अंकित श्रीवास्तव | जौनपुरकुछ ही क्षण पहले
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जौनपुर में उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ की जनपद शाखा ने सोमवार शाम मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह को सौंपा। इस ज्ञापन में निजीकरण रोकने, पुरानी पेंशन बहाल करने, मृतक आश्रितों को योग्यतानुसार नौकरी देने और चतुर्थ श्रेणी की भर्ती खोलने सहित पांच सूत्रीय मांगें रखी गई हैं।
महासंघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह ने बताया कि निजीकरण के कारण आंगनवाड़ी, आशा, शिक्षामित्र, रोजगार सेवक, पंचायत कर्मी, रसोइया और आंगनवाड़ी सहायिका जैसे विभिन्न विभागों में कार्यरत लोगों के परिवारों का भरण-पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।

प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम लाल गौतम, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह और जिला मंत्री सभाजीत यादव ने मांग की कि चतुर्थ श्रेणी के मृतक आश्रितों को उनकी योग्यता के अनुसार समूह ‘ग’ के पद पर नियुक्ति दी जाए। वरिष्ठ उपाध्यक्ष केसरी प्रसाद गौतम और कोषाध्यक्ष अजय लाल मौर्या ने मुख्यमंत्री से चतुर्थ श्रेणी की भर्ती खोलने और निजीकरण को पूरी तरह बंद करने का आग्रह किया।
चतुर्थ श्रेणी के संरक्षक सरताज सिंह ने पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारियों और शिक्षकों के बुढ़ापे का सहारा बताया। उन्होंने सांसदों और विधायकों की तरह अर्धसैनिक बलों, कर्मचारियों और शिक्षकों को भी यह सुविधा देने की मांग की। पुरानी पेंशन बहाली के लिए 9 नवंबर को प्रदेश भर के कर्मचारी और शिक्षक डॉ. मंजीत सिंह पटेल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में दिल्ली कूच करेंगे।
इस ज्ञापन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत राज सफाई कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अनर बहादुर यादव, जिला मंत्री तेज बहादुर, विपिन कुमार यादव, प्रमोद अग्रहरि, कुलदीप यादव, मुफ्तीगंज ब्लॉक अध्यक्ष सी.पी. सिंह, सिरकोनी ब्लॉक अध्यक्ष अनामिका सिंह, अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, बबलू श्रीवास्तव, लवकुश यादव, रेखा देवी, मधुबाला, आशा पाल, मनोज कुमार, नन्हकू यादव, राम हृदय और प्रमोद कुमार शर्मा सहित कई अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

