Sunday, August 2, 2026
Homeबॉलीवुडसुप्रीम कोर्ट ने की शर्मिला टैगोर की आवारा कुत्तों पर याचिका की...

सुप्रीम कोर्ट ने की शर्मिला टैगोर की आवारा कुत्तों पर याचिका की आलोचना, कहा- ‘हकीकत से दूर’


मुंबई. सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर की एक याचिका को खारिज कर दिया और इसकी आलोचना की. शर्मिता ने ने आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए एक ही तरह के उपाय को गलत बताया था. कोर्ट ने उनकी दलीलों को पूरी तरह हकीकत से दूर बताया. सुप्रीम कोर्ट ने शर्मिला के दिए गए उदाहरणों को एक-एक कर खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक जगहों पर आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए उठाए गए लेटेस्ट कदम सबसे अच्छे उपाय नहीं हो सकते.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “आप पूरी तरह हकीकत से दूर हैं. अस्पतालों में इन कुत्तों को महिमामंडित करने की कोशिश न करें.” कोर्ट ने यह बात शर्मीला के वकील द्वारा एम्स कैंपस में कई सालों से रह रहे एक दोस्ताना कुत्ते का उदाहरण देने के बाद आई. शर्मिला के वकील ने कहा कि कुछ कुत्तों को ‘सुला’ देना जरूरी हो सकता है, लेकिन पहले एक समिति द्वारा उनके अग्रेशन की जांच होनी चाहिए.

वकील ने कहा, “हम सुझाव देते हैं कि कुत्तों के व्यवहार पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई जाए… आक्रामक और सामान्य कुत्तों में फर्क देखा जाए. एम्स में ‘गोल्डी’ नाम का एक कुत्ता है, जो कई सालों से वहां है.” इस पर सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दिया, “क्या वह कुत्ता अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में भी जाता है? कोई भी कुत्ता जो सड़क पर है, उसमें टिक्स (कीड़े) होना तय है. और अस्पताल में टिक्स वाला कुत्ता गंभीर परिणाम ला सकता है. क्या आप समझते हैं? हम आपको हकीकत बता देंगे कि क्या तर्क दिया जा रहा है.”

सुप्रीम कोर्ट ने फिर कहा, “आप पूरी तरह हकीकत से दूर हैं. अस्पतालों में इन कुत्तों को महिमामंडित करने की कोशिश न करें.” कोर्ट की फटकार के बाद शर्मिला के वकील ने जॉर्जिया और आर्मेनिया का उदाहरण देते हुए कुत्तों की पहचान के लिए रंगीन कॉलर लगाने का सुझाव दिया, जिससे आक्रामक और सामान्य कुत्तों की पहचान हो सके.

सुप्रीम क्रोर्ट ने कुत्तों के साथ एबीसी नियमों के मुताबिक व्यवहार करने के आदेश दिए

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा, “उन देशों की जनसंख्या कितनी है? कृपया रियलिस्टिक रहें.” कोर्ट ने वकील से भारत की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए तर्क देने को कहा. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि उसने हर कुत्ते को सड़क से हटाने का निर्देश नहीं दिया है, बल्कि आवारा कुत्तों के साथ पशु जन्म नियंत्रण (ABC) नियमों के अनुसार व्यवहार करने का निर्देश दिया है.

शर्मिला टैगोर ने साइंस और साइकोलॉजी की मदद से कुत्तों की मदद की अपील की

शर्मिला टैगोर ने अपनी याचिका में कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या को सुलझाने के लिए विज्ञान और मनोविज्ञान की मदद जरूरी है. उनके वकील ने कहा, “ABC नियम पूरी तरह कारगर नहीं हो सकते, इसलिए इन्हें फिर से देखना चाहिए… इसका जवाब विज्ञान, मनोविज्ञान और एक मॉड्यूल-विशिष्ट ढांचे में है, जिसमें कुत्तों को पकड़कर फिर छोड़ा जाए.”



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments