Monday, April 13, 2026
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झांसी जेल में जन्में कान्हा, बंदियों ने गाए मंगलगीत: मंदिरों में श्री कृष्ण का पालना झुलाने की लगी होड़, भक्तों ने एक किलोमीटर लंबी लाइन में लगकर किया अपनी बारी का इंतजार – Jhansi News


झांसी के मंदिरों में ऐसा दिखा जन्माष्टमी का जश्न

झांसी जेल से लेकर मंदिरों तक कृष्ण जन्माष्टमी पर भक्त भक्ति और कान्हा के प्रेम में झूमते नजर आए। यहां मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया। पालने में लेटे कन्हैया को निहारने के लिए झांसी के मंदिरों में भक्तों की एक किलोमीटर तक लंबी कतार लगी रही। इस्कॉन म

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10 तस्वीरों में देखें झांसी का जन्माष्टमी उत्सव

कुंजबिहारी मंदिर के मुख्य द्वार पर सजा भगवान श्री कृष्ण का रथ

मुरली मनोहर मंदिर में भगवान कृष्ण का दूध, दही और माखन से अभिषेक करते पुजारी

मुरली मनोहर मंदिर में भगवान कृष्ण का दूध, दही और माखन से अभिषेक करते पुजारी

कुंज बिहारी मंदिर में जन्म के बाद पालने में झूलते कान्हा

कुंज बिहारी मंदिर में जन्म के बाद पालने में झूलते कान्हा

भजन गातीं महिलाएं और पुरुष

भजन गातीं महिलाएं और पुरुष

झांसी जिला कारागार के बंदी भक्ति में सराबोर

झांसी जिला कारागार के बंदी भक्ति में सराबोर

जिला कारागार में भजन मंडली

जिला कारागार में भजन मंडली

मुरलीमनोहर मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचीं महिलाएं

मुरलीमनोहर मंदिर में पूजा अर्चना करने पहुंचीं महिलाएं

मंदिर में भजन प्रस्तुति देते गुरुकुल के शिक्षार्थी

मंदिर में भजन प्रस्तुति देते गुरुकुल के शिक्षार्थी

श्री कृष्ण की पोषक पहनकर मंदिर पहुंचे बच्चे

श्री कृष्ण की पोषक पहनकर मंदिर पहुंचे बच्चे

आधी रात को दर्शन के लिए कतार में खड़े भक्त

आधी रात को दर्शन के लिए कतार में खड़े भक्त

झांसी के सबसे प्राचीन मुरलीमनोहर मंदिर में सुबह के ही भक्तों का आना शुरू हो गया था। यहां महिलाएं सभी काम छोड़कर अपने आराध्य के जन्म पर मंगलगीत गाती रहीं। वहीं, मंदिर के पुजारी श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को दूध, दही और माखन से नहलाते नजर आए। यहां भगवान के दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। दूसरी तरफ कुंज बिहारी मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के अवतरण की तैयारियां जोरों पर रहीं। यहां फूल, गुब्बारे, रंग-बिरंगी लाइट्स से पूरे मंदिर को रोशन किया गया। वहीं, शाम होते-होते पूरा मंदिर भक्तों से भर गया। यहां भगवान के अवतरण दिवस पर मंगलगीत गाए गए, जिस पर महिला-पुरुष और बच्चे मंत्रमुग्ध होकर हारे कृषणा का जाप करते दिखाई दिए।

एक किलोमीटर लंबी लगी लाइन

बता दें कि कुंज बिहारी मंदिर में प्रवेश के लिए दो गेट हैं। पहला बीकेडी चौराहा से जीवनशाह जाने वाले रास्ते पर और दूसरा अंतिया ताल से। कृष्ण जन्माष्टमी पर इन दोनों गेटों पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां लगभग 1 किलोमीटर तक लंबी लाइन में लगकर भक्तों ने भगवान के दर्शन किए। साथ ही उनकी पसंदीदा पोषक और सामग्री भगवान के बाल स्वरूप को अर्पण की।

पालना झुलाने को आतुर दिखे भक्त

श्रीकृष्ण के बाल अवतार के जन्म के साथ ही उन्हें मनमोहक पोषक पहनाकर श्रृंगार कर पालने में लिटाया गया। कुंज बिहार मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दो पालने लगाए थे, जिसमें श्री कृष्ण के स्वरूपों को लिटाया गया था। यहां भक्तों की कामना थी कि वह अपने हाथों से भगवान का पालना झुलाएं तो ऐसे में प्रबंधन ने भी उन्हें निराश नहीं किया। कतार में लगे भक्त बारी-बारी से भगवान के पालने को झूला झुलाकर काफी उत्साहित दिखे।

संत राधामोहन दास महाराज बोले, ये भगवान का प्रेम अवतार है, भगवान से प्रेम करो, कल्याण हो जाएगा

संत राधामोहन दास महाराज बोले, ये भगवान का प्रेम अवतार है, भगवान से प्रेम करो, कल्याण हो जाएगा

भगवान का प्रेम अवतार है, प्रेम से कल्याण होगा

कुंज बिहारी मंदिर के प्रमुख और संत राधामोहन दास जी महाराज ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि आज भगवान श्री कृष्ण का प्रेम अवतार हुआ है। बोले, भक्तों से यही कहना है कि भगवान के प्रेम अवतार से प्रेम करो तो जल्दी कल्याण हो जाएगा।

जेल में बंदियों ने जमकर किया भजन

झांसी जिला कारागार में जन्माष्टमी का नजारा देखने लायक रहा। यहां जेल प्रशासन ने भजन मंडली को आमंत्रित कर परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी समारोह आयोजित किया था। जिसमें भजन गायकों ने श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनकी रासलीलाओं को सुरों में पिरोया। यहां भजन सुनकर बंदी भी अपनी कैद भूलकर भक्ति में झूम उठे और सुर से सुर मिलाते हुए कन्हैया के जन्मोत्सव में डूब गए।



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