बेतिया के नौतन थाना क्षेत्र निवासी संवेदक राजन कुमार से चार लाख 50 हजार 9 सौ रुपये की ठगी के मामले में बानूछापर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला कंगली थाना के कठिया-मठिया निवासी कुमार संकेत और उनकी पत्नी अंजली पांडेय के खिलाफ दर्ज किया गया है, जो वर्तमान में बानूछापर में दुर्गा मंडप के समीप रहते हैं। बैंक खाते से टेंडर डालने पर पैसा फंसेगा
एफआईआर में राजन कुमार ने बताया है कि 27 जनवरी 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग में एक टेंडर निकला था। कंप्यूटर न होने के कारण राजन ने कुमार संकेत और उनकी पत्नी अंजली पांडेय के माध्यम से अपना टेंडर दाखिल किया। आरोप है कि कुमार संकेत ने राजन को बताया कि यदि वह अपने बैंक खाते से टेंडर डालते हैं तो उनका पैसा फंस जाएगा और टेंडर भी नहीं मिलेगा। दंपती ने जाली दस्तावेज दिखाए
संकेत की सलाह पर राजन कुमार ने उसी समय 13 बार में कुल 4 लाख 50 हजार 9 सौ रुपए ऑनलाइन उनके खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में बिहार सरकार के ग्रामीण विभाग ने इस निविदा को रद्द कर दिया। कुछ समय बाद जब राजन कुमार ने अपना पैसा वापस मांगा, तो दंपती ने उन्हें जाली दस्तावेज दिखाए। इसके बाद, राजन पांच दिसंबर को ग्रामीण कार्य विभाग गए, जहां उन्हें पता चला कि टेंडर के लिए सुरक्षित जमा राशि 19 अप्रैल 2025 को ही वापस कर दी गई थी। जब राजन ने यह जानकारी संकेत और उनकी पत्नी को दी, तो वे गाली-गलौज करने लगे। इसके बाद राजन कुमार ने दंपती के खिलाफ ठगी का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई।
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