‘मेरे 5 साल के बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है। सिर को धड़ से अलग कर दिया। दोनों पैर और हाथों के पंजे काटकर अपराधी ले गए हैं। हमलोग मौके पर पहुंचे तो बच्चे का सिर धड़ से 10 मीटर दूर पड़ा था। पहचान छिपाने के लिए चेहरे को तेजाब से जला दिया। कानून से मेरी गुजारिश है कि हत्यारे को खोजकर हमारे सामने लाया जाए। जैसे मेरे बच्चे को तड़पा-तड़पा कर मारा गया है, वैसे ही उस हत्यारे के टुकड़े किए जाएं, तभी मेरे कलेजे को शांति मिलेगी।’ ये बातें बेगूसराय की शबाना खातून ने कही है। जिनके लापता 5 साल के बेटे सुफियान की हत्या हुई थी, 22 सितंबर को उसकी लाश मिली थी। लाश काफी सड़ चुकी थी, इसलिए उसे पोस्टमॉर्टम के लिए 23 सितंबर को DMCH भेजा गया है। मामला तेघड़ा थाना क्षेत्र के धनकौल गांव का है। बच्चे के साथ कब क्या हुआ, कैसे लापता हुआ, उसकी लाश तक परिजन-पुलिस कैसे पहुंचे, मां ने और क्या कहा, पढ़ें रिपोर्ट… पहले घटनास्थल से सामने आई कुछ तस्वीरें देखिए… अभी भी झाड़ियों और पेड़ के पत्तों पर हैं खून के दाग दैनिक भास्कर की टीम ने मृतक के घर से लेकर घटनास्थल तक को देखा। सुफियान का घर धनकौल गांव के रिहायशी हिस्से में है, जबकि उसकी लाश घर से महज 300 मीटर की दूरी पर बलान नदी के बांध किनारे पाई गई। नदी किनारे स्थित एक सीमल (सेमर) के पेड़ के पास पुलिस ने पीली टेप लगाकर क्राइम सीन को सील कर रखा है। सीमल के पेड़ के तने और नीचे झाड़ियों में अभी भी खून के गहरे धब्बे मौजूद हैं। ये वही जगह है, जहां बच्चे की काटकर हत्या हुई थी। स्थानीय लोगों को आशंका है कि नशेड़ियों के गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है। मौके पर देसी-विदेशी शराब की खाली बोतलें, स्मैक की पुड़िये मिले हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि दोपहर से देर रात 2 बजे तक यहां स्मैकर्स, शराबियों और असामाजिक तत्वों का हुड़दंग रहता है। बहन के साथ घर से निकला था सुफियान मृतक सुफियान की मां शबाना खातून ने कहा कि मेरे तीन बच्चें हैं। सबसे बड़ी आइसा (9), दूसरी बेटी रेहाना (7) और सबसे छोटा सुफियान (5) था। सुफियान की हत्या के बाद 2 बेटियां रह गईं। बड़ी बेटी आइसा कोचिंग में पढ़ती है। वो रोज घर से करीब 100 मीटर दूर ट्यूशन पढ़ने जाती है। उसके साथ सुफियान भी जाता था, वो वहां पढ़ाई नहीं करता था। बस अपनी बहन के साथ बैठा करता था। 17 सितंबर को भी आइसा कोचिंग गई थी। पीछे-पीछे सुफियान भी गया था। बेटी घर लौट आई, पर बेटा नहीं आया शबाना खातून ने कहा कि आइसा पढ़ाई के बाद घर लौट आई थी, पर सुफियान नहीं था। मैंने आइसा से पूछा कि सुफियान कहां है। उसने बताया कि वो तो कोचिंग के बाहर ही रुका हुआ था। मुझे लगा कि वो घर आ गया होगा। जिसके बाद हमने सुफियान को पूरे गांव में खोजा। लाउडस्पीकर से आवाजें दी गई, रिश्तेदारियों में फोन घुमाए गए, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात में गांव के लोगों ने टॉर्च लेकर खेतों, झाड़ियों और सुनसान इलाकों में छानबीन की, मगर हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और मायूसी ही हाथ लगी। जेठ कब्रिस्तान की तरफ गए तो लाश देखी शबाना ने बताया कि 22 सितंबर को जब मेरे भैंसूर (जेठ) कब्रिस्तान और नदी किनारे की तरफ गए, तो देखा कि 4-5 कुत्ते एक जगह घेरा बनाए हुए थे। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो उनका कलेजा कांप गया, वहां मेरे सुफियान का शरीर पड़ा था। सिर और धड़ अलग थे। उन्होंने घर आकर हमें सूचना दी, फिर पुलिस भी आई। हमारी गांव में या बाहर किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। मेरे बेगुनाह मासूम को दरिंदगी से काटा गया है। परिजन-ग्रामीण को साजिश की आशंका परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार 16 सितंबर की शाम सुफियान घर में मकई का भुट्टा (कॉर्न) खाते हुए आया था। जब मां शबाना ने उससे पूछा कि यह भुट्टा कहां से मिला, तो मासूम ने बताया था कि एक आंटी ने खाने के लिए दिया है। अगले दिन, 17 सितंबर को 3:30 से 4:00 बजे के बीच, सुफियान रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हो गया। 16 सितंबर को इसी समय उसे किसी ने भुट्टा खाने के लिए दिया था। दिल्ली से इलाज कराने आए थे बीमार पिता सुफियान का परिवार आर्थिक और शारीरिक दुखों से जूझ रहा है। सुफियान के पिता मोहम्मद शकील लंबे समय से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं। शकील सपरिवार दिल्ली में रहकर छोटी-मोटी मजदूरी करते थे, लेकिन कुछ महीने पहले उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों के मुताबिक शकील की दोनों किडनियां और लीवर फेल हो चुके हैं, साथ ही उन्हें ब्रेन ट्यूमर की भी शिकायत है। दिल्ली में इलाज का खर्च न उठा पाने और स्थिति बिगड़ने पर वे करीब 6 महीने पहले अपने गांव धनकौल लौट आए थे। गांव वालों का कहना है कि जो व्यक्ति खुद जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा हो और महीनों से बिस्तर पर पड़ा हो, उसकी भला किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है? किसी ने दुश्मनी निकाली है ग्रामीण मोहम्मद नासिर ने बताया कि तेजाब के असर से मासूम के सिर के पूरे बाल गायब हो चुके थे। स्किन जलकर काली पड़ चुकी थी और चेहरा पूरी तरह गल चुका था। कातिल ने बच्चे के हाथों की दोनों हथेलियों और पैरों के पंजों को धारदार हथियार से बेहद बेरहमी से काटा था। किसी ने अपनी दुश्मनी निकालने के लिए मासूम को निशाना बनाया है। इस घटना के बाद से गांव में ऐसा खौफ है कि लोग अपने छोटे बच्चों को घर के आंगन से भी बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है- डीएसपी मुख्यालय डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि 5 वर्षीय मोहम्मद सुफियान के 17 सितंबर को गायब होने की सूचना तेघड़ा थाना को दी गई थी। तेघड़ा थाना की पुलिस इस संबंध में विधि सम्मत कार्रवाई कर रही थी। इसी दौरान 22 सितंबर को उसका शव बलान नदी के किनारे झाड़ी में मिला। शव को बरामद कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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