सीमावर्ती जिले जैसलमेर में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा सामने आया, जहां रेवन्तसिंह की ढाणी के सामने स्थित आर्मी कैंट में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि इसने परिसर में स्थित सीएसडी (CSD) कैंटीन को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कैंटीन और वहां रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सैन्य प्रशासन सहित प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। आग पर काबू पाने के लिए भारतीय सेना, सिविल डिफेन्स और नगर परिषद की दमकल गाड़ियों को मोर्चे पर लगाया गया। करीब एक घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। सुबह कैंट से उठा धुआं, मची अफरा-तफरी रविवार सुबह करीब 8 बजे आर्मी कैंट परिसर से अचानक धुएं का गुबार और आग की लपटें उठती देख वहां तैनात जवानों और सुरक्षाकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। आग कैंट के भीतर स्थित सीएसडी कैंटीन वाले हिस्से में लगी थी। जब तक लोग कुछ समझ पाते और आंतरिक संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी कैंटीन को अपनी आगोश में ले लिया। तीन विभागों की टीमों ने संयुक्त रूप से संभाला मोर्चा आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत सैन्य अधिकारियों ने नागरिक प्रशासन को सूचित किया। सूचना मिलते ही नगर परिषद की फायर ब्रिगेड की टीम बिना वक्त गंवाए उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हो गई। कैंट पहुंचने पर देखा कि सेना की अपनी दमकलें और सिविल डिफेंस की टीमें पहले से ही आग पर काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई थीं। स्थिति को भांपते हुए एयरफोर्स के फायर टेंडर भी तुरंत बुलाए गए। एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शांत हुईं लपटें सेना, नगर परिषद और सिविल डिफेंस के फायर फाइटर्स ने मिलकर चारों तरफ से कैंटीन पर पानी की बौछारें शुरू कीं। संयुक्त टीम की मुस्तैदी और करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। समय रहते उठाए गए कदमों के कारण आग को कैंट के अन्य संवेदनशील हिस्सों और बैरकों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। लाखों के नुकसान की आशंका, कारणों की जांच शुरू मिली जानकारी के अनुसार, इस अग्निकांड में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, कैंटीन में रखा घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रोसरी और अन्य सामग्री पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई है, जिससे लाखों रुपये के भारी नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। सैन्य अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन द्वारा आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को इसका कारण माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
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