Saturday, April 11, 2026
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लखीमपुर में आटा चक्की फटी, दो की मौत: गांव में 500 मीटर दूर तक गिरे पत्थर; नई चक्की देखने खड़े थे, दो मासूम गंभीर – Lakhimpur-Kheri News


गोपाल गिरि | लखीमपुर-खीरी2 मिनट पहले

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अवधेश दो दिन पहले ही नई चक्की लेकर आया था। इसे ट्रैक्टर में बांधकर वह गांव में घूम रहा था। हम लोग देखने के लिए खड़े थे। चक्की में दबाव सही नहीं पड़ रहा था, जिसके लिए मैकेनिक बुलाया गया। मैकेनिक ने पता नहीं क्या किया अचानक से ऐसा विस्फोट हुआ जैसे कहीं बम फटा हो। आधा किलोमीट दूर तक चक्की के पत्थर गिरे, कई घरों में दरारें आ गईं। दो लोगों की मौत हो गई और बच्चे घायल हो गए। हम लोगों के कान एकदम सुन्न हो गए।

यह कहना है आटा चक्की के विस्फोट के समय वहां खड़े प्रत्यक्षदर्शी का। गुरुवार को गांव में चक्की में विस्फोट हो गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। घटना की वजह जानने दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर मटहिया गांव पहुंची।

पहले दो तस्वीरें देखिए…

विस्फोट के बाद काफी दूर तक पत्थर बिखर गए।

विस्फोट के बाद काफी दूर तक पत्थर बिखर गए।

यह उपदेश की आटा चक्की है, यहीं पर वह गेहूं पिसाई करते थे। दो दिन पहले ही नई चक्की लेकर आए थे।

यह उपदेश की आटा चक्की है, यहीं पर वह गेहूं पिसाई करते थे। दो दिन पहले ही नई चक्की लेकर आए थे।

अब विस्तार से पढ़िए मामला…

मटहिया गांव के रहने वाले उपदेश (45) पुत्र गजोधर की गांव में आटा चक्की थी, इस पर वह गेहूं की पिसाई करते थे। तीन दिन पहले वह एक नई चक्की लेकर आए थे, जिसे ट्रैक्टर में बांधकर घर-घर ले जाया जा सकता था। गुरुवार को शाम करीब 5 बजे वह अपनी चक्की लेकर गांव में निकले।

देखने के लिए लगी थी लोगों की भीड़ गांव में गोदावरी के घर के बाहर वह गेहूं पीसने के लिए रुके थे। नई मशीन देखकर मोहल्ले के लोग और बच्चे भी वहां खड़े हो गए। गेहूं पीसने पर मोटा आटा निकल रहा था। चक्की ठीक तरह से दबाव नहीं ले रही थी। उपदेश ने पास के भीरा से एक मिस्त्री को बुलाया। मिस्त्री ने ट्रैक्टर से रेस ली तो चक्की पर तेज दबाव पड़ गया। इससे चक्की तेज ‌विस्फोट के साथ फट गई।

दो लोगों की मौत के बाद महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।

दो लोगों की मौत के बाद महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।

कई घरों की दीवारों में दरार विस्फोट इतना तेज था की कई घरों की दीवारों में दरार आ गई। पत्थर उछलकर दूर-दूर तक गिरे। करीब 500 मीटर की दूरी तक पत्थर उछलकर गिरे। इन्हीं में से एक बड़ा पत्थर उछलकर सीधा हरिपाल (45) पुत्र बिंद्रा के सीने में लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चक्की मालिक उपदेश को भी घायल हो गए, उन्हें भीरा के अस्पताल ले जाया गया। वहां से जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

दो बच्चों समेत 3 लोग घायल वहीं प्रियांशु (7) पुत्र विनीत, विशाल (6) पुत्र मुन्नालाल, मुदित (26) पुत्र सतपाल और अवधेश खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मुदित का पलिया में इलाज चल रहा है। प्रियांशु और विनीत को इलाज के बाद घर भेज दिया गया है।

