समस्तीपुर के केशोरा गांव में ग्रामीण डॉक्टर गुलजार अहमद उर्फ शाहीन (50) की हत्या मामले में पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। 18 सितंबर को घर के दरवाजे पर सो रहे शाहीन की चार गोलियां मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ घटना वाली रात इलाके में सक्रिय मोबाइल नंबरों की डंप टावर जांच भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। अब पुलिस का शक शाहीन के किसी करीबी पर भी है। हसनपुर थाना पुलिस के साथ जिला डीआईयू की टीम वैज्ञानिक तरीके से जांच में जुटी है। रोसड़ा डीएसपी संजय सिन्हा ने बताया कि तीन एंगल(महिला, रुपए और जमीन) से मामले की जांच की जा रही है। महिला और जमीन के एंगल पर फिलहाल कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है। रुपए और जमीन से जुड़े बिंदुओं पर जांच जारी है। 20 लाख से ज्यादा रुपए बाजार में बकाया जांच के दौरान पुलिस को शाहीन की एक डायरी मिली है। इसमें इलाज कराने के बाद पैसे नहीं देने वाले मरीजों के नाम और बकाया राशि दर्ज है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डायरी में 500 से अधिक लोगों के नाम हैं और कुल बकाया राशि 20 लाख रुपए से ज्यादा है। परिवार के लोगों के मुताबिक, शाहीन इलाज कराने आने वाले मरीजों से तुरंत पैसे की मांग नहीं करते थे। जिसने पैसे दे दिए, उससे ले लेते थे। जो नहीं दे पाता था, उसका नाम और बकाया राशि डायरी में दर्ज कर लेते थे। बाद में भुगतान होने पर नाम काट दिया जाता था। पुलिस अब इस डायरी में दर्ज नामों और बकाया रकम को भी जांच का हिस्सा बना रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या का संबंध किसी आर्थिक विवाद से तो नहीं है। घटना वाली रात गांव में सिर्फ दर्जनभर मोबाइल एक्टिव पुलिस को शुरुआती जांच में जब कोई ठोस सुराग नहीं मिला तो पिछले सप्ताह डंप टावर विधि से भी जांच की गई। घटना वाली रात केशरौरा गांव में करीब दर्जनभर मोबाइल नंबर ही सक्रिय मिले। पुलिस ने इन नंबरों की जांच की, लेकिन फिलहाल किसी का हत्या से सीधा संबंध सामने नहीं आया है। शाहीन के मोबाइल की कॉल डिटेल भी खंगाली गई। इसमें ज्यादातर कॉल मरीजों से बातचीत के मिले। इनमें भी अधिकतर कॉल एक मिनट से कम समय के थे। कॉल डिटेल से भी पुलिस को ऐसा कोई सुराग नहीं मिला, जिससे हत्या की गुत्थी सुलझ सके। घर के दरवाजे पर सोते समय मारी थी गोली 18 सितंबर की रात शाहीन सिंघिया थाना क्षेत्र के विहट गांव से भोज खाकर घर लौटे थे। इसके बाद वह घर के दरवाजे पर सो गए। देर रात बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी। सुबह लोगों ने उन्हें खून से लथपथ देखा। पोस्टमार्टम में शरीर पर चार गोलियां लगने की पुष्टि हुई थी। इनमें तीन गोलियां सिर में और एक गोली सीने में लगी थी। घटनास्थल से तीन खोखे भी बरामद हुए थे। 17 दिन बाद भी हत्या की वजह और हमलावरों का पता नहीं चल सका है। पुलिस अब आर्थिक लेनदेन, जमीन से जुड़े विवाद और शाहीन के करीबियों की भूमिका समेत सभी संभावित बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ा रही है।
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