Handi Mutton Recipe: निमाड़ अंचल की पहचान सिर्फ उसकी बोली और संस्कृति से नहीं, बल्कि उसके देसी खानपान से भी होती है. यहां का खाना दिखावे वाला नहीं, बल्कि ठहराव और सब्र से बना होता है. जब भी निमाड़ी खाने की बात होती है, तो सबसे पहला नाम जो ज़हन में आता है, वो है निमाड़ी हांडी मटन. यह कोई आम मटन नहीं है, बल्कि ऐसा स्वाद है जो धीरे-धीरे दिल में उतरता है.
क्यों सबसे अलग है निमाड़ी हांडी मटन
निमाड़ी मटन न तो बहुत तीखा होता है, न ही मसालों से भरा हुआ. इसकी सबसे बड़ी खासियत है इसका धीमी आंच पर पकना. यहां मटन जल्दी गलाने की जल्दी नहीं होती. असली स्वाद इसी बात में छुपा है कि इसे वक्त दिया जाए. यही वजह है कि यह मटन बाकी जगहों के मटन से बिल्कुल अलग लगता है.
इस मटन में खास तौर पर सोयाबीन तेल का इस्तेमाल किया जाता है, जो इसकी खुशबू और स्वाद को अलग पहचान देता है. प्याज, लहसुन और देसी मसालों को तेल में धीरे-धीरे भूनकर मटन पकाया जाता है, जिससे हर मसाला मटन के रेशों में समा जाता है.
शेफ की जुबानी, स्वाद का असली राज
खंडवा के मशहूर रॉयल तड़का होटल के शेफ टनटू उस्ताद बताते हैं कि निमाड़ी हांडी मटन की आत्मा ही उसका धैर्य है. उनके मुताबिक, अगर मटन को जल्दबाजी में पकाया गया तो उसका असली मजा कभी नहीं आएगा. जब तक मटन खुद न कहे कि “मैं तैयार हूं”, तब तक आंच धीमी ही रखनी चाहिए.
मेरिनेशन से शुरू होता है असली खेल
इस रेसिपी में बकरे के मटन को पहले अदरक-लहसुन के पेस्ट, दही, हल्दी, नमक और थोड़ा सा सोयाबीन तेल लगाकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दिया जाता है. इससे मटन नरम भी होता है और मसालों का स्वाद अंदर तक चला जाता है. यही तैयारी बाद में इसके स्वाद की नींव बनती है.
हांडी में पकता है स्वाद
इसके बाद हांडी या कुकर में सोयाबीन तेल गर्म कर जीरा डाला जाता है. फिर बारीक कटे प्याज को सुनहरा होने तक भूनते हैं. जब प्याज पूरी तरह भुन जाए, तो अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर खुशबू आने तक भूनते हैं. फिर टमाटर और हरी मिर्च डालकर मसाले को तब तक पकाया जाता है, जब तक तेल अलग न हो जाए.
अब धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, हल्दी और लाल मिर्च डालकर मसाले को अच्छे से भूनते हैं. इसके बाद मेरिनेट किया हुआ मटन डालकर धीमी आंच पर पकाया जाता है, ताकि मसाले मटन से अच्छे से चिपक जाएं. थोड़ा पानी डालकर ढक दिया जाता है और बीच-बीच में चलाया जाता है. जब मटन पूरी तरह गल जाए, तब आखिर में गरम मसाला और ऊपर से हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दी जाती है.
बाजरे की रोटी के साथ खाएं, तभी आएगा पूरा मजा
टनटू उस्ताद कहते हैं कि निमाड़ी हांडी मटन का असली स्वाद बाजरे की रोटी या फिर सादे चावल के साथ ही खुलकर आता है. सोयाबीन तेल की खुशबू और धीमी आंच पर पका मटन, इसे एक देसी लेकिन रॉयल डिश बना देता है.

