मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, हरदा और आसपास के जिलों में किसान समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने से नाराज हैं। इसी बीच केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि प्रदेश को देश में सबसे अधिक मूंग खरीदी का कोटा पहले ही दिया जा चुका है। इसके बावजूद राज्य सरकार अब तक स्वीकृत मात्रा का महज 2 प्रतिशत ही खरीद सकी है। ऐसे में पहले स्वीकृत लक्ष्य पूरा करने के बाद ही अतिरिक्त कोटे पर विचार किया जाएगा। तीन दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजे गए पत्र में शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने 21 मई 2026 के अपने लेटर के माध्यम से मूंग खरीदी की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया था। इसके जवाब में केंद्र ने खरीद के नियमों और प्रदेश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। 16 जुलाई तक सिर्फ 7,947 टन खरीदी
केंद्र सरकार ने पत्र में कहा है कि 16 जुलाई 2026 तक राज्य में केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की खरीद हो सकी है। इससे लगभग 12 हजार किसानों से ही उपज खरीदी गई, जबकि यह स्वीकृत मात्रा का मात्र 2 प्रतिशत है। केंद्र ने राज्य सरकार से पहले मंजूर मात्रा की खरीदी तेजी से पूरी कराने को कहा है। एमपी में मूंग खरीदी का कोटा 4,54,580 मीट्रिक टन है। 16 जुलाई तक मात्र दो फीसदी ही मूंग खरीद हुई है। कोटा पूरा होने के बाद ही बढ़ेगी सीमा
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में स्पष्ट किया है कि पीएसएस (मूल्य समर्थन योजना) के दिशा-निर्देशों के तहत तूर, उड़द और मसूर की 100 प्रतिशत खरीद के अलावा अन्य अधिसूचित फसलों की खरीद अनुमानित उत्पादन के अधिकतम 25 प्रतिशत तक ही की जा सकती है। इसलिए पहले स्वीकृत मात्रा की खरीद पूरी होने के बाद ही अतिरिक्त मात्रा की मंजूरी के प्रस्ताव पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा। पिछले साल 1.22 लाख किसानों को मिला था लाभ पत्र के अनुसार, ग्रीष्मकालीन 2024-25 में मध्य प्रदेश के लिए 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीद स्वीकृत हुई थी। इसके विरुद्ध 3,93,123.79 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की गई। इस पर 3,413.10 करोड़ रुपए का एमएसपी भुगतान हुआ और 1,22,776 किसानों को लाभ मिला। सोयाबीन का भी दिया उदाहरण केंद्र ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2025-26 में भावांतर भुगतान योजना (PDPS) के तहत मध्य प्रदेश के लिए 22.21 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन स्वीकृत की गई। इसके लिए 1,093.13 करोड़ रुपए जारी किए गए, जिससे 7,10,257 किसानों को लाभ मिला। इधर किसान आंदोलन तेज, भोपाल तक पदयात्रा मूंग खरीदी समेत कई मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा मध्य प्रदेश ने 27 जुलाई से नर्मदापुरम के सेठानी घाट से किसान क्रांति पदयात्रा शुरू करने की घोषणा की है। पदयात्रा बुधनी, बरखेड़ा, ओबेदुल्लागंज और मंडीदीप होते हुए 29-30 जुलाई को भोपाल पहुंचेगी। किसानों की योजना मिसरोद, बाग सेवनिया, रानी कमलापति, बोर्ड ऑफिस, रोशनपुरा और पॉलीटेक्निक चौराहे से होते हुए मुख्यमंत्री निवास तक मार्च निकालने की है। किसान अपने साथ ट्रैक्टर, पिकअप और अन्य वाहनों में भोजन व दैनिक उपयोग की सामग्री भी लेकर चलेंगे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हुई या मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं निकला तो भोपाल में चक्काजाम किया जाएगा। साथ ही ओबेदुल्लागंज से मिसरोद के बीच रेल मार्ग बाधित करने की भी संभावना जताई गई है।
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मूंग खरीदी पर केंद्र-एमपी सरकार आमने-सामने: देश का 87% कोटा एमपी से… फिर भी प्रदेश में सिर्फ 2 फीसदी खरीद हुई, लेटर वॉर छिड़ा – Bhopal News
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