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मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने का चलन एक बार फिर बढ़ रहा है. माना जाता है कि इनमें धीमी आंच पर खाना पकाने से स्वाद और बनावट बेहतर हो सकती है. लेकिन क्या मिट्टी के बर्तन में बना खाना ज्यादा पौष्टिक होता है? जानें इसके पीछे की वैज्ञानिक सच्चाई.
मिट्टी के बर्तन में खाना पकाना.
आजकल ज्यादातर घरों में स्टील, एल्युमिनियम और नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल होता है. लेकिन मिट्टी के बर्तनों में खाना पकाने का चलन भी धीरे-धीरे वापस आ रहा है. मिट्टी की हांडी में बनी दाल, सब्जी और खिचड़ी का स्वाद कई लोगों को पसंद आता है. इसके पीछे सिर्फ पारंपरिक तरीका ही नहीं, बल्कि गर्मी के फैलने और भोजन में नमी बने रहने जैसे वैज्ञानिक कारण भी हैं. हालांकि, मिट्टी के बर्तन में खाना पकाने का असर बर्तन की बनावट और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है.
मिट्टी के बर्तन आमतौर पर धातु के बर्तनों की तुलना में धीरे गर्म होते हैं. इस वजह से इनमें खाना धीरे-धीरे पकाया जा सकता है. दाल, सब्जी और करी जैसे व्यंजनों में इससे मसालों और दूसरी सामग्री का स्वाद अच्छी तरह मिल सकता है. हालांकि, खाना कितनी तेजी से गर्म होगा, यह बर्तन की मोटाई, आकार और चूल्हे पर भी निर्भर करता है.
खाने में नमी बनाए रखने में मदद
मिट्टी के कुछ बर्तनों में बहुत छोटे-छोटे छेद होते हैं. इनकी वजह से बर्तन में नमी और बर्तनों के मुकाबले अलग हो सकते हैं. कुछ पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों को इस्तेमाल से पहले पानी में भिगोया जाता है. गर्म होने पर इनमें मौजूद नमी भाप बन सकती है, जिससे खाना नरम और नम बना रह सकता है. हालांकि, यह फायदा हर तरह के मिट्टी के बर्तन में एक जैसा नहीं होता.
क्या मिट्टी के बर्तन में बना खाना ज्यादा पौष्टिक होता है?
अक्सर माना जाता है कि मिट्टी के बर्तन में बना खाना ज्यादा पौष्टिक होता है, लेकिन इसका कोई पक्का वैज्ञानिक आधार नहीं है. भोजन में मौजूद पोषक तत्वों पर खाना पकाने का समय, तापमान और पानी की मात्रा असर डालते हैं. लंबे समय तक पकाने से कुछ विटामिन कम हो सकते हैं, जबकि अच्छी तरह पकाने से कुछ खाद्य पदार्थों को पचाना आसान हो जाता है. इसलिए सिर्फ मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से उसके पोषण में बढ़ोतरी होना जरूरी नहीं है.
स्वाद और बनावट में आ सकता है अंतर
मिट्टी के बर्तन में खाना धीरे पकाने से उसकी बनावट और स्वाद में बदलाव आ सकता है. खासकर दाल, खिचड़ी और ग्रेवी वाली सब्जियों में सामग्री को अच्छी तरह पकने का समय मिलता है. इससे खाना गाढ़ा और स्वादिष्ट बन सकता है. हालांकि, इसका कारण सिर्फ मिट्टी नहीं, बल्कि धीमी आंच पर पकाने का तरीका भी है. इसके अलावा मिट्टी के बर्तन को खरीदते समय कुछ सावधानी रखें. कुछ बर्तनों पर लगी चमकदार परत या रंग में सीसा और कैडमियम जैसे हानिकारक तत्व हो सकते हैं, जो भोजन में मिल सकते हैं.
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विविधा सिंह हिंदी डिजिटल पत्रकारिता का उभरता हुआ नाम हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल का अनुभव है. वर्तमान में वह News18 हिंदी में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह लाइफस्टाइल वर्टि…

