पीलीभीत के जिला विद्यालय निरीक्षक यानी डीआईओएस कार्यालय में सामने आए लाखों रुपये के वित्तीय घोटाले में सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में कार्यालय में तत्कालीन समय तैनात रहे लेखाकार जावेद को निलंबित कर दिया गया है। आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशक की ओर से निलंबन का आदेश जारी किया गया है। जावेद का तबादला अब दूसरे जिले में हो चुका है, लेकिन जिस समय वित्तीय गड़बड़ी हुई, उस दौरान वह पीलीभीत में ही तैनात थे। मामला कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर समेत दूसरे मदों में हुए भुगतान से जुड़ा है। शुरुआती जांच में कार्यालय स्तर पर हिसाब-किताब में गड़बड़ी और बिना पर्याप्त जांच के बिल पास किए जाने की बात सामने आई थी। इसी आधार पर लेखाकार जावेद की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। वेतन और एरियर के भुगतान में गड़बड़ी का आरोप घोटाले में कई लाख रुपये के लेनदेन में अनियमितता की बात सामने आई है। आरोप है कि शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन, एरियर और अन्य मदों में नियमों की अनदेखी करते हुए भुगतान किए गए। इससे सरकारी धन के गलत इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। शुरुआती जांच में बिलों और कार्यालय के हिसाब-किताब में भी कई स्तर पर गड़बड़ी मिलने की बात सामने आई। बिना जांच बिल पास करने की जांच होगी प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि कुछ बिलों को पर्याप्त जांच के बिना ही पास कर दिया गया। इसी दौरान तत्कालीन लेखाकार जावेद की भूमिका पर सवाल उठे। उन्हें प्रथमदृष्टया जिम्मेदार मानते हुए निलंबित किया गया है। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी और उनकी भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी को सौंपी गई जांच सरकार ने पूरे वित्तीय घोटाले की जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ कोषाधिकारी सुरेश यादव को दी है। जांच में यह देखा जाएगा कि सरकारी धन के भुगतान में किस स्तर पर लापरवाही हुई और लेखाकार की भूमिका क्या रही। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि कार्यालय के अन्य कर्मचारी इस गड़बड़ी में शामिल थे या नहीं। मुख्य आरोपी इल्हाम पहले ही बर्खास्त इस मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे इल्हाम शम्सी के खिलाफ सरकार पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। उन्हें पहले निलंबित किया गया था और बाद में सेवा से बर्खास्त करने का आदेश भी जारी हो चुका है। अब तत्कालीन लेखाकार जावेद के निलंबन के बाद मामले में कार्रवाई का दायरा बढ़ गया है। डीआईओएस विजय सिंह यादव ने जावेद के निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि शासन का आदेश कार्यालय को मिल गया है।
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पीलीभीत डीआईओएस कार्यालय में लाखों का वित्तीय घोटाला: लेखाकार जावेद निलंबित, शासन ने विस्तृत जांच के आदेश दिए – Pilibhit News
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