Friday, May 1, 2026
Homeविदेशट्रम्प जंग रोकने की संसद से मंजूरी नहीं चाहते: प्रस्ताव पेश...

ट्रम्प जंग रोकने की संसद से मंजूरी नहीं चाहते: प्रस्ताव पेश करना टाला; रक्षा मंत्री बोले- युद्ध विरोधी अमेरिकी ईरान से ज्यादा खतरनाक


  • Hindi News
  • International
  • Iran US Israel War Ceasefire LIVE Update; Donald Trump Hormuz Strait | Middle East Oil Crisis

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ट्रम्प ने ईरान युद्ध की मंजूरी के लिए संसद में प्रस्ताव रखने का इरादा अभी टाल दिया है। युद्ध के 60 दिन का समय पूरा होने के बाद इसे जारी रखने के लिए 1 मई को प्रस्ताव रखा जाना था।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को संसद में कहा कि राष्ट्रपति को 60 दिन से ज्यादा युद्ध जारी रखने के लिए संसद की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि ईरान के साथ जो सीजफायर (युद्धविराम) हुआ है, उससे यह 60 दिन की समय सीमा रुक गई है।

अमेरिका-ईरान जंग 7 अप्रैल को रुक गया था। इसका मतलब है कि यह जंग करीब 40 दिन चला। हेगसेथ ने यह भी कहा कि इस समय सबसे बड़ा खतरा ईरान नहीं, बल्कि युद्ध विरोधी हैं। इनमें कुछ डेमोक्रेट और कुछ रिपब्लिकन हैं।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ लगातार दूसरे दिन गुरुवार को संसद में पेश हुए।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ लगातार दूसरे दिन गुरुवार को संसद में पेश हुए।

वियतनाम जंग के बाद 60 दिन का कानून आया

अमेरिका में वियतनाम युद्ध के बाद 1973 में एक कानून बनाया गया था, जिसे ‘वॉर पावर्स रिजोल्यूशन’ कहा जाता है। इस कानून के मुताबिक, राष्ट्रपति संसद की मंजूरी के बिना सिर्फ 60 दिन ही सेना का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस कानून के तहत राष्ट्रपति को या तो सेना वापस बुलानी होती है, या युद्ध जारी रखने के लिए संसद से मंजूरी लेनी होती है, या फिर 30 दिन का एक्स्ट्रा समय मांगना होता है।

ट्रम्प ने 1 मार्च को संसद में ईरान पर हमले की जानकारी दी थी। ऐसे में 60 दिन की समयसीमा 1 मई को पूरी हो जाएगी।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. ट्रम्प की धमकी: ट्रम्प ने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर अपनी फोटो शेयर कर कहा, तूफान आगे बढ़ रहा है। इसे कोई रोक नहीं पाएगा।

2. ईरान का जवाब: सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कहा, हम हमलावरों को समंदर में डुबो देंगे। फारस की खाड़ी में उनके लिए कोई जगह नहीं है।

3. तेल की कीमत बढ़ी: गुरुवार को कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़कर करीब 126 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई। यह 4 साल में सबसे ज्यादा थी। बाद में यह कम होकर 115 के करीब पहुंची।

4. मुजतबा की सेहत पर सस्पेंस: मुजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अब भी साफ जानकारी सामने नहीं आई है। वह अभी तक कभी सार्वजनिक तौर पर नजर नहीं आए हैं।

5. अमेरिकी एयरक्राफ्ट लौटा: दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर फोर्ड अब 300 दिनों से ज्यादा की रिकॉर्ड तैनाती के बाद अमेरिका लौट रहा है।

ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

12 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रिपोर्ट: ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई खत्म

ट्रम्प सरकार का कहना है कि ईरान के खिलाफ जो सैन्य कार्रवाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी, उसे अब खत्म माना जा रहा है। NBC न्यूज से बात करते हुए एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि कानून के हिसाब से अब इसे चल रहा युद्ध नहीं माना जाएगा।

7 अप्रैल से दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर लागू हुआ था, जिसे बाद में आगे बढ़ा दिया गया। इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच किसी तरह की गोलीबारी नहीं हुई है।

अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों पर पलटवार किया और होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया।

बाद में 8 अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता में सीजफायर लागू हुआ। इसके बाद 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में बातचीत भी हुई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया।

इसके बाद ट्रम्प ने पाकिस्तान की अपील पर युद्धविराम को अपनी तरफ से आगे बढ़ा दिया, लेकिन इसकी नई समय सीमा तय नहीं की गई।

28 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान में 21 साल के युवक को फांसी

बीबीसी न्यूज के मुताबिक, ईरान के इस्फहान में रहने वाले 21 साल के युवक सासन आजादवर जोंगानी को फांसी दे दी गई। उन्हें इसी साल जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था।

परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर हुआा, जिसमें सिर्फ 10 रिश्तेदारों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी।

