Last Updated:
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट सिर्फ सफर का समय कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गुजरात और महाराष्ट्र के कई शहरों की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है. 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर 12 स्टेशन बन रहे हैं, जिनके आसपास रियल एस्टेट, उद्योग और कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है. इसके अलावा लाखों नए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है.
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से बदलने वाली है इन शहरों की सूरत
Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: भारत की पहली हाई-स्पीड रेल यानी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट सिर्फ दो महानगरों के बीच की दूरी को कम करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह इस पूरे रूट पर पड़ने वाले शहरों की आर्थिक किस्मत बदलने का सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है. करीब 508 किलोमीटर लंबा यह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर न सिर्फ सफर को बेहद आसान और सुपरफास्ट बनाएगा, बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र के एक बड़े हिस्से में रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचने की तैयारी कर रहा है.
रेल मंत्रालय और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन के मुताबिक, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम बेहद तेज गति से आगे बढ़ रहा है. टाइमलाइन की बात करें तो रेलवे मंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि गुजरात में सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर 2027 तक बुलेट ट्रेन की शुरुआत हो सकती है, जबकि पूरा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर 2028-29 तक चालू होने की उम्मीद है.
रियल एस्टेट मार्केट में ‘सुनामी’
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट पर कुल 12 स्टेशन होंगे. इनमें मुंबई (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं. जैसे-जैसे स्टेशनों का ढांचा तैयार हो रहा है, इन शहरों के रियल एस्टेट मार्केट में एक बड़ी उछाल देखी जा रही है. विशेषकर वापी, बिलिमोरा, भरूच और आनंद जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की मांग में भारी बढ़ोतरी हुई है. डेवलपर्स बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक्स पार्क, मॉल, होटल और टाउनशिप प्रोजेक्ट्स प्लान कर रहे हैं. अगले कुछ सालों में इन इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें दोगुनी से तीन गुनी होने का अनुमान है.
लाखों लोगों को मिलेगा काम
इस मेगा प्रोजेक्ट ने अपने निर्माण चरण के दौरान ही हजारों इंजीनियरों, टेक्नीशियनों और मजदूरों को सीधे रोजगार दिया है. लेकिन असली क्रांति ट्रेन के ऑपरेशन के बाद आएगी. स्टेशनों के रखरखाव, ट्रेन ऑपरेशन्स, सुरक्षा और तकनीकी विभागों में हजारों युवाओं को नौकरियां मिलेंगी. हाई-स्पीड कनेक्टिविटी बढ़ने से इस रूट पर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल सेक्टर को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.
बिजनेस हब का विकास
बूलेट ट्रेन शुरू होने का बाद वापी और सूरत जैसे शहरों के कारोबारियों के लिए मुंबई की दूरी मिनटों की रह जाएगी. इससे व्यापारिक सौदे. आसान होंगे, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे.
About the Author

वर्तमान में विनय कुमार झा नेटवर्क18 की वेबसाइट hindi.news18.com में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह मई 2017 से इस वेबसाइट के साथ जुड़े हैं. वह बीते 5 सालों से वर्तमान में वेबसाइट के बिजनेस सेक्शन के …और पढ़ें

