जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) का 24 घंटे का मौन उपवास शुक्रवार को समाप्त होने जा रहा है। वे गुरुवार सुबह से ही बेतिया स्थित गांधी आश्रम में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास शांतिपूर्वक बैठे हैं। शुक्रवार यानी की आज सुबह करीब 10 बजे वे उपवास
.
बिना घोषणा पहुंचे गांधी आश्रम
गुरुवार सुबह प्रशांत किशोर बिना किसी औपचारिक घोषणा या राजनीतिक वक्तव्य के सीधे गांधी आश्रम पहुंचे और मौन उपवास पर बैठ गए। उपवास शुरू होते ही आश्रम परिसर में लोगों की आवाजाही बढ़ गई। स्थानीय नागरिक, समर्थक और जन सुराज के कार्यकर्ता उनसे मिलने पहुंचे, लेकिन PK ने पूरे समय किसी से संवाद नहीं किया।
विरोध नहीं, आत्ममंथन का उपवास
जन सुराज की ओर से बताया गया कि यह मौन उपवास किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं है, बल्कि प्रशांत किशोर द्वारा आत्ममंथन और जनता के संदेश को भीतर से समझने का प्रयास है। बताया गया कि वे पिछले कई दिनों से संगठन की आगे की दिशा और मिशन 2025 पर मंथन कर रहे थे, जिसके बाद उन्होंने इस शांतिपूर्ण उपवास का निर्णय लिया।
उपवास टूटने के बाद करेंगे संवाद
कार्यकर्ताओं और मीडिया के बीच चर्चा है कि उपवास तोड़ने के बाद प्रशांत किशोर संगठन की आगामी रणनीति और अभियान को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकते हैं। शुक्रवार को आश्रम में जन सुराज कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी की संभावना है।
अनूठी राजनीतिक शैली
प्रशांत किशोर के इस मौन उपवास को उनकी विशिष्ट राजनीतिक शैली और संदेश देने के अलग अंदाज के तौर पर देखा जा रहा है। 24 घंटे के इस मौन साध ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।

