Thursday, April 9, 2026
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वाराणसी के कफसिरप माफिया शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड-कॉर्नर नोटिस: दुबई से खींचकर लाएगी वाराणसी पुलिस, गवाही खोलेगी नेताओं-अफसरों की मिलीभगत – Varanasi News




वाराणसी समेत देश-विदेश में नशीली दवाओं और कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के सरगना शुभम जायसवाल के खिलाफ गुरूवार को बड़ा एक्शन हुआ। अंतरराष्ट्रीय तस्करी करने वाले सिंडिकेट माफिया शुभम के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। इंटरपोल की नोटिस के साथ ही शुभम को खींचकर वाराणसी की पुलिस भारत लाएगी। शुभम की गवाही से ही कफसिरप केस में माफिया, सपा और भाजपा नेताओं, हिंदूवादी संगठनों समेत अफसरों की मिलीभगत का खुलासा होगा। हालांकि पुलिस इस मामले को दबाकर शुभम को जेल भेजने का प्रयास करेगी। बता दें कि पिछले दिनों ही शहर कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में मुख्य सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद जायसवाल समेत 18 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने 39,000 पन्नों का विशालकाय आरोप पत्र (चार्जशीट) तैयार किया था। जिसे कल ही पुलिस ने कोर्ट में दाखिल किया है।
कोडीन सिरप तस्करी में प्रहलाद घाट निवासी शुभम जायसवाल वर्तमान में दुबई में छिपा हुआ है। अपर जिला जज/एफटीसी मनोज कुमार की कोर्ट ने रोहनिया थाने के एक अन्य मामले में भी शुभम को भगोड़ा घोषित कर दिया था, इसके पहले वह कोतवाली थाने के मुकदमे में भगोड़ा घोषित हो चुका था। विशेष अभियोजक अधिकारी सुनील सिंह और अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार, भगोड़ा घोषित होने के बाद अब उसकी संपत्ति कुर्क करने की राह भी साफ हो गई है। गुरूवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय ने बताया कि कफसिरप माफिया शुभम जायसवाल के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है। अब उसे दुबई से भारत लाने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले 39 हजार पन्नों का दस्तावेजी सबूत समेत चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है। इसके बाद इसी चार्जशीट के आधार पर अब इंटरपोल के माध्यम से शुभम के खिलाफ ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ जारी कराने में मदद मिली है। साथ ही, दुबई प्रशासन से उसके प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया में भी अब तेजी आएगी। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह के अनुसार इसकी केवल ‘समरी’ (सार) ही 60 पन्नों की है। सिंडिकेट द्वारा इस्तेमाल की गई फर्जी फर्मों के दस्तावेज, फर्जी ई-वे बिल, जीएसटी के कूटरचित कागजात और आरोपियों की लंबी कॉल डिटेल (CDR) को शामिल किया गया है। पुलिस इस सिंडिकेट से जुड़े 40 अन्य फर्म संचालकों की भूमिका की भी सघन जांच कर रही है। बता दें कि बीते साल 15 नवंबर को कोतवाली थाने में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का खुलासा हुआ था। जांच में पता चला कि शुभम और उसके पिता भोला प्रसाद फर्जी कागजात के आधार पर पूरे उत्तर भारत और नेपाल तक नशीले सिरप की सप्लाई करते थे। इस नेटवर्क में कई बड़े दवा कारोबारी और फर्जी जीएसटी फर्म संचालक शामिल थे, जो कागजों पर दवाओं का हेरफेर कर करोड़ों का काला कारोबार कर रहे थे।



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