अंकित श्रीवास्तव | जौनपुर2 मिनट पहले
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के निरंतर प्रयासों से अब तक कुल पांच स्टार्टअप पंजीकृत किए जा चुके हैं। यह कदम छात्रों को आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और व्यावहारिक शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्टार्टअप के लिए आठ प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें कृषि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोटेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, प्रबंधन और कंसल्टेंसी जैसे महत्वपूर्ण सेक्टर शामिल हैं। इसका उद्देश्य छात्रों को इन क्षेत्रों में अपने नवाचारपूर्ण विचारों को व्यावहारिक रूप देने में सक्षम बनाना है।
विश्वविद्यालय परिसर में स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन केंद्र से संबंधित जानकारी प्रदान करने के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं, सेमिनार और संवाद सत्र आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में विषय विशेषज्ञ छात्रों को स्टार्टअप की प्रक्रिया, फंडिंग के विकल्प और उद्यमिता के नवीनतम रुझानों से अवगत कराते हैं।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ बाहरी विशेषज्ञों द्वारा भी विशेष व्याख्यान आयोजित किए जाते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट और उद्योग विशेषज्ञों की एक टीम छात्रों को बिजनेस मॉडल तैयार करने, वित्तीय प्रबंधन और संभावित बाजार की समझ विकसित करने में सहायता करती है। छात्रों द्वारा प्रस्तुत प्रत्येक बिजनेस आइडिया को एक विशेषज्ञ समिति द्वारा परखा जाता है। व्यवहारिकता, नवाचार और सामाजिक उपयोगिता जैसे मानकों पर खरा उतरने के बाद ही उसे स्टार्टअप पंजीकरण की स्वीकृति दी जाती है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल विद्यार्थियों में नवाचार की भावना को सशक्त बना रहा है, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए भी प्रेरित कर रहा है।

