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Jehanabad Savitri Devi Flour Mill: बिहार के जहानाबाद जिले की सावित्री देवी उन महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं, जो नौकरी न मिलने के बाद भी हार नहीं मानतीं. ग्रेजुएट होने के बावजूद सरकारी नौकरी नहीं मिलने पर उन्होंने घर से ही आटा चक्की उद्योग शुरू किया और आज गेहूं का आटा, बेसन, मैदा, मसाला और सत्तू की पैकेजिंग कर बाजारों तक सप्लाई कर रही हैं. उद्योग विभाग से मिले लोन और पति के सहयोग से शुरू हुआ यह कारोबार अब हर महीने अच्छी कमाई देने के साथ गांव के लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है.
बिहार में छोटे-छोटे उद्योग-धंधे धीरे-धीरे पनप रहे हैं. ग्रामीण स्तर पर भी लोग अब व्यापार की ओर बढ़ रहे हैं. व्यापार में न सिर्फ पुरुषों की रुचि बढ़ रही है, बल्कि महिलाओं का रुझान भी होने लगा है.

जहानाबाद के दक्षिणी गांव की सावित्री देवी उन्हीं महिलाओं में से एक हैं, जो व्यापार की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं. वे अपनी खुद की आटा चक्की मिल घर पर ही चलाती हैं और इससे अच्छी कमाई कर रही हैं.

सावित्री देवी ने उद्योग विभाग से मिले लोन का फायदा उठाकर बिजनेस की शुरुआत की है. उन्होंने 10 लाख रुपये की लागत से यह उद्योग शुरू किया है, जिसमें गेहूं का आटा, मैदा, बेसन, मसाला और सत्तू पिसा जाता है. इसके साथ ही वह इन सामानों की पैकेजिंग कर बाजार में सप्लाई भी करती हैं. उनका सामान जिले के बाजारों में जाता है.
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सावित्री देवी को काम में पति का भरपूर सहयोग मिलता है. वह भी दिनभर इस काम में लगे रहते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए सावित्री देवी ने बताया कि वह ग्रेजुएट हैं. नौकरी करने की इच्छा बचपन से थी. यही कारण है कि शादी के बाद कई साल तक नौकरी की तैयारी की, लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर पति ने सलाह दी कि अब बिजनेस की ओर बढ़ना चाहिए.

कई बार सोचने के बाद उन्होंने 2 साल पहले व्यापार की ओर कदम बढ़ा दिया. इस तरह उनकी जिंदगी सरकारी नौकरी की तैयारी से व्यापार की ओर मुड़ गई. अब वह खुद का सेटअप चलाती हैं और अपनी कमाई के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं.

सावित्री देवी के पति नितेश ने कहा कि वह यूट्यूब पर बिजनेस से जुड़े वीडियो देखते रहते थे, तभी आटा चक्की खोलने का विचार आया. उन्होंने पत्नी को बिजनेस शुरू करने की सलाह दी. आज उनकी खुद की एक कंपनी है और इससे अच्छी कमाई भी हो रही है.

हर महीने लगभग 30 हजार रुपये की कमाई हो जाती है और बाहर जाने की जरूरत भी नहीं पड़ती. इसके साथ ही गांव के अन्य लोगों को भी रोजगार मिल रहा है. उन्होंने बताया कि वह और उनकी पत्नी दोनों ग्रेजुएट हैं और आगे भी कुछ नया करने की योजना बना रहे हैं.