दो लोगों की मौत के बाद गांव में चूल्हे नहीं जले हैं।

दो लोगों की मौत के बाद गांव में चूल्हे नहीं जले हैं।

प्रत्यक्षदर्शी शिवसागर ने बताया कि सबके साथ मैं भी मौके पर खड़ा था। मिस्त्री ट्रैक्टर सही कर रहा था। अचानक तेज धमाका हुआ। एक पत्थर उछलकर हरिपाल के सीने में लगा, उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर में उपदेश ही भी मौत हो गई। दो बच्चों समेत 3 लोग घायल हुए हैं, मुझे भी चोट आई है।

महिला के सिर के ऊपर से निकला पत्थर गोदावरी ने बताया मैं घर के बाहर ही दाल बीन रही थी। मेरे ही घर के बाहर चक्की रुकी थी। अचानक चक्की फटी और पत्थर गिरे। मेरे सिर के ऊपर से एक पत्थर निकल गया। हल्की सी चोट आई है। आवाज इतनी तेज थी कि कान एकदम सुन्न हो गए। कुछ देर तक तो समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ। ऐसा लगा जैसे कहीं बम फट गया हो।

ये गांव की रहने वाली गोदावरी हैं। इनके घर के बाहर ही आटा चक्की खड़ी की गई थी।

ये गांव की रहने वाली गोदावरी हैं। इनके घर के बाहर ही आटा चक्की खड़ी की गई थी।

बेटा बोला- दो दिन पहले ही आई थी चक्की वहीं मरने वाले उपदेश के बेटे रोविल यादव ने बताया कि मेरे पापा तीन दिन पहले नई चक्की लाए थे। चक्की में तो कोई दिक्कत नहीं थी ट्रैक्टर गड़बड़ कर रहा था। मिस्त्री को बुलाया गया था, सुधारते समय पता नहीं क्या हुआ। हमें पापा के घायल होने की जानकारी मिली। उन्हें अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई।

धमाका होते ही सब जान बचाकर भागे वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी हरिराम ने बताया कि मिस्त्री ट्रैक्टर में रेस ले रहा था। उपदेश चक्की में थे। चक्की दाब नहीं लगा रही थी और मिस्त्री रेस लेता चला जा रहा था। हरिपाल भी पास में खड़े होकर देख रहे थे। धमाका होते ही सब इधर-उधर भागे। बहुत दूर-दूर तक पत्थरों के टुकड़े पड़े हैं। धमाका बहुत तेज था, हम सब लोग मरने से बच गए।

रोविल यादव ने बताया कि पापा नई चक्की लाए थे। चक्की ठीक थी, ट्रैक्टर में कुछ खराबी आ गई थी।

रोविल यादव ने बताया कि पापा नई चक्की लाए थे। चक्की ठीक थी, ट्रैक्टर में कुछ खराबी आ गई थी।

1 घंटे बाद पहुंची पुलिस थाना अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। गांव वालों ने बताया कि धमाके के करीब 1 घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। तब तक हम लोग ही घायलों को लेकर अस्पताल पहुंचे थे।

खेती-किसानी से चला रहे थे परिवार बता दें मरने वाले उपदेश की गांव में करीब 5 बीघा जमीन है। बड़ी बेटी शिल्पी देवी की शादी हो चुकी है। पत्नी उमा देवी के अलावा दो बेटे रोविल और आलोक के साथ रह रहे थे। दोनों बेटे पढ़ाई करते हैं। आटा चक्की से ही परिवार का खर्च चल रहा था। वहीं, हरिपाल की करीब 4 बीघा जमीन है। पत्नी नन्ही देवी के अलावा एक बेटी चन्द्रप्रभा है, जो एमएससी कर रही है और बेटा कृष्णा 11वीं में पढ़ाई कर रहा है।

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