रतलाम में 6 जिलों के पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध रोकने की ट्रेनिंग दी गई। अधिकारियों को साइबर अपराध ट्रेसिंग, डिजिटल फुटप्रिंट एनालिसिस और ऑनलाइन वित्तीय अपराधों पर नवीन तकनीकें सिखाई गईं। ट्रेनिंग का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को तकनीकी रूप से सक्षम
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उज्जैन आईजी उमेश जोगा के निर्देशन में हुए दो दिवसीय ट्रेनिंग में उज्जैन जोन के रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, मंदसौर, नीमच एवं आगर मालवा जिलों की साइबर सेल के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। रतलाम रेंज डीआईजी निमिष अग्रवाल एवं एसपी अमित कुमार ने भी मौजूद रहकर नवीन तकनीकों से अवगत कराया।
दो दिवसीय कार्यशाला में साइबर एक्सपर्ट एवं ट्रेनर ईशान सिन्हा द्वारा साइबर अपराधों एवं बैंक फ्रॉड के प्रकरणों को प्रभावी रूप से ट्रेस करने की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।
यह था उद्देश्य
डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया इस कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य पुलिसकर्मियों को सशक्त बनाने के साथ साइबर अपराधों के नवीन स्वरूपों की जानकारी देना है। साथ ही पीड़ितों को समय पर राहत प्रदान करने के लिए तकनीकी दक्षता को बढ़ाना है। ताकि अधिक से अधिक तकनीक-आधारित कार्यशैली को अपनाकर साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए तत्परता से कार्य किया जा सके।
इन विषयों पर दी ट्रेनिंग
- साइबर अपराधों की विवेचना की आधुनिक तकनीक।
- फरार साइबर अपराधियों की डिजिटल ट्रैकिंग एवं गिरफ्तारी की रणनीति।
- बैंक फ्रॉड, UPI फ्रॉड एवं ऑनलाइन ठगी के मामलों में तुरंत की जाने वाली तकनीकी कार्यवाही।
- सोशल मीडिया, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल एप्स एवं ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म से प्राप्त होने वाले डिजिटल एविडेंस का उपयोग।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 और I4C पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया।