ईरान की न्यायपालिका का कहना है कि जनवरी में सरकार को उखाड़ फेंकने के मकसद से हुए प्रदर्शनों के दौरान सासन आजादवर जोंगानी ने अधिकारियों को ले जा रही एक मिनीबस पर पत्थरों और डंडों से हमला किया, वाहनों के शीशे तोड़े और अधिकारियों पर पत्थर और ईंटें फेंकीं।

न्यायपालिका के मुताबिक, उन्होंने यह भी स्वीकार किया था कि प्रदर्शन में शामिल होने से पहले उन्होंने अपने आसपास के लोगों से कहा था कि वे शासन को उखाड़ फेंकने के इरादे से सड़कों पर उतरेंगे और अपने दोस्तों को भी इसमें शामिल होने के लिए बुलाया था।

53 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान पर बड़े हमले का प्लान तैयार, ट्रम्प को दिए गए विकल्प

अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर ने राष्ट्रपति ट्रम्प को ईरान के खिलाफ संभावित हमला करने के विकल्पों की जानकारी दी है।

फॉक्स न्यूज के मुताबिक एडमिरल ब्रैड कूपर ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में ट्रम्प के साथ बैठक में ये विकल्प पेश किए।

इसमें बताया गया कि अगर ट्रम्प दोबारा हमले का फैसला लेते हैं, तो एक ‘छोटा लेकिन बहुत ताकतवर हमला’ किया जा सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ईरान की बची हुई सैन्य ताकत, उसके नेता और अहम ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को निशाना बनाया जा सकता है।

रक्षा मंत्रालय कुछ नए और एडवांस हथियार इस्तेमाल करने पर भी विचार कर रहा है। इनमें ‘डार्क ईगल’ नाम की हाइपरसोनिक मिसाइल भी शामिल है। यह मिसाइल करीब 2,000 मील (करीब 3,200 किलोमीटर) दूर तक निशाना साध सकती है और ईरान के बचे हुए बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को टारगेट कर सकती है।

इसके अलावा, B-1B लांसर बॉम्बर विमानों की मौजूदगी भी इलाके में बढ़ाई जा रही है। ये विमान भारी मात्रा में हथियार ले जाने में सक्षम हैं और हाइपरसोनिक हथियार भी ले जा सकते हैं।

03:58 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

तेल कंपनियों ने रोजाना 116 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया 

ईरान-अमेरिका जंग के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो 4 साल का उच्चतम स्तर है। हालांकि, बाद में दाम 116 डॉलर तक ​आ गए। ऐसे में एजेंसियों के हवाले से बताया जा रहा है कि ईरान युद्ध की वजह से महंगे कच्चे तेल से देश की तेल कंपनियों को रोजाना 2,400 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

पेट्रोल पर प्रति लीटर 14 रु. और डीजल पर 18 रु. का नुकसान झेलना पड़ रहा है। इससे तेल कंपनियां पेट्रो मूल्य बढ़ाने का दबाव बना रही हैं। जबकि, हकीकत ये है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कच्चे तेल के औसत दाम महज 71 डॉलर प्रति बैरल रहे, जो कोविड वर्ष 2020-21 के बाद सबसे कम हैं। युद्ध 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था और 27 फरवरी तक दाम 76 डॉलर प्रति बैरल थे। ऐसे में महज 2 महीने में ही क्रूड की कीमतें चढ़ी हैं। जबकि, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 के शुरुआती 9 महीनों में देश की चार अग्रणी तेल कंपनियों ने कुल 1.37 लाख करोड़ रु. यानी हर रोज 116 करोड़ रुपए का लाभ कमाया।

03:40 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

ट्रम्प बोले- जर्मन चांसलर बहुत खराब काम कर रहे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी के चांसलर मर्ज की आलोचना करते हुए कहा है कि वे बहुत खराब काम कर रहे हैं।

पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि जर्मनी इस समय कई समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा, जर्मनी में इमिग्रेशन और एनर्जी को लेकर दिक्कतें हैं। इसके अलावा यूक्रेन के मुद्दे पर भी वहां बड़ी चुनौती बनी हुई है।

ट्रम्प ने यह भी बताया कि ईरान को लेकर उनकी मर्ज से बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा, “मैंने ईरान में जो कदम उठाए, उसकी उन्होंने आलोचना की। लेकिन जब मैंने उनसे पूछा कि क्या आप चाहते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार हो, तो उन्होंने ‘नहीं’ कहा। तब मैंने कहा कि फिर मुझे लगता है कि मैं सही हूं।”

03:27 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी स्पीकर बोले- अमेरिका जंग में नहीं है

अमेरिकी स्पीकर माइक जॉनसन। ये रिपब्लकिन पार्टी से हैं।

अमेरिकी स्पीकर माइक जॉनसन। ये रिपब्लकिन पार्टी से हैं।

अमेरिकी संसद (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ युद्ध में नहीं है। उन्होंने यह बयान उस समय दिया जब युद्ध से जुड़ी 60 दिन की कानूनी समय सीमा आज खत्म हो रही है।

माइक जॉनसन ने कहा कि अभी अमेरिका की तरफ से कोई बमबारी या गोलीबारी नहीं हो रही है। इस समय कोशिश शांति समझौता कराने की है और ऐसे संवेदनशील वक्त में सरकार के काम में दखल देना ठीक नहीं होगा।

ट्रम्प भी पहले कह चुके हैं कि वह इसे युद्ध नहीं मानते। ट्रम्प ने 1 मार्च को ईरान में सैन्य कार्रवाई की जानकारी संसद को दी थी, इसलिए इसकी डेडलाइन अब शुक्रवार को पूरी हो रही है।

दरअसल, 8 अप्रैल को ट्रम्प ने ईरान के साथ 2 हफ्ते का युद्धविराम (सीजफायर) घोषित किया था, जिससे सैन्य अभियान रुक गया था। बाद में 21 अप्रैल को यह खत्म होने वाला था, लेकिन इसे अनिश्चित समय के लिए आगे बढ़ा दिया गया।

02:40 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

नौसेना जहाजों को फिर से तैयार कर रहा अमेरिका

अमेरिका अपनी नौसेना के जहाजों को फिर से तैयार कर रहा है। इन जहाजों में तेल (ईंधन), खाना, हथियार और बाकी जरूरी सामान भरा जा रहा है, ताकि वे लंबे समय तक ऑपरेशन कर सकें।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें दिखाया गया है कि गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर यूएसएस डेलबर्ट डी ब्लैक पर ईंधन, खाना, हथियार और जरूरी सप्लाई लोड की जा रही है।

02:20 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

‘जर्मनी को अमेरिका पर पहले जैसा भरोसा नहीं’

यूरोपीय संसद की सदस्य मारी-एग्नेस स्ट्रैक-जिमरमैन ने कहा है कि अब जर्मनी के लोगों का अमेरिका पर भरोसा पहले जैसा नहीं रहा है। उन्होंने यह बात तब कही जब एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने की बात कही थी।

स्ट्रैक-जिमरमैन ने कहा कि जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी दोनों देशों के लिए फायदेमंद है। क्योंकि जर्मनी एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र (हब) की तरह काम करता है। उन्होंने यह भी माना कि पिछले कई दशकों में जर्मनी ने अपनी रक्षा तैयारियों पर उतना ध्यान नहीं दिया जितना देना चाहिए था।

लेकिन जब उनसे सीधे पूछा गया कि क्या जर्मनी को अब भी अमेरिका पर सुरक्षा के लिए भरोसा है, तो उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा व्हाइट हाउस पर भरोसा पहले जैसा नहीं है, जैसा कि जो बाइडेन, बराक ओबामा और बिल क्लिंटन के समय था।

02:02 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

ट्रम्प जर्मन चांसलर पर भड़के, कहा- दखलअंदाजी बंद करें

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प। (फाइल फोटो)

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प। (फाइल फोटो)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वे ईरान के मामलों में दखल देना बंद करें और अपना ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने पर लगाएं।

ट्रम्प ने यह बयान सोशल मीडिया पर दिया और इस हफ्ते में दूसरी बार मर्ज की आलोचना की। इससे एक दिन पहले ही उन्होंने संकेत दिया था कि जर्मनी में तैनात हजारों अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाया जा सकता है।

ट्रम्प ने अपने पोस्ट में लिखा कि जर्मनी के चांसलर को रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए, जहां वे पूरी तरह नाकाम रहे हैं और अपने देश की समस्याओं खासकर इमिग्रेशन और ऊर्जा को सुधारना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मर्ज को ईरान के न्यूक्लियर खतरे को खत्म करने की कोशिशों में दखल देने में कम समय लगाना चाहिए, जिससे जर्मनी समेत पूरी दुनिया ज्यादा सुरक्षित बन सके।

ट्रम्प की नाराजगी की वजह मर्ज का हालिया बयान बताया जा रहा है। मर्ज ने सोमवार को कहा था कि ईरान, अमेरिका के साथ चल रही बातचीत में वॉशिंगटन को शर्मिंदा कर रहा है।

01:45 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

रिपोर्ट: ईरान के साथ जंग खत्म मानी जा रही

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि ईरान के साथ जो लड़ाई फरवरी में शुरू हुई थी, वह अब ‘खत्म’ मानी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि दोनों देशों ने मंगलवार, 7 अप्रैल को 2 हफ्ते के लिए युद्धविराम (सीजफायर) पर सहमति बनाई थी, जिसे बाद में आगे बढ़ा दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि 7 अप्रैल के बाद से अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच कोई गोलीबारी या हमला नहीं हुआ है।

01:27 AM1 मई 2026

  • कॉपी लिंक

लेबनान में फिर इजराइली हमले, 32 लोगों की मौत

लेबनान में एक बार फिर से इजराइल ने हमले किए। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हारौफ शहर को निशाना बनाकर की गई एयर स्ट्राइक में एक महिला की मौत हो गई।

इस स्ट्राइक में एक बच्चे समेत तीन लोग घायल भी हुए। इसके साथ ही गुरुवार को पूरे लेबनान में इजराइली हमलों में मरने वालों की कुल संख्या 32 हो गई।

खबरें और भी हैं…



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments