Monday, June 15, 2026
Homeबॉलीवुड'दरवाजा बंद कर बेबी...', राजेश खन्ना की हीरोइन को देवानंद ने यूं...

‘दरवाजा बंद कर बेबी…’, राजेश खन्ना की हीरोइन को देवानंद ने यूं दिखाया था आईना, 85 बरस में भी मरती थीं लड़कियां


नई दिल्ली. अगर हिंदी सिनेमा में चार्म, स्टाइल और करिश्मा को कोई नाम देना हो तो वो सिर्फ देवानंद रहे. छह दशक से भी लंबा उनका फिल्मी सफर ‘गाइड’, ‘ज्वेल थीफ’, ‘सीआईडी’, ‘काला पानी’ जैसी क्लासिक फिल्मों से भरा पड़ा है. उनका मुस्कुराना, चलना, बोलना सब कुछ इतना नैचुरल था कि जैसे स्क्रीन पर कोई इंसान नहीं, एक एहसास जिंदा हो. देवानंद सिर्फ एक एक्टर नहीं थे बल्कि एटिट्यूड, एलीगेंस और कॉन्फिडेंस की वो पाठशाला रहे, जिनको आने वाले कई सितारों ने फॉलो किया.

देवानंद का करियर छह दशकों से ज्यादा लंबा था और उन्होंने अपने दौर की लगभग हर मशहूर अदाकारा के साथ काम किया. सुरैया, नूतन, वहीदा रहमान, मुमताज, हेमा मालिनी, जीनत अमान माला सिन्हा, कल्पना कार्तिक, नंदा, आशा पारेख सहित शर्मिला टैगोर के साथ उन्होंने एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दी. खास बात यह कि हर फिल्म में उनका अंदाज बिल्कुल नया दिखता था. कभी रोमांटिक हीरो, कभी जासूस तो कभी फिलॉसफिकल लवर.

देवानंद की ‘बॉयिश स्माइल’ पर फिदा थीं लड़कियां

देवानंद की ‘बॉयिश स्माइल’ उनकी पहचान थी. स्क्रीन पर जब वो मुस्कराते थे तो सिनेमाघरों में सीटियां बज उठती थीं. कहा जाता है कि मुंबई में जब वो सड़कों पर चलते थे तो लड़कियां बालकनी से उन्हें देखने लगती थीं. कुछ रिपोर्ट्स में यह तक कहा गया कि लड़कियां देव साहब को ब्लैक कोट में देखकर बेहोश हो जाती थीं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें ब्लैक कोट पहनकर बाहर निकलने से मना कर दिया था.

‘हरे रामा हरे कृष्णा’ में मुमताज और देवा साहब साथ नजर आए थे. फोटो साभार- @IMDb

एक्ट्रेस को यूं दिखाया आईना

राजेश खन्ना के साथ हिट फिल्में देने वालीं मुमताज ने देव आनंद के साथ ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ जैसी यादगार फिल्म में काम किया. उन्होंने उनके व्यक्तित्व का एक अनोखा पहलू शेयर किया. रेडियो नशा को दिए एक इंटरव्यू में मुमताज ने बताया कि देव साहब को जवां दिखने का जुनून था. उन्होंने मुमताज से कहा था, ‘एक एक्टर को इतना आकर्षक होना चाहिए कि मरने के बाद भी उसकी शरीर सुंदर दिखे. अपने बालों, अपनी फिगर और अपनी सेहत का ख्याल रखो, क्योंकि तुम वही हो जो तुम दिखते हो. जब तुम सड़क पर चलो, तो मर्द और औरत तुम्हें मुड़कर देखें. अगर तुमने खुद का ख्याल रखा तो उम्र की चिंता कभी नहीं करनी पड़ेगी.’ देव साहब की फिलॉसफी तक सीमित नहीं थी. देव आनंद ने इसे अपनी जिंदगी में उतारा. उनकी यह सोच उनकी फिल्मों में भी झलकती थी.

Dev Anand, Dev Anand News, Dev Anand and Mumtaz, rajesh khanna heroine Mumtaz, Mumtaz on rajesh Khanna, Girls loved Dev anand even at the age of 85, Dev Anand age, Mumtaz recalled how 3 women peeping in his room at age of 85 , Dev Anand life philosophy, देवानंद, देवानंद और मुमताज, देवानंद पर 85 बरस में भी मरती थीं लड़कियां, राजेश खन्ना
मुमताज ने एक इंटरव्यू में कहा था मेरे लिए देवानंद हमेशा 18 साल के रहेंगे. फोटो साभार- रेडिट

‘देखा, बेबी, मेरे पास अभी भी ऑप्शन हैं’

मुमताज ने देव साहब से जुड़ा एक और किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया जब वह 85 साल के थे. तब मुमताज उनसे मिलने गई थीं. उस दौरान, देव साहब ने अपने मेकअप मैन से कमरे का एक दरवाजा खोलने को कहा. दरवाजे के पीछे तीन युवतियां थीं, जो उत्सुकता से अंदर झांक रही थीं. देव आनंद ने बड़े ही सहज और शांत अंदाज में उनसे कहा, दरवाजा बंद कर दो बेबी, मैं तुमसे बाद में उनसे बात करूंगा. फिर, मुमताज की ओर मुड़कर मुस्कुराते हुए बोले, ‘देखा, बेबी, मेरे पास अभी भी ऑप्शन हैं.’ मुमताज यह देखकर दंग रह गईं और उनकी इस बेफिक्री और कॉन्फिडेंस की तारीफ किए बिना न रह सकीं.

88 साल की उम्र कह गए अलविदा

देव आनंद का निधन 3 दिसंबर 2011 को 88 साल की उम्र में लंदन में कार्डियक अरेस्ट से हुआ था. आज वो इस दुनिया में तो नहीं हैं, लेकिन उनके पुराने किस्से लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं. देव साहब ने हमें सिखाया कि उम्र बढ़ती है पर जुनून अगर जिंदा रहे तो इंसान कभी बूढ़ा नहीं होता.



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments