पूर्णिया के कसबा में आज एनएच-27 के कॉलेज चौक ओवरब्रिज पर एक मक्का लदा ट्रैक्टर हादसे का शिकार हो गया। आरोप है कि परिवहन विभाग को देखकर भागने के चक्कर में ये हादसा हुआ। इस हादसे में परिवहन विभाग की गाड़ी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। परिवहन विभाग के अधिकारियों पर सड़को में अवैध वसूली का आरोप लगा है । घटना से आक्रोशित स्थानीय किसानों और चालकों ने मौके पर मौजूद ईएसआई (Enforcement Sub-Inspector) को घेरकर जमकर हंगामा किया। जानिए कैसे हुआ हादसा… चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार को एनएच 27 के कॉलेज चौक ओवरब्रिज पर परिवहन विभाग की एक गाड़ी बीच सड़क पर खड़ा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मक्का लदे ट्रैक्टर के गाड़ी ने जब सामने परिवहन विभाग की गाड़ी देखी, तो वह कार्रवाई और अवैध वसूली के डर से गाड़ी को तेज रफ्तार में भगाने लगा। इसी आपाधापी में पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क के बीचो-बीच खड़ी परिवहन विभाग की गाड़ी से जा टकराई और पलट गई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में ट्रैक्टर ड्राइवर, परिवहन विभाग का निजी ड्राइवर और मौके पर मौजूद ईएसआई बाल-बाल बच गए। घटना के बाद भागने का प्रयास, पेट्रोल पंप पर घेराव हादसे के तुरंत बाद माहौल बिगड़ता देख परिवहन विभाग के ईएसआई अपनी क्षतिग्रस्त गाड़ी को लेकर ही मौके से कसबा फ्यूल पेट्रोल पंप की ओर भाग निकले। हालांकि, अवैध वसूली से नाराज और आक्रोशित किसानों और वाहन चालकों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। पेट्रोल पंप में घुसी भीड़, घेर लिया और मच गया हंगामा गुस्साई भीड़ ने पेट्रोल पंप पहुंच कर ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन को चारों तरफ से घेर लिया और उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। लोगों का बढ़ता आक्रोश देख मामले की गंभीरता को समझते हुए स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कसबा थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन को सुरक्षा घेरे में लेकर थाने ले आई। किसानों और चालकों का गंभीर आरोप एक गाड़ी के ड्राइवर ने कहा कि परिवहन विभाग के कर्मी चालान काटने के नाम पर सिर्फ अवैध उगाही कर रहे हैं। मंडियों में मक्का बेचने जाने वाले गरीब किसानों और ट्रैक्टर चालकों से जबरन ₹500 से लेकर ₹1500 तक की वसूली की जा रही है। इसी अवैध वसूली और उत्पीड़न से बचने के लिए रात के अंधेरे या अलसुबह भारी वाहनों के चालक गाड़ियों को भगाने पर मजबूर होते हैं, जिससे ऐसे गंभीर हादसे हो रहे हैं।” नंबर प्लेट और ‘पुलिस’ स्टिकर हटाने पर उठे सवाल इस पूरी घटना में परिवहन विभाग की भूमिका तब और संदिग्ध नजर आई जब क्षतिग्रस्त वाहन से नंबर प्लेट और उस पर लगा ‘पुलिस’ का स्टिकर आनन-फानन में हटा दिया गया। जब इस संबंध में ईएसआई शिव नंदन कुमार सुमन से सवाल किया गया, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि “चूंकि वाहन दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गया था और उसकी मरम्मत कराई जानी बेहद जरूरी थी, इसीलिए नंबर प्लेट और स्टिकर को वहां से हटाया गया था।”
ईएसआई ने लगे आरोपों को नकारा ईएसआई ने चालकों और किसानों की ओर से लगाए गए अवैध वसूली के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने दावा किया कि वे शुक्रवार को हमेशा की तरह एनएच 27 पर सामान्य वाहन जांच (रूटीन चेकिंग) कर रहे थे, इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक ने मक्का लदे ट्रैक्टर को टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर उनके सरकारी वाहन से टकराकर पलट गया। कसबा थाना पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि दुर्घटना के कारणों और दोनों पक्षों के दावों की जांच की जा रही है। हाईवे पर इस तरह बीच सड़क पर गाड़ी रोककर जांच करने और उससे पैदा होने वाले खतरों को लेकर स्थानीय लोगों में अब भी भारी आक्रोश व्याप्त है।
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