नई दिल्ली3 घंटे पहले
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दिल्ली के आया नगर बॉर्डर पर पुलिस वाहनों की जांच कर रही है। BS-VI मानक से कम वाली गाड़ियों की एंट्री बंद है।
दिल्ली-NCR में सर्दियों के प्रदूषण पर काबू पाने के लिए 1 नवंबर से नए प्रतिबंध लागू हो गए हैं। अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियां राजधानी में नहीं आ सकेंगी।
सरकारी और प्राइवेट कंपनियों के ऑफिस में आधे कर्मचारी घर से काम करेंगे। कई सार्वजनिक पार्किंग में फीस भी दोगुनी कर दी गई है।
हालांकि, दिल्ली की हवा में पिछले 8 साल के मुकाबले सुधार दर्ज किया गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक, अक्टूबर में औसत AQI 166 रहा, जो 2018 के बाद इस महीने का सबसे कम स्तर है।

हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा विंटर प्लान
दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 में विंटर पॉल्यूशन एक्शन प्लान को मंजूरी दी थी। इसके तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण रोकने के उपाय लागू किए जाएंगे। इस बार भी 1 नवंबर से इन प्रतिबंधों की शुरुआत हो गई है।
इससे पहले प्रदूषण बढ़ने पर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत अलग-अलग पाबंदियां लगाई जाती थीं। नए विंटर प्लान में कुछ नियम पहले से तय तारीख पर लागू होंगे। यानी प्रदूषण का स्तर बढ़ने का इंतजार नहीं करना होगा।

क्या है GRAP, कब लागू हुआ था?
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान। इसे जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका मकसद दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने पर प्रदूषण के स्तर के हिसाब से पाबंदियां लगाना है। इसके तहत AQI के आधार पर चार चरणों में प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।

जनवरी से अक्टूबर तक 220 दिन हवा साफ रही
मंत्रालय के मुताबिक, जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच दिल्ली में 220 दिन ऐसे रहे, जब हवा की गुणवत्ता अच्छी से संतोषजनक श्रेणी में थी। इन दिनों दैनिक औसत AQI 200 से नीचे रहा। यह संख्या 2025 के 200, 2024 के 201 और 2023 के 206 दिनों से ज्यादा है।
वहीं, इस साल जनवरी से अक्टूबर के बीच 84 दिन हवा खराब से गंभीर श्रेणी में रही। इन दिनों दैनिक औसत AQI 200 से ऊपर था। पिछले साल ऐसे दिनों की संख्या 104 थी। 2024 में भी 104, 2023 में 98 और 2022 में 144 दिन हवा इस श्रेणी में रही थी।
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