Wednesday, May 27, 2026
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यूपी में टीजीटी और पीजीटी भर्ती की एलिजिबिलिटी में हुआ बड़ा बदलाव, पढ़ लें डिटेल्स


Image Source : PEXELS
प्रतीकात्मक फोटो

अगर आप भी यूपी में टीजीटी यास पीजीटी शिक्षक बनने की इच्छा रखते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों (टीजीटी) और स्नातकोत्तर शिक्षकों (पीजीटी) की भर्ती के लिए योग्यता मानदंडों में संशोधन किया है। INDIA TODAY में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, इससे टीजीटी भर्ती में जीव विज्ञान को एक विषय के रूप में फिर वापस लाया गया है और कुछ पीजीटी पदों के लिए पात्रता नियमों में संशोधन किया गया है। विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता के नए निर्देश के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी भर्ती के लिए जीव विज्ञान को एक विषय के रूप में बहाल कर दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, जैविक विज्ञान(Biological sciences), विशेष रूप से जूलॉजी(Zoology) और वनस्पति विज्ञान(Botany) में ग्रेजुएशन की डिग्री और बीएड डिग्री वाले उम्मीदवार अब टीजीटी जीव विज्ञान पदों के लिए आवेदन करने के पात्र हैं। इस फैसले से उन सभी बायोलॉजी ग्रेजुएट्स के लिए मौके खुल गए हैं, जिन्हें पहले इससे बाहर रखा गया था। इस संशोधन के साथ, टीजीटी भर्ती के लिए वर्तमान स्तर पर 26 विषयों और पिछले स्तर पर 42 विषयों के लिए विषय-विशिष्ट योग्यता मानदंड होंगे। 

पीजीटी भूगोल, नागरिक शास्त्र की योग्यता

सरकार ने कुछ पीजीटी पदों के लिए योग्यता आवश्यकताओं को कड़ा कर दिया है। पीजीटी भूगोल के लिए अब भूगोल में विशेष रूप से पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री अनिवार्य है। नागरिक शास्त्र के व्याख्याता पदों के लिए, केवल राजनीति विज्ञान में पीजी डिग्री वाले उम्मीदवार ही पात्र हैं। जीव विज्ञान, भूगोल और नागरिक शास्त्र में अपडेशन के अलावा, अन्य शिक्षण विषयों की योग्यताओं में कोई विशेष बदलाव नहीं किया गया है। इन पदों के लिए मौजूदा मानदंड अपरिवर्तित रहेंगे।

हाई स्कूल स्तर पर साइंस टीचर्स और जीव विज्ञान शिक्षकों के लिए अलग-अलग कैटेगरी होंगी

हाई स्कूल स्तर पर साइंस टीचर्स और जीव विज्ञान शिक्षकों के लिए अलग-अलग श्रेणियां होंगी, जिनमें से प्रत्येक के लिए अलग-अलग योग्यता मानदंड होंगे। नए दिशानिर्देश 22 अप्रैल के पूर्व आदेश का स्थान लेंगे। 9 सितम्बर को जारी योग्यता मानदंड अब प्रभावी हैं, तथा पूर्व के नियम रद्द कर दिए गए हैं। विशेष सचिव कृष्ण कुमार गुप्ता ने आदेश जारी किया, जिसे माध्यमिक शिक्षा निदेशक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष सहित सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया।

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