Tuesday, May 26, 2026
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झांसी में फर्जी फर्मों ने 1.60 करोड़ GST चोरी की: अलीगोल खिड़की के मकान को कागजों में बताया फैक्टरी, बिजली के बिल में भी बदल दिया नाम – Jhansi News


झांसी में रजिस्टर दो फर्म ने 1.60 करोड़ रुपए GST का लाभ लिया तो अधिकारियों को शक हुआ। वह सत्यापन के लिए कंपनी के पते पर अलीगोल खिड़की अंदर पहुंच गए। लेकिन, जिस व्यक्ति के पते पर फर्म रजिस्टर थी, उनको इसकी जानकारी ही नहीं थी कि उनके नाम पर खेल हो गया। ब

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फर्जी फर्म और जीएसटी चोरी के बारे में बताते डिप्टी कमिश्नर पुनीत अग्निहोत्री।

मोहम्मद इस्लाम बोले, हमें तो जीएसटी का पूरा मतलब भी नहीं पता।

मोहम्मद इस्लाम बोले, हमें तो जीएसटी का पूरा मतलब भी नहीं पता।

स्टेट जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर पुनीत अग्निहोत्री ने बताया कि ऑडिट में दो फर्म उजागर हुई हैं। जिन्होंने फर्जी कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए का टर्न ओवर दिखाते हुए टैक्स चोरी कर ली। कपड़ा और स्क्रैप की सप्लाई बिल में दर्ज हुई लेकिन, खरीददार के पास वह माल पहुंचा ही नहीं। जबकि, फर्म के इनवॉइस में वहां माल पहुंचाना दिखाया।

कपड़ा का व्यापार करने वाली कंपनी को अलीगोल खिड़की के रहने वाले मोहम्मद इस्लाम के पते पर दिखाया गया। इस कंपनी का रजिस्ट्रेशन काजल नाम की महिला के नाम है। हैरान करने वाली बात ये रही कि फर्म को 2021 के बिजली के बिल के आधार पर रजिस्टर कराया गया, जिसमें मोहम्मद इस्लाम की कस्टमर आईडी सही थी लेकिन, उनके नाम की जगह काजल नाम की महिला दर्ज थी। जांच में ये भी पाया गया कि में छेड़छाड़ कर नाम बदला गया गया है।

जिस घर से युवक बाहर आ रहा, उसी मकान को दिखा दिया फर्म का कार्यालय।

जिस घर से युवक बाहर आ रहा, उसी मकान को दिखा दिया फर्म का कार्यालय।

काजल इंटरप्राइजेज ने ऐसे की चोरी

फर्म काजल इंटरप्राइजेज ने कपड़ा कारोबार करने के लिए सेंट्रल जीएसटी में पंजीयन कराया था। इसका करीब 4 करोड़ रुपये का सालाना कारोबार था। इसकी खरीद के सापेक्ष बिक्री काफी अधिक बनी हुई थी। जांच की गई तो इसके द्वारा ऐसी कंपनियों से आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम कर प्राप्त कर लिया, जिसका कि पहले ही पंजीयन निरस्त किया जा चुका था। यही नहीं फर्म के स्थल पर जांच की गई तो न तो मौके पर यह फर्म मिली, और न ही इसके कागजात सही पाए गए। इसके द्वारा 72.72 लाख रुपये की टैक्स चोरी की गई।

दूसरी फर्म भी कर रही थी चोरी

दूसरी फर्म पीएस इंटरप्राइजेज, जिसने कपड़े के कारोबार के लिए अपना पंजीयन कराया। यह फर्म भी सेंट्रल जीएसटी में पंजीकृत थी। इसका सालाना कारोबार 9.38 करोड़ था। यह फर्म भी धरातल पर नहीं मिली, पंजीयन में भी कागजात फर्जी पाए गए। इसने करीब 88.12 लाख रुपये की टैक्स चोरी कर सरकार को राजस्व की चपत लगाई।

अब पुलिस करेगी तलाश

डिप्टी कमिश्नर पुनीत अग्निहोत्री ने बताया कि अलीगोल खिड़की के मोहम्मद इस्लाम के घर जब जांच करने पहुंचे तो पाया कि उनके बिजली के बिल से छेड़खाड़ कर नाम एडिट किया है। जबकि, मोहम्मद इस्लाम ने अपने मकान में बतौर किरायेदार किसी को नहीं रखा। वहीं, दूसरी फर्म के दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। बताया कि मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।



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