जयपुर में यूजीसी के मुद्दे को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को कोटा कलेक्ट्रेट परिसर के बार विरोध प्रदर्शन किया गया। राजपूत करणी सेना और स्वर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी की। देवराज सिंह पलाड़ा की मौत पर प्रदर्शनकारियों ने गुस्सा जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पलाड़ा के परिजनों को एक करोड़ मुआवजा, सरकारी नौकरी समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पुलिस के लाठीचार्ज में हुए थे कई लोग घायल राष्ट्रीय करणी सेना कोटा संभाग अध्यक्ष महिपाल सिंह हाड़ा ने बताया कि जयपुर में छात्र-छात्राएं और विभिन्न संगठनों के लोग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है। मृतक देवराज पलाड़ा के परिजनों को 1 करोड़ की मिले सहायता ज्ञापन में प्रदर्शन के दौरान मृतक बताए गए देवराज सिंह पलाड़ा के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही घायल छात्रों और युवाओं को बेहतर उपचार और मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से भविष्य में शांतिपूर्ण आंदोलनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से जिला प्रशासन से मांगों को राज्य और केंद्र सरकार तक पहुंचाने का आग्रह भी किया गया।
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