दरभंगा में मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता, पैकेजिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव साकेत कुमार और जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मखाना से जुड़ी गतिविधियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मखाना की खेती से लेकर हार्वेस्टिंग, प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक की पूरी प्रक्रिया को देखा। इस दौरान किसानों से उत्पादन लागत, खेती में आ रही समस्याओं, तकनीकी जरूरतों और आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने ‘श्री मिथिला मखाना किसान उत्पादक संगठन सहकारी समिति’ का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मखाना उत्पादन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी ली। किसानों ने फील्ड सिस्टम और पारंपरिक पॉन्ड सिस्टम से मखाना उत्पादन की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने फसल के अलग-अलग चरणों में पानी की जरूरत, जल प्रबंधन और फसल चक्र की भी जानकारी ली। किसानों की परेशानियां जानी निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खेत के पास तालाब में चल रहे मखाना हार्वेस्टिंग कार्य को भी देखा। समिति के सदस्यों और किसानों ने पानी से मखाना बीज (गुड़ी) निकालने की पारंपरिक तकनीक का प्रदर्शन किया। संयुक्त सचिव और डीएम ने हार्वेस्टिंग में लगने वाले श्रम, समय और लागत के साथ किसानों को होने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों की जानकारी ली। इसके बाद अधिकारियों ने गुड़ी से मखाना लावा तैयार करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। मखाना भूनने, पारंपरिक फोरी विधि से लावा तैयार करने और आधुनिक फोरी मशीनों के संचालन की जानकारी ली गई। प्रसंस्करणकर्ताओं और किसानों से मशीनों की उपलब्धता, प्रसंस्करण लागत, तकनीकी समस्याओं, उत्पाद की गुणवत्ता और बाजार की मांग को लेकर भी संवाद किया गया। ग्रेडिंग और पैकेजिंग का भी लिया जायजा
अधिकारियों ने मखाना की गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग-पैकेजिंग यूनिट का निरीक्षण कर विभिन्न आकार और गुणवत्ता के मखाना की ग्रेडिंग-पैकेजिंग प्रक्रिया को देखा। उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से देश-विदेश के बाजार में मांग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे मखाना-सह-मछली पालन (इंटीग्रेटेड एक्वा फार्मिंग) मॉडल का भी अधिकारियों ने जायजा लिया। एक ही जल क्षेत्र में मखाना उत्पादन के साथ मछली पालन से किसानों को होने वाली अतिरिक्त आय की जानकारी ली गई। हैचरी प्रबंधन और एकीकृत कृषि मॉडल की गतिविधियों को भी देखा गया। अधिकारियों ने इस मॉडल को किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में उपयोगी बताया। गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग की जानकारी ली
संयुक्त सचिव साकेत कुमार और डीएम कौशल कुमार ने दोनार इंडस्ट्रियल एरिया स्थित सी फूड प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। यहां मखाना के निर्यात से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्यात प्रक्रिया, विदेशी बाजार, गुणवत्ता मानकों और पैकेजिंग से संबंधित जानकारी ली।
बेला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आदिया एग्रीटेक का भी निरीक्षण किया गया। यहां ऑर्गेनिक मखाना उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ऑर्गेनिक मखाना की मांग, उत्पादन, प्रसंस्करण की प्रक्रिया और देश-विदेश में इसके बाजार की संभावनाओं की जानकारी ली। उन्होंने उत्पादन से लेकर अंतिम उत्पाद और निर्यात तक की व्यवस्था को और मजबूत करने पर जोर दिया।
मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की संभावनाएं- डीएम जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में मखाना उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन, बेहतर प्रसंस्करण, ग्रेडिंग-पैकेजिंग और बाजार की सुविधा उपलब्ध कराकर मखाना की मूल्य श्रृंखला को मजबूत किया जा सकता है। इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। निरीक्षण के दौरान सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ कुमार, जिला उद्यान पदाधिकारी नीरज कुमार झा, डॉ. सीवी सिंह, उप महाप्रबंधक एपीडा, समिति के अध्यक्ष महेश मुखिया सहित बड़ी संख्या में किसान और संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Source link

