपाने की कोशिश करते हैं. उन्होंने साफ-साफ कहा कि गोविंदा का करियर अपने आप नहीं बिगड़ा, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के कुछ जाने-माने ‘पंडितों’ और असरदार लोगों ने उनका करियर बर्बाद करने की साजिश रची.

90 के दशक में गोविंदा का स्टारडम इतना ज्यादा था कि उन्होंने एक साथ 49 फिल्में साइन करने का रिकॉर्ड बनाया था. लेकिन, समय बदला और उन्हें धीरे-धीरे साइडलाइन किया जाने लगा. जब 2007 में सलमान खान के साथ गोविंदा की फिल्म ‘पार्टनर’ रिलीज हुई, तो सबको लगा कि यह चीची का कमबैक है और फिल्म ब्लॉकबस्टर रही, लेकिन पहलाज निहलानी ने ‘पिंकविला’ को दिए अपने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा करते हुए कहा था, ”पार्टनर’ की जबरदस्त सफलता के बाद, असल में सब कुछ गोविंदा के खिलाफ हो गया था. उस बड़ी सफलता के बाद भी, उन्हें फिल्में मिलना बंद हो गईं. उन्होंने जो कई बड़ी फिल्में साइन की थीं, उन्हें जानबूझकर रोक दिया गया, जिसमें प्रियंका चोपड़ा के साथ उनकी एक बड़ी फिल्म भी शामिल थी.’ पहलाज ने दर्द भरे लहजे में कहा था, ‘अगर कोई सामने से हमला करे तो समझ में आता है, लेकिन जब कोई पीठ में छुरा घोंपता है, तो कोई निशान नहीं बचता और आपको पता भी नहीं चलता. गोविंदा के साथ यही हुआ. उनकी पीठ में कई बार छुरा घोंपा गया.’
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बॉलीवुड में अक्सर यह फैलाया जाता था कि गोविंदा सेट पर देर से आते थे और प्रोड्यूसर्स को परेशान करते थे, जिससे प्रोड्यूसर्स उनसे दूरी बना लेते थे. इस प्रोपेगैंडा को गलत साबित करते हुए पहलाज निहलानी ने हमेशा अपने पसंदीदा एक्टर का बचाव किया था. उन्होंने कहा था, ‘जब मैंने 2019 में गोविंदा के साथ ‘रंगीला राजा’ बनाई, तो कई बड़े प्रोड्यूसर्स मेरे पास आए और पूछा कि क्या गोविंदा मुझे सेट पर परेशान करते हैं. मैंने साफ मना कर दिया. वह मेरे लिए टाइम पर आते थे, यहां तक कि अपनी सुबह 6 बजे की शिफ्ट में भी और पैक-अप के बाद ही जाते थे. यह सिर्फ उनके खिलाफ फैलाई गई एक सोची-समझी अफवाह थी ताकि उन्हें काम न मिले.’

फिल्म इंडस्ट्री में खोखलेपन और मतलबी रिश्तों के बारे में बात करते हुए, पहलाज निहलानी ने कुछ ऐसा कहा था जो उनके जाने के बाद अब और भी ज्यादा काम का लगता है. उन्होंने कहा था, ‘बॉलीवुड में कोई किसी का दोस्त नहीं होता, न ही कोई रिश्ते होते हैं. यहां दोस्त सिर्फ अच्छे समय के साथी होते हैं. समय बदलने के बाद कोई किसी की परवाह नहीं करता. इस इंडस्ट्री का कड़वा सच यह है कि अगर किसी बड़े स्टार की फिल्म फ्लॉप होती है, तो उसके सो-कॉल्ड दोस्त और दुश्मन चुपके से पार्टी और सेलिब्रेट करते हैं.’

जब पहलाज से गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के बारे में पूछा गया था, जिन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनके करीबी लोगों ने उनका करियर बर्बाद कर दिया था, तो पहलाज ने उनकी बात का पूरा सपोर्ट किया था. उन्होंने कहा था, ‘सुनीता बिल्कुल सही कह रही हैं. वह गलत नहीं हैं. इन सो-कॉल्ड फिल्म पंडितों और सिंडिकेट्स ने मिलकर एक शानदार और टैलेंटेड एक्टर का करियर बर्बाद कर दिया.’

पहलाज निहलानी का जाना गोविंदा के लिए एक युग का अंत है. पहलाज हमेशा कहते थे कि वह गोविंदा के बारे में एक इंसान या एक्टर के तौर पर कभी कुछ नेगेटिव नहीं सुन या कह सकते. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि गोविंदा की सोच में कभी-कभी कमियां थीं, जिससे वह समय पर साजिश करने वालों को पहचान नहीं पाए, लेकिन उनका टैलेंट बेमिसाल था.

