Last Updated:
Railway Announcement Voice Story : ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें’…ये आवाज पिछले 43 वर्षों से भारत के रेलवे स्टेशनों पर गूंज रही है. ये मीठी बोली आज भी भारतीय रेलवे की सबसे बड़ी पहचान बनी हुई है. इस आवाज को तो करोड़ों लोग पहचानते हैं, लेकिन उस महिला को शक्ल और नाम से बहुत कम लोग जानते हैं, जिसकी ये आवाज है.
सरला चौधरी साल 2000 में रेलवे से रिटायर हुई.
नई दिल्ली. ‘यात्रीगण कृपया ध्यान दें’… ये वो वाक्य है जिसे रेल में नियमित सफर करने वाले यात्री ने हजारों बार सुना होगा? एक ऐसा वाक्य, जो रेलवे स्टेशन पर नींद में सोए मुसाफिर को भी झटके से जगा देता है. मिश्री जैसी मीठी बोली जब स्टेशन पर गूंजती है तो बरबस ही सबका ध्यान लाउड स्पीकर की ओर उस चेहरे को निहारने चला जाता है. पर वहां तो सिर्फ आवाज होती है, किसी का चेहरा नहीं. बहुत से लोग तो इसे मशीन की आवाज समझते रहे हैं. पर हकीकत यह है कि करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस तान के पीछे एक जीती-जागती महिला है.
यह मीठी और प्यारी आवाज है सरला चौधरी (Sarla Chaudhary) की. सरला ने एक बार बताया था कि कई बार जब वे खुद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही होती थीं, तो लाउडस्पीकर पर अपनी ही आवाज सुनकर हैरान रह जाती थीं. सरला के पिता रेलवे में ही थे. साल 1982 में रेलवे ने अपने स्टाफ के बच्चों के लिए 3 महीने की एक अस्थाई भर्ती निकाली. सरला भी वॉइस टेस्ट देने पहुंच गईं.
Did You Know?
कृप्या ध्यान दीजिए!
Remember the voice that echoes in our minds while recalling our train journey?
This distinctively unique voice belongs to Smt. Sarala Chaudhary, a proud member of the Railway family. pic.twitter.com/9DjEC92bQf

